जबलपुर से करीब 40 किलोमीटर दूर सिहोरा क्षेत्र में मंगलवार सुबह उस समय हड़कंप मच गया, जब एक महिला अचानक मोबाइल के ऊंचे टावर पर चढ़ गई। महिला को टावर पर चढ़ा देख स्थानीय लोगों ने तुरंत सिहोरा थाना पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस करीब एक घंटे तक महिला को समझाने में जुटी रही, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। आखिरकार सिहोरा थाना प्रभारी प्रतीक्षा मार्को ने महिला को उसकी शिकायत पर कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वह टावर से नीचे उतरी और अपनी परेशानी पुलिस को बताई। आरोप-किसी ने नहीं सुनी फरियाद महिला की पहचान सिहोरा नगर के वार्ड क्रमांक-3 निवासी सोनम मल्लाह पति किशन मल्लाह के रूप में हुई है। महिला का आरोप है कि उसके साथ जमीन को लेकर धोखाधड़ी की गई है। उसने बताया कि इस मामले की शिकायत कई बार पुलिस थाने, तहसील कार्यालय और जबलपुर के वन विभाग अधिकारियों से भी की गई, लेकिन कहीं सुनवाई नहीं हुई। पुलिस ने संबंधित पक्ष को बयान के लिए बुलाया महिला ने आरोप लगाया कि संतोष मल्लाह और गोपाल मल्लाह, जो उसके बड़े पिता के पुत्र हैं, ने स्थानीय व्यवसायी किशन जनवानी के साथ मिलकर उसकी जमीन पर कब्जा कर लिया है। महिला का कहना है कि उसने दस्तावेज और शिकायतें कई अधिकारियों को दीं, लेकिन उसे न्याय नहीं मिला। परेशान होकर उसने यह कदम उठाया। घटना के दौरान पुलिस अधिकारियों ने लगातार महिला से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। काफी मशक्कत के बाद महिला सुरक्षित नीचे उतर आई। फिलहाल पुलिस और संबंधित विभाग पूरे मामले की जांच में जुटे हैं। जमीन संबंधी आरोपों की अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हो सकी है। पुलिस ने मामले में संबंधित पक्ष को बयान के लिए बुलाया है। वहीं महिला की शिकायत एसडीएम और तहसीलदार को भी भेजी गई है।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र में शादी का झांसा देकर एक नाबालिग से दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित अन्य धाराओं में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। आरोपी फिलहाल फरार बताया जा रहा है और उसका मोबाइल फोन बंद है। जानकारी के मुताबिक 17 वर्षीय नाबालिग ने हजीरा थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसका भाई डीजे का काम करता है और हजीरा थाना क्षेत्र के यादव धर्मकांटा निवासी राहुल राठौर भी उसके भाई के साथ काम करता था। इसी दौरान राहुल का उनके घर आना-जाना शुरू हुआ और दोनों के बीच पहचान हो गई। पत्नी बताकर मकान मालिक से परिचय कराया पीड़िता के अनुसार करीब दो साल की जान-पहचान के बाद दोनों के बीच दोस्ती हुई, जो बाद में प्रेम संबंध में बदल गई। आरोप है कि राहुल ने उससे शादी करने का वादा किया और धर्मकांटा इलाके के पास किराए का कमरा लेकर 2 अक्टूबर 2025 से उसे अपने साथ रखने लगा। आरोपी ने मकान मालिक को भी नाबालिग को अपनी पत्नी बताकर परिचय कराया था। नाबालिग का आरोप है कि शादी का भरोसा दिलाकर राहुल ने उसके साथ कई बार शारीरिक संबंध बनाए। जब भी वह विरोध करती थी, आरोपी जल्द शादी करने की बात कहकर उसे समझाता था। इस दौरान दोनों पति-पत्नी की तरह साथ रह रहे थे। बाद में राहुल ने डीजे का काम छोड़कर टमटम चलाना शुरू कर दिया। छोड़कर भाग गया आरोपी पीड़िता ने पुलिस को बताया कि अब आरोपी अचानक लापता हो गया है और उसने मोबाइल फोन भी बंद कर लिया है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी राहुल राठौर के खिलाफ संबंधित धाराओं में कार्रवाई शुरू कर दी है।
हाईवे पर कैंटर रुकवाया, चालक से नकदी और मोबाइल लूटा
लुधियाना| थाना लाडोवाल क्षेत्र में हाईवे पर लूट की एक वारदात सामने आई है। दिल्ली से श्रीनगर जा रहे एक कैंटर चालक और उसके साथी को बाइक सवार दो युवकों ने रास्ते में रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देकर दोनों से नकदी और मोबाइल फोन लूट लिए। वारदात के बाद आरोपी वाहन की चाबी भी साथ ले गए और फरार हो गए। शिकायतकर्ता लल्लन कुमार निवासी गोबिंदपुर, जिला सुपौल (बिहार) ने बताया कि वह 28 मई को अपने टाटा छोटा हाथी वाहन में दिल्ली से श्रीनगर की ओर जा रहा था। उसके साथ एक अन्य व्यक्ति भी मौजूद था। लल्लन कुमार के अनुसार जब वह साउथ सिटी हाईवे पर मेगा फूड शॉप के पास भारत पेट्रोल पंप के नजदीक पहुंचा तो पीछे से स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों ने उसका वाहन रुकवा लिया। आरोप है कि वाहन रुकते ही दोनों युवकों ने उन्हें घेर लिया और जान से मारने की धमकियां देने लगे। इसके बाद उन्होंने कैंटर की चाबी निकाल ली और दोनों के पास मौजूद करीब 2 हजार रुपए नकद तथा दो मोबाइल फोन छीन लिए। पीड़ित के अनुसार छीने गए मोबाइल फोन में एक ओप्पो रेनो-13 और दूसरा ओप्पो ए-77एस था। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने के बाद थाना लाडोवाल पुलिस ने शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सुखविंदर सिंह काहलों ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है।
प्रेमी को बुलाने की जिद को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ी नाबालिग
सिकिदिरी थाना क्षेत्र के हेसातु स्थित एक मोबाइल टावर पर मंगलवार सुबह एक नाबालिग लड़की के चढ़ जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। करीब दो घंटे की मशक्कत के बाद पुलिस और ग्रामीणों के प्रयास से उसे सुरक्षित नीचे उतारा गया। स्थानीय लोगों ने लड़की को मोबाइल टॉवर पर देखा। सूचना सिकिदिरी थाना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने उसे काफी समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह नीचे उतरने को तैयार नहीं हुई। लड़की समीप के एक गांव के रहने वाले एक लड़के को बुलाने की जिद पर अड़ी रही। स्थिति को देखते हुए पुलिस उक्त लड़के को लेकर घटनास्थल पहुंची। लड़के को देखने के बाद लड़की करीब 11 बजे टावर से नीचे उतर आई। इसके बाद पुलिस दोनों को सिकिदिरी थाना ले गई। पुलिस जांच में पता चला कि लड़का भी नाबालिग है। सिकिदिरी थाना पुलिस ने परिजनों को बुलाकर समझाया कि नाबालिग होने के कारण अभी शादी नहीं हो सकती। इसके बाद दोनों के परिजन बच्चों को लेकर अपने-अपने घर लौट गए।
रामपुर के शाहबाद क्षेत्र में तीन किशोरों की कथित संदिग्ध ऑनलाइन गतिविधियों को लेकर सुरक्षा एजेंसियों की जांच की चर्चा ने लोगों का ध्यान आकर्षित किया है। सूत्रों के अनुसार, आतंकवादी गतिविधियों से संभावित ऑनलाइन संपर्क के संदेह में जांच एजेंसियों ने कुछ किशोरों की डिजिटल गतिविधियों की पड़ताल की है। हालांकि, मामले में अब तक किसी भी एजेंसी की ओर से आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। बताया जा रहा है कि शाहबाद नगर के एक मोहल्ले से जुड़े तीन किशोर जांच एजेंसियों के रडार पर आए। इनमें से दो किशोरों को पूछताछ के लिए मुरादाबाद ले जाया गया, जहां उनसे कई घंटों तक पूछताछ की गई। बाद में उन्हें वापस भेज दिया गया। तीसरे नाबालिग किशोर को कथित तौर पर उसकी कम उम्र के कारण साथ नहीं ले जाया गया। मोबाइल फोन जब्त कर जांच जारी सूत्रों के मुताबिक, पूछताछ के बाद दोनों किशोरों के मोबाइल फोन जांच के लिए अपने कब्जे में ले लिए गए। तीसरे किशोर का मोबाइल भी जब्त कर उसकी ऑनलाइन गतिविधियों, सोशल मीडिया संपर्कों और डिजिटल नेटवर्क की जांच की जा रही है। प्रारंभिक स्तर पर यह बात सामने आने की चर्चा है कि कुछ किशोर कथित रूप से पाकिस्तान से जुड़े एक विवादित सोशल मीडिया अकाउंट को फॉलो कर रहे थे और उसकी पोस्ट पर सक्रियता दिखा रहे थे। इसी आधार पर उनकी ऑनलाइन गतिविधियों की गहन पड़ताल की जा रही है। महत्वपूर्ण बात यह है कि इस पूरे मामले में अभी तक न तो किसी गिरफ्तारी की आधिकारिक जानकारी दी गई है और न ही किसी आतंकवादी गतिविधि से प्रत्यक्ष संबंध की पुष्टि हुई है। स्थानीय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी ऐसी किसी कार्रवाई की जानकारी होने से इनकार किया है। वहीं, एटीएस या अन्य जांच एजेंसियों की ओर से भी कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। गौरतलब है कि इससे पहले रामपुर के स्वार क्षेत्र से जुड़े एक युवक का नाम भी आतंकवादी गतिविधियों से संबंधित एक मामले में सामने आया था।
कटिहार रेलवे स्टेशन पर आरपीएफ और जीआरपी ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए तीन मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से चोरी के पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई यात्रियों की सुरक्षा और ट्रेनों में चोरी की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए चलाए जा रहे एक संयुक्त अभियान के तहत की गई। संयुक्त जांच अभियान के दौरान, तीनों चोरों को कटिहार रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या-1 के दक्षिणी छोर से पकड़ा गया। आरोपियों के पास से कुल पांच चोरी के मोबाइल फोन मिलेतलाशी के दौरान, आरोपियों के पास से कुल पांच चोरी के मोबाइल फोन मिले। गिरफ्तार किए गए चोरों की पहचान मोहम्मद मुबारक (24 वर्ष), मोहम्मद तबरेज (22 वर्ष) और अमित कुमार चौधरी (24 वर्ष) के रूप में हुई है। पुलिस की सतर्कता और त्वरित कार्रवाई से चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद करने में सफलता मिली। गिरफ्तार तीनों आरोपियों और बरामद मोबाइल फोन को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए जीआरपी कटिहार को सौंप दिया गया है। रेल यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आरपीएफ और रेल पुलिस द्वारा लगातार ऐसे संयुक्त अभियान चलाए जा रहे हैं।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले के गौरेला थाना क्षेत्र में भूमि सीमांकन के दौरान शासकीय कार्य में बाधा डालने और पटवारी से अभद्र व्यवहार का मामला सामने आया है। सीमांकन करने पहुंचे पटवारी के साथ एक युवक ने गाली-गलौच की, मोबाइल छीनने की कोशिश की और मारपीट पर उतारू हो गया। शिकायत के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पटवारी हल्का नंबर-19 पेन्ड्रारोड में पदस्थ हीरा सिंह पेन्द्रो तहसीलदार न्यायालय पेन्ड्रारोड के आदेश पर ग्राम गौरेला स्थित खसरा नंबर 205/1 और 205/3 की भूमि का सीमांकन करने पहुंचे थे। उनके साथ ग्राम कोटवार रमेश काशीपुरी और चंदनलाल भी मौजूद थे। नक्शा मिलान के दौरान पहुंचा आरोपी पटवारी द्वारा मौके पर पहुंचकर नक्शे के आधार पर सीमांकन प्रक्रिया शुरू की जा रही थी। इसी दौरान स्थानीय युवक दीपक तिवारी वहां पहुंच गया और सीमांकन कार्य का विरोध करने लगा। आरोप है कि उसने पटवारी को अश्लील गालियां दीं और शासकीय कार्य में व्यवधान उत्पन्न किया। वीडियो बनाने पर मोबाइल छीनने का प्रयास स्थिति बिगड़ती देख पटवारी ने घटना का वीडियो रिकॉर्ड करने की कोशिश की। इस पर आरोपी और अधिक आक्रामक हो गया और मोबाइल छीनने का प्रयास करने लगा। बीच-बचाव करने पहुंचे दोनों कोटवारों के साथ भी आरोपी ने अभद्रता की और मारपीट का प्रयास किया। जान बचाकर भागे पटवारी और कोटवार आरोपी के उग्र व्यवहार से मौके पर मौजूद सीमांकन के आवेदक और उनके अधिवक्ता भी वहां से चले गए। हालात बिगड़ते देख पटवारी और दोनों कोटवारों को भी जान बचाकर मौके से निकलना पड़ा। कुछ दूरी पर पहुंचने के बाद आरोपी ने एक कोटवार की मोटरसाइकिल की चाबी वापस की, जिसके बाद सभी सुरक्षित कार्यालय पहुंचे। पटवारी की शिकायत पर केस दर्ज घटना के बाद पटवारी हीरा सिंह पेन्द्रो ने पूरे मामले की जानकारी राजस्व निरीक्षक को दी और गौरेला थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी दीपक तिवारी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 132 और 221 के तहत अपराध दर्ज कर विवेचना शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सुल्तानपुर में 6 दिन से बिजली गुल:फत्तेपुर गांव के ग्रामीण परेशान, मोबाइल चार्ज करना भी हुआ मुश्किल
सुल्तानपुर के हलियापुर विद्युत उपकेंद्र से संचालित फत्तेपुर गांव में पिछले छह दिनों से बिजली आपूर्ति ठप है। इससे ग्रामीणों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बिजली न होने के कारण लोग मोबाइल चार्ज करने के लिए भी भटकने को मजबूर हैं। इसके अलावा, जो बिजली लाइनें चालू हैं, वे बिना इंसुलेटर के चल रही हैं, जिससे बड़े खतरे की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों के अनुसार, फत्तेपुर गांव को जुगराजगढ़ में स्थापित ट्रांसफार्मर से बिजली मिलती है, जो गांव से लगभग डेढ़ किलोमीटर दूर है। गांव में 15 वर्षों से अधिक समय से फेस-टू-फेस लाइन के माध्यम से आपूर्ति की जा रही है। जर्जर विद्युत तार अक्सर टूटकर गिर जाते हैं, जिससे बिजली आपूर्ति बार-बार बाधित होती रहती है। ग्रामीणों का कहना है कि शनिवार को अवर अभियंता ने गांव का दौरा कर समस्या का निरीक्षण किया था। हालांकि, इसके बावजूद विद्युत आपूर्ति बहाल करने या स्थायी समाधान के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। लगातार बिजली न मिलने से लोगों के दैनिक कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों में विजय शंकर, जय शंकर मिश्र, हिमांशु मिश्रा, बृजेश मिश्रा और मनोज मिश्रा सहित अन्य लोगों ने विभागीय अधिकारियों से गांव में नया ट्रांसफार्मर स्थापित करने, जर्जर तारों को बदलने और नियमित विद्युत आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है।
बिहटा में दया दुबे गैंग का पर्दाफाश:सरगना समेत 4 अपराधी गिरफ्तार, हथियार और मोबाइल बरामद
बिहटा पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले दया दुबे गैंग के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए गैंग के सरगना समेत चार अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से एक देसी कट्टा, एक पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। गिरफ्तार अपराधियों की पहचान महुआर निवासी दया दुबे, लाई गांव निवासी ओम सिंह, रामतरी निवासी अभिषेक कुमार तथा रानीतालाब थाना क्षेत्र निवासी शिवम कुमार के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, दया दुबे गैंग क्षेत्र में रंगदारी मांगने और आपराधिक गतिविधियों को अंजाम देने में सक्रिय था। शिकायतों के बाद चला विशेष अभियानपटना पश्चिमी के सिटी एसपी भानु प्रताप सिंह ने बताया कि लगातार मिल रही शिकायतों के आधार पर पुलिस ने विशेष अभियान चलाया। अभियान के दौरान गैंग के सरगना दया दुबे सहित उसके सक्रिय सदस्यों को गिरफ्तार कर लिया गया। हथियार और कारतूस जब्तपुलिस ने आरोपियों के पास से एक देसी कट्टा, एक पिस्टल, 10 जिंदा कारतूस और पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद हथियारों और कारतूसों को जब्त कर आगे की कानूनी प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। अन्य अपराधियों की तलाश जारी पुलिस अधिकारियों के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के आधार पर गैंग से जुड़े अन्य अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए छापेमारी जारी है। पुलिस का कहना है कि क्षेत्र में रंगदारी और संगठित अपराध पर प्रभावी नियंत्रण के लिए अभियान आगे भी जारी रहेगा।
गौरेला-पेण्ड्रा-मरवाही जिले में पिछले 24 घंटों के दौरान दो अलग-अलग रेल हादसों ने लोगों को झकझोर दिया। एक घटना में रेलवे ट्रैक पार करते समय ट्रेन की चपेट में आने से एक मजदूर की मौत हो गई, जबकि दूसरी घटना में चलती ट्रेन से गिरकर एक यात्री गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों मामलों में पुलिस और जीआरपी जांच में जुटी है। पहली घटना गौरेला थाना क्षेत्र की है। यहां उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ निवासी अरुण कुमार की ट्रेन से कटकर मौत हो गई। अरुण गौरेला क्षेत्र में मजदूरी का काम करता था। मोबाइल पर बात करते समय ट्रेन की चपेट में आया मजदूर जानकारी के मुताबिक, रविवार शाम वह मोबाइल फोन पर बात करते हुए रेलवे ट्रैक के पास पहुंच गया। इसी दौरान तेज रफ्तार ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसा इतना भीषण था कि उसकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू की। मामले की जांच जारी है। कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस से गिरा यात्री दूसरी घटना पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन के पास हुई। कानपुर-दुर्ग एक्सप्रेस से सफर कर रहा एक यात्री चलती ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल युवक की पहचान राजकुमार साहू (35) निवासी चित्रकूट, उत्तर प्रदेश के रूप में हुई है। वह चित्रकूट से रायपुर जा रहा था। मालगाड़ी के गार्ड ने बचाई जान राजकुमार साहू ट्रेन से गिरने के बाद रेलवे ट्रैक के किनारे घायल अवस्था में पड़ा था। उसी दौरान वहां से गुजर रही एक मालगाड़ी के गार्ड की नजर उस पर पड़ी। गार्ड ने तत्काल सूचना देकर युवक को पेंड्रारोड रेलवे स्टेशन पहुंचाया, जहां से उसे जिला अस्पताल गौरेला भेजा गया। डॉक्टरों के अनुसार, उसके शरीर में गंभीर चोटें आई हैं। प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए उसे बिलासपुर रेफर किया जा रहा है। जीआरपी कर रही जांच घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी और रेलवे पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि राजकुमार किन परिस्थितियों में चलती ट्रेन से नीचे गिरा।
छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में खेलते समय खराब मोबाइल की बैटरी ब्लास्ट हो गई। हादसे में एक साल का मासूम गंभीर रूप से झुलस गया। उसे अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बच्चे का चेहरा, सीना, पेट और हाथ बुरी तरह झुलस गए थे। डॉक्टर्स ने उसे बचाने की पूरी कोशिश की, लेकिन बचा नहीं सके। पुलिस ने बच्चे के शव को पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया है। मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक, ब्रह्मपुर गांव के रहने वाले महेंद्र सिंह नेताम का बेटा आदित्य सिंह 31 मई को मां और भाई-बहन के साथ घर पर था। महेंद्र सिंह सुबह से ट्रैक्टर लेकर काम करने निकल गया था। आदित्य के बड़े भाई-बहन और बाकी बच्चों के साथ खेल रहे थे। बच्चों में कोई मोबाइल की पुरानी बैटरी ले आया था। शाम करीब 5 बजे मां नल पर पानी भरने गई थी। इस दौरान बच्चे घर के बाहर ही खेल रहे थे। इस बीच खराब मोबाइल की बैटरी में धमाका हो गया। धमाके से मोबाइल बैटरी की चपेट में आकर मासूम आदित्य गंभीर रूप से झुलस गया। उसके चेहरे, सीने, पेट और हाथों में गंभीर चोटें आई थी। सूरजपुर से अंबिकापुर रेफर किया धमाके के दौरान 2 बच्चे भाग निकले। धमाके की आवाज सुनकर उनकी मां दौड़कर घर पहुंची। मौके पर आदित्य गंभीर रूप से झुलसा मिला। महेंद्र सिंह काम करने के बाद रात 9 बजे घर लौटा तो उसे आदित्य के झुलस जाने की जानकारी मिली। पिता ने बच्चे को प्रेमनगर हॉस्पिटल में भर्ती कराया। शुरुआती इलाज के बाद उसे डॉक्टरों ने सूरजपुर रेफर कर दिया। सूरजपुर जिला अस्पताल से बच्चे को गंभीर अवस्था में अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल रेफर कर दिया। इलाज के दौरान बच्चे की मौत इसके बाद परिजन एक जून को बच्चे को लेकर अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल पहुंचे। इलाज के दौरान मंगलवार सुबह करीब 4 बजे बच्चे की मौत हो गई। पिता महेंद्र सिंह नेताम ने बताया कि, उन्हें नहीं पता यह बैटरी कहां से आई। उन्होंने कहा कि, बच्चे कहीं से बैटरी लेकर आए होंगे। आशंका है कि बच्चों ने मोबाइल बैटरी के टर्मिनलों को शॉर्ट किया होगा। जिससे बैटरी में धमाका हुआ। पोस्टमॉर्टम के बाद बच्चे का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। परिजन बच्चे का शव लेकर गांव लौट गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। ……………………….. इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… पैंट की जेब में रखा मोबाइल ब्लास्ट, छात्र झुलसा:पैंट में लगी आग, दोस्तों ने समय रहते बुझाई, हाथ-पैर में आई चोटें, पुलिस जांच में जुटी छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में स्टूडेंट की पैंट की जेब में रखा मोबाइल अचानक तेज आवाज के साथ ब्लास्ट हो गया और आग लग गई। इस घटना में छात्र मामूली झुलस गया। यह हादसा सरकंडा थाना क्षेत्र के सेंट्रल लाइब्रेरी के पास हुआ। पढ़ें पूरी खबर…
सीधी में जनसुनवाई में साइकिल से आए कलेक्टर:जमीन पर जानी लोगों की समस्याएं, मोबाइल चलाते रहे कर्मचारी
