ग्वालियर में एक फैक्ट्री कर्मचारी साइबर ठगी का शिकार हो गया। मोबाइल अपडेट होते ही उसके बैंक खाते से करीब दो लाख रुपए निकाल लिए गए। घटना 6 मार्च को महाराजपुरा थाना क्षेत्र के जनकपुरी आदित्यपुरम में हुई थी। पीड़ित ओमनारायण वर्मा मालनपुर स्थित एक कंपनी में कार्यरत हैं। उन्होंने बताया कि उनके मोबाइल पर एक APK फाइल आई थी। जैसे ही उन्होंने उस फाइल को टच किया, उनका मोबाइल अचानक अपडेट होना शुरू हो गया। कुछ समय बाद मोबाइल रीस्टार्ट हुआ और तुरंत बाद उनके फोन पर खाते से पैसे कटने के मैसेज आने लगे। घटना की जानकारी मिलते ही ओमनारायण तुरंत बैंक पहुंचे। वहां उन्हें पता चला कि उनके खाते से ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के जरिए रकम ट्रांसफर की गई है। इसके बाद उन्होंने तुरंत अपना खाता ब्लॉक कराया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। खाते से 2 लाख निकाले शिकायत के आधार पर मामला जीरो पर दर्ज कर महाराजपुरा थाने भेजा गया। पुलिस ने शनिवार को विधिवत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। महाराजपुरा थाना प्रभारी यशवंत गोयल ने बताया कि साइबर ठगों ने एक कर्मचारी के खाते से 2 लाख रुपए की रकम निकाल ली है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
5000 का इनामी अपराधी अरेस्ट:सहरसा पुलिस ने कट्टा, जिंदा कारतूस और मोबाइल के साथ पकड़ा
सहरसा पुलिस को अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता मिली है। पतरघट और बैजनाथपुर थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने 5000 रुपये के इनामी अंतरजिला अपराधी रामू कुमार को गिरफ्तार किया है। उसकी गिरफ्तारी शनिवार को हुई, जिसके पास से एक देशी कट्टा, एक जिंदा कारतूस और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। इस कार्रवाई की जानकारी सदर एसडीपीओ आलोक कुमार और साइबर डीएसपी अजीत कुमार ने संयुक्त प्रेस वार्ता में दी। पुलिस के अनुसार, बैजनाथपुर थानाध्यक्ष को 17 अप्रैल को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना में बताया गया था कि वांछित अपराधी रामू कुमार अपने पैतृक गांव धबौली (पतरघट थाना क्षेत्र) में एक आम के बगीचे में छिपा हुआ है। सूचना मिलते ही पतरघट थाना की टीम ने सशस्त्र बल और तकनीकी शाखा के सहयोग से तत्काल बगीचे की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही आरोपी रामू कुमार ने भागने का प्रयास किया, लेकिन जवानों ने तत्परता दिखाते हुए उसे खदेड़ कर पकड़ लिया। तलाशी के दौरान हथियार और कारतूस बरामद गिरफ्तार आरोपी की पहचान धबौली निवासी 25 वर्षीय रामू कुमार के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान उसके पास से हथियार और कारतूस बरामद किए गए। पुलिस ने बताया कि वह एक शातिर अपराधी है और कई लूटकांडों में शामिल रहा है। रामू कुमार बैजनाथपुर थाना क्षेत्र के पूजा पेट्रोल पंप लूटकांड और मधेपुरा जिले के भर्राही थाना क्षेत्र स्थित सेंट्रल बैंक लूटकांड में मुख्य आरोपी था। इन मामलों में उसकी गिरफ्तारी के लिए 5000 रुपये का इनाम घोषित किया गया था। आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर आगे कार्रवाई उसके खिलाफ बैजनाथपुर थाना कांड संख्या 59/2026 और मधेपुरा के भर्राही थाना कांड संख्या 99/2026 दर्ज हैं, जिनमें भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराएं और आर्म्स एक्ट शामिल हैं। हथियार बरामदगी के आधार पर पतरघट थाना में आर्म्स एक्ट के तहत एक नया मामला (कांड संख्या 80/26) दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस ऑपरेशन में पतरघट और बैजनाथपुर थाना पुलिस के साथ जिला आसूचना इकाई की अहम भूमिका रही। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
कोरबा के बालको थाना क्षेत्र में परसाभाठा चौक स्थित लक्ष्मी फर्नीचर दुकान में चोरी के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने चोरी का सामान भी बरामद किया है। चौंकाने वाली बात यह है कि चोर कोई और नहीं, बल्कि पीड़ित का पड़ोसी मोबाइल दुकान का मालिक निकला। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए उसे न्यायालय में पेश किया। दुकान संचालक राजेश कुमार कश्यप ने 1 अप्रैल 2026 को बालको नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 30 मार्च की रात से 1 अप्रैल की सुबह के बीच अज्ञात चोर ने दुकान की छत की शीट तोड़कर प्रवेश किया और चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोरी हुए समन को पुलिस ने बरामद कर लिया है। चोरी के बाद आरोपी सुबह खुद घटनास्थल पर भी पहुंचा रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस टीम ने अज्ञात आरोपी और चोरी हुए सामान की तलाश शुरू की। 18 अप्रैल 2026 को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर संदेही मुकेश कुमार महिलांगे उर्फ मेडी (27), निवासी परसाभाठा, को हिरासत में लिया गया। गिरफ्तार किया गया आरोपी मुकेश कुमार महिलांगे एक मोबाइल दुकान का मालिक है। उसने शराब के नशे में अपने ही पड़ोस की दुकान में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। चोरी के बाद वह सुबह खुद घटनास्थल पर भी पहुंचा था। जब पुलिस ने जांच शुरू की, तो उससे भी पूछताछ की गई। आरोपी ने चोरी करना कबूला पूछताछ के दौरान आरोपी ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। आरोपी के खिलाफ अपराध क्रमांक 190/2026, धारा 331(4), 305 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया है। उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया है। मामले की आगे की विवेचना जारी है। पुलिस की अपील कोरबा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे अपने घरों और प्रतिष्ठानों की सुरक्षा के प्रति सतर्क रहें। किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके।
दुर्ग में शुक्रवार देर रात हाईवे पर झपटमारी की वारदात सामने आई है। नागपुर के अपने घर लौट रहे थे। इस दौरान वे रास्ते में लघुशंका के लिए रुके थे, तभी तीन बाइक सवार युवकों ने ढाबे का रास्ता पूछने के बहाने उनसे बातचीत की। मौका पाकर आरोपियों ने उनकी शर्ट की ऊपर वाली जेब में रखे दो मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड छीन लिए और उन्हें धक्का देकर मौके से फरार हो गए, जिनकी तलाश में पुलिस जुटी हुई है। मामला पुलगांव थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक प्रशांत पांडे (32) नागपुर के गुलमोहर नगर में मंदिर में पूजारी हैं। 16 अप्रैल की शाम करीब 6 बजे वह अपनी एक्टिवा से नागपुर से अम्लेश्वर के लिए निकले थे। रात करीब 1:30 बजे वह रसमड़ा के पास हाईवे पर स्थित एक होटल के सामने पहुंचे। भिलाई की ओर से पहुंचे थे युवक इस दौरान वे लघुशंका रुके। उन्होंने अपनी गाड़ी सड़क किनारे खड़ी की और मोबाइल शर्ट की जेब में रखकर थोड़ी दूर चले गए, तभी भिलाई की ओर से एक बाइक में तीन युवक वहां पहुंचे, उनमें से दो नीचे उतरे और बात करने लगे। एक युवक ने उनसे ढाबे का रास्ता पूछा, तभी अचानक दूसरे युवक ने उनकी शर्ट की जेब में रखे दोनों मोबाइल और पीएनबी बैंक का एटीएम कार्ड झपट लिया। इसके बाद तीनों ने उन्हें धक्का देकर गिरा दिया और बाइक से फरार हो गए। आरोपियों ने अंधेरे का उठाया फायदा पीड़ित ने बताया कि अंधेरा ज्यादा होने की वजह से वह बाइक का नंबर नहीं देख पाए। आरोपियों में एक युवक दुबला-पतला था और शर्ट पहने हुए था, जबकि दूसरा टी-शर्ट में था। तीसरे युवक का हुलिया वह नहीं देख सका। घटना के बाद वे आगे जाकर बघेरा स्थित पेट्रोल पंप पर रुके और वहां के मैनेजर को पूरी बात बताई। मैनेजर के मोबाइल से उन्होंने अपने भाई को फोन कर जानकारी दी। घर पहुंचकर उसने परिवार वालों को पूरी घटना बताई और सलाह के बाद अगले दिन पुलिस चौकी पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। जांच में जुटी पुलिस, खंगाल रही सीसीटीवी पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान करने की कोशिश की जा रही है।
विजय नगर पुलिस ने मॉल के पास कार में बैठकर IPL मैच पर सट्टा लगाने वाले दो लोगों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से 10 लाख रुपए नगद, 5 मोबाइल और एक कार जब्त की है। पुलिस दोनों से पूछताछ कर रही है। साथ ही मोबाइल के इनके नेटवर्क का पता लगा रही है। शनिवार को पुलिस ने मामले का खुलासा किया। एसीपी पराग सैनी ने बताया कि शुक्रवार को पुलिस को जानकारी मिली थी कि ऑर्बिट मॉल के पास के एक कार में दो लोग बैठे और अवैध गतिविधि संचालित कर रहे है। पुलिस को जैसी ही इनकी जानकारी मिली, पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और दोनों को रंगे हाथ धरदबोचा। मोबाइल चेक किया तो पता चला सट्टा लगा रहे उन्होंने बताया कि जब दोनों के मोबाइल फोन चेक किए गए तो पता चला कि दोनों IPL के मैच में क्रिकेट के सट्टे के दांव लगा रहे थे, इस पर तत्काल उनको मौके से गिरफ्तार किया गया। उनके पास से 10 लाख रुपए नगद, 5 मोबाइल फोन और कार को जब्त किया गया है। पकड़ाए आरोपी आकाश बिंदल निवासी और प्रियांश जैन निवासी नीमच है। दोनों से पूछताछ कर जानकारी निकाली जा रही है। मोबाइल से निकाल रहे जानकारी इधर, बताया जा रहा है कि पुलिस जब्त मोबाइल से इनके नेटवर्क के बारे में जानकारी निकाल रही है। ये बात भी सामने आ रही है कि ये कार में घूमकर सट्टा लगाने के काम कर रहे थे, इस बारे में पुलिस जानकारी निकाल रही है। वहीं जो दस लाख रुपए इनके पास से बरामद किए है, उसकी भी जानकारी जुटा रही है।
फरीदकोट में थाना जैतो पुलिस ने नशा तस्करी में लिप्त कार सवार मां-बेटे को 60 नशीली गोलियों सहित गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों की पहचान टिब्बी साहिब रोड निवासी लखवीर सिंह उर्फ लक्की और उसकी माता जसवीर कौर के रूप में हुई । पुलिस ने इन आरोपियों की स्विफ्ट कार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार एसएसपी डॉ प्रज्ञा जैन के दिशा निर्देश पर डीएसपी इकबाल सिंह संधू और थाना जैतो के एसएचओ इंस्पेक्टर नवप्रीत सिंह की निगरानी में एएसआई हरपाल सिंह ने पुलिस टीम के साथ गश्त और चेकिंग के दौरान दबड़ीखाना लिंक रोड, पुल ड्रेन जैतो पर नाकाबंदी की हुई थी। नशा तस्कर मां-बेटा गिरफ्तार इसी दौरान दबड़ीखाना की ओर से आ रही एक स्विफ्ट कार को शक के आधार पर रोका गया। तलाशी लेने पर कार में सवार मां बेटे से 60 नशीली गोलियां बरामद हुईं। इस संबंध में थाना जैतो में एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। कार जब्त, नशे की गोलियां बरामद इस मामले में डीएसपी इकबाल सिंह संधू ने बताया कि प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इन नशीली गोलियों को आगे सप्लाई करने की फिराक में थे। पुलिस द्वारा आरोपियों के बैकवर्ड और फॉरवर्ड लिंक की गहन जांच की जा रही है। कोर्ट ने रिमांड पर भेजा इसके लिए आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड लिया जा रहा है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि ये नशा कहां से लाते थे और कहां सप्लाई करते थे। जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि आरोपी लखवीर सिंह उर्फ लक्की के खिलाफ पहले भी नशा तस्करी का एक केस दर्ज है।
सलूम्बर में भारत की जनगणना-2027 की प्रशासनिक तैयारियां तेज हो गई हैं। सलूम्बर पंचायत समिति सभागार में जिला स्तरीय फील्ड ट्रेनर्स का तीन दिवसीय प्रथम चरण का प्रशिक्षण सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस प्रशिक्षण में अधिकारियों और कर्मचारियों को जनगणना की नई तकनीक और प्रक्रिया से अवगत कराया गया। पहला चरण पूरी तरह डिजिटल उपजिला जनगणना अधिकारी और आर्थिक सांख्यिकी विभाग के संयुक्त निदेशक शेल सिंह सोलंकी ने बताया कि इस बार जनगणना का पहला चरण पूरी तरह डिजिटल होगा। मकानों की सूचीकरण और गणना मोबाइल ऐप के माध्यम से की जाएगी। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को ऐप इंस्टॉल करने से लेकर उसके उपयोग तक की पूरी प्रक्रिया विस्तार से समझाई गई। प्रशिक्षण में पर्यवेक्षकों सिखाए गणना के तरीके प्रशिक्षण में पर्यवेक्षकों को स्तर पर सीमाओं के निर्धारण, भू-चिन्हों की पहचान और प्रगणकों को आवंटित क्षेत्रों में मकानों की सही गणना के तरीके सिखाए गए। परिवार के मुखिया से पूछे जाने वाले 34 महत्वपूर्ण प्रश्नों की भी जानकारी दी गई, ताकि डेटा संग्रहण में कोई त्रुटि न हो। राजस्थान में जनगणना-2027 का प्रथम चरण 1 मई 2026 से 14 जून 2026 तक संचालित होगा। इस चरण में दो प्रमुख प्रक्रियाएं शामिल हैं: स्व-गणना जो 1 मई से 15 मई 2026 तक चलेगी, और प्रगणकों द्वारा फील्ड कार्य जो 16 मई से 14 जून 2026 तक किया जाएगा। इस बार नागरिकों को ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा भी मिलेगी, जिससे उन्हें बड़ी राहत मिलेगी। वहीं, प्रगणक और सुपरवाइजर तय समयावधि में घर-घर जाकर एकत्र किए गए डेटा का सत्यापन करेंगे।
जबलपुर शहर में इन दिनों एक शातिर ‘फैमिली गैंग’ सक्रिय है, जो पलक झपकते ही घर में घुसकर कीमती सामान लेकर फरार हो रहा है। ताजा मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। यहां एक महिला के घर से मोबाइल चोरी हो गया। पूरी वारदात पास में लगे CCTV कैमरे में कैद हुई है। घटना के बाद पीड़िता थाने पहुंची, लेकिन पुलिस ने चोरी की बजाय गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कर ली। पीड़िता के मुताबिक उसका कमरा दूसरी मंजिल पर है। घटना के समय वह किचन में काम कर रही थी, तभी कोई व्यक्ति घर में घुसा और मोबाइल लेकर फरार हो गया। बाद में जब घर के CCTV फुटेज खंगाले गए, तो उसमें महिला-पुरुष दो बच्चों के साथ संदिग्ध गतिविधि करते नजर आए। चोरी हुआ मोबाइल बेहद अहम बताया जा रहा है, जिसमें जरूरी दस्तावेज और जॉब से जुड़े एप मौजूद थे। महिला-पुरुष और दो बच्चों के साथ घूम रहा गैंग CCTV फुटेज में एक महिला, एक पुरुष और उनके साथ दो बच्चे नजर आ रहे हैं। बताया जा रहा है कि ये चारों 16 अप्रैल की सुबह करीब 10 बजे कोतवाली इलाके में पहुंचे और कई घरों के आसपास घूमते रहे। पुलिस बोली- सूने घरों को बना रहे निशाना एएसपी सूर्यकांत शर्मा ने बताया कि वीडियो के आधार पर जांच की जा रही है। महिला-पुरुष के साथ एक छोटा बच्चा गोद में है, जबकि दूसरा करीब 8 से 10 साल का है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि यह गैंग सूने घरों को निशाना बना रहा है। पुलिस ने CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। जल्द ही खुलासा होगा कि ये लोग कौन है, और कहां-कहां चोरी की वारदात को अंजाम दिया है।
बांसवाड़ा में मोबाइल चार्ज करते युवती को लगा करंट:बेहोश होकर जमीन पर गिरी, हॉस्पिटल में भर्ती
बांसवाड़ा जिले के दानपुर थाना क्षेत्र के खानपुरा गांव में शुक्रवार रात मोबाइल चार्ज करते समय एक युवती करंट की चपेट में आ गई। प्लग बोर्ड में मोबाइल लगाते ही तेज झटका लगा, जिससे वह बेहोश हो गई। परिजन उसे पहले छोटी सरवन हॉस्पिटल ले गए, जहां से गंभीर हालत में जिला मुख्यालय के एमजी हॉस्पिटल रेफर किया गया। रात करीब सवा 12 बजे भर्ती युवती का उपचार जारी है और फिलहाल हालत स्थिर बताई जा रही है। प्लग लगाते ही लगा तेज करंट परिजनों के अनुसार खानपुरा निवासी जया पुत्री शंभूलाल घर पर मोबाइल चार्ज करने के लिए प्लग बोर्ड में लगा रही थी। इसी दौरान तकनीकी खराबी या शॉर्ट सर्किट के कारण तेज करंट उतरा। झटके से वह मौके पर ही अचेत होकर गिर पड़ी। चीख सुनकर पहुंचे परिजन जया की आवाज सुनकर परिजन तुरंत मौके पर पहुंचे। तब तक वह झुलस चुकी थी और बेहोश थी। परिवार ने तुरंत एम्बुलेंस को सूचना दी। हादसे के बाद जया को प्राथमिक उपचार के लिए छोटी सरवन हॉस्पिटल ले जाया गया। हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उसे जिला मुख्यालय के एमजी हॉस्पिटल रेफर कर दिया। देर रात भर्ती, हालत स्थिर शुक्रवार रात करीब सवा 12 बजे युवती को एमजी हॉस्पिटल लाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे वार्ड में शिफ्ट किया गया। डॉक्टरों के अनुसार फिलहाल उसकी हालत स्थिर है और उपचार जारी है।
भिलाई के सुपेला थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुआ खेल रहे 15 लोगों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई शुक्रवार को भिलाई नगर रेलवे स्टेशन के सामने कोसनाला के पास की गई। पकड़े गए आरोपियों में एक आरोपी जुआ के फड़ को संचालित करने वाले का पार्टनर है। इन सभी के पास से कुल 1 लाख 14 हजार रुपए कैश मिले। इसके अलावा 15 मोबाइल और 5 दोपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत करीब 4.5 लाख रुपए बताई जा रही है। लंबे समय से संचालित हो रहा था जुआ बताया जा रहा है कि, यह जुए का फड़ लंबे समय से संचालित हो रहा था। पुलिस ने सूचना मिलते ही रेड मारकर कार्रवाई की। पकड़े गए आरोपियों में विक्की साहनी (34) निवासी मल्हा पारा सुपेला, विनय (36) निवासी सेक्टर 7 भिलाई, हिमांचल दास (56) निवासी आदर्श नगर दुर्ग। शैलेन्द्र यादव (30) निवासी गया नगर दुर्ग, हेमलाल ढीमर (26) निवासी रूआबांधा भिलाई, सतीश गुर्दे (48) निवासी कोसा नगर सुपेला, विज्जू जैन (50) निवासी अहिवारा, किशन साहू (46) निवासी बजरंग नगर रायपुर शामिल है। इसके अलावा सोनू कुमार साव (21) निवासी राम नगर सुपेला, जशवंत साहू (26) निवासी खोरपा अभनपुर, लक्की साहू (28) निवासी बेदरी थाना राखी, जुलेश लाल (44) निवासी शंकर नगर दुर्ग, हीरा सिंह (30) निवासी सुपेला, मोहम्मद अरशद अंसारी (27) निवासी कैंप 2 छावनी और दिनेश साव (41) निवासी कांट्रेक्टर कॉलोनी सुपेला को भी गिरफ्तार किया गया है। जुआ खेलने वालों पर आगे भी होगी कार्रवाई पुलिस ने पकड़े गए सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया है। पुलिस का कहना है कि जुआ खेलने वालों के खिलाफ आगे भी इसी तरह सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। इस कार्रवाई के बाद पुलिस अब जिले भर में संचालित हो रहे जुए के फड़ की जांच में जुट गई है। पुलिस लगातार इसकी खोजबीन कर रही है।
जालंधर के शामा चिकन कॉर्नर पर एक मोबाइल चार्जर को लेकर शुरू हुआ मामूली विवाद हिंसक रूप में बदल गया। दुकान पर एक ग्राहक अपना चार्जर भूल गया था, जिसे लेकर भारी संख्या में आए युवकों ने दुकान संचालक और कर्मचारियों के साथ मारपीट की। आरोप है कि हमलावरों ने दुकानदारों पर पिस्तौल तानकर जान से मारने की धमकी दी और तोड़फोड़ की। इस दौरान बिरयानी जमीन पर गिर गई। सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर-4 की पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दुकानदारों की मदद से एक आरोपी को पकड़ लिया। दुकानदार फैजान के अनुसार, वीरवार को दुकान पर आए कुछ युवकों का चार्जर रह गया था। शुक्रवार वे युवक वापस आए और अपने चार्जर के बदले दूसरे का चार्जर लेने की जिद करने लगे। हालांकि चार्जर के मुद्दे पर पहले ही बातचीत हो गई थी। पिस्तौल से डराने का आरोप दुकानदारों ने आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके एक कर्मचारी को पकड़कर बुरी तरह पीटा। इस दौरान हमलावरों ने दुकानदार के माथे पर पिस्तौल तक तान दी। मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हमलावर तोड़फोड़ करते रहे। दुकान का सामान पूरी तरह बिखरा पड़ा था। लोगों की सूचना पर जब पुलिस पहुंची तो हमलावर मौके से फरार हो गए, लेकिन दुकानदारों की मदद से पुलिस ने एक आरोपी (दानिश) को पकड़ लिया है। पुलिस की कार्रवाई घटनास्थल पर पहुंची पुलिस टीम और ड्यूटी अफसर ने बारीकी से जांच की है। फिलहाल पुलिस पकड़े गए युवक से पूछताछ कर रही है और सीसीटीवी फुटेज खंगालने की प्रक्रिया जारी है। दुकानदारों ने सुरक्षा की गुहार लगाई है। पुलिस का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और फरार अन्य आरोपियों की तलाश के लिए छापेमारी की जा रही है। इलाके में इस घटना के बाद से दहशत का माहौल है।
कजलीखेड़ा थाना क्षेत्र में किसान के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। आरोपियों ने किसान के बैंक अकाउंट से कुल 2 लाख रुपए उड़ा लिए। पुलिस ने बताया कि बैरागढ़ चींचली के रहने वाले अबरार खान (30) किसानी करते हैं। उनके मोबाइल पर एक लिंक के साथ एक मैसेज आया। इस दौरान अबरार ने लिंक पर क्लिक कर दिया। इसके बाद उनका पूरा मोबाइल हैक हो गया। अबरार के खाते से जैसे ही पहले 50 हजार रुपए कटे, वह बैंक के लिए घर से निकल गए। पुलिस ने बताया कि बैंक अबरार के घर से 500 मीटर की दूरी पर है। 500 मीटर पहुंचने तक ही आरोपियों ने अबरार के खाते से पैसे निकाल लिए थे। बैंक पहुंचने तक अबरार के मोबाइल पर यूपीआई के जरिए पैसे ट्रांसफर होने के मैसेज आते रहे। घटना 8 अप्रैल 2026 की है। इसके बाद बैंक ने उनका खाता ब्लाॅक किया। बैंक को भी नहीं पता कहां गई राशि जांच अधिकारी शिवेंद्र मिश्रा ने बताया कि उन्होंने बैंक से पैसे ट्रांसफर होने की जानकारी मांगी। बैंक ने कहा कि पैसे यूपीआई के जरिए ट्रांसफर हुए हैं। पैसे कहां गए, यह बैंक को भी नहीं पता। इसके बाद पुलिस ने बैंक को लेटर लिखकर उच्च अधिकारियों से जानकारी लेने को कहा है। पुलिस का कहना है कि बैंक से जानकारी मिलने के बाद आगे के ट्रेल को ट्रेस किया जाएगा। पैसे कटने की जानकारी देने के दौरान भी कटे पैसे पुलिस ने बताया कि बैंक और पीड़ित से मिली जानकारी के अनुसार, जब अबरार के खाते से पैसे कटने शुरू हुए, वह तुरंत बैंक पहुंच गए थे। इस दौरान उनके खाते से डेढ़ लाख रुपए कट चुके थे। जब अबरार ने बैंक को पैसे कटने की जानकारी दी, बैंक ने उनका खाता ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू कर दी। इस प्रक्रिया के दौरान भी अबरार के खाते से 50 हजार रुपए और कट गए। हालांकि खाता ब्लॉक होने के बाद उनके पैसे नहीं कटे। दो बैंक खातों से 4 बार में 50-50 हजार निकाले पुलिस ने बताया कि अबरार के एक ही बैंक में दो खाते हैं। दोनों में उन्होंने पैसे जमा कर रखे थे। आरोपी ने पहले उनके एक खाते से 50-50 हजार रुपए करके दो बार में 1 लाख रुपए निकाल लिए। इसके बाद उनके दूसरे खाते से भी 50-50 हजार रुपए करके दो बार में 1 लाख रुपए और निकाल लिए। इस प्रकार आरोपी ने उनके खाते से कुल 2 लाख रुपए साइबर ठगी के जरिए निकाल लिए।
