Dating apps से मिल रहे आसान मैच, लेकिन रिजेक्शन बढ़ा रहे परेशानी
रिलेशनशिप कोच के अनुसार, डेटिंग ऐप पर मैच मिलना दिमाग को तुरंत एक तरह की खुशी देता है। जब कोई व्यक्ति हमें लाइक करता है तो हमें लगता है कि सामने वाले को वे पसंद आए हैं।
MP News: इस सरकारी स्कूल में हफ्ते में एक दिन मोबाइल लाना जरूरी, बच्चों के लिए बनाया गया अनोखा नियम
MP News: इस सरकारी स्कूल में हफ्ते में एक दिन मोबाइल लाना जरूरी, बच्चों के लिए बनाया गया अनोखा नियम
घर बैठे मोबाइल से ऐसे देखें जीविका समूह मेंबर लिस्ट में अपना नाम
बिहार सरकार के ग्रामीण विकास विभाग के अंतर्गत संचालित बिहार ग्रामीण आजीविका संवर्धन समिति (BRLPS - जीविका) राज्य की ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से सशक्त बनाने की दिशा में एक प्रमुख माध्यम है। जीविका के तहत गठित स्वयं सहायता समूहों (Self Help Groups - SHGs) से जुड़कर महिलाएं छोटे व्यवसाय, स्वरोजगार, कम ब्याज पर ऋण और सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ उठा रही हैं।यदि आपने भी जीविका समूह में जुड़ने के लिए आवेदन किया है या आप पहले से किसी समूह से जुड़ी हैं और आधिकारिक रिकॉर्ड में अपना स्टेटस देखना चाहती हैं, तो अब आपको किसी ब्लॉक या पंचायत कार्यालय के चक्कर लगाने की आवश्यकता नहीं है। BRLPS के आधिकारिक पोर्टल पर डिजिटल रिपोर्टिंग व्यवस्था शुरू की जा चुकी है, जिसके माध्यम से कोई भी महिला अपने मोबाइल से कुछ ही मिनटों में पंचायत और समूहवार सदस्य सूची (Member List) में अपना नाम देख व डाउनलोड कर सकती है।जीविका लिस्ट ऑनलाइन देखने के लिए क्या-क्या जरूरी है?ऑनलाइन लिस्ट देखने के लिए किसी यूजर आईडी या पासवर्ड (Login) की जरूरत नहीं होती है। आपके पास केवल ये बुनियादी जानकारियां होनी चाहिए:इंटरनेट कनेक्शन युक्त स्मार्टफोन या कंप्यूटरअपने जिले (District) का नामअपने प्रखंड (Block) का नामअपनी ग्राम पंचायत (Panchayat) और गांव का नामअपने स्वयं सहायता समूह (SHG) का नाम या SHG ID (यदि उपलब्ध हो)स्टेप-बाय-स्टेप गाइड: ऑनलाइन जीविका मेंबर लिस्ट में ऐसे देखें अपना नामस्टेप 1: आधिकारिक पोर्टल पर जाएंसबसे पहले अपने मोबाइल या कंप्यूटर के ब्राउज़र में BRLPS जीविका की आधिकारिक वेबसाइट brlps.in खोलें।स्टेप 2: रिपोर्ट्स (Reports / SHG Search) सेक्शन चुनेंहोमपेज पर मेन्यू बार में जाकर 'Reports' या 'SHG Search Report' वाले विकल्प पर क्लिक करें।स्टेप 3: जिला (District) और ब्लॉक (Block) का चयन करेंअब आपके सामने बिहार के सभी 38 जिलों की सूची आएगी। इसमें से अपने संबंधित जिले के नाम पर क्लिक करें। इसके बाद उस जिले के अंतर्गत आने वाले सभी प्रखंडों (Blocks) की सूची खुलेगी, जिसमें अपने ब्लॉक का चयन करें।स्टेप 4: ग्राम पंचायत और गांव चुनेंब्लॉक चुनने के बाद आपकी पंचायत के सभी गांवों और वार्डों का विवरण दिखाई देगा। अपनी संबंधित पंचायत पर क्लिक करें।स्टेप 5: स्वयं सहायता समूह (SHG) की लिस्ट देखेंपंचायत स्तर पर पहुंचते ही आपके क्षेत्र में संचालित सभी सक्रिय स्वयं सहायता समूहों (SHG Name, Formation Date और SHG ID) की पूरी लिस्ट स्क्रीन पर आ जाएगी।स्टेप 6: अपने समूह पर क्लिक करें और मेंबर लिस्ट जांचेंअपने समूह के नाम या SHG ID पर क्लिक करते ही उस समूह से जुड़े सभी सदस्यों (Members) के नाम, पद (अध्यक्ष, सचिव, कोषाध्यक्ष या सामान्य सदस्य), बैंक खाता और आधार मैपिंग की स्थिति स्क्रीन पर प्रदर्शित हो जाएगी। आप पेज पर दिए गए 'Print/Download' विकल्प से इस सूची की पीडीएफ प्रति भी सेव कर सकती हैं।लिस्ट में नाम न मिलने या गलती होने पर क्या करें?यदि ऑनलाइन सूची में आपका नाम प्रदर्शित नहीं हो रहा है या किसी जानकारी (जैसे नाम की स्पेलिंग, आधार लिंकिंग या बैंक खाता) में त्रुटि है, तो घबराने की आवश्यकता नहीं है:कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर (CC) / विलेज ऑर्गनाइजेशन (VO): अपनी ग्राम संगठन (VO) की बैठक में इस बात की सूचना दें या अपने क्षेत्र के जीविका कम्युनिटी कोऑर्डिनेटर (CC) से संपर्क करें।ब्लॉक प्रोजेक्ट मैनेजर (BPM) कार्यालय: आप अपने प्रखंड कार्यालय में स्थित जीविका (BRLPS) ऑफिस जाकर अपने आधार और समूह पासबुक के साथ डेटा अपडेशन के लिए आवेदन दे सकती हैं।टोल-फ्री हेल्पलाइन: किसी भी तकनीकी समस्या के लिए आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर या संपर्क सूत्र पर संपर्क किया जा सकता है।जीविका समूह से जुड़ने पर मिलने वाले प्रमुख लाभबिहार जीविका से जुड़ने वाली महिलाओं को कई तरह के सामाजिक और आर्थिक लाभ प्राप्त होते हैं:सुलभ और कम ब्याज दर पर ऋण: स्थानीय स्तर पर छोटे कारोबार, खेती, पशुपालन या दुकान शुरू करने के लिए आसान वित्तीय सहायता।सरकारी योजनाओं का सीधा लाभ: 'सतत जीविकोपार्जन योजना' और मुख्यमंत्री महिला उद्यमिता से जुड़ी वित्तीय योजनाओं का प्रत्यक्ष लाभ।कौशल विकास एवं प्रशिक्षण: सिलाई-कढ़ाई, अगरबत्ती निर्माण, डेयरी, मुर्गीपालन और डिजिटल साक्षरता का विशेष प्रशिक्षण।सामाजिक सुरक्षा एवं आत्मनिर्भरता: नियमित बचत की आदत, सामूहिक निर्णय लेने की क्षमता और सामाजिक रूप से सशक्तिकरण।
फिरोजाबाद गुरुग्राम में नौकरी करने वाली युवती की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, अब तक की जांच, पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जुटाए गए साक्ष्यों के आधार पर नितिन उर्फ राहुल की युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाने और उसकी मौत में संलिप्तता सामने आई है। जांच के बाद पुलिस ने मुकदमे में दुष्कर्म की धारा भी बढ़ाई है। मृतका के पिता ने 27 अगस्त को शिकोहाबाद थाने में तहरीर दी थी। उन्होंने पुलिस को बताया था कि उनकी बेटी गुरुग्राम में नौकरी करती थी। 26 अगस्त की रात उसने फोन पर परिवार को राहुल के साथ होने की जानकारी दी थी। इसके अगले ही दिन परिवार को उसकी मौत की खबर मिली। अचानक हुई मौत की सूचना से परिवार में हड़कंप मच गया। परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए राहुल समेत अन्य लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक आदित्य लांग्हे के निर्देश पर पुलिस टीम आरोपी की तलाश में जुटी थी। इसी दौरान शिकोहाबाद पुलिस को मुखबिर से नितिन उर्फ राहुल के बारे में सूचना मिली। पुलिस के मुताबिक, शुक्रवार रात टीम ने छीछामई नहर पुल के पास घेराबंदी कर नितिन उर्फ राहुल पुत्र गंगा सिंह उर्फ सीताराम, निवासी खटवामई, थाना नगला खंगर को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने पूछताछ के साथ-साथ मामले से जुड़े साक्ष्यों को भी खंगाला। जांच के दौरान पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस को युवती के साथ जबरन यौन संबंध बनाए जाने के तथ्य मिले। इसके बाद दर्ज मुकदमे में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 64(1) की बढ़ोतरी की गई। आरोपी का फोन और यौन उत्तेजक दवा की गोलियां बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपी के कब्जे से युवती का नीले रंग का वीवो मोबाइल फोन बरामद करने का दावा किया है। इसके अलावा आरोपी का काले रंग का सैमसंग मोबाइल फोन और यौन उत्तेजक दवा की दो गोलियां भी बरामद की गई हैं। पुलिस अब मोबाइल फोन और अन्य बरामद सामान को जांच का हिस्सा बना रही है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि युवती की मौत से पहले उसके साथ क्या हुआ था और आरोपी की भूमिका किस तरह की रही। पूछताछ में पुलिस के अनुसार एक अन्य युवक अभिषेक पुत्र प्रमोद कुमार, निवासी सलेमपुर कर्खा, थाना नगला खंगर का नाम भी सामने आया है। पुलिस उसकी भूमिका की जांच करते हुए गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है। युवती की सहेली की भूमिका भी जांच के घेरे में पुलिस का कहना है कि मामला अभी पूरी तरह साफ नहीं हुआ है। आरोपी से पूछताछ और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर पुलिस अन्य संभावित आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। इसी क्रम में अभिषेक की तलाश की जा रही है। इसके साथ ही मृतका की सहेली की भूमिका को लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवती किन परिस्थितियों में राहुल के संपर्क में थी और उसकी मौत से पहले तथा बाद में कौन-कौन लोग उसके संपर्क में थे। गिरफ्तार नितिन उर्फ राहुल को आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है। पुलिस के मुताबिक, मामले में आगे की कार्रवाई जांच में सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर होगी। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार, उपनिरीक्षक धर्मपाल सिंह, ऋषभदेव भारद्वाज, फैशल खान और कांस्टेबल राजीव भाटी की टीम शामिल रही। अब पुलिस की जांच का फोकस युवती की मौत की पूरी कड़ी जोड़ने, दूसरे युवक की भूमिका स्पष्ट करने और मामले से जुड़े अन्य तथ्यों को सामने लाने पर है।
आमतौर पर स्कूल में बच्चों को मोबाइल लाने की अनुमति नहीं होती, लेकिन मध्यप्रदेश के सीधी जिले में ऐसा सरकारी स्कूल है, जहां हफ्ते में एक दिन मोबाइल लाना कंपलसरी है। स्कूल में पेड़–पौधे और महापुरुषों की तस्वीरें के नीचे QR कोड लगाए गए हैं। यानी यहां क्यूआर कोड बेस्ड शिक्षा दी जा रही है। बच्चे इन्हें स्कैन डिटेल जानकारी हासिल करते हैं। ये जिला मुख्यालय से करीब 40 किलोमीटर दूर कंजवार मिडिल स्कूल है। यहां पदस्थ टीचर शैलेंद्र प्रताप सिंह बालेंदु ने स्कूल की तस्वीर बदल दी। 5 सितंबर को शिक्षक दिवस के मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू शैलेंद्र प्रताप को दिल्ली में सम्मानित करेंगी। उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चुना गया है। इसके बाद अभिभावक उन्हें बधाई देने पहुंच रहे हैं। दैनिक भास्कर की टीम कंजवार मिडिल स्कूल पहुंची। पढ़िए रिपोर्ट… गेट पर ‘ज्ञानार्थ आइए’, ‘सेवार्थ जाइए’ लिखा है स्कूल के गेट पर लगे पत्थर पर बायीं ओर ‘ज्ञानार्थ आइए’, तो दाहिनी तरफ ‘सेवार्थ जाइए’ लिखा है। वैसे, है तो ये बहुत छोटी सी बात, लेकिन वास्तव में यह सटीक और बड़ी भी है। ये स्कूल प्रदेश के बाकी सरकारी स्कूलों से अलग है। यहां बच्चे सप्ताह में एक दिन यानी शनिवार को बैग नहीं सिर्फ कॉपी-पेन और मोबाइल लेकर ही स्कूल आते हैं। महापुरुषों की हर तस्वीर के नीचे क्यूआर कोड गेट से अंदर आते ही हर पेड़-पौधे और दीवार पर लगी महापुरुषों की हर तस्वीर के नीचे क्यूआर कोड नजर आ रहा है। ग्राउंड में एक पौधे के पास दो बच्चे मोबाइल लिए खड़े हैं। सबसे पहले हम उन्हीं के पास पहुंचे। पूछा- मोबाइल से स्कूल में क्या कर रहे हैं? बच्चे कहने लगे- ये तो हम पढ़ने के लिए लाते हैं। फिर पूछा क्या पढ़ने, उसने तुरंत पौधे के नीचे लगा क्यूआर कोड स्कैन किया। उसके बारे में जानकारी बता दी। इतने में टीचर शैलेंद्र भी ग्राउंड में आ गए। वह कहते हैं कि गांव तक में हर घर में दो-दो, तीन-तीन मोबाइल हैं। बच्चे भी मोबाइल यूज करते हैं। उन्हें रोकना मुश्किल है। इसी को ध्यान में रखकर नवाचार किया। अब स्कूल के बच्चे मोबाइल उपयोग तो करते हैं, लेकिन पढ़ाई लिखाई के लिए। शनिवार को दिनभर बच्चे मोबाइल लेकर स्कूल में घूमते रहते हैं। एक-एक फोटो, पेड़–पौधों के नीचे लगे क्यूआर कोड को स्कैन करते रहते हैं। आधे समय के बाद टेस्ट लिया जाता है। एक-एक बच्चे से ये पूछा जाता है कि उसने आज मोबाइल में क्या देखा और समझा। अगर कोई बच्चा ठीक से जवाब नहीं दे पाता, तो उसे फिर से ठीक से समझने के लिए कहते हैं। शैलेंद्र प्रताप कहते हैं कि यहां जो क्यूआर कोड देख रहे हैं, ये सब खुद ही तैयार किए हैं। स्कूल के ग्राउंड में तख्तियों पर राज्यपाल, मुख्यमंत्री, विधायक, कलेक्टर, एसपी के नाम भी लिखे हैं। इसके अलावा, राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य महापुरुषों के नाम भी लिखे हैं। बोले– हमेशा कुछ नया करने का सोचते थे शैलेंद्र कहते हैं- हमेशा से कुछ नया करने का सोचता था, जब टीचर बना, तो अपनी सोच को साकार करने का मौका मिला। इसके बाद नई शिक्षा नीति से काम करने का मौका मिला। शैलेंद्र कहते हैं- ऐसा नहीं कि ये सब अकेले ही कर लिया हो। मेरे साथ के शिक्षकों और गांव वालों ने भी सहयोग किया। शैलेंद्र कहते हैं कि साल 2011 में पहली पोस्टिंग अगरियान टोला के प्राथमिक विद्यालय में हुई थी। उस समय स्कूल में केवल 11 बच्चों का नामांकन था, उनमें से सिर्फ तीन बच्चे ही आते थे। गांव में घर–घर जाकर लोगों से बच्चों को स्कूल भेजने के लिए कहा। नतीजा, 121 बच्चे स्कूल आने लगे। मध्यप्रदेश के राज्यपाल मंगूभाई पटेल भी सम्मानित कर चुके हैं। दो साल में बदल दी स्कूल की तस्वीर 13 अगस्त 2024 को शैलेंद्र ने इस स्कूल में बतौर प्रभारी प्राचार्य जॉइन किया। वह कहते हैं- स्कूल की हालत इतनी खराब थी कि इसे यहां से शिफ्ट कर आंगनवाड़ी में चलाया जा रहा था। मैंने गांव वालों से बात की। चंदा जुटाकर 5 लाख रुपए जमा किए। इससे स्कूल की मरम्मत और बाउंड्रीवॉल बनवाई। रंग-रोगन के बाद फर्नीचर और पेयजल का इंतजाम किया। जब ये सब हो रहा था, उस समय स्कूल में 69 बच्चे दर्ज थे। मैंने प्राइवेट स्कूल में जाने वाले बच्चों के अभिभावकों से बात की। उन्होंने सरकारी स्कूल में बच्चों का फिर से एडमिशन करा दिया। इसके चलते दाखिता 69 से बढ़कर 202 हो गया। छात्राओं की संख्या 36 से बढ़कर 107 पहुंच गई। उपस्थिति भी 44 % से बढ़कर 96 % हो गई। साथ ही 26 ड्रॉपआउट बच्चे भी फिर से पढ़ने आने लगे। अब दूसरे स्कूलों के टीचर भी यहां देखने आते हैं। बगीचे की सब्जी से बच्चों का भोजन मिड-डे मील के लिए स्कूल परिसर में जैविक तरीके से सब्जियां उगाई जाती हैं। इन्हीं से बच्चों के लिए भोजन तैयार किया जाता है। खास बात है कि इस बगीचे में भी सब्जियों के पौधों और बैलों पर क्यूआर कोड लगे हैं। इस बगीचे की देखभाल बच्चे और शिक्षक मिलकर करते हैं।
नेपाल त्रासदी में पूर्वी चंपारण के केसरिया प्रखंड क्षेत्र की जगीरहां पंचायत के वार्ड संख्या-9 निवासी तीन युवक लापता हैं। अचानक संपर्क टूट जाने से परिजनों की चिंता बढ़ गई है।
कैंट रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के मोबाइल चुराते 2 युवक पकड़े
कैंट रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों में सो रहे यात्रियों की जेब से मोबाइल चुराने वाले दो युवकों को आरपीएफ ने 5 टच स्क्रीन मोबाइल के साथ पकड़ लिया। आरपीएफ के उपनिरीक्षक विजय के अनुसार टीम स्टेशन पर ट्रेनों की चेकिंग कर रही थी, तभी प्लेटफार्म नंबर 1ए पर सीमेंट की बेंच पर बैठे दो युवक आरपीएफ कर्मियों को देखकर अचानक उठे और लुधियाना की ओर तेज कदमों से बढ़ने लगे। संदेह होने पर टीम ने उन्हें लुधियाना साइड पर रोककर तलाशी ली, जहां से 5 मोबाइल बरामद हुए। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे पिछली 2-3 रातों से खड़ी ट्रेनों में चढ़कर सोए यात्रियों की जेब से फोन निकाल रहे थे। उन्होंने बताया कि चोरी के मोबाइल मजदूरों या राहगीरों को बेचने की कोशिश की, लेकिन बिल न होने के कारण सौदा नहीं हो पाया।
Hathras News: बीरमती ने बलिदानी की प्रतिमा पर बांधी राखी, वर्षा ने मोबाइल पर उतारी आरती
रक्षाबंधन पर जहां हर घर में बहनों के चेहरों पर भाइयों को तिलक कर रक्षासूत्र बांधने की खुशी थी वहीं सरहदों पर तैनात जवानों को अवकाश न मिल पाने से उनकी बहनों के चेहरों पर उदासी छाई रही।
Shahjahanpur News: किसान से मोबाइल छीनकर भागे दो युवक, एक पकड़ा
तिलहर। नगरिया चौकी के पास शुक्रवार रात करीब नौ बजे किसान से मोबाइल छीनकर भाग रहे बाइक सवार दो युवकों को पुलिस ने घेर लिया। पुलिस ने एक युवक को हिरासत में ले लिया, जबकि उसका साथी भाग गया। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है।
Udham Singh Nagar News: मोबाइल के इशारे पर चलेगा 3डी प्रिंटिंग से तैयार स्मार्ट रोबोट
मोबाइल के इशारे पर चलेगा3डीप्रिंटिंग से तैयार स्मार्ट रोबोट
Ballia News: 150 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक, पुलिस के समझाने पर उतरा
Youth climbs 150-foot-high mobile tower; comes down after police persuasion.
Mau News: मोबाइल चार्जर लगाने गई महिला को सांप ने डसा, मौत
A woman who went to charge her mobile phone was bitten by a snake and died.
बीकानेर के नापासर में बदमाशों ने लाठी और सरियों से पुलिसकर्मियों पर हमला कर दिया। हिस्ट्रीशीटर को छुड़ा ले गए। घटना का वीडियो बना रहे कॉन्स्टेबल का मोबाइल फोन छीन लिया। घटना नापासर थाना क्षेत्र के शेरेरा गांव में 27 अगस्त की सुबह हुई। पुलिस ने शुक्रवार को मामला दर्ज कर एक आरोपी को डिटेन किया है। थानाधिकारी कविता पूनिया ने बताया- मामले में मुख्य आरोपी मोडाराम के अलावा राकेश, भैराराम, चैनाराम, दुर्गाराम और जीतराम सहित कई अन्य लोगों को नामजद किया है। पुलिसकर्मियों को घेरकर किया हमला पुलिस के अनुसार- गुरुवार सुबह शेरेरा पुलिस चौकी के कॉन्स्टेबल रामदयाल और हीरालाल एक मामले में आरोपी मोडाराम को पकड़कर चौकी ले जा रहे थे। इसी दौरान बिना नंबर के कैंपर, थार गाड़ी और बाइक पर सवार होकर आए 15 से 20 बदमाशों ने दोनों पुलिसकर्मियों को घेर लिया। बदमाशों ने राजकार्य में बाधा डालते हुए लाठी और सरियों से पुलिस टीम पर हमला कर दिया। हमले में कॉन्स्टेबल रामदयाल की पीठ पर गंभीर चोट आई, वहीं कॉन्स्टेबल हीरालाल के सिर पर लाठी से वार किया गया, जिससे वे घायल हो गए। मोबाइल छीना और आरोपी को लेकर हुए फरार घटना के दौरान जब कॉन्स्टेबल हीरालाल ने इस पूरी वारदात का वीडियो बनाने का प्रयास किया, तो बदमाशों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया। हमलावर पुलिस कस्टडी से आरोपी मोडाराम को जबरन छुड़ाकर अपनी गाड़ी में बैठाकर फरार हो गए। पुलिसकर्मियों ने पीछा भी किया, लेकिन आरोपी खेतों के कच्चे रास्तों का फायदा उठाकर भाग निकले। नामजद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्जनापासर थानाधिकारी कविता पूनिया ने बताया कि नापासर थाने में आरोपियों के खिलाफ बीएनएस (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। विशेष टीमें गठित की गई हैं। मामले में एक आरोपी को डिटेन किया है।
सजेती में मोबाइल चोरों का गिरोह पकड़ा:तीन आरोपी, एक बाल अपचारी गिरफ्तार; 3 लाख के 7 मोबाइल बरामद
सजेती में मोबाइल फोन चोरी कर उन्हें बेचने के लिए ग्राहक तलाश रहे चार आरोपियों को सजेती पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे से चोरी के सात महंगे मोबाइल फोन और 250 रुपये बरामद हुए हैं। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब तीन लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने तीन आरोपियों के साथ एक बाल अपचारी को भी पकड़ा है। शुक्रवार शाम सभी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार, सजेती क्षेत्र में मोबाइल चोरी की घटनाओं की जांच के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि कुछ युवक चोरी किए गए मोबाइल बेचने के लिए ग्राहकों की तलाश में घूम रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और चारों को पकड़ लिया। तलाशी के दौरान उनके पास से सात मोबाइल फोन और 250 रुपये बरामद हुए। पुलिस पूछताछ में आरोपियों की पहचान हरभजन उर्फ छोटू पुत्र राजू निषाद निवासी मेरापुर, कोतवाली क्षेत्र हमीरपुर, सोहेल पुत्र हाशिम (22) निवासी मुस्करा थाना मुस्करा, हमीरपुर और नितिन कुमार पुत्र जयराम निषाद (26) निवासी लहुरीमऊ, थाना सजेती, कानपुर नगर के रूप में हुई। इनके साथ एक बाल अपचारी को भी पुलिस ने गिरफ्तार किया है। ट्रकों में बैठे चालकों से करते थे मोबाइल चोरी सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि आरोपी हमीरपुर से लेकर अलियापुर टोल प्लाजा तक खड़े ट्रकों को निशाना बनाते थे। ट्रकों में बैठे लोगों और चालकों के मोबाइल फोन चोरी कर लेते थे। इसके बाद चोरी के मोबाइल बेचने के लिए ग्राहक तलाशते थे। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ चोरी की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की है। बरामद मोबाइलों की कीमत करीब तीन लाख रुपये है। पुलिस अब चोरी की अन्य घटनाओं और बरामद मोबाइलों के संबंध में जानकारी जुटा रही है।
संचार साथी पोर्टल की बड़ी सफलता, जुलाई में 77,692 खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद: सरकार
नई दिल्ली, 28 अगस्त (आईएएनएस)। दूरसंचार विभाग (डीओटी) की प्रमुख नागरिक-केंद्रित पहल 'संचार साथी' ने जुलाई 2026 में रिकॉर्ड प्रदर्शन करते हुए 77,692 खोए या चोरी हुए मोबाइल हैंडसेट बरामद करने में मदद की है। संचार मंत्रालय ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि यह पहली बार है जब इस मंच के जरिए एक ही महीने में बरामद किए गए मोबाइल फोनों की संख्या 75,000 के आंकड़े को पार कर गई है।
Youtube बना गुरु, मोबाइल बना सहारा, ड्रैगन फ्रूट से लाखों कमा रहा किसान
जालना में कम बारिश और पानी की कमी के बीच दो किसानों ने ड्रैगन फ्रूट की खेती शुरू की है. पिठोरी सिरसगांव के संभाजी काकडे और नारायण गोरे ने मोबाइल से जानकारी लेकर दूसरे किसानों के खेत देखे और खुद स्ट्रक्चर तैयार किया. कम पानी, लागत में बचत और बाजार की मांग को देखते हुए दोनों को लाखों रुपये की आमदनी की उम्मीद है.
