मेक्सिको के स्कूलों में मोबाइल पर बैन, अभिभावकों ने उठाए सवाल
मेक्सिको सरकार ने स्कूलों में मोबाइल फोन के इस्तेमाल पर पूरी तरह रोक लगा दी है ताकि बच्चों का ध्यान पढ़ाई पर केंद्रित रहे और डिजिटल लत से बचाव हो सके. यह नियम प्राइमरी और मिडिल स्कूलों में लागू किया गया है, हालांकि आपात स्थिति और विशेष जरूरतों के लिए फोन इस्तेमाल की अनुमति दी गई है.
Mainpuri News: ऑटो में खोया मोबाइल महिला को लौटाया
ऑटो में खोया मोबाइल महिला को लौटाया
Sambhal News: मोबाइल हैक कर खाते से उड़ाए 6.57 लाख
बहजोई थाना क्षेत्र के नारायण टोला में एक युवक साइबर धोखाधड़ी का शिकार हो गया है।
Muzaffarnagar News: मोबाइल गेम खेलते हुए हार्टफेल कक्षा 11 के छात्र की मौत
Class 11 student dies of heart failure while playing a mobile game
Chandauli News: सरकारी अधिकारियों के मोबाइल नंबर वेबसाइट पर सार्वजनिक करने की मांग
Demand to make mobile numbers of government officials public on the website
Auraiya News: युवक को पीटकर तोड़ी बाइक, मोबाइल छीना
औरैया। शहर के नारायणपुर के पास एक युवक की बेरहमी से पिटाई का आरोप है।
Ayushman Card Wallet Balance 2026: आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए महत्वपूर्ण जानकारी सामने आई है। अब आयुष्मान कार्ड से जुड़े वॉलेट बैलेंस की जानकारी प्राप्त करना आसान हो गया है। उत्तर प्रदेश में आयुष्मान भारत योजना से संबंधित साझा सरकारी सूचना के अनुसार, लाभार्थी अपने मोबाइल पर आयुष्मान ऐप डाउनलोड करके वॉलेट बैलेंस देखने की सुविधा का उपयोग कर सकते हैं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के तहत पात्र परिवारों को हर साल 5 लाख रुपये तक का कैशलेस स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है। इस सुविधा का उद्देश्य अस्पताल में भर्ती होकर इलाज कराने के दौरान पात्र परिवारों पर पड़ने वाले आर्थिक बोझ को कम करना है। ऐसे में आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए यह जानना उपयोगी हो सकता है कि उनके स्वास्थ्य कवर से संबंधित कितना बैलेंस उपलब्ध है। मोबाइल आधारित डिजिटल सुविधा के जरिए लाभार्थियों को इस जानकारी तक पहुंचने में मदद मिल सकती है। Ayushman Card Wallet Balance: क्या होता है आयुष्मान कार्ड का वॉलेट बैलेंस? आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत वॉलेट बैलेंस से आशय लाभार्थी के स्वास्थ्य कवर से संबंधित उपलब्ध राशि की जानकारी से है। प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना में पात्र परिवारों को प्रति वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर मिलता है। यह राशि परिवार के लिए निर्धारित साझा वार्षिक सीमा होती है। इसका मतलब है कि परिवार के पात्र सदस्य योजना के अंतर्गत निर्धारित अस्पताल उपचार के लिए इस कवर का उपयोग कर सकते हैं। हालांकि, आयुष्मान कार्ड का वॉलेट बैलेंस किसी सामान्य बैंक खाते या डिजिटल पेमेंट वॉलेट में जमा रकम की तरह नहीं होता। इस राशि को एटीएम से निकाला नहीं जा सकता और न ही इसे किसी दूसरे व्यक्ति के बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है। यह सुविधा योजना के नियमों के अनुसार सूचीबद्ध अस्पतालों में स्वीकृत चिकित्सा उपचार का खर्च वहन करने के लिए है। Ayushman App से वॉलेट बैलेंस कैसे चेक करें? सरकारी जागरूकता संदेश के अनुसार, लाभार्थी Google Play Store से आधिकारिक आयुष्मान ऐप डाउनलोड करके वॉलेट बैलेंस देखने की सुविधा प्राप्त कर सकते हैं। मोबाइल से बैलेंस देखने के लिए इन चरणों का पालन करें: सबसे पहले अपने एंड्रॉयड स्मार्टफोन में Google Play Store खोलें। सर्च बॉक्स में Ayushman App लिखकर खोजें। ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसके आधिकारिक प्रकाशक और विवरण की जांच करें। सही ऐप मिलने पर Install विकल्प चुनें। ऐप खोलकर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार लाभार्थी लॉगिन या पहचान सत्यापन की प्रक्रिया पूरी करें। लॉगिन के बाद वॉलेट बैलेंस या स्वास्थ्य कवर से संबंधित उपलब्ध विकल्प खोजें। संबंधित विकल्प पर जाकर स्क्रीन पर दिखाई देने वाली जानकारी देखें। ध्यान रखें कि ऐप का इंटरफेस और उपलब्ध सुविधाएं उसके संस्करण तथा लाभार्थी की स्थिति के अनुसार अलग हो सकती हैं। इसलिए ऐप पर दिखाई देने वाले आधिकारिक निर्देशों का पालन करना जरूरी है। Ayushman App Download: कहां से डाउनलोड करें आधिकारिक ऐप? आयुष्मान भारत योजना से संबंधित डिजिटल सुविधाओं का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को केवल आधिकारिक ऐप का इस्तेमाल करना चाहिए। सरकारी संदेश में ऐप डाउनलोड करने के लिए Google Play Store का लिंक साझा किया गया है। ऐप डाउनलोड लिंक: https://t.co/niOaS0w8U8 इस लिंक के माध्यम से उपलब्ध ऐप की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। किसी अनजान वेबसाइट, सोशल मीडिया संदेश या संदिग्ध APK फाइल से ऐप डाउनलोड करने से बचें। यदि ऐप में किसी प्रकार की तकनीकी परेशानी आती है, तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण की आधिकारिक सहायता सेवाओं से जानकारी प्राप्त की जा सकती है। आयुष्मान कार्ड में 5 लाख रुपये का बैलेंस कैसे काम करता है? प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के तहत पात्र परिवारों को हर वर्ष 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है। इसे एक उदाहरण से समझ सकते हैं। मान लीजिए किसी पात्र परिवार के लिए 5 लाख रुपये की वार्षिक कवर सीमा उपलब्ध है। यदि योजना के अंतर्गत परिवार के किसी सदस्य के इलाज पर 1.50 लाख रुपये का स्वीकृत खर्च होता है, तो सामान्य गणना के अनुसार 3.50 लाख रुपये की सीमा शेष रह सकती है। हालांकि, वास्तविक उपलब्ध राशि स्वीकृत दावों, लंबित उपचारों, लागू पैकेज और योजना के नियमों के अनुसार अलग हो सकती है। इसलिए ऐप में दिखाई देने वाली जानकारी को संबंधित आधिकारिक रिकॉर्ड के अनुसार ही समझना चाहिए। क्या आयुष्मान कार्ड का बैलेंस बैंक खाते में निकाला जा सकता है? आयुष्मान कार्ड को लेकर कई लोगों के मन में यह सवाल रहता है कि क्या कार्ड में उपलब्ध राशि को बैंक खाते में ट्रांसफर किया जा सकता है। इसका जवाब है, नहीं। आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना के अंतर्गत मिलने वाला स्वास्थ्य कवर नकद सहायता योजना नहीं है। इसके तहत पात्र लाभार्थियों को सूचीबद्ध अस्पतालों में निर्धारित उपचार के लिए कैशलेस सुविधा उपलब्ध कराई जाती है। योजना की राशि सीधे लाभार्थी के हाथ में नहीं दी जाती। इसलिए यदि कोई व्यक्ति आयुष्मान कार्ड का बैलेंस निकालने या बैंक खाते में ट्रांसफर कराने का दावा करता है, तो ऐसे दावों से सावधान रहना चाहिए। किन अस्पतालों में इस्तेमाल हो सकता है आयुष्मान कार्ड? आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत इलाज की सुविधा सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में उपलब्ध है। हालांकि, सभी अस्पताल इस योजना से जुड़े हुए नहीं होते। इसके अलावा किसी अस्पताल के सूचीबद्ध होने का मतलब यह नहीं है कि वहां प्रत्येक बीमारी का इलाज आयुष्मान कार्ड से कराया जा सकता है। इलाज की सुविधा संबंधित अस्पताल में उपलब्ध स्वीकृत चिकित्सा पैकेज और योजना के नियमों पर निर्भर करती है। लाभार्थियों को अस्पताल में भर्ती होने से पहले संबंधित उपचार की उपलब्धता और योजना के तहत मिलने वाली सुविधा की पुष्टि करनी चाहिए। आयुष्मान कार्ड का बैलेंस जानना क्यों जरूरी है? आयुष्मान कार्ड के स्वास्थ्य कवर से संबंधित जानकारी उपलब्ध होने से लाभार्थियों को अपने परिवार के लिए इस्तेमाल किए गए और उपलब्ध कवर को समझने में मदद मिल सकती है। यदि परिवार के किसी सदस्य का पहले योजना के अंतर्गत इलाज हो चुका है, तो स्वास्थ्य कवर से संबंधित जानकारी प्राप्त करना विशेष रूप से उपयोगी हो सकता है। इसके अलावा अस्पताल में इलाज की योजना बनाते समय भी लाभार्थी संबंधित सहायता केंद्र से उपलब्ध कवर और चिकित्सा पैकेज की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, ऐप में दिखाई देने वाला बैलेंस किसी विशेष इलाज की स्वीकृति की गारंटी नहीं है। अस्पताल में उपचार योजना के नियमों और आवश्यक मंजूरी के अनुसार ही उपलब्ध होगा। ऐप में बैलेंस नहीं दिखे तो क्या करें? यदि आयुष्मान ऐप में वॉलेट बैलेंस दिखाई नहीं देता है, तो सबसे पहले इंटरनेट कनेक्शन और ऐप के अपडेट की जांच करें। इसके बाद सुनिश्चित करें कि आपने सही लाभार्थी विवरण के साथ लॉगिन किया है। यदि समस्या बनी रहती है, तो आधिकारिक सहायता माध्यमों से संपर्क करें। आयुष्मान भारत योजना से संबंधित सहायता के लिए राष्ट्रीय हेल्पलाइन नंबर 14555 उपलब्ध है। लाभार्थी https://beneficiary.nha.gov.in/ पोर्टल पर भी अपनी पात्रता और कार्ड से संबंधित उपलब्ध सेवाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए जरूरी सावधानी आयुष्मान कार्ड के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचना भी जरूरी है। किसी अनजान व्यक्ति को OTP, आधार से जुड़ी संवेदनशील जानकारी या बैंकिंग विवरण साझा न करें। याद रखें कि आयुष्मान कार्ड का स्वास्थ्य कवर इलाज के लिए है, न कि नकद निकासी के लिए। निष्कर्ष: आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए मोबाइल से वॉलेट बैलेंस देखने की सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। सरकारी सूचना के अनुसार, लाभार्थी आधिकारिक आयुष्मान ऐप के माध्यम से अपने स्वास्थ्य कवर से संबंधित बैलेंस की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। हालांकि, उपलब्ध राशि का इस्तेमाल केवल योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार पात्र अस्पताल उपचार के लिए किया जा सकता है। Source Credit: आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PM-JAY), उत्तर प्रदेश से संबंधित साझा सरकारी जागरूकता सूचना। योजना संबंधी अतिरिक्त जानकारी: National Health Authority (NHA), Government of India। Original App Link: https://t.co/niOaS0w8U8 Official Beneficiary Portal: https://beneficiary.nha.gov.in/ Ayushman Bharat Helpline: 14555
Ayushman Bharat Update 2026: आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए अस्पतालों की जानकारी प्राप्त करना अब पहले से आसान हो सकता है। सरकार की ओर से आयुष्मान सारथी (Ayushman Sarathi) ऐप के बारे में जानकारी साझा की गई है। इस मोबाइल ऐप की सहायता से नागरिक अपने आसपास स्थित आयुष्मान भारत योजना में सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। अक्सर लोगों को इलाज की जरूरत पड़ने पर यह पता लगाने में परेशानी होती है कि उनके आसपास कौन-सा अस्पताल आयुष्मान भारत योजना से जुड़ा हुआ है। खासतौर पर किसी गंभीर बीमारी या अस्पताल में भर्ती होने की स्थिति में सही अस्पताल की जानकारी होना बेहद जरूरी हो जाता है। ऐसे में आयुष्मान सारथी ऐप लाभार्थियों के लिए उपयोगी डिजिटल सुविधा साबित हो सकता है। इसके माध्यम से अस्पतालों की जानकारी मोबाइल पर उपलब्ध होने से लोगों को इलाज के लिए उचित स्वास्थ्य संस्थान तलाशने में मदद मिल सकती है। Ayushman Sarathi App क्या है और किस काम आएगा? आयुष्मान सारथी एक मोबाइल आधारित सुविधा है, जिसका उद्देश्य नागरिकों को आयुष्मान भारत योजना से संबंधित सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी उपलब्ध कराना है। इस ऐप के माध्यम से उपयोगकर्ता अपने आसपास मौजूद ऐसे सरकारी और निजी अस्पतालों को खोज सकते हैं, जो योजना के अंतर्गत सूचीबद्ध हैं। इससे मरीजों और उनके परिवारों को यह समझने में मदद मिल सकती है कि उनके क्षेत्र में कौन-कौन से अस्पताल आयुष्मान भारत योजना के नेटवर्क में शामिल हैं। हालांकि, किसी अस्पताल का योजना में सूचीबद्ध होना इस बात की गारंटी नहीं है कि वहां हर बीमारी का इलाज आयुष्मान कार्ड से उपलब्ध होगा। इलाज की सुविधा संबंधित अस्पताल में स्वीकृत पैकेज और योजना के नियमों पर निर्भर करती है। Ayushman Sarathi App से क्या-क्या फायदे होंगे? आयुष्मान सारथी ऐप का सबसे महत्वपूर्ण लाभ अस्पतालों की जानकारी तक आसान पहुंच है। 1. आसपास के अस्पतालों की तलाश मोबाइल की मदद से उपयोगकर्ता अपने नजदीक मौजूद आयुष्मान भारत योजना से जुड़े अस्पतालों की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 2. सरकारी और निजी अस्पतालों की जानकारी ऐप के माध्यम से योजना में सूचीबद्ध सरकारी अस्पतालों के साथ निजी अस्पतालों की जानकारी भी खोजी जा सकती है। 3. अस्पताल खोजने में समय की बचत किसी मरीज को इलाज की जरूरत होने पर पहले अस्पतालों के बारे में जानकारी जुटानी पड़ती है। मोबाइल आधारित सुविधा इस प्रक्रिया को आसान बना सकती है। 4. स्वास्थ्य सेवाओं तक बेहतर पहुंच अस्पतालों की सूची उपलब्ध होने से लाभार्थियों को अपने क्षेत्र में मौजूद स्वास्थ्य सुविधाओं की जानकारी प्राप्त करने में सहायता मिल सकती है। 5. परिवार के सदस्यों के लिए उपयोगी आयुष्मान भारत योजना से जुड़े परिवार अपने सदस्यों के इलाज के लिए उपलब्ध सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी पहले से प्राप्त कर सकते हैं। Ayushman Sarathi App Download: मोबाइल में ऐप कैसे डाउनलोड करें? सरकार की ओर से साझा की गई जानकारी में आयुष्मान सारथी ऐप डाउनलोड करने के लिए Google Play Store का लिंक भी दिया गया है। एंड्रॉयड स्मार्टफोन उपयोगकर्ता निम्न प्रक्रिया अपना सकते हैं। सबसे पहले अपने मोबाइल में Google Play Store खोलें। सर्च बॉक्स में Ayushman Sarathi लिखकर ऐप खोजें। ऐप इंस्टॉल करने से पहले उसके प्रकाशक और आधिकारिक विवरण की जांच करें। सही ऐप मिलने पर Install विकल्प चुनें। ऐप खोलकर उपलब्ध निर्देशों का पालन करें। अस्पताल खोजने के लिए दिए गए विकल्पों का उपयोग करें। आवश्यकता होने पर लोकेशन की अनुमति दें या उपलब्ध स्थान संबंधी जानकारी दर्ज करें। ऐप के फीचर्स और विकल्प उसके मौजूदा संस्करण के अनुसार अलग हो सकते हैं। ऐप डाउनलोड करने के लिए साझा किया गया लिंक: https://t.co/0ONoCIDDtu आयुष्मान भारत योजना में कितने रुपये तक मिलता है इलाज? आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) के अंतर्गत पात्र परिवारों को सालाना 5 लाख रुपये तक का स्वास्थ्य कवर उपलब्ध कराया जाता है। यह राशि परिवार के लिए निर्धारित वार्षिक सीमा होती है, न कि प्रत्येक सदस्य के लिए अलग-अलग 5 लाख रुपये। योजना के तहत पात्र लाभार्थी सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों में निर्धारित चिकित्सा पैकेज के अनुसार कैशलेस इलाज प्राप्त कर सकते हैं। इसमें अस्पताल में भर्ती होकर कराए जाने वाले कई प्रकार के उपचार शामिल हैं। हालांकि, सभी चिकित्सा सेवाएं योजना के अंतर्गत नहीं आतीं। सामान्य ओपीडी परामर्श, प्रत्येक जांच और सभी प्रकार की दवाओं को स्वतः मुफ्त मानना सही नहीं होगा। इलाज शुरू कराने से पहले अस्पताल में संबंधित चिकित्सा पैकेज और पात्रता की पुष्टि करना जरूरी है। आयुष्मान कार्ड की पात्रता ऑनलाइन कैसे जांचें? यदि कोई व्यक्ति आयुष्मान भारत योजना के अंतर्गत अपनी पात्रता जानना चाहता है, तो राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण के आधिकारिक लाभार्थी पोर्टल का उपयोग कर सकता है। इसके लिए https://beneficiary.nha.gov.in/ वेबसाइट पर जाना होगा। पोर्टल पर उपलब्ध निर्देशों के अनुसार लॉगिन करके पात्रता संबंधी जानकारी देखी जा सकती है। यदि व्यक्ति पात्रता सूची में शामिल है, तो निर्धारित पहचान सत्यापन और अन्य जरूरी प्रक्रियाओं के बाद आयुष्मान कार्ड प्राप्त करने का विकल्प उपलब्ध हो सकता है। ध्यान रखें कि आयुष्मान सारथी ऐप से अस्पताल खोजने और आयुष्मान कार्ड बनवाने की प्रक्रियाएं अलग-अलग हैं। अस्पताल जाने से पहले किन बातों की पुष्टि करें? आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज कराने से पहले कुछ महत्वपूर्ण जानकारियां जांचना फायदेमंद हो सकता है। सबसे पहले यह सुनिश्चित करें कि संबंधित अस्पताल योजना में सूचीबद्ध है। इसके बाद अस्पताल से यह जानकारी प्राप्त करें कि जिस बीमारी का इलाज कराना है, उसका संबंधित पैकेज वहां उपलब्ध है या नहीं। इसके अलावा आयुष्मान कार्ड की स्थिति, पहचान संबंधी दस्तावेज और अस्पताल में उपलब्ध सेवाओं की पुष्टि भी कर लें। यदि किसी प्रकार की परेशानी आती है, तो आयुष्मान भारत की आधिकारिक हेल्पलाइन 14555 पर संपर्क किया जा सकता है। ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों के लिए भी उपयोगी हो सकती है सुविधा भारत में कई ऐसे क्षेत्र हैं, जहां मरीजों को अपने आसपास उपलब्ध अस्पतालों की जानकारी आसानी से नहीं मिल पाती। विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों में रहने वाले परिवारों को गंभीर बीमारी के दौरान सही अस्पताल चुनने में परेशानी हो सकती है। ऐसे में डिजिटल माध्यम से सूचीबद्ध अस्पतालों की जानकारी प्राप्त करने की सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। हालांकि, ऐप का उपयोग करने के लिए स्मार्टफोन और आवश्यक इंटरनेट सुविधा की जरूरत पड़ सकती है। जिन लोगों के पास यह सुविधा नहीं है, वे संबंधित सरकारी सहायता केंद्र या हेल्पलाइन से जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। आयुष्मान कार्ड धारकों के लिए जरूरी जानकारी आयुष्मान सारथी ऐप अस्पतालों की जानकारी प्राप्त करने का एक माध्यम है। इसे किसी अस्पताल में तत्काल भर्ती, इलाज की स्वीकृति या सभी चिकित्सा सेवाओं के मुफ्त होने की गारंटी नहीं समझना चाहिए। किसी भी उपचार का लाभ पात्रता, योजना के नियमों और अस्पताल में उपलब्ध स्वीकृत पैकेज पर निर्भर करेगा। निष्कर्ष: आयुष्मान सारथी ऐप के बारे में साझा की गई जानकारी आयुष्मान भारत योजना के लाभार्थियों के लिए उपयोगी है। इस डिजिटल सुविधा से नागरिक अपने आसपास मौजूद सूचीबद्ध सरकारी और निजी अस्पतालों की तलाश कर सकते हैं। इलाज की जरूरत पड़ने से पहले अस्पतालों की जानकारी प्राप्त करना मरीजों और उनके परिवारों के लिए मददगार हो सकता है। Source Credit: आयुष्मान भारत योजना से संबंधित साझा सरकारी सूचना। योजना संबंधी अतिरिक्त जानकारी: National Health Authority (NHA), Government of India। Official Ayushman Bharat Portal: https://pmjay.gov.in/ Beneficiary Portal: https://beneficiary.nha.gov.in/ App Link (as shared in original information): https://t.co/0ONoCIDDtu Ayushman Bharat Helpline: 14555
Ration Card Online Services 2026: राशन कार्ड धारकों के लिए राहत की खबर है। अब राशन कार्ड से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त करने के लिए सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने की जरूरत नहीं है। केंद्र सरकार का खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग डिजिटल सेवाओं के माध्यम से लोगों को राशन कार्ड की जानकारी, नजदीकी उचित मूल्य की दुकान का पता और परिवार के सदस्यों से संबंधित विवरण देखने जैसी सुविधाएं उपलब्ध करा रहा है। इससे विशेष रूप से उन लोगों को फायदा हो सकता है, जिन्हें राशन से जुड़ी छोटी-छोटी जानकारियों के लिए बार-बार कार्यालय जाना पड़ता था। विभाग ने 2 नवंबर 2026 को अपने आधिकारिक सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जानकारी साझा करते हुए बताया कि राशन से जुड़ी सेवाओं तक पहुंच अब पहले के मुकाबले आसान हो गई है। नागरिक मोबाइल के जरिए कई जरूरी सुविधाओं का लाभ उठा सकते हैं और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित जानकारियों से अपडेट रह सकते हैं। Ration Card Online Services: मोबाइल पर मिलेंगी राशन से जुड़ी जरूरी जानकारियां देश में करोड़ों परिवार सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के माध्यम से राशन प्राप्त करते हैं। ऐसे में राशन कार्ड से संबंधित सही जानकारी होना बेहद जरूरी है। खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग के अनुसार, डिजिटल सुविधाओं की मदद से लाभार्थी अपने राशन कार्ड का विवरण देख सकते हैं। इसके अलावा आसपास मौजूद उचित मूल्य की दुकान की जानकारी भी प्राप्त की जा सकती है। मोबाइल आधारित सेवाओं का उद्देश्य राशन वितरण व्यवस्था को अधिक सुविधाजनक और पारदर्शी बनाना है। इससे लाभार्थियों को जरूरी जानकारी हासिल करने में लगने वाला समय कम हो सकता है। राशन कार्ड की कौन-कौन सी सुविधाएं मिल सकती हैं ऑनलाइन? सरकार द्वारा उपलब्ध कराई जा रही डिजिटल सेवाओं के माध्यम से नागरिक कई प्रकार की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। 1. राशन कार्ड का विवरण देखें राशन कार्ड धारक संबंधित डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपने कार्ड से जुड़ी जानकारी देख सकते हैं। इससे परिवार के विवरण और राशन कार्ड की स्थिति जैसी उपलब्ध जानकारियों की जांच करने में मदद मिल सकती है। 2. नजदीकी राशन दुकान की जानकारी लाभार्थी अपने आसपास स्थित उचित मूल्य की दुकान यानी Fair Price Shop (FPS) की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। यह सुविधा खासतौर पर उन लोगों के लिए उपयोगी हो सकती है, जो किसी नए क्षेत्र में रहने लगे हैं। 3. परिवार के सदस्यों की जानकारी राशन कार्ड में दर्ज परिवार के सदस्यों का विवरण देखना भी डिजिटल सेवाओं का महत्वपूर्ण हिस्सा है। यदि किसी सदस्य की जानकारी में बदलाव की जरूरत है, तो संबंधित राज्य की व्यवस्था के अनुसार अपडेट की प्रक्रिया अपनाई जा सकती है। 4. राशन से संबंधित जरूरी अपडेट डिजिटल माध्यमों से लाभार्थियों को राशन वितरण और सार्वजनिक वितरण प्रणाली से जुड़ी उपलब्ध सूचनाएं प्राप्त करने में भी सुविधा मिलती है। हालांकि, अलग-अलग राज्यों में ऑनलाइन सेवाओं और विवरण अपडेट करने की प्रक्रिया में अंतर हो सकता है। मोबाइल से राशन कार्ड की जानकारी कैसे चेक करें? यदि आप अपने राशन कार्ड का विवरण ऑनलाइन देखना चाहते हैं, तो इसके लिए सरकार के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल कर सकते हैं। सबसे पहले खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की आधिकारिक वेबसाइट या संबंधित राज्य के खाद्य विभाग के पोर्टल पर जाएं। राशन कार्ड अथवा सार्वजनिक वितरण प्रणाली से संबंधित विकल्प चुनें। उपलब्ध सेवाओं में राशन कार्ड विवरण या उचित मूल्य की दुकान की जानकारी वाला विकल्प खोलें। पोर्टल पर मांगी गई आवश्यक जानकारी दर्ज करें। स्क्रीन पर उपलब्ध राशन कार्ड से संबंधित विवरण की जांच करें। नागरिक NFSA की आधिकारिक वेबसाइट से भी अपने राज्य के राशन कार्ड पोर्टल तक पहुंचने की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। ध्यान रखें कि सभी राज्यों में वेबसाइट की प्रक्रिया एक जैसी नहीं होती। कुछ सेवाओं के लिए लॉगिन, पहचान सत्यापन या अतिरिक्त दस्तावेजों की आवश्यकता हो सकती है। राशन कार्ड में परिवार की जानकारी गलत है तो क्या करें? कई बार राशन कार्ड में परिवार के किसी सदस्य का नाम, उम्र या अन्य विवरण गलत दर्ज हो जाता है। इसके अलावा विवाह, जन्म या परिवार की संरचना में बदलाव होने पर भी रिकॉर्ड अपडेट कराने की जरूरत पड़ सकती है। ऐसी स्थिति में राशन कार्ड धारकों को अपने राज्य के खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग द्वारा निर्धारित प्रक्रिया अपनानी चाहिए। कुछ राज्यों में ऑनलाइन आवेदन की सुविधा उपलब्ध है, जबकि अन्य मामलों में संबंधित कार्यालय या अधिकृत सेवा केंद्र की सहायता लेनी पड़ सकती है। यह भी समझना जरूरी है कि मोबाइल पर जानकारी देखने की सुविधा उपलब्ध होने का मतलब यह नहीं है कि हर प्रकार का संशोधन तुरंत ऑनलाइन किया जा सकता है। विवरण में बदलाव संबंधित विभाग की जांच और स्वीकृति के अधीन हो सकता है। डिजिटल राशन सेवाओं से आम लोगों को क्या फायदा होगा? सरकार की डिजिटल पहल का सबसे बड़ा लाभ यह है कि नागरिकों को जरूरी जानकारी प्राप्त करने के लिए पूरी तरह ऑफलाइन माध्यमों पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में रहने वाले परिवारों, बुजुर्गों और कामकाजी लोगों के लिए मोबाइल से जानकारी प्राप्त करने की सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। इसके अलावा डिजिटल सेवाओं से लाभार्थी अपने रिकॉर्ड की जांच कर सकते हैं और जरूरत पड़ने पर संबंधित विभाग से सुधार के लिए संपर्क कर सकते हैं। इससे सार्वजनिक वितरण प्रणाली में जानकारी की उपलब्धता बढ़ाने और लाभार्थियों को सरकारी सेवाओं से जोड़ने में मदद मिल सकती है। राशन कार्ड धारकों के लिए जरूरी सलाह राशन कार्ड से जुड़ी किसी भी सेवा का इस्तेमाल करते समय केवल सरकारी वेबसाइट या आधिकारिक ऐप का ही उपयोग करें। अनजान वेबसाइट, सोशल मीडिया लिंक या संदिग्ध मोबाइल ऐप पर आधार नंबर, बैंक खाते की जानकारी अथवा OTP साझा करने से बचें। यदि राशन कार्ड में किसी प्रकार की गलती दिखाई देती है या राशन प्राप्त करने में परेशानी हो रही है, तो अपने राज्य के खाद्य विभाग या संबंधित उचित मूल्य की दुकान से संपर्क करें। महत्वपूर्ण बात: खाद्य एवं सार्वजनिक वितरण विभाग की ताजा जानकारी मुख्य रूप से डिजिटल सुविधाओं तक आसान पहुंच के बारे में है। इसे राशन की मात्रा बढ़ाने, नए लाभार्थियों को स्वतः जोड़ने या सभी राज्यों में एक समान ऑनलाइन संशोधन सुविधा लागू होने की घोषणा नहीं समझना चाहिए। सरकार की यह पहल राशन कार्ड धारकों को जरूरी जानकारी आसानी से उपलब्ध कराने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। लाभार्थी अपने मोबाइल का उपयोग करके राशन संबंधी सुविधाओं की जानकारी प्राप्त कर सकते हैं और आधिकारिक सूचनाओं से जुड़े रह सकते हैं। Source Credit: Department of Food & Public Distribution, Government of India — आधिकारिक X पोस्ट, 2 नवंबर 2026। Original Source: https://x.com/fooddeptgoi/status/2117224078314737788
मोबाइल लेने पर युवक की खुली किस्मत:दीपावली ऑफर में मोबाइल खरीदने पर मिला 10 लाख रुपये का इनाम
हापुड़ में दीपावली का त्योहार शहर के एक युवक के लिए यादगार बन गया। रेलवे रोड स्थित आरके प्लाजा के सामने मोबाइल खरीदने पहुंचे स्थानीय निवासी अमित कुमार की किस्मत चमक गई। ओप्पो मोबाइल कंपनी की ओर से चलाए जा रहे 'दीवाली रैफल ऑफर' के तहत उनके नाम 10 लाख रुपये का बंपर पुरस्कार निकला। इनाम की घोषणा होने पर अमित को पहले विश्वास नहीं हुआ। दुकान संचालक और कंपनी के प्रतिनिधियों से पुष्टि होने के बाद उन्हें अपनी जीत का यकीन हुआ। इस खुशी में दुकान परिसर में जश्न मनाया गया। हापुड़ के अपर पुलिस अधीक्षक महेश कुमार, कंपनी के प्रतिनिधियों और दुकान संचालक ने अमित का मुंह मीठा कराया और केक काटकर बधाई दी। इसके बाद लोगों ने ढोल की थाप पर डांस कर खुशी जताई। अमित को 10 लाख रुपये का पुरस्कार मिलने की खबर फैलते ही उन्हें बधाई देने वालों का तांता लग गया।
बठिंडा शहर को डिजिटल और आधुनिक बनाने की दिशा में नगर निगम ने नई पहल की है। मेयर पदमजीत सिंह मेहता ने वार्ड नंबर 46 में यूनिटनेव (UnitNav) डिजिटल नेविगेशन पायलट प्रोजेक्ट की शुरुआत की। इसके तहत वार्ड की 2,021 संपत्तियों को डिजिटल मैप से जोड़ा गया है। अब लोग नगर निगम के प्रॉपर्टी नंबर के जरिए किसी भी संपत्ति की सटीक लोकेशन अपने स्मार्टफोन पर देख सकेंगे। इस पहल के साथ बठिंडा को पंजाब का पहला ऐसा शहर बताया जा रहा है, जहां नगर निगम की संपत्ति संख्या को जमीन पर मौजूद उसकी वास्तविक लोकेशन से डिजिटल रूप से जोड़ा गया है।फिलहाल इसे पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर वार्ड नंबर 46 में लागू किया गया है।बिना ऐप डाउनलोड किए मिलेगी लोकेशनमेयर पदमजीत सिंह मेहता ने बताया कि यूनिटनेव के जरिए संपत्ति की लोकेशन जानने के लिए किसी अलग मोबाइल ऐप को डाउनलोड करने की जरूरत नहीं होगी। लोग अपने मोबाइल ब्राउजर से इस सुविधा का इस्तेमाल कर सकेंगे। इसमें पंजाबी और अंग्रेजी दोनों भाषाओं का विकल्प उपलब्ध होगा। उन्होंने बताया कि प्रॉपर्टी टैक्स नोटिस, पानी के बिल और बिजली कनेक्शन पर दर्ज नगर निगम की संपत्ति संख्या के जरिए संबंधित मकान या प्रतिष्ठान तक पहुंचा जा सकेगा। सिस्टम में संपत्ति नंबर डालने पर उसका सटीक स्थान, दूरी, दिशा और गेट तक पहुंचने का पैदल रास्ता भी दिखाई देगा। आपातकालीन सेवाओं को भी मिलेगी मददमेयर ने कहा कि यह तकनीक केवल आम लोगों के लिए ही नहीं, बल्कि आपातकालीन सेवाओं के लिए भी उपयोगी होगी। कई बार एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड की टीमों को सही पता नहीं मिलने के कारण मौके पर पहुंचने में परेशानी होती है। डिजिटल लोकेशन मिलने से ऐसी सेवाओं को संबंधित घर या प्रतिष्ठान तक पहुंचने में मदद मिलेगी।इसके अलावा नगर निगम के प्रॉपर्टी टैक्स, जलापूर्ति, सीवरेज, कूड़ा संग्रहण, स्ट्रीट लाइट रखरखाव और भवन निरीक्षण से जुड़े विभाग भी इस प्रणाली का इस्तेमाल कर सकेंगे। इससे कर्मचारियों को संपत्तियों की पहचान करने और मौके पर पहुंचने में आसानी होगी।वार्ड में लगेंगे क्यूआर कोड वाले बोर्डपायलट प्रोजेक्ट के तहत वार्ड नंबर 46 के अलग-अलग स्थानों पर नेविगेशन बोर्ड लगाए जाएंगे। इन बोर्डों पर क्यूआर कोड होंगे। लोग मोबाइल से कोड स्कैन करके सीधे डिजिटल मैप पर पहुंच सकेंगे और संबंधित संपत्ति की लोकेशन देख सकेंगे। मेयर ने कहा कि इस सुविधा से डिलीवरी और कूरियर कंपनियों, स्थानीय कारोबारियों, शहर में आने वाले लोगों और निवासियों को भी फायदा होगा। उन्हें किसी व्यक्ति का घर या दुकान ढूंढने के लिए बार-बार फोन करके रास्ता पूछने की जरूरत नहीं पड़ेगी।अन्य वार्डों में भी लागू करने की योजनामेयर पदमजीत सिंह मेहता ने कहा कि फिलहाल इस परियोजना की शुरुआत वार्ड नंबर 46 से की गई है। इसके सफल रहने पर इसे शहर के दूसरे वार्डों में भी लागू करने की योजना है। उन्होंने कहा कि इस तरह की तकनीक से नगर निगम के रिकॉर्ड को जमीनी स्तर पर मौजूद संपत्तियों से जोड़ने में मदद मिलेगी।उन्होंने कहा कि तकनीक आधारित सुविधाओं से सरकारी सेवाओं को अधिक पारदर्शी, तेज और नागरिकों के लिए सुविधाजनक बनाया जा सकता है। यूनिटनेव परियोजना को बठिंडा के शहरी विकास में एक नई पहल के रूप में देखा जा रहा है।
पंजाब के बठिंडा से किशनगंज लौट रहे 42 वर्षीय तारिख अनवर 9 दिनों से लापता हैं। वह 23 अक्टूबर की रात ट्रेन संख्या 15910 अवध असम एक्सप्रेस से घर आने के लिए निकले थे। पत्नी हमीदा बेगम 24 अक्टूबर को किशनगंज रेलवे स्टेशन पर उनका इंतजार करती रहीं, लेकिन तारिख वहां नहीं पहुंचे। इसके बाद से उनका कोई पता नहीं चला है। बठिंडा स्टेशन से जनरल बोगी में हुए थे सवार तारिख अनवर किशनगंज के पहाड़कट्टा थाना क्षेत्र के कानापुर गांव के रहने वाले हैं। परिजनों के मुताबिक, वह रोजगार की तलाश में बठिंडा में मजदूरी करने गए थे। वहां मन नहीं लगने पर उन्होंने घर लौटने का फैसला किया। पत्नी हमीदा बेगम ने बताया कि 23 अक्टूबर 2026 की रात करीब 2 बजे तारिख बठिंडा रेलवे स्टेशन से ट्रेन संख्या 15910 अवध असम एक्सप्रेस की पीछे वाली जनरल बोगी में सवार हुए थे। उन्होंने फोन पर पत्नी को ट्रेन में बैठने की जानकारी भी दी थी। स्टेशन पर 4 घंटे इंतजार करती रहीं पत्नी हमीदा बेगम के मुताबिक, पति के आने की सूचना मिलने पर वह 24 अक्टूबर को दोपहर करीब 3 बजे किशनगंज रेलवे स्टेशन पहुंचीं। वह उनका इंतजार करती रहीं, लेकिन शाम करीब 7 बजे ट्रेन स्टेशन से गुजर गई और तारिख नहीं उतरे। इसके बाद उन्होंने पति से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। मोबाइल फोन भी नहीं रखते हैं तारिख हमीदा बेगम ने बताया कि तारिख के पास मोबाइल फोन नहीं है। उनकी तलाश के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत भी दर्ज कराई गई है। परिवार के लोग किसी अनहोनी की आशंका से परेशान हैं। परिजनों ने लोगों से मदद की अपील की परिजनों के अनुसार, तारिख की लंबाई करीब 5 फीट 6 इंच है। उनका शरीर सामान्य से थोड़ा मोटा और रंग गोरा है। परिवार ने अपील की है कि तारिख के बारे में किसी को भी जानकारी मिले तो पुलिस या परिजनों को सूचित करें। इस संबंध में सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि मामले में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस उनकी तलाश और मामले की जांच कर रही है।
EPFO PF Balance Check: नौकरीपेशा लोगों के लिए प्रोविडेंट फंड (PF) खाते में हर महीने जमा होने वाली रकम बेहद महत्वपूर्ण होती है। कर्मचारी अक्सर जानना चाहते हैं कि उनके खाते में कंपनी ने पीएफ का पैसा जमा किया है या नहीं और अब तक कुल कितनी रकम इकट्ठा हो ...
