आजमगढ़ जिले के सदर अस्पताल में अपने पति के साथ इलाज कराने आई गर्भवती महिला के रहस्यमय परिस्थितियों में लापता होने का मामला सामने आया है। इस घटना से पूरे परिवार में हड़कंप मच गया है पीड़ित पति की तहरीर पर शहर कोतवाली में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अस्पताल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज की तलाश कर रही है जिससे कि महिला का कुछ पता चल सके। पति के साथ आई थी अस्पतालआजमगढ़ जिले के थाना मेहनगर क्षेत्र के निवासी युवक अपनी 21 वर्षीय गर्भवती पत्नी दिखाने के लिए मंगलवार को सुबह करीब 11:15 बजे महिला सदर अस्पताल आया था। इसी दौरान वह शौचालय जाने के लिए कुछ समय के लिए बाहर गया जब वह वापस लौटा तो उसकी पत्नी मौके पर मौजूद नहीं थी। पति द्वारा अस्पताल परिसर और आसपास काफी खोजबीन की गई, लेकिन पत्नी का कोई सुराग नहीं मिल सका। बताया गया कि पत्नी का मोबाइल फोन भी उसी के पास था। जिससे संपर्क नहीं हो सका इस घटना के बाद से पति बेहद परेशान है और उसे पत्नी के साथ किसी अप्रिय घटना की आशंका सता रही है। पीड़ित ने पुलिस को सूचना देते हुए आशंका जताई है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने उसकी पत्नी को बहला-फुसलाकर भगा लिया है। कोतवाली पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए सुसंगत धाराओं में एफआईआर दर्ज कर ली है। पुलिस का कहना है कि अस्पताल परिसर के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं और महिला की तलाश के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है और परिजनों से भी पूछताछ की जा रही है। हालांकि गायब महिला का अभी तक कहीं पता नहीं चल पाया है।
सहारनपुर में मोबाइल झपटमारी के तीन आरोपी अरेस्ट:मोबाइल बरामद, दो का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड
सहारनपुर में मोबाइल झपटमारी की बढ़ती घटनाओं पर अंकुश लगाते हुए गुरुवार शाम थाना सदर बाजार पुलिस ने तीन आरोपियों को अरेस्ट किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से झपटे गए वीवो कंपनी का एक मोबाइल फोन भी बरामद किया। गिरफ्तार किए गए दो आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। यह कार्रवाई बीते कल 28 जनवरी को हुई एक झपटमारी की घटना के संबंध में की गई है। बेहट रोड मित्तर नर्सरी निवासी अशिता पुत्री राजेंद्र ने सदर बाजार थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि जब वह बेहट अड्डे से कमिश्नर कार्यालय की ओर जा रही थीं, तब कमिश्नर आवास के सामने अज्ञात व्यक्तियों ने उनके हाथ से वीवो मोबाइल फोन छीन लिया था। एसएसपी के निर्देश पर थाना सदर बाजार प्रभारी निरीक्षक कपिल देव के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने विनोद विहार के पास एक खाली मैदान से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान रामनगर, थाना कोतवाली देहात निवासी बंटी पुत्र अतर सिंह, गुरदेश पुत्र हरपाल और टीनू उर्फ सुनील पुत्र हरिराम के रूप में हुई है। तीनों को कानूनी कार्रवाई के बाद कोर्ट में पेश किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार, आरोपी बंटी के खिलाफ चोरी, धोखाधड़ी, जालसाजी और आयुध अधिनियम से संबंधित कई पुराने मामले दर्ज हैं। गुरदेश भी पहले चोरी और संबंधित धाराओं में कई बार गिरफ्तार हो चुका है। टीनू उर्फ सुनील की भूमिका भी इस वारदात में सक्रिय पाई गई है। गिरफ्तारी करने वाली टीम में उपनिरीक्षक जयवीर सिंह, हेड कांस्टेबल विजय कुमार, सुमित तोमर, प्रवीण त्यागी और कांस्टेबल सुनील कुमार शामिल थे। पुलिस अब इन आरोपियों से अन्य झपटमारी की घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ कर रही है।
प्रयागराज मंडल रेलवे ने यात्रियों की सुविधा बढ़ाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। मंडल रेल प्रबंधक रजनीश अग्रवाल के नेतृत्व में प्रयागराज जंक्शन, कानपुर सेंट्रल, गोविंदपुरी, प्रयागराज छिवकी, मिर्जापुर, सुबेदारगंज, फतेहपुर, इटावा, टूंडला और अलीगढ़ जैसे 10 प्रमुख स्टेशनों पर कुल 124 मोबाइल चार्जिंग कियोस्क लगाए जाएंगे। दो तस्वीरें देखिए… वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक/कोचिंग हरिमोहन के मार्गदर्शन में यह परियोजना शुरू हो रही है। डिजिटल और बैकलिट विज्ञापनों वाले इन कियोस्क की आपूर्ति, स्थापना, संचालन और रखरखाव के लिए 5 साल (13 मार्च 2026 से 12 मार्च 2031) का अनुबंध दिया गया है। इससे रेलवे को सालाना 23.50 लाख रुपये और कुल 1.25 करोड़ रुपये का राजस्व मिलेगा। यात्रियों को अब स्टेशनों पर आसानी से मोबाइल चार्जिंग मिलेगी, साथ ही विज्ञापनों से स्टेशन परिसर आधुनिक और सुंदर बनेंगे। रेल प्रशासन का कहना है कि यह कदम यात्रियों की सुविधा, स्टेशनों के आधुनिकीकरण और गैर-किराया आय बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण है। संबंधित विभागों को समयबद्ध क्रियान्वयन के निर्देश दिए गए हैं।
कोडरमा में गुरुवार की शाम 72 दिनों से लापता युवक का शव बरामद किया गया। घटना चंदवारा थाना क्षेत्र अंतर्गत पिपराडीह रेलवे स्टेशन मार्ग की है। शव की पहचान मोबाइल फोन और कपड़े से मृतकों के परिजनों ने की। मृतक की पहचान दर्शील बर्णवाल उर्फ सोनू के रूप में की गई है। दर्शील की शादी तय हो चुकी थी और विवाह से 10 दिन पहले 19 नवंबर से वो लापता था। काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गयासूचना मिलने पर चंदवारा थाना प्रभारी शशि भूषण कुमार अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। तकनीकी शाखा की टीम को भी मौके पर बुलाया गया। ग्रामीणों की मदद से काफी मशक्कत के बाद शव को कुएं से बाहर निकाला गया। शव बाहर आते ही मौके पर सैकड़ों लोगों की भीड़ जमा हो गई। इस दौरान 19 नवंबर से लापता दर्शील बर्णवाल उर्फ सोनू के परिजन भी पहुंचे। इधर, पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। हत्या कर शव को कुएं में फेंकने का आरोपशव पूरी तरह से सड़ गल चुका था। इधर, मृतक के मामा अशोक बर्णवाल का कहना है कि दर्शील की हत्या कर शव को कुएं में फेंक दिया गया है। उन्होंने पुलिस से गुजारिश की है कि इस मामले को आत्महत्या का रूप न दिया जाए और उचित जांच करते हुए जो भी दोषी हो उसपर कड़ी से कड़ी कार्रवाई की जाए।
माध्यमिक शिक्षा मंडल की 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं को लेकर गुरुवार को सागर कलेक्टर संदीप जीआर ने अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने सख्त निर्देश दिए कि परीक्षा केंद्रों के अंदर मोबाइल समेत सभी इलेक्ट्रॉनिक डिवाइस पूर्णतः प्रतिबंधित रहेंगे। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखी जाएगी। जिले में कुल 142 परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं, जहां 58 हजार से अधिक परीक्षार्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा के सुचारू संचालन के लिए जिला पंचायत सीईओ विवेक केवी को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी अरविंद जैन ने बताया कि जिले में कुल 58,880 परीक्षार्थी शामिल होंगे। इनमें हाई स्कूल (10वीं) के 33,998 और हायर सेकेंडरी (12वीं) के 24,882 छात्र-छात्राएं हैं। सभी 142 परीक्षा केंद्रों पर केंद्राध्यक्ष, सहायक केंद्राध्यक्ष और पर्यवेक्षकों को भी मंडल के निर्देशों का पालन करते हुए अपने-अपने मोबाइल परीक्षा शुरू होने से पहले केंद्र पर जमा कराने होंगे। 2 सेंटर अति संवेदनशील, पुलिस अभिरक्षा में बंटेंगे पेपर जिले में दो अति संवेदनशील परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इनमें 'शासकीय पंडित रविशंकर शुक्ल कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय' और 'महारानी लक्ष्मीबाई सांदीपनि विद्यालय क्रमांक-1' (सागर) शामिल हैं। यहां विशेष ऑब्जर्वर तैनात किए गए हैं। कलेक्टर ने निर्देश दिए कि प्रश्न पत्र और गोपनीय सामग्री का वितरण पुलिस अभिरक्षा में किया जाए। समन्वय संस्था में 24 घंटे पुलिस गार्ड तैनात रहेंगे। उड़न दस्ता रखेगा नजर, कंट्रोल रूम बनेंगे कलेक्टर ने निर्देश दिए कि परीक्षा के दौरान उड़न दस्ता लगातार निरीक्षण करे। कहीं कोई गड़बड़ी होने पर तत्काल सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। इसके अलावा जिला और विकासखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित करने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में संभागीय अधिकारी (माशिमं) आर.एस. दाहिमा, समन्वय संस्था के प्राचार्य सुधीर तिवारी, शैलेंद्र जाट समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
रायपुर सेंट्रल जेल में कैदी युवक के गर्लफ्रेंड से मुलाकात का वीडियो सामने आया है। मुलाकात कक्ष में बॉयफ्रेंड से मिलने पहुंची लड़की ने यह वीडियो बनाया है। वीडियो को लड़की ने सोशल मीडिया पेज पर अपलोड कर दिया, जो अब वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में लड़की कहती है कि 'आज मेरे जान का जन्मदिन है। मैं उससे मिलने सेंट्रल जेल आई हूं। तकलीफ तो बहुत होती है कि वो मेरे साथ नहीं है। उसके जन्मदिन पर मैं उसके पास नहीं हूं। पर मिलने आई हूं, देखती हूं उसका रिएक्शन कैसा होता है। दरअसल, मुलाकात कक्ष में मोबाइल ले जाना बैन है। इसके बावजूद लड़की वहां मोबाइल कैसे ले गई? इस पर सवाल उठ रहे हैं। वहीं जेल प्रबंधन की ओर से इस मामले को लेकर अब तक कोई बयान सामने नहीं आया है। पहले देखिए ये तस्वीरें- जन्मदिन था, गर्लफ्रेंड मिलने पहुंची जानकारी के मुताबिक कैदी का नाम तारकेश्वर बताया जा रहा है। तारकेश्वर किस मामले में जेल में बंद है? इसकी ऑफिशियल जानकारी अब तक सामने नहीं आई है। चर्चा है कि वह NDPS (नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सब्सटेंसेस) मामले में जेल में बंद है। बताया जा रहा है कि युवक का जन्मदिन था, इसी वजह से उसकी गर्लफ्रेंड मिलने गई थी। मुलाकाती कक्ष में दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई और इसी दौरान युवती ने वीडियो बनाया। मुलाकात का वीडियो सोशल मीडिया पर डाला लड़की ने पहले जेल के बाहर पहले वीडियो बनाया फिर जेल के अंदर मिलने पहुंची थी। लड़की ने इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो भी बनाया और इसे सोशल मीडिया पर अपलोड किया। वायरल होने के बाद चर्चा में आया मामला वायरल वीडियो कब का है इसकी जानकारी नहीं है। हालांकि, लड़की ने अपने पेज पर एक और वीडियो अपलोड किया है। वीडियो में खुदा गवाह फिल्म का गाना ‘तू ना जा मेरे बादशाह’ गाने एडिट करके लगाया गया है। ये वीडियो सोशल मीडिया में जमकर वायरल हुआ, जिसके बाद मामला चर्चा में आ गया। इस संबंध में जेल प्रबंधन ने मीडिया से दूरी बना ली है। जेल प्रबंधन की सुरक्षा व्यवस्था पर उठ रहे सवाल इस वीडियो के सामने आने के बाद जेल सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, जेल के मुलाकाती कक्ष में मोबाइल ले जाना प्रतिबंधित है। इसके बावजूद युवती मोबाइल लेकर अंदर कैसे पहुंची? क्या प्रवेश के समय जांच नहीं हुई, या फिर जांच के बावजूद मोबाइल अंदर चला गया? अब यही सवाल सोशल मीडिया पर लोग उठा रहे हैं। सेंट्रल जेल में पहले भी कैदियों के वीडियो वायरल हुए बता दें कि यह पहली बार नहीं है जब रायपुर सेंट्रल जेल के कैदी का वीडियो वायरल हुआ है। इससे पहले भी जेल के अंदर से कसरत करते हुए कैदी का वीडियो वायरल हो चुका है। जेल प्रबंधन ने जांच कराने का दावा किया था, लेकिन इस बारे में अधिकृत जानकारी नहीं दी गई। ………………….. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… रायपुर जेल में कैदी ने जिम करते VIDEO बनाया: दोस्तों संग सेल्फी ली, गैंगस्टर अमन साव भी करा चुका है फोटोशूट; अष्टकोण अधिकारी सस्पेंड छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर के सेंट्रल जेल में बंद आरोपी का जिम करते वीडियो वायरल हो रहा है। जेल में अपने साथियों के साथ सेल्फी भी ली है। 3 महीने से जेल में बंद है, लेकिन सोशल मीडिया पर एक्टिव है। वीडियो और फोटोज 13 से 15 अक्टूबर के बीच के बताए जा रहे हैं। पढ़ें पूरी खबर…
फरीदकोट जिले की केंद्रीय मॉडर्न जेल में बंद कैदियों और हवालातियों से मोबाइल फोन बरामद होने का सिलसिला लगातार जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर विभिन्न बैरकों की तलाशी के दौरान 4 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस संबंध में जेल प्रशासन की ओर से पुलिस को शिकायत भेजकर 3 हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया गया है। पुलिस को भेजी गई शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक कर्मजीत सिंह भुल्लर ने बताया कि जेल अधीक्षक के दिशा-निर्देशों पर जेल कर्मचारियों की टीम ने विभिन्न बैरकों का औचक निरीक्षण किया। जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज इस दौरान ब्लॉक नंबर 7 की बैरक नंबर 7 की तलाशी लेने पर वहां बंद हवालाती श्रीगंगानगर (राजस्थान) का त्रिलोक सिंह, गुरदीप सिंह और फाजिल्का का रहने वाला विक्रम सिंह के पास से कुल चार मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस शिकायत के आधार पर पुलिस ने थाना सिटी फरीदकोट में उक्त तीनों हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। नामजद हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाएगी पुलिस इस संबंध में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि अब पुलिस द्वारा नामजद किए गए हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस तरह पहुंचे। यदि जांच के दौरान किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसे भी केस में नामजद कर गिरफ्तार किया जाएगा।
पलवल जिला साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी के एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान मोहदमका गांव के तोहिद के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके कब्जे से ठगी में इस्तेमाल मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। साइबर क्राइम थाना के हवलदार निखिल ने बताया कि उनकी टीम जयंती मोड़ हथीन पर गश्त कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोहदमका निवासी तोहिद फर्जी सिम और बैंक खातों का उपयोग कर लोगों को ठग रहा है। आरोपी तोहिद खुद को रिश्तेदार बताकर या बैंक में पैसे आने के फर्जी मैसेज भेजकर धोखाधड़ी करता था। सूचना के आधार पर पुलिस ने दबोचा सूचना के आधार पर पुलिस ने हथीन बाईपास पर घेराबंदी कर उसे गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के पास से एक स्मार्टफोन मिला। फोन की जांच में संदिग्ध व्हाट्सएप चैटिंग, फर्जी बैंक ट्रांजेक्शन के मैसेज और कई क्यूआर कोड पाए गए। बरामद मोबाइल नंबर की नेशनल साइबर अपराध पोर्टल पर जांच करने पर उसके खिलाफ पहले से ही एक शिकायत दर्ज मिली। गिरोह की तलाश में जुटी टीम तोहिद लोगों को झांसा देने के लिए अपनी असली पहचान छिपाकर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट और सिम कार्ड का इस्तेमाल करता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। साइबर थाना पुलिस अब यह जांच कर रही है कि आरोपी ने अब तक कितने लोगों को ठगा है और इस गिरोह में उसके अन्य साथी कौन-कौन हैं, ताकि उन्हें भी गिरफ्तार किया जा सके।
छत्तीसगढ़ स्टेट पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी (CSPDCL) ने APK फाइल के जरिए हो रही साइबर ठगी को लेकर उपभोक्ताओं को सतर्क किया है। कंपनी के नाम पर व्हाट्सएप के माध्यम से नए बिजली कनेक्शन के लिए डिमांड भुगतान मांगने और एपीके फाइल भेजकर ठगी के मामले सामने आए हैं। पावर कंपनी ने स्पष्ट किया है कि, नए बिजली कनेक्शन या किसी भी प्रकार के भुगतान के लिए वह कभी भी व्हाट्सएप पर एपीके फाइल नहीं भेजती और न ही 10 अंकों वाले मोबाइल नंबर से कोई लिंक या मैसेज भेजती है। ऐसे किसी भी संदेश को डाउनलोड या क्लिक न करने की अपील की गई है। पुलिस में दर्ज कराई गई है शिकायतें कंपनी के कार्यपालक निदेशक (ऊर्जा एवं सूचना प्रौद्योगिकी) वी.के. साय ने बताया कि, कुछ जिलों में उपभोक्ताओं के मोबाइल पर नए कनेक्शन के नाम पर एपीके फाइल भेजी गई। फाइल डाउनलोड करने के बाद उपभोक्ताओं का मोबाइल हैक हो गया। उनके बैंक खातों से पैसे निकाले गए। जिसकी शिकायतें पुलिस में दर्ज कराई गई है। उन्होंने कहा कि, साइबर अपराधी कभी बिजली कनेक्शन काटने तो कभी नया कनेक्शन देने के नाम पर उपभोक्ताओं को ठगने का प्रयास कर रहे हैं। बिजली से संबंधित भुगतान केवल निर्धारित और अधिकृत माध्यमों से ही करें। किसी भी संदिग्ध कॉल या संदेश से सावधान रहें। अधिकारिक कॉल सेंटर पर करें संपर्क पावर कंपनी ने बताया कि, वह संदेश भेजने के लिए केवल CSPDCL-S सेंडर आईडी का इस्तेमाल करती है। भुगतान की सुविधा केवल संबंधित बिजली कार्यालय, एटीपी केंद्र, मोर बिजली ऐप या कंपनी की अधिकृत वेबसाइट पर उपलब्ध है। अधिक जानकारी के लिए उपभोक्ता केंद्रीकृत कॉल सेंटर 1912 या नजदीकी वितरण केंद्र से संपर्क कर सकते हैं।