सिद्धार्थनगर में एक महिला से मोबाइल झपटने के मामले में पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से छीना गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल बाइक बरामद की गई है। इस घटना के बाद महिला के पति ने बदमाशों का करीब दो किलोमीटर तक पीछा किया था, जिसमें वे घायल हो गए थे। यह घटना 19 अगस्त की सुबह करीब 4:15 बजे पटनी जंगल टोला बघिहवा क्षेत्र में हुई। मनीषा देवी सड़क पर मोबाइल लेकर टहल रही थीं, तभी पीछे से बाइक पर सवार दो युवक आए। आरोप है कि उन्होंने मनीषा देवी के हाथ से मोबाइल छीन लिया और तेजी से भाग गए। मनीषा के शोर मचाने पर उनके पति श्रवण कुमार गुप्ता अपनी बाइक से बदमाशों का पीछा करने लगे। श्रवण कुमार ने बदमाशों का लगभग दो किलोमीटर तक पीछा किया। इसी दौरान उनकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे उन्हें काफी चोटें आईं। उपचार के बाद उन्होंने पुलिस को घटना की सूचना दी, जिसके बाद आरोपियों की तलाश शुरू की गई। जांच के उपरांत पुलिस ने विजय सोनकर उर्फ गोलू पुत्र श्याम प्रकाश, निवासी गोपीजोत, थाना मोहाना को गिरफ्तार किया। उसके पास से मनीषा देवी से छीना गया मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त अपाचे मोटरसाइकिल (UP55 AY 9691) बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, घटना में दो युवक शामिल थे। गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ के आधार पर दूसरे युवक की भूमिका की भी जांच की जा रही है। विजय सोनकर को आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद न्यायालय में पेश किया गया। यह कार्रवाई प्रभारी निरीक्षक नवीन कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। टीम में उप निरीक्षक सुरेश राम, हेड कांस्टेबल विवेक गुप्ता, कांस्टेबल अर्जुन यादव और कांस्टेबल अंकित कुमार शामिल थे।
मोतिहारी में बाइक मैकेनिक सहयोग संघ ने जिले के बाइक मैकेनिकों, ऑटो पार्ट्स और लेथ दुकानदारों की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की। यह बैठक एक स्थानीय होटल में हुई, जिसमें संघ के पंजीकरण, नियम-कानून और मैकेनिकों के हितों से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। जिले के विभिन्न क्षेत्रों से बड़ी संख्या में मैकेनिक और व्यवसायी इस कार्यक्रम में शामिल हुए। बैठक की अध्यक्षता संघ के अध्यक्ष भूलन कुशवाहा ने की, जबकि सचिव मो. शरीफ आलम ने संघ के उद्देश्यों और कार्ययोजना पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संघ का मुख्य लक्ष्य सभी बाइक मैकेनिकों को एक मंच पर लाना, उनके हितों की रक्षा करना और आवश्यकता पड़ने पर सहयोग प्रदान करना है। संघ आपदा, बीमारी, दुर्घटना और विवाह जैसी स्थितियों में सदस्यों को सहायता देने की योजना बना रहा है। इसके अतिरिक्त, सभी मैकेनिकों के लिए एक समान और उचित लेबर चार्ज निर्धारित करने पर भी काम किया जाएगा। सदस्यों को नियमों का पालन करना अनिवार्य बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि संघ के सभी सदस्यों को निर्धारित नियमों और कानूनों का पालन करना अनिवार्य होगा। यदि कोई सदस्य इन नियमों का उल्लंघन करता है, तो उस पर जुर्माना लगाया जाएगा और आवश्यकता पड़ने पर कानूनी कार्रवाई भी की जा सकती है। आपातकालीन स्थितियों में ग्राहकों को सुविधा सदस्यों की सहमति से यह निर्णय लिया गया कि प्रत्येक सप्ताह शुक्रवार को मैकेनिकों की दुकानें बंद रहेंगी। हालांकि, आपातकालीन स्थितियों में ग्राहकों की सुविधा के लिए मोबाइल मैकेनिक सेवा उपलब्ध कराई जाएगी, ताकि जरूरतमंद लोगों को तत्काल सहायता मिल सके। इस बैठक में उपाध्यक्ष फरमान अली, कोषाध्यक्ष प्रेमनारायण प्रसाद, संगठन प्रभारी अफरोज अंसारी उर्फ गुड्डू सहित सुरेंद्र, अरुण शर्मा, संतोष कुमार, चितरंजन, विजय सिंह, मनोज जी, रमेश जी, अजंता ऑटो, महिंद जी, नवल जी जैसे कई मैकेनिक, ऑटो पार्ट्स और लेथ दुकानदार उपस्थित रहे। सभी ने संघ को मजबूत बनाने और मैकेनिकों के हित में मिलकर काम करने का संकल्प लिया।
डिजिटल बैंकिंग के इस दौर में साइबर ठगों ने अब बिना OTP (वन टाइम पासवर्ड) के ही बैंक खातों में सेंध लगानी शुरू कर दी है। ऐसा ही एक चौंकाने वाला मामला कपूरथला के कस्बा काला संघियां से सामने आया है, जहां एक हार्डवेयर दुकानदार साइबर ठगी का शिकार हो गया। शातिरों ने पीड़ित के बैंक खाते से लगभग ₹46,000 की रकम उड़ा ली। हैरान करने वाली बात यह है कि इस पूरी प्रक्रिया के दौरान पीड़ित को कोई OTP तक नहीं मिला। पीड़ित दुकानदार गुरदावर सिंह ने बताया कि वह अपने मोबाइल फोन पर फेसबुक चला रहे थे। इसी दौरान स्क्रीन पर फोन को अपडेट करने का एक पॉप-अप (विकल्प) दिखाई दिया। उन्होंने मोबाइल को एक तरफ रख दिया। कुछ देर बाद जब उन्होंने फोन उठाया, तो मोबाइल की स्क्रीन पूरी तरह से काली (ब्लैक आउट) हो चुकी थी। शुरुआत में उन्होंने इसे कोई तकनीकी खराबी समझकर गंभीरता से नहीं लिया। गूगल पे चलाने पर हुआ ठगी का अहसास कुछ घंटों बाद जब गुरदावर सिंह ने किसी को गूगल पे के जरिए पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश की, तो उनके होश उड़ गए। उनके बैंक खाते से करीब ₹46,000 गायब हो चुके थे। उनके खाते में कुल जमा पूंजी भी लगभग इतनी ही थी, जिसका अधिकांश हिस्सा ठगों ने साफ कर दिया था। केनरा बैंक के खाते में ट्रांसफर हुई रकम गुरदावर सिंह ने जब अपने संबंधित केनरा बैंक से संपर्क किया, तो बैंक रिकॉर्ड से पता चला कि ठगी गई रकम अर्नव शर्मा पुत्र विवेकानंद शर्मा नाम के व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर हुई है। हालांकि, ट्रांजेक्शन गूगल पे के माध्यम से होने के कारण बैंक के पास आरोपी का पूरा पता उपलब्ध नहीं है। पीड़ित गुरदावर सिंह ने डिजिटल बैंकिंग की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठाते हुए कहा, एक तरफ देश में डिजिटल भुगतान को बढ़ावा दिया जा रहा है, वहीं दूसरी तरफ बिना OTP के ही मेहनत की गाढ़ी कमाई गायब हो रही है। अगर बैंक खातों में भी पैसे सुरक्षित नहीं हैं, तो आम आदमी किस पर भरोसा करे? पुलिस और साइबर सेल की सुस्ती से दुकानदारों में रोष घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने ऑनलाइन और साइबर क्राइम सेल कपूरथला में लिखित शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अभी तक उन्हें न तो कोई ठोस मदद मिली है और न ही रकम वापस आ पाई है। इस घटना को लेकर काला संघियां क्षेत्र के स्थानीय दुकानदारों में भारी रोष है। व्यापारिक संगठन और दुकानदारों ने पुलिस प्रशासन व साइबर सेल से मांग की है कि इस मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपी को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए और पीड़ित की रकम वापस दिलाई जाए।
भीलवाड़ा की साइबर थाना पुलिस ने 23 साल से फरार चल रहे 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की गिरफ्तारी साइबर टीम की मदद से जोधपुर से की गई। मामला साल 2003 में प्रताप नगर थाना क्षेत्र में 2500 किलो अवैध डोडा चूरा से भरे लावारिस ट्रक मिलने से जुड़ा है। पुलिस ने आरोपी की मोबाइल डिटेल और टेक्निकल डेटा के आधार पर उसकी तलाश पूरी की। यह था मामला प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताडा ने बताया कि साल 2003 में प्रताप नगर थाना क्षेत्र में 2500 किलो अवैध डोडा चूरा से भरा एक ट्रक लावारिस हालत में मिला था। ट्रक मिलने के बाद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। जांच के दौरान जोधपुर जिले के सांवर में रहने वाले देवाराम विश्नोई पुत्र मानाराम विश्नोई की भूमिका सामने आई थी। 23 साल से गिरफ्तारी से बच रहा था पुलिस के अनुसार आरोपी देवाराम गिरफ्तारी से बचने के लिए पिछले 23 साल से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए एसपी की ओर से 10 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया गया था। आरोपी लंबे समय से फरार होने के कारण पुलिस उसकी तलाश कर रही थी। मोबाइल डिटेल और टेक्निकल डेटा से पकड़ा आरोपी की तलाश में साइबर थाना पुलिस की टीम की मदद ली गई। साइबर पुलिस ने आरोपी की मोबाइल डिटेल और टेक्निकल डेटा के आधार पर उसकी लोकेशन और गतिविधियों की जानकारी जुटाई। इसके बाद पुलिस ने देवाराम को जोधपुर से गिरफ्तार कर लिया। ये पुलिसकर्मी टीम में शामिल रहे आरोपी को पकड़ने गई टीम में प्रताप नगर थाना प्रभारी सुनील ताडा, एएसआई आशीष कुमार, हेड कॉन्स्टेबल दीपक, चंद्रपाल, किशोर और कॉन्स्टेबल पिंटू शामिल रहे।
35 रुपये किलो मिलेगा प्याज, दिल्ली में 40 लोकेशन पर मोबाइल वैन
दिल्ली में लगातार बढ़ रही प्याज की कीमतों से लोगों को राहत देने के लिए सरकार ने बड़ा कदम उठाया है. नासिक से 456 मीट्रिक टन प्याज लेकर विशेष 'कांदा एक्सप्रेस' दिल्ली पहुंची है. प्याज को 9 केंद्रीय भंडारों में भेजा जाएगा. इसके बाद 40 जगहों पर मोबाइल वैन के जरिए इसे 35 रुपये किलो में बेचा जाएगा.
राखी पर इंदौर क्राइम ब्रांच ने लौटाईं खुशियां, 75 लाख रुपये के 238 मोबाइल सौंपे
इंदौर क्राइम ब्रांच ने रक्षाबंधन पर गुम-चोरी हुए 75 लाख के 238 मोबाइल मालिकों को सौंपे, इनमें 11 आईफोन भी शामिल, पीड़ितों ने सिटीजन कॉप एप पर शिकायत की थी।
बलौदाबाजार जिले के पलारी पुलिस ने उपसरपंच प्रतिनिधि से मारपीट और मोबाइल लूटने के मामले में 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात पुरानी रंजिश और बेदखली को लेकर हुई थी। एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश की जा रही है। सेमरिया निवासी उपसरपंच प्रतिनिधि गोवर्धन यादव ने पलारी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि वे व्यायाम करने गए थे। इसी दौरान रुपेश कुमार भारद्वाज और उसके साथियों ने उन्हें घेर लिया। आरोपियों ने अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी देते हुए हाथ-मुक्कों और बेल्ट से मारपीट की। मोबाइल लूटकर भागे आरोपी मारपीट के दौरान आरोपियों ने गोवर्धन यादव का मोबाइल भी लूट लिया और मौके से फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पलारी थाने में अपराध क्रमांक 265/2025 दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस ने साक्ष्यों के आधार पर मामले में धारा 117(2) और 309(6) बीएनएस भी जोड़ी। पूछताछ में वारदात कबूली पुलिस ने जांच के दौरान रुपेश कुमार भारद्वाज और सचिन कुमार जोशी को गिरफ्तार किया। पूछताछ में दोनों ने अपने एक अन्य साथी के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया। पुलिस ने उनके कब्जे से घटना में इस्तेमाल एचएफ डीलक्स बाइक (CG04 NH 1160) और चमड़े का बेल्ट जब्त किया है। कोर्ट ने भेजा जेल थाना प्रभारी परिवेश तिवारी ने बताया कि दोनों आरोपियों को 27 अगस्त को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर दोनों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। दो गिरफ्तार, एक आरोपी फरार गिरफ्तार आरोपियों में रुपेश कुमार भारद्वाज (27), निवासी सेमरिया और सचिन कुमार जोशी (20), निवासी तेलासी शामिल हैं। मामले का एक अन्य आरोपी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। मामले की जांच जारी है।
अंबाला में जाली पते और कागजातों के सहारे हासिल की गई महज एक मोबाइल सिम कार्ड की मदद से ठग ने 26 राज्यों के लोगों की जेब पर डाका डाल दिया। गृह मंत्रालय के नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल पर जब एक ही मोबाइल नंबर के खिलाफ शिकायतों का अंबार मिला, तो अंबाला साइबर क्राइम थाना पुलिस के भी होश उड़ गए। छापेमारी में खुला राज: 2018 में ही घर छोड़ चुका था आरोपी अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (साइबर हरियाणा) के निर्देश पर जब अंबाला साइबर पुलिस की टीम अंबाला शहर के हीरा नगर (घेल रोड) स्थित मकान नंबर 77/17/2 पर 'सरप्राइज विजिट' के लिए पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर हैरान रह गई। जांच में पता चला कि जिस मनोज कुमार के नाम पर यह सिम दर्ज है, वह तो 2018 में ही यह मकान छोड़कर रफूचक्कर हो चुका है। चालबाजियां: फर्जी e-KYC से सिम एक्टिवेट और री-वेरीफाई पुलिस के जांच अधिकारी ASI जयदेव ने बताया कि शातिर आरोपी ने 20 फरवरी 2026 को वोडाफोन (Vi) कंपनी से पुराने पते के पहचान पत्र का इस्तेमाल करके e-KYC के जरिए नया सिम कार्ड जारी करवा लिया। हद तो तब हो गई जब 3 अप्रैल 2026 को आरोपी ने बेखौफ होकर अंबाला रेलवे रोड स्थित स्टोर से इसे दोबारा री-वेरीफाई (Re-verify) भी करा लिया। नौकरी का ‘जाल’ और दक्षिण भारत तक फैला ‘जालसाजी का नेटवर्क’ नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (NCRP) के आंकड़ों ने इस पूरे खेल की पोल खोल दी। आरोपी इस सिम नंबर से बेरोजगार युवाओं को निशाना बनाता था और उन्हें मनचाही नौकरी का झांसा देकर लाखों की साइबर चपत लगाता था। इस एक नंबर के तार दक्षिण से लेकर पूर्व तक फैले थे। शिकायतों की लंबी लिस्टआरोपी ने फर्जी कागजातों से ली गई सिम से 26 राज्यों में ठगी की अनेक वारदातें की है। पुलिस के अनुसार तमिलनाडु, केरल, कर्नाटक, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और पश्चिम बंगाल जैसे राज्यों से कुल 26 गंभीर शिकायतें दर्ज पाई गईं। अंबाला में केस दर्ज, जांच शुरूसाइबर फ्रॉड के इस बड़े खेल को लेकर अंबाला साइबर क्राइम थाने ने 27 अगस्त 2026 को आरोपी मनोज कुमार के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) के तहत FIR संख्या 84 दर्ज कर ली है। पुलिस अब इस तलाश में जुटी है कि आखिर फर्जी दस्तावेजों पर सिम जारी करने वाला अंदरूनी मददगार कौन था और ठग का असली ठिकाना कहां है।
सीकर जिले में 23 साल की विवाहिता के लापता होने का मामला सामने आया है। ससुर ने किडनैपिंग का शक जताते हुए पुलिस में मुकदमा दर्ज करवाया है। घर से हजारों रुपए और मंगलसूत्र भी गायब है। पुलिस अब मामले की जांच कर रही है। घर से गहने लेकर गायब 23 साल की विवाहिता के ससुर ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 25 अगस्त की दोपहर करीब 12 से 1 बजे के बीच उनकी पत्नी घर के पीछे मैदान में घरेलू काम कर रही थी। इसी दौरान उनके बेटे की बहू घर में रखा एक सोने का मंगलसूत्र और 5 हजार रुपए लेकर कहीं पर चली गई। तीन-चार नंबरों पर बात करती थी जब कई घंटे तक विवाहिता घर पर नहीं दिखी तो उसकी आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में काफी तलाश की गई। लेकिन वहां भी उसका कुछ पता नहीं चल पाया। विवाहिता के ससुराल पक्ष के अनुसार विवाहिता अपने मोबाइल और ससुर के मोबाइल से तीन-चार नंबरों पर बातचीत करती थी। पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की ऐसे में अब अंदेशा है कि इन नंबरों से जो लोग बातचीत करते थे वह आपराधिक किस्म के लोग हैं। जिन्होंने उनके बेटे की बहू को किडनैप किया हुआ है और पैसों के लालच में वह उसे बेच भी सकते हैं। पुलिस ने मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है।
पति का आरोप है कि पत्नी सोशल मीडिया पर काफी समय बिताती है और इसी को लेकर दोनों के बीच विवाद हुआ। पत्नी ससुराल लौटने के बजाय पति से अलग शहर में रहने की मांग कर रही है, जबकि पति बुजुर्ग माता-पिता से अलग होने को तैयार नहीं है।
विदिशा में रक्षाबंधन के मौके पर विदिशा पुलिस ने लोगों को खास तोहफा दिया है। ‘मिशन मोबाइल रिकवरी’ अभियान के तहत पुलिस ने गुम हुए 537 मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप दिए। लंबे समय से मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के चेहरे फोन वापस मिलने के बाद खिल उठे। 1.10 करोड़ रुपए से ज्यादा के मोबाइल बरामद पुलिस के मुताबिक जुलाई-अगस्त 2026 के दौरान जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से बरामद किए गए 537 मोबाइल की अनुमानित कीमत 1 करोड़ 10 लाख 8 हजार 500 रुपए है। मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने के लिए पुलिस ने तकनीकी संसाधनों के साथ CEIR पोर्टल का इस्तेमाल किया। अब तक 2,252 मोबाइल की बरामदगी विदिशा पुलिस फरवरी 2025 से लगातार गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन की तलाश और बरामदगी का अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत अब तक 2,252 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन सभी मोबाइल की अनुमानित कुल कीमत 4 करोड़ 82 लाख 99 हजार 500 रुपए बताई गई है। MP के कई जिलों से ट्रेस किए मोबाइल पुलिस की तकनीकी टीम ने विदिशा के अलावा मध्य प्रदेश के भोपाल, रायसेन, राजगढ़, गुना, अशोकनगर, ग्वालियर, इंदौर, उज्जैन, देवास, शिवपुरी, सागर, धार और नर्मदापुरम सहित कई जिलों से मोबाइल बरामद किए। दूसरे राज्यों तक पहुंचा पुलिस का नेटवर्क मोबाइल रिकवरी अभियान के दौरान पुलिस ने उत्तर प्रदेश, कर्नाटक, राजस्थान, गुजरात, महाराष्ट्र और बिहार से भी गुम हुए मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक दूसरे राज्यों से मोबाइल बरामदगी तकनीकी दक्षता के साथ अंतरराज्यीय समन्वय का भी परिणाम है। 537 मोबाइल वापस मिलने से जहां लोगों को राहत मिली, वहीं पुलिस के इस अभियान से गुम और चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी को लेकर भरोसा भी बढ़ा है। देखे तस्वीरें:-
इंदौर क्राइम ब्रांच ने ऑनलाइन ठगों पर लिया बड़ा एक्शन, 80 मोबाइल नंबर और 15 IMEI कराए ब्लॉक
इंदौर क्राइम ब्रांच साइबर सेल ने NCRP पोर्टल पर मिली शिकायतों और तकनीकी डेटा के विश्लेषण से 80 संदिग्ध मोबाइल नंबर और 15 IMEI नंबर ब्लॉक करवाए।
मुरैना शहर के प्रसिद्ध बूढ़े बालाजी स्थित मुक्तिधाम में बुनियादी सुविधाओं की बदहाली का मामला सामने आया है। यहां बिजली व्यवस्था ठप होने के कारण परिजनों को अंधेरे में मोबाइल फोन की टॉर्च की रोशनी में अंतिम संस्कार करना पड़ा। घटना के बाद नगर पालिका की व्यवस्थाओं को लेकर सवाल उठ रहे हैं। शाम होते ही छा जाता है अंधेरा जानकारी के अनुसार, बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम में शाम ढलने के बाद पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था नहीं है। बीते दिन जब एक शव को अंतिम संस्कार के लिए लाया गया, तो वहां लाइट की समुचित व्यवस्था नहीं मिली। इसके बाद परिजनों और वहां मौजूद लोगों ने मोबाइल की टॉर्च जलाकर अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी की। दुख की इस घड़ी में परिजनों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव के चलते काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पहले कैंट मुक्तिधाम से भी सामने आ चुकी है तस्वीर मुक्तिधामों की बदहाल व्यवस्था का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले कैंट स्थित मुक्तिधाम में भी मोबाइल की रोशनी में अंतिम संस्कार किए जाने की तस्वीरें और वीडियो सामने आए थे। उस समय मामले को लेकर प्रशासनिक व्यवस्थाओं पर सवाल उठे थे और सुधार के दावे किए गए थे। लेकिन बूढ़े बालाजी मुक्तिधाम की ताजा घटना ने एक बार फिर इन दावों पर सवाल खड़े कर दिए हैं। प्रकाश और पानी जैसी सुविधाओं की मांग स्थानीय नागरिकों और समाजसेवियों ने मुक्तिधाम में व्यवस्थाओं को लेकर नाराजगी जताई है। उनका कहना है कि अंतिम संस्कार जैसे संवेदनशील समय में परिजनों को कम से कम प्रकाश और पानी जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध होनी चाहिए। नागरिकों ने कलेक्टर और नगर पालिका प्रशासन से शहर के सभी मुक्तिधामों का निरीक्षण कराकर पर्याप्त प्रकाश व्यवस्था, हाईमास्ट लाइट और जनरेटर की व्यवस्था तत्काल कराने की मांग की है। लोगों का कहना है कि भविष्य में किसी भी परिवार को अपने दिवंगत परिजन का अंतिम संस्कार मोबाइल की टॉर्च की रोशनी में करने के लिए मजबूर न होना पड़े।
मेरी पत्नी का 5 साल से उसके गांव के युवक से अफेयर था। वह शादी से पहले भी उसके घर आता जाता था। ये बात उसके घरवालों को पता थी। लेकिन शादी के समय उसके घरवालों ने ये बातें मुझसे छिपाये रखी। 23 अगस्त को मैंने पत्नी को जब अपने कमरे में बॉयफ्रेंड के साथ बेड पर पकड़ा तो उसकी करतूत का पता चला। बॉयफ्रेंड के मोबाइल चेक करने पर उसमें पत्नी के साथ उसकी कई सेल्फी मिली। दोनों ने मेरे घर के अंदर बेडरूम में ये तस्वीरें ली हुई थी। बॉयफ्रेंड के मोबाइल से कश्मीरी चूड़ी लाने की बातचीत की रिकार्डिंग भी मिली। पता चला है कि मेरे न रहने पर वह मेरे घर पर पत्नी के लिए चूड़ी लेकर आता था। जिसके बाद मैंने उसी दिन दोनों की शादी करा दी लेकिन अब ससुर मुझे धमकी दे रहा है। वह नहीं चाहता कि मामला सामने आए। उसकी बेटी मेरे घर से जेवर और रुपए भी ले गई है। इसलिए मैंने 27 अगस्त को चिरगांव थाने में जाकर पत्नी, उसके बॉयफ्रेंड और ससुर के खिलाफ धोखाधड़ी और धमकी देने देने के मामले में केस दर्ज करा दिया है। मेरी जान को खतरा है मेरी रक्षा की जाए। ये कहना है झांसी के उस युवक का जिसने पत्नी को बॉयफ्रेंड के साथ पकड़ने के बाद दोनों की शादी कराई है। सबसे पहले पूरा मामला पढ़िए एक युवक ने बताया- मेरे घर में पत्नी के आलावा मां -बाप और भाई रहते हैं। मां - मिटटी के बर्तन बनाती है। भाई मजदूरी करता है। पिता कोई काम नहीं करते। मेरी शादी 24 जून को दतिया की एक युवती से हुई थी। शादी के करीब एक महीने बाद पत्नी के विहेवियर पर शक होने लगा। पत्नी मुझे नींद की गोलियां देती थी। सोने के बाद बॉयफ्रेंड से मोबाइल पर बात करती थी। इसी बीच 19 अगस्त को घर के जेवर भी गायब हो गए। पत्नी से पूछताछ की, लेकिन वह कोई जवाब नहीं दे सकी। इससे मेरा शक और गहरा हो गया। 23 अगस्त को मेरे मामा का एक्सीडेंट हो गया था। पत्नी को घर पर छोड़कर झांसी मेडिकल कॉलेज गया। जब मैं घर लौट रहा था। तभी मोहल्ले के रहने वाले एक लड़के ने फोन पर मुझे बताया कि घर के अंदर कोई अनजान युवक घुसा है। वह काफी देर से बाहर नहीं आया है। पत्नी भी घर के अंदर है। मां - बाप और भाई किसी काम से बाहर गए हुए हैं। जिसके बाद दोपहर करीब 2 बजे मैं घर पहुंचा। मुझे दरवाजा अंदर से बंद मिला। शक होने पर छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ। पत्नी अपने बॉयफ्रेंड के साथ थी। उसने दोनों के फोटो-वीडियो बना लिए। इसी दौरान दोनों ने उसे देख लिया। पकड़कर धक्का दे दिया। वह किसी तरह खुद को छुड़ाकर बाहर आया और शोर मचाया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने फूल और सिंदूर मंगवाया। दोनों की शादी करा दी। पुलिस दोनों को थाने ले गई। बॉयफ्रेंड के खिलाफ सिर्फ शांतिभंग की कार्रवाई की। जबकि उसकी पत्नी को छोड़ दिया। ससुर ने जान से मारने की धमकी दी युवक के अनुसार- घटना के बाद उसने पत्नी के पिता और भाई को फोन कर पूरी जानकारी दी। उसके मुताबिक, ससुर ने बताया कि उन्हें शादी से पहले ही बेटी के प्रेम-प्रसंग की जानकारी थी। उन्होंने बेटी से एक मोबाइल फोन भी छीन लिया था। बेटी के दोबारा प्रेमी से बात न करने की बात कहने पर उन्होंने मामला खत्म कर दिया। बाद में उसकी शादी राजेश से करा दी। राजेश का आरोप है कि जब उसने ससुर से पूछा कि प्रेम-प्रसंग की जानकारी होने के बावजूद उसकी शादी उससे क्यों कराई, तो वह नाराज हो गए। जान से मारने की धमकी दी। राजेश का दावा है कि उसके पास बातचीत की रिकॉर्डिंग भी है। पति राजेश खेती करता है। जबकि प्रेमी मोनू भी खेती करता है। वह लड़की के मायके के पास रहता है। स्कूल में साथ पढ़ने के दौरान बॉयफ्रेंड से नजदीकियां बढ़ी थी पति के मुताबिक के मुताबिक, उसकी पत्नी और बॉयफ्रेंड मोनू मध्य प्रदेश के भांडेर क्षेत्र के रहने वाले हैं दोनों पड़ोसी हैं। करीब पांच साल पहले दोनों समथर के स्कूल में साथ पढ़ते थे। दसवीं तक साथ रहे। इसी दौरान दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं। पत्नी पर शक होने के बाद उसने उसके गांव में जानकारी जुटाई। वहां ग्रामीणों ने उसे बताया कि करीब दो साल पहले उसकी पत्नी और बॉयफ्रेंड को समथर में साथ पकड़ा गया था। इसके बाद पत्नी के पिता को भी दोनों के रिश्ते की जानकारी हो गई थी। पत्नी ने अफेयर से किया इनकार वहीं, पत्नी ने पकड़े गए युवक को बॉयफ्रेंड मानने से इंकार कर दिया है। उसका कहना है कि उसने इंस्टाग्राम आईडी से उसका नंबर लिया था। वह उस युवक को सिर्फ जानती है। लेकिन दोनों के बीच प्रेम संबंध नहीं है। वह जबरन उसके घर में घुस आया था। उसने उसके साथ रेप भी किया था।
प्रचार का नया ट्रेंड:गली-मोहल्लों के साथ मोबाइल पर मैसेज भेजकर जनता से सीधा संवाद
राजस्थान में नगरीय निकाय चुनावों की हलचल के साथ प्रचार का तरीका भी बदल गया है। कभी लाउडस्पीकर, ऑटो-रिक्शा पर बैनर, दीवारों पर नारे और गली-मोहल्लों में जनसंपर्क प्रचार की पहचान थे। अब चुनावी प्रचार का बड़ा मैदान मतदाताओं की मोबाइल स्क्रीन बन गई है। चुनाव लड़ने के इच्छुक प्रत्याशी जनसंपर्क के साथ सोशल मीडिया पर भी सक्रिय हैं। जनसभाओं के लाइव प्रसारण, नुक्कड़ सभा के वीडियो और रील के जरिए हजारों मतदाताओं तक पहुंच बना रहे हैं। वार्ड, कॉलोनी और आवासीय सोसायटियों के अलग-अलग वाट्सएप ग्रुप बना वोटर्स से सीधा संवाद कर रहे हैं। वर्चुअल बैठकें भी प्रचार का नया माध्यम बन रही हैं। डेटा एनालिसिस और नई तकनीकी का उपयोग: चुनावी रणनीति में डेटा एनालिसिस और नई तकनीक का उपयोग भी बढ़ा है। स्थानीय चुनाव में व्यक्तिगत छवि और जमीनी पकड़ अब भी निर्णायक है। इसलिए जीत का नया मंत्र यही है.... गलियों में मजबूत जनसंपर्क और मोबाइल स्क्रीन पर प्रभावी मौजूदगी।
Amroha News: स्कूटी और मोबाइल लूट का खुलासा, तीन बदमाश गिरफ्तार
बीती 18 अगस्त को हुई स्कूटी व मोबाइल फोन लूट का पुलिस ने खुलासा करते हुए तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है।
Rohtak News: घर में घुसे चोर, नकदी और मोबाइल लेकर फरार
Thieves broke into the house and fled with cash and mobile phones.
