Roorkee News: महिला यात्री का मोबाइल फोन चोरी
उज्जैनी एक्सप्रेस ट्रेन में सफर कर रही महिला यात्री का मोबाइल फोन चोरी हो गया।
Mirzapur News: मोबाइल से बात कर रहा था चालक, डग्गामार वाहन पलटा, 14 घायल, तीन की हालत गंभीर
Driver was talking on mobile phone; illegal passenger vehicle overturned
जयपुर की खोह नागोरियान थाना पुलिस ने वाट्सएप और टेलीग्राम पर लड़कियों के नाम से फर्जी ID बनाकर लोगों को जाल में फंसाने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर लोगों से संपर्क करते और फिर सेक्सटॉर्शन कर रुपए की मांग करते थे। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल जब्त कर जांच की तो उनमें कई अश्लील फोटो और वीडियो मिले। जयपुर पुलिस की ओर से अवैध गतिविधियों के खिलाफ चलाए जा रहे एरिया डॉमिनेशन अभियान के तहत खोह नागोरियान थाना पुलिस ने सेक्सटॉर्शन के मामले का खुलासा किया। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ में जुट गई है। आरोपियों की पहचान सतीश मीणा(18) निवासी गांव मान्या का बास, तहसील कठूमर, थाना मंडावर, जिला अलवर, हाल ही में प्लॉट नंबर 511, तिरंगा भट्टा, लक्ष्मी सिटी, रिंग रोड के पास, थाना कानोता और हेमंत सैनी(19) निवासी काजीवाड़ा, वार्ड नंबर 24, टोडाभीम, जिला करौली, हाल ही में फ्लैट नंबर 1016, गिरनार अपार्टमेंट, सेक्टर-7, इंदिरा गांधी नगर, जगतपुरा, थाना खोह नागोरियान के रूप में हुई है। दरअसल, आरोपी लड़कियों के नाम से फर्जी वाट्सएप बिजनेस और टेलीग्राम आईडी बनाकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद सेक्स चैट और न्यूड चैट के मैसेज भेजकर उनसे सेक्सटॉर्शन के जरिए रुपए वसूलते थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की जांच में लड़कियों के अनगिनत न्यूड फोटो-वीडियो और बड़ी संख्या में सेक्स चैट मिली हैं। पुलिस अब मोबाइल डेटा का विश्लेषण कर इस पूरे नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी जुटा रही है। टेलीग्राम ग्रुप से नंबर जुटाकर बनाते थे शिकार डीसीपी ईस्ट रंजिता शर्मा ने बताया कि फर्जी वाट्सएप बिजनेस आईडी और टेलीग्राम आईडी बनाकर आरोपी टेलीग्राम के अलग-अलग ग्रुपों से अज्ञात लोगों के मोबाइल नंबर हासिल करते थे। इन नंबरों पर वाट्सएप बिजनेस अकाउंट के जरिए सेक्स चैट और न्यूड चैट के मैसेज भेजे जाते थे। पहले चैट, फिर सेक्सटॉर्शन के नाम पर रुपए लोगों से बातचीत शुरू करने के बाद आरोपी उन्हें सेक्सटॉर्शन के जाल में फंसाते थे। इसके बाद फर्जी आईडी के जरिए उनसे रुपए की मांग की जाती थी। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों की ओर से फेमस ऐप के स्कैनर पर रकम प्राप्त की जाती थी और बाद में सेक्सटॉर्शन से मिली राशि को दूसरे स्कैनर पर भेजकर यूज किया जाता था। इस तरह आरोपी सोशल मीडिया पर फर्जी पहचान बनाकर लोगों को निशाना बनाते और उनसे अवैध रूप से रुपए वसूलते थे। मोबाइल की जांच में खुला पूरा राज पुलिस को जब्त मोबाइलों की प्रारंभिक जांच में लड़कियों के नाम से बनाई गई फर्जी आईडी, अनगिनत न्यूड फोटो और वीडियो और सेक्स चैट मिली है। पुलिस अब बरामद मोबाइलों का विस्तृत तकनीकी विश्लेषण कर रही है। चैट, मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया आईडी और लेनदेन से संबंधित जानकारी के आधार पर यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपियों ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और इस अपराध में इनके साथ अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हैं। खोह नागोरियान थाने में मामला दर्ज मामले में खोह नागोरियान थाना पुलिस ने मुकदमा दर्ज किया है। दोनों आरोपियों से पूछताछ के साथ ही पूरे नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि मोबाइल में मिले डेटा के विश्लेषण के बाद सेक्सटॉर्शन से जुड़े और मामलों का खुलासा हो सकता है। अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से बरामद मोबाइल फोन को जांच के लिए लिया है। इनमें मौजूद फोटो-वीडियो, सेक्स चैट, मोबाइल नंबर, सोशल मीडिया अकाउंट और लेनदेन से संबंधित डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार जांच के दौरान सामने आने वाले अन्य संदिग्धों और इस नेटवर्क में शामिल लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई ये कार्रवाई एडिशनल डीसीपी ईस्ट पारस जैन के सुपरविजन में और एसीपी मालवीय नगर विनोद शर्मा के नेतृत्व में खोह नागोरियान थाना अधिकारी प्रकाश बिश्नोई मय टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
सीहोर पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए फर्जी कॉल सेंटर और ‘FX Trade’ नाम के ट्रेडिंग ऐप से चल रहे गिरोह का भंडाफोड़ किया है। कोतवाली थाना पुलिस ने मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। प्रारंभिक जांच में 20 लाख रुपए से ज्यादा की ठगी सामने आई है। पुलिस को ठगी की रकम करोड़ों रुपए तक पहुंचने की आशंका है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 5 कंप्यूटर, 1 लैपटॉप, कई मोबाइल फोन, फर्जी बैंक खातों की पासबुक, चेकबुक और सिम कार्ड जब्त किए हैं। लोन का झांसा देकर लिए दस्तावेज शाजापुर निवासी अभिषेक मुकाती ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि मुख्य आरोपी सतीश ने सीहोर बस स्टैंड पर लोन दिलाने का झांसा देकर उनके बैंक खाते से जुड़े दस्तावेज, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड ले लिए थे। बाद में अभिषेक को पता चला कि उनके बैंक खाते का इस्तेमाल साइबर ठगी की रकम मंगाने के लिए किया जा रहा है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 6 महीने से चल रहा था कॉल सेंटर जांच के दौरान पुलिस ने शीतल बिहार कॉलोनी में दबिश दी। यहां पिछले छह महीने से अवैध कॉल सेंटर संचालित किया जा रहा था। पुलिस ने मौके से आरोपियों को गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि आरोपी सतीश अपने साथियों के साथ मिलकर लोगों को फोन करते थे। वे इन्वेस्टमेंट और ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर लोगों से पैसे लगवाते थे। खुद का बनाया था फर्जी FX Trade ऐप गिरोह ने लोगों को ठगने के लिए अपना फर्जी ‘FX Trade’ ऐप बना रखा था। आरोपी लोगों को इस ऐप के जरिए पैसे लगाने के लिए कहते थे। रकम सीधे किराए पर लिए गए बैंक खातों में जमा कराई जाती थी। पुलिस के अनुसार, मनी ट्रेल से बचने के लिए आरोपी रकम जमा होने के बाद तुरंत एटीएम से नकदी निकाल लेते थे। जांच में यह भी सामने आया है कि इन बैंक खातों के खिलाफ देश के अलग-अलग राज्यों में कई शिकायतें दर्ज हैं। इससे पुलिस को गिरोह के अंतरराज्यीय नेटवर्क से जुड़े होने की जानकारी मिली है। रोज 100 लोगों को निशाना बनाने का टारगेट पुलिस के मुताबिक, कॉल सेंटर में 6 कर्मचारी काम करते थे। उन्हें हर दिन करीब 100 लोगों को फोन कर निशाना बनाने का काम दिया जाता था। आरोपी संपन्न लोगों के मोबाइल नंबर ब्लड डोनेशन डायरेक्ट्री से हासिल करते थे। इसके बाद उन्हें फोन कर निवेश और ट्रेडिंग में मुनाफे का झांसा दिया जाता था। पुलिस ने सतीश मेवाड़ा और कल्याण मेवाड़ा, दोनों निवासी ग्राम भैंसरोद, शाजापुर तथा शुभम वर्मा निवासी ग्राम सेमरा दांगी, सीहोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है। जांच के दौरान ठगी की रकम और गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के बारे में और जानकारी सामने आने की उम्मीद है।
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कुदरा थाना क्षेत्र के डेरवा गांव में एक युवक को सांप ने डस लिया। पीड़ित की पहचान डेरवा गांव निवासी हरिशंकर राम के पुत्र अजय कुमार के रूप में हुई है। घटना के बाद उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) कुदरा में भर्ती कराया गया, जहां उसका उपचार जारी है। अजय कुमार ने बताया कि वह गांव में दीपक से अपना मोबाइल फोन लेने गए थे। मोबाइल लेकर पैदल घर लौटते समय रास्ते में एक गड्ढा पार करते वक्त उनका पैर अचानक सांप पर पड़ गया। इसके बाद सांप ने उनके पैर में डस लिया। सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया सांप के डसते ही अजय ने शोर मचाया और परिजनों को सूचना दी। उसकी बिगड़ती हालत देखकर परिजनों ने उसे तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कुदरा पहुंचाया। वहां के चिकित्सा दल ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए सदर अस्पताल भभुआ रेफर कर दिया। स्वास्थ्य केंद्र के डॉक्टरों के अनुसार, समय पर अस्पताल पहुंचने के कारण अजय की हालत फिलहाल स्थिर और खतरे से बाहर है। परिजनों ने राहत की सांस ली है।
फरीदाबाद साइबर थाना सेंट्रल की टीम ने ऑस्ट्रेलिया में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के 5 सदस्यों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान शिवम, तरुण शुक्ला निवासी गाजियाबाद, राजीव, अंशुल और विशाल गिरी निवासी गौतमबुद्ध नगर, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, आरोपी आपस में दोस्त हैं। इनमें अंशुल बीसीए पास है, जबकि बाकी आरोपी आठवीं से 12वीं कक्षा तक पढ़े हैं। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि सेक्टर-17 निवासी रोहित ने साइबर थाना सेंट्रल में शिकायत दी थी। पीड़ित ने बताया कि नौ जून को उसके मोबाइल पर एक अनजान नंबर से फोन आया। फोन करने वाले ने अपना नाम विशाल बताया और खुद को नौकरी डॉट कॉम का प्रतिनिधि बताया। आरोपी ने ऑस्ट्रेलिया की इंजीनियरिंग कंपनी में नौकरी लगवाने का झांसा दिया। अलग-अलग ट्रांजेक्शन में वसूले 98,600 रुपए नौकरी दिलाने के नाम पर आरोपी ने पीड़ित से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 98,600 रुपए अपने खातों में ट्रांसफर करा लिए। इसके बाद जब पीड़ित को नौकरी नहीं मिली तो उसे ठगी का अहसास हुआ और उसने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। सिम उपलब्ध कराने का काम करते थे आरोपी जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि जिस मोबाइल नंबर से पीड़ित को फोन किया गया था, वह सिम शिवम के नाम पर पंजीकृत थी। पुलिस के मुताबिक, शिवम ने यह सिम तरुण को दी, तरुण ने राजीव को, राजीव ने अंशुल को और अंशुल ने विशाल को दे दी। जांच में सामने आया कि आरोपी सिम उपलब्ध कराने का काम करते थे। पुलिस कर रही गिरोह के नेटवर्क की जांच पुलिस ने पांचों आरोपियों को गिरफ्तार कर पूछताछ शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अब तक कितने लोगों को नौकरी दिलाने के नाम पर ठगा है और इस नेटवर्क से अन्य कौन-कौन लोग जुड़े हुए हैं। पुलिस आरोपियों के बैंक खातों और मोबाइल नंबरों की भी जांच कर रही है।
गूगल और सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स पर अनजान विज्ञापनों पर क्लिक करना साइबर ठगी का बड़ा जरिया बन चुका है। पुरानी छावनी थाना क्षेत्र में एक ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां इंस्टाग्राम पर विज्ञापन देखने के दौरान एक शख्स का मोबाइल हैक हो गया। इसके बाद ठगों ने पीड़ित के बैंक खाते से तीन बार में कुल 98 हजार रुपए साफ कर दिए। घटना 11 अगस्त रात 12 बजे रूद्रपुरा पुरानी छावनी की है। अगले दिन किस्त कटनी थी, लेकिन उसमें बेलेंस कम होने का मैसेज आया, जिसके बाद इस ठगी का पता लगा। पीड़ित की शिकायत पर पुरानी छावनी थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। एड पर क्लिक करते ही हैंग हुआ मोबाइल ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र स्थित रूद्र पुरा निवासी जयप्रताप सिंह (32) पुत्र नरेशसिंह बाथम ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 11 अगस्त 2026 को उनकी पत्नी रचना बाथम उनके मोटोरोला मोबाइल पर इंस्टाग्राम चला रही थीं। इसी दौरान स्क्रीन पर एक विज्ञापन आया। रचना ने जैसे ही उस पर क्लिक किया, मोबाइल पूरी तरह से हैंग हो गया। फोन का कोई भी फंक्शन काम नहीं कर रहा था और न ही मोबाइल स्विच ऑफ हो रहा था। इसके बाद पीड़ित मोबाइल को लेकर पुरानी छावनी चौराहे पर स्थित एक दुकान पर गया। दुकानदार ने किसी तरह फोन को बंद करके दोबारा चालू (रीस्टार्ट) कर दिया। रात 12 बजे आया किश्त का मैसेज, खाते में दिखे 2970 रुपए मोबाइल चालू होने के बाद रात करीब 12 बजे पीड़ित के फोन पर बैंक किस्त का एक मैसेज आया। जब उसने अपना बैंक खाता चेक किया, तो खाते में बैलेंस माइनस 2970 रुपये दिखा रहा था। हैरान होकर पीड़ित ने अपनी पत्नी रचना से पूछा कि क्या उसने किसी को पैसे ट्रांसफर किए हैं, जिस पर पत्नी ने साफ इनकार कर दिया। पीड़ित के बैंक के खाते में लगभग 1 लाख रुपए जमा थे, लेकिन अचानक बैलेंस गायब हो चुका था। यूपीआई के जरिए निकाले रुपए खाते से पैसे उड़ने का पता चलते ही पीड़ित ने तुरंत साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई। अगले दिन जब पीड़ित ने अपने बैंक की शाखा में जाकर अकाउंट स्टेटमेंट निकलवाया, तो पता चला कि यूपीआई (UPI) के जरिए तीन किश्तों में उनके खाते से पैसे निकाले गए हैं। ठगों ने खाते से पहली किस्त में ₹70,000 फिर ₹20,000 व ₹8,000 रुपए निकाले गए हैं। इस तरह ठगों ने कुल 98,000 रुपए की चपत लगा दी। पीड़ित ने बैंक में शिकायत दर्ज कराने के बाद 16 अगस्त को पुरानी छावनी थाने पहुंचकर लिखित रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने मामला दर्ज कर मामले की जांच साइबर सेल को सौंप दी है।
लुधियाना के रायकोट स्थित एक होटल में युवक ने पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना का पता तब चला, जब चेकआउट का समय होने के बावजूद युवक ने कमरा खाली नहीं किया। होटल स्टाफ ने कमरे का दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद दरवाजा खोलने पर युवक फंदे से लटका मिला। स्टाफ ने होटल मालिक को सूचना दी और उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस आने के बाद दरवाजा खोला गया। युवक पंखे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को कब्जे में लिया और युवक के परिजनों को सूचित किया। कमरे में पुलिस को कोई सुसाइड नोट नहीं मिला। युवक का आज पोस्टमार्टम हुआ है। मोबाइल का लॉक बंद था, नहीं मिला सबूत पुलिस को वहां से युवक का मोबाइल बरामद हुआ है। मोबाइल का लॉक बंद था, जिसकी वजह से पुलिस को उसमें से कोई सबूत नहीं मिला। पुलिस मोबाइल जांच के लिए फारेंसिक लैब भेजा जाएगा। युवक की पहचान लुधियाना के अच्चरवाल गांव निवासी करीब हरदीप सिंह (30) के रूप में हुई है। आठ बजे रात को आया था होटल होटल स्टाफ के अनुसार, हरदीप सिंह 14 अगस्त की रात करीब 8 बजे अकेले होटल पहुंचा था। उसने कमरा लिया और अंदर चला गया। 15 अगस्त को दोपहर करीब 11 बजे तक जब वह कमरे से बाहर नहीं आया तो स्टाफ ने उसे फोन किया, लेकिन उसने फोन नहीं उठाया। स्टाफ कमरे तक पहुंचा। खिड़की से देखा कि हरदीप सिंह ने फंदा लगा लिया था। मालिक ने थाना रायकोट पुलिस को जानकारी दी स्टाफ ने तुरंत होटल मालिक को सूचना दी, जिसके बाद मालिक ने थाना रायकोट पुलिस को इसकी जानकारी दी। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारा। पुलिस ने शव की तलाशी लेने के साथ मामले की जांच शुरू कर दी। पुलिस ने फोन कब्जे में लिया पुलिस को कमरे से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। हालांकि, पुलिस ने युवक का मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है। जांच अधिकारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि मृतक के पिता बीर सिंह ने अपने बयान में कहा है कि उनका बेटा पिछले कुछ दिनों से मानसिक रूप से परेशान था। परिवार को यह जानकारी नहीं थी कि वह होटल में क्यों रुका था। पुलिस मोबाइल को जांच के लिए भेजेगी जांच अधिकारी के अनुसार, पुलिस ने फिलहाल भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 194 के तहत कार्रवाई की है। युवक के मोबाइल फोन पर लॉक लगा हुआ है। पुलिस मोबाइल को जांच के लिए भेजेगी। जांच के दौरान कोई महत्वपूर्ण जानकारी सामने आने पर उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
खेरोदा में चातुर्मास के दौरान कोमल मुनि का संदेश, कहा- मोबाइल संस्कृति आज की सबसे बड़ी त्रासदी
खेरोदा में चातुर्मास के दौरान कोमल मुनि ने मोबाइल संस्कृति को आज की बड़ी त्रासदी बताया और साधना को सुख का सच्चा मार्ग बताया।
जलालाबाद में नशे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना वैरोका पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 65 वर्षीय महिला को हेरोइन तस्करी के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने महिला के कब्जे से 255 ग्राम हेरोइन, 37 हजार रुपये की भारतीय मुद्रा, एक इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर कांटा तथा 8 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करोड़ों रुपये आंकी जा रही है। थाना वैरोका के एसएचओ प्रगट सिंह ने बताया कि पुलिस टीम क्षेत्र में गश्त कर रही थी। इसी दौरान गांव काठगढ़ की ओर से एक महिला आती दिखाई दी। पुलिस वाहन को देखकर वह घबरा गई और वापस मुड़कर जाने लगी। उसके व्यवहार पर संदेह होने पर पुलिस ने उसे रोककर पूछताछ की और तलाशी ली। तलाशी के दौरान हेरोइन बरामद तलाशी के दौरान महिला के पास से 255 ग्राम हेरोइन, इलेक्ट्रॉनिक कंप्यूटर कांटा, 37 हजार रुपये की नकदी और 8 मोबाइल फोन बरामद हुए। इसके बाद पुलिस ने महिला के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान महिंदर कौर पत्नी रूलिया सिंह निवासी गांव काठगढ़ के रूप में हुई है। पुलिस ने महिला को अदालत में पेश करने की तैयारी शुरू कर दी है। उसे पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जाएगी ताकि नशा तस्करी के नेटवर्क और उसके अन्य संभावित साथियों के बारे में जानकारी जुटाई जा सके। साथ ही उसके पुराने आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है।
आधार कार्ड में मोबाइल नंबर अपडेट है या नहीं? इस तरह आसानी से कर सकते हैं चेक
