भोपाल के गुनगा थाना क्षेत्र में एक छात्रा की सल्फास खाने से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार शनिवार देर रात पिता ने उसे मोबाइल फोन चलाते देख फटकार लगाई थी। इसके बाद छात्रा ने कथित रूप से सल्फास खा लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार तड़के उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 12वीं में फर्स्ट डिवीजन से हुई थी पास गुनगा थाना पुलिस के अनुसार रतुआ क्षेत्र निवासी खुशी कुशवाहा (17) पिता जगदीश कुशवाहा परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। उसके परिवार में एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है। खुशी ने इसी साल 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी और भानपुर स्थित एक निजी कॉलेज में प्रवेश की तैयारी कर रही थी। मोबाइल चलाते देख पिता ने लगाई फटकार परिजनों ने पुलिस को बताया कि शनिवार देर रात खुशी मोबाइल फोन का उपयोग कर रही थी। इसी दौरान उसके पिता ने उसे मोबाइल चलाते देख डांट दिया। इसके बाद वह नाराज होकर घर के बाथरूम में चली गई। कुछ समय बाद खुशी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने जब उससे पूछताछ की तो उसने सल्फास खा लेने की बात बताई। इसके बाद परिवार के सदस्य उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान हुई मौत अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्रा का उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। रविवार तड़के उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
हमीरपुर में मोबाइल फ्लैश की रोशनी में घायल को लगाए गए टांके, स्वास्थ्य व्यवस्था पर उठे सवाल
उत्तर प्रदेश के हमीरपुर के एक सरकारी अस्पताल का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसके बाद जिले की स्वास्थ्य सेवाओं को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सुमेरपुर में एक घायल व्यक्ति को मोबाइल फोन की फ्लैश लाइट की रोशनी में टांके लगाए जाते हुए देखा जा सकता है।
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा से 30 अप्रैल से लापता ट्रांसपोर्टर कुलदीप सिंह उर्फ दीपू (38) का सुराग नहीं लग पाया है। कुलदीप को लापता हुए करीब एक महीना हो चुका है। परिवार अभी भी कुलदीप सिंह की तलाश कर रहा है और उनको कुलदीप के घर लौटने की उम्मीद है। उधर, कुलदीप के भाई संजीव कुमार ने बताया कि वे कुलदीप के मोबाइल नंबर पर कॉल करते रहते हैं। उसके दो मोबाइल नंबर में एक की सर्विस बंद हो चुकी है और दूसरा नंबर बंद आ रहा है। वे पुलिस से भी संपर्क कर रहे हैं, लेकिन पुलिस से कोई खास मदद नहीं मिल रही। पुलिस सिर्फ तलाश कर रहे हैं, की बात दोहरा रही है। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे संजीव कुमार ने बताया कि कुलदीप उसका छोटा भाई है और उससे अलग माता-पिता के साथ रहता है। कुलदीप शादीशुदा है। कुलदीप के लापता होने से उसकी पत्नी, बेटी वंशिका (16), हर्षिका (14) और बेटा खुशविंद्र (10) काफी परेशान है। हम नहर के आसपास अभी भी कुलदीप की तलाश में जा रहे हैं। ट्रांसपोर्टर पर धोखा करने के आरोप संजीव कुमार ने बताया कि उसका छोटा भाई कुलदीप सिंह करीब 10 साल पिहोवा की अनाज मंडी में पास के गांव के ट्रांसपोर्टर के साथ काम कर रहा है। इस ट्रांसपोर्ट का पूरा काम कुलदीप ही संभालता है। आरोप लगाया कि इस ट्रांसपोर्टर ने कुलदीप का मकान धोखे से अपने नाम करवा लिया। मोबाइल पर भेजी 4 वीडियो कुलदीप ने लापता होने से पहले उसके मोबाइल पर चार वीडियो भेजी थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। इन वीडियो में कुलदीप ट्रांसपोर्टर समेत कई लोगों पर पैसे के लेन-देन और उसके साथ धोखा करने की बात कह रहा है। कुलदीप ने अपना घर के सोने-चांदी के जेवर गिरवी रखकर ट्रांसपोर्टर को करीब 23 लाख रुपए दिए थे। जान से मारने की दी धमकी पैसे लेकर ट्रांसपोर्टर उसका मकान खाली करवाने और सामान बाहर फेंकने की धमकियां दे रहा था। इसके अलावा प्रवीन के साथ 16-17 लाख, कैथल के चीका के चावल एजेंट पर किराए के 8-9 लाख समेत कुछ लोगों के साथ लेनदेन की बात सामने आई है। कुलदीप की बाइक नहर के किनारे से मिली थी।
कैम्प में बेटियां सीख रही है हुनर, युवा पीढ़ी को मोबाइल और सोशल मीडिया दूरी रखने का संदेश
भास्कर न्यूज | बाड़मेर स्थानीय मुभीछा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गांधी चौक में टीम बाड़मेर की ओर से चल रहे निशुल्क समर कैंप में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन हुआ। भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने टीम बाड़मेर के संरक्षक कमलसिंह रानीगांव के साथ कैंप का अवलोकन किया। खारा ने कहा कि आज के दौर में मोबाइल फोन लोगों का जीवन नरक बना रहा है। उन्होंने कहा कि निरन्तर आगे बढ़ना है, सफलता की ऊंचाइयों को छूना है। मोबाइल की अनावश्यक लत छोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मोबाइल के दुरुपयोग से दूर रहेगा। समय शिक्षा, संस्कार, लक्ष्य में लगाएगा वही सफलता पाएगा। खारा ने शिविर में एक साथ करीब 1200 बेटियों को अलग-अलग गतिविधियों का प्रशिक्षण दिए जाने को सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बेटियों के सर्वांगीण विकास में मदद करते हैं। समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी मोबाइल, सोशल मीडिया में समय गंवा रही है। ऐसे समर कैंप बच्चों को नई दिशा दे रहे हैं। टीम बाड़मेर का प्रयास जिले के साथ पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। टीम बाड़मेर के संरक्षक कमलसिंह रानीगांव ने बताया कि समर कैंप में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियां हो रही हैं। टीम बाड़मेर के अध्यक्ष सुरेश जाटोल ने बताया कि उद्देश्य बच्चों को सकारात्मक दिशा देना है। अवलोकन के दौरान महामंत्री अबरार मोहम्मद, शिविर प्रभारी रफीक मोहम्मद कोटवाल, सह प्रभारी प्रेम परिहार, प्रवक्ता छगनसिंह ने खारा जानकारी दी। बाड़मेर. समर कैंप प्रशिक्षण प्राप्त करती बेटियां।
शाहजहांपुर में 6 IPL सट्टेबाज गिरफ्तार:गुजरात-राजस्थान मैच पर खाईबाड़ी, 7 मोबाइल फोन बरामद
शाहजहांपुर पुलिस ने आईपीएल मैच में सट्टेबाजी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई एक मकान पर छापेमारी के दौरान की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चार सदर बाजार थाना क्षेत्र के, एक चौक कोतवाली क्षेत्र का और एक मिर्जापुर थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नीतेश अपने मकान में बैठकर आईपीएल मैचों पर जुआ खिलवाता था, जिसके लिए उसे दस हजार रुपये मिलते थे। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 29 मई को हुए गुजरात और राजस्थान के बीच मैच पर सट्टा लगाया था और उसी का हिसाब-किताब जोड़ रहे थे। पुलिस को मौके से बरामद डायरी में 29 मई को हुए गुजरात और राजस्थान मैच की खाईबाड़ी का विवरण मिला है। चौक कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई आईपीएल के फाइनल मुकाबले से ठीक एक दिन पहले की। पुलिस को इतने समय तक इस सट्टेबाजी की जानकारी नहीं थी, जबकि अब तक आईपीएल के 73 मैच खेले जा चुके थे।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पराक्रम, विशेष, पुरुषार्थ, बाल गोविंद (सभी निवासी सदर बाजार), प्रखर (निवासी मिर्जापुर थाना क्षेत्र) और नीतेश (निवासी चौक कोतवाली क्षेत्र) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से वे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी के लिए किया जा रहा था। आरोपियों ने बताया कि वे पैसों का लेनदेन क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन करते थे। नीतेश को उसके घर में जुआ खिलवाने के लिए दस हजार रुपये दिए जाते थे, जिससे वह अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। आरोपियों ने यह भी बताया कि वे बुकी बकार, देवेश और और शेर मोहम्मद से मोबाइल पर संपर्क कर सट्टा लगाते थे, हालांकि उन्हें इन बुकियों का पूरा पता नहीं है। पुलिस ने इस मामले में आगे की पूछताछ और कार्रवाई शुरू कर दी है।
पाली में शनिवार शाम करीब सवा आठ बजे मोबाइल पर अचानक आवाज के अलर्ट आया। उसके चंद सेकंड बाद अचानक तेज हवा शुरू हो गई जो देखते ही देखते तेज आंधी में बदल गई। आंधी इतनी तेज थी कि सड़क पर एक जगह खड़ा रहना मुश्किल लग रहा था। आसमान में बिजली कड़क रही थी। खिड़की दरवाजे तक आंधी के दबाव में आवाज करने लगे। शहर में जोधपुर रोड स्थित कई जगह पेड़, होर्डिंग तक गिर गए। इस दौरान लाइट भी गुल हो गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 घंटों में पाली, ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, राजसमंद, सवाई माधोपुर और टोंक के कई स्थानों पर 80-100 किमी/घंटा की सतही हवाओं, तेज़ झोंकों, ओलावृष्टि, मध्यम बारिश और बिजली कड़कने के साथ बहुत भीषण तूफ़ान आने की प्रबल संभावना जताई गई है। आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग राजस्थान और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लोगों को भी सावधानी बरतने की प्रशासन ने अपील की।
नालंदा के हरनौत थाना क्षेत्र में साल 2021 में हुई एक सीआरपीएफ जवान की हत्या और लूट के मामले में न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। आज कोर्ट के एडीजे-08 बिहारशरीफ, नालंदा ने पुलिस की ओर से प्रस्तुत सबूत और चार्जशीट के आधार पर हरनौत थाना कांड संख्या 308/21 के मुख्य आरोपी बबलू कुमार उर्फ बबलू यादव को दोषी करार दिया है। जोरारपुर, थाना हरनौत निवासी नारायण यादव के बेटे बबलू यादव को हत्या के इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस पूरे प्रकरण में सरकार और पुलिस का पक्ष लोक अभियोजक अजय कुमार रस्तोगी ने न्यायालय के समक्ष मजबूती से रखा। न्यायालय ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में कठोर सजा मुकर्रर की है। IPC की धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए बबलू यादव को आजीवन कठोर कारावास और 20,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड की यह राशि नहीं देने पर उसे 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके साथ ही, भादवि की धारा 394 (लूटपाट के दौरान चोट पहुंचाना) के तहत भी उसे 10 साल के सश्रम कठोर कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा दी गई है। इस अर्थदंड को न चुकाने की स्थिति में 3 माह के अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान किया गया है। मोटरसाइकिल से पटना लौटते समय हुआ था हादसा घटना 23 जुलाई 2021 की सुबह घटी थी, जब सकसोहरा (पटना) निवासी 25 साल के सीआरपीएफ जवान सोनू कुमार अपनी मोटरसाइकिल से पटना लौट रहे थे। सुबह करीब 4:00 बजे हरनौत में केन्द्रीय विद्यालय के पास तीन अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उनकी बाइक रुकवाकर उन्हें देसी कट्टा सटा दिया था और उनका ओप्पो मोबाइल लूट लिया था। जब सोनू कुमार ने विरोध करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, तो एक बदमाश ने गाली देते हुए उन्हें पीछे से गोली मार दी थी। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से गंभीर रूप से घायल जवान को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरनौत और फिर वहां से पीएमसीएच पटना ले जाया गया था। बाद में इलाज के दौरान जवान की मौत हो जाने पर मामले में धारा 302 जोड़ी गई थी। 5 साल के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल गया है।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर नागौर से है। यहां कार और ट्रक की आमने-सामने की भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई। टक्कर के बाद दोनों गाड़ियों में आग लग गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें1. सीकर समेत कई जिलों में रेत का बवंडरराजस्थान में शनिवार को चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, सीकर, नागौर और डीडवाना-कुचामन समेत कई जिलों में रेत का बवंडर आया। इस दौरान दिन में अंधेरा छा गया। जयपुर में अंधड़ के बाद बारिश हुई और ओले गिरे। अजमेर-जोधपुर सहित कई जिलों में बारिश हुई। पूरी खबर पढ़ें 2. किसानों ने रेलवे ट्रैक रोका, गेहूं खरीद को लेकर आंदोलनहनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में शनिवार को किसानों का आंदोलन उग्र हो गया। हजारों किसान करीब 1 घंटे तक रेलवे ट्रैक पर बैठे रहे। प्रशासन ने 10 जून तक का समय मांगा। किसानों ने कहा- प्रशासन अपने वादे पर खरा नहीं उतरा तो 10 जून को कलेक्ट्रेट पर आंदोलन होगा। पूरी खबर पढ़ें 3. ट्रंप की बेटी जैसलमेर आएंगी, बॉर्डर इलाकों में अलर्टअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप अपने पति माइकल बोलस के साथ रविवार को जैसलमेर पहुंचेंगी। यह शाही जोड़ा चार्टर प्लेन से सीधे जैसलमेर पहुंचेगा। उनके इस हाई-प्रोफाइल और निजी दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें 4. पैरोल के बावजूद 24 दिन जेल में रखा, सुप्रीम कोर्ट नाराजसुप्रीम कोर्ट ने पैरोल आदेशों के बावजूद एक कैदी को 24 दिन तक जेल में रखने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने पीड़ित को 11 लाख रुपए का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट से पैरोल के आदेशों के बावजूद कैदी को रिहा करने में 24 दिन की देरी को अवैध रूप से हिरासत में रखना माना गया है। पूरी खबर पढ़ें 5. ट्रक और कार की भिड़ंत में 4 लोगों की मौतनागौर में कार और ट्रक में आमने-सामने की भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई। भीषण टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए। दोनों गाड़ियों की टक्कर के बाद धमाके जैसी आवाज आई और कुछ देर बाद आग लग गई। मौके पर मौजूद लोगों ने कार सवार लोगों को खींचकर बाहर निकाला। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें6. एडवोकेट पर हमले के आरोपियों की पैरवी पर भिड़े वकीलबूंदी में एडवोकेट पर हमले के आरोपियों की पैरवी को लेकर शनिवार को वकील आपस में भिड़ गए। आरोपियों की पैरवी करने कोटा से वकील पहुंचने पर कोर्ट परिसर में काफी देर तक हंगामे और तनाव की स्थिति बनी रही। हालात को देखते हुए RAC के जवान तैनात करने पड़े। पूरी खबर पढ़ें 7. RLP कार्यकर्ताओं को जमानत दी, तहसीलदार का ट्रांसफरराष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं को जमानत देने वाले कुचामन-डीडवाना तहसीलदार कैलाश ईनाणिया का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें अब बांसवाड़ा के गांगड़तलाई लगाया गया है। RLP के कार्यकर्ताओ ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को काले झंडे दिखाए थे। पूरी खबर पढ़ें 8. मोबाइल में मिले 400 चाइल्ड पोर्नोग्राफी वीडियो, 1 गिरफ्तारडीडवाना-कुचामन पुलिस ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के मोबाइल की जांच में करीब 1000 से अधिक वीडियो मिले हैं, जिनमें 400 चाइल्ड पोर्नोग्राफी वीडियो हैं। साथ ही सैकड़ों आपत्तिजनक फोटो भी मिले हैं। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है9. डॉक्टर्स ने 1 दिन में 15 ऑपरेशन कर बनाया रिकॉर्डअजमेर के JLN हॉस्पिटल में डॉक्टर्स की टीम ने एक दिन में 15 ऑपरेशन कर रिकॉर्ड बनाया है। इनमें दूरबीन तकनीक के जरिए पित्त की थैली निकालने जैसी जटिल सर्जरी शामिल रही। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया बुक रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल कराया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास10. लेक्चरर और कोच-2025 एग्जाम होंगे शुरू RPSC द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन 31 मई से शुरू होगा। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे।
एमटीएफ बेगूसराय की ओर से उत्क्रमित मध्य विद्यालय महमदपुर में आयोजित पांच दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आज समापन हो गया। कार्यशाला के दौरान बच्चों को नाटक में संवाद बोलने की कला का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही बॉडी लैंग्वेज को बेहतर बनाने के लिए अंग संचालन का भी बच्चों ने अभ्यास किया। समापन के अवसर पर बच्चों ने मोबाइल की दुनिया नाटक का मंचन किया। नाटक के माध्यम से बच्चों को मैसेज दिया गया कि इसका उपयोग कब और कितना करना है। नाटक में सात और आठ क्लास की छात्रा दिव्या कुमारी, दुर्गा कुमारी, सोनाली कुमारी, सोनाक्षी कुमारी, करूणा कुमारी और शिवानी कुमारी ने भूमिका का निर्वाह किया। जबकि शिवानी, अनीका राज, करूणा और अंजली ने झिझिया और जट-जटिन नृत्य नाटिका प्रस्तुत किया। निर्देशक और नाट्य प्रशिक्षक परवेज़ यूसुफ ने बताया कि गुरु-शिष्य परंपरा के तहत बच्चों में नाट्य कला सिखाने, उन्हें व्यवहार कुशल बनाने ौर उनके सर्वांगीण विकास के लिए नाट्य कला बहुत ही कारगर उपाय है। उन्होंने कहा कि आज का समय उपदेश का नहीं है, उन्हें खेल-खेल में व्यावहारिक शिक्षा देनी चाहिए। नाट्य कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक बौद्धिक (मानसिक) खेल भी है। जिसमें अपनी सोच, समझ, कल्पना और संवेदनाओं का उपयोग किया जाता है। बच्चों में उत्साह दिख रहा शिक्षक प्रवीण कुमार ने प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नाट्य कार्यशाला से हमारे विद्यालय के बच्चों को काफी लाभ मिला है, बच्चों में उत्साह दिख रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय सिंह ने कहा कि बच्चों में अनुशासन और आत्मविश्वास के लिए कला शिक्षा आवश्यक है।
नारनौल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए राजस्थान के कोटपूतली-बहरोड़ जिले से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के बैंक खाते का इस्तेमाल ठगी की रकम ट्रांसफर करने के लिए किया गया था। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान देसराज निवासी इसरा का बास, जिला कोटपूतली-बहरोड़ (राजस्थान) के रूप में हुई है। साइबर थाना नारनौल की टीम ने तकनीकी जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर 29 मई की रात आरोपी को उसके गांव से गिरफ्तार किया। आरोपी के खाते में ट्रांसफर किए 65 हजार पुलिस जांच में सामने आया कि साइबर ठगों द्वारा पीड़ित के बैंक खातों से निकाली गई धोखाधड़ी की राशि में से 65 हजार रुपए आरोपी देसराज के बैंक खाते में ट्रांसफर किए गए थे। इसी आधार पर पुलिस ने उसे मामले में गिरफ्तार किया। जल महल के पास खोया था मोबाइल पुलिस प्रवक्ता सुमित कुमार ने बताया कि नारनौल निवासी मनोज कुमार ने शिकायत दर्ज करवाई थी कि 3 मई, 2025 को जल महल के पास आयोजित एक शादी समारोह के दौरान उसका मोबाइल फोन कहीं खो गया था। इसके बाद उसने अपना सिम कार्ड बंद करवा दिया था। सिम पोर्ट करवाया, खाते से निकाले पैसे हालांकि, साइबर ठगों ने उसके मोबाइल नंबर को दूसरी टेलीकॉम कंपनी में पोर्ट करवा लिया और उसी नंबर का इस्तेमाल कर अगले दिन 4 मई को उसके यूनियन बैंक और भारतीय स्टेट बैंक (एसबीआई) के खातों से कुल 99,999 रुपए निकाल लिए। जांच के आधार पर आरोपी गिरफ्तार शिकायत मिलने पर साइबर क्राइम थाना नारनौल में केस दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। जांच के दौरान पुलिस ने बैंक खातों और डिजिटल ट्रांजेक्शन की कड़ियों को जोड़ते हुए आरोपी तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार कर लिया। पुलिस मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता की भी जांच कर रही है।
जालंधर के चर्चित राइट टू इन्फॉर्मेशन (RTI) एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या कर दी गई। फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के लॉ गेट के पास आज (30 मई) सुबह करीब 8 से 10 बजे के बीच हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गोली उनके सिर में लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े, इसके बाद फिर नहीं उठे। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। DIG नवीन सिंगला ने कहा कि हमले की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मौके पर शव के पास एक पिस्टल, फॉर्च्यूनर, दो मोबाइल पड़े मिले हैं। इसके अलावा एक खोल बरामद हुआ। पुलिस अब हत्या के कारण और हमलावारों का पता लगा रही है। हालांकि बताया जा रहा है कि RTI एक्टिविस्ट को सुरक्षा के लिए गनमैन मिला हुआ था, जो मौके पर नहीं मिला। यूनिवर्सिटी गेट के पास घात लगाकर बैठे थे हमलावर जानकारी के मुताबिक, जालंधर के RTI कार्यकर्ता सिमरनजीत सिंह किसी काम से फगवाड़ा गए हुए थे। वह LPU के लॉ गेट के पास मौजूद थे। तभी अचानक वहां कुछ अज्ञात युवक पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पहले से ही घात लगाकर बैठे हुए थे। उन युवकों ने सिमरनजीत सिंह को देखते ही उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। सिमरनजीत सिंह को गोली लगने के बाद के कुछ फोटो सामने आए हैं, जिनमें सिमरनजीत सिंह जमीन पर पड़े हैं। उनके बाएं हाथ के पास में दो मोबाइल पड़े हैं। वहीं, दाएं हाथ के पास एक पिस्टल पड़ी है। साथ ही एक ईयरपॉड पर भी पड़ा दिख रहा है। ज्यादा खून बहने से अचेत हो गए सिमरनजीत सिंह फायरिंग की इस अचानक हुई घटना से यूनिवर्सिटी गेट के आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता या सिमरनजीत सिंह को बचाने की कोशिश करता, हमलावर उन्हें लहूलुहान हालत में छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो चुके थे। गोली लगने के कारण सिमरनजीत सिंह जमीन पर गिर पड़े और अत्यधिक खून बहने की वजह से वहीं अचेत हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आए। सिमरनजीत सिंह को आननफानन एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
