मुंबई पुलिस ने मोबाइल हैक कर ऑनलाइन ठगी के आरोप में तीन आरोपियों को बिहार से किया गिरफ्तार
मुंबई पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने के आरोप में तीन लोगों को बिहार से गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने गैस की कमी के दौरान लोगों का फायदा उठाया और एपीके फाइल भेजकर उनके साथ धोखाधड़ी की।
बीकानेर के पूगल क्षेत्र में सड़क हादसे में घायल युवक से जुड़े 70 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामदगी मामले में नया अपडेट सामने आया है। बुधवार को पीबीएम अस्पताल में युवक की न्यूरो सर्जरी की गई, लेकिन ऑपरेशन के बाद भी उसे अब तक होश नहीं आया है। ऐसे में पुलिस के लिए पूछताछ करना फिलहाल संभव नहीं हो पा रहा है। घायल युवक की पहचान खेताराम के रूप में हुई है, जो पाली जिले के सोजत का निवासी है। मंगलवार सुबह सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल होने के बाद उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया, जहां से हालत बिगड़ने पर पीबीएम अस्पताल रेफर किया गया। स्कूटी से निकली 70 करोड़ की हेरोइन हादसे के बाद जब पुलिस ने उसकी स्कूटी की डिग्गी की जांच की तो उसमें 70 करोड़ रुपए की हेरोइन बरामद हुई। बैग में छोटे-छोटे 27 पैकेट मिले, जिनमें कुल करीब 14 किलोग्राम हेरोइन थी। इतनी बड़ी बरामदगी के बाद मामला बेहद गंभीर हो गया है। सुपर स्पेशलिटी सेंटर में हुआ ऑपरेशन खेताराम के सिर में गंभीर चोट होने के चलते उसकी हालत बिगड़ती गई। इसके बाद पीबीएम अस्पताल के सुपर स्पेशलिटी सेंटर में डॉ. दिनेश सोढ़ी की टीम ने उसकी न्यूरो सर्जरी की। ऑपरेशन के बाद से वह अचेत है और अब तक होश में नहीं आया है। मोबाइल और वाहन नंबर बने जांच का आधार पुलिस इस पूरे मामले की कड़ियां जोड़ने के लिए युवक के मोबाइल और वाहन नंबर के आधार पर जांच कर रही है। जिस बाइक से वह पाली से बीकानेर के खाजूवाला क्षेत्र तक पहुंचा, उसके नंबर से मालिक की पहचान की जा रही है। वहीं उसके मोबाइल के जरिए संपर्कों का पता लगाने की कोशिश की जा रही है, लेकिन मोबाइल लॉक होने के कारण जांच में दिक्कत आ रही है। बीएसएफ भी जुटी जांच में मामले की गंभीरता को देखते हुए बॉर्डर सिक्योरिटी फोर्स (बीएसएफ) ने भी अपने स्तर पर जांच शुरू कर दी है। हालांकि युवक के होश में न आने से जांच की रफ्तार प्रभावित हो रही है। पुलिस को उम्मीद है कि होश में आने के बाद उससे पूछताछ में कई अहम खुलासे हो सकते हैं।
जमुई के बरहट थाना क्षेत्र के गुगुलडीह गांव से 28 वर्षीय युवक कुंदन कुमार दो दिनों से लापता है। विजय मंडल के पुत्र कुंदन के अचानक गायब होने और उसका मोबाइल फोन बंद होने से परिजन चिंतित हैं। कुंदन कुमार टेंट व्यवसाय से जुड़े हैं। मंगलवार को वह गुगुलडीह पूर्वी रविदास टोला में एक वैवाहिक कार्यक्रम में दूल्हा रथ संचालन के लिए मटिया के मोहनपुर गांव गए थे। मटिया मुख्य मार्ग पर उनकी मुलाकात अपने एक टेंट साथी से हुई। घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू कीकुंदन ने अपने साथी को अपनी बाइक की चाबी यह कहते हुए दी कि उसे नींद आ रही है और वह एक परिचित की चारपहिया गाड़ी से घर पहुंच जाएगा। इसके बाद मटिया मुख्य मार्ग पर उसे अंतिम बार देखा गया था। काफी देर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। कुंदन का मोबाइल फोन लगातार बंद आ रहा है, जिससे परिजनों की चिंता बढ़ गई है। परिजनों ने लक्ष्मीपुर और बरहट थाना सहित पुलिस अधीक्षक से मामले में हस्तक्षेप की गुहार लगाई है। लक्ष्मीपुर थानाध्यक्ष आलोक कुमार ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है और जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा।
सार्वजनिक जगह पर बैठकर सट्टा-पट्टी लिखने वाले आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी लोगों से अंकों पर पैसे लेकर दांव लगवा रहा था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया है। यह पूरा मामला छावनी थाना क्षेत्र का है। कार्रवाई के बाद आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार 21 अप्रैल को थाना छावनी क्षेत्र में आदर्श नगर कैम्प 01 स्थित सियान सदन पानी टंकी के सामने एक व्यक्ति खुलेआम सट्टा चला रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और रेड कार्रवाई की। रेड के दौरान आरोपी नौसाद अली (45 वर्ष), निवासी आदर्श नगर कैम्प 01, गोरखनाथ मंदिर के पास, थाना छावनी, जिला दुर्ग को सट्टा-पट्टी लिखते हुए रंगे हाथ पकड़ लिया गया। पुलिस ने मौके से सट्टा पर्चियां, नगदी और एक मोबाइल फोन जब्त किया है। पुलिस ने मोबाइल और कैश किया जब्तजप्त सामग्री में 11 नग सट्टा पर्ची, एक मोबाइल और करीब 1000 रुपये नकद शामिल हैं। जब्त सामान की कुल कीमत लगभग 2000 रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ (प्रतिषेध) अधिनियम 2022 की धारा 6(क) के तहत मामला दर्ज किया है। लंबे समय से लिप्त होने की बात आ रही सामनेबताय जा रहा है कि आरोपी लंबे समय से इस अवैध कारोबार में लिप्त था। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अवैध तरीके से सट्टा संचालित कर आर्थिक लाभ कमाने की कोशिश कर रहा था। वह इलाके में लंबे समय से इस तरह की गतिविधियों में शामिल था। पुलिस को उसकी गतिविधियों की सूचना पहले भी मिल रही थी, जिसके बाद इस बार पुख्ता जानकारी मिलने पर कार्रवाई की गई।
दिल्ली में IRS अधिकारी की बेटी की हत्या, मोबाइल चार्जर के तार से लगा घोंटा
दक्षिण-पूर्वी दिल्ली के अमर कॉलोनी इलाके में एक घर में IRS के एक वरिष्ठ अधिकारी की 22 वर्षीय बेटी का शव मिला है। पुलिस को शक है कि उसका गला घोंटने के लिए मोबाइल फोन चार्ज करने वाले तार का इस्तेमाल किया गया।
रोहतक जिले के महम में एक युवक के साथ ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। ठगों ने पासपोर्ट अपडेट करने का झांसा देकर उसके बैंक खाते से 58 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़ित युवक ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस को दी शिकायत में महम के गोयत पाना निवासी रितिक ने बताया कि उसने पासपोर्ट बनवाया था और उसके आने का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान उसके पास एक नंबर से कॉल आया। कॉलर ने रितिक को बताया कि उसका पासपोर्ट होल्ड पर है। उसने रितिक को एक अन्य मोबाइल नंबर दिया और कहा कि उस पर दो रुपए भेजकर अपना पता अपडेट कर ले। 30 मिनट तक मोबाइल ने नहीं किया काम रितिक ने गूगल पे के माध्यम से उस नंबर पर दो रुपए ट्रांसफर कर दिए। पैसे भेजते ही उसके मोबाइल फोन की स्क्रीन काली पड़ गई और अगले 30 मिनट तक फोन ने काम नहीं किया। जब फोन दोबारा चालू हुआ, तो रितिक ने अपना बैंक बैलेंस चेक किया। उसे पता चला कि उसके खाते से 58 हजार रुपण् कट गए हैं। इसके बाद उसे एहसास हुआ कि वह साइबर ठगी का शिकार हो गया है। जिन नंबरों से उसके पास कॉल आई थी, वे दोनों नंबर भी उसके फोन से डिलीट हो गए थे। शिकायतकर्ता रितिक ने पुलिस से अनुरोध किया है कि ठगी करने वालों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उसकी राशि वापस दिलवाई जाए।
नागौर में बीसीआर चुनाव में मोबाइल बैन:बिना आइडेटी कार्ड के एंट्री नहीं, 548 वकील करेंगे वोट
नागौर जिला मुख्यालय पर राजस्थान बार संघ के चुनाव के लिए सुबह से ही गहमागहमी का माहौल है। राजस्थान बार काउंसिल को लेकर सुबह 8 बजे से वोटिंग शुरू हो गई थी। इन चुनावाें को लेकर काफी सख्ती बरती गई है। वोटिंग केंद्र में मोबाइल ले जाने पर बैन है। वहीं बिना आइडेंटी कार्ड के एंट्री भी नहीं दी जा रही है। लेकिन, सुबह के माहौल में कुछ वकील की वोट डालने पहुंचे। 10 बजे बाद वोटिंग की स्पीड बढ़ी। यहां करीब 548 वकील मतदान करेंगे। दोपहर 12 बजे तक 108 वकीलों ने वोट डाला। सुरक्षा के कड़े इंतजाम चुनाव को निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए बार परिसर में सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। बिना पहचान पत्र के एंट्री नहीं दी जा रही है। निर्वाचन अधिकारियों की टीम हर गतिविधि पर नजर रखे हुए है ताकि मतदान प्रक्रिया में किसी तरह की कोई परेशानी न हो। जानकारों का मानना है कि दोपहर के सत्र में वोटिंग प्रतिशत में बड़ा उछाल आएगा। शाम को मतदान प्रक्रिया पूरी होने के बाद ही स्थिति साफ होगी कि इस बार ऊंट किस करवट बैठता है। फिलहाल, परिसर में चुनावी चर्चाएं और हार-जीत के समीकरणों का दौर जोरों पर है। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक वोटिंग रिटर्निंग ऑफिसर ने बताया कि मतदान सुबह 8 बजे शुरू होगा जो शाम 5 बजे तक चलेगा। शांतिपूर्ण चुनाव संपन्न कराने के लिए एसडीएम गोविंद सिंह भींचर को को-ऑब्जर्वर और यज्ञदत्त सारस्वत को मतदान अधिकारी नियुक्त किया गया है। मतदान केंद्र के 200 गज के दायरे में किसी भी तरह के प्रचार पर पूरी तरह पाबंदी रहेगी। इन नियमों का रखना होगा ध्यान: ID प्रूफ जरूरी: वोट डालने के लिए बार काउंसिल का ओरिजिनल आईडी कार्ड लाना अनिवार्य है। आधार कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस भी साथ रख सकते हैं। नो गैजेट्स: पोलिंग बूथ के अंदर मोबाइल फोन, स्मार्ट वॉच या कोई भी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस ले जाना मना है। वरीयता मत: वोटर्स को बैलेट पेपर पर पसंद के उम्मीदवार के आगे 1, 2, 3... लिखकर अपनी प्राथमिकता बतानी होगी। 234 उम्मीदवार, प्रदेश में 84 हजार वोटर्स इस बार प्रदेश की 25 सीटों के लिए 234 प्रत्याशी मैदान में हैं। नागौर जिले सहित पूरे राजस्थान के 84,247 वकील इस चुनावी प्रक्रिया में भाग लेंगे। खास बात यह है कि इस बार पहली बार महिला आरक्षण भी लागू किया गया है। वोटिंग के बाद मतपेटियों को सुरक्षित रखा जाएगा और 29 अप्रैल से मतगणना शुरू होगी।
अलवर के लक्ष्मणगढ़ क्षेत्र में एक लड़की से छेड़छाड़ करने का मामला सामने आया है। लड़की के पिता आरोपी युवक के घर गए तो उनका सिर फोड़ दिया गया। वे हॉस्पिटल में भर्ती है। आरोप है कि युवक ने लड़की को जबरदस्ती मोबाइल देना चाहा था और उससे छेड़छाड़ की थी। लड़की ने घर आकर अपने परिवार को आपबीती बताई। मामला आज सुबह का है। लड़के के परिवार लाठी से किया वार घायल के भाई ने बताया कि उसकी भतीजी से गांव में दुकान पर कुछ सामान लेने जा रही थी। तब रास्ते में एक युवक ने उसे जबरदस्ती मोबाइल देना चाहा। उससे छेड़छाड़ की। भतीजी ने घर आकर आपबीती बताई। मामला का पता लगने पर युवक के घर गए लेकिन वो नहीं मिला। अगले दिन लड़की के पिता वापस उसके घर गए और उलाहना दिया। इस पर युवक के परिजनों ने लड़की के पिता पर लाठी से वार कर उनका सिर फोड़ दिया। उन्हें गंभीर हालत में हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। घायल के भाई से भी मारपीट की गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मुज़फ़्फ़रनगर के चरथावल कस्बे में एक बंदर ने एक छोटे बच्चे को अपने कब्जे में ले लिया, जिससे मौके पर हड़कंप मच गया। घटना के बाद वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, लेकिन बंदर के आक्रामक व्यवहार के कारण कोई भी बच्चे के करीब जाने की हिम्मत नहीं जुटा पा रहा था। बंदर बच्चे को अपने पास बैठाए हुए था और लोगों को लगातार दूर भगा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि बच्चा चारपाई पर लेटा हुआ था, तभी एक बंदर वहां आया और उसे अपने नियंत्रण में ले लिया। जब बच्चे के परिजनों और स्थानीय लोगों ने उसे छुड़ाने का प्रयास किया, तो बंदर और अधिक उग्र हो गया। वह दांत दिखाकर और झपट्टा मारकर लोगों को डराने लगा, जिससे मौके पर तनाव बढ़ गया। घटना की सूचना मिलने पर पशु प्रेमी सन्नी चोपड़ा मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थिति का आकलन किया और जल्दबाजी के बजाय एक रणनीति के तहत काम करने का फैसला किया। काफी देर तक बंदर की गतिविधियों का अवलोकन करने के बाद, उन्होंने उसका ध्यान भटकाने का प्रयास किया। सन्नी चोपड़ा ने बंदर को कभी मोबाइल में वीडियो दिखाया तो कभी उससे बात करने की कोशिश की। इस तरह, जैसे ही उन्हें सही मौका मिला, उन्होंने तेजी से बच्चे को बंदर के कब्जे से सुरक्षित छुड़ा लिया। रेस्क्यू ऑपरेशन के दौरान कुछ क्षण बेहद जोखिम भरे रहे, लेकिन सन्नी चोपड़ा की सूझबूझ और धैर्य के कारण बच्चा अंततः सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद बच्चे को तुरंत उसके परिजनों को सौंप दिया गया। इस घटना के बाद इलाके में सन्नी चोपड़ा की बहादुरी और सूझबूझ की सराहना की जा रही है। स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि समय रहते रेस्क्यू नहीं होता, तो कोई गंभीर हादसा हो सकता था। यह घटना पूरे क्षेत्र में चर्चा का विषय बनी हुई है।
लखनऊ में पेपर सप्लाई के नाम पर जालसाज ने एक युवक को ठग लिया। आरोपी ने खुद को गुजरात की पेपर मिल का प्रतिनिधि बताकर 3.29 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। पीड़ित ने गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। गाजीपुर थाना क्षेत्र निवासी अद्वितीय वर्मा के अनुसार उनकी मां के नाम पर ‘मेसर्स बीएन इंटरप्राइजेज’ फर्म रजिस्टर्ड है। फर्म के जरिए ए-4 पेपर सप्लाई के लिए उन्होंने इंडिया मार्ट पर डीलर सर्च किया था। 31 मार्च को उनके पास एक नंबर से कॉल आई, जिसमें कॉलर ने खुद को अंकित अग्रवाल बताते हुए गुजरात की श्रीजी पेपर मिल से जुड़ा बताया। आरोपी ने व्हाट्सएप पर विजिटिंग कार्ड, गूगल डिटेल और पेपर के रेट भेजकर भरोसा दिलाया। इसके बाद जीएसटी समेत फर्म की जानकारी लेकर 1 अप्रैल को प्रोफार्मा इनवॉइस भेजा और पेमेंट करने को कहा। पीड़ित ने दिए गए अकाउंट में 79,998 रुपए ट्रांसफर कर दिए। किस्तों में वसूले लाखों रुपये आरोपी ने 2 अप्रैल को लोडिंग स्लिप और टैक्स इनवॉइस भेजकर बताया कि माल डिस्पैच हो चुका है। इसके बाद 3 और 4 अप्रैल को अलग-अलग प्रोफार्मा इनवॉइस भेजकर कुल 2.49 लाख रुपए और जमा करा लिए। पीड़ित ने अलग-अलग किश्तों में रकम ट्रांसफर कर दी। जब पीड़ित ने ट्रैकिंग आईडी और ड्राइवर का नंबर मांगा, तो आरोपी लगातार बहाने बनाता रहा। 5 अप्रैल को फिर इनवॉइस भेजकर 3-4 दिन में डिलीवरी का आश्वासन दिया गया, लेकिन तय समय पर माल नहीं पहुंचा। नंबर बंद, फर्जी निकला अकाउंट 6 और 7 अप्रैल को संपर्क करने पर आरोपी ने टालमटोल की और फिर अचानक मोबाइल नंबर बंद कर दिया। जांच में पता चला कि जिस बैंक अकाउंट में पैसे भेजे गए, वह किसी रूबी नाम की महिला के नाम पर है और फर्म से उसका कोई संबंध नहीं है। इस मामले को लेकर पीड़ित ने गाजीपुर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है।
मध्य प्रदेश की आर्थिक राजधानी इंदौर एक बार फिर बड़े सियासी जमावड़े का केंद्र बनने जा रही है। भाजपा के 'दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण वर्ग महाअभियान' के तहत बुधवार, 22 अप्रैल से डेली कॉलेज में क्षेत्रीय कार्यशाला का आगाज होगा। इस खास प्रशिक्षण वर्ग में मध्य प्रदेश समेत छत्तीसगढ़, महाराष्ट्र, गुजरात, दादर एवं नगर हवेली, नवी मुंबई और अंडमान निकोबार के लगभग 3 से 4 हजार चयनित वक्ता शामिल होंगे, जिन्हें जिला स्तर पर होने वाले प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए तैयार किया जाएगा। कार्यशाला स्थल पर मोबाइल और निजी वाहनों के प्रवेश पर पूरी तरह पाबंदी लगा दी गई है। मंगलवार सुबह से ही इंदौर में मेहमानों के आने का सिलसिला शुरू हो गया। नगर अध्यक्ष सुमित मिश्रा के अनुसार नर्मदा एक्सप्रेस और वंदे भारत जैसी ट्रेनों के अलावा हवाई मार्ग से भी बड़ी संख्या में नेता इंदौर पहुंच रहे हैं। रेलवे स्टेशन पर तीन और एयरपोर्ट पर एक स्वागत काउंटर बनाया गया है, जहां आने वाले अतिथियों को एक विशेष किट दी जा रही है जिसमें दैनिक उपयोग की आवश्यक सामग्री शामिल है। डेली कॉलेज में होने वाले इस आयोजन के लिए सुरक्षा और अनुशासन के कड़े मानक तय किए गए हैं। पार्टी के स्पष्ट निर्देश हैं कि कोई भी प्रशिक्षु या व्यवस्था में लगा कार्यकर्ता कार्यशाला के भीतर मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेगा। यहां तक कि मंत्रियों और अतिथियों की कारों को भी परिसर के बाहर ही खड़ा करना होगा। मुख्य द्वार से आयोजन स्थल तक ले जाने के लिए बग्घियों की विशेष व्यवस्था की गई है, जिससे मेहमानों को सभा स्थल तक छोड़ा जाएगा। मंत्रियों के सुरक्षा गार्ड्स को भी बाहर ही रहने के निर्देश दिए गए हैं। बिना आधिकारिक प्रवेश पत्र के किसी भी व्यक्ति को अंदर प्रवेश नहीं मिलेगा। अतिथियों के सत्कार में इंदौर की प्रसिद्ध मेहमाननवाजी का पूरा ध्यान रखा गया है। कैबिनेट मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कार्यकर्ताओं की बैठक लेकर उन्हें आने वाले मेहमानों के साथ शालीन व्यवहार करने की हिदायत दी है। पूरे शहर को भाजपा के झंडों और होर्डिंग्स से पाट दिया गया है, विशेषकर एयरपोर्ट से डेली कॉलेज और रिंग रोड तक के मार्ग को भव्य रूप से सजाया गया है। मेहमानों के लिए खान-पान की भी खास व्यवस्था है, जिसमें इंदौरी पोहा-जलेबी और कचौरी के नाश्ते के साथ केसर स्लाइस और मोती पाक जैसी मिठाइयां परोसी जाएंगी। इंदौर से कृष्णमुरारी मोघे, गौरव रणदिवे और डॉ. दिव्या गुप्ता जैसे वरिष्ठ नेता इस वर्ग में शामिल होंगे, जबकि कैलाश विजयवर्गीय और रणदिवे विशेष सत्रों को संबोधित कर सकते हैं।
