जिले में जनगणना की पहला चरण पूरा:30 जून तक प्रगणक नहीं हटा सकेंगे मोबाइल से एप
गोरखपुर जिले में जनगणना के प्रथम चरण का काम शनिवार को पूरा हो चुका है। इसके तहत मकानों के सूचीकरण, मकान गणना का कार्य किया गया है। निर्धारित समय सीमा से 4 दिन पहले ही सभी हाउस लिस्टिंग ब्लाक (HLB) में मकान गणना पूरी कर ली गई थी। इसके बाद उन परिवारों और मकानों पर ध्यान दिया गया, जिनकी गणना किसी कारण छूट गई थी। इस बीच प्रशासन ने निर्देश दिया है कि प्रगणकों को 30 जून तक अपने मोबाइल से जनगणना एप डिलीट नहीं करना है। जिला प्रशासन के अनुसार, पहले चरण के दौरान मकानों की स्थिति,उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी संसाधनों से जुड़ी जानकारी एकत्र की गई है। इसी आधार पर आगामी दूसरे चरण में जनसंख्या गणना का कार्य किया जाएगा, जो फरवरी 2027 में प्रस्तावित है।जिला जनगणना अधिकारी और एडीएम वित्त एवं राजस्व जय प्रकाश ने बताया कि जनगणना कार्यालय में आगे भी कार्य लगातार जारी रहेगा। उन्होंने सभी प्रगणकों को निर्देश दिया है कि वे 30 जून तक अपने मोबाइल फोन से जनगणना ऐप डिलीट न करें। इस संबंध में सभी समूहों में संदेश प्रसारित किए जा रहे हैं, ताकि कोई भी प्रगणक अनजाने में ऐप हटाने की गलती न करें। उन्होंने बताया कि 20 जून तक ही मोबाइल ऐप के माध्यम से आंकड़ों में संशोधन की सुविधा उपलब्ध थी। अब पोर्टल पर किसी प्रकार का सुधार नहीं किया जाएगा। जनगणना-2027 देश की पहली पूर्ण डिजिटल जनगणना है, जिसमें प्रगणकों द्वारा मोबाइल एप्लिकेशन के माध्यम से आंकड़े जुटाए जा रहे हैं। उत्तर प्रदेश में मकान सूचीकरण एवं मकान गणना का पहला चरण 22 मई से 20 जून तक संचालित किया गया। इसके बाद दूसरे चरण में जनसंख्या गणना की जाएगी, जिसके लिए प्रथम चरण के आंकड़े आधार बनेंगे।
देवास जिले के टोंकखुर्द क्षेत्र में हुए सड़क हादसे में घायल युवती को शनिवार को उसके परिजन जिला अस्पताल से अपने साथ उत्तर प्रदेश ले गए। युवती उत्तर प्रदेश से मोहित वाजपेई के साथ इंदौर आ रही थी, तभी शुक्रवार सुबह करीब 5 बजे उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई थी। इस हादसे में मोहित वाजपेई की मौत हो गई थी, जबकि युवती और एक अन्य व्यक्ति घायल हुए थे। युवती और मोहित ने शादी करने की योजना बनाई थी। लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगीपरिजनों ने बताया कि उन्हें युवती के घर छोड़कर जाने और मोहित के साथ होने की कोई जानकारी नहीं थी। गुरुवार शाम से उसकी तलाश की जा रही थी और गुमशुदगी की रिपोर्ट भी दर्ज कराई गई थी। हादसे की सूचना मिलने के बाद ही उन्हें पता चला कि वह देवास में है। अस्पताल में परिजनों को देखते ही युवती उनसे लिपटकर फूट-फूटकर रोने लगी। मोबाइल भी घर पर ही छोड़ गई थीजांच में यह बात भी सामने आई है कि युवती घर से निकलते समय केवल अपना आधार कार्ड और दसवीं की मार्कशीट साथ लेकर आई थी। वह अपना मोबाइल फोन भी घर पर ही छोड़ गई थी। परिजनों के मुताबिक, उसने अपने सोशल मीडिया अकाउंट भी डिलीट कर दिए थे। जिला अस्पताल में आवश्यक चिकित्सकीय एवं कागजी कार्रवाई पूरी होने के बाद परिजन युवती को अपने साथ उत्तर प्रदेश लेकर रवाना हो गए।
सोनीपत शहर में अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते नजर आ रहे हैं। शुक्रवार देर शाम बस स्टैंड स्थित मामा-भांजा चौक के नजदीक पैदल घर जा रहे एक युवक से बाइक सवार 2 बदमाशों ने मोबाइल झपट लिया और फरार हो गए। यह पूरी वारदात आसपास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़ित युवक ने पुलिस को शिकायत देकर आरोपियों की गिरफ्तारी और मोबाइल बरामद करने की मांग की है। सिविल लाइन थाना पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और जल्द आरोपियों को गिरफ्तार करने का दावा किया है। सागर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह बीज मार्केट स्थित अपने सीएससी सेंटर से काम खत्म करने के बाद शुक्रवार शाम करीब 8 बजे पैदल घर लौट रहा था। जब वह मामा-भांजा चौक के पास पहुंचा तो मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहा था। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार बाइक पर आए दो युवकों ने उसके हाथ से मोबाइल झपट लिया और कुछ ही सेकंड में मौके से फरार हो गए। पलक झपकते ही 2 सेकेंड में वारदात घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में देखा जा सकता है कि रात करीब 8:54 बजे एक युवक सड़क किनारे मोबाइल पर बात करते हुए जा रहा है। इसी दौरान पीछे से बाइक पर सवार दो युवक उसके पास पहुंचते हैं। फुटेज के अनुसार 8 बजकर 54 मिनट 25 सेकंड पर बाइक युवक के बिल्कुल पास आती है और महज दो सेकंड बाद 8 बजकर 54 मिनट 27 सेकंड पर पीछे बैठा युवक मोबाइल झपटकर फरार हो जाता है। पूरी घटना कुछ ही सेकंड में अंजाम दे दी जाती है। 28 हजार रुपए का था मोबाइल सागर ने बताया कि बदमाश जिस मोबाइल को झपटकर ले गए उसकी कीमत करीब 28 हजार रुपए है। वारदात के तुरंत बाद उसने पुलिस को शिकायत दी और आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ मोबाइल बरामद करने की मांग की। सागर का कहना है कि वह रोजाना अपने सीएससी सेंटर से पैदल ही घर आता-जाता है, लेकिन पहली बार इस तरह की घटना का शिकार हुआ है। बंद पड़े सीसीटीवी कैमरों पर उठाए सवाल पीड़ित सागर ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि इलाके में कई सरकारी सीसीटीवी कैमरे लंबे समय से बंद पड़े हैं। यदि ये कैमरे चालू हालत में होते तो अपराधियों की पहचान करने और उन्हें पकड़ने में पुलिस को अधिक आसानी होती। उन्होंने प्रशासन से सार्वजनिक स्थानों पर लगे कैमरों को जल्द दुरुस्त कराने की मांग की। मां बोलीं- नाके के बावजूद कैसे निकल रहे आरोपी सागर की माता भतेरी ने कहा कि बस स्टैंड जैसा संवेदनशील और भीड़भाड़ वाला क्षेत्र होने के बावजूद बदमाश बेखौफ होकर वारदात को अंजाम दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पुलिस की ड्यूटी और नाके होने के बावजूद अपराधी आसानी से निकल जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर में बड़ी संख्या में बिना नंबर प्लेट की बाइकें सड़कों पर दौड़ रही हैं, लेकिन इनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं की जा रही। पुलिस ने शुरू की जांच, जल्द गिरफ्तारी का दावा घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में ले ली है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने दावा किया है कि जल्द ही मोबाइल झपटमारी की इस वारदात में शामिल दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जालंधर के भार्गव कैंप में मशहूर चावला मोबाइल पॉइंट के बाहर शाम करीब 4 बजे फायरिंग की गई। यहां बाइक पर आए 2 युवकों ने दुकान के सामने 3 गोलियां चलाईं। इससे दुकान के शीशे टूट गए। इसके बाद युवकों ने यहां से भागने की कोशिश की। हालांकि, फायरिंग करने वाले एक युवक को लोगों ने दबोच लिया। इसके बाद उसकी जमकर लात-घूंसों से पिटाई की गई। उसे चप्पल और जूतों से पीटा गया। गोली चलने पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई थी। बाद में इसकी सूचना पुलिस को दी गई। फिलहाल, फायरिंग के पीछे के कारणों का पता नहीं चल पाया है, लेकिन घटनास्थल पर चर्चा है कि मोबाइल शॉप संचालक को फिरौती के लिए कॉल आई थी। बताया जा रहा है कि मोबाइल विक्रेता से कुछ सप्ताह से 50 लाख रुपए की फिरौती की मांग की जा रही थी। दिनदहाड़े हुई वारदात के बाद दुकानदारों ने घटनास्थल के निकट पुलिस के खिलाफ धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। लोगों की ओर से व्यापारियों की सुरक्षा की मांग की जा रही है। पुलिस टीम मौके पर पहुंची है। पुलिस ने युवक को हिरासत में लिया है। भीड़ ने आरोपी को पीट दिया, जिसमें आरोपी को काफी चोटें आई हैं। मुंह ढंक कर आए थे बदमाश शाम करीब 4 बजे 2 युवक मुंह को कपड़े से बांधकर बाइक से भार्गव कैंप बाजार में आए और चलती हुई बाइक से पीछे बैठे युवक ने फायर कर दिए। गोलियां चावला मोबाइल शॉप के शीशे में लगीं। शाम को दुकान के अंदर ग्राहकों की भीड़ थी और कर्मचारी भी अंदर थे। गोली चलते ही सब बाहर की तरफ भागे। दुकान के अंदर खड़े दो गनमैन भी बाहर आए और लोगों ने शोर मचाना शुरू कर दिया। इसके बाद लोगों ने बाजार में घेरा बना दिया। बाजार में भीड़ ज्यादा होने के चलते युवकों को अपनी बाइक स्लो करनी पड़ी, जिससे वारदात स्थल से करीब सौ मीटर आगे जाकर दुकानदारों ने एक युवक को काबू कर लिया। जबकि, बाइक चला रहा दूसरा युवक बाइक में ड्रिफ्ट मारकर भागने में कामयाब रहा। इसके बाद लोगों ने फायरिंग करने वाले युवक को कॉलर पकड़कर सड़क पर घसीटा। उसे लात-घूंसों से पीटा और जूते-चप्पलों से भी पिटाई की। इससे युवक बुरी तरह घायल हो गया। आरोपी से पुलिस ने फायरिंग में इस्तेमाल पिस्टल भी बरामद कर लिया है। ACP बोले- हथियार और दूसरे साथी की तलाश जारी मौके पर पहुंचे ACP आतिश भाटिया ने बताया कि दुकानदार से फिरौती मांगी गई थी। पिछले साल भी फिरौती मांगी थी, जिसके बाद 2 आरोपियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई थी। एक आरोपी को जालंधर पुलिस तो दूसरे को दूसरी स्टेट की पुलिस ने अरेस्ट कर लिया था। ACP ने बताया- आज भी दुकान पर 3 राउंड फायरिंग हुई है। पुलिस ने एक आरोपी को हिरासत में ले लिया है। आरोपी और उसके साथी का नाम, पता और इनकी गैंग के बारे में पता लगाया जा रहा है। सस्ते आईफोन के लिए फेमस है शोरूम चावला मोबाइल पॉइंट जालंधर में सबसे सस्ते आईफोन देने का दावा करता है। इनके इंस्टाग्राम पेज पर भी आईफोन लवर की बड़ी फैन फॉलोइंग है। इंस्टाग्राम पर चावला मोबाइल के 1 लाख 45 हजार फॉलोअर्स हैं। दुकान मालिक का नाम अंकुश चावला है, जिन्हें फिरौती के लिए कॉल आ रही थीं। बताया जा रहा है कि फायरिंग 4 बजे की गई है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… बटाला में पूर्व सरपंच पर ताबड़तोड़ फायरिंग, 4 गोलियां चलाईं, जवाबी फायरिंग से बचे पंजाब के गुरदासपुर स्थित बटाला में शनिवार सुबह शिरोमणि अकाली दल नेता और पूर्व सरपंच के घर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी गई। मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात हमलावरों ने लगातार 4 शूट किए। पढ़ें पूरी खबर…
होशियारपुर जिले के गढ़शंकर के वार्ड नंबर 4 में अवैध और गलत तरीके से नए वोट बनाए जाने का आरोप लगा है। इसकी शिकायत स्टेट इलेक्शन कमीशन को की गई है। शिकायतकर्ता कुलविंदर सिंह पुत्र गुरमीत सिंह निवासी वार्ड नं. 5, गढ़शंकर के अनुसार चुनाव आयोग की तरफ से वोट बनाने की अंतिम तिथि बीत जाने के बाद भी मिलीभगत से 159+208 अवैध वोट बनाई गईं। इनमें से कई वोटरों का संबंध बलाचौर क्षेत्र से है जिन्होंने वहां जिला परिषद और ब्लॉक समिति के चुनावों में मतदान भी किया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि गढ़शंकर में न रहने वाले बाहरी लोगों के वोट सिर्फ सत्ता पक्ष को राजनीतिक लाभ पहुंचाने और एक करीबी रिश्तेदार को चुनाव लड़ाने के उद्देश्य से बनाए गए हैं, जिसमें कई वोटों के लिए एक ही मोबाइल नंबर दर्ज किया गया है और बहुत सारे वोटों में गढ़शंकर के पते पर मकान नंबर 0 लिखवाया गया है। इस गड़बड़ी और धक्केशाही को रोकने, अवैध वोटों को निरस्त करने तथा संबंधित अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने के लिए एसडीएम गढ़शंकर को भी लिखित शिकायत दी गई थी, पर कोई कार्रवाई नहीं हो पाई।शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि गढ़शंकर हलके के सत्ता में मौजूद एक नेता ने राजनीकित फायदे के लिए और अपने रिश्तेदार तो ब्लॉक समीति चुनाव में जितवाने के लिए ये सब किया गया है। जिनकी वोटें यहां बनाई गई हैं, उनकी वोटें उनके पैतृक गांवों में भी मौजूद हैं। बहुत सारी वोटें ऐसी हैं जिनमें गढ़शंकर के रिहाइश के एड्रेस (पते) में मकान नंबर 0 (जीरो) लिखा गया है। स्टेट इलेक्शन कमीशन को दी शिकायत में मांग की गई है कि गढ़शंकर, जिला होशियारपुर में नगर कौंसिल के चुनावों में कुछ राजनीतिक नेताओं और सरकारी अधिकारियों की मिलीभगत के कारण सरेआम धक्केशाही हो रही है, इसके खिलाफ जांच करवाई जाए। दावा-एड्रेस कहीं दूसरी जगह से वार्ड 4 में बना दिए वोटशिकायतकर्ता कुलविंददर ने आरोप लगाया है कि शहर के अन्य वार्डों की वोटें वार्ड नं. 4 में शिफ्ट की गई हैं। इसके लिए स्टेट इलेक्शन कमीशन चंडीगढ़ को वोटर लिस्ट भी मार्क कर सौंपी गई है। इसमें दावा किया गया है कि मार्क किए गए वोटरों का निवास वार्ड नं. 4 में नहीं है। वोटर सूची सूची संबंधी आपत्ति देने की आखिरी तारीख 6 मई 2026 थी, जबकि इन दोनों लिस्टों में वोट बनाने की तारीख 8 मई 2026 और 9 मई 2026 है। इसलिए कैंडिडेट्स को आपत्ति के अधिकार से वंचित किया गया है। यह इलेक्शन के नियमों का उल्लंघन है, किसी एक पक्ष को नाजायज फायदा पहुंचाने वाली बात है, इन वोटों की जांच की जाए और इन वोटों को काटा जाए तथा बनती कानूनी कार्रवाई की जाए। 100 से ज्यादा वोट एक मोबाइल नंबर पर दर्जशिकायतकर्ता कुलविंददर ने स्टेट इलेक्शन कमीशन को लिखे पत्र में दावा किया है कि इन वोटों में बहुत सारे वोटर बलाचौर हलके से संबंधित हैं। इनकी हमने अपने लेवल पर वेरिफिकेशन की है और यह वोटर बलाचौर हलके में जिला परिषद और ब्लॉक समिति में वोटर थे और अपनी वोटें वहां पोल की थीं और अब इनकी वोटें वार्ड नं. 4, गढ़शंकर में बनाई गईं ताकि सत्ता पक्ष को इसका फायदा पहुंचाया जा सके। उन वोटरों की रिहाइश गढ़शंकर में नहीं है और उन वोटर के मोबाइल नंबर भी कई-कई वोटों के लिए एक ही दिया गया है और इन वोटों की संख्या करीब 100 है। सभी वोट 4 घरों में बनी हैं। यह मौजूदा पंजाब सरकार के नुमाइंदों की तरफ से की जा रही जोर-जबरदस्ती है।