मोहाली के लालड़ू में मोटरसाइकिल सवारों द्वारा मोबाइल फोन छीनने के मामले में पुलिस को अदालत में झटका लगा है। अदालत ने सबूतों के अभाव में दोनों आरोपियों बोधराज निवासी लालड़ू मंडी और विशाल को बरी कर दिया। मामले में सबसे अहम बात यह रही कि मोबाइल छीनने की शिकायत करने वाली महिला और उसके बेटे ने अदालत में आरोपियों की पहचान करने से ही इनकार कर दिया। वहीं, पुलिस यह भी साबित नहीं कर सकी कि बरामद मोबाइल फोन शिकायतकर्ता का था। अदालत ने कहा कि सरकारी पक्ष आरोपियों के खिलाफ आईपीसी की धारा 379-बी और 411 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 181 के तहत आरोप साबित करने में असफल रहा। शिकायतकर्ता सीमा देवी ने अदालत में कहा कि आरोपियों के नाम उसे पुलिस ने बताए थे। घटना के समय उसने किसी आरोपी को मौके पर नहीं देखा था। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने खाली कागजों पर उसके हस्ताक्षर करवाए थे। वह पंजाबी पढ़ना-लिखना भी नहीं जानती। घटना के समय उसके साथ मौजूद बेटे शौर्य कुमार ने भी आरोपियों की पहचान नहीं की। मोबाइल विशाल से मिला, लेकिन मालिकाना हक का सबूत नहीं पुलिस ने दावा किया था कि आरोपी विशाल के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन बरामद हुआ है। इसके लिए रिकवरी मेमो भी अदालत में पेश किया गया, लेकिन मोबाइल का बिल लालन कुमार के नाम पर था। शिकायतकर्ता सीमा देवी यह साबित नहीं कर सकी कि उसने मोबाइल लालन कुमार से खरीदा था। न ही इस संबंध में कोई अन्य दस्तावेज पेश किया गया। ऐसे में अदालत ने माना कि मोबाइल पर शिकायतकर्ता का मालिकाना हक साबित नहीं हुआ। बिना लाइसेंस बाइक चलाने का आरोप भी नहीं टिका पुलिस ने आरोप लगाया था कि बोधराज बिना वैध ड्राइविंग लाइसेंस के मोटरसाइकिल चला रहा था। हालांकि, अदालत में ऐसा कोई ठोस सबूत पेश नहीं किया गया, जिससे यह साबित हो सके कि घटना के समय मोटरसाइकिल बोधराज ही चला रहा था। पुलिसकर्मियों की गवाही भी आरोपियों को मोबाइल छीनने की घटना से जोड़ने के लिए पर्याप्त नहीं मानी गई। 2023 में दर्ज हुआ था केस लालड़ू पुलिस ने 26 अप्रैल 2023 को बोधराज और विशाल के खिलाफ आईपीसी की धारा 379-बी, 411 और 34 तथा मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 181 के तहत केस दर्ज किया था। शिकायतकर्ता सीमा देवी के अनुसार, 25 अप्रैल 2023 को वह अपने बेटे शौर्य कुमार के साथ लालड़ू मंडी के आईटीआई चौक के पास स्थित नौगजा पीर में माथा टेकने गई थी। सुबह करीब 11 बजे घर लौटते समय महाराणा प्रताप भवन के सामने उसका बेटा उससे आगे चल रहा था। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्ति आए और पीछे बैठे व्यक्ति ने उसके बेटे के हाथ से मोबाइल छीन लिया। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए थे। अदालत ने सभी तथ्यों और गवाहों के बयानों पर विचार करने के बाद दोनों आरोपियों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया।
पेंशनर्स की मौज! अब घर बैठे मोबाइल से बनेगा लाइफ सर्टिफिकेट
पेंशनर्स के लिए बड़ी राहत है. अब लाइफ सर्टिफिकेट जमा करने के लिए बैंक जाने की जरूरत नहीं होगी. स्मार्टफोन के फ्रंट कैमरे पर चेहरा दिखाकर डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाया जा सकता है. सरकार ने इसके लिए नवंबर में खास अभियान शुरू किया है. जानिए इसका पूरा प्रोसेस.
बच्चों में बढ़ती हिंसक प्रवृत्ति चिंताजनक, मोबाइल से पारिवारिक माहौल तक कई कारणों पर उठे सवाल
पंचकूला और नोएडा की घटनाओं के बाद बच्चों में बढ़ रही हिंसक प्रवृत्ति के कारण और अभिभावकों के लिए जरूरी उपाय।
जहानाबाद में पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान के तहत गुम हुए 39 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत करीब 7 लाख 80 हजार रुपए बताई गई है। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे खिल उठे। उन्होंने जहानाबाद पुलिस के प्रति आभार जताया। SP ने अपने हाथों से लौटाए मोबाइल मोबाइल फोन सौंपने के दौरान पुलिस अधीक्षक कोटा किरण ने अपने हाथों से सभी 39 मोबाइल उनके मालिकों को दिए। मोबाइल खोने के कारण परेशान लोगों को जब उनके फोन वापस मिले तो उनकी खुशी साफ दिखाई दी। लोगों ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। तकनीकी अनुसंधान से खोजे जा रहे गुम मोबाइल ऑपरेशन मुस्कान का उद्देश्य गुम या खोए हुए मोबाइल फोन को तकनीकी माध्यमों से खोजकर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना है। इस अभियान के तहत पुलिस की टीम मोबाइलों से जुड़ी जानकारी जुटाती है और तकनीकी अनुसंधान के जरिए उन्हें बरामद करने का प्रयास करती है। आम लोगों की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता पुलिस अधीक्षक कोटा किरण ने बताया कि आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान करना पुलिस की प्राथमिकता है। इस तरह के अभियान से लोगों को उनकी खोई संपत्ति वापस मिलती है और पुलिस तथा आम जनता के बीच विश्वास भी मजबूत होता है। 39 लोगों को मोबाइल वापस मिलने से जिले में पुलिस की इस पहल की सराहना हो रही है। ऑपरेशन मुस्कान के जरिए पुलिस ने लोगों की खोई संपत्ति लौटाकर उन्हें राहत दी है।
Flight Safety Rules: फ्लाइट में मोबाइल फोन बंद या Airplane Mode पर रखने को क्यों कहा जाता है? जानें इसके पीछे की वजह
दिल्ली से दो वाहन चोर पकड़े गए, दोपहिया वाहन, मोबाइल फोन और लैपटॉप बरामद
New Delhi, 2 नवंबर . दिल्ली Police ने पूर्वी दिल्ली के लक्ष्मी नगर इलाके से वाहन चुराने वाले दो संदिग्धों को गिरफ्तार किया है. उनके पास से चोरी…
ग्वालियर: क्लीनिक के वेटिंग एरिया में मरीज का मोबाइल फटा, आग लगते ही मची भगदड़, बड़ा हादसा टला
थाटीपुर स्थित एक क्लीनिक में वेटिंग एरिया में बैठे एक व्यक्ति का मोबाइल अचानक फट गया। मोबाइल में ब्लास्ट के बाद आग की लपटें उठने लगीं और परिसर में धुआं फैल गया। क्लीनिक स्टाफ ने तुरंत आग पर काबू पा लिया।
रूस-यूक्रेन युद्ध क्या साइबर वॉर की ओर बढ़ा?: दोनों देशों के इमरजेंसी एप हैक, मोबाइल पर आ रहे फर्जी अलर्ट Russia-Ukraine war escalated into a cyber war Emergency apps in both countries hacked
कैथल में महिला को बाइक ने मारी टक्कर:खेत से लौटते वक्त टूटी टांग, पति को मोबाइल का चार्जर देने गई थी
कैथल जिले के गांव थेह नेवल में एक बाइक राइडर ने सड़क पर जा रही महिला को टक्कर मार दी। इस हादसे में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई। उसकी टांग टूट गई। महिला अपने पति को खेत में मोबाइल चार्जर देने के लिए गई थी। वापस लौटते समय यह हादसा हुआ। इस संबंध में महिला के पति ने चीका थाना में शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। गांव थेह नेवल निवासी रघुबीर सिंह ने चीका थाना में दी शिकायत में बताया कि वह खेती बाड़ी का कार्य करता है। उसकी पत्नी का नाम जसविन्द्र कौर है। उसके पास 2 लड़कियां व 1 लड़का है। कल करीब शाम 4 बजे वह अपनी बेटी को गांव भागल बस अड्डा पर छोड़कर वापस अपने खेत में आ रहा था और उसके मोबाइल का चार्जर घर पर रह गया था। उसने अपनी पत्नी को चार्जर देने खेत में बुलाया था। चार्जर देकर घर लौट रही थी महिला जब उसकी पत्नी शाम को चार्जर देकर घर जा रही थी और बलबेहडा से थेह नेवल रोड पर पहुंची तो एक तेज रफ्तार बाइक राइडर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही आरोपी मौके से फरार हो गया। इस हादसे में उसकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गई। वे उसकी पत्नी को चीका अस्पताल में लेकर गए, जहां से उसे कैथल रेफर कर दिया गया। उन्होंने जसविंद्र कौर को एक निजी अस्पताल में दाखिल करवाया। शिकायतकर्ता ने आरोपी बाइक राइडर के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। राइडर पर केस दर्ज, जांच जारी चीका थाना के जांच अधिकारी विक्रम ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपी बाइक राइडर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
हिसार शहर के डाबड़ा चौक स्थित 'होटल हैवन' के मालिक सचिन ने पुलिस आने की आशंका से घबराकर होटल की छत से छलांग लगा दी। इस हादसे में वह गंभीर रूप से घायल हो गए हैं, जिन्हें उपचार के लिए पास के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। फिलहाल उनकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। मिली जानकारी के अनुसार, होटल में ठहरे कुछ युवकों के साथ मोबाइल चोरी की बात को लेकर मालिक सचिन की कहासुनी हो गई थी। विवाद बढ़ता देख युवकों ने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को कॉल कर दिया। पुलिस को सूचना दिए जाने की भनक लगते ही होटल मालिक मानसिक तनाव और घबराहट में आ गया और उसने आनन-फानन में छत से छलांग लगा दी। घटना से जुड़ी तस्वीरें… छत पर शराब पार्टी चल रही थी पुलिस जांच में पता चला है कि जब यह घटना घटी उस समय छत पर शराब पार्टी चल रही थी। इस घटना के बाद अफरा-तफरी मच गई। पुलिस ने छत पर देखा तो शराब व बीयर की बोलतें टेबल पर पड़ी हुई थी और शराब के गिलास आधे भरे हुए थे। पुलिस होटल की सीसीटीवी फुटेज जांचने के लिए डीवीआर कब्जे में ले ली है। पुलिस जांच में जुटी घटना की सूचना मिलते ही अर्बन एस्टेट पुलिस चौकी की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभी तक अस्पताल से कोई रूक्का (आधिकारिक सूचना) प्राप्त नहीं हुआ है और न ही किसी पक्ष ने लिखित शिकायत दी है। बयान दर्ज होने या शिकायत मिलने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर के लांबड़ा इलाके में देर रात घर लौट रहे कैटरिंग कर्मचारी से कथित तौर पर लूटपाट और मारपीट का मामला सामने आया है। परिजनों के आरोप हैं कि अज्ञात हमलावरों ने उससे 5 हजार रुपये नकद और करीब 23 हजार रुपये कीमत का मोबाइल फोन छीन लिया। विरोध करने पर उस पर तेजधार हथियार से हमला कर घायल कर दिया। पीड़ित को इलाज के लिए जालंधर के सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। पीड़ित के भाई सोनू चोपड़ा ने बताया कि उनका भाई कैटरिंग का काम करता है। वह देर रात करीब 11 से 12 बजे किसी शादी समारोह में काम निपटाकर घर लौट रहा था। इसी दौरान रास्ते में कुछ अज्ञात लोगों ने उसे रोक लिया और उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि हमलावर नकदी और मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। शरीर पर चोटों के निशान परिजनों के मुताबिक, हमले में पीड़ित के शरीर और दांतों पर गंभीर चोटें आई हैं। उन्हें आशंका है कि हमलावरों ने तेजधार हथियार या किसी भारी वस्तु से हमला किया। घटना के बाद परिजनों ने पीड़ित के मोबाइल पर संपर्क किया तो शुरुआत में फोन उठा, लेकिन दूसरी तरफ मौजूद व्यक्ति ने कथित तौर पर तीखे लहजे में बात की। इसके बाद फोन बंद हो गया। पुलिस से कार्रवाई की मांग परिजनों ने पुलिस प्रशासन को लिखित शिकायत देने की बात कही है। उन्होंने छीना गया मोबाइल और नकदी बरामद करने के साथ आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
ग्वालियर के आई केयर क्लिनिक में युवक के हाथ में फटा मोबाइल फोन, आग लगने से मची भगदड़ व अफरा-तफरी
इल फटती ही आग फैल गई और वहां बैठे मरीज घबराकर इधर-उधर भागने लगे। गनीमत रही कि घटना में कोई घायल नहीं हुआ।
सोनभद्र में NCL अधिकारी की सिर कटी लाश मिली, रेलवे ट्रैक के पास पड़ा था शव; मोबाइल गायब होने से बढ़ा शक
सतना में पुलिस ने नशीली टैबलेट बेचने के आरोप में पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 1,656 टैबलेट, सात मोबाइल और एक बाइक जब्त की। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और ड्रग्स कंट्रोल एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया। उन्हें कोर्ट में पेश किया गया, जहां से जेल भेज दिया गया। सिटी कोतवाली पुलिस ने 31 अक्टूबर को तीन लोगों को पकड़ा। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर चल रहे एंटी नारकोटिक्स अभियान के तहत पुलिस को सूचना मिली थी कि तीन युवक काले रंग की साइन बाइक से उचवा टोला में टैबलेट लेकर ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक हेमंत शर्मा के नेतृत्व में पुलिस टीम ने सतना नदी रपटा पुलिया रोड पर घेराबंदी कर तीनों को पकड़ा। बाइक के हैंडल पर लटके झोले की तलाशी में 1,176 टैबलेट मिलीं। गिरफ्तार लोगों की पहचान बड़ा तालाब निवासी विवेक सिंह पटेल और थाना कोटर के गढ़ी मोहल्ला निवासी रावेन्द्र कुशवाहा और सौरभ शुक्ला के रूप में हुई। पुलिस ने तीन मोबाइल और घटना में इस्तेमाल बाइक समेत 1 लाख 74 हजार 408 रुपए का सामान जब्त किया। कब्रिस्तान के पास से दो आरोपी पकड़े गएदूसरी कार्रवाई में सिविल लाइन पुलिस ने गढ़िया टोला कब्रिस्तान के पास दबिश देकर दो लोगों को पकड़ा। पुलिस को सूचना मिली थी कि वहां अलग-अलग जगहों पर नशीली टैबलेट बेची जा रही हैं। थाना प्रभारी निरीक्षक प्रीति विश्वकर्मा ने टीम बनाकर कार्रवाई की। पुलिस ने पौराणिक टोला निवासी दिलीप उर्फ छोटू यादव (24) और पुलिस कॉलोनी बिहारी मोहल्ला निवासी अब्दुल हक (39) को गिरफ्तार किया। उनके पास से 480 टैबलेट मिलीं। पुलिस ने दोनों के खिलाफ अलग-अलग केस दर्ज किए और उन्हें कोर्ट में पेश किया, जहां से जेल भेज दिया गया।
ग्वालियर के दृष्टि क्लीनिक में मरीज का मोबाइल अचानक फटा, धमाके से मची अफरा-तफरी; रविवार दोपहर की घटना
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मोबाइल को लेकर भाई से झगड़ा हुआ तो 17 साल की बहन ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सानिया बानो 9वीं कक्षा में पढ़ती थी। 31 अक्टूबर की रात भाई से मोबाइल को लेकर झगड़ा हो गया। विवाद के बाद मां ने फोन छिपा दिया था। इससे नाराज होकर सानिया घर के टॉयलेट में चली गई। काफी देर तक बाहर नहीं आने पर परिजनों ने दरवाजा तोड़ा तो वह अंदर फंदे पर मिली। सूचना पर पहुंची दर्री पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। मामला दर्री थाना क्षेत्र का है। मोबाइल को लेकर भाई-बहन में विवाद जानकारी के मुताबिक, अयोध्या पुरी के शरीफ कुरैशी की बेटी सानिया बानो (17) 9वीं कक्षा में पढ़ती थी। उसके पिता बकरे का कारोबार करते हैं। बताया जा रहा है कि 31 अक्टूबर की रात घर में मोबाइल को लेकर सानिया और उसके भाई के बीच कहासुनी हो गई थी। मां ने छिपाया फोन विवाद बढ़ने पर मां ने मोबाइल छिपा दिया और कहा कि तुम लोग मोबाइल के चक्कर में लड़ते रहते हो, इसलिए किसी को मोबाइल नहीं दूंगी। इस बात से सानिया नाराज हो गई और टॉयलेट के अंदर चली गई। टॉयलेट में फंदे पर लटकती मिली छात्रा काफी देर तक बाहर नहीं आने पर पिता ने टॉयलेट का दरवाजा खटखटाया। अंदर से कोई जवाब नहीं मिलने पर दरवाजा तोड़ा गया। वहां सानिया फंदे पर लटकी मिली। परिजन उसे तुरंत नीचे उतारकर अस्पताल ले जाने की तैयारी करने लगे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस कर रही मामले की जांच घटना की सूचना मिलने पर दर्री पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी के मुताबिक, मर्ग कायम कर परिजनों के बयान लिए जा रहे हैं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है। मां का रो-रोकर बुरा हाल है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि सानिया शांत स्वभाव की थी और पढ़ाई में ठीक थी। पुलिस ने कहा कि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। ……………………… क्राइम से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… रील देखते समय नेटवर्क हुआ गायब, महिला ने पिया कीटनाशक: गुस्से में मोबाइल तोड़ा, परिजनों ने उल्टी कराने गोबर पानी पिलाया; इलाज के दौरान मौत छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में मोबाइल पर रील और सीरियल देखने की लत ने एक महिला की जान ले ली। 52 साल की मंगलो बाई ने रील देखते समय नेटवर्क चले जाने से गुस्से में कीटनाशक पी लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर…
ग्वालियर में फोन बना बम:डॉक्टर को दिखाने पहुंचे मरीज का मोबाइल फटा, अफरा-तफरी मची, बड़ा हादसा टला
थाटीपुर चौहान प्याऊ के पास संचालित दृष्टि क्लीनिक पर रविवार को दोपहर 12 बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई जब एक मरीज का मोबाइल अचानक फट गया। ब्लास्ट होते ही फोन में आग की लपटें उठने लगीं, जिससे पूरे क्लीनिक परिसर में धुआं और अफरा-तफरी मच गई। गनीमत रही कि इस हादसे में मरीज या आसपास मौजूद किसी अन्य व्यक्ति को चोट नहीं आई। मोबाइल फटते और उसमें आग लगते ही वहां क्लीनिक पर बैठे मरीज बाहर निकल आए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दोपहर करीब 12 बजे मरीज डॉ. आशुतोष शर्मा परामर्श लेने के लिए वेटिंग एरिया में बैठा हुआ था। इसी दौरान उसके मोबाइल में अचानक ब्लास्ट हुआ और आग लग गई। धमाके की आवाज और आग की लपटें देखते ही वहां अपनी बारी का इंतजार कर रहे अन्य मरीज और उनके परिजन दहशत में आ गए और जान बचाने के लिए तुरंत बाहर की ओर दौड़े। घटना के तुरंत बाद क्लीनिक स्टाफ ने तत्परता दिखाई। अफरा-तफरी के बीच कर्मचारियों ने बिना वक्त गंवाए तुरंत पानी डालकर जलते हुए मोबाइल की आग पर काबू पा लिया। स्टाफ की सूझबूझ और त्वरित कार्रवाई के चलते आग आसपास के फर्नीचर या अन्य उपकरणों में नहीं फैली, जिससे एक बड़ा हादसा होने से टल गया।
Mahoba News: मोबाइल रिपेयरिंग दुकान में लगी आग, लाखों का नुकसान
कस्बे के मुख्य बाजार स्थित मोबाइल रिपेयरिंग दुकान बंद करने के महज पांच मिनट बाद भीषण आग लग गई।
Maharajganj News: शादी की जिद में पांच घंटे मोबाइल टावर पर रही युवती, मिला भरोसा तो उतरी नीचे
नौतनवा थाना क्षेत्र का मामला, परिजन, ग्रामीण और पुलिस के समझाने पर भी नहीं मानी। प्रेमी के आश्वासन के बाद उतरी नीचे, प्रेमी के साथ उसके घर गई युवती।
मां ने डेढ़ महीने पहले मोबाइल से हटाया था फ्री फायर, हमले से दो दिन पहले फिर डाउनलोड किया गेम
सिद्दरमैया के खिलाफ स्टिंग में इस्तेमाल मोबाइल कुमारस्वामी के घर पहुंचा, बेंगलुरु पुलिस का दावा
बेंगलुरु पुलिस आयुक्त ने दावा किया है कि सिद्दरमैया के खिलाफ स्टिंग ऑपरेशन में इस्तेमाल मोबाइल दिल्ली में खरीदा गया और केंद्रीय मंत्री एचडी कुमारस्वामी के सरकारी आवास पर सौंपा गया था।
Kushinagar News: जर्जर सड़क से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पांच घंटे बाद उतरा
Frustrated by a dilapidated road, a man climbed a mobile tower; he came down after five hours.
भोपाल के शाहपुरा थाना क्षेत्र में बाइक सवार दो बदमाश एक पत्रकार के हाथ से डेढ़ लाख रुपए कीमत का मोबाइल फोन झपटकर फरार हो गए। वारदात रविवार शाम उस समय हुई, जब पत्रकार घर के पास टहलने के बाद लौट रहे थे। घटना के बाद उन्होंने शाहपुरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक, न्यूज एजेंसी में सेवाएं दे रहे पत्रकार संदीप सिंह शाहपुरा क्षेत्र में रहते हैं। रविवार शाम वह घर के पास टहल रहे थे। मुख्य सड़क से घर की ओर जाते समय उनके मोबाइल पर कॉल आया। वह फोन पर बात करते हुए आगे बढ़ रहे थे। इसी दौरान पीछे से बाइक पर आए दो बदमाशों में से पीछे बैठे युवक ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया। संदीप सिंह कुछ समझ पाते, इससे पहले ही दोनों तेज रफ्तार से बाइक लेकर फरार हो गए। सीसीटीवी में दिखे बाइक सवार बदमाश सूचना मिलने पर पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास के सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। एक कैमरे में दोनों बदमाश वारदात करते नजर आए हैं। हालांकि कैमरा दूर होने के कारण उनके चेहरे और बाइक का नंबर स्पष्ट नहीं हो सका। पुलिस अब मुख्य सड़क और आसपास के रास्तों पर लगे अन्य कैमरों के फुटेज की मदद से आरोपियों की पहचान और भागने के रास्ते का पता लगा रही है।
पंजाब भर की 37.43 लाख से अधिक माताओं-बहनों के बैंक खातों में 1,291 करोड़ रुपये की सम्मान राशि ट्रांसफर की गई : भगवंत सिंह मान
कैमरा तोड़ा, मोबाइल छीने... चुनाव कवर कर रहे आजतक के पत्रकार पर हमला
आंध्र प्रदेश के पुलिवेंदुला में स्थानीय निकाय चुनाव की कवरेज कर रहे आजतक के पत्रकार अब्दुल बशीर और वीडियो जर्नलिस्ट एस. विजय पर कथित तौर पर हमला किया गया. हमले में कैमरा तोड़ने और मोबाइल फोन छीनने का आरोप है.
बेंगलुरु, एक नवंबर कर्नाटक के पूर्व मुख्यमंत्री सिद्धरमैया को निशाना बनाकर किए गए ‘स्टिंग ऑपरेशन’ में कथित तौर पर इस्तेमाल किया गया मोबाइल फोन नयी दिल्ली में खरीदा गया था और राष्ट्रीय राजधानी में केंद्रीय मंत्री एच डी कुमारस्वामी के आधिकारिक आवास पर प्रज्वल प्रसाद को सौंपा गया था। बेंगलुरु के पुलिस आयुक्त सीमांत कुमार सिंह ने रविवार को यह दावा किया। पुलिस आयुक्त ने गिरफ्तार आरोपी रितेश पांडे के बयान के हवाले से बताया कि मोबाइल फोन का हस्तांतरण प्रसाद के निर्देश पर किया गया था। दिल्ली निवासी पांडे को कथित स्टिंग ऑपरेशन का वीडियो सोशल मीडिया पर अपलोड करने के मामले में 24 अक्टूबर को गिरफ्तार किया गया था। इस मामले में यह पहली गिरफ्तारी थी। बेंगलुरु पुलिस की केंद्रीय अपराध शाखा (सीसीबी) ने उसे दिल्ली से गिरफ्तार किया था और पूछताछ के लिए बेंगलुरु ले आई थी। पुलिस आयुक्त ने पत्रकारों को बताया कि पांडे ने विनोद शर्मा के साथ मिलकर दिल्ली के करोल बाग इलाके की एक दुकान से मोबाइल फोन खरीदा था, इसके बाद उन्होंने यह फोन कुमारस्वामी के दिल्ली स्थित सरकारी आवास पर प्रज्वल प्रसाद को सौंप दिया था। सिंह ने बताया, ‘‘प्रज्वल प्रसाद के निर्देश पर, विनोद शर्मा और रितेश पांडे ने करोल बाग की एक दुकान से एक मोबाइल फोन खरीदा। बाद में उन्होंने यह फोन दिल्ली में कुमारस्वामी के सरकारी आवास पर प्रज्वल प्रसाद को सौंप दिया।’’सिद्धरमैया के खिलाफ गंभीर आरोप लगाने वाले दो वीडियो कथित तौर पर सितंबर में यूट्यूब पर अपलोड किए गए थे, जिसके बाद कांग्रेस नेता ने अदालत का रुख कर अनुरोध किया था कि वह वीडियो के आधार पर खबरें प्रकाशित करने से मीडिया को रोके। उन्होंने इस मामले में जांच की मांग करते हुए पुलिस में शिकायत भी दर्ज कराई है। मामला सीसीबी थाने में दर्ज किया गया है। कथित स्टिंग ऑपरेशन के अलग-अलग पहलुओं की जांच के लिए पुलिस की कई टीम लगाई गई हैं। सिंह ने बताया कि पुलिस ने अब तक सामने आए तथ्यों के आधार पर विनोद शर्मा और प्रज्वल प्रसाद को भी नोटिस जारी किए हैं। हालांकि, दोनों फरार हैं और उन्होंने गिरफ्तारी से बचने के लिए अदालत में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की है। उन्होंने कहा, “हमने विनोद शर्मा और प्रज्वल प्रसाद को नोटिस जारी किए हैं, लेकिन वे फरार हैं। दोनों ने अग्रिम जमानत के लिए आवेदन भी किया है।”उन्होंने बताया कि पुलिस को पांडे और प्रज्वल प्रसाद के बीच कुछ वित्तीय लेन-देन की जानकारी मिली है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस आयुक्त ने बताया कि जांचकर्ताओं ने तकनीकी सबूत जुटा लिए हैं, जिनमें सीसीटीवी फुटेज और अन्य डिजिटल विवरण शामिल हैं। उन्होंने कहा कि ये तीनों व्यक्ति सोशल मीडिया कंटेंट बनाने के काम से जुड़े थे और जांचकर्ता उनके आपसी संबंधों, उनकी भूमिकाओं और वे कितने समय से जुड़े हुए थे सहित विभिन्न पहलुओं की जांच कर रहे हैं। यह पूछे जाने पर कि क्या कुमारस्वामी को कोई नोटिस जारी किया गया है या कथित स्टिंग ऑपरेशन में उनकी सीधी भूमिका सामने आई है, सिंह ने कहा कि जांच अभी जारी है और इस समय कोई निष्कर्ष निकालना जल्दबाजी होगी। उन्होंने कहा, ‘‘फिलहाल हमने सिर्फ रितेश पांडे को गिरफ्तार किया है। उसने बताया है कि वह मोबाइल फोन लेकर आया था और उसने प्रज्वल प्रसाद के कहने पर इसे सौंप दिया। इस स्तर पर हम पक्के तौर पर कुछ नहीं कह सकते।’’सिंह ने दोहराया कि पांडे के बयान के अनुसार, जब फोन पहुंचाया गया, तब प्रसाद कुमारस्वामी के आवास पर मौजूद थे। उन्होंने कहा, ‘‘बाकी दोनों का पता चलने और उनसे पूछताछ होने के बाद हमें और जानकारी मिल जाएगी।’’बेंगलुरु शहर की पुलिस ने बृहस्पतिवार को दावा किया कि सिद्धरमैया से जुड़े एक वायरल स्टिंग वीडियो में दिखाए गए यौन शोषण के आरोप, एक मनगढ़ंत और जानबूझकर रची गई कहानी का हिस्सा थे। राज्य के गृह मंत्री प्रियंक खरगे ने कहा कि कथित स्टिंग ऑपरेशन की जांच आगे बढ़ रही है और इसमें तकनीकी सबूत तथा कई महत्वपूर्ण सुराग सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि इसमें शामिल पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना ही प्रभावशाली क्यों न हो। खरगे के कार्यालय से जारी एक विज्ञप्ति के अनुसार, कलबुर्गी में संवाददाताओं से बातचीत में उन्होंने कहा, ‘‘साक्ष्यों की तकनीकी जांच के दौरान कई महत्वपूर्ण बातें सामने आई हैं। जांच अभी जारी है और जैसे-जैसे यह आगे बढ़ेगी, और भी विवरण सामने आएंगे। जो कोई भी इसमें शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी, चाहे वह कितना भी प्रभावशाली क्यों न हो।’’जांच में कुछ लोगों की अनुपस्थिति पर सवाल उठाते हुए, मंत्री ने कहा कि कुमारस्वामी और उनके करीबी सहयोगियों के साथ काम करने वाले कुछ लोग जांचकर्ताओं के सामने पेश नहीं हुए हैं। खरगे ने सवाल किया, ‘‘उन्हें (कुमारस्वामी) उनसे जांच में सहयोग करने के लिए कहना चाहिए था। वे ऐसा क्यों नहीं कर रहे हैं?’’प्रियंक ने कुमारस्वामी पर अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (एआईसीसी)अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे और सिद्धरमैया के खिलाफ ‘गंदी राजनीति’ करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि जांच अभी खत्म नहीं हुई है। मंत्री ने कहा, ‘‘यह तो महज बानगी है, पूरी फिल्म आनी अभी बाकी है।’’प्रियंक खरगे ने कहा कि आगे की कार्रवाई जांच के दौरान जुटाए गए दस्तावेजी सबूतों और अन्य सामग्रियों के आधार पर की जाएगी। उन्होंने कहा कि कुमारस्वामी के सहयोगियों और समर्थकों सहित जो भी लोग इसमें शामिल पाए जाएंगे, उनके खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई की जाएगी। खरगे ने उन लोगों को चुनौती दी जो यह आरोप लगा रहे हैं कि जांच के पीछे उनका हाथ था, और उनसे कहा कि वे अपने दावों को साबित करने के लिए सबूत पेश करें।
समस्तीपुर में अगस्त महीने में मोबाइल लूट हुई थी। मामले में पुलिस ने 2 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से लूटा गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान उजियारपुर थाना क्षेत्र के सातनपुर निवासी रमेश साह के बेटे आदर्श कुमार और सैदपुर जाहिद निवासी मंगल सहनी के बेटे बसंत कुमार के रूप में हुई है। एसडीपीओ वन सुमित सुमन ने बताया कि बरबट्टा गांव निवासी मानस कुमार से मुसरीघरारी के आसपास मोबाइल लूटा गया था। इसके बाद मानस कुमार ने मुसरीघरारी थाने में अज्ञात लुटेरों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने दो संदिग्धों को हिरासत में लिया गया। पूछताछ और जांच में उनकी संलिप्तता सामने आने के बाद उन्हें गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने मानस कुमार का मोबाइल भी बरामद किया है। मामला मुसरीघरारी थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने लूट में इस्तेमाल बाइक भी की जब्त पुलिस ने घटना में इस्तेमाल की गई एक बाइक भी जब्त की है। बाइक की बरामदगी के बाद पुलिस अब इस बात की भी जांच कर रही है कि आरोपितों ने मोबाइल लूट की घटना को किस तरह अंजाम दिया था और क्या वे इस तरह की अन्य वारदातों में भी शामिल रहे हैं।मामले में आगे की जांच की जा रही है। पुलिस गिरफ्तार दोनों आरोपितों के आपराधिक इतिहास का भी पता लगा सकती है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि वे पहले भी किसी आपराधिक घटना में शामिल रहे हैं या नहीं। जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है फिलहाल, पुलिस ने दोनों आरोपितों के विरुद्ध आवश्यक कागजी और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। प्रक्रिया पूरी होने के बाद दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की कार्रवाई की जा रही है। मोबाइल लूट की घटना के खुलासे और लूटी गई मोबाइल की बरामदगी से पीड़ित को राहत मिली है।
बांसवाड़ा जिले में पंचायती राज चुनाव के तीसरे चरण को लेकर पुलिस ने तैयारी पूरी कर ली हैं। रविवार को जिला पुलिस लाइन में एसपी सुधीर जोशी की अध्यक्षता में चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों की एक महत्वपूर्ण ब्रीफिंग की गई। एसपी ने बताया कि तीसरे चरण के तहत जिले की 4 पंचायत समितियों बागीदौरा, गांगड़तलाई, आनंदपुरी एवं नाहरपुरा की कुल 133 ग्राम पंचायतों के 314 मतदान केंद्रों पर मतदान प्रक्रिया होगी। इस दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने के लिए 16 पुलिस सुपरवाइजरी अधिकारी और 44 मोबाइल पार्टियों को मैदान में उतारा गया है। ब्रीफिंग के दौरान एसपी ने सभी पुलिस अधिकारियों और कर्मियों को सख्त निर्देश दिए कि वे राज्य निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों और आचार संहिता की पालना सुनिश्चित करें। 200 मीटर तक इकट्ठा नहीं हो सकेगी भीड़उन्होंने कहा कि प्रत्येक अधिकारी अपने निर्धारित क्षेत्राधिकार और ड्यूटी स्थल पर पूरी जानकारी के साथ उपस्थित रहकर स्वतंत्र और निष्पक्ष मतदान सुनिश्चित करेगा। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक, वृतकारी, थानाधिकारी और मोबाइल पार्टी प्रभारी संबंधित रिटर्निंग अधिकारियों, प्रशासनिक अधिकारियों और जोनल व एरिया मजिस्ट्रेट के साथ मिलकर योजनाबद्ध तरीके से काम करेंगे। उन्होंने बताया कि वोटिंग के दौरान मतदान केंद्रों के 200 मीटर के दायरे में अनावश्यक भीड़ एकत्र नहीं होने दी जाएगी। राजनीतिक दलों के कैंप निर्धारित सीमा के बाहर ही स्थापित कराए जाएंगे। संवेदनशील क्षेत्रों और असामाजिक तत्वों पर कड़ी नजर रखी जाएगी और कानून व्यवस्था प्रभावित होने की स्थिति में रिजर्व पुलिस बल का तुरंत उपयोग कर स्थिति पर नियंत्रण पाया जाएगा। जिला पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी प्रकार की भ्रामक सूचना, अफवाह, प्रलोभन या दबाव में न आएं. भयमुक्त होकर अपने मताधिकार का प्रयोग करें और कानून व्यवस्था बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें।
