भोपाल के हबीबगंज थाना क्षेत्र में पुलिस बनकर लूट और अपहरण की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। एक फ्लैट में घुसकर 5–6 युवकों ने खुद को पुलिस स्टाफ बताया, मारपीट की और एनडीपीएस केस में फंसाने की धमकी देकर कैश, घड़ियां और मोबाइल फोन लूट लिए। पीड़ित की शिकायत पर थाना हबीबगंज में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी गई है। घटना का सीसीटीवी भी सामने आया है, जिसमें कुछ संदिग्ध दिखाई दे रहे हैं। पीड़ित राहुल गुप्ता के अनुसार, 11 जनवरी की शाम वह अपने फ्लैट पर दोस्तों के साथ मौजूद था। इसी दौरान 5–6 युवक अचानक फ्लैट में घुसे और आते ही खुद को पुलिसकर्मी बताते हुए डराने-धमकाने लगे। आरोप है कि युवकों ने चारों के साथ मारपीट की और कहा कि उन्हें एनडीपीएस के मामले में जेल भेज दिया जाएगा। भय का माहौल बनाकर आरोपियों ने कैश, घड़ियां और मोबाइल अपने पास रख लिए। इतना ही नहीं, आरोपियों ने सभी को जबरन कारों में बैठाया। दो अलग-अलग वाहनों में पीड़ित और उसके दोस्तों को बैठाकर मिसरोद थाना क्षेत्र से आगे बायपास टोल रोड की ओर ले जाया गया। रास्ते में लगातार पुलिसिया कार्रवाई का डर दिखाकर और पैसों की मांग की जाती रही। आरोप है कि दबाव में पीड़ित ने अपने एक परिचित को फोन कर पूरी घटना बताई और पैसे लाने को कहा। बाद में एक पेट्रोल पंप के पास जैसे ही परिचित से बातचीत शुरू हुई, माहौल बिगड़ता देख आरोपी मौके से भाग निकले। जाते-जाते वे मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गए। घटना के बाद पीड़ितों ने आपातकालीन नंबर पर कॉल कर सूचना दी और फिर थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई।
फाजिल्का में घर से लाखों की चोरी:परिवार सो रहा था, चोर 5 लाख नकद, सोना-चांदी के जेवर और मोबाइल ले गए
शहर की शहीद भगत सिंह कॉलोनी (डीएवी कॉलेज रोड) में बीती रात चोरों ने एक घर को निशाना बनाकर लाखों की नकदी और जेवरात पर हाथ साफ कर दिया। हैरान करने वाली बात यह है कि जब चोर इस वारदात को अंजाम दे रहे थे, तब पूरा परिवार घर के अंदर ही सो रहा था। पीड़ित महिला शालू रानी ने रोते हुए बताया कि चोरों ने उनका सबकुछ लूट लिया है। परिवार के मुताबिक, उन्होंने हाल ही में अपने मकान की रजिस्ट्री 4 लाख रुपए में गिरवी रखकर और कुछ अन्य पैसा ब्याज पर उठाया था। चोरों ने अलमारी में रखे करीब 5 लाख रुपए नकद, 4-5 तोले सोना, 4 तोले चांदी और दो मोबाइल फोन चोरी कर लिए। छत के रास्ते घर में घुसे चोर शालू रानी के अनुसार, चोर छत के रास्ते घर में दाखिल हुए। आरोपियों ने छत वाले गेट का लॉक (ताला) तोड़ा और कमरों में घुसकर बड़ी सफाई से चोरी की वारदात को अंजाम दिया। परिवार को घटना का पता तब चला जब सुबह उनकी आंख खुली और घर का सामान बिखरा पाया। पुलिस ने शुरू की सीसीटीवी की जांच घटना की सूचना मिलते ही सिटी थाना जलालाबाद के एसएचओ अंग्रेज कुमार पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित परिवार के बयान दर्ज किए। चोरी का विवरण एक नज़र में:
धार के राजगढ़ हाट बाजार में मोबाइल चोरी:CCTV में कैद वारदात, झोले की आड़ में जेब से उड़ाया मोबाइल
धार जिले के राजगढ़ नगर के हाट बाजार क्षेत्र में मोबाइल चोर गिरोह सक्रिय है। दिनदहाड़े मोबाइल चोरी की एक और घटना गुरुवार को सामने आई है, जिसका सीसीटीवी सामने आया है। यह घटना लगभग तीन से चार दिन पुरानी बताई जा रही है। राजगढ़ के मेला मैदान क्षेत्र में सब्जी खरीदने पहुंचे एक व्यक्ति की ऊपरी जेब से एक बदमाश ने चालाकी से मोबाइल चुरा लिया। चोर अपने साथ एक झोला लेकर आया था, जिसका इस्तेमाल उसने हाथ छिपाकर मोबाइल निकालने के लिए किया। पीड़ित को वारदात का पता चलने से पहले ही बदमाश मोबाइल लेकर फरार हो गया। चोरी की यह पूरी घटना पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। उल्लेखनीय है कि पिछले महीने भी राजगढ़ के हाट बाजार से इसी तरह 7-8 मोबाइल चोरी हो चुके हैं। इन घटनाओं से स्थानीय लोगों में चिंता बढ़ गई है। राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाश की तलाश की जा रही है। पुलिस टीम सक्रिय है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कानपुर में युवती से मोबाइल छीनने वाले पकड़े:50 CCTV फुटेज खंगालकर दो आरोपी गिरफ्तार, जेल भेजा
कानपुर के सनिगवां चौराहे पर एक युवती से मोबाइल छीनने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस ने 50 से अधिक सीसीटीवी फुटेज खंगालने और सर्विलांस की मदद से आरोपियों की पहचान की। यह घटना 12 जनवरी की रात करीब 7:25 बजे हुई, जब श्रवण कुशवाहा की बेटी नेहा कुशवाहा सनिगवां चौराहे पर अपने पिता का इंतजार कर रही थीं। नेहा ने बताया कि वह फोन पर बात कर रही थीं, तभी पीछे से बाइक सवार दो युवक उनका मोबाइल छीनकर फरार हो गए। युवती की तहरीर पर 14 जनवरी को चकेरी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए 50 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और सर्विलांस की मदद ली गई। इससे बाइक का नंबर पता चला। पुलिस चेकिंग के दौरान घटना में इस्तेमाल हुई बाइक को रोका गया, जिसके बाद दोनों आरोपी गोलू यादव और गोविंद तिवारी को हिरासत में ले लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे छतमरा, थाना महाराजपुर के रहने वाले हैं। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों ने इससे पहले वर्ष 2025 में भी छिनैती की एक घटना को अंजाम दिया था। पुलिस ने आरोपियों के पास से छीना हुआ मोबाइल बरामद कर लिया है और घटना में प्रयुक्त बाइक को भी जब्त कर लिया गया है।
हरदा में उर्वरक वितरण के लिए 'ई-विकास प्रणाली' शुरू:किसान अब मोबाइल से प्राप्त कर सकेंगे ई-टोकन
हरदा जिले में उर्वरक आपूर्ति को सरल और पारदर्शी बनाने के लिए 'ई-विकास प्रणाली' (वितरण एवं कृषि उर्वरक आपूर्ति समाधान) व्यवस्था लागू कर दी गई है। मध्य प्रदेश शासन के किसान कल्याण तथा कृषि विकास विभाग और जिला प्रशासन हरदा के निर्देश पर गुरुवार से यह प्रणाली शुरू हुई। उप संचालक कृषि जेएल. कास्दे ने बताया कि इस नई व्यवस्था से किसान अब अपने मोबाइल से ही उर्वरक के लिए ई-टोकन प्राप्त कर सकेंगे। किसान इस ई-टोकन सुविधा का लाभ गूगल पर mpkrishi.org या सीधे etoken.mpkrishi.org लिंक पर जाकर उठा सकते हैं। पोर्टल पर लॉग इन करने के लिए किसानों को अपना आधार नंबर दर्ज करना होगा, जिसके बाद उनके मोबाइल पर प्राप्त ओटीपी के माध्यम से सत्यापन होगा। लॉग इन करने के बाद, पोर्टल 'एग्री स्टैक' (फार्मर आई.डी.) के जरिए किसान की कृषि भूमि का विवरण स्वतः अपडेट कर लेगा। किसान द्वारा मौसम और फसल का चयन करने के बाद, पोर्टल उनकी भूमि के अनुसार आवश्यक उर्वरक की मात्रा की गणना कर प्रदर्शित करेगा। पोर्टल पर मार्कफेड, एम.पी. एग्रो, विपणन समिति और निजी उर्वरक विक्रेताओं के पास उपलब्ध स्टॉक की जानकारी भी वास्तविक समय में दिखाई देगी। किसान अपनी सुविधा अनुसार नजदीकी विक्रेता का चयन कर ई-टोकन जारी कर सकते हैं और वहां से खाद खरीद सकते हैं। योजना लागू होने के पहले ही दिन गुरुवार को जिले के 45 किसानों ने ई-टोकन जारी किए। इनमें से 16 किसानों ने गुरुवार को ही ई-विकास प्रणाली के तहत ई-टोकन जारी कर डी.ए.पी., एम.ओ.पी., एस.एस.पी. और एन.पी.के. जैसे उर्वरक खरीदे।
पानीपत में ₹41 हजार कैश समेत 8 अरेस्ट:खेत में बने कमरे में खेल रहे थे जुआ, 7 मोबाइल फोन बरामद
पानीपत के थाना समालखा थाना की हथवाला चौकी पुलिस टीम ने महावटी गांव के खेत में बने कमरे में जुआ खेल रहे आठ युवकों को काबू किया है। आरोपियों के कब्जे से जुआ खेलने में प्रयुक्त दो जोड़ी ताश पत्ते, दाव पर लगी 41 हजार 620 रुपए की नकदी और 7 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस प्रवक्ता ने बताया कि जिला पुलिस द्वारा जुआ, सट्टा खाइवाली सहित अवैध गतिविधियों में संलिप्त आरोपियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया हुआ है। अभियान के तहत बुधवार को हथवाला चौकी इंचार्ज सब इंस्पेक्टर राणा प्रताप की एक टीम गश्त के दौरान महावटी गांव में थी। तभी टीम को सूचना मिली की सात-आठ युवक महावटी गांव निवासी ओमप्रकाश के खेत में बने कमरे में बैठकर पैसे दांव पर लगाकर जुआ खेल रहे हैं। आवाज लगाकर चल रहे थे बाजी पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और खेत में बने कमरे के पास खड़े होकर आवाज सुनी। अंदर से एक युवक की आवाज सुनाई दी, उसकी 100 रुपए की चाल, दूसरे की आवाज सुनाई दी- उसकी 200 रुपए की चाल, तीसरे की आवाज सुनाई दी उसकी 300 रुपए की चाल। पुलिस टीम ने कमरे में जुआ खेल रहे 8 युवकों को काबू किया। मौके पर आरोपियों के कब्जे से दो जोड़ी ताश के पत्ते व दाव पर लगी 41 हजार 620 रुपए की नकदी बरामद हुई। इनको मौके पर पकड़ा गया पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान राक्सेडा निवासी नफीस खान, मोहम्मद शमीम, नसीम अली, राजू, नसीम अली उर्फ बोदा, महावटी निवासी बलराज, बसाडा निवासी प्रवीन व बिलासपुर निवासी तेजबीर के रूप में बताई। आरोपियों के खिलाफ थाना समालखा में गेम्बलिग एक्ट के तहत अभियोग दर्ज कर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई गई।
रोहतक जिले के ECHS पॉलीक्लिनिक महम में मानसिक स्वास्थ्य और वेल-बीइंग पर एक मेडिटेशन सत्र का आयोजन किया गया। यह सत्र सेंट्रल ऑर्गेनाइजेशन ECHS, रक्षा मंत्रालय (MoD) और सिक्योरिटी सर्विस विंग ब्रह्मा कुमारीज के बीच हुए एक समझौता ज्ञापन (MoU) के तहत आयोजित किया गया। समझौता के अनुसार सभी ECHS पॉलीक्लिनिक में हर महीने एक बार मेडिटेशन सत्र अनिवार्य है।ब्रह्मकुमारीज केंद्र की संचालिका बीके चेतना बहन और सह-संचालिका बीके सुमन बहन ने इस मेडिटेशन सत्र का संचालन किया। मोबाइल का कम प्रयोग करने की कही बात बीके सुमन बहन ने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में सेवानिवृत्त व्यक्ति खाली समय में मोबाइल का अत्यधिक उपयोग करते हैं, जिससे अनावश्यक समाचार और विचार मन में प्रवेश कर जाते हैं। यह धीरे-धीरे तनाव और चिंता का कारण बनता है। लोहड़ी और मकर संक्रांति की बधाई दी बीके सुमन बहन ने सभी को मोबाइल का सीमित और निर्धारित समय पर उपयोग करने तथा स्वयं को तनाव मुक्त रखने के लिए प्रेरित किया।बीके चेतना बहन ने नव वर्ष, लोहड़ी और मकर संक्रांति की शुभकामनाएं दीं। खुश रहना जीवन का बनाए उद्देश्य बीके सुमन बहन ने कहा कि जैसे बचपन में हम बिना किसी कारण के प्रसन्न रहते थे, उसी प्रकार अब भी खुशी के लिए किसी कारण की खोज न कर खुश रहना ही अपने जीवन का उद्देश्य बनाना चाहिए।उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि मैं स्वयं अपनी खुशी के लिए जिम्मेदार हूं इस संकल्प को अपनाकर दूसरों पर दोषारोपण और शिकायतों की प्रवृत्ति को बदलना होगा। राजयोग मेडिटेशन के महत्व पर डाला प्रकाश बीके सुमन बहन ने कहा परिवार, समाज और नई पीढ़ी को सकारात्मक दिशा दे सकते हैं।बीके चेतना बहन ने राजयोग मेडिटेशन के महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि यह एक सरल विधि है, जिसके माध्यम से मन को एकाग्र कर आंतरिक शक्ति प्राप्त की जा सकती है और खुश रहने की कला सीखी जा सकती है। मेडिटेशन का कराया अभ्यास उन्होंने स्पष्ट किया कि राजयोग सीखने के लिए घर छोड़ने की आवश्यकता नहीं है, बल्कि अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन करते हुए भी एक बेहतर एवं संतुलित जीवन जिया जा सकता है।सत्र के अंत में, बीके चेतना बहन ने उपस्थित जनों को राजयोग मेडिटेशन का व्यावहारिक अभ्यास भी कराया। उपस्थित लोगों का जताया आभार कार्यक्रम में ECHS महम के ऑफिसर इंचार्ज रिटायर्ड कर्नल दलबीर सिंह अहलावत ने ब्रह्मा कुमारीज की टीम का स्वागत एवं आभार व्यक्त किया तथा रिटायर कैप्टन जय भगवान ECHS ने सभी उपस्थित जनों का धन्यवाद किया। इस अवसर पर सब-मेजर तकदीर सिंह (प्रेसिडेंट ECHS महम) PO नरेश वर्मा (ESM), नरेंद्र कुमार ECHS महम सहित क्षेत्र के अनेक पूर्व सैनिक एवं गणमान्य नागरिकों ने उत्साह पूर्वक भाग लिया।
हरियाणा पुलिस सड़क सुरक्षा और इमरजेंसी रिस्पांस सिस्टम को आधुनिक तकनीक से जोड़ते हुए एक ऐतिहासिक परिवर्तनकारी पहल शुरू कर रही है। भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (IIT) मद्रास के सहयोग से विकसित संजया मोबाइल एप तथा बेसलाइन सर्वे एप की सहायता से अब सड़क दुर्घटनाओं का रिव्यू, अस्पतालों की वर्किंग, गोल्डन ऑवर के भीतर उपचार उपलब्धता और ब्लैक स्पॉट सुधार की प्रक्रिया एकीकृत डिजिटल प्रणाली के माध्यम से संचालित की जाएगी। यह पहल सड़क सुरक्षा को लेकर राज्य में एक नई कार्यप्रणाली स्थापित करेगी, जिसमें डेटा और तकनीक दोनों का उपयोग तेज, पारदर्शी और वैज्ञानिक तरीके से किया जाएगा। सतत प्रणाली लागू करना उद्देश्य डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि 2026 तक हरियाणा में एक ऐसा तंत्र स्थापित किया जाएगा, जिसमें दुर्घटना की सूचना मिलते ही जल्द से जल्द आवश्यक चिकित्सा सहायता सुनिश्चित की जा सके। उन्होंने कहा कि हमारा विजन सड़क इंजीनियरिंग, इन्फोर्समेंट, इमरजेंसी मेडिकल रिस्पॉन्स और जन-जागरूकता इन चार फोर आई को आपस में समन्वित करते हुए एक मजबूत और सतत प्रणाली लागू करना है। उन्होंने कहा कि संजया ऐप जैसे तकनीकी प्लेटफॉर्म इस विजन का मुख्य आधार हैं, जिनके माध्यम से डेटा आधारित निर्णय, तेज प्रतिक्रिया और जवाबदेही को सुनिश्चित किया जाएगा। उनका लक्ष्य है कि हरियाणा सड़क सुरक्षा के मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर उदाहरण के रूप में प्रस्तुत कर सके। ब्लैक स्पॉट की पहचान करेगी संजया एप आईआईटी मद्रास द्वारा विकसित संजया एप के माध्यम से हाई फ्रीक्वेंसी एक्सीडेंट जोन और उभरते ब्लैक स्पॉट का वैज्ञानिक विश्लेषण किया जाएगा। यह ऐप आईआरडी प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध दुर्घटना डेटा का उपयोग करते हुए उन स्थानों को दर्शाता है, जहां दुर्घटनाओं की संभावना अधिक होती है। इस तकनीक को अपनाने के लिए सभी जिलों को लॉगिन क्रेडेंशियल्स उपलब्ध करवाए जा चुके हैं और IIT मद्रास के विशेषज्ञों द्वारा प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है। इस तकनीक के इस्तेमाल से दुर्घटना संभावित क्षेत्र की पहचान और सुधार की कार्रवाई पहले की तुलना में अधिक तेज और सटीक होगी। पूरी प्रक्रिया होगी मॉनिटर, अस्पतालों की रेटिंग हरियाणा पुलिस और आईआईटी मद्रास द्वारा मिलकर तैयार की गई बेस लाइन सर्वे ऐप के माध्यम से प्रदेश के लगभग 1009 अस्पतालों को पंजीकृत किया गया है। यह ऐप अस्पतालों की रियल टाइम क्षमताओं जैसे ट्रॉमा केयर, विशेषज्ञ डॉक्टर, ब्लड बैंक की उपलब्धता और एम्बुलेंस मूवमेंट को अपडेट रखने का माध्यम बनेगा। हरियाणा पुलिस ने अस्पतालों की कार्यकुशलता को भी इस प्रणाली का महत्वपूर्ण हिस्सा बनाया है। प्रत्येक अस्पताल का आकलन उनके द्वारा दिए इलाज और घायल व्यक्ति के सर्वाइवल रेट के आधार पर किया जाएगा। जिन अस्पतालों में बेहतर उपचार उपलब्ध होगा उन्हें उच्च रेटिंग दी जाएगा, वहीं जहां लापरवाही या इलाज में देरी पाई जाएगी, वहां जिम्मेदारी तय की जाएगी। यह रेटिंग प्रणाली अस्पतालों को प्रतिस्पर्धी और उत्तरदायी बनाएगी तथा सड़क दुर्घटना पीड़ितों को समय पर और बेहतर चिकित्सा सहायता सुनिश्चित करेगी।