pc: Mint आधार कार्ड आज कई जरूरी सेवाओं के लिए इस्तेमाल किया जाता है। आधार से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं में OTP की जरूरत पड़ सकती है, इसलिए यह जानना जरूरी है कि आपके आधार कार्ड में कौन-सा मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड है। अगर आपको अपने आधार से जुड़े मोबाइल नंबर को लेकर कन्फ्यूजन है, तो इसे आसानी से चेक किया जा सकता है। मोबाइल नंबर चेक करने का आसान तरीका UIDAI की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आप अपने आधार से जुड़े मोबाइल नंबर की स्थिति जांच सकते हैं। इसके लिए सबसे पहले UIDAI की वेबसाइट खोलें और आधार से जुड़ी ऑनलाइन सेवाओं में जाएं। वहां उपलब्ध Verify Email/Mobile Number जैसी सुविधा का इस्तेमाल करें। इसके बाद अपना 12 अंकों का आधार नंबर और वह मोबाइल नंबर दर्ज करें, जिसे आप चेक करना चाहते हैं। कैप्चा भरने के बाद आगे बढ़ें। सिस्टम यह बताएगा कि दर्ज किया गया मोबाइल नंबर आपके आधार से लिंक है या नहीं। ध्यान रखें कि सुरक्षा कारणों से UIDAI आमतौर पर पूरा रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर प्रदर्शित नहीं करता। इसलिए अगर नंबर का केवल कुछ हिस्सा दिखाई दे, तो यह सामान्य प्रक्रिया हो सकती है। मोबाइल नंबर लिंक नहीं है तो क्या करें? अगर आपका मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं है या पुराना नंबर बदल चुका है, तो आपको आधार नामांकन/अपडेट सेंटर पर जाकर मोबाइल नंबर अपडेट कराना होगा। इसके लिए निर्धारित प्रक्रिया और पहचान संबंधी आवश्यकताओं का पालन करना पड़ सकता है। क्यों जरूरी है आधार में मोबाइल नंबर अपडेट रखना? आधार से जुड़ी कई सेवाओं में OTP के जरिए पहचान सत्यापन किया जाता है। सही मोबाइल नंबर अपडेट रहने से आपको ऑनलाइन सेवाओं का इस्तेमाल करने में आसानी होती है और आधार से जुड़ी गतिविधियों की जानकारी भी समय पर मिल सकती है। जरूरी सावधानी: आधार से जुड़ी जानकारी केवल आधिकारिक UIDAI माध्यमों पर ही दर्ज करें। अपना आधार नंबर, OTP या अन्य निजी जानकारी किसी अनजान व्यक्ति के साथ शेयर न करें।
महराजगंज पुलिस ने 101 खोए मोबाइल बरामद किए:CEIR पोर्टल की मदद से 26 लाख के फोन स्वामियों को लौटाए
महराजगंज पुलिस ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और सर्विलांस तकनीक का उपयोग कर 101 खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की अनुमानित बाजार कीमत लगभग 26 लाख रुपये बताई गई है। सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय में कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए गए। पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी के निर्देश पर सर्विलांस सेल ने IMEI आधारित ट्रैकिंग, तकनीकी विश्लेषण और आधुनिक संसाधनों का उपयोग कर यह कार्रवाई की। पुलिस के अनुसार, पिछले पांच महीनों में कुल 518 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 1 करोड़ 51 लाख रुपये है। अपने खोए हुए मोबाइल फोन वापस मिलने पर मालिकों ने महराजगंज पुलिस और पुलिस अधीक्षक का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर एसपी ने सर्विलांस सेल की टीम की सराहना की और बरामदगी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले कर्मियों को 25 हजार रुपये के नकद पुरस्कार से सम्मानित करने की घोषणा की। एसपी शक्ति मोहन अवस्थी ने बताया कि जनता की छोटी से छोटी समस्या का त्वरित समाधान पुलिस की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में तकनीक आधारित पुलिसिंग अत्यंत महत्वपूर्ण है और CEIR जैसे प्लेटफॉर्म के प्रभावी उपयोग से नागरिकों की खोई या चोरी हुई संपत्ति की बरामदगी में सहायता मिल रही है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि मोबाइल फोन गुम या चोरी होने पर तत्काल CEIR पोर्टल पर उसे ब्लॉक कराएं और नजदीकी थाने या सर्विलांस सेल में शिकायत दर्ज कराएं। इस बरामदगी अभियान में क0ऑ0 ग्रेड-बी शिवानन्द पासवान, मुख्य आरक्षी मो. कुतुबुद्दीन, राजकुमार राजभर, आलोक पाण्डेय, आरक्षी सुधीर कुमार यादव, सूरज गुप्ता और नीरज कुमार गोंड सहित जनपद के विभिन्न थानों पर CEIR पोर्टल के लिए नियुक्त पुलिसकर्मियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
राजसमंद में 2 करोड़ 80 लाख 40 हजार रुपए की साइबर ठगी के मामले में पुलिस ने 27 वर्षीय युवक को पश्चिम बंगाल के सिलिगुड़ी से गिरफ्तार किया है। पुलिस टीम ने 17 दिन तक करीब 7500 किलोमीटर की तलाश की। आरोपी पर विदेशों में बैठे साइबर अपराधियों के लिए भारत में नेटवर्क संचालित करने और ठगी की रकम म्यूल खातों में ट्रांसफर कराने में मदद करने का आरोप है। पुलिस के अनुसार आरोपी डेटिंग ऐप पर महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इसके जरिए लोगों से दोस्ती कर ठगते थे। 17 दिन में 7500 KM तक पहुंची पुलिस साइबर पुलिस थाना राजसमंद में दर्ज मामले की जांच के लिए विशेष टीम बनाई गई थी। टीम ने मनी ट्रेलिंग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर बिहार, झारखंड, जामताड़ा, पश्चिम बंगाल, सिलिगुड़ी, दार्जिलिंग और गुवाहाटी सहित कई स्थानों पर तलाश की। जांच के दौरान पुलिस टीम दार्जिलिंग जिले के देवीडंगा इलाके तक पहुंची। यहां से दीपू मंडल उर्फ देण्डी उर्फ छोटू मंडल, निवासी जलपाईगुड़ी, हाल सिलिगुड़ी को गिरफ्तार किया गया। 4 मोबाइल, 44 सिम और 5 डेबिट कार्ड मिले पुलिस ने आरोपी के कब्जे से घटना में इस्तेमाल 4 मोबाइल फोन, 44 सिम कार्ड और 5 डेबिट कार्ड सहित अन्य बैंकिंग दस्तावेज बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह काठमांडू नेपाल निवासी आन छिरिंग शेरपा और चीन निवासी रुआन उर्फ रामजो के नेटवर्क के लिए भारत में काम करता था। पुलिस के मुताबिक ये आरोपी वर्तमान में श्रीलंका से साइबर ठगी का नेटवर्क संचालित कर रहे हैं। अलग-अलग राज्यों से जुटाता था सिम और खाते पुलिस के अनुसार दीपू अलग-अलग राज्यों से लोगों को लालच देकर सिम कार्ड और बैंक खाते जुटाता था। इन म्यूल खातों के जरिए ठगी की रकम एक बैंक खाते से दूसरे खाते में ट्रांसफर की जाती थी। जांच में पुलिस को इस नेटवर्क के तार नेपाल, चीन, श्रीलंका और कंबोडिया तक जुड़े होने की आशंका है। डेटिंग ऐप पर महिलाओं की फर्जी प्रोफाइल बनाकर ठगी पुलिस के अनुसार विदेशों में बैठे आरोपी सोशल मीडिया और डेटिंग ऐप पर महिलाओं के नाम से फर्जी प्रोफाइल बनाते थे। इसके जरिए लोगों से दोस्ती कर उन्हें ऑनलाइन निवेश में मोटा मुनाफा कमाने का झांसा दिया जाता था। इसके बाद पीड़ितों से अलग-अलग बैंक खातों में रकम जमा करवाई जाती थी और उनके साथ साइबर ठगी की जाती थी। देशभर के साइबर फ्रॉड से जुड़े तार तलाश रही पुलिस पुलिस को आशंका है कि आरोपी से पूछताछ में देशभर में हुए करोड़ों-अरबों रुपए के साइबर फ्रॉड से जुड़े नेटवर्क की और परतें खुल सकती हैं। गिरफ्तार आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर राजसमंद लाकर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश किया गया है। आरोपी से सघन पूछताछ जारी है। पुलिस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी तलाश कर रही है। पुलिस ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की पुलिस ने आमजन से सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से संपर्क करने और फर्जी निवेश प्लेटफॉर्म पर भरोसा करने से बचने की अपील की है। ऑनलाइन गेमिंग और बेटिंग एप्लीकेशन में पैसा नहीं लगाने की भी सलाह दी गई है। पुलिस ने लोगों से अपना बैंक खाता, एटीएम, डेबिट कार्ड, सिम कार्ड, ओटीपी या बैंकिंग संबंधी जानकारी किसी अन्य व्यक्ति को उपलब्ध नहीं कराने को कहा है।
जहानाबाद में एक युवक का शव कचरे के ढेर पर मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के शेख आलम चक मोहल्ले निवासी मोहम्मद जावेद उर्फ बेगी के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मृतक के परिजनों ने निजी अस्पताल के कर्मचारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि घटना से एक दिन पहले निजी अस्पताल से दो महिलाएं और दो पुरुष उनके घर पहुंचे थे। पूरे मामले की जांच कर रही पुलिस आरोप है कि उन्होंने जावेद पर मोबाइल चोरी करने का आरोप लगाया और धमकी दी कि मोबाइल वापस न करने पर उसे जान से मार देंगे। इसके अगले दिन जावेद का शव कचरे के ढेर पर मिलने के बाद परिजनों ने मामले में कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, मौके पर एफएसएल (फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी) की टीम भी पहुंची और घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। मौत का कारण साफ़ नहीं नगर थाना पुलिस का कहना है कि उन्हें एक युवक की मौत की सूचना मिली थी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल युवक की मौत का वास्तविक कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पुलिस जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस परिजनों द्वारा लगाए गए आरोपों की भी जांच कर रही है।
रायपुर में महिला के दो मोबाइल फोन और सामान से भरा बैग लेकर Rapido चालक फरार हो गया। महिला की शिकायत पर पुरानी बस्ती पुलिस ने मामला दर्ज किया।
रायपुर में रेपिडो चालक महिला का बैग लेकर फरार:दो मोबाइल समेत 35 हजार का सामान पार; घर के बाहर वारदात
राजधानी रायपुर में रेपिडो चालक के महिला का बैग लेकर फरार होने का मामला सामने आया है। बैग में दो मोबाइल फोन रखे थे, जिनकी कुल कीमत करीब 35 हजार रुपए बताई जा रही है। घटना पुरानी बस्ती थाना क्षेत्र की है। पीड़िता सत्य सरोज की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात रेपिडो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस चालक की पहचान और तलाश में जुटी हुई है। घर लौट रही थी महिला पुरानी बस्ती पुलिस के मुताबिक, भीमनगर स्थित श्रीजन विला में रहने वाली महिला ने बताया कि वह रविवार शाम करीब 4:15 बजे सिंचाई कॉलोनी, सिविल लाइन से रेपिडो के जरिए बाइक बुक कर अपने घर लौट रही थीं। कुछ देर बाद एक नीले रंग की स्कूटी पर चालक पहुंचा, जिसने नीले रंग का रेनकोट पहन रखा था। महिला पहले शास्त्री चौक और फिर आमापारा चौक पहुंचीं। यहां उन्होंने फल खरीदे और उन्हें एक बैग में रख लिया। बैग भारी होने के कारण उन्होंने उसे रेपिडो चालक के पैरों के पास रख दिया। इसी बैग में उनके दो मोबाइल फोन भी थे। इसके बाद दोनों वंदना ऑटो होते हुए भीमनगर पहुंचे। महिला जैसे ही स्कूटी से उतरकर अपना सामान निकालने लगीं, चालक बिना किराया लिए ही तेज रफ्तार से वहां से निकल गया। महिला ने उसे आवाज लगाकर रोकने की कोशिश की, लेकिन वह नहीं रुका। रास्ते में जाम लगने के कारण आरोपी कुछ देर के लिए वापस दिखाई दिया, लेकिन महिला को देखकर वह दूसरी गली की ओर भाग गया। महिला ने किसी अन्य व्यक्ति के मोबाइल से अपने बेटे को घटना की जानकारी दी। ये सामान हुआ चोरी पीड़िता के अनुसार, बैग में ओप्पो रेनो 16सी मॉडल का मोबाइल था, जिसकी कीमत 30 हजार रुपए है। इसके अलावा रेडमी 13सी था, जिसकी कीमत 10 हजार रुपए है। पुलिस ने अज्ञात रेपिडो चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है।
सरकारी स्कूल के बच्चों को समय पर मिलेंगी किताबें, अब मोबाइल ऐप से होगी सीधी निगरानी
उत्तर प्रदेश के सरकारी स्कूलों में किताबों के वितरण पर निगरानी रखने के लिए मोबाइल ऐप की शुरुआत की गई है। राज्य भर के बच्चों को समय पर किताबें मिल सकेंगी।
प्रेरणा पोर्टल पर किताबों और कार्यपुस्तिकाओं के वितरण की शत-प्रतिशत फीडिंग अनिवार्य।
समस्तीपुर में रविवार को वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने दो बदमाशों को हथियार के साथ गिरफ्तार किया है। सरायरंजन थाना क्षेत्र के रामापुर महेशपुर पावर हाउस के पास 25 मई को लूट हुई थी। पूछताछ में बदमाशों ने स्वीकार किया है कि वो लूट उन्हीं ने की थी। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान सरायरंजन थाना क्षेत्र के गांवपुर वार्ड-13 निवासी भोगेंद्र राय का बेटा विकास कुमार और ताजपुर थाना क्षेत्र के मोहनपुर मोरबा गांव निवासी विकास कुमार का बेटा विवेक कुमार है। पुलिस ने इनके पास से एक देसी पिस्तौल, एक जिंदा गोली, एक बोलेरो और 2 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पुलिस ने ताजपुर थाना क्षेत्र के हरपुर भिंडी गांव स्थित दजर्निया पुल के पास दोनों को पकड़ा है। मामले की जानकारी एएसपी संजय पांडेय ने दी है। ताजपुर थाने में एफआईआर हुई थी एएसपी संजय पांडेय ने बताया कि लूट की घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एक बदमाश को पकड़ लिया था, जबकि दूसरा मौके से फरार हो गया था। इस मामले में हरपुर भिंडी गांव निवासी सुनील कुमार ने ताजपुर थाने में प्राथमिकी दर्ज कराई थी। गिरफ्तार दोनों बदमाशों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया की जा रही है। सोने की चेन झपटने वाले की भी गिरफ्तारी वहीं, इसके अलावा ताजपुर थाना क्षेत्र के हॉस्पिटल चौक के पास 14 अगस्त को बाइक की डिक्की से 30 हजार रुपए की झपटमारी के मामले में भी पुलिस ने झपटमार गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाश की पहचान बेगूसराय जिले के बरौनी थाना क्षेत्र के सोखरा निवासी बबलू मिश्रा का बेटा अभय मिश्रा उर्फ विकास मिश्रा के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, गिरफ्तार बदमाश ने पूछताछ के दौरान 31 जुलाई को ताजपुर के चांदनी चौक के पास सोने की चेन झपटने की घटना में भी अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उसके खिलाफ राज्य के वारिसलीगंज के कवैया थाना, समस्तीपुर नगर थाना, जमुई, ताजपुर और दलसिंहसराय थाने में प्राथमिकी दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है।
Gorakhpur News: मोबाइल की दुकान का ताला तोड़कर 15 लाख के फोन ले गए
Thieves broke the lock of a mobile shop and made off with phones worth ₹15 lakh.
Lucknow News: बाइक डिवाइडर से टकराई, मोबाइल कंपनी की महिला कर्मी की मौत
बाइक डिवाइडर से टकराई, मोबाइल कंपनी की महिला कर्मी की मौत
Mohali News: मोहाली में मोबाइल झपटने वाले तीन आरोपी राहगीरों की मदद से काबू
Three mobile snatchers arrested in Mohali with the help of passersby
Faridabad News: जूते में छिपाकर मोबाइल ले जा रहा था कर्मचारी, पकड़ा
Employee caught smuggling mobile phone hidden in shoe.
Etah News: एपीके फाइल को मोबाइल फोन से हैक कर खाते से उड़ाए 80 हजार
80,000 siphoned off from account by hacking via APK file on mobile phone.
Etah News: तिरंगा फहराने मोबाइल टावर पर चढ़े दो युवक, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
Two youths climbed a mobile tower to hoist the Tricolour; police brought them down safely.
Shahjahanpur News: नाली निर्माण की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक
बंडा (शाहजहांपुर)। मोहल्ला पटेल नगर निवासी युवक महेंद्र मोहल्ले में नाली निर्माण नहीं होने से नाराज होकर शनिवार को सुबह करीब छह बजे ब्लॉक परिसर में लगे करीब 60 फुट ऊंचे मोबाइल टावर पर चढ़ गया।
कानपुर में आम लोगों की सुविधा के लिए प्रशासनिक अधिकारियों और विभिन्न विभागों के संपर्क नंबर व ईमेल जारी किए गए हैं। यह सूची समस्याओं, शिकायतों या जरूरी जानकारी के लिए सीधे संबंधित अधिकारी या विभाग से संपर्क करने में सहायक होगी।
छत्तीसगढ़ में अब मोबाइल से ही होगा किराएदार और कर्मचारियों का सत्यापन, थाने जाने की झंझट खत्म
अब किराएदार और घरेलू कर्मचारी की पृष्ठभूमि जांचने थाने के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। छत्तीसगढ़ पुलिस ने सत्यापन प्रक्रिया को आसान बनाने ‘समाधान ऐप’ शुरू किया है।
जसबीर सिंह ने कहा कि मोबाइल फोन बिजनेस के लिए कंपनी ने एक चीफ ऑपरेशनल ऑफिसर (COO) की नियुक्ति भी की है।
ग्रोसरी डिलीवरी ऐप्स ने बदली जिंदगी, 10 सेकंड डिलीवरी ट्रिक का वीडियो हुआ वायरल
ग्रोसरी डिलीवरी ऐप्स ने बदली जिंदगी, 10 सेकंड डिलीवरी ट्रिक का वीडियो हुआ वायरल
दतिया की रामनगर कॉलोनी में एक व्यक्ति के खाते से 43 हजार रुपए की ठगी का मामला सामने आया है। फरियादी का आरोप है कि 9 अगस्त को उनके मोबाइल के साथ छेड़छाड़ कर बिना अनुमति रकम ट्रांसफर की गई। घटना के समय उनका 7 साल का बेटा मोबाइल में गेम खेल रहा था। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरियादी कंचन कुमार गुप्ता (38) ने पुलिस को बताया कि उनका SBI में खाता है। इसी खाते से जुड़े मोबाइल नंबर से YONO एप चलाते हैं। 9 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे वे घर पर थे। उनका 7 वर्षीय बेटा मोबाइल में गेम खेल रहा था। इसी दौरान एक कोरियर कर्मचारी घर आया। कुछ देर बाद मोबाइल देखने पर कंचन को संदेह हुआ कि मोबाइल के साथ छेड़छाड़ हुई है। मिनी स्टेटमेंट में 43 हजार रुपए ट्रांसफर मिले कंचन ने YONO ऐप पर खाते का मिनी स्टेटमेंट चेक किया। इसमें 9 अगस्त को करीब 11 बजे खाते से 43 हजार रुपए UPI के जरिए ट्रांसफर होना सामने आया। रकम एक UPI के जरिए अभिषेक श्रीवास के नाम पर ट्रांसफर हुई। फरियादी ने बिना अनुमति रकम ट्रांसफर किए जाने और मोबाइल हैक कर धोखाधड़ी किए जाने का आरोप लगाया है। पुलिस ने अज्ञात आरोपी पर केस दर्ज किया टीआई दिनेश राजपूत ने बताया कि शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ट्रांजेक्शन डिटेल और UPI संबंधी जानकारी के आधार पर मामले की जांच कर रही है।
अफ्रीका के होम डिलीवरी ऐप्स भारत के स्टार्टअप्स से काफी कुछ सीख सकते हैं: रिपोर्ट
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कटनी के बाकल में कंकाल मिला:करीब में मोबाइल सिम, कपड़े बरामद; फॉरेंसिक टीम जुटा रही सबूत
कटनी के बाकल थाना क्षेत्र के ग्राम मसंदा में शनिवार देर शाम एक अज्ञात व्यक्ति का कंकाल मिला। सूचना मिलते ही एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी के नेतृत्व में बाकल थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल पर एफएसएल और डॉग स्क्वायड की टीमों ने भी जांच की। रविवार सुबह कंकाल का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस को मौके से केवल हड्डियों का ढांचा मिला। कंकाल के पास से एक शर्ट और बनियान बरामद हुई। मझौली निवासी लापता प्रहलाद सिंह राजपूत के परिजनों ने कपड़ों की पहचान प्रहलाद के रूप में की है। प्रहलाद का शव होने की आशंका प्रहलाद सिंह राजपूत 2 अगस्त से लापता थे, जिनकी गुमशुदगी बहोरीबंद थाने में दर्ज है। कंकाल मिलने वाले स्थान से कुछ दूरी पर प्रहलाद के मोबाइल की सिम भी बरामद हुई थी। इन तथ्यों के आधार पर आशंका जताई जा रही है कि बरामद कंकाल प्रहलाद सिंह का हो सकता है। हालांकि, पुलिस ने अभी तक कंकाल की आधिकारिक पहचान की पुष्टि नहीं की है। एसडीओपी आकांक्षा चतुर्वेदी ने बताया कि फोरेंसिक रिपोर्ट और डीएनए टेस्ट के बाद ही कंकाल की पहचान स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
मणिमहेश यात्रा: धनछो में BSNL का टॉवर स्थापित, कहां तक मिलेगा श्रद्धालुओं को मोबाइल नेटवर्क?