खन्ना की मीट मार्केट के पास झाड़ियों में मिले 20 वर्षीय सचिन कुमार के शव के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा किया है। शुरुआती दौर में नशीला टीका लगाने से हुई मौत का मामला दिख रही यह घटना असल में एक दर्दनाक हत्या की वारदात निकली। पुलिस के अनुसार, सचिन के दोस्त हरमन सिंह उर्फ हैरी ने मोबाइल छीनने की नीयत से उसके सिर पर ईंट मारकर उसकी हत्या कर दी थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए आरोपी को महज कुछ ही घंटों के भीतर गिरफ्तार कर लिया है। डीएसपी विनोद कुमार ने बताया कि मूल रूप से बिहार के खगड़िया (थाना अलोली) के बिखारी घाट निवासी और हाल निवासी दिलीप सिंह नगर (खन्ना), अमृत पासवान ने पुलिस को अपने बयान दर्ज कराए। उन्होंने बताया कि उनका 20 वर्षीय बेटा सचिन कुमार 30 अक्टूबर को शाम करीब 7 बजे मोबाइल की किस्त भरने के लिए बुक्स मार्केट गया था। उसके साथ मोहल्ला हड्डा रोड़ी (गली नंबर 2) का रहने वाला उसका दोस्त हरमन सिंह उर्फ हैरी भी था। पुलिस को पहले दी गई शिकायत के अनुसार, किस्त जमा करने के बाद हरमन सचिन को मीट मार्केट के पास टोहबे की झाड़ियों में ले गया और उसे नशीला टीका लगा दिया। जब सचिन रात भर घर नहीं लौटा, तो परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। 31 अक्टूबर को परिजनों को सूचना मिली कि सचिन का शव मीट मार्केट की झाड़ियों में पड़ा है। शुरुआत में परिवार को आशंका थी कि उसकी मौत नशीले टीके की वजह से हुई है। पोस्टमार्टम और जांच में खुला हत्या का राज घटना के संबंध में 1 नवंबर 2026 को थाना सिटी-2 खन्ना में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 के तहत केस दर्ज किया था। इसके बाद पुलिस ने शव का सिविल अस्पताल खन्ना में पोस्टमार्टम करवाया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में चोट लगने से मौत की बात सामने आई। पुलिस जांच में सामने आया कि मौके पर हरमन और सचिन के बीच कहासुनी हुई थी। इसके बाद हरमन ने सचिन के सिर पर ईंट से वार कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। हत्या के बाद आरोपी उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गया था। पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद पुलिस ने लगाई हत्या की धारा हत्या की पुष्टि होते ही पुलिस ने मामले में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 105 को हटाकर धारा 103 (हत्या) जोड़ दी है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी हरमन सिंह उर्फ हैरी को गिरफ्तार कर लिया है और मामले की आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
हरियाणा सरकार सभी सरकारी अस्पतालों और स्वास्थ्य केंद्रों को डिजिटल मैप से जोड़ रही है, जिससे नागरिक आसानी से आसपास की स्वास्थ्य सुविधाओं का पता लगा सकेंगे।
हरदा में रविवार शाम राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के करीब 200 बाल स्वयंसेवकों ने पथ संचलन किया। संघ की गणवेश पहने बच्चों ने घोष की धुन पर कदमताल की। रास्ते में लोग उन्हें देखने के लिए रुके। पथ संचलन नया बस स्टैंड के पास स्थित एक निजी स्कूल से शुरू हुआ। यह एलआईसी ऑफिस, अंबेडकर चौक और अस्पताल चौक से होते हुए उसी स्कूल में खत्म हुआ। बच्चों के पालक भी उनके साथ शामिल हुए। स्वयंसेवकों ने भारत माता के जयकारे लगाए। देशभक्ति की भावना जगाना उद्देश्य पथ संचलन में 8 से 18 साल तक के बच्चे शामिल हुए। इसका उद्देश्य बच्चों को मोबाइल से दूर रखना और उनमें देशभक्ति की भावना जगाना था। ढोल-नगाड़ों के साथ उद्घोष करती बच्चों की टोली भी संचलन में शामिल थी। नगर के कई स्थानों पर राजनीतिक, धार्मिक और सामाजिक संगठनों के सदस्यों ने पुष्पवर्षा कर संचलन का स्वागत किया। स्वयंसेवक नगर के प्रमुख रास्तों, गलियों और मोहल्लों से गुजरे।
हनुमानगढ़ में पंचायतीराज संस्थाओं के आम चुनाव-2026 के तीसरे चरण में शांतिपूर्ण, स्वतंत्र एवं निष्पक्ष मतदान करवाने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने सुरक्षा का व्यापक बंदोबस्त किया है। जिले की छह पंचायत समितियों भादरा, नोहर, राजपुरा (8 बीएचडी), हनुमानगढ़ जंक्शन, पल्लू एवं पीलीबंगा के 753 मतदान केंद्रों पर 3,390 पुलिस एवं होमगार्ड जवान तैनात रहेंगे। इसके अलावा 205 ग्राम पंचायत मुख्यालयों और 70 संवेदनशील एवं अति संवेदनशील मतदान लोकेशन पर अतिरिक्त पुलिस जाब्ता लगाया जाएगा। कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 72 मोबाइल पार्टियां लगातार गश्त करेंगी, जबकि हरियाणा सीमा पर अवैध शराब और मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए 10 स्थायी नाके 24 घंटे सक्रिय रहेंगे। तीसरे चरण में 3 नवंबर को जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों तथा 5 नवंबर को सरपंच एवं पंच पदों के लिए मतदान होगा। पुलिस और होमगार्ड के 3,390 जवान संभालेंगे मोर्चा पुलिस मुख्यालय के अनुसार चुनाव सुरक्षा में कुल 2,637 पुलिसकर्मी और 753 होमगार्ड स्वयंसेवक तैनात किए जाएंगे। पुलिस बल में जिला पुलिस के 958, जोधपुर ग्रामीण के 290, जोधपुर कम्युनिकेशन के 200, पीटीएस/पीएमडीएस बीकानेर के 70, पीटीएस/आरपीटीसी जोधपुर के 130, फलोदी के 150, जैसलमेर के 475, सीआईडी आईबी जयपुर के 125, आरएसी की तृतीय बटालियन के 75, जिला आरएसी की तृतीय बटालियन की ई कंपनी के 75 तथा एसडीआरएफ जयपुर के 60 जवान शामिल हैं। जिले के सभी 753 मतदान केंद्रों पर दो-दो सुरक्षाकर्मी यानी कुल 1,506 जवान तैनात रहेंगे। इसके अतिरिक्त 205 ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर प्रत्येक स्थान पर एक उप निरीक्षक, सहायक उप निरीक्षक अथवा हेड कांस्टेबल के साथ तीन कांस्टेबल लगाए जाएंगे। इस व्यवस्था के तहत इन स्थानों पर 820 पुलिसकर्मी अतिरिक्त सुरक्षा संभालेंगे। 70 संवेदनशील लोकेशन पर 280 पुलिसकर्मियों का पहरा संवेदनशील एवं अति संवेदनशील मतदान केंद्रों की 70 लोकेशन पर विशेष निगरानी रखी जाएगी। इसके लिए 70 टीमों के माध्यम से 280 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। मतदान प्रक्रिया के दौरान इन क्षेत्रों में अतिरिक्त सतर्कता बरती जाएगी, ताकि किसी भी तरह की गड़बड़ी या अप्रिय स्थिति को समय रहते नियंत्रित किया जा सके। 72 मोबाइल पार्टियां करेंगी लगातार गश्त चुनाव के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए 72 पुलिस मोबाइल पार्टियों का गठन किया गया है। प्रत्येक पार्टी में एक उप निरीक्षक अथवा सहायक उप निरीक्षक प्रभारी सहित चार पुलिसकर्मी रहेंगे। इस प्रकार मोबाइल पार्टियों में कुल 288 पुलिसकर्मी तैनात होंगे। इनके साथ समन्वय के लिए 72 जोनल मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। इसके अलावा छह वरिष्ठ पुलिस पर्यवेक्षक और 18 पुलिस पर्यवेक्षक सहित कुल 24 पुलिस पर्यवेक्षी अधिकारी चुनाव व्यवस्था की निगरानी करेंगे। इनके साथ 104 पुलिसकर्मी भी लगाए गए हैं। पंचायत समिति एवं थाना स्तर पर रिजर्व जाब्ता उपलब्ध रहेगा। जिला रिजर्व के 70 जवान, अंतरराज्यीय नाकाबंदी के लिए 40 पुलिसकर्मी, वायरलेस ऑपरेटर और ईवीएम सुरक्षा में तैनात जवान भी व्यवस्था का हिस्सा होंगे। हरियाणा सीमा पर 10 स्थायी नाके, 24 घंटे निगरानी चुनाव के दौरान अवैध शराब एवं मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए हरियाणा सीमा पर 10 सशस्त्र स्थायी नाके स्थापित किए गए हैं। ये नाके 2 से 5 नवंबर तक लगातार 24 घंटे संचालित रहेंगे। यहां से गुजरने वाले संदिग्ध वाहनों एवं व्यक्तियों की जांच की जाएगी और आवश्यक रिकॉर्ड संधारित किया जाएगा। इसके अतिरिक्त नोहर, भादरा, राजपुरा (8 बीएचडी), हनुमानगढ़ जंक्शन, पीलीबंगा एवं पल्लू क्षेत्रों में संबंधित पुलिस थानों के स्तर पर रिजर्व जाब्ता भी तैनात रहेगा। 38 एरिया मजिस्ट्रेट को सौंपी जिम्मेदारी जिला निर्वाचन अधिकारी एवं जिला मजिस्ट्रेट डॉ. खुशाल यादव ने मतदान एवं मतगणना के दौरान कानून एवं शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए तीसरे और चौथे चरण के लिए कुल 38 एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त किए हैं। इनमें तीसरे चरण के लिए 24 और चौथे चरण के लिए 14 अधिकारियों को जिम्मेदारी दी गई है। ये अधिकारी अपने आवंटित क्षेत्रों में सेक्टर मजिस्ट्रेट के कार्यों का पर्यवेक्षण करने के साथ पुलिस अधिकारियों से समन्वय स्थापित कर सुरक्षा एवं कानून व्यवस्था सुनिश्चित करेंगे। तीसरे चरण में भादरा पंचायत समिति के डाबड़ी, नेठराना एवं गांधीबड़ी क्षेत्रों में एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। नोहर में देईदास, फेफाना, रामगढ़, सोनड़ी, खुइयां एवं ललाना उतरादा, हनुमानगढ़ जंक्शन में बनवाला, मक्कासर, जोड़कीयां एवं डबली बास मौलवी, पल्लू में पल्लू, बरमसर एवं झेदासर तथा पीलीबंगा में पीलीबंगा, खोथांवाली, लखासर, रामपुरा एवं जाखड़ांवाली क्षेत्र शामिल हैं। राजपुरा (8 बीएचडी) पंचायत समिति के गेऊ, डूंगराना एवं अजीतपुरा क्षेत्रों में भी एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। चौथे चरण के लिए हनुमानगढ़ टाउन पंचायत समिति के रामसरा नारायण, किशनपुरा दिखनादा एवं लखूवाली, रावतसर के 99 आरडी, 4 डीब्ल्यूएम, थालड़का एवं 34 आरडब्ल्यूडी, संगरिया के चक हीरासिंह वाला, दीनगढ़ एवं मानकसर तथा टिब्बी के बशीर, पीरकामड़िया, सिलवाला खुर्द एवं 12 डीबीएल क्षेत्रों में एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त किए गए हैं। इसके अतिरिक्त नोहर उपखंड क्षेत्र के लिए राजस्व अपील अधिकारी परसराम मीणा को ओवरऑल एरिया मजिस्ट्रेट नियुक्त किया गया है। राजपुरा (8 बीएचडी) क्षेत्र में सरपंच मतदान एवं मतगणना के पर्यवेक्षण की जिम्मेदारी संगरिया उपखंड अधिकारी जय कौशिक, पीलीबंगा क्षेत्र की टिब्बी उपखंड अधिकारी बाबूलाल तथा पल्लू क्षेत्र की रावतसर उपखंड अधिकारी शुभम शर्मा को सौंपी गई है। फील्ड अटैचमेंट के तहत पीलीबंगा में प्रशिक्षु आरएएस दीक्षा लोहिया एवं रविंद्र सिंह तथा भादरा में प्रशिक्षु नायब तहसीलदार भूपेंद्र कुमार को नियुक्त किया गया है। 2 नवंबर को रवाना होंगे मतदान दल तीसरे चरण के मतदान के लिए मतदान दलों की रवानगी 2 नवंबर को डीएवी कॉन्वेंट स्कूल, हनुमानगढ़ जंक्शन के खेल मैदान से होगी। नोहर, पल्लू, भादरा एवं अन्य संबंधित क्षेत्रों के मतदान दल सुबह 10:30 बजे रवाना होंगे, जबकि हनुमानगढ़ जंक्शन, राजपुरा (8 बीएचडी) और पीलीबंगा के मतदान दल दोपहर 12 बजे रवाना किए जाएंगे। ईवीएम की सुरक्षा के भी पुख्ता इंतजाम जिला परिषद एवं पंचायत समिति सदस्यों के चुनाव ईवीएम से होंगे, जबकि सरपंच एवं वार्ड पंच के चुनाव मतपत्रों से करवाए जाएंगे। मतदान समाप्ति के बाद ईवीएम को पुलिस सुरक्षा और मोबाइल पार्टियों की निगरानी में निर्धारित संग्रहण केंद्रों तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद ईवीएम राजकीय पॉलिटेक्निक कॉलेज, हनुमानगढ़ जंक्शन में जमा करवाई जाएगी। पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कंट्रोल रूम स्थापित चुनाव संबंधी सूचनाओं के त्वरित आदान-प्रदान और आपात स्थितियों से निपटने के लिए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में चुनाव कंट्रोल रूम स्थापित किया गया है। इसका दूरभाष नंबर 01552-261104 है। इसके अलावा जिला पुलिस कंट्रोल रूम के नंबर 100 और 01552-261105 पर भी संपर्क किया जा सकता है। पुलिस प्रशासन ने चुनाव ड्यूटी में तैनात अधिकारियों एवं जवानों को पूरी सतर्कता, निष्पक्षता और आपसी समन्वय के साथ जिम्मेदारी निभाने के निर्देश दिए हैं। प्रशासन का उद्देश्य मतदान केंद्रों से लेकर संवेदनशील क्षेत्रों तक सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करना है, ताकि मतदाता निर्भीक होकर अपने मताधिकार का प्रयोग कर सकें।
भागलपुर रेलवे स्टेशन पर मोबाइल छीनने की कोशिश के बाद बदमाशों ने फायरिंग और चाकूबाजी की, जिसमें दो भाई गंभीर रूप से घायल हो गए।
शिवपुरी जिले के खनियांधाना क्षेत्र के बामोरकलां गांव में एक रिटायर्ड शिक्षक साइबर ठगी का शिकार हो गए। ठगों ने उन्हें व्हाट्सएप पर APK फाइल भेजी। इसे डाउनलोड करते ही उनका मोबाइल हैक हो गया और बैंक खाते से 3 लाख 40 हजार रुपए निकाल लिए गए। पीड़ित कैलाश नारायण सोनी का आरोप है कि उन्होंने 8 अक्टूबर को बामोरकलां थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन पुलिस ने 27 अक्टूबर को FIR दर्ज की। उनका कहना है कि शिकायत के बाद समय पर कार्रवाई नहीं हुई। APK फाइल डाउनलोड करते ही बैंक खाते से निकले रुपए जानकारी के मुताबिक, कैलाश नारायण सोनी के व्हाट्सएप पर एक लिंक के साथ APK फाइल भेजी गई थी। उन्होंने फाइल डाउनलोड की तो ठगों ने उनके मोबाइल तक पहुंच बना ली। इसके बाद मोबाइल में मौजूद बैंकिंग ऐप के जरिए खाते से रुपए निकाल लिए गए। बैंक से लगातार पैसे कटने के मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला। ATM कार्ड, पासवर्ड और OTP भी नहीं पूछा कैलाश नारायण सोनी के मुताबिक, ठगों ने न तो उनका ATM कार्ड देखा और न ही बैंक का पासवर्ड या OTP पूछा। उनका कहना है कि सिर्फ APK फाइल डाउनलोड कराने के बाद ठगों ने मोबाइल और बैंकिंग ऐप तक पहुंच बना ली। रकम वापस पाने के लिए लगा रहे चक्कर पीड़ित और उनका परिवार ठगी की रकम वापस पाने और आरोपियों पर कार्रवाई के लिए बैंक, खनियांधाना थाने और जिला साइबर सेल के चक्कर लगा रहा है। उन्होंने रकम वापस दिलाने और मामले में जल्द कार्रवाई की मांग की है। अनजान APK फाइल डाउनलोड करने से बचें अनजान नंबर से व्हाट्सएप पर आई APK फाइल या लिंक डाउनलोड करने से बचें। ऐसी फाइलों के जरिए ठग मोबाइल में मौजूद निजी जानकारी और बैंकिंग ऐप तक अनधिकृत पहुंच बना सकते हैं। किसी भी अनजान फाइल को डाउनलोड करने से पहले उसकी जांच जरूर करें।
पलामू के विश्रामपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने गोवंशीय पशुओं की कथित तस्करी के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बोलेरो पिकअप से ले जाए जा रहे 10 गोवंशीय पशुओं को जब्त किया है। इसके साथ ही तस्करी में इस्तेमाल सफेद रंग की बोलेरो पिकअप (BR44GA5566) और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विश्रामपुर थाना पुलिस ने रविवार को यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, पिकअप से गोवंशीय पशुओं को अवैध रूप से ले जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस ने वाहन को रोककर जांच की। तलाशी के दौरान पिकअप में 10 गोवंशीय पशु मिले। पुलिस ने तत्काल वाहन चालक को हिरासत में ले लिया। गिरफ्तार युवक की पहचान बिहार के रोहतास जिले के काराकाट थाना क्षेत्र के रघुनाथपुर गांव निवासी गुड्डू कुमार (24) के रूप में हुई है। गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज पुलिस ने आरोपी के खिलाफ झारखंड गोवंशीय पशु हत्या प्रतिषेध अधिनियम और पशुओं के प्रति क्रूरता निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत विश्रामपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज की है। कार्रवाई के दौरान 10 गोवंशीय पशुओं को भी जब्त किया गया। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि पशुओं को कहां से लाया गया था और उन्हें किस स्थान पर ले जाया जा रहा था। साथ ही इस कथित तस्करी में अन्य लोगों की संलिप्तता की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। जब्त मोबाइल फोन की भी जांच की जाएगी, ताकि पशुओं के परिवहन से जुड़े संपर्कों और अन्य जानकारियों का पता लगाया जा सके। छापेमारी दल में पुलिस अधिकारी और जवान शामिल पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर की गई इस कार्रवाई में प्रशिक्षु पुलिस उपाधीक्षक मृत्युंजय गोप के नेतृत्व में छापेमारी दल का गठन किया गया था। टीम में विश्रामपुर थाना प्रभारी ऋषिकेश कुमार दुबे, सहायक अवर निरीक्षक नरसिंह उरांव और थाने के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के साथ वाहन और मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गोवंशीय पशुओं के अवैध परिवहन और तस्करी में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है।
पलामू जिले के ऊंटारी रोड थाना क्षेत्र में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म का मामला सामने आया है। इस मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। तीनों पर टेम्पो से यात्रा के दौरान नाबालिग के साथ छेड़छाड़ और सामूहिक दुष्कर्म करने का आरोप है। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल किए गए दो टोटो टेम्पो और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने बताया कि पीड़िता हुसैनाबाद थाना क्षेत्र की रहने वाली है। वह 29 अक्टूबर को किसी काम से टोटो टेम्पो पर सवार होकर ऊंटारी रोड थाना क्षेत्र के लकडाही गांव आई थी। काम पूरा होने के बाद वह वापस हुसैनाबाद लौट रही थी। इसी दौरान जिस टोटो से वह गांव आई थी, वह रास्ते में खराब हो गया। इसके बाद किशोरी ने दूसरा टेम्पो बुक किया और उससे वापस घर जाने लगी। रास्ते में चालक समेत तीन युवकों पर वारदात का आरोप पुलिस के अनुसार, दूसरे टेम्पो से सफर के दौरान चालक समेत तीन युवकों ने नाबालिग के साथ छेड़छाड़ की और सामूहिक दुष्कर्म किया। घटना के बाद पीड़िता के बयान पर 31 अक्टूबर को प्राथमिकी दर्ज की गई। मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की और तीनों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ऊंटारी रोड थाना क्षेत्र के भदुमा गांव निवासी सुबोध दीक्षित (38), मुकेश दीक्षित (26) और अभय दीक्षित (20) के रूप में हुई है। सुबोध दीक्षित के पिता का नाम राजेश्वर दीक्षित, मुकेश दीक्षित के पिता का नाम स्वर्गीय बाबूलाल दीक्षित और अभय दीक्षित के पिता का नाम संजय दीक्षित है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना से संबंधित दो टोटो टेम्पो और तीन मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस अब मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। एसपी ने सख्त सजा दिलाने का दिया निर्देश पुलिस अधीक्षक कपिल चौधरी ने कहा कि मामला नाबालिग से जुड़ा होने के कारण पुलिस इसे गंभीरता से ले रही है। उन्होंने आरोपियों को सख्त कानूनी सजा दिलाने के लिए विश्रामपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चिरंजीव मंडल को विशेष दिशा-निर्देश दिए हैं। मामले की जांच और कार्रवाई में किसी तरह की लापरवाही नहीं बरतने को कहा गया है। इस कार्रवाई के लिए गठित पुलिस टीम में विश्रामपुर के अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी चिरंजीव मंडल, पांडू अंचल के पुलिस निरीक्षक सोनू कुमार चौधरी, ऊंटारी रोड थाना प्रभारी संतोष गिरी और उनकी टीम शामिल थी। पुलिस की कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में जब्त वाहनों और मोबाइल फोन को भी जांच का हिस्सा बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि नाबालिग से जुड़े इस गंभीर मामले में आरोपियों के खिलाफ कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अलवर पुलिस ने रविवार को दबिश देकर रेप के आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस ने 20 दिन से फरार चल रहे आरोपी के मोबाइल की लोकेशन को ट्रेस किया। फिर आरोपी को दबोच लिया। जयपुर ले जाकर अलग-अलग जगहों पर किया रेप कोतवाली थाना प्रभारी दिनेश मीणा ने बताया कि करीब 20 दिन पहले पीड़िता ने थाने में मामला दर्ज कराया था, कि आरोपी शंकरलाल उसे बहला-फुसलाकर जयपुर ले गया, जहां उसके साथ दुष्कर्म किया। उसे कई स्थानों पर भी ले गया और वहां भी लगातार रेप किया। उन्होंने बताया कि शिकायत मिलने के बाद कोतवाली थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू की। पुलिस टीम ने तकनीकी सहायता लेते हुए मोबाइल लोकेशन ट्रेस की और फरार आरोपी शंकरलाल को धर दबोचा। आरोपी को कोर्ट में किया पेश, भेजा जेल दिनेश मीणा ने बताया कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया है।
अमलाई पुलिस ने रविवार को ग्राम विधिया में जमुना नाला पुल के पास गांजे की सप्लाई के आरोप में दो लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 1 किलो 430 ग्राम गांजा और मोबाइल फोन जब्त किया है। जब्त सामान की कुल कीमत 22 हजार 300 रुपए बताई गई है। पुलिस के मुताबिक, अमलाई थाना क्षेत्र के ग्राम विधिया में जमुना नाला पुल के पास गांजा लेकर आने-जाने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर बृजेन्द्र सिंह (57), निवासी ग्राम विधिया को पकड़ा। तलाशी में उसके पास से 1 किलो 430 ग्राम गांजा मिला। इसकी कीमत करीब 14 हजार 300 रुपए बताई गई है। पुलिस ने मोबाइल फोन भी जब्त किया। पूछताछ में दूसरे आरोपी का नाम आया सामने पुलिस के अनुसार, पूछताछ में गांजे की सप्लाई से जुड़े दूसरे व्यक्ति का नाम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने घनश्याम महरा (34), निवासी बकही, जिला अनूपपुर को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किन लोगों तक की जानी थी।
रायपुर के एप्पल स्टोर में चोरी:शटर तोड़कर 70 मोबाइल ले गए चोर, आरोपियों की तलाश जारी
रायपुर के तेलीबांधा थाना क्षेत्र स्थित एप्पल स्टोर में दुकान का शटर तोड़कर करीब 70 मोबाइल चोरी कर लिए गए। रविवार सुबह 7:30 बजे दुकान मालिक को शटर टूटे होने और सामान गायब होने की सूचना मिली। इसके बाद पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस उपायुक्त (सेंट्रल जोन) तारकेश्वर पटेल ने बताया कि, शुरुआती तौर पर 70 मोबाइल चोरी होने की जानकारी है। दुकान से चोरी हुए सामानों की जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही चोरी करने वालों का पता लगाया जा रहा है। फिलहाल मामले में FIR दर्ज नहीं की गई है।
धौलपुर जिले में पंचायत चुनाव के पहले चरण में 3 नवंबर को 126 ग्राम पंचायतों में मतदान होगा। इस दौरान जिला परिषद और पंचायत समिति सदस्यों के लिए वोट डाले जाएंगे। राजस्थान में यह पंचायत चुनाव का तीसरा चरण है। जिला निर्वाचन अधिकारी श्रीनिधि बीटी के निर्देशन में चुनाव की तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतदान शांतिपूर्ण और निष्पक्ष कराने के लिए पुलिस ने सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। पहले चरण के मतदान के लिए 49 मोबाइल पुलिस पार्टियां बनाई गई हैं। 12 पुलिस सुपरवाइजरी अधिकारियों को भी जिम्मेदारी दी गई है। हर मतदान केंद्र पर एक-चार का अतिरिक्त पुलिस बल तैनात रहेगा। पुलिसकर्मियों को ब्रीफिंग देकर ड्यूटी और सुरक्षा से जुड़े निर्देश दिए गए हैं। पुलिस अधिकारियों ने जवानों से सतर्क रहने और संवेदनशील मतदान केंद्रों पर खास निगरानी रखने को कहा है। सोमवार को पॉलिटेक्निक कॉलेज से मतदान दलों को केंद्रों के लिए रवाना किया जाएगा। 5 नवंबर को पंच और सरपंच पदों के लिए मतदान होगा। चुनाव के दौरान पुलिस और प्रशासन की टीमें निगरानी रखेंगी।
झारखंड: पलामू में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में तीन आरोपी गिरफ्तार, वाहन और मोबाइल जब्त
मेदिनीनगर, 1 नवंबर . Jharkhand के पलामू जिले के उंटारी रोड थाना क्षेत्र में टोटो (ई-रिक्शा) से यात्रा कर रही एक नाबालिग के साथ दुष्कर्म का मामला सामने…
उज्जैन में मोबाइल चोर पकड़ाया:शॉप से 15 फोन, एप्पल आईपैड, CCTV का DVR किए थे चोरी
उज्जैन के चिमनगंज मंडी थाना क्षेत्र में मोबाइल शॉप से 15 फोन और अन्य सामान चोरी करने के मामले में पुलिस ने रविवार को एक आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से चोरी के 2 मोबाइल, एक एप्पल आईपैड और CCTV कैमरों का DVR बरामद किया। सामान की अनुमानित कीमत करीब 2.50 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी का एक साथी फरार है। चोरी 6 अक्टूबर की रात लाला लाजपत राय मार्ग स्थित गोल्डन मोबाइल शॉप में हुई थी। फाजलपुरा निवासी दुकान संचालक परवेज मंसूरी की रिपोर्ट पर चिमनगंज मंडी थाने में केस दर्ज किया गया था। चोर शटर और ताले तोड़कर दुकान में घुसे थे। वे 15 मोबाइल फोन, एप्पल आईपैड, CCTV का DVR और हार्ड डिस्क के साथ नकदी ले गए थे। पुलिस ने दुकान और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज देखे। तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिरों की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई। जांच के दौरान पुलिस ने आशीष उर्फ गंजू उर्फ सुखमनंदर सिंह को हिरासत में लिया। वह भोपाल का रहने वाला है और फिलहाल चिमनगंज मंडी इलाके में रह रहा था। पूछताछ में आशीष ने अपने साथी खय्याम के साथ चोरी करना स्वीकार किया। पुलिस के मुताबिक, उसने बताया कि चोरी के बाकी मोबाइल खय्याम के पास हैं। पुलिस ने सामान की बरामदगी और फरार आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस ने बताया कि CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से आरोपी तक पहुंचा गया। कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक अशोक कुमार पाटीदार सहित पुलिस टीम शामिल रही।
कैथल में एक युवक से 1 लाख 97 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात आरोपी ने उसके मोबाइल पर एपीके फाइल भेज दी। जिसे इंस्टॉल करने पर उसके खाते से रुपए कट गए। युवक ने अपनी बहन की शादी के लिए ये रुपए इकट्ठे किए थे। 20 दिन बाद बहन की शादी होनी थी। इस संबंध में युवक ने साइबर थाना में शिकायत दी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। कोरियर के माध्यम से मंगवाई थी दवाई गांव बाबा लदाना निवासी पवन ने साइबर थाना में दी शिकायत में बताया कि उसका यूनियन बैंक कैथल में सेविंग अकाउंट है। तीन दिन पहले उसने जींद से अपने किसी दोस्त के माध्यम से दवाई मंगवाई थी। उसने यह दवाई DTDC के माध्यम से कोरियर की थी। जिसका पार्सल उसके दो दिन बाद भी नहीं मिला था। इस कारण उसने DTDC कोरियर सर्विस का कस्टमर केयर नंबर गूगल पर सर्च करके उस पर बात की। सामने वाले व्यक्ति ने उसे एक नंबर दिया और कहा कि इस पर व्हाट्सएप के माध्यम से कोई मैसेज भेज दो। मोबाइल में इंस्टॉल हुआ एप उसने दिए गए नंबर पर एक मैसेज भेज दिया और आरोपी के कहने पर उसी नंबर पर दो रुपए गूगल-पे कर दिए। कुछ देर बाद उसी नंबर से उसके पास एक एपीके फाइल आई। उसने एपीके फाइल को इंस्टॉल कर लिया, जिसके तुरंत बाद उसका मोबाइल हैक हो गया। काफी देर बाद उसे पता चला कि अज्ञात आरोपी ने तीन बार में उसके बैंक खाते से एक लाख 97 हजार रुपए निकाल लिए। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और रुपए बरामद करने की मांग की है। साइबर थाना के जांच अधिकारी दयानंद ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली जिले के जियावन थाना क्षेत्र के हर्रा चंदेल गांव में रविवार सुबह करीब 6 बजे ग्रामीणों ने मोबाइल चोरी के एक संदिग्ध को पकड़ा। उसके पास से 12 मोबाइल फोन मिले। उसका एक साथी मौके से फरार हो गया। ग्रामीणों ने पकड़े गए व्यक्ति को जियावन पुलिस के हवाले कर दिया। जानकारी के मुताबिक, दोनों युवक पल्सर बाइक से देवसर पहुंचे थे। इसके बाद वे हर्रा चंदेल गांव में शिवनाथ मिश्रा के घर के पास गए। गांव की रेकी कर रहे थे। उनकी गतिविधियां संदिग्ध लगने पर ग्रामीणों ने उन पर नजर रखी और घेराबंदी कर एक युवक को पकड़ लिया। दूसरा युवक भाग गया। तलाशी में 12 मोबाइल ग्रामीणों ने पकड़े गए व्यक्ति की तलाशी ली तो उसके पास 12 मोबाइल फोन मिले। शुरुआती जानकारी के मुताबिक, वह चितरंगी क्षेत्र के कर्थुआ गांव का निवासी है। ग्रामीणों ने उसे जियावन पुलिस को सौंप दिया। पुलिस 12 मोबाइल फोन के मालिकों की पहचान करेगी। वह यह भी पता लगाएगी कि फोन कहां से चोरी हुए और फरार युवक की इसमें क्या भूमिका है। पुलिस पल्सर बाइक और दोनों युवकों की गतिविधियों की भी जांच करेगी। मामले की हो रही जांच जियावन थाने के जांच अधिकारी शेषनारायण द्विवेदी ने बताया कि ग्रामीणों ने एक संदिग्ध को पकड़ा है। मामले की जांच की जा रही है। मोबाइल फोन कहां से लाए गए और घटना में कोई अन्य व्यक्ति शामिल है या नहीं, यह जांच के बाद पता चलेगा।
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा थाना क्षेत्र के कौड़िया गांव में शनिवार देर रात किराना दुकान में चोरी हो गई। घटना के बाद सामने आए CCTV फुटेज में एक नाबालिग दुकान से सामान चुराते दिखाई दे रहा है। जानकारी के मुताबिक किराना स्टोर्स की शटर तोड़कर करीब 25 से 30 हजार रुपए नकद, दो मोबाइल फोन और चिल्लर चोरी चुराए गए। रविवार सुबह दुकान संचालक ने शटर टूटी देखी, जिसके बाद घटना का पता चला। CCTV फुटेज में दिखाई दिया संदिग्ध सूचना मिलने के बाद दुकान के CCTV कैमरों की फुटेज देखी गई। इसमें एक नाबालिग संदिग्ध दिखाई दे रहा है। फुटेज में वह दुकान के बाहर खड़ी पिकअप में बैठकर उसे चलाने की कोशिश करता भी नजर आ रहा है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना डायल-112 और गाडरवारा थाना पुलिस को दी गई। इसके बाद थाना प्रभारी समेत पुलिस टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर जांच शुरू की। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर संदिग्ध की पहचान करने में जुटी है। घटना के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी जताई। उन्होंने मामले का जल्द खुलासा करने, आरोपियों की गिरफ्तारी और गांव में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
अब घर बैठे बुक होगा रेलवे पार्सल: स्टेशन जाने की नहीं होगी जरूरत, मोबाइल से कर सकेंगे ट्रैक
रेलवे की पार्सल सेवा से सामान भेजने के लिए अब लोगों को स्टेशन के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे।
कोचिंग से घर लौट रही नाबालिग छात्रा को स्कॉर्पियो में लिफ्ट देकर सुनसान जगह ले जाया गया और उसके साथ दुष्कर्म किया गया। पुलिस ने घटना के 12 घंटे के भीतर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के मुताबिक, आरोपी अमृत कुमार उर्फ अमित कुमार लखीसराय जिले के सूर्यगढ़ा थाना क्षेत्र के पवई गांव के शशि भूषण सिंह का बेटा है। उसे लखीसराय-जमुई मोड़ पर मुन्ना सिंह के मकान से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्कॉर्पियो और आरोपी के पास से दो मोबाइल जब्त किए। छात्रा ने आरोपी की पहचान कर ली है। एएसपी डॉ. राकेश कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि छात्रा कोचिंग के बाद बीती शाम नगर क्षेत्र के कॉलेज मोड़ के पास घर जाने के लिए ई-रिक्शा का इंतजार कर रही थी। इसी दौरान हल्के रंग की स्कॉर्पियो उसके पास रुकी। चालक ने उससे लखीसराय जाने वाले चौराहे का रास्ता पूछा। रास्ता बताने के बाद चालक ने उसे घर छोड़ने के बहाने गाड़ी में लिफ्ट देने की बात कही। गाड़ी में बैठने से पहले छात्रा ने चालक के मोबाइल से घर पर फोन किया, लेकिन परिजनों ने कॉल नहीं उठाया। इसके बाद वह चालक पर भरोसा कर गाड़ी में बैठ गई।
रामनगर विधानसभा क्षेत्र में बालिकाओं की शिक्षा और आवासीय सुविधा को बढ़ावा देने के लिए बड़ा कदम उठाया गया है. परसौनी, मटियरिया और जमुनिया में तीन छात्रावासों के निर्माण को मंजूरी मिली है. प्रत्येक छात्रावास में 100 छात्राओं के रहने की क्षमता होगी.
नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही आम जनता, व्यापारियों और वाहन चालकों की जेब व दिनचर्या से जुड़े कई महत्वपूर्ण नियमों में बदलाव लागू हो गए हैं। जहां तेल विपणन कंपनियों ने त्योहारों से पहले 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर के दामों में ₹17 तक की बढ़ोतरी कर दी है।
7 दिन पुराना था शव, मोबाइल से टॉर्चर का वीडियो निकाला; लेयर्ड वॉइस तकनीक से हत्यारे पकड़े
जयपुर | केंद्रीय गृह मंत्रालय ने सरदार वल्लभ भाई पटेल की जयंती पर 2026 के लिए प्रतिष्ठित केंद्रीय गृहमंत्री दक्षता पदक (अनुसंधान श्रेणी) की घोषणा कर दी है। देश के सर्वश्रेष्ठ अनुसंधानकर्त्ताओं की सूची में राजस्थान पुलिस के 6 आईपीएस और 1 आरपीएस अधिकारी को चुना है। इन अफसरों ने न केवल गैंगरेप जैसे वीभत्स मामले में महज 7 दिन के भीतर वैज्ञानिक साक्ष्यों के साथ कोर्ट में चार्जशीट पेश कर नजीर पेश की, बल्कि पाकिस्तान से ड्रोन के जरिए हथियारों की तस्करी, 100 करोड़ रुपए के अंतरराज्यीय साइबर फ्रॉड और दृश्यम फिल्म देखकर वृद्धा की हत्या कर शव जलाने जैसी पेचीदा वारदातों की गुत्थियां सुलझाईं। वहीं, सरकारी कल्याणकारी योजनाओं में सेंधमारी करने वाले राष्ट्रीय सिंडिकेट को ‘ऑपरेशन शटर डाउन’’ के जरिए नेस्तनाबूद करने वाले पुलिस अधिकारी को भी सर्वोच्च सम्मान से नवाजा गया है। इधर, राजस्थान में तैनात एनसीबी के जोन डायरेक्टर घनश्याम सोनी व एसआई कृतिका गोयल को भी पदक देने की घोषणा की गई है।
JIO ने Airtel से जोड़े करीब 10 गुना ज्यादा कोर मोबाइल ग्राहक; एक्टिव यूजर्स में भी बढ़त
सितंबर में रिलायंस जियो ने एयरटेल के मुकाबले लगभग 10 गुना अधिक मोबाइल ग्राहक जोड़े, जिससे बाजार में उसकी मजबूत पकड़ बनी रही।
Maharajganj News: त्योहार पर मोबाइल बाजार में बढ़ी रौनक, नए मॉडल कर रहे आकर्षित
धनतेरस और दिवाली पर दुकानों में उमड़ने लगी ग्राहकों की भीड़। आठ हजार से 50 हजार रुपये तक के स्मार्टफोन उपलब्ध।
Amroha News: मोबाइल हैक कर खाते से 99600 रुपये उड़ाए, दो के खिलाफ प्राथमिकी
साइबर ठगों ने युवक का मोबाइल हैक कर दो बार में बैंक खाते से 99,600 रुपये निकाल लिए।
Panchkula News: पार्कों में खेलने पर पाबंदी, मोबाइल में सिमट रहा बचपन
पार्कों में खेलने पर पाबंदी, मोबाइल में सिमट रहा बचपन
छह साल की बच्ची पर हमले के पीछे क्या वजह? मोबाइल गेम से लेकर पारिवारिक माहौल तक जांच
गुरु तेग बहादुर (जीटीबी) अस्पताल में एक नवंबर से ओपीडी पर्ची बनवाने की व्यवस्था में बदलाव किया जा रहा है।
झांसी में वकीलों और पुलिस की झगड़ का मामला तूल पकड़ता जा रहा है। रविवार रात को पुलिस ने 3 सीसीटीवी फुटेज जारी किए। दो फुटेज में नजर आ रहा है कि शुक्रवार को वकील कलेक्ट्रेट में डीएम ऑफिस के पास प्रदर्शन कर रहे है। एक सिपाही भूपेंद्र अपने मोबाइल में उनकी वीडियो बना रहा है। तभी कुछ वकीलों ने उसका मोबाइल छीन लिया। तभी एक दरोगा चौकी इंचार्ज मोहित कुमार पहुंच गए। आक्रोशित कुछ वकील दोनों को धक्का देते हुए पीटते हैं और फिर दौड़ा लेते हैं। दरोगा मोहित की तहरीर पर नवाबाद पुलिस ने 4 वकीलों पर सरकारी कार्य में बाधा डालने, लूट, मारपीट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज किया है। उधर, वकीलों ने भी दो नवंबर को अनशन का अल्टीमेटम दिया है। 4 फुटेज देखिए… अब पूरा मामला विस्तार से पढ़िए जिला अधिवक्ता संघ अध्यक्ष प्रमोद शिवहरे, महामंत्री छोटेलाल वर्मा की अगुवाई में अधिवक्ता शुक्रवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे थे। वकीलों ने दो बड़े आरोप लगाए। पहला- कोतवाली गए संयुक्त सचिव अधिवक्ता राेमेश अग्रवाल के साथ थाना प्रभारी ने अभद्रता करते हुए गाली गलौच की। दूसरा- नवाबाद क्षेत्र के बस स्टैंड के पास बने लॉज और होटलों में पुलिस देह व्यापार करा रही है। प्रदर्शन के डीएम ऑफिस के बाहर जेल चौकी इंचार्ज मोहित कुमार और सिपाही भूपेंद्र तैनात थे। भूपेंद्र अपने मोबाइल में वकीलों की वीडियो बनाने लगा। यह देख वकील भड़क गए। नारेबाजी करते हुए दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया। मोबाइल छीनकर दोनों को धक्का देते हुए दौड़ा लिया। बाद में अधिवक्ता डीएम कार्यालय पहुंचे। एडीएम को ज्ञापन सौंपते हुए नबावाद थाना प्रभारी, कोतवाली प्रभारी और सीपरी बाजार थाना प्रभारी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। पुलिस ने उसी दिन बबीना निवासी अविनाश यादव, आजाद, दीपू और नैनागढ़ निवासी देवेंद्र यादव के खिलाफ केस दर्ज किया था। पुलिस ने सिल-सिलेवार वकीलों के आरोपों को नकारा देह व्यापार के साक्ष्य नहीं मिले शुक्रवार रात को ही सीओ सिटी के नेतृत्व में पुलिस ने बस स्टैंड के आसपास बने 11 लॉज एवं होटलों में दबिश ली। लेकिन वहां कोई संदिग्ध महिला या पुरुष नहीं मिला। एसपी सिटी प्रीति सिंह ने कहा- देह व्यापार के हमें कोई भी साक्ष्य नहीं मिले। एसपी सिटी बोली- वकील के साथ थाने में अभद्रता नहीं हुई रविवार रात को पुलिस ने 3 सीसीटीवी फुटेज जारी किया। इसमें 44 सेकेंड की एक फुटेज कोतवाली थाना प्रभारी अनंज कुमार सिंह के कक्ष की है। एसपी सिटी ने कहा- वकील राेमेश अग्रवाल ने थाना प्रभारी पर अभद्र व्यवहार करते हुए गाली गलौच का आरोप लगाया था। जांच में सामने आया कि 27 अक्टूबर को रोमेश अग्रवाल के मुंशी विनय कोटी की पत्नी ने अपने पति समेत ससुराल वालों पर केस दर्ज कराया था। अगले दिन रमेश और विनय कोतवाली गए थे। प्रभारी के कक्ष में लगे वाइस रिकॉर्डर वाले सीसीटीवी कैमरे की जांच की गई। इसमें सामने आया कि शाम 7.12 बजे अधिवक्ता रोमेश अग्रवाल ने उनके कक्ष में प्रवेश किया। फुटेज में आ रही आवाज में एसएचओ अंजन सिंह कहते सुनाई पड़ रहे हैं कि आप बाहर जाइए। रोमेश ने कहा कि हमें बात करनी है। इस पर एसएचओ ने कहा कि अभी आप बाद में अपनी बात कहिएगा। एसएचओ के सामने कुर्सी पर बैठे विनय ने कहा कि यह मेरे प्रकरण में ब्रीफ करेंगे। इस पर एसएचओ ने यह कहते हुए सुनाई दे रहे हैं कि जब आपकी बात न सुनी जाए तब आप जिसकी मदद लेनी हो, उनकी लीजिएगा। इसके बाद रोमेश कमरे से बाहर निकल गए। सामने बैठे विनय ने कहा कि यह हमारे वकील हैं। कुछ देर बाद विनय भी कमरे से बाहर जाते दिखाई दिए। एसपी सिटी ने कहा- प्रकरण पति-पत्नी के घरेलु विवाद से संबंधित था। ऐसे में काउंसिलिंग की प्रिक्रिया को अधिवक्ता द्वारा अप्रयक्ष रूप से प्रभावित करने की आशंका के दृष्टिगत कोतवाली थाना प्रभारी ने अधिवक्ता को बाहर जाने के लिए कहा। इसके अलावा उनके द्वारा अधिवक्ता के साथ कोई अभद्रता या गाली गलौच नहीं की। अधिवक्ता द्वारा लगाए गए आरोप पूरी तरह निराधार और गलत हैं। एसपी सिटी बोली- FIR में जो तथ्य अंकित, उनके प्रमाण वकीलों पर लूट समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज होने के बाद सवाल उठ रहे थे। पुलिस ने 47 सेकेंड और 3:58 मिनट के दो सीसीटीवी फुटेज जारी किए। एसपी सिटी ने कहा- पुलिसकर्मियों का मोबाइल लूटने, गाली गलौच, धक्का मुक्की और मारपीट करते हुए कलेक्ट्रेट परिसर से बाहर भगा देने की घटना के संबंध में नवाबाद थाने में एक केस दर्ज हुआ है। केस में जो तथ्य अंकित है, उन समस्त तथ्यों की पुष्टि कलेक्ट्रेट में लगे सीसीटीवी कैमरे की जांच में हो रही है। जो भी घटनाक्रम बताया गया है, वो वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में दिखाई पड़ रहा है। जो भी पंजीकृत एफआईआर है, उसमें जल्द ही वैधानिक कार्रवाई पूरी की जाएगी। दोनों घटनाक्रम से ऐसा प्रतीत होता है कि थानों में अधिवक्ताओं के खिलाफ कई प्रकरण विवेचनाधीन है। उन प्रकरणों में पुलिस पर दबाव बनाने की नियत से ये कृत्य उस दिन किया गया।
बिहार सरकार के खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग (Food & Consumer Protection Department) ने राज्य के नागरिकों के लिए राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम (NFSA) के तहत रियायती या मुफ्त खाद्यान्न प्राप्त करने के लिए राशन कार्ड सबसे अहम दस्तावेज है। अक्सर नया राशन कार्ड बनने के बाद लाभार्थियों को उसकी भौतिक प्रति (Hard Copy) के लिए सरकारी कार्यालयों या प्रखंड (ब्लॉक) कार्यालय के चक्कर काटने पड़ते हैं। अब बिहार सरकार के आधिकारिक ईपीडीएस (EPDS) पोर्टल और अत्याधुनिक 'Smart PDS 2.0' सिस्टम के माध्यम से कोई भी लाभार्थी घर बैठे अपने मोबाइल फोन या कंप्यूटर से नया डिजिटल राशन कार्ड पीडीएफ (PDF) प्रारूप में डाउनलोड कर सकता है। यह डिजिटल राशन कार्ड उचित मूल्य की दुकान (PDS Dealer) से राशन लेने, बैंक कार्यों और सरकारी योजनाओं के सत्यापन में पूरी तरह वैध और मान्य है।बिहार राशन कार्ड ऑनलाइन डाउनलोड करने के लिए आवश्यक विवरणपोर्टल से राशन कार्ड की डिजिटल कॉपी डाउनलोड करने या लिस्ट में नाम खोजने के लिए आपके पास निम्नलिखित जानकारियों में से कम से कम एक का होना आवश्यक है:राशन कार्ड संख्या (RC Number): यदि आपको पहले से अपना 21 अंकों का राशन कार्ड नंबर पता है।आवेदन संख्या (RTPS / Application Number): यदि आपने हाल ही में नए राशन कार्ड के लिए आवेदन किया है और उसका स्टेटस चेक करना चाहते हैं।क्षेत्रीय विवरण: आवेदक का संबंधित जिला (District), अनुमंडल (Sub-Division), प्रखंड (Block), पंचायत और गांव का नाम (सूची में नाम खोजने के लिए)।सक्रिय मोबाइल नंबर: आधार आधारित ई-केवाईसी या सिटीजन लॉगिन के सत्यापन हेतु।EPDS Bihar पोर्टल से सीधे राशन कार्ड PDF डाउनलोड करने का तरीकाखाद्य विभाग के केंद्रीय पोर्टल से बिना लॉगिन किए सीधे अपने जिले और पंचायत की सूची से राशन कार्ड निकालने का सबसे प्रचलित तरीका इस प्रकार है:सबसे पहले बिहार खाद्य एवं उपभोक्ता संरक्षण विभाग के आधिकारिक पोर्टल epds.bihar.gov.in पर जाएं।होमपेज पर बाईं ओर दिए गए मेनू में 'RCMS Report' (Ration Card Management System) विकल्प पर क्लिक करें।अब आपके सामने बिहार के सभी जिलों की सूची आएगी; ड्रॉप-डाउन मेनू से अपना जिला (District) चुनें और 'Show' पर क्लिक करें।इसके बाद स्क्रीन पर दो श्रेणियां दिखाई देंगी—Rural (ग्रामीण) और Urban (शहरी)। आप जिस क्षेत्र से आते हैं, उस संख्या पर क्लिक करें।अगले पेज पर अपने प्रखंड (Block) या नगर निकाय का चयन करें।प्रखंड चुनने के बाद अपनी ग्राम पंचायत (Panchayat) और फिर अपने गांव (Village) के नाम पर क्लिक करें।अब आपके गांव के राशन डीलर का नाम और उसके अंतर्गत आने वाले सभी राशन कार्डधारकों की पूरी सूची खुल जाएगी।सूची में परिवार के मुखिया का नाम और पिता का नाम खोजें। नाम के आगे दिए गए नीले रंग के राशन कार्ड नंबर (Ration Card Number) पर क्लिक करें।क्लिक करते ही आपका पूरा डिजिटल राशन कार्ड स्क्रीन पर आ जाएगा, जिसमें परिवार के सभी सदस्यों के नाम, आयु, संबंध और क्यूआर कोड दिखाई देगा।पेज के सबसे नीचे दिए गए 'Print Page' बटन पर क्लिक करें और 'Save as PDF' चुनकर अपने मोबाइल या कंप्यूटर में फाइल सुरक्षित कर लें।Smart PDS पोर्टल से राशन कार्ड डाउनलोड और ई-केवाईसी सत्यापनबिहार में लागू की गई 'Smart PDS 2.0' व्यवस्था के तहत राशन कार्ड से जुड़ी सभी सेवाओं को एक एकीकृत डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाया गया है। इस व्यवस्था के तहत नागरिक सीधे अपने आधार से सत्यापित होकर राशन कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं:आधिकारिक पोर्टल पर जाकर 'Citizen Login' या 'Beneficiary Details' विकल्प चुनें।पोर्टल पर लॉगिन करने के बाद 'Download My Latest Ration Card' विकल्प पर क्लिक करें।यहां से डाउनलोड किए गए डिजिटल राशन कार्ड में परिवार के प्रत्येक सदस्य की 'e-KYC' और सीडिंग की स्थिति भी स्पष्ट रूप से दर्ज होती है, जिससे डीलर स्तर पर राशन प्राप्त करने में कोई विवाद नहीं होता।नए राशन कार्ड आवेदन का स्टेटस (Application Status) कैसे चेक करें?यदि आपने नए राशन कार्ड के लिए ऑनलाइन या आरटीपीएस (RTPS) काउंटर के जरिए आवेदन किया था, तो कार्ड डाउनलोड करने से पहले उसका स्वीकृत (Approved) होना जरूरी है:आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'RC Issue System / Application Status' लिंक खोलें।अपना जिला (District) और अनुमंडल (Sub-Division) चुनें।आवेदन रसीद पर दर्ज RTPS Application Number भरें और 'Show' बटन दबाएं।यदि स्टेटस 'Approved and Ration Card Generated' दिखता है, तो स्क्रीन पर नया राशन कार्ड नंबर आ जाएगा, जिसे ईपीडीएस पोर्टल पर डालकर तुरंत प्रिंट निकाला जा सकता है।राशन कार्ड डाउनलोड न होने या नाम न मिलने पर क्या करें?सर्च विवरण की पुनः जांच: यदि पंचायत सूची में नाम नहीं मिल रहा है, तो अपने राशन डीलर (FPS Dealer) के नाम के अनुसार सूची की जांच करें। कई बार परिसीमन के चलते गांव के कुछ वार्ड दूसरे डीलर से संबद्ध होते हैं।आधार ई-केवाईसी की अनिवार्यता: सरकार के निर्देशानुसार राशन कार्ड के सभी सदस्यों का बायोमेट्रिक ई-केवाईसी पूरा होना अनिवार्य है। यदि परिवार के सदस्यों की सीडिंग अधूरी है, तो नजदीकी डीलर के पास जाकर पॉस (PoS) मशीन पर फिंगरप्रिंट लगाकर ई-केवाईसी अपडेट कराएं।टोल-फ्री हेल्पलाइन: राशन कार्ड विवरण देखने, डाउनलोड करने या डीलर द्वारा खाद्यान्न वितरण में गड़बड़ी की स्थिति में उपभोक्ता खाद्य विभाग के आधिकारिक टोल-फ्री नंबर 1800-3456-194 या 1967 पर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं।
एलपीजी गैस सिलिंडर पर मिलने वाली प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) सब्सिडी और निर्बाध सिलिंडर बुकिंग सुनिश्चित करने के लिए पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय ने सभी गैस उपभोक्ताओं के लिए ई-केवाईसी (e-KYC) अनिवार्य कर दी है। यदि आपका कनेक्शन इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन (IOCL) की 'इंडेन' (Indane) गैस का है और आपने अभी तक अपनी बायोमेट्रिक या आधार आधारित ई-केवाईसी पूरी नहीं कराई है, तो आने वाले समय में आपकी सरकारी सब्सिडी रुक सकती है और गैस रिफिल बुकिंग में भी तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ सकता है। गैस एजेंसी के वितरक कार्यालय में लंबी कतारों में लगने के बजाय, इंडेन ने उपभोक्ताओं को घर बैठे अपने स्मार्टफोन से चेहरा स्कैन (Face Authentication) कर ई-केवाईसी पूरा करने की डिजिटल सुविधा प्रदान की है।इंडेन गैस में ई-केवाईसी क्यों अनिवार्य की गई है?सरकार और तेल विपणन कंपनियों (OMCs) द्वारा एलपीजी ई-केवाईसी कराने के पीछे कई प्रमुख उद्देश्य हैं:फर्जी और डुप्लीकेट कनेक्शनों पर रोक: एक ही पते या व्यक्ति के नाम पर चल रहे एकाधिक अनाधिकृत गैस सिलिंडरों की पहचान कर उन्हें निष्क्रिय करना।पारदर्शी सब्सिडी का सीधा लाभ: प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना (PMUY) और सामान्य घरेलू उपभोक्ताओं की सब्सिडी राशि बिना किसी मध्यस्थ के सीधे वास्तविक लाभार्थी के बैंक खाते में ट्रांसफर हो सके।उपभोक्ता पहचान का नवीनीकरण: वर्षों पुराने कनेक्शनों में पते, मोबाइल नंबर और उपभोक्ता की जीवित स्थिति (Living Status) का डिजिटल सत्यापन करना।मोबाइल से e-KYC करने के लिए आवश्यक चीजेंघर बैठे ऑनलाइन ई-केवाईसी प्रक्रिया को बिना किसी रुकावट के पूरा करने के लिए आपके पास ये सुविधाएं होनी चाहिए:आपका स्मार्टफोन (जिसमें अच्छा फ्रंट कैमरा और सक्रिय इंटरनेट कनेक्शन हो)।उपभोक्ता का आधार कार्ड (Aadhaar Card)।गूगल प्ले स्टोर से डाउनलोड किए गए दो आधिकारिक मोबाइल ऐप्लिकेशन्स:IndianOil ONE (इंडियन ऑयल का आधिकारिक ग्राहक ऐप)AadhaarFaceRD (भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण - UIDAI का आधिकारिक फेस ऑथेंटिकेशन ऐप)पर्याप्त रोशनी वाला कमरा ताकि चेहरे का स्कैन स्पष्ट रूप से हो सके।IndianOil ONE ऐप से Face e-KYC पूरी करने की स्टेप-बाय-स्टेप गाइडयदि आप एजेंसी जाए बिना घर बैठे अपने फोन से सत्यापन करना चाहते हैं, तो इन आसान चरणों का पालन करें:सबसे पहले गूगल प्ले स्टोर (Google Play Store) पर जाएं और 'AadhaarFaceRD' ऐप इंस्टॉल करें (यह बैकग्राउंड सर्विस ऐप है, इसका कोई अलग आइकन नहीं खुलेगा)।इसके बाद 'IndianOil ONE' ऐप डाउनलोड करें और उसे ओपन करें।यदि आप पहली बार ऐप का उपयोग कर रहे हैं, तो 'New User / Sign Up' पर क्लिक कर अपने गैस कनेक्शन से रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर, नाम और ईमेल आईडी दर्ज कर नया अकाउंट बनाएं। यदि पहले से खाता है, तो मोबाइल नंबर और पासवर्ड डालकर लॉगिन करें।लॉगिन करने के बाद स्क्रीन पर ऊपर बाईं ओर दिख रही तीन लाइनों (Menu Bar) पर टैप करें।मेनू में जाकर 'LPG' विकल्प पर क्लिक करें और फिर 'Domestic' का चयन करें।अब आपको 'Manage Connections' या 'My Profile' का विकल्प दिखेगा, जिस पर टैप करने पर आपके गैस कनेक्शन का विवरण (Consumer ID, Agency Name, Aadhaar Linking Status) खुल जाएगा।यदि आपकी ई-केवाईसी लंबित है, तो प्रोफाइल में 'Aadhaar e-KYC' या 'Re-KYC' का विकल्प दिखाई देगा। उस पर क्लिक करें।स्क्रीन पर दिए गए नियमों व शर्तों (Consent Box) को टिक करें और 'Face Scan' बटन पर टैप करें।अब आपका फ्रंट कैमरा खुलेगा। अपने चेहरे को स्क्रीन के फ्रेम के बीच में रखें, सीधी नजर रखें और सिस्टम के निर्देशानुसार एक बार पलकें झपकाएं (Blink Eyes)।फेस मैच सफल होते ही आधार डेटाबेस से आपकी तस्वीर और विवरण सत्यापित हो जाएंगे। इसके बाद 'Submit' पर क्लिक कर दें।स्क्रीन पर e-KYC Request Submitted Successfully का संदेश आ जाएगा और आपकी ई-केवाईसी समीक्षा के लिए संबंधित वितरक (Distributor) के पास प्रेषित हो जाएगी।गैस वितरक (Distributor) एजेंसी से ऑफलाइन बायोमेट्रिक e-KYC का विकल्पजो उपभोक्ता स्मार्टफोन चलाने में असमर्थ हैं या जिनका फेशियल रिकग्निशन तकनीकी कारणों से असफल हो जाता है, वे अपनी स्थानीय गैस एजेंसी जाकर भी ऑफलाइन ई-केवाईसी करवा सकते हैं:अपने साथ अपना आधार कार्ड, गैस एजेंसी की नीली कंज्यूमर पासबुक (SV) और बैंक पासबुक लेकर जाएं।गैस एजेंसी के काउंटर पर बायोमेट्रिक फिंगरप्रिंट स्कैनर या आइरिस स्कैनर मशीन पर अपना अंगूठा लगाएं।वितरक तुरंत पॉइंट ऑफ सेल (PoS) मशीन के जरिए आपका बायोमेट्रिक डेटा सत्यापित कर ई-केवाईसी को उसी समय 'Verified' कर देगा। इसके लिए उपभोक्ता से कोई शुल्क नहीं लिया जाता।Indane Gas e-KYC स्टेटस ऑनलाइन कैसे चेक करें?आपकी ई-केवाईसी पूरी हुई या नहीं, इसकी पुष्टि आप mylpg.in पोर्टल या ऐप से कर सकते हैं:आधिकारिक एलपीजी पोर्टल mylpg.in पर जाएं।दाईं ओर दिए गए तीन गैस सिलेंडरों में से 'Indane' के सिलिंडर पर क्लिक करें।नए खुले इंडियन ऑयल पोर्टल पर अपने 17 अंकों के एलपीजी कंज्यूमर आईडी या रजिस्टर्ड मोबाइल से लॉगिन करें।डैशबोर्ड पर 'View Connection Details' पर जाएं।यहां 'Aadhaar Authentication' और 'e-KYC Status' के आगे यदि 'Yes / Completed' लिखा है, तो इसका अर्थ है कि आपकी प्रक्रिया पूरी हो चुकी है और सब्सिडी मिलने में कोई रुकावट नहीं होगी।
देश के स्वास्थ्य क्षेत्र को डिजिटल क्रांति से जोड़ने के लिए केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना 'आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन' (ABDM) के तहत आभा कार्ड (Ayushman Bharat Health Account - ABHA Card) हर भारतीय नागरिक के लिए एक अनिवार्य डिजिटल स्वास्थ्य पहचान बन चुका है। जिस प्रकार वित्तीय लेन-देन के लिए बैंक खाता और डिजिटल भुगतान के लिए यूपीआई आईडी जरूरी है, ठीक उसी तरह मेडिकल रिकॉर्ड्स और स्वास्थ्य इतिहास को डिजिटल रूप से सुरक्षित रखने के लिए आभा कार्ड काम करता है। यह 14 अंकों की एक विशिष्ट डिजिटल हेल्थ आईडी (Unique Health Identifier) होती है, जिसके जरिए व्यक्ति अपनी पुरानी पर्चियां, पैथोलॉजी जांच रिपोर्ट, एक्स-रे, टीकाकरण और डिस्चार्ज समरी को एक सुरक्षित डिजिटल लॉकर में संजो कर रख सकता है। अब भारी-भरकम मेडिकल फाइलें साथ लेकर घूमने का झंझट पूरी तरह खत्म हो चुका है, क्योंकि डॉक्टर मरीज की सहमति से केवल एक क्लिक में उसकी पूरी मेडिकल हिस्ट्री देख सकते हैं।आभा कार्ड क्या है और यह आयुष्मान कार्ड (PMJAY) से कैसे अलग है?अक्सर लोग 'आभा कार्ड' और 'आयुष्मान भारत कार्ड' (PM-JAY Golden Card) को एक ही समझ लेते हैं, जबकि दोनों के उद्देश्य और कार्यप्रणाली में स्पष्ट अंतर है:आयुष्मान कार्ड (Ayushman Card): यह एक स्वास्थ्य बीमा कार्ड है, जो प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (PMJAY) के तहत पात्र गरीब और निम्न-मध्यम वर्गीय परिवारों को प्रति वर्ष ₹5 लाख तक का कैशलेस और मुफ्त इलाज प्रदान करता है।आभा कार्ड (ABHA Card): यह एक डिजिटल हेल्थ अकाउंट / हेल्थ आईडी है। यह कोई बीमा या मुफ्त इलाज का कार्ड नहीं है, बल्कि यह एक डिजिटल प्लेटफॉर्म है जहां आपके स्वास्थ्य से जुड़े सभी आंकड़े (Digital Health Records) सुरक्षित रहते हैं। इसे देश का कोई भी नागरिक (अमीर या गरीब) बिल्कुल मुफ्त में बनवा सकता है।आभा कार्ड बनाने के लिए आवश्यक पात्रता और दस्तावेजआभा कार्ड बनाने की प्रक्रिया को सरकार ने पूरी तरह पेपरलेस और पारदर्शी बनाया है:पात्रता: भारत का कोई भी नागरिक (नवजात शिशु से लेकर वरिष्ठ नागरिक तक) इसके लिए पात्र है।आवश्यक पहचान प्रमाण:आधार कार्ड (Aadhaar Card) — यह सबसे तेज और आसान माध्यम है क्योंकि इससे ई-केवाईसी तुरंत पूरी हो जाती है।ड्राइविंग लाइसेंस (Driving License) — यदि आधार उपलब्ध न हो तो ड्राइविंग लाइसेंस का भी विकल्प चुना जा सकता है।सक्रिय मोबाइल नंबर: आधार से लिंक मोबाइल नंबर ओटीपी (OTP) सत्यापन के लिए अनिवार्य है।ABHA Card ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन की स्टेप-बाय-स्टेप प्रक्रियाआप अपने स्मार्टफोन या कंप्यूटर से राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के आधिकारिक पोर्टल के जरिए मात्र 2 मिनट में नया आभा कार्ड बना सकते हैं:सबसे पहले आयुष्मान भारत डिजिटल मिशन की आधिकारिक वेबसाइट abha.abdm.gov.in पर जाएं।होमपेज पर दिए गए 'Create ABHA Number' विकल्प पर क्लिक करें।अब आपके सामने दो विकल्प दिखेंगे—‘Using Aadhaar’ और ‘Using Driving Licence’। आधार के जरिए बनाना सबसे सुगम है, अतः 'Using Aadhaar' चुनें और 'Next' दबाएं।अपना 12 अंकों का आधार नंबर दर्ज करें और नीचे दिए गए नियम व शर्तों (Declaration/Consent) के बॉक्स को टिक करें।स्क्रीन पर प्रदर्शित कैप्चा कोड भरकर 'Next' पर क्लिक करें।आपके आधार से लिंक मोबाइल नंबर पर 6 अंकों का ओटीपी (OTP) आएगा, उसे निर्धारित बॉक्स में दर्ज कर सत्यापित करें।ओटीपी सत्यापन के बाद आधार डेटाबेस से आपका नाम, फोटो, जन्मतिथि, लिंग और पता स्वतः स्क्रीन पर आ जाएगा।इसके बाद अपना संचार मोबाइल नंबर दर्ज करें और अपना एक विशिष्ट ABHA Address (जैसे: yourname@abdm) बनाएं।अंत में 'Submit' पर क्लिक करते ही आपका 14 अंकों का ABHA Number तुरंत जनरेट हो जाएगा।ABHA Card डाउनलोड कैसे करें?रजिस्ट्रेशन पूरा होते ही स्क्रीन पर आपका डिजिटल आभा कार्ड क्यूआर कोड के साथ दिखने लगता है:स्क्रीन के नीचे दिए गए 'Download ABHA Card' बटन पर क्लिक करें।आपका कार्ड हाई-क्वालिटी पीडीएफ (PDF) फॉर्मेट में आपके फोन या कंप्यूटर में सेव हो जाएगा।आप चाहें तो इसका प्रिंट निकालकर या पीवीसी (प्लास्टिक) कार्ड पर लैमिनेट कराकर अपने पास सुरक्षित रख सकते हैं।ABHA पोर्टल पर लॉगिन करने का तरीकायदि आपने पहले से आभा कार्ड बनवा रखा है और उसे दोबारा देखना या डाउनलोड करना चाहते हैं, तो इन चरणों का पालन करें:पोर्टल abha.abdm.gov.in पर जाएं और ऊपर दाईं ओर स्थित 'Login' बटन पर क्लिक करें।लॉगिन के लिए तीन विकल्प मिलेंगे:Mobile Number: अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर दर्ज कर ओटीपी से लॉगिन करें।ABHA Number: अपने 14 अंकों के आभा नंबर और पासवर्ड/ओटीपी से प्रवेश करें।ABHA Address: अपने बनाए गए यूजरनेम (उदा. name@abdm) के माध्यम से लॉगिन करें।लॉगिन होते ही आपका प्रोफाइल डैशबोर्ड खुल जाएगा, जहां से आप अपनी व्यक्तिगत जानकारी अपडेट कर सकते हैं, लिंक किए गए मेडिकल रिकॉर्ड देख सकते हैं और कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।'ABHA App' और 'Scan & Share' फीचर: अस्पतालों में लंबी लाइनों से मुक्तिआभा कार्ड का सबसे बड़ा व्यावहारिक लाभ अस्पतालों में ओपीडी पर्ची बनवाते समय मिलता है:Scan & Share सुविधा: एम्स (AIIMS), सफदरजंग और देश भर के प्रमुख सरकारी व निजी अस्पतालों के रजिस्ट्रेशन काउंटरों पर ABDM का क्यूआर कोड लगा होता है।मरीज अपने मोबाइल के ABHA App (या आरोग्य सेतु ऐप) से काउंटर पर लगे क्यूआर कोड को स्कैन करते हैं।स्कैन करते ही मरीज का नाम, उम्र और लिंग सीधे अस्पताल के कंप्यूटर सिस्टम में पहुंच जाता है और बिना कतार में लगे तुरंत टोकन व ओपीडी पर्ची कट जाती है। इससे घंटों तक लाइन में खड़े रहने की परेशानी से मुक्ति मिल जाती है।आभा कार्ड बनवाने के 5 सबसे बड़े फायदेकागजी फाइलों से पूरी आजादी: डॉक्टरों के पर्चे, पैथोलॉजी रिपोर्ट्स, एमआरआई और सोनोग्राफी की रिपोर्ट हमेशा डिजिटल रूप में सुरक्षित रहती हैं, जिससे पुराने दस्तावेज खोने का डर खत्म हो जाता है।सटीक इलाज और बेहतर डायग्नोसिस: आपात स्थिति में यदि मरीज किसी अन्य शहर या नए अस्पताल में जाता है, तो डॉक्टर उसकी पूर्व मेडिकल हिस्ट्री (एलर्जी, पुरानी बीमारियां, चल रही दवाएं) देखकर तुरंत सटीक इलाज शुरू कर सकते हैं।सख्त डेटा प्राइवेसी और कंसेंट मैनेजमेंट: आपका मेडिकल डेटा पूरी तरह सुरक्षित है। कोई भी डॉक्टर या अस्पताल बिना आपकी अनुमति और आपके फोन पर आए ओटीपी के आपके मेडिकल रिकॉर्ड्स नहीं देख सकता।आयुष और एलोपैथी का संगम: इसमें केवल एलोपैथी ही नहीं, बल्कि आयुर्वेद, होम्योपैथी और यूनानी चिकित्सा से जुड़े रिकॉर्ड भी आसानी से जोड़े जा सकते हैं।बीमा क्लेम में सुगमता: हेल्थ इंश्योरेंस क्लेम करते समय मेडिकल रिकॉर्ड्स के डिजिटल सत्यापन से क्लेम पास होने की प्रक्रिया बेहद तेज और आसान हो जाती है।
पूर्णिया के कसबा थाना क्षेत्र में एनएच-27 पर राधानगर के पास अज्ञात लोगों ने बाइक सवार बुजुर्ग से मोबाइल छीन लिया। इस दौरान संतुलन बिगड़ने से वे सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। मोबाइल छीनने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल बुजुर्ग को कसबा प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। शुरुआती इलाज के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए हायर सेंटर रेफर किया गया। उनकी पहचान अररिया जिले के जोकीहाट निवासी मोहम्मद रफीक के रूप में हुई है। नेशनल हाईवे पर हुई वारदात घटनास्थल पर मौजूद नगर परिषद कसबा के वार्ड संख्या 02 के वार्ड पार्षद मोहम्मद इफ्तिखार आलम ने घटना की जानकारी देते हुए बताया कि जब वे घरवनी की ओर से आ रहे थे, तो उन्होंने राधानगर के पास भारी भीड़ देखी। गाड़ी रोककर देखने पर पता चला कि एक भीषण दुर्घटना हुई है। प्रत्यक्षदर्शी के अनुसार, पीड़ित बुजुर्ग अपनी ग्लैमर मोटरसाइकिल से कहीं जा रहे थे, तभी पीछे से आए अज्ञात मोबाइल चोरों ने उनकी जेब से मोबाइल छीनने का प्रयास किया। झपटमारी के दौरान संतुलन बिगड़ने से बुजुर्ग एनएच पर ही करीब 30 से 35 मीटर तक घसीटते चले गए। अपराधी उनका मोबाइल छीनकर फरार हो गए। अररिया के रहने वाले हैं घायल बुजुर्ग घायल व्यक्ति की पहचान अररिया जिले के जोकीहाट थाना क्षेत्र अंतर्गत ठेंगापुर गांव निवासी मो. मौलवी रफीक के रूप में हुई है। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सूझबूझ और तत्परता दिखाते हुए घायल बुजुर्ग को तुरंत इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, कसबा में भर्ती कराया। डॉक्टरों ने उनकी नाज़ुक और गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें बेहतर इलाज के लिए एनएमसीएच पूर्णिया रेफर कर दिया। पहले भी हो चुकी हैं ऐसी कई घटनाएं स्थानीय लोगों और जनप्रतिनिधियों का कहना है कि कसबा क्षेत्र में चलती मोटरसाइकिल से मोबाइल झपटने के दौरान लोगों के घायल होने की यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी इस तरह के कई मामले सामने आ चुके हैं, जिसमें कई बार महिलाएं और बच्चे भी दुर्घटना का शिकार होकर घायल हो चुके हैं। वार्ड पार्षद ने भी पुष्टि की है कि इस तरह की घटनाएं इस क्षेत्र में लगभग रोजाना की बात बन चुकी हैं। पुलिस प्रशासन से गश्ती बढ़ाने की मांग दिनदहाड़े एनएच-27 पर हो रही इस तरह की आपराधिक वारदातों से स्थानीय नागरिकों में भारी गुस्सा है। लोगों ने स्थानीय पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द इन अपराधियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। साथ ही, एनएच-27 और अन्य प्रमुख सड़कों पर पुलिस गश्ती को तुरंत तेज किया जाए ताकि इस तरह के अपराधियों के हौसले पस्त हो सकें और आम जनता सुरक्षित सफर कर सके।
भाई छीनकर मोबाइल ले गए, महिला सिपाही ने दे दी जान, सरकारी आवास में लगाई फांसी
आगरा पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में 29 वर्षीय महिला आरक्षी आरती का शव फंदे से लटका मिला। उन्नाव निवासी आरती एसीपी कार्यालय में तैनात थीं और एक महीने के अवकाश पर थीं। मौके से मिले सुसाइड नोट में उन्होंने भाइयों से विवाद और मोबाइल छीनने से आहत होने की बात लिखी है।
मतदान केंद्रों के आसपास पुलिस का पहरा:200 मीटर के दायरे में पाबंदियां लागू, मोबाइल और वाहनों पर रोक
डीग में पंचायतीराज चुनाव के दौरान मतदान केंद्रों के आसपास 100 से 200 मीटर के दायरे में पुलिस और प्रशासन निगरानी रखेंगे। इस दायरे में वाहनों के प्रवेश और मोबाइल फोन ले जाने पर रोक के नियम लागू कराए जाएंगे। उप जिला निर्वाचन अधिकारी देवेंद्र सिंह परमार ने शनिवार को कलेक्ट्रेट सभागार में पहाड़ी, कामां और बृजनगर के जोनल एवं सेक्टर मजिस्ट्रेट और पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। इसमें मतदान केंद्रों की सुरक्षा और मतदाताओं की सुविधा से जुड़ी व्यवस्थाओं की समीक्षा की गई। अधिकारियों को मतदान केंद्रों के आसपास पड़े पत्थर और निर्माण सामग्री हटवाने के निर्देश दिए गए। साथ ही पर्याप्त रोशनी, जरूरत के अनुसार पानी के टैंकर और ध्वनि प्रसारण प्रणाली की व्यवस्था करने को कहा गया। परमार ने कहा कि मतदान केंद्रों के तय 100 से 200 मीटर के दायरे में सुबह से नियमों का पालन कराया जाए। जोनल और सेक्टर मजिस्ट्रेट पुलिस अधिकारियों के साथ मिलकर अपने इलाकों में लगातार निगरानी रखें। प्रशासन ने कहा कि मतदान के दिन मतदाताओं को परेशानी न हो और चुनाव प्रक्रिया स्वतंत्र, निष्पक्ष और शांतिपूर्ण तरीके से पूरी हो।
किशनगंज सदर थाना क्षेत्र के मेहदीपुर निवासी 24 वर्षीय ई-रिक्शा चालक देवीचरण प्रसाद 29 अक्टूबर से लापता है। वह बैंक में रुपये जमा करने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने तलाश शुरू की शुक्रवार को उसकी मां फुलती देवी के बयान पर किशनगंज सदर थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई। प्राथमिकी के अनुसार, देवीचरण 29 अक्टूबर को दोपहर करीब 12 बजे चूड़ीपट्टी बैंक में रुपये जमा करने की बात कहकर घर से निकला था। मामला दर्ज कर जांच शुरू देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और आस-पड़ोस में खोजने के बाद भी उसका कोई पता नहीं चला। देवीचरण के पास मोबाइल फोन है, जो घटना के बाद से बंद आ रहा है। उसकी मां ने किसी अनहोनी की आशंका जताते हुए बेटे को सुरक्षित तलाशने की गुहार लगाई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। किशनगंज सदर थानाध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि पुलिस तकनीकी सेल की मदद से मोबाइल लोकेशन और बैंक के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
डंडापुरा में स्मैक तस्कर गिरफ्तार:17.25 ग्राम स्मैक, 10 हजार रुपए नकद और मोबाइल जब्त
विदिशा के डंडापुरा इलाके में कोतवाली पुलिस ने स्मैक तस्कर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 17.25 ग्राम स्मैक पाउडर, 10 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया। पुलिस के मुताबिक, स्मैक की कीमत करीब 1 लाख 72 हजार रुपए है। पुलिस ने आरोपी की पहचान डंडापुरा निवासी राकेश साहू के रूप में की है। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक के मार्गदर्शन में यह कार्रवाई की गई। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज किया गया है। कोतवाली थाना प्रभारी आनंद राज ने बताया कि पुलिस पता लगा रही है कि आरोपी स्मैक कहां से खरीदता था और किन लोगों तक पहुंचाता था। पुलिस उन लोगों की भी तलाश कर रही है, जो उसे स्मैक की डिलीवरी देते थे। पूछताछ और जांच के आधार पर इस कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की गिरफ्तारी की जाएगी। पुलिस अब स्मैक के सप्लायर और पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है।
नोएडा: मोबाइल स्नैचिंग करने वाले दो शातिर बदमाश गिरफ्तार, 17 मोबाइल और चोरी की बाइक बरामद
नोएडा, 31 अक्टूबर . गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट Police को मोबाइल स्नैचिंग और चोरी की घटनाओं के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता हाथ लगी है. थाना सेक्टर-58…
रामपुर में शनिवार को एक महिला अचानक मोबाइल टेलीफोन टावर पर चढ़ गई। महिला का दावा है कि वह रामपुर रिजर्व पुलिस लाइन में तैनात सिपाही कौशलेंद्र की दूसरी पत्नी है। टावर पर चढ़कर महिला लगातार सिपाही पति को मौके पर बुलाने की मांग पर अड़ी रही। सूचना मिलते ही भोट थाना पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची और करीब 3 घंटे की भारी मशक्कत के बाद दोपहर 3 बजे महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। 8 महीने के मासूम को छोड़ टावर पर चढ़ी महिला का अपने सिपाही पति कौशलेंद्र से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। शनिवार दोपहर करीब 12 बजे वह अपने 8 महीने के बच्चे को एक रिश्तेदार के पास छोड़कर भोट थाना क्षेत्र के संकरा गांव में बने मोबाइल टावर पर जा चढ़ी। महिला को टावर पर देखकर आसपास के इलाकों से सैकड़ों ग्रामीणों का भारी हुजूम जमा हो गया। देखते ही देखते मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। 3 घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा घटना की जानकारी मिलते ही भोट थाना प्रभारी अर्जुन त्यागी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस कर्मियों ने लाउडस्पीकर और फोन के जरिए महिला से बातचीत कर उसे समझा-बुझाकर नीचे उतारने की कोशिश की। महिला टावर से ही अपने पति कौशलेंद्र को मौके पर बुलाने की मांग करती रही। इस दौरान राहत और बचाव कार्य में कोई बाधा न आए, इसके लिए पुलिस को ग्रामीणों की भीड़ को नियंत्रित करने में कड़ी मशक्कत करनी पड़ी। पति पर कार्रवाई से इंकार, पुलिस कराएगी आमने-सामने बात करीब 3 घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद दोपहर करीब 3 बजे पुलिस ने महिला को सकुशल नीचे उतार लिया। राहत की बात यह रही कि इस पूरे घटनाक्रम में महिला को कोई नुकसान नहीं पहुंचा। नीचे उतरने के बाद महिला ने बताया कि वह अपने पति कौशलेंद्र पर किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई नहीं कराना चाहती है। मामले की जानकारी देते हुए थाना प्रभारी अर्जुन त्यागी ने बताया कि महिला को सुरक्षित बचा लिया गया है। उसके सिपाही पति कौशलेंद्र को थाने बुलाया गया है, जहां दोनों पक्षों को आमने-सामने बैठाकर बातचीत कराई जाएगी।
फिरोजाबाद के थाना उत्तर क्षेत्र में शनिवार सुबह करीब 11 बजे एक युवक बिजली के पोल पर चढ़ गया। उसे पोल पर चढ़ा देखकर राहगीरों और आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। करीब आधे घंटे तक युवक पोल पर ही रहा। इस दौरान लोगों को करंट लगने या किसी अनहोनी की आशंका बनी रही। घटना इंडियन ओवरसीज बैंक के सामने ओवरब्रिज के पास की है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से युवक को काफी मशक्कत के बाद सुरक्षित नीचे उतार लिया। इसके बाद मौके पर मौजूद लोगों ने राहत की सांस ली। शिकोहाबाद का रहने वाला है युवक युवक की पहचान अभिषेक (19) निवासी बड़ी गेलरई, थाना शिकोहाबाद के रूप में हुई है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, वह अचानक बिजली के पोल पर चढ़ गया। उसे नीचे उतारने के लिए लोग जुट गए। आधे घंटे तक पोल पर रहा युवक युवक के पोल पर चढ़ने की खबर फैलते ही मौके पर भीड़ जमा हो गई। लोग अनहोनी की आशंका से परेशान रहे। बताया जा रहा है कि युवक नशे की हालत में था, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से उतारा सूचना मिलते ही थाना उत्तर पुलिस मौके पर पहुंच गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने सूझबूझ से काम लिया। स्थानीय लोगों की मदद से करीब आधे घंटे की मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। पोल पर चढ़ने की वजह पता कर रही पुलिस थाना उत्तर प्रभारी निरीक्षक रवि त्यागी ने बताया कि युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। उससे पूछताछ की जा रही है। उन्होंने बताया कि युवक मानसिक रूप से भी कमजोर लग रहा है। उसके पोल पर चढ़ने की वजह का पता लगाया जा रहा है।
VIDEO: फंदे पर लटका मिला महिला सिपाही का शव, अवसाद में खुदकुशी की आशंका; मोबाइल में मिला सुसाइड नोट
VIDEO: फंदे पर लटका मिला महिला सिपाही का शव, अवसाद में खुदकुशी की आशंका; मोबाइल में मिला सुसाइड नोट
लखनऊ में डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक के आवास पर सांसद और अभिनेता रवि किशन ने पत्नी प्रीति शुक्ला के साथ करवा चौथ मनाया। इस दौरान डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक और रवि किशन ने अपनी-अपनी पत्नियों को पानी पिलाकर व्रत खुलवाया। रवि किशन ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में कहा कि पहली बार ऐसा हो रहा है, जब वह गोरखपुर और मुंबई के बजाय लखनऊ में करवा चौथ मना रहे हैं। इसके लिए उन्होंने ब्रजेश पाठक का आभार जताया। उन्होंने कहा कि आजकल पति-पत्नी के रिश्तों को लेकर नकारात्मक खबरें ज्यादा सामने आती हैं और उन्हें प्रमुखता से दिखाया जाता है। दैनिक भास्कर ऐप नंबर-1 है, इसलिए उसे सकारात्मक खबरों को भी प्रमुखता देनी चाहिए। उन्होंने कहा कि उनका वैवाहिक जीवन कई दशकों से प्यार और विश्वास के साथ गुजर रहा है। पत्नी को तोहफा देने के सवाल पर रवि किशन ने बताया कि वह उन्हें मोबाइल फोन गिफ्ट करेंगे।
यूपी: एक नवंबर से करें दुधवा और पीटीआर की सैर, मोबाइल फोन पर प्रतिबंध, नहीं बना सकेंगे रील्स
पर्यटक निर्धारित शुल्क देकर कैमरे से कर सकेंगे फोटोग्राफी, मोबाइल फोन प्रवेश द्वार पर जमा कराए जाएंगे
फंदे पर लटका मिला महिला सिपाही का शव: अवसाद में खुदकुशी की आशंका, मोबाइल में मिला सुसाइड नोट
पुलिस लाइन स्थित सरकारी आवास में रहने वाली महिला सिपाही आरती का शव घर में फंदे से लटका मिला।
अलीगढ़: तीन महीने से लापता युवक की पैंट-चप्पल और मोबाइल खेत में मिले, हड्डियां मिलने से फैली सनसनी
हरदुआगंज थाना क्षेत्र अंतर्गत सपेरा भानपुर गांव से 29 जुलाई से लापता 22 वर्षीय कृपाल उर्फ काके की पैंट, चप्पल और मोबाइल बृहस्पतिवार शाम गांव के एक सरसों व शलजम के खेत में मिले। वहीं कुछ हड्डियां भी मिलीं जिसे देखने के बाद सनसनी फैल गई।
कल से सभी मोबाइल पर मिलेगी CNAP सर्विस, करोड़ों लोगों को फायदा
What is CNAP: 1 नवंबर से Jio, Airtel, Vi और BSNL यूजर्स के लिए नया नियम लागू होने जा रहा है. अनजान नंबर्स से आने वाले कॉलर का असली नाम पता चलेगा. साइबर ठग अक्सर भोले-भाले लोगों को शिकार बनाते हैं. सरकार की नई पहले से साइबर ठगों पर लगाम लगाने में मदद मिलेगी.