Yamuna Nagar News: चोरों ने घर से क्रेटा कार और दो मोबाइल फोन किए चोरी
शहर की भरत कॉलोनी लाल द्वारा क्षेत्र में मंगलवार रात चोरों ने एक मकान को निशाना बनाकर दो मोबाइल फोन चोरी करने के बाद बाहर खड़ी लाल रंग की क्रेटा कार भी ले गए।
Shamli News: 50 से ज्यादा मोबाइल नंबर और इंस्टाग्राम अकाउंट जांच के घेरे में
More than 50 mobile numbers and Instagram accounts are under investigation.
Baghpat News: मोबाइल देखते हुए चल रहे युवक के पैर में सांप ने डसा
A snake bit the leg of a young man who was walking while looking at his mobile phone.
बवानीखेड़ा (भिवानी)। नेपाल में बुधवार को आए विनाशकारी सैलाब के बाद बड़सी निवासी डॉ. प्रियंका चौधरी से संपर्क टूट गया है। वह चिकित्सकों की टीम के साथ करीब एक सप्ताह पहले घूमने के लिए नेपाल गई थीं। जल प्रलय के बाद उनका मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है।
गढ़वाल में 13 नए मोबाइल टावरों को मंजूरी, अनिल बलूनी ने सिंधिया का जताया आभार
गढ़वाल में 13 नए मोबाइल टावरों को मंजूरी, अनिल बलूनी ने सिंधिया का जताया आभार
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
Delhi Police ने Cyber Fraud गिरोह का किया पर्दाफाश, 50 मोबाइल फोन जब्त
दिल्ली पुलिस ने बांग्लादेश से जुड़े एक कथित साइबर धोखाधड़ी गिरोह का भंडाफोड़ किया है और लखनऊ तथा कोलकाता में अलग-अलग छापेमारी के बाद दो लोगों को गिरफ्तार किया है जिनके पास से 50 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। अधिकारी ने कहा कि जब्त किए गए मोबाइल में 45 एकदम नए मोबाइल हैं जिनकी कीमत करीब 25 लाख रुपये है। पुलिस ने कहा कि आरोपियों ने कथित तौर पर साइबर धोखाधड़ी के माध्यम से प्राप्त क्रेडिट कार्ड के विवरण का उपयोग करके मोबाइल फोन खरीदे और उन्हें बांग्लादेश भेजने के लिए गिरोह के अन्य सदस्यों को सौंप दिया। सात अगस्त को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल पर 2.68 लाख रुपये की धोखाधड़ी की शिकायत की गई जिसकी जांच में इस गिरोह का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस के मुताबिक, पीड़ित ने सोशल मीडिया पर क्रेडिट कार्ड संबंधी एक विज्ञापन देखा। बाद में खुद को बैंक का प्रतिनिधि बताने वाले एक व्यक्ति ने ‘मैसेजिंग ऐप’ पर उनसे संपर्क किया और एक फर्जी ‘ऐप’ डाउनलोड करने के लिए कहा। आरोपी ने सत्यापन के बहाने उनकी व्यक्तिगत और क्रेडिट कार्ड की जानकारी कथित तौर पर प्राप्त कर ली और उन्हें कॉल पर उलझाए रखा, जबकि ऑनलाइन ‘इंस्टेंट-डिलीवरी’ और ई-कॉमर्स मंच के माध्यम से उनके क्रेडिट कार्ड से 2.68 लाख रुपये का अनधिकृत लेनदेन किया गया। पुलिस ने कहा कि तकनीकी और वित्तीय विश्लेषण से पता चला कि ठग कई स्थानों से काम कर रहे थे और उनके बांग्लादेश से संबंध हैं। पुलिस ने कहा कि जांच में धोखाधड़ी के पैसे से खरीदे गए मोबाइल फोन को लखनऊ, कोलकाता और धनबाद में पहुंचाए जाने का भी पता चला जबकि फर्जी सिम कार्ड पश्चिम बंगाल के 24 परगना से जुड़े थे। पुलिस के एक अधिकारी ने बताया कि सुराग के आधार पर दो टीमें लखनऊ और कोलकाता भेजी गईं। उनके मुताबिक, लखनऊ टीम ने एक निजी होटल में छापा मारा और कोलकाता निवासी मोहम्मद राशिद नियाज उर्फ दानिश (21) को गिरफ्तार किया और उसके पास से 19 मोबाइल फोन बरामद किए। पूछताछ के दौरान, राशिद ने कथित तौर पर खुलासा किया कि वह गिरोह के अन्य सदस्यों के निर्देश पर नए मोबाइल फोन लेने के लिए अपने सहयोगी मोहम्मद आसिफ के साथ कोलकाता से आया था। पुलिस ने बताया कि उसने यह भी खुलासा किया कि आसिफ लगभग 30 नए फोन लखनऊ से कोलकाता ले गया था। कोलकाता टीम ने बाद में आसिफ (29) को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से 31 नए मोबाइल फोन बरामद किए। बरामद किए गए 50 फोन में से 45 बिल्कुल नए और महंगे मोबाइल थे, जिनमें आईफोन भी शामिल थे और उनकी कुल कीमत लगभग 25 लाख रुपये है। आरोपियों द्वारा कथित तौर पर इस्तेमाल किए गए पांच फोन भी बरामद किए गए। पुलिस ने कहा कि जब्त किए गए उपकरणों पर मिली आपत्तिजनक बातचीत से आरोपियों और उनके विदेशी सहयोगियों के बीच समन्वय का संकेत मिलता है। पुलिस ने कहा कि गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान करने और सीमा पार से सक्रिय पूरे नेटवर्क का पता लगाने के लिए आगे की जांच जारी है।
4 जगहों से रेप के इनामी आरोपी समेत 7 गिरफ्तार:15 लाख के जेवरात समेत थार, मोबाइल और नकदी बरामद
अलवर जिले में पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए चार अलग-अलग मामलों में 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में 10 हजार रुपए के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया। आरोपी के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल भी बरामद की गई है। वहीं कोतवाली थाना पुलिस ने कम्पनी बाग के सामने स्थित रिवाज रिसॉर्ट में जन्मोत्सव कार्यक्रम के दौरान जेवरात से भरा बैग चोरी करने वाले आरोपी रवि सिंह, उम्र 26 वर्ष को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी से सोने का हार, सोने की चेन, तीन सोने की गिन्नियां, चांदी की पायजेब के चार सेट, अंगूठी और चांदी के बर्तन समेत करीब 15 लाख रुपए कीमत के जेवरात बरामद किए हैं। मोबाइल व नकदी लूटने वाले 3 अरेस्ट अखैपुरा थाना पुलिस ने युवक को थार गाड़ी में डालकर ले जाने और मोबाइल व नकदी लूटने के मामले में तीन आरोपियों अमित वर्मा (18), अरुण कुमार (22), दिनेश कुमार (21) को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से थार गाड़ी, दो मोबाइल फोन और 7 हजार रुपए बरामद किए गए। स्क्रैप कारोबार का झांसा देकर की थी लूट इसके अलावा वैशाली नगर थाना पुलिस ने गुजरात के व्यापारी को सोशल मीडिया चैट के जरिए स्क्रैप कारोबार का झांसा देकर अलवर बुलाने, फिर मारपीट और हथियार के बल पर लूट करने के मामले में दो वांछित आरोपियों को बापर्दा गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार सभी मामलों में जांच जारी है।
नेपाल में आए सैलाब के बीच ओडिशा के कपल लापता, मोबाइल बंद; फुटबॉल खिलाड़ियों की टीम सुरक्षित
ओडिशा के खुर्दा से नेपाल घूमने गए दंपति संदीप महापात्र और सिद्धार्थी साहू के लापता होने से चिंता बढ़ गई है। दोनों 22 अगस्त 2026 को काठमांडू पहुंचे थे और 2018 से ऑस्ट्रेलिया में रह रहे हैं।
सीतामढ़ी पुलिस को चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी में बड़ी सफलता मिली है। 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत पुलिस ने कुल 68 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनमें से 34 मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को लौटा दिए गए हैं। सीतामढ़ी के पुलिस अधीक्षक (एसपी) अमित रंजन ने गुरुवार को अपने कार्यालय में मोबाइल उपभोक्ताओं को उनके बरामद फोन सौंपे। सीतामढ़ी पुलिस के प्रति किया आभार व्यक्त लंबे समय बाद अपनी संपत्ति वापस मिलने पर लोगों ने खुशी व्यक्त की। पुलिस के अनुसार, 'ऑपरेशन मुस्कान' का मुख्य उद्देश्य गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को तकनीकी जांच और पुलिस कार्रवाई के माध्यम से बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाना है। मोबाइल वापस मिलने पर उपभोक्ताओं ने सीतामढ़ी पुलिस के प्रति आभार व्यक्त किया। स्मार्टफोन वापस मिलने से ओनर्स में खुशी एसपी अमित रंजन ने बताया कि पुलिस का निरंतर प्रयास है कि बरामद किए गए सभी मोबाइल फोन उनके सही मालिकों तक पहुंचाए जाएं। उन्होंने कहा कि 'ऑपरेशन मुस्कान' का लक्ष्य लोगों की खोई हुई संपत्ति वापस दिलाकर उनके चेहरों पर मुस्कान लाना है। उपभोक्ताओं ने पुलिस की इस पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि मोबाइल में महत्वपूर्ण निजी जानकारी और संपर्क नंबर होते हैं, इसलिए इसे वापस पाना उनके लिए बड़ी राहत है।
35 रुपये किलो वाला प्याज लेकर निकले मोबाइल वैन, निधि खरे ने दिखाई हरी झंडी, झोला लेकर हो जाइए तैयार
केंद्र सरकार ने बताया है कि शुरुआत में 15 मोबाइल वैन के जरिए दिल्ली के अलग-अलग इलाकों में जाकर प्याज बेचा जाएगा. बाद में इन वाहनों की संख्या बढ़ाकर 40 कर दी जाएगी.
बिलासपुर में सैलरी मांगने पर स्पा संचालक भाइयों की घिनौनी करतूत, युवती का मोबाइल छीना और हाथ मरोड़ा
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर स्थित मंगला चौक के 36 सिटी मॉल के एक्वा वेलनेस स्पा सेंटर में काम करने वाली युवती के साथ स्पा संचालक भाइयों द्वारा छेड़छाड़, मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है।
गुरुवार को अशोकनगर जिले में गुम हुए मोबाइल फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में एसपी राजीव कुमार मिश्रा ने करीब 130 मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सौंपे। बरामद मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 15 लाख 60 हजार रुपये बताई गई है। एसपी का रक्षाबंधन पर तोहफा एसपी ने लोगों को संबोधित करते हुए कहा कि पुलिस की ओर से यह रक्षाबंधन के पूर्व तोहफा है। उन्होंने लोगों से कहा कि मोबाइल मिलने के बाद सबसे पहला फोन अपनी बहन को कर के खुशी जाहिर करें। साइबर सेल की बड़ी कामयाबी जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों से बीते कुछ समय में बड़ी संख्या में मोबाइल गुम होने की शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। इसके बाद साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस की टीमों ने तकनीकी माध्यमों से मोबाइलों की तलाश शुरू की। लगातार प्रयासों के बाद करीब 130 मोबाइल बरामद किए गए। पब्लिक को किया जागरुक इस दौरान एसपी ने लोगों को मोबाइल की सुरक्षा को लेकर भी सतर्क रहने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि मोबाइल केवल बातचीत का माध्यम नहीं, बल्कि इसमें कई महत्वपूर्ण व्यक्तिगत जानकारियां होती हैं। इसलिए मोबाइल गुम होने या चोरी होने पर तत्काल पुलिस को सूचना दें। साइबर फ्रॉड से बचने के लिए अनजान कॉल, लिंक और संदिग्ध संदेशों से सतर्क रहें।
मीशो कस्टमर केयर नंबर की तलाश पड़ी भारी: APK फाइल भेजकर ठगों ने किया मोबाइल एक्सेस, बैतूल पुलिस ने ओडिशा से आरोपी को दबोचा
इटावा में छात्रा से मोबाइल लूटने वाला आरोपी मुठभेड़ में गिरफ्तार, पैर में लगी गोली
इटावा में 11वीं की छात्रा से मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस ने आठ दिन बाद एक आरोपी को मुठभेड़ में गिरफ्तार किया। आरोपी के पैर में गोली लगी। लूटा मोबाइल, तमंचा और बाइक बरामद हुई।
टूटा या खराब फोन भी नहीं है 'बेकार'! जानें पुराने मोबाइल से पैसे कमाने का तरीका
घर में पड़ा पुराना स्मार्टफोन अब बेकार नहीं रहेगा, क्योंकि उसे रीसेल या रीसाइकल करके अच्छी कीमत मिल सकती है। जानें पुराने फोन को बेचने से पहले क्या करें और कैसे उसकी वैल्यू बढ़ाएं।
मुजफ्फरपुर के अहियापुर में जमीन कब्जाने और तोड़फोड़ मामले में पुलिस ने पांचवीं गिरफ्तारी की है। इस मामले में बेलसंड से लोजपा(रा.) विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह की मुश्किलें लगातार बढ़ती जा रही हैं। गिरफ्तार आरोपी की पहचान वैशाली के महुआ थाना क्षेत्र निवासी आनंद कुमार के रूप में हुई है। वह वर्तमान में अहियापुर थाना क्षेत्र में रह रहा था। पुलिस टीम को देखते ही आनंद ने अपना मोबाइल फोन और सिम तोड़ दिया था, ताकि उसमें मौजूद सबूत नष्ट किए जा सके। पुलिस ने क्षतिग्रस्त मोबाइल बरामद कर उसे फॉरेंसिक और साइबर टीम को जांच के लिए भेजा है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी के अनुसार, पूछताछ के दौरान आनंद ने 19 ऐसे लोगों के नाम बताए हैं, जो 20 अगस्त को झपहां डीह में चहारदीवारी तोड़े जाने के समय मौके पर मौजूद थे। पुलिस अब इन नामों और मोबाइल नंबरों की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) व अन्य तकनीकी सबूतों से जांच करेगी। 8 मामलों में विधायक नामजद पुलिस का दावा है कि तोड़फोड़ के दौरान कई लोग विधायक के भाई सोनू सिंह और कुछ अन्य लोग सीधे विधायक के संपर्क में थे। इस मामले में अब तक कुल 25 प्राथमिकी (केस) दर्ज की गई है, जिनमें से 8 मामलों में विधायक अमित कुमार रानू को नामजद किया गया है। विधायक और उनके भाई के खिलाफ वारंट जारी करने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। यह घटना 20 अगस्त को झपहां डीह में हुई थी। उस दिन स्कॉर्पियो, थार, जेसीबी और बाइक से 50 से अधिक लोग मौके पर पहुंचे थे। आरोप है कि इन लोगों ने पहले से बनी चहारदीवारी और निर्माणाधीन मकानों को जेसीबी की मदद से तोड़ दिया। विरोध करने पर लोगों के साथ मारपीट और धमकी देने का भी आरोप है। पुलिस के अनुसार, मौके पर मौजूद लोगों को धमकाते हुए कहा गया था कि अगर जमीन पर रहना है तो 'बॉस' को पैसा देना होगा। इसी मामले में पीड़ित प्रह्लाद कुमार के आवेदन पर अहियापुर थाने में केस दर्ज किया गया था। पूछताछ में सामने आया विधायक और भाई से संपर्क का दावा सिटी एसपी के अनुसार, गिरफ्तार आनंद ने पूछताछ में बताया कि मौके पर मौजूद कुछ लोग लगातार सोनू सिंह के संपर्क में थे। इनमें गोलू उर्फ सौरभ, सनी सिंह और पिंटू शांडिल्य के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, आनंद ने यह भी बताया कि गोलू उर्फ सौरभ उस दौरान विधायक अमित कुमार रानू के सीधे संपर्क में था और फोन पर बात कर रहा था। पुलिस अब इन दावों की पुष्टि सीडीआर, मोबाइल डाटा और अन्य तकनीकी साक्ष्यों से करेगी। पुलिस का कहना है कि अभी तक जांच में विधायक और उनके भाई का नाम सामने आया है। हालांकि, पुलिस उनके खिलाफ सामने आए आरोपों और संपर्क के दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि करने में जुटी है। पुलिस के पहुंचते ही मोबाइल तोड़ा, अब फॉरेंसिक से खुलेगा राज आनंद की गिरफ्तारी के दौरान पुलिस को उसका मोबाइल मिला, लेकिन पुलिस के अनुसार उसने कार्रवाई से पहले मोबाइल और सिम तोड़ दिया था। पुलिस का मानना है कि मोबाइल में इस मामले से जुड़े अहम साक्ष्य हो सकते हैं। क्षतिग्रस्त मोबाइल को फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा गया है। साइबर टीम भी डाटा और संपर्क से जुड़ी जानकारी निकालने की कोशिश करेगी। अब तक पांच गिरफ्तारियां इससे पहले सुमित कुमार श्रीवास्तव, सन्नी सिंह, नन्हे सिंह और छोटू कुमार उर्फ छोटू यादव की गिरफ्तारी हुई थी। नन्हे सिंह और छोटू यादव को 23 अगस्त को सीतामढ़ी के बेलसंड स्थित विधायक के कार्यालय से अवैध हथियार और कारतूस के साथ गिरफ्तार किया गया था। छोटू के खिलाफ पहले से लूट, डकैती, रंगदारी, आर्म्स एक्ट और हत्या के प्रयास समेत सात मामले दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है। पुलिस के अनुसार, अब तक गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आई जानकारी और वीडियो फुटेज के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की जा रही है। आनंद ने जिन 19 लोगों के नाम बताए हैं, उनके संबंध में भी पुलिस सत्यापन कर रही है। रिमांड के लिए होगी सुनवाई, आगे और गिरफ्तारी की तैयारी सिटी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों को रिमांड पर लेने के लिए बुधवार को अदालत में आवेदन दिया जाएगा। पुलिस उनसे जमीन विवाद, तोड़फोड़ की पूरी योजना और मौके पर मौजूद अन्य लोगों के बारे में पूछताछ करेगी। पुलिस का कहना है कि इस मामले में आगे भी छापेमारी जारी रहेगी। पुलिस के अनुसार, अब तक की जांच में विधायक अमित कुमार रानू और उनके भाई सोनू सिंह का नाम सामने आया है। पुलिस इस पूरे मामले में उनके संपर्क, भूमिका और कथित जमीन विवाद से जुड़े कनेक्शन की तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच कर रही है। इसके बाद ही उनकी भूमिका को लेकर तस्वीर और स्पष्ट होगी।
ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान कस्टमर केयर नंबर की तलाश बैतूल के एक व्यक्ति को महंगी पड़ गई। मीशो से खरीदी गई सामग्री वापस करने के लिए इंटरनेट पर मिले कस्टमर केयर नंबर पर संपर्क करने के बाद बैतूल निवासी एक व्यक्ति के बैंक खाते से 1 लाख 1 हजार 990 रुपए की ठगी हुई। इस साइबर ठगी के मामले में कोतवाली पुलिस ने तकनीकी जांच के आधार पर आरोपी को ओडिशा से गिरफ्तार किया है। यह घटना 17 फरवरी 2026 की है। चुनालोमा निवासी अतिथि शिक्षक रहे 42 वर्षीय दिव्यांग बाकेबिहारी गोहे ने पुलिस को बताया कि उन्होंने मीशो ऐप से खरीदी गई वस्तु वापस करने के लिए इंटरनेट पर कस्टमर केयर नंबर खोजा था। उस नंबर पर संपर्क करने के बाद आरोपी ने उनके मोबाइल पर व्हाट्सएप के माध्यम से एक एपीके (APK) फाइल भेजी। मोबाइल का एक्सेस ले लिया थाबताया गया है कि मोबाइल में एपीके फाइल खोलते ही आरोपी ने पीड़ित के मोबाइल का एक्सेस प्राप्त कर लिया। इसके बाद यूपीआई (UPI) के जरिए खाते से 1,01,990 रुपए का लेनदेन कर लिया गया। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल की सहायता से पुलिस ने लेनदेन और तकनीकी साक्ष्यों को जोड़ते हुए आरोपी की पहचान मोहम्मद आशिफ के तौर पर की। पुलिस टीम बुधवार को ओडिशा के सुंदरगढ़ जिले के ग्राम हसनपुर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपी ने साइबर ठगी की वारदात को स्वीकार किया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से एक आईफोन 11 प्रो (iPhone 11 Pro) मोबाइल और 25 हजार रुपए नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने आम जनता से अपील की कि कस्टमर केयर नंबर केवल संबंधित कंपनी के आधिकारिक ऐप या वेबसाइट से ही प्राप्त करें, न कि इंटरनेट पर उपलब्ध किसी भी नंबर से। व्हाट्सएप या एसएमएस के माध्यम से भेजी गई किसी भी अनजान एपीके फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल न करें। साइबर ठगी का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराने की सलाह दी गई है। ऐसे हुई थी ठगीअतिथि शिक्षक रहे दिव्यांग बांके बिहारी ने बताया कि उन्होंने अपनी बेटी के लिए करीब 156 रुपए की सामग्री मीशो ऐप के जरिए बुलवाई थी। यह सामान जब घर पहुंचा तो बुलवाया सामान उनके ऑर्डर के मुताबिक नहीं था। उन्होंने कंपनी से इसकी शिकायत की थी। इस बीच सामान वापस लेने आए डिलीवरी बॉय ने सामान वापस नहीं लिया तब उन्होंने गूगल से मीशो का कस्टमर केयर नंबर सर्च कर काल की। कुछ देर बाद एक नंबर से काल आया, बताया गया कि वे कस्टमर केयर से बोल रहे हैं उनकी रकम वापस कर दी जाएगी। फोन काल पर व्यक्ति ने उन्हें भेजी गई एक APK फाइल डाउनलोड करने को कहा। जिसे उन्होंने डाउनलोड भी कर लिया। कॉलर ने उनसे जब उनका ATM कार्ड के फोटो खींचकर मांगा तब उन्हें शक हुआ कि वे ठगी का शिकार हो रहे हैं। उन्होंने खाता चैक किया तो रकम खाते से निकाली जा चुकी थी। उन्होंने इसकी शिकायत 1930 और कोतवाली में की थी।
इटावा में कोचिंग से पैदल घर लौट रही एक छात्रा से मोबाइल छीनकर फरार हुए आरोपी को पुलिस ने नौ दिन बाद मुठभेड़ के दौरान गिरफ्तार कर लिया। बुधवार रात करीब 9 बजे ठंडी पुलिया और लायन सफारी के पास एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन पुलिस की संयुक्त टीम ने घेराबंदी की। पुलिस के अनुसार आरोपी ने खुद को घिरता देख पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में उसके दाहिने पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी को गिरफ्तार कर अस्पताल भेजा गया। उसके पास से छात्रा से छीना गया मोबाइल, 315 बोर का तमंचा, कारतूस और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद हुई है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान 24 वर्षीय शुभी राजपूत के रूप में हुई है, जिसके खिलाफ इटावा समेत मैनपुरी और फिरोजाबाद के कई थानों में पहले से आपराधिक मुकदमे दर्ज होने की बात सामने आई है। जीआईसी स्कूल के गेट के पास हुआ था वारदात मामला 18 अगस्त की शाम का है। फ्रेंड्स कालोनी थाना क्षेत्र के गांधी नगर निवासी चन्द्रवीर सिंह ने सिविल लाइन थाने में तहरीर देकर बताया था कि उनकी बेटी शाम करीब 7 बजे बलराम सिंह चौराहे से कोचिंग पढ़कर पैदल घर लौट रही थी। छात्रा जब जीआईसी स्कूल ग्राउंड के गेट के पास पहुंची, तभी पीछे से मोटरसाइकिल पर आए युवकों ने उसका मोबाइल झपट लिया। छात्रा कुछ समझ पाती, इससे पहले बाइक सवार युवक तेजी से मौके से फरार हो गए। घटना के बाद छात्रा के परिजन मौके पर पहुंचे। उनके साथ अधिवक्ता अश्वनी सिंह भी वहां पहुंचे और पूरी घटना की जानकारी ली। अधिवक्ता ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रदेश के उच्च पुलिस अधिकारियों से शिकायत की और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। इसके बाद पुलिस पर भी घटना के खुलासे का दबाव बढ़ा। सिविल लाइन थाने में मुकदमा दर्ज कर एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के निर्देशन में एसओजी, सर्विलांस और थाना पुलिस को आरोपियों तक पहुंचने की जिम्मेदारी दी गई। लायन सफारी की ओर आने की मिली थी सूचना पुलिस टीमों ने वारदात के बाद घटनास्थल और उसके आसपास के सुरागों को खंगालना शुरू किया। सर्विलांस टीम भी आरोपी तक पहुंचने में जुटी रही। जांच के दौरान पुलिस को आरोपी के बारे में अहम जानकारी मिली और उसकी तलाश तेज कर दी गई। सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह के अनुसार बुधवार रात एसओजी, सर्विलांस और सिविल लाइन पुलिस क्षेत्र में सक्रिय थी। इसी दौरान सूचना मिली कि जीआईसी स्कूल के पास छात्रा से मोबाइल छीनने वाला आरोपी मोटरसाइकिल से लायन सफारी की ओर आ रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीमों ने ठंडी पुलिया और लायन सफारी के पास घेराबंदी कर दी। कुछ देर बाद एक बाइक सवार आता दिखाई दिया। पुलिस ने उसे रुकने का इशारा किया, लेकिन पुलिस के अनुसार आरोपी ने रुकने के बजाय भागने की कोशिश की। पुलिस के अनुसार पहले आरोपी ने चलाई गोली पुलिस का आरोप है कि घिरने के बाद आरोपी ने पुलिस टीम पर जान से मारने की नीयत से फायरिंग कर दी। इसके बाद पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी कार्रवाई की। मुठभेड़ के दौरान शुभी राजपूत के दाहिने पैर में गोली लग गई और वह घायल होकर गिर पड़ा। पुलिस ने उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 315 बोर का एक अवैध तमंचा, एक जिंदा कारतूस और एक खोखा कारतूस मिला। पुलिस ने छात्रा से छीना गया एंड्रॉयड मोबाइल भी बरामद कर लिया। वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल को भी कब्जे में लिया गया है। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि उसने अपने एक साथी के साथ मिलकर जीआईसी गेट के पास छात्रा का मोबाइल छीना था। पुलिस अब उसके फरार साथी की तलाश कर रही है। गिरफ्तार आरोपी शुभी राजपूत पुत्र राम प्रकाश राजपूत, ग्राम किल्ली सुल्तानपुर, थाना बसरेहर का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार उसके खिलाफ इटावा के अलावा मैनपुरी और फिरोजाबाद में चोरी, छिनैती और अवैध हथियार रखने से जुड़े कई मुकदमे दर्ज हैं। सैफई, इकदिल, किशनी और शिकोहाबाद थानों में भी उसके खिलाफ मामले होने की जानकारी पुलिस ने दी है। यह कार्रवाई एसएसपी बृजेश कुमार श्रीवास्तव के पर्यवेक्षण, अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभयनाथ त्रिपाठी के मार्गदर्शन और सीओ सिटी अवनीश कुमार सिंह के नेतृत्व में की गई। ऑपरेशन में एसओजी, सर्विलांस टीम और सिविल लाइन थाना प्रभारी निरीक्षक कण्व कुमार मिश्रा, उपनिरीक्षक हासिक समेत पुलिसकर्मी शामिल रहे।
28 दिनों का सबसे सस्ता प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज किसके पास? कौन दे रहा अधिक वैल्यू?