अलवर के मिनी सचिवालय में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) में बड़ा खुलासा हुआ है। यहां अलवर ग्रामीण विधानसभा क्षेत्र के रिटर्निंग ऑफिसर (IAS) की टेबल पर वोटर लिस्ट से नाम हटवाने के करीब 20 से 25 हजार फॉर्म रखे मिले। सूचना मिलने पर गुरुवार सुबह खैरथल-तिजारा जिलाध्यक्ष सहित कांग्रेस के कई नेता मौके पर पहुंचे। उनके पहुंचते ही रिटर्निंग अधिकारी के चैंबर में काम करने वाले कर्मचारी गुपचुप निकल गए। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि एक-एक व्यक्ति के नाम से 300 से 500 आपत्ति फॉर्म मिले हैं। यानी एक ही व्यक्ति ने 300 से 500 लोगों के नाम वोटर लिस्ट से हटाने के लिए आवेदन किया है। हैरानी की बात यह है कि इन फॉर्म में एक जैसी लिखावट है। आपत्ति दर्ज कराने वाले के मोबाइल नंबर तक नहीं हैं। फॉर्म आधे कम्प्यूटराइज्ड हैं और सीरियल नंबर दिए हुए हैं। एक ही स्याही का उपयोग दिखा है। अचानक फॉर्म कहां से आए, यह कोई नहीं बता पाया। कांग्रेस नेता करीब एक घंटे तक रिटर्निंग ऑफिसर के चैंबर के बाहर बैठे रहे, लेकिन कोई अधिकारी नहीं आया। बाद में वे अलवर कलेक्टर अर्तिका शुक्ला से मिले। कलेक्टर अर्तिका शुक्ला ने कहा- जो भी आपत्ति के आवेदन आए हैं। उनकी जांच होगी। संबंधित व्यक्ति से पूछताछ की जाएगी। इसमें करीब 7 दिन का समय लगेगा। रिटर्निंग ऑफिसर की टेबल पर मिले 25 हजार फॉर्मकांग्रेस के जिलाध्यक्ष बलराम यादव ने बताया- उन्हें बुधवार रात को सूचना मिली थी कि अलवर ग्रामीण, रामगढ़, तिजारा, किशनगढ़बास और थानागाजी में सबसे ज्यादा आपत्तियों के फॉर्म एक साथ आए हैं। अकेले अलवर ग्रामीण में 20 से 25 हजार आवेदन रिटर्निंग ऑफिसर (RO) आईएएस माधव भारद्वाज की टेबल पर मिले, जो ज्यादातर वोटर लिस्ट से नाम कटवाने के थे। तिजारा, रामगढ़ और किशनगढ़बास में भी हजारों फॉर्म पहुंचे हैं, लेकिन ये आवेदन कहां से आए हैं, ये किसी को नहीं पता है। एक-एक के नाम से 300 से 500 आवेदनबलराम यादव ने कहा- रिटर्निंग अधिकारी की टेबल पर पड़े मिले आवेदनों में साहून और रमजान सहित अनेक लोगों के नाम से 300 से 500 आपत्ति के फॉर्म आए हैं। कांग्रेस जिलाध्यक्ष ने आरोप लगाया कि यह उनके वोटरों के नाम कटवाने की साजिश है। कलेक्टर बोलीं- फॉर्म कहां से आए, जांच होगीकलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला ने कहा- आपत्ति देने की अंतिम तारीख 15 जनवरी है और रात 12 बजे तक फॉर्म दिए जा सकते हैं। सभी फॉर्म ऑनलाइन अपलोड किए जाएंगे, जहां आपत्तिकर्ता का नाम और EPIC नंबर होगा। इसके बाद BLO को जांच के लिए 7 दिन का समय मिलेगा। कलेक्टर ने आश्वासन दिया कि फॉर्म कहां से आए, यह भी जांचा जाएगा। हालांकि, उन्होंने कहा कि कोई व्यक्ति कितने भी आवेदन दे सकता है। बता दें ये वोटर लिस्ट के नामों पर आपत्तियां हैं। अगर किसी व्यक्ति को किसी अन्य व्यक्ति के नाम पर कोई आपत्ति है तो फॉर्म नंबर 7 जमा करा सकते हैं। जैसे कोई व्यक्ति किसी दूसरे व्यक्ति का नाम लिखकर दे दे कि इनका नाम गलत जुड़ा हुआ है। सीकर : कांग्रेस का आरोप- SIR में जिंदा को मृत बताया सीकर में वोटर लिस्ट के विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के ड्राफ्ट प्रकाशन को लेकर विवाद शुरू हो गया है। सीकर जिला कांग्रेस ने भाजपा और प्रशासन पर जिंदा लोगों को मृत बताने का आरोप लगाया है। कांग्रेस के साथ कई लोगों ने आज जिला कलेक्टर को ज्ञापन देकर SIR में हुई गड़बड़ी की शिकायत की है। कांग्रेस नेताओं और पीड़ित लोगों का आरोप है कि SIR संबंधित सभी कागजात देने के बाद भी भाजपा के बूथ लेवल एजेंट के निर्देश पर समाज विशेष के व्यक्तियों के नाम जानबूझकर वोटर लिस्ट से हटाए जा रहे हैं। सरकारी कर्मचारी (BLO) भाजपा को फायदा पहुंचाने की मंशा से समाज विशेष को टारगेट कर नाम हटा रहे हैं। सीकर में रहने वाले लोगों को दूसरी जगह का निवासी बताकर नाम हटाया गया है। (पूरी खबर पढ़ें) कोटा: कांग्रेस का आरोप- दबाव बनाकर BLO से कटवा रहे नाम कोटा में कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि राजनीतिक दबाव में BLO से सूचियों में से नाम कटवाए जा रहे हैं। कांग्रेस शहर जिलाध्यक्ष राखी गौतम समेत कांग्रेस नेता कलेक्ट्रेट पहुंचे और कलेक्टर पीयूष समारिया को ज्ञापन सौंपा। आरोप लगाया कि सूचियों में से कांग्रेस वोटर्स को छांटा जा रहा है। उनके नाम काटे जा रहे हैं। (पूरी खबर पढ़ें) चित्तौड़गढ़: कांग्रेस बोली- MLA आक्या के इशारे पर फर्जी आपत्तियां पेश की जा रहीचित्तौड़गढ़ में कांग्रेस ने विधायक चंद्रभान सिंह आक्या पर आरोप लगाया। कहा कि BLO को घर बुलाकर नाम काटे जा रहे हैं। MLA आक्या के इशारे पर सही नामों को काटने की तैयारी को लेकर फर्जी आपत्तियां पेश की जा रही हैं। जिसकी तीन पीढ़ी वोट दे रही है, ऐसे परिवारों के नाम काटने के साजिश रची जा रही है। वहीं विधायक आक्या ने कहा कि सुरेंद्र सिंह जाड़ावत अपनी तीन हार से उबर नहीं पाए। उनकी उम्र हो गई है, इसलिए समझने की शक्ति कम हो गई है। मैं 4 दिन से चित्तौड़गढ़ में नहीं हूं। कांग्रेस पार्टी आपस में ही लड़ रही है। वर्चस्व की लड़ाई में मुझे घसीटा जा रहा है। वे पूर्व विधायक रह चुके हैं और इतनी उन्हें जानकारी होनी चाहिए कि किसी के कहने पर भी अधिकारी न तो नाम जोड़ते हैं, न काट पाते हैं। निर्वाचन आयोग अपना काम कर रहा है। SDM बीनू देवल ने बताया कि 28 अक्टूबर से 14 जनवरी तक SIR के लिए चित्तौड़गढ़ विधानसभा क्षेत्र से 533, कपासन से 270, बेगूं से 364, निंबाहेड़ा से 285, बड़ी सादड़ी से 245 आपत्तियां ऑनलाइन आई है। --- ये खबर भी पढ़ें एसआईआर अभियान, रामगढ़ में 1397 मतदाताओं पर आपत्तियों से विवाद:कांग्रेस नेता आर्यन जुबेर ने एसडीएम से मिलकर निष्पक्ष जांच की मांग की राजस्थान में चल रहे एसआईआर (विशेष गहन पुनरीक्षण) के अंतिम चरण में आपत्ति अभियान को लेकर रामगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विवाद गहराता जा रहा है। एक माह से चल रहे इस अभियान के अंतिम समय में 1397 मतदाताओं के खिलाफ आपत्तियां दर्ज की गई है। (पूरी खबर पढ़ें) राजस्थान में SIR- 8.28 लाख लोग कागज नहीं दिखा पाए:अपनी और माता-पिता की मैपिंग नहीं करा सके, जयपुर के बगरू में संख्या सबसे ज्यादा राजस्थान में विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) की ड्राफ्ट सूची जारी हो गई है। इसमें करीब 8.28 लाख से अधिक वोटर्स ऐसे हैं, जो साल 2002 की मतदाता सूची में अपना या अपने माता-पिता नाम की मैपिंग नहीं करवाए पाए हैं। ये संख्या प्रदेश की 200 विधानसभा क्षेत्र की है। बारां जिले की अंता सीट पर अभी भी पुनरीक्षण का काम जारी है। (पूरी खबर पढ़ें)
प्रयागराज के अतरसुइया थाने में बृहस्पतिवार को उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब थाने पहुंचे तीन युवकों ने थाने में तैनात ड्राइवर संजय पर गंभीर आरोप लगाए। युवकों का आरोप है कि सादे कपड़ों में मौजूद आरोपी ड्राइवर ने उनके एक साथी के साथ मारपीट की और मोबाइल फोन छीन लिया। घटना को लेकर थाने परिसर में जमकर हंगामा हुआ। वीडियो बनाकर लगाए आरोप आरोप लगाने वाले युवकों ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया है, जिसमें आरोपी ड्राइवर संजय से उनकी नोकझोंक होती साफ दिखाई दे रही है। वीडियो में मौके पर थाना प्रभारी राममूर्ति यादव समेत अन्य पुलिसकर्मी भी मौजूद नजर आ रहे हैं। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद मामला और तूल पकड़ता जा रहा है। पीड़ित को टरकाने का आरोप युवकों का कहना है कि वे थाने में एक पीड़ित का मुकदमा दर्ज कराने पहुंचे थे, लेकिन पिछले कई दिनों से थाने के चक्कर कटवाए जा रहे थे। इसी शिकायत को लेकर वे थाना प्रभारी से मिलने पहुंचे थे। आरोप है कि इसी दौरान वहां मौजूद ड्राइवर संजय से कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई और मोबाइल छीन लिया गया। नियमों के खिलाफ दोबारा पोस्टिंग का आरोप इस पूरे मामले में एक और गंभीर आरोप सामने आया है। बताया जा रहा है कि आरोपी ड्राइवर संजय की अतरसुइया थाने में यह दोबारा पोस्टिंग है, जबकि पुलिस विभाग के नियमों के अनुसार थानों में री-पोस्टिंग पर रोक है। इसके बावजूद ड्राइवर को दोबारा उसी थाने में कैसे तैनात किया गया, इसे लेकर विभागीय कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पहले भी लग चुके हैं आरोप सूत्रों के मुताबिक, आरोपी ड्राइवर संजय पूर्व में एसओजी में भी तैनात रह चुका है और उसके खिलाफ कई शिकायतें उच्चाधिकारियों तक पहुंच चुकी हैं। हालांकि, अब तक इन शिकायतों पर क्या कार्रवाई हुई, इसको लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। ACP ने क्या कहा पूरे मामले पर एसीपी अतरसुइया राजकुमार मीना ने बताया कि तीनों युवक थाने में एक मुकदमा लिखाने पहुंचे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाने के सीसीटीवी फुटेज मंगवाए गए हैं। एसीपी ने कहा कि अभी तक मारपीट के आरोपी की पुष्टि नहीं हो सकी है और पूरे प्रकरण की जांच कराई जा रही है। जांच के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राजसमंद जिले में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत जिला परिवहन विभाग की ओर से 1 जनवरी से 31 जनवरी तक विशेष जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में डीटीओ राघव शर्मा के निर्देशन में केलवा और कांकरोली स्थित कस्तूरबा स्कूलों में स्टूडेंट्स को सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों की जानकारी दी गई। कार्यक्रम के दौरान दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने की अनिवार्यता पर विशेष रूप से जोर दिया गया। स्कूलों में सड़क सुरक्षा पर संवाद डीटीओ राघव शर्मा के नेतृत्व में परिवहन विभाग की इंस्पेक्टर अनिता पंवार ने केलवा और कांकरोली स्थित कस्तूरबा स्कूलों में स्कूली छात्र छात्राओं के साथ सड़क सुरक्षा को लेकर संवाद किया। इस दौरान स्टूडेंट्स को सुरक्षित यातायात की अहम जानकारी दी गई। हेलमेट और सीट बेल्ट पर जोर कार्यक्रम के दौरान इंस्पेक्टर अनिता पंवार ने “सड़क-सुरक्षा की यही पुकार, बिना हेलमेट सब बेकार” का संदेश दिया। उन्होंने बताया कि जीवन अमूल्य है और इसकी सुरक्षा हर व्यक्ति की जिम्मेदारी है। दुपहिया वाहन चलाते समय हेलमेट पहनने और चार पहिया वाहन में सीट बेल्ट लगाने की अनिवार्यता पर विशेष रूप से जोर दिया गया। मोबाइल और नशे में ड्राइविंग से बचने की सलाह इंस्पेक्टर पंवार ने स्टूडेंट्स को चलती बाइक पर मोबाइल फोन का इस्तेमाल न करने, यातायात संकेतों का पालन करने और नशे की हालत में वाहन न चलाने की सीख दी। उन्होंने कहा कि थोड़ी सी लापरवाही भी बड़े हादसे की वजह बन सकती है। यातायात नियमों की जानकारी और शपथ कार्यक्रम के दौरान स्टूडेंट्स को यातायात नियमों की विस्तृत जानकारी दी गई और सुरक्षित ड्राइविंग के लिए जागरूक किया गया। अंत में बच्चों को जिम्मेदारी से वाहन चलाने और सड़क सुरक्षा नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई गई।
रायपुर के मेट्रो बार में शराब की बोतल से वारकर अपनी गर्लफ्रेंड का मर्डर करने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपी टी सुनील राव उर्फ शीनू ने बार में युवती को बियर बोतल से सिर पर मारा था और बाल खींचकर जमीन पर पटक दिया था। गंभीर रूप से घायल युवती ने इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। मामला आजाद चौक थाना क्षेत्र का है। पुलिस की पूछताछ में आरोपी ने बताया कि दोनों के बीच अफेयर था। वह आधी रात गर्लफ्रेंड का मोबाइल बिजी मिलने से नाराज था, जिसे लेकर पहले तो दोनों के बीच विवाद हुआ फिर गुस्से में बॉयफ्रेंड ने उसे मार डाला। वारदात से जुड़ी ये 3 तस्वीरें देखिए... अब सिलसिलेवार पढ़िए पूरी वारदात वारदात 21 दिसंबर 2025 की है। रायपुर के गीता नगर इलाके में रहने वाली वेदिका सागर (26 साल) अपने परिचित टी. सुनील राव उर्फ शीनू (28 साल) के साथ आजाद चौक के मेट्रो बार गई हुई थी। दोनों के बीच अफेयर था। पहले भी दोनों मिलते-जुलते रहते थे। CCTV फुटेज के मुताबिक 21 दिसंबर की दोपहर 3 बजे वेदिका और शीनू बार पहुंचे। जहां उन्होंने खाने में नॉनवेज और शराब ऑर्डर किया। CCTV में देखा जा सकता है कि दोनों बैठे हुए थे। टेबल पर खाना लगा था। साथ ही टेबल पर शराब की बोतल भी रखी हुई है। इस दौरान अचानक किसी बात को लेकर युवती भड़की और शराब की बोतल उठाई फिर वापस रख दिया। इसके बाद शीनू अचानक भड़का और विवाद करने लगा। युवक ने गुस्से में आकर युवती के सीने पर हमला किया। इसके बाद सिर में तीन बार बोतल मारी, जिससे सिर फट गया। आंख में भी चोट आई। घायल युवती को गले लगाकर भागा आरोपी CCTV फुटेज में दिख रहा है कि बोतल से वार करने के बाद खून से सनी युवती को बाल खींचकर जमीन पर गिराया। थोड़ी देर तक दोनों वहीं मौजूद रहे। जाने से पहले युवक ने गंभीर घायल युवती को गले भी लगाकर रोया, फिर वहां से फरार हो गया। वारदात के समय बार में युवक-युवती के अलावा एक अन्य युवक भी CCTV में कैद हुआ है। बार संचालक की सूचना पर पहुंची पुलिस ने युवती को अस्पताल में भर्ती कराया। युवती का इलाज जारी था, लेकिन 12 जनवरी को युवती ने दम तोड़ दिया। परिजनों ने थाना घेरा, कार्रवाई की मांग युवती की मौत के बाद सोमवार को उसके परिवार वालों ने आजाद चौक पुलिस स्टेशन को घेर लिया था। उन्होंने मांग की कि आरोपी के खिलाफ हत्या के आरोप में केस दर्ज किया जाए। हालांकि, पुलिस ने आरोपी को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। कोर्ट ने आरोपी को जेल भेज दिया है। ...................................... इससे संबंधित यह खबर भी पढ़ें गर्लफ्रेंड ने दोस्त संग सेक्स नहीं किया तो मार-डाला: बॉयफ्रेंड ने दुर्ग में घोंटा गला, रायपुर में फेंकी लाश, मर्डर करने वाला UP से अरेस्ट छत्तीसगढ़ के भिलाई में बॉयफ्रेंड ने अपनी नाबालिग गर्लफ्रेंड को मार डाला। मर्डर के बाद लाश को बाइक से लाकर रायपुर में फेंक दिए। आरोपी अपने और दोस्त के साथ संबंध बनाने के लिए दबाव बना रहा था। गर्लफ्रेंड ने सेक्स करने से मना किया तो गला घोंट दिया। मामला न्यू राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर...