सीधी जिला पंचायत सभागार में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान प्रशासनिक व्यवस्था में एक विरोधाभासी दृश्य सामने आया। जहां जिले के कलेक्टर विकास मिश्रा आम लोगों के बीच जमीन पर बैठकर उनकी समस्याएं सुनते दिखे, वहीं अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी कुर्सियों पर आराम फरमाते और मोबाइल फोन चलाते नजर आए। कलेक्टर विकास मिश्रा ने जनसुनवाई में पहुंचे ग्रामीणों और फरियादियों के बीच बैठकर सीधे संवाद स्थापित किया। उनका यह व्यवहार एक संवेदनशील प्रशासनिक अधिकारी की छवि को दर्शाता है, जो आमजन से सीधा जुड़ाव स्थापित करने का प्रयास कर रहे थे। इसके विपरीत, सभागार में मौजूद कई अधिकारी और कर्मचारी कुर्सियों पर बैठे रहे। कुछ तो जनसुनवाई के दौरान अपने मोबाइल फोन में व्यस्त दिखाई दिए, जिससे ऐसा प्रतीत हुआ कि उन्हें आमजन की समस्याओं से कोई सरोकार नहीं है। हैरानी की बात यह भी रही कि कलेक्टर विकास मिश्रा स्वयं साइकिल चलाकर कलेक्ट्रेट से जिला पंचायत सभागार पहुंचे। वहीं, अधिकांश अधिकारी और कर्मचारी महज कुछ सौ मीटर की दूरी तय करने के लिए भी चारपहिया वाहनों का उपयोग करते नजर आए। उल्लेखनीय है कि रीवा संभाग के कमिश्नर बी.एस. जामोद पहले ही अधिकारियों को अनावश्यक रूप से चारपहिया वाहनों का उपयोग कम करने की सलाह दे चुके हैं। जनसुनवाई के दौरान कई अधिकारियों और कर्मचारियों के गले में परिचय-पत्र (आईडी कार्ड) भी नहीं दिखाई दिए। जबकि कलेक्टर ने स्पष्ट निर्देश जारी किए हैं कि सभी अधिकारी और कर्मचारी अपने कार्यालय एवं संस्थान में प्रवेश के दौरान परिचय-पत्र अनिवार्य रूप से धारण करें। मंगलवार दोपहर करीब 12:30 बजे आयोजित इस जनसुनवाई में इन निर्देशों की खुली अनदेखी देखने को मिली, जिसने शासन-प्रशासन की कार्यशैली पर सवाल खड़े किए हैं।
लुधियाना के साउथ सिटी रोड पर मेगा फूड शॉप के सामने भारत पेट्रोल पंप के पास एक सनसनीखेज लूट की वारदात सामने आई है। दिल्ली से श्रीनगर जा रहे टाटा छोटा हाथी (कैंटर) के ड्राइवर और उसके साथी को धमकी देकर अज्ञात लुटेरों ने लूट लिया। पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए केस दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता लल्लन कुमार निवासी गोबिंदपुर जिला सुपौल बिहार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह 28 मई 2026 को अपने छोटा हाथी में दिल्ली से श्रीनगर जा रहा था। जब वह साउथ सिटी रोड पर मेगा फूड से आगे भारत पेट्रोल पंप के पास पहुंचा, तो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार दो अज्ञात लड़के आए। उन्होंने उसकी गाड़ी को जबरन रुकवा लिया। जान से मारने की धमकी देकर छीना मोबाइल और कैश गाड़ी रुकवाते ही दोनों युवकों ने उन्हें डराना-धमकाना शुरू कर दिया। लुटेरों ने कहा कि अगर शोर मचाया तो जान से मार देंगे। इसके बाद उन्होंने गाड़ी की चाबी निकाल ली। इस दौरान डरा-धमकाकर पीड़ित व उसके साथी से करीब 2000 रुपए नकद, एक Oppo Reno 13 और एक A77S Oppo फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच जारी लाडोवाल पुलिस ने पीड़ित के बयानों के आधार पर आज धारा U/S 309(4), 3(5) BNS के तहत मामला दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी एएसआई (ASI) बिक्रमजीत सिंह ने कहा इलाके के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज खंगाल रहे हैं, ताकि स्प्लेंडर सवार अपराधियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।
पहलगाम हमले की जांच में पाकिस्तान कनेक्शन सामने आया है। राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) के मुताबिक पहलगाम अटैक के आतंकियों के मोबाइल में बायसरन इलाके की लोकेशन पहले से थी। फोन की फोरेंसिक जांच में सामने आया है कि बायसरन इलाके की जियोग्राफिकल लोकेशन नेविगेशन एप में रिकॉर्ड थी। लोकेशन के स्क्रीनशॉट फोन में सेव किए गए थे। NIA सूत्रों के मुताबिक आतंकियों ने अटैक की तैयारी पहले से कर रखी थी। हमले से करीब एक हफ्ते पहले बायसरन की रेकी की थी। आतंकियों के इस्तेमाल किए 2 चीनी मोबाइल पाकिस्तान के पते पर भेजे गए थे। सप्लाई चेन रिकॉर्ड से पता चला कि ये फोन कराची और लाहौर के एड्रेस पर डिलीवर किए गए थे। सूत्रों के मुताबिक बायसरन इलाके के स्क्रीनशॉट 15 और 16 अप्रैल 2025 को लिए गए थे। 22 अप्रैल 2025 को पहलगाम से 6km दूर बायसरन घाटी में आतंकी हमले में 26 पर्यटकों की मौत हुई थी। 16 लोग घायल हुए थे। लोगों को उनकी धार्मिक पहचान के आधार पर निशाना बनाया गया था। 24 मई: NIA ने बताया- चीन के रास्ते आतंकियों तक पहुंचा GoPro NIA ने बताया था कि पहलगाम आतंकी हमले के आरोपी आतंकियों के पास से अमेरिकी कंपनी GoPro का कैमरा बरामद हुआ था, जो चीन के रास्ते लश्कर-ए-तैयबा (LeT) के आतंकियों तक पहुंचा था। जांच एजेंसी का मानना है कि इस कैमरे का रास्ता समझने से उन नेटवर्कों का खुलासा हो सकता है, जो जम्मू-कश्मीर में सक्रिय आतंकी संगठनों तक फंड, उपकरण और दूसरे संसाधन पहुंचाते हैं। यह हाई-टेक कैमरा पिछले साल जुलाई में पहलगाम हमले के बाद दाचीगाम के जंगलों में हुई मुठभेड़ में मारे गए आतंकियों से बरामद हुआ था। आतंकियों में बॉडी कैमरे का इस्तेमाल बढ़ रहा NIA अधिकारियों के मुताबिक, जम्मू-कश्मीर में आतंकी संगठन हमलों की रिकॉर्डिंग और बाद में प्रचार के लिए बॉडी कैमरा और एक्शन कैमरा जैसे उपकरणों का इस्तेमाल बढ़ा रहे हैं। आतंकियों के पास कैमरा कैसे पहुंचा, इसके लिए NIA ने अमेरिकी कंपनी GoPro Inc. से संपर्क किया। कंपनी ने बताया कि यह कैमरा चीन में हमारे ऑथराइज्ड डिस्ट्रीब्यूटर को भेजा गया था। अब जांच की जा रही है कि चीन से यह कैमरा आतंकियों तक कैसे पहुंचा। अधिकारी गुप्त खरीद नेटवर्क, बिचौलियों और इसमें शामिल लोकल सपोर्ट की जांच कर रहे हैं। 'पहलगाम हमले में पाकिस्तान का हाथ था' NIA ने 15 दिसंबर 2025 को पहलगाम अटैक केस में चार्जशीट दाखिल की थी। इसके डिटेल हाल ही में सामने आई। इसमें खुलासा हुआ है कि कश्मीर के पहलगाम में पिछले साल 22 अप्रैल को हुए आतंकी हमले में पाकिस्तान का हाथ था। हमले का मास्टरमाइंड लश्कर-ए-तैयबा आतंकी सैफुल्लाह उर्फ सैफुल्लाह साजिद जट्ट उर्फ लंगड़ा है। जो पाकिस्तान के लाहौर में कसूर में रहता है। साजिद जट्ट ही आतंकियों का मेन हैंडलर था। हमले के दौरान उसने तीनों आतंकियों से लगातार संपर्क बनाए रखा। वह उन्हें रियल टाइम डायरेक्शन दे रहा था। उसने ही हमले वाली जगह बायसरन वैली की लोकेशन भेजी थी।हमले के दौरान भी वह लगातार आतंकियों से बात कर रहा था। टूरिस्ट गाइड ने आतंकियों को देखा था, बता देते तो हमला नहीं होता जेड मोड़ टनल पर हमले में भी शामिल साजिद, 2005 में वह बॉर्डर क्रॉस करके दक्षिण कश्मीर के कुलगाम में घुसा था। पैर में गोली लगने के कारण साजिद नकली पैर लगाता है। इसलिए उसे लंगड़ा कहा जाता है। उस पर भर्ती, फंडिंग, घुसपैठ और आतंकियों को लॉजिस्टिक सपोर्ट देने के आरोप हैं। 2019 में साजिद जट्ट लंगड़ा ने ही लश्कर के प्रॉक्सी द रजिस्टेंस फ्रंट (टीआरएफ) को खड़ा किया था। उसे जम्मू-कश्मीर में आतंकी गतिविधियों का हैंडलर और ऑपरेशनल कमांडर माना जाता है। NIA ने उसे कई हमलों की साजिश से जोड़ा है, जिनमें पहलगाम हमला, डांगरी हमला, पुंछ एयरफोर्स काफिले पर हमला और रियासी बस हमला शामिल हैं। आतंकी लंगड़ा और उसके तीनों गुर्गे 20 अक्टूबर 2024 को श्रीनगर की जेड मोड़ टनल फायरिंग में भी शामिल थे। इसमें 7 लोगों की मौत हो गई थी। तब सुरक्षा बलों ने एक आतंकी जुनैद को मार गिराया था। उसके पास से बरामद ग्रो प्रो कैमरा और एम4 कार्बाइन तीनों आतंकियों के समान ही थे। दोनों वारदातों का टेरर मॉड्यूल एक ही था। 28 जुलाई: पहलगाम हमले के 3 गुनहगार ढेर NIA के मुताबिक पहलगाम आतंकी हमले में शामिल पाक आतंकी फैसल जट्ट उर्फ सुलेमान, हबीब ताहिर उर्फ जिब्रान भाई और हमजा अफगानी को सुरक्षा बलों ने 28 जुलाई, 2025 को ढेर कर दिया था। भारत के टॉप वांटेड में शामिल आतंकी लंगड़ा पर 10 लाख का इनाम है। पहलगाम हमले का बदला भारत का ऑपरेशन सिंदूर भारत ने पहलगाम हमले का बदला लेते हुए 6 मई की रात 1:05 बजे पाकिस्तान और PoK में एयर स्ट्राइक की। इसे ऑपरेशन सिंदूर नाम दिया गया। भारत ने 24 मिसाइलें दागीं थीं। इसमें 9 आतंकी ठिकानों को निशाना बनाया गया, जिसमें 100 से ज्यादा आतंकी मारे गए। हमले में आतंकी संगठन जैश-ए-मोहम्मद चीफ मौलाना मसूद अजहर की फैमिली के 10 सदस्य और 4 सहयोगी मारे गए थे। ------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… दिल्ली में ISI-दाऊद नेटवर्क से जुड़े 8 लोग गिरफ्तार: धार्मिक स्थलों और सरकारी इमारतों पर हमले की साजिश नाकाम, पाकिस्तानी हथियार बरामद दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल ने 31 मई को पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI, दाऊद इब्राहिम और शहजाद भट्टी नेटवर्क से जुड़े 8 लोगों को गिरफ्तार किया। इनके पास से पाकिस्तान में बने हथियार, ग्रेनेड और विस्फोटक बरामद हुए। पुलिस ने बताया कि ये लोग दिल्ली, मुंबई, पंजाब और चंडीगढ़ के प्रमुख धार्मिक स्थल, सरकारी इमारतें, मंत्रालय और सुरक्षाबल पर हमले की साजिश रच रहे थे। ये आतंकी मॉड्यूल लंबे समय से तैयार किया जा रहा था। पूरी खबर पढ़ें…
मधुबनी में युवक के खाते से 82 हजार रुपए गायब:साइबर अपराधियों ने मोबाइल हैक कर वारदात को दिया अंजाम
मधुबनी जिले में एक युवक साइबर ठगी का शिकार हो गया है। अज्ञात साइबर अपराधियों ने उसका मोबाइल फोन हैक कर खाते से 82,000 रुपये उड़ा लिए। पीड़ित ने इस संबंध में साइबर थाना मधुबनी में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। खजौली थाना क्षेत्र के निवासी मो. सद्दाम हुसैन ने साइबर थाना को दिए आवेदन में बताया कि 20 मार्च 2026 को सुबह लगभग 9:57 बजे उनके मोबाइल नंबर 9525404845 को हैक कर लिया गया। इसके बाद उनके बैंक खाते से अवैध रूप से 82,000 रुपये ट्रांसफर कर दिए गए। घटना की जानकारी मिलते ही सद्दाम हुसैन ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। उन्हें कंप्लेन नंबर 30503260030604 भी उपलब्ध कराया गया। पीड़ित ने अपने आवेदन में बताया है कि इस धोखाधड़ी से उन्हें काफी आर्थिक नुकसान हुआ है और वे परेशान हैं। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई करने और ठगी गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। मामले की गंभीरता को देखते हुए मधुबनी साइबर थाना में 25 मई 2026 को कांड संख्या 22/26 दर्ज किया गया। पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4), 319(2) और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम, 2000 की धारा 66(डी) के तहत प्राथमिकी दर्ज की है। इस मामले की जांच का दायित्व पुलिस पदाधिकारी मुकुल रंजन कुमार सिंह को सौंपा गया है। मधुबनी साइबर डीएसपी सह थाना अध्यक्ष अंकुर कुमार ने 1 जून 2026 यानी शनिवार को रात 8:30 के आसपास घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि जांच शुरू कर दी गई है। डीएसपी अंकुर कुमार ने कहा कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने आम लोगों से भी अपील की कि वे किसी भी संदिग्ध कॉल, लिंक या ऑनलाइन लेनदेन के प्रति सतर्क रहें और साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन या निकटतम साइबर थाना से संपर्क करें।
होटल के कमरे में चल रहा था सट्टे और जुए का अड्डा, 20 गिरफ्तार; 1.62 लाख रुपए, वाहन और मोबाइल बरामद
नोएडा के थाना सेक्टर-49 क्षेत्र में पुलिस ने जुआ और सट्टेबाजी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 20 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 62 हजार 250 रुपए की नकदी, 160 ताश के पत्ते, 7 दोपहिया वाहन, एक चार पहिया वाहन तथा 22 मोबाइल फोन बरामद किए हैं।
अलवर जिले में पुलिस ने साइबर अपराधों के खिलाफ अभियान चला रखा है। ‘ऑपरेशन म्यूल हंटर’ और ‘साइबर संग्राम अभियान 2.0’ के तहत 1 अप्रैल से 30 मई तक कार्रवाई की गई। इस दौरान म्यूल अकाउंट, प्रतिबिंब पोर्टल, चेक विड्रॉल और एटीएम विड्रॉल से जुड़े मामलों में 107 मामले दर्ज कर 90 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 10 बाल अपचारियों को डिटेन किया गया। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया- ऑनलाइन ठगी, सेक्सटॉर्शन, ओएलएक्स पर फ्रॉड, म्यूल अकाउंट, फर्जी एटीएम और फर्जी सिम जैसे साइबर अपराधों के खिलाफ जिलेभर में अभियान चलाया गया। कार्रवाई के दौरान 80 मोबाइल फोन, 91 सिम कार्ड, 3 पासबुक, 1 चेकबुक, 5 एटीएम कार्ड, 1 मोटरसाइकिल और 10 हजार रुपए बरामद किए गए। म्यूल अकाउंट मामलों में सबसे बड़ी कार्रवाई अभियान के दौरान 1530 संदिग्ध खाताधारकों की जांच की गई। साइबर ठगों को कमीशन पर बैंक खाते उपलब्ध कराने के मामलों में 81 मामले दर्ज कर 65 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं 1 बाल अपचारी को डिटेन किया गया। इन मामलों में 31 मोबाइल, 34 सिम, 3 पासबुक, 1 चेकबुक और 4 एटीएम कार्ड बरामद किए गए। प्रतिबिंब पोर्टल और हॉटस्पॉट से जुड़े मामलों में 22 गिरफ्तार प्रतिबिंब पोर्टल और हॉटस्पॉट पर चिन्हित संदिग्ध मोबाइल नंबरों की जांच के दौरान 21 मामले दर्ज किए गए। इनमें 22 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और 9 बाल अपचारियों को डिटेन किया गया। पुलिस ने 46 मोबाइल, 54 सिम, 1 मोटरसाइकिल, 1 एटीएम कार्ड और 10 हजार रुपए बरामद किए। चेक और एटीएम विड्रॉल हॉटस्पॉट पर भी कार्रवाई संदिग्ध चेक विड्रॉल लोकेशन से जुड़े 2 मामलों में 1 आरोपी को गिरफ्तार कर 1 मोबाइल और 2 सिम बरामद किए गए। वहीं एटीएम विड्रॉल हॉटस्पॉट से जुड़े 3 प्रकरणों में 2 आरोपी गिरफ्तार किए गए। इनसे 2 मोबाइल और 1 सिम कार्ड बरामद हुआ। अन्य राज्यों की पुलिस को सौंपे 7 साइबर अपराधी अलवर पुलिस ने कार्रवाई के दौरान 7 साइबर अपराधियों को दस्तयाब कर दिल्ली, मध्यप्रदेश, मेघालय और गुजरात पुलिस को सुपुर्द किया।
राजस्थान पुलिस ने सस्ते दामों पर पुराना मोबाइल खरीदने वालों के लिए एडवाइजरी जारी करते हुए KYM (Know Your Mobile) से जांच करने की सलाह दी है। पुलिस का कहना है कि बिना सत्यापन के पुराना मोबाइल खरीदने पर लोग साइबर ठगी, चोरी के फोन या ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में फंस सकते हैं। एडवाइजरी में मोबाइल की डिटेल और वैधता जांचने के बाद ही खरीदारी करने की अपील की गई है, ताकि साइबर अपराधों से बचा जा सके। दरअसल, सस्ते दाम में सेकेंड हैंड मोबाइल खरीदना कई बार महंगा साबित हो सकता है। बिना जांच-पड़ताल के खरीदा गया मोबाइल चोरी का, ब्लैकलिस्टेड या क्लोन होने पर न केवल आर्थिक नुकसान पहुंचा सकता है, बल्कि खरीदार को कानूनी परेशानियों में भी डाल सकता है। राजस्थान पुलिस की साइबर क्राइम शाखा ने नागरिकों को नया या पुराना (सेकेंड हैंड) मोबाइल खरीदते समय सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा कि मोबाइल खरीदने से पहले उसकी वैधता, चोरी अथवा ब्लैकलिस्ट होने की स्थिति की जांच अवश्य कर लें। इसके लिए केंद्रीय दूरसंचार विभाग द्वारा विकसित सीईआईआर (CEIR) पोर्टल की KYM (Know Your Mobile) सेवा आम नागरिकों के लिए उपलब्ध है। मोबाइल खरीदने से पहले जांच अवश्य करें अतिरिक्त महानिदेशक पुलिस (साइबर क्राइम) वीके सिंह के निर्देशानुसार जारी एडवाइजरी में बताया गया है कि कई लोग बिना सत्यापन के सेकेंड हैंड मोबाइल खरीद लेते हैं, जो बाद में चोरी का, ब्लैकलिस्टेड या क्लोन पाया जाता है। ऐसे मामलों में आर्थिक नुकसान के साथ कानूनी कार्रवाई का सामना भी करना पड़ सकता है। पुलिस के अनुसार, KYM सेवा के माध्यम से मोबाइल का ब्रांड और मॉडल, उसकी वैधता और ब्लैकलिस्ट स्टेटस की जानकारी प्राप्त की जा सकती है। इससे यह पता लगाया जा सकता है कि मोबाइल असली है या क्लोन और कहीं वह चोरी, गुमशुदा या ब्लॉक तो नहीं है। IMEI नंबर जानने के लिए फोन से *#06# डायल करें मोबाइल का IMEI नंबर जानने के लिए फोन से *#06# डायल किया जा सकता है। इसके बाद 14422 पर KYM IMEI नंबर भेजकर, KYM मोबाइल ऐप के जरिए अथवा CEIR पोर्टल पर IMEI Verification सुविधा का उपयोग कर मोबाइल का सत्यापन किया जा सकता है। मोबाइल का स्टेटस Blacklisted या Blocked दिखाई दे तो उसे बिल्कुल न खरीदें राजस्थान पुलिस ने नागरिकों को सलाह दी है कि यदि किसी मोबाइल का स्टेटस Blacklisted या Blocked दिखाई दे तो उसे बिल्कुल न खरीदें, क्योंकि वह चोरी, गुमशुदा या किसी अवैध गतिविधि से जुड़ा हो सकता है। साइबर अपराध या ऑनलाइन ठगी का शिकार होने पर तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन, साइबर पुलिस स्टेशन, राष्ट्रीय साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल अथवा साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराने की अपील की गई है। इसके अलावा साइबर हेल्प डेस्क नंबर 9256001930 और 9257510100 पर भी संपर्क किया जा सकता है।
अयोध्या के बाबा बाजार थाना क्षेत्र की सैदपुर चौकी में मोबाइल विवाद और एक युवक की हिरासत को लेकर मामला सामने आया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पुलिस ने आरोपों को निराधार बताते हुए अपनी कार्रवाई को वैध बताया है। परिजनों का आरोप है कि युवक को कुछ दिन पहले एक खोया हुआ मोबाइल मिला था। इसके बाद पुलिस टीम उसके घर पहुंची और उसे हिरासत में लेकर चौकी ले गई। परिवार का दावा है कि युवक को पिछले चार दिनों से चौकी में रखा गया है और उस पर 17 मोबाइल चोरी का झूठा आरोप लगाकर 80,000 रुपये की मांग की जा रही है। पीड़ित परिवार की एक महिला ने आरोप लगाया है कि सैदपुर चौकी के कुछ पुलिसकर्मियों ने उनके घर पहुंचकर बच्चों के साथ मारपीट की और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया। महिला ने कांस्टेबल और चौकी प्रभारी पर दबाव बनाने और पैसे की मांग करने का आरोप लगाया है। परिवार का यह भी कहना है कि बच्चों को थाने बुलाकर कथित तौर पर बेल्ट और डंडों से पीटा गया, जिससे उन्हें चोटें आईं। इस मामले को लेकर क्षेत्र में व्यापक चर्चा है। परिवार ने उच्च अधिकारियों से निष्पक्ष जांच की मांग की है। उनका आरोप है कि बिना ठोस सबूत के उनके बेटे को फंसाया जा रहा है और लगातार दबाव बनाया जा रहा है। दूसरी ओर, पुलिस क्षेत्राधिकारी आशीष निगम ने इन आरोपों को खारिज कर दिया है। उन्होंने बताया कि युवक के पास से चोरी का मोबाइल बरामद हुआ है और उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई करने के बाद न्यायालय में पेश किया गया।
सीतापुर में एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। परिजनों का आरोप है कि मोबाइल फोन देखने से मना किए जाने और डांट पड़ने के बाद बच्ची ने फांसी लगाकर जान दे दी। घटना के बाद परिवार में मातम पसरा है, जबकि पुलिस मामले की जांच कर रही है। घटना रामकोट थाना क्षेत्र के मैनासी सरैया गांव की है। मैनासी सरैया गांव निवासी अमित मिश्रा की पुत्री पूर्वी मिश्रा मोबाइल फोन का काफी उपयोग करती थी। परिजनों के मुताबिक, इसी बात को लेकर सोमवार सुबह उसकी मां ने उसे मोबाइल देखने से मना किया और डांट दिया था। बताया जाता है कि मां की बात से नाराज होकर पूर्वी अपने कमरे में चली गई और अंदर से दरवाजा बंद कर लिया। कुछ समय बाद जब परिवार के लोगों ने उसे आवाज लगाई और कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली तो उन्हें चिंता हुई। परिजनों ने कमरे का दरवाजा खोला तो पूर्वी दुपट्टे के सहारे फंदे से लटकी हुई मिली। यह दृश्य देखकर परिवार के लोग घबरा गए। आनन-फानन में बच्ची को नीचे उतारकर जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और सभी परिस्थितियों की पड़ताल की जा रही है। परिवार के अनुसार, अमित मिश्रा के दो बच्चे थे, जिनमें पूर्वी बड़ी थी। अब परिवार में उसका 11 वर्षीय भाई आकाश मिश्रा है। पूर्वी की अचानक हुई मौत से परिजन गहरे सदमे में हैं। गांव में भी शोक का माहौल है और लोग परिवार को सांत्वना देने पहुंच रहे हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बैतूल की सारणी पुलिस ने मोबाइल चोरी कर बैंक खाते से 36 हजार रुपये निकालने के मामले में 10 माह से फरार चल रहे 5 हजार रुपये के इनामी आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी भोपाल का निवासी है और लंबे समय से पुलिस की गिरफ्त से बाहर था। सोमवार को पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। मोबाइल चोरी के बाद खाते से निकाले थे रुपये पुलिस के अनुसार, पाथाखेड़ा निवासी राकेश बावरिया ने जुलाई 2025 में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि रात में सोते समय उनका मोबाइल चोरी हो गया था। अगले दिन बैंक से जानकारी मिली कि उनके खाते से मोबाइल के माध्यम से 36 हजार रुपये ट्रांसफर कर लिए गए हैं। शिकायत के आधार पर सारणी थाने में चोरी और धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। दो आरोपी पहले ही जा चुके हैं जेल जांच के दौरान पुलिस ने खेड़ीरामोसी निवासी अंकित बेले और विशाल बेले को हिरासत में लिया। पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि उन्होंने भोपाल निवासी निक्की यादव के साथ मिलकर वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने दोनों आरोपियों से ट्रांसफर की गई 36 हजार रुपये की राशि बरामद कर उन्हें न्यायालय में पेश किया था, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। मुखबिर की सूचना पर दबोचा गया आरोपी मामले का तीसरा आरोपी निक्की यादव घटना के बाद से फरार चल रहा था। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही थी। फरार रहने के कारण पुलिस अधीक्षक वीरेंद्र जैन ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। थाना प्रभारी जयपाल इनवाती ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने पाथाखेड़ा के पुराना बाजार क्षेत्र से निक्की यादव को गिरफ्तार किया। आरोपी भोपाल के जहांगीराबाद क्षेत्र का निवासी है। उसे न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेजा जा रहा है। साइबर अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी पुलिस का कहना है कि साइबर और संपत्ति संबंधी अपराधों में शामिल आरोपियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। फरार आरोपी की गिरफ्तारी को सारणी पुलिस की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है।
