Saharanpur News: मोबाइल टावरों से बैटरी चोरी करने वाले गिरोह का सरगना पकड़ा
Gang leader involved in stealing batteries from mobile towers arrested
Lalitpur News: ट्रेन में ओवरचार्जिंग की शिकायत पर यात्री से मारपीट, मोबाइल छीना
ट्रेन में ओवरचार्जिंग की शिकायत पर यात्री से मारपीट, मोबाइल छीना
मदद के बहाने मोबाइल चुराकर गैलरी के आधार से रीसेट किया UPI, मां-बेटे के खाते से 2.84 लाख उड़ाए
बिलासपुर जिले के चकरभाठा थाना क्षेत्र में बारिश के दौरान बेहोश हुए युवक का मोबाइल चुराकर गैलरी में रखे आधार कार्ड की फोटो से यूपीआई ऐप रीसेट कर 2.84 लाख रुपये पार करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है।
देश भर में डिजिटल पेमेंट की रीढ़ बन चुके यूपीआई (UPI) के कमर्शियल मर्चेंट ट्रांजैक्शंस पर प्रस्तावित मर्चेंट डिस्काउंट रेट (MDR) को लेकर खुदरा व्यापारियों का गुस्सा अब खुलकर सामने आ गया है। ऑल इंडिया मोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने आगामी 2 अक्टूबर को गांधी जयंती के अवसर पर देशव्यापी 'नो यूपीआई डे' (No UPI Day) मनाने की घोषणा की है। इस दिन देश भर के लाखों मोबाइल रिटेलर्स अपनी दुकानों पर लगे फोनपे, गूगल पे, पेटीएम और भारतपे जैसे सभी यूपीआई क्यूआर कोड्स (QR Codes) को काले कपड़े से ढककर सांकेतिक विरोध दर्ज कराएंगे और दिन भर किसी भी ग्राहक से यूपीआई के जरिए भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे। यह विरोध 15 अक्टूबर से लागू होने वाले उस नए नियम के खिलाफ है, जिसमें 2,000 रुपये से अधिक के मर्चेंट ट्रांजैक्शन पर 0.4 प्रतिशत एमडीआर शुल्क लगाने का प्रस्ताव किया गया है।2 अक्टूबर को क्यूआर कोड क्यों ढक रहे हैं मोबाइल रिटेलर्स?एसोसिएशन के अनुसार, यह कदम सरकार या डिजिटल इंडिया के खिलाफ नहीं, बल्कि कम मार्जिन पर काम करने वाले खुदरा व्यापारियों की आजीविका को बचाने का एक शांतिपूर्ण लोकतांत्रिक विरोध है।काले कपड़े से ढकेंगे क्यूआर कोड: 2 अक्टूबर को मोबाइल स्टोर्स पर क्यूआर स्टैंड्स को काले कपड़े से कवर किया जाएगा, ताकि ग्राहकों और सरकार का ध्यान इस नए वित्तीय बोझ की ओर आकर्षित किया जा सके।नकद और कार्ड से ही होगा काम: इस एक दिन के लिए मोबाइल फोन विक्रेता केवल कैश (नकदी) या पारंपरिक माध्यमों से ही भुगतान लेंगे, ताकि यह संदेश दिया जा सके कि यदि डिजिटल भुगतान महंगा हुआ, तो व्यापारी पुनः नकदी की ओर लौटने को मजबूर हो जाएंगे।15 अक्टूबर से क्या बदलने वाला है: 0.4% MDR का पूरा गणितनए भुगतान फ्रेमवर्क के तहत, 15 अक्टूबर से ₹2,000 से ऊपर के कमर्शियल पर्सन-टू-मर्चेंट (P2M) ट्रांजैक्शंस पूरी तरह निःशुल्क नहीं रहेंगे:0.4% मर्चेंट डिस्काउंट रेट: ₹2,000 से अधिक की खरीदारी पर मर्चेंट को 0.4 प्रतिशत का शुल्क चुकाना होगा। उदाहरण के लिए, यदि ग्राहक ₹5,000 का स्मार्टफोन एक्सेसरी खरीदता है तो दुकानदार को ₹20 कटेंगे। यदि ₹50,000 का फोन खरीदा जाता है, तो दुकानदार के खाते से सीधे ₹200 का एमडीआर काट लिया जाएगा।अधिकतम सीमा (Cap): ₹75,000 या उससे अधिक के किसी भी बड़े बिल पर एमडीआर की अधिकतम सीमा ₹300 तय की गई है।छोटे वेंडर्स सुरक्षित: महीने में ₹1 लाख तक का टर्नओवर लेने वाले छोटे रेहड़ी-पटरी वालों और किराना दुकानदारों (P2PM श्रेणी) तथा आम नागरिकों के आपसी ट्रांसफर (P2P) पर कोई चार्ज नहीं लगेगा।मोबाइल विक्रेताओं का तर्क: स्मार्टफोन रिटेल में मार्जिन पहले से ही बेहद कममोबाइल रिटेलर्स एसोसिएशन (AIMRA) ने वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भेजे अपने ज्ञापन में स्पष्ट किया है कि मोबाइल फोन बिक्री का बिजनेस बहुत पतले ग्रॉस मार्जिन (2% से 4%) पर चलता है:सीधा मासिक नुकसान: यदि एक सामान्य छोटा दुकानदार महीने में 5 लाख से 30 लाख रुपये का फोन स्टॉक यूपीआई से बेचता है, तो उसे ₹2,000 से लेकर ₹12,000 प्रति माह का शुद्ध नुकसान केवल एमडीआर शुल्क के रूप में उठाना पड़ेगा।सालाना 500 करोड़ का बोझ: एसोसिएशन का अनुमान है कि 0.4% का यह मामूली दिखने वाला शुल्क देश भर के मोबाइल दुकानदारों पर सालाना लगभग 500 करोड़ रुपये का असहनीय वित्तीय बोझ डाल देगा।'जीरो एमडीआर' की मांग: रिटेलर्स की साफ मांग है कि यदि डिजिटल इंडिया को बढ़ावा देना है, तो यूपीआई मर्चेंट भुगतानों को हमेशा की तरह 0% एमडीआर के दायरे में ही रखा जाना चाहिए।सरकार और वित्त मंत्रालय का पक्ष: आम जनता की जेब से नहीं कटेगा पैसाइस विवाद के बीच वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण और बैंकिंग तंत्र ने साफ किया है कि यह शुल्क कोई सरकारी टैक्स या सेस नहीं है और इसका पैसा भारत सरकार के खजाने में नहीं जाएगा। यह पेमेंट इकोसिस्टम (जैसे अधिग्रहणकर्ता बैंक, ग्राहक का बैंक और यूपीआई नेटवर्क प्रदाता) के बुनियादी ढांचे के रखरखाव के लिए तय की गई सेवा लागत है। सरकार ने यह भी आश्वासन दिया है कि इसका भार अंतिम उपभोक्ताओं पर नहीं डाला जाएगा।हालांकि, मोबाइल रिटेलर्स का कहना है कि दुकानदारों के मार्जिन से पैसा कटना सीधे तौर पर उनके मुनाफे पर चोट है, जिसके चलते 2 अक्टूबर को 'नो यूपीआई डे' के जरिए वे अपना विरोध दर्ज कराएंगे।
ललितपुर रेलवे स्टेशन पर रविवार रात दक्षिण एक्सप्रेस ट्रेन में तीन यात्रियों के मोबाइल चोरी हो गए। यह घटना रात करीब 8:30 बजे हुई, जब दिल्ली जाने वाली ट्रेन में यात्री जनरल बोगी में चढ़ रहे थे। उस समय स्टेशन पर काफी भीड़ थी। आजादपुरा मोहल्ले के निहाल भी बनारस जाने के लिए झांसी तक इसी ट्रेन में चढ़ रहे थे। भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात चोर ने उनका मोबाइल चुरा लिया। दो अन्य यात्रियों ने भी अपने मोबाइल चोरी होने की बात कही। आरोप है कि यात्रियों ने शिकायत के लिए 139 रेलवे हेल्पलाइन पर कॉल किया, लेकिन जनरल टिकट में पीएनआर नंबर नहीं होने से शिकायत दर्ज नहीं हो सकी। उन्होंने जीआरपी क्षेत्राधिकारी को भी फोन लगाया, पर उनका नंबर नहीं लगा। इस पूरी घटना का यात्री धनीराम वर्मा ने रविवार रात 9:45 बजे सोशल मीडिया पर पोस्ट किया। उन्होंने बताया कि भीड़ का फायदा उठाकर चोरों ने तीन यात्रियों के मोबाइल चुराए।
मोबाइल रिटेलर्स 2 अक्टूबर को यूपीआई लेनदेन पर प्रस्तावित एमडीआर शुल्क के विरोध में 'नो यूपीआई डे' मनाएंगे। इस दिन वे अपने यूपीआई क्यूआर कोड को काले कपड़े से ढककर डिजिटल भुगतान स्वीकार नहीं करेंगे।
झाबुआ के खरडू बड़ी गांव में सापन नदी के पास रविवार दोपहर लूट हुई। दो बाइकों पर चार नकाबपोश बदमाशों ने कार सवार पति-पत्नी को ओवरटेक कर रोका। उन्होंने पीथमपुर हॉस्टल के अधीक्षक-शिक्षक की पत्नी विमला वास्केल के गले से सोने की चेन खींची। वे बच्चों के साथ गांव कालीदेवी गोला जा रहे थे (कार नंबर GJ 05 JA 8154)। बदमाशों ने विमला वास्केल से झूमाझटकी कर सोने की चेन छीनी। वे एक बैग ले गए, जिसमें हॉस्टल के सरकारी कागजात, बैंक की चेकबुक और नकदी थी। पति के दो मोबाइल समेत तीन मोबाइल फोन लूटे गए। घटना के बाद बदमाश भाग गए। खरडू बड़ी इलाके के सीसीटीवी कैमरों में उनकी हरकतें रिकॉर्ड हुई हैं। सीसीटीवी फुटेज से तलाश सूचना पर झाबुआ थाना प्रभारी आरसी भास्करे टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित परिवार से जानकारी ली, घटनास्थल की जांच की। सीसीटीवी फुटेज व तकनीकी सबूतों पर आरोपियों की तलाश जारी है, पुलिस ने जल्द गिरफ्तारी का भरोसा दिया है। घटना स्थल की अन्य तस्वीरें…
बिलासपुर। चकरभाठा में मदद करने के बहाने एक व्यक्ति का मोबाइल चोरी कर उसके और उसकी मां के बैंक खातों से 2.84 लाख रुपए निकालने के मामले में पुलिस ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, शिकायत के बाद 48 घंटे के भीतर आरोपियों को पकड़ लिया गया। उनके कब्जे से 4 मोबाइल, पावर बैंक, नए कपड़े और 15 हजार रुपए नकद समेत करीब 75 हजार रुपए का सामान जब्त किया गया है। चारों को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। बारिश में बेहोश हुए थे सूरज, मदद के बहाने मोबाइल ले गए पुलिस के अनुसार, घटना 8 सितंबर की है। चकरभाठा के इंडियन कॉफी हाउस के पास बारिश के दौरान सूरज सतनामी बेहोश हो गए थे। आरोप है कि चार लड़कों ने मदद करने के बहाने सूरज और उनके दोस्त का मोबाइल चोरी कर लिया। इसके बाद सूरज को इलाज के लिए सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया। नए मोबाइल पर मिला बैंक से रकम निकलने का मैसेज पुलिस के मुताबिक, 25 सितंबर को नया मोबाइल लेने के बाद सूरज को बैंक खातों से रुपए निकलने के मैसेज मिले। इसके बाद उन्होंने मामले की जानकारी पुलिस को दी। जांच में सामने आया कि आरोपियों ने कथित रूप से चोरी किए गए मोबाइल का स्क्रीन लॉक खोलकर उसमें मौजूद गैलरी से आधार नंबर की फोटो की जानकारी हासिल की। इसके बाद फोन पे और पेटीएम समेत ऑनलाइन भुगतान माध्यमों को आधार से लिंक कर रीसेट किया और सूरज तथा उनकी मां के खातों से 2.84 लाख रुपए निकाल लिए। निकाली रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर करने का आरोप पुलिस के अनुसार, पूछताछ में आरोपियों ने अपराध करना स्वीकार किया। पुलिस का कहना है कि गौरीशंकर ने सूरज और उनकी मां के खातों से निकाली गई रकम को दूसरे खातों में ट्रांसफर किया। इसके अलावा ऑनलाइन गेमिंग आईडी क्रीकबेट में भी रुपए डाले गए। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने रकम का इस्तेमाल खाने-पीने, कार से घूमने और शॉपिंग में किया। CCTV और बैंक जानकारी से चारों तक पहुंची पुलिस मामले में अज्ञात आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले। इसके साथ गवाहों के बयान और बैंक से मिली जानकारी का भी विश्लेषण किया गया। इन साक्ष्यों के आधार पर चार संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में मदद के बहाने मोबाइल चोरी करने और बाद में ऑनलाइन रुपए निकालने की पूरी घटना सामने आई। 4 मोबाइल, 15 हजार नकद समेत 75 हजार का सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 4 मोबाइल, पावर बैंक, खरीदे गए नए कपड़े और चोरी की रकम में से 15 हजार रुपए नकद बरामद किए। जब्त सामग्री की कुल कीमत करीब 75 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने पर्याप्त साक्ष्य मिलने के बाद विवेक वर्मा, करन नायक, गौरीशंकर उर्फ लालू साहू और गगन उर्फ शिबू साहू को गिरफ्तार किया। न्यायालय में पेश किए जाने के बाद चारों को जेल भेज दिया गया। पुलिस की अपील- संदिग्ध गतिविधि की तुरंत दें सूचना चकरभाठा पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी तरह की अवैध गतिविधि या अपराध की जानकारी मिलने पर डायल-112 या नजदीकी थाने में तत्काल सूचना दें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
पंचकूला में एक महिला के मोबाइल को हैक कर उसके दो बैंक खातों से बिना ओटीपी और लिंक क्लिक किए 4.86 लाख रुपये की साइबर ठगी की गई। शिकायत पर सेक्टर-20 साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सोनीपत पुलिस ने मिठाई की दुकान में हुई चोरी का जल्द खुलासा करते हुए आरोपी रोहित को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी सिक्का कॉलोनी, सोनीपत का रहने वाला है। पुलिस ने उसके पास से चोरी का मोबाइल फोन और ₹2100 नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि बतरा कॉलोनी निवासी सुनील, जो गीता भवन चौक पर 'सुनील स्वीट्स एवं नमकीन' नाम से दुकान चलाते हैं, उन्होंने 25 सितंबर 2026 को शिकायत दी थी। सुनील ने बताया कि 24 सितंबर की रात करीब 10 बजे वे दुकान बंद कर घर गए थे। अगले दिन सुबह दुकान पहुंचने पर शटर का ताला टूटा मिला। दुकान के अंदर गल्ला खुला था, जिसमें रखे करीब ₹10,000 की नकदी और बिना सिम कार्ड वाला एक मोबाइल फोन गायब था। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू की थी। थाना सिविल लाइन की टीम ने ASI विरेन्द्र के साथ मिलकर आरोपी रोहित को पकड़ा। आरोपी की बताई जगह से चोरी का मोबाइल फोन और ₹2100 नकद बरामद हुए। कोर्ट के आदेश पर उसे जेल भेज दिया गया।
समीपस्थ ग्राम बठोली में रविवार सुबह घर के आंगन में खेल रहे आठ वर्षीय बालक लक्ष्य पिता भोला खेड़ेकर को तेज रफ्तार दूध के टेंपो ने जोरदार टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल बालक को स्वजन शासकीय अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
मोतिहारी, 27 सितंबर . बिहार के पूर्वी चंपारण जिले में ढाका थाना Police ने Pakistan स्थित आपराधिक और आतंकी नेटवर्क से कथित संपर्क के मामले में एक युवक को गिरफ्तार किया है. Police के अनुसार, गिरफ्तार युवक social media के माध्यम से Pakistan के गैंगस्टर शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े अली गुज्जर के संपर्क में ... Read more
मोतिहारी में एक युवक को पाकिस्तानी संगठन के संपर्क में होने के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। उसके पास से जो मोबाइल बरामद हुई है, उसमें एंटी इंडिया रील्स भी मिली हैं। गिरफ्तार युवक की पहचान ढाका थाना क्षेत्र के बिसरहिया गांव निवासी मो. सेयाज आलम के रूप में हुई है। एसपी स्वर्ण प्रभात ने बताया कि दिल्ली से सूचना मिलने के बाद सिकरहना डीएसपी अभिषेक कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने छापेमारी की। पुलिस को देखते ही युवक भागने लगा, जिसे टीम ने पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल की जांच में आतंकी गतिविधियों से जुड़े वीडियो, फोटो और देशविरोधी रील्स मिले हैं। पूछताछ में सामने आया कि युवक सोशल मीडिया के जरिए पाकिस्तान के गैंगस्टर शहजाद भट्टी के नेटवर्क से जुड़े अली गुज्जर के संपर्क में था। मुंबई में बैग फैक्ट्री में काम करता था ढाका के बिसरहिया गांव का 22 वर्षीय युवक सेराज आलम छह भाइयों में से एक है। वह अपने तीन भाइयों के साथ मुंबई में रहकर बैग फैक्ट्री में काम करता था। वहीं, उसके पिता और दो भाई कोलकाता में रहकर काम करते हैं। सेराज दो महीने पहले अपने घर आया था। सोशल मीडिया के जरिए उसका संपर्क पाकिस्तानी आतंकी संगठन के लोगों से हुआ था। इसके बाद वह लगातार सोशल मीडिया पर पाकिस्तान के लोगों के संपर्क में रहने लगा। इसी मामले में 2 यूपी से गिरफ्तार सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, दिल्ली में आतंकी घटना को अंजाम देने के लिए पांच युवकों को तैयार किया गया था। जांच एजेंसियों ने इस मामले में शामिल दो युवकों को उत्तर प्रदेश से गिरफ्तार किया था। इस दौरान सेराज का नाम भी सामने आया था। इसके बाद से वह मुंबई छोड़कर अपने घर पर ही रह रहा था। ऑनलाइन मीटिंग में लेता था ट्रेनिंग जांच के दौरान जब्त किए गए मोबाइल की जांच में सेराज के पाकिस्तानी आतंकी संगठनों से जुड़े होने के कई साक्ष्य मिले हैं। मोबाइल में इंस्टाग्राम और फेसबुक के जरिए ऑनलाइन मीटिंग में शामिल होने के सबूत मिले हैं। इसके अलावा, उसके मोबाइल से कई आपत्तिजनक वीडियो भी बरामद हुए हैं। इन वीडियो को देशविरोधी गतिविधियों से जुड़े होने का साक्ष्य बताया जा रहा है।
गिरिडीह पुलिस ने देवरी लूटकांड का खुलासा करते हुए जमुई जिले के संतोष पासवान उर्फ चरकू (27) को गिरफ्तार किया है। उसके पास से लूटे गए चांदी के गहने, मोबाइल फोन और घटना में इस्तेमाल दो मोटरसाइकिल बरामद की गई हैं। खोरीमहुआ एसडीपीओ अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि 16 अगस्त 2026 की शाम चतरो स्थित न्यू स्वर्ण शांति ज्वेलर्स के संचालक श्याम सुंदर सोनार दुकान बंद कर घर लौट रहे थे। इसी दौरान अपराधियों ने हथियार के बल पर उन्हें रोक लिया और लूटपाट की थी। घटना के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर देवघर से पकड़ा गया आरोपीएसपी डॉ. बिमल कुमार के निर्देश पर लूटकांड के खुलासे के लिए विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संतोष पासवान की पहचान की और उसे देवघर से गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके पास से एक चांदी की चेन, दो बिछिया, एक जोड़ी पायल और एक मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा वारदात में इस्तेमाल टीवीएस अपाचे आरटीआर 160 और बजाज पल्सर 150 मोटरसाइकिल भी बरामद की गई हैं। पुलिस बरामद सामान के आधार पर मामले की आगे जांच कर रही है। अन्य अपराधियों की पहचान, गिरफ्तारी के लिए छापेमारीएसडीपीओ अमरेन्द्र कुमार ने बताया कि लूट की घटना में शामिल अन्य अपराधियों की भी पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी की जा रही है। पुलिस का कहना है कि मामले में शामिल अन्य आरोपियों को भी जल्द गिरफ्तार करने के लिए कार्रवाई जारी है। पुलिस टीम बरामद सामान और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस टीम में थाना प्रभारी समेत तकनीकी शाखा के कर्मी शामिलकार्रवाई में देवरी थाना प्रभारी श्वेता कुमारी समेत अन्य पुलिस पदाधिकारी और तकनीकी शाखा के कर्मी शामिल थे। विशेष टीम ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे देवघर से गिरफ्तार किया। पुलिस अब फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के साथ लूट की घटना में उनकी भूमिका की भी जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जारी है।
सफलता का मूल मंत्र निरंतर अध्ययन, मोबाइल और रील से दूरी पर एसीपी जितेंद्र मीणा का जोर
गंगापुर सिटी के अग्रवाल कन्या महाविद्यालय में आयोजित मोटिवेशनल कार्यक्रम में एसीपी दिल्ली जितेंद्र मीणा ने छात्राओं को निरंतर अध्ययन, लक्ष्य पर ध्यान और मोबाइल-रील से दूरी बनाकर सफलता की दिशा में आगे बढ़ने का संदेश दिया।
उज्जैन रेलवे स्टेशन पर भीड़ का फायदा उठाकर मोबाइल चोरी करने वाले आरोपी को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से करीब 41 हजार रुपए कीमत के दो चोरी के मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी का मारपीट, चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट में पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है। प्लेटफॉर्म पर भीड़ के बीच चोरी हुआ मोबाइल 27 जुलाई को रतलाम निवासी कन्हैयालाल रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर खड़े थे। इसी दौरान भीड़ में उनकी जेब से वीवो मोबाइल चोरी हो गया। शिकायत मिलने के बाद जीआरपी ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से पकड़ा जीआरपी थाना प्रभारी सुनील कुमार गुप्ता और आरपीएफ मक्सी प्रभारी नरेंद्र यादव ने आरोपी को पकड़ने के लिए टीम बनाई। टीम ने सीसीटीवी फुटेज की जांच की और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर लखन सिंह सिसोदिया (30) को नागदा साइड आउटर से पकड़ा। पूछताछ में चोरी कबूल की पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में लखन सिंह ने मोबाइल चोरी करना कबूल किया। उसके पास से 25 हजार रुपए कीमत का वनप्लस और 16 हजार रुपए कीमत का वीवो मोबाइल बरामद हुआ। दोनों मोबाइल जीआरपी के अलग-अलग चोरी के मामलों से जुड़े हैं। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है।
फतेहाबाद जिले के टोहाना में पुलिस ने तार चोरी के मामले में महिला चोर गिरोह का पर्दाफाश किया। एसपी निकिता खट्टर के निर्देशों पर 8 महिला आरोपियों को पकड़ा गया, जिनसे 300 फीट कॉपर तार बरामद हुई। थाना शहर टोहाना प्रभारी संदीप कुमार ने बताया कि 26 सितंबर को धमतान साहिब निवासी हरदीप सिंह ने शिकायत दी। गांव कन्हेड़ी स्थित मोबाइल टावर के भवन से करीब 300 फीट कॉपर तार चोरी हो गई थी। चोरी की 300 फीट कॉपर तार बरामद शिकायत के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी सबूत जुटाकर पुलिस ने महिला गिरोह की पहचान की। पुलिस ने राजनगर, टोहाना की बंजारा, जीना, रानी, किरण, गीता, सीमा, ममता और एक अन्य ममता को पकड़ा। पूछताछ में उनसे 300 फीट कॉपर तार बरामद हुई। आरोपियों पर थाना शहर टोहाना में केस दर्ज है। पुलिस जांच रही है कि गिरोह पहले किसी अन्य तार चोरी या संपत्ति संबंधी अपराध में शामिल था या नहीं। सभी को कोर्ट में पेश किया जाएगा।
2 अक्टूबर को 'No UPI Day' मनाएंगे मोबाइल फोन विक्रेता, QR कोड को काले कपड़े से ढकेंगे दुकानदार
वित्त मंत्री को भेजे गए एक ज्ञापन के अनुसार, यूपीआई पर एमडीआर लगाने से हर महीने यूपीआई के माध्यम से 5 से 30 लाख रुपये का लेनदेन करने वाले छोटे खुदरा विक्रेता को सीधे तौर पर 2000 से 12,000 रुपये का शुद्ध नुकसान होगा।
सवाई माधोपुर में 37 चोरी के मोबाइल के साथ शातिर चोर साजिद टूटा गिरफ्तार
सवाई माधोपुर पुलिस ने एरिया डोमिनेशन अभियान के तहत 37 महंगे मोबाइल के साथ शातिर चोर साजिद टूटा को किया गिरफ्तार, आरोपी के पास से बरामद सामान और उसके चौंकाने वाले कबूलनामा का पूरा सच जानें।
200 की डिश, 50% OFF का ऑफर... फिर फूड ऐप्स का बिल इतना ज्यादा कैसे?
फूड डिलीवरी ऐप पर बड़ा डिस्काउंट देखकर अक्सर लगता है कि खाना सस्ते में मिल रहा है. लेकिन कई बार ऑफर के बाद भी फाइनल बिल उम्मीद से ज्यादा हो सकता है. आखिर 50% ऑफ के बावजूद खाना महंगा कैसे पड़ जाता है? समझिए पूरा गणित.
New Delhi, 27 सितंबर . भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के राज्यसभा सांसद राघव चड्ढा ने उपभोक्ताओं को राहत के लिए मोबाइल रिचार्ज से जुड़े भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (ट्राई) के फैसले पर केंद्र Government का आभार व्यक्त किया है. उन्होंने कहा कि यह फैसला India में प्रीपेड मोबाइल यूजर्स के लिए अच्छी खबर है. सांसद ... Read more
दरोगा की पत्नी की मौत में मां-बाप के बयान:FIR में लगाए आरोप ही दोहराए, अब CDR-CCTV और मोबाइल की जांच
प्रयागराज में दरोगा की अधिवक्ता पत्नी कंचन शर्मा की मौत के मामले में पुलिस ने अब मुकदमा दर्ज कराने वाले उनके पिता बैजनाथ शर्मा और उनकी पत्नी के बयान दर्ज कर लिए हैं। दोनों ने पुलिस के सामने भी वही आरोप दोहराए हैं, जो एफआईआर में लगाए गए हैं। अब पुलिस मृतका और आरोपी की सीडीआर, सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल की जांच में जुटी है। कंचन की 19 सितंबर की रात मुंडेरा स्थित पारस ग्रीन अपार्टमेंट के फ्लैट में मौत हुई थी। पोस्टमार्टम में मौत का कारण फांसी बताया गया है। पति जितेंद्र सिंह 2023 बैच के दरोगा हैं। उनके खिलाफ कंचन के मायके पक्ष की शिकायत पर मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस अफसरों के मुताबिक, फिलहाल पांच अहम बिंदुओं पर जांच की जा रही है। इनमें जो तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर ही आगे कार्रवाई की जाएगी। आखिरी बातचीत की टाइमिंग होगी अहम मायके पक्ष ने शिकायत में बताया है कि कंचन की मौत से पहले उनकी पत्नी की कंचन से फोन पर बातचीत हुई थी। इसके बाद रात करीब 11:48 बजे जितेंद्र की ओर से कंचन की मौत की सूचना दिए जाने का दावा किया गया है।अब पुलिस कॉल डिटेल से यह मिलान कर सकती है कि इन दोनों घटनाओं के बीच कितना अंतर था। किस नंबर से कॉल हुई, कितनी देर बातचीत हुई और उसके बाद किन नंबरों पर संपर्क किया गया। ये तथ्य घटना की टाइमलाइन तैयार करने में मदद कर सकते हैं।आठ बजे के बाद फ्लैट में क्या हुआ? माता-पिता के मुताबिक वे रात करीब आठ बजे कंचन से मिलने के बाद वहां से चले गए थे। इसके बाद कंचन और जितेंद्र फ्लैट में थे। यही करीब चार घंटे का समय जांच में सबसे महत्वपूर्ण है। इस अवधि में हुई फोन कॉल, मैसेज, इंटरनेट कॉल और अपार्टमेंट में आवाजाही से जुड़े रिकॉर्ड को घटनाक्रम से जोड़ना होगा। सीसीटीवी से खुलेगा आने-जाने का राज परिजनों ने शिकायत में अपार्टमेंट के सीसीटीवी की रिकॉर्डिंग सुरक्षित कराने की मांग की है। अब जांच में यह अहम होगा कि उस रात फ्लैट की ओर जाने वाले रास्ते, लिफ्ट और अपार्टमेंट के इंट्री और एग्जिट की रिकॉर्डिंग में क्या सामने आता है। यह भी देखना होगा कि रिकॉर्डिंग लगातार उपलब्ध है या उसमें किसी तरह की छेड़छाड़ तो नहीं हुई। कंचन जिस कमरे में फंदे पर मिलीं, वहां से फोरेंसिक टीम ने साक्ष्य जुटाए थे। अब इन साक्ष्यों को माता-पिता और पति के बयानों से मिलाना जांच का महत्वपूर्ण हिस्सा होगा। दरवाजे की स्थिति, फंदे की स्थिति, कमरे में मौजूद सामान और अन्य फोरेंसिक साक्ष्य से यह समझने में मदद मिल सकती है कि घटनास्थल पर क्या परिस्थितियां थीं। किसी निष्कर्ष पर पहुंचने से पहले इन साक्ष्यों का वैज्ञानिक परीक्षण जरूरी होगा। दहेज उत्पीड़न के आरोपों की सच्चाई मायके पक्ष ने शादी के बाद से दहेज के लिए परेशान करने, मारपीट और धमकी देने के आरोप लगाए हैं। अब माता-पिता ने भी पुलिस के सामने इन्हीं आरोपों को दोहराया है। विवेचना में अगला महत्वपूर्ण सवाल यही होगा कि इन आरोपों की पुष्टि के लिए पहले से मौजूद कोई संदेश, कॉल, शिकायत, गवाह या अन्य दस्तावेज उपलब्ध हैं या नहीं। पुलिस को यह भी देखना होगा कि कथित घटनाओं की तारीख और परिस्थितियां क्या थीं और उनके समर्थन में कोई साक्ष्य मिलता है या नहीं। अफसर बोले, निष्पक्ष विवेचना होगी धूमनगंज एसीपी रवि कुमार गुप्ता का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाएगी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट से मौत की वजह सामने आ चुकी है, लेकिन मौत की परिस्थितियों और लगाए गए आरोपों की पुष्टि विवेचना में जुटाए गए साक्ष्यों से होगी। जांच में जो तथ्य सामने आएंगे, उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जापान में हुए एशियाई खेलों में हिमाचल के खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन किया है। महिला कबड्डी टीम ने स्वर्ण पदक जीता, जिसमें चार हिमाचली बेटियां शामिल थीं।
साइबर ठगों ने अब बिना OTP और बिना किसी लिंक पर क्लिक किए सीधे बैंक खाते खाली करने का नया और खतरनाक तरीका निकाल लिया है। पंचकूला में रहने वाली एक छात्रा की मां के दो अलग-अलग बैंक खातों से शातिर ठगों ने बिना कोई जानकारी मांगे ₹4.86 लाख उड़ा दिए। पंचकूला सेक्टर-20 की जीएच-93 सोसाइटी निवासी शिकायतकर्ता अरचिका ने पुलिस को बताया कि वह MA की पढ़ाई कर रही है। वह शाम करीब 7:30 से 8:00 बजे के बीच जब वह अपने माता-पिता के साथ घर पर मौजूद थी। तभी उसकी मां कीर्ति गर्ग के मोबाइल नंबर और उनके पिता की ईमेल आईडी पर खाते से पैसे डेबिट (कटने) होने के मैसेज आने लगे। फोन हैक होने का अंदेशा पीड़िता अरचिका ने बताया कि उसकी मां न तो गूगल-पे या फोन-पे जैसे कोई डिजिटल वॉलेट चलाती हैं, और न ही उन्होंने किसी अनजान लिंक का इस्तेमाल किया था। वारदात के वक्त न तो किसी अज्ञात व्यक्ति का फोन आया और न ही कोई OTP शेयर किया गया। आशंका जताई जा रही है कि किसी अज्ञात साइबर अपराधी ने बैकएंड से मोबाइल/सिम या बैंकिंग एक्सेस को हैक कर इस फर्जीवाड़े को अंजाम दिया है। चल रही है जांच : SI प्रदीप कुमार साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पंचकूला के उप-निरीक्षक (SI) प्रदीप कुमार ने पीड़िता के बयान दर्ज कर मामला दर्ज कर लिया है। ट्रांजैक्शन आईडी और संबंधित बैंकों के जरिए अज्ञात आरोपी की लोकेशन व खातों को ट्रेस करने की कार्रवाई तेज कर दी है।
जयपुर दक्षिण पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ‘म्यूल हंटर’ के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन कथित साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है...
