WhatsApp Update: पुराने फोन में बंद हो सकता है WhatsApp, ऐसे चेक करें आपका मोबाइल सुरक्षित है या नहीं
दिल्ली में इंडिया मोबाइल कांग्रेस का पीएम मोदी करेंगे उद्घाटन
दिल्ली में आज से बहुप्रतीक्षित इंडिया मोबाइल कांग्रेस (IMC) का भव्य आयोजन शुरू होने जा रहा है. इस प्रमुख तकनीकी मंच का आधिकारिक उद्घाटन कल देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी करेंगे. इस बड़े आयोजन में भारत और विदेशों से कई प्रतिष्ठित कंपनियां, तकनीकी विशेषज्ञ और उभरते हुए स्टार्टअप्स हिस्सा लेने के लिए पहुंच रहे हैं.
कतरास थाना क्षेत्र के मालकेरा में मंगलवार देर रात बंद मोबाइल रिपेयरिंग दुकान में अचानक आग लग गई। घटना रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। आग लगने से दुकान में रखे नए-पुराने मोबाइल, काउंटर, रिपेयरिंग का सामान और अन्य उपकरण जलकर राख हो गए। दुकान मालिक ने करीब आठ लाख रुपए के नुकसान का दावा किया है। बताया गया कि रात में कतरास थाना की पेट्रोलिंग टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर बंद दुकान से निकल रही आग की लपटों पर पड़ी। पुलिस ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना देकर आसपास की बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद दुकान मालिक को फोन कर घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जुटने लगे और आग बुझाने के प्रयास में लग गए। टैंकर से पानी मंगाकर लोगों ने बुझाई आग स्थानीय लोगों के अनुसार, आग की सूचना अग्निशमन विभाग को देने और दमकल वाहन बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। काफी कोशिश के बावजूद दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर से आग बुझाने की व्यवस्था शुरू की। घर-घर पानी पहुंचाने वाले टेंपो के टैंक से पानी मंगाया गया। दुकान के ऊपर लगी करकट शीट को तोड़कर अंदर पानी पहुंचाया गया, जिसके बाद लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग पूरी तरह बुझाई जा सकी। लोगों ने बताया कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की दुकानों और मकानों तक भी आग फैल सकती थी। दमकल की मदद नहीं मिलने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी रही। लोगों ने कहा कि कतरास जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में आग लगने की स्थिति में दमकल की तत्काल उपलब्धता जरूरी है। शॉर्ट सर्किट की आशंका दुकान मालिक ने प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई है। हालांकि उन्होंने दुकान में जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया है। दुकानदार के अनुसार, इससे पहले उनकी दुकान में चोरी की घटना भी हो चुकी है। ऐसे में आग लगने की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। आग से दुकान में रखे मोबाइल और अन्य सामान पूरी तरह जल जाने के कारण दुकानदार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्रि को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रवेश और निकासी की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मंदिर चौक से मंदिर परिसर तक सामान्य भक्त, VIP और VVIP भक्तों के मंदिर में प्रवेश के लिए 3 अलग रास्ते होंगे। इस बार मोबाइल के साथ मंदिर में एंट्री बैन होगी। घी के दीये और चांदी के सिक्के की कीमत भी बढ़ी है। पहली बार सेवा समितियों के लिए टेंट की सुविधा जनपद पंचायत और नगरी निकायों को करना होगा, पहले टेंपल कमेटी करती थी। मोबाइल लेकर मंदिर के अंदर जाने पर रोक इस बार मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक रहेगी। मंदिर के बाहर मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर बनाया जा रहा है। श्रद्धालु मोबाइल जमा करने के बाद ही मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश करेंगे। मंदिर परिसर में करीब 24 कैमरे भी लगाए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखी जाएगी। दंतेवाड़ा SP चंद्रमोहन सिंह ने भी मोबाइल को लेकर नई व्यवस्था की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि इस व्यवस्था को लेकर बातचीत भी चल रही है। VIP दर्शन के लिए 500 रुपए शुल्क इस बार भी VIP दर्शन के लिए 500 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क की व्यवस्था रखी गई है। इसके लिए भक्त टेंपल कमेटी के काउंटर से या फिर ऑनलाइन रसीद कटवा सकते हैं। इस बार ऑनलाइन दर्शन के लिए भी QR कोड की सुविधा रहेगी। ज्योति कलश के शुल्क में बदलाव मंदिर में ज्योति कलश स्थापना के लिए घी के कलश की राशि इस बार 3100 रुपए रखी गई है। पिछली बार यह राशि 2100 रुपए थी। तेल के कलश की राशि 1100 रुपए ही रहेगी। मंदिर समिति के अनुसार इस बार करीब 10 हजार कलश स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। मंदिर परिसर के काम का बजट घटा, सेवा समितियों पर जिम्मेदारी बढ़ी नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर और साज-सज्जा समेत अन्य व्यवस्थाओं पर पहले करीब 32 से 35 लाख रुपए तक खर्च होते थे। इस बार मंदिर परिसर के लिए करीब 10 लाख रुपए का टेंडर किया गया है। इसके अलावा साउंड सिस्टम पर 3.30 लाख रुपए खर्च होंगे। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 9 कमरे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के सामने स्थित धर्मशाला में 9 कमरों की व्यवस्था है। एक कमरे में करीब 8 से 10 लोगों के रुकने की व्यवस्था रहेगी। कमरे के लिए 200 रुपए शुल्क लिया जाएगा। भीड़ बढ़ने पर उपलब्ध अन्य स्थानों में भी ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। चांदी के सिक्के की कीमत भी बढ़ी मंदिर में मिलने वाले 10 ग्राम के चांदी के सिक्के की कीमत इस बार 4100 रुपए रखी गई है। पिछली बार इसकी कीमत करीब 2100 रुपए थी। पिछली बार 1100 से ज्यादा सिक्के तैयार किए गए थे। इन्हें दो किस्तों में तैयार किया गया था, जिसमें पहली किस्त में 600 और दूसरी किस्त में 500 सिक्के बनाए गए थे। इस बार चांदी के बाजार भाव बढ़ने का असर सिक्के की कीमत पर भी पड़ा है। बाहर भी होंगे कार्यक्रम नवरात्रि के दौरान मंदिर के बाहर मैदान में भी अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जगहों के फेमस जगराता ग्रुप माता का जागरण करने आएंगे। मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से कार्यक्रमों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर अलग व्यवस्था की जा रही है।
दो नकाबपोश बदमाशों ने अलीराजपुर के चंद्रशेखर आजाद नगर क्षेत्र में बाइक सवार युवक से दिनदहाड़े 70 हजार रुपए और मोबाइल लूट लिए। आरोप है कि बदमाशों ने बाटनपुरा के पास युवक को रोककर वारदात की और बाइक से फरार हो गए।
विदेशी फोन्स की छुट्टी? भारत सरकार ला रही नया रोडमैप, जल्द बाजार में उतरेंगे तीन-चार स्वदेशी मोबाइल ब्रांड्स
भारतीय विशिष्ट पहचान प्राधिकरण (UIDAI) द्वारा संचालित आधार कार्ड आज हर भारतीय नागरिक के लिए सबसे आवश्यक पहचान और पते का प्रमाण बन चुका है। बैंक खाता खोलने, सरकारी छात्रवृत्ति, राशन वितरण, पासपोर्ट आवेदन से लेकर सिम कार्ड खरीदने तक लगभग हर सेवा में आधार का प्रमाणीकरण अनिवार्य है। जीवनकाल में कई बार शादी के बाद उपनाम बदलने, आवासीय पता बदलने, नया मोबाइल नंबर लिंक करने या बायोमेट्रिक डेटा में बदलाव की आवश्यकता पड़ती है। ऐसे में कई बार आधार सेवा केंद्रों या सीएससी (CSC) सेंटरों पर मनमाना चार्ज वसूलने की शिकायतें आती हैं। आम जनता को जागरूक करने के लिए UIDAI ने हर प्रकार के अपडेट—डेमोग्राफिक, बायोमेट्रिक, नया नामांकन और दस्तावेज री-वेरिफिकेशन—के लिए मानक शुल्क (GST सहित) निर्धारित किए हुए हैं।नया आधार नामांकन: पूरी तरह निशुल्क (Zero Charges)यदि किसी व्यक्ति या बच्चे का पहली बार नया आधार कार्ड बन रहा है, तो UIDAI के नियमों के अनुसार नया आधार नामांकन (New Enrolment) 100% निशुल्क होता है।किसी भी आधार सेवा केंद्र (ASK), डाकघर या अधिकृत बैंक शाखा में नए नामांकन फॉर्म, फोटो खिंचवाने, बायोमेट्रिक स्कैनिंग और पावती पर्ची (Acknowledgement Slip) के लिए ऑपरेटर एक भी रुपया शुल्क नहीं मांग सकता।UIDAI आधिकारिक शुल्क सूची (GST सहित लागू दरें)सेवा / अपडेट का प्रकारविवरण (क्या-क्या शामिल है)निर्धारित आधिकारिक शुल्कनया आधार नामांकन (New Enrolment)पहली बार आधार बनवाना (सभी आयु वर्ग)निशुल्क (Free)अनिवार्य बाल बायोमेट्रिक (MBU)5 से 7 वर्ष और 15 से 17 वर्ष की आयु में बायोमेट्रिक अपडेटनिशुल्क (Free)डेमोग्राफिक अपडेट (Demographic Update)नाम, पता, जन्मतिथि, लिंग, मोबाइल नंबर या ईमेल लिंक कराना₹75बायोमेट्रिक अपडेट (Biometric Update)फोटो, 10 उंगलियों के निशान (Fingerprints) और आइरिस (Iris)₹125बायोमेट्रिक + डेमोग्राफिक (दोनों साथ)बायोमेट्रिक के साथ ही नाम/पता/मोबाइल भी अपडेट कराना₹125 (डेमोग्राफिक का अलग चार्ज नहीं)ऑनलाइन दस्तावेज अपडेट (myAadhaar)पहचान (PoI) और पते का प्रमाण (PoA) री-वेरिफिकेशनपोर्टल पर निशुल्क (सेंटर पर ₹75)A4 रंगीन प्रिंटआउट (Aadhaar Print)आधार सेवा केंद्र से डाउनलोड कर कलर प्रिंट लेना₹40पीवीसी कार्ड ऑर्डर (Aadhaar PVC Card)आधिकारिक पोर्टल से प्लास्टिक एटीएम जैसा कार्ड स्पीड पोस्ट से मंगाना₹75नाम, पता, जन्मतिथि और मोबाइल नंबर अपडेट: ₹75 का मानक शुल्कयदि आप अपने आधार कार्ड में केवल लिखित विवरण यानी 'डेमोग्राफिक डेटा' में संशोधन कराना चाहते हैं, तो उसका निर्धारित शुल्क ₹75 है:सिंगल या मल्टीपल अपडेट: यदि आप एक ही बार में अपना पता भी बदलवा रहे हैं, नया मोबाइल नंबर भी लिंक करा रहे हैं और नाम की स्पेलिंग भी सुधार रहे हैं, तो भी कुल शुल्क ₹75 ही लगेगा। ऑपरेटर अलग-अलग फील्ड के लिए अलग से पैसे नहीं जोड़ सकता।मोबाइल और ईमेल लिंकिंग: ध्यान रहे कि मोबाइल नंबर या ईमेल आईडी जोड़ने के लिए किसी दस्तावेजी प्रमाण की आवश्यकता नहीं होती, केवल आधार सेंटर पर बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण के साथ ₹75 का भुगतान करना होता है। (हालांकि, आधिकारिक Aadhaar App के जरिए सीमित समय के लिए ईमेल अपडेट की विशेष फ्री सुविधा भी उपलब्ध कराई गई है)।पता ऑनलाइन बदलना: यदि आप myAadhaar पोर्टल या ऐप के जरिए घर बैठे स्वयं वैध एड्रेस प्रूफ अपलोड करके पता बदलते हैं, तो भी ऑनलाइन पेमेंट गेटवे पर तय सरकारी चार्ज कटता है।फोटो, फिंगरप्रिंट और आइरिस अपडेट: ₹125 का शुल्कयदि आपकी उम्र 18 वर्ष से अधिक है और आपकी फोटो पुरानी हो गई है, या फिंगरप्रिंट घिसने के कारण राशन दुकान व बैंक में थंब इम्प्रेशन मैच नहीं कर रहा है, तो आपको बायोमेट्रिक अपडेट कराना होता है:इसके लिए निर्धारित सरकारी शुल्क ₹125 है।बड़ा फायदा (कॉम्बो अपडेट): यदि आप बायोमेट्रिक अपडेट (फोटो/फिंगरप्रिंट) कराने सेंटर गए हैं, तो उसी समय अपना मोबाइल नंबर, पता या नाम भी साथ में अपडेट करा लें। UIDAI के नियमानुसार, बायोमेट्रिक अपडेट के साथ डेमोग्राफिक अपडेट कराने पर केवल ₹125 ही लिए जाएंगे, ₹75 का अतिरिक्त डेमोग्राफिक चार्ज पूरी तरह माफ रहता है।बच्चों के लिए अनिवार्य बायोमेट्रिक अपडेट (MBU) क्यों है बिल्कुल फ्री?छोटे बच्चों के फिंगरप्रिंट्स और चेहरे की बनावट उम्र बढ़ने के साथ बदलती है। इसलिए कानूनन बच्चों के लिए दो बार बायोमेट्रिक अपडेट अनिवार्य किया गया है:पहली बार (5 से 7 वर्ष की आयु में): 5 वर्ष का होने पर बच्चे के सभी 10 फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो अपडेट कराना अनिवार्य है।दूसरी बार (15 से 17 वर्ष की आयु में): 15 वर्ष की आयु पूरी होने पर वयस्क बायोमेट्रिक डेटा रिकॉर्ड किया जाता है।शून्य शुल्क: तय आयु सीमा (5-7 वर्ष और 15-17 वर्ष) के भीतर यह प्रक्रिया कराने पर एक भी रुपया नहीं लगता, यह सेवा सरकार की तरफ से पूरी तरह फ्री है। यदि निर्धारित समय-सीमा के बाद यह अपडेट कराया जाता है, तो ₹125 का शुल्क देना पड़ता है।ओवरचार्जिंग और अतिरिक्त वसूली से कैसे बचें?अक्सर ग्रामीण और कस्बाई इलाकों में ऑपरेटर 100 से 200 रुपये तक वसूलने का प्रयास करते हैं। इससे बचने के लिए इन बातों का ध्यान रखें:रसीद लेना कभी न भूलें: जब भी आप आधार केंद्र पर कोई भी अपडेट कराएं, ऑपरेटर से कंप्यूटर-जनरेटेड आधिकारिक पावती रसीद (Acknowledgement Receipt) अवश्य मांगें। इस रसीद के निचले हिस्से में साफ-साफ प्रिंट होता है कि आपसे कितना सरकारी शुल्क लिया गया है।अधिक पैसे मांगने पर शिकायत करें: यदि कोई ऑपरेटर निर्धारित शुल्क से एक भी रुपया अतिरिक्त मांगता है या रसीद देने से मना करता है, तो आप तुरंत UIDAI के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1947 पर कॉल करके या आधिकारिक ईमेल help@uidai.gov.in पर उस केंद्र के नाम व पते के साथ शिकायत दर्ज करा सकते हैं। जांच में दोषी पाए जाने पर ऑपरेटर की आईडी स्थायी रूप से ब्लैकलिस्ट कर दी जाती है।
जालंधर में शेखा बजार के तेल वाली गली में स्थित एक क्लीनिक में देर रात एक नशेड़ी युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर डॉक्टर पर हमला कर दिया और क्लीनिक में जमकर तोड़फोड़ की। घटना का मुख्य कारण डॉक्टर द्वारा मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह देना था। इस बात से नाराज होकर हमलावर ने डॉक्टर से हाथापाई की, उनका मोबाइल और बीपी मशीन तोड़ दी तथा दवाइयां बिखेर दीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। क्लीनिक में मरीज को रेफर करने पर विवादडॉक्टर विजय ने बताया कि देर रात एक युवक अपनी पत्नी का इलाज कराने क्लीनिक आया था। युवक अत्यधिक नशे की हालत में था। महिला की स्थिति देखकर डॉक्टर विजय कुमार ने उसे किसी बड़े अस्पताल में ले जाकर दिखाने की सलाह दी। हाथापाई और सामान की तोड़फोड़बस इतनी सी बात पर युवक भड़क गया और उसने अपने साथी के साथ मिलकर डॉक्टर के साथ हाथापाई और बदसलूकी शुरू कर दी। आरोपियों ने क्लीनिक का बीपी चेक करने वाला उपकरण और डॉक्टर का मोबाइल फोन पूरी तरह तोड़ दिया। इसके अलावा, क्लीनिक में रखी कई दवाइयां इधर-उधर बिखेर कर नुकसान पहुंचाया। स्टाफ और मरीजों के साथ अभद्रताघटना के समय क्लीनिक में अन्य मरीज और लेडी स्टाफ भी मौजूद थे। हमलावरों ने लेडी स्टाफ के साथ भी बदसलूकी और गलत भाषा का इस्तेमाल किया। डॉक्टर के अनुसार, इस हमले में उनका लगभग 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। 16 साल के कार्यकाल में उनके साथ ऐसी घटना पहली बार हुई है। आपराधिक पृष्ठभूमि का आरोपी हमलावर की पहचान 'सनी शूटर' के रूप में हुई है, जो भांडे बाजार का रहने वाला बताया जा रहा है। डॉक्टर के मुताबिक, आरोपी पर पहले से ही लड़ाई-झगड़े, अवैध हथियारों और नशे (चिट्टे) से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस की कार्रवाई और छापेमारीसूचना मिलते ही थाना-4 के एएसआई अमरजीत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और डॉक्टर के बयान दर्ज किए। पुलिस ने जब आरोपी के घर पर छापेमारी की, तो वह छतों के रास्ते भागने में कामयाब रहा। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कासगंज जिले के सोरों थाना क्षेत्र में अवैध खनन पर कार्रवाई करने गए नायब तहसीलदार सुरेश बाबू पर हमला हुआ है। मंगलवार को खनन कर रहे 8-10 लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की और ड्राइवर का मोबाइल भी छीन लिया। पुलिस ने 4 नामजद और 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। नायब तहसीलदार सुरेश बाबू ने बताया, महाराजपुर में मेन रोड से 100 मीटर दूर अवैध खनन दिखा। उन्होंने ड्राइवर जीतू को खनन स्थल पर जाने को कहा। खनन कर रहे लोगों को पकड़ने की कोशिश में नायब तहसीलदार और ड्राइवर से मारपीट की गई। आरोपी चार ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक लोडर को मौके से भगा ले गए। लोडर मालिक राहुल राजपूत, ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिक विकास यादव और दिलीप हैं। राजा नाम के युवक पर बदसलूकी का आरोप है। कासगंज पुलिस ने बताया, सोरों थाने में मामला दर्ज है। थाना प्रभारी को राजस्व विभाग से मिलकर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
इंडिया मोबाइल कांग्रेस आज से दिल्ली में शुरू, कल PM करेंगे उद्घाटन
इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2025 की आज से शुरूआत होने जा रही है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कल इसका उद्घाटन करेंगे. इसमें देश-विदेश से कई लोग, कंपनियां और स्टार्टअप आदि शामिल होंगे. यह इवेंट नई दिल्ली में हो रहा है और इस दौरान 6G व आर्टिफिशियल इंटेलीजेंस (AI) पर फोकस रहेगा.
Job Scam: नौकरी के नाम पर 60 लड़कियों से मोबाइल ठगे, फार्महाउस ले जाकर रची पूरी साजिश
Job Scam: नौकरी के नाम पर 60 लड़कियों से मोबाइल ठगे, फार्महाउस ले जाकर रची पूरी साजिश
15 को गुमशुदा मोबाइल मालिकों को सौंपेगी पुलिस
अमृतसर | अमृतसर देहाती पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन तलाशकर उन्हें मालिकों को लौटाने की मुहिम के तहत चौथा गुमशुदा मोबाइल फोन वितरण समारोह आयोजित करने की तैयारी की है। पुलिस के अनुसार, सीईआईआर हेल्प डेस्क ने करीब 60 लाख रुपए मूल्य के 300 मोबाइल फोन ट्रेस किए हैं, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा जाएगा। पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक यह समारोह 15 अक्टूबर सुबह 9:30 बजे अमृतसर में गोल्डन गेट के पास स्थित दबुर्गी पुलिस लाइन में होगा।
Shahjahanpur News: मोबाइल चार्जिंग को लेकर ट्रेन में हंगामा, रिपोर्ट दर्ज
शाहजहांपुर। बरेली से वाराणसी जा रही 14236 वाराणसी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मोबाइल चार्जिंग को लेकर यात्रियों के बीच विवाद हो गया। पीड़ित की शिकायत पर जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Bijnor News: मोबाइल पर दबाया ‘अपडेट’, छह मिनट में चार बार में खाते से निकल गए 91 हजार
Pressed 'update' on mobile, 91 thousand rupees were withdrawn from the account four times in six minutes
Deoria News: चोरी के मोबाइल के साथ आरोपी गिरफ्तार
Accused arrested with stolen mobile phone.
दोस्ती, नजदीकी, मोबाइल में 40 से ज्यादा महिलाओं के वीडियो, पुलिस हैरान
ग्वालियर में महिलाओं से दोस्ती कर शारीरिक संबंध बनाने और कथित तौर पर आपत्तिजनक वीडियो रिकॉर्ड करने का मामला सामने आया है. पुलिस के मुताबिक आरोपी योगेश गुप्ता के मोबाइल की जांच में 40 से ज्यादा महिलाओं के वीडियो मिले हैं. झांसी की एक महिला की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है. पुलिस अन्य महिलाओं से भी संपर्क कर रही है.