28 दिनों का सबसे सस्ता प्रीपेड मोबाइल रिचार्ज किसके पास? कौन दे रहा अधिक वैल्यू?
Ballia News: एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक कर साइबर ठगी, पुलिसकर्मी का नंबर भी एक घंटे रहा हैक
The policeman's number was also blocked for an hour.
Jammu News: युवक की आंखों में स्प्रे कर मोबाइल और चेन चोरी
Jammu and kashmir
Chandauli News: बेटी का आधार बनवाने के लिए तीसरी बार मोबाइल टावर पर चढ़ा
Climbed mobile tower for the third time to get daughter's Aadhaar made.
Udham Singh Nagar News: पुलिस ने लौटाए 32 मोबाइल फोन, खिले लोगों के चेहरे
पुलिस ने लौटाए 32 मोबाइल फोन, खिले लोगों के चेहरे
सोफे पर लेट मोबाइल देख रहा था शख्स, तभी पास आई बिल्ली, घूरकर दे डाली खतरनाक चेतावनी
सोफे पर लेट मोबाइल देख रहा था शख्स, तभी पास आई बिल्ली, घूरकर दे डाली खतरनाक चेतावनी
कोंडागांव में केशकाल पुलिस और साइबर टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए बावनीमारी जंगल में जुआ खेल रहे सात लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 2 लाख 54 हजार 180 रुपए की सामग्री जब्त की है। इसमें 79,180 रुपए नकद, 6 मोबाइल फोन और 4 मोटरसाइकिल शामिल हैं। पुलिस को 25 अगस्त को मुखबिर से सूचना मिली थी कि बावनीमारी जंगल के पास कुछ लोग ताश से जुआ खेल रहे हैं। सूचना के बाद पुलिस अधीक्षक पंकज चंद्रा के निर्देश पर पुलिस और साइबर टीम ने मिलकर कार्रवाई की। टीम ने जंगल में घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी। जंगल में जुआ खेलते 7 गिरफ्तार पुलिस को देखकर कुछ जुआरी भाग गए, लेकिन सात लोगों को पकड़ लिया गया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुभाष नाग (29), आशीष रामटेके (36), मनीष रूपानी (29), सोहन मंडावी (27), अविनाश पांडे (32), गणेश जायसवाल (50) और प्रदीप गुप्ता (28) के रूप में हुई है। 2.54 लाख का सामान जब्त पुलिस ने जुआ स्थल से 79,180 रुपए नकद, करीब 80 हजार रुपए कीमत के 6 मोबाइल और करीब 95 हजार रुपए कीमत की 4 मोटरसाइकिल जब्त की हैं। इसके अलावा ताश के 52 पत्ते भी बरामद किए गए। जब्त सामान की कुल कीमत 2,54,180 रुपए बताई गई है। आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। इसके बाद सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कानूनी कार्रवाई की गई।
प्रेमी से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती, हाथ में था चाकू; मचा हड़कंप
प्रेमी से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ी युवती, हाथ में था चाकू; मचा हड़कंप
जगराओं में बुधवार देर शाम गुरुद्वारा नानकसर के बरसी समारोह से लौट रही दो लड़कियों से मोबाइल छीनने की घटना सामने आई। आरोप है कि बाइक सवार युवकों ने रास्ते में लड़कियों को थप्पड़ मारकर उनके मोबाइल छीन लिए। घटना के बाद गुरुद्वारा साहिब के सेवादारों और स्थानीय लोगों ने बदमाशों का पीछा किया और बस स्टैंड चौक के पास दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि उनका एक साथी फरार हो गया। जानकारी के अनुसार, गुरुद्वारा नानकसर में बाबा नंद सिंह जी का बरसी समारोह चल रहा है। बुधवार शाम दो लड़कियां गुरुद्वारा साहिब में माथा टेककर लौट रही थीं। इसी दौरान बाइक सवार युवकों ने उन्हें रास्ते में घेर लिया और कथित तौर पर मारपीट कर मोबाइल छीन लिए। सेवादारों ने घटना देख युवकों का पीछा किया। बस स्टैंड चौक के पास लोगों ने बाइक को घेर लिया। इस दौरान एक युवक बाइक से उतरकर फरार हो गया, जबकि दो युवकों को पकड़ लिया गया। लोगों के अनुसार, पकड़े गए एक युवक की तलाशी में कथित तौर पर सिरिंज मिली। युवक ने नशा करने की बात कही। दूसरे युवक ने वारदात की जानकारी होने से इनकार किया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
जशपुर पुलिस ने कुनकुरी में मोबाइल दुकान से करीब 150 मोबाइल फोन चोरी करने के मामले में झारखंड से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक आरोपी ने अपने साथी के साथ मिलकर वारदात करना स्वीकार किया है। चोरी किए गए मोबाइल दूसरे आरोपी के पास होने की जानकारी मिली है, जिसकी तलाश में पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। शटर के दोनों ताले काटकर दुकान में घुसे कुनकुरी निवासी पंकज कुमार पारिक कठौतिया मोबाइल शॉप चलाते हैं। उन्होंने 12 अगस्त को थाने में चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पंकज के मुताबिक 11 अगस्त की रात करीब 9 बजे दुकान बंद की थी। अगले दिन सुबह सूर्योदय बैंक के कर्मचारी ने दुकान का शटर खुला होने की सूचना दी। दुकान पहुंचने पर शटर के दोनों ताले कटे मिले। अंदर मोबाइल के डिब्बे बिखरे हुए थे। जांच करने पर बिक्री के लिए रखे करीब 150 मोबाइल हैंडसेट गायब मिले। पुलिस ने अपराध क्रमांक 148/2026 के तहत BNS की धारा 331(4), 305(ए) और 3(5) में केस दर्ज कर जांच शुरू की। CCTV और होटल से मिला अहम सुराग पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली। इसमें दो संदिग्ध वारदात को अंजाम देते नजर आए। जांच के दौरान घटनास्थल के पास एक होटल से भी महत्वपूर्ण जानकारी मिली। यहां दोनों संदिग्धों ने खाना खाया था और होटल संचालक को अपना मोबाइल नंबर दिया था। CCTV फुटेज, होटल से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों को मिलाकर पुलिस ने एक आरोपी की पहचान तौसीफ रजा (35), निवासी मुर्गीटोली, मध्य नारायणपुर, थाना राजमहल, जिला साहेबगंज, झारखंड के रूप में की। झारखंड पहुंची पुलिस टीम, आरोपी गिरफ्तार डीआईजी एवं एसएसपी जशपुर डॉ. लाल उमेद सिंह के निर्देशन में विशेष टीम झारखंड रवाना हुई। लगातार पतासाजी के बाद पुलिस ने तौसीफ रजा को हिरासत में लेकर कुनकुरी लाया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह अपने साथी के साथ काफी समय से मोबाइल दुकानों में चोरी की योजना बना रहा था। दोनों ने झारखंड से ओडिशा, आंध्रप्रदेश और छत्तीसगढ़ के अलग-अलग इलाकों में मोबाइल दुकानों की रेकी की थी। इसी दौरान कुनकुरी की दुकान को निशाना बनाया। बैग में भरे मोबाइल, डिब्बे और कवर झाड़ियों में फेंके आरोपी के अनुसार, घटना की रात दोनों दुकान के पीछे पहुंचे और औजार से शटर के दोनों ताले काट दिए। अंदर घुसने के बाद मोबाइल फोन पिट्ठू बैग में भरकर वहां से निकल गए। कुछ दूरी पर दोनों ने मोबाइल के कवर और डिब्बे अलग कर झाड़ियों में फेंक दिए, जबकि मोबाइल हैंडसेट अपने साथ रखे। इसके बाद दोनों बस से फरार हो गए। साथी फरार, उसी के पास करीब 150 मोबाइल पूछताछ में तौसीफ ने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल उसके दूसरे साथी के पास हैं। पुलिस ने दूसरे आरोपी की पहचान कर ली है, लेकिन वह अभी फरार है। उसकी गिरफ्तारी और करीब 150 मोबाइल हैंडसेट की बरामदगी के लिए अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस ने तौसीफ के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल पिट्ठू बैग और मोबाइल हैंडसेट जब्त किया है। पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद उसे गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि CCTV और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने आरोपी तक पहुंच बनाई। दूसरे आरोपी की गिरफ्तारी और चोरी के मोबाइल बरामद करने के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
सहरसा में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बिहरा थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 3.070 किलोग्राम (तीन किलो 70 ग्राम) अवैध गांजे के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। इस दौरान तस्करी में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि सुपौल के रास्ते पुरीख होते हुए रकिया की ओर एक व्यक्ति बाइक से गांजे की खेप लेकर जा रहा है। इस सूचना पर वरीय पुलिस अधिकारियों के निर्देश पर बिहरा थाना की गश्ती टीम ने ग्राम पुरीख हटिया रोड स्थित बजरंगबली मंदिर के पास वाहन जांच अभियान शुरू किया। जांच के दौरान सुपौल की दिशा से आ रहे एक संदिग्ध मोटरसाइकिल चालक ने पुलिस को देखकर भागने का प्रयास किया। हालांकि, मुस्तैद पुलिस जवानों ने घेराबंदी कर उसे मौके पर ही पकड़ लिया। पकड़े गए व्यक्ति की तलाशी लेने पर उसके झोले से 3.070 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने गांजा, मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन जब्त कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार तस्कर की पहचान सदर थाना क्षेत्र के रकिया गांव निवासी ओमप्रकाश सिंह, पिता वलबीर सिंह, के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष बोले- मामले की जांच जारी थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार अभियुक्त के खिलाफ बिहरा थाना में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत कांड संख्या 290 दर्ज कर लिया गया है। आगे की न्यायिक प्रक्रिया पूरी की जा रही है। इस कार्रवाई में बिहरा थानाध्यक्ष सह पुलिस अवर निरीक्षक संजय कुमार सत्यार्थी, पुलिस अवर निरीक्षक राजकमल और थाना के सशस्त्र बल के जवान शामिल थे।
साकेत नगर थाना क्षेत्र के ग्राम सराधना (पाली बॉर्डर) में करीब छह महीने से लापता लीला देवी के मामले का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हत्या के आरोपी राजेंद्र गिरी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर बिलाड़ा क्षेत्र के बीनावास स्थित एक खेत से लीला देवी का नरकंकाल बरामद किया है। आरोपी को कोर्ट में पेश कर चार दिन के रिमांड पर लिया गया है। पुलिस सूत्रों के अनुसार लीला देवी पत्नी चिमनसिंह गत फरवरी से लापता थीं। परिजनों ने बताया कि 13 फरवरी को उनकी लीला से अंतिम बार फोन पर बात हुई थी। इसके बाद 14 और 15 फरवरी को फोन करने पर कोई जवाब नहीं मिला और 15 फरवरी के बाद उनका मोबाइल लगातार बंद आने लगा। लापता होने से पहले लीला देवी ने अपनी मां से दशा माता मंदिर में पूजा करने जाने की बात कही थी। इस संबंध में परिजनों ने 11 अप्रैल को साकेत नगर थाने में लीला के घर से बिना बताए चले जाने की रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। बाद में लीला के पुत्र राकेश सिंह ने 11 अगस्त को एक अन्य रिपोर्ट दर्ज करवाकर आरोप लगाया कि किराए के मकान का ताला तोड़कर करीब आठ लाख रुपए नकद, सोने-चांदी के आभूषण और घरेलू सामान चोरी कर लिया गया है। परिजनों ने लीला के अपहरण व हत्या की आशंका जताते हुए पुलिस से मामले की गंभीरता से जांच की मांग की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि लीला के मोबाइल में राजेंद्र गिरी की सिम और राजेंद्र गिरी के मोबाइल में लीला की सिम लगी हुई थी। इसी आधार पर पुलिस ने तकनीकी जांच करते हुए राजेंद्र गिरी को ट्रेस किया। पुलिस टीम ने 23 अगस्त को आरोपी को उसके गांव पिच्याक से गिरफ्तार कर ब्यावर ले आई। पूछताछ के दौरान आरोपी राजेंद्र गिरी ने पुलिस के समक्ष लीला की हत्या करने तथा शव को दफनाने की बात कबूल की। पुलिस के अनुसार राजेन्द्र गिरी 13 मार्च को लीला को अपने साथ बीनावास (बिलाड़ा) स्थित खेत पर ले गया था। खेत में बनी झोंपड़ी में उसकी हत्या करने के बाद शव को खेत में ही दफना दिया गया।थानाधिकारी की टीम ने किया ब्लाइंड मर्डर का खुलासासाकेत नगर थानाधिकारी सुरजीत सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी साक्ष्यों और पूछताछ के आधार पर इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा किया। आरोपी की निशानदेही पर को खेत में दफनाए गए शव के अवशेष निकालकर नरकंकाल बरामद किया गया, जिसे ब्यावर के राजकीय अमृतकौर चिकित्सालय की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। पुलिस के अनुसार नरकंकाल का बुधवार को अजमेर के जवाहरलाल नेहरू चिकित्सालय में पोस्टमार्टम कराया गया। इसके बाद नरकंकाल परिजनों को सौंपा गया।
जींद जिले के नरवाना क्षेत्र में एक गांव से 19 वर्षीय लड़की संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। परिजनों ने आरोप लगाया है कि मंगलवार रात (25 अगस्त) को किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बेटी को बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया। पिता की शिकायत पर धमतान साहिब पुलिस चौकी और थाना गढ़ी पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ अपहरण का मामला दर्ज किया है। गांव रसीदा निवासी व्यक्ति ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी बेटी मंगलवार, 25 अगस्त की रात लगभग 10 से साढ़े 10 बजे के बीच घर से अचानक गायब हो गई। वह मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिजनों ने अपने स्तर पर लड़की की तलाश रिश्तेदारों और आसपास के क्षेत्रों में की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। अज्ञात व्यक्ति पर अगवा करने का आरोप लड़की के पिता ने आरोप लगाया है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनकी बेटी को झांसा देकर या बहला-फुसलाकर अगवा कर लिया है। परिजनों के अनुसार, लड़की बालिग है और उसने 7वीं कक्षा तक पढ़ाई की है। लापता होने के समय उसने सफेद रंग का सूट-सलवार और चप्पल पहन रखी थी। लड़की का रंग सांवला है और उसके पास एक मोबाइल फोन भी है। लड़की की तलाश कर रही पुलिस शिकायत मिलने के बाद धमतान साहिब पुलिस चौकी के एएसआई संजय ने तत्काल कार्रवाई की। पुलिस ने 26 अगस्त को तड़के ही थाना गढ़ी में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 137/96 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस टीम लड़की के मोबाइल नंबर को सर्विलांस पर रखकर और संभावित ठिकानों पर छापेमारी करके उसकी तलाश कर रही है।
पलवल में एक मस्जिद के कमरे में नाबालिग बच्ची के साथ रेप किए जाने का मामला सामने आया है। हसनपुर थाना पुलिस ने नाबालिग लड़की के पिता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, हसनपुर थाना क्षेत्र स्थित एक मस्जिद में नाबालिग बच्ची के पिता इमाम हैं। उनका एक रिश्तेदार मस्जिद में बने एक कमरे में ठहरा हुआ था। बताया गया है कि 11 वर्षीय नाबालिग सुबह अपने घर से मस्जिद में अपने पिता के कमरे से मोबाइल फोन का चार्जर लेने गई थी। इसी दौरान साजिद नामक आरोपी ने उसे पकड़ लिया और कमरे को अंदर से बंद कर उसके साथ रेप किया। बच्ची के शोर मचाने पर उसके परिजन वहां पहुंच गए, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। बच्ची छठी कक्षा में पढ़ती है और सुबह स्कूल जाने से पहले मां का फोन चार्ज करने के लिए चार्जर लेने गई थी। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस बच्ची के पिता ने हसनपुर थाना पुलिस को लिखित शिकायत दी। हसनपुर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। मामले की जांच एसआई रंजना को सौंपी गई है। जांच अधिकारी ने नाबालिग को मेडिकल चेकअप के लिए जिला नागरिक अस्पताल पलवल पहुंचाया है। पुलिस का कहना है कि उनकी टीम आरोपी की तलाश में जुटी हुई है और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
जींद जिले के सफीदों में आपसी रंजिश के चलते मारपीट और लूटपाट की घटना सामने आई है। हमलावरों ने एक युवक को बेरहमी से पीटा, उसकी गाड़ी में तोड़फोड़ की और उसे जबरन अगवा कर कुछ दूरी पर सड़क पर फेंक दिया। पुलिस ने प्रारंभिक जांच और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर 7 नामजद और 8 अज्ञात आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। यह घटना 20 अगस्त को सफीदों में गुलजारी होटल के सामने हुई। निम्नाबाद निवासी शिकायतकर्ता करणपाल और आरोपी आपस में रिश्तेदार बताए जा रहे हैं। दोनों पक्षों के बीच पिछले कुछ समय से किसी बात को लेकर विवाद चल रहा था। बड़ौद गांव के रहने वाले आरोपियों ने अपने सहयोगियों के साथ मिलकर करणपाल को घेर लिया और उस पर हमला किया। हमलावरों ने करणपाल की गाड़ी में तोड़फोड़ की और लाठी-डंडों से मारपीट की। इसके बाद, आरोपी करणपाल को जबरन अपनी गाड़ी में बैठाकर थोड़ी दूर ले गए और फिर उसे सड़क पर छोड़कर फरार हो गए। पीड़ितों का आरोप है कि इस दौरान हमलावरों ने उनके पास से लगभग 11 तोला सोना और तीन कीमती मोबाइल फोन भी छीन लिए। मामले में संलिप्त आरोपी पुलिस को दी गई शिकायत और जांच के अनुसार, इस हमले में गांव बड़ौद निवासी गुलाब, जगतार सिंह, गुरदेव सिंह, गुरविन्द्र सिंह, सिमरनजीत, अमनदीप और गुरजेन्ट सिंह नामजद आरोपी हैं, जबकि इनके साथ लगभग 8 अन्य अज्ञात व्यक्ति भी इस वारदात में शामिल थे। CCTV फुटेज और MLR ने खोली वारदात की परतें घटना के बाद करणपाल ने पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई और अस्पताल से एमएलआर कटवाई, जिसमें डॉक्टर ने उसके शरीर पर 5 गंभीर चोटों की पुष्टि की। मामला रिश्तेदारों से जुड़ा होने के कारण पुलिस ने सूक्ष्मता से जांच शुरू की। पीएसआई मंजीत की अगुवाई में पुलिस टीम ने 23 अगस्त को घटनास्थल का दौरा किया। आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। सीसीटीवी फुटेज और थाना प्रबंधक अफसर की तस्दीक में मारपीट, किडनैपिंग और गाड़ी में ले जाकर फेंकने की जानकारी सामने आई। समझौते से इनकार, पुलिस ने दर्ज किया केस दोनों पक्षों में रिश्तेदारी होने के कारण पुलिस ने प्रारंभिक प्रक्रिया पूरी की, लेकिन 25 अगस्त को पीड़ित करणपाल ने थाने पहुंचकर साफ कर दिया कि वह किसी भी प्रकार का समझौता नहीं चाहता और आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इसके बाद 25 अगस्त की रात थाना शहर सफीदों में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी।
कानपुर के पनकी में शातिर चोरों ने पुलिस गश्त की पोल खोलते हुए मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान को निशाना बनाया। चोर दुकान की छत पर पड़ी टीन शेड काटकर अंदर दाखिल हुए और ग्राहकों के रिपेयरिंग के लिए आए मोबाइल फोन समेत करीब दो से ढाई लाख रुपये का माल पार कर दिया। बुधवार सुबह दुकान खोलने पहुंचे मालिक को घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पनकी पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच-पड़ताल की। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालकर संदिग्धों की तलाश कर रही है। रात दस बजे दुकान बंद कर घर गया था दुकानदार रतनपुर निवासी सौरभ द्विवेदी की पनकी ई-ब्लॉक में सौरभ टेलीकॉम के नाम से मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान है। सौरभ के मुताबिक, मंगलवार रात वह रोज की तरह करीब दस बजे दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात चोर दुकान की छत पर पहुंचे और टीन शेड काटकर अंदर दाखिल हो गए। चोरों ने दुकान में रखे सामान को खंगाला और रिपेयरिंग के लिए ग्राहकों द्वारा दिए गए करीब 25 से 30 मोबाइल फोन, दस से अधिक कीपैड फोन और महंगे चार्जर समेत करीब दो से ढाई लाख रुपये का माल समेट लिया। सुबह दुकान खोली तो बिखरा मिला सामान बुधवार सुबह सौरभ दुकान खोलने पहुंचे तो अंदर का सामान अस्त-व्यस्त पड़ा था। चोरी का पता चलने पर उन्होंने छत की ओर देखा तो टीन शेड कटी हुई थी। इसके बाद उन्होंने तत्काल 112 नंबर पर पुलिस को सूचना दी। कुछ ही देर में पनकी थाने का फोर्स मौके पर पहुंच गया। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। पुलिस ने दुकान और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में घटना के आसपास कुछ संदिग्ध लोगों की आवाजाही दिखाई दी है। पुलिस उनकी पहचान करने के साथ ही आने-जाने के रास्तों की जानकारी जुटा रही है। एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि घटना का जल्द खुलासा करने का प्रयास किया जा रहा है। ग्राहकों के मोबाइल चोरी होने के कारण दुकानदार के सामने उन्हें वापस करने की चुनौती भी है। पुलिस आसपास के कबाड़ियों, मोबाइल दुकानों और चोरी के मोबाइल की बिक्री के संभावित ठिकानों पर भी नजर रख रही है।
Aadhaar update: ऐप पर अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर कैसे बदलें? यहाँ देखें स्टेप्स
pc: news24online आधार हमारी रोज़मर्रा की ज़िंदगी में ज़रूरी डॉक्यूमेंट्स में से एक है। इसका इस्तेमाल कई कामों के लिए किया जाता है, जैसे बैंक अकाउंट खोलना या अपने बच्चे का स्कूल एडमिशन करवाना। हालाँकि, कई बार आपको अपनी आधार डिटेल्स अपडेट करनी होती हैं और आधार सेंटर जाना मुश्किल हो सकता है। अब, कुछ अपडेट्स के लिए प्रोसेस आसान हो गया है, क्योंकि आधार ऐप यूज़र्स को अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर डिजिटली अपडेट करने की सुविधा देता है। यहाँ इस प्रोसेस के बारे में वह सब कुछ बताया गया है जो आपको जानना चाहिए और शुरू करने से पहले आपको कौन सी ज़रूरी बात ध्यान में रखनी चाहिए। नंबर अपडेट करने से पहले आपको क्या पता होना चाहिए? प्रोसेस शुरू करने से पहले, पक्का कर लें कि आपके पास अभी आपके आधार के साथ रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का एक्सेस है। अपडेट प्रोसेस के दौरान ऑथेंटिकेशन के लिए मौजूदा नंबर ज़रूरी है। अगर आपके पास अब अपने रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर का एक्सेस नहीं है, तो हो सकता है कि आप इसे बदलने के लिए ऐप बेस्ड सुविधा का इस्तेमाल न कर पाएँ। आधार ऐप का इस्तेमाल कैसे शुरू करें? सबसे पहले, अपने स्मार्टफोन पर ऑफिशियल आधार ऐप डाउनलोड करें। पक्का करें कि आप ऐप को एक्सेस करने के लिए ऑफिशियल UIDAI प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल करें। अनजान वेबसाइट्स या अनवेरिफाइड सोर्स से आधार से जुड़े एप्लिकेशन डाउनलोड करने से बचें। ऐप इंस्टॉल हो जाने के बाद, इसे खोलें और मोबाइल नंबर अपडेट प्रोसेस शुरू करने के लिए स्क्रीन पर दिए गए इंस्ट्रक्शन को फॉलो करें। आप मोबाइल नंबर कैसे अपडेट कर सकते हैं? आधार ऐप में अपना रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर अपडेट करने का ऑप्शन देखें। ज़रूरी जानकारी डालें और बताए गए तरीके से ऑथेंटिकेशन प्रोसेस पूरा करें। रिक्वेस्ट सबमिट करने से पहले डिटेल्स ध्यान से चेक करें। प्रोसेस पूरा करने के लिए ऐप में दिखाए गए सभी वेरिफिकेशन स्टेप्स को फॉलो करें। रजिस्टर्ड नंबर क्यों ज़रूरी है? आपका आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर ऑथेंटिकेशन में अहम रोल निभाता है। इसका इस्तेमाल OTP और आधार सर्विस से जुड़े दूसरे ज़रूरी कम्युनिकेशन पाने के लिए किया जा सकता है। इसलिए, अपना रजिस्टर्ड नंबर अपडेट रखने से ज़रूरत पड़ने पर आधार से जुड़ी अलग-अलग सर्विस को एक्सेस करना आसान हो सकता है। आधार की जानकारी सेंसिटिव होती है, इसलिए यूज़र्स को ऑनलाइन सर्विस का इस्तेमाल करते समय सावधान रहना चाहिए। आधार ऐप सिर्फ़ ऑफिशियल UIDAI चैनल से डाउनलोड करें और किसी के साथ OTP या पर्सनल डिटेल्स शेयर करने से बचें। अगर आपके पास अभी भी आपका मौजूदा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर है, तो ऐप बेस्ड सुविधा आपके आधार से लिंक्ड मोबाइल नंबर को अपडेट करना ज़्यादा आसान बना सकती है, इसके लिए आपको आधार सेंटर जाने की ज़रूरत नहीं होगी।
जयपुर सेंट्रल जेल में तलाशी के दौरान 4 बंदियों से मोबाइल बरामद, वीडियो में जाने पुलिस ने दर्ज किया केस
ऑपरेशन विश्वास से 57 लोगों का खोया मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | गढ़वा समाहरणालय स्थित पुलिस कार्यालय के सभागार में मंगलवार को जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित कर विभिन्न थाना क्षेत्रों से गुम एवं चोरी हुए 57 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। पुलिस की इस पहल से मोबाइल वापस पाने वाले लोगों के चेहरे पर खुशी नजर आई। मौके पर पुलिस अधीक्षक आशुतोष शेखर ने कहा कि आम-आवाम में पुलिस के प्रति विश्वास को और अधिक मजबूत करने के उद्देश्य से ‘ऑपरेशन विश्वास’ के तहत गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए एक माह का विशेष अभियान चलाया गया था। उन्होंने बताया कि जिले के विभिन्न थाना एवं ओपी में दर्ज सनहा और सीईआईआर पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए गढ़वा के अलावा दूसरे जिलों और राज्यों से भी मोबाइल फोन बरामद किए हैं। एसपी ने बताया कि पिछले माह की बरामदगी को शामिल करते हुए पुलिस अब तक कुल 116 गुम एवं चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंप चुकी है। उन्होंने कहा कि अभियान का उद्देश्य केवल मोबाइल की बरामदगी नहीं, बल्कि आम लोगों में पुलिस के प्रति भरोसा बढ़ाना और तकनीक के माध्यम से अपराध नियंत्रण को प्रभावी बनाना भी है। कार्यक्रम के दौरान एसपी ने उपस्थित लोगों को सड़क सुरक्षा, नशे के दुष्प्रभाव और साइबर अपराध से बचाव के प्रति जागरूक किया। उन्होंने डायल-112 के महत्व की जानकारी देते हुए जरूरत पड़ने पर इसका उपयोग करने की अपील की। साथ ही यौन उत्पीड़न एवं समाज में व्याप्त विभिन्न कुरीतियों के खिलाफ जागरूकता फैलाने की जरूरत पर जोर दिया। पुलिस की इस पहल से लोगों में सुरक्षा की भावना मजबूत होने के साथ यह संदेश भी गया कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कराने पर तकनीकी माध्यमों से उनकी बरामदगी संभव है। पुलिस ने आम लोगों से ऐसे मामलों में तत्काल संबंधित थाना में शिकायत दर्ज कराने तथा सीईआईआर पोर्टल का उपयोग करने की अपील की।
33 गुम मोबाइल बरामद कर पुलिस ने लौटाया
चाईबासा| पश्चिमी सिंहभूूम जिले में गुम मोबाइल की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चल रहा है। अभियान में पुलिस को बड़ी सफलता मिली। सीईआईआर सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर पोर्टल से तकनीकी अनुसंधान किया गया। सभी थाना क्षेत्रों से कुल 33 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए। कार्रवाई सभी थाना प्रभारियों के नेतृत्व में हुई। बरामद मोबाइल फोन मंगलवार को उनके वास्तविक धारकों को विधिवत लौटाए गए। मौके पर एसडीपीओ चक्रधरपुर सैय्यद मुस्तफा हाशमी, एसडीओ सदर बहामन टूटी, डीएसपी मुख्यालय पूजा कुमारी मौजूद रहीं।
Gorakhpur News: फर्नीचर कर्मियों के कमरे से मोबाइल चोरी, दो गिरफ्तार
Mobile phone stolen from furniture workers' room; two arrested.