नवादा में 234 साइबर अपराधी गिरफ्तार:एक साल में 64 लाख नगद, 398 मोबाइल और सोना-चांदी जब्त
नवादा पुलिस ने पिछले एक साल (सितंबर 2025-सितंबर 2026) में साइबर अपराध के खिलाफ लगातार कार्रवाई की है। इस दौरान 171 एफआईआर दर्ज कर 234 साइबर अपराधी गिरफ्तार किए गए। पुलिस ने अपराधियों से 398 मोबाइल, 150 सिम, 64 लाख रुपये नकद, नौ दोपहिया और चार चारपहिया वाहन जब्त किए। 406 ग्राम सोना और 1646 ग्राम चांदी भी बरामद हुई। अवैध सिम से 1.20 करोड़ की ठगी का खुलासा अवैध सिम की खरीद-बिक्री में तीन एफआईआर दर्ज कर पांच सिम एजेंट पकड़े गए। इन सिम से करीब 1.20 करोड़ रुपए की साइबर ठगी सामने आई। पुलिस इस नेटवर्क के अन्य लोगों की जांच कर रही है। 'साइबर स्मार्ट मंगलवार' अभियान जारी साइबर ठगी रोकने के लिए नवादा पुलिस 'साइबर स्मार्ट मंगलवार' अभियान चला रही है। स्कूल, कॉलेज और पंचायत भवनों में लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी लिंक और बैंकिंग फ्रॉड से बचाव की जानकारी दी जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि अनजान लिंक पर क्लिक न करें, ओटीपी और बैंक जानकारी साझा न करें। संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
सोशल मीडिया पर पुराने भारतीय सिक्के और करेंसी नोट महंगे दामों में खरीदने का झांसा देकर साइबर ठगी करने के मामले में किशनगढ़बास पुलिस ने पांच आरोपियों को पकड़ा है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कुल 10 मोबाइल फोन जब्त किए हैं। मोबाइल की जांच में फेसबुक, वॉट्सएप, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर पुराने सिक्के-नोट खरीदने के नाम से कई फर्जी प्रोफाइल और प्रचार सामग्री मिली है। डीएसटी टीम इंचार्ज गौरव ने बताया- एएसआई रविन्द्र सिंह टीम के साथ 25 सितंबर की रात गश्त और साइबर अपराधियों की निगरानी के दौरान बंबोरा घाटा पहुंचे थे। यहां सूचना मिली कि न्याणा गांव से आगे पहाड़ की तलहटी में पांच युवक सोशल मीडिया के जरिए लोगों को पुराने सिक्के और करेंसी नोट महंगे दामों में खरीदने का झांसा देकर ऑनलाइन ठगी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पांचों को घेरकर पूछताछ की। मोबाइल में मिले सबूतपुलिस जांच में आरोपियों के मोबाइल में वॉट्सएप के जरिए लोगों को पुराने सिक्के-नोट खरीदने के मैसेज भेजना और रजिस्ट्रेशन के नाम पर भुगतान के लिए क्यूआर कोड भेजना पाया गया। कई मोबाइल में भुगतान प्राप्ति के स्क्रीनशॉट भी मिले। फेसबुक, इंस्टाग्राम और स्नैपचैट पर ओल्ड कॉइन कम्पनी, ओल्ड कॉइन, कॉइन शॉप सहित अलग-अलग नामों से प्रोफाइल बनाकर पुराने सिक्के-नोट खरीदने के वीडियो और संपर्क नंबर प्रसारित किए जा रहे थे। पुलिस ने प्रोफाइल और चैट के स्क्रीनशॉट लेकर पेन ड्राइव में सुरक्षित किए। कई राज्यों की शिकायतों से जुड़े मोबाइल नंबरपुलिस के मुताबिक गृह मंत्रालय के समन्वय पोर्टल पर जांच के दौरान आरोपियों के कब्जे से मिले मोबाइल नंबर और आईएमईआई से संबंधित शिकायतें भी सामने आईं। इनमें राजस्थान, गुजरात और उत्तर प्रदेश से दर्ज साइबर शिकायतें शामिल हैं। एक मोबाइल नंबर के संबंध में राजस्थान के मांधन चारण और गुजरात के लक्ष्मणभाई भोलफा की शिकायत दर्ज मिली, जबकि दूसरे मोबाइल के आईएमईआई पर उत्तर प्रदेश के हितेश कुमार मौर्या और राजस्थान के कालूलाल भोई की शिकायत दर्ज पाई गई। पांचों की अलग-अलग भूमिका की जांचपुलिस ने मौके से हकीम (29) निवासी खातीबास, राहुल खान (26) और सोहिल (19) निवासी पहाटन का बास-पड़ासला तथा मुशर्रफ जैद (21) निवासी पहाड़पुर, थाना हथीन, पलवल हरियाणा को पकड़ा। इनमें एक 16 वर्षीय बाल अपचारी होने के कारण उसे विधि से संघर्षरत किशोर के रूप में निरुद्ध किया गया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा तथा आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जब्त मोबाइल फोन को साक्ष्य के तौर पर मालखाने में जमा कराया गया है। पुलिस अब सोशल मीडिया अकाउंट, मोबाइल नंबर, क्यूआर कोड और संभावित बैंक खातों के जरिए ठगी के नेटवर्क और इससे जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है।
यूपी की बड़ी खबरें:चित्रकूट में मोबाइल खोने पर युवक ने किया सुसाइड, कमरे में फंदे से लटका मिला शव
चित्रकूट के सदर कोतवाली क्षेत्र में मोबाइल खोने से परेशान युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। दिल्ली से कर्वी लौटते समय उसका मोबाइल खो गया था। मोबाइल नहीं मिलने से वह काफी परेशान चल रहा था। शुक्रवार शाम चाचा घर पहुंचे तो युवक कमरे में फंदे पर लटका मिला। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मृतक की पहचान अभय रैकवार (22) के रूप में हुई है। उसके भाई अवधेश कुमार ने बताया कि अभय दिल्ली में अपनी मां मनोजिया देवी के साथ प्राइवेट कंपनी में काम करता था। दो दिन पहले वह अकेले कर्वी आया था। इसी दौरान रास्ते में उसका मोबाइल चोरी हो गया था। मोबाइल खोने के बाद से वह परेशान था। पढ़िए पूरी खबर… विधानसभा चुनाव तक अयोध्या में ही रहेंगे चंपत राय, चढ़ावा चोरी की जांच पूरी होने के बाद ऐसा क्यों हो रहा, जानिए 5 कारण अयोध्या में राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच पूरी हो चुकी है। पुलिस ने अदालत में चार्जशीट दाखिल कर दी है। इसमें पूर्व ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को आरोपी नहीं बनाया गया है। उनका नाम गवाहों की सूची में शामिल है। अब चर्चा है कि चंपत राय फिलहाल अयोध्या से बाहर नहीं जाएंगे और 2027 के विधानसभा चुनाव तक यहीं रह सकते हैं। सूत्रों के मुताबिक, चंपत राय को पहले अयोध्या से बाहर भेजे जाने की चर्चा थी। हालांकि अब इस योजना को फिलहाल टाल दिया गया है। इसके पीछे कई वजहें बताई जा रही हैं। पढ़िए पूरी खबर… लखनऊ में ईडी अधिकारी बन 8 दिन डिजिटल अरेस्ट रखा: रिटायर्ड बैंक अफसर से 96.65 लाख ठगे, फिरौती के केस में फंसाने की धमकी दी लखनऊ के इंदिरानगर स्थित दीपक नगर निवासी सेवानिवृत्त बैंक अधिकारी आदेश कुमार सिंह को साइबर ठगों ने ED अधिकारी बनकर आठ दिन तक डिजिटल अरेस्ट रखा। ठगों ने उनके आधार कार्ड से मुंबई में सिम जारी होने और उसी नंबर से फिरौती मांगने की बात कही। इसके बाद गिरफ्तारी की धमकी देकर जांच के नाम पर उनकी एफडी तुड़वा दी। ठगों ने 19 से 24 सितंबर के बीच आदेश कुमार सिंह से अलग-अलग खातों में करीब 96.65 लाख रुपए ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद जब उनसे अतिरिक्त रकम की मांग की गई तो उन्हें शक हुआ। उन्होंने साइबर क्राइम पुलिस स्टेशन में शिकायत दर्ज कराई। पढ़िए पूरी खबर…
ललितपुर में डॉ. अंबेडकरनगर वीकली एक्सप्रेस (19305) के जनरल कोच में ओवरचार्जिंग के विरोध पर यात्रियों से मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि पेंट्री मैनेजर और उसके साथियों ने विरोध करने वाले यात्रियों के मोबाइल छीनकर मारपीट की। मामले में जीआरपी ललितपुर ने पेंट्री मैनेजर नवीन कुमार समेत अन्य के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 26 सितंबर को कानपुर में दर्ज हुई एफआईआर को ललितपुर जीआरपी स्थानांतरित किया गया था। पूर्णिया, बिहार निवासी गगन कुमार (19) ने पुलिस को शिकायत दी है। शिकायत के अनुसार 24 सितंबर 2026 को वह इंदौर से कटिहार जा रहा था। यात्रा के दौरान पेंट्री कर्मचारियों ने तय कीमत से अधिक पैसे लिए। गगन ने इसका वीडियो बनाकर रेल मदद पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत वापस लेने को कहा, माफी के बाद दोबारा वसूली का आरोप गगन के अनुसार पेंट्री मैनेजर नवीन कुमार ने उससे रेल मदद पर की गई शिकायत वापस लेने को कहा। माफी मांगने के बाद गगन ने शिकायत वापस ले ली। आरोप है कि इसके बाद पेंट्री कर्मचारियों ने फिर से तय कीमत से अधिक पैसे वसूलने शुरू कर दिए। गगन ने सहयात्री सत्यम कुमार के साथ दोबारा शिकायत करने की कोशिश की। 1460 रुपये का बिल भरने का दबाव बनाने का आरोप शिकायत के मुताबिक रात करीब 10:45 बजे पेंट्री मैनेजर नवीन कुमार वहां पहुंचा और यात्रियों पर 1,460 रुपये का बिल भरने का दबाव बनाया। यात्रियों ने इसका विरोध किया और घटना का वीडियो बनाने की कोशिश की। इसी दौरान आरोप है कि गगन और सत्यम के मोबाइल छीन लिए गए और सत्यम के साथ मारपीट की गई। दो आरपीएफ कर्मियों पर भी धमकाने का आरोप गगन ने आरोप लगाया कि इस दौरान दो आरपीएफ कर्मियों ने पेंट्री कर्मचारियों का साथ दिया और यात्रियों को धमकाया। मामले की शिकायत के बाद कानपुर में दर्ज एफआईआर को 26 सितंबर को ललितपुर जीआरपी भेजा गया। इसके बाद जीआरपी ने केस की जांच शुरू कर दी। ललितपुर जीआरपी थानाध्यक्ष दिनेश सिंह ने बताया कि 26 सितंबर को मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस शिकायत में लगाए गए आरोपों की जांच कर रही है और घटनाक्रम से जुड़े तथ्यों को जुटाया जा रहा है।
पाली शहर के अणुव्रत नगर में शनिवार शाम जैन युवा संगठन की ओर से जैन भक्ति कॉन्सर्ट का आयोजन किया गया। गायक विक्की डी. पारेख ने भक्ति रस में डूबे भजनों की प्रस्तुति देकर जैन समाजबंधुओं को देर रात तक बांधे रखा। उनके भजनों पर श्रोता मंत्रमुग्ध होकर डांस करने लगे। भगवान महावीर के जीवन पर आधारित भजनों की प्रस्तुति पर भी उन्हें खूब वाहवाही मिली। धार्मिक संध्या में सुर, भक्ति और अनुशासन का अनूठा संगम देखने को मिला। अणुव्रत नगर में मेला रविवार को भरेगा। नवकार महामंत्र के महाजाप से शुरुआत नवकार महामंत्र के महाजाप के बाद विक्की डी. पारेख ने ‘भक्ति की है रात, दादा आज थणे आणो है…’, ‘तुमरे बिन हमरा कौनो ना ही…’, ‘मेरी झोपड़ी के भाग्य आज खुल जाएंगे, दादा आएंगे…’, ‘जब-जब कोई नहीं आता, मेरे प्रभु आते हैं’, ‘आप जैसा बनूं भगवान...’, ‘ऊंचा अंबर आप जैसा बनूं प्रभु...’ और ‘आप भी आवो ने प्रभुजी...’ जैसे भजनों की प्रस्तुति दी। भजनों के दौरान श्रद्धालु भक्ति में डूबे नजर आए। ‘हम सब जैन हैं…’ पर मोबाइल फ्लैश से रोशन हुआ पांडाल कार्यक्रम का रोमांच उस समय चरम पर पहुंच गया, जब पारेख ने जैन प्राइड एंथम ‘हम सब जैन हैं...’ प्रस्तुत किया। श्रद्धालुओं ने मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर हाथ हवा में लहराए। थ्री-डी लेजर लाइट्स, एलईडी स्क्रीन और हाईटेक साउंड सिस्टम के बीच टिमटिमाती रोशनी का दृश्य आकर्षण का केंद्र रहा। देर रात तक भक्ति का यह कारवां चलता रहा। इन लोगों ने संभाली व्यवस्था जैन युवा संगठन के अध्यक्ष कल्पेश लोढ़ा, सचिव अशोक तलेसरा, पूर्व अध्यक्ष उगम राज सांड व विनय बंब तथा संयोजक राजेंद्र नाहर, नरेश मेहता, निलेश सुराणा, मनीष बाफना, ललित मालू और प्रफुल्ल कवाड़ सहित कार्यकर्ताओं ने व्यवस्थाएं संभालीं। भक्ति संध्या के मुख्य पुण्यशाली लाभार्थी परिवार गौतमचंद, मोहितकुमार, विश्वासकुमार एवं समस्त कंकु चौपड़ा परिवार का जेवाईएस की ओर से स्मृति चिह्न देकर बहुमान किया गया। देखें… आयोजन की तस्वीरें
रांची में करम पूजा से लौट रही आदिवासी युवती से गैंगरेप, मोबाइल भी छीनकर ले गए दरिंदे
रांची के रातू थाना क्षेत्र में करम पूजा से लौट रही 19 वर्षीय युवती के साथ सामूहिक दुष्कर्म हुआ। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की और मेडिकल जांच भी कराई है।
मंदसौर से लापता युवक बागेश्वर धाम में मिला:उसकी तलाश में पिता मोबाइल टावर पर चढ़ गए थे
मंदसौर की नाहरगढ़ पुलिस ने बरखेड़ा डांगी गांव से लापता 22 वर्षीय सुखदेव राठौर को छतरपुर के बागेश्वर धाम से शनिवार को सकुशल खोज निकाला है। बेटे के लापता होने से परेशान पिता मोहनलाल दो दिन पहले मोबाइल टावर पर चढ़ गए थे। थाना प्रभारी वरुण तिवारी ने मौके पर पहुंचकर पिता को जल्द तलाश का भरोसा दिलाया। इसके बाद पुलिस ने युवक की तलाश तेज की। पुलिस ने तकनीकी और मैदानी जांच शुरू की। प्रयासों के बाद टीम को युवक के छतरपुर में होने की जानकारी मिली। पुलिस बागेश्वर धाम पहुंची और सुखदेव को ढूंढ निकाला। पत्नी के मायके जाने से तनाव में थाजांच में सामने आया कि सुखदेव पत्नी के मायके जाने के बाद मानसिक तनाव में था। वह बिना बताए घर से निकल गया था। पुलिस ने युवक को परिजनों को सौंप दिया। सुखदेव के सकुशल मिलने की खबर गांव पहुंचते ही परिवार और ग्रामीणों में खुशी छा गई। पिता मोहनलाल ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार जताया।
सीवान में पिछले तीन दिनों से लगातार बारिश और तेज हवाओं के कारण बिजली सप्लाई ठप है। कई इलाकों में बिजली के पोल टूटने से घरों के इनवर्टर भी जवाब दे चुके हैं। इस संकट में मोबाइल चार्जिंग सबसे बड़ी परेशानी बन गई है।मोबाइल आज पढ़ाई, ऑनलाइन काम और डिजिटल भुगतान का अहम जरिया है। बैटरी खत्म होने से लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी पर असर पड़ा है और उनकी मुश्किलें बढ़ गई हैं। रेलवे स्टेशन पर उमड़ी भीड़शनिवार रात मैरवा रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चार्ज करने के लिए भारी भीड़ उमड़ी। छात्र, युवा, बुजुर्ग और महिलाएं चार्जर व एक्सटेंशन बोर्ड लेकर प्रतीक्षालय पहुंचे। वहां लोग एक-दूसरे के एक्सटेंशन बोर्ड जोड़कर मोबाइल चार्ज करते दिखे।स्टेशन पर एक साथ 50 से ज्यादा मोबाइल चार्जिंग पर लगे थे, जबकि करीब 100 लोग अपनी बारी का इंतजार कर रहे थे। स्थानीय लोगों ने बताया कि तीन दिन से बिजली न आने के कारण वे यहां आने को मजबूर हैं। कभी रेलवे स्टेशन यात्रियों के सफर का ठिकाना हुआ करता था, लेकिन बिजली संकट के बीच यही स्टेशन लोगों के लिए मोबाइल की ‘चार्जिंग लाइफलाइन’ बन गया। बारिश और बिजली संकट के बीच स्टेशन पर जुटी भीड़ ने यह साफ कर दिया कि मोबाइल अब लोगों की जरूरत भर नहीं, बल्कि रोजमर्रा की जिंदगी का अहम हिस्सा बन चुका है।
हिमाचल प्रदेश पुलिस के साइबर क्राइम विंग ने नागरिकों को सार्वजनिक वाई-फाई और ब्लूटूथ के उपयोग को लेकर चेतावनी दी है।
चोरी की 8 बाइक, एक एक्टिवा और 20 मोबाइल के साथ 3 आरोपी काबू
भास्कर न्यूज | लुधियाना चोरी और छीना-झपटी की वारदात के खिलाफ चल रही विशेष मुहिम के तहत सीआईए स्टाफ लुधियाना ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान पियूष उर्फ कल्लू निवासी दिल्ली, हाल निवासी जमालपुर, अनमोल बोहत निवासी सरपंच कॉलोनी, जमालपुर और अविनाश कुमार निवासी बाबा श्री चंद कॉलोनी, मुंडिया कलां के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपियों से चोरी की 8 मोटरसाइकिल, एक होंडा एक्टिवा और विभिन्न कंपनियों के 20 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार 25 सितंबर को सीआईए स्टाफ की टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर थाना साहनेवाल क्षेत्र से तीनों आरोपियों को चोरी की सिल्वर रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल नंबर DL14-SS-4833 सहित काबू किया था। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से छीने गए 5 मोबाइल फोन बरामद हुए। इस संबंध में थाना साहनेवाल में मामला दर्ज किया गया। पूछताछ के दौरान आरोपियों की निशानदेही पर 26 सितंबर को 7 और मोटरसाइकिल, एक काले रंग की बिना नंबर होंडा एक्टिवा तथा 15 अन्य मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस तरह पुलिस ने आरोपियों से कुल 8 मोटरसाइकिल, एक एक्टिवा और 20 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस के मुताबिक आरोपी अविनाश कुमार 11वीं कक्षा तक पढ़ा है और उसके खिलाफ पहले कोई आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। पियूष उर्फ कल्लू 9वीं कक्षा तक पढ़ा है। अनमोल बोहत 10वीं कक्षा तक पढ़ा है और उसके खिलाफ थाना जमालपुर में चोरी के मामले में पहले से मामला दर्ज है। पुलिस के अनुसार वह उक्त मामले में 29 जुलाई 2026 को केंद्रीय जेल लुधियाना से बाहर आया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। रिमांड के दौरान आरोपियों से बरामद मोटरसाइकिलों और मोबाइल फोन के संबंध में पूछताछ की जाएगी। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि आरोपियों ने ये मोटरसाइकिलें कहां से चोरी की थीं और बरामद मोबाइल फोन किन-किन इलाकों से छीने गए थे।
2 अक्तूबर को मोबाइल दुकानदार मनाएंगे ‘नो यूपीआई डे’: डालेंगे क्यूआर कोड पर काला कपड़ा, क्यों लिया यह फैसला?
Meerut News: सीईआईआर पोर्टल की मदद से तीन मोबाइल मिले
Three mobile phones were recovered with the help of the CEIR portal.
Kanpur News: आरटीओ सेवाओं में मोबाइल नंबर सत्यापन सख्त, दूसरे के सिम से नहीं होगा आवेदन
वाहन खरीद-बिक्री और आरटीओ की ऑनलाइन सेवाओं में फर्जीवाड़ा रोकने के लिए परिवहन विभाग ने मोबाइल नंबर सत्यापन व्यवस्था सख्त कर दी है।
Ghazipur News: 4 मोबाइल फोन और हेरोइन ने खोली 2 राज्यों में तस्करी के नेटवर्क की परत
4 mobile phones and heroin expose a smuggling network spanning two states.
A 13-year-old daughter threatens to take her own life when her mobile is snatched away, while an 8-year-old child starts smashing things.
लड़की टॉयलेट में गई तो मोबाइल कैमरा हुआ ऑन! बाहर खड़े शख्स की हरकत से मचा हंगामा
लड़की टॉयलेट में गई तो मोबाइल कैमरा हुआ ऑन! बाहर खड़े शख्स की हरकत से मचा हंगामा
किराए के फ्लैट में चल रही थी सट्टे की ब्रांच:पुलिस ने 5 को पकड़ा, आरोपियों के पास से 9 मोबाइल मिले
सीकर की साइबर थाना पुलिस ने किराए के फ्लैट में दबिश देकर सट्टे की ब्रांच पकड़ी है। पुलिस ने मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार भी किया है। इनके पास से 9 मोबाइल सहित कई इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस और एटीएम कार्ड मिले हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। साइबर थाना DYSP विनोद श्योराण ने बताया- मुखबिर की सूचना पर रींगस कस्बे में शिवनगर में स्थित एक किराए के फ्लैट पर दबिश दी गई। यहां से पांच आरोपी रोहिताश जितरवाल (23) पुत्र मुरलीधर, स्वराज सिंह (25) पुत्र प्रेमसिंह, दिनेश हरितवाल (25) पुत्र रामवतार, विकास चाहर (20) पुत्र रामजीलाल चाहर और नितेश कुमार शर्मा (24) पुत्र रामकरण शर्मा को गिरफ्तार किया गया है। रामकरण दौसा जिले का रहने वाला है। जबकि अन्य 4 आरोपी सीकर जिले के ही रहने वाले हैं। लाखों रुपए का हिसाब मिला आरोपी दिनेश ने किराए का फ्लैट लिया हुआ था। यहां कई महीनों से आरोपी सट्टे की ब्रांच चला रहे थे। मुखबिर से सूचना मिलने के बाद इस कार्रवाई को अंजाम दिया गया। आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, 4 बैंक पासबुक, 9 एटीएम कार्ड, 9 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। आरोपियों के पास से सट्टे का लाखों रुपए का हिसाब मिला है। टेलीग्राम ग्रुप से चला रहे थे सट्टा आरोपी ऑनलाइन वॉलेट के जरिए यह ब्रांच चला रहे थे। इन्होंने टेलीग्राम पर भी एक ग्रुप बनाया हुआ था। इसके जरिए सट्टे का अवैध कारोबार चला रहे थे। फिलहाल अब इनके मास्टरमाइंड की तलाश की जा रही है। इस कार्रवाई में कॉन्स्टेबल भगीरथ और महावीर की विशेष भूमिका रही।
सीएम को मारने की धमकी देने के मामले में क्राइम ब्रांच ने मुंबई से आरोपी अफजल शेख को गिरफ्तार किया है। शुक्रवार को आरोपी को भोपाल जिला न्यायालय में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया है। प्रारंभिक पूछताछ में अफजल ने पुलिस को बताया कि उसने अपने पिता को फंसाने की नीयत से सीएम को धमकी वाला मैसेज भेजा था। इसके लिए उसने दोस्त के मोबाइल का इस्तेमाल किया था। पुलिस के मुताबिक, अफजल मूल रूप से बुरहानपुर जिले का रहने वाला है। उसके माता-पिता का तलाक हो चुका है। पूछताछ में उसने बताया कि पिता से रंजिश के चलते वह पिता को फंसाना चाहता था और उनके खिलाफ पहले भी शिकायतें करता रहा है। पुलिस उसके इस बयान को पूरी तरह सही नहीं मान रही है। अधिकारियों का कहना है कि आरोपी जांच को गुमराह करने के लिए यह कहानी बता सकता है। इसलिए उसके बयानों का डिजिटल साक्ष्यों से मिलान किया जा रहा है। 23 सितंबर को भेजा था मैसेज 23 सितंबर की सुबह करीब 11.30 बजे भदभदा स्थित रेडियो मुख्यालय में संचालित डायल-112 के आधिकारिक वॉट्सऐप नंबर पर मुख्यमंत्री को जान से मारने की धमकी वाला मैसेज आया था। आरोपी ने मुख्यमंत्री का नाम लिखकर जान से मारने की बात कही थी। बाद में उसने मैसेज को दो बार एडिट किया और अंत में डिलीट कर दिया। डायल-112 पर तैनात कर्मचारियों ने समय रहते इसका स्क्रीनशॉट ले लिया था। रेडियो मुख्यालय की शिकायत पर क्राइम ब्रांच ने केस दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की। मोबाइल और वॉट्सऐप गतिविधियों की जांच में आरोपी की लोकेशन मुंबई में मिली। इसके बाद पुलिस टीम ने वहां पहुंचकर उसे गिरफ्तार किया। कैटरिंग में काम करता है, मुफ्त खाने के लिए नौकरी का दावा पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को यह भी बताया कि वह कैटरिंग सर्विस में काम करता है, ताकि उसे मुफ्त खाना मिलता रहे। वह कई बार बिना टिकट यात्रा करने के मामलों में पकड़े जाने की बात भी सामने आई है। पुलिस इन जानकारियों की भी पुष्टि कर रही है। दोस्त के मोबाइल और दूसरे लोगों की भूमिका जांच में अब पुलिस आरोपी के साथ उस दोस्त की भूमिका भी जांच रही है, जिसके मोबाइल से धमकी भेजी गई थी। मोबाइल फोन, सिम, वॉट्सऐप चैट और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि धमकी का पूरा प्लान अफजल ने खुद बनाया था या किसी अन्य व्यक्ति ने उसे उकसाया था। पुलिस कमिश्नर संजय कुमार ने आरोपी की गिरफ्तारी और रिमांड पर लिए जाने की पुष्टि की है।
सिरसा जिले में डबवाली के कॉलोनी रोड पर रंधावा मैरिज पैलेस मट्टदादू के मैनेजर ओम प्रकाश को एक मोबाइल फोन सड़क पर पड़ा मिला। उन्होंने यह मोबाइल उसके मालिक तक पहुंचाकर ईमानदारी दिखाई है। गांव बडिंग खेड़ा के राजवीर डबवाली में किसी काम से आए थे। बाजार से सामान खरीदते समय उनका महंगा एंड्रॉयड मोबाइल फोन कॉलोनी रोड पर गिर गया। राजवीर और उनके दोस्तों ने काफी तलाश की, लेकिन मोबाइल नहीं मिला। सड़क किनारे पड़ा था मोबाइल इसी दौरान ओम प्रकाश अपनी मोटरसाइकिल से कॉलोनी रोड से गुजर रहे थे। उनकी नजर सड़क किनारे पड़े मोबाइल पर पड़ी। उन्होंने रुककर मोबाइल उठाया और उसमें दिए कुछ नंबरों पर कॉल की। कॉल से पता चला कि यह मोबाइल बडिंग खेड़ा (पंजाब) के राजवीर का है। ओम प्रकाश ने राजवीर से बात की, जिन्होंने बताया कि उनका फोन जेब से गिर गया था। ओम प्रकाश ने राजवीर को उनका मोबाइल लौटा दिया। ग्रामीणों ने ओम प्रकाश के इस काम की सराहना की है।
उत्तर प्रदेश में लगभग 50 लाख रसोई गैस उपभोक्ता अपनी ई-केवाईसी प्रक्रिया पूरी न करने के कारण सब्सिडी खोने के खतरे में हैं।
धमतरी जिले के कुरुद क्षेत्र में पुलिस ने नशीली दवा कैप्सूल की अवैध बिक्री के खिलाफ दो अलग-अलग जगहों पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 988 नशीले कैप्सूल, 3 मोबाइल फोन और नगद रकम जब्त की है। जब्त सामान की कुल कीमत 27 हजार 243 रुपए बताई गई है। तीनों आरोपियों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। ओवरब्रिज के पास कैप्सूल बेचते पकड़े गए 2 आरोपी कुरुद पुलिस ने उमरदा विशाखापटनम ओवरब्रिज के पास नशीली कैप्सूल की बिक्री की सूचना पर दबिश दी। यहां पुलिस ने कार्तिक कोसिरिया (22), निवासी गांधी चौक कुरुद और पंकज पटेल (25), निवासी उमरदा, कुरुद को नशीली कैप्सूल बेचते हुए पकड़ लिया। भरदा में चाय दुकान के पास तीसरा आरोपी गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई में पुलिस टीम ने ग्राम भरदा ओवरब्रिज के नीचे चाय दुकान के पास दबिश दी। यहां गुलशन साहू (25), निवासी भरदा, कुरुद को नशीली कैप्सूल बेचते हुए पकड़ा गया। तीनों को जेल भेजा पुलिस के अनुसार, दोनों कार्रवाई में पकड़े गए तीनों आरोपियों से नशीली कैप्सूल, मोबाइल और नकदी बरामद की गई। जब्त सामग्री की कुल कीमत 27,243 रुपए है। तीनों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया और न्यायालय के आदेश के बाद जेल भेज दिया गया।
भोजपुर में किराना दुकान की आड़ में गांजा की खरीद-बिक्री हो रही थी। पीरो थाना पुलिस ने मनैनी छलका स्थित एक किराना दुकान में छापेमारी कर 8 किलो 760 ग्राम गांजा के साथ दुकानदार को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने दुकान से गांजा तौलने के लिए इस्तेमाल किया जा रहा एक डिजिटल इलेक्ट्रॉनिक तराजू और एक मोबाइल फोन भी बरामद किया है। गिरफ्तार दुकानदार की पहचान सिकरहटा थाना क्षेत्र के नवाडीह गांव निवासी श्रीराम ठाकुर के बेटे अमित ठाकुर के रूप में हुई है। कार्रवाई की जानकारी पीरो एसडीपीओ कन्हैया कुमार ने प्रेस वार्ता के दौरान दी। मादक पदार्थ छिपाकर रखा था एसडीपीओ ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि मनैनी छलका स्थित किराना दुकान में दुकानदार अमित ठाकुर की ओर से मादक पदार्थ छिपाकर रखा गया है और उसकी खरीद-बिक्री की जा रही है। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस अधीक्षक अवधेश दीक्षित के निर्देश पर पीरो एसडीपीओ कन्हैया कुमार के नेतृत्व में टीम गठित की गई। इसमें पीरो अंचलाधिकारी और पुलिस सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। टीम ने सूचना के आधार पर दुकान में छापेमारी की। तलाशी के दौरान दुकान से गांजा बरामद हुआ। पुलिस ने मौके से 8 किलो 760 ग्राम गांजा, डिजिटल तराजू और मोबाइल जब्त करते हुए अमित ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया। 2 साल से खरीद-बिक्री का काम कर रहा था पुलिस के अनुसार, पूछताछ में अमित ठाकुर ने बताया कि वह करीब 2 वर्षों से गांजा की खरीद-बिक्री का काम कर रहा था। सिकरहटा थाना क्षेत्र के फतेहपुर गांव निवासी एक व्यक्ति से गांजा लेकर बिक्री किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब उस व्यक्ति की भूमिका और गांजा सप्लाई के नेटवर्क की जांच कर रही है। मामले में पीरो थाना में अमित ठाकुर और फतेहपुर निवासी व्यक्ति के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसी मनैनी छलका स्थित किराना दुकान पर 28 जुलाई को भी पीरो थाना पुलिस ने छापेमारी की थी। उस दौरान पुलिस ने 380 ग्राम गांजा बरामद करते हुए अमित ठाकुर के पिता श्रीराम ठाकुर को गिरफ्तार किया था।
गोंडा में शनिवार शाम करीब 4:30 बजे गोंडा की मनकापुर कोतवाली पुलिस ने 14 सितंबर को बस्ती के दुकानदार शुभम गुप्ता के साथ हुई लूट का खुलासा किया। पुलिस ने बस्ती निवासी मोहनलाल चौहान, करन और अभि पांडे उर्फ गोलू को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटे गए 2 कैमरे, 3 मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई स्विफ्ट डिजायर कार बरामद की गई है। कारोहानाथ मंदिर से लौटते समय हुई थी लूट शुभम गुप्ता ने 15 सितंबर को मनकापुर कोतवाली में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि वह अपने साथी संदीप गुप्ता के साथ बस्ती से करोहानाथ मंदिर में फोटो खींचने आए थे। लौटते समय मनकापुर-मसकनवा मार्ग पर कार सवार चार बदमाशों ने उनकी कार को रोक लिया और बैग छीनकर फरार हो गए। 20 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरे खंगाले शिकायत मिलने के बाद पुलिस ने 15 सितंबर को ही मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस ने घटनास्थल और आसपास लगे 20 से ज्यादा सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। एक कैमरे में कुछ लोग बस्ती नंबर की स्विफ्ट डिजायर कार से जाते हुए दिखाई दिए। पीड़ित से कराई गई कार की पहचान पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार की पहचान कराई। शुभम गुप्ता ने भी कार को पहचान लिया। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। मेडिकल के बाद कोर्ट में पेशी, जेल भेजे गए मनकापुर कोतवाल तेज प्रताप सिंह ने बताया कि मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उनका मेडिकल परीक्षण कराने के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से तीनों को जेल भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
जयपुर में SI भर्ती परीक्षा-2021 केंद्र से सामने आए एक वीडियो ने परीक्षा की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में व्हाइट बोर्ड, क्वेश्चन पेपर और OMR की मोबाइल से रिकॉर्डिंग होती दिखाई देने की बात सामने आई है। परीक्षा केंद्रों पर बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्था के बावजूद यह रिकॉर्डिंग कैसे हुई, इसे लेकर सवाल उठ रहे हैं। मामले को लेकर शुक्रवार रात को आरपीएससी अफसर की ओर से महेश नगर थाने में FIR दर्ज कराई गई है। फिलहाल महेश नगर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस के मुताबिक, RPSC अजमेर के अनुभाग अधिकारी की ओर से FIR दर्ज करवाई गई है। शिकायत में बताया गया है कि सोशल मीडिया पर कैंडिडेट की ओर से RPSC आयोग की 20 सितंबर को आयोजित SI भर्ती-2021 के एग्जाम सेंटर का वीडियो बनाकर जारी किया गया। कैंडिडेट ने आयोग की ओर से बहुस्तरीय सुरक्षा व्यवस्थाओं को दरकिनार करते हुए एग्जाम से संबंधित तथ्यों को दिखाया। जिसमें एग्जाम सेंटर में क्लास के व्हाइट बोर्ड की रिकॉर्डिंग और क्वेश्चन पेपर मय ओएमआर शीट को मोबाइल से रिकॉर्ड करना दिखाया गया है। जयपुर का निकला एग्जाम सेंटर वीडियो में एग्जाम सेंटर का कोड़ और एग्जाम के नाम के साथ रोल नंबर भी दिखाई दे रहे है। जांच में कोड के आधार पर एग्जाम सेंटर जयपुर के महेश नगर इलाके में गंगा विहार कॉलोनी स्थित कल्याण पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल का है। इस संबंध में अनुभाग अधिकारी की ओर से महेश नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई। मानना है कि परीक्षा की गोपनीयता और शुचिता के मद्देनजर वीडियो की सत्यता एवं उसमें प्रदर्शित तथ्यों की वास्तविक स्थिति स्पष्ट किए जाने के लिए जांच जरूरी है। अगले दिन बना था वीडियो एडि. डीसीपी (SIUCAW) जिज्ञासा ने बताया- जांच में सामने आया है कि किसी कोचिंग सेंटर की टेस्ट सीरिज में एक कैंडिडेट इनवॉल्व था। कोचिंग सेंटर की ओर से 21 सितंबर को कैंडिडेट ज्यादा होने के कारण स्कूल ली गई थी। एक दिन पहले एसआई भर्ती का एग्जाम सेंटर होने के कारण व्हाइट बोर्ड पर लिखा रह गया। एडि. डीसीपी ने बताया कि कैंडिडेट की ओर से व्हाइट बोर्ड और कोचिंग की ओएमआर सहित अन्य का वीडियो बनाकर वायरल किया गया। जांच में सामने आया है कि वीडियो बनाने वाले कैंडिडेट ने एसआई भर्ती का फॉर्म ही नहीं भरा था। ----------------- ये खबर भी पढ़े… SI भर्ती परीक्षा: जयपुर में टी-शर्ट पर टेप चिपकाया:शर्ट उतरवाई तो बनियान में पहुंचा युवक; पहली-दूसरी पारी में उदयपुर में सबसे कम कैंडिडेट आए पेपर लीक के कारण रद्द हुई 2021- SI भर्ती परीक्षा रविवार को अजमेर सहित प्रदेश के 11 जिलों में फिर से हुई। पहली पारी (सुबह 10 से 12 बजे तक) के एग्जाम में सबसे ज्यादा उपस्थिति टोंक में 77.73 पर्सेंट रही। उदयपुर में सबसे कम 66.46 कैंडिडेट पहुंचे। (पूरी खबर पढ़ें…) SI भर्ती री-एग्जाम की तैयारी पूरी,2.18 लाख अभ्यर्थी देंगे परीक्षा:11 जिलों के 666 सेंटर बनाए; 17 सितंबर को जारी होंगे एडमिट कार्ड SI भर्ती री-एग्जाम-2021 में पहली बार फेस रिकग्निशन-थंब इम्प्रेशन:दो लाख 35 हजार कैंडिडेट्स देंगे परीक्षा; आवंटित जिले की जानकारी अपलोड