धनछो में बीएसएनएल ने मोबाइल टॉवर स्थापित कर मणिमहेश यात्रा क्षेत्र में नेटवर्क सेवा शुरू कर दी है। इससे श्रद्धालुओं को परिजनों से संपर्क साधने और आपातकालीन स्थितियों में राहत व बचाव दलों को बड़ी मदद मिलेगी।
घरेलू LPG ग्राहकों के लिए Aadhaar आधारित बायोमेट्रिक e-KYC जरूरी है। e-KYC नहीं कराने पर कनेक्शन तुरंत बंद नहीं होगा, लेकिन सब्सिडी प्रभावित हो सकती है। प्रक्रिया ऑनलाइन संभव है।
लुधियाना में महिला का फोन छीनने तीन स्नैचरों के लिए महंगा पड़ गया। महिला को शोर सुनकर लोगों ने बाइक सवार बदमाशों को घेर लिया। पकड़ने के बाद गुस्साए लोगों ने आरोपियों की जमकर पिटाई की। महिलाओं ने चप्पलों से पीटा। बाद में तीनों को पुलिस के हवाले कर दिया है। पिटाई का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। घटना शहर से अब्दुल्ला पुर बस्ती का है। यहां काम पर जा रही महिला से तीन बाइक सवारों ने वरादात करने की कोशिश की। घटना की सूचना पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने में जुटी है कि तीनों युवक पहले भी किसी आपराधिक वारदात में शामिल रहे हैं या नहीं। पीछे से आए बाइक सवारों ने छीना फोन पीड़ित महिला मंजु ने बताया कि वह काम पर जा रही थी। तभी पीछे से आए तीन युवकों ने उसका मोबाइल फोन छीन लिया। महिला के शोर मचाने पर आसपास के लोग मदद के लिए पहुंचे और आरोपियों का पीछा किया। कुछ ही दूरी पर लोगों ने तीनों युवकों को पकड़ लिया। इसके बाद मौके पर जमा भीड़ ने आरोपियों की पिटाई शुरू कर दी। घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड किया पीड़ित महिला मंजु ने भी चप्पल से आरोपियों को पीटा। इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर अपलोड कर दिया गया, जो अब तेजी से वायरल हो रहा है। पकड़े गए युवकों में से एक ने अपना नाम करण बताया और स्वीकार किया कि उसके खिलाफ पहले भी नशा तस्करी का मामला दर्ज है। स्थानीय लोगों द्वारा तलाशी लेने पर युवकों के पास से कुछ इंजेक्शन और नशा करने वाली सामग्री भी मिली।
जालंधर पुलिस कमिश्नरेट ने शहर में झपटमारी करने वाले एक गिरोह के खिलाफ त्वरित और बड़ी कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों (जिन्हें एक नाबालिग भी शामिल है) को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों ने हाल ही में भगत सिंह कॉलोनी के पास एक व्यक्ति को तेज़धार हथियार (दातार) दिखाकर मोबाइल फोन छीना था। पुलिस ने आरोपियों के पास से वारदात में इस्तेमाल की गई स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, एक अन्य मोटरसाइकिल, छीने गए दो मोबाइल फोन और 30 नशीली गोलियां बरामद की हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। तेज़धार हथियार के बल पर की थी वारदात यह घटना 14 अगस्त 2026 की दोपहर करीब 02:16 बजे घटी। शिकायतकर्ता प्रिंस कुमार (निवासी न्यू आनंद नगर, जालंधर) ने अपनी वैगनआर कार (HR26-AW-4235) को भगत सिंह कॉलोनी बाइपास स्थित पेट्रोल पंप के पास टायर बदलवाने के लिए खड़ा किया था। जब वह पैदल अपने घर की ओर जा रहा था, तभी बाबा बालक नाथ मोड़ के पास एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर आए चार युवकों ने उसे घेर लिया। आरोपियों ने उसे तेज़धार हथियार (दातार) दिखाकर डराया और उसका स्काई-ब्लू रंग का ओप्पो मोबाइल फोन छीनकर मौके से फरार हो गए। शिकायत मिलते ही पुलिस ने दर्ज किया मामलाघटना की सूचना मिलते ही थाना डिविजन नंबर 1, जालंधर के एएसआई कुलविंदर सिंह ने शिकायतकर्ता प्रिंस कुमार के बयानों के आधार पर त्वरित कार्रवाई की। पुलिस ने 14 अगस्त 2026 को थाना डिविजन नंबर 01 में भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 309(4) के तहत मामला (FIR No. 261) दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू की। नाकेबंदी के दौरान आरोपियों को किया गया काबू जालंधर के पुलिस कमिश्नर श्री सतिंदर सिंह (IPS) के निर्देशों और उच्च अधिकारियों की देखरेख में सीआईए स्टाफ व थाना डिविजन नंबर 1 की टीमों ने विशेष अभियान चलाया। 15 अगस्त 2026 को एएसआई कुलविंदर सिंह और एएसआई गुरजीत सिंह की पुलिस टीम ने कालिया कॉलोनी नहर पुल के पास घेराबंदी की। इस दौरान वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल (PB 08 FU 2053) पर भागने की कोशिश कर रहे तीन आरोपियों को मौके पर ही दबोच लिया गया। पूछताछ में नशीली गोलियां और दूसरा मोबाइल बरामदगिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुहैल खान (निवासी लंबा पिंड, जालंधर / मूल निवासी बिहार), अभिषेक उर्फ गंजा (निवासी सांगला सोहल कॉलोनी, जालंधर) और ऋषभ यादव (निवासी विरियाना, जालंधर) के रूप में हुई है। आरोपियों की तलाशी लेने पर शिकायतकर्ता का छीना गया ओप्पो मोबाइल और एक अन्य छीना हुआ नीले रंग का ATT मोबाइल बरामद हुआ। इसके अलावा, मोटरसाइकिल की जांच करने पर एक पारदर्शी लिफाफे में छिपाकर रखी गई 30 नशीली गोलियां भी बरामद हुईं। NDPS एक्ट की धाराएं जोड़ी गईं, नाबालिग साथी भी पकड़ा गया नशीली गोलियां मिलने के बाद पुलिस ने दर्ज मामले में एनडीपीएस (NDPS) एक्ट की धारा 22-61-85 और BNS की धारा 238 भी जोड़ दी है। इसके अलावा, उनके चौथे साथी (नाबालिग) को भी दूसरी स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (PB 08 CU 9817) के साथ भागने का प्रयास करते समय काबू कर लिया गया। पुलिस आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल करेगी ताकि अन्य आपराधिक वारदातों के बारे में भी पूछताछ की जा सके।
पानीपत में कार से 2 मोबाइल चोरी:लालबत्ती चौक पर लगा जाम; वाहनों के रूकने पर की वारदात
पानीपत शहर के व्यस्ततम लाल बत्ती चौक पर भारी जाम के दौरान कार सवार व्यक्ति के दो कीमती मोबाइल चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस संबंध में थाना शहर को लिखित शिकायत देकर मामला दर्ज करने और कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरे खंगालाने शुरू कर दिए हैं। न्यू मॉडल टाउन (जाटल रोड) के रहने वाले संजीव शर्मा ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 12 अगस्त की शाम लगभग 8:15 बजे अपनी ड्यूटी खत्म करके अपनी आई-10 कार से घर लौट रहे थे। जब वे शहर के लाल बत्ती चौक पर पहुंचे, तो वहां सड़क पर भारी जाम लगा हुआ था। अज्ञात युवकों ने उड़ाए दो मोबाइल जाम के दौरान कार के धीमा होने या रुकने का फायदा उठाकर दो अज्ञात व्यक्तियों ने चकमा देकर गाड़ी के अंदर रखे दो मोबाइल फोन चोरी कर लिए। पीड़ित के अनुसार, चोरी हुए मोबाइल सैमसंग और ओप्पो के हैं। जिन मोबाइल फोन में उसके जीवन भर के जरूर दस्तावेज, फोटो व अन्य चीजे थी। जिन्हें अब वह जिंदगी भर रिकवर नहीं कर सकते। पुलिस से कार्रवाई की गुहार पीड़ित ने दोनों मोबाइलों के IMEI नंबरों और सिम नंबरों की जानकारी शिकायत पत्र में संलग्न कर थाना शहर प्रभारी से केस दर्ज करने और आरोपियों की पहचान कर उचित कानूनी कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। पुलिस ने शिकायत लेकर मामले की छानबीन शुरू कर दी है और चौक के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। मामले में साइबर पुलिस टीम भी जांच में जुटी हुई है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सीएससी सेंटर संचालक युवक से तीन बदमाशों ने जमकर मारपीट की। इसके बाद जान से मारने की धमकी देकर उसके पास रखे 30 हजार 100 रुपए और मोबाइल लूटकर फरार हो गए। घटना की शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामला खरसिया चौकी क्षेत्र का है। दरअसल, मालखरौदा थाना क्षेत्र के ग्राम अमनदुला निवासी अनिल कुमार (36) पिछले कुछ सालों से खरसिया के मदनपुर में रहकर तहसील कार्यालय के सामने सीएससी सेंटर चलाता है। पैसों की जरूरत पड़ने पर वह हमालपारा स्थित SBI एटीएम गया था। अनिल ने एटीएम से 30 हजार 100 रुपए निकाले और रकम जेब में रखकर वापस जाने लगा। इसी दौरान हमालपारा तालाबपार निवासी शुभम केंवट, अजय भट्ट और प्रियांशु भट्ट वहां पहुंचे। तीनों ने बिना किसी वजह के अनिल से गाली-गलौज शुरू कर दी। जमीन पर घसीट-घसीटकर पीटा अनिल ने जब गाली-गलौज करने से मना किया तो तीनों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद हाथ-मुक्के और डंडे से उसकी जमकर पिटाई शुरू कर दी। आरोपियों ने अनिल को जमीन पर घसीट-घसीटकर पीटा। इसी दौरान उसकी जेब में रखे 30 हजार 100 रुपए और मोबाइल भी निकाल लिया। मारपीट में अनिल गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और बीच-बचाव करने की कोशिश की, जिसके बाद तीनों आरोपी वहां से भाग गए। आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज घटना के बाद अनिल ने खरसिया चौकी पहुंचकर पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने शुभम केंवट, अजय भट्ट और प्रियांशु भट्ट के खिलाफ धारा 296, 309(6) और 351(3) बीएनएस के तहत अपराध दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मोहाली में एक दुकान के अंदर घुसकर मोबाइल चोरी के मामले में पुलिस दो चोरों को ही नहीं पकड़ पाई। आखिरकार अदालत को उन्हें भगोड़ा घोषित करना पड़ा है। भले ही पुलिस बड़े-बड़े मामले सुलझाने का दावा करती है, लेकिन इस छोटे से मामले में पुलिस की जांच और कार्यप्रणाली सवालों के घेरे में हैं। क्योंकि बाकायदा पुलिस के अंदर ऐसे लोगों को पकड़ने के लिए अलग से पीओ सेल होता है, लेकिन 2017 से अब तक वह भी इस मामले में नाकाम रहा है। अदालत की तरफ से भगोड़ा घोषित आरोपियों की पहचान खालिक उर्फ दाना और राकेश उर्फ बोधा के रूप में हुई है। तीसरे ने खुद ही कबूल लिया अपना जुर्म इस मामले में तीसरे आरोपी मुनीर ने खुद ही अदालत में अपना जुर्म कबूल कर लिया है। उसने अदालत में बयान दिया कि उससे गलती हुई है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर मोबाइल चोरी किए थे। वह इसके लिए सजा का हकदार है। अदालत की तरफ से उसको यह भी कहा गया कि जरूरी नहीं है कि अदालत में जुर्म कबूल किया जाए, आप अपना ट्रायल फेस कर सकते हो, लेकिन उसने ट्रायल फेस करने से मना कर दिया। फिल्मी अंदाज में की चोरी यह मामला फरवरी 2017 का है। जब एक मोबाइल की दुकान करने वाला व्यक्ति देर शाम 9:00 बजे अपनी दुकान बंद कर वापस घर चला गया था, तो ये आरोपी उसकी दुकान के पास पहुंचे। किसी को शक न हो, इसके लिए इन्होंने दुकान के ताले भी नहीं तोड़े। सिर्फ एग्जॉस्ट फैन को उखाड़कर वहां से दुकान के अंदर घुसे और कीमती मोबाइल उठा ले गए।
क्या आप व्हाट्सएप पर आए किसी भी अनजान फाइल को बिना सोचे-समझे डाउनलोड कर लेते हैं। अगर हां, तो सावधान हो जाइए, आपके मोबाइल में छिपकर बैठा एक छोटा सा वायरस आपको रातों-रात कंगाल बना सकता है। बेगूसराय में साइबर ठगी का एक ऐसा ही सनसनीखेज मामला सामने आया है, जिसने पुलिस और साइबर एक्सपर्ट्स की भी नींद उड़ा दी है। एक महिला के व्हाट्सएप पर शादी का कार्ड आता है, वह उसे डाउनलोड करती है। कुछ दिन बाद आधी रात को जब वह गहरी नींद में सो रही होती है, तब उसके खाते से पलक झपकते ही करीब 8 लाख रुपये गायब हो जाते हैं। सबसे खौफनाक बात यह है कि ठगों ने न तो कोई फोन कॉल किया, न ओटीपी (OTP) मांगा और न ही कोई भनक लगने दी। आधी रात: 40 मिनट और 10 ट्रांजैक्शन यह घटना गढ़पुरा थाना क्षेत्र स्थित मालीपुर गांव की रहने वाली सविता बरनवाल के साथ घटी है। पीड़िता का आईसीआईसीआई (ICICI) बैंक की बेगूसराय शाखा में खाता है। 9 अगस्त की रात जब सविता अपने घर में सो रही थी, तब साइबर अपराधियों ने उनके बैंक खाते पर डिजिटल धावा बोल दिया। रात के ठीक 12:10 बजे से लेकर 12:50 बजे के बीच 40 मिनट के अंदर ठगों ने यूपीआई (UPI) के जरिए एक के बाद एक लगातार 10 ट्रांजैक्शन किए। जब तक सुबह होती, सविता के खाते से 7,91,693 रुपये की भारी-भरकम रकम साफ हो चुकी थी। पीड़िता ने बताया कि 4 अगस्त को उनके व्हाट्सएप पर एक मैसेज आया, जिसमें शादी का निमंत्रण पत्र होने का दावा किया गया था। यह फाइल .apk फॉर्मेट में थी। पीड़िता ने इसे डिजिटल शादी का कार्ड समझकर क्लिक और डाउनलोड कर लिया। डाउनलोड करने के बाद खोलने की कोशिश की, लेकिन वह लिंक नहीं खुला। उन्हें लगा कि शायद फाइल खराब है, लेकिन असल में उस एक क्लिक ने उनके फोन के सारे सुरक्षा चक्र तोड़ दिए थे। फोन पूरी तरह से हैकर्स के कंट्रोल में जा चुका था। उसे कुछ पता नहीं चला और सब कुछ सामान्य था। लेकिन 5 दिन के बाद 9 अगस्त की रात बदमाशों ने उसका बैंक अकाउंट पूरी तरह से खाली कर दिया। बिना OTP मांगे पैसा कैसे उड़ जाता है आखिर यह कैसे संभव है कि बिना OTP बताए बैंक से पैसा कट जाए। यह सवाल हर उस इंसान को डरा रहा है जो स्मार्टफोन इस्तेमाल करता है। साइबर क्रिमिनल्स अब इतने हाई-टेक हो चुके हैं कि उन्हें आपको बेवकूफ बनाने की जरूरत नहीं है, वे सीधे आपके फोन को ही अपना गुलाम बना लेते हैं। समझिए यह खौफनाक खेल कैसे काम करता है। हैकर्स व्हाट्सएप पर शादी का कार्ड, बिजली का बिल या बैंक केवाईसी के नाम पर .apk फाइल भेजते हैं। गूगल प्ले स्टोर से अलग यह सीधे इंटरनेट से डाउनलोड होने वाला ऐप होता है, जिसमें खतरनाक मालवेयर (Malware) और स्पाईवेयर (Spyware) भरे होते हैं। फाइल पर क्लिक करते ही वह ऐप बैकग्राउंड में इंस्टॉल हो जाता है। इंस्टॉल होते समय ही वह SMS पढ़ने, स्क्रीन रिकॉर्ड करने और Accessibility Services की परमिशन ले लेता है। यह ऐप फोन की स्क्रीन पर अपना कोई आइकन नहीं दिखाता। यह अदृश्य होकर बैकग्राउंड में काम करता है, जिससे भनक भी नहीं लगती कि कोई आपके फोन की जासूसी कर रहा है। जब हैकर रात के अंधेरे में आपके खाते से पैसे ट्रांसफर करने की कोशिश करता है, तो बैंक आपके नंबर पर OTP भेजता है। लेकिन फोन हैक होने के कारण, वह मालवेयर उस OTP वाले मैसेज को आपके देखने से पहले ही हैकर के कंप्यूटर पर फॉरवर्ड कर देता है और आपके फोन से उस मैसेज को छुपा देता है। हैकर्स आपके फोन की स्क्रीन को अपने डिवाइस पर लाइव देख सकते हैं। जब आप दिन में कभी अपना UPI पिन डालते हैं, तो वे उसे रिकॉर्ड कर लेते हैं। हैकर रात के समय बैंक ऐप या यूपीआई टोकन का इस्तेमाल करके दूर बैठे-बैठे पेमेंट इनिशिएट करता है और ऑटो-रीड OTP से ट्रांजैक्शन पूरा कर लेता है। इस डिजिटल डकैती से बचने के लिए सबसे बड़ा उपाय सतर्कता और फोन के सेटिंग में बदलाव से ही संभव है। कोई भी व्यक्ति, चाहे वह आपका जानने वाला ही क्यों नहीं हो, अगर व्हाट्सएप पर .apk एक्सटेंशन वाली कोई फाइल भेजे, तो उसे तुरंत डिलीट करें। असली कार्ड, फोटो, पीडीएफ में .jpg, .png या .pdf लिखा होता है। फोन की सेटिंग्स में जाकर Install Unknown Apps या Install from unknown sources को हमेशा बंद रखें। ऐप्स सिर्फ Google Play Store या Apple App Store से ही डाउनलोड करें। किसी भी ऐप को बिना सोचे-समझे SMS, Contacts या Accessibility की परमिशन नहीं दें। गूगल प्ले प्रोटेक्ट (Google Play Protect) को हमेशा ऑन रखें, यह खतरनाक ऐप्स को स्कैन करता है। अगर ऐसा कोई भी फ्रॉड होता है, तो समय बर्बाद किए बिना तुरंत 1930 डायल करें और अपने संबंधित बैंक को सूचना दें। क्योंकि एक छोटी सी लापरवाही आपकी जिंदगी भर की कमाई को राख कर सकती है। अगर गलती से APK फाइल इंस्टॉल हो जाए तो- फोन को तुरंत Flight Mode में डाल दें और Wi-Fi बंद कर दें ताकि हैकर का इंटरनेट संपर्क टूट जाए। फोन की Settings > Apps में जाएं और हाल ही में इंस्टॉल हुए किसी भी संदिग्ध ऐप को तुरंत Uninstall करें। सबसे सुरक्षित तरीका है कि अपने फोन का बैकअप लिए बिना उसे Factory Data Reset कर दें। साइबर डीएसपी इमरान अहमद ने बताया कि आवेदन के आलोक में साइबर अपराधियों के खिलाफ बीएनएस की धारा- 316(2), 318(4), 319(2) एवं आईटी एक्ट (IT ACT) की धारा- 66(C), 66(D) के तहत प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। विभिन्न तरीके के साइबर अपराध सामने आ रहे हैं, लोगों को जागरुक किया जा रहा है। साइबर सुरक्षा के लिए सबसे जरूरी है सतर्कता।
गोरखपुर के शाहपुर थाना क्षेत्र में वीवो मोबाइल शोरूम से लाखों का सामान चोर झोले में भरकर उठा ले गए। पादरी बाजार पुलिस चौकी से महज करीब 500 मीटर की दूरी पर यह घटना हुई। शोरूम के मालिक ने बताया कि लाखों रुपये के मोबाइल चोरी हुए हैं। सारी घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। जिसके आधार पर पुलिस चोरों की पहचान करने में जुट गई है। नकाबपोश चोर कैमरे से मुंह दिपाते दिख रहे हैं। जांच में सामने आया है कि चोर शोरूम के शटर में लगा ताला तोड़कर अंदर प्रवेश किए हैं। जानिए पूरा मामला शाहपुर थाना क्षेत्र के पादरी बाजार पुलिस चौकी के पास स्थित वीवो मोबाइल शोरूम में शनिवार भोर में 2 चोर घुस गए। शोरूम में लगे सीसीटीवी कैमरे में सारी घटना कैद हो गई। जिसमे साफ दिख रहा है कि दो नकाबपोश चोर झोले में मंहगे मोबाइल भर रहे हैं। इसके बाद कैश काउंटर भी खोलकर चेक कर रहे हैं। शोरूम मालिक अभिषेक कुमार सिंह का कहना है कि 30 से अधिक मोबाइल चोरी हुए हैं। जिनकी कीमत लगभग 18 से 20 लाख होगी। उन्होंने बताया कि उनकी दुकान केनरा बैंक के सामने स्थित है। सुबह घटना की जानकारी होने पर शाहपुर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज के आधार पर पुलिस चोरों की पहचान करने के साथ ही उनके आने-जाने के रास्ते का भी पता लगाने में जुटी है। पुलिस चौकी से महज 500 मीटर की दूरी पर स्थित मोबाइल शोरूम में लाखों रुपये की चोरी होने से क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। व्यापारियों और स्थानीय लोगों में घटना को लेकर नाराजगी है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपितों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश देने की तैयारी में जुटी है।
लखनऊ में रेलवे की परीक्षा देने आए युवक को पीटकर ऑनलाइन ट्रांसफर करवाई रकम, मोबाइल तोड़ा; आठ गिरफ्तार
Lucknow Crime News:आरोपितों का तरीका रेलवे स्टेशन पर आने वाले यात्रियों को निशाना बनाना था। खासकर ऐसे यात्रियों की तलाश की जाती थी जो बाहर से लखनऊ आते थे और जिन्हें शहर की जानकारी नहीं होती थी।
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
बच्चों ने बताई हर घर तिरंगे की महिमा:बच्चों को अनुशासन में रहने की दी सीख, कहा: मोबाइल यूज न करें
स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर जोधपुर शहर में कई कार्यक्रम हुए। इस दौरान स्कूलों में बच्चों को हर घर तिरंगा अभियान के बारे में बताया गया। इसका साथ ही बच्चों को मोबाइल यूज नहीं करने की भी अपील की गई। इसी कड़ी में जोधपुर स्थित करणी नगर में पिनेकल एकेडमी में स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर राष्ट्रभक्ति से ओतप्रोत प्रस्तुतियों ने मनमोह लिया। इस दौरान स्कूल में बच्चों ने हर घर तिरंगा महाभियान के तहत अपने घरों में लगाए तिरंगे को लेकर विशेष प्रस्तुति दी। बच्चों ने हर घर तिरंगे की महिमा का बखान किया। स्कूल की प्रिसिंपल संजना राजपुरोहित और स्कूल की डायरेक्टर प्रियंका कंवर ने स्कूल में ध्वजारोहण करके स्वतंत्रता दिवस के मायने समझाए। इस दौरान प्रियंका कंवर ने कहा- हमें जो आजादी मिली है, वो हमारे स्वतंत्रता सैनानियों के त्याग और बलिदान के कारण मिली है। हमें इसकी कीमत को समझना होगा। स्कूल की प्रिसिंपल संजना राजपुरोहित ने वर्तमान जीवन में आजादी का मतलब समझाते हुए बच्चों को अनुशासन में रहने की सीख दी। उन्होंने मोबाइल ज्यादा चलाने के खतरे भी बच्चों को समझाए। कार्यक्रम के बाद मार्च पास्ट की सलामी ली गई। इस दौरान स्कूल की टीचर ललिता, मेघा, वर्षा, आकांक्षा, पार्वती ने भी अपने विचार रखे। मंच का संचालन सुमन खंडेलवाल ने किया।
MP के किसानों के लिए बड़ी खबर: मोबाइल पर ही 24 घंटे बनेंगे खाद के ई-टोकन; 500 तक बढ़ी डेली लिमिट
किसानों को खाद उपलब्धता की जानकारी भी पारदर्शी तरीके से दिखाई जाएगी। मांग अधिक होने पर टोकन की संख्या बढ़ाने और मोबाइल पर जरूरी जानकारी उपलब्ध कराने की तैयारी की गई है।
Video: एसजीपीजीआई के वार्ड से मोबाइल चोरी, खाते से निकले 50 हजार रुपये
Video: एसजीपीजीआई के वार्ड से मोबाइल चोरी, खाते से निकले 50 हजार रुपये
मुरैना जिले में देर रात मोबाइल की चार दुकानों में लगी आग, लाखों रुपये का हुआ नुकसान
मुरैना जिले के कैलारस बस स्टैंड पर शुक्रवार-शनिवार की रात राघव मोबाइल, सचिन शर्मा, राघवेंद्र शर्मा और कुलदीप शर्मा की दुकानों में अचानक आग लग गई।
'खुद मोबाइल से करें जनगणना...' PM मोदी ने की अपील
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्वतंत्रता दिवस के मौके पर लाल किले से देशवासियों से जनगणना में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की. उन्होंने कहा कि जनगणना सिर्फ लोगों की गिनती नहीं है, बल्कि इसके आंकड़ों के आधार पर देश की नीतियां और योजनाएं तैयार होती हैं.
दिल्ली के सोनिया विहार थाना पुलिस ने एक युवक पर जानलेवा हमला कर उससे आईफोन और सोने की चेन लूटने के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है।
बागपत में बदलता हरियाली तीज का रंग, न झूले दिखते हैं न गीत गाती महिलाओं की मंडलियां, मोबाइल ने बदली त्योहार की तस्वीर
रिलायंस जियो का धमाका: 10,000 रुपये में 15 महीने का इंटरनेट और 12 OTT ऐप्स फ्री!
Get 15 months of high-speed internet and 12 premium OTT apps for just
कानपुर के बर्रा में मोबाइल लूट से आहत एक किशोर ने अपने जन्मदिन से ठीक एक दिन पहले फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार, 17 वर्षीय अमित ने गोविंद नगर से लौटते समय मोबाइल लूटे जाने के बाद अवसाद में यह कदम उठाया।
लुधियाना में चोरी का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहां काम सीखने आए एक युवक ने ही दुकान मालिक को 10 लाख रुपये का चूना लगा दिया। आरोपी ने अपने दोस्तों के एक बड़े गैंग के साथ मिलकर करीब 25 से 30 मोबाइल फोन, स्मार्टवॉच और अन्य कीमती एक्सेसरीज पर हाथ साफ कर दिया। हैरानी की बात यह है कि आरोपी ने 1 लाख रुपये की कीमत वाला सैमसंग का S22 अल्ट्रा (Samsung S22 Ultra) स्मार्टफोन महज 1900 रुपये में बेच दिया। मामला राधा स्वामी रोड स्थित मनजीत टेलीकॉम का है। दुकान के मालिक मनविंदर सिंह ने बताया कि आरोपी लड़का करीब डेढ़ महीने पहले ही उनकी दुकान पर मोबाइल रिपेयरिंग का काम सीखने आया था। CCTV में खुली पोल: रिपेयरिंग के बहाने जेब में डालता था फोन दुकान में कुल 10 CCTV कैमरे लगे हुए हैं और आरोपी को इसकी भली-भांति जानकारी थी। इसके बावजूद उसने बेखौफ होकर चोरी की घटनाओं को अंजाम दिया। सामने आई CCTV फुटेज में साफ देखा जा सकता है कि आरोपी लड़का सेट रिपेयर करने के बहाने टेबल पर बैठता है और मौका पाते ही बड़ी चालाकी से मोबाइल अपनी जेब में डाल लेता है। वह दुकान से फोन चुराकर बाहर गली में खड़े अपने गैंग के सदस्यों को पकड़ा देता था। छात्रों का पूरा गैंग चला रहा था चोरी का नेटवर्क मनविंदर सिंह के मुताबिक जब आरोपी लड़के से सख्ती से पूछताछ की गई तो उसने 14-15 मोबाइल चोरी करने की बात कबूल कर ली है। इस चोरी में वह अकेला नहीं है, बल्कि उसके साथ 8 से 10 लड़कों का पूरा गैंग शामिल है। यह सभी लड़के सरपंच कॉलोनी, 33 फुटा रोड और राम नगर इलाके के रहने वाले हैं। इनमें से कोई 11वीं कक्षा का छात्र है तो कोई कॉलेज में पढ़ता है। पढ़ाई करने की उम्र में ये लड़के चोरी के नेटवर्क को अंजाम दे रहे थे। दुकानदार को बेचते थे चोरी का माल शिकायतकर्ता ने बताया कि यह गैंग चोरी के मोबाइल (नए, पुराने और ग्राहकों के रिपेयरिंग के लिए आए फोन) 33 फुटा रोड स्थित एक अन्य मोबाइल दुकानदार को बेचता था। 1 लाख रुपये वाला फोन भी बरामद कर लिया गया है, जिसे इन्होंने कौड़ियों के भाव बेच दिया था। पिछले शुक्रवार को जब दुकान से लगातार सामान गायब होने लगा और एक्सेसरीज कम होने लगीं, तब जाकर इस पूरे रैकेट का भंडाफोड़ हुआ। पुलिस से इंसाफ की गुहार पीड़ित दुकानदार ने इस पूरे मामले की शिकायत पुलिस को दे दी है। पुलिस फिलहाल मामले की वेरिफिकेशन कर रही है। मनविंदर सिंह ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और उनका 8 से 10 लाख रुपये का जो नुकसान हुआ है, उसकी भरपाई करवाई जाए।
जालंधर के व्यस्तम फगवाड़ा गेट मार्केट में एक मोबाइल विक्रेता के साथ विवाद का मामला सामने आया है। 'डायल 112' पर सूचना मिलते ही थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस तुरंत हरकत में आई और तीन अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान के लिए कार्रवाई जारी है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। डायल 112 पर मिली थी विवाद की सूचना जालंधर के फगवाड़ा गेट मार्केट में उस समय हड़कंप मच गया जब एक मोबाइल विक्रेता के साथ कुछ लोगों का विवाद हो गया। घटना की गंभीरता को देखते हुए तुरंत 'डायल 112' पर पुलिस को इसकी सूचना दी गई। सूचना मिलते ही जालंधर कमिश्नरेट पुलिस की टीम तुरंत मौके की ओर रवाना हुई। थाना डिवीजन नंबर 3 के अधिकार क्षेत्र में आने वाले इस बाजार में पुलिस ने पहुंचकर स्थिति को संभाला और मामले की जांच शुरू कर दी। एसीपी नॉर्थ अशोक मीणा ने दी जानकारी मामले के संबंध में जानकारी देते हुए एसीपी नॉर्थ जालंधर, अशोक मीणा (IPS) ने बताया कि पुलिस को कंट्रोल रूम के माध्यम से फगवाड़ा गेट मार्केट में झगड़े की खबर मिली थी। उन्होंने बताया कि पीड़िता और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीन अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज (FIR) कर लिया है। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस एसीपी अशोक मीणा ने स्पष्ट किया कि पुलिस इस मामले को बेहद गंभीरता से ले रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि तीनों अज्ञात आरोपियों की पहचान जल्द से जल्द की जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जांच प्रक्रिया तेजी से आगे बढ़ रही है और संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। आरोपियों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा और उन्हें जल्द से जल्द कानून के शिकंजे में लाया जाएगा। कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रतिबद्ध जालंधर कमिश्नरेट पुलिस ने शहरवासियों को आश्वस्त किया है कि शहर में कानून-व्यवस्था और शांति बनाए रखना उनकी पहली प्राथमिकता है। पुलिस प्रशासन ने दोहराया कि 'डायल 112' पर आने वाली हर शिकायत पर बिना किसी देरी के तुरंत एक्शन लिया जाता है, ताकि आम जनता और व्यापारियों की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके।
Ex-serviceman guarding coal mine attacked with an axe; scrap dealers flee after looting his gun and mobile phone.
