ई-टेलीमेडिसिन व मोबाइल पोषण वैन की प्रगति की डीसी ने की समीक्षा
सिटी रिपोर्टर | बोकारो गुरुवार को समाहरणालय स्थित कार्यालय कक्ष में उपायुक्त अजय नाथ झा की अध्यक्षता में ई-टेलीमेडिसिन एवं मोबाइल पोषण वैन कार्यक्रम की प्रगति का समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक में राज कुमारी फाउंडेशन की ओर से गोमिया एवं पेटरवार प्रखंडों में संचालित कार्यक्रमों की प्रगति की विस्तार से समीक्षा की गई। बताया गया कि गोमिया एवं पेटरवार प्रखंड के 27 आंगनबाड़ी केंद्रों के पोषक क्षेत्रों में मोबाइल पोषण एवं ई-टेलीमेडिसिन कार्यक्रम के माध्यम से स्वास्थ्य एवं पोषण सेवाएं पहुंचाई जा रही है। अब तक 828 बच्चों की पोषण जांच की गई है, जिनमें से कुछ बच्चों को गहन पोषण देखभाल (इंटेंसिव केयर पाथवे) से जोड़ा गया है। वहीं 653 लोगों को टेली-मेडिसिन के माध्यम से विशेषज्ञ चिकित्सकीय परामर्श उपलब्ध कराया गया। नियमित पोषण आहार, स्वास्थ्य परामर्श और सतत निगरानी के कारण अल्प अवधि में ही बच्चों के स्वास्थ्य एवं पोषण स्तर में उत्साहजनक सुधार दर्ज किया गया है। डीसी ने कहा कि कुपोषण के खिलाफ लड़ाई केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि समाज के भविष्य को सुरक्षित करने का अभियान है। उन्होंने नवजात शिशुओं की समुचित देखभाल, धात्री माताओं के स्वास्थ्य एवं पोषण तथा आंगनबाड़ी केंद्रों को और अधिक सक्षम बनाने पर विशेष बल दिया। उन्होंने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए पात्र लाभुकों तक योजनाओं का लाभ समयबद्ध रूप से पहुंचाने का निर्देश दिया। उपायुक्त ने कहा कि गंभीर रूप से कुपोषित बच्चों का समय पर उपचार अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अधिकारियों को व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाकर एमटीसी में उपलब्ध सुविधाओं की जानकारी लोगों तक पहुंचाने एवं केंद्रों के प्रति विश्वास बढ़ाने के निर्देश दिए। कहा कि बच्चों और महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य की कुंजी हमारे गांवों में उपलब्ध पारंपरिक एवं स्थानीय पौष्टिक खाद्य पदार्थों में ही निहित है। उन्होंने पैकेज्ड खाद्य पदार्थों के बजाए स्थानीय पोषक आहार को बढ़ावा देने तथा सामुदायिक सहभागिता के माध्यम से कुपोषण उन्मूलन अभियान को जनआंदोलन का स्वरूप देने पर जोर दिया। बैठक में डीडीसी शताब्दी मजूमदार, प्रशिक्षु आईएएस अरविंद राधाकृष्णन, सिविल सर्जन डॉ. एबी प्रसाद, डीएमओ रवि कुमार, समाज कल्याण पदाधिकारी डॉ. सुमन गुप्ता, एपीआरओ अविनाश कुमार सिंह आदि थे।
वाहन/परिवहन पोर्टल पर आधार ओटीपी के साथ मोबाइल ओटीपी का विकल्प मांगा
भास्कर न्यूज| लुधियाना वाहन/परिवहन पोर्टल पर वाहनों की ट्रांसफर प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और देरी को दूर करने के लिए स्कूटर बाजार एसोसिएशन के प्रधान दीपक अरोड़ा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ मनकवल सिंह चहल को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से वाहन ट्रांसफर नियमों को सरल और समयबद्ध बनाने की मांग की गई है। लुधियाना स्कूटर बाजार एसोसिएशन प्रधान दीपक अरोड़ा ,सिमरनजीत सिंह और लुधियाना ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर क्लब चेयरपर्सन परगट पाल सिंह, प्रधान जोधा सिंह, जनरल सेक्रेटरी जतिंदर पाल सिंह व कैशियर अमरजीत सिंह ने बताया कि वाहन ट्रांसफर के लिए केवल आधार ओटीपी अनिवार्य किए जाने से कई गंभीर समस्याएं आ रही हैं। कई मामलों में खरीदार/विक्रेता का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं होता, नंबर बंद हो चुका होता है या ओटीपी प्राप्त नहीं होता। इसके अलावा बैंक नीलामी, कोर्ट नीलामी और मृतक मालिकों के वाहनों के मामलों में भी आरसी ट्रांसफर अटक जाती है। आधार ओटीपी के साथ-साथ विक्रेता/खरीदार के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी से भी सत्यापन का विकल्प दिया जाए। हाइपोथिकेशन कैंसिलेशन और ट्रांसफर सेवाओं को अलग-अलग करने से प्रक्रिया में 2-3 महीने की देरी हो रही है। इन्हें पुराने वाहन सिस्टम की तरह दोबारा एक साथ किया जाए, ताकि 7-10 दिनों में परमिट व आरसी मिल सके। वाहन से जुड़ी हर ऑनलाइन सेवा के लिए 7 कार्य दिवसों की समय-सीमा तय की जाए। खरीदार की इलेक्ट्रॉनिक सहमति अनिवार्य रखी जाए, लेकिन केवल आधार ओटीपी को ही एकमात्र साधन न बनाया जाए। स्कूटर बाजार एसोसिएशन के प्रधान दीपक अरोड़ा और अन्य ट्रांसपोर्टर प्रतिनिधियों ने कहा कि एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो) वेरिफिकेशन, चेसिस/इंजन नंबर जांच और आरटीओ कार्यालय की सत्यापन प्रक्रिया पहले से ही सुरक्षा सुनिश्चित करती है। ऐसे में नियमों को व्यावहारिक बनाने से आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी। आरटीओ मनकवल सिंह चहल ने ज्ञापन प्राप्त कर मांगों को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाने और जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
प्रदेश में वन्यजीवों के आबादी क्षेत्रों में पहुंचने, घायल होने या रेस्क्यू की जरूरत पड़ने पर आम लोगों के लिए त्वरित सूचना व्यवस्था कई जिलों में कमजोर नजर आ रही है। वन विभाग की आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर की सूची के विश्लेषण में सामने आया है कि कई वन मंडलों में मोबाइल हेल्पलाइन उपलब्ध नहीं हैं। कुछ स्थानों पर केवल एक ही संपर्क नंबर के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है। ऐसे में आपात स्थिति में लोगों के लिए तुरंत सूचना देना चुनौती बन सकता है। अभी विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 1904 जारी कर रखा है, जिससे किसी घटना की सूचना तुरंत रेंजर, डीएफओ और सीसीएफ स्तर के अधिकारियों तक पहुंच जाती है। लेकिन, विभाग की साइट पर हर जिले के हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर रखे हैं। इसमें भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां अधिकारियों के तबादला और सेवानिवृत्त होने के बाद उनके नंबर हटाए नहीं गए हैं। यहां हालात बेहतर अजमेर-चित्तौड़-जालोर में रेंज स्तर के नंबर उपलब्ध लैंडलाइन पर संपर्क नहीं हो सके तो विकल्प ही नहीं सूची के अनुसार अलवर, भीलवाड़ा, झालावाड़, जोधपुर वाइल्डलाइफ तथा रणथंभौर क्षेत्र से जुड़े सवाई माधोपुर डिवीजन सहित कुछ वन मंडलों में आम जनता के लिए कोई मोबाइल हेल्पलाइन नंबर दर्ज नहीं है। वहीं, कुछ जिलों में केवल लैंडलाइन है। यदि किसी कारण से संपर्क नहीं हुआ तो वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। राजधानी जयपुर के मुख्य वन मंडल में भी केवल लैंडलाइन नंबर दर्ज है, जबकि चूरू और श्रीगंगानगर के मुख्यालय स्तर पर लैंडलाइन नहीं है। दूसरी ओर सरिस्का वन मंडल में केवल एक मोबाइल नंबर से संपर्क किया जा सकता है। हालांकि प्रदेश के कुछ जिलों ने अपेक्षाकृत बेहतर तैयारी भी दिखाई है। बांसवाड़ा, पाली, बीकानेर, दौसा और डूंगरपुर जैसे जिलों में लैंडलाइन के साथ कई वैकल्पिक मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं, ताकि किसी एक नंबर पर संपर्क नहीं होने की स्थिति में दूसरे नंबर से सूचना दी जा सके। लापरवाही...सेवानिवृत्त और ट्रांसफर हो चुके अधिकारियों के नंबर साइट पर पर्यटन और वन्यजीवों की दृष्टि से संवेदनशील उदयपुर जिले में वन विभाग के तीन अलग-अलग डिवीजन हैं। आधिकारिक सूची के अनुसार उदयपुर मुख्य वन मंडल और उदयपुर उत्तर वन मंडल में केवल एक-एक मोबाइल नंबर जारी किया गया है। दोनों डिवीजनों के पास लैंडलाइन नंबर भी उपलब्ध हैं। इसमें डीएफओ स्तर के अधिकारियों के नंबर जारी कर रखे हैं, जिससे सीधे उन तक मामले की जानकारी पहुंचाई जा सके। लेकिन, वन्यजीव डिवीजन में सबसे ज्यादा हालात खराब मिले हैं। वहीं, उदयपुर वाइल्डलाइफ डिवीजन में लैंडलाइन नंबर दर्ज नहीं है, हालांकि यहां बैकअप के रूप में चार मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। लेकिन यहां संपर्क करने पर अलग ही कहानी सामने आई। विभाग की ओर से एक नंबर ऐसे कर्मचारी का जारी कर रखा है, जो विभाग के पूर्व ड्राइवर रह चुके लाल सिंह का है। वे दो साल पहले ही रिटायर हो चुके हैं। दूसरे जारी किए गए नंबर 9950779554 पर संपर्क करने पर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके अलावा तीसरे नंबर 9950449445 पर संपर्क किया तो वनकर्मी हिम्मत सिंह बोले। उन्होंने बताया कि उनका तबादला अब वन्यजीव सीसीएफ कार्यालय में हो गया है। चौथे नंबर 9672824706 पर संपर्क किया तो वनकर्मी वर्षा ने बात की। उन्होंने बताया कि उनका तबादला जयसमंद में हो गया है। अभी साइट पर उनका नंबर बदला नहीं गया है। हालांकि उन्होंने कहा कि कोई भी वन्यजीव की घटना की जानकारी हो तो उन्हें बता सकते हैं।
गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर के पास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुरुवार शाम 4 बजे से जंतर-मंतर के आसपास आठ घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी
जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद
नई दिल्ली। कॉकरोच जनता पार्टी (सीजेपी) के धरना और विरोध-प्रदर्शन के बीच जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी गई हैं। सूत्रों ने बताया कि फिलहाल इंटरनेट सेवाएं गुरुवार रात 12 बजे तक के लिए बंद हैं। दूरसंचार सेवा प्रदाताओं द्वारा ग्राहकों को फोन पर भेजे जा रहे संदेश में लिखा है कि […] The post जंतर-मंतर के आसपास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं रात 12 बजे तक के लिए बंद appeared first on Sabguru News .
सीकर शहर में एसके कॉलेज के सामने की तरफ गली में बाइक सवार दो युवकों ने पैदल चल रही महिला का मोबाइल छीन लिया। इसके बाद दोनों भागे तो उनकी बाइक स्लिप हो गई। एक आरोपी वहीं गिर गया, जबकि दूसरा फरार हो गया। लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बाइक जब्त कर ली। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। महिला के चिल्लाने पर लोगों ने आरोपी को पकड़ा एसके हॉस्पिटल चौकी के हैड कॉन्स्टेबल राजेंद्र कुमार ने बताया- एसके कॉलेज के पास मैं शाम को ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि एक युवक मोबाइल छीनने के बाद गिर गया, जिसे लोगों ने पकड़ लिया है। ऐसे में मौके पर पहुंचा। जहां पता चला कि युवक और उसका साथी गली में एक महिला का मोबाइल छीन कर भाग रहे थे। ऐसे में उनकी बाइक स्लिप हो गई और दोनों गिर गए। एक युवक मौके से फरार हो गया। वहीं दूसरे आरोपी को गिरने के बाद वहां मौजूद लोगों ने महिला के चिल्लाने पर पकड़ लिया। ऐसे में आरोपी को पुलिस गाड़ी के जरिए थाने पर भिजवा दिया गया। मामले में महिला रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के निर्देश पर तालुका विधिक सेवा समिति, वल्लभनगर ने मोबाइल वैन के माध्यम से दो दिवसीय विधिक साक्षरता अभियान शुरू किया है। इस अभियान का शुभारंभ समिति के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रेम गढ़वाल ने मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर किया। यह अभियान 23 और 24 जुलाई 2026 तक संचालित होगा। इसके तहत मोबाइल वैन वल्लभनगर क्षेत्र के विभिन्न गांवों और छात्रों में पहुंचेगी। इसका उद्देश्य आमजन और छात्रों को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना तथा नागरिकों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देना है। अभियान के पहले दिन वल्लभनगर, भोपालपुरा, रणछोड़पुरा और भटेवर क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान तालुका सचिव विष्णु कान्त शर्मा ने राजकीय उच्च माध्यमिक छात्र भटेवर और राजकीय उच्च प्राथमिक छात्र रणछोड़पुरा में छात्रों को विधिक अधिकारों और योजनाओं की जानकारी दी। आमजन को भी निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत और अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के प्रति जागरूक किया गया।
कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र के बुधवारी बाईपास मार्ग स्थित वाहन स्टैंड की आड़ में चल रहे जुए के फड़ पर गुरुवार को पुलिस ने छापा मारकर 8 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 18 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और जुए में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस को सूचना मिली थी कि वाहन स्टैंड के पास कुछ लोग खुलेआम ताश के पत्तों से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस ने घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी पेशे से हैं ड्राइवर पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार सभी आरोपी पेशे से वाहन चालक हैं। पुलिस के अनुसार, ये लोग खाली समय में वाहन स्टैंड के पास इकट्ठा होकर जुआ खेलते थे। नकदी, मोबाइल और जुआ सामग्री बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 18 हजार रुपये नकद, कई मोबाइल फोन, ताश की गड्डी और अन्य जुआ सामग्री बरामद की। मौके पर शराब की खाली बोतलें और डिस्पोजल गिलास भी मिले हैं, जिससे वहां शराबखोरी होने की भी आशंका जताई जा रही है। जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई गिरफ्तार आरोपियों में मो. जलील आलम (34), मो. रहीम (26), साहिल अली (31), आनंद विश्वकर्मा (34), गजेंद्र साहू (38), अमीक अहमद (48), मोहम्मद आलम (32) और मो. साबीर (35) शामिल हैं। सभी के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। एएसपी ने कहा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुधवारी बाईपास स्थित वाहन स्टैंड में दबिश देकर 8 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
रायगढ़ जिले में युवती इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद साइबर ठगी का शिकार हो गई। आरोपी ने पहले उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया, फिर उसकी निजी फोटो और वीडियो लेकर वायरल करने की धमकी दी। डराकर उसने युवती से 13 हजार रुपए ले लिए। परेशान होकर युवती ने साइबर थाना में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। लैलूंगा थाना क्षेत्र की 23 साल की युवती ने 12 जून को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि करीब 6 साल पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले अविनाश उर्फ राजा से हुई थी। दोनों की बातचीत बढ़ी तो आरोपी ने भरोसा जीतकर युवती से निजी फोटो और वीडियो मंगवा लिए। कुछ समय बाद आरोपी ने युवती को एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा। युवती ने फाइल डाउनलोड कर दी और एक्सेस कोड भी बता दिया। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल से फोटो, वीडियो, निजी जानकारी और कॉन्टैक्ट नंबर अपने पास ले लिए। फोटो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे इसके बाद आरोपी ने युवती को फोटो और वीडियो सोशल मीडिया, उसके परिवार वालों को भेजने की धमकी दी। डर के कारण युवती ने आरोपी के पेटीएम खाते में अलग-अलग बार में 13 हजार रुपए भेज दिए। पैसे मिलने के बाद भी आरोपी उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहा। तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की जानकारी जुटाई गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम बिहार पहुंची और मुजफ्फरपुर के बेला थाना क्षेत्र से अविनाश चौधरी (20) को गिरफ्तार कर लिया। यूट्यूब देखकर सीखा था तरीका पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने यूट्यूब देखकर हैकिंग के तरीके सीखे थे और उसी का इस्तेमाल कर युवती को ब्लैकमेल किया। पुलिस ने आरोपी को रायगढ़ लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की सलाह एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें। किसी के कहने पर APK फाइल या संदिग्ध लिंक डाउनलोड न करें और अपनी निजी फोटो या जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अगर कोई ब्लैकमेल कर पैसे मांगे, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें। साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
तरनतारन की सेंट्रल जेल श्री गोइंदवाल साहिब एक बार फिर चर्चा में है। यहां जेल में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनमोल प्रीत सिंह को तलाशी के दौरान प्रतिबंधित सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पास से 997 लाल कैप्सूल, 2 मोबाइल फोन, भारतीय मुद्रा और चरस जैसा पदार्थ बरामद हुआ है। यह घटना दो दिन पहले की है। सेंट्रल जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट कुलजीत सिंह ने ड्यूटी पर तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनमोल प्रीत सिंह (निवासी गली नंबर 6, ज्योतिसर कॉलोनी, जंडियाला गुरु) की तलाशी शुरू की। डॉक्टर ने पहले अपने बैग की तलाशी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, टीम ने डॉक्टर के बैग और उनकी i20 कार की तलाशी ली। इसमें 997 लाल कैप्सूल, 1490 अन्य कैप्सूल, 2050 गोलियां, 2 मोबाइल, 2630 रुपए भारतीय करेंसी, 53 ग्राम चरस जैसा पदार्थ और एक i20 कार बरामद की गई। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि आरोपी डॉक्टर के खिलाफ श्री गोइंदवाल साहिब थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस एसएसपी लांबा ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से यह पता लगाया जाएगा कि वह कितने समय से जेल में ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित सामान ले जा रहा था। यह भी जानकारी मिली है कि गिरफ्तार डॉक्टर के परिवार के अन्य सदस्य भी पंजाब में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