सलूंबर में पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 22 लाख रुपये के 150 गुमशुदा मोबाइल बरामद
साइबर टीम ने तकनीकी निगरानी के जरिए ट्रैकिंग कर फोन ट्रेस किए; सत्यापन के बाद असली मालिकों को लौटाए जा रहे हैं।
अररिया पुलिस ने 500 रुपए के 434 जाली नोट बरामद किए हैं। इन नोटों की कुल कीमत 2 लाख 17 हजार रुपए है। महलगांव थाना क्षेत्र से मोहम्मद पनाउल्लाह उर्फ मोहम्मद पनबुल को एक मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया है। एसपी जितेंद्र कुमार ने मंगलवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जाली नोट के कारोबार की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान पनाउल्लाह के पास से 500 रुपए के 434 जाली नोट मिले। पुलिस के अनुसार, आरोपी इन जाली नोटों को सिलीगुड़ी से लेकर अररिया पहुंचा था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नोट सिलीगुड़ी में उसे किसने दिए और आगे इनकी सप्लाई कहां की जानी थी। मोबाइल से नेटवर्क की जानकारी मिलने की उम्मीद आरोपी के पास से मिले मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल से जाली नोट के नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है। पुलिस नोटों की सप्लाई में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान करने में जुटी है। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी एसपी ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2019 में चोरी के एक मामले में उससे बरामदगी की बात सामने आई थी। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसपी जितेंद्र कुमार ने जाली भारतीय नोट के कारोबार को देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। फिलहाल पुलिस की जांच सिलीगुड़ी से अररिया तक जाली नोट पहुंचाने वाले नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों पर केंद्रित है।
चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बरवाला पुलिस ने घर में घुसकर चोरी किए गए मोबाइल फोन को खरीदने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कनोह निवासी वेदप्रकाश के रूप में हुई है। थाना बरवाला प्रभारी इंस्पेक्टर जितेंद्र ने बताया कि वार्ड नंबर 19 बरवाला निवासी अनिल कुमार ने शिकायत दी थी कि 10 अगस्त 2026 को वह किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान उसकी पत्नी ने मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाया हुआ था। पीछे से एक व्यक्ति घर में घुसा और मोबाइल फोन चोरी कर ले गया। बाद में सोफे के नीचे रखी करीब 1000 से 1200 रुपए की नकदी भी गायब मिली। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया था। जांच के दौरान मोबाइल खरीदने की बात सामने आई शिकायत के आधार पर थाना बरवाला में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी गुरुचरण निवासी हीरा कॉलोनी, वार्ड नंबर 7 बरवाला को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच के दौरान पुलिस को चोरी किए गए मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच के आधार पर पुलिस ने कनोह निवासी वेदप्रकाश को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी को आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गया जी में रेल यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले दो आरोपी RPF और GRP के हत्थे चढ़े
6 अक्टूबर, मंगलवार: गया जी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के मोबाइल चोरी करने के मामले में RPF और GRP की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने रेल यात्रियों से जुड़े मोबाइल चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ा।
नरसिंहपुर में आधी रात दुकान में घुसा चोर, दो दर्जन से अधिक मोबाइल ले गया; वारदात सीसीटीवी में कैद
दुकान में दाखिल होकर अलमारियों व काउंटर से फोन निकालते साफ नजर आ रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन हरकत में आया और जांच की गति तेज कर दी गई है।
नरसिंहपुर के गाडरवारा में मोबाइल शॉप का शटर उठाकर चोरी, बोरी में भर ले गए करीब 2 दर्जन फोन
6 अक्टूबर, मंगलवार: नरसिंहपुर के गाडरवारा में प्रकाश मोबाइल शॉप में देर रात अज्ञात चोरों ने शटर उठाकर करीब दो दर्जन महंगे मोबाइल फोन चोरी कर लिए। CCTV में दो संदिग्ध वारदात को अंजाम देते दिखे। पुलिस फुटेज और अन्य साक्ष्यों से जांच कर रही है।
मुंबई में साइबर ठगी के पैसों से महंगे मोबाइल खरीदने वाले गैंग का पर्दाफाश, दो आरोपी गिरफ्तार
Mumbai 6 अक्टूबर . साइबर ठगी कर महंगे मोबाइल फोन खरीदने वाले गिरोह पर एलटी मार्ग Police ने बड़ी कार्रवाई की है. Police ने Gujarat के Ahmedabad और Mumbai के कुर्ला से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर 19,66,075 रुपये कीमत के 25 मोबाइल फोन बरामद किए हैं. एलटी मार्ग Police स्टेशन में पीड़ित ने केस ... Read more
खुर्जा तहसील में समाधान दिवस के दौरान फरियादी परेशान, अफसरों पर मोबाइल देखने के आरोप
डीएम और एसएसपी की मौजूदगी में शिकायतों के निस्तारण के दौरान अधिकारियों के कथित ढुलमूल रवैये से जनता में नाराजगी, कार्रवाई की मांग।
सीवान के महाराजगंज मोबाइल शोरूम में 50 लाख की चोरी, श्वान दस्ते से जांच और CCTV खंगाले
6 अक्टूबर, मंगलवार: सीवान के महाराजगंज में मोबाइल शोरूम से करीब 50 लाख रुपये की चोरी के मामले में श्वान दस्ते की टीम ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चोरों की पहचान में जुटी है।
लुधियाना के थाना जमालपुर के अंतर्गत आने वाले मुंडियां दशमेश कला इलाके में एक राजमिस्त्री से मोबाइल छीनकर भाग रहे आरोपी युवक को लोगों ने पीछा कर पकड़ लिया। आरोपी के पास नशीला पदार्थ बरामद हुआ है। लोगों ने उसको पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महेश यादव राजमिस्त्री का काम करता है। कुछ दिन पहले जब वह काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था, तभी एक युवक ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया और भागने लगा। महेश ने बिना हिम्मत हारे तुरंत आरोपी का पीछा किया और मदद के लिए शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए और आरोपी को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। पकड़े जाने के बाद जब लोगों ने युवक की तलाशी ली, तो उसकी जेब से संदिग्ध नशीला पदार्थ और नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई। इसके बाद घटना की सूचना तुरंत जमालपुर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने युवक को हिरासत में ले लिया। शिकायत नहीं , बरामदगी के आधार पर कोर्ट में पेश किया पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान सुंदर नगर निवासी लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है। जांच अधिकारी गुर साहिब सिंह ने बताया कि पीड़ित महेश यादव की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। हालांकि, स्थिति और बरामद सामग्री को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कलंदरा तैयार कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
जम्मू-कश्मीर में मोबाइल नेटवर्क होगा मजबूत, 12 इलाकों में लगेंगे नए टावर
श्रीनगर, 6 अक्टूबर . जम्मू-कश्मीर Government ने उन इलाकों में मोबाइल टावर लगाने के लिए जमीन देने को मंजूरी दी है, जहां अभी नेटवर्क की सुविधा कम है. Chief Minister उमर अब्दुल्ला ने खुद इसकी जानकारी दी. Chief Minister ने ‘एक्स’ पोस्ट में लिखा, “जम्मू-कश्मीर Government ने उरी, तंगमर्ग, करनाह, कालाकोट, करालपोरा, बसंतगढ़, खौड़, लट्टी ... Read more
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में चोरों ने शहर के बीच स्थित मोबाइल शॉप को निशाना बनाया। चोर दुकान में सेंध लगाकर दो दर्जन से ज्यादा मोबाइल फोन चोरी कर ले गए। चोरी गए मोबाइलों की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। CCTV में कैद हुई चोरी की वारदात घटना 30 सितंबर की रात की बताई गई है। दुकान में लगे CCTV कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई। जिसका वीडियो आज मंगलवार को सामने आया है। वीडियो में रात करीब 1 बजे चोर दुकान के अंदर घुसकर मोबाइल फोन निकालते दिखाई दे रहे हैं। दुकान संचालक की शिकायत पर गाडरवारा पुलिस ने चोरी की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दुकान के CCTV फुटेज के साथ आसपास लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। मोबाइल बरामदगी के प्रयास जारी गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक सिंह चौहान ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। चोरी गए मोबाइलों की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।
शादी के सीजन में साइबर ठग अब लोगों की खुशी और भावनाओं को निशाना बनाकर ऑनलाइन वेडिंग कार्ड के नाम पर साइबर ठगी का प्रयास कर रहे हैं। WhatsApp और सोशल मीडिया पर शादी का कार्ड, होटल वेन्यू या प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो देखने के नाम पर संदिग्ध APK फाइल और फिशिंग लिंक भेजे जा रहे हैं। राजस्थान पुलिस के साइबर क्राइम विंग R4C ने आमजन को इस नए साइबर फ्रॉड को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी कर सतर्क किया है। शादी का कार्ड है, जरूर देखना... एक क्लिक से शुरू हो सकता है खेल डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर ठग WhatsApp या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी शादी के निमंत्रण, होटल का पता, वेडिंग कार्ड या प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो के नाम पर संदिग्ध फाइल या लिंक भेज सकते हैं। मैसेज में लिखा हो सकता है- आपका हार्दिक स्वागत है, शादी का कार्ड और होटल का पता भेजा है या प्री-वेडिंग की फोटो और वीडियो हैं, जरूर देखना। इसके साथ APK फाइल भेजकर उसे डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए कहा जा सकता है। वेडिंग कार्ड के लिए APK की जरूरत नहीं राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शादी का कार्ड, फोटो या वीडियो देखने के लिए APK फाइल डाउनलोड करने की कोई जरूरत नहीं होती। सामान्य तौर पर शादी के कार्ड PDF, JPG/PNG इमेज या सीधे चैट के माध्यम से साझा किए जा सकते हैं। इसलिए WhatsApp या सोशल मीडिया पर आई किसी भी संदिग्ध .APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करें। फर्जी वेबसाइट के जरिए भी हो सकती है ठगी साइबर ठग APK के बजाय फिशिंग लिंक भी भेज सकते हैं। यह लिंक शादी का निमंत्रण, होटल बुकिंग या वेडिंग कार्ड देखने के नाम पर बनाया जाता है। लिंक खोलने पर फर्जी वेबसाइट मोबाइल नंबर, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी दर्ज करने के लिए कह सकती है। कुछ मामलों में लिंक के जरिए संदिग्ध सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराने का भी प्रयास किया जा सकता है। परिचित के नंबर से आया मैसेज भी आंख मूंदकर न खोलें साइबर ठग किसी परिचित का WhatsApp अकाउंट हैक कर उसके नंबर से भी ऐसा मैसेज भेज सकते हैं। उदाहरण के लिए- भाई, शादी का कार्ड भेजा है, देखकर बताओ वेन्यू सही है या नहीं? परिचित के नंबर से संदेश आने के कारण लोग अक्सर बिना सत्यापन किए लिंक या फाइल खोल देते हैं। इसके बाद साइबर अपराधी मोबाइल में मौजूद फोटो, कॉन्टैक्ट, पासवर्ड, SMS और अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं। संक्रमित मोबाइल के संपर्कों को भी इसी तरह के संदिग्ध मैसेज भेजकर ठगी का दायरा बढ़ाया जा सकता है। बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
विवाहिता ससुराल से लापता, गहने भी लेकर गई:दो युवतियां भी घर से गायब; तीनों के मोबाइल स्विच ऑफ
सीकर जिले में दो युवती और एक विवाहिता के लापता होने का मामला सामने आया है। विवाहिता और एक युवती घर से जेवरात भी लेकर चली गई। अब पुलिस तीनों की तलाश कर रही है। जेवरात लेकर ससुराल से लापता विवाहिता सीकर जिले में 21 साल की महिला के जेवरात लेकर ससुराल से लापता होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 4 जुलाई 2025 को उसकी शादी हुई थी। 27 सितंबर की रात को पत्नी उसके पास ही सो रही थी। सुबह उठकर देखा तो पत्नी नहीं मिली। इसके बाद जब घर में देखा तो सोने और चांदी के जेवरात भी गायब थे। पत्नी का मोबाइल भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। दो युवतियां लापता 24 साल की युवती के लापता होने के मामले में उसके पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 2 अक्टूबर को उनकी बेटी दोपहर के समय घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। इसके बाद बेटी का कुछ भी पता नहीं चल पाया। बेटी का मोबाइल भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। 22 साल की युवती के लापता होने के केस में उसके भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि वैसे तो वह दूसरे राज्य के रहने वाले हैं। लेकिन वर्तमान में काम के सिलसिले में पूरा परिवार सीकर जिले में आया हुआ है। 4 अक्टूबर को परिवार के सभी लोग सो रहे थे। सुबह जब उठकर देखा तो बहन नहीं मिली। घर पर रखी करीब दो से तीन लाख रुपए की नगदी भी गायब मिली। युवती के भाई ने उनके राज्य के ही रहने वाले एक युवक और उसके सहयोगी पर किडनैप की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है।
जोक्स आपको गुदगुदाने के साथ-साथ घर के रोजमर्रा के किस्सों की याद भी दिलाएंगे। तो चलिए, पढ़ते हैं सास-बहू के कुछ ऐसे ही साफ-सुथरे और मजेदार जोक्स
कस्टम चाेरी : आलू के बोरों में छिपाकर नेपाल ले जाए जा रहे थे 12 मोबाइल फोन, भारतीय नागरिक गिरफ्तार
नेपाल के रौतहट जिले में यात्री टाटा सूमो की छत पर रखे आलू के बोरों में छिपाकर ले जाए जा रहे 12 मोबाइल फोन बरामद। इसे लेकर बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक नागरिक को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की तकनीकी विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश अब तकनीक का बाजार नहीं, निर्माता बन रहा है। मोबाइल उत्पादन से लेकर माइक्रोचिप, डेटा सेंटर और एआई सिटी तक विस्तार हो रहा है।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान पार्क नियमों की अनदेखी करने वाले नेचर गाइड और वाहन चालक वन विभाग की कार्रवाई की जद में आए हैं। 1 से 4 अक्टूबर के बीच हुई वाहन चेकिंग और निरीक्षण में मोबाइल का इस्तेमाल करने, बिना वैध टिकट पर्यटकों को सफारी कराने और फर्जी टिकट से सफारी कराने के मामले सामने आए। इन मामलों में कई नेचर गाइडों और एक वाहन चालक को अग्रिम आदेश तक पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित किया गया है। 4 अक्टूबर को फर्जी टिकट से चार पर्यटकों को सफारी कराने का मामला भी सामने आया, जबकि जोन-3 में तीन गाइड मोबाइल इस्तेमाल करते मिले। वन विभाग ने संबंधित गाइड और चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगरानी और चेकिंग जारी रखने की बात कही है। वाहन चालक और गाइड पर कार्रवाई वन विभाग के अनुसार 4 अक्टूबर की सुबह वाहन चेकिंग के दौरान वाहन संख्या RJ25 TA 2233 में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद वाहन चालक फैजल आलम और नेचर गाइड सतीश उपध्याय को अग्रिम आदेश तक पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसी दिन जोन नंबर 6 में भी नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया। राजबाग नाका वनपाल की रिपोर्ट के अनुसार केंटर संख्या RJ25 PA 2123 में नेचर गाइड हरगोविंद माली बी-76 चार पर्यटकों को फर्जी टिकट के जरिए सफारी करवा रहा था। मामले में गाइड को अग्रिम आदेश तक पार्क प्रवेश से प्रतिबंधित किया गया है। जोन-3 में मोबाइल इस्तेमाल करते मिले 3 गाइड 4 अक्टूबर की सुबह जोन नंबर 3 में पर्यटन के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करने पर तीन नेचर गाइडों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें वाहन RJ25 PA 2170 के गाइड सीताराम वर्मा 103ए, वाहन RJ25 TA 2207 की गाइड ज्योति मौर्य 38ए और वाहन RJ25 TA 2153 के गाइड महावीर सिंह 44ए शामिल हैं। तीनों को अग्रिम आदेश तक पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित किया गया है। बिना वैध टिकट सफारी कराने का मामला 3 अक्टूबर की सुबह वाहन संख्या RJ25 TA 1935 की जांच के दौरान नेचर गाइड रामकेश मीना द्वारा पर्यटकों को बिना वैध टिकट सफारी कराने की बात सामने आई। इसके बाद रामकेश मीना को अग्रिम आदेश तक पार्क प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसी दिन मोबाइल का इस्तेमाल करने पर चार अन्य नेचर गाइडों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इनमें RJ25 TA 2248 के राजेश योगी, RJ25 PA 2303 के विजय शर्मा, RJ25 PA 2228 के सलाउद्दीन और RJ25 TA 1967 के भंवर सिंह शामिल हैं। 1 अक्टूबर को भी 2 गाइडों पर कार्रवाई वन विभाग के अनुसार 1 अक्टूबर की शाम जोन नंबर 2 में वाहन चेकिंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल कर पार्क नियमों का उल्लंघन करने पर RJ25 TA 1890 के गाइड नेतराम 68 और RJ25 TA 2258 के गाइड मीठा लाल 44 को भी अग्रिम आदेश तक पार्क प्रवेश से प्रतिबंधित किया गया है। वन विभाग की कार्रवाई से स्पष्ट है कि रणथंभौर में सफारी के दौरान निर्धारित नियमों की पालना को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। वाहन और गाइडों की जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
रावली पर दो घंटे तक यातायात का बुरा हाल, दर्जनों स्कूली वाहन, एंबुलेंस और पर्यटकों को नहीं मिला रास्ता।
उत्तर प्रदेश पावर कॉर्पोरेशन लिमिटेड (UPPCL) ने बिजली उपभोक्ताओं के लिए डिस्कॉम-वार 247 व्हाट्सएप चैटबॉट सेवा शुरू की है. अब पूर्वांचल, मध्यांचल, पश्चिमांचल, दक्षिणांचल और केस्को के उपभोक्ता घर बैठे अपने व्हाट्सएप से बिजली बिल की जानकारी लेने, ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराने और सेल्फ बिल जनरेट जैसी सुविधाओं का लाभ आसानी से उठा सकते हैं.
यमुनानगर में 9 माह के बेटे संग महिला लापता:5 साल पहले हुई थी शादी, बेटी को घर पर छोड़ा; मोबाइल भी बंद
यमुनानगर जिले के जठलाना थाना क्षेत्र के गांव अलाहर में एक महिला अपने 9 माह के बेटे को साथ लेकर घर से लापता हो गई। महिला घर से निकलते समय अपनी ढाई साल की बेटी को घर पर ही छोड़ गई। परिजनों ने अपने स्तर पर कई जगह तलाश की, लेकिन महिला और उसके बेटे का कोई सुराग नहीं लगा। महिला के दोनों मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं। पति की शिकायत पर जठलाना थाना पुलिस ने लापता होने का मामला दर्ज कर मां-बेटे की तलाश शुरू कर दी है। शादी को हुए पांच साल गांव अलाहर निवासी महेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह मेहनत मजदूरी करता है। उसकी शादी 2021 में उत्तराखंड निवासी दीपिका के साथ हुई थी। शादी के बाद उनके दो बच्चे हुए, जिनमें एक बेटा और एक बेटी है। महेंद्र के अनुसार, दो अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े नौ बजे उसकी पत्नी दीपिका अचानक घर से लापता हो गई। वह अपने साथ 9 माह के बेटे को भी ले गई, जबकि ढाई साल की बेटी को घर पर ही छोड़ गई। दोनों मोबाइल फोन भी बंद पति के मुताबिक, जब दीपिका काफी देर तक वापस नहीं लौटी तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर भी जानकारी जुटाई गई, लेकिन महिला और उसके बेटे का पता नहीं चल सका। परिजनों ने कई दिनों तक तलाश करने के बाद पुलिस को शिकायत दी। केस दर्ज कर तलाश में जुटी पुलिस शिकायत में महेंद्र ने बताया कि दीपिका के पास दो मोबाइल फोन हैं, लेकिन लापता होने के बाद से दोनों बंद पड़े हैं। जठलाना थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर महिला व उसके बच्चे की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर महिला और बच्चे का पता लगाने के प्रयास में जुटी है।
नौगांव बस स्टैंड पर टीबी मरीज का शव मिला:जेब से मोबाइल और प्राइवेट क्लीनिक का थैला मिला
छतरपुर के नौगांव बस स्टैंड पर मंगलवार सुबह एक टीबी मरीज मृत मिला। वह उत्तर प्रदेश का रहने वाला बताया जा रहा है। मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन मिला है। उसके पास 'चेतना पॉली क्लीनिक' का एक थैला भी था। पुलिस मोबाइल के आधार पर परिजनों की पहचान कर रही है। हालांकि, क्लीनिक से उसके संबंध की पुष्टि नहीं हुई है। इस घटना के बाद टीबी अस्पताल के आसपास सक्रिय कथित दलालों पर सवाल उठे हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि सुबह के समय ये लोग मरीजों को निजी क्लीनिकों में ले जाने के लिए संपर्क करते हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की असली वजह सामने आएगी।
ब्यूटीशियन ने पति की हत्या कर बताया 'हार्ट अटैक', मोबाइल चैट से खुला राज; अब कब्र से निकलेगा शव
मेरठ में ब्यूटीशियन ने प्रेमी के साथ मिलकर अपने पति की हत्या कर दी। इसके बाद ससुरालवालों को गुमराह करने के लिए उसने पति की मौत की वजह हार्ट अटैक बताई। परिवार ने भी इसे सामान्य मौत मानकर शव दफना दिया। लेकिन इसके बाद मोबाइल चैट ने इस पूरी घटना का खौफनाक राज खोल दिया।
फेस-2 पुलिस ने मोबाइल चोरी और स्नैचिंग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस का दावा है कि दोनों आरोपी 50 से ज्यादा मोबाइल चोरी कर चुके हैं। आरोपियों के पास से चोरी और स्नैच किए गए 21 मोबाइल फोन, दो चाकू और सेक्टर-10 से चोरी की गई बाइक बरामद हुई है। पुलिस ने आरोपियों की पहचान सचिन (19) और विपिन (28) के रूप में की है। दोनों को 4 अक्टूबर को ककराला पुस्ता तिराहे के पास से पकड़ा गया। पुलिस के मुताबिक आरोपियों को मैनुअल इंटेलिजेंस और इलेक्ट्रॉनिक सर्विलांस की मदद से गिरफ्तार किया गया। बाजार और भीड़ वाली जगहों पर करते थे चोरीपुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि दोनों मिलकर भीड़भाड़ वाले बाजारों और अन्य जगहों पर लोगों के मोबाइल चोरी करते थे। इसके अलावा कंपनियों में काम करने के बाद घर लौट रहे कर्मचारियों और मजदूरों को रास्ते में निशाना बनाकर मोबाइल छीन लेते थे। पुलिस के मुताबिक मोबाइल की संख्या ज्यादा होने पर आरोपी उन्हें बेच देते थे। सेक्टर-10 से चुराई थी बाइकपुलिस ने आरोपियों के पास से बाइक नंबर UP16EF4749 भी बरामद की है। पुलिस के अनुसार यह बाइक दोनों ने सेक्टर-10, नोएडा से चोरी की थी। इस मामले में फेस-1 थाने में केस दर्ज है। बदमाश विपिन के खिलाफ गौतमबुद्धनगर के अलग-अलग थानों में 17 मुकदमे दर्ज हैं। इनमें लूट, चोरी, आर्म्स एक्ट, एनडीपीएस एक्ट, गैंगस्टर एक्ट समेत कई मामले शामिल हैं। वहीं सचिन के खिलाफ भी 4 मुकदमे दर्ज बताए गए हैं।
हिमाचल पुलिस एडवाइजरी: मोबाइल अचानक धीमा पड़े तो रहें सतर्क, हो सकता है साइबर जोखिम का संकेत
मोबाइल अचानक धीमा पड़ जाए, एप सामान्य तरीके से काम न करें या अनजान एप और पॉपअप दिखाई देने लगे तो इसे नजरअंदाज न करें।
नालंदा जिले में नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं को साइबर ठग निशाना बना रहे हैं। नालंदा के साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद ने इस पूरे नेटवर्क और ठगी के तौर-तरीकों का खुलासा करते हुए आम जनता को सतर्क रहने की सलाह दी है। उन्होंने बताया कि जॉब फ्रॉड मुख्य रूप से 2 तरीकों से किया जा रहा है। पहले तरीके में युवाओं को विदेश में आकर्षक नौकरी दिलाने का झांसा दिया जाता है। इसके तहत बकायदा उनका मेडिकल टेस्ट तक करा लिया जाता है, जिससे अभ्यर्थी को पूरी प्रक्रिया वैध लगे। हालांकि, मेडिकल के बाद इंटरव्यू और जॉइनिंग के स्तर पर गिरोह का कोई अता-पता नहीं रहता और युवाओं को ठगी का अहसास होता है। वहीं, दूसरे तरीके में देश के भीतर ही किसी निजी या छोटी कंपनी में नौकरी दिलाने का सपना दिखाया जाता है। एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक करते साइबर डीएसपी के अनुसार, इस पूरे फर्जीवाड़े में जालसाज तकनीकी सेंधमारी और मनोवैज्ञानिक दबाव दोनों का सहारा लेते हैं। ठग दस्तावेज और फॉर्म भरने के बहाने अभ्यर्थियों को एक फाइल भेजते हैं, जो अक्सर एपीके (APK) फॉर्मेट में होती है। जैसे ही कोई व्यक्ति इस फाइल को खोलता है, उसका मोबाइल फोन कॉम्प्रोमाइज यानी हैक हो जाता है। इसका मकसद फोन के सिस्टम में घुसकर बैंकिंग और निजी डेटा चुराना होता है। इसके अलावा, दूसरे तरीके में ठग वास्तविक दिखने वाले फॉर्म भेजकर भरोसा जीतते हैं और फिर पंजीकरण, मेडिकल या अन्य प्रक्रियाओं के नाम पर 15-15 हजार रुपए रकम बार-बार मांगते रहते हैं। इस तरह किस्तों में युवाओं से मोटी रकम ऐंठ ली जाती है और अंत में कुछ भी हासिल नहीं होता। आधिकारिक प्रक्रियाओं का पालन करें डीएसपी ऋषभ आनंद ने युवाओं और अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी तरह के झांसे में न आएं। किसी भी सरकारी नौकरी के लिए केवल आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन और तय भर्ती प्रक्रिया पर ही भरोसा करें। इसी तरह, निजी कंपनियों के मामले में भी उनकी अधिकृत वेबसाइट और आधिकारिक प्रक्रिया का ही पालन करना चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि किसी भी अज्ञात बिचौलिए के माध्यम से नौकरी पाने की कोशिश न करें और किसी भी अज्ञात स्रोत से भेजी गई एपीके या संदिग्ध फाइल को फोन में इंस्टॉल करने से बचें।
सहारनपुर ने बेहट थाना क्षेत्र में मोबाइल फोन हैक कर एक व्यक्ति के बैंक खाते से 1.84 लाख रुपए निकालने का मामला सामने आया है। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ने रकम वापस दिलाने की मांग की है। ग्राम दयालपुर निवासी रवि कुमार पुत्र पूरण सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 28 अगस्त 2026 को उसका मोबाइल फोन हैक हो गया था। इसके बाद उसके एचडीएफसी बैंक खाते से बिना उसकी जानकारी के दो अलग-अलग लेनदेन किए गए। खाते से पहली बार 27 अगस्त को सुबह 9:53 बजे 85 हजार रुपए निकाले गए। इसके बाद 28 अगस्त को दोपहर 12:18 बजे 99 हजार रुपए और निकाल लिए गए। इस तरह उसके खाते से कुल 1 लाख 84 हजार रुपए की रकम चली गई। रवि कुमार के मुताबिक, दोनों लेनदेन उसकी जानकारी और अनुमति के बिना किए गए। मोबाइल हैक होने के बाद खाते से रकम निकलने की जानकारी मिलने पर उसने साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। पीड़ित ने 28 अगस्त 2026 को NCRP पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़ित ने पुलिस से साइबर ठगी के जरिए निकाली गई 1.84 लाख रुपए की रकम वापस दिलाने और मामले में आवश्यक कार्रवाई करने की मांग की। तहरीर के आधार पर बेहट थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब बैंक खाते से हुए दोनों लेनदेन और रकम जिन खातों में गई, उनकी जानकारी जुटाकर साइबर ठगी करने वालों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
Gorakhpur News: डंडे के बल पर दुकानदार से मोबाइल और 15,500 रुपये लूटे
Mobile phone and 15,500 looted from shopkeeper at the point of a stick.