कानपुर के हनुमंत विहार में मोबाइल चोरी का आरोप लगाने पर रिटायर्ड दरोगा के बेटे ने किराना दुकानदार की पीट-पीट कर हत्या कर दी। घटना के वक्त किराना दुकानदार की बुजुर्ग मां घर पर ही मौजूद थी। आनन-फानन में परिजन उसे अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने आरोपी युवक को हिरासत में लेकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। 11 साल पहले छोड़ कर जा चुकी थी पत्नीहनुमंत विहार निवासी माया देवी अपने 40 वर्षीय बेटे विकास उर्फ सोनू के साथ रहती हैं। सोनू घर पर ही किराना दुकान चलाता था। पत्नी 11 वर्ष पूर्व छोड़ कर जा चुकी है। माया ने बतायाा कि शुक्रवार दोपहर सोनू घर पर आया और बताया कि उसका मोबाइल चोरी हो गया है। उसने घर के पास रहने वाले रिटायर्ड दरोगा के बेटे कपिल यादव पर आरोप लगाया। इसी दौरान कपिल घर के बाहर से निकला तो सोनू ने उससे मोबाइल लौटाने को कहा, इस पर आरोपी कपिल उग्र हो गया। विरोध पर उसने चेहरे पर मुक्के मारने शुरू कर दिए। एक मुक्का सोनू के नाक पर लगा तो वह सिर के बल जमीन पर जा गिरा, गिरते ही बेहोश हो गया। इस बुजुर्ग मां चीख पुकार करने लगी। शोर गुल सुन पड़ोसी जुटे तो आरोपी मौके से भाग निकला, इसके बाद सभी उसे प्राइवेट अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हनुमंत विहार एसओ राजीव सिंह ने बताया कि मारपीट के दौरान जमीन पर गिरने से युवक की मौत की बात सामने आई है। युवक को हिरासत में लिया गया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। चीखती रही मां, मगर नहीं माना आरोपीमां माया देवी ने बताया कि बेटे ने जब कपिल आए दिन बेटे से शराब के लिए रुपये खर्च कराता था। शुक्रवार को भी दोपहर में साथ में बैठ कर शराब पी थी, इसी दौरान उसका मोबाइल चोरी कर लिया। जब यही बात बेटे ने कही तो आरोपी भड़क गया, और मुक्के मारने शुरू कर दिए। मां छोड़ देने की गुहार लगाती रही, लेकिन आरोपी का दिल नहीं पसीजा।आज थी सोनू की शादी की सालगिरहभाई की मौत की सूचना पर ससुराल से पहुंचीं बहनें रजनी और नीलम ने बताया कि आज ही भाई की शादी की सालगिरह थी। रोडवेज से रिटायर्ड पिता संतोष का कोरोना काल में निधन हो चुका है, एक भाई की भी 4 वर्ष पूर्व मृत्यु हो चुकी है। इकलौता भाई ही मां का सहारा था।
नरसिंहपुर जिले के अंशिका पुरम राजमार्ग पर एक सूने मकान को चोरों ने निशाना बनाया। अज्ञात बदमाशों ने एक ढाबा संचालक के घर से करीब तीन लाख रुपए नकद और लाखों के सोने-चांदी के आभूषण चुरा लिए। पुलिस ने शुक्रवार शाम मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। परिवार की अनुपस्थिति में हुई वारदात पीड़ित राजेश शुक्ला (45) ने पुलिस को बताया कि वे सागर जिले के मढपिपरिया में 'रूद ढाबा' चलाते हैं। गुरुवार सुबह वे अपने बेटे के साथ ढाबे पर थे और दोपहर में उनकी पत्नी भी घर पर ताला लगाकर अपने मायके बम्होरी चली गईं। रात करीब 11 बजे जब पिता-पुत्र घर लौटे, तो उन्हें मुख्य गेट और कमरों के ताले टूटे हुए मिले। अलमारी खंगालकर जेवरात चुराए चोरों ने घर के अंदर रखी गोदरेज की अलमारी का लॉक तोड़कर उसमें रखे सोने का हार, चैन, चूड़ियां, झुमकी, अंगूठियां और चांदी के पायजेब सहित अन्य कीमती आभूषण चोरी कर लिए। अलमारी में रखे 3 लाख रुपये नगद और स्टेट बैंक की चेकबुक भी गायब मिली। घर के अंदर सामान बिखरा पड़ा था और जेवरों के खाली डिब्बे जमीन पर पड़े मिले। घटनास्थल पर मिला चोरों का मोबाइल और मफलर मकान के निरीक्षण के दौरान एक स्लेटी रंग का कीपैड मोबाइल और एक भूरे रंग का मफलर बरामद हुआ है। पीड़ित परिवार के अनुसार यह सामान उनका नहीं है, जिससे प्रबल आशंका है कि चोरी की वारदात के दौरान यह सामान बदमाशों का वहीं छूट गया। पुलिस इन सबूतों को अहम मानकर जांच कर रही है। संदिग्धों से पूछताछ कर रही पुलिस सुआताला थाना पुलिस ने राजेश शुक्ला की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज किया है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में लगे सीसीटीवी कैमरों को खंगाल रही है और संदिग्धों से पूछताछ जारी है।
शहर के तहसील रोड स्थित ग्रेवाल पंप के सामने स्थित 'अग्रवाल मशीनरी स्टोर' में दिनदहाड़े चोरी की एक वारदात सामने आई है। चोर ने उस समय हाथ साफ किया जब दुकान के मालिक दोपहर के समय आराम कर रहे थे। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दुकान के मालिक सरजीवन बंसल ने दोपहर का भोजन करने के बाद अपनी दवा ली थी। दवा के असर के कारण उन्हें नींद आ गई और वे दुकान में ही बेंच पर लेट गए। इसी बीच एक अज्ञात युवक, जिसने अपने मुंह पर कपड़ा बांध रखा था, ग्राहक बनकर दुकान के अंदर दाखिल हुआ। सीसीटीवी में कैद हुई करतूत दुकानदार को गहरी नींद में सोता देख आरोपी ने बड़ी चालाकी से काउंटर पर रखा मोबाइल फोन उठाया और तुरंत मौके से फरार हो गया। चोरी की यह पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है। पुलिस को सौंपी गई फुटेज सरजीवन बंसल के भतीजे रजनीश बंसल ने बताया कि घटना के तुरंत बाद इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है। उन्होंने कहा कि हमने सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की तस्वीरें निकालकर बस स्टैंड चौकी पुलिस को सौंप दी हैं और औपचारिक शिकायत दर्ज करवा दी गई है। फिलहाल, पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
आईपीएल 2026: आरआर के टीम मैनेजर पर लगा एक लाख का जुर्माना, डगआउट में मोबाइल इस्तेमाल करने पर चेतावनी
राजस्थान रॉयल्स (आरआर) के टीम मैनेजर रोमी भिंडर पर 1 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया है और उन्हें आधिकारिक चेतावनी दी गई है। यह कार्रवाई 10 अप्रैल को गुवाहाटी के बरसापारा क्रिकेट स्टेडियम में रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) के खिलाफ आईपीएल 2026 के मैच के दौरान डगआउट के अंदर मोबाइल फोन इस्तेमाल करने के लिए की गई है। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) ने मैच के दौरान डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर भिंडर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और अगले 48 घंटों के भीतर उनसे जवाब मांगा था। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की है कि भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) भिंडर की सफाई से संतुष्ट नहीं थी, जिसके चलते उन पर जुर्माना लगाया गया और इस उल्लंघन के लिए उन्हें चेतावनी दी गई। देवजीत सैकिया ने 'आईएएनएस' को बताया, यह उल्लंघन राजस्थान रॉयल्स और रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु के बीच मैच में हुआ था, जहां गुवाहाटी में हमारी भ्रष्टाचार-रोधी इकाई ने इस उल्लंघन पर संज्ञान लिया और 12 अप्रैल को उन्हें स्पष्टीकरण नोटिस जारी किया। उन्हें जवाब देने के लिए 48 घंटे का समय दिया गया था, क्योंकि रोमी भिंडर को डगआउट क्षेत्र में अपना मोबाइल ले जाते हुए देखा गया था। वह अपने हाथ में मोबाइल रख सकते हैं, लेकिन उसे डगआउट क्षेत्र में नहीं ले जा सकते। इसी कारण उनसे स्पष्टीकरण मांगा गया और रोमी भिंडर ने निर्धारित 48 घंटों के भीतर जवाब दिया। भ्रष्टाचार-रोधी इकाई ने उनके जवाब की जांच की और उसे संतोषजनक नहीं पाया। भारतीय क्रिकेट कंट्रोल बोर्ड (बीसीसीआई) की भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) ने मैच के दौरान डिवाइस के इस्तेमाल को लेकर भिंडर को कारण बताओ नोटिस जारी किया था और अगले 48 घंटों के भीतर उनसे जवाब मांगा था। बीसीसीआई के सचिव देवजीत सैकिया ने पुष्टि की है कि भ्रष्टाचार-रोधी और सुरक्षा इकाई (एसीएसयू) भिंडर की सफाई से संतुष्ट नहीं थी, जिसके चलते उन पर जुर्माना लगाया गया और इस उल्लंघन के लिए उन्हें चेतावनी दी गई। Also Read: LIVE Cricket Score आईपीएल की वेबसाइट पर उपलब्ध पीएमओए (खिलाड़ी और मैच अधिकारी क्षेत्र) दिशानिर्देशों के अनुसार, टीम मैनेजर ड्रेसिंग रूम में फोन का इस्तेमाल कर सकते हैं, लेकिन डगआउट में नहीं। भिंडर 2008 में लीग की शुरुआत से ही राजस्थान रॉयल्स से जुड़े हुए हैं और 15 साल के सूर्यवंशी के स्थानीय अभिभावक के तौर पर भी काम करते हैं। 2016 और 2017 में राजस्थान रॉयल्स पर लगे बैन के दौरान भिंडर राइजिंग पुणे सुपरजायंट्स के साथ थे। देवजीत सैकिया ने कहा, बीसीसीआई की तरफ से मैं बस इतना ही कह सकता हूं और हमें उम्मीद है कि यह आईपीएल से जुड़े बाकी सभी लोगों के लिए एक सबक होगा, ताकि वे नियमों का सख्ती से पालन करें और आईपीएल पीएमओए प्रोटोकॉल को मानें। Article Source: IANS
हरियाणा के नूंह जिले में रैपिडो ड्राइवरों के माध्यम से साइबर ठगी करने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की पहचान गांव घासेड़ा के माजिद पुत्र तैयब के रूप में हुई है। उसे कोर्ट में पेश कर 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है। पुलिस को 16 अप्रैल को अड़बर चौक क्षेत्र में गश्त के दौरान गुप्त सूचना मिली थी। इसमें बताया गया कि माजिद नामक युवक अपनी पहचान छिपाकर रैपिडो ड्राइवरों के साथ मिलकर साइबर धोखाधड़ी करता है और नूंह टी-पॉइंट पर सवारी के बहाने खड़ा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही आरोपी ने भागने का प्रयास किया, लेकिन टीम ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। आरोपी के फोन से मिले डिजिटल साक्ष्य आरोपी की तलाशी लेने पर उसके पास से एक वीवो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल की जांच में कई डिजिटल साक्ष्य मिले। फोन की गैलरी में क्यूआर कोड की दर्जनों तस्वीरें थी, जिनका उपयोग ठगी के लिए किया जा रहा था। इसके अलावा वॉट्सएप और बिजनेस अकाउंट्स में संदिग्ध चैटिंग भी पाई गई, जो ठगी के नेटवर्क के सक्रिय होने का संकेत देती है। नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस मोबाइल में कई ऑनलाइन गेमिंग एप भी लॉग-इन मिले। इनका उपयोग कथित तौर पर लोगों को झांसे में लेकर पैसे ठगने के लिए किया जा रहा था। साइबर पोर्टल पर जांच से पता चला कि आरोपी के मोबाइल नंबर के खिलाफ महाराष्ट्र और झारखंड में साइबर ठगी के दो मामले पहले से दर्ज हैं। इन मामलों में हजारों रुपए की धोखाधड़ी की शिकायतें शामिल हैं। फिलहाल, आरोपी न्यायिक हिरासत में है और उससे जुड़े अन्य लोगों तथा पूरे नेटवर्क की जांच जारी है।
भागलपुर में गर्लफ्रेंड को बुलाने के लिए युवक 100 फीट ऊंचे मोबाइल के टावर पर चढ़ गया। वो उससे शादी करना चाहता है, पर लड़की का भाई को ये रिश्ता पसंद नहीं है। ताराडीह गांव के सुबोध राय का बेटा भास्कर कुमार (21) गुरुवार शाम 8 बजे टावर चढ़ा था। उसे समझाने की काफी कोशिश की गई, पर वो नहीं उतरा। जिसके बाद परिजन ने किसी दूसरी लड़की को बुलाकर भास्कर कुमार को कहा कि तुम्हारी प्रेमिका आ चुकी है, तुम भी नीचे आ जाओ। जिसके बाद देर रात करीब 2 बजे भास्कर कुमार नीचे उतरा। 6 घंटे तक वो टावर पर ही चढ़ा रहा। नीचे आने के बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। घटना जगदीशपुर थाना क्षेत्र के बलुआचक की है। पुलिस की सूचना पर परिजन भी मौके पर पहुंचे जब भास्कर कुमार टावर पर चढ़ रहा था तब बगल की चाय दुकान पर बैठे लोगों ने उसे देख लिया था, उनलोगों ने पुलिस को सूचना दे दी थी। सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम स्थानीय पुलिस के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने पहले युवक को समझाने की कोशिश की, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ा रहा। इसके बाद पुलिस ने युवक की पहचान कर उसके परिजनों को सूचना दी। कुछ ही देर में परिजन भी मौके पर पहुंच गए और उसे नीचे उतरने के लिए मनाने लगे, लेकिन युवक किसी की बात सुनने को तैयार नहीं था। लड़की युवक से शादी नहीं करना चाहती है बताया जा रहा है कि युवक जिस लड़की से प्यार करता है, वह जगदीशपुर की ही रहने वाली है। युवती शादी नहीं करना चाहती है। इसके बावजूद युवक शादी की जिद पर अड़ा हुआ था, जिसके कारण उसने यह खतरनाक कदम उठाया। घटना के दौरान मौके पर बड़ी संख्या में लोग जुटे रहे और पुलिस को व्यवस्था संभालने में मशक्कत करनी पड़ी। जगदीशपुर के प्रभारी थानेदार विकास कुमार ने बताया कि किसी तरह समझा बूझकर युवक को नीचे उतारा गया है। भास्कर कुमार की लड़की से मुलाकात 6 महीने पहले कॉलेज में हुई थी। जिसके बाद भास्कर उससे प्यार करने लगा। लड़की का भाई भास्कर का विरोध करता था। भास्कर ने सोचा कि टावर पर चढ़ जाएंगे तो सभी शादी के लिए मान जाएंगे। इसलिए उसने ऐसा कदम उठाया।
फाजिल्का में अबोहर की नई आबादी गली नंबर 13 में गुरुवार रात एक शिक्षक दंपति के घर में घुसे चोरों ने घर से हजारों की नकदी और एक मोबाइल फोन चुरा ले गए। हैरानी की बात यह रही कि परिवार के सदस्य घर में सोए रहे और उन्हें चोरी की भनक तक नहीं लगी। सुबह ड्यूटी पर जाने के लिए उठने पर उन्हें घटना का पता चला। सन्नी कुमार ने बताया कि वह और उनकी पत्नी दोनों शिक्षक हैं। कल रात करीब 12 बजे वह और उनका परिवार अपने-अपने कमरों में सो गया था। रात करीब तीन बजे तक सब कुछ सामान्य था। सुबह उठे तब हुई चोरी की जानकारी सन्नी के अनुसार, सुबह लगभग 6 बजे जब वह मोबाइल का अलार्म देखने के लिए उठे, तो उनके फोन का कवर बिस्तर के नीचे पड़ा था, जबकि मोबाइल गायब था। उनका पर्स वहीं पड़ा था, लेकिन उसमें से पैसे गायब थे। उन्होंने बताया कि कमरे में रखी उनके बेटे की गुल्लक भी गायब थी। जब उन्होंने आसपास देखा, तो गुल्लक घर की छत पर मिली, लेकिन उसमें भी पैसे नहीं थे। जब सन्नी ने परिजनों को चोरी के बारे में बताया, तो उनके भाई ने अपनी अलमारी जांची और पाया कि उनके पर्स से भी पैसे गायब थे। परिवार को चोरी का पता तब चला जब वे सुबह उठे। 19 हजार की चुराई चोरों ने सन्नी के भाई के पर्स से करीब 10 हजार रुपये, सन्नी के पर्स से 8 हजार रुपये, बेटे की गुल्लक से लगभग 2 हजार रुपये और 19 हजार रुपये का मोबाइल फोन चुराया है। घटना के बाद, उन्होंने तुरंत थाना नंबर दो की पुलिस को सूचना दी। सिटी-2 पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।
लुधियाना में फैक्ट्री मालिक को लूटा:ऑफिस में घुसा चोर, गमछे से गला घोंटा; मोबाइल और एक्टिवा ले गया
लुधियाना में एक शातिर चोर ने जीआर क्रिएशन फैक्ट्री के ऑफिस में घुसकर न केवल लूटपाट की बल्कि विरोध करने पर मालिक की जान लेने की कोशिश भी की। चोर ने वहां पड़े पत्थर के एक भारी टुकड़े से मालिक को डराया और गाली-गलौज शुरू कर दी। जानकारी के मुताबिक, मामला हरचरण नगर की गली नंबर 3 का है। पीड़ित रविंद्र कुमार (45) गुरुवार शाम करीब 6:30 बजे ऑफिस में लैपटॉप पर डिजाइनिंग का काम कर रहे थे। इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति दबे पांव ऑफिस के अंदर दाखिल हुआ। गमछे से गला घोंटा, फिर लूट की प्रत्यक्षदर्शियों और पीड़ित के अनुसार, आरोपी ने रविंद्र कुमार का गमछे से गला घोंटकर उन्हें बेबस कर दिया। इसके बाद आरोपी उनका फोन छीनकर बाहर निकला और वहां खड़ी एक्टिवा लेकर फरार हो गया। सीसीटीवी में कैद हुई तस्वीरें यह पूरी वारदात पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में साफ दिख रहा है कि संदिग्ध व्यक्ति पहले ऑफिस में घुसता है और कुछ देर बाद बाहर निकलकर बड़ी तेजी से एक्टिवा स्टार्ट कर फरार हो जाता है। पुलिस अब इसी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने में जुटी है। पुलिस गश्त पर उठे सवाल, निवासियों में रोष घटना के बाद स्थानीय कांग्रेस हल्का इंचार्ज मांगा भी मौके पर पहुंचे और कानून व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने पुलिस प्रशासन से इलाके में सुरक्षा और गश्त बढ़ाने की मांग की है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि अगर शाम के समय सरेआम ऐसी वारदातें होंगी, तो लोग खुद को सुरक्षित कैसे महसूस करेंगे। आरोपी की तलाश के लिए टीमें रवाना- पुलिस पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज कब्जे में ले ली गई है। आरोपी की तलाश के लिए टीमें रवाना कर दी गई हैं और दावा है कि जल्द ही उसे सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
अमृतसर में गोल्डन टेंपल के मुख्य मैनेजर भगवंत सिंह धंगेड़ा साइबर ठगी का शिकार हो गए हैं। हैकरों ने उनका मोबाइल नंबर हैक कर लिया और उनके नाम पर परिचितों से पैसे मांगने वाले फर्जी मैसेज भेजने शुरू कर दिए। जानकारी के अनुसार, हैकरों ने मैनेजर धंगेड़ा का मोबाइल अकाउंट हैक कर लिया था। उन्होंने उनके रिश्तेदारों और अन्य नजदीकी लोगों को मैसेज भेजे, जिनमें तत्काल पैसों की आवश्यकता बताई गई थी। जब इन संदेशों के बारे में कई लोगों ने सीधे मैनेजर से संपर्क कर पुष्टि की, तब इस साइबर धोखाधड़ी का खुलासा हुआ। संदिग्ध मैसेज करें नजरअंदाज उनके मैनेजर ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की पैसों की मांग को पूरा न करें, ऐसे संदिग्ध मैसेज को नजरअंदाज करें और किसी भी अज्ञात बैंक खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। धंगेड़ा ने तुरंत जारी किया स्पष्टीकरण मामला सामने आते ही भगवंत सिंह धंगेड़ा ने तुरंत एक स्पष्टीकरण जारी किया और लोगों को सतर्क किया। उन्होंने साफ तौर पर कहा कि उनका मोबाइल नंबर हैक हो चुका है और उनके नाम पर भेजे जा रहे पैसों की मांग वाले किसी भी मैसेज पर विश्वास न करें। साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज इस गंभीर मामले को लेकर मैनेजर द्वारा साइबर क्राइम सेल में शिकायत दर्ज करवा दी गई है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि हैकिंग कहां से की गई और इस अपराध में कौन लोग शामिल हैं। संगत और आम जनता से सतर्क रहने की अपील- SGPC वहीं, शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी (SGPC) के अधिकारियों ने भी संगत और आम जनता से सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध मैसेज या कॉल के झांसे में न आने की अपील की है। यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि साइबर अपराधी अब धार्मिक संस्थानों से जुड़े लोगों को भी निशाना बना रहे हैं, जिसके मद्देनजर सभी को अतिरिक्त सतर्कता बरतने की आवश्यकता है।
लुधियाना के फोकल प्वाइंट फेज-6 में मोबाइल स्नैचिंग करने वाले 2 बदमाशों को लोगों ने काबू कर लिया। आसपास की फैक्ट्रियों में काम करने वाले मजदूरों ने दोनों की जमकर पिटाई भी की। दोनों लुटेरों की लोगों ने मारपीट करते समय वीडियो भी बनाई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों स्नैचर सुनसान फैक्ट्री एरिया में अकेले जा रहे राहगीरों को हथियारों के बल पर लूटते थे। घटना के दौरान उन्होंने एक लेबर को घेरकर उसका मोबाइल छीनने की कोशिश की, लेकिन मौके पर पहुंचे लोगों ने दोनों को दबोच लिया। लोगों ने झपटमारों को थप्पड़ मारे और मुक्के बरसाए। बदमाश खुद को बेकसूर बताते रहे, लेकिन लोगों ने उनकी एक ना सुनी और जमकर छितर परेड की। लोगों ने आरोपियों से एक बाइक और एक बैग भी बरामद किया है, जिसे वे कंधे पर लटकाए हुए थे। अकेले देख मजदूरों को बनाते थे निशाना इलाका निवासी राम भसीन ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। अक्सर रात और दोपहर के समय मजदूरों को निशाना बनाया जाता है। उन्होंने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए कहा कि फोकल प्वाइंट में स्नैचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। मामले में थाना फोकल प्वाइंट के एसएचओ कुलबीर सिंह से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी।
हनुमानगढ़ के संगरिया थाना क्षेत्र में एक ऑटो ड्राइवर के साथ मारपीट कर लूट की वारदात सामने आई है। चार अज्ञात बदमाशों ने ड्राइवर को बंधक बनाकर उससे नकदी, मोबाइल और टेंपो छीन लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, हनुमानगढ़ के सुरेशिया निवासी पृथ्वीराम ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पृथ्वीराम ऑटो चलाता है और बुधवार रात करीब 11 बजे वह जंक्शन रेलवे स्टेशन पर सवारी का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान, ट्रेन आने के बाद चार युवक उसके पास आए और धौलीपाल जाने के लिए 400 रुपए में ऑटो किराए पर तय किया। पृथ्वीराम उन्हें लेकर धौलीपाल की ओर रवाना हुआ। धौलीपाल पहुंचने पर आरोपियों ने बहाना बनाकर उसे आगे खेतों में स्थित एक ढाणी तक चलने को कहा। जब वह नहर पटरी के पास पहुंचा, तो बदमाशों ने ऑटो रुकवाकर उसके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोपियों ने पृथ्वीराम को गाली-गलौज करते हुए नहर किनारे ले जाकर साफों की मदद से एक पेड़ से बांध दिया। इसके बाद, उन्होंने उसकी जेब में रखे करीब 1500 रुपए और एक वीवो कंपनी का मोबाइल छीन लिया। बदमाश पृथ्वीराम का टेंपो (नंबर आरजे-31-पीए-4958) लेकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित ने किसी तरह खुद को बंधन से मुक्त किया और पास के एक होटल तक पहुंचा, जहां उसने घटना की जानकारी दी। सूचना मिलने के बाद संगरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने चार अज्ञात आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है और उनकी पहचान कर जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास कर रही है।