Rewari News: मोबाइल टावर से 50 हजार रुपये की रेडियो रिमोट यूनिट चोरी
Radio remote unit worth 50,000 stolen from mobile tower
Amroha News: 86 हजार का मोबाइल तीन माह में खराब, कंपनी-विक्रेता को नोटिस
86 हजार रुपये का मोबाइल खरीदने के महज तीन महीने बाद खराब होने और गारंटी के बावजूद समस्या दूर नहीं होने पर कारोबारी ने जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग का दरवाजा खटखटाया।
Ghaziabad News: इंदिरापुरम में बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल और चेन छीनी
इंदिरापुरम में बाइक सवार बदमाशों ने मोबाइल और चेन छीनी
Prayagraj News: मोबाइल फोन छीनने के लिए काली प्लास्टिक और कपड़े से ढके थे चार सिग्नल
मोबाइल फोन छीनने के लिए काली प्लास्टिक और कपड़े से ढके थे चार सिग्नल
Budaun News: चोरी के नौ मोबाइल फोन समेत स्कूटी सवार युवक गिरफ्तार
उझानी। कोतवाली पुलिस ने चोरी के नौ मोबाइल फोन के साथ स्कूटी सवार बदायूं निवासी फईम को गिरफ्तार किया है। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को बताया कि ये मोबाइल फोन उसने कछला कांवड़ मेला और भंडारों में पहुंचे लोगों से चुराए थे।
Agra News: मोबाइल पर कॉल आने के बाद क्रेडिट कार्ड से उड़ा दी रकम
मोबाइल पर कॉल आने के बाद क्रेडिट कार्ड से उड़ा दी रकम
Bhiwani News: ब्रेजा सवार चार युवकों ने ऑटो रुकवाकर ट्रक चालक से मोबाइल और 12 हजार रुपये लूटे
ब्रेजा सवार चार युवकों ने ऑटो रुकवाकर ट्रक चालक से मोबाइल और 12 हजार रुपये लूटे
Jhansi News: घर में घुसकर चोरों ने नकदी व मोबाइल उड़ाए
रानीपुर। मोहल्ला झंडापुर निवासी कमलेश कुमार तथा घनश्याम दास लिधौरया भाई हैं। उनके यहां चोर छत के रास्ते से अंदर घुसे और नकदी, मोबाइल, बर्तन आदि चोरी कर ले गए।
Panchkula News: चाकू की नोक पर बैंककर्मी से मोबाइल छीनने वाला गिरफ्तार
Man arrested for snatching mobile from bank employee at knifepoint.
जयपुर के वैशाली नगर थाना इलाके में मेलोडी होटल के एक कमरे में ऑनलाइन जुआ-सट्टा चल रहा था। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो युवकों और एक युवती को पकड़ा है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 2 लैपटॉप, एक टैबलेट और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। आरोपी नेपाल और महाराष्ट्र से यहां पहुंचे थे और क्रिकेट समेत अन्य खेलों पर ऑनलाइन पैसे लगवाकर जुआ-सट्टा खिलाने का काम कर रहे थे। पकड़े गए आरोपियों की पहचान अशोक पौडेल निवासी गांव कुर्गा, जिला पर्वत, नेपाल, परीना गिरी (23) निवासी गांव पड़रिया, जिला बाड़गंगा, नेपाल और पवन वैष्णव (38) निवासी बी-801, इटरनल एग्जोटिया, पुणे, महाराष्ट्र के रूप में हुई है। मेलोडी होटल के रूम नंबर 204 में दबिश स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश ने बताया कि मंगलवार को पुलिस टीम ने को मेलोडी होटल के रूम नंबर 204 में दबिश दी। मौके पर दो युवक और एक युवती मौजूद मिले। पूछताछ और तकनीकी विश्लेषण के दौरान सामने आया कि आरोपी ऑनलाइन माध्यम से क्रिकेट एवं अन्य खेलों पर लोगों से पैसे लगवाकर सट्टा संचालित कर रहे थे। आरोपी जगह बदल-बदल कर सट्टा लगाने का काम करते है। मौके पर आज का करीब 6 लाख रुपए का हिसाब मिला, जबकि महीने का अनुमानित कारोबार करीब 18 लाख रुपए बताया गया है। इलेक्ट्रॉनिक उपकरण बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 2 लैपटॉप, 1 टैबलेट और 5 मोबाइल फोन बरामद किए। सभी आरोपियों और बरामद सामान को अग्रिम कार्रवाई के लिए पुलिस थाना वैशाली नगर के सुपुर्द किया गया, जहां मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद मोबाइल, लैपटॉप और टैबलेट की जांच के जरिए ऑनलाइन सट्टे के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। स्पेशल पुलिस कमिश्नर ओमप्रकाश का कहना है कि मामले में आर्थिक अंवेक्षण भी किया जाएगा। ताकि आने वाले शहर में दूसरे शहर के लोग यहां आकर ऑनलाइन सट्टे की कार्रवाई ना करें।
शिवपुरी साइबर सेल ने 150 खोए और चोरी हुए मोबाइल बरामद किए हैं। इनकी कीमत करीब 32 लाख रुपए है। इनमें 5 आईफोन भी शामिल हैं। मंगलवार को पुलिस कंट्रोल रूम में सभी मोबाइल उनके मालिकों को लौटा दिए गए। एसपी यांगचेन डोलकर भूटिया ने बताया कि जिले के लोगों ने मोबाइल खोने या चोरी होने की शिकायतें दी थीं। साइबर सेल की टीम इन मोबाइलों को तकनीकी मदद से ट्रेस कर रही थी। टीम ने राजस्थान, महाराष्ट्र, पंजाब और उत्तर प्रदेश के अलावा मध्य प्रदेश के अलग-अलग जिलों से मोबाइल बरामद किए। एसपी भूटिया ने कहा कि मोबाइल खोने के बाद कई लोग उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ देते हैं। साइबर सेल लगातार ऐसे मोबाइल ट्रेस कर उनके मालिकों तक पहुंचाने का काम कर रही है। अब तक 450 मोबाइल बरामद साइबर सेल के अनुसार, ‘ऑपरेशन आपकी अमानत’ के तहत अब तक 90 लाख रुपए कीमत के 450 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। इन्हें उनके मालिकों को लौटाया गया है। इसके अलावा साल 2025 में भी साइबर सेल ने करीब 700 मोबाइल बरामद कर लोगों को वापस किए थे।
महंगे मोबाइल के शौक ने बनाया चोर: जमशेदपुर और आसपास से चुराई गई 17 मोटरसाइकिलें बरामद, तीन दबोचे गए
पूर्वी सिंहभूम की गुड़ाबांधा पुलिस ने एक सक्रिय वाहन चोर गिरोह का भंडाफोड़ करते हुए तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनकी निशानदेही पर कुल 17 चोरी की मोटरसाइकिलें और कई महंगे मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
नवादा में साइबर फ्रॉड का खुलासा, 7 गिरफ्तार:ऑनलाइन लोन के नाम पर ठगी, 15 मोबाइल बरामद
नवादा के वारिसलीगंज थाना पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने तीन अलग-अलग ठिकानों पर छापेमारी कर सात साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 15 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किए गए हैं। ये आरोपी बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस समेत अन्य कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को ठगी का शिकार बनाते थे। एसपी अभिनव धीमान के निर्देश पर डीएसपी सुजय विद्यार्थी के द्वारा तीन गठन किया गया जहां थाना प्रभारी पंकज कुमार सैनी के द्वारा कार्रवाई की गई है। एसपी नवादा के निर्देश पर थानाध्यक्ष सह पुलिस निरीक्षक पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। प्रोसेसिंग फीस के नाम पर वसूलते थे पैसे इस टीम ने चकवाय-गौसपुर सड़क किनारे बगीचा, चैनपुरा बजरंगबली मंदिर के पास और मीर बिगहा ईंट-भट्ठा के समीप छापेमारी की। तीनों स्थानों से क्रमशः तीन, दो और दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे खुद को बैंक मैनेजर या फाइनेंस कंपनी का कर्मचारी बताकर लोगों से संपर्क करते थे। अन्य लोगों की तलाश में जुटी पुलिस लोन स्वीकृति के नाम पर आधार, पैन, बैंक पासबुक, फोटो और ई-मेल जैसी निजी जानकारियां लेने के बाद प्रोसेसिंग फीस के नाम पर पैसे वसूलते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव कुमार, शुभम कुमार, कन्हैया कुमार, सन्टू कुमार, सौरभ कुमार, साहिल कुमार और सचिन कुमार के रूप में हुई है। मामले में वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 613/26 दर्ज कर आईटी एक्ट और भारतीय न्याय संहिता की धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद मोबाइलों की तकनीकी जांच कर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी है।
संगरूर पुलिस ने मोबाइल टावरों से उपकरण चोरी करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है और उनके कब्जे से चोरी किए गए 16 बीटीएस कार्ड, एक कटर, एक प्लेट, एक पेचकस और दो वाहन बरामद किए हैं। यह कार्रवाई 23 और 24 अगस्त 2026 को की गई। डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (डिटेक्टिव) संगरूर, श्री सुखदेव सिंह पीपीएस के नेतृत्व में, इंस्पेक्टर संदीप सिंह और सीआईए बहादुर सिंह वाला की टीम को 23 अगस्त 2026 को चीमा रोड, शाहपुर बहाद गांव, पुलिस स्टेशन चीमा के इलाके में गश्त के दौरान सफलता मिली। मुखबिर की सूचना पर लवप्रीत सिंह उर्फ अंडा और हरप्रीत सिंह उर्फ कालू को एक सफेद स्विफ्ट कार नंबर PB13BA1532 में चोरी का सामान बेचने जाते हुए गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार आरोपियों से 10 बीटीएस कार्ड, एक कटर, एक प्लेट, एक पेचकस और स्विफ्ट कार बरामद की गई। उनके खिलाफ पुलिस स्टेशन चीमा में मुकदमा नंबर 111, दिनांक 23 अगस्त 2026, भारतीय न्याय संहिता की धारा 303(2), 317(2) और टेलीग्राफ एक्ट 1885 की धारा 25 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, 24 अगस्त 2026 को लवप्रीत सिंह उर्फ अंडा और हरप्रीत सिंह उर्फ कालू से पूछताछ के आधार पर चार और आरोपियों को नामजद कर गिरफ्तार किया गया। इनमें सलीम (मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश), शाजिद (गाजियाबाद, उत्तर प्रदेश), फरमान (मोहान, उत्तर प्रदेश) और रियाजुद्दीन (मुजफ्फराबाद, उत्तर प्रदेश) शामिल हैं। इन आरोपियों के पास से चोरी का माल ले जाने में इस्तेमाल किया गया एक टैंपो नंबर PB10-GY-4801 और 6 बीटीएस कार्ड बरामद किए गए।
दतिया के उनाव थाना क्षेत्र में मंगलवार दोपहर युवक ने कार में बैठकर कनपटी पर कट्टे से गोली मार ली। गोली लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना दोपहर करीब 12 बजे दतिया-उनाव रोड पर खेरी और राजापुर गांव के पास हुई। फायर की आवाज सुनकर राहगीर मौके पर पहुंचे। सड़क किनारे खड़ी कार में युवक को देखकर पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और कार का कांच तोड़कर युवक के शव को बाहर निकाला। इसके बाद शव को जिला अस्पताल भेजा गया। घटनास्थल से पुलिस ने कट्टा बरामद किया है। मृतक की पहचान अर्जुन शर्मा (20), पिता स्व. देवकीनंदन शर्मा, निवासी झांसी (उत्तर प्रदेश) के रूप में हुई है। कार में मिला मोबाइल और अन्य सामान पुलिस के अनुसार कार की तलाशी लेने पर सिगरेट की डिब्बी, पानी की बोतलें, पावर बैंक और मोबाइल फोन मिला है। पुलिस ने मोबाइल फोन को जांच के लिए अपने कब्जे में लिया है। परिजनों के मुताबिक अर्जुन घर से बिना बताए निकला था। वह दतिया स्थित पीतांबरा माता मंदिर और खेरी माता मंदिर के दर्शन के लिए अक्सर आता रहता था। अर्जुन अपने माता-पिता की इकलौती संतान था। खुद को गोली मारने की वजह स्पष्ट नहीं उनाव थाना प्रभारी अंशुल अरोरा ने बताया कि युवक ने खुद को गोली क्यों मारी, इसका कारण अभी स्पष्ट नहीं हुआ है। पुलिस परिजनों के बयान दर्ज कर रही है। साथ ही मोबाइल फोन की जांच और घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर घटना की वजह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
कोडरमा पुलिस ने मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामू स्थित एक मोबाइल दुकान में हुई लाखों की चोरी का 24 घंटे के भीतर उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है और चोरी किए गए सभी मोबाइल फोन भी बरामद कर लिए हैं। यह घटना 23 अगस्त को हुई थी, जब अज्ञात चोरों ने दुकान का शटर तोड़कर लाखों रुपये के मोबाइल फोन और नकदी चुरा ली थी। इस घटना के बाद से पुलिस गश्त पर कई तरह के सवाल उठ रहे थे। एसपी कुमार शिवाशीष ने बताया कि चोरी की घटना सामने आते ही मरकच्चो थाने में मामला दर्ज किया गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए डोमचांच अंचल के पुलिस निरीक्षक विकास पासवान के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। इस टीम में जिले की तकनीकी शाखा को भी शामिल किया गया था। घटना का जल्द से जल्द खुलासा करने के लिए डॉग स्क्वायड की भी मदद ली गई। गठित टीम ने तत्परता से कार्रवाई करते हुए घटनास्थल का निरीक्षण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कुछ संदिग्धों को हिरासत में लिया। इन संदिग्धों की निशानदेही पर महज 24 घंटे के अंदर ही घटना में शामिल सभी चारों अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। अभियुक्तों ने पूछताछ में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनके पास से चोरी किए गए मोबाइल फोन के साथ-साथ चोरी में इस्तेमाल किए गए औजार भी बरामद किए गए हैं। इस सफल उद्भेदन से दुकान संचालक को बड़ी राहत मिली है। गिरफ्तार किए गए अपराधियों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। ये थे घटना में संलिप्त चोरी की घटना को अंजाम देने वालों में शाहिल खान उर्फ सोनू खान उर्फ सोमुवा खान, पिता आकुब खान, आदर्श कुमार, पिता विनोद साव, रवि कुमार, पिता महेन्द्र साव तथा सोनु कुमार, पिता टुनटुन कसेरा के नाम शामिल हैं। ये सभी गिरीडीह जिले के राजधनवार के रहने वाले हैं।
आगर-मालवा पुलिस ने गुम और चोरी हुए 125 मोबाइल फोन ढूंढ निकाले हैं। मंगलवार को एसपी दिलीप कुमार सोनी ने ये सभी फोन उनके असली मालिकों के हाथों में सौंप दिए। महीनों बाद अपना गुम हुआ फोन वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि इन मोबाइलों की कुल कीमत करीब 24 लाख 10 हजार रुपए है। फोन में लोगों के जरूरी दस्तावेज, फोटो और यादें होती हैं, जिन्हें सुरक्षित वापस दिलाना पुलिस की पहली प्राथमिकता थी। ऑनलाइन ठगी से बचने की दी सलाह इस मौके पर एसपी दिलीप कुमार सोनी ने लोगों को साइबर अपराध और ऑनलाइन ठगी से सावधान रहने के तरीके भी बताए। उन्होंने अपील की कि किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और न ही अपना ओटीपी या बैंक का पिन किसी के साथ शेयर करें। उन्होंने कहा कि अगर कोई ठगी का शिकार होता है, तो बिना देरी किए तुरंत पुलिस को जानकारी दे। तकनीकी मदद से मिली सफलता एसपी के निर्देश पर साइबर टीम ने अलग-अलग राज्यों और जिलों की पुलिस से तालमेल बिठाकर और तकनीकी जांच की मदद से इन फोनों को खोज निकाला। कार्यक्रम में एएसपी रविन्द्र बोयट, एसडीओपी मोतीलाल कुशवाहा, कोतवाली थाना प्रभारी नागेश यादव और सूबेदार जितेन्द्र शुक्ला समेत कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
सेंट्रल जेल लुधियाना में तलाशी के दौरान 7 कीपैड मोबाइल फोन लावारिस हालत में बरामद हुए। जेल अधिकारियों के अनुसार 2 कैदियों ने जेल के अंदर प्रतिबंधित सामान रखकर जेल नियमों का उल्लंघन किया था। मामले में थाना डिविजन नंबर-7 की पुलिस ने दोनों कैदियों और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायत में केंद्रीय जेल लुधियाना के सहायक सुपरिंटेंडेंट विजय कुमार ने बताया कि मुकदमा नंबर 3609, 3645, 3657 और 3653 के तहत जेल में तलाशी अभियान चलाया गया था। इस दौरान कैदी विकास कुमार और हवालाती जसकरण सिंह की बैरकों की तलाशी ली गई। 7 कीपैड मोबाइल फोन लावारिस मिलेतलाशी के दौरान जेल परिसर से 7 कीपैड मोबाइल फोन मार्का केचौडा लावारिस हालत में बरामद किए गए। जांच में सामने आया कि दोनों आरोपियों ने जेल के अंदर प्रतिबंधित सामग्री रखकर जेल के नियमों का उल्लंघन किया था। दो अज्ञात लोगों की भी भूमिका सामने आईजेल प्रबंधन की शिकायत पर पुलिस ने कैदी विकास कुमार, हवालाती जसकरण सिंह और दो अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचाए गए और इसमें अज्ञात आरोपियों की क्या भूमिका रही। थाना डिविजन नंबर-7 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 52-A(1) Prison Act के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस बरामद मोबाइल फोन के संबंध में भी जांच कर रही है। “कीपैड मोबाइल फोन” की खासियत क्या है यह फोन छोटे और साधारण होते हैं। स्मार्टफोन की तुलना में छिपाना आसान होता है। चोरी-छिपे पहुंचाए जाने वाले फोन के लिए सस्ते मॉडल पसंद किए जा सकते हैं। इसलिए जेल के अंदर फोन का इस्तेमाल मुख्य रूप से कॉल के लिए किया जा सकता है। बैटरी लंबे समय तक चलती है-बार-बार चार्ज करने की जरूरत कम पड़ती है। कुछ मामलों में आरोपी स्मार्टफोन की जगह बेसिक फोन का इस्तेमाल करना पसंद कर सकते हैं।
श्रावस्ती पुलिस की सर्विलांस सेल ने बड़ी सफलता हासिल की है। टीम ने तकनीकी संसाधनों और CEIR पोर्टल की मदद से 60 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख 60 हजार रुपये है। मंगलवार को 12:00 बजे के बाद पुलिस कार्यालय सभागार में आयोजित एक कार्यक्रम में ये सभी मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी के निर्देश पर गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान का नेतृत्व अपर पुलिस अधीक्षक चन्द्रकेश सिंह ने किया, जबकि क्षेत्राधिकारी क्राइम भरत पासवान ने इसका पर्यवेक्षण किया। सर्विलांस सेल की टीम ने विभिन्न थानों में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी के मामलों पर कार्रवाई की। टीम ने मोबाइलों के IMEI नंबर, लोकेशन और नेटवर्क डाटा का तकनीकी विश्लेषण करते हुए उन्हें अलग-अलग स्थानों से ट्रेस किया। अथक प्रयासों के बाद कुल 60 मोबाइल बरामद किए गए। मंगलवार को क्षेत्राधिकारी संजय सिंह की उपस्थिति में बरामद मोबाइल उनके संबंधित स्वामियों को विधिवत सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने श्रावस्ती पुलिस की कार्रवाई की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। क्षेत्राधिकारी संजय सिंह ने सर्विलांस सेल और CEIR पोर्टल पर कार्यरत सभी टीमों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि पुलिस आमजन की समस्याओं के त्वरित समाधान को प्राथमिकता दे रही है। तकनीक के इस्तेमाल से गुम मोबाइल की बरामदगी के साथ-साथ साइबर अपराधों पर नियंत्रण और अपराधियों की लोकेशन ट्रैक करने में भी लगातार सफलता मिल रही है।
सोनभद्र पुलिस ने 207 गुम मोबाइल बरामद किए:30 लाख रुपये कीमत के फोन मालिकों को सौंपे गए
सोनभद्र पुलिस ने गुम हुए 207 मोबाइल फोन बरामद कर बड़ी सफलता हासिल की है। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 30 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने यह कार्रवाई CEIR पोर्टल की मदद से जुलाई 2026 से अब तक की है। बरामद मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस द्वारा चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत ये मोबाइल फोन बरामद किए गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर मालिकों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। सोनभद्र पुलिस आमजन के गुम हुए मोबाइल फोन को उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने के लिए लगातार प्रयासरत है। इसमे सर्विलांस सेल, एसओजी और जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त टीमों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। अपर पुलिस अधीक्षक मुख्यालय ऋषभ अग्रवाल ने पुलिस लाइन मे पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि रक्षाबंधन के त्यौहार से ठीक पहले मोबाइल स्वामियों को ये फोन एक उपहार के रूप में वापस मिले हैं। पुलिस टीमों ने CEIR पोर्टल के जरिए तकनीकी विश्लेषण और लगातार मॉनिटरिंग के माध्यम से इन मोबाइलों को ट्रेस किया। इसी तकनीकी कार्रवाई के परिणामस्वरूप, जुलाई 2026 से अब तक कुल 207 गुम मोबाइल फोन बरामद किए जा सके। कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, इन मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया गया। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने सोनभद्र पुलिस का आभार व्यक्त किया। एक मोबाइल स्वामी ने कहा, मेरा मोबाइल खो गया था। पुलिस की मदद से मोबाइल वापस मिला है। इसके लिए सोनभद्र पुलिस का धन्यवाद।
जींद जिले के बिरोली गांव से एक 20 वर्षीय युवती संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गई है। युवती दोपहर के समय घर से 50 हजार रुपये नकद और कुछ कपड़े लेकर निकली थी। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी और अपहरण की आशंका से जुड़ी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के पिता ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 24 अगस्त की दोपहर करीब 12:30 बजे उनकी बेटी अचानक घर से चली गई। वह अपने साथ नीले रंग के पॉलिथीन में दो जोड़ी कपड़े और 50 हजार रुपये नकद ले गई थी। परिजनों ने अपने स्तर पर गांव, रिश्तेदारियों और जान-पहचान वालों के यहां काफी खोजबीन की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। युवती का मोबाइल नंबर भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है, जिससे परिवार की चिंता बढ़ गई है। पुलिस को दी गई जानकारी के अनुसार, युवती का रंग गोरा, कद 5 फुट 6 इंच है और घर से निकलते वक्त उसने क्रीम रंग का गाउन पहना हुआ था। पुलिस अब मोबाइल लोकेशन और आसपास के रास्तों के सीसीटीवी फुटेज के आधार पर सुराग लगाने का प्रयास कर रही है। CRSU पुलिस चौकी के एएसआई सुधीर ने शिकायत मिलने के बाद मामले का संज्ञान लिया और सदर थाना जींद में BNS)की धारा 127(6) के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस टीम युवती की सुरक्षित बरामदगी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है और सर्विलांस की मदद ले रही है।
दमोह के नरसिंहगढ़ में मंगलवार सुबह करीब 7 बजे एक ट्रक ड्राइवर अपनी मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक ने कलेक्टर को मौके पर बुलाने की मांग की है। उसने टावर पर चढ़ने के बाद अपना वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया, जिसके बाद परिजनों और पुलिस को घटना की जानकारी मिली। कलेक्टर से मिलने की जिद पर अड़ा युवक युवक की पहचान बाजार मोहल्ला निवासी हेमंत प्रजापति(40) के रूप में हुई है। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और उसे नीचे उतरने के लिए समझाइश दी, लेकिन हेमंत नीचे आने को तैयार नहीं है। उसका कहना है कि जब तक कलेक्टर मौके पर आकर उससे मुलाकात नहीं करते, वह टावर से नीचे नहीं उतरेगा। सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में हेमंत ने पुलिस पर परेशान करने का आरोप लगाया है। उसने कहा कि ट्रांसपोर्टर उसे जेल भेजने की धमकी दे रहे हैं, जबकि उसने कोई अपराध नहीं किया है। हेमंत ने यह भी बताया कि उसका ब्रेन का ऑपरेशन हो चुका है और कंपनी की वजह से उसके सामने यह स्थिति बनी है। पांच साल से आर्थिक तंगी से जूझ रहा परिवार नरसिंहगढ़ चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी ने हेमंत की पत्नी से मुलाकात की। पत्नी के अनुसार, परिवार पिछले करीब पांच साल से आर्थिक तंगी से जूझ रहा है। हेमंत पहले ट्रक ड्राइवर के रूप में काम करते थे, लेकिन पांच साल पहले एक दुर्घटना में घायल होने के बाद उनकी नौकरी छूट गई। इसके बाद उन्हें न तो काम मिल सका और न ही मुआवजा मिला, जिससे परिवार की आर्थिक स्थिति खराब हो गई। चौकी प्रभारी बोले- लिखित शिकायत दें चौकी प्रभारी रोहित द्विवेदी ने हेमंत की पत्नी को बताया कि पन्ना जिले के सिमरिया थाने में एक सड़क हादसे का मामला दर्ज है, जो फिलहाल न्यायालय में विचाराधीन है। उन्होंने कहा कि यदि परिवार को किसी तरह की समस्या है तो उसे लिखित में दिया जाए, ताकि उनकी बात प्रशासन तक पहुंचाई जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि टावर पर चढ़ने से समस्या का समाधान नहीं होगा। हेमंत जिस मोबाइल फोन को लेकर टावर पर चढ़ा था, कुछ देर बाद उसने उसे बंद कर दिया। इसके चलते अब उससे फोन पर संपर्क नहीं हो पा रहा है। परिजन भी पुलिस के साथ मिलकर उसे नीचे उतरने के लिए समझा रहे हैं, लेकिन वह अपनी मांग पर अड़ा हुआ है। प्रशासन और पुलिस की ओर से लगातार समझाइश दी जा रही है और युवक को सुरक्षित नीचे उतारने के प्रयास किए जा रहे हैं।
उत्तर प्रदेश के 1565 पीएमश्री विद्यालयों में छात्रों की भाषा-शैली में सुधार, उन्हें व्यावहारिक ज्ञान देने, व्यक्तित्व विकास व आलोचनात्मक प्रवृत्ति को बढ़ाने के लिए अखबार व मैगजीन उपलब्ध कराए जाएंगे।