अजमेर में राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी की ओर से 21 जून को NEET-UG री-एग्जाम 2025 का आयोजन होगा। इसके लिए अजमेर जिले में कुल 15 सरकारी केंद्र बनाए गए हैं। शहर में 9 केंद्रों पर 3600 और किशनगढ़ में 6 केंद्रों पर 2631 परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। जिले में कुल 6231 छात्र NEET की परीक्षा में शामिल होंगे। इसके लिए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। सभी अभ्यर्थियों का प्रवेश बायोमेट्रिक सत्यापन और फुल फ्रिस्किंग के बाद ही होगा। महिला अभ्यर्थियों की जांच महिला स्टाफ ही करेगी। हर परीक्षा कक्ष में जैमर और CCTV कैमरे लगाए गए। पूरी परीक्षा की वीडियोग्राफी अनिवार्य होगी। हर केंद्र पर फ्लाइंग स्क्वाड तैनात रहेगा। मेटल डिटेक्टर से हर अभ्यर्थी की जांच होगी। 100 अभ्यर्थियों पर एक पुलिस गार्ड तैनात रहेगा, जिसमें 50% महिला कार्मिक होंगी। प्रश्न-पत्र ले जाने से लेकर OMR जमा करने तक सशस्त्र पुलिस एस्कॉर्ट रहेगा। ड्यूटी पर लगे पुलिसकर्मी भी मोबाइल फोन इस्तेमाल नहीं कर सकेंगे। हर केंद्र के लिए एक नोडल पुलिस अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रश्न-पत्र स्ट्रॉन्ग रूम में 24x7 सशस्त्र पुलिस की निगरानी में रहेंगे। एग्जाम पेपर ले जाने वाले वाहनों की GPS ट्रैकिंग एग्जाम के प्रश्नपत्र और अन्य गोपनीय सामग्री को सुरक्षित तरीके से एग्जाम सेंटरों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी जिला प्रशासन, पुलिस और एस्कॉर्ट टीमों को दी गई है। सभी सेंटरों पर सेंटर सुपरिंटेंडेंट और इनविजिलेटर भी मौजूद रहेंगे। एग्जाम की सुरक्षा के लिए बहुस्तरीय व्यवस्था की गई है। गोपनीय प्रश्नपत्र और अन्य सामग्री सीलबंद प्रोटोकॉल के तहत रखे जाएंगे। एग्जाम सामग्री ले जाने वाले वाहनों में GPS ट्रैकिंग होगी और उन्हें पुलिस एस्कॉर्ट उपलब्ध कराया जाएगा। सभी एग्जाम सेंटर CCTV निगरानी में रहेंगे और उनकी लाइव मॉनिटरिंग सेंट्रलाइज कंट्रोल रूम से की जाएगी। एग्जाम के लिए घर से निकलने के पहले इन बातों का ध्यान रखें अभ्यार्थी NTA ने कहा है कि गर्मी और बड़ी संख्या में अभ्यर्थियों को ध्यान में रखते हुए सभी एग्जाम सेंटरों पर बिजली बैकअप, पर्याप्त रोशनी, पंखे, दीवार घड़ियां, पीने का पानी, शौचालय और मेडिकल सहायता की व्यवस्था की गई है। NTA के मुताबिक अभ्यर्थी पारदर्शी पानी की बोतल साथ ला सकेंगे। डायबिटिक अभ्यर्थियों को शुगर टैबलेट, केला, सेब और संतरा जैसे फल लाने की अनुमति होगी। वहीं, धार्मिक या पारंपरिक पोशाक पहनने वाले तथा फुल स्लीव या ऊनी कपड़े पहनने वाले अभ्यर्थियों को जांच प्रक्रिया के लिए और पहले पहुंचने की सलाह दी गई है। ………………
सागर जिले के रहली थाना क्षेत्र स्थित क्राइस्ट कॉन्वेंट स्कूल (पटना बुजुर्ग) के बैंक खाते से 4.15 लाख रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। अज्ञात व्यक्ति ने स्कूल के मोबाइल से सिम निकालकर नेट बैंकिंग के जरिए 9 से 11 जून के बीच इस राशि को अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिया। शुक्रवार को स्कूल प्रबंधन की शिकायत पर रहली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मामले में स्कूल के ही एक तकनीकी कर्मचारी पर शक जताया गया है। स्कूल की मैनेजर सिस्टर एलसी पोरोलीपरमबिल ने पुलिस को बताया कि प्रिंसिपल पेल्लीशेरी पोरिचु जानसी 5 जून से केरल अवकाश पर गई थीं, जिससे स्कूल की पूरी जिम्मेदारी उनके पास थी। स्कूल के एसबीआई (SBI) खाते का संचालन ऑफिस इंचार्ज केवी रोसिली सिस्टर करती हैं। ऑफिस के तकनीकी कामों के लिए सागर के तिली रोड निवासी हर्ष अग्रवाल को रखा गया था। 9 जून को जब रोसिली सिस्टर ने योनो (YONO) नेट बैंकिंग से बिजली और इंटरनेट का बिल जमा किया, तब ऑफिस में हर्ष उनके पास ही बैठा था। दोबारा बिल जमा करने पर नहीं आया OTP, तब खुली पोल15 जून को जब ऑफिस इंचार्ज रोसिली सिस्टर ने दोबारा बिजली बिल जमा करने के लिए नेट बैंकिंग का उपयोग किया, तो मोबाइल पर ओटीपी (OTP) नहीं आया। फोन चेक करने पर पता चला कि उसमें से सिम ही गायब थी। इसके बाद सिस्टर एलसी और रोसिली ने रहली स्थित एसबीआई शाखा जाकर खाते का स्टेटमेंट निकलवाया, जिसमें 4.15 लाख रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। तीन दिन में पांच किस्तों में ट्रांसफर किए गए पैसेबैंक स्टेटमेंट के अनुसार, 9 से 11 जून के बीच खाते से पांच किस्तों में राशि ट्रांसफर की गई थी। 9 जून को दो किस्तों में एक-एक लाख रुपए, 10 जून को 50 हजार रुपए और 11 जून को एक लाख व 65 हजार रुपए किसी अन्य खाते में भेजे गए। इस पूरी धोखाधड़ी के बाद स्कूल के खाते में मात्र 141.78 रुपए ही शेष बचे थे। पुलिस ने मामला दर्ज कर संदेही की तलाश शुरू कीमैनेजर सिस्टर की शिकायत के बाद रहली थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए धोखाधड़ी का प्रकरण दर्ज कर लिया है। प्रबंधन ने शक जताया है कि कर्मचारी हर्ष को नेट बैंकिंग का पासवर्ड पता था और छुट्टियां होने के कारण वही ऑफिस आ रहा था। पुलिस ने संदेही कर्मचारी की जानकारी जुटाकर उसकी तलाश और मामले की विस्तृत जांच शुरू कर दी है।
सिटी स्टेशन पर24 घंटे मुफ्त मिलेंगे मोबाइल व लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स
भास्कर न्यूज| जालंधर जालंधर सिटी रेलवे स्टेशन पर सफर करने वाले यात्रियों के लिए एक राहत भरी खबर है। रेलवे प्रशासन ने स्टेशन पर यात्रियों की सुविधा को बढ़ाते हुए आठ से दस नए मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग पॉइंट्स स्थापित किए हैं। इन चार्जिंग पॉइंट्स की मदद से अब यात्री स्टेशन पर किसी भी समय, यानी 24 घंटे अपने मोबाइल और लैपटॉप को मुफ्त में चार्ज कर सकेंगे। इससे पहले सिटी रेलवे स्टेशन पर मोबाइल और लैपटॉप चार्जिंग को लेकर यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता था। चार्जिंग सॉकेट न होने या खराब होने की स्थिति में, यात्रियों को मजबूरी में प्लेटफॉर्म पर मौजूद वेंडरों (दुकानदारों) या अन्य अजनबियों के आगे मिन्नतें करनी पड़ती थीं। कई बार तो इस चक्कर में यात्रियों के फोन चोरी होने का खतरा भी बना रहता था। लंबी दूरी की ट्रेनों का इंतजार करने वाले यात्रियों के लिए यह समस्या और भी गंभीर थी। उधर, रेलवे के इस कदम से अब यात्रियों को किसी दूसरे पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। विशेषकर कामकाजी लोगों और छात्रों ने इस सुविधा की सराहना की है, जिनका सफर के दौरान फोन या लैपटॉप डिस्चार्ज हो जाता था। स्टेशन प्रशासन का कहना है कि इन पॉइंट्स की देखरेख की जाएगी ताकि यात्रियों को हमेशा चालू हालत में चार्जिंग की सुविधा मिलती रहे।
किशनगंज में स्मैक के कारोबार पर नकेल कसने के लिए बहादुरगंज पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। इसी कड़ी में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 6.91 ग्राम स्मैक की 39 पुड़िया, 1 लाख 29 हजार 135 रुपये नकद और 4 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। गिरफ्तार तस्कर को शुक्रवार शाम को जेल भेज दिया गया है। दरअसल, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि झींगाकाटा पंचायत के वार्ड नंबर 14 स्थित बैसा जुरैल पुराने पेट्रोल पंप के पास स्मैक की खरीद-बिक्री हो रही है। सूचना पर एसआई राम बाबू चौधरी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की। मौके से रहमतनगर वार्ड नंबर 7 नगर पंचायत निवासी 20 वर्षीय लाडला अंसारी, पिता गफ्फार अंसारी को पकड़ लिया गया। 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए वही तलाशी के दौरान लाडला के पास से 39 छोटी पुड़िया में रखा 6.91 ग्राम स्मैक मिला। इसके अलावा उसके पास से 1,29,135 रुपये कैश और 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धाराओं में केस दर्ज कर उसे शुक्रवार को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। गौरतलब हो कि, बहादुरगंज पुलिस पिछले 2-3 महीनों से स्मैक कारोबारियों पर लगातार छापेमारी कर रही है। कई जगहों से भारी मात्रा में मादक पदार्थ बरामद कर आरोपियों को जेल भेजा जा चुका है। इसके बावजूद इलाके में स्मैक का कारोबार थमने का नाम नहीं ले रहा है। पुलिस का कहना है कि नशे के इस धंधे को जड़ से खत्म करने के लिए अभियान और तेज किया जाएगा।
बलरामपुर जिले के सामरी थाना क्षेत्र में एक सहायक शिक्षिका ने अपना मोबाइल नंबर हैक कर अश्लील सामग्री प्रसारित किए जाने का आरोप लगाया है। शिक्षिका ने परिजनों और ग्रामीणों के साथ सामरीपाठ थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पीड़िता सुसाना खलखो, निवासी ग्राम सराईटोली भंडारडीपा, वर्तमान में शासकीय प्राथमिक शाला भंडारडीपा में सहायक शिक्षिका के पद पर कार्यरत हैं। उन्होंने शिकायत में बताया कि उनका मोबाइल नंबर 18 जून से किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा हैक कर लिया गया है। व्हाट्सएप ग्रुपों में भेजे जा रहे आपत्तिजनक संदेश शिक्षिका के अनुसार, हैक किए गए नंबर का उपयोग कर विभिन्न व्हाट्सएप समूहों में अश्लील वीडियो, आपत्तिजनक संदेश, अभद्र डीपी और स्टेटस साझा किए जा रहे हैं। इससे उनकी छवि और सामाजिक प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंच रहा है। मानसिक रूप से परेशान हैं पीड़िता पीड़िता ने बताया कि इस घटना के कारण उन्हें मानसिक तनाव और सामाजिक असहजता का सामना करना पड़ रहा है। गांव और परिचितों के बीच गलत संदेश जाने से उनकी प्रतिष्ठा प्रभावित हुई है। साइबर जांच की मांग शिक्षिका ने पुलिस से मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर जांच कराने, मोबाइल नंबर हैक करने वाले व्यक्ति की पहचान करने और उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने शुरू की जांच सामरी पुलिस ने आवेदन प्राप्त होने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस तकनीकी सबूतों और साइबर माध्यमों से यह पता लगाने का प्रयास कर रही है।
कानपुर देहात के सिकंदरा थाना क्षेत्र में देर रात लूट की एक घटना सामने आई है। उर्स से लौट रहे एक युवक को कार सवार बदमाशों ने रोककर उसके साथ मारपीट की, मोबाइल फोन लूटा और उसके बैंक खाते से यूपीआई के जरिए हजारों रुपये ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, डेरापुर कस्बा निवासी मोहम्मद तालिब 15 जून की रात अपने साथी के साथ सिकंदरा कस्बे में आयोजित उर्स में शामिल होने गए थे। 16 जून की तड़के करीब तीन बजे बिरहाना पुल के पास कुछ अज्ञात कार सवारों ने उनकी बाइक रुकवा ली। बदमाशों ने मोहम्मद तालिब के साथ मारपीट की और उसका वीवो वी-29 मोबाइल फोन छीन लिया। पीड़ित का आरोप है कि आरोपियों ने जबरन उसका यूपीआई पिन नंबर पूछकर उसके बैंक खाते से करीब 7,300 रुपये भी ट्रांसफर कर लिए। विरोध करने पर बदमाशों ने उसे और पीटा, जिससे उसे चोटें आईं। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित मोहम्मद तालिब ने सिकंदरा थाने पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ लूट, मारपीट और संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
केंद्र सरकार की नई व्यवस्था के तहत अब राशन सब्सिडी सीधे बैंक खाते में भेजने के बजाय PNB Digital Rupee मोबाइल ऐप के माध्यम से दी जाएगी। यूटी प्रशासन ने लाभार्थियों को चेतावनी दी है कि निर्धारित प्रक्रिया पूरी नहीं करने पर उनकी सब्सिडी रुक सकती है। प्रशासन के अनुसार, शहर में 40 हजार से अधिक लाभार्थी ऐप डाउनलोड कर रजिस्ट्रेशन कर चुके हैं, लेकिन अभी भी करीब 25 हजार लोगों ने यह प्रक्रिया पूरी नहीं की है। इनमें मलोया, मौली जागरां, मनीमाजरा, बुडैल, पलसोरा और सेक्टर-25 सहित कई क्षेत्रों के लाभार्थी शामिल हैं। शहरभर में लगाए गए विशेष कैंप लाभार्थियों की सुविधा के लिए प्रशासन ने विभिन्न कम्युनिटी सेंटरों में विशेष शिविर शुरू किए हैं। ये कैंप प्रतिदिन सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक संचालित किए जा रहे हैं। यह कैंप मलोया, विकास नगर (मौली जागरां), मनीमाजरा (RIMT स्कूल के पास), सेक्टर-25, सेक्टर-30, सेक्टर-40, सेक्टर-56, रामलीला ग्राउंड, बुरैल, कजहेड़ी, हल्लोमाजरा, मिल्क कॉलोनी, धनास, डड्डूमाजरा, रामदरबार, बुटरेला और बापूधाम लगाए जा रहे हैं। कैंप में जाते समय ये दस्तावेज साथ रखें प्रक्रिया पूरी करने के लिए लाभार्थियों को अपने साथ पहचान संबंधी कार्ड, लिंक किया हुआ मोबाइल फोन लेकर जाना होगा, ताकि ओटीपी के माध्यम से सत्यापन किया जा सके। घर बैठे भी कर सकते हैं रजिस्ट्रेशन जिन लाभार्थियों ने पहले ही अपनी जानकारी विभाग को उपलब्ध करवा दी है, वह घर बैठे भी प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। इसके लिए Google Play Store या Apple App Store से PNB Digital Rupee ऐप डाउनलोड करें। मोबाइल नंबर के माध्यम से लॉगिन करें। उसके बाद आवश्यक जानकारी भरकर रजिस्ट्रेशन पूरा करें। इन क्षेत्रों में सबसे कम रजिस्ट्रेशन प्रशासन के मुताबिक मलोया, मौली जागरां, मनीमाजरा, सेक्टर-25, बुरैल, सेक्टर-55, सेक्टर-56, हल्लोमाजरा और पलसोरा क्षेत्रों में बड़ी संख्या में लाभार्थियों ने अभी तक ऐप डाउनलोड नहीं किया है। अधिकारियों ने अपील की है कि सभी पात्र लाभार्थी जल्द से जल्द प्रक्रिया पूरी करें, ताकि भविष्य में राशन सब्सिडी प्राप्त करने में किसी प्रकार की परेशानी न हो।
महेंद्रगढ़ पुलिस ने UP से महिला को किया गिरफ्तार:चोरी के 2 मोबाइल और 3 हजार कैश बरामद; कोर्ट में पेश