खेत में बैठकर IPL मैच पर सट्टा लगाते 3 गिरफ्तार:फतेहाबाद CIA ने मारी रेड; रजिस्टर और 5 मोबाइल बरामद
फतेहाबाद पुलिस की सीआईए टीम ने गांव मोहम्मदपुर रोही क्षेत्र में एक खेत में संचालित किए जा रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन बुकी को गिरफ्तार किया है। ये लोग आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे थे। आरोपी मोहम्मदपुर रोही के खेतों में लाइट की रोशनी में राजस्थान रॉयल्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच पर सट्टा लगा रहते हुए पकड़े। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फतेहाबाद के डीएसपी रोड निवासी हितेश कुमार उर्फ हन्नी, शहर के ही शक्ति नगर निवासी संदीप उर्फ गोलू और गांव मोहम्मदपुर रोही निवासी अमन जांगू के रूप में हुई है। आईफोन समेत 5 मोबाइल बरामद जानकारी देते हुए सीआईए प्रभारी वेदपाल ने बताया कि पुलिस टीम नया बस अड्डा मोहम्मदपुर रोही के पास गश्त एवं अपराध नियंत्रण ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोहम्मदपुर रोही निवासी मनजीत सिंह के खेत में बने कमरे के बाहर कुछ युवक मोबाइल के माध्यम से राजस्थान रॉयल्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत रेडिंग पार्टी गठित कर गुप्त रूप से बताए गए स्थान पर दबिश दी। मौके पर तीनों आरोपियों को ऑनलाइन सट्टेबाजी करते हुए काबू कर लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक आईफोन सहित कुल 5 मोबाइल, सट्टेबाजी का हिसाब-किताब दर्ज रजिस्टर, पेन तथा 3,710 रुपए की सट्टा राशि बरामद की गई। पुलिस ने जमानत पर किए रिहा आरोपियों के खिलाफ सदर थाना फतेहाबाद में द हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक गैंबलिंग एक्ट, 2025 की धारा 3 के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद आरोपियों को नियमानुसार पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया।
जनगणना को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है लेकिन इसमें कई अजीब किस्से भी सामने आ रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र के एक जनगणना कर्मी ने 7 दिन पहले जब काम शुरू नहीं किया तो उससे पूछताछ हुई। कारण पूछने पर उसने शांति से जवाब दिया कि उसका मोबाइल टूट गया है, जिससे जनगणना नहीं कर पा रहा है। निगरानी कर रहे अधिकारियों ने अपना माथा पकड़ लिया। प्रगणक पेशे से शिक्षक है और अधिकारी ने उसे चेतावनी दी है। दरअसल स्वगणना खत्म होने के बाद मकानों की गणना का काम 22 मई से शुरू हो गया है। सभी शिक्षकों को हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) दिए गए हैं। शिक्षक के HLB में जब जनगणना शुरू नहीं हुई तो अधिकारियों के कान खड़े हो गए। जब उससे सवाल किया गया तो उसने मोबाइल टूटने की बात कही। अधिकारी इसे बहाना मान रहे हैं। जनगणना मोबाइल एप पर ही हो रही है। इसलिए कई ऐसे प्रगणक जिनके पास पुराने मोबाइल हैं, उनके सामने समस्या खड़ी हो गई है। घरों पर मिल रहे सीधे सवाल के उल्टे जवाब जनगणना करने के लिए जब प्रगणक लोगों के घर पहुंच रहे हैं तो उन्हें सीधे सवाल के उल्टे जवाब दिए जा रहे हैं। घर में सदस्यों की संख्या और कमरों की संख्या पूछने पर घरवाले सीधे बताने से इनकार कर रहे हैं। शौचालय, टाइल्स,पीने के पानी, गाड़ी और यहां तक कि परिवार के सदस्यों की संख्या पूछने पर भी सीधा जवाब नहीं दे रहे। एक प्रगणक ने जब कमरों की संख्या पूछी तो घर के मालिक ने कहा कि तुम इंजीनियर हो क्या कि कमरों की संख्या तुम्हें बताएं। इधर प्रशासन की सख्ती भी जारी है। जनगणना कार्य में लापरवाही या रुचि न लेने वाले 100 से अधिक प्रगणकों का वेतन रोक दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि तय समयसीमा में काम पूरा कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और सुस्ती बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 9332 गणना ब्लाक बनाए गए हैं। शुक्रवार दोपहर तक 8370 ब्लाकों में मकान और परिवारों की गणना चल रही थी, जबकि 397 ब्लाकों में प्रगणकों ने महज सात दिन के भीतर कार्य पूरा कर लिया। हालांकि 565 गणना ब्लाकों में अब तक काम शुरू नहीं हो सका है, जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) मुख्य परीक्षा-2025 को लेकर बस्तर जिले में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। प्रशासन ने परीक्षा को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इस बार जगदलपुर के पीजी कॉलेज धरमपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जहां जिले के 181 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी अभ्यर्थी या कर्मचारी को मोबाइल फोन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा शुरू होने से पहले सभी मोबाइल फोन केंद्राध्यक्ष के पास जमा कराए जाएंगे। आपात स्थिति में केवल लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। 4 दिनों तक चलेगी परीक्षा CGPSC मुख्य परीक्षा 6 जून से शुरू होगी। पहले दिन भाषा और निबंध का पेपर आयोजित किया जाएगा। 7 जून को सामान्य अध्ययन-1 और सामान्य अध्ययन-2, 8 जून को सामान्य अध्ययन-3 और सामान्य अध्ययन-4 और 9 जून को सामान्य अध्ययन-5 की परीक्षा होगी। सभी प्रश्नपत्र दो पालियों में आयोजित किए जाएंगे। सुबह की पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। अंतिम दिन केवल एक पाली में परीक्षा संपन्न होगी। प्रश्नपत्रों और उत्तरपुस्तिकाओं की विशेष सुरक्षा प्रशासन ने प्रश्नपत्रों और उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए स्ट्रॉन्ग रूम और सीलबंद पैकेट की व्यवस्था की है। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को पुनः सीलबंद कर कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग कार्यालय भेजा जाएगा। इसके लिए विशेष वाहन और सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। निगरानी के लिए प्रशासन और पुलिस अलर्ट परीक्षा केंद्र में सुरक्षा और निगरानी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों तथा पुलिस बल की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक परीक्षा दिवस पर निर्धारित समय से डेढ़ घंटे पहले स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाएगा और नियुक्त नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में सीलबंद प्रश्नपत्र केंद्राध्यक्ष को सौंपे जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। फैक्ट फाइल परीक्षा प्रारंभ- 6 जून 2026परीक्षा केंद्र- पीजी कॉलेज धरमपुर, जगदलपुरकुल परीक्षार्थी- 181परीक्षा अवधि- 6 से 9 जूनमोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंधप्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाओं के लिए स्ट्रॉन्ग रूम व्यवस्थाप्रशासन और पुलिस की संयुक्त निगरानी व्यवस्था लागू
ओंगनार में मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम ने स्वच्छ भारत अभियान आयोजित किया
बेनूर| एसबीआई फाउंडेशन एवं स्वयंसेवी संस्था परिवर्तन समाज विकास समिति नारायणपुर द्वारा प्रोजेक्ट विलेज ओंगनार में स्वच्छ भारत अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत सामुदायिक पेयजल एवं स्नानागार परिसर के आसपास स्वच्छता प्रबंधन और अपशिष्ट कचरा निपटान को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। गुरुवार को माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित कर माहवारी संबंधी स्वास्थ्य जानकारी भी दी गई। स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया। ग्रामीणों ने गांव को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में 116 लोगों ने भाग लिया। इस दौरान ग्राम पंचायत सरपंच, पंचगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण, डॉक्टर परामर्श, रक्त जांच और निशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। संस्था ने बताया कि एमएमयू सेवा का उद्देश्य वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सरलता से स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
जुलाई 2025 में कोंडागांव पुलिस ने अमान वीरानी (25) को सेंट्रल गवर्नमेंट की एक अधिकारी की शिकायत पर गिरफ्तार किया। अधिकारी ने आरोप लगाया कि अमान ने दोस्ती कर शादी का झांसा दिया, वीडियो-फोटो बनाए, फिर ब्लैकमेल कर वसूली की। पुलिस और साइबर टीम ने उसका मोबाइल जब्त किया। जांच टीम के दो अधिकारियों और सूत्रों ने भास्कर को बताया कि मोबाइल गैलरी में 40 से अधिक लड़कियों के फोटो-वीडियो थे। कांटेक्ट लिस्ट में 43 लड़कियों के नंबर मिले। कॉल करने पर पता चला कि इनमें 20 नाबालिग, 10 शादीशुदा और 8 ऐसी थीं जिनकी शादी होने वाली थी। सभी बस्तर संभाग की थीं। जांच के दौरान दो और पीड़िताएं सामने आईं। इसके बाद अमान के खिलाफ एक अधिकारी, कॉलेज छात्रा और एक नवविवाहिता की शिकायत पर कुल 3 एफआईआर दर्ज हुईं। मोबाइल जांच के लिए साइबर लैब नवा रायपुर भेजा गया और अमान जेल चला गया। इस मामले ने अप्रैल 2026 में नया मोड़ लिया। पहली पीड़िता ने कोंडागांव न्यायाधीश और पुलिस अधीक्षक को ई-मेल भेजा, जिसकी प्रति भास्कर को मिली। पीड़िता ने लिखा कि जेल से छूटने के बाद अमान उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। उसका एक्सीडेंट हुआ है और उसे आशंका है कि इसके पीछे भी अमान का हाथ हो सकता है। उसने खुद को बिस्तर पर होने और थाना आने में असमर्थ बताया। इसके बाद रिपोर्टर ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि दोबारा शिकायत के बावजूद पुलिस ने पीड़िता का बयान तक नहीं लिया। वहीं, बेल मिलने के बाद अमान कुछ दिन जगदलपुर में रहा और अब केशकाल में है। परिवार की गुजारिश पर उसे स्पेयर पार्ट्स की दुकान में काम मिला है। रिपोर्टर जब मस्जिद गली स्थित उसके घर पहुंचा तो वहां ताला लगा मिला। इस दौरान अन्य पीड़िताओं से भी संपर्क हुआ, लेकिन वे परिवार और बदनामी के डर से सामने आने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जो हुआ, उसे भूलने में ही भलाई है। जांच के दौरान रिपोर्टर को कई ऐसे वीडियो-फोटो भी मिले, जिनमें अमान अलग-अलग लड़कियों के साथ दिखाई दे रहा है। 10 महीने बाद भी मोबाइल की जांच शुरू नहीं हुई अमान के खिलाफ दर्ज तीनों एफआईआर में मोबाइल प्रमुख साक्ष्य है। इसे जांच के लिए साइबर लैब नवा रायपुर भेजा गया, लेकिन पेंडेंसी के कारण जांच शुरू नहीं हो सकी। लैब इंचार्ज रवि गुप्ता ने कहा कि यदि जिले से केस की प्राथमिकता के आधार पर जांच के लिए पत्र आता है तो कार्रवाई की जाती है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि कोंडागांव और केशकाल थाना पुलिस ने मामले को अपेक्षित गंभीरता से लिया या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर कोंडागांव पुलिस ने धारा 64 (1), धारा 64 (2) (डी), धारा 308 (2), धारा 324 (4), धारा 115 (2),धारा 351 (2) में केस दर्ज किया। पीड़िता का दर्द: मैं कॉलेज में पढ़ती थी। इसी दौरान अमान से मेरी जान-पहचान हुई। फिर धीरे-धीरे हम कॉलिंग और चैट करने लगे। हां, बाहर भी घूमने गए थे। इसी दौरान उसने मेरे वीडियो बनाए, फोटो लिए। इन्हें वायरल करने की धमकी देकर मुझसे 25 हजार रुपए लिए। हर महीने वह पैसा मांगता था।जांच अधिकारी- रमेश निषाद, एएसआई- पूर्व के केस में मोबाइल जब्त हुआ था। उसकी रिपोर्ट अहम है। पढ़िए... पीड़िताओं की आपबीती जांच अधिकारी- अखिलेश धीवर, एसआई (अभी कोंडागांव में पदस्थ)- साइबर टीम ने अमान को पकड़ा था। उन्होंने कहा था- मोबाइल में लड़कियों के बहुत फोटो-वीडियो हैं। लड़कियों को ब्लैकमेल करता था। जांच अधिकारी- केएस सौरी, एसआई, केशकाल- अमान ने कहा था, अगर 2 दिन और नहीं पकड़ते तो फिर मुझे कभी नहीं पकड़ पाते। वह विदेश भागने वाला था। उसके मोबाइल में लड़कियों के वीडियो और फोटो हैं। भास्कर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी, साइबर क्राइम एक्सपर्ट पैटर्न ऑफ क्राइम’ को समझना जरूरी ऐसे मामलों में आरोपी शारीरिक संबंध या पैसों के लिए ब्लैकमेलिंग कर सकते हैं। यदि आपत्तिजनक कंटेंट का दुरुपयोग हुआ हो तो उसके ऑनलाइन प्रसार का खतरा भी रहता है। उन्होंने कहा कि जांच में बैंक लेनदेन, सोशल मीडिया चैट, ब्राउजर हिस्ट्री और डिजिटल उपकरणों की जांच अहम होती है। मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में आवश्यक जानकारियां मांगी जानी चाहिए। ऐसे संवेदनशील मामलों में स्पष्ट एसओपी और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी जरूरी है। इस केस को मैं प्राथमिकता से दिखवाता हूं प्रकरण मेरी जॉइनिंग के पहले का है, लेकिन बेहद संवेदनशील है। आपने संज्ञान में लाया है। मैं इसे प्राथमिकता से दिखवाता हूं। मैं साइबर लैब इंचार्ज से बात करूंगा, ताकि जल्द से जल्द मोबाइल की जांच रिपोर्ट आ सके। पीड़िताओं की शिकायत को मंगवाकर मैं स्वयं देखता हूं। -पंकज चंद्रा, एसपी, कोंडागांव
मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र में एनएच-58 स्थित पंचगंगा होटल पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने होटल मालिक नदीम को गोली मारने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी विक्रांत खुद को नेशनल शूटिंग चैंपियन बताता है, जबकि एक अन्य आरोपी जेवर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में मुंशी के पद पर कार्यरत है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि 28 मई की रात कुछ युवक थार और ब्रेजा कारों में सवार होकर पंचगंगा होटल पहुंचे थे। खाना खाने के बाद सिगरेट और पानी को लेकर होटल स्टाफ से उनकी बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने होटल मालिक नदीम पुत्र अमीर अहमद पर फायरिंग कर दी। गोली नदीम के पैर में लगी और आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल नदीम को अस्पताल में भर्ती कराया गया। खतौली थाने में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। एसएसपी के निर्देश पर सीओ खतौली रूपाली राय के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। शुक्रवार को एक चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान विक्रांत, गिरीश छोकर, उमेश कुमार और दिनेश के रूप में हुई है। सभी आरोपी गौतमबुद्धनगर के जेवर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल, कारतूस, एक मोबाइल फोन, दो लग्जरी गाड़ियां (थार और ब्रेजा) तथा 1 लाख 20 हजार 900 रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी विक्रांत के पास लाइसेंसी पिस्टल थी और उसी ने नदीम पर गोली चलाई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के बाद भागने की फिराक में थे, लेकिन उन्हें उससे पहले ही पकड़ लिया गया। वहीं गैंग का एक सदस्य सरकारी दफ्तर में तैनात है। अब पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
सीकर जिले में 2 महिलाओं के लापता होने का मामला सामने आया है। एक महिला अपनी बेटी को भी अपने साथ लेकर चली गई, वहीं दूसरी महिला सुबह बिना बताए घर से कहीं चली गई। दोनों महिलाओं के पति ने पुलिस में गुमशुदगी दर्ज करवाई है। पुलिस दोनों महिलाओं की तलाश कर रही है और आस-पास के इलाकों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। पहले केस में 34 साल की महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया- मेरी 34 साल की पत्नी अपनी बेटी को लेकर गांव से 27 मई की सुबह 10 बजे कहीं चली गई। इसके बाद उन्होंने पत्नी और बेटी की काफी तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया। रिश्तेदारी और आस-पड़ोस में भी मालूम किया लेकिन उन्हें भी कुछ मालूम नहीं था। अब पत्नी का मोबाइल भी स्विच ऑफ है। दूसरे केस में 29 साल की महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया- रात के समय पत्नी घर पर ही सोई थी। 26 मई की सुबह करीब 6:30 बजे वह घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। जिसकी उन्होंने काफी तलाश की लेकिन कुछ भी पता नहीं चल पाया।
उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने चेन स्नैचिंग और मोबाइल छीनकर भागने वाली गैंग 3 आरोपियों सहित 4 जनों को गिरफ्तार किया है। इन्होंने भुवाणा में वृद्ध महिला की सोने की मादलिया लूटने की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों के कब्जे से मादलिया और घटना में उपयोग ली बाइक भी जब्त की है। थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि बदमाशों ने लूटे गए सोने के मादलिया कनक ज्वेलर्स के संचालक मनोहर सिंह पिता बक्तावर सिंह निवासी बड़गांव को बेचे थे। आरोपियों ने शहर में अलग-अलग जगह भी झपट्टा मारकर मोबाइल छीनने की घटनाएं स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुरेश पिता शंकर निवासी राजेशवन्दन कॉलोनी, रवि पिता नारायण देव मगरी, नीरज पिता सुरेश देव मगरी और मनोहर सिंह पिता बक्तावर सिंह निवासी बड़गांव को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे जांच जारी है। घर के बाहर बैठी वृद्धा के साथ की थी वारदातपुलिस ने बताया कि 26 मई 2026 को प्रार्थी अर्जन लाल पिता गोलीलाल डांगी निवासी भुवाणा ने थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि उसकी दादी डाली डांगी घर के बाहर चौक में अकेली बैठी थी। तभी शाम करीब 4:30 बजे दो युवक बाइक से आए। फिर दादी को धमकाते हुए झपट्टा मारा और गले में पहनी सोने की मादलिया छीनकर भाग गए। मादलिया का वजन करीब 4 ग्राम था। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने आसपास सीसीटीवी खंगालते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गोपालगढ़ में 5 साइबर ठग गिरफ्तार:1 नाबालिग भी किया डिटेन, 6 मोबाइल और सिम कार्ड बरामद
डीग जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन एंटीवायरस” के तहत गोपालगढ़ थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 5 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को भी डिटेन किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा मौके से 14 टूटे हुए मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। आशंका है कि इन टूटे हुए फोनों का उपयोग भी साइबर ठगी से जुड़े मामलों में किया जाता था। दबिश देकर पकड़े बदमाशदरअसल गोपालगढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर साइबर ठगी की गतिविधियों में लिप्त हैं।सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश दी और आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न तरीकों से लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते थे। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की गहन जांच की जा रही है, ताकि इनके जरिए किए गए साइबर अपराधों का रिकॉर्ड खंगाला जा सके। पुलिस को आशंका है कि इन आरोपियों के तार अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
बारां : अभिरूचि शिविर में विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्प्रभावों से अवगत कराया
बारां। विद्या भारती द्वारा संचालित आदर्श विद्या मंदिर उमा विद्यालय एवं मदनलाल भवानी शंकर गुप्त बालिका आदर्श विद्या मंदिर माधव नगर छबड़ा में आयोजित अभिरूचि शिविर संपन्न हुआ। अध्यक्षता विद्यालय समिति अध्यक्ष अशोक भार्गव ने की। प्रधानाचार्य अमृत लाल मीणा ने बताया कि समापन समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने मन मोहा व भैया-बहिनों ने विविध […] The post बारां : अभिरूचि शिविर में विद्यार्थियों को मोबाइल के दुष्प्रभावों से अवगत कराया appeared first on Sabguru News .