मोबाइल चोरी होने के बाद पुलिस जांच का इंतजार करने के बजाय गुना में एक महिला ने अपनी सूझबूझ से आरोपी तक पहुंचने की कोशिश की। 29 जुलाई को बाजार गई महिला का एंड्राइड मोबाइल इसी दौरान गायब हो गया था। बाद में मोबाइल एक व्यक्ति के पास होने की जानकारी मिली। परिवार ने अपने स्तर पर उसकी पहचान और लोकेशन पता करने की कोशिश शुरू की। मोबाइल मालिक की बहन ने सोशल मीडिया पर एक संदिग्ध व्यक्ति को फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी। उसने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। चैटिंग के दौरान महिला को उसके आने-जाने की जानकारी मिलती रही। इसी बातचीत से उसे पता चला कि वह इंदौर से बदरवास तहसील के गिन्दौरा गांव जाने वाला है। इसके बाद महिला अपने परिजनों के साथ गुना रेलवे स्टेशन पहुंची। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे संदिग्ध युवक स्टेशन पहुंचा तो महिला ने उसे पहचान लिया। उसके पास वही मोबाइल दिखाई देने पर महिला ने उसे पकड़ लिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। 29 जुलाई को बाजार में गायब हुआ था मोबाइल जानकारी के मुताबिक, 29 जुलाई को महिला बाजार गई थी। इसी दौरान उसका एंड्राइड मोबाइल गिर गया और बाद में वह नहीं मिला। काफी तलाश के बावजूद मोबाइल का पता नहीं चल पाया।परिवार को आशंका थी कि मोबाइल किसी अन्य व्यक्ति के हाथ लग गया है। इसके बाद मोबाइल के बारे में जानकारी जुटाने की कोशिश शुरू की गई। फोन से फोटो और नंबर हटाए, सिम नहीं बदली मोबाइल किसी दूसरे व्यक्ति के हाथ लगने के बाद उसमें मौजूद तस्वीरें डिलीट कर दी गईं और कई नंबर ब्लॉक कर दिए गए। हालांकि, मोबाइल में लगी सिम को नहीं बदला गया। यही बात परिवार के लिए महत्वपूर्ण साबित हुई। मोबाइल से जुड़ी जानकारी के आधार पर परिवार ने संदिग्ध व्यक्ति तक पहुंचने की कोशिश शुरू की। बहन ने सोशल मीडिया पर भेजी फ्रेंड रिक्वेस्ट मोबाइल मालिक की बहन ने सोशल मीडिया पर संदिग्ध व्यक्ति की पहचान की और उसे फ्रेंड रिक्वेस्ट भेज दी। सामने वाले ने रिक्वेस्ट स्वीकार कर ली। इसके बाद दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई। महिला ने बातचीत के दौरान सीधे मोबाइल के बारे में पूछने के बजाय सामान्य तरीके से बातचीत जारी रखी। इसी दौरान उसे आरोपी के आने-जाने और उसके गांव जाने से जुड़ी जानकारी मिली। इंदौर से गिन्दौरा जाने की मिली जानकारी चैटिंग के दौरान महिला को पता चला कि युवक इंदौर से अपने गांव गिन्दौरा, तहसील बदरवास लौटने वाला है। इसके बाद परिवार ने उसके गुना पहुंचने का इंतजार करने का फैसला किया। सोमवार दोपहर करीब 1:30 बजे युवक गुना रेलवे स्टेशन पहुंचा। महिला अपने परिजनों के साथ पहले से स्टेशन पर मौजूद थी। स्टेशन पर मोबाइल देखते ही पकड़ लिया युवक के स्टेशन पहुंचते ही महिला ने उसे पहचान लिया। उसके पास मोबाइल दिखाई दिया, जिसे परिवार चोरी हुआ अपना मोबाइल बता रहा है। इसके बाद महिला ने युवक को पकड़ लिया। अचानक हुई इस घटना से रेलवे स्टेशन पर कुछ देर के लिए लोगों की भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद किसी व्यक्ति ने पूरे घटनाक्रम का वीडियो बना लिया, जो बाद में सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। रक्षाबंधन के चलते महिला ने छोड़ने की बात कही रक्षाबंधन के चलते एक महिला ने मोबाइल चोरी करते पकड़े गए युवक को छोड़ने की सिफारिश की। हालांकि, मामला चोरी का होने के कारण पुलिस ने जांच और कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। अब पुलिस जांच में सामने आएगा पूरा मामला फिलहाल पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। जांच में यह देखा जा रहा है कि 29 जुलाई को बाजार में गायब हुआ मोबाइल युवक तक कैसे पहुंचा और उसने मोबाइल अपने पास क्यों रखा। इस मामले में सोशल मीडिया पर हुई बातचीत और स्टेशन पर सामने आए घटनाक्रम को भी जांच का हिस्सा बनाया जा सकता है। पुलिस की जांच के बाद ही मोबाइल के गायब होने और युवक की भूमिका को लेकर स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। इस पूरे मामले में 29 जुलाई को बाजार में मोबाइल गायब होना, सिम का मोबाइल में ही रह जाना और सोशल मीडिया चैटिंग के जरिए युवक के गुना पहुंचने की जानकारी मिलना अहम कड़ियां रही हैं।
डिजिटल क्रॉप सर्वे शुरू, मोबाइल एप में दर्ज होगी हर खेत की फसल
खरीफ वर्ष 2026 में खेतों में बोई गई फसलों की वास्तविक स्थिति का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने के लिए ग्राम पंचायत तमता में डिजिटल क्रॉप सर्वे (डीसीएस) का शुभारंभ किया गया। पत्थलगांव तहसील कार्यालय के निर्देश पर तहसील क्षेत्र के सभी गांवों में यह सर्वे कराया जा रहा है। सर्वे का उद्देश्य खेत में वास्तव में कौन सी फसल बोई गई है, उसका क्षेत्रफल कितना है और खेत सिंचित है या असिंचित, जैसी जानकारी को डिजिटल रूप से दर्ज करना है। शासन द्वारा निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार खरीफ वर्ष 2026 का डिजिटल क्रॉप सर्वे 17 अगस्त से शुरू होकर 30 सितंबर तक चलेगा। यानी करीब 45 दिनों की अवधि में तहसील क्षेत्र के गांवों में खेत-खेत पहुंचकर फसल संबंधी जानकारी जुटाई जाएगी। सर्वे पूरा होने के बाद प्रत्येक खेत की फसल संबंधी जानकारी डिजिटल रिकॉर्ड के रूप में उपलब्ध होगी। डिजिटल क्रॉप सर्वे में सर्वेयर केवल कागजी रिकॉर्ड के आधार पर जानकारी दर्ज नहीं करेंगे, बल्कि संबंधित खेत में मौके पर पहुंचकर फसल का निरीक्षण करेंगे। इसके बाद मोबाइल ऐप में आवश्यक जानकारी दर्ज की जाएगी। इसमें खसरा नंबर, बोई गई फसल का नाम, फसल की किस्म, सिंचित या असिंचित स्थिति और बोया गया क्षेत्रफल जैसी जानकारी शामिल रहेगी। सर्वेयर खेत में फसल की तस्वीर भी मोबाइल ऐप के माध्यम से अपलोड करेंगे। पत्थलगांव तहसीलदार भीष्म पटेल ने किसानों को डिजिटल क्रॉप सर्वे के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि डिजिटल सर्वे के माध्यम से खेतों में बोई गई फसलों का व्यवस्थित और वास्तविक रिकॉर्ड तैयार करने में सहायता मिलेगी। उन्होंने किसानों से सर्वेयर को सही जानकारी उपलब्ध कराने और सर्वे कार्य में सहयोग करने की अपील की। किसान अपनी फसल गिरदावरी की स्थिति संबंधित भू-लेख पोर्टल अथवा उपलब्ध फसल गिरदावरी व्यवस्था में खसरा नंबर के माध्यम से जांच सकेंगे। इससे किसान यह देख सकेंगे कि उनके खेत से संबंधित फसल की जानकारी रिकॉर्ड में दर्ज हुई है या नहीं। डिजिटल क्रॉप सर्वे में जियो-फेंसिंग को महत्वपूर्ण व्यवस्था के रूप में शामिल किया गया है। सर्वेयर को संबंधित खसरा नंबर की सीमा के भीतर मौजूद रहकर ही फसल की फोटो अपलोड करनी होगी। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि जिस खेत की जानकारी दर्ज की जा रही है, सर्वेयर वास्तव में उसी स्थान पर मौजूद है। जियो-फेंसिंग के कारण खेत की लोकेशन और दर्ज की गई फसल का सत्यापन डिजिटल तरीके से किया जा सकेगा। जियो-फेंसिंग से फर्जीवाड़े की गुंजाइश होगी कम तमता में पटवारी की मौजूदगी में शुरू हुआ काम ग्राम पंचायत तमता में पटवारी हल्का नंबर 15 के पटवारी शिव शंकर धीवर की मौजूदगी में डिजिटल क्रॉप सर्वे की शुरुआत की गई। इस दौरान सर्वेयर प्रयाग राज प्रधान और दीपेश भोय के साथ उपसरपंच गोवर्धन यादव, पंचायत सचिव दिनेश कलिहारी, बीडीसी रमेश यादव और ग्रामीण छविंद दास मौजूद रहे। डिजिटल क्रॉप सर्वे केवल फसल की जानकारी दर्ज करने तक सीमित नहीं है। इसके जरिए तैयार होने वाला डिजिटल डाटा भविष्य में कृषि से जुड़ी योजनाओं और प्रशासनिक निर्णयों के लिए उपयोगी हो सकता है।
आज से बदलेगा खाद वितरण का सिस्टम; होगी मोबाइल से बुकिंग, कालाबाजारी व लंबी कतारों से मिलेगी राहत
बारां| जिले में अब मंगलवार से खाद लेने का तरीका पूरा बदल जाएगा। जिससे किसानों को खाद लेने के लिए लंबी कतारों, घंटो खडे रहने से निजात मिलेगी। अब फ्रेमवर्क फॉर फर्टिलाइजर सेल्स डिजिटल व्यवस्था लागू हो जाएगी। जिसके तहत किसानों को अब दुकान पर जाने से पहले एफएफएस एप के जरिए ऑनलाइन बुकिंग करनी होगी। किसान अपने स्मार्टफोन में प्ले स्टोर से इस एप को डाउनलोड कर किसान आईडी से लॉगिन कर सकते हैं। किसान की भूमि का विवरण पोर्टल पर अपने आप आ जाएगा। जिले के थोक एवं खुदरा उर्वरक विक्रेताओं को कृषि विभाग की ओर से एफएफएस के संबंध में प्रशिक्षण दिया जा चुका है। अब ग्राम पंचायत मुख्यालयों पर प्रशिक्षण शिविर चल रहे हैं। यह व्यवस्था लागू होने से किसानों को बड़ी सुविधा होगी। कृषि विभाग ने प्रत्येक ग्राम पंचायत मुख्यालय पर एप के उपयोग के प्रशिक्षण शुरू कर दिए हैं। ^कालाबाजारी रोकने के साथ ही किसानों को समय पर खाद उपलब्ध हो सकेगी। एप के माध्यम से बुकिंग होने से कोई भी उन्हे जबरन अटैचमेंट नही ं दे सकेगा। जिनके पास मोबाइल नहीं है, वह किसान भी ई-मित्र से बुकिंग कर सकेंगे। - राजेश विजय, संयुक्त निदेशक, कृषि विभाग बारां बुकिंग के दौरान किसान को अपने क्षेत्र के नजदीकी खाद विक्रेताओं की सूची एप पर दिखाई देगी। खास बात यह है कि किस विक्रेता के पास खाद उपलब्ध है, इसकी लाइव जानकारी भी मिलेगी। जिस दुकान के नाम के आगे हरे रंग में स्टॉक उपलब्ध दिखाई देगा, किसान वहीं बुकिंग कर सकेगा। बुकिंग के बाद मिलेगा क्यूआर कोड, 48 घंटे में उठानी होगी खाद : ऑनलाइन बुकिंग सबमिट होते ही किसान के लिए एक डिजिटल टोकन यानी क्यूआर कोड जनरेट होगा। इसमें बुकिंग और खाद की मात्रा की जानकारी रहेगी। यह टोकन 48 घंटे तक ही मान्य रहेगा। किसान को इस अवधि के भीतर अपने चयनित बिक्री केंद्र पर पहुंचना होगा। दुकानदार पीओएस मशीन से क्यूआर कोड स्कैन कर बुकिंग का सत्यापन करेगा। 48 घंटे के भीतर खाद लेने नहीं लेने पर बुकिंग स्वतः निरस्त हो जाएगी।
Aligarh News: मोबाइल चोरी और छिनैती की घटनाओं का खुलासा, तीन गिरफ्तार
थाना बन्नादेवी पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर मोबाइल चोरी और छिनैती की तीन घटनाओं का खुलासा करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी के तीन मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
Aligarh News: अल्ट्रासाउंड के लिए 14 दिन इंतजार, एक्स-रे रिपोर्ट मोबाइल पर
मलखान सिंह जिला अस्पताल में अल्ट्रासाउंड कराने वाले मरीजों को लगभग पांच से 14 दिन तक का लंबा इंतजार करना पड़ रहा है, इसके बाद ही उनका नंबर लग पाता है।
Panchkula News: लड़की को थप्पड़ मारकर मोबाइल और साढ़े चार हजार रुपये लूटे
Slapped a girl and robbed her of her mobile phone and 4,500 rupees.
Amroha News: ई-रिक्शा चालक से मोबाइल लूटकर भागे दो युवक, भीड़ ने एक को दबोचा
कस्बा जोया में इकौंदा रोड पर सोमवार दोपहर ई-रिक्शा चालक से मोबाइल लूटकर भाग रहे दो युवकों में से एक को लोगों ने घेराबंदी कर पकड़ लिया, जबकि उसका साथी फरार हो गया।
Shahjahanpur News: मोबाइल टावरों से अजना कार्ड चोरी करने के छह आरोपी दबोचे
मोबाइल टावरों से अजना कार्ड चोरी करने के छह आरोपी दबोचे
Jind News: दो भाइयों की जेब से 70 हजार रुपये और दो मोबाइल फोन चोरी
न्यू जवाहर नगर निवासी सुनील कुमार ने एफआईआर में बताया कि वह अपने भाई राजेश के साथ जवाहर सैनी के स्वागत कार्यक्रम में शामिल होने गए थे।
Ghazipur News: अलीपुर मदरा में लगा मोबाइल कोर्ट, चार मामलों में हुई सनवाई
Mobile court held in Alipur Madra; four cases heard.
रक्षा मंत्रालय की अधिकारी नाजिया खानम की मौत, पुलिस खंगाल रही मोबाइल फोन
रक्षा मंत्रालय की एएसओ नाजिया खानम की संदिग्ध मौत मामले में द्वारका पुलिस जांच कर रही है। पुलिस मृतका और ससुराल वालों के मोबाइल फोन खंगाल रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है।
डीग जिले में साइबर ठगों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘ऑपरेशन काउंटडाउन’ के तहत पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देश पर कुल 22 साइबर ठगों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि 5 नाबालिगों को डिटेन किया गया है। इस कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 18 मोबाइल फोन, 27 फर्जी सिम कार्ड, एक बाइक, एक ट्रैक्टर और एक थार गाड़ी जब्त की है। कामां में 12 ठग पकड़ेअभियान के तहत कामां थाना पुलिस ने साइबर ठगी में सक्रिय बदमाशों के खिलाफ दो अलग-अलग स्थानों पर कार्रवाई की। पुलिस ने कुलवाना से कनवाड़ी जाने वाले रास्ते और पालड़ी रोड नहर की पुलिया से संगठित रूप से साइबर ठगी करने वाले 12 ठगों को गिरफ्तार किया। इस दौरान 2 नाबालिगों को भी डिटेन किया गया।कामां थाना पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 13 मोबाइल फोन, 17 फर्जी सिम कार्ड, एक मोटरसाइकिल, एक स्वराज ट्रैक्टर और एक थार गाड़ी बरामद की। पुलिस ने बताया कि अभियान के तहत साइबर ठगी में संलिप्त अन्य आरोपियों की भी पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई से क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी करने वाले गिरोहों में हड़कंप मच गया है।
इंदौर के तेजाजी नगर पुलिस ने मोबाइल लूट की वारदात करने वाले 4 आरोपियों को पकड़ा है। आरोपियों के पास से लूटे गए मोबाइल, ऑटो रिक्शा और बाइक जब्त की गई है। नशे के लिए सभी आरोपी वारदात करते थे। हालांकि, इस मामले में आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। टीआई देवेंद्र मरकाम की टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ऑटो रिक्शा में घूमने वाले कुछ युवक मोबाइल लूट की वारदातें करते हैं। टीआई ने टीम तैयार करते हुए उनकी जानकारी निकाली। इसके बाद कैलोद फाटा सर्विस रोड से उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में उन्होंने 16 मोबाइल लूटना कबूल किया है। हालांकि, लूटे गए मोबाइल के मामले में किन थानों में एफआईआर दर्ज है, पुलिस इसकी जानकारी जुटा रही है। सभी आरोपी नशा करने के आदी हैं। एक्टिवा की डिक्की से डेढ़ लाख निकाले बाणगंगा पुलिस ने एक चोरी के मामले में एफआईआर दर्ज की है। पुलिस के मुताबिक, कैलाश नाम के एक व्यक्ति की लोटस पार्क कॉलोनी के पास खड़ी एक्टिवा की डिक्की उचकाकर एक बैग निकाला गया था। बैग में करीब 1 लाख 60 हजार रुपए और अन्य द
हरदा जिले की खिरकिया तहसील के ग्राम धनवाड़ा के ग्रामीण सोमवार को कलेक्ट्रेट पहुंचे। उन्होंने गांव के बीच लगाए जा रहे मोबाइल टावर का विरोध करते हुए कलेक्टर के नाम ज्ञापन डिप्टी कलेक्टर असवनराम चिरामन को सौंपा। ग्रामीणों की मुख्य मांग है कि गांव के बीच लगाए जा रहे मोबाइल टावर को आबादी से करीब 500 मीटर दूर स्थापित किया जाए। ग्रामीणों का आरोप है कि टावर लगाने के लिए ग्राम पंचायत से अनुमति नहीं ली गई है। निजी जमीन पर लगाया जा रहा टावर ग्रामीण दीपक पटेल ने बताया कि इलेवर डिजिटल इन्फ्रास्ट्रक्चर प्राइवेट लिमिटेड द्वारा ग्राम धनवाड़ा निवासी राधेश्याम बुंदेला के घर के पास निजी भूमि पर मोबाइल टावर लगाया जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के बीच टावर लगने से उन्हें रेडिएशन को लेकर आशंका है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की कि कंपनी को टावर का स्थान बदलने के निर्देश दिए जाएं। उनका कहना है कि टावर गांव की आबादी से करीब 500 मीटर दूर लगाया जाना चाहिए, ताकि ग्रामीणों की आपत्ति और आशंकाओं का समाधान हो सके। ग्रामीणों की प्रमुख मांग
घर से निकला 17 साल का लड़का लापता:परिजनों को शक- कोई बहला-फुसलाकर साथ लेकर गया, मोबाइल भी आ रहा बंद
जयपुर में कोतवाली थाना क्षेत्र से 17 साल का लड़का लापता हो गया। लड़का नमाज पढ़ने निकला था। इसके बाद घर नहीं लौटा। परिजनों ने आशंका जताई है कि कोई अज्ञात व्यक्ति बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। लड़के के भाई ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 9 अगस्त की दोपहर उनका छोटा भाई तोपखाने का रास्ता में नमाज पढ़ने के लिए गया था। उसके बाद से लापता है। आस-पास तलाश करने पर भी नहीं मिला। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। परिजन की रिपोर्ट पर कोतवाली थाना पुलिस ने शिकायत दर्ज की है। परिजनों ने बेटे को जल्द तलाश कर सुरक्षित घर पहुंचाने की मांग की है।
सीवान में पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन शुरू, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए अब पटना जाने की जरूरत नहीं
24 अगस्त, सोमवार: सीवान में पासपोर्ट सेवा मोबाइल वैन की शुरुआत हुई है। डीएम विजय प्रकाश मीणा ने तीन दिवसीय शिविर का शुभारंभ किया। अब पासपोर्ट के डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए लोगों को पटना या दूसरे शहरों का चक्कर नहीं लगाना पड़ेगा।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में मोबाइल गुम और चोरी होने की शिकायतें CEIR पोर्टल पर दर्ज कराई गई थी। साइबर टीम ने इन शिकायतों की जांच करते हुए 37.50 लाख रुपए से ज्यादा कीमत के मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइल में वीवो, वनप्लस, सैमसंग समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। पुलिस ने कार्रवाई के बाद एसएसपी के माध्यम से बरामद मोबाइल उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि साइबर डीएसपी शिखर मरावी की निगरानी और साइबर थाना प्रभारी के नेतृत्व में टीम CEIR पोर्टल पर मिली शिकायतों की लगातार जांच कर रही थी। पिछले तीन महीनों में टीम ने 150 मोबाइल फोन को ट्रेस कर बरामद किया। ये मोबाइल रायगढ़ के अलग-अलग थाना क्षेत्रों के अलावा बिहार, कोलकाता, कोरबा, जांजगीर, धरमजयगढ़, घरघोड़ा, पूंजीपथरा, तमनार, छाल और खरसिया में इस्तेमाल किए जा रहे थे। साइबर टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर मोबाइल इस्तेमाल कर रहे लोगों से संपर्क किया और उनसे मोबाइल वापस लिए। इसके बाद जरूरी जांच और सत्यापन की प्रक्रिया पूरी कर सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। 37.50 लाख से ज्यादा के मोबाइल वापस पुलिस ने बताया कि बरामद किए गए 150 मोबाइल में वीवो, ओप्पो, रेडमी, पोको, रियलमी, वनप्लस, सैमसंग और मोटोरोला समेत कई कंपनियों के फोन शामिल हैं। इन सभी मोबाइलों की कुल कीमत 37 लाख 50 हजार रुपए से ज्यादा है। मोबाइल वापस मिलने वालों में ऐसे लोग भी हैं, जिन्होंने काफी समय पहले अपना फोन खो दिया था और उसे वापस मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी। मोबाइल गुम होते ही थाने में शिकायत करें SSP शशि मोहन सिंह ने कहा कि साइबर अपराधों के खिलाफ पुलिस की कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से मोबाइल की सुरक्षा को लेकर सतर्क रहने की अपील की है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत करें। साथ ही CEIR पोर्टल पर मोबाइल का IMEI नंबर दर्ज कर उसे ब्लॉक और ट्रेस करने के लिए रिपोर्ट करें। समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को मोबाइल खोजने में आसानी होती है। पुलिस ने लोगों से यह भी अपील की है कि अगर किसी को कोई मोबाइल फोन मिला है तो उसका इस्तेमाल न करें। उसे तुरंत पुलिस के हवाले करें। मोबाइल गुम होने पर ये काम जरूर करें मोबाइल गुम या चोरी होने पर बिना देरी किए थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ CEIR पोर्टल पर IMEI नंबर दर्ज कर मोबाइल को ब्लॉक और ट्रेसिंग के लिए रिपोर्ट करें। अगर मोबाइल में बैंकिंग, UPI, ई-मेल या सोशल मीडिया अकाउंट जुड़े हैं, तो उनकी सुरक्षा के लिए तुरंत पासवर्ड बदलें और जरूरी सुरक्षा उपाय करें।
पलवल में एक मंदिर के पुजारी को नशीला पदार्थ देकर लूटने का मामला सामने आया है। अज्ञात बदमाशों ने पुजारी से मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान लूट लिया। होडल थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होडल थाना प्रभारी बलजीत के अनुसार, मध्य प्रदेश के ढोडिया गांव निवासी रघुनंदन दास महाराज पिछले 2013 से टहरकी गांव स्थित राधा-कृष्ण मंदिर में पुजारी का कार्य करते हैं। त्योहारों के चलते महाराज रघुनंदन दास भगवान की पोशाक लेने के लिए अपनी बाइक से उत्तर प्रदेश के कामर गांव गए थे। पोशाक लेकर लौटते समय उन्होंने होडल स्थित हसनपुर चौक पर गुलाब जी स्वीट्स पर खाना खाने के लिए बाइक रोकी। फ्रूटी पीने के बाद आने लगी नींद इसी दौरान एक अज्ञात व्यक्ति उनके पास आया और उन्हें खाना खाने के लिए कहा। उस व्यक्ति ने महाराज को एक फ्रूटी पीने के लिए दी। फ्रूटी पीने के बाद महाराज को नींद आने लगी। नींद आने पर उन्होंने अपनी बाइक स्टार्ट की और टहरकी गांव स्थित मंदिर के लिए चल दिए। नेशनल हाईवे पर जब उनकी बाइक बंचारी गांव के पास पहुंची, तो उसी अज्ञात व्यक्ति ने उन्हें रोक लिया। बाइक रुकने के कुछ देर बाद महाराज बेहोश हो गए। बेहोशी की हालत में उनका बैग चोरी हो गया। बेहोश होने पर बैग चोरी कर ले गए बदमाश बैग में एक मोबाइल फोन, दस हजार रुपए, ढाई हजार रुपए का बिजली का सामान, बाइक के कागजात और अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। होडल थाना पुलिस ने महाराज रघुनंदन दास की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जहां महाराज खाना खाने रुके थे वहां लगे सीसीटीवी कैमरों को भी खंगाला जा रहा है, ताकि फ्रूटी पिलाने वाले की पहचान हो सके। इसके बाद हाईवे पर अन्य स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों को भी जांचा जा रहा है, ताकि महाराज के साथ हुई वारदात के आरोपी को गिरफ्तार किया जा सके।
बठिंडा के गांव घुद्दा के बस स्टैंड पर रविवार शाम दो अज्ञात युवक केंद्रीय विश्वविद्यालय पंजाब की छात्रा से मोबाइल फोन झपटकर फरार हो गए।
जबलपुर में साइबर जालसाजों ने दो अलग-अलग घटनाओं में दो लोगों से कुल 5 लाख 42 हजार 857 रुपए ठग लिए। ठगों ने एक पीड़ित का मोबाइल हैक कर लिया, जबकि दूसरे को ऑनलाइन शॉपिंग का डर दिखाकर जाल में फंसाया। पीड़ितों की शिकायत पर गोरखपुर और गोहलपुर थाना पुलिस ने 22 अगस्त को FIR दर्ज कर साइबर सेल की मदद से जांच शुरू कर दी है। मीशो से 164 रुपए का हार मंगाया, 3.97 लाख ठगे पहला मामला गोरखपुर थाना क्षेत्र का है। हाथीताल निवासी सेवानिवृत्त हेड क्लर्क मिथिलेश पटेल (64) ने मीशो ऐप से 164 रुपए का एक हार ऑर्डर किया था। 3 मई को उनके पास एक अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने ऑर्डर में 'अवैध सामान' होने का झांसा देकर कानूनी कार्रवाई की धमकी दी। इसके बाद आरोपी ने डर दिखाकर मिथिलेश को वीडियो कॉल पर लिया और PhonePe के जरिए 1 रुपए भेजने को कहा। 3 से 9 मई के बीच आरोपी ने 12 अलग-अलग किस्तों में उनके खाते से 3 लाख 97 हजार 857 रुपए निकाल लिए। मिथिलेश को 16 मई को बिजली का बिल भरते समय खाते से रकम गायब होने की जानकारी मिली। पुलिस ने धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज किया है। ट्रू कॉलर पर आरोपी का नाम विक्रम गोस्वामी शो हो रहा है। मोबाइल हैक कर पति-पत्नी के खातों से 1.45 लाख उड़ाए दूसरा मामला गोहलपुर थाना क्षेत्र के न्यू आनंद नगर का है। यहां रहने वाले तनसीर अहमद खान (50) का मोबाइल 18 अगस्त की सुबह हैक हो गया। तनसीर के मोबाइल नंबर से उनकी पत्नी अरशिया खान का यूनियन बैंक अकाउंट और उनका खुद का ICICI बैंक अकाउंट लिंक था। हैकर ने पत्नी अरशिया के खाते से तीन बार में 50 हजार रुपए और तनसीर के खाते से 95 हजार रुपए UPI के जरिए ट्रांसफर कर लिए। दोनों खातों से कुल 1 लाख 45 हजार रुपए निकाल लिए गए। मैसेज देखने के बाद पीड़ित ने गोहलपुर थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ धारा 318(4) BNS के तहत अपराध दर्ज किया है। साइबर सेल कर रही जांच पुलिस साइबर सेल की मदद से कॉल डिटेल और बैंक ट्रांजैक्शन की जांच कर रही है। आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस इन जानकारियों को खंगाल रही है।लिए पुलिस इन जानकारियों को खंगाल रही है।
यमुनानगर शहर के योगेश नगर से 39 वर्षीय महिला के घर से संदिग्ध परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। महिला रविवार की सुबह करीब 4 बजे घर से निकली। जाने से पहले उसने मोबाइल में अपनी रिकॉर्डिंग भी की, जिसमें खुद को परेशान बताते हुए अपनी मर्जी से घर से जाने की बात कही। महिला अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गई। सुबह भाई ने देखा तो वह घर पर नहीं मिला और आसपास तलाश करने पर भी उसका कुछ पता न चला, जिसके बाद पुलिस को उसके लापता होने की शिकायत सौंपी। यमुनानगर सिटी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। सुबह 4 बजे घर से निकली थी दो बच्चों की मां पुलिस को दी शिकायत में योगेश नगर निवासी एक व्यक्ति ने बताया कि वह यहां करीब 10 साल से किराए पर रह रहा है। उसकी 39 वर्षीय छोटी बहन की करीब 12 साल शादी हुई थी, लेकिन बाद में तलाक हो गया। शिकायतकर्ता के अनुसार बहन पिछले करीब 8 साल से उसके साथ ही रह रही थी। उसके दो बच्चे भी हैं। शिकायतकर्ता ने बताया कि उसकी बहन मानसिक रूप से परेशान थी। शनिवार-रविवार की रात को सभी सोए हुए थे, जिसके बाद सुबह करीब चार बजे वह उठा तो देखा कि उसकी बहन घर पर नहीं थी। घर में उसका मोबाइल रखा हुआ था, जिसे जांचा तो उसमें एक रिकॉर्डिंग थी, जिसमें उसने कहा कि वह परेशान है और अपनी मर्जी से घर से जा रही है। पुलिस महिला की कर रही तलाश इसके बाद उसने आस पास के क्षेत्र और रिश्तेदारी में बहन की तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसक बहन ने घर से निकलने समय हरे रंग की सलवार-कमीज पहन रखी थी। शिकायत मिलने के बाद रामपुरा चौकी पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज किया। पुलिस महिला की तलाश के साथ उसके घर से निकलने के कारणों और रिकॉर्डिंग की भी जांच कर रही है।
Gorakhpur News: मोबाइल घर पर छोड़ बच्चों संग निकला युवक, रातभर पुलिस को छकाया
Young man left his mobile phone at home and went out with the children, giving the police the runaround all night.