सिरसा सीडीएलयू की एक छात्रा मिसिंग होने का मामला सामने आया है। उसका मोबाइल नंबर भी बंद आ रहा है। साढ़े 18 वर्षीय युवती ने इसी साल यूनिवर्सिटी में दाखिला लिया था। वह रोजाना घर से पढ़ने के लिए आती थी, लेकिन अब पिछले पांच दिनों से वह घर नहीं लौटी है। ऐसे में परिवार की चिंता बढ़ गई है। इसकी शिकायत युवती के परिजनों ने पुलिस को दी है। पुलिस ने युवती की तलाश शुरू कर दी है और उसकी लोकेशन ट्रेस कर पता लगाया जाएगा। परिवार की पुलिस से मांग है कि लड़की को जल्द तलाश बरामद किया जाए। परिजनों ने युवती के बारे में यूनिवर्सिटी में भी स्टाफ से संपर्क किया और उनसे जानकारी मांगी है। पुलिस को दी शिकायत में शहर की एक कॉलोनी निवासी युवती के पिता ने बताया कि उसकी बेटी सीडीएलयू यूनिवर्सिटी में पढ़ती है। वह 8 तारीख को रोजाना की भांति सुबह 9 बजे यूनिवर्सिटी में पढ़ने के लिए गई थी। उस दिन शाम को वापस घर नहीं लौटी। उन्होंने आसपास के लोगों व रिश्तेदारी में पता किया, पर उसका कोई सुराग नहीं लगा। उन्हें शक है कि उनकी बेटी को किसी ने छिपा रखा है।
खरगोन के पेनपुर में पुलिस ने बुधवार देर शाम पेड़ के नीचे जुआ खेलते हुए छह लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने जुआरियों के ठिकाने पर दबिश देकर यह कार्रवाई की। मौके से कुल 71 हजार रुपए मूल्य की सामग्री जब्त की गई है। जब्त की गई सामग्री में 41 हजार 300 रुपए नकद और 30 हजार रुपए मूल्य के तीन मोबाइल फोन शामिल हैं। बिस्टान पुलिस टीम ने जगन्नाथपुरा रोड पर एक पेड़ के नीचे हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेलने की सूचना मिलने पर कार्रवाई की। थाना प्रभारी जितेंद्र बघेल ने बताया कि पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में धर्मेंद्र पिता भारत सिसौदिया, ऐचलिया पिता सोमलिया बामनिया, सुरेश पिता कालू जमरे, धर्मेंद्र पिता नत्थु वर्मा, पीरू पिता दुटिया और लखन पिता प्रताप उर्फ भाईटा बारेला शामिल हैं। इन सभी के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है।
जामताड़ा साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए चार साइबर अपराधियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। ये अपराधी कर्माटांड़ थाना क्षेत्र के सामुपोखर के पास साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। जामताड़ा एसपी राजकुमार मेहता को गुप्त सूचना मिली थी, जिसके बाद साइबर थाना प्रभारी राजेश मंडल और उनकी टीम ने घटनास्थल पर पहुंचकर सत्यापन किया और चारों अपराधियों को पकड़ लिया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों में अफजाल अंसारी और शहाबुद्दीन अंसारी (दोनों पिता इम्तियाज मियां, ग्राम कालाझरिया, कर्माटांड़) शामिल हैं। इनके साथ लालू मंडल (सामुपोखर गांव, कर्माटांड़) और गोविंद राणा (पकड़ीह गांव, जामताड़ा थाना) को भी पकड़ा गया है। मैजिशियन ऐप के जरिए मोबाइल का एक्सेस प्राप्त कर लेते थे एसपी राजकुमार मेहता ने बताया कि ये अपराधी फोन पे पर 1999 रुपए का कैशबैक भेजकर 'मैजिशियन ऐप' के जरिए पीड़ितों के मोबाइल का एक्सेस प्राप्त कर लेते थे। मोबाइल का एक्सेस मिलने के बाद वे बड़ी ठगी को अंजाम देते थे। एसपी ने जानकारी दी कि पहले वे सीमित पैसे ही निकाल पाते थे, लेकिन मोबाइल का पूरा एक्सेस मिलने के बाद वे मोटी रकम निकालने में सफल हो जाते थे। पुलिस ने इन अपराधियों के पास से सात मोबाइल फोन, दस सिम कार्ड, दो आधार कार्ड और एक पैन कार्ड बरामद किया है। ये अपराधी झारखंड, बिहार, पश्चिम बंगाल और असम के लोगों को अपना निशाना बनाते थे। जामताड़ा साइबर थाना में इनके खिलाफ कांड संख्या 03/26 दर्ज कर विभिन्न टेलीकम्युनिकेशन एक्ट और अन्य धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। सभी अपराधियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। साइबर कॉन्फ्रेंस के दौरान कई अन्य साइबर अधिकारी भी मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में मड़ाई मेले के दौरान युवक पर चाकू से हमला किया गया है। चाकूबाजी में युवक गंभीर रूप घायल हो गया। जिससे इलाज के लिए जिला अस्पताल में एडमिट किया गया है। घटना भखारा थाना क्षेत्र के ग्राम सुपेला की है। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार देर रात बोरेंदा का रहने वाला जितेंद्र चक्रधारी (18) अपने दोस्तों के साथ सुपेला मड़ाई घूमने गया था। जितेंद्र ने बताया कि उसके दोस्तों का कुछ युवकों से मोबाइल को लेकर विवाद हुआ था। जब वह एक दुकान के पास पहुंचा, तो 10 से 12 लोगों ने उसे रोककर मारपीट शुरू कर दी। इसी दौरान हमलावरों में से किसी ने चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। जितेंद्र के जांघ, पीठ और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं। उसे पहले भखारा अस्पताल ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद धमतरी के जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। उसका इलाज जारी है। एडिशनल एसपी शैलेंद्र पांडे ने मड़ाई मेले में युवक पर धारदार हथियार से हमला किया गया था। पुलिस ने इस मामले में तीन हमलावरों को गिरफ्तार कर लिया है और आगे की जांच जारी है।
जहानाबाद में एक व्यक्ति का मोबाइल खो जाने के बाद उसके बैंक खाते से 29,000 रुपए निकाल लिए गए। घोसी थाना क्षेत्र के नीरपुर गांव निवासी गजेंद्र कुमार के साथ यह घटना हुई, जिसके बाद उन्होंने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। गजेंद्र कुमार काको बाजार गए थे, तभी उनका मोबाइल कहीं गिर गया। काफी खोजबीन के बाद भी मोबाइल नहीं मिला। उन्होंने बाद में एक नया मोबाइल खरीदा और उसमें अपने पुराने नंबर का सिम लगाया। सिम लगाते ही उनके मोबाइल पर एक मैसेज आया, जिसमें बताया गया कि उनके खाते से 29,000 रुपए निकाल लिए गए हैं। पीड़ित ने बैंक कर्मियों से की शिकायत मैसेज मिलने के बाद गजेंद्र कुमार मोदनगंज स्थित पंजाब नेशनल बैंक गए और बैंक कर्मियों से शिकायत की। बैंक कर्मियों ने उन्हें बताया कि वे साइबर फ्रॉड का शिकार हुए हैं। इसके बाद गजेंद्र कुमार ने साइबर थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। जिले में साइबर फ्रॉड की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। कभी किसी के खाते से सीधे पैसे निकाले जा रहे हैं, तो कभी झांसा देकर खाता नंबर और ओटीपी प्राप्त कर पैसे उड़ाए जा रहे हैं। एटीएम कार्ड बदलकर भी ऐसी घटनाओं को अंजाम दिया जा रहा है। हालांकि, साइबर अपराधी अभी भी पुलिस की पकड़ से बाहर हैं, जिसके कारण ऐसी घटनाएं लगातार हो रही हैं और लोग इसकी शिकायत कर रहे हैं।
आमापारा स्थित मेट्रो बार में पार्टी करने गए युवक-युवती के बीच विवाद हो गया। विवाद इतना बढ़ गया कि युवक ने बार में ही युवती की पिटाई कर दी। बाल खींचकर युवती का मारा। फिर बीयर की बोतल युवती के सिर पर फोड़ दिया। इससे युवती का सिर फट गया। वह लहूलुहान होकर बेसुध हो गई। बार में हड़कंप मच गया। हमला करने के बाद आरोपी खुद युवती को लेकर अंबेडकर अस्पताल पहुंचा। यहां इलाज के दौरान 24 दिन बाद युवती की मौत हो गई। युवती की हत्या के बाद परिजनों ने आजाद चौक थाने का घेराव कर जमकर हंगामा किया। क्योंकि पुलिस ने 21 दिसंबर को सामान्य मारपीट व गाली गलौज का केस दर्ज किया है। इसमें हत्या की कोशिश का मामला भी दर्ज नहीं किया गया। हालांकि अब पुलिस हत्या का केस दर्ज करेगी। पुलिस ने बताया कि गीता नगर में वेदिका सागर उर्फ सुदामा (26) परिवार के साथ रहती है। उसका टी सुनील राव उर्फ शानू (28) से प्रेम संबंध था। 21 दिसंबर की रात दोनों आमापारा स्थित मेट्रो बार गए। जहां दोनों ने जमकर शराब पी। सुनील नाराज था कि आधी रात को भी उसका मोबाइल बिजी रहता है। इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। सुनील ने वेदिका का बाल खींचकर नीचे जमीन पर घसीटा, फिर सिर पर बियर की बोतल दे मारा। इतना ही नहीं सुनील ने वेदिका के सिर पर गिलास भी मारा। इससे वेदिका का सिर फट गया। चेहरे में भी गंभीर चोट आई। वेदिका बेसुध होकर गिर गया। बार के कर्मचारी बीच बचाव करने आए। वेदिका को उठाकर खुद सुनील अस्पताल ले गया। वह रातभर अस्पताल में रहा, फिर भाग गया। दो दिन बाद पुलिस ने मारपीट का केस दर्ज किया और सुनील को गिरफ्तार किया। 12 जनवरी की देर रात इलाज के दौरान वेदिका की मौत हो गई। युवती की मौत के बाद फुटेज वायरलबार के भीतर हुई मारपीट की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है, जो युवती की मौत के बाद वायरल हो रही है। इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि कैसे आरोपी ने युवती की पिटाई की। युवती की मौत के बाद फुटेज वायरलबार के भीतर हुई मारपीट की पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद है, जो युवती की मौत के बाद वायरल हो रही है। इसमें स्पष्ट दिख रहा है कि कैसे आरोपी ने युवती की पिटाई की।
दो मोबाइल स्नैचर पकड़े, 1 आरोपी पर 17 केस दर्ज
जयपुर | शहर के अलग-अलग इलाकों में दो दर्जन मोबाइल स्नैचिंग की वारदातों को अंजाम देने वाले दो बदमाशों को कमिश्नरेट की सीएसटी ने पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी सैफ अली उर्फ मोटा बालाजी की कोठी रामगंज व मोहम्मद सलमान कोटा के कैथुनीपोल के रहने वाले है। पुलिस ने आरोपियों से मोबाइल और बाइक बरामद की है। सरगना सैफ अली जयसिंहपुरा खोर इलाके में रहता है, जिसके खिलाफ 17 आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं।
करनाल जिले में मोबाइल की दुकान का शटर तोड़कर चोरी करने की वारदात के मामले में पुलिस ने दो युवकों को काबू किया है। बता दे कि चोरी के बाद फरार हुए आरोपियों की तलाश में पुलिस ने तकनीकी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी किए गए मोबाइल फोन और नकदी भी बरामद हुई है। पुलिस का कहना है कि इस कार्रवाई से इलाके में हो रही चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगेगा। शिकायत के बाद शुरू हुई जांच शहर करनाल थाना क्षेत्र में मंगल कॉलोनी स्थित एक मोबाइल दुकान में 26 दिसंबर 2025 की रात चोरी की वारदात हुई थी। दुकान का शटर तोड़कर अज्ञात चोर मोबाइल फोन और नकदी ले गए थे। अगले दिन 27 दिसंबर 2025 को शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी और संदिग्धों की पहचान के लिए साक्ष्य जुटाए जा रहे थे। क्राइम ब्रांच-2 ने दबोचे आरोपी जिला पुलिस करनाल की अपराध अन्वेषण शाखा-2 की टीम ने एएसआई प्रवीण कुमार की अध्यक्षता में कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को काबू किया। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मंगल कॉलोनी, करनाल के देबू और मंगल कॉलोनी, करनाल के राहील के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि दोनों ने मिलकर दुकान का शटर तोड़ा और अंदर घुसकर चोरी की थी। सामान और नकदी बरामद पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के 7 मोबाइल फोन और 18 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। बरामद सामान को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई की गई। पुलिस का कहना है कि दोनों से पूछताछ में चोरी की वारदात से जुड़ी अन्य जानकारियां भी सामने आई हैं। कोर्ट ने भेजा जेल गिरफ्तारी के बाद दोनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां कोर्ट ने उन्हें जिला जेल भेज दिया गया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए लगातार गश्त और जांच की जा रही है, ताकि आम लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में 11 जुआरी गिरफ्तार:मौके से 33 हजार कैश, 6 बाइक और 11 मोबाइल फोन जब्त
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में पुलिस ने जुआ खेलते हुए 11 आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। इस कार्रवाई में मौके से 33,500 रुपए नकद, 6 बाइक और 11 मोबाइल जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत 4,52,500 रुपए आंकी गई है। यह कार्रवाई मरवाही थाना और साइबर सेल जीपीएम की संयुक्त टीम की ओर से की गई। पुलिस ने दानीकुंडी और आसपास के जंगली व सरहदी इलाकों में छापेमारी कर जुए के फड़ का भंडाफोड़ किया।गिरफ्तार किए गए सभी आरोपी मरवाही थाना क्षेत्र के निवासी हैं। उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने मौके से जुआ सामग्री के साथ वाहन और मोबाइल भी जब्त किए। गिरफ्तार आरोपियों में विकास कुमार पूरी (34), मुकेश कुमार रजक (33), राम सिंह (51), पंकज गुप्ता (29), रामकुमार (35), संतोष कुमार पाटिल (50), सरोज कुमार (26), विशाल सिंह (42), प्रताप सिंह (40), गुलशेर अली (45) और आकाश गुप्ता (26) शामिल हैं।
राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह के तहत मंगलवार को परिवहन विभाग ने सख्त प्रवर्तन अभियान चलाया। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) गुलाबचंद और यात्री कर अधिकारी के नेतृत्व में की गई कार्रवाई में हेलमेट और सीटबेल्ट न पहनने, वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने और यात्री वाहनों में ओवरलोडिंग जैसे मामलों में कुल 85 चालान किए गए। इसी दौरान अमौना स्थित माधव सर्वोदय इंटर कॉलेज परिसर में राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण की ओर से यातायात जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में करीब 1000 छात्र-छात्राओं ने हिस्सा लिया, जिन्हें सड़क सुरक्षा नियमों और सुरक्षित यातायात के बारे में जानकारी दी गई। छोटी-सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. आर.पी. सिंह, एआरटीओ (प्रशासन) अयोध्या रहे। उनके साथ एआरटीओ प्रवर्तन गुलाबचंद और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण के अधिकारी मौजूद रहे। डॉ. सिंह ने छात्रों और मौजूद लोगों को सड़क सुरक्षा नियमों के पालन की शपथ दिलाते हुए कहा कि छोटी-सी लापरवाही बड़ी दुर्घटना का कारण बन सकती है। उन्होंने सड़क हादसों में घायलों को गोल्डन ऑवर में अस्पताल पहुंचाने वाले ‘नेक आदमी’ की भूमिका पर भी प्रकाश डाला और बताया कि ऐसे लोगों को कानूनी सुरक्षा के साथ पारितोषिक भी दिया जाता है। कार्यक्रम के अंत में विद्यार्थियों से सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाने की अपील की गई।
