हरदोई में कोतवाली शहर पुलिस ने शनिवार शाम करीब 4:30 बजे मोबाइल लूट की दो घटनाओं का खुलासा किया। पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक बाल अपचारी को पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। आरोपियों के कब्जे से 7 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है। कंपनी बाग से घर जाते समय अधिवक्ता का मोबाइल छीना पुलिस के मुताबिक, रद्धेपुरवा रोड निवासी अधिवक्ता सुधांशु पांडेय पुत्र रामदत्त पांडेय ने 12 अक्टूबर को कोतवाली शहर में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया कि 11 अक्टूबर को कंपनी बाग से पैदल घर जाते समय डीएम आवास के सामने मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात व्यक्ति पीछे से आए और उनके हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गए।इस मामले में पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया था। पिहानी रोड ओवरब्रिज के पास दूसरी वारदात दूसरी घटना में कोतवाली देहात क्षेत्र के अनंग बेहटा गांव निवासी आदर्श त्रिपाठी पुत्र अंबिका प्रसाद ने 15 अक्टूबर को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वह घर से साइकिल लेकर निकले थे। पिहानी रोड ओवरब्रिज के पास उन्होंने मोबाइल साइकिल की गद्दी पर रखा और शौच करने लगे। इसी दौरान मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात व्यक्ति उनका मोबाइल छीनकर भाग गए। इस मामले में मुकदमा दर्ज किया गया था। दो आरोपी गिरफ्तार, बाल अपचारी पुलिस अभिरक्षा में पुलिस ने नागेश्वर उर्फ मोनू पुत्र मुंशीलाल निवासी मोहल्ला आलूथोक, कोतवाली शहर और छोटू पुत्र रामदास निवासी गुरुगुज्जा गांव, कोतवाली शहर को गिरफ्तार किया है। एक बाल अपचारी को भी पुलिस अभिरक्षा में लिया गया है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने कोतवाली शहर और कोतवाली देहात क्षेत्र में हुई मोबाइल छिनैती की दोनों घटनाओं को अंजाम देने की बात स्वीकार की। बरामद अन्य मोबाइल फोन के संबंध में पुलिस जांच कर रही है।
सिद्धार्थनगर के शिवनगर डिड़ई थाना क्षेत्र के बरहरपुर गांव में मोबाइल की दुकान में हुई चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों दीपक और आकाश को गिरफ्तार किया है। इन्हें 17 अक्टूबर को कोर्ट भेज दिया गया। आरोपियों के पास से पांच मोबाइल, 10 चार्जर, 25 ब्लूटूथ, चार ईयरफोन, 12 डाटा केबल, 25 मोबाइल कवर और दो फ्लिप कवर समेत कई इलेक्ट्रॉनिक सामान बरामद हुए हैं। दीपक के पास से एक अवैध चाकू, हेक्सा ब्लेड और कैंची भी मिली। 15 अक्टूबर की रात बरहरपुर गांव में चोरी हुई थी। 16 अक्टूबर की रात पुलिस को तेनुई पुलिया के पास दीपक के होने की सूचना मिली। घेराबंदी कर उसे पकड़ा गया। तलाशी में चोरी के मोबाइल और हथियार मिले। बाद में आकाश को भी पकड़ा गया, जिसके पास से बाकी चोरी का सामान मिला। पूछताछ में दोनों ने बताया कि यह सामान बरहरपुर गांव में हुई चोरी का है। दीपक पर आबकारी एक्ट के पांच मामले दर्ज हैं, जबकि आकाश पर आर्म्स एक्ट, चोरी और गैंगस्टर एक्ट के तहत भी कार्रवाई हो चुकी है। बरामद अवैध हथियार के आधार पर मामले में एक और धारा जोड़ी गई है।
मुजफ्फरपुर में त्योहारों की भीड़ के बीच महिलाओं के गले से चेन और पर्स चोरी करने वाले गिरोह का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने बिहार और उत्तर प्रदेश की चार जिलों से जुड़ीं 15 महिलाओं को हिरासत में लेकर गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये महिलाएं त्योहारों के दौरान भीड़भाड़ वाले इलाकों में आम महिलाओं के बीच घुस जाती थीं। फिर गोल घेरा बनाकर इस तरह वारदात करती थीं कि आसपास के लोगों को शक तक नहीं होता था। इनके पास से 16,800 रुपए नकद, सोने के तीन लॉकेट, सोने का एक कान का लटकन और पांच मोबाइल बरामद किए गए हैं। शनिवार को सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इसकी जानकारी दी। उन्होंने बताया कि त्योहारों के सीजन को देखते हुए पुलिस लगातार सक्रिय थी। इसी दौरान नगर थाने की पुलिस को 16 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली कि बाहर से आने वाली महिलाओं का गिरोह शहर में चेन स्नैचिंग, मोबाइल और पर्स चोरी की घटनाओं को अंजाम दे रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने कार्रवाई कर 15 महिलाओं को पकड़ा। भीड़ में घुसकर बनाती थीं शिकार पुलिस के मुताबिक, गिरोह की महिलाएं भीड़ का फायदा उठाकर महिलाओं के गले से चेन और आभूषण निकालती थीं। इसके अलावा पर्स, मोबाइल और नकदी भी चोरी की जाती थी। पुलिस अब यह पता लगा रही है कि गिरोह ने शहर में किन-किन जगहों पर वारदात की है और इसके पीछे मुख्य सरगना कौन है। यूपी के गोरखपुर, देवरिया और आजमगढ़ से जुड़ाव पुलिस की ओर से जारी सूची के अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं में उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, देवरिया और आजमगढ़ की महिलाएं शामिल हैं। वहीं, बिहार के सीवान जिले के भगवानपुर क्षेत्र की भी महिलाएं पकड़ी गई हैं। पुलिस ने इनके आपराधिक इतिहास का पता लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। गिरोह के अन्य सदस्यों और सरगना की पहचान भी की जा रही है। नगर थाने में केस दर्ज इस मामले में नगर थाना कांड संख्या 569/26 दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार महिलाओं से पूछताछ और बरामद सामान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। त्योहारों के दौरान बाजारों और भीड़भाड़ वाले इलाकों में चोरी व चेन स्नैचिंग की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए पुलिस सतर्कता बढ़ा रही है।
सत्र में योग गुरु ने विद्यार्थियों को ताड़ासन, वृक्षासन, भ्रामरी, अनुलोम-विलोम प्राणायाम और ध्यान का व्यावहारिक अभ्यास कराया। उन्होंने रेखांकित किया कि ये आसन बढ़ते बच्चों की शारीरिक लंबाई, एकाग्रता, धैर्य और अच्छे संस्कारों के निर्माण में अहम भूमिका निभाते हैं।
रामबन पुलिस ने खड़ी क्षेत्र में संदिग्ध अंतरराष्ट्रीय कॉल और संचार पर नजर रखने के लिए कासो अभियान चलाया। इस दौरान जेकेएनओपी और ओजीडब्ल्यू से जुड़े आवासों की तलाशी ली गई और परिवारों को सतर्क रहने की हिदायत दी गई।
सिरसा जिले के रतिया में पुलिस ने घरों से मोबाइल फोन चोरी करने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान वार्ड नंबर-3 निवासी हरदीप सिंह उर्फ टीडी के रूप में हुई है। पुलिस उसे कोर्ट में पेश करेगी। थाना शहर रतिया के प्रभारी प्रवीण कुमार ने बताया कि वार्ड नंबर-5 स्थित कलर कॉलोनी की एक महिला ने मोबाइल चोरी होने की शिकायत दी थी। महिला के अनुसार, 17 सितंबर 2026 की रात उसके और उसके पति के मोबाइल फोन चोरी हो गए थे। पड़ोस के 2 घरों से भी चोरी हुए फोन इसी रात पड़ोस के दो अन्य घरों से भी तीन मोबाइल फोन चोरी होने की बात सामने आई थी। इस तरह एक ही रात में तीन घरों से कुल पांच मोबाइल फोन गायब हुए थे। जांच के बाद आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने शिकायत के आधार पर 16 अक्टूबर 2026 को मामला दर्ज किया। इसके बाद जांच करते हुए हरदीप सिंह उर्फ टीडी को पकड़ लिया। पुलिस के अनुसार, आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। मामले में आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।
गुरुग्राम जिले के दौलाह गांव में प्राइवेट स्कूल शिक्षक प्रशांत की पत्नी नीतू (35) की सनसनीखेज हत्या के मामले में जांच के दौरान चौंकाने वाली जानकारी सामने आई है। शुरुआत जांच में जिसे लूट का विरोध करने पर हत्या माना जा रहा था, वहीं नीतू का मंगलसूत्र और अन्य ज्वैलरी सुरक्षित मिली है। इस अहम जानकारी के बाद पुलिस की तफ्तीश का दायरा अब 'लूट की थ्योरी' के अलावा रंजिश और किसी जानकार की साजिश के एंगल पर बढ़ाया गया है। आशंका ये भी जताई गई है कि हत्यारों ने जांच एजेंसियों को गुमराह करने और वारदात को लूट का रूप देने के लिए जानबूझकर घर की अलमारियों और संदूक का सामान बिखेर दिया होगा। हालांकि घर से कुछ नगद रकम गायब होने की बात भी सामने आई है, लेकिन नीतू के पति प्रशांत और पुलिस की तरफ से लूट के लिए हत्या की भी पुष्टि नहीं की गई है। वहीं इस घटना में शामिल लोगों की पहचान, हत्या का मकसद और हमलावरों के घर में घुसने के हालात भी स्पष्ट नहीं हो पाए हैं। हाथ बांधे, चेहरे पर टेप लपेटकर बाथरूम में छोड़ा वारदात के दिन नीतू घर पर बिल्कुल अकेली थीं। उनके पति प्रशांत और बच्चे रोज़ की तरह स्कूल में चले गए थे। घर को सूना पाकर अंदर दाखिल हुए बेखौफ बदमाशों ने नीतू को संभलने का मौका तक नहीं दिया। उन्होंने नीतू को पूरी तरह असहाय करने के लिए उनके दोनों हाथ पीछे की तरफ रस्सी से बांध दिए। इसके बाद, वह चिल्ला न सके और शोर सुनकर कोई पड़ोसी मदद के लिए न आ जाए, इसलिए बदमाशों ने बेरहमी की सारी हदें पार करते हुए नीतू के मुंह और पूरे चेहरे पर चौड़ी प्लास्टिक की पैकिंग टेप लपेट दी। सांस लेने के लिए तड़पती रही इतने से भी जब बदमाशों का मन नहीं भरा, तो उन्होंने नीतू को घसीटकर घर के भीतर बने बाथरूम में डाल दिया और बाहर से दरवाजा बंद कर दिया। हाथ बंधे होने और मुंह-नाक पर कसकर टेप लिपटे होने के कारण नीतू हवा के लिए तड़पती रहीं और बाथरूम के भीतर ही दम घुटने से उनकी मौत हो गई। दोपहर बाद स्कूल से लौटने के बाद प्रशांत और बच्चों को मुख्य दरवाजा खुला देख और सामान बिखरा पाकर उनके होश उड़ गए। जब उन्होंने तलाश की, तो नीतू बाथरूम में अचेत अवस्था में पड़ी मिलीं। अस्पताल ले जाने पर डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। लूट की थ्योरी पर शक घटना की सूचना मिलते ही सोहना थाना पुलिस के साथ-साथ क्राइम ब्रांच, फिंगरप्रिंट एक्सपर्ट्स और फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी की टीमें डॉग स्क्वायड के साथ मौके पर पहुंची। शुरुआती जांच में अलमारियों के खुले लॉकर, फर्श पर बिखरे कपड़े और खुले हुए संदूक को देखकर हर किसी को यही लगा कि चोरों या लुटेरों के गैंग ने इस वारदात को अंजाम दिया है। लेकिन जब डेडबॉडी की जांच की गई तो जांच अधिकारी ये देखकर हैरान रह गए कि नीतू के गले में मौजूद मंगलसूत्र और दूसरे गहनों को अपराधियों ने छुआ तक नहीं था। एक पेशेवर लुटेरा कभी भी इतनी बड़ी रकम और सोने को छोड़कर नहीं जा सकता। इसी प्वाइंट ने पुलिस को सोचने पर मजबूर किया कि अपराधियों का असली मकसद लूटपाट करना था या वे केवल नीतू की जान लेने आए थे और लूटपाट का यह पूरा दृश्य महज एक 'सोचा-समझा ड्रामा' था ताकि पुलिस चोर-बदमाशों के पीछे भागती रहे। घर में आसानी से एंट्री पुलिस अधिकारियों का कहना है कि हत्यारों ने बिना किसी तोड़फोड़ या कड़े प्रतिरोध के घर में प्रवेश किया था। इससे साफ अंदेशा है कि अपराधी मृतका या परिवार का कोई परिचित था, जिसके लिए नीतू ने खुद दरवाजा खोला होगा या फिर उन्हें एंट्री की जानकारी थी। उन्हें ये भी पता था कि इस समय नीतू घर में अकेली होगी सीसीटीवी कैमरों की स्कैनिंग दौलाह गांव के एंट्री और एक्जिट पॉइंट्स के साथ-साथ घर के आसपास लगे सभी सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है, ताकि वारदात के समय के आसपास दिखने वाले संदिग्ध वाहनों और चेहरों को चिन्हित किया जा सके। हालांकि एक जगह के सीसीटीवी में दो बाइक पर सवार संदिग्ध लोग कैद हुए हैं। इन्हीं में से एक बाइक पर सवार दो युवक घर के अंदर गए थे। मोबाइल डंप खंगालेगी पुलिस नीतू मर्डर मिस्ट्री को सुलझाने के लिए पुलिस अब तकनीकी जांच का सहारा ले रही है। इसके तहत वारदात के समय और उसके आसपास के घंटों का 'मोबाइल डंप डेटा' ले रही है। दौलाह गांव और मृतका के घर के आसपास के मोबाइल टावरों के इस डेटा के जरिए पुलिस उन सभी सक्रिय मोबाइल नंबरों की पहचान करेगी, जो घटना के वक्त वहां मौजूद थे। संदिग्ध नंबरों को शॉर्टलिस्ट कर उनकी कॉल डिटेल्स खंगाली जाएगी। हालांकि पुलिस ने इस बारे में फिलहाल ज्यादा जानकारी देने से इंकार किया है। मामले की जांच में जुटी पुलिस सोहना के ACP मुकेश यादव का कहना है कि घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण करके साक्ष्य लिए गए हैं। सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच अभी प्राइमरी स्टेज पर है और पुलिस तमाम एंगल पर जांच कर रही है। जल्द ही इस मामले को ट्रेसआउट कर लिया जाएगा।
दिल्ली से गाजियाबाद आने वाली ट्रेनों के यात्रियों के हाथों पर डंडा मारकर मोबाइल झपटने वाले गिरोह का नगर कोतवाली पुलिस और जीआरपी ने पर्दाफाश किया है।
किशनगंज में 28 हजार की अवैध लॉटरी बरामद:2 लोग गिरफ्तार, 5 हजार से ज्यादा नगदी और 2 मोबाइल फोन जब्त
किशनगंज शहर में अवैध लॉटरी के कारोबार के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने एमजीएम कॉलेज के गेट नंबर-03 के पास से दो लोगों को पकड़ा है। पुलिस ने उनके पास से 28,010 रुपए मूल्य की अवैध लॉटरी, 5,570 रुपए नगद और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में पुलिस की ओर से अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। यह कार्रवाई सदर थाना क्षेत्र के एमजीएम कॉलेज गेट नंबर-03 के पास की गई। पकड़े गए लोगों की पहचान धरमगंज निवासी 45 वर्षीय शुबुल सिंह उर्फ संजय सिंह और दिलबारगंज निवासी 42 वर्षीय अमित चौहान के रूप में हुई है। शुबुल सिंह धरमगंज में चाय की दुकान चलाते हैं। दोनों किशनगंज थाना क्षेत्र और जिला किशनगंज के निवासी बताए गए हैं। 28,010 रुपए मूल्य की अवैध लॉटरी बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने दोनों के पास से कुल 28,010 रुपए मूल्य की अवैध लॉटरी बरामद की। इसके अलावा 5,570 रुपये नकद और दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। बरामद मोबाइल फोन और नकदी को मामले की जांच के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी करने में जुटी है। अवैध लॉटरी के कारोबार से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच भी कार्रवाई का हिस्सा हो सकती है। पुलिस की कार्रवाई के बाद इलाके में अवैध लॉटरी के कारोबार को लेकर चर्चा तेज हो गई है।
शादी के 16 साल बाद कनाडा पहुंची एक महिला ने अपने ही पति, 2 बच्चों को छोड़ दिया। इतना ही नहीं पति से 29 लाख रुपए भी ठगकर ले गई। पीड़ित पति ने अपनी जिंदगी भर की कमाई और पिता की बचत पत्नी को विदेश भेजने में लगा दी, लेकिन कनाडा पहुंचते ही महिला ने परिवार से संपर्क तोड़ लिए। थाना बुल्लोवाल पुलिस ने जांच के बाद आरोपी पत्नी के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है और उसे भारत वापस लाने की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है।गांव गगनोली (थाना बुल्लोवाल) निवासी पीड़ित इंदरजीत सिंह पुत्र भूपिंदर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसकी शादी 2010 में गुरप्रीत कौर (निवासी मरूला, थाना चब्बेवाल) के साथ हुई थी। शादी के एक साल बाद परिवार के बेहतर भविष्य और कमाई के लिए इंदरजीत दुबई चला गया, जहां उसने लगातार 11 साल काम कर पैसे कमाए। इसी पैसे से पत्नी को कनाडा भेजा। पढ़ाई और कनाडा भेजने पर खर्च किए 29 लाख रुपए दुबई से लौटने के बाद पत्नी गुरप्रीत कौर ने बड़े देश जाने की जिद की और वादा किया कि कनाडा पहुंचते ही वह पति व दोनों बच्चों को भी वहां बुला लेगी। पत्नी के वादे पर भरोसा कर इंदरजीत ने पहले उसे संत बाबा भाग सिंह यूनिवर्सिटी में दाखिला दिलाकर 3 लाख रुपए खर्च कर 3 साल की डिग्री करवाई। इसके बाद आईलेट्स (IELTS) करवाकर वर्ष 2024 में स्टडी बेस पर उसे कनाडा भेज दिया। पत्नी की पढ़ाई, वीजा और विदेश भेजने में इंदरजीत और उसके पिता ने अपनी जिंदगी भर की जमापूंजी से कुल 29 लाख रुपए खर्च कर दिए। कनाडा पहुंचते ही ब्लॉक किए नंबर, मायके वालों ने झाड़ा पल्ला कनाडा पहुंचने के एक साल तक गुरप्रीत परिवार से बात करती रही, लेकिन उसके बाद उसने पति और ससुराल वालों के नंबर ब्लॉक कर दिए। जब इंदरजीत ने उसके मायके परिवार से बात की, तो उन्होंने भी कोई मदद करने के बजाय गुरप्रीत को अपनी जायदाद से बेदखल करने का नाटक किया। बाद में जब मामला बढ़ा, तो गुरप्रीत ने कनाडा से ही अपने दोनों बच्चों को पति के खिलाफ भड़काना शुरू कर दिया। हालांकि, बच्चों ने अपनी मां की नीयत भांपकर उससे बात करना बंद कर दी। जांच में दोषी पाई गई महिला, प्रत्यर्पण की तैयारी में पुलिस पीड़ित पति की शिकायत पर एसएसपी होशियारपुर ने जांच डीएसपी (डिटेक्टिव) को सौंपी। पुलिस पड़ताल और डीए लीगल सेल की कानूनी राय के बाद आरोपी महिला गुरप्रीत कौर को दोषी पाया गया, जिसके बाद उसके खिलाफ धारा 420 आईपीसी (धोखाधड़ी) के तहत मामला दर्ज किया गया है। मामले की जानकारी देते हुए एएसआई सरबजीत सिंह ने बताया कि दर्ज एफआईआर (FIR) की कॉपी भारतीय दूतावास और कनाडा एम्बेसी को भेजी जा रही है। पुलिस कानूनी प्रक्रिया के तहत आरोपी महिला को विदेश से वापस भारत लाने (प्रत्यर्पण) की कोशिशों में जुट गई है।
चाकुलिया चाकुलिया के अमलागोड़ा में 30 करोड़ रुपये की लागत से 78 हेक्टेयर में बन रहे इकोलॉजिकल डाइवर्सिटी पार्क से जुड़े मजदूरों ने सात महीने से बकाया मजदूरी नहीं मिलने पर शुक्रवार को वन विभाग कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। मजदूरों ने बताया कि भुगतान नहीं होने से घर चलाना मुश्किल हो गया है। दुर्गा पूजा के दौरान बच्चों के कपड़े, स्कूल फीस और रोजमर्रा की जरूरतें पूरी नहीं हो पा रहीं। प्रदर्शन के दौरान कुछ देर के लिए कार्यालय के मुख्य गेट पर बाहर से कुंडी लगा दी गई, जिससे अंदर मौजूद कर्मचारी फंस गए। बाद में ताला खोल दिया गया। सूचना पर प्रशासन और पुलिस मौके पर पहुंची। डीएफओ सबा आलम अंसारी के निर्देश पर प्रभारी वनपाल संतोषील घोष ने लिखित आश्वासन दिया कि 26 अक्टूबर तक भुगतान पूरा कर दिया जाएगा। मजदूरों ने कहा कि पूरा पैसा मिलने तक पार्क में काम बंद रहेगा। हस्तक्षेप के बाद मजदूर वापस लौट गए, लेकिन उन्होंने भुगतान की तय तारीख तक स्थिति साफ होने की बात कही। मजदूरों में जया पातर ने बताया कि स्कूल फीस भरने के लिए उन्हें मोबाइल 6 हजार रुपये में बेचना पड़ा। मजदूरों का कहना है कि वे लगातार काम कर रहे हैं, फिर भी सात महीने से भुगतान नहीं मिला। उन्होंने बकाया राशि जल्द जारी करने की मांग की। इसी तरह, चाकुलिया क्षेत्र में जंगली हाथियों को भगाने के लिए तैनात क्यूआरटी के सदस्यों ने भी सात महीने से मानदेय नहीं मिलने का आरोप लगाया है। टीम ने बताया कि हाजिरी लग रही है, लेकिन भुगतान नहीं होने से वे हाथी भगाने के लिए जंगल में नहीं जा रहे हैं। परियोजना स्थल पर कॉटेज निर्माण समेत अन्य काम जारी हैं। मजदूरों की नजर 25–26 अक्टूबर पर है।
Karnal News: कॉलेज के सामने पार्क में खाना खा रहे छात्र पर ब्लेड से हमला कर मोबाइल छीना
कॉलेज के सामने पार्क में खाना खा रहे छात्र पर ब्लेड से हमला कर मोबाइल छीना
Hamirpur (Himachal) News: मोबाइल का अधिक इस्तेमाल और गलत तरीके से सोना बढ़ा रहा जोड़ों का दर्द
Excessive mobile phone use and improper sleeping positions are increasing joint pain.
