जेल से सर्च के दौरान सात मोबाइल बरामद, आठ हवालातियों पर केस
अमृतसर| फताहपुर जेल में चैकिंग के दौरान सात मोबाइल बरामद किए गए। इस मामले में थाना इस्लामाबाद पुलिस ने 8 हवालातियों के खिलाफ पर्चा दर्ज किया। पुलिस को दी शिकायत में सहायक सुपरिंटेंडेंट साहिब सिंह ने बताया कि जेल के अंदर तलाशी अभियान के दौरान बंद हवालातियों के पास से 7 मोबाइल फोन (3 टच और 4 कीपैड) बरामद किए गए है। आरोपियों में हवालाती सवरित सिंह, अमरजोत सिंह, करनबीर सिंह उर्फ कन्नू, जीवन सिंह, अमित कुमार उर्फ बीची, हवालाती राहुल, जशनदीप सिंह और संदीप सिंह शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बरामद मोबाइलों की फॉरेंसिक जांच करवाई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि जेल के भीतर इन फोनों का इस्तेमाल किन गतिविधियों के लिए किया जा रहा था।
उत्तर प्रदेश में कचरे को संसाधन में बदलने की दिशा में एक अनोखी पहल सामने आई है। रामपुर जिला प्रशासन ने खराब और निष्क्रिय पड़ी सरकारी एंबुलेंस को मॉडिफाई कर उन्हें मोबाइल दुकानों में बदल दिया है और इन्हें रेहड़ी-पटरी संचालकों को रोजगार के लिए उपलब्ध कराया है।
जौनपुर में जनसेवा केंद्र संचालक को गोली मारी:बदमाश बाइक, बैग और मोबाइल लेकर फरार, हालत गंभीर
जफराबाद क्षेत्र के गोसाईपुर गांव के पास बुधवार रात बाइक सवार बदमाशों ने एक सहज जन सेवा केंद्र संचालक को गोली मार दी। बदमाश उनकी बाइक, बैग और मोबाइल लेकर फरार हो गए। घायल संचालक को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। गोसाईपुर गांव निवासी प्रेमचंद यादव (पुत्र तेजू यादव) गोसाईपुर चौराहे पर सहज जन सेवा केंद्र चलाते हैं। बुधवार रात करीब नौ बजे वे अपना केंद्र बंद करके बाइक से घर लौट रहे थे। केंद्र से लगभग 500 मीटर दूर ब्राह्मण बस्ती के पास पहुंचते ही एक बाइक पर सवार बदमाशों ने उन्हें रोका और गोली मार दी। गोली प्रेमचंद के सीने और पेट के बीच लगी है। बदमाश वारदात को अंजाम देने के बाद उनकी बाइक, बैग और मोबाइल फोन लेकर भाग गए। गोली लगने के बाद प्रेमचंद यादव भागकर ब्राह्मण बस्ती पहुंचे और लोगों से मदद मांगी। ब्राह्मण बस्ती के लोगों ने ग्राम प्रधान को सूचना दी, जिसके बाद प्रेमचंद को तुरंत जिला अस्पताल ले जाया गया। उनका इलाज जारी है। घटना की सूचना मिलते ही थानाध्यक्ष श्रीप्रकाश शुक्ल पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है ताकि बदमाशों का पता लगाया जा सके।
ललितपुर में बजाज फाइनेंस कंपनी और आम नागरिकों के साथ 1.71 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी के मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी कंपनी की ललितपुर शाखा में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। मुख्य आरोपी दिनेश कुमार उर्फ कार्तिक (31) को गिरफ्तार किया है। आरोपी बैंक कॉलोनी निवासी विनोद कुमार का पुत्र है। पुलिस ने उसे न्यायिक अभिरक्षा में न्यायालय में पेश किया है। पुलिस ने आरोपी के पास से एक स्कॉर्पियो कार, दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन और एक कलाई घड़ी बरामद की है। पुलिस के अनुसार, झांसी स्थित बजाज फाइनेंस लिमिटेड के असिस्टेंट मैनेजर रिस्क संदीप सिंह सोलंकी ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया था कि महेंद्र बरार, नवनीत और अन्य लोगों ने मिलकर फर्जी दस्तावेज तैयार कर कंपनी को 1,71,01,703 रुपये का नुकसान पहुंचाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर विशेष जांच दल (SIT) का गठन किया गया था। सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए अब तक 12 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है। इसी क्रम में वांछित आरोपी दिनेश कुमार को भी दबोच लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह बजाज फाइनेंस की ललितपुर शाखा में सेल्स मैनेजर के पद पर कार्यरत था। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर भोले-भाले लोगों को लोन दिलाने का झांसा दिया और उनके आधार कार्ड, पैन कार्ड सहित अन्य दस्तावेज ले लिए। इसके बाद फर्जी बिक्री और कूटरचित दस्तावेज तैयार कर लोन स्वीकृत कराया और रकम हड़प ली। पुलिस के मुताबिक इस गिरोह में कंपनी के कुछ अधिकारी और कर्मचारी भी शामिल थे। पुलिस के अनुसार गिरोह ने वर्ष 2024 और 2025 में फर्जी ऋण आवेदन और कूटरचित दस्तावेजों के जरिए करोड़ों रुपये की धोखाधड़ी की। आरोपी ने ठगी के पैसों से स्कॉर्पियो कार खरीदी और ऐशो-आराम पर खर्च किया। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक अनुराग अवस्थी, निरीक्षक नरेंद्र सिंह, मुख्य आरक्षी सत्येंद्र सिंह और महिला कांस्टेबल नीलम शामिल रहीं। पुलिस अब इस मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश कर रही है।
भागलपुर में आज रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और जीआरपी की टीम ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए हथियार और चोरी के सामान का जखीरा बरामद किया है। यह कार्रवाई भागलपुर और नाथनगर के बीच स्थित एलसी गेट नंबर-1 ए के पास की गई। छापेमारी के दौरान कई संदिग्ध सामान मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। इस संयुक्त अभियान का नेतृत्व आरपीएफ पोस्ट कमांडर अमित कुमार गिरी कर रहे थे। उनके साथ जीआरपी के ओसी नाशिम्म खान, सीआईबी इंस्पेक्टर एस.के. सुधा और आईपीएफ ए.के. सिंह सहित अन्य सुरक्षा बलों की टीम मौजूद थी। टीम को गुप्त सूचना मिली थी कि रेलवे ट्रैक के आसपास कुछ अपराधी एकत्रित होकर आपराधिक घटना की योजना बना रहे हैं और उनके पास अवैध हथियार व चोरी का सामान भी रखा हुआ है। भारी मात्रा में हथियार-अन्य सामान बरामद सूचना के आधार पर पुलिस और आरपीएफ की टीम ने इलाके में छापेमारी की। इस दौरान मौके से भारी मात्रा में हथियार और अन्य सामान बरामद किया गया। बरामद सामान में 2 पिस्टल, 4 कांटा, 18 जिंदा कारतूस, 6 धारदार हथियार, करीब 50 मोबाइल फोन, कई चाकू, सोने और चांदी के आभूषण, बैंक पासबुक, ट्रॉली बैग, लाइटर और सोने-चांदी का वजन मापने वाली मशीन शामिल है। मो. लाल बाबू के घर पर भी छापेमारी की जांच के दौरान पुलिस ने मो. कलीम और मो. लाल बाबू के घर पर भी छापेमारी की, जहां से हथियार और अन्य संदिग्ध सामान बरामद किया गया। पुलिस का मानना है कि इन लोगों का संबंध रेलवे क्षेत्र में होने वाली चोरी और अन्य आपराधिक घटनाओं से हो सकता है। इस मामले में करीब 10 से 12 बदमाशों को नामजद किया गया है। हालांकि, छापेमारी की भनक लगते ही कई आरोपी मौके से फरार हो गए। फिलहाल पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है। आरपीएफ और जीआरपी अधिकारियों ने बताया कि बरामद सामान की जांच की जा रही है, ताकि यह पता लगाया जा सके कि यह किन-किन घटनाओं से जुड़ा हुआ है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही फरार आरोपियों को गिरफ्तार कर पूरे गिरोह का खुलासा किया जाएगा।