MP दिनभर: MP दिनभर में आज दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों को VIDEO में देखने के लिए ऊपर क्लिक करें। दिनभर की 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते है, एमपी में आज, क्या रहा खास... 1. राजगढ़ में हाईवे पर कार ने महिला को कुचला, अस्पताल ले जाने से पहले मौत राजगढ़ जिले के खिलचीपुर के पास नेशनल हाईवे-52 पर सोमवार रात तेज रफ्तार अर्टिगा कार ने महिला कृष्णा बाई (45) को टक्कर मार दी। महिला 10 फीट उछली और कार के आगे गिरकर 200 मीटर तक घसीटी गई। अस्पताल ले जाने से पहले ही उसकी मौत हो गई। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पढ़ें पूरी खबर 2. इंदौर में गंदा, झाग और कीड़े वाला पानी: नागरिकों में दहशत, 23 मौतें, 39 मरीजइंदौर के कई वार्डों में बदबूदार, झाग और कीड़े वाले पानी की सप्लाई जारी है। भागीरथपुरा में दूषित पानी से अब तक 23 मौतें हो चुकी हैं, 39 लोग अस्पताल में भर्ती हैं। निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने कहा, पानी पीने योग्य नहीं। दैनिक भास्कर के 10 रिपोर्टर्स ने 6 वार्डों में गंदे पानी की स्थिति लाइव रिपोर्ट की। पढ़ें पूरी खबर 3. भोपाल नगर निगम की बैठक: मैरिज रजिस्ट्रेशन फीस घटेगी, सिंगल नल कनेक्शन योजना पारित भोपाल नगर निगम परिषद की बैठक में तीन अहम प्रस्ताव बहुमत से पारित किए गए। विवाह पंजीयन शुल्क अब 30 दिन में आवेदन पर केवल 130 रुपए होगा। कॉलोनियों में बल्क की जगह व्यक्तिगत नल कनेक्शन दिए जाएंगे। अमृत 2.0 योजना के तहत जल और सीवरेज प्रोजेक्ट पर केंद्र, राज्य और ग्रीन बॉन्ड से फंड जुटाया जाएगा। बैठक से पहले गोमांस विवाद पर कांग्रेस पार्षदों ने वॉकआउट किया। पढ़ें पूरी खबर4. ग्वालियर में बाइक पर सात नाबालिगों का खतरनाक स्टंट, पुलिस ने शुरू की तलाशग्वालियर में एक बाइक पर सात नाबालिग तेज रफ्तार में खतरनाक स्टंट करते दिखाई दिए। मेला ग्राउंड के पास राहगीर ने 12 सेकंड का वीडियो रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर अपलोड किया। नाबालिग न हेलमेट पहने थे और न सुरक्षा मानकों का पालन कर रहे थे। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। पढ़ें पूरी खबर 5. मंदसौर होटल में युवक ने हिंदू युवती के साथ फर्जी पहचान से ठहराव किया, यूपीआई ट्रांजैक्शन से पकड़ा मंदसौर के बस स्टैंड के पास होटल में राजस्थान निवासी अशरफ ने खुद को चेतन बता कर हिंदू युवती के साथ ठहराव किया। आधार कार्ड और होटल रजिस्टर में नाम भिन्न था। 600 रुपए के यूपीआई भुगतान से असली पहचान खुली। जांच में उसके पास दो आधार कार्ड मिले। उनमें नाम-पता अलग था। पढ़ें पूरी खबर 6. MP में संक्रांति के बाद नया मौसम सिस्टम, मावठा गिरने के आसार; ग्वालियर-चंबल में तेज ठंड और कोहरामौसम विभाग के अनुसार पश्चिमी हिमालयी क्षेत्र में नया वेस्टर्न डिस्टरबेंस एक्टिव हो गया है। इससे अगले 2-3 दिन में प्रदेश के उत्तरी हिस्सों में मावठा गिरने के आसार हैं। ग्वालियर, चंबल, रीवा और सागर संभाग में मध्यम कोहरा और तेज ठंड का असर जारी रहेगा। भोपाल, इंदौर, जबलपुर और उज्जैन में पारा 10 डिग्री से कम बना हुआ है। पढ़ें पूरी खबर 7. छिंदवाड़ा में लावारिस मिठाई खाने से दूसरी मौत, बुजुर्ग की इलाज के दौरान मौतछिंदवाड़ा के जुन्नारदेव में होटल में छोड़ी गई संदिग्ध मिठाई खाने से फूड पॉइजनिंग से दूसरी मौत हो गई। मंगलवार को 72 वर्षीय सुंदर लाल कथूरिया की इलाज के दौरान मौत हुई। इससे पहले पीएचई विभाग के गार्ड की जान जा चुकी है। शुक्रवार को किसी अज्ञात व्यक्ति ने मिठाई भरी थैली छोड़ दी थी, जिसे लोग खाने लगे। पढ़ें पूरी खबर पॉजिटिव खबर8.पेड़ पर चाइनीज मांझे में फंसा उल्लू, वन विभाग ने बिजली बंद कराकर किया रेस्क्यू छतरपुर की एमपीबीई स्टोर कॉलोनी में 50 फीट ऊंचे पेड़ पर विशाल उल्लू चाइनीज मांझे में फंस गया। फड़फड़ाते हुए उसे चोटें आईं। सूचना मिलने पर बिजली और वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। बिजली बंद कर सुरक्षित रेस्क्यू ऑपरेशन किया गया। वन विभाग के कर्मचारियों ने सीढ़ी और उपकरणों की मदद से उल्लू को उतारा। पढ़ें पूरी खबर खबर हटके 9. मुरैना में 1 साल की बच्ची पर मोबाइल चोरी का झूठा आरोप, घर पर फायरिंग; पिता ने SP से लगाई गुहारमुरैना के बड़गांव नवली में एक साल की बच्ची पर मोबाइल चोरी का झूठा आरोप लगाकर दबंगों ने उसके घर फायरिंग की। पीड़ित पिता थाने में शिकायत दर्ज नहीं होने पर मंगलवार को SP की जनसुनवाई में पहुंचे। बच्ची अभी ठीक से चल भी नहीं सकती। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए। पढ़ें पूरी खबर कल का बिग इवेंट10. उज्जैन महाकाल महोत्सव में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी, अमेरिका सहित 10 से ज्यादा देशों के विद्वान शामिलउज्जैन के महाकाल महोत्सव के तहत 15 जनवरी को त्रिवेणी कला व पुरातत्व संग्रहालय में अंतरराष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित होगी। अमेरिका, यूके, मॉरीशस, फिजी समेत 10 से ज्यादा देशों और भारत के 12 राज्यों के विद्वान शिव तत्त्व, शिवोपासना, ज्योतिर्लिंग परंपरा, इतिहास, शिल्प और साहित्य पर चर्चा करेंगे।
राजसमंद के पटवार मंडल तलाई में रबी फसल की डिजिटल क्रॉप सर्वे (DCS) गिरदावरी का कार्य युद्ध स्तर पर शुरू हो गया है। पटवारी राजेश कुमार रेगर ने किसानों को खेतों में जाकर मोबाइल से ऑनलाइन गिरदावरी करने का प्रशिक्षण दिया। MSP पर फसल बेचने और सरकारी योजनाओं का लाभ पाने के लिए 15 मार्च तक फसल पंजीकरण अनिवार्य है। जानिए डिजिटल गिरदावरी की पूरी प्रक्रिया और इसका महत्व।
मुरैना जिले के दिमनी थाना क्षेत्र के बड़गांव नवली में एक अजीबोगरीब मामला सामने आया है। यहां एक साल की मासूम बच्ची पर मोबाइल चोरी का आरोप लगाते हुए दबंगों ने उसके घर पर फायरिंग कर दी। थाने में जब पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट नहीं लिखी, तो मंगलवार को पीड़ित परिवार एसपी की जनसुनवाई में पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच के आदेश दिए हैं। पैरों पर ठीक से खड़ी भी नहीं हो सकती बच्ची बड़गांव नवली निवासी भूरा तोमर ने बताया कि बीती 8 जनवरी को गांव के ही अभिषेक तोमर और छोटू तोमर ने अपने साथियों के साथ मिलकर उनके घर पर फायरिंग की। आरोपियों का कहना था कि भूरा की बेटी ने उनका मोबाइल चुराया है। भूरा के मुताबिक, जिस बेटी पर आरोप लगाया गया है, वह महज एक साल की है और अभी पैरों पर ठीक से खड़ी भी नहीं हो सकती। जमीनी विवाद की रंजिश में हमला पीड़ित भूरा तोमर के अनुसार, अभिषेक तोमर से उसका पुराना जमीनी विवाद था, जिसे हाल ही में निपटा लिया गया है और जमीन अब भूरा के पास है। इसी रंजिश के चलते अभिषेक ने यह हमला किया। पीड़ित का आरोप है कि जब वह गोलीबारी की शिकायत लेकर दिमनी थाने पहुंचा, तो पुलिस ने यह कहकर रिपोर्ट दर्ज नहीं की कि उसकी बेटी के खिलाफ मोबाइल चोरी की शिकायत आई है। मुख्यालय डीएसपी विजय भदौरिया ने बताया कि जनसुनवाई में बड़गांव नवली निवासी भूरा ने आवेदन दिया है। दोनों पक्षों में पुरानी रंजिश और जमीनी विवाद चला आ रहा है। जहां तक मासूम बच्ची पर मोबाइल चोरी का मामला है, तो प्रथम दृष्टया ऐसा होना प्रतीत नहीं होता। फिर भी इस मामले की जांच करवाई जा रही है।
भीलवाड़ा के आजाद नगर में मोबाइल छीनने को लेकर खूनी संघर्ष, चाकूबाजी में तीन युवक लहूलुहान
भीलवाड़ा के आजाद नगर में मोबाइल छीनने के विवाद में दो युवकों ने तीन लोगों पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया। इस खूनी संघर्ष में आरिफ, तनवीर आलम और आवेश गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। प्रताप नगर पुलिस फरार हमलावर सुनील और चीकू दमामी की तलाश में जुटी है। भीलवाड़ा अपराध की इस बड़ी खबर का पूरा विवरण यहाँ पढ़ें।
जोधपुर में स्कूटी सवार महिला का बैग छीनकर भागे बदमाश को गिरफ्तार किया गया है। मामले में एक आरोपी पहले पकड़ा गया है। दोनों को चौपासनी हाउसिंग बोर्ड थाना पुलिस ने पकड़ा है। मामले में दो आरोपी पकड़े गएचौपासनी हाउसिंग बोर्ड थानाधिकारी ईश्वरचंद्र पारीक ने बताया कि मामले आरोपी फरदीन खान (23) पुत्र अयूब खान, निवासी सकीना कॉलोनी, गीता भवन के पीछे, थाना प्रतापनगर सदर को गिरफ्तार किया गया है। पूछताछ में उसने तीन मोबाइल चोरी करना स्वीकार किया है। उसके साथी आसिफ (29 ) पुत्र खलील, निवासी राजीव गांधी कॉलोनी, देवनगर, जोधपुर पहले ही पकड़ा जा चुका है। ये था मामला9 जनवरी को उम्मेद चौक निवासी सोनू बंसल ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया था कि वह 7 जनवरी की शाम 5:45 बजे अणदाराम चौराहे के पास स्कूटी से वैशाली एवेन्यू की ओर जा रहे थे। रास्ते में एक बाइक पर सवार दो युवक स्कूटी के आगे रखे पर्स को खींचकर भाग गए । पर्स में मोबाइल, नगदी और अन्य सामान था।
जालंधर में जोमैटो डिलीवरी बॉय से लूट:बदमाशों ने बैग और मोबाइल छीना, रुपए नहीं मिलने पर पीटा
जालंधर में लगातार बढ़ रही लूटपाट की घटनाओं के बीच सोढल चौक के पास देर रात जोमैटो डिलीवरी बॉय से हथियारबंद बदमाशों ने लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाश नकदी और मोबाइल छीनकर फरार हो गए, जबकि पीड़ित युवक घायल हो गया। देर रात करीब 12:30 बजे किशनपुरा निवासी जोमैटो डिलीवरी बॉय राजन शर्मा ड्यूटी खत्म कर सोढल मार्ग से अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह सोढल चौक के नजदीक पहुंचा, तभी दो मोटरसाइकिलों पर सवार छह युवकों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने तेजधार हथियार किया हमला आरोपियों ने तेजधार हथियार उसकी गर्दन पर रखकर जान से मारने की धमकी दी और उसका बैग छीन लिया। तलाशी के दौरान जब बदमाशों को तुरंत नकदी नहीं मिली तो उन्होंने राजन के साथ मारपीट की, जिससे वह घायल हो गया। पीड़ित ने पुलिस को दी सूचना पीड़ित ने बताया कि उसने अपनी मेहनत की कमाई के 2000 रुपए मोबाइल कवर के पीछे छुपाकर रखे थे। इसके बाद में आरोपियों को नकदी और मोबाइल मिल गया, जिसके बाद वे मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित दहशत में आ गया और राहगीरों की मदद से पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर थाना नंबर-8 पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है।
हरियाणा से विदेश जाकर पैसे कमाने का सपना संजोए युवाओं को ठगने वाले कबूतरबाजों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। ताज़ा मामला पंचकूला के सेक्टर-26 से सामने आया है, जहां एक युवक को यूरोप भेजने का झांसा देकर दिल्ली के इमिग्रेशन एजेंटों ने सवा 2 लाख रुपए ठग लिए। ठगी का एहसास तब हुआ जब युवक अपना बैग लेकर एयरपोर्ट पहुंच गया, लेकिन वहां न एजेंट मिले और न ही वीजा। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। जस्ट डायल से मिला ठगों का नंबर पंचकूला के सेक्टर 26 निवासी मयूर सूदन ने बताया कि अगस्त 2024 में उसने यूरोप जाने के लिए 'जस्ट डायल' (Just Dial) पर एजेंटों की तलाश शुरू की थी। वहां उसे दिल्ली की न्यू फ्रेंड्स कॉलोनी स्थित एक ऑफिस का पता मिला, जहां हितेश यादव और दिवस नाम के एजेंटों से उसकी फोन पर बातचीत हुई। आरोपियों ने उसे भरोसे में लेकर दिल्ली ऑफिस बुलाया। स्टेप-बाय-स्टेप वसूली: मेडिकल से ऑफर लेटर तक आरोपियों ने मयूर को विदेश भेजने की प्रक्रिया के नाम पर किश्तों में पैसे ऐंठे... एयरपोर्ट पर खुला ठगी का राज जनवरी 2025 में एजेंटों ने मयूर को फोन कर कहा कि उसका वीजा लग गया है और वह अपना सामान पैक कर दिल्ली एयरपोर्ट पहुंच जाए। मयूर उत्साह में अपना बैग लेकर एयरपोर्ट पहुँचा, लेकिन वहां पहुंचते ही आरोपी विवेक और दिवस के मोबाइल फोन स्विच ऑफ हो गए। चेक भी निकला फर्जी जब मयूर दिल्ली स्थित उनके ऑफिस पहुँचा, तो वहां मौजूद विवेक ने गोल-मोल बातें करनी शुरू कर दी। दबाव बनाने पर आरोपियों ने 2 लाख 20 हजार रुपए का एक चेक काटकर दिया, लेकिन जब मयूर ने उसे बैंक में लगाया तो वह बाउंस हो गया। जांच में लगी पुलिस ठगी का शिकार होने के बाद पीड़ित ने पंचकूला के चंडीमंदिर थाना में आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करवाई है। पुलिस अब इस मामले की जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में छापेमारी शुरू कर दी है।
सिरसा जिले में एक विवाहिता अपनी तीन साल की बच्ची के संग मिसिंग हो गई। विवाहिता गर्भवती है और उसकी अपने पति से किसी किसी बात को लेकर नोकझोंक हो गई थी। इसके बाद वह घर से बिना बताए कहीं चली गई। चूंकि, रात को सभी ने साथ खाना खाया था। अगले दिन अल सुबह उठकर देखा, तो वह चारपाई पर नहीं मिली। जानकारी के अनुसार, उक्त युवक ने बताया कि मार्च 2022 में उसकी शादी हुई थी और उसकी इकलौती बेटी है। उसके पास मोबाइल नंबर है, वो भी बंद आ रहा है। पुलिस उसका मोबाइल नंबर ट्रैस करने के बाद लोकेशन ट्रैस कर पता लगा रही है। मगर अभी तक कोई पता नहीं चला है। चार माह की गर्भवती पुलिस को दी शिकायत में शहर की एक कॉलोनी के व्यक्ति ने बताया कि उसकी पत्नी रविवार रात से घर से मिसिंग है। वह चार माह की गर्भवती है। रविवार शाम को वह घर पर ही थी और सभी के साथ खाना खाया। अपने सास-ससुर को खाना दिया और कई देर तक बच्चों के साथ खेल रही थी। रात 10 से साढ़े 10 बजे उसकी छोटी सी बात को लेकर नोकझोंक हो गई थी। जिसके बाद रात करीब ढाई बजे से वह घर से गायब है। परिवार की बढ़ी चिंता शिकायत में आगे कहा, उसकी पत्नी बिना बताए घर से चली गई और साथ में उसकी तीन साल की बेटी भी घर भी नहीं है, जो वह अपने साथ ले गई। उसने उसके मायके और रिश्तेदारी में सभी जगह तलाश कर लिया, पर उसका कोई सुराग नहीं लगा है। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी है, ताकि उसकी जल्द तलाश की जा सके। इसके चलते परिवार की चिंता बढ़ गई है। दो दिन बीत गए, पर अभी कोई पता नहीं चला है।
पुलिस ने 174 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर मालिकों को सौंपे
लुधियाना| लुधियाना पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन तलाशने की दिशा में लुधियाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने केंद्र सरकार के सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की मदद से 174 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंपे। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, नागरिकों द्वारा मोबाइल गुम होने के बाद सीईआईआर पोर्टल पर उन्हें ब्लॉक कराया गया था। इसके बाद आईटी सेल टीम ने तकनीकी जांच के जरिए मोबाइल फोन को ट्रेस किया। जांच पूरी होने पर कुल 174 मोबाइल फोन बरामद किए गए।12 जनवरी 2026 को थाना जमालपुर परिसर में सभी कानूनी औपचारिकताएं पूरी कर मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों ने लुधियाना पुलिस और आईटी सेल टीम का आभार जताया और खुशी जाहिर की। पुलिस अधिकारियों ने कहा कि यह सफलता पंजाब पुलिस की जनता के प्रति प्रतिबद्धता, आधुनिक तकनीक के प्रभावी उपयोग और नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के प्रति समर्पण को दर्शाती है। पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने की स्थिति में तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर उसे ब्लॉक करवाएं, ताकि समय रहते मोबाइल को ट्रेस किया जा सके।
डमी मोबाइल एप से ठगी...:जैकेट खरीद पेमेंट का स्क्रीन शॉट दिखाया, शक होने पर रोका तो मोबाइल छोड़ भागा