सोनीपत में मोबाइल स्नैचिंग का मामला सामने आया है। जहां Zepto डिलीवरी बॉय ने एक युवक का मोबाइल छीन लिया और बाइक से भागने लगा। पीछा किए जाने पर आरोपी बाइक और मोबाइल छोड़कर फरार हो गया। बाद में पुलिस ने आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल की किश्त भरने के लिए स्नैचिंग करने की बात कही है। पुलिस एटलस रोड पर दो दिन पहले हुई एक अन्य स्नैचिंग में भी उसकी भूमिका की जांच कर रही है। मोबाइल छीनकर बाइक से भागा पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक Zepto में डिलीवरी बॉय के तौर पर काम करने वाले 22 वर्षीय साजिद पर एक युवक का मोबाइल छीनने का आरोप है। मोबाइल छीनने के बाद आरोपी बाइक से तेज रफ्तार में मौके से भाग निकला। लोगों ने उसका पीछा किया, लेकिन वह काफी दूर तक बाइक दौड़ाता रहा। डिलीवरी करने पहुंचा तो लोगों ने घेरा आरोपी की तलाश में जुटे एक व्यक्ति ने पीछा जारी रखा। काफी तलाश के बाद साजिद एक स्थान पर दिखाई दिया, जहां वह डिलीवरी करने के लिए एक घर में दाखिल हो रहा था। इसकी सूचना अन्य लोगों को दी गई। इसके बाद मौके पर पहुंचे लोगों ने आरोपी को घेर लिया। बाइक और मोबाइल छोड़कर फरार लोगों से घिरता देखकर आरोपी वहां से दोबारा भाग निकला। इस दौरान वह अपनी बाइक और मोबाइल मौके पर ही छोड़ गया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक व मोबाइल को कब्जे में ले लिया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी साजिद को पकड़ लिया। मोबाइल की किश्त भरने के लिए स्नैचिंग का दावा पुलिस पूछताछ में आरोपी ने मोबाइल छीनने की बात स्वीकार की है। पुलिस के अनुसार, साजिद ने बताया कि उसे अपने मोबाइल की किश्त भरने के लिए पैसों की जरूरत थी। इसी वजह से उसने दूसरे युवक का मोबाइल छीन लिया। जांच के दौरान दो दिन पहले एटलस रोड पर हुई एक अन्य मोबाइल स्नैचिंग की वारदात भी सामने आई। इस मामले के पीड़ित ने मोबाइल छीनने वाले युवक के तौर पर साजिद की पहचान किए जाने की बात सामने आई है। पुलिस अब इस वारदात में उसकी संलिप्तता की जांच कर रही है। अन्य वारदातों की भी जांच पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि साजिद पहले किसी अन्य मोबाइल स्नैचिंग की वारदात में शामिल रहा है या नहीं। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
खगड़िया के महेशखूंट थाना क्षेत्र में एक महिला से लूटपाट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को 48 घंटे में गिरफ्तार किया है। इनकी पहचान टेम्हा बन्नी निवासी दिनेश कुमार उर्फ फुदो और पूर्वी ठाठा निवासी रौशन कुमार के रूप में हुई है। पुलिस ने लूटा गया सामान और वारदात में इस्तेमाल बाइक भी बरामद की है। एसपी के निर्देश पर टीम बनी पुलिस के मुताबिक, 23 सितंबर 2026 को महिला अपने पति के साथ खगड़िया से घर लौट रही थी। रोहरी चौक के पास अपाची बाइक सवार दो बदमाशों ने उनकी बाइक रोककर महिला का हैंडबैग छीन लिया। बैग में 15 हजार रुपए नकद, गोदरेज की चाबी और दो मोबाइल फोन थे। महिला की शिकायत पर महेशखूंट थाना में केस दर्ज हुआ। एसपी के निर्देश पर टीम बनी। पुलिस ने तकनीकी जांच से आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। एसडीपीओ चंदन कुमार ठाकुर ने बताया कि दोनों आरोपियों का पहले से आपराधिक रिकॉर्ड है। दिनेश कुमार उर्फ फुदो और रौशन कुमार के खिलाफ कई थानों में मामले दर्ज हैं।
अपना मोबाइल नंबर भूल गए? Jio, Airtel, Vi और BSNL में ऐसे करें तुरंत चेक
हममें से ज्यादातर लोगों को अपना मोबाइल नंबर आसानी से याद रहता है। लेकिन कई बार हम फोन में SIM कार्ड बदल लेते हैं और फिर यह याद रखना मुश्किल हो जाता है कि कौन-सा नंबर किस SIM कार्ड में लगा है। कई लोग दूसरे नंबर के तौर पर नया SIM कार्ड भी ले लेते हैं। ऐसे में रोजमर्रा की भागदौड़ के बीच नया नंबर याद रखना थोड़ा मुश्किल हो सकता है। कुछ मामलों में, कई लोग ऐसे होते हैं, जिनके फोन में फिजिकल SIM कार्ड नहीं होता, बल्कि कई eSIM इंस्टॉल होते हैं। वहीं, स्मार्टफोन के बढ़ते इस्तेमाल के साथ कुछ पुराने यूजर्स के लिए भी अपने मोबाइल नंबर को याद रखना या अलग-अलग नंबरों को पहचानना मुश्किल हो सकता है।इन सभी स्थितियों को ध्यान में रखते हुए, यहां कुछ आसान तरीके बताए गए हैं, जिनकी मदद से आप अपने फोन में अपना मोबाइल नंबर तुरंत चेक कर सकते हैं। हालांकि, तरीका आपके मोबाइल ऑपरेटर के हिसाब से अलग हो सकता है।सबसे आसान तरीकाअपना मोबाइल नंबर पता करने का सबसे आसान तरीका है कि आप किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य को कॉल कर दें। कॉल करने पर उनके फोन की स्क्रीन पर आपका मोबाइल नंबर दिखाई दे देगा।Android फोन या iPhone में अपना नंबर कैसे चेक करेंअगर आपको किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्य का नंबर याद नहीं है, तो आप अपने फोन की सेटिंग्स में जाकर भी अपना मोबाइल नंबर पता कर सकते हैं।अगर आपके पास iPhone है: सबसे पहले अपने iPhone में Settings ऐप खोलें। अब Mobile Service ऑप्शन पर जाएं। यहां My Number के नीचे आपका मोबाइल नंबर दिखाई देगा। अगर आपके पास Android फोन है: सबसे पहले फोन में Settings ऐप खोलें। इसके बाद Network and internet ऑप्शन पर टैप करें। अब SIMs ऑप्शन पर जाएं। यहां आपको फोन में लगी सभी SIM और eSIM दिखाई देंगी। हर SIM या eSIM के लिए अलग टॉगल भी दिया होगा, जिसकी मदद से आप उसे ऑन या ऑफ कर सकते हैं। Android फोन में नंबर चेक करने का दूसरा तरीकाइसके अलावा Android फोन में अपना मोबाइल नंबर चेक करने का एक और आसान तरीका है: अपने Android फोन में Settings ऐप खोलें। थोड़ा नीचे स्क्रॉल करें और About phone ऑप्शन पर जाएं। यहां आपको अपने फोन में सेव SIM या eSIM नंबर की जानकारी मिल सकती है। अगर आपके फोन में आपके मोबाइल ऑपरेटर का ऐप पहले से इंस्टॉल है, तो आप वहां भी अपना नंबर चेक कर सकते हैं। हालांकि, इसमें थोड़ी परेशानी हो सकती है, क्योंकि ऐप में लॉग इन करने के लिए आपको अपना नंबर पता होना चाहिए।ऑपरेटर की सर्विस से अपना मोबाइल नंबर कैसे चेक करेंअगर आपको अपने फोन में SIM का नंबर नहीं मिल रहा है, तो आप अपने मोबाइल ऑपरेटर की सर्विस का इस्तेमाल करके भी अपना नंबर पता कर सकते हैं। इसके लिए अलग से किसी ऐप की जरूरत नहीं है।Jio यूजर्स के लिए अपने फोन की होम स्क्रीन से Phone ऐप खोलें। नीचे दिए गए मेन्यू से Keypad पर टैप करें। अब 1299 डायल करके कॉल बटन दबाएं। कॉल अपने आप डिस्कनेक्ट हो जाएगी। इसके बाद आपको SMS मिलेगा, जिसमें आपका मोबाइल नंबर और प्लान की जानकारी दी जाएगी। इसके अलावा आप 199 पर कॉल करके IVR के निर्देशों को फॉलो करते हुए भी अपना नंबर चेक कर सकते हैं। Airtel यूजर्स के लिए अपने फोन में Phone ऐप खोलें। नीचे दिए गए मेन्यू से Keypad चुनें। अब *282# डायल करके कॉल बटन दबाएं। स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज आएगा, जिसमें आपका मोबाइल नंबर दिखाई देगा। आप चाहें तो 121 पर कॉल करके IVR के निर्देशों को फॉलो करते हुए भी अपना नंबर पता कर सकते हैं। Vi यूजर्स के लिए अपने फोन में Phone ऐप खोलें। नीचे दिए गए मेन्यू से Keypad पर टैप करें। अब *199# डायल करके कॉल बटन दबाएं। स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज आएगा, जिसमें आपका मोबाइल नंबर दिखाई देगा। इसके अलावा आप 199 या 198 पर कॉल करके IVR के निर्देशों को फॉलो करते हुए भी अपना नंबर चेक कर सकते हैं। BSNL यूजर्स के लिए सबसे पहले अपने फोन की होम स्क्रीन से Phone ऐप खोलें। नीचे दिए गए मेन्यू से Keypad पर टैप करें। अब *222# डायल करके कॉल बटन दबाएं। इसके बाद स्क्रीन पर एक पॉप-अप मैसेज दिखाई देगा, जिसमें आपका मोबाइल नंबर लिखा होगा। इसके अलावा आप 1800-180-1503 पर कॉल करके IVR के निर्देशों को फॉलो करते हुए भी अपना मोबाइल नंबर चेक कर सकते हैं। यह भी पढ़ें:Android फोन से बिना ऐप डाउनलोड किए स्कैन करें डॉक्यूमेंट, बस फॉलो करें ये स्टेप-बाय-स्टेप गाइड
जयपुर में युवक को ससुराल वालों ने जहर देकर मार दिया। मृतक की मां मन्नी देवी (55) ने इस्तगासे के जरिए शुक्रवार दोपहर हत्या की रिपोर्ट दर्ज कराया है। SHO (कानोता) वीरेन्द्र सिंह ने बताया- कानोता के बैनाड़ा निवासी मन्नी देवी ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। उन्होंने अपने बेटे, बबलू की हत्या का मामला दर्ज करवाया है। मृतक की पत्नी सुनीता, ससुर प्रकाश मीणा, उनके भाई रामावतार व भतीजे गोलू व दीपक निवासी हेमल्यावाला दौसा पर हत्या का आरोप लगाया है। घटना कानोता थाना इलाके में जुलाई में हुई थी। मृतक की मां ने रिपोर्ट में बताया कि बबलू के मोबाइल की रिकॉर्डिंग चेक करने पर पत्नी सुनीता व पिता प्रकाश की बातचीत मिली। बातचीत की रिकॉर्डिंग में पिता-बेटी की ओर से बबलू को जहर देने की बात की जा रही है। मन्नी देवी के अनुसार बहू ने कोल्ड ड्रिंक में जहर दिया था। तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल ले जाते समय बबलू ने रास्ते में बताया था कि ससुराल वालों ने उसे कोल्ड ड्रिंक में जहर मिलाकर पिलाया था । बबलू की एसएमएस हॉस्पिटल में इलाज के दौरान मौत हो गई थी। बेटे के फोन में मिली बातचीत की रिकॉर्डिंग मां ने शिकायत में बताया- मई-2024 में उनके बेटे बबलू मीणा की शादी सुनीता के साथ हुई थी। आरोप है कि काफी दिनों से बबलू को पत्नी सुनीता के किसी के साथ अफेयर होने का शक था। इसके चलते बबलू ने सुनीता का मोबाइल अपने पास रख लिया था। सुनीता को उसके परिवार वालों से बात करने के लिए बबलू अपना मोबाइल देता था। उसके मोबाइल में हर बातचीत की रिकॉर्डिंग होती थी। बबलू की मौत के बाद उसके मोबाइल की रिकॉर्डिंग चेक करने पर पत्नी सुनीता व पिता प्रकाश की बातचीत मिली। मीटिंग के बहाने बुलाकर दिया जहर मां ने रिपोर्ट में बताया कि 19 जुलाई-2026 को घर छोड़कर सुनीता अपने मामा के घर बिहारीपुरा चली गई थी । 22 जुलाई को सुनीता ने बबलू को अपने पिता प्रकाश व भाइयों से बात करने की कहकर बिहारीपुरा बुलाया और बातचीत के दौरान कोल्ड ड्रिंक में जहर दिया था। दोपहर को घर लौटने के बाद बबलू ने तेज सिर दर्द और उल्टी की शिकायत की। हॉस्पिटल जाते समय बताई थी कोल्ड ड्रिंक में जहर की बात तबीयत खराब होने पर परिजन पड़ोसियों की मदद से बबलू को पास ही नवजीवन हॉस्पिटल ले गए। डॉक्टर्स ने चेक कर जहर देने की बात कही और उसे SMS हॉस्पिटल ले जाने को कहा। हॉस्पिटल जाते समय रास्ते में बबलू ने बताया कि बिहारीपुरा में उसे ससुरालवालों ने कोल्ड ड्रिंक में जहर दिया था। इसके बाद SMS हॉस्पिटल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। कानोता थाना पुलिस की ओर से पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया गया था।
26 सितंबर, शनिवार: पटना में सीएम ने छात्रों को 300 में 280 अंक का लक्ष्य दिया, अभिभावकों से मोबाइल कम कराने और मीटिंग में आने की अपील।
भीलवाड़ा के नंगा जी का खेड़ा गांव से भोलेनाथ की प्रतिमा चोरी होने के मामले में पुलिस कार्रवाई नहीं होने से नाराज शनिवार को दो युवक नेशनल हाईवे-48 पर आपलियास चौराहे के पास मोबाइल टावर पर चढ़ गए और विरोध-प्रदर्शन करने लगे। मामला गुलाबपुरा थाना क्षेत्र का है। मूर्ति नहीं मिलने तक नीचे नहीं उतरेंगे जानकारी के अनुसार, अभिषेक वैष्णव और सुरेश जाट दोनों शनिवार सुबह मोबाइल टावर पर चढ़ गए। दोनों युवकों का कहना है कि जब तक भोलेनाथ की चोरी हुई मूर्तियां वापस नहीं आएगी तब तक वो नीचे नहीं उतरेंगे। सूचना मिलने के बाद आसपास लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस प्रशासन मौके पर पहुंचा और युवकों से समझाइश कर नीचे उतरने के प्रयास शुरू किए। दो महीने पहले हुई थी चोरी दरअसल, गांव के त्रिशूल महादेव मंदिर से 60 दिन पहले भोलेनाथ की प्रतिमा चोरी हो गई थी। इसे लेकर ग्रामीणों ने शुक्रवार को सीएम के नाम एसडीएम को ज्ञापन देकर कार्रवाई की मांग की थी। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रतिमा चोरी होने के बाद अब तक पुलिस चोरों तक नहीं पहुंच पाई है। इस मामले में जल्द कार्रवाई होनी चाहिए और चोरी की गई प्रतिमा बरामद करनी चाहिए। सूचना पर पुलिस और प्रशासन मौके पर पहुंचा। दोनों युवकों से समझाइश की जा रही है। फिलहाल दोनों युवक टावर पर चढ़े हुए हैं। देखिए PHOTOS…
जांच में सामने आया कि अजय ने अनुराधा को अपनी दवा कंपनी में शेयर होल्डर बनाने की बात कही थी।
गाजियाबाद, 26 सितंबर . गाजियाबाद के कोतवाली थाना क्षेत्र में Friday देर रात एक रिसाइक्लिंग फैक्ट्री में अचानक आग लगने से हड़कंप मच गया. आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में फैक्ट्री के टीन शेड में रखा मोबाइल की बैटरी और सेल, मोटरसाइकिल समेत अन्य सामान आग की चपेट में आ गया. ... Read more
मथुरा के वृंदावन में शुक्रवार को संत प्रेमानंद महाराज के आश्रम केली कुंज से जुड़ी गुरु कृपा कुंज इमारत से छलांग लगाकर आत्महत्या करने वाले साधक के मामले में पुलिस कई एंगल से जांच कर रही है। पुलिस को साधक के कमरे से ग्राइंडर और कटा हुआ प्राइवेट पार्ट मिला है। फॉरेंसिक टीम ने मौके से साख्य जुटाए हैं। पुलिस अब यह जानने की कोशिश कर रही है कि साधक ने आत्महत्या किसी अवसाद में आकर की या फिर किसी ने यह कदम उठाने के लिए विवश किया। केली कुंज आश्रम से 500 मीटर दूर है आश्रम संत प्रेमानंद महाराज के रमणरेती स्थित केली कुंज आश्रम से करीब 500 मीटर दूर वाराह घाट इलाके में गुरु कृपा कुंज इमारत है। इस इमारत में संत प्रेमानंद महाराज का परिकर रहता है। इसी इमारत की चौथी मंजिल पर जबलपुर निवासी 25 वर्षीय दीपक लोधी उर्फ रसिक दुलारी शरण रहते थे। दीपक को रसिक दुलारी शरण नाम संत प्रेमानंद महाराज के द्वारा दीक्षा देने के बाद मिला। रसिक दुलारी शरण ने दीक्षा सितंबर 2025 में ली। 3 महीने से रह रहे इमारत में रसिक दुलारी शरण बिजली का काम जानते थे। इसलिए आश्रम में उनको बिजली का काम करने की सेवा दे दी गई। करीब 3 महीने पहले रसिक दुलारी शरण को गुरु कृपा कुंज बिल्डिंग की चौथी मंजिल पर रहने के लिए एक कमरा दे दिया गया। इस बिल्डिंग में केली कुंज से जुदा करीब 40 से ज्यादा परिकर रहता है। रसिक दुलारी शरण जिस समय बिल्डिंग में थे उस समय ज्यादातर परिकर आश्रम से जुड़ी सेवाओं में अलग अलग जगह व्यस्त था। पुलिस कर रही जांच रसिक दुलारी शरण की मौत के बारे में पुलिस को जानकारी अस्पताल से मिली। सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया कि सर्वोदय अस्पताल से सूचना मिली कि एक साधक घायल अवस्था में वहां लाया गया जिसके मुंह से और धोती के नीचे से खून आ रहा था उसकी मृत्यु हो गई है। इसके बाद पुलिस अस्पताल पहुंची,जहां जानकारी करने के बाद घटना स्थल का निरीक्षण किया। मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाया गया। फॉरेंसिक और पुलिस की टीम को कमरे से ग्राइंडर और कटा हुआ प्राइवेट पार्ट मिला। मोबाइल और सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही पुलिस सीओ वृंदावन संदीप सिंह ने बताया इस मामले में फॉरेंसिक और वृंदावन थाना पुलिस जांच कर रही है। साधक का मोबाइल से डाटा खंगाला जा रहा है कि आखिरी बार उन्होंने किससे बात की या फिर ऐसा क्या हुआ जिसकी बजह से यह कदम उठाया। इसके साथ ही वहां लगे CCTV कैमरे भी खंगाले जा रहे हैं। फ़िलहाल पुलिस रसिक दुलारी शरण के परिजनों के आने का इंतजार कर रही है। इसके बाद पोस्टमॉर्टम की कार्यवाही की जाएगी।
खैरथल जिले के किशनगढ़बास क्षेत्र के ओदरा गांव में साइबर ठगी की जांच करने पहुंची डीएसटी और साइबर सेल की टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार, भीड़ ने दो संदिग्ध युवकों को छुड़ा लिया और दो मोबाइल भी छीन लिए।
नई दिल्ली। नया आशियाना या ऑफिस स्पेस चुनते समय अब तक लोग वेंटिलेशन, लोकेशन, पार्किंग और कनेक्टिविटी जैसी पारंपरिक सुविधाओं की पड़ताल करते थे, लेकिन अब भारतीय दूरसंचार विनियामक प्राधिकरण (TRAI) ने डिजिटल युग की सबसे बुनियादी जरूरत को लेकर बड़ा ऐतिहासिक कदम उठाया है। ट्राई ने आधिकारिक तौर पर डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग (Digital Connectivity Rating - DCR) प्लेटफॉर्म लाइव कर दिया है। इस आधुनिक पारदर्शी व्यवस्था के लागू होने के बाद आम नागरिक और कारोबारी किसी भी आवासीय या व्यावसायिक परिसर में शिफ्ट होने से पहले वहां मौजूद मोबाइल नेटवर्क, कॉल ड्रॉप की स्थिति, ब्रॉडबैंड उपलब्धता और 5G डेटा स्पीड की आधिकारिक रेटिंग देख सकेंगे।दूरसंचार विभाग और ट्राई का यह कदम देश के रियल एस्टेट सेक्टर और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के लिए गेमचेंजर साबित होने वाला है। बड़े शहरों में बहुमंजिला इमारतों, बेसमेंट और घनी सोसायटियों के फ्लैट्स के अंदर कमजोर नेटवर्क कवरेज हमेशा से एक गंभीर समस्या रही है। लोग अक्सर लाखों-करोड़ों रुपये खर्च करके नया घर खरीदते हैं, लेकिन अंदर कदम रखते ही मोबाइल से सिग्नल गायब हो जाते हैं। वर्क फ्रॉम होम और हाइब्रिड वर्क कल्चर के इस दौर में इनडोर नेटवर्क का अभाव मानसिक तनाव और काम में रुकावट का कारण बनता है। इसी गंभीर जमीनी समस्या के स्थायी समाधान के रूप में डीसीआर फ्रेमवर्क को पेश किया गया है।क्या है TRAI का DCR प्लेटफॉर्म और यह कैसे काम करता हैडिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग यानी डीसीआर एक वैज्ञानिक और मानकीकृत मूल्यांकन प्रणाली है। जिस तरह इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों जैसे एसी, फ्रिज या पंखों पर बिजली की बचत दर्शाने वाले बीईई (BEE) स्टार रेटिंग लेबल लगे होते हैं, ठीक उसी तर्ज पर अब रेजिडेंशियल और कमर्शियल इमारतों को उनकी इनडोर डिजिटल कनेक्टिविटी क्षमता के आधार पर 1 से लेकर 5 स्टार तक की रेटिंग प्रदान की जाएगी।यह प्रणाली पूरी तरह से निष्पक्ष, डेटा-आधारित और स्वतंत्र तकनीकी जांच पर काम करती है। इसमें प्रमाणित तकनीकी एजेंसियां साइट पर जाकर आधुनिक उपकरणों से सिग्नल स्ट्रेंथ, लेटेंसी, डाउनलोड-अपलोड स्पीड, इनडोर ऑप्टिकल फाइबर केबलिंग (OFC) की स्थिति और अलग-अलग टेलीकॉम ऑपरेटर्स जैसे जियो, एयरटेल और वोडाफोन आइडिया के नेटवर्क रिसेप्शन की जांच करती हैं। इस गहन तकनीकी परीक्षण के बाद भवन को एक समग्र स्कोर और स्टार रेटिंग जारी की जाती है, जिसे सार्वजनिक रूप से पोर्टल पर दर्ज किया जाता है।रियल एस्टेट सेक्टर में अब स्टार रेटिंग से तय होगी प्रॉपर्टी की साखअब तक प्रॉपर्टी डेवलपर्स अपनी परियोजनाओं में लग्जरी क्लब हाउस, स्विमिंग पूल, जिम और लैंडस्केप गार्डन का खूब प्रचार करते थे, लेकिन इन-बिल्डिंग सॉल्यूशंस (IBS) और डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर को नजरअंदाज कर दिया जाता था। ट्राई के इस नए नियम के बाद प्रॉपर्टी खरीदारों को यह अधिकार मिल गया है कि वे बुकिंग करने से पहले डेवलपर से इमारत की आधिकारिक डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग की मांग कर सकें।बिल्डरों को अब निर्माण के शुरुआती ब्लूप्रिंट डिजाइन में ही टेलीकॉम इंफ्रास्ट्रक्चर को अनिवार्य रूप से शामिल करना होगा। इसमें रूफटॉप टावर लगाने की व्यवस्था, हर फ्लोर पर कॉमन टेलीकॉम डक्ट्स, ऑप्टिकल फाइबर वायर रूटिंग और बेसमेंट में बूस्टर एंटीना लगाने के लिए समर्पित जगह शामिल है। जिन प्रोजेक्ट्स की डीसीआर स्टार रेटिंग 4 या 5 होगी, उनकी मार्केट वैल्यू और रीसेल वैल्यू कमजोर रेटिंग वाले भवनों की तुलना में काफी ज्यादा आंकी जाएगी। खरीदार अब अंधकार में रहकर केवल दावों पर भरोसा नहीं करेंगे, बल्कि प्रमाणित सरकारी रेटिंग देखकर निवेश का फैसला लेंगे।आम उपभोक्ताओं, पेशेवरों और कॉर्पोरेट्स को कैसे मिलेगा सीधा फायदाइस व्यवस्था का सर्वाधिक प्रत्यक्ष लाभ आम कामकाजी जनता, फ्रीलांसर्स, छात्रों और कॉर्पोरेट घरानों को मिलेगा। कोरोना महामारी के बाद से वर्क फ्रॉम होम, ऑनलाइन क्लासेस और रिमोट बिजनेस ऑपरेशंस रोजमर्रा की जिंदगी का अभिन्न अंग बन चुके हैं। ऐसे में अगर किसी अपार्टमेंट या को-वर्किंग स्पेस में डिजिटल सिग्नल कमजोर हैं, तो कामकाज ठप पड़ जाता है।डीसीआर पोर्टल के माध्यम से कोई भी व्यक्ति पिनकोड, शहर, इलाके या संबंधित सोसाइटी के नाम से सीधे सर्च कर सकेगा कि वहां मोबाइल सिग्नल और ब्रॉडबैंड की क्या स्थिति है। किरायेदार भी लीज एग्रीमेंट साइन करने से पहले यह जांच सकेंगे कि संबंधित फ्लैट में जियो, एयरटेल या वीआई का सिग्नल बेडरूम या बालकनी में पूरा मिलता है या नहीं। कॉर्पोरेट कंपनियों के लिए नया डाटा सेंटर या ब्रांच ऑफिस खोलने से पहले डिजिटल रेडिनेस का आकलन करना बेहद आसान और पारदर्शी हो जाएगा।भारत के छोटे शहरों और टियर-2, टियर-3 बाजारों में डिजिटल क्रांति का नया विस्तारयह सुधार केवल दिल्ली, मुंबई, बेंगलुरु, हैदराबाद या लखनऊ जैसे महानगरों तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के टियर-2 और टियर-3 शहरों में भी तेजी से लागू हो रहा है। छोटे शहरों में बन रहे नए हाउसिंग प्रोजेक्ट्स, आईटी पार्क्स और कमर्शियल प्लाजा को भी अब इस नेटवर्क फ्रेमवर्क के दायरे में लाया जा रहा है। नेशनल ब्रॉडबैंड मिशन और भारत नेट के लक्ष्यों को गति देने के लिए यह जरूरी था कि लास्ट-माइल इनडोर कनेक्टिविटी को विश्वस्तरीय बनाया जाए।लोकल लेवल पर प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन और नगर निगम के नक्शा पास करने के नियमों के साथ भी भविष्य में इसे जोड़ा जा सकता है, जिससे यह सुनिश्चित हो सके कि कोई भी नई बहुमंजिला इमारत डिजिटल इंफ्रास्ट्रक्चर के बिना न बने। ट्राई का लक्ष्य देश के कोने-कोने में रहने वाले हर नागरिक को कॉल ड्रॉप की समस्या से मुक्ति दिलाना और हाई-स्पीड इंटरनेट की निर्बाध सुविधा उपलब्ध कराना है।नए फ्लैट और ऑफिस खरीदारों के लिए आसान चेकलिस्टअगर आप आने वाले दिनों में कोई नया फ्लैट, दुकान, शोरूम या ऑफिस स्पेस खरीदने अथवा लंबे समय के लिए रेंट पर लेने की योजना बना रहे हैं, तो इन प्रमुख बिंदुओं को अपनी प्राथमिक जांच सूची में अवश्य शामिल करें:बिल्डर अथवा ब्रोकर से संबंधित प्रोजेक्ट की प्रमाणित ट्राई डीसीआर (DCR) स्टार रेटिंग रिपोर्ट मांगें।इमारत के अंदर सभी प्रमुख टेलीकॉम नेटवर्क ऑपरेटर्स के 4G और 5G इनडोर सिग्नल कवरेज का स्तर पोर्टल पर क्रॉस-वेरीफाई करें।भवन के शाफ्ट और कॉमन यूटिलिटी डक्ट्स में न्यूट्रल शेयर्ड ऑप्टिकल फाइबर केबलिंग (FTTH) की उपलब्धता की पुष्टि करें।लिफ्ट, क्लब हाउस, बेसमेंट पार्किंग और रूफटॉप जैसे कॉमन एरियाज में इन-बिल्डिंग सॉल्यूशंस (IBS) एंटीना इंस्टॉलेशन की जांच करें।ट्राई का यह डिजिटल कनेक्टिविटी रेटिंग पोर्टल न केवल उपभोक्ताओं को सशक्त और जागरूक बना रहा है, बल्कि भारतीय रियल एस्टेट उद्योग को भविष्य की 6G और स्मार्ट होम जरूरतों के लिए तकनीकी रूप से पूरी तरह तैयार भी कर रहा है।
ग्वालियर में ठगों ने दो अलग-अलग वारदातों में दो लोगों से 1 लाख 15 हजार 520 रुपए ठग लिए। थाटीपुर में ठग ने खुद को AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का अधिकारी बताकर क्रेडिट कार्ड चालू कराने का झांसा दिया और कार्ड से 74,720 रुपए की ऑनलाइन खरीदारी कर ली। वहीं मुरार में मोबाइल अचानक अपडेट होने और करीब 35 से 40 मिनट बाद चालू होने के बाद पीड़ित के बैंक खाते से 39,800 रुपए ट्रांसफर हो गए। दोनों मामलों में पीड़ितों ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की थी। इसके बाद शुक्रवार रात संबंधित थानों में FIR दर्ज की गई। बैंक अधिकारी बनकर क्रेडिट कार्ड से 74,720 रुपए की खरीदारी थाटीपुर के गौतम नगर निवासी हेमंत रोजिया ने पुलिस को बताया कि 7 अगस्त को उनके पास अनजान नंबर से कॉल आया। कॉल करने वाले ने खुद को AU स्मॉल फाइनेंस बैंक का अधिकारी बताते हुए कहा कि उनका क्रेडिट कार्ड बंद पड़ा है। उसे चालू नहीं कराने पर पेनल्टी लगने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने वॉट्सऐप पर एक लिंक भेजा और क्रेडिट कार्ड की जानकारी भरने को कहा। हेमंत ने लिंक पर ऑनलाइन फॉर्म में जानकारी भरकर सबमिट कर दी। आरोपी ने कार्ड बाद में चालू होने की बात कहकर फोन काट दिया। 19 अगस्त को बैंक स्टेटमेंट चेक करने पर हेमंत को ठगी का पता चला। 7 अगस्त को ही उनके क्रेडिट कार्ड से 29 हजार, 21 हजार, 9,885 और 14,835 रुपए की अलग-अलग ऑनलाइन खरीदारी की गई थी। कुल 74,720 रुपए की राशि ठगी गई। शिकायत के बाद शुक्रवार रात थाटीपुर थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। मोबाइल चालू होते ही खाते से 39,800 रुपए ट्रांसफर मुरार के घासमंडी निवासी अमित भिलवार ने पुलिस को बताया कि 21 सितंबर की दोपहर करीब 2:17 बजे उनका मोबाइल अचानक ऑटो अपडेट मोड पर चला गया। अपडेट के दौरान मोबाइल बंद हो गया और करीब 35 से 40 मिनट बाद चालू हुआ। मोबाइल ऑन होने के बाद उन्होंने देखा कि स्क्रीन से कई बैंक और पेमेंट ऐप डिलीट हो चुके थे। अमित ने दोबारा ऐप इंस्टॉल किए और PNB खाते का बैलेंस चेक किया तो उसमें से 39,800 रुपए निकाले जा चुके थे। फोन-पे की हिस्ट्री देखने पर पता चला कि रकम 'गुलाब कथट' नाम की UPI ID पर ट्रांसफर की गई थी। ठगी का पता चलते ही अमित ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की। इसके बाद शुक्रवार, 25 सितंबर को मुरार थाना पुलिस ने मामला दर्ज किया। UPI ID और ट्रांजेक्शन की जानकारी जुटा रही पुलिस दोनों मामलों में थाटीपुर और मुरार थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस उन बैंक खातों, बैंक डिटेल्स और UPI ID की जानकारी जुटा रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर हुई। साइबर सेल की मदद से आरोपियों के नेटवर्क को ट्रेस करने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस का कहना है डीएसपी साइबर सेल मनीष यादव ने बताया कि
साइबर ठगी के मामले में मोबाइल लोकेशन की तस्दीक करने गांव ओदरा पहुंची डीएसटी और साइबर सेल की टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार करीब 20-25 महिला-पुरुषों ने टीम को घेरकर मारपीट की और पुलिस के कब्जे से दो संदिग्ध युवकों को छुड़ाकर ले गए। आरोप है कि संदिग्धों से बरामद दो मोबाइल भी भीड़ छीनकर ले गई। घटना में कुछ पुलिसकर्मियों को चोटें आई हैं। मामले में किशनगढ़बास थाने में राजकार्य में बाधा सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। मोबाइल लोकेशन के आधार पर पहुंची थी टीम डीएसटी प्रभारी सीआई गौरव के अनुसार 25 सितंबर को सुबह करीब 11:30 बजे साइबर ठगी से जुड़े मोबाइल की लोकेशन के आधार पर डीएसटी, साइबर सेल खैरथल और किशनगढ़बास थाना पुलिस की टीम गांव ओदरा के धन्नो के बास पहुंची थी। यहां टीम को दो युवक मिले। पुलिसकर्मी मोबाइल के संबंध में दोनों से पूछताछ कर रहे थे।इसी दौरान युवकों ने शोर मचाया, जिसके बाद आसपास से करीब 20-25 महिला-पुरुष मौके पर पहुंच गए। अचानक भीड़ ने बोला हमला, युवक छुड़ाए पुलिस के मुताबिक भीड़ ने अचानक टीम को घेर लिया और पुलिसकर्मियों के साथ मारपीट शुरू कर दी।इसी दौरान दोनों संदिग्ध युवकों को पुलिस के कब्जे से छुड़ाकर ले जाया गया। आरोप है कि युवकों से जब्त किए गए दो मोबाइल फोन भी छीन लिए गए। पुलिसकर्मी किसी तरह मौके से निकलकर थाने पहुंचे। ग्रामीणों ने लगाए मारपीट व तोड़फोड़ के आरोप दूसरी ओर,मौके पर मौजूद परिवार की ओर से पुलिस पर भी गंभीर आरोप लगाए गए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि वे सुबह खेतों में काम कर रहे थे। इसी दौरान मोटरसाइकिलों पर कुछ लोग पहुंचे और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। परिवार ने महिलाओं से अभद्रता करने और घर में घुसकर सामान तोड़ने का भी आरोप लगाया है। शिकायत में सकरीना नाम की युवती के गंभीर चोट लगने की बात कही गई है।दोनों पक्षों के आरोपों की जांच में जुटी पुलिस घटना को लेकर पुलिस ने राजकार्य में बाधा सहित अन्य आरोपों में मामला दर्ज किया है।वहीं ग्रामीणों की ओर से लगाए गए आरोपों की भी जांच की जा रही है।
ऑपरेशन विश्वास: पुलिस ने 63 चोरी-गुम मोबाइल बरामद कर मालिकों को सौंपे
चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए चलाए जा रहे ऑपरेशन विश्वास के तहत पुलिस ने 63 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। शुक्रवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में आयोजित कार्यक्रम में इन मोबाइल फोन को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा गया। मोबाइल वापस मिलने के बाद कई लोगों ने राहत जताई। पुलिस के मुताबिक, मोबाइल बरामदगी के लिए विशेष टीम बनाई गई है। टीम तकनीकी संसाधनों और शिकायतों के आधार पर नेटवर्क व अन्य तकनीकी सूचनाओं के जरिए मोबाइल की लोकेशन और इस्तेमाल से जुड़ी जानकारी जुटाकर कार्रवाई कर रही है। पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे के निर्देश पर यह अभियान लगातार चलाया जा रहा है। वर्तमान अभियान में बरामद 63 मोबाइल झारखंड के अलावा हिमाचल प्रदेश, हरियाणा, छत्तीसगढ़ और ओडिशा से भी मिले हैं। इनमें आठ मोबाइल केंद्रीय उपकरण पहचान पंजी (सीईआईआर) पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर बरामद हुए। बाकी 55 मोबाइल तकनीकी जांच और थानों में मिली शिकायतों के आधार पर खोजे गए। पुलिस ने बताया कि जनवरी 2026 से अब तक सिमडेगा पुलिस कुल 636 चोरी और गुमशुदा मोबाइल बरामद कर उनके मालिकों को लौटवा चुकी है। विभाग के अनुसार मोबाइल फोन अब दैनिक जीवन का अहम हिस्सा बन चुके हैं। इनके गुम या चोरी होने पर आर्थिक नुकसान के साथ-साथ फोटो, दस्तावेज, संपर्क और अन्य निजी डिजिटल डेटा के कारण भी परेशानी बढ़ती है। पुलिस का कहना है कि चोरी या गुम मोबाइल का इस्तेमाल अपराधी पहचान छिपाने या अन्य आपराधिक गतिविधियों में भी कर सकते हैं। इसलिए ऐसे फोन की बरामदगी पीड़ितों की संपत्ति लौटाने के साथ अपराध जांच के लिए भी अहम है। पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने कहा कि मोबाइल की कीमत केवल बाजार मूल्य नहीं होती, उसमें निजी जानकारी भी होती है। उन्होंने कहा कि तकनीक और टीमवर्क से मोबाइल ढूंढकर मालिकों तक पहुंचाने की कोशिश जारी रहेगी। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल चोरी या गुम होने पर तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक कराने के लिए आवेदन करें।
व्यापारी से मोबाइल छीनने का प्रयास, बाइक सवार 3 जने भागे
बारां| बाबजी नगर से तलावड़ा रोड होते हुए हाईवे की ओर जाने वाले मार्ग पर गुरुवार शाम बाइक सवार तीन बदमाशों ने व्यापारी से मोबाइल छीनने का प्रयास किया। बदमाशों के झपट्टा मारने से व्यापारी का संतुलन बिगड़ गया और वे सड़क पर गिर गए। इसी दौरान मोबाइल भी बदमाशों के हाथ से छूटकर सड़क पर गिर गया। व्यापारी ने हिम्मत दिखाते हुए वहां से भागकर खुद को बचाया। आसपास के लोगों के पहुंचने पर बदमाश बाइक से हाईवे की ओर भाग निकले। बाबजी नगर निवासी व्यापारी बृजमोहन मेहता ने बताया कि वे गुरुवार शाम तलावड़ा रोड पर टहलने गए थे। लौटते समय मोबाइल पर बात कर रहे थे। इसी दौरान बाबजी नगर की तरफ से बाइक पर तीन अज्ञात युवक आए और झपट्टा मारकर मोबाइल छीनने का प्रयास किया। अचानक हुए हमले में उनका संतुलन बिगड़ गया और वे जमीन पर गिर गए। मोबाइल भी सड़क पर गिर गया। इसके बाद बदमाश बाइक वापस घुमाकर उनकी ओर आने लगे। उन्होंने किसी तरह वहां से भागकर अपनी जान बचाई। उनकी आवाज सुनकर आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे तो बदमाश हाईवे की ओर भाग गए। घटना के बाद मेहता ने पुलिस को सूचना दी। कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल की जानकारी ली। मामले में रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। सीआई हीरालाल पुनिया ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। फुटेज खंगाले जा रहे हैं, ताकि बदमाशों की पहचान कर उनके बारे में जानकारी जुटाई जा सके।
बाथरूम में नोटों की गड्डियां, एक कर्मचारी ने चंपत राय के मोबाइल पर भेजा था चढ़ावा चोरी वीडियो
राममंदिर में चढ़ावा चोरी को लेकर फाईल की गई एसआईटी की चार्जशीट में सामने आया है कि 4 जून को एक गणना कर्मी ने रामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के तत्कालीनी महासचिव चंपतराय के मोबाइल पर चढ़ावा चोरी का वीडियो भेजा था।
Lucknow News: दो के मोबाइल चोरी कर जालसाजों ने निकाले 8.69 लाख रुपये
दो के मोबाइल चोरी कर जालसाजों ने निकाले 8.69 लाख रुपये
Shahjahanpur News: मोबाइल का स्क्रीन टाइम कम करें, चिड़चिड़ेपन से मिलेगा छुटकारा
शाहजहांपुर। लंबे समय तक स्क्रीन देखने से स्वास्थ्य पर प्रतिकूल असर पड़ सकता है। लगातार अधिक स्क्रीन टाइम से चिड़चिड़ापन, सिरदर्द और एकाग्रता में कमी जैसी समस्याएं हो सकती हैं।
Jalaun News: मोबाइल वापस मांगने पर युवक से मारपीट, दी धमकी
मोबाइल वापस मांगने पर युवक से मारपीट, दी धमकी
Farrukhabad News: सर पार्सल आया है, घर नहीं मिल रहा, कॉल कर लो और मोबाइल हैक
फर्रुखाबाद। साइबर ठगों ने लोगों के खाते खाली करने का नया तरीका ढूंढा है। डीएफओ राजीव कुमार के मोबाइल पर शुक्रवार सुबह 11 बजे के करीब फोन आया। सर, आपका पार्सल आया है।
Basti News: 58 हजार रुपये हड़पने व मोबाइल हैक करने का आरोप
Accusation of misappropriating Rs 58,000 and hacking a mobile phone.