ग्वालियर के ठाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित सुरेश नगर के सीताराम बॉयज हॉस्टल में मोबाइल चोरी की वारदात सामने आई है। गुरुवार दोपहर एक युवक हॉस्टल में घुसा और कई छात्रों के मोबाइल चोरी कर फरार हो गया। घटना के बाद छात्रों ने ठाटीपुर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोपहर में सो रहे थे छात्र जानकारी के अनुसार हॉस्टल में अलग-अलग जिलों से आए छात्र रहकर पढ़ाई करते हैं। गुरुवार दोपहर छात्र खाना खाने के बाद अपने कमरों में आराम कर रहे थे। भीषण गर्मी के कारण सभी छात्र कूलर चलाकर सो गए थे। इसी दौरान करीब दोपहर 12 बजे एक संदिग्ध युवक हॉस्टल परिसर में दाखिल हुआ। आरोपी ने उन कमरों को निशाना बनाया जहां छात्र गहरी नींद में थे। चोरी हुए मोबाइल संदीप बघेल, दुष्यंत सिकरवार, बादल शिवहरे, नितिन सिकरवार, शैलेन्द्र सिकरवार और देवेश सिकरवार के बताए गए हैं। छात्रों के जागने पर मोबाइल गायब मिले, जिसके बाद हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। CCTV में कैद हुआ संदिग्ध युवक पुलिस ने हॉस्टल में लगे CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में एक युवक हॉस्टल के अंदर आता और संदिग्ध तरीके से घूमता दिखाई दे रहा है। हालांकि छात्र और हॉस्टल संचालक आरोपी की पहचान नहीं कर सके हैं। पुलिस को अंदरूनी जानकारी का शक पुलिस का कहना है कि आरोपी सीधे कमरों तक पहुंचा और बिना डर के वारदात को अंजाम दिया। ऐसे में शुरुआती जांच में किसी परिचित, कर्मचारी या छात्र की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस हॉस्टल में आने-जाने वालों का रिकॉर्ड खंगाल रही है और आसपास के CCTV फुटेज भी जुटाए जा रहे हैं। चोरी का केस दर्ज ठाटीपुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी जांच और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यूपी के सहारनपुर से एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल के 4 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। ये भाजपा के दफ्तरों, अस्पताल, स्कूल समेत कई संवेदनशील ठिकानों पर ब्लास्ट करने की साजिश रच रहे थे। इनमें से 2 संदिग्ध महकाब और शाहरुख सहारनपुर के रहने वाले हैं। दैनिक भास्कर ने सहारनपुर में इनके घर और गांववालों से बात की। एक ग्रामीण ने बताया- महकाब पहले शाम को सबके साथ बैठता था। फिर धीरे-धीरे सबसे अलग रहने लगा। किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। रात में देर तक मोबाइल चलाता था। वीडियो कॉल पर पंजाबी या उर्दू में बात करता था। उसकी बातें ज्यादा समझ में नहीं आती थीं। बात करते समय बगल से कोई गुजरता, तो वह मुंह फेर लेता था। वहीं, शाहरुख की मां ने रोते हुए कहा- बेटे को गलत फंसाया गया है। हमने उसे मेहनत से कमाना और जीना सिखाया है। गांववालों ने भी कहा- वह काफी मिलनसार था। किसी से कोई झगड़ा नहीं था। जिन लड़कों को हम कल तक खेतों में घूमते, मोबाइल पर रील बनाते देखते थे, उन्हीं पर अब आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। ATS की जांच में सामने आया कि संदिग्धों की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आकिब जट्ट के नेटवर्क से हुई। वीडियो कॉल पर आदेश दिए जाते थे। कोडवर्ड में बात होती थी। पहले चारों संदिग्ध आतंकियों को जानिए अब चलते हैं संदिग्ध आतंकियों के गांव महकाब ने धीरे-धीरे गांव वालों से दूरी बनाई सहारनपुर जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर सरसावा क्षेत्र का ढीक्का कला गांव है। गांव में 27 मई (बुधवार) की सुबह अचानक पुलिस, खुफिया एजेंसियों और मीडिया का जमावड़ा लग गया। तब लोगों के महकाब के आतंकी कनेक्शन का पता चला। ढीक्का कला गांव में जब हम पहुंचे, तो महकाब के घर के बाहर चारपाई पर उसके पिता हसरत मायूस होकर लेटे थे। हमारे पूछने पर कहने लगे- बेटा पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था। घर आता था, तो खेती में हाथ बंटाता था। हमें तो कभी शक ही नहीं हुआ। परिवार खेती-किसानी करता है। हमारे पास करीब 10 बीघा जमीन है। घर सामान्य है और परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। महकाब के बारे में गांव के लोग भी बताते हैं कि वह शांत स्वभाव का था। लेकिन, पिछले कुछ महीनों में मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने लगा था। शाहरुख की मां रो-रोकर बोली- बेटे को फंसाया गया दूसरे संदिग्ध आतंकी शाहरुख के घर का माहौल भी तनावपूर्ण था। उसकी मां रोते हुए सिर्फ इतना कह पाई- बेटा तो देहरादून में टाइल्स लगाने का काम करता था। हम गरीब लोग हैं। हमें क्या पता कि इंस्टाग्राम पर कौन क्या करा देता है? मेरे बेटे को गलत फंसाया गया है। हमारा बेटा ऐसा नहीं है। हमने उसे मेहनत से कमाना और जीना सिखाया है। मेरे बेटे को फंसाया गया है। शाहरुख के परिवार के पास 11-12 बीघा जमीन है। गांववालों के मुताबिक, वह मिलनसार था और कभी किसी झगड़े में नहीं पड़ा। टीचर बोले- पैसे से गरीब नहीं, लेकिन मानसिक रूप से खाली सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार बेल्ट से बड़ी संख्या में युवा मजदूरी करने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड जाते हैं। ज्यादातर युवाओं की जिंदगी अब मोबाइल और सोशल मीडिया के बीच सिमटती जा रही है। ग्राउंड पर बातचीत में एक बात बार-बार सामने आई कि इन युवकों के पास न स्थायी रोजगार है, न भविष्य को लेकर स्पष्ट दिशा। एक स्थानीय शिक्षक कहते हैं- ये लड़के आर्थिक रूप से बहुत गरीब नहीं हैं, लेकिन मानसिक रूप से खाली हैं। सोशल मीडिया इनकी दुनिया बन चुका है। इंस्टाग्राम पर कोई इन्हें भाई बोल दे, पैसे और विदेश के सपने दिखा दे तो ये जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। फिर ये आतंकियों के चंगुल में फंस जाते हैं। कट्टरपंथी नेटवर्क अब सीधे धार्मिक भाषणों की बजाय ‘डिजिटल फ्रेंडशिप मॉडल’ पर काम कर रहे हैं। पहले दोस्ती, फिर भावनात्मक जुड़ाव, फिर गोपनीय चैट और आखिरी में नेटवर्क से जोड़ना, यही नई रणनीति है। किसान ने कहा- पहले डर गलत संगत का था, अब मोबाइल का ढीक्का कला गांव में अब हर घर में एक ही चर्चा है कि क्या सोशल मीडिया गांवों तक आतंक का रास्ता बना चुका है? महकाब और शाहरुख के परिवारवालों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि उनके बच्चे किसी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में हो सकते हैं। गांव के बुजुर्ग अब बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर चिंता जता रहे हैं। एक बुजुर्ग किसान ने कहा- पहले डर गलत संगत का होता था, नशे में फंसने का था। अब डर मोबाइल का है। आतंकी नेटवर्क ने संदिग्धों को बड़ी जिंदगी के सपने दिखाए ATS की जांच में सामने आया है कि महकाब और गगनदीप की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आकिब जट्ट के नेटवर्क से हुई थी। शुरुआत सामान्य चैटिंग से हुई। फिर वीडियो कॉल आने लगे। धीरे-धीरे बातचीत काम तक पहुंच गई। पहले इन युवकों को सोशल मीडिया पोस्ट, धार्मिक वीडियो और अन्याय से जुड़े कंटेंट भेजे गए। फिर उन्हें सिस्टम के खिलाफ लड़ाई और बड़ी जिंदगी के सपने दिखाए गए। पैसों और हथियारों का लालच भी दिया गया। बाद में इन्हें अस्पतालों, भाजपा कार्यालयों और संवेदनशील जगहों की रेकी करने को कहा गया। इन्हें ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने के आदेश भी दिए गए। वीडियो कॉल पर आदेश दिए जाते थे। बातचीत में कोडवर्ड्स का इस्तेमाल होता था और इंस्टाग्राम अकाउंट बार-बार बदले जाते थे। ADG बोले- नोएडा में चारों ने मीटिंग की थी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया- पाकिस्तानी गैंगस्टर आकिब जट्ट ने वीडियो कॉल पर चारों को देश में कई जगहों पर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए भी कहा था। महकाब और गगनदीप ने ही शाहरुख और मुशर्रफ को अपने साथ जोड़ा था। इन चारों के बीच सोशल मीडिया पर अस्पताल उड़ाने के लिए रेकी और हथियार खरीदने की बात की जा रही थी। मार्च, 2026 में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए महकाब और गगनदीप ने नोएडा में मीटिंग की थी। मीटिंग में इनके बीच पैसे और हथियार लेने की बात हुई थी। पश्चिमी यूपी में हैंड ग्रेनेड से हमलों की साजिश रची जा रही थी ATS के मुताबिक, संदिग्धों को भाजपा कार्यालयों, अस्पतालों और कुछ कारोबारी ठिकानों की रेकी करने का टास्क मिला था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि पश्चिमी यूपी में कई जगहों पर हैंड ग्रेनेड हमलों की साजिश रची जा रही थी। हथियार और विस्फोटक POK से सप्लाई होने की आशंका जताई जा रही है। एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इन युवकों ने यूपी में किन-किन जगहों की रेकी की। सहारनपुर में सरसावा एयरबेस और आर्मी एरिया के कारण जांच और ज्यादा संवेदनशील हो गई है। यह सिर्फ खुद कट्टरपंथ की ओर नहीं बढ़ रहे थे, बल्कि अन्य युवाओं को भी जोड़ रहे थे। सोशल मीडिया के जरिए नए लड़कों को तलाशा जा रहा था। अब आतंकियों के निशाने पर बेरोजगार, भर्ती रणनीति बदली सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों का कहना है कि आतंकी नेटवर्क अब 'लो विजिबिलिटी मॉडल' पर काम कर रहे हैं। वे ऐसे युवाओं को चुन रहे हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आसानी से न आएं। कुछ साल पहले तक आतंकी संगठनों और पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क की रणनीति अलग थी। वे पढ़े-लिखे, तकनीकी जानकारी रखने वाले, हाईप्रोफाइल और प्रभावशाली युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते थे। डॉक्टर, इंजीनियरिंग छात्र, आईटी प्रोफेशनल और उच्च शिक्षित युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा के जरिए ट्रेंड किया जाता था। अब आतंकियों का नया निशाना छोटे शहरों के मजदूर, बेरोजगार युवक, खेतों में काम करने वाले लड़के और सोशल मीडिया पर घंटों बिताने वाली गरीब पीढ़ी है। सहारनपुर से गिरफ्तार 4 युवकों की कहानी इसी बदलती रणनीति का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब शहजाद भट्टी को जानिए... दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच के अनुसार, भारतीय खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट को, हाल ही में सामने आए संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) का कथित मास्टरमाइंड बताया है। शहजाद भट्टी और गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई एक समय अच्छे दोस्त थे। लेकिन, भट्टी के लॉरेंस के गुर्गों से अपने काम करवाने और पहलगाम अटैक पर लॉरेंस की हाफिज सईद को धमकी के बाद वह एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन बन गए। लॉरेंस मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला है। उसने चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। इसके बाद उस पर कत्ल-फिरौती जैसे कई केस दर्ज हुए। 2 महीने में 12 से अधिक संदिग्ध पकड़े गए यूपी में बीते दो महीने में एजेंसियों ने 12 से ज्यादा संदिग्ध आतंकी पकड़े हैं। 4 अप्रैल को लखनऊ से 4 संदिग्ध पकड़े गए थे। ATS पूछताछ में सामने आया था कि पाकिस्तान से उन्हें ऑफर था कि तुम लोग दहशत फैलाओ, जितनी दहशत, उतना पैसा मिलेगा…। बड़े धमाके की फिराक में चारों संदिग्ध आतंकियों ने पिकअप और बाइक में आग लगाकर रिहर्सल की। इसके वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर को भेजे थे। बदले में उन्हें हर आगजनी पर 12 हजार रुपए मिलते थे। इसके बाद एटीएस ने 24 अप्रैल को 2 और संदिग्ध मेरठ के तुषार और दिल्ली के समीर खान को पकड़ा था। दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट के संपर्क में थे। एटीएस के अनुसार, दोनों यूपी के एक्स मुस्लिमों को हैंड ग्रेनेड से मारने की प्लानिंग कर रहे थे। टारगेट किलिंग के लिए उन्हें 3 लाख रुपए की लालच दिया गया था। —----------------------------------- 3 महीने पहले डॉक्टर मॉड्यूल सामने आया था, पढ़िए वो खबर… आतंकी अदील की पत्नी सर्जन, हनीमून पर जाने वाला था: शादी के 32वें दिन पकड़ा गया; सहारनपुर में अकेला रहता था, 5 लाख सैलरी सहारनपुर से गिरफ्तार आतंकी डॉ. अदील अहमद और उसके साथियों की यूपी को दहलाने की साजिश थी। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े इन आतंकियों की बाकायदा ट्रेनिंग हुई थी। इसके बाद ये भारत आए और वेस्ट यूपी और दिल्ली से सटे इलाकों को अपना ठिकाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, जांच में पता चला कि डॉ. अदील के किराए के घर पर रात में 8 लोग आते थे। ये कौन हैं? सुरक्षा एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
झोटवाड़ा में बिजली गुल होते ही घर में घुसा नकाबपोश, बुजुर्ग से मोबाइल लूटा
शहर में बिजली कटौती अब सुरक्षा पर भी भारी पड़ने लगी है। झोटवाड़ा में रात बिजली जाते ही एक नकाबपोश बदमाश खुले गेट से घर में घुस गया और 79 वर्षीय रिटायर्ड कर्मचारी से मोबाइल लूट लिया। विरोध करने पर बदमाश ने बुजुर्ग पर चाकू से हमला कर दिया और साथी के साथ बाइक पर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार तारा नगर निवासी 79 वर्षीय बुजुर्ग कॉपर मिल से रिटायर्ड हैं। सोमवार रात 10 बजे इलाके की बिजली गुल होने के कारण घर का गेट खुला था। इसी दौरान नकाबपोश युवक घर में घुस आया और बुजुर्ग के हाथ से मोबाइल छीनने लगा। मोबाइल बचाने के प्रयास में बुजुर्ग और बदमाश के बीच धक्का-मुक्की हुई। बदमाश ने चाकू से बुजुर्ग के हाथ पर वार कर दिया। घायल बुजुर्ग शोर मचाते हुए बदमाश के पीछे दौड़े, लेकिन बाहर बाइक सवार साथी उसे लेकर फरार हो गया। बुजुर्ग ने प्राथमिक उपचार करवाया। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने बुधवार को मामला दर्ज कर लिया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
संभल में गुरुवार रात हुई बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। लगभग 40 मिनट तक हुई इस बारिश से पारा 15 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। गुरुवार रात करीब 9:09 बजे जनपद संभल के शहरी और ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। दिन में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो बारिश के बाद घटकर 31 डिग्री सेल्सियस हो गया। रात 10:43 बजे तक इसमें 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आई, जिससे तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अनुमान है कि 40 मिनट की इस बारिश में लगभग 5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बारिश और आंधी के बीच संभल में कई लोगों को मोबाइल पर 3 घंटे के लिए भयंकर आंधी-तूफान का अलर्ट मैसेज भी मिला। बीती 16 मई से आम जनमानस भीषण गर्मी का सामना कर रहा था। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद हुई इस बारिश से न केवल मौसम ने करवट ली है, बल्कि त्वचा को झुलसाने वाली गर्मी से भी बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक मौसम ऐसा ही सुहावना रहने की संभावना है। स्थानीय निवासी कुशल कुमार ने बताया कि कई दिनों से पड़ रही गर्मी के बाद बारिश से मौसम में बदलाव आया है। हालांकि, कुछ लोगों को तेज हवाओं के कारण नुकसान भी हुआ है। मोहम्मद नईम ने कहा कि बकरीद के त्योहार के दिन रात में हुई बारिश से सभी लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।
फर्रुखाबाद में गुरुवार देर रात मौसम में अचानक बदलाव आया। तेज हवाएं चलने लगीं, आसमान में बादल छा गए और बिजली चमकने लगी। इस दौरान कई लोगों के मोबाइल फोन पर 'एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट' का अलार्म भी बजा, जिससे लोग दहशत में आ गए। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट आई और ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे मौसम सुहावना हो गया। फर्रुखाबाद शहर के साथ-साथ फतेहगढ़, कमालगंज, अमृतपुर, राजेपुर, नवाबगंज और कायमगंज में भी तेज हवाएं चलीं और बिजली चमकी। कायमगंज और शहर में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, जबकि हवा की रफ्तार लगभग 15 किलोमीटर प्रति घंटा रही। तेज आंधी, बारिश और बिजली कड़कने के बीच अचानक लोगों के मोबाइल फोन पर एक तेज चेतावनी ध्वनि के साथ 'एक्सट्रीमली सीवियर अलर्ट' का संदेश आने लगा। एक साथ बड़ी संख्या में मोबाइलों पर यह अलर्ट आने से लोग पहले तो कुछ समझ नहीं पाए। अमरदीप, प्रदीप और सद्दाम हुसैन जैसे कई लोगों ने बताया कि जैसे ही काले बादल छाए और तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई, उनके मोबाइल फोन में अचानक सायरन जैसी तेज आवाज बजने लगी और स्क्रीन पर चेतावनी संदेश दिखाई दिया। मोबाइल पर प्राप्त चेतावनी संदेश में बताया गया था कि अगले तीन घंटों में जनपद के कुछ स्थानों पर बिजली कड़कने के साथ तेज आंधी चलने, हवा की गति 60 से 80 किलोमीटर प्रति घंटा (कुछ स्थानों पर 90 किलोमीटर प्रति घंटा तक) रहने, मध्यम से तेज बारिश और ओलावृष्टि होने की बहुत अधिक संभावना है। शुरुआत में कई लोगों ने इस अचानक आए अलर्ट को किसी बड़ी आपदा की चेतावनी समझा। हालांकि, बाद में उन्हें जानकारी मिली कि यह अलर्ट भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) और आपदा प्रबंधन प्रणाली द्वारा जारी किया गया था। इसका मुख्य उद्देश्य खराब मौसम से पहले लोगों को सतर्क करना है ताकि संभावित जनहानि और हादसों से बचा जा सके।
छतरपुर जिले के सरबई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां पिछले 4-5 दिनों से बिजली गुल पड़ी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नींद अब तक नहीं टूटी। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल में इलाज से पहले बिजली की “सांसें” बचाना जरूरी हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ नर्स अनीता अहिरवार ने खुद बनाया है। वीडियो में उनका दर्द साफ झलकता दिखाई दे रहा है। वह कहती नजर आ रही हैं कि अस्पताल में बिजली नहीं है, ऐसे में डिलीवरी कैसे कराई जाए। “कई बार शिकायत की, फिर भी नहीं आई बिजली”वायरल वीडियो में स्टाफ नर्स यह भी बता रही हैं कि उन्होंने फोन पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक अस्पताल की बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हो सकी। लगातार बिजली गुल रहने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। टॉर्च के सहारे इलाज, खतरे में मरीजों की जानसरकारी अस्पताल में हालात इतने खराब हैं कि यहां प्रसव जैसी संवेदनशील प्रक्रिया भी मोबाइल टॉर्च की रोशनी में कराने की नौबत आ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को उठानी पड़ रही है। दावों की रोशनी, अस्पताल अंधेरे मेंएक तरफ सरकार मातृ स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ सरबई स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधा बिजली तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत खुद सामने आ रही है। फाइलों में सब ठीक, जमीन पर बदहाल सिस्टमविडंबना यह है कि कागजों और फाइलों में शायद अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं “सुचारु रूप से संचालित” दिखाई जा रही हों, लेकिन हकीकत में अस्पताल अंधेरे के भरोसे चल रहा है। जब अस्पताल ही अंधेरे में डूबा हो, तो आखिर मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? आखिर कब जागेगा स्वास्थ्य विभाग और कब सुधरेंगे सरबई स्वास्थ्य केंद्र के हालात?