डीग में 2 साइबर ठग गिरफ्तार:4 नाबालिग भी किए डिटेन, 6 मोबाइल और 6 सिम कार्ड जब्त
डीग में पुलिस ने 'ऑपरेशन एंटी वायरस' अभियान के तहत 2 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया है। साथ ही 4 किशोरों को भी डिटेन किया है। आरोपियों के कब्जे से 6 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 6 सिम कार्ड बरामद किए है। कामां थाना पुलिस ने राष्ट्रीय साइबर रिपोर्टिंग पोर्टल पर प्राप्त शिकायत के आधार पर कार्रवाई करते हुए 1 आरोपी और 1 किशोर को पकड़ा। इनके पास से 2 मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद हुए। महिलाओं के कपड़ों की फोटो भेजकर बनाते थे शिकारजांच में सामने आया कि ये आरोपी सोशल मीडिया के माध्यम से महिलाओं के कपड़ों की आकर्षक तस्वीरें और वीडियो भेजकर लोगों को होम डिलीवरी के नाम पर एडवांस राशि जमा कराकर ठगी करते थे। इस संबंध में विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच की जा रही है। इसी कड़ी में सीकरी थाना पुलिस ने भी कार्रवाई करते हुए एक साइबर ठग को गिरफ्तार किया और 3 किशोरों को निरुद्ध किया। इनके कब्जे से 4 एंड्रॉयड मोबाइल और 4 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए गए। झूठे विज्ञापन के जरिए लोगों को ठगते थेपुलिस जांच में पता चला कि ये आरोपी फर्जी सिम के जरिए व्हाट्सऐप, फेसबुक और मैसेंजर पर झूठे विज्ञापन डालकर लोगों से डिलीवरी चार्ज और एडवांस के नाम पर ठगी करते थे। इसके अलावा वे फर्जी सोशल मीडिया प्रोफाइल बनाकर आर्थिक सहायता दिलाने का झांसा देकर बैंक खातों की जानकारी हासिल कर धोखाधड़ी को अंजाम देते थे।
पूर्णिया के बनमनखी थाना क्षेत्र के नगर परिषद वार्ड संख्या 26 स्थित पूर्वी मंडल टोला में बुधवार को एक 30 वर्षीय महिला का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही बनमनखी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया है। मृतका की पहचान वार्ड संख्या 26 निवासी छोटू मल्लाह की 30 वर्षीय पत्नी फुलकुमारी देवी के रूप में हुई है। वह एक किराना दुकान चलाती थीं। बेटे ने बताई घटना से पहले की पूरी जानकारी मृतका के 10 वर्षीय पुत्र आकाश कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब नौ बजे उसके पिता से मोबाइल खरीदने को लेकर फोन पर बातचीत के दौरान विवाद हुआ था। उसकी मां बुधवार को ही बाजार से मोबाइल खरीदकर लाई थीं। आकाश के अनुसार, बाद में मां ने दुकान बंद कर आराम करने की बात कही और उसे थोड़ी देर बाद जगाने के लिए कहा। इसी दौरान मोबाइल दुकानदार पैसे लेने पहुंचा। मां को खोजने पर वह नहीं मिलीं। इसके बाद दादी के कमरे का दरवाजा खोलने पर मां फंदे से लटकी मिलीं। मृतका के भाई छोटू कुमार, जो अरबन्ना (बड़हरा कोठी थाना क्षेत्र) के निवासी हैं, ने बताया कि उनकी बहन की शादी करीब दस वर्ष पूर्व हुई थी। उन्हें दोपहर करीब 12 बजे बहनोई ने फोन कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि फुलकुमारी चार भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ी थीं। तीन महीने से पंजाब में मजदूरी कर रहा था पति मृतका के पति छोटू मल्लाह ने बताया कि वह पिछले तीन महीने से पंजाब में मजदूरी कर रहे हैं। उन्होंने सुबह अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत की थी। स्थानीय ग्रामीण दिनेश मल्लाह ने बताया कि बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां महिला को फंदे से लटका देखा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तीन बच्चों के साथ घर में अकेली रहती थीं महिला ग्रामीणों के अनुसार, मृतका के पति तीन माह पहले पंजाब गए थे, जबकि उनके सास-ससुर भी दो दिन पहले पंजाब चले गए थे। महिला अपने तीन बच्चों के साथ घर में रहकर एक छोटी दुकान चलाती थी। उनके तीन बच्चे हैं- 10 वर्षीय आकाश कुमार, 8 वर्षीय नंदिनी कुमारी और 6 वर्षीय अमरेश कुमार। इस संबंध में बनमनखी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। बच्चे के कथन के अनुसार महिला ने बच्चों को डांटकर बाहर भेज दिया था। बाद में जब बच्चा वापस लौटा तो उसने अपनी मां को फंदे से लटका पाया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया था तथा पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है।
जंतर-मंतर आंदोलन को देश-विदेश से मिल रहा समर्थन, फूड डिलीवरी ऐप्स के जरिए पहुंच रहा खाना
दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे CJP आंदोलन के लिए Swiggy और Zomato के जरिए देशभर के साथ विदेशों से भी भोजन भेजे जाने के दावे सामने आए हैं। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
ग्रेटर नोएडा में दो बदमाश गिरफ्तार:बाइक से मोबाइल लूटकर भाग जाते थे, 25 फोन बरामद
ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब 8 बजे मोबाइल फोन स्नैचिंग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 25 छीने गए मोबाइल फोन, फर्जी नंबर प्लेट लगी एक अपाचे मोटरसाइकिल और एक अवैध तमंचा बरामद किया है। गुरुवार सुबह पुलिस ने दोनों आरोपियों को ग्राम गुर्जरपुर रेलवे अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया। उनकी पहचान रबूपुरा के तीर्थली गांव निवासी फैजान पठान और बुलंदशहर के ककोड़ निवासी फरमान के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि नॉलेज पार्क क्षेत्र में पिछले कुछ समय से मोबाइल स्नैचिंग की लगातार घटनाएं हो रही थीं। वारदातों को अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाश अंजाम दे रहे थे। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध अपाचे बाइक पर सवार दोनों युवक दिखाई दिए। इसी आधार पर उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। महंगे मोबाइल सस्ते दाम में बेचते थे पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी तेज रफ्तार बाइक से राहगीरों के हाथ से मोबाइल फोन छीनकर फरार हो जाते थे। इसके बाद महंगे मोबाइल फोन कम कीमत पर बेच देते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी पुलिस अब दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और छीने गए मोबाइल फोन कहां बेचे जाते थे।
पूर्व एसएचओ नागरा को अमृतसर जेल भेजा, गैंगस्टर जग्गू के साथियों से चैटिंग वाला मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | जालंधर आप नेता बलविंदर सिंह मियाणी की हत्या से जुड़े रिश्वत कांड में नामजद टांडा के पूर्व एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को बुधवार को दसूहा कोर्ट में पेश किया गया। एक दिन का रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट ने और रिमांड नहीं दिया, जिसके बाद नागरा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पेशी से पहले, कोर्ट से सर्च वारंट लेकर एसपी (इन्वेस्टिगेशन) वनीत अहलावत ने अपनी टीम के साथ नागरा और उसके एक करीबी रिश्तेदार के घर पर सर्च अभियान चलाया। हालांकि, रात तक एसपी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी, जिससे आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सर्च में क्या-क्या बरामद हुआ है। रिमांड पेशी के दौरान दसूहा कोर्ट में दो डीएसपी रैंक के अधिकारी अंदरखाते नागरा की पैरवी करते नजर आए। उनकी पोस्टिंग काफी दूर है, लेकिन वे दोस्त की मदद व कानूनी राय देने वहां पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार, नागरा ने चरनजीत से जबरन वसूली के लिए उसके बेटे गुरप्रीत सिंह को हवा में ही केस में नामजद करने का डर दिखाया था। नागरा ने धमकी दी थी कि वह बेटे का जल्द वारंट लेकर उसे भगोड़ा घोषित करवा देगा और एलओसी भी जारी करवा देगा। डर के मारे चरनजीत पैसे देने को तैयार हो गया। पेमेंट मिलते ही नागरा ने चरनजीत को मैसेज किया- टेंशन न लें, बेटे को केस से निकाल दिया है। जबकि असलियत में नागरा ने गुरप्रीत को कभी नामजद किया ही नहीं था, केवल मीडिया और अपने सोर्स के जरिये यह डर फैलाया था। नागरा को मई में ही भनक लग गई थी कि मामला बिगड़ रहा है, इसलिए खुद को बचाने के लिए उसने बाद में चरनजीत को केस में नामजद कर दिया था। जांच अधिकारी की खामोशी पर सवाल इस पूरे घटनाक्रम में जांच अधिकारी की खामोशी बड़े सवाल खड़े कर रही है। रिमांड पेशी के दौरान नागरा ऐसे तैयार होकर आता था जैसे वह किसी फंक्शन में जा रहा हो। इससे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या नागरा को बचाने की कोई अंदरूनी कवायद चल रही है? सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका में बैठे गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के करीबी गुरलाल और चरनजीत से चैटिंग के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल पुलिस को मिल गया है। बताया जा रहा है कि यह मोबाइल नागरा के एक करीबी ने ही यह कहकर पुलिस को सौंपा है कि यह नागरा का पर्सनल फोन है। पुलिस जल्द ही इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी। गौरतलब है कि एफबीआई के खुलासे के बाद 8 जुलाई को टांडा के एसएचओ नागरा को लाइन हाजिर किया गया था और 10 दिन की जांच के बाद उन्हें जालंधर (लद्देवाली) के पंजाब एवेन्यू स्थित घर से कस्टडी में लिया गया था।
ग्रेटर नोएडा: मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश, दो बदमाश गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा में मोबाइल फोन स्नैचिंग की लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच थाना नॉलेज पार्क पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोबाइल स्नैचिंग करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है
मेरठ में साइबर अपराधियों ने एक पेपर मिल के प्रबंधक का मोबाइल APK फाइल के जरिए हैक कर 1.80 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली। साइबर ठगों ने मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर पेपर मिल के निदेशक के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किया और उसी के जरिए प्रबंधक को अलग-अलग खातों में भुगतान करने के निर्देश भेजते रहे। प्रबंधक ने निदेशक का संदेश समझकर चार दिनों में करीब 1.80 करोड़ रुपये चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। सोमवार को मामला तब खुला जब भुगतान का ब्यौरा सुनकर असली निदेशक हैरान रह गए। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी निवासी प्रज्ज्वल अग्रवाल ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी गंगोत्री पेपर मिल हरिद्वार जनपद के झबरेड़ा-नारसन क्षेत्र में संचालित है। मिल का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की न्यू मंडी, मुजफ्फरनगर शाखा में है, जिसका संचालन प्रबंधक संदीप गोयल करते हैं। 17 जुलाई को आई पहली APK फाइल पुलिस के अनुसार - 17 जुलाई को संदीप गोयल के व्हाट्सएप नंबर पर एक एपीके फाइल भेजी गई। फाइल खोलते ही उनका मोबाइल साइबर ठगों के नियंत्रण में चला गया। इसके बाद ठगों ने पेपर मिल के निदेशक नीरज अग्रवाल के नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार कर लिया। निदेशक बनकर भेजते रहे आदेशसाइबर ठगों ने फर्जी अकाउंट से संदीप गोयल को संदेश भेजकर विभिन्न बैंक खातों में भुगतान करने के निर्देश दिए। चूंकि पहले भी निदेशक नीरज अग्रवाल व्हाट्सएप के माध्यम से भुगतान संबंधी निर्देश देते रहे थे, इसलिए प्रबंधक को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। 17 जुलाई से 20 जुलाई के बीच उन्होंने चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 1.80 करोड़ रुपये बताए गए खातों में स्थानांतरित कर दिए। भुगतान की जानकारी देते ही खुला राजसोमवार को जब निदेशक नीरज अग्रवाल और प्रज्ज्वल अग्रवाल पेपर मिल पहुंचे तो संदीप गोयल ने उन्हें किए गए भुगतानों का पूरा विवरण दिया। यह सुनकर दोनों अधिकारी सन्न रह गए। उन्होंने ऐसे किसी भी भुगतान निर्देश को भेजने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई और बैंक खातों की डिटेल निकलवाई गई। साइबर पोर्टल पर शिकायत, मुकदमा दर्जघटना का पता चलते ही प्रबंधन ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय को मामले की जानकारी दी। एसएसपी के निर्देश पर साइबर क्राइम थाना मेरठ में प्रज्ज्वल अग्रवाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। खातों के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिशएसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि साइबर ठगी के इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उन्हें चिन्हित कर संबंधित खाताधारकों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन-किन खातों में आगे ट्रांसफर की गई और इस गिरोह में कौन-कौन शामिल है।
हनुमानगढ़ सेंट्रल जेल में कैदी से मोबाइल फोन बरामद
श्रीगंगानगर। राजस्थान में हनुमानगढ़ जंक्शन की सेंट्रल जेल में मोबाइल फोन सिम कार्ड और डाटा केबल मिलने का मामला सामने आया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार मंगलवार देर शाम को जेल में स्टाफ द्वारा तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान जेल की बैरिक नंबर 11 में एक बंदी की तलाशी में एक मोबाइल फोन, सिम […] The post हनुमानगढ़ सेंट्रल जेल में कैदी से मोबाइल फोन बरामद appeared first on Sabguru News .
अशोकनगर की एक मोबाइल दुकान में हुई चोरी का कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 80 हजार रुपए कीमत के चार चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि उससे अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा सके। पुलिस के अनुसार, शांतिनाथ मंदिर के पास रहने वाले सफल जैन ने 21 जुलाई को कोतवाली थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रात में दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात सूचना मिली कि दुकान का ताला तोड़कर चोरी कर ली गई है। चोर एक लावा मोबाइल, एक सैमसंग मोबाइल, दो आईफोन और गल्ले में रखे करीब पांच हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 80 हजार रुपए आंकी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। बीना रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा आरोपी जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन बीना क्षेत्र में मिली। इसके बाद पुलिस ने बीना रेलवे स्टेशन के पास से सेमरी टंकी, थाना पिपरई निवासी संदीप उर्फ संजीव यादव (19) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी हुए चारों मोबाइल बरामद कर जब्त कर लिए गए। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कहीं और भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
करनाल जिला के इंद्री क्षेत्र के गांव राजेपुर में एक मजदूर द्वारा चोरी करने का मामला सामने आया है। राजमिस्त्री के काम के लिए बुलाया गया व्यक्ति रात में घर पर ठहरा और सुबह होने से पहले ही मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी लेकर फरार हो गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को की है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव राजेपुर निवासी शिकायतकर्ता श्रीचंद ने इंद्री पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव के ही कृष्ण मलिक के यहां राजमिस्त्री का काम कर रहा था। 19 जुलाई को वह सूबे सिंह और पुनीत के साथ लाडवा लेबर चौक से एक मजदूर सुनील कुमार निवासी गांव नाचरोन को काम के लिए लेकर आया था। दिनभर काम करने के बाद उक्त मजदूर को अगले दिन भी काम पर लगना था, इसलिए उसे रात में अपने घर पर ही ठहरा लिया। रात में चोरी कर हुआ फरार पीड़ित के अनुसार, रात के समय मौका पाकर मजदूर सुनील कुमार कश्यप उसकी बाइक, मोबाइल फोन और जेब से 600 रुपए निकालकर फरार हो गया। सुबह उठने पर घटना का पता चला, जिसके बाद आसपास तलाश की गई लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले में थाना इंद्री में 21 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद किया जाएगा।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश ने इलेक्ट्रॉनिक्स और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धि हासिल करते हुए देश का सबसे बड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण केंद्र बनने की दिशा में मजबूत कदम बढ़ाया है। कभी ...