महेंद्रगढ़ जिला पुलिस ने चोरी के एक मामले में उत्तर प्रदेश से एक महिला को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से दो मोबाइल फोन और तीन हजार रुपए नकद बरामद किए गए हैं, उसे आज कोर्ट में पेश किया गया। यह गिरफ्तारी महेंद्रगढ़ पुलिस द्वारा अपराधों पर अंकुश लगाने के अभियान के तहत की गई। मामले में शिकायतकर्ता सोनू निवासी कोटिनगर उत्तर प्रदेश (जो वर्तमान में कनीना में रह रहा है), ने थाना शहर कनीना में शिकायत दर्ज कराई थी। कमरे से चोरी हुए थे मोबाइल सोनू ने अपनी शिकायत में बताया था कि 11 जून की रात को उसके कमरे से उसका और उसके एक साथी का मोबाइल फोन तथा नकदी चोरी हो गई थी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। महिला आरोपी से पूछताछ जारी पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मुन्नी निवासी तिलवाड़ा उत्तर प्रदेश को उसके गांव तिलवाड़ा क्षेत्र से गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान पुलिस ने उसके कब्जे से दो मोबाइल फोन और तीन हजार रुपए नकद बरामद किए। पुलिस द्वारा महिला आरोपी से पूछताछ की जा रही है।
जामताड़ा साइबर पुलिस ने तीन साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। एसपी शंभू कुमार सिंह ने शुक्रवार को बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर इन अपराधियों को पकड़ा गया। गिरफ्तार किए गए अपराधियों की पहचान सनातन दास (30 वर्ष, ग्राम नवाडीह), नितेश दास (22 वर्ष, ग्राम पोसोई, थाना जामताड़ा) और हिरण अंसारी (26 वर्ष, ग्राम लोहरबांधा, थाना करमाटांड़) के रूप में हुई है। जामताड़ा थाना क्षेत्र के सुपाईडीह गांव में छापेमारी के दौरान दो साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया। इसके अतिरिक्त, करमाटांड़ थाना क्षेत्र के पिपराडीह मैदान के पास से एक अन्य अपराधी को पकड़ा गया। पुलिस ने इनके पास से 9 मोबाइल फोन और 22 सिम कार्ड बरामद किए हैं। बैंकिंग समस्याओं का बहाना बनाकर करते थे ठगी पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी सनातन दास और नितेश दास यूनियन बैंक और एक्सिस बैंक के अधिकारी बनकर लोगों को फोन करते थे। वे केवाईसी अपडेट, खाता बंद होने या अन्य बैंकिंग समस्याओं का बहाना बनाकर गोपनीय जानकारी हासिल करते थे और फिर ठगी करते थे। वहीं, हिरण अंसारी खुद को फर्जी बैंक अधिकारी बताकर लोगों को क्रेडिट कार्ड बंद होने या नया कार्ड जारी कराने का झांसा देता था। इसी बहाने वह साइबर धोखाधड़ी को अंजाम देता था।
गुरुग्राम जिले में 3 दिन पहले पकड़े गए 13 बांग्लादेशी नागरिकों से पुलिस पूछताछ में चौकाने वाली जानकारी सामने आई है। इन्होंने पुलिस के सामने अपने मददगारों के नाम उगले और गुरुग्राम के साथ दिल्ली एनसीआर में छिपकर रह रहे 100 से ज्यादा अवैध तरीके से भारत आए लोगों के बारे में जानकारी दी है। इस इनपुट के बाद गुरुग्राम क्राइम ब्रांच की टीमें बताई गई लोकेशनों पर संदिग्ध लोगों की स्क्रीनिंग कर रही है। इन्होंने खुलासा किया कि एजेंटों की मदद से प्रति व्यक्ति 15 हजार रुपए लेकर भारत-बांग्लादेश सीमा पार कराई जाती है। इन सभी 13 बांग्लादेशी नागरिकों को डिटेंशन सेंटर में रखा गया है। जहां से इन्हें डिपोर्ट करने की कार्रवाई की जा रही है। डिटेंशन सेंटर भेजने से पहले पुलिस की अपराध शाखा इनसे लंबी पूछताछ कर रही है। मोबाइल डिटेल से मिली जानकारी बंगलादेशियों से बरामद मोबाइल की जब साइबर एक्सपर्ट्स जांच तो अवैध प्रवासियों के पूरे नेटवर्क का खुलासा हुआ। फोन से कई ऐसे वॉट्सऐप ग्रुप और मैसेंजर चैट्स मिले हैं, जिनके जरिए ये भारत में अवैध रूप से प्रवेश करने और यहां बसने के लिए एक-दूसरे के संपर्क में थे। कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स से मिल रही जानकारी पुलिस इनके फोन नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड्स को खंगाल रही है, जिससे यह पता चला है कि गुरुग्राम और दिल्ली में इनके स्थानीय मददगार कौन हैं, जो काम दिलवाने से लेकर रहने की व्यवस्था तक करते है। सोशल मीडिया ऐप और फोन की जीपीएस लोकेशन हिस्ट्री के जरिए पुलिस उन ठिकानों का पता लगा रही है, जहां ये लोग पिछले कुछ महीनों के दौरान ठहरे थे या जहां इनके अन्य साथी वर्तमान में रह रहे हैं। कंस्ट्रक्शन साइट हॉट स्पॉट पुलिस ने गुरुग्राम में 100 से अधिक ऐसे हॉट-स्पॉट चिन्हित किए हैं, जहां अवैध प्रवासियों के छिपे होने की सबसे ज्यादा संभावना रहती हैं। इनमें अवैध झुग्गी-बस्तियां,चौक-चौराहे और निर्माणाधीन साइट्स सबसे ज्यादा हैं। यहां बड़े रियल एस्टेट प्रोजेक्ट्स, गगनचुंबी इमारतों और बुनियादी ढांचा परियोजनाओं की साइट्स, जहां बड़े पैमाने पर बाहरी मजदूरों को काम पर रखा जाता है। इसके अलावा शहर के आउटर इलाकों, सेक्टरों के खाली प्लॉटों और एक्सप्रेस-वे के किनारे बसीं अवैध झुग्गियां, जहां बिना किसी पहचान पत्र के लोग आसानी से किराए पर रह जाते हैं। शहर के प्रमुख लेबर चौक जहां रोजाना सुबह देहाड़ी मजदूर काम की तलाश में इकट्ठा होते हैं। अवैध रूप से आए नागरिकों की तलाश जारी पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि रेजिडेंट वेलफेयर एसोसिएशन, सोसाइटियों के प्रबंधकों और मकान मालिकों से अपील गई है कि काम करने वाले या किराए पर रहने वाले हर व्यक्ति का पुलिस सत्यापन करवाना अनिवार्य है। यदि उन्हें अपने आसपास किसी भी संदिग्ध व्यक्ति की गतिविधि दिखे, तो तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचित करें। उन्होंने बताया कि अवैध रूप से रह रहे विदेशी नागरिकों की तलाश के लिए पुलिस का सर्च अभियान जारी है। पुलिस दिन और रात में हॉट-स्पॉट इलाकों में जांच लोगों की नागरिकता की जांच कर रही है।
जांजगीर-चांपा पुलिस ने चांपा रेलवे स्टेशन के बाहर सो रहे एक युवक का मोबाइल चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 24,499 रुपए कीमत का चोरी हुआ वीवो मोबाइल भी बरामद कर लिया है। यह घटना 17 जून की रात की है। फरसवानी, थाना उरगा निवासी रोशन विश्वकर्मा रायगढ़ से ट्रेन द्वारा चांपा पहुंचे थे। देर रात होने के कारण वे रेलवे स्टेशन के बाहर ही सो गए। सुबह करीब चार बजे एक व्यक्ति उनके पास आया और सफाई का बहाना बनाकर उन्हें वहां से उठने को कहा। जब रोशन विश्वकर्मा जागे और अपनी जेब जांची, तो उनका मोबाइल फोन गायब था। पीड़ित ने तुरंत चांपा थाने पहुंचकर घटना की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 303(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने पीड़ित से पूछताछ के आधार पर रेलवे स्टेशन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। फुटेज की जांच के बाद संदिग्ध की पहचान चांपा थाने के सूचीबद्ध गुंडा बदमाश जितेंद्र नायक उर्फ जीतू के रूप में हुई। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर कोरबा रोड, चांपा निवासी 28 वर्षीय जितेंद्र नायक उर्फ जीतू को हिरासत में ले लिया। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने रेलवे स्टेशन के बाहर सो रहे युवक का मोबाइल चोरी करने की बात कबूल कर ली। उसकी निशानदेही पर चोरी हुआ वीवो मोबाइल बरामद कर लिया गया। आरोपी को विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर न्यायालय में पेश किया गया है।
सोनीपत के मुरथल में नेशनल हाईवे पर एक सरकारी बैंक कर्मचारी की बुजुर्ग मां से लूट की वारदात हुई है। मुरथल हवाई अड्डा ढाबे के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने इंडिया पोस्ट बैंक के कर्मचारी की कार रुकवाकर उनकी मां को धक्का दिया और रुपयों और मोबाइल से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर मुरथल थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अंबाला शहर के बलदेव नगर (सेक्टर-7) निवासी मुकुल जोगिंद्र पाल ने पुलिस को बताया कि वह इंडिया पोस्ट बैंक में कार्यरत हैं। 17 जून 2026 को वह अपनी मां पूनम कालड़ा के साथ कार से दिल्ली से अंबाला लौट रहा था। मुरथल हवाई अड्डा ढाबे के पास हेलमेट पहने दो बाइक सवारों ने उनकी कार को रोका और बताया कि टायर में खराबी है। टायर की जांच करने नीचे उतरा था बैंक कर्मी मुकुल जैसे ही टायर की जांच करने के लिए कार से नीचे उतरा, तो एक बदमाश ने कार की खिड़की से उसकी मां पूनम को धक्का दिया। बदमाश ने महिला के हाथ से बैग छीन लिया और दोनों आरोपी बाइक पर बैठकर मौके से फरार हो गए। इस अचानक हुई वारदात के कारण पीड़ित बाइक का नंबर नोट नहीं कर पाए। छीने गए बैग में लगभग 3 से 4 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन था। मुरथल थाना पुलिस ने मुकुल की शिकायत पर अज्ञात बाइक सवार बदमाशों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 304 (झपटमारी/लूट) के तहत मुकदमा नंबर 186 दर्ज किया है। पुलिस हाईवे और आसपास के ढाबों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार किया जा सके।
सिरसा जिले में सीआईए स्टाफ कालांवाली और ड्रग विभाग की संयुक्त टीम ने मेडिकल नशे के खिलाफ अभियान के तहत एक कार्रवाई की है। टीम ने पंजाब बस स्टैंड क्षेत्र स्थित एक मोबाइल शॉप पर छापा मारकर भारी मात्रा में नशे में इस्तेमाल होने वाली दवाइयां बरामद कीं। पुलिस ने दुकान संचालक को हिरासत में ले लिया है और आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस अधीक्षक जसलीन कौर के निर्देश पर 17 जून को यह कार्रवाई की गई। गुप्त सूचना के आधार पर की गई तलाशी के दौरान दुकान में छिपाकर रखे गए 1200 नशीले कैप्सूल और 890 नशीली गोलियां मिलीं। दुकान संचालक इन दवाइयों से संबंधित कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान जोगिंदर सिंह के रूप में हुई है, जिसे हिरासत में लिया गया है। मामले में आगे की जांच और कार्रवाई ड्रग कंट्रोल ऑफिसर सिरसा केशव वशिष्ठ द्वारा की जा रही है। पहले भी जेल जा चुका है आरोपी पुलिस रिकॉर्ड से पता चला है कि आरोपी जोगिंदर सिंह पहले भी मेडिकल नशे के मामले में गिरफ्तार हो चुका है। वर्ष 2025 में सीआईए कालांवाली ने उसे 72,400 नशीली गोलियां और कैप्सूल की खेप के साथ पकड़ा था। इसके बावजूद वह दोबारा इस अवैध कारोबार में संलिप्त पाया गया। डबवाली पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि नशा तस्करी, मेडिकल नशे की अवैध बिक्री या किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना हेल्पलाइन 1933, मानस पोर्टल, डबवाली पुलिस के मोबाइल नंबर 9138999748 या नजदीकी थाना-चौकी में दें। सूचना देने वाले की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
लुधियना में थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने मोबाइल स्नेचिंग और बाइक चुराने वाले गैंग के 3 लुटेरों को पकड़ा है। इन आरोपियों ने अभी तक 16 वारदातों को अंजाम दिया है। आरोपियों से पुलिस को 12 मोबाइल और 4 बाइक चोरी के मिले है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर मामले की गहनता से जांच कर रही है। अशोक नगर से मोबाइल झपटमारी की हुई थी वीडियो वायरल ADCP समीर वर्मा ने कहा कि हाल ही में मोहल्ला अशोक नगर से एक वीडियो सामने आया था, जहां बेटी के साथ दवाई लेने जा रही एक महिला को बाइक सवार बदमाशों ने निशाना बना लिया। पीड़ित महिला अनीता घर से दवाई लेने के लिए मोहल्ले की एक दुकान पर जा रही थी। इसी दौरान स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार 2 बदमाश उसके पास आए और झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन ले गए थे। आरोपियों पर हैं 4 मामले दर्ज ADCP समीर वर्मा के मुताबिक आरोपियों की पहचान करन मसीह, फुम्मन सिंह और राहुल को गिरफ्तार किया।आरोपियों से 4 बाइक बरामद किए। 1 बाइक वारदात में इस्तेमाल किया वह भी बरामद किया है। आरोपियों के खिलाफ कुल 4 मामले पहले दर्ज है। सभी आरोपियों की आयु 24 से 25 साल है। ये आरोपी नशा करने के आदी है। नशे की पूर्ति के लिए बदमाश वारदातों को अंजाम देते थे। आरोपियों के नेटवर्क को खंगाल रही पुलिस लुटेरे बाइक चुरा आगे किसे बेचते थे या पुर्जा-पुर्जा करके कबाड़ में सप्लाई करते थे इसकी जांच करवाई जा रही है। वहीं बाइक मास्टर चाबी से खोलते थे या किसी अन्य तरीके से यह भी आरोपियों से पूछा जा रहा है। उम्मीद है कि जल्द इस केस में और भी अहम खुलासे हो सकते है।
महराजगंज पुलिस ने 105 गुम मोबाइल बरामद किए:31 लाख रुपये की संपत्ति उनके मालिकों को लौटाई
महराजगंज पुलिस की सर्विलांस सेल ने 105 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए हैं। इन बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 31 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देशन में की गई। सर्विलांस सेल ने यह सफलता सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल, आईएमईआई नंबर ट्रैकिंग और आधुनिक तकनीकी संसाधनों का उपयोग करके हासिल की। टीम ने विभिन्न माध्यमों से प्राप्त शिकायतों और प्रार्थना पत्रों के आधार पर मोबाइलों की खोजबीन की। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के नेतृत्व में चलाए जा रहे इस अभियान के तहत, पिछले तीन महीनों में जनपद पुलिस अब तक कुल 307 मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 90 लाख रुपये है। यह उपलब्धि तकनीक आधारित पुलिसिंग के प्रति पुलिस की प्रतिबद्धता को दर्शाती है। गुरुवार को पुलिस आफिस में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान सभी आवश्यक वैधानिक प्रक्रियाएं पूरी करने के बाद मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे गए। अपना खोया मोबाइल वापस पाकर लोगों ने महराजगंज पुलिस और पुलिस अधीक्षक के प्रति आभार व्यक्त किया। कई मालिकों ने कहा कि उन्हें मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी। इस अवसर पर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सर्विलांस सेल की टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि जनता की छोटी से छोटी समस्या का समाधान करना पुलिस की प्राथमिक जिम्मेदारी है। उन्होंने यह भी बताया कि आधुनिक तकनीक के उपयोग से पुलिसिंग को अधिक प्रभावी बनाया जा रहा है और नागरिकों की संपत्ति की सुरक्षा के लिए हर संभव प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस अधीक्षक ने लोगों से अपील की कि मोबाइल फोन चोरी या गुम होने की स्थिति में तत्काल नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं। उन्होंने सीईआईआर पोर्टल पर भी जानकारी दर्ज करने की सलाह दी, जिससे मोबाइल की बरामदगी की संभावना बढ़ सके।