Shamli News: खो गए मोबाइल फोन से खाते से निकाले 2.60 लाख रुपये
गांव बहावड़ी निवासी रवि कुमार ने बताया कि उनका मोबाइल फोन तीन सितंबर को खो गया था। किसी युवक ने इसके माध्यम से खाते से रुपये निकाल लिए।
जींद जिले में उचाना क्षेत्र के गांव खटकड़ में एक बुजुर्ग का अपहरण कर बंधक बनाया गया, फिर मारपीट की गई। आरोपियों ने उसकी जेब से 5 हजार रुपए और मोबाइल फोन छीन लिया। पुलिस ने 10 लोगों पर केस दर्ज किया है। मोहनगढ़ छापड़ा निवासी चंदा राम ने बताया कि 6 सितंबर को वह गांव खटकड़ में रणधीर के खेत में था। वहां रणबीर परिवार के साथ पहुंचा और झगड़ा करने लगा। बीच-बचाव करने पर आरोपितों ने उसे पीटा और जबरन गाड़ी में डालकर गांव ले गए। हालत बिगड़ने पर धमकी देकर छोड़ा गांव में उसे बंधक बनाकर पीटा गया। आरोपितों ने उसकी जेब से 5 हजार रुपए और मोबाइल फोन छीन लिया। हालत बिगड़ने पर धमकी देकर छोड़ दिया, जिससे उसे चोटें आईं। पुलिस ने चंदा राम की शिकायत पर रणबीर, प्रवीण, संदीप, अमन, फूल सिंह, पालेराम, सूरजमल, शुभम, रणधीर और गौरव समेत 10 लोगों पर मारपीट, अपहरण और छीना-झपटी का केस दर्ज किया है। जांच अधिकारी नवीन ने बताया, जांच जारी है।
जबलपुर में मोपेड की डिक्की तोड़ी, परीक्षा देने गए परीक्षार्थियों के मोबाइल व जेवर चोरी
कई लोगों के मोबाइल, पर्स, एटीएम कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस, आरसी, नकदी और क्रेडिट कार्ड चोरी होने की जानकारी मिली।
हिसार जिले के लोगों को उनके कानूनी अधिकारों, निशुल्क कानूनी सहायता और डिजिटल न्यायिक सेवाओं के प्रति जागरूक करने के लिए राज्यव्यापी दिशा मोबाइल वैन शहर में पहुंची। इस वैन ने शहर के अलग-अलग इलाकों और गांवों में घूमकर लोगों को कानूनी सेवाओं, टेली-लॉ सुविधा और न्याय पाने की प्रक्रिया के बारे में पूरी जानकारी दी। इस अभियान के दौरान लोगों ने मोबाइल वैन में दिखाई गई जानकारी को ध्यान से देखा और कानूनी मामलों से जुड़े सवाल भी पूछे। ऑडियो-वीडियो के जरिए दी जानकारी सीएससी के जिला प्रबंधक विकास वर्मा ने बताया कि दिशा मोबाइल वैन में एलईडी स्क्रीन, पब्लिक एड्रेस सिस्टम और ऑडियो-वीडियो सामग्री लगाई गई है। इसके जरिए लोगों को अलग-अलग कानूनी नियमों, सरकारी योजनाओं, निशुल्क कानूनी सहायता, लोक अदालत, टेली-लॉ सेवा और न्याय पाने की प्रक्रिया के बारे में आसान भाषा में जानकारी दी जा रही है। अनुभवी वकीलों से ले सकते हैं कानूनी सलाह उन्होंने कहा कि जागरूकता की कमी के कारण कई लोग अपने अधिकारों और उपलब्ध कानूनी सुविधाओं का फायदा नहीं उठा पाते। इसलिए, इस तरह के अभियान समाज के लिए बहुत काम के साबित हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पात्र नागरिक अपने नजदीकी सीएससी केंद्र पर जाकर टेली-लॉ सेवा के जरिए अनुभवी वकीलों से ऑनलाइन कानूनी सलाह ले सकते हैं। निशुल्क दी जा रही सुविधा विकास वर्मा ने बताया कि यह सुविधा आम लोगों को निशुल्क दी जा रही है, जिससे ग्रामीण और दूरदराज के इलाकों के लोगों को भी कानूनी सहायता आसानी से मिल सके। सीएससी की ओर से नागरिकों से गुजारिश की गई है कि वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक बनें और सरकार द्वारा दी जा रही कानूनी और डिजिटल न्याय सेवाओं का ज्यादा से ज्यादा फायदा उठाएं।
गया-गोमो सेक्शन पर RPF का विशेष अभियान, मोबाइल चोरी के आरोप में शातिर चोर गिरफ्तार
25 सितंबर, शुक्रवार: गया-गोमो रेलखंड पर RPF ने विशेष अभियान चलाकर मोबाइल चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया। अभियान के दौरान रेलवे क्षेत्र में चोरी की घटनाओं पर कार्रवाई की गई।
पटना के राजीव नगर थाना क्षेत्र के गांधी नगर, सेक्टर-04 के पास स्थित होटल सनशाइन होलीडे में पुलिस ने छापेमारी कर चार युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस को डायल-112 पर सूचना मिली थी कि होटल में नाबालिग लड़कियों को लाकर चोरी-छिपे देह व्यापार कराया जा रहा है। सूचना के बाद वरीय अधिकारियों को जानकारी दी गई और उनके निर्देश पर टीम गठित कर होटल में छापेमारी की गई। ASP लॉ एंड ऑर्डर-2 सुषमा सागर ने बताया कि छापेमारी के दौरान होटल के दो कमरों से दो लड़कियां और दो युवक आपत्तिजनक स्थिति में मिले। होटल के काउंटर से दो संचालकों को भी पकड़ा गया। 3 मोबाइल, कंडोम के पांच पैकेट बरामद पुलिस ने मौके से तीन मोबाइल, विभिन्न कंपनियों के कंडोम के पांच पैकेट, इस्तेमाल किए गए छह कंडोम, 22,700 रुपये नकद, एक लैपटॉप, होटल रजिस्टर, एक लाइटर और एक पेटीएम बॉक्स बरामद किया है। पुलिस जांच में जुटी पुलिस के अनुसार गिरफ्तार युवकों की पहचान संदीप कुमार तिवारी (27), रिषु कुमार (28), सुमन कुमार (25) और रवि कुमार (25) के रूप में हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और होटल में नाबालिग लड़कियों को लाने तथा देह व्यापार से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
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आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड आज लगभग हर महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय काम में इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, सरकारी योजनाओं से लेकर आयकर और डिजिटल केवाईसी (KYC) तक कई सेवाओं में आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि अगर आधार में मोबाइल नंबर, पता या ई-मेल बदल गया है तो क्या हर बार आधार केंद्र जाना जरूरी है? जवाब है—नहीं। 2026 में UIDAI ने नए Aadhaar App के जरिए कई महत्वपूर्ण सेवाओं को मोबाइल से उपलब्ध कराया है। फिलहाल ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि नाम, जन्मतिथि, लिंग और बायोमेट्रिक जैसी सभी जानकारी घर बैठे बदलने की सुविधा नहीं है। इनके लिए परिस्थितियों के अनुसार Aadhaar Enrolment/Update Centre जाना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं # 2026 में आधार में क्या-क्या घर बैठे बदल सकते हैं? एक, मोबाइल नंबर: यह 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। UIDAI के नए Aadhaar App में Mobile Number Update की सुविधा उपलब्ध है। ऐप में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए Aadhaar number holder को ऐप पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करना और आवश्यक authentication पूरा करना होता है। UIDAI के अनुसार नए ऐप में Mobile Number Update और Address Update दोनों सेवाएं उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि आपकी स्थिति और authentication requirements के आधार पर प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए ऐप में दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करें। दो, पता: आधार में पता बदलने की सुविधा लंबे समय से myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है और अब नया Aadhaar App भी Address Update सुविधा देता है। ऑनलाइन Address Update के लिए सामान्यतः: Aadhaar Number, Registered Mobile OTP, नया पता, संबंधित दस्तावेज और Submit की प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI के अनुसार myAadhaar पर ऑनलाइन Address Update के लिए आधार से मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना जरूरी है और मांगे गए पते के प्रमाण (POA) का दस्तावेज अपलोड करना होता है। तीसरा, ई-मेल: ई-मेल अपडेट की सुविधा भी Aadhaar App में उपलब्ध है। खास बात यह है कि UIDAI ने Aadhaar App के जरिए ई-मेल एड्रेस अपडेट का शुल्क 31 दिसंबर 2026 तक माफ किया है। # अब जानिए कि किन चीजों के लिए आधार केंद्र जाना पड़ सकता है? हर Aadhaar detail को मोबाइल से बदलने की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। जैसे: नाम: नाम में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत Aadhaar Enrolment/ Update Centre जाना पड़ सकता है और वैध supporting document देना होता है। जन्मतिथि: Date of Birth में बदलाव के लिए भी दस्तावेजों के साथ निर्धारित अपडेट प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI ने इसके लिए अलग Standard Operating Procedure भी जारी किया है। लिंग: Gender update के लिए भी Aadhaar Centre की assisted update प्रक्रिया उपलब्ध है। फोटो और बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो जैसे biometric updates के लिए Aadhaar Centre जाना पड़ता है। UIDAI के अनुसार biometric update में fingerprint, iris और photograph शामिल हैं। सामान्य परिस्थितियों में biometric update का शुल्क ₹125 है, जबकि निर्धारित आयु-समूहों में Mandatory Biometric Update पर विशेष छूट लागू है। # 2026 में आधार अपडेट का शुल्क कितना है? UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची के अनुसार: सेवा-शुल्क Demographic Update अलग से ₹75, Biometric Update सामान्यतः ₹125, Demographic व Biometric Update एक साथ। Biometric update के नियमों के अनुसार, Aadhaar App से Email Update| 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त। myAadhaar से Document Update14 जून 2027 तक मुफ्त। Aadhaar Centre पर Document Updat ₹75. UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची में demographic update के अंतर्गत नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आदि शामिल किए गए हैं। अलग से demographic update कराने की फीस ₹75 है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों के Mandatory Biometric Update के लिए अलग शुल्क नियम हैं। 7–15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शुल्क-माफी की वर्तमान व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू है। # myAadhaar से पता कैसे बदलें? अगर आप वेबसाइट के माध्यम से पता बदलना चाहते हैं तो प्रक्रिया मोटे तौर पर इस प्रकार है: Step 1: UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर जाएं। Step 2: Aadhaar number से लॉगिन करें। Step 3: Registered mobile पर आए OTP से authentication करें। Step 4: Address Update विकल्प चुनें। Step 5: नया पता सावधानी से दर्ज करें। Step 6: मांगा गया Proof of Address दस्तावेज अपलोड करें। Step 7: जानकारी को Preview में अच्छी तरह जांचें। Step 8: आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। Step 9: Request Submit करें। इसके बाद आपको Update Request Number/ Reference के जरिए स्थिति ट्रैक करने की सुविधा मिल सकती है। UIDAI के अनुसार ऑनलाइन Address Update में अपलोड किए गए दस्तावेजों का verification किया जाता है। # Aadhaar App से अपडेट कैसे करें? नया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। UIDAI के अनुसार ऐप में Aadhaar number डालकर, Terms/Privacy को स्वीकार करके और Face Authentication पूरा करके registration किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं में जाकर संबंधित update विकल्प चुना जा सकता है। Aadhaar App की प्रमुख सुविधाएं: Mobile Number Update, Address Update, Biometric Lock/Unlock, Authentication History, e-Aadhaar Download, Aadhaar Verifiable Credential Sharing, Contact Card Sharing and Update Request Tracking. UIDAI ने बताया है कि ऐप के लिए Android 9.0 या उससे ऊपर तथा iOS 16.0 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक है। # Document Update क्या है? यह समझना बहुत जरूरी है कि Document Update और Demographic Update एक ही चीज नहीं हैं। Document Update में पहचान और पते से संबंधित दस्तावेजों को आधार रिकॉर्ड के समर्थन में जमा किया जाता है। UIDAI ने myAadhaar portal पर Document Update की फीस 14 जून 2027 तक माफ की है। जबकि Aadhaar Centre पर Document Update के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित है। इसलिए जिन लोगों ने लंबे समय से अपने आधार में पहचान या पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें UIDAI की सलाह और अपने रिकॉर्ड के अनुसार Document Update पर भी ध्यान देना चाहिए। # कौन-कौन से दस्तावेज काम आ सकते हैं? पता अपडेट के लिए UIDAI द्वारा स्वीकार किए जाने वाले वैध Proof of Address दस्तावेजों की सूची में विभिन्न सरकारी और अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर UIDAI की जानकारी में पासपोर्ट, राशन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है। कुछ परिस्थितियों में बिजली, पानी या लैंडलाइन टेलीफोन बिल भी निर्धारित शर्तों के तहत स्वीकार किए जा सकते हैं। लेकिन कोई भी दस्तावेज अपलोड करने से पहले UIDAI की वर्तमान Supporting Documents List में उसकी पात्रता जरूर जांचें। # घर बैठे अपडेट करते समय इन गलतियों से बचें:- एक, गलत मोबाइल नंबर न डालें: आधार में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने पर OTP आधारित सेवाओं में परेशानी हो सकती है। दो, पता वही लिखें जो दस्तावेज में है। तीन, Address Update में spelling, house number, locality और PIN code को ध्यान से जांचें। तीन, खराब स्कैन/फोटो अपलोड न करें: दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होना चाहिए। चार, एजेंट से सावधान रहें: आधार अपडेट के नाम पर अनधिकृत व्यक्ति को OTP या Aadhaar PIN जैसी संवेदनशील जानकारी न दें। पांच, OTP किसी से साझा न करें: UIDAI कभी भी फोन पर आपसे OTP बताने के लिए नहीं कहता। # सबसे आसान तरीके से समझिए: 2026 में आधार अपडेट की स्थिति: घर बैठे/मोबाइल से उपलब्ध: मोबाइल नंबर — Aadhaar App, पता — Aadhaar App / myAadhaar, ई-मेल — Aadhaar App और Document Update — myAadhaar. वहीं, केंद्र जाकर कराने वाली प्रमुख सेवाएं: फोटो/बायोमेट्रिक, कई नाम परिवर्तन मामले, जन्मतिथि से जुड़े निर्धारित अपडेट, अन्य ऐसे अपडेट जिनके लिए physical verification/biometric capture जरूरी है। ध्यान रहे कि UIDAI की सेवाओं और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान निर्देश देखना सबसे सुरक्षित तरीका है। वस्तुतः आधार अपडेट अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। 2026 में नया Aadhaar App नागरिकों को मोबाइल नंबर और पता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने की सुविधा दे रहा है। साथ ही ई-मेल अपडेट के लिए 31 दिसंबर 2026 तक शुल्क माफ है और myAadhaar पर Document Update की मुफ्त सुविधा 14 जून 2027 तक जारी है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आधार की हर जानकारी घर बैठे बदली जा सकती है। नाम, जन्मतिथि, लिंग और biometric information जैसे मामलों में अभी भी निर्धारित केंद्र-आधारित प्रक्रिया लागू है। इसलिए “आधार में सब कुछ घर बैठे बदलें” के बजाय सही संदेश है—आधार की कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब घर बैठे अपडेट करें, लेकिन सभी नहीं। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
IND vs WI पहला वनडे टीवी और मोबाइल पर कैसे देखें लाइव, बदलना पड़ेगा चैनल
भारत बनाम वेस्टइंडीज वनडे सीरीज की शुरुआत होने जा रही है। सीरीज का पहला मैच 27 सितंबर को है। ये मुकाबला आप अपने टीवी और मोबाइल पर कैसे देख सकते हैं, ये बात अभी से जान लीजिए, ताकि आपका मैच छूट ना जाए।
रामपुर में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत पशुपालन विभाग गांवों में पशुओं का इलाज और टीकाकरण कर रहा है। शुक्रवार दोपहर तक जिले में पांच मोबाइल वेटरनरी यूनिट और 14 पशु अस्पतालों की टीमें पशुपालकों को सुविधाएं दे रही हैं। इन शिविरों में पशुओं की जांच, इलाज, टीकाकरण, कृत्रिम गर्भाधान और बधियाकरण जैसी सुविधाएं मिल रही हैं। मोबाइल वेटरनरी यूनिट रोज दो गांवों में शिविर लगा रही हैं। ये शिविर सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और शाम 2 बजे से 6 बजे तक चलते हैं। शिविर में आने वाले पशुओं की जांच के बाद उन्हें जरूरत के हिसाब से इलाज और दवाएं दी जा रही हैं। पशुपालकों को जरूरी दवाएं मुफ्त में भी मिल रही हैं। अभियान के दौरान पशुपालकों को पशुपालन से जुड़ी नई जानकारी भी दी जा रही है। विभाग का खास जोर पशुओं को गंभीर बीमारियों से बचाने के लिए समय पर टीकाकरण कराने पर है। मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि पशुओं को लंपी स्किन डिजीज और खुरपका-मुंहपका से बचाने के लिए खास टीकाकरण अभियान चल रहा है। एफएमडी टीकाकरण अभियान 30 सितंबर तक और एलएसडी टीकाकरण अभियान 10 अक्टूबर 2026 तक चलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि अगर गांव में टीम पहुंचने पर कोई पशु टीकाकरण से छूट जाता है, तो संबंधित पशु चिकित्सा अधिकारी और कर्मचारी उसका टीकाकरण करवाएंगे। पशुपालकों से अपील की गई है कि टीम के गांव पहुंचने पर अपने पशुओं का टीकाकरण जरूर कराएं और बीमार पशुओं का समय पर इलाज करवाएं। टीकाकरण के दौरान पशुओं की जानकारी आधार और मोबाइल नंबर से जोड़ी जा रही है। विभाग ने पशुपालकों से रजिस्ट्रेशन के लिए जरूरी जानकारी देने में सहयोग मांगा है। इस अभियान से विभाग गांवों में ही पशुपालकों तक चिकित्सा सुविधा पहुंचाने की कोशिश कर रहा है।
उमरिया जिला मुख्यालय के अमर शहीद स्टेडियम स्थित अंशिका जनरल स्टोर में गुरुवार रात चोरी हुई। दुकान संचालक के मुताबिक, दो चोरों ने दुकान में घुसकर रिपेयरिंग के लिए रखे 6 से 7 पुराने मोबाइल, जनरल स्टोर का सामान, पासबुक और जरूरी दस्तावेज चुरा लिए। चोरों ने दुकान के बाहर रखे काउंटर का लॉक तोड़कर चोरी की। बताया गया कि आरोपियों ने पहले दुकान के शटर का ताला तोड़ने की कोशिश की, लेकिन कामयाबी न मिलने पर सामने के काउंटर में लगी प्लाई की कवरिंग तोड़कर दुकान के अंदर घुसे। सुबह दुकान खोलने पहुंचे संचालक को चोरी का पता चला। इसके बाद उन्होंने तुरंत डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। दुकानदार ने बताया कि इससे पहले भी कुछ लड़कों ने दुकान में चोरी का प्रयास किया था, जिसकी सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को दी गई थी। मामले का पता चलते ही एसडीओपी पीएस परस्ते ने शुक्रवार को कोतवाली थाना प्रभारी मदन लाल मरावी को सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस फुटेज और अन्य सबूतों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। वारदात की अन्य तस्वीरें…
अंबाला शहर के बलदेव नगर इलाके में शुक्रवार को एक कबूतर मोबाइल टावर पर फंस गया। कबूतर के पैर में रस्सी बंधी हुई थी। जब वह उड़कर टावर पर पहुंचा तो रस्सी टावर के एक हिस्से में फंस गई, जिससे कबूतर नीचे नहीं आ पा रहा था। काफी देर तक कबूतर को टावर पर फंसा देख स्थानीय लोगों ने दमकल विभाग को सूचना दी। सूचना मिलने के बाद दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। दमकल कर्मी बच्चन सिंह ने रेस्क्यू की जिम्मेदारी संभाली और बिना देर किए मोबाइल टावर पर चढ़ गए। उन्होंने ऊंचाई पर पहुंचकर कबूतर के पैर में फंसी रस्सी को सावधानी से हटाया और उसे सुरक्षित नीचे लेकर आए। इसके बाद कबूतर को आजाद कर दिया गया। करीब 5 मिनट में किया रेस्क्यू घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में दमकल कर्मी बच्चन सिंह मोबाइल टावर पर चढ़ते दिखाई दे रहे हैं। करीब 2 मिनट बाद वह टावर के टॉप पर पहुंचते हैं और कबूतर को अपने कब्जे में लेकर नीचे उतरना शुरू करते हैं। पूरे रेस्क्यू अभियान में करीब 5 मिनट का समय लगा। वीडियो के आखिर में बच्चन सिंह कबूतर को हाथ में पकड़े हुए दिखाई देते हैं। इस दौरान कबूतर के पैर में रस्सी बंधी नजर आती है। वहीं वीडियो के अंत में जब एक व्यक्ति ने पूछा कि कबूतर के पैर में रस्सी किसने बांधी थी, तो वहां मौजूद एक लड़के ने बताया कि रस्सी उसने बांधी थी। बच्चों ने खेल-खेल में बांधी थी रस्सी मौके पर मौजूद लोगों के मुताबिक, बच्चों ने खेल-खेल में कबूतर के पैर में रस्सी बांध दी थी। इसके बाद कबूतर उड़कर मोबाइल टावर पर जा बैठा। वहां रस्सी टावर में फंस गई और कबूतर नीचे नहीं आ सका।
हिसार जिले के अग्रोहा थाना क्षेत्र में घर से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन चोरी करने के मामले में पुलिस ने दूसरे सह-आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने आरोपी सतीश उर्फ बुल्ट निवासी अग्रोहा को 24 सितंबर को गिरफ्तार किया। कोर्ट में पेश करने के बाद उसे न्यायिक हिरासत में जिला जेल हिसार भेज दिया गया। पुलिस के अनुसार अग्रोहा निवासी संजय की शिकायत पर उसके घर से नकदी, सोने-चांदी के आभूषण और मोबाइल फोन चोरी होने के संबंध में मामला दर्ज किया गया था। मामले की जांच के दौरान उप निरीक्षक सतपाल ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी रवि उर्फ राणा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरीशुदा मोबाइल फोन बरामद किया। इसके अलावा चोरी किए गए सोने के आभूषण भी नियमानुसार बरामद कर जब्त किए गए। साक्ष्यों के आधार पर हुई गिरफ्तारी मामले की आगामी जांच मुख्य सिपाही मनजीत सिंह द्वारा की गई। जांच के दौरान सामने आए साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने दूसरे सह-आरोपी सतीश उर्फ बुल्ट को गिरफ्तार किया। पूछताछ और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद उसे कोर्ट में पेश किया गया, जहां से कोर्ट के आदेश पर न्यायिक हिरासत में जिला जेल हिसार भेज दिया गया। आरोपियों पर सख्त कार्रवाई होगी- SP पुलिस अधीक्षक हिसार सिद्धान्त जैन, आईपीएस के निर्देशानुसार जिले में चोरी, लूट और अन्य संपत्ति संबंधी अपराधों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि आपराधिक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जोधपुर में पकड़े गए लॉरेंस गैंग के दो इनामी शूटरों से पूछताछ में बड़ा खुलासा हुआ है। गैंग ने कांग्रेस के पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की हत्या की साजिश रची थी। शूटर्स से सिरोही में लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी करवाई थी। फार्म हाउस पर पार्षदों की भीड़ होने के कारण वहां वारदात का प्लान बदल दिया और दोनों को जोधपुर भेज दिया गया। इस साजिश को विदेश से ऑपरेट करने और हरियाणा के गुर्गों के जरिए शूटरों को लोकल सपोर्ट देने की बात सामने आई है। मामले में दोनों शूटर नेपाल से यहां पहुंचे थे। जिसके चलते कई दिनों तक संयम लोढ़ा के फार्म हाउस की रेकी की गई। लेकिन निकाय चुनाव की भीड़ के चलते वारदात को अंजाम नहीं दे सके। इसके बाद दोनों जोधपुर पहुंचे। दरअसल, एजीटीएफ इंस्पेक्टर राम सिंह को मिली सूचना के बाद जोधपुर पुलिस को इनपुट दिया गया। एजीटीएफ ने जोधपुर पुलिस के सहयोग से 20 सितंबर को पंजाब निवासी जसकरण सिंह उर्फ करण उर्फ सन्नी उर्फ कट्टा और राजिंदर उर्फ बिल्ला को गिरफ्तार किया था। दोनों पर पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। पूछताछ में सामने आए इनपुट के आधार पर पुलिस ने पाली-सिरोही हाईवे पर ढोला गांव के पास झाड़ियों में छिपाए गए हथियार भी बरामद किए। पाली हाईवे की झाड़ियों में छिपाए थे हथियार शूटर्स की निशानदेही पर पाली से सिरोही की ओर ढोला गांव से करीब डेढ़ किलोमीटर आगे हाईवे के दाहिनी तरफ करीब 200 मीटर दूर सुनसान स्थान पर बबूल की घनी झाड़ियों के बीच कपड़े की थैली बरामद की गई। इसमें हथियार छिपाकर रखे गए थे। पुलिस के मुताबिक यहां से तुर्की मेड 9 एमएम जिगाना/एफएक्स-9 पिस्टल, ऑस्ट्रिया मेड 9 एमएम ग्लॉक पिस्टल, दोनों की मैगजीन सहित कुल 36 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। हथियारों को शूटर्स के पकड़े जाने के बाद उनकी सूचना पर बरामद किया गया। फार्म हाउस की पहाड़ी से रखी जा रही थी नजर जांच में सामने आया कि सिरोही में संयम लोढ़ा के फार्म हाउस के आसपास गैंग से जुड़े लोगों ने पहले रेकी की थी। फार्म हाउस के पास पहाड़ी से लोढ़ा के आने-जाने और गतिविधियों पर नजर रखी जा रही थी। रैकी के दौरान शुटरों ने ये भी पता लगाने की कोशिश की संयम लोढ़ा कब फार्म हाउस पर रहते हैं। इस दौरान उनसे मिलने कौन-कौन आता है। सुनसान और पहाड़ी का इलाका किस तरफ है। साथ ही वारदात के बाद किस तरफ से फरार हुआ जा सकता है। पुलिस को दोनों आरोपियों के होटल, ढाबे और रेस्टोरेंट में आने-जाने के सीसीटीवी फुटेज भी मिले हैं। बताया जा रहा है कि वारदात के लिए मौका तलाशा जा रहा था, लेकिन फार्म हाउस पर पार्षदों की मौजूदगी के चलते गैंग ने योजना बदल दी। निकाय चुनाव की वजह से इलाके में पार्षदों और राजनीतिक कार्यकर्ताओं की आवाजाही और भीड़ बढ़ गई। जिससे शूटर वारदात को अंजाम नहीं दे पाए। पूछताछ में आरोपियों ने कथित तौर पर बताया कि विधायक और उनके भाई के बीच विचार नहीं मिलते थे, इसलिए उन्हें निशाना बनाने की योजना थी। हालांकि इस दावे और टारगेट की पूरी पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। 14 घंटे होटल में रुके थे शूटर सिरोही कनेक्शन की जांच में पुलिस को शूटरों की गतिविधियों का सीसीटीवी फुटेज भी मिला है। दोनों 17 सितंबर की शाम करीब 6:15 बजे बाइक से ब्यावर-पिंडवाड़ा हाईवे पर अरठवाड़ा गांव के पास एक होटल पहुंचे थे। करीब तीन मिनट बाद फर्जी आधार कार्ड देकर कमरा लिया। दोनों रातभर होटल में रुके और अगले दिन सुबह करीब 8:23 बजे वहां से रवाना हुए। पुलिस के अनुसार दोनों ने होटल में खाना नहीं खाया और नशा करते रहे। होटल के सीसीटीवी में उनके आने-जाने की गतिविधियां रिकॉर्ड हुई हैं। 23 सितंबर को जोधपुर पुलिस की टीम दोनों आरोपियों को लेकर होटल पहुंची और होटल संचालक से पूछताछ कर मौका तस्दीक की। इसके बाद टीम शिवगंज थाने भी गई। पूर्व विधायक की फोटो मिलने के बाद बढ़ाई सुरक्षा पुलिस को गिरफ्तार शूटरों के मोबाइल फोन से पूर्व विधायक संयम लोढ़ा की फोटो मिलने की जानकारी सामने आई है। इसके बाद उनकी सुरक्षा बढ़ाई गई। हालांकि सिरोही एसपी पुष्पेंद्र सिंह ने इसे रुटीन सुरक्षा व्यवस्था बताया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि फोटो किस उद्देश्य से रखी गई थी और रेकी में स्थानीय स्तर पर किसने मदद की। व्यापारी भी था गैंग के निशाने पर जांच में यह भी सामने आया है कि शूटरों के निशाने पर मारवाड़ का एक बड़ा व्यापारी भी था। पुलिस को आशंका है कि गैंग ने व्यापारी की भी रेकी करवाई थी और वारदात के बाद उससे करोड़ों रुपए की रंगदारी मांगने की योजना हो सकती थी। सुमेरपुर और शिवगंज के कुछ बड़े कारोबारियों की गतिविधियों को लेकर भी जांच की जा रही है। हरियाणा से मिल रहा था सपोर्ट, तीन संदिग्ध हिरासत में शूटर्स से पूछताछ के बाद एजीटीएफ ने हरियाणा से तीन संदिग्धों को हिरासत में लिया है। इन पर गैंग के लिए रेकी और लॉजिस्टिक मदद उपलब्ध कराने का संदेह है। इसके अलावा करीब 7-8 अन्य संदिग्ध भी पुलिस के रडार पर बताए जा रहे हैं। एजीटीएफ की एक टीम हरियाणा में डेरा डाले हुए है और अन्य आरोपियों की तलाश में कार्रवाई जारी है। एडीजी दिनेश एमएन के निर्देशन में मामले की मॉनिटरिंग की जा रही है और अलग-अलग राज्यों की पुलिस एवं एजेंसियों से समन्वय किया जा रहा है। नेपाल से बुलाए गए थे शूटर ADG AGTF दिनेश एमएन ने बताया कि पुलिस पूछताछ में सामने आया कि दोनों आरोपी 2025 में पंजाब में दो हत्याओं के बाद नेपाल चले गए थे। पुलिस के अनुसार गैंग में सक्रिय कई शूटर अलग-अलग जेलों में बंद हैं, जिसके चलते दोनों को नेपाल से वापस बुलाकर जोधपुर में वारदात के लिए भेजा गया था। जोधपुर में वारदात के बाद उन्हें दोबारा नेपाल के रास्ते फर्जी पासपोर्ट के जरिए विदेश भेजने का आश्वासन दिए जाने की बात भी पूछताछ में सामने आई है। दोनों आरोपियों ने जोधपुर में किसी को नहीं जानने की बात कही है, लेकिन उनके फोन पर संपर्क में आए लोगों की पहचान कर पुलिस पूछताछ कर रही है। पंजाब में हत्या के मामलों में वांटेड एडीजी एजीटीएफ दिनेश एमएन ने बताया कि जसकरण सिंह और राजिंदर उर्फ बिल्ला पंजाब में हत्या समेत कई गंभीर मामलों में वांटेड हैं। पुलिस के अनुसार दोनों के खिलाफ कुल करीब 12 मामले सामने आए हैं। इनमें हत्या, हत्या का प्रयास, धमकी, लूट, मारपीट और आर्म्स एक्ट सहित अन्य धाराओं के मामले शामिल हैं। दोनों पर पंजाब पुलिस ने 5-5 लाख रुपए का इनाम घोषित कर रखा था। एजीटीएफ अब इस पूरे नेटवर्क की कड़ियां जोड़ने में जुटी है। शूटरों को हथियार किसने उपलब्ध कराए, सिरोही में रेकी किसने कराई, स्थानीय स्तर पर बाइक और ठहरने की व्यवस्था किसने की और गैंग के अन्य सदस्य कौन-कौन हैं।
‘मेक इन इंडिया’ के 12 वर्ष: इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन सात गुना और मोबाइल मैन्युफैक्चरिंग 32 गुना बढ़ी