जेल में 3 मोबाइल सप्लाई करने वाला होमगार्ड गिरफ्तार, 5 हजार रुपए में करता था डिलीवरी
जांच के दौरान सामने आया कि एक अज्ञात जेल के बाहर आया। जिसने आरोपी को टावर पर ड्यूटी के दौरान फोन दिए। फिर तीनों मोबाइल फोन होमगार्ड कर्मचारी विशाल कुमार द्वारा जेल के अंदर फेंके गए थे। जब जेल अधिकारियों ने आरोपी से पूछताछ की तो उसने पहले इस बात से इनकार कर दिया। लेकिन, सख्ती से पूछताछ करने पर उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। आरोपी ने बताया कि उसे एक फोन कॉल आई थी। कॉल करने वाले व्यक्ति ने उससे कहा था कि वह बाहर से फेंके गए सामान को रिसीव कर हवालातियों की बैरक के अंदर फेंक दे। इसके बदले उसे 5 हजार रुपए देने का लालच दिया गया था। आरोपी ने यह भी बताया कि उसे नहीं पता कि फोन पर बात करने वाला व्यक्ति कौन था। जांच अधिकारी ने बताया कि आरोपी के मोबाइल फोन की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसे कॉल करने वाला व्यक्ति कौन था और इसके पीछे कौन सा गिरोह काम कर रहा है। वहीं दूसरी तरफ जेल में दो अन्य कैदियों के पास भी मोबाइल फोन मिलने का मामला सामने आया है। ये मोबाइल करीब एक महीने पहले बरामद किए गए थे। जेल प्रशासन ने अपनी आंतरिक जांच पूरी करने के बाद अब थाना डिवीजन-7 पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने कैदी लव गिल और करनवीर सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज कर लिया है। भास्कर न्यूज|लुधियाना केंद्रीय जेल में सेंधमारी कर कैदियों तक मोबाइल पहुंचाने के मामले में जेल में तैनात एक होमगार्ड कर्मचारी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को किसी अज्ञात ने जेल के बहार से सामान फेंक कर पकड़ाया। जिसके बाद आरोपी ने जेल के अंदर सामान को पहुंचाया। आरोपी की पहचान विशाल कुमार पुत्र प्रेम लाल निवासी जम्मू-कश्मीर के रूप में हुई है। आरोपी के खिलाफ थाना डिवीजन-7 में मामला दर्ज किया गया है। जांच अधिकारी गुरदयाल सिंह ने बताया कि डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल सुरजीत सिंह की शिकायत पर यह केस दर्ज हुआ है। शिकायत के अनुसार आरोपी की ड्यूटी जेल के टावर पर लगी हुई थी। 27 जनवरी की सुबह करीब 7:40 बजे वार्ड-02 की बैरक में बाहर की तरफ से एक सूट फेंका गया था। जब जेल स्टाफ ने सूट की जांच की तो उसके अंदर से तीन मोबाइल फोन बरामद हुए।
भोपाल में डेटिंग ऐप्स के जरिए युवाओं को फंसाने वाले ‘ड्रंकन गर्ल स्कैम’ का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले एक युवा बिजनेसमैन के साथ 41 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया था, अब इसी पैटर्न पर एक और युवक को शिकार बनाया गया है। इस बार न सिर्फ 32 हजार रुपए का बिल थमाया गया, बल्कि भुगतान न कर पाने पर युवक की बाइक तक जब्त कर ली गई। पीड़ित ने इस पूरे घटनाक्रम को लेकर जीआरपी रानी कमलापति थाने में शिकायत दर्ज कराई है। टिंडर पर हुई मुलाकातपीड़ित युवक अनुराग (बदला हुआ नाम) ने बताया कि करीब एक हफ्ते पहले उसकी मुलाकात टिंडर ऐप पर ‘कविता’ नाम की लड़की से हुई थी। बातचीत बेहद सीमित थी, सिर्फ दो-तीन मैसेज के बाद ही लड़की मिलने को तैयार हो गई। युवक को यह सामान्य डेटिंग बातचीत लगी और उसने भी मिलने के लिए हामी भर दी। हालांकि, पहली ही मुलाकात से पहले लड़की ने आने-जाने के नाम पर 500 रुपए मांगने की कोशिश की। उसने एक क्यूआर कोड भेजा, लेकिन वह किसी दूसरी लड़की के नाम का था। इस पर युवक को शक हुआ और उसने पैसे ट्रांसफर नहीं किए। रास्ता कैफे ले गई युवतीइसके बाद दो-तीन दिन तक कोई बातचीत नहीं हुई। युवक को लगा कि मामला खत्म हो गया है, लेकिन 25 जनवरी को लड़की ने खुद फिर से मैसेज कर मिलने का प्रस्ताव रखा। जगह तय हुई बंसल वन। युवक समय पर पहुंचा, जहां लड़की पहले से मौजूद थी। उसने खुद को भोपाल में नया बताया और कहा कि वह कुछ ही दिन पहले शहर आई है। इसके बाद वह युवक को बंसल वन परिसर के अंदर स्थित ‘रास्ता कैफे’ नाम के बार में ले गई। लड़की ने हर कैफे में जाने से किया इनकारयुवक का कहना है कि उसने कई कैफे और रेस्टोरेंट के विकल्प दिए, लेकिन लड़की ने हर जगह को नापसंद किया और सिर्फ उसी बार में जाने पर जोर दिया। जैसे ही वे बार के अंदर पहुंचे, लड़की ने बातचीत शुरू होने से पहले ही महंगी शराब ऑर्डर कर दी। युवक ने बताया कि उसने कई बार मना किया, कीमतें दिखाईं और यहां तक कहा कि पानी भी 110 रुपए का है, लेकिन लड़की ने पहली डेट और “अच्छी जगह” का हवाला देकर उसे बहलाया। बिल पहुंचा 32,888 रुपए तककुछ ही देर में शराब के कई ऑर्डर हो चुके थे और बिल 32,888 रुपए तक पहुंच गया। जब बिल आया तो लड़की ने वॉशरूम जाने की बात कही और वहां से चली गई। इसके बाद वह दोबारा लौटकर नहीं आई। युवक जब उसे ढूंढने लगा, तब तक बार स्टाफ ने उसे घेर लिया और बिल भरने का दबाव बनाने लगे। पीड़ित का आरोप है कि बार कर्मचारियों ने कहा कि यहां बहुत भीड़ है, सभी टेबल बुक हैं और उसे तुरंत भुगतान करना होगा। जब उसने पैसे न होने की बात कही, तो पहले मोबाइल गिरवी रखने की बात की गई। अंत में उसकी पल्सर बाइक जब्त कर ली गई, जो अब भी बार के पास रखी हुई है। रानी कमलापति जीआरपी थाना प्रभारी महेंद्र सिंह सोमवंशी ने कहा कि युवक की शिकायत प्राप्त हुई है। पूरे मामले की जांच की जा रही है। फिलहाल अभी कुछ भी कहना जल्दबाजी होगी। ये खबरें भी पढ़ें… खूबसूरत लड़की, बार में डेटिंग और हजारों का बिल मैं डेटिंग वेबसाइट टिंडर पर एक पार्टनर की तलाश में था, तभी भोपाल की एक लड़की का 'हैलो' मैसेज आया। मैंने जवाब दिया और हमारी चैटिंग शुरू हो गई। हम लोग एक बार में डेट पर गए। वहां उसने मेन्यू मंगाया और महंगे ड्रिंक्स ऑर्डर किए। चंद मिनटों की इस मुलाकात का बिल आया 41 हजार रुपए।पूरी खबर पढ़ें हाउस पार्टी स्कैम; टिकट बिके, होस्ट गायब:'स्ट्रेंजर मीट' का लालच एमपी में एक नए तरह का स्कैम हो रहा है। ‘एक्सक्लूसिव हाउस पार्टी’ के नाम पर युवाओं को फंसाकर उनसे मोटी रकम वसूली जा रही है। इसके लिए सोशल मीडिया पर आकर्षक वीडियो पोस्ट किए जाते हैं। पार्टी में स्ट्रेंजर मीट जैसे लुभावने वादे किए जाते हैं, हकीकत में ऐसी कोई पार्टी ही नहीं होती।पूरी खबर पढ़ें
नीट छात्रा के मोबाइल लोकेशन व ट्रैवल हिस्ट्री पर डीएनए सैंपल ले रही एसआईटी
पुलिस मुख्यालय रोजाना कर रहा केस की समीक्षा नीट छात्रा के साथ दुष्कर्म और हत्या के मामले में एसआईटी ने बुधवार को हॉस्टल संचालक के बेटे समेत नौ लोगों का ब्लड सैंपल डीएनए टेस्ट के लिए लिया। अबतक एसआईटी इस केस की गुत्थी सुलझाने के लिए 25 लोगों का सैंपल ले चुकी है। इनमें उसके माता-पिता, भाई, मामा और करीबी परिजन भी हैं। बेउर जेल में बंद मनीष कुमार रंजन के साथ ही हॉस्टल आने-जाने वाले युवकों का भी सैंपल लिया गया। जब तक किसी की डीएनए फ्रेमिंग उसके कपड़े से मिले स्पर्म के डीएनए से नहीं मिलेगी, एसआईटी सैंपल लेती रहेगी। कितने का सैंपल लेगी, इसको लेकर एसआईटी के पास कोई ठोस जवाब नहीं है। सूत्रों के अनुसार, तीन संदिग्धों को पुलिस ने पूछताछ के लिए उठाया है। पुलिस मुख्यालय में इस केस की रोजाना समीक्षा हो रही है। डीजीपी से लेकर आलाधिकारी एसआईटी से रोज फीडबैक ले रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल : आरोपियों को गिरफ्तार करने के लिए एसआईटी कितने लोगों का सैंपल लेगी? एसआईटी अपनी जांच से क्यों नहीं किसी को गिरफ्तार कर सकी? कब तक एफएसएल रिपोर्ट के इंतजार में रहेगी? अगर किसी का डीएनए नहीं मिला तो एसआईटी क्या करेगी? इन सवालों का जवाब देने की स्थिति में कोई पुलिस अधिकारी नहीं है। कोर्ट के आदेश पर चित्रगुप्तनगर थाने में पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज इस मामले में कोर्ट के आदेश के बाद चित्रगुप्तनगर थाने में पॉक्सो एक्ट की धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया गया है। यह एक्ट के लग जाने के बाद एसआईटी हरेक एंगल पर छानबीन करने में जुटी है। सूत्रों के अनुसार, एसआईटी छात्रा के एक महीने की ट्रैवल हिस्ट्री और डिजिटल हिस्ट्री निकाल कर जांच करने में जुटी है। एसआईटी का सबसे ज्यादा फोकस 26 दिसंबर से लेकर जनवरी तक की डिजिटल हिस्ट्री पर है। 26 दिसंबर से पहले छात्रा के पटना में कहीं जाने या किसी से बात करने के साक्ष्य मिले तो उन लोगों का भी सैंपल लिया जाएगा। सीआईडी की एफएसएल टीम ब्लड सैंपल की जांच करने में जुटी है। डीएनए रिपोर्ट आने में अभी देर लगेगी। वहीं एसआईटी को अभी विसरा रिपोर्ट भी नहीं मिली है, जिससे यह साफ हो जाएगा कि उसकी मौत कैसे हुई? छात्रा 26 दिसंबर को पटना से परिजनों के साथ जहानाबाद गई थी। 5 जनवरी को वह ट्रेन से अकेली लौटी। 6 जनवरी को हॉस्टल में उसकी तबीयत खराब हुई। उसे 6 जनवरी को सहज सर्जरी में एडमिट किया गया। उसी दिन प्रभात अस्पताल और फिर मेदांता अस्तपाल में भर्ती किया गया। मेदांता में 11 जनवरी को इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई।
मोहाली में मोबाइल की दुकान में चोरी:लाखों रुपये के फोन और नकदी ले उड़े चोर; पुलिस जांच में जुटी
मोहाली जिले की जीरकपुर मेन मार्केट में एक मोबाइल दुकान में लाखों रुपये की चोरी हुई है। चोरों ने पटियाला चौक स्थित फ्लाईओवर के नीचे 'हरीश मोबाइल' नामक दुकान का शटर काटकर वारदात को अंजाम दिया। यह घटना पुलिस बीट से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हुई है। चोरों ने दुकान का शटर आयरन कटर से काटा और अंदर प्रवेश किया। उन्होंने दुकान से कई सेकेंड हैंड मोबाइल फोन, मोबाइल एक्सेसरीज और कुछ नकदी चुरा ली। स्थानीय दुकानदारों के अनुसार, चोरों ने बिजली से चलने वाले कटर का उपयोग किया और लगभग एक घंटे तक बेखौफ होकर चोरी की। पुलिस बीट से सिर्फ 100 मिटर दूर चोरी की वारदात चोरी की यह वारदात पटियाला चौक स्थित पुलिस बीट बॉक्स से सिर्फ सौ मीटर की दूरी पर हुई। इतनी कम दूरी के बावजूद चोरों का इतनी देर तक चोरी करना पुलिस की रात्रि गश्त और सतर्कता पर सवाल खड़े करता है। व्यापारियों ने बताया कि मेन मार्केट और हाईवे पर दिन-रात चहल-पहल रहती है, ऐसे में रात के समय ऐसी घटना होना चिंताजनक है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। लगातार हो रही चोरी की घटनाओं से व्यापारी वर्ग में भय का माहौल है। दुकानदारों ने प्रशासन से मेन मार्केट क्षेत्र में रात्रि गश्त बढ़ाने और चोरी की घटनाओं पर जल्द रोक लगाने की मांग की है।
बक्सर शहर के शांतिनगर मोहल्ले में 23 जून 2022 को हुई युवक की निर्मम हत्या के मामले में न्यायालय ने कड़ा और अहम फैसला सुनाया है। अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश (एडीजे-8) सुनील कुमार सिंह की अदालत ने इस बहुचर्चित मामले में आरोपी महिला सीमा देवी को हत्या का दोषी करार देते हुए आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी महिला पर 25 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। अर्थदंड की राशि जमा नहीं करने की स्थिति में अभियुक्त को तीन माह की अतिरिक्त सजा भुगतनी होगी। मोबाइल चोरी के शक में शुरू हुआ था विवाद मामले की जानकारी देते हुए अपर लोक अभियोजक ददन कुमार सिंह ने बताया कि यह घटना 23 जून 2022 की है। शांतिनगर मोहल्ला निवासी रामाश्रय चौहान के पुत्र गुड्डू चौहान पर उसी मोहल्ले की रहने वाली सीमा देवी ने मोबाइल चोरी का आरोप लगाया था। आरोप लगाते ही सीमा देवी आपा खो बैठी और गुड्डू चौहान के साथ लाठी-डंडे से बेरहमी से मारपीट करने लगी। मारपीट इतनी गंभीर थी कि युवक के सिर पर गहरी चोटें आईं और वह मौके पर ही बुरी तरह जख्मी हो गया। अस्पताल पहुंचते ही हुई युवक की मौत घटना के बाद स्थानीय लोगों और परिजनों की मदद से घायल गुड्डू चौहान को तत्काल इलाज के लिए सदर अस्पताल बक्सर ले जाया गया। हालांकि अस्पताल पहुंचते ही चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही इलाके में सनसनी फैल गई। घटना के बाद मृतक के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था और मोहल्ले में भारी आक्रोश देखने को मिला था। पिता की शिकायत पर दर्ज हुई एफआईआर घटना के संबंध में मृतक के पिता रामाश्रय चौहान ने टाउन थाना में लिखित आवेदन देकर सीमा देवी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की और घटनास्थल से जुड़े साक्ष्य, गवाहों के बयान तथा मेडिकल रिपोर्ट को संकलित किया। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने आरोपी महिला के खिलाफ आरोप पत्र न्यायालय में दाखिल किया। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने ठहराया दोषी मुकदमे की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष की ओर से कई गवाहों को प्रस्तुत किया गया। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य भौतिक साक्ष्यों को अदालत के समक्ष रखा गया। अभियोजन पक्ष ने यह स्पष्ट रूप से सिद्ध किया कि सीमा देवी द्वारा की गई लाठी-डंडे से मारपीट के कारण ही गुड्डू चौहान की मौत हुई थी। सभी तथ्यों, साक्ष्यों और गवाहों के बयान पर गंभीरता से विचार करने के बाद अदालत ने आरोपी महिला को हत्या का दोषी करार दिया। फैसले से पीड़ित परिवार को मिला न्याय अदालत के इस फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने राहत की सांस ली और न्याय मिलने की बात कही। वहीं, क्षेत्र में यह स्पष्ट संदेश गया कि कानून को हाथ में लेने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई तय है। यह फैसला समाज के लिए एक कड़ा संदेश भी है कि किसी पर आरोप लगाकर हिंसा करना कानूनन अपराध है और इसके गंभीर परिणाम हो सकते हैं।
नूंह पुलिस ने मारपीट और लूट के आरोपी को पकड़ा:नकदी, मोबाइल और घड़ी बरामद, राजस्थान से किया गिरफ्तार
नूंह जिले में दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर हुई लूटपाट की घटना का खुलासा हुआ है। पुलिस ने मोहम्मद फैज नामक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को बजरंग दल का कार्यकर्ता बताकर यात्रियों से लूट की थी। बता दे कि यह घटना 23 जनवरी की रात फिरोजपुर झिरका थाना क्षेत्र में हुई थी। आरोपी की पहचान राजस्थान के बेला सीकरी के रहने वाले मोहम्मद फैज के रूप में हुई है।पीड़ित राजू और दिलशाद दिल्ली से मध्य प्रदेश जा रहे थे, जब उनकी गाड़ी शमशाबाद टोल प्लाजा के पास खराब हो गई। नकदी, मोबाइल समेत अन्य सामान लूटा इस दौरान उन्होंने मदद के लिए कॉल किया, लेकिन कोई सहायता नहीं मिली।तभी मोहम्मद फैज अपने 4 साथियों के साथ एक बोलेरो कैंपर से वहां पहुंचा। उन्होंने पीड़ितों के साथ मारपीट की और उनसे 17 हजार रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और यूपीआई के माध्यम से 5,000 रुपये जबरन ट्रांसफर करवा लिए। आरोपी ने दी साथियों की जानकारी पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, टोल रिकॉर्ड और तकनीकी जांच के आधार पर कार्रवाई करते हुए फैज को राजस्थान से गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया और अपने फरार साथियों के बारे में भी जानकारी दी। धार्मिक संगठन का नाम बताकर की लूट पुलिस ने आरोपी के पास से लूटा गया मोबाइल, सिम कार्ड, नकदी और एक घड़ी बरामद की है। घटना में इस्तेमाल की गई बोलेरो कैंपर गाड़ी भी जब्त कर ली गई है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि यह एक सुनियोजित लूट थी, जिसमें आरोपी ने धार्मिक संगठन का नाम इस्तेमाल कर यात्रियों को निशाना बनाया।
Ajit Pawar के मोबाइल की आखिरी डायल लिस्ट में भाजपा विधायक था नाम; जाने क्या हुई थी बात ?