मुंगेर सदर अस्पताल में बुधवार को स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई। बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने वर्चुअल माध्यम से अत्याधुनिक पैथोलॉजी लैब का उद्घाटन किया। इस नई लैब में चरणबद्ध तरीके से 87 प्रकार की रक्त जांच की सुविधा उपलब्ध होगी और मरीजों को जांच रिपोर्ट मोबाइल पर भी प्राप्त होगी। वर्चुअल उद्घाटन के बाद सदर अस्पताल परिसर में सिविल सर्जन डॉ. राजू, उपाधीक्षक डॉ. रमन, नगर परिषद की मुख्य पार्षद कुमकुम देवी, जदयू जिलाध्यक्ष सौरभ निधि तथा डॉ. निरंजन, डॉ. प्रदीप और डॉ. नेहा ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर एवं फीता काटकर लैब का औपचारिक शुभारंभ किया। इसके बाद सभी अतिथियों ने नई लैब का निरीक्षण कर वहां स्थापित आधुनिक मशीनों और जांच प्रक्रिया की जानकारी ली। आधुनिक मशीनों से होगी जांच, मोबाइल पर मिलेगी रिपोर्ट सिविल सर्जन डॉ. राजू ने बताया कि मॉडल अस्पताल की इस लैब में रक्त जांच के लिए दो अत्याधुनिक मशीनें लगाई गई हैं। इन मशीनों के जरिए विभिन्न प्रकार के ब्लड सैंपल की जांच अब स्थानीय स्तर पर ही की जा सकेगी। उन्होंने कहा कि जांच रिपोर्ट उसी दिन मरीजों और उनके परिजनों को उपलब्ध करा दी जाएगी। साथ ही रिपोर्ट मोबाइल फोन पर भी भेजी जाएगी, जिससे मरीजों को बार-बार अस्पताल आने की जरूरत नहीं पड़ेगी। 45 से बढ़कर 87 प्रकार की होगी रक्त जांच डॉ. राजू ने बताया कि फिलहाल सदर अस्पताल में 45 प्रकार की रक्त जांच की सुविधा उपलब्ध है, जिसे चरणबद्ध तरीके से बढ़ाकर 87 प्रकार तक किया जाएगा। इस नई व्यवस्था से जिले के मरीजों को त्वरित और बेहतर जांच सुविधा मिल सकेगी। प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों के नमूनों की भी होगी जांच उन्होंने बताया कि अब प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों से लिए जाने वाले रक्त नमूनों की जांच भी इसी लैब में की जाएगी और रिपोर्ट संबंधित स्वास्थ्य केंद्रों को उसी दिन उपलब्ध करा दी जाएगी। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार सदर अस्पताल में बेहतर इलाज और मरीजों की सुविधा के लिए लगातार संसाधनों का विस्तार कर रही है। हाल ही में अस्पताल में चिकित्सकों की कमी दूर करने के लिए चार नए डॉक्टरों की भी तैनाती की गई है। हजारों मरीजों को मिलेगा लाभनई पैथोलॉजी लैब और आधुनिक जांच मशीनों के शुरू होने से जिले के हजारों मरीजों को गुणवत्तापूर्ण और समय पर जांच की सुविधा मिलेगी। इससे जांच के लिए दूसरे शहरों में जाने की आवश्यकता भी काफी हद तक कम हो जाएगी।
अमरोहा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने विभिन्न स्थानों से खोए और गुम हुए 192 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 38 लाख रुपये है। इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने बुधवार सुबह करीब ग्यारह बजे एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद की साइबर सेल टीम ने तकनीकी दक्षता का उपयोग करते हुए इन मोबाइलों को ट्रैक कर बरामद किया। यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के पुलिस के प्रयासों का हिस्सा है। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर मालिकों के चेहरे खिल उठे। कई लोगों ने अमरोहा पुलिस और साइबर सेल टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की सक्रियता के कारण उनका कीमती सामान वापस मिल सका। पुलिस अधीक्षक यादव ने बताया कि साइबर सेल गुम हुए मोबाइलों की ट्रैकिंग का अभियान लगातार चला रही है। उन्होंने जनता से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी ऑनलाइन ठगी या मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने की अपील की।
अलवर जिले के खेड़ली कस्बे में मंगलवार रात चोरों ने एक मोबाइल दुकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के मोबाइल चोरी कर लिए। वारदात कठूमर रोड स्थित कोमल मोबाइल दुकान में हुई। चोर दुकान का ताला तोड़कर और शटर की पत्तियां चौड़ी कर अंदर घुसे और काउंटर में रखे सभी मोबाइल समेटकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। लोगों ने ताले टूटे देखे-दुकानदार को दी सूचना जानकारी के अनुसार दुकान मालिक कोमल सिंह नरुका किसी काम से जयपुर गए हुए थे। दुकान पर कर्मचारी पवन और मनीष काम कर रहे थे। मंगलवार रात दुकान बंद होने के बाद चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। बुधवार सुबह राहगीरों ने दुकान का शटर खुला देखा तो इसकी सूचना दुकान मालिक को दी। सूचना मिलते ही दुकान मालिक मौके पर पहुंचे, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग भी वहां एकत्र हो गए। दुकान में रखे सारे मोबाइल ले गए चोर दुकान मालिक के अनुसार दुकान में कुल 29 मोबाइल रखे हुए थे, जिनमें 7 सेकेंड हैंड आईफोन और 22 एंड्रॉयड मोबाइल शामिल थे। इनमें 3 नए मोबाइल भी थे, जबकि आईफोन में दो iPhone 14 Pro और एक iPhone 13 Pro भी शामिल था। चोर दुकान में रखे सभी मोबाइल चोरी कर ले गए। घटना की सूचना पर थानाधिकारी विजय कुमार चंदेल पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, लेकिन दुकान मालिक के अनुसार रात को दुकान बंद करते समय कैमरे बंद कर दिए गए थे। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अज्ञात चोरों की तलाश में जुट गई है। (इनपुट;रोहित सिंघल)
अजमेर के दरगाह थाना क्षेत्र की मधुशाह गली में डीएसटी और दरगाह थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जुए-सट्टे के अड्डे का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 9x9 फीट के कमरे से 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से 62 हजार 150 रुपए नकद, 15 मोबाइल फोन और लाखों रुपए के हिसाब-किताब वाली 7 पर्चियों के बंडल जब्त किए गए। सभी 17 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस अब जब्त पर्चियों और मोबाइल फोन की जांच कर अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है। कमरे में भरे थे 27 लोग पुलिस के अनुसार कार्रवाई के समय कमरे में 27 लोग मौजूद थे। इनमें से जुआ खेल रहे 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया। डीएसटी प्रभारी शंकर सिंह रावत को सूचना मिली थी कि मधुशाह गली स्थित एक मकान में बड़ी संख्या में लोग हार-जीत का दांव लगाकर अवैध रूप से जुआ-सट्टा खेल रहे हैं। सुचना के सत्यापन के बाद शंकर सिंह रावत के नेतृत्व में डीएसटी और दरगाह थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस टीम को देखकर कुछ लोगों ने भागने का प्रयास किया, 17 आरोपियों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से 62,150 रुपए भी मिले तलाशी के दौरान पुलिस ने 62,150 रुपए नकद, 15 मोबाइल फोन और सट्टे के हिसाब-किताब की 7 पर्चियों के बंडल बरामद किए। प्रारंभिक जांच में इन पर्चियों में लाखों रुपए के लेन-देन का विवरण मिला है। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण करा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। ये आरोपी गिरफ्तारः गिरफ्तार आरोपियों में जितेंद्र पंजाबी, हाफिज, नासिर, शानू, शकील, सलीम, सईदुल रहमान, सलीम खान, मुकेश, शफीक, रहीस, पूर्णचंद, अब्दुल, याकूब, मुख्तार, हुसैन और नसरत शामिल हैं। पुलिस के अनुसार अधिकांश आरोपी दरगाह क्षेत्र, लौंगिया मोहल्ला, सिलावट मोहल्ला, नाला बाजार, न्यू मार्केट और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। जबकि रहीस मध्यप्रदेश के उज्जैन का रहने वाला है।
माइंडफुल ईटिंग अपनाएं, बिना मोबाइल और टीवी के भोजन करने से मिलेंगे कई फायदे
वजन नियंत्रित रखने में मिलती है मदद : स्क्रीन देखते हुए लोग अक्सर जरूरत से ज्यादा खा लेते हैं क्योंकि उनका ध्यान खाने की मात्रा पर नहीं रहता। बिना किसी व्यवधान के भोजन करने से शरीर की भूख और तृप्ति के संकेत आसानी से समझ आते हैं। इससे ओवरईटिंग की आदत कम होती है और वजन नियंत्रित रखने में सहायता मिलती है। मानसिक तनाव होता है कम : माइंडफुल ईटिंग केवल खाने की आदत नहीं, बल्कि एक तरह का मानसिक अभ्यास भी है। कुछ समय के लिए मोबाइल और अन्य डिजिटल उपकरणों से दूरी बनाकर शांत वातावरण में भोजन करने से मन को आराम मिलता है। इससे तनाव कम करने और मानसिक संतुलन बनाए रखने में भी मदद मिल सकती है। परिवार के साथ बढ़ता है जुड़ाव : अगर पूरा परिवार बिना टीवी और मोबाइल के साथ बैठकर भोजन करता है तो बातचीत का अवसर मिलता है। इससे रिश्तों में अपनापन बढ़ता है और परिवार के सदस्यों के बीच बेहतर संवाद स्थापित होता है। बच्चों में भी अच्छी खानपान की आदतें विकसित होती हैं। छोटी आदत, बड़ा असर : माइंडफुल ईटिंग अपनाने के लिए किसी विशेष तैयारी की जरूरत नहीं होती। बस भोजन के समय मोबाइल को दूर रखें, टीवी बंद करें और हर निवाले का स्वाद महसूस करते हुए धीरे-धीरे खाएं। यह छोटी-सी आदत न केवल शरीर को बेहतर पोषण देती है, बल्कि मन को भी शांति और संतुष्टि का अनुभव कराती है। नियमित रूप से ऐसा करने पर स्वास्थ्य, पाचन और जीवनशैली में सकारात्मक बदलाव महसूस किए जा सकते हैं। भास्कर न्यूज। लुधियाना आज की भागदौड़ भरी जिंदगी में ज्यादातर लोग खाना खाते समय मोबाइल स्क्रॉल करते हैं, टीवी देखते हैं या लैपटॉप पर काम करते रहते हैं। ऐसे में भोजन केवल एक आदत बनकर रह जाता है और हम यह भी महसूस नहीं कर पाते कि कितना और क्या खा रहे हैं। इसी समस्या को दूर करने के लिए इन दिनों माइंडफुल ईटिंग का ट्रेंड तेजी से लोकप्रिय हो रहा है। इसका मतलब है कि भोजन करते समय पूरा ध्यान केवल खाने पर देना, बिना किसी डिजिटल स्क्रीन या अन्य व्यवधान के। विशेषज्ञों का मानना है कि यह आदत न केवल पाचन तंत्र को बेहतर बनाती है, बल्कि वजन नियंत्रित रखने, तनाव कम करने और भोजन का वास्तविक स्वाद महसूस करने में भी मदद करती है। छोटी-सी यह आदत लंबे समय में स्वास्थ्य पर सकारात्मक असर छोड़ सकती है। भोजन का स्वाद और संतुष्टि बढ़ती है : जब आप बिना मोबाइल या टीवी के खाना खाते हैं तो हर निवाले का स्वाद, खुशबू और बनावट महसूस कर पाते हैं। इससे भोजन का आनंद बढ़ता है और दिमाग को समय पर यह संकेत मिल जाता है कि पेट भर चुका है। इससे जरूरत से ज्यादा खाने की संभावना कम हो जाती है। {पाचन तंत्र रहता है बेहतर : जल्दी-जल्दी या ध्यान भटकाकर खाना खाने से भोजन ठीक तरह से चबाया नहीं जाता। माइंडफुल ईटिंग के दौरान व्यक्ति आराम से और अच्छी तरह चबाकर भोजन करता है, जिससे पाचन आसान होता है। गैस, अपच और पेट भारी रहने जैसी समस्याओं का खतरा भी कम हो सकता है।
सीकर में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण प्रकरण के विशिष्ट जज अशोक सैन ने लॉ के छात्र को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। LLB कर रहे छात्र पवन को आरोपी नमक एडवोकेट सुनील गैस पेपर के रुपए नहीं देने पर मारने की धमकियां दे रहा था। पवन ने परेशान होकर सुसाइड नोट लिखकर पानी की होद में कूदकर सुसाइड कर लिया था। कोर्ट ने फैसले में इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस (मोबाइल की ऑडियो रिकॉर्डिंग ) और मृतक के सुसाइड नोट को अहम सबूत माना है। प्रोसिक्यूशन असिस्टेंट डायरेक्टर रामलाल सैनी ने बताया- परिवादी मोहनलाल ने सीकर के उद्योग नगर थाना में मामला दर्ज करवाया था। परिवादी ने बताया कि उसका भांजा पवन कुमार सीकर शहर में रहकर L.L.B. कर रहा था। वह राधाकिशनपुरा में फाटक संख्या-2 में एक मकान में किराए पर रहता था। एक दिन भांजे पवन ने छोटे भाई रमेश कुमार को मोबाइल पर बताया कि सुनील कुमार उर्फ जेंटर पुत्र दुलीचंद निवासी वार्ड 6 सादुलशहर श्रीगंगानगर वाले ने उसे बहुत टॉर्चर किया और उसे मारने की धमकी दी कि वह 16 तारीख को एग्जाम देने जाएगा तो उसे मार देगा। सुनील श्रीगंगागर उसे बार-बार धमकी दे रहा है कि उसकी लाइफ बर्बाद कर देगा। उसकी मौत का जिम्मेदार सुनील कुमार श्रीगंगानगर वाला है। कमरे में सुसाइड नोट-मोबाइल में ऑडियो क्लिप मिली परिवादी मोहनलाल ने बताया- मेरे भांजे पवन कुमार को अभियुक्त सुनील कुमार उर्फ जेंटर ने बिना वजह तंग और परेशान किया है। इसके कारण उसे सुसाइड करने को मजबूर होना पड़ा। जब वह उद्योग नगर थाना पुलिस के साथ भांजे के किराए के मकान में पहुंचा तो पानी के होद के बाहर चप्पल पड़ी थी। पानी के अंदर देखा तो भांजा पवन कुमार मृत अवस्था में पाया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्र पवन के कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला था। वहीं मृतक ने अभियुक्त सुनील की धमकी देने की ऑडियो क्लिप भी रिकॉर्ड कर रखी थी। पुलिस और वकील की ओर से 16 गवाह पेश किए और 41 डॉक्यूमेंट्स एविडेंस के रूप में कोर्ट के सामने पेश किए। आरोपी पर 5000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
गेस्ट हाउस में जुआ खेलते सात गिरफ्तार:एक लाख कैश, स्विफ्ट डिजायर कार और 8 मोबाइल भी जब्त; मालिक फरार
उनियारा थाना पुलिस और डीएसटी टीम ने मंगलवार को 7 लोगों को जुआ खेलते हुए एक गेस्ट हाउस से गिरफ्तार किया है। उनके पास से पुलिस ने 1 लाख 12 हजार 700 रुपए, एक स्विफ्ट डिजायर कार, एक बाइक और 8 मोबाइल जब्त किए हैं। यह कार्रवाई एसपी रोशन मीणा के निर्देशानुसार, एएसपी रतनलाल भार्गव और उनियारा डीएसपी अशोक कुमार के निर्देशन में उनियारा के सवाई माधोपुर रोड स्थित लग्जरी गेस्ट हाउस में की गई। डीएसटी और उनियारा थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गेस्ट हाउस में ताश के पत्तों से रुपए का दांव लगाकर जुआ खेलते हुए सात लोगों को गिरफ्तार किया। हालांकि, इस दौरान भनक लगते ही गेस्ट हाउस संचालक दीपक उर्फ सत्यनारायण साहू निवासी वार्ड नंबर-6, उनियारा मौके से फरार हो गया। इन्हें किया गिरफ्तारपुलिस ने आरोपी मनराज गुर्जर (30) निवासी महवा, थाना अलीगढ़, जिला टोंक, ओमप्रकाश मीणा (40) निवासी सहादतनगर, थाना अलीगढ़, राकेश प्रजापत (35) निवासी सोप, थाना सोप, जिला टोंक, चेतराम मीणा (34) निवासी बेलनगंज, थाना इंद्रगढ़, जिला बूंदी, फिरोज (30) निवासी सोप, जिला टोंक, राजेंद्र माली (40) निवासी अलीगढ़ और राधेश्याम माली (40) निवासी अलीगढ़, थाना अलीगढ़, जिला टोंक को गिरफ्तार किया है।
संगरूर जिले के थाना लेहरा पुलिस ने गांव रामगढ़ संधूआं के रहने वाले 19 वर्षीय युवक हरमनदीप सिंह की हत्या की गुत्थी को सुलझाने का दावा किया है। पुलिस ने इस सनसनीखेज मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के खिलाफ हत्या और चोरी (लूट) की संगीन धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया है। हरमनदीप के पिता बलकार सिंह ने 15 जुलाई को पुलिस में अपने बेटे की गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि हरमनदीप 5 जुलाई से रहस्यमयी परिस्थितियों में लापता था। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने तीन संदिग्धों को हिरासत में लेकर जब गहन पूछताछ की, तो उन्होंने हरमनदीप की हत्या करने की बात कबूल कर ली।आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने खाई बस्ती के पास एक खेत में पेड़ के नीचे छिपाया गया हरमनदीप का शव बरामद किया। शव काफी सड़ी-गली हालत में था, जिसकी पहचान परिजनों ने कपड़ों के आधार पर की। लूटपाट के इरादे से की गई थी हत्या गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खाई बस्ती (लेहरा) निवासी सोनू, मंगू कुमार और लखन के रूप में हुई है। प्रारंभिक पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपियों ने पहले हरमनदीप से 2,000 रुपये नकद और उसका मोबाइल फोन लूटा। इसके बाद पहचान उजागर होने के डर से उन्होंने उसकी बेरहमी से हत्या कर दी और शव को खेत में छिपा दिया। एक दिन के पुलिस रिमांड पर आरोपी, जांच जारी थाना प्रभारी इंस्पेक्टर 5 जुलाई से लापता था युवक, खेत से मिला सड़ा-गला शव ने बताया कि पुलिस ने फॉरेंसिक विशेषज्ञों की निगरानी में शव का पोस्टमार्टम करवाया है, ताकि मौत के सही कारणों का पता चल सके। अदालत ने तीनों आरोपियों को एक दिन के पुलिस रिमांड पर भेज दिया है। पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से आगे की पूछताछ की जा रही है ताकि मामले से जुड़े अन्य पहलुओं को सामने लाया जा सके।
पूर्णिया में एक महिला की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। मृतका की पहचान सुलेखा देवी के रूप में हुई है, जो बनमनखी रेलवे स्टेशन से पूर्णिया जा रही थीं। मृतका के बेटे पंकज कुमार ने आशंका जताई है कि यह हादसा ट्रेन में मोबाइल झपटमारी (स्नैचिंग) के दौरान हुआ होगा। घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) मामले की जांच में जुट गई है। बनमनखी थाना और पूर्णिया पुलिस की ओर से परिजनों को फोन कर घटना की सूचना दी गई। पुलिस ने बताया कि उनकी मां एक हादसे का शिकार हो गई हैं।हालांकि, शुरुआत में परिवार को इस खबर पर यकीन नहीं हुआ। लेकिन जब वे पूर्णिया पहुंचे, तो उन्होंने महिला का शव ट्रेन से कटा हुआ पाया। बेटा बोला- रेल से ऐसे गिरना स्वभाविक नहीं मीडियाकर्मियों से बात करते हुए पंकज कुमार ने बताया कि उनकी मां के साथ ट्रेन में मोबाइल झपटमारी की घटना हुई होगी । इसने आशंका जताते हुए कहा कि रेल से ऐसे ही गिरना स्वाभाविक नहीं है ।परिजनों का मानना है कि चलती ट्रेन में किसी बदमाश की ओर से मोबाइल छीनने की कोशिश की गई होगी, जिसका विरोध करने या हड़बड़ाहट के कारण महिला ट्रेन से नीचे गिर गईं और चपेट में आ गईं। घटनास्थल पर मौजूद रेल पुलिस कर्मियों ने पंकज को सुलेखा देवी का मोबाइल फोन सौंपते हुए बताया कि यह फोन ट्रैक के पास पड़ा मिला था।घटना के बाद पुलिस और रेलवे पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी है। परिजनों ने रेल परिसर और चलती ट्रेनों में यात्रियों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाए हैं और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है।