Jalaun News: एसीएमओ का मोबाइल हैक कर मांगे रुपये, दो ने कर दिया भुगतान
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Jaunpur News: फील्ड ट्रेनर्स को मोबाइल एप के संचालन की दी जानकारी
Field trainers were given information about the operation of the mobile app
Kushinagar News: सीएचसी रामकोला में बिजली गुल होने पर मोबाइल की रोशनी में बांटी दवा, लगाया वैक्सीन
Medicines distributed and vaccines administered by mobile phone light during a power outage at CHC Ramkola.
Ambala News: दुकान के शीशे तोड़कर नकदी, मोबाइल और डीवीआर चोरी
दुकान के शीशे तोड़कर नकदी, मोबाइल और डीवीआर चोरी
देश के महानगरों और टियर-2 शहरों में कामकाजी महिलाओं, छात्राओं और दैनिक यात्रियों के लिए ओला, उबर और रैपिडो जैसी ऐप-आधारित कैब व बाइक-टैक्सी सेवाएं यात्रा का प्रमुख साधन बन चुकी हैं। हालांकि, देर रात की यात्राओं, ड्राइवर द्वारा मनमाने रूट पर गाड़ी ले जाने और सुरक्षा से जुड़ी अप्रिय घटनाओं ने समय-समय पर डिजिटल मोबिलिटी प्लेटफॉर्म्स की जवाबदेही पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। इन चिंताओं को गंभीरता से लेते हुए राष्ट्रीय महिला आयोग (NCW) ने देश भर में डिजिटल ट्रांसपोर्ट और कैब एग्रीगेटर्स के लिए एक विस्तृत और सख्त सुरक्षा एडवाइजरी जारी की है। आयोग की अध्यक्ष विजया रहाटकर के नेतृत्व में तैयार इन दिशा-निर्देशों को देश के सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के मुख्य सचिवों को भेजकर इसे जमीनी स्तर पर अनिवार्य रूप से लागू कराने का आग्रह किया गया है। आयोग का स्पष्ट रुख है कि तकनीक की सुविधा किसी भी सूरत में महिला यात्रियों की गरिमा और शारीरिक सुरक्षा की कीमत पर नहीं दी जा सकती।गाड़ी के भीतर फिजिकल पैनिक बटन और 24x7 कमांड सेंटर अनिवार्यआयोग द्वारा जारी नई सिफारिशों में सबसे प्रमुख प्रावधान कैब के भीतर 'फिजिकल पैनिक बटन' (SOS Button) की मौजूदगी को लेकर है। अक्सर आपातकालीन स्थिति में महिला यात्री के लिए मोबाइल फोन निकालना, ऐप खोलना या नेटवर्क न होने पर डिजिटल बटन दबाना संभव नहीं हो पाता। ऐसे हालात से निपटने के लिए कैब और टैक्सियों की पिछली सीट के पास ऐसा फिजिकल इमरजेंसी बटन होना चाहिए जिसे दबाते ही सीधे आपातकालीन सायरन बजे और वाहन की जीपीएस लोकेशन सीधे पुलिस कंट्रोल रूम (112) और कंपनी के 24x7 कमांड एंड कंट्रोल सेंटर को लाइव ट्रांसमिट हो जाए। इसके साथ ही सभी कैब एग्रीगेटर्स को एक चौबीसों घंटे सक्रिय रहने वाला आधुनिक कंट्रोल रूम संचालित करना होगा, जो किसी भी पैनिक अलर्ट या अनहोनी की स्थिति में तुरंत स्थानीय पुलिस को सूचना देकर 15 से 20 मिनट के भीतर जमीनी स्तर पर आपातकालीन सहायता उपलब्ध करा सके।रास्ता भटकते ही बजेगा अलार्म: रूट डेविएशन और असामान्य ठहराव पर नजरकैब यात्रा के दौरान कई बार ड्राइवर ऐप द्वारा सुझाए गए सीधे और सुरक्षित रास्ते के बजाय सुनसान गलियों, अनधिकृत रास्तों या विपरीत दिशा में वाहन मोड़ लेते हैं, जिससे महिला यात्रियों में अनजाना भय पैदा हो जाता है। इस जोखिम को पूरी तरह खत्म करने के लिए एनसीडब्ल्यू ने रियल-टाइम रूट डेविएशन ट्रैकिंग (Real-Time Route Deviation Alerts) की सिफारिश की है। यदि कोई कैब तय जीपीएस रूट से अचानक किसी गलत दिशा में मुड़ती है या बीच रास्ते में किसी संदिग्ध और सुनसान जगह पर असामान्य रूप से काफी देर तक खड़ी रहती है, तो सिस्टम स्वतः ही यात्री के फोन और कंट्रोल रूम दोनों को जोर से अलर्ट भेजेगा। इसके तुरंत बाद कमांड सेंटर से यात्री और ड्राइवर दोनों को सुरक्षा कॉल जाएगी ताकि किसी भी अप्रिय घटना को शुरुआत में ही रोका जा सके।अकेले सफर करने वाली महिलाओं को मिले महिला ड्राइवर चुनने का विकल्पमहिला यात्रियों के मानसिक भरोसे और सहजता को बढ़ाने के लिए आयोग ने एक बेहद दूरगामी सुझाव दिया है। इसके तहत ओला, उबर और अन्य कैब प्लेटफॉर्म्स को अपने नेटवर्क में एक सत्यापित महिला ड्राइवरों का पूल (Verified Pool of Women Drivers) तैयार करने और उसे प्रोत्साहित करने का निर्देश दिया गया है। जब कोई महिला यात्री देर रात या अकेले यात्रा के लिए कैब बुक कर रही हो, तो ऐप में उसे यह वैकल्पिक सुविधा मिलनी चाहिए कि वह चाहे तो महिला ड्राइवर का चयन कर सके। हालांकि आयोग ने यह भी माना है कि यह सुविधा ड्राइवरों की उपलब्धता और स्थानीय व्यावहारिकता पर निर्भर करेगी, लेकिन इस विकल्प के जुड़ने से महिलाओं में स्वतंत्र रूप से यात्रा करने का आत्मविश्वास कई गुना बढ़ जाएगा।ड्राइवर या गाड़ी का नंबर मिसमैच होने पर जीरो कैंसिलेशन चार्जकई बार बुकिंग के समय ऐप में दिखने वाला ड्राइवर और कार का रजिस्ट्रेशन नंबर मौके पर आने वाले वाहन से पूरी तरह अलग होता है। ऐसे मामलों में जब यात्री असुरक्षा महसूस कर राइड कैंसिल करते हैं, तो कैब कंपनियां उल्टा यात्री पर ही कैंसिलेशन पेनल्टी ठोक देती हैं। एनसीडब्ल्यू ने इस अनैतिक व्यवस्था पर कड़ा प्रहार किया है। मोटर व्हीकल एग्रीगेटर गाइडलाइंस के नियमों का हवाला देते हुए आयोग ने स्पष्ट किया है कि यदि आने वाली कार, उसका नंबर या ड्राइवर की शक्ल ऐप में दिखाई गई प्रोफाइल से मेल नहीं खाती है, तो महिला यात्री को बिना किसी कैंसिलेशन चार्ज (Penalty-Free Cancellation) के राइड रद्द करने का पूरा वैधानिक अधिकार होगा। इस तरह के मिसमैच को सीधा सुरक्षा उल्लंघन मानकर कंपनी को संबंधित ड्राइवर के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई करनी होगी।पुलिस वेरिफिकेशन, एल्कोहल टेस्ट और देर रात की यात्राओं के विशेष नियमड्राइवरों को प्लेटफॉर्म से जोड़ने यानी ऑनबोर्डिंग से पहले उनके आपराधिक इतिहास की गहन जांच और अनिवार्य पुलिस वेरिफिकेशन (Police Verification) को कड़ाई से लागू करने का निर्देश दिया गया है। इसके अलावा ड्राइवरों का हर छह महीने या साल भर में री-वेरिफिकेशन किया जाना चाहिए। देर रात चलने वाली कैबों के लिए विशेष प्रोटोकॉल सुझाए गए हैं—जैसे ट्रिप शुरू होने से पहले ड्राइवर का फेस ऑथेंटिकेशन (लाइव सेल्फी), शराब या नशे की जांच (Intoxication Checks), विश्वसनीय संपर्कों के साथ ऑटो-ट्रिप शेयरिंग और यात्रा समाप्त होने पर सुरक्षित घर पहुंचने की पुष्टि (Safe-Drop Confirmation)। साथ ही सभी ड्राइवरों के लिए जेंडर सेंसिटाइजेशन (लैंगिक संवेदनशीलता) और महिलाओं के साथ शालीन व्यवहार से जुड़ी नियमित अनिवार्य ट्रेनिंग को लागू किया जाएगा, ताकि देश की सड़कों पर हर महिला बिना किसी भय के सुरक्षित सफर कर सके।
अधारताल के खजांची मोहल्ला (सब्जी मंडी) में एक फर्नीचर व्यवसायी के घर हुई लूटपाट का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। पीड़ित मोहम्मद अनीश ने बताया कि 9 तारीख की रात करीब 11 बजे बदमाश उनके घर में घुस गए थे। उन्होंने परिवार को डराकर अलमारी से 1.80 लाख रुपये नकद और एक 5G मोबाइल लूटा। पीड़ित ने तुरंत थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने जांच शुरू कर जावेद, मंगन और सुल्तान नाम के तीन आरोपियों को पकड़ा। पूछताछ में सामने आया कि इनका कोई पुराना रिकॉर्ड नहीं है। इन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है। घटना में कुल चार आरोपी शामिल थे, जिनमें से तीन गिरफ्तार हो गए हैं। पुलिस चौथे भागे हुए आरोपी की तलाश में है और बाकी रकम व सामान की बरामदगी के लिए कोशिश कर रही है।
महंगे होंगे मोबाइल रिचार्ज प्लान, जानिए कब और कितनी बढ़ेंगी कीमतें
एक रिसर्च रिपोर्ट के अनुसार, अगले चार से पांच महीनों में मोबाइल रिचार्ज प्लान 12-15 प्रतिशत तक महंगे हो सकते हैं।
Viral Video:युवती का वीडियो बनाने का आरोप,लड़की ने भी मोबाइल से रिकॉर्ड कर सोशल मीडिया पर किया शेयर
नोएडा: मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का खुलासा, 21 मोबाइल और चोरी की बाइक के साथ दो गिरफ्तार
नोएडा के थाना फेस-2 की पुलिस ने मोबाइल फोन चोरी और स्नैचिंग करने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है...
IND vs WI पहला T20I मैच टीवी और मोबाइल पर कैसे देखें LIVE, समझ लीजिए पूरा तरीका
भारत बनाम वेस्टइंडीज टी20 सीरीज शुरू होने जा रही है। पहला मैच 6 अक्टूबर को खेला जाएगा। इस मैच को आप अपने टीवी और मोबाइल पर कैसे देख सकते हैं, ये बात अभी से समझ लीजिए।
बोकारो के चास मुफस्सिल थाना क्षेत्र में 200 साल पुराने सार्वजनिक रास्ते को बंद करने पर विवाद हो गया है। यह मामला सोमवार को चास अंचल कार्यालय पहुंचा, जहां अंचल अधिकारी सेवाराम के दफ्तर में हंगामा हुआ। इस दौरान धक्का-मुक्की और मोबाइल छीनने के आरोप भी लगे हैं। भोक्ता टोला के ग्रामीण लंबे समय से इस रास्ते का इस्तेमाल कर रहे थे। इसे अचानक बंद कर दिया गया, जिससे लोग परेशान हैं। मामले में अंचल अधिकारी और युवकों ने एक-दूसरे पर आरोप लगाए हैं। निजी बताकर कार्रवाई से मना कर दिया था ग्रामीणों के मुताबिक, पहले अंचल अधिकारी सेवाराम ने जमीन को निजी बताकर कार्रवाई से मना कर दिया था। बाद में उपायुक्त के कहने पर जमीन की जांच हुई। इसमें रास्ता गैरमजरुआ (सरकारी) पाया गया। अब ग्रामीण इस पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इसी मामले को लेकर सोमवार को कुछ युवक चास अंचल कार्यालय पहुंचे। अंचल अधिकारी सेवाराम ने चास थाना प्रभारी को दिए आवेदन में आरोप लगाया है कि कुछ लोग जबरन उनके कार्यालय कक्ष में घुस गए और उन्हें डराने-धमकाने लगे। गृह रक्षक जवानों से भी बकझक की गई रोकने पर धक्का-मुक्की कर आहत करने का प्रयास किया गया। आवेदन के अनुसार, कार्यालय में तैनात गृह रक्षक जवानों से भी बकझक की गई और कार्यालय कक्ष का दरवाजा तोड़ने का प्रयास किया गया। अंचल अधिकारी ने सरकारी कार्यों, विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) सहित अन्य महत्वपूर्ण कार्यों में बाधा डालने का आरोप लगाया है। आवेदन के साथ सीसीटीवी फुटेज भी संलग्न किया गया है। पुलिस ने पांच युवकों को हिरासत में ले लिया है। जमीन गैरमजरुआ पाए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं इधर, युवक पक्ष ने अंचल अधिकारी पर पलटवार किया है। आशीष कुमार भोक्ता का आरोप है कि वह पूरे घटनाक्रम की वीडियो रिकॉर्डिंग कर रहा था, तभी अंचल अधिकारी ने उसे धक्का देकर मारने का प्रयास किया। उसने बीडीओ प्रदीप कुमार पर मोबाइल छीनने का भी आरोप लगाया। युवक का आरोप है कि जमीन गैरमजरुआ पाए जाने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई और दूसरे पक्ष से पैसे लेने के कारण मामले को दबाया गया। पुलिस अब दोनों पक्षों के आरोपों, सीसीटीवी फुटेज और जमीन से संबंधित दस्तावेजों की जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई करेगी। जांच के बाद ही रास्ते की जमीन और अंचल कार्यालय में हुई झड़प की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
New Delhi, 5 अक्टूबर . दूरसंचार विभाग (डीओटी) द्वारा विकसित संचार साथी पोर्टल ने मई 2023 में शुरू होने के बाद से 30 करोड़ से अधिक विजिट्स का आंकड़ा पार कर लिया है. संचार मंत्रालय ने Monday को कहा कि यह उपलब्धि दूरसंचार-आधारित धोखाधड़ी और साइबर अपराधों के खिलाफ नागरिकों की बढ़ती भागीदारी को दर्शाती ... Read more
आतंकियों के LoRa डिवाइस इस्तेमाल करने का अलर्ट, वीडियो में जाने मोबाइल नेटवर्क के बिना भी भेज सकते हैं मैसेज और लोकेशन
जमशेदपुर के डिमना रोड स्थित एरिक्सन मोबाइल दुकान में एक युवक ने चाकू दिखाकर और बैग में बम होने की धमकी देकर लूट का प्रयास किया।
शाहजहांपुर के बंडा थाना क्षेत्र में एक युवती ने युवक पर अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी देकर ब्लैकमेल करने और दो साल तक शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है। पीड़िता के बातचीत बंद करने पर आरोपी उसके घर पहुंचा और मोबाइल देकर दोबारा बात करने का दबाव बनाया। मना करने पर गाली-गलौज करते हुए फोटो वायरल करने की धमकी देने का आरोप है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।युवती ने छज्जपुर गांव निवासी नफीस के खिलाफ 4 अक्टूबर को एफआईआर दर्ज कराई। पीड़िता का आरोप है कि आरोपी ने उसे डरा-धमकाकर उसके अश्लील फोटो ले लिए थे। फोटो वायरल करने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल किया और करीब दो साल तक शारीरिक संबंध बनाए। पीड़िता के अनुसार, जब उसने आरोपी से बातचीत बंद कर दी तो वह नाराज हो गया। घर पहुंचकर मोबाइल दिया, बातचीत के लिए दबाव बनाया आरोप है कि 1 अक्टूबर को नफीस पीड़िता के घर पहुंचा और उसे मोबाइल देकर दोबारा फोन पर बातचीत करने का दबाव बनाया। युवती ने बात करने से मना किया तो आरोपी ने गाली-गलौज की और अश्लील फोटो वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर मामले की विवेचना शुरू की और आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास किए। रामनगर कॉलोनी के पास से आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने सोमवार दोपहर करीब एक बजे रामनगर कॉलोनी के पास घेराबंदी कर नफीस को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि युवती से उसके पिछले दो साल से संबंध थे। उसका कहना था कि बातचीत करने के लिए उसने युवती को मोबाइल दिया था, जिसे उसने वापस कर दिया था। इसके बाद वह दोबारा उसके घर मोबाइल देने गया था। बंडा प्रभारी निरीक्षक ब्रजेश सिंह ने बताया कि आरोपी से पूछताछ के बाद उसे जेल भेज दिया गया है।
जोधपुर के सबसे बड़े मथुरादास माथुर हॉस्पिटल में अब मरीजों को सभी डॉक्टर्स की जानकारी मोबाइल एप पर मिलेगी। इसके लिए मथुरादास माथुर हॉस्पिटल की ओर से ‘एमडीएमएच’ नाम से मोबाइल एप डेवलप किया गया है। मथुरादास माथुर हॉस्पिटल के सुपरिडेंटेंड डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया- अभी एप को लेकर फीडबैक लिया जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी इसमें अपडेट की है। इस एप में हर डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स की ओपीडी से लेकर उसके ओटी शेड्यूल की जानकारी होगी। इतना ही नहीं पूरा एप डेवलप होने के बाद मरीज या उनके परिजन एक खास चैट बोट के जरिए समस्याओं को लेकर सवाल-जवाब भी कर सकेंगे। डिपार्टमेंट वाइज मिलेगी जानकारी मरीजों की सुविधा और डॉक्टर्स की जानकारी के लिए इसमें डिपार्टमेंट वाइज कैटेगरी को शामिल किया है। जैसे एनिस्थिसिया, मेडिसिन, ब्लड बैंक, डेंटल, कार्डियोलॉजी, मेडिसिन, ईएनटी, आई, गेस्ट्रोलॉजी, गायनॉकोलॉजी, माइक्रोबायलॉजी, पीडियाट्रिक और पैथोलॉजी समेत अलग-अलग 20 डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स की पूरी लिस्ट रहेगी। इसके साथ ही संबंधित डॉक्टर्स की प्रोफाइल और उनका ओपीडी शेड्यूल भी इसी एप पर मरीज देख सकेंगे। ओपीडी और ओटी दोनों शेड्यूल मिलेगा दरअसल, अधिकांश मरीजों को ये जानकारी नहीं मिल पाती है कि किस दिन-किस डॉक्टर्स की ओपीडी रहती है। ऐसे में मरीज भी परेशान होते हैं। इसके लिए इस एप में डॉक्टर्स की ओपीडी और ओटी शेड्यूल दोनों की पूरी डिटेल मिलेगी। यानी कौनसे डिपार्टमेंट के डॉक्टर्स की ओपीडी कितने बजे से कितने बजे तक रहेगी। कौनसे डॉक्टर्स ऑपरेशन थियेटर में रहेंगे और उनका क्या शेड्यूल होगा। ऐसी तमाम जानकारी इसमें मरीजों को आसानी से मिल जाएगी। सरकारी स्कीम और ब्लड बैंक की भी मिलेगी जानकारी एप में मरीजों को सरकार की ओर से मिलने वाली अलग-अलग योजनाओं की पूरी जानकारी रहेगी। जैसे योजना का नाम, कौन पात्र हैं और क्या फायदा होगा। ये सभी जानकारी एप पर मिल जाएगी। साथ ही ब्लड बैंक से संबंधित जानकारी भी एप पर मरीज को आसानी से मिल जाएगी। मथुरादास माथुर हॉस्पिटल के सुपरिडेंटेंड डॉ. विकास राजपुरोहित ने बताया- एक महीने बाद एप प्रॉपर वर्किंग में हो जाएगा। इससे मरीज को पता चल जाएगा कि किस दिन कौन डॉक्टर मिलेगा। इसके अलावा स्पेशल ओपीडी की भी जानकारी मिलेगी।
Bihar News : किसानों के अनाज का पहरेदार बनेगा AI, खराब होने से पहले मोबाइल पर मिलेगी चेतावनी
AI Grain Storage : डा. राजेंद्र प्रसाद केंद्रीय कृषि विश्वविद्यालय, पूसा ने एआई, आईओटी और स्मार्ट सेंसर आधारित एक नई तकनीक विकसित की है। यह तकनीक अनाज खराब होने या कीड़ा लगने से पहले ही मोबाइल पर चेतावनी भेजकर किसानों और गोदाम प्रभारियों को सूचित करेगी।
UP News: पुलिसकर्मियों पर एक व्यक्ति को करीब 8 घंटे तक कथित तौर पर अवैध हिरासत में रखने और उसके मोबाइल फोन से वीडियो डिलीट करने के गंभीर आरोप लगे हैं। मामले को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद पुलिस विभाग […] The post पुलिसकर्मियों पर गंभीर आरोप, 8 घंटे हिरासत में रखा और मोबाइल से वीडियो किया डिलीट; SO-SSI पर केस के आदेश first appeared on Sanjeevni Today .
