जेल में मोबाइल फोन और प्रतिबंधित सामान बरामद
अमृतसर| केंद्रीय जेल अमृतसर में तलाशी के दौरान हवालातियों से मोबाइल फोन और प्रतिबंधित सामान बरामद हुआ। सहायक सुपरिंटेंडेंट सुखदेव सिंह ने बताया कि जेल की रूटीन चेकिंग के दौरान चार हवालातियों रोहित सिंह निवासी घरिंडा, अनिल जोशी उर्फ रोहित जोशी निवासी बसंत नगर, अजमेर सिंह उर्फ हैप्पी निवासी मकबूलपुरा और गुरसाहिब सिंह निवासी गांव बोपाराय से कुल 4 मोबाइल फोन (3 टच और 1 कीपैड) तथा एक सिम कार्ड बरामद किया गया। इसके अलावा इस्लामाबाद थाना पुलिस ने अन्य मामले में सहायक सुपरिंटेंडेंट अजमेर सिंह की शिकायत पर केस दिया है।
पनवाड़ थाना पुलिस ने एक ब्लाइंड मर्डर केस का खुलासा करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने जमीन के मुनाफे के पैसे और मोबाइल की बैटरी को लेकर हुए विवाद में कुल्हाड़ी से वार कर हत्या की थी। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार ने बताया कि यह घटना शराब पार्टी के दौरान हुई। आरोपी और मृतक के बीच जमीन के मुनाफे के पैसों और मोबाइल चार्ज करने के लिए दी गई बैटरी को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद में आरोपी ने कुल्हाड़ी से हमला कर रामगोपाल की हत्या कर दी। मामला 30 अप्रैल 2026 को सामने आया, जब फरियादी सांवरिया (23) पुत्र रामगोपाल, निवासी हरीगढ़ ने रिपोर्ट दर्ज कराई। उसने बताया कि उसके पिता रामगोपाल (70) पुत्र बालाजी भील, निवासी हरीगढ़, रोजाना की तरह सुबह गांव से 2-3 किलोमीटर दूर हरीगढ़ के माल में स्थित कुएं पर बकरियां और भैंस चराने गए थे। देर शाम तक जब वे वापस नहीं लौटे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। रात करीब 9:30 बजे वे खेत पर पहुंचे, जहां रामगोपाल मृत अवस्था में मिले। उनके दाहिने गाल पर कान के पीछे और ललाट पर दाहिनी तरफ गंभीर चोटें थीं, जिससे प्रतीत हुआ कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने घातक हथियारों से वार कर उनकी हत्या की है। इस सूचना पर पनवाड़ पुलिस ने हत्या का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मृतक के अपने ही परिचित ने कर दी हत्याथानाधिकारी जाकिर हुसैन के नेतृत्व में विशेष टीम का गठन किया। गठित टीम ने मौके पर एफएसएल टीम, एमआईयू टीम व डॉग स्क्वायड से सबूत एकत्रित कराए गए। तकनीकी विश्लेषण व आसूचना संकलन व मुखबीर से प्राप्त आसूचना पर मृतक रामगोपाल की हत्या करने वाले आरोपी जितेन्द्र को गिरफ्तार कर अनुसंधान किया तो अनुसंधान व आरोपी से पूछताछ में पाया कि आरोपी शराबी प्रवृत्ति का व्यक्ति है, उसे घर वालों ने घर से बाहर निकाल रखा था और वह अपने खेत पर बनी टापरी पर अकेला ही रहता था। आरोपी और मृतक रामगोपाल दोनों का खेत पास-पारा होने व एक ही जाति समाज के होने से दोनों में मेल मिलाप था। आरोपी के हिस्से की जमीन मुनाफे से मृतक रामगोपाल जुताई करता था। इसके कुछ रुपए आरोपी को देने शेष थे। घटना से 5 दिन पूर्व आरोपी ने अपने मोबाइल की बेट्री चार्ज करने के लिए मृत्तक रामगोपाल को दी थी जो मृतक ने वापस नहीं लोटाई थी।मृतक और आरोपी ने की थी शराब पार्टीपुलिस ने बताया कि घटना के दिन आरोपी व मृतक दोनों ने खेत पर साथ ही बैठकर खाना बनाया और शराब का सेवन किया। इसी दौरान आरोपी व मृतक के बीच जमीन मुनाफे के पैसे व मृतक को चार्ज करने के लिए दी गई मोबाइल की बेट्री को लेकर विवाद हो गया, इस पर आरोपी ने कुल्हाड़ी से वार कर रामगोपाल की नृशंस हत्या कर दी। साढू की हत्या का आरोपी गिरफ्तारग्राम कोथलाघट्टी ईलाका थाना मण्डावर में अपने ही साढू बबलू भील की हत्या करने वाले आरोपी कमलेश भील को थाना मण्डावर पुलिस टीम ने गिरफ्तार करने में सफलता अर्जित की। मृतक की पत्नी फरियादिया गुड्डी बाई पत्नी बबलू भील निवासी मोडक ने बताया कि मेरे पीहर में छोटी बहन की शादी का कार्यक्रम चल रहा था। जहां पर मृतक का साढू कमलेश भील पुत्र कन्हैयालाल भील निवासी संजय कॉलोनी झालावाड़ आया। जिसने मेरे पति बबलू पुत्र नानूराम निवासी मोडक जिला कोटा के पेट में चाकू मार दिया। इससे झालावाड हॉस्पिटल में इलाज के दौरान बबलू भील की मृत्यु हो गई। इस पर प्रकरण में हत्या की धारा जोड़कर कार्रवाई की। विशेष पुलिस टीम ने हत्याकाण्ड करने वाले आरोपी कमलेश भील को गिरफ्तार किया। आरोपी से अनुसंधान व पूछताछ करने पर सामने आया कि आरोपी कमलेश ने ससुराल में वर्चस्व बढ़ाने की रंजिश के कारण साढू को चाकू से मारपीट की थी।
सिंगरौली जिले के बैढ़न में बैंक ऑफ महाराष्ट्र में हुई डकैती के मामले में पुलिस ने मंगलवार को खुलासा किया है। इस पूरी वारदात के तार जेल के भीतर से जुड़े मिले हैं। बिहार के नालंदा से पकड़े गए दो आरोपियों, चंदन उर्फ चईया यादव और गुलशन यादव से पूछताछ में पता चला है कि डकैती की पूरी प्लानिंग जेल में रची गई थी। सिंगरौली एसपी मनीष खत्री ने जानकारी दी कि मुख्य आरोपी चंदन यादव ने डकैती की रकम का एक हिस्सा उड़ीसा की एक जेल में बंद एक पूर्व डकैत तक पहुंचाया था। इस खबर के मिलते ही पुलिस ने जब जेल प्रशासन की मदद से वहां तलाशी ली, तो जेल के अंदर बंद कैदी के पास से 25 हजार रुपए कैश और एक मोबाइल फोन मिला। इससे यह साफ हो गया कि अपराधी जेल के अंदर से ही अपना नेटवर्क चला रहे हैं। बेऊर जेल में बैठा है मास्टरमाइंड पुलिस जांच में सामने आया है कि इस पूरी डकैती का मास्टरमाइंड सुबोध सिंह नाम का अपराधी है। सुबोध फिलहाल पटना की बेऊर जेल में बंद है और वहीं से मोबाइल के जरिए बाहर मौजूद अपने गुर्गों को निर्देश दे रहा था। उसके इशारे पर ही गिरोह के सदस्यों ने बैंक में डकैती की इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस की अगली कार्रवाई गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को पुलिस ने रिमांड पर लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस अब इस गिरोह के बाकी सदस्यों की तलाश में जगह-जगह छापेमारी कर रही है। अधिकारियों का दावा है कि जल्द ही इस पूरे गैंग का पर्दाफाश कर दिया जाएगा और सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
फरीदकोट में थाना सिटी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज की मदद से मोबाइल शॉप में चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी की पहचान दशमेश नगर निवासी दीपक सिंह उर्फ दीपू के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी ने बीती 1-2 मई की रात को फरीदकोट शहर के माल रोड स्थित गौरव टेलीकॉम की छत में सेंध लगाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। उसने दुकान से पांच मोबाइल फोन और दो एलईडी चोरी कर ली थीं। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया है। इस संबंध में दुकान मालिक गौरव ने थाना सिटी में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में बताया गया था कि आधी रात को अज्ञात व्यक्ति दुकान में घुसकर चोरी कर गया। दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में आरोपी की तस्वीर कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस ने उसकी पहचान की और सोमवार को उसे गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट से रिमांड पर लेकर अन्य वारदातों की पूछताछ होगी- डीएसपी इस मामले में डीएसपी त्तरलोचन सिंह ने बताया कि शिकायत दर्ज होने के बाद एसएसपी डॉ.प्रज्ञा जैन के दिशा निर्देश पर पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टेक्निकल सेल और पीसीआर टीम की मदद से आरोपी को काबू किया गया है। आरोपी को अदालत में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उससे अन्य वारदातों के बारे में भी पूछताछ की जा सके।
बुलंदशहर के औरंगाबाद थाना क्षेत्र के लखावटी गांव में मंगलवार को एक युवक शादी की जिद में खुद पर पेट्रोल उड़ेलकर करीब 70 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया। युवक की इस हरकत से इलाके में अफरा-तफरी मच गई और देखते ही देखते मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। जानकारी के अनुसार, स्याना कोतवाली क्षेत्र निवासी युवक का औरंगाबाद क्षेत्र के एक गांव में रिश्तेदारी में आना-जाना था। इसी दौरान उसकी मुलाकात एमए की एक छात्रा से हुई और दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। मामला कोर्ट मैरिज तक पहुंच गया, लेकिन जब छात्रा के परिजनों को इसकी जानकारी हुई तो उन्होंने दोनों को अलग रहने की सलाह दी। इसके बाद युवक लगातार छात्रा और उसके परिवार पर दबाव बना रहा था। खबर से जुड़ी तस्वीरें… टावर पर चढ़कर दी जान देने की धमकी मंगलवार सुबह करीब आठ बजे युवक छात्रा के गांव पहुंचा और अपने ऊपर पेट्रोल उड़ेलकर मोबाइल टावर पर चढ़ गया। उसने छात्रा के पिता को फोन कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही परिजनों ने पुलिस को खबर दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने युवक को नीचे उतरने के लिए समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह छात्रा को बुलाने की जिद पर अड़ा रहा और बार-बार कूदने व खुद को आग लगाने की धमकी देता रहा। पुलिस की मशक्कत और छात्रा की भूमिका करीब एक घंटे तक चले इस घटनाक्रम के दौरान पुलिस ने स्थिति को संभालने के लिए एंबुलेंस भी मौके पर बुला ली। अंततः पुलिस ने छात्रा को मौके पर बुलाया और मोबाइल फोन पर युवक से उसकी बात कराई। छात्रा से बातचीत के बाद युवक शांत हुआ और टावर से नीचे उतर आया। हिरासत में आरोपी, जांच जारी नीचे उतरते ही पुलिस ने युवक को हिरासत में ले लिया और उसके पास से पेट्रोल से भरी केन बरामद की। छात्रा ने युवक के खिलाफ थाने में तहरीर देकर उसे बेवजह परेशान करने और शादी के लिए दबाव बनाने का आरोप लगाया है। थाना प्रभारी मोहम्मद असलम ने बताया कि युवक से पूछताछ की जा रही है और मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गुना और विदिशा जिले में दो सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई। गुना के म्याना इलाके में बाइक से जा रहे हलवाई को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। वहीं विदिशा जिले के लटेरी इलाके में घर से सामने निकल रही महिला को वाहन ने टक्कर मार दी, जिससे उसकी मौत हो गई। दोनों शवों का आज जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम किया गया। पहला मामला गुना जिले के म्याना इलाके का है। शहर की पुरानी छावनी का रहने वाला गुलाब सिंह (40) पुत्र वंशीलाल कुशवाह शादियों में हलवाई का काम करता था। सोमवार को वह ग्राम भदौरा में काम कर रहा था। दिन भर काम करने के बाद वह पहले से ही तय कार्यक्रम के अनुसार काम निबटने के बाद अपने साथी राहुल के साथ बदरवास जा रहा था। इसी दौरान रात लगभग 12 बजे म्याना थाना इलाके में हाईवे पर अज्ञात वाहन से उसका एक्सीडेंट हो गया था। सूचना के बाद मौके पर पहुंची पुलिस की टीम द्वारा प्राथमिक जांच पड़ताल के बाद मृतक का शव पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल में भिजवा दिया था। उसके बाद आज सुबह परिजनों को इस दुर्घटना की जानकारी पुलिस से लगी। वे अस्पताल पहुंचे, जहां घटना की जानकारी मिली। इस दौरान मृतक के भाई ने बताया कि उनके साथ राहुल भी था, लेकिन उसके बारे में फिलहाल तक कोई जानकारी नहीं मिली है। उसका मोबाइल भी बंद आ रहा है। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद मृतक का शव परिवार को सौंप दिया है। इसके साथ ही म्याना थाने में दुर्घटना का प्रकरण दर्ज कर जांच में लिया गया है। महिला को मारी टक्कर दूसरा मामला पड़ोसी जिले विदिशा के लटेरी इलाके का है। ताजपुरा की रहने वाली 45 वर्षीय भूरी बाई शाम लगभग 6 बजे गांव में निकली थी। इसी दौरान सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बाइक ने उसे टक्कर मार दी थी। जानकारी मिलते ही मौके पर पहुंचे परिजनों द्वारा उसे लटेरी अस्पताल ले जाया गया था, जहां से उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उसे डॉक्टर द्वारा रेफर कर दिया गया था। इसके बाद परिजन रात में ही उसे लेकर गुना अस्पताल पहंचे थे, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर ने प्रथम दृष्टि जांच में ही उसे मृत घोषित कर शव पोस्टमार्टम रूम में भिजवा दिया था। इसके बाद आज सुबह मृतका के शव का पोस्टमार्टम कराया गया है और उसके बाद शव परिवार को सौंप दिया गया है। पुलिस ने फिलहाल दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच में लिया है। इस दौरान अस्पताल में मौजूद मृतका के पुत्र ने बताया कि मांको टक्कर मारने वाला गांव का ही रहने वाला है। घटना के समय वह शराब पिए हुए था और इसी कारण से उसने साइड में जा रही मां भूरी बाई को सामने से टक्कर मार दी थी। इसी से उनकी मौत हो गई।
पेड़ से लटका मिला युवक का शव:भागलपुर में पॉकेट से मोबाइल फोन मिला, लोगों ने जताई सुसाइड की आशंका
भागलपुर में पेड़ से लटका एक युवक का शव बरामद हुआ है। मामला, बाइपास थाना क्षेत्र के बिबिया टोला स्थित बिलैया बगीचा का है। मंगलवार को खेत पर काम करने गए लोगों ने उसे फंदे से लटका देखा। इसके बाद आसपास के लोगों को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस को इस घटकी जानकारी दी। सूचना के बाद बाईपास थाना अध्यक्ष सुमन राय अपने दल-बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने फॉरेंसिक टीम को भी बुलाया है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है। आसपास के लोगों के बीच तरह-तरह की चर्चा है, मौके पर जुटे लोगों का कहना था कि युवक आसपास इलाके के रहने वाले नहीं हैं, कहीं दूर से आकर उन्होंने यहां पर सुसाइड किया है। इस बगीचे में घटना हुई है वहां पर लोगों की आवाजाही कम रहती है। पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई अब तक मृतक युवक की पहचान नहीं हो पाई है। उसकी उम्र लगभग 18 साल है। उसने शर्ट और जींस पहन रखी थी। वह करीब 16 फीट ऊंचे पेड़ से रस्सी के सहारे फंदे से लटका हुआ था। आशंका है कि देर रात उसने फंदे से लटककर आत्महत्या की होगी। घटना के बाद मौके पर लोगों की भारी भीड़ जुट गई। पुलिस ने शव को नीचे उतार लिया है। थाना अध्यक्ष सुमन राय ने बताया कि प्रारंभिक जांच में आत्महत्या का मामला प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस आत्महत्या और हत्या दोनों बिंदुओं पर जांच कर रही है। युवक की पहचान नहीं हो सकी है। उसके पास से एक मोबाइल बरामद हुआ है, जो लॉक है। पहचान होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने बॉडी को अपने कब्जे में ले लिया है, फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंचकर सबूत को इकट्ठा करने में जुटी हुई है।
मानसा जिले के सरदूलगढ़ कस्बे में एक युवक पर नशा बेचने का केस दर्ज होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है। पुलिस पर झूठा केस दर्ज करने का आरोप लगाते हुए वार्ड नंबर-6 के निवासियों ने थाने के बाहर धरना प्रदर्शन किया। इस दौरान, युवक की मां अपने बेटे पर दर्ज मामले को रद्द करवाने की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने गुरप्यार सिंह नामक युवक के खिलाफ 30 गोलियां बरामद करने का केस दर्ज किया है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि पुलिस युवक को सुबह घर से उठाकर ले गई थी और शाम तक उसे छोड़ने का आश्वासन दिया था, लेकिन बाद में उस पर झूठा केस दर्ज कर दिया गया। मां बोलीं- बेटे पर गलत केस दर्ज किए, फंसाया जा रहा युवक की मां ने आरोप लगाया कि पुलिस ने पहले भी उसके बेटे के खिलाफ गलत केस दर्ज किए हैं और अब उसे फिर से फंसाया जा रहा है। वार्ड के पार्षद ने भी पुलिस को लिखित में जानकारी दी थी कि युवक अब किसी भी नशे से संबंधित गतिविधि में शामिल नहीं है, लेकिन इसके बावजूद उसे परेशान किया जा रहा है। डीएसपी के आश्वासन पर धरना खत्म देर रात तक चले इस हंगामे के बाद, डीएसपी सरदूलगढ़ के आश्वासन पर धरना समाप्त कर दिया गया। डीएसपी ने मामले की जांच करने का भरोसा दिया है। दूसरी ओर, थाना प्रभारी ने बताया कि गुरप्यार सिंह पर पहले से 10 से 12 केस दर्ज हैं, जिनमें नशा तस्करी और चोरी के केस शामिल हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि बरामदगी के आधार पर एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है और परिवार द्वारा लगाए गए आरोप निराधार हैं।
मकानों पर गिरा मोबाइल टावर:अंधड़ से हुआ भारी नुकसान, कॉलोनी में पूरी रात नहीं आई बिजली
डीडवाना शहर में सोमवार देर रात तेज आंधी और बारिश के कारण एक मोबाइल टावर गिर गया। यह टावर बीएसएनएल कार्यालय परिसर में लगा था और गिरने के बाद पास के कई मकानों पर जा गिरा। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त मकानों में लोग मौजूद होने के बावजूद कोई जनहानि नहीं हुई। हालांकि, संपत्ति को भारी नुकसान पहुंचा है। टावर गिरने से पड़ोसी मकानों की छतें, दीवारें और बालकनी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। कार और स्कूटी को भी हुआ नुकसानइसके अलावा मलबे की चपेट में आने से नीचे खड़ी एक कार और स्कूटी को भी नुकसान हुआ, साथ ही एक घर का एसी भी टूट गया। यह घटना शीतलकुंड बालाजी मंदिर मार्ग के आगे स्थित बीएसएनएल कार्यालय के पास हुई।तेज हवाओं के साथ आई आंधी ने शहर के कई अन्य हिस्सों में भी नुकसान पहुंचाया। टावर गिरने से बिजली लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं, जिसके कारण पूरी रात कॉलोनी में बिजली आपूर्ति बाधित रही। रातभर बिजली रही बंदघटना के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए और प्रभावित परिवारों के लिए मुआवजे की मांग की। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि उन्होंने पहले भी कई बार विभाग को टावर की जर्जर स्थिति के बारे में सूचित किया था, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। फिलहाल, प्रशासन से पीड़ितों को राहत प्रदान करने और नुकसान का आकलन कर उचित मुआवजा देने की मांग की जा रही है।