बाड़मेर में युवक के साथ मारपीट, बाल काटने, यूरिन व गंदगी खिलाने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। वहीं विधि से संघर्षरत नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया है। मामला 14 अप्रैल को शिव थाने में दर्ज हुआ था। घटना 26 मार्च की है। वीडियो शेयर करने पर पीड़ित युवक ने 14 अप्रैल को मामला दर्ज करवाया था। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। जांच में अन्य कोई शामिल होना पाया जाता हे तो कार्रवाई की जाएगी। पुलिस के अनुसार पीड़ित युवक जैसलमेर जिले का रहने वाला है। शिव में सोलर प्लांट कंपनी में काम करता है। मोबाइल में युवती की फोटो रखने के आरोप में साथ काम कर रहे युवकों ने घटना को अंजाम दिया। एसपी चूनाराम जाट ने बताया- सोशल मीडिया पर युवक के साथ मारपीट कर मुंह काला करने व गंदगी खिलाने का वीडियो सामने आया था। इसकी तहकीकात कर युवक की पहचान कर कार्रवाई करने के निर्देश दिए गए थे। इस पर पुलिस थाना शिव और डीसीआरबी पुलिस ने वीडियो में पीड़ित व्यक्ति की पहचान कर घटना की पूरी जानकारी ली गई। बताया- सोलर प्लांट कंपनी में काम करता है। 26 मार्च को साथ में काम करने वाले युवकों ने आपसी किसी बात को लेकर घटना को अंजाम दिया। एएसपी नितेश आर्य, डीएसपी मानाराम गर्ग के सुपरविजन में शिव थानाधिकारी सत्यप्रकाश और एसआई जालाराम के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने तकनीकी और सूचना के आधार पर वी.पी. सिंह उर्फ विजयदान व उसके साथियों ने मिलकर मारपीट कर उसका मुंह काला कर सि के बाल काटकर उससे जबरदस्ती गंदगी खिलाना स्वीकार किया गया। आरोपी वीपीसिंह को गिरफ्तार किया गया। वहीं एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया गया। पढ़े संबंधित खबर… मुंह काला कर युवक को यूरिन पिलाया, गंदगी खिलाई:मोबाइल में युवती की फोटो रखने पर मारपीट, दो आरोपी डिटेन
पानीपत रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-2 पर एक हादसे में युवक की मौत हो गई। चलती ट्रेन से गिरने के कारण युवक के दोनों हाथ कट गए और सिर पर गंभीर चोट आई। शुरुआत में शव की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन गुरुवार शाम को फर्रुखाबाद से पहुंचे परिजनों ने मृतक की शिनाख्त की। परिजनों ने इस मामले में लूटपाट के बाद चलती ट्रेन से फेंक कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। मृतक की पहचान चंडीगढ़ निवासी अजय कुमार (34) के रूप में हुई है। अजय मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फर्रुखाबाद का रहने वाला था और एक प्रिंटिंग प्रेस में काम करता था। वह चंडीगढ़ से ट्रेन पकड़कर अपने पैतृक गांव जा रहा था, लेकिन पानीपत पहुंचने पर संदिग्ध परिस्थितियों में ट्रेन से नीचे गिर गया। परिजनों का आरोप: लूट के बाद दी गई जान अजय की मौत के बाद जब परिजन पानीपत पहुंचे, तो उन्होंने बताया कि अजय के पास उसका बैग और मोबाइल फोन गायब है। उसकी जेब से मात्र 150 रुपए मिले हैं। परिजनों ने आरोप लगाया कि संभवतः ट्रेन में उसके साथ लूटपाट की गई और विरोध करने पर बदमाशों ने उसे चलती ट्रेन से नीचे फेंक दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। उन्होंने पुलिस से इस कोण से भी जांच करने की मांग की है। पुलिस का तर्क: भीड़ या लापरवाही भी हो सकती है वजह इधर, रेलवे पुलिस (GRP) के जांच अधिकारी का कहना है कि हादसे के कारणों की अभी स्पष्टता नहीं है। पुलिस के अनुसार, मुमकिन है कि ट्रेन में भीड़ अधिक होने के कारण अजय खिड़की या दरवाजे के पास बैठकर सफर कर रहा हो और संतुलन बिगड़ने की वजह से नीचे गिर गया हो। पुलिस इसे एक हादसा (इत्तफाकिया घटना) मानकर चल रही है। दो मासूम बच्चों के सिर से उठा साया अजय की मौत से उसके परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। वह अपने पीछे 2 छोटे बच्चे और पत्नी को छोड़ गया है। परिवार का पालन-पोषण अजय की कमाई पर ही निर्भर था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा पानीपत जीआरपी ने परिजनों के बयानों के आधार पर फिलहाल इत्तफाकिया कार्रवाई की है। शव का पोस्टमार्टम करवाकर उसे अंतिम संस्कार के लिए परिजनों को सौंप दिया गया है। पुलिस स्टेशन के सीसीटीवी फुटेज और अन्य यात्रियों से पूछताछ कर मामले की तह तक जाने की कोशिश कर रही है।
आरा के बहियारा गांव में प्रेमी से शादी की जिद पर नाबालिग लड़की 200 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गई। तपती धूप में टावर की सबसे ऊंची चोटी पर बैठी लड़की को देखने के लिए नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह किसी फिल्मी सीन से कम नहीं था, लेकिन हकीकत में पुलिस और प्रशासन के लिए बड़ी चुनौती बन गया। घटना 14 अप्रैल की है, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। 4 दिन पहले प्रेमी के घर भाग गई थी लड़की की एक ही मांग थी उसकी शादी उसके प्रेमी से कराई जाए। परिजन और ग्रामीण काफी देर तक उसे समझाने की कोशिश करते रहे, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। चार दिन पहले घर से भागकर अपने प्रेमी के पास सनदिया गांव चली गई थी, जहां से परिजन उसे वापस ले आए थे। इसके बाद भी जब उसकी बात नहीं मानी गई, तो उसने यह खतरनाक कदम उठा लिया। आधे घंटे की मशक्कत के बाद नीचे उतारा सूचना मिलते ही चांदी पुलिस मौके पर पहुंची। थानाध्यक्ष राकेश रौशन और महिला एसआई मधु कुमारी ने टीम के साथ मोर्चा संभाला। लड़की को सुरक्षित नीचे उतारना आसान नहीं था, क्योंकि वह ऊंचाई पर बैठकर किसी की बात सुनने को तैयार नहीं थी। ऐसे में महिला पुलिस अधिकारी ने सूझबूझ और मनोवैज्ञानिक तरीके का सहारा लिया। उन्होंने लड़की को भरोसा दिलाया कि उसकी बात उसके प्रेमी से कराई जाएगी और उसकी समस्या का समाधान निकाला जाएगा। करीब आधे घंटे की कड़ी मशक्कत और समझाइश के बाद आखिरकार लड़की को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। इस दौरान नीचे खड़ी भीड़ सांसें थामे पूरे घटनाक्रम को देखती रही। पुलिस ने बाद में लड़की को समझा-बुझाकर उसके परिजनों के हवाले कर दिया। हालांकि समय रहते पुलिस की सक्रियता और समझदारी से एक बड़ी अनहोनी टल गई। बिहार में 40 दिनों में 10 मामले 06 मार्च: गोपालगंज के बनकटा जागीरदारी गांव में युवती प्रेमी की रिहाई के लिए टावर पर चढ़ गई। 16 मार्च: वैशाली जिले के बिदुपुर में एक युवक प्रेमिका से शादी रचाने करने की जिद में टावर पर चढ़ गया था। 01 अप्रैल: मुजफ्फरपुर जंक्शन के पास युवक टावर पर चढ़ गया और प्रेमिका को बुलाने की मांग करने लगा। 06 अप्रैल: पूर्वी चंपारण के पशुरामपुर गांव में एक युवती ने प्रेमी के शादी से इनकार करने पर टावर पर चढ़ गई। 06 अप्रैल: महनार के स्टेशन रोड में एक युवती बिजली टावर पर चढ़ गई। प्रेमी से शादी की जिद कर रही थी। 07 अप्रैल: वैशाली जिले के माधोपुर गजपति गांव में साली से शादी रचाने की जिद में एक युवक टावर पर चढ़ गया। 08 अप्रैल: गगौर थाना क्षेत्र में एक युवक टावर पर चढ़ गया, क्योंकि उसकी प्रेमिका ने उसका नंबर ब्लॉक कर दिया था। 08 अप्रैल: समस्तीपुर के ररियाही में युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। विधायक रणविजय साहू के समझाने पर नीचे उतरा। 14 अप्रैल: सीवान में दो चचेरी बहनें टावर पर चढ़ गईं। शादी की जिद कर रही थीं। 14 अप्रैल: भोजपुर के चांदी थाने के बहियारा में एक किशोरी मोबाइल टावर पर चढ़ गई। ऐसा करना दंडनीय है टावर पर चढ़ने से सड़क जाम होना, भीड़ जुटना और सार्वजनिक सेवाओं(बिजली या संचार) का बाधित होना पब्लिक न्यूसेंस माना जाता है, जिसके लिए पुलिस मामला दर्ज कर सकती है। मोबाइल टावर राष्ट्रीय संपत्ति और संचार नेटवर्क का हिस्सा है। बिना अनुमति इन पर चढ़ना कानून का उल्लंघन है। हाई-वोल्टेज लाइनों या बिजली के पोल से छेड़छाड़ करना या उन पर चढ़ना बिजली आपूर्ति बाधित करने और जान-माल को खतरे में डालने के तहत दंडनीय है। टावर पर चढ़कर जिद मनवाने का नया ट्रेंड वैशाली की एक घटना में 900 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई। बिजली सप्लाई काटने से ऐसा हुआ। एनटीपीसी पावर ग्रिड, बाढ़ से गोरखपुर तक की सप्लाई बाधित होने के कारण लगभग 5 घंटे तक 900 मेगावाट बिजली आपूर्ति प्रभावित हुई थी। विभाग की ओर से वैकल्पिक व्यवस्था से बिजली सप्लाई की गई, अन्यथा 3 करोड़ तक का नुकसान हो सकता था।
हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) ने हरियाणा पुलिस भर्ती के फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) के लिए एडमिट कार्ड जारी कर दिए हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि जिन अभ्यर्थियों को PMT के लिए शॉर्टलिस्ट किया गया है, वे आधिकारिक लिंक के माध्यम से अपना एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह की ओर से जारी संदेश में कहा गया है कि “आपके सपनों के साथ हमेशा खड़ा आयोग” की भावना के साथ पूरी पारदर्शिता और सुविधा सुनिश्चित की जा रही है। सभी अभ्यर्थियों को परीक्षा के लिए शुभकामनाएं दी गई हैं और समय पर सभी जरूरी दस्तावेजों के साथ परीक्षा केंद्र पर पहुंचने की सलाह दी गई है। यहां देखिए सोशल मीडिया पोस्ट... रूट प्लान शेयर किया आयोग की ओर से तैयार प्लान के अनुसार जीरकपुर-रामगढ़ मार्ग से आने वाले अभ्यर्थियों को पंचकूला स्थित हुडा जिमखाना बस स्टॉपेज पर पहुंचना होगा। यहां रिसेप्शन से अभ्यर्थी जरूरी सूचनाएं ले सकते हैं और थोड़ी देर आराम भी कर सकते हैं। यहां से उन्हें स्पोर्ट्स कॉम्प्लेक्स में पहुंचना होगा। अभ्यर्थियों को गेट मंचर-2 और गेट नंबर-3 से प्रवेश मिलेगा। अभ्यर्थियों को अंदर पहुंचने पर टोकन काउंटर से टोकन लेने होंगे। जिन अभ्यर्थियों का संयुक्त पात्रता परीक्षा (सीईटी) ग्रुप सी के दौरान बायोमीट्रिक नहीं हुआ है उन्हें गेट नंबर-3 पर बायोमीट्रिक कराना होगा। ऐसे डाउनलोड करें एडमिट कार्ड इसे भी ध्यान देना होगा अभ्यर्थी परीक्षा केंद्र पर एडमिट कार्ड का प्रिंट और एक वैध पहचान पत्र साथ लेकर आएं। परीक्षा समय से पहले केंद्र पर पहुंचना अनिवार्य होगा। किसी भी प्रकार की गलत जानकारी या समस्या होने पर तुरंत आयोग से संपर्क करें। आयोग ने सभी अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे आधिकारिक वेबसाइट पर जारी नोटिस और निर्देशों को ध्यान से पढ़ें, ताकि परीक्षा प्रक्रिया सुचारू रूप से संपन्न हो सके। आधार बेस्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा HSSC की ओर से सभी 2.70 लाख अभ्यर्थियों को बताया गया है कि फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) और फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (PST) आधार बेस्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा। इसके अलावा इस दौरान मोबाइल फोन बैन रहेगा। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह की ओर से 2 दिन पहले अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर इसको लेकर एक वीडियो भी शेयर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि सभी अभ्यर्थी अपना आधार कार्ड अनलॉक करवा लें। लॉक होने की होने स्थिति में अभ्यर्थियों को दिक्कत हो सकती है।
एलपीजी स्कैम:सिलेंडर नहीं मिला, मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ हुआ
राजधानी में गैस सिलेंडर की किल्लत के बीच जेके रोड स्थित मीनाल रेसीडेंसी की मेसर्स फिनिक्स एचपीसीएल गैस एजेंसी पर बड़ा घोटाला सामने आया है। उपभोक्ताओं को सिलेंडर नहीं मिला, लेकिन मोबाइल पर ‘डिलीवर्ड’ का मैसेज पहुंच गया। करीब दो दर्जन से ज्यादा उपभोक्ता इससे प्रभावित हुए। मामले के सामने आते ही बुधवार को एजेंसी पर हंगामा हुआ और हालात संभालने के लिए पुलिस बुलानी पड़ी। गैस एजेंसी संचालक खाद्य विभाग के रिटायर सहायक आपूर्ति अधिकारी भानू प्रताप शर्मा हैं। उपभोक्ताओं की शिकायत पर जिला आपूर्ति शाखा के अफसर मौके पर पहुंचे और लोगों को शांत कराया। इसके बाद मामले की जांच शुरू कर दी गई। कई उपभोक्ताओं ने जिला आपूर्ति अधिकारी के दफ्तर में भी शिकायत दर्ज कराई। जांच में सामने आया कि 8 और 9 अप्रैल को एजेंसी को 684 सिलेंडर मिले थे, जिन्हें बिना ओटीपी के बांट दिया गया। यह नियमों के खिलाफ है। इसी के चलते ऑयल कंपनी ने नया लॉट भेजने से इंकार कर दिया और पहले पुराने सिलेंडरों का रिकॉर्ड मांगा। बाद में जिला आपूर्ति अधिकारी के आग्रह पर नया लॉट जारी किया गया, जबकि पुराने रिकॉर्ड की जांच जारी है। मजबूरी की कतार... शाहपुरा मोर वन के पास गुरुवार को गैस सिलेंडर के लिए लगी लंबी कतार। इस दौरान तेज धूप के कारण लोग सिलेंडरों को लाइन में रखकर पेड़ों की छांव में खड़े होकर अपनी बारी का इंतजार करते रहे। शहर में सिलेंडर सप्लाई की गड़बड़ी के बीच लोगों की मजबूरी साफ नजर आ रही है। रेट होम डिलीवरी का, लेकिन एजेंसी बुलाकर दे रहे सिलेंडर... जांच में सामने आया कि एजेंसी होम डिलीवरी का पूरा 918 रुपए वसूल रही है, जबकि उपभोक्ताओं को सिलेंडर लेने एजेंसी बुलाया जा रहा है। नियम के अनुसार होम डिलीवरी नहीं होने पर 34 रुपए कम लेकर 884 रुपए लेना चाहिए, लेकिन ऐसा नहीं किया जा रहा। जिन वाहनों से सिलेंडर सप्लाई, उनका अनुबंध तक नहीं : एजेंसी में गैस सप्लाई के लिए 9 वाहन लगाए गए हैं, लेकिन इनका कोई एग्रीमेंट नहीं है। इसके बावजूद इन्हीं वाहनों से सप्लाई कराई जा रही है। मैनेजर बोला- घर बंद थेडिलीवरी मैसेज पर सवाल करने पर मैनेजर ने कहा कि उपभोक्ताओं के घरों पर ताले लगे थे, इसलिए सिलेंडर नहीं मिल पाए। अब दोबारा डिलीवरी कराई जा रही है। हालांकि इतने घर एक साथ बंद होने पर सवाल उठ रहे हैं। मामले की जांच कर रहे, प्रतिवेदन पेश करेंगेएजेंसी पर तमाम गड़बड़ियों की शिकायत मिली है। जांच की जा रही है। कुछ रिकॉर्ड एजेंसी संचालक से मांगे गए हैं। एक-दो दिन में प्रतिवेदन पेश किया जाएगा।-चंद्रभान सिंह जादौन, जिला आपूर्ति अधिकारी, भोपाल
भागलपुर में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत पुलिस ने कार्रवाई की है। जगदीशपुर और बरारी थाना क्षेत्रों में अलग-अलग छापेमारी कर पुलिस ने कुल 209 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ तीन तस्करों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई SSP प्रमोद कुमार के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। मामले पर आज सिटी SP शैलेन्द्र सिंह प्रेस वार्ता आयोजित कर बताया कि जगदीशपुर थाना क्षेत्र में छापेमारी के दौरान 200 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ दो बदमाशों को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नवीन कुमार साह और अर्जुन कुमार के रूप में हुई है। दोनों सन्हौला थाना क्षेत्र के अलीगंज मंडी के निवासी बताए जा रहे हैं। पुलिस ने इनके पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है पुलिस को देखकर आरोपी भाग रहे थे इधर, पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जगदीशपुर थाना क्षेत्र में अवैध मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना के सत्यापन के बाद सिटी डीएसपी के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने जगदीशपुर-सन्हौला मार्ग के समीप छापेमारी की, जहां पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे। सशस्त्र बल की मदद से उन्हें खदेड़ कर गिरफ्तार कर लिया गया। इसी क्रम में बरारी थाना क्षेत्र में भी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 9 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ एक तस्कर को दबोचा। गिरफ्तार आरोपी की पहचान बादल यादव के रूप में हुई है, जो बड़ी खंजरपुर बरारी थाना क्षेत्र का निवासी है। उसके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। यह गिरफ्तारी डीवीसी कॉलोनी के पास की गई, जहां आरोपी मादक पदार्थों की तस्करी कर रहा था। SP ने बताया कि बरारी थाना को मिली गुप्त सूचना के आधार पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के निर्देशन में एक विशेष टीम गठित की गई थी। टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। दोनों मामलों में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
हांसी में महिला से स्नैचिंग का आरोपी गिरफ्तार:छीना हुआ मोबाइल और कैश बरामद, साथी की तलाश जारी
हांसी पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस दूसरे आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस अधीक्षक विनोद कुमार के नेतृत्व में एवीटी स्टाफ ने यह सफलता हासिल की। सहायक उप निरीक्षक राजीव कुमार ने बताया कि अग्रवाल कॉलोनी में एक महिला से मोबाइल फोन छीनने की सूचना मिली थी। बाइक सवार दो युवक वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। महिला से मोबाइल छीनकर ले गए थे 2 युवक पीड़ित महिला ने अपनी शिकायत में बताया कि वह पैदल जा रही थी, तभी पीछे से आए दो युवकों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। मोबाइल कवर में लगभग 2 हजार रुपए नकद भी रखे हुए थे। इस मामले में थाना शहर हांसी में केस दर्ज किया गया। पुलिस की त्वरित कार्रवाई के बाद आरोपी रणजीत उर्फ बबलू निवासी जमावड़ी को गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में उसके पास से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश कर एक दिन का रिमांड प्राप्त किया है। रिमांड के दौरान पुलिस दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी और अन्य स्नैचिंग वारदातों के खुलासे की उम्मीद कर रही है।
साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार:टेलीग्राम पर लिंक भेजकर करते थे ऑनलाइन ठगी, 13 मोबाइल और 2 लैपटॉप बरामद
डीडवाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ किया है। यह गिरोह टेलीग्राम एप के माध्यम से ऑनलाइन गेमिंग, क्रिकेट सट्टा और बुकी चलाकर लाखों रुपए की ठगी करता था। पुलिस ने इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 13 एंड्रॉयड मोबाइल, 2 लैपटॉप, 3 एटीएम कार्ड, 7 सिम कार्ड, 1 वाई-फाई ब्रॉडबैंड और 2 हिसाब-किताब की डायरी सहित अन्य सामग्री जब्त की है। पुलिस अधीक्षक ऋचा तोमर के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा और वृताधिकारी जेठू सिंह के पर्यवेक्षण में खुनखुना थाना टीम ने यह कार्रवाई की। थाना प्रभारी गरिमा चौधरी के नेतृत्व में पुलिस दल ने ग्राम बडाबरा स्थित एक मकान पर दबिश देकर आरोपी को पकड़ा। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी टेलीग्राम ऐप के जरिए लोगों को लिंक भेजकर ऑनलाइन गेमिंग और क्रिकेट सट्टे में निवेश का लालच देते थे। इसके बाद वे आम लोगों से लाखों रुपए की ठगी कर रकम को ऑनलाइन माध्यम से निकाल लेते थे। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान नरेंद्र रॉयल (29) को गिरफ्तार किया है, जो बडाबरा, थाना खुनखुना का निवासी है। आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 13 एंड्रॉयड मोबाइल, 2 लैपटॉप (चार्जर सहित), 3 एटीएम कार्ड, 7 सिम कार्ड, 1 वाई-फाई ब्रॉडबैंड और 2 हिसाब-किताब की डायरी सहित अन्य सामग्री जब्त की है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी गरिमा चौधरी के साथ सहायक उपनिरीक्षक राधेश्याम, हेड कॉन्स्टेबल (साइबर सेल) नरेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल रामकिशोर, भजनलाल, बजरंगलाल, राधेश्याम और सुरजाराम की अहम भूमिका रही। कॉन्स्टेबल राधेश्याम का विशेष योगदान रहा।
महराजगंज में गुरुवार शाम एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतार लिया। गुरुवार को बागापार क्षेत्र के कटरा खास गांव में शाहिदपुर टोला निवासी इरशाद अंसारी पुत्र सिराजुद्दीन अचानक एक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक को ऊंचाई पर बैठे देख आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। मौके पर भारी भीड़ जुट गई। ग्रामीण लगातार उसे नीचे उतरने के लिए कहते रहे। लेकिन वह काफी देर तक टावर पर ही बैठा रहा। स्थिति बिगड़ती देख लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने समझाकर नीचे उतारासूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से युवक को समझाने का प्रयास किया। काफी देर की बातचीत और समझाने के बाद पुलिस उसे सुरक्षित नीचे उतारने में सफल रही। युवक की मां के अनुसार, उसका एक लड़की से प्रेम प्रसंग चल रहा था। किसी बात को लेकर वह मानसिक रूप से परेशान था। जिसके चलते उसने यह कदम उठाया। घटना के बाद परिजन युवक को कोतवाली लेकर पहुंचे। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है।
संगरूर जिले के भवानीगढ़ शहर में एक मोबाइल दुकान से दो युवक 70 हजार रुपए के दो मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। बता दे कि यह घटना मंगलवार देर शाम वाल्मीक चौक स्थित धवन मोबाइल शॉप पर हुई। दुकान मालिक विक्की धवन ने बताया कि रात करीब 8 बजे दो युवक ग्राहक बनकर दुकान में दाखिल हुए। आरोपियों ने अलग-अलग मॉडल के मोबाइल फोन दिखाने को कहा। मोबाइल देखते समय उनमें से एक युवक दुकान से बाहर निकलकर बाइक स्टार्ट कर तैयार खड़ा हो गया। अंदर मौजूद दूसरे युवक ने दो आईफोन लेकर बाहर खड़े अपने साथी के साथ फरार हो गया। लूटे गए फोन की कीमत 70 हजार रुपये बताई जा रही है। सीसीटीवी कैमरे में घटना कैद दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में दोनों लुटेरों की तस्वीरें साफ कैद हो गई हैं। दुकानदार ने बताया कि लुटेरे बिना नंबर प्लेट वाली बाइक पर आए थे और भगत सिंह चौक की तरफ भागकर मौके से फरार हो गए। व्यापारियों में डर का माहौल घटना की जानकारी पुलिस को दे दी गई है। भवानीगढ़ थाने के SHO इंस्पेक्टर मालविंदर सिंह ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर मामले की जांच की जाएगी और दोषियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। शहर के मुख्य चौक में हुई इस वारदात से व्यापारियों में डर का माहौल है।