VIDEO: चोरी की स्कूटी के साथ युवक गिरफ्तार, दो मोबाइल और नकदी बरामद।
VIDEO: चोरी की स्कूटी के साथ युवक गिरफ्तार, दो मोबाइल और नकदी बरामद।
ग्वालियर के कंपू थाना क्षेत्र में रविवार रात दो नकाबपोश बदमाशों ने बाइक सवार दो भाइयों को रोककर लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने पहले बबूल के कांटों वाले डंडे से युवक पर हमला किया, फिर देशी कट्टा अड़ाकर दोनों से मारपीट की। आरोपी बाइक, दो मोबाइल और जेब में रखे 10 हजार रुपए लूटकर फरार हो गए। घटना भैरों बाबा मंदिर के पास की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। झाड़ियों से निकलकर बाइक के सामने आए बदमाश चिरवाई नाका निवासी जितेंद्र कुशवाह (34) पुत्र धीर सिंह कुशवाह रविवार रात करीब 10:30 बजे अपने भाई रितिक कुशवाह के साथ लोहिया बाजार से सामान खरीदकर बाइक (MP 07 MX-9412) से घर लौट रहे थे। दोनों लिटिल एंजिल स्कूल के सामने से भैरों बाबा मंदिर की ओर मुड़े थे। इसी दौरान झाड़ियों के पास से दो नकाबपोश बदमाश अचानक बाइक के सामने आ गए। एक बदमाश ने बबूल के कांटों से भरे डंडे से जितेंद्र के हाथ पर वार किया। इससे बाइक अनियंत्रित होकर रुक गई। इसके बाद दोनों बदमाशों ने भाइयों से मारपीट की और देशी कट्टा अड़ाकर उनकी जेब से 10 हजार रुपए और दो मोबाइल फोन छीन लिए। बाइक लेकर मेन रोड की ओर भागे लूट के बाद बदमाश दोनों भाइयों की बाइक भी लेकर मेन रोड की ओर भाग निकले। जितेंद्र और रितिक ने बदमाशों का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी तेज रफ्तार में निकल गए। इसके बाद जितेंद्र ने एक राहगीर के मोबाइल से अपने परिजनों को घटना की सूचना दी। परिजन के पहुंचने पर दोनों भाई कंपू थाने पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। सीसीटीवी फुटेज से बदमाशों की तलाश कंपू पुलिस ने अज्ञात लुटेरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। बदमाशों के आने-जाने वाले संभावित रास्तों के फुटेज भी जुटाए जा रहे हैं। थाना प्रभारियों को चेकिंग बढ़ाने के निर्देश घटना के बाद पुलिस ने शहर में चेकिंग और गश्त बढ़ाने के निर्देश दिए हैं। थाना प्रभारियों को अपने-अपने क्षेत्रों में पुलिस की मौजूदगी बढ़ाने, नाकाबंदी और सघन चेकिंग करने के लिए कहा गया है। कंपू थाना प्रभारी अतुल सिंह सोलंकी ने बताया कि दो युवकों से मारपीट कर दो बदमाशों ने बाइक, दो मोबाइल और नकदी लूटी है। मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस टीमें आरोपियों की तलाश कर रही हैं और सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं।
8 घंटे अवैध हिरासत में रखा, मोबाइल से डिलीट किया वीडियो; SO-SSI पर मुकदमा दर्ज करने के आदेश
अमरोहा में एक मुकदमे में पीड़ित महिला के पति और देवर को आठ घंटे अवैध हिरासत में रखने, मोबाइल का डेटा डिलीट करने और आपराधिक षड्यंत्र के तहत फर्जी मुकदमे में जेल भेजने के आरोप हैं। इस मामले में कोर्ट ने रहरा थाना प्रभारी और एसएसआई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए हैं।
रांची के एक रायफल ट्रेनिंग सेंटर में चेंजिंग रूम में मोबाइल से रिकॉर्डिंग के आरोप पर हंगामा हुआ। छात्राओं और अभिभावकों ने सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की, जिसके बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
दरभंगा में पान दुकानदार से 85 हजार की ठगी हुई है। बिजली मीटर अपडेट करने के नाम पर साइबर ठगों ने बनसारा गांव मिथिलेश कुमार चौधरी के बैंक खाते से रुपए उड़ा लिए। इस संबंध में साइबर थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। घटना रैयाम थाना क्षेत्र की है। बिजली मीटर अपडेट के नाम पर दिया झांसा मिथिलेश के अनुसार, 4 अक्टूबर की सुबह करीब 10:09 बजे मोबाइल नंबर 7462901337 से उनके पास कॉल आया। कॉल करने वाले ने अपना नाम 'तलमय मुर्मू' (Talmay Murmu) बताया। उसने कहा कि उनके बिजली मीटर का अपडेट करीब तीन साल से नहीं हुआ है। मीटर अपडेट कराने की प्रक्रिया पूछने पर आरोपी ने व्हाट्सएप पर APK फाइल(लिंक) भेजा। बिना कुछ सोचे समझे मिथिलेश ने उसे खोल दिया। इसके करीब 19 मिनट बाद, सुबह 10:28 बजे उनके बैंक खाते से 85 हजार रुपए की निकासी हो गई। 'पान दुकान चलाकर जमा की थी रकम' मिथिलेश कुमार चौधरी दोनों पैरों से दिव्यांग हैं और गांव में ही पान की दुकान चलाकर अपने परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनका कहना है कि रोज की कमाई से थोड़ा-थोड़ा पैसा बचाकर उन्होंने कई साल में यह रकम जमा की थी। भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बैंक खाते में रखी रकम एक झटके में खत्म हो गई । पीड़ित ने भावुक होकर कहा कि ‘एक-एक रुपए बचाकर इतने पैसे जमा किए थे। यही पैसा भविष्य के लिए सहारा था। साइबर ठगी करने वालों ने छल करके मेरा रुपए गायब कर दिया। अब इतना पैसा दोबारा कहां से लाएंगे।’ साइबर थाना में शिकायत, राशि फ्रीज कराने की मांग पीड़ित ने साइबर थाना में दिए आवेदन में संबंधित खाते/UPI लेन-देन को तत्काल फ्रीज या होल्ड कराने और राशि वापस कराने की मांग की है। आवेदन के साथ पीड़ित ने बैंक स्टेटमेंट, डेबिट SMS, यूपीआई ट्रांजेक्शन का विवरण, Google Transaction ID, कॉल लॉग, व्हाट्सएप चैट और APK से संबंधित स्क्रीनशॉट सहित अन्य साक्ष्य उपलब्ध कराने की बात कही है। पुलिस जांच के बाद ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि खाते से रकम किस माध्यम से निकाली गई और इसे किन खातों में ट्रांसफर किया गया।
रियल एस्टेट कारोबारी बंटी उर्फ संदीप नागर आत्महत्या केस में स्वजन ने दर्जी कराडिया के विष्णु, राजेश, बंटी, मनोज चौधरी, महेश दलोदरा, गोविंद नानेरिया सहित बब्लू उर्फ अशोक भाटिया का नाम लिया है।
लुधियाना की सेंट्रल जेल आए दिन सुरर्खियों में रहती है। कभी जेल के बाहर से नशा या मोबाइल के पैकेट फेंके जाते है तो कभी बैरकों से मोबाइल व नशा बरामद हो रहा है। नशे की चैन तोड़ने के लिए अधिकारी लगातार चैकिंग अभियान अब जेल में चला रहे है। ज्यादातर कैदी छोटे मोबाइलों का जेल में इस्तेमाल कर रहे है। अधिकारियों ने जेल में जब अचानक चेकिंग की तो अलग-अलग बैरकों से 4 मोबाइल फोन और 86 ग्राम अफीम बरामद की है। बरामदगी के बाद जेल प्रशासन ने 9 आरोपियों के खिलाफ जेल नियमों का उल्लंघन करने और नशीला पदार्थ रखने के आरोप में मामला दर्ज कराया है। सहायक सुपरिंटेंडेंट केंद्रीय जेल जसविंदर सिंह की शिकायत के मुताबिक, 3 अक्टूबर को जेल के अंदर अचानक चेकिंग की गई। इस दौरान कैदियों के कब्जे से अलग-अलग कंपनियों के 4 मोबाइल फोन और लिफाफों में छिपाकर रखी गई 86 ग्राम अफीम बरामद हुई। जेल प्रशासन के मुताबिक, आरोपियों ने जेल में प्रतिबंधित सामान रखकर जेल नियमों का उल्लंघन किया है। मामले में थाना डिवीजन नंबर-7 की पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इन आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज पुलिस ने सतनाम सिंह उर्फ शामा, मुकेश कुमार उर्फ मन्नू, सगरदीप सिंह उर्फ सेठी, प्रदीप कुमार, लखविंदर सिंह, सोहन चौरसिया, अजय कुमार उर्फ घोड़ा, मनदीप सिंह उर्फ परमजीत सिंह और गुरबख्श सिंह उर्फ गोरा के खिलाफ मामला दर्ज किया है। इनमें गुरबख्श सिंह उर्फ गोरा केंद्रीय जेल लुधियाना में हवालाती बताया गया है। NDPS एक्ट समेत जेल एक्ट की धाराएं थाना डिवीजन नंबर-7 पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 18/61/85 तथा Punjab Prisons and Correctional Services Act, 2026 की धारा 42(2), 48(II) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस अब बरामद मोबाइल फोन और अफीम जेल के अंदर पहुंचने के स्रोत की जांच कर रही है।
सीवान के मैरवा-नौतन मुख्य मार्ग पर डोंमडिह के पास रविवार रात सड़क किनारे युवक का शव मिलने के बाद पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए। मृतक की पहचान मैरवा थाना क्षेत्र के हरपुर निवासी अरविंद कुमार मांझी (30) के रूप में हुई है। वह मोहन मांझी का पुत्र था। अरविंद कोलकाता में वेल्डर का काम करता था और छुट्टी में अपने गांव आया हुआ था। परिजनों के अनुसार, अरविंद गुरुवार सुबह करीब 11 बजे बाइक से मैरवा के कुमार जांच घर में मेडिकल कराने के लिए घर से निकला था। इसके बाद वह संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया। रविवार रात उसका शव डोंमडिह के पास मिला। हालांकि, जिस बाइक से वह घर से निकला था, वह अब तक बरामद नहीं हो सकी है। मोबाइल बंद मिला, परिजनों ने शुरू की तलाश परिजनों ने बताया कि देर शाम तक अरविंद के घर नहीं लौटने पर उसकी तलाश शुरू की गई। उसका मोबाइल भी स्विच ऑफ मिल रहा था। इसके बाद परिवार के लोगों ने मैरवा बाजार, आसपास के गांवों और रिश्तेदारों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। कोई जानकारी नहीं मिलने पर परिजनों ने पुलिस को आवेदन देकर अरविंद की तलाश कराने की गुहार लगाई थी। इसके बावजूद रविवार रात डोंमडिह के पास सड़क किनारे उसका शव बरामद हुआ। शव मिलने की सूचना के बाद परिवार में कोहराम मच गया। शव मिलने के बाद लोगों का फूटा आक्रोश अरविंद का शव मिलने के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश फैल गया। लोगों ने पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग की। मृतक के परिजनों का आरोप है कि युवक के लापता होने की सूचना पुलिस को समय रहते दे दी गई थी। इसके बावजूद उसकी तलाश में अपेक्षित तत्परता नहीं दिखाई गई। मृतक के भाई ने कहा कि यदि पुलिस समय रहते सक्रिय होकर अरविंद की तलाश करती तो संभव है कि उसकी जान बचाई जा सकती थी। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर ही मौत की वास्तविक वजह सामने आएगी। मोबाइल, बाइक और सीसीटीवी से खुलेगा मौत का राज मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस मोबाइल फोन की जानकारी, बाइक और घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज की जांच कर रही है। जांच की जिम्मेदारी पीएसआई चंदन कुमार चौबे को दी गई है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि गुरुवार को घर से निकलने के बाद अरविंद कहां गया था और उसके साथ क्या हुआ। उसकी बाइक का अब तक नहीं मिलना भी जांच का अहम बिंदु माना जा रहा है। दुर्घटना, आत्महत्या या हत्या? तीनों एंगल पर जांच सदर-2 एसडीपीओ आनंद मोहन गुप्ता ने कहा कि युवक के लापता होने से लेकर शव बरामद होने तक के पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है। मोबाइल, सीसीटीवी और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की कड़ियां जोड़ी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि युवक की मौत सड़क दुर्घटना में हुई, उसने आत्महत्या की या उसके साथ कोई आपराधिक घटना हुई। पुलिस के अनुसार, जांच में दोषी पाए जाने वाले लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट और तकनीकी साक्ष्यों का इंतजार है।
दीवार के ऊपर से फेंके गए 12 मोबाइल और जर्दा; 2 हवालातियों पर पर्चा
ताजपुर रोड स्थित सेंट्रल जेल लुधियाना में बाहर से दीवार के ऊपर से सामान फेंकने का मामला सामने आया है। जेल प्रशासन द्वारा की गई चेकिंग के दौरान लावारिस हालत में फेंका गया बंडल बरामद हुआ, जिसमें से 12 मोबाइल फोन, 8 डेटा केबल और 4 पुड़िया जर्दा (तंबाकू) मिला। यह सामान जेल में बंद दो हवालातियों के लिए फेंका गया था। जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट जसविंदर सिंह ने पुलिस को भेजी शिकायत में बताया कि 1 सितंबर 2026 की रात को जेल परिसर में विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया था। इस दौरान दीवारों के पास बाहर से फेंका गया एक संदिग्ध पैकेट बरामद हुआ। जब पैकेट को खोलकर देखा गया तो उसमें से विभिन्न कंपनियों के 12 मोबाइल फोन, 8 डेटा केबल और जर्दा की 4 पुड़िया बरामद हुईं। जांच के दौरान खुलासा हुआ कि यह सामान जेल में बंद हवालाती जाईन मसीह (पुत्र थॉमस मसीह, निवासी बटाला, गुरदासपुर) और साहिल मलिक (पुत्र रविंदर सिंह, निवासी न्यू जनता नगर, लुधियाना) के लिए बाहर से फेंका गया था। सहायक सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने दोनों हवालातियों के खिलाफ दि पंजाब प्रिजन्स एंड करेक्शनल सर्विसेज एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि जेल के बाहर से यह प्रतिबंधित सामान किसने फेंका था।
ताजपुर रोड स्थित सेंट्रल जेल की सुरक्षा में सेंध का मामला सामने आया है।
Panchkula News: चाकू की नोक पर होटल कर्मचारी से मोबाइल छीना
चाकू की नोक पर होटल कर्मचारी से मोबाइल छीना
Mathura News: चार माह में गुम 543 मोबाइल फोन बरामद कर धारकों को सौंपे
मथुरासमाचार
हिसार। आजाद नगर स्थित एसबीआई के सहायक बैंक प्रबंधक विनय के आत्महत्या के मामले की आरोपी को चंडीगढ़ लेकर जा रही सिविल लाइन थाना पुलिस की गाड़ी का शनिवार रात सच्चा खेड़ा टोल के पास टायर फट गया। हादसे में सिपाही प्रियंका और आरोपी शालू को चोटें आईं।
Karnal News: टाटा एस चालक से 18 हजार रुपये और मोबाइल लूटा
टाटा एस चालक से 18 हजार रुपये और मोबाइल लूटा
सुल्तानपुर में चर्चित शिक्षक दंपती हत्याकांड में पुलिस ने प्रिंसिपल मुकेश सिंह के करीबी कर्मचारी समेत 3 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ में आरोपियों ने शराब के नशे में हत्या करने की बात बताई है। हालांकि पुलिस की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। जांच अब इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों पर केंद्रित है। मोबाइल की तलाश में कुएं में चला रेस्क्यू रविवार को SDRF अयोध्या की दो टीमों ने स्कूल के पूर्वी गेट से करीब 400 मीटर दूर स्थित कुएं में विनीता सिंह के मोबाइल की तलाश की। टीम ने रेस्क्यू ऑपरेशन चलाया, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। शाम करीब 5:30 बजे टीम वापस लौट गई। स्कूल में रखी रकम को लेकर जांच पुलिस सूत्रों के अनुसार, पूछताछ में यह बात सामने आई है कि मुकेश सिंह ने स्कूल में निर्माण कार्य और शिक्षकों के वेतन के लिए बड़ी रकम अपने आवास में रखी थी। आरोपियों को इसकी जानकारी होने की बात सामने आई है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि रकम के लालच में वारदात को अंजाम दिया गया। पत्नी के कमरे में पहुंचने पर हुआ हमला सूत्रों के मुताबिक, घटना की रात आरोपी कमरे में रखी चाबी तलाश रहे थे। इसी दौरान किचन में खाना बना रहीं विनीता सिंह वहां पहुंच गईं। उन्हें देखकर आरोपी घबरा गया। आरोप है कि विनीता ने उसे डांटा तो कहासुनी हो गई। इसके बाद आरोपी ने पास रखे फावड़े से उन पर हमला कर दिया। पत्नी की चीख सुनकर पहुंचे प्रिंसिपल पुलिस सूत्रों के मुताबिक, विनीता की चीख सुनकर मुकेश सिंह कमरे की ओर पहुंचे। आरोप है कि इसी दौरान आरोपी ने उन पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। घटना के समय करीब तीन लोगों के मौके पर मौजूद होने की बात सामने आई है। हालांकि पुलिस अभी सभी तथ्यों की पुष्टि में जुटी है। UPI ट्रांजेक्शन की भी जांच जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपियों ने स्टाफ और अन्य लोगों के मोबाइल नंबरों पर छोटे-छोटे UPI ट्रांजेक्शन किए। पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या इन ट्रांजेक्शन का मकसद जांच को दूसरी दिशा में ले जाना था। पुलिस के मुताबिक, मौके से नकदी से जुड़े कुछ सुराग भी मिले हैं। एक आरोपी की चप्पल मिलने का दावा जांच टीम से जुड़े एक सदस्य के मुताबिक, एक आरोपी की एक पैर की चप्पल घटनास्थल से मिली है। CCTV फुटेज और आरोपियों के सैंपल के मिलान की भी बात सामने आई है। पुलिस अब कोर्ट में केस को मजबूत करने के लिए ज्यादा से ज्यादा इलेक्ट्रॉनिक, फॉरेंसिक और अन्य साक्ष्य जुटा रही है। एक आरोपी का चोरी का रिकॉर्ड पुलिस के मुताबिक, हिरासत में लिए गए कर्मचारी का पहले चोरी का रिकॉर्ड मिला है। हालांकि तीनों आरोपियों की पूरी आपराधिक पृष्ठभूमि अभी सामने नहीं आई है। पुलिस ने कर्मचारी से अलग-अलग कई बार पूछताछ की है। पुलिस पर जल्द खुलासे का दबाव मामले में पुलिस पर जल्द खुलासा करने का दबाव है। एसपी और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ के साथ इलेक्ट्रॉनिक और फॉरेंसिक साक्ष्यों को जुटाकर घटनाक्रम की कड़ियां जोड़ने में लगी है।
युवक के मोबाइल में मिले 40 से अधिक महिलाओं के अश्लील वीडियो, स्पाय कैमरे से रिकॉर्डिंग की आशंका
पुलिस ने आरोपी युवक योगेश गुप्ता को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो पता चला कि वह पानी का प्लांट चलाता है। वीडियो बनाए जाने की परिस्थितियों और उनके संभावित दुरुपयोग के संबंध में पूछताछ कर रही है।
राजगढ़ पुलिस ने गुम और चोरी हुए 251 मोबाइल फोन बरामद कर रविवार को उनके असली मालिकों को लौटाए। बरामद किए गए इन मोबाइलों की कीमत 41 लाख से अधिक है। साइबर सेल ने सभी फोन मालिकों को कॉल कर कंट्रोल रूम बुलाया और उन्हें उनके फोन सौंपे। नरसिंहगढ़ के रहने वाले शंकर का 46 हजार रुपए का मोबाइल करीब एक साल पहले गुम हो गया था। फोन गुम होने के बावजूद वे लगातार उसकी किस्तें भर रहे थे। पुलिस का फोन आने पर जब वे कंट्रोल रूम पहुंचे। अपना खोया हुआ महंगा मोबाइल वापस पाया। तो उनकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एक अन्य युवक अपना मोबाइल वापस मिलने पर इतना खुश हुआ कि वह मिठाई लेकर कंट्रोल रूम पहुंच गया और उसने मौजूद पुलिसकर्मियों को मिठाई खिलाकर उनका आभार जताया। 'ऑपरेशन ट्रेस एंड रिटर्न' के तहत कार्रवाई साइबर सेल ने 'ऑपरेशन ट्रेस एंड रिटर्न' के तहत आधुनिक तकनीक और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल का इस्तेमाल कर इन मोबाइलों को ट्रेस किया है। ये सभी मोबाइल सिर्फ राजगढ़ से ही नहीं, बल्कि देवास, इंदौर, उज्जैन, भोपाल, रतलाम, आगर-मालवा के अलावा अन्य राज्यों जैसे बिहार, राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश से भी बरामद किए गए हैं।
सागर: बच्चे मोबाइल में खेल रहे थे गेम, अचानक क्लिक हुई अनजान लिंक और खाते से उड़ गए ₹9.84 लाख
सागर में बच्चों के मोबाइल पर गेम खेलते समय अनजान लिंक क्लिक होने के बाद संयुक्त बैंक खाते से 9.84 लाख रुपये निकलने का मामला सामने आया।
ग्वालियर में साइबर ठगी... पूर्व SP रियाज इकबाल का मोबाइल हैक कर 25 हजार ऐंठे
पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान नंबरों से मिलने वाले ऑफर और ऑनलाइन विज्ञापनों पर बिना सत्यापन भरोसा न करें।