कोटा में रिटायर्ड फौजी की हत्या के मामले में पुलिस पूछताछ में नई जानकारी सामने आई है। मृतक की पत्नी, उसके प्रेमी और उसके दोस्त ने बेरहमी से हत्या की थी। रिटायर्ड फौजी के घर में ही शराब पीने के बाद नशे में आरोपी प्रेमी ने उनका गला दबा दिया था। उसके दोस्त ने पैर पकड़े थे। इसके बाद भी मौत नहीं होने पर पत्नी साड़ी लेकर आई थी। इसके बाद प्रेमी ने गला घोंटकर जान से मारा था। झगड़े के बाद गला घोंटा था डीएसपी मनीष शर्मा ने बताया कि रिटायर्ड फौजी मनोज शर्मा की हत्या के मामले में सामने आया है कि वे अपनी पत्नी दीपिका के साथ मारपीट करते थे। वे पत्नी के साथ मारपीट करते थे। घटना वाली रात पत्नी ने अपने प्रेमी देवेश को घर बुलाया था। रात 12 बजे के करीब वह अपने दोस्त विष्णु के साथ अपनी प्रेमिका यानी रिटायर्ड फौजी की पत्नी के घर आवली पहुंचा था। दोनों ने रिटायर्ड फौजी के साथ बैठकर शराब पी थी। पत्नी-पत्नी के बीच झगड़े की बात को लेकर प्रेमी देवेश की रिटायर्ड फौजी से कहासुनी और धक्का-मुक्की हो गई। इसके बाद आरोपियों ने मनोज का गला घोंट दिया। हत्या करने के बाद देवेश और विष्णु चले गए। अगले दिन सुबह वापस दोनों रिटायर्ड फौजी के घर पहुंचे और उनके अंतिम संस्कार की तैयारी में जुट गए। पड़ोसियों के शक होने पर दोनों वहां से भाग गए। आरोपी देवेश ने अपना मोबाइल फोन भी बंद कर लिया। वह फरारी काटने के लिए हिंडौन सिटी, करौली जा रहा था, जिसे पुलिस ने पीछा कर गिरफ्तार कर लिया। रिटायर्ड फौजी का जानकर था उनकी पत्नी का प्रेमी पुलिस सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार देवेश कोटा के खेड़ली फाटक इलाके का रहने वाला है। रिटायर्ड फौजी मनोज का परिवार भी काफी सालों तक खेड़ली फाटक इलाके में रहा है। देवेश और मनोज एक-दूसरे के जानकर थे। 5 साल से रिटायर्ड फौजी मनोज पत्नी और बच्चों के साा आवली में अपने घर में रह रहा था। देवेश का मनोज के घर आना-जाना था। रिटायर्ड फौजी 4-5 महीने से अजमेर में जॉब करने लगा था। उनकी पत्नी दीपिका अपने बच्चों के साथ आवली में ही रह रही थी। रिटायर्ड फौजी कभी-कभी छुट्टियों में कोटा आता था। इसी बात का फायदा उनकी पत्नी और उसके प्रेमी देवेश को मिला। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ गई। दीपिका अक्सर देवेश से पति से परेशान रहने और पैसा नहीं देने की बात कहती थी। रिटायर्ड फौजी को भी दीपिका और देवेश पर शक हो गया था। हत्या से कुछ घंटे पहले रिटायर्ड फौजी और उनकी पत्नी के बीच झगड़ा हुआ था। इसके बाद ही पत्नी ने अपने प्रेमी देवेश को बुलाया था। प्रेमिका के पति को मारने दोस्त को लेकर पहुंचा था देवेश का दोस्त विष्णु शराब पीता था। घटना वाली रात दीपिका के घर पहुंचने से पहले देवेश ने विष्णु से कहा- चलो एक जगह चलकर आते है। फिर दोनों दीपिका के घर पहुंचे। मनोज के साथ बैठकर शराब पी। झगड़े के बाद हत्या कर दी। 31 साल का देवेश मॉल में लोडिंग अन लोडिंग का काम करता था। हत्या के बाद सुबह दीपिका ने अपने पीहर वालों को मनोज की मौत की सूचना दी। जिसके बाद उसकी मां और कुछ देर बाद बहन भी पहुंच गए। रिटायर्ड फौजी के परिजनों के पहुंचने से थोड़ी देर पहले ही दीपिका की मां व बहन घर से निकल गई। --------------------------------------------------- रिटायर्ड फौजी मनोज शर्मा की हत्या से जुडी ये खबर भी पढ़े प्रेमी के साथ मिलकर पत्नी ने रिटायर्ड-फौजी का मर्डर किया:महिला ने फोन कर बुलाया, फिर गला घोंटकर मारा; सुबह अंतिम संस्कार में शामिल होने पहुंचे पत्नी देखती रही, प्रेमी ने रिटायर्ड फौजी को मार डाला:बहन बोलीं- मेरे भाई को बेल्ट से पीटती थी भाभी, अब उसकी हत्या कर दी रिटायर्ड फौजी की गला घोंटकर हत्या:ससुराल पक्ष दाह संस्कार की कर रहा था तैयारी, पिता बोले- बहू ने बेटे को मारा
सेंट्रल जेल अलवर में फेंके सात मोबाइल जब्त किए
अलवर| केंद्रीय जेल में 2 मई की रात एकबार फिर जुराब में गत्ते के डिब्बे में रखकर 7 मोबाइल फोन और डेटा केबल फेंकी गई। जेल प्रशासन की टीम ने इन्हें जब्त तो कर लिया, लेकिन घटना के 48 घंटे बाद भी यह पता नहीं लगाया कि इन मोबाइल फोन का मालिक कौन था। जबकि हर फोन का ईएमईआई नंबर होता है। जिसके जरिये खरीदार का पता चल जाता है। घटना का खुलासा भी कोतवाली थाने में मामला दर्ज होने के बाद हुआ। रिपोर्ट में जेल प्रहरी राहुल जाटव निवासी पगसेड़ी गोविंदगढ़ ने बताया कि 2 मई को रात करीब 10.10 बजे जेल की मेन वॉल के पास कुछ गिरने की आवाज आई। मौके पर पहुंचे तो स्टाफ टॉयलेट के पास जुराब में एक छोटी साइज की बोतल व पोटलीनुमा पैकेट पड़ा मिला। जिसमें एक मल्टी विटामिन के काले रंग के डिब्बे में की-पेड वाले 7 मोबाइल और सफेद रंग की डाटा केबिल मिली। जिन्हें जब्त किया। कोतवाली थाना इंचार्ज रमेश सैनी ने बताया कि मामलों की जांच की जा रही है।
शिव क्षेत्र में संचार सुविधाओं को मजबूती 7 नए मोबाइल टावरों को मिली स्वीकृति
भास्कर न्यूज | बाड़मेर बाड़मेर जिले के शिव विधानसभा क्षेत्र में संचार व्यवस्था मजबूत करने की पहल हुई है। दूरस्थ इलाकों में नेटवर्क कनेक्टिविटी बेहतर करने के लिए 7 नए मोबाइल टावर लगाने की स्वीकृति मिली है। स्वीकृति केंद्रीय संचार मंत्रालय ने जारी की है। मंत्रालय ने ग्राम स्तर पर नेटवर्क सेवाओं के विस्तार पर जोर दिया है। यह टावर हाथला का पार, खुड्ड, मेघवालों का पार, बॉर्डर क्षेत्र, पुंगरिया का पार, कडवाणी का पार, गोहडियाला समेत अन्य दूरदराज इलाकों में लगेंगे। इससे लोगों को बेहतर मोबाइल नेटवर्क मिलेगा। इंटरनेट कनेक्टिविटी सुधरेगी। डिजिटल सेवाओं का लाभ बढ़ेगा। लंबे समय से नेटवर्क समस्या झेल रहे ग्रामीणों को राहत मिलेगी। स्थानीय विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने क्षेत्रवासियों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह कदम विकास की दिशा में मील का पत्थर होगा। डिजिटल सशक्तिकरण को गति मिलेगी। भाटी ने केंद्र सरकार का आभार जताया। उन्होंने कहा कि इससे शिक्षा, स्वास्थ्य, प्रशासनिक सेवाओं तक पहुंच आसान होगी।
भारत में मई के पहले हफ्ते में 4 नए स्मार्टफोन लॉन्च होंगे। 4 से 9 मई के बीच वनप्लस और वीवो अपने नए डिवाइस लॉन्च करेंगी। इन फोन्स में AI फीचर्स के साथ 200 मेगापिक्सल का कैमरा और 6.3-इंच स्क्रीन जैसे फीचर्स मिलेंगे। इनकी कीमत 25,000 रुपए से लेकर 1.50 लाख रुपए तक होगी। इस हफ्ते इंडिया में भारत में लॉन्च होने स्मार्टफोंस की डिटेल्स जानिए। वीवो X300 FE वीवो एक्स300 एफई से मई महीने की शुरुआत होगा। यह मोबाइल 6 मई को इंडिया में लॉन्च होगा जो क्वालकॉम स्नैपड्रैगन 8 जेन 5 प्रोसेसर के साथ आएगा। वीवो X300 अल्ट्रा वीवो 6 मई को ही इंडिया में X300 अल्ट्रा लॉन्च करेगी, जो इस सीरीज का सबसे ताकतवर कैमरा फोन बनकर आएगा। वनप्लस नोर्ड CE6 वनप्लस नोर्ड CE6 भारत में 7 अप्रैल को लॉन्च होगा। यह मिलिट्री ग्रेड सर्टिफाइड फोन है, जो काफी मजबूत है। पानी और धूल से बचाव के लिए इसमें IP69K तक की टॉप रेटिंग दी गई है। वनप्लस नोर्ड CE6 लाइट वनप्लस का नोर्ड CE6 लाइट इंडिया में 7 अप्रैल को लॉन्च होगा। इसमें 50MP का मुख्य कैमरा और 8MP का सेल्फी कैमरा है। साथ ही, यह मिलिट्री ग्रेड सर्टिफाइड फोन है, जो इसे काफी मजबूत बनाता है।
सिवनी पुलिस ने बस स्टैंड से चोर पकड़ा:दो मोबाइल जब्त किए, यात्री प्रतिक्षालय से हुए थे चोरी
सिवनी कोतवाली पुलिस ने 4 मई को एक चोर को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से चोरी के दो मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। यह गिरफ्तारी बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय से हुई चोरी के मामले में की गई है। कोतवाली थाना प्रभारी सतीश तिवारी ने बताया कि 3 मई, 2026 को शुभम उमरकाम (32, निवासी धारना कला, बरघाट) और रज्जू चंद्रवंशी (23, निवासी ग्राम तिनसा, छपारा) ने चोरी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि 2 मई, 2026 को वे नागपुर से सिवनी लौटे थे और रात में बस न मिलने के कारण सिवनी बस स्टैंड के यात्री प्रतीक्षालय में आराम कर रहे थे। रात करीब 1 बजे उनकी पैंट की जेब से रियलमी कंपनी का एंड्रॉयड मोबाइल 10Pro 5G (जियो सिम के साथ) और एक अन्य एंड्रॉयड मोबाइल RMX 2170 गायब हो गया था। जेब और आसपास तलाश करने पर भी मोबाइल नहीं मिले, जिसके बाद अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ चोरी का अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना में लिया गया। विवेचना के दौरान, शिकायतकर्ताओं की रिपोर्ट पर चोर की तलाश के लिए एक टीम गठित की गई। संभावित स्थानों पर तलाश शुरू की गई और 4 मई को संदेही अंकित जैन को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। अंकित जैन (23, निवासी तिलक वार्ड, जैन लॉज के पीछे, सिवनी) ने चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी अंकित जैन ने दोनों शिकायतकर्ताओं के मोबाइल चुराए थे। पुलिस ने आरोपी से 15,000 रुपये कीमत के दोनों रियलमी एंड्रॉयड मोबाइल फोन जब्त कर उसे गिरफ्तार कर लिया। अंकित जैन का पूर्व आपराधिक रिकॉर्ड भी है; उसके खिलाफ कोतवाली सिवनी थाने में जुए का एक अपराध पहले से दर्ज है। इस कार्रवाई में थाना प्रभारी कोतवाली सतीश तिवारी, प्रधान आरक्षक मुकेश गोडाने, चंद्रप्रकाश अडमें, आरक्षक सिद्धार्थ दुबे, सतीश इनवाती, प्रतीक बघेल, विश्राम धुर्वे और अंकित देशमुख की विशेष भूमिका रही।
पुलिस ने साल 2026 गुमशुदा और चोरी हुए 790 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जिनकी अनुमानित बाजार कीमत करीब 1.5 से 2 करोड़ रुपए बताई जा रही है। जयपुर ईस्ट पुलिस ने मोबाइल फोन की रिकवरी के लिए चलाए गए अभियान “ऑपरेशन री-कॉल” के तहत ये कार्रवाई की। डीसीपी ईस्ट रंजीता शर्मा ने बताया कि केवल अप्रैल महीने में ही विशेष अभियान चलाकर अलग-अलग राज्यों से 400 मोबाइल फोन ट्रेस कर बरामद किए गए। इन मोबाइलों को उनके असली मालिकों को सुपुर्द किया गया, जिससे पीड़ितों के चेहरों पर खुशी लौट आई। उन्होंने बताया कि साइबर अपराधों के खिलाफ भी जयपुर पुलिस ने कार्रवाई की है। साइबर सेल नेअप्रैल तक करीब 3.85 करोड़ रुपए की ठगी राशि होल्ड करवाई गई, जिसमें से करीब 65.48 लाख रुपए पीड़ितों के खातों में वापस रिफंड कराए गए हैं। वहीं “ऑपरेशन म्यूल हंटर” के तहत फर्जी बैंक खातों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करते हुए बजाज नगर और प्रताप नगर थानों में दो मामले दर्ज किए गए औप दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा 17 प्रिवेंटिव कार्रवाइयां भी की गईं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल की जानकारी भारत सरकार के CEIR पोर्टल पर दर्ज करें, साइबर ठगी की स्थिति में हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराएं। साथ ही किसी भी लालच में आकर अपने बैंक खाते की जानकारी साझा न करने की सलाह दी गई है।
अंबाला कैंट के एक कारोबारी के बैंक खाते से साइबर ठगों ने 5 लाख 72 हजार रुपए उड़ा लिए। कारोबारी ने कुछ देर पहले ही अपने खाते में 4 लाख 99 हजार रुपए जमा कराए थे। ठगों ने कुछ ही मिनटों के भीतर उनका मोबाइल फोन हैक कर लिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अंबाला कैंट निवासी विवेक शर्मा ने पुलिस को बताया कि उनका अपना व्यवसाय है। 20 अप्रैल को उन्होंने अपने इंडसइंड बैंक खाते में 4 लाख 99 हजार रुपए जमा करवाए थे। उसी दिन दोपहर करीब सवा एक बजे विवेक के मोबाइल पर अचानक एक के बाद एक कई ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) आने शुरू हो गए। विवेक कुछ समझ पाते, इससे पहले ही उनके मोबाइल पर खाते से पैसे कटने के लगातार मैसेज आने लगे। साइबर ठगों ने तीन बड़े ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 5 लाख 72 हजार रुपए निकाल लिए। पहले ट्रांजैक्शन में खाते से 72,000 रुपए काटे गए। इसके बाद 2,99,999 रुपए और फिर 1,99,999 रुपए ट्रांसफर कर लिए गए। खाते से पैसे निकलने के मैसेज देखकर विवेक शर्मा तुरंत हरकत में आए। चूंकि बैंक शाखा उनके घर के पास ही थी, वे दौड़कर बैंक पहुंचे और अधिकारियों को घटना की जानकारी दी। उन्होंने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर भी कॉल कर अपनी शिकायत दर्ज करवाई।
दतिया के बसई थाना क्षेत्र में रेलवे ट्रैक के पास रविवार शाम संदिग्ध परिस्थितियों में मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान सोमवार को हो गई। मृतक की पहचान गफ्फार (33) पुत्र आजाद खान निवासी ग्राम बरसाय, जिला झांसी के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, युवक का शव बसई रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक किनारे खंभा नंबर 1051/1517 के पास पड़ा मिला था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पहचान के प्रयास शुरू किए। थाना प्रभारी नीरज कुमार ने बताया कि मृतक के पास मिले मोबाइल फोन के आधार पर उसकी पहचान की गई। सोमवार को परिजनों के पहुंचने पर शिनाख्त की पुष्टि हुई। ट्रेन से गिरने की आशंका प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि गफ्फार मजदूरी करता था और दिल्ली से अपने गांव लौट रहा था। आशंका जताई जा रही है कि यात्रा के दौरान वह ट्रेन से गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा।
औरैया साइबर पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक अंतरराज्यीय जालसाज को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से 10 लाख रुपये मूल्य के 14 एंड्रॉयड फोन और 1100 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। यह गिरफ्तारी एक शिकायत के बाद हुई, जिसमें एक व्यक्ति से 46,997 रुपये की ठगी की गई थी। खानपुर निवासी कासिम बेग पुत्र खलील बेग ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि एक अज्ञात व्यक्ति ने खुद को बैंक कर्मचारी बताकर नए क्रेडिट कार्ड को एक्टिवेट करने और पासवर्ड बनाने के बहाने व्हाट्सएप पर एक लिंक और एपीके फाइल भेजी थी। इस फाइल के जरिए उनके फोन को हैक कर क्रेडिट कार्ड से 46,997 रुपये की ऑनलाइन खरीदारी कर ली गई थी। इस संबंध में साइबर थाने में मामला दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान, साइबर थाना पुलिस टीम को मुखबिर से सूचना मिली। इस सूचना के आधार पर वांछित अभियुक्त को अमरदीप ढाबा से लगभग 100 मीटर पहले हिरासत में लिया गया। पुलिस ने उसके कब्जे से 14 एंड्रॉयड फोन और 1100 रुपए नकद बरामद किए। गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान झारखंड के दुमका जिले के सरैयाहाट थाना क्षेत्र के ग्राम घघरी निवासी कमल कुमार (23) पुत्र जालो मंडल के रूप में हुई है। पूछताछ में कमल कुमार ने बताया कि वह बैंक कर्मचारी बनकर लोगों को गुमराह करता था। वह नए क्रेडिट कार्ड एक्टिवेट करने या पासवर्ड बनाने के नाम पर व्हाट्सएप के माध्यम से लिंक और एपीके फाइल भेजकर उनके फोन हैक कर लेता था। फोन हैक करने के बाद, वह क्रेडिट कार्ड की जानकारी और मोबाइल पर आने वाले ओटीपी प्राप्त कर लेता था। इसके बाद, वह बिग बास्केट और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म से गिफ्ट वाउचर, रिचार्ज वाउचर, मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान खरीदता था। इन सामानों को वह सस्ते दामों पर दुकानदारों को बेच देता था। पुलिस द्वारा बरामद किए गए सभी 14 मोबाइल फोन (जिनमें 4 आईफोन 16 प्रो मैक्स और 10 अन्य महंगे फोन शामिल हैं) ठगी के पैसों से खरीदे गए थे। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी है।
खरगोन में स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 की गतिविधियों के तहत रिड्यूस, रियूस व रिसाइकल (RRR) सेंटर और एक मोबाइल RRR सेंटर का शुभारंभ किया गया। यह केंद्र खंडवा रोड क्षेत्र में सोमवार को शुरू हुआ। यहां घरों से अनुपयोगी कपड़े, जूते-चप्पल और खिलौने जैसी सामग्री जमा की जाएगी, ताकि उनका पुनः उपयोग या पुनर्चक्रण सुनिश्चित हो सके। नगरपालिका अध्यक्ष छाया जोशी और सीएमओ कमला कौल ने शुभारंभ के अवसर पर बताया कि यह केंद्र शहर में कचरे को कम करने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। साथ ही, यह जरूरतमंद लोगों तक उपयोगी सामग्री पहुंचाने का माध्यम भी बनेगा। जागरूकता को बढ़ावा मिलेगास्वास्थ्य अधिकारी प्रकाश चित्ते ने जानकारी दी कि अब शहर में कुल चार RRR सेंटर और एक मोबाइल RRR सेंटर संचालित हो रहे हैं। इन केंद्रों के माध्यम से शहरवासियों में स्वच्छता के प्रति जागरूकता और आदत को बढ़ावा मिलेगा। इस अवसर पर सभापति धीरेन्द्रसिंह चौहान, पार्षद चंद्रपालसिंह तोमर, भागीरथ बडोले, अरविंद पाटीदार, राजेश रावत, दिनेश पाटीदार, एल्डरमैन पवन सेन, स्वच्छता सलाहकार अंकित कानूनगो, ब्रांड एंबेसडर डॉ. संजय कुमार कोचक और रंजिता राठौड़ सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