जबलपुर में सोमवार दोपहर खिरैनी निवासी 25 साल के मानक वर्मा की नर्मदा नदी में डूबने से मौत हो गई। आरोप है कि पुलिस ने उसे खदेड़ा, जिससे वह बचने के लिए नदी में कूद गया। मंगलवार को घटना से पहले का 6 सेकेंड का वीडियो सामने आया। इसमें घाट किनारे पुलिस उसे बुलाते दिख रहे हैं। मानक उर्फ आकाश नदी में एक हाथ से तैर रहा है और दूसरे हाथ में मोबाइल ऊपर पकड़े है। जबलपुर में सोमवार दोपहर खिरैनी निवासी 25 साल के युवक मानक वर्मा की नर्मदा नदी में डूबने से मौत हो गई। आरोप है कि पुलिसकर्मियों ने उसे खदेड़ा, जिससे वह बचने के लिए नदी की ओर भागा और छलांग लगा दी। परिवार में मां-बाप, प्रेग्नेंट पत्नी और डेढ़ साल का बेटा मानक अपने बुजुर्ग माता-पिता का इकलौता सहारा था। परिवार में पत्नी, डेढ़ साल का बच्चा है और पत्नी गर्भवती है। वह पहले शहर में मजदूरी करता था, लेकिन दो माह पहले काम छूटने के बाद गांव में दोस्तों के साथ रेत निकालने लगा था। एक बोरी पर 20 रुपए मिलते थे और दिनभर में करीब 200 रुपए कमा लेता था। जमतरा तक नाव से नदी पार कर रेत निकालते थे साथियों के अनुसार, रोजगार न मिलने पर करीब 8 युवक रोज खिरैनी से जमतरा तक नाव से नदी पार कर रेत निकालते थे और बिलहरी-तिलहरी क्षेत्र में बेचते थे। कभी-कभी ट्रॉली का काम मिलने पर 3 हजार रुपए मिलते थे, जिसमें नाव का किराया देना पड़ता था। एक साथी ने बताया कि काम जोखिम भरा था, लेकिन “मैनेज” करने पर चलता था। एक हाथ से तैरता रहा, एक हाथ में मोबाइल था मानक ने कुछ माह पहले 15 हजार रुपए का मोबाइल फाइनेंस पर लिया था। घटना के दौरान वह एक हाथ से तैरते हुए दूसरे हाथ से मोबाइल बचाने की कोशिश करता रहा। थकान और घबराहट से उसकी सांस फूल गई और वह डूब गया। पानी पीने की बात कही, फिर भागकर नदी में कूदा सोमवार को कलेक्टर के निर्देश पर एसडीएम और पुलिस टीम जमतरा घाट पहुंची थी। मानक को पकड़कर एक एसआई के पास बैठाया गया था। उसने पानी पीने की बात कही और थोड़ा दूर जाकर भागकर नदी में कूद गया। जबलपुर-मंडला रोड पर शव रखकर चक्काजाम किया मंगलवार को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजन और ग्रामीणों ने जबलपुर-मंडला रोड पर शव रखकर चक्काजाम किया। करीब दो घंटे जाम रहा। मौके पर एसडीएम और पुलिस अधिकारी पहुंचे और समझाइश दी। प्रशासन ने चार लाख रुपए की सहायता, बीपीएल कार्ड और योजनाओं का लाभ देने का आश्वासन दिया, जिसके बाद जाम खत्म हुआ। बड़े खनन माफिया को संरक्षण, छोटे लोगों पर कार्रवाई परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि बड़े खनन माफिया को संरक्षण मिलता है, जबकि छोटे लोगों पर कार्रवाई होती है। उनका कहना है कि अवैध खनन खुलेआम चल रहा है, लेकिन सख्ती नहीं होती। जिला खनिज अधिकारी एके राय ने कहा कि इस कार्रवाई में खनिज विभाग की कोई भूमिका नहीं थी। उनके अनुसार मौके पर केवल एसडीएम और पुलिस टीम गई थी। ये खबर भी पढ़ें… माइनिंग टीम से डरकर नर्मदा में लगाई छलांग, मौतमध्य प्रदेश के जबलपुर में अवैध खनन के खिलाफ सोमवार दोपहर करीब 2 बजे रेड के दौरान माइनिंग टीम से डरकर युवक ने नर्मदा नदी में छलांग लगा दी। डूबने से उसकी मौत हो गई। उसके 4-5 साथी मौके से भाग गए। मामला बरेला थाना क्षेत्र के खिरैनी रेत घाट का है। पढ़ें पूरी खबर…
गुरुग्राम में पत्नी सोनम की हत्या करने के बाद पति दीपक द्वारा सुसाइड करने के मामले में चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। पुलिस इंवेस्टिगेशन के दौरान पता चला कि दीपक ने सोनम को दूसरे व्यक्ति से व्हाट्सएप वीडियो कॉलिंग करते देख लिया था। इसके बाद दोनों के बीच खूब झगड़ा हुआ। दीपक को करीब छह महीने से पत्नी के व्यवहार पर शक हो रहा था। मोबाइल कॉल डिटेल्स की जांच में एक अज्ञात नंबर से सोनम की बार-बार बातचीत और व्हाट्सएप पर लंबी वीडियो कॉल्स सामने आईं, तो उसका शक और बढ़ गया। वह कई बार सोनम से इस बाबत पूछ चुका था, लेकिन वह हमेशा यह कहते ही मना कर देती कि ऐसा कुछ नहीं है। रविवार (19 अप्रैल) को दीपक जब वह अलवर से गुरुग्राम आया तब भी उसकी पत्नी सोनम रसोई में खाना बनाते समय किसी से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। यह देख बौखलाएं दीपक ने पीछे से सोनम की चुन्नी पकड़ ली और जब तक उसकी सांसे नहीं थम गई, उसने गला दबाए रखा। इस मामले का मानवीय पहलू यह है कि शक की वजह से दोनों को रिश्ता कमजोर हो रहा था, लेकिन अंतिम संस्कार दोनों का एक ही चिता पर किया गया। छह साल का उनका बेटा अब भी माता-पिता के दुनिया से चले जाने की बात से बेखबर है। फिलहाल, वह मौसा-मौसी के पास है। याद आने पर अक्सर पूछने लगता है कि मम्मी-पापा कहा गए हैं? पुलिस की जांच में अब तक क्या-क्या नई बातें सामने आईं… एक घंटे मम्मी-पापा की लाश के साथ रहा बेटा मृतका सोनम की बहन संगीता ने बताया कि रविवार (19 अप्रैल) की शाम को वह बाहर से आई तो उसने सोनम को कॉल किया था, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिला। इसके बाद उसने करीब साढ़े छह बजे उसने अपनी बड़ी बेटी को सोनम के पास भेजा। 14 वर्षीय भतीजी जब अंदर पहुंची तो किचन में सोनम मृत हालत में पड़ी थी, जिसे देखकर उसकी चीख निकल गई। अंदर छह साल उनका बेटा टीवी देख रहा था। मौसेरी बहन ने जब उससे पूछा तो उसने बताया कि मम्मी पापा लड़ रहे थे, तो वह बाहर गया था। हालांकि दोनों की मौत के बाद वह फिर से अंदर आया और टीवी देखने लगा। पुलिस ने मोबाइल, चुन्नी और फंदा जांच के लिए भेजें पुलिस जब घर पर पहुंची तो सोनम और दीपक के शव अलग-अलग पड़े थे। सोनम किचन में सिर के बल पड़ी थी तो दीपक साथ वाले कमरे में फंदे पर लटका हुआ था। उसकी आंख और जीभ बाहर निकली हुई थी, पैर हवा में लटक रहे थे। सोनम की गर्दन पर चुन्नी से गला घोंटने के निशान साफ दिख रहे थे। गले में चुन्नी भी पड़ी थी। फॉरेंसिक टीम ने दोनों के मोबाइल, चुन्नी, फांसी का फंदा आदि सामान उठाया और उन्हें जांच के लिए भेजा है। हालांकि पुलिस की तरफ से इस केस में अभी लव ट्राएंगल की पुष्टि नहीं की है। मगर, इस एंगल पर भी पुलिस की टीम जांच कर रही है। आठ साल पहले की थी लव मैरिज दीपक और सोनम मूल रूप से राजस्थान के अलवर जिले के चावर कॉलोनी, खुडानपुरी रोड के रहने वाले थे। आठ साल पहले सोनम ने अपने पति को छोड़ कर दीपक से लव मैरिज कर ली थी। घरवालों के नाराज होने से वे दोनों लगभग 7 वर्ष पहले गुरुग्राम आए थे। दीपक टैक्सी चलाकर परिवार की कमाई करता था, जबकि सोनम एक प्राइवेट ऑटोमोबाइल कंपनी में काम करती थी। अलवर में किया दोनों का संस्कार परिजन दोनों के शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए अलवर लेकर गए। वहां दोनों का एक साथ ही संस्कार किया गया। छह साल का बेटा फिलहाल अपने मौसा और मौसी के पास है। वह सेक्टर नौ में सेकेंड क्लास में पढ़ता है। हालांकि, उसे सही से ये भी नहीं पता कि उसके मम्मी पापा अब इस दुनिया में नहीं रहे। जब वह पूछता है तो परिवारवाले बोलते हैं कि वो दोनों घूमने गए हैं। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें…. गुरुग्राम में पत्नी की हत्या कर पति ने फांसी लगाई:शराब पीने पर टोकने से झगड़ा हुआ; 11 साल पहले लव मैरिज की थी हरियाणा के गुरुग्राम में एक युवक ने अपनी पत्नी की गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद खुद ने भी फांसी लगा ली। दोनों के शव किराए के घर में मिले। इनका बेटा दूसरे कमरे में खेल रहा था। सूचना मिलते ही पुलिस की टीमें मौके पर पहुंची और दोनों शव कब्जे में लेकर अस्पताल में भिजवा दिए। (पूरी खबर पढ़ें) बच्चा बोला- मेरे सामने पापा ने मम्मी का गला घोंटा:गुरुग्राम में पत्नी के चरित्र पर शक करता था पति; हत्या कर खुद फांसी लगाई गुरुग्राम में पत्नी सोनम की हत्या करने के बाद फांसी लगाने वाले दीपक को लेकर नया खुलासा हुआ है। सोनम की बहन का कहना है कि सोनम ने अपने पति को छोड़कर दीपक से लव मैरिज की थी। करीब छह महीने पहले दीपक सोनम के चरित्र पर शक करने लगा था। इसी बात को लेकर मार्च में वह घर छोड़कर चला गया था। (पूरी खबर पढ़ें)
इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर मंगलवार शाम एक सिरफिरे युवक ने टैक्सी में बैठे दंपति को बंधक बनाकर करीब आधे घंटे तक मारपीट की और पेचकस से हमला किया। दंपति ने साहस दिखाते हुए आरोपी का सामना किया। इसी दौरान कार एक पोल से टकराकर रुक गई, जिसके बाद मौके पर जुटी भीड़ ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक 66 वर्षीय अनिल शुक्ला बैंक से रिटायर्ड हैं। वे अपनी पत्नी रेखा शुक्ला के साथ दिल्ली में भतीजी की शादी में शामिल होकर मंगलवार शाम फ्लाइट से इंदौर लौटे थे। एयरपोर्ट पर ऑनलाइन टैक्सी बुक की, लेकिन बुकिंग कैंसल हो गई। इसके बाद वे एयरपोर्ट टैक्सी स्टैंड से महालक्ष्मी नगर जाने के लिए एक कार में बैठ गए। रास्ते में युवक ने रोकी कार, ड्राइवर पर हमला सुपर कॉरिडोर के पास रेड सिग्नल पर अमन पाल (निवासी मरीमाता क्षेत्र) ने कार रुकवाई और ड्राइवर से लिफ्ट मांगी। ड्राइवर के मना करने पर आरोपी ने पेचकस से हमला कर उसे कार से बाहर निकाल दिया और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठकर गाड़ी गांधी नगर की ओर मोड़ दी। दंपति को बनाया बंधक, चलती कार में मारपीट पितृ पर्वत क्षेत्र के पास आरोपी ने दंपति के साथ मारपीट की। इस दौरान अनिल शुक्ला ने अपनी बेटी को फोन कर अपहरण की जानकारी दी, लेकिन आरोपी ने मोबाइल छीन लिया और उनके साथ मारपीट जारी रखी। अनिल ने पैसे और चेन देकर खुद को छोड़ने की बात कही, लेकिन आरोपी नहीं माना और दोनों को धमकाता रहा। पोल से टकराई कार, भीड़ ने आरोपी को दबोचा दंपति आरोपी से लगातार जूझते रहे। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर एक पोल से टकरा गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। दंपति ने मदद के लिए पुकारा, जिसके बाद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। घायल दंपति का इलाज जारी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल दंपति को अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक उपचार के बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां अनिल शुक्ला का इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी अमन पाल को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
इंदौर के एयरपोर्ट रोड पर मंगलवार शाम एक सिरफिरे युवक ने टैक्सी में बैठे दंपति को बंधक बनाकर करीब आधे घंटे तक मारपीट की और पेचकस से हमला किया। दंपति ने साहस दिखाते हुए आरोपी का सामना किया। इसी दौरान कार एक पोल से टकराकर रुक गई, जिसके बाद मौके पर जुटी भीड़ ने आरोपी को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक 66 वर्षीय अनिल शुक्ला बैंक से रिटायर्ड हैं। वे अपनी पत्नी रेखा शुक्ला के साथ दिल्ली में भतीजी की शादी में शामिल होकर मंगलवार शाम फ्लाइट से इंदौर लौटे थे। एयरपोर्ट पर ऑनलाइन टैक्सी बुक की, लेकिन बुकिंग कैंसल हो गई। इसके बाद वे एयरपोर्ट टैक्सी स्टैंड से महालक्ष्मी नगर जाने के लिए एक कार में बैठ गए। रास्ते में युवक ने रोकी कार, ड्राइवर पर हमला सुपर कॉरिडोर के पास रेड सिग्नल पर अमन पाल (निवासी मरीमाता क्षेत्र) ने कार रुकवाई और ड्राइवर से लिफ्ट मांगी। ड्राइवर के मना करने पर आरोपी ने पेचकस से हमला कर उसे कार से बाहर निकाल दिया और खुद ड्राइविंग सीट पर बैठकर गाड़ी गांधी नगर की ओर मोड़ दी। दंपति को बनाया बंधक, चलती कार में मारपीट पितृ पर्वत क्षेत्र के पास आरोपी ने दंपति के साथ मारपीट की। इस दौरान अनिल शुक्ला ने अपनी बेटी को फोन कर अपहरण की जानकारी दी, लेकिन आरोपी ने मोबाइल छीन लिया और उनके साथ मारपीट जारी रखी। अनिल ने पैसे और चेन देकर खुद को छोड़ने की बात कही, लेकिन आरोपी नहीं माना और दोनों को धमकाता रहा। पोल से टकराई कार, भीड़ ने आरोपी को दबोचा दंपति आरोपी से लगातार जूझते रहे। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर एक पोल से टकरा गई। आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। दंपति ने मदद के लिए पुकारा, जिसके बाद लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया और पुलिस को सौंप दिया। घायल दंपति का इलाज जारी घटना के बाद स्थानीय लोगों ने घायल दंपति को अस्पताल पहुंचाया। प्रारंभिक उपचार के बाद परिजन उन्हें निजी अस्पताल ले गए, जहां अनिल शुक्ला का इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी अमन पाल को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की जांच की जा रही है।
बांका जिले के धोरैया थाना क्षेत्र में वाहन जांच अभियान के दौरान पुलिस ने 5.2 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। मंगलवार को हुई इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को मौके से गिरफ्तार भी किया गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा के निर्देश पर चलाया जा रहा था। पुलिस अधीक्षक उपेंद्रनाथ वर्मा ने मंगलवार शाम एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस मामले की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि धोरैया थाना क्षेत्र की मुख्य सड़कों और हाट-बाजारों में नियमित रूप से वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में धोरैया-नवादा जगदीशपुर मार्ग पर मन्नीहाट चौक के पास एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रोका गया। चार पैकेट में कुल 5 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद तलाशी लेने पर उनके पास से चार पैकेट में कुल 5 किलो 200 ग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। धोरैया थाना में एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गोराडीह थाना क्षेत्र के सालपुर निवासी भवेश मंडल, सबौर थाना क्षेत्र के समरौ निवासी कांग्रेस मंडल और धोरैया थाना क्षेत्र के बरकोप डेरु निवासी शंकर पोद्दार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, शंकर पोद्दार का आपराधिक इतिहास रहा है और उस पर पहले भी एनडीपीएस एक्ट सहित कई मामले दर्ज हैं। पुलिस ने मौके से एक हीरो स्प्लेंडर प्लस मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। इस छापेमारी दल का नेतृत्व थानाध्यक्ष अमित कुमार ने किया। पुलिस फिलहाल इस पूरे मामले की गहन जांच कर रही है।
चाईबासा पुलिस ने मोबाइल चोरी करने वाले एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश किया है। इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जो बुलेट बाइक का इस्तेमाल कर रात के समय गांवों में चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (सदर) बहामन टुटी ने बताया कि एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। इस टीम ने मुफ्फसिल थाना क्षेत्र के गितिलिपी मोड़ के पास कार्रवाई करते हुए एक बुलेट मोटरसाइकिल पर सवार तीन व्यक्तियों को पकड़ा। पूछताछ में उनकी पहचान अमन निषाद (चालक), सुरेन्द्र सुंडी उर्फ साहिल सुंडी और हिमांशु पिंगुवा उर्फ डीमेन के रूप में हुई। आरोपियों की तलाशी के दौरान उनके पास से कुल 7 एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए गए। कड़ाई से पूछताछ करने पर तीनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने झींकपानी थाना क्षेत्र के ग्राम रघुनाथपुर और इचापुर में रात के समय घरों में घुसकर मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम दिया था। इसके बाद पुलिस ने तीनों को विधिवत गिरफ्तार कर लिया। हिमांशु पिंगुवा का भी पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड एसडीपीओ बहामन टुटी ने बताया कि मुख्य आरोपी अमन निषाद का लंबा आपराधिक इतिहास रहा है। वह 25 मार्च 2026 को ही जेल से रिहा हुआ था। वहीं, हिमांशु पिंगुवा का भी पूर्व से आपराधिक रिकॉर्ड पाया गया है। सभी आरोपियों ने इस कांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है।
झाबुआ के पेटलावद में दिनदहाड़े लूट की वारदात सामने आई है। दो अज्ञात बदमाशों ने एक युवक को बातों में फंसाकर सुनसान जगह पर ले जाकर चाकू की नोक पर उसका सामान लूट लिया। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। बातों में फंसाकर सुनसान गली में ले गए घटना नाहरपुरा निवासी यशवंत पिता विजय सिंह मेडा के साथ हुई। यशवंत पेशे से वाहन चालक हैं। जानकारी के अनुसार, वह गांधी चौक इलाके में खड़े थे, तभी दो बदमाशों ने उन्हें रोका और रतलाम जाने वाली बस के बारे में पूछने लगे। बातचीत के दौरान वे उन्हें पुराने बस स्टैंड स्थित अशोक रेस्टोरेंट की गली की ओर ले गए। चाकू की नोक पर छीने मोबाइल और कड़ा सुनसान जगह पर पहुंचते ही बदमाशों ने चाकू निकालकर यशवंत को धमकाया और उसके हाथ से करीब 250 ग्राम वजन का चांदी का कड़ा और मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा।
अमरोहा पुलिस ने लौटाए 149 खोए फोन:28 लाख के मोबाइल वापस, लोगों ने कहा- थैंक्स एसपी
अमरोहा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 28 लाख रुपये मूल्य के 149 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह सफलता साइबर सेल और जिले भर के थाना पुलिस की संयुक्त टीम को मिली है। बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन मंगलवार को एसपी कार्यालय में पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में इस सफल कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह उपलब्धि साइबर सेल की तकनीकी सहायता और थाना पुलिस की सक्रियता के कारण संभव हो पाई है। एसपी ने जनता से अपील की कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय पर कार्रवाई की जा सके।
राजधानी रायुपर में फर्जी आरटीओ चालान के नाम पर युवक से 7.42 लाख रुपए की ठगी हुई है। ठगों ने फर्जी ई-चालान के नाम पर एपीके फाइल भेजी और युवक का मोबाइल हैक कर उसके खाते से 7.42 लाख रुपए निकाल लिए। मामला टिकरापारा थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक पीड़ित युवक का नाम रोहित पाल है, जो कि आरडीए कॉलोनी का रहने वाला है। 10 से 16 अप्रैल के बीच रोहित को एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को आरटीओ से जुड़ा अधिकारी बताया और लंबित चालान का हवाला दिया। इसके बाद जुर्माना भरने के लिए उसके मोबाइल पर एक APK फाइल भेजी गई। APK फाइल डाउनलोड करने को कहा आरोपी ने मैसेज के जरिए रोहित को फाइल डाउनलोड कर भुगतान करने के लिए कहा। जैसे ही रोहित ने APK फाइल डाउनलोड की, उसके मोबाइल का एक्सेस साइबर ठगों के हाथ में चला गया। इसके बाद कुछ ही देर में उसके बैंक खाते से 7,42,209 रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। शुरुआत में उसे इस धोखाधड़ी का पता नहीं चल सका। ट्रांजेक्शन मैसेज आने पर हुआ ठगी का एहसास पीड़ित को अगले दिन बैंक से ट्रांजैक्शन का मैसेज मिलने पर ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद परिजनों में हड़कंप मच गया और तत्काल पुलिस में शिकायत दर्ज कराई गई। पवित्र पाल ने मामले में आईटी एक्ट की धारा 66डी के तहत केस दर्ज कराया है। पुलिस ने साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। कॉल डिटेल्स, बैंक ट्रांजैक्शन और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है।
टीबी के खिलाफ महामुहिम:माछीवाड़ा और साहनेवाल में मोबाइल वैन से हुई स्क्रीनिंग