सीतामढ़ी में अपराधियों के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान के दौरान पुलिस ने टॉप अपराधियों की सूची में शामिल कुख्यात डबला उर्फ छोटे राउत को गिरफ्तार किया है। नगर थाना पुलिस, एसटीएफ और पैंथर मोबाइल की संयुक्त टीम ने उसे शहर के सोना पट्टी स्थित रतन चौक की गली से दबोचा। लंबे समय से फरार डबला की गिरफ्तारी के बाद अब पुलिस उसके हथियार और साथियों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस के अनुसार, डबला के शहर में छिपे होने की गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के आधार पर नगर थाना, एसटीएफ और पैंथर मोबाइल की टीम ने रतन चौक की गली में घेराबंदी की। पुलिस टीम को देखते ही डबला भागने लगा। जवानों ने उसका पीछा किया। देखें, मौके से आई तस्वीरें… भागते-भागते नाली में गिरा, पुलिस भी पीछे से गिरी पुलिस से बचकर भागने के दौरान डबला एक नाली में जा गिरा। उसे पकड़ने के लिए पीछे से दौड़ रहे पुलिसकर्मी भी नाली में गिर गए। इसके बाद जवानों ने मौके पर ही डबला को दबोच लिया। हथियार बरामदगी के लिए कई जगह छापेमारी गिरफ्तारी के बाद पुलिस डबला से पूछताछ कर रही है। पुलिस को उसके पास हथियार होने की आशंका है। पूछताछ और उसकी निशानदेही के आधार पर हथियार के ठिकानों का पता लगाने के लिए अलग-अलग जगहों पर छापेमारी की जा रही है। पुलिस उसके संपर्क में रहने वाले लोगों की भी जानकारी जुटा रही है। कई गंभीर मामलों में आरोपी, लंबे समय से था फरार पुलिस के मुताबिक, डबला का आपराधिक इतिहास लंबा है। उसके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। गिरफ्तारी के बाद पुलिस उसके पुराने आपराधिक मामलों और नेटवर्क की भी पड़ताल कर रही है। साथियों और हथियार के नेटवर्क पर पुलिस की नजर डीएसपी सदर राजीव कुमार सिंह ने बताया कि टॉप अपराधियों की सूची में शामिल डबला को गिरफ्तार किया गया है। उससे पूछताछ जारी है। उसके साथियों की तलाश और हथियार बरामदगी के लिए छापेमारी की जा रही है।
क्या मोबाइल पर स्क्रीनशॉट लेने की आदत से कमजोर हो रही है आपकी याददाश्त
आज के डिजिटल और स्मार्टफोन के दौर में शायद ही कोई ऐसा इंसान होगा जिसने कभी अपने फोन की स्क्रीन पर किसी जरूरी जानकारी, रेसिपी, भुगतान के रसीद या किसी मजेदार जोक को सेव करने के लिए स्क्रीनशॉट (Screenshot) न लिया हो। तकनीक ने हमारी जिंदगी को इतना आसान बना दिया है कि अब किसी भी महत्वपूर्ण बात को याद रखने या पेन-पेपर से नोट करने की कोई जरूरत ही महसूस नहीं होती, क्योंकि एक बटन दबाते ही वह हमेशा के लिए हमारे फोन की गैलरी में कैद हो जाती है। लेकिन क्या आपने कभी इस बात पर गौर किया है कि सुविधा देने वाली यह छोटी सी आदत आपके दिमाग और आपकी याददाश्त पर कितना गहरा और नकारात्मक असर डाल रही है? हाल ही में मनोवैज्ञानिकों और न्यूरोसाइंस के क्षेत्र में हुए कई बड़े शोधों ने एक बेहद चौंकाने वाला खुलासा किया है जो आपको हैरान कर देगा। इन रिसर्च के अनुसार, जो लोग लगातार हर छोटी-बड़ी बात के लिए स्क्रीनशॉट का सहारा लेते हैं, उनकी प्राकृतिक याददाश्त (Natural Memory) बहुत तेजी से कमजोर होने लगती है और उन्हें भविष्य में चीजों को याद रखने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। इस डिजिटल युग में यह एक साइलेंट खतरा बनता जा रहा है, जिसे समय रहते समझना और अपनी इस आदत में सुधार करना हमारे मानसिक स्वास्थ्य के लिए बेहद जरूरी हो गया है।डिजिटल एमनेशिया (Digital Amnesia) क्या है और कैसे स्क्रीनशॉट हमारी दिमागी क्षमता को कर रहा है प्रभावितमनोविज्ञान की भाषा में इस आधुनिक बीमारी को 'डिजिटल एमनेशिया' या 'गूगल इफेक्ट' कहा जाता है, जिसका सीधा मतलब यह है कि जब इंसानी दिमाग को यह पता चल जाता है कि कोई जानकारी किसी बाहरी डिजिटल डिवाइस यानी फोन या कंप्यूटर में सुरक्षित रूप से स्टोर हो चुकी है, तो हमारा मस्तिष्क उस जानकारी को अपने भीतर सहेजने की जहमत उठाना बंद कर देता है। हमारे पूर्वजों और बड़े-बुजुर्गों की याददाश्त आज के युवाओं की तुलना में इसलिए कहीं अधिक तेज और सटीक हुआ करती थी क्योंकि वे हर छोटे-छोटे पते, फोन नंबर और जरूरी बातों को अपने दिमाग में याद रखने की कोशिश करते थे। इसके विपरीत, आज का युवा वर्ग हर छोटी बात के लिए स्क्रीनशॉट लेकर खुद को मानसिक रूप से आराम दे देता है। दिमाग का एक सीधा नियम होता है कि जिस हिस्से का इस्तेमाल आप कम करते हैं, वह धीरे-धीरे कमजोर होने लगता है। जब आप बार-बार स्क्रीनशॉट लेते हैं, तो आप अपने मस्तिष्क के हिप्पोकैंपस (Hippocampus) और मेमोरी स्टोरेज सेंटर्स को यह संदेश देते हैं कि अब उसे याद रखने की कोई आवश्यकता नहीं है, जिसके परिणामस्वरूप धीरे-धीरे हमारी याद रखने की क्षमता यानी रिकॉल पावर बुरी तरह प्रभावित होने लगती है।गैलरी में पड़े हजारों स्क्रीनशॉट और मानसिक तनाव का बढ़ता हुआ अदृश्य बोझयदि आप अपने स्मार्टफोन की गैलरी को खोलकर देखेंगे, तो आपको ऐसे हजारों स्क्रीनशॉट मिल जाएंगे जिन्हें आपने कभी भविष्य में देखने की उम्मीद से सेव किया था, लेकिन उसके बाद शायद ही कभी उन्हें दोबारा पलटकर देखा होगा। यह डिजिटल कचरा न केवल आपके फोन की स्टोरेज क्षमता को भरता है, बल्कि आपके दिमाग के भीतर भी एक अनावश्यक मानसिक तनाव और अव्यवस्था पैदा करता है। जब दिमाग को यह अहसास होता है कि हमारे पास हजारों ऐसी अनसुनी और अनदेखि जानकारियां स्टोर हैं जिन्हें हमें मैनेज करना है, तो यह हमारे कॉग्निटिव लोड (Cognitive Load) को बढ़ा देता है। इसके कारण जब हमें किसी वास्तविक परिस्थिति में किसी महत्वपूर्ण तथ्य या जानकारी को याद करने की आवश्यकता होती है, तो हमारा दिमाग भ्रमित हो जाता है और हम उस समय सही चीज को याद नहीं रख पाते हैं। बार-बार चीजें भूलने की यह आदत धीरे-धीरे हमारे आत्मविश्वास को भी कम करती है और हमें पूरी तरह से अपने स्मार्टफोन पर निर्भर बना देती है, जो कि भविष्य के लिए एक बहुत बड़ा मानसिक संकट साबित हो सकता है।स्क्रीनशॉट लेने की आदत से कैसे पाएं छुटकारा और अपनी याददाश्त को फिर से कैसे बनाएं मजबूतचूंकि स्मार्टफोन हमारे जीवन का एक अनिवार्य हिस्सा बन चुके हैं, इसलिए पूरी तरह से स्क्रीनशॉट लेना बंद कर देना शायद आज के समय में व्यावहारिक रूप से संभव न हो, लेकिन हम अपनी इस आदत को एक निश्चित और संतुलित दायरे में जरूर बांध सकते हैं। न्यूरोसाइंस के जानकारों का यह सुझाव है कि जब भी आप किसी महत्वपूर्ण जानकारी को देखें, तो स्क्रीनशॉट लेने के बजाय उसे अपने हाथों से एक डायरी में नोट करने की आदत डालें या फिर उसे अपने शब्दों में दोहराने की कोशिश करें। जब आप किसी सूचना को अपने हाथ से लिखते हैं या अपने दिमाग में रीक्रिएट करते हैं, तो हमारे मस्तिष्क के न्यूरॉन्स एक्टिव हो जाते हैं और वह जानकारी हमारी शॉर्ट-टर्म मेमोरी से निकलकर परमानेंट लॉन्ग-टर्म मेमोरी में सुरक्षित हो जाती है। इसके अलावा, हफ्ते में एक बार अपनी फोन गैलरी की सफाई करें और फालतू के स्क्रीनशॉट को डिलीट कर दें ताकि आपका डिजिटल स्पेस भी साफ रहे और आपका दिमाग भी अनावश्यक उलझनों से मुक्त हो सके। याद रखें कि तकनीक हमारी मदद के लिए है, न कि हमारे प्राकृतिक दिमाग को पूरी तरह से अपंग बनाने के लिए, इसलिए अपने स्मार्टफोन का इस्तेमाल समझदारी के साथ करें और अपनी याददाश्त की ताकत को बनाए रखें।
भारत-नेपाल सीमा पर सशस्त्र सीमा बल (SSB) और बिहार पुलिस ने 5.10 ग्राम स्मैक के साथ नेपाली युवक को गिरफ्तार किया है। युवक की पहचान कनेपोखरी, मोरंग जिला, नेपाल निवासी शेषराज विश्वकर्मा के रूप में हुई है। 52वीं वाहिनी SSB अररिया और सिकटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने यह कार्रवाई की। उसकी बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त हुआ। रुकने का इशारा करने पर भागने लगा युवक SSB को सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति बाइक से संदिग्ध मादक पदार्थ लेकर भारत से नेपाल जाएगा। सीमा चौकी लेटी और सिकटी थाना पुलिस ने संयुक्त गश्ती दल बनाया। सीमा स्तंभ संख्या 164 के पास, नो-मैन्स लैंड से 50 मीटर भारत की ओर संदिग्ध बाइक सवार दिखा। रुकने का इशारा करने पर वह भागने लगा, पर टीम ने घेराबंदी कर पकड़ लिया। सहायक कमांडेंट कृष्ण कुमार मीणा की मौजूदगी में तलाशी हुई। बाइक की हेडलाइट के पास से 5.10 ग्राम स्मैक बरामद हुई। जब्त स्मैक, बाइक और मोबाइल फोन के साथ आरोपी को थाना सिकटी, जिला अररिया को कानूनी कार्रवाई के लिए सौंपा गया।
युवती से मोबाइल लूट के 2 आरोपी गिरफ्तार:फोन और बाइक की जब्त, संगरिया में कोर्ट रोड पर की थी वारदात
हनुमानगढ़ के संगरिया में युवती से मोबाइल लूटने के 2 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। इनसे लूटा गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त की गई है। संगरिया थाना प्रभारी अमर सिंह की टीम ने सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी जानकारी से आरोपियों को पकड़ा। गिरफ्तार आरोपी राजेंद्र उर्फ पॉपिलिया (21) और हरदीप सिंह (22) हैं। नाथवाना निवासी 23 वर्षीय किरण ने 1 अक्टूबर को संगरिया थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी।किरण ने बताया कि 29 सितंबर को कोर्ट रोड पर पैदल चलते समय बाइक पर आए 2 बदमाशों ने उसका मोबाइल झपट लिया। संगरिया थाने में इस मामले का केस दर्ज हुआ।पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। अन्य वारदातों में उनकी संलिप्तता की भी जांच जारी है।
कैमूर में चांद थाना पुलिस ने देसी कट्टा और जिंदा कारतूस के साथ तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह खुलासा हाजत में बंद कैदी से मिलने आए एक संदिग्ध के मोबाइल से हुआ। पुलिस के अनुसार, कैदी से मिलने आए आकाश कुमार की गतिविधियां संदिग्ध लगीं। पूछताछ और मोबाइल जांच में हथियार व कारतूस की तस्वीरें-वीडियो मिले। घर से कट्टा और जिंदा कारतूस बरामद आकाश ने बताया कि उसने यह हथियार बहुआरा बाजार के विकाश कुमार से खरीदा था। हथियार उसके दोस्त विवेक कुमार के नौडीहा गांव स्थित घर में रखा है। इस जानकारी पर पुलिस ने विवेक के घर छापा मारा। छापेमारी में एक देसी कट्टा और दो जिंदा कारतूस बरामद हुए। पुलिस ने विकाश कुमार (दारुनपुर), विवेक यादव (नौडीहा) और आकाश कुमार (शिवरामपुर) को गिरफ्तार किया। हथियार के साथ तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। चांद थाना में केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई हो रही है।
कानपुर के रेऊना थानाक्षेत्र में महिला कांस्टेबल के सुसाइड करने के मामले में एक और खुलासा हुआ है। महिला कांस्टेबल प्रतीक्षा की मौत के बाद 23 साल बड़े उसके शादीशुदा प्रेमी विक्रम सिंह चंदेल ने भी अपना मोबाइल फोन रीसेट कर दिया था। पुलिस की गिरफ्त में आने के बाद आरोपी बोला- प्रतीक्षा की मौत की खबर सुनकर मैं डर गया था, मुझे लगा सुसाइड से पहले मैने उससे बात की थी। अगर पुलिस मुझ तक पहुंची तो मेरे मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड देखेगी। वहीं पुलिस को आशंका है कि विक्रम के मोबाइल में प्रतीक्षा की कुछ फोटो और वीडियो थे, जिन्हें वायरल करने की धमकी दे रहा था। इन सब तथ्यों की जांच के लिए आरोपी विक्रम के मोबाइल को फोरेंसिक लैब भेजा है। पुलिस ने शनिवार देर शाम आरोपी विक्रम को जेल भेज दिया है। अब पूरा मामला पढ़िए… कानपुर के गिरसी गांव की रहने वाली प्रतीक्षा सिंह की कॉन्स्टेबल पद पर 2025 में भर्ती हुई थी। पिता विजय सिंह किसान हैं, मां सुषमा सिंह गृहणी हैं। भाई राजवीर, बहनें दीपा और दिव्या अभी पढ़ाई कर रही हैं। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया कि प्रतीक्षा ने साल 2022 में सचेंडी के विनौर गांव निवासी विक्रम सिंह 2023 में कोचिंग बंद कर कानपुर की एक कंपनी में सिक्योरिटी गार्ड की नौकरी करने लगा, लेकिन वह प्रतीक्षा के लगातार संपर्क में था। साल 2025 में प्रतीक्षा पुलिस में कॉन्स्टेबल पद पर भर्ती हुई। इसके बाद उसकी तैनाती अमेठी के मोहनगंज थाने में हुई। 30 सितंबर को प्रतीक्षा 7 दिन की छुट्टी लेकर रेउना थाना क्षेत्र स्थित अपने गिरसी गांव पहुंची थी। घर पहुंचते ही उसने आराम करने की बात कही और अपने कमरे में चली गई। दोपहर करीब 2 बजे उसकी छोटी बहन कमरे में पहुंची तो प्रतीक्षा फंदे से लटकती मिली। छोटी बहन ने अपनी मां और पिता को इसकी जानकारी दी। सूचना पर पहुंची पुलिस और फोरेंसिक टीम ने जांच की तो कॉन्स्टेबल का मोबाइल रिसेट मिला। दो बच्चों का पिता है कोचिंग संचालक, कॉन्स्टेबल से अफेयर प्रतीक्षा के पिता विजय सिंह की तहरीर पर पुलिस ने 45 वर्षीय कोचिंग संचालक विक्रम सिंह चंदेल के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी के मुताबिक, विक्रम कोचिंग बंद करने के बाद लगातार महिला कांस्टेबल के संपर्क में था। उसका कांस्टेबल के घर आना जाना था, जनवरी से सितंबर तक दोनों के बीच करीब 5 हजार कॉल मिली है, जिसमें सबसे लंबी बातचीत चार घंटे तक की मिली है। ज्वाइनिंग के बाद महिला कॉन्स्टेबल की किसी और से बातचीत होने लगी थी। इसकी भनक विक्रम को लग गई थी। इस बात को लेकर दोनों के बीच झगड़े भी हुए थे। 30 सितंबर को विक्रम और प्रतीक्षा के बीच तीन बार बातचीत हुई। पहली बार सुबह करीब 30 मिनट, दूसरी बार सुबह 11 बजे करीब 15 मिनट और तीसरी बार दोपहर करीब 2 से 3 बजे के बीच करीब 45 मिनट तक दोनों की बात हुई। इसके बाद महिला कॉन्स्टेबल ने अमेठी में तैनात एक कॉन्स्टेबल से करीब 30 से 35 मिनट बात की। इसके बाद उसने मोबाइल रिसेट किया और सुसाइड कर लिया था। शुक्रवार देर शाम विक्रम को अरेस्ट किया। शनिवार सुबह उसे आत्महत्या के लिए उकसाने की धाराओं में जेल भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि प्रतीक्षा के सुसाइड के बाद विक्रम ने भी अपना मोबाइल फोन फोन रीसेट कर दिया था। उसके मोबाइल का डाटा रिकवर कराया जा रहा है, जिससे घटना से जुड़े तथ्य सामने आ सकें। भाई बनकर घर आता-जाता था टीचर डीसीपी ने बताया- परिजनों के मुताबिक, कोचिंग टीचर विक्रम प्रतीक्षा को बहन मानता था और भाई बनकर घर आता-जाता था। पुलिस की पूछताछ में विक्रम ने बताया कि घरवाले उसकी शादी तय करना चाहते थे। इसी बात को लेकर घटना वाले दिन दोनों के बीच काफी देर तक बातचीत हुई थी। पिता ने पुलिस विभाग पर भी लगाए आरोप मृतका के पिता विजय सिंह ने मोहनगंज थाने में ड्यूटी के दौरान विभागीय सहकर्मी द्वारा बेटी को लगातार मानसिक प्रताड़ित किए जाने का भी आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि बेटी को करियर और जीवन बर्बाद करने की धमकियां दी जा रही थीं। पिता ने अवकाश नहीं देने और कार्यस्थल पर प्रताड़ित करने के भी आरोप लगाए हैं। विजय सिंह के मुताबिक, बेटी जब भी घर आती थी तो डरी-सहमी रहती थी। उन्होंने कई बार उससे इसकी वजह पूछने की कोशिश की, लेकिन उसने कुछ बताने से इनकार कर दिया था। ---------------------ये खबर भी पढ़ें लूडो में हारने पर दोस्त को मार डाला:लखनऊ में पेट-सीने पर ताबड़तोड़ कैंची मारी, भाई बोला- पुलिस ने एंबुलेंस तक नहीं बुलाई लखनऊ में लूडो खेलते समय हुई लड़ाई में 32 साल के युवक की हत्या कर दी गई। दोस्त ने युवक के पेट और सीने में कैंची से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। उसे खून से लथपथ छोड़कर वहां से भाग गया। घटना की सूचना एक दुकानदार ने पुलिस को दी। पढ़िए पूरी खबर
आधुनिक दौर में शादी-विवाह के रिश्ते तलाशने का जरिया अखबारों और बिचौलियों से निकलकर डिजिटल मैट्रिमोनियल ऐप्स तक पहुंच चुका है। हालांकि, सुविधा के साथ-साथ इन मंचों पर साइबर अपराध का खतरा भी तेजी से बढ़ रहा है। साइबर ठग अब जीवनसाथी की तलाश कर रहे युवाओं और उनके परिवारों को अपना आसान शिकार बना रहे हैं। नालंदा के साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद ने जिलेवासियों को आगाह करते हुए कहा है कि मैट्रिमोनियल प्लेटफॉर्म्स पर सक्रिय असामाजिक तत्वों से बेहद सावधान रहने की जरूरत है, क्योंकि कई लोग फर्जी प्रोफाइल तैयार कर ठगी की फिराक में घूम रहे हैं। विश्वास जीतकर निजी तस्वीरें मंगाते हैं जालसाज साइबर डीएसपी के अनुसार, नालंदा साइबर थाने में इस प्रकार के कई मामले दर्ज किए जा चुके हैं। जांच में सामने आया है कि जालसाज पहले आकर्षक और फर्जी बायोडाटा के जरिए पीड़ितों से संपर्क साधते हैं। इसके बाद वे नियमित बातचीत के जरिए पीड़ित का भरोसा जीतते हैं और शादी का झांसा देकर उनसे निजी तस्वीरें, वीडियो व गोपनीय दस्तावेज हासिल कर लेते हैं। संवेदनशील सामग्री हाथ में आते ही आरोपी ब्लैकमेलिंग का खेल शुरू कर देते हैं और सामाजिक बदनामी का खौफ दिखाकर पीड़ितों से मोटी रकम की उगाही की जाती है। शादी तय करने से पहले बायोडाटा का सत्यापन जरूरी डीएसपी ऋषभ आनंद ने आम लोगों और युवाओं से अपील की है कि वे ऑनलाइन मंचों पर दिखने वाली जानकारियों पर आंख मूंदकर भरोसा न करें। किसी भी व्यक्ति से बातचीत आगे बढ़ाने से पहले उसके व्यक्तिगत, पारिवारिक और पेशेवर बायोडाटा की जमीनी स्तर पर पड़ताल अवश्य करें। इसके अलावा किसी भी अनजान व्यक्ति के साथ अपनी संवेदनशील तस्वीरें या वित्तीय दस्तावेज साझा करने से पूरी तरह परहेज करना चाहिए। संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत करें शिकायत उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यदि ऑनलाइन बातचीत के दौरान कोई व्यक्ति किसी आपात स्थिति या मजबूरी का हवाला देकर पैसों की मांग करने लगे, तो तुरंत सतर्क हो जाएं। किसी भी तरह की ठगी या ब्लैकमेलिंग का शिकार होने पर घबराने के बजाय तत्काल नजदीकी साइबर थाने या राष्ट्रीय साइबर अपराध हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, ताकि समय रहते आरोपियों पर कार्रवाई की जा सके।
Hathras News: महिलाओं को खूब भा रहे पेस्टल और फ्लोरल प्रिंट्स के मोबाइल कवर
स्मार्टफोन अब सिर्फ बातचीत या काम का जरिया नहीं रहा, बल्कि महिलाओं और युवतियों के लिए यह उनके व्यक्तिगत स्टाइल और फैशन स्टेटमेंट का अहम हिस्सा बन चुका है।
Lalitpur News: गरीबरथ और प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस में दो यात्रियों के मोबाइल चोरी
ललितपुर। ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल और अन्य सामान चोरी होने की घटनाएं सामने आ रही हैं। गरीबरथ एक्सप्रेस और प्रतापगढ़-भोपाल एक्सप्रेस में दो यात्रियों के मोबाइल चोरी हो गए।
Panchkula News: मोबाइल को लेकर विवाद में छात्र को थप्पड़ मारने का आरोप, शिक्षिका और भाई पर केस दर्ज
मोबाइल को लेकर विवाद में छात्र को थप्पड़ मारने का आरोप, शिक्षिका और भाई पर केस दर्ज
Bijnor News: महिलाओं की गर्दन पर मोबाइल और कमर पर बढ़ा काम का बोझ
Mobile phones are on the neck of women and the workload is increasing on their waist.