New Delhi, 25 सितंबर . देश में बड़े स्तर पर मैन्युफैक्चरिंग को बढ़ावा देने के लिए लाई गई ‘मेक इन इंडिया’ स्कीम को Friday को 12 वर्ष पूरे हो गए हैं. इस योजना को 25 सितंबर, 2014 को लॉन्च किया गया था. इसका उद्देश्य देश को मैन्युफैक्चरिंग, डिजाइन और इनोवेशन में ग्लोबल बनाना है. इस ... Read more
तरनतारन की सेंट्रल जेल गोइंदवाल में चेकिंग के दौरान कैदियों से मोबाइल फोन और अन्य प्रतिबंधित सामान मिला है। जेल प्रशासन की शिकायत पर गोइंदवाल पुलिस ने 8 कैदियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट केवल सिंह ने गोइंदवाल थाने में शिकायत दर्ज कराई। केवल सिंह ने बताया कि चेकिंग के दौरान कैदी जोरा सिंह (निवासी हवेलियां) से एक मोबाइल फोन, दो मोबाइल चार्जर और एक डेटा केबल बरामद हुई। इसी तरह, असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट कुलजीत सिंह ने भी शिकायत दर्ज कराई। दो टच मोबाइल फोन बरामद हुएउन्होंने बताया कि 22 सितंबर को हुई चेकिंग में कैदी शिवम (निवासी महलो), करनदीप सिंह (निवासी राजपुर चिब), रणजोध सिंह (निवासी उदोनंगल), बलजिंदर सिंह (निवासी बाल) और गुरप्रीत सिंह (निवासी छलोवाल) से दो टच मोबाइल फोन बरामद हुए। सभी कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज24 सितंबर को हुई चेकिंग में कैदी जसप्रीत सिंह (निवासी वैरोवाल रोड, जंडियाला गुरु) और बीरबल सिंह (निवासी जंडियाला गुरु) से भी प्रतिबंधित सामान मिला। इनके पास से 15 तंबाकू की पुड़िया, 43 बंडल बीड़ी, दो लाइटर, 28 कूललिप पैकेट, 11 सिगरेट पैकेट और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। गोइंदवाल पुलिस ने इन सभी कैदियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बेगूसराय के सरकारी स्कूल में अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान छात्र खुलेआम स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर पर्चा हल करते नजर आए। इसका वीडियो भी सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि परीक्षा हॉल से उन्हें टोकने वाले एक भी शिक्षक या वीक्षक मौजूद नहीं थे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। पूरा मामला भगवानपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, मोख्तियारपुर का है, जहां 22 सितंबर को छात्र एग्जाम देने पहुंचे थे। छात्रों को रोकने वाला कोई नहीं था वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि परीक्षा हॉल में दर्जनों छात्र बेंच पर बैठे हैं। उनके सामने उत्तर पुस्तिकाएं (आंसर शीट) रखी हैं और वे अपने-अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन पर Google या अन्य स्टडी ऐप्स खोलकर धड़ल्ले से उत्तर देखकर लिख रहे हैं। हद तो तब हो गई जब कुछ छात्र न केवल नकल कर रहे थे, बल्कि मोबाइल से परीक्षा हॉल की तस्वीरें और वीडियो भी बना रहे थे। हॉल में न तो कोई वीक्षक मुस्तैद था और न ही कोई देखने वाला। ऐसा लग रहा था मानो परीक्षा हॉल नहीं, बल्कि कोई मोबाइल इस्तेमाल करने का केंद्र बना हुआ हो। मामले की जांच की जा रही है जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मनोज कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की है। DEO मनोज कुमार ने बताया कि मोख्तियारपुर विद्यालय का वायरल वीडियो हमारे संज्ञान में आया है। प्रधानाध्यापिका (HM) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनका वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उस दिन किस-किस शिक्षक की वीक्षण कार्य (Invigilation) में ड्यूटी लगाई गई थी और इसमें किसकी लापरवाही है, उन्हें चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था की कमी का दिया हवाला दूसरी ओर इस गंभीर लापरवाही पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका (HM) लुसी कुमारी ने अपनी सफाई पेश की और व्यवस्था की कमी का हवाला देते हुए अपनी गलती भी स्वीकार की। लुसी कुमारी ने कहा कि 22 सितंबर को स्कूल में अत्यधिक भीड़ थी। 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं (प्लस टू) की परीक्षाएं एक साथ आयोजित की जा रही थी। हमारे प्लस टू विद्यालय में केवल 3 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जबकि 4 कक्षाओं की परीक्षाएं संचालित हो रही थी। शिक्षक अटेंडेंस बनाने या अन्य कागजी काम में व्यस्त हो गए होंगे। इसी बीच बच्चों ने मौका देखकर मोबाइल निकाल लिया होगा। मोबाइल लेकर परीक्षा देना पूरी तरह से गलत है। हम इस नाकामी के लिए स्कूल की अव्यवस्था को दोषी मानते हैं, आगे से ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी। स्थानीय लोगों में जताई चिंता HM का यह दावा शिक्षा विभाग के उस दावे की पोल खोलता है, जिसमें हर स्कूल में पर्याप्त शिक्षक होने की बात कही जाती है। लेकिन छात्रों की चेकिंग और तलाशी क्यों नहीं हुई। परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले छात्रों के बैग और मोबाइल जमा क्यों नहीं करवाए गए। जब शिक्षकों को पता था कि परीक्षा चल रही है, तो वे ड्यूटी छोड़कर कागजी कामों में क्यों उलझे रहे। बिहार में बोर्ड परीक्षाओं से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक में धांधली और पेपर लीक के मामले समय-समय पर सुर्खियां बनते रहे हैं। ऐसे माहौल में जब खुद स्कूल स्तर की अर्धवार्षिक परीक्षाओं में छात्र खुलेआम तकनीक का सहारा लेकर धोखाधड़ी कर रहे हों, तो यह राज्य के शैक्षणिक भविष्य पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि अगर गृह परीक्षाओं में ही इस प्रकार की छूट दी जाएगी, तो छात्र मुख्य बोर्ड परीक्षाओं में कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। अब सभी की निगाहें जिला शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।
श्रद्धालुओं को उज्जैन दर्शन कराएंगी 20 एसी बसें, अक्टूबर से होंगी शुरू; मोबाइल एप से मिलेगा टिकट
AC buses in Ujjain: बसों में लाइव ट्रैकिंग सिस्टम होगा, इससे यात्रियों को बसों की लाइव लोकेशन मिलेगी और उन्हें इंतजार नहीं करना होगा।
बैतूल में कोतवाली पुलिस ने मोबाइल और पर्स लूट के मामले में फरार चल रहे आरोपी शिव उर्फ शिवा बानखेड़े (25) को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके पास से शिकायतकर्ता से लूटा गया वीवो कंपनी का मोबाइल और 700 रुपए नकद बरामद किए हैं। आरोपी की गिरफ्तारी पर पुलिस अधीक्षक की ओर से इनाम भी घोषित किया गया था। बाइक रोककर मोबाइल-पर्स लूटा था पुलिस के मुताबिक, 13 सितंबर की रात करीब 9 बजे रायसेन जिले के वाड़ी निवासी पूरनचंद मांझी बाइक से रानीपुर से बैतूल के गौठाना जा रहे थे। चिखलार गांव से आगे भीलवाटेक के पास पीछे से बाइक पर आए तीन लोगों ने उनकी बाइक रोक ली। आरोपियों ने पूरनचंद का मोबाइल और पर्स लूट लिया। पर्स में 6 हजार रुपए नकद रखे थे। शिकायत मिलने के बाद कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। एक आरोपी पहले ही पकड़ा जा चुका था पुलिस ने 15 सितंबर को लूट में इस्तेमाल बाइक के साथ राजा उर्फ निहाल को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, शिव उर्फ शिवा बानखेड़े और अमन उईके फरार चल रहे थे। दोनों की गिरफ्तारी के लिए एसपी ने इनाम घोषित किया था। लोहा पुल के पास से पकड़ा गया 24 सितंबर को पुलिस को सूचना मिली कि शिव उर्फ शिवा लोहा पुल, खंजनपुर इलाके में घूम रहा है। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर उसे पकड़ लिया। पूछताछ के बाद उसकी निशानदेही पर लूटा गया नीले रंग का वीवो मोबाइल और 700 रुपए नकद बरामद किए गए। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया है। गिरफ्तार आरोपी बैतूल के दुर्गा वार्ड स्थित स्वीपर कॉलोनी का रहने वाला है। पुलिस के मुताबिक, उसका नाम थाना क्षेत्र की निगरानी सूची में भी शामिल है। इस मामले में दूसरा फरार आरोपी अमन उईके अभी पुलिस की पकड़ से बाहर है। उसकी तलाश की जा रही है।
मोहाली में रंगदारी और फायरिंग के मामलों की जांच के दौरान पुलिस के ऑपरेशन सेल ने भुपिंदर सिंह को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, भुपिंदर गैंगस्टरों के लिए टारगेट की पहचान और लोकेशन मुहैया कराने के साथ उनके गुर्गों को वारदात वाली जगह तक पहुंचाने में मदद करता था। पुलिस अब उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उसका किन-किन फायरिंग और रंगदारी की वारदातों से संबंध रहा है। पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक भुपिंदर को मैसेज के जरिए बताया जाता था कि किससे रंगदारी लेनी है। मैसेज में संबंधित व्यक्ति की पहचान, उसका पता और लोकेशन जैसी जानकारी होती थी। यदि किसी को रंगदारी के लिए डराने के मकसद से फायरिंग करनी होती थी तो उसकी जानकारी भी उसे दी जाती थी। इसके बाद भुपिंदर कथित तौर पर गैंगस्टर के गुर्गों को उस जगह की पहचान करवाता था। पुलिस अब उसके मोबाइल फोन और संपर्कों की भी जांच कर रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह किन लोगों के संपर्क में था और किस-किस वारदात से उसका संबंध रहा है। जेल के अंदर से नेटवर्क चलाने के दावे… 10 दिन में 3 कोठियों पर फायरिंग, 4 शूटर गिरफ्तारमोहाली पुलिस ने पिछले 10 दिनों में फेज-10 और सेक्टर-104 में 3 अलग-अलग कोठियों पर ऑटोमैटिक हथियारों से फायरिंग करने के आरोप में चार शूटरों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में खरड़ का जसमनदीप सिंह, यमुनानगर का दुशंत शर्मा उर्फ शम्मी, सेक्टर-35 चंडीगढ़ का आकाशदीप सिंह और बठिंडा का प्रवीण कुमार उर्फ कालू शामिल हैं। इनके कब्जे से 5 पिस्टल बरामदपुलिस ने दावा किया कि ये चारों लॉरेंस गैंग से जुड़े थे। पुलिस ने इनके कब्जे से 5 पिस्टल बरामद की हैं। इनमें 2 विदेशी जिगाना पिस्टल और 3 अन्य 30 बोर की पिस्टल शामिल हैं। इसके अलावा 12 कारतूस और वारदातों से पहले और बाद में इस्तेमाल की गई टेंपरेरी नंबर वाली फॉर्च्यूनर कार भी बरामद की गई है। मोहाली के SSP ने क्या दावा कियामोहाली के एसएसपी वरुण शर्मा ने 4 आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा था कि फायरिंग की साजिश में विदेश में बैठे कुलवीर सिंह सिद्धू और बुड़ैल जेल में बंद गैंगस्टर रविंदर सिंह उर्फ काली का नाम सामने आया है। पुलिस के मुताबिक, दोनों ने पीड़ितों को फोन कर 5-5 करोड़ रुपए की रंगदारी मांगी थी। रिकॉर्डिंग या व्हाट्सऐप चैट सार्वजनिक नहींइसके बाद उनके घरों पर गोलियां चलवाई गईं। हालांकि, प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान काली के खिलाफ इस दावे के समर्थन में कोई रिकॉर्डिंग या व्हाट्सऐप चैट सार्वजनिक नहीं की गई थी। एसएसपी ने कहा था कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में यह जानकारी सामने आई है। जिस गैंगस्टर काली को लेकर विवाद, उसके बारे में जानिए…
दिल्ली के कालकाजी मंदिर के पास पार्क में नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म मामले में साजिश के एंगल का खुलासा हुआ है।
रांची के रिनपास में मानसिक रूप से बीमार बच्चों और किशोरों के इलाज के लिए 20 बेड की एक नई यूनिट स्थापित की जाएगी। स्वास्थ्य विभाग के अपर मुख्य सचिव ने संस्थान में डी.पी.एन. और एम.डी. साइकेट्रिक कोर्स फिर से शुरू करने तथा सुविधाओं के विस्तार के निर्देश दिए।
मुरैना के जड़ेरुआ गांव में 10 सितंबर को रूबी गुर्जर की फांसी लगाकर आत्महत्या बताई गई मौत, हत्या में बदल गई है। पुलिस के हाथ लगे 2 मिनट 27 सेकंड के ऑडियो में रूबी के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी से जुड़ी बातचीत रिकॉर्ड है। पुलिस के मुताबिक- पति रामराज गुर्जर और चाचा ससुर लखन गुर्जर ने मिलकर रूबी की गला दबाकर हत्या की, फिर शव को फंदे पर लटका दिया। इससे मामला आत्महत्या का लगे। नूराबाद पुलिस ने रामराज को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है, जबकि लखन फरार है। दैनिक भास्कर के हाथ 2 मिनट का वह ऑडियो लगा है, जिससे महिला की मौत सुसाइड से हत्या में तब्दील हो गई। पढ़िए रिपोर्ट… घटनाक्रम को चार तस्वीरों में समझिए मौत से पहले प्रेमी को फोन किया, बातचीत रिकॉर्ड होती रही रूबी का उत्तर प्रदेश के हरदोई निवासी अनुज से अफेयर था। पुलिस के अनुसार- वह अपने पति को तलाक देकर अनुज के साथ रहना चाहती थी। इसी वजह से वह पहले भी दो बार घर छोड़कर हरदोई में अनुज के पास जा चुकी थी। पुलिस के मुताबिक, 9 सितंबर को रामराज ने रूबी को उसकी मां के साथ जड़ेरुआ बुलाया था। कहा था कि बच्चे उसे याद कर रहे हैं। रूबी के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 5 और 8 साल है। वह मां के साथ गांव पहुंची, बच्चों से मिली और शाम को वापस चली गई। अगले दिन 10 सितंबर को रामराज और उसके चाचा-ससुर ने रूबी को फिर मां के साथ बुलाया। इस बार कहा गया कि मकान मालिक मोहन राजपूत से जुड़े मामले में समझौता और पैसों को लेकर बात करनी है। यह भी कहा गया कि रूबी आएगी तो रामराज लिखकर देगा कि वह अपनी मर्जी से कहीं जा सकती है और प्रेमी के साथ रह सकती है। तलाक के लिए पुलिस और कोर्ट में दिखाने के लिए भी दस्तावेज तैयार करने की बात कही गई। रूबी अपनी मां के साथ वहां पहुंची। पुलिस के अनुसार, उसे कुछ गड़बड़ लगी तो उसने चुपचाप प्रेमी अनुज को फोन कर दिया। इसी दौरान अनुज के मोबाइल पर बातचीत रिकॉर्ड हो गई। ऑडियो में क्या-क्या है रिकॉर्डिंग में रूबी के घबराने और अंदर जाने से इनकार करने की आवाज सुनाई देती है। बातचीत में रामराज की ओर से धमकी दी जाती है… रामराज: “मार दूंगा।” रूबी जाने से मना करती है। इस पर उसकी मां कहती है- “कोई नहीं मार रहा, मैं संग हूं।” रूबी फिर कहती है- “नहीं-नहीं।” रामराज की आवाज आती है- “अभी हाथ नहीं लगाया, जान से मार दूंगा।” मां कहती है- “मैं हूं भीतर।” रूबी अपनी मां से कहती है- “तुम बैठ जाओ।” मां फिर कहती है- “कोई नहीं मार रहा।” इसके बाद चाचा-ससुर लखन की आवाज रिकॉर्ड होती है- “मारते तो तुझको क्यों लाते, पहले ही मार देते।” इसके बाद रूबी को दोनों के काबू करने की आवाजें आती हैं। रूबी चीखते हुए बार-बार कहती है- “मम्मी ओ मम्मी... मम्मी ओ मम्मी...” इसके कुछ देर बाद रूबी की आवाज बंद हो जाती है। रिकॉर्डिंग में इसके बाद भी कुछ देर तक धक्का-मुक्की और हलचल जैसी आवाजें आती हैं। पुलिस इस ऑडियो को हत्या की जांच में अहम साक्ष्य मान रही है। कहानी की कड़ी जुलाई से जुड़ती है… रूबी और अनुज के प्रेम प्रसंग की जानकारी पुलिस को पहले से थी। जुलाई 2026 में रूबी अपने पति के साथ मुरैना शहर की दुर्गा विहार कॉलोनी में किराए से रहने आई थी। इसी दौरान वह घर छोड़कर हरदोई में अनुज के पास चली गई थी। पति की शिकायत पर सिविल लाइन पुलिस उसे उत्तर प्रदेश से बरामद कर मुरैना लाई। इसके बाद कोर्ट में धारा 164 के तहत रूबी के बयान दर्ज कराए गए। पुलिस के अनुसार, इन बयानों में भी रूबी ने पति और उसके परिजनों पर आरोप लगाए थे और कहा था कि ये लोग उसकी हत्या कर सकते हैं। बयान दर्ज होने के बाद उसे परिजनों के सुपुर्द कर दिया गया। मकान मालिक पर का आरोप भी आया अगस्त में रूबी ने पति के कहने पर मकानमालिक पर दुष्कर्म का आरोप लगाया और पुलिस में शिकायत की। इस मामले की पुलिस जांच कर रही थी। इसके बाद रूबी अपने पति के साथ जड़ेरुआ गांव चली गई। वकील का कहना था कि मकान मालिक निर्दोष था। उनके मुताबिक, रूबी के पति ने उससे कहा था कि यदि वह उसके खिलाफ मामला दर्ज कराएगी तो वह उसे उसके प्रेमी के साथ रहने देगा और कोर्ट में तलाक दे देगा। वकील का आरोप है कि बाद में रूबी की हत्या का आरोप भी मकान मालिक पर डालने की कोशिश की गई। अगस्त में दूसरी बार घर छोड़कर हरदोई पहुंची अगस्त 2026 में रूबी फिर घर से निकलकर हरदोई में अनुज के पास चली गई। इस बार नूराबाद थाने में गुमशुदगी कायम हुई। पुलिस ने उसे बरामद किया और रूबी की मर्जी के मुताबिक उसे मायके वालों के सुपुर्द कर दिया। 9 सितंबर को उसके पति रामराज ने रूबी को उसकी मां के साथ जड़ेरुआ बुलाया। बताया गया कि बच्चे अपनी मां को याद कर रहे हैं। रूबी के दो बेटे हैं, जिनकी उम्र 5 और 8 साल बताई गई है। रूबी मां के साथ बच्चों से मिलने गांव पहुंची और शाम को वापस चली आई। पुलिस के मुताबिक, इस मुलाकात के बाद उसे लगा कि शायद अब पति उसके साथ मारपीट नहीं करेगा। 10 सितंबर को फिर बुलाया, अगले दिन सामने आई मौत 10 सितंबर को रूबी को दोबारा मां के साथ जड़ेरुआ बुलाया गया। इस बार मकान मालिक से राजीनामा और रकम मिलने की बात कही गई। साथ ही पति की ओर से तलाक के बाद उसे प्रेमी के साथ रहने देने की बात भी कही गई। यहीं पहुंचने के बाद रूबी को अनहोनी का अंदेशा हुआ और उसने अनुज को फोन कर दिया। कॉल रिकॉर्ड होती रही। इसी दौरान हुई घटना में पुलिस के अनुसार रामराज और लखना ने रूबी की हत्या कर दी और फिर उसे फांसी पर लटका दिया। पुलिस के हाथ कैसे आया हत्या का सुराग? 10 सितंबर को रूबी की मौत की सूचना पर नूराबाद पुलिस ने आत्महत्या का मर्ग कायम किया था। जांच आगे बढ़ी तो पुलिस के हाथ ऑडियो रिकॉर्डिंग लगी। थाना प्रभारी एसआई सौरभ पुरी के अनुसार, सिविल लाइन पुलिस से संपर्क करने पर रूबी के जुलाई में बरामद होने और उसके कोर्ट में दिए गए बयान की जानकारी मिली। इन पुराने बयानों में भी रूबी ने पति से हत्या का खतरा बताया था। इसके बाद उसके प्रेमी अनुज ने उत्तर प्रदेश से वाट्सऐप के जरिए पुलिस को ऑडियो साक्ष्य उपलब्ध कराया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट, पुराने बयान और ऑडियो को जांच में शामिल किया। पुलिस के अनुसार, इन साक्ष्यों के आधार पर मामला आत्महत्या से हत्या में बदल गया। 13 सितंबर को हत्या की FIR दर्ज की गई। पति गिरफ्तार, चाचा ससुर फरार नूराबाद पुलिस ने रामराज गुर्जर को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। उसका चाचा ससुर लखना गुर्जर अभी फरार है। पुलिस उसकी तलाश कर रही है। थाना प्रभारी सौरभ पुरी के मुताबिक, मामले में अन्य एंगल पर भी जांच जारी है। पुलिस ने रूबी के प्रेमी अनुज को बयान दर्ज कराने के लिए कई बार बुलाया है, लेकिन वह अभी तक नहीं आया है। पुलिस के अनुसार, वह डरा हुआ है। रूबी की मां के घटना के समय मौजूद होने की भी पुष्टि हुई है। पुलिस इस पहलू समेत मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है। जुलाई से सितंबर तक ऐसे बदली पूरी कहानी जुलाई 2026: रूबी पति का घर छोड़कर हरदोई में प्रेमी अनुज के पास गई। सिविल लाइन पुलिस ने उसे बरामद किया। जुलाई 2026: कोर्ट में धारा 164 के तहत बयान दर्ज हुआ। पुलिस के मुताबिक, रूबी ने पति और परिवार से जान का खतरा बताया। अगस्त 2026: पति के कहने पर रूबी ने मकान मालिक मोहन राजपूत पर रेप का आरोप लगाकर शिकायत की। जांच शुरू हुई। अगस्त 2026: रूबी दोबारा घर से निकलकर हरदोई गई। नूराबाद पुलिस ने उसे बरामद कर उसकी इच्छा पर मायके वालों को सौंपा। 9 सितंबर: पति ने रूबी को उसकी मां के साथ बच्चों से मिलने जड़ेरुआ बुलाया। 10 सितंबर: राजीनामा, रकम और तलाक से जुड़ी बात कहकर दोबारा बुलाया गया। 10 सितंबर: रूबी ने आशंका होने पर प्रेमी अनुज को फोन किया। बातचीत रिकॉर्ड हुई। पुलिस के मुताबिक, इसी दौरान रामराज और लखना ने उसकी हत्या कर शव को फांसी पर लटका दिया। 13 सितंबर: ऑडियो, पोस्टमॉर्टम और पुराने कोर्ट बयान की जांच के बाद हत्या की FIR दर्ज हुई। 13 सितंबर: पति रामराज गुर्जर गिरफ्तार हुआ, जबकि चाचा ससुर लखना गुर्जर फरार है। इस केस में सबसे अहम 3 कड़ियां पहली: जुलाई में हरदोई से बरामदगी के बाद कोर्ट में दिए गए रूबी के बयान, जिनमें पुलिस के अनुसार उसने पति से जान का खतरा बताया था। दूसरी: 10 सितंबर को प्रेमी अनुज के फोन पर रिकॉर्ड हुई 2 मिनट 27 सेकेंड की बातचीत, जिसमें रूबी की चीख और धमकी की आवाजें रिकॉर्ड हुईं। तीसरी: पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के साथ इन दोनों साक्ष्यों को जांच में शामिल करने के बाद पुलिस ने मौत को आत्महत्या के बजाय हत्या माना और FIR दर्ज की।
टेक टिप्स: फोन चमकाने के चक्कर में कहीं बर्बाद न हो जाए स्क्रीन, क्या है मोबाइल साफ करने का सुरक्षित तरीका?
पूर्णिया की कसबा थाना पुलिस ने 714.39 ग्राम स्मैक के साथ 5 तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद स्मैक की यह खेप पश्चिम बंगाल के मालदा से लाई जा रही थी। पुलिस ने तस्करों के पास से एक मारुति सुजुकी एक्सएल कार और 5 मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। साइबर थानाध्यक्ष सह सदर एसडीपीओ 2 कनिष्क श्रीवास्तव ने बताया सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस को बुधवार दोपहर लगभग 3:30 बजे गुप्त सूचना मिली कि पूर्णिया जीरो माइल से कसबा के रास्ते अररिया की ओर एक सफेद रंग की कार से मादक पदार्थों की खेप ले जाई जा रही है, जिसका रजिस्ट्रेशन नंबर BR11BS-6443 है। सूचना मिलते ही कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मदरसा चौक के समीप सघन वाहन जांच शुरू की। चेकिंग के दौरान संदिग्ध कार को रोका गया, जिसमें चार व्यक्ति सवार थे। मालदा से लेकर चला था खेपकार में सवार अररिया नगर थाना क्षेत्र के गैयारी वार्ड नं. 11 निवासी 25 वर्षीय अफनान आलम से जब कड़ाई से पूछताछ की गई, तो उसने कबूला कि वे सभी स्मैक की तस्करी का कारोबार करते हैं। उसने खुलासा किया कि मुख्य सप्लायर अररिया नगर थाना के गैयारी का रहने वाला 27 वर्षीय फजले ईलाही मालदा, पश्चिम बंगाल से बस और अन्य गाड़ियां बदल-बदलकर स्मैक लेकर आ रहा है।जानकारी के आधार पर कसबा थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन, दंडाधिकारी और सशस्त्र पुलिस बल के साथ कसबा थाना क्षेत्र के काठपुल के पास पहुंचे और जाल बिछाया। रात लगभग सवा 8 बजे पैदल आ रहे फजले ईलाही को पुलिस ने मौके पर ही दबोच लिया।7 साबुंदानी में मिला करोड़ों का स्मैकजब फजले ईलाही की तलाशी ली गई, तो उसके पास से प्लास्टिक की 7 साबुनदानियां बरामद हुईं। जब उन्हें खोला गया, तो अंदर से कुल 714.39 ग्राम स्मैक बरामद हुआ । जिसका अनुमानित कीमत लगभग डेढ़ करोड़ आंका जा रहा है ।एसडीपीओ ने बताया कि गाड़ी में सवार अफनान और 3 अन्य युवकों को सत्यापन के लिए थाना लाया गया। मोबाइल की जांच और पूछताछ में पता चला कि ये शराब नहीं बल्कि स्मैक के तस्कर हैं। 4 अररिया और एक पूर्णिया का है तस्करगिरफ्तार किए गए पांचों तस्करों में मास्टर माइंड 27 वर्षीय फजले ईलाही के अलावे अररिया गैयारी का रहने वाला 25 वर्षीय अफनान आलम, गैयारी का ही रहने वाला 35 वर्षीय महताब आलम, अररिया ज़ीरो माइल का रहने वाला 24 वर्षीय हैदर अली और पूर्णिया सहायक खजांची थाना क्षेत्र के लाइन बाजार का रहने वाला 37 वर्षीय मो. हारूल शामिल हैं ।
फर्जी रजिस्ट्री: पटवारी के बाद गवाह गिरफ्तार, मोबाइल जब्त
भास्कर न्यूज | रायगढ़ शासकीय जमीन के खसरा रिकॉर्ड में हेरफेर कर फर्जी पट्टा और रजिस्ट्री कराने के मामले में कापू पुलिस ने दूसरी गिरफ्तारी की है। तत्कालीन पटवारी राकेश साय के बाद पुलिस ने फर्जी रजिस्ट्री में अनुप्रमाणक साक्षी रहे अगस्तुस खलखो (43) निवासी पोराडाही को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से उस मोबाइल को भी जब्त किया है, जिससे मामले में शामिल कैलाश कुमार जेठवानी उर्फ सोनी से बातचीत होने की जानकारी सामने आई है। आरोपी को न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है।मामला ग्राम पंचायत रायमेर की शासकीय जमीन से जुड़ा है। तहसीलदार कापू की शिकायत पर 11 अगस्त को थाना कापू में रिपोर्ट दर्ज हुई थी। इसके अनुसार शासकीय जमीन के रिकॉर्ड में कूटरचना कर खसरा बंटाकन और नामांतरण किया गया। इसके बाद कूटरचित दस्तावेजों के आधार पर जमीन की रजिस्ट्री कराए जाने का आरोप है। पुलिस के अनुसार पूछताछ में अगस्तुस खलखो ने बताया कि कैलाश जेठवानी उर्फ सोनी के कहने पर वह मामले में शामिल हुआ था। उसने 20 अक्टूबर 2022 को धरमजयगढ़ के रजिस्ट्री कार्यालय में पहुंचकर आधार कार्ड जमा करने और रजिस्ट्री दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने की बात स्वीकार की है। पुलिस ने उसके मेमोरेंडम के आधार पर मोबाइल जब्त किया है।
छीना-झपटी की 3 वारदात, बच्चे से एक्टिवा की चाबी छीनी, दो जगह हथियार दिखा मोबाइल लूटे
भास्कर न्यूज | लुधियाना शहर में छीना-झपटी की तीन अलग-अलग वारदात सामने आई हैं। इनमें एक बच्चे से वाहन की चाबी छीनकर वाहन ले जाने और दो मामलों में हथियार दिखाकर मोबाइल व अन्य सामान छीनने के आरोप हैं। {थाना डिवीजन नंबर 2 में सुरिंदर कौर, निवासी कामरान रोड, फील्ड गंज ने शिकायत दी कि 17 जुलाई को उसका बेटा प्रभजोत सिंह बीकानेर बेकरी, जेल रोड के पास एक्टिवा पर खड़ा था। इसी दौरान भूमि और पूनम तुली नाम की दो महिलाओं ने उसके बेटे से कहा कि वह उनके आसपास घूम रहा है। इसके बाद दोनों ने एक्टिवा की चाबी छीन ली और एक्टिवा लेकर फरार हो गईं। दोनों आरोपी अभी गिरफ्तार नहीं हुई हैं। {थाना पीएयू में अमन कुमार, निवासी ग्रीन एन्क्लेव, बरनहाड़,लुधियानाा ने शिकायत दी कि 30 जुलाई को वह अपनी भतीजी को स्कूल से लेने जा रहा था। सरस्वती मॉडल सीनियर सेकेंडरी स्कूल के पास तीन अज्ञात लोगों ने उसे घेर लिया और गर्दन पर धारदार हथियार रखकर धमकाया। आरोपी उसका मोबाइल, ईयरबड्स और पर्स छीनकर फरार हो गए।आरोपियों की अभी पहचान नहीं हो सकी है। {थाना जमालपुर में पुरम गौरी प्रसाद, निवासी गली नंबर 6, जीटीबी नगर, मुंडियां कलां ने शिकायत दी कि 23 सितंबर को सुबह करीब 5 बजे वह वीर पैलेस कंपनी की बस में सवार होने के लिए पैदल जा रहा था। वीर पैलेस के नाले वाली गली में दो नकाबपोश व्यक्ति मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए और उसकी गर्दन पर धारदार हथियार रखकर मोबाइल छीन लिया। इसके बाद दोनों वीर पैलेस से चंडीगढ़ रोड की तरफ फरार हो गए। आरोपियों की पहचान नहीं हो सकी है। सभी आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के तहत संबंधित थानों में मामले दर्ज कर लिए गए हैं। किसी भी मामले में अभी बरामदगी नहीं हुई है।
एसीबी ने गुरुवार को नाहरगढ़ थाने के सब इंस्पेक्टर गिरधारी लाल मीणा को 10 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। पीड़ित के एक पुराने मामले में जब्त मोबाइल व पर्स छोड़ने की एवज में एसआई ने रिश्वत मांगी। थानेदार पीड़ित से 5 हजार रुपए पहले भी वसूल चुका था। एसीबी डीआईजी डॉ. रामेश्वर सिंह ने बताया कि पीड़ित ने शिकायत दी थी कि वर्ष 2025 के एक मामले में उसका मोबाइल और पर्स जब्त हुआ था। इन्हें लौटाने के लिए जांच अधिकारी सब इंस्पेक्टर गिरधारी लाल मीणा 25 हजार रुपए मांग रहा है। 5 हजार रुपए पहले ले चुका और अब 10 हजार रुपए की मांग कर रहा है। सत्यापन में मामला सही पाया गया। एएसपी महावीर सिंह शेखावत के नेतृत्व में टीम ने गुरुवार को 10 हजार रुपए लेते एसआई को रंगे हाथ गिरफ्तार किया। ट्रेप के बाद एसीबी ने आरोपी एसआई के घर व अन्य ठिकानों पर सर्च की कार्रवाई की। अलमारी में रखे रुपए, हाथ धुलवाए तो निकला कलर एसआई ने रिश्वत लेते ही रुपए अलमारी में रखे और चाबी फाइलों के बीच रख दी। पीड़ित बाहर निकला तो एसआई को शक हो गया। उसने कमरा बंद किया और ऊपर बने स्टोर में जाकर बैठ गया। एसीबी टीम अंदर पहुंची तो एसआई नहीं मिला। टीम ने थाने के चारों तरफ देखा तो पता चला कि भागने का कोई रास्ता नहीं है। थाने में सर्च शुरू किया तो एसआई स्टोर में मिला। पूछताछ के दौरान आरोपी पहले तो गुमराह करता रहा। एसीबी ने हाथ धुलवाए तो नोटों का कलर आ गया। टीम को रिश्वत की राशि अलमारी से बरामद हुई।
Gorakhpur News: दिव्यांगजनों की समस्याओं के निस्तारण के लिए 29 सितंबर को लगेगा मोबाइल कोर्ट
A mobile court will be held on September 29 to address the issues faced by persons with disabilities.
Jhansi News: दावों तक सीमित रह गई गांव-गांव में मोबाइल मेडिकल यूनिट की सुविधा
ललितपुर। स्वास्थ्य विभाग ने आकांक्षात्मक ब्लॉक मड़ावरा क्षेत्र के गांव-गांव अस्पताल पहुंचाने की व्यवस्था की थी, इसके लिए एक कंपनी से अनुबंध किया गया था।
Maharajganj News: 30 को होगा मोबाइल कोर्ट का आयोजन
A mobile court will be held on the 30th.
Sirmour News: नाहन में विधायक सोलंकी और उपायुक्त ने मोबाइल कंप्यूटर वैन को दिखाई हरी झंडी
उपायुक्त कार्यालय परिसर से वीरवार को विधायक अजय सोलंकी और उपायुक्त सिरमौर प्रियंका वर्मा ने मोबाइल कंप्यूटर वैन को हरी झंडी दिखाकर ग्रामीण क्षेत्रों के लिए रवाना किया।
Kaithal News: मोबाइल हैक कर दो लोगों के खातों से 3.57 लाख रुपये उड़ाए
3.57 lakh siphoned off from two people's accounts by hacking their mobile phones.