चंडीगढ़ के मनीमाजरा में नगर निगम कर्मचारी कृष्ण कुमार (27) की हत्या मोबाइल चोरी के शक में कर दी गई। उसका शव अर्धनग्न अवस्था में कलग्राम क्षेत्र के जंगल में मिला था। इस मामले में पुलिस ने 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें बाप-बेटा और एक अन्य व्यक्ति शामिल है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मनु रजक, उसके बेटे देव कुमार उर्फ सनी और धनिक कुमार शाह के रूप में हुई है। सभी मूल रूप से बिहार के रहने वाले हैं। ये लोग मनीमाजरा के पास झुग्गियों में रह रहे थे और पीडब्ल्यूडी विभाग में लेबर का काम करते हैं। इन्होंने पुलिस के सामने कबूल किया है कि कृष्ण को लात-घूसों से पीटा। इसके बाद बेल्ट से गला घोंटकर उसकी जान ले ली। पूछताछ के दौरान शक हुआ मनीमाजरा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव मिलने के बाद जांच शुरू की थी। आसपास के सीसीटीवी कैमरे खंगाले, लेकिन कोई संदिग्ध गतिविधि नजर नहीं आई। इसके बाद पास की झुग्गियों में रहने वालों से पूछताछ शुरू की गई। इस दौरान कृष्ण कुमार के साथ काम करने वाले मनु रजक, सनी उर्फ देव कुमार और धनिक कुमार शाह को पूछताछ के लिए बुलाया, लेकिन तीनों के बयान अलग-अलग थे, जिससे शक गहरा गया। सख्ती से पूछताछ करने पर उन्होंने बताया कि कृष्ण कुमार उनके पास आता-जाता था। उनके दो मोबाइल फोन गायब हो गए थे, जिस पर उन्हें शक था कि उसने ही चोरी किए हैं। कहासुनी के बाद मारपीट हुई उन्होंने कृष्ण कुमार को बुलाया, लेकिन वह आरोप मानने को तैयार नहीं हुआ। इसी दौरान कहासुनी के बाद मारपीट शुरू हो गई। आरोपियों ने बेल्ट से उसका गला घोंट दिया। जब कृष्ण कुमार ने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी, तो उन्हें लगा कि उसकी मौत हो गई है। इसके बाद वे उसे घसीटकर पास के जंगल में फेंक आए। शरीर पर नहीं थे कपडे़ मृतक कृष्ण कुमार के भाई आनंद ने बताया कि कृष्ण कुमार रोजाना की तरह शुक्रवार सुबह करीब 8 बजे ड्यूटी पर गया था। उसकी ड्यूटी शाम 4 बजे खत्म हो जाती थी, लेकिन उस दिन ड्यूटी खत्म होने के बाद भी वह घर नहीं लौटा, जिससे परिवार चिंतित हो गया। आनंद के अनुसार, शनिवार सुबह करीब साढ़े 9 बजे पुलिस से उन्हें सूचना मिली कि उनके भाई का शव मनीमाजरा के पास कलग्राम क्षेत्र के जंगल में रोड विंग के ऑफिस से करीब 20 किलोमीटर दूर मिला है। सूचना मिलते ही परिवार मौके पर पहुंचा, जहां उन्होंने देखा कि कृष्ण कुमार का शव नग्न अवस्था में पड़ा था। करीब 15 साल से चंडीगढ़ में रह रहा परिवार मनीमाजरा थाना प्रभारी इंस्पेक्टर मनिंदर सिंह के मुताबिक, मृतक का परिवार करीब 15 साल से चंडीगढ़ में रह रहा है। उसके परिवार में माता-पिता और बड़ा भाई है। मृतक की शादी हो चुकी थी और उसका एक बच्चा भी है। यह परिवार बिहार में गोपालगंज का रहने वाले है। थाना प्रभारी ने कहा कि जो तीनों आरोपी हैं, वे शव मिलने वाली जगह से करीब 30 मीटर की दूरी पर मौजूद झुग्गियों में रहते थे। इसके चलते पुलिस ने उनसे पूछताछ की तो उन पर शक हुआ। इसके बाद उन्होंने गुनाह कबूल लिया। उन्होंने बताया है कि जब वे शव को खींचकर जंगल में ले जा रहे थे, तब उसकी पेंट उतर गई थी। इसलिए, शव अर्धनग्न पड़ा था।
करनाल में फुसगढ़ के पास देर रात लूटपाट के दौरान एक दिहाड़ी मजदूर पर बेरहमी से हमला करने का मामला सामने आया है। हमलावरों ने 2 हजार रुपए के लिए युवक के मुंह में आर-पार चाकू घोंप दिया और टांगों पर भी वार किए। घायल पूरी रात मौके पर तड़पता रहा। सूचना मिलने पर सामाजिक संस्था की टीम मौके पर पहुंची और पुलिस को खबर दी। इसके बाद घायल को अस्पताल भिजवाकर इलाज शुरू कराया गया। अब पुलिस मामले की जांच कर रही है। मजदूर की पहचान बिहार निवासी बलिंद्र के रूप मेंघायल की पहचान बलिंद्र के रूप में हुई है, जो मूल रूप से बिहार का रहने वाला है और करनाल में दिहाड़ी मजदूरी करता है। अपना आशियाना आश्रम के पदाधिकारी राजकुमार ने बताया कि घायल की जेब से आधार कार्ड मिला, लेकिन 2 हजार रुपए गायब मिले। जब उसे होश आया तो उसने बताया कि उसकी जेब में पैसे थे और अचानक 2-3 युवक मुंह बांधकर आए और उस पर हमला कर दिया। मुंह पर चाकू, टांगों पर रॉड से किए वारघायल ने बताया कि हमलावरों ने आते ही उसे पीटना शुरू कर दिया। इसके बाद टांगों पर रॉड से वार किए और मुंह पर चाकू मार दिया, जो आर-पार हो गया। आरोपी दो हजार रुपए छीनकर फरार हो गए। घटना रात की है और वह पूरी रात वहीं पड़ा रहा। सुबह तक किसी ने उसकी मदद नहीं की। गोदाम मालिक ने दी सूचना, मदद को आगे नहीं आए लोगराजकुमार ने बताया कि जिस जगह घायल मिला, वहां पास में एक गोदाम है। गोदाम मालिक ने ही संस्था को सूचना दी। उन्होंने एक रिक्शा चालक को 500 रुपए देकर घायल को ट्रॉमा सेंटर पहुंचाने को कहा, लेकिन वह तैयार नहीं हुआ। गोदाम मालिक के अनुसार, डायल-112 पर भी कॉल की गई थी, लेकिन टीम ने उसे शराबी समझकर छोड़ दिया। एम्बुलेंस भी नहीं पहुंची, बाद में पहुंची संस्था की टीमबताया गया कि एंबुलेंस को भी कॉल किया गया, लेकिन वह भी मौके पर नहीं पहुंची। इसके बाद अपना आशियाना आश्रम की टीम मौके पर पहुंची और स्थिति संभाली। लोगों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि अब कोई किसी की मदद करने से बचता है, क्योंकि बाद में पुलिस पूछताछ में उलझना पड़ता है। अस्पताल में भर्ती, बयान के बाद होगी कार्रवाईराजकुमार ने बताया कि घायल को अस्पताल भेजकर इलाज शुरू कराया गया है। वहीं डायल-112 के पुलिसकर्मी भूपेंद्र सिंह ने कहा कि घायल को ट्रॉमा सेंटर में भर्ती कराया गया है। अभी वह ठीक से बोल नहीं पा रहा है। हालत सुधरने के बाद उसके बयान दर्ज किए जाएंगे और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सक्ती जिले में आईपीएल मैचों पर चल रहे अवैध सट्टा नेटवर्क के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस अभियान में 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनके पास से 5 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं, जिनमें सट्टा संचालन से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। सक्ती थाने में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 07 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस अधीक्षक प्रफुल्ल कुमार ठाकुर के निर्देश पर यह विशेष अभियान चलाया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पंकज पटेल और एसडीओपी डॉ. भुवनेश्वरी पैकरा के मार्गदर्शन में सक्ती पुलिस और साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण और निगरानी के आधार पर इस सट्टा गिरोह की जांच की। इस मामले की शुरुआत 29 अप्रैल 2026 को हुई, जब मुखबिर की सूचना पर भूपेंद्र राठौर को गिरफ्तार किया गया। वह कई बेटिंग ऐप्स के माध्यम से आईपीएल सट्टा संचालित कर रहा था। भूपेंद्र व्हाट्सएप के जरिए लोगों को क्यूआर कोड और आईडी-पासवर्ड उपलब्ध कराता था। डिजिटल साक्ष्यों से अन्य आरोपियों की पहचान इसके बाद डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर अन्य आरोपियों की पहचान की गई और अलग-अलग समय पर दबिश देकर उन्हें भी गिरफ्तार किया गया। जांच में खुलासा हुआ कि आरोपी सट्टे की रकम का लेन-देन बैंक खातों और डिजिटल पेमेंट ऐप्स, जैसे फोन-पे के जरिए करते थे। गिरफ्तार आरोपियों के नाम जीत-हार की राशि भी इन्हीं माध्यमों से बांटी जाती थी। पिंटू जायसवाल और संजय केंवट ने अपने बैंक खातों का उपयोग सट्टा ट्रांजैक्शन के लिए करने की बात स्वीकार की है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में भूपेंद्र राठौर (28), चंद्रकांत (32), मुकेश अग्रवाल (46), पिंटू जायसवाल (24) और संजय केंवट (28) शामिल हैं। पूरे नेटवर्क को ध्वस्त करने की कार्रवाई पुलिस के अनुसार, यह एक संगठित सट्टा गिरोह है। इसकी अन्य कड़ियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार करने के प्रयास जारी हैं। पुलिस इस सट्टा नेटवर्क के पूरे चैन-सर्कल को ध्वस्त करने की दिशा में कार्रवाई कर रही है। सक्ती पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे अवैध सट्टा गतिविधियों से दूर रहें और ऐसी किसी भी जानकारी की तुरंत पुलिस को सूचित करें।
कैमूर के दुर्गावती थाना क्षेत्र अंतर्गत आदर्श नुआंव गांव में रविवार देर शाम को उस वक्त अफरा-तफरी मच गई, जब एक युवती अपनी मांग मनवाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ गई। टावर के ऊपरी हिस्से पर युवती को देख ग्रामीणों में हड़कंप मच गया और देखते ही देखते मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। देखें,मौके से आई तस्वीरें… ग्रामीणों ने की नीचे उतरने की अपील प्राप्त जानकारी के अनुसार, युवती अपने प्रेमी से शादी करने की जिद पर अड़ी थी। परिजनों की असहमति से नाराज होकर उसने यह खतरनाक कदम उठाया। टावर के नीचे मौजूद ग्रामीण और पुलिसकर्मी लगातार उसे समझाने और नीचे उतरने की अपील करते रहे, लेकिन वह अपनी बात पर डटी रही। काफी मशक्कत के बाद मानी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित करने में जुट गई। करीब चार घंटे तक चले इस हाई-वोल्टेज ड्रामे के दौरान अधिकारियों ने संयम और सूझबूझ से काम लेते हुए युवती को समझाने का प्रयास जारी रखा। काफी मशक्कत और समझाइश के बाद आखिरकार युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया, जिसके बाद प्रशासन और परिजनों ने राहत की सांस ली। पुलिस ने युवती को प्राथमिक उपचार के बाद पूछताछ की और फिर उसे उसके परिजनों के सुपुर्द कर दिया। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। इस घटना को लेकर पूरे इलाके में चर्चा का माहौल बना हुआ है।
गुना जिले की राघौगढ़ थाना पुलिस और साइबर सेल ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए आईपीएल मैचों में ऑनलाइन सट्टा खिलवाने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने घेराबंदी कर सट्टा संचालित कर रहे दो आरोपियों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। पकड़े गए खाईबाजों के मोबाइल से पुलिस को करीब 23 लाख रुपए के लेन-देन का हिसाब मिला है। मुखबिर की सूचना पर ग्राम आवन में हुई गिरफ्तारीजानकारी के अनुसार, जंजाली चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रसना राजावत को ग्राम आवन में राधा-कृष्ण मंदिर के पास सट्टा संचालित होने की सूचना मिली थी। इस पर पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर घेराबंदी कर 41 वर्षीय कमलेश साहू (निवासी आवन) को पकड़ लिया। आरोपी के मोबाइल की जांच करने पर ऑनलाइन सट्टा वेबसाइट्स और आईडी का बड़ा जाल सामने आया। पूछताछ के बाद दूसरा सदस्य साडा कॉलोनी से पकड़ायापुलिस पूछताछ में कमलेश ने बताया कि वह एक संगठित गिरोह का हिस्सा है, जिसमें उसके ऊपर और नीचे कुल 8 लोग काम कर रहे हैं। इस जानकारी के आधार पर पुलिस ने साडा कॉलोनी हाईवे ब्रिज के पास से गिरोह के एक अन्य सदस्य शक्ति जाटव को भी गिरफ्तार कर लिया। एसपी हितिका वासल के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई में पकड़े गए गिरोह के तार बड़े स्तर पर जुड़े होने की आशंका है। 8 आरोपियों पर सट्टा अधिनियम के तहत केस दर्जपुलिस ने सट्टा गिरोह से जुड़े सभी 8 सदस्यों के खिलाफ धारा 4(क) सट्टा अधिनियम और 112(1) बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर लिया है। यह कार्रवाई एएसपी मानसिंह ठाकुर और एसडीओपी दीपा डोडवे के मार्गदर्शन में की गई है। इस पूरे ऑपरेशन में निरीक्षक अजय जाट, उपनिरीक्षक रसना राजावत और साइबर सेल के आरक्षक कुलदीप भदौरिया सहित पूरी टीम का विशेष योगदान रहा।
पूर्णिया के मुफस्सिल थाना की पुलिस ने स्मैक की खेप पकड़ी है। पुलिस ने 126 ग्राम स्मैक के साथ एक धंधेबाज को भी गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर धंधेबाज को पकड़ा। धंधेबाज के पास से स्मैक की खेप के अलावा एक मोबाइल फोन और 20,500 रुपये कैश भी बरामद किए गए हैं। गिरफ्तार धंधेबाज की पहचान अमरनाथ महतो के रूप में हुई है। वो कटिहार के मनिहारी थाना क्षेत्र के वार्ड 2 का निवासी है। घटना की जानकारी देते हुए मुफस्सिल पुलिस ने बताया कि पुलिस को पहले से सूचना मिली थी कि इलाके में नशीले पदार्थ की सप्लाई की जा रही है। इसी इनपुट पर पुलिस ने गाड़ी जांच अभियान शुरू किया। जांच के दौरान एक बाइक को रुकवाया, जिस पर सवार धंधेबाज की तलाशी लेने पर उसके पास से 126 ग्राम स्मैक, एक मोबाइल फोन और 20,500 रुपये कैश बरामद किए गए। सामान को कब्जे में ले लिया पुलिस ने मौके पर ही आरोपी को हिरासत में लेकर सामान को कब्जे में ले लिया। शुरुआती जांच में ये मामला नशे के अवैध कारोबार से जुड़ा माना जा रहा है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी स्मैक कहां से लाता थाऔर किन लोगों तक इसकी सप्लाई करता था। फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। साथ ही इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश भी जारी है।
महासमुंद कोर्ट की सत्र न्यायाधीश अनिता डहरिया ने हत्या के मामले में 22 वर्षीय जीतराम निर्मलकर को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। जीतराम पटेवा थाना क्षेत्र के ग्राम झाखड़मुड़ा का निवासी है। उस पर घर में घुसकर एक बुजुर्ग महिला की हत्या करने और मोबाइल चोरी करने का आरोप था। यह घटना 29 अक्टूबर 2024 की सुबह सामने आई। जब परिवार की बेटी आरती निषाद अपने पिता रामप्रसाद का फोन मिलने पर रायमुड़ा पहुंची, तो उसने अपनी मां खीरबाई उर्फ राजकुमारी पटेल को खाट पर लहूलुहान पाया। महिला के गले पर धारदार हथियार से गहरा घाव था। पुलिस जांच में पता चला कि आरोपी जीतराम ने रात करीब 10:30 बजे के बाद घर में घुसकर खीरबाई की हत्या की थी। हत्या के बाद वह मृतिका का मोबाइल फोन लेकर फरार हो गया था। बाद में उसने यह मोबाइल अरसद खान के पास 2 हजार रुपए में गिरवी रख दिया था। पूछताछ के दौरान जीतराम ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। अदालत ने जीतराम निर्मलकर को भारतीय दंड संहिता की धारा 103(1) (हत्या) के तहत आजीवन कारावास और 1,000 रुपए के अर्थदंड की सजा सुनाई है। अर्थदंड न चुकाने पर उसे 2 माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अतिरिक्त, उसे अन्य धाराओं 332(क) और 305(क) के तहत 3-3 वर्ष के सश्रम कारावास और 500-500 रुपए के अर्थदंड की सजा भी मिली है। इन अर्थदंडों का भुगतान न करने पर उसे 1-1 माह का अतिरिक्त कारावास होगा। अदालत ने निर्देश दिया है कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। इस मामले में लोक अभियोजक संजय गिरी ने पैरवी की।
मोगा शहर के मेहमे वाला रोड स्थित एक पोल्ट्री फार्म में चोरी की घटना सामने आई है, जिससे अज्ञात चोरों ने फार्म में रहने वाले कर्मचारियों के कमरों को निशाना बनाते हुए नकदी, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज चुरा लिए। यह पूरी वारदात वहां लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। इस मौके पत्रकारों को जानकारी देते हुए थाना प्रभारी ने बताया कि उनको विश्वकर्मा नगर, कोटकपूरा बाईपास निवासी हितेश सूद ने शिकायत दी है। शिकायतकर्ता के अनुसार, उनका मेहमे वाला रोड पर पोल्ट्री फार्म है, जहां कर्मचारी अपने परिवारों के साथ रहते हैं। बीती रात अज्ञात चोर चुपके से फार्म में दाखिल हुए और कर्मचारियों के कमरों में घुसकर वारदात को अंजाम दिया। बच्चों के दस्तावेज चोरी चोर द्वारा करीब 25 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन, बच्चों के स्कूल सर्टिफिकेट, ड्राइविंग लाइसेंस, आधार कार्ड, पर्स और स्कूल बैग चोरी कर फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित परिवारों में चिंता और असुरक्षा का माहौल है, खासकर बच्चों के जरूरी दस्तावेज चोरी होने से उन्हें परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फार्म में लगे CCTV कैमरों में पूरी घटना कैद हो गई है, जिसमें चोरों की गतिविधियां साफ दिखाई दे रही हैं। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने के प्रयास शुरू कर दिए हैं। हितेश सूद ने जिला पुलिस प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द चोरों को गिरफ्तार कर चोरी हुआ सामान बरामद किया जाए, ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके। पुलिस ने भी भरोसा दिलाया है कि मामले की गंभीरता से जांच कर जल्द कार्रवाई की जाएगी।