मौत से चंद मिनट पहले 'दादा' ने भाजपा विधायक राणाजगजीतसिंह पाटिल को किया था आखिरी फोन। क्या था वो अधूरा वादा और शरद पवार की बिगड़ती सेहत के बीच बारामती में कैसा है माहौल? पढ़ें, अजित पवार के आखिरी कॉल से लेकर उनकी अंतिम यात्रा तक की पूरी भावुक रिपोर्ट।
इंदौर की एरोड्रम थाना पुलिस ने वकालत की प्रैक्टिस करने वाली एक महिला की शिकायत पर पूर्व में वकील देवेंद्र पनसे के खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप में एफआईआर दर्ज की थी। अब पीड़िता ने एक बार फिर उसी मामले में शिकायत दर्ज कराई है। बताया जा रहा है कि आरोपी वकील अलग-अलग मोबाइल नंबरों से मैसेज भेज रहा था और ऑनलाइन गिफ्ट पीड़िता के घर भिजवा रहा था। एरोड्रम थाने पहुंची 35 वर्षीय पीड़िता ने मंगलवार को वकील देवेंद्र पनसे, निवासी रामनारायण नगर के खिलाफ दोबारा परेशान करने की शिकायत की है। पीड़िता का अपने पति से तलाक का मामला पहले चल रहा था, जिसमें देवेंद्र पनसे उनका वकील था। हालांकि, आरोपी की हरकतों से परेशान होकर पीड़िता ने अपना वकील बदल लिया था। देवेंद्र पनसे के खिलाफ 2025 में एरोड्रम थाने में एफआईआर भी दर्ज कराई गई थी, लेकिन इसके बावजूद उसकी हरकतें बंद नहीं हुईं। आरोप है कि देवेंद्र तीन अलग-अलग मोबाइल नंबरों से पीड़िता को लगातार मैसेज भेज रहा था। उसने कई ऑनलाइन पार्सल भी भिजवाए, जिन्हें पीड़िता की मां ने रिसीव किया था। मंगलवार दोपहर को फिर से मैसेज आने पर पीड़िता अपनी मां के साथ थाने पहुंची और दोबारा एफआईआर दर्ज कराई। महिला को घूरने की बात पर पिटाई इधर, कनाड़िया थाना क्षेत्र में भी महिला को घूरने के आरोप में एक युवक के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पुलिस के अनुसार महेश कुमार अहिरवार की शिकायत पर मंगलवार को जितेंद्र, महेश और अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट की एफआईआर दर्ज की गई है। महेश का अरविंदो अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस द्वारा बयान लेने पर उसने बताया कि वह एक शादी समारोह में वेटर का काम कर रहा था। संपत हिल्स में आयोजित शादी कार्यक्रम के दौरान कुछ लोगों ने उस पर महिला को घूरने का आरोप लगाया। महेश द्वारा इनकार करने पर जितेंद्र, महेश और अन्य लोगों ने डंडों और लात-घूंसों से उसकी बुरी तरह पिटाई कर दी, जिससे वह बेहोश हो गया। इसके बाद साथियों ने उसे अरविंदो अस्पताल में भर्ती कराया। फिलहाल पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है। इंदौर की एरोड्रम पुलिस ने वकालात की प्रेक्टिस करने वाली एक महिला की शिकायत पर पूर्व में वकील देवेन्द्र पनसे के खिलाफ छेडछाड को लेकर एफआईआर की थी। दूसरी बार फिर से पीड़िता ने इस मामले में शिकायत की। बताया जाता है कि वकील मोबाइल नंबरो से मैसेज कर ऑनलाइन गिफ्ट घर पर भेज रहा था।एरोड्रम थाने पर एक 35 साल की पीड़िता मंगलवार को पहुंची। उसने वकील देवेन्द्र पनसे निवासी रामनारायण नगर के खिलाफ परेशान करने के खिलाफ शिकायत की है। पीड़िता का अपने पति से पूर्व में तलाक का प्रकरण चल रहा था। इसमें देवेन्द्र वकील थे। लेकिन देवेन्द्र की हरकतो के चलते पीड़िता ने वकील बदल लिया। देवेन्द्र के खिलाफ एरोड्रम थाने में ही 2025 में एफआईआर कराई थी। लेकिन इसके बाद भी देवेन्द्र की हरकते कम नही हुई। इसके बाद भी देवेन्द्र तीन अलग अलग नंबरो से पीड़ता को मैसेज भेज रहा था। उसने ऑनलाइन कई पार्सल भी भेजे। जो पीड़िता की मां ने लिए थे। पीड़िता को मंगलवार दोपहर में फिर से देवेन्द्र पनसे ने मैसेज किए। पीड़िता परेशान होकर अपनी मां के साथ थाने पहुंची ओर मामले में एफआईआर दर्ज कराई है।महिला को घूरने की बात पर पिटाईकनाडिया में भी एक महिला को घूरने की बात पर पिटाई हो गई। पुलिस के मुताबिक महेश कुमार अहिरवार की शिकायत पर मंगलवार को पुलिस ने जितेन्द्र और महेश व अन्य के खिलाफ मारपीट को लेकर एफआईआर की है। महेश का अरिवदों में उपचार चल रहा है। यहां पर पुलिस ने उसके बयान लिए तो उसने बताया कि वह शादी पार्टी में वेटर का काम करता है। संपत हिल्स में शादी का प्रोग्राम था। यहां पर कुछ लोगो ने कहां कि वह महिला को घूर रहा है। इस बात पर उसने इंकार किया। तब जितेन्द्र और महेश के साथ अन्य लोगो ने उसके साथ डंडे ओर लात घूंसो से बुरी तरह से मारपीट की। महेश इस दौरान बेहोश हो गया। बाद में उसे साथियो ने अरविंदो में भर्ती कराया है। फिलहाल पुलिस उक्त मामले में आरोपियो की तलाश कर रही है।
हरियाणा के नूंह जिले में रैपिड एक्शन फोर्स (RAF) की एक प्लाटून ने बुधवार को अभ्यास शुरू किया। अलीगढ़ से पहुंचे इस दंगा निरोधक दस्ते की प्लाटून 28 से 31 जनवरी तक जिले में रहेगी। आरएएफ जवानों की भारी मौजूदगी से झंडा चौक और पल्ला गांव में हलचल देखी गई। अभ्यास के तहत दंगा निरोधक दस्ता ने झंडा चौक और पल्ला गांव में फ्लैग मार्च निकाला। इसके साथ ही, जवानों ने मोबाइल पेट्रोलिंग के जरिए गांव-गांव पहुंचकर ग्रामीणों से सीधा संवाद किया। अचानक हुए इस अभ्यास से स्थानीय लोग आश्चर्यचकित हुए और इलाके में विभिन्न चर्चाएं शुरू हो गईं। जवानों ने ग्रामीणों को शांति, भाईचारे और सद्भाव बनाए रखने का संदेश दिया। उन्होंने लोगों से किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने और सोशल मीडिया पर फैलने वाली भ्रामक खबरों से सतर्क रहने की अपील की। पुलिस प्रवक्ता कृष्ण कुमार ने इस अभ्यास का उद्देश्य स्पष्ट किया। उन्होंने बताया कि इसका मकसद इलाके की स्थिति को समझना, स्थानीय हालात का करीब से आकलन करना और भविष्य में किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से तुरंत निपटने की तैयारी करना है। दंगा निरोधक दस्ते की इस सक्रियता ने एक बार फिर नूंह जिले को सुर्खियों में ला दिया है।देखें फोटो…
शेखपुरा में इंटरमीडिएट परीक्षा के कदाचारमुक्त और सफल संचालन के लिए बुधवार को समाहरणालय स्थित मंथन सभागार में जिला पदाधिकारी शेखर आनंद और पुलिस अधीक्षक बलिराम कुमार चौधरी ने संयुक्त बैठक की। परीक्षा 2 फरवरी से 13 फरवरी तक आयोजित की जाएगी। बैठक में सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा गया। जारी निर्देशों के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा केंद्र पर पब्लिक एड्रेस सिस्टम उपलब्ध कराया जाएगा। वीक्षकों को योगदान के बाद परीक्षा की गोपनीयता और संबंधित निर्देशों से अवगत कराया जाएगा। प्रतिदिन वीक्षकों का रैंडमाइजेशन भी किया जाएगा। कम से कम दो वीक्षक अनिवार्य रूप से रहेंगेप्रत्येक 25 परीक्षार्थियों पर एक वीक्षक की प्रतिनियुक्ति होगी, लेकिन प्रत्येक कक्ष में कम से कम दो वीक्षक अनिवार्य रूप से रहेंगे। एक बेंच पर अधिकतम दो परीक्षार्थियों को बैठाने की अनुमति होगी, जिसके लिए सीटिंग प्लान तैयार किया जाएगा। परीक्षा केंद्रों पर सघन फ्रिस्किंग की व्यवस्था रहेगी ताकि किसी भी परीक्षार्थी के पास मोबाइल, स्मार्टफोन या कोई इलेक्ट्रॉनिक उपकरण न हो। परीक्षार्थियों के बैठने की दूरी कम से कम 3 फीट होनी चाहिए। केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, रोशनी और बैठने की पर्याप्त व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। जूता पहनकर आने की अनुमति नहीं होगीपरीक्षार्थी केवल अपना प्रवेश पत्र लाएंगे और उन्हें जूता/मोजा पहनकर आने की अनुमति नहीं होगी। प्रवेश गेट पर गहन जांच की जाएगी। आवश्यकतानुसार स्थानों पर सीसीटीवी कैमरे लगाए जाएंगे और 500 मीटर की दूरी पर एक फोटोग्राफर नियुक्त किया जाएगा। सभी वीक्षक अपने आवंटित कक्ष में फ्रिस्किंग का कार्य करेंगे। परीक्षा केंद्र के बाहर CCTV निगरानी संबंधी प्लेकार्ड लगाना अनिवार्य होगा। केंद्र के बाहर सीटिंग प्लान और सभी कक्षों का रूट चार्ट प्रदर्शित किया जाएगा। प्रत्येक कक्ष में दीवार घड़ी की व्यवस्था भी सुनिश्चित की जाएगी। परीक्षा प्रारंभ के बाद प्रवेश की अनुमति नहीं होगीप्रथम एवं द्वितीय पाली के परीक्षा समय और प्रवेश समय को परीक्षा केंद्र के बाहर स्पष्ट रूप से अंकित किया जाएगा। परीक्षा प्रारंभ होने के बाद किसी भी परिस्थिति में परीक्षार्थियों को केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। मुख्य द्वार बंद होने के बाद यदि कोई परीक्षार्थी अवैध रूप से प्रवेश का प्रयास करता है, तो इसे आपराधिक अतिक्रमण (क्रिमिनल ट्रेसपास) माना जाएगा। परीक्षार्थी को दो वर्ष के लिए परीक्षा से निष्कासित किया जाएगा तथा प्राथमिकी दर्ज की जाएगी। संबंधित परीक्षा केंद्र के कर्मियों की संलिप्तता पाए जाने पर उनके विरुद्ध निलंबन एवं कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी। सभी केंद्राधीक्षक प्रश्नपत्र वितरण चार्टपालीवार तैयार करेंगे तथा प्रश्नपत्र खोलने संबंधी निर्देशों का पालन करेंगे। कदाचार-मुक्त परीक्षा संचालन की पूर्ण जिम्मेदारी केंद्राधीक्षक एवं वीक्षकों की होगी। सभी केंद्राधीक्षक या विक्षक अपना अपना आईडी कार्ड लगाकर उपस्थित रहेंगे। कदाचार में संलिप्त पाए जाने पर बिहार परीक्षा संचालन अधिनियम, 1981 के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन द्वारा सभी संबंधित पदाधिकारियों को निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने को कहा गया है, ताकि परीक्षा शांतिपूर्ण, पारदर्शी एवं निष्पक्ष वातावरण में संपन्न हो सके।
धमतरी में मंगलवार देर रात युवक पर जानलेवा हमला किया गया। हमलावरों ने लाठी-डंडों से युवक को जमकर पीटा और मोबाइल लूटकर ले गए। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती किया गया है। मामला भखाना थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, पीड़ित का नाम ओंकार साहू है। वह ग्राम जोरातराई का रहने वाला है और चॉइस सेंटर चलाता है। वह रोजाना की तरह मंगलवार देर रात चॉइस सेंटर बंद कर घर लौट रहा था। इसी दौरान ग्राम भेंडसर और सिंगदेही के बीच अज्ञात लोगों ने उन पर हमला कर दिया। हमलावरों ने ओंकार साहू को लाठी-डंडों से बुरी तरह पीटा, जिससे वह खून से लथपथ हो गया। हमलावरों ने उनका मोबाइल भी छीन लिया। अस्पताल में इलाज जारी हमले के बाद ओंकार साहू सड़क पर घायल अवस्था में पड़ा रहा। राहगीरों ने उसे खून से लथपथ देखकर तत्काल पास के अस्पताल पहुंचाया। जहां उसका इलाज जारी है। हमलावरों की तलाश में जुटी पुलिस भखारा थाना प्रभारी समीर तिवारी ने बताया कि ग्राम भेड़सर-सिंगदेही के बीच ओंकार साहू पर हमला हुआ था। पुलिस ने इस मामले में एफआईआर दर्ज कर ली है और अज्ञात हमलावरों की तलाश जारी है।
पानीपत में साइबर अपराधियों ने अब 'सिम स्वाइप' या तकनीकी सेंधमारी के जरिए एक परिवार को अपना निशाना बनाया है। गांव भोड़वाल माजरी के रहने वाले युवक के पिता के बैंक खाते से अज्ञात ठगों ने 5 लाचा 87 हजार 860 रुपए की बड़ी राशि निकाल ली है। ठगी का पता तब चला जब बंद पड़े फोन की नई सिम चालू की गई। मामले की शिकायत पुलिस को दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर लिया है। साथ ही सभी आवश्यक साक्ष्यों को जुटा कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फोन बंद होते ही शुरू हुआ ठगी का खेल पीड़ित नीरज कुमार ने साइबर थाना पानीपत को दी शिकायत में बताया कि 16 जनवरी 2026 को उनके पिता (कर्ण सिंह) का मोबाइल नंबर अचानक बंद हो गया। फोन बंद होने के कारण परिवार ने नई सिम निकलवाई। जैसे ही नई सिम एक्टिवेट (चालू) हुई, मोबाइल पर बैंक से पैसे कटने का मैसेज आया। बैंक स्टेटमेंट देख परिवार के उड़े होश शुरुआत में मोबाइल पर ₹10,000 कटने का मैसेज देख नीरज तुरंत HDFC बैंक (समालखा जीटी रोड शाखा) पहुंचे। जब बैंक से खाते की पूरी जानकारी ली गई, तो पता चला कि उनके पिता के खाते से अलग-अलग ट्रांजैक्शन के जरिए कुल 5,87,860 रुपए गायब हो चुके हैं। यह पूरी राशि किसी अज्ञात अपराधी ने साइबर फ्रॉड के जरिए निकाली है। पुलिस और साइबर सेल से लगाई गुहार नीरज ने बताया कि घटना के तुरंत बाद 17 जनवरी 2026 को उन्होंने नेशनल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर अपनी शिकायत दर्ज करवा दी थी। अब पीड़ित ने पानीपत साइबर क्राइम थाना प्रबंधक को लिखित शिकायत देकर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और अपनी गाढ़ी कमाई वापस दिलाने की मांग की है।सावधानी: अगर अचानक सिम बंद हो जाए तो क्या करें?