बोकारो पुलिस ने एक बड़े साइबर ठगी गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। एसपी को मिली गुप्त सूचना के आधार पर चास मुफसिल थाना क्षेत्र के मालती नक्सलरिया सिटी स्थित एन-ब्लॉक, प्लॉट नंबर-101 में छापेमारी की गई। चास के सीडीपीओ प्रवीण कुमार सिंह ने बताया कि पुलिस ने मौके से चारों आरोपियों को मोबाइल फोन और लैपटॉप का उपयोग कर साइबर ठगी करते हुए रंगे हाथ पकड़ा। पूछताछ में आरोपियों ने खुलासा किया कि वे लोगों को KYC अपडेट, ATM कार्ड बंद होने या PMEGP लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए वे लोगों के मोबाइल में 'Update KYC', 'PMEGP Loan Apply' और 'Khata Loan' जैसी APK फाइलें इंस्टॉल करवाते थे, जिससे उनका मोबाइल हैक हो जाता था। मोबाइल हैक होने के बाद आरोपी OTP, ATM कार्ड नंबर, PIN और PAN जैसी गोपनीय जानकारी चुराकर बैंक खातों से पैसे निकाल लेते थे। पुलिस के अनुसार, यह गिरोह पिछले तीन से चार महीनों से एक किराए के मकान में रहकर इन साइबर अपराधों को अंजाम दे रहा था। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान प्रकाश दास (35), सूरज दास (32), अंकित दास (25) और प्रियंशु दास (22) के रूप में हुई है। ये सभी जामताड़ा जिले के निवासी हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस ने 16 एंड्रॉयड मोबाइल फोन, एक VICTUS कंपनी का लैपटॉप और संदिग्ध मोबाइल नंबरों से भरी एक डायरी बरामद की है।
मधेपुरा पुलिस ने गुरुवार को ऑपरेशन मुस्कान के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 25 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद कर उन्हें उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिया। एसपी के निर्देशन में चलाए जा रहे इस अभियान में तकनीकी शाखा एवं जिले के सभी थानों की सक्रिय भागीदारी रही। आधुनिक तकनीक के उपयोग से इन मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया गया, जिससे लोगों को बड़ी राहत मिली है। बरामद किए गए मोबाइल फोन की अनुमानित कीमत करीब चार लाख रुपये बताई गई है। लंबे समय से अपने खोए हुए मोबाइल की तलाश कर रहे लोगों के चेहरे पर मोबाइल वापस मिलने के बाद खुशी साफ झलक रही थी। पुलिस की इस पहल से आमजन में पुलिस के प्रति भरोसा भी और मजबूत हुआ है। ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा हेड क्वार्टर डीएसपी मनोज मोहन ने बताया कि ऑपरेशन मुस्कान के तहत जिले में लगातार अभियान चलाया जा रहा है, जिसका मुख्य उद्देश्य लोगों की खोई या गुम हुई संपत्ति को वापस दिलाना है। उन्होंने कहा कि पुलिस टीम तकनीकी संसाधनों और सूचनाओं के आधार पर लगातार ऐसे मामलों में कार्रवाई कर रही है, जिससे सकारात्मक परिणाम सामने आ रहे हैं। उन्होंने कहा कि मधेपुरा पुलिस आमजन की सुरक्षा और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। आपकी सुरक्षा हमारा दायित्व है के संकल्प के साथ पुलिस लगातार कार्य कर रही है और भविष्य में भी इस तरह के अभियान जारी रहेंगे। इस कार्रवाई से यह संदेश गया है कि पुलिस न केवल अपराध नियंत्रण में सक्रिय है, बल्कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान के लिए भी संवेदनशील और तत्पर है।
अजमेर की सिविल लाइन थाना पुलिस ने मोबाइल स्नैचिंग गैंग का खुलासा किया है। पुलिस ने गैंग के शातिर बदमाश को गिरफ्तार किया है और उसके कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन भी बरामद किया है। आरोपी पर 10 से ज्यादा मामले दर्ज है। मामले का खुलासा गुरुवार को सीओ शिवम जोशी ने किया। सीओ शिवम जोशी के अनुसार, 14 अप्रैल 2026 को पीड़ित हिमांशु शर्मा ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी, कि 13 अप्रैल की सुबह वह स्कूल जा रहा था, तभी स्प्लेंडर बाइक पर सवार तीन बदमाश उसका मोबाइल छीनकर फरार हो गए। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जिले में बढ़ रही चोरी और स्नैचिंग की वारदातों को देखते हुए अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु जांगिड़ के निर्देशन में सिविल लाइन थाना प्रभारी शंभू सिंह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। दो दोस्तों के साथ मिलकर एक ही दिन में तीन वारदातें कार्रवाई के दौरान पुलिस ने संदिग्ध युवक गौतम उर्फ विक्की (21) निवासी पिचोलिया को डिटेन कर पूछताछ की। तलाशी के दौरान उसके पास से सैमसंग कंपनी का मोबाइल बरामद हुआ। आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के साथ मिलकर एक ही दिन में अलग-अलग थाना क्षेत्रों में तीन वारदातें करना कबूल किया है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी के खिलाफ अजमेर शहर के विभिन्न थानों में छीना-झपटी और चोरी के करीब 10 मामले पहले से दर्ज है। प्रारंभिक पूछताछ में यह भी सामने आया कि आरोपी नशे की लत पूरी करने के लिए वारदातों को अंजाम देता था। फिलहाल पुलिस आरोपी से उसके फरार साथियों के बारे में पूछताछ कर रही है और उनकी तलाश जारी है।
विदिशा में जुए के अड्डे पर छापा, 11 गिरफ्तार:पुलिस ने लाखों का मशरूका, मोबाइल और बाइक जब्त की
विदिशा में सिविल लाइन थाना पुलिस ने जुए के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 11 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और लाखों रुपये का मशरूका जब्त किया गया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बालाजी पैराडाइज कॉलोनी के पीछे खाली जमीन पर कुछ लोग अवैध रूप से जुआ खेल रहे हैं। सूचना की पुष्टि के बाद पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने जुआ खेलते हुए 11 आरोपियों को रंगे हाथों पकड़ा। सभी आरोपियों के खिलाफ सिविल लाइन थाने में अपराध क्रमांक 263/26 के तहत भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 13, 112(1) के अंतर्गत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 7 मोबाइल फोन, 3 मोटरसाइकिलें और नगदी राशि जब्त की है। जब्त किए गए कुल मशरूका की अनुमानित कीमत 4 लाख 44 हजार रुपये बताई गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में गौरव साहू, रवि बघेल, अक्षय खान, आसिफ खान, तौफीक खान, दिनेश मालवीय, गौरव सूर्यवंशी, इशान खान, आशीष लोधी, रानू सिलावट और साजिद खान शामिल हैं। ये आरोपी शहर के शिव नगर, पुरनपुरा, बजरिया, बेस दरवाजा और अन्य क्षेत्रों के निवासी हैं। यह पूरी कार्रवाई पुलिस अधीक्षक रोहित काशवानी के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. प्रशांत चौबे और नगर पुलिस अधीक्षक अतुल सिंह के मार्गदर्शन में, थाना प्रभारी आशुतोष सिंह राजपूत के नेतृत्व में की गई।विदिशा पुलिस ने स्पष्ट किया है कि जुआ और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ भविष्य में भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी, ताकि शहर में कानून व्यवस्था बनी रहे।
टोंक में डीएसटी टीम ने नशे के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दूनी थाना क्षेत्र में बाइक सवार आरोपी से 9.490 किलो गांजा जब्त किया है। बरामद मादक पदार्थ की कीमत करीब 5 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि कार्रवाई ASP पुष्पेन्द्र सिंह के निर्देशन और डीएसपी हेमराज के सुपरविजन में की गई। टीम ने मुखबिर और तकनीकी स्रोतों की मदद से दूनी थाना क्षेत्र के आंवा से चांदली माताजी रोड पर नाकाबंदी की। कट्टे में मिला 9.490 किलो गांजा पुलिस ने वहां से गुजर रहे हीरो पावर बाइक सवार को रुकवाया। तलाशी के दौरान उसके पास मौजूद कट्टे में 9 किलो 490 ग्राम अवैध मादक पदार्थ गांजा मिला, जिसकी कीमत करीब 5 लाख रुपए आंकी गई। बाइक और मोबाइल भी जब्त पुलिस ने आरोपी के कब्जे से गांजे के साथ एक हीरो पावर बाइक और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। बूंदी निवासी आरोपी, दूनी पुलिस को सौंपा आरोपी की पहचान गोरधन उर्फ गौरव (25) पुत्र दुर्गासिंह दरोगा निवासी बावड़ी खेड़ा थाना हिण्डोली जिला बूंदी, हाल जयपुर रोड देवली के रूप में हुई है। उसे गिरफ्तार कर दूनी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया। दूनी थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब गांजा सप्लाई नेटवर्क की गहन जांच कर रही है। डीएसटी प्रभारी ने बताया कि नशे के विरुद्ध यह अभियान लगातार जारी रहेगा और आगे भी ऐसी कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम में सेक्टर 50 स्थित निरवाना कंट्री सोसाइटी में दिन दहाड़े एक रेजिडेंट का मोबाइल छीन लिया। पीड़ित व्यक्ति सड़क किनारे फोन पर बात करते हुए चल रहा था। इसी दौरान पीछे से बाइक पर आए बदमाश ने अचानक मोबाइल फोन छीन लिया। पूरी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई, जिसका वीडियो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित रेजिडेंट ने बताया कि वह निरवाना कंट्री सोसाइटी के अंदर सड़क पर सामान्य गति से चल रहा था और फोन पर किसी से बात कर रहा था। तभी एक बाइक पर सवार बदमाश तेज रफ्तार से आया और युवक के हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गया। उसने तुरंत शोर मचाया और पीछा करने का प्रयास भी किया, लेकिन बदमाश इतनी तेजी से भागा कि उसे पकड़ना संभव नहीं हो सका। सुबह शाम हो रही ज्यादा घटनाएं घटना की सूचना मिलते ही पीड़ित ने सेक्टर 50 थाने में शिकायत दी है। हाल के महीनों में शहर के विभिन्न सेक्टरों में बाइक सवार बदमाशों द्वारा फोन और चेन छीनने की कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। विशेष रूप से शाम के समय या कम रोशनी वाले इलाकों में घटनाएं हो रही हैं। प्रीमियम सोसाइटी होने के बावजूद परेशानी निरवाना कंट्री सोसाइटी के रेजिडेंट्स ने इस घटना पर नाराजगी जताते हुए सोसाइटी में सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत करने की मांग की है। हालांकि पीड़ित रेजिडेंट ने अपनी पहचान अभी गोपनीय रखने की बात कही है। उन्होंने कहा कि प्रीमियम सोसाइटी होने के बावजूद ऐसी घटनाएं परेशान करती हैं। सीसीटीवी बढ़ाने की मांग निरवाना कंट्री में रहने वाले रेजिडेंट्स ने सोसाइटी में सीसीटीवी बढने की मांग की है। उनका कहना है कि ऐसे मामलों में सीसीटीवी फुटेज महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। उन्होंने निवासियों से अपील की है कि वे फोन पर बात करते समय सड़क के बीच में न चलें और हमेशा सतर्क रहें। पुलिस जांच कर रही वहीं पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार करने का दावा किया है। पुलिस कमिश्नर ने सभी थानों को ऐसे स्नैचिंग मामलों पर विशेष नजर रखने के निर्देश दिए हैं।
नर्मदापुरम जिले के 121वें कलेक्टर और 2013 बैच के आईएएस सोमेश मिश्रा ने पदभार ग्रहण करते ही एक नवाचार किया है। उन्होंने अपने कक्ष के बाहर लगी नेमप्लेट पर नाम के नीचे अपना शासकीय और व्यक्तिगत (प्राइवेट) मोबाइल नंबर लिखवाया है। कलेक्टर तीन दिन से मुख्यमंत्री के दौरे की तैयारियों में व्यस्त हैं। इसी बीच बुधवार को उन्होंने अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनीं और एक पीड़ित महिला को रेडक्रॉस से 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता भी दिलाई। मंडला में भी कर चुके हैं यह प्रयोग, नर्मदापुरम में ऐसा पहली बार इससे पहले मंडला में कलेक्टर रह चुके सोमेश मिश्रा ने अपने पूर्व जिले में भी यह प्रयोग किया था, जहां लोगों का काफी सकारात्मक रुझान दिखाई दिया था। नर्मदापुरम जिले में किसी भी कलेक्टर द्वारा पहली बार ऐसा नवाचार किया गया है। बुधवार को नेमप्लेट लगने के बाद कलेक्ट्रेट में इसकी चर्चा रही और इसे कलेक्ट्रेट की परिपाटी बदलने वाला कदम बताया जा रहा है। बता दें कि कलेक्टर मिश्रा नर्मदापूजन के साथ पदभार ग्रहण करने के बाद से ही काम में जुट गए हैं और फिलहाल मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के सिवनीमालवा दौरे की तैयारियों में व्यस्त हैं। कलेक्टर बोले- मोबाइल नंबर लिखाने का उद्देश्य लोगों से जुड़ना है अपनी इस पहल को लेकर कलेक्टर सोमेश मिश्रा ने कहा, कलेक्टर सभी का होता है। कार्यालय सभी के लिए खुला है। लोग अपनी समस्या, परेशानी को आकर बता सकते हैं। मोबाइल नम्बर लिखाने का उद्देश्य लोगों से जुड़ने और उनकी समस्याओं से अवगत होना है। बेटी की मृत्यु के बाद आर्थिक तंगी से जूझ रही महिला की मदद कलेक्टर मिश्रा के कक्ष में बैठते ही लोग अपनी समस्याएं लेकर उनके पास पहुंचने लगे हैं। बुधवार को उनके चैंबर के बाहर लोगों की कतार दिखाई दी। इस दौरान एक महिला अपनी बेटी की मृत्यु के बाद आर्थिक परेशानी लेकर पहुंची थी। कलेक्टर ने तुरंत संवेदनशीलता दिखाते हुए उसे रेडक्रॉस से 10 हजार रुपए की आर्थिक सहायता दिलाई। इसके अलावा, विभिन्न विभागों से संबंधित समस्याएं लेकर पहुंचे लोगों की शिकायतें सुनकर कलेक्टर ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को दिशा-निर्देश भी दिए।
लोक निर्माण विभाग (PWD) में ‘मिशन कर्मयोगी’ के तहत चल रहे प्रशिक्षण को लेकर बड़ा विवाद सामने आया है। आरोप है कि कम पढ़े-लिखे और अनपढ़ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों से जबरन एआई समेत अन्य कोर्स कराए जा रहे हैं। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ ने इसे “कूटरचित और समय बर्बाद करने वाला” बताते हुए मुख्यमंत्री को शिकायत भेजी है। डिप्लोमा इंजीनियर्स संघ के अध्यक्ष इंजीनियर एन.डी. द्विवेदी ने शिकायत में लिखा है कि ये अभियान समय बर्बाद करने वाले, गैर-कानूनी और शासकीय क्षति पहुंचाने वाले कृत्य है। इसे तुरंत रोका जाए।संघ ने बताया? चतुर्थ श्रेणी फील्ड कर्मचारियों के पास न तो ईमेल आईडी है, न स्मार्टफोन, कई तो बिल्कुल अनपढ़ हैं। ऐसे में इन्हें इन्हें फील्ड से मुख्यालय बुलाया जा रहा है। कोर्स पूरा कराने के लिए तृतीय श्रेणी कर्मचारी अपना-अपना काम छोड़कर इनके नाम पर कोर्स कर रहे हैं। तृतीय श्रेणी कर्मचारी वीडियो चला रहे हैं, प्रश्नों के जवाब दे रहे हैं और सर्टिफिकेट डाउनलोड कर कर्मचारियों को थमा रहे हैं।एक तरफ फील्ड में काम ठप, दूसरी तरफ कार्यालय में तृतीय श्रेणी कर्मचारियों की कमी से शासकीय कार्य प्रभावित हो रहा है। संघ ने सवाल उठाया है कि क्या अनपढ़ चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी के लिए AI कोर्स का कोई मतलब है? “यह पूरी तरह कूटरचित तरीका है। इससे सरकार की छवि धूमिल हो रही है। मिशन कर्मयोगी के नाम पर क्या हो रहा है? शासन ने सभी सरकारी कर्मचारियों को ऑनलाइन कोर्स पूरा कर सर्टिफिकेट लेने के निर्देश दिए थे। लेकिन लोक निर्माण विभाग ने इसे चतुर्थ श्रेणी फील्ड कर्मचारियों पर जबरदस्ती थोप दिया। न्यूनतम एक AI कोर्स इनके लिए अनिवार्य कर दिया गया। अब स्थिति यह है कि फील्ड में सड़क-ब्रिज-पुल निर्माण का काम रुक रहा है, जबकि मुख्यालय पर फर्जीवाड़े का खेल चल रहा है।
राजधानी रायपुर में मोबाइल को लेकर विवाद के बाद मां-बेटी ने एक नाबालिग के मिलकर पिता की हत्या कर दी। तीनों ने लकड़ी के बैट और ईंट से सिर पर हमला कर दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। पुलिस ने तीनों को अरेस्ट कर लिया है। मामला डीडी नगर क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक 29 सितंबर 2025 को वीरेंद्र भारती गोस्वामी की संदिग्ध हालात में मौत हो गई थी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में वीरेंद्र के शरीर पर 17 गंभीर चोटें पाई गईं, जिससे हत्या की पुष्टि हुई। पूछताछ में जुर्म स्वीकारा डीसीपी पश्चिम संदीप पटेल के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने जांच की। पूछताछ में पत्नी, बेटी और नाबालिग ने हत्या करना कबूल किया। पूछताछ में सामने आया कि 27 सितंबर 2025 की रात करीब 11 बजे मोबाइल देखने को लेकर घर में विवाद हुआ था। वारदात के बाद लकड़ी और ईंट नाले में फेंका गुस्से में आकर तीनों ने लकड़ी के बैट और ईंट से वीरेंद्र के सिर पर वार कर दिया, जिससे उसकी मौके पर ही जान चली गई। वारदात के बाद तीनों ने खून साफ किया और वारदात में इस्तेमाल लकड़ी और ईंट को पास के नाले में फेंक दिया। लोगों को गुमराह करने झूठी कहानी बनाई इसके बाद परिवार के अन्य लोगों को गुमराह करने के लिए यह कहानी बनाई गई कि वीरेंद्र बाथरूम में गिरकर बेहोश हो गया था। इस मामले में पुलिस ने दीपा भारती गोस्वामी (44), तनिया भारती गोस्वामी (19) और नाबालिग लड़की को अरेस्ट किया है। न्यायिक रिमांड पर भेजा जेल मामले में DD नगर थाना में अपराध क्रमांक 252/2026 के तहत धारा 103(1), 238, 3(5) BNS के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने तीनों को आज कोर्ट में पेश किया गया, जहां से नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है, जबकि मां-बेटी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा गया है।
खन्ना पुलिस ने आईपीएल मैचों पर चल रहे एक बड़े ऑनलाइन सट्टेबाजी नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में चार आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उनके पास से 44 हजार रुपये नकद, 11 मोबाइल फोन और एक लैपटॉप बरामद किया है। यह कार्रवाई वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देश पर और एसएसपी खन्ना के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस को 12 अप्रैल को गुप्त सूचना मिली थी कि खन्ना इलाके में कुछ लोग बड़े पैमाने पर आईपीएल सट्टेबाजी और ठगी का नेटवर्क चला रहे हैं। अवैध कारोबार में लंबे सय से सक्रिय सूचना के आधार पर, साइबर क्राइम थाना खन्ना के प्रभारी इंस्पेक्टर विनोद कुमार की टीम ने तुरंत मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। डीएसपी मोहित सिंगला ने बताया कि जांच के दौरान दिनेश छाबड़ा, उसके भाई करण छाबड़ा, महिंदर सिंह उर्फ राजा और नरेश कुमार को गिरफ्तार किया गया। ये सभी खन्ना के अलग-अलग इलाकों के निवासी हैं और लंबे समय से इस अवैध कारोबार में सक्रिय थे। मुख्य आरोपियों के खिलाफ पहले भी है केस पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, मुख्य आरोपी दिनेश छाबड़ा और नरेश कुमार के खिलाफ पहले भी जुआ एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। अन्य आरोपियों का भी आपराधिक इतिहास सामने आया है। जांच में खुलासा हुआ है कि आरोपी कई बैंक खातों और डिजिटल माध्यमों का उपयोग कर पैसों का लेन-देन करते थे। वे अंतरराष्ट्रीय ऐप्स के जरिए लोगों को आईपीएल मैचों पर दांव लगाने का लालच देकर ठगी करते थे। आरोपियों से पूछताछ में होंगे कई खुलासे खन्ना पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से एक बड़े सट्टा नेटवर्क का समय रहते भंडाफोड़ हो गया, जिससे कई लोग ठगी का शिकार होने से बच गए। पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। आने वाले दिनों में और खुलासे होने की उम्मीद है।
कटिहार पुलिस ने कुर्सेला थाना क्षेत्र में एक संगठित मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक महिला सहित कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी के 26 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिलें बरामद की गई हैं। पुलिस को 15 अप्रैल 2026 की रात लगभग 00:30 बजे गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार, कुर्सेला थाना क्षेत्र के कॉलेज रोड स्थित एक मकान में मोबाइल चोरी करने वाले अपराधी इकट्ठा होकर घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे। संगठित गिरोह के रूप में मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए कुर्सेला थानाध्यक्ष ने अपनी पुलिस टीम के साथ छापेमारी की। इस दौरान सभी 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में खुलासा हुआ कि ये सभी मिलकर एक संगठित गिरोह के रूप में मोबाइल चोरी की वारदातों को अंजाम देते थे और चोरी के मोबाइलों को बेचकर अवैध लाभ कमाते थे। गिरफ्तार किए गए अभियुक्तों के खिलाफ पहले भी साइबर थाना और पोठिया थाना में मामले दर्ज हैं। कुल 26 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिलें बरामद गिरफ्तार अभियुक्तों में सचितानंद चौधरी (32), दीनानाथ चौधरी (38), जोगी कुमार सिंह (21), गंगा कुमार महतो (38), रविंद्र कुमार (20), राजेश कुमार चौधरी (27), सुलेखा देवी (29) और कुंदन कुमार महतो शामिल हैं। सचितानंद और दीनानाथ कटिहार के अमदाबाद थाना क्षेत्र के निवासी हैं, जबकि जोगी, गंगा, रविंद्र और राजेश झारखंड के साहेबगंज जिले से हैं। सुलेखा देवी भी साहेबगंज की रहने वाली हैं और कुंदन कुमार महतो कटिहार के कुर्सेला थाना क्षेत्र का निवासी है। इनके अलावा, दो विधि-विरुद्ध बालक भी पकड़े गए हैं। पुलिस ने कुल 26 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिलें बरामद की हैं।
कटिहार पुलिस ने कुर्सेला थाना क्षेत्र में सक्रिय एक संगठित मोबाइल चोरी गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में एक महिला सहित कुल 10 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के पास से चोरी के 26 मोबाइल फोन और 2 मोटरसाइकिल भी बरामद की गई हैं। पुलिस को 15 अप्रैल की देर रात गुप्त सूचना मिली थी कि कुर्सेला थाना क्षेत्र के कॉलेज रोड स्थित एक मकान में कुछ अपराधी मोबाइल चोरी की घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे हैं। सूचना के सत्यापन के बाद थानाध्यक्ष कुर्सेला के नेतृत्व में एक पुलिस टीम ने त्वरित छापेमारी की। मोबाइल फोन को बेचकर अवैध कमाई करते थेछापेमारी के दौरान मौके से 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जिनमें एक महिला भी शामिल है। पुलिस पूछताछ में खुलासा हुआ कि सभी आरोपी एक संगठित गिरोह के रूप में काम करते थे और चोरी किए गए मोबाइल फोन को बेचकर अवैध कमाई करते थे। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार अभियुक्तों के खिलाफ पहले से भी साइबर थाना और पोठिया थाना में आपराधिक मामले दर्ज हैं। गिरोह के दो नाबालिग सदस्यों को भी पकड़ा गया है, जिनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। सदस्यों और उनके नेटवर्क की जांच में जुटी पुलिस गिरफ्तार अभियुक्तों में सचितानंद चौधरी, दीनानाथ चौधरी, जोगी कुमार सिंह, गंगा कुमार महतो, रविंद्र कुमार, राजेश कुमार चौधरी, सुलेखा देवी और कुंदन कुमार महतो शामिल हैं। पुलिस इस गिरोह के अन्य संभावित सदस्यों और उनके नेटवर्क की जांच में जुटी है। इस कार्रवाई को जिले में बढ़ती मोबाइल चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