अम्बेडकरनगर में चार बच्चों की निर्मम हत्या के मामले में पुलिस जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। इस सनसनीखेज वारदात में अब आरोपी मां गाजिया खातून के मोबाइल फोन को सबसे अहम सबूत माना जा रहा है। पुलिस को महिला का मोबाइल मिल गया है, जिसका लॉक खोलकर कॉल डिटेल, चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। आशंका है कि इसी मोबाइल से हत्या के पीछे की असली वजह सामने आ सकती है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, महिला के संभावित अफेयर से लेकर पारिवारिक विवाद तक हर एंगल पर जांच की जा रही है। पड़ोसियों का कहना है कि आरोपी महिला अक्सर घंटों फोन पर किसी से बात करती रहती थी, जिससे संदेह और गहरा गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि करीब डेढ़ साल पहले महिला सऊदी अरब अपने पति के पास गई थी और वहां एक महीने तक रही थी। इसके बाद से उसके व्यवहार में बदलाव की बात भी सामने आ रही है। सीओ सिटी नीतीश तिवारी ने बताया कि घटनास्थल की जांच के दौरान बच्चों के नाखून नीले पड़े मिले, जिससे प्रथम दृष्टया जहर देने की आशंका जताई जा रही है। कमरे में उल्टी के निशान भी मिले हैं, जो इस शक को और मजबूत करते हैं कि हत्या से पहले बच्चों को कुछ जहरीला पदार्थ खिलाया गया। पुलिस यह भी खंगाल रही है कि आर्थिक तंगी या पारिवारिक तनाव इस वारदात की वजह तो नहीं। जानकारी के मुताबिक, महिला का पति उसे खर्च भेजता था, लेकिन पिछले महीने पैसे नहीं भेजे गए थे। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच कर रही है। मोबाइल की डिटेल और फॉरेंसिक रिपोर्ट आने के बाद इस दिल दहला देने वाले हत्याकांड से जुड़े कई बड़े खुलासे होने की उम्मीद है।
यमुनानगर की शास्त्री कॉलोनी स्थित एक मोबाइल एक्सेसरीज़ की दुकान में सोमवार सुबह भीषण आग लग गई। हादसे के दौरान दुकान में काम करने वाली एक युवती अंदर ही फंस गई, जिसकी मौत हो गई। प्रारंभिक तौर पर मौत का कारण धुएं से दम घुटना बताया जा रहा है। मृतका की पहचान करीब 28 वर्षीय शालिनी निवासी हमीदा के रूप में हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की दो गाड़ियां मौके पर पहुंचीं और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। आग लगने का कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है, हालांकि प्रारंभिक जांच में शॉर्ट सर्किट की आशंका जताई जा रही है। आग लगते ही अंदर फंसी युवती शास्त्री कॉलोनी निवासी रमनदीप सिंह ने बताया कि उनकी कॉलोनी में ही “रमनदीप इंटरप्राइजेज” के नाम से मोबाइल एक्सेसरीज़ की दुकान है। सोमवार सुबह दुकान खुली हुई थी और उसमें काम करने वाली शालिनी अंदर मौजूद थी। सुबह करीब साढ़े 10 बजे दुकान में अचानक आग लग गई, जिसने देखते ही देखते भीषण रूप धारण कर लिया। दुकान में ज्वलनशील मोबाइल एक्सेसरीज़ का स्टॉक होने के कारण आग तेजी से फैलती चली गई और शालिनी अंदर ही फंस गई। आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया और तुरंत पुलिस व दमकल विभाग को सूचना दी। बेसुध अवस्था में बाहर निकाली युवती काफी प्रयास के बाद जब आग कुछ हद तक नियंत्रित हुई तो शालिनी को बाहर निकाला गया, लेकिन वह बेसुध अवस्था में थी। उसे तुरंत सिविल अस्पताल यमुनानगर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। दमकल विभाग की दो गाड़ियों ने करीब डेढ़ घंटे की मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पाया। रमनदीप सिंह के अनुसार दुकान में भारी मात्रा में सामान भरा हुआ था, जिससे लाखों रुपये के नुकसान का अनुमान है। नुकसान का सटीक आंकलन बाद में किया जाएगा। एक साल से दुकान में कर रही थी काम उन्होंने बताया कि शालिनी पिछले करीब एक साल से उनकी दुकान पर काम कर रही थी और कंप्यूटर का कार्य संभालती थी। जानकारी के अनुसार शालिनी के परिवार में उसकी मां ही एकमात्र सदस्य है। फिलहाल पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सिटी थाना प्रभारी नरेंद्र सिंह ने बताया कि प्राथमिक जांच में मृत्यु का कारण दम घुटना बताया जा रहा है, हालांकि वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट होगा। पुलिस आग लगने के कारणों की भी जांच कर रही है।
बाराबंकी में पुलिस की सर्विलांस सेल और थाना स्तर की संयुक्त टीमों ने एक बड़ी कार्रवाई में 73 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 15 लाख रुपये बताई गई है। पुलिस अधीक्षक अर्पित विजयवर्गीय के निर्देश पर गुम हुए मोबाइल फोन से संबंधित शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए एक विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान के तहत टीमों ने CEIR पोर्टल (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) का उपयोग कर तकनीकी विश्लेषण और ट्रैकिंग के माध्यम से इन मोबाइलों को बरामद किया। रविवार, 03 मई 2026 को पुलिस लाइन सभागार में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें क्षेत्राधिकारी नगर संगम कुमार ने बरामद किए गए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। अपने खोए हुए फोन और महत्वपूर्ण डेटा वापस मिलने पर लोगों ने खुशी व्यक्त की और पुलिस का आभार जताया। बाराबंकी पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं अथवा CEIR पोर्टल पर ऑनलाइन रिपोर्ट करें। यह पोर्टल मोबाइल को ट्रैक करने, ब्लॉक करने और बरामद करने में सहायक है। इसके अतिरिक्त, साइबर धोखाधड़ी से बचाव के लिए हेल्पलाइन नंबर 1930 और वेबसाइट cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज कराने की सलाह भी दी गई है। पुलिस के अनुसार, पिछले पांच महीनों में मोबाइल रिकवरी टीम ने लगातार बेहतर प्रदर्शन किया है। इस अवधि में 623 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 23 लाख रुपये है।
भोजपुर में किसान अभिमन्यु हत्याकांड में अज्ञात अपराधियों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है। पीरो डीएसपी के.के सिंह के अनुसार, प्रारंभिक जांच में किसी तरह की दुश्मनी सामने नहीं आई है। पुलिस तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से हर पहलू की जांच कर रही है। मृतक अभिमन्यु कुमार(25) अकोढ़ा गांव का रहने वाला था। गांव में ही खेतीबाड़ी करता था। काफी करीब से ललाट के बीच गोली मारी गई थी। हत्या का कारण अभी तक स्पष्ट नहीं हो सका है। घटना चौरी थाना क्षेत्र की है। गांव में किसी से दुश्मनी नहीं है पिता वीरेंद्र उर्फ रामायण महतो ने बताया कि गुरुवार की सुबह करीब दस बजे वह बाइक काउप गांव अपने ननिहाल गया था। वहां अपना मोबाइल और बाइक छोड़कर कहीं निकल गया था। शुक्रवार की सुबह गांव के बधार में बोरिंग के पास शौच करने के लिए जा रहा था। वहां बेटे का शव खून से लंथपथ अवस्था में पड़ा था। जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। पोस्टमार्टम के दौरान शरीर से एक बुलेट मिला है। गांव में किसी भी व्यक्ति से हमारी दुश्मनी नहीं है। हत्या का कारण स्पष्ट नहीं जानकारी के अनुसार मृतक का मोबाइल ननिहाल गांव में गुरुवार की शाम ही स्विच ऑफ हो गया था। उसने अपनी बाइक भी वहीं छोड़ दी थी। इसी बीच उसकी गोली मारकर हत्या कर दी गई। हालांकि वह अपने गांव कैसे पहुंचा। किसने उसकी गोली मारकर हत्या की है, यह अभी क्लियर नहीं हो पाया है।
सरायकेला-खरसावां जिले के राजनगर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में प्रसव के दौरान एक महिला और उसके नवजात शिशु की मौत हो गई। मृतका की पहचान हाथीसिरिंग गांव निवासी विनीता बानरा के रूप में हुई है। वह खुद एक स्वास्थ्य सहिया थीं। परिजनों का आरोप है कि प्रसव के समय अस्पताल में बिजली नहीं थी। न ही कोई डॉक्टर भी मौजूद नहीं था, जिसके कारण नर्सों को मोबाइल की टॉर्च जलाकर प्रसव कराना पड़ा। घटना के बाद अस्पताल परिसर में अफरातफरी का माहौल बन गया। परिजनों ने स्वास्थ्यकर्मियों पर घोर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। परिजन बोले- डॉक्टर नहीं, समय पर रेफर नहीं किया मृतका के पति दुर्गाचरण बानरा ने बताया कि प्रसव के दौरान स्थिति बिगड़ने लगी थी, लेकिन अस्पताल में डॉक्टर की अनुपस्थिति के कारण समय पर उचित इलाज नहीं मिल सका। उनका कहना है कि नर्स ने डॉक्टर को बुलाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। परिजनों का यह भी आरोप है कि गंभीर स्थिति के बावजूद मरीज को समय रहते किसी बड़े अस्पताल में रेफर नहीं किया गया, जिससे मां और बच्चे दोनों की जान चली गई। इतना ही नहीं, घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन ने बिना आवश्यक प्रक्रिया पूरी किए शव को जल्दबाजी में घर भेज दिया, जिससे परिजनों में और आक्रोश फैल गया। डॉक्टर ने बताया पीपीएच का मामला वहीं, ड्यूटी पर तैनात डॉक्टर कुंकल ने पूरे मामले को पोस्टपार्टम हेमरेज (प्रसव के बाद अत्यधिक रक्तस्राव) का मामला बताया है। उनके अनुसार, प्रसूता की स्थिति पहले से ही गंभीर थी। सभी जरूरी चिकित्सकीय प्रयास किए गए, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। इधर, घटना के बाद पीड़ित परिवार और स्थानीय लोग दोषी स्वास्थ्यकर्मियों पर सख्त कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इस घटना ने एक बार फिर ग्रामीण स्वास्थ्य केंद्रों की व्यवस्थाओं और आपातकालीन सेवाओं की हकीकत को उजागर कर दिया है। ---------------------------------- इसे भी पढ़ें… ममता वाहन बाराती के लिए बुक; खुद करें व्यवस्था:चतरा में बाइक से अस्पताल पहुंची प्रसूता, डीसी ने दिया कार्रवाई का भरोसा चतरा जिले के कुंदा प्रखंड में स्वास्थ्य व्यवस्था की गंभीर लापरवाही सामने आई है। शनिवार रात टिकुलियाटांड़ गांव निवासी संजू देवी को प्रसव पीड़ा शुरू हुई, लेकिन समय पर सरकारी एम्बुलेंस उपलब्ध नहीं हो सकी। जानकारी के अनुसार, ‘ममता वाहन’ मरीजों की सेवा के बजाय बारात ढोने में लगा था।परिजनों ने सहिया के माध्यम से वाहन मालिक से संपर्क किया, लेकिन उसने साफ कह दिया कि गाड़ी बारात में बुक है। निजी व्यवस्था करनी होगी। ऐसे में पीड़िता के देवर शिवम कुमार ने हिम्मत दिखाई और मोटरसाइकिल से ही संजू देवी को रात के अंधेरे में अस्पताल पहुंचाया। पूरी खबर यहां पढ़ें..
पूर्णिया में मोबाइल शॉप में भीषण चोरी हुई है। चोरों ने अंधेरे का फायदा उठाया। शॉप का शटर काटकर 40 लाख रुपए के मोबाइल और 15 हजार कैश पर हाथ साफ कर लिया। पीड़ित मोबाइल शॉप संचालक की पहचान डगरूआ निवासी करण कुमार साह के रूप में हुई है। इस संबंध थाने में आवेदन देकर गुहार लगाई है। घटना डगरुआ थाना क्षेत्र के बेलगच्छी पूर्व चौक की है। 2019 स्मार्टफोन गायब करण ने बताया कि शुक्रवार रात करीब 8:15 बजे रोज की तरह दुकान बंद कर घर चले गए थे। इलाके में तेज बारिश और बिजली कटने की वजह से दुकान में लगा सीसीटीवी कैमरा बंद हो गया था। इसका फायदा उठाकर चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। हालांकि, पास की एक दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई। दुकान का शटर टूटा हुआ था फुटेज में तीन अज्ञात चोर साफ तौर पर नजर आ रहे हैं, जो चेहरे को कपड़े से कवर कर दुकान में घुसते हैं। मोबाइल लेकर पीछे के रास्ते से फरार हो जाते हैं। अगली सुबह जब दुकान पर पहुंचा तो शटर टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा तो 219 स्मार्टफोन गायब थे। चोरी हुए मोबाइल में आईफोन , बीवी, ओप्पो, सैमसंग, मोटोरोला, इन्फिनिक्स, रियलमी, पोको, रेडमी, आईटेल जैसे कई बड़े ब्रांड शामिल है। जल्द होगा मामले का खुलासा मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची।अपर पुलिस निरीक्षक दीपक कुमार गौतम के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए पुलिस ने घटनास्थल से कुछ दूरी पर तीन बोरी मोबाइल बॉक्स और चार्जर बरामद किए हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि चोर जल्दबाजी में कुछ सामान छोड़कर भागे। पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर चोरों की पहचान की जा रही है। जल्द ही पूरे मामले का खुलासा किया जाएगा।
पूर्णिया GMCH में मेडिकल जांच के लिए पहुंचा आरोपी पुलिस को चकमा देकर कस्टडी से फरार हो गया। शातिर हॉस्पिटल मेन गेट से बाहर भागता, इससे पहले ही वो पकड़ा गया। मोबाइल चोरी के आरोप में पुलिस ने पकड़ा था। जलालगढ़ थाना से आए पुलिसकर्मियों ने बताया कि मोबाइल चोरी के मामले में तीन युवकों को गिरफ्तार किया था। कोर्ट में पेशी से पहले सभी आरोपियों का मेडिकल कराना जरूरी होता है। इसी प्रक्रिया के तहत टीम तीनों को लेकर जीएमसीएच पहुंची थी। इमरजेंसी वार्ड में कागजी प्रक्रिया चल ही रही थी। इसी दौरान एक आरोपी लगातार इधर-उधर नजरें दौड़ा रहा था। जैसे ही पुलिसकर्मियों का ध्यान कुछ पल के लिए बंटा, उसने मौके का फायदा उठाया। अचानक हथकड़ी समेत भाग निकला। भीड़ के बीच से निकलने की कोशिश कर रहा था अस्पताल परिसर में आरोपी के भागते ही अफरा-तफरी मच गई। मरीज, उनके परिजन और अस्पताल स्टाफ कुछ समझ पाते, उससे पहले ही आरोपी भीड़ के बीच से निकलने की कोशिश करने लगा। ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मी तुरंत अलर्ट हो गए। जवान उसके पीछे दौड़े और पूरे परिसर में खलबली मची रही। आरोपी तेजी से भागते हुए अस्पताल परिसर से बाहर निकलने की कोशिश कर रहा था। करीब 300 मीटर तक भागने के बाद पुलिस ने शातिर को पकड़ने के लिए प्लान बदला। दो जवान उसके पीछे दौड़े, जबकि अन्य ने आगे की ओर घेराबंदी की रणनीति अपनाई। करीब 4 से 5 मिनट बाद आरोपी को चारों तरफ से घेर लिया। हथकड़ी लगे होने के कारण उसकी रफ्तार भी ज्यादा देर तक नहीं टिक सकी। आखिरकार जवानों ने उसे दबोच लिया। पुलिस कस्टडी में आरोपी घटना के बाद अस्पताल परिसर में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। मरीजों के परिजन, डॉक्टर और स्वास्थ्यकर्मी भी बाहर निकलकर इस पूरे घटनाक्रम को देखते रहे। आरोपी को अब कड़ी सुरक्षा में रखा गया है और आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी कर उसे जेल भेजा जाएगा। पुलिस की मुस्तैदी ने बड़ी चूक को होने से बचा लिया।
बिजली मित्र पोर्टल पर डेढ़ करोड़ से अधिक उपभोक्ताओं का पर्सनल डेटा लीक होने का खतरा था। बिना सुरक्षा के उपभोक्ता के मोबाइल नंबर, आधार-जन आधार, घर का पता, ईमेल आईडी…यहां तक कि वॉट्सऐप नंबर तक देखे जा सकते थे। 2 साल तक ठेका लेने वाली कंपनी लापरवाही बरतती रही। ऊर्जा विभाग को भी इसकी भनक नहीं लगी। मामला तब सामने आया, जब एक उपभोक्ता ने बिजली बिल जमा कराया और खुद का पूरा प्रोफाइल देखकर चौंक गया। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 2 साल पहले जयपुर, अजमेर और जोधपुर डिस्कॉम में बिजली मित्र पोर्टल के जरिए ऑनलाइन बिजली बिल जमा करने और अन्य आईटी से जुड़े काम का जिम्मा BCITS कम्पनी को दिया गया था। कम्पनी ने पोर्टल पर उपभोक्ताओं के पर्सनल डेटा की सुरक्षा पुख्ता नहीं की। इस बड़ी लापरवाही पर ध्यान टोंक के मालपुरा निवासी सॉफ्टवेयर इंजीनियर अजय सिंह राजपुरोहित की सतर्कता से गया। अजय ने पिछले नवंबर में बिजली का बिल जमा करते समय चेक किया तो खुद का पूरा प्रोफाइल देखकर चौंक गए। उनका मोबाइल नंबर, आधार, जन आधार, एड्रेस, ईमेल आईडी, वॉट्सऐप नंबर सहित तमाम पर्सनल डिटेल्स खुल गईं। ये जानकारी किसी साइबर अपराधी के हाथ लग जाए तो वह अकाउंट तक पहुंच बना सकता है। वहीं, कोई इन डेटा को प्राइवेट कंपनियों तक को बेच सकता था। उन्होंने इसकी शिकायत केंद्र सरकार की साइबर सुरक्षा एजेंसी (CERT-In) को दी। CERT-In ने इस खामी को वेरिफाई किया और गंभीर माना। इसके बाद राजस्थान के ऊर्जा विभाग और कम्पनी से इस खामी को ठीक करवाया। ठगे जा सकते थे उपभोक्ता अजय सिंह राजपुरोहित ने CERT-In को भेजी शिकायत में कहा कि बिजली उपभोक्ताओं का संवेदनशील व्यक्तिगत डेटा असुरक्षित है। उन्होंने एजेंसी को समझाया कि यह ब्रोकन एक्सेस कंट्रोल/इनसिक्योर डायरेक्ट ऑब्जेक्ट रेफरेंस (IDOR) का मामला है, जहां API एंडपॉइंट बिना किसी भी उपभोक्ता की व्यक्तिगत जानकारियों तक बेरोकटोक पहुंचा जा सकता है। ये डाटा आसानी से लीक किया जा सकता है। 1. पोर्टल पर अनधिकृत एपीआई एंडपॉइंट से उपभोक्ताओं की पूरी प्रोफाइल लीक हो रही है। पर्सनल जानकारी लेने में कोई बाधा नहीं। किसी लॉगिन या टोकन की आवश्यकता नहीं है। कोई भी व्यक्ति डेटाबेस हासिल कर सकता है। 2. API एंडपॉइंट 12-अंकों का K-नंबर पैरामीटर के रूप में मानता है। सर्वर यह सत्यापित नहीं करता कि K-नंबर कौन भर रहा है। गलत मंशा से अलग-अलग K नंबर भर कर कुछ ही घंटों में किसी भी उपभोक्ता का व्यक्तिगत विवरण डाउनलोड कर सकता हैं। 3. स्कैमर सटीक बिल राशि और नाम का उपयोग करके नागरिकों को ठग सकते हैं। सिम स्वैपिंग या वित्तीय धोखाधड़ी के लिए ये डेटा काफी है। ये खामी सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 और डीपीडीपी अधिनियम (डिजिटल व्यक्तिगत डेटा संरक्षण अधिनियम) का उल्लंघन करती है। पते और नामों से जुड़े मोबाइल नंबरों का खुलासा गंभीर खतरा पैदा करता है। क्या होता है K नंबर ऊर्जा मंत्री बोले- प्राइवेट कंपनी की लापरवाही है तो कार्रवाई करेंगे ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर का कहना है कि इस मामले की पूरी जांच करवाएंगे। यदि ऐसा हुआ है और बिलिंग से संबंधित प्राइवेट कंपनी ने लापरवाही की है तो उसके खिलाफ कार्रवाई करेंगे। जेवीवीएनएल में आईटी के एसई राकेश दुसाद ने बताया कि कुछ उपभोक्ता संबंधी जानकारी के उपलब्ध हो जाने की जानकारी मिली थी। समस्या की पहचान होते ही इसे प्राथमिकता के आधार पर हल किया गया। अनधिकृत पहुंच को रोकने के लिए तत्काल आवश्यक कार्रवाई की गई।
अवैध मोबाइल टावर के खिलाफ लोगों का धरना