जयपुर में RTO दस्ते के मारपीट कर ट्रक ऑनर का सिर फोड़ने का मामला सामने आया है। ट्रक ओवर लोड की बताकर 50 हजार रुपए का चालान भरने को लेकर कहासुनी हुई थी। मोबाइल पर वीडियो बनाने पर गुस्साएं आरटीओ कर्मियों ने डंडा निकालकर मारपीट की। SMS हॉस्पिटल में घायल ट्रक ऑनर का इलाज करवाया गया। पीड़ित के बेटे ने कानोता थाने में सोमवार शाम मामला दर्ज करवाया है। SI सुभाष ने बताया- बूंदी के करवर गांव निवासी बबलू (20) ने कानोता थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। वह अपने पापा कालूराम व परिवार मेंबर के साथ ट्रक में खिलौने भरकर झारखण्ड बेचने के लिए निकले थे। रविवार रात करीब 10:30 बजे हिंगोनिया टोल क्रॉस किया। आरोप है कि करीब 1 KM जाने के बाद पीछे से सफेद कलर की बोलेरो आई। ट्रक के आगे बोलेरो गाड़ी लगवाकर रुकवा लिया। RTO की बोलेरो में चार पुलिसकर्मी मौजूद थे। ट्रक को ओवर लोड बताकर 50 हजार रुपए के चालान भरने का दबाव बनाने लगे। गरीब होने की कहकर 2 हजार रुपए देने की कहने पर वह नहीं माने। इस दौरान उनका वीडियो बनाने पर गुस्साएं पुलिसकर्मियों ने गाड़ी में से डंडा निकाल लिया। डंडे से मोबाइल तोड़ने के साथ ही मारपीट करने लगे। डंडे की पिता कालूराम के सिर पर लगने पर खून बहने लगा। खून से लथपथ हालत में देखकर बोलेरो में बैठकर RTO दस्ता भाग निकला। घायल हालत में पिता कालूराम का SMS हॉस्पिटल में इलाज करवाया गया। इस दौरान कालूराम के बेटे के हाथ में भी चोट आई। हॉस्पिटल से छुट्टी मिलने पर कानोता थाने में FIR दर्ज करवाई गई।
मऊगंज जिले की शाहपुर थाना पुलिस ने दो अलग-अलग नकबजनी के मामलों का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 55 हजार रुपए कीमत के सोने के जेवर और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। तीनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। दो मामलों में तीन आरोपी गिरफ्तार पुलिस अधीक्षक सुरेंद्र कुमार जैन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शशिकांत सरयाम और एसडीओपी सची पाठक के निर्देशन में थाना प्रभारी ऋषि कुमार द्विवेदी के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। थाना प्रभारी ने बताया कि 18 और 19 जुलाई को दर्ज दो अलग-अलग नकबजनी के मामलों की जांच के दौरान आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। अपराध क्रमांक 263/2026 में पुलिस ने भैसहाई निवासी पवन साकेत (20) को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से करीब 25 हजार रुपए कीमत की सोने की लॉकेट और अंगूठी बरामद की गई। वहीं, अपराध क्रमांक 264/2026 में राजधर द्विवेदी उर्फ मोनू (24) निवासी धौसड़ और प्रदुम्म कुमार रावत उर्फ संजय कोल (24) निवासी तेंदुआ बेलान को गिरफ्तार किया गया। इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कीमत करीब 30 हजार रुपए बताई गई है। अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ पुलिस के अनुसार, आरोपियों से पूछताछ की जा रही है ताकि क्षेत्र में हुई अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी जानकारी जुटाई जा सके। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई जारी है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी ऋषि कुमार द्विवेदी के साथ प्रधान आरक्षक जय प्रकाश रावत, सुमित कुमार सिंह, कमलेश कुमार, अभिषेक मिश्रा तथा आरक्षक निलेश तिवारी, अतुल सिंह परिहार और विनीत कुमार पाण्डेय की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
करनाल में सिटी थाना से महज 200 मीटर की दूरी पर मेन बाजार स्थित एक मोबाइल रिपेयरिंग दुकान पर सोमवार रात 3-4 बदमाशों ने लाठी-डंडों और धारदार हथियारों से हमला कर दिया। बदमाशों की किसी युवक से कहासुनी हुई थी। बदमाशों ने उस पर हमला बोल दिया और वह जान बचाने के लिए मोबाइल शॉप में घुस गया। वहीं पर बदमाशों ने उस पर हमला कर दिया। युवक को दो चाकू भी लगे है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। हथियार लहराते पहुंचे, दुकान में घुसकर हमला जानकारी के अनुसार सोमवार रात मेन बाजार में 3-4 युवक हाथों में तलवार, लाठी-डंडे और चाकू लेकर मोबाइल रिपेयरिंग शॉप के पास पहुंचे। उन्होंने वहां मौजूद एक युवक पर अचानक हमला कर दिया। जान बचाने के लिए युवक दुकान के अंदर घुस गया, लेकिन बदमाश उसके पीछे अंदर पहुंच गए। आरोपियों ने दुकान के अंदर जमकर तोड़फोड़ की और युवक पर चाकू से वार किए। हमलावरों ने अपने चेहरे ढक रखे थे। हमले के बाद बदमाश मौके से फरार हो गए। घायल युवक भी मौके से भाग गया। उसको भी चाकू लगे थे। वह अपनी बाइक भी मौके पर छोड़कर फरार हो गया है। सीसीटीवी में कैद, दो के पास तलवारें स्थानीय निवासियों के अनुसार पूरी घटना पास में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। फुटेज में बदमाश हथियारों के साथ भागते हुए नजर आ रहे हैं, जिनमें से दो के पास तलवारें थीं। हमले में घायल युवक को दो चाकू लगे हैं, हालांकि उसकी पहचान और हमले के कारणों का अभी तक पता नहीं चल पाया है। डायल 112 पर कॉल, देरी से पहुंची पुलिस मोबाइल शॉप के दुकानदार ने बताया कि घटना के दौरान डायल 112 पर कॉल की गई, लेकिन पुलिस समय पर नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि थाना नजदीक होने के बावजूद सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो रहे हैं। दुकानदार के अनुसार उनकी दुकान को काफी नुकसान हुआ है और इसकी शिकायत पुलिस को दे दी गई है। मामले की जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द ही उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
महिलाओं के उत्पादों की प्रदर्शनी, कंप्यूटर- मोबाइल प्रशिक्षण शुरू
सुलभ इंटरनेशनल की ओर से संचालित नई दिशा कार्यक्रम के तहत सोमवार को वाल्मिकी समाज की महिलाओं के बनाए उत्पादों की प्रदर्शनी और मेले का आयोजन हुआ। मेले के साथ महिलाओं को कंप्यूटर की बेसिक शिक्षा और मोबाइल संचालन का प्रशिक्षण भी शुरू किया गया। सुलभ इंटरनेशनल की कार्यकारी संयोजक नित्या पाठक ने कहा कि नई दिशा केवल मेला नहीं है। यह महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान, आर्थिक सशक्तिकरण का राष्ट्रीय अभियान है। उद्देश्य कौशल विकास कराना है। रोजगार के अवसर देना है। स्वरोजगार के लिए तैयार करना है। महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाना है। गरिमापूर्ण जीवन की मुख्यधारा से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि इस पहल का विस्तार देश के हर जिले और गांव तक किया जाएगा। ज्यादा से ज्यादा महिलाएं प्रशिक्षण लें। आर्थिक रूप से सशक्त बनें। पाठक ने बताया कि जनवरी 2026 में अलवर में हुए पहले नई दिशा मेले की सफलता से यह साबित हुआ। अवसर मिले। प्रशिक्षण मिले। महिलाएं अपना जीवन बदलती हैं। समाज में सकारात्मक बदलाव की मिसाल बनती हैं। उन्होंने कहा कि नई दिशा केंद्रों पर ब्यूटी पार्लर, सिलाई-कढ़ाई, पापड़-अचार निर्माण, साड़ियों से झोले बनाने जैसे रोजगारपरक प्रशिक्षण दिए जा रहे हैं। पद्मश्री उषा चोमर का उदाहरण देते हुए उन्होंने कहा कि सही अवसर मिले। सहयोग मिले। महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयों तक पहुंच सकती हैं। नित्या पाठक ने कहा कि सुलभ इंटरनेशनल ने देशभर में करीब दो लाख महिलाओं को मैला ढोने जैसी अमानवीय प्रथा से मुक्ति दिलाई है। उन्हें सम्मानजनक जीवन दिया है। रोजगार उपलब्ध कराया है। उन्होंने बताया कि इसकी शुरुआत बिहार से हुई। संस्थापक डॉ. विंदेश्वर पाठक के जरिए 2003 में शुरू नई दिशा आज महिलाओं के जीवन में बदलाव का प्रभावी माध्यम बन चुकी है।
धुर्वा स्थित ऐतिहासिक जगन्नाथपुर मेला में श्रद्धालुओं के बीच चोर गैंग भी घुस आए हैं। मेले में शातिर नाबालिग चोरों का एक गैंग सक्रिय है, जो भीड़ का पूरा फायदा उठा रहा है। ये गैंग कभी किसी के जेब से मोबाइल खींच ले रहा है तो कहीं युवतियों और महिलाओं का पर्स ब्लेड से काटकर पैसा निकाल ले रहा है। हद तो यह है कि चोर लगातार घटना का अंजाम दे रहा है और पुलिस एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पा रही है। चोरों ने एक के बाद एक मोबाइल और पर्स चोरी की कई घटनाओं को अंजाम देकर सुरक्षा दावों की पोल खोल दी है। आंकड़ों पर गौर करें तो पिछले 5 दिनों में ही मेले से 38 मोबाइल चोरी हो चुके हैं। हालांकि कई पीड़ितों ने थाने में शिकायत तक दर्ज नहीं कराई है। मेले में सुरक्षा व्यवस्था के लिए बकायदा पुलिस कंट्रोल रूम बनाया गया है। लेकिन वहां तैनात पुलिसकर्मी चोरों को पकड़ने के बजाय सिर्फ पीड़ितों से चोरी का आवेदन जमा करने में जुटे हैं। चोर आसानी से भीड़ में घुसकर जेब से मोबाइल उड़ा रहे हैं। चोर लगातार वारदातों को अंजाम दे रहे हैं और पुलिस अब तक एक भी आरोपी को गिरफ्तार नहीं कर पाई है। लोकल गैंग के अलावा संगठित गिरोह भी मेला में सक्रिय, ट्रेनिंग लेकर चोरी करने पहुंचा है पुलिस जांच में जानकारी मिली है कि लोकल गैंग के अलावा बाहर से आया संगठित चोर गिरोह भी चोरी को अंजाम दे रहा है। बच्चा चोर गिरोह के सदस्यों को मेला में भीड़ का फायदा उठाकर कैसे चोरी की घटना का अंजाम देना है, इसकी ट्रेनिंग भी उसे दी गई है। पुलिस जांच में इस बात की भी जानकारी मिली है कि बच्चा चोर को पकड़े जाने के बाद कोर्ट से छुड़वाने तक की जिम्मेवारी भी गिरोह का सरगना पहले ही ले चुका है। पुलिस का नेटवर्क पूरी तरह फेल, टेक्निकल टीम के सहारे आरोपियों को ढूंढने में जुटी पुलिस धुर्वा व जगन्नाथपुर पुलिस का नेटवर्क पूरी तरह से फेल हो चुका है। मेला में पहुंचने वाले चोर के बारे में कहीं से कोई जानकारी नहीं मिल पा रही है। सुरक्षा के नाम पर सीसीटीवी कैमरे के अलावा विभिन्न जगहों पर जवानों को भी तैनात किया गया है। इसके बाद भी चोर प्रतिदिन मोबाइल आैर पर्स की चोरी कर फरार हो जा रहा है। ऐसे में अब टेक्निकल टीम के भरोसे ही पुलिस अनुंसधान करते हुए चोर तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। समझें चोर की मेथेडोलॉजी... ऐसे घटना को अंजाम दे रहे 1. फिक्स टारगेट : गैंग का एक सदस्य भीड़ में पहले किसी महिला या बुजुर्ग पर टारगेट फिक्स करता है जिसका मोबाइल चोरी करना होता है। 2. सक्रिए सदस्य की इंट्री : गिरोह का 2 या 3 सदस्य फिक्स टारगेट के बलग में पहुंचता है आैर सामान्य आदमी बनकर आगे-पीछे चलना शुरू करता है ताकि पीड़ित को किसी प्रकार का शक ना हो। 3. ध्यान भटकाना : जहां कहीं अत्यधिक भीड़ होती है, एक सदस्य तेजी से टारगेट व्यक्ति के पास पहुंचकर अलग-अलग तरिके से ध्यान भटकाता है। 4. मोबाइल व पैसा गायब : चंद सेकेंड के लिए ध्यान भटकते ही अगल-बगल मौजूद गिरोह का सदस्य या तो पर्स व जेब में ब्लेड मारकर पैसे की निकासी कर लेता है या फिर मोबाइल चोरी कर फरार हो जाता है। 5. चोरी के सामान का ट्रांसफर : चोर तेजी से आगे बढ़ते हुए तुरंत दूसरे सदस्यों को चोरी किया या पैसा या मोबाइल सौंप देता है। कुछ ही सेकेंड में पैसा आैर मोबाइल काफी दूर चला जाता है। 6. लोकेशन चेंज : चोर तुरंत घटना का अंजाम देने के बाद अपना लोकेशन बदल देता है। पीड़ित को जबतक चोरी की जानकारी होती है, चोर आैर सामान वहां से काफी दूर जा चुका होता है। यही वजह है कि एक भी चोर गिरफ्तार नहीं हो पा रहा है।
पटना में 17 साल की लड़की सौम्या भारती रविवार शाम से लापता है। वो रामकृष्णा नगर की रहने वाली है। कोतवाली थाना इलाके के हरि निवास क्षेत्र से वो लापता हुई है। सौम्या को गायब हुए अब करीब 30 घंटे हो गए हैं। परिजन अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। घटना के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने अपहरण की आशंका जताई थी। वहीं, इस मामले में पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। सौम्या ने रघुनाथ बालिका उच्च विद्यालय से 10वीं की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद वो अपने खर्च के लिए हरि निवास इलाके में स्थित एक मोबाइल दुकान पर काम कर रही थी। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… मां बोली- घर से मोबाइल शॉप के लिए गई थी सौम्या की मां दीपा देवी ने बताया, मेरी बेटी रविवार दोपहर करीब 12 बजे हरि निवास इलाके के मोबाइल शॉप में ड्यूटी के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम करीब 7 बजे के बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। मुझे आशंका है कि अपहरण हुआ है। 7 दिन पहले मेरे घर पर कुछ अज्ञात लड़कों ने आकर मारपीट की थी। उसमें बिट्टू नाम का लड़का और दूसरे भी शामिल थे। उसी घटना के बाद कल से मेरी बेटी लापता हो गई है। दरअसल, सौम्या की एक बेस्ट फ्रेंड ने उसकी तस्वीर इंस्टा आईडी पर लगाई थी और उस पर आपत्तिजनक कमेंट लिखे थे। जब हमें इसका पता चला तो हमने विरोध जताया था। हम उसकी फ्रेंड के घर गए थे। उसके परिवार वालों से शिकायत की थी। इस बात से नाराज होकर 14 जुलाई की दोपहर कुछ अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर हमारे साथ मारपीट की। इसके बाद हम रामकृष्णा नगर थाने पहुंचे। थाने में मामले की शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया गया। बड़ी बहन बोली- पुलिस एक्शन नहीं ले रही सौम्या की बड़ी बहन दिव्या भारती ने बताया कि मेरी बहन को तलाशने के लिए पुलिस कुछ नहीं कर रही है। कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। परिवार लगातार परेशान है और पुलिस से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा। हमारे पिता बैरिया बस स्टैंड के पास फास्ट फूड की दुकान चलाते हैं। इन सब मामलों के बाद मकान मालिक भी घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। हम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थी सौम्या लड़का परिवार के साथ फरार है पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद सौम्या को तलाशने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान एक लड़के के घर भी पुलिस पहुंची थी, लेकिन लड़का परिवार सहित फरार हो गया है। इन 4 एंगल पर पुलिस कर रही जांच
जोधपुर के शास्त्रीनगर थाना क्षेत्र स्थित रोटरी चौराहे पर एक टैक्सी चालक से मोबाइल छीनकर भागने की वारदात का पुलिस ने महज 24 घंटे के अंदर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों के कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल जब्त कर ली गई है। मामले।में किशोर कुमार (25) पुत्र लक्ष्मणराम, अर्जुन (22) पुत्र लक्ष्मणराम, निवासी जगदंबा कॉलोनी नया गांव पाली को गिरफ्तार कर लिया। क्या है पूरा मामला कापरड़ा निवासी प्रमोदपुरी पुत्र छोटूपुरी रातानाडा इलाके में टैक्सी चलाता है। 19 जुलाई की शाम करीब 5:45 बजे वह रोटरी चौराहे के पास सरकारी स्कूल के सामने अपनी टैक्सी खड़ी कर पिछली सीट पर बैठा था। उसका वन प्लस मोबाइल टैक्सी के डैशबोर्ड पर रखा हुआ था। इसी दौरान रिक्तिया भैरूजी चौराहे की तरफ से एक बाइक पर दो युवक आए। उनमें से एक युवक बाइक से उतरा और डैशबोर्ड से मोबाइल उठाकर बाइक पर बैठकर भागने लगा। जब प्रमोदपुरी ने हिम्मत दिखाकर बदमाशों का पीछा किया, तो आरोपियों ने उसे धक्का दे दिया और मेडिकल चौराहे की तरफ फरार हो गए। वारदात के बाद पीड़ित की शिकायत पर शास्त्रीनगर थानाधिकारी दिनेश लखावत के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने इलाके में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और मुखबिरों को सक्रिय किया। कड़ी मशक्कत के बाद पुलिस ने आरोपियों को ट्रेस आउट कर पाली जिले के ट्रांसपोर्ट नगर थाना क्षेत्र से दबोच लिया। कार्रवाई में थानाधिकारी दिनेश लखावत, एएसआई थानाराम, एएसआई घेवरराम, कांस्टेबल महेन्द्र, राजूराम और राजेन्द्र शामिल रहे।
सरगुजा पुलिस ने सोमवार को गुम व चोरी हुए 129 मोबाइल फोन उनके मालिकों को वापस किया। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल एवं पुलिस अधिकारियों ने मोबाइल मालिकों को उनका खोया फोन लौटाया तो उनके चेहरे खिल उठे। पुलिस लगातार चोरी व गुम हुए मोबाइलों को खोजकर मालिकों को लौटा रही है। सरगुजा में मोबाइल चोरी के दर्ज अपराधों पर साइबर सेल अंबिकापुर एवं समस्त थाना, चौकी पुलिस टीम द्वारा नागरिकों के गुमे हुए मोबाइल फ़ोन को वापस लाने लगातार प्रयास कर रही है। अभियान चलाकर पुलिस मोबाइल फोन बरामद कर रही है। चोरी व गुम हुए फोन को सर्विलांस तकनीक की मदद से खोज जा रहा है। पिछले 05 महीने में कुल 129 गुम मोबाइल बरामद किए गए हैं, जिनकी लागत लगभग 31 लाख रुपये है। धारकों को लौटाए गए मोबाइल फोन सोमवार को सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल, एएसपी अमोलक सिंह, सीएसपी राहुल बंसल सहित अधिकारियों ने मोबाइल के धारकों को उनका गुम मोबाइल लौटाया। सभी धारकों को मोबाइल फोन लौटाते हुए उन्हें सतर्क रहने की अपील की गई। सरगुजा एसएसपी राजेश अग्रवाल ने कहा कि कई मोबाइल धारको को मोबाइल गुमने के पश्चात वापस मिलने की उम्मीद नहीं होती है, लेकिन पुलिस टीम के सामूहिक प्रयास से आपको आपका गुमा हुआ मोबाइल वापस खोजकर दिलाया गया है। एसएसपी ने कहा कि मोबाइल धारक अपने मोबाइल संभाल कर रखे, स्वयं सचेत रहे एवं दूसरों को भी सचेत करें। मोबाइल में हर किसी कि कई गोपनीय जानकारी एवं महत्वपूर्ण जानकारी रहती है, जो मोबाइल गुमने पर उस जानकारियों का गलत एवं मनमाना तरीके से उपयोग कर साइबर ठगी जैसी घटनाये कारित की जाती हैं। इसके पूर्व सरगुजा पुलिस द्वारा फ़रवरी 2026 मे 525 नग गुमे हुए मोबाइल वापस को बरामद कर मोबाइल धारकों को वापस साैंपा गया था।
सिरसा जिले में नाथूसरी चौपटा खंड के गांव जमाल स्थित राजकीय सीनियर सेकेंडरी स्कूल में सोमवार को 10वीं कक्षा के एक छात्र ने अपने हिंदी टीचर पर पेचकस से हमला कर दिया। छात्र ने टीचर की गर्दन पर कई वार किए, जिससे वह घायल हो गए। बताया जा रहा है कि टीचर ने छात्र को मोबाइल फोन को लेकर टोका था। यह घटना सोमवार सुबह करीब 11 बजे हुई, जब हिंदी टीचर सुनील कुमार कक्षा में कॉपियां जांच रहे थे। इसी दौरान 10वीं कक्षा के एक नाबालिग छात्र ने अपने बैग से पेचकस निकाला और तेजी से टीचर की ओर बढ़कर उन पर 3 से 4 वार कर दिए। इस हमले के बाद स्कूल में हड़कंप मच गया और छात्र मौके से फरार हो गया। घायल को अस्पताल में कराया भर्ती घायल टीचर सुनील कुमार को स्कूल के अन्य अध्यापकों ने चौपटा के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया, जहां उन्हें प्राथमिक उपचार दिया गया। घटना की सूचना मिलते ही प्राचार्य प्रताप सिंह और जमाल चौकी प्रभारी रामकुमार मौके पर पहुंचे। टीचर सुनील कुमार ने पुलिस को बताया कि उन्हें हमले के पीछे का कारण नहीं पता है। जमाल चौकी पुलिस ने टीचर की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल को लेकर टोका था बताया जा रहा है कि छात्र को पहले भी टीचर ने मोबाइल फोन को लेकर टोका था। इसी बात को लेकर छात्र के मन में नाराजगी होने की बात सामने आ रही है। टीचर सुनील कुमार का कहना है कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। जमाल चौकी प्रभारी रामकुमार ने बताया कि टीचर की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। हमले के वास्तविक कारणों का पता लगाने में जुटी है।