Rohtak News: मोबाइल चोरी के आरोपी को कोर्ट ने दी राहत
Court grants relief to accused in mobile theft case.
Mobile hacked under the guise of a system update; farmer defrauded of 1.64 lakh in cyber scam; FIR registered.
Hamirpur (Himachal) News: भरेड़ी में दिनदहाड़े दुकान से मोबाइल और नकदी चोरी
Mobile phone and cash stolen from a shop in Bharedi in broad daylight.
Amethi News: पिस्तौल दिखाकर मोबाइल छीनने का प्रयास, दो गिरफ्तार
crime in amethi
सोनभद्र पुलिस ने अपहरण युवक को किया बरामद:2 आरोपी गिरफ्तार, स्विफ्ट कार और चार मोबाइल बरामद
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने अपहरण के एक मामले में कार्रवाई करते हुए 23 अगस्त को अपहृत मनोज कुमार पांडे को बरामद कर लिया। पुलिस ने घटना में शामिल दो आरोपियों को भी गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल स्विफ्ट कार और चार मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। रॉबर्ट्सगंज थाने में वादिनी की तहरीर पर अपहरण का मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी अभिषेक वर्मा ने पुलिस टीम को तत्काल प्रभावी कार्रवाई के निर्देश दिए। कार की लोकेशन से देवरिया पहुंची पुलिस विवेचना के दौरान पुलिस ने घटना में प्रयुक्त स्विफ्ट मारुति कार संख्या UP32KM1916 से संबंधित तकनीकी जानकारी जुटाई। वाहन से जुड़े मोबाइल नंबर की लोकेशन देवरिया जिले के तरकुलवा थाना क्षेत्र में मिली। इसके बाद रॉबर्ट्सगंज पुलिस ने तरकुलवा पुलिस से संपर्क कर मामले की जानकारी साझा की। तरकुलवा पुलिस ने संदिग्ध लोगों और अपहृत व्यक्ति को पथरदेवा चौकी के पास रोक लिया। सूचना मिलते ही रॉबर्ट्सगंज से पुलिस टीम देवरिया रवाना हुई। मौके पर पहुंचकर पूछताछ की गई, जहां रायपुर निवासी मनोज कुमार पांडे पुत्र धीरेन्द्र बहादुर पांडे को सकुशल बरामद कर लिया गया। इसी दौरान पुलिस ने मौके से जितेन्द्र यादव और शिवआसरे उर्फ मुन्ना यादव को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने घटना में इस्तेमाल स्विफ्ट कार और चार मोबाइल फोन भी बरामद किए। बेटी को रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लेने का आरोप पुलिस पूछताछ में आरोपी शिवआसरे उर्फ मुन्ना यादव ने बताया कि उसकी मुलाकात मनोज कुमार पांडे से वर्ष 2024 में पटना में हुई थी। आरोप है कि मनोज ने उसकी बेटी को रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर पैसे लिए थे। नौकरी नहीं लगने और रकम वापस नहीं मिलने को लेकर दोनों के बीच विवाद चल रहा था। आरोपी के मुताबिक, वह अपने दामाद जितेन्द्र यादव और अन्य साथियों के साथ मनोज से पैसे मांगने आया था। पैसे वापस नहीं करने पर विवाद हुआ। इसके बाद मनोज को स्विफ्ट कार में बैठाकर अपने साथ ले जाया जा रहा था। इसी दौरान तरकुलवा पुलिस ने वाहन को रोक लिया। अन्य आरोपियों की भूमिका की भी जांच पूछताछ में पुलिस को घटना में शामिल बताए जा रहे अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी मिली है। इनमें बृजेश यादव निवासी महासून, जिला कुशीनगर, सिपाही यादव निवासी बत्तर डेरा, जिला कुशीनगर और संगम गौड़ निवासी मंगलपुर, जिला कुशीनगर के नाम सामने आए हैं। पुलिस के अनुसार, इन लोगों की भूमिका से संबंधित साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं। विवेचना के दौरान सामने आए तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
राजगढ़ जिले के खुजनेर में पत्नी वंदना की हत्या के मामले में कोर्ट ने पति प्रखर उपाध्याय को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। हत्या की वजह कोई बड़ा विवाद नहीं, बल्कि रात में मोबाइल चलाने को लेकर हुआ झगड़ा सामने आया। गुस्से में प्रखर ने पत्नी के सिर पर लोहे की रॉड से तीन वार किए। पत्नी के गिरने के बाद भी वह नहीं रुका और एयर पिस्टल से फायर कर दिया। मामले में रॉड पर मिले आरोपी के अंगुलियों के निशान अभियोजन के लिए अहम सबूत बने। पत्नी की मौत के बाद सामने आया घटनाक्रमअभियोजन के अनुसार 3 मार्च 2024 की रात प्रखर और वंदना घर के कमरे में अकेले थे। प्रखर मोबाइल चला रहा था। वंदना ने उसे मोबाइल चलाने पर टोका तो दोनों के बीच विवाद हो गया। विवाद बढ़ने पर प्रखर ने लोहे की रॉड उठाई और वंदना के सिर पर तीन बार हमला किया। गंभीर चोट लगने से वह पलंग पर गिर गई। इसके बाद आरोपी ने एयर पिस्टल से भी फायर किया। सुबह परिजन पहुंचे तो पलंग पर पड़ा था शव4 मार्च की सुबह वंदना की मौत की जानकारी उसके मायके पक्ष को मिली। मामा गौतम दुबे समेत परिजन खुजनेर पहुंचे। घर के अंदर पलंग पर वंदना मृत अवस्था में मिली। उसके सिर से खून निकल रहा था। परिजनों ने ससुराल पक्ष पर दहेज को लेकर प्रताड़ित करने और मारपीट का आरोप लगाया। पुलिस ने हत्या का केस दर्ज कर जांच शुरू की। रॉड ने खोल दिया राज, अंगूठे का निशान आरोपी से मिलाजांच में पुलिस ने प्रखर की निशानदेही पर लोहे की रॉड और एयर पिस्टल समेत अन्य सामान जब्त किया। रॉड के मध्य हिस्से पर मिले चांस प्रिंट को अंगुल चिन्ह विशेषज्ञ ने विकसित किया। जांच में यह निशान प्रखर के दाहिने हाथ के अंगूठे से मैच हुआ। अभियोजन ने इस विशेषज्ञ साक्ष्य को कोर्ट में महत्वपूर्ण आधार बनाया। विशेष लोक अभियोजक आलोक श्रीवास्तव ने कोर्ट में तर्क दिया कि हत्या ससुराल के कमरे में हुई, जहां घटना के समय पति-पत्नी मौजूद थे। अंदर की घटना के बारे में आरोपी ही स्पष्ट जानकारी दे सकता था। बचाव पक्ष की ओर से ऐसा कोई संतोषजनक स्पष्टीकरण नहीं दिया गया, जिससे हत्या में उसकी भूमिका पर संदेह पैदा हो। कोर्ट ने परिस्थितिजन्य साक्ष्यों को माना पर्याप्त मामला प्रत्यक्षदर्शी के बजाय परिस्थितिजन्य और विशेषज्ञ साक्ष्यों पर आधारित था। अभियोजन ने आरोपी की मौजूदगी, उसकी निशानदेही पर बरामद रॉड और उस पर मिले अंगुलियों के निशान समेत अन्य साक्ष्य कोर्ट में पेश किए। राजगढ प्रथम अपर सत्र न्यायाधीश लखनलाल गोस्वामी ने प्रखर उपाध्याय को धारा 302 के तहत दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और ₹5 हजार अर्थदंड से दंडित किया।
कटिहार नगर थाना पुलिस ने 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगने के मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए पांच अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से एक देशी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, दो खोखे और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। फोन कर मांगी गई थी 5 लाख रुपये की रंगदारी सदर डीएसपी विशाल आनंद ने बताया कि नया टोला रामकंडू स्कूल चौक निवासी 54 वर्षीय राजीव कुमार ने 17 अगस्त को पुलिस को लिखित शिकायत दी थी। उन्होंने बताया था कि 16 अगस्त की सुबह 11:16 बजे एक अज्ञात व्यक्ति ने फोन कर उनसे 5 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। शिकायत के आधार पर नगर थाना में कांड संख्या 941/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। बसुंधरा बिहार के पास छापेमारी कर गिरफ्तारी मामले की गंभीरता को देखते हुए एसपी के निर्देश पर सदर-01 अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय सूचना के आधार पर बसुंधरा बिहार के पास छापेमारी की और पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पांच आरोपियों की हुई पहचान गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अंशु राज (19), विवेक गामी (21), श्याम कुमार मांझी (25), सोनी पासवान (30) और रंजीत कुमार राम के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार सभी कटिहार नगर थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। हथियार और मोबाइल फोन बरामद पुलिस ने आरोपियों की तलाशी के दौरान एक देशी कट्टा, पांच जिंदा कारतूस, दो खोखे और पांच मोबाइल फोन बरामद किए। पुलिस अब रंगदारी मांगने के पीछे की वजह और आरोपियों की भूमिका की जांच कर रही है। एक आरोपी का आपराधिक इतिहास भी मिला पुलिस जांच में सोनी पासवान का पहले से आपराधिक इतिहास सामने आया है। उसके खिलाफ नगर थाना में वर्ष 2023 में मारपीट, रंगदारी, धमकी और अन्य धाराओं के तहत मामला दर्ज है। पुलिस ने सभी आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
सुकमा जिले के सुदूर वनांचल क्षेत्र गोंडिगुड़ा में नया मोबाइल टॉवर शुरू हो गया है। इससे 4 हजार से ज्यादा ग्रामीणों को मोबाइल नेटवर्क की सुविधा मिलेगी। अब लोगों को फोन करने या जरूरी कॉल के लिए गांव से मीलों दूर नहीं जाना पड़ेगा। गोंडिगुड़ा में मोबाइल टॉवर शुरू होने के बाद आसपास के सुन्नापेंटा, दूंगाबाबू और टेटरई जैसे अंदरूनी गांव भी नेटवर्क से जुड़ गए हैं। लंबे समय से भौगोलिक दिक्कतों और संचार सुविधा की कमी से जूझ रहे इन गांवों के लिए यह बड़ी राहत है। अब ग्रामीण घर बैठे परिवार और रिश्तेदारों से बात कर सकेंगे। जरूरत पड़ने पर प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग से भी फोन पर संपर्क किया जा सकेगा। बच्चों की पढ़ाई में भी मिलेगी मदद मोबाइल नेटवर्क शुरू होने से गांव के विद्यार्थियों और युवाओं के लिए ऑनलाइन पढ़ाई के रास्ते भी खुले हैं। प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले छात्र ऑनलाइन क्लास और डिजिटल स्टडी मटेरियल का इस्तेमाल कर सकेंगे। ग्रामीणों को डिजिटल बैंकिंग, डीबीटी और सरकारी योजनाओं की जानकारी लेने में भी आसानी होगी। वनोपज और हस्तशिल्प को मिल सकता है बड़ा बाजार गांव के लोग वनोपज, हस्तशिल्प और लोककला से जुड़े उत्पादों को डिजिटल माध्यम से बड़े बाजार तक पहुंचा सकेंगे। इससे स्थानीय लोगों के लिए रोजगार और आमदनी के नए अवसर भी बन सकते हैं। आपात स्थिति में एंबुलेंस, अस्पताल और प्रशासन से तुरंत संपर्क हो पाना भी ग्रामीणों के लिए बड़ी सुविधा होगी। बस्तर में 195 जगहों पर शुरू हुए मोबाइल टॉवर ई-डिस्ट्रिक्ट मैनेजर मो. शाहिद ने बताया कि बीएसएनएल की 4जी सैचुरेशन परियोजना के तहत बस्तर संभाग के 195 दुर्गम स्थानों पर नए मोबाइल टॉवर सक्रिय किए गए हैं। इन क्षेत्रों में कॉलिंग और तेज इंटरनेट की सुविधा मिलने से ग्रामीणों की रोजमर्रा की जिंदगी में बदलाव आ रहा है।
बरनाला के थाना ठुलीवाल में पूछताछ के लिए बुलाए गए एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत होने का बेहद गंभीर मामला सामने आया है। मृतक की पहचान गांव टिब्बा निवासी प्रदीप उर्फ मंगा के रूप में हुई है। घटना के बाद आक्रोशित परिजनों और ग्रामीणों ने सिविल अस्पताल बरनाला में एकत्रित होकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर रोष प्रदर्शन और हंगामा किया। परिजनों ने पुलिस पर हिरासत के दौरान प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं। 10 मिनट पहले अंदर गया, बेसुध होकर बाहर आया मृतक के भाई अमृतपाल सिंह ने बताया कि प्रदीप ने हाल ही में किसी राहगीर से एक मोबाइल फोन खरीदा था, जो बाद में चोरी का निकला। इसी सिलसिले में जांच और पूछताछ के लिए ठुलीवाल पुलिस ने रविवार दोपहर प्रदीप को परिजनों के साथ थाने बुलाया था।अमृतपाल के अनुसार, पुलिसकर्मियों ने प्रदीप के पिता और भाई को थाने के बाहर ही बिठा दिया और प्रदीप को अकेले अंदर ले गए। आरोप है कि अंदर जाने के महज 10 मिनट के भीतर ही पुलिसकर्मी घबराए हुए बाहर आए और कहा कि प्रदीप की तबीयत अचानक खराब हो गई है। इसके बाद दो जवान उसे बेसुध हालत में सरकारी गाड़ी में डालकर अस्पताल की तरफ भागे। परिजनों का दावा है कि प्रदीप की मौत थाने के अंदर ही हो चुकी थी। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम — पुलिस की सफाई मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए बरनाला के एसपी (डी) संजीव गोयल ने पुलिस का पक्ष रखते हुए बताया कि युवक को केवल पूछताछ के लिए बुलाया गया था। पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। पुलिसकर्मियों ने बिना वक्त गंवाए उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे 'ब्रॉट डेड' (अस्पताल पहुंचने से पहले ही मृत) घोषित कर दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से साफ होगी स्थिति: एसपी एसपी संजीव गोयल ने पीड़ित परिवार को निष्पक्ष कार्रवाई का आश्वासन देते हुए कहा कि प्रदीप के शव को सिविल अस्पताल बरनाला के मर्चुरी हाउस में सुरक्षित रखवा दिया गया है। इस पूरे मामले की उच्च स्तरीय और निष्पक्ष जांच की जाएगी। पोस्टमार्टम की रिपोर्ट और परिजनों के आधिकारिक बयानों के आधार पर जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। पुलिस कस्टडी में हुई इस मौत के बाद से गांव टिब्बा और अस्पताल परिसर में माहौल बेहद तनावपूर्ण बना हुआ है। परिजनों ने मांग की है कि जब तक जिम्मेदार पुलिसकर्मियों के खिलाफ सख्त कानूनी मामला दर्ज नहीं किया जाता, वे न्याय के लिए अपना संघर्ष जारी रखेंगे।
1.83 लाख रुपए के 8 गुम मोबाइल बरामद:मऊ में CEIR पोर्टल से साइबर पुलिस की बड़ी कार्रवाई
मऊ में साइबर पुलिस टीम और थाना मुहम्मदाबाद गोहना पुलिस ने अभियान चलाकर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से 1 लाख 83 हजार रुपये कीमत के 8 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए। रविवार को सत्यापन के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। तकनीकी माध्यम से पुलिस ने खोजे मोबाइल यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक मऊ कमलेश बहादुर के निर्देश पर की गई। अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी मुहम्मदाबाद गोहना जितेंद्र सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम ने तकनीकी माध्यमों का इस्तेमाल कर गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश की। पुलिस को सफलता मिलने के बाद सभी मोबाइल बरामद कर लिए गए। रेडमी से लेकर ओप्पो तक के फोन बरामद बरामद मोबाइल में अलग-अलग कंपनियों के हैंडसेट शामिल हैं। इनमें एक रेडमी, एक सैमसंग, एक लावा, दो वीवो, दो रियलमी और एक ओप्पो का मोबाइल शामिल है। पुलिस के मुताबिक, बरामद सभी 8 मोबाइल की कुल अनुमानित कीमत करीब 1.83 लाख रुपये है। सत्यापन के बाद मालिकों को सौंपे मोबाइल मोबाइल बरामद होने के बाद पुलिस टीम ने दावेदारों से आवश्यक पहचान और स्वामित्व संबंधी दस्तावेजों का सत्यापन कराया। पहचान और स्वामित्व की पुष्टि होने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को वापस कर दिए गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस टीम का आभार जताया। मोबाइल गुम होने पर CEIR पर करें शिकायत मऊ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने की स्थिति में तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इसके अलावा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी संपर्क किया जा सकता है। पुलिस के अनुसार, समय पर शिकायत दर्ज कराने से तकनीकी माध्यमों के जरिए मोबाइल की बरामदगी की संभावना बढ़ जाती है।
सीवान में रविवार से तीन दिवसीय मोबाइल पासपोर्ट वैन सेवा की शुरुआत हो गई। जिला मुख्यालय में आयोजित कार्यक्रम के दौरान जिलाधिकारी विजय प्रकाश मीणा ने फीता काटकर मोबाइल पासपोर्ट वैन का उद्घाटन किया। इस पहल का उद्देश्य जिलेवासियों को अपने ही जिले में सुविधाजनक तरीके से पासपोर्ट से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराना है। सीवान के बड़ी संख्या में लोग रोजगार और व्यवसाय के सिलसिले में विदेशों में रहते हैं। ऐसे में जिले में मोबाइल पासपोर्ट सेवा की शुरुआत को महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। डीएम ने जिलेवासियों से अपील की कि अधिक से अधिक लोग निर्धारित अवधि में कैंप पहुंचकर इसका लाभ उठाएं। उन्होंने कहा कि पासपोर्ट बनवाने के लिए अब लोगों को दूर जाने की जरूरत नहीं होगी। मोबाइल पासपोर्ट वैन के जरिए स्थानीय स्तर पर ही आवेदन से जुड़े जरूरी दस्तावेजों की प्रक्रिया पूरी की जा सकेगी। पिछले साल 5,049 लोगों ने किया था आवेदन डीएम ने बताया कि जिले में पासपोर्ट की मांग काफी अधिक है। पिछले वर्ष सीवान से कुल 5,049 पासपोर्ट के लिए आवेदन किए गए थे, जिनमें से 4,770 पासपोर्ट जारी किए गए। आंकड़ों से स्पष्ट है कि जिले में बड़ी संख्या में लोगों को पासपोर्ट की जरूरत है। खासकर विदेशों में रहने वाले और विदेश जाकर रोजगार या व्यवसाय करने की इच्छा रखने वाले लोगों के लिए मोबाइल पासपोर्ट वैन काफी उपयोगी साबित हो सकती है। रोज 55, तीन दिनों में 165 स्लॉट मोबाइल पासपोर्ट वैन के जरिए तीन दिनों तक प्रतिदिन 55 स्लॉट उपलब्ध कराए गए हैं। इस तरह तीन दिनों में कुल 165 स्लॉट बुक किए गए हैं। निर्धारित स्लॉट के अनुसार आने वाले आवेदकों के डॉक्यूमेंटेशन समेत पासपोर्ट से जुड़ी अन्य जरूरी प्रक्रियाएं स्थानीय स्तर पर पूरी की जाएंगी। समय पर जरूरी दस्तावेज लेकर पहुंचने की अपील प्रशासन ने स्लॉट बुक कराने वाले आवेदकों से निर्धारित समय पर आवश्यक दस्तावेजों के साथ कैंप पहुंचने की अपील की है। जिला मुख्यालय में शुरू की गई यह सेवा पासपोर्ट बनवाने वाले लोगों के समय और परेशानी दोनों को कम करने में मददगार साबित हो सकती है।
गिरिडीह पुलिस ने बगोदर-सरिया रोड स्थित मोबाइल टावर से चार AZNA मशीनें चोरी करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनके कब्जे से चोरी की मशीन, वारदात में इस्तेमाल स्कॉर्पियो और तकनीकी उपकरण बरामद किए हैं। वहीं गिरोह के दो अन्य सदस्य पुलिस को देखकर अंधेरे का फायदा उठाकर खेत की ओर भाग निकले। घटना 19 अगस्त की रात करीब 12:30 बजे सरिया रोड स्थित नहर के पास मोबाइल टावर पर हुई थी। चोर टावर से चार AZNA मशीनों के अलावा कनेक्टर, माउंटिंग एंगल, वेदरप्रूफिंग हाउसिंग, सिलिकॉन बूट और एओएमई ऑप्टिकल 10जी एसएफपी समेत अन्य उपकरण ले गए थे। टावर तकनीशियन धीरेंद्र कुमार की जांच के बाद 21 अगस्त को बगोदर थाना में कांड संख्या 164/26 दर्ज किया गया। मामले में बीएनएस की धारा 305/324(4)/3(5) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई। एसपी के निर्देश पर SIT बनी, टावरों पर बढ़ाई गई निगरानी मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर बगोदर-सरिया एसडीपीओ धनंजय राम के नेतृत्व में विशेष जांच दल यानी SIT का गठन किया गया। टीम ने जिले के अलग-अलग मोबाइल टावरों पर निगरानी बढ़ा दी और संदिग्ध वाहनों तथा लोगों की गतिविधियों पर नजर रखी। इसी दौरान 23 अगस्त की रात करीब 12:10 बजे बगोदरडीह ओवरब्रिज के पास पुलिस टीम ने काले रंग की स्कॉर्पियो संख्या JH 10 CY-8957 को रोक लिया। वाहन में दो युवक सवार थे। पुलिस ने तलाशी ली तो एक AZNA मशीन, चार एलन-की औजार, ग्लव्स, एक सिम कार्ड और मोबाइल फोन समेत अन्य सामान बरामद हुआ। बरामद सामान देखकर पुलिस को टावर चोरी गिरोह से जुड़े होने का संदेह और मजबूत हुआ। पूछताछ में खुलासा- चार लोग मिलकर करते हैं टावरों में चोरी पुलिस पूछताछ में दोनों युवकों ने बताया कि वे चार लोगों के साथ मिलकर मोबाइल टावरों से मशीन और तकनीकी उपकरण चोरी करते हैं। पूछताछ के दौरान उन्होंने बगोदर-सरिया रोड स्थित टावर से चार AZNA मशीनें चोरी करने की बात भी स्वीकार की। पुलिस के अनुसार, वाहन में उनके साथ दो अन्य युवक भी मौजूद थे। पुलिस को देखते ही दोनों वाहन से उतरकर अंधेरे का फायदा उठाते हुए खेत की ओर भाग गए। पुलिस टीम ने आसपास के इलाके में काफी देर तक दोनों की तलाश की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिला। पुलिस अब फरार आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों से गिरोह में शामिल अन्य लोगों और पूर्व की चोरी की घटनाओं के बारे में भी पूछताछ की जा रही है। धनबाद के रहने वाले हैं दोनों आरोपी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान 27 वर्षीय छोटू यादव, पिता स्व. गुड्डन यादव, निवासी खानोडीह, बाघमारा, धनबाद और 31 वर्षीय आनंद रवानी, पिता मंशा रवानी, निवासी फुलाईटांड़ बस्ती, थाना मधुबन, धनबाद के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से स्कॉर्पियो, दो मोबाइल फोन, चार एलन-की औजार, एक ग्लव्स, एक सिम कार्ड समेत अन्य सामान जब्त किया है। छापेमारी दल में एसडीपीओ धनंजय राम, बगोदर थाना प्रभारी राजेश कुमार के साथ पुलिस एवं अनुसंधान विंग के अधिकारी और जवान शामिल थे। पुलिस का कहना है कि फरार दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। गिरोह के अन्य सदस्यों और मोबाइल टावरों से जुड़ी चोरी की घटनाओं का भी पता लगाने में पुलिस जुटी है।
पलवल की कृष्णा कॉलोनी में गैस बिल अपडेट करने के नाम पर 3 लाख 43 हजार 500 रुपए की साइबर धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। शातिर ठगों ने पीड़ित को झांसे में लेकर मोबाइल स्क्रीन शेयर करवाई और बिना किसी ओटीपी की जानकारी मांगे ही उनके बैंक खाते से सात बार में पूरी रकम निकाल ली। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पलवल पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कृष्णा कॉलोनी निवासी पीड़ित रविशंकर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 13 अगस्त को उनके व्हाट्सएप पर एक अज्ञात नंबर से संदेश प्राप्त हुआ। मैसेज में लिखा था कि उनका गैस कनेक्शन जल्द ही काट दिया जाएगा और कनेक्शन जारी रखने के लिए दिए गए नंबर पर तुरंत संपर्क करने को कहा गया। बांतों में फंसा मोबाइल की स्क्रीन शेयर करवाई जब रविशंकर ने उस नंबर पर कॉल किया, तो आरोपी ने खुद को एक गैस एजेंसी का प्रतिनिधि बताते हुए उन्हें बातों में फंसा लिया और वीडियो कॉल की। आरोपी ने मीटर की रीडिंग नोट करने के बहाने पीड़ित से मोबाइल की स्क्रीन शेयर करवा ली। खाते से निकाले 3.43 लाख रुपए इसके कुछ ही देर बाद शाम को पीड़ित के पास बैंक से लगातार पैसे कटने के संदेश आने लगे। ठगों ने पीड़ित के बैंक खाते से कुल 3 लाख 43 हजार 500 रुपए की अवैध निकासी की। साइबर हेल्पलाइन नंबर पर दी शिकायत घटना के तुरंत बाद पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करवाई। साइबर क्राइम थाना जिला पलवल ने पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपी ने खाते से जो पैसे निकाले हैं, वे किन-किन बैंक खातों में स्थानांतरित किए गए हैं, इसकी जांच की जा रही है। जांच पूरी होने पर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
‘प्लीज’ ने खोला लाखों की साइबर ठगी का राज, मोबाइल हैक कर ऐसे किया कांड
आगरा में मैनेजर का मोबाइल हैक कर सलोनी ऑयल के मालिक के नाम से रुपये डलवाए। दूसरे दिन मैसेज में प्लीज लिखने पर मैनेजर को शक हुआ तो खुला राज। प्लीज के कारण लाखों की ठगी की जानकारी हो पाई।
फतेहाबाद जिले के रतिया में सीआईए की टीम ने 2 नशा तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से हेरोइन बरामद की है। उनसे पूछताछ के आधार पर पुलिस ने हेरोइन सप्लाई करने वाले मुख्य सप्लायर को भी काबू कर लिया। इस मामले में कुल तीन आरोपियों को माननीय न्यायालय के आदेशानुसार न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। सीआईए रतिया प्रभारी उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस टीम बड़ी नहर, लाली रोड क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक आते दिखाई दिए। पुलिस की गाड़ी देखकर बाइक सवार ने वापस मुड़ने की कोशिश की। जिस पर शक होने पर पुलिस टीम ने दोनों को रोककर पूछताछ की। उनकी पहचान गुरप्रीत उर्फ गाड़ी निवासी गांव बाड़ा और अमरदीप उर्फ अमर निवासी गांव हुक्मावाली के रूप में हुई। पूछताछ के बाद सप्लायर को भी पकड़ा नियमानुसार तलाशी के दौरान अमरदीप उर्फ अमर के कब्जे से एक मोमी पाउच में 7.53 ग्राम हेरोइन (चिट्टा) बरामद हुई। प्रारंभिक पूछताछ में दोनों आरोपियों ने बताया कि उन्होंने यह हेरोइन रमेश निवासी सुखमनपुर से खरीदी थी। इस सूचना के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए रमेश को भी गिरफ्तार कर लिया। बाइक और मोबाइल किए जब्त इस संबंध में थाना शहर रतिया में धारा 21B, 27A/61/85 एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। बरामद हेरोइन के साथ-साथ आरोपियों के मोबाइल फोन और बाइक को भी पुलिस ने नियमानुसार जब्त कर लिया है। तीनों आरोपियों को माननीय कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