Bhadohi News: चोरी के मोबाइल और स्क्रैप बेचने जा रहे दो गिरफ्तार
Two arrested while on their way to sell stolen mobile phones and scrap
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने पति की हत्या के मामले में दोषी ठहराई गई एक महिला और उसके कथित प्रेमी को बरी किया। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष परिस्थितिजन्य साक्ष्यों की ऐसी पूरी कड़ी स्थापित करने में विफल रहा, जो दोनों आरोपियों को हत्या से जोड़ सके। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि केवल मोबाइल फोन के कॉल विवरण के आधार पर यह साबित नहीं किया जा सकता कि दो लोग घटना के समय एक ही स्थान पर मौजूद थे। जस्टिस सिद्धार्थ वर्मा और जस्टिस जय कृष्ण उपाध्याय की खंडपीठ ने ट्रायल कोर्ट का 14 नवंबर 2025 का फैसला रद्द किया। ट्रायल कोर्ट ने हसनेरा उर्फ शबाना और शाहरुख को हसनेरा के पति नईम की हत्या का दोषी ठहराते हुए दोनों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी। जानिये क्या है मामलाअभियोजन के अनुसार नईम की 1 जनवरी 2023 को शिकोहाबाद में एक ईंट भट्ठे के पास हत्या कर दी गई। आरोप है कि हसनेरा और शाहरुख के बीच कथित अवैध संबंध थे और दोनों ने साजिश के तहत नईम की हत्या की। मामले में कोई प्रत्यक्षदर्शी नहीं है और अभियोजन का पूरा मामला परिस्थितिजन्य साक्ष्यों पर आधारित है। अभियोजन ने मोबाइल फोन के कॉल विवरण का हवाला देते हुए दावा किया कि नईम और शाहरुख के बीच बातचीत हुई थी और घटना वाले दिन दोनों के मोबाइल एक-दूसरे के नजदीक थे। हाईकोर्ट ने इस तर्क को पर्याप्त नहीं माना। तथ्य वाले गवाह पेश नहीं हुएअदालत ने कहा कि कथित संबंध को साबित करने वाले गवाहों के पास उसके बारे में व्यक्तिगत जानकारी नहीं है। इसके अलावा, ऐसे संबंध को लेकर पहले कभी कोई शिकायत भी दर्ज नहीं कराई गई। अदालत ने कहा कि अभियोजन की ओर से ऐसा कोई अन्य प्रत्यक्ष तथ्यात्मक गवाह पेश नहीं किया गया, जिससे कथित संबंध और उसके आधार पर हत्या के मकसद की पुष्टि हो सके। मोबाइल के कॉल डिटेल्स पर अदालत की अहम टिप्पणीहाईकोर्ट ने कॉल डिटेल्स पर अभियोजन की निर्भरता को लेकर महत्वपूर्ण टिप्पणी की। अदालत ने कहा कि मोबाइल टावर के दायरे में दो फोन का होना इस बात का प्रमाण नहीं है कि उन फोन का इस्तेमाल करने वाले दोनों व्यक्ति वास्तव में एक ही जगह मौजूद थे। अदालत ने कहा, “कॉल डिटेल्स से यह साबित नहीं होता कि दोनों व्यक्ति एक साथ मौजूद थे।” खंडपीठ ने समझाया कि कोई व्यक्ति अपना मोबाइल फोन एक जगह छोड़कर दूसरी जगह जा सकता है। इसलिए केवल मोबाइल फोन की नजदीकी के आधार पर उसके यूजर की घटनास्थल पर मौजूदगी साबित नहीं की जा सकती। कॉल डिटेल्स महज मजबूत साक्ष्यों की पुष्टि कोअदालत ने कहा कि कॉल डिटेल्स दूसरे मजबूत साक्ष्यों की पुष्टि करने में मदद कर सकता है। उदाहरण के लिए, यदि कोई विश्वसनीय प्रत्यक्षदर्शी बयान या ऐसा वैज्ञानिक साक्ष्य मौजूद हो, जो आरोपी को अपराध से जोड़ता हो, तो कॉल डिटेल्स संदेह दूर करने में सहायक हो सकता है। लेकिन इसे अकेले इस निष्कर्ष के लिए इस्तेमाल नहीं किया जा सकता कि आरोपी और मृतक घटना के समय साथ थे। पुलिस के सामने कथित कबूलनामे पर भी भरोसा नहीं हाईकोर्ट ने आरोपियों द्वारा जांच अधिकारी के सामने कथित तौर पर अपराध स्वीकार किए जाने का दावा भी स्वीकार नहीं किया। अदालत ने साक्ष्य अधिनियम की धारा 26 का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस हिरासत में आरोपी द्वारा किया गया कबूलनामा उसके खिलाफ तब तक साबित नहीं किया जा सकता, जब तक वह मजिस्ट्रेट की तत्काल मौजूदगी में न किया गया हो। इसलिए जांच अधिकारी के सामने कथित कबूलनामे को आरोपियों के खिलाफ साक्ष्य के रूप में इस्तेमाल नहीं किया जा सकता। आरोपियों की दोषसिद्धि की ओर ही संकेत नहींअदालत ने कथित हत्या के हथियार के रूप में बरामद खून से सनी ईंट को भी अभियोजन के लिए निर्णायक कड़ी नहीं माना। खंडपीठ ने कहा कि ईंट घटनास्थल से बरामद हुई थी और वह किसी आरोपी के कब्जे या उसकी निशानदेही पर बरामद नहीं हुई। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन द्वारा पेश की गई परिस्थितियां न तो पूरी तरह साबित हुईं और न ही ऐसी पूर्ण कड़ी बनाती हैं, जिससे आरोपियों की दोषसिद्धि की ओर ही संकेत मिलता हो। संदेह का लाभ दिया जाना चाहिएकोर्ट ने कहा, “साक्ष्यों की पूरी कड़ी बनाने के लिए कई महत्वपूर्ण कड़ियां गायब हैं।” अदालत ने माना कि इन परिस्थितियों में दोनों की दोषसिद्धि बरकरार रखना सुरक्षित नहीं होगा और उन्हें संदेह का लाभ दिया जाना चाहिए। इसके बाद हाईकोर्ट ने दोनों अपीलों को मंजूर करते हुए ट्रायल कोर्ट का फैसला रद्द किया। हसनेरा और शाहरुख को आरोपों से बरी कर दिया गया और अदालत ने निर्देश दिया कि यदि वे किसी अन्य मामले में आवश्यक नहीं हैं तो उन्हें तत्काल रिहा किया जाए।
सूरजपुर जिले में हाईवा के ड्राइवर का रास्ता रोककर पिस्टल से हवाई फायर करने और मोबाइल लूटने के मामले में जशपुर जिला प्रशासन ने दोनों आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की है। कलेक्टर रोहित व्यास ने बीआरसीसी श्यामलाल साहू की संविदा सेवा खत्म कर दी है। वहीं, राजीव गांधी शिक्षा मिशन के सहायक कार्यक्रम समन्वयक राजेश अंबस्थ को निलंबित कर दिया गया है। यह मामला 19 सितंबर का है। प्रतापपुर थाना क्षेत्र की खड़गवां पुलिस चौकी के रामेश्वरमुड़ा जंगल के पास दोनों आरोपी अपनी निजी कार से अंबिकापुर से लौट रहे थे। आरोप है कि उन्होंने कार हाईवा के सामने लगाकर ड्राइवर शिव प्रसाद का रास्ता रोक दिया। इसके बाद दोनों ने ड्राइवर से बदतमीजी की और उसे हाईवा से नीचे उतरने को कहा। जब ड्राइवर नीचे नहीं उतरा तो आरोप है कि दोनों ने पिस्टल से दो हवाई फायर किए। इसके बाद ड्राइवर को डराया-धमकाया और उसका मोबाइल फोन छीन लिया। घटना के बाद ड्राइवर ने खड़गवां पुलिस चौकी में शिकायत की। पुलिस ने दोनों के खिलाफ BNS की धारा 309(7) और आर्म्स एक्ट की धारा 25, 27 और 30 के तहत मामला दर्ज किया। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। श्यामलाल की संविदा सेवा खत्म कलेक्टर के आदेश के मुताबिक, श्यामलाल साहू फरसाबहार विकासखंड के संकुल केंद्र में समन्वयक के संविदा पद पर थे। वर्तमान में वे जिला राजीव गांधी समग्र शिक्षा कार्यालय में बीआरसीसी के पद पर काम कर रहे थे। आपराधिक मामले में गिरफ्तारी और उनके आचरण को सिविल सेवा आचरण नियमों के खिलाफ मानते हुए कलेक्टर ने उनकी संविदा सेवा तत्काल खत्म कर दी। राजेश अंबस्थ निलंबित दूसरे आरोपी राजेश अंबस्थ राजीव गांधी शिक्षा मिशन में सहायक कार्यक्रम समन्वयक के पद पर पदस्थ हैं। कलेक्टर ने उनके निलंबन की अनुशंसा शिक्षा विभाग के संयुक्त संचालक, अंबिकापुर से की थी। इसके बाद राजेश अंबस्थ को निलंबित कर दिया गया। पुलिस रिपोर्ट के आधार पर प्रशासन की कार्रवाई घटना के बाद पुलिस विभाग ने दोनों सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ हुई कार्रवाई और मामले की जानकारी जशपुर जिला प्रशासन को भेजी थी। पुलिस की रिपोर्ट और दोनों की गिरफ्तारी के आधार पर कलेक्टर ने श्यामलाल साहू की सेवा समाप्त करने और राजेश अंबस्थ को निलंबित करने की कार्रवाई की है। इस कार्रवाई के बाद दोनों आरोपियों के खिलाफ विभागीय स्तर पर भी कार्रवाई का रास्ता साफ हो गया है।
मंदसौर में एक महीने से लापता बेटे की तलाश में मोबाइल टावर पर चढ़ा पिता, आश्वासन के बाद उतरा
24 सितंबर, गुरुवार: मंदसौर के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा डांगी गांव में एक महीने से लापता 22 वर्षीय सुखदेव की तलाश को लेकर उसके पिता मोबाइल टावर पर चढ़ गए। करीब 2-3 घंटे बाद थाना प्रभारी की समझाइश और आश्वासन के बाद पिता सुरक्षित नीचे उतरे।
अररिया जिले के बरदाहा थाना क्षेत्र में मोबाइल लूट के दौरान एक युवक को गोली मारकर घायल करने के मामले का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने तकनीकी सबूतों और जांच के आधार पर एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मानिकपुर वार्ड नंबर-09, थाना सिमराहा, जिला अररिया निवासी 22 वर्षीय अर्जुन कुमार के रूप में हुई है। उसके पास से लूटा गया मोबाइल भी बरामद किया गया है। यह घटना 15 सितंबर को हुई थी। बरदाहा से ढेगरी जाने वाली सड़क पर बाइक सवार तीन अज्ञात बदमाशों ने ढेगरी वार्ड नंबर-03 निवासी 26 वर्षीय मुकेश कुमार मल्लिक को रास्ते में रोक लिया था। बाइक और 21 सौ रुपये बरामद किए बदमाशों ने देशी कट्टे से गोली मारकर मुकेश को घायल कर दिया और उसका मोबाइल लूटकर फरार हो गए। घटना के बाद बरदाहा थाना में मामला दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू की थी। सदर एसडीपीओ सुशील कुमार ने अपने कार्यालय में प्रेस कॉन्फ्रेंस कर बताया कि तकनीकी सबूतों और जांच के दौरान इस मामले का खुलासा हुआ। पुलिस ने अर्जुन कुमार को गिरफ्तार करने के बाद उसकी निशानदेही पर प्रभात कुमार (23 वर्ष, निवासी गम्हरियों वार्ड नंबर-06, थाना मदनपुर, अररिया) के घर पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस ने ओपो कंपनी का एक मोबाइल, घटना में इस्तेमाल हुई बाइक और 21 सौ रुपये बरामद किए। गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार आरोपी के पास से लूटा गया मोबाइल, घटना में इस्तेमाल हुई बाइक, एक अन्य मोबाइल और 21 सौ रुपये मिले हैं। पुलिस ने बताया कि इस घटना में शामिल अन्य आरोपियों की पहचान कर ली गई है। उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस कार्रवाई में पु०अ०नि० इम्तेयाज खान, पु०अ०नि० विनोद कुमार पासवान और डीआईयू टीम शामिल रही।
जयपुर के नाहरगढ़ थाने में तैनात एसआई को 10 हजार रुपए की रिश्वत लेते एंटी करप्शन ब्यूरो (एसीबी) ने गुरुवार दोपहर 2:30 बजे रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिसकर्मी गिरधारी लाल ने परिवादी से उसके खिलाफ दर्ज आर्म्स एक्ट के मुकदमे में मदद करने और जब्त मोबाइल वापस करने की एवज में 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। शिकायत के अनुसार- आरोपी 5 हजार रुपए पहले ही ले चुका था। परिवादी के खिलाफ नाहरगढ़ थाने में आर्म्स एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा था। जेल से जमानत पर रिहा होने के बाद परिवादी को अपने जब्त सामान और मोबाइल वापस लेने थे। आरोप है कि इसी दौरान एसआई गिरधारी लाल ने मुकदमे में राहत देने और जब्त मोबाइल छोड़ने के बदले रिश्वत मांगी। एसीबी में की शिकायत, सत्यापन के बाद ट्रैप सीआई एसीबी रघुवीर शरण शर्मा ने बताया- परिवादी ने एसआई द्वारा रिश्वत मांगने की शिकायत एसीबी मुख्यालय में की। शिकायत में बताया गया कि मुकदमे के दौरान पुलिस ने उसके दो मोबाइल और पर्स जब्त किए थे। जेल से रिहा होने के बाद उससे कहा गया कि सामान वापस लेने के लिए पैसे लेकर आए। इसके बाद परिवादी ने एसीबी से संपर्क किया। एसीबी ने शिकायत का सत्यापन कराया। सत्यापन में रिश्वत मांगने की पुष्टि होने के बाद एसीबी ने ट्रैप की कार्रवाई की। 25 हजार मांगे, 5 हजार पहले लेने का आरोप एसीबी के अनुसार- आरोपी ने परिवादी से कुल 25 हजार रुपए की रिश्वत मांगी थी। इसमें से 5 हजार रुपए पहले लिए जाने की बात सामने आई है। शेष रकम में से 10 हजार रुपए लेते हुए एसआई को ट्रैप किया गया। कार्रवाई के बाद एसीबी आरोपी से पूछताछ और आगे की कार्रवाई कर रही है।
छिंदवाड़ा: देहात थाना क्षेत्र के ग्राम गांगीवाड़ा से लापता हुईं पांच नाबालिग बालिकाओं को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर धार जिले के पीथमपुर से दस्तयाब कर लिया। पुलिस के अनुसार पांचों सहेलियां परिजनों की डांट से नाराज होकर बिना बताए एक साथ घर से निकल गई थीं। पुलिस ने साइबर तकनीक की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें पीथमपुर सेक्टर-3 से खोज निकाला। दरअसल, 21 सितंबर को पांचों नाबालिग बालिकाओं के परिजनों ने देहात थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पांच अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए देहात थाना प्रभारी जीएस राजपूत की टीम ने तत्काल जांच शुरू की। मोबाइल की लोकेशन से पीथमपुर पहुंची पुलिस पुलिस टीम ने बालिकाओं के घर जाकर परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। जांच के दौरान पता चला कि एक नाबालिग के पास मोबाइल फोन है और वह चालू है। इसके बाद साइबर सेल की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई। लोकेशन पीथमपुर सेक्टर-3, धार की मिलने पर पुलिस टीम तत्काल पीथमपुर रवाना हुई। वहां पांचों बालिकाएं एक साथ मिल गईं। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि मोबाइल देखने, पढ़ाई नहीं करने और काम नहीं करने की बात को लेकर परिजनों ने उन्हें डांटा था। इसके बाद पांचों सहेलियों ने घर में बिना बताए पीथमपुर जाकर काम करने का फैसला किया और वहां पहुंच गईं। बाल कल्याण समिति ने की काउंसलिंग पुलिस ने पांचों बालिकाओं को 22 सितंबर को दस्तयाब किया। धार जिला बाल कल्याण समिति के सामने उनकी काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद सभी को छिंदवाड़ा लाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। फिलहाल काउंसलिंग के लिए उन्हें वन स्टॉप सेंटर, छिंदवाड़ा में रखा गया है। पुलिस की कार्रवाई में देहात थाना प्रभारी निरीक्षक जीएस राजपूत, निरीक्षक करिश्मा चौधरी, उपनिरीक्षक हर्ष नागले, सहायक उपनिरीक्षक राजेश रघुवंशी, सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप यादव, महिला आरक्षक राजकुमारी, महिला आरक्षक प्रमिला, आरक्षक ब्रजेश और साइबर सेल के आरक्षक आदित्य रघुवंशी की विशेष भूमिका रही।
कटिहार जिले में अवैध मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी कड़ी में मनसाही थाना पुलिस ने 513.9 ग्राम स्मैक के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। बरामद स्मैक की कीमत करीब 40 से 45 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने उनके पास से दो मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल भी जब्त की है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सदर-1 कटिहार, विशाल आनंद ने बताया कि 23 सितंबर 2026 को मनसाही थानाध्यक्ष को जानकारी मिली थी। उन्हें सूचना मिली थी कि दो लोग मोटरसाइकिल पर अवैध मादक पदार्थ लेकर मनसाही इलाके की तरफ जा रहे हैं। इस सूचना पर पुलिस ने एक टीम बनाई और कुरेठा रेलवे स्टेशन मुख्य सड़क के पास वाहन जांच शुरू की। पुलिस को देखकर बाइक से भागने लगे थे दोनों आरोपी जांच के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो लोग पुलिस को देखकर भागने लगे। पुलिस टीम ने तुरंत पीछा कर दोनों को पकड़ लिया। उनकी तलाशी लेने पर उनके पास से कुल 513.9 ग्राम स्मैक मिली। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल और दो मोबाइल फोन भी जब्त कर लिए। पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों की पहचान नागेश्वर महतो (28 वर्ष) और महेंद्र कुमार राय (32 वर्ष) के रूप में हुई है। नागेश्वर महतो एकौना, थाना मनसाही, जिला कटिहार का रहने वाला है, जबकि महेंद्र कुमार राय भोड़ाबाड़ी, थाना नगर, जिला कटिहार का निवासी है। पुलिस ने केस दर्ज शुरू की कार्रवाई पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ संबंधित धाराओं में केस दर्ज किया है। इस मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह पता लगा रही है कि स्मैक कहां से लाई गई थी और इसे कहां पहुंचाया जाना था। इस कार्रवाई के बाद मादक पदार्थों की अवैध तस्करी से जुड़े नेटवर्क की जांच भी तेज कर दी गई है।
ऑनलाइन लोन ठगी के 2 आरोपी गिरफ्तार:नवादा में पुलिस ने 4 मोबाइल और फर्जी सिम बरामद किए
नवादा के वारिसलीगंज में पुलिस ने ऑनलाइन लोन ठगी करने वाले दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। वारिसलीगंज थाना पुलिस ने उनके पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक फर्जी सिम कार्ड बरामद किया है। यह कार्रवाई नवादा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर वारिसलीगंज थानाध्यक्ष पंकज कुमार सैनी के नेतृत्व में की गई। पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के लिए एक टीम बनाई थी। इसमें वारिसलीगंज थाना के पुलिस अधिकारी और सशस्त्र बल शामिल थे। वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं दोनों गुप्त सूचना मिलने पर टीम ने वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के बलवापार (चकवाय) गांव से पश्चिम-उत्तर दिशा में स्थित जारन बगीचा के पास छापा मारा। यहीं से दोनों संदिग्धों को पकड़ा गया। तलाशी के दौरान उनके पास से चार एंड्रॉयड मोबाइल और एक फर्जी सिम मिला। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गौरव कुमार (25 वर्ष) और नितीश कुमार (20 वर्ष) के रूप में हुई है। गौरव चकवाय गांव का रहने वाला है, जिसके पिता का नाम सत्यनारायण राम है। नितीश मिर्जाबिघा गांव का निवासी है, जिसके पिता का नाम हारिका ठाकुर है। दोनों नवादा जिले के वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के रहने वाले हैं। लोन के नाम पर निजी जानकारी मांगते थे पुलिस की पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे बजाज फाइनेंस, रिलायंस फाइनेंस और अन्य कंपनियों के नाम पर लोगों को ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देते थे। वे लोगों का भरोसा जीतने के लिए कभी बैंक मैनेजर तो कभी कंपनी का कर्मचारी बनकर बात करते थे। इसके बाद लोन के नाम पर आधार कार्ड, पैन कार्ड, बैंक पासबुक की फोटो कॉपी, पासपोर्ट साइज फोटो और ई-मेल आईडी जैसी निजी जानकारी मांगते थे। वे प्रोसेसिंग फीस के नाम पर भी पैसे लेते थे। इस मामले में वारिसलीगंज थाना में केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज की है। अब पुलिस गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर इस साइबर ठगी से जुड़े अन्य लोगों और पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है।
मेवात में एक बार फिर ठगी का मामला सामने आया है। फेसबुक पर सस्ते मोबाइल पार्ट्स बेचने का झांसा देकर एक व्यापारी से 90 हजार रुपए, मोबाइल फोन और जरूरी कागजात हड़प लिए गए। ठग व्यापारी का बैग लेकर फरार हो गए। उटावड़ थाना प्रभारी दिनेश कुमार ने बताया कि, यह घटना जिला कन्नौज (यूपी) के फतेहनगर कुंवरपुर निवासी प्रभात सिंह नायक के साथ हुई। प्रभात मोबाइल फोन के पार्ट्स बेचने का काम करते हैं। उन्होंने कुछ समय पहले फेसबुक पर मोबाइल पार्ट्स खरीदने से जुड़ी एक पोस्ट देखी थी, जिसमें एक मोबाइल नंबर दिया हुआ था। प्रभात ने उस नंबर पर संपर्क किया और पिछले 15 दिनों से उनकी बातचीत चल रही थी। बातचीत के दौरान आरोपी ने प्रभात सिंह को डील करने के लिए पलवल जिले के कोट गांव से आगे होडल-नूंह मार्ग पर बुलाया। बाइक पर बैठाकर ले गए दो युवक, धोखे से बैग छीना पीड़ित तय जगह पर पहुंचा, जहां बाइक पर दो युवक आए। उन्होंने प्रभात को अपनी दुकान पर चलने का झांसा देकर बाइक पर बैठा लिया। आरोपी व्यापारी को मेवात के बीसरू गांव के पास ले गए और धोखे से उसका बैग छीन लिया। बैग में 90 हजार रुपए नकद, मोबाइल फोन और जरूरी कागजात रखे थे। इसके बाद आरोपी युवक बैग लेकर वहां से भाग गए। पीड़ित ने काफी देर तक उनका इंतजार किया और फिर अपने स्तर पर तलाश शुरू की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। खुद को ठगी का शिकार महसूस करने के बाद प्रभात ने उटावड़ थाना पुलिस को शिकायत दी। उटावड़ थाना पुलिस ने पीड़ित व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
हरियाणा के मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने धान सीजन के दौरान पराली जलाने की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए एक वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए सभी उपायुक्तों के साथ बैठक की। इस बैठक का मकसद किसानों को फसल के बचे हुए हिस्से को सही से इस्तेमाल करने के लिए जागरूक करना भी था। बैठक में पिछले साल हुई पराली जलाने की घटनाओं और दर्ज एफआईआर की समीक्षा की गई। मुख्य सचिव ने इस बार आगजनी की घटनाओं पर पूरी तरह से रोक लगाने के लिए जरूरी निर्देश दिए। सभी गांवों में तैनात किए गए नोडल अधिकारी : उपायुक्त वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान सोनीपत उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि जिले के सभी गांवों में नोडल अधिकारी तैनात किए गए हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि गांव स्तर पर बनाई जाने वाली टीमों में ग्राम सचिव और पटवारी को भी शामिल किया जाए। इससे पराली जलाने की घटनाओं की ठीक से निगरानी हो सकेगी और सूचना मिलते ही तुरंत कार्रवाई हो सकेगी। उपायुक्त ने यह भी बताया कि आगजनी की घटनाओं की रिपोर्टिंग के लिए विभाग ने एक मोबाइल ऐप बनाया है। सभी नोडल अधिकारी इस ऐप के जरिए आगजनी की घटनाओं की फोटो और पूरी रिपोर्ट दर्ज करेंगे। इससे घटनाओं की निगरानी और मौके पर कार्रवाई की प्रक्रिया को और बेहतर बनाया जा सकेगा। किसानों को पराली प्रबंधन के लिए किया जाए जागरूक उपायुक्त नेहा सिंह ने कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि वे गांव-गांव जाकर किसानों को पराली नहीं जलाने तथा उसके उचित प्रबंधन के लिए जागरूक करें। उन्होंने बताया कि सरकार द्वारा धान के अवशेषों को जलाने के बजाय कृषि यंत्रों की सहायता से मिट्टी में मिलाकर प्रबंधन करने पर 1200 रुपए प्रति एकड़ की अनुदान राशि दी जाती है। उन्होंने कहा कि जो किसान पराली प्रबंधन के लिए कृषि विभाग को आवेदन करेंगे, उन्हें उपलब्धता के अनुसार आवश्यक कृषि यंत्र उपलब्ध करवाए जाएंगे। किसानों को पराली जलाने से होने वाले पर्यावरणीय नुकसान के बारे में भी जागरूक किया जाए। पिछले वर्ष आगजनी वाले गांवों पर विशेष नजर उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जिन गांवों में पिछले वर्ष पराली जलाने की घटनाएं हुई थीं और एफआईआर दर्ज हुई थी, उन गांवों में विशेष निगरानी रखी जाए। संबंधित अधिकारी ऐसे गांवों में पहले से ही किसानों से संपर्क करें और उन्हें पराली प्रबंधन के उपलब्ध विकल्पों की जानकारी दें, ताकि दोबारा आगजनी की घटनाएं न हों। उन्होंने किसानों से अपील करते हुए कहा कि वे धान की पराली को जलाने के बजाय उसका उचित प्रबंधन करें। पराली जलाने से वायु प्रदूषण बढ़ता है, जिसका प्रतिकूल प्रभाव आमजन के स्वास्थ्य और पर्यावरण पर पड़ता है। इसलिए किसान पर्यावरण संरक्षण में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हुए फसल अवशेषों का वैज्ञानिक तरीके से प्रबंधन करें। हरसेक की रिपोर्ट पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश उपायुक्त ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि हरियाणा स्पेस एप्लीकेशन सेंटर (हरसेक) से प्राप्त पराली जलाने एवं अन्य आगजनी से संबंधित रिपोर्ट पर प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड और कृषि विभाग के अधिकारी तुरंत कार्रवाई करें। उन्होंने कहा कि पराली जलाने की घटनाओं में संलिप्त किसानों अथवा अन्य आगजनी की घटनाओं में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने निर्देश दिए कि पराली जलाने वाले किसानों पर निर्धारित जुर्माने की कार्रवाई के साथ-साथ मेरी फसल मेरा ब्यौरा में रेड एंट्री भी की जाए, ताकि पराली जलाने की प्रवृत्ति पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित किया जा सके। बैठक में डीडीपीओ मनीष मलिक, प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से आरओ अजय सिंह, कृषि एवं किसान कल्याण विभाग से सहायक कृषि अभियंता नवीन हुड्डा, एसएमएस राहुल सैनी, मनोज कुमार तथा जेई संदीप मौजूद रहे।
पलवल में बदमाशों का दुस्साहस सामने आया है। एक युवक के थाने से बाहर निकलते ही हथियार के बल पर अगवा कर लिया गया। आरोपी उसे जंगल में ले गए और हथौड़ों व डंडों से बुरी तरह पीटा। उसका मोबाइल और नकदी भी लूट ली गई। घायल युवक को अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। होडल थाना प्रभारी मनोज कुमार के अनुसार, करमन गांव के रहने वाले देवीराम ने शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि वह अपने भतीजे चिंटू के साथ होडल थाने में एक पुराने मामले की जांच में शामिल होने गए थे। दोपहर में जब वे थाने से पैदल बाजार की तरफ जा रहे थे, तभी अग्रवाल धर्मशाला के पास बदमाशों ने चिंटू को घेर लिया। कार और बाइक पर सवार होकर आए बदमाश दो बाइक और एक कार में आए बदमाशों ने चिंटू का हथियार के बल पर अपहरण कर लिया। आरोपियों में डालचंद उर्फ डालू, नीरज उर्फ हंसू, पारस, मोनू, सचिन और उनके कुछ अन्य साथी शामिल थे। वे चिंटू को जबरन अपने साथ ले गए। आरोपियों ने चिंटू को एक सफेद ब्रेजा गाड़ी में डाल दिया। इस गाड़ी में पहले से ज्ञानेंद्र और चार अन्य लोग हथियार के साथ मौजूद थे। बदमाशों ने चिंटू के साथ मारपीट की और उसका मोबाइल फोन व 1500 रुपए लूट लिए। जान से मारने की धमकी देकर फरार हुए हमलावर इसके बाद आरोपी चिंटू को हताना गांव होते हुए करमन गांव में एक दुकान पर ले गए। वहां उन्होंने जान से मारने की नीयत से उस पर हथौड़ों से हमला किया। चिंटू बुरी तरह लहूलुहान हो गया। हमला करने के बाद आरोपी चिंटू को जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से भाग गए। पुलिस को सूचना मिली तो उन्होंने तुरंत कार्रवाई की। पीड़ित चिंटू को गांव से गंभीर हालत में बरामद कर होडल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घायल का फिल्हाल उपचार चल रहा है। होडल थाना पुलिस ने इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है।
नोएडा में स्लीपर AC बस अग्निकांड में 9 यात्रियों की जिंदा जलकर मौत हो गई। इनमें 8 पुरुष और एक महिला है। प्रथम दृष्टया यह माना जा रहा है कि इन लोगों की कार्बन मोनो ऑक्साइड से दम घुट गया। इसके बाद सभी लोग जिंदा जल गए। आग बस के इंजन में लगी। फिर धुआं बस के अंदर भर गया। धुएं से यात्रियों का दम घुटने लगा, वह खिड़की और दरवाजे से जान बचाने के लिए कूद गए। बस के आगे का हिस्सा और दरवाजा आग की चपेट में आ गया। इस कारण से लोग अंदर फंस गए। उनका दम घुट गया और वह जहां थे, वहीं गिर पड़े। फिर आग में उनका पूरा शरीर जल गया। करीब 2 घंटे तक डेडबॉडी जलती रहीं। आग बुझने के बाद रेस्क्यू कर रही टीम ने बस का पिछला हिस्सा कटर से काटा। पुलिसकर्मी और एफएसएल टीम जब अंदर गए तो देखा कि लाशें कंकाल बन चुकी थीं। तीन यात्रियों की चमड़ी सीटों से चिपकी हुई थी। कुछ लाशें बस की गैलरी में बिखरीं पड़ी थीं। उनके बॉडी चिपकी हुई थी। मांस लोथड़े में बदल गए थे। मोबाइल फोन आग में जलकर किसी के पैर तो किसी के सीने में चिपक गए थे। सीटों पर खाने के खुले हुए टिफिन मिले। टीम को बस के अंदर से डेडबॉडी कलेक्ट करने में करीब 45 मिनट लगे। इसके बाद डेडबॉडी को पोस्टमार्टम हाउस भेज दिया गया। पुलिस को घटना की जानकारी कब और कैसे हुई? कितने बजे पुलिस पहुंची। कितने शवों की शिनाख्त हुई? जिन लोगों की शिनाख्त नहीं हुई, उसके लिए क्या प्रकिया अपनाई जाएगी? पढ़िए ये रिपोर्ट... 2 घंटे तक बस जलती रही, 25 मिनट में पुलिस और दमकल पहुंची यमुना एक्सप्रेस वे पर दयानतपुर गांव के पास में रात करीब 11.30 बजे आग लग गई। जहां बस में आग लगी वहां से करीब 300 मीटर पहले पुलिस पेट्रोलिंग की गाड़ी खड़ी थी। वह करीब 10 मिनट में बस के पास पहुंच गई। आग को बढ़ते देख सिपाहियों ने जेवर थाने में फोन किया। थाना प्रभारी अजय कुमार ने दमकल विभाग को फोन किया और मौके के लिए निकल गए। करीब 25 मिनट में थाना पुलिस और दमकल मौके पर पहुंच गई। टीम ने रेस्क्यू कर कुछ लोगों को बाहर निकाल लिया। करीब 30 मिनट में आग ने पूरी बस को अपनी चपेट में ले लिया। बस आग की लपटें उठती देख गांव के लोग भी पहुंच गए। इसके बाद करीब 30 मिनट में मौके पर ग्रेनो ओर यमुना एक्सप्रेस वे में लगीं करीब 20 एंबुलेंस मौके पर पहुंच गईं। पुलिस ने घायलों को अस्पताल भेज दिया। रात करीब 1.30 बजे दमकल की चार गाड़ियों ने आग को बुझा दिया। आग बुझने के बाद बस का अगला हिस्सा धधक रहा था। उसकी बॉडी गर्म थी। इसलिए पुलिस ने कटर से बस का पिछला हिस्सा काटा। तब तक एफएसएल टीम पहुंच गई। पुलिस टीम को बस के अंदर से डेडबॉडी को बाहर निकालने में करीब 45 मिनट का समय लगा। धुआं भरने से दम घुटने की आशंका, भाग नहीं सके लोग सूत्र बताते हैं कि बस में कुल 35 लोग सवार थे। बस से कुल 9 लोगों के शव निकाले गए। शवों को पहचानना बेहद मुश्किल है। आग से बस पूरी तरह जल गई थी। बताया प्रथम दृश्टया यह लग रहा है कि शॉर्ट सर्किट से बस की AC में आग लगी। इसके बाद आग बस की केबिन से होती हुई अंदर तक पहुंच गई। आग से बस की सीटें, उसमें लगी प्लास्टिक, सीट कवर पर्दे, फाइबर ने आग पकड़ ली। इससे आग और भड़क गई। फिर लोगों का सामान जल गया। आग से बस की सीटें जलकर राख हो चुकी थीं। सिर्फ लोहे का ढांचा बचा हुआ था। बताया कि बस में जब आग लगी तो अधिकतर लोग अपने स्लीपर केबिन में थे। अधिकतर लोग सो रहे थे। इसलिए वह समय से बस से बाहर नहीं आ सके। कुछ गैलरी में फंस गए तो कुछ सीटों पर ही बैठे रह गए। तब तक बस के अंदर धुआं भर गया। इससे कार्बन मोनो ऑक्साइड, कार्बन डाइऑक्साइड जैसी गैसें बनीं। जिससे लोगों का दम घुट गया। जो लोग बाहर आ गए, वह बच गए। बाकी लोगों का अंदर ही दम घुट गया। बस में सवार जो लोग मिसिंग हैं, उनके घरवाले पोस्टमार्टम हाउस पहुंच गए हैं। जेवर एसडीएम दुर्गेश सिंह और जेवर थाना प्रभारी अजय कुमार भी वहां पहुंचे हैं। दोनों अफसरों की मौजूदगी में सभी 9 शवों को खोला जाएगा। इसके बाद पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे लोगों से शिनाख्त कराई जाएगी। जितने शवों की शिनाख्त हो जाएगी। उन शवों को परिजनों को सौंप दिया जाएगा। जिन लोगों की शिनाख्त नहीं हो पाती है। उनका DNA टेस्ट होगा। घटनास्थल से 2 KM दूर बस खड़ी की, चालक-हेल्पर जेल गए हादसे के बाद पुलिस ने बस को मौके से हटा दिया है। बस को घटनास्थल से 2 किमी दूर जेवर टोल प्लाजा के पास एक्सप्रेस वे के नीचे खड़ा किया गया है। पुलिस ने बताया कि बस राज कल्पना ट्रैवल्स की है। दस्तावेजों के मुताबिक बस मध्य प्रदेश से संचालित है। लेकिन नई दिल्ली के कश्मीरी गेट बस डिपो से चलती है। बस का पंजीकरण बिहार के मधुबनी जिले में किया गया है। बस का फिटनेस प्रमाण पत्र राजस्थान और प्रदूषण प्रमाण पत्र हरियाणा से जारी हुआ है। उधर पुलिस ने बस के दो ड्राइवर पवन और विनोद को गिरफ्तार कर लिया है। इसके साथ ही हेल्पर योगेश को भी पकड़ लिया है। पुलिस ने तीनों को जेल भेज दिया है। ………………..ये खबर भी पढ़िए- नोएडा में AC बस में आग लगी, 9 जिंदा जले:यमुना एक्सप्रेस-वे पर हादसा, 35 यात्रियों को लेकर महोबा जा रही थी यूपी के नोएडा में यमुना एक्सप्रेस-वे पर स्लीपर AC बस में आग लग गई। हादसे में 9 यात्री जिंदा जल गए। इनमें 8 पुरुष और एक महिला है। बस में 35 यात्री सवार थे। कई यात्रियों ने खिड़की तोड़कर कूदकर जान बचाई, जबकि 20 यात्रियों को रेस्क्यू किया। पढ़ें पूरी खबर
कैथल के गांव सेरधा में अज्ञात आरोपी ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से 2 लाख 30 हजार रुपए निकाल लिए। आरोपी ने उसका मोबाइल हैक कर लिया। जब मोबाइल अपडेट हुआ तो उसके पास रुपए कटने के मैसेज आए। इस संबंध में व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मोबाइल पर मैसेज आए तो पता लगा गांव सेरधा निवासी महेश कुमार ने साइबर थाना में दी शिकायत में बताया कि उसका स्टेट बैंक ऑफ इंडिया में बैंक खाता है और उसके साथ उसका मोबाइल नंबर जुड़ा हुआ है। 21 सितंबर को उसका मोबाइल अपने आप अपडेट होने लगा। कुछ देर बाद जब फोन ठीक हुआ तो मोबाइल पर रुपए कटने के मैसेज आए हुए थे। अलग-अलग समय में रुपए कटे जब उसने अपना बैलेंस चेक किया तो पाया कि एसबीआई बैंक खाते से अलग अलग समय में दो लाख 30 हजार रुपए कट गए। किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसका मोबाइल हैक करके 2 लाख 30 हजार रुपए की ठगी की है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने और उसके रुपए वापस दिलाने की मांग की है। साइबर थाना के जांच अधिकारी सुरेंद्र सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच में प्राप्त तथ्यों के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