राजगढ़ जिले के सुठालिया स्थित सिंगीजी की बाड़ी क्षेत्र में गुरुवार शाम एक युवती अपनी पसंद के युवक से विवाह करने की मांग को लेकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। युवती का आरोप था कि परिजन उसके प्रेम विवाह के खिलाफ हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस और नगर परिषद की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद युवती को समझाइश देकर नीचे उतारा। तीन साल पुराने प्रेम संबंध के चलते उठाया कदम जानकारी के अनुसार, युवती का पिछले तीन-चार वर्षों से दूसरी जाति के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। दोनों विवाह करना चाहते हैं, लेकिन जाति अलग होने के कारण परिजन इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे। इसी बात से क्षुब्ध होकर युवती शाम करीब 6 बजे अचानक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई और मांग पूरी न होने पर नीचे न उतरने की धमकी देने लगी। प्रेमी के आश्वासन और पुलिस की समझाइश पर उतरी नीचे घटनास्थल पर पहुंचे सुठालिया थाना प्रभारी और परिजनों ने युवती को लगातार नीचे उतरने के लिए मनाया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। ड्रामे के बीच युवती का प्रेमी भी मौके पर पहुंचा और उसने सबके सामने शादी करने का भरोसा दिलाया। प्रेमी की बात सुनने और पुलिस की लंबी समझाइश के बाद करीब 7 बजे युवती सुरक्षित नीचे आने को तैयार हुई। उम्र की पुष्टि में जुटी पुलिस युवती के नीचे उतरते ही पुलिस ने उसे और उसके प्रेमी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। थाना प्रभारी अनिल राहौरिया ने बताया कि फिलहाल युवती के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि उसकी बालिग होने की पुष्टि हो सके। जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इलाके में दिनभर बनी रही चर्चा इस घटना के दौरान टॉवर के नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी रही, जिसके चलते पुलिस को यातायात नियंत्रित करने में भी मशक्कत करनी पड़ी। युवती के सुरक्षित उतरने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
शराब दुकान में चाकू की नोक पर युवक से लूट:धमतरी में 3 हजार और मोबाइल लूटे, नाबालिग सहित 3 गिरफ्तार
धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र में शराब दुकान परिसर में एक युवक से चाकू की नोक पर लूटपाट करने वाले आरोपियों को पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। मामले में दो युवकों और एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। पुलिस के अनुसार, घटना 25 मई की रात की है। प्रार्थी अपने बड़े भाई के कहने पर शराब और डीजल खरीदने के लिए 3000 रुपए लेकर भखारा आया था। रात करीब 8 बजे वह भखारा शराब दुकान परिसर पहुंचा, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे रोक लिया। गर्दन पर चाकू अड़ाकर की लूट युवक के पास पैसे होने की जानकारी मिलने पर आरोपियों ने उससे रकम मांगनी शुरू कर दी। मना करने पर आरोपी अंशुमन साहू ने युवक की गर्दन पर धारदार चाकू अड़ा दिया। इसी दौरान लोकेश पटेल और एक विधि से संघर्षरत बालक ने युवक को पकड़ लिया। वहीं, आरोपी समीर निर्मलकर ने मारपीट करते हुए युवक से 3000 रुपए नकद और एक रेडमी मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कुछ घंटों में दबोचे आरोपी घटना की सूचना मिलते ही भखारा थाना पुलिस ने धारा 309(4) बीएनएस और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अंशुमन साहू और लोकेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त धारदार चाकू और लूटी गई नगदी रकम भी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में अंशुमन साहू (18) और लोकेश पटेल (18) शामिल हैं। एक आरोपी फरार, तलाश जारी मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसे किशोर न्याय बोर्ड धमतरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल, घटना में शामिल फरार आरोपी समीर निर्मलकर की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। ASP बोले- असामाजिक तत्वों पर होगी सख्त कार्रवाई एएसपी शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि जिले में लूट, चोरी, चाकूबाजी और असामाजिक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
अमृतसर में बांसों वाले बाजार में गुरुवार को अचानक भीषण आग लग गई। बाजार में बांस, सीढ़ियां समेत अन्य सामान होने के कारण आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते आग की लपटें कई फुट ऊंचाई तक उठने लगीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक दुकानदार जिंदा जल गया। उसकी बाजार में बांस की दुकान थी। वह दिव्यांग था, जिसके कारण समय रहते वह दुकान से बाहर नहीं निकल पाया और आग की चपेट में आ गया। 20 से 25 दुकानें आग में जलकर खाक हो गई। वहीं एक दुकान के ऊपर लगे मोबाइल टावर में भी आग लग गई। अब टावर के गिरने का खतरा है। सामान जलता देख एक दुकानदार रो पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेज थी कि आसपास के दुकानदारों और लोगों में दहशत फैल गई। दुकानदारों ने कहा कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आधा घंटा लेट आईं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आग शाम करीब 6 बजे लगी। वहीं, विधायक अजय गुप्ता ने बताया कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वह 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए। रास्ते में ही उन्होंने फायर ब्रिगेड अधिकारियों, पीएसपीसीएल अधिकारियों और पुलिस कमिश्नर से संपर्क कर सभी इंतजाम करवाए। फायर ब्रिगेड की टीमें रात 9 बजे तक आग बुझाने में जुटी रहीं। सभी दुकानों में आग लगीदुकानदार अनूप कुमार ने बताया कि राम बागा कोट आत्मा सिंह में सारी दुकानों में ही आग लग गई। बैक साइड में सारी बांस की दुकानें है और करोड़ों का नुकसान हो गया है। दुकानदार ने रोते हुए कहा कि उसके छोटे बच्चे हैं। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा कि वो कैसे मैनेज करेंगे। सारा सामान जलकर खाक हो गया है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लेट पहुंचीं। 40 सालों में पहली बार ऐसा हादसा देखामौके पर पहुंचे राजीव कुमार राजू ने बताया कि वह रामबाग चौक में बर्फ के कारोबार से जुड़े हुए हैं और पिछले 40 वर्षों से इस इलाके में काम कर रहे हैं। इतने सालों में उन्होंने कभी भी इस तरह का भयावह हादसा नहीं देखा। मार्केट में सूखा सामान ज्यादा पड़ा थाउन्होंने बताया कि बांसों वाली मार्केट में सूखा सामान ज्यादा पड़ा होने के कारण आग बहुत तेजी से फैल गई। आग किसी शॉर्ट सर्किट या अन्य कारण के चलते लगी हो सकती है, लेकिन असली कारणों का खुलासा जांच के बाद ही होगा। इलाका निवासियों का कहना है कि आग लगने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड विभाग को सूचित किया गया था। लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां काफी देरी से मौके पर पहुंचीं। एक-एक करके गाड़ियां पहुंच रही थीं, जिस कारण आग पर काबू पाने में परेशानी हुई। लोग बोले- फायर ब्रिगेड की टीमें देरी से पहुंचींलोगों ने बताया कि जब उन्होंने कमिश्नर को फोन किया तो उन्होंने कहा कि बकरीद की छुट्टी होने के कारण कुछ परेशानी आई है। लेकिन इसे जल्द ही हल कर लिया जाएगा। अगर समय रहते फायर ब्रिगेड विभाग की गाड़ियां पहुंच जातीं तो नुकसान कम हो सकता था। बाजार में आग के PHOTOS… बाजार में लगी आग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
सीतामढ़ी में 3 क्रिमिनल गिरफ्तार:अवैध पिस्टल, कारतूस, मोबाइल और बाइक बरामद
सीतामढ़ी जिले की महिंदवारा थाना पुलिस ने वाहन जांच अभियान के दौरान तीन संदिग्ध अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। डीएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई महिंदवारा थाना क्षेत्र के बिसनपुर से बतरौली जाने वाली सड़क पर की गई। पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी, तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार और कारतूस मिले। बरामद सभी सामान जब्त कर लिए गए गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के तिलकताजपुर गांव निवासी मुकेश कुमार, महिंदवारा थाना क्षेत्र के सिरखिरिया गांव निवासी मुकेश कुमार और अमित कुमार के रूप में हुई है। ये सभी सीतामढ़ी जिले के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि अपराधियों के पास से मैगजीन लगी एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। बरामद सभी सामान जब्त कर लिए गए हैं। आपराधिक इतिहास की भी जांच जारी इस संबंध में महिंदवारा थाना में कांड संख्या 157/26 दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार युवक किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे या नहीं। साथ ही, पुलिस टीम उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर राहगीरों को निशाना बनाकर लूट की वारदात करने वाले तीन शातिर बदमाशों को थाना गागलहेड़ी पुलिस और स्वाट टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर दो लूटी गई मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त एक अन्य बाइक बरामद की गई है। पुलिस लाइन सभागार में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 21 मई 2026 की रात धनकरपुर निवासी ओमपाल सैनी से तीन अज्ञात बदमाशों ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बाइक और मोबाइल फोन लूट लिया था। पीड़ित की तहरीर पर थाना गागलहेड़ी में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर थाना गागलहेड़ी, स्वाट और मिशन शक्ति टीम की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने मंगलवार रात दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के गागलहेड़ी कट से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में आदित्य उर्फ आदि निवासी ऊमरीकलां थाना रामपुर मनिहारान, अक्षित निवासी मिर्जापुर थाना बड़गांव और कार्तिक उर्फ बुड्ढा निवासी ऊमरी खुर्द थाना रामपुर मनिहारान शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आदित्य भगवानपुर में नौकरी करता था, लेकिन कमाई से खर्च नहीं चल रहा था। इसी वजह से तीनों ने मिलकर लूट की योजना बनाई। उन्होंने एक्सप्रेसवे को इसलिए चुना क्योंकि रात के समय वहां आवाजाही कम रहती है। 21 मई की रात तीनों अपने मोबाइल बंद कर बाइक से एक्सप्रेसवे पहुंचे। कोलकी फ्लाईओवर के पास उन्हें एक युवक अकेले बाइक पर जाता दिखा। आरोपियों ने रास्ता पूछने के बहाने उसे रुकवाया और जबरन उसकी स्प्लेंडर बाइक और मोबाइल फोन लूट लिया। बाद में पुलिस को भ्रमित करने के लिए वे सैय्यद माजरा टोल होते हुए भगवानपुर की ओर चले गए और रास्ते में मोबाइल की सिम निकालकर फेंक दी। पहली घटना के बाद आरोपी दूसरे रास्ते से फिर एक्सप्रेसवे पहुंचे और यमुनानगर हाईवे पर ग्राम नंदी के पास सुखदेव ढाबे से पहले बाइक सवार दो युवकों से उनकी मोटरसाइकिल लूट ली। दोनों लूटी गई बाइकों को हरौड़ा गांव के पास हाईवे किनारे खाली कमरों में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गागलहेड़ी थाने से संबंधित लूटी गई स्प्लेंडर प्लस बाइक नंबर UP11CL2853, थाना कोतवाली देहात क्षेत्र से लूटी गई स्प्लेंडर प्लस बाइक नंबर UP11BV9027, एक सैमसंग S23 मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक नंबर UP12BJ8329 बरामद की है। एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
हिसार जिले में बालसमंद पुलिस ने बाइक सवार से लूट के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और बाइक भी बरामद कर ली है। एएसआई जसवंत सिंह ने बताया कि बुधवार को गांव चुली खुर्द, आदमपुर निवासी अनिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। अनिल रालवास से पातन रोड की तरफ जा रहे थे, तभी आरोपियों ने उनसे लिफ्ट मांगी। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें डरा-धमकाकर मारपीट की और उनका मोबाइल फोन, नकदी तथा बाइक लूट ली। सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपियों की पहचान शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए हिसार एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने साइबर सेल की तकनीकी सहायता और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए बालसमंद निवासी प्रमोद, संजय और कुलदीप को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और बाइक बरामद कर ली है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उनसे अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में गहनता से पूछताछ की जा सके।
इंदौर के विजयनगर क्षेत्र में एक ऑनलाइन कंपनी में काम करने वाले युवक के साथ साइबर ठगी का मामला सामने आया है। युवक के मोबाइल में अचानक सॉफ्टवेयर अपडेट शुरू हुआ और कुछ ही देर में उसके बैंक खाते से 1 लाख 89 हजार रुपए निकल गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। विजयनगर थाना पुलिस के मुताबिक ओमेक्स सिटी निवासी सूरज पुत्र तेजराम कुशवाह ने ऑनलाइन धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज कराई है। सूरज ने पुलिस को बताया कि वह ईयरकार्ट कंपनी में नौकरी करता है। मंगलवार दोपहर वह काम कर रहा था, तभी उसके मोबाइल पर अचानक सॉफ्टवेयर अपडेट ऑटोमैटिक शुरू हो गया। उसने मोबाइल बंद करने की कोशिश की, लेकिन फोन बंद नहीं हुआ। क्रेडिट कार्ड में यूपीआई के जरिए ट्रांसफर की गई राशि इसी दौरान उसके मोबाइल पर लगातार ऑनलाइन ट्रांजेक्शन के मैसेज आने लगे। जब उसने अपने बैंक खातों का बैलेंस चेक किया तो उसके होश उड़ गए। उसके खाते से कुल 1 लाख 89 हजार रुपए कट चुके थे। यह रकम एक्सिस बैंक, पीएनबी और एसबीआई के क्रेडिट कार्ड में यूपीआई के जरिए ट्रांसफर की गई थी। एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की घटना के बाद सूरज ने अपने परिचितों को जानकारी दी और तुरंत साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। बुधवार को उसे विजयनगर थाने बुलाया गया, जहां पुलिस ने उसकी शिकायत के आधार पर एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि मोबाइल में आया सॉफ्टवेयर अपडेट असली था या किसी साइबर ठग द्वारा भेजा गया फर्जी लिंक या मैलवेयर। अधिकारियों ने लोगों से अनजान लिंक और संदिग्ध अपडेट से सतर्क रहने की अपील की है।
लुधियाना की केंद्रीय जेल में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए प्रतिबंधित सामग्री रखने का एक और गंभीर मामला सामने आया है। जेल के अंदर अचानक की गई चेकिंग के दौरान एक हवालाती के पास से नशीला पदार्थ और कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया गया है। जेल प्रशासन की लिखित शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सहायक सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर कार्रवाई जानकारी के अनुसार केंद्रीय जेल के सहायक सुपरिटेंडेंट सुरजीत सिंह ने पुलिस को पत्र के जरिए इस मामले की आधिकारिक शिकायत सौंपी। जेल के भीतर सुरक्षा को पुख्ता रखने और नशीले पदार्थों की आमद रोकने के लिए बैरकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक हवालाती की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसकी गहनता से तलाशी ली गई। क्रीम रंग का नशीला पाउडर और कीपैड फोन बरामद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान आरोपी हवालाती, जिसकी पहचान शिवम वर्मा निवासी लुधियाना के रूप में हुई है, के कब्जे से 07 ग्राम क्रीम रंग का संदिग्ध नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इसके साथ ही आरोपी के पास से जेल नियमों के विपरीत छिपाकर रखा गया एक कीपैड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। आरोपी ने जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री रखकर जेल मैनुअल और नियमों का सरेआम उल्लंघन किया है। पुलिस ने आरोपी शिवम वर्मा के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 22-61-85 और प्रिज़न एक्ट (जेल अधिनियम) की धारा 52-A(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सुरक्षा पर फिर उठे सवाल थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस अब इस मामले की बारीक जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जेल के भीतर इतनी कड़ी सुरक्षा और त्रिस्तरीय चेकिंग व्यवस्था के बावजूद नशीला पाउडर और मोबाइल फोन बैरक तक कैसे पहुंचे। इस मामले में जेल के अंदर सक्रिय किसी नेटवर्क या बाहरी मददगारों की भूमिका को लेकर भी तफ्तीश की जा रही है।
ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में रहने वाले एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। जहर खाने से ठीक पहले युवक ने रो-रोकर अपने दर्द को बयां करते हुए तीन वीडियो बनाए। इन वीडियो में उसने अपनी पत्नी के महंगे शौक, लग्जरी लाइफ की चाहत और अनजान पुरुषों से रात-रात भर बात करने के आरोप लगाए हैं। गनीमत यह रही कि युवक ने जहर खाने के बाद इन वीडियो को अपनी हाउसिंग सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट कर दिया था। ग्रुप में वीडियो देखते ही पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस की मदद से युवक को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया, जिससे उसकी जान बच गई। व्हाट्सएप ग्रुप के वीडियो ने बचाई जान बहोड़ापुर थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मानपुर स्थित सरकारी मल्टी फेस-1 के एल-5 ब्लॉक में पांचवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर-501 में वेंकट शर्मा रहते हैं। वेंकट एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। मंगलवार रात को जब वह घर पर अकेले थे, तब उन्होंने मानसिक तनाव में आकर जहरीला पदार्थ खा लिया। जहर खाने के बाद वेंकट ने अपनी आपबीती के तीन वीडियो हाउसिंग सोसायटी के ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दिए। मौके पर पहुंचे पड़ोसी ने बचाई जान ग्रुप में वीडियो देखते ही वहीं रहने वाले पड़ोसी विकास तोमर तुरंत एक्टिव हुए। वे भागकर वेंकट के फ्लैट पर पहुंचे और बहोड़ापुर थाना पुलिस को फोन किया। पुलिस और विकास ने मिलकर अचेत हो रहे वेंकट को तुरंत गाड़ी से अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। रोते हुए लगाए आरोप- ‘पत्नी को चाहिए लग्जरी लाइफ अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे वेंकट शर्मा ने जहर खाने से पहले जो वीडियो बनाए, उसमें उन्होंने अपनी पत्नी रितु शर्मा, सास गीता शर्मा और साले अनुभव शर्मा सहित 8 लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मेरी पत्नी रितु को बेहद लग्जरी लाइफ चाहिए। वह एक-एक लाख रुपए के महंगे मोबाइल फोन चलाती है। उसके शौक बहुत महंगे हैं। वेंकट ने कहा कि वह बड़ागांव के रहने वाले गौरव यादव, विशाल यादव, राजेश यादव, कल्ली यादव और हिमांशु भदौरिया से रात-रातभर फोन पर बात करती है। जब मैंने एक पति होने के नाते उसे टोकने और समझाने का प्रयास किया, तो उसने सुधरने के बजाय इन लोगों से मुझे धमकियां दिलवाना शुरू कर दिया। मेरे पीछे गुंडे लगा दिए गए। 'सास ने दी गालियां, मेरे अपने बेटे से मुझे अलग कर दिया' वेंकट ने वीडियो में अपनी सास पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सास गीता शर्मा ने उनके साथ घोर अभद्रता और गाली-गलौज की। पत्नी और सास ने मिलकर साजिशन वेंकट को उनके अपने ही मासूम बेटे से दूर कर दिया। बेटे से अलग होने के गम और लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह भयंकर डिप्रेशन (मानसिक अवसाद) में चले गए। वीडियो के अंत में वेंकट ने कहा- अगर मुझे कुछ भी होता है, तो मेरी पत्नी, सास, साला और बड़ागांव के ये पांचों लड़के जिम्मेदार होंगे। मुझे न्याय दिलाया जाए। वीडियो में 8 लोगों के नामों का जिक्र बहोडापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि एक युवक के जहरीला पदार्थ खाने का मामला सामने आया है। पड़ोसियों की सजगता से उसे समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया था, जहां उसका इलाज जारी है। युवक ने वीडियो में 8 लोगों के नामों का जिक्र किया है। सभी कड़ियों की बारीकी से जांच की जा रही है। युवक के स्वस्थ होने के बाद उसके विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भिवानी से महिला और युवती लापता:दोनों सुबह घर से निकली, मोबाइल ले गई साथ; तलाश पर नहीं लगा सुराग
भिवानी शहर में अलग-अलग स्थानों की रहने वाली एक महिला व एक युवती संदिग्ध हालात में लापता होने का मामला सामने आया है। जो सुबह घर से निकली थी और वापस नहीं आई। दोनों के पास ही मोबाइल नंबर भी था। वहीं परिवार वालों ने इसकी शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह फिलहाल भिवानी शहर में रहता है। उसकी करीब 26 वर्षीय पत्नी सुबह करीब साढ़े 9 बजे घर से बिना बताए चली गई। जिसके बाद उसने आस-पड़ोस व रिश्तेदारियों में तलाश किया, लेकिन कहीं पर भी कोई सुराग नहीं लगा। जो अपने साथ अपना मोबाइल नंबर भी लेकर गई है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। 24 वर्षीय युवती भी गायब भिवानी शहर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी, जिसमें बताया उसकी बहन की उम्र करीब 24 वर्ष है। जो सुबह के समय घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। जिसके पास मोबाइल फोन भी है। वहीं आस-पड़ोस में भी पूछताछ कर ली, लेकिन कहीं पर कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर लिया। वहीं युवती की तलाश आरंभ कर दी।
भोपाल में आईपीएस संजीव कंचन की 17 साल की बेटी की सुसाइड थ्योरी सुलझती नहीं दिख रही है। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में यह साफ हुआ कि छात्रा पढ़ाई में बहुत बहत प्रदर्शन नहीं कर सकी थी। वह भोपाल के रातीबड़ थाना इलाके में स्थित प्रतिष्ठित स्कूल में पढ़ती थी। मृतक की मां ने पुलिस को बताया कि बेटी को उन्होंने मोबाइल फोन नहीं दिलाया था। उसके पास में एक मोबाइल देखने के बाद उससे पूछताछ की। उसे समझाइश दी, जिससे नाराज होकर बेटी ने सुसाइड कर लिया। घटना के समय मां और पिता दोनों ही अपने जॉब पर थे। मृतक की मां भोपाल गैस राहत में जज हैं। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, बच्ची 11वीं कक्षा की छात्रा थी। पुलिस को परिजन से सूचना मिली। छात्रा के मोबाइल और उसके संपर्कों की जांच की जा रही है। वहीं पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस को मिला सुसाइड नोट एसीपी उमेश तिवारी ने बताया कि मृत छात्रा के पास से एक सुसाइड नोट मिला है। इसमें उसने लिखा, “मम्मी-पापा, मैं आपसे बहुत प्यार करती हूं, लेकिन मैं आपकी अच्छी बेटी नहीं बन सकी। आईएम सॉरी।” हालांकि छात्रा ने सुसाइड नोट में आत्महत्या के कारण का जिक्र नहीं किया है। पुलिस ने सुसाइड नोट और छात्रा का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। तीन महीने की उम्र में गोद ली थी आईपीएस संजीव कंचन ने बेटी को गोद लेकर पाला था। महज तीन महीने की उम्र में बेटी को विधिवत तरीके से अडॉप्ट किया गया था। इसकी पुष्टि पुलिस कमिश्नर संजय सिंह ने की है। पुलिस का कहना है कि आत्महत्या के सही कारणों का अभी खुलासा नहीं हुआ है। परिजनों के डिटेल बयान फिलहाल दर्ज नहीं किए जा सके हैं। सोशल मीडिया अकाउंट्स पर नजर पुलिस सूत्रों के मुताबिक, जांच टीम अब मृतक के दोस्तों और सहपाठियों से भी पूछताछ करेगी ताकि उसके व्यवहार में आए किसी भी बदलाव या मानसिक तनाव के बारे में सुराग मिल सके। चूंकि छात्रा हाल ही में नई कक्षा में गई थी, इसलिए पढ़ाई के दबाव के एंगल को भी पूरी तरह नकारा नहीं जा रहा है। इसके साथ ही साइबर सेल की मदद से उसके सोशल मीडिया अकाउंट्स और हालिया एक्टिविटी को भी ट्रैक किया जा रहा है, ताकि यह समझा जा सके कि घटना से कुछ घंटे पहले वह किन लोगों के संपर्क में थी या क्या वह किसी बात को लेकर परेशान थी। सभी एंगल पर पुलिस जांच जारी पुलिस इस घटना को हर संभावित एंगल से देख रही है, ताकि कदम उठाने की असली वजह साफ हो सके। पुलिस परिवार के सदस्यों से भी बातचीत कर रही है। हालांकि, परिजनों के डिटेल बयान अभी दर्ज नहीं किया जा सके हैं। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमॉर्टम की विस्तृत रिपोर्ट और फॉरेंसिक इनपुट मिलने के बाद ही स्थिति और स्पष्ट होगी। ये खबर भी पढ़ें… IPS-जज दंपती की 17 वर्षीय बेटी ने की खुदकुशी भोपाल के पॉश इलाके चार इमली में रहने वाले एक आईपीएस अधिकारी संजीव कंचन की 17 वर्षीय बेटी का शव फांसी के फंदे पर लटका मिला। घटना मंगलवार दोपहर की है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, बच्ची 11वीं कक्षा की छात्रा थी।पूरी खबर पढ़ें
हरियाणा के पंचकूला में सरकारी अस्पताल ICU में नर्सिंग आफिसर प्रीति बेनीवाल (30) ने 20 अप्रैल को सुसाइड कर लिया था। ऑन ड्यूटी मृत मिलीं प्रीति केस में अब बड़ा खुलासा हुआ है। पुलिस जांच में सामने आया है कि प्रीति का 11 साल से किसी युवक के साथ अफेयर चल रहा था। इस अफेयर की जानकारी प्रीति की कुछ दोस्तों को भी थी। इसी अफेयर के कारण ही परिवार ने कम उम्र में ही उसकी शादी करीब 15 साल बड़े शख्स से करवा दी। पुलिस के अनुसार, प्रीति अपनी शादी से खुश नहीं थी। इसके कारण कुछ समय बाद ही वह मायके वापस लौट आई थी और तलाक ले लिया था। बाद में प्रीति ने रोहतक में रहकर BSC नर्सिंग की पढ़ाई पूरी की। मगर, अफेयर के चलते प्रीति का अक्सर घरवालों के साथ झगड़ा होता था। जांच में यह भी सामने आया है कि प्रीति के भाई ने कुछ समय पहले ही उसका आईफोन भी तोड़ दिया था। इसके अलावा प्रीति के लॉकर से 2 मोबाइल मिले हैं, जिन्हें अखबार के नीचे छिपाया गया था। अस्पताल प्रबंधन ने इन्हें पुलिस को सौंप दिया है। पुलिस अब इन मोबाइल की कॉल डिटेल निकलवा रही हैं। साथ ही पुलिस ने प्रीति के भाई से भी मोबाइल तोड़ने पर सवाल किए हैं। उधर, प्रीति का परिवार पुलिस अधिकारियों से मिला है, जो रोहतक के उस युवक के खिलाफ कार्रवाई चाहता है, जिससे प्रीति का अफेयर रहा है। पुलिस ने युवक से पूछताछ भी की है। नर्सिंग आफिसर प्रीति बेनीवाल की कुछ PHOTOS… पहले नर्सिंग आफिसर प्रीति बेनीवाल के अफेयर की कहानी… अब जानिए प्रीति और उसके परिवार के बारे में…. यहां जानिए कैसे हुई थी प्रीति की मौत… हरियाणा के पंचकूला के सरकारी अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर प्रीति बैनीवाल 20 अप्रैल (रविवार) की रात को ऑन ड्यूटी ICU में मृत मिली थी। घटना का खुलासा उस समय हुआ, जब दूसरी शिफ्ट के कर्मचारी ड्यूटी पर आए, उन्हें स्टोर एरिया की तरफ फर्श पर गिरी हुई मिली थी। नर्सिंग ऑफिसर प्रीति के हाथ में कैनुला लगा था। नाक से कुछ खून भी आया हुआ था। इससे कयास लगाए गए थे कि उसने खुद को ओवरडोज इंजेक्शन दिया, जिससे उसकी मौत हो गई। परिवार का कहना था कि वह पेट दर्द से पीड़ित रहती थी। इसके बाद पंचकूला अस्पताल के आईसीयू में फोरेंसिक की टीम जांच के लिए पहुंची थी। टीम मौके पर बड़ी संख्या में एक्सपायरी इंजेक्शन अपने साथ ले गई थी। पोस्टमार्टम 5 डॉक्टरों के बोर्ड ने किया था। मगर, अब तक पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट नहीं आई थी। लॉकर में मिले प्रीति के मोबाइल : PMO पंचकूला सरकारी अस्पताल के PMO डा. आरएस चौहान ने बताया कि हादसे की जांच के लिए इंटरनल कमेटी ने पाया है कि घटना का अस्पताल से कोई संबंध नहीं था। जांच के दौरान प्रीति के लॉकर से 2 मोबाइल मिले हैं। जिन्हें अखबार के नीचे छिपाया गया था। जो अस्पताल प्रबंधन ने पुलिस को सौंप दिए हैं।फिलहाल चल रही है जांच : SHO पंचकूला सेक्टर-7 थाना के SHO राजेश कुमार के अनुसार जांच में अफेयर की बात सामने आई तो रोहतक के युवक को जांच में शामिल किया गया है। मोबाइल एफएसएल जांच के लिए भेजे गए हैं। पोस्टमार्टम की फाइनल रिपोर्ट भी अभी नहीं आई। फिलहाल जांच चल रही है। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… पंचकूला सरकारी अस्पताल ICU में मृत मिली नर्सिंग ऑफिसर:हिसार की रहने वाली, हाथ में कैनुला लगा मिला, घटना के बाद मोबाइल गायब हरियाणा के पंचकूला सरकारी अस्पताल की नर्सिंग ऑफिसर ऑन ड्यूटी ICU में मृत पाई गई है। घटना के वक्त मृतका के हाथ पर कैनुला लगा हुआ था। आशंका जताई जा रही है कि इंजेक्शन लगाया गया है। हालांकि अभी स्पष्ट नहीं है कि यह हत्या है या फिर आत्महत्या। पुलिस की एफएसएल टीम जांच में जुटी हुई है। (पूरी खबर पढ़ें)
कांकेर पुलिस ने जिलेभर में गुम हुए मोबाइल फोन बरामद करने के लिए चलाए गए विशेष अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने करीब 40 लाख रुपये कीमत के 218 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिए हैं। यह कार्रवाई साइबर सेल कांकेर और जिले के विभिन्न थाना स्टाफ की संयुक्त टीम द्वारा की गई। मोबाइलों की तलाश के लिए तकनीकी अनुसंधान और CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद ली गई। 218 मोबाइल बरामद किए गए पुलिस के अनुसार, 1 जनवरी 2026 से 26 मई 2026 तक प्राप्त गुम मोबाइल शिकायतों पर लगातार कार्रवाई की गई। इस दौरान पहले 116 मोबाइल संबंधित थानों के माध्यम से लौटाए जा चुके थे। वहीं बुधवार को 102 अतिरिक्त मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे गए। इस तरह कुल 218 मोबाइल बरामद किए गए हैं। CEIR पोर्टल से ट्रैक हुए मोबाइल पुलिस ने बताया कि CEIR एक नागरिक पोर्टल है, जिसके जरिए खोए या चोरी हुए मोबाइल फोन को सभी टेलीकॉम नेटवर्क में ब्लॉक किया जा सकता है। इससे मोबाइल का दुरुपयोग रुक जाता है। यदि कोई व्यक्ति ब्लॉक किए गए मोबाइल का उपयोग करने की कोशिश करता है, तो उसकी जानकारी ट्रैक की जा सकती है। मोबाइल बरामद होने के बाद उसे अनब्लॉक कर वास्तविक मालिक को वापस सौंप दिया जाता है। पुलिस अधीक्षक ने दिए निर्देश पुलिस अधीक्षक ने जिले के सभी थाना प्रभारियों को आमजन से जुड़े मामलों में त्वरित कार्रवाई और संवेदनशीलता के साथ काम करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि लोगों की शिकायतों का शीघ्र निराकरण और जनता का विश्वास बनाए रखना पुलिस की प्राथमिकता है। पुलिस ने जिलेवासियों से अपील की है कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी थाने में शिकायत दर्ज कराएं, ताकि समय रहते तकनीकी जांच कर मोबाइल की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।
भिलाई में साईराम व्हील्स प्राइवेट लिमिटेड के मालिक के साथ हुई ठगी के मामले में पुलिस ने राजस्थान के 6 आरोपियों को रायपुर से गिरफ्तार किया है। ठगों ने व्यापारी के एकाउंटेंड से अपने खाते में 20 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए थे। इसके अगले दिन दोबारा 48 लाख रुपए की डिमांड की थी। जिसके बाद व्यापारी ने सुपेला थाना में एफआईआर दर्ज करवाई थी। पुलिस ने बताया कि ठगों ने पहले कंपनी के एकाउंटेंट को APK फाइल भेजी। एकाउंटेंट ने गलती से वह फाइल डाउनलोड कर ली। इसके बाद एकाउंटेंट के मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला गया। आरोपी कई दिनों तक मोबाइल की गतिविधियों पर नजर रखते रहे और कंपनी के लेनदेन की पूरी जानकारी जुटा ली। इसी जानकारी का फायदा उठाकर उन्होंने कंपनी से 20 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। मामला थाना सुपेला क्षेत्र का है। कई दिनों से जुटा रहे थे जानकारीपुलिस जांच में पता चला कि ठगों ने सबसे पहले एकाउंटेंट के मोबाइल में APK फाइल इंस्टॉल करवाई थी। यह फाइल डाउनलोड होते ही मोबाइल का कंट्रोल आरोपियों के पास पहुंच गया। वे मोबाइल के मैसेज, कॉल, फोटो और व्हाट्सएप गतिविधियां लगातार देखते रहे। इसी दौरान उन्हें पता चला कि कंपनी के डायरेक्टर श्रीचंद बत्रा आस्ट्रेलिया जा रहे हैं मालिक के बाहर जाते ही आरोपियों ने एकाउंटेंट के मोबाइल से उनकी फोटो निकाली और उसी फोटो को डीपी में लगाकर उन्होंने कंपनी के अकाउंटेंट को मैसेज भेजकर पैसे ट्रांसफर करने को कहा। चूंकि कंपनी में डायरेक्टरों के बीच व्हाट्सएप ग्रुप के जरिए पेमेंट की प्रक्रिया चलती थी, इसलिए एकाउंटेंट को शुरुआत में शक नहीं हुआ। म्यूल खातों का किया इस्तेमाल, रायपुर में रह रहे थेपुलिस ने राजस्थान के रहने वाले इन सभी 6 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी रायपुर में रह रहे थे। सभी बेरोजगार हैं। मोबाइल का एक्सेस लेने के बाद ठगों ने यह भी पता लगाया कि कंपनी किसे नियमित पेमेंट करती है और किन खातों में पैसा भेजा जाता है। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उन्होंने 20 लाख रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। अगले दिन जब आरोपियों ने 48 लाख रुपए और भेजने का मैसेज किया, तब एकाउंटेंट को मामला संदिग्ध लगा। पैसे का ट्रांसफर म्यूल खातों में किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से 1.20 लाख रुपए नकद, 6 मोबाइल, 10 डेबिट कार्ड, कई बैंक दस्तावेज, सिम कार्ड और पासबुक जब्त किए हैं। पुलिस ने तत्काल कार्रवाई करते हुए किया गिरफ्तारशिकायत मिलने के बाद दुर्ग पुलिस और एसीसीयू की टीम ने जांच शुरू की। तकनीकी जांच और बैंक खातों की जानकारी के आधार पर पुलिस को पता चला कि आरोपी राजस्थान के रहने वाले हैं और रायपुर में लगातार होटल बदलकर रह रहे थे। पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी तनिष्क होटल और आसपास के इलाकों में ठहरे हुए हैं। इसके बाद पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ लिया। पुलिस ने इस मामले में 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपी राजस्थान के बीकानेर और जोधपुर के रहने वाले हैं। पूछताछ में उन्होंने कबूल किया कि वे अलग-अलग शहरों में किराए के मकान और होटल में रहकर साइबर ठगी करते थे। आरोपी फर्जी बैंक खातों के जरिए रकम ट्रांसफर कर कमीशन बांटते थे। 3 बीकानेर और 3 आरोपी जोधपुर के रहने वाले हैं- मुरली जनागल पिता आशुराम जी जनागल उम्र 19 वर्ष निवासी अमरपुरा थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान- गोपाल सोनी पिता मदनमोहन सोनी उम्र 25 वर्ष निवासी चीपड़ाबाड़ी थाना गंगाशहर जिला बीकानेर राजस्थान- मोती सिंह पिता नरेन्द्र सिंह उम्र 18 वर्ष निवासी सोइरा शेरगढ़ थाना शेरगढ़ जिला जोधपुर राजस्थान- मोतीलाल शर्मा पिता गोपीकिशन शर्मा उम्र 18 वर्ष निवासी बापीनी थाना पतोड़ा जिला जोधपुर राजस्थान- बनवारी शर्मा पिता रामेश्वरलाल शर्मा उम्र 28 वर्ष निवासी गंगाशहर बाफना स्कूल के सामने जिला बीकानेर राजस्थान- पंकज शर्मा पिता अण्डभद्रा राव उम्र 24 वर्ष निवासी थाना लोहावट जिला जोधपुर राजस्थान
जम्मू से दिल्ली की ओर जा रही झेलम एक्सप्रेस ट्रेन में एक युवक की डेडबॉडी मिलने से हड़कंप मच गया। युवक सीट पर ही बैठा मिला, लेकिन उसमें कोई हलचल नहीं थी। ट्रेन के करनाल रेलवे स्टेशन पर पहुंचते ही यात्रियों ने तुरंत जीआरपी को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मोचरी भिजवाया। मौत के कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो पाएगा। मृतक की पहचान 30 वर्षीय दीपक निवासी जम्मू के रूप में हुई है। वह झेलम एक्सप्रेस में सवार होकर जम्मू से दिल्ली जा रहा था। ट्रेन में सफर के दौरान वह अपनी सीट पर ही बैठा रहा, लेकिन जब काफी देर तक कोई हलचल नहीं हुई तो आसपास बैठे यात्रियों को शक हुआ। यात्रियों ने दी पुलिस को सूचना जैसे ही ट्रेन करनाल रेलवे स्टेशन पर पहुंची, यात्रियों ने तुरंत जीआरपी करनाल को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ट्रेन के अंदर पहुंची और युवक की स्थिति की जांच की। उस समय तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने आसपास के लोगों से उसकी पहचान कराने की कोशिश की, लेकिन कोई सफलता नहीं मिली। तलाशी में नहीं मिला कोई दस्तावेज जीआरपी करनाल की एएसआई सीमा ने बताया कि युवक के पास से कोई पहचान पत्र या दस्तावेज नहीं मिला। तलाशी के दौरान केवल मोबाइल फोन बरामद हुआ। मोबाइल में मौजूद कॉन्टेक्ट नंबर के जरिए परिजनों से संपर्क किया गया, जिसके बाद मृतक की पहचान दीपक के रूप में हुई। परिजनों के आने के बाद होगा पोस्टमार्टम पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर करनाल के मोर्चरी में रखवा दिया है। परिजनों के आने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा और शव उन्हें सौंप दिया जाएगा। फिलहाल मौत के कारण स्पष्ट नहीं हैं और पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है।