जालंधर के भगवान वाल्मीकि चौक के पास एक पुलिसकर्मी की कार और रेहड़ी के बीच टक्कर के बाद हंगामा हो गया। रेहड़ी चालक और एक सिख युवक ने पुलिसकर्मी पर शराब के नशे में गाड़ी चलाने, लापरवाही बरतने और मारपीट करने के आरोप लगाए हैं। वहीं, पुलिसकर्मी का कहना है कि हादसे के बाद कुछ लोगों ने उसके साथ हाथापाई की और उसकी कार से मोबाइल फोन छीन लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। सूचना मिलते ही थाना-4 की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार, यह घटना पुरानी कचहरी के बाहर हुई। टक्कर के तुरंत बाद पुलिसकर्मी और रेहड़ी चालक के बीच कहासुनी शुरू हो गई, जो देखते ही देखते बड़े विवाद में बदल गई। घटनास्थल पर राहगीरों और स्थानीय लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें पुलिसकर्मी फोन वापस मांगते हुए देखा जा सकता है। पुलिसकर्मी का आरोप- रेहड़ी चालक ने बदसलूकी की पुलिसकर्मी का आरोप है कि हादसे के बाद रेहड़ी चालक ने उसके साथ बदसलूकी की। वह अपनी कार से जा रहा था, तभी सड़क किनारे खड़ी एक्टिवा से उसकी हल्की टक्कर हो गई। इस घटना में कोई नुकसान नहीं हुआ, लेकिन इसके बावजूद रेहड़ी चालक ने जबरन उसकी गाड़ी में हाथ डालकर उसका मोबाइल फोन निकाल लिया। पुलिसकर्मी पर नशे में होने का आरोप दूसरी ओर, रेहड़ी चालक और एक स्थानीय सिख युवक ने पुलिसकर्मी पर गंभीर आरोप लगाए हैं। युवक का दावा है कि पुलिसकर्मी शराब के नशे में गाड़ी चला रहा था। उसके अनुसार, पुलिसकर्मी पहले उसकी एक्टिवा को टक्कर मारने के बाद कुछ दूरी तक घसीटता ले गया और फिर रेहड़ी से जा टकराया। युवक ने बताया कि टक्कर इतनी जोरदार थी कि रेहड़ी पर रखा गर्म तेल उसके ऊपर गिरते-गिरते बचा। उसका आरोप है कि जब उन्होंने घटना का विरोध किया, तो पुलिसकर्मी ने उनके साथ हाथापाई और मारपीट की। हादसे में हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई पहले की जानी चाहिए। उसका कहना है कि नुकसान की भरपाई होने के बाद ही पुलिसकर्मी का मोबाइल फोन लौटाया जाएगा। घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने मामले को शांत कराया घटना के बाद रेहड़ी चालक ने मामले की सूचना थाना नंबर 4 की पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराकर उनके बयान दर्ज किए। पुलिस का कहना है कि सामने आए वीडियो और दोनों पक्षों के बयानों के आधार पर मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भीलवाड़ा में मोबाइल चोरी के शक में एक युवक को लोगों ने पकड़ लिया। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। गुस्साए लोगों ने युवक को घेर लिया, उसके साथ मारपीट की और उसे एक पेड़ से बांध दिया। मारपीट इतनी ज्यादा हुई कि उसकी शर्ट तक फट गई। युवक रोते हुए लोगों से उसे छोड़ने की गुहार लगाता रहा। सूचना मिलने पर प्रताप नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ के चंगुल से छुड़ाकर हिरासत में ले लिया। पुलिस ने उससे पूछताछ शुरू कर दी है। तलाशी के दौरान उसके पास से तीन मोबाइल फोन और कुछ नकदी भी बरामद हुई है। यह घटना भीलवाड़ा शहर के आजाद नगर क्षेत्र में बुधवार शाम की है। फोटोज में देखें… मोबाइल दुकान से चोरी के शक में पकड़ा गया युवक प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील बेड़ा ने बताया कि मामला शहर के आजाद नगर क्षेत्र का है। पुलिस को सूचना मिली थी कि एक युवक को पेड़ से बांधकर उसके साथ मारपीट की जा रही है। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। प्रारंभिक जानकारी में सामने आया कि युवक पर एक मोबाइल दुकान से मोबाइल चोरी करने का आरोप था। जैसे ही लोगों को कथित चोरी की जानकारी मिली, मौके पर बड़ी संख्या में भीड़ जमा हो गई और युवक को पकड़ लिया गया। थाना प्रभारी ने बताया कि युवक के पास से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। फिलहाल उसे चोरी के शक और बाजार में माहौल बिगाड़ने के लिए शांति भंग के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। बरामद मोबाइल किसके हैं, इसकी जांच साइबर एक्सपर्ट की मदद से की जा रही है और उनके वास्तविक मालिकों का पता लगाया जा रहा है। लोगों ने मारपीट कर पेड़ से बांधा भीड़ ने युवक के साथ मारपीट की और बाद में उसे पास में खड़े एक पेड़ से बांध दिया। इस दौरान युवक लोगों से रोते हुए छोड़ने की गुहार लगाता रहा और लगातार यह कहता रहा कि, ये मोबाइल मेरे हैं। घटना की सूचना किसी ने प्रताप नगर थाना पुलिस को दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर छुड़ाया सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को भीड़ से बचाकर अपने कब्जे में लिया। पुलिस ने युवक की तलाशी ली तो उसके पास से तीन मोबाइल और कुछ कैश बरामद हुआ। इसके बाद उसे थाने ले जाकर पूछताछ शुरू की गई। पुलिस के अनुसार प्रारंभिक जांच में युवक मानसिक रूप से डिस्टर्ब पाया गया। पूछताछ में उसने तीनों मोबाइल अपने द्वारा खरीदे हुए बताए हैं। कोई लिखित शिकायत नहीं मिली पुलिस को युवक के खिलाफ किसी भी व्यक्ति की ओर से कोई लिखित शिकायत नहीं मिली है। फिलहाल पुलिस ने उसे शांति भंग में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि बरामद तीनों मोबाइल की जांच साइबर एक्सपर्ट की मदद से करवाई जा रही है। मोबाइलों के वास्तविक मालिकों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अंबाला के नारायणगढ़ उपमंडल के अंतर्गत आने वाले गांव बरौली निवासी एक महिला को शादी के बाद दहेज के लिए प्रताड़ित करने, मारपीट करने और स्त्रीधन हड़पने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि सरकारी अस्पताल में कार्यरत उसके पति ने न केवल उससे लाखों रुपए ऐंठे, बल्कि बेटी के जन्म के बाद प्रताड़ना और बढ़ा दी। पुलिस ने पति के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। अस्पताल में काम करने के दौरान हुआ था प्रेम विवाह पुलिस को दी शिकायत में गांव बरौली निवासी अनुराधा ने बताया कि साल 2018 में वह नारायणगढ़ के एक निजी अस्पताल में काम करती थी। उसी अस्पताल में केरल के कोटयम जिले का रहने वाला श्यामराज भी कार्यरत था। करीब 2 साल तक साथ काम करने के दौरान दोनों के बीच प्रेम प्रसंग शुरू हो गया। आरोपी ने केरल में अपनी भारी संपत्ति का हवाला दिया, जिसके बाद दोनों के परिवारों की सहमति से 16 जून 2018 को हिंदू रीति-रिवाज से उनका विवाह संपन्न हुआ। शादी में पीड़िता के परिवार ने करीब 9 लाख रुपये खर्च किए थे। बेटी के जन्म के बाद बढ़ा दी प्रताड़ना, ऐंठे लाखों रुपये पीड़िता के अनुसार, शादी के बाद उसका पति अंबाला कैंट के सरकारी अस्पताल में नौकरी करने लगा। कुछ समय बाद ही आरोपी पति ने दहेज को लेकर ताने देने शुरू कर दिए और पैसों की मांग की। पीड़िता के माता-पिता ने अलग-अलग तारीखों में आरोपी को ₹6,50,000 नकद दिए और उसके कई लोन भी चुकाए। इसके अलावा रिश्तेदारों से भी 4 से 5 लाख रुपये उधार लिए गए। मई 2019 में जब पीड़िता ने एक बेटी को जन्म दिया, तो पति और ससुराल पक्ष के लोग भड़क गए। उन्होंने 'वंश आगे बढ़ाने' के लिए लड़का न होने का ताना देकर प्रताड़ना और मारपीट बढ़ा दी। पीड़िता ने पति पर शक्की मिजाज होने और अन्य लड़कियों के साथ अवैध संबंध रखने के भी गंभीर आरोप लगाए हैं। चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर हुआ हंगामा, भाई को भेजे तलाक के मैसेज पीड़िता ने बताया कि आरोपी पति उसे कुछ समय के लिए केरल स्थित अपने पैतृक घर छोड़ आया था, जहां उसे मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया गया। 8 अप्रैल 2026 को आरोपी पति उसे टिकट बुक कराकर चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर लेकर आया और वहां उसे छोड़कर भागने की कोशिश की। पीड़िता द्वारा 112 नंबर पर कॉल करने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को संभाला। इसके बाद पीड़िता अपने मायके आ गई। पीड़िता का आरोप है कि उसका पति अब उसके भाइयों के फोन पर तलाक के मैसेज भेज रहा है और राजीनामा न करने पर जान से मारने की धमकी दे रहा है। सास ससुर पर आरोप तय नहीं महिला थाना नारायणगढ़ की सब-इंस्पेक्टर (SI) पूजा ने जांच के दौरान दोनों पक्षों को आमने-सामने बुलाकर एडीआर सेंटर (ADR Center) नारायणगढ़ में काउंसलिंग भी कराई गई। पुलिस जांच के अनुसार, केरल निवासी ससुर, सास और देवर के खिलाफ सीधे तौर पर प्रताड़ना के ठोस साक्ष्य नहीं मिले, क्योंकि वे हिंदी बोलना नहीं जानते और देवर विदेश में था। पति के खिलाफ केस दर्ज आरोपी पति श्यामराज के खिलाफ आरोपों की पुष्टि होने पर पुलिस अधीक्षक (SP) अंबाला से अनुमति मांगी गई थी। अनुमति मिलने के बाद 16 जून को महिला थाना नारायणगढ़ में आरोपी पति के खिलाफ BNS की धारा 85, 115(2), 316(2) और 351(2) के तहत केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
जींद के पिल्लूखेड़ा थाना क्षेत्र के गांव खरक गागर से एक 26 वर्षीय महिला अपने दो मासूम बच्चों, 5 वर्षीय बेटी और 6 वर्षीय बेटे, के साथ संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। पति की शिकायत पर पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत गुमशुदगी का मामला दर्ज कर तीनों की तलाश शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता मिंटू, जो गांव खरक गागर के निवासी हैं, ने पुलिस को बताया कि वह कल दोपहर 12 बजे किसी काम से जींद गए थे। दोपहर करीब 4 बजे जब वह घर लौटे, तो उनकी 26 वर्षीय पत्नी, 5 वर्षीय बेटी और 6 वर्षीय बेटा घर पर नहीं मिले। देर रात तक भी तीनों वापस नहीं लौटे। मिंटू ने अपने स्तर पर सभी रिश्तेदारों और आस-पास के गांवों में उनकी काफी खोजबीन की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिल पाया। महिला अपने साथ मोबाइल नंबर 8307034269 लेकर गई है, जो कल दोपहर 3 बजे से ही बंद आ रहा है। लापता महिला का हुलिया 26 साल, सांवला रंग, 5 फुट 5 इंच कद और उसने लाल रंग का सूट व सलवार पहना हुआ है। बेटी की उम्र 5 साल है और उसने पीले रंग की टी-शर्ट व नीकर पहनी है। बेटे की उम्र 6 साल है और उसने लाल रंग की टी-शर्ट व नीकर पहनी है। बच्चों ने पैरों में नीले रंग के जूते पहने हुए हैं। पिल्लूखेड़ा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर 16 जून को BNS की धारा 127(6) के तहत केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच का जिम्मा एएसआई संजीत कुमार को सौंपा गया है। पुलिस मोबाइल नंबर की लोकेशन और संभावित ठिकानों पर दबिश देकर तीनों की तलाश में जुटी है।
जींद पुलिस ने नरवाना के हरियल चौक पर हुई मोबाइल छीनने की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है और शिकायतकर्ता से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधीक्षक कुलदीप सिंह के निर्देश पर जिले में अपराध और अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थाना शहर नरवाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए इन आरोपियों को पकड़ा। बाइक सवारों ने छीना था मोबाइल थाना शहर नरवाना प्रभारी के अनुसार, गांव बेलरखा निवासी संदीप ने शिकायत दर्ज कराई थी। संदीप ने बताया कि जब वह हरियल चौक नरवाना के पास से गुजर रहा था, तभी बाइक पर सवार तीन युवक उसके पास आए। उनमें से एक युवक ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया और अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। शिकायत मिलने के बाद थाना शहर नरवाना में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। उप निरीक्षक पवन कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए 16 जून 2026 को आरोपी सचिन निवासी हिसार रोड नरवाना, विशाल निवासी पंतराम नगर नरवाना और एक नाबालिग को संरक्षण में लिया है। मोबाइल फोन किया बरामद पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर शिकायतकर्ता का ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद किया गया। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद दोनों वयस्क आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया, जबकि नाबालिग को नियमानुसार उसके पिता के संरक्षण में सौंप दिया गया। बरामद मोबाइल को सील कर पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस ने दोनों गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जींद पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध संबंधी सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि समय पर प्रभावी कार्रवाई की जा सके।
कटनी: गुटखा फैक्ट्री से चोरी 5 मोबाइल बरामद:जबलपुर से दो नाबालिग दबोचे, 75 हजार के फोन जब्त