Udham Singh Nagar News: अब चाबी से नहीं मोबाइल फोन से स्टार्ट होगी बाइक
अब चाबी से नहीं मोबाइल फोन से स्टार्ट होगी बाइक
Bareilly News: युवती का मोबाइल चुराकर मिलने बुलाया, फिर बोला- होटल चलते हैं
बरेली। प्रेमनगर क्षेत्र में युवक ने घर में घुसकर सो रही युवती का मोबाइल फोन चोरी कर लिया। इसके बाद युवती को बुलाकर अश्लील हरकत की और उस पर होटल चलने का दबाव बनाने लगा। पुलिस की मदद से युवक को पकड़ लिया गया।
Shamli News: मोबाइल फोन की लत से बच्चों की झुक रही कमर, चलने-खड़े होने में परेशानी
मोबाइल फोन की बढ़ती लत छोटे बच्चों की सेहत पर असर डाल रही है। लगातार कई घंटे तक मोबाइल फोन की स्क्रीन पर नजरें गड़ाए रखने से गर्दन झुक रही है।
Kaushambi News: घरवालों से नाराज युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
घरवालों से नाराज युवती मोबाइल टावर पर चढ़ी, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
सूरत को ग्रामीण बुनियादी ढांचे के लिए 108 करोड़ रुपए मिले, गांव के स्कूलों को मिलेगी मोबाइल कंप्यूटर बस
शिवपुरी में छात्रा से दुष्कर्म और अश्लील फोटो-वीडियो के जरिए ब्लैकमेल करने के मामले में फिजिकल थाना पुलिस ने धर्मवीर परिहार को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने करीब दो साल पहले छात्रा को करौंदी स्थित किराए के कमरे पर सब्जी लेने के बहाने बुलाया था। आरोप है कि वहां चाय में नशीला पदार्थ मिलाकर उसे पिला दिया, जिससे वह बेहोश हो गई। इसके बाद आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया और अश्लील फोटो-वीडियो बना लिए। पुलिस के अनुसार, आरोपी धर्मवीर परिहार ग्राम रामखेड़ी, थाना बैराड़ का निवासी है। आरोपी और पीड़िता दोनों शिवपुरी में रहकर पढ़ाई कर रहे थे। आरोपी पीड़िता का दूर का रिश्तेदार भी बताया गया है। आरोप है कि घटना के बाद आरोपी अश्लील फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी देकर कई बार पीड़िता के साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब पीड़िता ने उसकी बात मानने से इनकार कर दिया, तो आरोपी ने कथित तौर पर उसके अश्लील फोटो-वीडियो पीड़िता के भाई और अन्य परिचितों के मोबाइल पर भेज दिए। 15 अक्टूबर को गिरफ्तारी, मोबाइल जब्त इसके बाद पीड़िता ने 13 अक्टूबर को फिजिकल थाने पहुंचकर लिखित शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ दुष्कर्म, धमकी देने और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देश पर फिजिकल थाना पुलिस ने आरोपी की तलाश शुरू की। मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर 15 अक्टूबर को उसे करौंदी स्थित उसके ताऊ के बेटे के किराए के मकान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल भी जब्त किया है। 16 अक्टूबर को आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जिला जेल शिवपुरी भेज दिया गया।
मुरादाबाद के मझोला थाना क्षेत्र में लाकड़ी फाजलपुर स्थित लाकड़ी पुलिया के पास शुक्रवार को एक सनसनीखेज मामला सामने आया। यहाँ एक युवक अचानक मोबाइल टावर की ऊंचाई पर जाकर बैठ गया। युवक को टावर के ऊपर देख आसपास के राहगीरों और स्थानीय लोगों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, जिसके कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और ट्रैफिक पूरी तरह ठप हो गया। आने-जाने वाले यात्रियों को इस जाम की वजह से भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना की जानकारी मिलते ही लाकड़ी चौकी से दरोगा और पुलिस बल तुरंत मौके पर पहुंचे। इसके साथ ही मझोला थाने के प्रभारी रविंद्र सिंह भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास शुरू किया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि टावर पर चढ़े युवक का नाम दीपक है, जो मूंडापांडे थाना क्षेत्र के गांव चौपरी का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि दीपक की चाची ने हाल ही में उसके खिलाफ चोरी की एक एफआईआर दर्ज कराई थी। इसी आरोप से आहत और परेशान होकर उसने यह आत्मघाती कदम उठाया। पुलिस अधिकारियों ने भीड़ को हटाकर यातायात सुचारू कराने के साथ-साथ युवक को समझा-बुझाकर नीचे उतारने की कार्रवाई जारी रखी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के बाद आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर एक युवक से 15 लाख रुपए की मांग करने और मारपीट कर उसका मोबाइल छीनने का मामला सामने आया है। आरोपी ने पहले खुद को क्राइम ब्रांच का अधिकारी बताकर युवक पर दबाव बनाया और फिर लूटपाट कर फरार हो गया। मामले में पुरानी बस्ती थाने में FIR दर्ज की गई है। पुलिस के मुताबिक, फिलहाल मामले की जांच जारी है। घटना को लेकर अन्य जानकारी सामने आना बाकी है। घटना पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र की बताई जा रही है।
पंचायतीराज आम चुनाव 2026 से पहले मावली उपखंड प्रशासन ने अधिकारियों और कर्मचारियों के मुख्यालय छोड़ने पर रोक लगा दी है। अवकाश के लिए जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला कलेक्टर की अनुमति और 24 घंटे मोबाइल चालू रखने के निर्देश जारी किए गए हैं। आदेशों की अवहेलना पर कार्रवाई हो सकती है।
पंचकूला नगर निगम वेंडिंग जोन में अवैध कब्जे और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करेगा। बिना लाइसेंस वाले मोबाइल वेंडर्स का सामान जब्त होगा और अवैध निर्माण हटाए जाएंगे। किराएदारों की सूची भी बनेगी।
8.08 लाख के 50 खोए मोबाइल लौटाए:शेखपुरा में चला ऑपरेशन मुस्कान, एसपी ने ओनर्स को सौंपे स्मार्टफोन
शेखपुरा जिला पुलिस ने शुक्रवार को 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 50 लोगों को उनके खोए या चोरी हुए मोबाइल वापस किए। एसपी हिमांशु ने अपने दफ्तर में बुलाकर सभी मोबाइल मालिकों को सम्मान के साथ उनके फोन लौटाए। पोर्टल पर कर सकते IMEI नंबर ब्लॉक इन 50 मोबाइल की कीमत 8 लाख 8 हजार 400 रुपए है। एसपी ने लोगों को सलाह दी कि मोबाइल खोने पर घबराएं नहीं। वे भारत सरकार के पोर्टल पर IMEI नंबर ब्लॉक कर सकते हैं या थाने में शिकायत दर्ज करा सकते हैं। यह 'ऑपरेशन मुस्कान' का तीसरा चरण था। इससे पहले 5 अगस्त को 50 मोबाइल (9 लाख 50 हजार रुपए) और 11 सितंबर को 50 मोबाइल (9 लाख 83 हजार रुपए) लौटाए गए थे। अब तक कुल 150 मोबाइल वापस किए जा चुके हैं, जिनकी कुल कीमत 28 लाख 13 हजार 400 रुपए है। पुलिस ने जिला तकनीकी सेल के काम की तारीफ की।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में रेशमी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान से 52 मोबाइल चोरी के मामले में पुलिस ने अंतरराष्ट्रीय चोर गिरोह का खुलासा किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि दो अन्य की तलाश जारी है। चोरी में बिहार के पांच आरोपियों के शामिल होने की बात सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, 5 अक्टूबर 2026 को चोरों ने चक्रधरपुर की रेशमी इलेक्ट्रॉनिक्स दुकान का शटर तोड़कर 52 मोबाइल चुराए थे। घटना के बाद चक्रधरपुर थाने में केस दर्ज कर जांच शुरू हुई। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर टीम बनी। वैज्ञानिक जांच और छापेमारी के बाद मोतिहारी के नितेश पटेल, पूर्वी चंपारण के जितेंद्र साह उर्फ चोना और सुपौल के गोविंद चौधरी को पकड़ा गया। पुलिस ने 21 मोबाइल बरामद किए हैं। जांच में मोतिहारी के शेराज और संजय सहनी का नाम भी सामने आया है। इनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी चल रही है। गिरफ्तार आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड है। पुलिस गिरोह के बाकी सदस्यों और बचे मोबाइल की बरामदगी के लिए एक्शन ले रही है।
Batala के गांव में मोबाइल विवाद में युवक की जान गई, Police ने नशा एंगल नकारा
पंजाब में बटाला के एक गांव में मोबाइल फोन को लेकर दो गुटों के बीच हाथापाई के बाद एक व्यक्ति की मौत हो गई। पुलिस ने शुक्रवार को यह जानकारी दी। विपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया कि इस व्यक्ति को क्षेत्र में मादक पदार्थ की कथित तस्करी का विरोध करने की कीमत चुकानी पड़ी है। हालांकि, पुलिस ने इस घटना में किसी मादक पदार्थ कोण से इनकार किया है। बटाला पुलिस द्वारा ‘एक्स’ पर पोस्ट किए गए एक वीडियो में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) मेहताब सिंह ने बताया कि बृहस्पतिवार रात जिले के मारी पनवां गांव में हत्या की एक घटना सामने आई, जो एक मोबाइल फोन को लेकर दो गुटों के बीच हुई हाथापाई का नतीजा थी। उन्होंने कहा, ‘‘बिक्रमजीत सिंह नामक व्यक्ति को धारदार हथियार से घायल कर दिया गया। बाद में उसकी मौत हो गई। इस घटना में दो अन्य लोग भी घायल हुए।’’एसएसपी ने स्पष्ट किया, ‘‘इस घटना में मादक पदार्थ वाला कोई कोण नहीं है।’’उन्होंने कहा कि पुलिस ने बीएनएस की धारा 103 (हत्या) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की है। उन्होंने कहा कि आरोपियों की पहचान कर ली गई है और उन्हें शीघ्र ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि, सत्तारूढ़ आम आदमी पार्टी (आप) के विरोधी दलों ने इस घटना को लेकर भगवंत मान सरकार की कड़ी आलोचना की है। यह घटना मानसा में एक दवा दुकानदार द्वारा नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की गोली मारकर हत्या किए जाने के दो दिन बाद हुई है। झोटा की हत्या ने राज्य में राजनीतिक घमासान छेड़ दिया है। अगले साल के आरंभ में पंजाब में विधानसभा चुनाव होने हैं। पूर्व प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष और लुधियाना के सांसद अमरिंदर सिंह राजा वडिंग ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘श्री हरगोबिंदपुर में कथित तौर पर नशीले पदार्थों की तस्करी का विरोध करने पर एक युवक की हत्या कर दी गई और दो अन्य लोगों को गंभीर रूप से घायल कर दिया गया।’’उन्होंने कहा, ‘‘पंजाब के बच्चों की रक्षा कौन करेगा? सरकार सिर्फ घोषणाएं करती रहेगी। परिवार कब तक भुगतते रहेंगे? हमें जवाबदेही चाहिए, मादक पदार्थ नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई चाहिए। एक ऐसा पंजाब चाहिए जहां मादक पदार्थ के खिलाफ आवाज़ उठाने पर किसी को अपनी जान न गंवानी पड़े।’’भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा कि मानसा में नशा-विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा को गोली मारे जाने के ठीक दो दिन बाद 40 वर्षीय बिक्रमजीत सिंह की हत्या, पंजाब में आप सरकार के तहत कानून-व्यवस्था के ध्वस्त होने के बारे में ‘गंभीर सवाल’ खड़े करती है। नवीन की टिप्पणी पर प्रदेश भाजपा अध्यक्ष केवल सिंह ढिल्लों ने ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘मैं नितिन नवीन जी की बात से पूरी तरह सहमत हूं। जब नशीले पदार्थों के खिलाफ आवाज उठाने वालों को दिन-दहाड़े गोली मार दी जाती है, तो यह सिर्फ पुलिस व्यवस्था की विफलता नहीं है, बल्कि यह शासन-प्रशासन के पूरी तरह ध्वस्त हो जाने का संकेत है।’’ढिल्लों ने कहा, ‘‘मादक पदार्थ माफिया और अपराधियों को कुचलना होगा। उनके पीछे मौजूद हर तरह के राजनीतिक संरक्षण का पर्दाफाश करना होगा। भाजपा पंजाब को नशा-मुक्त, गैंगस्टर-मुक्त और सुरक्षित बनाएगी।’’
Vi Prepaid Family Plan: मैंबर के साथ शेयर कर पाएंगे मोबाइल डेटा और रिचार्ज पर मिलेगा डिस्काउंट
वोडाफोन आइडिया (Vi) ने भारत का पहला प्रीपेड फैमिली प्लान लॉन्च किया है, जिससे यूजर्स Vi ऐप पर फैमिली ग्रुप बनाकर मोबाइल डेटा शेयर कर सकते हैं।
दुर्ग जिले के भिलाई नगर थाने में बुधवार को भारतीय जनता युवा मोर्चा (भाजयुमो) के कार्यकर्ताओं ने जमकर हंगामा किया। कार्यकर्ता पुराने विवाद में दूसरी FIR दर्ज कराने की मांग को लेकर थाने पहुंचे थे। आरोप है कि इस दौरान वीडियो बना रहे भाजयुमो मंडल महामंत्री वाशु शर्मा का मोबाइल महिला ट्रेनी SI नेहा भास्कर ने छीन लिया और उन्हें थप्पड़ मार दिया। इससे नाराज कार्यकर्ताओं ने थाने में प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस दौरान भाजयुमो पदाधिकारियों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए महिला पुलिसकर्मी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने और दूसरी FIR दर्ज करने की मांग की। सीनियर पुलिस अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद मामला शांत हुआ। देर रात पुलिस ने दूसरी एफआईआर दर्ज कर ली। पुराने विवाद में पहले एक पक्ष ने दर्ज कराई थी FIR मामला 14 अक्टूबर को सिविक सेंटर स्थित उपाध्याय पान ठेले के पास का है। एक पक्ष के वेदांत साहू ने पुलिस को बताया कि वह छात्र है। वह अपने दोस्त प्रणव वर्मा के साथ पुरानी बात को लेकर तुषार सिंह राजपूत से बातचीत करने पहुंचा था। इसी दौरान आर्यन सिंह राजपूत भी वहां आ गया। आरोप है कि आर्यन, तुषार और उनके एक साथी ने गाली-गलौज की, जान से मारने की धमकी दी और मारपीट की। वेदांत के अनुसार, मारपीट में उसकी बाईं आंख, चेहरे और दोनों हाथों में चोट आई। झूमाझटकी के दौरान उसकी सोने की चेन भी गिर गई। घटना के बाद वह अपने पिता एकनाथ अनुपम साहू के साथ थाने पहुंचा और तीन लोगों के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। दूसरे पक्ष ने विधायक के दबाव में कार्रवाई का आरोप लगाया दूसरे पक्ष का कहना है कि कॉलेज के छात्रों के बीच हुए विवाद में वेदांत साहू ने आर्यन राजपूत, प्रणय वर्मा और तुषार सिंह राजपूत के साथ मारपीट की थी। इसके बाद वेदांत ने ही एफआईआर दर्ज करा दी। दूसरे पक्ष ने आरोप लगाया कि पुलिस ने विधायक के दबाव में कार्रवाई की। भाजयुमो कार्यकर्ताओं का कहना था कि वे इसी मामले में दूसरी एफआईआर दर्ज कराने के लिए जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह के नेतृत्व में थाने पहुंचे थे। पुलिस ने पहले जांच करने के बाद कार्रवाई की बात कही। इससे नाराज कार्यकर्ता थाने परिसर में धरने पर बैठ गए। मोबाइल छीनने और थप्पड़ मारने के आरोप से बढ़ा विवाद धरने के दौरान गंजपारा मंडल के महामंत्री वाशु शर्मा घटनाक्रम का वीडियो बना रहे थे। भाजयुमो कार्यकर्ताओं का आरोप है कि महिला ट्रेनी SI नेहा भास्कर ने उनका मोबाइल छीन लिया और थप्पड़ मार दिया। इसके बाद थाने के बाहर तनाव बढ़ गया। कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की और महिला पुलिसकर्मी से सार्वजनिक रूप से माफी मांगने की मांग की। हंगामे की सूचना पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल, नगर पुलिस अधीक्षक और आसपास के थानों के प्रभारी मौके पर पहुंचे। थाने में बड़ी संख्या में पुलिस बल भी तैनात किया गया। वरिष्ठ अधिकारियों ने दोनों पक्षों से बातचीत की और निष्पक्ष जांच के साथ नियमानुसार कार्रवाई का भरोसा दिलाया। अधिकारियों के हस्तक्षेप के बाद शांत हुआ मामला भाजयुमो जिला अध्यक्ष हिमांशु सिंह ने बताया कि अधिकारियों ने कार्यकर्ताओं की प्रमुख मांगों पर सहमति जताई है। पुराने विवाद में दूसरी एफआईआर दर्ज करने का आश्वासन दिया गया। वहीं, महिला पुलिसकर्मी और कार्यकर्ता के बीच हुए विवाद को भी वरिष्ठ अधिकारियों की मौजूदगी में बातचीत के जरिए सुलझा लिया गया। इसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। देर रात दूसरे पक्ष की शिकायत पर भी एफआईआर दर्ज कर ली गई।
भोपाल में अशोका गार्डन के सब्जी मंडी चौराहे के पास गुरुवार तड़के एक्टिवा सवार दो बदमाश एक युवक का मोबाइल झपटकर फरार हो गए। युवक मंडीदीप स्थित फैक्ट्री में काम पर जाने के लिए घर से निकला था। उसने बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वे तेजी से एक्टिवा भगाकर निकल गए। पुलिस ने केस दर्ज कर अज्ञात आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मोबाइल का अलार्म बजने पर निकाला फोन पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से रायसेन जिले का रहने वाला प्रदीप यादव (30) भोपाल में परिहार चौराहे के पास किराए से रहता है। वह मंडीदीप की एक फैक्ट्री में काम करता है। बुधवार 14 अक्टूबर की सुबह करीब 5 बजे वह काम पर जाने के लिए घर से निकला था। उसे प्रभात चौराहे से मंडीदीप जाने के लिए सवारी वाहन में बैठना था। प्रदीप सब्जी मंडी चौराहे के पास पहुंचा ही था कि उसकी जेब में रखे मोबाइल का अलार्म बजने लगा। उसने जैसे ही जेब से मोबाइल निकाला, पीछे से एक्टिवा पर सवार दो बदमाश आए और फोन झपटकर भाग गए। प्रभात चौराहे की ओर भागे आरोपी प्रदीप ने बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी तेजी से एक्टिवा भगाते हुए प्रभात चौराहे की ओर निकल गए। घटना के बाद प्रदीप अशोका गार्डन थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी जानकारी दी। पुलिस आरोपियों की पहचान के लिए घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है।
आंख खुलते ही मोबाइल स्क्रॉल करने की आदत कहीं बढ़ा तो नहीं रही आपका स्ट्रेस
सुबह की पहली किरण के साथ जब हमारी आंखें खुलती हैं, तो हमारा दिन कैसा बीतेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम अपने दिन की शुरुआत किस तरह करते हैं। लेकिन आज के डिजिटल और आधुनिक युग में 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों की सुबह की शुरुआत भगवान के दर्शन या ताजी हवा से नहीं, बल्कि बिस्तर पर लेटे-लेटे अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन पर उंगलियां फेरने से होती है। आंख खुलते ही व्हाट्सएप मैसेज, सोशल मीडिया नोटिफिकेशन्स, ईमेल और सुबह-सुबह की दुनिया भर की डरावनी या तनावपूर्ण खबरें पढ़ना आज के समय में एक आम बात बन चुकी है। हमें लगता है कि यह सिर्फ एक मामूली सी आदत है, जो समय बिताने का जरिया मात्र है। लेकिन न्यूरोसाइंस, कार्डियोलॉजी और मेडिकल रिसर्च के हवाले से जो खुलासे सामने आए हैं, वे बेहद डरावने हैं। सुबह उठते ही मोबाइल स्क्रॉल करने की यह आदत आपके मानसिक तनाव को कई गुना बढ़ा रही है और इसका सीधा एवं खतरनाक कनेक्शन आपके दिल (Heart Health) से जुड़ा हुआ है। आइए एक हेल्थ और लाइफस्टाइल रिपोर्टर की नजर से गहराई से समझते हैं कि यह डिजिटल लत हमारे शरीर और दिल को अंदर से कैसे खोखला कर रही है।सुबह की शांत शुरुआत को कैसे एक पल में तबाह कर देता है स्मार्टफोन का नोटिफिकेशनमानव शरीर की जैविक घड़ी (Circadian Rhythm) और मस्तिष्क का तंत्रिका तंत्र इस तरह से डिजाइन किया गया है कि नींद से जागने के बाद का शुरुआती समय सबसे शांत, स्थिर और रिलैक्सड होता है। रात भर सोने के बाद जब हम सुबह उठते हैं, तो हमारा दिमाग 'थीटा' (Theta) या 'अल्फा' (Alpha) ब्रेन वेव स्टेट में होता है, जो ध्यान और शांति की स्थिति मानी जाती है। लेकिन जैसे ही आंख खुलते ही आप अपना फोन उठाते हैं और सोशल मीडिया की फीड या दुनिया भर की नकारात्मक खबरें देखना शुरू करते हैं, आपका मस्तिष्क तुरंत 'बीटा' (Beta) स्टेट में चला जाता है, जो उच्च सतर्कता, तनाव और एंग्जाइटी का संकेत है। बिस्तर पर लेटे-लेटे अचानक से काम के ईमेल, दुनिया भर की दुर्घटनाएं या सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया के दबाव को झेलकर आपका दिमाग एक झटके में फाइट-या-फ्लाइट (Fight-or-Flight) मोड में आ जाता है। सोचिए, जिस दिन की शुरुआत ही आपने तनाव और घबराहट के साथ की हो, वह पूरा दिन आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए कितना घातक साबित हो सकता है।कॉर्टिसोल और एड्रेनालाईन का हाई स्पाइक: शरीर में मच जाता है हॉर्मोनल भूचालजब आप सुबह उठते ही फोन पर तनावपूर्ण या उत्तेजक खबरें या सोशल मीडिया की तुलनात्मक तस्वीरें देखते हैं, तो आपका शरीर तुरंत 'कर्टिसोल' (Cortisol) और 'एड्रेनालाईन' (Adrenaline) जैसे स्ट्रेस हॉर्मोन्स का भारी मात्रा में स्राव करने लगता है। ये वही हॉर्मोन्स हैं जो इंसान को किसी संकट या खतरे के समय भागने या लड़ने के लिए ऊर्जा देते हैं। लेकिन जब आप हर रोज सुबह उठते ही अपनी मर्जी से अपने शरीर को इस हॉर्मोनल फ्लड में झोंक देते हैं, तो आपका नर्वस सिस्टम लगातार ओवरड्राइव मोड में रहने लगता है। लंबे समय तक शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर ऊंचा बने रहने से हाई ब्लड प्रेशर, क्रोनिक फटीग (थकान), सिरदर्द, मूड स्विंग्स और गंभीर मानसिक अवसाद (Depression) की शिकायतें पैदा होने लगती हैं। यह हॉर्मोनल असंतुलन आपके पूरे शारीरिक और मानसिक संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ कर रख देता है।दिल की सेहत के साथ सीधा कनेक्शन: क्यों बढ़ रहा है कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा?अब सबसे महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले पहलू पर आते हैं, जिसका संबंध आपके दिल से है। मेडिकल साइंस यह साबित कर चुका है कि मानसिक तनाव (Mental Stress) और कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के बीच गहरा और सीधा नाता है। जब आप सुबह उठते ही डिजिटल स्ट्रेस के शिकार होते हैं, तो आपकी दिल की धड़कन (Heart Rate) अचानक तेज हो जाती है और ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) का ग्राफ ऊपर की तरफ भागने लगता है। लगातार सुबह के वक्त इस तरह का अचानक स्ट्रेस मिलने से आपकी रक्त धमनियां (Blood Vessels) सिकुड़ने लगती हैं और उन पर दबाव बढ़ जाता है। जो लोग रोजाना इस रूटीन के आदि हो चुके हैं, उनकी धमनियों में सूजन और पट्टिका जमने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन अनियमित होना (Arrhythmia) और कम उम्र में हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का खतरा मंडराने लगता है। आपका दिल जो रात भर आराम करके सुबह संभल रहा होता है, उसे आप हर रोज सुबह की शुरुआत में ही तनाव की भट्टी में झोंक देते हैं।स्क्रीन टाइम और नीरस जीवनशैली: मानसिक शांति और फोकस की हो रही है बलिसुबह का समय आत्म-चिंतन, व्यायाम, मेडिटेशन या अपनों के साथ शांति से चाय की चुस्की लेने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। लेकिन मोबाइल फोन की लत ने इंसानों से उनका वह कीमती सुकून छीन लिया है। सुबह उठते ही सोशल मीडिया के अंतहीन कुएं (Infinite Scroll) में फंस जाने से आपका ध्यान और फोकस बुरी तरह विचलित हो जाता है। आप दिन भर के जरूरी कामों में मन नहीं लगा पाते क्योंकि आपका डोपामाइन (Dopamine) लेवल सुबह-सुबह ही उन वर्चुअल लाइक्स और नोटिफिकेशन्स के जरिए क्रैश हो चुका होता है। इसके कारण आपकी कार्यक्षमता घट जाती है, चिड़चिड़ापन बढ़ता है और आप हर समय एक अजीब सी मानसिक बेचैनी महसूस करते हैं। यह डिजिटल व्यसन आपकी रचनात्मकता और मानसिक शांति का सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है।इस खतरनाक आदत से छुटकारा पाने के लिए आज ही अपनाएं ये आसान और असरदार बदलावयदि आप भी उन करोड़ों लोगों में शामिल हैं जिनकी सुबह मोबाइल की स्क्रीन देखने से होती है, तो अब संभलने का समय आ चुका है। अपनी इस आदत को बदलने के लिए आपको कुछ कड़े और छोटे कदम उठाने होंगे। सबसे पहले, अपने बेडरूम से रात के समय स्मार्टफोन को दूर रखना शुरू करें और अलार्म के लिए एक पारंपरिक घड़ी (Analog Clock) का इस्तेमाल करें। सुबह उठने के बाद कम से कम अपने दिन के शुरुआती 30 से 60 मिनट तक फोन को हाथ न लगाने का सख्त नियम बना लें। इस खाली समय में गहरी सांस लें, हल्की स्ट्रेचिंग करें, प्रकृति के बीच कुछ पल बिताएं या अपने परिवार के साथ मुस्कुराते हुए दिन की शुरुआत करें। यकीन मानिए, जब आप फोन से दूरी बनाकर अपनी सुबह की शुरुआत शांति से करेंगे, तो आपके दिल को राहत मिलेगी, आपका स्ट्रेस लेवल अपने आप कम हो जाएगा और आपका पूरा दिन ऊर्जा, सकारात्मकता और बेहतरीन स्वास्थ्य से भरपूर रहेगा।
CNAP Service: अब बिना Truecaller के भी दिख सकता है कॉल करने वाले का नाम, मोबाइल पर मिलेगी नई सुविधा
CNAP Service: अब बिना Truecaller के भी दिख सकता है कॉल करने वाले का नाम, मोबाइल पर मिलेगी नई सुविधा
कासगंज पुलिस की साइबर सेल टीम ने मिशन शक्ति फेज-6.0 अभियान के तहत 120 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत करीब 32 लाख रुपये है। पुलिस ने CEIR पोर्टल और IMEI ट्रैकिंग की मदद से इन मोबाइलों को खोजा। ये फोन दिल्ली, हरियाणा, राजस्थान, मध्य प्रदेश और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग इलाकों से बरामद किए गए। शुक्रवार दोपहर जिले के एसपी ने इस बारे में जानकारी दी। जांच पूरी होने के बाद सभी मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंप दिए गए। यह कार्रवाई एसपी ओपी सिंह के निर्देश पर एडिशनल एसपी आलोक सिंह के पर्यवेक्षण और साइबर अपराध/पटियाली के क्षेत्राधिकारी अमित कुमार के नेतृत्व में हुई। टीम में साइबर सेल प्रभारी सब-इंस्पेक्टर सोनू सिंह, हेड कांस्टेबल भूपेंद्र सिंह, कांस्टेबल विवेक कुमार, विजन कुमार, अनुज कुमार, सुखवीर सिंह और स्वप्निल सिवाच शामिल थे।
कानपुर में नौबस्ता चौराहे से भौंती जाने के लिए ई-ऑटो में बैठे शिक्षक हरविंद कुमार को ऑटो सवारों ने पीटकर लूटने के बाद चलते ऑटो से फेंक दिया। घटना में पीड़ित बुरी तरह घायल हो गए।
हरियाणा में परिवार पहचान पत्र (PPP) यानी फैमिली आईडी से जुड़े प्रोसेस में 3 अहम बदलाव किए गए हैं। अब एनरोलमेंट ID बनने, फैमिली ID तैयार होने और परिवार में नया सदस्य जुड़ने पर रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर SMS आएगा। इससे लोगों को ID बनने और परिवार के रिकॉर्ड में हुए बदलाव की जानकारी समय पर मिल सकेगी। हरियाणा परिवार पहचान प्राधिकरण के स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने बताया कि कई बार परिवारों में मनमुटाव चलता है। बिना परिवार के मुखिया की अनुमति के फैमिली आईडी में अपना ऐड करवा देते थे। कई बार गलती से फैमिली आईडी में गलत सदस्य जुड़ जाते थे। अब फैमिली हेड की सहमति के बिना नाम नहीं जुड़ेगा। इसी साल दिसंबर तक आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित PPP 2.0 वर्जन लाने की तैयारी है। इसके जरिए परिवार की वर्थ वैल्यू यानी पूरी कमाई एक दस्तावेज से पता चल सकेगी। खट्टर सरकार ने 4 जुलाई 2020 को परिवार पहचान पत्र योजना शुरू की थी। जिसमें अब बड़े बदलाव हो रहे हैं। 6 सवालों से जानिए…3 बदलाव क्या और क्यों अब जानिए…PPP-2.0 वर्जन में क्या बदलाव की तैयारी