होशियारपुर में पुलिस की मौजूदगी में ही लोगों ने 3 यूट्यूबरों की पिटाई कर दी। उनके मोबाइल भी तोड़ दिए। तीनों यूट्यूबर ट्रांसफार्मर लगाने के विरोध की वीडियो बना रहे थे। इस दौरान गांव के कुछ लोगों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जिसके बाद उनकी आपस में बहस हो गई और मामला मारपीट तक पहुंच गया। यूट्यूबरों का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी में उन पर हमला किया गया। उन्होंने चौकी के इंचार्ज को आरोपियों को रोकने के लिए कहा तो वह उलटा उनके साथ ही झगड़ने लगे। चौकी इंचार्ज ने धक्के मारे। फिर पहचान बताने पर यहां तक कह दिया कि तू चाहे कोई भी हो, मैं तुझे टिच नहीं जानता। इसके बाद उन्होंने टांडा पुलिस को पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। तीनों यूट्यूबरों ने अपनी कंप्लेंट में क्या कहा:- कवरेज के करने के लिए गए थे, पुलिस ने पीटने वालों को नहीं रोकाथाना टांडा में दी शिकायत में अनिल कुमार ने बताया कि सोमवार को वह एक खबर की कवरेज के लिए अपने साथी साहिब सिंह व तजिंदर सिंह के साथ गांव लितड़ां में गए थे। वहां एक घर के बाहर ट्रांसफॉर्मर लगाने का विरोध हो रहा था। विवाद की वजह से वहां पुलिस भी मौजूद थी। इसके अलावा इलाके के लोग भी जमा थे। अनिल कुमार ने आगे बताया किजब पीड़ित पक्ष कैमरे के सामने आया तो गांव के कुछ लोग वहां जमा हो गए और गाली-गलौज शुरू कर दी। इस दौरान गांव की पंचायत ने हमें कवरेज करने से रोक दिया। उन्होंने कहा कि यहां वीडियोग्राफी नहीं करनी। उनको अपशब्द भी कहे गए। जब उन्होंने विरोध किया तो पंचायत के लोगों ने उसके एक साथी साहिब सिंह पर हमला कर दिया। उसका मोबाइल छीन लिया। अनिल ने कहा कि यह देखकर मैं उनसे मोबाइल लेने के लिए आगे बढ़ा। यह देख गुस्साई पंचायत ने मेरे हाथ से भी मोबाइल छीन लिया और मारपीट की। मारपीट के दौरान मोबाइल और सोने की चैन छीन ली। इसकी वीडियो भी हमारे पास है। उसने कहा कि ये सब वहां पुलिस के सामने हुआ। चौकी इंचार्ज और पुलिसकर्मी सब कुछ देखते रहे लेकिन किसी ने मारपीट करने वालों को नहीं रोका। जिस वजह से पंचायत के लोग उन्हें पीटते रहे। पीड़ितों ने शाम तक आरोपियों पर कार्रवाई न होने पर थाने का घेराव करने की चेतावनी दी है। दूसरे यूट्यूबर ने कहा- चौकी इंचार्ज ने मुझे ही धक्के मारेयूट्यूबर तजिंदर सिंह ने कहा कि मुझे साथियों ने फोन करके बुलाया था। जब मैं वहां पहुंचा तो घर वालों और गांव की पंचायत के बीच झगड़ा हो रहा था। पुलिस ट्रांसफार्मर लगाने के लिए घरवालों को उठाकर ले जा रही थी। जिसका मेरे साथी वीडियो बना रहे थे। अचानक पंचायत के लोगों ने हमला कर दिया। मारपीट कर उनके फोन छीन लिए। यह सब देखकर मैंने चौकी इंचार्ज संजीव कुमार को पंचायत को रोकने के लिए कहा। संजीव कुमार ने उन्हें रोकना तो क्या था, बल्कि इसके उलट मुझे धक्के मारने शुरू कर दिए और कहने लगे कि 'तू कौन है'। जब मैंने उन्हें अपनी पहचान बताई तो वह फिर भी मुझे धक्के मारने से नहीं हटे और मुझे कहने लगे 'चाहे तू जिला इंचार्ज है, चाहे तू पंजाब इंचार्ज है, मैं तुझे टिच (परवाह) नहीं जानता'। तीसरे यूट्यूबर ने कहा- हमारा मोबाइल नहीं दियायूट्यूबर साहिब सिंह ने कहा कि गांव में जबरदस्ती ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा था। उसकी हम कवरेज कर रहे थे। इस दौरान गांव के लोगों और चौकी इंचार्ज व पुलिस मुलाजिमों ने हमारे साथ हाथापाई की। जबरन हमारे मोबाइल छीन लिए गए और हमें धक्के मारे गए। इसके बाद हमने पुलिस प्रशासन से मदद मांगी लेकिन किसी ने मदद नहीं की। उलटा हमारे साथ बदसलूकी की। मेरा मोबाइल सीनियर सिपाही बलविंदर सिंह ने गांव वालों से वापस दिलाया। मेरे एक साथी का फोन अभी भी गांव वालों के पास है। मेरे फोन से सारा डेटा डिलीट हो गया। हमारे साथ धक्केशाही की गई है। मेरे साथी का मोबाइल वापस नहीं दिया जा रहा है।
ड्यूटी से घर लौट रहे गार्ड पर जानलेवा हमला:स्कूल के पास 6 बदमाशों ने फोड़ा सिर, बाइक और मोबाइल लूटा
डूंगरपुर में रविवार देर रात ड्यूटी से लौट रहे एक सुरक्षाकर्मी पर 6 बदमाशों ने जानलेवा हमला कर दिया। बदमाशों ने गार्ड को बुरी तरह पीटा और उसकी बाइक व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल गार्ड को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र के अंतर्गत सिंटेक्स मिल के सामने डीपीएस स्कूल के पास हुई। देवभूमि कॉलोनी निवासी बृजराज सिंह बियोला सिंटेक्स मिल में सुरक्षाकर्मी के तौर पर कार्यरत हैं। घेरकर अचानक किया हमलाबृजराज सिंह देर रात अपनी ड्यूटी खत्म कर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान पीछे से आए 6 बदमाशों ने उन्हें घेर लिया और अचानक हमला कर दिया। हमले से बृजराज का संतुलन बिगड़ गया और वह बाइक समेत सड़क पर गिर पड़े। बोतलों, पत्थरों, लाठियों से किए वारइसके बाद बदमाशों ने बियर की बोतलों, पत्थरों और लाठियों से बृजराज पर ताबड़तोड़ वार किए। उन्हें लहूलुहान करने के बाद बदमाश उनका मोबाइल फोन और बाइक छीनकर अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से भाग गए। गंभीर रूप से घायल बृजराज किसी तरह हिम्मत जुटाकर रेंगते हुए सिंटेक्स मिल के मुख्य गेट तक पहुंचे। वहां मौजूद दूसरे सुरक्षाकर्मी को उन्होंने पूरी घटना बताई, जिसके बाद तुरंत कोतवाली पुलिस को सूचना दी गई।पुलिस मौके पर पहुंची और घायल बृजराज को जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर बदमाशों की तलाश और मामले की जांच शुरू कर दी है।
खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास पुलिस ने तीन साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। आरोपी सोशल मीडिया पर सस्ते दामों में लैपटॉप बेचने और घर बैठे नटराज पेंसिल कंपनी में पैकेजिंग जॉब दिलाने का झांसा देकर लोगों से ऑनलाइन ठगी कर रहे थे। पुलिस ने उनके कब्जे से छह संदिग्ध मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। अभियान के दौरान 30 से 31 मई तक साइबर फ्रॉड के दो मामले दर्ज कर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने कार्रवाई के दौरान हरियाणा और राजस्थान के तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। इनमें उटावड़ (पलवल, हरियाणा) निवासी साकिर(34), दोहड़ा निवासी सूरज सिंह तथा कोलानी निवासी 19 वर्षीय साहिल शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर साइबर ठगी के अन्य मामलों की भी जांच कर रही है। तीन स्थायी वारंटी भी पकड़े अभियान के दौरान पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे तीन स्थायी वारंटियों को भी गिरफ्तार किया। इनमें अखलीमपुर निवासी बलवीर सिंह, बरहेड़ा निवासी महेंद्र सिंह तथा शेखपुर जाट निवासी जमाल शामिल हैं। एडिशनल एसपी जयासिंह ने आमजन से अपील की है कि सोशल मीडिया पर मिलने वाले आकर्षक ऑफर, सस्ते सामान और घर बैठे नौकरी के झांसे में न आएं तथा किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को दें।
दमोह में कपड़ा व्यापारी पर चाकू से हमला:बदमाशों ने ₹5000 और मोबाइल लूटा, बाइक लेकर हुए फरार
दमोह जिले के हटा थाना क्षेत्र अंतर्गत सौजना गांव में रविवार रात एक कपड़ा व्यापारी पर चाकू से हमला कर लूट की घटना को अंजाम दिया गया। अज्ञात बदमाशों ने व्यापारी से ₹5000 नकद, मोबाइल और उसकी बाइक छीन ली। घायल व्यापारी को अस्पताल में भर्ती कराया गया है और पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना रविवार रात उस समय हुई जब 25 वर्षीय प्रिंस साहू, निवासी नवोदय वार्ड ककराई हटा, सौजना गांव से कपड़े बेचकर लौट रहे थे। प्रिंस साहू ने पुलिस को बताया कि रास्ते में चार अज्ञात नकाबपोश बदमाशों ने उनकी बाइक रोकी। बदमाशों ने प्रिंस साहू के साथ मारपीट की और चाकू से हमला किया। इसके बाद वे उनसे ₹5000 नकद, मोबाइल फोन और उनकी बाइक छीनकर फरार हो गए। प्रिंस साहू के अनुसार, आरोपी लाल रंग की बाइक पर आए थे। घटना की सूचना मिलते ही हटा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल व्यापारी को तत्काल मेडिकल परीक्षण के लिए भेजा गया। हटा थाना टीआई सुधीर बेगी ने बताया कि अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को जानकारी मिली है कि आरोपी हिंडोरिया की ओर भागे हैं और उनकी तलाश जारी है। पुलिस जल्द ही उन्हें गिरफ्तार करने का दावा कर रही है।
'नौतपा' का आज (सोमवार) आठवां दिन है। अधंड़ के बाद राहत की बारिश भी बरसी, लेकिन पाली के लोगों को फिर से भीषण गर्मी का दौर शुरू होने का डर सता रहा हैं। पाली समेत मारवाड़ के कई हिस्सों में तापमान में शनिवार को गिरावट आई थी, अब फिर से पारा चढ़ने लगा है। विदेशों तक जाने वाला पाली का हलवा बनाने के लिए कारीगर कोयला भट्ठी के पास 50-55 डिग्री के बीच कड़ाई में खुरपा चला रहे हैं। गर्मी में जिले की फैक्ट्रियों के बने कॉटन के दुपट्टों की डिमांड बढ़ जाती हैं, लेकिन इस बार इन्हीं फैक्ट्रियों के मजदूरों की हालत खराब है। उनका कहना है कि गर्मी और उमस के कारण हालत खराब है। यहीं हाल फुटपाथ पर सीमेंट ब्लॉक लगा रहे मजदूरों के भी हैं। तल्ख धूप के बीच खेतों में फसल काट रहे किसानों का कहना हैं- चाहे कितनी तेज धूप हो, अगर फसल नहीं काटेंगे तो खराब हो जाएगी, फिर दूसरों को अन्न कैसे मिलेगा? रोहट क्षेत्र की रिहायशी कॉलोनियों में पानी की किल्लत का संकट भी बढ़ता जा रहा है। टैंकर के दाम बढ़ गए हैं, जिससे आम लोगों को पानी की भयंकर कमी से जुझना पड़ रहा है। हालांकि अफसरों का दावा है कि पानी की सप्लाई नियमित की जा रही है, लेकिन शहर के आसपास की कई कॉलोनियां अभी भी टैंकर के पानी पर निर्भर है। पढ़िए- नौतपा की रिपोर्ट… गर्मी से मोबाइल फोन बंद हुआ, पर खुरपा चल रहा नौतपा की भीषण गर्मी के बीच पाली का प्रसिद्ध हलवा बनाने वाले कारीगरों की मेहनत किसी चुनौती से कम नहीं है। कोयले की भट्ठी के सामने लगातार दूध में हलवा पकाने के कारण आसपास का तापमान 55 डिग्री तक पहुंच जाता है। कारीगर सुमेर पुरी बताते हैं- भट्ठी के पास इतनी गर्मी होती है कि मोबाइल फोन तक बंद हो जाता है। ऐसे में फोन को दूसरे कमरे में रखना पड़ता है। गर्मी के बावजूद हलवे की मांग में कोई कमी नहीं आई है। हलवा विक्रेता चैनसिंह राजपुरोहित के अनुसार गर्म मौसम में भी ग्राहकों की संख्या बनी हुई है। फैक्ट्री में कारीगर पसीने से तर हुए, तैयार हो रहा दुपट्टा पाली की टेक्सटाइल इंडस्ट्री भी मजदूरों की मेहनत पर टिकी हुई है। मंडिया रोड स्थित एक फैक्ट्री में काम कर रहे मजदूर सुमेरसिंह का कहना है- तेज गर्मी के बावजूद परिवार के पालन-पोषण के लिए काम करना मजबूरी है। फैक्ट्री संचालक ललित मालू का कहना है- गर्मियों में कॉटन के दुपट्टों की मांग बढ़ जाती है और पाली से देशभर में इसकी सप्लाई की जाती है। गर्मियों में दूसरों को राहत मिल सके, इसलिए हम पसीने से भीगने के बाद भी दूसरों के लिए दुपट्टे तैयार कर रहे हैं। तेज धूप में काम कर रहे मजदूर अंबेडकर सर्किल क्षेत्र में भीषण धूप के बीच मजदूर सड़क किनारे सीमेंट ब्लॉक लगाने का काम कर रहे हैं। मजदूर बाबू खान ने बताया- वह पिछले 15-20 सालों से इस काम से जुड़े हैं। तेज गर्मी से बचने के लिए सिर पर कपड़ा बांधकर काम करते हैं और बार-बार पानी पीते रहते हैं। उनका कहना है कि रोजी-रोटी के लिए मौसम की परवाह किए बिना काम करना पड़ता है। काम करेंगे, तब ही घर चल पाएगा, ऐसे में तल्ख दोपहरी में भी काम तो करना ही पड़ता है। दोपहर में भी बच्चे-महिलाएं कर रहे फसल कटाई पाली के हाईवे क्षेत्र में एक खेत में किसान परिवार तेज धूप के बीच फसल कटाई करता नजर आया। महिला किसान शायरी देवी ने बताया कि किसान के लिए गर्मी और सर्दी का कोई महत्व नहीं होता, क्योंकि खेती का काम समय पर करना जरूरी है। गर्मी अधिक होने पर कुछ देर पेड़ की छांव में आराम कर लेते हैं और छाछ या ठंडा पानी पीकर फिर काम में जुट जाते हैं। अगर खेती नहीं करेंगे तो अनाज नहीं होगा, और अगर ऐसा हुआ तो जीव- जंतुओं को अन्न मिलना मुश्किल हो जाएगा। इसी वजह से हमें तो काम करना ही पड़ेगा। किसान किरण ने कहा कि समय पर फसल नहीं काटने पर नुकसान का खतरा रहता है, इसलिए इतनी गर्मी भी काम कर रहे हैं। सड़कें सूनी हुईं, चेहरे पर कपड़ा बांधकर निकल रहे जिले में भले ही धूलभरी आंधियों के बाद तापमान में मामूली गिरावट आई हो, लेकिन लोगों को मानसून आने का इंतजार है। फिलहाल तेज धूप और उमस भरी गर्मी का दौर जारी है। इससे निजात पाने के लिए लोग ठंडा पानी, गन्ना रस, लस्सी और जूस पीकर राहत पाने की कोशिश कर रहे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में तापमान बीते दिनों 43 डिग्री तक पहुंच गया था। जो रविवार को घटकर 37 डिग्री तक आ पहुंचा। हालांकि मौसम विभाग ने 2 दिन बाद फिर से गर्मी तल्ख होने की आशंका जताई है। … राजस्थान नौतपा से जुड़ी ये खबरें भी पढ़िए… 1. राजस्थान के सबसे गर्म शहर से रिपोर्ट:लोग घरों में कैद, सड़कों पर सन्नाटा पसरा 2. सोने जैसा चमकने वाला किला भी तपा, दीवार छूना मुश्किल 3. आसमान से आग बरस रही, पैरों में लकड़ी की चप्पल 4. जोधपुर से विदेश जाने वाली मिठाइयों की बिक्री में आई कमी 5. लू से बचाव के लिए प्याज लेकर चलते हैं लोग 6. शेर-लेपर्ड के लिए फव्वारे,45 डिग्री में भी हींग-कचौरी डिमांड में 7. 46C में जिंदगी थमी, बाजार सूने, पानी के लिए लाइन
नईआबादी पुलिस ने 20 किलो ब्राउन शुगर जब्त करने के साथ इंदौर निवासी महिला समेत 2 लोगों व राजस्थान के 3 सप्लायरों को दबोचा। प्रारंभिक पूछताछ में प्रतापगढ़ के अजीज उर्फ एजाज का नाम भी आया है, जो अभी फरार है। तस्करी में इस्तेमाल 2 कारें व 7 मोबाइल भी जब्त किए हैं। कुल 6 आरोपियों पर एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज हुआ है। एसपी विनोदकुमार मीना ने रविवार दोपहर को पुलिस कंट्रोल रूम में मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया नईआबादी थाना प्रभारी कुलदीपसिंह राठौर व टीम को मुखबिर से सूचना मिली, इस आधार पर टीम ने क्षेत्र में संदिग्ध वाहनों को रोका व तलाशी ली तो उसमें 20 किलो ब्राउन शुगर मिली। गिरफ्तार आरोपियों में इंदौर के सृष्टि नगर भानगढ़ रोड निवासी हेमंत (50) पिता पूनमचंद वर्मा, इंदौर के नंदा नगर पाटनीपुरा निवासी मोना (48) पति रमेश सेन एक कार में सवार थे जबकि दूसरी कार में सप्लायर राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के मालीखेड़ा निवासी राहुल (36) पिता लक्ष्मणलाल मीणा, प्रतापगढ़ के हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी निवासी सुभाष उर्फ पिंटू (46) पिता भंवरलाल नाहर गुर्जर व प्रतापगढ़ के माली का खेड़ा निवासी जितेंद्र उर्फ कारू (35) पिता मांगीलाल मीणा थे। इन पांचों को पुलिस ने गिरफ्तार किया व थाने लाए। इधर प्रारंभिक पूछताछ में तस्करी के नेटवर्क में प्रतापगढ़ निवासी अजीज उर्फ एजाज का नाम सामने आया है। पुलिस टीमें इसकी तलाश में हैं। एसपी के मुताबिक जब्त 20 किलो ब्राउन शुगर की कीमत करीब 40 करोड़ रुपए है। एसपी मीना ने बताया कि अंतरराज्यीय ड्रग्स तस्कर गिरोह में शामिल अन्य लोगों के नाम भी पता किए जा रहे हैं। मौके से जो 7 मोबाइल मिले हैं, उनसे अहम सुराग मिलने की उम्मीदें हैं। आरोपी कितने समय से तस्करी कर रहे थे, इसे लेकर भी पूछताछ की जा रही है। इंदौर की पार्टी को एक लाख और राजस्थान वालों को 25 हजार कमीशन देता था एजाज थाना प्रभारी कुलदीपसिंह राठौर का कहना है 20 किलो ब्राउन शुगर मामले में प्रतापगढ़ का एजाज मुख्य आरोपी है। वो आरोपियों की गाड़ी ले जाकर माल भरता था और इन्हें सुपुर्द करके मुकाम बताता था कि कहां-किसे देना है। इंदौर व राजस्थान की दोनों पार्टियां इसी के नेटवर्क का हिस्सा हैं। दूरी के हिसाब से सबके अलग टारगेट रहते थे। इंदौर वाले आरोपियों को 1 लाख कमीशन मिलता था जबकि राजस्थान के आरोपियों को 25 हजार कमीशन माल डिलीवरी के लिए देता था। सभी का पुराना क्रिमिनल रिकॉर्ड भी खंगाल रहे हैं। हमने इंदौर व राजस्थान के संबंधित थानों को भी सूचना कर दी है।
रिम्स में एक्सरे फिल्म खत्म, मोबाइल पर एक्सरे की फोटो दिखाकर इलाज
राज्य के सबसे बड़े चिकित्सा संस्थान रिम्स में स्वास्थ्य व्यवस्था की एक और गंभीर खामी सामने आई है। पिछले कई दिनों से अस्पताल में एक्सरे फिल्म का स्टॉक खत्म हो गया है। हालत यह है कि रोजाना सैकड़ों मरीजों का एक्सरे तो किया जा रहा है, लेकिन रिपोर्ट के नाम पर उन्हें फिल्म देने के बजाय मोबाइल फोन से एक्सरे स्क्रीन की तस्वीर खींच कर भेजी जा रही है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि एक्सरे जांच के लिए लिए जाने वाले शुल्क में फिल्म की लागत भी शामिल है, बावजूद इसके मरीजों को फिल्म उपलब्ध नहीं कराई जा रही। रिम्स में प्रतिदिन औसतन 400 से 500 मरीज एक्सरे जांच कराते हैं। इनमें ट्रॉमा, ऑर्थोपेडिक्स, सर्जरी, मेडिसिन, न्यूरोसर्जरी और इमरजेंसी के मरीज शामिल होते हैं। लेकिन फिल्म खत्म होने के कारण अब मरीजों के हाथ में एक्सरे रिपोर्ट की जगह सिर्फ मोबाइल में मौजूद एक तस्वीर रह गई है। रिम्स के ही कर्मियों ने बताया कि पिछली बार एक्सरे फिल्म करीब 6 माह पहले सप्लाई में आई थी, छह माह तक वही स्टॉक चला। अब यह खत्म हो गई और नया स्टॉक अबतक नहीं आया है। प्रक्रिया कहां अटकी हुई है, इसकी जानकारी कर्मियों को नहीं है। 7 दिन में आ जाएगी एक्स-रे फिल्म मरीजों के परिजन उठा रहे सवाल... जब शुल्क में फिल्म का पैसा शामिल है तो फिल्म क्यों नहीं दी जा रही? स्टॉक खत्म होने की स्थिति क्यों बनी? {मोबाइल में एक्स-रे के फोटो से इलाज की जिम्मेदारी कौन लेगा? ग्रामीण और गरीब मरीजों की परेशानी का समाधान क्या है? विशेषज्ञ बोले-मोबाइल में एक्सरे साफ नहीं दिखता रिम्स के ही क्लिनिकल विशेषज्ञों के अनुसार, एक्सरे फिल्म या उच्च गुणवत्ता वाली डिजिटल प्रिंट रिपोर्ट पर पूरी इमेज स्पष्ट दिखाई देती है। हड्डियों में सूक्ष्म फ्रैक्चर, फेफड़ों में संक्रमण पहचानने में यह मददगार होती है। मोबाइल से ली गई तस्वीरों से सटीक निदान में कठिनाई आने की आशंका रहती है। डेढ़ माह से भर्ती मरीज को भी नहीं मिली फिल्म धनबाद निवासी 23 वर्षीय इनायतुल्लाह सिद्दीकी पिछले डेढ़ माह से रिम्स के क्रिटिकल केयर आईसीयू में भर्ती है। वह विल्सन रोग से पीड़ित है। रविवार को डॉक्टरों ने उसका एक्सरे कराने को कहा। रेडियोलॉजी विभाग में एक्सरे तो कर दिया गया, लेकिन फिल्म देने के बजाय मोबाइल पर एक्सरे की तस्वीर खिंचवा दी। फोटो क्वालिटी खराब, मरीजों को फटकार लगा रहे डॉक्टर इधर, अस्पताल आने वाले कई मरीजों और परिजनों ने बताया कि एक्सरे कराने के बाद कर्मचारियों द्वारा कहा जाता है कि मोबाइल निकालिए और स्क्रीन पर दिख रही इमेज की फोटो खींच लीजिए। बाद में इसी फोटो को डॉक्टर को दिखाना पड़ता है। समस्या तब बढ़ जाती है, जब तस्वीर स्पष्ट नहीं आती। डॉक्टर मोबाइल पर धुंधली तस्वीर देखकर संतुष्ट नहीं होते। मरीजों का कहना है कि कई बार दोबारा जांच कराने को कहा जाता है। ग्रामीण मरीजों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत रिम्स में इलाज कराने आने वाले बड़ी संख्या में मरीज दूर-दराज के गांवों से आते हैं। इनमें कई ऐसे भी होते हैं, जिनके पास स्मार्टफोन नहीं होता। ऐसे मरीजों को दूसरों के मोबाइल का सहारा लेना पड़ता है। बड़ा सवाल : बुनियादी स्वास्थ्य सुविधाओं की निगरानी कितनी प्रभावी है?