कटनी की कुठला थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी के एक मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने जबलपुर से दो नाबालिगों को गिरफ्तार कर उनके पास से 75,000 रुपये कीमत के 5 चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले का खुलासा कुठला थाना प्रभारी निरीक्षक अखलेश दाहिया ने बुधवार को एक प्रेस वार्ता में किया। थाना प्रभारी अखलेश दाहिया ने बताया कि सौरपुर, थाना पैहलानी, जिला बांदा (उत्तर प्रदेश) निवासी हिमांशु प्रजापति (21) ने शिकायत दर्ज कराई थी। हिमांशु कटनी के लमतरा स्थित एक गुटखा फैक्ट्री में कार्यरत है। 16 जून 2026 की रात को फैक्ट्री के कर्मचारी भोजन के बाद सो गए थे। सुबह लगभग 5 बजे हिमांशु की नींद खुली तो उसने देखा कि वहां रखे 5 मोबाइल फोन गायब थे। इनमें 2 ओप्पो, 2 रियलमी और 1 वीवो कंपनी के फोन शामिल थे, जिनकी कुल कीमत लगभग 75,000 रुपये थी। हिमांशु ने पाया कि उसके साथ काम करने वाले दो सहकर्मी मौके से गायब थे। काफी तलाश के बाद भी उनका पता नहीं चला, जिससे हिमांशु को उन पर मोबाइल चोरी कर भागने का संदेह हुआ। पीड़ित की शिकायत पर कुठला थाना पुलिस ने तत्काल अपराध क्रमांक 498/26, धारा 303(2) BNS के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए थाना प्रभारी ने एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया। टीम ने साइबर सेल की मदद से तकनीकी साक्ष्यों और मोबाइल लोकेशन को ट्रैक किया। लोकेशन से पता चला कि आरोपी चोरी के मोबाइलों के साथ जबलपुर भाग गए थे। कुठला पुलिस ने तुरंत जबलपुर में घेराबंदी कर कुछ ही घंटों के भीतर दोनों संदिग्ध नाबालिगों को हिरासत में ले लिया। माल बरामद, आरोपियों पर कार्रवाईपुलिस की कड़ी पूछताछ में दोनों नाबालिगों ने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने उनके पास से चोरी किए गए सभी 5 नग मोबाइल फोन (कीमत 75 हजार रुपये) सुरक्षित बरामद कर लिए हैं। दोनों आरोपियों के नाबालिग होने के कारण पुलिस द्वारा उनके खिलाफ बाल न्यायालय के नियमों के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस त्वरित और सफल कार्रवाई के लिए स्थानीय नागरिकों ने कुठला पुलिस टीम की सराहना की है।
कुंडा में 1.9 किलो गांजा बरामद, तीन हिरासत में:छापेमारी में वजन मशीन, नकदी और मोबाइल जब्त
देवघर जिले के कुंडा थाना क्षेत्र में पुलिस ने नशे के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए लगभग 1.9 किलोग्राम गांजा बरामद किया है। इस दौरान तीन लोगों को हिरासत में लिया गया है। बरामद गांजे की कीमत करीब 60 हजार रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने मौके से एक इलेक्ट्रॉनिक वजन मशीन, नकद राशि और कई मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। यह कार्रवाई जिले में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान का हिस्सा है। जानकारी के अनुसार, अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की गुप्त सूचना मिलने पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) कुलदीप कुमार के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। टीम ने सूचना के आधार पर कुंडा थाना क्षेत्र के एक संदिग्ध स्थान पर छापा मारा। पुलिस के पहुंचते ही वहां मौजूद लोगों में हड़कंप मच गया। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन संदिग्धों को मौके से हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से गांजा और अन्य सामान बरामद हुए। पुलिस ने सभी जब्त सामानों को विधिसम्मत प्रक्रिया के तहत अपने कब्जे में ले लिया है। इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी गई है। हिरासत में लिए गए लोगों से पूछताछ जारी है, जिसके आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में मुर्गा व्यवसायी से मारपीट कर कैश और मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने लूट का मोबाइल बरामद कर लिया है। वहीं वारदात में शामिल एक अन्य आरोपी पहले से ही दूसरे लूट के मामले में जेल में बंद है। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पुलिस के अनुसार, सुभाष नगर बंगाली कॉलोनी निवासी सुमित सिकदार (35) मुर्गा बिक्री का व्यवसाय करता है। 17 मार्च को उसने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह तुमीडीह बाजार से मुर्गा बेचकर बाइक से घर लौट रहा था। रात करीब 11.30 बजे उर्दना तिराहा के पास काले रंग की पल्सर बाइक पर सवार तीन युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए उसके साथ मारपीट की, जेब में रखे मुर्गा बिक्री के 7 हजार रुपए और मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। मोबाइल से पुलिस पहुंची आरोपियों तक इस मामले की जांच के दौरान पुलिस को लूटे गए मोबाइल के इस्तेमाल में होने की जानकारी मिली। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने मोबाइल इस्तेमाल कर रहे आदित्य चौधरी (21) निवासी धांगरडीपा को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने बताया कि उसने मोबाइल आशु बरेठ से मात्र 800 रुपए में खरीदा था। इसके बाद पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया। पूछताछ में खुला लूटकांड का राज पुलिस ने आशु बरेठ (19) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने अपने साथियों आशीष महंत और श्याम बरेठ के साथ मिलकर वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। आरोपियों ने बताया कि उर्दना तिराहा-रामपुर मार्ग स्थित यादव होटल के पास सुनसान स्थान पर उन्होंने व्यवसायी को रोककर पैसे मांगे थे। विरोध करने पर मारपीट कर 7 हजार रुपए और पोको मोबाइल लूट लिया था। तीन आरोपी गिरफ्तार, एक पहले से जेल में पुलिस ने सह-आरोपी श्याम बरेठ (20) निवासी धांगरडीपा को भी गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उसने भी अपराध स्वीकार कर लिया। वहीं मामले का एक अन्य आरोपी आशीष महंत पहले से ही लूटपाट के दूसरे मामले में गिरफ्तार होकर जेल में निरुद्ध है। चोरी का सामान खरीदने वाले पर भी कार्रवाई पुलिस ने बताया कि चोरी या लूट की संपत्ति होने की जानकारी के बावजूद कम कीमत पर मोबाइल खरीदकर इस्तेमाल करने के कारण आदित्य चौधरी के खिलाफ भी धारा 317(1) बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। SSP ने दी चेतावनी एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। लूट, चोरी और राहजनी जैसे अपराधों से अर्जित संपत्ति को खरीदने, छिपाने या उपयोग करने वालों के खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भिंड। मोबाइल गुम होने के बाद अधिकांश लोग उसके वापस मिलने की उम्मीद छोड़ देते हैं, लेकिन भिंड पुलिस के ऑपरेशन विश्वास ने सैकड़ों लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। पुलिस ने 325 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को सौंपे हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत करीब 81.30 लाख रुपए आंकी गई है। बुधवार को पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने मोबाइल धारकों को उनके फोन लौटाए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने भिंड पुलिस और साइबर सेल की कार्यप्रणाली की सराहना की। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ मोबाइल दोबारा मिल सकेगा। पुलिस के अनुसार जिलेभर से लगातार मोबाइल गुम होने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप पटेल के नेतृत्व में विशेष अभियान चलाया गया। साइबर सेल और जिले के सभी थाना पुलिस बल ने सीईआईआर (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की मदद से मोबाइल ट्रेसिंग शुरू की। कई राज्यों से बरामद किए मोबाइल जांच के दौरान भिंड जिले के अलावा उत्तर प्रदेश, दिल्ली, गुजरात, राजस्थान, महाराष्ट्र, झारखंड, केरल, असम और छत्तीसगढ़ सहित कई राज्यों से मोबाइल बरामद किए गए। बरामद मोबाइलों में रियलमी, ओप्पो, वीवो, सैमसंग, एमआई, मोटोरोला, टेक्नो, इंफिनिक्स और वनप्लस जैसी कंपनियों के स्मार्टफोन शामिल हैं। मोबाइल प्राप्त करने वालों में सेना और पुलिस के जवान, पूर्व सैनिक, शिक्षक, पत्रकार, छात्र-छात्राएं, खिलाड़ी, गृहणियां और अन्य नागरिक शामिल रहे। कार्यक्रम के दौरान कई लोग अपना मोबाइल वापस पाकर भावुक भी नजर आए। 2025 में 628 मोबाइल किए थे बरामद पुलिस अधीक्षक सूरज कुमार वर्मा ने बताया कि वर्ष 2025 में सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से 628 गुम मोबाइल बरामद किए गए थे। वहीं वर्ष 2026 में अब तक 325 मोबाइल खोजे जा चुके हैं। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य लोगों की गुम संपत्ति वापस दिलाने के साथ पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करना है। इस सफलता में साइबर सेल और जिले के सभी थाना पुलिस बल की महत्वपूर्ण भूमिका रही, जिनके प्रयासों से सैकड़ों लोगों को उनका खोया हुआ मोबाइल वापस मिल सका।
तू मेरी नहीं तो किसी और की भी नहीं हो सकती। … और कट्टा निकालकर उसे गोली मार दी। यह कबूलनामा है हत्या के सुशील चढ़ार का। उसने सागर के शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ नर्स की करीब 4 महीने पहले गोली मारकर हत्या कर दी थी। सागर पुलिस ने उसे जबलपुर के मुड़िया गांव से गिरफ्तार किया है। पूछताछ में उसने शादी से मना करने पर हत्या की बात स्वीकारी है। आरोपी ने बताया कि वह नर्स से एकतरफा प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। नर्स की शादी दूसरी जगह तय हो गई थी। उसने शादी से इनकार किया तो मुझे गुस्सा आ गया। इसी कारण गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह नर्स को किसी और का होते नहीं देख सकता था। पुलिस ने हत्या में इस्तेमाल पिस्टल बरामद कर ली है, जिसे उसके चचेरे भाई ने दिया था। पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपियों को लेकर बुधवार को पुलिस सागर पहुंची। ड्यूटी पर जाते समय मारी थी गोली पुलिस के अनुसार- 26 वर्षीय दीप शिखा चढ़ार निवासी पाटन (जबलपुर) पिछले करीब दो वर्षों से शाहगढ़ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में नर्स के पद पर कार्यरत थीं। वह अस्पताल से करीब 100 मीटर दूर किराए के कमरे में रहती थीं। 4 फरवरी की रात दीप शिखा की ड्यूटी रात 8 बजे से सुबह 8 बजे तक थी। वह अपने कमरे से पैदल अस्पताल जा रही थीं। अस्पताल के गेट के पास पहुंचते ही आरोपी ने उनका हाथ पकड़ लिया। विरोध करने पर आरोपी ने उन्हें धक्का देकर जमीन पर गिरा दिया और कट्टे से तीन फायर किए। इनमें से एक गोली चूक गई, जबकि दो गोलियां उनकी पीठ में दिल के पास लगीं। गंभीर चोट लगने से दीपशिखा की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी थी। एकतरफा प्रेम के चलते की हत्या मामले का खुलासा करते हुए एसपी अनुराग सुजानिया ने बताया कि जांच में आरोपी की पहचान सुशील चढ़ार निवासी मुड़िया, पनागर (जबलपुर) के रूप में हुई। आरोपी और मृतका आपस में रिश्तेदार थे। जांच में सामने आया कि सुशील दीपशिखा से एकतरफा प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। हालांकि रिश्तेदारी के कारण दोनों परिवार इस रिश्ते के लिए तैयार नहीं थे। इसी दौरान दीप शिखा की नौकरी शाहगढ़ में लग गई। इसके बावजूद सुशील लगातार उस पर शादी का दबाव बना रहा था। जब दीपशिखा ने उसकी बात नहीं मानी तो उसने शाहगढ़ पहुंचकर गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। फरारी में मोबाइल का उपयोग नहीं कर रहा था आरोपी आरोपी की पहचान होने पर पुलिस ने उसके गांव और रिश्तेदारों के घर दबिश दी। लेकिन वह नहीं मिला। साइबर सेल को लोकेशन ट्रेस करने लगाया गया। मगर आरोपी न तो मोबाइल फोन का उपयोग कर रहा था और न ही परिजन व रिश्तेदारों से संपर्क में था। वह लगातार अपनी लोकेशन बदल रहा था। फरारी के दौरान आरोपी पीथमपुर, अहमदाबाद की फैक्ट्रियों में काम करता था। वर्तमान में वह अहमदाबाद में गुटखा फैक्ट्री में काम कर रहा था। लोकेशन ट्रेस नहीं होने पर मुखबिर तंत्र किया सक्रिय आरोपी बेहद शातिर है। जिस कारण उस तक पहुंचने में पुलिस को काफी मशक्कत करना पड़ी। जब टेक्निकल रूप से पुलिस आरोपी की लोकेशन ट्रेस नहीं कर पाई तो फिर लोकल मुखबिर तंत्र सक्रिय किया गया। आरोपी के गांव समेत आसपास के क्षेत्रों में मुखबिर सक्रिय किए गए। इसी बीच पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि आरोपी सुशील अपने घर आ रहा था। सूचना मिलते ही मंगलवार रात सागर पुलिस मुड़िया गांव पहुंची और घात लगाकर बैठ गई। जैसे ही आरोपी गांव में पहुंचा तो पुलिस ने घेराबंदी कर धरदबोचा। चचेरे भाई ने दी थी पिस्टल, गिरफ्तारआरोपी सुशील को गिरफ्तार कर पुलिस ने पूछताछ की गई। पूछताछ में वारदात में उपयोग की गई पिस्टल बरामद की गई। पिस्टल के संबंध में पूछताछ कि तो सामने आया कि उसके चचेरे भाई सौरभ चढ़ार ने उसे पिस्टल दी थी। जिस आधार पर पुलिस ने मामले में सौरभ चढ़ार को सहआरोपी बनाया और कार्रवाई कर गिरफ्तार किया है। 'मेरी नहीं तो किसी और की भी नहीं हो सकती', इसलिए मारी गोली पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह नर्स से एकतरफा प्रेम करता था और उससे शादी करना चाहता था। हालांकि, नर्स की शादी दूसरी जगह तय हो गई थी और जल्द ही विवाह होने वाला था। आरोपी ने नर्स पर उससे शादी करने का दबाव बनाया, लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया। इससे आरोपी नाराज हो गया और गुस्से में आकर उसने गोली मारकर उसकी हत्या कर दी। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसे यह स्वीकार नहीं था कि नर्स किसी और की हो जाए। इसी मानसिकता के चलते उसने वारदात को अंजाम दिया। मां से मिलने गांव आया था आरोपी हत्या के बाद आरोपी लगातार फरार चल रहा था। फरारी के दौरान वह इंदौर, मुंबई और गुजरात में अलग-अलग स्थानों पर छिपकर रहा। इसी बीच उसे अपनी मां की तबीयत खराब होने की जानकारी मिली। मां से मिलने के लिए वह अपने गांव पहुंचा था। इसकी सूचना पुलिस को मिल गई। सूचना मिलते ही पुलिस ने घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया।