जनगणना 2027 का पहला चरण पंजाब में शुरू हो चुका है। लुधियाना समेत पंजाब में हाउस लिस्टिंग का काम चल रहा है। जनगणना करने के लिए कर्मचारी फील्ड में हैं लेकिन कई लोग उन्हें सहयोग नहीं कर रहे और उन्हें जमीनी स्तर पर बड़ी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शहरी इलाकों में हालत यह हो गई है कि जैसे ही जनगणना कर्मी किसी घर की बेल बजाते हैं, अंदर से सीधा सा जवाब मिलता है- 'अभी कोई मेल मेंबर घर पर नहीं है, बाद में आना' या 'रात को आना जब सब घर पर होंगे।' लोग अपने घरों के मुख्य गेट तक खोलने को तैयार नहीं हैं और जरूरी मोबाइल नंबर व सही जानकारी देने से कतरा रहे हैं। गवर्नमेंट टीचर यूनियन के प्रधान संजीव शर्मा ने फील्ड में तैनात स्टाफ की तरफ से आ रही दिक्कतों का खुलासा करते हुए बताया कि कर्मचारियों को हर दूसरे घर में लोगों के गुस्से या असहयोग का सामना करना पड़ रहा है। जनगणना कर्मचारियों ने फील्ड में आ रही समस्याओं से अफसरों को अवगत कराया। हालात यह हैं कि अफसरों को पब्लिक से अपील करनी पड़ गई कि जनगणना में लोग सहयोग करें। जनगणना करने आ रहे कर्मचारी भी आपके बीच में से ही हैं। जनगणना करने वालों के सामने आ रही ये 4 बड़ी मुसीबतें जनगणना पर सहायक कमिश्नर जसदेव सिंह सेखों की 4 अहम बातें: 1.बदतमीजी करना पंजाब के स्वभाव के खिलाफ: सेखों ने कहा कि फील्ड से कई शिकायतें आ रही हैं कि लोग जनगणना कर्मचारियों को देखकर अपने घरों के गेट नहीं खोल रहे हैं और जानकारी देने में आनाकानी कर रहे हैं। कुछ जगहों पर तो कर्मचारियों के साथ बदतमीजी भी की गई है। उन्होंने साफ कहा कि यह बर्ताव पंजाब के भाईचारे और मेहमाननवाजी के स्वभाव के बिल्कुल खिलाफ है। 2. कर्मचारी कोई बेगाने नहीं: उन्होंने जनता को याद दिलाया कि चिलचिलाती धूप में आपके दरवाजे पर आने वाले ये कर्मचारी कोई बाहरी या बेगाने लोग नहीं हैं। इस काम में ज्यादातर हमारे सरकारी स्कूल के टीचर्स और युवा लगे हुए हैं। ये हमारी अपनी बहनें, माताएं और हमारे ही घर-परिवार के बच्चे हैं, जो अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं। 3. भीषण गर्मी है, पानी के लिए जरूर पूछें: सहायक कमिश्नर ने लोगों से अपील की है कि मई के महीने में रिकॉर्डतोड़ भीषण गर्मी और लू चल रही है। ऐसे में जब भी कोई कर्मचारी आपके घर आए, तो इंसानियत के नाते उनसे पानी के लिए जरूर पूछें और उन्हें पानी पिलाएं। अगर आप ज्यादा समय नहीं दे सकते, तो कम से कम उनका सहयोग करें और फटाफट सही जानकारी देकर फ्री करें ताकि वे आगे अपना काम कर सकें। 4. आपकी दी गई जानकारी से ही तय होता है देश-प्रदेश का विकास: उन्होंने समझाया कि जनगणना का यह काम देश की तरक्की के लिए सबसे ज्यादा जरूरी है। घर-घर से जो आंकड़े (डेटा) इकट्ठा किए जाते हैं, उसी के आधार पर भारत सरकार और राज्य सरकारें भविष्य की बड़ी लोक-भलाई योजनाएं बनाती हैं। सटीक आंकड़ों से ही पता चलता है कि किस इलाके में कितनी मदद और बजट की जरूरत है। एडीसी पूनम सिंह ने ली रिव्यू मीटिंग; तकनीकी और प्रेक्टिकल दिक्कतों पर चर्चा फील्ड स्टाफ की इन गंभीर शिकायतों और आ रही व्यावहारिक दिक्कतों को देखते हुए प्रशासन तुरंत एक्शन मोड में आ गया है। लुधियाना की अतिरिक्त उपायुक्त (ADC)-कम-जिला जनगणना अधिकारी पूनम सिंह ने बुधवार को लुधियाना में अफसरों के साथ एक हाई-लेवल समीक्षा बैठक की। उन्होंने अफसरों को हिदायतें दी हैं कि जहां भी कर्मचारियों को दिक्कतें आ रही हैं उन्हें तुरंत हल करें। कर्मचारियों को सभी लोग सहयोग करें वो गर्मी में इतना महत्वपूर्ण काम कर रहे हैं। एडीसी ने बैठक में अफसरों ने दिए ये सख्त निर्देश, जानिए…
मुजफ्फरपुर पुलिस ने अवैध जुआ और सट्टा खेलने व संचालित करने वाले गिरोह का भंडाफोड़ किया है। मिठनपुरा थाना क्षेत्र के चकबासू मोहल्ला में छापेमारी कर पुलिस ने 14 लोगों को गिरफ्तार किया है। मौके से पुलिस ने 3 लाख 25 हजार 200 रुपये नकद, 14 मोबाइल फोन और ताश के 12 बंडल बरामद किए हैं। पूरे मामले की जानकारी देते हुए एसएसपी कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि जिले में अवैध जुआ और सट्टा संचालन के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में 27 मई को मिली गुप्त सूचना के आधार पर मिठनपुरा थानाध्यक्ष के नेतृत्व में पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए छापेमारी की। उन्होंने बताया कि चकबासू मोहल्ला में अवैध रूप से जुआ खेला जा रहा था और बड़े स्तर पर इसका संचालन किया जा रहा था। छापेमारी के दौरान मौके से सभी 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया। बरामद किए गए सामान पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के पास से जुआ खेलने में इस्तेमाल की जा रही सामग्री भी जब्त की है। बरामदगी में नगद : 3,25,200 रुपये, मोबाइल फोन : 14, ताश के पत्ते : 12 बंडल किय गए हैं। कई थाना क्षेत्रों के आरोपी गिरफ्तार गिरफ्तार आरोपियों में मुजफ्फरपुर और पूर्वी चंपारण के विभिन्न थाना क्षेत्रों के लोग शामिल हैं। गिरफ्तार लोगों में काजी मोहम्मदपुर, तुर्की, नगर, सिकंदरपुर, अहियापुर, कांटी, मेहसी और मधुबन थाना क्षेत्र के आरोपी शामिल बताए गए हैं। प्राथमिकी दर्ज इस मामले में मिठनपुरा थाना में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितने दिनों से संचालित हो रहा था और इसमें अन्य कौन-कौन लोग शामिल हैं।
लखीमपुर खीरी जिले के सिंगाही कस्बे में एक युवक ने मंगलवार रात अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। आत्महत्या करने से पहले युवक ने इंस्टाग्राम पर एक वीडियो बनाया था। इस वीडियो में उसने कथित प्रेमिका का नाम लेते हुए कहा, ‘हम तुम्हारे बिना जी नहीं सकते।’ यह वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। आशंका जताई जा रही है कि युवक प्रेम प्रसंग के चलते मानसिक तनाव में था, जिसके कारण उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है। युवक के मोबाइल फोन और उसकी सोशल मीडिया गतिविधियों की भी जांच की जा रही है। परिजनों से भी पूछताछ जारी है।
लुधियाना में दिनदहाड़े एक फल विक्रेता से लूट की वारदात सामने आई है। बाइक सवार तीन बदमाशों ने तेजधार हथियार दिखाकर रेहड़ी चालक को घेर लिया और उससे नकदी व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। पुलिस इलाके में सीसीटीवी खंगाल रही है। थाना मोती नगर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शिकायतकर्ता दिलीप कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह गोल मार्केट में फल-फ्रूट की रेहड़ी लगाता है। 3 दिन पहले वह अपनी रेहड़ी पर फल बेचने जा रहा था। जब वह शिवा डाइंग के पास विश्वनाथ मंदिर के नजदीक पहुंचा तो सिल्वर रंग की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल नंबर PB10HY-2523 पर सवार तीन अज्ञात युवकों ने उसे घेर लिया। आरोपी मौके से फरार पीड़ित के मुताबिक आरोपियों ने तेजधार हथियार की नोक पर उसे डराया-धमकाया और उसकी जेब से 19,500 रुपए की नकदी तथा ओप्पो मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। फिलहाल इस केस में अभी पुलिस के हाथ खाली है। मामले की शिकायत मिलने के बाद थाना मोती नगर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 304 और 3(5) के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
पटना में बाइक सवार 2 बदमाशों ने महिला से मोबाइल छीन लिया। महिला ई-रिक्शा से पटना हाईकोर्ट जा रही थी। इसी बीच एक बाइक से 2 बदमाश आए और झपटा मारकर फरार हो गए। इस दौरान महिला चलती ई-रिक्शा से सड़क पर गिरकर घसीटा गई। उसे चोट आई है। महिला को इसके बाद ई-रिक्शा चालक और राहगीरों की मदद से गार्डिनर अस्पताल में भर्ती कराया गया। प्राथमिक इलाज के बाद महिला अपने परिजन के साथ घर चली गई। घटना कोतवाली इलाके के इनकम टैक्स फलमंडी के पास की है। हाईकोर्ट की ओर जा रही थी पीड़ित महिला आरती कुमारी ने बताया कि तारा मंडल के पास ई-रिक्शा में हाईकोर्ट जाने के लिए बैठी थीं। इसी बीच बाइक से बहुत तेजी में दो युवक आए और ई-रिक्शा से सटाकर अपनी रफ्तार धीमी कर दी। एक जो पीछे बैठा था, उसने मेरे हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास किया, लेकिन मैं जोर से पकड़ी थी। इसी छीना झपटी में मैं मोबाइल बचाने के चक्कर में सड़क पर गिर गई। वो मोबाइल स्नेचिंग कर के भाग गए। घटना के बाद जांच में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलने के बाद कोतवाली थाने की गश्ती गाड़ी पहुंच गई। पीड़िता से देर रात गार्डिनर अस्पताल में पहुंचकर घटना की जानकारी ली। फिलहाल पीड़ित के बयान के आधार पर पुलिस मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
स्टेट जीएसटी विभाग की टीमों ने अजमेर में टैक्स चोरी का खुलासा किया। अजमेर में अरमान मोबाइल एसेसरीज कारोबारी के यहां सर्च ऑपरेशन में करोड़ों रुपए के फर्जी लेनदेन और इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) गड़बड़ी सामने आई। उपायुक्त (प्रशासन) चंदन सिंह शेखावत के अनुसार- अजमेर का मोबाइल एसेसरीज कारोबारी लंबे समय से विभाग की निगरानी में था। जांच में सामने आया कि कारोबारी ने अपने दो बड़े शोरूम और कर्मचारियों के नाम पर अलग-अलग क्रेता-विक्रेता फमें बना रखी थीं। इन फमों के जरिए खरीद-बिक्री और बिलिंग का ऐसा नेटवर्क तैयार किया गया, जिससे फर्जी इनपुट टैक्स क्रेडिट का फायदा लेकर सरकार को करोड़ों रुपए के राजस्व नुकसान की आशंका है। प्रारंभिक जांच में 2 से 3 करोड़ रुपए की टैक्स चोरी सामने आने की संभावना जताई गई है। कारोबारी ने मौके पर 27 लाख रुपए जमा करवाए। जांच में यह भी सामने आया कि माल और बिलिंग का वास्तविक प्रवाह अलग-अलग फर्मों के जरिए घुमाया जा रहा था, ताकि टैक्स देनदारी कम दिखाई जा सके। नेटवर्क ट्रैक कर पकड़ी सर्कुलर ट्रेडिंग जीएसटी विभाग ने कार्रवाई में डेटा एनालिटिक्स और सर्कुलर ट्रेडिंग तकनीक का उपयोग किया। सर्कुलर ट्रेडिंग में एक ही माल को कई फर्मों के बीच कागजों में बार-बार खरीदा और बेचा जाता है। उदाहरण के तौर पर ए ने बी से माल खरीदा, बी ने सी से, सी ने डी से और डी ने वही माल फिर ए को बेच दिया। इस प्रक्रिया में असली व्यापार कम और कागजी बिलिंग ज्यादा होती है। फर्मों के बीच पैसा घूमता रहता है और फर्जी आईटीसी के जरिए टैक्स देनदारी कम दिखाई जाती है। विभाग ने डेटा एनालिटिक्स के जरिए संदिग्ध लेनदेन पकड़कर फर्मों के नेटवर्क को ट्रैक किया।
जांच को भेजे 7 मोबाइल खोलेंगे राज:हनी ट्रैप-2 - रसूखदारों से जुड़े वीडियो-फोटो अब तक नहीं लगे हाथ
हनी ट्रैप-2 कांड में गिरफ्तार कर जेल भेजी गई रेशू और श्वेता जैन से एसआईटी कोई खास राज नहीं उगलवा पाई है। बताते हैं आरोपी श्वेता हनी ट्रैप-1 कांड में जेल से छूटने के बाद भी दिल्ली में एक केंद्रीय मंत्री से लगातार संपर्क में रही हैं। इस केस में नाम आने के बाद उसने रसूख का इस्तेमाल कर खुद को सख्ती से पूछताछ की जद से दूर रखा है। वहीं रेशू के मजबूत नेटवर्क के कारण अधिकारी उससे भी हनी ट्रैप के वीडियो, फुटेज व फोटो नहीं जुटा पाए हैं। दोबारा रिमांड पर आई लेडी तस्कर अलका ने इंटेलीजेंस के हेड कांस्टेबल विनोद शर्मा के साथ मिलकर पुलिस विभाग में खुद का मजबूत नेटवर्क तैयार कर लिया था। अलका एएसपी और एसीपी रैंक के अफसरों से संपर्क में रहती थी। कई अधिकारी जो इसके संपर्क में थे, वह रिटायर हो चुके हैं। रिटायरमेंट के बाद भी वह उनसे कानूनी सलाह मशविरा करती रही है। वीडियो और फोटो पर करोड़ों की डील करती थी रेशू बताते हैं रेशू हर फोटो, वीडियो पर करोड़ों की डील करती थी। आरोपियों से मिले 7 मोबाइल फोन को भोपाल फॉरेंसिक लैब भेजा है। बताते हैं श्वेता जैन, रेशू चौधरी, अलका और हेड कांस्टेबल विनोद के मोबाइल में कई वीडियो फुटेज हैं, जो आपस में शेयर किए गए हैं। इन्हीं के मोबाइल का एनालिसिस साइबर एक्सपर्ट कर रहे हैं।
ऑर्डर कैंसिल होने पर डिलीवरी बॉय ने मोबाइल चुराया; 699 रुपए वसूले, फिर 100 और मांगे, पुलिस ने पकड़ा
दो दिन तक बहाने बनाकर घुमाता रहा; पुलिस ने लोकेशन ट्रेस कर पकड़ा, मोबाइल बरामद ई-कॉमर्स कंपनी की डिलीवरी पार्टनर कंपनी के एक डिलीवरी बॉय की करतूत सामने आई है। ऑर्डर कैंसिल होने से नाराज होकर उसने एक दुकान से मोबाइल फोन चोरी कर लिया और उसे लौटाने के बदले पैसे मांगने लगा। परेशान दुकानदार की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए भरतपुर निवासी विष्णु शर्मा को गिरफ्तार कर लिया और उसके कब्जे से मोबाइल बरामद कर लिया। मामला बजाज नगर थाना इलाके का है। दुकानदार ने ई-कॉमर्स प्लेटफॉर्म से सामान मंगाया था, लेकिन डिलीवरी से पहले ऑर्डर कैंसिल कर दिया। इससे नाराज डिलीवरी बॉय ने मौका पाकर दुकान से मोबाइल फोन चोरी कर लिया। मोबाइल गायब होने पर दुकानदार ने तलाश की और शक के आधार पर डिलीवरी बॉय से संपर्क किया। आरोप है कि उसने मोबाइल अपने पास होने की बात स्वीकार करते हुए 699 रुपए देने पर ही लौटाने की बात कही। पैसे लिए, पर मोबाइल नहीं लौटाया मोबाइल में जरूरी डेटा होने के कारण दुकानदार ने आरोपी के बताए यूपीआई नंबर पर 699 रुपए ट्रांसफर कर दिए। इसके बाद आरोपी ने गोपालपुरा बायपास पुलिया के नीचे एक महिला के जरिए मोबाइल दिलाने की बात कही, लेकिन फोन नहीं लौटाया और स्विच ऑफ कर लिया। अगले दिन आरोपी ने फिर कॉल कर बाइक में पेट्रोल के लिए 100 रुपए और मांगे। लगातार परेशान करने पर दुकानदार ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। नारायण विहार स्थित फ्लैट में मिला पुलिस ने मोबाइल लोकेशन और अन्य इनपुट के आधार पर नारायण विहार स्थित एक फ्लैट पर कार्रवाई कर आरोपी को दस्तयाब कर लिया और बजाज नगर थाने ले आई। उसके कब्जे से चोरी किया मोबाइल बरामद कर लिया गया।
भोपाल के पॉश इलाके चार इमली में मंगलवार को एक दर्दनाक घटना सामने आई, जहां एक आईपीएस अधिकारी की 17 वर्षीय बेटी ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। वह 11वीं कक्षा की छात्रा थी और परिवार के साथ रहती थी। जानकारी के अनुसार, छात्रा ने मंगलवार दोपहर के समय घर के भीतर यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही परिजनों ने पुलिस को बुलाया। हबीबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है, जिससे आत्महत्या के कारणों का फिलहाल पता नहीं चल सका है। पुलिस छात्रा के मोबाइल फोन और उसके संपर्कों की जांच कर रही है। हबीबगंज थाना प्रभारी संजीव चौकसे के अनुसार, मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
कोटा में बढ़ती बाइक चोरी की वारदातों के बीच उद्योग नगर थाना पुलिस ने एक शातिर वाहन चोर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से चोरी की बाइक और पांच संदिग्ध मोबाइल फोन बरामद किए हैं। कोटा सिटी एसपी तेजस्वनी गौतम ने बताया कि शहर में लगातार हो रही दुपहिया वाहन चोरी की घटनाओं पर रोक लगाने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उद्योग नगर थाना प्रभारी मांगेलाल यादव के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने 25 मई को नाकाबंदी के दौरान एक संदिग्ध युवक को रोका। पूछताछ और दस्तावेजों की जांच में युवक की गतिविधियां संदिग्ध मिलीं। इसके बाद पुलिस ने आरोपी रवि उम्र 29 वर्ष, निवासी प्रेम नगर अफोर्डेबल योजना, उद्योग नगर को गिरफ्तार कर लिया। तलाशी के दौरान आरोपी के कब्जे से बिना नंबर की चोरी की हौंडा बाइक बरामद हुई। जांच में सामने आया कि यह बाइक 13 मई की रात उद्योग नगर थाना क्षेत्र से चोरी हुई थी। इसके अलावा आरोपी के पास से पांच संदिग्ध मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। इनमें पोको, रेडमी और इंफिनिक्स कंपनियों के मोबाइल शामिल हैं। पुलिस ने सभी मोबाइल जब्त कर लिए हैं। पुलिस अब आरोपी से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि वह किसी बड़े वाहन चोरी गिरोह से जुड़ा है या नहीं। साथ ही बरामद मोबाइल फोन के मालिकों और अन्य संभावित वारदातों की भी जांच की जा रही है।
नवादा पुलिस ने साइबर ठगी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस अधीक्षक अभिनव धीमान के निर्देश पर साइबर डीएसपी शाहनवाज अख्तर के नेतृत्व में गठित टीम ने दो साइबर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। ये आरोपी विभिन्न ऑनलाइन कंपनियों के नाम पर लोगों को सस्ते लोन का झांसा देकर ठगी करते थे।यह गिरफ्तारी 26 मई को वारिसलीगंज थाना क्षेत्र के चकवाय गांव से की गई। पुलिस को प्रतिबिंब पोर्टल पर दिख रहे नंबरों के आधार पर इन अपराधियों का पता चला था। इस संबंध में साइबर थाना कांड संख्या 54/26 आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का लालच देते थेगिरफ्तार किए गए अभियुक्त बजाज फाइनेंस, धनी फाइनेंस, मुद्रा फाइनेंस और इस्लामिक बैंक जैसी कंपनियों के नाम पर लोगों को कम ब्याज दर पर लोन दिलाने का लालच देते थे। वे ग्राहकों का डेटा चुराकर उन्हें फोन कॉल करते थे।फोन पर बातचीत के दौरान, वे पीड़ितों से या तो ओटीपी (वन टाइम पासवर्ड) मांग लेते थे या उन्हें कोई लिंक भेजकर उनके मोबाइल फोन को हैक कर लेते थे। इसके बाद, वे पीड़ितों के बैंक खातों से धीरे-धीरे पैसे निकाल लेते थे। ठगी के लिए वे बहुत कम प्रोसेसिंग चार्ज की मांग करते थे, जिसे उपभोक्ता आसानी से चुका देते थे। 5 स्मार्टफोन और 1 सिम कार्ड बरामदगिरफ्तार अपराधियों की पहचान दीपू उर्फ दीपक कुमार (30 वर्ष), पिता भोनू राम उर्फ भुनेश्वर राम, और अजीत कुमार (25 वर्ष), पिता सुभाष सिंह के रूप में हुई है। दोनों चकवाय, वारिसलीगंज, नवादा के निवासी हैं। इनके पास से 5 स्मार्टफोन और 1 सिम कार्ड बरामद किया गया है।