राजनांदगांव जिले के बसंतपुर थाना पुलिस ने 'सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर' (CEIR) पोर्टल का उपयोग कर बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने एक विशेष अभियान के तहत विभिन्न कंपनियों के कुल 18 गुम मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख रुपये है। इन मोबाइलों को रविवार, 31 मई को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के मार्गदर्शन में की गई। बसंतपुर थाना प्रभारी निरीक्षक एमन साहू के नेतृत्व में तकनीकी टीम ने CEIR पोर्टल का सटीक उपयोग कर इन गुम हुए मोबाइलों का पता लगाया। अभियान पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देशन, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक कीर्तन राठौर और नगर पुलिस अधीक्षक वैशाली जैन के मार्गदर्शन में चलाया गया। रविवार को बसंतपुर थाना परिसर में आयोजित एक कार्यक्रम में निरीक्षक एमन साहू और अन्य थाना स्टाफ की उपस्थिति में सभी 18 मोबाइल उनके कानूनी स्वामियों को सुपुर्द किए गए। मोबाइल वापस मिलने पर मालिकों ने राजनांदगांव पुलिस और बसंतपुर थाना टीम के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने बताया कि फोन में परिवार की महत्वपूर्ण यादें, दस्तावेज और संपर्क नंबर सुरक्षित थे, जिन्हें वापस पाने की उम्मीद उन्होंने छोड़ दी थी। थाना प्रभारी एमन साहू ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी को कोई गुम मोबाइल फोन मिलता है, तो उसका अवैध उपयोग न करें और उसे तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में जमा कराएं। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि गुम मोबाइलों की खोज का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा।
नूंह जिले की साइबर पुलिस ने साइबर ठगी के लिए फर्जी सिम कार्ड, बैंक खाते और एटीएम कार्ड उपलब्ध कराने वाले एक नेटवर्क का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने इस मामले में अलग-अलग जगहों से 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से मोबाइल फोन, सिम कार्ड, एटीएम कार्ड और एक कार बरामद की गई है। जांच में सामने आया है कि आरोपी साइबर अपराध से जुड़े नेटवर्क को संसाधन मुहैया करा रहे थे और लोगों को ठगी का शिकार बनाने की तैयारी में थे। पुरानी करेंसी की खरीद का दोता था झांसा पहले मामले में, राजस्थान के डीग जिले के गांव सामदीका निवासी वसीम अकरम को फिरोजपुर झिरका क्षेत्र में तिजारा रोड स्थित ईदगाह के पास से पकड़ा है। तलाशी के दौरान 2 मोबाइल, 3 सिम कार्ड और एक कार बरामद हुई। मोबाइल फोन की जांच में वॉट्सएप चैट, फर्जी प्रोफाइल और ऑनलाइन लेनदेन से जुड़े कई डिजिटल साक्ष्य मिले हैं। आरोपी वसीम अकरम पुराने सिक्कों और पुरानी करेंसी की खरीद-फरोख्त का लालच देकर लोगों को अपने जाल में फंसाता था। साइबर अपराधी लंबे समय से पुराने नोटों और दुर्लभ सिक्कों के नाम पर ठगी का यह तरीका अपनाते रहे हैं, जिसमें लोगों से रजिस्ट्रेशन फीस, कमीशन या अन्य शुल्क के नाम पर पैसे ऐंठे जाते हैं। ठगों को बैंक खाते और सिम देते थे आरोपी दूसरे मामले में, गांव नहारिका निवासी शाहरुख, मध्य प्रदेश के सतना निवासी रितेश वर्मा और उत्तर प्रदेश के बाराबंकी निवासी विजय कुमार वर्मा को गांव कामेड़ा स्थित खेल स्टेडियम के पास से गिरफ्तार किया गया। इन तीनों के पास से 3 मोबाइल फोन, 4 सिम कार्ड, 11 एटीएम कार्ड और 6 अलग से संदिग्ध सिम कार्ड बरामद हुए हैं। इन आरोपियों के मोबाइल फोन की जांच में फर्जी बैंक खातों और एटीएम कार्डों की खरीद-फरोख्त से जुड़ी संदिग्ध चैट सामने आई हैं। जांच से पता चला है कि ये आरोपी साइबर ठगों को बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे, जिससे ऑनलाइन धोखाधड़ी के कई मामले सामने आए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ साइबर थाना नूंह में अलग-अलग मुकदमे दर्ज किए गए हैं। जांच एजेंसियां अब इन आरोपियों के संपर्कों और उनसे जुड़े अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी हैं।
टोंक पुलिस और डीएसटी टीम की संयुक्त कार्रवाई में करीब साढ़े छह करोड़ रुपए से ज्यादा के सट्टा नेटवर्क का खुलासा किया गया। पुलिस ने कल्याण, मिलन और मधुर सट्टा नाम से पूरे राजस्थान में फैले नेटवर्क के संचालन में शामिल सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मकान से मिला भारी कैश और डिजिटल रिकॉर्ड, 60 डायरी में हिसाब दर्जपुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 1 लाख 30 हजार 330 रुपए नकद, करीब 6 लाख 5 हजार रुपए का फोन पे लेनदेन, 26 मोबाइल फोन, एक टैबलेट, 14 कैलकुलेटर, हिसाब-किताब की 60 डायरियां, 6 एटीएम कार्ड, पासबुक और चेकबुक बरामद की हैं। साथ ही पिछले 6 महीनों का करीब 6 करोड़ 60 लाख रुपए से अधिक का रिकॉर्ड भी मिला है। मौके से एक स्विफ्ट कार और 3 मोटरसाइकिल भी जब्त की गई हैं। यह कार्रवाई पुरानी टोंक थाना क्षेत्र की कैप्टन कॉलोनी स्थित हिस्ट्रीशीटर अब्दुल रज्जाक के मकान में की गई, हालांकि मकान मालिक मौके पर मौजूद नहीं था। राजस्थान के कई जिलों में फैला था सट्टा नेटवर्कपुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी रईस के जरिए यह सट्टा रैकेट टोंक से जयपुर, कोटा, बूंदी, सवाई माधोपुर, दौसा, जोधपुर, बारां, गंगापुर, निवाई, उनियारा, देवली सहित कई जिलों में संचालित किया जा रहा था। सात आरोपी गिरफ्तार, सभी कोटा-बूंदी जिले के निवासीगिरफ्तार आरोपियों में रईस (58) निवासी नैनवा, राजू (32) निवासी नैनवा, कन्हैयालाल (42) निवासी कोटा, महावीर (30) निवासी बूंदी, समीर (25) निवासी नैनवा, महावीर (45) निवासी बूंदी और दलराज (33) निवासी सांगोद कोटा शामिल हैं। पुलिस सभी आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के अन्य लिंक खंगालने में जुटी है।
बिलासपुर जिले के बिल्हा पुलिस ने शनिवार को उड़नताल गांव में नदी किनारे जुआ खेलते हुए 3 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से 8,090 रुपए कैश, मोबाइल समेत करीब एक लाख रुपए का सामान जब्त किया है। यह कार्रवाई पुलिस के जनसंपर्क अभियान के माध्यम से मिली सूचना के आधार पर की गई। जिले में जुआ और सट्टे जैसी सामाजिक बुराइयों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक रजनेश सिंह ने सभी थाना/चौकी प्रभारियों को निर्देश दिए थे। इस बीच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मधुलिका सिंह और नगर पुलिस अधीक्षक चकरभाठा डी.आर. टण्डन ने थाना स्तर पर सिविल टीमें गठित की। ग्रामीणों से संपर्क कर जुआ खेलने वालों के बारे में जानकारी जुटाई। पुलिस टीम ने उड़नताल में मारा छापा इसी जनसंपर्क अभियान के दौरान ग्राम उड़नताल में नदी के पास कुछ लोगों के जुआ खेलने की सूचना मिली। इस जानकारी के आधार पर शनिवार को पुलिस टीम ने उड़नताल स्थित अग्रवाल फार्म हाउस के पीछे नदी किनारे छापा मारा। ये आरोपी हुए गिरफ्तार छापेमारी में मनीष टण्डन (32) निवासी उड़नताल, हरीश यादव (40) निवासी चकरभाठा और लक्ष्मण भारद्वाज (35) निवासी दगौरी को जुआ खेलते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। पुलिस ने इन जुआरियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की है।
वीरपुर पुलिस ने परमानंदपुर भॉट टोला के पास हुए बाइक और मोबाइल लूटकांड का खुलासा कर लिया है। इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने लूटी गई यामाहा मोटर साइकिल और दो मोबाइल फोन भी बरामद किए हैं। वीरपुर एसडीपीओ सुरेंद्र कुमार ने रविवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। एसडीपीओ ने बताया कि यह घटना 18 मई की रात परमानंदपुर भॉट टोला के समीप हुई थी। अज्ञात अपराधियों ने मोहम्मद फौजान से हथियार के बल पर उनकी यामाहा मोटरसाइकिल और मोबाइल फोन लूट लिया था। पीड़ित के आवेदन पर वीरपुर थाने में कांड संख्या 206/2026, बीएनएस की धारा 309(4) के तहत मामला दर्ज किया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए वीरपुर थाना प्रभारी राजकिशोर मंडल के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया था। इस टीम में वीरपुर थाने के पुलिस अधिकारी, जवान और डीआईयू के अधिकारी शामिल थे। पुलिस टीम ने तकनीकी अनुसंधान और लगातार छापेमारी के आधार पर कार्रवाई की। पुलिस ने घटना में शामिल तीन आरोपियों और लूटे गए मोबाइल खरीदने वाले दो अन्य व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान ब्रह्मपुर निवासी समीम अख्तर (24), बलभद्रपुर निवासी नसरूल आलम (21), बैरियाकमाल निवासी मोहम्मद राजा (22), छातापुर निवासी मोहम्मद परवेज (26) और मोहम्मद नियाज (30) के रूप में हुई है। पूछताछ में सभी आरोपियों ने लूटकांड में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। आरोपियों की निशानदेही पर लूटी गई यामाहा मोटर साइकिल (बीआर-38एआर-1670) और दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। एसडीपीओ ने बताया कि सभी गिरफ्तार आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया पूरी की जा रही है। उन्होंने यह भी कहा कि जिले में अपराध नियंत्रण और अपराधियों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा।
रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) सीवान ने अपराध नियंत्रण अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल करते हुए अलग-अलग कार्रवाई में तीन शातिर अपराधियों को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से छह चोरी के मोबाइल फोन और एक सोने का लॉकेट बरामद किया गया है। बरामद सामान की कुल अनुमानित कीमत करीब दो लाख रुपये बताई जा रही है। वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त वाराणसी के निर्देश तथा आरपीएफ पोस्ट सीवान के प्रभारी निरीक्षक सुभाष चंद्र यादव के नेतृत्व में सीपीडीएस टीम, आरपीएफ एवं जीआरपी सीवान द्वारा 30 मई को सीवान जंक्शन पर विशेष निगरानी अभियान चलाया गया। इसी दौरान प्लेटफॉर्म संख्या-4 के समीप झाड़ियों में संदिग्ध अवस्था में छिपे दो युवकों को पकड़ा गया। तलाशी लेने पर उनके पास से चोरी के छह मोबाइल फोन बरामद हुए। अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पश्चिम बंगाल के वर्धमान जिले के जमुड़िया थाना क्षेत्र के निंधा निवासी 26 वर्षीय संजय नोनिया तथा झारखंड के साहेबगंज जिले के राजमहल थाना क्षेत्र के बाबूपुर तीनपहाड़ निवासी 23 वर्षीय करण कुमार के रूप में हुई है। बरामद मोबाइलों में एप्पल, रेडमी, नोकिया, रियलमी और वीवो कंपनी के फोन शामिल हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 1.50 लाख रुपये आंकी गई है। पूछताछ में आरोपियों ने स्वीकार किया कि वे बिहार, झारखंड और पश्चिम बंगाल के विभिन्न रेलवे स्टेशनों तथा ट्रेनों में यात्रियों के कीमती सामानों की चोरी की घटनाओं को अंजाम देते थे। सोने का लॉकेट छीनकर भागने का प्रयास किया वहीं दूसरी कार्रवाई में प्लेटफॉर्म संख्या-4 पर गश्ती एवं आपराधिक गतिविधियों की निगरानी के दौरान आरपीएफ टीम ने एक युवक को रंगेहाथ गिरफ्तार किया। आरोपी ने पूर्वी चंपारण जिले के हरैया थाना क्षेत्र के तुमरिया गांव निवासी रेल यात्री पेंटर तिवारी के बच्चे के गले से सोने का लॉकेट छीनकर भागने का प्रयास किया था। गिरफ्तार युवक की पहचान नगर थाना क्षेत्र के नया किला चिक टोली निवासी 19 वर्षीय मासूम अली के रूप में हुई है। उसके कब्जे से करीब 50 हजार रुपये मूल्य का सोने का लॉकेट बरामद कर लिया गया। आरपीएफ अधिकारियों ने बताया कि तीनों आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
पुलिस ने मोबाइल चोर को पकड़ा:खुले दरवाजे वाले घरों से चुराता था आरोपी, 6 फोन बरामद
मंडला की कोतवाली पुलिस ने रविवार को मोबाइल चोरी की घटनाओं का खुलासा किया है। पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से 6 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। पिछले कुछ दिनों से थाना कोतवाली क्षेत्र में रात के समय घरों के खुले दरवाजों से मोबाइल चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और सघन पतासाजी के आधार पर एक संदिग्ध युवक को हिरासत में लिया। पूछताछ में आरोपी मयंक श्रीवास, पिता भद्दूलाल श्रीवास, निवासी चिरईडोंगरी तहसील बम्हनी (वर्तमान में स्वामी सीताराम वार्ड मंडला) ने रात में खुले दरवाजों से घरों में घुसकर मोबाइल फोन चोरी करना स्वीकार किया। आरोपी के कब्जे से कुल 6 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने मयंक श्रीवास के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर उसे न्यायालय में पेश किया है। पुलिस उससे अन्य चोरी की घटनाओं के संबंध में भी पूछताछ कर रही है, जिससे और मामलों के खुलासे की संभावना है। नागरिकों से पुलिस की अपील पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे रात में सोते समय अपने घरों के दरवाजे और खिड़कियां अच्छी तरह बंद रखें तथा मोबाइल और अन्य कीमती सामान सुरक्षित स्थान पर रखें। इस कार्रवाई में एसडीओपी मंडला पीयूष मिश्रा के नेतृत्व में थाना प्रभारी निरीक्षक शफीक खान, सहायक उपनिरीक्षक भुवनेश्वर वामनकर, वंदना नाग, प्रधान आरक्षक मोहन कुडापे सहित कोतवाली पुलिस और साइबर सेल की टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
जींद जिले के जुलाना में पुलिस ने एक वेल्डिंग की दुकान में हुई चोरी की वारदात का खुलासा किया है। इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है, जिसके पास से चोरी के 57,000 रुपए नकद और 2 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। थाना प्रभारी कुलदीप सिंह ने बताया कि करसोला निवासी अनिल ने 17 मई 2026 को पुलिस चौकी मंडी जुलाना में शिकायत दर्ज कराई थी। अनिल ने बताया था कि उसकी वेल्डिंग की दुकान, जो जुलाना-जींद रोहतक रोड पर पावर हाउस के पास स्थित है, से अज्ञात व्यक्ति ने गल्ला तोड़कर करीब 1 लाख 10 हजार रुपए चोरी कर लिए थे। आरोपी को रेवाड़ी से किया गिरफ्तार शिकायत के आधार पर थाना जुलाना में 17 मई 2026 को अभियोग संख्या 134, धारा 331(3), 305 बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की आगे की जांच पुलिस चौकी मंडी जुलाना को सौंपी गई। पुलिस ने तकनीकी जांच और साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की। जांच के दौरान, आरोपी विक्रम उर्फ बकरा, निवासी गांव गतोली, को रेलवे सुरक्षा बल पोस्ट रेवाड़ी से गिरफ्तार किया गया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी की रकम में से 57 हजार रुपए नकद, 2 मोबाइल फोन और अन्य सामान बरामद किया गया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया।
टक्कर का बहाना बनाकर ऑटो चालक से मोबाइल लूटा:आरोपी एक्टिवा से फरार, पिस्टल के साथ बदमाश पकड़ाया
इंदौर के परदेशीपुरा थाना क्षेत्र में एक ऑटो चालक के साथ लूट की वारदात सामने आई है। आरोपी ने सड़क पर टक्कर का बहाना बनाकर चालक को रोका और बातचीत के दौरान उसका मोबाइल फोन छीनकर फरार हो गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार सेक्टर-एफ, कुमेड़ी कांकड़ निवासी अमन वर्मा की शिकायत पर एक्टिवा क्रमांक MP-09-EA-5522 पर सवार अज्ञात युवक के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज किया अमन वर्मा ने पुलिस को बताया कि शनिवार को वह अपनी ऑटो लेकर मरीमाता क्षेत्र से देवास नाका की ओर जा रहा था। इसी दौरान परदेशीपुरा पेट्रोल पंप के सामने एक युवक ने उसे रोक लिया। युवक ने आरोप लगाया कि ऑटो की टक्कर उसकी एक्टिवा से हो गई है और वह नुकसान की बात को लेकर बहस करने लगा। इसी दौरान आरोपी ने मौका पाकर अमन के हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया और एक्टिवा पर सवार होकर मौके से फरार हो गया। घटना के बाद पीड़ित ने परदेशीपुरा थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने लूट का मामला दर्ज कर लिया है और एक्टिवा के नंबर के आधार पर आरोपी की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपी तक जल्द पहुंचा जा सके। पिस्टल,कारतूस के साथ पकड़ाया बदमाश कनाड़िया पुलिस ने भी इंदौर पब्लिक स्कूल के सामने खाली मैदान से अनिकेत पुत्र भेरूसिंह चौहान निवासी बंगाली कॉलोनी खजराना को पकड़ा है। आरोपी के पास से एक देशी पिस्टल और दो जिंदा कारतूस मिले हैं। आरोपी से एक बाइक भी जब्त हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर रही है।
भोपाल के गुनगा थाना क्षेत्र में एक छात्रा की सल्फास खाने से मौत हो गई। परिजनों के अनुसार शनिवार देर रात पिता ने उसे मोबाइल फोन चलाते देख फटकार लगाई थी। इसके बाद छात्रा ने कथित रूप से सल्फास खा लिया। गंभीर हालत में उसे अस्पताल ले जाया गया, जहां रविवार तड़के उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। 12वीं में फर्स्ट डिवीजन से हुई थी पास गुनगा थाना पुलिस के अनुसार रतुआ क्षेत्र निवासी खुशी कुशवाहा (17) पिता जगदीश कुशवाहा परिवार की सबसे बड़ी बेटी थी। उसके परिवार में एक छोटी बहन और एक छोटा भाई है। खुशी ने इसी साल 12वीं की परीक्षा प्रथम श्रेणी में उत्तीर्ण की थी और भानपुर स्थित एक निजी कॉलेज में प्रवेश की तैयारी कर रही थी। मोबाइल चलाते देख पिता ने लगाई फटकार परिजनों ने पुलिस को बताया कि शनिवार देर रात खुशी मोबाइल फोन का उपयोग कर रही थी। इसी दौरान उसके पिता ने उसे मोबाइल चलाते देख डांट दिया। इसके बाद वह नाराज होकर घर के बाथरूम में चली गई। कुछ समय बाद खुशी की तबीयत बिगड़ने लगी। परिजनों ने जब उससे पूछताछ की तो उसने सल्फास खा लेने की बात बताई। इसके बाद परिवार के सदस्य उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे। इलाज के दौरान हुई मौत अस्पताल में डॉक्टरों ने छात्रा का उपचार शुरू किया, लेकिन उसकी हालत लगातार गंभीर बनी रही। रविवार तड़के उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की। पोस्टमॉर्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि परिजनों के बयान और अन्य तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा से 30 अप्रैल से लापता ट्रांसपोर्टर कुलदीप सिंह उर्फ दीपू (38) का सुराग नहीं लग पाया है। कुलदीप को लापता हुए करीब एक महीना हो चुका है। परिवार अभी भी कुलदीप सिंह की तलाश कर रहा है और उनको कुलदीप के घर लौटने की उम्मीद है। उधर, कुलदीप के भाई संजीव कुमार ने बताया कि वे कुलदीप के मोबाइल नंबर पर कॉल करते रहते हैं। उसके दो मोबाइल नंबर में एक की सर्विस बंद हो चुकी है और दूसरा नंबर बंद आ रहा है। वे पुलिस से भी संपर्क कर रहे हैं, लेकिन पुलिस से कोई खास मदद नहीं मिल रही। पुलिस सिर्फ तलाश कर रहे हैं, की बात दोहरा रही है। परिवार में पत्नी और तीन बच्चे संजीव कुमार ने बताया कि कुलदीप उसका छोटा भाई है और उससे अलग माता-पिता के साथ रहता है। कुलदीप शादीशुदा है। कुलदीप के लापता होने से उसकी पत्नी, बेटी वंशिका (16), हर्षिका (14) और बेटा खुशविंद्र (10) काफी परेशान है। हम नहर के आसपास अभी भी कुलदीप की तलाश में जा रहे हैं। ट्रांसपोर्टर पर धोखा करने के आरोप संजीव कुमार ने बताया कि उसका छोटा भाई कुलदीप सिंह करीब 10 साल पिहोवा की अनाज मंडी में पास के गांव के ट्रांसपोर्टर के साथ काम कर रहा है। इस ट्रांसपोर्ट का पूरा काम कुलदीप ही संभालता है। आरोप लगाया कि इस ट्रांसपोर्टर ने कुलदीप का मकान धोखे से अपने नाम करवा लिया। मोबाइल पर भेजी 4 वीडियो कुलदीप ने लापता होने से पहले उसके मोबाइल पर चार वीडियो भेजी थी। इसके बाद उसका फोन बंद हो गया। इन वीडियो में कुलदीप ट्रांसपोर्टर समेत कई लोगों पर पैसे के लेन-देन और उसके साथ धोखा करने की बात कह रहा है। कुलदीप ने अपना घर के सोने-चांदी के जेवर गिरवी रखकर ट्रांसपोर्टर को करीब 23 लाख रुपए दिए थे। जान से मारने की दी धमकी पैसे लेकर ट्रांसपोर्टर उसका मकान खाली करवाने और सामान बाहर फेंकने की धमकियां दे रहा था। इसके अलावा प्रवीन के साथ 16-17 लाख, कैथल के चीका के चावल एजेंट पर किराए के 8-9 लाख समेत कुछ लोगों के साथ लेनदेन की बात सामने आई है। कुलदीप की बाइक नहर के किनारे से मिली थी।
कैम्प में बेटियां सीख रही है हुनर, युवा पीढ़ी को मोबाइल और सोशल मीडिया दूरी रखने का संदेश