लुधियाना| बेरी कॉलोनी और चौहान नगर के निवासियों ने शनिवार को कथित अवैध मोबाइल टावर के विरोध में जैन मंदिर चौक के पास शांतिपूर्ण धरना दिया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार टावर का निर्माण रीनू हॉस्पिटल (चिल्ड्रन) और जैन स्किन एंड बोन हॉस्पिटल के नजदीक किया जा रहा है, जिसको लेकर इलाके में लंबे समय से असंतोष है। स्थानीय लोगों ने बताया कि सुबह करीब 9 बजे बड़ी संख्या में निवासी मौके पर एकत्रित हुए और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए निर्माण कार्य तुरंत रुकवाने की मांग की। निवासियों का आरोप है कि टावर का काम जनवरी 2026 में शुरू कर दिया गया था, जबकि इसकी सूचना प्रशासन को 30 मार्च को दी गई, जिसे उन्होंने नियमों का उल्लंघन बताया। प्रदर्शनकारियों के अनुसार उन्होंने 16 फरवरी को डिप्टी कमिश्नर तथा 19 फरवरी को इंडस्ट्रियल विभाग को लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का कहना है कि ग्राम पंचायत और स्थानीय सहमति के बिना टावर लगाया जा रहा है। धरने में मोबाइल टावर का काम बंद करने, दी गई अनुमति रद्द करने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग उठाई गई।
नमस्कार, ईरान-अमेरिका युद्ध फिर शुरू हो सकता है। ईरानी मिलिट्री अधिकारी मोहम्मद जाफर ने यह आशंका जताई है। उधर, भारत में एक साथ करोड़ों मोबाइल में सायरन बजा। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में छत्तीसगढ़ में IED ब्लास्ट की खबर भी बताएंगे... ⏰ आज का प्रमुख इवेंट, जिस पर रहेगी नजर... देशभर में NEET-UG की परीक्षा आयोजित की जाएगी। देश के 552 शहरों और विदेश के 14 देशों में 22 लाख से ज्यादा उम्मीदवार एग्जाम में शामिल होंगे। कल की बड़ी खबरें... 1. ईरान-अमेरिका जंग फिर शुरु हो सकती है, ईरान बोला- US की हर गलत हरकत का कड़ा जवाब देंगे ईरान और अमेरिका के बीच फिर से युद्ध शुरू हो सकता है। ईरान के सीनियर मिलिट्री अधिकारी मोहम्मद जाफर असदी ने यह आशंका जताई है। उन्होंने कहा कि ईरान की सेना पूरी तरह तैयार है और अगर अमेरिका कोई गलत कदम उठाता है, तो कड़ा जवाब दिया जाएगा। ट्रम्प बोले- पागलों के हाथ में एटम बम नहीं दे सकते: अमेरिकी राष्ट्रपति ट्रम्प ने कहा कि वे किसी भी हालत में ईरान को परमाणु हथियार हासिल नहीं करने देंगे, क्योंकि यह पूरी दुनिया की सुरक्षा के लिए एक बड़ा खतरा है। उन्होंने आगे कहा;- अगर ईरान के पास परमाणु हथियार होता तो इजराइल, मिडिल ईस्ट और यूरोप तबाह हो जाते। हम ऐसे पागलों के हाथ में परमाणु हथियार नहीं जाने दे सकते। पूरी खबर पढ़ें... 2. बंगाल की फालता सीट पर वोटिंग EC ने रद्द की, 21 मई को दोबारा मतदान, 24 को रिजल्ट चुनाव आयोग ने पश्चिम बंगाल की फालता विधानसभा सीट पर वोटिंग रद्द कर दी है। 21 मई को यहां फिर से वोटिंग होगी और 24 मई को नतीजे आएंगे। दरअसल, 29 अप्रैल को दूसरे फेज की वोटिंग के दौरान EVM में गड़बड़ी और हिंसा की खबरें आईं थीं। बंगाल के 15 बूथों पर 86% से ज्यादा वोटिंग पश्चिम बंगाल के 15 बूथों पर शनिवार को दोबारा 86% से ज्यादा वोटिंग हुई। इस दौरान साउथ 24 परगना में TMC और भाजपा कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई। सुरक्षाबलों ने दोनों पक्षों को शांत कराया। वहीं, TMC ने आरोप लगाया कि मगराहाट के बूथ नंबर 127 पर सुरक्षाबलों ने उनके कैंप में तोड़फोड़ की और कार्यकर्ताओं से मारपीट की। दरअसल, दूसरे फेज की वोटिंग के दौरान इन बूथों पर EVM से छेड़छाड़ की शिकायत मिली थी। पूरी खबर पढ़ें... 3. देशभर में करोड़ों मोबाइल पर एकसाथ अलर्ट मैसेज आया, सायरन की आवाज सुनाई दी देशभर में शनिवार सुबह 11:45 बजे करोड़ों मोबाइल पर एक साथ सायरन बजा। स्क्रीन पर हिंदी-अंग्रेजी में अलर्ट मैसेज आया। सायरन बंद होने के बाद मोबाइल पर मैसेज पढ़कर भी सुनाया गया। दरअसल, यह मैसेज टेस्ट के तौर पर नेशनल डिजास्टर मैनेजमेंट ऑथरिटी (NDMA) ने भेजा, ताकि आपात स्थिति में लोगों को एक साथ अलर्ट किया जा सके। सरकार ने पहले अलर्ट कर दिया था: सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। यह मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था। दरअसल, इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकार ने 'SACHET’ सिस्टम बनाया है, जो सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है। पूरी खबर पढ़ें... 4. अखिलेश बोले- दिखावे के लिए दोनों डिप्टी सीएम साथ, केशव का पलटवार- 2027 में करेंगे ‘सैफई’ प्रस्थान सपा प्रमुख अखिलेश यादव और डिप्टी सीएम केशव मौर्य के बीच वार-पलटवार रुकने का नाम नहीं ले रहा है। अखिलेश यादव ने शनिवार शाम करीब 5 बजे लिखा- एक-दूसरे को पीछे धकेलने की साजिश ही भाजपा की असली सच्चाई है। इस पर केशव ने करीब आधे घंटे बाद ही पलटवार किया। कहा- लाल टोपी, साइकिल निशान, ‘धक्का-मुक्की’ जिनकी पहचान। नहीं मिलेगा उनको कोई स्थान, 2027 में करेंगे ‘सैफई’ प्रस्थान। केशव के बाद डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक भी आगे आ गए। उन्होंने X पर लिखा- मेरी आपको सलाह है कि फर्जी बयानों में कुछ नहीं रखा है, जनता सब कुछ जानती है। चुनावों में जनता लगातार आपको आईना दिखाती रहती है। आगामी चुनावों में भी दिखाएगी। अखिलेश ने दोनों डिप्टी सीएम की रील शेयर की थी: इससे पहले अखिलेश ने शुक्रवार रात ‘X’ पर दोनों डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य और ब्रजेश पाठक की रील शेयर की। बैकग्राउंड में गाना लगाया कि दुनिया के ठगों से बचना जरा…। साथ ही कैप्शन में तंज कसा। लिखा- दो स्टूलों को मिलाने से कुर्सी नहीं बनती। पूरी खबर पढ़ें… 5. छत्तीसगढ़ में IED ब्लास्ट, 4 जवान शहीद, इसमें DRG के इंस्पेक्टर और कॉन्स्टेबल शामिल छत्तीसगढ़ के कांकेर-नारायणपुर बॉर्डर पर IED ब्लास्ट में DRG के 4 जवान शहीद हो गए। जवान जंगल में सर्च ऑपरेशन पर थे। इसी दौरान नक्सलियों की लगाई IED को डिफ्यूज करते वक्त धमाका हुआ। तीन जवानों की मौके पर ही मौत हो गई। घायल परमानंद कोर्राम को रायपुर ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उन्होंने दम तोड़ दिया। पूर्व CM ने सरकार पर सवाल उठाए: छत्तीसगढ़ के पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल ने भजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ नक्सलवाद खत्म होने के नारे से काम नहीं चलेगा। नक्सलियों के छोड़े गए खतरों को भी खत्म करना होगा। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र विरोधी ताकतों का पूरी तरह सफाया ही समाधान है। पूरी खबर पढ़ें... 6. पुणे में 4 साल की बच्ची से रेप और हत्या, 65 साल का आरोपी गिरफ्तार महाराष्ट्र के पुणे में एक व्यक्ति ने 4 साल की बच्ची से रेप के बाद पत्थर से कुचलकर उसकी हत्या कर दी। पुलिस ने 65 साल के आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस रिपोर्ट के मुताबिक, बच्ची अपनी नानी के यहां गर्मी की छुट्टियां बिताने आई थी। भीमराव कांबले नाम का आरोपी करीब दो बजे बच्ची को बहला-फुसलाकर अपने घर के पास बने तबेले में ले गया। वहां बच्ची से रेप करने के बाद उसकी हत्या कर दी। CM बोले- सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी: महाराष्ट्र के पूर्व गृह मंत्री और एनसीपी (एसपी) नेता अनिल देशमुख ने मामले में आरोपी के लिए फांसी और मामला की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने की मांग की थी। इसके बाद महाराष्ट्र सीएम देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि सरकार इस मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराएगी और अपराधी के लिए फांसी की मांग करेगी। पूरी खबर पढ़ें... 7. विमेंस टी-20 वर्ल्डकप के लिए टीम इंडिया का ऐलान, वनडे वर्ल्डकप जिताने वाली हरमनप्रीत कप्तान BCCI ने विमेंस टी-20 वर्ल्ड कप के लिए भारतीय महिला टीम का ऐलान कर दिया है। पिछले साल वनडे वर्ल्डकप जिताने वालीं कप्तान हरमनप्रीत कौर को ही टीम की कप्तानी सौंपी गई है, जबकि स्मृति मंधाना को ही वाइस कैप्टन बनाया गया है। इस टीम में पिछले साल वनडे वर्ल्ड कप जीतने वाली 11 खिलाड़ियों को जगह मिली है। पंजाब की नंदनी शर्मा को पहली बार वर्ल्ड कप में चुना गया है। टी-20 वर्ल्ड कप की शुरुआत 12 जून से इंग्लैंड में होगी। भारत अपने अभियान की शुरुआत पाकिस्तान के खिलाफ 14 जून को बर्मिंघम में करेगा। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... भारत ने समुद्र के अंदर तिरंगा फहराकर बनाया रिकॉर्ड भारत ने समुद्र के अंदर सबसे बड़ा तिरंगा फहराकर गिनीज वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाया। अंडमान-निकोबार के राधानगर बीच पर 223 गोताखोरों की टीम ने मिलकर इस मिशन को सफल किया। इसमें नौसेना, पुलिस और अन्य एजेंसियों के लोग शामिल थे। फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… ⏳आज के दिन का इतिहास ️ मौसम का मिजाज तुला राशि वालों की कोई खास डील पूरी हो सकती है। वृश्चिक राशि वालों के लिए बिजनेस में निवेश बढ़ाने का अच्छा समय है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
भिवानी में रविवार तीन मई को नीट की परीक्षा आयोजित की जाएगी। नीट परीक्षा को लेकर प्रशासनिक स्तर पर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। वहीं नीट परीक्षा को लेकर डीसी भी अधिकारियों की बैठकें लेकर आवश्यक दिशा निर्देश दे चुके हैं। नीट की परीक्षा के लिए जिला में विभिन्न स्थानों पर कुल 7 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। जिनमें 3817 बच्चे नीट की परीक्षा देंगे। वहीं परीक्षा दोपहर बाद 2 बजे से शाम 5 बजे तक आयोजित होगी। वहीं बच्चों को परीक्षा केंद्र तक पहुंचाने के लिए रोडवेज द्वारा बसों की भी व्यवस्था की गई है। ताकि बाहर से आने वाले विद्यार्थियों को किसी भी प्रकार की परेशानी का सामना ना करना पड़े। डीसी ने बैठक में दिए थे निर्देशनीट परीक्षा की तैयारियों को लेकर बैठक लेते हुए भिवानी के डीसी साहिल गुप्ता ने अधिकारियों को निर्देश दिए थे कि नीट परीक्षा को सुचारू एवं पारदर्शी ढंग से सम्पन्न कराएं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्र में केवल परीक्षा केंद्र अधीक्षक जरूरत के समय निर्धारित की गई जगह पर ही प्रयोग कर सकेगा, उसके अलावा कोई भी मोबाइल फोन अंदर नही ले जा सकता। परीक्षा केंद्र में पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था रहेगी। प्रशासन द्वारा अभिभावकों को बैठने के लिए भी व्यवस्था की जाएगी ताकि गर्मी के मौसम के चलते किसी को परेशानी ना हो। प्रत्येक परीक्षा केंद्र में प्राथमिक उपचार किट और एंबूलेंस मौजूद रहेगी।
नूरमहल के पुराने बस स्टैंड के पास बीती रात एक युवक से मोबाइल फोन छीनने का मामला सामने आया है। तीन अज्ञात लुटेरों ने युवक को अपनी कार में डालकर पीटा और फिर मोबाइल छीनकर फरार हो गए। इस संबंध में नूरमहल पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई गई है। पीड़ित की पहचान नूरमहल के वेलदारा मोहल्ला निवासी दिलप्रीत पुत्र कमलजीत कुमार के रूप में हुई है। दिलप्रीत ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि वह नकोदर रोड, नूरमहल स्थित खेड़ा इलेक्ट्रॉनिक्स की दुकान पर काम करता है। पीड़ित को 3 लोगों ने धक्का दिया 1 मई, 2026 की रात करीब 8:30 बजे, वह छुट्टी के बाद अपने घर जा रहा था। जब वह पुराने बस स्टैंड पर पहुंचा, तो एक सफेद रंग की कार उसके पास आकर रुकी। कार में सवार एक व्यक्ति ने उसे धक्का दिया और थप्पड़ मारे। लुटेरों ने दिलप्रीत को जबरन कार में खींच लिया। उसके कपड़े फाड़ दिए और उसके साथ मारपीट की। उन्होंने उसका मोबाइल फोन (रियलमी, नंबर 90418-08312) छीन लिया और उसे कार से बाहर फेंककर मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना तुरंत नूरमहल पुलिस स्टेशन को दी गई, जहां दिलप्रीत ने अपनी शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कैथल जिले में 3 मई को आयोजित होने वाली राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा के शांतिपूर्ण एवं निष्पक्ष संचालन के लिए पुलिस की ओर से कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए हैं। जिले में बनाए गए कुल 5 परीक्षा केंद्रों पर लगभग 100 पुलिस अधिकारियों एवं कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है, जो परीक्षा के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखने के साथ-साथ परीक्षार्थियों को हर संभव सहायता प्रदान करेंगे। साथ ही मोबाइल नंबर भी जारी किए हैं। डीएसपी क्राइम सुशील प्रकाश ने बताया कि परीक्षा को लेकर कैथल पुलिस द्वारा व्यापक स्तर पर सुरक्षा एवं यातायात प्रबंधन के पुख्ता प्रबंध किए गए हैं। सभी परीक्षा केंद्रों पर विशेष सुरक्षा व्यवस्था लागू की गई है। यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए यातायात थाना प्रभारी को विशेष निर्देश दिए गए हैं कि परीक्षार्थियों के वाहनों की पार्किंग निर्धारित स्थलों पर ही करवाई जाए तथा परीक्षा के दौरान किसी भी प्रकार की जाम की स्थिति उत्पन्न न होने दी जाए। मोबाइल नंबर जारी किए गए परीक्षार्थियों एवं उनके अभिभावकों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए सहायता के लिए विशेष संपर्क नंबर जारी किए गए हैं। किसी भी प्रकार की सहायता के लिए डीएसपी सुशील प्रकाश के मोबाइल नंबर 9053052105 तथा डीएसपी रमेश चंद्र के मोबाइल नंबर 9053052101 से संपर्क किया जा सकता है। परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से अपील कैथल पुलिस ने सभी परीक्षार्थियों एवं अभिभावकों से अपील की है कि वे समय से पहले परीक्षा केंद्र पर पहुंचे, यातायात नियमों का पालन करें तथा किसी भी प्रकार की परेशानी होने पर तुरंत पुलिस से संपर्क करें। कैथल पुलिस द्वारा आश्वस्त किया गया है कि किसी भी परीक्षार्थी या उनके परिजनों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी तथा परीक्षा का आयोजन शांतिपूर्ण वातावरण में संपन्न कराया जाएगा।
पटना साइंस कॉलेज में शनिवार को बवाल हो गया। साइंस कॉलेज में 3 मेडिकल कॉलेजों की प्रोफेशनल MBBS सेमेस्टर-3 की परीक्षा चल रही थी। चर्चा है कि परीक्षा का प्रश्न पत्र वायरल हो गया। केंद्र के बाहर बड़ी संख्या में परीक्षार्थी विरोध जता रहे थे। पुलिस ने स्थिति पर काबू पाने की कोशिश की। अंत में परीक्षा रद्द हो गई और परीक्षार्थी वापस लौट गए। करीब डेढ़ घंटे हंगामा हुआ। एग्जाम में पीएमसीएच, एनएमसीएच और पावापुरी मेडिकल कॉलेज के छात्र परीक्षा के लिए पहुंचे थे। बताया जाता है कि वे अपने मोबाइल में एडमिट कार्ड दिखा रहे थे। मोबाइल लेकर ही केंद्र में जाने पर अड़े थे। इसका विरोध करने पर हंगामा करने लगे। इनविजीलेटर से भी बदसलूकी की। कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को दी सूचना कॉलेज के रेगुलर टीचर ने इनविजीलेटर की ड्यूटी को बायकाॅट किया और टेंपरेरी शिक्षकों के साथ बदतमीजी की गई। इसके बाद कॉलेज प्रशासन ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने पर भी परीक्षार्थी शांत नहीं हुए। शुक्रवार को भी नकल रोकने पर परीक्षार्थियों ने विरोध किया था। इस कारण कॉलेज प्रशासन ने परीक्षा लेने से इनकार कर दिया था। विवि को पैसे दिए थे, हमारा सेंटर हाई प्रफाइल कॉलेज में डाल दिया एग्जाम आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी (AKU) की ओर से कराई जा रही थी। कुछ छात्रों कहा कि हमलोगों ने AKU (आर्यभट्ट नॉलेज यूनिवर्सिटी) के ऊपर के लोगों को पैसे दिए हैं। उनलोगों ने हमारा सेंटर हाई प्रोफाइल कॉलेज में डाल दिया, जहां हमें चोरी नहीं करने दिया जा रहा है। घटना के बाद AKU के परीक्षा नियंत्रक को पत्र लिखकर सूचना दी गई थी। कुलपति ने कहा कि कमेटी इसपर विचार करेगी। बहरहाल केंद्र पर पुलिस तैनात है। स्थिति नियंत्रण का प्रयास किया जा रहा है।
गोरखपुर में साइकिल से जा रहे एक युवक का फोन छीन कर तीन बाइक सवार फरार हो गए। पीड़ित सत्यम देर शाम करीब 7 : 30 बजे दाउदपुर होते हुए किसी काम से जा रहे थे। तभी राज्यसभा सांसद डॉ. राधामोहन के आवास के पास यह घटना हुई। युवक ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश की लेकिन वे तेजी से भाग निकले। सूचना पर पहुंची पुलिस ने मौके से 6 युवकों को हिरासत में लिया है। आगे की कार्रवाई में जुटी है। जानिए पूरा मामला...बांसगांव के रहने वाले सत्यम त्रिपाठी शुक्रवार को देर शाम किसी काम से दाउदपुर की ओर से गुजर रहे थे। वह किसी जरूर काम से अपने मोबाइल फोन से बात कर रहे थे। इसी बीच कैंट थाना अंतर्गत राज्यसभा सांसद डा. राधा मोहन दास अग्रवाल के आवास के पास से रात तकरीबन 7:25 पर पीछे से बाइकसवार तीन बदमाशों ने पीछे से आकर उनका मोबाइल छीन कर फरार हो गए। सत्यम ने उन्हें दौड़ाकर पकड़ने की कोशिश की लेकिन वे तेजी से पैडलेगंज की ओर भाग निकलें। सत्यम ने बताया कि उन्होंने अपने मोबाइल के पीछे में 11 सौ रुपये भी रखे थे। जिसके बाद सत्यम तत्काल पैडलेगंज चौकी पर पहुंचा और यहां मौजूद घटना की सूचना दी। जानकारी मिलने पर पुलिस तुरंत घटना स्थल पर पहुंची। उन्होंने मौके से छह युवकों को पकड़ा और पैडलेगंज चौकी पर लेकर गए। इसके बाद पीड़ित ने शनिवार को कैंट थाने पहुंच कर थाने में तहरीर दी। पूरी घटना का विवरण देते हुए मोबाइल हैक करने की बात भी कही गई है। तहरीर के बाद पुलिस जांच में जुटी है। हिरासत में लिए गए युवकों से पूछताछ की जा रही है।