फैमिली आईडी से जुड़ा कोई अपडेट हुआ है या नहीं, इसकी जानकारी लेने के लिए अब लोगों को बार-बार चेक करने की जरूरत नहीं पड़ेगी। प्रदेश सरकार ने परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से जुड़ी तीन महत्वपूर्ण प्रक्रियाओं के पूरा होने पर मोबाइल पर SMS भेजने की सुविधा शुरू की है। इसके तहत एनरोलमेंट आईडी बनने, फैमिली आईडी तैयार होने और परिवार में नया सदस्य जुड़ने पर पंजीकृत मोबाइल नंबर पर मैसेज आएगा। ऐसे में नागरिकों को फैमिली आईडी में दर्ज अपना मोबाइल नंबर सही और सक्रिय रखना होगा। सरकार की आगे पीपीपी से जुड़े अन्य अपडेट की सूचना भी SMS के माध्यम से देने की तैयारी है। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के निर्देशानुसार यह पहल पीपीपी प्रणाली में पारदर्शिता, जनजागरूकता और जवाबदेही बढ़ाने के उद्देश्य से शुरू की गई है। SMS अलर्ट मिलने से नागरिकों को अपने परिवार पहचान पत्र से जुड़ी महत्वपूर्ण गतिविधियों की जानकारी समय पर मिल सकेगी। इससे उन्हें यह जानने में भी आसानी होगी कि उनकी आईडी बनने की प्रक्रिया पूरी हुई है या परिवार के रिकॉर्ड में कोई नया सदस्य जोड़ा गया है। यह सुविधा प्रदेश में वीरवार से शुरू हो चुकी है। यह बदलाव करने पर मिलेगाSMS अलर्ट पीपीपी के लिए आवेदन की प्रक्रिया के दौरान जब किसी नागरिक की एनरोलमेंट आईडी बनाई जाएगी, तो संबंधित नागरिक के मोबाइल नंबर पर SMS भेजकर इसकी जानकारी दी जाएगी। इससे नागरिक को एनरोलमेंट आईडी बनने की पुष्टि मिल सकेगी। परिवार की फैमिली आईडी बनने पर संबंधित परिवार को SMS के माध्यम से सूचना मिलेगी। इससे परिवार को आईडी तैयार होने की जानकारी मिल सकेगी और प्रक्रिया पूरी होने को लेकर असमंजस कम होगा। यदि पीपीपी में किसी परिवार के साथ नया सदस्य जोड़ा जाता है, तो पंजीकृत मोबाइल नंबर पर SMS अलर्ट भेजा जाएगा। इससे परिवार को अपने रिकॉर्ड में हुए इस बदलाव की जानकारी समय पर मिल सकेगी। फैमिली आईडी में जुड़ जाते थे गलत सदस्य सरकार का मानना है कि प्रदेश के कई परिवार के आपस में मनमुटाव चलता रहता है। कई लोग बिना परिवार के मुखिया की अनुमति के फैमिली आईडी में अपना ऐड करवा देते थे। इसके अलावा कई बार गलती से फैमिली आईडी में गलत सदस्य जुड़ जाते थे। ऐसे में लोगों को फैमिली आईडी ठीक कराने में काफी समस्या आती थी। अगर अब फैमिली आईडी में कोई बदलाव होता है तो फैमिली आईडी में रजिस्ट्रर्ड मोबाईल नंबर पर इसका मैसेज आएगा। पारदर्शिता बढ़ाने के लिए उठाया कदम पीपीपी स्टेट कोऑर्डिनेटर डॉ. सतीश खोला ने कहा कि डिजिटल माध्यम से सूचना देने की यह व्यवस्था नागरिकों और प्रशासन के बीच संवाद को बेहतर बनाएगी। पीपीपी से संबंधित प्रक्रियाओं की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिलने से नागरिक सरकारी सेवाओं से जुड़ी गतिविधियों के प्रति अधिक जागरूक रह सकेंगे। इस पहल से परिवार पहचान पत्र प्रणाली को अधिक पारदर्शी, नागरिक हितैषी और जवाबदेह बनाने में मदद मिलेगी। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे परिवार पहचान पत्र में दर्ज मोबाइल नंबर की जांच कर लें। नंबर सही होने के साथ सक्रिय भी होना चाहिए, ताकि एनरोलमेंट आईडी बनने, फैमिली आईडी तैयार होने या परिवार में नया सदस्य जुड़ने पर संबंधित SMS समय पर प्राप्त हो सके।
देश में फर्जी कॉल्स, साइबर धोखाधड़ी, डिजिटल अरेस्ट और अनचाहे स्पैम कॉल्स पर लगाम लगाने के लिए केंद्र सरकार के दूरसंचार विभाग (DoT) ने कॉलर पहचान से जुड़े नियमों में एक बड़ा और निर्णायक संशोधन लागू किया है। अब तक किसी भी टेलीकॉम कॉल की पहचान मुख्य रूप से कॉल करने वाले के मोबाइल या लैंडलाइन नंबर और डेटा आधारित कॉल्स में उसके आईपी एड्रेस (IP Address) तक ही सीमित रहती थी। नए संशोधनों के तहत सरकार ने 'कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन' (CLI) की कानूनी परिभाषा का विस्तार करते हुए इसमें ग्राहक के पंजीकृत नाम (Subscriber's Registered Name) को अनिवार्य रूप से शामिल कर दिया है। एकीकृत लाइसेंस समझौते (Unified License Agreement) की शर्तों में किए गए इस बदलाव के बाद टेलीकॉम ऑपरेटरों के कस्टमर डेटा रिकॉर्ड (Customer Data Record) में दर्ज असली नाम ही कॉलर की आधिकारिक पहचान माना जाएगा। यह नया नियम 1 नवंबर 2026 से प्रभावी होने जा रहा है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के तकनीकी जानकारों से लेकर देश भर के करोड़ों स्मार्टफोन यूजर्स के लिए यह बदलाव प्राइवेसी और सुरक्षा दोनों स्तरों पर काफी असरदार साबित होगा।कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन (CLI) के नियमों में क्या हुआ संशोधनदूरसंचार विभाग द्वारा जारी आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, लाइसेंस नियमों के उस मौजूदा प्रावधान को बदल दिया गया है जो कॉल करने वाले की तकनीकी पहचान को परिभाषित करता था। पहले के प्रावधानों में कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन का आशय केवल उस दूरसंचार पहचानकर्ता (Telecom Identifier) से था जो ऑपरेटर द्वारा यूजर को सौंपा जाता था—जैसे कि 10 अंकों का फोन नंबर, लैंडलाइन नंबर, डेटा नेटवर्क के लिए आवंटित आईपी एड्रेस या लाइसेंसकर्ता द्वारा समय-समय पर निर्धारित कोई अन्य तकनीकी पैरामीटर। अब संशोधित परिभाषा के तहत साफ तौर पर यह प्रावधान जोड़ा गया है कि कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन में सेवा प्रदाता द्वारा दिए गए नंबर और आईपी एड्रेस के साथ-साथ टेलीकॉम कंपनियों के डेटाबेस में दर्ज 'यूजर का नाम' (Name of the User in Customer Data Record) भी अनिवार्य घटक होगा। राष्ट्रीय सुरक्षा, जनहित और दूरसंचार सेवाओं के पारदर्शी संचालन को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से सरकार ने अपनी विशेष शक्तियों का उपयोग करते हुए लाइसेंसिंग नियमों में यह संशोधन किया है।CNAP सिस्टम: 4G और 5G नेटवर्क पर स्क्रीन पर दिखेगा वेरिफाइड नामइस नीतिगत बदलाव की तकनीकी रीढ़ कॉलिंग नेम प्रेजेंटेशन (Calling Name Presentation - CNAP) प्रणाली है। भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने फर्जी कॉल्स से निपटने के लिए सीएनएपी व्यवस्था को नेटवर्क स्तर पर अनिवार्य करने की सिफारिश की थी। इस व्यवस्था के तहत जब भी किसी व्यक्ति के मोबाइल पर कोई अनजान कॉल आएगी, तो फोन स्क्रीन पर सिर्फ 10 अंकों का अनजान नंबर नहीं चमकेगा, बल्कि उस सिम कार्ड को खरीदते समय कस्टमर एप्लीकेशन फॉर्म (CAF) और ई-केवाईसी (e-KYC) में दर्ज कराया गया आधिकारिक नाम भी स्क्रीन पर प्रदर्शित होगा। दूरसंचार विभाग ने 4G और 5G नेटवर्क पर इस प्रणाली को सुचारू रूप से लागू करने के निर्देश दिए हैं। इसका सबसे बड़ा फायदा यह होगा कि बैंक अधिकारी, पुलिस या सरकारी जांच एजेंसी के नाम पर फर्जी कॉल करने वाले जालसाजों की असली पहचान तुरंत बेनकाब हो जाएगी। इसके अलावा, विदेशी नंबरों से आने वाली इंटरनेट और स्पूफ कॉल्स की पहचान के लिए स्क्रीन पर स्पष्ट रूप से 'International Call' टैग प्रदर्शित करने की व्यवस्था भी की जा रही है।ट्रूकॉलर जैसे थर्ड-पार्टी ऐप्स की जरूरत होगी खत्मवर्तमान में अधिकांश स्मार्टफोन उपभोक्ता अनजान नंबरों की पहचान के लिए Truecaller या अन्य थर्ड-पार्टी कॉलर आईडी ऐप्स पर निर्भर रहते हैं। हालांकि, इन ऐप्स की पहचान प्रणाली क्राउडसोर्स्ड (Crowdsourced) डेटा पर काम करती है, जिसका अर्थ यह है कि यूजर ने किसी नंबर को जिस नाम से सेव किया है, वही नाम दूसरों की स्क्रीन पर दिखता है। इसके चलते ठग अक्सर अपना नाम बैंक एग्जीक्यूटिव, पुलिस ऑफिसर या सीबीआई अधिकारी के रूप में क्राउडसोर्स करवा लेते थे। नई व्यवस्था सीधे टेलीकॉम ऑपरेटरों के सरकारी आधार और आईडी-वेरिफाइड डेटाबेस से जुड़ी होगी। इसके लिए उपभोक्ता को अपने फोन में किसी अतिरिक्त ऐप को डाउनलोड करने, कॉन्टैक्ट्स की अनुमति देने या बैटरी खर्च करने की आवश्यकता नहीं होगी। नेटवर्क स्तर पर ही यह जानकारी सीधे हैंडसेट पर भेजी जाएगी, जिससे गलत या भ्रामक नामों की गुंजाइश पूरी तरह समाप्त हो जाएगी।बिजनेस कॉल्स और प्राइवेसी सुरक्षा के लिए तय किए गए मानकव्यक्तिगत उपयोगकर्ताओं के अलावा वाणिज्यिक और संस्थागत कॉल्स के लिए भी सरकार ने सख्त नियम तय किए हैं। बैंकों, बीमा कंपनियों, डिलीवरी एग्रीगेटर्स और कॉर्पोरेट संस्थानों द्वारा किए जाने वाले कॉल्स पर उनके सत्यापित ट्रेड नेम (Verified Trade Names) प्रदर्शित होंगे, ताकि ग्राहक यह तय कर सकें कि कॉल जरूरी है या स्पैम। वहीं, सामान्य उपभोक्ताओं की निजता (Privacy) की रक्षा के लिए भी सुरक्षा उपाय शामिल किए गए हैं। जिन उपभोक्ताओं को सुरक्षा कारणों से अपनी पहचान गुप्त रखनी है, उनके लिए कॉलिंग लाइन आइडेंटिफिकेशन रिस्ट्रिक्शन (CLIR) की विशेष छूट का विकल्प उपलब्ध रहेगा। यदि किसी यूजर ने सक्षम प्राधिकारी से सीएलआईआर सुविधा ले रखी है, तो उनका नाम सामान्य रूप से प्रदर्शित नहीं किया जाएगा। नए नियमों का मकसद हर आम नागरिक को यह बुनियादी अधिकार देना है कि उसके फोन की घंटी बजते ही उसे पता हो कि कॉल करने वाला असली शख्स कौन है।
ग्रोसरी डिलीवरी ऐप्स ने बदली जिंदगी, 10 सेकंड डिलीवरी ट्रिक का वीडियो हुआ वायरल
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केंद्रीय जेल के पास मिला लावारिस थैला, 7 मोबाइल और तंबाकू बरामद
लुधियाना| ताजपुर रोड स्थित केंद्रीय जेल की बाहरी दीवार के पास लावारिस थैले में 7 कीपैड मोबाइल फोन और तंबाकू के 7 पैकेट बरामद हुए हैं। आशंका जताई जा रही है कि यह सामान जेल के अंदर फेंकने के इरादे से दीवार के पास रखा गया था। मामले में थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ प्रिजन एक्ट के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 14 अक्टूबर को पुलिस की टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान केंद्रीय जेल की बाहरी दीवार के साथ एक थैला लावारिस हालत में पड़ा दिखाई दिया। आसपास जांच करने के बाद थैले की तलाशी ली गई तो उसमें से 7 कीपैड मोबाइल फोन और तंबाकू के 7 पैकेट मिले। जेल की दीवार के पास मोबाइल फोन और तंबाकू मिलने से आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात व्यक्ति या व्यक्तियों ने इन्हें जेल के अंदर पहुंचाने की योजना बनाई थी। पुलिस ने इस संबंध प्रिजन एक्ट के तहत अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। अब जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि थैला वहां कौन रखकर गया और बरामद सामान जेल के अंदर पहुंचाने की कोशिश की जा रही थी या नहीं।
Ghaziabad News: मोबाइल फोन, लैपटॉप और घंटों बैठने की आदत रीढ़ पर पड़ रही भारी
मोबाइल फोन, लैपटॉप और घंटों बैठने की आदत रीढ़ पर पड़ रही भारी
Jind News: मोबाइल छीनने के मामले में दूसरा आरोपी गिरफ्तार
गन्नौर की बड़ी थाना पुलिस ने मोबाइल छीनने के मामले में दूसरे आरोपी गांव टिकौला निवासी विकास को गिरफ्तार किया है।
Sonipat News: मोबाइल एप से जनगणना कार्य समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश
जनगणना-2027 के दूसरे चरण की तैयारियों के लिए प्रशिक्षण शुरू हो गया है।
Hamirpur (Himachal) News: नादौन में मोबाइल मेडिकल यूनिट की हुई शुरुआत
Mobile medical unit launched in Nadaun
Baghpat News: खोए मोबाइल मिलने पर 179 लोगों के चेहरे पर दिखी मुस्कान
Smiles appeared on the faces of 179 people upon the recovery of their lost mobile phones.
Sirmour News: कफोटा और शिलाई में मोबाइल सीएसडी कैंटीन की मांग
प्रतिनिधिमंडल ने जिला सैनिक कल्याण बोर्ड के उपनिदेशक सेवानिवृत्त मेजर दीपक धवन से मुलाकात कर पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों से जुड़ी विभिन्न मांगें उठाईं।
सहारनपुर: बनर्जी मार्केट में छापा, ब्रांडेड के नाम पर बेचे जा रहे थे डुप्लीकेट मोबाइल और पार्ट्स
दिल्ली की टीम ने शहर कोतवाली पुलिस के साथ बनर्जी मार्केट में कार्रवाई की। यहां 200 से अधिक डुप्लीकेट चार्जर, केबल, बैक पैनल कवर समेत अन्य सामान बरामद किया गया। दुकानदारों के खिलाफ थाने में तहरीर दी गई है।
Saharanpur News: दुकानों पर छापा, मोबाइल कंपनी के नाम पर बिक रहा डुप्लीकेट सामान जब्त
Shops raided; counterfeit goods being sold under the name of a mobile company seized.
SP ने सजाया मोबाइल बाजार, 42 लाख के 179 फोन बांटे, जिसे मिला वो मुस्कराया
बागपत पुलिस की सर्विलांस टीम ने गुम और चोरी हुए 179 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए. इन मोबाइलों की कीमत करीब 42 लाख रुपये बताई गई है. किसी को एक साल, तो किसी को दो साल बाद अपना फोन वापस मिला. एसपी पूर्णेन्दु सिंह ने लोगों से शिकायत दर्ज कराने की अपील की.
मोबाइल फोन पर कॉल करने वाले की पहचान करना अब आसान हो सकता है। दूरसंचार विभाग (DoT) ने 1 नवंबर से सभी टेलीकॉम ग्राहकों के लिए कॉलर नेम डिस्प्ले (Caller Name Display) अनिवार्य कर दिया है। इस निर्देश के तहत टेलीकॉम कंपनियों को कॉलर का नाम दिखाने की ...
पानीपत जिले के इसराना थाना क्षेत्र के बलाना रोड पर मोबाइल दुकान में चोरी करने वाले आरोपी को CIA-3 पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी ने दुकान की छत फाड़कर वारदात की थी। बुधवार को पानीपत के काला आम्ब मोड़ से पकड़ा गया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मुजफ्फरनगर (यूपी) के जसोई गांव निवासी अफसार के रूप में हुई है। पुलिस को उसके पास से दुकान से चोरी किए गए 4 मोबाइल फोन मिले हैं। दुकान खोलने पर छत में दिखा छेद गोहाना के गौतम नगर वार्ड नंबर 21 निवासी नरेश ने शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि बलाना रोड पर उनकी 'मां टेलीकॉम' नाम से दुकान है। 20 सितंबर की शाम को वह दुकान बंद करके घर गए थे। 21 सितंबर की सुबह दुकान खोलने पर छत में छेद दिखा। जांच करने पर नरेश को पता चला कि दुकान से 4 नए मोबाइल फोन गायब हैं। उनकी शिकायत पर इसराना पुलिस ने मामला दर्ज किया था। CIA-3 प्रभारी इंस्पेक्टर सुभाष ने बताया कि आरोपी अफसार फोन बेचने की कोशिश में था। गुरुवार को उसे कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है।
सूरजपुर में बोर्ड परीक्षाओं से पहले DEO अशोक सिन्हा ने 34 हायर सेकेंडरी स्कूलों के प्राचार्यों और विषय विशेषज्ञों की बैठक ली। उन्होंने कक्षा में मोबाइल इस्तेमाल पर रोक लगाते हुए चेतावनी दी कि औचक निरीक्षण में पकड़े जाने पर शिक्षक और प्राचार्य दोनों पर कार्रवाई होगी। कमजोर छात्रों के लिए उपचारात्मक कक्षाएं चलाने के निर्देश भी दिए।
किशनगंज में पुलिस ने 434.10 ग्राम स्मैक जैसे नशीले पदार्थ के साथ एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बरामद पदार्थ की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 1 करोड़ रुपये आंकी है। छापेमारी में 85,990 रुपये नकद, 3 मोबाइल फोन और 2 डिजिटल वजन मशीन भी मिली हैं। खगड़ा पासवान टोला स्थित घर में छापेमारी एसपी संतोष कुमार के निर्देशन में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। एएनटीएफ, जिला आसूचना इकाई और विशेष कार्य बल की संयुक्त टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर किशनगंज थाना क्षेत्र के खगड़ा पासवान टोला में छापेमारी की। पुलिस को सूचना मिली थी कि उमर फारूक नाम का व्यक्ति अपने घर में नशीला पदार्थ रखकर तस्करी कर रहा है। सूचना का सत्यापन करने के बाद एसडीपीओ-1 खुसरू सिराज के नेतृत्व में टीम बनाई गई। इसके बाद वार्ड नंबर-32 स्थित घर में छापेमारी की गई। पश्चिम बंगाल का रहने वाला है आरोपी छापेमारी के दौरान 31 वर्षीय उमर फारूक को गिरफ्तार किया गया। उसके पिता का नाम अजीजुर रहमान है। पुलिस के अनुसार, वह फिलहाल किशनगंज के खगड़ा में किराए के मकान में रहता था। उसका स्थायी पता पश्चिम बंगाल के दक्षिण दिनाजपुर जिले के कुशमंडी थाना क्षेत्र में है। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में आरोपी ने मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री की बात स्वीकार की है। मोबाइल फोन की जांच से नेटवर्क का पता लगाएगी पुलिस पुलिस अब आरोपी से जुड़े अन्य लोगों और तस्करी के नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। बरामद मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण किया जा रहा है, ताकि मादक पदार्थ की खरीद और बिक्री से जुड़े लोगों की जानकारी मिल सके। इस मामले में किशनगंज थाना में कांड संख्या 1133/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने NDPS एक्ट, 1985 की धारा 8(c)/21(c) के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
पलवल के दो लोगों से ₹5.5 लाख की ठगी:अडानी गैस का बिल भुगतान का लिंक भेजा, ओपन करते ही मोबाइल हुआ हैक
पलवल जिले में साइबर ठगों ने ऑनलाइन धोखाधड़ी कर दो लोगों से 5.5 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी की है। साइबर क्राइम थाना पुलिस ने दो अलग-अलग मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहले मामले में अडानी गैस का बिल चुकाने के नाम पर एक व्यक्ति के खाते से 3.87 लाख रुपए उड़ा लिए गए, जबकि दूसरे मामले में क्रेडिट कार्ड की केवाईसी अपडेट करने के बहाने एक अन्य व्यक्ति के खातों से 2.16 लाख रुपये से अधिक की ठगी कर ली गई। बकाया गैस बिल का भुगतान करने का दिया झांसा साइबर क्राइम थाना प्रभारी संदीप के अनुसार, धतीर गांव निवासी अजीत सिंह ने दी शिकायत में कहा है कि 5 अक्टूबर को उनके मोबाइल नंबर पर एक काल आई। फोन करने वाले ने खुद को अडानी गैस से प्रतिनिधि बताया और कहा कि उनका गैस बिल बकाया है, जिसे तुरंत भरना होगा। इसके बाद ठगों ने वाट्सएप पर एक लिंक भेजा। पीड़ित ने जैसे ही उस लिंक को ओपन किया, उनका फोन हैक हो गया। इसके बाद उनके एसबीआई बैंक खाते से अलग-अलग किस्तों में कुल 3 लाख 87 हजार 223 रुपए कट गए। अजीत सिंह ने तुरंत अपना एटीएम बंद कराया और फोन रिसेट करने के बाद साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज करा दी। बैंक अधिकारी बनकर ठगे 2.16 लाख रुपए वहीं, दूसरे मामले में श्यामनगर (पलवल) निवासी अक्षय कुमार वर्मा के साथ भी इसी तरह की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित के पास 11 अक्टूबर को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉलर ने खुद को बैंक अधिकारी बताते हुए उनके एसबीआई और एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड की केवाईसी अपडेट करने का झांसा दिया। पीड़ित के अनुसार, जैसे ही उन्होंने बताए गए लिंक पर क्लिक किया, उनका फोन हैंग हो गया और उनके दोनों क्रेडिट कार्ड से पैसे निकलने शुरू हो गए। धोखाधड़ी का पता चलते ही उन्होंने कार्ड बंद कराए और 1930 पर सूचना दी। लेकिन तब तक उनके खातों से कुल 2 लाख 16 हजार 037 रुपए निकाले जा चुके थे। 9999 धतीर गांव के अजीत सिंह को 5 अक्टूबर को अडानी गैस बिल बकाया होने का कॉल आया। ठगों ने व्हाट्सएप पर लिंक भेजा, जिसे खोलते ही फोन हैक हुआ और एसबीआई खाते से 3 लाख 87 हजार 223 रुपये कट गए। श्यामनगर के अक्षय कुमार वर्मा के साथ भी ऐसा ही हुआ। 11 अक्टूबर को उन्हें बैंक अधिकारी बनकर क्रेडिट कार्ड की KYC अपडेट का झांसा दिया गया। लिंक पर क्लिक करते ही उनके एसबीआई और एक्सिस बैंक के क्रेडिट कार्ड से 2 लाख 16 हजार 037 रुपये निकाल लिए गए। दोनों पीड़ितों ने तुरंत कार्ड बंद कराए और राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर क्राइम थाना पुलिस अब इन मामलों की जांच कर रही है।
दिल्ली: अशोक विहार में 60 साल के बुजुर्ग से मोबाइल छीनने वाला 19 वर्षीय अभय गिरफ्तार, फोन बरामद
15 अक्टूबर, 15:19 IST: दिल्ली के अशोक विहार में 60 वर्षीय बुजुर्ग से मोबाइल स्नैचिंग के मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय अभय को गिरफ्तार कर चोरी का फोन बरामद किया।
स्मार्ट मीटर पर बिजली की खपत कैसे करें कंट्रोल? मोबाइल ऐप करेगा मदद
दैनिक जागरण के 'प्रश्न पहर' कार्यक्रम में ऊर्जा निगम के मुख्य अभियंता शेखर त्रिपाठी ने स्मार्ट मीटर की खूबियां बताईं।
सरकार का बड़ा फैसला, एक नवंबर से टेलीकॉम यूजर्स को मोबाइल पर दिखेगा कॉलर का नाम
सरकार का बड़ा फैसला, एक नवंबर से टेलीकॉम यूजर्स को मोबाइल पर दिखेगा कॉलर का नाम
पिकनिक की आड़ में जुआ खेलते 8 जुआरी पकड़ाए:बालको पुलिस ने 14,700 रुपए नगद, 7 बाइक और मोबाइल जब्त किए
दीपावली से पहले कोरबा जिले में जुआ खेलने वालों के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई तेज कर दी है। बालकोनगर पुलिस ने ग्राम फुटहामुड़ा के पिकनिक स्पॉट पर छापा मारकर जुआ खेल रहे 8 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 14,700 रुपए नकद, 7 दोपहिया वाहन, 7 मोबाइल फोन और ताश की 52 पत्तियां जब्त की हैं। यह कार्रवाई 14 अक्टूबर 2026 को की गई। पुलिस को सूचना मिली थी कि फुटहामुड़ा के पिकनिक स्पॉट पर कुछ लोग ताश के पत्तों से रुपए का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी की और 8 लोगों को पकड़ लिया। ये 8 लोग हुए गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में विजय कुमार वर्मा (40), हसीम कुरैशी (40), देवेंद्र साहनी (35), उज्ज्वल विश्वास (38), धनीराम (58), रहीस कुरैशी (49), आरिफ खान (38) और सूरजमल देवांगन (54) शामिल हैं। सभी कोरबा के अलग-अलग इलाकों के रहने वाले हैं। जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज एसपी सिद्धार्थ तिवारी के निर्देश और एएसपी लखन पटले व सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बालकोनगर थाने में अपराध क्रमांक 614/2026 दर्ज किया है। मामला छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 3(2) के तहत दर्ज कर आगे की कार्रवाई की गई है।
खत्म होगा Truecaller का खेल! 1 नवंबर से बिना किसी ऐप मोबाइल स्क्रीन पर दिखेगा कॉल करने वाले का नाम
CNAP Mandatory From November 1:
जिसके हाथ में भी मोबाइल वो पत्रकार बना घूम रहा, सुप्रीम कोर्ट में रीलबाजों पर जमकर हुई बहस
3 अक्टूबर के विरोध-प्रदर्शनों के दौरान महिला पत्रकारों पर हुए कथित हमले का मामला सुप्रीम कोर्ट में उठाया गया। इस पर सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने वकील इंदिरा जयसिंह से कहा कि टेक्नोलॉजी के इस दौर में, जिसके पास भी मोबाइल है, वह पत्रकार हो सकता है। मेहता ने कहा कि कई लोग अपने साथ माइक्रोफोन रखते हैं और दावा करते हैं कि वे रिकॉर्डिंग कर रहे हैं, लेकिन बाद में वे वीडियो को 'रील्स' के रूप में अपलोड कर देते हैं। उन्होंने आगे कहा कि एक रील बनाने वाले और एक स्वतंत्र पत्रकार के बीच फर्क करना मुश्किल है। इसे भी पढ़ें: गिरफ्तारी से सुरक्षा की याचिका पर तुरंत सुनवाई से इनकार, Delhi High Court कल सुनेगा केस जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन स्थल की सूची से हटाने के खिलाफ याचिका पर सुप्रीम कोर्ट ने नोटिस जारी किया सुप्रीम कोर्ट ने केंद्र सरकार को एक नोटिस जारी किया है। यह नोटिस दिल्ली पुलिस के उस फैसले को चुनौती देने वाली याचिका पर दिया गया है, जिसके तहत जंतर-मंतर को विरोध-प्रदर्शन के लिए तय जगहों की सूची से हटा दिया गया था। कोर्ट ने सरकार से यह भी पूछा है कि जंतर-मंतर को इस सूची से हटाने का फैसला क्या कोर्ट की मौखिक टिप्पणियों के आधार पर लिया गया था, या फिर सार्वजनिक विरोध-प्रदर्शन स्थल के रूप में इस जगह की उपयोगिता के स्वतंत्र मूल्यांकन के आधार पर? इसे भी पढ़ें: Delhi Police के फैसले पर Supreme Court का सवाल, पूछा- Jantar Mantar को क्यों 'डीनोटिफाई' किया? सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कोर्ट को बताया कि यह फैसला सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणियों पर आधारित नहीं था। उन्होंने कहा कि पहले गठित एक समिति ने इस मामले की जांच की थी और एक विस्तृत रिपोर्ट सौंपी थी। सुप्रीम कोर्ट ने दिल्ली पुलिस से महिला पत्रकार को गिरफ्तार न करने को कहा एसीपी विवेक भगत द्वारा एक महिला पत्रकार के खिलाफ दर्ज कराई गई एफआईआर का मामला सुप्रीम कोर्ट के सामने आया, जिस पर मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत ने दिल्ली पुलिस को निर्देश दिया कि वे उसे गिरफ्तार न करें। सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने अदालत को बताया कि अगर वह जांच में शामिल होती है, तो उसे गिरफ्तार नहीं किया जाएगा।
मीरजापुर में प्रेमी के न आने पर मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती, पुलिस ने सुरक्षित नीचे उतारा
प्रेमी के मिलने न पहुंचने और फोन बंद मिलने से आहत 18 वर्षीय युवती औराई क्षेत्र में मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिसे पुलिस ने सुरक्षित नीचे उतारा।
जिम ट्रेनर के मोबाइल से मिले 30 अश्लील वीडियोज, बड़े रैकेट का शक
नालासोपारा में गरबा खेलने वाली महिलाओं पर अभद्र टिप्पणी करने के मामले में जिम ट्रेनर आरिफ शेख को पुलिस द्वारा गिरफ्तार कर लिया गया है. पुलिस द्वारा की गई प्रारंभिक जांच के दौरान आरोपी के मोबाइल फोन से 30 से अधिक अश्लील वीडियो बरामद किए गए हैं. इससे पहले 12 अक्टूबर को एक पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ बलात्कार की गंभीर शिकायत दर्ज कराई थी. इसके अलावा अब आरोपी पर अपने मोबाइल फोन से महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य और सबूत डिलीट करने के भी आरोप लगे हैं.
फोन नंबर के साथ कॉलर का नाम भी मोबाइल पर दिखेगा, 1 नवंबर से लागू होगा CNAP का नया नियम
फोन नंबर पर अज्ञात नंबरों से अब आपको परेशानी नहीं झेलनी पड़ेगी. टेलीकम्यूनिकेशन विभाग 1 नवंबर से नया नियम लागू कर रहा है, इसमें कॉलर का नाम भी उसके नंबर के साथ मोबाइल स्क्रीन पर दिखाई देगा.