विदिशा में सड़क सुरक्षा और विधिक जागरूकता बढ़ाने के उद्देश्य से जिला न्यायालय के निर्देश पर गांधी चौक-नीमताल क्षेत्र में एक मोबाइल कोर्ट लगाया गया। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमाकांत भारके की उपस्थिति में दोपहिया और चारपहिया वाहनों की सघन जांच की गई। इस दौरान वाहन चालकों के ड्राइविंग लाइसेंस, रजिस्ट्रेशन, बीमा, फिटनेस और परमिट सहित अन्य दस्तावेजों की पड़ताल की गई। दस्तावेजों में कमी पाए जाने पर लगभग 25 वाहन चालकों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए करीब 50 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। अचानक लगी इस मोबाइल कोर्ट की कार्रवाई से वाहन चालकों में हड़कंप मच गया। कई वाहन चालक चेकिंग देखकर रास्ता बदलते नजर आए, वहीं कुछ लोग हाथ जोड़कर माफी मांगते भी दिखे। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट रमाकांत भारके ने बताया कि जिला एवं सत्र न्यायाधीश जाकिर हुसैन के मार्गदर्शन में यह अभियान पूरे जिले में चलाया जा रहा है। उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2025 में जिले में कुल 1246 सड़क दुर्घटनाएं दर्ज की गईं, जिनमें 221 लोगों की मौत हुई और बड़ी संख्या में लोग घायल हुए। भारके ने आगे कहा कि अधिकांश दुर्घटनाओं में दोपहिया वाहन चालक हेलमेट नहीं पहनते और चारपहिया वाहन चालक सीट बेल्ट का उपयोग नहीं करते। इसके अतिरिक्त, कई वाहन बिना बीमा और आवश्यक दस्तावेजों के चलते हैं, जिससे दुर्घटना की स्थिति में पीड़ितों को बीमा क्लेम नहीं मिल पाता। मोबाइल कोर्ट के माध्यम से लोगों को यातायात नियमों का पालन करने और वाहन के सभी दस्तावेज पूर्ण रखने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
रायपुर पुलिस की एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट ने करीब 20 लाख रुपए कीमत के 100 मोबाइल फोन ढूंढकर उनके असली मालिकों को वापस कर दिए। ये मोबाइल फोन सिर्फ छत्तीसगढ़ ही नहीं, बल्कि देश के अलग-अलग राज्यों से ट्रेस किए गए। पुलिस के मुताबिक बरामद मोबाइल फोन उत्तर प्रदेश, मध्यप्रदेश, राजस्थान, ओडिशा, महाराष्ट्र, पश्चिम बंगाल, झारखंड, दिल्ली और बिहार से मिले हैं। 2026 में अब तक 300 गुम मोबाइल फोन बरामद कर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। इनकी कुल कीमत करीब 60 लाख रुपए बताई जा रही है। तकनीकी जांच से मिले मोबाइल एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट की टीम ने गुम मोबाइल के आवेदनों के आधार पर तकनीकी विश्लेषण और ट्रैकिंग की मदद से मोबाइल फोन का पता लगाया। कई मोबाइल ऐसे लोगों के पास मिले जो उन्हें इस्तेमाल कर रहे थे। साइबर सेल द्वारा जानकारी देने के बाद कुछ लोगों ने मोबाइल फोन कूरियर के जरिए रायपुर भेज दिए, जबकि कुछ मामलों में अन्य राज्यों की पुलिस के सहयोग से मोबाइल बरामद किए गए। पुलिस की अपील रायपुर पुलिस ने लोगों से अपील की है कि यदि मोबाइल फोन गुम हो जाए तो तुरंत www.ceir.gov.in पोर्टल पर इसकी जानकारी दर्ज करें और नजदीकी थाना या साइबर सेल से संपर्क करें। पुलिस ने यह भी कहा है कि मोबाइल फोन को हमेशा पासवर्ड या लॉक से सुरक्षित रखें, ताकि उसका गलत इस्तेमाल न हो सके।
मधुबनी की भेजा थाना पुलिस ने अवैध हथियार के साथ दो व्यक्तियों को गिरफ्तार किया है। इनमें एक नाबालिग भी शामिल है। पुलिस ने उनके पास से एक बाइक, एक देशी कट्टा, एक गोली और दो मोबाइल फोन जब्त किए हैं। पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने मंगलवार देर शाम बताया कि जिले में विधि व्यवस्था बनाए रखने और अपराध नियंत्रण के लिए लगातार सघन वाहन चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में मंगलवार शाम भेजा थाना की पुलिस टीम रात्रि गश्त के दौरान खरीक चौक पर वाहन चेकिंग कर रही थी। पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल चालक भागने लगा चेकिंग के दौरान एक मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रुकने का इशारा किया गया। पुलिस को देखकर मोटरसाइकिल चालक भागने लगा, लेकिन पुलिस बल की मदद से उन्हें पकड़ लिया गया। तलाशी लेने पर मोटरसाइकिल पर पीछे बैठे नाबालिग के कमर से एक लोडेड देशी कट्टा और एक मोबाइल बरामद हुआ। गिरफ्तार वयस्क को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया दूसरे व्यक्ति की पहचान भेजा थाना क्षेत्र के नीमा वार्ड 15 निवासी ललन कुमार यादव के रूप में हुई। उसके पास से भी एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। पुलिस ने बरामद सभी सामान जब्त कर लिया है। गिरफ्तार वयस्क को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है, जबकि नाबालिग को रिमांड होम भेजा गया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सूने मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के गहने और नगदी चोरी करने वाले दो शातिर बदमाशों को करणी विहार थाना पुलिस और डीएसटी जयपुर वेस्ट की संयुक्त टीम ने गिरफ्तार किया है। आरोपी वारदात के दौरान जल्दबाजी में अपना मोबाइल फोन और डेबिट कार्ड मौके पर ही छोड़कर भाग गए थे, जिसके आधार पर पुलिस ने उनकी पहचान कर उन्हें दबोच लिया। डीसीपी वेस्ट हनुमान प्रसाद ने बताया कि वैशालीनगर सिटी, पांच्यावाला सिरसी रोड निवासी हेमलता श्रीवास्तव ने करणी विहार थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी। उन्होंने बताया कि 1 मार्च की रात वह अपने बच्चों के साथ दिल्ली चली गई थीं। इसी दौरान 2 मार्च को देर रात अज्ञात चोरों ने उनके मकान के ताले तोड़कर सोने-चांदी के गहने और नगदी चोरी कर ली। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज मोबाइल एप पर देखने पर उन्हें चोरी का पता चला। उन्होंने तुरंत कॉलोनीवासियों को सूचना दी, जिससे चोरों में भगदड़ मच गई और भागते समय आरोपी अपना मोबाइल फोन और उसके कवर में रखा एचडीएफसी बैंक का डेबिट कार्ड मौके पर ही छोड़ गए। चांदी के सिक्के, शिव-पार्वती की जोड़ी बरामद मामले की जांच के लिए पुलिस टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दो आरोपियों शुभम सैनी (27) और नरेन्द्र सैनी उर्फ नंदू (29) को चिह्नित कर गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से 6 चांदी के सिक्के, एक पीतल की चरण पादुका और पीतल की शिव-पार्वती की जोड़ी बरामद की है। पूछताछ में आरोपियों ने हरमाड़ा थाना क्षेत्र में भी चोरी-नकबजनी की वारदात करना स्वीकार किया है। आरोपी नशे के आदी पुलिस के अनुसार दोनों आरोपी मुरलीपुरा थाने के हिस्ट्रीशीटर हैं और पहले भी चोरी व नकबजनी की करीब चार दर्जन वारदातों को अंजाम दे चुके हैं। आरोपी नशे के आदी हैं और मोटरसाइकिल से कॉलोनियों में घूमकर सूने मकानों की रैकी कर मौका मिलते ही ताला तोड़कर चोरी करते थे। फिलहाल पुलिस आरोपियों से घटना में प्रयुक्त मोटरसाइकिल की बरामदगी और अन्य साथियों की तलाश को लेकर पूछताछ कर रही है। दोनों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा।
जालंधर के दोआबा चौक पर दो बाइक सवार लुटेरों ने एक बुजुर्ग व्यक्ति का मोबाइल छीन लिया। लूट के दौरान बुजुर्ग ने शोर मचाया, लेकिन बाइक की रफ्तार ज्यादा होने के कारण वह भागने में कामयाब हो गए और घटना के पास लगे सीसीसीटी कैमरों में कैद हो गई। वारदात के बाद घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने सूचना पुलिस को दी। भगतपुरा निवासी मुख्त्यार चंद ने थाना-8 पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनकी दोआबा चौक के पास बुक (किताब) की दुकान है। वह दुकान से घर जा रहे थे, तभी बाइक सवार दो युवक उसके पास से निकले तो उन्होंने देख लिया कि उसकी कमीज की ऊपर वाली जेब में मोबाइल है, जिसके बाद वह दोबारा वापस आए और उनकी जेब से मोबाइल निकल लिया। पुलिस जांच में जुटी मुख्त्यार चंद ने बताया कि उन्होंने शोर भी मचाया, लेकिन लुटेरे तेज रफ्तार बाइक पर सवार होकर भागने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही थाना आठ की पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। थाना आठ के प्रभारी साहिल चौधरी ने बताया कि पुलिस टीम जांच में जुटी है और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
फरीदकोट जिले की केंद्रीय माडर्न जेल में जेल प्रशासन के सर्च ऑपरेशन के दौरान 8 मोबाइल बरामद किए गए है। इस मामले में थाना सिटी पुलिस को शिकायत भेज कर 7 हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ जेल एक्ट के तहत केस दर्ज करवाया गया है। बता दे कि पुलिस को भेजी शिकायत में जेल के सहायक अधीक्षक गुरचरण सिंह ने बताया कि जेल अधीक्षक के दिशा निर्देशों पर जेल प्रशासन की टीमों द्वारा विभिन्न बैरकों की सर्च की गई तो जेल में बंद 7 हवालातियों फाजिल्का निवासी केवल सिंह,मोगा निवासी हरप्रीत सिंह, अबोहर निवासी राहुल कुमार,मोगा निवासी कमलजीत सिंह, तरनतारन निवासी गुरजंट सिंह के पास से मोबाइल बरामद हुआ। 8 के खिलाफ केस दर्ज इस दौरान जेल में सर्च के दौरान मोगा निवासी परमजीत सिंह,मोगा के ही हरविंदर सिंह और एक कैदी मोगा निवासी जसविंदर सिंह से एक-एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। इस शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस ने इन 7 हवालातियों और एक कैदी के खिलाफ केस दर्ज करते हुए आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मामले की जांच में जुटी पुलिस बता दें कि फरीदकोट जेल से लगातार मोबाइल फोन बरामद हो रहे है। हालांकि अभी तक ना तो जेल प्रशासन और ना ही पुलिस पता लगा पाई है कि आखिरकार यह मोबाइल जेल में अंदर कैसे पहुंच रहे है। जेल कर्मियों की भूमिका की जांच करेगी पुलिस इस मामले में डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि अब नामजद किए गए हवालातियों व कैदी को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी और इनसे बरामद मोबाइल फोनों के बारे में पूछताछ की जाएगी। यदि इन्हें मोबाइल फोन उपलब्ध करवाने में किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की शमूलियत सामने आई तो उसे भी केस में नामजद करते हुए गिरफ्तार किया जाएगा।
आगरा में गर्लफ्रेंड के लिए 60 फीट ऊंचे मोबाइल टावर पर युवक चढ़ गया। करीब 40 फीट ऊपर चढ़कर बोला- उसे बुलाकर लाओ। मैं उससे बहुत प्यार करता हूं। इस दौरान काफी संख्या में आसपास के लोगों की भीड़ लग गई। सूचना पर पुलिस पहुंची। इस दौरान मौके पर परिवार के लोगों को बुलाया गया। इसके बाद करीब 5 घंटे तक समझाने के बाद किसी तरह नीचे ऊतारा। इसके बाद युवक से एसडीएम पूछताछ कर रहे हैं। मामला थाना ट्रांस यमुना के शाहदारा चुंगी की है। अब पूरा मामला पढ़िए शाहदरा चुंगी में बुधवार सुबह 9 बजे एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। इसके बाद गर्लफ्रेंड को बुलाने के लिए चिल्लाने लगा। इसके बाद आसपास के लोगों की भीड़ जुट गई। सूचना पर पुलिस भी पहुंच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस और रेस्क्यू टीम युवक को समझाकर सुरक्षित नीचे उतारने का प्रयास करने लगी। युवक की पहचान बंटी पुत्र सूबेदार सिंह, निवासी मेहरी हिरन, गांव दारापुर, थाना टूंडला के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक की रिश्तेदारी नगला बिहारी में है और एकतरफा प्रेम प्रसंग के चलते उसने यह कदम उठाया है। युवक ने 112 कंट्रोल रूम पर कॉल कर पुलिस से बातचीत भी की। बातचीत में उसने साफ कहा कि जब तक मेरी गर्लफ्रेंड नहीं आएगी तब तक मैं टावर से नीचे नहीं उतरूंगा। इसके बाद पुलिस पहुंची और करीब 5 घंटे तक चले ड्रामे के बाद दोपहर में 2 बजे युवक को नीचे उतारा गया।