आज सुबह 11:45 बजे कई मोबाइल फोन पर एकसाथ सायरन की आवाज बजने से कुछ लोग हैरत में पड़ गए। सभी के मन में सवाल उठा कि ये सायरन क्यों बजा। दरअसल, यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यानी NDMA ने भेजा था, जो इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है। NDMA ने इमरजेंसी में लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए 2 मई को इस सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया। इस परीक्षण का उद्देश्य नागरिकों को आपातकालीन परिस्थितियों के प्रति जागरूक करना और भविष्य में किसी भी आपदा के दौरान समय पर सतर्क करना है। अलर्ट में साफ बताया गया कि यह केवल एक परीक्षण है। इस पर किसी प्रकार की कार्रवाई करने की आवश्यकता नहीं है। आगे पढ़िए अलर्ट आने पर लोगों की क्या प्रतिक्रिया रही… जयपुर के ज्वेलर गिर्राज सोनी ने बताया- इस मैसेज को देखकर एक बार घबरा गया था। मुझे लगा कि मैसेज को सेव करूं या इसका उत्तर दूं। मेरे फोन पर कोई नंबर नहीं आया। पढ़ने पर समझ में आया कि पर रिएक्ट नहीं करना और यह अलर्ट मैसेज है। किस चीज को लेकर अलर्ट कर रहे हैं। मैसेज का रिफरेंस तो आना चाहिए कि यह मैसेज कहां से है। भारत सरकार से है, राजस्थान सरकार से है या मिलिक्ट्री से है। एक दिन पहले ही मिल गई थी जानकारी आदर्श नगर निवासी फरमान कुरैशी ने बताया- आज जो अलर्ट मैसेज आए थे, उसकी जानकारी शुक्रवार से ही थी। इस अलर्ट मैसेज से पहले कल हमारे पास मैसेज आया था। इसमें सूचना दी गई थी कि भारत सरकार की ओर से एक मैसेज आएगा। जो अलर्ट करने के लिए होगा। इसमें किसी तरह से घबराने और रिएक्शन करने की जरूरत नहीं है। विष्णु सोनी ने बताया- मैं फोन पर बात कर रहा था, इस दौरान फोन में अजीब आवाज और अलर्ट आने लगा। इससे मैं घबरा गया। एक बार सोचा फोन में क्या हो गया। मन में यही सवाल था यह मैसेज क्यों आया है और किसने भेजा है। एक बार के लिए लगा कि कहीं यह युद्ध के कारण तो नहीं आया है। कोई अनहोनी तो होने वाली नहीं है। रामगंज निवासी मुजम्मिल अहमद ने बताया- एक साथ सबके फोन पर अलार्म जैसा बजा। सब लोग इस दौरान एक दूसरे को देख रहे थे। पूछ रहे थे क्या हो रहा है। सब एक दूसरे से पूछने लगे कि क्या तुम्हारा फोन भी बज रहा है। हालांकि फिर सब लोगों को पता चल गया था कि यह गवर्नमेंट की तरफ से भेजा गया है। इसके लिए एक दिन पहले ही लोगों को मैसेज भेजा गया था। देशभर में इमरजेंसी मैसेज की एकसाथ टेस्टिंग शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-NCR में सभी मोबाइल फोन पर एकसाथ टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। यह मैसेज हिंदी और अंग्रेजी के साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी भेजा गया। इस मैसेज में लोगों को बताया गया कि यह केवल परीक्षण है और इस पर कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है। सरकार ने पहले ही बताया था- मैसेज से घबराएं नहीं सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। शनिवार का मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था। देश में ही विकसित किया गया है SACHET सिस्टम इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकारी संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम 'SACHET’ को विकसित किया है। सचेत नाम का यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा NDMA ने मोबाइल SMS को सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक से जोड़ा है। इससे चुने गए इलाके में एक्टिव सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मिलेगा। इससे इमरजेंसी के समय रियल टाइम सूचना पहुंच सकेगी। सरकार ने कहा- अब तक 134 अरब से ज्यादा अलर्ट भेजे जा चुके रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सिस्टम के जरिए अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं जैसे मौसम में बदलाव और चक्रवात के अलर्ट दिए जा चुके हैं। अब तक 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इस सिस्टम का इस्तेमाल हर इमरजेंसी सिचुएशन में लोगों को तुरंत चेतावनी देने के लिए किया जा सकता है। 6 सवाल-जवाब में समझें यह सिस्टम कैसे काम करता है सवाल: सेल ब्रॉडकास्ट सेवा क्या है? जवाब: यह एक तकनीक है, जिससे सरकार किसी इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मैसेज भेज सकती है। सवाल: यह SMS से अलग कैसे है? जवाब: SMS में मैसेज नंबर-टू-नंबर जाता है, जबकि CBS में पूरे इलाके(सेल/टावर कवरेज) के सभी फोन पर एक साथ मैसेज पहुंचता है। सवाल: CBS का इस्तेमाल कब किया जा सकता है? जवाब: आपदा चेतावनी (भूकंप, बाढ़, चक्रवात), मौसम अलर्ट, राष्ट्रीय/आपातकालीन सूचना। सवाल: क्या इसके लिए इंटरनेट जरूरी है? जवाब: नहीं, CBS बिना इंटरनेट के भी काम करता है। सवाल: क्या सभी मोबाइल पर मैसेज आता है? जवाब: हां, अगर फोन नेटवर्क कवरेज में है और CBS फीचर एक्टिव है तो मैसेज आता है। सवाल: भारत में CBS कौन लागू कर रहा है? जवाब: भारत में इसे NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) और टेलीकॉम विभाग लागू कर रहे हैं।
देशभर में शनिवार सुबह 11:45 बजे कई मोबाइल फोन पर एकसाथ सायरन की आवाज सुनाई देने लगी। स्क्रीन पर हिंदी-अंग्रेजी में एक मैसेज था। सायरन बंद हुआ तो मोबाइल पर मैसेज पढ़कर भी सुनाया गया। इससे कई लोग परेशान हुए, तो कई कन्फ्यूज। हालांकि सरकार ने कहा कि घबराने की जरूरत नहीं है। यह मैसेज राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण, यानी NDMA ने भेजा था, जो इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट ट्रायल का हिस्सा है। NDMA ने इमरजेंसी में लोगों तक सूचना पहुंचाने के लिए 2 मई को इस सेल ब्रॉडकास्ट अलर्ट सिस्टम का परीक्षण किया। देशभर में इमरजेंसी मैसेज की एकसाथ टेस्टिंग शनिवार को देश के सभी राज्यों की राजधानियों और दिल्ली-NCR में सभी मोबाइल फोन पर एकसाथ टेस्टिंग मैसेज भेजा गया। यह मैसेज हिंदी और अंग्रेजी के साथ सभी क्षेत्रीय भाषाओं में भी भेजा गया। इस मैसेज में लोगों को बताया गया कि यह केवल परीक्षण है और इस पर कोई एक्शन लेने की जरूरत नहीं है। सरकार ने पहले ही बताया था- मैसेज से घबराएं नहीं सरकार ने दो दिन पहले ही मैसेज भेजकर लोगों से अपील की थी कि टेस्टिंग वाला मैसेज मिलने पर घबराएं नहीं। शनिवार का मैसेज केवल इमरजेंसी के हालात में चेतावनी देने वाले सिस्टम की जांच के लिए भेजा गया था। देश में ही विकसित किया गया है SACHET सिस्टम इमरजेंसी की स्थिति में लोगों को रियल टाइम अलर्ट देने के लिए सरकारी संस्था सेंटर फॉर डेवलपमेंट ऑफ टेलीमेटिक्स (C-DOT) ने इंटीग्रेटेड अलर्ट सिस्टम 'SACHET’ को विकसित किया है। सचेत नाम का यह सिस्टम कॉमन अलर्टिंग प्रोटोकॉल (CAP) पर आधारित है। इसे देश के सभी 36 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में एक्टिव कर दिया गया है। सेल ब्रॉडकास्ट तकनीक से रियल-टाइम अलर्ट मिलेगा NDMA ने मोबाइल SMS को सेल ब्रॉडकास्ट (CB) तकनीक से जोड़ा है। इससे चुने गए इलाके में एक्टिव सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मिलेगा। इससे इमरजेंसी के समय रियल टाइम सूचना पहुंच सकेगी। सरकार ने कहा- अब तक 134 अरब से ज्यादा अलर्ट भेजे जा चुके रिपोर्ट्स के मुताबिक इस सिस्टम के जरिए अलग-अलग प्राकृतिक आपदाओं जैसे मौसम में बदलाव और चक्रवात के अलर्ट दिए जा चुके हैं। अब तक 19 से ज्यादा भारतीय भाषाओं में 134 अरब से ज्यादा SMS अलर्ट भेजे जा चुके हैं। इस सिस्टम का इस्तेमाल हर इमरजेंसी सिचुएशन में लोगों को तुरंत चेतावनी देने के लिए किया जा सकता है। 6 सवाल-जवाब में समझें यह सिस्टम कैसे काम करता है सवाल: सेल ब्रॉडकास्ट सेवा क्या है?जवाब: यह एक तकनीक है, जिससे सरकार किसी इलाके के सभी मोबाइल फोन पर एक साथ अलर्ट मैसेज भेज सकती है। सवाल: यह SMS से अलग कैसे है?जवाब: SMS में मैसेज नंबर-टू-नंबर जाता है, जबकि CBS में पूरे इलाके(सेल/टावर कवरेज) के सभी फोन पर एक साथ मैसेज पहुंचता है। सवाल: CBS का इस्तेमाल कब किया जा सकता है?जवाब: आपदा चेतावनी (भूकंप, बाढ़, चक्रवात), मौसम अलर्ट, राष्ट्रीय/आपातकालीन सूचना। सवाल: क्या इसके लिए इंटरनेट जरूरी है?जवाब: नहीं, CBS बिना इंटरनेट के भी काम करता है। सवाल: क्या सभी मोबाइल पर मैसेज आता है?जवाब: हां, अगर फोन नेटवर्क कवरेज में है और CBS फीचर एक्टिव है तो मैसेज आता है। सवाल: भारत में CBS कौन लागू कर रहा है?जवाब: भारत में इसे NDMA (राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन प्राधिकरण) और टेलीकॉम विभाग लागू कर रहे हैं। -------------------- ये खबर भी पढ़ें… जेन अल्फा में लोकप्रिय हो रहे बिना स्क्रीन वाले फोन: स्मार्टफोन पर सख्ती के बीच नया तरीका दुनियाभर में बच्चों के बीच बढ़ते स्मार्टफोन के उपयोग और डिजिटल एक्सपोजर को देखते हुए कई देशों के स्कूलों में स्मार्टफोन पर प्रतिबंध लगाने की बातें हो रही हैं। वहीं मां-बाप के सामने भी एक बड़ी दुविधा होती है, भारी-भरकम फीचर्स वाले स्मार्टफोन दिए जाएं या नहीं? अगर नहीं, तो फिर उनसे संपर्क में बने रहने का सुरक्षित और आसान विकल्प क्या हो? पूरी खबर पढ़ें…
2 मई को मोबाइल पर आएगा इमरजेंसी अलर्ट:आपदा प्रबंधन विभाग का परीक्षण, लोगों को घबराने की जरूरत नहीं
बिहार सरकार के आपदा प्रबंधन विभाग ने जिलेवासियों को संभावित आपात स्थितियों के प्रति सतर्क रहने का संदेश जारी किया है। विभाग ने बताया है कि 2 मई को लोगों के मोबाइल फोन पर अचानक एक अलर्ट मैसेज या तेज नोटिफिकेशन प्राप्त हो सकता है। यह किसी खतरे का संकेत नहीं, बल्कि एक परीक्षण का हिस्सा होगा। विभाग के अनुसार, यह अलर्ट सामान्य एसएमएस से अलग दिखाई देगा और कुछ मोबाइल फोन में तेज आवाज या वाइब्रेशन के साथ भी आ सकता है। इसका मुख्य उद्देश्य लोगों को भविष्य में आने वाली प्राकृतिक आपदाओं जैसे बाढ़, भूकंप या अन्य आपात स्थितियों के लिए पहले से तैयार करना है। अलर्ट से घबराने की आवश्यकता नहीं आपदा प्रबंधन विभाग ने स्पष्ट किया है कि इस तरह के अलर्ट से घबराने की आवश्यकता नहीं है। इसे एक जन-जागरूकता और सुरक्षा से जुड़ा अभ्यास समझना चाहिए। अधिकारियों ने बताया कि इस परीक्षण के माध्यम से सरकार यह सुनिश्चित करना चाहती है कि आपदा के समय सही सूचना समय पर आम लोगों तक पहुंच सके। कई बार देखा गया है कि आपदा के दौरान सूचना के अभाव में लोगों को अधिक नुकसान उठाना पड़ता है। ऐसे में यह अलर्ट सिस्टम लोगों तक त्वरित चेतावनी पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा, जिससे उन्हें सुरक्षित स्थानों पर जाने और आवश्यक कदम उठाने का पर्याप्त समय मिल सकेगा। लोगों को सही जानकारी देने की अपील जिला प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि यदि उनके मोबाइल पर 2 मई को इस तरह का कोई अलर्ट संदेश प्राप्त होता है, तो वे घबराएं नहीं और न ही किसी प्रकार की अफवाह फैलाएं। साथ ही, अपने आसपास के लोगों को भी इसके बारे में सही जानकारी दें ताकि किसी तरह की भ्रम की स्थिति उत्पन्न न हो। विशेषज्ञों का मानना है कि डिजिटल तकनीक के इस उपयोग से आपदा प्रबंधन प्रणाली और अधिक मजबूत होगी। विभाग ने दोहराया है कि यह कदम पूरी तरह से आम जनता की सुरक्षा को ध्यान में रखकर उठाया गया है और लोगों से सहयोग तथा जागरूकता बनाए रखने की अपील की गई है।
जोधपुर शहर के सदर बाजार थाना क्षेत्र में एक महिला को टेलीग्राम ग्रुप में वीडियो लाइक कर पैसे कमाने का लालच देने वाले आरोपी को पुलिस मे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी ने महिला से 1 लाख 42 हजार की साइबर ठगी की थी। शिकायत पर पुलिस ने बैंक खातों की जांच और एटीएम फुटेज की मदद से आरोपी को नागौर से गिरफ्तार किया। इन्हीं से मिले सुराग के आधार पर नागौर जिले के भावण्डा थाना अंतर्गत माणकपुर गांव निवासी गौतम (26) पुत्र सुखराम जाट गिरफ्तार कर उसके कब्जे से ठगी के 80 हजार रुपए नकद, 9 अलग-अलग बैंकों के एटीएम कार्ड और 5 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। टेलीग्राम पर दिया वीडियो लाइक करने से कमाई का लालच डीसीपी (पूर्व) मनीष कुमार चौधरी ने बताया कि परिवादिया पल्लवी जैन ने थाने की ईमेल आईडी पर एक लिखित शिकायत भेजी थी। रिपोर्ट में बताया गया कि एक टेलीग्राम ग्रुप में उसे वीडियो लाइक कर पैसे कमाने का झांसा दिया गया। इसके बाद अज्ञात ठगों ने धोखाधड़ी कर उसके बैंक खाते से 1 लाख 42 हजार रुपए निकाल लिए। इस पर पुलिस ने 29 अप्रैल को मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की थी। एमपी के खाते में गए पैसे, जोधपुर के एटीएम से निकले सदर बाजार थानाधिकारी माणक राम के नेतृत्व में टीम ने जब संदिग्ध बैंक खातों का विश्लेषण किया, तो पता चला कि परिवादिया से ठगे गए रुपयों में से 50 हजार रुपए मध्य प्रदेश के एक बैंक खाते में ट्रांसफर हुए थे। जांच में सामने आया कि उन रुपयों को जोधपुर के ही एक एटीएम से निकाला गया है। सीसीटीवी से खुला राज, नागौर का आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने संबंधित बैंक एटीएम के सीसीटीवी फुटेज प्राप्त कर रुपए निकालने वाले शख्स की पहचान की। इसके आधार पर पुलिस ने नागौर जिले के भावण्डा थानांतर्गत माणकपुर गांव निवासी गौतम (26) पुत्र सुखराम जाट को दस्तयाब कर पूछताछ की और ठगी किए जाने की पुष्टि होने पर उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसके पास से 80 हजार रुपए नकद, 9 एटीएम कार्ड और 5 मोबाइल बरामद किए हैं। आरोपी को अदालत में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है, जबकि गिरोह के अन्य फरार सदस्यों की तलाश जारी है।
एमपी में एक तरफ बीजेपी सत्ता और संगठन में नियुक्तियों की तैयारी में लगी है। दूसरी तरफ नेताओं, पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को ट्रेनिंग देकर पार्टी की रीति-नीति, इतिहास से लेकर वर्तमान के दौर की चुनौतियां, तकनीक में दक्ष बनाने में जुटी है। इस महीने में होने वाले जिला प्रशिक्षण वर्गों में शामिल होने वाले नेताओं को अब परीक्षा भी देनी होगी। नीट-यूपीएससी की तरह मोबाइल रहेगा बैनजिला प्रशिक्षण वर्गों में शामिल होने वाले नेताओं के मोबाइल नीट-यूपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तरह पहले ही जमा करा लिए जाएंगे। इसके लिए प्रशिक्षण स्थल पर एक मोबाइल काउंटर बना होगा। जहां एक टोकन नंबर देकर मोबाइल जमा करा लिया जाएगा। ट्रेनिंग के बाद होगी परीक्षाप्रशिक्षण वर्ग के बाद नेताओं को पोस्ट टेस्ट देना होगा। यानी प्रशिक्षण के दौरान उन्होंने क्या सीखा, उनको क्या जानकारी मिली, उन्हें किस सत्र में बताई गई कौन सी बात याद रही। प्रशिक्षण के बाद होने वाली परीक्षा में प्रशिक्षण में बताई गई जानकारी से जुड़े सवाल पूछे जाएंगे।
भाजपा में होने वाले प्रशिक्षण वर्गों में मोबाइल फोन अब पूरी तरह प्रतिबंधित रहेंगे। इसके लिए प्रदेश कार्यालय से लेकर पार्टी के सभी जिला कार्यालयों में मोबाइल पार्किंग स्थापित की जाएगी। पार्टी ने मई माह में जिला स्तर के आयोजित होने वाले प्रशिक्षण वर्गों को प्रभावी और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने के लिए नई गाइडलाइन जारी की है। इसमें स्पष्ट किया गया है प्रशिक्षण वर्गों में हिस्सा लेने वाले सभी पार्टी नेता और कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण पूरा होने के बाद एक परीक्षा भी देनी होगी। हालांकि यह स्पष्ट नहीं किया गया है कि परीक्षा में फेल या पास होने पर क्या होगा। लेकिन, पार्टी सूत्रों का कहना है कि परीक्षा में फेल होने वालों को दोबारा प्रशिक्षण दिलाया जा सकता है। इसके साथ ही उन्हें पार्टी में संगठन से जुड़ी जिम्मेदारी देने से पूर्व प्रशिक्षण के परीक्षा परिणाम पर भी गौर किया जाएगा। जिलास्तर के प्रशिक्षण से पहले लागू हुई गाइडलाइन अप्रैल में मंडल स्तर के प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए गए थे। मई में जिला स्तर के प्रशिक्षण वर्ग आयोजित किए जाने हैं। नई गाइडलाइन जिला स्तर के प्रशिक्षण शुरू होने से ठीक पहले जारी की गई है। भाजपा में संगठन की दृष्टि से 62 जिले हैं, जिसमें 7 ग्रामीण जिले भी शामिल हैं। पंडित दीनदयाल उपाध्याय प्रशिक्षण महाअभियान -2026 के तहत हो रहे इन प्रशिक्षण वर्गों के लिए डिजिटल पंजीकरण और डिजिटल शुल्क संग्रह के लिए अलग से इंचार्ज, पार्किंग प्रभारी भी नियुक्त किए जाएंगे। आरएसएस की तर्ज पर होंगे भाजपा के यह वर्ग जिला स्तर पर होने वाले भाजपा के यह प्रशिक्षण वर्ग काफी हद तक राष्ट्रीय स्वयं सेवक संघ (आरएसएस) के प्रशिक्षण वर्ग की तर्ज पर होंगे। इन वर्ग के लिए भाजपा की केंद्रीय ईकाई की ओर से एक सिलेबस तैयार कर राज्य भाजपा ईकाई को भेजा गया है। इसमें पार्टी का इतिहास एवं विकास, वैचारिक पृष्ठभूमि, भविष्य में पार्टी के कार्य विस्तार को लेकर संगठन की दृष्टि, भाजपा की कार्य पद्धति, विचार परिवार (आरएसएस, विहिप समेत 57 अनुषांगिक संगठन), दायित्व बोध, देश के सामने मौजूद चुनौतियां और उनका समाधान, सोशल मीडिया के साथ एआई का इस्तेमाल, मीडिया प्रबंधन जैसे मुद्दों पर 100 से अधिक पेज की ड्राफ्ट पाठ्यक्रम जारी किया गया है।