करवा चौथ: चक्रवाती हवा से चांद छिपा, मोबाइल से पूजा
पोलमी| वनांचल पोलमी क्षेत्र में गुरुवार को चक्रवाती हवा और खराब मौसम ने करवा चौथ का व्रत रखने वाली महिलाओं की मुश्किल बढ़ा दी। दिनभर निर्जला व्रत रखने वाली महिलाओं को रात में चंद्र दर्शन के लिए घंटों इंतजार करना पड़ा। आसमान में बादलों की आवाजाही रही। तेज हवा चली। चंद्रमा बार-बार बादलों में छिपता रहा। आखिर में महिलाओं ने मोबाइल में चंद्रमा की तस्वीर देखकर पूजा-अर्चना की। करवा चौथ पर महिलाएं सुबह से निर्जला उपवास रखती हैं। शाम को भगवान गणेश, माता पार्वती, करवा माता की पूजा करती हैं। चंद्र दर्शन के बाद अर्घ्य देती हैं। पति के हाथों जल ग्रहण करती हैं। इसके बाद व्रत का पारण होता है। इस बार मौसम के बदले मिजाज ने परंपरागत रस्मों में बाधा डाली। स्थानीय क्षेत्र में रात करीब 8 बजे कुछ समय के लिए चंद्रमा दिखा। उस वक्त कई महिलाएं पूजा-पाठ में व्यस्त रहीं। पूजा पूरी हुई। चंद्रमा फिर बादलों के पीछे छिप गया। इसके बाद महिलाओं ने रात 10 से 12 बजे तक आसमान की ओर नजरें टिकाए रखीं। मौसम साफ नहीं हुआ। चंद्र दर्शन नहीं हो सके।
Ghazipur News: जेल में मोबाइल और प्रतिबंधित उपकरणों की रोकथाम के लिए रोस्टर बनाकर चेकिंग होगी
To prevent the presence of mobile phones and prohibited items in the jail, inspections will be conducted according to a roster.
Bhadohi News: मोबाइल पर लुभावने संदेशों को अनदेखा करें उपभोक्ता
Consumers should ignore enticing messages on their mobile phones.
दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू स्टेडियम में दिलजीत दोसांझ नेअपने लाइव कॉन्सर्ट से युवाओं को झूमने पर मजबूर कर दिया। उनके सुपरहिट गानों पर हजारों प्रशंसक थिरकते नजर आए।
बीकानेर रेंज (चार जिले) में तीन साल में साइबर ठगी की 45 हजार शिकायतें दर्ज हुईं। इन मामलों में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने 19 करोड़ 94 लाख रुपए की राशि को होल्ड कराया। हाल ही जारी रिपोर्ट में यह भी साफ हुआ है कि जिले में साल 2026 में अब तक चोरी हुए या खोए हुए 381 मोबाइल भी बरामद किए गए। वहीं 4 जिलों में CEIR पोर्टल से तीन साल में 13 हजार 789 मोबाइल फोन मिले हैं। रेंज के 4 जिलों में लगातार बढ़ा साइबर अपराध रिपोर्ट के मुताबिक बीकानेर रेंज के चार जिलों में साइबर अपराध लगातार बढ़ा। हालांकि ठगी की राशि में कमी दर्ज की गई है। वर्ष 2024 से अब तक साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर 45 हजार से अधिक शिकायतें दर्ज हुई हैं। पुलिस महानिरीक्षक ओमप्रकाश के निर्देश पर बीकानेर रेंज के बीकानेर, श्रीगंगानगर, हनुमानगढ़ और चूरू जिलों में साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए कार्रवाई की जा रही है। रिपोर्ट के अनुसार- इन तीन वर्षों में ठगी की राशि में कमी आई है। समय रहते होल्ड कराई राशि पुलिस ने साइबर ठगी की रकम को समय रहते होल्ड करवाने की कार्रवाई भी की। तीन साल में 13,789 मोबाइल बरामद सीईआईआर पोर्टल के जरिए रेंज में वर्ष 2024 में 4,281, वर्ष 2025 में 5,281 और वर्ष 2026 में 4,227 मोबाइल फोन बरामद किए गए। जिलेवार आंकड़ों के अनुसार, वर्ष 2026 में बीकानेर में 381, श्रीगंगानगर में 616, हनुमानगढ़ में 2,963 और चूरू में 267 मोबाइल फोन बरामद हुए। जागरूकता कार्यक्रम भी चलाए साइबर अपराधों से बचाव के लिए रेंज में वर्ष 2024 में 1,071, वर्ष 2025 में 1,916 और वर्ष 2026 में 1,420 जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। पुलिस ने आमजन से साइबर ठगी होने पर तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाने और गुम या चोरी हुए मोबाइल की जानकारी सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज करवाने की अपील की है। पुलिस के अनुसार, समय पर शिकायत करने से ठगी की राशि होल्ड करवाने और मोबाइल बरामद होने की संभावना बढ़ सकती है।
नालंदा के हरनौत में पुलिस ने डकैती की योजना बना रहे पांच बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से दो देशी कट्टे, आठ जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। बरामद मोबाइलों में से दो हाल में रूपसपुर गांव के घरों में हुई चोरी की घटनाओं से जुड़े हैं। पुलिस ने यह कार्रवाई 29 अक्टूबर की देर रात चेरन ओवरब्रिज के पास घेराबंदी कर की। गिरफ्तार आरोपियों में छपरा का एक बदमाश भी शामिल है। गुप्त सूचना पर पुलिस ने की घेराबंदी हरनौत थाना पुलिस और जिला आसूचना इकाई की विशेष टीम को सूचना मिली थी कि चेरन ओवरब्रिज के पास कुछ अपराधी किसी बड़ी डकैती की योजना बना रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने 29 अक्टूबर की देर रात इलाके में घेराबंदी की और पांचों आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने तलाशी के दौरान उनके पास से दो अवैध देशी कट्टे, आठ जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए। मोबाइल की तकनीकी जांच में दो फोन रूपसपुर गांव में हाल में हुई चोरी की घटनाओं से जुड़े पाए गए। हरनौत, रहुई और छपरा के रहने वाले हैं आरोपी शुक्रवार को हरनौत थानाध्यक्ष मुकेश कुमार वर्मा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरनौत के बिचली बाजार निवासी मल्लू कुमार, रहुई निवासी पिंटू कुमार, छपरा जिले के कोप थाना क्षेत्र के रेवाड़ी निवासी किशन सिंह और कल्याणबीघा थाना क्षेत्र निवासी मिथुन कुमार एवं विशाल कुमार के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष के अनुसार, सभी आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी कई बार जेल जा चुके हैं। पुलिस अब इनके पुराने आपराधिक मामलों और हाल की घटनाओं में संलिप्तता की जांच कर रही है। कोलकाता तक फैला है आपराधिक नेटवर्क पुलिस की छानबीन में आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी सामने आया है। इनके खिलाफ नालंदा जिले के हरनौत, दीपनगर समेत कई थानों में चोरी, डकैती और आर्म्स एक्ट के मामले दर्ज हैं। इसके अलावा कोलकाता के संकराइल थाने में भी इनके खिलाफ आपराधिक मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है। फरार साथियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ के आधार पर गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की पहचान की गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए विशेष टीमें संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही हैं। पुलिस बरामद हथियारों, मोबाइल फोन और आरोपियों के आपराधिक नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
पठानकोट में लूडो गेम पर सट्टा लगाते 4 युवक पकड़े:₹46 हजार से ज्यादा कैश बरामद, 4 मोबाइल भी जब्त किए
पठानकोट जिले के थाना सुजानपुर पुलिस ने पुलिस टीम ने यूबीडीसी नहर के पास चाय की दुकान पर मोबाइल पर लूडो गेम के जरिए पैसों का दांव लगाकर सट्टा खेल रहे 4 युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से ₹46,890 नगदी और 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपियों पर पुलिस ने गैंबलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है। पकड़े गए आरोपियों की पहचान सुनील कुमार निवासी नजदीक महाजन हॉल, शाहपुरी गेट, सुजानपुर, जतिंदर कुमार उर्फ धारा निवासी कैलाशपुर, रवि कुमार निवासी राईपुर संधुआ, रमन कुमार निवासी न्यू गुगरां के तौर पर हुई है। चाय की दुकान के पीछे लगा रहे थे सट्टा जानकारी के मुताबिक एएसआई नरेश कुमार पुलिस टीम के साथ नेशनल हाईवे न्यू गुगरां मोड़ के पास गश्त पर थे। मुखबिर ने सूचना दी कि पुल नंबर 2 यूबीडीसी नहर के किनारे चाय के खोखे के पीछे 4 युवक मोबाइल फोन पर लूडो गेम खेलकर पैसों पर सट्टा लगा रहे हैं। सूचना के आधार पर जब पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर छापेमारी की, तो टेबल पर एक मोबाइल रखकर चारों युवक सट्टा खेलते हुए पाए गए। पुलिस को देखते ही उन्होंने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने तुरंत चारों को दबोच लिया। ₹46,890 की नगदी और 4 मोबाइल जब्त पुलिस द्वारा आरोपियों की तलाशी लेने पर उनके पास से कुल ₹46,890 और 4 मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस के मुताबिक सुनील कुमार से ₹16,000 की नगदी, जतिंदर कुमार उर्फ धारा से ₹29,500 की नगदी और ओप्पो कंपनी का मोबाइल, रवि कुमार से ₹890 की नगदी और रियलमी कंपनी का मोबाइल, रमन कुमार से ₹500 और वीवो कंपनी का मोबाइल बरामद किया गया। पुलिस ने सट्टे में इस्तेमाल की जा रही रकम और मोबाइल फोन जब्त कर चारों आरोपियों के खिलाफ पब्लिक गैंबलिंग एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
अपराध का नया तरीका : बंदूक न बारूद, बस एक मोबाइल कॉल पर ही करोड़ों साफ
New Modus Operandi Of Crime: ठगों का सबसे कारगर हथियार लोगों का डर रहा। पैसे अलग-अलग खातों और प्रदेशों में गए। इससे पुलिस अंतिम कड़ी तक नहीं पहुंच पाई।
पटना में पाटलिपुत्र सर्राफा संघ ने ग्राहकों के लिए क्यूआर कोड सुविधा शुरू की है, जिससे वे मोबाइल पर सोना-चांदी का दैनिक भाव आसानी से जान सकेंगे।
नमस्कार, पंजाब-चंडीगढ़ में आज की सबसे बड़ी खबर आम आदमी पार्टी (AAP) से जुड़ी रही। कल AAP के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट जारी होगी। इसमें 20 नाम हो सकते हैं। इसका ऐलान सीएम भगवंत मान ने किया। दिनभर की 10 चुनिंदा बड़ी खबरों का VIDEO देखने के लिए ऊपर क्लिक करें… इन 10 बड़ी खबरों को विस्तार से यहां पढ़ भी सकते हैं। तो आइए जानते हैं, पंजाब-चंडीगढ़ में दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. AAP उम्मीदवारों की पहली लिस्ट कल आएगी पंजाब चुनाव के लिए आम आदमी पार्टी (AAP) के उम्मीदवारों की पहली लिस्ट कल 12 बजे जारी होगी। इसकी जानकारी CM भगवंत मान ने दिल्ली में पत्रकारों को दी। AAP ने उम्मीदवारों के नामों पर मंथन के लिए दिल्ली में मीटिंग रखी थी। जिसमें अरविंद केजरीवाल और सीएम मान भी शामिल हुए। AAP के सोर्सेज के मुताबिक कल फिर दिल्ली में मीटिंग होगी, जिसके बाद लिस्ट सार्वजनिक कर दी जाएगी। लिस्ट में 20 नाम शामिल हो सकते हैं। माना जा रहा है कि AAP पंजाब में चुनाव आचार संहिता लगने से पहले यानी सरकार के रहते ही उम्मीदवारों का ऐलान करना चाहती है ताकि चुनाव की घोषणा होने तक वह अपने हलकों में कामकाज करवा सकें। इसके अलावा AAP अपने उम्मीदवारों को ग्राउंड पर वर्किंग के लिए भी पूरा टाइम देना चाहती है। (पढ़ें पूरी खबर) 2. पटाखा गोदाम में लगी आग, एक की मौत लुधियाना में आम आदमी पार्टी (AAP) के नेता गोल्डी सब्बरवाल के पटाखा गोदाम में शुक्रवार को आग लग गई। इससे गोदाम में धमाके हुए। इस दौरान गोदाम की एक दीवार गिर गई, जिसके नीचे AAP नेता के चाचा का बेटा दब गया। इससे उसकी मौत हो गई। पुलिस के मुताबिक दूसरी मंजिल पर आग लगी है। यहां किचन के साथ कमरा बना हुआ था। जहां पर पटाखे का स्टॉक रखा हुआ था। आग लगने के बाद युवक गोदाम के अंदर ही एक किनारे पर खड़ा हो गया। लेकिन अचानक उसकी दीवार गिर गई। मृतक की पहचान साहिल सब्बरवाल (27) के रूप में हुई है। हादसे का पता चलते ही पुलिस ने पूरे इलाके को घेर लिया। स्थानीय लोगों ने बताया कि रेजिडेंशियल इलाके में अवैध रूप से पटाखे स्टोर किए गए थे। (पढ़ें पूरी खबर) 3. ASI नशा करते पकड़ा, लोगों ने घेरा मानसा के बुढलाडा में लोगों ने पंजाब पुलिस के ASI सहजप्रीत को चिट्टा (हेरोइन) पीते हुए पकड़ लिया। लोगों ने पुलिसकर्मी को बीच बाजार घेर लिया। इस दौरान ASI ने कहा कि वो अभी ट्रेनिंग पर है। घटना के बाद लोगों ने धरना-प्रदर्शन कर सख्त कार्रवाई की मांग की। विरोध के बाद स्थानीय पुलिस ने एएसआई का डोप टेस्ट कराया, जिसकी रिपोर्ट पॉजिटिव आई। इसके बाद थाना बुढलाडा में उसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। SP नरेंद्र सिंह ने बताया कि सहजप्रीत जहान खेलां में ट्रेनिंग कर रहा था। ड्यूटी बुढलाडा में लगाई गई थी। इसी दौरान लोगों ने सहजप्रीत को नशा करते हुए पकड़ लिया। (पढ़ें पूरी खबर) 4. हवारा के पिता का अश्लील VIDEO वायरल पंजाब के पूर्व CM बेअंत सिंह की हत्या के दोषी जगतार सिंह हवारा के पिता और कौमी इंसाफ मोर्चे के संरक्षक गुरचरण सिंह का AI से अश्लील वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया गया। गुरचरण सिंह ने इसे उनकी छवि और चरित्र खराब करने की साजिश बताया है। उन्होंने मोहाली साइबर पुलिस को शिकायत देकर वीडियो बनाने और प्रसारित करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। शिकायत के बाद पुलिस ने अज्ञात लोगों के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायत में पुलिस से वीडियो हटाने की भी मांग की गई है। (पढ़ें पूरी खबर) 5. बेटे के सामने पिता की कस्सी मारकर हत्या गुरदासपुर में खेत में किसान की कस्सी मारकर हत्या कर दी गई। गुरुवार देर रात खेत में हुई कहासुनी के बाद हमलावरों ने किसान पर हमला कर दिया। हमलावरों ने किसान की छाती पर कई वार किए। वारदात के समय मृतक का बेटा भी मौके पर मौजूद था। उसने आरोप लगाया कि हमले के दौरान हमलावर हरबंस सिंह की पत्नी मनजीत कौर ने ही अपने पति को कस्सी थमाई थी और मारने को कहा था। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाते समय किसान की मौत हो गई। पुलिस ने तीन लोगों के खिलाफ हत्या का केस दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। दोनों परिवारों के बीच खेतों के बीच बनी पगडंडी और बाउंड्री वॉल को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। (पढ़ें पूरी खबर) 6. झोटा के परिवार को CRPF सिक्योरिटी मिली मानसा के नशा विरोधी एक्टिविस्ट परविंदर झोटा के परिवार को सरकार ने सीआरपीएफ सिक्योरिटी दे दी है। परिवार कई दिनों से धरने पर बैठा है और सुरक्षा को खतरा महसूस करते हुए केंद्र सरकार ने ये सिक्योरिटी दी है। शुक्रवार को टीम मानसा पहुंची। इस टीम में 10 जवान शामिल हैं। उधर, झोटा की हत्या को आज (30 अक्टूबर) 18 दिन हो चुके हैं। झोटा की डेडबॉडी मानसा के सिविल अस्पताल में रखी गई है। डेडबॉडी का अभी तक पोस्टमॉर्टम नहीं हुआ है। CBI भी परिवार को PGI चंडीगढ़ में पोस्टमॉर्टम के लिए कह चुकी है, लेकिन अभी परिवार और झोटा को इंसाफ के लिए बनी एक्शन कमेटी राजी नहीं है। वह CM भगवंत मान और DGP गौरव यादव के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। (पढ़ें पूरी खबर) 7. नशा तस्कर का 70 साल पुराना घर तोड़ा जालंधर वेस्ट के बस्ती शेख स्थित मोहल्ला तेज मोहन नगर में नशा तस्कर के घर को तोड़ा गया। यह कार्रवाई पुलिस और नगर निगम ने की। पुलिस कमिश्नर भी कार्रवाई का जायजा लेने पहुंचे। उन्होंने कहा कि गगनदीप सिंह पर सात पर्चे दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि उसकी कई प्रॉपर्टी चिह्नित की गई हैं। नशा बेचकर बनाई गई संपत्तियों पर कार्रवाई के आदेश हुए हैं। ये मकान 70 साल पुराना है। नशा तस्कर गगनदीप सिंह इस समय जेल में बंद है। यह घर उसके दादा ने बनवाया था। इसी घर में गगनदीप सिंह अपने परिवार के साथ रहता था। पुलिस ने अगस्त महीने में दूसरी बार नशा तस्करी के मामले में गगनदीप सिंह को गिरफ्तार किया था। उसके परिवार में पत्नी, दो बेटे और एक छोटी बेटी है। (पढ़ें पूरी खबर) 8. महिला ने डॉ. अंबेडकर की मूर्ति का शीशा तोड़ा लुधियाना में जालंधर बाईपास चौक पर डॉ. बीआर अंबेडकर की प्रतिमा का शीशा एक बार फिर तोड़ दिया गया। शुक्रवार सुबह घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में एक महिला पत्थर मारकर शीशा तोड़ते हुए दिखाई दी। पुलिस ने महिला को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। घटना की जानकारी फैलते ही स्थानीय लोगों में रोष फैल गया। 4 महीने पहले भी इस प्रतिमा को लेकर विवाद हो चुका है, जिसके बाद यहां CCTV कैमरे लगाए गए थे। तब लोगों ने कई शहरों में रोड जाम कर प्रदर्शन किए थे। (पढ़ें पूरी खबर) 9. दिलजीत के कॉन्सर्ट से पहले पुलिस कमिश्नर को नोटिस पंजाबी सिंगर एवं एक्टर दिलजीत दोसांझ के आज दिल्ली के जवाहरलाल नेहरू (JLN) स्टेडियम में होने वाले लाइव कॉन्सर्ट से पहले विवाद खड़ा हो गया। दिल्ली बाल अधिकार संरक्षण आयोग (DCPCR) ने उनके गानों में शराब, नशीले पदार्थों और हथियारों के महिमामंडन की शिकायत पर संज्ञान लेते हुए दिल्ली पुलिस कमिश्नर को नोटिस जारी किया है। आयोग ने शिकायत की कॉपी पुलिस को भेजकर नियमानुसार उचित कार्रवाई करने के निर्देश दिए हैं। याद रहे दिसंबर में दिलजीत का शो मोहाली में होने की संभावना है। यह शो या तो पीसीए स्टेडियम मुल्लांपुर या चंडीगढ़ में आयोजित किया जाएगा। (पढ़ें पूरी खबर) खबर जरा हटके… 10. मोबाइल न देने से नाराज छात्रा ने घर छोड़ा चंडीगढ़ में मोबाइल वापस लेने से बेटी इस कदर नाराज हुई कि घर छोड़कर चली गई। वह घर से बैग लेकर निकली और चंडीगढ़ बस स्टैंड से अमृतसर पहुंच गई। 11वीं में पढ़ने वाली बेटी से मां ने एग्जाम की वजह से मोबाइल वापस लिया था ताकि वह स्टडी पर फोकस कर सके। छात्रा के पिता मैकेनिकल इंजीनियर हैं। परिवार ने पुलिस को बताया तो सीसीटीवी फुटेज में वो अमृतसर में गोल्डन टेंपल एरिया में नजर आई। हालांकि अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। चंडीगढ़ पुलिस ने मां की शिकायत पर केस दर्ज कर छात्रा की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की टीमें अमृतसर में भी छात्रा को ढूंढ रही हैं। (पढ़ें पूरी खबर) (कल शाम 6 बजे फिर होगी मुलाकात)
गोंडा में मोबाइल अपडेट के नाम पर साइबर फ्रॉड:फोन हैक किया, बिना OTP खाते से निकाले 96 हजार
गोंडा की नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत ददुवा बाजार निवासी शिवकुमार गुप्ता पुत्र स्वर्गीय किशनलाल के साथ साइबर ठगी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। पीड़ित के मुताबिक, गुरुवार दोपहर करीब 3:00 बजे उनके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात अपडेट आया। इसके तुरंत बाद उनका फोन असामान्य व्यवहार करने लगा और न तो स्विच ऑफ हो रहा था और न ही ठीक से ऑन हो पा रहा था। बिना OTP और मैसेज के कटे 96 हजार रुपये फोन हैक होने के दौरान ही गुरुवार दोपहर लगभग 3:39 बजे फोनपे के माध्यम से एक ही बार में ₹96,000 की रकम रोशन कुमार नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर कर ली गई। पीड़ित को इस धोखाधड़ी का पता गुरुवार रात करीब 9:00 बजे चला, जब उन्हें खाते से पैसे कटने की जानकारी हुई। ताज्जुब की बात यह रही कि इसके लिए न तो कोई ओटीपी आया और न ही कोई मैसेज या कॉल। पीड़ित ने 1930 पर दर्ज कराई शिकायत, एसपी कार्यालय में दी गुहार घटना की जानकारी मिलते ही पीड़ित ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद शुक्रवार शाम 4:00 बजे पीड़ित ने गोंडा एसपी कार्यालय पहुंचकर प्रार्थना पत्र दिया और ठगी की रकम वापस दिलाने की गुहार लगाई। ट्रांजैक्शन डिटेल और UTR नंबर के आधार पर जांच शुरू मामला संज्ञान में आने के बाद नगर कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम ने यूटीआर (UTR) नंबर और ट्रांजैक्शन डिटेल के आधार पर जांच-पड़ताल शुरू कर दी है। पुलिस ठगों तक पहुंचने और पैसे को ट्रैक करने की कोशिश कर रही है। अनवेरिफाइड ऐप और लिंक से बचें गोंडा साइबर सेल प्रभारी संजय गुप्ता ने बताया कि ऑनलाइन शिकायत प्राप्त हो गई है और जांच जारी है। यदि ठगों द्वारा रकम निकाली नहीं गई होगी तो उसे होल्ड करा दिया जाएगा। इसके साथ ही उन्होंने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी अनवेरिफाइड लिंक पर क्लिक न करें और न ही फोन में कोई अज्ञात सॉफ्टवेयर इंस्टॉल करें।
सोनीपत जिले के गोहाना उपमंडल के एक गांव से 19 वर्षीय युवती और उसका 17 वर्षीय चचेरा भाई संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। दोनों 28 अक्टूबर की सुबह करीब 10 बजे परिवार को बिना बताए घर से चले गए। काफी तलाश करने के बाद भी उनका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने सदर थाना गोहाना पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रिश्तेदारों और आसपास के इलाकों में की तलाश पुलिस को दी शिकायत में युवती के पिता ने बताया कि उनकी बेटी अचानक घर से लापता हो गई थी। बाद में पता चला कि उनका 17 वर्षीय भतीजा भी उसके साथ गया है। दोनों के एक साथ लापता होने की जानकारी मिलने पर परिजनों ने रिश्तेदारों और आसपास के गांवों व इलाकों में उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस ने मोबाइल डिटेल खंगालनी शुरू की पुलिस ने मामले में BNS की धारा 127(6) के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारियों के अनुसार, मामले की आगामी जांच एएसआई बिजेंद्र को सौंपी गई है। पुलिस दोनों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। उनके मोबाइल फोन की डिटेल खंगालने के साथ दोस्तों से भी पूछताछ कर जानकारी जुटाई जा रही है। दोनों का हुलिया जारी लापता युवती की उम्र 19 साल, रंग साफ, चेहरा गोल, शरीर हष्ट-पुष्ट और कद करीब 5 फीट 4 इंच बताया गया है। वहीं, किशोर की उम्र 17 साल, रंग साफ, चेहरा लंबा, शरीर पतला और कद करीब 5 फीट 9 इंच है। उसके दाहिने पैर पर चोट का निशान है। पुलिस दोनों का पता लगाने में जुटी है।
चूरू जिले के बीदासर थाना क्षेत्र के दड़िबा गांव में गुरुवार देर रात डीएसटी ने जुआ खेलते 10 लोगों को हिरासत में लिया। टीम के मुताबिक, नवरतन बावरी के घर में झंडी-मंडी का जुआ चल रहा था। डीएसटी ने मौके से 54,604 रुपए नकद, 12 मोबाइल, 7 गाड़ियां, 1 टेम्पो, 16 बाइक और 1 स्कूटी जब्त की। जब्त सामान बीदासर पुलिस को सौंप दिया गया। डीएसटी प्रभारी किशनाराम बिश्नोई के नेतृत्व में टीम ने कार्रवाई की। सूचना मिलने पर बीदासर पुलिस और थाने के हेड कॉन्स्टेबल प्रेमाराम भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने नेतराम जाट, नानूराम जाट, कालूराम स्वामी, खलील नाई, भींवाराम मेघवाल, कैलाश जाट, मूलचंद जाट, राजकुमार प्रजापत, वीरेंद्र नायक और दिलीप कुमार नायक को हिरासत में लिया। बीदासर में दीपावली के दौरान झंडी-मंडी का जुआ कई सालों से खेला जाता रहा है। खबर के मुताबिक, पुलिस प्रशासन को इसकी जानकारी रहती है और पहले भी छोटी-मोटी कार्रवाई हुई है। कार्रवाई करने वाली टीम में कॉन्स्टेबल लोकेश, गोपाल और विक्रम शामिल थे।
अजमेर के अलवर गेट थाना क्षेत्र में घर से करीब 20 वर्षीय युवती के लापता होने का मामला सामने आया है। युवती रात के समय बिना बताए घर से चली गई। वह अपने साथ जरूरी दस्तावेज, कपड़े और मोबाइल फोन भी ले गई। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारी में तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद पुलिस थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। रात को ड्यूटी पर गई थी मां, सुबह घर पहुंची तो बेटी नहीं मिली पुलिस को दी रिपोर्ट में मां ने बताया कि वह एक कॉलेज में प्राइवेट नौकरी करती है। 26 अक्टूबर 2026 को रात करीब 10 बजे ड्यूटी पर गई थी। इस दौरान बेटी घर पर ही थी। 27 अक्टूबर की सुबह करीब 6:30 बजे जब वह घर पहुंची तो बेटी घर पर नहीं मिली। तलाश करने पर पता चला कि बेटी 26 अक्टूबर की रात बिना बताए घर से कहीं चली गई। वह अपने साथ कपड़े, जरूरी कागजात और मोबाइल फोन भी लेकर गई है। उसका मोबाइल नंबर भी उसी दिन से बंद आ रहा है। परिजनों ने आसपास और रिश्तेदारियों में तलाश की, लेकिन युवती का पता नहीं चल सका। इसके बाद अलवर गेट थाने में रिपोर्ट देकर युवती की तलाश करने और उचित कानूनी कार्रवाई की मांग की गई।
विकास खंड सोरांव के मनसैता गांव के ग्राम प्रधानजानकीनाथ यादव बृहस्पतिवार शाम से लापता हो गए हैं। देर रात तक खोजबीन की गई लेकिन उनका कुछ पता नहीं लगा। उनके दोनों फोन स्विच ऑफ जा रहे हैं।
सीकर में दो सगी बहनों के लापता होने का मामला सामने आया है। एक की उम्र 25 साल और दूसरी की 22 साल है। घर से हॉस्पिटल जाने की कहकर निकली थी। अब उनका मोबाइल भी स्विच ऑफ है। घर के मोबाइल में एक अनजान नंबरों से कई बार बातचीत करना सामने आया है। फिलहाल पुलिस दोनों की तलाश कर रही है। दोनों युवतियों के चचेरे भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 28 अक्टूबर की दोपहर करीब 12 बजे दोनों चचेरी बहन घर से अस्पताल में दिखाने के लिए गई थी। 3 बजे उन्हें कॉल किया तो उन्होंने 15 मिनट में आने की बात कही। 4 बजे तक भी वह वापस नहीं लौटी। जब उन्हें दोबारा कॉल किया गया तो नंबर भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा था। ऐसे में परिवार ने गांव और आस-पड़ोस में काफी तलाश की, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। घर के एक मोबाइल में एक अनजान नंबरों से कई बार कॉल करना सामने आया है। फिलहाल पुलिस दोनों युवतियों की तलाश कर रही है। 17 साल की नाबालिग से छेड़छाड़ सीकर में एक 17 साल की नाबालिग लड़की से छेड़छाड़ का मामला भी सामने आया है। इस संबंध में उसके पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि गांव का ही रहने वाला आरोपी 28 अक्टूबर की रात करीब 7:30 बजे उनके घर पर आया। जिसने नाबालिग से छेड़छाड़ और मारपीट की। फिलहाल पुलिस इस मामले में भी जांच कर रही है।