हरियाणा 5500 पुलिस कॉन्स्टेबल भर्ती को लेकर हरियाणा स्टाफ सिलेक्शन कमीशन (HSSC) की ओर से एक महत्वपूर्ण जानकारी साझा की गई है। कमीशन की ओर से सभी 2.70 लाख अभ्यर्थियों को बताया गया है कि फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) और फिजिकल स्क्रीनिंग टेस्ट (PST) आधार बेस्ड बायोमेट्रिक वेरिफिकेशन होगा। इसके अलावा इस दौरान मोबाइल फोन बैन रहेगा। आयोग के चेयरमैन हिम्मत सिंह की ओर से अपने सोशल मीडिया हैंडल X पर इसको लेकर एक वीडियो भी शेयर किया गया है, जिसमें कहा गया है कि सभी अभ्यर्थी अपना आधार कार्ड अनलॉक करवा लें। लॉक होने की होने स्थिति में अभ्यर्थियों को दिक्कत हो सकती है। यहां सोशल मीडिया की देखिए पोस्ट... आधार कार्ड लॉक क्यों होता है?सुरक्षा कारणों से UIDAI की सुविधा के तहत आधार को Lock/Unlock किया जा सकता है। अगर आपने खुद आधार लॉक किया है या सुरक्षा कारणों से लॉक हो गया है, तो ऑनलाइन या SMS से अनलॉक किया जा सकता है। आधार लॉक होने पर बायोमेट्रिक से ऑथेंटिकेशन नहीं हो पाता। ऑनलाइन आधार अनलॉक करने की प्रक्रियाUIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाएं — https://uidai.gov.in ‘My Aadhaar’ सेक्शन में जाएं। ‘Lock/Unlock Biometrics’ विकल्प पर क्लिक करें। अपना Aadhaar Number और Captcha दर्ज करें। रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आए OTP को दर्ज करें। ‘Unlock’ विकल्प चुनते ही आपका आधार अनलॉक हो जाएगा। SMS से आधार अनलॉक करने की प्रक्रियाअपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर से मैसेज भेजें, GETOTP <आधार के आखिरी 4 अंक 1947 पर भेजें। OTP मिलने के बाद दूसरा मैसेज भेजें। अनलॉक ओटीपी आधार के आखिरी 4 अंक भेजें, सफल मैसेज के बाद आपका आधार अनलॉक हो जाएगा। जरूरी शर्तें मोबाइल नंबर का आधार से लिंक होना जरूरी है। OTP के बिना आधार अनलॉक नहीं होगा। अनलॉक करने के बाद बायोमेट्रिक ऑथेंटिकेशन सामान्य रूप से काम करने लगेगा। हेल्पलाइन और सहायताहेल्पलाइन नंबर: 1947ईमेल: help@uidai.gov.inनजदीकी आधार सेवा केंद्र पर भी जाकर आधार अनलॉक कराया जा सकता है।
जहानाबाद पुलिस ने लूट के एक बड़े मामले का खुलासा करते हुए चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके पास से लूटे गए दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। यह कार्रवाई एसडीपीओ संजीव कुमार के निर्देश पर की गई। एसडीपीओ संजीव कुमार ने प्रेस वार्ता में बताया कि कुछ दिन पहले रमेश कुमार से मोटरसाइकिल सवार अपराधियों ने मोबाइल और 3500 रुपये छीन लिए थे। इस संबंध में घोसी थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसी तरह, नालंदा निवासी रोशन कुमार से भी अपराधियों ने हथियार के बल पर मोटरसाइकिल और मोबाइल छीन लिया था। थानाध्यक्ष के नेतृत्व में विशेष टीम का गठनपुलिस ने इन घटनाओं के बाद लगातार छापेमारी की। जांच के दौरान पता चला कि लक्ष्मण कुमार उर्फ विकास कुमार और सोनू कुमार घोसी थाना क्षेत्र के अकौना गांव के निवासी हैं। दीपक कुमार नालंदा जिले के नगर नौसा का रहने वाला है, जबकि कुणाल कुमार पटना के रामकृष्ण नगर का निवासी है। इन सभी ने मिलकर इन वारदातों को अंजाम दिया था। एसपी के निर्देश पर घोसी थानाध्यक्ष शैलेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम ने विभिन्न स्थानों पर छापेमारी कर चारों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया। इनके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। लूटी गई स्कूटी को इन अपराधियों ने एक कबाड़ संचालक को बेच दिया था, जिसे भी गिरफ्तार कर लिया गया है। इस गिरोह का एक अन्य सदस्य अभी फरार है, जिसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार छापेमारी कर रही है। जहानाबाद-एकंगरसराय सड़क पर लगातार हो रही लूटपाट की घटनाओं से पुलिस पर दबाव था। इन गिरफ्तारियों के बाद क्षेत्र में अपराध पर अंकुश लगने की उम्मीद है।
जनगणना-2027 के तहत स्व-गणना प्रक्रिया गुरुग्राम में आज (बुधवार) से शुरू हो गई है। इसके तहत नागरिकों को 30 अप्रैल तक अपनी जानकारी स्वयं ऑनलाइन भरने का विकल्प दिया गया है। इसका उद्देश्य जनगणना प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाना है। प्रशासन का मानना है कि इस डिजिटल सुविधा से लोगों की भागीदारी बढ़ेगी और आंकड़ों की सटीकता सुनिश्चित होगी। अतिरिक्त उपायुक्त (एडीसी) सोनू भट्ट ने मीडिया से बात करते हुए बताया कि नागरिक, आधिकारिक पोर्टल se.census.gov.in पर जाकर स्व-गणना कर सकते हैं। पोर्टल पर मोबाइल नंबर के जरिए ओटीपी वेरिफिकेशन के बाद लॉगिन कर पूरी प्रक्रिया आसानी से पूरी की जा सकती है। उन्होंने लोगों से इस सुविधा का लाभ उठाने और समय रहते अपनी जानकारी दर्ज करने की अपील की है। इस तरह की जा सकेगी स्व-गणना उन्होंने बताया कि, स्व-गणना के लिए, सबसे पहले पोर्टल पर राज्य का चयन कर वेरिफिकेशन कोड भरना होगा। इसके बाद रजिस्ट्रेशन में घर के मुखिया का नाम और मोबाइल नंबर दर्ज करना होगा। यह ध्यान रखना आवश्यक है कि एक मोबाइल नंबर से केवल एक ही घर का पंजीकरण संभव है। इसके बाद, 16 भाषाओं में से अपनी पसंदीदा भाषा चुनकर ओटीपी वेरिफिकेशन पूरा करना होगा। फिर जिला और शहर का नाम दर्ज कर मैप पर अपने घर की सही लोकेशन सेट करनी होगी। इसके पश्चात एक विस्तृत प्रश्न-उत्तर सेक्शन खुलेगा। इसमें मकान की संरचना, उपयोग, परिवार के सदस्यों की संख्या, मुखिया का नाम, लिंग, सामाजिक वर्ग, स्वामित्व की स्थिति, कमरों की संख्या, पेयजल स्रोत, बिजली, शौचालय, स्नानघर और गंदे पानी की निकासी जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां भरनी होंगी। इन चीजों की जानकारी देना भी जरुरी इसके अतिरिक्त, रसोईघर, एलपीजी/पीएनजी कनेक्शन, ईंधन, इंटरनेट, मोबाइल, वाहन, कंप्यूटर जैसी सुविधाओं और परिवार द्वारा उपयोग किए जाने वाले मुख्य अनाज की जानकारी भी प्रदान करनी होगी। सभी जानकारी भरने के बाद, उसे ध्यानपूर्वक जांचकर सबमिट करना होगा। सबमिट करने पर एक सेल्फ-एन्यूमरेशन आईडी प्राप्त होगी, जिसे सुरक्षित रखना अनिवार्य है। गणना कर्मी के आने पर यह आईडी दिखानी होगी। एडीसी ने यह भी बताया कि जनगणना दो चरणों में संपन्न होगी। पहला चरण 1 से 30 मई 2026 तक मकान सूचीकरण का होगा, जबकि दूसरा चरण 9 से 28 फरवरी 2027 तक जनगणना का होगा। इस अवसर पर जिला समन्वयक देवेश बंसल भी उपस्थित थे।
दुर्ग जिले के जामगांव आर थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने ग्राम बटरेल के राजा तालाब शिव मंदिर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसके पास से भारी मात्रा में गांजा और नगदी बरामद हुई है। पुलिस के मुताबिक 14 अप्रैल को पुलिस को जानकारी मिली थी कि ताराचंद देवांगन नाम का व्यक्ति मंदिर के पास गांजा बेच रहा है। सूचना पर पुलिस ने टीम बनाकर मौके पर पहुंची। यहां पर आरोपीगांजा बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में था। पुलिस ने उक्त व्यक्ति को पकड़ा। जिसने पूछताछ में अपना नाम ताराचंद देवांगन, उम्र 50 साल, निवासी तरिया पारा, ग्राम बटरेल बताया। पुलिस ने तलाशी ली तो मिला गांजातलाशी के दौरान आरोपी के पास एक लाल रंग की प्लास्टिक बोरी मिली। जब बोरी की जांच की गई तो उसमें सूखा हरा गांजा मिला। मौके पर ही गांजे का वजन कराया गया, जो 2.500 किलोग्राम निकला। इसकी अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 25 हजार रुपए बताई गई है। इसके अलावा आरोपी के पास से 1300 रुपए नकद और एक विवो कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। आरोपी को पास नहीं थे कोई दस्तावेज नहीं थापुलिस ने आरोपी से गांजा रखने के संबंध में दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कोई वैध कागज नहीं दिखा सका। इसके बाद पुलिस ने गांजा, नकदी और मोबाइल को जब्त कर मौके पर ही सील कर लिया और कब्जे में ले लिया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह गांजा किसी देवानंद सोनवानी नाम के व्यक्ति से खरीदकर लाया था और यहां बेच रहा था। पुलिस ने इस जानकारी के आधार पर आगे की जांच शुरू कर दी है। इसके बाद आरोपी को एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(B) के तहत गिरफ्तार कर लिया गया।
कैथल में युवती की अश्लील वीडियो बनाई:उसी के मोबाइल पर भेजी, रिश्ता तोड़ने का प्रयास
कैथल में पूंडरी थाना के तहत आने वाले एक गांव में लिव इन में रह रही एक युवती के पास अश्लील वीडियो भेजने का मामला सामने आया है। पास के ही एक गांव निवासी युवक ने उससे कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन बाद में आपसी मतभेद के चलते अलग हो गए। जब वह युवती किसी दूसरे लड़के के साथ लिव इन में रहने लगी तो आरोपी ने अपने साथ बनाई गई उसकी अश्लील वीडियो लड़की के पास भेज दी ताकि उसका दूसरे लड़के के साथ रिश्ता खत्म हो जाए। इस संबंध में लड़की ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ केस कर लिया है। वैवाहिक जीवन के दौरान वीडियो बनाई पूंडरी क्षेत्र के गांव निवासी करीब 26 वर्षीय युवती ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि करीब चार साल पहले उसने रोहतास नामक युवक के साथ कोर्ट मैरिज की थी, लेकिन बाद में उनके आपसी मतभेदों के चलते उन्होंने तलाक के कागजात तैयार करवा लिए। उनके वैवाहिक जीवन के दौरान आरोपी ने अपने साथ उसकी अश्लील वीडियो बना ली। उसका करीब 2 साल का एक बेटा भी है। रिश्ता खत्म करने का प्रयास अब वह एक अन्य युवक के साथ लिव इन रिलेशन में कैथल से बाहर रहने लग गई थी। आरोपी रोहतास ने उसके पास पहले बनाई गई अश्लील वीडियो भेज दी ताकि उसका दूसरे लड़के के साथ रिश्ता खत्म हो जाए। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। पूंडरी थाना एसएचओ शिवकुमार ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आईटी एक्ट व अन्य धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
तरनतारन पुलिस के सीआईए स्टाफ ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 3 किलो 915 ग्राम हेरोइन बरामद की है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इस हेरोइन की कीमत करीब 20 करोड़ रुपए आंकी गई है। पुलिस ने आरोपी के पास से हेरोइन के साथ एक बाइक और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया है। सरहाली थाने में मामला दर्ज कर आरोपी को चार दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है, जिससे कई और खुलासे होने की संभावना है। नाकाबंदी पर रोका गया आरोपी युवक एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि सीआईए स्टाफ तरनतारन पुलिस सरहाली पट्टी रोड पर टी-पॉइंट पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक बाइक सवार को रुकने का इशारा किया गया। तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल सवार के पास से हेरोइन और मोबाइल फोन बरामद हुआ। एसएसपी लांबा ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की पहचान आकाशदीप सिंह उर्फ आकाश के रूप में हुई है, जो तरनतारन जिले के गांव सीतो मेह, झुग्गियां का निवासी है। पुलिस अब आरोपी से यह पूछताछ कर रही है कि हेरोइन की यह बड़ी खेप उसे कहां से मिली, यह कैसे लाई गई और इसे आगे कहां सप्लाई किया जाना था।
टीकमगढ़ के दिगौड़ा थाना क्षेत्र में बुधवार को एक युवती ने पुलिस पर अभद्रता करने का आरोप लगाया है। युवती अपने पिता के साथ मारपीट की शिकायत लेकर थाने पहुंची थी। इस घटना का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें एक महिला आरक्षक युवती से मोबाइल छीनती नजर आ रही है। पुलिस पर पिता से मारपीट का लगाया आरोप युवती ने आरोप लगाया कि पुलिस ने उसके पिता के साथ मारपीट की। जब उसने इसका विरोध किया, तो महिला आरक्षक ने जबरन उसका मोबाइल छीन लिया। यह पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। हालांकि, दिगौड़ा थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने युवती के आरोपों को गलत बताया है। उन्होंने कहा कि युवती के पिता की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया गया है और मोबाइल छीनने के आरोप निराधार हैं। पेड़ काटने और बल्ली उखाड़ने को लेकर दो पक्षों में विवाद यह पूरा मामला ग्राम बम्होरी निवासी शिवानी अहिरवार के पिता और उनके पड़ोसियों के बीच चल रहे जमीनी विवाद से जुड़ा है। पेड़ काटने और बल्ली उखाड़ने को लेकर दोनों पक्षों में विवाद हो गया था, जिसके बाद वे पुलिस थाने पहुंचे थे। शिवानी अहिरवार ने बताया कि उनके पिता बच्चू लाल अहिरवार की जमीन राय ढाबा के पास है। पड़ोसियों नंदकिशोर अहिरवार, ब्रजकिशोर, बबलू, आशीष, शिवम अहिरवार और ब्रजलाल बाबू ने खेत पर लगे पेड़ काटने शुरू कर दिए और बल्लियां उखाड़ दीं। इसी बात पर बच्चू लाल का उनसे विवाद हो गया। युवती बोली-पिता को थाने में बैठाया, उनसे अभद्रता की विवाद बढ़ने पर बच्चू लाल अपनी पत्नी और पुत्र के साथ रिपोर्ट दर्ज कराने दिगौड़ा थाना पहुंचे। शिवानी के अनुसार, पुलिस ने उन्हें थाने में बैठा लिया। इसके बाद युवती ने दिगौड़ा पुलिस पर अभद्रता और बदसलूकी के आरोप लगाते हुए दो वीडियो वायरल किए। थाना प्रभारी मनीष मिश्रा ने बताया कि ग्राम बम्होरी में पेड़ काटने के विवाद को लेकर दोनों पक्षों के खिलाफ कार्रवाई की गई है। उन्होंने यह भी बताया कि एक पक्ष के फरियादी आशीष (पिता बाबूलाल अहिरवार, उम्र 25 वर्ष, निवासी बम्हौरी) ने शिकायत दर्ज कराई है। आशीष ने बताया कि वह अपनी जमीन के पेड़ छांट रहा था, तभी बच्चू लाल अहिरवार और उनका लड़का बिजय अहिरवार आकर विवाद करने लगे।
मरवाही वनमंडल के मरवाही और दानीकुंडी के बीच सड़क पर भालू दिखाई दिया। भीषण गर्मी के कारण जंगल से निकलकर भालू सड़क किनारे अठखेलियां कर रहा था, जिसे लोगों ने अपने मोबाइल कैमरे में कैद कर लिया। यह घटना तब हुई, जब हॉस्पिटल ब्लड मेडिसिन संस्था के संस्थापक आलोक तिवारी अपने साथी अविनाश मिश्रा के साथ मरवाही से लौट रहे थे। उन्होंने सड़क किनारे भालू को घूमते देखा। आलोक तिवारी ने तुरंत अपने मोबाइल में इस पल का वीडियो बना लिया। विशेषज्ञों और स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार जंगलों में बढ़ती गर्मी के कारण जल स्रोतों के सूखने और भोजन की तलाश में जंगली जानवर अक्सर बस्तियों और सड़कों की ओर आ जाते हैं। वहीं वन विभाग ने स्थानीय लोगों और राहगीरों को सतर्क रहने की सलाह दी है। अधिकारियों ने अपील की है कि जंगली जानवरों के करीब न जाएं और उन्हें परेशान करने की कोशिश न करें। सुरक्षा के लिए उनसे उचित दूरी बनाए रखना आवश्यक है।
देवघर जिले के मधुपुर अनुमंडल में मोबाइल झपट्टामार गिरोह के खिलाफ पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। मधुपुर थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गिरोह के सक्रिय सदस्य शहजाद शेख (25) को लालगढ़ क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी का एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है, जिसे उसने हाल ही में एक राहगीर से छीना था। पुलिस के अनुसार, शहजाद शेख लंबे समय से इस तरह की घटनाओं को अंजाम दे रहा था और पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई थी। गुप्त सूचना के आधार पर मधुपुर पुलिस ने छापेमारी कर उसे दबोच लिया। गिरफ्तारी के बाद आरोपी से पूछताछ की गई, जिसमें उसने कई वारदातों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। बताया जाता है कि आरोपी तेज गति से बाइक चलाकर सुनसान या भीड़भाड़ वाले इलाकों में राहगीरों को निशाना बनाता था। वह विशेष रूप से महिला राहगीरों को अपना आसान शिकार समझता था और उनके हाथ से मोबाइल फोन झपट कर मौके से फरार हो जाता था। उसकी इस हरकत से क्षेत्र में दहशत का माहौल बना हुआ था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद उसका मेडिकल जांच कराया और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। पुलिस अब उससे जुड़े अन्य गिरोह के सदस्यों और संभावित सहयोगियों के बारे में भी जानकारी जुटा रही है, ताकि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश किया जा सके। मधुपुर पुलिस की इस कार्रवाई से स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली है। पुलिस प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे सतर्क रहें और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें, ताकि अपराध पर प्रभावी नियंत्रण रखा जा सके।
आर्थिक अपराध इकाई (ईओयू) ने किशनगंज के नगर थानेदार (अब लाइन हाजिर) अभिषेक कुमार रंजन के पटना, किशनगंज और सारण के 5 ठिकानों पर एक साथ छापेमारी की। टीम ने मंगलवार की सुबह पटना के रामकृष्णा नगर, किशनगंज स्थित सरकारी आवास, सरकारी कार्यालय, सारण स्थित पैतृक आवास और सारण में उमानगर स्थित आवास में रेड की। 2009 बैच के दरोगा अभिषेक पर ईओयू ने आय से 115.66% अधिक संपत्ति (डीए केस) का मामला दर्ज किया है। 17 साल के करियर में थानेदार ने 50 करोड़ की चल-अचल संपत्ति बनाई है। बताया जाता है कि थानेदार डील होने पर कैश सीधे लेने के बजाय एक चाय दुकान पर पैसे रखवाता था। जिसे बाद में दूसरी जगह भेजा जाता था। छोटी रकम चालक और मुंशी के जरिए वसूली जाती थी। अभिषेक रंजन का कनेक्शन किशनगंज के जमीन, बालू और शराब माफिया से है। अभिषेक ने इन माफियाओं से मोटी रकम कमाई और जमीन-जायदाद खरीदी। पत्नी और साले के नाम खरीदी जमीन किशनगंज से लगभग 100 किलोमीटर दूर पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में पत्नी के नाम पर लगभग सात कट्ठा जमीन और साले के नाम पर जमीन और मकान खरीदे जाने की जानकारी मिली है। इसके अलावा पटना के रामकृष्ण नगर में उनका पहले से एक दो मंजिला मकान भी है।। अब रेड से जुड़ी कुछ तस्वीरें… दार्जिलिंग रोड पर छह कट्ठा जमीनजांच में पाया गया है कि थानेदार के पास बागडोगरा-सिलीगुड़ी के दार्जिलिंग रोड पर छह कट्ठा जमीन है। यह जमीन करीब 17 लाख रुपए प्रति कट्ठा की दर से खरीदी गई और इसके लिए 84 लाख रुपए कैश भुगतान की बात सामने आई है। मुजफ्फरपुर के अहियापुर थाना क्षेत्र के चंदवारा में वर्ष 2015 में तीन कट्ठा जमीन खरीदी गई।तलाशी में अभिषेक रंजन और उनकी पत्नी के बैंक खातों में लगभग 8.5 लाख रुपए कैश मिला है। इसके अलावा एलआईसी में सालाना करीब एक लाख रुपए निवेश, म्यूचुअल फंड और शेयर में लगभग 20 लाख रुपए निवेश के सबूत मिले हैं। हाल ही में अभिषेक अपनी पत्नी के साथ पांच दिन के लिए मुंबई गया था। वहां वो ताज होटल में लग्जरियस रूम में ठहरे थे। छापेमारी में दरोगा के पास क्या क्या मिला निलंबित एसडीपीओ गौतम ने अभिषेक की किशनगंज में कराई थी पोस्टिंग किशनगंज के निलंबित एसडीपीओ गौतम का अभिषेक रंजन काफी करीबी थानेदार थे। गौतम ने किशनगंज रह चुके एक एसपी से कहकर अभिषेक की पोस्टिंग किशनगंज टाउन थाने में कराई थी। शराब, जमीन और बालू माफियाओं के साथ गौतम और अभिषेक ने मिलकर काली कमाई की। जहां गौतम ने निवेश किया वहां अभिषेक ने भी। गौतम और अभिषेक का किशनगंज में कार्यालय और सरकारी आवास पास में ही है पर हर दिन दोनों के बीच 40-50 बार बात होती थी। गौतम के मोबाइल के सीडीआर से ही अभिषेक का पता चला था। अभी किशनगंज के और पुलिस अधिकारी ईओयू के राडार पर हैं। अब जानिए 100 करोड़ कमाने वाले SDPO गौतम के बारे में सस्पेंडेड डीएसपी गौतम कुमार ने भ्रष्टाचार कर 100 करोड़ रुपए की संपत्ति बनाई। मामले की जांच EOU कर रही है। इस बीच एक सवाल चर्चा में है कि गौतम की कितनी गर्लफ्रेंड थी? गौतम ने पूर्णिया की रूबी कश्यप से पहले प्यार फिर शादी की। चुनाव लड़ने के लिए मुस्लिम गर्लफ्रेंड शगुफ्ता शमीम को फंसाया। उसके लिए 7 महंगी जमीनें खरीदी। इस बीच गौतम की एक और करीबी महिला बेचनी (मुस्लिम) के बारे में जानकारी मिली है। उसने बेचनी के लिए भी संपत्ति खरीदी। उसे पटना वाले घर लाया था> गौतम ने पुलिस अधिकारी से माननीय बनने की प्लानिंग कर रखी थी। रिटायरमेंट के बाद बिहार की राजनीति में कदम रखने वाला था। काली कमाई के रुपयों के दम पर एक पॉलिटिकल पार्टी से टिकट लेकर विधानसभा का चुनाव लड़ने जा रहा था। इसके लिए किशनगंज क्षेत्र चुन रखा था। नाम नहीं छापने की शर्त पर गौतम के कुछ करीबियों ने इस बात की पुष्टि की है। सूत्रों की मानें तो गौतम लंबे समय से पुलिस अधिकारी से विधायक बनने का सपना संजो रखा था। वह धीरे-धीरे इस ओर बढ़ रहा था। इसमें उसका साथ उनकी मुस्लिम गर्लफ्रेंड शगुफ्ता शमीम दे रही थी। दरअसल, मुस्लिम समाज के लोगों के वोट लेने के लिए उसने शगुफ्ता को गर्लफ्रेंड बनाया। पत्नी से अधिक प्रॉपर्टी इसके नाम खरीदी। करीब 10 साल से दोनों के बीच रिश्ता है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें किशनगंज SDPO की पत्नी-प्रेमिका ही नहीं नौकरानी भी करोड़पति:35 लाख की कार से घर का काम करने आती; 6 ठिकानों पर EOU की रेड किशनगंज के SDPO गौतम कुमार के पास 80 करोड़ से अधिक की बेनामी संपत्ति का खुलासा हुआ है। इस मामले में आर्थिक अपराध इकाई (EOU) की कार्रवाई जारी है। शनिवार को EOU की टीम ने SDPO के 6 ठिकानों पर रेड की। इसमें गौतम कुमार के सरकारी आवास, DTO ऑफिस, नौकरानी के किराए के मकान समेत रिश्तेदारों के घर शामिल है। पूरी खबर पढ़ें
जंगलों में फैली आग जवानों ने बुझाई, बचे मोबाइल टावर