भास्कर न्यूज| लुधियाना ऑनलाइन पेमेंट के नाम पर ठगी का एक नया और खतरनाक तरीका लुधियाना में सामने आया है। ठग डमी मोबाइल एप के जरिए दुकानदार से QR कोड स्कैन करवाते हैं और अपने मोबाइल स्क्रीन पर पेमेंट सक्सेसफुल दिखा देते हैं, लेकिन रकम दुकानदार के बैंक खाते में ट्रांसफर ही नहीं होती। घंटाघर इलाके में एक दुकानदार की सतर्कता से वह ठगी का शिकार होने से बच गया। ठग मौके से फरार हो गया, जबकि अपना मोबाइल वहीं छोड़ गया। पुलिस के अनुसार शहर के विभिन्न बाजारों में इस तरह की ठगी के कई मामले सामने आ चुके हैं। घंटाघर के पास रेडीमेड कपड़ों की दुकान चलाने वाले सोनू सूद के पास एक युवक दो जैकेट खरीदने पहुंचा। दोनों जैकेट का कुल बिल 1000 रुपए बना। युवक ने ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कही और QR कोड स्कैन कर अपने मोबाइल पर पेमेंट सक्सेसफुल का मैसेज दिखा दिया। सोनू सूद के मोबाइल पर काफी देर तक कोई पेमेंट मैसेज नहीं आया। इस पर युवक ने नेटवर्क स्लो होने का बहाना बनाया और कहा कि उसे ट्रेन पकड़नी है। करीब 15 मिनट बीतने के बाद भी रकम खाते में न आने पर दुकानदार को शक हुआ। उन्होंने आसपास के दुकानदारों को बुला लिया। खुद को घिरता देख आरोपी युवक मोबाइल वहीं छोड़कर फरार हो गया। दुकानदारों ने जब मोबाइल चेक किया तो उसमें फोन-पे के लोगो जैसी एक एप दिखाई दी। एप खोलने पर असल में एक लिंक खुलता था, जिसमें QR स्कैन करने की सुविधा थी। स्कैन करते ही दुकानदार का नाम और ‘पेमेंट सक्सेसफुल’ लिखा आ जाता था, जबकि रकम कहीं ट्रांसफर नहीं होती थी। मोबाइल में दो अलग-अलग बैंकों के नाम भी दिख रहे थे। जब पिन डाला गया तो हर बार अलग-अलग बैलेंस दिखाई दिया—कभी 34 हजार, कभी 26 हजार और फिर 67 हजार रुपए। इससे स्पष्ट हो गया कि बैंक अकाउंट भी फर्जी हैं। वहीं थाना डिवीजन-1 के एसएचओ बलविंदर सिंह ने बताया, दुकानदार की शिकायत पर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। आरोपी का मोबाइल पुलिस के कब्जे में है। मोबाइल नंबर और डिवाइस के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है। डमी एप और फर्जी ट्रांजेक्शन की जांच के लिए साइबर सेल को भी पत्र लिखा गया है। घुमार मंडी स्थित गर्म कपड़ों की एक रेहड़ी पर सामान खरीदने आए युवक ने ऑनलाइन पेमेंट करने की बात कही और अपने मोबाइल पर ट्रांजेक्शन दिखा दिया। दुकानदार के मोबाइल पर मैसेज न आने के बावजूद उसने युवक पर भरोसा कर सामान दे दिया। बाद में जब बैंक खाते की जांच की गई तो पता चला कि कोई भी पेमेंट आई ही नहीं थी। इस घटना के बाद रेहड़ी वाले को समझ आया कि केवल मोबाइल स्क्रीन पर दिखाए गए ट्रांजेक्शन पर भरोसा करना नुकसानदेह हो सकता है। अब वह बिना कन्फर्मेशन मैसेज के ऑनलाइन पेमेंट स्वीकार नहीं करता और कैश को प्राथमिकता दे रहा है। धांधरा रोड स्थित एक किरयाने की दुकान पर बैठे बुजुर्ग दुकानदार के साथ भी इसी तरह की ठगी हुई। एक ग्राहक ने ऑनलाइन पेमेंट दिखाकर दुकान से सामान ले लिया, लेकिन बाद में पता चला कि वास्तविक रूप से कोई पेमेंट नहीं हुई थी। इस घटना से सबक लेते हुए बुजुर्ग दुकानदार अब पूरी तरह सतर्क हो गए हैं। वह तब तक ग्राहक को जाने नहीं देते, जब तक उनके मोबाइल पर पेमेंट का कन्फर्मेशन मैसेज प्राप्त न हो जाए। मैसेज न आने की स्थिति में वह सीधे कैश पेमेंट की मांग करते हैं, जिससे दोबारा ठगी की आशंका खत्म हो गई है। इस तरह की ठगी खासतौर पर छोटे दुकानदारों, रेहड़ी वालों और बुजुर्ग व्यापारियों को निशाना बनाया जा रहा है, क्योंकि वहां पेमेंट कन्फर्मेशन की जल्दबाजी और तकनीकी जानकारी की कमी का फायदा उठाया जाता है। ठग असली PhonePe, Google Pay या Paytm जैसी दिखने वाले डमी मोबाइल एप तैयार करते हैं। ये एप असल में किसी बैंक या यूपीआई सिस्टम से जुड़ी नहीं होतीं, बल्कि एक फर्जी लिंक पर काम करती हैं। जब ठग दुकानदार के QR कोड को स्कैन करता है तो एप में पहले से सेट किया गया टेम्पलेट खुल जाता है, जिसमें दुकानदार का नाम, अमाउंट और ‘पेमेंट सक्सेसफुल’ लिखा आ जाता है। यह पूरी तरह नकली स्क्रीन होती है। असल में न तो कोई ट्रांजेक्शन होती है और न ही पैसा बैंक अकाउंट में जाता है। ठग नेटवर्क स्लो, सर्वर डाउन या जल्दी निकलने जैसे बहाने बनाकर दुकानदार को उलझाता है और सामान लेकर फरार हो जाता है। ठग केवल अपने मोबाइल की स्क्रीन दिखाने पर जोर देते
ब्यावर जिला पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए पिछले एक वर्ष के दौरान चोरी हुए और गुमशुदा 50 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिया गया है, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी देखी गई। यह कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक रतन सिंह राठौड़, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भूपेंद्र शर्मा और पुलिस उपाधीक्षक राजेश कसाना के निर्देशन में की गई। जिला पुलिस की साइबर सेल ने संबंधित थाना पुलिस के सहयोग से इस अभियान को अंजाम दिया। पुलिस ने तकनीकी संसाधनों का उपयोग करते हुए चोरी और गुमशुदा मोबाइल फोन को ट्रेस किया। अधिकारियों ने बताया कि आधुनिक तकनीक, आईएमईआई ट्रैकिंग और विभिन्न नेटवर्क प्लेटफॉर्म की सहायता से मोबाइलों की लोकेशन चिन्हित की गई, जिससे यह सफलता मिली। बरामद मोबाइल फोन जब उनके असली मालिकों को सौंपे गए, तो उपस्थित लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की और आभार व्यक्त किया। जिला पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाने या साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराएं।
लुधियाना पुलिस ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा के दिशा-निर्देशों पर चलाए गए विशेष अभियान के तहत पुलिस ने विभिन्न स्थानों से गुम हुए 174 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं। सोमवार को थाना जमालपुर में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान जब लोगों को उनके खोए हुए कीमती फोन वापस मिले तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एडीसीपी (जोन-4) जसविंदर सिंह गिल और एसीपी इंद्रजीत सिंह बोपाराय की देखरेख में थाना जमालपुर की IT सेल टीम ने इस ऑपरेशन को अंजाम दिया। थाना प्रभारी दलजीत सिंह ने बताया कि इन मोबाइलों को केंद्र सरकार के CEIR पोर्टल की मदद से ट्रेस किया गया। लोगों ने अपने फोन गुम होने के बाद इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर उन्हें ब्लॉक करवाया था जिसे पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण के जरिए ट्रैक कर बरामद किया। पूरी प्रक्रिया के बाद सौंपे फोन पुलिस ने बताया कि 12 जनवरी को सभी कानूनी औपचारिकताओं और गहन वेरिफिकेशन के बाद बरामद किए गए सभी 174 हैंडसेट उनके असल मालिकों के हवाले कर दिए गए। अपना फोन वापस पाकर खुश नजर आ रहे नागरिकों ने लुधियाना पुलिस और IT सेल का आभार जताया। लोगों का कहना था कि फोन में उनका जरूरी डेटा और यादें थीं जिसे वापस पाकर वे बेहद राहत महसूस कर रहे हैं। पुलिस अधिकारियों ने जनता से अपील की है कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम या चोरी होता है तो तुरंत इसकी जानकारी पुलिस को दें और भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर अपना IMEI नंबर ब्लॉक करवाएं। इससे न केवल फोन का गलत इस्तेमाल रुकता है बल्कि उसे ट्रैक करना भी आसान हो जाता है।
हनुमानगढ़ में मिलावट पर अंकुश लगाने के लिए स्वास्थ्य विभाग की मोबाइल फूड टेस्टिंग लैब (एमएफटीएल) अब शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच करेगी। यह लैब विशेष रूप से दूध और दुग्ध उत्पादों की जांच पर ध्यान केंद्रित करेगी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. नवनीत शर्मा ने बताया कि यह मोबाइल लैब निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार जिले के विभिन्न स्थानों पर पहुंचेगी। वाहन संख्या आरजे-14 जीक्यू-4775 में स्थापित यह लैब मौके पर ही सैंपल्स की जांच करेगी। इसके साथ ही, आम लोगों को खाद्य सामग्री खरीदते और उपयोग करते समय बरती जाने वाली सावधानियों के बारे में भी जागरूक किया जाएगा। सीएमएचओ ने नागरिकों से विशेष रूप से दूध और दुग्ध उत्पादों की जांच एमएफटीएल वाहन पर करवाने का आग्रह किया है, ताकि मिलावट को प्रभावी ढंग से नियंत्रित किया जा सके। एमएफटीएल का विस्तृत कार्यक्रम जारी कर दिया गया है। इसके तहत, 14 जनवरी को टिब्बी ग्रामीण, 15 जनवरी को पीलीबंगा शहरी, 16 जनवरी को पीलीबंगा ग्रामीण, 19 जनवरी को रावतसर शहरी, 20 जनवरी को रावतसर ग्रामीण, 21 जनवरी को नोहर शहरी, 22 जनवरी को नोहर ग्रामीण, 23 जनवरी को भादरा शहरी, 27 जनवरी को भादरा ग्रामीण, 28 जनवरी को गोलूवाला, 29 जनवरी को पल्लू तथा 30 जनवरी को हनुमानगढ़ जंक्शन एवं टाउन क्षेत्र में खाद्य एवं पेय पदार्थों की जांच की जाएगी।
पलामू में रोड रॉबरी का खुलासा:मां के मोबाइल फोन से पकड़ा गया मुख्य आरोपी, लूटी गई बाइक भी बरामद
पलामू के रामगढ़ थाना क्षेत्र में 6 जनवरी को हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है और लूटे गए सामान भी बरामद कर लिए गए हैं। पुलिस दो अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है। चैनपुर के अदनिया गांव निवासी सुनील भुईयाँ ने रामगढ़ थाना में एफआईआर दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि रामगढ़ से चैनपुर जाते समय काचन और सरहुआ गांव के बीच रास्ते में तीन अज्ञात अपराधियों ने उनसे मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और 1500 रुपए नकद लूट लिए थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए रामगढ़ थाना में कांड दर्ज कर अनुसंधान शुरू किया गया। तकनीकी शाखा की मदद से एक मोबाइल नंबर का सुराग मिला, जो रामगढ़ निवासी रोजित अंसारी की पत्नी जुबैदा बेगम के नाम पर सक्रिय पाया गया। पूछताछ में जुबैदा बेगम ने बताया कि इस मोबाइल नंबर का उपयोग उनका बेटा कैसरुल अंसारी उर्फ सोनू करता है। इसके बाद पुलिस ने लगातार छापेमारी कर कैसरुल अंसारी उर्फ सोनू को हिरासत में ले लिया। पूछताछ के दौरान कैसरुल अंसारी उर्फ सोनू ने खुलासा किया कि उसने बिहार निवासी दानिश और जय दुर्गेश साह के साथ मिलकर इस लूट की घटना को अंजाम दिया था। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने वादी से लूटी गई मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन बरामद कर लिए। पुलिस ने कैसरुल अंसारी उर्फ सोनू को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। वहीं, अन्य दो अभियुक्तों दानिश और जय दुर्गेश साह (दोनों बिहार निवासी) के नाम-पते का सत्यापन कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
नूंह जिले की साइबर थाना पुलिस ने दो अलग-अलग साइबर ठगी के मामलों में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी लोगों को पुलिस या उच्च अधिकारी बनकर झांसा देते थे और फर्जी मोबाइल नंबरों के जरिए ऑनलाइन ठगी करते थे। पहला मामला: पुलिस अधिकारी बनकर ठगी पहले मामले में आरोपी मुजम्मील निवासी ढेंकली चौकी जयसिंहपुर थाना सदर नूंह, को गिरफ्तार किया गया है। यह मामला पुलिस के नाम पर ठगी से जुड़ा है।शिकायतकर्ता मोहम्मद आबिद के अनुसार, बीते साल 27 सितंबर को गांव में पुलिस रेड के बाद उन्हें एक कॉल आई, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को एसपी नूंह का रीडर बताया और बेकसूर लोगों को छोड़ने के नाम पर ₹30,000 की मांग की। पुलिस जांच में मोबाइल नंबरों की सीडीआर और बैंक ट्रांजैक्शन से आरोपी मुजम्मील का लिंक मिला। उसके पास से दो मोबाइल फोन और चार सिम कार्ड बरामद किए गए। आरोपी ने अपराध स्वीकार कर लिया है। अदालत में पेशी के बाद उसे 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। दूसरा मामला: फर्जी जॉब ऑफर के नाम पर ठगी दूसरे मामले में साइबर पोर्टल पर संदिग्ध मोबाइल नंबर की लोकेशन नूंह रोड के पास ट्रैक की गई। पुलिस ने वहां से शकील अहमद, निवासी कोटला थाना आकेड़ा, को गिरफ्तार किया।आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जिनमें दो फर्जी सिम लगी थीं। फोन की जांच में नटराज पेंसिल कंपनी के नाम पर जॉब दिलाने का झांसा देकर ठगी के चैट, फर्जी आईडी, आधार-पैन कार्ड की तस्वीरें और ट्रांजैक्शन स्क्रीनशॉट मिले। आरोपी ने इनका इस्तेमाल साइबर फ्रॉड में करने की बात कबूल की है। पुलिस की कार्रवाई जारी पुलिस प्रवक्ता कृष्ण ने बताया कि साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी है। दोनों मामलों में आगे की जांच चल रही है, जिसमें अन्य सह-आरोपियों की तलाश और तकनीकी साक्ष्य जुटाने की प्रक्रिया जारी है।
कौशांबी पुलिस ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की मदद से चोरी हुए, छीने गए या खोए हुए 97 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन एंड्रॉयड फोन की अनुमानित कीमत 24.25 लाख रुपये बताई जा रही है। सोमवार को मंझनपुर पुलिस कार्यालय में पुलिस अधीक्षक राजेश कुमार ने प्रेस वार्ता कर यह जानकारी दी और पीड़ितों को उनके फोन सौंपे। मोबाइल वापस पाकर लोगों ने कौशांबी पुलिस का आभार व्यक्त किया। एसपी राजेश कुमार ने बताया कि CEIR पोर्टल की सहायता से देश भर में कहीं भी मौजूद खोए या चोरी हुए मोबाइल को ट्रैक किया जा सकता है। पुलिस थानों की तकनीकी टीमों ने सर्विलांस, CCTNS डेटा और मैनुअल इनपुट के विस्तृत विश्लेषण के जरिए इन मोबाइलों को बरामद किया। मोबाइल बरामदगी में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए करारी थाने को 16 मोबाइल के साथ प्रथम, महेवाघाट और मंझनपुर थानों को 15-15 मोबाइल के साथ क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान मिला। एसपी राजेश कुमार ने इन थानों के पुलिसकर्मियों को 5-5 हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। जनपद के पश्चिम शरीरा, मोहब्बतपुर पैंसा, कौशांबी, सैनी, कोखराज, कड़ा धाम, चरवा, सराय अकिल, पिपरी और संदीपन घाट सहित विभिन्न थानों से कुल 97 मोबाइल रिकवर किए गए। एसपी ने जोर दिया कि कौशांबी पुलिस तकनीक आधारित जांच को प्राथमिकता दे रही है और हर शिकायत पर संवेदनशीलता से कार्रवाई की जा रही है। पत्रकार वार्ता के दौरान एसपी ने यह भी बताया कि बरामद किए गए मोबाइलों में से एक फोन दुबई में चल रहा था, जिसे वहां से बरामद किया गया है।
पंजाब के लुधियाना में ऑनलाइन पेमेंट में फ्रॉड का बड़ा मामला पकड़ा गया है। इसमें डमी मोबाइल एप के जरिए पेमेंट की जाती है, जो मोबाइल पर तो पेमेंट सक्सेसफुल दिखा देता है लेकिन आगे दुकानदार के अकाउंट में नहीं जाती। एक दुकानदार की सतर्कता से ऐसा ही एक ठग पकड़ा गया। उसका मोबाइल भी दुकानदारों ने पकड़ लिया, जिसके बाद ठगी का पूरा राज खुला। ठग तो मौके से भाग निकला, लेकिन मोबाइल छोड़ गया। दुकानदारों ने इस बारे में पुलिस को कंप्लेंट की और मोबाइल भी सौंप दिया है। इस मामले ने सिर्फ मोबाइल में पेमेंट सक्सेसफुल देख सामान देने वाले दुकानदारों को चौकन्ना कर दिया है। पहले 2 पॉइंट में जानिए, कैसे पकड़ा गया ठग... अब जानिए, कैसे करते थे ठगी... किसी से 2 हजार, किसी से 4500 का सामान ठगाशॉपकीपर्स एसोसिएशन के प्रधान चंद्रकांत चड्ढा ने कहा कि जब सोनू सूद की दुकान पर यह ठगी पकड़ी गई तो और भी दुकानदार सामने आए। उन्होंने बताया कि घंटाघर में कपड़े का काम करने वाले दुकानदार जीवन कुमार अरोड़ा के साथ 1900 रुपए की ठगी हुई। गुरु कृपा गारमेंट के राजेश हैप्पी के साथ 3500 रुपए, घंटाघर में घड़ी की दुकान वाले दुकानदार आनंद प्रकाश के साथ 2000 रुपए और रेलवे स्टेशन के सामने कपड़े की दुकान वाले राहुल के साथ 4500 रुपए की ठगी हुई है। शाम को दुकानदार हिसाब-किताब करने बैठे तो इसके बारे में पता चलता था। पुलिस बोली- मोबाइल की जांच कर रहेइस बारे में थाना कोतवाली के SHO बलविंदर सिंह ने बताया कि दुकानदारों ने शिकायत दी है। एक मोबाइल भी पुलिस को दिया है। मोबाइल नंबर के आधार पर ठगी करने वाले का पता लगाया जा रहा है। इसके लिए मोबाइल कंपनी से उसकी डिटेल मांगी है। मोबाइल में डमी एप और अन्य मामलों की जांच के लिए साइबर सेल को पत्र लिख दिया है। इस मोबाइल से कितने लोगों के साथ ठगी की गई है, इसका पता तभी लगेगा।
अलवर जिले में बढ़ते साइबर अपराध, अवैध हथियार और अवैध खनन के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई करते हुए कई मामलों में आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस अधीक्षक सुधीर चौधरी ने बताया- साइबर संग्राम अभियान 2.0 के तहत ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन, फर्जी सिम, म्यूल अकाउंट, ओएलएक्स फ्रॉड जैसे मामलों पर सख्त कार्रवाई की जा रही है। जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में कार्रवाई कर 4 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। आरोपियों से 1 आईफोन सहित 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए। थाना नौगांवा पुलिस ने गाय पाटनमान क्षेत्र में दबिश देकर मोबाइल के जरिए पैन-पेंसिल पैकिंग के नाम पर फर्जी विज्ञापन डालकर लोगों से ठगी करने वाले शहबाज (21) निवासी पीलसू जिला डीग को गिरफ्तार किया। उससे 1 एंड्रॉयड मोबाइल, 1 सिम कार्ड बरामद किया। सस्ते मोबाइल बेचने का दिया झांसाथाना सदर में फर्जी वीवो सर्विस सेंटर ऑफर सेल 80 नाम से आईडी बनाकर सस्ते मोबाइल का झांसा देकर बुकिंग के नाम पर पैसे ऐंठने वाले सोहेल (19) निवासी भुवाका को गिरफ्तार किया गया। आरोपी से 1 एंड्रॉयड मोबाइल व 1 सिम कार्ड बरामद किया गया। वहीं थाना अकबरपुर में गांव नांगल रटावत में क्यूआर कोड से लोगों के खातों में पैसे डलवाकर ठगी करने वाले तोफिक खान (18) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी से 1 आईफोन व 1 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किया है। थाना विजय मंदिर में फर्जी फोन-पे का मैसेज भेजकर व वॉट्सएप स्कैनर के जरिए ठगी करने वाले शाहरुख (29) निवासी मथुरा (उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार किया गया। आरोपी से एक मोबाइल व 1 सिम कार्ड बरामद किया है। अवैध हथियार के खिलाफ कार्रवाईथाना कठूमर पुलिस ने 1 अवैध देशी कट्टा 12 बोर के साथ अंकित (22) निवासी रेला को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ पहले भी आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। आरोपी से 1 अवैध कट्टा 12 बोर बरामद किया है। अवैध बजरी परिवहन पर शिकंजाथाना प्रतापगढ़ पुलिस ने अवैध बजरी परिवहन करते हुए विकास कुमार मीना (20) निवासी जयपुर ग्रामीण को 1 ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ एमएमआरडी व एमएमसीआर एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है।