त्योहारों पर भीड़ को देखते हुए कटनी, इटारसी, बीना, ग्वालियर और गाडरवारा जैसे संवेदनशील क्षेत्रों में संयुक्त पेट्रोलिंग की जा रही है। इटारसी और बीना के आउटर पर विशेष दल तैनात किए गए हैं।
Online festive sales 2026: त्योहारी सीजन की शुरुआत में इस बार ऑनलाइन शॉपिंग का उत्साह थोड़ा फीका नजर आ रहा है। Amazon और Flipkart की सेल के शुरुआती 4 दिनों में बिक्री में 7-10% की गिरावट दर्ज की गई है। मोबाइल और लैपटॉप के दाम...
आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट करने का सबसे आसान तरीका, लगेगी सिर्फ 75 रुपये फीस
UIDAI के नए Aadhaar App से अब आप घर बैठे अपने आधार कार्ड से जुड़ा मोबाइल नंबर आसानी से बदल सकते हैं। इस प्रक्रिया में केवल 75 रुपये का शुल्क लगता है और 10-15 दिनों में नंबर अपडेट हो जाता है।
पठानकोट में GRP-RPF ने मोबाइल चोर पकड़े:9 फोन सहित 6 गिरफ्तार, गुरदासपुर और बटाला में भी छापेमारी
ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त अभियान चलाकर 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी के 9 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई पठानकोट कैंट, गुरदासपुर और बटाला रेलवे स्टेशनों पर विशेष नाकाबंदी और चेकिंग के दौरान की गई। सभी आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। जीआरपी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखविंद्र सिंह सरां ने बताया कि रेलवे स्टेशनों और ट्रेनों में चोरी की घटनाओं को रोकने के लिए आरपीएफ के सहयोग से विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। इस दौरान अलग-अलग टीमों ने संदिग्ध व्यक्तियों की तलाशी ली और चोरी के मोबाइल फोन बरामद किए। पठानकोट कैंट में 2 आरोपियों से 4 मोबाइल बरामद पहली कार्रवाई पठानकोट कैंट रेलवे स्टेशन पर की गई। चौकी प्रभारी पलविंद्र सिंह के नेतृत्व में जीआरपी की टीम चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान कैंट स्टेशन के आउटर रेलवे फाटक की तरफ घूम रहे संदिग्ध व्यक्तियों की जांच की गई। चेकिंग के दौरान पुनीत कुमार उर्फ बग्गड़ (23) निवासी भरोली कलां और साहिल उर्फ दाना (19), निवासी भरोली कलां, से 4 फोन बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, दोनों बरामद मोबाइल के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। इसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया। गुरदासपुर स्टेशन पर 2 और आरोपी काबू दूसरी कार्रवाई गुरदासपुर रेलवे स्टेशन पर की गई। एएसआई तरणजीत के नेतृत्व में गठित टीम प्लेटफॉर्म नंबर-1 के दक्षिणी हिस्से में चेकिंग कर रही थी। इस दौरान सुनील कुमार उर्फ शील (24), निवासी भरोली कलां, और शंकर (21), निवासी दौलतपुर, पठानकोट, को जांच के लिए रोका गया। तलाशी के दौरान दोनों से 3 फोन बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी मोबाइलों के संबंध में कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए, जिसके बाद उनके खिलाफ मामला दर्ज किया गया। तीसरी कार्रवाई बटाला रेलवे स्टेशन पर की गई तीसरी कार्रवाई बटाला रेलवे स्टेशन पर की गई। एएसआई कुलजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ओवरब्रिज वाले क्षेत्र में चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान विशाल उर्फ कालू (27), निवासी भरोली खुर्द, और राधे सैनी (32), निवासी दौलतपुर, को काबू किया गया। पुलिस ने दोनों के कब्जे से एक-एक मोबाइल फोन बरामद किया। बरामद मोबाइलों के संबंध में संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर दोनों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा रेलवे में चोरी रोकने के लिए अभियान रहेगा जारी जीआरपी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखविंद्र सिंह सरां ने कहा कि यात्रियों के सामान और मोबाइल फोन की चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए जीआरपी और आरपीएफ का संयुक्त अभियान लगातार जारी रहेगा। रेलवे स्टेशनों और आसपास के संवेदनशील क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों पर नजर रखी जा रही है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार किए गए सभी 6 आरोपियों को आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बेगूसराय जिले के भगवानपुर प्रखंड से शिक्षा विभाग का एक बड़ा और कड़ा फैसला सामने आया है। प्रखंड के सरकारी स्कूलों में अब पढ़ाई के दौरान शिक्षकों द्वारा मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह से रोक लगा दी गई है। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी (BEO) ने आदेश जारी कर शिक्षकों को निर्देश दिए हैं कि वे स्कूल टाइम में मोबाइल फोन से दूरी बनाए रखें। हाजिरी लगाते ही जमा करना होगा मोबाइल प्रखंड के सभी प्राथमिक, मध्य, माध्यमिक और उच्च माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों और प्रधानाध्यापकों पर यह नियम लागू होगा। आदेश दिया गया है कि सभी शिक्षकों को ई-शिक्षाकोष (e-Shikshakosha) ऐप पर मोबाइल के माध्यम से अपनी ऑनलाइन उपस्थिति (Attendance) दर्ज करेंगे। इसके बाद उन्हें अपना मोबाइल विद्यालय प्रधान के पास जमा करना होगा। जरूरी फोन आने पर क्या होगा सवाल उठता है कि अगर किसी शिक्षक के घर से कोई जरूरी या इमरजेंसी फोन आए तो क्या होगा। इसको लेकर आदेश में कहा गया है कि यदि किसी शिक्षक के मोबाइल पर कोई कॉल आती है, तो विद्यालय प्रधान द्वारा संबंधित शिक्षक को इसकी सूचना दी जाएगी। इमरजेंसी में संपर्क पूरी तरह नहीं कटेगा, लेकिन पढ़ाई के समय मोबाइल शिक्षक के हाथ में नहीं रहेगा। पकड़े गए तो कटेगा वेतन, होगी कार्रवाई प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी ने अपने आदेश में हिदायत दी है कि यदि निरीक्षण (Inspection) के दौरान या किसी अन्य माध्यम से यह पता चलता है कि कोई शिक्षक विद्यालय कार्यावधि के दौरान मोबाइल चला रहा है, तो उस पर गाज गिरना तय है। मोबाइल का उपयोग करते हुए पकड़े जाने पर संबंधित शिक्षक या प्रधानाध्यापक का वेतन तुरंत स्थगित कर दिया जाएगा। वेतन रोकने के साथ ही आगे की कड़ी अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए मामला वरीय पदाधिकारियों (जिला शिक्षा पदाधिकारी) को भेज दिया जाएगा। BEO द्वारा जारी आदेश की Copy जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) एवं जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (स्थापना) को भी दी गई है। शिक्षा विभाग का मानना है कि कक्षाओं के दौरान मोबाइल के इस्तेमाल से शिक्षकों का ध्यान भटकता है और बच्चों की पढ़ाई प्रभावित होती है। इस नए आदेश से जहां एक तरफ स्कूलों में अनुशासन मजबूत होगा, वहीं दूसरी तरफ गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी। इस आदेश की चर्चा अब पूरे जिले में हो रही है। क्यों निकाला गया यह आदेश हाल के दिनों में कई ऐसे वीडियो वायरल हुए, जिसमें देखा गया है कि शिक्षक क्लास में पढ़ाने के बदले मोबाइल में व्यस्त रहते हैं और बच्चे पढ़ाई के बदले झगड़ा करने लगते हैं। कई ऐसे वीडियो वायरल हुए हैं जिसमें देखा गया है कि शिक्षक-शिक्षिकाओं द्वारा फिल्मी गाना का शॉर्ट वीडियो बनाया गया है। इसी के मद्देनजर सतर्कता बरतते हुए यह आदेश जारी किया गया है।
मोबाइल चोरी के केस में चंडीगढ़ पुलिस की कार्रवाई पर उस समय सवाल खड़े हो गए, जब शिकायतकर्ता ने अदालत में आरोपी को पहचानने से इनकार कर दिया। शिकायतकर्ता ने यह भी कहा कि पुलिस ने उससे कुछ दस्तावेजों और खाली कागजों पर हस्ताक्षर करवाए थे। उसने अदालत में यह भी स्पष्ट नहीं किया कि उसका चोरी हुआ मोबाइल किससे बरामद हुआ था। मुख्य गवाह के अपने पहले के बयान से मुकरने और सरकारी वकील की जिरह के बावजूद आरोप साबित नहीं होने पर कोर्ट ने बुधवार को आरोपी वरुण को बरी कर दिया। अदालत ने कहा कि सरकारी वकील आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित करने में नाकाम रहा। अदालत ने वरुण को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। मामला 23 नवंबर 2021 को दर्ज FIR से जुड़ा है। पुलिस ने वरुण के खिलाफ चोरी का मोबाइल फोन रखने के आरोप में आईपीसी की धारा 411 के तहत केस चलाया था। अब विस्तार से पढ़ें क्या है पूरा मामला… सरकारी वकील आरोप साबित नहीं कर पाया अदालत ने कहा कि शिकायतकर्ता ने सरकारी वकील की बातों का समर्थन नहीं किया। सरकारी वकील ने उससे सवाल-जवाब भी किए, लेकिन ऐसी कोई ठोस बात सामने नहीं आई, जिससे आरोपी के खिलाफ आरोप साबित हो सकें। अदालत ने यह भी माना कि अन्य गवाहों की गवाही मुख्य गवाह के बयान से पैदा हुई कमी को दूर करने के लिए पर्याप्त नहीं थी। केवल पुलिस की ओर से मोबाइल बरामद करने का दावा किए जाने के आधार पर आरोपी के खिलाफ आरोपों को संदेह से परे साबित नहीं माना जा सकता था।
इंदौर में निजी अस्पताल के मेडिकल कर्मचारी के क्रेडिट कार्ड से ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। आरोपी ने अमेजन शॉपिंग ऐप के जरिए दिल्ली के पते पर तीन मोबाइल बुक किए। बैंक से ट्रांजेक्शन का मैसेज मिलने के बाद कर्मचारी ने कार्ड ब्लॉक कराया और संयोगितागंज थाने में शिकायत की। पुलिस ने बुधवार को मामले में एफआईआर दर्ज की। ड्यूटी के दौरान आया ट्रांजेक्शन का मैसेज संयोगितागंज पुलिस के मुताबिक, संगम नगर निवासी सुनील शर्मा की शिकायत पर ऑनलाइन ठगी का मामला दर्ज किया गया है। सुनील एक निजी अस्पताल में फार्मेसी का काम करते हैं। 25 सितंबर को जब वे अस्पताल में ड्यूटी पर थे, उसी दौरान उनके बैंक से क्रेडिट कार्ड के इस्तेमाल का मैसेज आया। मैसेज में खाते से 80 हजार रुपए से ज्यादा कटने की जानकारी मिली। ट्रांजेक्शन अमेजन शॉपिंग ऐप पर हुआ था। सुनील ने अमेजन के कस्टमर केयर से संपर्क किया तो पता चला कि ऐप से तीन मोबाइल खरीदे गए हैं। इनका कुल पेमेंट करीब 1 लाख 22 हजार रुपए था। इसके बाद सुनील ने तुरंत अपना क्रेडिट कार्ड ब्लॉक करा दिया। नई दिल्ली के पते पर डिलीवर हुए मोबाइल सुनील ने अमेजन से खुद जानकारी निकलवाई तो पता चला कि एक मोबाइल नंबर से तीन मोबाइल बुक किए गए थे। ये मोबाइल रानीबाग, नई दिल्ली के पते पर डिलीवर किए गए। सुनील ने बताया कि उन्होंने अमेजन ऐप पर अपना पता और मोबाइल नंबर बदल दिया था, लेकिन बैंक की ओर से पेमेंट ट्रांजेक्शन के मैसेज उनके मोबाइल पर ही आए। शिकायत के बाद पुलिस ने बुधवार को मामले में एफआईआर दर्ज कर ली।
झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों की प्रशिक्षण जरूरतों का आकलन करने के लिए नवंबर के अंतिम सप्ताह में टीचर नीड्स असेसमेंट होना है। इससे पहले 27 से 29 अक्टूबर तक मॉक टेस्ट होगा। शिक्षक स्कूल में रहते हुए मोबाइल से 20 मिनट में 10 सवालों के जवाब दे सकेंगे। वहीं, रांची में कक्षा 2 से 5 तक के बच्चों के लिए चल रही एफएलएन चैंपियनशिप में 3,456 पंजीकृत शिक्षकों में से केवल 1,748 ने क्विज एक्टिविटी शुरू की है। यानी 49% शिक्षक अब तक इससे नहीं जुड़े हैं। मॉक टेस्ट के दो स्लॉट होंगे- सुबह 11 से 11:20 बजे और दोपहर 2 से 2:20 बजे तक। 49% शिक्षक क्विज से दूर, रांची राज्य में 14वें स्थान परकक्षा 2 से 5 तक के बच्चों की पढ़ने-लिखने और गणित की बुनियादी क्षमता मजबूत करने के लिए चल रही एफएलएन चैंपियनशिप में रांची की प्रगति करीब 51% है। रांची पूरे राज्य में 14वें स्थान पर है। डीएसई ने पत्र जारी कर सभी संबंधित स्कूलों को 23 अक्टूबर तक बच्चों को क्विज का अभ्यास कराने का निर्देश दिया है। ओरमांझी 70% प्रगति के साथ सबसे आगे है। वहीं नगड़ी में 69%, सिल्ली में 61% और नामकुम में 57% प्रगति है। 5 से 12 नवंबर तक सैंपल पेपरशिक्षकों को विषय और कक्षा के अनुसार उत्तर कुंजी सहित सैंपल पेपर सीईएनटीए ऐप पर उपलब्ध कराए जाएंगे। कुल 24 टीएनए ट्रैक के लिए ये पेपर तैयार किए गए हैं। मॉक टेस्ट भर्ती परीक्षा नहीं है और प्रदर्शन का वास्तविक टीएनए के परिणाम पर कोई असर नहीं पड़ेगा। गलती होने पर समय रहते सुधार का निर्देश भी दिया गया है। क्विज का यह है उद्देश्यक्विज का लक्ष्य बच्चों में पढ़ने, लिखने व बेसिक मैथ की समझ विकसित करना है। केवल क्विज कराना पर्याप्त नहीं है। गलतियों को समझकर उन्हें अभ्यास कराना भी जरूरी है, ताकि सीखने की क्षमता में सुधार हो सके।
काल्पनिक दुनिया में खो रहे बच्चे, मोबाइल पर बढ़ा दोस्तों का साथ, नतीजा...परिवार से दूरी बढ़ाने लगे
मैदान में दोस्तों के साथ खेलने वाले बच्चे अब मोबाइल पर टीम बना रहे हैं। परिवार के साथ बातें साझा करने के बजाय अपने कमरे में अकेले समय बिताना पसंद कर रहे हैं। ऑनलाइन गेम में दोस्त मिल रहे हैं, लेकिन असल जिंदगी में रिश्ते कमजोर पड़ रहे हैं। मनोचिकित्सकों के मुताबिक, जब बच्चा दोस्तों और परिवार से दूरी बनाने लगे और उसकी नींद, पढ़ाई या मूड में बदलाव आने लगे, तो इसे केवल मोबाइल की आदत मानकर नजरअंदाज नहीं करना चाहिए। अकेलेपन की वजह समझें जब बच्चा असल जिंदगी में खुद को अकेला महसूस करता है, तो वह ऑनलाइन दुनिया में अपना साथ तलाश सकता है। बच्चे को तुरंत डांटने या मोबाइल छीनने के बजाय समझें कि वह अकेला क्यों रहना चाहता है। रोज कुछ समय उसके साथ बातचीत करें, स्क्रीन टाइम तय करें और उसे खेलकूद व दोस्तों से मिलने के लिए प्रोत्साहित करें। -डॉ. संदीप गोयल, मनोचिकित्सक केस 1 : दोस्तों ने खेल का समय बदला, बच्चा घर में सिमटा : दोस्तों द्वारा खेलने का समय बदलने से 12 वर्षीय बच्चा अकेला महसूस करने लगा। वह रात में 3-4 घंटे ऑनलाइन गेम खेलने लगा, देर से सोने लगा, चिड़चिड़ा हो गया और उसके अंक भी गिर गए। मां ने डांटने के बजाय संवाद किया, जिससे कारण सामने आया। माता-पिता ने उसके साथ समय बिताया और दोस्तों से दोबारा जुड़ने में मदद की। केस 2 : परिवार के बीच रहकर भी कमरे में अकेले रहने लगा बच्चा : एक अन्य बच्चा परिजनों से बात करने से बचने लगा, दोस्तों से मिलना बंद कर दिया और अधिकांश समय कमरे में मोबाइल पर बिताने लगा। परिवार के साथ बैठने या बाहर जाने से टालमटोल करने लगा। परिजनों ने इसे शुरुआत में स्वाभाविक उम्र का बदलाव समझा, लेकिन दिनचर्या में लगातार बदलाव देखकर वे चिंतित हुए।
Jind News: घर से दो मोबाइल और सोने की चेन चोरी
सोनीपत के गांव लहराड़ा की नई बस्ती में चोर घर से दो मोबाइल फोन, सोने की चेन और आठ हजार रुपये चोरी कर ले गए।
Rapid-fire shooting at a colonizer's house at midnight over a 5 crore extortion demand; video sent to daughter-in-law's mobile
Lalitpur News: मोबाइल टावर से केबल चोरी करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार
ललितपुर। मोबाइल टावर से पावर केबल चोरी करने के मामले में कोतवाली सदर पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई करीब 20 मीटर पावर केबल और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक बरामद हुई है। पुलिस ने
Sant Kabir Nagar News: अब घर बैठे आरसी में अपडेट कर सकेंगे मोबाइल नंबर
You will now be able to update your mobile number in the RC from the comfort of your home.
स्टेशन पर लंबी कतारों से मिलेगा छुटकारा, मोबाइल टिकटिंग यूनिट से मिनटों में मिलेंगे अनारक्षित टिकट
Bareilly News: सीटी स्कैन जांच ठप, मोबाइल की टॉर्च जलाकर लिए गए सैंपल
सीटी स्कैन जांच ठप, मोबाइल की टॉर्च जलाकर लिए गए सैंपल
मध्य प्रदेश में बस यात्रियों को जल्द ट्रेन की तरह मोबाइल से टिकट बुक करने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए मुख्यमंत्री सुगम परिवहन सेवा के तहत आईआरसीटीसी की तर्ज पर एक एप बनाया जा रहा है।
रांची में साइबर ठगी के बड़े गिरोह का खुलासा, 10 गिरफ्तार, 8 लाख नकद और 36 मोबाइल सहित कई सामान जब्त
रांची, 14 अक्टूबर . Jharkhand की राजधानी रांची में Police ने साइबर ठगी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 10 लोगों को गिरफ्तार किया है. इनके साथ एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है. Police ने आरोपियों के ठिकानों से करीब आठ लाख रुपए नकद, 36 मोबाइल फोन, एक लैपटॉप, 32 एटीएम कार्ड ... Read more
राहगीरों से चाकू दिखाकर लूटपाट करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, छीनी गई बाइक और मोबाइल बरामद
राहगीरों से चाकू दिखाकर लूटपाट करने वाले चार आरोपी गिरफ्तार, छीनी गई बाइक और मोबाइल बरामद
14 अक्टूबर, बुधवार: बिहार के पूर्णिया जिले में केनगर थाना पुलिस ने मोबाइल छिनतई के मामले में अंतरप्रांतीय चोर गिरोह के तीन सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के मोबाइल बरामद किए। एसडीपीओ ने प्रेस वार्ता कर मामले की जानकारी दी।
हत्यारोपी मॉडल श्रद्धा दुबे कहां छिपी है? 10 टीमें दे रहीं दबिश; 20 से ज्यादा मोबाइल नंबर रडार पर
कारोबारी शिवा शर्मा की बहुचर्चित हत्यारोपी व ब्लॉगर मॉडल श्रद्धा दुबे उसकी बहन रश्मि के नेपाल भागने की चर्चा पर बहराइच, नवतनवा और पीलीभीत सीमा पर पुलिस और अर्धसैनिक बल को अलर्ट किया गया है। आशंका है कि मॉडल श्रद्धा दुबे यहीं कहीं छिपी हो सकती है। इसलिए पूरा बार्डर एरिया हाई अलर्ट पर है।
कासगंज के मामो गांव में बुधवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब शराब के नशे में एक युवक करीब 100 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक के टावर पर चढ़ने की सूचना मिलते ही पुलिस और थाना प्रभारी मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। युवक की पहचान मामो गांव निवासी छोटेलाल (28) के रूप में हुई है। वह अविवाहित है। परिजनों के मुताबिक, जमीन अपने नाम कराने की मांग को लेकर छोटेलाल टावर पर चढ़ गया था। उस समय वह नशे में था। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक से बातचीत कर उसे सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास किया। काफी देर की कोशिश के बाद पुलिस उसे नीचे उतारने में सफल रही। इसके बाद जरूरी हिदायत देकर उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। पुलिस के अनुसार, स्थिति सामान्य रही।
रेलवे की आईआरसीटीसी सेवा की तर्ज पर यात्री घर बैठे बस का रूट, बोर्डिंग पॉइंट और गंतव्य चुनकर ऑनलाइन टिकट बुक कर सकेंगे। शुरुआत भोपाल और इंदौर के आईएसबीटी से करने की योजना है।
दुर्ग में गांजा बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे राजस्थान के तीन युवकों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से कुल 15.737 किलो गांजा और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। तीनों पुराने पुल के पास पुलगांव नाला स्थित हनुमान मंदिर के बगल में खड़े थे। उनके पिट्ठू बैग में गांजा रखा था और वे उसे बेचने की तैयारी कर रहे थे। मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है। दरअसल, 13 अक्टूबर को पुलिस को सूचना मिली थी कि पुराने पुल के पास तीन युवक गांजा लेकर बिक्री के लिए ग्राहक तलाश रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर तीनों को पकड़ लिया। तलाशी और जरूरी कानूनी कार्रवाई के दौरान आरोपियों के बैग से गांजा मिला। वजन करने पर इसकी कुल मात्रा 15.737 किलो निकली। पुलिस ने तीनों मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उन्हें न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। तीनों आरोपी राजस्थान के रहने वाले गिरफ्तार आरोपियों की पहचान कालू राम माहिया (19), अभिमन्यु सिंह (20) और रामानंद चौधरी (18) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, कालू राम माहिया और रामानंद चौधरी राजस्थान के बीकानेर जिले के श्रीडूंगरगढ़ थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। वहीं, अभिमन्यु सिंह राजस्थान के सीकर जिले का निवासी है। गांजा कहां से लाए, जांच कर रही पुलिस पुलिस ने अब तक यह स्पष्ट नहीं किया है कि आरोपी गांजा कहां से लाए थे और इसे किसे बेचने वाले थे। इस काम में उनके साथ कोई अन्य व्यक्ति भी शामिल है या नहीं, इसकी भी जानकारी सामने नहीं आई है। पुलिस इन बिंदुओं पर जांच कर रही है।
Gorakhpur News: मां ने मोबाइल चलाने से रोका तो 12 वर्षीय किशोर ने फंदा लगाकर दी जान
12-year-old boy hangs himself after mother stops him from using mobile phone.
फिरोजाबाद: पार्सल के भुगतान को लेकर विवाद, डिलीवरी बॉय का मोबाइल तोड़ने का आरोप; हो गया हंगामा
थाना दक्षिण क्षेत्र के सुहाग नगर में सोमवार रात ऑनलाइन सामान की डिलीवरी करने पहुंचे युवक और ग्राहक के बीच पार्सल को लेकर विवाद हो गया।
Jhansi News: ठेले पर सामान, मोबाइल पर भुगतान... झांसी दूसरे नंबर पर
झांसी। प्रधानमंत्री स्वनिधि योजना के तहत ऋण लेकर कारोबार करने वाले जिले के 85.92 फीसदी छोटे दुकानदार और रेहड़ी-पटरी वाले यूपीआई से लेनदेन कर रहे हैं। डिजिटल लेनदेन में सक्रिय वेंडर्स के प्रतिशत के मामले में प्रदेश के 17 नगर निगमों में झांसी
Mohali News: होटल रीफ के पास फायरिंग कर मोबाइल छीना, पांच दिन बाद भी मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर
होटल रीफ के पास फायरिंग कर मोबाइल छीना, पांच दिन बाद भी मुख्य आरोपी गिरफ्त से बाहर
Firozabad News: पार्सल के भुगतान को लेकर विवाद, डिलीवरी बॉय का मोबाइल तोड़ा
पार्सल के भुगतान को लेकर विवाद, डिलीवरी बॉय का मोबाइल तोड़ा
Deoria News: मोबाइल नक्षत्रशाला से विद्यार्थियों ने समझीं अंतरिक्ष की बारीकियां
Students learned the intricacies of space through a mobile planetarium.