भास्कर न्यूज| दंतेवाड़ा बीजापुर जिले के अलग-अलग जंगलों में महीने भर से लगातार एक हजार से ज्यादा जगह आग लग चुकी है, पीड़िया सीआरपीएफ कैंप के पास स्थित सुदा मेट्टा पहाड़ी की 3 टेकरियों के जंगल में आग लग गई, जिससे आसपास के गांव और जिओ मोबाइल टावर खतरे में आ गए। इसकी सूचना मिलने पर पीड़िया कैंप में स्थित सीआरपीएफ की 199 वीं वाहिनी की बी कंपनी के कैंप कमांडर राजीव कुमार तथा कंपनी कमांडर अक्षय झा सहित सहायक कमांडेंट व कंपनी के जवानों ने त्वरित कार्रवाई करते हुए बिना किसी बाहरी सहायता के पानी, मिट्टी, अग्निशमन यंत्र आदि का उपयोग करते हुए आग पर काबू पाने की कोशिश की जिसमें बहुत मुश्किलों का सामना करना पड़ा इस दौरान रात होने की वजह से जवानों को हल्की चोटें भी आई। जवानों ने कड़ी मेहनत कर आग पर सुबह 4 बजे तक काबू पा लिया, अन्यथा आसपास के गांवों तथा हाल ही में आम जनता के लिए संचालित हुआ जिओ टावर आग की चपेट में आ सकते थे। आग 13 अप्रैल की दोपहर लगभग 1 बजे फिर से तेज हो गई जिस पर कुछ ही समय में पीड़िया कैंप में स्थित बहादुर जवानों ने फिर से काबू पा लिया। आग को कैंप की तरफ आने से रोका बल्कि इन पहाड़ियों के आसपास स्थित गांवों तथा मोबाइल टावर को भी आग के हवाले होने से बचाया। जवान 24 घंटे जंगलों पर नजर रखते हैं, जिसकी वजह से पीड़िया में आगजनी से बड़ा नुकसान होने से बच गया। आग कैंप तक पहुंच जाती तो बड़ा नुकसान होता पर जवानों की सतर्कता की वजह से बड़ा हादसा नहीं हो पाया।
मुंडन की तैयारी में कहासुनी, युवक लापता; मोबाइल भी बंद
सलामतपुर| पत्नी और पिता से मामूली कहासुनी के बाद एक युवक लापता हो गया। बुधवार को उसके 18 महीने के बेटे का मुंडन कार्यक्रम रखा गया है। सलामतपुर थाने के मुताबिक प्रहलाद बंजारा, पिता हुकुम सिंह बंजारा, उम्र 25 साल, निवासी भटियाटोला कटसारी घर से बिना बताए चला गया। परिजनों ने बताया कि मुंडन कार्यक्रम के लिए सामान लाने की बात पर प्रहलाद की पिता हुकुम बंजारा और पत्नी रोशनी से कहासुनी हुई थी। इसी बात से नाराज होकर वह घर से निकल गया। काफी तलाश के बाद भी जब उसका पता नहीं चला तो मंगलवार को पिता हुकुम बंजारा थाने पहुंचे। गुम इंसान की रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस से बेटे को खोजने की गुहार लगाई। उन्होंने बताया कि बेटे ने मोबाइल भी बंद कर लिया है।सलामतपुर थाना प्रभारी दिनेश सिंह रघुवंशी ने बताया कि गुम इंसान दर्ज कर लिया गया है। आसपास के थाना क्षेत्रों में युवक की फोटो सहित पूरी जानकारी भेजी गई है। तलाश शुरू कर दी गई है।
मोतिहारी में चोरी के तीन आरोपी गिरफ्तार:पुलिस ने गुप्त सूचना पर पकड़ा, 3 मोबाइल फोन बरामद
मोतिहारी पुलिस ने चोरी के एक मामले का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी आदापुर थाना क्षेत्र से हुई है, जबकि चोरी की घटना सुगौली थाना क्षेत्र में हुई थी। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान कन्हाई कुमार, मो. तफाजुल अंसारी और समीम अख्तर के रूप में हुई है। ये तीनों आदापुर थाना क्षेत्र के निवासी बताए जा रहे हैं। गुप्त सूचना पर छापेमारी की पुलिस के अनुसार, सुगौली थाना क्षेत्र में हुई चोरी की घटना के बाद जांच शुरू की गई थी। तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आदापुर थाना क्षेत्र में छापेमारी कर इन आरोपियों को पकड़ा। तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए गिरफ्तारी के समय पुलिस ने उनके पास से चोरी के तीन मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इन आरोपियों का संबंध किसी बड़े गिरोह से तो नहीं है और क्या इन्होंने अन्य वारदातों को भी अंजाम दिया है। थाना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है। उनसे मिली जानकारी के आधार पर अन्य संभावित आरोपियों की तलाश की जा रही है। मामले में अग्रिम कानूनी कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है।
बुरहानपुर में विश्व प्रसिद्ध दरगाह-ए-हकीमी में सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब का उर्स श्रद्धा और अकीदत के साथ मनाया जा रहा है। इस अवसर पर दाऊदी बोहरा समाज के 53वें धर्मगुरु सैयदना डॉ. मुफद्दल सैफुद्दीन साहब ने बुरहानपुर में शिरकत की। उन्होंने देश के प्रति वफादार रहने और बच्चों को मोबाइल से दूर रखने का संदेश दिया। इस उर्स में भारत सहित पूरे विश्व से कई दाऊदी बोहरा अनुयायी बुरहानपुर पहुंचे हैं। समाज के अनुसार, सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब दाऊदी बोहरा समाज की आध्यात्मिक और रूहानी शख्सियत थे। सैयदी साहब ने कई भाषाओं में पुस्तकें लिखींसैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब का जन्म 1665 में रामपुर में हुआ था। वे अत्यंत विद्वान, धर्मप्रेमी और विनम्र स्वभाव के थे। उन्होंने उर्दू, संस्कृत, फारसी और अरबी भाषाओं में कई पुस्तकें लिखीं, जो आज भी लोगों को प्रेरित करती हैं। 53वें धर्मगुरु सैय्यदना डॉ. मुफद्दल सैफुद्दीन साहब ने दरगाह में जियारत कर पुष्प अर्पित किए। उन्होंने अपने पूर्वज सैयदी अब्दुल कादिर हकीमुद्दीन साहब के उर्स के अवसर पर भारत सहित पूरे विश्व में शांति, सद्भावना और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं कीं। देश के प्रति वफादार रहना देशभक्त की पहचानसैयदना साहब ने उर्स में आए सभी दाऊदी बोहरा समाज के जायरीनों को संबोधित करते हुए कहा कि जिस देश में रहें, उसके प्रति वफादार रहना हमारा कर्तव्य और हर देशभक्त की पहचान है। उन्होंने बच्चों को मोबाइल से दूर रखने की सलाह दी, ताकि उनका ध्यान आध्यात्मिकता और पढ़ाई में लगा रहे, जिससे उनका और देश का भविष्य उज्ज्वल हो। उन्होंने समाजजनों से अपने आसपास साफ-सफाई का विशेष ख्याल रखने और पेड़-पौधे लगाने का भी आग्रह किया, ताकि सभी को स्वस्थ और बेहतर वातावरण मिल सके। समाज द्वारा इन संदेशों को आत्मसात किया जाता है, जिससे एक बेहतर समाज के निर्माण में सहयोग मिलता है।
भिवानी जेल में मोबाइल फोन बरामदगी के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। सीआईए स्टाफ-2 भिवानी ने यह गिरफ्तारी महेंद्रगढ़ जिले से की है। बता दे कि यह कार्रवाई डीएसपी जेल भिवानी द्वारा थाना सदर भिवानी में दी गई शिकायत के आधार पर की गई है। दरअसल यह मामला 28 जनवरी 2026 को जिला कारागार भिवानी में चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान से जुड़ा है। इस अभियान के दौरान जेल परिसर से मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इसके बाद थाना सदर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया था। सीआईए स्टाफ-2 ने आरोपी को पकड़ा मामले में जांच करते हुए सीआईए स्टाफ-2 भिवानी के उप निरीक्षक अशोक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने कार्रवाई की। टीम ने जिला महेंद्रगढ़ से एक आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार किए गए आरोपी की पहचान राहुल निवासी माणढी, जिला महेंद्रगढ़ के रूप में हुई है। कोर्ट ने भेजा जेल पुलिस पूछताछ के दौरान आरोपी राहुल ने खुलासा किया कि उसने जेल में बंद रहने के दौरान यह मोबाइल फोन आरोपी संदीप से लिया था और बाद में उसे वापस कर दिया था। पुलिस टीम ने आरोपी राहुल को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जिला कारागार भेजने के आदेश दिए गए। जिला पुलिस भिवानी जेल सुरक्षा नियमों का उल्लंघन करने वाले व्यक्तियों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई कर रही है। इस मामले में संलिप्त अन्य आरोपियों की भी जांच जारी है।
जबलपुर रेलवे स्टेशन पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान जीआरपी पुलिस ने एक शातिर मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से विभिन्न कंपनियों के छह महंगे मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनकी कुल कीमत लगभग 1 लाख 11 हजार रुपए है। जीआरपी थाना प्रभारी संजीवनी राजपूत ने बताया कि अपराधियों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा था। इसी क्रम में प्लेटफॉर्म नंबर 6 पर चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में उसकी पहचान नाथूराम बर्मन (28) निवासी ग्राम शीतलपुर, थाना शाहपुरा भिटोनी के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके पास से महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपी मोबाइल बेचने की फिराक में था, लेकिन वह इन फोनों से संबंधित कोई बिल या वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पुलिस ने सभी मोबाइल जब्त कर आरोपी नाथूराम बर्मन के खिलाफ धारा 317(2) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नाथूराम बर्मन थाना निगरानी बदमाश है और उसके खिलाफ चोरी तथा अन्य मामलों के करीब 18 प्रकरण पहले से ही दर्ज हैं। पूछताछ में उसने कबूल किया कि वह 20 से 30 हजार रुपए के मोबाइल फोन को 1 से 2 हजार रुपए में बेच देता था। वह अब तक एक दर्जन से अधिक फोन विभिन्न गांवों और स्टेशन के यात्रियों को बेच चुका है।
नीमच में ऑनलाइन सट्टा लगाते तीन आरोपी गिरफ्तार:1 लाख नकद, 3 मोबाइल और लाखों का हिसाब जब्त
नीमच में आईपीएल सीजन के दौरान ऑनलाइन सट्टा माफियाओं के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नीमच कैंट पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने हवाई पट्टी और जवाहर नगर क्षेत्र से तीन आरोपियों को ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा लगाते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 1 लाख 1 हजार रुपये नकद, 3 मोबाइल फोन और लाखों रुपये के डिजिटल लेनदेन का हिसाब जब्त किया है। पुलिस अधीक्षक अंकित जायसवाल के सख्त निर्देशों के बाद जिले में जुआ-सट्टा रोकने के लिए पुलिस टीम अलर्ट पर थी। इसी क्रम में एएसपी नवल सिंह सिसोदिया और सीएसपी किरण चौहान के मार्गदर्शन में गठित विशेष टीम को सतगुरु बेकरी के पीछे मोबाइल पर सट्टा चलाने की सूचना मिली थी। थाना प्रभारी सौरभ शर्मा और साइबर सेल प्रभारी प्रदीप शिंदे की टीम ने घेराबंदी कर दबिश दी, जहां तीन युवक संदिग्ध हालत में पाए गए। पकड़े गए आरोपियों की पहचान मनीष गुर्जर (24), हिमांशु सुंगधी (27) और यश सांवरिया (21) के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि आरोपी www.lotus7book.com जैसी वेबसाइट्स के माध्यम से आईडी बनाकर लोगों को अधिक मुनाफे का लालच देते थे। यह गिरोह आम लोगों से पैसा लगवाकर अवैध लाभ कमा रहा था। मनीष गुर्जर हवाई पट्टी रोड, हिमांशु सुंगधी जवाहर नगर और यश सांवरिया बघाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस अब इस गिरोह से जुड़े अन्य फरार सदस्यों की तलाश में जुटी है। अपराध समीक्षा बैठक में सभी थाना प्रभारियों को आईपीएल के दौरान सट्टे की गतिविधियों पर जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाने के स्पष्ट निर्देश दिए गए हैं। पकड़े गए आरोपियों से पूछताछ जारी है, जिससे एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होने की संभावना है।
इंदौर शहर कांग्रेस अध्यक्ष और नगर निगम नेता प्रतिपक्ष चिंटू चौकसे का मोबाइल हैक हो गया। उनके वाट्सऐप का इस्तेमाल कर उनके परिचितों से पैसों की डिमांड की जा रही थी। जब उन्हें इसका पता चला तो वे तुरंत क्राइम ब्रांच पहुंचे और मामले की शिकायत की। हैकर ने उनके वाट्सऐप से ही उनके परिचितों को मैसेज कर दिए कि उन्हें पैसों की जरूरत है इसलिए वे पैसे भेजे। हैकर ने 50 से 55 हजार रुपए तक की डिमांड कर दी। चिंटू चौकसे ने बताया कि वे मंगलवार को अपने वार्ड में थे और काम कर रहे थे। इस दौरान उन्हें एक कॉल आया और सामने वाले ने कहा कि उनका पार्सल आया है, लेकिन पार्सल वाले को एड्रेस (लोकेशन) नहीं मिल रहा है आप इस नंबर पर कॉल करके लोकेशन बता दो। पहले तो चिंटू चौकसे को भी आश्चर्य हुआ, क्योंकि उन्होंने कोई ऑर्डर नहीं किया था, फिर उन्हें लगा कि कोई टी-शर्ट का एक्सचेंज होगा। हो सकता है उसे एड्रेस नहीं मिल रहा है। इस पर चिंटू ने संबंधित द्वारा दिए नंबर पर दो से तीन बार कॉल कर दिया, लेकिन उसका फोन नहीं लगा। फोन नहीं लगने पर वे भी अपने काम में लग गए। कॉल आना बंद हो गए, वाट्सऐप पर मांगे रुपए थोड़ी देर बाद उनके मोबाइल पर कॉल आना बंद हो गए। जब घर से उन्हें कॉल किया तो उनका कॉल नहीं लग रहा था। जब इसके बारे में चिंटू चौकसे को पता चला तो वे भी हैरान रह गए। इस दौरान हैकर ने उनके वाट्सऐप का इस्तेमाल कर परिचितों को मैसेज करना शुरू कर दिए कि उन्हें पैसों की अर्जेंट जरूरत है और वे पैसे भेज दे। हैकर ने 50 से 55 हजार रुपए की डिमांड लोगों से की। क्राइम ब्रांच डीसीपी के पास पहुंचे इसके बाद लोगों ने चिंटू चौकसे से संपर्क किया और उनसे पूछने लगे कि ऐसा क्या हो गया है कि आपको पैसों की जरूरत आ गई। लोगों के संपर्क करने पर चिंटू चौकसे समझ गए कि उनका वाट्सऐप हैक हो गया है। जिसके बाद वे डीसीपी क्राइम ब्रांच ऑफिस पहुंचे और मामले की जानकारी देते हुए शिकायत की। साथ ही उन्होंने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है।
शिक्षक के साथ साइबर फ्रॉड हुआ है। ठगों ने मोबाइल हैक कर 3 दिन में 5 बार में शिक्षक के खाते से 2.50 लाख रुपए निकाल लिए। ठगी का पैसा कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल, महाराष्ट्र के पांच खोतों में ट्रांसफर हुआ। पैसे कटने का मैसेज देखकर शिक्षक ने 1930 पर शिकायत की। 50 दिन बाद कंपू थाना पुलिस ने FIR दर्ज की है। न्यू विजय नगर निवासी 38 वर्षीय दीपक शर्मा प्राइवेट कोचिंग सेंटर चलाते हैं। 20 से 22 फरवरी के बीच उनका मोबाइल हैक हुआ और UPI के जरिए पैसे कटते रहे। 20 फरवरी को 50-50 हजार रुपए दो बार निकाले। 21 फरवरी को 50 हजार रुपए और 22 फरवरी को 49,999 और 50 हजार रुपए निकाले। कुल 2,49,999 रुपए ठगों ने पार कर दिए।ठगों ने यह रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की। ये खाते कर्नाटक, तमिलनाडु, केरल और महाराष्ट्र के हैं। पैसे कटने के मैसेज मिलने पर दीपक ने 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। एसपी ऑफिस में भी आवेदन दिया। शिकायत के बाद 50 दिन बाद कंपू थाना पुलिस ने FIR दर्ज की। केस दर्ज किया, खातों की भी जुटा रहे हैं जानकारी थाना प्रभारी अमर सिंह सिकरवार ने बताया कि जांच के बाद केस दर्ज किया गया है। ठगी की रकम किन खातों में गई है, उसका पता लगाया जा रहा है। जानकारी मिलते ही आरोपी पकड़ में होंगे। अनजान लिंक न करें क्लिक, मोबाइल का बदलें पासवर्ड किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें। OTP और PIN किसी से शेयर न करें। खाते से पैसे कटने का मैसेज आते ही तुरंत बैंक और 1930 पर सूचना दें। मोबाइल हैक का शक हो तो फोन बंद करें, पासवर्ड बदलें और बैंक को बताएं। सावधानी ही साइबर ठगी से बचाव का सबसे बड़ा तरीका है।
ग्वालियर में एक फैशन डिजाइनर से दुष्कर्म के आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा FIR दर्ज होने के बाद से मोबाइल बंद कर फरार हैं। पुलिस आरोपी इंस्पेक्टर की तलाश में लगातार दबिश दे रही है। इसी बीच सोमवार सुबह डीजीपी ने इंस्पेक्टर को पुलिस ट्रेनिंग स्कूल तिघरा से ट्रांसफर कर पुलिस मुख्यालय (पीएचक्यू) अटैच कर दिया है। हैरत की बात यह है कि पुलिस इंस्पेक्टर को फरार मानकर तलाश कर रही है, जबकि वह सोमवार सुबह पीटीएस पहुंचकर रिलीव भी हो गया। अब यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि आरोपी इंस्पेक्टर ने पीएचक्यू में ज्वाइन किया है या नहीं। रेप के आरोपी इंस्पेक्टर के ट्रांसफर और रिलीव होने की पुष्टि एसपी पीटीएस तिघरा अखिलेश रैनवाल ने की है। दरअसल, रविवार रात 38 वर्षीय फैशन डिजाइनर की शिकायत पर पीटीएस तिघरा में पदस्थ इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा के खिलाफ शादी का झांसा देकर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया था। रात में मामला दर्ज होने के बाद सोमवार सुबह डीजीपी मध्य प्रदेश के आदेश पर आरोपी इंस्पेक्टर का पीटीएस तिघरा से पीएचक्यू ट्रांसफर कर दिया गया। आदेश के बाद उसे गुपचुप तरीके से रिलीव भी कर दिया गया। दो टीमें भितरवार और शिवपुरी पहुंचीं पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा मूल रूप से भितरवार के श्रीराम कॉलोनी के निवासी हैं, जबकि उनकी ससुराल शिवपुरी में है। सोमवार को झांसी रोड थाना पुलिस की दो टीमें भितरवार और शिवपुरी रवाना हुईं। दोनों जगह दबिश दी गई, लेकिन आरोपी नहीं मिला। पीड़िता का मेडिकल, कोर्ट में बयान सोमवार को पीड़ित फैशन डिजाइनर का महिला पुलिस ने कमलाराजा अस्पताल में मेडिकल कराया। इसके बाद धारा 164 के तहत कोर्ट में पीड़िता के बयान दर्ज किए गए। पीड़िता ने वही बयान दोहराए, जो उसने झांसी रोड थाना में एफआईआर में दर्ज कराए थे। साथ ही आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। भाजपा नेत्री की करीबी है पीड़िता पुलिस जांच में सामने आया है कि पीड़िता एक भाजपा नेत्री की करीबी है, जो एक मंत्री के साथ रहती हैं। वह उनके साथ कई कार्यक्रमों में भी नजर आ चुकी है। बताया जा रहा है कि शिकायत दर्ज कराने के दौरान पुलिस पर राजनीतिक दबाव भी था। पीड़िता ने लगाए ये आरोप झांसी रोड इलाके की एक पॉश कॉलोनी में बुटीक चलाने वाली 38 वर्षीय फैशन डिजाइनर के पति का जनवरी 2018 में निधन हो चुका है। उसका 9 साल का एक बच्चा भी है। साल 2024 में फेसबुक के जरिए उसकी पहचान टीआई रूपेश शर्मा (पीटीएस तिघरा) से हुई थी। कुछ समय बाद दोनों में बातचीत बढ़ी और नजदीकियां बढ़ गईं। आरोप है कि इंस्पेक्टर ने खुद के शादीशुदा होने की बात छुपाकर महिला को शादी का झांसा दिया। 16 अगस्त 2024 को वह महिला के बुटीक पहुंचा और शादी का झांसा देकर उसके साथ जबरन संबंध बनाए। विरोध करने पर उसने शादी का आश्वासन दिया। इसके बाद वह लगातार उसके साथ संबंध बनाता रहा। वर्तमान में पीड़िता 9 महीने की गर्भवती है। जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया, तब आरोपी ने खुद के शादीशुदा होने की बात बताई। इसके बाद विवाद हुआ और पीड़िता ने थाने में शिकायत दर्ज कराई। यह खबर भी पढ़ें… इंस्पेक्टर ने फैशन डिजाइनर से किया रेप, FIR ग्वालियर के एक पुलिस इंस्पेक्टर के खिलाफ फैशन डिजाइनर ने झांसी रोड थाना में दुष्कर्म का मामला दर्ज कराया है। आरोपी इंस्पेक्टर रूपेश शर्मा पुलिस ट्रेनिंग स्कूल (पीटीएस) तिघरा में पदस्थ हैं। शिकायत 38 वर्षीय महिला 9 महीने की गर्भवती है। पूरी खबर यहां पढ़ें...
लखनऊ के वजीरगंज थाना क्षेत्र में सोमवार को सिविल कोर्ट गेट नंबर-2 के सामने एक व्यक्ति मोबाइल टावर पर चढ़कर आत्महत्या की धमकी देने लगा। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर सर्विस की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद युवक को सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक और उसकी पत्नी को गिरफ्तार कर लिया है। इंस्पेक्टर वजीरगंज राजेश त्रिपाठी ने बताया पुलिस टीम गश्त पर थी, तभी सूचना मिली कि एक व्यक्ति टावर पर चढ़ गया है। मौके पर पहुंचने पर राजू सैनी नाम का युवक टावर पर चढ़ा मिला, जबकि नीचे उसकी पत्नी भावना सैनी मौजूद थी। राजू संविदा पर परिवहन विभाग में ड्राइवर था। उसे काम से हटा दिया गया है। इस वजह से वह टावर पर चढ़ा था। समझाने पर नहीं माना, कूदने की देता रहा धमकी पुलिस ने युवक को नीचे उतरने के लिए काफी समझाया लेकिन वह परिवहन विभाग और अन्य अधिकारियों के खिलाफ अभद्र भाषा का इस्तेमाल करते हुए उन्हें मौके पर बुलाने की जिद करता रहा। इस दौरान वह बार-बार कूदकर आत्महत्या करने की धमकी देता रहा। मौके पर मौजूद पत्नी शांत कराने के बजाय फोन पर उकसाने का काम कर रही थी, जिससे स्थिति और गंभीर हो गई। समझा-बुझाकर उतारा गया सीएफओ अंकुश मित्तल का कहना है रेस्क्यू स्थिति बिगड़ती देख फायर सर्विस की हाइड्रोलिक प्लेटफॉर्म मंगाई गई। हालांकि, समझाकर उसे नीचे उतार लिया गया। हाईड्रोलिक प्लेटफॉर्म का प्रयोग नहीं करना पड़ा। इस घटना से कोर्ट परिसर में कुछ देर के लिए दहशत और आक्रोश का माहौल बन गया। पहले भी कर चुका है ऐसी हरकत जांच में सामने आया है कि नौकरी को लेकर राजू सैनी पहले भी कई बार इस तरह की घटनाएं कर चुका है। साल 2023 और 2024 में अलीगढ़ और गौतमपल्ली क्षेत्र में भी वह टावर पर चढ़ चुका है। पुलिस ने उसे और उसकी पत्नी को को गिरफ्तार कर लिया है। हर बार
कीपैड मोबाइल जरिए पुलिस हत्यारों तक पहुंची:जादू-टोने के शक में हत्या, तीन आरोपी गिरफ्तार
इंदौर के केट रोड पर शनिवार रात एक युवक की सिर पर पत्थर मारकर हत्या करने के मामले में पुलिस ने सोमवार तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। शव के पास मिले कीपैड फोन के आधार पर पुलिस ने युवक की पहचान की और आरोपियों तक पहुंच सकी। राजेंद्र नगर पुलिस के मुताबिक, शनिवार रात एक युवक के सिर पर पत्थर मारकर उसकी हत्या कर दी गई थी। युवक कुंदन नगर के शराब दुकान के पास मैदान में गंभीर हालत में मिला था। पुलिस ने उसे इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे एमवाय अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शुरुआत में मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी, लेकिन बाद में पुलिस ने जांच के दौरान उसकी पहचान कर ली। डीसीपी कृष्ण लालचंदानी ने बताया कि घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। घटना स्थल पर सीसीटीवी कैमरे नहीं थे और मृतक की पहचान भी नहीं हो पा रही थी, जिससे पुलिस को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। पुलिस को मौके से बिना सिम कार्ड के दो कीपैड मोबाइल मिले थे। मृतक की पहचान के लिए पुलिस ने दोनों मोबाइल का फॉरेंसिक एनालिसिस किया। कीपैड मोबाइल में जो कॉन्टैक्ट थे, उन्हें निकाला गया। पुलिस ने उन नंबरों से मृतक की जानकारी जुटाना शुरू किया। इससे लग रहा था कि मृतक सागर का हो सकता है। आगे जांच में और जानकारी मिली, जिससे उसकी पहचान स्पष्ट हो गई। मृतक की पहचान गोलू उर्फ कृष्णकुमार (28) अहिरवार, निवासी मकरोनिया, सागर के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों से जानकारी ली। मृतक की पत्नी से भी पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने कुछ संदिग्धों की जानकारी दी। पत्नी से मिली संदिग्धों की जानकारी की लिस्ट तैयार की डीसीपी लालचंदानी ने बताया कि पत्नी से मिली जानकारी के बाद संदिग्धों की लिस्ट बनाकर काम शुरू किया गया, जिसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंच सकी। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को पकड़ा है। इसमें विकास कोसे (28), कृष्णा भिड़े (22) और भूरा उर्फ भूरिया (30) अहिरवार को पकड़ा गया है। वारदात के बाद विकास कोसे अपने गांव बैतूल भाग गया था। पुलिस ने उसे बैतूल से पकड़ा, जबकि भूरा को धार से और कृष्णा को कुंदन नगर से पकड़ा। काम के बाद शराब दुकान पहुंचे थे उन्होंने बताया कि तीनों आरोपी मिस्त्री का काम करते हैं। घटना वाली रात वे हवा बंगला से काम करके शराब दुकान पर पहुंचे थे, जहां उन्होंने शराब पी और खाली मैदान में जाकर बैठ गए थे। यहीं पर उनका गोलू से विवाद हुआ, जिसके बाद उन्होंने गोलू का सिर कुचलकर हत्या कर दी। पूछताछ में मुख्य आरोपी विकास कोसे ने बताया कि उसे मृतक पर जादू-टोना करने का शक था। इसी शक के चलते वह बार-बार गोलू से पूछताछ करता था। घटना वाले दिन शराब पीने के दौरान विवाद बढ़ गया और उन्होंने ईंट-पत्थरों से हमला कर गोलू की हत्या कर दी।