कटिहार में जनगणना 2027 के पहले चरण की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं। जिलाधिकारी आशुतोष द्विवेदी ने गुरुवार को प्रेस वार्ता में बताया कि 2 मई 2026 से जिले में मकान सूचीकरण और मकान गणना का कार्य प्रारंभ होगा। डीएम के अनुसार, 2 से 4 मई 2026 तक प्रगणक और पर्यवेक्षक अपने-अपने गणना ब्लॉक का दौरा करेंगे। इस अवधि में प्रत्येक घर, झोपड़ी, दुकान और संस्थान की नंबरिंग की जाएगी। साथ ही, एक लेआउट मैप भी तैयार होगा ताकि कोई भी आवासीय इकाई गणना से छूट न जाए। प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे इसके बाद, 5 से 31 मई 2026 तक प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों से जानकारी एकत्र करेंगे। इस चरण में 33 बिंदुओं वाली प्रश्नावली भरी जाएगी। इसमें मकान की स्थिति, पेयजल स्रोत, शौचालय, बिजली, एलपीजी कनेक्शन, इंटरनेट सुविधा, बैंक खाता, परिवार के सदस्यों की संख्या, दिव्यांगता और रोजगार जैसी महत्वपूर्ण जानकारियां शामिल होंगी। जिलाधिकारी ने बताया कि यह जनगणना पूरी तरह से पेपरलेस होगी। पूरी प्रक्रिया ‘Census2027-Houselist App’ के माध्यम से डिजिटल रूप से संपन्न की जाएगी। प्रगणक टैबलेट या मोबाइल का उपयोग करके डेटा दर्ज करेंगे, जिससे रियल टाइम मॉनिटरिंग संभव होगी और त्रुटियों की संभावना कम हो जाएगी। जिन नागरिकों ने 'सेल्फ एन्यूमरेशन' पोर्टल पर अपनी जानकारी स्वयं भरी है, प्रगणक उनकी यूनीक आईडी के माध्यम से प्रविष्टियों का सत्यापन भी करेंगे। जिलेवासियों से DM ने सहयोग की अपील की जिलाधिकारी ने जिलेवासियों से सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि जनगणना एक राष्ट्रीय महत्व का कार्य है, जिसके आंकड़ों के आधार पर ही राशन, आवास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क और रोजगार जैसी महत्वपूर्ण योजनाएं तैयार की जाती हैं। उन्होंने नागरिकों से प्रगणकों को सही जानकारी देने का आग्रह किया और चेतावनी दी कि गलत सूचना देने या सहयोग न करने पर जनगणना अधिनियम 1948 के तहत कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। डीएम ने मीडिया कर्मियों से भी सहयोग का आग्रह किया, ताकि जनगणना के महत्व का व्यापक प्रचार-प्रसार हो सके और किसी भी प्रकार की अफवाहों से बचा जा सके। उन्होंने आश्वस्त किया कि किसी भी व्यक्ति की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी और इसका उपयोग केवल सांख्यिकीय उद्देश्यों के लिए किया जाएगा।
बिलासपुर के सकरी पुलिस ने ऑनलाइन लूडो और आईपीएल सट्टा खिलाने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने गिरोह के सरगना राहुल छाबड़ा सहित सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। शुरुआती जांच में 2 करोड़ रुपए से अधिक के सट्टे का हिसाब-किताब मिला है। पुलिस ने ओम स्पेस कॉलोनी, सकरी स्थित एक किराए के मकान में दबिश दी। यहां गिरोह ने सट्टा संचालन के लिए कंट्रोल रूम बना रखा था। बताया जा रहा है कि गिरोह मध्य प्रदेश के सागर, बालाघाट और कटनी जिलों से युवकों को बुलाकर ऑनलाइन लूडो और आईपीएल मैचों पर करोड़ों रुपए का सट्टा चला रहा था। बीट पुलिस की सतर्कता से खुला मामला यह हाईटेक सट्टा रैकेट किसी मुखबिर की सूचना से नहीं, बल्कि बीट पुलिस की सतर्कता से पकड़ा गया। कॉलोनी में कुछ बाहरी युवक महीनों से किराए के मकान में रह रहे थे और दिनभर बाहर नहीं निकलते थे। रात के समय घर के अंदर से लगातार कई मोबाइल फोन बजने और लैपटॉप की रोशनी दिखने पर पुलिस को शक हुआ। इसके बाद इंटरनेट डेटा और लोकेशन की तकनीकी जांच की गई, जिसमें एक ही जगह से कई डिवाइस सक्रिय मिले। इसके बाद सकरी पुलिस और एसीसीयू टीम ने आधी रात को छापेमारी की। 21 मोबाइल, लैपटॉप और क्रेटा कार जब्त कार्रवाई में पुलिस ने बड़ी मात्रा में सामान जब्त किया है। इसमें शामिल हैं: 30 हजार सैलरी पर बुलाए गए युवक पुलिस के अनुसार, स्वर्णिम ऐरा कॉलोनी सरकंडा निवासी राहुल छाबड़ा (30) ने मध्य प्रदेश से युवकों को हर महीने 30-30 हजार रुपए सैलरी और रहने-खाने की सुविधा देकर बुलाया था। पकड़े गए आरोपियों में: दिल्ली कनेक्शन भी सामने आया जांच में गिरोह के दिल्ली कनेक्शन के संकेत मिले हैं। पुलिस को बाबू सिंधी और टोनी नाम के लोगों से लिंक की जानकारी मिली है। इस एंगल पर भी जांच जारी है। बड़े मास्टरमाइंड तक पहुंचने की कोशिश एसएसपी रजनेश सिंह ने बताया कि जब्त मोबाइल और लैपटॉप के डेटा के जरिए पूरे नेटवर्क और बड़े संचालकों तक पहुंचने की कोशिश की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही इस सिंडिकेट के और बड़े चेहरे सामने आएंगे।
नीमच जिले के 10 'नेटवर्क विहीन' गांवों में अब मोबाइल नेटवर्क उपलब्ध होगा। जिला प्रशासन ने इन दूरदराज के क्षेत्रों में मोबाइल टावर लगाने का निर्णय लिया है। कलेक्टर हिमांशु चंद्रा ने शुक्रवार शाम को दूरसंचार कंपनियों को टावर लगाने के लिए सशर्त अनुमति जारी कर दी है। अब तक इन गांवों में नेटवर्क न होने के कारण छात्रों को ऑनलाइन पढ़ाई में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा था। किसानों को सरकारी योजनाओं के पंजीकरण और व्यापारियों को बैंकिंग लेनदेन के लिए कई किलोमीटर दूर जाना पड़ता था। 4G नेटवर्क आने से इन समस्याओं का समाधान होगा और डिजिटल कनेक्टिविटी मजबूत होगी। इन गांवों को मिलेगी सुविधा इन गांवों में सिंगोली तहसील के डाबडाकलां, कछाला, कोज्या, लुम्बा, थड़ोद, कुंथली, राणावत खेड़ा और कीरता शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, जीरन तहसील का ग्राम सोकड़ी और जावद तहसील के कांस्या व सुखानंद गांव भी इस सूची में हैं। सिंगोली तहसील के धारड़ी गांव में भी टावर लगाने की अनुमति प्रक्रियाधीन है। इन शर्तें पर मिली मंजूरी कलेक्टर चंद्रा ने अनुमति के साथ कुछ सख्त शर्तें भी लगाई हैं। इनमें टावर लगाने से यातायात या बिजली की लाइनों में कोई बाधा न आना शामिल है। कार्य तभी शुरू होगा जब सभी आवश्यक स्वीकृतियां प्राप्त हो जाएंगी। भविष्य में टावर के कारण किसी भी दुर्घटना की स्थिति में, इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित दूरसंचार कंपनी की होगी।
जहानाबाद में 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 103 जरूरतमंद लोगों को मोबाइल फोन वितरित किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अपराजिता लोहान ने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य उन लोगों को तकनीकी साधन उपलब्ध कराना है, जिनके मोबाइल चोरी होने या खो जाने के कारण उन्हें दैनिक कार्यों में असुविधा होती है। एसपी लोहान ने बताया कि 'ऑपरेशन मुस्कान' एक विशेष कार्यक्रम है। इसके तहत पुलिस विभिन्न माध्यमों से बरामद किए गए मोबाइल फोन सीधे गरीब और जरूरतमंद परिवारों को दिए जाते हैं। कई ऐसे परिवार हैं जिनके बच्चे पढ़ाई या खेल-कूद के लिए मोबाइल का उपयोग करते हैं, लेकिन फोन खो जाने या चोरी होने पर वे नया खरीदने में असमर्थ होते हैं। ऐसे मामलों में पुलिस उनकी मदद करती है। इस कार्यक्रम के तहत, जब भी कोई चोरी हुआ या खोया हुआ मोबाइल पुलिस को मिलता है, उसे योग्य और जरूरतमंद व्यक्ति तक पहुंचाया जाता है। एसपी अपराजिता लोहान ने बताया कि इस प्रक्रिया में लोगों के चेहरों पर खुशी देखकर ही इस कार्यक्रम का नाम 'ऑपरेशन मुस्कान' रखा गया है। मोबाइल खोने पर थाने में आवेदन दें एसपी ने जनता से अपील की है कि यदि किसी का मोबाइल खो जाए या चोरी हो जाए, तो तत्काल नजदीकी थाने में आवेदन दें। आवेदन से पुलिस को मोबाइल बरामद करने में मदद मिलती है और उसे जरूरतमंद तक पहुंचाया जा सकता है। उन्होंने लोगों से मोबाइल सुरक्षित रखने के लिए आवश्यक सावधानी बरतने का भी आग्रह किया, ताकि ऐसी समस्याओं से बचा जा सके। एसपी ने जोर देकर कहा कि पुलिस ऐसे कार्यक्रमों को आगे बढ़ाते हुए जरूरतमंदों की मदद करने के लिए प्रतिबद्ध है। 'ऑपरेशन मुस्कान' न केवल लोगों को मोबाइल उपलब्ध कराता है, बल्कि समाज में विश्वास और सकारात्मकता भी फैलाता है।
पानीपत जिले में समालखा सीआईए- वन टीम ने मोबाइल स्नैचिंग के मामले में फरार दूसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान सोनीपत के रसूलपुर गांव निवासी गोविंद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी बरामद की है। यह गिरफ्तारी वीरवार शाम को पट्टीकल्याणा के पास गुलशन ढाबा के नजदीक हुई। सीआईए वन प्रभारी इंस्पेक्टर फूल कुमार ने बताया कि, पूछताछ में आरोपी गोविंद ने अपने पहले गिरफ्तार हो चुके साथी वीरेंद्र के साथ मिलकर मोबाइल छीनने की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया है। शुक्रवार को पूछताछ के बाद आरोपी गोविंद को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। एक आरोपी पहले ही पकड़ा जा चुका इंस्पेक्टर फूल कुमार ने यह भी बताया कि इस मामले में पहले गिरफ्तार किए गए आरोपी वीरेंद्र के कब्जे से छीना गया मोबाइल फोन बरामद कर उसे पहले ही जेल भेजा जा चुका है। वीरेंद्र ने पूछताछ में खुलासा किया था कि वह और गोविंद नशे के आदी हैं। नशे की लत पूरी करने के लिए पैसों की जरूरत पड़ने पर दोनों ने 22 फरवरी को बाइक पर मोबाइल स्नैचिंग की इस वारदात को अंजाम दिया था। यह वारदात समालखा के सीताराम कॉलोनी में रहने वाले नितिन निवासी हैदरपुर औरिया, उत्तर प्रदेश की शिकायत पर थाना समालखा में दर्ज की गई थी। नितिन एक साइकिल सवार श्रमिक है जिससे मोबाइल छीना गया था।
पंजाब की बरनाला जेल में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक हवालाती के पास मोबाइल फोन मिलने का मामला सामने आया है। जेल प्रशासन की मुस्तैदी से चलाए गए नियमित तलाशी अभियान के दौरान यह मोबाइल बरामद किया गया, जिसके बाद जेल अधिकारियों में हड़कंप मच गया है। जानकारी के अनुसार, जेल के वार्डर उपिंदरजीत सिंह सेल ब्लॉक नंबर 1 की नियमित चेकिंग कर रहे थे। इसी दौरान वहां बंद हवालाती गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी (निवासी बुग्गरा) की गतिविधियों पर उन्हें शक हुआ। जब वार्डर ने संदेह के आधार पर गुरप्रीत की व्यक्तिगत तलाशी ली, तो उसकी लोअर की जेब से सुनहरे (गोल्डन) रंग का एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। खास बात यह है कि इस फोन में सिम कार्ड और बैटरी दोनों मौजूद थे और यह चालू हालत में था। सुरक्षा पर उठे गंभीर सवाल जेल के भीतर मोबाइल फोन का मिलना एक बड़ी सुरक्षा चूक माना जा रहा है। जेल नियमों के अनुसार, किसी भी कैदी या हवालाती द्वारा मोबाइल का उपयोग प्रतिबंधित है, क्योंकि इसके माध्यम से जेल के भीतर बैठे अपराधी बाहरी दुनिया और अपने नेटवर्क से संपर्क साध सकते हैं। इस बरामदगी ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था और चेकिंग प्रक्रिया पर सवालिया निशान लगा दिए हैं। थाना सिटी में मुकदमा दर्ज घटना की सूचना मिलते ही जेल प्रशासन ने इसकी रिपोर्ट स्थानीय पुलिस को दी। पुलिस ने आरोपी हवालाती गुरप्रीत सिंह उर्फ गुरी के खिलाफ थाना सिटी बरनाला में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब आरोपी को रिमांड पर लेकर पूछताछ करने की तैयारी में है ताकि सच सामने आ सके। जांच के घेरे में जेल एंट्री और बाहरी संपर्क पुलिस अब इस गुत्थी को सुलझाने में जुटी है कि आखिर इतनी सुरक्षा के बावजूद मोबाइल जेल की सलाखों के पीछे कैसे पहुँचा। क्या इसमें किसी बाहरी व्यक्ति का हाथ है या जेल के ही किसी कर्मचारी की मिलीभगत है? अधिकारियों का कहना है कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है और इस लापरवाही या मिलीभगत में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
फिरोजाबाद पुलिस ने 106 गुम मोबाइल फोन बरामद किए:₹19 लाख कीमत के फोन, मालिकों को लौटाए गए
फिरोजाबाद पुलिस की सर्विलांस सेल और थाना पुलिस ने एक संयुक्त अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर 106 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 19 लाख रुपये है, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। यह विशेष अभियान एसएसपी आदित्य लांग्हे के निर्देशन में चलाया गया। इसमें अपर पुलिस अधीक्षक नगर/ग्रामीण के पर्यवेक्षण और क्षेत्राधिकारी साइबर अपराध के नेतृत्व में सर्विलांस टीम ने जनपद के सभी थानों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित किया। पुलिस ने सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर गुम हुए मोबाइलों की शिकायतों का परीक्षण कर तकनीकी सर्विलांस के माध्यम से कार्रवाई की। बरामद किए गए कुल 106 मोबाइलों में विभिन्न कंपनियों के फोन शामिल हैं। इनमें वीवो के सर्वाधिक 27, सैमसंग के 21, ओप्पो के 18, रियलमी के 11, रेडमी के 10, टेक्नो के 4, मोटोरोला के 4, वन प्लस के 4, पोको के 3, आईक्यूओओ के 2 तथा लावा और नोकिया के एक-एक मोबाइल फोन शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि भारत सरकार द्वारा संचालित सीईआईआर पोर्टल गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कराने का एक प्रभावी माध्यम है। इस पोर्टल पर आवेदक स्वयं भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं, जिसके आधार पर पुलिस मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर बरामदगी की कार्रवाई करती है। दूरसंचार विभाग के अनुसार, सीईआईआर पोर्टल का मुख्य उद्देश्य खोए या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक करना, ट्रैक करना और बरामद कराना है। जनपद में अब तक विभिन्न जिलों और अन्य राज्यों की पुलिस के साथ समन्वय स्थापित कर कुल 1276 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। पुलिस विभाग ने इस उपलब्धि को तकनीकी पुलिसिंग की एक बड़ी सफलता बताया है। मोबाइल बरामदगी के इस अभियान में निरीक्षक मुकेश कुमार, प्रभारी सर्विलांस, अपनी टीम के साथ सक्रिय रहे। इसके अतिरिक्त, जनपद के समस्त थाना प्रभारी और प्रभारी निरीक्षक भी अपनी-अपनी टीमों सहित इस कार्रवाई में शामिल थे।
जयपुर में नाबालिग लड़कियों से छेड़छाड़ का मामला सामने आया है। स्कूल जाते समय रास्ते में सिक्योरिटी गार्ड ने बच्चियों को रोककर अश्लील हरकत की। मोबाइल में अश्लील वीडियो दिखाए। पुलिस ने शिकायत पर आरोपी सिक्योरिटी गार्ड को राउंडअप किया है। पुलिस ने बताया- एक मंदिर के सिक्योरिटी गार्ड पर नाबालिग स्कूल छात्राओं से अश्लील हरकत करने का आरोप है। नाबालिग लड़कियां शुक्रवार सुबह पैदल-पैदल स्कूल जा रही थी। रास्ते में मिले आरोपी सिक्योरिटी गार्ड ने नाबालिग स्कूल छात्राओं को रोक अश्लील हरकत की। चिल्लाने पर मौके से भागा गार्ड आरोपी गार्ड ने नाबालिग लड़कियों को अपने मोबाइल में अश्लील वीडियो दिखाए। विरोध कर चिल्लाने पर आरोपी गार्ड वहां से चला गया। नाबालिग छात्राओं ने अपने परिजनों को आपबीती सुनाई। परिजनों के शिकायत लेकर पहुंचने पर पुलिस ने तुरंत आरोपी गार्ड को पूछताछ के लिए राउंडअप किया। पुलिस ने आरोपी का मोबाइल भी जांच के लिए ले लिया है।
दो आरोपियों से 4 बाइक, तीन एक्टिवा और मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | फिरोजपुर थाना सिटी पुलिस ने वाहन चोरी के एक सक्रिय गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से चोरी किए गए वाहन और मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जानकारी के अनुसार एएसआई गुरमीत सिंह की अगुवाई में पुलिस टीम गश्त पर थी, तभी उन्हें सूचना मिली कि हरीश उर्फ हैरी पुत्र गोल्डी निवासी बस्ती आवा, फिरोजपुर शहर और आकाश पुत्र बसंत निवासी बस्ती सेखां वाली, फिरोजपुर शहर आपस में मिलकर शहर और आसपास के इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी कर आगे बेचते हैं। इसके अलावा ये आरोपी मोबाइल फोन चोरी की वारदातों में भी संलिप्त हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए रेलवे स्टेशन के आगे खाली जगह पर दबिश दी, जहां दोनों आरोपी चोरी के मोटरसाइकिलों के साथ खड़े मिले। पुलिस ने मौके से दोनों को काबू कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से 4 मोटरसाइकिल, 3 एक्टिवा और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार प्रारंभिक पूछताछ में आरोपियों से और भी वारदातों के खुलासे होने की संभावना है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी किए गए वाहनों को किन-किन स्थानों पर बेचा गया है और इस गिरोह से जुड़े अन्य लोग कौन हैं।
युवक पर हथियारों से हमला कर लुटेरे पर्स और मोबाइल लेकर फरार