बांसवाड़ा पुलिस ने लापता महिला को ढूंढा:आधे घंटे में घर पहुंचाया; खोए मोबाइल लौटाए तो खिले चेहरे
बांसवाड़ा की सज्जनगढ़ थाना पुलिस ने मानवीय संवेदनाओं और तकनीकी सक्रियता का परिचय देते हुए तीन बड़ी कामयाबियां हासिल की है। पुलिस ने न केवल दो मानसिक विक्षिप्त महिलाओं को उनके परिवारों से मिलाया, बल्कि तीन युवकों के गुम हुए मोबाइल भी बरामद कर उन्हें सौंपे। माण्डली बड़ी निवासी भूपेश गरासिया ने 4 जनवरी को रिपोर्ट दी थी कि उसकी बुआ भूरी देवी, जो मानसिक रूप से कमजोर हैं, 18 दिसंबर से लापता हैं। थानाधिकारी धनपत सिंह ने हेड कॉन्स्टेबल हंसमुखलाल और कॉन्स्टेबल महेशचंद्र की टीम बनाई। टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद महज 6 दिनों में महिला को दस्तयाब कर परिजनों के सुपुर्द किया। खुशी के आंसू रविवार को पुलिस ने महिला को थाने लाकर कानूनी कार्रवाई पूरी की और उसे उसके परिवार के सुपुर्द कर दिया। 24 दिन बाद अपनी बुआ को सही-सलामत पाकर परिजनों ने पुलिस टीम का आभार जताया। केस 2: सोशल मीडिया की मदद से आधे घंटे में मिलाई बिछड़ी महिला बस स्टैंड सज्जनगढ़ पर एक अन्य मानसिक विक्षिप्त महिला संदिग्ध अवस्था में मिली। जगदीश प्रसाद, कॉन्स्टेबल बलवंत सिंह और राजेन्द्र सिंह ने तत्परता दिखाते हुए महिला का फोटो सोशल मीडिया पर वायरल किया। इसका असर यह हुआ कि महज आधे घंटे में महिला की पहचान लसोडिया निवासी सविता पुत्री नाबू पटेल के रूप में हो गई। पुलिस ने तुरंत संपर्क कर उसे सुरक्षित घर भिजवाया। केस 3: गुम हुए 3 मोबाइल ढूंढकर मालिकों के चेहरे पर लौटाई मुस्कान थानों में मोबाइल गुमशुदगी की शिकायतों पर कॉन्स्टेबल दुष्यंत पाटीदार ने विशेष प्रयास किए। उन्होंने तकनीकी मदद और अथक मेहनत से तीन गुमशुदा मोबाइल बरामद किए। रविवार को पुलिस ने दिनेश पटेल (अकोठिया नाथा), अनिल कलाल (सज्जनगढ़) और आशीष डोडियार (अगोरिया) को उनके फोन सौंपे। अपने खोए हुए मोबाइल पाकर तीनों ने पुलिस का आभार व्यक्त किया। इस बारे में थानाधिकारी धनपत सिंह ने बताया की आमजन की सहायता और गुमशुदा लोगों की तलाश के लिए हमारी टीम लगातार सक्रिय है। टीम ने सोशल मीडिया और ग्राउंड नेटवर्किंग का बेहतर समन्वय कर इन मामलों को सुलझाया है। इनकी रही मुख्य भूमिका:
पेड़ पर फंदे से लटका मिला युवक का शव:जेब में मोबाइल और कान में ईयरबड लगा मिला, हत्या की आशंका
प्रतापगढ़ के आसपुर देवसरा थाना क्षेत्र के उगई शाहपुर गांव में एक हाई स्कूल छात्र का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। छात्र अपने मामा के घर रहकर पढ़ाई कर रहा था। मृतक की पहचान जौनपुर जनपद के महाराजगंज थाना अंतर्गत चांदपुर निवासी 18 वर्षीय अविनाश गौतम पुत्र स्वर्गीय राकेश गौतम के रूप में हुई है। अविनाश आसपुर देवसरा इलाके के उदई शाहपुर गांव में अपने मामा सुनील के घर रहता था। शनिवार को वह हाई स्कूल की प्री-परीक्षा देकर घर लौटा था। रविवार सुबह ग्रामीण जब नित्य क्रिया के लिए घर से करीब 400 मीटर दूर डीहवा जंगल की ओर गए, तो उन्होंने अविनाश का शव पेड़ से लटका देखा। घटना की सूचना मिलते ही ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जमा हो गई। जानकारी मिलने पर आसपुर देवसरा थाना अध्यक्ष विजेंद्र सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया, पंचनामा की कार्रवाई पूरी की और सुबह करीब 10 बजे पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज प्रतापगढ़ भेज दिया। वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाने के लिए फोरेंसिक टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से नमूने एकत्र किए। मृतक अविनाश की जेब से उसका मोबाइल फोन मिला, जबकि उसके कान में सफेद रंग का ईयरबड लगा हुआ था। अविनाश के माता-पिता का निधन पहले ही हो चुका था, थाना अध्यक्ष विजेंद्र सिंह ने बताया कि परिजनों ने युवक द्वारा आत्महत्या किए जाने की आशंका जताते हुए एक प्रार्थना पत्र दिया है। पुलिस मौत के अन्य सभी पहलुओं पर भी गहनता से जांच कर रही है। युवक की मौत से ननिहाल में कोहराम मचा हुआ है, और उसका भाई प्रशांत भी दिल्ली से घर के लिए रवाना हो गया है।
गुरुग्राम जिले के सदर बाजार स्थित नेहरू मार्केट में दिनदहाड़े मोबाइल चोरी की एक घटना सामने आई है। एक मोबाइल दुकान से चालाकी से फोन चुराया, जिसकी पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में चोर की हरकतें साफ देखी जा सकती हैं। जानकारी के अनुसार, नेहरू मार्केट की मोबाइल दुकान पर सामान्य रूप से ग्राहकों की आवाजाही चल रही थी। इसी दौरान एक युवक ग्राहक बनकर दुकान में घुसा। उसने कुछ देर तक मोबाइल फोन देखने और दुकानदार से बातचीत करने का नाटक किया। बातचीत के दौरान मौका पाकर उसने डिस्प्ले में रखे एक कीमती मोबाइल फोन को बड़ी सफाई से उठाया। किसी को शक हुए बिना वह दुकान से बाहर निकल गया। चोरी की यह पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई। डिस्पले से मोबाइल उठाकर फरार घटना के समय दुकानदार अन्य ग्राहकों में व्यस्त था, इसलिए उसे तुरंत चोरी का पता नहीं चला। कुछ देर बाद जब उसने डिस्प्ले से मोबाइल गायब पाया, तो उसे आशंका हुई। दुकानदार ने दुकान के सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें चोरी की पूरी घटना कैद मिली। फुटेज में आरोपी युवक का चेहरा और उसकी गतिविधियां स्पष्ट दिख रही हैं। कैमरे खंगालने में जुटी पुलिस दुकानदार ने तुरंत सदर थाना पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। पुलिस आसपास की दुकानों और बाजार में लगे अन्य कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है, ताकि आरोपी के भागने के रास्ते और उसकी पहचान का पता लगाया जा सके, घटना को लेकर स्थानीय व्यापारियों में रोष है। उनका कहना है कि भीड़भाड़ वाले बाजार में दिनदहाड़े ऐसी चोरी सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े करती है। व्यापारियों ने पुलिस से बाजार में गश्त बढ़ाने और ऐसे चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र जिले में साइबर ठग ने शादी का कार्ड भेजकर इलेक्ट्रीशियन से 1.80 लाख रुपए ठग लिए। ठग ने इलेक्ट्रीशियन के वॉट्सऐप पर कार्ड भेजा था। इलेक्ट्रीशियन के कार्ड को खोलते ही उसका मोबाइल हैक हो गया। उसके सामने ही उसके अकाउंट से पैसे ट्रांसफर हो गए। सोहन लाल निवासी कसेरला ने बताया कि वह इलेक्ट्रीशियन का काम करता है। कुछ दिन पहले उसके वॉट्सऐप पर एक अनजान नंबर से मैसेज आया। मैसेज में शादी का कार्ड भेजा गया था। उसने कार्ड को खोला, तो वह डाउनलोड होकर खुल गया। कार्ड खुलते ही मोबाइल हैक कार्ड के खुलते ही उसका मोबाइल हैक हो गया, तभी अचानक उसके पास बैंक अकाउंट से पैसे निकलने के मैसेज आने लगे। उसके पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के अकाउंट से 2 बार में 50-50 हजार रुपए और एक्सिस बैंक के खाते से 50 हजार और 30 हजार रुपए ट्रांसफर हो गए। मोबाइल करवाना पड़ा रिसेट उसने तुरंत बैंक जाकर पता किया, तो उसके दोनों अकाउंट से 1.80 लाख रुपए ट्रांसफर हुए थे, तब उसने अपना मोबाइल रिसेट करना पड़ा। उसने साइबर हेल्पलाइन नंबर पर शिकायत भी दर्ज कराई, लेकिन पैसे वापस नहीं मिले। अब पुलिस ने थाना साइबर में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
उत्तर प्रदेश की गाजियाबाद पुलिस 3.50 लाख रुपए के क्रेडिट कार्ड फ्रॉड की जांच के लिए शिवपुरी पहुंची है। शनिवार को पुलिस टीम ने शहर के मिलन मोबाइल सेंटर पर पहुंचकर पूछताछ की और एक कर्मचारी को थाने ले जाकर बयान दर्ज किए। मामले में गाजियाबाद के एक व्यापारी के क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने ऑनलाइन खरीदारी की थी, जिसका लिंक शिवपुरी से मिला है। पुलिस ने दुकान संचालक राहुल बंसल के नाम नोटिस जारी कर उन्हें जांच के लिए गाजियाबाद थाने में तलब किया है। जांच में सामने आया कि फ्रॉड की राशि से खरीदा गया एक मोबाइल शिवपुरी निवासी सोनू बाथम के पास है। सोनू ने यह मोबाइल मिलन मोबाइल सेंटर से 39 हजार रुपए में खरीदा था। जब पुलिस सोनू के पास पहुंची, तो उसने खरीद का पक्का बिल दिखाते हुए बताया कि उसने यह मोबाइल दुकान से वैध तरीके से खरीदा है। कर्मचारी बोला- सौरभ ने बेचा था, उसने किया इनकार सोनू द्वारा बिल दिखाए जाने के बाद गाजियाबाद पुलिस सीधे मिलन मोबाइल सेंटर पहुंची। दुकान के कर्मचारी रंजीत ने पुलिस को बताया कि उक्त मोबाइल उन्हें शहर के ही एक युवक सौरभ ने बेचा था। पुलिस ने सौरभ को भी पूछताछ के लिए पकड़ा, लेकिन उसने मोबाइल बेचने की बात से साफ इनकार कर दिया। इस दौरान पुलिस एक अन्य युवक को भी कोतवाली लाई थी, लेकिन व्यापारियों की भीड़ जुटने के बाद पूछताछ कर उसे छोड़ दिया गया। व्यापारी के कार्ड से खरीदे थे मोबाइल और 2 आईपैड जानकारी के अनुसार, गाजियाबाद के एक व्यापारी के क्रेडिट कार्ड से साइबर ठगों ने लगभग 3.50 लाख रुपए की ऑनलाइन शॉपिंग की थी। इस राशि से एक मोबाइल फोन और दो आईपैड खरीदे गए थे। पुलिस को आशंका है कि फ्रॉड के जरिए खरीदे गए अन्य उपकरणों की सप्लाई भी इसी नेटवर्क से हुई हो सकती है। शनिवार को टीम ने शहर में कई जगहों पर पड़ताल की। दुकान संचालक विदेश में, नोटिस जारी गाजियाबाद पुलिस ने मिलन मोबाइल सेंटर के संचालक राहुल बंसल के नाम नोटिस जारी कर उन्हें गाजियाबाद थाने में उपस्थित होने के निर्देश दिए हैं। बताया जा रहा है कि संचालक फिलहाल बिजनेस ट्रिप पर विदेश गए हुए हैं। नेटवर्क खंगाल रही पुलिस कोतवाली शिवपुरी के उप निरीक्षक सुमित शर्मा ने बताया कि गाजियाबाद पुलिस साइबर फ्रॉड के मामले में आई थी। टीम ने दुकान पर पूछताछ की है, आगे की जांच गाजियाबाद पुलिस ही कर रही है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फ्रॉड से खरीदे गए मोबाइल और आईपैड किस तरह शिवपुरी पहुंचे और इस पूरे नेटवर्क में किन-किन लोगों की भूमिका है।
जालंधर| रविदास नगर इलाके के एक घर से बीती रात करीब 2:30 बजे चोर मोबाइल चोरी कर फरार हो गया। घर की मालकिन चंचल, पत्नी मनोज ने बताया कि रात को आहट सुनकर जब नींद खुली तो देखा कि अज्ञात व्यक्ति उनके कमरे में खड़ा है। चंचल ने जैसे ही शोर मचाया, चोर घबरा गया और सामने पड़ा हुआ कीमती मोबाइल उठाकर फरार हो गया। पीड़िता के अनुसार, मोबाइल की कीमत करीब 15,000 रुपए है। उधर, महिला ने पुलिस पर शिकायत दर्ज न करते हुए उन्हें बाद में आने को कहने का भी आरोप लगाया है। महिला ने कहा कि जब वह सुबह थाने में शिकायत करने पहुंची तो ड्यूटी अफसर ने कहा कि फिलहाल पूरा पुलिस बल सीएम की सुरक्षा ड्यूटी में व्यस्त है, इसलिए वे अभी कुछ नहीं कर सकते।
छत्तीसगढ़ के महासमुंद में एक चलती पैसेंजर ट्रेन से मोबाइल छीनकर एक यात्री को धक्का दे दिया गया। इस घटना में यात्री के दोनों पैर ट्रेन की चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायल की पहचान ओडिशा के नुआपड़ा जिले के कादोमेरी गांव निवासी संतू मांझी (45) के रूप में हुई है, जिन्हें गंभीर हालत में मेडिकल कॉलेज भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। यह घटना शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे की है। संतू मांझी रायपुर से टिटलागढ़ जा रही पुशपुल पैसेंजर ट्रेन में सवार थे और अपने मोबाइल पर कुछ देख रहे थे। जब ट्रेन महासमुंद में बिठौबा टॉकीज के पीछे से गुजर रही थी, तभी कुछ अज्ञात लोगों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया और उन्हें चलती ट्रेन से धक्का दे दिया। धक्का लगने से संतू मांझी ट्रेन से नीचे गिरे धक्का लगने से संतू मांझी ट्रेन से नीचे गिर गए और उनके दोनों पैर ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पटरी के पास रहने वाले लोगों ने उन्हें गिरते हुए देखा। स्थानीय पार्षद राहुल आंवड़े भी मौके पर पहुंचे और तत्काल डायल 112 को सूचना दी। पार्षद और अन्य स्थानीय नागरिकों की मदद से घायल को डायल 112 वाहन तक पहुंचाया गया। संतू मांझी के पैरों से अत्यधिक रक्तस्राव हो रहा था। उन्हें मेडिकल कॉलेज ले जाने के लिए वाहन में बिठाते ही वे बेहोश हो गए। पुलिस ने घटना का संज्ञान लिया है और अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुट गई है।
प्रयागराज में रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में बढ़ती चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष सुरक्षा अभियान के तहत जीआरपी और आरपीएफ को बड़ी सफलता मिली है। रेलवे पुलिस ने एक शातिर मोबाइल चोर गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से चोरी के सात मोबाइल फोन, नकदी और वारदात में इस्तेमाल किया गया वाहन बरामद किया गया है। बरामद सामान की कुल कीमत लगभग ढाई लाख रुपये आंकी गई है। यह कार्रवाई रेलवे पुलिस प्रयागराज के अरुण कुमार पाठक के पर्यवेक्षण में की गई। प्रभारी निरीक्षक अकलेश कुमार सिंह के नेतृत्व में जीआरपी छिवकी और आरपीएफ की संयुक्त टीम ने प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-01 पर हावड़ा एंड साइड में फ्लाईओवर के नीचे घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ा। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी लंबे समय से रेलवे स्टेशनों और चलती ट्रेनों को निशाना बना रहे थे। वे यात्रियों की भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान चुराते थे। चोरी के बाद ये ट्रेन की चेन पुलिंग कर उतर जाते थे और पहले से तय स्थान पर वाहन बुलाकर फरार हो जाते थे। चोरी के मोबाइल बेचकर मिले पैसों से वे अपने खर्चे पूरे करते थे। पुलिस ने इस कार्रवाई में विभिन्न कंपनियों के सात मोबाइल फोन, चोरी की नकदी, एक निजी मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई XUV-300 कार बरामद की है। इस गिरोह की गिरफ्तारी से 6 जनवरी को प्रयागराज छिवकी रेलवे स्टेशन पर एक टीवी अभिनेत्री का हैंडबैग चोरी होने की घटना का भी खुलासा हुआ है। रेलवे पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता है। स्टेशन परिसरों, सर्कुलेटिंग एरिया और ट्रेनों में लगातार निगरानी बढ़ाई जा रही है। इस कार्रवाई से न केवल चोरी की बड़ी घटनाओं का खुलासा हुआ है, बल्कि अपराधियों को भी यह सख्त संदेश मिला है कि रेलवे में अपराध करने वालों को बख्शा नहीं जाएगा।
मुजफ्फरपुर में पुलिस ने 38 खोए मोबाइल लौटाए:IMEI नंबर से फोन का लगाया पता, लोकेशन की ट्रैकिंग भी की