चंडीगढ़ में मोबाइल वापस लेने से बेटी इस कदर नाराज हुई कि घर छोड़कर चली गई। वह घर से बैग लेकर निकली और चंडीगढ़ बस स्टैंड से अमृतसर पहुंच गई। 11वीं में पढ़ने वाली बेटी से मां ने एग्जाम की वजह से मोबाइल वापस लिया था ताकि वह स्टडी पर फोकस कर सके। छात्रा के पिता मैकेनिकल इंजीनियर हैं। परिवार ने पुलिस को बताया तो सीसीटीवी फुटेज में वो अमृतसर में गोल्डन टेंपल एरिया में नजर आई। हालांकि अभी तक उसका कोई पता नहीं चल पाया है। चंडीगढ़ पुलिस ने मां की शिकायत पर केस दर्ज कर छात्रा की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस की टीमें अमृतसर में भी छात्रा को ढूंढ रही हैं। 4 पॉइंट में जानिए पूरा मामला…. सबसे छोटी बेटी, चंडीगढ़ के स्कूल में पढ़ रहीचंडीगढ़ पुलिस को महिला ने बताया कि उनकी 4 बेटियां हैं। सबसे छोटी बेटी 17 साल की है। वह चंडीगढ़ के सरकारी स्कूल में 11वीं क्लास में पढ़ती है। उसके पिता पेशे से मैकेनिकल इंजीनियर हैं। वह कोलकाता की प्राइवेट कंपनी में काम करते हैं। इस वजह से परिवार कभी कोलकाता तो कभी चंडीगढ़ में रहता है। 16 हजार का मोबाइल दिलाया, फिर वापस लियामहिला ने बताया कि पहले छोटी बेटी को 16 हजार का नया मोबाइल दिलाया था। वह सोशल मीडिया पर एक्टिव रहती थी। अब एग्जाम नजदीक आए तो पढ़ाई डिस्टर्ब न हो, इसलिए उससे मोबाइल वापस ले लिया। ताकि वह सोशल मीडिया की जगह पर स्टडी पर फोकस कर सके। बेटी नाराज हुई, 22 अक्टूबर को घर से निकलीमहिला ने बताया कि मोबाइल वापस लेने से बेटी नाराज हो गई। 22 अक्टूबर को वह घर से निकल गई। अब उसके पास कोई मोबाइल नहीं है। जब वह घर से निकली तो वहां कोई नहीं था। परिवार के सभी लोग बाहर गए हुए थे। जब वे घर लौटे तो बेटी के गायब होने का पता चला। CCTV फुटेज में चंडीगढ़-अमृतसर में दिखीइसके बाद परिजनों ने घर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें रोजी बैग लेकर घर से निकलती दिखाई दी। इसके बाद वह ऑटो से सेक्टर-43 बस स्टैंड पहुंची। परिवार ने यहां की सीसीटीवी फुटेज भी जुटाई है। इसके बाद वह बस से अमृतसर पहुंची। वहां बस स्टैंड पर भी वह सीसीटीवी कैमरे में दिखाई दी। अमृतसर में युवक से बात करते नजर आईपरिवार ने अमृतसर में भी बेटी की तलाश की। इस दौरान वह गोल्डन टेंपल के पास लगते एक इलाके में दिखाई दी। फुटेज में वह दूर से एक युवक से बात करती नजर आ रही है। हालांकि, अभी तक उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है। पुलिस छात्रा की तलाश में जुटी हुई है।
साइबर धोखाधड़ी के 84.70 लाख रुपये के मामले में वांछित आरोपी को एसटीएफ की साइबर टीम ने महाराष्ट्र के सांगली जिले से गिरफ्तार किया है।
गांजा-शराब के साथ भाजपा युवा मोर्चा उपाध्यक्ष समेत 4 गिरफ्तार:सीवान में कैश और 5 मोबाइल जब्त
सीवान में पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर गांजा और शराब बरामद की है। पुलिस ने इस कार्रवाई में भाजपा युवा मोर्चा के उपाध्यक्ष सह पूर्व बीडीसी सदस्य विकास कुमार उर्फ पिंटू समेत चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने मौके से मादक पदार्थ और शराब के अलावा नगदी तथा पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। घटना आंदर थाना क्षेत्र स्थित आंदर सब्जी मार्केट की है। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान विकास कुमार उर्फ पिंटू, उनके भाई दीपक कुमार, प्रकाश कुमार और उनके चचेरे भाई आकाश कुमार के रूप में हुई है। गांजा और शराब के साथ आरोपी गिरफ्तार पुलिस के अनुसार, सभी आरोपित आंदर सब्जी मार्केट में की गई छापेमारी के दौरान पकड़े गए। हालांकि, पुलिस की ओर से बरामद गांजा और शराब की कुल मात्रा तथा जब्त नकदी की राशि का विस्तृत ब्योरा सामने नहीं आया है। बताया जाता है कि पुलिस को क्षेत्र में मादक पदार्थ और शराब से जुड़ी गतिविधियों के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इसके बाद आंदर थानाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से गांजा और शराब बरामद करते हुए चारों आरोपितों को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से नकदी और पांच मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपितों से संबंधित आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। इसके बाद चारों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस की इस कार्रवाई को आंदर क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत महत्वपूर्ण माना जा रहा है। चार लोगों को भेजा गया जेल इस संबंध में आंदर थानाध्यक्ष सुनील कुमार ने बताया कि गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी की गई थी, जिसमें चार लोगों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि आवश्यक कागजी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी आरोपितों को जेल भेज दिया गया है। गौरतलब है कि आंदर थाना क्षेत्र में थानाध्यक्ष सुनील कुमार के नेतृत्व में पुलिस की ओर से लगातार कार्रवाई किए जाने की बात कही जा रही है। इसी क्रम में सब्जी मार्केट में यह छापेमारी की गई। फिलहाल, मामले में बरामद सामग्री की विस्तृत मात्रा और नकदी की राशि से संबंधित जानकारी सामने आने का इंतजार है।
बालाघाट में पति की दीर्घायु और परिवार की सुख-समृद्धि की कामना के साथ सौभाग्यवती महिलाओं ने गुरुवार को करवा चौथ का निर्जला व्रत रखा। अर्णब तूफान के असर से बदले मौसम के कारण देर रात तक चांद का दीदार नहीं हो सका। ऐसे में कई महिलाओं ने मोबाइल पर चांद की फोटो देखकर अर्घ्य दिया और छलनी से पति का चेहरा देखकर व्रत खोला। शिव-पार्वती सहित देवी-देवताओं का पूजन करवा चौथ पर महिलाओं ने भगवान शिव, माता पार्वती, कार्तिकेय, भगवान गणेश और चंद्रमा की विशेष पूजा-अर्चना की। घरों और मंदिरों में सामूहिक रूप से माता करवा की कथा का वाचन किया गया। महिलाओं ने माता करवा से पति की लंबी उम्र और परिवार में सुख-समृद्धि बनाए रखने की कामना की। महिला मानसी ने बताया कि करवा चौथ का व्रत पति की दीर्घायु और परिवार की खुशहाली के लिए रखा जाता है। इसी कामना के साथ महिलाएं पूरे दिन निर्जला व्रत रखती हैं और रात में चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत खोलती हैं। पंजाबी और सिंधी समाज ने किया सामूहिक पूजन बालाघाट में पंजाबी और सिंधी समाज की महिलाओं ने सामूहिक रूप से करवा चौथ का पर्व मनाया। महिलाओं ने एक साथ पूजा-अर्चना कर माता करवा से पति की दीर्घायु का आशीर्वाद मांगा। पंजाबी समाज में करवा चौथ पर सास की ओर से बहू को सरगी देने की परंपरा है। व्रत शुरू होने से पहले सास बहू को सरगी देती है। इसके बाद बहू उसी पूजन की थाली में सास को भेंट देती है। तस्वीरे देखिए…
भोपाल के गोविंदपुरा इलाके में गुरुवार रात सफेद स्कूटर सवार बदमाश एक छात्र का मोबाइल फोन झपटकर फरार हो गया। वारदात कांग्रेस नेता हेमंत कटारे के बंगले के सामने भारती निकेतन के पास हुई। छात्र चेतक ब्रिज की ओर जा रहा था, तभी बदमाश ने उसके हाथ से मोबाइल छीना और भाग निकला। शिकायत पर गोविंदपुरा पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। चेतक ब्रिज से जा रहा था छात्र पुलिस के मुताबिक, उत्तर प्रदेश के बिजनौर जिले के अफजलगढ़ निवासी सनी सिंह (23), पिता जय मंगल सिंह, भोपाल में रहकर पढ़ाई करता है। गुरुवार रात वह चेतक ब्रिज से जा रहा था। इसी दौरान भारती निकेतन के पास सफेद स्कूटर पर सवार एक युवक उसके करीब पहुंचा और अचानक हाथ से मोबाइल झपट लिया। छात्र कुछ समझ पाता, इससे पहले ही आरोपी फरार हो गया। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिस सनी ने शोर मचाकर आरोपी का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह पकड़ में नहीं आया। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। स्कूटर के रंग और वारदात के तरीके के आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
Shraddha Dubey: शिवा शर्मा की हत्या में गिरफ्तार मॉडल श्रद्धा दुबे, उसकी बहन रश्मि का मोबाइल फोन अब तक पुलिस को नहीं मिल सका है। इस फोन में कई अहम राज हो सकते हैं।
Panchkula News: बरवाला में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने पहुंची मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन
बरवाला में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने पहुंची मोबाइल फूड टेस्टिंग वैन
Bijnor News: मोबाइल हैक कर फोन-पे से निकाले 90 हजार रुपये
मोबाइल फोन हैक कर फोनपे के माध्यम से बैंक खाते से 90 हजार रुपये निकालने के मामले में पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की है। पीड़ित ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की थी।
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Jaunpur News: प्रेमी से शादी की मांग करते हुए मोबाइल टावर पर चढ़ी विवाहिता
Married woman climbed a mobile tower, demanding marriage from her lover
लुधियाना के समराला चौक के नजदीक शिंगार सिनेमा रोड पर एक शातिर चोर ने दुकानदार को बातों में उलझा कर उसका मोबाइल चोरी कर लिया। चोर ग्राहक बनकर दुकान पर आया था। उसने मात्र 15-20 रुपए का सामान खरीदा और फिर दुकानदार का ध्यान भटका कर टेबल पर रखा स्मार्टफोन लेकर फरार हो गया। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। 15 रुपए का सामान लिया, फिर काउंटर के पास आ गया घटना की जानकारी देते हुए मठियां वाले पापा जी दी हट्टी के शिवम खन्ना ने बताया कि उनकी दुकान पर एक व्यक्ति आया। उसने सबसे पहले 15-20 रुपए का कुछ सामान लिया। इसके बाद वह अजीबोगरीब मांग करने लगा कि यह दे दो नहीं वह दे दो।ऐसा करके उसने शिवम को बातों में उलझा लिया और धीरे-धीरे खिसक कर गल्ले (कैश काउंटर) के बिल्कुल पास आ गया। 5 रुपए की टॉफी मांगी और इतनी सफाई से फोन उठाया जैसे अपना हो शिवम ने बताया कि चोर ने आखिर में कहा कि 5 रुपए की टॉफियां और दे दो। जब शिवम टॉफी निकालने के लिए मुड़ा,तो उस शातिर ने टेबल पर रखा ओप्पो A3x 5Gमोबाइल इतने आराम और सफाई से उठा लिया, जैसे वह फोन उसी का हो। वारदात को अंजाम देने के बाद वह तुरंत वहां से चला गया। CCTV फुटेज में चोरी करते आया नजर चोर के जाने के बाद जब शिवम ने देखा तो टेबल पर उनका मोबाइल नहीं था। उन्हें तुरंत शक हुआ। जिसके बाद उन्होंने दुकान में लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। कैमरे की रिकॉर्डिंग में शातिर बड़ी ही चालाकी से टेबल से मोबाइल चोरी करता हुआ साफ नजर आ गया। फिलहाल फुटेज के आधार पर चोर की पहचान की जा रही है।
झाबुआ पुलिस ने 106 गुम मोबाइल लौटाए:'ऑपरेशन हेलो' में 1 जनवरी से अब तक 17 लाख के 591 मोबाइल बरामद
झाबुआ पुलिस ने ऑपरेशन हेलो के तहत 106 गुम मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 17 लाख रुपए है। पुलिस ने फोन उनके असली आवेदकों को लौटाए। पुलिस अधीक्षक देवेंद्र पाटीदार के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रतिपाल सिंह महोबिया तथा उप पुलिस अधीक्षक कमलेश शर्मा के मार्गदर्शन में जिला साइबर टीम और थानों की पुलिस ने यह काम किया। फोन मध्यप्रदेश के सीमावर्ती इलाकों के अलावा गुजरात और राजस्थान से भी ट्रेस किए गए। बरामद फोन Apple, Vivo, OPPO, Realme, Samsung, Tecno, Infinix और OnePlus कंपनियों के हैं। इनमें करीब 65 हजार रुपए कीमत का Apple iPhone 15 सीरीज का फोन और करीब 5 हजार रुपए कीमत का OPPO A38 शामिल है। बरामद फोन में Apple के 3, Vivo के 41 और OPPO के 32 मोबाइल हैं। झाबुआ पुलिस के मुताबिक, 1 जनवरी 2026 से अब तक कुल 591 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके आवेदकों को लौटाए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 95 लाख रुपए है। फोन मिलने पर आवेदकों ने पुलिस का आभार जताया। मेघनगर की शारदा पति विशाल वसुनिया ने बताया कि उन्होंने मोबाइल किस्तों पर खरीदा था। दो महीने पहले मेघनगर हाट में फोन गुम हो गया था, लेकिन उन्हें आर्थिक और बैंकिंग जिम्मेदारियों के चलते किस्तें चुकानी पड़ रही थीं। राणापुर के अनिल पिता गेंदालाल देवड़ा ने बताया कि उन्होंने मजदूरी की कमाई से मोबाइल खरीदा था। थांदला के महेश कटारा का किस्तों पर लिया मोबाइल सात महीने पहले गुम हो गया था। फोन वापस मिलने पर दोनों ने खुशी जताई। पुलिस ने अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर साइबर सेल से संपर्क करें या CEIR पोर्टल के जरिए शिकायत दर्ज कराएं।
झज्जर में मोबाइल फोन हैक होने के बाद बैंक खाते से 90 हजार रुपए की साइबर ठगी के मामले में झज्जर साइबर थाना पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के रहने वाले हैं। पुलिस ने पांचों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। साइबर थाना झज्जर के प्रबंधक निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि डीसीपी मुख्यालय फैसल खान के दिशा-निर्देशन में साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में 28 सितंबर 2026 को साइबर ठगी का मामला दर्ज किया गया था। शिकायतकर्ता ने पुलिस को बताया कि 22 सितंबर को उसका मोबाइल फोन हैक हो गया था। फोन ठीक करवाने के बाद उसे पता चला कि उसके बैंक खाते से कुल 90 हजार रुपए निकाल लिए गए हैं। बैंक से जानकारी लेने पर साइबर धोखाधड़ी का पता चला, जिसके बाद उसने साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। बैंक खाते की जांच से आरोपियों तक पहुंची पुलिस पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान शिकायतकर्ता के बैंक खाते की स्टेटमेंट का अध्ययन किया गया और संबंधित बैंक से रिकॉर्ड जुटाया गया। इसमें पता चला कि ठगी की रकम में से 50 हजार रुपए एक बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसके बाद पुलिस ने खाते के धारक की पहचान कर जांच आगे बढ़ाई। पुलिस ने सबसे पहले उत्तराखंड के हरिद्वार जिले के गांव नगला कोयल निवासी अमित कुमार को गिरफ्तार किया। उससे पूछताछ के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की संलिप्तता सामने आई। इसके बाद पुलिस ने नगला कोयल निवासी हर्ष तेज्यान, गांव बुडपुर जट निवासी नितिन और संजू, जिला हरिद्वार (उत्तराखंड) तथा गांव जय भगवानपुर, जिला मुजफ्फरनगर (उत्तर प्रदेश) निवासी टीकू राम को भी गिरफ्तार कर लिया। साइबर ठगी होने पर 1930 पर करें शिकायत निरीक्षक दर्शन सिंह ने बताया कि मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की गई है। पांचों आरोपियों को अदालत में पेश करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। झज्जर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन और बैंक खातों की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि या साइबर धोखाधड़ी का पता चलने पर तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाएं।
Bihar Farmers 2000 Rupees : प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी बिहार के लाखों किसानों को पीएम किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त का तोहफा देंगे। इसके तहत किसानों के खातों में दो-दो हजार रुपये भेजे जाएंगे, जिसकी सूचना मोबाइल पर दी गई है।
भोपाल में साइबर ठगी के तीन मामलों में महिला, रिटायर्ड आर्मीमैन और एक युवक के खातों से कुल करीब 3.04 लाख रुपए निकाल लिए गए। हबीबगंज थाना क्षेत्र में 66 वर्षीय महिला के व्हाट्सएप पर आई एपीके फाइल खोलने के बाद खाते से 1.60 लाख रुपए निकल गए। कोलार में क्रेडिट कार्ड की NOC के नाम पर रिटायर्ड आर्मीमैन से 94,300 रुपए की ठगी हुई। वहीं, फेसबुक पर विज्ञापन देखकर थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड करने वाले युवक के खाते से 50 हजार रुपए निकल गए। तीनों मामलों में पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप पर APK फाइल खोलने के बाद 1.60 लाख निकले हबीबगंज थाना क्षेत्र की अरेरा कॉलोनी निवासी अनुराधा कुकरेजा (66) के व्हाट्सएप पर 13 अक्टूबर को किसी अज्ञात नंबर से APK फाइल आई थी। उन्होंने इसे खोल लिया, जिसके बाद उनके मोबाइल का एक्सेस साइबर ठगों तक पहुंच गया। कुछ समय बाद उनके बैंक खाते से करीब 1.60 लाख रुपए निकल गए। खाते से रकम निकलने का पता चलने पर उन्होंने पुलिस से शिकायत की। पुलिस संबंधित मोबाइल नंबर और रकम ट्रांसफर किए गए बैंक खातों की जानकारी जुटा रही है। क्रेडिट कार्ड की NOC के नाम पर 94,300 रुपए की ठगी कोलार के जेके टाउन निवासी रिटायर्ड आर्मीमैन मनोज कुमार यादव (55) को 12 अक्टूबर की दोपहर एक अज्ञात नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने क्रेडिट कार्ड की NOC जारी कराने का झांसा दिया और WhatsApp पर लिंक भेजकर उसमें जानकारी भरने को कहा। मनोज ने लिंक खोलकर जानकारी दर्ज कर दी। इसके बाद उनके खाते से करीब 94,300 रुपए निकल गए। बैंक से ट्रांजेक्शन के मैसेज आने पर उन्हें ठगी का पता चला। इसके बाद आरोपी ने अपना मोबाइल बंद कर लिया। फेसबुक विज्ञापन से ऐप डाउनलोड किया, 50 हजार गंवाए कोलार के गणेश नगर निवासी दीपक कुमार कीर प्राइवेट नौकरी करते हैं। 22 अक्टूबर की शाम फेसबुक पर वीडियो देखते समय उन्हें एक विज्ञापन दिखाई दिया। विज्ञापन के जरिए उन्होंने थर्ड पार्टी ऐप डाउनलोड किया। इसके बाद उनका मोबाइल हैक होने और बैंक खाते से 50 हजार रुपए निकलने की जानकारी सामने आई। शिकायत के आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। साइबर ठगी से बचने के लिए क्या करें
6 घंटे में मोबाइल स्नैचिंग की वारदात का खुलासा, दिल्ली पुलिस ने दबोचे दो शातिर बदमाश
बाहरी दिल्ली में पुलिस ने दिनदहाड़े हुई मोबाइल स्नैचिंग की वारदात को छह घंटे के भीतर सुलझाते हुए दो आरोपियों सरवन और सौरभ को गिरफ्तार किया है।
जालंधर के रामा मंडी स्थित गुलमोहर एवेन्यू में दिनदहाड़े स्नेचिंग की एक घटना सामने आई है। घर के बाहर सीढ़ियों पर बैठी जसबीर कौर को अकेला पाकर बाइक सवार लुटेरा उनका मोबाइल फोन और सोने की चैन झपटकर रफूचक्कर हो गया। पीड़िता के परिजनों ने बताया कि फोन और चैन की कुल कीमत लगभग ₹1,35,000 थी। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना रामा मंडी की पुलिस और पीसीआर टीम मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के परिवार ने लुटेरे की जानकारी देने वाले को ₹10,000 का इनाम देने का भी ऐलान किया है।घर की सीढ़ियों पर बैठी थी पीड़िता पीड़ित महिला जसबीर कोर ने ने बताया कि घटना शाम लगभग 7:00 से 7:15 बजे के बीच की है। महिला जसबीर कौर अपने घर के बाहर सीढ़ियों (थड़ी) पर बैठी हुई थीं और पास में ही उनके बच्चे खेल रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति काले रंग की स्पलेंडर मोटरसाइकिल पर वहां से गुजरा। उसने पहले इलाके की रेकी की और फिर मौका मिलते ही महिला के पास पहुंचा। एक मिनट में वारदात को दिया अंजाम आरोपी ने महिला को संभलने तक का मौका नहीं दिया। उसने बिना कोई बात किए महज एक मिनट के भीतर महिला के हाथ से लगभग ₹35,000 का मोबाइल फोन छीना और गले से करीब एक तोले की सोने की चैन खींचकर फरार हो गया। पीड़िता ने बताया कि आरोपी का चेहरा ढका हुआ नहीं था और वह बहुत तेजी से मोटरसाइकिल पर निकल गया। घटना के बाद से पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग बेहद डरे हुए हैं। परिजनों का कहना है कि अब अपने घर के बाहर बैठना और बच्चों को बाहर खेलने भेजना भी असुरक्षित हो गया है। इलाके में नशे का प्रकोप इतना बढ़ गया है कि नशेड़ी आए दिन ऐसी वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। पुलिस ने शुरू की सीसीटीवी कैमरों की जांच घटना की सूचना मिलने के लगभग आधा घंटा बाद थाना रामा मंडी की पुलिस और पीसीआर टीम मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पीड़िता के बयान दर्ज कर लिए गए हैं। गली और आसपास के रास्तों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपी और उसकी मोटरसाइकिल की पहचान की जा सके और उसे जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए।
यमुनानगर जिले के जगाधरी में बुधवार देर शाम एक तेज रफ्तार क्रेन ने साइकिल पर ड्यूटी जा रहे 69 वर्षीय चौकीदार को पीछे से टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बुजुर्ग साइकिल समेत सड़क पर गिर गए और क्रेन का अगला पहिया उनके सिर के ऊपर से गुजर गया। इससे उनका सिर बुरी तरह कुचल गया और मौके पर ही मौत हो गई। हादसा शाम उप्पल मॉल के सामने हुआ। मृतक की पहचान दशमेश कॉलोनी निवासी नंदलाल के रूप में हुई है। वह तीन बच्चों के पिता थे और जगाधरी के सरस्वती पब्लिक स्कूल में चौकीदारी करते थे। हादसे के बाद चालक क्रेन को मौके पर छोड़कर फरार हो गया। पुलिस ने क्रेन कब्जे में लेकर अज्ञात चालक के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शाम साढ़े 6 बजे घर से ड्यूटी के लिए निकले थे पुलिस को दी शिकायत में मृतक के बेटे जसवंत कुमार ने बताया कि उसके पिता नंदलाल रोजाना साइकिल से ही ड्यूटी पर आते-जाते थे। बुधवार को उनकी रात की ड्यूटी थी। इसके लिए वह शाम घर से साइकिल लेकर निकले थे। जसवंत ने बताया कि रात उसके पास जगाधरी पुलिस का फोन आया। पुलिस ने बताया कि उसके पिता का उप्पल मॉल के सामने पीले रंग की क्रेन से एक्सीडेंट हो गया है। हादसे में उनकी मौत हो गई है और शव को सिविल अस्पताल जगाधरी लाया गया है। सूचना मिलते ही वह अस्पताल पहुंचा। वहां उसे पता चला कि उसके पिता साइकिल पर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आई तेज रफ्तार क्रेन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि वह साइकिल समेत सड़क पर गिर गए। इसके बाद क्रेन का अगला पहिया उनके सिर के ऊपर से गुजर गया। हादसे के बाद चालक क्रेन को सड़क पर ही छोड़कर फरार हो गया। बुजुर्ग का सिर बुरी तरह कुचला पुलिस चौकी बूड़िया गेट के एएसआई चमनलाल के अनुसार, वह एएसआई रणबीर सिंह और अन्य पुलिस कर्मचारियों के साथ चुन्ना भट्ठी चौक पर गश्त कर रहे थे। इसी दौरान चौकी इंचार्ज से उप्पल मॉल के सामने सड़क हादसे की सूचना मिली। पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। वहां लोगों की भीड़ जमा थी। एक बुजुर्ग साइकिल के पास गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे। उनका सिर बुरी तरह कुचला हुआ था और वह बेहोश थे। पास ही पीले रंग की क्रेन खड़ी थी। पुलिस ने घायल बुजुर्ग को सरकारी गाड़ी से सिविल अस्पताल जगाधरी पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। जेब में मिले मोबाइल से परिवार की पहचान हुई पुलिस के अनुसार, हादसे के बाद शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। अस्पताल में उनके कपड़ों की तलाशी ली गई तो एक काले रंग का कीपैड मोबाइल फोन मिला। पुलिस ने मोबाइल में मौजूद नंबरों की जांच कर परिवार से संपर्क किया। इसके बाद मृतक का बेटा जसवंत कुमार अस्पताल पहुंचा और पिता की पहचान की। पुलिस ने शव को सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया और बेटे के बयान दर्ज किए। पुलिस ने घटनास्थल से पीले रंग की बिना नंबर प्लेट वाली इंडो फार्म कंपनी की क्रेन कब्जे में ली है। क्रेन को निजी चालक की मदद से थाने भिजवाया गया। पुलिस ने मृतक के बेटे जसवंत कुमार की शिकायत पर क्रेन चालक के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने राजेपुर ओपी क्षेत्र के अण्डौल पुल के पास छापेमारी कर लूट की साजिश रचने के आरोप में चार लोगों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उनके पास से एक पिस्टल, 6 कारतूस, 2 मैगजीन और 3 मोबाइल फोन जब्त किए। सरैया की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अभिजीत कौर ने बताया कि जिले में अपराध रोकने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह कार्रवाई इसी अभियान के तहत की गई। अभिजीत कौर के मुताबिक, 27 अक्टूबर को राजेपुर ओपी पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध अण्डौल पुल के पास किसी आपराधिक घटना की तैयारी कर रहे हैं। ग्रामीण पुलिस अधीक्षक की निगरानी और सरैया SDPO के नेतृत्व में छापेमारी टीम बनाई गई। इसमें राजेपुर ओपी प्रभारी भी शामिल थे। टीम ने बताए गए स्थान की घेराबंदी की। पुलिस को देखकर आरोपियों ने भागने की कोशिश की, लेकिन जवानों ने चारों को पकड़ लिया। तलाशी में उनके पास से हथियार और अन्य सामान मिले। इनकी हुई गिरफ्तारी गिरफ्तार लोगों की पहचान मो. नासिर, मो. नन्हे, राजा बाबू और अमन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक, चारों राजेपुर ओपी क्षेत्र के निवासी हैं। इस मामले में साहेबगंज थाने (राजेपुर ओपी) में कांड संख्या 918/26 दर्ज किया गया है। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है। जिलेभर में विशेष अभियान चलाया जा रहा सरैया की अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) अभिजीत कौर ने बताया कि मुजफ्फरपुर के वरीय पुलिस अधीक्षक (SSP) के निर्देशन में जिलेभर में अपराध नियंत्रण और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत पुलिस को यह बड़ी कामयाबी हासिल हुई है। एसडीपीओ अभिजीत कौर के अनुसार, 27 अक्टूबर 2026 को राजेपुर ओपी पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कुछ संदिग्ध अपराधी अण्डौल पुल के समीप किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की फिराक में जुटे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए ग्रामीण पुलिस अधीक्षक के अनुश्रवण और सरैया एसडीपीओ के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया, जिसमें राजेपुर ओपी प्रभारी भी शामिल थे।
एक ही ट्रेन में सफर लेकिन चार्जिंग की सुविधा अलग-अलग रहेगी। रेलवे ने सुरक्षा के लिहाज से एसी कोचों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पॉइंट की बिजली बंद रखने का निर्णय लिया है। वहीं उसी ट्रेन के स्लीपर कोचों में यह सुविधा जारी रहेगी। ऐसे में एसी कोच के यात्रियों को रात में मोबाइल चार्ज करने के लिए पहले से तैयारी करनी होगी। रेलवे का मानना है कि रात में चार्जिंग पॉइंट बंद रखने से बिजली संबंधी जोखिम और आग लगने की आशंका कम करने में मदद मिलेगी। अक्सर यात्री मोबाइल और दूसरे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्जिंग पर लगाकर सो जाते हैं। ऐसे में चार्जर या उपकरण में खराबी आने पर समय रहते ध्यान नहीं जा पाता। इसी जोखिम को देखते हुए रात के छह घंटे बिजली आपूर्ति बंद रखने का फैसला लिया गया है। हालांकि, एक ही ट्रेन में एसी और स्लीपर कोचों के लिए अलग व्यवस्था यात्रियों के बीच सवाल खड़ा करती है। लंबी दूरी के यात्रियों को रात में फोन की जरूरत को देखते हुए सोने से पहले चार्जिंग करनी होगी। सफर में चार्जिंग के लिए क्या करें?