इलाज बिल्कुल मुफ्त, घबराने की जरूरत नहीं: डॉ. रमणदीप कौर ने स्पष्ट किया कि सरकारी अस्पतालों में टीबी का इलाज पूरी तरह निःशुल्क है। उन्होंने अपील की कि बीमारी को छिपाएं नहीं, बल्कि समय पर जांच कराएं। सही समय पर शुरू हुआ इलाज टीबी को पूरी तरह खत्म कर सकता है। विभाग का लक्ष्य है कि जिले का कोई भी मरीज बिना पहचान और इलाज के न छूटे। इन बातों का रखें ध्यान: {टीबी एक संक्रामक बीमारी है, लेकिन सही इलाज से यह पूरी तरह ठीक हो जाती है। {लक्षण दिखने पर तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से संपर्क करें। {दवा का कोर्स कभी भी बीच में न छोड़ें। भास्कर न्यूज | लुधियाना जिले को टीबी मुक्त बनाने के लिए स्वास्थ्य विभाग ने कमर कस ली है। '100 दिवसीय टीबी अभियान' के तहत विभाग की टीमें अब सीधे गांवों में पहुंचकर मरीजों की पहचान कर रही हैं। इसी कड़ी में ब्लॉक माछीवाड़ा साहिब के गांव तखरां (पुनिया) और ब्लॉक साहनेवाल के हेल्थ एंड वेलनेस सेंटर मंगली ऊची व मंगली नीची में विशेष स्क्रीनिंग कैंप लगाए गए। सिविल सर्जन डॉ. रमणदीप कौर ने बताया कि इन कैंपों का मकसद टीबी रोगियों को शुरुआत में ही पहचान कर उनका इलाज शुरू करना है। कैंप के दौरान अत्याधुनिक एक्स-रे मशीनों से स्क्रीनिंग की गई। जिन लोगों में लक्षण पाए गए, उनका तुरंत पंजीकरण कर आगे की जांच और फॉलो-अप सुनिश्चित किया गया है। {घर-घर जाकर जगाई जा रही अलख: सिर्फ कैंप ही नहीं, स्वास्थ्य टीमें घर-घर जाकर लोगों को जागरूक भी कर रही हैं। स्वास्थ्य कर्मियों ने ग्रामीणों को बताया कि अगर {लंबे समय से खांसी हो {लगातार बुखार बना रहे {या अचानक वजन कम होने लगे तो इसे सामान्य न समझें। यह टीबी के लक्षण हो सकते हैं।
कोंडागांव पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन की शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए 22 फोन बरामद किए हैं। साइबर सेल की टीम ने अभियान चलाया, जिसके तहत लगभग 3 लाख के मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। हाल ही में बरामद किए गए इन 22 मोबाइल फोन में आईफोन, वनप्लस, सैमसंग, वीवो और रेडमी जैसी महंगी कंपनियों के हैंडसेट शामिल हैं। इन फोनों को न केवल छत्तीसगढ़ बल्कि पड़ोसी राज्य ओडिशा से भी ट्रेस कर वापस लाया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम में इन मोबाइलों को उनके मालिकों को विधिवत सौंपा गया। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर मालिकों ने संतोष व्यक्त किया। कई लोगों ने बताया कि उन्हें अपने मोबाइल मिलने की उम्मीद नहीं थी। अब तक 1800 से अधिक मोबाइल बरामद एसपी आकाश श्रीमाल ने बताया कि साइबर सेल के गठन के बाद से अब तक 1800 से अधिक गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों तक पहुंचाए जा चुके हैं। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग एक करोड़ रुपए है। मोबाइल सुरक्षा के प्रति जागरूक किया पुलिस ने लोगों को मोबाइल सुरक्षा के प्रति जागरूक भी किया। उन्हें सलाह दी गई कि यदि कोई मोबाइल मिले तो उसे नजदीकी थाने में जमा कराएं, बिना बिल के मोबाइल न खरीदें और उपयोग से पहले फोन को फॉर्मेट करें। साथ ही साइबर अपराध से बचाव के उपाय बताते हुए किसी भी ऑनलाइन ठगी या साइबर अपराध की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 और साइबर पोर्टल पर तुरंत शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई।
गुरुग्राम जिले में मानेसर पुलिस जोन की साइबर सेल ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने आम नागरिकों के गुम हुए 34 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 5 लाख रुपए है। इनमें से 24 मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए गए हैं। बता दे कि यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त विकास कुमार अरोड़ा के निर्देश पर की गई। साइबर सेल मानेसर की टीम ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और अन्य तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर इन गुम हुए फोनों को ट्रैक किया। पुलिस ने गुम हुए फोनों को ढूंढ निकाला गुरुग्राम पुलिस के चारों जोन पूर्व, पश्चिम, दक्षिण और मानेसर की साइबर सेल टीमें लगातार इस दिशा में काम कर रही हैं। मानेसर जोन में सहायक उप निरीक्षक धीरज कुमार के नेतृत्व में टीम ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए इन मोबाइल फोनों को ढूंढ निकाला। साइबर ठगी से बचाव के उपाय बताए मोबाइल फोन मालिकों को सौंपने के लिए DCP मानेसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान पुलिस टीम ने लोगों को साइबर ठगी से बचाव के उपाय भी बताए और उन्हें जागरूक रहने का संदेश दिया। पुलिस ने की लोगों से अपील अधिकारियों ने बताया कि आज के समय में मोबाइल फोन लोगों की जिंदगी का एक महत्वपूर्ण हिस्सा बन चुका है। इसमें कई जरूरी दस्तावेज और निजी जानकारी सुरक्षित रहती है। ऐसे में फोन खोने पर व्यक्ति को आर्थिक के साथ-साथ मानसिक परेशानी भी होती है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, CEIR पोर्टल (www.ceir.gov.in) पर जाकर अपने फोन का IMEI नंबर ब्लॉक कराएं, ताकि फोन को ट्रैक कर वापस पाया जा सके।
मेडिकल कॉलेज में मरीज के परिजनों से अभद्रता, VIDEO:स्टाफ पर मोबाइल छीनने और धक्का-मुक्की का आरोप
शहडोल के शासकीय बिरसा मुंडा मेडिकल कॉलेज में मरीज के परिजनों के साथ रविवार रात अभद्रता हुई। परिजनों ने मेडिकल स्टाफ पर इलाज में लापरवाही, मोबाइल छीनने और धक्का-मुक्की करने का आरोप लगाया है। इस घटना का एक वीडियो सोमवार को सामने आया है। पीड़ित परिजनों ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, उमरिया जिले के सलैया निवासी संजय यादव रविवार रात अपने एक साथी के साथ बाइक से बहन की शादी के कार्ड बांटने ससुराल जा रहे थे। हर्री टोल प्लाजा के पास एक कार ने उन्हें टक्कर मार दी, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। परिजनों द्वारा उन्हें सोमवार को शहडोल मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया, जहां वार्ड नंबर 8 में उनका उपचार चल रहा था। बताया जा रहा है कि इलाज के दौरान संजय की हालत बिगड़ने लगी और उन्हें अधिक रक्तस्राव होने लगा। इस पर उनकी सास सावित्री यादव ने मेडिकल स्टाफ से तत्काल उपचार की गुहार लगाई। आरोप है कि मदद करने के बजाय मेडिकल स्टाफ ने परिजनों से बहस की और उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। मोबाइल छीनने का प्रयास किया घटना के दौरान मौजूद संजय के साले शिवा यादव ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो अपने मोबाइल में रिकॉर्ड करना शुरू किया। इससे नाराज होकर मेडिकल स्टाफ ने कथित तौर पर उनके साथ धक्का-मुक्की की और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। मौके पर मौजूद सुरक्षा गार्ड पर भी अभद्रता करने के आरोप लगे हैं, जिससे मेडिकल कॉलेज की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पक्ष ने सोहागपुर थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए संबंधित स्टाफ के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। जांच रिपोर्ट के बाद करेंगे कार्रवाई मेडिकल कॉलेज के अधीक्षक डॉक्टर नागेन्द्र सिंह ने कहा कि मामले की शिकायत मिली है। इस संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सवाई माधोपुर में एग्रीकल्चर सुपरवाइजर एग्जाम में पुलिस ने कैंडिडेट को फोन के साथ गिरफ्तार किया है। अभ्यर्थी रबर की चप्पल को काटकर इसमें मोबाइल रखकर लाया था। एग्जाम के दौरान टॉयलेट का बहाना कर बाहर गया और मोबाइल से क्वेश्चन पेपर की फोटो भेजने का प्रयास कर रहा था। एग्जामिनर को झांसा देने के लिए 2024 के क्वेश्चन पेपर टेबल पर रख गया था। इसी दौरान स्टाफ ने उसे पकड़ लिया। सोमवार को उसे कोर्ट में पेश कर जेसी भेज दिया गया। मामला मानटाउन थाना इलाके के गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल का है। मानटाउन थाने के SHO ने बताया- रविवार को यहां एग्रीकल्चर सुपरवाइजर एग्जाम (कृषि पर्यवेक्षक) कराया गया था। इसमें नकल करने वाले केदार प्रसाद मीणा पुत्र मूलचंद मीणा निवासी रईथा को गिरफ्तार किया गया है। इसे कोर्ट में आज पेश कर जेसी भेजा गया है। मामले को लेकर सेंटर सुप्रीटेंडेंट ने मानटाउन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। टॉयलेट जाकर 15 मिनट तक नहीं लौटा मानटाउन थाने के SHO ने बताया- परीक्षा के दौरान रूम नंबर 01 में परीक्षार्थी केदार प्रसाद मीणा (रोल नंबर 303253) बैठा था। उसकी गतिविधियां संदिग्ध लग रही थी। वह परीक्षा के दौरान शौचालय गया और करीब 15 मिनट तक वापस नहीं लौटा। इस पर स्टाफ ने अधिकारियों को सूचना दी। चप्पल में मिला मोबाइल केदार को स्टाफ ने चेक किया तो उसके पास से चप्पल में मोबाइल फोन, पुराना प्रश्न पत्र और ओएमआर शीट बरामद हुई। पूछताछ में सामने आया कि वह मोबाइल को चप्पल की सोल में छिपाकर परीक्षा केंद्र में लाया था और शौचालय में जाकर प्रश्न पत्र की फोटो भेजने की कोशिश कर रहा था। केंद्र प्रशासन ने तुरंत कार्रवाई करते हुए परीक्षार्थी को पकड़कर कार्यालय में बैठाया और उसके पास से मिली सभी सामग्री जब्त कर ली। बाद में बरामद मोबाइल को मानटाउन थाना पुलिस को सौंप दिया गया। 2024 का पेपर भी साथ लाया था जांच में सामने आया कि आरोपी 2024 के एग्रीकल्चर सुपरवाइजर एग्जाम के पेपर को टेबल पर रख गया था। वहीं 2026 का पेपर अपने साथ ले गया था। वह इस पेपर को भेजने वाला था।
तरनतारन की सेंट्रल जेल गोइंदवाल साहिब में एक बड़े सर्च ऑपरेशन के दौरान जेल प्रशासन ने भारी मात्रा में आपत्तिजनक सामान जब्त किया है। इस मामले में गोइंदवाल साहिब पुलिस ने पांच कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोइंदवाल साहिब पुलिस स्टेशन के हेड इंस्पेक्टर प्रभजीत सिंह ने बताया कि यह सर्च ऑपरेशन सेंट्रल जेल गोइंदवाल साहिब के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट मनजीत सिंह, जसवंत सिंह और हंसराज के नेतृत्व में चलाया गया था ऑपरेशन के दौरान विभिन्न कंपनियों के तीन मोबाइल फोन और तीन सिम कार्ड बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, 11 तंबाकू पाउच और 16 बीड़ी भी मिलीं। पुलिस ने इस संबंध में साजन प्रीत सिंह (निवासी सुल्तानविंड), सुल्तान सिंह (निवासी लुहारका), जोधवीर सिंह (निवासी चाविंडा देवी), जसप्रीत सिंह (निवासी सुल्तानविंड) और मनप्रीत सिंह (निवासी लुहारका) के खिलाफ मामला दर्ज किया है। आगे की जांच जारी है।
डिंडौरी जिले के बजाग में अक्षय तृतीया पर मुख्यमंत्री कन्या विवाह योजना के तहत सामूहिक विवाह सम्मेलन हुआ। इसमें बजाग और करंजिया जनपद के 200 जोड़ों की शादी हुई। सरकार की ओर से हर जोड़े को 49 हजार रुपए की आर्थिक मदद का चेक दिया गया। जनपद ऑफिस से बैंड-बाजों के साथ बारात निकली जो बीआरसी मैदान तक पहुंची। समारोह में दूल्हे को कुर्ता-पायजामा और दुल्हन को ड्रेस और चुनरी जैसे उपहार दिए गए। पंडितों ने मंत्र पढ़कर शादियां करवाईं, वहीं कई जोड़ों का विवाह उनकी आदिवासी परंपरा के हिसाब से भी हुआ। विधायक ने दी मोबाइल से बचने की सलाह कांग्रेस विधायक ओमकार मरकाम ने नए जोड़ों को नसीहत दी कि आजकल मोबाइल का ज्यादा इस्तेमाल घरों में झगड़े और रिश्तों में दरार की वजह बन रहा है, इसलिए इसका उपयोग सोच-समझकर ही करें। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने और गाड़ी धीरे चलाने की भी अपील की ताकि वे सुरक्षित घर पहुंच सकें। नवविवाहित जोड़ों का आनलाइन भरवाया गया फार्म सामूहिक विवाह कार्यक्रम के दौरान प्रगणक नवविवाहित जोड़ों का आन लाइन स्व गणना पत्रक भरवाते नजर आए। एसडीएम राम बाबू देवांगन ने बताया कि कार्यक्रम स्थल में दो दर्जन प्रगणक नवविवाहित जोड़ों का आन लाइन फार्म भरवा रहे हैं। लगभग 40 जोड़ों का फार्म भरवाया जा चुका है। कलेक्टर ने लिए 'सात वचन' कलेक्टर अंजू पवन भदौरिया ने भी दूल्हा-दुल्हन से सात बातें मनवाईं। उन्होंने पतियों से कहा कि वे अपनी पत्नियों की पढ़ाई न रुकवाएं। कलेक्टर ने युवाओं से नशा न करने और सास-ससुर का सम्मान करने का संकल्प भी दिलाया। इसके अलावा उन्होंने पर्यावरण बचाने के लिए घर में तुलसी का पौधा लगाने और बारिश का पानी सहेजने की सलाह भी दी। योजनाओं का लाभ लेने की अपील कलेक्टर ने नए जोड़ों को अपनी अलग 'परिवार आईडी' बनवाने को कहा ताकि उन्हें सरकारी योजनाओं का पूरा फायदा मिल सके। इस कार्यक्रम में जिला पंचायत अध्यक्ष रुदेश परस्ते, भाजपा जिला अध्यक्ष चमरू सिंह नेताम और जिला पंचायत सीईओ दिव्यांशु चौधरी समेत कई अधिकारी और नेता मौजूद रहे।
बहादुरगढ़ के गांव मांडोठी निवासी 60 वर्षीय राजेंद्र की हत्या के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। पैसों के लेन-देन को लेकर रची गई साजिश में एक महिला सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। थाना आसौदा पुलिस ने इस अंधे हत्याकांड की गुत्थी सुलझा ली है। थाना प्रभारी निरीक्षक नरेश कुमार के अनुसार, चरखी दादरी निवासी प्रवीन ने अपने मामा राजेंद्र के लापता होने की शिकायत दर्ज करवाई थी, जिसके आधार पर 7 अप्रैल को गुमशुदगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान मोहाना क्षेत्र की नहर में एक शव मिलने की सूचना मिली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान मांडोठी निवासी राजेंद्र के रूप में की। इसके बाद मामले की गंभीरता को देखते हुए विशेष टीम गठित कर जांच तेज की गई। उप निरीक्षक ओम सिंह के नेतृत्व में टीम ने तकनीकी साक्ष्यों, मोबाइल लोकेशन और अन्य कड़ियों को जोड़ते हुए पूरे घटनाक्रम का खुलासा किया। जांच में सामने आया कि मुख्य आरोपी महिला ने राजेंद्र से करीब 5 लाख रुपये लिए थे। रकम लौटाने के दबाव में उसने अपने साथियों के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची। आरोपियों ने 4 अप्रैल को राजेंद्र को बहाने से पानीपत के चुलकाना धाम ले जाने का झांसा दिया और नहर किनारे ले जाकर गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को नहर में फेंक दिया गया, जो करीब 13 दिन बाद बरामद हुआ। पुलिस ने इस मामले में सोनीपत के जागसी निवासी सोनू, भौरा रसूलपुर निवासी सागर, जींद के बाघडू कला निवासी रोहित उर्फ नीटू और एक महिला आरोपी को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों को अदालत में पेश कर दो दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। रिमांड के दौरान पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई गाड़ी और मृतक का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में और भी अहम खुलासे होने की संभावना है और मामले की जांच जारी है।
झालावाड़ कोतवाली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शहर में 2 अलग-अलग अभियानों में स्मैक और गांजा तस्करी करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन कार्रवाइयों में 3.71 ग्राम स्मैक, 95 ग्राम गांजा, 4800 रुपए नकद, 2 मोबाइल फोन और एक स्कूटी जब्त की गई है। पुलिस के नशे के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, कोतवाली थानाधिकारी मुकेश कुमार मीणा के नेतृत्व में एक विशेष टीम ने कार्रवाई की। गश्त के दौरान टीम ने तांबे की खान रोड स्थित ईदगाह के पास से आरिफ खान और शुभम प्रजापति को स्मैक की तस्करी करते हुए पकड़ा। इनके पास से 3 ग्राम 71 मिलीग्राम स्मैक और 4800 रुपए नकद बरामद हुए। पुलिस की जांच पड़ताल जारीदूसरी कार्रवाई में एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) की सूचना पर पुलिस ने मजदूर चौराहा, बालजी की छतरी, झालावाड़ से रईस कुरैशी नामक आरोपी को गिरफ्तार किया। वह गांजा की तस्करी कर रहा था। पुलिस ने उसके पास से 95 ग्राम गांजा और एक स्कूटी जब्त की। गिरफ्तार आरोपियों में से आरिफ खान और शुभम प्रजापति ने पूछताछ में बताया कि उन्होंने 300 ग्राम स्मैक खरीदी थी और उसे छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर अवैध रूप से बेच रहे थे। दोनों ही मामलों में एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत अलग-अलग प्रकरण दर्ज किए गए हैं। पुलिस अब मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त और तस्करी नेटवर्क के बारे में आगे की जांच कर रही है। जांच में और भी मामले सामने आने पर कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी के नदेसर स्थित बीएसएनएल मोबाइल टावर पर एक व्यक्ति के चढ़ने से हड़कंप मच गया। फिलहाल टावर पर चढ़े युवक ने अपना नाम राजेश(35) बताया है। वह लगातार पुलिस से फोन पर बात कर रहा है। पुलिस और फायर की टीम उसे नीचे उतारने के लिए लगी हुई है। पुलिस लोड हेलर और फोन से उससे बातचीत कर उसे उतारने की कोशिश कर रही है। जमीन संबंधी विवाद से है परेशानचोलापुर निवासी राजेश कुमार ने टावर पर चढ़कर पुलिस को फोन किया। मौके पर पहुंची पुलिस से उसने फोन पर बताया कि वाराणसी के शिवपुर थानाक्षेत्र के नटिनियादाई इलाके में रहने वाले अंकित गुप्ता से कुछ जमीनी विवाद है। जिससे वह परेशान है। कहीं सुनवाई न होने के बाद उसने यह कदम उठाया है। फिलहाल मौके पर पुलिस और फायर के जवान मौजूद हैं। और राजेश को उतारने की कोशिश में लगे हुए हैं।
झुंझुनूं नगर परिषद ने शहर में घर-घर कचरा संग्रहण की निगरानी के लिए RFID तकनीक लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत करीब 40 हजार मकानों पर स्मार्ट कार्ड लगाए जा रहे हैं। नगर परिषद आयुक्त देवीलाल बोचल्या के अनुसार इस व्यवस्था से कचरा संग्रहण की लाइव मॉनिटरिंग होगी और 15 मई तक सभी घरों में कार्ड लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रणाली में मोबाइल ऐप के जरिए ट्रैकिंग और नागरिकों को अलर्ट भी मिलेगा। तकनीक से होगी कचरा संग्रहण की निगरानी नगर परिषद आयुक्त देवीलाल बोचल्या ने बताया कि इस तकनीक का उद्देश्य जन भागीदारी बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि कचरा संग्रहण की टीम सभी घरों तक पहुंचे। ऐप के माध्यम से रूट की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे लापरवाही की संभावना कम होगी। इस पहल के बाद नगर परिषद के पास रियल टाइम डेटा रहेगा कि किस वार्ड और किस ब्लॉक में कितना काम हुआ है। 15 मई तक पूरा होगा काम नगर परिषद आयुक्त देवीलाल बोचल्या ने बताया कि नगर परिषद द्वारा विवोस कंपनी को घर-घर कचरा संग्रहण की जिम्मेदारी विवोस कंपनी को सौंपी है। इसी प्रोजेक्ट के तहत डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। आयुक्त ने बताया कि 15 मई तक सभी चिन्हित घरों में RFID कार्ड लगाने का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कैसे काम करेगी RFID और ऐप व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस शहर के 60 वार्डों में कचरा संग्रहण को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार पूरे क्षेत्र में काम करने का दावा किया जाता है, लेकिन स्थिति अलग होती है। नई व्यवस्था में अधिकारियों को यह जानकारी रहेगी कि वाहन तय रूट पर चल रहा है या नहीं। नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सेवाओं में तुरंत सुधार किया जा सकेगा।