Lalitpur News: सावधान! मोबाइल हैक होने पर तुरंत निकालें सिम और मोबाइल करें फॉर्मेट-डीएम
ललितपुर। जिला प्रशासन ने बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए पहल की है। सदर तहसील में आयोजित संपूर्ण समाधान दिवस पर जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने जनता को साइबर सुरक्षा पर सलाह दी।
Budaun News: गणेश कॉलोनी में मोबाइल टावर में लगी आग, उपकरण जले
नगर के मोहल्ला संख्या पांच की गणेश नगर कॉलोनी में शुक्रवार देर रात एक मोबाइल टावर में अचानक आग लग गई।
जशपुरनगर जिले के पत्थलगांव में मोबाइल दुकान में हुई चोरी का पुलिस ने खुलासा किया है। पुलिस के मुताबिक, वारदात में शासकीय प्री-मैट्रिक छात्रावास में रहने वाले 11 नाबालिग बालक शामिल पाए गए हैं। सभी विद्यार्थी हैं। पुलिस के अनुसार, बालकों ने मिलकर चोरी की योजना बनाई और रात में छात्रावास से छिपकर बाहर निकलकर शनि मंदिर के सामने स्थित न्यू लक्ष्मी मोबाइल दुकान का आरी ब्लेड से ताला काटा। दुकान के अंदर घुसकर बालक मोबाइल फोन और अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी कर ले गए। तकनीकी टीम ने चोरी किए गए एक मोबाइल को ट्रेस किया, जिसके बाद पुलिस आरोपियों तक पहुंची। पूछताछ और निशानदेही के आधार पर 12 मोबाइल समेत करीब 1.50 लाख रुपए का चोरी का सामान बरामद किया गया है। 10 सितंबर को दर्ज हुई थी 2.34 लाख की चोरी की रिपोर्ट पुलिस के अनुसार, पत्थलगांव निवासी स्वनील सोनी ने 10 सितंबर 2026 को थाना पत्थलगांव में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया था कि 10 सितंबर की रात करीब 1 से 2 बजे अज्ञात व्यक्ति न्यू लक्ष्मी मोबाइल दुकान के शटर का ताला तोड़कर अंदर घुसे और नए-पुराने मोबाइल समेत अन्य सामान चोरी कर ले गए। रिपोर्ट के मुताबिक, चोरी गए सामान की कीमत करीब 2 लाख 34 हजार 300 रुपए थी। पुलिस ने BNS की धारा 305(ए), 331(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी का मोबाइल ट्रेस हुआ, छात्रावास तक पहुंची पुलिस जांच के दौरान पुलिस ने चोरी हुए मोबाइलों को ट्रेस करने के लिए टेक्निकल टीम को सक्रिय किया। आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। इसी दौरान चोरी किए गए एक मोबाइल फोन को ट्रेस करने में सफलता मिली। तकनीकी जानकारी के आधार पर पुलिस टीम ने पत्थलगांव में एक संदिग्ध के ठिकाने पर दबिश दी। वहां चोरी का मोबाइल इस्तेमाल कर रहा एक नाबालिग बालक मिला। पूछताछ में सामने आई 11 बालकों की पूरी कहानी पुलिस के अनुसार, पूछताछ में बालक ने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर चोरी करने की बात बताई। जांच में सामने आया कि 9 सितंबर की रात प्री-मैट्रिक शासकीय छात्रावास में रहने वाले 11 बालकों ने मिलकर चोरी की योजना बनाई थी। योजना के अनुसार, रात करीब 12 से 1 बजे के बीच सभी छात्रावास से छिपकर निकले और शनि मंदिर के सामने स्थित न्यू लक्ष्मी मोबाइल दुकान पहुंचे। पुलिस के मुताबिक, दो बालकों ने आरी ब्लेड से दुकान के शटर का ताला काटा, जबकि अन्य बालक आसपास रहकर आने-जाने वाले लोगों पर नजर रखते हुए रेकी कर रहे थे। ताला कटने के बाद शटर थोड़ा ऊपर उठाकर बालक दुकान के अंदर दाखिल हुए। मोबाइल के साथ ईयरबड और ब्लूटूथ ईयरफोन भी चोरी दुकान के अंदर घुसने के बाद बालकों ने मोबाइल फोन, चार्जर, केबल, ईयरबड, नेकबैंड और ब्लूटूथ ईयरफोन समेत अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामान चोरी किया। वारदात के बाद सभी रात में ही खेल मैदान के एक सुनसान स्थान पर पहुंचे और चोरी किए गए सामान को आपस में बांट लिया। 12 मोबाइल समेत डेढ़ लाख का सामान बरामद पुलिस ने अलग-अलग पूछताछ और निशानदेही के आधार पर 12 मोबाइल फोन, एक डमी मोबाइल, तीन मोबाइल चार्जर केबल सहित, दो मोबाइल चार्जर केबल, दो ईयरबड और दो ब्लूटूथ ईयरफोन बरामद किए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपए बताई गई है। मामले में सभी विधि से संघर्षरत बालकों के संबंध में किशोर न्याय से जुड़े कानूनी प्रावधानों के तहत आगे की कार्रवाई की जा रही है। ASP बोले- तकनीकी साक्ष्यों से खुला मामला एएसपी राकेश कुमार पाटनवार ने बताया कि मोबाइल दुकान चोरी के मामले में पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई। चोरी का मोबाइल ट्रेस होने के बाद पुलिस संबंधित बालक तक पहुंची। उन्होंने बताया कि पूछताछ में शासकीय छात्रावास में रहने वाले अन्य नाबालिग बालकों की भी संलिप्तता सामने आई। उनकी निशानदेही पर करीब डेढ़ लाख रुपए का चोरी का सामान बरामद किया गया है। मामले में विधि के प्रावधानों के अनुसार कार्रवाई की जा रही है।
भागलपुर-दानापुर ट्रेन में मोबाइल छीनने की कोशिश कर रहे एक युवक को यात्री ने पकड़ लिया, जिससे वह ट्रेन की खिड़की से लटकता रहा। यात्री ने बाद में उसे धक्का देकर नीचे गिरा दिया, जिसका सनसनीखेज वीडियो वायरल हो रहा है और पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मध्यप्रदेश के भिंड में बिजली कंपनी(मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी) में विजिलेंस की जिम्मेदारी संभाल रहे उपमहाप्रबंधक (DGM) नितिन डोंगरे पर नर्सिंग ऑफिसर ने बाथरूम में मोबाइल कैमरा छिपाकर अपना VIDEO बनाने का आरोप लगाया है। महिला की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने FIR दर्ज की है। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है और अधिकारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। महिला स्वास्थ्य विभाग में नर्सिंग ऑफिसर है और मुरैना जिले की रहने वाली है। वह अटेर रोड स्थित एक कॉलोनी में बिजली कंपनी में पदस्थ अधिकारी के मकान में किराए से रहती है। महिला मकान के निचले तल पर रहती है। महिला ने पुलिस को बताया कि उसके हिस्से के बाथरूम में पानी नहीं आ रहा था। इस पर मकान मालिक ने उसे ऊपर बने बाथरूम का इस्तेमाल करने के लिए कहा। इसके बाद वह ऊपर के तल पर नहाने गई थी। मोबाइल में रिकॉर्डिंग करने का हुआ शक महिला का आरोप है कि उसके बाथरूम में जाने से पहले मोबाइल का कैमरा चालू कर उसे छिपाया गया था। नहाते समय इसी मोबाइल से उसकी रिकॉर्डिंग की गई। महिला के मुताबिक, नहाने के बाद जब वह बाथरूम से बाहर निकली तो उसने DGM नितिन डोंगरे को मोबाइल उठाने के लिए आते देखा। उसे मोबाइल में रिकॉर्डिंग किए जाने का संदेह हुआ। मोबाइल देखा तो उसमे मिला VIDEO महिला ने मोबाइल अपने कब्जे में लिया तो उसमें नहाते समय का VIDEO रिकॉर्ड मिला। इसके बाद महिला ने आपत्ति जताते हुए कोतवाली थाने में शिकायत की। पुलिस ने नितिन डोंगरे के खिलाफ छेड़छाड़ और अश्लील वीडियो बनाए जाने से संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने मोबाइल को जांच के लिए कब्जे में लिया है। VIDEO रिकॉर्डिंग समेत अन्य साक्ष्यों की जांच की जा रही है। टीआई बोले- DGM हिरासत में, हो रही पूछताछ कोतवाली थाना प्रभारी मुकेश शाक्य ने बताया कि बिजली कंपनी के उपमहाप्रबंधक नितिन डोंगरे के खिलाफ महिला की शिकायत पर प्रकरण दर्ज किया गया है। अधिकारी को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया गया है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। CSP ने कहा- FIR के बाद होगी विवेचना CSP निरंजन राजपूत ने बताया कि एक फरियादिया ने कोतवाली में लिखित आवेदन दिया है। इसमें उसने भिंड जिले के आयुष विभाग में पदस्थ एक व्यक्ति पर तांक-झांक करने और VIDEO बनाने का आरोप लगाया है। महिला के आवेदन के आधार पर कोतवाली में FIR की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शेखपुरा-लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी:नाबालिग समेत 4 अरेस्ट; 4 मोबाइल और लग्जरी कार बरामद
शेखपुरा में साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में शेखोपुरसराय थाना पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर लोगों से दस्तावेज और पैसे ठगने वाले गिरोह के एक नाबालिग समेत चार सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से चार मोबाइल फोन और एक टाटा टियागो कार बरामद की गई है। मोबाइल की जांच में पुलिस को व्हाट्सऐप चैट, वॉयस चैट, क्यूआर कोड और बैंक खातों से जुड़ी जानकारी मिली है। वाहन चेकिंग में संदिग्ध गतिविधि से खुला मामला पुलिस ने शेखोपुरसराय थाना गेट के पास बरबीघा-वारिसलीगंज मुख्य सड़क पर वाहन जांच के दौरान शेखपुरा की ओर से आ रही टाटा टियागो कार को रोका। कार में चार लोग सवार थे। पूछताछ के दौरान उनके व्यवहार पर पुलिस को संदेह हुआ, जिसके बाद कार और उसमें सवार लोगों की तलाशी ली गई। मोबाइल में मिले साइबर ठगी के डिजिटल सबूत तलाशी के दौरान चार मोबाइल फोन बरामद हुए। पुलिस के अनुसार, मोबाइल की जांच में कई व्हाट्सऐप चैट, वॉयस चैट, क्यूआर कोड और बैंक खातों से संबंधित जानकारी मिली। पुलिस इन्हें साइबर ठगी से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मानकर जांच कर रही है। लोन के नाम पर दस्तावेज जुटाकर ठगी का आरोप पुलिस के मुताबिक, आरोपी लोगों को लोन दिलाने का झांसा देते थे। इसके लिए उनसे आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक अकाउंट की जानकारी और फोटो लिए जाते थे। इसके बाद प्रोसेसिंग शुल्क और जीएसटी के नाम पर क्यूआर कोड के जरिए रकम मंगाई जाती थी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस तरीके से कितने लोगों को निशाना बनाया गया। नालंदा और शेखपुरा के आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में नालंदा जिले के श्यामलाल कुमार और तुलसी कुमार, शेखपुरा के प्रिंस कुमार के अलावा एक नाबालिग शामिल है। पुलिस ने इनके पास से मिले मोबाइल और अन्य डिजिटल जानकारी के आधार पर साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच तेज कर दी है। मोबाइल और बैंक डिटेल से खुलेगा नेटवर्क का राज पुलिस बरामद मोबाइल में मिले चैट, क्यूआर कोड और बैंक खातों की जानकारी खंगाल रही है। जांच में यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गिरोह से और कितने लोग जुड़े हैं और ठगी की रकम किन खातों में भेजी जाती थी। कार्रवाई के बाद सभी आरोपियों को कानूनी प्रक्रिया के तहत आगे भेज दिया गया है।
फरीदकोट के गांव सुखनवाला में आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट में जीत हासिल कर लौट रहे खिलाड़ियों के साथ रास्ते में लूटपाट का मामला सामने आया है। चार अज्ञात बदमाशों ने खिलाड़ियों का रास्ता रोककर धारदार हथियारों से हमला कर दिया और नकदी व मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गए। इस हमले में एक कबड्डी खिलाड़ी घायल हो गया है, जिसे इलाज के लिए फरीदकोट के गुरु गोबिंद सिंह मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में भर्ती कराया गया है। थाना सदर फरीदकोट पुलिस को दिए बयान में घायल खिलाड़ी पिंदर सिंह (निवासी गांव माडी मुस्तफा, जिला मोगा) ने बताया कि वह अपने तीन अन्य साथियों के साथ सुखनवाला में आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट में हिस्सा लेने गया था। उनकी टीम ने शानदार प्रदर्शन करते हुए फाइनल मुकाबला जीता और पहला स्थान हासिल किया। जीत के तौर पर टीम को 7,100 रुपये नकद और एक साथी को 'बेस्ट जाफी' का 1,100 रुपये का विशेष पुरस्कार मिला था। पिंदर सिंह ने पुरस्कार राशि में से अपने हिस्से के 4,000 रुपये अपनी स्पोर्ट्स किट में रखे थे, जबकि बाकी 4,200 रुपये उनके साथी के पास थे। नहर के पास हथियारों के बल पर रोकी बाइक टूर्नामेंट खत्म होने के बाद चारों खिलाड़ी अपनी मोटरसाइकिलों से अपने गांव लौट रहे थे। जैसे ही वे किला नौ रोड पर नहर के पास पहुंचे, पीछे से एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए चार अज्ञात युवकों ने उनका रास्ता रोक लिया। बदमाशों के हाथों में कापे और किरपान जैसे धारदार हथियार थे। उन्होंने खिलाड़ियों के साथ मारपीट शुरू कर दी और पिंदर सिंह की किट छीन ली। बदमाशों ने किट से 4,000 रुपये नकद और एक मोबाइल फोन निकाल लिया। जब खिलाड़ियों ने विरोध किया, तो आरोपियों ने उन पर हमला कर दिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दर्ज किया मामला, CCTV की जांच जारी घटना की सूचना मिलते ही पुलिस हरकत में आई। मामले के जांच अधिकारी एएसआई (ASI) गुरजीत सिंह ने बताया कि पीड़ित खिलाड़ी पिंदर सिंह के बयानों के आधार पर 4 अज्ञात युवकों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि बदमाशों की पहचान और धरपकड़ के लिए इलाके में लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। जांच अधिकारी ने दावा किया है कि आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बंगाल की एक युवती ने कटिहार जिले के युवक पर किशनगंज के एक होटल में रेप करने और अश्लील वीडियो बनाकर ब्लैकमेल करने का आरोप लगाया है। पीड़िता ने इस संबंध में फांसीदेवा थाना के थाना प्रभारी को लिखित आवेदन देकर प्राथमिकी दर्ज करने की गुहार लगाई है। पीड़िता की 2 साल पहले मोबाइल फोन के जरिए कटिहार निवासी राजीव कुमार चौरसिया से दोस्ती हुई थी। आरोप है कि बीती 5 जनवरी 2025 को आरोपी ने महिला को तरह-तरह का लालच देकर किशनगंज स्टेशन के पास बुलाया। वहां से वह महिला को बहला-फुलाकर एक होटल में ले गया। पीड़िता का आरोप है कि होटल में आरोपी ने उसे डराया-धमकाया और जबरन उसके साथ रेप किया। इस दौरान आरोपी ने महिला का अश्लील वीडियो और फोटो भी बना लिया। घटना के बाद आरोपी ने शिकायत करने पर जान से मारने और वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। वीडियो डिलीट करने के बहाने दोबारा बुलाया महिला ने बताया कि डर के मारे उसने शुरू में किसी को कुछ नहीं बताया। इसके बाद बीती 5 जून 2025 को आरोपी ने वीडियो और फोटो डिलीट करने के बहाने महिला को दोबारा उसी किशनगंज के होटल में बुलाया। वहां आरोपी ने फिर से उसके साथ बलपूर्वक दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया। मोबाइल हैक कर परेशान करने का आरोप पीड़िता के अनुसार, जब उसने आरोपी से संपर्क तोड़ना चाहा, तो आरोपी ने उसका मोबाइल फोन हैक कर लिया और लगातार फोन करके प्रताड़ित करने लगा। आरोपी की प्रताड़ना से तंग आकर पीड़िता अब तक तीन सिम कार्ड और नंबर बदल चुकी है। परेशान होकर अंततः पीड़िता ने पुलिस की शरण ली है और आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस मामले की छानबीन में जुट गई है। सदर थाना अध्यक्ष मुकेश कुमार ने बताया कि मामले में एफआईआर दर्ज कर लिया गया है और जांच जारी है।
उदयपुर: मोबाइल पर था ध्यान, अचानक बिगड़ा संतुलन; छत से गिरकर नगर निगम लेखाधिकारी की मौत
उदयपुर के भूपालपुरा थाना क्षेत्र में सोमवार देर रात नगर निगम के क्वार्टर की छत पर टहल रहे लेखाधिकारी दिलीप सिंह चौहान नीचे गिर गए। हादसे के समय वे मोबाइल फोन देख रहे थे।
बाहरी दिल्ली के बवाना में तीन वर्षीय नर्सरी छात्रा से यौन उत्पीड़न मामले में पुलिस ने आरोपपत्र दाखिल किया है। हालांकि, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की फोरेंसिक जांच अभी लंबित है, जिनकी रिपोर्ट अहम मानी जा रही है।
Kangra News: मोबाइल फोन हैंग कर शातिरों ने बैंक खाते से उड़ाए 61,600 रुपये
गगल थाना क्षेत्र में साइबर ठगी का मामला सामने आया है। अज्ञात नंबर से आई एक फोन कॉल ने व्यक्ति को 61,600 रुपये की चपत लगा दी।
Prayagraj News: करछना में मोबाइल लूट का खुलासा, तीन गिरफ्तार
करछना में मोबाइल लूट का खुलासा, तीन गिरफ्तार
Shahjahanpur News: टिकट पर लिखे मोबाइल नंबर से हुई ट्रेन से गिरे युवक के शव की पहचान
शाहजहांपुर। दो दिन पहले गोविंदगंज रेलवे फाटक के पास ट्रेन से गिरकर जान गंवाने वाले युवक की पहचान टिकट पर लिखे मोबाइल नंबर के जरिये हो गई।
Udhampur News: मोबाइल टावर पर चढ़ा व्यक्ति आठ घंटे बाद उतारा
मोबाइल टावर पर चढ़ा व्यक्ति आठ घंटे बाद उतारा
Kanpur News: मोबाइल गुम होने से नाराज व्यापारी ने टॉवर पर चढ़कर किया हंगामा
थाना क्षेत्र के मुंगीसापुर में मोबाइल गुम होने से नाराज कपड़ा व्यापारी शुक्रवार शाम को मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया।
जशपुर जिले में कुनकुरी के तपकरा रोड स्थित मोबाइल दुकान से चोरी हुए 132 मोबाइल हैंडसेट के बांग्लादेश पहुंचने की जानकारी पुलिस जांच में सामने आई है। पुलिस के मुताबिक, चोरी के मोबाइल पहले अलग-अलग आरोपियों के हाथों में पहुंचे और बाद में उन्हें बांग्लादेश में बेच दिया गया। दूसरे देश में पहुंच चुके मोबाइलों की बरामदगी अब पुलिस के लिए चुनौती बनी हुई है। पुलिस ने इन्हें वापस लाने के लिए विधि अनुसार आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले में अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेजा जा चुका है, जबकि 4 आरोपी फरार हैं। पुलिस ने 1 लाख 80 हजार रुपए भी बरामद किए हैं। CCTV और तकनीकी साक्ष्यों से झारखंड-बंगाल तक पहुंची पुलिस अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार पाटनवार ने बताया कि मोबाइल दुकान चोरी की जांच में पुलिस ने CCTV फुटेज, टावर डंप लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया। इसके आधार पर पुलिस की कार्रवाई झारखंड और पश्चिम बंगाल तक पहुंची। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में चोरी के 132 मोबाइल बांग्लादेश में बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। मोबाइल दूसरे देश में पहुंच जाने के कारण उनकी बरामदगी की प्रक्रिया कठिन है। पुलिस मोबाइल बरामद करने और फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। रात में दुकान बंद कर गया था संचालक, सुबह खुला चोरी का राज कुनकुरी वार्ड क्रमांक 09, तपकरा रोड निवासी मोबाइल दुकान संचालक पंकज कुमार पारिक (44) ने 12 अगस्त 2026 को थाना कुनकुरी में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि 11 अगस्त की रात करीब 9 बजे वह दुकान बंद कर घर चला गया था। अगले दिन सुबह करीब 7:45 बजे सूर्योदय बैंक के कर्मचारी रितेश ने फोन कर दुकान का शटर खुला होने की जानकारी दी। दुकान पहुंचने पर शटर के दोनों ताले कटे मिले। आसपास ताला काटने और तोड़ने के सामान पड़े थे। दुकान के अंदर मोबाइल के डिब्बे अस्त-व्यस्त थे और बिक्री के लिए रखे 132 मोबाइल हैंडसेट गायब थे। पुलिस के मुताबिक, चोर शटर का ताला काटकर अंदर घुसे और मोबाइल चोरी कर ले गए। अन्नपूर्णा होटल से मिला अहम सुराग रिपोर्ट के बाद पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और प्रार्थी व गवाहों के बयान दर्ज किए। इसके साथ CCTV फुटेज, टावर डंप लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। जांच में घटनास्थल के समीप स्थित अन्नपूर्णा होटल से भी अहम सुराग मिला। पुलिस के अनुसार, दो आरोपी वहां खाना खाने पहुंचे थे और होटल संचालक को अपना मोबाइल नंबर दिया था। इस जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम आरोपियों की तलाश में झारखंड और पश्चिम बंगाल तक पहुंची। तौसिफ से पूछताछ में सामने आई मोबाइलों की पूरी कड़ी तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर पुलिस टीम झारखंड के साहेबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र के ग्राम मुर्गीटोली मध्य नारायणपुर पहुंची और तौसिफ राजा को हिरासत में लिया। पुलिस के अनुसार, पूछताछ में तौसिफ ने अपने साथी कबीर शेख के साथ मिलकर चोरी करने की बात स्वीकार की। पुलिस के मुताबिक, तौसिफ ने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल बिक्री के लिए सेंटू शेख को दिए गए थे। उसके मेमोरेण्डम कथन के अनुसार, 132 मोबाइलों में से 50 सत्यजीत मंडल, 50 अब्दुल बारी उर्फ रूबेल और 34 इकबाल हुसैन उर्फ राणा को बेचे गए थे। इन मोबाइलों की बिक्री से करीब 17 लाख रुपए मिलने की बात सामने आई, जिसे आरोपियों ने आपस में बांट लिया था। सभी 132 मोबाइल बांग्लादेश में बेचने की बात पुलिस जांच के अनुसार, चोरी किए गए सभी 132 मोबाइल हैंडसेट बाद में बांग्लादेश में बेच दिए गए। पुलिस का कहना है कि तौसिफ राजा और उसके साथियों ने मोबाइल इकबाल हुसैन, सत्यजीत मंडल और अब्दुल बारी को बेचे थे। इसके बाद इन आरोपियों ने सभी मोबाइल बांग्लादेश में बेच दिए। मोबाइल दूसरे देश में पहुंच जाने के कारण उन्हें ट्रेस और बरामद करने में कठिनाई हो रही है। पुलिस ने बांग्लादेश से मोबाइलों की बरामदगी के लिए विधि के अनुरूप आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। 5 गिरफ्तार, कमीशन की 1.80 लाख रुपए रकम बरामद मामले में तौसिफ राजा (35), सेंटू शेख (27), इकबाल हुसैन उर्फ राणा (27), अब्दुल बारी उर्फ रूबेल खुराना (28) और अब्दुल अजीज (32) को गिरफ्तार किया गया है। इनकी गिरफ्तारी 25 अगस्त, 14 सितंबर, 27 सितंबर और 1 अक्टूबर 2026 को अलग-अलग चरणों में की गई। सभी आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर भेजा गया है। पुलिस ने सेंटू शेख से कमीशन के रूप में प्राप्त बची हुई 1 लाख 80 हजार रुपए की रकम बरामद कर जब्त की है। आरोपियों के व्यक्तिगत मोबाइल फोन भी साक्ष्य के तौर पर जब्त किए गए हैं। मामले में 4 अन्य आरोपियों को चिन्हित किया गया है, जो फरार हैं। उनकी तलाश जारी है। प्रकरण में BNS की धारा 331(4), 305(ए), 111(6), 313 और 3(5) के तहत कार्रवाई की गई है। SSP बोले- फरार आरोपियों और मोबाइल बरामदगी पर फोकस एसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि CCTV फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाते हुए पुलिस ने अब तक 5 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पूछताछ में चोरी के 132 मोबाइल हैंडसेट बांग्लादेश में बेचे जाने की जानकारी सामने आई है। उन्होंने बताया कि मोबाइलों की बरामदगी के साथ मामले में फरार 4 अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए भी पुलिस की कार्रवाई जारी है।
अमृतसर में शुक्रवार सुबह दवा निकले युवक का एक नहर से शव मिलने से हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर शव को पानी से बाहर निकाला। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा। युवक की मौत कैसे हुई पुलिस इसकी जांच कर रही है। शुक्रवार दोपहर बाद नहर में शव मिलने की सूचना से हड़कंप मच गया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को बाहर निकाला। पुलिस को मृतक की जेब से पहचान पत्र मिला। जिससे उसकी पहचान रईया खुर्द निवासी प्रभसिमरन सिंह के रूप में हुई है। घटनास्थल के पास से ही पुलिस को उसकी मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन भी बरामद हुआ है। पुलिस ने घटना के बारे में मृतक के परिजनों को सूचित कर दिया है। दवा लेने निकला था युवक मृतक के साथ काम करने वाले एक साथी ने बताया कि वे दोनों पराली की गांठें बनाने वाली मशीन पर काम करते थे। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे प्रभसिमरन ने पैर में दर्द की शिकायत की थी और दवा लेने की बात कहकर वहां से निकला था, लेकिन इसके बाद वह वापस नहीं लौटा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार प्रारंभिक जांच में पुलिस को शव पर किसी तरह के चोट या खरोंच के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भेज दिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मौत डूबने से हुई है या इसके पीछे कोई अन्य कारण है, इसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने और परिवार के बयान दर्ज होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