गुरुग्राम साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन ईस्ट ने एक बड़े साइबर फ्रॉड का खुलासा किया है। रिटायर्ड एयर मार्शल टी. एस. चटवाल से 2 करोड़ 65 लाख रुपए की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह ठगी जनवरी में हुई थी, जिसमें एक बड़े 'सेकंड लेयर' नेटवर्क का भंडाफोड़ हुआ है। एसीपी साइबर क्राइम गौरव फोगाट ने बताया कि जांच के दौरान पता चला कि ठगी की रकम में से 6 लाख रुपए इंडियन ओवरसीज बैंक के एक संयुक्त खाते में ट्रांसफर किए गए थे। यह खाता सोनू चौधरी और आकाश सोनी के नाम पर था। खाते की जांच के बाद पुलिस ने सोनू चौधरी को गाजियाबाद से गिरफ्तार किया। 3 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन और 90 एटीएम कार्ड बरामद पुलिस पूछताछ में सोनू चौधरी ने खुलासा किया कि उसने अपना बैंक खाता बहादुरगढ़ निवासी पुनीत नामक एग्रीगेटर को दिया था। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने बहादुरगढ़ की ओमैक्स सिटी में छापेमारी की और पुनीत, अभिषेक, विकास और दुष्यंत को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि पुनीत दिल्ली के द्वारका निवासी सम्राट के कहने पर बैंक खाते आगे बेचता था। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 3 लैपटॉप, 16 मोबाइल फोन, 90 एटीएम कार्ड, 42 चेक बुक, 33 सिम कार्ड, रबर स्टांप और एक पासपोर्ट बरामद किया। पासपोर्ट की जांच में वर्ष 2023 से 2026 के बीच दुबई यात्रा के 4 स्टांप मिले हैं। 6 राज्यों में कई साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज एसीपी साइबर क्राइम के अनुसार, पुलिस पूछताछ में यह भी सामने आया कि पुनीत दुबई में बैठे कथित हैंडलर रुद्र से मिलने जाता था। वहीं से साइबर ठगी के लिए बैंक खाते खुलवाने और उनकी सप्लाई का नेटवर्क संचालित किया जाता था। पुलिस अब इस अंतरराष्ट्रीय नेटवर्क की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। जांच में यह भी पता चला है कि बरामद बैंक खातों के खिलाफ राजस्थान, तेलंगाना, झारखंड, केरल और कर्नाटक सहित 6 राज्यों में कई साइबर ठगी की शिकायतें दर्ज हैं। पुलिस अब सभी सिम कार्ड और बैंक खातों की विस्तृत जानकारी खंगाल रही है और कुल ठगी की रकम का आकलन किया जा रहा है।
पटना में 17 साल की एक लड़की कल से लापता है। लड़की का नाम सौम्या भारती है। वो रामकृष्णा नगर की रहने वाली है। कोतवाली थाना इलाके के हरि निवास क्षेत्र से वो लापता हुई है। सौम्या ने रघुनाथ बालिका उच्च विद्यालय से 10वीं की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद वो अपने खर्च के लिए हरि निवास इलाके में स्थित एक मोबाइल दुकान पर काम कर रही थी। घटना के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं और उन्होंने अपहरण की आशंका जताई है। पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… मां बोली- घर से मोबाइल शॉप के लिए गई थी सौम्या की मां दीपा देवी ने बताया कि मेरी बेटी रविवार दोपहर करीब 12 बजे हरि निवास इलाके के मोबाइल शॉप में ड्यूटी के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम करीब 7 बजे के बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। मुझे आशंका है कि अपहरण हुआ है। 7 दिन पहले मेरे घर पर कुछ अज्ञात लड़कों ने आकर मारपीट की थी। उसमें बिट्टू नाम का लड़का और दूसरे भी शामिल थे। उसी घटना के बाद कल से मेरी बेटी लापता हो गई है। दरअसल, सौम्या की एक बेस्ट फ्रेंड ने उसकी तस्वीर इंस्टा आईडी पर लगाई थी और उस पर आपत्तिजनक कमेंट लिखे थे। जब हमें इसका पता चला तो हमने विरोध जताया था। हम उसकी फ्रेंड के घर गए थे। उसके परिवार वालों से शिकायत की थी। इस बात से नाराज होकर 14 जुलाई की दोपहर कुछ अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर हमारे साथ मारपीट की। इसके बाद हम रामकृष्णा नगर थाने पहुंचे। थाने में मामले की शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया गया। बड़ी बहन बोली- पुलिस एक्शन नहीं ले रही सौम्या की बड़ी बहन दिव्या भारती ने बताया कि मेरी बहन को तलाशने के लिए पुलिस कुछ नहीं कर रही है। कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। परिवार लगातार परेशान है और पुलिस से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा। हमारे पिता बैरिया बस स्टैंड के पास फास्ट फूड की दुकान चलाते हैं। इन सब मामलों के बाद मकान मालिक भी घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। हम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थी सौम्या लड़का परिवार के साथ फरार है पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद सौम्या को तलाशने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान एक लड़के के घर भी पुलिस पहुंची थी, लेकिन लड़का परिवार सहित फरार हो गया है। इन 4 एंगल पर पुलिस कर रही जांच
कटिहार रेलवे स्टेशन परिसर में एक रेल यात्री से गन प्वाइंट पर लूट का मामला सामने आया है। पीड़ित के अनुसार, दो बदमाशों ने उसे स्टेशन से बाहर एटीएम तक ले जाकर उसके खाते से लगभग 70 हजार रुपये निकलवाए और फिर नकदी व मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए। रेल पुलिस ने घटना की जांच शुरू कर दी है। पीड़ित मोहम्मद रेजान आजमनगर से कटिहार रेलवे स्टेशन पहुंचे थे और उन्हें राजधानी एक्सप्रेस से दिल्ली जाना था। उनके बड़े भाई परवेज ने बताया कि रेजान ने ट्रेन पकड़ने से पहले अपने बैंक खाते में परिजनों और रिश्तेदारों से अलग-अलग राशि मंगवाई थी। नगदी और मोबाइल फोन छीनकर फरार कुछ देर बाद मोहम्मद रेजान ने अपने परिजनों को फोन कर बताया कि दो अज्ञात युवकों ने उन्हें हथियार के बल पर स्टेशन से बाहर ले जाकर एटीएम से करीब 70 हजार रुपये निकलवाए। बदमाश नकदी और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और रेल पुलिस को घटना की जानकारी दी। घटना की जानकारी मिलते ही रेल डीएसपी ए. के. एकेला ने जांच शुरू कर दी है। उन्होंने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है और स्टेशन तथा आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। महत्वपूर्ण और अत्यधिक सुरक्षा वाला स्टेशन डीएसपी एकेला के अनुसार, जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। कटिहार रेलवे स्टेशन पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे का एक महत्वपूर्ण और अत्यधिक सुरक्षा वाला स्टेशन माना जाता है। ऐसे में स्टेशन परिसर से यात्री को बाहर ले जाकर कथित रूप से लूट की घटना सामने आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। रेल पुलिस ने दोहराया है कि जांच पूरी होने के बाद ही पूरे मामले की सच्चाई सामने आएगी।
किशोर का शव जंगल में पेड़ से लटका मिला:सीतामढ़ी में बॉडी के पास से मोबाइल और चप्पल बरामद
सीतामढ़ी के नानपुर थाना क्षेत्र के बिरार गांव में सोमवार सुबह एक युवक का शव जंगल में पेड़ से रस्सी के सहारे लटका मिला। मृतक की पहचान बिरार गांव निवासी राजेंद्र साह के बेटे बब्बू कुमार (17) के रूप में हुई है। मृतक रविवार शाम करीब चार बजे घर से निकला था, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटा। सोमवार सुबह ग्रामीणों ने जंगल में पेड़ से शव लटका देखा और इसकी सूचना परिवार और पुलिस को दी। मामले से जुड़ी तस्वीरें देखिए… अब जानिए पूरी घटना…. परिजनों ने बताया कि बब्बू कुमार रविवार शाम करीब 4 बजे घर से निकला था। देर रात तक उसके घर नहीं लौटने पर परिजनों ने कई बार उसके मोबाइल पर कॉल करने का प्रयास किया, लेकिन फोन स्विच ऑफ मिला। रातभर तलाश के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया था। सोमवार सुबह स्थानीय लोगों ने जंगल में एक पेड़ से युवक का शव लटका होने की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और शव की पहचान बब्बू कुमार के रूप में की। घटनास्थल से कुछ दूरी पर मृतक का मोबाइल फोन और चप्पल भी बरामद हुई है, जिससे मामला और भी संदिग्ध हो गया है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा स्थानीय लोगों और परिजनों ने आशंका जताई है कि किशोर की हत्या करने के बाद साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से शव को पेड़ से लटकाया गया है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचने से इनकार किया है। सूचना मिलते ही नानपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि पेड़ से लटका हुआ शव मिला है और मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और वैज्ञानिक साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि यह आत्महत्या है या हत्या। पुलिस फिलहाल दोनों पहलुओं पर जांच कर रही है। नानपुर थानाध्यक्ष ने बताया कि, ‘मृतक के परिजनों ने इस मामले में कहा कि बब्बू पारिवारिक कारणों से डिप्रेशन में था और वह किसी भी लोग पर केस नहीं करेंगे इसकी उन्होंने लिखित आवेदन भी थाना में दिया है।’
श्योपुर जिले के विजयपुर थाना क्षेत्र में शनिवार रात दो पशुपालकों से लूट और अपहरण के प्रयास का मामला सामने आया। बाबू बाबा (कलपत बाबा) के जंगल से भैंस चराकर लौट रहे दो युवकों को हथियारबंद बदमाशों ने रोक लिया। बदमाशों ने दोनों से नकदी, मोबाइल फोन और सोने की बाली लूट ली। इसके बाद एक युवक को बंधक बनाकर जंगल के अंदर ले गए। हालांकि ग्रामीणों और पुलिस की घेराबंदी की भनक लगते ही बदमाश उसे छोड़कर फरार हो गए। मोबाइल, नकदी और सोने की बाली लूटी पुलिस के मुताबिक, डाबीपुरा निवासी रिंकू कुशवाह और रामनिवास शनिवार रात करीब 8 बजे जंगल से लौट रहे थे। रास्ते में दो बदमाशों ने उन्हें रोक लिया। एक आरोपी के पास कट्टा था। बदमाशों ने दोनों के मोबाइल फोन, नकदी और रिंकू के कान की सोने की बाली लूट ली। इसके बाद बदमाशों ने रामनिवास को 10 हजार रुपए की व्यवस्था कर वापस आने की धमकी देकर छोड़ दिया। वहीं रिंकू को अपनी बाइक पर बैठाकर जंगल के अंदर ले गए। वहां कट्टा सिर पर रखकर उससे उसके भाई को फोन कराया और पूछा कि कितने लोग मौके पर आ रहे हैं। जंगल में सर्च के बाद भी नहीं मिले आरोपी रिंकू के भाई ने बताया कि सात मोटरसाइकिलों पर ग्रामीण जंगल की ओर पहुंच रहे हैं। यह सुनते ही बदमाश घबरा गए। कुछ देर बाद पुलिस और ग्रामीणों की घेराबंदी की सूचना मिलने पर वे रिंकू को छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाते हुए जंगल में फरार हो गए। सूचना मिलने पर विजयपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों के साथ जंगल में सर्च अभियान चलाया, लेकिन आरोपी नहीं मिले। थाना प्रभारी राजन सिंह गुर्जर ने बताया कि आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
गुरुग्राम में साइबर क्राइम पुलिस ने साइबर अपराधियों को फर्जी बैंक खाते उपलब्ध कराने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में गिरोह के दो सक्रिय सदस्यों को सेक्टर-65 इलाके से गिरफ्तार किया है। पकड़े गए आरोपियों के कब्जे से भारी मात्रा में बैंकिंग उपकरण, डिजिटल सिग्नेचर और मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। एसीपी साइबर क्राइम गौरव फोगाट ने मामले का खुलासा करते हुए बताया कि गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान 39 वर्षीय अजय कावटिया और 22 वर्षीय रजत ग्रोवर के रूप में हुई है। पुलिस ने जब इनके ठिकानों पर छापेमारी की, तो वहां का नजारा देखकर अधिकारी भी हैरान रह गए। आरोपियों के कब्जे से कुल 88 चेक बुक, 88 एटीएम कार्ड, 11 डिजिटल सिग्नेचर (DSC), 08 मोबाइल फोन, 07 रबर स्टैंप और 14 बैंक स्कैनर बरामद किए गए हैं। यह सभी सामान फर्जी कंपनियों और खातों को संचालित करने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा था। फर्जी कंपनियों के नाम पर खोले 80 खातेपुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी अजय कावटिया इस पूरे खेल का मास्टरमाइंड है। अजय ने रजत ग्रोवर और अपने अन्य साथियों के नाम पर 04 फर्जी (शेल) कंपनियां बनाईं। इन फर्जी कंपनियों के कॉर्पोरेट दस्तावेजों का दुरुपयोग करके उसने अलग-अलग बैंकों में लगभग 80 करंट और सेविंग खाते खुलवाए। देश-विदेश में बैठे साइबर अपराधियों के संपर्क में इन खातों को तैयार करने के बाद वह इन्हें देश-विदेश में बैठे साइबर अपराधियों और ऑनलाइन ठगों को किराए या सीधे तौर पर उपलब्ध करा देता था। आरोपी रजत ग्रोवर ने सबसे पहले अपना बैंक खाता खुलवाया और कमीशन के लालच में उसे अजय को सौंप दिया। इस खाते में देश के अलग-अलग हिस्सों से पीड़ितों से ठगी गई रकम ट्रांसफर की जा रही थी। 6 प्रतिशत कमीशन का खेलजांच में खुलासा हुआ कि आरोपी अजय को साइबर अपराधियों से ठगी गई कुल राशि का 6 प्रतिशत कमीशन मिलता था। इस मोटी कमाई में से वह कुछ हिस्सा रजत जैसे अन्य खाताधारकों को दे देता था, जो पैसों के लालच में अपने दस्तावेज और खाते सौंप देते थे। दर्ज हैं 250 से अधिक शिकायतेंएसीपी गौरव फोगाट ने बताया कि आरोपियों के पास से बरामद किए गए बैंक खातों की जब प्रारंभिक जांच की गई, तो पता चला कि इन खातों के खिलाफ देश भर में पहले से ही लगभग 250 साइबर अपराध की शिकायतें दर्ज हैं। इन खातों के जरिए करोड़ों रुपये के अवैध लेन-देन की आशंका जताई जा रही है। पुलिस खातों की डिटेल खंगाल रही पुलिस अब इन सभी शिकायतों का विवरण खंगाल रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह ने अब तक कुल कितने लोगों को अपनी ठगी का शिकार बनाया है। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ कर रही है ताकि गिरोह से जुड़े अन्य सदस्यों और बैंक अधिकारियों की मिलीभगत का पता लगाया जा सके।
करीब 20 साल तक 70 वर्षीय बुजुर्ग कब्ज की दवाइयां खाते रहे, लेकिन आराम नहीं मिला। उन्हें आईबीएस (IBS-C) का मरीज मानकर इलाज चलता रहा। जब विशेषज्ञ जांच हुई तो पता चला कि असली वजह कब्ज नहीं, बल्कि टॉयलेट में लंबे समय तक बैठने और बार-बार जोर लगाने से विकसित हुआ ऑब्स्ट्रक्टेड डिफिकेशन सिंड्रोम (ODS) था। यही आदत अब युवाओं और बच्चों में भी तेजी से बढ़ रही है, जिसकी एक बड़ी वजह टॉयलेट में मोबाइल स्क्रॉल करना माना जा रहा है। अगर आप भी टॉयलेट में बैठकर मोबाइल स्क्रॉल करने की आदत रखते हैं तो यह खबर आपको सावधान करने वाली है। कुछ मिनट की यह आदत धीरे-धीरे ऐसी बीमारियों की वजह बन सकती है, जिनका इलाज केवल दवा से नहीं बल्कि विशेष थेरेपी तक पहुंच सकता है। गैस्ट्रोएंटेरोलॉजिस्ट डॉ. प्रणव रघुवंशी के मुताबिक समस्या मोबाइल से नहीं, बल्कि मोबाइल देखते हुए टॉयलेट सीट पर लंबे समय तक बैठे रहने से होती है। इससे शरीर का प्राकृतिक मलत्याग (बॉवेल) रिफ्लेक्स प्रभावित होता है और कब्ज की शुरुआत हो जाती है। डॉ. रघुवंशी बताते हैं कि लगातार लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठे रहने से मलाशय (रेक्टम) और गुदा (एनस) की मांसपेशियों पर अतिरिक्त दबाव पड़ता है। धीरे-धीरे व्यक्ति सामान्य से अधिक जोर लगाने लगता है। इससे दोनों मांसपेशियों के बीच तालमेल बिगड़ जाता है और ऑब्स्ट्रक्टेड डिफिकेशन सिंड्रोम जैसी गंभीर स्थिति विकसित हो सकती है। यह लंबे समय तक रहने पर पाइल्स, फिशर और रेक्टल प्रोलैप्स (मलाशय का हिस्सा गुदा से बाहर आना) जैसी बीमारियों का कारण बन सकता है। अब युवा और बच्चे भी पहुंच रहे क्लीनिक डॉ. रघुवंशी बताते हैं कि करीब 10 साल पहले कब्ज को मुख्य रूप से 40-50 वर्ष से अधिक उम्र के लोगों की समस्या माना जाता था, लेकिन अब तस्वीर बदल चुकी है। उनके क्लीनिकल अनुभव के अनुसार पिछले 10 वर्षों में कब्ज के मरीजों की संख्या में करीब 10 से 15 प्रतिशत तक वृद्धि हुई है। अब स्कूल जाने वाले बच्चे, किशोर और 20 से 40 वर्ष आयु वर्ग के युवा भी बड़ी संख्या में कब्ज की शिकायत लेकर पहुंच रहे हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि यह उनके व्यक्तिगत क्लीनिकल अनुभव पर आधारित है, इस संबंध में भारत में व्यापक वैज्ञानिक अध्ययन उपलब्ध नहीं है। उन्होंने बताया कि उनके पास आने वाले कब्ज के मरीजों में हर 10 में से 3 से 4 मरीज ऐसे मिलते हैं, जो टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत स्वीकार करते हैं। केस स्टडी-1: 35 साल तक कब्ज का इलाज, असली बीमारी निकली ODS 70 वर्षीय एक मरीज 35 वर्षों से कब्ज से परेशान थे। करीब 20 साल तक उनका इलाज IBS-C मानकर चलता रहा। विस्तृत जांच और एनोरेक्टल मैनोमेट्री में ODS की पुष्टि हुई। बायोफीडबैक थेरेपी के आठ सत्रों के बाद उनकी कब्ज की दवाएं बंद हो गईं और शौचालय में लगने वाला समय एक घंटे से घटकर करीब पांच मिनट रह गया। केस स्टडी-2: 10 साल पुरानी कब्ज, रेक्टल प्रोलैप्स तक पहुंची 40 वर्षीय महिला 10 साल तक कब्ज की समस्या झेलती रहीं। अत्यधिक जोर लगाने के कारण मलाशय का हिस्सा बाहर आने लगा। जांच में पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियों की कमजोरी और ODS की पुष्टि हुई। बायोफीडबैक थेरेपी के बाद बिना ऑपरेशन 90 से 95 प्रतिशत तक सुधार हुआ और कब्ज की दवाओं की जरूरत भी काफी कम हो गई। मोबाइल नहीं, लंबे समय तक बैठना असली समस्या डॉ. रघुवंशी का कहना है कि यह समस्या सिर्फ मोबाइल तक सीमित नहीं है। पहले लोग टॉयलेट में बैठकर अखबार पढ़ते थे, आज उसकी जगह मोबाइल ने ले ली है। असली नुकसान लंबे समय तक सीट पर बैठे रहने से होता है। स्क्रीन पर ध्यान केंद्रित रहने से दिमाग और आंत (ब्रेन-गट) के बीच का प्राकृतिक समन्वय प्रभावित होता है और मलत्याग का सामान्य रिफ्लेक्स कमजोर पड़ने लगता है। डॉ. प्रणव रघुवंशी के मुताबिक, लंबे समय तक टॉयलेट पर बैठकर मोबाइल चलाने और बार-बार जोर लगाने की आदत से मलाशय और गुदा की मांसपेशियों का समन्वय बिगड़ सकता है। इससे व्यक्ति धीरे-धीरे ऑब्स्ट्रक्टेड डिफिकेशन सिंड्रोम (ODS) की ओर बढ़ सकता है या इसके होने की आशंका बढ़ जाती है। यही स्थिति आगे चलकर पाइल्स, फिशर और गंभीर मामलों में रेक्टल प्रोलैप्स जैसी समस्याओं का कारण बन सकती है। पाचन तंत्र मजबूत रखने के लिए क्या करें डॉक्टर के अनुसार स्वस्थ पाचन के लिए फाइबर सबसे महत्वपूर्ण है। रोजाना पर्याप्त मात्रा में सलाद, मौसमी फल और फाइबर युक्त भोजन लें। इसके साथ ही 7-8 घंटे की नींद, नियमित व्यायाम और सुबह तय समय पर शौच जाने की आदत पाचन तंत्र को स्वस्थ बनाए रखने में मदद करती है। क्या है रेक्टल प्रोलैप्स (Rectal Prolapse) रेक्टल प्रोलैप्स (Rectal Prolapse) एक ऐसी स्थिति है जिसमें मलाशय (Rectum) का आखिरी हिस्सा गुदा (Anus) के रास्ते बाहर निकलने लगता है। सामान्य तौर पर मलाशय शरीर के अंदर रहता है और उसी रास्ते से मल बाहर निकलता है। लेकिन जब लंबे समय तक कब्ज रहे, बार-बार जोर लगाना पड़े या पेल्विक फ्लोर की मांसपेशियां कमजोर हो जाएं, तो मलाशय का हिस्सा नीचे खिसककर गुदा से बाहर आने लगता है। इसी को रेक्टल प्रोलैप्स कहा जाता है। ये खबर भी पढ़ें… 5 साल के मासूम के मुंह में फंसा टूटा टूथब्रश भोपाल के गांधी मेडिकल कॉलेज (जीएमसी) और हमीदिया अस्पताल के डॉक्टरों ने पांच साल के एक बच्चे की जान बचाते हुए बेहद मुश्किल सर्जरी सफलतापूर्वक की। बच्चा बोल और सुन नहीं सकता है। उसके गले में टूथब्रश का टूटा हुआ हिस्सा फंस गया था। डॉक्टरों के मुताबिक, टूथब्रश का हिस्सा तालू के पीछे जाकर फंस गया था और उसका नुकीला हिस्सा टॉन्सिल में धंस गया था।पूरी खबर पढ़ें