मंदसौर जिले के अफजलपुर क्षेत्र से मस्जिद के एक इमाम के साथ मारपीट और जय श्री राम का नारा लगाने के लिए दबाव बनाने का मामला सामने आया है। पीड़ित इमाम मोहम्मद हुसैन ने कुछ लोगों पर रास्ते में रोककर मारपीट करने, मोबाइल छीनने, गला दबाने और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी देने के आरोप लगाए हैं। इस मामले को लेकर मंगलवार को समाजजन पुलिस कंट्रोल रूम में एसपी विनोद कुमार मीना के नाम ज्ञापन सौंपा। दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, मोहम्मद हुसैन निवासी मुल्तानपुरा पिछले करीब एक माह से अफजलपुर की जामा मस्जिद में इमामत का कार्य कर रहे हैं। पीड़ित के अनुसार, 23 मई की शाम करीब 7 बजे वह अफजलपुर बस स्टैंड क्षेत्र में कुछ सामान लेने गए थे। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रोककर पूछताछ शुरू की। मौलाना का आरोप है कि जब उन्होंने अपना पता मुल्तानपुरा बताया तो मौके पर मौजूद लोगों ने आधार कार्ड मांगा गया। उन्होंने अपने भाई को फोन कर आधार कार्ड व्हाट्सएप पर भेजने के लिए कहा, लेकिन आरोपियों ने उनका मोबाइल छीन लिया। इसके बाद उन पर बांग्लादेशी होने का आरोप लगाया गया और झूठे मामलों में फंसाने की धमकी दी गई। भीड़ जुटी, मारपीट और नारे लगाने का दबावपीड़ित के मुताबिक मौके पर धीरे-धीरे बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। आरोप है कि भीड़ ने उनके साथ मारपीट की और जबरन ‘जय श्री राम’ के नारे लगाने के लिए दबाव बनाया। मौलाना का कहना है कि जब उन्होंने नारे लगाने से मना किया तो उनका गला दबाया गया और थप्पड़ों से मारपीट की गई। यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ लोगों ने उन्हें गाय और महिला से जुड़े झूठे मामलों में जेल भिजवाने की धमकी दी साथ ही कहा कि आगे गांव में दिखाई दिए तो जान से खत्म कर देंगे। थाने ले जाने और वहां भी दुर्व्यवहार का आरोपमौलाना ने आरोप लगाया कि घटना के बाद उन्हें अफजलपुर थाने ले जाया गया, जहां भी उनके साथ दुर्व्यवहार और मारपीट हुई। तभी पुलिसकर्मियों ने मौलाना की बात गंभीरता से नहीं सुनी और आरोपियों का पक्ष लिया। साथ ही उनके परिजनों से भविष्य में गांव नहीं आने की बात कही गई। समाजजनों ने की सख्त कार्रवाई की मांगमंगलवार को समाजजन बड़ी संख्या में पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचे और सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की गई है। समाजजनों का कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो इससे असामाजिक तत्वों के हौसले बढ़ सकते हैं और सामाजिक सौहार्द प्रभावित हो सकता है। सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने बताया कि समाजजनों द्वारा ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में मस्जिद में इमामत करने वाले व्यक्ति के साथ मारपीट, धार्मिक नारे लगाने के लिए दबाव बनाने और थाने में भी मारपीट किए जाने के आरोप लगाए गए हैं। पूरे मामले की जांच की जा रही है।
शिवपुरी के पुराने बस स्टैंड के पास स्थित पुराने आरटीओ ऑफिस के खंडहर में शनिवार शाम मिले शव की पहचान मंगलवार को हो गई। मृतक की पहचान फिजिकल थाना क्षेत्र निवासी 26 वर्षीय विशाल रजक पिता नंद किशोर रजक के रूप में हुई। उसका मोबाइल फोन लॉक होने के कारण परिजनों से संपर्क नहीं हो सका, जिससे शव की पहचान में देरी हुई। विशाल रजक मकानों में पुट्टी करने का काम करता था। उसके पिता नंद किशोर रजक ने बताया कि विशाल गुरुवार को काम पर जाने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिवार लगातार उसकी तलाश कर रहा था। मोबाइल फोन फाइनेंस पर लिया थाजानकारी के अनुसार, विशाल ने अपना मोबाइल फोन फाइनेंस पर लिया था। किस्तें जमा न होने के कारण फाइनेंस कंपनी ने उसका मोबाइल लॉक कर दिया था। इसी वजह से वह मोबाइल घर पर छोड़कर गया था। जब उसका कोई सुराग नहीं मिला, तो परिजनों को उसकी तलाश में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। शनिवार शाम पुराने आरटीओ ऑफिस के खंडहर में एक अज्ञात शव मिलने की सूचना पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची थी। शव काफी डीकंपोज हो चुका था, जिससे उसकी पहचान करना मुश्किल हो रहा था। पुलिस ने पहचान के प्रयास शुरू किए और मंगलवार को मृतक की शिनाख्त विशाल रजक के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, शव पर किसी प्रकार के बाहरी चोट के निशान नहीं मिले हैं। हालांकि, बताया जा रहा है कि विशाल नशे का आदी था। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा।
इंदौर के राऊ थाना क्षेत्र में वेयरहाउस संचालक के साथ मारपीट कर उसके अपहरण का मामला सामने आया है। पीड़ित की पत्नी की शिकायत पर पुलिस ने सोमवार देर रात मोबाइल लोकेशन के आधार पर युवक को आरोपियों के कब्जे से मुक्त कराया। मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर उनकी कार जब्त की गई है। एसीपी निधि सक्सेना के मुताबिक सूरज की पत्नी ज्योति ने पुलिस को सूचना दी थी कि उसका पति पिगडंबर स्थित वाइन शॉप के पास खड़ा था, तभी कुछ लोग उसे जबरन कार में बैठाकर ले गए। शिकायत मिलते ही पुलिस ने इलाके में नाकाबंदी कर जांच शुरू कर दी। जांच में सामने आया कि वेयरहाउस के सौदे को लेकर चल रहे विवाद के कारण मुकेश और उसके साथियों ने सूरज का अपहरण किया। आरोप है कि सभी ने मिलकर सूरज को कार में जबरन बैठाया और उसे सांवेर क्षेत्र के नागपुर गांव ले गए, जहां उसके साथ मारपीट की गई। घटना की पुष्टि होने के बाद राऊ थाना पुलिस ने अपहरण, मारपीट और अन्य संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। पुलिस के अनुसार सूरज ने अपने वेयरहाउस का सौदा आरोपियों से किया था, लेकिन बाद में वह सौदा पूरा करने से मुकर गया। इसके बाद आरोपी लगातार उस पर दबाव बना रहे थे। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की विस्तृत जांच कर रही है।
जामताड़ा पुलिस ने जिले में लगातार बढ़ रही लूट और चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक नाबालिग अपराधी को गिरफ्तार किया है। पुलिस अधीक्षक शंभू कुमार सिंह ने बताया कि पिछले कुछ महीनों से जिले में आपराधिक घटनाओं में इजाफा हो रहा था, जिसे गंभीरता से लेते हुए विशेष जांच दल का गठन किया गया था। गठित टीम ने गुप्त सूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए आरोपी को हिरासत में लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से 7.65 एमएम का एक देशी पिस्टल और एक जिंदा गोली बरामद की गई। पुलिस के अनुसार, यह गिरफ्तारी जिले में अपराध नियंत्रण की दिशा में बड़ी सफलता मानी जा रही है। लूट की कई घटनाओं में शामिल रहा आरोपी एसपी ने बताया कि गिरफ्तार नाबालिग ने मिहिजाम थाना क्षेत्र के ढेकीपाड़ा स्थित कब्रिस्तान के पास रेलवे कर्मचारी इरफान अंसारी को चाकू का भय दिखाकर लूट की घटना को अंजाम दिया था। इसके अलावा, उसने पश्चिम बंगाल के चित्तरंजन थाना क्षेत्र के फतेहपुर इलाके में एक महिला से मोबाइल फोन, पर्स और नकदी भी छीनी थी। पुलिस जांच में दोनों मामलों में उसकी संलिप्तता की पुष्टि हुई है। आरोपी के पास से एक वनप्लस मोबाइल फोन, एक वीवो मोबाइल फोन, एक टीवीएस अपाचे मोटरसाइकिल, एक क्षतिग्रस्त बैग और एक चाकू भी बरामद किया गया है। पुलिस का कहना है कि बरामद सामान लूट की घटनाओं से जुड़ा हुआ है। जमानत पर छूटकर फिर बना अपराधी जांच के दौरान यह भी सामने आया है कि गिरफ्तार नाबालिग मार्च 2025 में हुई एक गोलीबारी की घटना में भी शामिल था। उस मामले में वह जमानत पर बाहर आया था और फिर से आपराधिक गतिविधियों में लिप्त हो गया। एसपी शंभू कुमार सिंह ने कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण को लेकर लगातार अभियान चलाया जा रहा है और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। उन्होंने यह भी बताया कि सुभाष चौक में हुई ज्वेलरी दुकान लूट कांड का भी जल्द खुलासा कर आरोपियों की गिरफ्तारी की जाएगी।
वाराणसी में में मंगलवार की सुबह एक युवती अपने प्रेमी से शादी की मांग को लेकर 100 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। युवती का आरोप है कि प्रेमी का पैर फ्रैक्चर होने के कारण कई दिनों से मुलाकात नहीं हो पा रही थी। अब मैं उसके साथ शादी करना चाहती हूं। लेकिन मेरे परिवार के लोग जाति अलग होने के कारण मना कर रहे हैं। युवती को टॉवर पर हंगामा करता देख ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस और ग्रामीणों ने काफी देर तक समझाकर उसकी शादी प्रेमी से करवाने का भरोसा देकर उसको सुरक्षित नीचे उतरा। इसके बाद युवती को लेकर थाने पहुंची और उसके प्रेमी को भी बुलाया। थाने में दोनों के परिजनों के साथ बातचीत चल रही है। यह पूरा मामला बड़ागांव थाना क्षेत्र का है। देखें 2 तस्वीरें… मिलने पहुंचे प्रेमी का गिरकर पैर फ्रैक्चर हो गया था थाना क्षेत्र के अहरक गांव निवासी सनी विश्वकर्मा का युवती के साथ लंबे समय से प्रेम प्रसंग चल रहा है। करीब दस दिन पहले युवती से मिलने उसके गांव गया था। इसी दौरान परिजनों के पहुंचने पर वह भागने की कोशिश में छत से कूद गया, जिससे उसका पैर फ्रैक्चर हो गया। घटना के बाद दोनों की मुलाकात नहीं हो रही थी। जाति अलग का हवाला देकर शादी से किया मना परेशान युवती मंगलवार की सुबह अचानक प्रेमी के गांव पहुंची और मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई और वह अपने प्रेमी से शादी कराने की मांग करने लगी। सूचना पर पहुंची पुलिस उसको समझाकर नीते उतारा। फिर दोनों के परिजनों के थाने बुलाया गया, जहां घंटों बातचीत चली। युवती के पिता ने सामाजिक और पारिवारिक कारणों का हवाला देते हुए जल्दबाजी में फैसला लेने पर आपत्ति जताई। वहीं, मामला अलग-अलग जातियों से जुड़ा होने के कारण भी उलझा हुआ है। वहीं, थानाध्यक्ष प्रवीण कुमार सिंह ने बताया- युवती को सुरक्षित नीचे उतार लिया गया है। दोनों पक्षों के बीच आपसी सहमति से समाधान निकालने का प्रयास किया जा रहा है। यदि किसी पक्ष की ओर से लिखित शिकायत मिलती है तो तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जाएगी। ------------ ये खबर भी पढ़ें… UP का पेट्रोल-डीजल नेपाल वाले ले जा रहे:100 का तेल 135 रुपए में बेच रहे; बॉर्डर के 7 जिलों में ज्यादातर पंप बंद यूपी से सटा नेपाल बॉर्डर 579 किलोमीटर लंबा है। इनमें यूपी के 7 जिले आते हैं। इन जिलों के ज्यादातर पेट्रोल पंप बंद हो गए हैं। जहां पेट्रोल मिल रहा, वहां लंबी कतारे हैं। इसके पीछे की वजह वो लोग हैं, जो नेपाल बॉर्डर को क्रॉस करके भारत आते हैं। यहां से ईंधन का स्टॉक लेकर अपने देश लौट जाते हैं। अब सवाल उठता है कि ऐसा क्यों हो रहा? पूरी खबर पढ़ें…
पूर्णिया में नशे के काले कारोबार के खिलाफ पुलिस ने कार्रवाई की है। 98.93 ग्राम स्मैक के साथ 2 तस्करों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गश्ती के दौरान कार से स्मैक बरामद की है। इसके अलावा एक टैब और दो मोबाइल भी जब्त किए हैं। गिरफ्तार तस्करों की पहचान रवि ठाकुर और विनोद कुमार के रूप में हुई है। दोनों थाना सदर थाना क्षेत्र के गुलाबबाग के रहने वाले है। सदर थानाध्यक्ष ने बताया कि पुलिस इलाके में नियमित गश्ती कर रही थी। इसी दौरान एक कार पर नजर पड़ी। कार को रोककर जब तलाशी ली गई तो उसमें छिपाकर रखी गई स्मैक बरामद हुई। खेप के साथ मौके से दो धंधेबाजों को गिरफ्तार किया। केस दर्जकर नेटवर्क खंगाल रही पुलिस बरामद स्मैक की कीमत लाखों रुपए में आंकी जा रही है। तस्करों के नेटवर्क खंगाले जा रहे हैं। पुलिस अब ये पता लगाने में जुटी है कि आखिर स्मैक कहां से लाई गई थी और इसकी सप्लाई कहां की जानी थी। गिरफ्तार दोनों तस्करों से लगातार पूछताछ की जा रही है। जब्त मोबाइल फोन और टैब की भी जांच की जा रही है ताकि नशे के कारोबार से जुड़े अन्य लोगों की जानकारी मिल सके। पुलिस कार के मालिक और उसके इस्तेमाल को लेकर भी जांच कर रही है। मामले में एनडीपीएस एक्ट के तहत आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में नशे के कारोबार पर लगातार नजर रखी जा रही है और ऐसे कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बाड़मेर में डीएसटी और रीको थाना पुलिस ने ऑनलाइन गेमिंग के खिलाफ कार्रवाई करते हुए रामनगर स्थित एक मकान पर दबिश देकर दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से एक लैपटॉप, 11 मोबाइल, 95 हजार रुपए नकद, फर्जी सिम कार्ड और बैंक डाक्यूमेंट्स जब्त किए हैं। पुलिस के अनुसार आरोपी इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का उपयोग कर ऑनलाइन गेम खिलवा रहे थे और विभिन्न बैंक अकाउंट्स में लेनदेन कर रहे थे। फिलहाल दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी है। ऑपरेशन म्यूल हंटर के तहत कार्रवाई एसपी चूनाराम जाट ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के निर्देशानुसार साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए ऑपरेशन म्यूल हंटर स्पेशल अभियान चलाया जा रहा है। इसी के तहत बाड़मेर डीएसटी इंचार्ज आदेश कुमार और रीको थानाधिकारी चैनप्रकाश के नेतृत्व में टीम का गठन किया गया था। रामनगर के मकान पर दी दबिश पुलिस को सूचना मिली थी कि रामनगर स्थित एक सूने मकान में ऑनलाइन गेम खिलवाया जा रहा है। सूचना के आधार पर डीएसटी और रीको थाना पुलिस ने मौके पर दबिश दी। कार्रवाई के दौरान पूनमाराम पुत्र लिखमाराम निवासी उतरी डेर, रेडाणा थाना रामसर और देवाराम पुत्र बाबुराम निवासी चीलानाडी कानोड़ थाना गिड़ा, बालोतरा हाल रामनगर बाड़मेर को डिटेन किया गया। मोबाइल, लैपटॉप और फर्जी सिम कार्ड बरामद पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी इलेक्ट्रॉनिक संसाधनों का उपयोग कर विभिन्न ऑनलाइन गेम संचालित कर रहे थे। आरोपियों के पास से एक लैपटॉप, कई मोबाइल और दूसरे लोगों के नाम पर जारी फर्जी सिम कार्ड मिले। पुलिस जांच में सामने आया कि विभिन्न बैंक म्यूल अकाउंट्स में हजारों रुपए का लेनदेन किया जा रहा था। आरोपियों पर युवाओं से ठगी करने का आरोप है। यह सामान किया जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक लैपटॉप मय चार्जर, 11 मोबाइल, 95 हजार रुपए नकद, 5 मोबाइल चार्जर, बैंक डायरियां, चेक बुक, 7 सिम कार्ड और हिसाब-किताब की डायरी जब्त की है। रीको थाना पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ ऑनलाइन गेमिंग अधिनियम, सूचना प्रौद्योगिकी संशोधन अधिनियम और बीएनएस की धाराओं में मामला दर्ज किया है। कार्रवाई में एएसआई भादरराम, कांस्टेबल हरजीराम, जगदीश, जसराम सिंह, महिला कांस्टेबल नेनू, दीपक कुमार और डीएसटी टीम के रामस्वरूप व नखतसिंह शामिल रहे।
पंजाब में आज 8 नगर निगमों के लिए आज वोटिंग होगी। इनमें बठिंडा, अबोहर, बटाला, बरनाला, कपूरथला, मोगा, पठानकोट और मोहाली शामिल हैं। इनके अलावा 75 नगर कौंसिल और 20 नगर पंचायतों के लिए भी मतदान होगा। खास बात यह है कि इसमें EVM की जगह बैलेट पेपर से वोट डाले जाएंगे। वोटिंग सुबह 8 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। इस चुनाव में 7,555 कैंडिडेट चुनाव मैदान में हैं। जिनके चुनाव के लिए 36.73 लाख वोटर मतदान करेंगे। चुनाव को लेकर पूरी सख्ती बरती गई है। राज्य चुनाव आयोग ने 9 चीजों को अंदर ले जाने पर रोक लगा दी है। यहां तक कि स्विच ऑफ मोबाइल भी अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। वोटिंग के चलते आज पंजाब के सरकारी छुट्टी रहेगी। इसके अलावा शराब बिक्री पर भी रोक रहेगी। वोटिंग में किसी तरह की अप्रिय घटना न हो, इसके लिए 35 हजार पुलिस कर्मी तैनात किए गए हैं। सबसे ज्यादा AAP के 1801 उम्मीदवारराज्य चुनाव आयोग के मुताबिक इस चुनाव में 8 नगर निगमों में 1613 उम्मीदवार हैं। 75 नगर कौंसिलों में 5142 और 20 नगर पंचायतों में 800 उम्मीदवार चुनाव मैदान में हैं। इनमें सबसे अधिक उम्मीदवार AAP के 1801 कैंडिडेट चुनाव लड़ रहे हैं। दूसरे नंबर पर कांग्रेस के 1550, भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के 1316, शिरोमणि अकाली दल के 1251, बहुजन समाज पार्टी (बसपा) के 96, 1528 निर्दलीय और 13 अन्य उम्मीदवार चुनाव लड़ रहे हैं। पोलिंग बूथ में इन 9 चीजों पर रोकपंजाब के चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि इस बार मतदान के दौरान बूथ के अंदर 9 चीजों को ले जाने पर प्रतिबंध लगाया है। इस बार मोबाइल पूरी तरह बैन रहेगा। चुनाव आयुक्त का कहना है कि स्विच ऑफ मोबाइल को भी पोलिंग बूथ के अंदर नहीं जाने दिया जाएगा। इसके अलावा, पानी की बोतल, स्याही, चाकू, पेचकस, हथियार, कैमरा, माचिस की डिब्बी और लाइटर अंदर नहीं ले जा पाएंगे। उन्होंने कहा कि वोटर अपना मोबाइल घर पर रख कर वोट देने निकलें। 274 पोलिंग बूथ अति संवेदनशीलराज्य चुनाव आयोग के मुताबिक वोटिंग के लिए कुल 3,977 बूथ बनाए गए हैं। इनमें से 740 पोलिंग बूथों को संवेदनशील और 274 बूथों को अति संवेदनशील घोषित किया है। इस चुनाव में 36 हजार मुलाजिमों की तैनाती की गई है। 35 हजार से ज्यादा सुरक्षाकर्मी फील्ड में रहेंगे। हर बूथ पर 5 मुलाजिमों की तैनाती होगी। पोलिंग बूथों में लगेंगे कैमरे, एक साल तक सेफ रहेगी फुटेजपंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट के आदेश पर सभी पोलिंग बूथों के अंदर और बाहर सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थिति में संबंधित फुटेज को बिना परमिशन नष्ट नहीं किया जाएगा। अदालत की ओर से रिकॉर्डिंग कम से कम एक वर्ष तक सुरक्षित रखे जाने के आदेश दिए गए हैं। चुनाव आयुक्त बोले- कोई गड़बड़ी न करे, DVR भी स्ट्रॉन्ग रूम में रहेगीराज्य चुनाव आयुक्त राज कमल चौधरी ने बताया कि कोई भी व्यक्ति चुनाव में गड़बड़ी की कोशिश न करे। हर बूथ के अंदर और बाहर सीसीटीवी लगाए गए हैं। जिसकी फुटेज रिटर्निंग अधिकारी के पास होगी। वार्ड स्तर पर रिटर्निंग अधिकारी फुटेज के लिए जिम्मेदार होंगे। मतदान प्रक्रिया मुकम्मल होने के बाद डीवीआर स्ट्रांग रूम में ही सुरक्षित रखी जाएगी। जिसकी सारी जिम्मेदारी डिप्टी कमिश्नर की होगी।