तरनतारन में एक पूर्व सैनिक से तलवार दिखाकर मोबाइल फोन और करीब 3,000 रुपए नकद लूट लिए गए। मोटरसाइकिल सवार दो लुटेरों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। शिकायतकर्ता हरभाल सिंह, जो गांव बाकीपुर के निवासी हैं, भारतीय सेना से सेवानिवृत्त हैं। वह तरनतारन के मोहल्ला जसवंत सिंह में एक कंप्यूटर कैफे चलाते हैं। हरभाल सिंह ने पुलिस को बताया कि कल शाम वह अपने स्कूटर पर गांव लौट रहे थे। नकदी और मोबाइल छीनकर हुए फरार जब वह रोही जरमस्तपुर के पास पुल के पास पहुंचे, तो मोटरसाइकिल पर सवार दो युवकों ने उन्हें रोका। लुटेरों ने तलवार से हमला करने की धमकी दी और उनकी जेब से मोबाइल फोन तथा लगभग 3,000 रुपए नकद छीनकर फरार हो गए। मामले की जांच में जुटी पुलिस हरभाल सिंह की शिकायत पर, तरनतारन सिटी थाने की पुलिस ने कार्रवाई की। एएसआई सुखा सिंह ने बताया कि आरोपियों की पहचान गुरकीर्तन सिंह निवासी पलासौर और गोल सिंह के रूप में हुई है। इन आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी तरनतारन में केस नंबर 60 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है और आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
सीकर में 2 नाबालिग सगे भाई रुपए कमाने के लिए बिना बताए हॉस्टल से चले गए। दोनों एक प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। दोनों ने किशनगढ़-कुचामन-नागौर पर काम ढूंढने की कोशिश की, लेकिन काम नहीं मिला। दोनों ने स्टेशनों पर रहकर रात गुजारी। 10 दिन बाद जब मोबाइल ऑन किया तो, लोकेशन मिलते ही पुलिस ने इन्हें कुचामन से मंगलवार शाम को डिटेन कर लिया। दोनों भाइयों की मां की मौत हो चुकी है। वहीं पिता शराब पीने के आदी हैं, इसलिए NGO के जरिए वे प्राइवेट स्कूल में पढ़ते हैं। मामला सीकर के उद्योग नगर थाना इलाके का है। SHO राजेश कुमार बुडानिया ने बताया- स्कूल मैनेजमेंट ने थाने में एक मार्च को मामला दर्ज करवाया था। इसमें बताया कि 28 फरवरी को उनके हॉस्टल से 15 और 17 साल के दो नाबालिग भाई लापता हो गए हैं। दोनों हॉस्टल से बिना बताए कहीं चले गए। इनमें 17 साल का स्टूडेंट 11वीं और 15 साल का स्टूडेंट नौवीं क्लास में पढ़ता है। दोस्तों से मोबाइल का पता चला, पुलिस ने लोकेशन की ट्रेसपुलिस ने स्टूडेंट के बारे में तमाम जानकारी जुटाना शुरू किया। दोनों स्टूडेंट के साथियों से भी बातचीत की। इस दौरान सामने आया कि इन स्टूडेंट के पास एक मोबाइल फोन है। वह मोबाइल फोन स्विच ऑफ आ रहा था। ऐसे में टेक्निकल सोर्सेज के जरिए स्टूडेंट्स का पता लगाना मुश्किल था। दोनों लड़कों ने कुचामन जिले में अपना मोबाइल कुछ देर के लिए ऑन किया। जैसे ही पुलिस को इसका पता लगा तो पुलिस टीम वहां गई। जहां दोनों स्टूडेंट को डिटेन कर लिया। यहां से उन्हें सीकर लाया गया। मां की हो चुकी मौत, पिता शराब पीने के आदीपुलिस के अनुसार- दोनों लड़कों की मां की मौत करीब 12 साल पहले हो चुकी थी। पिता शराब पीने के आदी हैं। ऐसे में दोनों को समाज कल्याण विभाग के जरिए NGO के हाउस में दाखिल करवा दिया गया। NGO के द्वारा ही इन्हें पढ़ने के लिए सीकर भेजा गया था। दोनों के एग्जाम 28 फरवरी को पूरे हो गए थे। दोनों भाई पढ़ाई में काफी होशियार हैं। अंदेशा है कि परिवार के साथ नहीं रहने की वजह से बच्चों को लगता था कि उन्हें रुपए कमाकर ही सब कुछ करना है। इसलिए दोनों ने एक साथ हॉस्टल छोड़ने का मन बनाया। दोनों 28 फरवरी को हॉस्टल छोड़कर ट्रेन से किशनगढ़ पहुंच गए। यहां उन्होंने कई जगह काम की तलाश की, लेकिन उन्हें काम नहीं मिला। दोनों लड़कों के पास कुछ ही रुपए थे। इनमें केवल ट्रेन का किराया और खाना ही हो सकता था। ऐसे में कई जगह इन लोगों ने मदद भी मांगी। पहले किशनगढ़ फिर नागौर, कुचामन में काम के लिए गएकिशनगढ़ में दोनों भाइयों को जब काम नहीं मिला तो वे काम की तलाश में नागौर आ गए। यहां भी उन्हें कोई काम नहीं मिला। आखिर में दोनों कुचामन चले गए। यहां इन्होंने अपना मोबाइल ऑन किया। यहीं से दोनों को दस्तयाब किया गया था। SHO राजेश कुमार बुडानिया ने कहा- परिजनों के साथ समाज के हर आदमी की जिम्मेदारी है कि वे स्टूडेंट्स को मोटिवेट करते रहें। ताकि वे कोई गलत कदम नही उठाएं। …… सीकर से एक्टर बनने मुंबई भाग गया 15-साल का स्टूडेंट:एक हजार रुपए लेकर घर से निकला, ट्रेन में बैठा; वड़ापाव खाकर भरा पेट सीकर में दसवीं क्लास में पढ़ने वाला 15 साल का बच्चा एक्टर बनने मुंबई भाग गया। वह घर से मॉर्निंग वॉक के लिए निकला था। उसके पास एक हजार रुपए थे। घर से निकलने के बाद रेलवे स्टेशन से मुंबई जाने वाली ट्रेन में बैठ गया। मुंबई में वड़ापाव खाकर पेट भरा और पब्लिक प्लेस पर रात बिताई।(पूरी खबर पढ़ें)
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ में एक मोबाइल शॉप से 16 आईफोन चोरी हो गए। चोर मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर दुकान में घुसा, फिर आईफोन और 30 हजार कैश समेत करीब 13.39 लाख रुपए की चोरी कर फरार हो गया। चोरी की वारदात CCTV कैमरे में कैद हो गई है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के मुताबिक, शहर के गोपी टॉकीज रोड पर स्थित सेल स्पॉट मोबाइल दुकान का संचालन लक्ष्मीपुर निवासी मोहम्मद फारुख करता है। सोमवार रात दुकान बंद कर संचालक और स्टाफ घर चले गए थे। मंगलवार सुबह जब संचालक दुकान खोलने पहुंचा, तो शोकेस काउंटर में रखे मोबाइल अस्त-व्यस्त पड़े मिले। दूसरी मंजिल का ताला तोड़कर घुसा चोर दुकान की जांच करने पर दूसरी मंजिल के दरवाजे का लॉक टूटा हुआ मिला। इसके बाद CCTV फुटेज चेक करने पर पता चला कि चोर दूसरी मंजिल से ताला तोड़कर अंदर घुसा और ग्राउंड फ्लोर की दुकान से 16 आईफोन और दराज में रखे 30 हजार लेकर फरार हो गया। फुटेज में आरोपी मोबाइल की फ्लैश लाइट जलाकर दुकान में घूमते और सामान बैग में भरते हुए नजर आ रहा है। CCTV फुटेज में आरोपी पिट्ठू बैग में मोबाइल भरकर ले जाते हुए दिखाई दे रहा है। चोरी की पूरी घटना कैमरे में कैद हो गई है। सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही पुलिस मामले की सूचना मिलने के बाद पुलिस और एफएसएल की टीम मौके पर पहुंचकर जांच की। पुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। आसपास लगे और भी CCTV कैमरों की फुटेज खंगाले जा रहे हैं। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रहेगा इस मामले में शशि मोहन सिंह ने बताया कि, CCTV में दिख रहे संदिग्ध की तस्वीरें जिले के सभी थाना-चौकी प्रभारियों और आसपास के जिलों में भेजी गई हैं। उन्होंने कहा कि किसी को आरोपी के बारे में जानकारी मिलती है, तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। सूचना देने वाले व्यक्ति का नाम गोपनीय रखा जाएगा। …………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… दीवार में 1 फीट छेद-कर 25 लाख के मोबाइल चोरी,VIDEO: महंगे आईफोन ले गए, सस्ते फेंके, कैश काउंटर-गोल्ड रिंग को हाथ तक नहीं लगाया अंबिकापुर शहर के गुदरी चौक स्थित गोलू मोबाइल शॉप में करीब 25 लाख रुपये की चोरी हुई है। 5 नवंबर की रात चोर दीवार के पीछे एक होल बनाकर अंदर घुसे और करीब 100 महंगे आईफोन और सैमसंग मोबाइल चोरी कर ले गए। जबकि सस्ती कंपनियों के फोन दुकान में ही छोड़ दिए। यह मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
तहसीलदार मैडम को मोबाइल से 'दिक्कत':विधायकजी की शादी में 'नेताजी' का जलवा; कलेक्टर-SDM 'हाजिर हों'
नमस्कार जयपुर में विधायकजी और जज मैडम की शादी हुई। शुभ विवाह में बड़े-बड़े नेता पहुंचे। झुंझुनूं के जिला उपभोक्ता आयोग ने कलेक्टर एसडीएम समेत 6 अफसरों को तलब कर लिया। चूरू में तहसीलदार साहिबा से किसान ने वीडियो बनाते हुए मुआवजे की मांग कर दी। जयपुर जंक्शन पर खुलेआम नशा करने का वीडियो आया। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. विधायकजी की शादी में ‘शक्ति प्रदर्शन’ कांग्रेस वाली पार्टी के विधायकजी ने विवाह कर लिया। जज साहिबा से शादी की है। जोड़ी का जवाब नहीं। विधायकजी युवा कांग्रेस के अध्यक्ष रहे। दूसरी बार विधायक हैं। विवाह के शुभ समारोह में बड़े-बड़े नेता पहुंचे। कोई किसी दल में हो, दिल में अपनापन। डिप्टी सीएम साहिबा रस्मों के दौरान पहुंचीं तो कुर्सी ऑफर हुई। दूल्हा चौकी पर था, वे कुर्सी पर कैसे बैठतीं? सादगी से फर्श पर ही बैठ गईं। विधायक भाटीजी भी पहुंचे। दूल्हे के सिर पर साफा सजाया जा रहा था। भाटीजी ने उठकर साफा सही किया। पूर्व डिप्टी सीएम पायलट साहब भी पहुंचे। समर्थकों का घेरा घेरकर चलने लगा। एक झलक की ललक। पायलट ने विवाहित जोड़े को आशीर्वाद दिया। पूर्व सीएम गहलोत समारोह में पहुंचे तो जनसभा जैसा नजारा बन गया। स्टेज से उतरते वक्त उन्होंने मेहमानों की तरफ हाथ क्या जोड़े, शोर ही गूंज उठा। समारोह में शक्ति प्रदर्शन सा करते हुए गहलोतजी विवाह-स्थल से निकले। 2. आयोग का आदेश है- अफसर हाजिर हों.. झुंझुनूं में मुख्यमंत्री जन आवास योजना निकली तो लोगों ने अपने घर का सपना देख लिया। स्कीम में आवास बुक कर दिए। इसके बाद योजना अधरझूल हो गई। मामला कोर्ट में चला तो उपभोक्ताओं के पक्ष में फैसला आ गया। आदेश हुए कि हर एक उपभोक्ता का पैसा चुकाया जाए। लेकिन अफसरों ने घोटालेबाजी कर दी। उपभोक्ता आयोग को बिना बिनाए स्कीम की जमीन कुर्क करके नीलाम कर दी। आयोग को कोई खबर ही नहीं। नीलामी से जो पैसा आया उनमें से भी उपभोक्ताओं को चवन्नी तक नहीं मिली। आखिर जिला उपभोक्ता आयोग ने अंगुली टेढ़ी की। अब कलेक्टर, तत्कालीन एसडीए, मौजूदा एसडीएम, एडीएम, नगर परिषद कमिश्नर और तहसीलदार को समन जारी किए हैं। कहा है- 13 मार्च को हाजिर हों। एसपी साहब को खास निर्देश हैं कि समन की तामील कराना आपकी जिम्मेदारी है। आने में आना-कानी करें तो गिरफ्तार करके लाओ। धारा भी 72 लगाई है। यानी अफसरों को भी 3 साल की जेल और 1 लाख जुर्माना हो सकता है। 3. तहसीलदार मैडम को मोबाइल से दिक्कत अफसरों को बड़े अधिकारियों से इतना डर नहीं लगता, जितना मोबाइल में वीडियो बन जाने से लगने लगा है। पता नहीं कब-कौन कहां वीडियो बना ले। चूरू के रतनगढ़ में भी ऐसा ही हुआ। 765 केवी की बिजली लाइन डालनी थी। किसान लाइन डलने नहीं दे रहा था। किसान की मांग कि पहले मुआवजे का पैसा पटक दो। नायब तहसीलदार मैडम किसान से बात करने पुलिस जाप्ता लेकर खेत तक पहुंच गईं। किसान अब बेचारा नहीं रहा। उसे मोबाइल के विविध उपयोग की जानकारी। मैडम बात करने बैठीं तो किसान ने मोबाइल का कैमरा चालू कर लिया। कहा- अब बात करते हैं। मैडम घबराई। कहा-कैमरा बंद कर लो। किसान चिल्ला पड़ा- मुझे पहले मेरा मुआवजा दे दो। आपको लाइन डलवानी ही है तो आपकी सैलरी का पैसा मेरे अकाउंट में डाल दो। इसके बाद बात करेंगे। मैडम ने पुलिसकर्मी को आदेश दिया-देख क्या रहे हो, मोबाइल ले लो। पुलिसवाले ने समझाया-भाई बंद कर दे। जिद मत कर फालतू। मैडम ने आदेश दोहराया- फोन ले लो न इनसे। पुलिसकर्मी आगे बढ़ा और मोबाइल छीन लिया। अब ये वीडियो सोशल मीडिया पर खूब घूम रहा है। 4. चलते-चलते.. नशा नाश की जड़ है। अब राजस्थान में नशे की जड़ें गहरे पनप रही हैं। अलग-अलग जिलों में ड्रग्स की कई फैक्ट्रियां पकड़ी जा चुकी हैं। अफीम की अवैध खेती पकड़ी जा रही है। फूलों के बीच लोग अफीम उगा रहे हैं। डोडा-चूरा की तस्करी में अपराधी 'पुष्पा वाला दिमाग' लगा रहे हैं। पुलिस एक तरफ कार्रवाई करती है तो दूसरी तरफ युवाओं से अपील करती है कि नशे से बचो, वरना जीवन नर्क हो जाएगा। पड़ोसी देश से भी अब गोला-बारूद से ज्यादा नशे की खेप आने लगी है। उन्हें पता है कि जंग में तो जीत नहीं सकते, युवाओं को नशे की लत लगा देंगे तो जंग से भी बड़ी जीत हो जाएगी। जयपुर में रेलवे जंक्शन के परिसर और मेट्रो पिलर्स के नीचे कई जगह स्मैकची नशे में ऊंघते मिल जाते हैं। एक जागरूक नागरिक ने नशा कर रहे दो युवकों का वीडियो बनाया। नशेबाज युवक ने धमकी सी दी-स्मैक पीता हूं, जेबें काटता हूं, अब करना है जो कर लो। किसी को कुछ करने की क्या जरूरत? दोनों की हालत बता ही रही है कि इनका क्या होना है। इनपुट सहयोग- मुकेश हिंगड़ (उदयपुर), इम्तियाज भाटी (झुंझुनूं), नरेश भाटी (चूरू)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल मुलाकात होगी..