लुधियाना सेंट्रल जेल की सुरक्षा में तैनात कर्मचारी ही सेंधमारी में लगे हैं। जेल प्रशासन ने ड्यूटी पर तैनात एक होमगार्ड को जेल के अंदर मोबाइल फेंकने के आरोप में पकड़ा है। जेल अफसरों ने आरोपी होमगार्ड को थाना डिवीजन नंबर सात की पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस ने आरोपी होमगार्ड के खिलाफ थाना डिवीजन नंबर सात में जेल एक्ट के तहत पर्चा दर्ज कर दिया है। आरोपी का नाम विशाल कुमार है और वह मूल रूप से जम्मू कश्मीर का रहने वाला है और उसकी ड्यूटी जेल के टावर पर होती थी। पुलिस ने यह मामला डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल सुरजीत सिंह की शिकायत पर दर्ज किया है। होमगार्ड ने 3 मोबाइल अंदर फेंके डिप्टी सुपरिंटेंडेंट जेल सुरजीत सिंह ने पुलिस को बताया कि 27 जनवरी को सुबह करीब 7:40 बजे वार्ड नंबर-02 की बैरक में बाहर की ओर से एक सूट फेंका गया। जांच करने पर सूट के अंदर से तीन मोबाइल फोन बरामद किए गए। इस मामले की जांच के बाद सामने आया कि यह मोबाइल फोन होमगार्ड कर्मचारी विशाल कुमार ने जेल के अंदर फेंके थे। जेल अधिकारियों ने जब उससे पूछताछ की तो पहले वह नहीं माना लेकिन बाद में उसने मान लिया कि ये तीनों मोबाइल उसी ने अंदर फेंके थे। फेंके जेल टावर पर तैनात कर्मियों से करते हैं संपर्क जांच अधिकारी एएसआई गुरदयाल सिंह ने बताया कि जेल की सुरक्षा दीवारों पर टावर बने हैं। उन टावरों होमगार्ड के कर्मचारी तैनात रहते हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी विशाल कुमार की ड्यूटी भी उसी टावर पर थी। उसके साथ बाहर से फेंके ने संपर्क किया और फिर उसे तीन मोबाइल दिए। विशाल कुमार ने फेंके से कपड़े में लपेटकर मोबाइल लिए और उसके बाद अंदर फेंक दिए जिसे जेल प्रशासन ने पकड़ लिया। उन्होंने बताया कि ये मोबाइल किसे उपलब्ध करवाने थे अभी इस मामले की पूछताछ चल रही है। जेल की ड्योढ़ी पर हैं स्कैनर जेल की ड्योढ़ी से मोबाइल व अन्य सामान अंदर ले जाना मुश्किल होता है। जेल की ड्योढ़ी पर स्कैनर लगे हैं और वहां पर हर सामान व इंसान की स्कैनिंग होती है। इसलिए जेल के अंदर बैठे कैदियों के परिजन फेंकों के साथ संपर्क करके सामान अंदर पहुंचाते हैं। कैदियों के पास से 2 मोबाइल बरामद वहीं दूसरी तरफ जेल में दो और कैदियों के पास भी मोबाइल मिले हैं। ये मोबाइल करीब एक महीने पहले मिले थे और जेल प्रशासन ने जांच के बाद अब थाना डिवीजन नंबर सात को शिकायत दी है। पुलिस ने लव गिल और करनवीर सिंह के खिलाफ भी मामला दर्ज कर दिया है।
सिंगरौली जिले के एक शासकीय विद्यालय में मध्यान्ह भोजन योजना के तहत दोहरा मापदंड सामने आया है। गणतंत्र दिवस, 26 जनवरी को जहां वीआईपी मेहमानों को विशेष भोजन परोसा गया, वहीं अगले ही दिन बच्चों को सिर्फ खिचड़ी दी गई। 26 जनवरी को इस विद्यालय में प्रदेश की पंचायत एवं ग्रामीण विकास राज्य मंत्री राधा सिंह, स्थानीय विधायक और कई वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों ने दोपहर का भोजन किया था। इस अवसर पर सामा की खीर, पूड़ी, कचौड़ी, पापड़ और सलाद जैसे व्यंजन परोसे गए थे। 27 जनवरी को इसी विद्यालय के बच्चों को कतार में खड़े होकर केवल खिचड़ी परोसी गई। दैनिक भास्कर की टीम ने मौके पर पाया कि स्कूल के डाइनिंग हॉल में टेबल और कुर्सियां होने के बावजूद बच्चों को बैठाकर भोजन कराने की कोई व्यवस्था नहीं थी। आज मिले भोजन की तस्वीरें देखिए... तय मैन्यू से नहीं मिल रहा भोजन विद्यालय की दीवार पर मध्यान्ह भोजन का निर्धारित मैन्यू के अनुसार मंगलवार को पुलाव, खीर, मूंग बड़ी और आलू-मटर की सब्जी बननी थी, लेकिन बच्चों को सिर्फ खिचड़ी ही दी गई। बच्चों ने दैनिक भास्कर टीम को बताया कि विद्यालय में शायद ही कभी मैन्यू के अनुसार भोजन बनता है। कई छात्रों ने यह भी शिकायत की कि उन्हें भरपेट भोजन नहीं मिलता और खाने में स्वाद भी नहीं होता। प्राचार्य ने बनाया बहाना इस मामले पर स्कूल के प्राचार्य कृष्ण कुमार द्विवेदी ने सफाई देते हुए कहा कि 'कल की स्थिति के चलते आज मैन्यू के अनुसार भोजन नहीं बन पाया।' हालांकि, उन्होंने यह स्पष्ट नहीं किया कि ऐसी कौन-सी विशेष स्थिति थी जिसके कारण बच्चों को निर्धारित मेनू से वंचित रखा गया। रिपोर्टर को दिया लालच ग्राउंड रिपोर्ट के दौरान मध्यान्ह भोजन संचालित कर रही स्व-सहायता समूह की संचालिका उषा शुक्ला भी मौके पर पहुंचीं। आरोप है कि उन्होंने दैनिक भास्कर की टीम पर खबर को 'मैनेज' करने का दबाव बनाया और संवाददाताओं से उनके नंबर मांगने लगीं। यह पूरा मामला मध्यान्ह भोजन योजना के जमीनी क्रियान्वयन और निगरानी तंत्र पर गंभीर सवाल खड़े करता है। यह दर्शाता है कि क्या योजनाएं केवल विशेष अवसरों और वीआईपी निरीक्षण तक ही सीमित रह गई हैं, और बच्चों के पोषण के अधिकार की अनदेखी एक सामान्य बात बन चुकी है।
पलामू जिले के पांकी थाना क्षेत्र में जियो और सैमसंग कंपनी के कीपैड मोबाइल फोन की अवैध असेंबलिंग का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने पुराने और अनुपयोगी पार्ट्स से नए मोबाइल तैयार कर उन्हें स्थानीय बाजार में बेचने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान खाप सरौना गांव निवासी विकल्प कुमार सिंह (30) और पांकी बस्ती निवासी रंजीत कुमार (24) के रूप में हुई है। एसपी रीष्मा रमेशन ने बताया कि पांकी थाना पुलिस को मिली गुप्त सूचना के आधार पर विकल्प कुमार सिंह के आवास पर छापेमारी की गई। घर के पहले तल पर एक कमरे में मोबाइल मरम्मत और असेंबलिंग का पूरा सेटअप मिला, जो एक छोटी फैक्ट्री की तरह चल रहा था। बड़ी मात्रा में ई-कचरा भी जब्त पुलिस ने मौके से जियो कंपनी के 135 और सैमसंग कंपनी के 200 कीपैड मोबाइल फोन बरामद किए, जो पुराने पार्ट्स से तैयार किए गए थे। इसके अतिरिक्त, भारी मात्रा में पुराने मदरबोर्ड, मोबाइल बॉडी, बैटरी, चार्जर, स्पीकर, डिस्प्ले, औजार और बड़ी मात्रा में ई-कचरा भी जब्त किया गया है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने सोशल मीडिया पर मदरबोर्ड की बिक्री के विज्ञापन देखकर यह अवैध कारोबार शुरू किया था। मदरबोर्ड पश्चिम बंगाल से 50 से 100 रुपए में मंगाए जाते थे। इसके बाद मेदिनीनगर की दुकानों से बॉडी, डिब्बे, चार्जर और बैटरी खरीदकर मोबाइल फोन असेंबल किए जाते थे। मोबाइल फोन दुकानदारों को 500 रुपए में बेचे जाते थे पुलिस के अनुसार, तैयार मोबाइल फोन दुकानदारों को लगभग 500 रुपए में बेचे जाते थे, जो ग्राहकों को 1000 रुपए तक में मिलते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया कि रंजीत कुमार पुराने मोबाइल पार्ट्स उपलब्ध कराता था, जबकि विकल्प कुमार सिंह असेंबलिंग का काम करता था। रंजीत के घर से भी बड़ी मात्रा में मोबाइल पार्ट्स बरामद हुए हैं। जब्त किए गए मोबाइल फोन की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस इस मामले में अन्य संलिप्त लोगों की तलाश कर रही है और संबंधित कंपनियों को भी इस बारे में सूचित किया जाएगा।
दुर्ग जिले के पाटन थाना क्षेत्र में गणतंत्र दिवस की रात महिला से मोबाइल झपटमारी की घटना सामने आई है। अज्ञात स्कूटी सवार युवकों ने पैदल घर के बाहर टहल रही जा रही महिला के हाथ से मोबाइल झपट लिया और मौके से फरार हो गए। पीड़िता ने घटना की रिपोर्ट पाटन थाने में दर्ज कराई है। पुलिस अज्ञात आरोपियों की तलाश में जुट गई है। जानकारी के अनुसार हेमा ठाकुर निवासी पाटन रोजी-मजदूरी का काम करती हैं। उन्होंने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 26 जनवरी की रात करीब 8:30 बजे वह अपनी सहेली के साथ खाना खाने के बाद टहलने के लिए घर से निकली थीं। दोनों चंडी मंदिर पाटन से कुछ दूरी तक टहलने के बाद पैदल वापस अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान यह वारदात हुई। पीछे से स्कूटी पर सवाल होकर आए तीन युवकरात लगभग 8:43 बजे जब वे प्रज्ञा मेडिकल स्टोर के पास मुख्य मार्ग पर पहुंचीं, तभी पीछे से एक स्कूटी पर सवार तीन युवक वहां पहुंचे। इनमें से दो युवक स्कूटी पर बैठे हुए थे, जबकि एक युवक स्कूटी से उतरकर अचानक हेमा ठाकुर के हाथ में रखा मोबाइल फोन झपटकर ले गया। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिसपीड़िता के अनुसार झपटमारी किया गया मोबाइल VIVO Y27 कंपनी का था, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 6 हजार बताई जा रही है। मोबाइल में एक सिम कार्ड लगा हुआ था। वारदात के बाद तीनों आरोपी तुरंत स्कूटी से फरार हो गए। स्कूटी का रंग काला बताया गया है, हालांकि पीड़िता वाहन का नंबर नहीं देख सकीं। पाटन थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है।
हरियाणा नंबर की एक SUV से उत्तराखंड के अल्मोड़ा घूमने गई युवतियों ने शराब की बोतलें सड़क पर ही फेंक दी। टैक्सी यूनियन के कर्मचारियों ने इसका विरोध किया तो युवतियां उन्हें पुलिस में होने की धमकी देने लगी। युवतियां हांसी जिले में रजिस्टर्ड एक फॉर्च्यूनर से अल्मोड़ा घूमने गई थी। आरोप है कि युवतियों ने गाड़ी का शीशा खोलकर सड़क पर ही कूड़ा फेंक दिया। जिसमें शराब की बोतलें और नमकीन के पैकेट थे। अब इस घटना से जुड़ी एक वीडियो भी सामने आई है। वीडियो में टैक्सी यूनियन का कर्मचारी उन्हें ऐसा न करने से टोकता है। इसके बाद युवतियां उल्टे उससे ही बहस करने लगती है। कुछ स्थानीय लोग भी उन्हें समझाने की कोशिश करते हैं। इसके बाद युवतियां कहती है कि...हम पुलिसवाले हैं, आप गलत कह रहे हो। युवतियों के हंगामे के PHOTOS... 2 पॉइंट में पढ़िए पूरा मामला... अब पढ़िए वीडियो में क्या दिख रहा... यूनियन ऑफिस अध्यक्ष बोले- 26 जनवरी को ड्राई डे थाअल्मोड़ा टैक्सी यूनियन कार्यालय के अध्यक्ष विनोद सिंह बिष्ट ने बताया कि यह घटना 26 जनवरी की है। हरियाणा नंबर की गाड़ी से आए लोगों ने गाड़ी का शीशा खोलकर बीच सड़क पर कूड़ा फेंक दिया, जिसमें शराब की बोतलें और नमकीन के पैकेट थे। 26 जनवरी को ड्राई डे था, ऐसे में शराब की बोतलें कहां से लाई गईं।
भिवानी के थाना सदर पुलिस ने हत्या के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस टीम ने आरोपियों से वीडियो बनाने के लिए प्रयोग किया गया एक मोबाइल फोन को बरामद किया गया है। पुलिस ने इस केस में 4 आरोपियों को पहले ही गिरफ्तार कर लिया था। भिवानी के गांव फुलपुरा निवासी राहुल ने सदर थाना में दर्ज करवाई शिकायत में बताया कि 28 अक्टूबर की रात को उन्हें एक फोन कॉल प्राप्त हुआ। जिसमें कॉल करने वाले ने बताया कि उनके भाई रोहन को गांव चांग के कुछ लड़कों ने पकड़ रखा है। उसके साथ मारपीट की जा रही है। सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और रोहन को छुड़वाकर घर ले आए। रोहन ने परिजनों को बताया कि आरोपियों द्वारा उसके साथ मारपीट करने के बाद उसकी वीडियो बनाई और उक्त वीडियो को सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। इस घटना से मानसिक रूप से आहत होकर रोहन ने जहरीला पदार्थ पी लिया, जिसकी इलाज के दौरान एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। शिकायत के आधार पर थाना सदर भिवानी में संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज किया गया था। आरोपी से मोबाइल भी बरामद थाना सदर भिवानी के अंतर्गत पुलिस चौकी गुजरानी मोड़ की महिला सहायक उप निरीक्षक सुदेश के नेतृत्व में पुलिस टीम ने 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान गांव मिताथल हाल चांग निवासी दीपक और गांव चांग निवासी मनीष के रूप में हुई है। पुलिस टीम ने आरोपी मनीष से एक मोबाइल फोन बरामद किया और, आरोपी दीपक वारदात में शामिल था। पुलिस ने आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जिला कारागार भेज दिया।
राजसमंद के 100 फीट रोड स्थित चौराहे पर चोरों ने एक मोबाइल दुकान का शटर तोड़कर करीब 18 से 20 लाख रुपये के मोबाइल फोन चोरी कर लिए। सुबह दुकान खुलने पर वारदात का पता चला, जिसके बाद राजसमंद पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश में जुट गई है। क्षेत्र के व्यापारियों में इस बड़ी चोरी से भारी आक्रोश और दहशत का माहौल है।