भास्कर न्यूज | बाड़मेर स्थानीय मुभीछा राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय गांधी चौक में टीम बाड़मेर की ओर से चल रहे निशुल्क समर कैंप में विभिन्न गतिविधियों का आयोजन हुआ। भाजपा नेता स्वरूपसिंह खारा ने टीम बाड़मेर के संरक्षक कमलसिंह रानीगांव के साथ कैंप का अवलोकन किया। खारा ने कहा कि आज के दौर में मोबाइल फोन लोगों का जीवन नरक बना रहा है। उन्होंने कहा कि निरन्तर आगे बढ़ना है, सफलता की ऊंचाइयों को छूना है। मोबाइल की अनावश्यक लत छोड़नी होगी। उन्होंने कहा कि जो व्यक्ति मोबाइल के दुरुपयोग से दूर रहेगा। समय शिक्षा, संस्कार, लक्ष्य में लगाएगा वही सफलता पाएगा। खारा ने शिविर में एक साथ करीब 1200 बेटियों को अलग-अलग गतिविधियों का प्रशिक्षण दिए जाने को सराहनीय पहल बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन बेटियों के सर्वांगीण विकास में मदद करते हैं। समाज में सकारात्मक बदलाव लाते हैं। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी मोबाइल, सोशल मीडिया में समय गंवा रही है। ऐसे समर कैंप बच्चों को नई दिशा दे रहे हैं। टीम बाड़मेर का प्रयास जिले के साथ पूरे प्रदेश के लिए प्रेरणास्रोत है। टीम बाड़मेर के संरक्षक कमलसिंह रानीगांव ने बताया कि समर कैंप में सांस्कृतिक, शैक्षणिक, व्यक्तित्व विकास से जुड़ी गतिविधियां हो रही हैं। टीम बाड़मेर के अध्यक्ष सुरेश जाटोल ने बताया कि उद्देश्य बच्चों को सकारात्मक दिशा देना है। अवलोकन के दौरान महामंत्री अबरार मोहम्मद, शिविर प्रभारी रफीक मोहम्मद कोटवाल, सह प्रभारी प्रेम परिहार, प्रवक्ता छगनसिंह ने खारा जानकारी दी। बाड़मेर. समर कैंप प्रशिक्षण प्राप्त करती बेटियां।
शाहजहांपुर में 6 IPL सट्टेबाज गिरफ्तार:गुजरात-राजस्थान मैच पर खाईबाड़ी, 7 मोबाइल फोन बरामद
शाहजहांपुर पुलिस ने आईपीएल मैच में सट्टेबाजी करने वाले छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से सात मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई एक मकान पर छापेमारी के दौरान की गई। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में चार सदर बाजार थाना क्षेत्र के, एक चौक कोतवाली क्षेत्र का और एक मिर्जापुर थाना क्षेत्र का निवासी है। पुलिस के अनुसार, आरोपी नीतेश अपने मकान में बैठकर आईपीएल मैचों पर जुआ खिलवाता था, जिसके लिए उसे दस हजार रुपये मिलते थे। आरोपियों ने बताया कि उन्होंने 29 मई को हुए गुजरात और राजस्थान के बीच मैच पर सट्टा लगाया था और उसी का हिसाब-किताब जोड़ रहे थे। पुलिस को मौके से बरामद डायरी में 29 मई को हुए गुजरात और राजस्थान मैच की खाईबाड़ी का विवरण मिला है। चौक कोतवाली पुलिस ने यह कार्रवाई आईपीएल के फाइनल मुकाबले से ठीक एक दिन पहले की। पुलिस को इतने समय तक इस सट्टेबाजी की जानकारी नहीं थी, जबकि अब तक आईपीएल के 73 मैच खेले जा चुके थे।गिरफ्तार आरोपियों की पहचान पराक्रम, विशेष, पुरुषार्थ, बाल गोविंद (सभी निवासी सदर बाजार), प्रखर (निवासी मिर्जापुर थाना क्षेत्र) और नीतेश (निवासी चौक कोतवाली क्षेत्र) के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से वे मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनका उपयोग ऑनलाइन आईपीएल सट्टेबाजी के लिए किया जा रहा था। आरोपियों ने बताया कि वे पैसों का लेनदेन क्यूआर कोड के माध्यम से ऑनलाइन करते थे। नीतेश को उसके घर में जुआ खिलवाने के लिए दस हजार रुपये दिए जाते थे, जिससे वह अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। आरोपियों ने यह भी बताया कि वे बुकी बकार, देवेश और और शेर मोहम्मद से मोबाइल पर संपर्क कर सट्टा लगाते थे, हालांकि उन्हें इन बुकियों का पूरा पता नहीं है। पुलिस ने इस मामले में आगे की पूछताछ और कार्रवाई शुरू कर दी है।
पाली में शनिवार शाम करीब सवा आठ बजे मोबाइल पर अचानक आवाज के अलर्ट आया। उसके चंद सेकंड बाद अचानक तेज हवा शुरू हो गई जो देखते ही देखते तेज आंधी में बदल गई। आंधी इतनी तेज थी कि सड़क पर एक जगह खड़ा रहना मुश्किल लग रहा था। आसमान में बिजली कड़क रही थी। खिड़की दरवाजे तक आंधी के दबाव में आवाज करने लगे। शहर में जोधपुर रोड स्थित कई जगह पेड़, होर्डिंग तक गिर गए। इस दौरान लाइट भी गुल हो गई। मौसम विभाग के अनुसार अगले 3 घंटों में पाली, ब्यावर, भीलवाड़ा, बूंदी, कोटा, राजसमंद, सवाई माधोपुर और टोंक के कई स्थानों पर 80-100 किमी/घंटा की सतही हवाओं, तेज़ झोंकों, ओलावृष्टि, मध्यम बारिश और बिजली कड़कने के साथ बहुत भीषण तूफ़ान आने की प्रबल संभावना जताई गई है। आपदा प्रबन्धन, सहायता एवं नागरिक सुरक्षा विभाग राजस्थान और स्थानीय प्रशासन अलर्ट मोड पर है और लोगों को भी सावधानी बरतने की प्रशासन ने अपील की।
दिल्ली पुलिस की ईस्टर्न रेंज ने ऑपरेशन विश्वास के तहत एक बड़ा कदम उठाते हुए नागरिकों का भरोसा और मजबूत किया है। पुलिस ने विभिन्न इलाकों से चोरी और गुम हुए 532 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। न्यू अशोक नगर स्थित महाराजा अग्रसेन कॉलेज में आयोजित एक विशेष कार्यक्रम के दौरान इन मोबाइलों का वितरण किया गया। सालों या महीनों पहले खो चुके अपने कीमती फोन को वापस पाकर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। कई लोगों ने कहा कि उन्हें फोन मिलने की उम्मीद छोड़ दी थी, लेकिन दिल्ली पुलिस ने इसे सच कर दिखाया। स्पेशल सीपी सहित कई बड़े अधिकारी रहे मौजूद इस खास कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में स्पेशल सीपी (जोन-1) देवेश चंद्र श्रीवास्तव और ज्वाइंट सीपी (ईस्टर्न रेंज) डॉ अजीत कुमार सिंगला मौजूद रहे। इनके अलावा ईस्ट जिले के डीसीपी राजीव कुमार, शाहदरा के डीसीपी आरपी मीणा और नॉर्थ-ईस्ट के डीसीपी राहुल अलवाल सहित कई वरिष्ठ अधिकारियों ने नागरिकों को उनके फोन सौंपे। साइबर क्राइम और नशे के खिलाफ दी गई सख्त चेतावनी समारोह की शुरुआत में पुलिस ने साइबर जागरूकता और नशा विरोधी सत्र भी आयोजित किए। अधिकारियों ने लोगों को डिजिटल अरेस्ट, ओटीपी फ्रॉड, फर्जी निवेश योजनाओं और ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी (साइबर ठगी) से बचने के तरीके सिखाए। पुलिस ने अपील की कि यदि कोई भी व्यक्ति साइबर अपराध का शिकार होता है, तो वह तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर इसकी सूचना दे।
नालंदा के हरनौत थाना क्षेत्र में साल 2021 में हुई एक सीआरपीएफ जवान की हत्या और लूट के मामले में न्यायालय ने अपना फैसला सुना दिया है। आज कोर्ट के एडीजे-08 बिहारशरीफ, नालंदा ने पुलिस की ओर से प्रस्तुत सबूत और चार्जशीट के आधार पर हरनौत थाना कांड संख्या 308/21 के मुख्य आरोपी बबलू कुमार उर्फ बबलू यादव को दोषी करार दिया है। जोरारपुर, थाना हरनौत निवासी नारायण यादव के बेटे बबलू यादव को हत्या के इस मामले में आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई है। इस पूरे प्रकरण में सरकार और पुलिस का पक्ष लोक अभियोजक अजय कुमार रस्तोगी ने न्यायालय के समक्ष मजबूती से रखा। न्यायालय ने आरोपी को अलग-अलग धाराओं में कठोर सजा मुकर्रर की है। IPC की धारा 302 के तहत दोषी पाते हुए बबलू यादव को आजीवन कठोर कारावास और 20,000 रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई गई है। अर्थदंड की यह राशि नहीं देने पर उसे 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके साथ ही, भादवि की धारा 394 (लूटपाट के दौरान चोट पहुंचाना) के तहत भी उसे 10 साल के सश्रम कठोर कारावास और 10,000 रुपये के अर्थदंड की सजा दी गई है। इस अर्थदंड को न चुकाने की स्थिति में 3 माह के अतिरिक्त साधारण कारावास का प्रावधान किया गया है। मोटरसाइकिल से पटना लौटते समय हुआ था हादसा घटना 23 जुलाई 2021 की सुबह घटी थी, जब सकसोहरा (पटना) निवासी 25 साल के सीआरपीएफ जवान सोनू कुमार अपनी मोटरसाइकिल से पटना लौट रहे थे। सुबह करीब 4:00 बजे हरनौत में केन्द्रीय विद्यालय के पास तीन अज्ञात मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने उनकी बाइक रुकवाकर उन्हें देसी कट्टा सटा दिया था और उनका ओप्पो मोबाइल लूट लिया था। जब सोनू कुमार ने विरोध करते हुए आगे बढ़ने की कोशिश की, तो एक बदमाश ने गाली देते हुए उन्हें पीछे से गोली मार दी थी। घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों की मदद से गंभीर रूप से घायल जवान को पहले प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र हरनौत और फिर वहां से पीएमसीएच पटना ले जाया गया था। बाद में इलाज के दौरान जवान की मौत हो जाने पर मामले में धारा 302 जोड़ी गई थी। 5 साल के बाद पीड़ित परिवार को न्याय मिल गया है।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर नागौर से है। यहां कार और ट्रक की आमने-सामने की भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई। टक्कर के बाद दोनों गाड़ियों में आग लग गई। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, राजस्थान दिनभर में क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें1. सीकर समेत कई जिलों में रेत का बवंडरराजस्थान में शनिवार को चूरू, हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर, बीकानेर, सीकर, नागौर और डीडवाना-कुचामन समेत कई जिलों में रेत का बवंडर आया। इस दौरान दिन में अंधेरा छा गया। जयपुर में अंधड़ के बाद बारिश हुई और ओले गिरे। अजमेर-जोधपुर सहित कई जिलों में बारिश हुई। पूरी खबर पढ़ें 2. किसानों ने रेलवे ट्रैक रोका, गेहूं खरीद को लेकर आंदोलनहनुमानगढ़ जिले के पीलीबंगा में शनिवार को किसानों का आंदोलन उग्र हो गया। हजारों किसान करीब 1 घंटे तक रेलवे ट्रैक पर बैठे रहे। प्रशासन ने 10 जून तक का समय मांगा। किसानों ने कहा- प्रशासन अपने वादे पर खरा नहीं उतरा तो 10 जून को कलेक्ट्रेट पर आंदोलन होगा। पूरी खबर पढ़ें 3. ट्रंप की बेटी जैसलमेर आएंगी, बॉर्डर इलाकों में अलर्टअमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की छोटी बेटी टिफनी ट्रंप अपने पति माइकल बोलस के साथ रविवार को जैसलमेर पहुंचेंगी। यह शाही जोड़ा चार्टर प्लेन से सीधे जैसलमेर पहुंचेगा। उनके इस हाई-प्रोफाइल और निजी दौरे को देखते हुए सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए गए हैं। पूरी खबर पढ़ें 4. पैरोल के बावजूद 24 दिन जेल में रखा, सुप्रीम कोर्ट नाराजसुप्रीम कोर्ट ने पैरोल आदेशों के बावजूद एक कैदी को 24 दिन तक जेल में रखने पर नाराजगी जताई। कोर्ट ने पीड़ित को 11 लाख रुपए का मुआवजा देने के आदेश दिए हैं। हाईकोर्ट से पैरोल के आदेशों के बावजूद कैदी को रिहा करने में 24 दिन की देरी को अवैध रूप से हिरासत में रखना माना गया है। पूरी खबर पढ़ें 5. ट्रक और कार की भिड़ंत में 4 लोगों की मौतनागौर में कार और ट्रक में आमने-सामने की भिड़ंत में 4 लोगों की मौत हो गई। भीषण टक्कर से कार के परखच्चे उड़ गए। दोनों गाड़ियों की टक्कर के बाद धमाके जैसी आवाज आई और कुछ देर बाद आग लग गई। मौके पर मौजूद लोगों ने कार सवार लोगों को खींचकर बाहर निकाला। पूरी खबर पढ़ें अब 3 अहम खबरें6. एडवोकेट पर हमले के आरोपियों की पैरवी पर भिड़े वकीलबूंदी में एडवोकेट पर हमले के आरोपियों की पैरवी को लेकर शनिवार को वकील आपस में भिड़ गए। आरोपियों की पैरवी करने कोटा से वकील पहुंचने पर कोर्ट परिसर में काफी देर तक हंगामे और तनाव की स्थिति बनी रही। हालात को देखते हुए RAC के जवान तैनात करने पड़े। पूरी खबर पढ़ें 7. RLP कार्यकर्ताओं को जमानत दी, तहसीलदार का ट्रांसफरराष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के कार्यकर्ताओं को जमानत देने वाले कुचामन-डीडवाना तहसीलदार कैलाश ईनाणिया का ट्रांसफर कर दिया गया है। उन्हें अब बांसवाड़ा के गांगड़तलाई लगाया गया है। RLP के कार्यकर्ताओ ने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष को काले झंडे दिखाए थे। पूरी खबर पढ़ें 8. मोबाइल में मिले 400 चाइल्ड पोर्नोग्राफी वीडियो, 1 गिरफ्तारडीडवाना-कुचामन पुलिस ने चाइल्ड पोर्नोग्राफी के मामले में 1 आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के मोबाइल की जांच में करीब 1000 से अधिक वीडियो मिले हैं, जिनमें 400 चाइल्ड पोर्नोग्राफी वीडियो हैं। साथ ही सैकड़ों आपत्तिजनक फोटो भी मिले हैं। पूरी खबर पढ़ें खबर जो हटकर है9. डॉक्टर्स ने 1 दिन में 15 ऑपरेशन कर बनाया रिकॉर्डअजमेर के JLN हॉस्पिटल में डॉक्टर्स की टीम ने एक दिन में 15 ऑपरेशन कर रिकॉर्ड बनाया है। इनमें दूरबीन तकनीक के जरिए पित्त की थैली निकालने जैसी जटिल सर्जरी शामिल रही। इसे गिनीज बुक ऑफ वर्ल्ड रिकॉर्ड, इंडिया बुक रिकॉर्ड्स, लिम्का बुक ऑफ रिकॉर्ड्स में शामिल कराया जाएगा। पूरी खबर पढ़ें कल क्या होगा खास10. लेक्चरर और कोच-2025 एग्जाम होंगे शुरू RPSC द्वारा माध्यमिक शिक्षा विभाग के लिए लेक्चरर और कोच प्रतियोगी परीक्षा-2025 का आयोजन 31 मई से शुरू होगा। इसमें प्रदेश के करीब 5.50 लाख कैंडिडेट्स शामिल होंगे।
एमटीएफ बेगूसराय की ओर से उत्क्रमित मध्य विद्यालय महमदपुर में आयोजित पांच दिवसीय नाट्य कार्यशाला का आज समापन हो गया। कार्यशाला के दौरान बच्चों को नाटक में संवाद बोलने की कला का अभ्यास कराया गया। इसके साथ ही बॉडी लैंग्वेज को बेहतर बनाने के लिए अंग संचालन का भी बच्चों ने अभ्यास किया। समापन के अवसर पर बच्चों ने मोबाइल की दुनिया नाटक का मंचन किया। नाटक के माध्यम से बच्चों को मैसेज दिया गया कि इसका उपयोग कब और कितना करना है। नाटक में सात और आठ क्लास की छात्रा दिव्या कुमारी, दुर्गा कुमारी, सोनाली कुमारी, सोनाक्षी कुमारी, करूणा कुमारी और शिवानी कुमारी ने भूमिका का निर्वाह किया। जबकि शिवानी, अनीका राज, करूणा और अंजली ने झिझिया और जट-जटिन नृत्य नाटिका प्रस्तुत किया। निर्देशक और नाट्य प्रशिक्षक परवेज़ यूसुफ ने बताया कि गुरु-शिष्य परंपरा के तहत बच्चों में नाट्य कला सिखाने, उन्हें व्यवहार कुशल बनाने ौर उनके सर्वांगीण विकास के लिए नाट्य कला बहुत ही कारगर उपाय है। उन्होंने कहा कि आज का समय उपदेश का नहीं है, उन्हें खेल-खेल में व्यावहारिक शिक्षा देनी चाहिए। नाट्य कला केवल मनोरंजन का माध्यम नहीं है, बल्कि यह एक बौद्धिक (मानसिक) खेल भी है। जिसमें अपनी सोच, समझ, कल्पना और संवेदनाओं का उपयोग किया जाता है। बच्चों में उत्साह दिख रहा शिक्षक प्रवीण कुमार ने प्रशिक्षकों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि नाट्य कार्यशाला से हमारे विद्यालय के बच्चों को काफी लाभ मिला है, बच्चों में उत्साह दिख रहा है। विद्यालय के प्रधानाचार्य संजय सिंह ने कहा कि बच्चों में अनुशासन और आत्मविश्वास के लिए कला शिक्षा आवश्यक है।
जालंधर के चर्चित राइट टू इन्फॉर्मेशन (RTI) एक्टिविस्ट की गोली मारकर हत्या कर दी गई। फगवाड़ा में लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (LPU) के लॉ गेट के पास आज (30 मई) सुबह करीब 8 से 10 बजे के बीच हमलावरों ने उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। गोली उनके सिर में लगी, जिससे वह जमीन पर गिर पड़े, इसके बाद फिर नहीं उठे। गोली चलने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। DIG नवीन सिंगला ने कहा कि हमले की सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। जांच के दौरान मौके पर शव के पास एक पिस्टल, फॉर्च्यूनर, दो मोबाइल पड़े मिले हैं। इसके अलावा एक खोल बरामद हुआ। पुलिस अब हत्या के कारण और हमलावारों का पता लगा रही है। हालांकि बताया जा रहा है कि RTI एक्टिविस्ट को सुरक्षा के लिए गनमैन मिला हुआ था, जो मौके पर नहीं मिला। यूनिवर्सिटी गेट के पास घात लगाकर बैठे थे हमलावर जानकारी के मुताबिक, जालंधर के RTI कार्यकर्ता सिमरनजीत सिंह किसी काम से फगवाड़ा गए हुए थे। वह LPU के लॉ गेट के पास मौजूद थे। तभी अचानक वहां कुछ अज्ञात युवक पहुंचे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पहले से ही घात लगाकर बैठे हुए थे। उन युवकों ने सिमरनजीत सिंह को देखते ही उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। सिमरनजीत सिंह को गोली लगने के बाद के कुछ फोटो सामने आए हैं, जिनमें सिमरनजीत सिंह जमीन पर पड़े हैं। उनके बाएं हाथ के पास में दो मोबाइल पड़े हैं। वहीं, दाएं हाथ के पास एक पिस्टल पड़ी है। साथ ही एक ईयरपॉड पर भी पड़ा दिख रहा है। ज्यादा खून बहने से अचेत हो गए सिमरनजीत सिंह फायरिंग की इस अचानक हुई घटना से यूनिवर्सिटी गेट के आसपास मौजूद लोगों में दहशत फैल गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता या सिमरनजीत सिंह को बचाने की कोशिश करता, हमलावर उन्हें लहूलुहान हालत में छोड़कर मौके से रफूचक्कर हो चुके थे। गोली लगने के कारण सिमरनजीत सिंह जमीन पर गिर पड़े और अत्यधिक खून बहने की वजह से वहीं अचेत हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत हरकत में आए। सिमरनजीत सिंह को आननफानन एम्बुलेंस के जरिए नजदीकी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका। उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी।
खेत में बैठकर IPL मैच पर सट्टा लगाते 3 गिरफ्तार:फतेहाबाद CIA ने मारी रेड; रजिस्टर और 5 मोबाइल बरामद
फतेहाबाद पुलिस की सीआईए टीम ने गांव मोहम्मदपुर रोही क्षेत्र में एक खेत में संचालित किए जा रहे ऑनलाइन क्रिकेट सट्टेबाजी रैकेट का भंडाफोड़ करते हुए तीन बुकी को गिरफ्तार किया है। ये लोग आईपीएल मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे थे। आरोपी मोहम्मदपुर रोही के खेतों में लाइट की रोशनी में राजस्थान रॉयल्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच पर सट्टा लगा रहते हुए पकड़े। पकड़े गए आरोपियों की पहचान फतेहाबाद के डीएसपी रोड निवासी हितेश कुमार उर्फ हन्नी, शहर के ही शक्ति नगर निवासी संदीप उर्फ गोलू और गांव मोहम्मदपुर रोही निवासी अमन जांगू के रूप में हुई है। आईफोन समेत 5 मोबाइल बरामद जानकारी देते हुए सीआईए प्रभारी वेदपाल ने बताया कि पुलिस टीम नया बस अड्डा मोहम्मदपुर रोही के पास गश्त एवं अपराध नियंत्रण ड्यूटी पर तैनात थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि मोहम्मदपुर रोही निवासी मनजीत सिंह के खेत में बने कमरे के बाहर कुछ युवक मोबाइल के माध्यम से राजस्थान रॉयल्स बनाम गुजरात टाइटंस मैच पर ऑनलाइन सट्टेबाजी कर रहे हैं। पुलिस टीम ने तुरंत रेडिंग पार्टी गठित कर गुप्त रूप से बताए गए स्थान पर दबिश दी। मौके पर तीनों आरोपियों को ऑनलाइन सट्टेबाजी करते हुए काबू कर लिया गया। तलाशी के दौरान आरोपियों के कब्जे से एक आईफोन सहित कुल 5 मोबाइल, सट्टेबाजी का हिसाब-किताब दर्ज रजिस्टर, पेन तथा 3,710 रुपए की सट्टा राशि बरामद की गई। पुलिस ने जमानत पर किए रिहा आरोपियों के खिलाफ सदर थाना फतेहाबाद में द हरियाणा प्रिवेंशन ऑफ पब्लिक गैंबलिंग एक्ट, 2025 की धारा 3 के तहत केस दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ के बाद आरोपियों को नियमानुसार पुलिस जमानत पर रिहा कर दिया गया।
जनगणना को लेकर प्रशासन पूरी तरह से सक्रिय है लेकिन इसमें कई अजीब किस्से भी सामने आ रहे हैं। नगर निगम क्षेत्र के एक जनगणना कर्मी ने 7 दिन पहले जब काम शुरू नहीं किया तो उससे पूछताछ हुई। कारण पूछने पर उसने शांति से जवाब दिया कि उसका मोबाइल टूट गया है, जिससे जनगणना नहीं कर पा रहा है। निगरानी कर रहे अधिकारियों ने अपना माथा पकड़ लिया। प्रगणक पेशे से शिक्षक है और अधिकारी ने उसे चेतावनी दी है। दरअसल स्वगणना खत्म होने के बाद मकानों की गणना का काम 22 मई से शुरू हो गया है। सभी शिक्षकों को हाउस लिस्टिंग ब्लॉक (HLB) दिए गए हैं। शिक्षक के HLB में जब जनगणना शुरू नहीं हुई तो अधिकारियों के कान खड़े हो गए। जब उससे सवाल किया गया तो उसने मोबाइल टूटने की बात कही। अधिकारी इसे बहाना मान रहे हैं। जनगणना मोबाइल एप पर ही हो रही है। इसलिए कई ऐसे प्रगणक जिनके पास पुराने मोबाइल हैं, उनके सामने समस्या खड़ी हो गई है। घरों पर मिल रहे सीधे सवाल के उल्टे जवाब जनगणना करने के लिए जब प्रगणक लोगों के घर पहुंच रहे हैं तो उन्हें सीधे सवाल के उल्टे जवाब दिए जा रहे हैं। घर में सदस्यों की संख्या और कमरों की संख्या पूछने पर घरवाले सीधे बताने से इनकार कर रहे हैं। शौचालय, टाइल्स,पीने के पानी, गाड़ी और यहां तक कि परिवार के सदस्यों की संख्या पूछने पर भी सीधा जवाब नहीं दे रहे। एक प्रगणक ने जब कमरों की संख्या पूछी तो घर के मालिक ने कहा कि तुम इंजीनियर हो क्या कि कमरों की संख्या तुम्हें बताएं। इधर प्रशासन की सख्ती भी जारी है। जनगणना कार्य में लापरवाही या रुचि न लेने वाले 100 से अधिक प्रगणकों का वेतन रोक दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि तय समयसीमा में काम पूरा कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है और सुस्ती बरतने वालों पर कार्रवाई होगी। जिला प्रशासन के आंकड़ों के अनुसार जिले में कुल 9332 गणना ब्लाक बनाए गए हैं। शुक्रवार दोपहर तक 8370 ब्लाकों में मकान और परिवारों की गणना चल रही थी, जबकि 397 ब्लाकों में प्रगणकों ने महज सात दिन के भीतर कार्य पूरा कर लिया। हालांकि 565 गणना ब्लाकों में अब तक काम शुरू नहीं हो सका है, जो प्रशासन के लिए चिंता का विषय बना हुआ है।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) मुख्य परीक्षा-2025 को लेकर बस्तर जिले में तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। प्रशासन ने परीक्षा को पारदर्शी और नकलमुक्त बनाने के लिए व्यापक सुरक्षा व्यवस्था लागू की है। इस बार जगदलपुर के पीजी कॉलेज धरमपुर को परीक्षा केंद्र बनाया गया है, जहां जिले के 181 अभ्यर्थी मुख्य परीक्षा में शामिल होंगे। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, परीक्षा केंद्र के अंदर किसी भी अभ्यर्थी या कर्मचारी को मोबाइल फोन के इस्तेमाल की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा शुरू होने से पहले सभी मोबाइल फोन केंद्राध्यक्ष के पास जमा कराए जाएंगे। आपात स्थिति में केवल लैंडलाइन फोन का इस्तेमाल किया जा सकेगा। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा की निष्पक्षता बनाए रखने और इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों के दुरुपयोग को रोकने के लिए यह व्यवस्था लागू की गई है। 4 दिनों तक चलेगी परीक्षा CGPSC मुख्य परीक्षा 6 जून से शुरू होगी। पहले दिन भाषा और निबंध का पेपर आयोजित किया जाएगा। 7 जून को सामान्य अध्ययन-1 और सामान्य अध्ययन-2, 8 जून को सामान्य अध्ययन-3 और सामान्य अध्ययन-4 और 9 जून को सामान्य अध्ययन-5 की परीक्षा होगी। सभी प्रश्नपत्र दो पालियों में आयोजित किए जाएंगे। सुबह की पाली सुबह 9 बजे से दोपहर 12 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगी। अंतिम दिन केवल एक पाली में परीक्षा संपन्न होगी। प्रश्नपत्रों और उत्तरपुस्तिकाओं की विशेष सुरक्षा प्रशासन ने प्रश्नपत्रों और उत्तरपुस्तिकाओं की सुरक्षा के लिए स्ट्रॉन्ग रूम और सीलबंद पैकेट की व्यवस्था की है। परीक्षा समाप्त होने के बाद उत्तरपुस्तिकाओं को पुनः सीलबंद कर कड़ी सुरक्षा के बीच रायपुर स्थित छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग कार्यालय भेजा जाएगा। इसके लिए विशेष वाहन और सुरक्षा बल तैनात रहेंगे। निगरानी के लिए प्रशासन और पुलिस अलर्ट परीक्षा केंद्र में सुरक्षा और निगरानी के लिए प्रशासनिक अधिकारियों तथा पुलिस बल की विशेष ड्यूटी लगाई गई है। प्रत्येक परीक्षा दिवस पर निर्धारित समय से डेढ़ घंटे पहले स्ट्रॉन्ग रूम खोला जाएगा और नियुक्त नोडल अधिकारियों की मौजूदगी में सीलबंद प्रश्नपत्र केंद्राध्यक्ष को सौंपे जाएंगे। अधिकारियों का कहना है कि पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। फैक्ट फाइल परीक्षा प्रारंभ- 6 जून 2026परीक्षा केंद्र- पीजी कॉलेज धरमपुर, जगदलपुरकुल परीक्षार्थी- 181परीक्षा अवधि- 6 से 9 जूनमोबाइल फोन पर पूर्ण प्रतिबंधप्रश्नपत्र और उत्तरपुस्तिकाओं के लिए स्ट्रॉन्ग रूम व्यवस्थाप्रशासन और पुलिस की संयुक्त निगरानी व्यवस्था लागू