Azamgarh News: वाहन की आरसी में मोबाइल नंबर बदलने के लिए आरटीओ जाने की जरूरत नहीं
वाहन की आरसी में मोबाइल नंबर बदलने के लिए आरटीओ जाने की जरूरत नहीं
Shahjahanpur News: मोबाइल छीनकर भाग रहे तीन बदमाश गिरफ्तार, बाइक सीज
शाहजहांपुर। थाना मिर्जापुर पुलिस टीम ने सोमवार आधी रात के बाद कलान थाना क्षेत्र के मुबारकपुर चौराहा के पास राहगीर से मोबाइल फोन छीनकर भाग रहे तीन बदमाशों को गिरफ्तार कर लिया।
Yamuna Nagar News: बाइक सवारों ने युवक से मोबाइल और 4200 रुपये लूटे
किशोर कॉलोनी के पास एचपी पेट्रोल पंप के नजदीक बाइक सवार तीन बदमाशों ने युवक से नकदी और मोबाइल फोन लूट लिया।
हरियाणा के अंबाला में एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने NCC ऑफिस में तैनात लेडी क्लर्क को 5 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी क्लर्क ने नौकरी पक्की करने से जुड़े सरकारी लेटर को मंजूर करवाने के बदले 20 हजार रुपए की डिमांड की थी। मंगलवार को जैसे ही क्लर्क ऋचा ने पहली किस्त ली, एसीबी टीम ने ट्रैप लगाकर उसे तुरंत दबोच लिया। ऋचा ने पैसे लेकर मोबाइल कवर के पीछे रखे थे। तलाशी ली गई तो आरोपी काफी देर तक मोबाइल को छिपाती रही। आरोपी के खिलाफ अंबाला एसीबी थाने में केस दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि अभी पूरे मामले की जांच की जा रही है। सिलसिलेवार पढ़िए, पूरा घटनाक्रम… HOD से मंजूर होना था लेटर- शिकायतकर्ता ने ACB को बताया कि आरोपी नौकरी से जुड़े सरकारी लेटर को मंजूर कराने के बदले रिश्वत मांग रही थी। यह लेटर हेड ऑफ डिपार्टमेंट (HOD) से मंजूर होना था। आरोपी NCC की सेकेंड हरियाणा बटालियन में कॉन्ट्रेक्ट बेस पर क्लर्क है। ट्रैप बिछाकर आरोपी पकड़ी- ACB टीम को जैसे ही शिकायत मिली, तुरंत उसके आरोपों की जांच-पड़ताल की गई। इसके बाद आरोपी को पकड़ने के लिए टीम ने ट्रैप बिछाया। आरोपी ने ₹20 हजार की रिश्वत चार किस्तों में लेने की बात कही। हर किस्त में 5 हजार रुपए देने तय हुए थे। एसीबी ने केस दर्ज किया- मंगलवार को शिकायतकर्ता 5 हजार रुपए लेकर ऑफिस पहुंचा। क्लर्क भी ऑफिस के बाहर पहुंच गई। टीम ने तुंरत पैसे लेते ही उसे तुरंत दबोच लिया। रिश्वत की रकम उसके मोबाइल के कवर से बरामद हुई है। क्लर्क पर केस, अन्य कर्मचारियों की जांच जारी ACB अधिकारियों का कहना है कि क्लर्क ऋचा के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम की धारा 7 और भारतीय न्याय संहिता की धारा 308(2) के तहत केस दर्ज किया गया है। ऋचा करीब 8 साल से यहां तैनात है। मामले में अन्य कर्मचारियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। शिकायतकर्ता भी इसी विभाग में तैनात है। --------------- यह खबर भी पढ़ें… फतेहाबाद में रिश्वत लेता रजिस्ट्री क्लर्क काबू:दादालाई जमीन के इंतकाल के ₹29 हजार मांगे, ₹4 हजार में हुआ सौैदा फतेहाबाद जिले के रतिया तहसील कार्यालय में मंगलवार को जिला विजिलेंस ब्यूरो की टीम ने रजिस्ट्री क्लर्क (आरसी) बलविंदर सिंह को 4 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। (पूरी खबर पढ़ें)
13 अक्टूबर, मंगलवार, भागलपुर: बिहार के शिवनारायणपुर का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो के अनुसार, चलती ट्रेन में कथित मोबाइल चोरी की कोशिश के दौरान एक युवक खिड़की से लटक गया और करीब 100 मीटर तक इसी हालत में रहा। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
महोबा में मंगलवार समय ढाई बजे NRLM कैडरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर डीएम के समक्ष जोरदार प्रदर्शन किया। मीना राजपूत के नेतृत्व में चारों ब्लॉकों की महिलाओं ने डीएम को ज्ञापन सौंपकर मानदेय ₹18,000 करने, समय पर भुगतान, पेंडिंग मानदेय जारी करने और मोबाइल सुविधा की मांग की। कैडरों का कहना है कि काम हर महीने लिया जाता है, लेकिन मानदेय सालों तक रोका जाता है। 10 दिन का आश्वासन मिला है, मांगें न पूरी होने पर आंदोलन की चेतावनी दी गई है। ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीढ़ मानी जाने वाली NRLM यानी राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन की कैडर महिलाओं ने आज महोबा जनपद में अपनी मांगों को लेकर हुंकार भरी। गाँव-गाँव जाकर स्वयं सहायता समूहों को मजबूत करने और महिलाओं को सरकारी योजनाओं से जोड़ने वाली ये FLCRP, बैंक सखी और अन्य कैडर आज सड़क पर उतरने को मजबूर हैं। मीना राजपूत के नेतृत्व में चारों ब्लॉकों से बड़ी संख्या में पहुंची महिलाओं ने डीएम कार्यालय के सामने अपनी आवाज बुलंद की। पुष्पा यादव, कीर्ति, सरिता, ज्योति सिंह, रचना, जयवती, नीलम, राजाबाई, संगीता, शोभा और पार्वती समेत दर्जनों महिलाओं की मौजूदगी में डीएम को एक ज्ञापन सौंपा गया। कैडरों का सीधा और तीखा सवाल है कि जब सरकार उनसे हर महीने काम लेती है, तो मानदेय वर्षों तक क्यों अटकाया जाता है? महिलाओं का कहना है कि ₹2,000 के मामूली मानदेय में आज के दौर में गुजारा संभव नहीं है, और वह भी 2 से 3 सालों तक नहीं मिलता। श्रमिकों के न्यूनतम मानदेय के तहत ₹18,000 प्रतिमाह मानदेय तय किया जाए। हर महीने समय पर नियमित भुगतान सीधा कैडर के व्यक्तिगत बैंक खाते में हो। वर्षों से लंबित बकाया मानदेय का तत्काल भुगतान किया जाए। काम की सहूलियत के लिए मोबाइल भत्ता, मोबाइल सेट और आधिकारिक पहचान पत्र उपलब्ध कराए जाएं।मीना राजपूत ने बताया कि अधिकारियों ने उन्हें 10 दिनों के भीतर कार्रवाई का आश्वासन दिया है। साथ ही यह मांग भी रखी गई है कि उनकी मांगों को मुख्यमंत्री तक प्रेषित किया जाए। महिलाओं ने साफ चेतावनी दी है कि यदि एक महीने के भीतर उनका पेंडिंग मानदेय और अन्य मांगें पूरी नहीं हुईं, तो वे अपने हक के लिए फिर से बड़ा कदम उठाने को बाध्य होंगी।
रायगढ़ के केलो डैम घूमने गए युवक-युवती से लूटपाट का मामला सामने आया है। बाइक से घूमने पहुंचे दोनों को 3-4 अज्ञात युवकों ने घेर लिया। आरोपियों ने युवक से मारपीट कर 1500 रुपए कैश और उसका आईफोन लूट लिया। साथ ही युवती का मोबाइल छीनकर बाइक की चाबी फेंककर फरार हो गए। पीड़ित ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस के मुताबिक, जोगीडीपा निवासी सानू सारथी (22) अपनी दोस्त ईशिका कुमरे के साथ बुलेट से केलो डैम घूमने गया था। शाम को दोनों लौटने की तैयारी कर रहे थे, तभी 3-4 अज्ञात युवक वहां पहुंचे। उन्होंने युवती को लेकर वहां आने पर सवाल उठाए और पुलिस को फोन करने की धमकी देने लगे। इसके बाद आरोपियों ने सानू के साथ हाथ-मुक्कों से मारपीट की और उसकी जेब में रखे 1500 रुपए, आईफोन 12 मिनी और ईशिका का मोबाइल लूटकर भाग गए। भाई को फोन कर दी जानकारी, केस दर्ज घटना के बाद सानू ने किसी तरह अपने भाई प्रियांशु को फोन पर जानकारी दी। इसके बाद कोतवाली थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 3(5) और 309(4) के तहत अपराध दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शहर में पहले भी हो चुकी हैं लूट की घटनाएं इससे पहले कोतरा रोड क्षेत्र की जयहिंद गली में रहने वाले संजय दास से रेलवे बंगलापारा के पास लूट हुई थी। आरोप है कि सागर यादव, शैलेष साहू और भोला ने मारपीट कर उससे 5 हजार रुपए और सोने की चेन छीन ली थी। वहीं, जूटमिल थाना क्षेत्र में चाकू से हमला कर लूटपाट की घटना भी सामने आई थी। उस मामले में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।
जालंधर के सेंट्रल टाउन में चौकीदार पर बाइक सवार दो बदमाशों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने पहले उसकी तलाशी ली। कैश नहीं मिलने पर बदमाश चौकीदार के सिर पर डंडा मारकर मोबाइल फोन छीन फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। चौकीदार अवनीश ने बताया कि वह पिछले डेढ़ साल से इलाके में काम कर रहा है। इतने लंबे समय में उसके साथ कभी ऐसी वारदात नहीं हुई थी। सोमवार देर रात जब वह ड्यूटी के दौरान आराम कर रहा था, तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात युवक उसके पास आकर रुके। 'तेरे पास जो कुछ भी है, चुपचाप निकाल दे'बदमाशों ने आते ही उसे जबरन उठाया और धमकी देते हुए कहा कि तेरे पास जो कुछ भी है, चुपचाप निकाल दे। इस दौरान एक बदमाश के हाथ में डंडा था, जिससे वह चौकीदार को मारने की धमकी दे रहा था। खौफ में चौकीदार विरोध नहीं कर सका। ट्रक आने पर रुके, फिर सिर पर किया हमलाउसने दूसरे बदमाश को अपनी तलाशी लेने दी। इस दौरान जब बदमाशों को चौकीदार की जेब से कोई नकदी नहीं मिली, वे आक्रामक हो गए। एक बदमाश ने चौकीदार के हाथ पर डंडे से हमला कर दिया। इसके बाद आरोपियों ने उसकी दोबारा तलाशी ली। एक बदमाश ने उसके सिर पर डंडे से वार कर दिया, जिससे वह सहम गया। इसी बीच सड़क से एक ट्रक गुजरने लगा, जिसे देखकर दोनों बदमाश घबरा गए और कुछ देर के लिए पीछे हट गए। जैसे ही ट्रक वहां से आगे निकला, आरोपियों ने फिर से चौकीदार पर हमला करने का प्रयास किया। अंततः उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। पुलिस से कार्रवाई की मांगपीड़ित चौकीदार ने घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी। थाना-3 की पुलिस आसपास के इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है, ताकि हमलावरों और उनकी बाइक का सुराग लगाया जा सके। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन से मांग की है कि रात के समय गश्त बढ़ाई जाए, ताकि अपराधियों पर शिकंजा कसा जा सके।
डीडवाना-कुचामन में पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के जरिए लाखों की साइबर ठगी करने वाले एक गैंग के 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसपी डॉ. प्यारेलाल शिवरान के निर्देश पर हुई।पुलिस के अनुसार, आरोपी ठगी के पैसे का लेनदेन किराये के बैंक खातों से करते थे। बरड़वा थाना और जिला विशेष टीम (DST) ने मिलकर यह कार्रवाई की। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 3 लैपटॉप, 8 मोबाइल फोन, 3 चेकबुक, 3 एटीएम कार्ड, एक डोंगल, ऑनलाइन हिसाब-किताब की 3 डायरियां और 5 सिम कार्ड जब्त किए हैं।पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर रही है। साइबर ठगी के नेटवर्क, बैंक खातों के इस्तेमाल और गैंग से जुड़े अन्य लोगों की जांच की जा रही है। ठगी की कुल रकम का पता लगाया जा रहा है।
फरीदाबाद जिले के पल्ला थाना क्षेत्र में बाजार स्थित विकास टेलीकॉम की दुकान पर लाठी-डंडों से लैस युवकों ने हमला कर दिया। दुकानदार विकास के अनुसार, रात करीब 9 बजे दुकान में घुसे युवकों ने मारपीट की। इस दौरान एक युवक के सिर में चोट लग गई, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। दुकानदार ने हमलावरों पर मोबाइल फोन और नकदी ले जाने का आरोप लगाया है, हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और सीसीटीवी फुटेज खंगालकर आरोपियों की पहचान करने में जुट गई। मौके से एक बाइक भी बरामद हुई है। रात 9 बजे दुकान पर पहुंचे युवक दुकानदार विकास के अनुसार, घटना रात करीब 9 बजे की है। उनकी मोबाइल की दुकान पर कुछ युवक पहुंचे। उनके हाथों में लाठी-डंडे थे। आरोप है कि युवकों ने दुकान पर हमला कर दिया। इस दौरान वहां मौजूद लोगों ने विरोध किया तो हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की। इसी दौरान एक युवक के सिर में चोट लग गई। घायल को अस्पताल में भर्ती कराकर उसका उपचार कराया गया। मोबाइल और नकदी ले जाने का आरोप दुकानदार का आरोप है कि हमलावर दुकान से मोबाइल फोन और नकदी निकालकर अपने साथ ले गए। घटना के बाद पुलिस को इसकी सूचना दी गई। हालांकि, दुकान से सामान और पैसे ले जाने के आरोपों की अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद पल्ला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस आसपास की दुकानों और अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज तलाश रही है, ताकि हमलावरों की पहचान की जा सके। पुलिस जांच अधिकारी राजकुमार ने बताया कि मौके पर झगड़े की जानकारी सामने आ रही है, लेकिन पैसे लेकर जाने की बात अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मौके पर से युवकों की एक बाइक बरामद हुई है।
भागलपुर के शिवनारायणपुर स्टेशन पर चलती ट्रेन से मोबाइल झपटने की कोशिश एक युवक को भारी पड़ गई। यात्रियों ने उसका हाथ खिड़की से पकड़ लिया। इसके बाद ट्रेन आगे बढ़ती रही और वह खिड़की के सहारे दूर तक घिसटता रहा। आखिरकार प्लेटफॉर्म के छोर के पास उसका हाथ छूट गया और वह नीचे गिर पड़ा। इसके बाद मौके पर मौजूद सुरक्षाकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। लोगों से छोड़ने की गुहार लगाता रहा जानकारी के अनुसार, रेलवे स्टेशन पर युवक ने चलती ट्रेन की खिड़की से एक यात्री का मोबाइल छीनने की कोशिश की। उसे लगा था कि वह मोबाइल छीनकर तुरंत भाग जाएगा। लेकिन यात्रियों ने उसका हाथ पकड़ लिया। ट्रेन अपनी रफ्तार से आगे बढ़ रही थी और युवक खिड़की से पकड़े हाथ के सहारे घिसटता रहा। वह खुद को छुड़ा नहीं पा रहा था और न ही ट्रेन के साथ चल पा रहा था। लोगों से लगातार छोड़ देने की गुहार लगाता रहा, प्लेटफॉर्म के आखिरी में उसका हाथ छूट गया और वो नीचे गिर पड़ा। रेल यात्रियों की सुरक्षा पर फिर सवाल घटना का वीडियो वायरल होने के बाद चलती ट्रेन और रेलवे प्लेटफॉर्म पर यात्रियों की सुरक्षा को लेकर सवाल उठने लगे हैं। मोबाइल छीनने वाले ऐसे झपटमारों के कारण यात्रियों को आर्थिक नुकसान के साथ-साथ जान का खतरा भी उठाना पड़ सकता है। वहीं, चलती ट्रेन से किसी को पकड़ने या घसीटने जैसी स्थिति में यात्रियों की जान भी जोखिम में पड़ सकती है। रेलवे स्टेशन और ट्रेनों के आसपास मोबाइल झपटमारी जैसी घटनाओं को रोकने के लिए सतर्कता बेहद जरूरी है। हालांकि, आरोपी की पहचान, उसकी स्थिति और मामले में की गई कानूनी कार्रवाई से संबंधित विस्तृत जानकारी की पुष्टि होना बाकी है।
दरभंगा में रकसी पुल के नीचे पानी भरे खेत से एक युवक का शव मिला है। मामले की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद शव बाहर निकलवाया। पोस्टमार्टम के लिए डीएमसीएच भेजा गया है। मृतक की उम्र करीब 32 वर्ष बताई जा रही है। पहचान नहीं हो सकी है। घटना बिशनपुर थाना क्षेत्र की है। शरीर पर नीले रंग की जींस पैंट और सफेद रंग की चेकदार शर्ट थी। तलाशी के दौरान उसकी जेब से एक मोबाइल फोन और बाइक की चाबी बरामद हुई। शव की स्थिति के आधार पर उसके तीन-चार दिन पुराना होने की आशंका जताई जा रही है। ग्रामीण हत्या कर शव फेंकने की आशंका जता रहे हैं, हालांकि इसकी पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। मृतक की पहचान के लिए उसके पास से मिले पानी में भींगे मोबाइल फोन का सिम निकालकर जांच की जा रही है। साथ ही शव की तस्वीर आसपास के थानों को भेजी गई है और सोशल मीडिया के माध्यम से भी पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। शिनाख्त में जुटी पुलिस इसके अलावा हायाघाट थाना क्षेत्र में करेह नदी से एक युवक का शव मिला है। मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। उम्र करीब 40 साल के आसपास है। स्थानीय लोगों की सूचना पर मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के बाद पहचान सुनिश्चित करने के लिए 72 घंटे तक सुरक्षित रखने की व्यवस्था की गई है। फिलहाल दोनों की पहचान और मौत के कारणों का पता नहीं चल सका है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा संभव है।
कानपुर में सेवा संकल्प अभियान:जरूरतमंदों के इलाज के लिए सांसद ने समर्पित की मोबाइल मेडिकल वैन
कानपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जनसेवा के 25 वर्ष पूरे होने के अवसर पर चलाए जा रहे सेवा संकल्प अभियान के तहत सांसद रमेश अवस्थी ने जरूरतमंदों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने की पहल की है। भाजपा के राष्ट्रीय मंत्री जगदीश ईश्वर भाई पटेल के मुख्य आतिथ्य में निशुल्क मोबाइल मेडिकल वैन को जनता की सेवा के लिए समर्पित किया गया। सांसद रमेश अवस्थी ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी ने अपने जीवन के 25 वर्ष जनसेवा और राष्ट्र निर्माण को समर्पित किए हैं। इसी भावना के तहत मोबाइल मेडिकल वैन कानपुर लोकसभा क्षेत्र की मलिन बस्तियों में पहुंचकर गरीब परिवारों को स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराएगी। वैन में अनुभवी चिकित्सक जरूरतमंदों का स्वास्थ्य परीक्षण करेंगे और उन्हें चिकित्सकीय परामर्श देंगे। इसके साथ ही मरीजों को आवश्यक दवाएं भी निशुल्क उपलब्ध कराई जाएंगी। इस पहल का उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों तक स्वास्थ्य सेवाएं पहुंचाना और उन्हें उपचार की सुविधा उपलब्ध कराना है।
जीआरपी थाना अजमेर पुलिस ने रेलवे स्टेशन से मोबाइल चोरी करने के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया करीब 35 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। पुलिस ने आरोपी अक्षय कुमार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया जहां से उसे जेल भेज दिया गया है। जीआरपी थाना एसएचओ इंदूबाला के मुताबिक 11 अक्टूबर 2026 को चूरू जिले के गांव बिराण निवासी आशीष कुमार (27) ने रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। पीड़ित ने बताया था कि वह अजमेर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 6 स्थित मुसाफिरखाना में सो रहा था। इसी दौरान रात करीब 2 बजे कोई अज्ञात व्यक्ति उसका मोबाइल चोरी कर ले गया। पीड़ित की शिकायत पर जीआरपी पुलिस ने धारा 303 (2) बीएनएस के तहत प्रकरण संख्या 151/2026 दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी और मुखबिर की मदद से दबोचा आईओ एएसआई महेश कुमार ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज खंगालने और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर रेलवे स्टेशन अजमेर के बाहर से एक संदिग्ध के तौर पर अक्षय को डिटेन किया गया। पूछताछ के बाद आरोपी अक्षय कुमार महरानियां निवासी गांव पावटा जिला कोटपूतली को गिरफ्तार कर लिया गया। आरोपी के पास से परिवादी का चोरी गया मोबाइल भी बरामद कर जब्त कर लिया गया।
पहली बार मोबाइल ऐप और पोर्टल से डिजिटल जनगणना
भास्कर न्यूज| महासमुंद जनगणना 2027 के द्वितीय चरण के संपादन के लिए जिला पंचायत महासमुंद के सभा कक्ष में दो दिवसीय जिला स्तरीय प्रशिक्षण कार्यक्रम की शुरुआत हुई। कलेक्टर व प्रमुख जिला जनगणना अधिकारी विनय कुमार लंगेह के निर्देशन व अपर कलेक्टर जगन्नाथ वर्मा के मार्गदर्शन में आयोजित इस प्रशिक्षण में जिला अधिकारियों को तकनीकी बारीकियों की जानकारी दी गई। प्रशिक्षण के प्रथम दिन जनगणना प्रशिक्षक व सहायक संचालक मनोज कुमार महिलांगे ने बताया कि जनगणना 2027 पूरी तरह से डिजिटल होगी। इसमें प्रगणक घर-घर जाकर 40 निर्धारित प्रश्न पूछेंगे और जानकारी को मोबाइल ऐप व ऑनलाइन पोर्टल में दर्ज करेंगे। प्रशिक्षण में चार्ज अधिकारियों को सीएमएमएस पोर्टल पर पंजीयन, मानव संसाधन की उपलब्धता, पूर्व में कार्य कर चुके कर्मियों को प्राथमिकता से नियुक्ति, शपथ ग्रहण और मानदेय वितरण जैसी प्रक्रियाओं से अवगत कराया गया। प्रशिक्षक द्वारा अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आम जनता में किसी भी प्रकार की अफवाह या भय की स्थिति न बने, इसके लिए स्थानीय स्तर पर मीडिया और नुक्कड़ नाटकों के माध्यम से व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए। कलेक्टर ने सभी अधिकारियों व कर्मचारियों को जनगणना कार्य को अत्यंत गंभीरता से सीखने और संपादित करने के निर्देश दिए। इस प्रशिक्षण में जिला जनगणना अधिकारी, अतिरिक्त जिला जनगणना अधिकारी, समस्त एसडीएम, तहसीलदार (ग्रामीण चार्ज अधिकारी), नगरीय निकायों के मुख्य नगरपालिका अधिकारी व उनका डीलिंग स्टाफ उपस्थित थे।
शिक्षक का मोबाइल हुआ ब्लैक, खाते से उड़े 68 हजार
भास्कर संवाददाता | अशोकनगर डिजिटल होती दुनिया में साइबर ठग अब इतने हाईटेक हो चुके हैं कि आपकी एक जरा सी लापरवाही या तकनीक की चूक आपको भारी पड़ सकती है। ताजा मामला ईसागढ़ का है, जहां शासकीय माध्यमिक विद्यालय कुम्हरिया में पदस्थ एक शिक्षक डिजिटल ठगी का शिकार बन गए। फरियादी शिक्षक योगेश सोलंकी ने पुलिस को बताया कि 3 अक्टूबर 2026 को दोपहर करीब 12:30 से 1:30 बजे के बीच जब वे स्कूल में थे, तब उनका मोबाइल अचानक हैंग हो गया और स्क्रीन पूरी तरह काली पड़ गई। कुछ ही पलों में फोन अपने आप रिसेट हो गया और सारा डेटा डिलीट हो गया। जब फोन दोबारा चालू हुआ और उन्होंने बैंक खाता चेक किया, तो होश उड़ गए। खाते से दो अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए पहला 35 हजार और दूसरा 33 हजार यानी कुल 68 हजार रुपए अवैध रूप से निकाल लिए गए। बैंक जांच में पता चला कि ये ट्रांजैक्शन यूपीआई के माध्यम से किए गए थे। हालांकि पीड़ित ने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करा दी। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। साइबर विशेषज्ञों की मदद से ट्रांजैक्शन की जानकारी जुटाई जा रही है, ताकि ठगी की रकम वापस दिलाने के प्रयास किए जा सकें।
बात खरी है... इसमें आप देखेंगे बिहार के नेताओं और अफसरों के बीच अंदरखाने क्या चल रहा है, और दिनभर की ऐसी बड़ी हलचल जो आपको हंसाएगी भी और जिम्मेदारों को आइना भी दिखाएंगी। ऊपर VIDEO पर क्लिक करें...