जबलपुर के होटल में एक युवक को महिला के साथ देख उसकी पत्नी ने दोनों की पिटाई कर दी। मामला थाना गढ़ा के शारदा चौक स्थित होटल बैलेंसिंग रॉक का है। महिला को पहले से शक था कि उसका पति किसी दूसरी महिला के संपर्क में है। शुक्रवार दोपहर पति के मोबाइल में होटल में मुलाकात का मैसेज देखने के बाद उसने उसका पीछा किया और होटल पहुंच गई। होटल के कमरा नंबर 103 में उसका पति अरुण यादव एक महिला के साथ मौजूद था। दोनों को बेड पर देख महिला ने दरवाजा खोला और पति व उसके साथ मौजूद महिला की पिटाई शुरू कर दी। घटना की जानकारी मिलते ही गढ़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने तीनों को समझाइश देकर अलग-अलग किया। पिटाई की दो तस्वीरें देखिए महिला ने पुलिस को बताया कि दोपहर में उसने पति का मोबाइल देखा था। उसमें मैसेज था कि शारदा चौक स्थित होटल में मुलाकात होगी। इसके लिए कमरा भी बुक किया गया था। महिला के मुताबिक, उसे काफी समय से पति पर शक था। उसे यह भी पता चला था कि अरुण पिछले करीब एक साल से ज्योति नाम की महिला के संपर्क में है। महिला ने बताया कि पति घर से निकलते समय किसी काम से जाने की बात कहकर निकला था। मोबाइल में मिली जानकारी के आधार पर उसने पीछा किया और होटल पहुंच गई। पुलिस का कहना है कि महिला लिखित शिकायत करती है तो मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर में साइबर ठगों ने लोगों के बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड में सेंधमारी की है। गुरुवार-शुक्रवार की दरमियानी रात शहर के अलग-अलग थानों में साइबर फ्रॉड के 9 मामले दर्ज हुए हैं। इनमें बहोड़ापुर का मामला प्रमुख है। यहां एक प्रॉपर्टी कारोबारी को HDFC सिक्योरिटी में निवेश के नाम पर 31 लाख रुपए की ठगी का शिकार बनाया गया। शुरुआत में निवेश पर रिटर्न मिलने से कारोबारी को ठगों पर भरोसा हो गया। बाद में रकम निकालने की कोशिश की तो पता चला कि वह ठगी का शिकार हो चुका है। इसके अलावा होटल बुकिंग के नाम पर 16 हजार रुपए ठगने और मोबाइल हैक कर क्रेडिट कार्ड से 3.16 लाख रुपए निकालने के मामले भी सामने आए हैं। साइबर हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों के आधार पर संबंधित थानों की पुलिस ने मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। HDFC सिक्योरिटी में निवेश के नाम पर 31 लाख की ठगी बहोड़ापुर थाना क्षेत्र के विनय नगर सेक्टर-4 निवासी 44 वर्षीय अभिषेक पुत्र शिव कुमार श्रीवास्तव के पास अनजान नंबर से वॉट्सऐप कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को HDFC सिक्योरिटी का प्रतिनिधि बताया। उसने कंपनी के शेयरों के बारे में जानकारी दी और निवेश पर अच्छा मुनाफा मिलने का भरोसा दिलाया। इसके बाद अभिषेक को कुछ वेबसाइट के जरिए निवेश कराया जाने लगा। शुरुआत में अभिषेक ने एक्सिस बैंक से 1 लाख रुपए निवेश किए, जिस पर उन्हें अच्छा रिटर्न मिला। इससे उनका भरोसा बढ़ गया और वह ठगों के जाल में फंस गए। उन्होंने पिछले तीन महीनों में 30.82 लाख रुपए निवेश कर दिए। 28 सितंबर को अभिषेक को शक हुआ। उन्होंने अपनी निवेश की रकम और मुनाफा निकालने की कोशिश की, लेकिन रकम विथड्रॉ नहीं हुई। कंपनी के अधिकारियों से फोन पर संपर्क करने की कोशिश की तो नंबर ब्लॉक कर दिया गया। इसके बाद उन्हें ठगी का पता चला और उन्होंने मामले की शिकायत की। होटल बुकिंग का फर्जी नंबर देकर 16 हजार ठगे बहोड़ापुर के साक्षी हाइट्स निवासी कौस्तुभ शर्मा ऑनलाइन होटल बुकिंग के लिए नंबर तलाश रहे थे। उन्होंने इंटरनेट पर होटल का नाम सर्च किया और वहां मिले रिसेप्शन नंबर पर संपर्क किया। कॉल रिसीव करने वाले ने खुद को होटल मैनेजर बताया और बुकिंग के नाम पर 16 हजार रुपए ले लिए। होटल पहुंचने पर कौस्तुभ को पता चला कि उनके नाम से कोई बुकिंग नहीं हुई है। इसके बाद उन्हें होटल में कमरा लेने के लिए दोबारा रुपए देने पड़े। घटना 20 सितंबर की है। पीड़ित ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की थी, जिसके आधार पर शुक्रवार को पुलिस ने मामला दर्ज किया। मोबाइल हैक कर क्रेडिट कार्ड से 3.16 लाख निकाले थाटीपुर के मयूर नगर हाउस नंबर-111 निवासी 52 वर्षीय संदीप मिठास पुत्र सुशील कुमार ने पुलिस को बताया कि 30 सितंबर की सुबह करीब 11 बजे वह मोबाइल पर इंटरनेट चला रहे थे। इसी दौरान मोबाइल अचानक हैंग हो गया और एक ही स्क्रीन पर अटक गया। काफी देर तक कोई गतिविधि नहीं हुई और मोबाइल अपने आप बंद हो गया। कुछ देर बाद मोबाइल दोबारा ऑन करने पर सब सामान्य था। शाम करीब 4 बजे उनके पास मैसेज आया कि क्रेडिट कार्ड से 3.16 लाख रुपए का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन हुआ है। मैसेज देखते ही उन्होंने बैंक पहुंचकर कार्ड ब्लॉक कराया और साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत की। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। शहर में इन लोगों से भी हुई साइबर ठगी हजीरा: मां वैष्णोपुरम कॉलोनी निवासी कृष्णा राठौर के बैंक ऑफ इंडिया खाते से 95 हजार रुपए निकाले गए। पुरानी छावनी: जिगसोली निवासी फिरोज खान का बैंक खाता ऑनलाइन हैक कर 98 हजार रुपए दूसरे खातों में ट्रांसफर किए गए। कोतवाली: कांटे साहब का बाड़ा निवासी विनायक जोशी के खाते से 32 हजार रुपए निकाले गए। जनकगंज: नारायण कॉलोनी, जीवाजीगंज निवासी राहुल श्रीवास्तव के क्रेडिट कार्ड से करीब 70 हजार रुपए की धोखाधड़ी हुई। गिरवाई: सिकंदर कंपू निवासी सुरेश शिवहरे से 99 हजार रुपए और सरदार की मल्टी निवासी किशोर लालवानी से 51 हजार रुपए ठगे गए। मुरार: त्यागी नगर निवासी नरेश शर्मा के खाते से 26 हजार रुपए ट्रांसफर किए गए। सीएसपी रोबिन जैन ने बताया कि साइबर हेल्पलाइन पर मिली शिकायतों को संबंधित थानों में दर्ज कर जांच की जाती है। थाना स्तर पर टीआई मामले की पड़ताल करते हैं। बैंक खातों की डिटेल निकाली जाती है और साइबर एक्सपर्ट की मदद से ट्रांजेक्शन व अन्य तकनीकी पहलुओं की जांच की जाती है।
त्योहारी सीजन में रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में चोर सक्रिय हो गए हैं। अगस्त में ग्वालियर जीआरपी में चोरी के 69 मामले दर्ज हुए, जिनमें 37 मोबाइल चोरी के थे। पुलिस ने पिछले एक महीने में 35 चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। ग्वालियर रेलवे स्टेशन पर रोजाना करीब 50 हजार यात्री आते-जाते हैं। भीड़ का फायदा उठाकर बदमाश ट्रेन में चढ़ते-उतरते समय या सफर के दौरान सोते यात्रियों का सामान चुरा लेते हैं। यात्रियों की लापरवाही भी चोरी का कारण है। कई लोग मोबाइल हाथ में लेकर सो जाते हैं या पर्स-बैग सुरक्षित नहीं रखते। एक यात्री की जेब से 31 हजार रुपए और गहने चोरी हुए। स्टेशन पर निर्माण कार्य से चोरों को भागने के कई रास्ते मिलते हैं। सीसीटीवी कैमरों की निगरानी भी प्रभावी नहीं है। त्योहारों में यात्रियों को और सतर्क रहने की जरूरत है। जीआरपी की गश्त, यात्रियों से सतर्क रहने की अपील जीआरपी थाना प्रभारी दीपशिखा तोमर ने बताया कि यात्रियों को परेशानी न हो, इसके लिए पुलिस समय-समय पर गश्त करती है। चोरी गए कीमती सामान की बरामदगी के प्रयास भी किए जाते हैं। उन्होंने यात्रियों से अपील की कि सफर के दौरान अपने मोबाइल, पर्स, बैग और अन्य कीमती सामान पर नजर रखें। सोते समय सामान को सुरक्षित रखें और भीड़ में विशेष सतर्कता बरतें, ताकि चोरी की घटनाओं से बचा जा सके।
मुजफ्फरपुर में मादक पदार्थों की तस्करी और अपराध नियंत्रण के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मुजफ्फरपुर पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। जिले के गायघाट थाना क्षेत्र स्थित हनुमान नगर गांव में पुलिस टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर अवैध स्मैक के एक बड़े कारोबार का भंडाफोड़ किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से सगे भाई-बहन को धर दबोचा और उनके पास से भारी मात्रा में नशीला पदार्थ, भारी मात्रा में नकद राशि तथा मोबाइल फोन बरामद किए। गुप्त सूचना के आधार पर की गई कार्रवाई मामले की विस्तृत जानकारी देते हुए ग्रामीण एसपी राजेश सिंह प्रभाकर ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि वरीय पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) के निर्देशानुसार जिले भर में नशीले पदार्थों की अवैध बिक्री और तस्करी के खिलाफ सघन अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के क्रम में 1 अक्टूबर को गायघाट थाना पुलिस को यह गुप्त सूचना मिली थी कि हनुमान नगर गांव में बड़े पैमाने पर मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना को बेहद गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम का गठन किया गया और बताए गए ठिकाने पर त्वरित छापेमारी की गई। पुलिस की इस अचानक हुई कार्रवाई से मौके पर हड़कंप मच गया। टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दो लोगों को रंगे हाथों पकड़ लिया। 2015 पुड़ियों में बंद था ढाई किलो के करीब स्मैक पकड़े गए आरोपियों की पहचान गायघाट थाना क्षेत्र के निवासी शिव शंकर कुमार और उसकी बहन अंशु कुमारी के रूप में की गई है। पुलिस द्वारा जब दोनों की तलाशी ली गई, तो उनके पास से 2,015 छोटी-बड़ी पुड़ियों में पैक किया गया कुल 2.435 किलोग्राम स्मैक बरामद हुआ। बाजार में इस बरामद स्मैक की कीमत काफी अधिक आंकी जा रही है। इसके अलावा, पुलिस ने उनके पास से स्मैक की बिक्री से जुटाए गए 2.10 लाख (2 लाख 10 हजार) रुपये नकद और तस्करी के खेल में इस्तेमाल किए जा रहे 4 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। पूरे परिवार का रहा है आपराधिक इतिहास ग्रामीण एसपी ने बताया कि गिरफ्तार किए गए दोनों भाई-बहन का परिवार लंबे समय से इस अवैध धंधे में संलिप्त रहा है। इनके परिजनों के खिलाफ पूर्व से ही एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत मामले दर्ज हैं। जांच में यह बात सामने आई है कि गिरफ्तार आरोपी की मां और पत्नी को भी पूर्व में बेनीबाद थाना कांड संख्या 25/24 में एनडीपीएस एक्ट के तहत ही गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत (जेल) भेजा जा चुका है। प्राथमिकी दर्ज, आगे की जांच जारी,घटना के संबंध में गायघाट थाने में संबंधित धाराओं और एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस अब गिरफ्तार दोनों आरोपियों का विस्तृत आपराधिक इतिहास खंगाल रही है। इसके साथ ही पुलिस इस बात की भी गहनता से जांच कर रही है कि इतनी बड़ी मात्रा में स्मैक कहां से लाया गया था और इसे किन-किन लोगों को सप्लाई किया जाना था। पुलिस का दावा है कि इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों को भी जल्द गिरफ्तार कर सलाखों के पीछे भेजा जाएगा।
हनुमानगढ़ के संगरिया थाना क्षेत्र में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और छोटी बच्ची को बहला-फुसलाकर ले जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने एक युवक के खिलाफ अपहरण का केस दर्ज कर महिला और बच्ची की तलाश शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता कौशल कुमार (36) श्रीगंगानगर के पठानवाली का रहने वाला है और अभी संगरिया के एसके ईंट भट्टे पर मजदूरी करता है। उसने बताया कि सुशांत पुत्र अमित खटीक, इटावा, उत्तर प्रदेश पहले इसी ईंट भट्टे पर काम करता था। यहीं उसकी पहचान कौशल की पत्नी सीमा से हुई थी। कौशल के अनुसार 26 सितंबर को सुबह करीब 10.30 बजे सुशांत उसकी पत्नी सीमा और छोटी बच्ची कविता को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। सीमा और सुशांत के मोबाइल नंबर अभी बंद आ रहे हैं। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता की धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच हेड कॉन्स्टेबल कालूराम को सौंपी गई है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने शुक्रवार को बैतूल में जनविश्वास शिविर के दौरान फोन पर लोगों को संबोधित किया। उन्होंने प्रदेश अध्यक्ष और बैतूल विधायक हेमंत खंडेलवाल के मोबाइल से बात की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वे जल्द बैतूल आएंगे और जिले के विकास के लिए कई काम किए जाएंगे। उन्होंने बैतूलवासियों की सहभागिता के लिए आभार भी जताया। उन्होंने कहा को अध्यक्ष जी के नेतृत्व में चल रहे कार्यों को वे देखना चाहेंगे। उन्होंने बताया कि सरकार का लक्ष्य है कि जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ हर व्यक्ति तक पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बैतूल से अपने जुड़ाव का जिक्र करते हुए कुकरू को भी याद किया और कहा कि पिछले दिनों की यात्रा में बहुत मजा आ था। डॉ. यादव ने बताया कि गृहमंत्री भी भोपाल आ रहे हैं। उन्होंने प्रदेश में पशुधन बढ़ाने और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने पर जोर दिया। शिविर में नागरिकों ने योजनाओं की जानकारी ली और मुख्यमंत्री के संबोधन पर उत्साह दिखाया।
विपणन वर्ष 2026-27 के तहत भावांतर योजना में सोयाबीन की खरीदी के लिए किसानों का पंजीयन 3 से 17 अक्टूबर तक होगा। किसानों की सुविधा के लिए जिले में 73 सहकारी समितियों को पंजीयन केंद्र बनाया गया है। इन केंद्रों पर प्रभारी और ऑपरेटर ई-उपार्जन पोर्टल के माध्यम से किसानों का पंजीयन करेंगे। कलेक्टर ऋषव गुप्ता ने संबंधित अधिकारियों को सभी पंजीयन केंद्रों पर जरूरी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि निर्धारित अवधि में पंजीयन प्रक्रिया सुचारू रूप से पूरी की जाए, ताकि किसानों को सोयाबीन उपज की खरीदी के लिए परेशानी न हो। इन सहकारी समितियों में करा सकेंगे पंजीयन जिले के प्रमुख पंजीयन केंद्रों में सिहाड़ा, केहलारी, कालमुखी, सिंगोट, गुड़ीखेड़ा, छैगांवमाखन, धनगांव, बरुड, चिचगोहन, गांधवा, बड़गांवमाली, पिपलोद, पोखरकलां, जावर, खंडवा, खालवा, रोशनी, बोरगांव बुजुर्ग, मुंदी, बीड़, सुलगांव, रिछफल, मोहना, किल्लौद, छनेरा और न्यू हरसूद सहित अन्य सहकारी समितियां शामिल हैं। किसान अपने क्षेत्र के निर्धारित केंद्र पर जाकर सोयाबीन फसल का पंजीयन करा सकेंगे। पंजीयन की अवधि 3 से 17 अक्टूबर तक निर्धारित है। मोबाइल और एमपी किसान एप से भी फ्री पंजीयन किसान स्वयं मोबाइल या कंप्यूटर से भी नि:शुल्क पंजीयन कर सकेंगे। इसके अलावा ग्राम पंचायत, जनपद पंचायत और तहसील कार्यालयों में बनाए गए सुविधा केंद्रों पर भी पंजीयन की सुविधा रहेगी। एमपी किसान एप से भी किसान फ्री में पंजीयन कर सकते हैं। एमपी ऑनलाइन कियोस्क, कॉमन सर्विस सेंटर (सीएससी), लोकसेवा केंद्र और निजी साइबर कैफे से पंजीयन कराने पर निर्धारित शुल्क देना होगा। 17 अक्टूबर के बाद नहीं होगा पंजीयन कलेक्टर ने पंजीयन केंद्र प्रभारियों और ऑपरेटरों को शासन के दिशा-निर्देशों के अनुसार काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने पंजीयन के दौरान किसानों को जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने और निर्धारित अवधि में अधिक से अधिक किसानों का पंजीयन सुनिश्चित करने को कहा है। 17 अक्टूबर के बाद निर्धारित अवधि का पंजीयन नहीं किया जाएगा।
पुलिस ने आरोपी से जब्त किया है फोन, कई वीडियो-फोटो मिले, कुछ डाटा भी हुआ है डिलीट, पुलिस कराएगी फॉरेंसिक जांच।
लुधियाना में लोकल अड्डा, घंटा घर, बस स्टेंड आदि इलाकों में ऑटो गैंग पूरी तरह से एक्टिव है। बाहर से आने वाले यात्रियों के साथ ये नौसरबाज ऑटो गैंग वाले लूटपाट की वारदातें कर रहे है। जानकारी मुताबिक मोगा से अपनी ननद की शादी में शामिल होने लुधियाना आई महिला के साथ ऑटो में बैठाकर ध्यान भटकाने और गहने व मोबाइल चोरी करने का मामला सामने आया है। शिकायतकर्ता किरण रानी निवासी मोगा की शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर-1 पुलिस ने आरोपी जाहुल, राजू, इजरायल और दो अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। पुलिस ने मामले में BNS की धारा 303(2), 3(5) के तहत कार्रवाई की है। ऑटो में पहले से दो व्यक्ति बैठे थे जिन्होंने ध्यान भटकाया जानकारी देते हुए किरण रानी ने बताया कि 20 सितंबर 2026 को वह अपनी ननद की शादी में शामिल होने के लिए पति, बेटी और बेटे के साथ मोगा से लुधियाना आई थी। बस स्टैंड से परिवार ने हरे रंग के ऑटो नंबर PB10JE-8034 में बैठकर घर के लिए रवाना हुए। ऑटो में पहले से दो व्यक्ति बैठे हुए थे। किरण के अनुसार, रास्ते में आरोपियों ने बातचीत में उलझाकर परिवार का ध्यान भटकाया। घर पहुंचने के बाद जब परिवार ने अपना सामान चेक किया तो गहने और मोबाइल फोन गायब मिले। महिला को शक हुआ कि ऑटो चालक और उसके साथियों ने रास्ते में ध्यान भटकाकर सामान चोरी किया है। पुलिस के मुताबिक, जांच के दौरान आरोपी मोहम्मद जाहुल और राजू सिंह को काबू किया गया। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल ऑटो रिक्शा और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। मामले में पुलिस ने आरोपी इजरायल समेत दो अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर चोरी किए गए अन्य सामान की बरामदगी का प्रयास कर रही है। की जांच ASI मनप्रीत सिंह कर रहे है।
Kangra News: बड़ा भंगाल में मोबाइल टावर लगने की कवायद तेज
बड़ा भंगाल को मोबाइल नेटवर्क से जोड़ने की कवायद तेज हो गई है।
Gorakhpur News: मोबाइल चोरी के बाद चार दिन में खाते से 1.90 लाख उड़ाए
1.90 lakh siphoned off from account within four days of mobile theft.
Ghaziabad News: मोबाइल लूटकर भागे बदमाशों की बाइक पकड़ी, साइकिल सवार को घसीटा
मोबाइल लूटकर भागे बदमाशों की बाइक पकड़ी, साइकिल सवार को घसीटा
Shamli News: चोरी के मोबाइल फोन की जांच के लिए पहुंची गुरुग्राम की साइबर पुलिस
शहर की वर्मा मार्केट स्थित मोबाइल फोन की दुकान पर हरियाणा के गुरुग्राम की साइबर पुलिस पहुंची।
Palwal News: मामा-भांजे को पीटा, नकदी और मोबाइल छीनने का आरोप
मामा-भांजे को पीटा, नकदी और मोबाइल छीनने का आरोप
Youth will get training in 14 new trades ranging from mobile to solar installation for self-employment.
Nainital News: तराई के जोन में सफारी के दौरान मोबाइल पर लगा प्रतिबंध
तराई के जोन में सफारी के दौरान मोबाइल पर लगा प्रतिबंध
Kangra News: कमजोर मोबाइल नेटवर्क ने रोकी सिलिंडरों की डिलीवरी
ग्राम पंचायत दरोगनू के सुकेड़ी, द्रोवी और मियाट वार्डों में लंबे समय से गहराया मोबाइल नेटवर्क संकट अब ग्रामीणों की रसोई पर भारी पड़ने लगा है।
दिल्ली पुलिस महिलाओं की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए ऐसे 'मोबाइल नेटवर्क हॉटस्पॉट' की पहचान कर रही है, जहाँ नेटवर्क की समस्या है। यह पहल हाल ही में दक्षिणी दिल्ली में हुई एक घटना के बाद की गई।
आरा रेलवे स्टेशन पर चोरी के मोबाइल के साथ दो गिरफ्तार, RPF-GRP की कार्रवाई
1 अक्टूबर, गुरुवार: भोजपुर के आरा रेलवे स्टेशन पर ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत RPF और GRP की संयुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए चोरी के मोबाइल के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
शहर में गुरुवार को क्रिकेटर दीपक चाहर और बुधवार को पॉडकास्टर एवं डिजिटल क्रिएटर रणवीर अलाहबादिया ने एक मोबाइल कंपनी के कैंपेन के लिए शूट किया। दोनों ने जयपुर की ऐतिहासिक और खूबसूरत लोकेशन को शूट का हिस्सा बनाया। दीपक चाहर ने गुरुवार को सिटी पैलेस, हवामहल और जवाहर सर्किल पर शूटिंग की। शूट के दौरान वे हाथ में क्रिकेट बॉल लेकर मोबाइल पर वीडियो देखते हुए नजर आए। जवाहर सर्किल पर शूटिंग के दौरान वहां बड़ी संख्या में पर्यटक मौजूद थे। जैसे ही पर्यटकों को पता चला कि दीपक चाहर वहां शूटिंग कर रहे हैं, कई लोग रुककर शूट देखने लगे। हाथ में गेंद, मोबाइल पर वीडियो देखते नजर आए दीपक जवाहर सर्किल पर हुए शूट में दीपक चाहर का क्रिकेटर वाला अंदाज भी देखने को मिला। वे हाथ में गेंद लेकर मोबाइल पर वीडियो देखते हुए कैमरे के लिए शॉट देते नजर आए। शूटिंग के दौरान आसपास मौजूद लोगों की भीड़ धीरे-धीरे बढ़ गई और पर्यटक मोबाइल से दीपक की तस्वीरें और वीडियो बनाने लगे। दीपक ने भी अपने फैंस को निराश नहीं किया। शूटिंग के बीच उन्होंने वहां मौजूद प्रशंसकों के साथ तस्वीरें खिंचवाईं। क्रिकेटर को अपने बीच देखकर पर्यटकों में भी खासा उत्साह नजर आया। जयपुर के पर्यटन स्थलों पर होने वाली शूटिंग के दौरान अक्सर स्थानीय लोगों और पर्यटकों की भी दिलचस्पी देखने को मिलती है और इस बार भी ऐसा ही नजारा रहा। सिटी पैलेस और हवामहल की लोकेशन भी शूट में शामिल मोबाइल कंपनी के इस कैंपेन के लिए जयपुर के ऐतिहासिक स्थलों को भी शूट का हिस्सा बनाया गया। सिटी पैलेस और हवामहल की पहचान देश-विदेश के पर्यटकों के बीच है। इन लोकेशन पर दीपक के शॉट लिए गए। इसके बाद शूटिंग जवाहर सर्किल तक पहुंची, जहां खुले माहौल में पर्यटकों की मौजूदगी के बीच कैमरा रोल किया गया। जयपुर की ऐतिहासिक इमारतों, महलों और आधुनिक शहरी लोकेशन का एक साथ इस्तेमाल विज्ञापन फिल्म को राजस्थान की खास विजुअल पहचान देता है। एक दिन पहले रणवीर अलाहबादिया ने आमेर में किया शूट दीपक चाहर से एक दिन पहले यानी बुधवार को लोकप्रिय पॉडकास्टर और डिजिटल क्रिएटर रणवीर अलाहबादिया भी जयपुर में शूटिंग करते नजर आए। रणवीर ने भी इसी मोबाइल कंपनी के कैंपेन के लिए शहर में शूट किया। उनकी शूटिंग आमेर के मीना पन्ना कुंड और कूकस रोड की लोकेशन पर हुई। आमेर की पहाड़ियों और ऐतिहासिक परिवेश के बीच रणवीर के कैंपेन के लिए अलग-अलग शॉट लिए गए। जयपुर की यह लोकेशन अपने प्राकृतिक और ऐतिहासिक बैकग्राउंड के लिए जानी जाती है और विज्ञापन शूट के लिहाज से भी आकर्षक मानी जाती है। शूट पूरा करने के बाद जब रणवीर एयरपोर्ट के लिए रवाना हुए तो वहां मौजूद उनके फैंस ने उन्हें पहचान लिया। रणवीर ने भी फैंस के साथ तस्वीरें क्लिक करवाईं। इस दौरान उनके साथ फोटो लेने के लिए लोगों में उत्साह नजर आया।
नवादा में साइबर अपराध के खिलाफ पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोगों को ऑनलाइन लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपित को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अभिनव धिमान के निर्देश पर वारिसलीगंज थाना प्रभारी पंकज कुमार के नेतृत्व में गठित पुलिस टीम ने की। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि साइबर ठगी से जुड़ा एक आरोपित वारिसलीगंज थाना क्षेत्र में मौजूद है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने पीएनबी एटीएम के पूर्व दिशा में स्थित चाय दुकान के पास छापेमारी कर एक युवक को गिरफ्तार किया। बैंक मैनेजर या कर्मचारी बनकर किया जाता था फोन गिरफ्तार आरोपित की पहचान वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के धनकोल गांव निवासी 22 वर्षीय गणेश कुमार, पिता स्वर्गीय अनिल सिंह के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपित से पूछताछ में साइबर ठगी से जुड़े कई अहम खुलासे हुए हैं। आरोपित कथित तौर पर धनी फाइनेंस, बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस समेत विभिन्न कंपनियों के नाम पर ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। लोगों का विश्वास जीतने के लिए कभी बैंक मैनेजर तो कभी बैंक कर्मचारी बनकर फोन किया जाता था। 17 हजार रुपये कैश बरामद किए इसके बाद लोन देने के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और ई-मेल आईडी जैसी निजी जानकारी मांगी जाती थी। इसके अलावा प्रोसेसिंग फीस के नाम पर भी रकम वसूले जाने की बात सामने आई है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने आरोपित के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल, एक एटीएम कार्ड और 17 हजार रुपये कैश बरामद किए हैं। मामले में वारिसलीगंज थाना कांड संख्या 694/26 दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस अब मोबाइल और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच कर इस साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों और ठगी के मामलों का पता लगाने में जुटी है।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय (इविवि) की असिस्टेंट प्रोफेसरडॉ. रितु मोदी का मोबाइल नंबर हैक कर उनके नाम और फोटो का इस्तेमाल करते हुए फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाने का मामला सामने आया है।