डीग एसपी ओमप्रकाश मीणा के निर्देशन में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। पहाड़ी नगर, सीकरी, कैथवाड़ा और खोह पुलिस ने अलग-अलग ठिकानों पर दबिश देकर 13 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 14 मोबाइल फोन और 8 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। पकड़े गए सभी साइबर ठग पुलिस की रडार से बचने के लिए जंगलों में बैठकर साइबर ठगी को अंजाम दे रहे थे। पुलिस को जहां भी साइबर ठगों की लोकेशन मिलती है, वहां तत्काल दबिश देकर उन्हें गिरफ्तार किया जाता है। इन ठगों के पास से जब्त किए गए मोबाइल फोन में विभिन्न प्रकार के सोशल मीडिया ऐप्स मिले हैं, जिनके माध्यम से वे ठगी करते थे। इन फोनों में लाखों रुपए की ठगी के तथ्य भी सामने आए हैं। यह गैंग मुख्य रूप से सेक्स टॉर्शन के जरिए लोगों की न्यूड वीडियो बनाकर उन्हें ब्लैकमेल करती थी और मोटी रकम ऐंठती थी। पकड़े गए सभी ठग सोशल मीडिया पर सक्रिय रहकर ठगी को अंजाम देते थे। पुलिस अब इन सभी ठगों से गहनता से पूछताछ कर रही है। पुलिस पीसी रिमांड लेकर यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि इनकी गैंग में और कितने लोग शामिल हैं और अब तक ये कितने रुपए की ठगी को अंजाम दे चुके हैं।
झज्जर जिले के बेरी-कलानौर मार्ग एक बार फिर अपराधियों की बेखौफ हरकतों का गवाह बना, जहां सोमवार आधी रात के बाद स्कॉर्पियो सवार नकाबपोश युवकों ने हवाई फायरिंग कर दहशत फैलाते हुए मंदिर दर्शन को जा रहे एक परिवार से लूट की वारदात को अंजाम दिया। गांव मोरका (जिला भिवानी) निवासी टैक्सी ड्राइवर पवन के अनुसार वह गांव सुरपूरा निवासी उमेद, उसकी पत्नी रितु, मां संतोष और बहन रेणू को गुरुग्राम स्थित शीतला माता मंदिर के दर्शन के लिए लेकर जा रहा था। जैसे ही उनकी कार बेरी-कलानौर मार्ग पर जवाहर लाल नेहरू कैनाल के पास पहुंची, तभी काले रंग की स्कॉर्पियो में सवार नकाबपोश युवकों ने कार को ओवरटेक कर आगे रोक लिया। हवाई फायरिंग कर बनाया डर आरोप है कि बदमाशों ने उतरते ही हवाई फायरिंग शुरू कर दी और धमकी दी कि यदि विरोध किया तो सभी को जान से मार दिया जाएगा। अचानक हुई फायरिंग से कार में सवार महिलाएं और बुजुर्ग दहशत में आ गए और किसी ने भी विरोध करने की हिम्मत नहीं जुटाई। सोना, नकदी और मोबाइल लेकर फरारबदमाशों ने ड्राइवर पवन से मोबाइल फोन और 2500 रुपए नकद, उमेद से मोबाइल फोन, उसकी मां संतोष से एक हजार रुपए नकद व सोने की बालियां, पत्नी रितु से मोबाइल फोन और दोनों कानों की आर्टिफिशियल बालियां, जबकि बहन रेणू से सोने की बालियां लूट लीं। इसके बाद स्कॉर्पियो सवार युवक बेरी की तरफ फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच में जुटीघटना के तुरंत बाद टैक्सी चालक ने डायल 112 पर सूचना दी। सूचना मिलते ही बेरी एसीपी अनिल कुमार, थाना प्रभारी विकास कुमार और साइबर सेल की टीम मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने अज्ञात नकाबपोश युवकों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जबलपुर के गढ़ा थाना क्षेत्र स्थित एक शॉप से लाखों रुपए के मोबाइल चोरी होने के मामले का जबलपुर पुलिस ने खुलासा कर दिया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दुकान में काम करने वाले कर्मचारी साहिल साहू को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी गए मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धारा 306 बीएनएस के तहत मामला दर्ज कर विवेचना में लिया है। गढ़ा थाना पुलिस के अनुसार आरोपी साहिल साहू (23 वर्ष) निवासी शारदा चौक एक ई-कॉमर्स कंपनी के हब में काम करता था। इस मामले की शिकायत इंस्टाकार्ट सर्विस प्राइवेट लिमिटेड में सीनियर टीम लीडर रीतेश यादव ने दर्ज कराई थी। कस्टमर कैंसिल ऑर्डर से हो रही थी चोरी शिकायत में बताया गया कि कस्टमर द्वारा कैंसिल किए गए सामान को जबलपुर हब से मुख्य कार्यालय इंदौर भेजा जाता है। इसी दौरान कंपनी की ओर से मेल के जरिए जानकारी मिली कि हब से शिपमेंट में जाने वाले बैग में पार्सल कम पहुंच रहे हैं। जब रिकॉर्ड का मिलान किया गया तो 30 जुलाई 2025 से 7 जनवरी 2026 के बीच आईफोन, एंड्राइड मोबाइल, ब्रेसलेट समेत करीब 7 लाख रुपए के 15 कीमती आर्टिकल गायब हैं। CCTV में कैद हुआ कर्मचारी शिकायत के बाद गढ़ा थाना पुलिस ने शॉप और हब में लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की। फुटेज में कर्मचारी साहिल साहू को शिपमेंट बैग से कीमती आर्टिकल चोरी करते हुए देखा गया। आरोपी हब एसोसिएट के पद पर कार्यरत था, जिसकी जिम्मेदारी ऑफिस खोलना, शिपमेंट अनलोड कराना और रिप्लेसमेंट का सामान वापस भेजना थी। पूछताछ में कबूली चोरी पुलिस ने आरोपी को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। आरोपी के कब्जे से 6 आईफोन और 1 अन्य मोबाइल फोन कीमत करीब 6 लाख रुपए बरामद किए गए हैं। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी किए गए सभी मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं। आरोपी ने बताया कि वह इन महंगे मोबाइल फोनों को चोरी कर बाजार में ऊंचे दामों पर बेचने की फिराक में था। इनकी रही विशेष भूमिका इस कार्रवाई में थाना प्रभारी प्रसन्न कुमार शर्मा, उप निरीक्षक योगेन्द्र सिंह, सहायक उप निरीक्षक रामकरण मिश्रा, प्रधान आरक्षक ज्ञानेन्द्र पाठक, आरक्षक शैलेन्द्र, हेमंत पटेल, सिद्धार्थ तिवारी एवं महिला आरक्षक पूनम की सराहनीय भूमिका रही।
जींद शहर के थाना सिविल लाइन क्षेत्र में स्थित कैन-सपोर्ट (Can-Support) एनजीओ के कार्यालय में अज्ञात चोरों ने सेंधमारी कर चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। यह संस्था कैंसर मरीजों को मुफ्त दवाइयां उपलब्ध कराती है। चोर एक लैपटॉप, एक मोबाइल फोन और दवाइयों से भरा एक बैग चुरा ले गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। ढिगाना गांव निवासी प्रदीप कुमार, जो कैन-सपोर्ट एनजीओ में एडमिन के पद पर कार्यरत हैं, ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि एनजीओ का कार्यालय एम्प्लॉइज कॉलोनी, हीरो एजेंसी के पास, जींद में स्थित है, जहाँ 4-5 कर्मचारी काम करते हैं। प्रदीप के अनुसार, 23 जनवरी (शुक्रवार) को कार्यालय बंद कर सभी कर्मचारी अपने घर चले गए थे। 26 जनवरी की शाम जब प्रदीप कार्यालय पहुंचे, तो उन्होंने देखा कि ऑफिस के ताले टूटे हुए थे और अंदर का सारा सामान बिखरा पड़ा था। कार्यालय की जांच करने पर पता चला कि एक एचपी (HP) कंपनी का लैपटॉप, एक वीवो (Vivo 427) मोबाइल फोन (बिना सिम, आईएमईआई नंबर अज्ञात) और काले रंग का दवाइयों से भरा एक बैग चोरी हो गया है। प्रदीप ने बताया कि बाकी सामान की विस्तृत जांच के बाद ही पूरी जानकारी दी जा सकेगी। घटना की सूचना मिलने पर एएसआई विनोद और सिपाही रविंद्र मौके पर पहुंचे। पुलिस ने प्रदीप कुमार की शिकायत के आधार पर सिविल लाइन थाना, जींद में धारा 305, 331(4) बीएनएस (BNS) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। एएसआई विनोद ने बताया कि चोरी की इस वारदात की जांच जारी है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
कोटा मेडिकल कॉलेज के नए अस्पताल में इलाज की प्रक्रिया अब पहले से कहीं अधिक आसान, तेज़ और मरीजों के लिए अच्छी हो गई है। आधुनिक डिजिटल व्यवस्था के लागू होने से अब मरीजों को डॉक्टर को दिखाने, जांच करवाने और फिर रिपोर्ट प्राप्त करने के लिए बार-बार अस्पताल के चक्कर नहीं काटने पड़ेंगे। मरीजों की सुविधा और समय की बचत को ध्यान में रखते हुए पूरी व्यवस्था को तकनीक-सक्षम, पारदर्शी और सुव्यवस्थित बनाया गया है, जिससे स्वास्थ्य सेवाएं अब एक क्लिक पर सुलभ होंगी। जांच पर्ची के साथ मरीज को यूनीक बारकोड मिलेगा नई व्यवस्था अनुसार, जब कोई मरीज अस्पताल परामर्श के लिए आता है, तो उसे गेट नंबर-2 से प्रिस्क्रिप्शन बनाकर संबंधित डॉक्टर से परामर्श लेने के बाद गेट नंबर एक पर जाकर जांच की पर्ची बनवानी होगी। यहां पर जांच पर्ची के साथ मरीज को एक यूनीक बारकोड स्टिकर दिया जाएगा। जिसे लेकर सीधे लैब में जांच के लिए जाया जा सकेगा। इस बारकोड सिस्टम से मरीज की पहचान, जांच विवरण और रिपोर्ट का डेटा सुरक्षित रूप से दर्ज हो सकेगा। बारकोड स्टिकर में मरीज का नाम, HID नंबर, बिलिंग आईडी विभाग, OPD/IPD स्थिति और बारकोड जनरेट तिथि अंकित होगी। लैब में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट डिजिटल प्लेटफॉर्म पर होगी अपलोड लैब में जांच पूरी होने के बाद रिपोर्ट जैसे ही रिलीज होगी, वह डिजिटल प्लेटफॉर्म पर अपलोड कर दी जाएगी। मरीज गूगल प्ले स्टोर या IOS ऐप स्टोर से IHMS Online Report Application डाउनलोड कर आवश्यक विवरण भरकर अपनी रिपोर्ट मोबाइल पर देख डाउनलोड कर सकेगा। इससे अस्पताल में अनावश्यक भीड़ कम होगी। रिपोर्ट तैयार होते ही मरीज को वॉट्सऐप और एसएमएस के जरिए सूचना भेजी जाएगी। साथ ही डॉक्टर और नर्सिंग स्टाफ भी भर्ती मरीजों की रिपोर्ट डिजिटल रूप से देख सकेंगे, जिससे इलाज में तेजी आएगी।
फरीदाबाद के सदर थाना क्षेत्र के सागरपुर गांव में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर रास्ता रोककर हमला किए जाने का मामला सामने आया है। आरोप है कि हमलावरों ने न सिर्फ युवक के साथ मारपीट की, बल्कि उसकी कार में तोड़फोड़ करते हुए उसे जबरन एक कमरे में बंद कर दोबारा पीटा। इस घटना में दो लोग घायल हुए हैं, जिन्हें उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना डायल-112 के माध्यम से पुलिस को दी गई। कार्यक्रम से वापस घर लौट रहा था युवक गांव जाजरू निवासी जय डागर ने बताया कि वह दोपहर करीब एक बजे सुनपेड़ गांव में आयोजित रक्तदान कार्यक्रम में शामिल होने के बाद कार से घर लौट रहे थे। इसी दौरान सागरपुर गांव में एक ब्रेजा कार में सवार कुछ लोगों ने उनकी गाड़ी के आगे वाहन खड़ा कर रास्ता रोक लिया। आरोप है कि इसके बाद गाली-गलौज करते हुए उन पर अचानक हमला कर दिया गया। 10 से 12 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला किया जय डागर के अनुसार, सागरपुर निवासी महेंद्र, उसका भाई लक्ष्य और अन्य साथी मौके पर मौजूद थे। करीब 10 से 12 लोगों ने लाठी-डंडों से हमला किया और उनकी कार के शीशे व अन्य हिस्सों को क्षतिग्रस्त कर दिया। आरोप है कि एक व्यक्ति उन्हें जबरन पास के एक कमरे में ले गया, जहां दोबारा मारपीट की गई। इस दौरान दबाव बनाकर एक वीडियो भी बनवाया गया, जिसमें उनसे जबरन यह कहलवाया गया कि झगड़े के लिए वे स्वयं जिम्मेदार हैं। सोने की चेन और फोन लूटा पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया कि हमलावरों ने उनके पास से नकदी और सोने की चेन लूट ली, जबकि मोबाइल फोन छीन लिया गया था, जो पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद वापस मिला। हंगामा बढ़ने पर किसी स्थानीय व्यक्ति ने डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी, लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। डीजे बंद करवाने को लेकर विवाद हुआ जय डागर का कहना है कि यह हमला पुरानी रंजिश के चलते किया गया। वर्ष 2024 में एक कार्यक्रम के दौरान डीजे बंद करवाने को लेकर उनका विवाद हुआ था, जिसका मामला सेक्टर-58 थाना क्षेत्र में दर्ज है और वर्तमान में न्यायालय में विचाराधीन है। उसी विवाद की रंजिश में आरोपियों ने योजनाबद्ध तरीके से उन पर हमला किया। इस घटना में उनके भतीजे प्रिंस को भी चोटें आई हैं। पुलिस बोली शिकायत मिलने पर होगी कार्रवाई वहीं, सदर थाना प्रभारी समीर ने बताया कि फिलहाल पीड़ित पक्ष की ओर से कोई लिखित शिकायत प्राप्त नहीं हुई है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच कर दोषियों के खिलाफ नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सिंगरौली में मोबाइल टावर पर चढ़े युवक पर केस:युवती की शिकायत पर जियावान पुलिस ने FIR दर्ज