Kanpur News: मोबाइल छीन भागे लुटेरों की बाइक फिसली, दोनों घायल, गिरफ्तार
मोबाइल छीन भागे लुटेरों की बाइक फिसली, दोनों घायल, गिरफ्तार
Palwal News: साइबर ठगी के तीन आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद
साइबर ठगी के तीन आरोपी गिरफ्तार, मोबाइल और सिम कार्ड बरामद
Ambala News: रात 11 से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पॉइंट की सुविधा बंद
रात 11 से सुबह 5 बजे तक मोबाइल चार्जिंग पॉइंट की सुविधा बंद
Lalitpur News: मोबाइल व रुपये लूटने में दो को तीन वर्ष की सजा
ललितपुर। नौ वर्ष पहले ललितपुर रेलवे स्टेशन पर हुई लूट के मामले में अदालत ने फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र/विशेष न्यायाधीश (दस्यु प्रभावित क्षेत्र) सुनील सिंह की अदालत ने दो आरोपियों को दोषी ठहराया है। उन्हें तीन-तीन वर्ष के कारावास और
रेलवे बोर्ड ने ट्रेनों में रात 11 बजे से सुबह 5 बजे तक मोबाइल और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चार्ज करने पर प्रतिबंध लगा दिया है।
मेरठ शहर में बाइकर्स गैंग के बदमाशों ने बुधवार दोपहर माल रोड पर दुस्साहसिक वारदात को अंजाम देते हुए दंपती का करीब दो लाख रुपये कीमत का मोबाइल फोन झपट लिया। वारदात के बाद पति ने स्कूटी से बदमाशों का काफी दूर तक पीछा किया लेकिन वह हाथ नहीं आए। सूचना पर पहुंची लालकुर्ती पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। कई घंटे तक मामले को छिपाए रखने के बाद पुलिस ने रात में मुकदमा दर्ज किया। गंगानगर निवासी सनी शर्मा बुधवार दोपहर अपनी पत्नी के साथ आबूलेन पर शॉपिंग करने आए थे। दोनों स्कूटी से घर लौट रहे थे। जैसे ही वह माल रोड स्थित पंडित दीनदयाल उपाध्याय मैनेजमेंट कॉलेज के सामने पहुंचे, पीछे से बाइक पर आए बदमाशों ने उनकी पत्नी के हाथ में मौजूद मोबाइल झपट लिया और तेजी से भाग निकले। अचानक हुई वारदात से दंपती सकते में आ गए। पीछा किया तो मिलिट्री के बंद रास्ते पर लिया यू-टर्नमोबाइल झपटकर बदमाशों के भागते ही सनी ने स्कूटी से उनका पीछा शुरू कर दिया। काफी दूर तक बदमाशों की बाइक के पीछे दौड़ने के बावजूद वह उन्हें पकड़ नहीं सके। इसी दौरान एक स्थान पर मिलिट्री की ओर से रास्ता बंद किया गया था। रास्ता बंद मिलने पर बदमाशों को यू-टर्न लेना पड़ा। इसके बाद वह दोबारा माल रोड की तरफ भाग निकले। इस दौरान सनी और उनकी पत्नी पीछे छूट गए और बदमाश आंखों से ओझल हो गए। मोबाइल छिनते ही रोने लगीं महिलामोबाइल छिनने के बाद सनी की पत्नी बेहद परेशान हो गईं और रोने लगीं। इसके बाद दोनों सीधे सिविल लाइन थाने पहुंचे। महिला को रोते देखकर पुलिसकर्मियों ने पूछताछ की तो उन्होंने मोबाइल झपटने की घटना बताई। महिला ने पुलिस को बताया कि उनके मोबाइल की कीमत करीब दो लाख रुपये थी। स्कूटी पर चलते समय मोबाइल बीच में रखा हुआ था। इसी दौरान बदमाशों की नजर उस पर पड़ गई और पलक झपकते ही वह मोबाइल झपटकर फरार हो गए। सिविल लाइन से लालकुर्ती पुलिस को दी गई सूचनासिविल लाइन पुलिस दंपती से जानकारी मिलने के बाद घटनास्थल पर पहुंची तो पता चला कि वारदात लालकुर्ती थाना क्षेत्र में हुई है। इसके बाद लालकुर्ती पुलिस को सूचना दी गई। लालकुर्ती पुलिस दंपती को साथ लेकर काफी देर तक बदमाशों की तलाश करती रही। एसओ विजय कुमार ने बदमाशों का पता लगाने के लिए एक टीम गठित कर घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों को चिह्नित कराया। पुलिस अब फुटेज के जरिए बदमाशों की पहचान और उनकी लोकेशन का पता लगाने में जुटी है। वारदात के कई घंटे बाद रात में मुकदमा दर्ज किया गया।
भभुआ शहर के दतियाव डेयरी फार्म के पास बुधवार को बाइक सवार बदमाशों ने मजदूर ठेकेदार राजू पासवान पर चाकू से हमला कर दिया। बदमाशों ने उन पर चार वार किए और 35 हजार रुपए नकद व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। घायल राजू को सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। भागकर डेयरी फार्म पहुंचे, फिर भी बदमाशों ने पकड़ा राजू पासवान भभुआ थाना क्षेत्र के कबार गांव के रहने वाले हैं। वे सिपाही पासवान के 37 वर्षीय बेटे हैं और मजदूरों की ठेकेदारी करते हैं। बुधवार को वह काम के सिलसिले में घर से निकले थे। राजू के मुताबिक, दतियाव के पास बाइक सवार बदमाशों ने उन्हें घेर लिया। उनसे बचने के लिए वह भागकर डेयरी फार्म के पास पहुंचे, लेकिन बदमाशों ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। इसके बाद चाकू से चार वार किए। 35 हजार रुपए और मोबाइल लेकर भागे बदमाश राजू ने बताया कि हमला करने के बाद बदमाश 35 हजार रुपए नकद और उनका मोबाइल फोन छीनकर ले गए। जाते समय उन्होंने जान से मारने की धमकी भी दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस टीम सदर अस्पताल पहुंची और घायल राजू का बयान दर्ज किया। बदमाशों की तलाश में छापेमारी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक, मामले की जांच की जा रही है। बदमाशों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी शुरू की गई है।
मुंगेर-जनरल स्टोर से स्मैक और गांजा पकड़ा, 2 अरेस्ट:11 हजार रुपये, दो मोबाइल और पीतल का पाइप भी जब्त
मुंगेर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के सीताकुंड मंदिर के पास स्थित जुनैद जनरल स्टोर में पुलिस ने छापेमारी कर 70 ग्राम स्मैक जैसा पदार्थ और 150 ग्राम गांजा बरामद किया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपितों को गिरफ्तार किया। उनके पास से 11 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक पीतल का पाइप भी जब्त किया गया है। गुप्त सूचना पर गठित की गई विशेष टीम सदर एसडीपीओ अभिषेक आनंद ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि सीताकुंड मंदिर के पास स्थित जनरल स्टोर में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री की जा रही है। इसके बाद एसपी सैयद इमरान मसूद के निर्देश पर एसडीपीओ के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम में दंडाधिकारी अंजलि को भी शामिल किया गया। दुकान खुलते ही भागने लगा एक आरोपित एसडीपीओ के अनुसार, पुलिस जब मौके पर पहुंची तो दुकान बंद थी। टीम ने चारों ओर से घेराबंदी कर दरवाजा खुलवाया। इसी दौरान एक व्यक्ति भागने लगा, जिसे पुलिस ने खदेड़कर पकड़ लिया। दुकान के अंदर मौजूद दूसरे व्यक्ति को भी हिरासत में लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस ने 70 ग्राम स्मैक जैसा पदार्थ, 150 ग्राम गांजा, 11 हजार रुपये नकद, दो मोबाइल फोन और एक पीतल का पाइप बरामद किया। हत्या और मारपीट के मामलों में जेल जा चुके हैं आरोपित गिरफ्तार आरोपितों की पहचान बरदह गांव निवासी दुकान मालिक मोहम्मद तनवीर उर्फ मजहर गन्नी उर्फ लंगड़ा और मोहम्मद उज्जैर उर्फ टिंकू के रूप में हुई है। एसडीपीओ ने बताया कि दोनों का आपराधिक इतिहास रहा है। तनवीर पूर्व में हत्या के एक मामले में जेल जा चुका है, जबकि उज्जैर मारपीट के मामले में जेल जा चुका है। सप्लायर तक पहुंचने के लिए जांच जारी पुलिस के मुताबिक, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार आरोपितों ने कुछ अन्य लोगों के नाम बताए हैं। उनकी पहचान और भूमिका की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले से जुड़े सप्लायरों का पता लगाकर गिरफ्तारी की जाएगी। एसडीपीओ ने लोगों से अपील की कि वे अपने इलाके में नशीले पदार्थों की खरीद-बिक्री की जानकारी पुलिस को उपलब्ध कराएं, ताकि ऐसे कारोबार के खिलाफ कार्रवाई की जा सके।
किशनगंज शहर के रुइधासा ओवरब्रिज के पास बुधवार को ट्रेन से गिरकर एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। ट्रेन की चपेट में आने से उसका पैर कट गया। घायल युवक मालदा का रहने वाला है। बताया जा रहा है कि वह ट्रेन से सिलीगुड़ी जा रहा था। घटना की सूचना मिलने पर रेलवे सुरक्षा बल (RPF) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घायल युवक को सदर अस्पताल पहुंचाया। उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे एमजीएम मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। फिलहाल वहां उसका इलाज चल रहा है। मोबाइल छिनतई के दौरान हादसे की आशंका स्थानीय महिला पगली देवी ने बताया कि इस इलाके में कथित तौर पर ट्रेन से सफर करने वाले यात्रियों के मोबाइल छीनने की घटनाएं होती हैं। उनके मुताबिक, कुछ लोग ट्रेन के पास मोबाइल इस्तेमाल कर रहे यात्रियों को निशाना बनाते हैं। इस दौरान हादसे होने का खतरा भी रहता है। महिला ने दावा किया कि बुधवार को भी तीन से चार लोग कथित तौर पर छिनतई कर रहे थे। इसी दौरान युवक ट्रेन से गिर गया और उसकी चपेट में आने से गंभीर रूप से घायल हो गया। हालांकि, छिनतई और हादसे के बीच संबंध की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। RPF कर रही घटना की जांच आरपीएफ इंस्पेक्टर एचके शर्मा ने बताया कि घायल युवक का एमजीएम मेडिकल कॉलेज में इलाज चल रहा है। उन्होंने कहा कि घटना की जांच की जा रही है। युवक की हालत नाजुक बताई गई है।
बेतिया के कालीबाग थाना क्षेत्र के पुरानी गुदरी वार्ड नंबर-9 में किराना दुकान का ताला तोड़कर रुपये चोरी करने के मामले में पुलिस ने दो आरोपितों को गिरफ्तार किया है। इनमें 17 साल का एक किशोर भी शामिल है। पुलिस ने दोनों के पास से चोरी के 1 लाख 29 हजार 70 रुपये और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। मामले में शामिल तीसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है। 25 अक्टूबर की रात दुकान में हुई थी चोरी सदर वन एसडीपीओ अजीत कुमार के अनुसार, 25 अक्टूबर की रात सुमन कुमार वर्णवाल की किराना दुकान में चोरी हुई थी। दुकान उनके अधूरे मकान के निचले हिस्से में संचालित होती है। चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर गल्ले में रखे रुपये निकाल लिए थे। दुकानदार ने इस मामले में 3 लाख 36 हजार रुपये चोरी होने की प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सीसीटीवी फुटेज से तीन आरोपितों की पहचान एसएसपी कुमार गौतम के निर्देश पर पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। जांच के दौरान घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज के आधार पर पुलिस ने एक किशोर समेत तीन लोगों की पहचान की और उनकी गिरफ्तारी के लिए कार्रवाई शुरू की। किशोर से 29 हजार, मनीष से मिले एक लाख रुपये पुलिस ने पहले 17 वर्षीय किशोर को पकड़ा। उसके पास से चोरी के 29 हजार 70 रुपये बरामद हुए। इसके बाद कालीबाग थाना क्षेत्र के वार्ड नंबर-3 निवासी मनीष कुमार को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक लाख रुपये मिले। दोनों के पास से कुल 1 लाख 29 हजार 70 रुपये और दो मोबाइल फोन जब्त किए गए। पहले भी दर्ज है गृहभेदन का मामला एसडीपीओ ने बताया कि गिरफ्तार आरोपितों का पूर्व से आपराधिक इतिहास रहा है। उनके खिलाफ कालीबाग थाना में गृहभेदन से संबंधित प्राथमिकी पहले भी दर्ज है। तीसरे आरोपित की गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है। छापेमारी टीम में एसडीपीओ अजीत कुमार, कालीबाग थानाध्यक्ष प्रदीप कुमार, अपर थानाध्यक्ष सिमरन कुमारी, दारोगा धर्मेंद्र कुमार, जमादार परशुराम कुमार और थाने के रिजर्व गार्ड शामिल थे।
जयपुर में दिल्ली-अजमेर हाईवे पर राहगीरों के साथ मारपीट कर लूटपाट करने वाली गैंग के तीन बदमाशों को हरमाड़ा थाना पुलिस ने बापर्दा गिरफ्तार किया। परिवादी मोहनलाल जांगिड़ (63) निवासी जयरामपुरा जिला सीकर ने 22 अक्टूबर को मामला दर्ज कराया था। इसमें बताया था कि मेरे साथ मारपीट कर मोबाइल फोन और जेब से 7,300 रुपए बदमाशों ने लूट लिए। पुलिस ने आरोपियों से लूटी गई नकदी और दस्तावेज बरामद किए हैं। मोबाइल फोन के संबंध में जांच जारी है। हरमाड़ा थाना प्रभारी नरेंद्र भड़ाना ने बताया- पुलिस ने आरोपी ललित कुमार वर्मा उर्फ टमाटर (20) निवासी रैगर मोहल्ला संजय कॉलोनी गंगापुर सिटी जिला सवाई माधोपुर हाल मुरलीपुरा जयपुर, अंकित कुमार सिंह (22) निवासी नरार जिला मधुबनी बिहार हाल मुरलीपुरा स्कीम जयपुर में किराएदार और गणेश कुमावत उर्फ कान्हा (25) निवासी तिगरिया चौमूं जयपुर हाल मुरलीपुरा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को ज्यूडिशियल कस्टडी में भेज दिया है। स्लिप लेन से गुजर रहे बुजुर्ग को बनाया था निशाना डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- दिल्ली-अजमेर हाईवे पर नंबर-14 पुलिया स्लिप लेन से पीड़ित मोहनलाल अपने भाई के घर जा रहे थे। इसी दौरान दो बदमाश आए और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। विरोध करने और शोर मचाने पर दो-तीन अन्य युवक भी मौके पर पहुंच गए। आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की और जेब से 7,300 रुपए निकाल लिए। बदमाश चाकू दिखाकर जान से मारने की धमकी देते हुए फरार हो गए। CCTV फुटेज से आरोपियों की पहचान मामला दर्ज होने के बाद पुलिस की विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर उन्हें पकड़ा। डीसीपी वेस्ट प्रशांत किरण ने बताया- गिरफ्तार आरोपियों का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। ललित कुमार वर्मा के खिलाफ हरमाड़ा थाने में साल 2024 का एक मामला दर्ज है, जो कोर्ट में विचाराधीन है। अंकित कुमार सिंह के खिलाफ मुरलीपुरा थाने में साल 2024 का चोरी का मामला दर्ज है। वहीं गणेश कुमावत के खिलाफ मुरलीपुरा थाने में आर्म्स एक्ट और आबकारी अधिनियम सहित अन्य मामले दर्ज हैं, जो विचाराधीन हैं।
गुरुग्राम में फाइनेंस कंपनी कार्यालय में चोरी, लॉकर तोड़कर मोबाइल और दस्तावेज ले गए चोर
गुरुग्राम के सिविल लाइंस में एक फाइनेंस कंपनी कार्यालय में तीन चोरों ने सेंध लगाई। उन्होंने लॉकर और दराज तोड़कर मोबाइल फोन, दस्तावेज व अन्य सामान चुरा लिया, जिसकी पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है।
Digital Detox: मोबाइल और सोशल मीडिया से लें थोड़ा ब्रेक, अपनों को चिट्ठी लिखकर बनाएं रिश्तों को खास
Digital Detox Tips 2026: आज के डिजिटल दौर में मोबाइल फोन और सोशल मीडिया हमारी जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुके हैं। सुबह उठने से लेकर रात को सोने तक लोग WhatsApp, Instagram, Facebook और दूसरे डिजिटल प्लेटफॉर्म पर काफी समय बिताते हैं। किसी को जन्मदिन की शुभकामनाएं देनी हों या अपने दिल की बात कहनी हो, अब ज्यादातर लोग एक छोटा सा मैसेज भेजना पसंद करते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि हाथ से लिखी एक चिट्ठी किसी के लिए कितनी खास हो सकती है? डिजिटल दुनिया में जहां लाइक, कमेंट और लगातार स्क्रीन स्क्रॉल करना आम हो गया है, वहीं हाथ से लिखा पत्र रिश्तों में एक अलग तरह का अपनापन जोड़ सकता है। इसी सोच को बढ़ावा देने के लिए डिजिटल डिटॉक्स (Digital Detox) के दौरान लोगों को अपने प्रियजनों के लिए चिट्ठी लिखने की खुशी दोबारा महसूस करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। एक हस्तलिखित पत्र केवल शब्दों का संग्रह नहीं होता, बल्कि उसमें लिखने वाले व्यक्ति का समय, भावनाएं और विचार भी शामिल होते हैं। Digital Detox क्या है और इसकी जरूरत क्यों महसूस हो रही है? डिजिटल डिटॉक्स का मतलब कुछ समय के लिए मोबाइल फोन, सोशल मीडिया और दूसरे डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल को सीमित करना है। इसका उद्देश्य तकनीक को पूरी तरह छोड़ना नहीं, बल्कि उसके इस्तेमाल में संतुलन बनाना है। आज बहुत से लोग काम, पढ़ाई, मनोरंजन और बातचीत के लिए मोबाइल फोन पर निर्भर हैं। लगातार नोटिफिकेशन आने और सोशल मीडिया देखने की आदत के कारण कई बार परिवार और दोस्तों के साथ बिताया जाने वाला समय प्रभावित हो सकता है। ऐसे में डिजिटल डिटॉक्स लोगों को स्क्रीन से थोड़ी दूरी बनाकर वास्तविक जीवन की गतिविधियों पर ध्यान देने का अवसर देता है। किताब पढ़ना, परिवार के साथ बातचीत करना, टहलना या किसी अपने को चिट्ठी लिखना डिजिटल ब्रेक के दौरान अपनाई जा सकने वाली गतिविधियां हैं। हाथ से लिखी चिट्ठी क्यों होती है खास? आज किसी को संदेश भेजने में कुछ ही सेकंड लगते हैं। लेकिन हाथ से पत्र लिखने के लिए व्यक्ति को समय निकालना पड़ता है। उसे सोचना होता है कि वह सामने वाले से क्या कहना चाहता है और अपनी भावनाओं को किस तरह शब्दों में व्यक्त करे। यही प्रयास हस्तलिखित पत्र को खास बनाता है। एक डिजिटल संदेश कई बार दूसरे संदेशों के बीच खो जाता है, लेकिन कागज पर लिखा पत्र लंबे समय तक संभालकर रखा जा सकता है। कई लोग पुराने पत्रों को वर्षों बाद भी पढ़ना पसंद करते हैं, क्योंकि उनसे जुड़ी यादें और भावनाएं उनके लिए महत्वपूर्ण होती हैं। सोशल मीडिया के दौर में बदल गया बातचीत का तरीका पहले परिवार के सदस्यों और दोस्तों के बीच पत्रों के माध्यम से संवाद करना सामान्य बात थी। लोग अपने घर से दूर रहने वाले रिश्तेदारों को चिट्ठियां लिखकर हालचाल पूछते थे। त्योहारों, जन्मदिन और दूसरे खास अवसरों पर शुभकामना पत्र भेजने की भी परंपरा थी। लेकिन मोबाइल फोन और इंटरनेट के विस्तार के बाद बातचीत का तरीका तेजी से बदल गया। अब वीडियो कॉल, वॉयस मैसेज और सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए लोग तुरंत संपर्क कर सकते हैं। इन सुविधाओं ने दूर रहने वाले लोगों के बीच संवाद आसान बनाया है। हालांकि, तेज डिजिटल बातचीत के बीच हाथ से लिखे पत्रों का इस्तेमाल पहले की तुलना में कम दिखाई देता है। अपनों को चिट्ठी लिखने से रिश्तों में कैसे बढ़ सकता है अपनापन? किसी अपने को पत्र लिखना भावनाएं व्यक्त करने का व्यक्तिगत तरीका हो सकता है। जब कोई व्यक्ति अपने माता-पिता, भाई-बहन, दोस्त या जीवनसाथी के लिए समय निकालकर चिट्ठी लिखता है, तो वह अपने विचारों को विस्तार से साझा कर सकता है। कई बार ऐसी बातें, जिन्हें आम बातचीत में कहना मुश्किल लगता है, उन्हें लिखकर व्यक्त करना आसान हो सकता है। पत्र के जरिए किसी पुरानी याद का जिक्र किया जा सकता है, किसी की मदद के लिए धन्यवाद दिया जा सकता है या लंबे समय से मन में मौजूद भावनाओं को साझा किया जा सकता है। हालांकि, रिश्तों की मजबूती केवल पत्र लिखने पर निर्भर नहीं करती। नियमित संवाद, आपसी सम्मान और एक-दूसरे के लिए समय निकालना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। डिजिटल डिटॉक्स के दौरान क्या-क्या कर सकते हैं? डिजिटल डिटॉक्स अपनाने के लिए मोबाइल फोन को पूरी तरह बंद करना जरूरी नहीं है। व्यक्ति अपनी दिनचर्या के अनुसार कुछ समय स्क्रीन से दूर रहने का फैसला कर सकता है। उदाहरण के लिए, शाम को कुछ समय सोशल मीडिया देखने के बजाय परिवार के साथ बातचीत की जा सकती है। इसी तरह सप्ताह में एक दिन कुछ समय निकालकर किसी पुराने दोस्त को पत्र लिखा जा सकता है। डिजिटल ब्रेक के दौरान डायरी लिखना, चित्र बनाना, संगीत सुनना, पौधों की देखभाल करना या कोई रचनात्मक गतिविधि अपनाना भी अच्छा विकल्प हो सकता है। महत्वपूर्ण बात यह है कि डिजिटल उपकरणों के इस्तेमाल और व्यक्तिगत जीवन के बीच संतुलन बनाया जाए। चिट्ठी लिखने की शुरुआत कैसे करें? अगर आपने लंबे समय से किसी को पत्र नहीं लिखा है, तो शुरुआत करना मुश्किल नहीं है। सबसे पहले उस व्यक्ति के बारे में सोचें, जिससे आप कुछ खास कहना चाहते हैं। इसके बाद एक कागज और पेन लेकर अपने विचार लिखना शुरू करें। पत्र की शुरुआत सामने वाले का हालचाल पूछकर की जा सकती है। इसके बाद किसी यादगार घटना, साझा अनुभव या मन की बात का जिक्र करें। जरूरी नहीं है कि पत्र बहुत लंबा या साहित्यिक भाषा में लिखा गया हो। साधारण शब्दों में लिखी गई सच्ची भावनाएं भी सामने वाले के लिए महत्वपूर्ण हो सकती हैं। पत्र पूरा होने के बाद उसे लिफाफे में रखकर डाक से भेजा जा सकता है या व्यक्तिगत रूप से दिया जा सकता है। बच्चों और युवाओं को भी सिखाई जा सकती है पत्र लिखने की आदत आज के बच्चे डिजिटल तकनीक के साथ बड़े हो रहे हैं। उनके लिए मोबाइल मैसेज और ऑनलाइन बातचीत सामान्य बात है। ऐसे में पत्र लेखन जैसी गतिविधियां उन्हें संवाद का एक अलग तरीका समझने में मदद कर सकती हैं। स्कूलों और परिवारों में बच्चों को अपने दादा-दादी, नाना-नानी या दोस्तों के लिए पत्र लिखने के लिए प्रोत्साहित किया जा सकता है। इससे बच्चों को अपने विचार व्यवस्थित तरीके से लिखने और भावनाओं को शब्दों में व्यक्त करने का अभ्यास मिल सकता है। इसके अलावा, हस्तलेखन और भाषा संबंधी कौशल विकसित करने के लिए भी पत्र लेखन एक उपयोगी गतिविधि हो सकती है। डिजिटल दुनिया में पुरानी यादों को फिर से करें ताजा तकनीक ने लोगों को आपस में जोड़ने के कई नए रास्ते दिए हैं। आज दूर बैठे व्यक्ति से तुरंत बातचीत करना संभव है। लेकिन इसके साथ ही पुराने संवाद माध्यमों की अपनी अलग अहमियत बनी हुई है। हाथ से लिखी चिट्ठी किसी खास अवसर पर एक व्यक्तिगत उपहार की तरह हो सकती है। जन्मदिन, शादी की सालगिरह, त्योहार या किसी उपलब्धि के मौके पर लिखा गया पत्र यादगार बन सकता है। इस डिजिटल डिटॉक्स के दौरान अपने किसी प्रिय व्यक्ति को चिट्ठी लिखना एक सरल और अर्थपूर्ण पहल हो सकती है। निष्कर्ष डिजिटल डिटॉक्स का उद्देश्य तकनीक से दूरी बनाना नहीं, बल्कि जीवन में संतुलन लाना है। सोशल मीडिया और इंस्टेंट मैसेजिंग के दौर में हाथ से लिखी चिट्ठी अपने विचारों और भावनाओं को व्यक्त करने का एक खास तरीका हो सकती है। एक पत्र लिखने में लगाया गया समय और उसमें साझा की गई यादें सामने वाले के लिए लंबे समय तक महत्वपूर्ण रह सकती हैं। इसलिए अगली बार किसी अपने को खास महसूस कराना चाहें, तो केवल मैसेज भेजने के बजाय एक खूबसूरत चिट्ठी लिखने पर भी विचार करें। संपादकीय नोट: यह लेख डिजिटल डिटॉक्स और हस्तलिखित पत्रों के महत्व पर आधारित एक जागरूकता एवं लाइफस्टाइल फीचर है।
काठमांडू में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 68 किलो से अधिक चांदी के आभूषणों के साथ एक भारतीय नागरिक को गिरफ्तार किया है। पकड़े गए युवक की पहचान बिहार के रक्सौल निवासी 19 वर्षीय अमन सर्राफ के रूप में हुई है।
ट्रेन में रात 11 बजे के बाद मोबाइल चार्ज नहीं कर पाएंगे यात्री, रेलवे ने फिर सख्त किया नियम
ट्रेन में पावर बैंक फटने की घटना के बाद रेलवे बोर्ड ने रात में मोबाइल चार्जिंग पॉइंट बंद रखने के पुराने नियम का सख्ती से पालन कराने के निर्देश दिए हैं। जानिए यात्रियों के लिए क्या बदलेगा और यह नियम कब से लागू है।
PC: NAVBHARATA LIVE मोबाइल यूज़र्स के लिए एक ज़रूरी अपडेट आया है। अब आपको किसी अनजान नंबर से कॉल आने पर यह जानने के लिए Truecaller जैसे ऐप्स पर निर्भर रहने की ज़रूरत नहीं है कि कौन कॉल कर रहा है। आप आसानी से अपने मोबाइल नंबर से जुड़े व्यक्ति का नाम देख सकते हैं। क्योंकि केंद्र सरकार के डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकम्युनिकेशंस (DoT) ने कॉलर नेम प्रेजेंटेशन (CNAP) सुविधा को लेकर कदम उठाए हैं। इस सुविधा से, कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम सीधे मोबाइल स्क्रीन पर दिखेगा। लेकिन यह दावा कि यह सुविधा 1 नवंबर, 2026 से सभी के लिए ज़रूरी कर दी जाएगी, इसे एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन के ज़रिए वेरिफ़ाई करने की ज़रूरत है। CNAP नियम क्या है? CNAP का मतलब है कॉलर नेम प्रेजेंटेशन। इसमें, जब आपके मोबाइल पर कॉल आएगा, तो कॉल करने वाले व्यक्ति का नाम स्क्रीन पर दिखेगा। यह नाम संबंधित टेलीकॉम कंपनी के पास मौजूद कस्टमर्स की रजिस्ट्रेशन डिटेल्स के आधार पर दिखेगा। इसलिए, अगर फ़ोन नंबर कॉन्टैक्ट लिस्ट में सेव नहीं भी है, तो भी यह आपको यह जानकारी पाने में मदद कर सकता है कि कौन कॉल कर रहा है। क्या आप Truecaller के बिना भी कॉलर का नाम समझ सकते हैं? अभी, कई मोबाइल यूज़र अनजान नंबरों की जानकारी पाने के लिए Truecaller जैसे ऐप का इस्तेमाल करते हैं। लेकिन, CNAP सुविधा टेलीकॉम नेटवर्क के ज़रिए काम करेगी, इसलिए अलग कॉलर ID ऐप पर निर्भरता कम हो सकती है। अगर कॉलर का नाम स्क्रीन पर दिखाई देगा, तो ज़रूरी कॉल की पहचान करना भी आसान हो जाएगा। क्या साइबर फ्रॉड पर रोक लगेगी? किसी अनजान कॉलर की पहचान करने में मदद करने से कुछ तरह के फ्रॉड की पहचान करना आसान हो सकता है। लेकिन, सिर्फ़ नाम दिखने से यह न मान लें कि कॉल सुरक्षित है। फ्रॉड करने वाले दूसरों की पहचान का इस्तेमाल कर सकते हैं। इसलिए, किसी को भी OTP, बैंक डिटेल्स या पर्सनल जानकारी न दें। क्या इंटरनेशनल कॉल की भी पहचान हो जाएगी? इंटरनेशनल कॉल के लिए एक अलग सिग्नल या पहचान दिखाई जा सकती है। CNAP की उपलब्धता और काम करने का तरीका मोबाइल नेटवर्क, डिवाइस और लागू नियमों के आधार पर अलग-अलग हो सकता है। इसलिए, यह ज़रूरी है कि 1 नवंबर से सभी मोबाइल पर यह सुविधा उपलब्ध होगी या नहीं, इस बारे में डिपार्टमेंट ऑफ़ टेलीकॉम की ऑफिशियल घोषणा ज़रूर देखें।
समस्तीपुर के दलसिंहसराय में स्वर्ण कारोबारी राजेश कुमार पोद्दार की गोली मारकर हत्या के मामले में अब तक पुलिस को कोई ठोस सुराग नहीं मिला है। हत्या की वजह भी स्पष्ट नहीं हो सकी है। अब पुलिस को सबसे ज्यादा उम्मीद कारोबारी के मोबाइल फोन से है। जांच के दौरान मोबाइल में कुछ लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड और अन्य अहम जानकारियां मिली हैं। पुलिस इन रिकॉर्ड को खंगालकर यह पता लगाने में जुटी है कि राजेश का किन लोगों से आर्थिक लेनदेन था और घटना से पहले वह किन लोगों के संपर्क में थे। सोमवार रात को गोली मारकर की गई थी राजेश की हत्या राजेश पोद्दार की सोमवार रात गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह काली चौक स्थित अपनी सोना-चांदी की दुकान बंद कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने उन्हें गोली मार दी। घटना के बाद से पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर जांच कर रही हैं। दुकान से 50 किलोमीटर आगे तक CCTV खंगाला पुलिस ने कारोबारी की दुकान से लेकर घटनास्थल और उसके आगे करीब 50 किलोमीटर तक के रास्ते में लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले हैं। फुटेज में कुछ संदिग्ध लोग भी दिखाई दिए हैं। पुलिस इनकी पहचान करने के साथ यह पता लगाने में जुटी है कि इनका राजेश पोद्दार की हत्या से कोई संबंध है या नहीं। पुलिस की टीम घटनास्थल के आसपास के अलावा कारोबारी के आने-जाने वाले रास्तों और उससे जुड़े इलाकों में भी CCTV फुटेज जुटा रही है। तकनीकी जांच के साथ संदिग्ध मोबाइल नंबरों और कारोबारी के संपर्क में रहे लोगों की जानकारी भी जुटाई जा रही है। परिवार से भी नहीं मिल रही खास जानकारी इस हत्याकांड में परिवार की ओर से भी पुलिस को अब तक कोई ऐसी खास जानकारी नहीं दी गई है, जिससे जांच को स्पष्ट दिशा मिल सके। मंगलवार देर शाम तक मामले में प्राथमिकी भी दर्ज नहीं हो पाई थी। ऐसे में पुलिस फिलहाल तकनीकी साक्ष्य, मोबाइल रिकॉर्ड और CCTV फुटेज के आधार पर आगे बढ़ रही है। पगड़ा गांव में बन रहा था भव्य मकान जांच के दौरान पुलिस की नजर राजेश पोद्दार द्वारा पगड़ा गांव में बनवाए जा रहे नए मकान पर भी है। राजेश का मूल घर सरदारगंज में बताया जा रहा है। इसके बावजूद उन्होंने पगड़ा गांव में जमीन लेकर नया और भव्य मकान बनवाना शुरू किया था। बताया जा रहा है कि आगामी नवंबर में इसी मकान में गृह प्रवेश की तैयारी थी। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि मकान के निर्माण को लेकर किसी तरह का विवाद, जमीन से जुड़ा मामला या किसी व्यक्ति से लेनदेन तो नहीं था। हालांकि अभी तक इस एंगल पर कोई स्पष्ट आरोप या ठोस साक्ष्य सामने नहीं आया है। छोटी दुकान, भव्य मकान... कमाई के स्रोत की भी जांच पुलिस इस बात की भी पड़ताल कर रही है कि राजेश पोद्दार की काली चौक के पास छोटी सोना-चांदी की दुकान थी। इसके बावजूद पगड़ा गांव में भव्य मकान का निर्माण कराया जा रहा था। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि मकान के निर्माण में पैसा कहां से आया और क्या इसका कारोबारी की हत्या से कोई संबंध है। हालांकि पुलिस किसी एक एंगल को हत्या का कारण मानकर जांच नहीं कर रही है। मोबाइल में मिले लेनदेन, दुकान, मकान, जमीन और कारोबारी के संपर्क में रहे लोगों समेत कई बिंदुओं पर एक साथ जांच की जा रही है। मोबाइल में मिले लेनदेन के रिकॉर्ड से उम्मीद एसपी अरविंद प्रताप सिंह ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने कारोबारी का मोबाइल फोन और घटनास्थल से मिले अन्य साक्ष्यों को जब्त किया था। मोबाइल की जांच में कुछ लेनदेन से संबंधित जानकारी और अन्य साक्ष्य मिले हैं। इन सभी बिंदुओं के आधार पर पुलिस टीम अनुसंधान कर रही है। एसपी ने बताया कि मामले की जांच के लिए समस्तीपुर के नए ग्रामीण एसपी भी क्षेत्र में कैंप कर रहे हैं। पुलिस जल्द ही हत्याकांड का खुलासा करने के प्रयास में जुटी है। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि राजेश पोद्दार की हत्या के पीछे वजह क्या थी—कारोबारी से जुड़ा कोई पुराना विवाद, आर्थिक लेनदेन, जमीन-मकान का मामला या फिर कोई अन्य कारण। पुलिस की जांच इन सभी सवालों के जवाब तलाश रही है।
रैगिंग में मेडिकल कॉलेज के 17 छात्र निलंबित, जूनियरों से मोबाइल नंबर मांगना भी दंडनीय अपराध
जालौन में रैगिंग में मेडिकल कॉलेज के 17 छात्र निलंबित किए गए हैं। प्रत्येक पर 25-25 हजार रुपये का जुर्माना लगाया गया है। कहा गया कि अब जूनियरों से मोबाइल नंबर मांगना भी दंडनीय अपराध है।
IIT मद्रास के छात्र का कमाल, बनाया Apps की गलती ठीक करने वाला AI, जीते 9.5 लाख रुपये
दीपांकर को यह पुरस्कार शिपगार्ड (ShipGuard) नाम का AI आधारित सिस्टम बनाने के लिए मिला है। बता दें कि यह सिस्टम iOS ऐप में मौजूद टेक्निकल गड़बियों की पहचान करने और उन्हें ठीक करने में मदद करता है।
एपल के पहले फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ की स्क्रीन में परेशानी आ रही है। फोन की अंदर की स्क्रीन के टूटने और क्रैक होने की शिकायतें आ रही हैं। एपल ने भी यह बात मानी है। इस फोन्स की कीमत 3 लाख से 4.5 लाख रुपए के बीच है। आईफोन डुओ में यह डैमेज ज्यादातर उसी जगह पर हो रहा है, जहां से फोन बीच में मुड़ता है (सेंट्रल हिंज)। अधिकतर यूजर्स का कहना है कि फोन को पहली बार खोलने और इस्तेमाल करने के कुछ ही समय बाद स्क्रीन अपने आप खराब हो गई। एपल ने सोमवार को इस बारे में कहा कि हमें आईफोन डुओ की कुछ यूनिट्स की इनर डिस्प्ले में आ रही समस्या की जानकारी है। यह खराबी कुछ ही फोन्स में आई है। कंपनी इन्हें रिप्लेस करके यूजर को नया फोन देगी। यूजर कैसे पा सकते हैं फ्री रिप्लेसमेंट? कंपनी ने ग्राहकों को सलाह दी है कि यदि वे अपने आईफोन डुओ की स्क्रीन में कोई समस्या देखते हैं, तो वे तुरंत रिप्लेसमेंट के लिए AppleCare से संपर्क करें। एपल ने 9 सितंबर को अपना पहला फोल्डेबल फोन आईफोन डुओ लॉन्च किया था। सबसे बड़ा डिस्प्ले, सबसे महंगा आईफोन आईफोन डुओ में 5.4-इंच का कवर डिस्प्ले और अंदर 7.6-इंच की मेन स्क्रीन है, जो अब तक के किसी भी आईफोन का सबसे बड़ा डिस्प्ले है। डुओ एपल का अब तक का सबसे महंगा आईफोन है। इसकी शुरुआती कीमत करीब 3 लाख रुपए है, जबकि टॉप मॉडल की कीमत 4.50 लाख रुपए तक जाती है। --------------------------------------------------------- टेक-ऑटो से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… मस्क के ग्रोक ने बनाई 7-मिनट की AI फिल्म: ग्रीक की प्राचीन कहानी होमर्स ओडिसी पर बेस्ड है मूवी इलॉन मस्क के AI प्लेटफॉर्म 'ग्रोक' ने फिल्म मेकिंग में एंट्री कर ली है। मस्क ने कुछ समय पहले दावा किया था कि वे साल के अंत तक एक फुल-लेंथ AI फिल्म बनाएंगे। उस वादे के तीन महीने बाद 'ग्रोक इमेजिन' के X हैंडल से 7 मिनट का एक वीडियो शेयर किया है। पूरी खबर पढ़ें…
भारत में कमजोर पड़ी चीनी मोबाइल कंपनियों की बादशाहत, इन देसी ब्रैंड्स की ‘बल्ले-बल्ले’
भारत में चीनी स्मार्टफोन ब्रैंड्स की मार्केट में हिस्सेदारी घटकर 67-68 प्रतिशत रह गई है। मेमोरी चिप्स की बढ़ती कीमतों के बीच Lava और Ai+ जैसे भारतीय ब्रैंड्स की हिस्सेदारी बढ़ी है।
पटना के पत्रकार नगर में मां कम्युनिकेशन दुकान से 40-45 लाख के मोबाइल चोरी, जांच में जुटी पुलिस
26 अक्टूबर, सोमवार: पटना के पत्रकार नगर थाना क्षेत्र के संजय गांधी नगर स्थित मां कम्युनिकेशन मोबाइल शॉप में चोरी हुई। दुकान मालिक राजीव राज के अनुसार, चोर करीब 40 से 45 लाख रुपये के मोबाइल फोन लेकर फरार हो गए।
जानना जरूरी: टॉयलेट में मोबाइल चलाना सेहत पर कितना असर डालता है?
Is Using Your Phone on the Toilet Bad for Your Health: आज के समय में ज्यादातर लोग टॉयलेट में मोबाइल ले जाना पसंद करते हैं। ये आपकी सेहत पर कितना और कैसे असर डालता है, आइए जानते हैं....