समस्तीपुर में एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इसके बाद जोर-जोर से चिल्लाने लगा। मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पत्नी के ससुराल नहीं जाने से नाराज था। घटना कल्याणपुर थाना क्षेत्र के माधोपुर गांव की है। युवक की पहचान वासुदेवपुर निवासी अजित कुमार के तौर पर हुई है। स्थानीय लोगों की सूचना डायल-112 की टीम मौके पर पहुंचे। समझा-बुझाकर नीचे उतारा। जानकारी के मुताबिक अजित सूरत में रहकर मजदूरी करता था। वहां किसी से विवाद हो गया था। मारपीट के दौरान एक युवक की मौत हो गई थी। उस मामले में लंबे समय से जेल में बंद था। 17 फरवरी 2026 को जेल से छूटकर वापस घर लौटा था। पत्नी के चरित्र पर शक करता था। मारपीट भी करने लगा, जिससे नाराज होकर दोनों बच्चों को लेकर मायका चली गई। कई बार पत्नी को मनाने गया, लेकन वो घर नहीं लौटी। टावर पर चढ़कर जान देने की धमकी सोमवार सुबह स्थानीय पत्रकारों को फोन करके कहा कि मेरी पत्नी मायके से ससुराल नहीं आ रही है। साथ रहना नहीं चाहती है। मैं बहुत परेशान हूं। मोबाइल टावर पर चढ़कर जान दे दूंगा। इसके बाद ससुराल से 1 किलोमीटर दूर मोबाइल टावर पर चढ़ गया।स्थानीयलोगों ने उसे नीचे उतराने का प्रयास किया, लेकिन वो किसी बात सुनने को तैयार नहीं था। समझा-बुझाकर नीचे उतारा गया वहीं, इस संबंध में सदर डीएसपी-2 संजय कुमार ने बताया कि मौके पर पहुंची पुलिस ने उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारा। पूछताछ के लिए थाना लाया गयाहै। ससुराल पक्ष के लोगों को भी थाना बुलायागया है।मामले कीछानबीन की जा रही है।
रीवा के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में 19 अप्रैल की देर रात तीन बदमाशों ने थाने के बिल्कुल पास ही एक ऑटो चालक के साथ मारपीट कर लूट की वारदात को अंजाम दिया है। कॉलेज चौराहे से ऑटो में बैठे तीन युवकों ने चालक का मोबाइल और 1500 रुपए नकद छीन लिए और मौके से फरार हो गए। वर्तमान में पीड़ित की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस ने आवेदन लेकर जांच शुरू कर दी है और फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है। कॉलेज चौराहे से ऑटो में सवार हुए थे 3 युवक तिवारी होटल के पास (रीवा) रहने वाले फरियादी रब्बू सोंधिया ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह ऑटो चलाकर अपना जीवन यापन करता है। 19 अप्रैल की देर रात कॉलेज चौराहे के पास से उसके ऑटो में तीन युवक सवार हुए थे। इनकी पहचान निहाल श्रीवास्तव, शुभम पांडे और लाल पटेल के रूप में हुई है। थाने के पास आते ही शुरू कर दी मारपीट पीड़ित रब्बू सोंधिया के अनुसार, जब वह ऑटो लेकर सिविल लाइन थाने के पास पहुंचा, तभी ऑटो में बैठे तीनों आरोपियों ने अचानक उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और पास रखे करीब 1500 रुपए नकद लूटकर मौके से भाग निकले। हैरानी की बात यह है कि बदमाशों ने बेखौफ होकर इस पूरी वारदात को थाने के पास ही अंजाम दिया। पहले भी मारपीट की धमकी दे चुके हैं आरोपी फरियादी का कहना है कि आरोपी युवक पहले से भी उसे परेशान करते रहे हैं और कई बार मारपीट की धमकी भी दे चुके हैं। इस घटना के बाद पीड़ित ने सिविल लाइन थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करते हुए शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने आवेदन लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है और पुलिस की टीमें फरार आरोपियों की सरगर्मी से तलाश कर रही हैं।
इंदौर के लसूडिया क्षेत्र में युवक ने रविवार को अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता तब चला जब उसकी बेटी ने उसे फंदे पर लटका देखा। लसूडिया पुलिस के अनुसार मृतक की पहचान कृष्णा भालेराव (36) पुत्र बलिराम भालेराव, निवासी बापू गांधी नगर के रूप में हुई है। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पत्नी के विवाद को लेकर तनाव परिजनों के मुताबिक, मृतक की पत्नी रीना की दोस्ती खरगोन के खामखेड़ा निवासी रविंद्र मानकर से थी। इस बात को लेकर दंपति के बीच लंबे समय से विवाद चल रहा था। बताया गया कि रविंद्र द्वारा कृष्णा के मोबाइल पर फोटो और मैसेज भेजे जाते थे, जिससे घर में तनाव बना रहता था। 16 अप्रैल को भी इसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसमें पत्नी ने मोबाइल से फोटो और मैसेज डिलीट कर दिए। पहले भी हो चुका था विवाद और मारपीट परिजनों ने बताया कि कुछ समय पहले खरगोन में विवाद के दौरान कृष्णा के साथ मारपीट की गई थी और उस पर मामला भी दर्ज कराया गया था। 15 साल पहले हुई थी शादी कृष्णा और रीना की शादी को करीब 15 साल हो चुके थे। उनके एक बेटा और एक बेटी है। कृष्णा पेंटिंग का काम करता था। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
जालंधर के बस्ती दानिशमंदा में गोलगप्पे खाने आए एक युवक का मोबाइल फोन 3 अज्ञात युवकों ने बड़ी ही सफाई से उड़ा लिया। पीड़ित का आरोप है कि उन्होंने संदिग्धों को देख लिया था, लेकिन आरोपी मौके से फरार होने में सफल रहे। मामले में तब नया मोड़ आया जब पीड़ित ने एक संदिग्ध की पहचान की और उसकी पत्नी के साथ कहासुनी हुई, जिसके बाद संदिग्ध परिवार मौके से गायब हो गया। पीड़ित युवक ने बताया कि वह अपने बच्चों के साथ बस्ती दानिशमंदा इलाके में गोलगप्पे खाने के लिए रुका था। उसने डिजिटल पेमेंट के जरिए भुगतान करने के लिए जैसे ही दो मिनट का समय लिया, उसी बीच उसके पास खड़े 3 युवकों ने बड़ी फुर्ती से उसकी जेब से मोबाइल फोन निकाल लिया। पीड़ित का कहना है कि उसे तुरंत एहसास हो गया था कि फोन निकाला गया है, लेकिन जब तक वह मुड़ा, युवक वहां से खिसकने लगे थे। पीड़ित ने बताया कि वारदात के समय वहां खड़े युवकों में से उसने कुछ की पहचान की है। हैरानी की बात यह है कि मौके पर मौजूद एक अन्य व्यक्ति (जिस पर मिलीभगत का शक है) पहले तो कहता रहा कि वह उन लोगों को नहीं जानता, लेकिन बाद में पीड़ित ने खुलासा किया कि उस व्यक्ति के पास उनके मोबाइल नंबर भी मौजूद थे। पीड़ित का कहना है कि वह अब आरोपी को पहचानने से इनकार कर रहे हैं, जबकि सच्चाई कुछ और है। मौके से भागी संदिग्ध की पत्नी घटना के बाद जब शोर मचा तो संदिग्ध व्यक्ति की पत्नी अपनी एक्टिवा लेकर मौके से भाग गई। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि संदिग्ध महिला और उसका परिवार मीडिया के सामने आने से बच रहे हैं। पीड़ित ने बताया कि उनके पास गाड़ी का नंबर भी है और उन्हें पूरा यकीन है कि यह एक संगठित गिरोह का काम है जो भीड़भाड़ वाले इलाकों में लोगों को निशाना बनाता है। कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल पीड़ित ने दुखी मन से कहा कि आज के समय में घर से बाहर निकलना भी दूभर हो गया है। बच्चों के सामने इस तरह की वारदातें आम हो गई हैं। उन्होंने कहा कि हमें किसी से कोई रंजिश या गिला-शिकवा नहीं है, हमें बस हमारा फोन वापस चाहिए। पुलिस ने दर्ज की शिकायत हालांकि पुलिस को इस मामले की शुरुआती सूचना दी गई है। घटना के बाद पुलिस ने मामले की शिकायत दर्ज की। स्थानीय निवासियों में इस घटना को लेकर काफी गुस्सा और डर का माहौल है।
लवर में अवैध खनन के खिलाफ कार्रवाई करने गई वन विभाग की टीम पर खनन माफियाओं ने हमला कर दिया। बेखौफ आरोपियों ने न केवल सरकारी कार्य में बाधा डाली, बल्कि वन रक्षक के साथ मारपीट कर उनका मोबाइल फोन, पहचान पत्र और नकदी लूट कर ट्रैक्टर-ट्रॉली सहित फरार हो गए। घटना कठूमर के सहाड़ी गांव की है। वन विभाग ने धोलागढ़ थाने में शनिवार देर रात करीब 12 बजे नामजद रिपोर्ट दर्ज कराई है। क्षेत्रीय वन अधिकारी (रेंजर) रवि सिंह भाटी ने बताया- सहाड़ी गांव के पास अवैध पत्थरों के परिवहन की गुप्त सूचना मिली थी। एसीएफ अलवर के मार्गदर्शन में टीम ने घेराबंदी की। इस दौरान पत्थरों से भरी एक ट्रैक्टर-ट्रॉली को रुकने का इशारा किया, लेकिन ड्राइवर श्याम गुर्जर ने तेज रफ्तार में भगा लिया। खनन माफियाओं ने टीम पर पथराव किया रवि सिंह भाटी ने बताया- टीम ने पीछा कर ट्रैक्टर को दबोच लिया था। जब विभाग की टीम ड्राइवर को पकड़ने का प्रयास कर रही थी, तभी माफिया श्याम गुर्जर ने शोर मचाकर अपने साथियों को बुला लिया। कुछ ही देर में सतवीर गुर्जर और अन्य 4-5 साथी गाड़ी लेकर मौके पर पहुंचे और वन विभाग की टीम पर टूट पड़े। वन रक्षक रामवीर सिंह घटनाक्रम का वीडियो बना रहा था। उससे जबरदस्ती पथराव कर मोबाइल छीन ले गए। संवेदनशील इलाकों में अवैध खनन का कार्य करता है गिरोह रेंजर ने बताया- यहां अपराधिक प्रवृत्ति के लोगों का एक बड़ा गिरोह है, जो क्षेत्र में संवेदनशील इलाकों में अवैध खनन का कार्य करता है। आसपास एक दूसरे को सूचना देते रहते हैं। पकड़े जाने पर ट्रैक्टर ट्राली को जब तक तेज गति से भगाते रहते हैं, जब तक गिरोह के साथी सहायता करने नहीं आ जाते हैं और आने पर चारों ओर से वन विभाग की टीम को घेर लेते हैं। रेंजर ने बताया कि सहाड़ी गांव अति संवेदनशील है। आरोपी श्याम और सतवीर गुर्जर के साथ पहले भी मुठभेड़ हो चुकी है। इस बार उन्होंने राजकार्य में बाधा डालते हुए लूटपाट की है। पुलिस में मामला दर्ज करा दिया गया है। वन विभाग के पास मुकाबला करने के लिए हथियार नहीं रवि सिंह भाटी ने बताया- इन लोगों के पास अवैध हथियार भी होते हैं। इन लोगों के ऊपर कहीं ना कहीं राजनीतिक संरक्षण होने के चलते ये बेखौफ होकर ऐसी घटना को अंजाम देते रहते हैं। वन विभाग के पास मुकाबला करने के लिए हथियार नहीं है। फायदा माफिया उठा रहे हैं। आरोपियों ने वन रक्षक रामवीर सिंह के साथ अभद्रता और धक्का-मुक्की की। इस दौरान आरोपी वन रक्षक का मोबाइल, सरकारी आई-कार्ड और जेब में रखे 520 रुपए छीनकर फरार हो गए। धोलागढ़ थाने के थानाप्रभारी रामजीलाल ने बताया- घटना की गंभीरता को देखते हुए राजस्थान वन अधिनियम और सरकारी कर्मचारी पर हमला-लूटपाट की धाराओं में एफआईआर दर्ज की है। आरोपियों की तलाश में कई संदिग्ध ठिकानों पर दबिश दी गई है।
दरभंगा शहर में बढ़ती चोरी की घटनाओं के बीच लहेरियासराय थाना क्षेत्र में रविवार को एक युवक को नर्सिंग होम में चोरी करते रंगेहाथ पकड़ लिया गया। गुस्साए लोगों ने उसकी जमकर पिटाई कर दी, बाद में पुलिस के हवाले कर दिया गया। ऑक्सीजन पाइपलाइन काटने की कोशिश जानकारी के अनुसार, रविवार को गायत्री मंदिर के पास स्थित एक नर्सिंग होम में युवक चारदीवारी से सटे ऑक्सीजन गैस पाइपलाइन की चोरी करने की कोशिश कर रहा था। इसी दौरान गार्ड की नजर उस पर पड़ गई। गार्ड के शोर मचाने पर युवक भागने लगा, लेकिन नर्सिंग होम के स्टाफ ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से मोबाइल और पेंचकस बरामद हुआ। पकड़े जाने के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने उसकी पिटाई कर दी, जिससे वह घायल हो गया। घायल अवस्था में उसे इलाज के लिए नर्सिंग होम में ही रखा गया। इलाज के दौरान कैंची से हमला करने की कोशिश घायल युवक को इलाज के लिए नर्सिंग होम में ही रखा गया। इसी दौरान उसने अचानक कैंची उठाकर वहां मौजूद लोगों पर हमला करने की कोशिश की। हालांकि, लोगों ने सतर्कता दिखाते हुए खुद को बचा लिया। घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को हिरासत में ले लिया। नर्सिंग होम के मैनेजर नसीम अंसारी के बयान पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। प्रभारी थानाध्यक्ष शंभुनाथ सिंह के मुताबिक, आरोपी की पहचान बहादुरपुर थाना क्षेत्र के गोविंदपुर गांव निवासी आयुष कुमार झा के रूप में हुई है। इलाज के बाद उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। एक दिन पहले मंदिर से दान पेटी चोरी, तीन गिरफ्तार लहेरियासराय थाना क्षेत्र के टावर चौक स्थित हनुमान मंदिर परिसर में दान बॉक्स चोरी का मामला भी सामने आया है। इस मामले में एक नाबालिग समेत तीन युवकों को पकड़ा गया है। शुक्रवार को पुजारी ने दान बॉक्स गायब पाया, जिसके बाद स्थानीय लोगों की मदद से खोजबीन शुरू की गई। मंदिर के पीछे झाड़ियों में दान बॉक्स टूटा मिला और वहीं छिपे दो युवकों को लोगों ने पकड़ लिया। पूछताछ में तीसरे आरोपी का नाम सामने आने पर पुलिस ने छापेमारी कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के पास से 1710 रुपये बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, अंकित कुमार सिंह और मो. गुलजार को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि एक नाबालिग को बाल सुधार गृह भेजा गया है। बढ़ती घटनाओं पर पुलिस की नजर लगातार सामने आ रही चोरी की घटनाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और क्षेत्र में गश्त बढ़ाई गई है, ताकि ऐसी घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
बालक ने पुलिस को मोबाइल लौटाया
बड़वानी | पाटी क्षेत्र के एक बालक ने ईमानदारी से समाज को सकारात्मक संदेश दिया। ग्राम वेरवाड़ा के इंगलेश, पिता जैना, ने रास्ते में मिला मोबाइल पुलिस को सौंपा। इंगलेश पाटी हाट बाजार आया था। खरीदारी के बाद वह पैदल गांव लौट रहा था। आवली के पास मुख्य मार्ग पर उसे एक मोबाइल मिला। दो दिन बाद वह स्वयं पाटी थाने पहुंचा। उसने पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उसने मोबाइल पुलिस को सौंप दिया।
हरियाणा के पंचकूला सरकारी अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर ऑन ड्यूटी ICU में मृत पाई गई है। घटना के वक्त मृतका के हाथ पर कैनुला लगा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि इंजेक्शन लगाया गया है। हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि यह हत्या है या फिर आत्महत्या। पुलिस की एफएसएल टीम जांच में जुटी हुई है।पंचकूला सिविल अस्पताल के ICU में बेसुध अवस्था में नर्सिंग ऑफिसर मिलने पर हड़कंप मच गया। तुरंत उसे आईसीयू के बेड पर लेकर उपचार शुरू किया गया लेकिन बचाया नहीं जा सका। प्रीति बैनीवाल मूल रूप से हिसार के जुगलान गांव की रहने वाली थी। फिलहाल वह परिवार के साथ पंचकूला के सेक्टर-31 में रहती थी। प्रीति बैनीवाल की जॉब सॉल 2024 में लगी थी। पहली ही पोस्टिंग पंचकूला सिविल अस्पताल में आई थी। प्रीति की ड्यूटी का अधिकांश समय आईसीयू में ही बीता है। हेल्थ विभाग मुख्यालय में तैनात है भाई प्रीति बैनीवाल का भाई नितिन हेल्थ विभाग मुख्यालय पंचकूला में ही कार्यरत है। वहीं उसका एक भाई आशीष चुनाव आयोग में सेवारत है। प्रीति की भाभी पंचायत विभाग में सचिव के पद पर तैनात है। प्रीति दोपहर 2 बजे घर से ड्यूटी के लिए आई थी। रात करीब 8 बजे उसकी शिफ्ट खत्म होनी थी लेकिन वह घर नहीं पहुंची। अस्पताल प्रशासन ने परिवार को सूचित किया तो परिवार के लोग अस्पताल की ओर दौड़े। अस्पताल प्रशासन ने साधी चुप्पी घटना के बाद से सामान्य अस्पताल प्रशासन ने चुप्पी साध रखी है। आईसीयू इंचार्ज ने घटना को लेकर कुछ भी बताने से इंकार कर दिया। वहीं पंचकूला एसएमओ ने फोन नहीं उठाया।
दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र में रविवार रात एक 30 वर्षीय युवती ने घर के भीतर फांसी लगा ली। घटना के समय वह घर में अकेली थी। परिजनों ने युवती को फंदे से उतारकर हटा सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप हैक होने से तीन दिन से थी परेशान मृतका की पहचान दीपाली (30), पिता स्वर्गीय मुन्ना लाल साहू के रूप में हुई है। भाई उमेश साहू ने पुलिस को बताया कि दीपाली का मोबाइल हैक हो गया था। व्हाट्सएप और निजी डेटा से जुड़ी इस समस्या के कारण वह पिछले तीन दिनों से अत्यधिक मानसिक तनाव में थी। आशंका जताई जा रही है कि इसी साइबर सुरक्षा से जुड़े मुद्दे के चलते उसने आत्मघाती कदम उठाया। घर में अकेली पाकर लगाया फंदा घटना रविवार रात की है जब मृतका की मां मंदिर गई हुई थीं और भाई उमेश बाजार में था। जब भाई घर लौटा तो उसने बहन का शव फंदे से झूलते देखा। आनन-फानन में उसे अस्पताल ले जाया गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सूचना मिलने पर हटा थाना पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर जांच शुरू की हटा पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना करने के बाद मृतका का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। साइबर सेल की मदद से मोबाइल की जांच की जा रही है ताकि व्हाट्सएप हैकिंग के दावों की पुष्टि हो सके और यह पता लगाया जा सके कि क्या उसे किसी के द्वारा ब्लैकमेल या परेशान किया जा रहा था। सोमवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
जोधपुर में एक पुलिसकर्मी ने ईमानदारी दिखाते हुए सड़क पर मिला एक पर्स उसके मालिक को लौटा दिया। पुलिस अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर पर काम करती है। पुलिस कमिश्नर शरत कविराज और डीसीपी शहीन सी. के मार्गदर्शन में ये सेंटर शहर में सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखता है, ताकि कानून व्यवस्था बनी रहे और लोग सुरक्षित रहें। अभय कमांड एंड कंट्रोल सेंटर के पुलिस निरीक्षक राजेंद्र सिंह ने बताया कि 18 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे कांस्टेबल रूपसिंह निजी काम से पुलिस लाइन से सुभाष चौक, रातानाडा जा रहे थे। तभी रास्ते में उन्हें एक अनजान आदमी का पर्स मिला। पर्स में आधार कार्ड, पैन कार्ड, कार और बाइक के कागजात, ड्राइविंग लाइसेंस, वोटर आईडी, 9 डेबिट-क्रेडिट कार्ड और जेसीबी फैमिली कार्ड जैसे जरूरी कागजात थे। पर्स में कोई मोबाइल नंबर नहीं था, इसलिए रूपसिंह ने समझदारी दिखाते हुए गाड़ी के कागजात से मालिक का पता लगाया और उससे संपर्क किया। वास्तविक मालिक की पहचान करके सौंपा संपर्क होने पर पर्स मालिक महेन्द्र चौधरी ने बताया- वह किसी कार्य से पुलिस लाइन आए थे और अनजाने में उनका पर्स रास्ते में गिर गया था। इसके बाद कांस्टेबल रूपसिंह ने पर्स को उसके वास्तविक मालिक महेन्द्र चौधरी को सुरक्षित सुपुर्द कर दिया। पर्स वापस मिलने पर महेन्द्र चौधरी ने जोधपुर पुलिस का आभार जताते हुए कांस्टेबल रूपसिंह की ईमानदारी की सराहना की।