सिंगरौली जिले के धनहा गांव में मोबाइल टावर पर चढ़कर हंगामा करने वाले युवक रवि कुशवाहा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई युवती की शिकायत पर जियावान थाना पुलिस ने की है। रवि पर एकतरफा प्रेम के चलते युवती को परेशान करने का आरोप है। घटना 23 जनवरी को हुई थी, जब रवि कुशवाहा गांव में लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गया था। वह युवती को मौके पर बुलाने की मांग कर रहा था, जिससे गांव में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर जियावान थाना पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को नीचे उतारने के लिए समझाइश दी। करीब पांच घंटे तक चले इस हंगामे के कारण पुलिस, प्रशासन और स्थानीय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। पुलिस जांच में पता चला है कि रवि कुशवाहा और युवती दसवीं कक्षा तक एक ही स्कूल में साथ पढ़े थे। इसके बाद रवि युवती से एकतरफा प्रेम करने लगा, लेकिन युवती ने कभी इस रिश्ते को स्वीकार नहीं किया। युवती मानसिक रूप से परेशान हुई युवक लंबे समय से युवती को मानसिक रूप से परेशान कर रहा था। टावर पर चढ़ने की घटना के बाद 25 दिसंबर को युवती अपने परिजनों के साथ जियावान थाने पहुंची। उसने रवि कुशवाहा के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराई, जिसमें आरोप लगाया कि युवक उसे बदनाम करने की साजिश कर रहा है और लगातार परेशान कर रहा है। शिकायत पर मामला दर्ज जियावान थाना प्रभारी रोशनी कुर्मी ने बताया कि युवती की शिकायत के आधार पर रवि कुशवाहा के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच जारी है और आगे की कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर की विजयनगर थाना पुलिस ने रविवार रात मोबाइल लूट की वारदातों में शामिल दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के पास से पुलिस ने अब तक 8 मोबाइल फोन और 5 चोरी की बाइक बरामद की हैं। आरोपी चोरी की बाइक पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर वारदातों को अंजाम देते थे। टीआई चंद्रकांत पटेल ने बताया कि 22 जनवरी की रात अपेक्षा बारोलिया पुत्री बने सिंह बारोलिया निवासी आदर्श मेघदूत नगर अपोलो प्रीमियम बिल्डिंग थाने पहुंची थीं। उन्होंने शिकायत दर्ज कराई कि वह इंदरगढ़ होटल के सामने रात में टहल रही थीं, तभी बाइक सवार बदमाश उनका आईफोन 16 प्रो झपटकर फरार हो गए। इसी दिन आरोपियों ने संस्कार गुप्ता, विष्णु मालवीय और धर्मेंद्र कुमार के साथ भी मोबाइल लूट की वारदातें की थीं। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और बाइक नंबर के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में कृष्ण पुत्र रमेश मालवीय और चेतर उर्फ गोलू पुत्र मोहनलाल कहार शामिल हैं। दोनों आरोपी ग्राम पानीगांव थाना कांटा फोड़ जिला देवास के रहने वाले हैं। पैदल घूमने वालों को बनाते थे निशाना पूछताछ में सामने आया है कि दोनों आरोपी नौकरी की तलाश में इंदौर आए थे, लेकिन यहां आकर लूट और चोरी की वारदातें करने लगे। वे सूने इलाकों में पैदल घूमने वाले स्टूडेंट्स और आम लोगों को निशाना बनाते थे और हाथ से मोबाइल झपटकर फरार हो जाते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से अन्य लूट की वारदातों को लेकर पूछताछ कर रही है और आगे और खुलासे होने की संभावना है।
चोरी का मोबाइल इस्तेमाल करते युवक गिरफ्तार:हनुमना पुलिस ने साइबर सेल की मदद से आरोपी को दबोचा
मऊगंज जिले के हनुमना थाना क्षेत्र में पुलिस ने रविवार को चोरी के एक मामले का खुलासा किया है। पुलिस ने चोरी का मोबाइल इस्तेमाल कर रहे एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक दिलीप सोनी के निर्देश पर साइबर सेल की तकनीकी सहायता से की गई। गिरफ्तार आरोपी की पहचान सुमित केवट उर्फ घोचू (20) के रूप में हुई है। हनुमना थाना पुलिस ने उसे चोरी के मोबाइल का उपयोग करते हुए पकड़ा। इस कार्रवाई में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विक्रम सिंह और एसडीओपी मऊगंज सची पाठक का मार्गदर्शन भी रहा। 3 नवंबर से गायब था मोबाइल और लैपटॉप पुलिस के अनुसार, यह मामला 3 नवंबर 2025 को फरियादी अनिल कुमार केशरवानी द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से जुड़ा है। अनिल कुमार केशरवानी, निवासी वार्ड क्रमांक 12, सीधी रोड हनुमना ने बताया था कि 2-3 नवंबर की रात अज्ञात चोर उनके घर से लैपटॉप और मोबाइल चोरी कर ले गए थे। इस पर हनुमना थाने में बीएनएस की संबंधित धाराओं के तहत अपराध दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान, चोरी हुए मोबाइल की तलाश के लिए साइबर सेल की मदद ली गई। तकनीकी जांच से पता चला कि चोरी का मोबाइल मऊगंज में सुमित केवट उर्फ घोचू द्वारा इस्तेमाल किया जा रहा था। पुलिस ने उसे रविवार को हिरासत में लेकर पूछताछ की। पूछताछ में आरोपी सुमित केवट ने मोबाइल अपने मित्र साहुल केवट से लेना स्वीकार किया। इसके बाद, गवाहों के समक्ष मोबाइल को जब्त कर आरोपी सुमित केवट को गिरफ्तार कर लिया गया। उसे न्यायालय में पेश किया गया है। गिरफ्तार आरोपी सुमित केवट के खिलाफ पूर्व में भी मारपीट और धमकी से जुड़े तीन आपराधिक मामले दर्ज हैं। इस मामले को सुलझाने में हनुमना थाना स्टाफ और साइबर सेल की भूमिका महत्वपूर्ण रही।
रेलवे स्टेशन से मोबाइल चोरी, आरोपी पकड़ा गया
भास्कर न्यूज | जांजगीर पुलिस ने रेलवे स्टेशन से मोबाइल चोरी करने वाले आरोपी पंकज सोनी उर्फ बुलुट सोनी (23 वर्ष), पिता दिलीप सोनी, निवासी ग्राम मल्हार, थाना मस्तुरी, जिला बिलासपुर को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया मोबाइल बरामद किया गया है। आरोपी के विरुद्ध धारा 303(2) सहित बीएनएस के तहत कार्रवाई की गई है। जानकारी के अनुसार 24 जनवरी की मध्यरात्रि उपनिरीक्षक बी.एल. कोसरिया, आरक्षक राम भरोसे एवं रमेश भारद्वाज रेलवे स्टेशन क्षेत्र में गश्त कर रहे थे। रात करीब 1 बजे स्टेशन के पास एक संदिग्ध युवक को देख पुलिस ने पूछताछ की, जिस पर वह छिपने का प्रयास करने लगा। तलाशी लेने पर उसके पास से एक मोबाइल मिला। थाना लाकर पूछताछ में आरोपी ने चोरी की घटना स्वीकार की। मोबाइल के वास्तविक स्वामी शिव बंधी, निवासी अकलतरा ने बताया कि 24 जनवरी की रात वह प्लेटफार्म नंबर 2 पर ड्यूटी के दौरान प्रतीक्षालय में आराम कर रहा था, तभी उसका लगभग 11 हजार रुपये मूल्य का विवो मोबाइल चोरी हो गया। मामले में अपराध क्रमांक 52/25 दर्ज कर आरोपी को 25 जनवरी 2026 को गिरफ्तार किया गया।
किशनगंज में वायरल वीडियो की जांच, सच्चाई आई सामने:युवक के हाथ में हथियार नहीं, मोबाइल फोन था
किशनगंज के खगड़ा मेला गेट के पास शनिवार रात एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें एक युवक को कथित तौर पर हथियार लहराते हुए देखा गया था। यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से फैला। पुलिस अधीक्षक (एसपी) संतोष कुमार को इसकी जानकारी मिलने के बाद उन्होंने मामले को गंभीरता से लिया और तत्काल जांच के आदेश दिए। पुलिस ने वायरल वीडियो की कई बिंदुओं पर गहन जांच की। SDPO गौतम कुमार के नेतृत्व में पुलिस की एक टीम मौके पर पहुंची और वीडियो फुटेज का बारीकी से विश्लेषण किया। युवक के हाथ में कोई हथियार नहीं, बल्कि एक मोबाइल फोन था शुरुआती तौर पर वीडियो में दिख रही वस्तु को हथियार समझा जा रहा था। हालांकि, विस्तृत जांच में सामने आया कि युवक के हाथ में कोई हथियार नहीं, बल्कि एक मोबाइल फोन था, जिसे वह ऊपर की ओर लहराते हुए आगे बढ़ रहा था। एसपी संतोष कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच पूरी हो चुकी है। जांच में यह स्पष्ट हो गया है कि हवा में लहराई जा रही वस्तु मोबाइल फोन थी। उन्होंने कुछ सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फैलाई जा रही गलत जानकारी का खंडन किया। अपहरण के प्रयास की प्राथमिकी अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई इस मामले को लेकर कई तरह की चर्चाएं थीं। यह भी बताया जा रहा था कि दो दिन पहले वार्ड संख्या 32 के पार्षद प्रतिनिधि और जदयू नेता मकसूद अंसारी उर्फ अनवर ने सदर थाना में अपने अपहरण के प्रयास की प्राथमिकी अज्ञात लोगों के खिलाफ दर्ज कराई थी। कुछ लोग वायरल वीडियो को इस घटना से जोड़ रहे थे, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं पर बारीकी से जांच कर रही है।
अलीगढ़ में पनैठी चौकी का एक वीडियो सामने आया है। जिसमें एक पुलिसकर्मी खुद ही दो युवकों की जेब में चाकू और मोबाइल रख रहा है। फिर उन युवकों को चोरी के मामले का आरोपी बना रहे हैं। वीडियो सामने आते ही पुलिस महकमें में अफरा-तफरी मच गई। यह वीडियो जांच करने पर सही पाया गया। जांच के आधार पर जो पुलिस कर्मी इसमें दिखाई दे रहे हैं निष्पक्ष जांच हेतू उन्हें तत्काल प्रभाव से उन्हें उनके स्थान से मुक्त कर दिया गया। देखें पुलिस के गुड वर्क का नाटकीय वीडियो… अकराबाद थाने की पनैठी चौकी का वीडियो सामने आया है। इस वीडियो में अकराबाद थाने के दरोगा रोहित सिद्धू, अलखराम, सिपाही मनोज कुमार और अमित कुमार दिखाई दे आ रहे हैं। वीडियो में दरोगा रोहित कैमरा ऑन करने के लिए तैयार खड़े दिखाई दे रहे हैं। जबकि दरोगा अलखराम एक युवक को उसकी जैकेट के अंदर चाकू रखवाते हैं। वहीं सिपाही अमित कुमार दूसरे युवक की कमर में चाकू लगाते हुए नजर आ रहे हैं। पुलिसकर्मियों ने बनाई भूमिका इतना ही नहीं, वीडियो में पीछे खड़े सिपाही मनोज कुमार युवक की जेब में मोबाइल रखते हुए कहते सुने जा रहे हैं कि “साहब इन्हें थोड़ा आगे हल्के कदमों से चलने दो, फिर गाड़ी से पकड़ेंगे, तभी वीडियो सही बनेगी। पुलिस देखकर थोड़ा भागना भी चाहिए।” इसके बाद दरोगा रोहित के इशारे पर तलाशी की नाटकीय कार्रवाई शुरू होती है। पहले मोबाइल निकाला जाता है और युवक से कहलवाया जाता है कि उसने दुकान से चोरी किया है। फिर कमर से चाकू बरामद दिखाया जाता है। दूसरे युवक से भी इसी तरह चाकू निकलवाकर सवाल-जवाब किए जाते हैं। 54 दिन बाद गिरी गाज वीडियो खत्म होने के बाद पुलिसकर्मी आपस में फुटेज चेक करते हैं कि कोई कमी तो नहीं रह गई। इसके बाद युवकों के हाथों में मोबाइल और चाकू देकर दूसरी वीडियो भी बनाते हैं। और अंत में दरोगा अलखराम युवकों के साथ सेल्फी लेते हुए भी दिखाई दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि यह पूरा दृश्य किसी युवक ने छत से चुपके से मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया था। यह वीडियो करीब 54 दिनों तक किसी कारणवश सामने नहीं आई। लेकिन अब सोशल मीडिया पर वायरल होते ही पूरे मामले का खुलासा हो गया। गुडवर्क के लिए पुलिस ने रचा नाटक घर से उठाकर जंगल में रची गई साजिश मामले का खुलासा होने पर परिजनों ने पुलिस पूछताछ में बताया- हम लोग पनैठी में रहते हैं। मेरे बेटे सूरज गौतम और सोनू को पुलिस ने 1 दिसंबर 2025 को घर से हिरासत में ले लिया था। फिर उन्हें जंगल की ओर ले जाकर जेब में चोरी के मोबाइल और पैंट में चाकू छिपाए गए। फिर फर्जी बरामदगी दिखाकर 2 दिसंबर को “गुडवर्क” के तौर पर गिरफ्तारी दर्शायी गई। रात में दिखाई गिरफ्तारी, वीडियो में दिन का दृश्य इसके बाद पुलिस ने प्रेस नोट जारी कर बताया था कि रविवार शाम गश्त के दौरान नानऊ नहर की पटरी से दोनों आरोपियों को पकड़ा गया। उनके पास से दो चोरी के मोबाइल और दो अवैध चाकू बरामद हुए। लेकिन वायरल वीडियो में साफ तौर पर दिन के उजाले में पूरी स्क्रिप्ट रची जाती दिख रही है, जिससे पुलिस के दावे सवालों के घेरे में आ गए हैं। चारों पुलिसकर्मी लाइन हाजिर सीओ संजीव तोमर ने बताया कि वायरल वीडियो की जांच की तो उसमें मामला सही पाया गया है। जांच के आधार पर दोनों दरोगा और सिपाही को तत्काल प्रभाव से हटाते हुए लाइन हाजिर किया गया है। वहीं, विभागीय कार्रवाई भी जाएगी। जांच मे जो भी साक्ष्य पाए जाएंगे, उनके विरूद्ध दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी। .......................... ये भी पढ़ें... अविमुक्तेश्वरानंद बोले- कितने भी जुल्म कर लो, पीछे नहीं हटूंगा:कुछ लोगों ने शिविर में घुसने की कोशिश की थी, 'योगी जिंदाबाद' के नारे लगाए प्रयागराज में शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और मेला प्रशासन के बीच 7 दिनों से विवाद जारी है। शिविर में युवकों के हंगामे पर अविमुक्तेश्वरानंद ने पहली बार बयान दिया है। उन्होंने कहा- हमारे ऊपर आक्रमण इसलिए किया गया है, क्योंकि हम गो-रक्षा की बात कर रहे हैं। हम इनकी (भाजपा) आंख की किरकिरी बन गए हैं, कितना भी परेशान करें, मैं पीछे नहीं हटूंगा। पढ़ें पूरी खबर...