मोतिहारी के हरसिद्धि थाना क्षेत्र के पैठान पट्टी गांव में मां-बेटे ने विपक्षी परिवार को अपहरण के मामले में फंसाने के लिए अपने ही घर के युवक के अपहरण की झूठी कहानी बना दी। महिला ने डायल-112 पर सूचना दी कि उसके 19 वर्षीय बेटे दिलखुश कुमार का बाइक समेत अपहरण कर लिया गया है। पुलिस ने सूचना मिलते ही जांच शुरू की और तकनीकी जांच के जरिए कुछ ही घंटों में युवक को उसके एक परिचित के घर से बरामद कर लिया। पूछताछ में पुलिस के सामने पूरी कहानी सामने आ गई। मां ने डायल-112 पर दी अपहरण की सूचना हरसिद्धि थानाध्यक्ष सुनील कुमार के अनुसार, पैठान पट्टी निवासी राजेंद्र साह की पत्नी संजू देवी ने डायल-112 पर सूचना दी थी। उन्होंने बताया था कि 21 सितंबर की रात ओलहा पेट्रोल पंप के पास से उनके 19 वर्षीय बेटे दिलखुश कुमार का बाइक समेत अपहरण कर लिया गया है। उन्होंने इसके लिए विपक्षी भूलेन साह के परिवार के लोगों पर आरोप लगाया था। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी। दो दिन पहले विपक्षी की पत्नी से हुई थी मारपीट जांच में पुलिस को पता चला कि 19 सितंबर को दिलखुश कुमार ने अपनी मां संजू देवी के साथ मिलकर भूलेन साह की पत्नी पन्ना देवी के साथ मारपीट की थी। इस दौरान पन्ना देवी के सिर में चोट लगी थी। पुलिस के अनुसार, दोनों परिवारों के बीच रिश्तेदारी होने के कारण उस समय थाने में शिकायत नहीं की गई थी। मोबाइल की तकनीकी जांच से खुला मामला पुलिस ने दिलखुश के मोबाइल नंबर की तकनीकी जांच शुरू की। जांच में उसका मोबाइल पहाड़पुर थाना क्षेत्र में बंद मिला। इसके बाद पुलिस ने संभावित ठिकानों की जानकारी जुटाई। 22 सितंबर को पुलिस ने दिलखुश के एक परिचित के घर पर छापा मारा। वहां से उसे बरामद कर लिया गया। गिरफ्तारी के डर से बनाई अपहरण की कहानी पुलिस के अनुसार, थाने में पूछताछ के दौरान दिलखुश ने पन्ना देवी के सिर पर चोट पहुंचाने की बात बताई। उसे डर था कि पुलिस इस मामले में उसे गिरफ्तार कर लेगी। इसी वजह से उसने अपनी मां के साथ मिलकर अपने अपहरण की झूठी कहानी बनाई। पुलिस के मुताबिक, मां-बेटे का मकसद विपक्षी परिवार को अपहरण के मामले में फंसाना था। मां-बेटे को गिरफ्तार कर भेजा गया जेल पुलिस के अनुसार, पन्ना देवी के आवेदन पर प्राथमिकी दर्ज की गई है। इसके बाद दिलखुश कुमार और उसकी मां संजू देवी को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
शिमला में 81 वर्षीय बुजुर्ग साइबर ठगी का शिकार हो गए। बैंक मैनेजर बनकर फोन करने वाले ठग ने खाता ब्लॉक होने की बात कही, इसके बाद खाते से 5.51 लाख रुपये निकल गए।
जयपुर में महिला ने दूसरी शादी करने के बावजूद फर्जी डॉक्यूमेंट से विधवा कोटे से सरकारी नौकरी हासिल कर ली। उसने दूसरी शादी से तीसरी संतान होने की बात भी छुपाई। झूठे शपथ-पत्रों को पेश कर कई सरकारी लाभ तक उठा लिए। महिला के तलाक का दबाव बनाने पर दूसरे पति ने जयपुर पुलिस में 22 सितंबर को FIR दर्ज करवाई है। पुलिस ने बताया- जयपुर के रहने वाले 45 साल के युवक ने FIR करवाई है। रिपोर्ट के अनुसार- मई 2021 में युवक की महिला से लव मैरिज हुई थी। दोनों की यह दूसरी शादी थी। महिला के पहले पति की मौत हो चुकी थी। उसकी पहले पति से दो बेटियां थी। शादी के बाद से दोनों बेटियों को दूसरे पति के परिवार में स्वीकार किया गया। दूसरी शादी के बाद महिला ने मार्च 2022 में एक बेटी को भी जन्म दिया। पति का आरोप है- उसने पत्नी को मोबाइल पर किसी से बातचीत करते सुना था। इस दौरान वह कह रही थी कि मेरे पति अब मुझे पसंद नहीं हैं, उसे रास्ते से हटाना पड़ेगा। SHO ने बताया कि कोर्ट के आदेश पर मिली शिकायत पर FIR दर्ज कर ली गई है। पति के आरोपों की जांच की जा रही है। पीड़ित के बयान दर्ज कर कार्रवाई की जाएगी। जॉब लगने पर बदला व्यवहार शिकायत में बताया- शादी से पहले महिला ने आर्थिक स्थिति कमजोर बताकर कई बार रुपए ऐंठे थे। अलग-अलग जरूरत बताकर लाखों रुपए हड़प लिए। शादी के समय महिला कॉम्पिटिशन एग्जाम की तैयारी कर रही थी। साल 2022 में महिला का सिलेक्शन ग्रेड थर्ड टीचर के पद पर हो गया। उसकी नियुक्ति जयपुर में ही टीचर के पद पर हो गई। इसके बाद महिला का व्यवहार बदल गया। स्कूल की ड्यूटी खत्म होने के बाद काफी समय तक घर नहीं लौटती थी। घर आने के बाद भी घंटों मोबाइल पर बातचीत और सोशल मीडिया पर बिजी रहती थी। पूछने पर स्कूल में ज्यादा काम और अन्य कारण बताकर बात टाल देती थी। स्कूल पहुंचने पर मिली गायब पति का आरोप है कि साल 2023 में एक दिन वह किसी जरूरी काम के कारण स्कूल पहुंच गया। पत्नी स्कूल में नहीं मिली। प्रिंसिपल के साथ बाहर जाने का पता चला। फोन भी नहीं उठाया। कुछ देर बाद प्रिंसिपल के साथ स्कूल लौटी। वह ऐसे दिखाने लगी, जैसे वह मुझे नहीं जानती। प्रिंसिपल ने पूछा तो मैंने खुद का परिचय उसके पति के रूप में दिया। ये सुनकर प्रिंसिपल ने चौंकते हुए मेरी पत्नी को कहा कि आप खुद को विधवा और सिंगल मदर बताती हैं। इसके बाद पत्नी का व्यवहार बदल गया। प्रिंसिपल से अफेयर का शक युवक ने प्रिंसिपल से नजदीकियों का विरोध किया तो वह उसे डराने-धमकाने और मानसिक रूप से टॉर्चर करने लगी। साल 2025 में दीपावली से कुछ समय पहले महिला बिना बताए घर से चली गई। कॉन्टैक्ट करने पर कॉल नहीं उठाया। देर रात घर लौटने पर गाली-गलौज किया। इसके दो दिन बाद फिर बिना बताए घर से चली गई। लौटने पर गुस्सा कर कुछ नहीं बताया। ‘पति पसंद नहीं, इसे रास्ते से हटाना पड़ेगा’ पति का आरोप है कि एक दिन वह अपने काम पर जाने के लिए घर से निकला। कोई काम याद आने पर घर लौट आया। घर लौटने पर पत्नी मोबाइल पर बात कर रही थी। उसे मेरे घर लौटने का पता नहीं था। बातचीत सुनने पर पता चला कि वह किसी से कह रही थी कि मेरे पति अब मुझे पसंद नहीं हैं, इसे रास्ते से हटाना पड़ेगा। तुम कोई व्यवस्था करो, चाहे कितना भी पैसा लगे। यह डराने-धमकाने से नहीं मानेगा। इसे तो रास्ते से ही हटाना पड़ेगा। मुझे अचानक घर पर देखकर वह घबरा गई। कॉल बंद कर दी। पूछने पर झगड़ा करते हुए दोनों बेटियों को लेकर घर छोड़कर चली गई। कुछ दिन बाद घर में रखे डॉक्यूमेंट मिले। चेक करने पर पता चला कि उसने खुद को विधवा बताकर नौकरी हासिल की है। विधवा कोटे का दुरुपयोग कर नौकरी हासिल की। तीसरी संतान के जन्म की बात भी छुपाई गई थी। झूठा शपथ-पत्र किया था पेश शिकायत में बताया- सरकारी नौकरी के लिए महिला ने जून 2022 को शिक्षा विभाग में शपथ-पत्र पेश किया था। घोषणा की कि उसने पहले पति की मौत के बाद दूसरी शादी नहीं की है। जबकि शपथ-पत्र दिए जाने के 13 महीने पहले उसकी शादी हो चुकी थी। शपथ-पत्र पेश करने के 3 महीने बाद ही एक ओर बेटी का जन्म हो चुका था। RTE का भी उठाया फायदा सरकारी नौकरी होने के बाद भी राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत बेटी के फेक डॉक्यूमेंट बनाकर निशुल्क एडमिशन करवाया। आरटीई कानून के तहत सालाना आय 2.50 लाख रुपए तक की है, जबकि उसकी नौकरी लगने के बाद अधिक सैलरी मिल रही थी। सरकारी नौकरी होने के बाद भी झूठे डॉक्यूमेंट से आरटीई के सरकारी लाभ का फायदा उठाया। नगर निगम में भी जालसाजी पति का आरोप है कि उसके कम पढ़े-लिखे होने का पत्नी ने फायदा उठाया। मई 2021 में शादी के रजिस्ट्रेशन के लिए फाइल तैयार करवाई गई थी। इसके आधार पर फेक विवाह प्रमाण-पत्र भी नगर निगम से बनवा लिया। इसमें शादी की तारीख अगस्त 2022 लिखवाई गई। इसके तहत तीसरी बेटी शादी से पहले ही हो गई। नगर निगम, शिक्षा विभाग और स्कूल में फेक डॉक्यूमेंट पेश कर सरकारी सेवा का लाभ उठाकर धोखाधड़ी की। शिक्षा विभाग ने शुरू की विभागीय जांच शिकायत में बताया- जालसाजी का पता चलने पर पत्नी की नियुक्ति से संबंधित डॉक्यूमेंट और शिकायत प्रिंसिपल को दी। प्रिंसिपल ने भी फर्जीवाड़े में शामिल होकर शिकायत को दबाने का प्रयास किया। उसने शिकायत को अधिकारियों को नहीं भेजा। न ही विभागीय कार्रवाई शुरू करवाई। शिक्षा विभाग को नियुक्ति के संबंध में शिकायत और डॉक्यूमेंट पेश किए गए, जिसके आधार पर महिला के खिलाफ प्रथमदृष्टया मामला गंभीर पाते हुए विभागीय जांच प्रारंभ कर दी। झूठे केस में फंसाने की धमकी नवंबर 2025 में जांच शुरू होने पर पत्नी चुपचाप रहने लगी। पति की ओर से भेजे गए नोटिस का जवाब तक नहीं दिया। करीब 8 महीने चुप रहने के बाद जुलाई 2026 में विधिक नोटिस का जवाब भेजा। इसमें झूठे, गंभीर और पॉक्सो जैसे क्राइम के आरोप लगाए। नोटिस में धमकी दी कि या तो तलाक दे, नहीं तो झूठे केस में फंसाएगी। पुलिस के सामने बनाया दबाव पति का आरोप है कि साल 2021 में हुई शादी को लिव-इन में रहना बताया। जब वह FIR दर्ज करवाने की कार्रवाई कर रहा था। इस दौरान थाने में उसे यह कहकर बुलाया गया कि दोनों पक्षों के बीच वैवाहिक विवाद के संबंध में काउंसलिंग करनी है। थाने पहुंचने पर पत्नी ने शिक्षा विभाग में की गई शिकायत वापस लेने के लिए धमकाया। यह लिखकर देने के लिए कहा कि शिक्षा विभाग में झूठी शिकायत की है। इसके साथ बिना किसी शर्त तलाक देने के लिए दबाव बनाया। मना करने पर झूठे आरोपों के आधार पर पुलिस के सामने ही मारने और झूठी आपराधिक कार्रवाई करने की धमकियां दी। प्रिंसिपल की बहुत पहुंच होना बताकर धमकाया कि मेरा कोई कुछ नहीं बिगाड़ सकता। पुलिस ने भी महिला पर कार्रवाई करने की बजाय उसे ही शांतिभंग में अरेस्ट कर लिया।
बिहार के सहकारी बैंकों की बदलेगी तस्वीर, जल्द शुरू होगी मोबाइल व व्हाट्सएप बैंकिंग
भारतीय रिजर्व बैंक जल्द ही बिहार राज्य सहकारी बैंक और भभुआ जिला केंद्रीय सहकारी बैंकों को मोबाइल बैंकिंग सेवा शुरू करने का लाइसेंस देगा। इसके साथ ही, सहकारी बैंकों की शाखाओं का विस्तार होगा और आधुनिक डिजिटल बैंकिंग सेवाओं जैसे व्हाट्सएप बैंकिंग और थम्ब इम्प्रेशन भुगतान की शुरुआत की जाएगी।
ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (GMADA) के पंजाब और चंडीगढ़ दफ्तरों में 2 दिन से ED की रेड चल रही है। इसी बीच ED ने पंजाब कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के भांजे के घर लुधियाना में भी रेड की। देर रात टीम दिल्ली के पूर्व मंत्री सतेंद्र जैन के घर भी पहुंची। इसके बाद बुधवार देर रात पंजाब सरकार हाईकोर्ट चली गई है। ED रेड के बीच पूर्व केंद्रीय राज्य मंत्री व पंजाब के भाजपा नेता रवनीत सिंह बिट्टू ने अपनी एक सोशल मीडिया पोस्ट से खलबली मचा दी है। उन्होंने पोस्ट में दावा किया है कि पंजाब का एक मंत्री देश छोड़कर भाग गया है। बताया जा रहा है कि बिट्टू का इशारा मंत्री मुंडियां की तरफ है। हालांकि, इसकी ऑफिशियल पुष्टि नहीं हुई है। वहीं, मंत्री मुंडियां से इस संबंध में प्रतिक्रिया लेने के लिए संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन शाम से उनका फोन स्विच ऑफ आ रहा है। मोहाली दफ्तर के 3 मंजिल सील किएED ने मंगलवार सुबह मोहाली स्थित GMADA के फेज-8 में मुख्यालय में कार्रवाई शुरू की थी। इसके बाद ED और केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान व अधिकारी मौके पर अब भी मौजूद हैं। ED अधिकारी सरकारी रिकॉर्ड खंगालने के साथ GMADA के अधिकारियों और अन्य कर्मचारियों से पूछताछ कर रहे हैं। कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई जा रही हैमोहाली दफ्तर के 3 मंजिलों को सील किए जाने और रिकॉर्ड जब्त किए जाने की भी रिपोर्ट सामने आई है। पूरी कार्रवाई की वीडियोग्राफी करवाई जा रही है। इसके अलावा IAS अधिकारी राजीव गुप्ता की सेक्टर-19 स्थित कोठी में टीम पहुंची थी। ED की टीम बुधवार देर रात सेक्टर-39 की कोठी नंबर 926 में भी पहुंच गई, जहां दिल्ली के पूर्व मंत्री सतिंदर जैन रहते रहे थे। मंत्री के रिश्तेदार के घर भी पहुंची EDइसी जांच के दौरान बुधवार को पंजाब के शहरी आवास एवं विकास मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी उर्फ प्रिंस के लुधियाना के साहनेवाल स्थित घर पर भी ED ने तलाशी ली। रिपोर्टों के अनुसार, वहां कार्रवाई दोपहर करीब ढाई बजे शुरू हुई और देर तक जारी रही।
हांसी जिले के नारनौंद क्षेत्र के धर्मखेड़ी गांव में बुधवार को 23 साल के दीपक की हत्या के मामले में पुलिस की कई टीमें जांच कर रही हैं। पुलिस ने गांव के ही अजय से भी पूछताछ की है। जांच में पता चला था कि घटना के समय अजय खेत में था। अजय ने पूछताछ में बताया कि वह खेत में गया था और हुक्का भरने के बाद वापस लौट आया था। उसके अनुसार, दीपक ही उसे गांव में छोड़कर गया था। पुलिस गांव जैब भरान के प्रिंस, राकेश और एक अन्य युवक की भूमिका की भी जांच कर रही है। जांच में सामने आया है कि तीनों युवक रिट्ज कार से गांव आए थे। वे गांव की दुकानों पर यूपीआई के जरिए पैसे निकलवाने के लिए घूम रहे थे। ग्रामीणों ने कार में इन तीनों युवकों को देखा था। मृतक दीपक का मोबाइल भी नहीं मिला जानकारी के मुताबिक, दीपक भी एक दुकान पर यूपीआई से पैसे निकलवाने गया था। हालांकि, अभी यह साफ नहीं हो पाया है कि दीपक या अन्य युवकों ने कितनी रकम निकलवाई थी। पुलिस जांच में यह भी पता चला है कि जिस रिट्ज कार से युवक गांव आए थे, वह कार प्रिंस के पिता के नाम पर रजिस्टर्ड है। पुलिस कार की भी जांच कर रही है। घटना के बाद से दीपक का मोबाइल फोन भी नहीं मिला है। पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि कहीं आरोपी मोबाइल अपने साथ तो नहीं ले गए। बताया गया है कि दीपक ने प्रिंस की सगी बहन का रिश्ता अपने ननिहाल परिवार में करवाया था। प्रिंस ने शादी से जुड़े काम के लिए दीपक से कुछ रुपए भी लिए थे। पुलिस इन सभी बातों को जोड़कर जांच कर रही है। शराब के नशे में विवाद होने की आशंका वहीं कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर बताया कि प्रिंस को अपनी बहन के दीपक के घर आने-जाने को लेकर आपत्ति थी। हालांकि पुलिस ने अभी इस बात की पुष्टि नहीं की है। प्रारंभिक जांच में शराब के नशे में किसी बात को लेकर दोनों के बीच विवाद होने की आशंका भी जताई जा रही है। हत्या का वास्तविक कारण पुलिस जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट होगा। आरोपियों की तलाश कर रही पुलिस इस मामले में बस थाना प्रभारी सो जयसिंह का कहना है कि पुलिस की कई टीम में इस मामले में जुटी हुई है। वहीं आरोपियों की धर पकड़ के लिए भी लगातार प्रयास किया जा रहे हैं, पुलिस कार और मोबाइल की भी तलाश में लगी हुई है। बोर्ड से पोस्टमार्टम के बाद हुआ अंतिम संस्कार बुधवार को ही दीपक के शव का हांसी में बोर्ड द्वारा पोस्टमार्टम करवाया गया। पोस्टमार्टम के बाद शाम को शव गांव धर्मखेड़ी लाया गया, जहां गमगीन माहौल में उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। इधर, पुलिस की टीमें आरोपियों की तलाश के साथ दीपक के मोबाइल और वारदात से जुड़े अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी हुई हैं।
सदर अस्पताल में वार्ड से मोबाइल लेकर चोर फरार
सदर अस्पताल के मरीज वार्ड में इलाज कराने पहुंचे मरीज के परिजन का मोबाइल चोरी होने का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार देर रात की बताई जा रही है। वार्ड में मरीज और उनके परिजन सो रहे थे। इसी दौरान अज्ञात चोर वार्ड में घुसा और प्रदीप उरांव का करीब 13 हजार रुपए कीमत का मोबाइल लेकर फरार हो गया। प्रदीप उरांव ने बताया कि 19 सितंबर को उनके बेटे की तबीयत खराब होने पर उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया था। इसके बाद से वह मरीज वार्ड में रहकर बेटे की देखभाल कर रहे थे। मंगलवार रात इलाज के बाद वार्ड में सभी लोग सो गए। इसी दौरान मौका पाकर चोर ने उनका मोबाइल चोरी कर लिया। सुबह फोन गायब मिला तो मचा हड़कंप। बुधवार सुबह उठने पर प्रदीप को मोबाइल नहीं मिला। काफी तलाश करने के बाद भी मोबाइल का पता नहीं चला।
Agra News: मोबाइल हैक कर तोड़ ली बुजुर्ग की बेटी की एफडी
मोबाइल हैक कर तोड़ ली बुजुर्ग की बेटी की एफडी
Maharajganj News: खोए हुए 110 मोबाइल बरामद कर पुलिस ने लौटाए
Police recovered 110 lost mobile phones and returned them.
कालकाजी मंदिर से सटे आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है।
Lakhimpur Kheri News: गोलीकांड की गुत्थी सुलझाएंगी मोबाइल फोन और बैलिस्टिक रिपोर्ट
चिल्ड्रेंस एकेडमी स्कूल में हुए गोलीकांड की विवेचना में पुलिस अब मोबाइल फोन और बैलिस्टिक जांच रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
कानपुर देहात के अकबरपुर स्थित स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय से जुड़े जिला अस्पताल में बुधवार रात बिजली गुल हो गई। इससे मरीज और तीमारदार काफी परेशान दिखे। बिजली सप्लाई बंद होने के बाद अस्पताल के वार्डों में अंधेरा छा गया। गर्मी और उमस के कारण मरीजों को बहुत दिक्कत हुई। बिजली न होने की वजह से वार्ड में भर्ती मरीजों के तीमारदार मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर बैठे थे। अंधेरे में मोबाइल की रोशनी ही वार्ड में सहारा बनी रही। लंबे समय तक बिजली न आने से मरीजों के साथ तीमारदार भी गर्मी और उमस से परेशान रहे। दरअसल, बुधवार शाम करीब 3:30 बजे अकबरपुर इलाके में तेज हवाओं के साथ बारिश हुई थी। इस दौरान अकबरपुर के पास बिजली के दो खंभे टूट गए। इससे पूरे इलाके की बिजली सप्लाई ठप हो गई, जिसका असर जिला अस्पताल की बिजली व्यवस्था पर भी पड़ा। अस्पताल जैसी जरूरी जगह पर बिजली सप्लाई बंद होने से मरीजों की परेशानी और बढ़ गई। वार्ड में अंधेरा होने के कारण तीमारदारों को मोबाइल की रोशनी का सहारा लेना पड़ा। वहीं, गर्मी से राहत के लिए मरीज और तीमारदार बिजली आने का इंतजार करते रहे। बिजली विभाग के अधिकारियों के मुताबिक, तेज हवाओं से बिजली के खंभे टूटने के कारण सप्लाई बंद हुई है। खंभों को ठीक करने का काम चल रहा है। फिलहाल, अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके तीमारदारों को बिजली बहाल होने का इंतजार है। रात 11 बजे तक बिजली विभाग के अधिकारियों ने फोन नहीं उठाए या काट दिए।
कानपुर में 121 गुम हुए मोबाइल फोन वापस मिले, मालिकों के चेहरे पर लौटी खुशी
कानपुर पूर्वी जोन की सर्विलांस टीम ने 121 गुम हुए मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटाए, जिनकी कुल कीमत लगभग 24 लाख रुपये है। मोबाइल पाकर मालिकों के चेहरे खिल उठे, उन्होंने पुलिस के प्रयासों की सराहना की, जिसमें एक 65 हजार का आईफोन-15 भी शामिल था।
दुर्ग के सुपेला इलाके में नशीली दवाओं की बिक्री करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश किया है। अटल आवास स्थित आशाराम बापू आश्रम मैदान के पास ग्राहक का इंतजार कर रहे 7 लोगों को पुलिस ने पकड़ा है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। आरोपी एयरगन से लोगों में अपना खौफ बनाते थे और आम लोगों को डरा कर तस्करी का यह पूरा नेटवर्क चला रहे थे। तलाशी में आरोपियों के पास से 1200 अल्प्राजोलम की गोलियां, 2 एयरगन और 8 मोबाइल फोन मिले हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी दूसरे राज्यों से नशीली दवाएं लाकर भिलाई के अलग-अलग इलाकों में बेचते थे। पुलिस को सूचना मिली थी कि आशाराम बापू आश्रम मैदान के पास कुछ युवक नशीली दवाओं की बिक्री के लिए ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना के बाद सुपेला पुलिस की टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर वहां मौजूद युवकों में हड़कंप मच गया। टीम ने घेराबंदी कर सभी को पकड़ लिया। तलाशी लेने पर बड़ी संख्या में अल्प्राजोलम की गोलियां मिलीं। इसके साथ ही दो एयरगन और आठ मोबाइल फोन भी बरामद किए गए। पुलिस के मुताबिक पकड़े गए लोगों में साहिल शेख, योगेश साहू, अमन साहू, मयंक यादव, जानी यादव, समीर ठाकुर और एक अपचारी बालक शामिल है। जांच में पुलिस को खरीदी और बिक्री, दोनों से जुड़े लोगों की भूमिका मिलने की बात सामने आई है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि नशीली गोलियां किन लोगों से खरीदी जाती थीं और भिलाई में किन-किन जगहों पर इनकी सप्लाई की जाती थी। दूसरे राज्यों से लाकर भिलाई में खपाने का आरोप दुर्ग के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शोभराज अग्रवाल ने बताया कि पुलिस को नशीली दवाओं की खरीदी-बिक्री की सूचना मिली थी। इसके बाद टीम ने कार्रवाई की। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी दूसरे राज्यों से नशीली दवाएं लाकर भिलाई के अलग-अलग इलाकों में खपाते थे। पुलिस अब इनके पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटा रही है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों के मोबाइल फोन भी जांच में अहम हो सकते हैं। इनसे खरीदारों, सप्लायरों और दवा की बिक्री से जुड़े संपर्कों की जानकारी मिलने की संभावना है। इसी वजह से आठ मोबाइल फोन को जब्त कर उनकी जांच की जा रही है। नाबालिग की मौजूदगी ने बढ़ाई चिंता इस पूरे मामले में एक नाबालिग के पकड़े जाने से पुलिस के सामने एक और चिंता खड़ी हुई है। नशीली दवाओं के कारोबार में कम उम्र के लोगों के शामिल होने से यह सवाल भी उठ रहा है कि इस तरह की दवाओं की पहुंच युवाओं तक किस तरह हो रही है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर सप्लाई की पूरी कड़ी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। अल्प्राजोलम सामान्य दवा नहीं अल्प्राजोलम चिकित्सकीय इस्तेमाल में आने वाली दवा है, लेकिन इसके गलत इस्तेमाल को लेकर सरकारी एजेंसियां पहले भी चिंता जता चुकी हैं। नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो की रिपोर्ट में अल्प्राजोलम का दुरुपयोग किए जाने वाली दवाओं में उल्लेख किया गया है। लंबे समय तक या गलत तरीके से इस्तेमाल करने पर इससे निर्भरता की समस्या हो सकती है। मेडिकल दुकानों पर भी होगी कार्रवाई एएसपी शोभराज अग्रवाल ने बताया कि नशीली दवाओं की बिक्री रोकने के लिए पुलिस विशेष अभियान चलाएगी। शहर में संचालित मेडिकल दुकानों की जांच कर यह देखा जाएगा कि कहीं नियमों को दरकिनार कर ऐसी दवाओं की बिक्री तो नहीं हो रही है। पुलिस का कहना है कि नशीली दवाओं की अवैध बिक्री और सप्लाई करने वालों के खिलाफ आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। सुपेला पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस अधिनियम के तहत कार्रवाई की है। आरोपियों को न्यायालय के सामने पेश किया गया है।
महराजगंज पुलिस ने गुम और चोरी हुए 110 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत करीब 27 लाख रुपये है। पुलिस ने सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल और सर्विलांस तकनीक की मदद से इन्हें खोजा। बुधवार को सभी मोबाइल उनके असली मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस के मुताबिक, पिछले छह महीने में सर्विलांस सेल और जिले के थानों ने कुल 628 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इनकी कुल अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 78 लाख रुपये है। इन सभी मोबाइलों को भी उनके मालिकों तक पहुंचाया गया है। जुड़ी तकनीकी जानकारी जुटाई सर्विलांस सेल की टीम ने मोबाइलों को ट्रैक करने के लिए IMEI आधारित ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण और CEIR पोर्टल जैसे आधुनिक तरीकों का इस्तेमाल किया। अलग-अलग मामलों में मिली शिकायतों पर कार्रवाई करते हुए मोबाइलों की लोकेशन और इस्तेमाल से जुड़ी तकनीकी जानकारी जुटाई गई। इसके बाद उन्हें बरामद कर मालिकों को सौंपा गया। बुधवार को अपने मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ दिखी। मोबाइल मालिकों ने महराजगंज पुलिस और पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी का आभार जताया। लोगों की संपत्ति सुरक्षित रखने में मदद इस मौके पर पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने सर्विलांस सेल की टीम की तारीफ की। उन्होंने कहा कि जनता की छोटी से छोटी समस्या को तुरंत हल करना पुलिस की प्राथमिकता है। एसपी ने बताया कि आज के समय में तकनीक आधारित पुलिसिंग की अहम भूमिका है। CEIR जैसे प्लेटफॉर्म के सही इस्तेमाल से लोगों की संपत्ति सुरक्षित रखने में मदद मिल रही है। एसपी ने लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर उसे ब्लॉक कराएं। साथ ही, नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि मोबाइल को ट्रैक करके बरामद किया जा सके।
कोरबा के पाली-तानाखार विधायक और गोंडवाना गणतंत्र पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम को साइबर ठगों ने निशाना बनाया है। उनका मोबाइल हैक कर वाट्सऐप नंबर से परिचितों, कार्यकर्ताओं और पार्टी पदाधिकारियों को पैसे मांगने के मैसेज भेज रहे हैं। मैसेज में 76 हजार रुपए की अर्जेंट जरूरत बताई जा रही है। जानकारी के मुताबिक, विधायक मरकाम के पास पार्सल से जुड़ा कॉल आया था। इस पर बातचीत के कुछ देर बाद उनका मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद उनके वाट्सऐप नंबर से लोगों को लगातार मैसेज भेजे जाने लगे। इनमें तत्काल 76 हजार रुपए की जरूरत बताकर पैसे मांगे जा रहे थे। कई लोगों को लगा कि विधायक को वास्तव में पैसों की जरूरत है। वहीं, कुछ जागरूक शुभचिंतकों ने विधायक को सीधे फोन कर इसकी जानकारी दी। इसके बाद पता चला कि उनका मोबाइल हैक हो चुका है और उनके नंबर से फर्जी मैसेज भेजे जा रहे हैं। विधायक ने सोशल मीडिया पर किया अलर्ट मामले की जानकारी मिलते ही विधायक तुलेश्वर हीरासिंह मरकाम ने शुभचिंतकों, पार्टी पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और आम लोगों को अलर्ट किया। उन्होंने सोशल मीडिया और फोन के जरिए बताया कि उनका नंबर हैक हो गया है। उन्होंने लोगों से पैसे मांगने वाले किसी भी मैसेज पर भरोसा नहीं करने की अपील की। कहा- मुझे पैसों की जरूरत नहीं विधायक ने साफ किया कि उन्हें किसी भी तरह के पैसों की जरूरत नहीं है। उन्होंने कहा कि वाट्सऐप से पैसे मांगने वाले मैसेज हैकर्स की ओर से भेजे जा रहे हैं। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह के झांसे में नहीं आने की अपील की। पुलिस ने साइबर सेल को भेजा मामला विधायक ने मामले की सूचना पाली थाना प्रभारी को दी है। पाली थाना प्रभारी मनोज कौशिक ने बताया कि विधायक ने मोबाइल हैक होने की जानकारी दी है। मामले को साइबर सेल के पास भेजा गया है। पुलिस की ओर से आगे की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कहा- पैसे भेजने से पहले करें पुष्टि इस तरह के साइबर ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। अब जनप्रतिनिधियों के नंबर से भी पैसे मांगने के मामले सामने आ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी परिचित के नंबर से पैसे मांगने का मैसेज आए तो पहले संबंधित व्यक्ति को फोन कर इसकी पुष्टि करें। इसके बाद ही कोई रकम भेजें।
तरनतारन जिले में खालड़ा थाना पुलिस ने दो लोगों को दो पिस्टल, दो मोबाइल फोन, एक जिंदा कारतूस और एक खाली खोल के साथ पकड़ा है। पुलिस ने उनके पास से एक मोटरसाइकिल भी बरामद की है। दोनों के खिलाफ थाना खालड़ा में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। थाना खालड़ा के एएसआई गुरनाम सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई बीती रात की गई। पुलिस पार्टी गांव कलसिया की डिफेंस ड्रेन पर पेट्रोलिंग कर रही थी। वहां एक खुले मोर्चे के अंदर एक मोटरसाइकिल खड़ी थी, जिसके पास दो लोग खड़े थे। पुलिस को देखकर वे भागने लगे, लेकिन पुलिस ने उन्हें पकड़ लिया। तलाशी लेने पर उनके पास से एक पीले रंग का पैकेट मिला। इस पैकेट में दो पिस्टल, दो मोबाइल फोन, एक जिंदा राउंड और एक खाली खोल था। पुलिस ने मौके से उनकी मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली। पूछताछ में आरोपियों ने अपना नाम सुखदेव सिंह निवासी कामल वाला खुर्द, फिरोजपुर और लखविंदर सिंह निवासी जैमल वाला खुर्द, फिरोजपुर बताया।
जिला पुलिस की ओर से गुम हुए मोबाइल फोन की बरामदगी के लिए विशेष अभियान चलाए जा रहा है। जिसके तहत सवाईमाधोपुर पुलिस ने तकनीकी सहायता से विभिन्न कंपनियों के करीब 35 लाख रुपए कीमत के 207 गुमशुदा एंड्रॉयड और स्मार्टफोन बरामद किए हैं। जिन्हें मंगलवार शाम को एसपी जेष्ठा मैत्रेयी ने उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया। इस दौरान गुम हुए मोबाइल पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे। मोबाइल ट्रैस करने में तीन माह का समय लगा साइबर सेल और पुलिस की विशेष टीम पिछले करीब 3 महीने से गुम मोबाइल फोन को तकनीकी माध्यम से ट्रैक करने में जुटी थी। अभियान के दौरान अलग-अलग स्थानों पर सक्रिय हुए मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी जुटाकर उनका पता लगाया गया। कुल 207 मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस के अनुसार बरामद मोबाइल फोन की कुल बाजार कीमत करीब 35 लाख रुपए आंकी गई है। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने और मोबाइल फोन की पहचान के बाद उन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द किया गया। लंबे समय बाद अपना खोया मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों के चेहरों पर खुशी नजर आई। उन्होंने सवाई माधोपुर पुलिस की कार्रवाई के लिए आभार जताया। अच्छा काम करने पर पुलिसकर्मी होंगे पुरस्कृत एसपी ज्येष्ठा मैत्रेयी ने अभियान में शामिल जिला साइबर सेल के अधिकारी-कर्मचारियों और सहयोगी पुलिसकर्मियों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया- अभियान में उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत किया जाएगा। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें। इसके साथ ही ई-मित्र के माध्यम से ऑनलाइन शिकायत दर्ज कर मोबाइल को ब्लॉक करवाएं। मोबाइल के दोबारा नेटवर्क पर सक्रिय होने पर तकनीकी माध्यम से उसकी तलाश कर पुलिस उसे वास्तविक मालिक तक पहुंचाने की कार्रवाई कर सकती है।
बांका जिले के रजौन थाना क्षेत्र में मंगलवार देर शाम रजौन पुलिस ने दुष्कर्म मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों के घर इश्तहार चिपकाकर उन्हें न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने की चेतावनी दी। पुलिस ने कठौन गांव निवासी बिट्टू कुमार और चकमहमूद गांव निवासी मुन्ना कुमार के घर पहुंचकर यह कार्रवाई की। दोनों आरोपी दुष्कर्म के मामले में लंबे समय से फरार बताए जा रहे हैं। ढोल-नगाड़े बजाकर सार्वजनिक जगहों पर भी चिपकाया थानाध्यक्ष अभय शंकर के नेतृत्व में एसआई किरण सोनी, एसआई शुभम कुमार, संतोष कुमार सहित पुलिस बल ने दोनों आरोपियों के घर के अलावा आसपास के सार्वजनिक स्थानों, पोल और सामुदायिक भवन आदि पर भी इश्तहार चिपकाया। पुलिस ने नियमानुसार सार्वजनिक रूप से ढोल-नगाड़े बजाकर इश्तहार चिपकाने की कार्रवाई पूरी की। ढोल-नगाड़े की आवाज सुनकर मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। इस दौरान पुलिस ने ग्रामीणों को भी कार्रवाई की जानकारी दी। मोबाइल लोकेशन से भी तलाश, लगातार ठिकाना बदल रहे पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपियों के खिलाफ दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद से वे फरार चल रहे हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों की तलाश में उनके मोबाइल लोकेशन के आधार पर भी गिरफ्तारी का प्रयास किया, लेकिन दोनों लगातार अपना ठिकाना बदलकर पुलिस को चकमा दे रहे हैं। आत्मसमर्पण नहीं किया तो कुर्की-जब्ती होगी थानाध्यक्ष अभय शंकर ने बताया कि न्यायालय के निर्देश के तहत दोनों आरोपियों के घर इश्तहार चिपकाया गया है। इश्तहार के माध्यम से आरोपियों को निर्धारित समय-सीमा के भीतर न्यायालय के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया गया है। यदि दोनों आरोपी तय समय-सीमा के भीतर आत्मसमर्पण नहीं करते हैं तो न्यायालय के आदेश के अनुसार उनकी चल-अचल संपत्ति की कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने कहा कि फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी अभियान आगे भी जारी रहेगा।
परवेज के पुराने संपर्क अब पुलिस की जांच का अहम आधार बन गए हैं। पुलिस उसके मोबाइल, बैंक खातों, संपर्कों और ड्रग्स से जुड़े लोगों के बारे में जानकारी जुटा रही है।
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है… ------------ मंगलवार का ''बात खरी है'' भी देखें… नितिन नवीन के स्वागत में बुलडोजर और धक्का परेड: UP बंटवारे को मुद्दा बना रहे राजभर, टेंशन में गुलदस्ते वाले IPS हर रोज सुबह 6 बजे दैनिक भास्कर एप पर बात खरी है देखना न भूलें…
अब श्रमिकों के पास खुद पहुंचेगी दिल्ली सरकार, चार मोबाइल सेवा वैन शुरू; मिलेंगी कई सुविधाएं
दिल्ली सरकार ने 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत श्रमिकों को सरकारी योजनाओं का लाभ उनके घर तक पहुंचाने के लिए चार मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र शुरू किए हैं।
मोबाइल फोन पर घंटों बिताना, जंक फूड की आदत और शारीरिक गतिविधि कम होना किशोरियों की सेहत पर भारी पड़ रहा है।
Gorakhpur News: स्टेशन पर यात्रियों के मोबाइल चोरी के दो आरोपी गिरफ्तार
Two accused arrested for stealing passengers' mobile phones at the station.
Maharajganj News: जार्डन का दूसरा मोबाइल भी खोलेगा राज, जांच के लिए चंडीगढ़ लैब भेजा गया
Jordan's second mobile phone to reveal secrets; sent to Chandigarh lab for examination.
Mathura News: पुलिस से बचने को मोबाइल भी इस्तेमाल नहीं कर रहे अवनीश के हत्यारे
मथुरासमाचार
Bhadohi News: ज्यादा मोबाइल चलाने की आदत युवाओं की याददाश्त को कर रहा कमजोर
The habit of using mobile phones excessively is weakening the memory of the youth.