झांसी में मोबाइल छीनने वाले दो आरोपी गिरफ्तार:4 दिन पहले वारदात करके भाग गए थे, स्कूटी और फोन बरामद
झांसी में मोबाइल छीनकर भागने वाले दो झपट्टमारों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। दोनों ने 4 दिन पहले घर जा रहे एक व्यक्ति से मोबाइल छीन लिया था। पीड़ित ने प्रेमनगर थाने में केस दर्ज कराया था। तब से पुलिस दोनों के पीछे लगी थी। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दोनों को डगरिया तिराहे से गिरफ्तार किया है। उनसे छीना गया मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल स्कूटी बरामद हुई है। सीपरी बाजार से घर जा रहा था बबीना के आरा मशीन निवासी आदर्श साहू पुत्र मनोज कुमार साहू ने पुलिस को बताया था कि वह सीपरी बाजार में काम करता है। 21 मई की रात लगभग 10 बजे काम करके घर जा रहा था। राजगढ़ पीएसी गेट नंबर 3 के सामने प्रतीक्षालय के पास पहुंचा तो एक स्कूटी से अज्ञात दो युवक आए और डरा धमकाकर उसका मोबाइल छीनकर ले गए। पीड़ित की तहरीर पर प्रेमनगर पुलिस ने 24 मई को केस दर्ज किया था। घटना के खुलासे के लिए थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय ने दो पुलिस टीमों का गठन किया था। सोमवार को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने डगरिया तिराहे के पास से राजगढ़ के वीरूनगर निवासी प्रदीप उर्फ पिस्सू पुत्र मेवालाल और सिमोन मसीह पुत्र सुरेंद्र मसीह को गिरफ्तार कर लिया। उनसे लूटा गया मोबाइल और घटना में इस्तेमाल स्कूटी बरामद हुई है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा के खिलाफ पुलिस लगातार ऑपरेशन अंकुश चला रही है। इसी अभियान के तहत धरमजयगढ़ पुलिस ने IPL मैच में सट्टा लिख रहे एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से कैश और मोबाइल फोन जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, रविवार रात पुलिस को सूचना मिली थी कि करीब 10-12 साल से बंद पड़े भारत टॉकीज के सामने कुछ लोग IPL मैच में हार-जीत का दांव लगाकर सट्टा खेला रहे हैं। पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। पुलिस को देखकर वहां मौजूद कुछ लोग भाग निकले, जबकि एक व्यक्ति सट्टा-पट्टी लिखते हुए पकड़ लिया गया। आरोपी के पास मिले सट्टा हिसाब और मोबाइल पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मनीष भौमिक बताया। पुलिस जांच में उसके पास से IPL टीमों के नाम और रुपए का हिसाब लिखा हुआ दस्तावेज मिला। इसके अलावा आरोपी से 725 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन जब्त किया गया है। पुलिस अब मोबाइल की जांच कर रही है, जिसमें ऑनलाइन सट्टा नेटवर्क से जुड़े डिजिटल साक्ष्य मिलने की संभावना जताई जा रही है। ऑपरेशन अंकुश के तहत लगातार कार्रवाई शशि मोहन सिंह की पदस्थापना के बाद जिले में ऑपरेशन अंकुश चलाया जा रहा है। इस अभियान के तहत ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और अंक सट्टा नेटवर्क पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने कोलकाता से लेकर गोवा तक जुड़े सट्टा नेटवर्क के खाईवालों पर कार्रवाई करते हुए कई आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 4 महीने में 62 सटोरिए गिरफ्तार पुलिस के मुताबिक, फरवरी 2026 से अब तक जिले में कुल 62 सटोरियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इन आरोपियों से 1 करोड़ 9 लाख रुपए से अधिक नकदी, सैकड़ों मोबाइल फोन, 2 नोट गिनने की मशीन और लैपटॉप जब्त किए गए हैं। SSP बोले- युवाओं को नुकसान पहुंचा रहा सट्टा एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा और अवैध जुआ गतिविधियां समाज और युवाओं को आर्थिक व सामाजिक रूप से नुकसान पहुंचा रही हैं। उन्होंने कहा कि पुलिस ऐसे संगठित अपराधों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रही है और सट्टा खिलाने वालों के साथ सट्टा खेलने वालों पर भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
झांसी जीआरपी ने सोमवार को गुम हुए रेल यात्रियों के 218 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए। बरामद किए गए मोबाइल फोनों की अनुमानित कीमत करीब 26 लाख रुपए बताई गई है। मोबाइल पाने वाले यात्रियों के चेहरे पर खुशी साफ नजर आई। सोमवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस में एसपी जीआरपी विपुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि वर्ष 2026 में अब तक जीआरपी झांसी करीब 70 लाख रुपए कीमत के मोबाइल फोन बरामद कर चुकी है। सोमवार को जिन 218 मोबाइल फोनों को लौटाया गया, उन्हें यात्रियों के सत्यापन के बाद ही सुपुर्द किया गया।एसपी ने बताया कि झांसी मंडल के विभिन्न जीआरपी थानों में यात्रियों ने मोबाइल गुम होने की शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायतों में दिए गए आईएमईआई नंबर के आधार पर सर्विलांस टीम ने मोबाइल ट्रैक किए। जांच में पता चला कि ये मोबाइल मध्य प्रदेश, दिल्ली, पंजाब, राजस्थान, बिहार और उत्तर प्रदेश के अलग-अलग जिलों में सक्रिय हैं।इसके बाद जीआरपी के 12 थानों और सर्विलांस टीम को मोबाइल बरामद करने की जिम्मेदारी दी गई। करीब तीन महीने तक चले अभियान में सभी मोबाइल बरामद कर लिए गए। मोबाइल मिलने के बाद शिकायतकर्ताओं द्वारा दिए गए बिल और आईएमईआई नंबर का मिलान कराया गया। सत्यापन पूरा होने के बाद यात्रियों को झांसी बुलाकर उनके मोबाइल वापस सौंपे गए। एसपी जीआरपी ने कहा कि यात्रियों की सुरक्षा और उनके सामान की बरामदगी के लिए जीआरपी लगातार अभियान चला रही है। उन्होंने यात्रियों से यात्रा के दौरान सतर्क रहने की अपील भी की। कहा कि अक्सर लापरवाही के चलते लोगों के मोबाइल गुम हो जाते हैं या फिर चोरी हो जाते हैं। ऐसे में यात्रियों को सफर के दौरान अपने सामान और मोबाइल का विशेष ध्यान रखना चाहिए।
धौलपुर पुलिस ने एक अभियान के तहत 29 गुमशुदा मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटा दिए हैं। सरमथुरा थाने की साइबर टीम ने यह सराहनीय कार्य किया। बरामद किए गए इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 9 लाख 30 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देश पर सरमथुरा थाने की साइबर डेस्क टीम ने CEIR पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर इन मोबाइलों को ट्रेस किया। साइबर डेस्क प्रभारी उदय गुर्जर, प्रदीप और भूप सिंह कॉन्स्टेबल की टीम ने लगातार प्रयासों से विभिन्न राज्यों और जिलों से इन फोनों को बरामद किया। मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों ने धौलपुर पुलिस की कार्यशैली की सराहना की। पुलिस अधिकारियों के अनुसार CEIR पोर्टल के शुरू होने के बाद से सरमथुरा पुलिस अब तक कुल 130 गुमशुदा मोबाइल उनके मालिकों तक पहुंचा चुकी है। बरामद किए गए मोबाइल केवल धौलपुर से ही नहीं, बल्कि आगरा, करौली, भरतपुर, ग्वालियर, दतिया, झांसी, टोंक, आंध्र प्रदेश, केरल और बिहार सहित कई अन्य क्षेत्रों से भी ट्रेस किए गए थे। पुलिस ने बताया कि गुमशुदा मोबाइलों की तलाश कर उन्हें उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाने का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
मऊ में 7 गुम मोबाइल फोन बरामद:CEIR पोर्टल से ट्रेस कर पुलिस ने मालिकों को लौटाए, 2.30 लाख कीमत
मऊ जिले की साइबर थाना पुलिस ने बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने गुम हुए सात मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को वापस सौंप दिया। बरामद किए गए इन मोबाइल फोन की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2 लाख 30 हजार रुपये है। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर के निर्देश पर, साइबर क्राइम थाना मऊ की टीम ने यह कार्रवाई की। टीम ने CEIR पोर्टल पर दर्ज छह शिकायतों का निस्तारण करते हुए तकनीकी सहायता से इन मोबाइल फोन को ट्रेस किया। जिन लोगों के मोबाइल फोन बरामद किए गए, उनमें आयुष्मान सिंह, नौसाद अहमद, राम अवतार चौहान, विजय मिश्रा, ज्योति कुमारी, पवन कुमार मौर्य और जयप्रकाश शामिल हैं। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंप दिए गए। अपने मोबाइल फोन वापस मिलने पर लाभार्थियों ने मऊ पुलिस के प्रयासों की सराहना की और साइबर थाना टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर मऊ पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गुम होने पर तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। इससे गुमशुदा मोबाइल को जल्द ट्रेस कर बरामद किया जा सकेगा। इसके अतिरिक्त, किसी भी प्रकार के ऑनलाइन या वित्तीय धोखाधड़ी की स्थिति में तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर संपर्क करें, ताकि त्वरित कार्रवाई कर धनराशि वापस कराई जा सके।
ग्वालियर में मोबाइल शॉप संचालक से ठगी:सिम का नेटवर्क बंद कराकर खाते से निकाले 1.64 लाख रुपए
ग्वालियर में साइबर अपराधियों ने एक मोबाइल शॉप संचालक को निशाना बनाया है। ठगों ने पहले सिम का नेटवर्क बंद कराया और फिर नेट बैंकिंग व यूपीआई के जरिए दो बैंक खातों से 1.64 लाख रुपए ठग लिए। मामले का खुलासा तब हुआ जब दुकानदार ने दोबारा सिम चालू कर बैंक खातों की जांच की। संचालक की सिम अस्थायी रूप से बंद कर साइबर ठगों ने बैंक खातों से 1 लाख 64 हजार 601 रुपए निकाल लिए। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर धोखाधड़ी और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गोला का मंदिर चौराहे के पास दुकान जानकारी के अनुसार नारायण विहार निवासी रामप्रसाद शर्मा पिता रामप्रकाश शर्मा मोबाइल व्यवसायी हैं। उनकी गुंजन मोबाइल नाम से दुकान गोला का मंदिर चौराहे के पास स्थित है। 28 अप्रैल की शाम करीब 4 बजे अचानक उनके जियो नंबर का नेटवर्क बंद हो गया। शुरुआत में उन्हें लगा कि यह सामान्य तकनीकी समस्या होगी, लेकिन कुछ देर बाद उनकी पत्नी दीप्ति शर्मा ने दूसरे मोबाइल नंबर पर फोन कर बताया कि उनका जियो नंबर पूरी तरह बंद बता रहा है। इसके बाद रामप्रसाद ने तुरंत माई जियो ऐप के जरिए अपनी सिम को दोबारा एक्टिव कराने की कोशिश की। कुछ समय बाद सिम फिर से चालू हो गई, जिससे उन्हें लगा कि समस्या खत्म हो गई है, लेकिन असली झटका उन्हें शाम करीब साढ़े सात बजे लगा। दुकान पर एक ग्राहक को ऑनलाइन भुगतान करने के दौरान जब उनका ट्रांजेक्शन फेल हुआ, तो उन्हें संदेह हुआ। इसके बाद उन्होंने अपने बैंक खातों की जांच की, जहां पता चला कि अज्ञात ठगों ने उनके दो अलग-अलग बैंक खातों से कुल 1 लाख 64 हजार 601 रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए हैं। यह रकम नेट बैंकिंग और यूपीआई ट्रांजेक्शन के जरिए निकाली गई। डिजिटल ट्रांजेक्शन से जांच में जुटी पुलिस घटना के बाद पीड़ित व्यवसायी ने तुरंत पुलिस से संपर्क कर शिकायत दर्ज कराई। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने साइबर ठगी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस संबंध में थाना प्रभारी धर्मेंद्र सिंह यादव ने बताया कि अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि ठगी की रकम किन बैंक खातों में ट्रांसफर की गई है और वारदात में कौन-कौन लोग शामिल हैं। साथ ही साइबर सेल की मदद से डिजिटल ट्रांजेक्शन की जांच भी की जा रही है। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि अचानक मोबाइल नेटवर्क बंद हो जाए या सिम निष्क्रिय हो जाए तो तुरंत अपने बैंक खातों और यूपीआई सेवाओं की जांच करें, क्योंकि साइबर अपराधी अब सिम स्वैपिंग और नेटवर्क हैकिंग जैसी तकनीकों का इस्तेमाल कर लोगों को निशाना बना रहे हैं।
रायसेन में सोमवार को नौतपा के पहले दिन ही भीषण गर्मी का प्रकोप देखने को मिला। दोपहर 12 बजे दिन का तापमान 40 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं, रात का पारा भी इस सीजन में पहली बार 31 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया है, जिससे लोगों को दिन के साथ रात में भी भीषण गर्मी से कोई राहत नहीं मिल पा रही है। दिनभर तेज धूप और गर्म हवाओं (लू) के कारण बाजारों और सड़कों पर लोगों की आवाजाही बेहद कम रही। जो लोग जरूरी काम से बाहर निकले, वे भी धूप से बचने के लिए अपने चेहरे को कपड़े या दुपट्टे से पूरी तरह ढंके हुए नजर आए। रात का तापमान सामान्य से अधिक होने के कारण घरों में चल रहे कूलर और पंखे भी गर्म हवा फेंक रहे हैं। स्थानीय लोगों के मुताबिक, उमस और गर्मी के कारण उनकी नींद भी प्रभावित हो रही है। तापमान और बढ़ने की संभावना, प्रशासन ने दी सलाहमौसम विशेषज्ञों के अनुसार, नौतपा के शुरुआती दिनों में तापमान में और अधिक बढ़ोतरी होने की संभावना है। इसे देखते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों के लिए बचाव की एडवाइजरी जारी की है। प्रशासन ने लोगों को दोपहर के समय बिना जरूरी काम के घर से बाहर न निकलने और पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहने की सलाह दी है। पिछले एक सप्ताह में ऐसा रहा रायसेन का तापमानजिले में पिछले एक सप्ताह से लगातार भीषण गर्मी का दौर जारी है और पारा 42 डिग्री के पार ही बना हुआ है। मौसम विभाग के आंकड़ों के अनुसार, 18 मई को तापमान 44 डिग्री और 19 मई को 45 डिग्री दर्ज किया गया था। इसके बाद 20 मई को 44.2 डिग्री, 21 मई को 42.6 डिग्री, 22 मई को 43.6 डिग्री, 23 मई को 43 डिग्री और 24 मई को अधिकतम तापमान 43.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया है।
नालन्दा जिले के सारे थाना क्षेत्र में लूट की एक बड़ी वारदात का पुलिस ने महज 17 घंटों के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने न केवल लूटी गई राशि और मोबाइल बरामद की है, बल्कि घटना को अंजाम देने वाले गिरोह के सभी सदस्यों को भी दबोच लिया है। डुमरांव निवासी सोहन पासवान से 23 मई 2026 की शाम लूटपाट हुई थी। पीड़ित से 45,000 रुपए नकद और एक कीपैड मोबाइल छीन लिया गया था। सूचना मिलते ही पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया। पुलिस की विशेष टीम ने की कार्रवाई सदर डीएसपी-1 संकेत कुमार ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सहायक पुलिस अधीक्षक के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई। टीम में सीआई (CI) अस्थावां, सारे थानाध्यक्ष और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे। टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान का सहारा लिया और स्थानीय स्तर पर सूचना संकलन कर तेजी से कार्रवाई की। गिरोह का पर्दाफाश और गिरफ्तारी पुलिस जांच में यह खुलासा हुआ कि घटना के पीछे स्थानीय स्तर पर ही रची गई साजिश थी। पाइप खरीदने के बहाने ओम प्रकाश उर्फ शिवन ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर योजना बनाई थी। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए कुल 5 लोगों को पकड़ा है, जिनमें एक नाबालिग है। गिरफ्तार आरोपियों में उत्तम कुमार, राकेश कुमार उर्फ मझला, भुल्ला, ओम प्रकाश उर्फ शिवन है। बरामदगी और आपराधिक इतिहास पुलिस ने लूटी गई 45,000 रुपए की राशि में से 43,000 रुपए नकद और कीपैड मोबाइल बरामद कर लिया है। पूछताछ में यह भी सामने आया कि गिरफ्तार आरोपियों में से उत्तम कुमार और राजेश कुमार का पूर्व में भी आपराधिक इतिहास रहा है। दोनों के खिलाफ सारे थाना में आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं में मामले दर्ज है। नालंदा पुलिस की इस उपलब्धि की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। डीएसपी(सदर) संकेत कुमार ने बताया कि मामले का खुलासा करने वाली टीम के सराहनीय कार्य के लिए उन्हें पुरस्कृत करने की अनुशंसा भी की जा रही है।
हरियाणा के कुरुक्षेत्र शहर में गुरुद्वारा 6वीं पातशाही में मोबाइल चोरी की घटना सामने आई है। यहां लंगर हाल के बाहर बर्तन सेवा कर रही महिला सेवादार का मोबाइल फोन चोरी हो गया। चोरी ये घटना गुरुद्वारा परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई। इसमें एक युवक चुपके से महिला के थैले से मोबाइल चोरी कर फरार हो गया। आरोपी युवक खुद को सेवादार बताकर पिछले दो दिनों से गुरुद्वारा साहिब में घूम रहा था। यहां तक गुरुद्वारे में बर्तन सेवा में लगा हुआ था। युवक पहले काफी देर तक आसपास का माहौल देखता है, कहीं, कोई उसकी तरफ ध्यान नहीं दे रहा। इसके बाद वह धीरे से महिला सेवादार के थैले के करीब पहुंचता है और चुपचाप उसमें से मोबाइल फोन निकालकर वहां से निकल जाता है। महिला कर रही थी सेवा जानकारी के मुताबिक, शहर की रहने वाली महिला सेवादार हर रोज गुरुद्वारे में लंगर और बर्तन की सेवा करने आती है। घटना के वक्त भी महिला सेवा में लगी हुई थी। सेवा करके महिला वापस जाने लगी और अपना थैला उठाया, तो उसमें से मोबाइल गायब था। मोबाइल गायब देखकर महिला ने शोर भी मचाया। दो दिन से आ रहा था सेवा करने फिर गुरुद्वारा प्रबंधन ने सीसीटीवी फुटेज खंगाली तो पूरी वारदात सामने आ गई। आरोपी पिछले दो दिन से सेवा करने के बहाने से गुरुद्वारा साहिब में आ रहा था, ताकि किसी को उस पर शक ना हो। दरअसल, सेवा करने के दौरान सेवा लगे लोग अपना मोबाइल और सामान एक साइड में रख देते थे। कार्रवाई की मांग कर रही संगत घटना के बाद से संगत में रोष पनप रहा है। संगत ने पुलिस को शिकायत देकर आरोपी युवक की जल्द पहचान कर सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी युवक की पहचान करने की कोशिश कर रही है।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