बालोद पुलिस ने गांजा तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 1.436 किलो गांजा, मोबाइल फोन समेत कुल 85,300 रुपए का सामान जब्त किया है। मुखबिर की सूचना पर बालोद थाना पुलिस ने 29 सितंबर को सिवनी के अटल विहार कॉलोनी स्थित EWS/92 क्वार्टर में छापा मारकर तलाशी ली। मौके से नीचे पारा सिवनी निवासी टेकचंद साहू (24) और स्कूल पारा सिवनी निवासी गौतेश कुमार साहू (26) को गिरफ्तार किया गया। जब्त गांजे की कीमत करीब 69,300 रुपए बताई गई है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ बालोद थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी) के तहत मामला दर्ज किया है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। झलमला में बाइक से ले जा रहे थे 32 पौवा शराब, दो गिरफ्तार बालोद पुलिस ने 28 सितंबर को ग्राम झलमला के पास अवैध शराब परिवहन के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि बाइक से शराब ले जाई जा रही है। इसके बाद पुलिस टीम ने घेराबंदी कर CG 24 M 1736 नंबर की बाइक को पकड़ा। बोरी से 5.760 बल्क लीटर शराब बरामद तलाशी के दौरान बाइक पर रखी प्लास्टिक की बोरी से 32 पौवा यूनिक देशी मदिरा प्लेन बरामद हुई। प्रत्येक पौवा 180 एमएल का था। कुल 5.760 बल्क लीटर शराब की कीमत 2,560 रुपए बताई गई है। शराब परिवहन में इस्तेमाल हीरो पैशन प्रो बाइक भी जब्त की गई है। इसकी कीमत करीब 25 हजार रुपए बताई गई है। आबकारी एक्ट में केस दर्ज, दोनों आरोपी जेल भेजे पुलिस ने मामले में लाटाबोड़ निवासी विनोद कुमार साहू (28) और प्रमोद कुमार टांडिया (43) को गिरफ्तार किया है। दोनों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) के तहत केस दर्ज किया गया है।
सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि की मौत की जांच तेज, मोबाइल चैट और CDR खंगाल रही पुलिस
29 सितंबर, मंगलवार: सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने मोबाइल फोन को अनलॉक कराने रीवा भेजा है। चैट और रिकॉर्डिंग के साथ सोनू, विजय और अजित की CDR भी खंगाली जा रही है।
Android और iPhone में Battery Drain रोकें, Settings से बदलें Background Apps परमिशन
अक्सर आपने भी नोटिस किया होगा कि, मोबाइल फोन रातभर बिना यूज किए ही 15 से 20 परसेंट तक बैटरी ड्राप कर रहा है? अगर आपके साथ हो रहा है, तो यह खबर आपके लिए है। इसका मुख्य कारण केवल पुरानी बैटरी नहीं है बल्कि कई बार कुछ ऐसे एप्स भी बैकग्राउंड में लगातार रन करते रहते हैं, जो कि इंटरनेट, लोकेशन, प्रोसेसर या दूसरे सिस्टम रिसॉर्स का यूज करते हैं। अगर आप इन एप्स को ट्रैक करेंगी, तो फोन की बैटरी बचा सकती हैं। वैसे यह सब मोबाइल में पता लगाने का ऑप्शन मिलता है कि पिछले कुछ घंटों या दिनों में किस एप ने कितनी बैटरी खर्च की है। Android फोन में कैसे पता करें? - Android फोन यूजर्स सबसे पहले फोन की Settings में जाएं। - अब बैटरी या Battery & Device care सेक्शन में जाएं। - वैसे अलग-अलग कंपनियों के फोन में इस ऑप्शन का नाम थोड़ा अलग हो सकता है। - इसके बाद आपको Battery Usage या Battery Usage by Apps जैसा ऑप्शन दिखाई दे रहा होगा। - अब आप इस पर टैप करें, फिर आपको उन एप्स की लिस्ट देखने को मिलेगी, जो सबसे ज्यादा बैटरी का यूज कर रहे हैं। - इस लिस्ट में देखें कि रात के समय कौन-सा एप सबसे ज्यादा बैटरी यूज कर रहा है। - यदि कोई ऐसा ऐप जो ज्यादा बैटरी ले रहा है, जिसे आपने यूज नहीं किया, तो वो बैकग्राउंड में एक्टिव हो सकता है। - जरुरत न होने पर एप की बैकग्राउंड एक्टिविटी को लिमिटेड कर दें। iPhone में कैसे चेक करें? अगर आप iPhone यूजर्स हैं, तो इसमें बैटरी चेक करना आसान है। सबसे पहले आप आईफोन की Settings > Battery में जाएं और बैटरी यूज की डिटेल्स को चेक करें। यहां पर एप्स के हिसाब से बैटरी खपत दिखाई देगा। अब आप Last 24 Hours या उपलब्ध दूसरे टाइम पीरियड को देखकर ये पता लगाएं कि सबसे ज्यादा कौन-सा एप ज्यादा बैटरी खा रहा है। फिर जरुरत के अनुसार Background App Refresh, Location Service या अन्य परमिशन लिमिटड आसानी से कर सकते हैं।
26 सितंबर, शनिवार: पटना में सीएम ने छात्रों को 300 में 280 अंक का लक्ष्य दिया, अभिभावकों से मोबाइल कम कराने और मीटिंग में आने की अपील।
आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड आज लगभग हर महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय काम में इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, सरकारी योजनाओं से लेकर आयकर और डिजिटल केवाईसी (KYC) तक कई सेवाओं में आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि अगर आधार में मोबाइल नंबर, पता या ई-मेल बदल गया है तो क्या हर बार आधार केंद्र जाना जरूरी है? जवाब है—नहीं। 2026 में UIDAI ने नए Aadhaar App के जरिए कई महत्वपूर्ण सेवाओं को मोबाइल से उपलब्ध कराया है। फिलहाल ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि नाम, जन्मतिथि, लिंग और बायोमेट्रिक जैसी सभी जानकारी घर बैठे बदलने की सुविधा नहीं है। इनके लिए परिस्थितियों के अनुसार Aadhaar Enrolment/Update Centre जाना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं # 2026 में आधार में क्या-क्या घर बैठे बदल सकते हैं? एक, मोबाइल नंबर: यह 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। UIDAI के नए Aadhaar App में Mobile Number Update की सुविधा उपलब्ध है। ऐप में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए Aadhaar number holder को ऐप पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करना और आवश्यक authentication पूरा करना होता है। UIDAI के अनुसार नए ऐप में Mobile Number Update और Address Update दोनों सेवाएं उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि आपकी स्थिति और authentication requirements के आधार पर प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए ऐप में दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करें। दो, पता: आधार में पता बदलने की सुविधा लंबे समय से myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है और अब नया Aadhaar App भी Address Update सुविधा देता है। ऑनलाइन Address Update के लिए सामान्यतः: Aadhaar Number, Registered Mobile OTP, नया पता, संबंधित दस्तावेज और Submit की प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI के अनुसार myAadhaar पर ऑनलाइन Address Update के लिए आधार से मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना जरूरी है और मांगे गए पते के प्रमाण (POA) का दस्तावेज अपलोड करना होता है। तीसरा, ई-मेल: ई-मेल अपडेट की सुविधा भी Aadhaar App में उपलब्ध है। खास बात यह है कि UIDAI ने Aadhaar App के जरिए ई-मेल एड्रेस अपडेट का शुल्क 31 दिसंबर 2026 तक माफ किया है। # अब जानिए कि किन चीजों के लिए आधार केंद्र जाना पड़ सकता है? हर Aadhaar detail को मोबाइल से बदलने की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। जैसे: नाम: नाम में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत Aadhaar Enrolment/ Update Centre जाना पड़ सकता है और वैध supporting document देना होता है। जन्मतिथि: Date of Birth में बदलाव के लिए भी दस्तावेजों के साथ निर्धारित अपडेट प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI ने इसके लिए अलग Standard Operating Procedure भी जारी किया है। लिंग: Gender update के लिए भी Aadhaar Centre की assisted update प्रक्रिया उपलब्ध है। फोटो और बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो जैसे biometric updates के लिए Aadhaar Centre जाना पड़ता है। UIDAI के अनुसार biometric update में fingerprint, iris और photograph शामिल हैं। सामान्य परिस्थितियों में biometric update का शुल्क ₹125 है, जबकि निर्धारित आयु-समूहों में Mandatory Biometric Update पर विशेष छूट लागू है। # 2026 में आधार अपडेट का शुल्क कितना है? UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची के अनुसार: सेवा-शुल्क Demographic Update अलग से ₹75, Biometric Update सामान्यतः ₹125, Demographic व Biometric Update एक साथ। Biometric update के नियमों के अनुसार, Aadhaar App से Email Update| 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त। myAadhaar से Document Update14 जून 2027 तक मुफ्त। Aadhaar Centre पर Document Updat ₹75. UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची में demographic update के अंतर्गत नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आदि शामिल किए गए हैं। अलग से demographic update कराने की फीस ₹75 है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों के Mandatory Biometric Update के लिए अलग शुल्क नियम हैं। 7–15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शुल्क-माफी की वर्तमान व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू है। # myAadhaar से पता कैसे बदलें? अगर आप वेबसाइट के माध्यम से पता बदलना चाहते हैं तो प्रक्रिया मोटे तौर पर इस प्रकार है: Step 1: UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर जाएं। Step 2: Aadhaar number से लॉगिन करें। Step 3: Registered mobile पर आए OTP से authentication करें। Step 4: Address Update विकल्प चुनें। Step 5: नया पता सावधानी से दर्ज करें। Step 6: मांगा गया Proof of Address दस्तावेज अपलोड करें। Step 7: जानकारी को Preview में अच्छी तरह जांचें। Step 8: आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। Step 9: Request Submit करें। इसके बाद आपको Update Request Number/ Reference के जरिए स्थिति ट्रैक करने की सुविधा मिल सकती है। UIDAI के अनुसार ऑनलाइन Address Update में अपलोड किए गए दस्तावेजों का verification किया जाता है। # Aadhaar App से अपडेट कैसे करें? नया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। UIDAI के अनुसार ऐप में Aadhaar number डालकर, Terms/Privacy को स्वीकार करके और Face Authentication पूरा करके registration किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं में जाकर संबंधित update विकल्प चुना जा सकता है। Aadhaar App की प्रमुख सुविधाएं: Mobile Number Update, Address Update, Biometric Lock/Unlock, Authentication History, e-Aadhaar Download, Aadhaar Verifiable Credential Sharing, Contact Card Sharing and Update Request Tracking. UIDAI ने बताया है कि ऐप के लिए Android 9.0 या उससे ऊपर तथा iOS 16.0 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक है। # Document Update क्या है? यह समझना बहुत जरूरी है कि Document Update और Demographic Update एक ही चीज नहीं हैं। Document Update में पहचान और पते से संबंधित दस्तावेजों को आधार रिकॉर्ड के समर्थन में जमा किया जाता है। UIDAI ने myAadhaar portal पर Document Update की फीस 14 जून 2027 तक माफ की है। जबकि Aadhaar Centre पर Document Update के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित है। इसलिए जिन लोगों ने लंबे समय से अपने आधार में पहचान या पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें UIDAI की सलाह और अपने रिकॉर्ड के अनुसार Document Update पर भी ध्यान देना चाहिए। # कौन-कौन से दस्तावेज काम आ सकते हैं? पता अपडेट के लिए UIDAI द्वारा स्वीकार किए जाने वाले वैध Proof of Address दस्तावेजों की सूची में विभिन्न सरकारी और अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर UIDAI की जानकारी में पासपोर्ट, राशन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है। कुछ परिस्थितियों में बिजली, पानी या लैंडलाइन टेलीफोन बिल भी निर्धारित शर्तों के तहत स्वीकार किए जा सकते हैं। लेकिन कोई भी दस्तावेज अपलोड करने से पहले UIDAI की वर्तमान Supporting Documents List में उसकी पात्रता जरूर जांचें। # घर बैठे अपडेट करते समय इन गलतियों से बचें:- एक, गलत मोबाइल नंबर न डालें: आधार में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने पर OTP आधारित सेवाओं में परेशानी हो सकती है। दो, पता वही लिखें जो दस्तावेज में है। तीन, Address Update में spelling, house number, locality और PIN code को ध्यान से जांचें। तीन, खराब स्कैन/फोटो अपलोड न करें: दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होना चाहिए। चार, एजेंट से सावधान रहें: आधार अपडेट के नाम पर अनधिकृत व्यक्ति को OTP या Aadhaar PIN जैसी संवेदनशील जानकारी न दें। पांच, OTP किसी से साझा न करें: UIDAI कभी भी फोन पर आपसे OTP बताने के लिए नहीं कहता। # सबसे आसान तरीके से समझिए: 2026 में आधार अपडेट की स्थिति: घर बैठे/मोबाइल से उपलब्ध: मोबाइल नंबर — Aadhaar App, पता — Aadhaar App / myAadhaar, ई-मेल — Aadhaar App और Document Update — myAadhaar. वहीं, केंद्र जाकर कराने वाली प्रमुख सेवाएं: फोटो/बायोमेट्रिक, कई नाम परिवर्तन मामले, जन्मतिथि से जुड़े निर्धारित अपडेट, अन्य ऐसे अपडेट जिनके लिए physical verification/biometric capture जरूरी है। ध्यान रहे कि UIDAI की सेवाओं और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान निर्देश देखना सबसे सुरक्षित तरीका है। वस्तुतः आधार अपडेट अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। 2026 में नया Aadhaar App नागरिकों को मोबाइल नंबर और पता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने की सुविधा दे रहा है। साथ ही ई-मेल अपडेट के लिए 31 दिसंबर 2026 तक शुल्क माफ है और myAadhaar पर Document Update की मुफ्त सुविधा 14 जून 2027 तक जारी है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आधार की हर जानकारी घर बैठे बदली जा सकती है। नाम, जन्मतिथि, लिंग और biometric information जैसे मामलों में अभी भी निर्धारित केंद्र-आधारित प्रक्रिया लागू है। इसलिए “आधार में सब कुछ घर बैठे बदलें” के बजाय सही संदेश है—आधार की कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब घर बैठे अपडेट करें, लेकिन सभी नहीं। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
मंदसौर में एक महीने से लापता बेटे की तलाश में मोबाइल टावर पर चढ़ा पिता, आश्वासन के बाद उतरा
24 सितंबर, गुरुवार: मंदसौर के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा डांगी गांव में एक महीने से लापता 22 वर्षीय सुखदेव की तलाश को लेकर उसके पिता मोबाइल टावर पर चढ़ गए। करीब 2-3 घंटे बाद थाना प्रभारी की समझाइश और आश्वासन के बाद पिता सुरक्षित नीचे उतरे।
कालकाजी मंदिर से सटे आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है।
छोटे शहर के अनोखे आकर्षण और देसी ह्यूमर से दर्शकों का दिल जीतने वाली बहुचर्चित वेब सीरीज 'दुपहिया' (Dupahiya Season 2) अपने दूसरे सीजन के साथ वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। प्राइम वीडियो पर रिलीज हुए इसके धमाकेदार ट्रेलर ने एक बार फिर काल्पनिक गांव 'धड़कपुर' की अनोखी और गोलमटोल दुनिया में हलचल मचा दी है। कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त (Crime-Free) गांव माना जाने वाला धड़कपुर अब एक नई मुसीबत के मुहाने पर खड़ा है। इस बार गांव के पूर्व सरपंच बनवारी झा की बंजर जमीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर पूरे गांव में अफवाहों, अंधविश्वास, और भयंकर अफरा-तफरी का कारण बन जाता है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का ट्रेलर: धड़कपुर में क्या होता है? धड़कपुर कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त गाँव माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। 'दुपहिया' का ट्रेलर बनवारी और उसके परिवार की वापसी दिखाता है, जो एक बार फिर नई मुश्किलों में फँस गए हैं। इस बार, बनवारी की बंजर ज़मीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर अफ़वाहों, अंधविश्वास और अफ़रा-तफ़री का केंद्र बन जाता है। इस बीच, रोशनी अपने SSC एग्ज़ाम की तैयारी में व्यस्त है और अमावस उसके साथ है। एक के बाद एक आती मुश्किलों के बीच, बड़ा सवाल यह है कि क्या धड़कपुर हालात को काबू में रख पाएगा। नया सीज़न छोटे शहर के उस आकर्षण और अनोखे ह्यूमर को बनाए रखने का वादा करता है जिसने पहले सीज़न को लोकप्रिय बनाया था, साथ ही किरदारों को नई स्थितियों में ले जाता है। गजराज राव, रेणुका शहाणे और स्पर्श श्रीवास्तव ने 'दुपहिया' सीज़न 2 के बारे में बात की डायरेक्टर सोनम नायर ने कहा कि पहले सीज़न को मिले रिस्पॉन्स ने इसकी वापसी को और भी खास बना दिया है। उन्होंने कहा, 'दुपहिया' मेरे दिल के बहुत करीब है, और जब से हमने दर्शकों के सामने पहला सीज़न पेश किया है, तब से यह एक रोमांचक सफ़र रहा है। दर्शकों ने पहले सीज़न के लिए जो प्यार दिखाया है और इसके आस-पास जो फ़ैन-बेस बना है, वह बहुत उत्साह बढ़ाने वाला रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि दूसरे सीज़न को भी उतना ही उत्साह मिलेगा। प्राइम वीडियो ने हमेशा क्रिएटर्स और नई, असली और अनोखी कहानियाँ सुनाने के उनके जुनून का समर्थन किया है। इस कास्ट और क्रू के साथ दोबारा काम करना बहुत संतोषजनक रहा है, जिन्होंने इस बार सच में बेहतरीन काम किया है। बनवारी झा का किरदार निभाने वाले गजराज राव ने कहा कि शो की छोटे शहर वाली सेटिंग उन चीज़ों में से एक है जो इसे हर जगह के दर्शकों से जोड़ती है। “'दुपहिया' मेरे पसंदीदा प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है। इस सीरीज़ की खासियत यह है कि भले ही इसकी कहानी एक छोटे से, पारंपरिक गाँव में सेट है, लेकिन इसके किरदार, उनके रिश्ते और उनकी रोज़मर्रा की मुश्किलें हर किसी को अपनी-अपनी सी लगती हैं-चाहे आप किसी छोटे शहर में रहते हों, बड़े मेट्रो शहर में या भारत के बाहर। सीज़न 2 में और भी ज़्यादा उथल-पुथल और सरप्राइज़ देखने को मिलेंगे, और साथ ही वही अपनापन और मज़ा भी होगा जिससे दर्शक पहले सीज़न में जुड़ पाए थे। मुझे बेसब्री से इंतज़ार है कि 1 अक्टूबर को जब 'दुपहिया' का सीज़न 2 प्राइम वीडियो पर रिलीज़ होगा, तो सब लोग धड़कपुर वापस आएँगे,” उन्होंने कहा। पुष्पलता के रोल में वापसी कर रहीं रेणुका शहाणे ने भी सीरीज़ में लौटने के बारे में बात की। “पहले सीज़न का अनुभव बहुत शानदार रहा था, इसलिए पुष्पलता के तौर पर 'दुपहिया' में वापसी का मुझे बेसब्री से इंतज़ार था। इस सीरीज़ की जो बात मुझे पसंद है, वह यह है कि यह आम पलों में भी मज़ा ढूँढ लेती है और साथ ही किरदारों को ज़मीन से जुड़ा और असली बनाए रखती है। सीज़न 2 में नई चुनौतियाँ और दाँव-पेच देखने को मिलेंगे, लेकिन धड़कपुर की असली जान-वहाँ के लोग और उनका अनोखापन- वैसे ही बरकरार है।” भूगोल का रोल निभाने वाले स्पर्श श्रीवास्तव ने कहा कि नए सीज़न में उन्हें अपने किरदार के और भी कई पहलू जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा “भूगोल उन किरदारों से अलग है जो मैंने अब तक निभाए हैं। ऊपर से देखने पर वह सीधा-सादा लग सकता है, लेकिन उसमें उससे कहीं ज़्यादा गहराई है। उसका रोल निभाते हुए मुझे उन छोटी-छोटी बारीकियों और विरोधाभासों को खोजने में मज़ा आता है जो उसे अनप्रेडिक्टेबल बनाते हैं। नए सीज़न ने मुझे उन सीमाओं को और आगे ले जाने का मौका दिया, और यह मेरे करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा है।” 'दुपहिया' सीज़न 2 कब रिलीज़ हो रहा है? सोनम नायर द्वारा निर्देशित, 'दुपहिया' का दूसरा सीज़न वहीं से शुरू होता है जहाँ पहला चैप्टर खत्म हुआ था। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी ने बॉम्बे फिल्म कार्टेल एलएलपी के तहत इस सीरीज़ को बनाया और प्रोड्यूस किया है। अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग ने इस शो को बनाया और लिखा है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का प्रीमियर 1 अक्टूबर, 2026 को प्राइम वीडियो पर होगा। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi
Hidden Apps: क्या आपके बच्चों या पार्टनर ने आपके फ़ोन में ऐप्स छिपाए हैं? मिनटों में ऐसे करें सर्च
pc; security.org अपने मोबाइल फ़ोन पर किसी ऐप को छिपाना कई तरह से फ़ायदेमंद हो सकता है। इससे आप ज़रूरी और कुछ प्राइवेट ऐप्स को दूसरों की नज़रों से छिपा सकते हैं। हालाँकि, यह फ़ीचर काम का तो है, लेकिन कुछ मामलों में यह कई दिक्कतों को न्योता दे सकता है। अगर आप पेरेंट हैं, तो यह फ़ीचर आपके लिए सिरदर्द बन सकता है। क्योंकि अक्सर छोटे बच्चे इस फ़ीचर का इस्तेमाल करके अपने पेरेंट्स की जानकारी के बिना कुछ ऐप्स छिपा लेते हैं और उन्हें बिना पेरेंट्स की जानकारी के इस्तेमाल करते हैं। कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जो उनके लिए खतरनाक हो सकते हैं। अगर आपको शक है कि आपके बच्चे आपकी जानकारी के बिना कुछ छिपे हुए ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए यह पता लगाने में काम आ सकती है। इसके लिए दो तरीके इस्तेमाल किए जा सकते हैं… एक है ऐप स्टोर का इस्तेमाल करना और दूसरा है फ़ोन की सेटिंग्स का इस्तेमाल करना। आइए इसके बारे में स्टेप बाय स्टेप जानते हैं। Google Play Store पर जाएँ और ऑप्शन चुनें फ़ोन में छिपे हुए ऐप्स को खोजने का पहला तरीका है Google Play Store पर जाकर सर्च करना। अगर कोई ऐप ऐप ड्रॉअर या होम स्क्रीन से छिपा भी है, तो भी वह इस प्लैटफ़ॉर्म पर दिखेगा अगर उसे साइडलोड नहीं किया गया है। ऐसा करने के लिए, अपने Android स्मार्टफोन पर Google Play Store खोलें। ऊपर दाएं कोने में अपनी प्रोफ़ाइल पर क्लिक करें। उसके बाद, Manage apps and devices ऑप्शन पर क्लिक करें। फिर Manage टैब पर क्लिक करें। पक्का करें कि आपने सबसे ऊपर ‘Device’ चुना हो। iPhone के लिए यह तरीका इस्तेमाल करें अगर आपके पास iPhone है, तो आपका तरीका थोड़ा अलग होगा। इसके लिए, सबसे पहले App Store पर जाएं और स्क्रीन के दाईं ओर प्रोफ़ाइल फ़ोटो पर क्लिक करें। यहां, Your Apps ऑप्शन चुनें। यहां आपको अपने मोबाइल पर डाउनलोड किए गए सभी ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। लेकिन ध्यान रखें कि App Store पर, सिर्फ़ वही ऐप्स आपके फ़ोन पर अभी इंस्टॉल हैं जिनमें ‘Open’ बटन है। जिनमें ‘Download’ बटन है, उन्हें अनइंस्टॉल माना जाता है। सेटिंग्स में जाएं और ये स्टेप्स फ़ॉलो करें ऑफिशियल ऐप स्टोर के अलावा, अपने फ़ोन पर छिपे हुए ऐप्स ढूंढने का एक आसान तरीका सेटिंग्स में ऐप लिस्ट देखना है। यह आपको आपके डिवाइस पर अभी इंस्टॉल किए गए सभी ऐप्स दिखाएगा, यहां तक कि वे भी जो जानबूझकर छिपाए गए हैं। हालांकि, ये ऑप्शन स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं। अगर आपके पास Google Pixel या Motorola फ़ोन है, तो उसकी सेटिंग्स खोलें। यहां, Apps ऑप्शन पर जाएं और सबसे ऊपर See All ऑप्शन चुनें। अगर आपके पास Samsung फ़ोन है, तो सेटिंग्स में जाएं और Apps ऑप्शन चुनें और फिर फ़िल्टर आइकन पर क्लिक करके Installed by You जैसे ऑप्शन पर क्लिक करें। यहां आपको डाउनलोड किए गए ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। iOS पर, आपके छिपे हुए ऐप्स तुरंत ‘Apps’ पेज पर नहीं दिखेंगे। इसके बजाय, वे ‘Hidden Apps’ मेन्यू में छिपे रहते हैं। ये ऐप्स ‘App Library’ के अंदर ‘Hidden Apps’ फ़ोल्डर में भी मिल सकते हैं। हालांकि, इन ऐप्स को खोलने के लिए आपको Face ID या पासकोड की ज़रूरत होगी।
कविता और साहित्य की हर हलचल आपके मोबाइल पर, जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से
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16 सितंबर, बुधवार: शिवपुरी के पिछोर क्षेत्र के गूगरी गांव में शराबबंदी की मांग को लेकर कुछ महिलाएं मोबाइल टॉवर पर चढ़ गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे नीचे उतर आईं।
हिंदी अब सिर्फ किताबों, अखबारों और दफ्तरों की भाषा नहीं रही।
बेगूसराय में राज्यरानी एक्सप्रेस में मोबाइल छिनतई, विरोध पर अधिवक्ता ट्रेन से गिरकर घायल
11 सितंबर, शुक्रवार, बेगूसराय: चकिया थाना क्षेत्र में राजेंद्र पुल के पास राज्यरानी एक्सप्रेस में बदमाश ने अधिवक्ता से मोबाइल झपटने की कोशिश की। विरोध के दौरान हाथापाई में दोनों ट्रेन से गिर गए। बदमाश 16 हजार का मोबाइल लेकर फरार हो गया और अधिवक्ता घायल हो गए।
सिंगरौली में पत्नी के लापता होने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, आश्वासन के बाद सुरक्षित उतरा
10 सितंबर, गुरुवार: सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र में पत्नी के लापता होने से परेशान 28 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई घंटे समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