मुजफ्फरपुर में रेलवे पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत सफलता हासिल की है। अभियान के दौरान रेलवे पुलिस ने अलग-अलग जगह से 38 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए, जिनमें से 17 मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। अपने खोए मोबाइल वापस पाकर लोगों के चेहरे खुशी से खिल उठे और उन्होंने रेलवे पुलिस की कार्यशैली की सराहना की। रेल एसपी बिना कुमारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर पूरे अभियान की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि रेलवे क्षेत्र में सफर के दौरान या स्टेशन परिसरों में मोबाइल फोन खोने की सूचना अक्सर मिलती है। ऐसे मामलों में रेलवे पुलिस कार्रवाई करते हुए शिकायत को C.I.R पोर्टल पर दर्ज करती है, जिससे मोबाइल की तकनीकी ट्रैकिंग संभव हो पाती है। IMEI नंबर से मोबाइल का लगाया पता रेल एसपी ने बताया कि C.I.R पोर्टल के माध्यम से यह पता लगाया जाता है कि खोया गया मोबाइल कहीं सक्रिय है या नहीं। मोबाइल के IMEI नंबर, लोकेशन ट्रैकिंग और तकनीकी जांच के आधार पर यह जानकारी मिलती है कि फोन किस क्षेत्र में उपयोग हो रहा है। इसके बाद संबंधित थानों और तकनीकी टीम की मदद से मोबाइल फोन को बरामद किया जाता है। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत बरामद मोबाइल सिर्फ स्थानीय क्षेत्र से ही नहीं, बल्कि दूर-दराज के इलाकों से भी मिले हैं। कई मामलों में मोबाइल दूसरे जिलों और दूसरे राज्यों तक पहुंच चुके थे, फिर भी तकनीकी सहयोग से उन्हें बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाया गया। इसी कारण इस अभियान को लोगों का भरपूर समर्थन और सराहना मिल रही है। रेल एसपी बिना कुमारी ने बताया कि बरामद किए गए मोबाइलों को पहचान और आवश्यक दस्तावेजों की पुष्टि के बाद उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा जा रहा है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल रेलवे क्षेत्र में खो जाए, तो वह बिना देरी किए रेलवे पुलिस को सूचना दें और शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। इस मौके पर उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के रहने वाले अनश अहमद ने अपना अनुभव साझा किया। उन्होंने बताया कि करीब एक साल पहले यात्रा के दौरान चोरों ने झपट्टा मारकर उनका मोबाइल फोन छीन लिया था। उन्होंने तत्काल इसकी सूचना रेलवे पुलिस को दी थी, लेकिन समय बीतने के साथ उन्हें मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद लगभग खत्म हो गई थी। अनश अहमद ने कहा कि रेलवे पुलिस के निरंतर प्रयास और तकनीकी कार्रवाई के कारण उन्हें उनका खोया मोबाइल वापस मिल गया। इस तरह की कार्रवाई से आम जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होता है। अनश अहमद ने कहा है कि एक साल बाद मोबाइल मिलने की उम्मीद मैंने छोड़ दी थी, लेकिन रेलवे पुलिस की मेहनत से आज मेरा मोबाइल मुझे वापस मिल गया। इसके लिए मैं रेलवे पुलिस का दिल से धन्यवाद करता हूं।”
नशीला पदार्थ पिलाकर 1 लाख 40 हजार की ठगी:पहले मोबाइल फोन हासिल किया, फिर ऑनलाइन रकम ट्रांसफर की
भोपाल में परिचित युवक ने पानी में कुछ नशीला पदार्थ देने के बाद दुकानदार से मोबाइल हासिल कर लिया। इसकी मदद से फोन पे के जरिए 1 लाख 40 हजार रुपए अपने खाते में ट्रांसफर कर लिए। जिसका खुलासा फोन पे हिस्ट्री से हुआ। बाद में फरियादी ने थाने में शिकायत कर दी। शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।छोला मंदिर पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नवजीवन कॉलेानी में रहने वाले महेश तिवारी जनरल स्टोर की दुकान चलाते हैं। सीताराम कुर्मी नाम के व्यक्ति से उनकी पुरानी पहचान है। गत 27 नवंबर को सीताराम ने महेश को मिलने के लिए भानपुर इलाके में बुलाया था। बातचीत के दौरान महेश को प्यास लगी तो सीताराम ने उसे पानी दे दिया। पानी पीते ही चक्कर आने लगे थेसीताराम का दिया हुआ पानी पीते ही महेश को चक्कर आने लगे। इस पर महेश ने सीताराम से कहा मुझे जल्द ही घर छोड़ दो। घर जाते वक्त सीताराम ने महेश का मोबाइल फोन अपने पास रख लिया। बाद में वह मोबाइल लेकर चला भी गया। महेश ने जब फोन मांगा तो उसने टालमटोली करना फोन उसके पास होने की बात से ही इंकार कर दिया।महेश के मोबाइल फोन में फोन पे एप भी था जिसके जरिए वह दो बैंक खातों को ऑपरेट करता था। सीताराम ने इसी एप के जरिए महेश दोनों बैंक खातों से करीब 1 लाख 40 हजार रुपए निकाल लिए। महेश ने मामले की शिकायत पुलिस को की थी।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में एक व्यक्ति साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गया। व्हाट्सएप पर आए शादी के निमंत्रण कार्ड के लिंक को खोलते ही उसका मोबाइल हैक हो गया और खाते से 69,954 रुपये निकाल लिए गए। हालांकि, समय पर शिकायत और साइबर सेल की तत्परता से पूरी रकम पीड़ित को वापस दिला दी गई। apk फाइल खोलते ही हुआ मोबाइल हैक पीड़ित को व्हाट्सएप पर शादी का निमंत्रण कार्ड भेजा गया था, जो एक .apk फाइल के रूप में था। जैसे ही पीड़ित ने इस फाइल को खोला, उसके मोबाइल फोन में मैलवेयर इंस्टॉल हो गया और साइबर अपराधियों ने उसके बैंक खाते से 69,954 रुपये निकाल लिए। साइबर सेल की त्वरित कार्रवाई, रकम वापस घटना की शिकायत मिलते ही कोतवाली नगर की साइबर क्राइम टीम ने तत्काल जांच शुरू की। टीम के सार्थक प्रयासों से धोखाधड़ी से निकाली गई पूरी धनराशि पीड़ित के बैंक खाते में सफलतापूर्वक वापस जमा करा दी गई। पुलिस ने जारी की चेतावनी कोतवाली प्रभारी तारकेश्वर राय ने आमजन से सतर्क रहने की अपील की है। उन्होंने कहा कि किसी भी अज्ञात या संदिग्ध आईडी से आने वाले लिंक, खासकर .apk फाइल, को बिल्कुल न खोलें। साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां पुलिस ने जनता को निम्नलिखित सावधानियां बरतने की सलाह दी है— ठगी होने पर तुरंत करें शिकायत यदि कोई व्यक्ति डर, दबाव या लालच देकर पैसे मांगे तो तुरंत बातचीत बंद करें और साइबर हेल्पलाइन 1930 या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं।
बिजली उपभोक्ताओं को अब विभाग की दौड़ लगाने की जरूरत नहीं रहेगी। अजमेर डिस्कॉम ने 'बिजली मित्र' एप के जरिए उपभोक्ताओं की मुश्किलों को आसान कर दिया है। अब बिल की रीडिंग चेक करनी हो या बिजली गुल होने की शिकायत, सारा समाधान आपके मोबाइल फोन की एक क्लिक पर उपलब्ध है। अजमेर डिस्कॉम की इस पहल का सबसे बड़ा फायदा यह है कि अब उपभोक्ताओं को अपनी शिकायतों के लिए बिजली घर के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। एप की मदद से उपभोक्ता अपनी बिजली खपत (Usage) की पूरी जानकारी ले सकते हैं। साथ ही, अगर बिजली से जुड़ी कोई भी समस्या आती है, तो उसकी ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने की सुविधा भी दी गई है। नए कनेक्शन के लिए अब भागदौड़ नहीं बिजली निगम के एसई महेश टीबड़ा ने बताया कि विभाग अब पूरी तरह डिजिटल होने की राह पर है। नए कनेक्शन के लिए अब उपभोक्ता घर बैठे ही दस्तावेज अपलोड कर सकते हैं। फाइल कहां अटकी है और काम कितना हुआ, इसकी जानकारी ऑनलाइन देखी जा सकती है। मौके पर ही बिल, मौके पर ही निपटारा निगम ने 'स्पॉट बिलिंग' की व्यवस्था को भी और मजबूत किया है। इसका मतलब है कि कर्मचारी आपके घर आकर रीडिंग लेगा और तुरंत बिल जेनरेट होगा। इससे बिल में होने वाली गलतियों की गुंजाइश खत्म हो गई है। अगर फिर भी रीडिंग को लेकर कोई शक है, तो उसका समाधान मौके पर ही करने की कोशिश की जा रही है।
भोजपुर पुलिस मादक पदार्थों के खिलाफ जिले में विशेष अभियान के तहत लगातार कार्रवाई कर रही है। शुक्रवार को गुप्त सूचना के आधार पर सिकरहटा पुलिस ने स्थित पुरवारी पट्टी में हेरोइन के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। तलाशी के दौरान कुल 17.23 ग्राम हेरोइन, 7 हजार 250 रुपए कैश और तीन मोबाइल बरामद हुआ है। गिरफ्तार तस्कर की पहचान चंदा गांव पुरवारी पट्टी निवासी पवन कुमार उर्फ बबुआ के तौर पर हुई है। छापेमारी कर पुलिस ने पकड़ा एसपी राज ने बताया कि सिकरहटा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि चंदा गांव में टावर के पास एक व्यक्ति मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री में संलिप्त है। मामले की गंभीरता को देखते हुए थानाध्यक्ष सनोज कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बताए गए स्थान पर छापेमारी की, जहां से आरोपी को रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया गया। एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि वह पिछले करीब चार महीनों से हेरोइन की तस्करी कर रहा था। उसने यह भी बताया कि बाहर से हेरोइन लाकर गांव में टावर के पास छिपाकर रखता था और वहीं से सप्लाई करता था। फिलहाल पुलिस आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह भी पता लगाने का प्रयास कर रही है कि हेरोइन कहां से लाई जा रही थी और किन-किन लोगों को इसकी सप्लाई की जा रही थी
ग्वालियर के जीआरपी थाना (एनजी) ने 3 माह में 34 आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनसे लगभग 20 लाख रुपए का माल बरामद किया है। इसमें सोना, चांदी, वाहन व बड़ी संख्या में मोबाइल फोन शामिल हैं। इनमें कई समान लोगों को वापस भी मिल गए हैं। थाना प्रभारी दीपशिखा तोमर ने बताया कि सबसे ज्यादा सूचना ट्रेनों में मोबाइल चोरी या बैग चोरी की आती हैं। इसके अलावा गोल्ड जाने की भी शिकायतें भी मिलती हैं। हाल में कुछ मोबाइल चोरों को पकड़ा है। जिनसे काफी मोबाइल बरामद हुए हैं। पिछले तीन माह में तकरीबन 3 लाख रुपए का सोना भी बरामद किया है। तमिलनाडु पासिंग एक गाड़ी भी बरामद की है, जो फरियादी को सुपुर्द की जा चुकी है। 27 अपराध 34 आरोपी पकड़ेथाना प्रभारी के अनुसार 2025 के आखिर के 3 माह में 27 प्रकरण दर्ज किए गए। जिसमें अक्टूबर में 7, नवंबर में 12 और दिसंबर में 8 अपराध थे। जिनमें पुलिस ने गश्त एवं अन्य तंत्रों के जरिये इन प्रकरणों में लिप्त 34 आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। लग्जरी कार भी बरामद कीजीआरपी थाना (एनजी) ने अक्टूबर 2025 में लगभग 391097 लाख के माल की बरामदगी की है। इसके अलावा एक चोरी की लग्जरी कार भी बरामद की थी जिसकी अनुमानित कीमत 943000 रुपए है। वहीं नवंबर में 379800 रुपए के माल की बरामदगी की गई। दिसंबर में भी पुलिस ने 143076 लाख की बरामदगी की गई।
गुम मोबाइल को खोजकर उपभोक्ता को सौंपा
मझिआंव/बरडीहा | बरडीहा थाना क्षेत्र के लावाचंपा गांव निवासी आबिद अंसारी के पुत्र अकरम अंसारी का गुम हुए मोबाइल को खोज कर पुलिस ने सौंप दिया है।जिसके कारण अकरम अंसारी ने खुशी व्यक्त किया।पुलिस की इस तरह एक्टिविटी के कारण आम अवाम को पुलिस की सक्रियता पर भरोसा बढ़ने लगा है। इस संबंध में जानकारी देते हुए थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार सिंह ने बताया कि अकरम का मोबाइल 1 माह पूर्व कही खो गया था।उसके बाद बरडीहा थाना में सनहा दर्ज करवाया था।साथ ही उन्होंने बताया कि सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से खोए हुए मोबाइल को खोजकर अकरम को सौंप दिया गया है।साथ ही उन्होंने तमाम आप अवाम लोगो से अपील करते हुए कहा कि पुलिस को अपना सहयोगी समझकर आवश्यकतानुसार सहयोग करते रहे।पुलिस आपकी सहयोग के लिए 24 घंटे तत्पर है।
कोचिंग स्टूडेंट से मारपीट, मोबाइल तोड़ा, दो ट्रैफिक कांस्टेबल सस्पेंड
वाहन चालकों से अवैध वसूली का वीडियो बनाने से नाराज थे जयपुर | गोपालपुरा बाईपास क्षेत्र में तैनात ट्रैफिक पुलिस के दो कांस्टेबल पर भ्रष्टाचार, अवैध वसूली, मारपीट और धमकी देने जैसे गंभीर आरोप का मामला सामने आया है। प्रतियोगी परीक्षा की तैयारी कर रहे कोचिंग स्टूडेंट ने इस संबंध में शिकायत की थी। डीसीपी ट्रैफिक सुमित मेहरड़ा ने जांच के बाद दोनों ट्रैफिक कांस्टेबल को निलंबित कर दिया। पीड़ित ने शिकायत में बताया कि वह गोपालपुरा क्षेत्र में रहकर कोचिंग के लिए गोपालपुरा से रिद्धि-सिद्धि मोड़ से होकर गुजरता है। वहां तैनात ट्रैफिक कांस्टेबल शेरसिंह मीणा और जितेंद्र को कई बार ऑटो, स्कूटी और बाइक चालकों से बिना चालान किए पैसे वसूल करते देखा। दोनों कांस्टेबल वाहन चालकों से रिश्वत लेकर उन्हें छोड़ देते। उसने अवैध वसूली करते हुए दोनों कांस्टेबल का वीडियो भी बनाया। अगले दिन शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच दोनों कांस्टेबल ने उसे गोपालपुरा पुलिया के पास बुलाया और अंदर ले जाकर बाहर से कुंडी लगा दी। एक कांस्टेबल शराब के नशे में था। दोनों ने जबरन उसका मोबाइल छीनकर वीडियो डिलीट कर दिया और जान से मारने की धमकी दी। साथ ही मोबाइल भी तोड़ दिया और मारपीट की। युवक ने 6 जनवरी को घटनाक्रम की लिखित शिकायत सुमित मेहरड़ा को दी थी।
बेतिया से किशोरी अगवा, 4 मोबाइल धारकों पर FIR:शादी की नीयत से अपहरण का आरोप, मामले की जांच जारी
बेतिया के मैनाटांड़ थाना क्षेत्र के एक गांव से एक 16 साल की किशोरी का अपहरण कर लिया गया है। किशोरी के पिता ने शादी की नीयत से अपहरण का आरोप लगाते हुए मैनाटांड़ थाने में चार मोबाइल फोन धारकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई है। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, किशोरी के पिता ने बताया कि 4 जनवरी की रात वे पेशाब करने के लिए जगे तो देखा कि उनके घर का दरवाजा खुला था। उनकी बेटी अपने बिस्तर पर नहीं मिली। काफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। चार अलग-अलग नंबरों से लगातार बातचीत होती थी पिता ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी के मोबाइल फोन पर चार अलग-अलग नंबरों से लगातार बातचीत होती थी। उन्होंने आशंका जताई है कि इन्हीं मोबाइल फोन धारकों ने शादी के इरादे से उनकी बेटी का अपहरण किया है। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद मैनाटांड़ पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
छतरपुर के चंदला नगर में दुकान से मोबाइल चोरी:नाश्ता करते युवक का फोन ले गया उम्रदराज व्यक्ति
छतरपुर जिले के चंदला नगर में एक दुकान से शुक्रवार को मोबाइल चोरी का मामला सामने आया है। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। जानकारी के अनुसार, विश्राम गृह चंदला स्थित नीलू अग्रवाल की समोसा नाश्ते की दुकान पर सुरेंद्र यादव नामक ग्राहक नाश्ता करने आए थे। उनका वीवो वाई16 (Vivo Y16) मोबाइल फोन चोरी हो गया। सुरेंद्र यादव नाश्ता करते समय अपना मोबाइल टेबल पर रखकर भूल गए और दुकान से चले गए। इसी दौरान एक अन्य व्यक्ति दुकान पर आया। नाश्ता करने के बाद उसने टेबल पर रखा मोबाइल उठा लिया और वहां से चला गया। यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो अब सामने आया है। वीडियो में मोबाइल चुराने वाला व्यक्ति उम्रदराज दिखाई दे रहा है, हालांकि उसकी वास्तविक पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस वीडियो के आधार पर चोर की तलाश कर रही है।
पश्चिमी सिंहभूम पुलिस ने तमिलनाडु के एक व्यवसायी से धोखाधड़ी कर चोरी की गई बोरिंग मशीन को कुछ ही घंटों में बरामद कर लिया है। इस मामले में मुफ्फसिल थाना पुलिस ने दिल्ली और रांची के रहने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के पांच सदस्यों को गिरफ्तार किया है। यह घटना 9 जनवरी 2026 को सामने आई, जब तमिलनाडु के नामाकल निवासी एस. राजशेखर ने मुफ्फसिल थाना में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि उनकी बोरिंग मशीन को फाइनेंस के नाम पर धोखे से चुरा लिया गया है। बोरिंग मशीन कुन्दुरूगुटू जंगल से बरामद मामले की गंभीरता को देखते हुए, पश्चिमी सिंहभूम के पुलिस अधीक्षक ने तत्काल एक विशेष टीम का गठन किया। टीम ने तकनीकी और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए चोरी की गई मशीन को टेबो थाना क्षेत्र के कुन्दुरूगुटू जंगल (NH75) से बरामद किया। पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो पाया कि मशीन में डीजल खत्म होने के कारण दो आरोपी, तौहिद अंसारी और एहसान अंसारी, वहीं फंसे हुए थे। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उनके दो अन्य साथी, तोहिद खान और साहिल एकराम, डीजल लेकर आ रहे हैं। पुलिस ने घेराबंदी कर डीजल लेकर पहुंचे दोनों साथियों को बाइक सहित गिरफ्तार कर लिया। घटना के मुख्य साजिशकर्ता और मशीन के चालक रंजीत कुमार को भी दबोच लिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दिल्ली निवासी रंजीत कुमार (वर्तमान पता- खप्परसाई, चाईबासा), रांची के चान्हो निवासी तौहिद अंसारी और एहसान अंसारी, तथा रांची के विधानसभा थाना क्षेत्र निवासी साहिल एकराम और तौहीद खान शामिल हैं। इन सभी ने अंतरराज्यीय ठगी और चोरी की इस वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी की गई बोरिंग मशीन, अपराध में इस्तेमाल की गई बाइक, एक ड्रम में 28 लीटर डीजल और आठ मोबाइल फोन जब्त किए हैं।