इंदौर के गांधी नगर थाना क्षेत्र में एक कॉलेज छात्र ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली है। घटना के बाद परिजनों ने छात्र की परिचित युवती पर ब्लैकमेलिंग और पैसों की मांग करने के आरोप लगाए हैं। पुलिस ने मामला जांच में लेकर छात्र का मोबाइल जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार मृतक राहुल झरने (21) पुत्र संतोष झरने निवासी गोमतगिरी था। वह वैष्णव कॉलेज में थर्ड ईयर का छात्र था। मंगलवार को राहुल घर पर अकेला था। शाम को जब उसकी मां काम से लौटकर घर पहुंची तो उसने बेटे को फंदे पर लटका देखा। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। राहुल से पैसे मांग रही थी युवती परिजनों का कहना है कि राहुल का इलाके में रहने वाली एक युवती के साथ लंबे समय से प्रेम संबंध था। उनका आरोप है कि युवती राहुल पर लगातार पैसों का दबाव बना रही थी और उससे रुपए मांगती थी। परिवार को राहुल के मोबाइल में मिली आखिरी चैट में भी युवती द्वारा पैसों की मांग किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस कर रही जांच मृतक के पिता संतोष झरने सरिया सेटिंग का काम करते हैं, जबकि मां घरों में खाना बनाने का काम करती हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी मजदूरी से जुड़े हैं। परिजनों का आरोप है कि आर्थिक रूप से कमजोर होने के बावजूद राहुल पर लगातार पैसों का दबाव बनाया जा रहा था। गांधी नगर पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के कारणों की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड की जांच के बाद ही पूरे मामले की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। फिलहाल पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
लखीसराय पुलिस ने विशेष अभियान ऑपरेशन मुस्कान के तहत खोए हुए 36 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए हैं। सोमवार को पुलिस अधीक्षक ने एक समारोह में इन मोबाइलों का वितरण किया, जिससे लाभार्थियों के चेहरों पर खुशी लौट आई। पुलिस अधीक्षक महोदया, लखीसराय द्वारा आयोजित इस समारोह में कुल 36 मोबाइल फोन उनके स्वामियों को वितरित किए गए। अपने कीमती मोबाइल फोन वापस पाकर लोगों ने लखीसराय पुलिस और साइबर थाना की सराहना की तथा पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। कई लाभार्थियों ने बताया कि उन्हें अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी। CEIR पोर्टल की सहायता से बरामद किया मोबाइल पुलिस अधीक्षक ने जानकारी दी कि साइबर थाना की टीम ने आधुनिक तकनीकों और सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की सहायता से गुम हुए मोबाइलों का पता लगाकर उन्हें बरामद किया। यह पुलिस की सक्रियता और तकनीकी दक्षता का परिणाम है। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि मोबाइल खो जाने या गुम होने की स्थिति में तुरंत सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे पुलिस को मोबाइल को ट्रैक करने और बरामद करने में सहायता मिलती है। उन्होंने लोगों से अपने मोबाइल की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहने का भी आग्रह किया। समय पर शिकायत करने पर मिलती है मदद पुलिस अधीक्षक ने जोर दिया कि जागरूकता और समय पर शिकायत दर्ज कराने से ऐसे मामलों के समाधान में काफी मदद मिलती है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत पुलिस का यह प्रयास लोगों के चेहरों पर मुस्कान लौटाने में सफल साबित हुआ है।
माफिया का खास बना 5वीं पास पांचाराम बिना मोबाइल 3 साल तक भागा, गिरफ्तार
भास्कर न्यूज | बाड़मेर तीन राज्यों की पुलिस जिस शातिर ड्रग तस्कर को शिद्दत से तलाश रही थी, वह अपनी ही गैंग के एक साथी की जलन का शिकार होकर आखिरकार सलाखों के पीछे पहुंच गया। पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स ने 'ऑपरेशन मदसनेही' के तहत 25 हजार रुपए के इनामी, लंबे समय से फरार मादक पदार्थ तस्कर पांचाराम को गिरफ्तार किया है। बाछला (बरिगाणियों की ढाणी) निवासी पांचाराम का पकड़ा जाना एएनटीएफ के लिए 8 महीने में 64वीं बड़ी कामयाबी है। दिलचस्प पहलू यह रहा कि पुलिस को छकाने में माहिर यह तस्कर पुलिस की मेहनत से कम, अपनों की मुखबिरी से ज्यादा फंसा है। वर्चस्व की जंग और प्रतिद्वंद्विता का बदला लेने के लिए दूसरे तस्कर ने सीधे एएनटीएफ से संपर्क साधा। उसने पांचाराम को पकड़वाने के अहम सुराग दे दिए। मुखबिर ने पुख्ता सूचना दी कि पांचाराम अपने गांव बाछला आया हुआ है। सुबह होते ही वह निकल जाएगा। बिना वक्त गंवाए एएनटीएफ की टीम ने रात के अंधेरे में ही गांव में दबिश दी। पता चला कि वह घर पर खाना खाकर गांव के पास रेत के धोरों में अपने एक परिचित के यहां सोने चला गया है। टीम ने धोरों में कड़ी निगरानी शुरू कर दी। पुलिस को देखते ही पांचाराम ने भागने की कोशिश की। टीम ने घेराबंदी कर उसे दबोच लिया। आईजीपी विकास कुमार के अनुसार, 38 वर्षीय पांचाराम महज 5वीं पास है। कभी वह मामूली दिहाड़ी मजदूर हुआ करता था। शौक और महत्वाकांक्षाएं बड़ी थीं। ज्यादा पैसे कमाने की चाहत में वह अपने एक तस्कर रिश्तेदार की पाइप की दुकान पर काम करने लगा। इसी आड़ में उसने ड्रग्स के काले धंधे में कदम रख दिया। वह मेवाड़ से मारवाड़ तक ड्रग्स की खेप सप्लाई करने लगा। साल भर में 25-30 चक्कर लगाने वाला पांचाराम माफिया का सबसे खास बन गया। पूछताछ में उसने 7 सालों में उसने तस्करी के अनगिनत फेरे लगाए।
लुधियाना में बेखौफ बदमाशों का आतंक इस कदर बढ़ चुका है कि अब राह चलती महिलाएं भी सुरक्षित नहीं हैं। ताजा मामला एटीआई रोड (ATI Road) स्थित करतार चौक का है जहाँ अलसुबह पैदल जा रही एक महिला को चार नकाबपोश बदमाशों ने अपना शिकार बनाया। बदमाशों ने महिला को रोककर हथियार के बल पर लूट की वारदात को अंजाम दिया। यह पूरी खौफनाक वारदात इलाके में लगे एक सीसीटीवी (CCTV) कैमरे में कैद हो गई है। दो बाइक और एक्टिवा पर आए थे चारों लुटेरे प्राप्त जानकारी के अनुसार यह वारदात 16 तारीख की सुबह करीब 4:00 बजे की है। सीसीटीवी फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि पीड़ित महिला अपने घर की तरफ पैदल जा रही थी। सड़क पर सन्नाटा था, इसी का फायदा उठाकर सामने की ओर से एक बाइक पर सवार दो युवक आते हैं। वो पहले महिला को रोकने की कोशिश करते हैं, लेकिन फिर थोड़ी आगे जाकर रुक जाते हैं। तभी उनके पीछे-पीछे एक एक्टिवा पर सवार दो अन्य साथी भी वहाँ पहुँच जाते हैं। 5 फोटो में समझो पूरी वारदात….. बहादुर महिला बदमाशों से भिड़ी,आरोपी का हथियार भी गिरा एक्टिवा जैसे ही महिला के पास आकर रुकती है उस पर पीछे बैठा एक युवक नीचे उतरता है। आरोपी ने सफेद रंग की टी-शर्ट पहनी हुई थी। उसने नीचे उतरते ही महिला को तेजधार हथियार दिखाकर डराना शुरू कर दिया। बहादुरी की मिसाल: खुद को घिरता देख महिला घबराई नहीं, बल्कि उसने सूझबूझ और बहादुरी का परिचय दिया। महिला बचाव के लिए पीछे हटी और लुटेरे से भिड़ गई। जब महिला जान बचाकर आगे की तरफ भागी, तो सफेद टी-शर्ट वाले बदमाश ने उसका पीछा किया और उस पर किसी भारी चीज से वार कर दिया। इस हाथापाई के दौरान बदमाश के हाथ से उसका हथियार नीचे गिर गया। मोबाइल छीनकर एक्टिवा से हुए फरार हथियार नीचे गिरने के बाद बदमाश ने फुर्ती से उसे दोबारा उठाया और फिर से महिला को डराने लगा। आरोपी ने महिला के हाथ से उसका लिफाफा छीनने की कोशिश की, लेकिन जब उसमें नाकाम रहा तो उसने महिला का मोबाइल फोन झपट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी दौड़कर अपने साथी की एक्टिवा पर पीछे बैठ गया। हालांकि पीड़ित महिला ने हिम्मत दिखाते हुए बदमाशों का पीछा भी किया और शोर मचाया लेकिन सुबह का वक्त होने के कारण चारों बदमाश पलक झपकते ही मौके से फरार होने में कामयाब रहे। इस घटना के बाद से इलाके के लोगों में भारी दहशत का माहौल है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि पुलिस की गश्त न होने के कारण सुबह और देर रात के वक्त ऐसी वारदातें बढ़ रही हैं। फिलहाल, सीसीटीवी फुटेज के आधार पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और दावा किया जा रहा है कि आरोपियों को जल्द ही सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
औरंगाबाद पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान चलाया है। इसके तहत 51 किलोग्राम गांजा के साथ चार तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान एक चार चक्का वाहन, तीन मोबाइल फोन और एक जीपीएस ट्रैकर भी बरामद किया है। कार्रवाई रिसियप थाना क्षेत्र में की गई, जिसे जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ महत्वपूर्ण उपलब्धि माना जा रहा है। मद्यनिषेध एवं राज्य उत्पाद नियंत्रण ब्यूरो, पटना से रिसियप थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली हुई थी कि हरिहरगंज की ओर से एक चार चक्का वाहन में अवैध मादक पदार्थ की बड़ी खेप लाई जा रही है। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर रिसियप थानाध्यक्ष के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने तत्काल राष्ट्रीय उच्च पथ संख्या-139 पर रिसियप थाना मोड़ के पास वाहन जांच अभियान शुरू कर दिया। एनएच-139 पर घेराबंदी कर पकड़ा गया संदिग्ध वाहन जांच अभियान के दौरान हरिहरगंज की ओर से तेज गति से आ रहे एक संदिग्ध चार चक्का वाहन को पुलिस ने रोक लिया। गाड़ी की तलाशी लेने पर उसमें छिपाकर रखा गया 51 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। बरामद मादक पदार्थ की मात्रा को देखते हुए पुलिस ने मौके पर ही वाहन में सवार चारों लोगों को गिरफ्तार कर लिया। साथ ही तस्करी में प्रयुक्त वाहन, तीन मोबाइल फोन और एक जीपीएस ट्रैकर भी जब्त कर लिया गया। पुलिस ने इस मामले में रिसियप थाना कांड संख्या 130/26 दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपियों ने अपने अपराध में संलिप्तता स्वीकार की है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि गांजे की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे किस स्थान पर पहुंचाया जाना था। साथ ही इस तस्करी नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी, नेटवर्क खंगाल रही पुलिस गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहतास के डेहरी थाना क्षेत्र के पश्चिमी मोहन बिगहा निवासी 58 साल के सतेंद्र प्रसाद, भोजपुर जिले के पिरो थाना क्षेत्र के भरसर निवासी 51 वर्षीय मुकेश कुमार, भोजपुर जिले के नया महादेपुर निवासी 66 वर्षीय रामनाथ प्रसाद और रोहतास जिले के अगर कोठा थाना क्षेत्र के मोथिहा निवासी 67 वर्षीय उपेंद्र उपाध्याय के रूप में की गई है।
फरीदाबाद के पल्ला थाना क्षेत्र में आगरा कैनाल नहर से एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। स्थानीय लोगों ने नहर में एक व्यक्ति का शव बहता हुआ देखा, जिसके बाद इसकी सूचना पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से शव को नहर से बाहर निकाला। स्थानीय निवासी शाहरुख ने बताया कि वह दोपहर करीब ढाई बजे नहर के पास खड़ा था। इसी दौरान उसकी नजर नहर में बहते हुए एक व्यक्ति पर पड़ी। पहले उसे सिर्फ व्यक्ति का सिर दिखाई दिया। इसके बाद उसने अपने दोस्तों को बुलाया और उन्हें भी यह जानकारी दी। स्थिति को देखते हुए तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण शव बहते-बहते सेक्टर-17 के पास पहुंच गया था। स्थानीय लोगों की सहायता से बाहर निकाला शव सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की सहायता से शव को नहर से बाहर निकाला। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन और बाइक की चाबी मिली, जबकि उसके गले में लोहे की धातु की एक चेन भी मिली। पुलिस ने आसपास मौजूद लोगों से पहचान कराने का प्रयास किया, जिसके बाद मृतक की पहचान नकुल यादव निवासी विनय नगर अगवानपुर गांव के रूप में हुई। पुलिस कर ही मामले की जांच खेड़ी पुल थाना के एएसआई लोकेश कुमार ने बताया कि दोपहर करीब 2:30 बजे नहर में शव बहने की सूचना मिली थी। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और शव को बाहर निकाला। प्रारंभिक जांच में पता चला है कि नकुल यादव एक दिन पहले शाम को घर से निकला था और वापस नहीं लौटा था। पुलिस ने उसके परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। युवक नहर में कैसे गिरा और उसकी मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डीग जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन एंटीवायरस’ के तहत जुरहरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए ग्राम बामनी में रात के समय साइबर ठगी कर रहे 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 5 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 6 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सोशल मीडिया के जरिए लोगों को लोन, नौकरी, सस्ती गाय-भैंस और कम कीमत में महंगी साड़ियां दिलाने का झांसा देकर ठगी करते थे। एसपी के निर्देशन में हुई कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ के. (आईपीएस) के निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में जुरहरा थाना पुलिस ने सूचना के आधार पर ग्राम बामनी में दबिश देकर छह आरोपियों को गिरफ्तार किया। सोशल मीडिया पर बिछाते थे ठगी का जाल पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। वे एचडीएफसी बैंक में बिना किसी शर्त के लोन दिलाने का दावा कर लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस वसूलते थे। फीस जमा होने के बाद पीड़ितों से संपर्क तोड़ दिया जाता था। गाय-भैंस, साड़ियां और नौकरी के नाम पर ठगी आरोपी केवल लोन के नाम पर ही नहीं, बल्कि सस्ते दामों में दुधारू गाय-भैंस बेचने, महंगी साड़ियों को कम कीमत में उपलब्ध कराने और घर बैठे नौकरी दिलाने का झांसा देकर भी लोगों से अग्रिम राशि और रजिस्ट्रेशन शुल्क ऐंठते थे। इस तरह वे अलग-अलग तरीकों से साइबर ठगी की वारदातों को अंजाम दे रहे थे। ये आरोपी हुए गिरफ्तार पुलिस ने वाजिद (22) पुत्र इरसाद, मोहम्मद मुकीम (24) पुत्र नूरा, हासिम (21) पुत्र इमरान, दिलसाद (24) पुत्र इखलास (सभी निवासी बामनी, थाना जुरहरा), असलम उर्फ आसम (38) पुत्र हून्ना निवासी सहसन तथा मोहम्मद सैफ (18) पुत्र शेर मोहम्मद निवासी लाडलाका को गिरफ्तार किया है। नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और संभावित पीड़ितों की जानकारी जुटा रही है। अधिकारियों का कहना है कि जिले में साइबर अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत अभियान लगातार जारी रहेगा।