Ghazipur News: मोबाइल चलाने के चक्कर में ट्रैक्टर के जॉइंटर पर बैठा युवक, पहिये के नीचे दबकर मौत
Youth sitting on tractor's drawbar while using mobile phone crushed to death under wheel.
Firozabad News: रोडवेज बस में यात्रियों को मिलेगी मोबाइल चार्जिंग की सुविधा
रोडवेज बस में यात्रियों को मिलेगी मोबाइल चार्जिंग की सुविधा
Basti News: लैपटाॅप, प्रिंटर व मोबाइल चोरी के मामले में प्राथमिकी दर्ज
FIR lodged in case of theft of laptop, printer and mobile
Bareilly News: नेपाल सीमा से सटे इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या जल्द दूर होगी
नेपाल सीमा से सटे इलाकों में मोबाइल नेटवर्क की समस्या जल्द दूर होगी
Dehradun News: जेल से छूटते ही शातिर ने की चोरी, नकदी और मोबाइल समेत फिर गिरफ्तार
Cunning offender commits theft immediately after release from jail
साइबर ठगों को सिम सप्लाई करने वाला गिरोह पकड़ा:2 आरोपी गिरफ्तार, 62 सिमकार्ड और 3 मोबाइल फोन जब्त
डूंगरपुर पुलिस ने साइबर ठगों को ठगी के लिए सिम कार्ड उपलब्ध कराने वाले गिरोह का खुलासा करते हुए मध्य प्रदेश के सागर से ई-मित्र संचालक समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 62 पैक्ड सिम कार्ड और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस अब गिरोह से जुड़े अन्य लोगों और साइबर ठगी के नेटवर्क की जांच कर रही है। एस्कॉर्ट सर्विस ठगी की जांच में खुला नेटवर्क साइबर थाने के सीआई मुकेश कुमार ने बताया कि 10 अगस्त को फर्जी एस्कॉर्ट सर्विस के नाम पर लोगों से ठगी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया था। उनके कब्जे से 40 सिम कार्ड, 5 मोबाइल, 5 एटीएम कार्ड सहित अन्य दस्तावेज बरामद हुए थे। पूछताछ में सामने आया कि साइबर ठगी में इस्तेमाल होने वाले सिम कार्ड मध्य प्रदेश के सागर से भेजे जाते थे। 30 से 40 सिम का एक साथ ऑर्डर पुलिस पूछताछ में पता चला कि ठग गिरोह के सदस्य एक बार में 30 से 40 सिम कार्ड मंगवाते थे। प्रत्येक सिम के बदले ऑनलाइन 900 से 1,000 रुपए का भुगतान किया जाता था। ये सिम कार्ड मुख्य रूप से स्पीड पोस्ट या पार्सल के जरिए डूंगरपुर पहुंचाए जाते थे। सागर में दबिश देकर दो आरोपियों को पकड़ा सिम सप्लाई के नेटवर्क का पता चलने के बाद साइबर थाने की टीम ने मध्य प्रदेश के सागर में दबिश दी। कार्रवाई के दौरान सागर निवासी ई-मित्र संचालक दीपक चौरासिया और उसके साथी विनय पटेल को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इनके पास से 62 पैक्ड सिम कार्ड और 3 मोबाइल फोन जब्त किए। पूरे नेटवर्क की तलाश जारी पुलिस अब गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है। जांच का फोकस साइबर ठगों तक सिम कार्ड पहुंचाने वाले नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों, सिम की खरीद-फरोख्त और इससे जुड़े साइबर अपराधों का पता लगाने पर है।
समस्तीपुर के मुफस्सिल थाना क्षेत्र के धुरलख गांव के पास 3 अगस्त को एलएंडटी फाइनेंस कंपनी के कर्मी से हुई लूट की घटना का पुलिस ने खुलासा कर लिया है। पुलिस ने इस मामले में लूट में शामिल तीन बदमाशों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार बदमाशों के पास से घटना में प्रयुक्त स्प्लेंडर मोटरसाइकिल, तीन मोबाइल फोन, लूट का बैग और रेनकोट समेत अन्य सामान बरामद किया है। गिरफ्तार बदमाशों की पहचान मुफस्सिल थाना क्षेत्र के भुईधारा गांव निवासी बाला कॉपर के बेटे नन्हे कॉपर उर्फ अमरजीत कॉपर, विनोद पासवान के बेटे राजा कुमार उर्फ आदित्य और बेगूसराय जिले के तेघड़ा थाना क्षेत्र के मधुरापुर वार्ड-9 के रहने वाले रामतीरथ तिवारी के बेटे हरिओम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, लूट की रकम में मिले हिस्से से राजा ने एंड्रॉयड मोबाइल खरीदा। 3 अगस्त को 89 हजार की हुई थी लूट एएसपी संजय पांडेय ने संवाददाता सम्मेलन में बताया कि एलएंडटी फाइनेंस कंपनी के एफएलओ नीरज कुमार धुरलख पुल से पहले असींनपुर जाने वाली सड़क से गुजर रहे थे। इसी दौरान बदमाशों ने हथियार के बल पर उन्हें रोक लिया और लूट की घटना को अंजाम दिया। नीरज कुमार के पास मौजूद बैग लूट लिया गया, जिसमें करीब 89 हजार रुपये थे। घटना के बाद एसपी के निर्देश पर एसआईटी का गठन किया गया। मानवीय सूचना और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर पुलिस को इस घटना में नन्हें कॉपर के शामिल होने की जानकारी मिली। गुप्त सूचना के आधार पर उसे गिरफ्तार किया गया। उसके पास से एक कीपैड मोबाइल बरामद हुआ। उसकी निशानदेही पर फिरोजी रंग का लूटा गया बैग और रेनकोट भी बरामद किया गया। फाइनेंस कंपनी के कर्मी ने निभाई लाइनर की भूमिका एएसपी ने बताया कि पूछताछ में नन्हें कॉपर ने घटना में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उसने बताया कि लूट की योजना एलएंडटी फाइनेंस कंपनी में कार्यरत हरिओम तिवारी के साथ मिलकर बनाई गई थी। हरिओम ने इस घटना में लाइनर की भूमिका निभाई थी। नीरज कुमार के कार्यालय से निकलने के बाद हरिओम ने बदमाशों को उनकी गतिविधि की जानकारी दी, जिसके बाद बदमाशों ने धुरलख के पास उन्हें हथियार के बल पर रोककर लूटपाट की। लूट की करीब 89 हजार रुपये की रकम में से नन्हें कॉपर और राजा कुमार को 25-25 हजार रुपये मिले, जबकि शेष रकम हरिओम तिवारी लेकर फरार हो गया। पुलिस ने अब तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पूछताछ पूरी करने के बाद सभी को न्यायिक हिरासत में भेजा जा रहा है। लूट में मिले हिस्से की राशि से खरीदा मोबाइल फोन एएसपी ने बताया कि राजा कुमार को मिले 25 हजार रुपये के हिस्से में से राजा ने एंड्रॉयड मोबाइल खरीदा था। पुलिस ने बताया कि नन्हें कॉपर के खिलाफ मुफस्सिल और उजियारपुर थाना क्षेत्रों में लूट तथा आर्म्स एक्ट से जुड़े पांच मामले पहले से दर्ज हैं। वहीं, राजा कुमार और हरिओम कुमार के आपराधिक इतिहास खंगाला जा रहा है।
पहाड़ी इलाकों में अब नहीं होगी मोबाइल नेटवर्क की समस्या, BSNL ने लॉन्च की ग्लोबल सैटेलाइट फोन सेवा
बीएसएनएल ने स्वतंत्रता दिवस पर नए मोबाइल और ब्रॉडबैंड प्लान लॉन्च किए हैं, साथ ही उत्तराखंड के दूरस्थ व ग्रामीण इलाकों में 4जी नेटवर्क विस्तार की घोषणा की।
बेटे का दोस्त बताकर महिला से स्नैचिंग:सीवान में चेन, अंगूठी और मोबाइल लेकर भागा बदमाश
सीवान में अपराधियों ने लोगों को झांसा देकर लूटपाट करने का नया तरीका अपनाया है। महादेवा थाना क्षेत्र के नई बस्ती में दिनदहाड़े एक युवक ने खुद को महिला के बेटे का दोस्त बताकर पहले भरोसा जीता और फिर फिल्मी अंदाज में महिला की चैन, अंगूठी और मोबाइल लेकर फरार हो गया। घटना सघन आबादी वाले इलाके में हुई, जिसके बाद पुलिस की गश्ती व्यवस्था पर भी सवाल उठने लगे हैं। बताया जाता है कि सलेमपुर निवासी बसंती देवी अपनी बेटी के साथ मालवीय चौक के पास राशन लेने गई थीं। बाइक से नई बस्ती की ओर ले गया आरोपी इसी दौरान जावा बाइक सवार एक युवक उनके पास पहुंचा और प्रणाम करते हुए खुद को उनके बेटे का दोस्त बताया। युवक ने महिला से कहा कि वह उनके बेटे के साथ बोकारो में रहता है और उनके बेटे ने उसे एक लॉकेट दिया है, जिसे वह उनकी चैन में लगवाना चाहता है। महिला युवक की बातों पर भरोसा कर बैठीं। इसके बाद युवक उन्हें अपनी जावा बाइक पर बैठाकर मालवीय चौक से नई बस्ती की ओर ले गया। रास्ते में उसने महिला से कहा कि वह उन्हें अपने घर ले जा रहा है, जहां चैन में लॉकेट लगाने के बाद वह वापस कर देगा। नई बस्ती में एक घर के पास पहुंचने के बाद युवक ने महिला से गले की चैन निकालने को कहा। घटना के बाद मौके से भागा युवक जैसे ही महिला ने चैन निकाली, युवक ने चैन, अंगूठी और मोबाइल फोन अपने कब्जे में ले लिया और बाइक से फरार हो गया। दिनदहाड़े सघन इलाके में हुई इस घटना से आसपास के लोगों में भी चर्चा शुरू हो गई। घटना के बाद सामने आए सीसीटीवी फुटेज में युवक महिला को अपनी बाइक पर बैठाकर ले जाता हुआ दिखाई दे रहा है। फुटेज में युवक की पहचान से जुड़ी कई अहम बातें सामने आई हैं। युवक ने नीले रंग का हेलमेट और पीले रंग की शर्ट पहन रखी थी, जबकि उसके पैरों में सफेद रंग के जूते दिखाई दे रहे हैं। वह जावा बाइक पर महिला को बैठाकर जाते हुए कैमरे में कैद हुआ है। घने इलाके में हुई स्नैचिंग की घटना घटना को लेकर महादेवा थाना प्रभारी विनीत विनायक ने बताया कि महिला को झांसा देकर चैन, अंगूठी और मोबाइल ले जाने का आवेदन थाना में प्राप्त हुआ है। पुलिस घटनास्थल और उसके आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है। हालांकि, सघन इलाके में दिन के समय महिला को अपने झांसे में लेकर आरोपी के आसानी से फरार हो जाने से पुलिस गश्ती व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाजार और रिहायशी इलाकों में नियमित पुलिस गश्ती और संदिग्ध गतिविधियों पर निगरानी बढ़ाने की जरूरत है, ताकि इस तरह की घटनाओं पर अंकुश लगाया जा सके।
गोड्डा पुलिस ने मोटरसाइकिल चोरों के एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इनकी निशानदेही पर चोरी की 13 मोटरसाइकिलें, दो मास्टर चाबी और दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। यह गिरोह गोड्डा और भागलपुर सहित आसपास के क्षेत्रों में सक्रिय था। जिले और आसपास के इलाकों में लगातार हो रही मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं के बाद गोड्डा एसपी मुकेश कुमार के निर्देश पर एक विशेष छापेमारी दल का गठन किया गया था। इस टीम ने तकनीकी और अन्य सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन दो अभियुक्तों को पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान साहिबगंज निवासी भोला पंडित 30 और अभिषेक कुमार 19 वर्ष जिला भागलपुर (बिहार) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी गोड्डा, साहेबगंज और बिहार के भागलपुर जिले के विभिन्न स्थानों से मोटरसाइकिलें चुराते थे। चोरी की गई मोटरसाइकिलों को वे भागलपुर जिले के आसपास के क्षेत्रों में अज्ञात लोगों को बेच देते थे। पूछताछ के दौरान दोनों ने कई मोटरसाइकिल चोरी की घटनाओं में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। 13 बाइक के अलावा, दो मास्टर चाबी और वीवो कंपनी के दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, भोला पंडित के खिलाफ मेहरमा, महागामा, कहलगांव, बोरियो, नगर साहेबगंज और अन्य थानों में मोटरसाइकिल चोरी व अन्य संबंधित धाराओं के तहत कुल 14 मामले दर्ज हैं। वहीं, अभिषेक कुमार के खिलाफ मेहरमा, बोरियो और ललमटिया सहित अन्य थानों में छह मामले दर्ज होने की जानकारी मिली है।
BSNL का स्वतंत्रता दिवस उपभोक्ताओं को ऑफर:₹1 में 24 दिन की मोबाइल सेवा, 200 Mbps फाइबर प्लान भी
80वें स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर भारत संचार निगम लिमिटेड (BSNL) ने उपभोक्ताओं के लिए कई नए प्लान और ऑफर जारी किए हैं। इनमें ₹1 का ‘फ्रीडम 2.0’ मोबाइल ऑफर, 412 दिन की वैधता वाला रिचार्ज, 200 Mbps स्पीड वाला फाइबर प्लान और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए ₹259 का ब्रॉडबैंड प्लान शामिल है। BSNL ने ग्लोबल सैटेलाइट फोन सेवा भी व्यावसायिक रूप से लॉन्च की है। ₹1 में 24 दिन की मोबाइल सेवा‘फ्रीडम 2.0’ प्रमोशनल ऑफर 12 अगस्त से 12 सितंबर 2026 तक उपलब्ध रहेगा। इसमें ₹1 के एफआरसी के साथ 24 दिन की वैधता, अनलिमिटेड कॉलिंग, प्रतिदिन 1 GB डेटा और 100 SMS मिलेंगे। ₹2399 के रिचार्ज पर 47 दिन अतिरिक्तस्पेशल स्वतंत्रता दिवस ऑफर के तहत ₹2399 के रिचार्ज पर 47 दिन की अतिरिक्त वैधता दी जाएगी। इससे कुल वैधता 412 दिन हो जाएगी। यह ऑफर भी 12 अगस्त से 12 सितंबर तक लागू रहेगा। BSNL मोबाइल उपभोक्ताओं के लिए मुफ्त एंटरटेनमेंट टीवी सेवा भी शुरू की गई है, जिसमें लाइव टीवी, फिल्में, वेब सीरीज, म्यूजिक और धार्मिक कंटेंट उपलब्ध होगा। ₹1111 में 200 Mbps फाइबर प्लानFTTH फाइबर सुपर प्लस OTT प्लान में 200 Mbps हाईस्पीड इंटरनेट, 5000 GB डेटा, 27 OTT सेवाएं, अनलिमिटेड कॉलिंग और डुअल-बैंड Wi-Fi ONT मिलेगा। ग्रामीण कनेक्टिविटी के लिए ₹259 के रूरल एंट्री प्लान में 25 Mbps स्पीड के साथ प्रतिमाह 700 GB तक डेटा मिलेगा। टावर विस्तार में मध्यप्रदेश भी आगेBSNL के अनुसार मध्यप्रदेश में 4679 नई मोबाइल साइटें स्थापित की गई हैं। इनमें डिजिटल भारत निधि के सहयोग से 1223 टावर लगाए गए हैं, जबकि 190 टावर निर्माणाधीन हैं। भोपाल में 86 4G सैचुरेशन साइट कार्यरत हैं। शहर में 960 4G, 327 3G और 361 2G BTS कार्यरत हैं तथा 105 नए 4G BTS की योजना है। देशभर में स्वदेशी 4G नेटवर्क का विस्तारसरकार के अनुसार BSNL ने स्वदेशी 4G तकनीक पर आधारित नेटवर्क का राष्ट्रीय स्तर पर विस्तार किया है। 17 सितंबर 2025 को 97,500 नई 4G साइटें राष्ट्र को समर्पित की गई थीं। यह नेटवर्क C-DOT के स्वदेशी 4G कोर पर आधारित है और 5G स्टैंड-अलोन में अपग्रेड किया जा सकता है। 2019 से रिवाइवल पैकेजBSNL के पुनरुद्धार के लिए 2019 में पहला रिवाइवल पैकेज, 2022 में भारत ब्रॉडबैंड नेटवर्क लिमिटेड के BSNL में विलय और 2023 में विस्तारित पैकेज को मंजूरी दी गई थी। कंपनी का कहना है कि इन कदमों से स्वदेशी 4G/5G नेटवर्क विस्तार और ग्रामीण ब्रॉडबैंड कनेक्टिविटी को गति मिली है।
18% तेजी से खुलेंगे Apps, Xiaomi HyperOS 4 का हुआ एलान; देखें एलिजिबल डिवाइसेस की पूरी लिस्ट
Xiaomi ने अपने नए बड़े सॉफ्टवेयर अपडेट HyperOS 4 का एलान कर दिया है। यह नया ऑपरेटिंग सिस्टम ग्लास-इंस्पायर्ड री-डिजाइन्ड UI, इन-हाउस MiMo LLM पर बेस्ड 'Super AI Assistant 2.0' और सिस्टम-लेवल परफॉर्मेंस अपग्रेड्स के साथ आता है।
जेल में बवाल किया तो पैरोल बंद, मोबाइल मिला तो 3 साल की सजा; बिहार में कैदियों के नियम बदले
बिहार के जेल मैनुअल में बदलाव किया गया है। जेल में बंद कैदियों ने अगर तोड़फोड़, मारपीट कर उत्पात मचाया तो उनकी पैरोल बंद कर दी जाएगी। कैंटीन समेत अन्य सुविधाओं से अलग कर दिया जाएगा। मोबाइल फोन पाए जाने पर 3 साल की अतिरिक्त सजा भी हो सकती है।
5 AI Apps जो आपको जरूर Try करने चाहिए, आपके काम को बना देंगे आसान
Artificial Intelligence यानी AI अब सिर्फ बड़ी कंपनियों या टेक एक्सपर्ट्स तक सीमित नहीं है। आज स्मार्टफोन पर मौजूद कई AI Apps पढ़ाई, ऑफिस के काम, कंटेंट क्रिएशन, रिसर्च और रोजमर्रा के छोटे-बड़े कामों को काफी आसान बना सकते हैं। अगर आप भी AI का सही इस्तेमाल करना चाहते हैं, तो इन 5 Apps को जरूर Try करें। 1. ChatGPT ChatGPT एक ऑल-राउंड AI Assistant है। आप इसका इस्तेमाल सवालों के जवाब पाने, ईमेल या आर्टिकल लिखने, आइडिया निकालने, पढ़ाई में मदद लेने और कई तरह के कामों के लिए कर सकते हैं। यह उन लोगों के लिए खास उपयोगी है जिन्हें एक ही App में अलग-अलग काम करने वाला AI Assistant चाहिए। 2. Google Gemini Google Gemini उन यूज़र्स के लिए काफी उपयोगी है जो Google के Ecosystem का इस्तेमाल करते हैं। Gemini में बातचीत के अलावा Image Generation, Deep Research, Gemini Live और Canvas जैसे फीचर्स भी उपलब्ध हैं। इसका इस्तेमाल पढ़ाई, रिसर्च, आइडिया और रोजमर्रा के कामों में किया जा सकता है। 3. Microsoft Copilot अगर आप Microsoft के Apps जैसे Word, Excel, PowerPoint और Outlook का इस्तेमाल करते हैं, तो Copilot आपके काम को आसान बना सकता है। यह सवालों के जवाब देने, कंटेंट तैयार करने और कुछ Microsoft 365 Apps में AI की मदद लेने के लिए इस्तेमाल किया जा सकता है। 4. Perplexity Perplexity उन लोगों के लिए अच्छा विकल्प है जिन्हें किसी विषय पर Research करनी होती है। यह AI के साथ Search Experience देता है और जानकारी खोजने व अलग-अलग स्रोतों को समझने में मदद कर सकता है। Students, Writers और Researchers के लिए यह उपयोगी हो सकता है। 5. Canva अगर आप Social Media Posts, Posters, Presentations या दूसरे Designs बनाते हैं, तो Canva का AI आपके काम को आसान कर सकता है। आप AI की मदद से अपने Ideas को Visual Content में बदलने और Design तैयार करने की शुरुआत कर सकते हैं।
नोएडा में मेट्रो स्टेशन पर सुसाइड करने वाले नाबालिग बेटे ने अपनी जान देने से पहले पिता की हत्या की थी जान। वारदात को अंजाम देने के बाद वह शव को कमरे में बंद करके पिता का मोबाइल फोन भी अपने साथ ले गया था। पुलिस को गढ़ी चौखंडी गांव स्थित किराये के कमरे से व्यक्ति का शव मिला।
आजमगढ़ में प्रेमिका से शादी की जिद पर मोबाइल टावर पर चढ़ा प्रेमी
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अजमेर में बाइक पर आए बदमाशों ने महिला के हाथ से मोबाइल छीन लिया। महिला बेटी को आइसक्रीम दिलाकर घर लौट रही थी। बेटी उसकी गोद में थी। महिला मोबाइल पर बात करते-करते चल रही थी। उसका पति पीछे चल रहा था। इस बीच पीछे से बाइक पर दो बदमाश आए और मोबाइल छीनकर भाग गए। मामला अलवर गेट थाना इलाके का गुरुवार रात का है। महिला के चिल्लाने पर पति 'चोर-चोर' की आवाज लगाते हुए पीछे भागा, लेकिन बदमाश पकड़ में नहीं आए। घटना का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। थाना प्रभारी नरेंद्र जाखड़ ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। इससे पहले भी शहर में चेन स्नैचिंग और मोबाइल लूट की वारदात हो चुकी हैं। सभी मामलों में बदमाशों ने सड़क पर पैदल जाती महिलाओं को निशाना बनाया है। पहले देखिए घटना की CCTV फुटेज… बाइक पर पीछे से आए बदमाश, हाथ से मोबाइल छीना अलवर गेट थाना प्रभारी नरेंद्र जाखड़ ने बताया- भजनगंज निवासी सोनिया (31) पत्नी महेश के साथ लूट हुई है। सोनिया के पति कंप्यूटर ऑपरेटर महेश की रिपोर्ट पर मामला दर्ज किया है। रिपोर्ट में महेश ने बताया कि मैं गुरुवार रात पत्नी सोनिया के साथ बेटी को आइसक्रीम दिलाने के लिए घर से कुछ दूरी पर गया था। आइसक्रीम दिलाने के बाद बेटी को गोद में लेकर सोनिया सड़क किनारे चल रही थी। वह मेरे मोबाइल से बात कर रही थी। मैं उसके पीछे था। इस बीच पीछे से बाइक पर आए दो बदमाश सोनिया के हाथ से मोबाइल छीनकर भाग गए। सोनिया के चिल्लाने पर बदमाशों के पीछे भागा, लेकिन वे फरार हो गए। रास्ते में ई-रिक्शा चालकों और अन्य लोगों से भी मदद मांगी, लेकिन किसी ने मदद नहीं की। अजमेर में महिलाओं से लूट की कई वारदात स्कूल से घर लौटती महिला की तोड़ी थी चेन अजमेर में 4 अगस्त को क्रिश्चियन गंज थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े रेनू रोबिन्सन की चेन लूट ली। स्कूल से घर लौटते हुए रास्ते में मुंह पर कपड़ा बांधे एक युवक उनके पास आया। उनकी आंखों पर हाथ रखकर गले में पहनी सोने की चेन तोड़कर भाग गया था। (पूरी खबर पढ़िए) चेन लूटकर भागे बदमाश को लोगों ने पकड़ा था अजमेर शहर में 3 अगस्त को जनता कॉलोनी की रहने वाली रेखा शर्मा (60) की चेन लूटकर बदमाश भागे थे। वारदात तनिष्क ज्वेलर्स के बाहर हुई थी। उनके चिल्लाने पर लोगों ने बदमाशों का पीछा किया था। दो में से एक बदमाश को पकड़कर पुलिस के हवाले कर दिया था। (पढ़िए पूरी खबर) पार्षद के घर के बाहर महिला का मोबाइल छीना अजमेर में पहाड़गंज स्थित डिस्पेंसरी जाते महिला सीमा फुलवारी निवासी मलूसर के हाथ से बदमाश मोबाइल छीनकर भागे थे। पार्षद के घर के बाहर हुई इस वारदात का वीडियो भी सामने आया था। (पढ़िए पूरी खबर)