किशनगंज के टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र में पुलिस ने गश्त के दौरान 12.2 ग्राम स्मैक जैसे मादक पदार्थ के साथ एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के पास से एक मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और लाइटर भी जब्त किया गया है। जानकारी के अनुसार, अपर थानाध्यक्ष रितेश कुमार सशस्त्र बल के साथ क्षेत्र में गश्त पर थे। हजारी चौक के पास कलियागंज की ओर से आ रहे एक युवक ने पुलिस वाहन को देखकर भागने का प्रयास किया। पुलिसकर्मियों ने तुरंत कार्रवाई करते हुए उसे पकड़ लिया। पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान बिकाश कुमार साह (26) के रूप में बताई। वह टेढ़ागाछ थाना क्षेत्र के भोजपुर बलुआ निवासी सत्यनारायण साह का बेटा है। कृषि पदाधिकारी की उपस्थिति में हई तलाशी पुलिस ने प्रखंड कृषि पदाधिकारी की उपस्थिति में युवक की तलाशी ली। उसके पीले रंग के जैकेट की दाहिनी जेब से एक सफेद डिब्बे में रखी 20 पुड़िया स्मैक जैसा पदार्थ और एक काले रंग की पॉलिथीन में अतिरिक्त मादक पदार्थ बरामद हुआ। इलेक्ट्रॉनिक तराजू से वजन करने पर कुल 12.2 ग्राम पदार्थ पाया गया। आरोपी के पास से एक काले रंग की होंडा एसपी 125 मोटरसाइकिल, ओपो कंपनी का मोबाइल फोन और एक हरे रंग का लाइटर भी जब्त किया गया। पुलिस ने बरामद सभी वस्तुओं को विधिवत जब्त कर लिया है और आरोपी के परिजनों को गिरफ्तारी की सूचना दे दी गई है। टेढ़ागाछ थानाध्यक्ष मोहम्मद इजहार आलम ने बताया कि आरोपी बिकाश कुमार साह के खिलाफ मादक पदार्थ रखने के आरोप में एनडीपीएस एक्ट के तहत कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
ओंगनार में मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम ने स्वच्छ भारत अभियान आयोजित किया
बेनूर| एसबीआई फाउंडेशन एवं स्वयंसेवी संस्था परिवर्तन समाज विकास समिति नारायणपुर द्वारा प्रोजेक्ट विलेज ओंगनार में स्वच्छ भारत अभियान आयोजित किया गया। अभियान के तहत सामुदायिक पेयजल एवं स्नानागार परिसर के आसपास स्वच्छता प्रबंधन और अपशिष्ट कचरा निपटान को लेकर ग्रामीणों को जागरूक किया गया। गुरुवार को माहवारी स्वच्छता दिवस के अवसर पर महिलाओं को सेनेटरी पैड वितरित कर माहवारी संबंधी स्वास्थ्य जानकारी भी दी गई। स्वच्छता और स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए नाटक एवं सांस्कृतिक कार्यक्रमों के माध्यम से प्रचार-प्रसार किया गया। ग्रामीणों ने गांव को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया। कार्यक्रम में 116 लोगों ने भाग लिया। इस दौरान ग्राम पंचायत सरपंच, पंचगण, आंगनबाड़ी कार्यकर्ता एवं ग्रामीण उपस्थित रहे। मोबाइल मेडिकल यूनिट टीम द्वारा ग्रामीणों का स्वास्थ्य परीक्षण, डॉक्टर परामर्श, रक्त जांच और निशुल्क दवाइयों का वितरण भी किया गया। संस्था ने बताया कि एमएमयू सेवा का उद्देश्य वनांचल क्षेत्रों में रहने वाले लोगों तक सरलता से स्वास्थ्य सुविधाएं पहुंचाना है।
जुलाई 2025 में कोंडागांव पुलिस ने अमान वीरानी (25) को सेंट्रल गवर्नमेंट की एक अधिकारी की शिकायत पर गिरफ्तार किया। अधिकारी ने आरोप लगाया कि अमान ने दोस्ती कर शादी का झांसा दिया, वीडियो-फोटो बनाए, फिर ब्लैकमेल कर वसूली की। पुलिस और साइबर टीम ने उसका मोबाइल जब्त किया। जांच टीम के दो अधिकारियों और सूत्रों ने भास्कर को बताया कि मोबाइल गैलरी में 40 से अधिक लड़कियों के फोटो-वीडियो थे। कांटेक्ट लिस्ट में 43 लड़कियों के नंबर मिले। कॉल करने पर पता चला कि इनमें 20 नाबालिग, 10 शादीशुदा और 8 ऐसी थीं जिनकी शादी होने वाली थी। सभी बस्तर संभाग की थीं। जांच के दौरान दो और पीड़िताएं सामने आईं। इसके बाद अमान के खिलाफ एक अधिकारी, कॉलेज छात्रा और एक नवविवाहिता की शिकायत पर कुल 3 एफआईआर दर्ज हुईं। मोबाइल जांच के लिए साइबर लैब नवा रायपुर भेजा गया और अमान जेल चला गया। इस मामले ने अप्रैल 2026 में नया मोड़ लिया। पहली पीड़िता ने कोंडागांव न्यायाधीश और पुलिस अधीक्षक को ई-मेल भेजा, जिसकी प्रति भास्कर को मिली। पीड़िता ने लिखा कि जेल से छूटने के बाद अमान उस पर केस वापस लेने का दबाव बना रहा है। उसका एक्सीडेंट हुआ है और उसे आशंका है कि इसके पीछे भी अमान का हाथ हो सकता है। उसने खुद को बिस्तर पर होने और थाना आने में असमर्थ बताया। इसके बाद रिपोर्टर ने जानकारी जुटाई तो पता चला कि दोबारा शिकायत के बावजूद पुलिस ने पीड़िता का बयान तक नहीं लिया। वहीं, बेल मिलने के बाद अमान कुछ दिन जगदलपुर में रहा और अब केशकाल में है। परिवार की गुजारिश पर उसे स्पेयर पार्ट्स की दुकान में काम मिला है। रिपोर्टर जब मस्जिद गली स्थित उसके घर पहुंचा तो वहां ताला लगा मिला। इस दौरान अन्य पीड़िताओं से भी संपर्क हुआ, लेकिन वे परिवार और बदनामी के डर से सामने आने को तैयार नहीं हैं। उनका कहना है कि जो हुआ, उसे भूलने में ही भलाई है। जांच के दौरान रिपोर्टर को कई ऐसे वीडियो-फोटो भी मिले, जिनमें अमान अलग-अलग लड़कियों के साथ दिखाई दे रहा है। 10 महीने बाद भी मोबाइल की जांच शुरू नहीं हुई अमान के खिलाफ दर्ज तीनों एफआईआर में मोबाइल प्रमुख साक्ष्य है। इसे जांच के लिए साइबर लैब नवा रायपुर भेजा गया, लेकिन पेंडेंसी के कारण जांच शुरू नहीं हो सकी। लैब इंचार्ज रवि गुप्ता ने कहा कि यदि जिले से केस की प्राथमिकता के आधार पर जांच के लिए पत्र आता है तो कार्रवाई की जाती है। इससे सवाल उठ रहे हैं कि कोंडागांव और केशकाल थाना पुलिस ने मामले को अपेक्षित गंभीरता से लिया या नहीं। रिपोर्ट के आधार पर कोंडागांव पुलिस ने धारा 64 (1), धारा 64 (2) (डी), धारा 308 (2), धारा 324 (4), धारा 115 (2),धारा 351 (2) में केस दर्ज किया। पीड़िता का दर्द: मैं कॉलेज में पढ़ती थी। इसी दौरान अमान से मेरी जान-पहचान हुई। फिर धीरे-धीरे हम कॉलिंग और चैट करने लगे। हां, बाहर भी घूमने गए थे। इसी दौरान उसने मेरे वीडियो बनाए, फोटो लिए। इन्हें वायरल करने की धमकी देकर मुझसे 25 हजार रुपए लिए। हर महीने वह पैसा मांगता था।जांच अधिकारी- रमेश निषाद, एएसआई- पूर्व के केस में मोबाइल जब्त हुआ था। उसकी रिपोर्ट अहम है। पढ़िए... पीड़िताओं की आपबीती जांच अधिकारी- अखिलेश धीवर, एसआई (अभी कोंडागांव में पदस्थ)- साइबर टीम ने अमान को पकड़ा था। उन्होंने कहा था- मोबाइल में लड़कियों के बहुत फोटो-वीडियो हैं। लड़कियों को ब्लैकमेल करता था। जांच अधिकारी- केएस सौरी, एसआई, केशकाल- अमान ने कहा था, अगर 2 दिन और नहीं पकड़ते तो फिर मुझे कभी नहीं पकड़ पाते। वह विदेश भागने वाला था। उसके मोबाइल में लड़कियों के वीडियो और फोटो हैं। भास्कर एक्सपर्ट मुकेश चौधरी, साइबर क्राइम एक्सपर्ट पैटर्न ऑफ क्राइम’ को समझना जरूरी ऐसे मामलों में आरोपी शारीरिक संबंध या पैसों के लिए ब्लैकमेलिंग कर सकते हैं। यदि आपत्तिजनक कंटेंट का दुरुपयोग हुआ हो तो उसके ऑनलाइन प्रसार का खतरा भी रहता है। उन्होंने कहा कि जांच में बैंक लेनदेन, सोशल मीडिया चैट, ब्राउजर हिस्ट्री और डिजिटल उपकरणों की जांच अहम होती है। मोबाइल की फॉरेंसिक जांच में आवश्यक जानकारियां मांगी जानी चाहिए। ऐसे संवेदनशील मामलों में स्पष्ट एसओपी और वरिष्ठ अधिकारियों की निगरानी जरूरी है। इस केस को मैं प्राथमिकता से दिखवाता हूं प्रकरण मेरी जॉइनिंग के पहले का है, लेकिन बेहद संवेदनशील है। आपने संज्ञान में लाया है। मैं इसे प्राथमिकता से दिखवाता हूं। मैं साइबर लैब इंचार्ज से बात करूंगा, ताकि जल्द से जल्द मोबाइल की जांच रिपोर्ट आ सके। पीड़िताओं की शिकायत को मंगवाकर मैं स्वयं देखता हूं। -पंकज चंद्रा, एसपी, कोंडागांव
मुजफ्फरनगर के खतौली थाना क्षेत्र में एनएच-58 स्थित पंचगंगा होटल पर हुई फायरिंग की घटना का पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने होटल मालिक नदीम को गोली मारने वाले चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें मुख्य आरोपी विक्रांत खुद को नेशनल शूटिंग चैंपियन बताता है, जबकि एक अन्य आरोपी जेवर सब-रजिस्ट्रार कार्यालय में मुंशी के पद पर कार्यरत है। एसएसपी संजय कुमार वर्मा ने बताया कि 28 मई की रात कुछ युवक थार और ब्रेजा कारों में सवार होकर पंचगंगा होटल पहुंचे थे। खाना खाने के बाद सिगरेट और पानी को लेकर होटल स्टाफ से उनकी बहस हो गई। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने होटल मालिक नदीम पुत्र अमीर अहमद पर फायरिंग कर दी। गोली नदीम के पैर में लगी और आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल नदीम को अस्पताल में भर्ती कराया गया। खतौली थाने में गंभीर धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू की। एसएसपी के निर्देश पर सीओ खतौली रूपाली राय के नेतृत्व में एक पुलिस टीम का गठन किया गया। शुक्रवार को एक चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इनकी पहचान विक्रांत, गिरीश छोकर, उमेश कुमार और दिनेश के रूप में हुई है। सभी आरोपी गौतमबुद्धनगर के जेवर थाना क्षेत्र के निवासी हैं। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से घटना में इस्तेमाल की गई लाइसेंसी पिस्टल, कारतूस, एक मोबाइल फोन, दो लग्जरी गाड़ियां (थार और ब्रेजा) तथा 1 लाख 20 हजार 900 रुपये नकद बरामद किए हैं। पूछताछ में पता चला कि मुख्य आरोपी विक्रांत के पास लाइसेंसी पिस्टल थी और उसी ने नदीम पर गोली चलाई थी। पुलिस के अनुसार, आरोपी घटना के बाद भागने की फिराक में थे, लेकिन उन्हें उससे पहले ही पकड़ लिया गया। वहीं गैंग का एक सदस्य सरकारी दफ्तर में तैनात है। अब पुलिस आरोपियों के आपराधिक इतिहास और उनके नेटवर्क की भी जांच कर रही है।
उदयपुर की सुखेर थाना पुलिस ने चेन स्नैचिंग और मोबाइल छीनकर भागने वाली गैंग 3 आरोपियों सहित 4 जनों को गिरफ्तार किया है। इन्होंने भुवाणा में वृद्ध महिला की सोने की मादलिया लूटने की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपियों के कब्जे से मादलिया और घटना में उपयोग ली बाइक भी जब्त की है। थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि बदमाशों ने लूटे गए सोने के मादलिया कनक ज्वेलर्स के संचालक मनोहर सिंह पिता बक्तावर सिंह निवासी बड़गांव को बेचे थे। आरोपियों ने शहर में अलग-अलग जगह भी झपट्टा मारकर मोबाइल छीनने की घटनाएं स्वीकार की है। पुलिस ने बताया कि आरोपी सुरेश पिता शंकर निवासी राजेशवन्दन कॉलोनी, रवि पिता नारायण देव मगरी, नीरज पिता सुरेश देव मगरी और मनोहर सिंह पिता बक्तावर सिंह निवासी बड़गांव को गिरफ्तार किया है। मामले में आगे जांच जारी है। घर के बाहर बैठी वृद्धा के साथ की थी वारदातपुलिस ने बताया कि 26 मई 2026 को प्रार्थी अर्जन लाल पिता गोलीलाल डांगी निवासी भुवाणा ने थाने में रिपोर्ट दी थी। जिसमें बताया कि उसकी दादी डाली डांगी घर के बाहर चौक में अकेली बैठी थी। तभी शाम करीब 4:30 बजे दो युवक बाइक से आए। फिर दादी को धमकाते हुए झपट्टा मारा और गले में पहनी सोने की मादलिया छीनकर भाग गए। मादलिया का वजन करीब 4 ग्राम था। मामले की शिकायत मिलते ही पुलिस ने आसपास सीसीटीवी खंगालते हुए आरोपियों की तलाश शुरू की। जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर लिया।
गोपालगढ़ में 5 साइबर ठग गिरफ्तार:1 नाबालिग भी किया डिटेन, 6 मोबाइल और सिम कार्ड बरामद
डीग जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान “ऑपरेशन एंटीवायरस” के तहत गोपालगढ़ थाना पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान 5 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया गया, जबकि एक नाबालिग को भी डिटेन किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 6 एंड्रॉयड मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा मौके से 14 टूटे हुए मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। आशंका है कि इन टूटे हुए फोनों का उपयोग भी साइबर ठगी से जुड़े मामलों में किया जाता था। दबिश देकर पकड़े बदमाशदरअसल गोपालगढ़ थाना पुलिस को सूचना मिली थी कि कुछ युवक मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड का उपयोग कर साइबर ठगी की गतिविधियों में लिप्त हैं।सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दबिश दी और आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी विभिन्न तरीकों से लोगों को ऑनलाइन ठगी का शिकार बनाते थे। बरामद मोबाइल फोन और सिम कार्ड की गहन जांच की जा रही है, ताकि इनके जरिए किए गए साइबर अपराधों का रिकॉर्ड खंगाला जा सके। पुलिस को आशंका है कि इन आरोपियों के तार अन्य राज्यों में सक्रिय साइबर गिरोहों से भी जुड़े हो सकते हैं।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
दुर्ग जिले में साइबर अपराधियों ने 'गूगल अपडेट' के नाम पर ठेकेदार के बैंक खाते से 1.99 लाख रुपए की ठगी की है। ठगों ने मोबाइल हैक कर वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित की शिकायत पर मोहन नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक शंकर नगर दुर्ग निवासी महेंद्र कुमार देशलहरा (36) ठेकेदारी का काम करते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि 22 मई 2026 को उनके मोबाइल पर 'गूगल अपडेट' से संबंधित एक मैसेज आया था। इसे सामान्य सिस्टम अपडेट समझकर उन्होंने मैसेज खोल दिया। मैसेज खोलते ही उनका मोबाइल फोन असामान्य तरीके से काम करने लगा। फोन के कई सिस्टम अचानक बंद हो गए। मोबाइल हैंग होने लगा। इसी दौरान साइबर ठगों ने उनके बैंक खाते तक पहुंच बना लेते हुए वारदात को अंजाम दिया। दो दिनों में तीन बार में निकली रकम पीड़ित के अनुसार, 22 मई को सुबह करीब 11:30 बजे उनके बंधन बैंक खाते से 94,999 रुपए निकाले गए। इसके ठीक एक मिनट बाद सुबह 11:31 बजे 5,001 रुपए ट्रांसफर हो गए। अगले दिन, 23 मई को शाम करीब 4 बजे फिर 99,500 रुपए खाते से निकाल लिए गए। इस तरह कुल 1,99,500 रुपए की ठगी हुई। महेंद्र कुमार ने बताया कि ठगी के दौरान उनका मोबाइल पूरी तरह से उनके नियंत्रण से बाहर हो गया था। कोई भी सिस्टम ठीक से काम नहीं कर रहा था। बैंक सहित साइबर हेल्पलाइन में शिकायत लगातार रकम कटने के बाद पीड़ित ने पहले बैंक, साइबर हेल्पलाइन में शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने मोहन नगर थाना पहुंचकर लिखित आवेदन दिया। शिकायत के साथ बैंक खाते की डिटेल, साइबर कंप्लेन की कॉपी भी पुलिस को सौंपी गई है। भारतीय न्याय संहिता के तहत मामला दर्ज पुलिस ने प्रारंभिक जांच में मामला साइबर फ्रॉड का पाए जाने पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 318(4) के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोबाइल हैकिंग से बढ़ रहे साइबर अपराध पुलिस अधिकारियों के मुताबिक साइबर अपराधी अब फर्जी लिंक, अपडेट मैसेज, APK फाइल के जरिए लोगों के मोबाइल फोन को हैक कर रहे हैं। एक बार फोन का एक्सेस मिलते ही ठग बैंकिंग ऐप, OTP, निजी जानकारी तक पहुंच बना लेते हैं। अनजान लिंक खोलने से बचें विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी अनजान लिंक, अपडेट, एप्लिकेशन को बिना सत्यापन ओपन नहीं करना चाहिए। मोबाइल पर आने वाले फर्जी सिस्टम अपडेट मैसेज साइबर अपराधियों का नया हथियार बन चुके हैं। फिलहाल पुलिस ट्रांजेक्शन डिटेल, मोबाइल डेटा, बैंकिंग ट्रेल के आधार पर साइबर ठगों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
ग्वालियर के ठाटीपुर थाना क्षेत्र स्थित सुरेश नगर के सीताराम बॉयज हॉस्टल में मोबाइल चोरी की वारदात सामने आई है। गुरुवार दोपहर एक युवक हॉस्टल में घुसा और कई छात्रों के मोबाइल चोरी कर फरार हो गया। घटना के बाद छात्रों ने ठाटीपुर थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोपहर में सो रहे थे छात्र जानकारी के अनुसार हॉस्टल में अलग-अलग जिलों से आए छात्र रहकर पढ़ाई करते हैं। गुरुवार दोपहर छात्र खाना खाने के बाद अपने कमरों में आराम कर रहे थे। भीषण गर्मी के कारण सभी छात्र कूलर चलाकर सो गए थे। इसी दौरान करीब दोपहर 12 बजे एक संदिग्ध युवक हॉस्टल परिसर में दाखिल हुआ। आरोपी ने उन कमरों को निशाना बनाया जहां छात्र गहरी नींद में थे। चोरी हुए मोबाइल संदीप बघेल, दुष्यंत सिकरवार, बादल शिवहरे, नितिन सिकरवार, शैलेन्द्र सिकरवार और देवेश सिकरवार के बताए गए हैं। छात्रों के जागने पर मोबाइल गायब मिले, जिसके बाद हॉस्टल में अफरा-तफरी मच गई। CCTV में कैद हुआ संदिग्ध युवक पुलिस ने हॉस्टल में लगे CCTV कैमरों की जांच की। फुटेज में एक युवक हॉस्टल के अंदर आता और संदिग्ध तरीके से घूमता दिखाई दे रहा है। हालांकि छात्र और हॉस्टल संचालक आरोपी की पहचान नहीं कर सके हैं। पुलिस को अंदरूनी जानकारी का शक पुलिस का कहना है कि आरोपी सीधे कमरों तक पहुंचा और बिना डर के वारदात को अंजाम दिया। ऐसे में शुरुआती जांच में किसी परिचित, कर्मचारी या छात्र की भूमिका होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस हॉस्टल में आने-जाने वालों का रिकॉर्ड खंगाल रही है और आसपास के CCTV फुटेज भी जुटाए जा रहे हैं। चोरी का केस दर्ज ठाटीपुर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का दावा है कि तकनीकी जांच और CCTV फुटेज के आधार पर आरोपी को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