चाकसू में पिकअप से एक मोबाइल चोरी हो गया। घटना सीसीटीवी में कैद हो गई। पीड़ित ने आरोपी की पहचान कर थाने में रिपोर्ट दर्ज करा दी है। पीड़ित जितेंद्र कुमार चिरानिया ने बताया- वे गंगोरी मैदान के सामने एचडीएफसी बैंक के पास अपनी पिकअप गाड़ी से टाइल्स उतार रहे थे। इसी दौरान एक व्यक्ति कंडक्टर साइड से आया और डैशबोर्ड पर रखा मोबाइल चुराकर फरार हो गया। चोरी हुए मोबाइल की कीमत करीब 28,000 रुपये थी, जिसमें 4,000 रुपये नकद भी रखे थे। चाकसू थाना इंचार्ज मनोहर लाल मेघवाल ने बताया- मामले की जांच चल रही है और आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। पुलिस अब ऐसे संदिग्ध चोरों की तलाश के लिए गश्त बढ़ाएगी और उन्हें चिन्हित कर गिरफ्तार करेगी। सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई घटना घटना के तुरंत बाद दुकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज खंगालने पर एक आदतन नशेड़ी चोर को गाड़ी से मोबाइल चुराकर भागते हुए देखा गया। जितेंद्र ने आरोपी की पहचान कर ली है और पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का आश्वासन दिया है। लगातार बढ़ रही चोरी की वारदात चाकसू उपखंड मुख्यालय पर चोरी की घटनाओं में वृद्धि दर्ज की गई है। कस्बे के मुख्य बाजारों में दिनदहाड़े दुकानों के सामने खड़े वाहनों से नकदी और मोबाइल चोरी की वारदातें लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय व्यापारियों में पुलिस की कार्रवाई को लेकर आक्रोश है, क्योंकि इन घटनाओं को नशेड़ी और स्मैकची प्रवृत्ति के लोग अंजाम दे रहे हैं। पहले भी हो चुकी है घटनाएं पहले भी चोरी की कई घटनाएं हो चुकी है जिसको लेकर ग्रामीणों में आक्रोश है। 10 जून को चाकसू के मोहम्मदपुरा गांव में एक ही रात में तीन कुओं से मोटर केबल चोरी हुई थी। इसके अगले दिन, 11 जून को मुख्य बाजार में एक प्रॉपर्टी कारोबारी की कार से 20,000 रुपये नकद और दस्तावेज चोरी हो गए थे। इन लगातार हो रही घटनाओं से स्थानीय व्यापारियों और नागरिकों में पुलिस की कार्यप्रणाली को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। वे ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर गिरफ्तार करने की मांग कर रहे हैं ताकि क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनी रहे।
घर बैठे बनेगा पासपोर्ट, आरपीओ की मोबाइल वैन सेवा वरदान
भास्कर न्यूज | जालंधर आम लोगों को उनके घर के नजदीक पासपोर्ट सेवाएं उपलब्ध कराने के उद्देश्य से जालंधर क्षेत्रीय पासपोर्ट कार्यालय द्वारा मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा का सफल संचालन किया जा रहा है। इस बेहतरीन पहल के तहत आवेदकों को पासपोर्ट बनवाने के लिए क्षेत्रीय कार्यालय के चक्कर नहीं काटने पड़ते, बल्कि आवेदन से लेकर बायोमेट्रिक तक की सभी औपचारिकताएं वैन के भीतर ही पूरी हो जाती हैं। क्षेत्रीय पासपोर्ट अधिकारी यशपाल के अनुसार, इस सेवा की शुरुआत वर्ष 2023 में तीन वैन के साथ की गई थी, जो आवेदनों की पेंडेंसी अधिक होने पर कार्यालय के बाहर ही खड़ी रहकर रोजाना 50-60 आवेदनों का निपटारा करती थीं। वर्तमान में लंबित मामलों में कमी आने के कारण अब रोटेशन के आधार पर एक वैन संचालित की जा रही है, जो प्रतिदिन करीब 30 आवेदनों की प्रक्रिया पूरी करती है। यह मोबाइल वैन जालंधर क्षेत्रीय कार्यालय के अंतर्गत आने वाले सातों जिलों जालंधर, होशियारपुर, कपूरथला, गुरदासपुर, पठानकोट, नवांशहर और मोगा के दूरदराज के गांवों, कॉलेजों और दुर्गम क्षेत्रों में निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार भेजी जाती है। आमतौर पर यह वैन किसी भी क्षेत्र में कम से कम तीन दिन तक तैनात रहती है। महीने में एक या दो बार लगने वाले इन कैंपों की सूचना पहले से जारी कर दी जाती है। यह सुविधा विशेष रूप से बुजुर्गों, दिव्यांगजनों, ग्रामीणों और छात्रों के लिए वरदान साबित हो रही है। अपॉइंटमेंट अनिवार्य : मोबाइल पासपोर्ट वैन में वॉक-इन (बिना अपॉइंटमेंट) सुविधा नहीं मिलती। आवेदकों को आधिकारिक पासपोर्ट सेवा पोर्टल या एम पासपोर्ट सेवा ऐप के जरिए ऑनलाइन स्लॉट बुक करना होगा। बुकिंग के समय पासपोर्ट वैन विकल्प का चयन करना अनिवार्य है। दस्तावेज सत्यापन : वैन के भीतर ही फोटो खींचने, फिंगरप्रिंट और बायोमेट्रिक डेटा दर्ज करने की अत्याधुनिक सुविधा है। आवेदकों को अपने साथ पैन कार्ड, वोटर आईडी, जन्म प्रमाण-पत्र, अन्य आवश्यक मूल दस्तावेज और उनकी स्वप्रमाणित फोटोकॉपी ले जाना जरूरी है। शेड्यूल ट्रैकिंग : यदि आपके क्षेत्र, तहसील या गांव में वैन का कैंप लगना है, तो इसकी ताजा समय-सारिणी, स्थान और उपलब्ध स्लॉट की जानकारी पासपोर्ट सेवा पोर्टल के पासपोर्ट सेवा लोकेटर फीचर के माध्यम से आसानी से प्राप्त की जा सकती है।
प्रदेश में गाड़ियों को पॉल्यूशन अंडर कंट्रोल (पीयूसी) सर्टिफिकेट जारी करने में अब सख्ती की जा रही है। इसलिए अब पहली बार ऐसा होगा जब पीयूसी सर्टिफिकेट के लिए गाड़ी की आरसी बुक बनाते समय जो मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड कराया गया होगा, उसमें ओटीपी आएगा। बिना ओटीपी सत्यापन के किसी को भी पीयूसी सर्टिफिकेट जारी नहीं होगा। हालांकि नए सिस्टम से उन गाड़ी मालिकों को परेशानी हो सकती है जिनके वाहन रिकॉर्ड में पुराना, गलत या बंद मोबाइल नंबर दर्ज है। ऐसे वाहन मालिकों को परिवहन विभाग के रिकार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा। केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्रालय के निर्देश पर नेशनल इंफोर्मेटिक्स सेंटर (एनआईसी) ने यह व्यवस्था लागू की है। अभी केवल रायपुर में ही 20 लाख से ज्यादा गाड़ियां हैं। इनमें करीब 30% के पास पीयूसी सर्टिफिकेट ही नहीं है। एक मोबाइल नंबर से 1 ही सर्टिफिकेट परिवहन विभाग के अफसरों को इस तरह शिकायत लगातार मिल रही थी कि पीयूसी सर्टिफिकेट बनाने के लिए बेहद लापरवाही बरती जा रही थी। कई बार एक ही गाड़ी और मोबाइल नंबर पर कई सर्टिफिकेट जारी कर दिए जाते थे। वाहन मालिक की वास्तविक पहचान और मोबाइल सत्यापन नहीं होने से कई बार रिकॉर्ड की शुद्धता पर भी सवाल उठ रहे थे। इस वजह से अब सुरक्षित और पुख्ता सिस्टम तैयार किया गया है। इससे किसी दूसरे व्यक्ति द्वारा या गलत जानकारी से पीयूसी बनवाना आसान नहीं होगा। पीयूसी सर्टिफिकेट जारी करने को लेकर कई तरह की शिकायतें मिल रही थी। इसके बाद ही नया ओटीपी सिस्टम लागू किया गया है। गाड़ी के पंजीयन के समय जो मोबाइल नंबर दर्ज कराया गया है उसी पर ओटीपी आएगा। जिनके नंबर बदल गए हैं वे उसे अपडेट करा सकते हैं। -डी रविशंकर, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त वो सबकुछ जो आप जानना चाहते हैं क्या कोई और सुविधा मिलेगी?परिवहन विभाग ऐसा सिस्टम बना रहा है जिसके तहत वाहन मालिकों को पीयूसी सर्टिफिकेट की वैधता खत्म होने से पहले ही उनके मोबाइल पर एसएमएस भेजा जाएगा। इससे वाहन मालिक समय रहते प्रमाण पत्र का नवीनीकरण करा सकेंगे और नियम के उल्लंघन से बच सकेंगे। पीयूसी न होने पर क्या जुर्माना है?हां, पीयूसी कार्ड नहीं होने पर बाइक, कार, मालवाहक वाहनों पर अलग-अलग जुर्माना लगता है। यह एक हजार से 10 हजार रुपए तक होता है। नियमानुसार गाड़ी खरीदने के एक साल बाद ही प्रदूषण मानक की चेकिंग अनिवार्य है। प्रकरण गंभीर होने पर सजा और लाइसेंस सस्पेंड भी हो सकता है। यह जरूरी क्यों किया गया?जिन वाहनों को राज्य के बाहर जाना पड़ता है, वे टोल नाकों पर हाईटेक स्कैनिंग मशीनों से गुजरते हैं। इसमें पता लग जाता है कि पीयूसी है या नहीं। गाड़ी मालिकों को यह करना होगा मोबाइल नंबर कैसे अपडेट कराएं?जिनके मोबाइल नंबर बदल गए, बंद हैं या पुराने हो गए हैं वे परिवहन विभाग की वेबसाइट https://cgtransport.gov.in या पीयूसी सेंटर पर मोबाइल नंबर अपडेट करा सकते हैं। सुदूर इलाके में स्थित पीयूसी सेंटर वालों को दिक्कत होगी क्या? - छोटे कस्बों में पीयूसी सेंटर संचालकों को सर्वर की दिक्कत नहीं होगी, क्योंकि ओटीपी मोबाइल पर आएगा। डेटा सिक्योरिटी की क्या गारंटी है? - पीयूसी सेंटर में कोई दस्तावेज देने की जरूरत ही नहीं है। गाड़ी नंबर के आधार पर मोबाइल में ओटीपी आएगा। आधार ऑथेंटिकेशन या मोबाइल नंबर का मिस यूज तो नहीं होगा?- पीयूसी सेंटर में बायोमेट्रिक निशान नहीं देना है। न ही किसी तरह का कोई लिंक कराना है। इसलिए ये सुरक्षित रहेगा। स्टेट के बाहर के वाहनों को किस तरह से कंट्रोल करेंगे?- गाड़ी किसी भी राज्य की हो, पंजीयन कराते समय जो मोबाइल नंबर दिया है ओटीपी उसी में आएगा। इससे फर्जीवाड़ा रुकेगा।
लूटपाट और स्नैचिंग गिरोह के 2 सदस्य काबू, बिना नंबर की बाइक और 2 मोबाइल बरामद
लुधियाना| थाना दरेसी की पुलिस ने लूटपाट और स्नैचिंग करने वाले गिरोह के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले की जानकारी देते हुए सब-इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह ने बताया कि 14 जून को वह अपनी पुलिस पार्टी के साथ कानून-व्यवस्था और संदिग्धों की चेकिंग के संबंध में इलाके में गश्त पर मौजूद थे। इसी दौरान उन्हें एक खास मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली कि दो शातिर झपटमार बिना नंबरी स्प्लेंडर बाइक पर सवार होकर सुंदर नगर गंदे नाले की पुली के पास से गुजरने वाले हैं और वे लूटे हुए मोबाइल फोन बेचने की फिराक में हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मुस्तैदी दिखाते हुए सुंदर नगर गंदे नाले की पुली पर नाकाबंदी कर दी। जैसे ही आरोपी वहां पहुंचे, पुलिस ने घेराबंदी करके दोनों को रंगे हाथ काबू कर लिया। तलाशी लेने पर उनके कब्जे से लूटे हुए 2 मोबाइल फोन और बिना नंबर की एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद हुई। दरेसी थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज कर आरोपी साहिल चावला, मोहम्मद गुलाब अंसारी उन्हें गिरफ्तार कर लिया है।
बीज निगम के निदेशक जुगल ने नाम किसी का नहीं बताया, मोबाइल चैट में मिले 6 नाम
15 करोड़ रुपए कीमत के मू्ंगफली के सीज किए नकली बीज वापस गुजरात भेजने व केस में मदद करने के नाम पर 2.45 करोड़ की रिश्वत के मामले में गिरफ्तार छह आरोपियों से पूछताछ रिपोर्ट तैयार कर ली है। यह रिपोर्ट जांच अधिकारी एएसपी मनोज गुप्ता ने एसीबी मुख्यालय को सौंप दी है। इसमें गिरफ्तार छह आरोपियों के अलावा सात अन्य आरोपियों की भूमिका सामने आई है, जिनका सत्यापन करने के बाद एसीबी पूछताछ के लिए बुलाएगी। ये नाम गिरफ्तार आरोपियों ने पूछताछ में नहीं बताए बल्कि उनके मोबाइल में मिली लेन-देन की चैट में सामने आए हैं। अब एसीबी इन छह आरोपियों के जब्त मोबाइल को जांच के लिए एफएसएल भेजेगी। एसीबी के अनुसार जांच में सतीश कुमार, सतपाल सिंह के साथ ही सुनील सैनी का नाम सामने आया है। सुनील लैब में जांच को आरोपियों के पक्ष में रिपेार्ट करवाने के लिए मध्यस्थता की भूमिका में था। इसके साथ ही चार अन्य नाम भी चैट में मिले हैं। इनमें एक विभागीय अधिकारी है। अब एसीबी इनकी भूमिका के बारे में जांच कर रही है। गणपत से 60 लाख रुपए बरामद नहीं कर पाई एसीबी और नोटिस दिए जाएंगे विधायक के पीए गणपत ने 60 लाख रुपए लिए थे, ये रुपए एसीबी बरामद नहीं कर पाई। गणपत रुपए लेने की बात से ही इंकार करता रहा। एसीबी की ओर से सर्विलांस पर लिए गए मोबाइल नंबर में गणपत महिला से बात करता हुआ मोटी रकम यानी की 60 लाख की बात कर रहा है। साथ ही अन्य आरोपियों से हुई बात में भी 60 लाख लेने की जानकारी सामने आई। अगले सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाएगी एसीबी: जिन लोगों के नाम आरोपियों की चैट में मिले हैं उनको एसीबी मुख्यालय में अगले सप्ताह पूछताछ के लिए बुलाया जाएगा। इसके लिए दो तीन दिन में जांच अधिकारी की ओर से पूछताछ के लिए नोटिस दिए जाएंगे। वॉट्सएप चैट में खुलासा; इस केस में लेन-देन से और भी जुड़े गिरफ्तार आरोपी बीज निगम के निदेशक जुगल किशोर बिश्नोई, बीज कंपनी के मालिक किरण कपाड़िया, फलौदी विधायक पब्बाराम के पीए गणपत, मध्यस्थ मालवीय नगर निवासी सुनील सेतीया तथा जुगल किशोर के भांजे स्वतंत्र ज्याणी को एसीबी ने गिरफ्तार कर सात दिन के रिमांड पर लिया था। पूछताछ के बाद आरोपियों को जेल भेज दिया। इनके मोबाइल एसीबी ने जब्त किए थे। जिनकी वॉट्सएप चैट में खुलासा हुआ कि मामले में अन्य लोग भी इस केस में लेन-देन से जुड़े हैं। केस में राहत के नाम पर 2.45 करोड़ रिश्वत का मामला, 6 आरोपियों से पूछताछ रिपोर्ट तैयार सुनील सैनी पीए गणपत किरण कपाड़िया जुगल किशोर बिश्नोई
गुरुकुल में दाखिले के कुछ घंटे बाद छात्रा लापता:लखनऊ में रात में मोबाइल पर बात करने के बाद हुई गायब