चित्रकूट में सावन का महीना आते ही कभी गांवों और कस्बों में झूलों की रौनक और कजरी गीतों की गूंज सुनाई देती थी। पेड़ों की डालियों पर झूले पड़ते थे, मायके आई बहन-बेटियां सहेलियों के साथ सावन के गीत गाती थीं और बाग-बगीचों में घंटों उत्सव का माहौल रहता था। अब यह परंपरा धीरे-धीरे खत्म होती जा रही है। प्रसिद्ध कजरी गीत ‘हरे रामा रिमझिम बरसे पनिया, झूले राधा रानिया है हरी...’ भी अब पहले की तरह सुनाई नहीं देता। कुछ दशक पहले सावन की शुरुआत होते ही गांवों में आम और अन्य बड़े पेड़ों की मजबूत डालियों पर मोटी रस्सियों से झूले डाल दिए जाते थे। विवाहित बेटियों को सावन में मायके बुलाने की परंपरा थी। घर आई बहन-बेटियां अपनी सहेलियों और परिवार की महिलाओं के साथ बागों में जाती थीं। हाथों में मेहंदी, झूलों पर पेंग और साथ में कजरी गीत सावन की पहचान हुआ करते थे। बारिश की रिमझिम फुहारों के बीच महिलाएं और युवतियां समूह में कजरी गाती थीं। कई जगह घंटों तक झूला झूलने का सिलसिला चलता था। ‘पहला सावन मायके में मनाने की परंपरा थी’ नगर पंचायत मऊ की 80 वर्षीय सुषमा देवी पुराने दिनों को याद करते हुए बताती हैं कि पहले सावन आते ही गांव के पेड़ों पर झूले पड़ जाते थे। पहला सावन मायके में मनाने की परंपरा थी। इसके लिए बहन-बेटियों को ससुराल से बुलाया जाता था। उनके मुताबिक, महिलाएं समूह में झूला झूलते हुए कजरी गीत गाती थीं। गांव में सावन के दौरान हर तरफ उत्सव जैसा माहौल रहता था। अब नई पीढ़ी में इस परंपरा को लेकर पहले जैसा उत्साह नहीं रह गया है। पेड़ और खुली जगहें कम हुईं, झूले भी गायब अन्नपूर्णा देवी भी पुराने सावन को याद करती हैं। वह बताती हैं कि गांव के पेड़ों पर मोटी रस्सी डालकर झूले लगाए जाते थे। महिलाएं और युवतियां घंटों झूला झूलती थीं। अब गांवों और कस्बों में पेड़ों की संख्या कम हुई है और खुली जगहें भी लगातार घट रही हैं। पिछले करीब दो दशकों में सावन के पारंपरिक उत्सवों का स्वरूप काफी बदल गया है। आम के बागों में झूलना, बारिश में कागज की नाव चलाना और सखियों के साथ कजरी गाना अब बीते दौर की याद बनते जा रहे हैं। बढ़ते निर्माण के कारण पेड़ और खुले आंगन कम हुए हैं। एकल परिवारों से कमजोर हुई सामूहिक परंपरा सिर्फ बदलता रहन-सहन ही नहीं, परिवारों के बदलते स्वरूप का असर भी इन परंपराओं पर पड़ा है। एकल परिवार बढ़ने और गांवों में लोगों के बीच पहले जैसी सामूहिकता नहीं रहने से सामूहिक उत्सवों का चलन कम हुआ है। नगर पंचायत मऊ के प्रफुल्ल चंद्र त्रिपाठी का कहना है कि युवा पीढ़ी मोबाइल और सोशल मीडिया पर अधिक समय बिता रही है। इसके चलते पारंपरिक उत्सवों और लोकगीतों से उनका जुड़ाव कम होता जा रहा है। बुजुर्गों की यादों तक सिमट रही सावन की रौनक कभी सावन के झूले सिर्फ मनोरंजन का माध्यम नहीं थे, बल्कि परिवार और समाज को जोड़ने का अवसर भी थे। मायके आई बहन-बेटियों से मिलने, सहेलियों के साथ समय बिताने और लोकगीतों के जरिए अपनी संस्कृति को आगे बढ़ाने का माध्यम भी यही उत्सव थे। यदि मौजूदा स्थिति बनी रही तो सावन के झूले, कजरी गीत और मायके में पहला सावन मनाने जैसी परंपराएं आने वाली पीढ़ी के लिए सिर्फ बुजुर्गों की कहानियों और किताबों में ही रह जाएंगी।
कार, दो मोबाइल व 5 हजार लेकर चोर फरार
लुधियाना| थाना डिवीजन नंबर 8 के अधीन आते सिविल लाइंस इलाके में चोरों ने एक घर को निशाना बनाते हुए नकदी, मोबाइल फोन और बाहर खड़ी लग्जरी कार पार कर दी। पीड़ित निश्चिंत वोहरा निवासी कॉलेज रोड, सिविल लाइंस ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 11 और 12 अगस्त की दरमियानी रात अज्ञात चोर उनके घर में दाखिल हो गए। चोरों ने घर के अंदर रखे दो मोबाइल फोन और उनका पर्स चुरा लिया, जिसमें 5,000 रुपए कैश और जरूरी कागजात थे। इसके बाद चोर घर के बाहर खड़ी उनकी मारुति कार भी चुराकर ले गए। पुलिस ने मामला दर्ज कर इलाके के सीसीटीवी खंगालने शुरू कर दिए हैं।
जेब में रखा ब्रांडेट कंपनी का मोबाइल फटने के कारण दनकौर कोतवाली क्षेत्र के गांव पीपलका निवासी 26 वर्षीय युवक गंभीर रूप से घायल हो गया।
Panipat News: पीटीआई व आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
पीटीआई व आरोपी के मोबाइल की कॉल डिटेल खंगाल रही पुलिस
Dehradun News: बैरागीवाला में मोबाइल मेडिकल यूनिट शुरू, 450 श्रमिकों की हुई जांच
Mobile medical unit launched in Bairagiwala
Jhansi News: दुकान से लाखों के मोबाइल चोरी
दतिया। सुपर मार्केट में सतगुरु मोबाइल की दुकान से गत रात्रि चोर लाखों रुपये के नए मोबाइल चुराकर ले गए।
Faridabad News: 4.75 लाख रुपये के 30 गुम मोबाइल बरामद, मालिकों को लौटाए
30 lost mobile phones recovered and returned to owners.
Etah News: जहरखुरानी कर मोबाइल और कान की बाली लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
जहरखुरानी कर मोबाइल और कान की बाली लूटने वाले दो आरोपी गिरफ्तार
Jhansi News: शराब के ठेके से 25 पेटी शराब, मोबाइल व नकदी चोरी
टहरौली। टहरौली खास की हरिजन बस्ती में देसी शराब के ठेके का ताला तोड़कर चोर 25 पेटी देसी शराब, चार हजार रुपये नकद, मोबाइल व सीसीटीवी कैमरों का डीवीआर चोरी कर ले गए।
गोरखपुर में ट्रेनों पर पत्थरबाजी करने वाले 9वीं में पढ़ने वाले 16 साल के छात्र को जीआरपी गोरखपुर ने पकड़ा है। पत्थरबाजी की घटनाओं को रोकने के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत ये कार्रवाई की गई है। जिसके बाद से उसके खिलाफ रेलवे एक्ट की धारा 152 के तहत मामला दर्ज गया है। पूछताछ के दौरान युवक ने बताया कि- क्रिकेट खेलने के दौरान उसने ट्रेन में सफर कर रहे आदमी के हाथ में फ़ोन देखा और फोन को पाने के लिए उसने पत्थर चला दिया। नाबालिग को फ़ोन में गेम खेलें में मज़ा आता है, इसलिए उसने कदम उठाया। 'जीआरपी ने 13 अगस्त को रेलवे स्टेशन डोमिनगढ़ के पास सूरजकुंड ओवरब्रिज के पास से नाबालिग को सादे कपड़ों में निगरानी करते हुए पकड़ा। पुलिस का कहना है कि नाबालिग 10 अगस्त को रेलवे ट्रैक के किनारे मौजूद था और इसी दौरान गुजर रही ट्रेन पर पत्थर फेंकने की घटना में शामिल था। मोबाइल के लालच में ट्रेन पर फेंका पत्थर पुलिस के अनुसार पूछताछ में नाबालिग ने बताया कि 10 अगस्त को वह रेलवे ट्रैक के किनारे खेल रहा था। इसी दौरान वहां से एक ट्रेन गुजर रही थी। उसने बताया कि मोबाइल के लालच में उसने ट्रेन पर पत्थर फेंक दिया। पुलिस का कहना है कि पूछताछ में नाबालिग ने यात्रियों को चोट पहुंचाने की नीयत से ट्रेन पर पत्थर मारने की बात भी बताई है। मामले में आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। रेलवे एक्ट की धारा 152 में दर्ज है केस जीआरपी के मुताबिक नाबालिग के खिलाफ थाना जीआरपी गोरखपुर में मु0अ0सं0 127/26, धारा 152 रेलवे एक्ट के तहत मामला दर्ज है। पुलिस उसके अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटा रही है। पुलिस के अनुसार नाबालिग को निगरानी में लिए जाने से ट्रेनों पर पत्थरबाजी जैसी घटनाओं पर रोक लगाने में मदद मिलेगी। यात्रियों की सुरक्षा के लिए चल रहा अभियान रेलवे यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए जीआरपी और आरपीएफ की ओर से रेलवे स्टेशन, सर्कुलेटिंग एरिया और ट्रेनों में अपराध नियंत्रण के लिए अभियान चलाया जा रहा है। इसके साथ ही अपराधियों की गिरफ्तारी, ट्रेनों पर पत्थरबाजी रोकने, अवैध शराब की तस्करी और चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए भी निगरानी की जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस महानिदेशक रेलवे प्रकाश डी, पुलिस महानिरीक्षक रेलवे लखनऊ रामकृष्ण भारद्वाज के निर्देशन और पुलिस अधीक्षक रेलवे लक्ष्मी निवास मिश्र के मार्गदर्शन में की गई। गोरखपुर रेलवे के पुलिस उपाधीक्षक अशोक कुमार सिंह के पर्यवेक्षण में जीआरपी थाना गोरखपुर की टीम ने कार्रवाई की। इन पुलिसकर्मियों की टीम ने की कार्रवाई नाबालिग को निगरानी में लेने वाली टीम में प्रभारी निरीक्षक अनुज कुमार सिंह, उपनिरीक्षक सौरभ सिंह, एएसआई विवेक सिंह आरपीएफ पोस्ट गोरखपुर, कांस्टेबल अरविंद यादव, कांस्टेबल उपेंद्र यादव, कांस्टेबल निर्भय सिंह आरपीएफ, कांस्टेबल हरिगोपाल आरपीएफ और कांस्टेबल राकेश यादव आरपीएफ शामिल रहे। पुलिस ने बताया कि मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है और नाबालिग के अन्य आपराधिक इतिहास की भी जानकारी जुटाई जा रही है।
दतिया में मोबाइल दुकान में चोरी:नकाबपोश चोर बोरी में भरकर ले गया फोन, CCTV में कैद
दतिया शहर के ज्योति कॉम्प्लेक्स स्थित एक मोबाइल दुकान में बुधवार-गुरुवार की देर रात चोरी की वारदात सामने आई है। पुलिस ने जांच के बाद गुरुवार रात अज्ञात आरोपी पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वही घटना का वीडियो भी जमकर वायरल हो रहा है। नकाबपोश चोर सब्बल लेकर दुकान के पास पहुंचा और शटर का ताला तोड़कर अंदर घुस गया। इसके बाद दुकान में रखे विभिन्न कंपनियों के मोबाइल फोन एक बोरी में भरकर पीठ पर लादा और मौके से फरार हो गया। चोर आते जाते कैमरे में कैद हुआ है। जिसका फुटेज अब सामने आया है। दुकान संचालक विनय टिलवानी ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 12-13 अगस्त की दरमियानी रात करीब 2 से 2:40 बजे के बीच चोर ने दुकान को निशाना बनाया। सुबह करीब 11 बजे दुकान खोलने पहुंचे तो शटर का ताला टूटा मिला और अंदर रखे मोबाइल गायब थे। CCTV फुटेज में रात करीब 2:04 बजे एक युवक मुंह पर तौलिया बांधकर हाथ में सब्बल लिए दुकान की ओर आता दिखाई दे रहा है। वह पहले ताला तोड़ता है और फिर दुकान के अंदर प्रवेश करता है। करीब 2:32 बजे वह मोबाइल से भरी बोरी लेकर बाहर निकलता है और उसे पीठ पर लादकर फरार हो जाता है। चोरी हुए मोबाइलों की कंपनीवार संख्या, मॉडल और कीमत की सूची दुकानदार द्वारा पुलिस को अलग से दी जाएगी। पुलिस ने मामला दर्ज कर CCTV फुटेज के आधार पर चोर की तलाश शुरू कर दी है। टीआई दिनेश राजपूत का कहना है कि, फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान के प्रयास किए जा रहे है। जिसे जल्द गिरफ्तार कर मामले का खुलसा कर दिया जाएगा।
RailOne App ने 4.76 करोड़ डाउनलोड का आंकड़ा पार कर लिया है। ऐप पर रोज करीब 10 लाख टिकट बुक हो रहे हैं। RailOne में टिकट, PNR, ट्रेन स्टेटस समेत कौन-कौन सी सुविधाएं मिलती हैं।
कटनी में मुख्य रेलवे स्टेशन के बाहर से ऑटो चालकों के यात्रियों से लूटपाट और अपराध की घटनाएं रुकने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामले में बिहार के रहने वाले प्रकाश कुमार को ऑटो चालकों ने झांसा देकर जंगल ले गए, जहां उनके साथ मारपीट कर मोबाइल और 4,000 रुपए छीन लिए गए। पीड़ित ने गुरुवार शाम एनकेजे थाने में शिकायत के बाद एसपी दफ्तर पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई है। पीड़ित प्रकाश कुमार ने बताया कि वह इटारसी से अपने दोस्त से मिलने कटनी आया था। स्टेशन से बाहर निकलते ही एक ऑटो वाले ने 50 रुपए में उसके दोस्त के घर छोड़ने की बात तय की। ऑटो में पहले से दो लोग और बैठे थे। चालक उसे तय पते पर ले जाने की जगह एक सुनसान जंगल में ले गया, जहां तीनों ने मिलकर मारपीट की और उसका मोबाइल और पैसे छीन लिए। प्रकाश किसी तरह जान बचाकर भागा। जून में महिला से गैंगरेप की वारदात से भी नहीं सहमा प्रशासन स्टेशन इलाके में ऑटो चालकों की दबंगई का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले 14 जून को भी मुड़वारा स्टेशन पर ट्रेन छूटने के बाद एक लाचार महिला को मंदिर दर्शन का झांसा देकर ई-रिक्शा चालक जंगल ले गया था, जहां दो चालकों ने उससे दरिंदगी की थी। लगातार हो रही इन घटनाओं से ऑटो चालकों के नेटवर्क पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। एसपी ने दिए कार्रवाई के आदेश मामले को लेकर कटनी पुलिस अधीक्षक अभिनय विश्वकर्मा ने बताया कि यात्री के साथ मारपीट और लूट की खबर मिली है, जिस पर कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि रेलवे स्टेशन के आसपास सीसीटीवी कैमरों से निगरानी रखी जा रही है और दोषी ऑटो चालकों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे।
सागर पुलिस ने गुम हुए 112 मोबाइल तलाशे:IMEI से ट्रेस कर जब्त किए, असली मोबाइल मालिकों को लौटाए
सागर पुलिस ने जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों में गुम हुए 112 मोबाइल तलाश किए हैं। जिन्हें गुरुवार को कंट्रोल रूम में कार्यक्रम आयोजित कर असली मालिकों को सौंपा गया। पुलिस के अनुसार, जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से मोबाइल गुम और चोरी होने की शिकायतें मिली थीं। इसके बाद साइबर सेल और पुलिस टीम ने सर्विलांस, तकनीकी संसाधनों और IMEI ट्रैकिंग की मदद से मोबाइल फोन की तलाश शुरू की। तलाश के दौरान मोबाइलों की लोकेशन ट्रेस की गई। लोकेशन मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर मोबाइल जब्त किए।अलग-अलग स्थानों से मोबाइल बरामद होने के बाद दस्तावेजों और अन्य जानकारी के आधार पर सत्यापन किया गया। जिसके बाद वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। लंबे समय से गुम हुए मोबाइल मिलने की उम्मीद छोड़ चुके लोगों के चेहरे पर फोन वापस मिलने के बाद खुशी नजर आई। मोबाइल धारकों ने सागर पुलिस का आभार जताते हुए अभियान की सराहना की। पुलिस अधीक्षक अनुराग सुजानिया ने कहा कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तत्काल थाने में शिकायत दर्ज कराएं। ताकि तकनीकी जांच के जरिए मोबाइल को जल्द बरामद कर उसके असली मालिक तक पहुंचाया जा सके।
16 अगस्त तक ई-केवाईसी नहीं कराया तो घरेलू गैस सिलेंडर मिलेगा महंगा, मोबाइल एप से कराएं घर बैठे
घरेलू गैस उपभोक्ताओं को 16 अगस्त तक ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है, अन्यथा उन्हें सिलेंडर 982 रुपये की जगह 2160 रुपये में व्यावसायिक दर पर खरीदना होगा। पूर्वी सिंहभूम में लगभग डेढ़ लाख उपभोक्ता अभी भी ई-केवाईसी नहीं करा पाए हैं, जिससे उन पर यह खतरा मंडरा रहा है।
खंडवा पुलिस ने गुम हुए मोबाइल फोन की तलाश के लिए चलाए जा रहे ‘ऑपरेशन सहयोग’ के तहत बड़ी कार्रवाई की है। साइबर सेल और जिले के विभिन्न थानों की संयुक्त टीम ने अलग-अलग स्थानों से 109 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल की कुल कीमत करीब 20 लाख 48 हजार रुपए है। गुरुवार को पुलिस नियंत्रण कक्ष में पुलिस अधीक्षक अगम जैन ने सभी 109 मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सौंपे। मोबाइल वापस मिलने पर आवेदकों ने खंडवा पुलिस का आभार जताया। एसपी अगम जैन ने बताया कि, जिले में गुम मोबाइल की पतारसी के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत साइबर सेल के साथ सभी थाना प्रभारी को मोबाइल की तकनीकी जानकारी जुटाकर उन्हें ट्रेस करने और बरामद करने के निर्देश दिए गए थे। महाराष्ट्र, यूपी और एमपी तक पहुंची पुलिस की टीमेंबरामद किए गए मोबाइल फोन प्रदेश के साथ-साथ महाराष्ट्र और उत्तरप्रदेश के अलग-अलग स्थानों से ट्रेस किए गए। पुलिस टीमों ने तकनीकी जानकारी और मोबाइल की लोकेशन के आधार पर कार्रवाई करते हुए इन्हें बरामद किया। बरामद मोबाइल में कुछ ऐसे फोन भी शामिल हैं, जो वर्ष 2023, 2024 और 2025 में गुम हुए थे। वहीं, वर्ष 2026 में गुम हुए कुछ मोबाइल भी पुलिस ने करीब 20 से 25 दिन के भीतर ट्रेस कर लिए। किस थाने के कितने मोबाइल बरामदइस कार्रवाई में सबसे अधिक मोबाइल कोतवाली और खालवा थाना क्षेत्र से 18-18 बरामद किए गए। वहीं मांधाता थाना क्षेत्र से 16 मोबाइल मिले। अन्य थानों से भी मोबाइल बरामद किए गए। कुल 109 मोबाइल की कीमत 20.48 लाख रुपए थी। 2026 में अब तक 383 मोबाइल लौटाएपुलिस के मुताबिक ऑपरेशन सहयोग के तहत साल 2026 में अब तक कुल 383 गुम मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। इन मोबाइल की कुल कीमत करीब 66 लाख 48 हजार रुपए है। बरामद मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को वापस किए गए हैं। मोबाइल गुम हो तो CEIR और संचार साथी का उपयोग करेंमोबाइल वापस करने के दौरान पुलिस अधिकारियों ने आवेदकों और मौजूद लोगों को साइबर अपराधों से बचाव के संबंध में जानकारी भी दी। पुलिस ने मोबाइल गुम होने की स्थिति में संचार साथी ऐप और CEIR पोर्टल का उपयोग करने की सलाह दी। इसके जरिए गुम या चोरी हुए मोबाइल को ब्लॉक कराने और उसकी जानकारी दर्ज कराने की प्रक्रिया के बारे में भी बताया गया।
मुजफ्फरपुर के जजुआर थाना क्षेत्र में पुलिस और वांटेड अपराधी उत्तम राय के बीच मुठभेड़ हुई। गुप्त सूचना पर छापेमारी करने पहुंची पुलिस टीम पर अपराधियों ने दो राउंड फायरिंग की, जिसके बाद उत्तम राय अपने साथियों के साथ मौके से फरार हो गया। पुलिस ने घटनास्थल से कुछ सामान बरामद किया है। सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी ने बताया कि पुलिस को कुख्यात अपराधी उत्तम राय के जजुआर थाना क्षेत्र में छिपे होने की सटीक सूचना मिली थी। इसी आधार पर पुलिस की एक विशेष टीम ने चिन्हित ठिकाने पर छापेमारी की। पुलिस के देखते ही अपराधी और उसके साथियों ने की फायरिंग पुलिस बल को देखते ही अपराधी उत्तम राय और उसके साथियों ने फायरिंग शुरू कर दी। अपराधियों ने खुद को घिरा देख पुलिस टीम को निशाना बनाते हुए दो गोलियां चलाईं। आत्मरक्षा में पुलिस टीम ने भी जवाबी कार्रवाई करते हुए फायरिंग की। फायरिंग के बीच अपराधी अपना सारा सामान छोड़कर बाइक पर सवार होकर भागने में सफल रहे। मुठभेड़ की सूचना मिलते ही वरीय अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। छानबीन के दौरान पुलिस ने अपराधियों द्वारा छोड़े गए पांच जिंदा कारतूस, दो मोबाइल फोन और एक वाई-फाई राउटर बरामद किया है। इन सामानों को जब्त कर तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। दर्जनभर मामलों में वांछित है उत्तम राय पुलिस के अनुसार, फरार उत्तम राय एक शातिर और कुख्यात अपराधी है। उसके खिलाफ मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी और दरभंगा सहित आसपास के कई जिलों में हत्या, लूट और रंगदारी जैसे करीब एक दर्जन गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश कर रही थी। इलाके में नाकेबंदी, सघन तलाशी जारी घटना के बाद जजुआर के आस-पास के सभी इलाकों को सील कर दिया गया है। पुलिस जगह-जगह नाकेबंदी कर सघन चेकिंग अभियान चला रही है। सिटी एसपी ने दावा किया है कि अपराधियों के संभावित ठिकानों पर छापेमारी जारी है और जल्द ही फरार उत्तम राय और उसके सहयोगियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
बोकारो में ऑनलाइन जुआ गिरोह का भंडाफोड़, 3 गिरफ्तार:10,100 रुपए नकद, मोबाइल और डेबिट कार्ड बरामद
बोकारो पुलिस ने जरीडीह थाना क्षेत्र के जैना मोड़ में ऑनलाइन जुआ और सट्टा संचालित करने वाले एक गिरोह का भंडाफोड़ किया है। गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन युवकों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपितों की पहचान जैना मोड़ निवासी प्रलव कुमार सिंह (24), सेंटी कुमार (26) और आनंद कुमार (23) के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, ये तीनों आरोपी विभिन्न प्रतिबंधित ऑनलाइन गेमिंग और सट्टा वेबसाइटों के माध्यम से लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। वे ग्राहकों को गेमिंग आईडी उपलब्ध कराते थे और उनके पैसे का लेनदेन करते थे। इस अवैध गतिविधि के बदले आरोपी कमीशन के रूप में मोटी कमाई करते थे। बोकारो एसपी को 12 अगस्त को ऑनलाइन जुआ संचालन के संबंध में गुप्त सूचना मिली थी। इस सूचना के सत्यापन और आवश्यक कार्रवाई के लिए जरीडीह थाना प्रभारी बिपिन चंद्र महतो के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम ने जैना मोड़ स्थित एक कमरे में छापेमारी कर तीनों युवकों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। छापेमारी के दौरान पुलिस ने घटनास्थल से तीन एंड्रॉइड मोबाइल फोन, एक आईफोन, 10,100 रुपए नकद, चार डेबिट/पेमेंट कार्ड और ग्राहकों से संबंधित डेटा वाली दो नोटबुक बरामद कीं। पूछताछ और बरामद साक्ष्यों के आधार पर ऑनलाइन जुआ संचालन की पुष्टि हुई। पुलिस ने इस मामले में संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। पुलिस ऑनलाइन जुआ संचालन से जुड़े अन्य व्यक्तियों और वित्तीय लेनदेन की भी गहनता से जांच कर रही है। पुलिस ने आम जनता से ऑनलाइन जुआ और सट्टेबाजी से दूर रहने की अपील की है। छापेमारी दल में थाना प्रभारी बिपिन चंद्र महतो के अलावा विकास कुमार विश्वकर्मा, संजीव कुमार, निर्मल कुमार सिंह, मथियस जॉन मुर्मू, हवलदार कुलदीप सिंह और हवलदार अनस्ता बा शामिल थे।