यूपी के सहारनपुर से एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने पाकिस्तानी आतंकी मॉड्यूल के 4 संदिग्ध आतंकियों को गिरफ्तार किया। ये भाजपा के दफ्तरों, अस्पताल, स्कूल समेत कई संवेदनशील ठिकानों पर ब्लास्ट करने की साजिश रच रहे थे। इनमें से 2 संदिग्ध महकाब और शाहरुख सहारनपुर के रहने वाले हैं। दैनिक भास्कर ने सहारनपुर में इनके घर और गांववालों से बात की। एक ग्रामीण ने बताया- महकाब पहले शाम को सबके साथ बैठता था। फिर धीरे-धीरे सबसे अलग रहने लगा। किसी से ज्यादा बात नहीं करता था। रात में देर तक मोबाइल चलाता था। वीडियो कॉल पर पंजाबी या उर्दू में बात करता था। उसकी बातें ज्यादा समझ में नहीं आती थीं। बात करते समय बगल से कोई गुजरता, तो वह मुंह फेर लेता था। वहीं, शाहरुख की मां ने रोते हुए कहा- बेटे को गलत फंसाया गया है। हमने उसे मेहनत से कमाना और जीना सिखाया है। गांववालों ने भी कहा- वह काफी मिलनसार था। किसी से कोई झगड़ा नहीं था। जिन लड़कों को हम कल तक खेतों में घूमते, मोबाइल पर रील बनाते देखते थे, उन्हीं पर अब आतंकी नेटवर्क से जुड़े होने की बात सामने आई है। ATS की जांच में सामने आया कि संदिग्धों की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आकिब जट्ट के नेटवर्क से हुई। वीडियो कॉल पर आदेश दिए जाते थे। कोडवर्ड में बात होती थी। पहले चारों संदिग्ध आतंकियों को जानिए अब चलते हैं संदिग्ध आतंकियों के गांव महकाब ने धीरे-धीरे गांव वालों से दूरी बनाई सहारनपुर जिला मुख्यालय से करीब 30 किमी दूर सरसावा क्षेत्र का ढीक्का कला गांव है। गांव में 27 मई (बुधवार) की सुबह अचानक पुलिस, खुफिया एजेंसियों और मीडिया का जमावड़ा लग गया। तब लोगों के महकाब के आतंकी कनेक्शन का पता चला। ढीक्का कला गांव में जब हम पहुंचे, तो महकाब के घर के बाहर चारपाई पर उसके पिता हसरत मायूस होकर लेटे थे। हमारे पूछने पर कहने लगे- बेटा पंजाब में वेल्डिंग का काम करता था। घर आता था, तो खेती में हाथ बंटाता था। हमें तो कभी शक ही नहीं हुआ। परिवार खेती-किसानी करता है। हमारे पास करीब 10 बीघा जमीन है। घर सामान्य है और परिवार का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है। महकाब के बारे में गांव के लोग भी बताते हैं कि वह शांत स्वभाव का था। लेकिन, पिछले कुछ महीनों में मोबाइल पर ज्यादा समय बिताने लगा था। शाहरुख की मां रो-रोकर बोली- बेटे को फंसाया गया दूसरे संदिग्ध आतंकी शाहरुख के घर का माहौल भी तनावपूर्ण था। उसकी मां रोते हुए सिर्फ इतना कह पाई- बेटा तो देहरादून में टाइल्स लगाने का काम करता था। हम गरीब लोग हैं। हमें क्या पता कि इंस्टाग्राम पर कौन क्या करा देता है? मेरे बेटे को गलत फंसाया गया है। हमारा बेटा ऐसा नहीं है। हमने उसे मेहनत से कमाना और जीना सिखाया है। मेरे बेटे को फंसाया गया है। शाहरुख के परिवार के पास 11-12 बीघा जमीन है। गांववालों के मुताबिक, वह मिलनसार था और कभी किसी झगड़े में नहीं पड़ा। टीचर बोले- पैसे से गरीब नहीं, लेकिन मानसिक रूप से खाली सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और हरिद्वार बेल्ट से बड़ी संख्या में युवा मजदूरी करने पंजाब, हरियाणा, दिल्ली और उत्तराखंड जाते हैं। ज्यादातर युवाओं की जिंदगी अब मोबाइल और सोशल मीडिया के बीच सिमटती जा रही है। ग्राउंड पर बातचीत में एक बात बार-बार सामने आई कि इन युवकों के पास न स्थायी रोजगार है, न भविष्य को लेकर स्पष्ट दिशा। एक स्थानीय शिक्षक कहते हैं- ये लड़के आर्थिक रूप से बहुत गरीब नहीं हैं, लेकिन मानसिक रूप से खाली हैं। सोशल मीडिया इनकी दुनिया बन चुका है। इंस्टाग्राम पर कोई इन्हें भाई बोल दे, पैसे और विदेश के सपने दिखा दे तो ये जल्दी प्रभावित हो जाते हैं। फिर ये आतंकियों के चंगुल में फंस जाते हैं। कट्टरपंथी नेटवर्क अब सीधे धार्मिक भाषणों की बजाय ‘डिजिटल फ्रेंडशिप मॉडल’ पर काम कर रहे हैं। पहले दोस्ती, फिर भावनात्मक जुड़ाव, फिर गोपनीय चैट और आखिरी में नेटवर्क से जोड़ना, यही नई रणनीति है। किसान ने कहा- पहले डर गलत संगत का था, अब मोबाइल का ढीक्का कला गांव में अब हर घर में एक ही चर्चा है कि क्या सोशल मीडिया गांवों तक आतंक का रास्ता बना चुका है? महकाब और शाहरुख के परिवारवालों का कहना है कि उन्हें कभी अंदाजा नहीं था कि उनके बच्चे किसी ऐसे नेटवर्क के संपर्क में हो सकते हैं। गांव के बुजुर्ग अब बच्चों के मोबाइल इस्तेमाल पर चिंता जता रहे हैं। एक बुजुर्ग किसान ने कहा- पहले डर गलत संगत का होता था, नशे में फंसने का था। अब डर मोबाइल का है। आतंकी नेटवर्क ने संदिग्धों को बड़ी जिंदगी के सपने दिखाए ATS की जांच में सामने आया है कि महकाब और गगनदीप की दोस्ती इंस्टाग्राम के जरिए पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आकिब जट्ट के नेटवर्क से हुई थी। शुरुआत सामान्य चैटिंग से हुई। फिर वीडियो कॉल आने लगे। धीरे-धीरे बातचीत काम तक पहुंच गई। पहले इन युवकों को सोशल मीडिया पोस्ट, धार्मिक वीडियो और अन्याय से जुड़े कंटेंट भेजे गए। फिर उन्हें सिस्टम के खिलाफ लड़ाई और बड़ी जिंदगी के सपने दिखाए गए। पैसों और हथियारों का लालच भी दिया गया। बाद में इन्हें अस्पतालों, भाजपा कार्यालयों और संवेदनशील जगहों की रेकी करने को कहा गया। इन्हें ज्यादा से ज्यादा युवाओं को नेटवर्क से जोड़ने के आदेश भी दिए गए। वीडियो कॉल पर आदेश दिए जाते थे। बातचीत में कोडवर्ड्स का इस्तेमाल होता था और इंस्टाग्राम अकाउंट बार-बार बदले जाते थे। ADG बोले- नोएडा में चारों ने मीटिंग की थी एडीजी लॉ एंड ऑर्डर अमिताभ यश ने बताया- पाकिस्तानी गैंगस्टर आकिब जट्ट ने वीडियो कॉल पर चारों को देश में कई जगहों पर आतंकी घटनाओं को अंजाम देने के लिए अधिक से अधिक लोगों को अपने साथ जोड़ने के लिए भी कहा था। महकाब और गगनदीप ने ही शाहरुख और मुशर्रफ को अपने साथ जोड़ा था। इन चारों के बीच सोशल मीडिया पर अस्पताल उड़ाने के लिए रेकी और हथियार खरीदने की बात की जा रही थी। मार्च, 2026 में किसी बड़ी घटना को अंजाम देने के लिए महकाब और गगनदीप ने नोएडा में मीटिंग की थी। मीटिंग में इनके बीच पैसे और हथियार लेने की बात हुई थी। पश्चिमी यूपी में हैंड ग्रेनेड से हमलों की साजिश रची जा रही थी ATS के मुताबिक, संदिग्धों को भाजपा कार्यालयों, अस्पतालों और कुछ कारोबारी ठिकानों की रेकी करने का टास्क मिला था। पूछताछ में यह भी सामने आया कि पश्चिमी यूपी में कई जगहों पर हैंड ग्रेनेड हमलों की साजिश रची जा रही थी। हथियार और विस्फोटक POK से सप्लाई होने की आशंका जताई जा रही है। एजेंसियां अब इस बात की जांच कर रही हैं कि इन युवकों ने यूपी में किन-किन जगहों की रेकी की। सहारनपुर में सरसावा एयरबेस और आर्मी एरिया के कारण जांच और ज्यादा संवेदनशील हो गई है। यह सिर्फ खुद कट्टरपंथ की ओर नहीं बढ़ रहे थे, बल्कि अन्य युवाओं को भी जोड़ रहे थे। सोशल मीडिया के जरिए नए लड़कों को तलाशा जा रहा था। अब आतंकियों के निशाने पर बेरोजगार, भर्ती रणनीति बदली सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों का कहना है कि आतंकी नेटवर्क अब 'लो विजिबिलिटी मॉडल' पर काम कर रहे हैं। वे ऐसे युवाओं को चुन रहे हैं, जो सुरक्षा एजेंसियों की नजर में आसानी से न आएं। कुछ साल पहले तक आतंकी संगठनों और पाकिस्तान समर्थित नेटवर्क की रणनीति अलग थी। वे पढ़े-लिखे, तकनीकी जानकारी रखने वाले, हाईप्रोफाइल और प्रभावशाली युवाओं को अपने जाल में फंसाने की कोशिश करते थे। डॉक्टर, इंजीनियरिंग छात्र, आईटी प्रोफेशनल और उच्च शिक्षित युवाओं को कट्टरपंथी विचारधारा के जरिए ट्रेंड किया जाता था। अब आतंकियों का नया निशाना छोटे शहरों के मजदूर, बेरोजगार युवक, खेतों में काम करने वाले लड़के और सोशल मीडिया पर घंटों बिताने वाली गरीब पीढ़ी है। सहारनपुर से गिरफ्तार 4 युवकों की कहानी इसी बदलती रणनीति का सबसे बड़ा संकेत माना जा रहा है। अब शहजाद भट्टी को जानिए... दिल्ली पुलिस की स्पेशल सेल की जांच के अनुसार, भारतीय खुफिया और कानून प्रवर्तन एजेंसियों ने पाकिस्तान में बैठे गैंगस्टर से आतंकी बने शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट को, हाल ही में सामने आए संगठन तहरीक-ए-तालिबान हिंदुस्तान (TTH) का कथित मास्टरमाइंड बताया है। शहजाद भट्टी और गुजरात की साबरमती जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई एक समय अच्छे दोस्त थे। लेकिन, भट्टी के लॉरेंस के गुर्गों से अपने काम करवाने और पहलगाम अटैक पर लॉरेंस की हाफिज सईद को धमकी के बाद वह एक-दूसरे के कट्टर दुश्मन बन गए। लॉरेंस मूल रूप से पंजाब के फाजिल्का का रहने वाला है। उसने चंडीगढ़ स्थित पंजाब यूनिवर्सिटी में पढ़ाई की। इसके बाद उस पर कत्ल-फिरौती जैसे कई केस दर्ज हुए। 2 महीने में 12 से अधिक संदिग्ध पकड़े गए यूपी में बीते दो महीने में एजेंसियों ने 12 से ज्यादा संदिग्ध आतंकी पकड़े हैं। 4 अप्रैल को लखनऊ से 4 संदिग्ध पकड़े गए थे। ATS पूछताछ में सामने आया था कि पाकिस्तान से उन्हें ऑफर था कि तुम लोग दहशत फैलाओ, जितनी दहशत, उतना पैसा मिलेगा…। बड़े धमाके की फिराक में चारों संदिग्ध आतंकियों ने पिकअप और बाइक में आग लगाकर रिहर्सल की। इसके वीडियो पाकिस्तानी हैंडलर अबू बकर को भेजे थे। बदले में उन्हें हर आगजनी पर 12 हजार रुपए मिलते थे। इसके बाद एटीएस ने 24 अप्रैल को 2 और संदिग्ध मेरठ के तुषार और दिल्ली के समीर खान को पकड़ा था। दोनों पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी, आबिद जट के संपर्क में थे। एटीएस के अनुसार, दोनों यूपी के एक्स मुस्लिमों को हैंड ग्रेनेड से मारने की प्लानिंग कर रहे थे। टारगेट किलिंग के लिए उन्हें 3 लाख रुपए की लालच दिया गया था। —----------------------------------- 3 महीने पहले डॉक्टर मॉड्यूल सामने आया था, पढ़िए वो खबर… आतंकी अदील की पत्नी सर्जन, हनीमून पर जाने वाला था: शादी के 32वें दिन पकड़ा गया; सहारनपुर में अकेला रहता था, 5 लाख सैलरी सहारनपुर से गिरफ्तार आतंकी डॉ. अदील अहमद और उसके साथियों की यूपी को दहलाने की साजिश थी। जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े इन आतंकियों की बाकायदा ट्रेनिंग हुई थी। इसके बाद ये भारत आए और वेस्ट यूपी और दिल्ली से सटे इलाकों को अपना ठिकाना बनाया। सूत्रों के मुताबिक, जांच में पता चला कि डॉ. अदील के किराए के घर पर रात में 8 लोग आते थे। ये कौन हैं? सुरक्षा एजेंसियां इसकी जांच कर रही हैं। पढ़ें पूरी खबर…
झोटवाड़ा में बिजली गुल होते ही घर में घुसा नकाबपोश, बुजुर्ग से मोबाइल लूटा
शहर में बिजली कटौती अब सुरक्षा पर भी भारी पड़ने लगी है। झोटवाड़ा में रात बिजली जाते ही एक नकाबपोश बदमाश खुले गेट से घर में घुस गया और 79 वर्षीय रिटायर्ड कर्मचारी से मोबाइल लूट लिया। विरोध करने पर बदमाश ने बुजुर्ग पर चाकू से हमला कर दिया और साथी के साथ बाइक पर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार तारा नगर निवासी 79 वर्षीय बुजुर्ग कॉपर मिल से रिटायर्ड हैं। सोमवार रात 10 बजे इलाके की बिजली गुल होने के कारण घर का गेट खुला था। इसी दौरान नकाबपोश युवक घर में घुस आया और बुजुर्ग के हाथ से मोबाइल छीनने लगा। मोबाइल बचाने के प्रयास में बुजुर्ग और बदमाश के बीच धक्का-मुक्की हुई। बदमाश ने चाकू से बुजुर्ग के हाथ पर वार कर दिया। घायल बुजुर्ग शोर मचाते हुए बदमाश के पीछे दौड़े, लेकिन बाहर बाइक सवार साथी उसे लेकर फरार हो गया। बुजुर्ग ने प्राथमिक उपचार करवाया। झोटवाड़ा थाना पुलिस ने बुधवार को मामला दर्ज कर लिया। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है।
संभल में गुरुवार रात हुई बारिश से तापमान में भारी गिरावट दर्ज की गई। लगभग 40 मिनट तक हुई इस बारिश से पारा 15 डिग्री सेल्सियस तक लुढ़क गया, जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। गुरुवार रात करीब 9:09 बजे जनपद संभल के शहरी और ग्रामीण इलाकों में तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हुई। दिन में अधिकतम तापमान 42 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था, जो बारिश के बाद घटकर 31 डिग्री सेल्सियस हो गया। रात 10:43 बजे तक इसमें 4 डिग्री सेल्सियस की और गिरावट आई, जिससे तापमान 27 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया। अनुमान है कि 40 मिनट की इस बारिश में लगभग 5 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। बारिश और आंधी के बीच संभल में कई लोगों को मोबाइल पर 3 घंटे के लिए भयंकर आंधी-तूफान का अलर्ट मैसेज भी मिला। बीती 16 मई से आम जनमानस भीषण गर्मी का सामना कर रहा था। मौसम विभाग के अलर्ट के बाद हुई इस बारिश से न केवल मौसम ने करवट ली है, बल्कि त्वचा को झुलसाने वाली गर्मी से भी बड़ी राहत मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले तीन से चार दिनों तक मौसम ऐसा ही सुहावना रहने की संभावना है। स्थानीय निवासी कुशल कुमार ने बताया कि कई दिनों से पड़ रही गर्मी के बाद बारिश से मौसम में बदलाव आया है। हालांकि, कुछ लोगों को तेज हवाओं के कारण नुकसान भी हुआ है। मोहम्मद नईम ने कहा कि बकरीद के त्योहार के दिन रात में हुई बारिश से सभी लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिली है।
छतरपुर जिले के सरबई प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की बदहाल व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में है। यहां पिछले 4-5 दिनों से बिजली गुल पड़ी है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की नींद अब तक नहीं टूटी। हालात ऐसे हैं कि अस्पताल में इलाज से पहले बिजली की “सांसें” बचाना जरूरी हो गया है। सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो स्वास्थ्य केंद्र में पदस्थ स्टाफ नर्स अनीता अहिरवार ने खुद बनाया है। वीडियो में उनका दर्द साफ झलकता दिखाई दे रहा है। वह कहती नजर आ रही हैं कि अस्पताल में बिजली नहीं है, ऐसे में डिलीवरी कैसे कराई जाए। “कई बार शिकायत की, फिर भी नहीं आई बिजली”वायरल वीडियो में स्टाफ नर्स यह भी बता रही हैं कि उन्होंने फोन पर कई बार शिकायत दर्ज कराई, लेकिन अब तक अस्पताल की बिजली व्यवस्था ठीक नहीं हो सकी। लगातार बिजली गुल रहने से अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं। टॉर्च के सहारे इलाज, खतरे में मरीजों की जानसरकारी अस्पताल में हालात इतने खराब हैं कि यहां प्रसव जैसी संवेदनशील प्रक्रिया भी मोबाइल टॉर्च की रोशनी में कराने की नौबत आ गई है। सबसे ज्यादा परेशानी गर्भवती महिलाओं और गंभीर मरीजों को उठानी पड़ रही है। दावों की रोशनी, अस्पताल अंधेरे मेंएक तरफ सरकार मातृ स्वास्थ्य और सुरक्षित प्रसव को लेकर बड़े-बड़े दावे करती है, वहीं दूसरी तरफ सरबई स्वास्थ्य केंद्र में बुनियादी सुविधा बिजली तक उपलब्ध नहीं है। ऐसे में सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की जमीनी हकीकत खुद सामने आ रही है। फाइलों में सब ठीक, जमीन पर बदहाल सिस्टमविडंबना यह है कि कागजों और फाइलों में शायद अस्पताल की सभी व्यवस्थाएं “सुचारु रूप से संचालित” दिखाई जा रही हों, लेकिन हकीकत में अस्पताल अंधेरे के भरोसे चल रहा है। जब अस्पताल ही अंधेरे में डूबा हो, तो आखिर मरीजों की सुरक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं की जिम्मेदारी कौन उठाएगा? आखिर कब जागेगा स्वास्थ्य विभाग और कब सुधरेंगे सरबई स्वास्थ्य केंद्र के हालात?
राजगढ़ जिले के सुठालिया स्थित सिंगीजी की बाड़ी क्षेत्र में गुरुवार शाम एक युवती अपनी पसंद के युवक से विवाह करने की मांग को लेकर मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई। युवती का आरोप था कि परिजन उसके प्रेम विवाह के खिलाफ हैं। घटना की जानकारी मिलते ही मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और करीब एक घंटे तक अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस और नगर परिषद की टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद युवती को समझाइश देकर नीचे उतारा। तीन साल पुराने प्रेम संबंध के चलते उठाया कदम जानकारी के अनुसार, युवती का पिछले तीन-चार वर्षों से दूसरी जाति के एक युवक के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा है। दोनों विवाह करना चाहते हैं, लेकिन जाति अलग होने के कारण परिजन इस रिश्ते का विरोध कर रहे थे। इसी बात से क्षुब्ध होकर युवती शाम करीब 6 बजे अचानक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गई और मांग पूरी न होने पर नीचे न उतरने की धमकी देने लगी। प्रेमी के आश्वासन और पुलिस की समझाइश पर उतरी नीचे घटनास्थल पर पहुंचे सुठालिया थाना प्रभारी और परिजनों ने युवती को लगातार नीचे उतरने के लिए मनाया, लेकिन वह अपनी जिद पर अड़ी रही। ड्रामे के बीच युवती का प्रेमी भी मौके पर पहुंचा और उसने सबके सामने शादी करने का भरोसा दिलाया। प्रेमी की बात सुनने और पुलिस की लंबी समझाइश के बाद करीब 7 बजे युवती सुरक्षित नीचे आने को तैयार हुई। उम्र की पुष्टि में जुटी पुलिस युवती के नीचे उतरते ही पुलिस ने उसे और उसके प्रेमी को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। थाना प्रभारी अनिल राहौरिया ने बताया कि फिलहाल युवती के आयु संबंधी दस्तावेजों की जांच की जा रही है ताकि उसकी बालिग होने की पुष्टि हो सके। जांच के बाद ही मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी। इलाके में दिनभर बनी रही चर्चा इस घटना के दौरान टॉवर के नीचे सैकड़ों लोगों की भीड़ जुटी रही, जिसके चलते पुलिस को यातायात नियंत्रित करने में भी मशक्कत करनी पड़ी। युवती के सुरक्षित उतरने के बाद प्रशासन ने राहत की सांस ली।
शराब दुकान में चाकू की नोक पर युवक से लूट:धमतरी में 3 हजार और मोबाइल लूटे, नाबालिग सहित 3 गिरफ्तार
धमतरी जिले के भखारा थाना क्षेत्र में शराब दुकान परिसर में एक युवक से चाकू की नोक पर लूटपाट करने वाले आरोपियों को पुलिस ने घटना के कुछ ही घंटों में गिरफ्तार कर लिया। मामले में दो युवकों और एक विधि से संघर्षरत बालक को हिरासत में लिया गया है, जबकि एक आरोपी अब भी फरार है। पुलिस के अनुसार, घटना 25 मई की रात की है। प्रार्थी अपने बड़े भाई के कहने पर शराब और डीजल खरीदने के लिए 3000 रुपए लेकर भखारा आया था। रात करीब 8 बजे वह भखारा शराब दुकान परिसर पहुंचा, जहां पहले से मौजूद आरोपियों ने उसे रोक लिया। गर्दन पर चाकू अड़ाकर की लूट युवक के पास पैसे होने की जानकारी मिलने पर आरोपियों ने उससे रकम मांगनी शुरू कर दी। मना करने पर आरोपी अंशुमन साहू ने युवक की गर्दन पर धारदार चाकू अड़ा दिया। इसी दौरान लोकेश पटेल और एक विधि से संघर्षरत बालक ने युवक को पकड़ लिया। वहीं, आरोपी समीर निर्मलकर ने मारपीट करते हुए युवक से 3000 रुपए नकद और एक रेडमी मोबाइल फोन लूट लिया। वारदात के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कुछ घंटों में दबोचे आरोपी घटना की सूचना मिलते ही भखारा थाना पुलिस ने धारा 309(4) बीएनएस और 25, 27 आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक सूरज सिंह परिहार के निर्देश पर टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए आरोपी अंशुमन साहू और लोकेश पटेल को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में दोनों आरोपियों ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। पुलिस ने उनके कब्जे से वारदात में प्रयुक्त धारदार चाकू और लूटी गई नगदी रकम भी बरामद की है। गिरफ्तार आरोपियों में अंशुमन साहू (18) और लोकेश पटेल (18) शामिल हैं। एक आरोपी फरार, तलाश जारी मामले में एक विधि से संघर्षरत बालक की संलिप्तता भी सामने आई है, जिसे किशोर न्याय बोर्ड धमतरी के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। फिलहाल, घटना में शामिल फरार आरोपी समीर निर्मलकर की तलाश में पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही है। ASP बोले- असामाजिक तत्वों पर होगी सख्त कार्रवाई एएसपी शैलेंद्र पांडेय ने कहा कि जिले में लूट, चोरी, चाकूबाजी और असामाजिक गतिविधियों में शामिल आरोपियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