कैश वैन और मोबाइल कैंटीन चलाना होगा महंगा, हिमाचल में नई कर व्यवस्था; 12 से 20 हजार तक लगेगा टैक्स
हिमाचल प्रदेश सरकार ने अब कैश वैन और मोबाइल कैंटीन वाहनों पर नया वार्षिक कर लगाने का प्रस्ताव किया है। यह कर हल्के से भारी व्यावसायिक वाहनों के लिए 12,000 से 20,000 रुपये तक होगा।
Agra News: साइबर अपराधी ने एक्सीएन का मोबाइल हैक कर कारोबारी से मांगे रुपये
साइबर अपराधी ने एक्सीएन का मोबाइल हैक कर कारोबारी से मांगे रुपये
Pilibhit News: खराब मोबाइल फोन देने पर फ्लिपकार्ट ने लौटाए 52745 रुपये
पीलीभीत। ऑनलाइन खरीदे गए खराब मोबाइल की शिकायत का निस्तारण नहीं होने पर उपभोक्ता को जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग से राहत मिली है।
Sonebhadra News: इंस्टाग्राम पर लिखा ‘प्लीज वापस आ जा’, फिर मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती
इंस्टाग्राम पर लिखा ‘प्लीज वापस आ जा’, फिर मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती
आयकर विभाग की इन्वेस्टिगेटिंग शाखा ने अंबाला के पार्क हीलिंग टच अस्पताल और संबंधित संस्थानों का सर्वे किया। इस कार्रवाई के दौरान अस्पताल के रिकॉर्ड, कंप्यूटर और कर्मचारियों के मोबाइल फोन जब्त किए गए।
भारत-वेस्टइंडीज क्रिकेट मैच पर ऑनलाइन सट्टा लगाने के मामले में अजमेर की कृष्णागंज थाना पुलिस और जिला स्पेशल टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी ऑनलाइन क्रिकेट सट्टे में खाईवाली कर रहे थे। पुलिस ने मौके से लैपटॉप, सैमसंग टैबलेट, 7 मोबाइल फोन और जियो एयर वाई-फाई सहित अन्य उपकरण जब्त किए हैं। सीओ शिवम जोशी ने बताया कि मामले में हरीश आसवानी (42) निवासी गौरी नगर, जतिन शाह(53) निवासी नवकार कॉलोनी, फॉयसागर रोड और घनश्याम रंगवानी(47) निवासी अजय नगर को गिरफ्तार किया गया है। जिला स्पेशल टीम को 11 अक्टूबर को गुप्त सूचना मिली थी कि सीकर रोड स्थित अंसल अपार्टमेंट के सी-ब्लॉक के फ्लैट नंबर 502 में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चल रहा है। सूचना के आधार पर जिला स्पेशल टीम और कृष्णगंज थाना पुलिस ने मौके पर दबिश दी। यहां तीन व्यक्ति भारत-वेस्टइंडीज मैच पर ऑनलाइन सट्टे का हिसाब-किताब करते मिले। पुलिस ने मौके से सट्टे में इस्तेमाल किए जा रहे उपकरण जब्त किए, इनमें एक लैपटॉप मय चार्जर, एक सैमसंग टैबलेट, 7 मोबाइल फोन, 5 मोबाइल चार्जर और एक जियो एयर वाई-फाई मय चार्जर शामिल हैं। इसके अलावा 1,020 रुपए नकद भी बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कार्रवाई में जब्त उपकरणों और सट्टे के नेटवर्क से जुड़े अन्य तथ्यों की जांच की जा रही है।
सीहोर पुलिस ने गुम हुए 78 लाख रुपए कीमत के 493 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे गए। इनमें 260 मोबाइल सीधे पुलिस अधीक्षक कार्यालय में वितरित किए गए, जबकि 233 मोबाइल संबंधित थानों में प्रक्रिया पूरी होने के बाद लौटाए गए। साइबर सेल और थानों की टीम ने की तलाश पुलिस अधीक्षक सोनाक्षी सक्सेना और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे के निर्देशन में साइबर सेल और थानों की टीमों ने तकनीकी मदद से मोबाइलों की तलाश की। पुलिस ने इन्हें देश के अलग-अलग हिस्सों से ट्रेस कर बरामद किया। इस कार्रवाई में साइबर सेल प्रभारी प्रधान आरक्षक सुशील कुमार साल्वे, प्रधान आरक्षक शैलेन्द्र सिंह राजपूत, आरक्षक अभिषेक चौहान, तरुण राठौर, अर्पित गुप्ता, जितेन्द्र राजपूत और संबंधित थानों की टीमों की भूमिका रही। मोबाइल गुम होने पर तुरंत शिकायत की अपील पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर बिना देरी किए संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं या ऑनलाइन शिकायत करें। इससे मोबाइल को तकनीकी माध्यम से ट्रेस कर बरामद करने में मदद मिल सकती है।
डीडवाना-कुचामन जिला पुलिस ने परबतसर में यात्रा के दौरान भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल फोन और नकदी चोरी करने वाली गैंग का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक नाबालिग को भी पकड़ा गया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारे लाल शिवरान के निर्देश पर हुई। पुलिस के मुताबिक, परबतसर में यात्रा के दौरान मोबाइल और नकदी चोरी की कई घटनाएं हुई थीं। जांच टीम ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी सबूतों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। आरोपियों को अजमेर से पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपियों के पास से चोरी के 10 मोबाइल फोन और 40,850 रुपए नकद बरामद किए हैं। वारदात में इस्तेमाल की गई कार को भी जब्त किया गया है। परबतसर थाना पुलिस इस मामले में आगे की जांच कर रही है।
जोधपुर में छात्राओं के यौन उत्पीडन मामले में पुलिस ने आरोपी प्रोफेसर को गिरफ्तार कर आज कोर्ट में पेश किया। जहां से उसे 2 दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। प्रोफेसर के खिलाफ एक छात्रा ने थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस को दी शिकायत में छात्रा ने आरोप लगाया कि प्रोफेसर ने इस साल जनवरी से लेकर अब तक कई बार उसके साथ अश्लील हरकत व अभद्र् भाषा का इस्तेमाल किया, पीछा कर उसके यौन उत्पीडन जैसी हरकतें भी कीं। प्रिंसिपल और अन्य प्रोफेसर भी जांच के घेरे में मामला सामने आने के बाद 10 अक्टूबर को स्टूडेंट्स ने प्रदर्शन किया था। इसके बाद विश्वविद्यालय के कुलपति ने छात्रों से बात की और आरोपी प्रोफेसर को बर्खास्त कर दिया था। इस मामले में आरोपी प्रोफेसर की चैट में प्रिंसिपल और अन्य प्रोफेसर भी सवालों के घेरे में हैं। मामले को लेकर एडीसीपी नरेंद्र सिंह देवड़ा ने जानकारी देते हुए बताया कि आरोपी प्रोफेसर को पुलिस ने गिरफ्तार कर आज कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से 2 दिन की पुलिस रिमांड मिली है। अब रिमांड पर लेकर उससे पूछताछ की जाएगी, साथ ही उसके मोबाइल से भी डेटा खंगाले जाएंगे।
बंगाल में चोरी की बाइक से छीना मोबाइल , पुलिस ने गिरोह का किया पर्दाफाश; 51 मोबाइल जब्त, 3 गिरफ्तार
कोलकाता पुलिस ने चोरी की बाइक से मोबाइल छीनकर बांग्लादेश तस्करी करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर 51 मोबाइल फोन और एक बाइक बरामद की गई है।
जांजगीर-चांपा जिले में शादी का रिश्ता कराने के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले गिरोह का साइबर थाना पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने मामले में चार महिलाओं और एक पुरुष समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोप है कि गिरोह के सदस्य मोबाइल पर शादी के विज्ञापन देकर लोगों को रिश्ता तय कराने का झांसा देते थे। इसी तरीके से नवागढ़ निवासी रेशम लाल साहू (53) से 5 लाख 65 हजार 355 रुपए की ठगी की गई। मोबाइल पर आया शादी का विज्ञापन पुलिस के अनुसार, रेशम लाल साहू अपने लिए शादी का रिश्ता तलाश रहे थे। इसी दौरान उनके मोबाइल पर शादी का विज्ञापन आया। विज्ञापन में दिए गए संपर्क के माध्यम से उन्हें महासमुंद के सरकारी अस्पताल में नर्स के रूप में काम करने वाली पदमा नाम की युवती से शादी का रिश्ता तय कराने का भरोसा दिया गया। इसके लिए शुरुआत में कुछ रकम जमा कराई गई। इसके बाद रेशम लाल को युवती का मोबाइल नंबर दिया गया। दोनों के बीच व्हाट्सऐप चैटिंग और मोबाइल कॉल के जरिए बातचीत शुरू हो गई। कभी इलाज तो कभी दुर्घटना का हवाला देकर मांगे रुपए पुलिस के मुताबिक, बातचीत के दौरान युवती ने अलग-अलग बहाने बनाकर रेशम लाल से पैसे मांगे। कभी मां के इलाज, कभी खुद के इलाज, कभी दुर्घटना तो कभी मां की मौत का हवाला देकर रकम मांगी गई। शादी की उम्मीद में रेशम लाल भरोसा करते रहे। उन्होंने जमीन बेचकर मिली रकम और उधार लिए पैसों सहित कुल 5,65,355 रुपए अलग-अलग बैंक खातों में जमा करा दिए। सरकारी अस्पताल पहुंचे तो नहीं मिली पदमा जब रेशम लाल ने युवती से मिलने की बात कही, तो वह अलग-अलग बहाने बनाने लगी। संदेह होने पर रेशम लाल महासमुंद के सरकारी अस्पताल पहुंचे। वहां जांच करने पर पदमा नाम की कोई युवती नहीं मिली। आसपास पूछताछ करने पर भी उसका पता नहीं चला। इसके बाद रेशम लाल को ठगी का एहसास हुआ और उन्होंने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 के माध्यम से शिकायत दर्ज कराई। बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की जांच से मिले सुराग शिकायत के बाद साइबर थाना पुलिस ने साइबर पोर्टल की मदद से संबंधित बैंक खातों, बैंक विवरण और मोबाइल नंबरों की जांच की। जांच में आरोपियों के तार राजनांदगांव से जुड़े होने की जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार, भूमिका रंगारी ही पदमा बनकर रेशम लाल से बातचीत करती थी। उसने अपने बैंक खाते में करीब ढाई लाख रुपए प्राप्त किए थे। चार महिलाओं और एक पुरुष को गिरफ्तार किया पुलिस ने मामले में चार महिलाओं और एक पुरुष सहित पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जानकारी के मुताबिक, गिरोह शादी का विज्ञापन देकर लोगों को रिश्ता तय कराने का भरोसा देता था और फिर अलग-अलग बहानों से पैसे जमा कराता था। पुलिस ने बैंक खातों और मोबाइल नंबरों से मिले सुरागों के आधार पर कार्रवाई की है। मामले में आरोपियों की भूमिका और ठगी की रकम से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है।
5 रुपये में बिक रहा है आपका मोबाइल नंबर, लोन कंपनियों से लेकर साइबर अपराधी तक खरीद रहे
साइबर दुनिया में आपकी पहचान बिक रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पांच रुपये में मोबाइल नंबर, 500 से 800 तक में सत्यापित आधार नंबर थर्ड पार्टी एजेंट से कंपनियां और साइबर अपराधी खरीद लेते हैं।
गोरखपुर: प्रेमी से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ी किशोरी, पुलिस ने समझाकर सुरक्षित उतारा
गुलरिहा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी सोमवार सुबह प्रेमी से शादी करने की जिद में पड़ोसी गांव पर स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। खेत की तरफ निकले ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी।
पंजाब में सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने पार्क अस्पताल की सभी ब्रांचों पर एक साथ रेड की। मोहाली, पटियला और बठिंडा में टीम सुबह करीब 9 बजे स्थानीय पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान अस्पताल के प्रशासनिक कार्यालयों और दस्तावेजों की जांच की गई। अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ की गई। हालांकि, ED ने अभी तक छापेमारी के कारण और इससे जुड़े मामले को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। सूत्रों के अनुसार, ED की टीम न कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा है। किसी को भी अस्पताल के न अंदर आने दिया जा रहा और न बाहर आने दिया जा रहा है। इसके साथ ही टीम ने अस्पताल के उच्च अधिकारियों, प्रशासनिक स्टाफ और प्रबंधकों के मोबाइल तुरंत अपने कब्जे में ले लिए हैं। वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच जांच के दौरान अस्पताल के वित्तीय लेन-देन, कर भुगतान और सरकारी योजनाओं के तहत किए गए दावों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। टीम कंप्यूटर, सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डिजिटल डेटा की जांच कर रही है। इसके अलावा, बिलिंग रिकॉर्ड, बैंक खातों के विवरण और अन्य दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं या नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की जा सकती है। हालांकि, ED की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी किस मामले या प्राथमिकी (FIR) के तहत की जा रही है। ********* ये खबर भी पढ़ें: पंजाब DA केस, हाईकोर्ट का सरकार को नोटिस:चीफ सेक्रेटरी सिन्हा पर केस चलाने को लेकर जवाब मांगा; एमिकस क्यूरी भी नियुक्त किया पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी मुलाजिमों के बकाया DA केस के मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस हाईकोर्ट में चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा की तरफ से दिए एफिडेविट से जुड़ा है, जिसमें गलत जानकारी देने की बात करते हुए हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना का केस शुरू किया है। केस चलाने से पहले हाईकोर्ट ने सरकार का जवाब मांगा है। (पढ़ें पूरी खबर)
गया एयरपोर्ट में मोबाइल छूटने पर महिला ने किया बवाल, क्रू मेंबर ने फ्लाइट से उतारा
गया एयरपोर्ट पर इंडिगो की कोलकाता जाने वाली उड़ान में एक महिला यात्री का मोबाइल फोन को लेकर क्रू मेंबर से विवाद हो गया।
नालंदा में साइबर पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान कतरीसराय थाना क्षेत्र के बजराचक गांव निवासी शंकर प्रसाद के पुत्र (23) सन्नी कुमार और (20) प्रिंस कुमार के रूप में की गई है। दोनों आपस में सहोदर भाई हैं। पुलिस ने दोनों के पास से ठगी के काम में इस्तेमाल होने वाले छह स्क्रीन टच मोबाइल और छह एटीएम कार्ड भी बरामद किए हैं। क्रेडिटबी का एजेंट बनकर देता था झांसा साइबर पुलिस पोर्टल से मिले संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर साइबर थाना की पुलिस ने दोनों को रंगेहाथ दबोच लिया। पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से खुद को लोकप्रिय डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म 'क्रेडिटबी' (KreditBee) का अधिकृत एजेंट बताता था। इसके बाद आसान शर्तों पर तत्काल लोन स्वीकृत कराने का झांसा देकर सीधे-सादे लोगों से संपर्क साधते थे। लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। न्यायिक हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपी इस मामले में नालंदा साइबर थाना में कांड दर्ज करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिवत कानूनी कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कर दोनों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में शामिल सदस्य छापेमारी टीम में नालंदा साइबर थाना के दरोगा कुंदन कुमार, तौकीर खान के साथ सिपाही चंदन कुमार, राजन कुमार मांझी, यश कुमार, ऋतु राज, रविनंदन कुमार, गृह रक्षक संदीप कुमार, करण कुमार सशस्त्र बल के साथ शामिल थे। मोबाइल ऐप से मिनटों में मिलता है पर्सनल लोन बदलती वित्तीय तकनीक के दौर में आम उपभोक्ताओं और युवा पेशेवरों के बीच मोबाइल आधारित इंस्टेंट पर्सनल लोन का चलन तेजी से बढ़ा है। इस कड़ी में प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म 'क्रेडिटबी' (KreditBee) एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है, जिसके जरिए जरूरतमंद लोग बैंक के चक्कर लगाए बिना सीधे अपने स्मार्टफोन से व्यक्तिगत ऋण प्राप्त कर रहे हैं। यह प्लेटफॉर्म भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पंजीकृत अपनी सहयोगी एनबीएफसी 'क्रेजीबी सर्विसेज' और अन्य साझेदार वित्तीय संस्थानों के जरिए यह सेवा उपलब्ध कराता है। 10 से 15 मिनट में खाते में पहुंचती है राशि इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत इसका पेपरलेस और तेज होना है। ऑनलाइन आवेदन स्वीकृत होने के महज 10 से 15 मिनट के भीतर स्वीकृत राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में भेज दी जाती है। प्लेटफॉर्म पर विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग श्रेणियां तय हैं। छोटे और तात्कालिक खर्चों के लिए एक हजार से 10 हजार रुपए तक का फ्लेक्सी लोन उपलब्ध है। वहीं, नियमित वेतनभोगियों और छोटे कारोबारियों को पात्रता के आधार पर अधिकतम पांच लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है, जिसे 3 से 36 महीने की आसान किस्तों में चुकाने का विकल्प मिलता है। आधार, पैन कार्ड और आय का स्रोत होना जरूरी लोन के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना और आयु 21 से 58 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। साथ ही नियमित आय का निश्चित स्रोत होना चाहिए। आवश्यक दस्तावेजों में पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण मुख्य रूप से शामिल हैं। पूरी सत्यापन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी कर ली जाती है। फर्जी रिकवरी-वेरिफिकेशन एजेंट बनकर लोगों को शिकार बना रहे साइबर ठग डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच साइबर अपराधियों ने ठगी का नया पैंतरा खोज निकाला है। जालसाज खुद को लोकप्रिय फिनटेक प्लेटफॉर्म 'क्रेडिटबी' (KreditBee) का अधिकृत लोन एजेंट, वेरिफिकेशन ऑफिसर या रिकवरी एग्जीक्यूटिव बताकर सीधे-सादे लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग आमतौर पर अनजान नंबरों से कॉल या व्हाट्सएप मैसेज भेजकर दावा करते हैं कि उपभोक्ता का प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन बिना किसी दस्तावेज और बेहद कम ब्याज दर पर पास हो गया है। प्रोसेसिंग फीस और फाइल चार्ज के नाम पर वसूली लोन का लालच देकर ठग पीड़ित को झांसे में लेते हैं और कहते हैं कि स्वीकृत राशि सीधे बैंक खाते में भेजने के लिए पहले कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद 'फाइल अप्रूवल चार्ज', 'जीएसटी', 'इंश्योरेंस फीस' या 'प्रोसेसिंग फीस' के नाम पर 2,000 से 10,000 रुपए तक किसी निजी यूपीआई आईडी या खाते में ट्रांसफर करवा लेते हैं। एक बार पैसा ट्रांसफर होने के बाद तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर और रकम ऐंठी जाती है, फिर कॉल ब्लॉक कर दी जाती है। मैलवेयर युक्त एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक ठगी का दूसरा तरीका फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अपनाया जाता है। साइबर अपराधी आधिकारिक गूगल प्ले स्टोर के बजाय व्हाट्सएप या एसएमएस पर 'KreditBee Update' या 'Loan Fast Approval' नाम से एक एपीके (.apk) फाइल भेजते हैं। जैसे ही उपभोक्ता इसे अपने फोन में इंस्टॉल करता है, मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला जाता है। इसके जरिए फोन पर आने वाले बैंक ओटीपी को सीधे पढ़कर बैंक खातों से पूरी जमा पूंजी उड़ा ली जाती है। कॉन्टैक्ट लिस्ट और तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेलिंग मैलवेयर ऐप्स इंस्टॉल होते ही फोन की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट का डेटा चुरा लेते हैं। इसके बाद ठग खुद को रिकवरी एजेंट बताकर धमकी भरे कॉल करने लगते हैं। लोन न लेने के बावजूद पीड़ित से जबरन वसूली की जाती है। पैसे न देने पर फोन में मौजूद निजी तस्वीरों को मॉर्फ कर परिवार और रिश्तेदारों को भेजने की धमकी दी जाती है। बचाव: केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही करें इस्तेमाल नालंदा साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद ने बताया कि क्रेडिटबी या कोई भी अधिकृत वित्तीय संस्थान कभी भी लोन जारी करने से पहले किसी निजी यूपीआई या खाते में अग्रिम शुल्क नहीं मांगता। पूरी प्रक्रिया केवल आधिकारिक ऐप के भीतर ही पूरी होती है।
स्मार्टफोन पर अब लोग सिर्फ रील देखने, चैटिंग करने या फोटो शेयर करने के लिए निर्भर नहीं हैं। मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल पढ़ाई, नौकरी, नई स्किल सीखने और रोजमर्रा के काम निपटाने के लिए भी तेजी से बढ़ रहा है। सेंसर टावर की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2025 के दौरान जनरेटिव आर्टिफिशियल […] The post मोबाइल यूजर्स की पसंद में बड़ा बदलाव! AI ऐप्स के डाउनलोड 205% बढ़े, सोशल मीडिया को लगा झटका, जानें किस कैटेगरी का बढ़ा क्रेज appeared first on https://rajsattaexpress.com .
गयाजी एयरपोर्ट पर मोबाइल छूटने के बाद एक महिला यात्री फ्लाइट के अंदर क्रू मेंबर से उलझ पड़ी। काफी समझाने के बाद भी नहीं मानी। विवाद इतना बढ़ गया कि कोलकाता जाने के लिए रनवे की ओर बढ़ चुके इंडिगो की फ्लाइट को वापस पार्किंग एरिया में लाना पड़ा। इसके बाद उसे फ्लाइट से नीचे उतार दिया गया। एयरलाइंस ने महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उन्हें पहले सीआईएसएफ के हवाले किया गया। कागजी कार्रवाई के बाद मगध मेडिकल थाने की पुलिस को सौंप दिया गया। अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। महिला की पहचान आशा राजेंद्र कृष्णमूर्ति के रूप में हुई है। उन क्रू मेंबर के साथ बदसलूकी करने का आरोप है। घटना रविवार की है। रनवे की ओर बढ़ा विमान, फिर वापस लौटा जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट दिल्ली से गयाजी आई थी। यहां से यात्रियों को लेकर कोलकाता जाना था। यात्री विमान में सवार हो चुके थे। फ्लाइट पार्किंग एरिया से निकलकर रनवे की ओर बढ़ गया था। इस बीच यात्री और क्रू मेंबर के बीच विवाद हुआ। मामला बढ़ने पर पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को सूचना दी। इसके बाद वापस पार्किंग एरिया में लाया गया। सीट नंबर 17-सी पर बैठी महिला यात्री को काफी मशक्कत के बाद नीचे उतारा गया। उसे सीआईएसएफ के हवाले कर दिया गया। इसका बाद विमान ने दोबारा उड़ान भरा। सीआईएसएफ की ओर से विधिवत कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस को सौंपा गया। मोबाइल छूटने पर शुरू हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक महिला यात्री का मोबाइल एयरपोर्ट पर ही छूट गया था। मोबाइल वापस लेने को लेकर उनकी क्रू मेंबर से कहासुनी हो गई थी। महिला को काफी समझाया गया पर वह नहीं मानी। इससे विवाद बढ़ गया तो विमान को वापस किया गया। साथ ही महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। स्थिति को देखते हुए विमान को वापस लाने और महिला को उतारने का फैसला लिया गया।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में रेप के आरोपी का अस्पताल में आराम फरमाते हुए वीडियो सामने आया है। वीडियो में आरोपी पवन महतो मोबाइल पर बात करते और गुटखा खाते नजर आ रहा है। वह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती है। आरोप लग रहे हैं कि जेल जाने से बचने के लिए आरोपी अस्पताल में भर्ती हुआ है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मेडिकल जांच के दौरान तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। वहीं, सामने आए वीडियो में आरोपी के बगल वाले बेड पर 2 पुलिस आरक्षक भी आराम फरमाते दिखे। CSP ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। देखिए तस्वीरें… 32 साल की महिला से रेप का आरोप जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र की महिला ने पवन महतो के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वह करीब 32 साल की है और कोरबा के खरमोरा इलाके में रहती है। उसके पति की मौत हो चुकी है। वह अपनी बेटी के साथ माता-पिता के घर रहती है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है। महिला के मुताबिक, 14 अप्रैल 2022 को वह सतरेंगा में पिकनिक मनाने गई थी। इसी दौरान जमीन के सिलसिले में उसकी मुलाकात पवन महतो से हुई। आरोपी पवन कोरबा के एक पावर प्लांट में काम करता है। पवन की अभिनंदन कॉम्प्लेक्स के पास चार डिसमिल जमीन थी। उस जमीन को बिकवाने के सिलसिले में दोनों के बीच जान-पहचान हुई। इसके बाद पवन उससे लगातार मिलने लगा। शादी का भरोसा देकर बनाए संबंध महिला का आरोप है कि जान-पहचान बढ़ने के बाद पवन ने उससे कहा कि वह उसे पसंद करता है और उससे शादी करना चाहता है। महिला के मुताबिक, 19 अप्रैल 2023 को पवन उसे रामपुर हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने किराए के फ्लैट में ले गया। वहां उसने उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाए। महिला ने आरोप लगाया कि इसके बाद भी पवन शादी का भरोसा देकर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब वह शादी के बारे में पूछती थी, तो पवन कहता था कि वह अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी कर लेगा। बार-बार शादी की बात टालने का आरोप महिला के मुताबिक, उसने कई बार पवन से शादी करने के लिए कहा, लेकिन वह हर बार टालमटोल करता रहा। वह शादी करने का भरोसा देता था, लेकिन उसने वादा पूरा नहीं किया। महिला का आरोप है कि पवन ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया। आखिरकार, परेशान होकर महिला ने 8 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन रामपुर थाने में आवेदन दिया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मेडिकल जांच के दौरान अस्पताल में भर्ती हुआ आरोपी पुलिस ने 10 अक्टूबर को आरोपी को पकड़ा था और उसे मेडिकल लीगल केस (MLC) और मुलाहिजा जांच के लिए ले गई थी। इसी दौरान उसने तबीयत खराब होने की बात कही। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। मीडियाकर्मियों ने बनाया वीडियो इसी बीच, आरोपी के अस्पताल में आराम फरमाते हुए वीडियो सामने आया है। यह वीडियो मीडियाकर्मियों ने बनाया है। सामने आए वीडियो में आरोपी मोबाइल चलाता और गुटखा खाता नजर आ रहा है। फिलहाल वह स्पेशल वार्ड में भर्ती है। उसकी निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। आरक्षकों की ड्यूटी पर भी उठे सवाल आरक्षकों की लापरवाही के सवाल पर कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि उस समय आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। वह तकनीकी रूप से पुलिस कस्टडी में भी नहीं था। उसके भागने की आशंका को देखते हुए आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। अगर जांच में आरक्षकों की लापरवाही सामने आती है, तो एसपी के निर्देश पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. चॉकलेट देकर 7 साल की 2 बच्चियों से रेप: मां बोली-रस्सी से बांधकर दुष्कर्म किया, आरोपी को VIP ट्रीटमेंट दे रही पुलिस, समझौते का दबाव छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना इलाके में 17 साल के नाबालिग ने 7 साल की दो बच्चियों से चॉकलेट देने के बहाने रेप किया है। उनके साथ मारपीट भी की। जब परिजनों ने उसे रंगे हाथों पकड़ा, तो लड़का भाग गया। वहीं पीड़ित बच्चियों की मां ने पुलिस वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
वाराणसी में घर में अकेले रह रहे डिलीवरी बॉय का शव बेडरूम में फंदे पर लटका मिला। रविवार (11 अक्टूबर) को पोस्टमॉर्टम हाउस पर छोटी बहन रंजना ने दैनिक भास्कर से कहा- भाई का पड़ोस की ही 2 बच्चों की मां से अफेयर था। उसकी हत्या की गई है। भाई के पैर जमीन की जगह बेड पर मुड़े थे। उसके प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। गले पर भी खरोंच के निशान थे। उसी महिला ने अपने फिंगर से भाई का मोबाइल लॉक खोला और जल्दी से रस्सी काटकर शव उतार दिया। पिता उमेश कुमार मौर्या ने कहा- बेटे ने शुक्रवार (9 अक्टूबर) को फोन किया था। कह रहा था कि पापा, बेंगलुरु जाना है, सोमवार का टिकट है। मैंने कहा था कि नेवादा गांव आ जाना, फिर मुझसे मिलकर चले जाना। क्या पता था कि अब वह कभी लौटकर नहीं आएगा। शनिवार को फोन आया कि शुभम का शव फंदे पर लटका मिला। पड़ोसी ने बहन को फोन कर कहा- भाई की तबीयत खराब है बिहार के नेवादा में रहने वाले उमेश कुमार मौर्या कई साल से वाराणसी के आदमपुर के विजयीपुरा चौराहा, कोनिया में मकान बनाकर रहते हैं। उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। 2 बेटियां कल्पना और रंजना की शादी मुगलसराय और वाराणसी में हुई है। उनका सबसे छोटा और इकलौता बेटा शुभम मौर्या (27) डिलीवरी बॉय था। शुभम की छोटी बहन रंजना ने बताया- मेरी वाराणसी के अन्नपूर्णा नगर कॉलोनी में बुटीक और ब्यूटी आइटम की शॉप है। शनिवार दोपहर 3.49 बजे पड़ोस के एक व्यक्ति का फोन आया कि शुभम की तबीयत खराब है। आप आ जाइए। इस पर मैंने अपने बेटे को भेजा। बहन बोली- रस्सी सुसाइड के फंदे जैसी नहीं बंधी थी रंजना ने बताया- इसके थोड़ी देर बाद मैं शॉप बंदकर पहुंची, तो घर के बाहर बहुत भीड़ लगी थी। दरवाजे में बाहर से कुंडी लगी थी। खोलकर अंदर पहुंचे, तो शुभम रस्सी के सहारे कमरे में लटका था। उसका एक पैर जमीन पर लटका था, दूसरा बेड पर मुड़ा हुआ था। प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। गले पर खरोंच के निशान थे। साथ ही रस्सी भी उस तरह से नहीं बंधी थी, जैसे कोई सुसाइड के लिए बांधता है। पड़ोसी महिला के अंगूठे से भाई के मोबाइल का लॉक खुला रंजना ने बताया- भाई शुभम इन दिनों घर में अकेला था। पिता नेवादा गए हुए थे। मेरे भैया का पड़ोस की ही एक महिला से अफेयर था। पांच दिन से वह उसी के साथ था। शाम को उसका शव लटका मिला। जब हम लोग पहुंचे, तो भाई का मोबाइल खोलने का प्रयास किया, लेकिन उसका लॉक नहीं खुला। भाई का शरीर अकड़ चुका था। पड़ोसी महिला पहुंची तो उसने भाई का मोबाइल अपने अंगूठे से हम लोगों के सामने खोला। उसी महिला ने शव भी पुलिस के आने के पहले रस्सी काटकर उतार दिया। रंजना ने बताया- उस पड़ोसी महिला का पति किसी और लड़की के साथ भाग गया था। वह भी 10 दिन पहले ही वापस आया है। घर में पत्नी के साथ रह रहा है। पिता बोले- मेरा बेटा कमजोर नहीं था अस्पताल के एक कोने में बैठे शुभम के पिता की जिंदगी उनके इकलौते बेटे के जाने से खत्म सी हो गई है। नम आंखों से उन्होंने शुभम का नाम लिया और कहा- मेरा बेटा कमजोर नहीं था, जो फांसी लगाता। मैं नेवादा में था। बेटे ने शुक्रवार को फोन किया था। बताया था कि पापा बेंगलुरु जाना है। 12 अक्टूबर का टिकट है। हमने उसे 11 अक्टूबर को नेवादा में घर बुलाया था। क्या पता था कि ऐसा हो जाएगा। इसके बाद शुभम के पिता रोने लगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। थाना प्रभारी आदमपुर विमल मिश्रा ने बताया- शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर घरवालों को सौंप दिया गया है। घरवालों ने आरोप लगाया है कि भाई का महिला से अफेयर था। उन लोगों ने हत्या करने की बात कही है। ऐसे में मृतक के मोबाइल फोन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।--------------------------- ये खबर भी पढ़िए कारोबारी बेटे की मौत, मां बोली- मॉडल गर्लफ्रेंड पीटती थी, उसके नेताओं से संपर्क, वह धमकाती थी ‘मॉडल श्रद्धा दुबे पहली बार बेटे से लखनऊ के एक क्लब में मिली थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे डेट करने लगे। श्रद्धा के नेताओं, टॉप ब्यूरोक्रेट और इंडियन क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों से संपर्क हैं। वह बेटे को उनके नाम पर डराती थी। आखिरी वक्त में तो बेटे को सिगरेट से दागा। बेटे की बॉडी पर निशान मिले। चेहरे पर लिपस्टिक लगी थी।’ यह कहना है लखनऊ के करोड़पति कारोबारी शिव शर्मा की मां रंजना शर्मा का। पढ़ें पूरी खबर…
मथुरा में ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉलिंग के जरिए अवैध लेनदेन गतिविधियां चलाने वाले गिरोह का STF ने पर्दाफाश किया है। थाना हाईवे पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें मास्टरमाइंड प्रवीन कुमार उर्फ प्रकाश भी शामिल है। पुलिस का आरोप है कि गिरोह फर्जी आईडी बनाकर पेड वीडियो कॉलिंग, अश्लील सामग्री और ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए रकम जुटाता था। विदेशी संस्थाओं से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की भी जांच की जा रही है। मोतीकुंज के कार्यालय में STF ने की कार्रवाई STF मुख्यालय की साइबर टीम को काफी समय से गिरोह की गतिविधियों के बारे में सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद STF के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह के निर्देशन में लखनऊ मुख्यालय और मथुरा की थाना हाईवे पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। रविवार को टीम ने मोतीकुंज स्थित ए-22 में छापा मारा। पुलिस के मुताबिक, यह कार्यालय अर्जुन दिवाकर का है। यहां से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लड़कियों के नाम और तस्वीरों से बनाते थे फर्जी आईडी पुलिस की पूछताछ के मुताबिक, गिरोह का कथित सरगना प्रवीन कुमार लड़कियों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करके ऑनलाइन ऐप पर फर्जी आईडी तैयार करता था। इसके बाद वेतन पर रखी गई महिला होस्ट के माध्यम से पेड वीडियो कॉलिंग और अश्लील सामग्री से जुड़ी गतिविधियां संचालित कराई जाती थीं। पुलिस ने गिरोह पर कलर प्रिडिक्शन, कार रेसिंग और लकी बॉल जैसे ऑनलाइन खेलों के जरिए सट्टेबाजी में शामिल होने का भी आरोप लगाया है। जांच एजेंसियां इन गतिविधियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। कॉइन, गिफ्टिंग और कॉलिंग से जुटाते थे रकम पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यूजर्स कॉइन खरीदते थे। गिफ्टिंग और वीडियो कॉलिंग के जरिए भी रकम जुटाई जाती थी। आरोप है कि इस धनराशि के लेनदेन को छिपाने के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस को फुलियाओ हॉन्गकॉन्ग लिमिटेड (Fuliao Hong Kong Limited) जैसी विदेशी संस्थाओं से जुड़े लेनदेन की जानकारी मिली है। जांच के मुताबिक, अर्री पे (Arri Pay) और ई-पे (ePay) ऐप के माध्यम से गिरोह के सदस्यों और उनसे जुड़ी महिलाओं के बैंक खातों में डॉलर के रूप में रकम भेजे जाने की जानकारी मिली है। पुलिस इन खातों में आए पैसे के स्रोत, लेनदेन के उद्देश्य और कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है। फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। 7 मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और कार बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, एक CPU, तीन चेकबुक, एक बैंक पासबुक, एक आधार कार्ड और तीन डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा ऑनलाइन ऐप से संबंधित साक्ष्यों के 58 स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट और UP 85 DD 9194 नंबर की एक कार भी बरामद की गई है। पुलिस इन मोबाइल फोन और बैंक दस्तावेजों की मदद से गिरोह की गतिविधियों, रकम के लेनदेन और अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन शामिल? प्रवीन कुमार उर्फ प्रकाश (26): पुत्र प्रहलाद सिंह, निवासी ग्राम सिहोरा, थाना जमुनापार, मथुरा। विपिन कुमार (26): पुत्र रामवीर सिंह, निवासी प्रीती बिहार कॉलोनी, लक्ष्मीनगर, थाना जमुनापार, मथुरा। अर्जुन दिवाकर (27): पुत्र स्वर्गीय बेनीराम, निवासी मकान नंबर 275, मालीपाड़ा, धौली प्याऊ, थाना हाईवे, मथुरा। कई धाराओं में मुकदमा दर्ज थाना हाईवे में मुकदमा अपराध संख्या 990/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 112, 318(4), 319(2) और 3(5), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D/67 तथा ऑनलाइन गेमिंग से संबंधित अधिनियम की धाराएं 5, 6, 7 और 9 लगाई गई हैं। एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों के आधार पर कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
Mohali News: खरड़ में मोबाइल की दुकान से लाखों का सामान चोरी, तीन आरोपी पकड़े
Goods worth lakhs stolen from a mobile shop in Kharar; three accused arrested
Sambhal News: मोबाइल की किस्त को लेकर मारपीट, चार पर रिपोर्ट
हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव घोसीपुरा में मोबाइल की किस्त जमा न होने पर विवाद हो गया।
Chandigarh News: मोबाइल की लत, बिगड़ती नींद और बढ़ता तनाव
मोबाइल की लत, बिगड़ती नींद और बढ़ता तनाव
Ghazipur News: प्रेमी से शादी की जिद पर मोबाइल टावर पर चढ़ी किशोरी, दो घंटे बाद उतरी
Teenage girl climbs mobile tower, insisting on marrying her boyfriend; comes down after two hours.