राजस्थान क्राइम फाइल्स के पहले पार्ट-1 में आपने पढ़ा चूरू का 3 साल पुराना केस। शादीशुदा महिला शाहीन की लाश उसी के घर में मिली। चुन्नी से गला दबाकर हत्या की गई थी। परिवार वालों ने उसके शौहर पर दहेज हत्या का आरोप लगाया। पुलिस की जांच में सामने आया कि आदिल और शाहीन के बीच अनबन तो थी समझौता भी हो गया था। इसके अलावा आदिल का कहना था कि वारदात की रात वह झुंझुनूं में था। फिर पुलिस को एक क्लू मिलता है और पूरे मामले का सच सामने आ जाता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… लव मैरिज की थी पुलिस के सामने अब तक जो कहानी सामने आई थी वो ये थी कि आदिल और शाहीन ने लव मैरिज की थी। शाहीन के परिवार वाले इस शादी से खुश नहीं थे। संभवत: इसीलिए उन्होंने आदिल पर ही दहेज के लिए हत्या का आरोप लगाया हो। पुलिस के लिए पहले बन गया था हत्याकांड इधर,आदिल भी खुद को बेगुनाह बताते हुए वारदात की रात झुंझुनूं में होने का हवाला दे रहा था। पड़ोस के लोगों से पूछताछ में भी पुलिस के हाथ कोई सुराग नहीं लगा। शाहीन हत्याकांड पुलिस के लिए पहेली बनता जा रहा था। आदिल का कहना था कि वह झुंझुनूं में था। पुलिस इस बात की जांच कर रही थी। इस दौरान एक सीसीटीवी फुटेज मिला। फुटेज में वारदात की रात 10 बजे आदिल पीली टीशर्ट और काली पैंट पहने नजर आ रहा था। फुटेज चूरू के ही एक पेट्रोल पंप का था। खुद को बचाने के लिए कहानी बनाई आदिल वहां अपने दोस्तों के साथ दिखा था। वो अपने दोस्तों के साथ सेल्फी भी ले रहा था। सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद अब ये साफ हो गया था कि आदिल झूठ बोल रहा था। आदिल ने खुद को बचाने के लिए एक कहानी तैयार की थी। उसने पुलिस से कहा कि वह वारदात की रात झुंझुनूं में अपने फूफा के घर गया हुआ था। आदिल का सच सामने आने के बाद पुलिस ने उससे सख्ती से पूछताछ की। आदिल की निशानदेही पर एक लोहे के संदूक के नीचे छिपाया गया उसका मोबाइल पुलिस ने बरामद किया। आदिल के फोन से पुलिस को शाहीन के शव के पांच फोटो मिले। ये फोटो वारदात वाली रात 2 बजकर 18 मिनट से रात 2 बजकर 29 बजे के बीच खींची गई थीं। ये आदिल के खिलाफ बड़ा सबूत था। तफ्तीश में सामने आया कि शादी के कुछ सालों बाद आदिल के एक दूसरी लड़की से अवैध संबंध बन गए। यही आदिल और शाहीन के बीच विवाद का कारण बन गया था। शाहीन आदिल के इस अवैध संबंध का विरोध कर रही थी और यही विरोध उसकी मौत का कारण बन गया। इस मामले में कोर्ट ने तमाम सबूतों के आधार पर आदिल को आजीवन कारावास की सजा सुनाई थी। …. इस खबर का पार्ट-1 भी पढ़िए… बंद घर में पड़ी लाश पर चल रही थीं चींटियां:बहन का शव देखकर भाई के मुंह से निकली चीख, लव मैरिज की थी, पार्ट-1
फर्जी नंबर प्लेट लगी बाइक के 1 माह में 2 चालान कटे, मैसेज असल मालिक के मोबाइल पर आ रहा
भास्कर न्यूज | अमृतसर शहर में फर्जी नंबर प्लेट लगाकर बाइक चलाने का हैरान करने वाला मामला सामने आया है। ड्रीम सिटी विशंभरपुरा के रहने वाले तरलोचन सिंह की बाइक के नंबर पीबी-02-डीपी-9006 का इस्तेमाल कर कोई अज्ञात शख्स दूसरी बाइक पर शहर में घूम रहा है। हैरानी की बात यह है कि इस फर्जी नंबर वाली बाइक पर ट्रैफिक पुलिस और थाना सी-डिवीजन पुलिस ने एक माह में 2 बार चालान भी कर दिया, लेकिन कागजात के बारे में नहीं पूछा। अब चालान के मैसेज असली मालिक तरलोचन सिंह के मोबाइल पर पहुंच रहे हैं। पीड़ित का आरोप है कि उसने इस मामले की शिकायत पुलिस अधिकारियों से की। एक माह से वह ट्रैफिक पुलिस, थाना और आरटीए कार्यालय के चक्कर काट रहा है फिर भी कार्रवाई नहीं हुई। मामले में ट्रैफिक एसीपी के रीडर जसप्रीत सिंह से बात की गई तो कहा कि उन्हें दूसरे चालान की जानकारी नहीं है और पहला चालान सी-डिवीजन पुलिस ने किया था। एडीसीपी ट्रैफिक अमनदीप कौर ने बताया कि इस मामले में वह खुद जांच करेंगे। फर्जी नंबर के साथ बाइक लेकर घूमने वाले को जरूर काबू किया जाएगा। तरलोचन सिंह ने बताया कि 3 फरवरी को उसके मोबाइल पर 1500 रुपए के ऑनलाइन चालान का मैसेज आया। यह चालान थाना सी-डिवीजन क्षेत्र में ट्रैफिक नियम तोड़ने पर किया गया था। मैसेज देखते ही वह पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचा और रीडर के माध्यम से शिकायत दी कि कोई अज्ञात व्यक्ति उसकी बाइक का नंबर दूसरी बाइक पर लगाकर चला रहा है। तरलोचन ने पुलिस को कहा कि वह बाइक चोरी की हो सकती है और भविष्य में कोई अपराध भी हो सकता है, इसलिए तुरंत कार्रवाई की जाए। शिकायत को 6 फरवरी को ट्रैफिक एसीपी परमिंदर सिंह के पास मार्क किया । पीड़ित जब ट्रैफिक पुलिस लाइन पहुंचा तो एसीपी के रीडर जसप्रीत सिंह ने उसे कहा कि चालान थाना सी-डिवीजन ने किया है, इसलिए वहां जाए। जब वह सी-डिवीजन थाना पहुंचा तो मुंशी ने कहा कि मामला ट्रैफिक पुलिस का है। इस तरह करीब 18 दिन तक वह दोनों दफ्तरों के चक्कर काटता रहा। मामला तब और गंभीर हो गया जब 21 फरवरी को हजार रुपए का दूसरा ऑनलाइन चालान का मैसेज मिला। इस बार चालान रणजीत एवेन्यू, अजनाला रोड चौक पर ट्रैफिक एएसआई गुरजीत सिंह ने किया था। चालान के साथ भेजी फोटो में बाइक और नंबर प्लेट साफ दिखाई दे रहे थे। तरलोचन ने तुरंत ट्रैफिक एसीपी के रीडर जसप्रीत सिंह को उसी दिन शाम को कॉल कर दूसरे चालान के बारे में बताया। रीडर ने अगले दिन आने को कहा। तरलोचन गया भी, लेकिन फिर से उसे टाल-मटोल किया गया। जब वह चालान करने वाले ट्रैफिक एएसआई गुरजीत सिंह से मिला तो उसने कहा कि उन्हें इस बारे में पहले कोई सूचना नहीं थी और उन्होंने बाइक के कागजात भी नहीं देखे। उन्होंने कहा कि आगे से ध्यान रखा जाएगा।
400 गुम मोबाइल यूपी-राजस्थान से ट्रेस कर मालिकों को लौटाए