भोपाल के वीआईपी रोड स्थित बड़े तालाब में रविवार दोपहर 3 बजे एक युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। राहगीरों ने शव को पानी में तैरता देखा और तलैया थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो सकी है। गोताखोर शेख आसिफ ने बताया कि शव को पानी से बाहर निकालने के बाद तलाशी ली गई। युवक की जींस की जेब से एक मोबाइल फोन और वाहन की चाबी मिली। मोबाइल पानी में रहने के कारण खराब हो चुका है। मृतक के पैरों में चप्पल नहीं थी, जिससे प्रारंभिक तौर पर तालाब में छलांग लगाने की आशंका जताई जा रही है। हालांकि पुलिस मौत के सही कारणों की जांच कर रही है। 24 घंटे पुराना है शव पुलिस के अनुसार, मृतक की उम्र करीब 25 वर्ष है। उसने हल्के नीले रंग की जींस और धारीदार क्रीम रंग की शर्ट पहन रखी थी। शव करीब 24 घंटे पुराना प्रतीत हो रहा है। अभी यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि युवक तालाब में कब और कैसे पहुंचा। तलैया थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है।
अजमेर की कृष्ण गंज थाना पुलिस ने कॉलेज स्टूडेन्ट से मोबाइल छीनकर ले जाने वाले आरोपी को अरेस्ट कर लिया है। साथ ही वारदात में शामिल नाबालिग को भी डिटेन किया है। पुलिस ने दोनों के कब्जे से बाइक भी बरामद की है। यही नहीं पुलिस ने कोतवाली थाना क्षेत्र से छीना गया मोबाइल भी आरोपियों से जब्त किया है। पूछताछ में आरोपियों से अन्य वारदातों के खुलासे की उम्मीद है। फॉर्म जमा कराकर घर लौट रही युवती से मोबाइल छीना कृष्णगंज थाना प्रभारी अरविंदसिंह ने बताया-रामपुरा नांद निवासी लक्ष्मी फुलवारिया (18) ने रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि वह राजकीय उच्च गर्ल्स कॉलेज अजमेर (सावित्री कॉलेज) में पढ़ने के लिए आती है। 15 जुलाई को कॉलेज में फार्म जमा कराकर गांव जाने के लिए जवाहर रंगमंच के पास वाले तिराहे पर बस का इंतजार कर रही थी। दोपहर को दो लडके सावित्री कॉलेज चौराहे की तरफ से आए और बाइक पर पीछे बैठे लड़के ने मोबाइल छीन लिया और सीधा शास्त्रीनगर की तरफ भाग गए। पीछा किया लेकिन हाथ नहीं आए। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल पहुंच कर आसपास के सीसीटीवी कैमरे चेक किए। पुलिस ने आरोपी को पकड़ा हेड कॉन्स्टेबल संदीप कुमार की सुचना पर एक युवक मस्जिद वाली गली लोहाखान निवासी ओमप्रकाश उर्फ अजय गुप्ता (40) को गिरफ्तार व एक नाबालिग को डिटेन कर मोटरसाइकिल को जब्त किया। आरोपियों के कब्जे से युवती का मोबाइल व एक अन्य चुराया गया मोबाइल बरामद किया। आरोपी अपने शोक पूरा करने के लिए वारदात करते थे। पुलिस को इनसे और भी वारदातों के खुलने की संभावना है। ………… पढें ये खबर… नगर निकाय के पूर्व कमिश्नर से ठगी की कोशिश:ठग ने CI बनकर दी धमकी, 75 हजार का फर्जी मैसेज भेजा अजमेर में साइबर ठगों ने नगर निकाय के रिटायर्ड पूर्व कमिश्नर को निशाना बनाते हुए ऑनलाइन ठगी की कोशिश की। ठग ने पुलिस थाना प्रभारी की प्रोफाइल फोटो लगाकर कॉल किया और खुद को थाना प्रभारी बताकर धमकाने लगा। ठग ने पहले खुद को सरकारी स्कूल का टीचर बताकर टाइल्स का ऑर्डर दिया। पूरी खबर पढें
फरीदकोट में नशा तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत फरीदकोट जिला पुलिस के सीआईए (CIA) स्टाफ को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान 508 ग्राम हेरोइन के साथ तीन अंतर-जिला नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए तीनों आरोपी अमृतसर के रहने वाले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर अगली कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, एसएसपी गुरबंस सिंह बैंस के दिशा-निर्देशों पर जिले में नशा विरोधी अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत सीआईए स्टाफ फरीदकोट की एक टीम एएसआई हाकम सिंह के नेतृत्व में तलवंडी रोड पर गश्त और चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस टीम जब सरकारी गोदाम के पास पहुंची, तो वहां संदिग्ध हालत में खड़े तीन युवकों पर पुलिस को शक हुआ। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए तीनों को काबू कर लिया। जब उनकी गहनता से तलाशी ली गई, तो उनके कब्जे से 508 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। हेरोइन के साथ ही पुलिस ने उनके पास से तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पकड़े गए आरोपियों की पहचान कमल कुमार निवासी: नूरी मोहल्ला, भगता वाला गेट, अमृतसर, मानव निवासी: नूरी मोहल्ला, भगता वाला गेट, अमृतसरस अरुणदीप सिंह निवासी: अनगढ़ मोहल्ला, हकीमा गेट के पास, अमृतसर के रूप में हुई है। बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगालेगी पुलिस इस मामले के जांच अधिकारी एएसआई हाकम सिंह ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी फरीदकोट में मामला दर्ज कर लिया गया है। उन्होंने कहा, आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान पूछताछ करके यह पता लगाया जाएगा कि वे यह हेरोइन कहाँ से लेकर आए थे और इसे आगे किसे सप्लाई किया जाना था। जांच अधिकारी के मुताबिक, इस तस्करी नेटवर्क की तह तक जाने के लिए इसके बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक खंगाले जा रहे हैं, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य बड़े तस्करों को भी बेनकाब किया जा सके। इसके साथ ही आरोपियों के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
लुधियाना के जागीरपुर रोड पर एक 60 वर्षीय बुजुर्ग उपिंदर साहनी को लूटपाट के दौरान गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। बदमाश ने गांव से घर लौट रहे उपिंदर साहनी को रोका और उनका मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर आरोपी ने उनके साथ मारपीट की, जिससे वे गंभीर रूप से जख्मी हो गए। लुटेरे ने दातर से हमला किया। खून से लथपथ उपिंदर जमीन पर गिर गया। घायल को पहले इलाके के लिए पहले प्राइवेट अस्पताल लेकर गए लेकिन खून अधिक बह जाने के कारण उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। गांव से लौट बेटी के पास जा रहा था उपिंदर उपिंदर साहनी की बेटी रेखा ने बताया कि उनके पिता गांव से घर लौट रहे थे। जागीरपुर रोड के पास एक अज्ञात युवक ने उन्हें घेर लिया और मोबाइल छीनने का प्रयास किया। जब उपिंदर साहनी ने इसका विरोध किया, तो आरोपी ने उन पर हमला कर दिया। हमले में उन्हें गंभीर चोटें आईं और वे सड़क पर गिर गए। उपिंदर मूलरुप से उत्तर प्रदेश गोरखपुर का रहने वाला है। लुधियाना में उपिंदर मजदूरी करता है। सीसीटीवी फुटेज में कैद हुई घटना इस पूरी वारदात की सीसीटीवी फुटेज भी सामने आई है, जिसमें आरोपी की गतिविधियां कैद हो गई हैं। पुलिस ने फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। आसपास लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की भी जांच की जा रही है। थाना टिब्बा के ASI जसविंदर सिंह ने कहा कि मामले की जांच जारी है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
कोटा में साइबर ठगों ने अब मोबाइल हैकिंग के जरिए लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला उद्योग नगर थाना क्षेत्र के कंसुआ इलाके का है, जहां एक युवक के बैंक खाते से 98 हजार रुपए उड़ा लिए गए। पीड़ित शिवराज कहार ने बताया कि 17 जुलाई की रात करीब 8 बजे उसके (CMF Nothing) फोन की स्क्रीन लगातार ऑन रही और उस पर सिर्फ सिस्टम अपडेटिंग लिखा दिखाई देता रहा। मोबाइल न तो बंद हो रहा था और न ही उसमें कोई अन्य काम किया जा सकता था। शिवराज को लगा कि फोन में बड़ा सॉफ्टवेयर अपडेट चल रहा है, इसलिए उसने फोन चार्जिंग पर लगाकर छोड़ दिया। स्क्रीन पर दिख रहा था मोबाइलब बंद नहीं करें सुबह तक भी मोबाइल की स्थिति नहीं बदली। इसके बाद वह अपनी मोबाइल शॉप पर पहुंचा, जहां उसने एक ग्राहक को भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन पिन के अंतिम अंक दर्ज नहीं हो पा रहे थे। स्क्रीन पर बार-बार “35 मिनट तक मोबाइल बंद न करें” का संदेश दिखाई दे रहा था। बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में भेजे रुपए इसी दौरान दोपहर करीब 1 बजकर 4 मिनट पर उसके एसबीआई खाते से 98 हजार 1 रुपये ट्रांसफर होने का मैसेज आया। जांच करने पर पता चला कि राशि बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में भेजी गई है। रकम कटने की जानकारी मिलते ही शिवराज घबरा गया और तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। मोबाइल कैसे हैक हुआ, यह पता कर रही पुलिस पीड़ित का आरोप है कि इसके कुछ देर बाद मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया और दोबारा चालू होने पर उसमें मौजूद सभी ऐप और डाटा गायब थे। फोन बिल्कुल नए मोबाइल की तरह रीसेट हो चुका था। फिलहाल पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल कैसे हैक हुआ और रकम किस खाते में ट्रांसफर की गई।
बलिया के बांसडीह रोड थाना क्षेत्र में रविवार सुबह उस समय पूरे इलाके की सांसें थम गईं, जब एक 23 वर्षीय विवाहिता 130 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। नीचे जुटी भीड़ और पुलिस से उसने साफ कहा- हमरे अंकित के बोलवा, तबे हम नीचे उतरब। महिला का दावा था कि वह दो साल तक अंकित के साथ लिव-इन रिलेशनशिप में रही, लेकिन दो महीने पहले दोनों को अलग कर दिया गया। करीब साढ़े सात घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद जब युवक के परिजनों ने कोर्ट मैरिज कराने का लिखित आश्वासन दिया, तब महिला टॉवर से नीचे उतरी। इसके बाद पुलिस उसे अपने साथ थाने ले गई। बलिया मुख्यालय से करीब 19 किलोमीटर दूर फरसाटार (छितौनी) गांव में रविवार सुबह करीब 4:30 बजे अचानक लोगों की नजर गांव के पास लगे मोबाइल टॉवर पर पड़ी। वहां एक महिला टॉवर पर चढ़ी हुई थी। देखते ही देखते गांव में हड़कंप मच गया और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए। ग्रामीणों ने महिला से नीचे उतरने की अपील की, लेकिन उसने साफ इनकार कर दिया। वह बार-बार एक ही बात दोहराती रही कि जब तक अंकित नहीं आएगा, तब तक मैं नीचे नहीं उतरूंगी। स्थिति बिगड़ती देख ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। लिव-इन रिलेशन का दावा, बोली- दो महीने पहले हमें अलग कर दिया गया जांच में सामने आया कि महिला मनियर थाना क्षेत्र के उदईपुर गांव की रहने वाली 23 वर्षीय मुन्नी देवी है, जिसकी शादी पहले ही हो चुकी है। रविवार सुबह वह अपने कथित लिव-इन पार्टनर अंकित गोंड़ के गांव छितौनी पहुंची थी। महिला का कहना था कि वह और अंकित पिछले दो वर्षों से साथ रह रहे थे, लेकिन करीब दो महीने पहले परिवार वालों ने दोनों को अलग कर दिया। इसके बाद अंकित दूसरे प्रदेश में ट्रक चलाने चला गया। जब वह रविवार को अंकित के घर पहुंची तो उसके परिजनों ने बताया कि वह गांव में नहीं है। इसी बात से आक्रोशित होकर महिला गांव के बाहर लगे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, इस रिश्ते को लेकर पहले भी कई बार पंचायत हो चुकी थी, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकल सका। पुलिस, तहसीलदार और परिजनों ने समझाया, लिखित आश्वासन के बाद मानी बात घटना की सूचना मिलते ही तहसीलदार नितिन सिंह, बांसडीह रोड थाना प्रभारी बंश बहादुर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने लाउडहेलर के जरिए महिला से लगातार बातचीत की और उसे सुरक्षित नीचे उतरने के लिए समझाया। कई दौर की बातचीत के बावजूद महिला अपनी मांग पर अड़ी रही। इसके बाद पुलिस ने अंकित के परिजनों को मौके पर बुलाया। काफी देर तक चली वार्ता के दौरान परिजनों ने महिला को भरोसा दिलाया कि वे अंकित के आने पर उसकी कोर्ट मैरिज कराने के लिए तैयार हैं। बाद में उन्होंने इस संबंध में लिखित आश्वासन भी दिया। साढ़े सात घंटे बाद उतरी महिला, पुलिस थाने लेकर पहुंची; पूरे घटनाक्रम की जांच शुरू करीब साढ़े सात घंटे तक चले इस हाईवोल्टेज घटनाक्रम के बाद महिला आखिरकार सुबह लगभग 12 बजे टॉवर से सुरक्षित नीचे उतर आई। राहत की सांस लेते हुए पुलिस ने उसे अपनी अभिरक्षा में लिया और आगे की पूछताछ के लिए बांसडीह रोड थाने ले गई। घटना के दौरान पूरे इलाके में लोगों की भारी भीड़ जुटी रही और मोबाइल टॉवर के नीचे घंटों अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस अब पूरे मामले की जांच कर रही है। साथ ही यह भी देखा जा रहा है कि महिला के लगाए गए दावे, दोनों के संबंध और शादी के आश्वासन से जुड़े सभी तथ्यों की कानूनी स्थिति क्या है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि महिला सुरक्षित है और मामले में आगे आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में शनिवार रात विभिन्न बैरकों की तलाशी के दौरान पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस संबंध में जेल प्रशासन ने पांच हवालातियों के खिलाफ पुलिस को शिकायत भेजी, जिसके आधार पर थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जेल के सहायक अधीक्षक वीरपाल सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर जेल कर्मचारियों द्वारा समय-समय पर विभिन्न बैरकों सहित पूरे जेल परिसर की तलाशी ली जाती है। इसी क्रम में शनिवार रात औचक निरीक्षण के दौरान जेल में बंद हवालाती मोगा निवासी सूरज, मलकीत सिंह उर्फ मन्नू, हरमल सिंह उर्फ हरमल,फाजिल्का निवासी बलजीत सिंह तथा कोटकपूरा निवासी लक्की के कब्जे से कुल पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस शिकायत के आधार पर थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने उक्त पांचों हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएग: जांच अधिकारी इस मामले की जांच कर रहे जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के इंचार्ज एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि आरोपियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचे। यदि किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है तो उसे भी मामले में नामजद कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
युवती से मोबाइल छीनने के तीन आरोपी काबू
भास्कर न्यूज | कुरुक्षेत्र शाहाबाद बाजार में 3 दिन पहले युवती से मोबाइल फोन छीनकर फरार हुए बाइक सवार स्नेचरों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मूलरूप से अम्बाला कसेरला हाल माजरी मोहल्ला शाहाबाद निवासी रमन, कुरुक्षेत्र गांव रावा निवासी कमलजीत और शाहाबाद निवासी नाबालिग के तौर पर हुई है। शाहाबाद लक्की कॉलोनी निवासी महिला ने पुलिस को शिकायत दर्ज कराई थी कि 16 जुलाई को अपनी बेटी व माता के साथ घर से कुछ सामान लेने के लिए शाहाबाद बाजार में पैदल जा रहे थे। लक्की कॉलोनी में एक करियाना की दुकान के पास पहुंचे तो उसी समय एक बाइक पर 3 युवक आए जिन्होंने मुंह पर कपड़ा लपेटा हुआ था। बेटी के हाथ से मोबाइल फोन छीनकर भाग गए। शिकायत पर थाना शाहाबाद पुलिस ने छीना-झपटी की धारा में केस दर्ज किया था। जांच सीआईए-2 को सौंपी थी। जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर प्रेमचंद की टीम ने छीना-झपटी के आरोपियों रमन, कमलजीत को गिरफ्तार किया। साथ ही शाहाबाद निवासी नाबालिग को अभिरक्षा में लिया है।
कानपुर देहात में नेशनल हाईवे पर शनिवार रात एक दंपति से लूट की घटना हुई। भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र में बाइक सवार दो बदमाशों ने चलती बाइक पर महिला का पर्स छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महोबा जिले के अजनर थाना क्षेत्र के बुधवारा गांव निवासी धर्मपाल शर्मा अपनी पत्नी माया शर्मा के साथ अकबरपुर थाना क्षेत्र के बनारअलीपुर गांव स्थित अपनी ससुराल जा रहे थे। यह घटना रात करीब 8 बजे हुई। दंपति जैसे ही भोगनीपुर कोतवाली क्षेत्र के हांसेमऊ गांव के पास नेशनल हाईवे पर पहुंचे, तभी पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने माया शर्मा के हाथ से पर्स झपट लिया। बदमाश तेज रफ्तार से मौके से भाग निकले। पीड़ित दंपति ने तत्काल भोगनीपुर पुलिस को सूचना दी। उनकी तहरीर के अनुसार, छीने गए पर्स में 10 हजार रुपये नकद, सोने की एक जोड़ी झुमकी, एक एटीएम कार्ड और वीवो कंपनी का मोबाइल फोन था। सूचना मिलते ही देवीपुर चौकी प्रभारी अतेंद्र कुमार सिंह पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस के जरिए बदमाशों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। भोगनीपुर कोतवाली प्रभारी सतीश सिंह ने बताया कि लुटेरों की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं और जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर घटना का खुलासा किया जाएगा।