बांका जिले के शंभूगंज थाना क्षेत्र में बढ़ती चोरी, लूट और छिनतई की घटनाओं के बीच पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रविवार संध्या हालिया लूटकांड का खुलासा कर तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया, जबकि एक नाबालिग आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, शनिवार को रामचुआ-खरौधा नहर के पास रामचुआ पंचायत भवन के समीप हथियारबंद बदमाशों ने तारापुर के व्यवसायी अशोक पोद्दार के पुत्र अमन कुमार को निशाना बनाया। अमन कुमार ई-रिक्शा से भोज का सामान लेकर शंभूगंज आ रहा था। इसी दौरान पहले से घात लगाए बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया और हथियार का भय दिखाकर करीब 300 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। बाइक सवार तीन संदिग्धों को दबोच लियाघटना की सूचना मिलते ही दारोगा राममोहन पुलिस बल के साथ सक्रिय हो गए। असरगंज मुख्य सड़क पर केशेपुर दलित बस्ती के पास पुलिस ने व्यवसायी द्वारा बताए गए हुलिए के आधार पर एक बाइक सवार तीन संदिग्धों को दबोच लिया। तलाशी के दौरान उन्हें हिरासत में लेकर थाना लाया गया। गिरफ्तार आरोपितों में रायपुरा निवासी विशाल कुमार, वंशीपुर निवासी अरिहंत उर्फ भैरव और एक किशोर शामिल हैं। उनकी निशानदेही पर पुलिस ने मझगाय निवासी अंकित उर्फ सत्या को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान वंशीपुर के किशोर ने चोरी का मोबाइल अपने घर में छिपाने की बात स्वीकार की। पुलिस जब उसे बरामदगी के लिए घर लेकर पहुंची, तो वह छत से कूदकर फरार हो गया। एक चांदी की पायल और एक बाइक बरामद की गई थानाध्यक्ष राजकुमार प्रसाद ने बताया कि आरोपितों के पास से एक देसी कट्टा, चार जिंदा गोलियां, एक चांदी की पायल और एक बाइक बरामद की गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपितों को जेल भेज दिया गया है, जबकि फरार किशोर की तलाश में लगातार छापेमारी जारी है। पुलिस के अनुसार, मझगाय निवासी अंकित उर्फ सत्या इस गिरोह का सरगना है, जिस पर पहले से कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों और नेटवर्क की गहन जांच कर रही है।
मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में पति ने पत्नी को पहले जमकर पीटा, फिर बेडरूम में गला घोंटकर मार डाला। गले और पीठ को नाखूनों से नोचा। शरीर पर कई जगह कट लगे थे। पलंग पर डेडबॉडी मिली। मामला करैरा थाना क्षेत्र के टीला रोड का है। जानकारी के मुताबिक, मृतक की पहचान 23 वर्षीय नंदनी साहू के रूप में की गई है। नंदनी की शादी करीब 5 साल पहले संदीप साहू से हुई थी। दोनों का एक 4 साल का बेटा है। पुलिस ने देवर-देवरानी और पति को आरोपी बनाया है। 18 अप्रैल की रात विवाद, हाथापाई तक पहुंचा शनिवार 18 अप्रैल की रात दोनों के बीच कहासुनी हुई। विवाद बढ़ा तो नंदनी घर छोड़कर जाने लगी। संदीप ने उसे रोकने की कोशिश की। दोनों के बीच हाथापाई हुई। नंदनी ने गुस्से में पति को थप्पड़ मार दिया, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। बेडरूम में दबोचकर गला घोंटा, मौके पर मौत गुस्से में बेकाबू संदीप साहू ने पहले पत्नी के साथ बेरहमी से मारपीट की। इसके बाद कमरे में बिस्तर पर दबोचकर गला दबा दिया। इस दौरान नंदनी के मुंह से खून निकल रहा था, लेकिन आरोपी ने उसे नहीं छोड़ा। गला दबाकर हत्या कर दी। घटना के समय घर में देवर और देवरानी भी मौजूद थे। आरोपी के हाथों पर काटने के निशान परिजनों के अनुसार, नंदनी के गले और चेहरे पर नाखून के कई निशान मिले। उसकी पीठ पर भी चोट के निशान पाए गए। आरोपी संदीप के हाथों पर काटने के निशान मिले, जिससे साफ है कि घटना के दौरान दोनों के बीच जबरदस्त संघर्ष हुआ था। हत्या के बाद आरोपी ने साले को फोन किया वारदात के बाद आरोपी संदीप साहू ने नंदनी के भाई मदन साहू को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे। उन्होंने नंदनी का शव कमरे में पलंग पर पड़ा देखा। आरोपी ने परिजनों के सामने जुर्म स्वीकार कर लिया था। देवर-देवरानी भी आरोपी, तीनों गिरफ्तार SDOP आयुष जाखड़ ने बताया- वारदात के समय घर में मौजूद देवर मोनू साहू और देवरानी रूचि साहू की भूमिका संदिग्ध है। उन्हें भी आरोपी बनाया है। महिला के शव का पोस्टमॉर्टम मेडिकल पैनल से कराया गया। पति और देवर-देवरानी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने जेल भेज दिया है।
रोपड़ में दो स्नेचर गिरफ्तार:महिला टीचर का पर्स छीनकर हुए थे फरार, मोबाइल बरामद, बाइक जब्त
रोपड़ जिले में एक अध्यापिका से पर्स छीनने के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। बता दे कि यह कार्रवाई एसएचओ सिटी रूपनगर पवन कुमार के नेतृत्व में की गई। बता दे कि यह घटना 16 अप्रैल को हुई थी। एक अध्यापिका स्कूल से छुट्टी के बाद घर लौट रही थीं, तभी एक नकाबपोश युवक ने उनका पीछा किया और पर्स छीनकर अपने साथी के साथ बाइक पर फरार हो गया। मामले में थाना सिटी रूपनगर में केस दर्ज कर एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के किया गिरफ्तार एसएचओ पवन कुमार के निर्देशों पर पुलिस ने तकनीकी साधनों की मदद से जांच आगे बढ़ाई और 19 अप्रैल को दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनवीर सिंह उर्फ मनी और दविंदर सिंह उर्फ प्रिंस के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। पुलिस ने दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड हासिल किया है। एसएचओ पवन कुमार ने बताया कि मामले में आगे की पूछताछ जारी है और अन्य खुलासों की भी संभावना है।
अबोहर में मकान में घुसे चोर:सोता रहा परिवार, 3 मोबाइल और कैश ले गए साथ
अबोहर शहर में बीती रात एक घर के 2 हिस्सों से अज्ञात चोरों ने हजारों रुपए के मोबाइल फोन और नकदी चोरी कर ली। घटना का पता सुबह चला, जिसके बाद परिवार वालों ने सिटी टू पुलिस को सूचना दी। जानकारी के अनुसार, गली नंबर 6 में बने डबल पोर्शन मकान के निचले हिस्से में राजेश कुमार रहते हैं, जबकि ऊपरी हिस्से में नैंसी कथूरिया और उनका परिवार रहता है। बताया गया कि देर रात जब दोनों परिवार सो रहे थे, तब एक अज्ञात चोर गली में लगे कूलर पर पैर रखकर ऊपरी हिस्से में दाखिल हुआ। कैश और मोबाइल लेकर भागे चोर चोर ने ऊपरी हिस्से में रहने वाले परिवार के 2 मोबाइल फोन और लगभग एक हजार रुपए कैश चोरी कर लिए। इसके बाद चोर ने नीचे रहने वाले राजेश कुमार के घर में प्रवेश किया और वहां से करीब 24 हजार रुपए का एक मोबाइल फोन और लगभग 20 हजार रुपए कैश चुरा लिए। आरोप है कि चोर ने घर में रखी गुल्लकें तोड़कर भी रुपए निकाले। चोरी की सूचना मिलने पर नर सेवा नारायण सेवा समिति के प्रधान राजू चराया भी पीड़ित के घर पहुंचे। उन्होंने पुलिस की कार्यप्रणाली पर रोष व्यक्त किया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस गश्त कम होने के कारण हो रही वारदात इधर सुबह जब दोनों घरों की महिलाओं ने मोबाइल ढूंढे तो उनके मोबाइल भी गायब थे, जिस पर उनहे चोरी का पता चला तो उन्होने इसकी सूचना 112 हेल्पलाईन और सिटी टू की पुलिस को दी। सूचना के बाद पुलिस कर्मचारी मौके पर पहुचे और जांच पड़ताल की। इधर मौके पर पहुंचे राजू चराया ने कहा कि पूरे लाईनपार क्षेत्र में पुलिस गश्त कम होने के कारण यहां पर चोरों लुटेरों के हौंसले बुलंद हो रहे हैं। उन्हें पुलिस का बिलकुल खौफ नहीं जिसके चलते वे परिवार घर मे सोया हो तो भी चोरियां करके फरार हो जाते हैं।
बांसवाड़ा के दानपुर थाना क्षेत्र में मोबाइल छीनने से नाराज होकर 12वीं कक्षा की एक छात्रा ने सुसाइड करने का प्रयास किया। खुद को कमरे में बंद करने के बाद फंदा लगा लिया। गंभीर हालत में छात्रा को हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां उसका उपचार जारी है। मोबाइल देखने पर मां ने डांटा था छात्रा के भाई ने बताया- बहन सुबह-सुबह मोबाइल देख रही थी। इस पर मां ने उसे पढ़ाई करने और घर के काम के लिए कहा और हाथ से मोबाइल ले लिया। मोबाइल छिनने से नाराज बहन ने गुस्से में आकर खुद को कमरे में बंद कर लिया। कमरे में बंद कर दुपट्टे से लगाई फांसी कमरा बंद करने के कुछ देर बाद जब कोई हलचल नहीं हुई, तो परिजनों को चिंता हुई। कमरे के दरवाजे को तोड़कर अंदर घुसे तो छात्रा दुपट्टे के फंदे से लटकी हुई थी। तुरंत उसे नीचे उतारा और आनन-फानन में हॉस्पिटल पहुंचाया। छात्रा के भाई ने बताया कि उसकी बहन इस साल 12वीं कक्षा में है। मां ने पढ़ाई नहीं करने पर डांटा था और मोबाइल लिया था।
इंदौर में आईपीएल सट्टेबाजी के खिलाफ जारी अभियान के तहत खजराना थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच सटोरियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी मोबाइल फोन के जरिए ऑनलाइन सट्टा लगा रहे थे। पुलिस ने मौके से उनके मोबाइल भी जब्त किए हैं। टीआई मनोज सेंधव को सूचना मिली थी कि स्टार चौराहे के पास ग्रीन बेल्ट क्षेत्र में कुछ युवक घेरा बनाकर मोबाइल पर सट्टेबाजी कर रहे हैं। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और सभी आरोपियों को पकड़ लिया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी आईपीएल मैच दिल्ली कैपिटल्स और रॉयल चैलेंजर्स बैंगलोर के बीच चल रहे मुकाबले पर हार-जीत समेत अलग-अलग तरह के दांव लगा रहे थे। पुलिस ने वीरसिंह सांवलिया (खजराना), दिनेश राठौर (सूरज नगर), अंगद पटेल (सिद्धि विनायक कॉलोनी), रोहित परमार (गणेशपुरी) और सचिन सोलंकी को गिरफ्तार कर थाने लाया गया है। आगे की कार्रवाई जारी है। मोबाइल से संचालित हो रहा था सट्टा नेटवर्क आरोपी मोबाइल के जरिए ऑनलाइन सट्टा प्लेटफॉर्म से जुड़े हुए थे और उसी के माध्यम से पूरा नेटवर्क चला रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से मोबाइल फोन और कुछ नकद राशि भी जब्त की है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने ‘प्ले अड्डा’ लिंक के जरिए अंगद के नाम से आईडी बनाई थी, जिसके माध्यम से लेन-देन और हिसाब-किताब किया जाता था। हालांकि, जिस लिंक के जरिए वे ऑनलाइन सट्टा चला रहे थे, उसे सरकार पहले ही प्रतिबंधित कर चुकी है।
डीग में 18 साइबर ठग गिरफ्तार:1 नाबालिग भी डिटेन, 15 मोबाइल और फर्जी सिम कार्ड बरामद
डीग पुलिस ने साइबर ठगों के खिलाफ 'ऑपरेशन एंटीवायरस' अभियान चलाया है। इस अभियान के तहत कामां, सीकरी और जुरहरा थाना क्षेत्रों में एक साथ छापेमारी की गई। पुलिस ने कुल 18 शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक किशोर को भी निरुद्ध किया गया है। गिरफ्तार किए गए ठगों के पास से 15 मोबाइल फोन और कई फर्जी सिम कार्ड बरामद हुए हैं। ये ठग ऑनलाइन विज्ञापनों और फर्जी वीडियो कॉल के माध्यम से भोले-भाले लोगों को ठगते थे और उनसे पैसे ऐंठते थे। पुलिस अब इन ठगों के अन्य साथियों और उनसे जुड़े बैंक खातों की तलाश कर रही है। एसपी शरण गोपीनाथ ने जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक नहीं करें और न ही अपना ओटीपी किसी के साथ साझा करें। उन्होंने बताया कि पुलिस का यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
कानपुर में पोस्ट मास्टर ने दोस्त के कमरे में सुसाइड कर दिया। रविवार सुबह कमरे के बाहर से जब दोस्त ने आवाज लगाई तो कोई हलचल नहीं हुई। खिड़की से देखा तो शव फंदे से लटक रहा था। पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव नीचे उतरवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मामला बिल्हौर कस्बे के मुनीश्वर अवस्थी मोहल्ले का है। दोस्तों ने बताया- सौरभ सट्टे में पैसा हारा था, जिससे उस पर कर्ज हो गया था। उसने अपना मोबाइल भी बेच दिया था। वह दोस्तों का मोबाइल यूज करता था। शनिवार रात उसने जिस मोबाइल का यूज किया, उस पर किसी का मैसेज आया था कि तुम खुद आओगे या हमें आना पड़ेगा। इस पर सौरभ ने सुबह आने की बात कही थी। हालांकि, पुलिस ने ऐसे किसी मैसेज की आधिकारिक पुष्टि नहीं की। पुलिस उसके तीन दोस्तों से मामले को लेकर पूछताछ कर रही है। अब पढ़िए पूरा मामलासौरभ शर्मा (26) हरियाणा के महेंद्रगढ़ के थाना कनेना के गांव चेलावन के रहने वाले थे। सौरभ कानपुर देहात के रसूलाबाद क्षेत्र के विरुहुन गांव स्थित डाकघर में ब्रांच पोस्ट मास्टर (बीपीएम) पद पर तैनात थे। वह घर जाने के लिए बिल्हौर में अपने दोस्त और डाक विभाग के कर्मचारी रोहित के कमरे पर पहुंचे थे। दोस्त बोला- रात में खाने के बाद सोने चले गए रोहित ने पुलिस को बताया कि शनिवार को सौरभ मेरे घर आया था। रात में हम लोगों ने साथ में करीब 2 बजे खाना खाया। इसके बाद मैं थर्ड फ्लोर के कमरे में सोने चला गया। रोहित ने बताया- सौरभ ने कहा कि वह अभी थोड़ी देर पढ़ाई करेगा। इसके बाद वह सेकेंड फ्लोर पर चला गया। रविवार सुबह जब मैं सौरभ को बुलाने के लिए नीचे आया तो दरवाजा अंदर से बंद था। कई बार आवाज देने के बाद भी कोई हलचल नहीं हुई। मैंने खिड़की से देख तो फंदे से लटका दिखाई दिया। मैंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मफलर से फंदा लगाकर जान दी जब पुलिस पहुंची और दरवाजा तोड़ा तो सौरभ पंखे के हुक से मफलर के सहारे फंदे पर लटक रहा था। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना परिवार के लोगों को दे दी। परिजनों के पहुंचने का पुलिस इंतजार कर रही है। इंस्पेक्टर सुधीर कुमार ने बताया- शुरुआती जांच में मामला सुसाइड का लग रहा है। युवक के आत्मघाती कदम उठाने का कारण अभी स्पष्ट नहीं हो सका है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- कानपुर में पिता ने जुड़वा बेटियों की हत्या की: घर में गला रेता, फिर खुद पुलिस बुलाई; पत्नी बोली- पति को फांसी हो कानपुर में खौफनाक वारदात हुई है। रविवार तड़के एक युवक ने अपनी 11 साल की जुड़वा बेटियों की हत्या कर दी। पिता ने फ्लैट में बेटियों का गला रेतकर उन्हें मार डाला। फिर खुद ही पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने आरोपी पिता को गिरफ्तार कर लिया है। पढ़ें पूरी खबर…
कवर्धा जिले के दशरंगपुर गांव में मनीष चंद्राकर नाम का युवक अपने ही गांव के मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने पुलिस पर एकतरफा कार्रवाई का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। युवक को टावर पर चढ़ा देख आसपास के ग्रामीणों की भारी भीड़ मौके पर जुट गई। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने युवक को नीचे उतारा। युवक का आरोप है कि पुलिस ने मारपीट के एक मामले में एकपक्षीय कार्रवाई की है। मनीष चंद्राकर का कहना है कि, उसकी शिकायत पर अब तक दूसरे पक्ष पर एफआईआर दर्ज नहीं की गई है, जिससे वह आक्रोशित होकर यह कदम उठाने को मजबूर हुआ। होली के दिन हुआ था विवाद मार्च महीने में होली के दिन मनीष चंद्राकर और उसके साथियों का खड़सरा निवासी कोटवार के बेटे के साथ विवाद हो गया था। इस दौरान दोनों पक्षों के बीच मारपीट भी हुई थी, जिसमें कोटवार का बेटा घायल हो गया था। कोटवार पक्ष की शिकायत पर दशरंगपुर पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए मनीष और उसके दो साथियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। इसी कार्रवाई को मनीष एकतरफा बता रहा है। जमानत पर रिहा होकर टॉवर पर चढ़ा मनीष चंद्राकर जमानत पर रिहा होने के बाद वापस गांव आया और उसने भी दूसरे पक्ष के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई और FIR की मांग की, लेकिन उसका आरोप है कि पुलिस ने उसकी शिकायत पर कोई कार्रवाई नहीं की। इसी से नाराज होकर वह पुलिस चौकी के पास स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया और अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन करने लगा। पुलिस ने समझाइश देकर नीचे उतारा डीएसपी आशीष शुक्ला ने बताया कि, युवक को समझाने का प्रयास किया गया और स्थिति नियंत्रण में है। पुलिस का कहना है कि युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। अब मामले की विधिसम्मत जांच की जाएगी।
इंदौर में कारीगर पर हमला, चाकू मारकर लूट:नंदबाग में हुई घटना; तिलक नगर में युवक से मोबाइल छीना
इंदौर के नंदबाग इलाके में शनिवार रात फर्नीचर कारीगर के साथ लूट की वारदात हुई। मल्हारगंज थाना क्षेत्र में 4-5 बदमाशों ने चाकू मारकर घायल किया और नकदी लूटकर फरार हो गए। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। धर्मेंद्र शर्मा (34) रात करीब 10 बजे नंदबाग कचरा प्लाट के पास से गुजर रहे थे। इसी दौरान बाइक का संतुलन बिगड़ा। तभी 4-5 बदमाश मदद के बहाने पहुंचे और मोबाइल छीनने लगे। विरोध करने पर आरोपियों ने चाकू मार दिया और जेब से करीब 8 हजार रुपए लेकर फरार हो गए। घायल हालत में अस्पताल पहुंचा पीड़ित घटना के बाद धर्मेंद्र करीब एक घंटे तक मौके पर घायल पड़ा रहा। होश आने पर वह अनमोल नर्सिंग होम पहुंचा, जहां से परिजनों को सूचना दी गई। हालत बिगड़ने पर उसे एमवाय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज जारी है। धर्मेंद्र की पत्नी ने बताया कि वह बाणगंगा में अपनी बहन के घर थी। पति उसे लेने जा रहे थे। धर्मेंद्र फर्नीचर का काम करता है और उसके दो बच्चे हैं। मल्हारगंज टीआई वरेन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि धर्मेंद्र शर्मा के साथ लूट के मामले में मौके पर मौजूद कुछ लोगों के बयान लिए गए हैं। वह काफी शराब के नशे में था और उसका सामान भी सड़क पर गिर गया था। फिलहाल मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है, जिसकी पुष्टि की जा रही है। अभी पुलिस ने धर्मेंद्र के बयान दर्ज नहीं किए हैं। मामले की जांच जारी है। तिलक नगर में युवक से मोबाइल छीना तिलक नगर के स्कीम नंबर 140 में एक युवक से मोबाइल झपटमारी की घटना हुई। कमल भंडारी सड़क किनारे खड़े होकर फोन पर बात कर रहे थे, तभी नकाबपोश बदमाश ने बाइक से आकर मोबाइल छीन लिया और फरार हो गया। दोनों मामलों में पुलिस ने शिकायत दर्ज कर ली है और आरोपियों की तलाश की जा रही है।
युद्ध का असर:रायपुर में मेवे 30% महंगे, मोबाइल के दाम 5000 रुपए तक बढ़े, कार भी महंगी
अमेरिका-ईरान युद्ध का असर अब सीधे लोगों की जेब और रसोई तक पहुंच गया है। रायपुर में सूखे मेवे 30% तक महंगे हो गए हैं, जबकि मिठाइयों के दाम 50 से 500 रुपए प्रति किलो तक बढ़ गए हैं। खाड़ी देशों में जारी युद्ध से सप्लाई चेन प्रभावित हुई है, जिससे ईरान, कुवैत, अफगानिस्तान, कैलिफोर्निया, वियतनाम और कतर से आने वाले मेवों की आपूर्ति बाधित है और कीमतों में तेज उछाल आया है। बादाम, काजू, पिस्ता, अंजीर और अखरोट सभी महंगे हुए हैं। लॉजिस्टिक्स खर्च बढ़ने से ऑटोमोबाइल, पेट्रोकेमिकल्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और खाद्य तेल 2 से 30% तक महंगे हुए हैं। स्टील, एल्युमीनियम और सेमीकंडक्टर चिप की कमी से मोबाइल 5000 रुपए तक महंगे हुए हैं। 15 अप्रैल से कारों के दाम 10% बढ़े, जिससे 5–25 लाख की कारें 50 हजार से एक लाख तक महंगी हो गईं। इन देशों से आयातईरान, कुवैत खजूर, अंजीर, केसरअफगानिस्तानअंजीर, खुबानी, बादामकैलिफोर्नियाबादाम, अखरोटवियतनाम काजूकतर-अन्य देश: खजूर ऑटो सेक्टर पर असर : ऑटोमोबाइल एसोसिएशन के पुनीत पारवानी के मुताबिक कच्चे माल की कमी से ऑटो पार्ट्स 10–12% महंगे हुए हैं, जबकि लुब्रिकेंट ऑयल 50 रु. प्रति लीटर बढ़ा है। दोपहिया वाहनों पर 500 से 1500 रु. और कारों पर 5 हजार से 50 हजार तक का इजाफा हुआ है। इलेक्ट्रॉनिक्स 5-10% महंगे : राज्य मोबाइल विक्रेता एसोसिएशन के अध्यक्ष राजेश वासवानी के अनुसार ताइवान में चिप मैन्युफैक्चरिंग व शिपिंग डिले से इलेक्ट्रॉनिक्स 5-10% महंगे हुए। 10-20 हजार के मोबाइल 1000-3000 और 50 हजार से ऊपर के 5000 रुपए तक महंगे हुए। महंगाई का दर्द दुकान पहुंचे, तब पता चला बढ़ गई कीमत