हरियाणा के जींद जिले में एक किसान के बैंक खाते से अज्ञात साइबर ठगों ने 6 लाख 48 हजार 600 रुपए निकाल लिए। इस दौरान उसका मोबाइल फोन हैक कर लिया गया था। उस पर न तो कोई कॉल आ रही थी और न ही कोई कॉल जा रही थी। किसान की शिकायत पर साइबर थाना जींद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नरवाना क्षेत्र के गांव दनौदा निवासी कर्मबीर ने बताया कि वह खेती-बाड़ी का काम करता है। 13 जनवरी को वह अपने घर के चौबारे में था और उसने अपना मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाया हुआ था। कुछ देर बाद उसका भाई ऊपर आया और बताया कि उसका फोन नहीं मिल रहा है। जब कर्मबीर ने फोन चेक किया तो पाया कि उसके मोबाइल नंबर पर कोई कॉल नहीं आ रही थी और न ही जा रही थी। चार ट्रांजैक्शन में निकाले गए रुपए कर्मबीर ने बताया कि इसके बाद उसके फोन पर HDFC बैंक खाते से चार ट्रांजैक्शन में कुल ₹6 लाख 48 हजार 600 रुपए कटने के मैसेज आए। जांच में पता चला कि उसका मोबाइल नंबर बंद हो चुका था और फोन हैक कर ठगों ने खाते से रकम निकाल ली। बैंक ने बताया फोन हैक होने की आशंका कर्मबीर ने तुरंत HDFC बैंक उचाना जाकर घटना की जानकारी दी। बैंक मैनेजर ने बताया कि यह साइबर फ्रॉड का मामला है और बैंक की कोई गलती नहीं है। इसके बाद कर्मबीर ने तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल कर शिकायत दर्ज करवाई। पुलिस ने दर्ज किया मामला किसान की लिखित शिकायत पर साइबर थाना जींद पुलिस ने धारा 318(4) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने बताया कि ऑनलाइन शिकायत और बैंक ट्रांजैक्शन डिटेल के आधार पर जांच शुरू कर दी गई है। साइबर टीम ठगों के खातों और ट्रांजैक्शन की ट्रेसिंग में जुटी है।
खरगोन की साइबर सेल पुलिस ने 112 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 22 लाख 40 हजार रुपये बताई गई है। रविवार सुबह 11:30 बजे पुलिस अधीक्षक (एसपी) रवींद्र वर्मा ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (एएसपी) बिट्टू सहगल और खरगोन एसडीओपी रोहित लखारे की मौजूदगी में यह स्मार्टफोन पीड़ितों को सौंपे। इस दौरान साइबर धोखाधड़ी के प्रति जागरूकता और CEIR पोर्टल के बारे में भी जानकारी दी गई। इन कंपनियों के फोन बरामदबरामद मोबाइलों में वन प्लस, सैमसंग, रेडमी, वीवो, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो और पोको जैसी कंपनियों के फोन शामिल हैं। हर मोबाइल की कीमत 10 हजार से 25 हजार रुपये के बीच है। साइबर सेल टीम ने गुम मोबाइलों की शिकायतों के आधार पर तकनीकी मदद और CEIR पोर्टल की सहायता से इन्हें ढूंढा। इस काम में साइबर सेल प्रभारी एसआई दीपक तलवारे, हेड कांस्टेबल आशीष अजनारे, आरक्षक अभिलाष डोंगरे, मगन अलावा, सोनू वर्मा और सचिन चौधरी की टीम शामिल थी। साइबर सेल ने लोगों ये टिप्स दिए
इंदौर के चंदन नगर थाना क्षेत्र में ऑनलाइन ठगी का मामला सामने आया है। यहां एक व्यक्ति के बैंक खाते से 1 लाख 60 हजार रुपए निकाल लिए गए। चंदन नगर पुलिस ने शनिवार को रामचंद्र प्रजापत, निवासी डी सेक्टर, राजनगर की शिकायत पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। पीड़ित रामचंद्र क्लॉथ मार्केट में प्यून का काम करते हैं। उन्होंने बताया कि 11 जनवरी को उनका मोबाइल चोरी हो गया था। इसके अगले दिन उन्होंने नया मोबाइल खरीदा और उसमें वही सिम कार्ड डाला। इसके बाद जब उन्होंने फोन-पे ऐप के माध्यम से अपना बैंक खाता चेक किया, तो खाते से 1 लाख 60 हजार रुपए गायब पाए गए। रामचंद्र ने जब फोन-पे की ट्रांजेक्शन हिस्ट्री चेक की, तो पता चला कि पहला ट्रांजेक्शन सिंहासा वाइन शॉप पर हुआ था। इसके बाद अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर किए गए। घटना की जानकारी उन्होंने अपने परिवार को दी और फिर साइबर सेल में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद चंदन नगर पुलिस ने मामले में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
राजाजीपुरम इलाके में शुक्रवार रात लुटेरे पांच मिनट के अंदर दो मोबाइल छीनकर फरार हो गए। युवक घर के पास टहल रहा था। इस दौरान बाइक से दो लुटेरों ने घटना को अंजाम दिया। भागने के दौरान रास्ते में एक अन्य युवक का मोबाइल छीनकर भाग निकले। पुलिस मुकदमा दर्ज करके मामले की जांच कर रही है। तालकटोरा थाना क्षेत्र के सी-ब्लॉक राजाजीपुरम निवासी आशुतोष त्रिपाठी ने बताया कि शुक्रवार की रात करीब 10 बजे वह घर के पास टहल रहे थे। इस दौरान एक अज्ञात बाइक सवार ने झपट्टा मारकर उनका सैमसंग मोबाइल छीन लिया और मौके से फरार हो गया। भागते समय दूसरे युवक को निशाना बनाया घटना के कुछ ही दूरी पर उसी बाइक सवार ने सेक्टर-13 राजाजीपुरम निवासी विनय कुमार श्रीवास्तव से भी मोबाइल छीन लिया। विनय कुमार उस समय मोबाइल से बात करते हुए जा रहे थे। झपटमार दोनों मोबाइल छीनने के बाद तेज रफ्तार में बाइक से भाग निकला। पीड़ितों ने बाइक सवार लुटेरों का पीछा करने का प्रयास किया लेकिन बाइक सवार अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। इंस्पेक्टर तालकटोरा कुलदीप सिंह का कहना है कि आरोपियों की तलाश में टीमें लगी हैं, जल्द ही गिरफ्तार किए जाएंगे।
इंदौर की खजराना पुलिस ने लगातार तीन मोबाइल लूटने वाले बदमाशों को रविवार गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने राह चलते लोगों से मोबाइल लूटे थे। पुलिस ने उन्हें सीसीटीवी फुटेज और बाइक नंबर के आधार पर दबोच लिया। टीआई मनोज सेंधव की टीम को सूचना मिली कि 22 जनवरी की रात शिवकुमार कनाडे निवासी खजराना जब पैदल जा रहे थे, तब बाइक सवार दो बदमाशों ने उनके हाथ से मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए। आरोपियों ने राबर्ट चौराह और मालवीय नगर पेट्रोल पंप के पास भी लूट की वारदात की थी। पुलिस ने कार्रवाई कर सुफियान और अर्जुन नामक बदमाशों को गिरफ्तार किया। बताया जाता है कि आरोपियों ने अन्य लूट की वारदातें भी कबूल की हैं। पुलिस उनके बारे में और जानकारी जुटा रही है। आरोपियों ने बताया कि वे अपने शौक और मौज के लिए मोबाइल लूटते थे और जेल रोड के एक व्यापारी को मोबाइल बेचते थे। पुलिस की टीम फिलहाल आरोपियों से अधिक पूछताछ कर रही है।
दतिया में मोबाइल विवाद के बाद फायरिंग:परिवार को दी जान से मारने की धमकी, चार आरोपियों पर मामला दर्ज
दतिया के बड़ौनी थाना क्षेत्र के ग्राम घुघसी में शनिवार शाम मोबाइल फोन की खरीद–बिक्री को लेकर चल रहे विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। गांव निवासी पर्वत सिंह के बेटे ने आरोपी सूरज रावत को मोबाइल फोन बेचा था। कुछ दिन बाद फोन की डिस्प्ले टूट गई, जिससे दोनों पक्षों में विवाद हुआ। पहले इस बात को आपसी समझौते से शांत कर दिया गया था, लेकिन रंजिश खत्म नहीं हुई। विवाद के बाद की फायरिंगशनिवार शाम आरोपी सूरज रावत अपने साथियों रिंकेश रावत, टुंडे रावत और लोकेन्द्र रावत के साथ पर्वत सिंह के घर पहुंचा। आरोप है कि उन्होंने परिवार के साथ गाली-गलौज की और कट्टे से फायरिंग शुरू कर दी। एक गोली घर के मुख्य गेट पर लगी, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पर्वत सिंह ने कहा कि अगर गोली गेट से टकराकर नहीं रुकती तो परिवार को गंभीर नुकसान हो सकता था। जान से मारने की धमकी दीआरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसकर मारपीट की और सामान फेंककर तोड़फोड़ की। इसके अलावा बाहर खड़ी मोटरसाइकिल और ट्रैक्टर को भी नुकसान पहुंचाया। जाते समय उन्होंने पूरे परिवार को जान से मारने की धमकी भी दी, जिससे पूरे गांव में दहशत फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही बड़ौनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी दिनेश राजपूत ने बताया कि चार आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर के भार्गव कैंप नगर क्षेत्र में दिनदहाड़े गुंडागर्दी का मामला सामने आया है। जहां 4 से 5 युवकों द्वारा एक युवक को जबरन बाइक पर बैठाकर ले जाया गया और उसके साथ मारपीट की गई। पीड़ित युवक सब्जी बेचने का काम करता है। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। मारपीट के बाद आरोपी युवक को खुद छोड़कर फरार हो गए। पीड़ित युवक राम कुमार का कहना है कि कुछ युवक उसे जबरन बाइक पर बैठाकर घासमंडी की ओर ले गए। जहां उससे पूछताछ की गई और मारपीट की गई। युवक के अनुसार, आरोपियों ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया गया। हालांकि, मोबाइल को लेकर बयान में विरोधाभास सामने आया है। एक तरफ युवक कह रहा है कि फोन तोड़ा गया, वहीं दूसरी ओर यह भी कहा जा रहा है कि फोन गिरने से टूट गया। पीड़ित बोला- शक के आधार पर उठाया बताया जा रहा है कि, यह पूरा मामला किसी लड़की से बातचीत को लेकर हुआ, लेकिन पीड़ित युवक का कहना है कि उसे किसी भी लड़की या ऐसे किसी मामले की कोई जानकारी नहीं है। युवक ने साफ कहा कि उसे बेवजह शक के आधार पर उठाया गया। घटना की सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर हालात का जायजा लिया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच करने की बात कही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। दबाव में पूरी बात छिपा रहा युवक : परिजन परिजनों का आरोप है कि युवक पूरी सच्चाई नहीं बता पा रहा और किसी दबाव में है। युवक के गले और शरीर पर चोट के निशान भी देखे गए हैं। परिजनों ने पुलिस को लिखित शिकायत सौंप दी है और न्याय की मांग की है। स्थानीय लोगों का कहना है कि भरे बाजार से किसी युवक को जबरन उठाकर ले जाना बेहद गंभीर मामला है और इससे इलाके की कानून व्यवस्था पर सवाल खड़े होते हैं। लोगों ने पुलिस प्रशासन से सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
कटनी के जंगल में जुआ फड़ पर छापा:8 आरोपी गिरफ्तार; 1.13 लाख कैश और 18 बाइक और 8 मोबाइल जब्त
कटनी की बरही थाना पुलिस ने ग्राम करौंदी कला के पास घने जंगल में चल रहे एक बड़े जुआ फड़ पर दबिश दी। इस कार्रवाई में पुलिस ने 8 जुआरियों को गिरफ्तार किया है और मौके से नगदी सहित वाहन जब्त किए हैं। मुखबिर की सूचना पर जंगल में घेराबंदी बरही थाना प्रभारी अरविंद चौबे को सूचना मिली थी कि करौंदी कला के सुनसान जंगल में बड़े पैमाने पर जुआ खिलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस की एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस ने जंगल में चारों तरफ से घेराबंदी की और अचानक छापा मार दिया। पुलिस को देख जुआरियों में हड़कंप मच गया और कई लोगों ने भागने की कोशिश की, लेकिन मुस्तैद जवानों ने 8 आरोपियों को धर दबोचा। नगदी के साथ मिली बाइकें पुलिस ने मौके से 1 लाख 13 हजार 800 रुपए नगद, 8 महंगे स्मार्टफोन और ताश की गड्डियां बरामद की हैं। सबसे चौंकाने वाली बात यह रही कि फड़ के पास से कुल 18 मोटरसाइकिलें मिलीं। इनमें से 12 बाइक लावारिस हालत में पाई गईं, जिनके मालिक पुलिस को देखकर भाग निकले। पुलिस ने सभी वाहनों को जब्त कर लिया है। ये जुआरी चढ़े पुलिस के हत्थे पकड़े गए आरोपियों में बरही और आसपास के क्षेत्रों के रहने वाले सतीश सोनी, जितेंद्र गुप्ता, राम जी ताम्रकार, राकेश जयसवाल, शेख राजा, आशीष सोनी, धनेंद्र द्विवेदी और नफीस खान शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, इनमें से कई आरोपियों का पुराना आपराधिक रिकॉर्ड भी है और ये आदतन जुआ खिलाने का काम करते हैं। सख्त धाराओं में मामला दर्ज थाना प्रभारी ने बताया कि पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट और भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया है। लावारिस मिली मोटरसाइकिलों को भी पुलिस एक्ट के तहत जब्त कर उनके मालिकों की तलाश की जा रही है। पुलिस की इस कार्रवाई से क्षेत्र के सट्टेबाजों और जुआरियों में खौफ का माहौल है।
इंदौर के एरोड्रम क्षेत्र में रहने वाले एक रिटायर्ड इंस्पेक्टर का बेटा तीन दिन से लापता है। पुलिस को जानकारी मिली कि वह अपने भाई से पातालपानी जाकर आत्महत्या करने की बात कहकर निकला था। इसके बाद परिजन पातालपानी पहुंचे, लेकिन वहां उसका कोई सुराग नहीं मिला। 21 जनवरी की शाम रिटायर्ड इंस्पेक्टर अपने बड़े बेटे के साथ थाने पहुंचे और गुमशुदगी दर्ज कराई। शनिवार को पातालपानी क्षेत्र में युवक की चप्पल मिलने की सूचना सामने आई। हालांकि, रात होने के कारण सर्चिंग नहीं की जा सकी। जानकारी के मुताबिक, रविवार सुबह एनडीआरएफ की टीम पातालपानी क्षेत्र में सर्च ऑपरेशन चलाएगी। चिड़ियाघर जाने की बात कहकर घर से निकला था युवक रिटायर्ड इंस्पेक्टर जगन्नाथ गवई का बेटा मनीष 21 जनवरी को घर से चिड़ियाघर जाने की बात कहकर निकला था। शाम तक जब वह नहीं पहुंचा तो जगन्नाथ ने बेटे के मोबाइल पर कॉल किया। मनीष ने एक घंटे में घर लौटने की बात कही। लेकिन कुछ देर बाद बड़े बेटे दीपक का कॉल आया। उसने बताया कि उसके मोबाइल पर मनीष का एक मैसेज आया है, जिसमें लिखा है कि वह पातालपानी जाकर आत्महत्या करने वाला है। इसके बाद जगन्नाथ ने मनीष को कॉल किया, लेकिन उसका मोबाइल स्विच ऑफ था। वह बेटे दीपक को लेकर पातालपानी भी गए, लेकिन वहां मनीष के बारे में कोई जानकारी नहीं मिल सकी। महू में खाई के पास मिली युवक की चप्पल इसके बाद रात में परिजन एरोड्रम थाने पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर आसपास के थानों को भी इसकी जानकारी दे दी। शनिवार को महू पुलिस को सूचना मिली कि खाई के पास एक युवक की चप्पल पड़ी हुई है। जांच में यह चप्पल मनीष गवई की होने की जानकारी सामने आई है। एडिशनल एसपी रूपेश द्विवेदी के अनुसार, शाम को कुछ लोग मौके पर पहुंचे थे, लेकिन अंधेरा होने के कारण सर्चिंग नहीं की जा सकी। उन्होंने बताया कि रविवार सुबह मनीष की तलाश के लिए एनडीआरएफ की टीम खाई में सर्चिंग अभियान चलाएगी।
मुजफ्फरपुर पुलिस ने अपनी पहल 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत 51 लोगों को उनके खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन वापस लौटा दिए हैं। शनिवार को जिला पुलिस कार्यालय में आयोजित एक विशेष प्रेस कॉन्फ्रेंस में सिटी एसपी मोहीबुल्ला अंसारी ने इन मोबाइलों को उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपा। शहर के विभिन्न थाना क्षेत्रों से मोबाइल चोरी और गुम होने की लगातार शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के मद्देनजर, एसएसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। पुलिस की तकनीकी शाखा (Technical Cell) ने वैज्ञानिक अनुसंधान और सर्विलांस की मदद से इन 51 मोबाइल फोनों को ट्रैक कर बरामद किया। जनता के बीच विश्वास बढ़ाने की कोशिश अपनी खोई हुई संपत्ति वापस पाकर लोगों के चेहरे पर खुशी साफ देखी गई। यह पहल पुलिस और जनता के बीच विश्वास बढ़ाने और अपराध नियंत्रण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। सिटी एसपी मोहीबुल्ला अंसारी ने बताया कि यह अभियान केवल मोबाइल रिकवरी तक सीमित नहीं है, बल्कि इसका मुख्य उद्देश्य आम जनता के मन में सुरक्षा का भाव पैदा करना और पुलिस के प्रति विश्वास को मजबूत करना है। भावुक हुए मोबाइल धारक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान जब सिटी एसपी ने एक-एक कर लोगों को उनके फोन सौंपे, तो माहौल काफी सुखद हो गया। कई मोबाइल धारकों ने बताया कि उनके फोन की कीमत भले ही बहुत अधिक न हो, लेकिन उसमें मौजूद निजी डेटा और यादें उनके लिए अनमोल थीं। एक पीड़ित ने बताया, मैंने उम्मीद छोड़ दी थी कि मेरा फोन कभी वापस मिलेगा, लेकिन पुलिस की इस तत्परता ने हैरान कर दिया। मुजफ्फरपुर पुलिस का बहुत-बहुत आभार। अपराधियों पर पुलिस का कड़ा रुख सिटी एसपी मोहीबुल्ला अंसारी ने मीडिया से बात करते हुए स्पष्ट किया कि पुलिस केवल बरामदगी नहीं कर रही, बल्कि चोरी और छिनतई में शामिल गिरोहों को भी चिह्नित कर रही है। उन्होंने कहा कि बरामद किए गए फोनों के आधार पर अपराधियों की कुंडली खंगाली जा रही है और इस सिंडिकेट में शामिल लोगों पर कठोर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने चेतावनी दी कि चोरी के मोबाइल खरीदना या बेचना भी अपराध की श्रेणी में आता है और ऐसे लोगों को बख्शा नहीं जाएगा। एसपी ने नागरिकों से जागरूक रहने की अपील की। उन्होंने सुझाव दिया कि यदि किसी का मोबाइल गुम या चोरी हो जाता है, तो वे तुरंत नजदीकी थाने में सनहा (Diary) दर्ज कराएं। साथ ही, उन्होंने भारत सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल के महत्व पर जोर दिया।