पंजाब के गुरदासपुर जिले में डिलीवरी के बाद महिला की मौत हो गई। परिवार ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने शुक्रवार को महिला का शव बटाला के गांधी चौक में रखकर विरोध प्रदर्शन किया। कालावाली गांव के परिवार के अनुसार, रुपिंदर को प्रसव के लिए 1 जनवरी को कस्बा कादियां के सरकारी सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया था। उन्होंने कहा कि ऑपरेशन के दौरान अचानक ऑपरेशन थिएटर की लाइट चली गई। अस्पताल में जनरेटर का कोई प्रबंध नहीं था, जिसके बाद डॉक्टरों ने मोबाइल फोन की रोशनी में प्रसव कराया। इसे बाद से रुपिंदर कौर अस्पताल में ही भर्ती रही। संक्रमण फैलने से बिगड़ी तबीयतपरिवार ने कहा कि इलाज में लापरवाही हुई और महिला को संक्रमण हो गया, जिससे उसकी हालत बिगड़ती चली गई। अस्पताल ने बिगड़ती हालत के बारे में उन्हें गलत जानकारी दी और केवल ग्लूकोज लगाकर रखा। 8 दिन तक अस्पताल में भर्ती रुपिंदर की हालत देर रात ज्यादा खराब हो गई, तो उसे हायर सेंट रेफर कर दिया गया। परिजन उसे अमृतसर लेकर जा रहे थे, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। परिजन बोले- डॉक्टरों ने नहीं बताया मौत का कारणपरिवार ने कहा कि यदि अस्पताल में उचित प्रबंध होते तो यह हादसा टाला जा सकता था। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक शव का अंतिम संस्कार नहीं किया जाएगा। सूचना मिलने पर डीएसपी सिटी सहित प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से बातचीत की और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त कर दिया गया।
भागलपुर में झोलाछाप डॉक्टर ने यूट्यूब पर वीडियो देखकर गर्भवती महिला का ऑपरेशन कर दिया। इस दौरान ज्यादा ब्लीडिंग होने से उसकी मौत हो गई। बच्चा सुरक्षित है। मौत के बाद परिजन उग्र हो गए। क्लिनिक के बाहर शव रखकर जमकर हंगामा किया। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हंगामा कर रहे लोगों को शांत कराया गया। इसके बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मायागंज अस्पताल भेजा दिया गया। मृतका की पहचान स्वाति देवी (31) के तौर पर हुई है। महिला का ससुराल झारखंड के ठाकुरगंटी मोढिया गांव में है। पति रोशन साह मजदूरी करता है। घटना कहलगांव थाना क्षेत्र के एकचारी गांव की है। अब मौके से आई 3 तस्वीरें देखिए... आगे पीछे कर के वीडियो देख रहा था डॉक्टर परिजन राजेश कुमार के मुताबिक गुरुवार रात लेबर पेन के बाद श्रीमठ स्थित एक झोलाछाप डॉक्टर के पास पहुंचे थे। उसने ऑपरेशन करने की बात कही। शुक्रवार को मेरे सामने ही यूट्यूब से वीडियो निकालकर ऑपरेशन की तकनीक को समझा। इसके बाद बिना जरूरी सुविधा के ऑपरेशन शुरू कर दिया। वो वीडियो को बार-बार रिपीट करके देख रहा था। ऑपरेशन के दौरान ही महिला की मौत हो गई, जबकि नवजात सुरक्षित है। डॉक्टर और उनके सहयोगियों ने परिजनों को कहा कि मरीज की हालत ठीक नहीं है। दूसरी जगह लेकर जाइए। इसके बाद अपना क्लिनिक बंद करके चले गए। परिजन राजेश कुमार ने आगे कहा कि अमोद साह के मकान में कई साल से अवैध क्लिनिक चल रहा है। पहले भी यहां मरीज की मौत हो चुकी है। मामला रफा-दफा होने के कारण कोई कार्रवाई नहीं हुई। 2 साल से रसलपुर निवासी रंजीत मंडल एक महिला और एक पुरुष सहयोगी के साथ क्लिनिक चला रहे हैं। यूट्यूब देखकर ऑपरेशन करता था डॉक्टर स्वाति के पति रोशन साह ने बताया कि, पत्नी की डिलीवरी थी। मैं अपने घर पर था और मेरी पत्नी अपनी मायके में थी। पत्नी को गुरुवार की रात क्लिनिक में एडमिट कराया गया तो मुझे जानकारी दी गई थी।सुबह में सूचना मिली कि पत्नी की मौत हो गई है। मैं यहां आया तो पता चला कि मेरा बेटा ठीक है, लेकिन उसकी मां नहीं रही। झोलाछाप डॉक्टर, क्लिनिक का नाम तक नहीं झोलाछाप डॉक्टर ने जिस क्लिनिक में महिला की डिलिवरी कराई, उसका नाम तक नहीं है। क्लिनिक के बाहर बोर्ड तक नहीं लगाया गया है। लाल रंग के पेंट से सिर्फ इमरजेंसी सेवा 24 घंटे उपलब्ध है लिखा है। पेंट से ही लिखे गए कॉन्टैक्ट नंबर को भी दोबारा रंगकर हटा दिया गया है। क्लिनिक के दरवाजे पर मार्कर से फोन नंबर लिखा गया है। पड़ोस के रहने वाले राष्ट्रीय स्वय सेवक संघ के कार्यकर्ता राजेश कुमार ने बताया कि जिस आशा कार्यकर्ता के जरिए महिला मरीज को क्लिनिक में भेजा गया था, उसके खिलाफ भी कार्रवाई होनी चाहिए। झोलाछाप डॉक्टर ने यूट्यूब देखकर ऑपरेशन किया था। इससे पहले भी ऐसा मामला सामने आ चुका है। चूंकि मैं पड़ोसी हूं, मुझे इसका नाम तक नहीं पता है। पहले जो डॉक्टर बैठता था, वो यहां से चला गया, इसके बाद वर्तमान डॉक्टर यहां कुछ महीने से मरीजों का इलाज करता था। प्रशासन को इस मामले को गंभीरता से लेना चाहिए। डॉक्टर का क्लिनिक खोलकर देखिए अंदर को बोर्ड नहीं है, न किसी तरह की डिग्री का जिक्र किया गया है कि जो डॉक्टर यहां इलाज करता था, उसकी डिग्री क्या है। पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दीजिए... दादी बोली- आशा वर्कर ने क्लिनिक पर भेजा मृतका की दादी संजू देवी ने कहा कि, इस क्लिनिक का पता गांव की आशा कर्मी ने दिया था। वही यहां पर लेकर आई थी। इलाज शुरू करने से पहले 30 हजार ले लिए। 2 घंटे बाद बोला कि मरीज को यहां से लेकर जाइए हालत खराब है, जबकि मेरी पोती की डेथ हो चुकी थी। चिकित्सा पदाधिकारी बोले- जांच के बाद कार्रवाई होगी वहीं, प्रखंड प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी पवन कुमार ने कहा कि इस मामले में अभी जानकारी मुझे मिली है। जांच करके आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बांसवाड़ा शहर के कालिका माता रोड स्थित नेमा भोजनशाला क्षेत्र में मोबाइल टावरों की भरमार से स्थानीय लोग दहशत में हैं। यहां पहले से लगे तीन मोबाइल टावरों के बाद अब दो नए टावर लगाए जाने से मोहल्लेवासियों का गुस्सा फूट पड़ा है। शुक्रवार को बड़ी संख्या में लोग जिला कलेक्टर कार्यालय पहुंचे और टावरों को हटाने की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। पहले 3 थे, अब 2 और लगा दिए स्थानीय निवासी अमित श्रीमाल ने बताया- नेमा भोजनशाला के पास पहले से ही तीन मोबाइल टावर लगे हुए हैं। इसको लेकर पहले भी नगर परिषद और प्रशासन से शिकायत की गई थी, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। अब उसी स्थान पर दो और टावर खड़े कर दिए गए हैं, जिससे क्षेत्र में रेडिएशन का खतरा कई गुना बढ़ गया है। स्वास्थ्य पर गंभीर असर का आरोप विरोध कर रहे लोगों का कहना है कि मोबाइल टावरों से निकलने वाला रेडिएशन स्वास्थ्य के लिए बड़ा खतरा बन गया है। अमित श्रीमाल ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि टावरों के अत्यधिक रेडिएशन के कारण हाल ही में उनके भाई को पैरालिसिस (लकवा) हो गया है। मोहल्ले में बड़ी संख्या में बुजुर्ग और बच्चे रहते हैं, जिन्हें कैंसर, मानसिक तनाव और अन्य गंभीर बीमारियों का डर सता रहा है। लोगों का कहना है कि वे हर समय असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। तीन जगह शिकायत, अब आंदोलन की चेतावनी मोहल्लेवासियों ने बताया कि इस समस्या को लेकर वे नगर परिषद के अधिकारियों और जिला कलेक्टर से कई बार शिकायत कर चुके हैं। कलेक्टर ने मामले की जांच कर उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है। ज्ञापन सौंपने वालों में विजयलक्ष्मी, सचिन भट्ट, नेहा दोसी, दीपक सोनी, नीलम गुप्ता सहित मोहल्ले के कई प्रबुद्ध नागरिक शामिल रहे। सभी ने चेतावनी दी कि यदि जल्द ही मोबाइल टावर नहीं हटाए गए तो वे बड़ा आंदोलन करेंगे।
झाझा रेलवे स्टेशन पर रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत कार्रवाई करते हुए एक मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया है। आरपीएफ टीम ने संदिग्ध युवक के पास से दो चोरी के स्मार्टफोन बरामद किए हैं। गुरुवार रात प्रभारी निरीक्षक झाझा के निर्देश पर उपनिरीक्षक मुकेश कुमार, प्रधान आरक्षी पप्पू यादव, आरक्षी अमर कुमार सिंह और आरक्षी सुनील कुमार स्टेशन परिसर में निगरानी कर रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या 01 के पश्चिमी छोर पर एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूमता मिला। पूछताछ में उसने अपनी पहचान मो. अलीउद्दीन (18 वर्ष), निवासी सादुल्लापुर पखरौनी, थाना बिस्फी, जिला मधुबनी के रूप में बताई। तलाशी के दौरान युवक के पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए। कड़ाई से पूछताछ करने पर अलीउद्दीन ने स्वीकार किया कि दोनों मोबाइल चोरी के थे। उसने बताया कि एक आईक्यूओओ कंपनी का नीला-काला स्मार्टफोन 07 जनवरी 2026 की रात रानीगंज स्टेशन से चुराया गया था। आरपीएफ ने दोनों मोबाइल जब्त किएदूसरा सैमसंग कंपनी का हल्का बैंगनी रंग का मोबाइल लगभग आठ महीने पहले दिल्ली से चोरी किया गया था, जिसका वह उपयोग कर रहा था। आरपीएफ ने दोनों मोबाइल जब्त कर अभियुक्त को गिरफ्तार किया। मोबाइलों की कीमत लगभग 45 हजार रुपएसभी आवश्यक कागजात के साथ उसे अग्रिम कार्रवाई के लिए जीआरपी झाझा को सौंप दिया गया। जीआरपी झाझा ने मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जब्त किए गए मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 45 हजार रुपए बताई गई है।
लूट के आरोपी को सात साल की सजा:एक आरोपी बरी, मरई माता मंदिर के पास बाइक और मोबाइल लूटा था
ग्राम जौंहार के मरई माता मंदिर के पास युवक से लूट के मामले में अदालत ने कड़ा फैसला सुनाया है। विशेष न्यायाधीश राजेश भंडारी की अदालत ने लूट के दोषी पहलवान उर्फ परविंदर रावत को 7 साल की सश्रम जेल और 5 हजार रुपये जुर्माने की सजा दी है। वहीं, सहआरोपी वीरेंद्र रावत को सबूतों के अभाव में बरी कर दिया गया। क्या है पूरा मामला यह घटना 27 मई 2023 की है। फरियादी गौरव कुशवाहा अपनी बुआ पार्वती कुशवाहा को मोटरसाइकिल से ग्राम पठारी से उनके गांव गढ़ पहाड़ छोड़ने जा रहे थे। सुबह करीब 9:30 बजे जब वे ग्राम जौंहार के पास मरई माता मंदिर पहुंचे, तभी प्लैटिना बाइक पर सवार तीन युवकों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोपियों ने गौरव कुशवाहा से मोबाइल फोन छीना, उन्हें बाइक से गिरा दिया और उनकी मोटरसाइकिल लेकर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद गौरव कुशवाहा ने बड़ोनी थाने पहुंचकर लूट की रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस को बताया था कि सामने आने पर वे आरोपियों को पहचान सकते हैं। पुलिस ने जांच के दौरान पहलवान उर्फ परविंदर रावत (निवासी मड़ैयन), वीरेंद्र रावत (निवासी पपरेडू) और प्रवेश रावत को गिरफ्तार किया। बाद में फरियादी से आरोपियों की पहचान भी कराई गई। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान एक आरोपी फरार मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी प्रवेश रावत फरार हो गया। इसके बाद शेष आरोपियों के खिलाफ अदालत में सुनवाई चली। अदालत में अभियोजन पक्ष की ओर से 9 गवाहों के बयान दर्ज किए गए। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद अदालत ने पहलवान रावत को लूट का दोषी मानते हुए 7 साल की सजा और जुर्माना लगाया। वहीं, वीरेंद्र रावत को संदेह का लाभ देते हुए दोषमुक्त कर दिया गया।
ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने एक प्राइवेट स्कूल संचालक के खाते से 2 लाख 43 हजार रुपए की ठगी की है। ठगों ने मोबाइल पर एक APK लिंक भेजकर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत पर साइबर सेल ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच बिलौआ थाने को सौंप दी है। बिलौआ थाना क्षेत्र के हनुमंत पुरा निवासी प्रेम शंकर चौरसिया, जो लाल हायर सेकेंडरी स्कूल के संचालक हैं, एक प्राइवेट स्कूल संचालकों के मोबाइल ग्रुप से जुड़े हुए हैं। 25 दिसंबर को इस ग्रुप में अतुल सिंह जादौन नामक व्यक्ति ने एक APK लिंक भेजी थी। प्रेम शंकर चौरसिया ने गलती से इस लिंक को खोल लिया। लिंक खुलते ही प्रेम शंकर चौरसिया के खाते से पहली बार में 49 हजार रुपए, दूसरी बार में 93 हजार से अधिक और तीसरी बार में 1 लाख रुपए निकल गए। जब उनके मोबाइल पर खाते से राशि कटने के मैसेज आए, तब उन्हें धोखाधड़ी का पता चला। उन्होंने तुरंत जांच की तो पाया कि APK लिंक गलती से खुल गई थी। राशि कटते ही स्कूल संचालक प्रेम शंकर ने साइबर सेल से संपर्क किया। साइबर सेल ने तत्काल उनका खाता होल्ड करवा दिया ताकि और राशि न निकाली जा सके। इसके बाद अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया। चूंकि फरियादी बिलौआ क्षेत्र के निवासी हैं, इसलिए जांच के लिए विधिवत रिपोर्ट बिलौआ थाने में दर्ज कराई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और यह पता लगा रही है कि ठगी गई राशि किन खातों में ट्रांसफर की गई है।
स्कूल संचालक से साइबर ठगी:वाट्सएप ग्रुप में आई एपीके फाइल से मोबाइल हैक, खाते से 2.42 लाख पार
साइबर ठगों ने शातिर तरीके से निजी स्कूल संचालक को जाल में फंसा लिया। ठगों ने स्कूल के वाट्सएप ग्रुप पर ‘SBI आधार लिंक’ नाम से एपीके फाइल भेजी। जैसे ही संचालक ने फाइल पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद साइबर अपराधियों ने बैंक खाते से 2 लाख 42 हजार रुपए निकाल लिए। खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद बिलौआ थाना पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दी। पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर ठगों की पहचान करने में जुट गई है। मोबाइल हैक कर कई ग्रुप में भेजी फाइल प्रेमशंकर चौरसिया ने बताया कि बैंक वाले समय पर मदद करते तो एक लाख रुपए बच सकते थे। अतुल सिंह जादौन का कहना है कि साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर लिया था और उनके नंबर से कई वाट्सएप ग्रुपों में एपीके फाइल भेजी गई। दूसरे निजी स्कूल संचालक ने की थी फाइल शेयर बिलौआ निवासी प्रेमशंकर चौरसिया (54) निजी स्कूल संचालक हैं। उनका स्कूल डबरा में संचालित होता है। प्रेमशंकर प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन डबरा नामक एक वाट्सएप ग्रुप से जुड़े हुए हैं। इसी ग्रुप में 25 दिसंबर को एक अन्य निजी स्कूल संचालक अतुल सिंह जादौन के मोबाइल नंबर से एपीके फाइल ग्रुप में आई। प्रेमशंकर ने जैसे ही उस फाइल पर क्लिक किया, उनका मोबाइल हैक हो गया। 26 दिसंबर को उनके मोबाइल पर ओटीपी आने लगे। इसके बाद बैंक खाते से पहले 49 हजार 500, फिर 93 हजार 329 और अंत में 1 लाख रुपए कट गए। तीन बार में 2 लाख 42 हजार 829 रुपए खाते से निकाल गए। अनजान लिंक या किसी फाइल पर क्लिक न करें साइबर क्राइम टीआई धर्मेंद्र सिंह कुशवाह ने बताया कि कोई एपीके फाइल व्हाट्सऐप, टेलीग्राम, एसएमएस या ईमेल के जरिए भेजी गई है तो सावधान रहें। इस फाइल में ठग ऐप इंस्टॉल कर देते हैं। इसे इंस्टॉल करते ही मोबाइल हैक हो सकता है, डेटा चोरी हो सकता है या बैंक अकाउंट से पैसे निकल सकते हैं। इसलिए अनजान एपीके फाइल या लिंक पर क्लिक न करें।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
फ्री मोबाइल रिचार्ज का ऑफर! जानिए त्योहारों में कैसे हो रहा है स्कैम
सोशल मीडिया पर अलग-अलग अवसरों पर फ्री मोबाइल रिचार्ज मिलने का वादा करके लोगों के साथ स्कैम किया जा रहा है.
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