निकाय चुनाव 2026 के नतीजों का इंतजार कल यानी 29 मई को खत्म होने जा रहा है। प्रशासन द्वारा वोटों की गिनती को लेकर तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। मतगणना को सुचारू रूप से चलाने के लिए दो अलग-अलग कॉलेजों में काउंटिंग हॉल बनाए गए हैं। पठानकोट नगर निगम के लिए एबी कॉलेज में कुल 2 काउंटिंग हॉल तैयार किए गए हैं। इसके अलावा सुजानपुर नगर कौंसिल की मतगणना एसएमडीआरएसडी कॉलेज के हॉल में की जाएगी। रिटर्निंग ऑफिसर व एक्सईएन गुरप्रीत सिंह ने बताया कि काउंटिंग सेंटर्स पर टेबल लगाने और अन्य जरूरी तैयारियां आज ही पूरी कर ली गई हैं। इसके साथ ही चुनावी ड्यूटी पर तैनात स्टाफ को ट्रेनिंग भी दी गई है। 50 वार्डों में कुल 199 कैंडिडेट मैदान में बता दें, शहर के कुल 50 वार्डों में 199 उम्मीदवार मैदान में डटे हैं। इनमें कांग्रेस और भाजपा ने सभी 50 वार्डों में उम्मीदवार खड़े किए हैं। आम आदमी पार्टी ने 49 वार्डों में अपने कैंडिडेट उतारे हैं, शिरोमणि अकाली दल कुल 29 वार्डों में चुनाव लड़ रही है, बहुजन समाज पार्टी और आजाद उम्मीदवारों को मिलाकर कुल 20 कैंडिडेट अपनी दावेदारी पेश कर रहे हैं। वहीं, सुजानपुर नगर काउंसिल के कुल 15 वार्डों में कुल 59 कैंडिडेट चुनाव मैदान में आमने-सामने हैं। कुल मिलाकर 258 प्रत्याशी चुनाव मैदान में अपनी किस्मत आजमा रहे हैं। सुरक्षा के कड़े इंतजामस्ट्रॉन्ग रूम की सुरक्षा के लिए थ्री-लेयर सिक्योरिटी (तीहरे स्तर की सुरक्षा) का चक्रव्यूह तैयार किया गया है। पूरे परिसर में सीसीटीवी कैमरे लगाए गए हैं और पंजाब पुलिस के जवान 24 घंटे शिफ्टिंग में मुस्तैद रहेंगे। इसके अलावा, स्ट्रॉन्ग रूम के आस-पास किसी भी बाहरी व्यक्ति को जाने की सख्त मनाही है। केवल संबंधित वार्डों के रिटर्निंग ऑफिसर (RO) को ही वहां जाने की इजाजत होगी, लेकिन उन्हें भी पूरी चेकिंग से गुजरना होगा। अधिकारी भी केवल सीलबंद स्ट्रॉन्ग रूम के बाहर तक ही जा सकेंगे। बिना पास नो एंट्रीएसएसपी दलजिंदर सिंह ढिल्लों ने बताया कि पठानकोट के एबी कॉलेज और एसडी कॉलेज में मतगणना केंद्र बनाए गए हैं। इन दोनों ही मुख्य केंद्रों के बाहर पुलिस द्वारा 100 मीटर के दायरे में मजबूत बैरिकेडिंग की गई है। एसएसपी ने स्पष्ट किया कि रिटर्निंग ऑफिसर द्वारा जिन्हें ऑथराइजेशन कार्ड (प्रवेश पत्र) जारी किया गया है, केवल उन्हें ही मुख्य गेट से अंदर जाने की अनुमति दी जाएगी। चाहे वह काउंटिंग एजेंट हो, उम्मीदवार हो या किसी पार्टी का प्रतिनिधि, बिना ऑथराइजेशन कार्ड के किसी को भी बैरिकेड के अंदर पैर नहीं रखने दिया जाएगा। पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से दोनों मुख्य कॉलेजों के बाहर त्रि-स्तरीय सुरक्षा घेरा तैयार किया है। सुरक्षा के लिए भारी पुलिस बल तैनातमतगणना प्रक्रिया को शांतिपूर्वक संपन्न कराने के लिए सुरक्षा के बेहद पुख्ता और कड़े इंतजाम किए गए हैं। एसएसपी ढिल्लों के अनुसार, मतगणना केंद्रों की सुरक्षा के लिए एक एसपी, चार डीएसपी और करीब 6 एसएचओ/इंस्पेक्टरों की तैनाती की गई है। इसके साथ ही 500 से अधिक पुलिस जवानों की नफरी दोनों काउंटिंग सेंटरों पर मुस्तैद रहेगी। इतना ही नहीं, कल सुबह से ही पूरे शहर में वार्ड-वाइज़ पुलिस स्क्वॉड गश्त करेंगे और जगह-जगह नाकेबंदी कर हर संदिग्ध गतिविधि पर नजर रखी जाएगी। काउंटिंग सेंटर के भीतर मोबाइल फोन पर पूर्ण पाबंदीचुनाव आयोग के कड़े निर्देशों का हवाला देते हुए एसएसपी ने कहा कि काउंटिंग सेंटर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध रहेगा। रिटर्निंग ऑफिसर (RO) और असिस्टेंट रिटर्निंग ऑफिसर के अलावा कोई भी व्यक्ति चाहे वह कितना भी बड़ा राजनीतिक दल का नेता हो या काउंटिंग एजेंट, अंदर मोबाइल फोन नहीं ले जा सकेगा। इस नियम को लेकर काउंटिंग सेंटरों के बाहर बकायदा नोटिस भी चस्पा कर दिए गए हैं। पठानकोट में रहेगा “ड्राई डे”राज्य चुनाव आयुक्त पंजाब द्वारा जारी आदेशों के अनुसार पंजाब के जिन नगर निगमों, नगर कौंसिलों (नगर परिषदों) और नगर पंचायतों में मतगणना होनी है, वहां “ड्राई डे” रहेगा। अधिकारियों का कहना है कि मतगणना निष्पक्ष और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न करवाने तथा कानून-व्यवस्था की स्थिति को बनाए रखने के मद्देनजर ये निर्णय लिया गया है। अमन-शांति बनाए रखें राजनीतिक दलजिला चुनाव अधिकारी-कम-डीसी डॉ पल्लवी ने कहा कि 29 मई को वोटों की गिनती होगी। इसके लिए एसएसपी पठानकोट की अगुवाई में सुरक्षा के बेहद कड़े प्रबंध किए गए हैं। डीईओ ने सभी राजनीतिक दलों और उम्मीदवारों से अपील की है कि जिस तरह उन्होंने शांतिपूर्ण मतदान में सहयोग दिया, उसी तरह 29 मई को नतीजों के बाद भी अमन-शांति बनाए रखें और किसी भी तरह की हुल्लड़बाजी से परहेज करें। 8 नगर निगमों में पठानकोट में सबसे अधिक वोटिंगचुनाव आयोग द्वारा जारी अंतिम आंकड़ों के मुताबिक, राज्य के 8 प्रमुख नगर निगमों में कुल 59.91% मतदान दर्ज किया गया है। नगर निगमों में सबसे ज्यादा उत्साह पठानकोट में दिखा, जबकि मोहाली के लोग वोटिंग में सबसे पीछे रहे। आंकड़ों के मुताबिक पठानकोट नगर निगम में सबसे अधिक 67.62% मतदान हुआ। इसके अलावा, बरनाला नगर निगम में 63.51%, कपूरथला नगर निगम में 61.31%, फाजिल्का नगर निगम में 60.05%, गुरदासपुर नगर निगम में 58.60%, बठिंडा नगर निगम में 58.45%, मोगा नगर निगम में 58.34%, एसएएस नगर (मोहाली) नगर निगम में सबसे कम 54.83 फीसदी मतदान हुआ।
अमृतसर में बांसों वाले बाजार में गुरुवार को अचानक भीषण आग लग गई। बाजार में बांस, सीढ़ियां समेत अन्य सामान होने के कारण आग तेजी से फैल गई। देखते ही देखते आग की लपटें कई फुट ऊंचाई तक उठने लगीं, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। इस दौरान एक दुकानदार जिंदा जल गया। उसकी बाजार में बांस की दुकान थी। वह दिव्यांग था, जिसके कारण समय रहते वह दुकान से बाहर नहीं निकल पाया और आग की चपेट में आ गया। 20 से 25 दुकानें आग में जलकर खाक हो गई। वहीं एक दुकान के ऊपर लगे मोबाइल टावर में भी आग लग गई। अब टावर के गिरने का खतरा है। सामान जलता देख एक दुकानदार रो पड़ा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, आग इतनी तेज थी कि आसपास के दुकानदारों और लोगों में दहशत फैल गई। दुकानदारों ने कहा कि फायर ब्रिगेड की गाड़ियां आधा घंटा लेट आईं। फिलहाल आग लगने के कारणों का पता नहीं चल पाया है। आग शाम करीब 6 बजे लगी। वहीं, विधायक अजय गुप्ता ने बताया कि जैसे ही उन्हें घटना की जानकारी मिली, वह 5 मिनट के भीतर मौके पर पहुंच गए। रास्ते में ही उन्होंने फायर ब्रिगेड अधिकारियों, पीएसपीसीएल अधिकारियों और पुलिस कमिश्नर से संपर्क कर सभी इंतजाम करवाए। फायर ब्रिगेड की टीमें रात 9 बजे तक आग बुझाने में जुटी रहीं। सभी दुकानों में आग लगीदुकानदार अनूप कुमार ने बताया कि राम बागा कोट आत्मा सिंह में सारी दुकानों में ही आग लग गई। बैक साइड में सारी बांस की दुकानें है और करोड़ों का नुकसान हो गया है। दुकानदार ने रोते हुए कहा कि उसके छोटे बच्चे हैं। उन्हें कुछ समझ नहीं आ रहा कि वो कैसे मैनेज करेंगे। सारा सामान जलकर खाक हो गया है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियां लेट पहुंचीं। 40 सालों में पहली बार ऐसा हादसा देखामौके पर पहुंचे राजीव कुमार राजू ने बताया कि वह रामबाग चौक में बर्फ के कारोबार से जुड़े हुए हैं और पिछले 40 वर्षों से इस इलाके में काम कर रहे हैं। इतने सालों में उन्होंने कभी भी इस तरह का भयावह हादसा नहीं देखा। मार्केट में सूखा सामान ज्यादा पड़ा थाउन्होंने बताया कि बांसों वाली मार्केट में सूखा सामान ज्यादा पड़ा होने के कारण आग बहुत तेजी से फैल गई। आग किसी शॉर्ट सर्किट या अन्य कारण के चलते लगी हो सकती है, लेकिन असली कारणों का खुलासा जांच के बाद ही होगा। इलाका निवासियों का कहना है कि आग लगने के तुरंत बाद फायर ब्रिगेड विभाग को सूचित किया गया था। लेकिन फायर ब्रिगेड की गाड़ियां काफी देरी से मौके पर पहुंचीं। एक-एक करके गाड़ियां पहुंच रही थीं, जिस कारण आग पर काबू पाने में परेशानी हुई। लोग बोले- फायर ब्रिगेड की टीमें देरी से पहुंचींलोगों ने बताया कि जब उन्होंने कमिश्नर को फोन किया तो उन्होंने कहा कि बकरीद की छुट्टी होने के कारण कुछ परेशानी आई है। लेकिन इसे जल्द ही हल कर लिया जाएगा। अगर समय रहते फायर ब्रिगेड विभाग की गाड़ियां पहुंच जातीं तो नुकसान कम हो सकता था। बाजार में आग के PHOTOS… बाजार में लगी आग से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
सीतामढ़ी में 3 क्रिमिनल गिरफ्तार:अवैध पिस्टल, कारतूस, मोबाइल और बाइक बरामद
सीतामढ़ी जिले की महिंदवारा थाना पुलिस ने वाहन जांच अभियान के दौरान तीन संदिग्ध अपराधियों को अवैध हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। उनके पास से एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। डीएसपी राजीव कुमार सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई महिंदवारा थाना क्षेत्र के बिसनपुर से बतरौली जाने वाली सड़क पर की गई। पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों की जांच कर रही थी, तभी मोटरसाइकिल पर सवार तीन युवकों को रोककर तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान उनके पास से अवैध हथियार और कारतूस मिले। बरामद सभी सामान जब्त कर लिए गए गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रुन्नीसैदपुर थाना क्षेत्र के तिलकताजपुर गांव निवासी मुकेश कुमार, महिंदवारा थाना क्षेत्र के सिरखिरिया गांव निवासी मुकेश कुमार और अमित कुमार के रूप में हुई है। ये सभी सीतामढ़ी जिले के निवासी बताए गए हैं। पुलिस ने बताया कि अपराधियों के पास से मैगजीन लगी एक पिस्टल, छह जिंदा कारतूस, तीन मोबाइल फोन और एक मोटरसाइकिल बरामद की गई है। बरामद सभी सामान जब्त कर लिए गए हैं। आपराधिक इतिहास की भी जांच जारी इस संबंध में महिंदवारा थाना में कांड संख्या 157/26 दर्ज कर आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि गिरफ्तार युवक किसी बड़ी आपराधिक घटना को अंजाम देने की योजना बना रहे थे या नहीं। साथ ही, पुलिस टीम उनके आपराधिक इतिहास की भी जांच कर रही है।
दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर राहगीरों को निशाना बनाकर लूट की वारदात करने वाले तीन शातिर बदमाशों को थाना गागलहेड़ी पुलिस और स्वाट टीम ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के कब्जे और निशानदेही पर दो लूटी गई मोटरसाइकिल, एक मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त एक अन्य बाइक बरामद की गई है। पुलिस लाइन सभागार में एसपी सिटी व्योम बिंदल ने बताया कि 21 मई 2026 की रात धनकरपुर निवासी ओमपाल सैनी से तीन अज्ञात बदमाशों ने दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बाइक और मोबाइल फोन लूट लिया था। पीड़ित की तहरीर पर थाना गागलहेड़ी में मुकदमा दर्ज किया गया था। मामले को गंभीरता से लेते हुए एसएसपी के निर्देश पर थाना गागलहेड़ी, स्वाट और मिशन शक्ति टीम की संयुक्त टीमें गठित की गई थीं। पुलिस ने मंगलवार रात दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे के गागलहेड़ी कट से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों में आदित्य उर्फ आदि निवासी ऊमरीकलां थाना रामपुर मनिहारान, अक्षित निवासी मिर्जापुर थाना बड़गांव और कार्तिक उर्फ बुड्ढा निवासी ऊमरी खुर्द थाना रामपुर मनिहारान शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि आदित्य भगवानपुर में नौकरी करता था, लेकिन कमाई से खर्च नहीं चल रहा था। इसी वजह से तीनों ने मिलकर लूट की योजना बनाई। उन्होंने एक्सप्रेसवे को इसलिए चुना क्योंकि रात के समय वहां आवाजाही कम रहती है। 21 मई की रात तीनों अपने मोबाइल बंद कर बाइक से एक्सप्रेसवे पहुंचे। कोलकी फ्लाईओवर के पास उन्हें एक युवक अकेले बाइक पर जाता दिखा। आरोपियों ने रास्ता पूछने के बहाने उसे रुकवाया और जबरन उसकी स्प्लेंडर बाइक और मोबाइल फोन लूट लिया। बाद में पुलिस को भ्रमित करने के लिए वे सैय्यद माजरा टोल होते हुए भगवानपुर की ओर चले गए और रास्ते में मोबाइल की सिम निकालकर फेंक दी। पहली घटना के बाद आरोपी दूसरे रास्ते से फिर एक्सप्रेसवे पहुंचे और यमुनानगर हाईवे पर ग्राम नंदी के पास सुखदेव ढाबे से पहले बाइक सवार दो युवकों से उनकी मोटरसाइकिल लूट ली। दोनों लूटी गई बाइकों को हरौड़ा गांव के पास हाईवे किनारे खाली कमरों में छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर गागलहेड़ी थाने से संबंधित लूटी गई स्प्लेंडर प्लस बाइक नंबर UP11CL2853, थाना कोतवाली देहात क्षेत्र से लूटी गई स्प्लेंडर प्लस बाइक नंबर UP11BV9027, एक सैमसंग S23 मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त स्प्लेंडर बाइक नंबर UP12BJ8329 बरामद की है। एसपी सिटी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पहले से भी विभिन्न धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं।
हिसार जिले में बालसमंद पुलिस ने बाइक सवार से लूट के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और बाइक भी बरामद कर ली है। एएसआई जसवंत सिंह ने बताया कि बुधवार को गांव चुली खुर्द, आदमपुर निवासी अनिल कुमार ने शिकायत दर्ज कराई थी। अनिल रालवास से पातन रोड की तरफ जा रहे थे, तभी आरोपियों ने उनसे लिफ्ट मांगी। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें डरा-धमकाकर मारपीट की और उनका मोबाइल फोन, नकदी तथा बाइक लूट ली। सीसीटीवी फुटेज से हुई आरोपियों की पहचान शिकायत के आधार पर तुरंत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए हिसार एसपी के निर्देश पर एक विशेष टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने साइबर सेल की तकनीकी सहायता और सीसीटीवी फुटेज के आधार पर कार्रवाई करते हुए बालसमंद निवासी प्रमोद, संजय और कुलदीप को गिरफ्तार किया। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से लूटी गई नकदी, मोबाइल फोन और बाइक बरामद कर ली है। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा, ताकि उनसे अन्य आपराधिक वारदातों के संबंध में गहनता से पूछताछ की जा सके।
लुधियाना की केंद्रीय जेल में सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए प्रतिबंधित सामग्री रखने का एक और गंभीर मामला सामने आया है। जेल के अंदर अचानक की गई चेकिंग के दौरान एक हवालाती के पास से नशीला पदार्थ और कीपैड मोबाइल फोन बरामद किया गया है। जेल प्रशासन की लिखित शिकायत पर थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। सहायक सुपरिंटेंडेंट की शिकायत पर कार्रवाई जानकारी के अनुसार केंद्रीय जेल के सहायक सुपरिटेंडेंट सुरजीत सिंह ने पुलिस को पत्र के जरिए इस मामले की आधिकारिक शिकायत सौंपी। जेल के भीतर सुरक्षा को पुख्ता रखने और नशीले पदार्थों की आमद रोकने के लिए बैरकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान एक हवालाती की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए उसकी गहनता से तलाशी ली गई। क्रीम रंग का नशीला पाउडर और कीपैड फोन बरामद पुलिस अधिकारियों ने बताया कि तलाशी के दौरान आरोपी हवालाती, जिसकी पहचान शिवम वर्मा निवासी लुधियाना के रूप में हुई है, के कब्जे से 07 ग्राम क्रीम रंग का संदिग्ध नशीला पदार्थ बरामद हुआ। इसके साथ ही आरोपी के पास से जेल नियमों के विपरीत छिपाकर रखा गया एक कीपैड मोबाइल फोन भी बरामद किया गया। आरोपी ने जेल के भीतर प्रतिबंधित सामग्री रखकर जेल मैनुअल और नियमों का सरेआम उल्लंघन किया है। पुलिस ने आरोपी शिवम वर्मा के खिलाफ NDPS एक्ट की धारा 22-61-85 और प्रिज़न एक्ट (जेल अधिनियम) की धारा 52-A(1) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। सुरक्षा पर फिर उठे सवाल थाना डिवीजन नंबर 7 की पुलिस अब इस मामले की बारीक जांच कर रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि जेल के भीतर इतनी कड़ी सुरक्षा और त्रिस्तरीय चेकिंग व्यवस्था के बावजूद नशीला पाउडर और मोबाइल फोन बैरक तक कैसे पहुंचे। इस मामले में जेल के अंदर सक्रिय किसी नेटवर्क या बाहरी मददगारों की भूमिका को लेकर भी तफ्तीश की जा रही है।
ग्वालियर के बहोड़ापुर इलाके में रहने वाले एक प्राइवेट कंपनी के कर्मचारी ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या करने की कोशिश की। जहर खाने से ठीक पहले युवक ने रो-रोकर अपने दर्द को बयां करते हुए तीन वीडियो बनाए। इन वीडियो में उसने अपनी पत्नी के महंगे शौक, लग्जरी लाइफ की चाहत और अनजान पुरुषों से रात-रात भर बात करने के आरोप लगाए हैं। गनीमत यह रही कि युवक ने जहर खाने के बाद इन वीडियो को अपनी हाउसिंग सोसायटी के व्हाट्सएप ग्रुप में पोस्ट कर दिया था। ग्रुप में वीडियो देखते ही पड़ोसियों ने तत्परता दिखाते हुए पुलिस की मदद से युवक को समय रहते अस्पताल पहुंचा दिया, जिससे उसकी जान बच गई। व्हाट्सएप ग्रुप के वीडियो ने बचाई जान बहोड़ापुर थाना पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, मानपुर स्थित सरकारी मल्टी फेस-1 के एल-5 ब्लॉक में पांचवीं मंजिल पर स्थित फ्लैट नंबर-501 में वेंकट शर्मा रहते हैं। वेंकट एक निजी कंपनी में नौकरी करते हैं। मंगलवार रात को जब वह घर पर अकेले थे, तब उन्होंने मानसिक तनाव में आकर जहरीला पदार्थ खा लिया। जहर खाने के बाद वेंकट ने अपनी आपबीती के तीन वीडियो हाउसिंग सोसायटी के ऑफिशियल व्हाट्सएप ग्रुप में डाल दिए। मौके पर पहुंचे पड़ोसी ने बचाई जान ग्रुप में वीडियो देखते ही वहीं रहने वाले पड़ोसी विकास तोमर तुरंत एक्टिव हुए। वे भागकर वेंकट के फ्लैट पर पहुंचे और बहोड़ापुर थाना पुलिस को फोन किया। पुलिस और विकास ने मिलकर अचेत हो रहे वेंकट को तुरंत गाड़ी से अस्पताल में भर्ती कराया, जहां डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। रोते हुए लगाए आरोप- ‘पत्नी को चाहिए लग्जरी लाइफ अस्पताल के बेड पर जिंदगी और मौत की जंग लड़ रहे वेंकट शर्मा ने जहर खाने से पहले जो वीडियो बनाए, उसमें उन्होंने अपनी पत्नी रितु शर्मा, सास गीता शर्मा और साले अनुभव शर्मा सहित 8 लोगों को अपनी मौत का जिम्मेदार ठहराते हुए उन पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। मेरी पत्नी रितु को बेहद लग्जरी लाइफ चाहिए। वह एक-एक लाख रुपए के महंगे मोबाइल फोन चलाती है। उसके शौक बहुत महंगे हैं। वेंकट ने कहा कि वह बड़ागांव के रहने वाले गौरव यादव, विशाल यादव, राजेश यादव, कल्ली यादव और हिमांशु भदौरिया से रात-रातभर फोन पर बात करती है। जब मैंने एक पति होने के नाते उसे टोकने और समझाने का प्रयास किया, तो उसने सुधरने के बजाय इन लोगों से मुझे धमकियां दिलवाना शुरू कर दिया। मेरे पीछे गुंडे लगा दिए गए। 'सास ने दी गालियां, मेरे अपने बेटे से मुझे अलग कर दिया' वेंकट ने वीडियो में अपनी सास पर भी गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि उनकी सास गीता शर्मा ने उनके साथ घोर अभद्रता और गाली-गलौज की। पत्नी और सास ने मिलकर साजिशन वेंकट को उनके अपने ही मासूम बेटे से दूर कर दिया। बेटे से अलग होने के गम और लगातार मिल रही धमकियों के कारण वह भयंकर डिप्रेशन (मानसिक अवसाद) में चले गए। वीडियो के अंत में वेंकट ने कहा- अगर मुझे कुछ भी होता है, तो मेरी पत्नी, सास, साला और बड़ागांव के ये पांचों लड़के जिम्मेदार होंगे। मुझे न्याय दिलाया जाए। वीडियो में 8 लोगों के नामों का जिक्र बहोडापुर थाना प्रभारी आलोक परिहार ने बताया कि एक युवक के जहरीला पदार्थ खाने का मामला सामने आया है। पड़ोसियों की सजगता से उसे समय पर अस्पताल पहुंचा दिया गया था, जहां उसका इलाज जारी है। युवक ने वीडियो में 8 लोगों के नामों का जिक्र किया है। सभी कड़ियों की बारीकी से जांच की जा रही है। युवक के स्वस्थ होने के बाद उसके विस्तृत बयान दर्ज किए जाएंगे, जिसके आधार पर आगे की वैधानिक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
भिवानी से महिला और युवती लापता:दोनों सुबह घर से निकली, मोबाइल ले गई साथ; तलाश पर नहीं लगा सुराग
भिवानी शहर में अलग-अलग स्थानों की रहने वाली एक महिला व एक युवती संदिग्ध हालात में लापता होने का मामला सामने आया है। जो सुबह घर से निकली थी और वापस नहीं आई। दोनों के पास ही मोबाइल नंबर भी था। वहीं परिवार वालों ने इसकी शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। भिवानी के एक गांव निवासी व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि वह फिलहाल भिवानी शहर में रहता है। उसकी करीब 26 वर्षीय पत्नी सुबह करीब साढ़े 9 बजे घर से बिना बताए चली गई। जिसके बाद उसने आस-पड़ोस व रिश्तेदारियों में तलाश किया, लेकिन कहीं पर भी कोई सुराग नहीं लगा। जो अपने साथ अपना मोबाइल नंबर भी लेकर गई है। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी। 24 वर्षीय युवती भी गायब भिवानी शहर निवासी एक व्यक्ति ने पुलिस को शिकायत दी, जिसमें बताया उसकी बहन की उम्र करीब 24 वर्ष है। जो सुबह के समय घर से निकली थी, लेकिन वापस नहीं लौटी। जिसके पास मोबाइल फोन भी है। वहीं आस-पड़ोस में भी पूछताछ कर ली, लेकिन कहीं पर कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को दे दी। पुलिस ने शिकायत मिलने के बाद केस दर्ज कर लिया। वहीं युवती की तलाश आरंभ कर दी।
भारत-नेपाल सीमा पर तस्कर गिरफ्तार:43.57 ग्राम ब्राउन शुगर, लाखों का कैश और 8 मोबाइल जब्त
भारत-नेपाल सीमा से सटे दिघलबैंक क्षेत्र में SSB और कोढ़ोबाड़ी थाना पुलिस ने नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ अभियन चलाया। इस दौरान भारी मात्रा में ब्राउन शुगर, नगदी और अन्य सामग्री बरामद हुआ है। साथ ही, एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। एसएसबी जी कंपनी सिंघीमारी और कोढ़ोबाड़ी थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने सामेद टोला निवासी जान मोहम्मद (पिता अब्दुल सामेद) के घर पर सघन छापेमारी की। तलाशी के दौरान टीम ने 43.57 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। छापेमारी के दौरान पुलिस ने मौके से 62,900 भारतीय रुपए, 17,200 नेपाली मुद्रा, 11 कतरी रियाल और 8 मोबाइल फोन भी जब्त किए। इस कार्रवाई में आरोपी जान मोहम्मद को गिरफ्तार कर लिया गया। नेटवर्क से जुड़े लोगों की तलाश कर रही पलिस पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी से पूछताछ जारी है। जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इस तस्करी नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा इसका तार सीमा पार से जुड़े किसी बड़े गिरोह से तो नहीं है। अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी रोकने के लिए एसएसबी और स्थानीय पुलिस लगातार संयुक्त अभियान चला रही है। इसी क्रम में मिली गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की गई, जिसमें सुरक्षा बलों को महत्वपूर्ण सफलता मिली। इस अभियान में कोढ़ोबाड़ी थानाध्यक्ष संतोष कुमार और एसएसबी के असिस्टेंट कमांडेंट मनोज कुमार सहित एसएसबी एवं पुलिस बल के अन्य जवान शामिल रहे। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सीमा क्षेत्र में अवैध गतिविधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