भास्कर न्यूज | अमृतसर कमिश्नरेट पुलिस ने यूपी-राजस्थान, उत्तराखंड और पंजाब के कई जिलों से गुम हुए 400 मोबाइल ट्रेर किए और मंगलवार को असल मालिकों को सौंपे। इससे पहले पहले चरण में 100 मोबाइल फोन और दूसरे चरण में 200 मोबाइल फोन लोगों को लौटाए गए थे, जबकि अब तीसरे चरण में 400 मोबाइल फोन मालिकों तक पहुंचाए गए हैं। सीपी गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने बताया कि विभिन्न टीमों ने लगातार तकनीकी जांच और निगरानी के जरिए इन मोबाइल फोन का पता लगाया। बरामद किए गए 400 मोबाइल फोन अनुमानित कीमत करीब 85 लाख 20 हजार रुपए है। सीपी ने बताया कि तकनीकी निगरानी और सेंट्रल इक्विपमेंट अरईडेंटिटी रजिस्टर (सीईआईआर) सिस्टम की मदद से मोबाइल ट्रैक किए गए। विभिन्न राज्यों व जिलों से बरामद कर उनके मालिकों तक पहुंचाया। सीपी ने लोगों से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल फोन गुम हो जाए तो तुरंत नजदीकी पुलिस स्टेशन या सांझ केंद्र में इसकी शिकायत दर्ज करवाएं। साथ ही दूरसंचार मंत्रालय की ओर से जारी सीईआईआर पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराएं। छेहर्टा के रहने वाले हिमांशु शर्मा ने बताया कि ढाई साल पहले सदर चौक पर मेरा मोबाइल गिर गया था। इसकी शिकायत थाना पुलिस को दी थी। जो शिकायत साइबर सैल के पास पहुंची। उन्हें मोबाइल का डिब्बा और बिल भी लिया था। तीन-चार महीनों तक मोबाइल मिल जाएगा, उसकी आस में था, लेकिन पुलिस की ओर से कोई रिप्लाई नहीं मिला। उम्मीद छोड़ दी थी। लेकिन ढाई साल के बाद उनका गुम हुआ मोबाइल मिल गया। ढपई की रोशनी ने बताया कि 2 माह पहले ऑटो रिक्शा में पर्स से उसका मोाबइल गिर गया था। सांझ केंद्र में शिकायत देने के बाद मोबाइल की सारी जानकारी साइबर सैल थाना पुलिस को दी गई। उसके बाद दुबई चली गई थी। कुछ दिन पहले ही लौटी है। पुलिस की ओर से जानकारी मिली कि उनका मोबाइल मिल गया है तो वह वापस लेने आई हैं।
महिला से 15 हजार और मोबाइल लेकर लुटेरे फरार
भास्कर न्यूज |लुधियाना शृंगार रोड इलाके में मोटरसाइकिल सवार दो बदमाशों ने एक महिला को निशाना बनाते हुए उसका पर्स झपट लिया और फरार हो गए। पर्स में मोबाइल, करीब 15 हजार रुपए और जरूरी दस्तावेज थे। इलाके में 24 घंटे के भीतर इस तरह की यह दूसरी वारदात होने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। पीड़ित महिला की पहचान गुरु तेग बहादुर नगर निवासी रूपिंदर कौर के रूप में हुई है। रूपिंदर कौर के अनुसार वह जमालपुर से फील्डगंज मार्केट सामान खरीदने के लिए जा रही थीं। जब वह शृंगार रोड पर ओम ढाबा के पास पहुंचीं तो पीछे से मोटरसाइकिल पर आए दो युवकों ने अचानक उनके हाथ से पर्स झपट लिया और मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद उन्होंने शोर मचाया तो आसपास मौजूद लोगों ने बदमाशों को पकड़ने की कोशिश भी की, लेकिन वह भाग गए। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के लोगों से पूछताछ की। पुलिस चौकी के इंचार्ज रवि कुमार ने बताया कि घटनास्थल के आसपास लगे कैमरों की फुटेज की जांच की जा रही है।
पत्नी से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा
भास्कर न्यूज|पहाड़पुर थाना क्षेत्र में मंगलवार को उस समय अफरातफरी का माहौल बन गया, जब बनकटवा गांव निवासी संजय कुमार पांडे के बड़े पुत्र मोहित पांडे पत्नी से नाराज होकर मेला चौक स्थित एयरटेल के मोबाइल टावर पर चढ़ गया और कूदकर जान देने की धमकी देने लगा। युवक के टावर पर चढ़ने की खबर मिलते ही आसपास के हजारों लोगों की भीड़ जुट गई। जानकारी के अनुसार मोहित पांडेय पारिवारिक विवाद को लेकर मानसिक रूप से परेशान बताया जा रहा है। इसी बात को लेकर मंगलवार को वह आक्रोशित हो गया और अचानक मेला चौक स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गया। टावर की ऊंचाई पर खड़े होकर युवक बार-बार नीचे कूदने की धमकी देने लगा। यह दृश्य देखकर वहां मौजूद लोगों की सांसें थम सी गईं और लोग उसे नीचे उतरने के लिए लगातार समझाते रहे। घटना की सूचना मिलते ही पहाड़पुर थानाध्यक्ष अजय कुमार पुलिस बल के साथ तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने युवक को भरोसा दिलाया कि उसकी समस्या का समाधान करने की कोशिश की जाएगी। इसके बाद युवक टावर से नीचे उतर आया। पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पहाड़पुर थाना ले गई, जहां उससे पूछताछ की जा रही है।
महिला शिक्षा की अलख जगाने वाली और आधुनिक भारत की प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की पुण्यतिथि के अवसर पर मंगलवार को चिड़ावा कॉलेज में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान समाज में शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक समानता के स्वर मुखर हुए। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में पूर्व सांसद संतोष अहलावत उपस्थित रहीं, जिन्होंने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। संघर्ष और साहस का प्रतीक है सावित्रीबाई का जीवन: संतोष अहलावत पूर्व सांसद संतोष अहलावत ने सावित्रीबाई फुले के ऐतिहासिक योगदान को याद करते हुए कहा कि उन्होंने उस दौर में महिलाओं और वंचितों के लिए शिक्षा के द्वार खोले, जब समाज में इसके प्रति घोर विरोध था। उनके द्वारा जलाया गया शिक्षा का दीप आज भी करोड़ों महिलाओं के जीवन को रोशन कर रहा है। अहलावत ने वर्तमान पीढ़ी को सचेत करते हुए कहा कि आज के युवाओं को मोबाइल की आभासी दुनिया और समय की बर्बादी से बाहर निकलना होगा। यदि हम वास्तव में सावित्रीबाई फुले को श्रद्धांजलि देना चाहते हैं, तो हमें कुछ नया और सकारात्मक करने का संकल्प लेना चाहिए। युवाओं की ऊर्जा ही समाज में वास्तविक परिवर्तन का आधार बनेगी। प्रतियोगिताओं के विजेताओं का हुआ सम्मान यह कार्यक्रम सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्रालय (भारत सरकार) के अधीन बाबू जगजीवन राम नेशनल फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित किया गया था। इस अवसर पर हाल ही में आयोजित हुई निबंध लेखन और चित्रकला प्रतियोगिताओं के परिणामों की घोषणा की गई। मुख्य अतिथियों ने विजेता छात्र-छात्राओं को पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया और उनके कौशल की सराहना की। सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां महाविद्यालय की छात्राओं ने सावित्रीबाई फुले के जीवन संघर्ष और उनके साहसी व्यक्तित्व पर आधारित कई मनमोहक सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। नाटकों और गीतों के माध्यम से दर्शाया गया कि किस प्रकार सावित्रीबाई ने सामाजिक कुरीतियों का सामना करते हुए नारी शिक्षा की नींव रखी। इन प्रस्तुतियों ने वहां मौजूद जनसमूह को भावुक करने के साथ-साथ प्रेरित भी किया। प्राचार्या रेखा कुलश्रेष्ठ ने कार्यक्रम अध्यक्षता की। उन्होंने कहा कि सावित्रीबाई का जीवन समर्पण की एक अद्भुत मिसाल है और विद्यार्थियों को उनके आदर्शों को अपने चरित्र में ढालना चाहिए। पवन पूनिया (उपनिदेशक, सामाजिक न्याय विभाग) ने सरकारी योजनाओं और शिक्षा के माध्यम से सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने पर बल दिया। हिंमाशु सिंह (जिला जनसंपर्क अधिकारी) ने विद्यार्थियों को सूचना और सही ज्ञान के महत्व से अवगत कराया। सामूहिक संकल्प के साथ समापन कार्यक्रम के अंत में उपस्थित सभी गणमान्य नागरिकों, शिक्षकों और विद्यार्थियों ने समाज में शिक्षा के प्रचार-प्रसार और समानता की भावना को आगे बढ़ाने का सामूहिक संकल्प लिया। इस अवसर पर वरिष्ठ पत्रकार प्रभुशरण तिवारी, शंभु पंवार, मनोज शर्मा, महेश आजाद, निर्मला शर्मा, पूनम जांगिड़, पूनम नुनिया, गुड्डी सोमरा, अभिषेक मुरारका सहित भारी संख्या में विद्यार्थी और नागरिक उपस्थित रहे।