फिरोजपुर पुलिस ने चोरी, स्नैचिंग और गुम हुए 120 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को लौटा दिए हैं। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखी। कई लोगों ने बताया कि यह फोन उनके लिए सिर्फ एक डिवाइस नहीं, बल्कि उससे जुड़ी यादों के कारण खास था। मोबाइल वापस लेने पहुंची कर्मपाल कौर भावुक हो गईं। उन्होंने बताया कि यह मोबाइल उनके भाई ने खरीदा था, लेकिन अब उनका भाई इस दुनिया में नहीं है। भाई की याद से जुड़ा होने के कारण यह फोन उनके लिए बेहद खास था। मोबाइल वापस मिलने के बाद उन्होंने कहा कि अब वह इसे अपने भाई की याद के तौर पर संभालकर रखेंगी।बेटी ने तोहफे में दिया था फोन, हो गया था चोरी एक अन्य व्यक्ति ने बताया कि उसने बहुत मेहनत से यह मोबाइल खरीदा था, लेकिन चोरी होने के बाद उसे वापस मिलने की उम्मीद कम थी। वहीं, एक महिला ने कहा कि उसकी बेटी ने उसे यह फोन तोहफे में दिया था। मोबाइल चोरी होने के बाद जब पुलिस ने उसे बरामद कर वापस किया, तो उसकी खुशी का ठिकाना नहीं रहा। एसएसपी फिरोजपुर भूपेंद्र सिंह सिद्धू ने जानकारी दी कि पुलिस चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन को ट्रेस करने के लिए लगातार कार्रवाई कर रही है। इसी अभियान के तहत 120 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं, जिन्हें उनके असली मालिकों को लौटा दिया गया है।
मोतिहारी एसपी स्वर्ण प्रभात के निर्देश पर जिले में सूखा नशा के खिलाफ लगातार अभियान चल रहा है। एसपी ने सभी थाना प्रभारियों को स्मैकर्स के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कार्रवाई करने का निर्देश दिया है। इसका असर दिख रहा है और सभी थानों द्वारा लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी कड़ी में शिकारगंज थाना प्रभारी गोपाल कुमार को जानकारी मिली। उन्हें बताया गया कि टोल प्लाजा के पास कुछ स्मैकर्स नशा करते हैं। वे आने-जाने वाले राहगीरों से मोबाइल और चेन छीनते हैं। छीना गया एक मोबाइल बरामद हुआ इस सूचना पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई की। टोल प्लाजा के पास छापेमारी कर तीन स्मैकर्स को गिरफ्तार किया गया। गिरफ्तार स्मैकर्स की पहचान शशिभूषण सोनी (19), दुर्गा पासवान (20) और अनिल पासवान (21) के रूप में हुई है। ये तीनों शिकारगंज थाना क्षेत्र के सिरौना गांव के रहने वाले हैं। उनकी तलाशी लेने पर उनके पास से 19 सितंबर को छीना गया एक मोबाइल बरामद हुआ। नशे से दूर रहने की अपील की गई पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर कोर्ट भेज दिया है। उनके पास से छीना हुआ मोबाइल और घटना में इस्तेमाल की गई एक मोटरसाइकिल भी जब्त की गई है। थाना प्रभारी गोपाल कुमार ने बताया कि ऐसी कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि सूखा नशा करने वालों के खिलाफ सख्त एक्शन लिया जाएगा। किसी को भी नहीं बख्शा जाएगा। एसपी स्वर्ण प्रभात ने जानकारी दी कि जिले में सूखा नशा के खिलाफ विशेष अभियान चल रहा है। युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की गई है। पुलिस लगातार गश्त और छापेमारी कर रही है।
लखनऊ में सीढ़ी लगाकर घर में घुसा चोर:दो मोबाइल चोरी, सीसीटीवी में पूरी घटना कैद
लखनऊ के ठाकुरगंज इलाके में मंगलवार तड़के चोर सीढ़ी लगाकर घर में दाखिल हुआ और दो मोबाइल फोन चोरी कर भाग निकला। घटना के समय घर में पत्नी और पिता सो रहे थे। सुबह घर के बाहर सीढ़ी लगी देखकर स्थानीय लोगों ने परिवार को घटना की जानकारी दी। न्यू हैदरगंज रीफा कॉलोनी गुलशन नगर निवासी मोहम्मद शकील ने पुलिस को बताया कि मंगलवार सुबह करीब 3:30 बजे चोर सीढ़ी के सहारे उनके घर में दाखिल हुआ। कुछ देर बाद वह सामान चोरी कर गेट के रास्ते बाहर निकल गया। शकील के मुताबिक चोर घर से दो मोबाइल फोन ले गया। पीड़ित ने मंगलवार शाम ठाकुरगंज पुलिस को तहरीर देने के साथ ही घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी उपलब्ध कराई। थाना प्रभारी ओमवीर सिंह चौहान ने बताया कि सीसीटीवी फुटेज के जरिए चोर की पहचान की जा रही है।
पानीपत में मोबाइल शॉप से लाखों के मोबाइल चोरी:छत तोड़कर अंदर घुसे चोर; इलेक्ट्रॉनिक सामान भी ले गए
पानीपत में इसराना के बलाना रोड पर एक मोबाइल दुकान में चोरी की वारदात हुई है। चोरों ने दुकान की छत फाड़कर लाखों रुपए के 4 नए मोबाइल फोन और इलेक्ट्रॉनिक सामान चुरा लिया। यह घटना 21 सितंबर की रात की बताई जा रही है। दुकान मालिक नरेश पुत्र करण सिंह, जो गोहाना के वार्ड नंबर 21 गौतम नगर के रहने वाले हैं, ने बताया कि वह रोज शाम को दुकान बंद करके अपने घर गोहाना चले जाते हैं। 21 सितंबर की सुबह जब उन्होंने दुकान खोली तो छत में बड़ा छेद देखकर हैरान रह गए। सामान चेक करने पर चोरी का पता चला। मोबाइल और इलेक्ट्रॉनिक सामान भी गायब चोर दुकान से चार नए मोबाइल फोन जिनकी कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है, और कुछ नया इलेक्ट्रॉनिक सामान ले गए। नरेश ने पुलिस को बताया कि करीब एक साल पहले भी इसी तरह उनकी दुकान में चोरी हुई थी। पीड़ित ने इसराना थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच की और अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है।
अररिया में सोशल मीडिया पर अवैध हथियार लहराने और हवाई फायरिंग करने का वीडियो वायरल करना एक युवक को महंगा पड़ गया। वीडियो सामने आने के बाद अररिया आरएस थाना पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर घटना में इस्तेमाल किया गया एक लोहे का देसी कट्टा और मोटोरोला कंपनी का मोबाइल फोन भी जब्त किया है। गिरफ्तार युवक की पहचान 19 वर्षीय कृष्ण कुमार के रूप में हुई है। वह संजय साह का बेटा और कदवा वार्ड संख्या-09, अररिया आरएस थाना क्षेत्र का रहने वाला है। तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया एसडीपीओ सुशील कुमार ने मंगलवार को अपने कार्यालय में मामले की जानकारी देते हुए बताया कि सोमवार को आरएस थाना पुलिस को सोशल मीडिया पर एक वीडियो मिला था। इस वीडियो में एक युवक खुलेआम हथियार लहराते हुए हवाई फायरिंग करता दिखाई दे रहा था। पुलिस ने वीडियो की जांच कराई, जिसके बाद उसमें दिख रहे युवक की पहचान कृष्ण कुमार के रूप में हुई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधिकारियों को इसकी सूचना दी गई और तुरंत कार्रवाई करते हुए युवक को हिरासत में लिया गया। अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान युवक की निशानदेही पर देसी कट्टा और वीडियो से संबंधित मोटोरोला कंपनी का मोबाइल फोन जब्त किया गया। अररिया आरएस थाना में आर्म्स एक्ट के तहत एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस ने बताया कि कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद गिरफ्तार युवक को अदालत के आदेश पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब मामले से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच कर रही है और वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में आरएस थानाध्यक्ष अंकुर, दारोगा अखिलेश कुमार व सौदागर कुमार, हवलदार ओम प्रकाश शर्मा, सिपाही रोहित कुमार, चंदन कुमार व सोनाली कुमारी तथा चौकीदार तनवीर आलम, असरफ और विष्णुदेव पासवान शामिल रहे।
देवास पुलिस ने साइबर ठगी के आरोप में सात लोगों को गिरफ्तार किया है। औद्योगिक क्षेत्र पुलिस के अनुसार, आरोपी दूसरे लोगों के नाम पर जारी सिम का इस्तेमाल कर लोन, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सस्ते मोबाइल-लैपटॉप बेचने के नाम पर ठगी करते थे। पुलिस की शुरुआती जांच में छह मामलों में करीब 10 लाख रुपए की ठगी सामने आई है। साइबर पुलिस मुख्यालय भोपाल से मिली छह शिकायतों की जांच के दौरान संदिग्ध मोबाइल नंबरों की पड़ताल की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी अपने और दूसरे लोगों के नाम से सिम लेते थे और उन्हें साथियों को देते थे। इन सिम का इस्तेमाल लोन दिलाने, ऑनलाइन ट्रेडिंग और सस्ते मोबाइल-लैपटॉप बेचने के नाम पर ठगी में किया जाता था। पुलिस के अनुसार, अजय परमार ने अपने नाम की छह सिम का इस्तेमाल लोन दिलाने के नाम पर ठगी के लिए किया। नितिन बामनिया ने अपने नाम की दो सिम और दूसरे लोगों की सिम विशाल को दीं। विशाल ने ये सिम राजकुमार तक पहुंचाईं। पुलिस के मुताबिक, राजकुमार और उसके साथियों ने ऑनलाइन ट्रेडिंग के नाम पर लोगों से ठगी की। एक अन्य नेटवर्क में पुलिस के अनुसार, अजय बागवान ने अपने नाम की पांच-छह सिम और दूसरे लोगों की सिम अभिषेक कुमावत को दीं। अभिषेक ने अंकित कुमावत के साथ मिलकर इंस्टाग्राम पर फर्जी आईडी बनाई। पुलिस के मुताबिक, इसके जरिए सस्ते मोबाइल और लैपटॉप बेचने का झांसा देकर ठगी की गई। दिल्ली में पहले 398 सिम जब्त पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि दिल्ली साइबर क्राइम पुलिस पहले 398 सिम जब्त कर चुकी है। पुलिस के अनुसार, ये सिम इसी नेटवर्क से जुड़े लोगों के कब्जे से मिली थीं। इस संबंध में 2025 में आईजीआई एयरपोर्ट थाना, दिल्ली में केस दर्ज किया गया था। देवास पुलिस अब नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की जांच कर रही है। मोबाइल, सिम और दस्तावेज जब्त आरोपियों से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन, सिम कार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए गए हैं। पुलिस आरोपियों को रिमांड पर लेकर अन्य संभावित वारदातों और नेटवर्क से जुड़े लोगों के बारे में पूछताछ कर रही है।
फर्जी आईपीएस अधिकारी बनकर आम लोगों को प्रभावित करने, डराने-धमकाने और ठगी करने वाले एक शातिर अपराधी को औरंगाबाद के नगर थाना की पुलिस ने गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार युवक विकास कुमार गयाजी जिले के टेकारी थानाक्षेत्र अंतर्गत अर्कढिबरिया गांव का रहने वाला है। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। पुलिस ने उसके खिलाफ नगर थाना में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। नगर थानाध्यक्ष बबन बैठा ने बताया कि 21 सितंबर को नगर थानाध्यक्ष को सूचना मिली कि जसोइया मोड़ के पास एक व्यक्ति नशे की हालत में खुद को प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी बताकर आम लोगों को प्रभावित कर रहा है। सूचना मिलने के बाद नगर थाना की पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और उक्त व्यक्ति को पुलिस अभिरक्षा में लिया। पुलिस को खुद को ट्रेनी आईपीएस अफसर बताया, दावे पर हुआ शक पूछताछ के दौरान उसने अपना नाम विकास कुमार बताया और खुद को प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी बताते हुए अपनी पहचान बताने की कोशिश की। पुलिस को उसके दावे पर संदेह हुआ। इसके बाद उसके बताए गृह जिले गया के संबंधित थाना से संपर्क कर उसके बारे में सत्यापन कराया गया। सत्यापन में स्पष्ट हुआ कि विकास कुमार कोई आईपीएस अधिकारी नहीं है। पुलिस के अनुसार वह कथित तौर पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को प्रभावित करने और अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करने का प्रयास करता रहा है। मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए उसके साथ रहे दो लोगों को गिरफ्तार किया था।साथ ही उसकी स्कॉर्पियो गाड़ी को कुटुंबा थानाक्षेत्र के एरका चेकपोस्ट समीप से बरामद किया गया था। जबकि विकास पुलिस को चकमा देकर फरार हो गया था। अधिकारियों के नाम का इस्तेमाल करने का आरोप पुलिस की जांच में उसके पूर्व के मामलों की भी जानकारी सामने आई। पुलिस के अनुसार विकास कुमार ने पूर्व में वर्ष 2023 में खुद को पटना के तत्कालीन एसएसपी राजीव कुमार मिश्रा बताकर जहानाबाद रेल थाना को ट्रेन को बम से उड़ाने की सूचना दी थी। इस मामले में जहानाबाद रेल थाना कांड संख्या 56/23 दर्ज होने की बात पुलिस ने बताई है। इसके अलावा गया के मुफस्सिल थाना में भी उसके खिलाफ मामला दर्ज है। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार कांड संख्या 664/26 तथा नगर थाना औरंगाबाद में कांड संख्या 598/26 और 597/26 दर्ज हैं। पुलिस के मुताबिक वह अधिकारियों का नाम लेकर लोगों पर प्रभाव डालने की कोशिश करता था। फर्जी आईपीएस बनकर लोगों को डराने और अपनी पहचान का गलत इस्तेमाल करने के आरोप में पुलिस ने उसके खिलाफ कार्रवाई की है। गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेजने की तैयारी नगर थानाध्यक्ष औरंगाबाद द्वारा किए गए गहन अवलोकन के बाद विकास कुमार के खिलाफ फर्जी आईपीएस बनकर जालसाजी करने के आरोपों की पुष्टि होने की बात पुलिस ने कही है। इसके बाद उसे विधिवत गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार पूछताछ के दौरान उसने अपने अपराध को स्वीकार किया है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। उसके पास से एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है, जिसकी जांच भी की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि उसने फर्जी अधिकारी बनकर किन-किन लोगों से संपर्क किया और इस तरीके से किसी अन्य व्यक्ति को भी ठगी या धमकी का शिकार बनाया है या नहीं। पुलिस रिकॉर्ड में उसके खिलाफ दर्ज मामलों में भारतीय न्याय संहिता और अन्य संबंधित कानूनों की धाराओं का उल्लेख है। जहानाबाद रेल थाना के पुराने मामले में भी उसके खिलाफ कार्रवाई दर्ज है। फर्जी आईपीएस बनकर पुलिस को ही बनाया मोहरा आरोपी विकास ने खुद को पलामू का प्रशिक्षु आईपीएस अधिकारी बताकर औरंगाबाद पुलिस को झांसा में ले लिया था। आरोपी ने नगर थाना के सरकारी मोबाइल पर व्हाट्सऐप कॉल कर रमेश चौक के पास गबन के मामले में छापेमारी की बात कही और गश्ती पदाधिकारी का मोबाइल नंबर मांगा था। व्हाट्सऐप की डीपी में पुलिस की वर्दी वाली तस्वीर लगी होने के कारण पुलिसकर्मियों को तत्काल संदेह नहीं हुआ। इसके बाद कथित आईपीएस ने पुलिसकर्मियों को निर्देश देना शुरू कर दिया। सफेद स्कॉर्पियो से जसोइया मोड़ स्थित सीमेंट फैक्ट्री के पास पहुंचकर खीरा लदे पिकअप चालक को पकड़ने और दो युवकों को फ्रॉड के आरोप में हिरासत में लेने की सूचना दी गई। हवलदार शिव कुमार सिंह को भी स्कॉर्पियो में बैठा लिया गया। मामला तब संदिग्ध हुआ, जब कथित आईपीएस के मोबाइल पर पुलिस ने संपर्क किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। हवलदार से संपर्क करने पर बताया कि उसका मोबाइल भी ले लिया गया है। इसके बाद पुलिस ने स्कॉर्पियो की तलाश शुरू की। लारा हीरो शोरूम के पास हवलदार और दो युवकों को बरामद किया गया। दोनों युवकों की पहचान सुनील कुमार रवि और आलोक कुमार के रूप में हुई। पिकअप चालक लक्ष्मी प्रसाद ने आरोप लगाया कि स्कॉर्पियो में बैठे व्यक्ति ने खुद को एसपी बताया और पिकअप में चोरी का माल होने की बात कहकर उससे पैसे मांगे। पुलिस को स्कॉर्पियो का नंबर BR01PG 0877 मिला। एरका चेकपोस्ट पर वाहन को रोककर चालक पिंटू कुमार को हिरासत में लिया गया था। पूछताछ में खुला फर्जी आईपीएस का राज, दो गिरफ्तार; मुख्य आरोपी फरार स्कॉर्पियो चालक पिंटू कुमार से पूछताछ के बाद पुलिस को फर्जी आईपीएस बनकर पुलिस को गुमराह करने वाले मुख्य आरोपी की पहचान का पता चला। पुलिस के अनुसार पिंटू ने बताया कि डाल्टेनगंज के कुंदन कुमार ने उसे एक फर्जी एसपी को औरंगाबाद ले जाने के लिए कहा था। इसके बदले अच्छी कमाई का लालच दिया गया था। पुलिस के अनुसार विकास के साथ औरंगाबाद के सिमरा थाना क्षेत्र के पड़रिया निवासी संजय यादव भी बॉडीगार्ड के रूप में था। विकास और संजय को पड़रिया में छोड़ने के बाद पिंटू डाल्टेनगंज लौट रहा था, तभी अंबा चेकपोस्ट पर पकड़ा गया। बाद में पुलिस टीम पिंटू को लेकर डाल्टेनगंज पहुंची और उसके सहयोग से कुंदन कुमार को गिरफ्तार किया। पुलिस के अनुसार कुंदन ने पूछताछ में बताया कि वह पहले भी विकास को पुलिस के रूप में रोहतास और भभुआ ले जा चुका है। पुलिस ने स्कॉर्पियो, मोबाइल फोन, फर्जी आईकार्ड और अन्य दस्तावेज जब्त किए हैं। मामले में विकास कुमार, पिंटू कुमार, संजय यादव, कुंदन कुमार और पटना निवासी संजय कुमार मिश्रा को आरोपी बनाया गया था।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन पर शुरू किए गए ‘सेवा संकल्प अभियान’ के तहत दिल्ली सरकार ने श्रमिकों और कामगारों तक सरकारी सेवाएं सीधे पहुंचाने की पहल की है। मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने मंगलवार को दिल्ली सचिवालय से चार ‘मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र वैन’ को हरी झंडी दिखाई। मुख्यमंत्री ने कहा कि दिल्ली के निर्माण और विकास में श्रमिकों की महत्वपूर्ण भूमिका है। सरकार की जिम्मेदारी है कि दिन-रात मेहनत करने वाले श्रमिकों तक योजनाओं और सुविधाओं का लाभ आसानी से पहुंचे। मोबाइल नमो श्रमिक सेवा केंद्र चलती-फिरती सुविधा इकाई के तौर पर काम करेंगे। इनके जरिए श्रमिकों को उनके क्षेत्र में ही श्रमिक पंजीकरण और नवीनीकरण की सुविधा मिलेगी। इसके अलावा सरकारी योजनाओं की जानकारी, जरूरी दस्तावेजों से जुड़ी सहायता, डिजिटल सेवाओं तक पहुंच और विभिन्न सरकारी सुविधाओं व लाभों के लिए मार्गदर्शन भी दिया जाएगा। इस पहल का उद्देश्य श्रमिकों को सरकारी सेवाओं के लिए बार-बार कार्यालयों के चक्कर लगाने से राहत देना है। वैन अलग-अलग क्षेत्रों में पहुंचकर जरूरतमंद श्रमिकों को मौके पर ही सेवाओं और योजनाओं से जोड़ने का काम करेंगी।
रांची के धुर्वा थाना क्षेत्र में हड़िया दुकान पर हुए मामूली विवाद ने खूनी रूप ले लिया, जहां ऑटो चालक शोभनाथ राय की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। मोबाइल लेने अकेले लौटने पर आरोपियों ने उन पर जानलेवा हमला किया, जिसके बाद अस्पताल में उन्हें मृत घोषित कर दिया गया।
गया जंक्शन पर RPF-GRP की संयुक्त कार्रवाई, यात्रियों से मोबाइल चोरी करते दो अपराधी गिरफ्तार
22 सितंबर, मंगलवार: गया जंक्शन पर RPF और GRP के संयुक्त अभियान में यात्रियों से मोबाइल चोरी करते दो अपराधियों को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपियों को पकड़ा गया।
बठिंडा में ई-रिक्शा ड्राइवर को सवारी बनकर लूटने वाले 3 बदमाशों को पुलिस ने आज गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने पहले बस स्टैंड से ई-रिक्शा किराए पर लिया। इसके बाद ड्राइवर को मानसा रोड स्थित 400 एकड़ इंडस्ट्रियल एरिया की तरफ ले गए। सुनसान जगह पहुंचते ही ड्राइवर पर रॉड और तेजधार हथियारों से हमला कर दिया। आरोपियों ने ड्राइवर का पर्स, मोबाइल और अन्य सामान छीन लिया। उन्होंने ई-रिक्शा भी ले जाने की कोशिश की, लेकिन ड्राइवर के शोर मचाने पर आरोपी फरार हो गए। पुलिस ने CCTV फुटेज और टेक्निकल जांच के आधार पर तीनों को पकड़ लिया। उनके कब्जे से ई-रिक्शा, कैश, मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया है। बस स्टैंड से बैठी सवारी, रास्ते में रची लूट की साजिशगिरफ्तार आरोपियों की पहचान हरप्रीत सिंह निवासी बाबा दीप सिंह नगर, सतवंत सिंह निवासी बलराज नगर और गुरप्रीत सिंह निवासी बाबा दीप सिंह नगर बठिंडा के रूप में हुई है। गुरप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह ने बस स्टैंड से ई-रिक्शा को 400 एकड़ इंडस्ट्रियल एरिया जाने के लिए किराए पर लिया था। रास्ते में दोनों ने ड्राइवर बिशन सिंह को सुनसान जगह पर ई-रिक्शा रोकने के लिए कहा। इसके बाद उनका साथी सतवंत सिंह भी वहां पहुंच गया। रॉड से सिर पर वार, 10-12 टांके लगेआरोपियों ने ड्राइवर को पकड़कर उसके सिर, हाथ और टांगों पर हमला किया। आरोपियों ने उसका पर्स और मोबाइल छीन लिया। पर्स में करीब 3,500 रुपए, पहचान पत्र और अन्य दस्तावेज थे। हमले में ड्राइवर गंभीर रूप से घायल हो गया। सिर पर चोट लगने के कारण उसे 10 से 12 टांके लगे। ड्राइवर के शोर मचाने पर आरोपी मौके से भाग निकले। राहगीरों ने 112 पर सूचना दी, जिसके बाद PCR टीम ने घायल को अस्पताल पहुंचाया। CCTV से खुला राज, पहले से दर्ज हैं केसडीएसपी देहाती एचएस सरां ने बताया कि थाना सदर बठिंडा और PCR टीम ने CCTV फुटेज व टेक्निकल फॉलोअप के जरिए आरोपियों की पहचान की। तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस के अनुसार, आरोपियों पर पहले भी मामले दर्ज हैं। अब उन्हें अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड लिया जाएगा।
अलीगढ़: 38 घंटे बाद टूटी राजू की जिद, रिश्तेदार पार्षद के समझाने पर मोबाइल टावर से उतरा
अलीगढ़ में नौकरी बहाली की मांग को लेकर क्वार्सी चौराहे के मोबाइल टावर पर चढ़ा बर्खास्त रोडवेज चालक राजू सैनी 38 घंटे बाद रिश्तेदार पार्षद हरीश सैनी के समझाने पर नीचे उतरा, छठवीं बार टावर पर चढ़ा था।
कटनी में ऑटो चालकों की मनमानी किराया वसूली का मामला सामने आया है। मंगलवार सुबह मुड़वारा रेलवे स्टेशन से शहडोल बाईपास जाने के लिए ऑटो में बैठे दो यात्रियों से करीब 5 किमी के सफर के बदले 1500 रुपए वसूल लिए गए। यात्रियों का आरोप है कि ऑटो चालक ने तय 60 रुपए किराए के बजाय 1500 रुपए मांगे और पैसे नहीं देने पर मोबाइल छीनने व मारपीट की धमकी दी। पहले 30 रुपए प्रति यात्री किराया तय किया यात्री राजकुमार सिंह ने बताया कि वे साथी विजय के साथ बांदकपुर से ट्रेन से मुड़वारा स्टेशन पहुंचे थे। यहां से शहडोल जाना था। स्टेशन के बाहर शहडोल बाईपास जाने के लिए एक ऑटो चालक से बात की। चालक ने 30 रुपए प्रति व्यक्ति के हिसाब से 60 रुपए किराया बताया और दोनों को ऑटो में बैठा लिया। रास्ते में अचानक मांगे 1500 रुपए यात्रियों के अनुसार, ऑटो चालक शहडोल बाईपास ले जाने के बजाय रपटा पेट्रोल पंप के पास रुक गया। इसके बाद उसने अचानक 1500 रुपए की मांग कर दी। यात्रियों ने तय किराया 60 रुपए देने की बात कही तो चालक कथित तौर पर धमकी देने लगा। मोबाइल छीनने और मारपीट की धमकी राजकुमार के मुताबिक, चालक ने कहा कि अगर तुरंत 1500 रुपए नहीं दिए तो वह मोबाइल छीन लेगा और मारपीट करेगा। सूनसान जगह और अनजान शहर होने के कारण दोनों यात्री डर गए। उन्होंने मजबूरी में चालक को 1500 रुपए दे दिए। पेट्रोल पंप के पास छोड़कर भागा पैसे लेने के बाद चालक दोनों यात्रियों को रपटा पेट्रोल पंप के पास ही छोड़कर भाग गया। यात्रियों ने बताया कि आगे की यात्रा समय पर पूरी करने की जल्दबाजी और विवाद से बचने के कारण उन्होंने पुलिस में शिकायत नहीं की। स्टेशन के बाहर निगरानी की मांग स्थानीय लोगों का कहना है कि रेलवे स्टेशन के बाहर बाहरी यात्रियों से मनमाना किराया वसूलने की शिकायतें सामने आती रहती हैं। उनका कहना है कि ऑटो किराया तय करने और नियमित जांच की व्यवस्था से यात्रियों को ऐसी परेशानी से बचाया जा सकता है। हालांकि, इस मामले में पीड़ितों की ओर से पुलिस शिकायत नहीं की गई है।
छोटे शहर के अनोखे आकर्षण और देसी ह्यूमर से दर्शकों का दिल जीतने वाली बहुचर्चित वेब सीरीज 'दुपहिया' (Dupahiya Season 2) अपने दूसरे सीजन के साथ वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। प्राइम वीडियो पर रिलीज हुए इसके धमाकेदार ट्रेलर ने एक बार फिर काल्पनिक गांव 'धड़कपुर' की अनोखी और गोलमटोल दुनिया में हलचल मचा दी है। कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त (Crime-Free) गांव माना जाने वाला धड़कपुर अब एक नई मुसीबत के मुहाने पर खड़ा है। इस बार गांव के पूर्व सरपंच बनवारी झा की बंजर जमीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर पूरे गांव में अफवाहों, अंधविश्वास, और भयंकर अफरा-तफरी का कारण बन जाता है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का ट्रेलर: धड़कपुर में क्या होता है? धड़कपुर कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त गाँव माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। 'दुपहिया' का ट्रेलर बनवारी और उसके परिवार की वापसी दिखाता है, जो एक बार फिर नई मुश्किलों में फँस गए हैं। इस बार, बनवारी की बंजर ज़मीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर अफ़वाहों, अंधविश्वास और अफ़रा-तफ़री का केंद्र बन जाता है। इस बीच, रोशनी अपने SSC एग्ज़ाम की तैयारी में व्यस्त है और अमावस उसके साथ है। एक के बाद एक आती मुश्किलों के बीच, बड़ा सवाल यह है कि क्या धड़कपुर हालात को काबू में रख पाएगा। नया सीज़न छोटे शहर के उस आकर्षण और अनोखे ह्यूमर को बनाए रखने का वादा करता है जिसने पहले सीज़न को लोकप्रिय बनाया था, साथ ही किरदारों को नई स्थितियों में ले जाता है। गजराज राव, रेणुका शहाणे और स्पर्श श्रीवास्तव ने 'दुपहिया' सीज़न 2 के बारे में बात की डायरेक्टर सोनम नायर ने कहा कि पहले सीज़न को मिले रिस्पॉन्स ने इसकी वापसी को और भी खास बना दिया है। उन्होंने कहा, 'दुपहिया' मेरे दिल के बहुत करीब है, और जब से हमने दर्शकों के सामने पहला सीज़न पेश किया है, तब से यह एक रोमांचक सफ़र रहा है। दर्शकों ने पहले सीज़न के लिए जो प्यार दिखाया है और इसके आस-पास जो फ़ैन-बेस बना है, वह बहुत उत्साह बढ़ाने वाला रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि दूसरे सीज़न को भी उतना ही उत्साह मिलेगा। प्राइम वीडियो ने हमेशा क्रिएटर्स और नई, असली और अनोखी कहानियाँ सुनाने के उनके जुनून का समर्थन किया है। इस कास्ट और क्रू के साथ दोबारा काम करना बहुत संतोषजनक रहा है, जिन्होंने इस बार सच में बेहतरीन काम किया है। बनवारी झा का किरदार निभाने वाले गजराज राव ने कहा कि शो की छोटे शहर वाली सेटिंग उन चीज़ों में से एक है जो इसे हर जगह के दर्शकों से जोड़ती है। “'दुपहिया' मेरे पसंदीदा प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है। इस सीरीज़ की खासियत यह है कि भले ही इसकी कहानी एक छोटे से, पारंपरिक गाँव में सेट है, लेकिन इसके किरदार, उनके रिश्ते और उनकी रोज़मर्रा की मुश्किलें हर किसी को अपनी-अपनी सी लगती हैं-चाहे आप किसी छोटे शहर में रहते हों, बड़े मेट्रो शहर में या भारत के बाहर। सीज़न 2 में और भी ज़्यादा उथल-पुथल और सरप्राइज़ देखने को मिलेंगे, और साथ ही वही अपनापन और मज़ा भी होगा जिससे दर्शक पहले सीज़न में जुड़ पाए थे। मुझे बेसब्री से इंतज़ार है कि 1 अक्टूबर को जब 'दुपहिया' का सीज़न 2 प्राइम वीडियो पर रिलीज़ होगा, तो सब लोग धड़कपुर वापस आएँगे,” उन्होंने कहा। पुष्पलता के रोल में वापसी कर रहीं रेणुका शहाणे ने भी सीरीज़ में लौटने के बारे में बात की। “पहले सीज़न का अनुभव बहुत शानदार रहा था, इसलिए पुष्पलता के तौर पर 'दुपहिया' में वापसी का मुझे बेसब्री से इंतज़ार था। इस सीरीज़ की जो बात मुझे पसंद है, वह यह है कि यह आम पलों में भी मज़ा ढूँढ लेती है और साथ ही किरदारों को ज़मीन से जुड़ा और असली बनाए रखती है। सीज़न 2 में नई चुनौतियाँ और दाँव-पेच देखने को मिलेंगे, लेकिन धड़कपुर की असली जान-वहाँ के लोग और उनका अनोखापन- वैसे ही बरकरार है।” भूगोल का रोल निभाने वाले स्पर्श श्रीवास्तव ने कहा कि नए सीज़न में उन्हें अपने किरदार के और भी कई पहलू जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा “भूगोल उन किरदारों से अलग है जो मैंने अब तक निभाए हैं। ऊपर से देखने पर वह सीधा-सादा लग सकता है, लेकिन उसमें उससे कहीं ज़्यादा गहराई है। उसका रोल निभाते हुए मुझे उन छोटी-छोटी बारीकियों और विरोधाभासों को खोजने में मज़ा आता है जो उसे अनप्रेडिक्टेबल बनाते हैं। नए सीज़न ने मुझे उन सीमाओं को और आगे ले जाने का मौका दिया, और यह मेरे करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा है।” 'दुपहिया' सीज़न 2 कब रिलीज़ हो रहा है? सोनम नायर द्वारा निर्देशित, 'दुपहिया' का दूसरा सीज़न वहीं से शुरू होता है जहाँ पहला चैप्टर खत्म हुआ था। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी ने बॉम्बे फिल्म कार्टेल एलएलपी के तहत इस सीरीज़ को बनाया और प्रोड्यूस किया है। अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग ने इस शो को बनाया और लिखा है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का प्रीमियर 1 अक्टूबर, 2026 को प्राइम वीडियो पर होगा। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi
Hidden Apps: क्या आपके बच्चों या पार्टनर ने आपके फ़ोन में ऐप्स छिपाए हैं? मिनटों में ऐसे करें सर्च
pc; security.org अपने मोबाइल फ़ोन पर किसी ऐप को छिपाना कई तरह से फ़ायदेमंद हो सकता है। इससे आप ज़रूरी और कुछ प्राइवेट ऐप्स को दूसरों की नज़रों से छिपा सकते हैं। हालाँकि, यह फ़ीचर काम का तो है, लेकिन कुछ मामलों में यह कई दिक्कतों को न्योता दे सकता है। अगर आप पेरेंट हैं, तो यह फ़ीचर आपके लिए सिरदर्द बन सकता है। क्योंकि अक्सर छोटे बच्चे इस फ़ीचर का इस्तेमाल करके अपने पेरेंट्स की जानकारी के बिना कुछ ऐप्स छिपा लेते हैं और उन्हें बिना पेरेंट्स की जानकारी के इस्तेमाल करते हैं। कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जो उनके लिए खतरनाक हो सकते हैं। अगर आपको शक है कि आपके बच्चे आपकी जानकारी के बिना कुछ छिपे हुए ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए यह पता लगाने में काम आ सकती है। इसके लिए दो तरीके इस्तेमाल किए जा सकते हैं… एक है ऐप स्टोर का इस्तेमाल करना और दूसरा है फ़ोन की सेटिंग्स का इस्तेमाल करना। आइए इसके बारे में स्टेप बाय स्टेप जानते हैं। Google Play Store पर जाएँ और ऑप्शन चुनें फ़ोन में छिपे हुए ऐप्स को खोजने का पहला तरीका है Google Play Store पर जाकर सर्च करना। अगर कोई ऐप ऐप ड्रॉअर या होम स्क्रीन से छिपा भी है, तो भी वह इस प्लैटफ़ॉर्म पर दिखेगा अगर उसे साइडलोड नहीं किया गया है। ऐसा करने के लिए, अपने Android स्मार्टफोन पर Google Play Store खोलें। ऊपर दाएं कोने में अपनी प्रोफ़ाइल पर क्लिक करें। उसके बाद, Manage apps and devices ऑप्शन पर क्लिक करें। फिर Manage टैब पर क्लिक करें। पक्का करें कि आपने सबसे ऊपर ‘Device’ चुना हो। iPhone के लिए यह तरीका इस्तेमाल करें अगर आपके पास iPhone है, तो आपका तरीका थोड़ा अलग होगा। इसके लिए, सबसे पहले App Store पर जाएं और स्क्रीन के दाईं ओर प्रोफ़ाइल फ़ोटो पर क्लिक करें। यहां, Your Apps ऑप्शन चुनें। यहां आपको अपने मोबाइल पर डाउनलोड किए गए सभी ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। लेकिन ध्यान रखें कि App Store पर, सिर्फ़ वही ऐप्स आपके फ़ोन पर अभी इंस्टॉल हैं जिनमें ‘Open’ बटन है। जिनमें ‘Download’ बटन है, उन्हें अनइंस्टॉल माना जाता है। सेटिंग्स में जाएं और ये स्टेप्स फ़ॉलो करें ऑफिशियल ऐप स्टोर के अलावा, अपने फ़ोन पर छिपे हुए ऐप्स ढूंढने का एक आसान तरीका सेटिंग्स में ऐप लिस्ट देखना है। यह आपको आपके डिवाइस पर अभी इंस्टॉल किए गए सभी ऐप्स दिखाएगा, यहां तक कि वे भी जो जानबूझकर छिपाए गए हैं। हालांकि, ये ऑप्शन स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं। अगर आपके पास Google Pixel या Motorola फ़ोन है, तो उसकी सेटिंग्स खोलें। यहां, Apps ऑप्शन पर जाएं और सबसे ऊपर See All ऑप्शन चुनें। अगर आपके पास Samsung फ़ोन है, तो सेटिंग्स में जाएं और Apps ऑप्शन चुनें और फिर फ़िल्टर आइकन पर क्लिक करके Installed by You जैसे ऑप्शन पर क्लिक करें। यहां आपको डाउनलोड किए गए ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। iOS पर, आपके छिपे हुए ऐप्स तुरंत ‘Apps’ पेज पर नहीं दिखेंगे। इसके बजाय, वे ‘Hidden Apps’ मेन्यू में छिपे रहते हैं। ये ऐप्स ‘App Library’ के अंदर ‘Hidden Apps’ फ़ोल्डर में भी मिल सकते हैं। हालांकि, इन ऐप्स को खोलने के लिए आपको Face ID या पासकोड की ज़रूरत होगी।
कविता और साहित्य की हर हलचल आपके मोबाइल पर, जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से
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16 सितंबर, बुधवार: शिवपुरी के पिछोर क्षेत्र के गूगरी गांव में शराबबंदी की मांग को लेकर कुछ महिलाएं मोबाइल टॉवर पर चढ़ गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे नीचे उतर आईं।
हिंदी अब सिर्फ किताबों, अखबारों और दफ्तरों की भाषा नहीं रही।
बेगूसराय में राज्यरानी एक्सप्रेस में मोबाइल छिनतई, विरोध पर अधिवक्ता ट्रेन से गिरकर घायल
11 सितंबर, शुक्रवार, बेगूसराय: चकिया थाना क्षेत्र में राजेंद्र पुल के पास राज्यरानी एक्सप्रेस में बदमाश ने अधिवक्ता से मोबाइल झपटने की कोशिश की। विरोध के दौरान हाथापाई में दोनों ट्रेन से गिर गए। बदमाश 16 हजार का मोबाइल लेकर फरार हो गया और अधिवक्ता घायल हो गए।
सिंगरौली में पत्नी के लापता होने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, आश्वासन के बाद सुरक्षित उतरा
10 सितंबर, गुरुवार: सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र में पत्नी के लापता होने से परेशान 28 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई घंटे समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