लखनऊ के तालकटोरा क्षेत्र में संस्कृत गुरुकुल के उद्घाटन के पहले ही दिन एक 16 साल की छात्रा संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई। गुरुकुल संचालक और उनकी पत्नी ने पूरी रात छात्रा की तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लग सका। इसके बाद मामले की सूचना छात्रा के पिता को दी गई। रविवार को पुलिस में गुमशुदगी दर्ज कराई गई। सुल्तानपुर के जयसिंहपुर कटरा निवासी सुधीर कुमार तिवारी अपनी पत्नी संगीता के साथ राजाजीपुरम एफ-ब्लॉक स्थित पाल तिराहा के पास रहते हैं। वे अपने घर पर ही संस्कृत गुरुकुल संचालित करते हैं। शनिवार को गुरुकुल के उद्घाटन के दौरान दक्षिण दिल्ली के गौतमपुर फेज-2, बदरपुर निवासी रिक्की अपनी 16 वर्षीय बेटी पलक का दाखिला कराने आए थे। दाखिले के बाद वह वापस दिल्ली लौट गए। नानी से बात करने के लिए मोबाइल लिया था सुधीर तिवारी के अनुसार, शनिवार रात करीब आठ बजे पलक ने अपनी नानी से बात करने के लिए संगीता का मोबाइल फोन लिया था। उसने करीब 45 मिनट तक बातचीत की। रात करीब 10 बजे सभी लोग सो गए। देर रात करीब 11:30 बजे जब पलक अपने बिस्तर पर नहीं मिली तो संचालक दंपती ने उसकी तलाश शुरू की। परिजनों को दी सूचना, बस-रेलवे स्टेशन पर भी खोजबीन छात्रा का कहीं पता नहीं चलने पर संचालक ने उसके पिता रिक्की को फोन कर जानकारी दी। इसके बाद दंपती ने रेलवे स्टेशन और बस अड्डों पर भी उसकी तलाश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। रविवार को तालकटोरा थाने में छात्रा की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। हरियाणा के युवक से बातचीत की बात सामने आई तालकटोरा थाना प्रभारी कुलदीप दुबे ने बताया कि जांच के दौरान जानकारी मिली है कि छात्रा की बातचीत हरियाणा के गुरुग्राम में रहने वाले एक युवक से होती थी। पुलिस छात्रा की तलाश कर रही है और विभिन्न पहलुओं पर जांच की जा रही है। फिलहाल छात्रा के पिता की तरफ से कोई अलग तहरीर नहीं दी गई है।
लुधियाना के ढिल्लों नगर इलाके में सोमवार को मोबाइल फोन को लेकर हुआ मामूली विवाद एक खूनी खेल में बदल गया। बहस के दौरान एक युवक की चाकू मारकर बेरहमी से हत्या कर दी गई। वारदात के बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और उस पर हत्या का मुकदमा दर्ज किया है। मृतक की पहचान बसंत नगर (लोहारा) के रहने वाले 31 वर्षीय करनजीत सिंह के रूप में हुई है। बातचीत के दौरान बढ़ी कहासुनी, फिर हाथापाई पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, सोमवार दोपहर को करनजीत सिंह अपने चचेरे भाई गुरिंदर सिंह के साथ कहीं जा रहा था। जब वे ढिल्लों नगर पहुंचे, तो वहां उनकी मुलाकात अर्जुन नाम के युवक से हुई। किसी मोबाइल फोन की बात को लेकर करनजीत और अर्जुन के बीच बहस शुरू हो गई। देखते ही देखते दोनों के बीच बात इतनी बढ़ गई कि दोनों में हाथापाई होने लगी। पहले ईंट से हमला, फिर सीने में घोंपा चाकू करनजीत के भाई गुरिंदर सिंह ने दोनों का बीच-बचाव करने और उन्हें अलग करने की कोशिश की। आरोप है कि इसी बीच गुस्से में आकर अर्जुन ने पहले करनजीत पर ईंट से हमला करने की कोशिश की, लेकिन गुरिंदर ने करनजीत को बचा लिया। इसके तुरंत बाद आरोपी अर्जुन ने जेब से चाकू निकाला और सीधे करनजीत के सीने में घोंप दिया। मौके पर ही तोड़ा दम, आरोपी पहले से है चोर चाकू लगते ही करनजीत लहूलुहान होकर वहीं गिर पड़ा और गंभीर चोट के कारण उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही थाना डाबा की पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह (मोर्चरी) भिजवाया। थाना डाबा के एसएचओ परमदीप सिंह का कहना है कि शुरुआती जांच में हत्या की वजह मोबाइल का विवाद ही सामने आई है। वारदात के बाद आरोपी अर्जुन मौके से भाग गया था, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी करके उसे गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी अर्जुन का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है और उस पर पहले भी चोरी का एक केस दर्ज है। फिलहाल पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है।
संगरूर में मुख्यमंत्री भगवंत मान के पैतृक गांव सतोज में 646 बेरोजगार पीटीआई अध्यापकों ने अपनी मांगों को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़कर विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। अध्यापकों का कहना है कि जब तक उन्हें नियुक्ति पत्र नहीं मिल जाते, वे टावर से नीचे नहीं उतरेंगे। प्रदर्शनकारी पीटीआई अध्यापकों ने आरोप लगाया कि उनसे पहले भी वादे किए गए थे। उन वादों पर भरोसा करके वे अपना संघर्ष खत्म कर चुके थे, लेकिन सरकार बनने के बाद उनकी मांगों का कोई समाधान नहीं निकला। अध्यापकों ने स्पष्ट किया कि वे अब किसी भी तरह के आश्वासन या गारंटी पर विश्वास नहीं करेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक उनके हाथों में नियुक्ति पत्र नहीं दिए जाते, वे अपना विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे। अध्यापक बोले- पहले भी गारंटी दिया था पर मुकर गए एक प्रदर्शनकारी अध्यापक ने बताया, “हम पहले भी उनकी गारंटी पर भरोसा करके टंकी से नीचे उतरे थे, लेकिन सरकार बनने के बाद हमसे किए गए वादे पूरे नहीं किए गए। अब हम तब तक नीचे नहीं उतरेंगे जब तक हमें नियुक्ति पत्र नहीं मिल जाते। हमें अपनी जान की भी परवाह नहीं है, लेकिन अब हम झूठे भरोसे में नहीं आएंगे।” फिलहाल, प्रशासन स्थिति पर नजर बनाए हुए है। वहीं, बेरोजगार अध्यापक अपनी मांगें मनवाने के लिए संघर्ष जारी रखने पर अड़े हुए हैं।
हांसी जिले में सोमवार दोपहर तेज बारिश और आंधी-तूफान ने भारी तबाही मचाई। कुछ ही देर की बारिश से शहर के कई प्रमुख मार्ग और कॉलोनियां जलमग्न हो गईं। तेज हवाओं के कारण एक विशाल मोबाइल टावर अपने फाउंडेशन सहित गिर गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। बारिश के बाद शहर में जलभराव की स्थिति गंभीर हो गई। बस स्टैंड, अंबेडकर चौक, कचहरी चौक, नागरिक अस्पताल रोड, जींद चौक और त्रिकोना पार्क सहित कई प्रमुख मार्गों पर पानी भर गया। विभिन्न कॉलोनियों की सड़कों पर भी घुटनों तक पानी जमा होने से लोगों को परेशानी हुई। कई स्थानों पर वाहन पानी में फंस गए, जिससे यातायात भी प्रभावित हुआ। आधी के कारण गिरा 30 मीटर ऊंचा मोबाइल टावर सबसे अधिक नुकसान बड़सी गेट के सामने स्थित एक व्यावसायिक परिसर में हुआ। यहां चौथी मंजिल पर लगा करीब 30 मीटर ऊंचा मोबाइल टावर तेज तूफान के कारण अपने फाउंडेशन सहित गिर गया। बताया गया है कि इस टावर पर चार टेलीकॉम कंपनियों के उपकरण लगे थे। टावर गिरने से आसपास की दुकानों और मकानों को भी क्षति पहुंची है। कई भवनों में दरारें आ गईं और कुछ कमरों की छतें क्षतिग्रस्त हो गईं। प्रभावित दुकानदारों और मकान मालिकों ने नुकसान की भरपाई की मांग की है। टावर गिरने से क्षेत्र में मोबाइल नेटवर्क और इंटरनेट सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं, जिससे लोगों को संचार संबंधी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। श्याम बाबा मंदिर के सामने गिरा पेड़ इसके अलावा, श्याम बाबा मंदिर के सामने स्थित वर्षों पुराने पीपल के पेड़ की एक बड़ी शाखा तेज हवाओं के कारण टूटकर गिर गई। इसकी चपेट में मंदिर में धार्मिक आयोजन के लिए लगाया गया सजावटी टावर भी आ गया, जिससे वह क्षतिग्रस्त हो गया। पोल गिरने से बिजली आपूर्ति बाधित जींद चौक से क्रांति चौक की ओर जाने वाले मार्ग पर कई बिजली के खंभे भी गिर गए, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति लंबे समय तक बाधित रही। बिजली निगम के कर्मचारी देर शाम तक आपूर्ति बहाल करने और क्षतिग्रस्त लाइनों की मरम्मत में लगे रहे। वहीं शहर के विभिन्न हिस्सों से भी पेड़ गिरने, दीवारें क्षतिग्रस्त होने और अन्य संपत्तियों को नुकसान पहुंचने की सूचनाएं मिल रही हैं।
इंदौर की भंवरकुआं थाना पुलिस ने सोमवार को मेरठ की एक शातिर गैंग के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 33 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, वारदात में इस्तेमाल की जा रही कार और अन्य सामान बरामद किया गया है। जब्त माल की कीमत करीब 50 लाख रुपए बताई जा रही है। पुलिस के अनुसार कुछ दिन पहले तीन इमली क्षेत्र में हुई एक वारदात के बाद एक मोबाइल की ट्रेसिंग की जा रही थी। साइबर सेल से मिले इनपुट के आधार पर संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में कई चौंकाने वाले खुलासे हुए। मेरठ के रहने वाले हैं आरोपी पुलिस ने कुलदीप पाल (33), नाजिम कुरैशी (25), महफूज उर्फ फजलू (40), शोएब कुरैशी (27) और मोहम्मद शकील (33) को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपी उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले के निवासी हैं। पुलिस के मुताबिक इनके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। कई राज्यों में वारदात करना कबूला पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने महाराष्ट्र के नासिक और धुले के अलावा गुजरात के वडोदरा, वापी, सूरत, दाहोद समेत कई शहरों में मोबाइल लूट की वारदातों को अंजाम दिया है। इंदौर के राजेंद्र नगर और अन्य थाना क्षेत्रों में भी वारदात करना स्वीकार किया है। कारोबारी को लूटने की थी तैयारी जांच में सामने आया है कि आरोपी एक बड़े कारोबारी को निशाना बनाने की तैयारी कर रहे थे। योजना के तहत कारोबारी की गाड़ी को एक्सीडेंट का बहाना बनाकर रुकवाना था। इसके बाद चालक की आंखों में मिर्च पाउडर डालकर रुपयों से भरा बैग लूटना था। वारदात के बाद सभी आरोपी अलग-अलग दिशाओं में भागकर बायपास के एक तय स्थान पर मिलने वाले थे। पुलिस कर रही पूछताछ पुलिस का कहना है कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। आशंका है कि गैंग ने इंदौर समेत कई शहरों में और भी वारदातें की हैं। पुलिस इनके आपराधिक रिकॉर्ड और नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
बागपत के पलड़ी गांव में एक निजी कंपनी द्वारा मोबाइल टावर लगाए जाने के विरोध में ग्रामीणों ने सोमवार को कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। ग्रामीणों का आरोप है कि मोबाइल टावर से निकलने वाला रेडिएशन व्यक्ति और पशुओं के स्वास्थ्य पर हानिकारक प्रभाव डालता है। प्रदर्शन कर ग्रामीणों ने अधिकारियों से मांग की कि इस टावर को आबादी वाले क्षेत्र से हटाकर खेतों या जंगल में लगाया जाए। उन्होंने बताया कि वे इस संबंध में कई बार अधिकारियों से शिकायत कर चुके हैं, लेकिन उनकी समस्या का समाधान नहीं हुआ है। महिलाओं ने चेतावनी दी कि यदि टावर लगाने का काम नहीं रोका गया और उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे बड़े पैमाने पर धरना प्रदर्शन करने के लिए मजबूर होंगी। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में कई लोग गंभीर बीमारियों से जूझ रहे हैं, और टावर लगने से उनके स्वास्थ्य पर और भी बुरा असर पड़ेगा। बड़ी संख्या में महिला ग्रामीण इस विरोध प्रदर्शन में शामिल रहीं।
पठानकोट में रेलवे के चेकिंग स्टाफ की सतर्कता से एक यात्री का मोबाइल चोरी होने से बच गया। इतना ही नहीं, चलती ट्रेन में चोरी करने वाले आरोपी को भी गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे पहुंचा दिया गया। घटना 14 जून की देर रात की है। एसी कोच में सफर कर रहे एक यात्री का मोबाइल चुराने के बाद आरोपी दूसरे कोच में जाकर बैठ गया। हालांकि, चेकिंग स्टाफ को उस पर शक हुआ और उन्होंने उसे पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी किया गया मोबाइल बरामद कर यात्री को लौटा दिया गया। इसके बाद आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी के हवाले कर दिया गया। धौलाधार एक्सप्रैस में दिया वारदात को अंजाम दरअसल, रविवार रात करीब 11:40 बजे सिटी रेलवे स्टेशन पर पठानकोट से दिल्ली सराय रोहिल्ला जाने वाली ट्रेन संख्या 14036 में टिकट चेकर (टीटीई) विशाल कुमार टिकटों की जांच कर रहे थे। ट्रेन के स्टेशन से रवाना होने के बाद जब वह चेकिंग करते हुए एस-3 कोच में पहुंचे, तो वहां एक व्यक्ति संदिग्ध परिस्थितियों में बैठा मिला। पूछताछ के दौरान जब उससे टिकट दिखाने के लिए कहा गया, तो उसके पास कोई वैध टिकट नहीं मिला। टिकट न मिलने पर किया काबू, मिला चोरी का मोबाइल टिकट चेकर विशाल कुमार ने जब उससे यात्रा टिकट या कोई वैध पास दिखाने के लिए कहा, तो वह कोई भी वैध यात्रा दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। बिना टिकट यात्रा करने और उसके संदिग्ध व्यवहार के चलते उस पर शक गहरा गया। तलाशी लेने पर उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। कड़ाई से पूछताछ करने पर आरोपी ने स्वीकार किया कि मोबाइल उसका नहीं है। उसने यह मोबाइल ट्रेन के एस-2 कोच में सीट नंबर 40 पर सफर कर रहे एक यात्री से चुराया था। यात्री को मिला फोन, चोर गया जेल स्टाफ ने तुरंत रेलवे पुलिस को मौके पर बुलाया। टीटीई ने मोबाइल के असली मालिक की पहचान की और उसका फोन उसे लौटा दिया गया। अपना फोन वापस पाकर यात्री बेहद खुश हुआ और उसने रेलवे स्टाफ का धन्यवाद किया। यात्री ने कहा कि रेलवे स्टाफ की तत्परता के कारण उसका कीमती मोबाइल वापस मिल सका। इसके बाद, ट्रेन के संगरूर रेलवे स्टेशन पहुंचते ही बिना टिकट यात्रा कर रहे उस चोर को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी (रेलवे पुलिस) के हवाले कर दिया गया। रेलवे अधिकारियों की अपील इस घटना पर वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक, उचित सिंघल ने कहा कि जम्मू मंडल यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा एवं सामान की रक्षा के लिए पूर्ण रूप से प्रतिबद्ध है। रेलवे प्रशासन सभी यात्रियों से अपील करता है कि वे यात्रा के दौरान अपने सामान का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत रेलवे स्टाफ अथवा RPF/GRP को दें।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