दुर्ग में जुआ खेलते 21 आरोपी गिरफ्तार:1.91 लाख कैश, कार-बाइक और मोबाइल समेत 9.66 लाख का माल जब्त
दुर्ग जिले के नंदिनी नगर थाना क्षेत्र के ग्राम रवेलीडीह में जुए की फड़ पर दुर्ग पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 21 जुआरियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से करीब 1 लाख 91 हजार रुपए कैश, एक कार, 10 बाइक और 25 मोबाइल समेत कुल 9 लाख 66 हजार रुपए का मशरुका जब्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, 24 जनवरी को नंदिनी नगर थाना पुलिस को मुखबिर से सूचना प्राप्त हुई थी कि ग्राम रवेलीडीह में टीकाराम वर्मा के घर पर कुछ लोग रुपए-पैसे का दांव लगाकर काट पत्ती नामक जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही एसीसीयू टीम का गठन किया गया और तत्काल मौके पर दबिश दी गई। घेराबंदी कर आरोपियों को किया गिरफ्तार रेड के दौरान पुलिस ने चारों ओर से घेराबंदी कर जुए की फड़ पर छापा मारा। मौके से 52 पत्ती ताश के साथ 21 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के पास से 1 लाख 91 हजार रुपए नकद, एक आल्टो कार जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए आंकी गई है। 7 बाइक जिनकी कुल कीमत लगभग 3 लाख 50 हजार रुपए, और 25 मोबाइल जिनकी अनुमानित कीमत 3 लाख 75 हजार रुपए बताई गई है। कुल मिलाकर 9 लाख 66 हजार रुपए का मशरुका पुलिस ने अपने कब्जे में लिया। अलग-अलग क्षेत्र के रहने वाले हैं आरोपी गिरफ्तार आरोपियों में खुर्सीपार, सूरडंग, दुर्ग, स्मृति नगर, कोहका, नगपुरा, वैशाली नगर, जामुल, खपरी, रामपुर, बोडेगांव सहित आसपास के क्षेत्रों के निवासी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, सभी आरोपियों के विरुद्ध थाना नंदिनी नगर में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम 2022 की धारा 3(2) के तहत वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इन्हें किया गया गिरफ्तार सुखेश नयां खुर्सीपार, कमलेश्वर सिंह सुरडुंग, धनराज चदिवार दुर्ग, प्रशांत वर्मा स्मृति नगर, नयन साहू कोहका, संतोष सेन नगपुरा, जसवंत गोस्वामी नगपुरा, धर्मेंद्र कुमार सिन्हा नगपुरा, संतोष शुक्ला सुरडुंग, मोहित वर्मा वैशाली नगर, चेतन शर्मा खपरी, प्रवीण सिंह रामपुर, दुखीराम वैष्णव जामुल, ध्रुव कुमार सोनी कोहका, दिनेश सोनी दुर्ग, मोहित जायसवाल जामुल, विक्की साहू स्मृति नगर, प्रकाशदास गोस्वामी नगपुरा, प्रहलाद निर्मलकर जामुल, हिमांशु निषाद कोहका, सोहन देवांगन बोडेगांव शामिल हैं।
तरनतारन पुलिस ने विभिन्न थानों में दर्ज कई मामलों में बड़ी कार्रवाई करते हुए कुल 7 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन गिरफ्तारियों के दौरान 1 किलो 11 ग्राम हेरोइन, 02 मोबाइल फोन और 1 मोटरसाइकिल सहित भारी मात्रा में नशीले पदार्थ और अन्य सामान बरामद किया गया है। थाना सदर पट्टी में दर्ज केस नंबर 14 क्राइम 21/61/85 NDPS एक्ट के तहत सावन कुमार उर्फ टीपू जो बड़ा महुल्ला वार्ड नंबर 6 का रहने वाला हैं उसे गिरफ्तार किया।आरोपी के पास से 10 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। नशीली गोलियां और ड्रग मनी बरामद इसी थाने में मुकदमा नंबर 12 जुर्म 22/27 A/29/61/85 NDPS एक्ट के तहत जसविंदर सिंह गांव संगवा और मनप्रीत सिंह उर्फ बबलू गांव कुल्ला के रहने वालों को गिरफ्तार किया गया। इनके पास से 410 नशीली गोलियां और 2570 रुपए ड्रग मनी बरामद की गई। हेरोइन और पैसे बरामद बता दे कि भिखीविंड सबडिवीजन के थाना वल्टोहा में मुकदमा नंबर 15 NDPS एक्ट की धाराओं 21B, 27A के तहत दर्ज किया गया। इसमें आकाशदीप सिंह जो पट्टी जीवन नगर, वल्टोहा को गिरफ्तार कर उसके पास से 7 ग्राम हेरोइन और 200 रुपए ड्रग मनी बरामद की गई। हेरोइन, बाइक और फोन बरामद वहीं एक अन्य मामले में, मुकदमा नंबर 20 धारा 21सी/29/61/85 एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज किया गया। इसमें जतिंदर सिंह नूरदी का रहने वाला, अर्शदीप सिंह वासी नारली और अमृत सिंह वासी नारली के रहने वालों को गिरफ्तार किया गया। इनसे 01 किलो 11 ग्राम हेरोइन, 2 मोबाइल फोन और 1 मोटरसाइकिल बरामद हुई। 1 किलो हेरोइन और बाइक बरामद मुकदमा नंबर 21 जुर्म 21सी/61/85 एनडीपीएस एक्ट के तहत गुरविंदरपाल सिंह उर्फ गुरी पुत्र सुखदेव सिंह बट्ठे भैणी वाले वासी माड़ी मेघा थाना खालड़ा को गिरफ्तार किया गया। उसके पास से 01 किलो 10 ग्राम हेरोइन और 1 मोटरसाइकिल बरामद की गई। मोबाइल और अन्य सामान बरामद इसके अतिरिक्त, सी.आई.ए. स्टाफ तरनतारन ने थाना खेमकरण में दर्ज मुकदमा नंबर 09 जुर्म 21सी/61/85 एन.डी.पी.एस. एक्ट के तहत निशान सिंह वासी धोलन को गिरफ्तार किया। उसके पास से 392 ग्राम हेरोइन व एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पीओ घोषित अपराधी गिरफ्तार इसी सिलसिले में पी.ओ. स्टाफ तरनतारन ने आई.पी.सी. मामले में वांछित पी.ओ.आरोपी को भी गिरफ्तार किया है। आरोपी करनदीप सिंह उर्फ करन वासी मरगिंदपुर को कच्चा पक्का से गिरफ्तार किया गया। उसे कोर्ट ने 82-83 सी.आर.पी.सी. के तहत पी.ओ. घोषित किया गया था।
मुंगेर पुलिस का 'ऑपरेशन मुस्कान':96 खोए मोबाइल असली मालिकों को लौटाए गए, जनता ने एसपी को सराहा
मुंगेर पुलिस द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत शनिवार को 96 खोए हुए मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। यह कार्यक्रम एसपी कार्यालय परिसर में आयोजित किया गया, जहां विभिन्न जिलों से आए पीड़ितों को उनके फोन सौंपे गए। इस अवसर पर एसपी कार्यालय में बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे। जैसे ही पुलिस अधिकारियों ने एक-एक कर मोबाइल धारकों को उनके फोन लौटाए, वहां मौजूद लोगों ने तालियां बजाकर मुंगेर पुलिस की सराहना की। कई पीड़ितों ने बताया कि उन्हें मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन पुलिस की सक्रियता से यह संभव हो सका। असली मालिकों को फोन सौंपे गएपुलिस अधिकारियों ने बताया कि 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में दर्ज मोबाइल गुमशुदगी के मामलों की तकनीकी जांच की गई। साइबर सेल और संबंधित थाना पुलिस के समन्वय से इन मोबाइलों की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें बरामद किया गया। इसके बाद सत्यापन प्रक्रिया पूरी कर असली मालिकों को फोन सौंपे गए। मुंगेर पुलिस का आभार व्यक्त कियामोबाइल वापस मिलने पर पीड़ितों ने मुंगेर पुलिस का आभार व्यक्त किया। कई लोगों ने कहा कि आज के समय में मोबाइल केवल संपर्क का साधन नहीं है, बल्कि इसमें व्यक्तिगत और महत्वपूर्ण जानकारी भी होती है। ऐसे में फोन वापस मिलना उनके लिए बड़ी राहत की बात है। एसपी ने आम लोगों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में या ऑनलाइन माध्यम से शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने आश्वासन दिया कि भविष्य में भी 'ऑपरेशन मुस्कान' के माध्यम से जनता की समस्याओं का समाधान इसी तरह किया जाता रहेगा।
इंदौर में मोबाइल लूटकर भाग रहे थे:लोग पीछे लगे तो स्कूटी में जा टकराए, दोनों को पुलिस को सौंपा
इंदौर के भंवरकुआ इलाके में एक व्यक्ति का मोबाइल लेकर भाग रहे दो लड़कों को लोगों ने पकड़ा है। आरोपियों को पुलिस के सुपुर्द किया है। दोनों से अन्य वारदातों को लेकर पुलिस पूछताछ कर रही है।भंवरकुआ पुलिस के मुताबिक अनूप करोले निवासी खजराना ने बताया कि वह अपनी बाइक पर आईटी पार्क चौराहे के यहां खड़े होकर मोबाइल पर बात कर रहा था। पास में उनकी पत्नी संगीता भी खड़ी थी। तभी बाइक से दो लड़के आए। उनसे से एक ने हाथ पर झपट्टा मारा। इस दौरान आरोपियों ने अनूप का मोबाइल छीन लिया। वह आजाद नगर की तरफ भागे। तभी रास्ते में एक स्कूटी से टकराकर घायल होकर गिर गए। लोगों ने उन्हें पकड़ ओर जमकर पिटाई की। आरोपियों से चोरी के ओर मोबाइल मिलने की संभावना है।भंवरकुआ पुलिस के मुताबिक पकड़ाए आरोपियों के नाम ओमप्रकाश पुत्र मनोज मालवीय निवासी छोटी अमर पैलेस और अमन पुत्र चरध रानवे निवासी पवनपुत्र कॉलोनी है। दोनों पूर्व में भी लूट की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। पुलिस अभी आरोपियों से पूछताछ कर रही है।
गुम मोबाइलों को ट्रेस करने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बीकानेर पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। साइबर सेल और विभिन्न थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में कुल 170 (कीमत दस हजार तक) गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपए आंकी गई है। बुजुर्ग, महिलाएं और छात्र रहे ज्यादा पीड़ित पुलिस के अनुसार गुम हुए मोबाइलों में अधिकांश बुजुर्गों, महिलाओं, विद्यार्थियों और मजदूर वर्ग के थे। कई मामलों में मोबाइल किश्तों पर खरीदे गए थे, जिससे लोगों को आर्थिक और मानसिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। अन्य राज्यों से भी हुई बरामदगी इस विशेष अभियान के तहत केवल राजस्थान ही नहीं, बल्कि एमपी, बिहार, यूपी, हरियाणा सहित अन्य राज्यों से भी गुम मोबाइल ट्रेस कर बरामद किए गए। ऐसे हुई कार्रवाई जिला पुलिस अधीक्षक कावेंद्र सिंह सागर ने बताया कि जिले में मोबाइल गुम होने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। दूरसंचार विभाग के ऑनलाइन पोर्टल CEIR पर दर्ज शिकायतों और मोबाइल गुमशुदगी रिपोर्ट के आधार पर साइबर सेल व थानों को विशेष निर्देश दिए गए। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शहर चक्रवर्ती सिंह राठौड़ व ग्रामीण बनवारी लाल मीणा के निर्देशन में थाना स्तर पर टीमों का गठन किया गया। थानों के अनुसार मोबाइल बरामदगी साइबर अपराध से सतर्क रहने की अपील पुलिस ने मोबाइल लौटाते समय लोगों को साइबर अपराध, सोशल मीडिया फ्रॉड और ऑनलाइन ठगी से बचाव के बारे में भी जानकारी दी। यहाँ कर सकते है शिकायत बीकानेर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत ceir.gov.in पर शिकायत दर्ज करें या cybercrime.gov.in पर साइबर अपराध की रिपोर्ट करें। किसी भी सहायता के लिए हेल्पलाइन 1930 या बीकानेर पुलिस हेल्पलाइन 7877045498 पर संपर्क किया जा सकता है।
पूर्णिया जिले में के. नगर थाना पुलिस ने मोबाइल झपट्टामार गिरोह का पर्दाफाश किया है। गुप्त सूचना के आधार पर गिरोह से जुड़े तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। चोरी के 8 एंड्रॉइड मोबाइल फोन एक अपाची बाइक बरामद की गई है, जिसका इस्तेमाल वारदात को अंजाम देने में किया जाता था। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान परोरा पंचायत के वार्ड 15 निवासी रौशन कुमार सिंह (23), सौरभ कुमार पासवान (23) और वार्ड 16 निवासी मनीष कुमार सिंह (22) के रूप में हुई है। रौशन कुमार पेशे से मछली व्यवसायी है, लेकिन वो अपने व्यवसाय की आड़ में चोरी और झपट्टामारी से लाए गए मोबाइल खरीदने और बेचने का अवैध धंधा कर रहा था। सख्ती से पूछताछ के बाद साथियों का नाम बताया थानाध्यक्ष मुन्ना कुमार पटेल ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि रौशन कुमार सिंह चोरी के मोबाइल की खरीद–फरोख्त में संलिप्त है। सूचना की पुष्टि के बाद एक विशेष पुलिस टीम का गठन किया गया और रौशन के घर पर छापेमारी की गई। छापेमारी के दौरान उसके पास से 5 चोरी के मोबाइल बरामद किए गए और उसे मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया गया। सख्ती से पूछताछ किए जाने पर रौशन ने बताया कि सौरभ कुमार पासवान और मनीष कुमार सिंह झपट्टा मारकर मोबाइल चोरी करते थे और बाद में उसे बेचने के लिए उसके पास लाते थे। रौशन की निशानदेही पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों युवकों को भी गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने मनीष कुमार सिंह के पास से 1 और सौरभ कुमार पासवान के पास से 2 मोबाइल बरामद किए। इस तरह 8 एंड्रॉइड मोबाइल जब्त किए गए हैं। इसके साथ ही वारदात में इस्तेमाल नीले रंग की अपाची बाइक को भी पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है।
पानीपत बस स्टैंड का एक वीडियो सामने आया है जिसमे कांग्रेस के एक नेता की लोग जमकर क्लास ले रहे हैं। नेता बार-बार एक महिला के पैरों की तरफ झुककर फिर घुटनों पर बैठकर माफी मांगते दिख रहे हैं। बताया जा रहा है प्राइवेट बस में महिला का मोबाइल नंबर मांगने से उपजे विवाद के बाद ये सारा हंगामा हुआ। मौके पर मौजूद लोगों ने वीडियो बनाकर वायरल किया। हालांकि इस संबंध में महिला की ओर से किसी थाने में शिकायत देने की बात सामने नहीं आई है। वीडियो में दिख रहे सतपाल वाल्मीकि इसराना हलके से कांग्रेस के टिकट के दावेदारों में शामिल रहे थे। हालांकि इस घटना और वायरल वीडियो को लेकर उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया या पक्ष नहीं आया। दैनिक भास्कर एप की टीम ने जब उनका पक्ष लेने के लिए उनके मोबाइल पर संपर्क किया तो उन्होंने इतना ही कहा- किसी शोक सभा में हूं, अगली सुबह बात करूंगा। पूरे घटनाक्रम से जुड़े PHOTOS... यहां पढ़िए, क्या है पूरा मामला... टिकट की दौड़ में थे शामिलसतपाल वाल्मीकि इसराना विधानसभा क्षेत्र से सक्रिय राजनीति में हैं और 2024 के चुनावों में कांग्रेस की ओर से टिकट के प्रबल दावेदार माने जा रहे थे। इस घटना के बाद कांग्रेस पार्टी के लिए भी असहज स्थिति पैदा हो गई। वहीं स्थानीय विपक्ष अब इस मुद्दे को लेकर कांग्रेस पर हमलावर है। सोशल मीडिया पर इसको लेकर यूजर्स कमेंट कर रहे हैं।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
फ्री मोबाइल रिचार्ज का ऑफर! जानिए त्योहारों में कैसे हो रहा है स्कैम
सोशल मीडिया पर अलग-अलग अवसरों पर फ्री मोबाइल रिचार्ज मिलने का वादा करके लोगों के साथ स्कैम किया जा रहा है.
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