ग्वालियर में एक फैक्ट्री कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। मोबाइल अपडेट होते ही उसके बैंक खाते से करीब दो लाख रुपए निकाल लिए गए। घटना 6 मार्च को महाराजपुरा थाना क्षेत्र के जनकपुरी आदित्यपुरम में हुई थी। पीड़ित ओमनारायण वर्मा मालनपुर स्थित एक कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर एक APK फाइल आई थी। जैसे ही उन्होंने उस फाइल को टच किया, उनका मोबाइल अचानक अपडेट होना शुरू हो गया। कुछ समय बाद मोबाइल रीस्टार्ट हुआ और तुरंत बाद उनके फोन पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही ओमनारायण तुरंत बैंक पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि उनके खाते से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर की गई है। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपना खाता ब्लॉक कराया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। खाते से 2 लाख निकाले शिकायत के आधार पर मामला जीरो पर दर्ज कर महाराजपुरा थाने भेजा गया। पुलिस ने शनिवार को विधिवत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि साइबर ठगों ने एक कर्मचारी के खाते से 2 लाख रुपए की रकम निकाल ली है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
कोरबा के बालको थाना क्षेत्र में परसाभाठा चौक स्थित लक्ष्मी फर्नीचर दुकान में चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने चोरी का सामान भी बरामद किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि चोर कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित का पड़ोसी मोबाइल दुकान का मालिक निकला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया। दुकान संचालक राजेश कुमार कश्यप ने 1 अप्रैल 2026 को बालको नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 30 मार्च की रात से 1 अप्रैल की सुबह के बीच अज्ञात चोर ने दुकान की छत की शीट तोड़कर प्रवेश किया और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरी हुए समन को पुलिस ने बरामद कर लिया है। चोरी के बाद आरोपी सुबह खुद घटनास्थल पर भी पहुंचा रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने अज्ञात आरोपी और चोरी हुए सामान की तलाश शुरू की। 18 अप्रैल 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संदेही मुकेश कुमार महिलांगे उर्फ मेडी (27), निवासी परसाभाठा, को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार किया गया आरोपी मुकेश कुमार महिलांगे एक मोबाइल दुकान का मालिक है। उसने शराब के नशे में अपने ही पड़ोस की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोरी के बाद वह सुबह खुद घटनास्थल पर भी पहुंचा था। जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो उससे भी पूछताछ की गई। आरोपी ने चोरी करना कबूला पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 190/2026, धारा 331(4), 305 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे की विवेचना जारी है। पुलिस की अपील कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
दुर्ग में शुक्रवार देर रात हाईवे पर झपटमारी की वारदात सामने आई है। नागपुर के अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान वे रास्ते में लघुशंका के लिए रुके थे, तभी तीन बाइक सवार युवकों ने ढाबे का रास्ता पूछने के बहाने उनसे बातचीत की। मौका पाकर आरोपियों ने उनकी शर्ट की ऊपर वाली जेब में रखे दो मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड छीन लिए और उन्हें धक्का देकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक प्रशांत पांडे (32) नागपुर के गुलमोहर नगर में मंदिर में पूजारी हैं। 16 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे वह अपनी एक्टिवा से नागपुर से अम्लेश्वर के लिए निकले थे। रात करीब 1:30 बजे वह रसमड़ा के पास हाईवे पर स्थित एक होटल के सामने पहुंचे। भिलाई की ओर से पहुंचे थे युवक इस दौरान वे लघुशंका रुके। उन्होंने अपनी गाड़ी सड़क किनारे खड़ी की और मोबाइल शर्ट की जेब में रखकर थोड़ी दूर चले गए, तभी भिलाई की ओर से एक बाइक में तीन युवक वहां पहुंचे, उनमें से दो नीचे उतरे और बात करने लगे। एक युवक ने उनसे ढाबे का रास्ता पूछा, तभी अचानक दूसरे युवक ने उनकी शर्ट की जेब में रखे दोनों मोबाइल और पीएनबी बैंक का एटीएम कार्ड झपट लिया। इसके बाद तीनों ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और बाइक से फरार हो गए। आरोपियों ने अंधेरे का उठाया फायदा पीड़ित ने बताया कि अंधेरा ज्यादा होने की वजह से वह बाइक का नंबर नहीं देख पाए। आरोपियों में एक युवक दुबला-पतला था और शर्ट पहने हुए था, जबकि दूसरा टी-शर्ट में था। तीसरे युवक का हुलिया वह नहीं देख सका। घटना के बाद वे आगे जाकर बघेरा स्थित पेट्रोल पंप पर रुके और वहां के मैनेजर को पूरी बात बताई। मैनेजर के मोबाइल से उन्होंने अपने भाई को फोन कर जानकारी दी। घर पहुंचकर उसने परिवार वालों को पूरी घटना बताई और सलाह के बाद अगले दिन पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। जांच में जुटी पुलिस, खंगाल रही सीसीटीवी पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
विजय नगर पुलिस ने मॉल के पास कार में बैठकर IPL मैच पर सट्टा लगाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 10 लाख रुपए नगद, 5 मोबाइल और एक कार जब्त की है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही मोबाइल के इनके नेटवर्क का पता लगा रही है। शनिवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। एसीपी पराग सैनी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को जानकारी मिली थी कि ऑर्बिट मॉल के पास के एक कार में दो लोग बैठे और अवैध गतिविधि संचालित कर रहे है। पुलिस को जैसी ही इनकी जानकारी मिली, पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों को रंगे हाथ धरदबोचा। मोबाइल चेक किया तो पता चला सट्टा लगा रहे उन्होंने बताया कि जब दोनों के मोबाइल फोन चेक किए गए तो पता चला कि दोनों IPL के मैच में क्रिकेट के सट्टे के दांव लगा रहे थे, इस पर तत्काल उनको मौके से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 10 लाख रुपए नगद, 5 मोबाइल फोन और कार को जब्त किया गया है। पकड़ाए आरोपी आकाश बिंदल निवासी और प्रियांश जैन निवासी नीमच है। दोनों से पूछताछ कर जानकारी निकाली जा रही है। मोबाइल से निकाल रहे जानकारी इधर, बताया जा रहा है कि पुलिस जब्त मोबाइल से इनके नेटवर्क के बारे में जानकारी निकाल रही है। ये बात भी सामने आ रही है कि ये कार में घूमकर सट्टा लगाने के काम कर रहे थे, इस बारे में पुलिस जानकारी निकाल रही है। वहीं जो दस लाख रुपए इनके पास से बरामद किए है, उसकी भी जानकारी जुटा रही है।
फरीदकोट में थाना जैतो पुलिस ने नशा तस्करी में लिप्त कार सवार मां-बेटे को 60 नशीली गोलियों सहित गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की पहचान टिब्बी साहिब रोड निवासी लखवीर सिंह उर्फ लक्की और उसकी माता जसवीर कौर के रूप में हुई । पुलिस ने इन आरोपियों की स्विफ्ट कार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार एसएसपी डॉ प्रज्ञा जैन के दिशा निर्देश पर डीएसपी इकबाल सिंह संधू और थाना जैतो के एसएचओ इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह की निगरानी में एएसआई हरपाल सिंह ने पुलिस टीम के साथ गश्त और चेकिंग के दौरान दबड़ीखाना लिंक रोड, पुल ड्रेन जैतो पर नाकाबंदी की हुई थी। नशा तस्कर मां-बेटा गिरफ्तार इसी दौरान दबड़ीखाना की ओर से आ रही एक स्विफ्ट कार को शक के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर कार में सवार मां बेटे से 60 नशीली गोलियां बरामद हुईं। इस संबंध में थाना जैतो में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। कार जब्त, नशे की गोलियां बरामद इस मामले में डीएसपी इकबाल सिंह संधू ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इन नशीली गोलियों को आगे सप्लाई करने की फिराक में थे। पुलिस द्वारा आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की गहन जांच की जा रही है। कोर्ट ने रिमांड पर भेजा इसके लिए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये नशा कहां से लाते थे और कहां सप्लाई करते थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी लखवीर सिंह उर्फ लक्की के खिलाफ पहले भी नशा तस्करी का एक केस दर्ज है।
'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 55 मोबाइल बरामद:किशनगंज पुलिस ने मालिकों को सौंपे, कीमत 13.70 लाख रुपये
किशनगंज पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से 55 गुमशुदा या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 13 लाख 70 हजार रुपये है। शनिवार को पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने पुलिस कार्यालय में इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। मोबाइल वापस पाकर लोगों ने खुशी व्यक्त की और पुलिस की सराहना की। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने बताया कि जिले में गुम हुए मोबाइलों की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत सभी थानों के अपर थानाध्यक्षों और जिला आसूचना इकाई की एक संयुक्त टीम का गठन किया गया था। टीम ने IMEI ट्रैकिंग, CEIR पोर्टल से लगाया पता टीम ने IMEI ट्रैकिंग, CEIR पोर्टल और तकनीकी विश्लेषण का उपयोग करके इन मोबाइलों का पता लगाया। बरामद किए गए मोबाइलों में आईफोन, वनप्लस, रियलमी, वीवो, ओप्पो, सैमसंग गैलेक्सी, पोको, रेडमी, टेक्नो, आईटेल और मोटोरोला जैसी विभिन्न कंपनियों के फोन शामिल हैं। थानावार बरामदगी के आंकड़ों के अनुसार, दिघलबैंक थाना क्षेत्र से सर्वाधिक 20 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इसके अलावा, किशनगंज से 6, कोचाधामन से 6, टेढ़ागाछ से 5, बहादुरगंज से 5, पहाड़कट्टा से 3, फतेहपुर से 2, गलगलिया से 2, अराबाड़ी से 2, बिबीगंज से 1, कोढ़ाबाड़ी से 1, गर्वनडगा से 1 और जियापोखर थाना क्षेत्र से 1 मोबाइल फोन बरामद किया गया। CEIR पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन करें पुलिस अधीक्षक ने इस अभियान में शामिल जिला आसूचना इकाई और थानों के अपर थानाध्यक्षों को पुरस्कृत करने की घोषणा की। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि मोबाइल खोने या चोरी होने की स्थिति में तत्काल संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही, CEIR पोर्टल पर भी ऑनलाइन आवेदन करें, ताकि तकनीकी सहायता से मोबाइल को जल्द से जल्द बरामद किया जा सके।
सलूम्बर में भारत की जनगणना-2027 की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। सलूम्बर पंचायत समिति सभागार में जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रथम चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की नई तकनीक और प्रक्रिया से अवगत कराया गया। पहला चरण पूरी तरह डिजिटल उपजिला जनगणना अधिकारी और आर्थिक सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक शेल सिंह सोलंकी ने बताया कि इस बार जनगणना का पहला चरण पूरी तरह डिजिटल होगा। मकानों की सूचीकरण और गणना मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ऐप इंस्टॉल करने से लेकर उसके उपयोग तक की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। प्रशिक्षण में पर्यवेक्षकों सिखाए गणना के तरीके प्रशिक्षण में पर्यवेक्षकों को स्तर पर सीमाओं के निर्धारण, भू-चिन्हों की पहचान और प्रगणकों को आवंटित क्षेत्रों में मकानों की सही गणना के तरीके सिखाए गए। परिवार के मुखिया से पूछे जाने वाले 34 महत्वपूर्ण प्रश्नों की भी जानकारी दी गई, ताकि डेटा संग्रहण में कोई त्रुटि न हो। राजस्थान में जनगणना-2027 का प्रथम चरण 1 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित होगा। इस चरण में दो प्रमुख प्रक्रियाएं शामिल हैं: स्व-गणना जो 1 मई से 15 मई 2026 तक चलेगी, और प्रगणकों द्वारा फील्ड कार्य जो 16 मई से 14 जून 2026 तक किया जाएगा। इस बार नागरिकों को ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा भी मिलेगी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, प्रगणक और सुपरवाइजर तय समयावधि में घर-घर जाकर एकत्र किए गए डेटा का सत्यापन करेंगे।
जबलपुर शहर में इन दिनों एक शातिर ‘फैमिली गैंग’ सक्रिय है, जो पलक झपकते ही घर में घुसकर कीमती सामान लेकर फरार हो रहा है। ताजा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहां एक महिला के घर से मोबाइल चोरी हो गया। पूरी वारदात पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हुई है। घटना के बाद पीड़िता थाने पहुंची, लेकिन पुलिस ने चोरी की बजाय गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पीड़िता के मुताबिक उसका कमरा दूसरी मंजिल पर है। घटना के समय वह किचन में काम कर रही थी, तभी कोई व्यक्ति घर में घुसा और मोबाइल लेकर फरार हो गया। बाद में जब घर के CCTV फुटेज खंगाले गए, तो उसमें महिला-पुरुष दो बच्चों के साथ संदिग्ध गतिविधि करते नजर आए। चोरी हुआ मोबाइल बेहद अहम बताया जा रहा है, जिसमें जरूरी दस्तावेज और जॉब से जुड़े एप मौजूद थे। महिला-पुरुष और दो बच्चों के साथ घूम रहा गैंग CCTV फुटेज में एक महिला, एक पुरुष और उनके साथ दो बच्चे नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये चारों 16 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे कोतवाली इलाके में पहुंचे और कई घरों के आसपास घूमते रहे। पुलिस बोली- सूने घरों को बना रहे निशाना एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है। महिला-पुरुष के साथ एक छोटा बच्चा गोद में है, जबकि दूसरा करीब 8 से 10 साल का है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गैंग सूने घरों को निशाना बना रहा है। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही खुलासा होगा कि ये लोग कौन है, और कहां-कहां चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
बांसवाड़ा में मोबाइल चार्ज करते युवती को लगा करंट:बेहोश होकर जमीन पर गिरी, हॉस्पिटल में भर्ती
बांसवाड़ा जिले के दानपुर थाना क्षेत्र के खानपुरा गांव में शुक्रवार रात मोबाइल चार्ज करते समय एक युवती करंट की चपेट में आ गई। प्लग बोर्ड में मोबाइल लगाते ही तेज झटका लगा, जिससे वह बेहोश हो गई। परिजन उसे पहले छोटी सरवन हॉस्पिटल ले गए, जहां से गंभीर हालत में जिला मुख्यालय के एमजी हॉस्पिटल रेफर किया गया। रात करीब सवा 12 बजे भर्ती युवती का उपचार जारी है और फिलहाल हालत स्थिर बताई जा रही है। प्लग लगाते ही लगा तेज करंट परिजनों के अनुसार खानपुरा निवासी जया पुत्री शंभूलाल घर पर मोबाइल चार्ज करने के लिए प्लग बोर्ड में लगा रही थी। इसी दौरान तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण तेज करंट उतरा। झटके से वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ी। चीख सुनकर पहुंचे परिजन जया की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। तब तक वह झुलस चुकी थी और बेहोश थी। परिवार ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी। हादसे के बाद जया को प्राथमिक उपचार के लिए छोटी सरवन हॉस्पिटल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला मुख्यालय के एमजी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। देर रात भर्ती, हालत स्थिर शुक्रवार रात करीब सवा 12 बजे युवती को एमजी हॉस्पिटल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और उपचार जारी है।
जालंधर के शामा चिकन कॉर्नर पर एक मोबाइल चार्जर को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक रूप में बदल गया। दुकान पर एक ग्राहक अपना चार्जर भूल गया था, जिसे लेकर भारी संख्या में आए युवकों ने दुकान संचालक और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने दुकानदारों पर पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी दी और तोड़फोड़ की। इस दौरान बिरयानी जमीन पर गिर गई। सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर-4 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दुकानदारों की मदद से एक आरोपी को पकड़ लिया। दुकानदार फैजान के अनुसार, वीरवार को दुकान पर आए कुछ युवकों का चार्जर रह गया था। शुक्रवार वे युवक वापस आए और अपने चार्जर के बदले दूसरे का चार्जर लेने की जिद करने लगे। हालांकि चार्जर के मुद्दे पर पहले ही बातचीत हो गई थी। पिस्तौल से डराने का आरोप दुकानदारों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके एक कर्मचारी को पकड़कर बुरी तरह पीटा। इस दौरान हमलावरों ने दुकानदार के माथे पर पिस्तौल तक तान दी। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हमलावर तोड़फोड़ करते रहे। दुकान का सामान पूरी तरह बिखरा पड़ा था। लोगों की सूचना पर जब पुलिस पहुंची तो हमलावर मौके से फरार हो गए, लेकिन दुकानदारों की मदद से पुलिस ने एक आरोपी (दानिश) को पकड़ लिया है। पुलिस की कार्रवाई घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम और ड्यूटी अफसर ने बारीकी से जांच की है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए युवक से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया जारी है। दुकानदारों ने सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। इलाके में इस घटना के बाद से दहशत का माहौल है।
कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में किसान के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने किसान के बैंक अकाउंट से कुल 2 लाख रुपए उड़ा लिए। पुलिस ने बताया कि बैरागढ़ चींचली के रहने वाले अबरार खान (30) किसानी करते हैं। उनके मोबाइल पर एक लिंक के साथ एक मैसेज आया। इस दौरान अबरार ने लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनका पूरा मोबाइल हैक हो गया। अबरार के खाते से जैसे ही पहले 50 हजार रुपए कटे, वह बैंक के लिए घर से निकल गए। पुलिस ने बताया कि बैंक अबरार के घर से 500 मीटर की दूरी पर है। 500 मीटर पहुंचने तक ही आरोपियों ने अबरार के खाते से पैसे निकाल लिए थे। बैंक पहुंचने तक अबरार के मोबाइल पर यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर होने के मैसेज आते रहे। घटना 8 अप्रैल 2026 की है। इसके बाद बैंक ने उनका खाता ब्लाॅक किया। बैंक को भी नहीं पता कहां गई राशि जांच अधिकारी शिवेंद्र मिश्रा ने बताया कि उन्होंने बैंक से पैसे ट्रांसफर होने की जानकारी मांगी। बैंक ने कहा कि पैसे यूपीआई के जरिए ट्रांसफर हुए हैं। पैसे कहां गए, यह बैंक को भी नहीं पता। इसके बाद पुलिस ने बैंक को लेटर लिखकर उच्च अधिकारियों से जानकारी लेने को कहा है। पुलिस का कहना है कि बैंक से जानकारी मिलने के बाद आगे के ट्रेल को ट्रेस किया जाएगा। पैसे कटने की जानकारी देने के दौरान भी कटे पैसे पुलिस ने बताया कि बैंक और पीड़ित से मिली जानकारी के अनुसार, जब अबरार के खाते से पैसे कटने शुरू हुए, वह तुरंत बैंक पहुंच गए थे। इस दौरान उनके खाते से डेढ़ लाख रुपए कट चुके थे। जब अबरार ने बैंक को पैसे कटने की जानकारी दी, बैंक ने उनका खाता ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस प्रक्रिया के दौरान भी अबरार के खाते से 50 हजार रुपए और कट गए। हालांकि खाता ब्लॉक होने के बाद उनके पैसे नहीं कटे। दो बैंक खातों से 4 बार में 50-50 हजार निकाले पुलिस ने बताया कि अबरार के एक ही बैंक में दो खाते हैं। दोनों में उन्होंने पैसे जमा कर रखे थे। आरोपी ने पहले उनके एक खाते से 50-50 हजार रुपए करके दो बार में 1 लाख रुपए निकाल लिए। इसके बाद उनके दूसरे खाते से भी 50-50 हजार रुपए करके दो बार में 1 लाख रुपए और निकाल लिए। इस प्रकार आरोपी ने उनके खाते से कुल 2 लाख रुपए साइबर ठगी के जरिए निकाल लिए।
कानपुर के हनुमंत विहार में मोबाइल चोरी का आरोप लगाने पर रिटायर्ड दरोगा के बेटे ने किराना दुकानदार की पीट-पीट कर हत्या कर दी। घटना के वक्त किराना दुकानदार की बुजुर्ग मां घर पर ही मौजूद थी। आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। 11 साल पहले छोड़ कर जा चुकी थी पत्नीहनुमंत विहार निवासी माया देवी अपने 40 वर्षीय बेटे विकास उर्फ सोनू के साथ रहती हैं। सोनू घर पर ही किराना दुकान चलाता था। पत्नी 11 वर्ष पूर्व छोड़ कर जा चुकी है। माया ने बतायाा कि शुक्रवार दोपहर सोनू घर पर आया और बताया कि उसका मोबाइल चोरी हो गया है। उसने घर के पास रहने वाले रिटायर्ड दरोगा के बेटे कपिल यादव पर आरोप लगाया। इसी दौरान कपिल घर के बाहर से निकला तो सोनू ने उससे मोबाइल लौटाने को कहा, इस पर आरोपी कपिल उग्र हो गया। विरोध पर उसने चेहरे पर मुक्के मारने शुरू कर दिए। एक मुक्का सोनू के नाक पर लगा तो वह सिर के बल जमीन पर जा गिरा, गिरते ही बेहोश हो गया। इस बुजुर्ग मां चीख पुकार करने लगी। शोर गुल सुन पड़ोसी जुटे तो आरोपी मौके से भाग निकला, इसके बाद सभी उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हनुमंत विहार एसओ राजीव सिंह ने बताया कि मारपीट के दौरान जमीन पर गिरने से युवक की मौत की बात सामने आई है। युवक को हिरासत में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। चीखती रही मां, मगर नहीं माना आरोपीमां माया देवी ने बताया कि बेटे ने जब कपिल आए दिन बेटे से शराब के लिए रुपये खर्च कराता था। शुक्रवार को भी दोपहर में साथ में बैठ कर शराब पी थी, इसी दौरान उसका मोबाइल चोरी कर लिया। जब यही बात बेटे ने कही तो आरोपी भड़क गया, और मुक्के मारने शुरू कर दिए। मां छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा।आज थी सोनू की शादी की सालगिरहभाई की मौत की सूचना पर ससुराल से पहुंचीं बहनें रजनी और नीलम ने बताया कि आज ही भाई की शादी की सालगिरह थी। रोडवेज से रिटायर्ड पिता संतोष का कोरोना काल में निधन हो चुका है, एक भाई की भी 4 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। इकलौता भाई ही मां का सहारा था।
नरसिंहपुर जिले के अंशिका पुरम राजमार्ग पर एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया। अज्ञात बदमाशों ने एक ढाबा संचालक के घर से करीब तीन लाख रुपए नकद और लाखों के सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए। पुलिस ने शुक्रवार शाम मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। परिवार की अनुपस्थिति में हुई वारदात पीड़ित राजेश शुक्ला (45) ने पुलिस को बताया कि वे सागर जिले के मढपिपरिया में 'रूद ढाबा' चलाते हैं। गुरुवार सुबह वे अपने बेटे के साथ ढाबे पर थे और दोपहर में उनकी पत्नी भी घर पर ताला लगाकर अपने मायके बम्होरी चली गईं। रात करीब 11 बजे जब पिता-पुत्र घर लौटे, तो उन्हें मुख्य गेट और कमरों के ताले टूटे हुए मिले। अलमारी खंगालकर जेवरात चुराए चोरों ने घर के अंदर रखी गोदरेज की अलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखे सोने का हार, चैन, चूड़ियां, झुमकी, अंगूठियां और चांदी के पायजेब सहित अन्य कीमती आभूषण चोरी कर लिए। अलमारी में रखे 3 लाख रुपये नगद और स्टेट बैंक की चेकबुक भी गायब मिली। घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था और जेवरों के खाली डिब्बे जमीन पर पड़े मिले। घटनास्थल पर मिला चोरों का मोबाइल और मफलर मकान के निरीक्षण के दौरान एक स्लेटी रंग का कीपैड मोबाइल और एक भूरे रंग का मफलर बरामद हुआ है। पीड़ित परिवार के अनुसार यह सामान उनका नहीं है, जिससे प्रबल आशंका है कि चोरी की वारदात के दौरान यह सामान बदमाशों का वहीं छूट गया। पुलिस इन सबूतों को अहम मानकर जांच कर रही है। संदिग्धों से पूछताछ कर रही पुलिस सुआताला थाना पुलिस ने राजेश शुक्ला की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
बेगूसराय में डीएम श्रीकांत शास्त्री के नेतृत्व में पोषण पखवाड़ा चल रहा है। जो अब सरकारी औपचारिकता से निकलकर बड़े जन-आंदोलन में तब्दील हो गया है। जिले के मटिहानी प्रखंड स्थित रचियाही नया टोला में आज आयोजित जागरूकता कार्यक्रम में एक अनोखा संकल्प देखने को मिला। जिसकी काफी चर्चा हो रही है। यहां ग्रामीणों ने कुपोषण मिटाने के साथ-साथ बच्चों को डिजिटल नशा (मोबाइल की लत) से बचाने का सामूहिक संकल्प लिया। सामुदायिक भवन में आयोजित इस कार्यक्रम में सभी ने मोबाइल के बढ़ते इस्तेमाल पर चिंता जताई। कहा कि मोबाइल की लत बच्चों के मानसिक-शारीरिक विकास को दीमक की तरह चाट रही है। बच्चों को मैदान की ओर प्रेरित करें अभिभावकों को सलाह दी गई कि वे बच्चों को मोबाइल के बजाय पारंपरिक कहानियों और मैदानी खेलों की ओर प्रेरित करें। ग्रामीणों ने भी माना कि डिजिटल स्क्रीन से दूरी बनाकर ही बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य को बेहतर बनाया जा सकता है। अंत में पिरामल और स्वास्थ्य विभाग की मौजूदगी में ग्रामीणों ने पोषण शपथ ली। सभी ने शपथ लिया कि बच्चों के पोषण और शारीरिक स्वास्थ्य की नियमित निगरानी करेंगे। मानसिक स्वास्थ्य को प्राथमिकता देंगे। मोबाइल से दूरी बनाकर बच्चों को कहानियों और संस्कृति से जोड़ने का काम किया जाएगा। अभियान की सफलता में पिरामल के ज्ञानोदय प्रकाश और दीपक मिश्रा ने तकनीकी जानकारी साझा की। बेहतर स्वास्थ्य के लिए टिप्स दिए वहीं, महिला पर्यवेक्षिका अदिति कुमारी और एएनएम कृष्णा कुमारी ने धात्री माताओं (नवजात बच्चे की मां) और शिशुओं के बेहतर स्वास्थ्य के लिए व्यावहारिक टिप्स दिए। स्वस्थ बच्चा, समृद्ध बिहार के नारे के साथ संदेश दिया गया कि सही पोषण के साथ अपनों का समय और प्यार ही बच्चों के भविष्य की असली पूंजी है।
शहर के तहसील रोड स्थित ग्रेवाल पंप के सामने स्थित 'अग्रवाल मशीनरी स्टोर' में दिनदहाड़े चोरी की एक वारदात सामने आई है। चोर ने उस समय हाथ साफ किया जब दुकान के मालिक दोपहर के समय आराम कर रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुकान के मालिक सरजीवन बंसल ने दोपहर का भोजन करने के बाद अपनी दवा ली थी। दवा के असर के कारण उन्हें नींद आ गई और वे दुकान में ही बेंच पर लेट गए। इसी बीच एक अज्ञात युवक, जिसने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था, ग्राहक बनकर दुकान के अंदर दाखिल हुआ। सीसीटीवी में कैद हुई करतूत दुकानदार को गहरी नींद में सोता देख आरोपी ने बड़ी चालाकी से काउंटर पर रखा मोबाइल फोन उठाया और तुरंत मौके से फरार हो गया। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस को सौंपी गई फुटेज सरजीवन बंसल के भतीजे रजनीश बंसल ने बताया कि घटना के तुरंत बाद इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि हमने सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की तस्वीरें निकालकर बस स्टैंड चौकी पुलिस को सौंप दी हैं और औपचारिक शिकायत दर्ज करवा दी गई है। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हरियाणा के नूंह जिले में रैपिडो ड्राइवरों के माध्यम से साइबर ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान गांव घासेड़ा के माजिद पुत्र तैयब के रूप में हुई है। उसे कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस को 16 अप्रैल को अड़बर चौक क्षेत्र में गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि माजिद नामक युवक अपनी पहचान छिपाकर रैपिडो ड्राइवरों के साथ मिलकर साइबर धोखाधड़ी करता है और नूंह टी-पॉइंट पर सवारी के बहाने खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। आरोपी के फोन से मिले डिजिटल साक्ष्य आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल की जांच में कई डिजिटल साक्ष्य मिले। फोन की गैलरी में क्यूआर कोड की दर्जनों तस्वीरें थी, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा वॉट्सएप और बिजनेस अकाउंट्स में संदिग्ध चैटिंग भी पाई गई, जो ठगी के नेटवर्क के सक्रिय होने का संकेत देती है। नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस मोबाइल में कई ऑनलाइन गेमिंग एप भी लॉग-इन मिले। इनका उपयोग कथित तौर पर लोगों को झांसे में लेकर पैसे ठगने के लिए किया जा रहा था। साइबर पोर्टल पर जांच से पता चला कि आरोपी के मोबाइल नंबर के खिलाफ महाराष्ट्र और झारखंड में साइबर ठगी के दो मामले पहले से दर्ज हैं। इन मामलों में हजारों रुपए की धोखाधड़ी की शिकायतें शामिल हैं। फिलहाल, आरोपी न्यायिक हिरासत में है और उससे जुड़े अन्य लोगों तथा पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
भागलपुर में गर्लफ्रेंड को बुलाने के लिए युवक 100 फीट ऊंचे मोबाइल के टावर पर चढ़ गया। वो उससे शादी करना चाहता है, पर लड़की का भाई को ये रिश्ता पसंद नहीं है। ताराडीह गांव के सुबोध राय का बेटा भास्कर कुमार (21) गुरुवार शाम 8 बजे टावर चढ़ा था। उसे समझाने की काफी कोशिश की गई, पर वो नहीं उतरा। जिसके बाद परिजन ने किसी दूसरी लड़की को बुलाकर भास्कर कुमार को कहा कि तुम्हारी प्रेमिका आ चुकी है, तुम भी नीचे आ जाओ। जिसके बाद देर रात करीब 2 बजे भास्कर कुमार नीचे उतरा। 6 घंटे तक वो टावर पर ही चढ़ा रहा। नीचे आने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। घटना जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बलुआचक की है। पुलिस की सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंचे जब भास्कर कुमार टावर पर चढ़ रहा था तब बगल की चाय दुकान पर बैठे लोगों ने उसे देख लिया था, उनलोगों ने पुलिस को सूचना दे दी थी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने पहले युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा। इसके बाद पुलिस ने युवक की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी। कुछ ही देर में परिजन भी मौके पर पहुंच गए और उसे नीचे उतरने के लिए मनाने लगे, लेकिन युवक किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। लड़की युवक से शादी नहीं करना चाहती है बताया जा रहा है कि युवक जिस लड़की से प्यार करता है, वह जगदीशपुर की ही रहने वाली है। युवती शादी नहीं करना चाहती है। इसके बावजूद युवक शादी की जिद पर अड़ा हुआ था, जिसके कारण उसने यह खतरनाक कदम उठाया। घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे और पुलिस को व्यवस्था संभालने में मशक्कत करनी पड़ी। जगदीशपुर के प्रभारी थानेदार विकास कुमार ने बताया कि किसी तरह समझा बूझकर युवक को नीचे उतारा गया है। भास्कर कुमार की लड़की से मुलाकात 6 महीने पहले कॉलेज में हुई थी। जिसके बाद भास्कर उससे प्यार करने लगा। लड़की का भाई भास्कर का विरोध करता था। भास्कर ने सोचा कि टावर पर चढ़ जाएंगे तो सभी शादी के लिए मान जाएंगे। इसलिए उसने ऐसा कदम उठाया।
लुधियाना में फैक्ट्री मालिक को लूटा:ऑफिस में घुसा चोर, गमछे से गला घोंटा; मोबाइल और एक्टिवा ले गया
लुधियाना में एक शातिर चोर ने जीआर क्रिएशन फैक्ट्री के ऑफिस में घुसकर न केवल लूटपाट की बल्कि विरोध करने पर मालिक की जान लेने की कोशिश भी की। चोर ने वहां पड़े पत्थर के एक भारी टुकड़े से मालिक को डराया और गाली-गलौज शुरू कर दी। जानकारी के मुताबिक, मामला हरचरण नगर की गली नंबर 3 का है। पीड़ित रविंद्र कुमार (45) गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे ऑफिस में लैपटॉप पर डिजाइनिंग का काम कर रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति दबे पांव ऑफिस के अंदर दाखिल हुआ। गमछे से गला घोंटा, फिर लूट की प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने रविंद्र कुमार का गमछे से गला घोंटकर उन्हें बेबस कर दिया। इसके बाद आरोपी उनका फोन छीनकर बाहर निकला और वहां खड़ी एक्टिवा लेकर फरार हो गया। सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरें यह पूरी वारदात पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि संदिग्ध व्यक्ति पहले ऑफिस में घुसता है और कुछ देर बाद बाहर निकलकर बड़ी तेजी से एक्टिवा स्टार्ट कर फरार हो जाता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। पुलिस गश्त पर उठे सवाल, निवासियों में रोष घटना के बाद स्थानीय कांग्रेस हल्का इंचार्ज मांगा भी मौके पर पहुंचे और कानून व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इलाके में सुरक्षा और गश्त बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर शाम के समय सरेआम ऐसी वारदातें होंगी, तो लोग खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे। आरोपी की तलाश के लिए टीमें रवाना- पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली गई है। आरोपी की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और दावा है कि जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
अमृतसर में गोल्डन टेंपल के मुख्य मैनेजर भगवंत सिंह धंगेड़ा साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। हैकरों ने उनका मोबाइल नंबर हैक कर लिया और उनके नाम पर परिचितों से पैसे मांगने वाले फर्जी मैसेज भेजने शुरू कर दिए। जानकारी के अनुसार, हैकरों ने मैनेजर धंगेड़ा का मोबाइल अकाउंट हैक कर लिया था। उन्होंने उनके रिश्तेदारों और अन्य नजदीकी लोगों को मैसेज भेजे, जिनमें तत्काल पैसों की आवश्यकता बताई गई थी। जब इन संदेशों के बारे में कई लोगों ने सीधे मैनेजर से संपर्क कर पुष्टि की, तब इस साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। संदिग्ध मैसेज करें नजरअंदाज उनके मैनेजर ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की पैसों की मांग को पूरा न करें, ऐसे संदिग्ध मैसेज को नजरअंदाज करें और किसी भी अज्ञात बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। धंगेड़ा ने तुरंत जारी किया स्पष्टीकरण मामला सामने आते ही भगवंत सिंह धंगेड़ा ने तुरंत एक स्पष्टीकरण जारी किया और लोगों को सतर्क किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका मोबाइल नंबर हैक हो चुका है और उनके नाम पर भेजे जा रहे पैसों की मांग वाले किसी भी मैसेज पर विश्वास न करें। साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज इस गंभीर मामले को लेकर मैनेजर द्वारा साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज करवा दी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हैकिंग कहां से की गई और इस अपराध में कौन लोग शामिल हैं। संगत और आम जनता से सतर्क रहने की अपील- SGPC वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अधिकारियों ने भी संगत और आम जनता से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल के झांसे में न आने की अपील की है। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब धार्मिक संस्थानों से जुड़े लोगों को भी निशाना बना रहे हैं, जिसके मद्देनजर सभी को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
लुधियाना के फोकल प्वाइंट फेज-6 में मोबाइल स्नैचिंग करने वाले 2 बदमाशों को लोगों ने काबू कर लिया। आसपास की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों ने दोनों की जमकर पिटाई भी की। दोनों लुटेरों की लोगों ने मारपीट करते समय वीडियो भी बनाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों स्नैचर सुनसान फैक्ट्री एरिया में अकेले जा रहे राहगीरों को हथियारों के बल पर लूटते थे। घटना के दौरान उन्होंने एक लेबर को घेरकर उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की, लेकिन मौके पर पहुंचे लोगों ने दोनों को दबोच लिया। लोगों ने झपटमारों को थप्पड़ मारे और मुक्के बरसाए। बदमाश खुद को बेकसूर बताते रहे, लेकिन लोगों ने उनकी एक ना सुनी और जमकर छितर परेड की। लोगों ने आरोपियों से एक बाइक और एक बैग भी बरामद किया है, जिसे वे कंधे पर लटकाए हुए थे। अकेले देख मजदूरों को बनाते थे निशाना इलाका निवासी राम भसीन ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। अक्सर रात और दोपहर के समय मजदूरों को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि फोकल प्वाइंट में स्नैचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मामले में थाना फोकल प्वाइंट के एसएचओ कुलबीर सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
अज्ञात व्यक्ति की ICU में इलाज के दौरान मौत:पुलिस ने पहचान के लिए मोबाइल नंबर जारी किया