ग्वालियर में शनिवार शाम भगवान जगन्नाथ की भव्य रथयात्रा भक्ति, कीर्तन और जयघोष के बीच आगे बढ़ रही थी, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर महिला चोर गैंग ने कई श्रद्धालुओं को निशाना बना लिया। इंदरगंज से दाल बाजार के बीच महिलाओं के मंगलसूत्र, सोने के टॉप्स, झुमके और मोबाइल चोरी होने की एक के बाद एक घटनाएं सामने आईं। वारदातों के बाद बड़ी संख्या में पीड़ित शिकायत लेकर थाने पहुंचे। जानकारी के मुताबिक, शाम करीब 6 बजे से रात 9 बजे के बीच सबसे अधिक घटनाएं इंदरगंज चौराहे से दाल बाजार के बीच हुईं। महिला चोर गैंग ने खासकर बुजुर्ग महिलाओं और भीड़ में खड़े श्रद्धालुओं को निशाना बनाया। किसी के कान से सोने के टॉप्स झपट लिए गए, तो किसी के गले से मंगलसूत्र तोड़ लिया गया। वहीं कई लोगों के मोबाइल भी बैग और जेब से गायब हो गए। सबसे पहले 65 वर्षीय निर्मला पचौरी भगवान जगन्नाथ के दर्शन के दौरान शिकार बनीं। भीड़ में एक महिला उनके कान से सोने का टॉप्स झपटकर फरार हो गई। इसके कुछ देर बाद प्रेमलता पचौरी के कान का सोने का बाला भी इसी तरह चोरी हो गया। इसके बाद 55 वर्षीय कमला बाथम, जो सफाई कार्य के बाद रथयात्रा देख रही थीं, उनके गले से सोने का मंगलसूत्र तोड़ लिया गया। वहीं 58 वर्षीय मुन्नीबाई भंडैरिया के एक कान का सोने का टॉप्स झपट लिया गया। दूसरे कान का टॉप्स निकालने की कोशिश के दौरान उन्होंने महिला का हाथ पकड़ लिया, जिससे दूसरा टॉप्स बच गया। घटना के बाद मुन्नीबाई फूट-फूटकर रोने लगीं। उन्होंने बताया कि एक-एक रुपए जोड़कर उन्होंने ये टॉप्स बनवाए थे। थाने पहुंचकर भी वे पुलिस से अपने गहने वापस दिलाने की गुहार लगाती रहीं। मोबाइल भी हुए चोरी सिर्फ गहने ही नहीं, मोबाइल चोरी की घटनाएं भी सामने आईं। पिंकी दाद के बैग से रियलमी कंपनी का मोबाइल चोरी हो गया, जबकि 70 वर्षीय तुलसीदास सेन की जेब से वीवो कंपनी का मोबाइल पार कर दिया गया। इसके अलावा भी कई श्रद्धालुओं ने मोबाइल और अन्य सामान चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई है। लगातार हो रही वारदातों के बीच कुछ लोगों ने एक संदिग्ध महिला और एक पुरुष को पकड़ लिया। लोगों का आरोप था कि दोनों भीड़ में श्रद्धालुओं के गहनों और मोबाइल पर नजर रख रहे थे। दोनों को पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस उनसे पूछताछ कर रही है कि वे कहां के रहने वाले हैं, उनके साथ और कौन-कौन शामिल है तथा क्या उनका किसी संगठित चोर गिरोह से संबंध है। इंदरगंज, कोतवाली और जनकगंज थाना क्षेत्रों में चोरी की कई शिकायतें दर्ज हुई हैं। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, पीड़ितों के बयान और पकड़े गए संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर पूरे गिरोह का पता लगाने में जुटी है। साथ ही चोरी गए गहने और मोबाइल बरामद करने तथा फरार आरोपियों की तलाश की जा रही है।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर थाना क्षेत्र की 20 वर्षीय युवती के साथ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म करने का मामला सामने आया है। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी पहले उसे घर से बहला-फुसलाकर ले गया, फिर भोपाल में उसकी मर्जी के बिना आर्य समाज मंदिर में शादी कराई। इसके बाद मध्यप्रदेश, गुजरात और राजस्थान के अलग-अलग शहरों में ले जाकर कई बार दुष्कर्म किया। 15 जुलाई को परिजनों ने राजस्थान के बारा में युवती को तलाश लिया, जबकि आरोपी मौके से फरार हो गया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। एक साल से थी पहचान, धमकी देकर बनाया दबावपुलिस को दिए बयान में युवती ने बताया कि वह पिछले करीब एक साल से राहुल को जानती थी। दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत होती थी। आरोपी लगातार मिलने का दबाव बनाता था और मना करने पर आत्महत्या करने या घर पहुंचकर हंगामा करने की धमकी देता था। डर के कारण वह कुछ बार गांव के खेत में उससे मिलने गई, जहां आरोपी ने उसकी इच्छा के विरुद्ध दुष्कर्म किया। इसके बाद भी वह धमकियां देकर उसे चुप रहने के लिए मजबूर करता रहा। घर से ले जाकर भोपाल में कराई जबरन शादीपीड़िता के अनुसार, 1 जून की रात आरोपी ने उसे फोन कर घर के पीछे बुलाया। मना करने पर घर आने की धमकी दी, जिससे घबराकर वह मिलने पहुंच गई। आरोपी उसे जबरन बाइक पर बैठाकर पहले उज्जैन ले गया। वहां शादी का भरोसा दिलाने के बाद राजस्थान के रामगंज मंडी होते हुए भोपाल पहुंचा, जहां आर्य समाज मंदिर में उसकी मर्जी के बिना शादी कराई। इसके बाद करीब 15 दिन तक उसे किराए के मकान में रखा। गुजरात और राजस्थान में भी करता रहा शोषणयुवती ने आरोप लगाया कि इसके बाद आरोपी उसे गुजरात ले गया, जहां वह पहले टाइल्स फैक्ट्री और बाद में एक पेपर कंपनी में काम करता रहा। इस दौरान अलग-अलग स्थानों पर रहने के बावजूद आरोपी उसकी इच्छा के विरुद्ध कई बार शारीरिक संबंध बनाता रहा। बाद में वह उसे राजस्थान के बारा ले गया और वहां भी किराए के कमरे में रखा। परिजनों ने राजस्थान में तलाशा, आरोपी फरार15 जुलाई को युवती की बहन, जीजा और अन्य परिजन तलाश करते हुए बारा पहुंचे। परिजनों को देखते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। इसके बाद परिवार युवती को अपने साथ लेकर आया। घर पहुंचने पर युवती ने पूरी घटना परिजनों को बताई, जिसके बाद उसे लेकर खिलचीपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई गई। मोबाइल छीनकर किसी से संपर्क नहीं करने दियापीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसने कई बार आरोपी का विरोध किया, लेकिन वह लगातार धमकाता रहा। जब उसने अपनी बहन को फोन कर मदद मांगने की कोशिश की तो आरोपी ने उसका मोबाइल भी छीन लिया, ताकि वह किसी से संपर्क न कर सके। खिलचीपुर थाना पुलिस ने आरोपी राहुल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 87, 64(2)(एम) और 351(3) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी फिलहाल फरार है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार तलाश की जा रही है।
कानपुर में ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों का सामान चोरी करने वाले शातिर चोर को चकेरी पुलिस और जीआरपी की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार कर लिया। ऑपरेशन 'त्रिनेत्र' के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी की पहचान हुई। उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन और 19 हजार रुपये नकद बरामद हुए हैं। आरोपी पर पहले से चोरी के 10 मुकदमे दर्ज हैं। शताब्दी उद्यान मोड़ से हुई गिरफ्तारी थाना प्रभारी चकेरी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि शनिवार को चकेरी पुलिस और जीआरपी कानपुर सेंट्रल की संयुक्त टीम ने शताब्दी उद्यान मोड़ से आरोपी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में उसने अपनी पहचान हरियाणा के हिसार जिले के नारनौंद थाना क्षेत्र स्थित खंडा खेड़ी गांव निवासी अनिल उर्फ विजेंद्र सिंह (34) के रूप में बताई। गिरफ्तारी के बाद आरोपी को शनिवार दोपहर करीब 3:30 बजे न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया। ट्रेनों में यात्रियों को बनाता था निशाना पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की गतिविधियों पर नजर रखता था। मौका मिलते ही मोबाइल फोन और अन्य कीमती सामान चोरी कर फरार हो जाता था। पुलिस ने उसके पास से एक चोरी का मोबाइल फोन और 19 हजार रुपये नकद बरामद किए हैं, जिन्हें अलग-अलग वारदातों से जुड़ा माना जा रहा है। 2014 से दर्ज हैं 10 मुकदमे पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी के खिलाफ वर्ष 2014 से जीआरपी कानपुर सेंट्रल और चकेरी थाने में चोरी के 10 मुकदमे दर्ज हैं। हाल के दिनों में दर्ज आधा दर्जन मामलों में भी उसकी तलाश की जा रही थी। ऑपरेशन 'त्रिनेत्र' के तहत लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान कर घेराबंदी की और गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उससे अन्य वारदातों के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
सहरसा में मोबाइल छीनने वाले अपराधी चिह्नित:फायरिंग मामले में FIR दर्ज, गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज
सहरसा में मोबाइल छीनने और हवाई फायरिंग के मामले में पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। घटना के 24 घंटे के भीतर सहरसा पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर दोनों अज्ञात अपराधियों की पहचान कर ली है। इस मामले में पीड़ित श्याम त्रिवेदी ने सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई है, जिसके बाद पुलिस ने उनकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी तेज कर दी है। इसको लेकर शनिवार के दोपहर सहरसा सदर एसडीपीओ आलोक कुमार ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। उन्होंने कहा कि फायरिंग करने का प्रयास किया गया लेकिन फायरिंग नहीं हुई। मोबाइल और बाइक की चाबी लेकर फरार हुए अपराधी को जल्द पकड़ लिया जाएगा। 2 युवकों ने मोटरसाइकिल को ओवरटेक कर रोक लिया दरअसल, यह घटना शुक्रवार शाम सहरसा सदर थाना क्षेत्र के पुरानी जेल बटराहा के पास हुई थी। 'पूजा भोग फ्लावर मिल' के मैनेजर श्याम त्रिवेदी (पिता- स्वर्गीय महेरा त्रिवेदी) दुकानदारों से मिलकर वापस लौट रहे थे। बटराहा स्थित 'मुंडेश किराना' दुकान से निकलने के कुछ ही देर बाद बाइक सवार दो युवकों ने उनकी मोटरसाइकिल को ओवरटेक कर रोक लिया। पीड़ित के अनुसार, बदमाशों ने हथियार दिखाकर उन्हें हटने को कहा। जब श्याम त्रिवेदी ने विरोध किया और शोर मचाया, तो अपराधियों ने दहशत फैलाने के लिए दो गोलियां चलाईं। इसके बाद उन्होंने श्याम त्रिवेदी की शर्ट की जेब से मोबाइल फोन छीन लिया, जिसमें दो सिम कार्ड (नंबर: 9939975536 और 8229045586) लगे थे, और मौके से फरार हो गए। FSL की टीम को भी बुलाया गया घटना की सूचना मिलते ही अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) सदर आलोक कुमार और सदर थानाध्यक्ष दलबल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और निरीक्षण किया। मामले की वैज्ञानिक जांच सुनिश्चित करने के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) की टीम को भी बुलाया गया, जिसने घटनास्थल से महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए हैं। शनिवार दोपहर एसडीपीओ आलोक कुमार ने प्रेसवार्ता कर अपराधियों की पहचान की जानकारी दी। सदर थाना पुलिस के अनुसार, सीसीटीवी फुटेज के गहन विश्लेषण के बाद घटना में शामिल दोनों बदमाशों की पहचान कर ली गई है। पुलिस का दावा है कि विशेष टीमें लगातार छापेमारी कर रही हैं और जल्द ही दोनों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
ऑपरेशन मुस्कान- जमुई पुलिस ने 26 खोए मोबाइल बरामद किए:एसपी ने CEIR पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की
जमुई पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 26 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा दिए। साइबर थाना पुलिस की इस कार्रवाई से मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल ने शनिवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि साइबर थाना पुलिस ने विभिन्न स्थानों से ये 26 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। सभी मोबाइलों की पहचान और सत्यापन के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। उन्होंने कहा कि पुलिस का उद्देश्य लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाकर उनके चेहरे पर मुस्कान लौटाना है। एसपी ने लोगों से अपील की कि यदि किसी का मोबाइल खो जाए तो तुरंत संबंधित थाने में इसकी सूचना दें और सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे मोबाइल का आईएमईआई नंबर ब्लॉक हो जाता है और यदि उसमें कोई नया सिम लगाकर उपयोग किया जाता है तो पुलिस उसे आसानी से ट्रैक कर बरामद कर सकती है। उन्होंने यह भी सलाह दी कि सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदने से पहले उसकी जांच अवश्य करें। इसके लिए संचार साथी पोर्टल पर मोबाइल का आईएमईआई (IMEI) नंबर डालकर यह सुनिश्चित कर लें कि मोबाइल चोरी या गुमशुदगी का तो नहीं है। साइबर थाना परिसर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान दो दर्जन से अधिक लोगों को उनके मोबाइल सौंपे गए। अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने जमुई पुलिस का आभार व्यक्त किया। इसी क्रम में जदयू नेता मुकेश कुमार साह का भी खोया हुआ मोबाइल पुलिस ने बरामद कर उन्हें लौटाया। मोबाइल मिलने पर उन्होंने जमुई पुलिस और एसपी विश्वजीत दयाल का धन्यवाद करते हुए साइबर थाना पुलिस की सराहना की। उन्होंने बताया कि तीन महीने पहले लखीसराय जाने के दौरान उनका मोबाइल खो गया था, जिससे उन्हें काफी परेशानियां हुई थीं। इस अवसर पर साइबर डीएसपी अभिषेक कुमार सहित साइबर पुलिस के जवान मौजूद थे।
महाराष्ट्र से मजदूरी कर शिवपुरी लौट रहे एक मजदूर के साथ ट्रेन में साइबर ठगी का मामला शनिवार को सामने आया है। एक अज्ञात युवक ने पहले चोरी-छिपे मजदूर का यूपीआई पिन देखा और फिर मां की तबीयत खराब होने का बहाना बनाकर उसका मोबाइल ले लिया। इसके बाद, उसने मजदूर की जानकारी के बिना यूपीआई के जरिए 9 हजार रुपए अपने परिचित के खाते में ट्रांसफर कर दिए। पीड़ित ने इस संबंध में साइबर क्राइम प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई है। नरवर थाना क्षेत्र के काली पहाड़ी मेड़ा श्यामपुर निवासी धनवंत सिंह बघेल महाराष्ट्र के सोलापुर स्थित एक धागा फैक्ट्री में काम करते हैं। 16 जुलाई को वे सोलापुर से ट्रेन द्वारा अपने गांव लौट रहे थे। यात्रा के दौरान, एक रेलवे स्टेशन पर यूपीआई से भुगतान करते समय एक अज्ञात व्यक्ति ने उनका यूपीआई पिन चोरी-छिपे देख लिया था। मां की तबीयत का हवाला दिया, भरोसा बढ़ायावही व्यक्ति बाद में झांसी जाने वाली ट्रेन में धनवंत सिंह के साथ बैठ गया। रास्ते में उसने अपनी मां की तबीयत खराब होने का हवाला देकर कुछ देर के लिए धनवंत का मोबाइल मांगा। धनवंत ने भरोसा कर उसे मोबाइल दे दिया। आरोप है कि युवक ने मोबाइल में यूपीआई पिन डालकर दोपहर 2:42 बजे रविकांत चौबे के मोबाइल नंबर से जुड़े यूपीआई खाते में 9 हजार रुपए ट्रांसफर कर दिए। राशि ट्रांसफर करने के बाद आरोपी ने मोबाइल वापस कर दिया और पानी लाने का बहाना बनाकर मौके से फरार हो गया। काफी तलाश के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। घटना की जानकारी मिलने पर धनवंत सिंह ने साइबर क्राइम प्रकोष्ठ में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मामले की जांच, आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई और ठगी गई 9 हजार रुपए की राशि वापस दिलाने की मांग की है।
मोगा सिटी पुलिस ने दिनदहाड़े एक महिला से मोबाइल फोन छीनने के मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है।इस संबंध में थाना सिटी मोगा में 17 जुलाई 2026 को एफआईआर नंबर 180 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 304 (पूर्व आईपीसी धारा 379-बी) के अंतर्गत मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता सीमा रानी, पत्नी भगवंत सिंह, निवासी दरिया पट्टी, खोसा पांडो, जिला मोगा ने पुलिस को बताया कि वह चक्की वाली गली में खड़ी होकर अपने मोबाइल पर कॉल सुन रही थीं। तभी मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक पीछे से आए और उनका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच में जुटी घटना के बाद पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से इलाके के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। जांच के दौरान आरोपियों की पहचान लवप्रीत सिंह पुत्र रसपाल सिंह, निवासी घुमियारा, जिला फरीदकोट, और मनदीप सिंह पुत्र जोगिंदर सिंह, निवासी महीना, जिला मोगा के रूप में हुई। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में उनके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन बरामद किया गया। मोगा सिटी पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ जारी है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि क्या वे पहले भी ऐसी वारदातों में शामिल रहे हैं। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
सरगुजा जिले के ग्राम नागम में हल्की बारिश के दौरान बिजली गिरने से 4 बच्चे झुलस गए। इनमें से दो बच्चों की मौत हो गई। दो बच्चों को हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया। दोनों सगे भाई हैं। उनकी हालत खतरे से बाहर बताई गई है। मामला लुंड्रा थाना क्षेत्र का है। सरगुजा में शुक्रवार शाम कई इलाकों में बारिश हुई है। लुंड्रा थाना क्षेत्र के ग्राम नागम में शाम करीब 5 बजे हल्की बारिश शुरू हुई। इस दौरान चार बच्चे पेड़ के नीचे मोबाइल देख रहे थे। इस दौरान बिजली चमकी और पेड़ पर बिजली गिर गई। गाज गिरने से चारों बच्चे झुलस गए। हादसे में रंजीत पिता लोहरा नगेशिया (12) और रोशन पिता विजय नगेशिया (12) की मौके पर ही मौत हो गई। बिजली गिरने से झुलसे सगे भाईयों प्रभु राम पिता भीमसाय (11) और उसका सगा भाई दिनेश (13) को तत्काल हॉस्पिटल में भर्ती किया गया। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई गई है। घटना से गांव में शोक है। स्थानीय लोगों ने बताया कि बच्चे पहले से पेड़ के नीचे मौजूद थे। हल्की बारिश शुरू हुई तो भी वे वहीं बने रहे। इसी दौरान उन पर गाज गिर गई। शनिवार को भी बारिश और गाज गिरने की संभावना उत्तर छत्तीसगढ़ में बलरामपुर जिले को छोड़कर अन्य जिलों अब तक औसत से कम बारिश हुई है। शुक्रवार को सरगुजा संभाग के कई इलाकों में बारिश हुई। शनिवार को भी बादल छाए हुए हैं। सुबह से कई इलाकों में बारिश हुई है। मौसम विभाग के अनुसार, शनिवार को सरगुजा के कई इलाकों में बारिश हो सकती है। इस दौरान गई स्थानों पर गाज भी गिर सकती हैं। सरगुजा जिले के कई इलाके गाज गिरने की दृष्टि से संवेदनशील हैं।
लखीसराय के पीरीबाजार थाना क्षेत्र में शनिवार को एक अज्ञात युवक का शव मिलने से सनसनी फैल गई। बेनीपुर रेल अंडरपास से महेशपुर जाने वाली सड़क किनारे राहगीरों ने शव देखा, जिसके बाद स्थानीय पुलिस को सूचना दी गई। घटनास्थल पर आसपास के गांवों से भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पीरीबाजार थानाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल की घेराबंदी कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए मेदनीचौकी थाना अध्यक्ष चितरंजन कुमार और मानिकपुर थाना अध्यक्ष रंजीत कुमार भी पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। घटनास्थल पर बिखरा मिला खून पुलिस ने आसपास के क्षेत्र को सुरक्षित कर साक्ष्य जुटाने का कार्य प्रारंभ किया। घटनास्थल पर सड़क पर काफी मात्रा में खून बिखरा हुआ मिला। शव से कुछ दूरी पर एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है। इन परिस्थितियों को देखते हुए मामला संदिग्ध प्रतीत हो रहा है। पहचान के लिए स्थानिय लोगों से पूछताछ कर रही पुलिस समाचार लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। पुलिस मृतक की पहचान के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों को सूचना भेजने के साथ-साथ स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है। पुलिस को आशंका है कि पहचान होने के बाद मामले के खुलासे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। घटना की वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) की टीम को भी बुलाया गया है। टीम घटनास्थल से खून के नमूने, मोबाइल फोन सहित अन्य भौतिक साक्ष्य एकत्र कर जांच करेगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाया जाएगा। फिलहाल, पुलिस हत्या या किसी अन्य आपराधिक घटना सहित सभी संभावित बिंदुओं पर गंभीरता से जांच कर रही है। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है।