Farrukhabad News: चाकू दिखाकर यात्री से मोबाइल व नकदी छीनी
फर्रुखाबाद। बिहार से मैनपुरी जा रहे एक यात्री को स्टेशन के पांच नंबर प्लेटफार्म पर दो उचक्कों ने दबोच लिया। उसे चाकू दिखाकर मारपीट की। एक उचक्का नकदी व टिकट लेकर भाग गया।
Kushinagar News: मोबाइल पर बात करने पर मां ने डांटा तो घर से निकल गई किशोरी, समउर रोड पर मिला शव
Teenage girl left home after being scolded by her mother for talking on the mobile phone; body found on Samaur Road.
Faridabad News: हरि विहार में मोबाइल टावर लगाने का विरोध, हंगामे के बाद सामान लेकर लौटी कंपनी
Opposition to mobile tower installation in Hari Vihar; company returns with equipment after commotion.
विदिशा पुलिस ने राजस्थान के तीन युवकों को ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा है। कोतवाली पुलिस ने स्टेडियम के पीछे रेलवे लाइन के पास से इन्हें गिरफ्तार किया। इनके पास से 3 लाख रुपए कीमत की 30 ग्राम ब्राउन शुगर मिली। तस्करी में इस्तेमाल बजाज पल्सर बाइक और दो मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत 4.10 लाख रुपए है। पुलिस ने बताया कि गश्त के दौरान तीनों युवक पुलिस वाहन देखकर भागने लगे थे। घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान झालावाड़, राजस्थान के लाल सिंह तंवर (23), करण सिंह तंवर (25) और सुनील तंवर (20) के तौर पर हुई है। पूछताछ में ब्राउन शुगर के धंधे से जुड़े लोगों के सुराग मिले हैं। पुलिस अब सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने में लगी है। कोतवाली थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज हुआ है। यह कार्रवाई एसपी रोहित काशवानी के निर्देश पर थाना प्रभारी आनंद राज और टीम ने की।
चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया में प्रभु कीर हत्याकांड के मुख्य आरोपी मोईनुद्दिन शाह उर्फ मोनू खान को पुलिस ने भीलवाड़ा से गिरफ्तार कर लिया है। वह वारदात के बाद से फरार था और पुलिस से बचने के लिए अपना मोबाइल साथ नहीं रखता था। दोस्तों के मोबाइल से इंस्टाग्राम कॉल कर घरवालों से संपर्क करता था और लगातार ठिकाने बदल रहा था। पुलिस ने डीएसटी, साइबर टीम, चंदेरिया थाना पुलिस और भीलवाड़ा पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में उसे पकड़ा। मामले में अब तक तीन आरोपी गिरफ्तार हो चुके हैं, जबकि वारदात में शामिल अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घटना 8 अक्टूबर को एक होटल में खाना खाने के दौरान प्रेम-प्रसंग के मामले में कहासुनी के बाद हुई थी। परिजनों और समाज के लोगों ने दिया था धरना 10 अक्टूबर को प्रभु कीर की मौत के बाद परिजनों और समाज के लोगों ने आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग को लेकर धरना दिया था। इसी दौरान पुलिस ने दो आरोपी लोकेश सिंह चौहान उर्फ लक्की और राहुल सिंह चौहान को गिरफ्तार कर लिया था। अब मुख्य आरोपी मोनू खान की गिरफ्तारी के बाद इस मामले में तीन आरोपी पुलिस की गिरफ्त में हैं। पुलिस का कहना है कि वारदात में शामिल बाकी लोगों को भी जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। प्रेम प्रसंग की बात पर शुरू हुआ विवाद, होटल में लाठी-फाचरियों से हमला चित्तौड़गढ़ SP धर्मेंद्र यादव ने बताया - 8 अक्टूबर की रात करीब 9 बजे प्रभु कीर, भरत मीणा, दिवान सिंह, नारायण लाल नायक और अर्जुन कीर रोलाहेड़ा पुलिया के पास स्थित दाताश्री होटल में खाना खा रहे थे। इसी दौरान दिवान सिंह के मोबाइल पर लोकेश सिंह चौहान उर्फ लक्की का फोन आया। उसने पूछा कि वे लोग कहां हैं। दिवान सिंह ने होटल में होने की जानकारी दी। कुछ देर बाद लक्की अपने भाई राहुल सिंह, मोईनुद्दिन शाह उर्फ मोनू, जिशान खान उर्फ गोल्डी, अर्जुन सिंह भाटी, दिलीप सिंह भाटी और 3-4 अन्य लोगों के साथ होटल पहुंच गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोईनुद्दिन और प्रभु कीर के बीच प्रेम-प्रसंग के मामले को लेकर पहले कहासुनी हुई थी। इसके बाद आरोपियों ने अपने साथ लाई गई लाठियों से प्रभु कीर, भरत मीणा और दिवान सिंह पर हमला कर दिया। तीनों के सिर और शरीर पर कई वार किए गए। गंभीर रूप से घायल प्रभु कीर को पहले जिला हॉस्पिटल ले जाया गया। बाद में उन्हें उदयपुर के महाराणा भोपाल अस्पताल रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। इसके बाद पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर जांच तेज कर दी। पिता की रिपोर्ट पर दर्ज हुआ था मामला, बाद में जोड़ी हत्या की धारा प्रभु कीर के पिता शंकरलाल कीर ने 9 अक्टूबर को चंदेरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। बाद में इलाज के दौरान प्रभु कीर की मौत होने पर हत्या की धारा जोड़ी गई। जांच के दौरान पुलिस ने लोकेश सिंह चौहान उर्फ लक्की (21), राहुल सिंह चौहान (24) और मुख्य आरोपी मोईनुद्दिन शाह उर्फ मोनू (22) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस तीनों से पूछताछ कर रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
महासमुंद के तेंदूकोना में सूने मकान से करीब 5.59 लाख रुपए के सामान की चोरी करने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ लिया है। मामले में बिहार के दो, नई दिल्ली के एक और महासमुंद जिले के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से सोने-चांदी जैसे धातु के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। सूने मकान से 5.59 लाख की चोरी पुलिस के मुताबिक, तेंदूकोना के शिवप्रताप सिंह ने 12 अगस्त 2026 को घर में चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोरों ने उनके सूने मकान में घुसकर आभूषण, अन्य सामान और नकदी चुरा ली थी। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 5 लाख 59 हजार 500 रुपए बताई गई। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी के बाद पुलिस ने संदेहियों से पूछताछ की और तकनीकी सबूतों के साथ दूसरे सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान चार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई। आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला? 1. सैयद मोहम्मद मुजाहिद (28), बिहार: इसके पास से सोने जैसे रंग का मांग टीका, 7 चांदी जैसी अंगूठियां, 10 बिछिया, चेन, 2 पायल, ताबीज, 4 नथनी, कमरबंद, एक टच स्क्रीन मोबाइल और 10 हजार रुपए नकद मिले। 2. महबूब खान (26), नई दिल्ली: इसके पास से सोने जैसे रंग की 2 अंगूठियां, चांदी जैसी 9 अंगूठियां, 3 चांदी जैसे सिक्के, 20 बिछिया और 5 पायल बरामद हुईं। 3. सागर चंद्र कुर्रे (36), महासमुंद: इसके पास से सोने जैसे रंग के 2 जोड़ी कान के टॉप्स, चांदी जैसी लच्छेदार पायल, 3 अंगूठियां, सोने जैसे रंग का रानीहार, 10 हजार रुपए नकद, एक टच स्क्रीन मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल प्लेटिना मोटरसाइकिल बरामद की गई। मोटरसाइकिल की कीमत करीब 15 हजार रुपए बताई गई है। 4. सुजीत कुमार (30), बिहार: इसके पास से एक टच स्क्रीन मोबाइल बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, बरामद सामान की पहचान कराई जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी में कोई और शामिल था या नहीं और चोरी का बाकी सामान कहां है।
मां दंतेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के पहले ही दिन श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी। इस बार भक्तों को मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। जिला प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति ने सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है। भक्तों को मंदिर के बाहर बने काउंटर पर मोबाइल जमा करना होगा। पहले दिन कुछ ही घंटों में 500 से ज्यादा श्रद्धालु मोबाइल जमा कर चुके थे। दैनिक भास्कर की टीम जब कवरेज के लिए मंदिर के अंदर पहुंची, तो टीम के साथ भी 4 जवान तैनात रहे। मीडिया को गरुड़ स्तंभ तक मोबाइल ले जाने और वहां से कवरेज करने की अनुमति है। जबकि मंदिर के अंदर मां की प्रतिमा वाले स्थान और प्रतिबंधित हिस्सों की फोटो-वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं है। इन हिस्सों की फुटेज प्रशासन और पुलिस के अधिकृत कैमरा पर्सन के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। मंदिर के बाहर पुलिस सहायता केंद्र के पास बना मोबाइल काउंटर नवरात्रि के पहले दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर के बाहर जय स्तंभ चौक के पास, पुलिस थाना के बगल में पुलिस सहायता केंद्र बनाया गया है। इसके ठीक पास मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर तैयार किया गया है। व्यवस्था संभालने के लिए दंतेवाड़ा तहसीलदार, नगर पालिका सीएमओ और जनपद सीईओ की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस जवान भी तैनात किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि, मोबाइल जमा करने और वापस लेने की प्रक्रिया को आसान रखने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, काउंटर पर एक बार में करीब 1000 से 2000 मोबाइल रखने की व्यवस्था है। भीड़ बढ़ने पर इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। दर्शन के दौरान मोबाइल और सेल्फी पर रोक, इसलिए लिया फैसला प्रशासन के मुताबिक, मोबाइल लेकर मंदिर के अंदर जाने पर कई श्रद्धालु दर्शन के साथ फोटो और सेल्फी लेने में भी समय लगाते थे। इससे दर्शन की कतार आगे बढ़ने में देर होती थी। मोबाइल बाहर जमा कराने की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, नई व्यवस्था पर श्रद्धालुओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ लोगों ने इसे सुरक्षा और दर्शन की सुविधा के लिहाज से अच्छा कदम बताया, जबकि कुछ श्रद्धालुओं ने मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था पर नाराजगी भी जताई। ओडिशा के कोरापुट से आई एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने अपना मोबाइल काउंटर पर जमा कराया और इसके बाद दर्शन के लिए गईं। दंतेवाड़ा से पहुंचे पुरुष श्रद्धालुओं ने भी मोबाइल बाहर जमा कर दर्शन किए। दैनिक भास्कर की टीम के साथ अंदर गए चार जवान, गरुड़ स्तंभ तक कवरेज की अनुमति नई व्यवस्था का असर मीडिया कवरेज पर भी पड़ा है। मंदिर के अंदर मोबाइल ले जाने और फोटो-वीडियोग्राफी करने को लेकर पाबंदियां लगाई गई हैं। दैनिक भास्कर की टीम जब कवरेज के लिए पहुंची, तो उसके साथ चार जवान अंदर तक गए। मीडिया को मंदिर के बाहर स्थित गरुड़ स्तंभ तक मोबाइल ले जाने और वहां से कवरेज करने की अनुमति दी गई है। लेकिन गर्भगृह के सामने वाले स्थान और उससे आगे के प्रतिबंधित हिस्सों में मीडिया को खुद फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं है। वहां की तस्वीरें और वीडियो पुलिस-प्रशासन के अधिकृत कैमरा पर्सन के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, एक दिन पहले तक जयस्तंभ से मंदिर के अंदर तक भी मीडिया को फोन ले जाने की मनाही की चर्चा थी। जिसके बाद कलेक्टर और SP के साथ पत्रकारों की बैठक हुई और फिर गरुड़ स्तंभ तक फोन ले जाने की अनुमति दी गई। तहसीलदार परमानंद बंजारे से सीधी बात… सवाल- मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था क्यों शुरू की गई है? इससे क्या बदलाव होगा? जवाब- बड़े अधिकारियों के मार्गदर्शन में सुरक्षा और मंदिर में आने वाली भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है। अधिकारियों के निर्देश पर मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर बनाया गया है। यहां श्रद्धालुओं के मोबाइल निशुल्क जमा किए जा रहे हैं। भक्त मोबाइल जमा कर आराम से दर्शन करने जा रहे हैं। मोबाइल साथ रहने पर कई लोग दर्शन के अलावा सेल्फी और फोटो लेने में भी समय लगाते थे। अब इस व्यवस्था से दर्शन में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी। सवाल- मोबाइल काउंटर पर कितने बॉक्स बनाए गए हैं और एक बार में कितने मोबाइल रखे जा सकते हैं? जवाब- अभी हमारे पास 1000 से 2000 मोबाइल रखने की व्यवस्था है। कलेक्टर साहब के निर्देश हैं कि जैसे-जैसे भीड़ बढ़ेगी, मोबाइल रखने की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए शाम तक व्यवस्था को और बढ़ाने की तैयारी है। सवाल- नवरात्रि के पहले दिन कितने श्रद्धालुओं ने मोबाइल जमा कराए हैं? जवाब- इसकी सटीक संख्या बता पाना फिलहाल मुश्किल है, लेकिन पिछले कुछ घंटों में 500 से ज्यादा श्रद्धालु अपने मोबाइल जमा करा चुके हैं। सवाल- दूसरे-तीसरे दिन और खासकर पंचमी पर भीड़ बढ़ेगी। प्रतिदिन 10 से 12 हजार श्रद्धालु आएं, तो व्यवस्था कैसे संभालेंगे? जवाब- भीड़ को देखते हुए ड्यूटी बढ़ाई जा रही है। अतिरिक्त लोगों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है। इसके साथ ही मोबाइल रखने की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। सवाल- किसी श्रद्धालु को मोबाइल जमा करना है, तो उसे पूरी प्रक्रिया क्या अपनानी होगी? जवाब- श्रद्धालु मोबाइल काउंटर पर आएंगे। वहां एक पर्ची पर उनका नाम, मोबाइल नंबर और मोबाइल से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके बाद उन्हें टोकन दिया जाएगा। मोबाइल जमा होने के बाद श्रद्धालु दर्शन के लिए जा सकते हैं। दर्शन करके लौटने पर टोकन वापस करना होगा। नाम और मोबाइल नंबर का मिलान करने के बाद मोबाइल वापस दे दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक मिनट लगता है। सवाल- अगर कोई श्रद्धालु अपना टोकन खो देता है, तो उसे मोबाइल कैसे वापस मिलेगा? जवाब- थोड़ी दिक्कत होगी, इसलिए भक्तों से भी कहा गया है कि वे टोकन संभाल कर रखें। अगर किसी श्रद्धालु का टोकन खो जाता है, तो उस स्थिति में आने वाली परेशानी को देखते हुए आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद से भी इस मामले को देखा जाएगा। फिलहाल व्यवस्था शुरू हुई है, आगे अनुभव के आधार पर जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
कटरा जंगल में जुआ खेलते 9 लोग गिरफ्तार:47,500 रुपये नकद, 11 बाइक, ब्रेजा कार और 8 मोबाइल फोन जब्त
जांजगीर-चांपा जिले में जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पंतोरा चौकी क्षेत्र के कटरा जंगल में जुए के फड़ पर दबिश देकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 47,500 रुपए नकद, 11 मोटरसाइकिल, एक ब्रेजा कार, 8 मोबाइल फोन और 52 पत्ती ताश जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, कटरा जंगल में जुआ खेले जाने की सूचना मिलने पर पंतोरा चौकी पुलिस और रिस्पांस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। सूचना पर जंगल में दी दबिश मौके पर जुआ खेलते पाए गए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवैध गतिविधियों की सूचना देने की अपील इस कार्रवाई में PSI अभिलाष सिन्हा, ASI जयनंदन मार्बल, आरक्षक लक्ष्मीनारायण कौशिक, युवराज, नितेश सिंह, भुनेश्वर पटेल और दिलीप माथुर सहित पंतोरा चौकी और रिस्पांस टीम के सदस्यों का योगदान रहा। जांजगीर-चांपा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जिले में जुआ-सट्टा सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें, ताकि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई की जा सके।
सीतामढ़ी में नवरात्र के पहले दिन पुलिस ने 55 लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। चोरी, गुम और छिनतई हुए मोबाइल फोन बरामद करने के बाद रविवार को एसपी ने उनके मालिकों को फोन सौंपे। पुलिस ने अलग-अलग जगहों से कुल 101 मोबाइल बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है। 55 लोगों को मिले उनके मोबाइल रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मौके पर मौजूद 55 लोगों को उनके मोबाइल फोन सौंपे गए। वहीं, बाकी मोबाइल के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें लौटाने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए सीतामढ़ी पुलिस संबंधित लोगों से संपर्क कर रही है, ताकि उनके खोए या चोरी हुए फोन सुरक्षित वापस किए जा सकें। मोबाइल गुम होने पर CEIR पोर्टल पर करें शिकायत एसपी ने लोगों से अपील की कि मोबाइल फोन गुम होने, चोरी होने या छिनतई होने पर लापरवाही न बरतें। तत्काल संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही केंद्र सरकार के CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करें। इससे मोबाइल को ट्रैक करने और ब्लॉक कराने की प्रक्रिया में मदद मिलती है। समय पर शिकायत मिलने से बरामदगी में मदद एसपी ने कहा कि समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को मोबाइल फोन बरामद करने में मदद मिलती है। सीतामढ़ी पुलिस का प्रयास है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाए जाएं। पुलिस की इस पहल से उन लोगों को राहत मिली है, जो अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे।
बांका में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धोरैया पुलिस ने पोठिया गांव स्थित सीतला मंदिर में छापेमारी कर 12.440 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। पुलिस ने मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से नशे की तौल में इस्तेमाल होने वाली छोटी इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन और पोको कंपनी का एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। गुप्त सूचना पर मंदिर में छापेमारी, युवक गिरफ्तार गिरफ्तार युवक की पहचान पोठिया गांव निवासी स्व. मानस अचल के पुत्र मयंक कुमार अचल उर्फ आशु कुमार (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने 10 अक्टूबर को गुप्त सूचना के आधार पर सीतला मंदिर में छापेमारी की थी। इस दौरान ब्राउन शुगर समेत अन्य सामान बरामद किए गए और युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी के निर्देश पर नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई रविवार को धोरैया थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बांका पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में धोरैया थाना क्षेत्र में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला एसडीपीओ ने बताया कि बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर धोरैया थाना में कांड संख्या 295/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(सी) और 21(सी) के तहत कार्रवाई की गई है। तस्करी के नेटवर्क की भी हो रही जांच पुलिस अब मामले में नशा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है। संभावित रूप से जुड़े लोगों की तलाश भी जारी है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा। छापेमारी दल में धोरैया थानाध्यक्ष अमित कुमार सहित थाने के कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे।
मकान की छत पर लगे मोबाइल टावर में लगी आग:10 लाख रुपए का हुआ नुकसान, सवा घंटे में काबू पाया
जयपुर में एक मकान की छत पर लगे मोबाइल टावर में रविवार दोपहर आग लग गई। करीब सवा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट लगना माना जा रहा है। मकान मालिक ने आग के चलते करीब 10 लाख रुपए का नुकसान होना बताया है। सूचना पर 22 गोदाम फायर स्टेशन से दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। 22 गोदाम फायर अफसर ने बताया कि अजमेर रोड पर पुरानी चुंगी के पास साहिद खान का मकान है। उनके मकान की छत पर मोबाइल टावर लगा हुआ है। दोपहर करीब 12:45 बजे मोबाइल टावर में अचानक आग लग गई। आग की लपटों के साथ ही भीषण धुंआ उठने लगा। आग लगने का पता चलने पर स्थानीय लोगों को दहशत फैल गई। आग लगने की सूचना पर 22-गोदाम फायर स्टेशन से एक दमकल मौके पर पहुंची। फायर कर्मचारियों ने दमकल की मदद से करीब सवा घंटे की मशक्कत कर आग पर काबू पाया। जांच में आग शॉर्ट सर्किट से लगना सामने आया है। इससे मोबाइल टावर की वायरिंग व इंस्ट्रूमेंट जलने से 10 लाख रुपए का नुकसान होना बताया गया है।
फरीदाबाद के बल्लभगढ़ में हरि विहार में मकान की छत पर मोबाइल टावर लगाने को लेकर हंगामा हो गया। टावर लगाने का सामान पहुंचने की सूचना मिलते ही गली नंबर-17 के लोग एकत्रित हो गए और काम का विरोध शुरू कर दिया। लोगों के बढ़ते विरोध को देखते हुए कंपनी के कर्मचारियों को टावर लगाने का सामान वापस गाड़ी में लादकर ले जाना पड़ा। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। सामान वापस ले जाने के बाद मामला शांत हो गया। एक सप्ताह से कर रहे थे टावर लगाने का विरोध स्थानीय निवासी जगदीश, हरिचंद बघेल और महिला रेखा ने बताया कि वे पिछले करीब एक सप्ताह से मकान की छत पर मोबाइल टावर लगाने का विरोध कर रहे हैं। रविवार की सुबह उन्हें पता चला कि टावर लगाने का सामान पहुंच गया है। इसके बाद गली नंबर-17 के लोग एकत्रित हो गए और विरोध जताया। लोगों का कहना है कि मोबाइल टावर से निकलने वाले रेडिएशन से कैंसर जैसी गंभीर बीमारियां होने का डर है। इसी आशंका के चलते वे अपने इलाके में टावर नहीं लगने देना चाहते। मकान मालिक ने कंपनी को टावर लगाने से मना किया लोगों के अनुसार, मकान मालिक शहंशाह ने अपना मकान किराए पर दिया हुआ है। विरोध के दौरान मकान मालिक से बात हुई तो उन्होंने बताया कि कंपनी को टावर लगाने से मना कर दिया गया है। इसके बाद सामान वापस भेजा जा रहा है। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। कंपनी के कर्मचारी सामान वापस लेकर चले गए, जिसके बाद हालात सामान्य हो गए। क्या है मोबाइल टावर का रेडिएशन? मोबाइल टावर से रेडियोफ्रीक्वेंसी यानी रेडियो तरंगों के रूप में विद्युत चुंबकीय ऊर्जा निकलती है। इसे गैर-आयनीकरण विकिरण कहा जाता है। यह एक्स-रे जैसी आयनीकरण विकिरण से अलग होता है। बहुत अधिक तीव्रता पर रेडियोफ्रीक्वेंसी ऊर्जा शरीर के ऊतकों को गर्म कर सकती है।
ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में डॉ. प्रियंका शर्मा निलंबित। प्रारंभिक जांच में उपलब्ध न होने और ड्यूटी से गैरहाजिर रहने पर कार्रवाई, तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश।
साइबर ठगी: मोबाइल हैक करने के पांच दिन बाद निकाले 2.56 लाख, मामला दर्ज
हल्द्वानी में साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं। मंगल पड़ाव निवासी युवक के मोबाइल को हैक कर खाते से 2.56 लाख रुपये निकाल लिए गए जबकि मुखानी क्षेत्र में पूर्व सैनिक के दो क्रेडिट कार्ड से 1.40 लाख रुपये की ठगी हुई।
गाड़ी की RC में पुराना मोबाइल नंबर है दर्ज?: बिना RTO के चक्कर काटे घर बैठे मिनटों में ऐसे करें अपडेट, जानें पूरी प्रक्रिया
अजमेर के कचहरी रोड पर बाइक सवार दो बदमाश सत्संग में जा रही एक महिला का रविवार सुबह पर्स छीनकर फरार हो गए। महिला ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पर्स में मोबाइल, चश्में व कुछ जरूरी कागजात थे। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। मलूसर रोड, सिंधुवाड़ी निवासी लता पत्नी मुरलीधर भागचंदानी पुलिस लाइन क्षेत्र में हो रहे सत्संग में शामिल होने के लिए कचहरी रोड से जा रही थी। लता ने बताया- स्कूटी पर आगे की तरफ पर्स टंगा था और इस दौरान बाइक सवार दो युवक आए और उसका पर्स छीनकर फरार हो गए। उनका पीछा किया लेकिन वे हाथ नहीं आए। पर्स में मोबाइल, चश्मा व अन्य कागजात थे। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के पति जनरल स्टोर व्यापारी है। ………. पढें ये खबर भी… अजमेर में आज नहीं होगी पानी की सप्लाई:सुबह 9 बजे से लिया जाएगा 30 घंटे का शटडाउन, पाइपलाइन में हुए लीकेज सुधारेगा विभाग जलदाय विभाग की नसीराबाद रोड रेलवे पुलिया के पास से विराट नगर पंप हाउस जा रही 450 एमएम की पाइप लाइन में लीकेज हो गया है। इसे रविवार को बदला जाएगा। पूरी खबर पढें
पटना में राजेंद्र नगर रेलवे यार्ड के पास मिली छात्रा की मौत के मामले में नया मोड़ आया है।
अजमेर: मोबाइल चोरी के विवाद में दिल्ली से आए जायरीन पर चाकू से जानलेवा हमला, आरोपी हिरासत में
अजमेर के गंज थाना क्षेत्र में दिल्ली से जियारत करने आए एक जायरीन पर मोबाइल चोरी के विवाद को लेकर चाकू से हमला कर दिया गया। घायल जायरीन के शोर मचाने पर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार के लिए भेजा और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
काकपोरा: जम्मू-कश्मीर के काकपोरा में सूखी घास से लदे टाटा मोबाइल में लगी भीषण आग
8 अक्टूबर, गुरुवार: काकपोरा में सूखी घास से लदे टाटा मोबाइल में आग लग गई, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज कश्मीर ने visuals जारी किए।
क्या ज्यादा मोबाइल और सोशल मीडिया बिगाड़ रहा है मानसिक सेहत? जानें डिजिटल स्ट्रेस के संकेत
World Mental Health Day: इस लेख में जानें कि ज्यादा मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल मानसिक सेहत को कैसे प्रभावित कर सकता है, डिजिटल स्ट्रेस के कौन-कौन से संकेत नजर आते हैं और इससे बचने के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए।
विश्व दृष्टि दिवस: मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से आंखों पर क्या असर पड़ता है?