गया जंक्शन पर RPF-GRP की कार्रवाई, रेल यात्रियों से मोबाइल चोरी करने वाला गिरफ्तार
13 गुरुवार, अगस्त: गया जंक्शन पर RPF और GRP ने कार्रवाई करते हुए रेल यात्रियों से मोबाइल चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ शुरू कर मामले की जांच तेज कर दी है।
बेतिया पुलिस ने 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। अगस्त माह में पुलिस ने 50 गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये है। इन सभी मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। एसएसपी कुमार गौतम के निर्देश पर जिला पुलिस की सूचना इकाई की टीम लगातार गुम और चोरी हुए मोबाइल की बरामदगी के लिए काम कर रही है। बिहार पुलिस मुख्यालय, पटना द्वारा चलाए जा रहे 'ऑपरेशन मुस्कान' के तहत विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों और प्राथमिकियों के आधार पर मोबाइलों की तकनीकी निगरानी की जाती है। कीमत लगभग 72.30 लाख रुपये बताई गईपुलिस के अनुसार, अगस्त में बरामद किए गए 50 मोबाइलों को मिलाकर बेतिया पुलिस अब तक कुल 465 गुम या चोरी हुए मोबाइल बरामद कर चुकी है। इन सभी मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 72.30 लाख रुपये बताई गई है। सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द कर दिए गए हैं। आम लोगों की सुविधा के लिए पुलिस ने गुम या चोरी हुए मोबाइल की शिकायत दर्ज कराने की व्यवस्था भी उपलब्ध कराई है। नागरिक बेतिया पुलिस की वेबसाइट के माध्यम से अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। पुलिस की तकनीकी टीम इन शिकायतों के आधार पर मोबाइलों की तलाश और बरामदगी के लिए कार्रवाई करती है। परेशान लोगों को बड़ी राहत मिलीमोबाइल बरामद करने वाली टीम में जिला सूचना इकाई के प्रभारी पुलिस निरीक्षक रमेश कुमार, पुलिस निरीक्षक सोम कुमार, सिपाही अंकित कुमार (366), सिपाही राज कुमार (35), सिपाही विपिन कुमार (617) और सिपाही ऋषभ कुमार (1084) शामिल रहे। पुलिस की इस पहल से मोबाइल गुम होने के बाद परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली है।
पलवल जिले की सीआईए होडल टीम ने ऑटो में सवारी बनकर लूटपाट करने वाले तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन आरोपियों को कोर्ट में पेश कर एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि उनसे लूटी गई रकम और वारदात में प्रयुक्त सामान बरामद किया जा सके। सीआईए होडल प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि जिला नूंह के नेवाना गांव निवासी आदिल ने पुलिस को शिकायत दी थी। आदिल के अनुसार, 9 अगस्त को सुबह करीब नौ बजे उसने बाबरी मोड होडल पर अपनी गाड़ी दूसरे ड्राइवर को सौंप दी थी। इसके बाद वह अपने घर जाने के लिए एक ऑटो में सवार हुआ। दो सवारियां पहले से थी मौजूद ऑटो में ड्राइवर के अलावा दो अन्य सवारियां पहले से मौजूद थीं। कुछ दूरी पर चलने के बाद ऑटो रोककर आरोपियों ने आदिल के साथ हाथापाई की। उन्होंने उसका मोबाइल फोन और 3500 रुपए नकद छीन लिए और उसे रास्ते में उतारकर फरार हो गए। इस शिकायत के आधार पर थाना होडल में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। नूंह के रहने वाले आरोपी सीआईए टीम ने गुप्त सूचना और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए वारदात में शामिल तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार किए आरोपियों की पहचान जिला नूंह के बिसरू गांव निवासी नजरूद्दीन उर्फ नजरू, सलाउद्दीन उर्फ सुल्ला और शाहिद के रूप में हुई है। एक दिन का रिमांड हासिल पुलिस ने 13 अगस्त को तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया। पुलिस टीम ने वारदात में प्रयुक्त ऑटो, छीना गया मोबाइल फोन और नकदी बरामद करने के साथ-साथ घटना स्थल की निशानदेही के लिए आरोपियों का एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया है। मामले में आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है।
अनूपपुर स्टेशन पर चोरी का आरोपी गिरफ्तार:जीआरपी को 7 मोबाइल मिले, बेचने की फिराक में घूम रहा था
अनूपपुर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर एक पर गुरुवार को जीआरपी पुलिस ने चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध युवक को 7 चोरी के मोबाइलों के साथ गिरफ्तार किया है। मोबाइलों की कीमत करीब 79 हजार रुपए बताई जा रही है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जीआरपी चौकी प्रभारी पीएस कुलस्ते ने बताया कि पुलिस टीम 15 अगस्त की सुरक्षा को लेकर ट्रेनों और प्लेटफॉर्म पर चेकिंग चला रही थी। इसी दौरान प्लेटफॉर्म नंबर एक पर एक युवक काले रंग का पिट्टू बैग लिए संदिग्ध हालत में घूमता दिखा। पुलिस को अपनी ओर आता देख वह भागने लगा, जिस पर टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ा। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम भारत लाल यादव (20 साल), निवासी सकारिया, अनूपपुर बताया। खर्चा चलाने के लिए करता था चोरी बैग की तलाशी लेने पर उसके पास से अलग-अलग कंपनियों के 7 मोबाइल फोन मिले। आरोपी ने बताया कि वह अपना खर्चा चलाने के लिए मोबाइल चोरी करता था और ग्राहक मिलते ही उन्हें कम दाम में बेच देता था। 6 मोबाइलों को बेचने के लिए ढूंढ रहा था ग्राहक पूछताछ में सामने आया कि वह इन 6 मोबाइलों को बेचने के लिए ग्राहक की तलाश में था। जीआरपी ने अनूपपुर कोतवाली पुलिस से भी गुम हुए मोबाइलों की शिकायतों का मिलान कर उनके मालिकों को सूचना देने को कहा है।
आईआईटी रोपड़ खेती में एआई आधारित टूल्स पर काम कर रहा है, जिससे किसान मोबाइल से फसल की तस्वीर अपलोड कर बीमारी और कीट समस्या का उपचार जान सकेंगे।
बुधवार शाम सोशल मीडिया पर करीब 17 सेकंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में प्रज्वल रेवन्ना कथित तौर पर जेल की कोठरी के अंदर मोबाइल फोन पर बात करते दिखाई दे रहे हैं। वीडियो सामने आने के बाद जेल प्रशासन हरकत में आया और मामले की जांच शुरू की गई।
चित्रकूट में युवती से छेड़छाड़ की खबर प्रसारित करने की रंजिश में एक पत्रकार के साथ मारपीट और मोबाइल तोड़ने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक ने पत्रकार को जान से मारने की धमकी भी दी। घायल पत्रकार ने पुलिस को सूचना देकर आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। बताया जा रहा है कि युवती से छेड़छाड़ से जुड़ी खबर प्रसारित होने के बाद आरोपी नाराज था। आरोपी मोहल्ले के युवक आकाश सिंह के घर पहुंचा और वहां महिलाओं समेत अन्य लोगों से गाली-गलौज करने लगा। शोर सुनकर ईटीवी भारत के पत्रकार जूड मार्टिन अपने घर से बाहर आए और आरोपी को शांत कराने का प्रयास किया। पत्रकार पर डंडे से हमला करने का आरोप आरोप है कि इसी दौरान युवक ने पत्रकार से अभद्रता शुरू कर दी। उसने खबर चलाने की रंजिश में पत्रकार को जान से मारने की धमकी दी। विवाद बढ़ने पर आरोपी ने अचानक डंडे से पत्रकार के सिर पर हमला करने की कोशिश की। बचाव में पत्रकार ने डंडा पकड़ने का प्रयास किया, जिससे उनके हाथों में गंभीर चोटें आईं। पुलिस को फोन करने लगे तो मोबाइल पटककर तोड़ा घटना के बाद पत्रकार ने पुलिस को सूचना देने के लिए मोबाइल निकाला। आरोप है कि युवक ने उनका मोबाइल छीन लिया और जमीन पर पटक दिया। इससे मोबाइल क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पत्रकार ने पुलिस को पूरे मामले की जानकारी दी और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। पत्रकारों में रोष, सख्त कार्रवाई की मांग घटना को लेकर स्थानीय पत्रकारों में रोष है। पत्रकारों का कहना है कि खबर प्रकाशित या प्रसारित करने की रंजिश में पत्रकार के साथ मारपीट और जान से मारने की धमकी देना गंभीर मामला है। उन्होंने पुलिस से आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग की है।
How Mobile Phone Affects You: अगर आप भी उन लोगों में से हैं जो सुबह उठकर सबसे पहले मोबाइल चलाते हैं, तो इस खबर को अवश्य पढ़ें। यहां हम आपको बताएंगे इसके असर के बारे में।
मुजफ्फरपुर के सिकंदरपुर मरीज ड्राइवर पर घूमने पहुंचे 2 युवकों से बदमाशों ने मोबाइल छीनने की कोशिश की। बदमाशों ने दोनों युवकों से इमरजेंसी कॉल करने के बहाने मोबाइल मांगा और फिर लेकर फरार हो गए। पीड़िता ने शोर मचाया और पीछा भी किया। इस दौरान एक बदमाश मोबाइल फेंक कर फरार हो गया, जबकि दूसरा मोबाइल लेकर सिकंदरपुर लेक-1 की ओर भाग गया। जानकारी के अनुसार, पक्कीसराय निवासी चांद अपने दोस्त अरसद के साथ बुधवार को मरीन ड्राइव घूमने पहुंचे थे। दोनों कम्युनिटी हॉल से कुछ दूरी पर पहुंचे थे, तभी दो युवकों ने उन्हें रोक लिया। युवकों ने इमरजेंसी कॉल करने की बात कहकर मोबाइल मांगा। भरोसा कर चांद और अरसद ने उन्हें मोबाइल दे दिया। बातचीच में उलझा कर मोबाइल लेकर भागे मोबाइल हाथ में आते ही दोनों बदमाशों ने युवकों को बातचीत में उलझाना शुरू कर दिया। इसी दौरान मोबाइल अपना होने का दावा करते हुए दोनों अचानक मोबाइल लेकर भागने लगे। पीड़ित चांद के अनुसार, घटना के समय मौके पर करीब 5 युवक मौजूद थे। घटना के बाद मरीन ड्राइव पर लोगों की भीड़ जुट गई। दोनों युवकों ने लेक फ्रंट पर तैनात पुलिसकर्मियों को घटना की जानकारी दी। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस सूचना मिलने के बाद पुलिस ने बदमाशों के भागने वाले रास्ते की जांच की और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपितों की पहचान करने में जुटी है। मरीन ड्राइव जैसे शहर के प्रमुख सार्वजनिक स्थल पर इस तरह की घटना से वहां घूमने आने वाले लोगों की सुरक्षा को लेकर भी सवाल उठने लगे हैं।
Una News: चिंतपूर्णी मंदिर में श्रद्धालु की जेब से मोबाइल चोरी
चोरी का पता चलने पर श्रद्धालुओं ने शोर मचाया।
Uttarakhand: एसआईआर...एक भाजपा नेता के नाम से 147 आपत्तियां, फॉर्म में दर्ज मोबाइल नंबर में गड़बड़ी
मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर) के दौरान किच्छा में भाजपा नेता और बीएलए-02 के नाम पर 192 आपत्तियां दर्ज की गई हैं। इन आपत्ति फॉर्मों में दिए गए मोबाइल नंबर संदिग्ध पाए गए हैं, जिससे बड़े पैमाने पर गड़बड़ी के मामले सामने आए हैं।
जयपुर के जल उपभोक्ताओं को पानी के बिल और जानकारी के लिए अब दफ्तरों के चक्कर कम लगाने पड़ेंगे। ट्रायल पर चल रहे ‘जयपुर वाटर बिलिंग सिस्टम’ को मंगलवार शाम से उपभोक्ताओं के लिए लॉन्च कर दिया गया है। आने वाले बिलों पर क्यूआर कोड दिया जाएगा। इसे मोबाइल से स्कैन कर उपभोक्ता अपने बिल और खाते से जुड़ी जानकारी देख सकेगा। जलदाय विभाग के एडिशनल सीई अजय सिंह राठौड़ के अनुसार सिस्टम अब तक परीक्षण के तौर पर चलाया जा रहा था। ट्रायल में सामने आई जरूरतों के अनुसार इसमें उपभोक्ता सुविधाएं जोड़ी गईं। पोर्टल पर न्यू रजिस्ट्रेशन, लॉगिन/रजिस्टर, शो बिल, चेक लास्ट बिल, पे वॉटर बिल, टैरिफ और सेव वॉटर की सुविधाएं हैं। राठौड़ ने बताया कि उपभोक्ता सीआई नंबर और मोबाइल नंबर के जरिए लॉगिन कर पुराने बिलों और भुगतान रिकॉर्ड की जानकारी देख सकेगा। पोर्टल पर बिल भुगतान और मोबाइल नंबर अपडेट करने का विकल्प मिलता है। एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार जयपुर शहर में हर बिलिंग साइकिल में करीब ₹1 करोड़ का जल राजस्व जमा होता है। सीआई नंबर क्या है सीआई नंबर जलदाय विभाग के रिकॉर्ड में उपभोक्ता के कनेक्शन की विशिष्ट पहचान है। नए पोर्टल में इसी नंबर और मोबाइल डिटेल के आधार पर उपभोक्ता अपने खाते तक पहुंच सकेगा। गौरतलब है िक जलदाय िवभाग के सामने उपभोक्ताओं से बकाया वसूलना बड़ी चुनौती है।
भास्कर स्टिंग के बाद हवालाती पर कैदी वार्ड में मोबाइल रखने का केस
भास्कर न्यूज | अमृतसर दैनिक भास्कर के स्टिंग के बाद थाना मजीठा रोड पुलिस ने जीएचडीएच में हवालाती से मोबाइल बरामद किया। यह कार्रवाई मंगलवार शाम को की गई। जांच अधिकारी एएसआई जगदीश कुमार ने बताया कि 11 अगस्त शाम को टीम के साथ अस्पताल की 5वीं मंजिल पर बने कैदी वार्ड में चेकिंग करने पहुंचे थे। चेकिंग के दौरान जब वार्ड नंबर 1 के बेड नंबर 4 पर भर्ती हवालाती डेविड निवासी गांव माहल, राम तीर्थ रोड की तलाशी ली गई तो उसके पास से एक टचस्क्रीन मोबाइल चालू हालत में बरामद हुआ। पुलिस ने आरोपी डेविड के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब इस मामले की बारीकी से जांच कर रही है कि सुरक्षा घेरे को तोड़कर अस्पताल के अंदर कैदी तक यह मोबाइल किसने पहुंचाया था, उसकी जांच कर रहे हैं। 11 अगस्त को छपी खबर।
Chandigarh News: 740 करोड़ रुपये का बजट... बिल चाहिए तो मोबाइल दीजिए
740 करोड़ रुपये का बजट... बिल चाहिए तो मोबाइल दीजिए
Mahoba News: महिला परिचालक का यात्री से विवाद, मोबाइल छीना
महोबा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बस में टिकट को लेकर महिला यात्री व परिचालक के बीच विवाद हो गया
Etah News: कॉल करने के बहाने युवक को बेहोश कर मोबाइल और कान की बाली लूटी
कॉल करने के बहाने युवक को बेहोश कर मोबाइल और कान की बाली लूटी
VIDEO: कॉल करने के बहाने युवक को बेहोश कर मोबाइल और कान की बाली लूटी
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Basti News: चोरी की तीन मोबाइल के साथ दो गिरफ्तार
Two arrested with three stolen mobile phones
औरंगाबाद में वाहन जांच अभियान के दौरान दाउदनगर पुलिस ने बाइक सवार 2 लोगों को ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया है। इनके पास से 14.79 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुए हैं। दाउदनगर एसडीपोओ अशोक दास ने कहा कि जिले के सभी थाना क्षेत्रों में लगातार वाहन जांच किए जा रहे हैं। मंगलवार को भी शहीद प्रमोद सिंह चौक के पास पुलिस अभियान चला रही थी। इसी दौरान नासरीगंज की ओर से आ रहे बाइक सवार 3 लोगों को पुलिस ने रोका। तलाशी ली तो उनके पास से ब्राउन शुगर बरामद हुए। इसके बाद तीनों को गिरफ्तार कर लिया गया है। एक आरोपी नालंदा का रहने वाला है गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दाउदनगर थाना क्षेत्र के बिराई गांव निवासी बटोरन यादव के बेटे छोटु कुमार, नालबंद टोला निवासी राम अवतार सिंह के बेटे चंदन कुमार और पिराही बाग वार्ड नंबर 6 निवासी मो. रफीक आलम के बेटे सोहेल अहमद के रूप में की गई है। पुलिस की ओर से बताया गया कि तीनों आरोपियों के पास से 14.79 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद किया गया। इसके अलावा एक बाइक, 515 रुपए नगद और तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। थानाध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि वाहन जांच के दौरान नशीला पदार्थ बरामद होने के बाद पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पु कहां से खेप लाई जा रही थी, पता लगाया जा रहा दाउदनगर थाना में कांड संख्या 551/26 के तहत संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस के अनुसार, पूछताछ के दौरान गिरफ्तार तीनों आरोपियों ने अपने अपराध को स्वीकार किया। तीनों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। जांच के दौरान यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि बरामद ब्राउन शुगर कहां से लाया गया था और इसे कहां पहुंचाया जाना था। साथ ही, इस मामले से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। एसडीपीओ ने बताया कि दाउदनगर में अपराध और मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियान आगे भी जारी रहेगा।
जशपुरनगर के कुनकुरी के जय स्तंभ चौक के पास स्थित एक मोबाइल दुकान में चोरों ने बड़ी वारदात को अंजाम दिया है। 11 और 12 अगस्त की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने करीब 40 लाख रुपए के मोबाइल हैंडसेट पार कर दिए। दुकान में लगे CCTV कैमरे में दो संदिग्धों की तस्वीरें कैद हुई हैं। घटना के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कठोतिया मोबाइल दुकान के संचालक पंकज कुमार पारिक ने कुनकुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 11 अगस्त की रात दुकान बंद कर घर चले गए थे। 12 अगस्त की सुबह करीब पौने 8 बजे दुकान पहुंचे तो शटर खुला हुआ था। दोनों ताले टूटे मिले और पास में कटर समेत ताले तोड़ने में इस्तेमाल सामान पड़ा था। पहले देखिये ये तस्वीरें दुकान के अंदर बिखरे मिले मोबाइल संचालक के मुताबिक, दुकान के अंदर मोबाइल फोन अस्त-व्यस्त पड़े थे और कई महंगे हैंडसेट गायब थे। जांच के बाद चोरी हुए मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 40 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस ने आसपास के CCTV कैमरों की फुटेज भी जुटानी शुरू कर दी है। BNS की धाराओं में FIR, संदिग्धों की तलाश कुनकुरी पुलिस ने मामले में BNS की धारा 331(4) और 305 के तहत अपराध दर्ज किया है। दुकान में लगे CCTV में दो संदिग्ध नजर आए हैं। पुलिस उनकी पहचान और आवाजाही के रूट की जानकारी जुटा रही है। व्यापारियों में आक्रोश, गश्त बढ़ाने की मांग जय स्तंभ चौक जैसे व्यस्त इलाके में हुई चोरी की इस बड़ी वारदात से स्थानीय व्यापारियों में नाराजगी और डर का माहौल है। व्यापारी संघ ने रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास के CCTV फुटेज खंगाले जा रहे हैं और जल्द ही आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।
गयाजी में सिविल लाइन थाना क्षेत्र में कोयरीशाही मस्जिद के पास से पुलिस ने एक मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से चोरी के दो मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले का खुलासा बुधवार को गयाजी के एसएसपी सुशील कुमार ने पीसी की। पुलिस को एक वादी के माध्यम से सूचना मिली थी कि कोयरीशाही मस्जिद के पास एक व्यक्ति मोबाइल फोन चोरी कर भाग रहा है। सूचना मिलते ही सिविल लाइन थाना के पुलिस पदाधिकारी और कर्मी तत्काल घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से घेराबंदी कर युवक को पकड़ा। गिरफ्तार युवक की तलाशी लेने पर उसके पास से दो मोबाइल फोन बरामद हुए, जो प्रारंभिक जांच में चोरी के पाए गए। आरोपी की पहचान रोहतास जिले के करगहर थाना क्षेत्र निवासी मो. कमर आलम, पिता स्वर्गीय नजाम के रूप में हुई है। पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। इस संबंध में सिविल लाइन थाना में कांड संख्या 445/26 दर्ज किया गया है। आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही पुलिसआरोपी की गिरफ्तारी के बाद पुलिस अब उसके आपराधिक इतिहास को भी खंगाल रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि गयाजी शहर में हाल के दिनों में हुई मोबाइल चोरी की अन्य घटनाओं में उसकी कोई भूमिका रही है या नहीं। पुलिस आरोपी से पूछताछ के आधार पर उसके संभावित साथियों और चोरी के नेटवर्क तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। भीड़भाड़ वाले इलाकों में मोबाइल चोरी करने वाले अपराधी अक्सर लोगों की व्यस्तता का फायदा उठाते हैं। ऐसे में पुलिस की ओर से लोगों को भी सतर्क रहने की अपील की जा रही है। विशेषकर बाजार, धार्मिक स्थल, बस स्टैंड और अन्य भीड़भाड़ वाले स्थानों पर मोबाइल और कीमती सामान को सुरक्षित रखने की सलाह दी गई है। मोबाइल मालिकों की हो रही पहचानएसएसपी सुशील कुमार ने कहा कि गयाजी पुलिस चोरी सहित सभी तरह की आपराधिक घटनाओं पर लगातार नजर रख रही है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम को कार्रवाई के निर्देश दिए जाते हैं। उन्होंने कहा कि अपराध में शामिल लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। पुलिस बरामद दोनों मोबाइल फोन के वास्तविक मालिकों की पहचान कर रही है।