ई-रिक्शा चालक से लूट, साथी को पीटा:नईगढ़ी रोड पर बाइक सवार तीन बदमाशों ने मोबाइल और नकदी छीने
मऊगंज के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में सोमवार की रात ई-रिक्शा चालक और उसके साथी के साथ लूटपाट और मारपीट हुई। बाइक सवार तीन बदमाशों ने उन्हें रोककर मोबाइल और नकदी छीन ली। विरोध करने पर बदमाशों ने दोनों को बेरहमी से पीटा। फरियादी मनीष कुमार मिश्रा (32), निवासी कलरा टोला, वार्ड क्रमांक 07, थाना नईगढ़ी ने पुलिस को शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि रात करीब 10:20 बजे वह अपने गांव के अंकित मिश्रा के साथ ई-रिक्शा से सवारी छोड़कर लौट रहे थे। लालगंज से आगे नईगढ़ी रोड पर उन्होंने वाहन रोका, तभी एक मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। तीनों बदमाशों ने गाली-गलौज करते हुए ई-रिक्शा के सामने बाइक खड़ी कर दी और जबरन वाहन में बैठ गए। इसके बाद उन्होंने मनीष के साथ मारपीट की। उसकी पेंट की जेब से मोबाइल छीन लिया। बीच-बचाव करने आए अंकित मिश्रा को भी आरोपियों ने लाठी-डंडों से पीटा और 5 हजार रुपए छीन लिए। आरोपियों ने पीड़ितों को धमकी दी कि यदि पुलिस में शिकायत की तो जान से मार देंगे। इसके बाद वे लालगंज तिराहा की ओर फरार हो गए। पीड़ित ने बताया कि आरोपियों में से एक की पहचान डिहिया निवासी विमल गिरी के रूप में हुई है, जबकि दो अन्य अज्ञात हैं। इस घटना में मनीष को कान, गले, छाती और हाथ-पैर में चोटें आई हैं, जबकि अंकित मिश्रा को गले, नाक, हाथ और सिर में चोट लगी है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। थाना प्रभारी नईगढ़ी ऋषि कुमार द्विवेदी ने बताया कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
महासमुंद जिले के बसना में पुलिस ने भारतीय दूरसंचार कार्यालय (BSNL) में चल रहे अवैध जुआ का भंडाफोड़ किया है। इस कार्रवाई में भाजपा के एक पार्षद सहित कुल 4 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। बसना पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि रायपुर बायपास के पास स्थित बीएसएनएल कार्यालय में कुछ लोग जुआ खेल रहे हैं। इस सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और छापामार कार्रवाई की। पार्षद समेत 4 जुआ खेलते गिरफ्तार छापेमारी के दौरान गुरुनानक वार्ड नंबर 8 के भाजपा पार्षद मो. मुजम्मिल (45), सुशील कुमार अग्रवाल (45), गुल्लू खान (29) और संजीत कुमार राज (43) को जुआ खेलते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने मौके से ताशपत्ती, चार मोबाइल फोन और 26 हजार 10 रुपए नकद जब्त किए हैं। जुआ एक्ट के तहत केस दर्ज इस कार्रवाई के बाद पुलिस पर राजनीतिक दबाव बनाए जाने की भी चर्चा सामने आ रही है, जिसमें पकड़े गए आरोपियों को छोड़ने की कोशिश की जा रही है। हालांकि पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है और जांच जारी है।
भारत में इस हफ्ते 6 नए स्मार्टफोन लॉन्च होंगे। इनमें ज्यादातर बजट सेगमेंट के फोन हैं। 13 से 19 अगस्त के बीच रेडमी, रियलमी, इनफिनिक्स, वीवो और ओप्पो अपने नए डिवाइस लॉन्च करेंगी। इन फोन्स में AI फीचर्स के साथ 50 मेगापिक्सल का कैमरा मिलेगा। इसके अलावा 6.3-इंच स्क्रीन भी देखने को मिलेगा। चलिए डिटेल में जानते हैं... इनफिनिक्स नोट 60 प्रो लॉन्च डेट – 13 अप्रैल हफ्ते की शुरुआत इनफिनिक्स नोट 60 प्रो 5G के साथ होगी। इसकी सबसे बड़ी खासियत इसके बैक पैनल पर कैमरा मॉड्यूल के पास दी गई 'एक्टिव मैट्रिक्स डिस्प्ले' है, जो इसे अलग लुक देती है। कंपनी पहली बार इस सीरीज में स्नैपड्रैगन प्रोसेसर का इस्तेमाल कर रही है, जो 6.78-इंच की स्मूथ 144Hz एमोलेड डिस्प्ले के साथ मिलकर बेहतरीन परफॉर्मेंस देगा। फोटोग्राफी के लिए इसमें 50MP का डुअल रियर कैमरा सेटअप है, लेकिन इसकी असली ताकत इसकी 6500mAh की भारी-भरकम बैटरी है। यह फोन न सिर्फ 90W की तेज चार्जिंग और वायरलेस चार्जिंग को सपोर्ट करता है, बल्कि इसमें 'रिवर्स चार्जिंग' की सुविधा भी दी गई है जिससे आप दूसरे छोटे गैजेट्स को भी चार्ज कर सकेंगे। रेडमी A7 प्रो 5G लॉन्च डेट – 13 अप्रैल शाओमी 13 अप्रैल को ही अपना किफायती 5G स्मार्टफोन रेडमी A7 प्रो भारत में लॉन्च करेगी। मात्र ₹15,000 से कम की कीमत आने वाले इस फोन में 6.9-इंच की काफी बड़ी स्क्रीन और 6300mAh की दमदार बैटरी दी गई है, जो फास्ट चार्जिंग को सपोर्ट करती है। फोन लेटेस्ट एंड्रॉयड 16 और हाइपर OS 3 पर काम करेगा, जिसमें गूगल जेमिनी AI और 'सर्कल टू सर्च' जैसे प्रीमियम फीचर्स भी मिलेंगे। फोटोग्राफी के लिए इसमें 32MP का AI डुअल रियर कैमरा सेटअप दिया गया है, जो इसे बजट सेगमेंट में एक स्मार्ट और एडवांस ऑप्शन बनाता है। रियलमी नार्जो 80 लाइट 5G लॉन्च डेट – 14 अप्रैल रियलमी 14 अप्रैल को अपना नया बजट-फ्रेंडली स्मार्टफोन रियलमी नार्जो 80 लाइट 5G लॉन्च करगी। फोन की सबसे बड़ी ताकत 7000mAh बैटरी है, जो न सिर्फ लंबे समय तक चलेगी, बल्कि रिवर्स चार्जिंग के जरिए दूसरे डिवाइस भी चार्ज कर सकेगी। इसमें 144Hz रिफ्रेश रेट वाली 6.8-इंच की बड़ी स्क्रीन और स्मूथ परफॉर्मेंस के लिए मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6300 प्रोसेसर दिया गया है। लेटेस्ट एंड्रॉयड 16 पर चलने वाला यह फोन धूल और पानी की बूंदों से बचाव के लिए IP64 रेटिंग के साथ आएगा, जो इसे ₹15,000 के आसपास के सेगमेंट में एक टिकाऊ और पावरफुल 5G विकल्प बनाता है। वीवो T5 प्रो लॉन्च डेट – 15 अप्रैल वीवो 15 अप्रैल को भारत में अपना अब तक का सबसे बड़ी बैटरी वाला स्मार्टफोन वीवो T5 प्रो लॉन्च करने जा रहा है। इस फोन की सबसे हैरान करने वाली खूबी इसकी 9020mAh की बैटरी है, जो 90W फास्ट चार्जिंग और रिवर्स चार्जिंग सपोर्ट के साथ आएगी। परफॉर्मेंस के लिए इसमें स्नैपड्रैगन 7s जेन 4 चिपसेट और 1.5K एमोलेड डिस्प्ले दी गई है। फोटोग्राफी के लिए इसमें 50MP का सोनी कैमरा सेंसर मिलेगा, वहीं मजबूती के मामले में इसे IP69 प्रो रेटिंग दी जा सकती है, जो इसे पानी और धूल से पूरी तरह सुरक्षित बनाएगी। यह फोन उन लोगों के लिए गेम चेंजर हो सकता है जो बार-बार चार्जिंग की झंझट से छुटकारा चाहते हैं। ओप्पो F33, F33 प्रो लॉन्च डेट – 15 अप्रैल ओपो 15 अप्रैल को अपनी नई F33 सीरीज भारत में उतारने जा रहा है, जिसमें F33 और F33 प्रो 5G मॉडल शामिल होंगे। सीरीज की सबसे बड़ी खासियत इसकी बेहद मजबूत '360-डिग्री आर्मर' बॉडी और IP69K रेटिंग है, जो फोन को गिरने और पानी से सुरक्षित बनाएगी। परफॉर्मेंस के लिए मीडियाटेक डाइमेंसिटी 6360 मैक्स प्रोसेसर और पावर के लिए 7000mAh की बड़ी बैटरी के साथ 80W फास्ट चार्जिंग मिल सकती है। सेल्फी के लिए इसके प्रो मॉडल में 50MP का अल्ट्रा-वाइड फ्रंट कैमरा दिया गया है, जो इस सेगमेंट में एक नया अनुभव होगा।
किशनगंज में ड्यूटी पर मोबाइल बैन:एसपी संतोष कुमार का सख्त निर्देश, उल्लंघन पर होगी कार्रवाई
किशनगंज के पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने जिले की पुलिसिंग को अधिक अनुशासित, जवाबदेह और प्रभावी बनाने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। उन्होंने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि ड्यूटी के दौरान कोई भी पुलिसकर्मी अनावश्यक रूप से मोबाइल फोन का इस्तेमाल नहीं कर सकेगा। यह प्रतिबंध दिन या रात, किसी भी समय की ड्यूटी पर सख्ती से लागू रहेगा। यह निर्देश सिपाही से लेकर सहायक अवर निरीक्षक, अवर निरीक्षक और पुलिस निरीक्षक सहित सभी स्तर के पुलिसकर्मियों पर लागू होगा। एसपी ने किशनगंज सर्किल, बहादुरगंज और ठाकुरगंज सर्किल इंस्पेक्टरों के साथ-साथ सभी थानों के थानाध्यक्षों को लिखित निर्देश भेजे हैं। निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई सर्किल इंस्पेक्टरों को अपने क्षेत्र के पुलिसकर्मियों से इन निर्देशों का अनुपालन सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी सौंपी गई है। एसपी स्वयं या डीएसपी स्तर के अधिकारी समय-समय पर इसकी निगरानी करेंगे। एसपी संतोष कुमार ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि ड्यूटी पर मोबाइल चलाते पकड़े जाने पर संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ अनुशासन की अवहेलना के तहत विभागीय कार्रवाई की जाएगी। गंभीर मामलों में निलंबन की कार्रवाई भी हो सकती है। एसपी को लगातार ड्यूटी के दौरान पुलिसकर्मियों द्वारा अनावश्यक मोबाइल इस्तेमाल की शिकायतें मिल रही थीं, जिससे पुलिस की छवि प्रभावित हो रही थी। कई बार चेतावनी देने के बाद अब एसपी ने लिखित निर्देश जारी कर सख्ती बरती है। अनुशासित आचरण और बेहतर टर्नआउट बनाए रखने पर भी जोर इसके साथ ही, एसपी ने थानाध्यक्षों को गश्ती व्यवस्था सुदृढ़ करने के लिए रूट चार्ट और रोड मैप तैयार करने, बिट गश्ती और पैदल रात्रि गश्ती अनिवार्य रूप से संचालित करने का निर्देश दिया है। गश्ती पदाधिकारियों को आत्मरक्षा के लिए सरकारी हथियार साथ रखना अनिवार्य होगा। ड्यूटी के दौरान अनुशासित आचरण और बेहतर टर्नआउट बनाए रखने पर भी जोर दिया गया है। आम नागरिकों ने इस नए नियम का स्वागत किया है। लोगों का कहना है कि जो नियम आम आदमी के लिए लागू होते हैं, वही पुलिसकर्मियों के लिए भी लागू होने चाहिए। पुलिसकर्मियों के बीच भी इस निर्देश पर चर्चा जारी है।
सब इंस्पेक्टर (SI) भर्ती परीक्षा-2021 तो याद ही होगी...एग्जाम सेंटर से लेकर स्ट्रॉन्ग रूम तक से पेपर लीक हुए। किसी ने डमी कैंडिडेट बैठाकर एग्जाम पास किया तो कोई नकल मारकर थानेदार बना था। नतीजा ये रहा कि पूरी भर्ती परीक्षा ही रद्द हुई। 5 साल बाद 5 और 6 अप्रैल को 1056 पदों पर सब इंस्पेक्टर भर्ती परीक्षा-2025 हुई। एक बार फिर से वही चैलेंज सामने थे। माफिया फिर से एक्टिव थे। राजस्थान SOG की सूझबूझ से अबकी चीटिंग से पहले ही 15 वांटेड दबोचे गए। ब्लूटूथ से नकल, डमी कैंडिडेट या फिर धांधली से जुड़ा कोई भी मामला सामने नहीं आया। इसके लिए SOG ने कई महीने पहले से तैयारी कर रखी थी। धांधली की खबर देने वाले को एक लाख के इनाम की घोषणा हुई। एग्जाम सेंटर पर अभ्यर्थियों की एंट्री के बाद पेपर सेट पहुंचाए गए। एग्जाम के दौरान 1000 से ज्यादा मोबाइल टावरों को सर्विलांस पर लिया गया। परीक्षा के सफल आयोजन के लिए ऐसे 6 प्लान बनाए गए थे। मंडे स्पेशल स्टोरी में पढ़िए- कैसे इस साल के सबसे बड़ी भर्ती परीक्षा में गड़बड़ियों को पहले ही रोक लिया गया... प्लान-1 : मुखबिर तंत्र एक्टिव कियाअप्रैल में एग्जाम से कई महीनों पहले ही एसओजी ने अपने मुखबिर तंत्र को एक्टिव कर दिया था। इससे एसओजी को इनपुट मिले कि अलग-अलग भर्ती परीक्षाओं में डमी कैंडिडेट बनने वाले या नकल करने वाले अभ्यर्थी इस परीक्षा में शामिल हो सकते हैं। इसके बाद एसओजी ने फिल्डिंग जमाई। एग्जाम से पहले प्रदेश के अलग-अलग हिस्सों में छापेमारी कर 15 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनमें कई अभ्यर्थी पूर्व में डमी कैंडिडेट बन चुके थे। कई खुद की जगह डमी कैंडिडेट को एग्जाम में बिठा चुके थे। ज्यादातर वांटेड खुद एग्जाम देने आए थे। एसओजी को इनकी लंबे समय से तलाश थी। प्लान-2 : ब्लूटूथ पर नकेल मार्च 2022 में हाईकोर्ट की लिपिक ग्रेड परीक्षा में कई सेंटरों पर ब्लूटूथ से नकल हुई थी। कई भर्ती परीक्षाओं में ऐसे मामले सामने आ चुके थे। ऐसे में ब्लूटूथ से नकल रोकने के लिए पहली बार 1000 से अधिक मोबाइल टावरों को सर्विलांस पर लिया गया। ये टावर एग्जाम सेंटर के नेटवर्क एरिया (बीटीएस लोकेशन) के ही थी। करीब 1174 से अधिक सेंटर्स बनाए गए थे। जब एग्जाम चल रहा था, तब एसओजी टावरों से होने वाले मोबाइल कॉल, वाई-फाई, ब्लूटूथ कॉल पर निगरानी कर रही थी। प्लान-3 : पहले अभ्यर्थी बाद में पहुंचे पेपरपहले भर्ती परीक्षाओं में पेपर सेट, एग्जाम सेंटर पर 2 से 3 घंटे पहले पहुंच जाते थे। उन्हें परीक्षा केंद्र पर ही बने स्ट्रॉन्ग रूम में रखा जाता था। पिछली कुछ भर्तियों में खुलासा हुआ कि एग्जाम सेंटर से ही पेपर लीक हुए। माफिया इन पेपर को एग्जाम शुरू होने से कुछ देर पहले ही सॉल्व करवा देते थे। सितंबर 2021 में जेईएन भर्ती का पेपर भी इसी तरह एग्जाम सेंटर से ही लीक किया गया था। पहली बार इस तरह का प्लान बनाया, जिसे नकल गैंग नहीं भेद सके। इस बार अभ्यर्थी के सेंटर में पहुंचने के बाद परीक्षा पेपर सेट भेजे गए। आरपीएससी ने 5 अप्रैल और 6 अप्रैल को परीक्षा कराई थी। पहली पारी में परीक्षा सेंटर में सुबह 9 से 10 बजे तक एंट्री थी। पेपर 11 बजे शुरू हुआ था। साढ़े 10 बजे सेंटर पर पेपरों का पहुंचना शुरू हुआ। 30 मिनट में पेपर क्लास में बंटे और अभ्यर्थियों तक पहुंचे थे। इसी प्रकार से दूसरी पारी के पेपर में भी आधा घंटा पहले पेपर पहुंचाए गए। प्लान-4 : नकल गैंग की सूचना देने पर 1 लाख का इनाम SOG ने नकल गैंग, डमी कैंडिडेट की जानकारी देने पर 1 लाख रुपए का इनाम रखा था। इस कारण एसओजी के पास अलग-अलग माध्यम से कई जानकारी सामने आई, जिन पर एसओजी की टीमों ने काम किया। इसका परिणाम ये रहा कि परीक्षा के दौरान दो दिन में कई आरोपी पकड़ में आ सके। जोधपुर के बासनी तंबोलिया सेंटर पर परीक्षा देकर बाहर निकल रहे वांटेड पप्पू राम की गिरफ्तारी भी इसी का नतीजा है। पप्पू राम SI भर्ती- 2021 में नकल के मामले में फरार था। प्लान- 5 : एग्जाम वाले 26 जिलों में भेजी 26 टीमेंSI भर्ती परीक्षा के सेंटर इस बार 26 जिलों में ही रखे गए थे। परीक्षा से पहले ही एसओजी ने 26 जिलों में अपनी टीमें भेज दीं। इससे पूरे जिले में ये मैसेज चला गया कि गड़बड़ी की तो कार्रवाई तय है। एसओजी ने जिला पुलिस की मदद के लिए एक-एक अधिकारी को 26 जिलों में तैनात कर दिया। इसके कारण से न सिर्फ गड़बड़ी करने वाले बल्कि उनका सहयोग करने वाले भी परीक्षा से दूर रहे। प्लान-6 : परीक्षा सेंटर के आसपास साइबर कैफे, वाइफाई पर रखी नजरएसओजी की टीमों ने हर एग्जाम सेंटर के आसपास के 500 मीटर तक के इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया। जहां पर कैफे, वाइफाई फैसिलिटी थी, उन्हें एग्जाम के दौरान बंद रखने के निर्देश दिए। एग्जाम सेंटर के अंदर भी किसी स्टाफ को स्मार्टफोन के साथ एंट्री नहीं दी गई। इस परीक्षा में नहीं हुई किसी भी प्रकार से कोई नकलएडीजी एसओजी विशाल बंसल बताते हैं- इस परीक्षा में 7 लाख 35 हजार से अधिक अभ्यर्थी शामिल हुए। परीक्षा को बिना किसी व्यवधान के पूरा करना सबसे बड़ा चैलेंज था। एसआई भर्ती परीक्षा-2025 के 2 दिन और 4 पारियों में किसी भी प्रकार से डमी कैंडिडेट के बैठने, ब्लूटूथ से नकल या अन्य किसी भी प्रकार की कोई शिकायत सामने नहीं आई। परीक्षा पारदर्शी तरीके से कराने के लिए पहले से तैयारी थी। प्रदेश भर से वांटेड की लिस्ट तैयार कर ली गई थी। DIG पारिस देशमुख ने जिला पुलिस अधीक्षकों को लिस्ट भेजकर पूरा कोआर्डिनेशन किया। एग्जाम सेंटर वाले सभी जिलों में SOG के एक-एक अधिकारी को भेजकर नोडल अधिकारी बनाया गया। इससे एग्जाम में गड़बड़ी करने वाले 15 वांटेड को हम पहले ही अरेस्ट कर पाए। कुछ अन्य प्रयोग भी कामयाब रहे। अब एग्जाम से पहले पकड़े गए वांटेड की डिटेल…. सियाराम मीना : 15 लाख देकर बना था डमी कैंडिडेटअलीगढ़, टोंक निवासी सियाराम मीना ने 15 लाख रुपए देकर डमी कैंडिडेट से SI भर्ती परीक्षा-2021 का पेपर पास करवाया था। डमी कैंडिडेट हनुमान प्रसाद मीणा (अलीगढ़, टोंक) तो पुलिस के हत्थे चढ़ गया था। लेकिन सियाराम मीना फरार था। पुलिस से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था। SOG को सूचना मिली कि सियाराम इस बार खुद SI भर्ती परीक्षा देने आ रहा है। एसओजी ने पूरी डिटेल खंगाली। 5 अप्रैल को टोंक में एग्जाम सेंटर के बाहर परीक्षा देने से पहले ही उसे दबोच लिया। नवलकिशोर मीणा : ब्लूटूथ से की थी परीक्षा में नकल, 11 साल बाद पकड़ाकनिष्ठ लेखाकार एवं तहसील राजस्व लेखाकार भर्ती परीक्षा-2015 में नवलकिशोर मीणा अपने सहयोगियों के साथ ब्लूटूथ किट पहन कर परीक्षा दी थी। खानपुर-दौसा का रहने वाला नवलकिशोर इस मामले में फरार चल रहा था। एसओजी को सूचना मिली कि आरोपी सेंटर में आकर परीक्षा देने का प्लान बना रहा है। उससे पहले ही दौसा से उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह सफलता 11 साल बाद मिली। डमी कैंडिडेट से दिलवाए थे एग्जाम, 5 साल बाद 12 वांटेड एक साथ पकड़े बीएसटीसी (प्री. डीएलएड) भर्ती परीक्षा-2019-20 में 12 कैंडिडेट ऐसे थे, जिन्होंने खुद एग्जाम न देकर डमी कैंडिडेट बिठाकर एग्जाम पास करवाया था। इस मामले में ये वांछित थे। SOG के पास इनका रिकॉर्ड ऑनलाइन था। इस बीच एसओजी को पता चला कि 11 कैंडिडेट उदयपुर में और 1 कैंडिडेट भरतपुर में खुद सब इंस्पेक्टर भर्ती का एग्जाम देने के लिए आ रहे हैं। डीआईजी पारिस देशमुख की ओर से नकल रोकथाम व वांटेड की तलाश में टीमें भेजी गई थीं। टीमों ने 5 अप्रैल को एसआई भर्ती परीक्षा देने आए वांटेड 11 आरोपियों को उदयपुर और एक आरोपी रविन्द्र सिंह को भरतपुर से धर-दबोचा। इनकी एक साथ हुई गिरफ्तारीप्री.डीएलएड भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े मामले में आरोपी जगदीश गमार (27) निवासी फलासिया उदयपुर, जीवतराम मोडिया (23) निवासी बाबलवाड़ा उदयपुर, लक्ष्मी कुमारी (30) निवासी फलासिया उदयपुर, मन्नालाल (26) निवासी फलासिया उदयपुर, मुकेश गमार (25) निवासी फलासिया उदयपुर, लोकेश कुमार (24) निवासी खेरवाड़ा उदयपुर हाल बावलवाड़ा उदयपुर, प्रेम कुमारी (25) निवासी झाड़ोल उदयपुर, राहुल बोड़ात (26) निवासी बाबलवाड़ा उदयपुर, संजय कुमार डामोर (27) निवासी बाबलवाड़ा उदयपुर, विक्रम कुमार (25) निवासी फलासिया उदयपुर, विशाल कुमार बोड़ात (29) निवासी बाबलवाड़ा, उदयपुर और रवींद्र सिंह मुसावत (28) निवासी वैर भरतपुर को अरेस्ट किया गया है। ----------------- ये खबरें भी पढ़िए…
मुखिया से पूछेंगे भोजन लकड़ी से बनता है या गैस पर, मोबाइल की-पैड है या एंड्रॉइड
भास्कर संवाददाता| सीहोर जिले में 16 अप्रैल से जनगणना शुरू होगी। इस बार लोगों को स्व-गणना की सुविधा मिलेगी। नागरिक se.census.gov.in पोर्टल पर अपनी जानकारी खुद दर्ज कर सकेंगे। पोर्टल पर मोबाइल नंबर, ओटीपी से लॉगिन होगा। 16 भाषाओं में 33 सवालों का फॉर्म भरना होगा। 16 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जानकारी भरकर सब्मिट करनी होगी। सब्मिट के बाद मोबाइल पर सेल्फ एन्यूमेरेशन आईडी मिलेगी। यह आईडी 11 से 16 अंकों की होगी। इसे सुरक्षित रखना होगा। 1 मई के बाद घर आने वाले प्रगणक को यह आईडी देना जरूरी होगा। प्रगणक जानकारी की पुष्टि करेगा। इसके बाद जानकारी फ्रीज होगी। प्रगणक खाने में इस्तेमाल होने वाले अनाज के बारे में पूछेंगे। गेहूं, चावल, धान, बाजरा के उपयोग की जानकारी देनी होगी। मोबाइल की-पैड है या एंड्रॉयड, यह भी बताना होगा। इंटरनेट चलाते हैं या नहीं, यह सवाल होगा। घर में कंप्यूटर, लैपटॉप, टीवी, रेडियो है या नहीं, यह भी पूछा जाएगा। मकान में शौचालय है या नहीं, यह जानकारी देनी होगी। खाना लकड़ी पर बनता है या गैस पर, यह भी बताना होगा। दो पहिया, चार पहिया वाहन का उपयोग करते हैं या नहीं, यह सवाल होगा। घर में एयर कंडिशनर लगा है या नहीं, यह भी पूछा जाएगा। जो लोग ऑनलाइन स्व-गणना नहीं करेंगे, उनके घर टीम पहुंचेगी: जो लोग ऑनलाइन स्व-गणना नहीं करेंगे, उनके घर जनगणना टीम पहुंचेगी। टीम मोबाइल से ऑनलाइन जानकारी लेगी। एक मोबाइल नंबर से एक परिवार रजिस्टर होगा। 1 से 30 मई तक मकान सूचीकरण और मकानों की गणना की कार्रवाई होगी। जनगणना में 33 सवालों के आधार पर जानकारी ली जाएगी। नागरिकों के मोबाइल नंबर का उपयोग केवल जनगणना से जुड़े संचार के लिए होगा। नागरिकों की जानकारी सुरक्षित और गोपनीय रहेगी। मुखिया का नाम नहीं बदला जा सकेगा। एक मोबाइल नंंबर से एक ही परिवार रजिस्टर,मुखिया का नाम नहीं बदलेगा
मंत्री कप: शौर्य 11 ने रुद्र मोबाइल को हराया, फाइनल में बनाई जगह
भास्कर संवाददाता| बिलकिसगंज मंत्री कप नाइट क्रिकेट टूर्नामेंट के तहत शनिवार रात दूसरे सेमीफाइनल में शौर्य 11 ने रूद्र मोबाइल को रोमांचक मुकाबले में हराकर फाइनल में जगह बना ली। मैच देखने बड़ी संख्या में दर्शक मैदान में पहुंचे। पूरे मुकाबले में उत्साह बना रहा। टॉस जीतकर शौर्य 11 ने पहले गेंदबाजी चुनी। रूद्र मोबाइल ने 10 ओवर में 6 विकेट पर 105 रन बनाए। शुभम यादव ने 22 गेंदों पर 22 रन बनाए। एक छक्का लगाया। तीन चौके लगाए। जेपी मीणा ने 10 गेंदों पर 30 रन बनाए। तीन छक्के लगाए। तीन चौके लगाए। सुमित सोनी ने 6 गेंदों पर 15 रन जोड़े। एक छक्का लगाया। दो चौके लगाए। शौर्य 11 की ओर से तोसिफ ने 2 ओवर में 18 रन देकर 3 विकेट लिए। मनीष को 1 विकेट मिला। जाकिर को 1 विकेट मिला। फाइनल मुकाबला सोमवार को मंडल साहब 11 से 106 रन के लक्ष्य का पीछा करने उतरी शौर्य 11 ने 9.3 ओवर में 4 विकेट पर मैच जीत लिया। मनीष ने 30 गेंदों पर 54 रन बनाए। चार चौके लगाए। चार छक्के लगाए। हासिम ने 10 गेंदों पर 26 रन बनाए। दो छक्के लगाए। दो चौके लगाए। मनीष को मैन ऑफ द मैच चुना गया। अब फाइनल मुकाबला 13 अप्रैल सोमवार रात मंडल साहब 11 और शौर्य 11 के बीच होगा।