बैतूल-सारणी स्टेट हाइवे पर ग्राम मेहकर के पास घायल अवस्था में मिले एक अज्ञात व्यक्ति की इलाज के दौरान मौत हो गई है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है, जिसके बाद पुलिस ने आम नागरिकों से उसकी शिनाख्त में सहयोग की अपील की है। जानकारी के अनुसार, यह व्यक्ति कुछ समय पहले ग्राम मेहकर के समीप गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिला था। स्थानीय लोगों की सूचना पर उसे तत्काल घोड़ाडोंगरी अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल बैतूल रेफर कर दिया गया था। जिला अस्पताल बैतूल में उसे आईसीयू (ICU) में भर्ती किया गया था, जहां डॉक्टरों की टीम लगातार उसका इलाज कर रही थी। हालांकि, तमाम प्रयासों के बावजूद उसकी जान नहीं बचाई जा सकी और उपचार के दौरान ही उसकी मृत्यु हो गई। मृतक के पास से कोई पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज नहीं मिले हैं, जिसके कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो पाई है। अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को सुरक्षित रखवा दिया है और उसकी पहचान सुनिश्चित करने के लिए आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को इस अज्ञात मृतक के बारे में कोई जानकारी हो या उनका कोई परिचित लापता हो, तो वे तत्काल अस्पताल चौकी में संपर्क करें। जानकारी साझा करने के लिए मोबाइल नंबर 6260832771 जारी किया गया है। पुलिस का कहना है कि नागरिकों के सहयोग से मृतक की पहचान जल्द से जल्द की जा सकेगी, जिसके बाद आगे की आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हनुमानगढ़ के संगरिया थाना क्षेत्र में एक ऑटो ड्राइवर के साथ मारपीट कर लूट की वारदात सामने आई है। चार अज्ञात बदमाशों ने ड्राइवर को बंधक बनाकर उससे नकदी, मोबाइल और टेंपो छीन लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, हनुमानगढ़ के सुरेशिया निवासी पृथ्वीराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पृथ्वीराम ऑटो चलाता है और बुधवार रात करीब 11 बजे वह जंक्शन रेलवे स्टेशन पर सवारी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान, ट्रेन आने के बाद चार युवक उसके पास आए और धौलीपाल जाने के लिए 400 रुपए में ऑटो किराए पर तय किया। पृथ्वीराम उन्हें लेकर धौलीपाल की ओर रवाना हुआ। धौलीपाल पहुंचने पर आरोपियों ने बहाना बनाकर उसे आगे खेतों में स्थित एक ढाणी तक चलने को कहा। जब वह नहर पटरी के पास पहुंचा, तो बदमाशों ने ऑटो रुकवाकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने पृथ्वीराम को गाली-गलौज करते हुए नहर किनारे ले जाकर साफों की मदद से एक पेड़ से बांध दिया। इसके बाद, उन्होंने उसकी जेब में रखे करीब 1500 रुपए और एक वीवो कंपनी का मोबाइल छीन लिया। बदमाश पृथ्वीराम का टेंपो (नंबर आरजे-31-पीए-4958) लेकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने किसी तरह खुद को बंधन से मुक्त किया और पास के एक होटल तक पहुंचा, जहां उसने घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद संगरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी पहचान कर जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।
बाड़मेर में युवक के साथ मारपीट, बाल काटने, यूरिन व गंदगी खिलाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं विधि से संघर्षरत नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया है। मामला 14 अप्रैल को शिव थाने में दर्ज हुआ था। घटना 26 मार्च की है। वीडियो शेयर करने पर पीड़ित युवक ने 14 अप्रैल को मामला दर्ज करवाया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में अन्य कोई शामिल होना पाया जाता हे तो कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार पीड़ित युवक जैसलमेर जिले का रहने वाला है। शिव में सोलर प्लांट कंपनी में काम करता है। मोबाइल में युवती की फोटो रखने के आरोप में साथ काम कर रहे युवकों ने घटना को अंजाम दिया। एसपी चूनाराम जाट ने बताया- सोशल मीडिया पर युवक के साथ मारपीट कर मुंह काला करने व गंदगी खिलाने का वीडियो सामने आया था। इसकी तहकीकात कर युवक की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इस पर पुलिस थाना शिव और डीसीआरबी पुलिस ने वीडियो में पीड़ित व्यक्ति की पहचान कर घटना की पूरी जानकारी ली गई। बताया- सोलर प्लांट कंपनी में काम करता है। 26 मार्च को साथ में काम करने वाले युवकों ने आपसी किसी बात को लेकर घटना को अंजाम दिया। एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी मानाराम गर्ग के सुपरविजन में शिव थानाधिकारी सत्यप्रकाश और एसआई जालाराम के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी और सूचना के आधार पर वी.पी. सिंह उर्फ विजयदान व उसके साथियों ने मिलकर मारपीट कर उसका मुंह काला कर सि के बाल काटकर उससे जबरदस्ती गंदगी खिलाना स्वीकार किया गया। आरोपी वीपीसिंह को गिरफ्तार किया गया। वहीं एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया। पढ़े संबंधित खबर… मुंह काला कर युवक को यूरिन पिलाया, गंदगी खिलाई:मोबाइल में युवती की फोटो रखने पर मारपीट, दो आरोपी डिटेन
पानीपत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर एक हादसे में युवक की मौत हो गई। चलती ट्रेन से गिरने के कारण युवक के दोनों हाथ कट गए और सिर पर गंभीर चोट आई। शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन गुरुवार शाम को फर्रुखाबाद से पहुंचे परिजनों ने मृतक की शिनाख्त की। परिजनों ने इस मामले में लूटपाट के बाद चलती ट्रेन से फेंक कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। मृतक की पहचान चंडीगढ़ निवासी अजय कुमार (34) के रूप में हुई है। अजय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद का रहने वाला था और एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। वह चंडीगढ़ से ट्रेन पकड़कर अपने पैतृक गांव जा रहा था, लेकिन पानीपत पहुंचने पर संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रेन से नीचे गिर गया। परिजनों का आरोप: लूट के बाद दी गई जान अजय की मौत के बाद जब परिजन पानीपत पहुंचे, तो उन्होंने बताया कि अजय के पास उसका बैग और मोबाइल फोन गायब है। उसकी जेब से मात्र 150 रुपए मिले हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि संभवतः ट्रेन में उसके साथ लूटपाट की गई और विरोध करने पर बदमाशों ने उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने पुलिस से इस कोण से भी जांच करने की मांग की है। पुलिस का तर्क: भीड़ या लापरवाही भी हो सकती है वजह इधर, रेलवे पुलिस (GRP) के जांच अधिकारी का कहना है कि हादसे के कारणों की अभी स्पष्टता नहीं है। पुलिस के अनुसार, मुमकिन है कि ट्रेन में भीड़ अधिक होने के कारण अजय खिड़की या दरवाजे के पास बैठकर सफर कर रहा हो और संतुलन बिगड़ने की वजह से नीचे गिर गया हो। पुलिस इसे एक हादसा (इत्तफाकिया घटना) मानकर चल रही है। दो मासूम बच्चों के सिर से उठा साया अजय की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे 2 छोटे बच्चे और पत्नी को छोड़ गया है। परिवार का पालन-पोषण अजय की कमाई पर ही निर्भर था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा पानीपत जीआरपी ने परिजनों के बयानों के आधार पर फिलहाल इत्तफाकिया कार्रवाई की है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज और अन्य यात्रियों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
आरा के बहियारा गांव में प्रेमी से शादी की जिद पर नाबालिग लड़की 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। तपती धूप में टावर की सबसे ऊंची चोटी पर बैठी लड़की को देखने के लिए नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, लेकिन हकीकत में पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। घटना 14 अप्रैल की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 4 दिन पहले प्रेमी के घर भाग गई थी लड़की की एक ही मांग थी उसकी शादी उसके प्रेमी से कराई जाए। परिजन और ग्रामीण काफी देर तक उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। चार दिन पहले घर से भागकर अपने प्रेमी के पास सनदिया गांव चली गई थी, जहां से परिजन उसे वापस ले आए थे। इसके बाद भी जब उसकी बात नहीं मानी गई, तो उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया। आधे घंटे की मशक्कत के बाद नीचे उतारा सूचना मिलते ही चांदी पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष राकेश रौशन और महिला एसआई मधु कुमारी ने टीम के साथ मोर्चा संभाला। लड़की को सुरक्षित नीचे उतारना आसान नहीं था, क्योंकि वह ऊंचाई पर बैठकर किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। ऐसे में महिला पुलिस अधिकारी ने सूझबूझ और मनोवैज्ञानिक तरीके का सहारा लिया। उन्होंने लड़की को भरोसा दिलाया कि उसकी बात उसके प्रेमी से कराई जाएगी और उसकी समस्या का समाधान निकाला जाएगा। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद आखिरकार लड़की को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस दौरान नीचे खड़ी भीड़ सांसें थामे पूरे घटनाक्रम को देखती रही। पुलिस ने बाद में लड़की को समझा-बुझाकर उसके परिजनों के हवाले कर दिया। हालांकि समय रहते पुलिस की सक्रियता और समझदारी से एक बड़ी अनहोनी टल गई। बिहार में 40 दिनों में 10 मामले 06 मार्च: गोपालगंज के बनकटा जागीरदारी गांव में युवती प्रेमी की रिहाई के लिए टावर पर चढ़ गई। 16 मार्च: वैशाली जिले के बिदुपुर में एक युवक प्रेमिका से शादी रचाने करने की जिद में टावर पर चढ़ गया था। 01 अप्रैल: मुजफ्फरपुर जंक्शन के पास युवक टावर पर चढ़ गया और प्रेमिका को बुलाने की मांग करने लगा। 06 अप्रैल: पूर्वी चंपारण के पशुरामपुर गांव में एक युवती ने प्रेमी के शादी से इनकार करने पर टावर पर चढ़ गई। 06 अप्रैल: महनार के स्टेशन रोड में एक युवती बिजली टावर पर चढ़ गई। प्रेमी से शादी की जिद कर रही थी। 07 अप्रैल: वैशाली जिले के माधोपुर गजपति गांव में साली से शादी रचाने की जिद में एक युवक टावर पर चढ़ गया। 08 अप्रैल: गगौर थाना क्षेत्र में एक युवक टावर पर चढ़ गया, क्योंकि उसकी प्रेमिका ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। 08 अप्रैल: समस्तीपुर के ररियाही में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। विधायक रणविजय साहू के समझाने पर नीचे उतरा। 14 अप्रैल: सीवान में दो चचेरी बहनें टावर पर चढ़ गईं। शादी की जिद कर रही थीं। 14 अप्रैल: भोजपुर के चांदी थाने के बहियारा में एक किशोरी मोबाइल टावर पर चढ़ गई। ऐसा करना दंडनीय है टावर पर चढ़ने से सड़क जाम होना, भीड़ जुटना और सार्वजनिक सेवाओं(बिजली या संचार) का बाधित होना पब्लिक न्यूसेंस माना जाता है, जिसके लिए पुलिस मामला दर्ज कर सकती है। मोबाइल टावर राष्ट्रीय संपत्ति और संचार नेटवर्क का हिस्सा है। बिना अनुमति इन पर चढ़ना कानून का उल्लंघन है। हाई-वोल्टेज लाइनों या बिजली के पोल से छेड़छाड़ करना या उन पर चढ़ना बिजली आपूर्ति बाधित करने और जान-माल को खतरे में डालने के तहत दंडनीय है। टावर पर चढ़कर जिद मनवाने का नया ट्रेंड वैशाली की एक घटना में 900 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली सप्लाई काटने से ऐसा हुआ। एनटीपीसी पावर ग्रिड, बाढ़ से गोरखपुर तक की सप्लाई बाधित होने के कारण लगभग 5 घंटे तक 900 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली सप्लाई की गई, अन्यथा 3 करोड़ तक का नुकसान हो सकता था।
एलपीजी स्कैम:सिलेंडर नहीं मिला, मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ हुआ
राजधानी में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच जेके रोड स्थित मीनाल रेसीडेंसी की मेसर्स फिनिक्स एचपीसीएल गैस एजेंसी पर बड़ा घोटाला सामने आया है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिला, लेकिन मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ का मैसेज पहुंच गया। करीब दो दर्जन से ज्यादा उपभोक्ता इससे प्रभावित हुए। मामले के सामने आते ही बुधवार को एजेंसी पर हंगामा हुआ और हालात संभालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। गैस एजेंसी संचालक खाद्य विभाग के रिटायर सहायक आपूर्ति अधिकारी भानू प्रताप शर्मा हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत पर जिला आपूर्ति शाखा के अफसर मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई। कई उपभोक्ताओं ने जिला आपूर्ति अधिकारी के दफ्तर में भी शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि 8 और 9 अप्रैल को एजेंसी को 684 सिलेंडर मिले थे, जिन्हें बिना ओटीपी के बांट दिया गया। यह नियमों के खिलाफ है। इसी के चलते ऑयल कंपनी ने नया लॉट भेजने से इंकार कर दिया और पहले पुराने सिलेंडरों का रिकॉर्ड मांगा। बाद में जिला आपूर्ति अधिकारी के आग्रह पर नया लॉट जारी किया गया, जबकि पुराने रिकॉर्ड की जांच जारी है। मजबूरी की कतार... शाहपुरा मोर वन के पास गुरुवार को गैस सिलेंडर के लिए लगी लंबी कतार। इस दौरान तेज धूप के कारण लोग सिलेंडरों को लाइन में रखकर पेड़ों की छांव में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। शहर में सिलेंडर सप्लाई की गड़बड़ी के बीच लोगों की मजबूरी साफ नजर आ रही है। रेट होम डिलीवरी का, लेकिन एजेंसी बुलाकर दे रहे सिलेंडर... जांच में सामने आया कि एजेंसी होम डिलीवरी का पूरा 918 रुपए वसूल रही है, जबकि उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने एजेंसी बुलाया जा रहा है। नियम के अनुसार होम डिलीवरी नहीं होने पर 34 रुपए कम लेकर 884 रुपए लेना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। जिन वाहनों से सिलेंडर सप्लाई, उनका अनुबंध तक नहीं : एजेंसी में गैस सप्लाई के लिए 9 वाहन लगाए गए हैं, लेकिन इनका कोई एग्रीमेंट नहीं है। इसके बावजूद इन्हीं वाहनों से सप्लाई कराई जा रही है। मैनेजर बोला- घर बंद थेडिलीवरी मैसेज पर सवाल करने पर मैनेजर ने कहा कि उपभोक्ताओं के घरों पर ताले लगे थे, इसलिए सिलेंडर नहीं मिल पाए। अब दोबारा डिलीवरी कराई जा रही है। हालांकि इतने घर एक साथ बंद होने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच कर रहे, प्रतिवेदन पेश करेंगेएजेंसी पर तमाम गड़बड़ियों की शिकायत मिली है। जांच की जा रही है। कुछ रिकॉर्ड एजेंसी संचालक से मांगे गए हैं। एक-दो दिन में प्रतिवेदन पेश किया जाएगा।-चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति अधिकारी, भोपाल
भारत में इस हफ्ते 6 नए स्मार्टफोन लॉन्च होंगे। इनमें ज्यादातर बजट सेगमेंट के फोन हैं। 13 से 19 अगस्त के बीच रेडमी, रियलमी, इनफिनिक्स, वीवो और ओप्पो अपने नए डिवाइस लॉन्च करेंगी। इन फोन्स में AI फीचर्स के साथ 50 मेगापिक्सल का कैमरा मिलेगा। इसके अलावा 6.3-इंच स्क्रीन भी देखने को मिलेगा। चलिए डिटेल में जानते हैं... इनफिनिक्स नोट 60 प्रो लॉन्च डेट – 13 अप्रैल हफ्ते की शुरुआत इनफिनिक्स नोट 60 प्रो 5G के साथ होगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके बैक पैनल पर कैमरा मॉड्यूल के पास दी गई 'एक्टिव मैट्रिक्स डिस्प्ले' है, जो इसे अलग लुक देती है। कंपनी पहली बार इस सीरीज में स्नैपड्रैगन प्रोसेसर का इस्तेमाल कर रही है, जो 6.78-इंच की स्मूथ 144Hz एमोलेड डिस्प्ले के साथ मिलकर बेहतरीन परफॉर्मेंस देगा। फोटोग्राफी के लिए इसमें 50MP का डुअल रियर कैमरा सेटअप है, लेकिन इसकी असली ताकत इसकी 6500mAh की भारी-भरकम बैटरी है। यह फोन न सिर्फ 90W की तेज चार्जिंग और वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करता है, बल्कि इसमें 'रिवर्स चार्जिंग' की सुविधा भी दी गई है जिससे आप दूसरे छोटे गैजेट्स को भी चार्ज कर सकेंगे। रेडमी A7 प्रो 5G लॉन्च डेट – 13 अप्रैल शाओमी 13 अप्रैल को ही अपना किफायती 5G स्मार्टफोन रेडमी A7 प्रो भारत में लॉन्च करेगी। मात्र ₹15,000 से कम की कीमत आने वाले इस फोन में 6.9-इंच की काफी बड़ी स्क्रीन और 6300mAh की दमदार बैटरी दी गई है, जो फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन लेटेस्ट एंड्रॉयड 16 और हाइपर OS 3 पर काम करेगा, जिसमें गूगल जेमिनी AI और 'सर्कल टू सर्च' जैसे प्रीमियम फीचर्स भी मिलेंगे। फोटोग्राफी के लिए इसमें 32MP का AI डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जो इसे बजट सेगमेंट में एक स्मार्ट और एडवांस ऑप्शन बनाता है। रियलमी नार्जो 80 लाइट 5G लॉन्च डेट – 14 अप्रैल रियलमी 14 अप्रैल को अपना नया बजट-फ्रेंडली स्मार्टफोन रियलमी नार्जो 80 लाइट 5G लॉन्च करगी। फोन की सबसे बड़ी ताकत 7000mAh बैटरी है, जो न सिर्फ लंबे समय तक चलेगी, बल्कि रिवर्स चार्जिंग के जरिए दूसरे डिवाइस भी चार्ज कर सकेगी। इसमें 144Hz रिफ्रेश रेट वाली 6.8-इंच की बड़ी स्क्रीन और स्मूथ परफॉर्मेंस के लिए मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6300 प्रोसेसर दिया गया है। लेटेस्ट एंड्रॉयड 16 पर चलने वाला यह फोन धूल और पानी की बूंदों से बचाव के लिए IP64 रेटिंग के साथ आएगा, जो इसे ₹15,000 के आसपास के सेगमेंट में एक टिकाऊ और पावरफुल 5G विकल्प बनाता है। वीवो T5 प्रो लॉन्च डेट – 15 अप्रैल वीवो 15 अप्रैल को भारत में अपना अब तक का सबसे बड़ी बैटरी वाला स्मार्टफोन वीवो T5 प्रो लॉन्च करने जा रहा है। इस फोन की सबसे हैरान करने वाली खूबी इसकी 9020mAh की बैटरी है, जो 90W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी। परफॉर्मेंस के लिए इसमें स्नैपड्रैगन 7s जेन 4 चिपसेट और 1.5K एमोलेड डिस्प्ले दी गई है। फोटोग्राफी के लिए इसमें 50MP का सोनी कैमरा सेंसर मिलेगा, वहीं मजबूती के मामले में इसे IP69 प्रो रेटिंग दी जा सकती है, जो इसे पानी और धूल से पूरी तरह सुरक्षित बनाएगी। यह फोन उन लोगों के लिए गेम चेंजर हो सकता है जो बार-बार चार्जिंग की झंझट से छुटकारा चाहते हैं। ओप्पो F33, F33 प्रो लॉन्च डेट – 15 अप्रैल ओपो 15 अप्रैल को अपनी नई F33 सीरीज भारत में उतारने जा रहा है, जिसमें F33 और F33 प्रो 5G मॉडल शामिल होंगे। सीरीज की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहद मजबूत '360-डिग्री आर्मर' बॉडी और IP69K रेटिंग है, जो फोन को गिरने और पानी से सुरक्षित बनाएगी। परफॉर्मेंस के लिए मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6360 मैक्स प्रोसेसर और पावर के लिए 7000mAh की बड़ी बैटरी के साथ 80W फास्ट चार्जिंग मिल सकती है। सेल्फी के लिए इसके प्रो मॉडल में 50MP का अल्ट्रा-वाइड फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो इस सेगमेंट में एक नया अनुभव होगा।
अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान
Mobile, Der Tak Mobile Dekhne Ke Nuksan: आज के डिजिटल युग में मोबाइल हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक और देर तक इस्तेमाल धीरे-धीरे एक गंभीर लत बनता जा रहा है। अगर आप भी बिस्तर पर घंटों मोबाइल स्क्रॉल करते हैं, तो आपका शरीर और ...
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