कोडरमा के मरकच्चो थाना क्षेत्र के जामु गांव में चोरों ने मोबाइल दुकान को निशाना बनाते हुए करीब 11 लाख रुपए का सामान पार कर दिया। शनिवार देर रात चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर शटर खोला और करीब 10 लाख रुपए के मोबाइल फोन समेत 1 लाख रुपए की मोबाइल एसेसरीज लेकर फरार हो गए। दुकान संचालक उमेश कुमार ने शनिवार रात करीब 9 बजे दुकान बंद की थी। रविवार सुबह पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने फोन कर बताया कि दुकान का ताला टूटा हुआ है। शटर खुला है। सूचना मिलते ही उमेश दुकान पहुंचे तो अंदर सामान बिखरा पड़ा था और मोबाइल व एसेसरीज गायब थे। 12 बजे तक सब ठीक था, इसके बाद चोरी की आशंका उमेश कुमार ने बताया कि चोर दुकान से करीब 10 लाख रुपए के मोबाइल फोन और 1 लाख रुपए की एसेसरीज ले गए हैं। पड़ोसियों से पूछताछ में पता चला कि शनिवार रात करीब 12 बजे तक दुकान में ताला लगा हुआ था और सब कुछ सामान्य था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने रात 12 बजे के बाद वारदात को अंजाम दिया। घटना की जानकारी मिलने के बाद मरकच्चो पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस ने दुकान के आसपास के इलाके में भी छानबीन की। दुकान से कुछ दूरी पर 7-8 मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। आशंका है कि भागने के दौरान ये मोबाइल चोरों के हाथ से गिर गए होंगे। एक सप्ताह में आधा दर्जन चोरी पीड़ित दुकानदार ने मरकच्चो थाने में लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की गंभीरता से जांच कर रही है और चोरों की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। इधर, जिले में लगातार हो रही चोरी की घटनाओं ने पुलिस की चिंता बढ़ा दी है। बीते एक सप्ताह में करीब आधा दर्जन चोरी की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। मरकच्चो में भी पहले चोरी की कई वारदातें हो चुकी हैं, लेकिन अब तक उनका पूरी तरह उद्भेदन नहीं हो सका है। ऐसे में मोबाइल दुकान से 11 लाख की चोरी पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बन गई है।
अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर शनिवार रात GRP और RPF की संयुक्त टीम ने एक युवक को पकड़ा। वह यात्रियों को कम दाम में मोबाइल बेचने के लिए स्टेशन पर घूम रहा था। तलाशी में उसके बैग से चोरी किए 10 एंड्रॉइड मोबाइल मिले। इनकी अनुमानित कीमत 1 लाख 14 हजार रुपए बताई गई है। मुखबिर की सूचना पर पहुंची टीम GRP अनूपपुर चौकी प्रभारी पी एस कुलस्ते के मुताबिक, 22 अगस्त की रात मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक संदिग्ध युवक यात्रियों से मोबाइल बेचने के लिए सौदेबाजी कर रहा है। सूचना मिलने पर GRP और RPF की संयुक्त टीम स्टेशन पहुंची। टीम ने संदिग्ध युवक की तलाश शुरू की। कुछ देर बाद पिठ्ठू बैग लेकर घूम रहे युवक को पकड़ लिया गया। बैग की तलाशी में मिले 10 मोबाइल युवक को पूछताछ के लिए चौकी लाया गया। उसने अपना नाम सनी कोल (26) बताया। युवक पड़रीपानी वार्ड नंबर 8, बिजुरी थाना क्षेत्र, अनूपपुर का रहने वाला है। बैग की तलाशी लेने पर उसमें अलग-अलग कंपनियों के 10 एंड्रॉइड मोबाइल मिले। आरोपी मोबाइल से जुड़े कोई वैध दस्तावेज या बिल नहीं दिखा सका। पुलिस ने सभी 10 मोबाइल जब्त कर लिए। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 317(2) के तहत केस दर्ज किया है। मामले में कार्रवाई की जा रही है। RPF टास्क टीम प्रभारी अमरेन्द्र सिंह के मुताबिक, आरोपी को रविवार को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस के मुताबिक, आरोपी पहले भी चोरी की घटनाओं में शामिल रहा है। पहले भी 7 मोबाइल के साथ पकड़ा था युवक इससे पहले यात्री ट्रेन में मोबाइल चोरी के मामले में भारत लाल यादव (20) को गिरफ्तार किया गया था। वह वार्ड नंबर 13 सकारिया, थाना अनूपपुर कोतवाली का निवासी है। पुलिस ने उसके पास से 7 मोबाइल फोन जब्त किए थे।
जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय (JNVU) के नया परिसर में एक युवक पर लोहे की रॉड से हमला करने का मामला सामने आया है। हमले में पीड़ित युवक की नाक की हड्डी टूट गई और चेहरे पर गंभीर चोट भी आई है। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। मामले में भगत की कोठी थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना देर रात करीब 2 बजे की है। मामले में बाड़मेर के धोरीमन्ना हाल पावटा, जोधपुर निवासी राजूराम (28) पुत्र हरजीराम विश्नोई ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस को दी रिपोर्ट के अनुसार, राजूराम जयनारायण व्यास यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करता है। रात करीब 2 बजे वह अपने दोस्तों के साथ यूनिवर्सिटी के नया परिसर में बैठा था। इसी दौरान प्रकाश गोदारा नाम का व्यक्ति वहां आया और जान से मारने की नियत से लोहे की धारदार रॉड से उस पर हमला कर दिया। आरोपी ने राजूराम के सिर, गर्दन और नाक पर ताबड़तोड़ वार किए। हमले में पीड़ित राजूराम की नाक और अंदर की हड्डी टूट गई। लहूलुहान हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां उसकी नाक पर 7 टांके आए हैं। पीड़ित ने आरोप लगाया कि प्रकाश गोदारा ने मारपीट के साथ ही उसका मोबाइल तोड़ दिया और बाइक में भी तोड़फोड़ की, जिससे उसका करीब 15 से 20 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। हेड कॉन्स्टेबल करनाराम ने बताया कि युवक की ओर से रिपोर्ट दी गई है। मामला दर्ज कर शुरू की गई है। वहीं पीड़ित ने बताया कि वह पहले से आरोपी को जानता है। उसने बताया कि आरोपी यूनिवर्सिटी में नहीं पढ़ता हैं। उसके खिलाफ पूर्व में भी मामले दर्ज हो चुके हैं। आरोपी आए दिन दादागिरी करता है। घटना के दिन भी उसने झगड़ा किया था।
Lava की Virat सीरीज का नया 5G फोन, Lava V1 Pro 5G भारत में 24 अगस्त 2026 को लॉन्च होगा। फोन में 6.75 इंच डिस्प्ले, 6000mAh बैटरी और Clean Android जैसे फीचर्स मिलने की उम्मीद है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
बच्चों को मोबाइल से दूर रखना है? घर पर खेलें ये 5 मजेदार गेम्स
बच्चों का खाली समय मोबाइल में निकलने के बजाय अगर परिवार के साथ मजेदार खेल खेलते हुए बीते तो इससे अच्छा क्या होगा। घर पर मौजूद कुछ आसान खेल बच्चों को बिजी रखने के साथ खूब हंसाने का काम भी कर सकते हैं।
अगर आप ट्रेन सफर कर रहे हैं और आपको ट्रेन में AC खराब, कोच गंदा या स्टाफ से परेशानी है तो Rail Madad से तुरंत शिकायत कर सकते हैं। यहां हम आपको Online Complaint करने का सबसे आसान तरीका बता रहे हैं।
सरकारी स्कूल के बच्चों को समय पर मिलेंगी किताबें, अब मोबाइल ऐप से होगी सीधी निगरानी
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में किताबों के वितरण पर निगरानी रखने के लिए मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है। राज्य भर के बच्चों को समय पर किताबें मिल सकेंगी।
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
5 AI Apps जो आपको जरूर Try करने चाहिए, आपके काम को बना देंगे आसान
Artificial Intelligence यानी AI अब सिर्फ बड़ी कंपनियों या टेक एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं है। आज स्मार्टफोन पर मौजूद कई AI Apps पढ़ाई, ऑफिस के काम, कंटेंट क्रिएशन, रिसर्च और रोजमर्रा के छोटे-बड़े कामों को काफी आसान बना सकते हैं। अगर आप भी AI का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन 5 Apps को जरूर Try करें। 1. ChatGPT ChatGPT एक ऑल-राउंड AI Assistant है। आप इसका इस्तेमाल सवालों के जवाब पाने, ईमेल या आर्टिकल लिखने, आइडिया निकालने, पढ़ाई में मदद लेने और कई तरह के कामों के लिए कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए खास उपयोगी है जिन्हें एक ही App में अलग-अलग काम करने वाला AI Assistant चाहिए। 2. Google Gemini Google Gemini उन यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी है जो Google के Ecosystem का इस्तेमाल करते हैं। Gemini में बातचीत के अलावा Image Generation, Deep Research, Gemini Live और Canvas जैसे फीचर्स भी उपलब्ध हैं। इसका इस्तेमाल पढ़ाई, रिसर्च, आइडिया और रोजमर्रा के कामों में किया जा सकता है। 3. Microsoft Copilot अगर आप Microsoft के Apps जैसे Word, Excel, PowerPoint और Outlook का इस्तेमाल करते हैं, तो Copilot आपके काम को आसान बना सकता है। यह सवालों के जवाब देने, कंटेंट तैयार करने और कुछ Microsoft 365 Apps में AI की मदद लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 4. Perplexity Perplexity उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जिन्हें किसी विषय पर Research करनी होती है। यह AI के साथ Search Experience देता है और जानकारी खोजने व अलग-अलग स्रोतों को समझने में मदद कर सकता है। Students, Writers और Researchers के लिए यह उपयोगी हो सकता है। 5. Canva अगर आप Social Media Posts, Posters, Presentations या दूसरे Designs बनाते हैं, तो Canva का AI आपके काम को आसान कर सकता है। आप AI की मदद से अपने Ideas को Visual Content में बदलने और Design तैयार करने की शुरुआत कर सकते हैं।
नोएडा में मेट्रो स्टेशन पर सुसाइड करने वाले नाबालिग बेटे ने अपनी जान देने से पहले पिता की हत्या की थी जान। वारदात को अंजाम देने के बाद वह शव को कमरे में बंद करके पिता का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था। पुलिस को गढ़ी चौखंडी गांव स्थित किराये के कमरे से व्यक्ति का शव मिला।
RailOne App ने 4.76 करोड़ डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है। ऐप पर रोज करीब 10 लाख टिकट बुक हो रहे हैं। RailOne में टिकट, PNR, ट्रेन स्टेटस समेत कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं।
How Mobile Phone Affects You: अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल चलाते हैं, तो इस खबर को अवश्य पढ़ें। यहां हम आपको बताएंगे इसके असर के बारे में।
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
दुनिया भर में मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में स्ट्रोक वजह है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो स्ट्रोक के इलाज में हर एक मिनट कीमती होता है। जितना जल्दी मरीज को हॉस्पिटल ले जाया जाए, उतना ज्यादा रिकवरी की संभावना होता है। डॉक्टरों ने आज स्मार्टफोन के दौर में एक नया शुरुआती संकेत पहचाना है, जिसको डिस्टेक्स्टिया कहा जाता है। इसमें व्यक्ति फोन पर सही शब्द नहीं टाइप कर पाता, उसके वाक्य अर्थहीन हो जाते हैं या फिर लिखने में काफी गलतियां होने लगती हैं। कई मामलों में यह स्ट्रोक का पहला दिखने वाला संकेत मिला है। जानें क्या है डिस्टेक्स्टिया यह कोई बीमारी नहीं बल्कि डिजिटल माध्यम पर लिखने की क्षमता में अचानक से आने वाले बदलाव या गड़बड़ी को दिखाता है। यह Dysgraphia और Aphasia जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षणों का आधुनिक रूप है। इसे भी पढ़ें: Health Tips: अनजाने में ज्यादा प्रोटीन लेना शरीर के लिए नुकसानदेह, Side Effects से बचने के लिए चेक करें ये 5 संकेत हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सामान्य रूप से टाइप करता है, लेकिन अचानक से उसके मैसेज में गड़बड़ी दिखने लगे, शब्दों का क्रम बिगड़ जाए, सामान्य शब्द भी न याद आएं, अर्थहीन वाक्य बनने लगे और सही शब्द न टाइप कर पाएं। तो यह दिमाग में भाषा कंट्रोल करने वाले हिस्से के प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। डिस्टेक्स्टिया और स्ट्रोक का संबंध स्ट्रोक तब होता है, जब दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। या फिर रक्त वाहिका फट जाती है। अगर यह हिस्सा भाषा या फिर लिखने की क्षमता को कंट्रोल करने वाले क्षेत्र को प्रभावित करता है, तो व्यक्ति को पढ़ने, बोलने या लिखने में परेशानी महसूस होती है। आज के समय में लोग मोबाइल पर टाइप करके बातचीत करते हैं। इसलिए कई बार सबसे पहला बदलाव फोन पर भेजे गए मैसेज पर दिखता है। कुछ केस में मरीज हॉस्पिटल पहुंचने से पहले फैमिली में किसी को ऐसे मैसेज भेजे, जिसमें व्याकरण और अर्थ दोनों ही पूरी तरह से असामान्य हो, तो जांच में उनको स्ट्रोक की पुष्टि हो सकती है। फोन पर टाइप करते समय कौन-से संकेत न करें नजरअंदाज व्यक्ति जानने वाले शब्दों को भी बार-बार गलत लिखता हो। मैसेज पढ़ने पर शब्द होते हैं, लेकिन इस मैसेज का कोई सही अर्थ न निकले। अगर बिना किसी तकनीकी वजह के टाइपिंग में परेशानी होने लगे। क्यों मानते हैं डिस्टेक्स्टिया को स्ट्रोक का शुरुआती चेतावनी संकेत डिस्टेक्स्टिया इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज भी ज्यादातर लोग फोन पर लगातार मैसेज करते हैं। ऐसे में लिखने की क्षमता में अचानक बदलाव सबसे पहले डिजिटल बातचीत में नजर आ सकता है। सिर्फ टाइपिंग में गलती होना ही स्ट्रोक का प्रमाण नहीं है। जल्दबाजी, ध्यान भटकना, या ऑटो करेक्ट से भी गलतियां हो सकती हैं। लेकिन अगर व्यक्ति पहले सामान्य रूप से टाइप करता था, लेकिन अगर अचानक से असामान्य मैसेज आने लगे, तो इसको गंभीरता से लेना चाहिए। स्ट्रोक के शुरुआती संकेत एक हाथ या एक पैर में कमजोरी चेहरा के एक तरफ का हिस्सा लटक जाना बोलने में परेशानी होना अचानक से धुंधला दिखना तेज सिरदर्द संतुलन बिगड़ना भ्रम या समझने में परेशानी आधुनिक डिजिटल युग में स्ट्रोक एक शुरूआती संकेत माना जाता है। हालांकि यह कोई अलग बीमारी नहीं बल्कि दिमाग के भाषा और लेखन से जुड़े हिस्सों में आई समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि सिर्फ टाइपिंग में हुई एक-दो गलतियों से घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपको लगातार बोलने में परेशानी, लगातार असामान्य मैसेज, चेहरे का टेढ़ा दिखना, हाथ-पैरों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं, तो इसको मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए।
Train Ticket Discount: मोबाइल से जनरल टिकट लेने पर बचेगा पैसा, RailOne पर रेलवे दे रहा 3% की छूट
RailOne Ticket Discount 2026: ट्रेन से रोजाना या अक्सर सफर करने वालों के लिए मोबाइल टिकटिंग अब सिर्फ समय बचाने का जरिया नहीं, बल्कि किराये में बचत का विकल्प भी बन गई है। भारतीय रेलवे के RailOne App के जरिए यात्री स्टेशन के टिकट काउंटर पर जाए बिना अनारक्षित यानी जनरल टिकट खरीद सकते हैं। खास बात यह है कि पात्र डिजिटल पेमेंट से टिकट का भुगतान करने पर किराये में 3 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। रेलवे ने इस सुविधा को डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने और स्टेशनों के टिकट काउंटर पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया है। ऑफर को 31 मार्च 2027 तक जारी रखने की जानकारी दी गई है। इसका फायदा उन यात्रियों को खास तौर पर हो सकता है जो लोकल, पैसेंजर या दूसरी अनारक्षित श्रेणी वाली ट्रेनों में नियमित सफर करते हैं। स्टेशन पहुंचने से पहले मोबाइल पर तैयार हो सकता है टिकट जनरल कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को सफर से पहले वैध अनारक्षित टिकट लेना होता है। परंपरागत तरीके में इसके लिए रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर या उपलब्ध टिकट मशीन का इस्तेमाल करना पड़ता है। व्यस्त समय में काउंटर पर लंबी लाइन मिलने से ट्रेन छूटने तक की चिंता हो सकती है। RailOne ने इस प्रक्रिया को मोबाइल पर उपलब्ध करा दिया है। यात्री ऐप में अपनी यात्रा की जरूरी जानकारी दर्ज करके अनारक्षित टिकट खरीद सकता है। इससे टिकट लेने के लिए अलग से काउंटर की कतार में खड़े होने की जरूरत कम हो जाती है। किराये में 3% कम भुगतान करने का मौका RailOne के जरिए अनारक्षित टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए डिजिटल भुगतान पर विशेष छूट उपलब्ध है। यात्री अगर पात्र डिजिटल माध्यम से भुगतान करता है तो टिकट किराये पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट प्राप्त कर सकता है। यह फायदा भले ही एक टिकट पर छोटी रकम जैसा दिखाई दे, लेकिन रोजाना रेल यात्रा करने वाले लोगों के लिए पूरे महीने या साल में इससे अच्छी-खासी बचत हो सकती है। उदाहरण के तौर पर नौकरी, पढ़ाई या कारोबार के सिलसिले में नियमित ट्रेन यात्रा करने वाले यात्री बार-बार टिकट खरीदते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए हर टिकट पर मिलने वाली छोटी छूट समय के साथ ज्यादा उपयोगी हो सकती है। किन पेमेंट विकल्पों पर मिल सकती है छूट? RailOne पर अनारक्षित टिकट खरीदते समय कई डिजिटल पेमेंट माध्यम उपलब्ध हो सकते हैं। ऑफर के तहत UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और दूसरे पात्र डिजिटल भुगतान माध्यमों से भुगतान करने पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट का फायदा लिया जा सकता है। हालांकि भुगतान पूरा करने से पहले ऐप में लागू ऑफर और अंतिम किराया जरूर देखना चाहिए। R-Wallet का नियम थोड़ा अलग RailOne में R-Wallet की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन इसका लाभ सामान्य डिजिटल पेमेंट डिस्काउंट से अलग रखा गया है। R-Wallet से टिकट खरीदने पर अलग व्यवस्था के तहत 3 प्रतिशत cashback उपलब्ध है। इसलिए यात्री को यह समझना चाहिए कि सामान्य डिजिटल भुगतान पर मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट और R-Wallet का 3 प्रतिशत cashback एक ही ऑफर नहीं हैं। टिकट खरीदते समय ऐप में दिखाई दे रहे भुगतान विकल्प और लागू लाभ को देखकर ही पेमेंट मोड चुनना बेहतर होगा। RailOne से जनरल टिकट खरीदने का तरीका RailOne से टिकट लेने के लिए सबसे पहले मोबाइल में इसका आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें। ऐप Android और iOS दोनों तरह के स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध है। ऐप में रजिस्ट्रेशन या लॉगिन पूरा करने के बाद अनारक्षित टिकट से संबंधित सेक्शन में जाएं। अब जिस स्टेशन से यात्रा शुरू करनी है और जहां तक जाना है, उससे जुड़ी जानकारी दर्ज करें। ऐप में मांगी गई अन्य जरूरी यात्रा जानकारी भरने के बाद टिकट का विवरण और किराया ध्यान से जांचें। इसके बाद उपलब्ध डिजिटल पेमेंट विकल्प में से अपनी सुविधा का माध्यम चुनकर भुगतान पूरा करें। ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद टिकट की स्थिति ऐप में जरूर जांच लें। पुराने UTS यूजर्स के लिए भी अहम है RailOne RailOne आने के बाद रेलवे की मोबाइल टिकटिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। पहले अनारक्षित टिकट के लिए UTS on Mobile App का व्यापक इस्तेमाल किया जाता था। मार्च 2026 से UTS की सेवाओं को RailOne पर स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे में पुराने UTS उपयोगकर्ताओं के लिए RailOne अब महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन गया है। मौजूदा R-Wallet बैलेंस से जुड़े उपयोगकर्ताओं को RailOne पर रजिस्ट्रेशन करते समय पुराने UTS खाते से जुड़े मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ सकती है। केवल जनरल टिकट नहीं, कई सेवाएं एक जगह RailOne को रेलवे की कई यात्री सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यात्री इसके जरिए अनारक्षित टिकट के अलावा रिजर्व टिकट से जुड़ी सुविधाओं, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन संबंधी जानकारी, PNR स्टेटस और अन्य उपलब्ध रेलवे सेवाओं तक पहुंच सकते हैं। इसका फायदा यह है कि अलग-अलग काम के लिए यात्रियों को कई रेलवे ऐप इस्तेमाल करने की जरूरत कम हो सकती है। डिजिटल टिकट से लाइन और समय दोनों की बचत RailOne से जनरल टिकट खरीदने का सबसे बड़ा फायदा केवल 3 प्रतिशत डिस्काउंट नहीं है। मोबाइल टिकटिंग यात्रियों को स्टेशन के टिकट काउंटर पर लगने वाली लाइन से बचाने में मदद करती है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में नियमित यात्रियों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। डिजिटल भुगतान से कैश रखने और खुले पैसे की समस्या भी खत्म हो जाती है। इस तरह यात्री को एक ही सुविधा में टिकट खरीदने, डिजिटल पेमेंट करने और पात्र होने पर किराये में छूट पाने का मौका मिलता है। टिकट बुक करते समय सावधानी भी जरूरी मोबाइल से जनरल टिकट लेते समय शुरुआती स्टेशन और गंतव्य स्टेशन सही चुनना जरूरी है। भुगतान करने से पहले यात्रा का विवरण ध्यान से जांचें। बैंक खाते से रकम कट जाने भर से यह नहीं मान लेना चाहिए कि टिकट सफलतापूर्वक जारी हो गया है। ऐप में टिकट की स्थिति जरूर चेक करें। RailOne को केवल आधिकारिक ऐप स्टोर या रेलवे द्वारा बताए गए माध्यम से ही डाउनलोड करें। अनजान लिंक से ऐप या APK फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके अलावा UPI PIN, OTP, पासवर्ड और दूसरी बैंकिंग जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। 31 मार्च 2027 तक मिलेगा डिजिटल डिस्काउंट रेलवे ने RailOne से अनारक्षित टिकट खरीदने पर डिजिटल भुगतान के जरिए मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को मोबाइल टिकटिंग और कैशलेस पेमेंट की ओर प्रोत्साहित करना है। रोजाना ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए यह दोहरा फायदा हो सकता है। एक तरफ स्टेशन पर टिकट काउंटर की लाइन से बचा जा सकता है और दूसरी तरफ पात्र डिजिटल पेमेंट पर किराये में कुछ बचत भी हो सकती है। ऐसे में अगली बार जनरल टिकट लेकर यात्रा करनी हो तो स्टेशन के काउंटर पर जाने से पहले RailOne में उपलब्ध मोबाइल टिकटिंग विकल्प और लागू डिस्काउंट की जांच करना फायदेमंद हो सकता है। डिस्क्लेमर: रेलवे टिकट, डिस्काउंट, cashback और भुगतान से जुड़े नियम समय-समय पर बदले जा सकते हैं। टिकट खरीदने से पहले RailOne App या भारतीय रेलवे के आधिकारिक माध्यम पर मौजूदा नियम, किराया और ऑफर जरूर जांचें।
राजस्थान : पिता ने मोबाइल पर गेम खेलने से रोका, कोटा में 11वीं के छात्र ने आत्महत्या की
अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद मयंक के पिता चौथमल नागर की भी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के मुताबिक, मयंक अक्सर अपना समय मोबाइल फोन पर बिताता था। उसके पिता ने बताया कि रविवार को जब परिवार घर पर था, तो उन्होंने मयंक को गेम खेलते हुए देखा।
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
स्वाइप नहीं, सच्ची मुलाकात चाहिए! Gen-Z ने डेटिंग ऐप्स से क्यों बनाई दूरी, जानिए क्या कहता है सर्वे
डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया से Gen-Z अब ऊब चुका है और रियल लाइफ को अपना रहा है। फोर्ब्स के सर्वे के मुताबिक, युवा अब ऑनलाइन चैट की बजाय लोगों से आमने-सामने मिलकर उन पर भरोसा करना पसंद कर रहे हैं। आइये जानते हैं आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Parenting Tips: बच्चा मोबाइल छोड़कर किताबों से दोस्ती करने लगेगा, अपनाएं ये 5 आसान तरीके
सही माहौल, रोचक गतिविधियां और थोड़ी समझदारी से बच्चों में विकसित करें पढ़ने की आदत
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