डॉक्टर से मारपीट, कार में तोड़फोड़ की, मोबाइल चुराया
सुखेर थाना क्षेत्र में एक डॉक्टर ने तीन बदमाशों के खिलाफ मारपीट, कार में तोड़फोड़ और मोबाइल चुराने का मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार डूंगरपुर निवासी डॉ. शफा खान ने रिपोर्ट दी कि वह एमबी हॉस्पिटल में चिकित्साधिकारी हैं। शनिवार देर रात 1:30 बजे वह साथी प्रशांत शर्मा और कौशल अग्रवाल के साथ मोहनपुरा स्थित तुलसी ढाबे पर गए थे। पार्किंग में उनकी कार के पास गुजरात नंबर की कार खड़ी थी। उसमें आए तीन बदमाशों ने उनके साथ मारपीट की। फिर पत्थर और लाठी से कार में तोड़फोड़ कर दी। बदमाशों ने उनका आईफोन भी चुरा लिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
आजमगढ़ टोल प्लाजा पर दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट:दर्ज हुआ मुकदमा, मोबाइल से डिलीट करवा दिया वीडियो
आजमगढ़ जिले के रानी की सराय थाना क्षेत्र के कोटिला टोल प्लाजा के पास दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट का मामला सामने आया है। इस मारपीट का वीडियो भी आया है जिसे रानी की सराय थाने की पुलिस ने डिलीट कर दिया। इस घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक दूसरे के खिलाफ थाने में तहरीर दी है। पुलिस मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन में जुटी हुई है। पीड़ित ने दर्ज कराया मुकदमाजिले के गंभीरपुर थाना क्षेत्र के अमौड़ा मोहीउद्दीनपुर गांव निवासी मो. सैफ और मो. सलीम का आरोप है कि शनिवार शाम कोटिला बाजार से सब्जी खरीदकर लौटते समय चकनवा पेट्रोल पंप के पास ट्रक गैराज संचालक मो. सलीम निवासी डुगडुगवां और अन्य लोगों ने उन पर लाठी-डंडों व लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस हमले में वे घायल हो गए और आरोप है कि हमलावरों ने उन्हें जान से मारने की धमकी भी दी। वहीं दूसरे पक्ष के रानी की सराय थाना क्षेत्र के बसीरपुर गांव निवासी सूर्यप्रकाश सिंह ने आरोप लगाया कि अमौड़ा के कुछ लोग उनकी मोटर पार्ट्स की दुकान में घुस आए और हॉकी-डंडों से हमला कर उन्हें बेहोश कर दिया। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि हमलावर दुकान में रखे 47,600 रुपये लूटकर फरार हो गए। मो. सैफ की तहरीर पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है।
खरगोन पुलिस को भोपाल मुख्यालय से रविवार को एक अत्याधुनिक मोबाइल फॉरेंसिक वैन मिली है। इस वैन की मदद से पुलिस गंभीर अपराधों के मामलों में घटनास्थल पर ही वैज्ञानिक साक्ष्य जुटा सकेगी। यह सुविधा पुलिस को 14 प्रकार की विभिन्न जांच रिपोर्ट तैयार करने में भी सहायक होगी। पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवींद्र वर्मा ने इस वैन का शुभारंभ किया। उन्होंने बताया कि आधुनिक पुलिसिंग को मजबूत करने के उद्देश्य से जिलों को नए उपकरण और संसाधन उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इसी क्रम में, घटनास्थल पर वैज्ञानिक साक्ष्य संकलन की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बनाने के लिए खरगोन जिले को यह मोबाइल फॉरेंसिक वैन आवंटित की गई है। इस वैन में लगभग 14 प्रकार की विभिन्न किट उपलब्ध हैं, जो घटनास्थल पर साक्ष्य संकलन और जांच में उपयोगी होंगी। इससे घटना स्थल की बारीकी से जांच, साक्ष्यों का सुरक्षित एवं वैज्ञानिक तरीके से संग्रहण और त्वरित विश्लेषण संभव हो सकेगा। इस नई सुविधा से खरगोन पुलिस की इंदौर, भोपाल और सागर स्थित फॉरेंसिक लैब पर निर्भरता कम हो जाएगी। अब स्थानीय स्तर पर ही कई महत्वपूर्ण जांचें और साक्ष्य विश्लेषण किए जा सकेंगे, जिससे जांच प्रक्रिया में तेजी आएगी।
पलवल में स्मैक के साथ तस्कर गिरफ्तार:पुलिस ने घेराबंदी कर दबोचा, मोबाइल जब्त; NDPS एक्ट में केस दर्ज
पलवल में एंटी नारकोटिक्स टीम ने प्रतिबंधित नशीले पदार्थ स्मैक के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान होडल निवासी मनमोहन उर्फ मन्नू के रूप में हुई है। यह गिरफ्तारी होडल के गढ़ी मोड़ के पास नाकेबंदी के दौरान की गई। एंटी नारकोटिक्स सेल की टीम हसनपुर चौक पर गश्त कर रही थी, तभी उन्हें गुप्त सूचना मिली। सूचना के अनुसार, होडल के खटीक मोहल्ला का मनमोहन उर्फ मन्नू अपनी बाइक पर स्मैक बेचने के लिए गढ़ी मोड़ के पास खड़ा था। पुलिस ने तत्काल घेराबंदी कर बाइक पर बैठे युवक को काबू कर लिया। आरोपी की पैंट की जेब से मिली स्मैक तलाशी के दौरान, आरोपी मनमोहन की पैंट की दाहिनी जेब से एक पॉलिथीन बरामद हुई। इस पॉलिथीन में 10.80 ग्राम स्मैक भरी हुई थी। पुलिस ने बरामद नशीले पदार्थ को सील कर अपने कब्जे में ले लिया है और आरोपी का मोबाइल भी जब्त किया गया है। NDPS एक्ट में केस दर्ज होडल थाना पुलिस ने मनमोहन उर्फ मन्नू के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि आरोपी यह नशीला पदार्थ कहां से लाया था और उसके तार किन-किन तस्करों से जुड़े हुए हैं।
सलूम्बर जिला मुख्यालय के चुंगी नाका क्षेत्र में दिनदहाड़े एक दुकान से चोरी की वारदात सामने आई। चोरों ने दुकान में बैठे बुजुर्ग दम्पति से सामान लेने के बहाने फोन चुरा कर यूपीआई के जरिए करीब 18 हजार रुपए निकाल लिए। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। दुकान मालिक प्रवीण जैन ने बताया - चुंगी नाका स्थित दुकान पर मेरे माता-पिता शोभाग्यमल मालवी और लेहरीबाई बैठे थे। शनिवार शाम करीब 5 बजे दो बदमाश ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचे। उन्होंने कुछ सामान खरीदा और ऑनलाइन पेमेंट करने का बहाना बनाया। देखिए घटना से जुड़ी PHOTOS पेमेंट चेक करने के बहाने देखा पिन इसके बाद चोरों ने दुकानदार से कहा कि उन्होंने पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं, खाता चेक करने लें। जैसे ही शोभाग्यमल ने मोबाइल निकालकर यूपीआई पिन डाला, पास खड़े एक बदमाश ने चालाकी से पासवर्ड देख लिया। इसके बाद दूसरे चोर ने बातों में उलझाकर काउंटर पर रखा मोबाइल उठा लिया और मौके से फरार हो गए। दम्पति को मोबाइल चोरी का पता लगने पर देखा तो बैंक अकाउंट से 18 हजार रुपए गायब थे। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की पहचान कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
सलूंबर जिले के चुंगी नाका क्षेत्र में शातिर बदमाशों ने एक बुजुर्ग दंपति का मोबाइल चोरी कर उनके खाते से करीब 18 हजार रुपए उडा दिए। बुजुर्ग दंपति की किराना की दुकान हैं जहां बदमाश ग्राहक बनकर आए। दुकान से दंपत्ति का मोबाइल चोरी किया। फिर पासवर्ड का इस्तेमाल कर खाते से पैसे निकाल लिए। ये घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसमें बदमाश मोबाइल शातिर तरीके से घटना को अंजाम देते नजर आ रहा है। इधर, घटना के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। आरोपी बोला-पेमेंट कर दिया, चेक करो, तभी देख लिया पासवर्डजानकारी अनुसार बुजुर्ग सौभाग्यमल मालवी की शहर के चुंगी नाका स्थित अपनी जनरल स्टोर की दुकान है। वे अपनी पत्नी लेहरीबाई के साथ दुकान पर बैठे थे। घटना दो दिन पहले की है। जब अज्ञात युवक ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचे। उन्होंने कुछ सामान खरीदा और भुगतान आॅनलाइन करने का बहाना बनाया। बदमाशों ने दंपती से कहा कि उन्होंने पैसे ट्रांसफर कर दिए हैं और खाता चेक करने को कहा। जैसे ही सौभाग्यमल ने मोबाइल निकालकर बैलेंस चेक करने के लिए पासवर्ड (पिन) डाला, पास खड़े बदमाश ने चुपके से पासवर्ड देख लिया। इसके बाद बातों में उलझाकर काउंटर पर रखा मोबाइल लेकर मौके से फरार हो गए। दंपती को मोबाइल चोरी का अहसास होने से पहली ही बदमाशों ने मोबाइल का एक्सेस हासिल कर लिया। पासवर्ड पहले से होने के कारण उन्होंने खाते से करीब 18000 रुपए दूसरे खाते में ट्रांसफर कर दिए। ठगी और चोरी का पता चलते ही बुजुर्ग दंपती हैरान रह गए। बेटे ने सलूंबर थाने में दर्ज कराया मामला पीड़ित दंपती ने घटना की जानकारी अपने बेटे पवन कुमार मालवी को दी। बेटा दुकान पर पहुंचा और पूरा घटनाक्रम पता किया। इसके बाद बेटे ने तुरंत सलूंबर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मुआयना किया और दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज जब्त कर लिए। फुटेज में बदमाशों के चेहरे और उनकी हरकतें साफ नजर आ रही है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है।
‘’80 हजार कर्ज लेकर अपने भाई के साथ अबूधाबी से लौटा हूं। हम दोनों भाई लगातार परिवार के संपर्क में थे। माता-पिता फोन पर कहते थे कि अगर पैसे न हो तो कहो, हम यहां से भेज देते हैं, लेकिन किसी तरह तुम लोग घर लौट आओ। हम दोनों भाई जिस कंपनी में काम करते थे, वहां हर दूसरे दिन मिसाइल और ड्रोन से अटैक होता था। धमाकों की आवाज सुनकर डर भी लगता था। कभी-कभी ऐसा लगता था कि पता नहीं माता-पिता से मुलाकात भी हो पाएगी या नहीं। जिस कंपनी में काम करते थे, वहां के अफसरों से हम दोनों भाई लगातार गुहार लगा रहे थे कि हमें हमारे घर भेज दीजिए। लेकिन कंपनी के अधिकारी कहते थे कि अभी फ्लाइट का किराया ज्यादा है, अभी थोड़ा इंतजार कर लो, जंग खत्म होगी तो भेज देंगे। लेकिन हमने वहां अपने एक दोस्त से कर्ज लिया और फ्लाइट का टिकट करवाकर घर आ गए। दो महीने की सैलरी भी अटक गई, एक महीने की सैलरी फ्लाइट के टिकट में ही चली गई।'' मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड के कथैया गांव के रहने वाले रविंद्र यादव के बेटे 22 साल के लालूबाबू और 21 साल के रंजन कुमार महतो ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, खाड़ी देशों में जंग से बिगड़े युद्ध से बिगड़े हालात के कारण बिहार के कामगार घर लौट रहे हैं। इसी कड़ी में मुजफ्फरपुर के मोतीपुर प्रखंड के रहने वाले पांच कामगार कर्ज लेकर अपने गांव कथैया लौट गए हैं। इनमें लालबाबू कुमार, रंजन कुमार, पंकज कुमार, अजय महतो और रामबाबू महतो शामिल हैं। लालबाबू अपने भाई और अन्य के साथ मुजफ्फरपुर लौटा है। लालबाबू, रंजन महतो आखिरी बार कब गांव आए थे? आबूधाबी में कब से काम कर रहे थे? दोनों भाइयों ने आपबीती में क्या बताया? मुजफ्फरपुर लौटे अन्य लड़कों ने क्या कहा? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। '6X8 के कमरे में दहशत में बैठकर घर लौटने का इंतजार कर रहे थे' लालबाबू ने बताया कि हम दोनों भाई आबूधाबी में साल 2017 से काम कर रहे हैं और बीच-बीच में घर आते रहते हैं। हम दोनों भाई आखिरी बार नवंबर 2024 में आबूधाबी गए थे और अब 18 महीने बाद लौटे हैं। लालबाबू ने बताया कि जंग की वजह से आबूधाबी में हालात ठीक नहीं थे। ईरान की ओर से हर दूसरे दिन मिसाइल और ड्रोन से अटैक किया जा रहा था। हम दोनों भाइयों के अलावा 5 से 6 लड़के 6X8 के कमरे में बैठकर घर लौटने का इंतजार कर रहे थे। रंजन महतो ने बताया कि दिन में दो-दो बार माता-पिता से बातचीत होती थी। पापा तो हालातों को समझ रहे थे, लेकिन मां कभी-कभी इमोशनल हो जाती थी, कहती थी कि बेटा पैसे नहीं हैं तो कहो मैं कर्ज लेकर भेज देती हूं, लेकिन जितना जल्दी हो, तुम दोनों भाई घर लौट आओ। मुझे पैसा नहीं चाहिए, हम लोग जिस हाल में हैं, खुशी-खुशी रह लेंगे, तुम दोनों ही नहीं रहोगे तो हमारा बुढ़ापा कैसे कटेगा? 'माता-पिता से मांग नहीं सकते थे पैसे' लालबाबू ने बताया कि पैसे तो पास में नहीं थे, घर की हालत भी हमें पता थी, इसलिए माता-पिता से पैसे नहीं मांग सकते थे। एक दिन मैंने अपने रूम में रह रहे एक साथी से मदद मांगी और उससे कर्ज लेकर टिकट बुक कराया। फिर मंगलवार की रात करीब 9 बजे पटना एयरपोर्ट पर पहुंचे। लालबाबू ने बताया कि मैं अपने भाई रंजन और गांव के ही तीन अन्य लड़कों के साथ आबूधाबी के दास आईलैंड पर मौजूद एक कंपनी में इलेक्ट्रिशियन का काम करता था। हम लोग जिस कंपनी में काम कर रहे थे, वो आबूधाबी से लगभग 160 किमी उत्तर-पश्चिम में फारस की खाड़ी में स्थित है। कंपनी के अधिकारियों ने कहा- टिकट महंगा है, सस्ता होगा तब घर भेजेंगे लालबाबू ने बताया कि मैंने और अन्य तीन लड़कों ने जंग शुरू होने के बाद कई बार कंपनी के अधिकारियों से गुहार लगाई कि समय रहते हम लोगों को घर भेज दीजिए। पहले तो कंपनी के अधिकारियों ने कई बाहर बहाना बनाया, हर बार कहते थे कि फ्लाइट कैंसिल है, कभी कहते थे कि टिकट कराया था, लेकिन जंग की वजह से टिकट कैंसिल हो गया है। फिर आखिर में कहने लगे कि अभी फ्लाइट का टिकट महंगा है, सस्ता होगा तब घर भेजेंगे। लालबाबू ने बताया कि हमें कुछ समझ नहीं आ रहा था। किसी तरह घर लौटना था, फिर रूम में ही रहने वाले एक साथी से 80 हजार रुपए कर्ज लिया। इसके बाद 40-40 हजार रुपए में अपना और अपने भाई रंजन का टिकट कराकर अपने घर लौटे। वीडियो न बना सकें, इसलिए मोबाइल के पीछे का कैमरा निकाला लालबाबू कुमार ने आबूधाबी के हालातों का जिक्र करते हुए बताया कि हम लोगों के मोबाइल को एक दिन कंपनी में जमा कराया गया। इसके बाद सभी के मोबाइल का पिछला कैमरा निकलवा दिया गया, ताकि हम लोग वीडियो बनाकर किसी को न तो भेज सके, न सोशल मीडिया पर अपलोड कर सके। उन्होंने बताया कि जंग शुरू होने के बाद हर दूसरे दिन आसमान में मिसाइल, रॉकेट और ड्रोन दिखाई देते थे। लालबाबू ने बताया कि मिसाइल आने से करीब दो मिनट पहले मोबाइल पर तेज वाइब्रेशन के साथ मिसाइल अटैक का अलर्ट आता था। अगर हमारा मोबाइल ऑफ होता था, तब भी ये अलर्ट आता था। अलर्ट मिलते ही सभी लोग कमरे से बाहर निकल जाते थे। कुछ देर बाद जब मिसाइल को हवा में ही नष्ट कर दिया जाता, तो फिर मैसेज आता- इट्स सेफ। हालांकि हर बार दिल में डर बना रहता था। पता नहीं कब कौन सा मिसाइल, रॉकेट या ड्रोन जमीन पर गिर जाए। हालात ठीक हो जाएंगे, तो दोनों भाई दोबारा आबूधाबी जाएंगे रंजन ने बताया कि हमारा अनुभव तो खतरनाक रहा है, लेकिन इसके बावजूद जब हालात ठीक हो जाएंगे, हम दोनों भाई दोबारा आबूधाबी जाएंगे, क्योंकि वहां हम लोगों के लायक काम तो है ही, साथ ही आकर्षक सैलरी भी मिलती हैं, सुविधाएं भी बेहतर मिलती है। रंजन ने बताया कि जब तक हालात ठीक नहीं होते हैं, गांव में ही रहना है। उसने बताया कि मेरी शादी 20 अप्रैल को होनी है, शादी की तैयारी चल रही है। पकंज ने कहा- परिवार के दबाव में लिया घर लौटने का फैसला लालबाबू और रंजन के साथ कथैया गांव लौटे 24 साल के पंकज कुमार ने बताया कि अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच जंग छिड़ने के बाद से मेरे घर से मुझे लगातार कॉल आ रहे थे कि घर लौट आओ, किसी तरह वहां से निकलो। परिवार वाले कह रहे थे कि हालात सुधरने के बाद फिर चले जाना, लेकिन अभी जान बचाना जरूरी है। इसी दबाव में उन्होंने खुद पैसे खर्च कर टिकट कराया और लौट आए। अब कहानी दीपू की, जो 8 अप्रैल को मुजफ्फरपुर लौटा इधर, कथैया गांव का ही रहने वाला दीपू पिछले 7 महीनों से अबू धाबी की एक निजी कंपनी (यूरो मैकेनिकल) में काम कर रहा था। अमेरिका-इजराइल और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के बीच कंपनी ने दीपू को एहतियातन छुट्टी देकर भारत वापस भेज दिया। घर लौटने के बाद परिवार में खुशी का माहौल है। दीपू के पिता पुलेंद्र सिंह गांव में खेती करते हैं। परिवार में दो बेटे और एक बेटी हैं। बड़ा बेटा दीपक गुजरात की एक टायर फैक्ट्री में काम करता है, जबकि छोटा बेटा दीपू विदेश में नौकरी कर रहा था। उनकी बड़ी बहन की शादी हो चुकी है। दीपू के पिता पुलेंद्र सिंह ने कहा कि जब बेटा घर नहीं पहुंचा था, तो न्यूज देख कर बहुत डर लगता था। बेटे को हमेशा कहते थे कि स्थिति खराब है, तो घर वापस जाओ। बेटा 2 साल के लिए गया था। लेकिन, हालत खराब आने के कारण वो पहले ही घर आ गया। अमेरिकी बेस कैंप में धमाके की आवाज हमारे कमरे तक गूंजी दैनिक भास्कर से बातचीत में दीपू ने बताया कि जब अमेरिका-ईरान के बीच तनाव चरम पर था, तब काफी डर का माहौल था। दीपू कहता है कि “जहां पर हम रहते थे, वहां से करीब 6 किलोमीटर दूर अमेरिकी बेस कैंप था। एक बार वहां धमाका हुआ, जिसकी तेज आवाज हमारे कमरे तक सुनाई दी। उस वक्त हम लोग घर पर थे, लेकिन उस आवाज ने सभी को डरा दिया। दिन के समय ही हमला हुआ था। दीपू ने आगे बताया कि उनके रहने की जगह पर लगभग 500 से 600 लोग एक साथ काम करते थे। हमला होने के बाद आसपास के क्षेत्रों में रह रहे लोगों के मोबाइल पर अलर्ट आ जाता था। कहीं भी अब फ्लाइट से जाने में दिक्कत है। हर जगह का टिकट मंहगा हो चुका है। सभी कर्मियों को कंपनी ने दी छुट्टी, आने का खर्च भी दिया दीपू ने कहा कि फिलहाल कंपनी ने सभी कर्मचारियों को छुट्टी दे दी है और निर्देश दिया है कि स्थिति सामान्य होने तक अपने-अपने घर पर ही रहें। दीपू ने बताया कि 6 अप्रैल को वे अबू धाबी से फ्लाइट पकड़कर पहले 7 अप्रैल को अहमदाबाद पहुंचे, फिर वहां से दिल्ली और अंत में पटना आए। 8 अप्रैल को रात में मुजफ्फरपुर पहुंचे। यात्रा का पूरा खर्च कंपनी ने उठाया। घर पहुंचने पर बहुत खुशी हो रही है। खतरे से बाहर आने पर बहुत अच्छा लगता है। दीपू के सुरक्षित घर लौटने से परिवार ने राहत की सांस ली है, वहीं गांव में भी इसे लेकर चर्चा का माहौल है।
बेगूसराय में आपसी विवाद में बदमाशों ने 17 साल के लड़के पर जानलेवा हमला कर दिया है। गला पर ब्लेड से हमला किया है। गंभीर हालत में अस्पताल में एडमिट कराया गया है। घायल की पहचान लौछे गांव निवासी लालो राय के पुत्र शिवम कुमार के तौर पर हुई है। घटना बखरी थाना क्षेत्र में बस स्टैंड के पीछे की है। रास्ते में विवाद हुआ था शिवम प्लाई फैक्ट्री में काम करता है। शनिवार रात करीब 9:30 बजे पहचान के एक युवक ने उसे बुलाया। रास्ते में किसी बात को लेकर बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर गले सहित शरीर के अन्य हिस्सों में ब्लेड से मारकर जख्मी कर दिया। इसी बीच मोबाइल और करीब 2000 रुपए लेकर फरार हो गया। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। हालत नाजुक बनी हुई है। छानबीन में जुटी पुलिस सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष शैलेंद्र कुमार टीम के साथ मौके पर पहुंचे। घायल से घटना के संबंध में जानकारी ली। इसके बाद परिजनों को सूचना दी गई। वारदात में शामिल लोगों की तलाश की जा रही है।
बाल संस्कार-पारिवारिक मूल्य सिखाए, मोबाइल और नशे से दूर रहने का संदेश
रामकथा में राम-सीता विवाह प्रसंग उदयपुर |डोरे नगर, सेक्टर-3 स्थित सर्वेश्वर महादेव मंदिर में आयोजित संगीतमय रामकथा के चौथे दिन कथा व्यास पुष्कर दास महाराज ने राम विवाह प्रसंग का भावपूर्ण वर्णन किया। कथा के दौरान महाराज ने कहा कि अहंकार का धनुष टूटता है तभी सीता रूपी भक्ति वरमाला डालती है। उन्होंने राम-सीता विवाह प्रसंग की व्याख्या करते हुए कहा कि भगवान राम के जीवन से हमें विनम्रता और संस्कारों की सीख मिलती है। रामकथा के प्रसंग में उन्होंने बाल लीला का उल्लेख करते हुए कहा कि बच्चों को बचपन से ही अच्छे संस्कार देने की आवश्यकता है, क्योंकि बच्चे की पहली गुरु मां होती है। उन्होंने कहा कि आज के समय में बच्चे नशे और मोबाइल की ओर अधिक आकर्षित हो रहे हैं, जिससे उन्हें दूर रखना जरूरी है। महाराज ने कहा कि घर में यदि माता-पिता स्वयं विनम्रता और बड़ों के सम्मान की शुरुआत करें तो बच्चे भी स्वाभाविक रूप से संस्कार ग्रहण करते हैं। उन्होंने कहा कि बहू का सास को, बेटे का पिता को और सभी का एक-दूसरे को सम्मान देना ही स्वस्थ पारिवारिक संस्कृति का आधार है। राम विवाह प्रसंग के दौरान आयोजित झांकी ने श्रद्धालुओं का मन मोह लिया। महिलाओं ने पुष्प वर्षा कर उत्सव में सहभागिता की। कथा में राम-सीता विवाह का सुंदर चित्रण प्रस्तुत किया गया, जिसे सभी ने भावविभोर होकर देखा। कथा में गुरु राजेश्वरानंद महाराज, रोशन अरोड़ा, डॉ. बी.एल. असावा, श्याम लाहोटी, इंद्र सिंह भाटी सहित अनेक श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान
Mobile, Der Tak Mobile Dekhne Ke Nuksan: आज के डिजिटल युग में मोबाइल हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक और देर तक इस्तेमाल धीरे-धीरे एक गंभीर लत बनता जा रहा है। अगर आप भी बिस्तर पर घंटों मोबाइल स्क्रॉल करते हैं, तो आपका शरीर और ...
दुनिया के करीब 80% कमर्शियल ड्रोन बनाने वाला चीन अब अपने आसमान में सख्ती से ‘ड्रोन कंट्रोल’ लागू कर रहा है। 2025 तक देश में 30 लाख से ज्यादा ड्रोन रजिस्टर्ड हो चुके हैं, जो एक साल में 50% की वृद्धि है, लेकिन इसी तेजी के साथ सरकार ने नियंत्रण भी कड़ा कर दिया है। बिना अनुमति ड्रोन उड़ाने पर सजा और जेल तक का प्रावधान लागू किया गया है। मई से हर ड्रोन का रियल-नेम रजिस्ट्रेशन अनिवार्य होगा और उड़ान का डेटा रियल टाइम में सरकार तक जाएगा। ड्रोन का रियल टाइम डेटा सरकार को देना होगा - ड्रोन को आईडी या मोबाइल नंबर से लिंक करना जरूरी होगा।- उड़ान का रियल टाइम डेटा सरकार के पास भेजना होगा।- प्रतिबंधित क्षेत्रों में उड़ान से एक दिन पहले परमिट लेना अनिवार्य।- कई शहरों में बड़े हिस्से को नो-फ्लाई जोन घोषित किया।- छोटे ड्रोन को भी 400 फीट से नीचे सीमित छूट दी गई है।- बीजिंग में ड्रोन की बिक्री, किराया और बाहरी एंट्री पर भी रोक। - एक पते पर अधिकतम 3 ड्रोन रखने की सीमा तय की गई है।- बिना अनुमति उड़ान पर जुर्माना, जब्ती और जेल का प्रावधान।- ड्रोन बाजार पर भी असर साफ दिख रहा है। लोकल मार्केट में डिमांड घटने से डीलरों की बिक्री तेजी से घटी है,कई लोग ड्रोन फोटोग्राफी जैसे नए बिजनेस छोड़ने को मजबूर हो गए हैं।
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