फरीदाबाद जिले के डबुआ-गाजीपुर रोड स्थित मोबाइल शोरूम में घुसकर स्कॉर्पियो सवार बदमाशों ने व्यापारी पर हमला कर दिया। बदमाशों ने लाठी-डंडों से शोरूम में भी जमकर तोड़फोड़ की। अचानक हुए हमले से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। तोड़फोड़ और पिटाई करने के बाद वे जान से मारने की धमकी देकर फरार हो गए। पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। गाजीपुर के रहने वाले गुड्डू और उनके भाई दीपक का यहां मोबाइल का शोरूम है। बुधवार को करीब 4 बजे गुड्डू दुकान पर थे, तभी उनके सामने रहने वाला मनीष यादव नाम का युवक अपने साथ 4-5 बदमाशों को लेकर पहुंच गया। सभी के हाथ में डंडे और रॉड थी। आते ही उन्होंने शोरूम के शीशे के दरवाजे तोड़ डाले। अंदर रखे शोकेस तोड़ दिए। दीपक का कहना है कि उन्हें मालूम नहीं कि उन पर हमला किसलिए किया गया। उनका कहना है कि मनीष के साथ उनकी बातचीत होती है। 2 दिन पहले उसने उन्हें भंडारे में भी बुलाया था। उनकी समझ नहीं आ रहा कि अचानक ऐसी क्या बात हुई कि उनके ऊपर हमला किया गया। उन्होंने बताया कि हमलावराें पर पहले भी मुकदमे दर्ज हैं। इनमें से एक कुछ दिन पहले ही जेल से छूटा है। सीसीटीवी में कैद हुई पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में बदमाशों की पूरी करतूत रिकॉर्ड हो गई। वीडियो में बदमाश दुकान में तोड़फोड़ करते हुए दिखाई दे रहे हैं। बदमाशों ने दुकान के शीशे के गेट और काउंटर को पूरी तरह से तोड़ दिया। पुलिस अब सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है। पुलिस और क्राइम ब्रांच मौके पर पहुंची घटना की सूचना मिलते ही डबुआ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। इसके साथ ही क्राइम ब्रांच की टीम ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। थाना इंचार्ज सुमेर ने बताया कि पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। वारदात के पीछे की वजह और हमलावरों की पहचान का पता लगाया जा रहा है।
सिवनी जिले के घंसौर विकासखंड अंतर्गत डोला गांव की माध्यमिक शाला में मंगलवार सुबह 22 वर्षीय युवती का शव क्लासरूम में फंदे पर लटका मिला था। घटना के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने स्कूल के पांचों शिक्षकों को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। वहीं, पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। बच्चों ने पंखे से लटका देखा शव, रसोईया की बेटी थी मृतका मंगलवार सुबह जब बच्चे स्कूल पहुंचे, तो उन्होंने क्लासरूम में पंखे से चुनरी के सहारे युवती का शव लटकते देखा। मृतका की पहचान मधुरानी यादव (22) के रूप में हुई। मधुरानी स्कूल में मध्याह्न भोजन बनाने वाली रसोईया की बेटी थी, जो अक्सर मां का हाथ बंटाने और बच्चों को गतिविधि सिखाने स्कूल आया करती थी। सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार और घंसौर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच-पड़ताल की। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, साथ ही युवती का मोबाइल फोन भी गायब है। पुलिस परिजनों और स्कूल स्टाफ से पूछताछ कर आत्महत्या के कारणों का पता लगाने में जुटी है। विभाग का कहना है कि शिक्षकों के जवाब आने के बाद आगे की कड़ी कार्रवाई की जाएगी। चाबी कैसे मिली और समय से पहले क्यों पहुंची युवती? नोटिस में पूछे सवाल घंसौर बीआरसीसी कमलेश बघेल और बीडीओ मनीष मिश्रा ने बताया कि जांच में कई गंभीर कमियां पाई गई हैं। शिक्षकों से जवाब मांगा गया है कि: यह खबर भी पढ़ें… स्कूल परिसर में फंदे पर मिली रसोइया की बेटी:बच्चों ने दरवाजा खुलने पर लटका देखा; पुलिस-शिक्षा विभाग की टीम मौके पर पहुंची सिवनी में मंगलवार सुबह एक युवती ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना सुबह करीब 10:30 बजे सामने आई। मामला घंसौर थाना क्षेत्र के ग्राम डोला स्थित माध्यमिक शाला का है। मृतका की पहचान मधु यादव (22) पिता सोहन यादव के रूप में हुई है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पढ़ें पूरी खबर
पटना में गेसिंग के अड्डे पर छापेमारी:लॉटरी, कूपन, मोबाइल सहित दूसरे सामान बरामद, हिरासत में 12 लोग
कोतवाली थाना क्षेत्र में पुलिस ने गेसिंग के अड्डे पर कार्रवाई की है। पटना जंक्शन से सटे न्यू मार्केट इलाके में पार्किंग के पास गेसिंग का खेल चलने की सूचना पर पटना एसएसपी की टीम ने छापेमारी की। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने मौके से 12 लोगों को पकड़ा है। सभी से पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, गुप्त सूचना मिली थी कि न्यू मार्केट में पार्किंग के पास गेसिंग का अड्डा संचालित किया जा रहा है। सूचना के सत्यापन के बाद विशेष टीम का गठन किया गया। इसके बाद एसआईयू की टीम ने मौके पर पहुंचकर छापेमारी की। नकदी, लॉटरी कूपन सहित कई चीजें मिलीं पुलिस ने नकदी, लॉटरी कूपन, गेसिंग से संबंधित पोस्टर और बैनर बरामद किए हैं। इसके अलावा मौके से सात मोबाइल फोन भी मिले हैं। पुलिस इन सामानों की जांच कर रही है। पकड़े गए 12 लोगों से पूछताछ कर यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि गेसिंग का अड्डा कौन संचालित कर रहा था और इसके पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं। फिलहाल अड्डे के संचालक का नाम स्पष्ट नहीं हो पाया है। इस मामले में जल्द ही पुलिस की ओर से आधिकारिक जानकारी दी जा सकती है। पटना सेंट्रल एसपी ममता कल्याणी भी मामले का खुलासा कर सकती हैं।
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
डीग जिले में अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस ने दो अलग-अलग कार्रवाई करते हुए एक युवक से चार अवैध हथियार और 26 जिंदा कारतूस बरामद किए, जबकि चोरी का मोबाइल फोन सस्ते दामों पर खरीदकर बेचने के आरोप में एक दुकानदार को गिरफ्तार किया है। युवक से चार अवैध हथियार और 26 कारतूस बरामद जनूथर थाना पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए अजय उर्फ सचिन (22) पुत्र रणवीर, निवासी जाटौली थून को गिरफ्तार किया। उसके कब्जे से दो अवैध पौना 12 बोर के हथियार, दो देसी कट्टे 315 बोर और 26 जिंदा कारतूस बरामद किए गए। इनमें 12 बोर के 20 और 315 बोर के 6 कारतूस शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ के निर्देश पर थानाधिकारी रामभरोसी और उनकी टीम को सूचना मिली थी कि एक युवक गूंगावाली बगीची से नगला देशवार की ओर अवैध हथियार लेकर जा रहा है। पुलिस टीम ने पक्की सड़क पर निगरानी शुरू की। इसी दौरान सफेद प्लास्टिक का कट्टा लेकर पैदल आ रहे युवक ने पुलिस वाहन को देखकर खेतों की ओर भागने का प्रयास किया। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। कपड़ों के थैलों और पिट्ठू बैग में छिपाए थे हथियार तलाशी लेने पर सफेद प्लास्टिक के कट्टे में दो खाकी रंग के कपड़े के थैले और एक फौजी रंग का पिट्ठू बैग मिला। दोनों खाकी थैलों से एक-एक पौना 12 बोर का अवैध हथियार बरामद हुआ। पिट्ठू बैग से दो देसी कट्टे 315 बोर और 26 जिंदा कारतूस मिले। हथियारों के लाइसेंस या अनुज्ञापत्र के बारे में पूछने पर आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। पूछताछ में उसने पुलिस को बताया कि ये हथियार और कारतूस उसे गांव के ही कुलदीप उर्फ कलुआ पुत्र बच्चू सिंह, निवासी जाटौली थून ने लाकर दिए थे। पुलिस अब कुलदीप की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा नंबर 109/2026 दर्ज कर धारा 111(3) बीएनएस और 3/25 आर्म्स एक्ट के तहत कार्रवाई की है। मामले में अनुसंधान जारी है। चोरी का मोबाइल बेचने के आरोप में दुकानदार गिरफ्तार दूसरी कार्रवाई में डीग कोतवाली थाना पुलिस ने नई सड़क स्थित वीरो मोबाइल शॉप से चोरी का मोबाइल बरामद कर दुकानदार वीरो पुत्र चरणसिंह (25), निवासी बरई, थाना खोह को गिरफ्तार किया। पुलिस को सूचना मिली थी कि दुकान पर चोरी के मोबाइल फोन सस्ते दामों पर खरीदे और बेचे जाते हैं। सूचना की पुष्टि के लिए उप निरीक्षक वीरविक्रम सिंह पुलिस टीम के साथ दुकान पर पहुंचे। तलाशी के दौरान दुकान से वनप्लस 6T 5G मोबाइल मिला। दुकानदार से मोबाइल का बिल मांगा गया, लेकिन वह कोई बिल नहीं दिखा सका। पुलिस ने मोबाइल का आईएमईआई नंबर संचार साथी ऐप के जरिए जांचा। जांच में मोबाइल के खिलाफ सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज होना सामने आया। पूछताछ में दुकानदार ने बताया कि वह मोबाइल दिल्ली से लेकर आया था। पुलिस के अनुसार, आरोपी चोरी के मोबाइल फोन खरीदकर सस्ते दामों पर बेचने का काम करता था। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा नंबर 220/2026 दर्ज कर बीएनएस की धारा 303(2) और 317(2) के तहत कार्रवाई की है। आरोपी से मोबाइल के स्रोत और खरीद-फरोख्त के संबंध में पूछताछ जारी है। पुलिस टीम ने की कार्रवाई कार्रवाई में जनूथर थाना पुलिस के साथ डीग कोतवाली थाना पुलिस की टीम ने भी भूमिका निभाई। मोबाइल मामले में थानाधिकारी हीरालाल मीना, उप निरीक्षक वीरविक्रम सिंह, एएसआई राकेश शर्मा, कांस्टेबल केदार और कांस्टेबल महेश शामिल रहे। साइबर सेल के कांस्टेबल नेतराम ने भी सहयोग किया। पुलिस के अनुसार, जिले में अवैध हथियारों की तस्करी, चोरी के सामान की खरीद-फरोख्त और अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा।
दुनिया भर में मृत्यु और विकलांगता के प्रमुख कारणों में स्ट्रोक वजह है। हेल्थ एक्सपर्ट की मानें, तो स्ट्रोक के इलाज में हर एक मिनट कीमती होता है। जितना जल्दी मरीज को हॉस्पिटल ले जाया जाए, उतना ज्यादा रिकवरी की संभावना होता है। डॉक्टरों ने आज स्मार्टफोन के दौर में एक नया शुरुआती संकेत पहचाना है, जिसको डिस्टेक्स्टिया कहा जाता है। इसमें व्यक्ति फोन पर सही शब्द नहीं टाइप कर पाता, उसके वाक्य अर्थहीन हो जाते हैं या फिर लिखने में काफी गलतियां होने लगती हैं। कई मामलों में यह स्ट्रोक का पहला दिखने वाला संकेत मिला है। जानें क्या है डिस्टेक्स्टिया यह कोई बीमारी नहीं बल्कि डिजिटल माध्यम पर लिखने की क्षमता में अचानक से आने वाले बदलाव या गड़बड़ी को दिखाता है। यह Dysgraphia और Aphasia जैसे न्यूरोलॉजिकल लक्षणों का आधुनिक रूप है। इसे भी पढ़ें: Health Tips: अनजाने में ज्यादा प्रोटीन लेना शरीर के लिए नुकसानदेह, Side Effects से बचने के लिए चेक करें ये 5 संकेत हेल्थ एक्सपर्ट के मुताबिक अगर कोई व्यक्ति सामान्य रूप से टाइप करता है, लेकिन अचानक से उसके मैसेज में गड़बड़ी दिखने लगे, शब्दों का क्रम बिगड़ जाए, सामान्य शब्द भी न याद आएं, अर्थहीन वाक्य बनने लगे और सही शब्द न टाइप कर पाएं। तो यह दिमाग में भाषा कंट्रोल करने वाले हिस्से के प्रभावित होने का संकेत हो सकता है। डिस्टेक्स्टिया और स्ट्रोक का संबंध स्ट्रोक तब होता है, जब दिमाग के किसी हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन रुक जाता है। या फिर रक्त वाहिका फट जाती है। अगर यह हिस्सा भाषा या फिर लिखने की क्षमता को कंट्रोल करने वाले क्षेत्र को प्रभावित करता है, तो व्यक्ति को पढ़ने, बोलने या लिखने में परेशानी महसूस होती है। आज के समय में लोग मोबाइल पर टाइप करके बातचीत करते हैं। इसलिए कई बार सबसे पहला बदलाव फोन पर भेजे गए मैसेज पर दिखता है। कुछ केस में मरीज हॉस्पिटल पहुंचने से पहले फैमिली में किसी को ऐसे मैसेज भेजे, जिसमें व्याकरण और अर्थ दोनों ही पूरी तरह से असामान्य हो, तो जांच में उनको स्ट्रोक की पुष्टि हो सकती है। फोन पर टाइप करते समय कौन-से संकेत न करें नजरअंदाज व्यक्ति जानने वाले शब्दों को भी बार-बार गलत लिखता हो। मैसेज पढ़ने पर शब्द होते हैं, लेकिन इस मैसेज का कोई सही अर्थ न निकले। अगर बिना किसी तकनीकी वजह के टाइपिंग में परेशानी होने लगे। क्यों मानते हैं डिस्टेक्स्टिया को स्ट्रोक का शुरुआती चेतावनी संकेत डिस्टेक्स्टिया इसलिए महत्वपूर्ण है, क्योंकि आज भी ज्यादातर लोग फोन पर लगातार मैसेज करते हैं। ऐसे में लिखने की क्षमता में अचानक बदलाव सबसे पहले डिजिटल बातचीत में नजर आ सकता है। सिर्फ टाइपिंग में गलती होना ही स्ट्रोक का प्रमाण नहीं है। जल्दबाजी, ध्यान भटकना, या ऑटो करेक्ट से भी गलतियां हो सकती हैं। लेकिन अगर व्यक्ति पहले सामान्य रूप से टाइप करता था, लेकिन अगर अचानक से असामान्य मैसेज आने लगे, तो इसको गंभीरता से लेना चाहिए। स्ट्रोक के शुरुआती संकेत एक हाथ या एक पैर में कमजोरी चेहरा के एक तरफ का हिस्सा लटक जाना बोलने में परेशानी होना अचानक से धुंधला दिखना तेज सिरदर्द संतुलन बिगड़ना भ्रम या समझने में परेशानी आधुनिक डिजिटल युग में स्ट्रोक एक शुरूआती संकेत माना जाता है। हालांकि यह कोई अलग बीमारी नहीं बल्कि दिमाग के भाषा और लेखन से जुड़े हिस्सों में आई समस्या का संकेत हो सकता है। हालांकि सिर्फ टाइपिंग में हुई एक-दो गलतियों से घबराने की जरूरत नहीं है। लेकिन अगर आपको लगातार बोलने में परेशानी, लगातार असामान्य मैसेज, चेहरे का टेढ़ा दिखना, हाथ-पैरों में कमजोरी जैसे लक्षण दिखते हैं, तो इसको मेडिकल इमरजेंसी मानना चाहिए।
मध्यप्रदेश विधानसभा के पूर्व नेता प्रतिपक्ष और कांग्रेस के वरिष्ठ नेता डॉ. गोविंद सिंह ने भाजपा सरकार पर मध्य प्रदेश डकैती और व्यपहरण प्रभावित क्षेत्र अधिनियम, 1981 का दुरुपयोग कर कांग्रेस कार्यकर्ताओं को झूठे मुकदमों में फंसाने का गंभीर आरोप लगाया है। भोपाल में आयोजित एक पत्रकार वार्ता में उन्होंने मांग की कि जब प्रदेश से डकैतों की समस्या पूरी तरह समाप्त हो चुकी है, तो इस काले कानून को भी तत्काल प्रभाव से खत्म किया जाना चाहिए। इस संबंध में वे मुख्यमंत्री को पत्र लिख रहे हैं। 'कागजों में डकैत खत्म, फिर भी कानून क्यों?' डॉ. गोविंद सिंह ने इतिहास का हवाला देते हुए कहा कि करीब 15-16 साल पहले ग्वालियर-चंबल और रीवा संभाग में डकैतों का आतंक था। 500 से ज्यादा डकैत 20-22 गिरोहों में सक्रिय थे, जिससे किसानों और व्यापारियों का जीना मुहाल था और बड़े पैमाने पर पलायन हुआ था। तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने 1981 में इस समस्या से निपटने के लिए यह कड़ा कानून बनाया था, जिसके तहत डकैतों के मददगारों को 120 दिनों तक जमानत नहीं मिलती थी। सीएम रहते शिवराज ने कहा था एमपी से डकैत खत्म हो गए डॉ गोविंद सिंह ने कहा, साल 2007 में तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने खुद घोषणा की थी कि मप्र से डकैत समस्या समाप्त हो चुकी है और सरकारी दस्तावेजों में भी यही दर्ज है। 2012 में तत्कालीन गृह मंत्री उमाशंकर गुप्ता ने भी विधानसभा में इसे समाप्त करने की बात कही थी, लेकिन यह कानून आज भी लागू है। 5 साल में 1000 से ज्यादा निर्दोषों पर कार्रवाई, अधिकारों का हनन कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि साल 2020 से 2025 के बीच पिछले पांच वर्षों में सरकार ने इस कानून का भारी दुरुपयोग किया है। ग्वालियर-चंबल के 6 जिलों (गुना को छोड़कर) और रीवा संभाग के 3 जिलों में सक्रिय इस कानून के तहत 1,000 से अधिक निर्दोष युवाओं और किसानों पर दस्यु अधिनियम लगाकर उन्हें जेल भेज दिया गया। यह नागरिकों के संवैधानिक स्वतंत्रता के अधिकार का सरासर हनन है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार इस कानून का इस्तेमाल सिर्फ कांग्रेस कार्यकर्ताओं को दबाने और जेल में सड़ाने के लिए कर रही है। पुलिस की वसूली का विरोध करने पर 'दस्यु' का ठप्पा प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. सिंह ने लहार के रौन थाने का उदाहरण देते हुए कहा कि वहां के तत्कालीन दरोगा (थाना प्रभारी) यूपी में अवैध रेत खनन करवाता था और प्रति ट्रैक्टर 500 रुपये की वसूली करता था। जब कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने सीसीटीवी फुटेज के साथ इसका विरोध किया और आंदोलन किया, तो दरोगा का तबादला हुआ। लेकिन जाने से पहले उसने बदला लेने के लिए 6 निर्दोष लोगों पर दस्यु उन्मूलन का केस ठोक दिया, जो आज भी जेल में हैं। ₹800 का मोबाइल गुमा तो लगा दिया डकैती का केस उन्होंने एक और चौंकाने वाली घटना साझा करते हुए कहा, दतिया में दो लोगों के विवाद में महज 800 रुपए का मोबाइल गिरने पर पुलिस ने दस्यु उन्मूलन की धारा लगा दी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं को थाने में उल्टा लटका कर पीटा। तत्कालीन गृह मंत्री नरोत्तम मिश्रा के समय की इस घटना के तस्वीरें मेरे पास मौजूद हैं। उन्होंने कहा कि कानून में प्रावधान है कि एसपी की एनओसी पर जमानत मिल सकती है, लेकिन जब पुलिस खुद फर्जी केस लाद रही है तो एनओसी कौन देगा? पापा जी के ट्रैक्टर के नाम से चल रहा है अवैध धंधा डॉ. गोविंद सिंह ने स्थानीय भाजपा विधायक पर सीधा निशाना साधते हुए कहा कि विधायक के पिता जी 5 नए ट्रैक्टर खरीद कर लाए हैं और बेखौफ होकर रेत का अवैध परिवहन कर रहे हैं। पुलिस की हिम्मत नहीं है कि वह 'पापा जी के ट्रैक्टरों' को हाथ भी लगा सके। सिंध नदी में पनडुब्बियों से अवैध खनन, 80% हिस्सा पुलिस का रेत माफिया पर बरसते हुए पूर्व नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि सिंध नदी में पानी के बीच पनडुब्बी मशीनें लगाकर सरेआम रेत निकाली जा रही है और इसे बिना किसी टेंडर के कानपुर, इटावा और औरैया (यूपी) में बेचा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रशासन और पुलिस विभाग इस चोरी के असली 'हीरो' हैं। रेत खनन के इस खेल में 80 फीसदी हिस्सा अकेले पुलिस विभाग का है। सभी थाना प्रभारी (TI), खनिज और राजस्व विभाग की मिलीभगत से यह अवैध कारोबार फल-फूल रहा है, जहाँ 22 चक्का हाईवा से 5,000 रुपये और ट्रैक्टर-ट्रॉली से 500 से 1,000 रुपये वसूले जा रहे हैं। डॉ. सिंह ने बताया कि उन्होंने इसके खिलाफ एनजीटी (NGT) में याचिका भी लगाई है, जिसकी जांच के लिए एक कमेटी बनाई गई है।
रक्षाबंधन से पहले छिंदवाड़ा में 501 मोबाइल बरामद:असली मालिकों को लौटाए; 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत
रक्षाबंधन से पहले छिंदवाड़ा पुलिस ने कई परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। जिला साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार की गई जांच के जरिए जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गुम हुए 501 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 6 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बरामद किए गए मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की और खुशी जाहिर की। महीनों से गुम मोबाइल की तलाश में जुटी थी साइबर सेल पिछले कुछ महीनों में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मोबाइल फोन गुम होने की कई शिकायतें मिली थीं। पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय के आदेश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देशन में साइबर सेल ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और मोबाइल की तलाश के लिए तकनीकी जांच शुरू की। साइबर सेल की टीम ने गुम हुए मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी जुटाई। इसके बाद मोबाइल की ट्रेसिंग कर अलग-अलग स्थानों से इन्हें बरामद करने की कार्रवाई की गई। लगातार प्रयासों के बाद टीम ने 501 मोबाइल फोन बरामद किए। तकनीकी जांच और ट्रेसिंग से बरामद हुए 501 मोबाइल साइबर सेल ने मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी और ट्रेसिंग के आधार पर उनकी तलाश की। अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए मोबाइल की पहचान उनके वास्तविक मालिकों के रूप में की गई। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मोबाइल उनके संबंधित धारकों को वापस सौंपे गए। पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों को बड़ी राहत मिली, जो लंबे समय से अपने मोबाइल फोन वापस मिलने का इंतजार कर रहे थे। मोबाइल की कीमत के साथ उसमें मौजूद जरूरी संपर्क और अन्य डेटा भी लोगों के लिए महत्वपूर्ण था। पुलिस कंट्रोल रूम में मालिकों को सौंपे गए मोबाइल 501 मोबाइल फोन बरामद होने के बाद पुलिस कंट्रोल रूम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मोबाइल के वास्तविक मालिकों को उनके फोन वापस सौंपे गए। कार्यक्रम में मोबाइल लेने के लिए बड़ी संख्या में आवेदक पहुंचे। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी नजर आई। कई लोगों के लिए मोबाइल वापस मिलना इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उसमें उनके जरूरी नंबर, संपर्क और अन्य महत्वपूर्ण डेटा मौजूद था। रक्षाबंधन से पहले बहनों को मिला अपना मोबाइल मोबाइल वापस पाने वालों में कई महिलाएं और बहनें भी शामिल रहीं। रक्षाबंधन से ठीक पहले अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने से उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। पुलिस की इस कार्रवाई से उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिली, वहीं मोबाइल में मौजूद जरूरी संपर्क और डेटा भी दोबारा मिल गया। रक्षाबंधन के मौके से पहले मोबाइल वापस मिलने को लेकर कई लोगों ने पुलिस का आभार जताया। पुलिस की कार्रवाई ने उन परिवारों को भी राहत दी, जिनके लिए मोबाइल खोना आर्थिक नुकसान के साथ रोजमर्रा के काम में परेशानी का कारण बन गया था। शिक्षक से लेकर डॉक्टर और किसान तक शामिल पुलिस के अनुसार बरामद किए गए मोबाइल के मालिक अलग-अलग वर्गों से हैं। इनमें शासकीय कर्मचारी, शिक्षक, अधिवक्ता, प्राइवेट कर्मचारी, बैंक कर्मचारी, डॉक्टर, नर्स और इंजीनियर शामिल हैं। इसके अलावा सेना के जवान, व्यापारी, दुकानदार, छात्र, ऑटो और ट्रैक्टर चालक, श्रमिक, गृहिणी और किसान भी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें उनके गुम हुए मोबाइल वापस मिले हैं। मोबाइल वापस मिलने से आर्थिक नुकसान से मिली राहत मोबाइल फोन आज लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में मोबाइल गुम होने से लोगों को उसकी कीमत के साथ उसमें मौजूद जरूरी जानकारी और संपर्क खोने का भी डर रहता है। पुलिस द्वारा मोबाइल बरामद कर वापस किए जाने से लोगों को दोहरी राहत मिली है। मोबाइल धारकों को अपना फोन दोबारा मिलने के साथ उसमें मौजूद जरूरी डेटा और संपर्क भी वापस मिल सके। पुलिस की इस कार्रवाई को लोगों के लिए आर्थिक और व्यावहारिक दोनों तरह से राहत देने वाला कदम माना जा रहा है। छिंदवाड़ा पुलिस पहले भी बरामद कर चुकी है गुम मोबाइल छिंदवाड़ा पुलिस इससे पहले भी गुम मोबाइल फोन की शिकायतों पर कार्रवाई कर लोगों को उनके फोन वापस कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि इस बार 501 मोबाइल की बरामदगी साइबर सेल की तकनीकी दक्षता और लगातार किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। साइबर सेल ने अलग-अलग शिकायतों को एक साथ लेकर तकनीकी जानकारी जुटाई और मोबाइल की ट्रेसिंग की। इसके बाद जिन मोबाइल को बरामद किया गया, उनकी पहचान कर संबंधित लोगों को वापस सौंपा गया। साइबर सेल की टीम का रहा विशेष योगदान मोबाइल बरामदगी की कार्रवाई में साइबर सेल टीम के आर. आदित्य रघुवंशी, नितिन सिंह, अभिषेक ठाकुर, राहुल डडोरे, अंकित शर्मा और मोहित चन्द्रवंशी का विशेष योगदान रहा। टीम ने गुम मोबाइल की तकनीकी जानकारी जुटाने, उनकी ट्रेसिंग करने और अलग-अलग स्थानों से उन्हें बरामद करने में लगातार काम किया। टीम के प्रयासों से 501 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाए जा सके। एसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय ने साइबर सेल की इस कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने टीम के सराहनीय कार्य के लिए पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि गुम मोबाइल की शिकायतों पर तकनीकी तरीके से लगातार काम किया जा रहा है। मोबाइल की बरामदगी के लिए साइबर सेल द्वारा आगे भी इसी तरह प्रयास जारी रखे जाएंगे, ताकि लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिल सकें।
भोपाल के तलैया थाना क्षेत्र में मंगलवार शाम 22 वर्षीय युवक ने केबल स्टे ब्रिज से छलांग लगा दी। घटना के बाद गोताखोरों ने करीब एक घंटे की मशक्कत कर युवक का शव बाहर निकाला। मृतक की पहचान अहद अली पिता बबलू अली निवासी काली जी का मंदिर चटाईपुरा के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक अहद अली चाय की होटल संचालित करता था। वह होटल से बिना बताए निकला और कमलापति की प्रतिमा के पास स्थित केबल स्टे ब्रिज पर पहुंचा। यहां से उसने नीचे छलांग लगा दी। सूचना मिलने पर पुलिस और गोताखोर मौके पर पहुंचे। करीब एक घंटे की तलाश के बाद शव बरामद किया गया। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंपा बुधवार सुबह परिजनों ने शव की पहचान की, जिसके बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम कराया। पीएम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस को मृतक के पास से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। उसका मोबाइल फोन जब्त कर लिया गया है, जिसकी फोरेंसिक जांच कराई जाएगी। तलैया पुलिस ने मर्ग कायम कर घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
स्वदेशी जागरण मंच ने Pepsi-Coke और अमेरिकी ऐप्स के बहिष्कार को कहा, 100% टैरिफ की धमकी से बढ़ा विवाद
स्वदेशी जागरण मंच ने रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर अमेरिकी टैरिफ धमकी का कड़ा विरोध किया है। मंच ने पेप्सी, कोका-कोला और अमेरिकी ऐप्स सहित विदेशी उत्पादों के बहिष्कार का आह्वान किया है।
उदयपुर की बड़गांव थाना पुलिस ने महिला से लूट की वारदात का खुलासा करते हुए 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जबकि एक अन्य नाबालिग को डिटेन किया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से लूट के 10 हजार रुपए, मोबाइल और बारदात में इस्तेमाल लिया एक ऑटो भी बरामद किया है। थानाधिकारी हितेश कुमार यादव ने बताया कि आरोपियों में शाहिल खान उर्फ बिट्टू(25) निवासी सवीना कच्ची बस्ती, धर्मेंद्र कुमार (25) बिहार निवासी एवं वर्तमान में खेमपुरा मादड़ी में रह रहा है और मिनाक्षी उर्फ एप्पल(30) पत्नी हीरालाल निवासी सिंधी कॉलोनी प्रतापनगर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी फुटेज और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों को ट्रेस कर गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि फतहपुरा निवासी भंवरी बाई ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार पीले रंग के टेम्पो में तीन लड़के और एक महिला सवार थीं। तीनों ने उसे बेदला लिंक रोड पर घेर लिया और धक्का मारकर सड़क पर गिरा दिया। जिसके बाद आरोपी उसकी कमर में लटका पर्स छीनकर फरार हो गए। महिला ने बताया कि उसके पर्स में 10 हजार कैश और मोबाइल था। महिला ने शोर मचाकर लोगों की मदद मांगी लेकिन तब तक आरोपी फरार हो चुके थे। डीएसपी हितेश कुमार यादव के सुपरविजन में टीम गठित आरोपियों की तलाश की गई। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार किया।
इंदौर के क्षिप्रा थाना क्षेत्र में रात के समय सेल्फी ले रहे 5 दोस्तों को घेरकर मारपीट और लूटपाट करने वाले आरोपियों का कनेक्शन भिलाई से सामने आया है। आरोपी महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन गए थे। लौटते समय इंदौर-देवास बायपास पर उन्होंने कार रोककर सेल्फी ले रहे दोस्तों को निशाना बनाया। आरोपियों ने पहले दोस्तों से गाली-गलौज की। विरोध करने पर लोहे की रॉड से हमला कर दिया। इस दौरान उनकी कार का कांच भी फोड़ दिया। इसके बाद आरोपियों ने दो मोबाइल लूटे और CG-07 नंबर की कार से फरार हो गए। 8 अगस्त की रात हुई वारदात के बाद क्षिप्रा पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल कार की जानकारी जुटाई और लूटे गए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की। दोनों सुरागों के आधार पर पुलिस मंगलवार को भिलाई पहुंची। जांच में कार शास्त्री नगर निवासी बिट्टू साहू के नाम पर रजिस्टर्ड मिली। इसके बाद क्षिप्रा पुलिस ने देर रात बिट्टू के घर के बाहर घेराबंदी की। पुलिस के मुताबिक, बिट्टू के पकड़े जाने के बाद वारदात में शामिल उसके अन्य साथियों के बारे में भी जानकारी मिल सकती है। आरोपियों की तलाश में क्षिप्रा पुलिस ने भिलाई की छावनी पुलिस से भी मदद ली है। पार्टी के बाद घूमने निकले थे दोस्त क्षिप्रा पुलिस ने गांधी नगर निवासी विनोद रघुवंशी की शिकायत पर आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज किया है। विनोद ने पुलिस को बताया कि 8 अगस्त की रात करीब 12 बजे वह अपने दोस्त दीपक, संगम, लोकेश और शेखर के साथ पार्टी करने के बाद कार से घूमने निकला था। पांचों दोस्त मांगलिया टोल टैक्स से सुलाखेड़ी ब्रिज होते हुए इंदौर-देवास बायपास पहुंचे। यहां उन्होंने सड़क किनारे कार खड़ी की और सभी दोस्त सेल्फी लेने लगे। इसी दौरान CG-07 नंबर की एक कार वहां आकर रुकी। कार से करीब पांच युवक नीचे उतरे और दोस्तों से गाली-गलौज करने लगे। विरोध किया तो लोहे की रॉड से हमला विनोद के मुताबिक, दोस्तों ने जब आरोपियों की हरकत का विरोध किया तो उन्होंने लोहे की रॉड निकाल ली। आरोपियों ने दीपक के पैर पर रॉड से हमला कर दिया। इसके साथ ही उनकी कार का कांच भी फोड़ दिया। मारपीट के बाद आरोपी विनोद और लोकेश के मोबाइल फोन छीनकर अपनी कार से मौके से फरार हो गए। महाकाल दर्शन से लौट रहे थे आरोपी शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी इसी कार से महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन गए थे। दर्शन के बाद लौटते समय वे इंदौर-देवास बायपास से गुजर रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर सड़क किनारे कार खड़ी कर सेल्फी ले रहे युवकों पर पड़ी। आरोपियों ने वहां रुककर युवकों से गाली-गलौज और मारपीट की। इसके बाद उनके मोबाइल फोन लूटकर कार से फरार हो गए। कार के नंबर से भिलाई पहुंची पुलिस केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने सबसे पहले वारदात में इस्तेमाल हुई CG-07 नंबर की कार की जानकारी जुटाई। रजिस्ट्रेशन के आधार पर पुलिस कार के मालिक तक पहुंची। वहीं, लूटे गए मोबाइल की लोकेशन ट्रेस करने पर जांच की कड़ी भिलाई तक पहुंच गई। पुलिस के अनुसार, कार शास्त्री नगर निवासी बिट्टू साहू के नाम पर रजिस्टर्ड है। इसके बाद क्षिप्रा पुलिस की टीम मंगलवार को भिलाई पहुंची और देर रात बिट्टू के घर के आसपास घेराबंदी कर उसकी लोकेशन खंगाली। फिलहाल पुलिस बिट्टू और उसके साथियों की तलाश में जुटी है।
भोजपुर पुलिस ने लूटकांड में शामिल 2 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। ओवरटेक कर ट्रक ड्राइवर से सोने की चेन लूटी थी। आरोपियों की पहचान चांदी थाना क्षेत्र के भदवर गांव निवासी अभिषेक कुमार और हरदास टोला के मनु कुमार के तौर पर हुई है। जानकारी के मुताबिक सारण (छपरा) जिला निवासी ड्राइवर विशाल कुमार ट्रक लेकर नासरीगंज की ओर जा रहा था। इस दौरान कोसिहान पुल के पास बदमाश मनु कुमार और अभिषेक कुमार ओवरटेक कर ट्रक के आगे अपनी बाइक रोक दी। इसके बाद चाकू दिखाकर उसके गले से सोने की चेन लूटकर भाग निकले। पुलिस ने आरोपियों को किया गिरफ्तार वारदात के बाद पीड़ित थाना पहुंचा। 2 अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई। केस दर्ज होने के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों को गिरफ्तार कर लिया। एक बाइक और 2 मोबाइल बरामद हुआ है। पुलिस के अनुसार दोनों बदमाशों का पूर्व में आपराधिक इतिहास रहा है। मनु कुमार कोईलवर और चांदी थाना अंतर्गत लूट मामले में जेल जा चुका है। कुछ दिन पहले ही जेल से जमानत पर बाहर आया था।
Train Ticket Discount: मोबाइल से जनरल टिकट लेने पर बचेगा पैसा, RailOne पर रेलवे दे रहा 3% की छूट
RailOne Ticket Discount 2026: ट्रेन से रोजाना या अक्सर सफर करने वालों के लिए मोबाइल टिकटिंग अब सिर्फ समय बचाने का जरिया नहीं, बल्कि किराये में बचत का विकल्प भी बन गई है। भारतीय रेलवे के RailOne App के जरिए यात्री स्टेशन के टिकट काउंटर पर जाए बिना अनारक्षित यानी जनरल टिकट खरीद सकते हैं। खास बात यह है कि पात्र डिजिटल पेमेंट से टिकट का भुगतान करने पर किराये में 3 प्रतिशत की छूट भी दी जा रही है। रेलवे ने इस सुविधा को डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा देने और स्टेशनों के टिकट काउंटर पर भीड़ कम करने के उद्देश्य से उपलब्ध कराया है। ऑफर को 31 मार्च 2027 तक जारी रखने की जानकारी दी गई है। इसका फायदा उन यात्रियों को खास तौर पर हो सकता है जो लोकल, पैसेंजर या दूसरी अनारक्षित श्रेणी वाली ट्रेनों में नियमित सफर करते हैं। स्टेशन पहुंचने से पहले मोबाइल पर तैयार हो सकता है टिकट जनरल कोच में यात्रा करने वाले यात्रियों को सफर से पहले वैध अनारक्षित टिकट लेना होता है। परंपरागत तरीके में इसके लिए रेलवे स्टेशन के टिकट काउंटर या उपलब्ध टिकट मशीन का इस्तेमाल करना पड़ता है। व्यस्त समय में काउंटर पर लंबी लाइन मिलने से ट्रेन छूटने तक की चिंता हो सकती है। RailOne ने इस प्रक्रिया को मोबाइल पर उपलब्ध करा दिया है। यात्री ऐप में अपनी यात्रा की जरूरी जानकारी दर्ज करके अनारक्षित टिकट खरीद सकता है। इससे टिकट लेने के लिए अलग से काउंटर की कतार में खड़े होने की जरूरत कम हो जाती है। किराये में 3% कम भुगतान करने का मौका RailOne के जरिए अनारक्षित टिकट खरीदने वाले यात्रियों के लिए डिजिटल भुगतान पर विशेष छूट उपलब्ध है। यात्री अगर पात्र डिजिटल माध्यम से भुगतान करता है तो टिकट किराये पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट प्राप्त कर सकता है। यह फायदा भले ही एक टिकट पर छोटी रकम जैसा दिखाई दे, लेकिन रोजाना रेल यात्रा करने वाले लोगों के लिए पूरे महीने या साल में इससे अच्छी-खासी बचत हो सकती है। उदाहरण के तौर पर नौकरी, पढ़ाई या कारोबार के सिलसिले में नियमित ट्रेन यात्रा करने वाले यात्री बार-बार टिकट खरीदते हैं। ऐसे यात्रियों के लिए हर टिकट पर मिलने वाली छोटी छूट समय के साथ ज्यादा उपयोगी हो सकती है। किन पेमेंट विकल्पों पर मिल सकती है छूट? RailOne पर अनारक्षित टिकट खरीदते समय कई डिजिटल पेमेंट माध्यम उपलब्ध हो सकते हैं। ऑफर के तहत UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड, नेट बैंकिंग और दूसरे पात्र डिजिटल भुगतान माध्यमों से भुगतान करने पर 3 प्रतिशत डिस्काउंट का फायदा लिया जा सकता है। हालांकि भुगतान पूरा करने से पहले ऐप में लागू ऑफर और अंतिम किराया जरूर देखना चाहिए। R-Wallet का नियम थोड़ा अलग RailOne में R-Wallet की सुविधा भी उपलब्ध है, लेकिन इसका लाभ सामान्य डिजिटल पेमेंट डिस्काउंट से अलग रखा गया है। R-Wallet से टिकट खरीदने पर अलग व्यवस्था के तहत 3 प्रतिशत cashback उपलब्ध है। इसलिए यात्री को यह समझना चाहिए कि सामान्य डिजिटल भुगतान पर मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट और R-Wallet का 3 प्रतिशत cashback एक ही ऑफर नहीं हैं। टिकट खरीदते समय ऐप में दिखाई दे रहे भुगतान विकल्प और लागू लाभ को देखकर ही पेमेंट मोड चुनना बेहतर होगा। RailOne से जनरल टिकट खरीदने का तरीका RailOne से टिकट लेने के लिए सबसे पहले मोबाइल में इसका आधिकारिक ऐप इंस्टॉल करें। ऐप Android और iOS दोनों तरह के स्मार्टफोन के लिए उपलब्ध है। ऐप में रजिस्ट्रेशन या लॉगिन पूरा करने के बाद अनारक्षित टिकट से संबंधित सेक्शन में जाएं। अब जिस स्टेशन से यात्रा शुरू करनी है और जहां तक जाना है, उससे जुड़ी जानकारी दर्ज करें। ऐप में मांगी गई अन्य जरूरी यात्रा जानकारी भरने के बाद टिकट का विवरण और किराया ध्यान से जांचें। इसके बाद उपलब्ध डिजिटल पेमेंट विकल्प में से अपनी सुविधा का माध्यम चुनकर भुगतान पूरा करें। ट्रांजैक्शन सफल होने के बाद टिकट की स्थिति ऐप में जरूर जांच लें। पुराने UTS यूजर्स के लिए भी अहम है RailOne RailOne आने के बाद रेलवे की मोबाइल टिकटिंग व्यवस्था में बड़ा बदलाव हुआ है। पहले अनारक्षित टिकट के लिए UTS on Mobile App का व्यापक इस्तेमाल किया जाता था। मार्च 2026 से UTS की सेवाओं को RailOne पर स्थानांतरित कर दिया गया है। ऐसे में पुराने UTS उपयोगकर्ताओं के लिए RailOne अब महत्वपूर्ण प्लेटफॉर्म बन गया है। मौजूदा R-Wallet बैलेंस से जुड़े उपयोगकर्ताओं को RailOne पर रजिस्ट्रेशन करते समय पुराने UTS खाते से जुड़े मोबाइल नंबर का इस्तेमाल करने की जरूरत पड़ सकती है। केवल जनरल टिकट नहीं, कई सेवाएं एक जगह RailOne को रेलवे की कई यात्री सुविधाओं को एक प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध कराने के उद्देश्य से तैयार किया गया है। यात्री इसके जरिए अनारक्षित टिकट के अलावा रिजर्व टिकट से जुड़ी सुविधाओं, प्लेटफॉर्म टिकट, ट्रेन संबंधी जानकारी, PNR स्टेटस और अन्य उपलब्ध रेलवे सेवाओं तक पहुंच सकते हैं। इसका फायदा यह है कि अलग-अलग काम के लिए यात्रियों को कई रेलवे ऐप इस्तेमाल करने की जरूरत कम हो सकती है। डिजिटल टिकट से लाइन और समय दोनों की बचत RailOne से जनरल टिकट खरीदने का सबसे बड़ा फायदा केवल 3 प्रतिशत डिस्काउंट नहीं है। मोबाइल टिकटिंग यात्रियों को स्टेशन के टिकट काउंटर पर लगने वाली लाइन से बचाने में मदद करती है। खासकर सुबह और शाम के व्यस्त समय में नियमित यात्रियों के लिए यह सुविधा उपयोगी साबित हो सकती है। डिजिटल भुगतान से कैश रखने और खुले पैसे की समस्या भी खत्म हो जाती है। इस तरह यात्री को एक ही सुविधा में टिकट खरीदने, डिजिटल पेमेंट करने और पात्र होने पर किराये में छूट पाने का मौका मिलता है। टिकट बुक करते समय सावधानी भी जरूरी मोबाइल से जनरल टिकट लेते समय शुरुआती स्टेशन और गंतव्य स्टेशन सही चुनना जरूरी है। भुगतान करने से पहले यात्रा का विवरण ध्यान से जांचें। बैंक खाते से रकम कट जाने भर से यह नहीं मान लेना चाहिए कि टिकट सफलतापूर्वक जारी हो गया है। ऐप में टिकट की स्थिति जरूर चेक करें। RailOne को केवल आधिकारिक ऐप स्टोर या रेलवे द्वारा बताए गए माध्यम से ही डाउनलोड करें। अनजान लिंक से ऐप या APK फाइल डाउनलोड करने से बचना चाहिए। इसके अलावा UPI PIN, OTP, पासवर्ड और दूसरी बैंकिंग जानकारी किसी व्यक्ति के साथ साझा न करें। 31 मार्च 2027 तक मिलेगा डिजिटल डिस्काउंट रेलवे ने RailOne से अनारक्षित टिकट खरीदने पर डिजिटल भुगतान के जरिए मिलने वाली 3 प्रतिशत छूट को 31 मार्च 2027 तक बढ़ाया है। इस पहल का उद्देश्य यात्रियों को मोबाइल टिकटिंग और कैशलेस पेमेंट की ओर प्रोत्साहित करना है। रोजाना ट्रेन से यात्रा करने वालों के लिए यह दोहरा फायदा हो सकता है। एक तरफ स्टेशन पर टिकट काउंटर की लाइन से बचा जा सकता है और दूसरी तरफ पात्र डिजिटल पेमेंट पर किराये में कुछ बचत भी हो सकती है। ऐसे में अगली बार जनरल टिकट लेकर यात्रा करनी हो तो स्टेशन के काउंटर पर जाने से पहले RailOne में उपलब्ध मोबाइल टिकटिंग विकल्प और लागू डिस्काउंट की जांच करना फायदेमंद हो सकता है। डिस्क्लेमर: रेलवे टिकट, डिस्काउंट, cashback और भुगतान से जुड़े नियम समय-समय पर बदले जा सकते हैं। टिकट खरीदने से पहले RailOne App या भारतीय रेलवे के आधिकारिक माध्यम पर मौजूदा नियम, किराया और ऑफर जरूर जांचें।
राजस्थान : पिता ने मोबाइल पर गेम खेलने से रोका, कोटा में 11वीं के छात्र ने आत्महत्या की
अपने इकलौते बेटे की मौत के बाद मयंक के पिता चौथमल नागर की भी तबीयत बिगड़ गई। परिवार के मुताबिक, मयंक अक्सर अपना समय मोबाइल फोन पर बिताता था। उसके पिता ने बताया कि रविवार को जब परिवार घर पर था, तो उन्होंने मयंक को गेम खेलते हुए देखा।
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
स्वाइप नहीं, सच्ची मुलाकात चाहिए! Gen-Z ने डेटिंग ऐप्स से क्यों बनाई दूरी, जानिए क्या कहता है सर्वे
डेटिंग ऐप्स और सोशल मीडिया से Gen-Z अब ऊब चुका है और रियल लाइफ को अपना रहा है। फोर्ब्स के सर्वे के मुताबिक, युवा अब ऑनलाइन चैट की बजाय लोगों से आमने-सामने मिलकर उन पर भरोसा करना पसंद कर रहे हैं। आइये जानते हैं आखिर ऐसा क्यों हो रहा है।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Parenting Tips: बच्चा मोबाइल छोड़कर किताबों से दोस्ती करने लगेगा, अपनाएं ये 5 आसान तरीके
सही माहौल, रोचक गतिविधियां और थोड़ी समझदारी से बच्चों में विकसित करें पढ़ने की आदत
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