सहारनपुर में एसबीडी जिला अस्पताल में तैनात एक नर्सिंग ऑफिसर के मोबाइल फोन को हैक कर साइबर ठगों ने यूपीआई के माध्यम से 96,666 रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद जनकपुरी थाने में तहरीर दी और अज्ञात के खिलाफ शनिवार को मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। मेरठ के ग्राम पांचली खुर्द निवासी मनोज कुमार, जो वर्तमान में सहारनपुर के एसबीडी अस्पताल परिसर में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, ने अपनी तहरीर में बताया कि 11 जून 2026 को उनके मोबाइल पर 96,666 रुपए यूपीआई आईडी jafar07860@barodampay पर ट्रांसफर होने का मैसेज आया। उनका आरोप है कि किसी साइबर अपराधी ने उनका मोबाइल फोन हैक कर उनकी जानकारी के बिना ये लेनदेन किया। राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की मनोज कुमार के अनुसार, मैसेज मिलते ही उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उन्होंने 17 जून 2026 को जनकपुरी थाने में लिखित प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ कार्रवाई कर, उनके खाते से निकाली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि शिकायत और साइबर पोर्टल पर दर्ज विवरण के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में संबंधित यूपीआई आईडी किसके नाम पर संचालित है, भुगतान किस माध्यम से हुआ और साइबर ठगी की पूरी प्रक्रिया का पता लगाया जाएगा।
कांग्रेस के सीनियर लीडर और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपना अधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट छोड़कर ऑफिस स्टाफ के हवाले कर दिया है। यही नहीं उन्होंने अपना पर्सनल मोबाइल भी अपने सेक्रेटरी सचिन वत्स को सौंप दिया। ऑफिस के नाम हुआ एक्स हैंडल दिग्विजय सिंह का एक्स हैंडल पहले digvijaya_28 के नाम से था अब यह Ofiiceofdvs यानी ऑफिस ऑफ दिग्विजय सिंह के नाम में बदल दिया गया है। मोबाइल नंबर भी सेक्रेटरी को दिया दिग्विजय सिंह ने अपना पर्सनल मोबाइल नंबर भी अपने सेक्रेटरी को दे दिया है। दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है- आज से मैं अपना मोबाइल नंबर उपयोग नहीं करूंगा। यह नंबर अब मेरे सचिव सचिन वत्स द्वारा उपयोग किया जाएगा। इस नंबर पर प्राप्त आपके महत्वपूर्ण संदेशों एवं जानकारियों से वे मुझे अवगत कराते रहेंगे। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद। गंगा दशहरा से शुरु होगी पदयात्रा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने जा रहे हैं। 20 अक्टूबर से यह यात्रा शुरु होगी। इस यात्रा में दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया का प्रयोग न करने का भी ऐलान किया है। शुरुआत में दिग्विजय सिंह ने भोपाल में घोषणा की थी कि वह 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या तक की 1,000 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे। हालांकि, बाद में अपनी योजनाओं में संशोधन करते हुए उन्होंने इसे दशहरे (विजयदशमी) के पावन अवसर से शुरू करने का निर्णय लिया। वर्ष 2026 में दशहरा 20 अक्टूबर को पड़ रहा है, इसलिए यह यात्रा 20 अक्टूबर से शुरू होगी। दिग्विजय सिंह ने कहा, मैं 80 साल का हो गया हूं। पार्टी ने मुझे 5 बार विधायक बनाया, दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा भेजा। अब मैंने पार्टी से कह दिया है कि मेरी जगह किसी और को मौका दें। अब मैं सिर्फ धर्म की रक्षा के लिए काम करूंगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उज्जैन से अयोध्या की यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं होगी। यात्रा के दौरान वे न तो कोई राजनीतिक बयान देंगे और न ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक, एक्स) पर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया पोस्ट करेंगे। कारसेवक संतोष दुबे होंगे मुख्य अतिथि: दिग्विजय सिंह ने बताया था कि वे इस यात्रा में किसी बड़े राजनीतिक नेता को आमंत्रित नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, अयोध्या आंदोलन के दौरान 4 गोलियां खाने वाले कारसेवक संतोष दुबे को इस यात्रा का मुख्य अतिथि बनाया जाएगा। यात्रा का मुख्य एजेंडा (राम मंदिर चंदे का हिसाब): दिग्विजय सिंह ने स्वयं राम मंदिर के लिए 1.11 लाख रुपए का चंदा दिया था। उनका आरोप है कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से जुटाए गए चंदे और महाकाल मंदिर के चढ़ावे में वित्तीय अनियमितताएं (चंदा चोरी) हुई हैं। वे वकीलों से सलाह लेकर अयोध्या की अदालत में मुकदमा दायर करेंगे और चंदे का पूरा हिसाब मांगेंगे। इस यात्रा में वे उन सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर रहे हैं जिन्होंने राम मंदिर के लिए दान दिया था और वे अपनी रसीद के साथ शामिल हो सकते हैं।
भोजपुर में एक छात्र की गला रेतकर हत्या कर दी। घर से सामान खरीदने निकला था। मृतक की पहचान प्रीतम कुमार सिंह(18) के तौर पर हुई है। इंटर में पढ़ता था। दोस्तों पर हत्या की आशंका है। मौके से मोबाइल भी गायब है। घटना उदवंतनगर थाना क्षेत्र के मसाढ़ गांव की है। दुश्मनी से किया इनकार मृतक के बड़े भाई प्रिंस राज ने बताया कि वह शुक्रवार शाम करीब साढ़े पांच बजे घर से बाजार के लिए गया था। जाते समय कहा था कि मैं बाजार सामान खरीदने के लिए जा रहा हूं। 2 घंटे बाद साढ़े सात बजे चाचा विमलेश कुमार के मोबाइल पर किसी ग्रामीण ने फोन करके पूछा कि तुम्हारा भतीजा कहां है। चाचा ने कहा कि कोई बात है क्या, पूछने पर बताया कि गांव स्थित दलित टोला में खंडरनुमा घर में उसका शव पड़ा हुआ है। तुरंत मौके पर पहुंचा। गला रेतकर हत्या हुई है, शव फेंका हुआ था। जांच से खुलेगा राज हालांकि प्रिंस ने किसी से दुश्मनी या विवाद से इनकार किया है। दोस्तों पर हत्या की आशंका जताई जा रही है, लेकिन जांच के बाद ही कुछ स्पष्ट हो सकेगा। घर में मचा कोहराम मामले की सूचना पर पुलिस मौक पर पहुंची। कागजी कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेजा। फिलहाल पुलिस अपने स्तर से छानबीन कर रही है। मृतक तीन बहन और दो भाई में छोटा था। घटना के बाद घर में कोहराम मच गया है। परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
शाजापुर शहर के लालपुरा क्षेत्र में रहने वाले एक बेकरी संचालक साइबर ठगी का शिकार हो गए। 10 जुलाई को व्हाट्सएप पर आई संदिग्ध APK फाइल पर क्लिक करने के बाद उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद साइबर ठगों ने उनके एसबीआई बचत खाते से ₹25,400 निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर कोतवाली थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल पर आई थी APK फाइल पुलिस के मुताबिक, लालपुरा निवासी मोहम्मद आफताब शाह (39) पुत्र अब्दुल रशीद शाह ने बताया कि 10 जुलाई की रात करीब 9 बजे उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से APK फाइल आई थी। उन्होंने अनजाने में उस पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनका मोबाइल कथित रूप से हैक हो गया। घबराहट में उन्होंने संबंधित नंबर और फाइल डिलीट कर दी। बैंक स्टेटमेंट में सामने आए छह ट्रांजेक्शन 14 जुलाई को दोपहर 12:53 बजे उनके मोबाइल पर एसबीआई बैंक से ₹5,000 डेबिट होने का मैसेज मिला। बैंक पहुंचकर स्टेटमेंट निकलवाने पर पता चला कि उनके बचत खाते से 5-5 हजार रुपए के पांच ट्रांजेक्शन और ₹400 का एक अन्य ट्रांजेक्शन कर कुल ₹25,400 निकाल लिए गए। ट्रांजेक्शन के बाद खाते में केवल ₹82 शेष बचे थे। 1930 पर शिकायत के बाद थाने पहुंचे पीड़ित का कहना है कि उन्होंने किसी को भी राशि ट्रांसफर नहीं की थी। घटना की जानकारी मिलने पर उन्होंने सबसे पहले राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद कोतवाली थाने पहुंचकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ शिकायत दी। पुलिस ने शुक्रवार शाम धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी के मोबाइल से मिले 111 हूबहू असली सवाल! 5 लाख का सौदा टेलीग्राम पर 10 लाख में बिका, मची खलबली
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही जांच एजेंसियों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में परीक्षा के पूरे 111 असली सवाल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही इस पूरे रैकेट के वित्तीय लेन-देन का भी पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पांच लाख रुपये से शुरू हुआ यह खेल टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोगुने दाम तक पहुंच गया।मोबाइल में मौजूद थे परीक्षा के 111 हूबहू सवालजांच अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पकड़े गए संदिग्ध के स्मार्टफोन के डेटा को जब खंगाला गया, तो उसमें एक गोपनीय पीडीएफ फाइल मिली। इस फाइल में नीट यूजी परीक्षा के कुल 111 सवाल बिल्कुल उसी क्रम और भाषा में मौजूद थे, जो परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र में पूछे गए थे। यह इस बात का अकाट्य सबूत है कि परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही प्रश्नपत्र को पूरी तरह से लीक कर दिया गया था। साइबर और फॉरेंसिक टीमें अब इस मोबाइल के डिलीट किए गए डेटा और चैट हिस्ट्री को रिकवर करने में जुटी हैं ताकि इस चेन से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।5 लाख रुपये में हुआ सौदा, टेलीग्राम पर 10 लाख में खुली बोलीइस रैकेट के काम करने के तौर-तरीकों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लीक करने वाले गिरोह ने सबसे पहले चुनिंदा दलालों और छात्रों के साथ इस पूरे पेपर का सौदा महज 5 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से तय किया था। लेकिन लालच बढ़ने के बाद इस सिंडिकेट ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। गिरोह के सदस्यों ने टेलीग्राम (Telegram) पर सीक्रेट और एन्क्रिप्टेड ग्रुप्स बनाए, जहां इस लीक प्रश्नपत्र को 10-10 लाख रुपये में धड़ल्ले से बेचा गया। डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों का ट्रांसफर किए जाने के भी इनपुट मिले हैं।सॉल्वर गैंग और कोचिंग सेंटर्स के कनेक्शन की गहराई से जांचइस बड़े खुलासे के बाद देश के कई राज्यों में फैले सॉल्वर गैंग और कुछ नामी कोचिंग संस्थानों के गठजोड़ पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि परीक्षा केंद्र से या प्रिंटिंग प्रेस से यह पेपर किस स्तर पर बाहर आया। इस नई कूटनीतिक और डिजिटल जांच के बाद प्रभावित छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और दोबारा निष्पक्ष तरीके से परीक्षा आयोजित कराने की मांग तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय भी इस पूरे मामले की रिपोर्ट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन ने हमारे हाथ की घड़ी से लेकर जेब के पर्स तक की जगह काफी हद तक ले ली है। आजकल कई लोग घर से निकलते समय जेब में सिर्फ एक मोबाइल और गाड़ी की चाबी रखना ही पसंद करते हैं। ऑनलाइन पेमेंट से लेकर डिजिटल आइडेंटिटी (जैसे डिजिलॉकर) तक के सारे काम अब एक क्लिक पर चुटकियों में हो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना पर्स के सिर्फ फोन लेकर घूमने की यह आदत सिर्फ एक सुविधा है, या फिर यह आपकी सोच, स्वभाव और लाइफस्टाइल के बारे में भी कुछ गहरे संकेत देती है? आइए जानते हैं इसके पीछे की दिलचस्प साइकोलॉजी...1. आपके भीतर की 'मिनिमलिस्ट' सोच की झलकअगर आप बिना पर्स के सिर्फ जरूरी चीजों के साथ बाहर निकलते हैं, तो यह आपके भीतर छिपी 'मिनिमलिस्ट' (Minimalist) सोच को दर्शाता है। मनोविज्ञान (Psychology) के अनुसार, ऐसे लोग अक्सर सादगी, स्पष्टता और एक व्यवस्थित (Organized) जीवन को ज्यादा महत्व देते हैं। उनका मानना होता है कि जितनी कम चीजें साथ होंगी, जिंदगी उतनी ही आसान और कम उलझनों वाली रहेगी। भौतिक चीजों का एक्स्ट्रा बोझ न उठाना इनके मानसिक सुकून को बढ़ाता है।2. नई टेक्नोलॉजी पर अटूट भरोसाUPI, मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और डिजिटल आईडी (जैसे ई-आधार या ड्राइविंग लाइसेंस) ने इंसानी आदतों को पूरी तरह बदल दिया है। जो लोग नई तकनीक और डिजिटल दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, वे मोबाइल आधारित इकोसिस्टम में बहुत सहज महसूस करते हैं। वे लकीर के फकीर बनने के बजाय बदलाव को जल्दी स्वीकार करते हैं, इसलिए उन्हें हर समय पारंपरिक लेदर का भारी-भरकम पर्स साथ रखने की कोई जरूरत महसूस नहीं होती।3. सुविधा और समय को सबसे ऊपर रखना (Efficiency First)कुछ लोगों के लिए समय और कम्फर्ट (Comfort) ही सबसे बड़ी प्रायोरिटी होती है। जब एक ही स्मार्टफोन से बैंकिंग, शॉपिंग, कैब बुकिंग, टिकट और पेमेंट जैसे सारे काम हो सकते हैं, तो अलग से कार्ड्स और नोटों से भरा पर्स कैरी करना उन्हें फिजूल और एक एक्स्ट्रा बोझ लगता है। ऐसे लोग अपनी डेली लाइफ को बेहद स्मार्ट, तेज और झंझट-मुक्त (Hassle-free) रखना पसंद करते हैं।4. हर परिस्थिति में खुद को ढालने की क्षमता (Adaptability)साइकोलॉजी कहती है कि बिना पर्स के घर से बाहर निकलने वाले लोग स्वभाव से थोड़े बेफिक्र और कूल होते हैं। वे छोटी-छोटी संभावित परेशानियों (जैसे—अगर फोन की बैटरी खत्म हो गई तो क्या होगा?) को लेकर पहले से ज्यादा तनाव या स्ट्रेस नहीं लेते। वे जानते हैं कि अगर कोई विपरीत परिस्थिति आ भी गई, तो वे हालात के अनुसार ऑन-द-स्पॉट कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे। हालांकि, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे गैर-जिम्मेदार या लापरवाह हैं, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को दिखाता है।क्या सिर्फ इस एक आदत से आपकी पूरी पर्सनैलिटी डिसाइड होती है?बिल्कुल नहीं। लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स और साइकोलॉजिस्ट का साफ मानना है कि सिर्फ पर्स रखने या न रखने की आदत से किसी भी इंसान के संपूर्ण चरित्र या नेचर का आकलन नहीं किया जा सकता। यह पूरी तरह से उस व्यक्ति की तात्कालिक जरूरत, उसके कार्यक्षेत्र और उसकी व्यक्तिगत सुविधा पर निर्भर करता है।एक्सपर्ट टिप: भले ही आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में बिना पर्स के निकलना एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, लेकिन पूरी तरह से मोबाइल पर निर्भर रहना कभी-कभी मुसीबत में डाल सकता है (जैसे फोन चोरी होना, नेटवर्क गायब होना या बैटरी डेड होना)। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से आपातकालीन स्थिति (Emergency) के लिए जेब में थोड़ा सा कैश और एक वैलिड फिजिकल आइडेंटिटी कार्ड (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य सरकारी आईडी) साथ रखना हमेशा एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर लाने वाली लड़की का क्या हुआ? तीसरी बार दे रही थी परीक्षा
देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक नीट (NEET Re-Exam) के दौरान एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की हताशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। री-एग्जामिनेशन के दौरान कड़ी सुरक्षा और आधुनिक मेटल डिटेक्टर चेकिंग को धता बताते हुए एक छात्रा अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुस्तैद महिला सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर और चेकिंग डिवाइस की बीप ने इस शातिर हाई-टेक चोरी को रंगे हाथों पकड़ लिया। मेडिकल की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में तीसरी बार बैठ रही इस छात्रा की इस अजीबोगरीब और हैरान करने वाली हरकत के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उस लड़की के खिलाफ प्रशासन ने क्या बड़ा एक्शन लिया है।तीसरी बार की कोशिश और शॉर्टकट अपनाने की खौफनाक जिदएक वरिष्ठ क्राइम और एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर इस मामले की तह में जाने पर पता चलता है कि आरोपी छात्रा पिछले दो सालों से नीट की परीक्षा क्रैक करने की लगातार कोशिश कर रही थी। दो बार असफलता हाथ लगने के बाद उस पर इस तीसरी बार की परीक्षा में पास होने का मानसिक और पारिवारिक दबाव बहुत अधिक था। शायद इसी दबाव या फिर किसी सॉल्वर गैंग के बहकावे में आकर उसने परीक्षा में पास होने के लिए यह आत्मघाती और अवैध शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने सोचा था कि कड़े नियमों और फ्रिस्किंग (बॉडी सर्च) के बावजूद वह इस संवेदनशील जगह पर फोन छिपाकर ले जाने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन परीक्षा केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ही उसकी यह चालाकी पूरी तरह धरी की धरी रह गई।रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद केंद्र पर मचा हड़कंपजैसे ही महिला सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान छात्रा के पास से मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध डिजिटल डिवाइस बरामद किए, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक (Centre Superintendent) ने तुरंत इस गंभीर मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फ्लाइंग स्क्वाड को दी। पकड़े जाने के बाद छात्रा रोने लगी और अपनी तीसरी कोशिश का हवाला देते हुए माफी मांगने लगी। लेकिन एंटी-चीटिंग और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए अधिकारियों ने नियमों में किसी भी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया।अब क्या हुआ उस लड़की का और कितनी गंभीर होगी कानूनी कार्रवाईइस हाई-प्रोफाइल नकल के मामले में छात्रा के खिलाफ एंटी-चीटिंग एक्ट (नकल विरोधी कानून) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह परीक्षा हॉल के भीतर किससे संपर्क करने वाली थी या क्या इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है। इसके साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रा को 'अनफेयर मींस' (UFM) श्रेणी में डालते हुए परीक्षा से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जानकारों की मानें तो इस गंभीर अपराध के बाद अब उस पर भविष्य में होने वाली सभी सरकारी और मेडिकल परीक्षाओं में बैठने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) भी लग सकता है, जिसने उसकी तीसरी बार की मेहनत और पूरे करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