World Sight Day: अगर आप उन लोगो में से हैं, जो हमेशा लैपटॉप चलाते हैं और मोबाइल देखते हैं तो इस लेख को आखिर तक अवश्य पढ़ें।
गया जी में रेल यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले दो आरोपी RPF और GRP के हत्थे चढ़े
6 अक्टूबर, मंगलवार: गया जी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के मोबाइल चोरी करने के मामले में RPF और GRP की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने रेल यात्रियों से जुड़े मोबाइल चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ा।
वैशाली के रामपुर जारंग में घायल हालत में मिला ऊंट, डॉक्टर हेमंत कुमार ने मोबाइल टीम के साथ किया इलाज
6 अक्टूबर, मंगलवार: वैशाली के पटेढ़ी बेलसर के रामपुर जारंग गांव में लावारिस हालत में घायल ऊंट मिला। सूचना पर डॉक्टर हेमंत कुमार और मोबाइल टीम के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर ऊंट का इलाज किया।
नरसिंहपुर के गाडरवारा में मोबाइल शॉप का शटर उठाकर चोरी, बोरी में भर ले गए करीब 2 दर्जन फोन
6 अक्टूबर, मंगलवार: नरसिंहपुर के गाडरवारा में प्रकाश मोबाइल शॉप में देर रात अज्ञात चोरों ने शटर उठाकर करीब दो दर्जन महंगे मोबाइल फोन चोरी कर लिए। CCTV में दो संदिग्ध वारदात को अंजाम देते दिखे। पुलिस फुटेज और अन्य साक्ष्यों से जांच कर रही है।
बिना इस्तेमाल वाले ऐप्स पर पैसे देना बंद, Gen z का ये ट्रेंड क्यों हो रहा पॉपुलर?
हर महीने बिना सोचे आपके खाते से कई छोटी-छोटी रकम कट रही हैं? जेन जी अब ऐसे खर्चों पर नजर डाल रही है और गैर-जरूरी मेंबरशिप बंद कर रही है। आखिर क्या है ये नया ‘सब्सक्रिप्शन डिटॉक्स’ ट्रेंड?
जोक्स आपको गुदगुदाने के साथ-साथ घर के रोजमर्रा के किस्सों की याद भी दिलाएंगे। तो चलिए, पढ़ते हैं सास-बहू के कुछ ऐसे ही साफ-सुथरे और मजेदार जोक्स
सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि की मौत की जांच तेज, मोबाइल चैट और CDR खंगाल रही पुलिस
29 सितंबर, मंगलवार: सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने मोबाइल फोन को अनलॉक कराने रीवा भेजा है। चैट और रिकॉर्डिंग के साथ सोनू, विजय और अजित की CDR भी खंगाली जा रही है।
Android और iPhone में Battery Drain रोकें, Settings से बदलें Background Apps परमिशन
अक्सर आपने भी नोटिस किया होगा कि, मोबाइल फोन रातभर बिना यूज किए ही 15 से 20 परसेंट तक बैटरी ड्राप कर रहा है? अगर आपके साथ हो रहा है, तो यह खबर आपके लिए है। इसका मुख्य कारण केवल पुरानी बैटरी नहीं है बल्कि कई बार कुछ ऐसे एप्स भी बैकग्राउंड में लगातार रन करते रहते हैं, जो कि इंटरनेट, लोकेशन, प्रोसेसर या दूसरे सिस्टम रिसॉर्स का यूज करते हैं। अगर आप इन एप्स को ट्रैक करेंगी, तो फोन की बैटरी बचा सकती हैं। वैसे यह सब मोबाइल में पता लगाने का ऑप्शन मिलता है कि पिछले कुछ घंटों या दिनों में किस एप ने कितनी बैटरी खर्च की है। Android फोन में कैसे पता करें? - Android फोन यूजर्स सबसे पहले फोन की Settings में जाएं। - अब बैटरी या Battery & Device care सेक्शन में जाएं। - वैसे अलग-अलग कंपनियों के फोन में इस ऑप्शन का नाम थोड़ा अलग हो सकता है। - इसके बाद आपको Battery Usage या Battery Usage by Apps जैसा ऑप्शन दिखाई दे रहा होगा। - अब आप इस पर टैप करें, फिर आपको उन एप्स की लिस्ट देखने को मिलेगी, जो सबसे ज्यादा बैटरी का यूज कर रहे हैं। - इस लिस्ट में देखें कि रात के समय कौन-सा एप सबसे ज्यादा बैटरी यूज कर रहा है। - यदि कोई ऐसा ऐप जो ज्यादा बैटरी ले रहा है, जिसे आपने यूज नहीं किया, तो वो बैकग्राउंड में एक्टिव हो सकता है। - जरुरत न होने पर एप की बैकग्राउंड एक्टिविटी को लिमिटेड कर दें। iPhone में कैसे चेक करें? अगर आप iPhone यूजर्स हैं, तो इसमें बैटरी चेक करना आसान है। सबसे पहले आप आईफोन की Settings > Battery में जाएं और बैटरी यूज की डिटेल्स को चेक करें। यहां पर एप्स के हिसाब से बैटरी खपत दिखाई देगा। अब आप Last 24 Hours या उपलब्ध दूसरे टाइम पीरियड को देखकर ये पता लगाएं कि सबसे ज्यादा कौन-सा एप ज्यादा बैटरी खा रहा है। फिर जरुरत के अनुसार Background App Refresh, Location Service या अन्य परमिशन लिमिटड आसानी से कर सकते हैं।
26 सितंबर, शनिवार: पटना में सीएम ने छात्रों को 300 में 280 अंक का लक्ष्य दिया, अभिभावकों से मोबाइल कम कराने और मीटिंग में आने की अपील।
आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड आज लगभग हर महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय काम में इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, सरकारी योजनाओं से लेकर आयकर और डिजिटल केवाईसी (KYC) तक कई सेवाओं में आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि अगर आधार में मोबाइल नंबर, पता या ई-मेल बदल गया है तो क्या हर बार आधार केंद्र जाना जरूरी है? जवाब है—नहीं। 2026 में UIDAI ने नए Aadhaar App के जरिए कई महत्वपूर्ण सेवाओं को मोबाइल से उपलब्ध कराया है। फिलहाल ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि नाम, जन्मतिथि, लिंग और बायोमेट्रिक जैसी सभी जानकारी घर बैठे बदलने की सुविधा नहीं है। इनके लिए परिस्थितियों के अनुसार Aadhaar Enrolment/Update Centre जाना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं # 2026 में आधार में क्या-क्या घर बैठे बदल सकते हैं? एक, मोबाइल नंबर: यह 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। UIDAI के नए Aadhaar App में Mobile Number Update की सुविधा उपलब्ध है। ऐप में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए Aadhaar number holder को ऐप पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करना और आवश्यक authentication पूरा करना होता है। UIDAI के अनुसार नए ऐप में Mobile Number Update और Address Update दोनों सेवाएं उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि आपकी स्थिति और authentication requirements के आधार पर प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए ऐप में दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करें। दो, पता: आधार में पता बदलने की सुविधा लंबे समय से myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है और अब नया Aadhaar App भी Address Update सुविधा देता है। ऑनलाइन Address Update के लिए सामान्यतः: Aadhaar Number, Registered Mobile OTP, नया पता, संबंधित दस्तावेज और Submit की प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI के अनुसार myAadhaar पर ऑनलाइन Address Update के लिए आधार से मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना जरूरी है और मांगे गए पते के प्रमाण (POA) का दस्तावेज अपलोड करना होता है। तीसरा, ई-मेल: ई-मेल अपडेट की सुविधा भी Aadhaar App में उपलब्ध है। खास बात यह है कि UIDAI ने Aadhaar App के जरिए ई-मेल एड्रेस अपडेट का शुल्क 31 दिसंबर 2026 तक माफ किया है। # अब जानिए कि किन चीजों के लिए आधार केंद्र जाना पड़ सकता है? हर Aadhaar detail को मोबाइल से बदलने की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। जैसे: नाम: नाम में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत Aadhaar Enrolment/ Update Centre जाना पड़ सकता है और वैध supporting document देना होता है। जन्मतिथि: Date of Birth में बदलाव के लिए भी दस्तावेजों के साथ निर्धारित अपडेट प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI ने इसके लिए अलग Standard Operating Procedure भी जारी किया है। लिंग: Gender update के लिए भी Aadhaar Centre की assisted update प्रक्रिया उपलब्ध है। फोटो और बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो जैसे biometric updates के लिए Aadhaar Centre जाना पड़ता है। UIDAI के अनुसार biometric update में fingerprint, iris और photograph शामिल हैं। सामान्य परिस्थितियों में biometric update का शुल्क ₹125 है, जबकि निर्धारित आयु-समूहों में Mandatory Biometric Update पर विशेष छूट लागू है। # 2026 में आधार अपडेट का शुल्क कितना है? UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची के अनुसार: सेवा-शुल्क Demographic Update अलग से ₹75, Biometric Update सामान्यतः ₹125, Demographic व Biometric Update एक साथ। Biometric update के नियमों के अनुसार, Aadhaar App से Email Update| 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त। myAadhaar से Document Update14 जून 2027 तक मुफ्त। Aadhaar Centre पर Document Updat ₹75. UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची में demographic update के अंतर्गत नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आदि शामिल किए गए हैं। अलग से demographic update कराने की फीस ₹75 है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों के Mandatory Biometric Update के लिए अलग शुल्क नियम हैं। 7–15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शुल्क-माफी की वर्तमान व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू है। # myAadhaar से पता कैसे बदलें? अगर आप वेबसाइट के माध्यम से पता बदलना चाहते हैं तो प्रक्रिया मोटे तौर पर इस प्रकार है: Step 1: UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर जाएं। Step 2: Aadhaar number से लॉगिन करें। Step 3: Registered mobile पर आए OTP से authentication करें। Step 4: Address Update विकल्प चुनें। Step 5: नया पता सावधानी से दर्ज करें। Step 6: मांगा गया Proof of Address दस्तावेज अपलोड करें। Step 7: जानकारी को Preview में अच्छी तरह जांचें। Step 8: आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। Step 9: Request Submit करें। इसके बाद आपको Update Request Number/ Reference के जरिए स्थिति ट्रैक करने की सुविधा मिल सकती है। UIDAI के अनुसार ऑनलाइन Address Update में अपलोड किए गए दस्तावेजों का verification किया जाता है। # Aadhaar App से अपडेट कैसे करें? नया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। UIDAI के अनुसार ऐप में Aadhaar number डालकर, Terms/Privacy को स्वीकार करके और Face Authentication पूरा करके registration किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं में जाकर संबंधित update विकल्प चुना जा सकता है। Aadhaar App की प्रमुख सुविधाएं: Mobile Number Update, Address Update, Biometric Lock/Unlock, Authentication History, e-Aadhaar Download, Aadhaar Verifiable Credential Sharing, Contact Card Sharing and Update Request Tracking. UIDAI ने बताया है कि ऐप के लिए Android 9.0 या उससे ऊपर तथा iOS 16.0 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक है। # Document Update क्या है? यह समझना बहुत जरूरी है कि Document Update और Demographic Update एक ही चीज नहीं हैं। Document Update में पहचान और पते से संबंधित दस्तावेजों को आधार रिकॉर्ड के समर्थन में जमा किया जाता है। UIDAI ने myAadhaar portal पर Document Update की फीस 14 जून 2027 तक माफ की है। जबकि Aadhaar Centre पर Document Update के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित है। इसलिए जिन लोगों ने लंबे समय से अपने आधार में पहचान या पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें UIDAI की सलाह और अपने रिकॉर्ड के अनुसार Document Update पर भी ध्यान देना चाहिए। # कौन-कौन से दस्तावेज काम आ सकते हैं? पता अपडेट के लिए UIDAI द्वारा स्वीकार किए जाने वाले वैध Proof of Address दस्तावेजों की सूची में विभिन्न सरकारी और अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर UIDAI की जानकारी में पासपोर्ट, राशन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है। कुछ परिस्थितियों में बिजली, पानी या लैंडलाइन टेलीफोन बिल भी निर्धारित शर्तों के तहत स्वीकार किए जा सकते हैं। लेकिन कोई भी दस्तावेज अपलोड करने से पहले UIDAI की वर्तमान Supporting Documents List में उसकी पात्रता जरूर जांचें। # घर बैठे अपडेट करते समय इन गलतियों से बचें:- एक, गलत मोबाइल नंबर न डालें: आधार में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने पर OTP आधारित सेवाओं में परेशानी हो सकती है। दो, पता वही लिखें जो दस्तावेज में है। तीन, Address Update में spelling, house number, locality और PIN code को ध्यान से जांचें। तीन, खराब स्कैन/फोटो अपलोड न करें: दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होना चाहिए। चार, एजेंट से सावधान रहें: आधार अपडेट के नाम पर अनधिकृत व्यक्ति को OTP या Aadhaar PIN जैसी संवेदनशील जानकारी न दें। पांच, OTP किसी से साझा न करें: UIDAI कभी भी फोन पर आपसे OTP बताने के लिए नहीं कहता। # सबसे आसान तरीके से समझिए: 2026 में आधार अपडेट की स्थिति: घर बैठे/मोबाइल से उपलब्ध: मोबाइल नंबर — Aadhaar App, पता — Aadhaar App / myAadhaar, ई-मेल — Aadhaar App और Document Update — myAadhaar. वहीं, केंद्र जाकर कराने वाली प्रमुख सेवाएं: फोटो/बायोमेट्रिक, कई नाम परिवर्तन मामले, जन्मतिथि से जुड़े निर्धारित अपडेट, अन्य ऐसे अपडेट जिनके लिए physical verification/biometric capture जरूरी है। ध्यान रहे कि UIDAI की सेवाओं और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान निर्देश देखना सबसे सुरक्षित तरीका है। वस्तुतः आधार अपडेट अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। 2026 में नया Aadhaar App नागरिकों को मोबाइल नंबर और पता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने की सुविधा दे रहा है। साथ ही ई-मेल अपडेट के लिए 31 दिसंबर 2026 तक शुल्क माफ है और myAadhaar पर Document Update की मुफ्त सुविधा 14 जून 2027 तक जारी है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आधार की हर जानकारी घर बैठे बदली जा सकती है। नाम, जन्मतिथि, लिंग और biometric information जैसे मामलों में अभी भी निर्धारित केंद्र-आधारित प्रक्रिया लागू है। इसलिए “आधार में सब कुछ घर बैठे बदलें” के बजाय सही संदेश है—आधार की कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब घर बैठे अपडेट करें, लेकिन सभी नहीं। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
मंदसौर में एक महीने से लापता बेटे की तलाश में मोबाइल टावर पर चढ़ा पिता, आश्वासन के बाद उतरा
24 सितंबर, गुरुवार: मंदसौर के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा डांगी गांव में एक महीने से लापता 22 वर्षीय सुखदेव की तलाश को लेकर उसके पिता मोबाइल टावर पर चढ़ गए। करीब 2-3 घंटे बाद थाना प्रभारी की समझाइश और आश्वासन के बाद पिता सुरक्षित नीचे उतरे।
कालकाजी मंदिर से सटे आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है।
छोटे शहर के अनोखे आकर्षण और देसी ह्यूमर से दर्शकों का दिल जीतने वाली बहुचर्चित वेब सीरीज 'दुपहिया' (Dupahiya Season 2) अपने दूसरे सीजन के साथ वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। प्राइम वीडियो पर रिलीज हुए इसके धमाकेदार ट्रेलर ने एक बार फिर काल्पनिक गांव 'धड़कपुर' की अनोखी और गोलमटोल दुनिया में हलचल मचा दी है। कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त (Crime-Free) गांव माना जाने वाला धड़कपुर अब एक नई मुसीबत के मुहाने पर खड़ा है। इस बार गांव के पूर्व सरपंच बनवारी झा की बंजर जमीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर पूरे गांव में अफवाहों, अंधविश्वास, और भयंकर अफरा-तफरी का कारण बन जाता है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का ट्रेलर: धड़कपुर में क्या होता है? धड़कपुर कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त गाँव माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। 'दुपहिया' का ट्रेलर बनवारी और उसके परिवार की वापसी दिखाता है, जो एक बार फिर नई मुश्किलों में फँस गए हैं। इस बार, बनवारी की बंजर ज़मीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर अफ़वाहों, अंधविश्वास और अफ़रा-तफ़री का केंद्र बन जाता है। इस बीच, रोशनी अपने SSC एग्ज़ाम की तैयारी में व्यस्त है और अमावस उसके साथ है। एक के बाद एक आती मुश्किलों के बीच, बड़ा सवाल यह है कि क्या धड़कपुर हालात को काबू में रख पाएगा। नया सीज़न छोटे शहर के उस आकर्षण और अनोखे ह्यूमर को बनाए रखने का वादा करता है जिसने पहले सीज़न को लोकप्रिय बनाया था, साथ ही किरदारों को नई स्थितियों में ले जाता है। गजराज राव, रेणुका शहाणे और स्पर्श श्रीवास्तव ने 'दुपहिया' सीज़न 2 के बारे में बात की डायरेक्टर सोनम नायर ने कहा कि पहले सीज़न को मिले रिस्पॉन्स ने इसकी वापसी को और भी खास बना दिया है। उन्होंने कहा, 'दुपहिया' मेरे दिल के बहुत करीब है, और जब से हमने दर्शकों के सामने पहला सीज़न पेश किया है, तब से यह एक रोमांचक सफ़र रहा है। दर्शकों ने पहले सीज़न के लिए जो प्यार दिखाया है और इसके आस-पास जो फ़ैन-बेस बना है, वह बहुत उत्साह बढ़ाने वाला रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि दूसरे सीज़न को भी उतना ही उत्साह मिलेगा। प्राइम वीडियो ने हमेशा क्रिएटर्स और नई, असली और अनोखी कहानियाँ सुनाने के उनके जुनून का समर्थन किया है। इस कास्ट और क्रू के साथ दोबारा काम करना बहुत संतोषजनक रहा है, जिन्होंने इस बार सच में बेहतरीन काम किया है। बनवारी झा का किरदार निभाने वाले गजराज राव ने कहा कि शो की छोटे शहर वाली सेटिंग उन चीज़ों में से एक है जो इसे हर जगह के दर्शकों से जोड़ती है। “'दुपहिया' मेरे पसंदीदा प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है। इस सीरीज़ की खासियत यह है कि भले ही इसकी कहानी एक छोटे से, पारंपरिक गाँव में सेट है, लेकिन इसके किरदार, उनके रिश्ते और उनकी रोज़मर्रा की मुश्किलें हर किसी को अपनी-अपनी सी लगती हैं-चाहे आप किसी छोटे शहर में रहते हों, बड़े मेट्रो शहर में या भारत के बाहर। सीज़न 2 में और भी ज़्यादा उथल-पुथल और सरप्राइज़ देखने को मिलेंगे, और साथ ही वही अपनापन और मज़ा भी होगा जिससे दर्शक पहले सीज़न में जुड़ पाए थे। मुझे बेसब्री से इंतज़ार है कि 1 अक्टूबर को जब 'दुपहिया' का सीज़न 2 प्राइम वीडियो पर रिलीज़ होगा, तो सब लोग धड़कपुर वापस आएँगे,” उन्होंने कहा। पुष्पलता के रोल में वापसी कर रहीं रेणुका शहाणे ने भी सीरीज़ में लौटने के बारे में बात की। “पहले सीज़न का अनुभव बहुत शानदार रहा था, इसलिए पुष्पलता के तौर पर 'दुपहिया' में वापसी का मुझे बेसब्री से इंतज़ार था। इस सीरीज़ की जो बात मुझे पसंद है, वह यह है कि यह आम पलों में भी मज़ा ढूँढ लेती है और साथ ही किरदारों को ज़मीन से जुड़ा और असली बनाए रखती है। सीज़न 2 में नई चुनौतियाँ और दाँव-पेच देखने को मिलेंगे, लेकिन धड़कपुर की असली जान-वहाँ के लोग और उनका अनोखापन- वैसे ही बरकरार है।” भूगोल का रोल निभाने वाले स्पर्श श्रीवास्तव ने कहा कि नए सीज़न में उन्हें अपने किरदार के और भी कई पहलू जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा “भूगोल उन किरदारों से अलग है जो मैंने अब तक निभाए हैं। ऊपर से देखने पर वह सीधा-सादा लग सकता है, लेकिन उसमें उससे कहीं ज़्यादा गहराई है। उसका रोल निभाते हुए मुझे उन छोटी-छोटी बारीकियों और विरोधाभासों को खोजने में मज़ा आता है जो उसे अनप्रेडिक्टेबल बनाते हैं। नए सीज़न ने मुझे उन सीमाओं को और आगे ले जाने का मौका दिया, और यह मेरे करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा है।” 'दुपहिया' सीज़न 2 कब रिलीज़ हो रहा है? सोनम नायर द्वारा निर्देशित, 'दुपहिया' का दूसरा सीज़न वहीं से शुरू होता है जहाँ पहला चैप्टर खत्म हुआ था। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी ने बॉम्बे फिल्म कार्टेल एलएलपी के तहत इस सीरीज़ को बनाया और प्रोड्यूस किया है। अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग ने इस शो को बनाया और लिखा है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का प्रीमियर 1 अक्टूबर, 2026 को प्राइम वीडियो पर होगा। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi
Hidden Apps: क्या आपके बच्चों या पार्टनर ने आपके फ़ोन में ऐप्स छिपाए हैं? मिनटों में ऐसे करें सर्च
pc; security.org अपने मोबाइल फ़ोन पर किसी ऐप को छिपाना कई तरह से फ़ायदेमंद हो सकता है। इससे आप ज़रूरी और कुछ प्राइवेट ऐप्स को दूसरों की नज़रों से छिपा सकते हैं। हालाँकि, यह फ़ीचर काम का तो है, लेकिन कुछ मामलों में यह कई दिक्कतों को न्योता दे सकता है। अगर आप पेरेंट हैं, तो यह फ़ीचर आपके लिए सिरदर्द बन सकता है। क्योंकि अक्सर छोटे बच्चे इस फ़ीचर का इस्तेमाल करके अपने पेरेंट्स की जानकारी के बिना कुछ ऐप्स छिपा लेते हैं और उन्हें बिना पेरेंट्स की जानकारी के इस्तेमाल करते हैं। कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जो उनके लिए खतरनाक हो सकते हैं। अगर आपको शक है कि आपके बच्चे आपकी जानकारी के बिना कुछ छिपे हुए ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए यह पता लगाने में काम आ सकती है। इसके लिए दो तरीके इस्तेमाल किए जा सकते हैं… एक है ऐप स्टोर का इस्तेमाल करना और दूसरा है फ़ोन की सेटिंग्स का इस्तेमाल करना। आइए इसके बारे में स्टेप बाय स्टेप जानते हैं। Google Play Store पर जाएँ और ऑप्शन चुनें फ़ोन में छिपे हुए ऐप्स को खोजने का पहला तरीका है Google Play Store पर जाकर सर्च करना। अगर कोई ऐप ऐप ड्रॉअर या होम स्क्रीन से छिपा भी है, तो भी वह इस प्लैटफ़ॉर्म पर दिखेगा अगर उसे साइडलोड नहीं किया गया है। ऐसा करने के लिए, अपने Android स्मार्टफोन पर Google Play Store खोलें। ऊपर दाएं कोने में अपनी प्रोफ़ाइल पर क्लिक करें। उसके बाद, Manage apps and devices ऑप्शन पर क्लिक करें। फिर Manage टैब पर क्लिक करें। पक्का करें कि आपने सबसे ऊपर ‘Device’ चुना हो। iPhone के लिए यह तरीका इस्तेमाल करें अगर आपके पास iPhone है, तो आपका तरीका थोड़ा अलग होगा। इसके लिए, सबसे पहले App Store पर जाएं और स्क्रीन के दाईं ओर प्रोफ़ाइल फ़ोटो पर क्लिक करें। यहां, Your Apps ऑप्शन चुनें। यहां आपको अपने मोबाइल पर डाउनलोड किए गए सभी ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। लेकिन ध्यान रखें कि App Store पर, सिर्फ़ वही ऐप्स आपके फ़ोन पर अभी इंस्टॉल हैं जिनमें ‘Open’ बटन है। जिनमें ‘Download’ बटन है, उन्हें अनइंस्टॉल माना जाता है। सेटिंग्स में जाएं और ये स्टेप्स फ़ॉलो करें ऑफिशियल ऐप स्टोर के अलावा, अपने फ़ोन पर छिपे हुए ऐप्स ढूंढने का एक आसान तरीका सेटिंग्स में ऐप लिस्ट देखना है। यह आपको आपके डिवाइस पर अभी इंस्टॉल किए गए सभी ऐप्स दिखाएगा, यहां तक कि वे भी जो जानबूझकर छिपाए गए हैं। हालांकि, ये ऑप्शन स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं। अगर आपके पास Google Pixel या Motorola फ़ोन है, तो उसकी सेटिंग्स खोलें। यहां, Apps ऑप्शन पर जाएं और सबसे ऊपर See All ऑप्शन चुनें। अगर आपके पास Samsung फ़ोन है, तो सेटिंग्स में जाएं और Apps ऑप्शन चुनें और फिर फ़िल्टर आइकन पर क्लिक करके Installed by You जैसे ऑप्शन पर क्लिक करें। यहां आपको डाउनलोड किए गए ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। iOS पर, आपके छिपे हुए ऐप्स तुरंत ‘Apps’ पेज पर नहीं दिखेंगे। इसके बजाय, वे ‘Hidden Apps’ मेन्यू में छिपे रहते हैं। ये ऐप्स ‘App Library’ के अंदर ‘Hidden Apps’ फ़ोल्डर में भी मिल सकते हैं। हालांकि, इन ऐप्स को खोलने के लिए आपको Face ID या पासकोड की ज़रूरत होगी।
16 सितंबर, बुधवार: शिवपुरी के पिछोर क्षेत्र के गूगरी गांव में शराबबंदी की मांग को लेकर कुछ महिलाएं मोबाइल टॉवर पर चढ़ गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे नीचे उतर आईं।
हिंदी अब सिर्फ किताबों, अखबारों और दफ्तरों की भाषा नहीं रही।
बेगूसराय में राज्यरानी एक्सप्रेस में मोबाइल छिनतई, विरोध पर अधिवक्ता ट्रेन से गिरकर घायल
11 सितंबर, शुक्रवार, बेगूसराय: चकिया थाना क्षेत्र में राजेंद्र पुल के पास राज्यरानी एक्सप्रेस में बदमाश ने अधिवक्ता से मोबाइल झपटने की कोशिश की। विरोध के दौरान हाथापाई में दोनों ट्रेन से गिर गए। बदमाश 16 हजार का मोबाइल लेकर फरार हो गया और अधिवक्ता घायल हो गए।
सिंगरौली में पत्नी के लापता होने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, आश्वासन के बाद सुरक्षित उतरा
10 सितंबर, गुरुवार: सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र में पत्नी के लापता होने से परेशान 28 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई घंटे समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