भास्कर न्यूज | पटियाला 28 अप्रैल रात 9 बजे भोगला रोड पर स्थित नर्सरी के नजदीक बाइक पर जा रहे 26 साल के इलेक्ट्रीशियन को 2 बाइकों पर सवार चार लुटेरों ने घेरकर उसपर तेजधार हथियारों से हमला कर जख्मी कर दिया और उसका पर्स और मोबाइल छीनकर फरार हो गए, जाते समय आरोपी उसके बाइक की चाबी भी साथ ले गए। किसी तरह उसने एक दुकान पर जाकर मदद मांगी, उसे अस्पताल में दाखिल करवाया गया। पीड़ित की शिकायत पर थाना खेड़ी गंडिया पुलिस ने चार अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। शिकायतकर्ता सिमरनजीत सिंह निवासी गुरु नानक मोहल्ला राजपुरा ने पुलिस को बताया कि वह इलेक्ट्रिशियन का काम करता है। 28 अप्रैल को रात करीब 9 बजे अपने ठेकेदार से पैसे लेने के लिए जा रहा था, जहां 2 बाइकों पर आए अज्ञात व्यक्तियों ने उसे रोकने के बाद हाथ में पकड़े हथियारों से हमला किया और उसे जख्मी कर दिया और उसका पर्स मोबाइल छीनकर फरार हो गए। पर्स में 1500 रुपए कैश और कुछ दस्तावेज थे। आरोपियों ने सोचा कि वह उनका पीछा ना करें, इसलिए आरोपी उसके बाइक की चाबी भी निकालकर साथ ले गए। किसी तरह जख्मी हालत में उसने करीब 400 मीटर दूर स्थित दुकान पर पहुंचकर वहां के लोगों से मदद मांगी। उसके परिवार को जानकारी दी गई और उसे अस्पताल दाखिल करवाया गया।
राजधानी में मॉर्निंग वॉक पर निकले एक युवक के साथ लूट की वारदात सामने आई है। गोकुल नगर इलाके में तड़के सुबह बाइक सवार दो बदमाशों ने युवक को चाकू की नोक पर धमकाकर उसका मोबाइल लूट लिया। इतना ही नहीं, आरोपियों ने मोबाइल का पासवर्ड भी हासिल कर लिया और कुछ ही देर में उसके बैंक खाते से करीब 14 हजार रुपए निकाल लिए। पीड़िता का नाम पुलिस ने यशवंत साहू बताया है। अब पढ़ें क्या है पूरा मामला टिकरापारा पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार गोकुल नगर निवासी यशवंत साहू 23 अप्रैल की सुबह करीब 4:45 बजे रोजाना की तरह मॉर्निंग वॉक के लिए घर से निकले थे। वे गोकुल नगर गार्डन की ओर जा रहे थे, तभी गार्डन गेट के पास बाइक पर सवार दो अज्ञात युवक पहुंचे और उन्हें रोक लिया। इससे पहले कि यशवंत कुछ समझ पाते, आरोपियों ने चाकू दिखाकर उन्हें डराया और उनका मोबाइल फोन छीन लिया। पीड़ित ने बताया कि बदमाशों ने सिर्फ मोबाइल ही नहीं छीना, बल्कि जबरन उसका पासवर्ड भी पूछ लिया। इसके बाद आरोपियों ने मोबाइल बैंकिंग ऐप का इस्तेमाल कर उसके खाते से करीब 14 हजार रुपए ट्रांसफर कर लिए। पूरी वारदात कुछ ही मिनटों में अंजाम दी गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद यशवंत साहू ने टिकरापारा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उनकी तलाश शुरू कर दी है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज टिकरापारा पुलिस के विवेचना अधिकारियों ने बताया, कि पीड़ित की शिकायत पर केस दर्ज करके जांच की जा रही है। आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के जपेली गांव में एक 20 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। युवक बुधवार रात एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। गुरुवार दोपहर ग्रामीणों ने शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मृतक की पहचान जपेली निवासी उदय महंत (20) के रूप में हुई है, जो पेशे से ड्राइवर था। परिजनों के अनुसार, उदय महंत बुधवार रात गांव में ही एक शादी कार्यक्रम में गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। गुरुवार दोपहर जब ग्रामीण खेत की ओर गए, तो उन्हें गांव से लगे एक पेड़ पर गमछे से लटका हुआ युवक का शव दिखाई दिया। शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेजा ग्रामीणों की सूचना पर उरगा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और पंचनामा की कार्रवाई की। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन, बीड़ी, सिगरेट और माचिस बरामद हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। जांच में जुटी है पुलिस उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस आत्महत्या और हत्या सहित सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
जालंधर के डिप्टी कमिश्नर वरजीत वालिया ने गुरुवार को जनगणना-2027 के तहत जले में स्व-जनगणना की शुरूआत करवाई है। डीसी वालिया ने खुद ऑनलाइन पोर्टल पर जाकर अपना विवरण दर्ज किया। डिप्टी कमिश्नर ने कहा कि स्व-गणना एक ऐसी सुविधा है, जिसके जरिए आम लोग खुद जानकारी सरकारी पोर्टल पर रजिस्टर कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि इसके लिए नागरिकों को सरकार के अधिकारिक जनगणना पोर्टल se.census.gov.in पर जाना होगा। उन्हें अपने मोबाइल नंबर और बेसिक जानकारी का इस्तेमाल करके पोर्टल पर लॉग इन करना होगा। इसके बाद पोर्टल पर मांगी गई जानकारी भरनी होंगी। जनगणना कर्मचारी घर-घर जाएंगे जैसे ही फॉर्म सफलतापूर्वक सबमिट होगा, पोर्टल नागरिक को एक सेल्फ-एन्यूमरेशन आई डी (SE ID) जेनरेट करेगा। जब जनगणना कर्मचारी घर पर आएंगे, तो नागरिक को सिर्फ यह आईडी. दिखानी होगी। इससे जानकारी वेरीफाई हो जाएगी और दोबारा फार्म भरने की जरूरत नहीं पड़ेगी। डीसी ने कहा कि लोग बढ़-चढ़कर लें हिस्सा डिप्टी कमिश्नर ने जिलावासियों से स्व-गणना में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो 14 मई तक पोर्टल पर जाकर लोग अपनी जानकारी भर सकेंगे। इस मौके पर अतिरिक्त डिप्टी कमिश्नर (जनरल) अमनिंदर कौर और ज्वाइंट कमिश्नर, नगर निगम सुमनदीप कौर भी मौजूद रहे। स्कूलों में अधिकारी कर चुके निरीक्षण जालंधर में अफसर जनगणना 2027 के लिए चल रहे प्रशिक्षण बैचों का मीठापुर स्कूल और सरकारी वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय (जीएसएसएस) गढ़ा में निरीक्षणकर रहे हैं। इस दौरान प्रशिक्षण केंद्रों में व्यवस्थाओं की समीक्षा के साथ सत्रों की प्रगति का आकलन किया गया। सहायक आयुक्त विक्रांत वर्मा के साथ सहायक निदेशक स्वदेश प्रताप सिंह शक्य, सांख्यिकी अन्वेषक ग्रेड-द्वितीय ओमवीर और संयुक्त आयुक्त के क्लर्क-कम-पीए अरविंद कंबोज ने दोनों केंद्रों का दौरा किया।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले के IPL में के दौरान ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चलाने का मामला सामने आया है। पुलिस ने ऑपरेशन अंकुश के तहत कार्रवाई करते हुए तीन अलग-अलग जगहों पर दबिश देकर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है और 3 मोबाइल और 51 हजार कैश जब्त किया है। मामला खरसिया थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार पहली कार्रवाई डभरा रोड पर की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि डभरा रोड खरसिया में अजय उर्फ रिंकू अग्रवाल (46), निवासी वार्ड नंबर 15, मोबाइल के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी, जहां आरोपी अपने मोबाइल से सट्टा खेलते हुए पकड़ा गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके पास से 30 हजार रुपए नकद जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने अपने दो अन्य साथियों के नाम भी बताए हैं, जिनकी तलाश की जा रही है। मुख्य खाईवाल अंकित भी गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई में पुलिस को सूचना मिली कि रानीसती छपरी गंज, खरसिया निवासी अंकित अग्रवाल (37) मोबाइल के जरिए ऑनलाइन क्रिकेट मैचों में दांव लगाकर हार-जीत का खेल संचालित कर रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने नवीन स्कूल के पास गली रोड, खरसिया में घेराबंदी कर आरोपी को पकड़ लिया। जांच के दौरान आरोपी के पास से एक मोबाइल बरामद हुआ, जिसमें ALLPANELEXCH और ALLPANELEXCH 9-CO नाम के व्हॉट्सऐप ग्रुप के जरिए सट्टा संचालन किया जा रहा था। पुलिस ने आरोपी के पास से 21 हजार रुपये नकद भी जब्त किए हैं। पूछताछ में आरोपी ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क चलाने की बात स्वीकार की है। आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। IPL मैचों में लगा रहे दे दांव इसके बाद पुलिस को सूचना मिली कि नया मंगल बाजार शेड, खरसिया में एक व्यक्ति मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा संचालित कर रहा है। सूचना पर पुलिस ने मौके पर दबिश दी और नरेंद्र राठौर (34), निवासी सपिया चौकी फगुरम, थाना डभरा, जिला सक्ती को पकड़ लिया। आरोपी के पास से एक मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। जांच में पाया गया कि आरोपी dollarbet.club वेबसाइट पर आईडी और पासवर्ड के जरिए IPL मैचों में सट्टा संचालन कर रहा था। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि सट्टा आईडी उसे सपिया निवासी एक व्यक्ति द्वारा उपलब्ध कराई गई थी। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
यमुनानगर के ससोली माजरी गांव में अपनी ससुराल आए यूपी पुलिस के एक कांस्टेबल के साथ मारपीट और बदसलूकी का मामला सामने आया है। पुलिसकर्मी अपनी पत्नी और साली के साथ जा रहा था, तभी गांव के ही एक युवक ने मामूली बात को लेकर उसके साथ झगड़ा कर लिया। बताया जा रहा है कि कांस्टेबल उस समय वर्दी में था। आरोप है कि युवक ने मारपीट करने के साथ-साथ उसकी वर्दी भी फाड़ दी और वारदात को अंजाम देने के बाद मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी फर्कपुर थाना पुलिस को दी गई। पीड़ित की पत्नी ने थाने में शिकायत देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। रात को ट्रेन पकड़कर वापिस जाना था कांस्टेबल की पत्नी पूजा ने बताया कि उसके पति राहुल यूपी पुलिस में कांस्टेबल हैं और उनकी पोस्टिंग हापुड़ जिले में है। वह कुछ दिन पहले अपने मायके ससोली माजरी आई थी। उसे वापस ले जाने के लिए उसके पति बुधवार को यमुनानगर आए थे और उस समय वे वर्दी में थे। रात करीब 11 बजे उन्हें रेलवे स्टेशन से यूपी जाने के लिए ट्रेन पकड़नी थी। इससे पहले रात करीब साढ़े नौ बजे वह अपनी बहन और भाभियों के साथ गली से गुजरते हुए आपस में बातचीत कर रही थी। इस दौरान उसके पति राहुल भी उनके साथ थे। तभी गांव का एक युवक वैभव उर्फ जोनी वहां आया और कहने लगा कि आराम से बात करते चलो। आरोपी कांस्टेबल की पत्नी को बोला- थप्पड़ मार दूंगा जब उन्होंने आरोपी से कहा कि वे केवल आपस में बात कर रहे हैं और उसे बीच में बोलने का कोई अधिकार नहीं है, तो आरोपी ने उन्हें धमकाते हुए कहा कि ज्यादा बोलने पर थप्पड़ मार देगा। इसी दौरान उसके पति बीच-बचाव करने आए और आरोपी को शांत रहने के लिए कहा, लेकिन आरोपी ने उन पर ही हमला कर दिया। आरोप है कि आरोपी ने मारपीट करते हुए ईंट भी उठा ली और इस दौरान राहुल का मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। हाथापाई के दौरान उसकी पुलिस वर्दी भी फाड़ दी गई। वारदात के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की कर रही जांच घटना की सूचना तुरंत डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मी परवेश ने बताया कि आरोपी वहां से फरार हो चुका था। मामले की सूचना फर्कपुर थाना पुलिस को दे दी गई है और आगे की कार्रवाई की जा रही है। फर्कपुर थाना प्रभारी कृष्ण कुमार ने बताया कि उन्हें कांस्टेबल की पत्नी की शिकायत प्राप्त हुई है, जिस पर कार्रवाई की जा रही है। पूछताछ में सामने आया है कि यूपी पुलिस का कांस्टेबल बुधवार को ड्यूटी से सीधे अपनी पत्नी को लेने के लिए यमुनानगर आया था और वह वर्दी में था। उसे रात को ही वापस जाना था। इसी दौरान गांव के ही युवक ने उसके साथ झगड़ा किया।
विद्यार्थियों में विज्ञान के प्रति रुचि जगाने के लिए मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सभी 24 जिलों में मोबाइल साइंस एग्जिबिशन बस चलाने का निर्देश दिया है। उन्होंने कहा कि यह बस सिर्फ एक वाहन नहीं, बल्कि चलती-फिरती प्रयोगशाला होगी, जिससे छात्र और आमजन विज्ञान के गूढ़ रहस्यों को करीब से समझ सकेंगे। मुख्यमंत्री बुधवार को झारखंड विज्ञान, प्रौद्योगिकी एवं नवाचार परिषद की बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। उन्होंने विज्ञान, शोध और नवाचार को मजबूत करने के साथ-साथ उच्च एवं तकनीकी संस्थानों में इनोवेशन आधारित माहौल विकसित करने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि राज्य में प्रतिभा और संसाधनों की कमी नहीं है। बस उन्हें सही दिशा और मंच देने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि परिषद की गतिविधियों को सिर्फ कागजी न रखकर परिणामोन्मुख बनाएं। युवाओं, शोधकर्ताओं और विद्यार्थियों को नवाचार से जोड़ते हुए तैयार करें। इसके लिए शोध, स्टार्टअप और तकनीकी शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए ठोस कार्ययोजना बनाएं। विज्ञान और तकनीक का उपयोग सिर्फ शिक्षा तक सीमित न रहे, बल्कि कृषि क्षेत्र में भी इसका उपयोग होना चाहिए। विज्ञान और नवाचार को समाज और शासन की वास्तविक जरूरतों से भी जोड़ें। स्कूली बच्चों को प्रमुख साइंस सिटी का भ्रमण कराएंमुख्यमंत्री ने विभिन्न जिलों में बन रहे साइंस सेंटर और तारामंडलों की प्रगति की समीक्षा भी की। उन्होंने कहा कि सिर्फ औपचारिक न रखकर इसे उपयोगी बनाएं। ताकि हर आयुवर्ग के लोग वहां पहुंचे और प्रेरित हों। सरकारी स्कूलों के बच्चों को देश देश की प्रमुख साइंस सिटी और तारामंडलों का भ्रमण कराएं। जिससे उनमें वैज्ञानिक दृष्टिकोण विकसित हों।
हरियाणा के नूंह में लिव इन पार्टनर हसीना की हत्या के मामले में पुलिस को कई चौंकाने वाली बातें पता चली हैं। पहली बात ये कि हसीना का इस्तेमाल रफीक गाड़ियां लूट करने में चारे के तौर पर करता था। वह सुनसान रास्ते पर खड़ी होकर गाड़ियां रुकवाती थी और फिर मौका पाकर रफीक लूटपाट की वारदात को अंजाम देता था। हसीना के भाई शकील ने ये आरोप लगाया है। दूसरी बात यह है कि कुछ दिन पहले रफीक के छोटे भाई और उसकी पत्नी ने हसीना के साथ मारपीट की थी। उस समय हसीना ने पड़ोस के एक युवक के मोबाइल से डायल 112 पर कॉल भी की थी। जिस युवक के फोन से यह कॉल की गई थी, उससे रफीक की पुरानी रंजिश है। इसी बात को लेकर रफीक का हसीना से झगड़ा हुआ और उसने गुस्से में आकर गाड़ी से टक्कर मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव को पत्थरों से बांधकर कुएं में फेंक दिया। कौन थी हसीना, कैसे पति से तलाकर लेकर वो रफीक के चक्कर में फंसी, क्या थी वो वजह, जो उसकी हत्या का कारण बनी और अब तक पुलिस के सामने क्या-क्या बातें आईं? इन सवालों के जवाब जानने के लिए पढ़िए दैनिक भास्कर की पूरी रिपोर्ट.... कुएं से ऐसे निकाला गया हसीना का शव, देखें PHOTOS…. पहले जानिए कौन थी हसीना और कैसे रफीक के संपर्क में आई… कैसे हुआ हसीना का मर्डर और शव तक कैसे पहुंची पुलिस… 24 अप्रैल को रफीक ने दर्ज कराई गुमशुदगी हसीना के बड़े भाई हनीफ ने बताया कि रफीक ने 24 अप्रैल को नूंह थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई थी, जिसमें हसीना को अपनी पत्नी बताते हुए कहा कि उसकी मानसिक स्थित ठीक नहीं है, वह 19 अप्रैल से लापता है। उसने पुलिस से हसीना की बरामदगी की मांग की थी। यह खबर जब मीडिया में आई तो हसीना के गांव सिंगार तक भी पहुंची। इसी को देखते हुए हनीफ ने रफीक को कॉल की और बहन के बारे में पूछताछ की। आरोप है कि रफीक ने उसे कोई जानकारी नहीं दी। परिवार को दी धमकी- लाश ढूंढकर दिखा दो हनीफ के मुताबिक, वह फरीदाबाद में रहकर काम करता है। जब उसे बहन हसीना के लापता होने की सूचना मिली तो उसने छोटे भाई शकील को उसकी तलाश में लगाया। काफी तलाश करने के बाद भी जब हसीना को कोई सुराग नहीं मिला तो शकील ने फिर रफीक से बात की। आरोप है कि रफीक ने उन्हें धमकी देते हुए कहा था कि “बझेड़ा के जंगलों में लाश ढूंढकर दिखा दो, मैं बड़ा बदमाश हूं”। इसके बाद परिवार ने पुलिस से संपर्क कर पूरी बात बताई। घर से 3 किलोमीटर दूर कुएं में मिला शव बझेड़ा के जंगलों में लाश पड़ी होने की बात सामने आने के बाद पुलिस ने हसीना के परिवार के साथ मिलकर उसकी तलाश शुरू की। इसी बीच जंगल के बीच कुंए में दुर्गंध आने पर वहां तलाश की गई तो महिला का शव पड़ा होने का पता चला। पुलिस ने शव को निकलवाया तो मृतका की पहचान हसीना के रूप में हुई। शव को पत्थरों के साथ बांधा हुआ था। पुलिस ने कुएं से जब शव निकाल तो उसमें दो मोटरसाइकिल के फ्रेम भी मिले हैं। यह कुआं रफीक के घर से करीब 3 किलोमीटर दूर है। अब जानिए पुलिस को इस मामले में क्या-क्या पता चला…. ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें... 'गोली मारी, पत्थर बांधकर शव कुएं में फेंका':नूंह में बिना शादी 6 साल युवक संग रही; भाई से लिव-इन पार्टनर बोला- लाश ढूंढकर दिखाओ नूंह के शकील ने अपनी 26 वर्षीय बहन हसीना की हत्या का आरोप रफीक पर लगाया है। 6 साल से हसीना बिना शादी किए रफीक के साथ रह रही थी। वह 19 अप्रैल को लापता हो गई थी। इसके बाद 28 अप्रैल को उसका शव बझेड़ा गांव के कुएं से बरामद हुआ। (पूरी खबर पढ़ें)
देश के सबसे बड़े अस्पताल AIIMS में ChatGPT से नकल टॉयलेट में छिपाया मोबाइल और लिख डाले जवाब
अगर आप भी देर तक मोबाइल देखते हैं तो जान लें ये नुकसान
Mobile, Der Tak Mobile Dekhne Ke Nuksan: आज के डिजिटल युग में मोबाइल हमारी जिंदगी का हिस्सा बन चुका है, लेकिन इसका अत्यधिक और देर तक इस्तेमाल धीरे-धीरे एक गंभीर लत बनता जा रहा है। अगर आप भी बिस्तर पर घंटों मोबाइल स्क्रॉल करते हैं, तो आपका शरीर और ...
टॉयलेट में मोबाइल इस्तेमाल करने की आदत बिगाड़ देगी सेहत, शरीर बन जाएगा बीमारियों का घर
हाई टेक्नोलॉजी की दुनिया में लोगों के लिए मोबाइल से 5 मिनट भी दूर रह पाना मुश्किल है। रील देखने और सोशल मीडिया चलाने की लत इतनी ज्यादा लग चुकी है कि लोग टॉयलेट में भी मोबाइल को अपने साथ लेकर जाते हैं और जरूरत से ज्यादा समय वही बिता देते हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