सास बोली- दिनभर मोबाइल में क्या करती हो? बहू का जवाब सुनकर हंस पड़ेंगे आप, पढ़ें जोक्स
आपका दिन खुशनुमा बिताने के लिए हम आपके लिए सास-बहू की नोक-झोंक से जुड़े मजेदार चुटकुले लेकर आए हैं। इन्हें पढ़कर आप पेट पकड़कर हंसने लगेंगे और कहेंगे वाह।
Android फोन में Apps का Camera और Microphone एक्सेस ऐसे करें चेक और बंद
हम सभी स्मार्टफोन को कॉल-मैसेज के अलावा फोटो खींचने, वीडियो कॉल करने, सोशल मीडिया चलाने और ऑनलाइन मीटिंग जैसे कामों के लिए इस्तेमाल किया जाता है। हालांकि आप नहीं जानते होंगे कि एंड्रॉयड फोन में यह भी चेक किया जा सकता है कि कौन-सा एप कैमरे या माइक का इस्तेमाल कर रहा है? फोन में मौजूद कई प्राइवेसी फीचर्स की मदद से आप एप्स की एक्टिविटी पर नजर रख सकते हैं। जब आपको जरुरत पड़े तो उनकी परमिशन बंद भी कर सकते हैं। इससे आपको यह तय करने में मदद मिलती है कि किस एप को कैमरे और माइक्रोफोन का एक्सेस देना है। कैमरा या माइक इस्तेमाल होने पर दिखता है हरा इंडिकेटर - आमतौर पर एंड्रॉयड 12 और इसके बाद के वर्जन में जब कोई एप कैमरा या माइक्रोफोन इस्तेमाल कर सकते हैं, ऐसा करने पर स्क्रीन के ऊपरी दाएं कोने में हरे रंग का इंडिकेटर नजर आता है। यह संकेत देता है कि कैमरा या माइक एक्टिव रहता है। - यदि आपको इंडिकेटर नजर आए तो आप जानना होगा कि कौन-सा एप इसका इस्तेमाल कर रहा है, तो स्क्रीन पर ऊपर से नीचे की तरफ स्वाइप करें। फिर इंडिकेटर पर टैप करें। यहां आपको कैमरा या माइक्रोफोन इस्तेमाल करने वाले एप या सर्विस की जानकारी दी जाएगी। - यदि आपको कैमरा या माइक्रोफोन इस्तेमाल करने वाले एप सर्विस की जानकारी मिल सकती है। - यदि आपको किसी एप को कैमरा या माइक इस्तेमाल करने की जरुरत नहीं है, तो उसकी परमिशन को जरुर चेक करें और जरुरत के हिसाब से उसे बंद कर दें। क्विक सेटिंग्स से बंद करें कैमरा और माइक्रोफोन एक्सेस - इसके लिए फोन की स्क्रीन पर ऊपर से दो बार नीचे की तरफ स्वाइप करें। - क्विक सेटिंग्स में कैमरा एक्सेस या माइक्रोफोन एक्सेस का ऑप्शन खोजें। - अब संबंधित टाइल पर टैप करके कैमरा या माइक का एक्सेस बंद कर दें। - यदि आपको क्विक सेटिंग्स में ये विकल्प दिखाई नहीं देते, तो एडिट या एड पर टैप करके संबंधित टाइल जोड़ने की कोशिश करें। - वैसे इन विकल्पों का नाम और उपलब्धता फोन के मॉडल, एंड्रॉयड वर्जन और कंपनी के इंटरफेस के अनुसार अलग हो सकती है। सेटिंग्स में जाकर एप की परमिशन ऐसे बदलें - खासतौर पर आप किसी एप को कैमरा या माइक्रोफोन इस्तेमाल करने से रोकना चाहते हैं, तो उसकी परमिशन सीधे सेटिंग्स में जाकर बदल सकते हैं। इसके लिए फोन की सेटिंग्स ओपन करें और एप्स में जाएं। अब आप एप को चुनें जिसकी परमिशन जांचनी है। फिर परमिशंस पर टैप करके कैमरा और माइक्रोफोन को ऑप्शन चेक करें। - यदि एप को कैमरे या माइक की जरुरत नहीं, तो आप ऐसे में उसकी परमिशन डॉन्ट अलाउ पर सेट कर सकते हैं। - कैमरा या माइक्रोफोन की परमिशन बंद करने पर एप के कुछ फीचर्स काम करना बंद कर सकते हैं। प्राइवेसी डैशबोर्ड से जानें किस एप ने कब किया कैमरा-माइक इस्तेमाल - सबसे पहले फोन की सेटिंग्स में जाएं। - अब प्राइवेसी या सिक्योरिटी एंड प्राइवेसी सेक्शन में जाएं। - प्राइवेसी डैशबोर्ड का ऑप्शन ओपन करें। - कैमरा या माइक्रोफोन पर टैप करें। - मौजूद रिकॉर्ज में चेक करें कि किन एप्स ने इनका इस्तेमाल किया और कब किया है। - एंड्रॉयड 12 और इसके बाद के वर्जन में प्राइवेसी डैशबोर्ड आम तौर पर पिछले 24 घंटों की एक्टिविटी दिखाता है। लेकिन रिकॉर्ड की अवधि और मेन्यू का नाम फोन के वर्जन के हिसाब से अलग हो सकता है। - किसी एप का कैमरा या माइक इस्तेमाल करना आपको अनावश्यक लगता है, तो परमिशन पर दोबारा विचार कर सकते हैं। अनजान एप्स को फोन से हटाना भी है जरूरी - यदि आपके फोन में कोई ऐसा एप है जिसका आप यूज नहीं कर रहे हैं और आपको जानकारी नहीं है, तो उसकी परमिशन जरुर चेक करें। जरुरत न होने पर सेटिंग्स में एप्स खोलकर उस एप को चुनें और अनइंस्टॉल पर टैप करें। - लेकिन आप फोन की जरुरी सिस्टम एप्स को बिना किसी जानकारी के हटाने से बचें। कुछ सिस्टम एप डिवाइस के सही संचालन के लिए जरुरी होते हैं। - वहीं, आप फोन की सेटिंग्स में प्राइवेसी या सिक्योरिटी एंड प्राइवेसी सेक्शन में उपलब्ध सुरक्षा विकल्पों की समीक्षा जरुर करें। कुछ डिवाइस में एप एक्सेस और सुरक्षा जांच से संबंधित अतिरिक्त फीचर देखने को मिल जाएंगे। इनके नाम और काम फोन की कंपनी तथा एंड्रॉयड वर्जन के आधार पर अलग हो सकते हैं।
दूल्हा मुंबई में, दुल्हन मोबाइल टावर पर! ऑनलाइन शादी के बाद उतरी प्रेमिका
उत्तर प्रदेश के बहराइच में निकाह की मांग को लेकर एक महिला करीब 100 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई. उसका प्रेमी नूरुद्दीन मुंबई में काम करता है, जबकि दोनों के परिवार शादी के लिए तैयार नहीं थे. पुलिस की मध्यस्थता के बाद परिवार राजी हुए और काजी की मौजूदगी में ऑनलाइन निकाह कराया गया. इसके बाद महिला को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारा गया.
मोबाइल नेटवर्क की खराब क्वालिटी, स्लो इंटरनेट या महंगे रिचार्ज से परेशान हैं, तो बिना मोबाइल नंबर बदलें टेलीकॉम कंपनी बदलना एक अच्छा ऑप्शन है। यहां जानें SIM पोर्ट करने का आसान फास्ट तरीका और इससे जुड़े उन सवालों के जवाब, जो नेटवर्क बदलने से पहले आपके काम आएंगे।
आधार कार्ड की फिजिकल कॉपी पास नहीं है तो परेशान होने की जरूरत नहीं। myAadhaar Portal से आप घर बैठे अपना e-Aadhaar कार्ड PDF में मुफ्त डाउनलोड कर सकते हैं। जानें e-Aadhaar डाउनलोड करने का पूरा तरीका, PDF ओपन करने का फॉर्मूला:
DL धारकों के लिए बड़ी खबर! ड्राइविंग लाइसेंस में पता और मोबाइल नंबर बदलने की फीस हो सकती है माफ
ड्राइविंग लाइसेंस धारकों के लिए बड़ी राहत की खबर है। केंद्र सरकार ने ड्राइविंग लाइसेंस से जुड़े नियमों में बदलाव का प्रस्ताव दिया है। इसके तहत Sarathi Portal के जरिए लाइसेंस में घर का पता, मोबाइल नंबर और ईमेल जैसी जानकारी अपडेट करने पर फीस नहीं देनी पड़ सकती है।
आंखों की सेहत: मोबाइल चलाते ही आंखों में होती है जलन? जानें इसके पीछे की 5 बड़ी वजहें
eye strain symptoms: आंखों में जलन, लालिमा, खुजली या सुबह भारीपन महसूस होता है? जानें ड्राई आई, एलर्जी और संक्रमण के संभावित कारण, आंखों की देखभाल के उपाय और डॉक्टर से कब संपर्क करें।
SBI Data Leak: स्टेट बैंक ऑफ इंडिया के 3,897 ग्राहक रिकॉर्ड डार्क वेब पर लीक होने की आशंका है। इनमें नाम, मोबाइल नंबर, जन्मतिथि, ईमेल आईडी, घर के पते और लोन से जुड़ी जानकारी शामिल बताई गई है।
योग टिप्स: मोबाइल से ब्रेक लेने का सबसे आसान तरीका? ट्राई करें ये 10 मिनट का योग रूटीन
10 Minute Digital Detox: 10 मिनट का डिजिटल डिटॉक्स योग रूटीन अपनाएं। जानें आसान योगासन, ब्रीदिंग एक्सरसाइज और स्क्रीन टाइम से ब्रेक लेने के तरीके।
आंख खुलते ही मोबाइल स्क्रॉल करने की आदत कहीं बढ़ा तो नहीं रही आपका स्ट्रेस
सुबह की पहली किरण के साथ जब हमारी आंखें खुलती हैं, तो हमारा दिन कैसा बीतेगा, यह इस बात पर निर्भर करता है कि हम अपने दिन की शुरुआत किस तरह करते हैं। लेकिन आज के डिजिटल और आधुनिक युग में 90 प्रतिशत से ज्यादा लोगों की सुबह की शुरुआत भगवान के दर्शन या ताजी हवा से नहीं, बल्कि बिस्तर पर लेटे-लेटे अपने स्मार्टफोन की स्क्रीन पर उंगलियां फेरने से होती है। आंख खुलते ही व्हाट्सएप मैसेज, सोशल मीडिया नोटिफिकेशन्स, ईमेल और सुबह-सुबह की दुनिया भर की डरावनी या तनावपूर्ण खबरें पढ़ना आज के समय में एक आम बात बन चुकी है। हमें लगता है कि यह सिर्फ एक मामूली सी आदत है, जो समय बिताने का जरिया मात्र है। लेकिन न्यूरोसाइंस, कार्डियोलॉजी और मेडिकल रिसर्च के हवाले से जो खुलासे सामने आए हैं, वे बेहद डरावने हैं। सुबह उठते ही मोबाइल स्क्रॉल करने की यह आदत आपके मानसिक तनाव को कई गुना बढ़ा रही है और इसका सीधा एवं खतरनाक कनेक्शन आपके दिल (Heart Health) से जुड़ा हुआ है। आइए एक हेल्थ और लाइफस्टाइल रिपोर्टर की नजर से गहराई से समझते हैं कि यह डिजिटल लत हमारे शरीर और दिल को अंदर से कैसे खोखला कर रही है।सुबह की शांत शुरुआत को कैसे एक पल में तबाह कर देता है स्मार्टफोन का नोटिफिकेशनमानव शरीर की जैविक घड़ी (Circadian Rhythm) और मस्तिष्क का तंत्रिका तंत्र इस तरह से डिजाइन किया गया है कि नींद से जागने के बाद का शुरुआती समय सबसे शांत, स्थिर और रिलैक्सड होता है। रात भर सोने के बाद जब हम सुबह उठते हैं, तो हमारा दिमाग 'थीटा' (Theta) या 'अल्फा' (Alpha) ब्रेन वेव स्टेट में होता है, जो ध्यान और शांति की स्थिति मानी जाती है। लेकिन जैसे ही आंख खुलते ही आप अपना फोन उठाते हैं और सोशल मीडिया की फीड या दुनिया भर की नकारात्मक खबरें देखना शुरू करते हैं, आपका मस्तिष्क तुरंत 'बीटा' (Beta) स्टेट में चला जाता है, जो उच्च सतर्कता, तनाव और एंग्जाइटी का संकेत है। बिस्तर पर लेटे-लेटे अचानक से काम के ईमेल, दुनिया भर की दुर्घटनाएं या सोशल मीडिया की वर्चुअल दुनिया के दबाव को झेलकर आपका दिमाग एक झटके में फाइट-या-फ्लाइट (Fight-or-Flight) मोड में आ जाता है। सोचिए, जिस दिन की शुरुआत ही आपने तनाव और घबराहट के साथ की हो, वह पूरा दिन आपके मानसिक स्वास्थ्य के लिए कितना घातक साबित हो सकता है।कॉर्टिसोल और एड्रेनालाईन का हाई स्पाइक: शरीर में मच जाता है हॉर्मोनल भूचालजब आप सुबह उठते ही फोन पर तनावपूर्ण या उत्तेजक खबरें या सोशल मीडिया की तुलनात्मक तस्वीरें देखते हैं, तो आपका शरीर तुरंत 'कर्टिसोल' (Cortisol) और 'एड्रेनालाईन' (Adrenaline) जैसे स्ट्रेस हॉर्मोन्स का भारी मात्रा में स्राव करने लगता है। ये वही हॉर्मोन्स हैं जो इंसान को किसी संकट या खतरे के समय भागने या लड़ने के लिए ऊर्जा देते हैं। लेकिन जब आप हर रोज सुबह उठते ही अपनी मर्जी से अपने शरीर को इस हॉर्मोनल फ्लड में झोंक देते हैं, तो आपका नर्वस सिस्टम लगातार ओवरड्राइव मोड में रहने लगता है। लंबे समय तक शरीर में कॉर्टिसोल का स्तर ऊंचा बने रहने से हाई ब्लड प्रेशर, क्रोनिक फटीग (थकान), सिरदर्द, मूड स्विंग्स और गंभीर मानसिक अवसाद (Depression) की शिकायतें पैदा होने लगती हैं। यह हॉर्मोनल असंतुलन आपके पूरे शारीरिक और मानसिक संतुलन को पूरी तरह बिगाड़ कर रख देता है।दिल की सेहत के साथ सीधा कनेक्शन: क्यों बढ़ रहा है कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा?अब सबसे महत्वपूर्ण और चौंकाने वाले पहलू पर आते हैं, जिसका संबंध आपके दिल से है। मेडिकल साइंस यह साबित कर चुका है कि मानसिक तनाव (Mental Stress) और कार्डियोवैस्कुलर हेल्थ के बीच गहरा और सीधा नाता है। जब आप सुबह उठते ही डिजिटल स्ट्रेस के शिकार होते हैं, तो आपकी दिल की धड़कन (Heart Rate) अचानक तेज हो जाती है और ब्लड प्रेशर (Blood Pressure) का ग्राफ ऊपर की तरफ भागने लगता है। लगातार सुबह के वक्त इस तरह का अचानक स्ट्रेस मिलने से आपकी रक्त धमनियां (Blood Vessels) सिकुड़ने लगती हैं और उन पर दबाव बढ़ जाता है। जो लोग रोजाना इस रूटीन के आदि हो चुके हैं, उनकी धमनियों में सूजन और पट्टिका जमने का खतरा कई गुना बढ़ जाता है, जिससे आगे चलकर हाई ब्लड प्रेशर, दिल की धड़कन अनियमित होना (Arrhythmia) और कम उम्र में हार्ट अटैक या कार्डियक अरेस्ट का खतरा मंडराने लगता है। आपका दिल जो रात भर आराम करके सुबह संभल रहा होता है, उसे आप हर रोज सुबह की शुरुआत में ही तनाव की भट्टी में झोंक देते हैं।स्क्रीन टाइम और नीरस जीवनशैली: मानसिक शांति और फोकस की हो रही है बलिसुबह का समय आत्म-चिंतन, व्यायाम, मेडिटेशन या अपनों के साथ शांति से चाय की चुस्की लेने के लिए सबसे बेहतरीन माना जाता है। लेकिन मोबाइल फोन की लत ने इंसानों से उनका वह कीमती सुकून छीन लिया है। सुबह उठते ही सोशल मीडिया के अंतहीन कुएं (Infinite Scroll) में फंस जाने से आपका ध्यान और फोकस बुरी तरह विचलित हो जाता है। आप दिन भर के जरूरी कामों में मन नहीं लगा पाते क्योंकि आपका डोपामाइन (Dopamine) लेवल सुबह-सुबह ही उन वर्चुअल लाइक्स और नोटिफिकेशन्स के जरिए क्रैश हो चुका होता है। इसके कारण आपकी कार्यक्षमता घट जाती है, चिड़चिड़ापन बढ़ता है और आप हर समय एक अजीब सी मानसिक बेचैनी महसूस करते हैं। यह डिजिटल व्यसन आपकी रचनात्मकता और मानसिक शांति का सबसे बड़ा दुश्मन बन चुका है।इस खतरनाक आदत से छुटकारा पाने के लिए आज ही अपनाएं ये आसान और असरदार बदलावयदि आप भी उन करोड़ों लोगों में शामिल हैं जिनकी सुबह मोबाइल की स्क्रीन देखने से होती है, तो अब संभलने का समय आ चुका है। अपनी इस आदत को बदलने के लिए आपको कुछ कड़े और छोटे कदम उठाने होंगे। सबसे पहले, अपने बेडरूम से रात के समय स्मार्टफोन को दूर रखना शुरू करें और अलार्म के लिए एक पारंपरिक घड़ी (Analog Clock) का इस्तेमाल करें। सुबह उठने के बाद कम से कम अपने दिन के शुरुआती 30 से 60 मिनट तक फोन को हाथ न लगाने का सख्त नियम बना लें। इस खाली समय में गहरी सांस लें, हल्की स्ट्रेचिंग करें, प्रकृति के बीच कुछ पल बिताएं या अपने परिवार के साथ मुस्कुराते हुए दिन की शुरुआत करें। यकीन मानिए, जब आप फोन से दूरी बनाकर अपनी सुबह की शुरुआत शांति से करेंगे, तो आपके दिल को राहत मिलेगी, आपका स्ट्रेस लेवल अपने आप कम हो जाएगा और आपका पूरा दिन ऊर्जा, सकारात्मकता और बेहतरीन स्वास्थ्य से भरपूर रहेगा।
दिल्ली: अशोक विहार में 60 साल के बुजुर्ग से मोबाइल छीनने वाला 19 वर्षीय अभय गिरफ्तार, फोन बरामद
15 अक्टूबर, 15:19 IST: दिल्ली के अशोक विहार में 60 वर्षीय बुजुर्ग से मोबाइल स्नैचिंग के मामले में पुलिस ने 19 वर्षीय अभय को गिरफ्तार कर चोरी का फोन बरामद किया।
13 अक्टूबर, मंगलवार, भागलपुर: बिहार के शिवनारायणपुर का बताया जा रहा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने का दावा किया जा रहा है। वीडियो के अनुसार, चलती ट्रेन में कथित मोबाइल चोरी की कोशिश के दौरान एक युवक खिड़की से लटक गया और करीब 100 मीटर तक इसी हालत में रहा। वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
अजमेर: मोबाइल चोरी के विवाद में दिल्ली से आए जायरीन पर चाकू से जानलेवा हमला, आरोपी हिरासत में
अजमेर के गंज थाना क्षेत्र में दिल्ली से जियारत करने आए एक जायरीन पर मोबाइल चोरी के विवाद को लेकर चाकू से हमला कर दिया गया। घायल जायरीन के शोर मचाने पर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार के लिए भेजा और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
काकपोरा: जम्मू-कश्मीर के काकपोरा में सूखी घास से लदे टाटा मोबाइल में लगी भीषण आग
8 अक्टूबर, गुरुवार: काकपोरा में सूखी घास से लदे टाटा मोबाइल में आग लग गई, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज कश्मीर ने visuals जारी किए।
क्या ज्यादा मोबाइल और सोशल मीडिया बिगाड़ रहा है मानसिक सेहत? जानें डिजिटल स्ट्रेस के संकेत
World Mental Health Day: इस लेख में जानें कि ज्यादा मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल मानसिक सेहत को कैसे प्रभावित कर सकता है, डिजिटल स्ट्रेस के कौन-कौन से संकेत नजर आते हैं और इससे बचने के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए।
विश्व दृष्टि दिवस: मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से आंखों पर क्या असर पड़ता है?
World Sight Day: अगर आप उन लोगो में से हैं, जो हमेशा लैपटॉप चलाते हैं और मोबाइल देखते हैं तो इस लेख को आखिर तक अवश्य पढ़ें।
गया जी में रेल यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले दो आरोपी RPF और GRP के हत्थे चढ़े
6 अक्टूबर, मंगलवार: गया जी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के मोबाइल चोरी करने के मामले में RPF और GRP की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने रेल यात्रियों से जुड़े मोबाइल चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ा।
वैशाली के रामपुर जारंग में घायल हालत में मिला ऊंट, डॉक्टर हेमंत कुमार ने मोबाइल टीम के साथ किया इलाज
6 अक्टूबर, मंगलवार: वैशाली के पटेढ़ी बेलसर के रामपुर जारंग गांव में लावारिस हालत में घायल ऊंट मिला। सूचना पर डॉक्टर हेमंत कुमार और मोबाइल टीम के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर ऊंट का इलाज किया।
नरसिंहपुर के गाडरवारा में मोबाइल शॉप का शटर उठाकर चोरी, बोरी में भर ले गए करीब 2 दर्जन फोन
6 अक्टूबर, मंगलवार: नरसिंहपुर के गाडरवारा में प्रकाश मोबाइल शॉप में देर रात अज्ञात चोरों ने शटर उठाकर करीब दो दर्जन महंगे मोबाइल फोन चोरी कर लिए। CCTV में दो संदिग्ध वारदात को अंजाम देते दिखे। पुलिस फुटेज और अन्य साक्ष्यों से जांच कर रही है।
बिना इस्तेमाल वाले ऐप्स पर पैसे देना बंद, Gen z का ये ट्रेंड क्यों हो रहा पॉपुलर?
हर महीने बिना सोचे आपके खाते से कई छोटी-छोटी रकम कट रही हैं? जेन जी अब ऐसे खर्चों पर नजर डाल रही है और गैर-जरूरी मेंबरशिप बंद कर रही है। आखिर क्या है ये नया ‘सब्सक्रिप्शन डिटॉक्स’ ट्रेंड?
जोक्स आपको गुदगुदाने के साथ-साथ घर के रोजमर्रा के किस्सों की याद भी दिलाएंगे। तो चलिए, पढ़ते हैं सास-बहू के कुछ ऐसे ही साफ-सुथरे और मजेदार जोक्स
सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि की मौत की जांच तेज, मोबाइल चैट और CDR खंगाल रही पुलिस
29 सितंबर, मंगलवार: सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने मोबाइल फोन को अनलॉक कराने रीवा भेजा है। चैट और रिकॉर्डिंग के साथ सोनू, विजय और अजित की CDR भी खंगाली जा रही है।
26 सितंबर, शनिवार: पटना में सीएम ने छात्रों को 300 में 280 अंक का लक्ष्य दिया, अभिभावकों से मोबाइल कम कराने और मीटिंग में आने की अपील।
आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड आज लगभग हर महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय काम में इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, सरकारी योजनाओं से लेकर आयकर और डिजिटल केवाईसी (KYC) तक कई सेवाओं में आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि अगर आधार में मोबाइल नंबर, पता या ई-मेल बदल गया है तो क्या हर बार आधार केंद्र जाना जरूरी है? जवाब है—नहीं। 2026 में UIDAI ने नए Aadhaar App के जरिए कई महत्वपूर्ण सेवाओं को मोबाइल से उपलब्ध कराया है। फिलहाल ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि नाम, जन्मतिथि, लिंग और बायोमेट्रिक जैसी सभी जानकारी घर बैठे बदलने की सुविधा नहीं है। इनके लिए परिस्थितियों के अनुसार Aadhaar Enrolment/Update Centre जाना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं # 2026 में आधार में क्या-क्या घर बैठे बदल सकते हैं? एक, मोबाइल नंबर: यह 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। UIDAI के नए Aadhaar App में Mobile Number Update की सुविधा उपलब्ध है। ऐप में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए Aadhaar number holder को ऐप पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करना और आवश्यक authentication पूरा करना होता है। UIDAI के अनुसार नए ऐप में Mobile Number Update और Address Update दोनों सेवाएं उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि आपकी स्थिति और authentication requirements के आधार पर प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए ऐप में दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करें। दो, पता: आधार में पता बदलने की सुविधा लंबे समय से myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है और अब नया Aadhaar App भी Address Update सुविधा देता है। ऑनलाइन Address Update के लिए सामान्यतः: Aadhaar Number, Registered Mobile OTP, नया पता, संबंधित दस्तावेज और Submit की प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI के अनुसार myAadhaar पर ऑनलाइन Address Update के लिए आधार से मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना जरूरी है और मांगे गए पते के प्रमाण (POA) का दस्तावेज अपलोड करना होता है। तीसरा, ई-मेल: ई-मेल अपडेट की सुविधा भी Aadhaar App में उपलब्ध है। खास बात यह है कि UIDAI ने Aadhaar App के जरिए ई-मेल एड्रेस अपडेट का शुल्क 31 दिसंबर 2026 तक माफ किया है। # अब जानिए कि किन चीजों के लिए आधार केंद्र जाना पड़ सकता है? हर Aadhaar detail को मोबाइल से बदलने की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। जैसे: नाम: नाम में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत Aadhaar Enrolment/ Update Centre जाना पड़ सकता है और वैध supporting document देना होता है। जन्मतिथि: Date of Birth में बदलाव के लिए भी दस्तावेजों के साथ निर्धारित अपडेट प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI ने इसके लिए अलग Standard Operating Procedure भी जारी किया है। लिंग: Gender update के लिए भी Aadhaar Centre की assisted update प्रक्रिया उपलब्ध है। फोटो और बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो जैसे biometric updates के लिए Aadhaar Centre जाना पड़ता है। UIDAI के अनुसार biometric update में fingerprint, iris और photograph शामिल हैं। सामान्य परिस्थितियों में biometric update का शुल्क ₹125 है, जबकि निर्धारित आयु-समूहों में Mandatory Biometric Update पर विशेष छूट लागू है। # 2026 में आधार अपडेट का शुल्क कितना है? UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची के अनुसार: सेवा-शुल्क Demographic Update अलग से ₹75, Biometric Update सामान्यतः ₹125, Demographic व Biometric Update एक साथ। Biometric update के नियमों के अनुसार, Aadhaar App से Email Update| 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त। myAadhaar से Document Update14 जून 2027 तक मुफ्त। Aadhaar Centre पर Document Updat ₹75. UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची में demographic update के अंतर्गत नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आदि शामिल किए गए हैं। अलग से demographic update कराने की फीस ₹75 है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों के Mandatory Biometric Update के लिए अलग शुल्क नियम हैं। 7–15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शुल्क-माफी की वर्तमान व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू है। # myAadhaar से पता कैसे बदलें? अगर आप वेबसाइट के माध्यम से पता बदलना चाहते हैं तो प्रक्रिया मोटे तौर पर इस प्रकार है: Step 1: UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर जाएं। Step 2: Aadhaar number से लॉगिन करें। Step 3: Registered mobile पर आए OTP से authentication करें। Step 4: Address Update विकल्प चुनें। Step 5: नया पता सावधानी से दर्ज करें। Step 6: मांगा गया Proof of Address दस्तावेज अपलोड करें। Step 7: जानकारी को Preview में अच्छी तरह जांचें। Step 8: आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। Step 9: Request Submit करें। इसके बाद आपको Update Request Number/ Reference के जरिए स्थिति ट्रैक करने की सुविधा मिल सकती है। UIDAI के अनुसार ऑनलाइन Address Update में अपलोड किए गए दस्तावेजों का verification किया जाता है। # Aadhaar App से अपडेट कैसे करें? नया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। UIDAI के अनुसार ऐप में Aadhaar number डालकर, Terms/Privacy को स्वीकार करके और Face Authentication पूरा करके registration किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं में जाकर संबंधित update विकल्प चुना जा सकता है। Aadhaar App की प्रमुख सुविधाएं: Mobile Number Update, Address Update, Biometric Lock/Unlock, Authentication History, e-Aadhaar Download, Aadhaar Verifiable Credential Sharing, Contact Card Sharing and Update Request Tracking. UIDAI ने बताया है कि ऐप के लिए Android 9.0 या उससे ऊपर तथा iOS 16.0 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक है। # Document Update क्या है? यह समझना बहुत जरूरी है कि Document Update और Demographic Update एक ही चीज नहीं हैं। Document Update में पहचान और पते से संबंधित दस्तावेजों को आधार रिकॉर्ड के समर्थन में जमा किया जाता है। UIDAI ने myAadhaar portal पर Document Update की फीस 14 जून 2027 तक माफ की है। जबकि Aadhaar Centre पर Document Update के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित है। इसलिए जिन लोगों ने लंबे समय से अपने आधार में पहचान या पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें UIDAI की सलाह और अपने रिकॉर्ड के अनुसार Document Update पर भी ध्यान देना चाहिए। # कौन-कौन से दस्तावेज काम आ सकते हैं? पता अपडेट के लिए UIDAI द्वारा स्वीकार किए जाने वाले वैध Proof of Address दस्तावेजों की सूची में विभिन्न सरकारी और अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर UIDAI की जानकारी में पासपोर्ट, राशन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है। कुछ परिस्थितियों में बिजली, पानी या लैंडलाइन टेलीफोन बिल भी निर्धारित शर्तों के तहत स्वीकार किए जा सकते हैं। लेकिन कोई भी दस्तावेज अपलोड करने से पहले UIDAI की वर्तमान Supporting Documents List में उसकी पात्रता जरूर जांचें। # घर बैठे अपडेट करते समय इन गलतियों से बचें:- एक, गलत मोबाइल नंबर न डालें: आधार में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने पर OTP आधारित सेवाओं में परेशानी हो सकती है। दो, पता वही लिखें जो दस्तावेज में है। तीन, Address Update में spelling, house number, locality और PIN code को ध्यान से जांचें। तीन, खराब स्कैन/फोटो अपलोड न करें: दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होना चाहिए। चार, एजेंट से सावधान रहें: आधार अपडेट के नाम पर अनधिकृत व्यक्ति को OTP या Aadhaar PIN जैसी संवेदनशील जानकारी न दें। पांच, OTP किसी से साझा न करें: UIDAI कभी भी फोन पर आपसे OTP बताने के लिए नहीं कहता। # सबसे आसान तरीके से समझिए: 2026 में आधार अपडेट की स्थिति: घर बैठे/मोबाइल से उपलब्ध: मोबाइल नंबर — Aadhaar App, पता — Aadhaar App / myAadhaar, ई-मेल — Aadhaar App और Document Update — myAadhaar. वहीं, केंद्र जाकर कराने वाली प्रमुख सेवाएं: फोटो/बायोमेट्रिक, कई नाम परिवर्तन मामले, जन्मतिथि से जुड़े निर्धारित अपडेट, अन्य ऐसे अपडेट जिनके लिए physical verification/biometric capture जरूरी है। ध्यान रहे कि UIDAI की सेवाओं और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान निर्देश देखना सबसे सुरक्षित तरीका है। वस्तुतः आधार अपडेट अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। 2026 में नया Aadhaar App नागरिकों को मोबाइल नंबर और पता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने की सुविधा दे रहा है। साथ ही ई-मेल अपडेट के लिए 31 दिसंबर 2026 तक शुल्क माफ है और myAadhaar पर Document Update की मुफ्त सुविधा 14 जून 2027 तक जारी है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आधार की हर जानकारी घर बैठे बदली जा सकती है। नाम, जन्मतिथि, लिंग और biometric information जैसे मामलों में अभी भी निर्धारित केंद्र-आधारित प्रक्रिया लागू है। इसलिए “आधार में सब कुछ घर बैठे बदलें” के बजाय सही संदेश है—आधार की कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब घर बैठे अपडेट करें, लेकिन सभी नहीं। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
मंदसौर में एक महीने से लापता बेटे की तलाश में मोबाइल टावर पर चढ़ा पिता, आश्वासन के बाद उतरा
24 सितंबर, गुरुवार: मंदसौर के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा डांगी गांव में एक महीने से लापता 22 वर्षीय सुखदेव की तलाश को लेकर उसके पिता मोबाइल टावर पर चढ़ गए। करीब 2-3 घंटे बाद थाना प्रभारी की समझाइश और आश्वासन के बाद पिता सुरक्षित नीचे उतरे।
कालकाजी मंदिर से सटे आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है।
छोटे शहर के अनोखे आकर्षण और देसी ह्यूमर से दर्शकों का दिल जीतने वाली बहुचर्चित वेब सीरीज 'दुपहिया' (Dupahiya Season 2) अपने दूसरे सीजन के साथ वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। प्राइम वीडियो पर रिलीज हुए इसके धमाकेदार ट्रेलर ने एक बार फिर काल्पनिक गांव 'धड़कपुर' की अनोखी और गोलमटोल दुनिया में हलचल मचा दी है। कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त (Crime-Free) गांव माना जाने वाला धड़कपुर अब एक नई मुसीबत के मुहाने पर खड़ा है। इस बार गांव के पूर्व सरपंच बनवारी झा की बंजर जमीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर पूरे गांव में अफवाहों, अंधविश्वास, और भयंकर अफरा-तफरी का कारण बन जाता है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का ट्रेलर: धड़कपुर में क्या होता है? धड़कपुर कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त गाँव माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। 'दुपहिया' का ट्रेलर बनवारी और उसके परिवार की वापसी दिखाता है, जो एक बार फिर नई मुश्किलों में फँस गए हैं। इस बार, बनवारी की बंजर ज़मीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर अफ़वाहों, अंधविश्वास और अफ़रा-तफ़री का केंद्र बन जाता है। इस बीच, रोशनी अपने SSC एग्ज़ाम की तैयारी में व्यस्त है और अमावस उसके साथ है। एक के बाद एक आती मुश्किलों के बीच, बड़ा सवाल यह है कि क्या धड़कपुर हालात को काबू में रख पाएगा। नया सीज़न छोटे शहर के उस आकर्षण और अनोखे ह्यूमर को बनाए रखने का वादा करता है जिसने पहले सीज़न को लोकप्रिय बनाया था, साथ ही किरदारों को नई स्थितियों में ले जाता है। गजराज राव, रेणुका शहाणे और स्पर्श श्रीवास्तव ने 'दुपहिया' सीज़न 2 के बारे में बात की डायरेक्टर सोनम नायर ने कहा कि पहले सीज़न को मिले रिस्पॉन्स ने इसकी वापसी को और भी खास बना दिया है। उन्होंने कहा, 'दुपहिया' मेरे दिल के बहुत करीब है, और जब से हमने दर्शकों के सामने पहला सीज़न पेश किया है, तब से यह एक रोमांचक सफ़र रहा है। दर्शकों ने पहले सीज़न के लिए जो प्यार दिखाया है और इसके आस-पास जो फ़ैन-बेस बना है, वह बहुत उत्साह बढ़ाने वाला रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि दूसरे सीज़न को भी उतना ही उत्साह मिलेगा। प्राइम वीडियो ने हमेशा क्रिएटर्स और नई, असली और अनोखी कहानियाँ सुनाने के उनके जुनून का समर्थन किया है। इस कास्ट और क्रू के साथ दोबारा काम करना बहुत संतोषजनक रहा है, जिन्होंने इस बार सच में बेहतरीन काम किया है। बनवारी झा का किरदार निभाने वाले गजराज राव ने कहा कि शो की छोटे शहर वाली सेटिंग उन चीज़ों में से एक है जो इसे हर जगह के दर्शकों से जोड़ती है। “'दुपहिया' मेरे पसंदीदा प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है। इस सीरीज़ की खासियत यह है कि भले ही इसकी कहानी एक छोटे से, पारंपरिक गाँव में सेट है, लेकिन इसके किरदार, उनके रिश्ते और उनकी रोज़मर्रा की मुश्किलें हर किसी को अपनी-अपनी सी लगती हैं-चाहे आप किसी छोटे शहर में रहते हों, बड़े मेट्रो शहर में या भारत के बाहर। सीज़न 2 में और भी ज़्यादा उथल-पुथल और सरप्राइज़ देखने को मिलेंगे, और साथ ही वही अपनापन और मज़ा भी होगा जिससे दर्शक पहले सीज़न में जुड़ पाए थे। मुझे बेसब्री से इंतज़ार है कि 1 अक्टूबर को जब 'दुपहिया' का सीज़न 2 प्राइम वीडियो पर रिलीज़ होगा, तो सब लोग धड़कपुर वापस आएँगे,” उन्होंने कहा। पुष्पलता के रोल में वापसी कर रहीं रेणुका शहाणे ने भी सीरीज़ में लौटने के बारे में बात की। “पहले सीज़न का अनुभव बहुत शानदार रहा था, इसलिए पुष्पलता के तौर पर 'दुपहिया' में वापसी का मुझे बेसब्री से इंतज़ार था। इस सीरीज़ की जो बात मुझे पसंद है, वह यह है कि यह आम पलों में भी मज़ा ढूँढ लेती है और साथ ही किरदारों को ज़मीन से जुड़ा और असली बनाए रखती है। सीज़न 2 में नई चुनौतियाँ और दाँव-पेच देखने को मिलेंगे, लेकिन धड़कपुर की असली जान-वहाँ के लोग और उनका अनोखापन- वैसे ही बरकरार है।” भूगोल का रोल निभाने वाले स्पर्श श्रीवास्तव ने कहा कि नए सीज़न में उन्हें अपने किरदार के और भी कई पहलू जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा “भूगोल उन किरदारों से अलग है जो मैंने अब तक निभाए हैं। ऊपर से देखने पर वह सीधा-सादा लग सकता है, लेकिन उसमें उससे कहीं ज़्यादा गहराई है। उसका रोल निभाते हुए मुझे उन छोटी-छोटी बारीकियों और विरोधाभासों को खोजने में मज़ा आता है जो उसे अनप्रेडिक्टेबल बनाते हैं। नए सीज़न ने मुझे उन सीमाओं को और आगे ले जाने का मौका दिया, और यह मेरे करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा है।” 'दुपहिया' सीज़न 2 कब रिलीज़ हो रहा है? सोनम नायर द्वारा निर्देशित, 'दुपहिया' का दूसरा सीज़न वहीं से शुरू होता है जहाँ पहला चैप्टर खत्म हुआ था। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी ने बॉम्बे फिल्म कार्टेल एलएलपी के तहत इस सीरीज़ को बनाया और प्रोड्यूस किया है। अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग ने इस शो को बनाया और लिखा है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का प्रीमियर 1 अक्टूबर, 2026 को प्राइम वीडियो पर होगा। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi
16 सितंबर, बुधवार: शिवपुरी के पिछोर क्षेत्र के गूगरी गांव में शराबबंदी की मांग को लेकर कुछ महिलाएं मोबाइल टॉवर पर चढ़ गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे नीचे उतर आईं।
हिंदी अब सिर्फ किताबों, अखबारों और दफ्तरों की भाषा नहीं रही।
बेगूसराय में राज्यरानी एक्सप्रेस में मोबाइल छिनतई, विरोध पर अधिवक्ता ट्रेन से गिरकर घायल
11 सितंबर, शुक्रवार, बेगूसराय: चकिया थाना क्षेत्र में राजेंद्र पुल के पास राज्यरानी एक्सप्रेस में बदमाश ने अधिवक्ता से मोबाइल झपटने की कोशिश की। विरोध के दौरान हाथापाई में दोनों ट्रेन से गिर गए। बदमाश 16 हजार का मोबाइल लेकर फरार हो गया और अधिवक्ता घायल हो गए।
सिंगरौली में पत्नी के लापता होने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, आश्वासन के बाद सुरक्षित उतरा
10 सितंबर, गुरुवार: सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र में पत्नी के लापता होने से परेशान 28 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई घंटे समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