मेरठ में मंगलवार को बाइकर्स गैंग ने कॉलेज जा रही छात्रा का मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए। छात्र काफी दूर तक दौड़ी लेकिन बदमाश फरार हो गए। पुलिस छानबीन में जुटी है। जिस जगह यह घटना घटी पुलिस को वहां कोई चालू कैमरा नहीं मिला है। कई घंटे तक पुलिस ने वारदात को छिपाये रखा। पहले एक नजर डालते हैं वारदात पर नौचंदी थाना क्षेत्र की रहने वाली छात्रा सीसीएसयू केंपस से कोर्स कर रही है। मंगलवार को यह छात्रा घर से कॉलेज जाने के लिए निकली। आवास एवं विकास परिषद कार्यालय से आगे निकलते ही छात्रा का फोन बज गया। जैसे ही छात्रा ने फोन निकाल कर कान पर लगाया। अचानक पीछे से आए बाइक पर सवार बदमाशों ने झपट्टा मार कर मोबाइल छीन लिया। गढ़ रोड की तरफ भागे बदमाशकान पर लगे मोबाइल पर झपट्टा लगते ही छात्रा हक्की-बाकी रह गई। वह गिरती गिरती भी बची। अचानक वह चिल्लाई और बाइक सवार बदमाशों के पीछे की भागी। 10 सेकंड में बदमाश आंख से ओझल हो गए। छात्रा ने अपने परिजनों को सूचना दी। मोबाइल छीनन के बाद बदमा गढ़ रोड की तरफ भाग गए। छात्रों को लेकर थाने पहुंचे परिजन छात्रा से मोबाइल लूट की जानकारी मिलते ही उसके एक वकील रिश्तेदार मौके पर पहुंच गए। वह छात्रा को लेकर सीधे नौचंदी थाने आगे। यहां चौकी इंचार्ज को उन्होंने पूरी घटना के बारे में बताया। तहरीर लिखवाने के बाद चौकी इंचार्ज छात्र को लेकर घटनास्थल पर आ गए। घटनास्थल के आसपास खराब पड़े कैमरेचौकी इंचार्ज छात्रा को साथ लेकर सीसीटीवी कैमरे तलाशने लगे। चौकी इंचार्ज ने 5 से 6 कैमरे चिन्हित किए लेकिन आधे से ज्यादा खराब थे। जो चल भी रहे थे उनमें वारदात स्थल कैद नहीं हो रहा था। करीब 2 घंटे तक पुलिस मामले को छुपाए रही। चौकी इंचार्ज ने भी छात्रा को मीडिया के सामने नहीं जाने दिया।
अबोहर के सरकारी अस्पताल में बीती रात एक ही वार्ड से पांच मरीजों के मोबाइल फोन और पावर बैंक चोरी हो गए। इस घटना से मरीजों और उनके तीमारदारों में असंतोष है। चोरी की सूचना सुबह अस्पताल प्रबंधन और सिटी वन पुलिस को दी गई है। आनंद नगरी गली नंबर 6 निवासी अश्विनी कुमार ने बताया कि उनका बेटा वरुण इलाज के लिए वार्ड नंबर 147 में भर्ती है। अश्विनी अपने बेटे की देखभाल के लिए अस्पताल में थे। देर रात अज्ञात चोर उनका मोबाइल और उनके बेटे का पावर बैंक चुरा ले गए। इसी प्रकार, धर्म नगरी गली नंबर एक निवासी ललित शर्मा ने जानकारी दी कि उनकी सास इसी वार्ड में भर्ती हैं। वह अपनी सास का हालचाल जानने आए थे। रात को सोते समय अज्ञात चोर उनकी जेब से मोबाइल फोन निकाल ले गए। रामदेव नगरी निवासी वीरभान, जो मारपीट में घायल होने के बाद इलाज के लिए भर्ती थे, उनका मोबाइल भी रात को चोरी हो गया, जिससे उन्हें हजारों रुपए का नुकसान हुआ है। आर्य नगर निवासी राहुल का मोबाइल भी इसी वार्ड से चोरी हुआ है। वार्ड में लगा केवल एक सीसीटीवी कैमरा गौरतलब है कि अस्तपाल के ऊपरी वार्ड में केवल एक कैमरा लगा है जिसमें कुछ भी क्लीयिर नजर नहीं आता। जब इस बारे में अस्पताल के अधिकारियों से बात करने पर उन्होंने बताया कि अस्पताल में अनेक कैमरे लगे हुए हैं और कुछ और कैमरे लगवाने के लिए उच्चाधिकारियों को प्रपोजल भेजी हुई है। उन्होंने बताया कि इसके अलावा पलिस अधिकारियों से भी यहां पर पुलिस कर्मचारी तैनात करने की मांग की जा चुकी है लेकिन पुलिस भी उनकी सुनवाई नहीं कर रही। अभी यहां पर केवल एक ही महिला पुलिस कर्मचारी नियुक्त है जो कि शाम को 5 बजे चली जाती है और पुलिस कर्मचारी कभी कभी रात के समय गश्त करने के लिए आता है।
अमृतसर पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने करीब 400 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को वापस सौंप दिए हैं। इन मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 85 लाख रुपय बताई जा रही है। यह सभी मोबाइल अलग-अलग स्थानों से ट्रैक करके एकत्र किए गए थे। इस मौके पर अमृतसर के पुलिस कमिश्नर गुरप्रीत सिंह भुल्लर ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि पुलिस विभाग हमेशा जनता के साथ बेहतर संबंध बनाए रखने और उनकी मदद करने को प्राथमिकता देता है। उन्होंने कहा कि इससे पहले भी पुलिस द्वारा दो बार विशेष कार्यक्रम आयोजित किए गए थे, जिनमें पहले 100 और फिर 200 मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटाए गए थे। अब तीसरे कार्यक्रम के तहत करीब 400 मोबाइल फोन वापस किए जा रहे हैं। मोबाइल खोने पर तुरंत पुलिस को सूचना देने की अपील पुलिस कमिश्नर ने कहा कि मोबाइल फोन खोने से लोगों को सिर्फ फोन की कीमत का ही नुकसान नहीं होता, बल्कि उसमें मौजूद जरूरी डाटा भी खो सकता है, जो कई बार बहुत कीमती और महत्वपूर्ण होता है। इसलिए उन्होंने लोगों से अपील की कि अगर किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें, ताकि उसे जल्द से जल्द ट्रैक किया जा सके। CEIR पोर्टल से देशभर में ट्रैक किए गए फोन उन्होंने बताया कि मोबाइल फोन को ट्रैक करने के लिए केंद्र सरकार के सीईआईआर पोर्टल की मदद ली गई। इस पोर्टल के जरिए पूरे देश में मोबाइल फोन को ट्रैक किया जा सकता है। इसी तकनीक की सहायता से कई मोबाइल पंजाब के अलग-अलग जिलों और अन्य राज्यों से भी बरामद किए गए। बरामद किए गए मोबाइल फोन में 13 आईफोन और 387 अलग-अलग कंपनियों के एंड्रॉयड फोन शामिल हैं। इन सभी मोबाइल फोन को साइबर पुलिस स्टेशन और अन्य थानों की टीमों ने मिलकर ट्रैक कर बरामद किया है। पुलिस कमिश्नर ने इस सफलता के लिए पूरी टीम को बधाई दी और कहा कि पुलिस की मेहनत और तकनीक के सही उपयोग से लोगों की खोई हुई चीजें वापस मिलना संभव हो रहा है।
बरनाला जिला जेल में दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ये फोन जेल के सेल ब्लॉक नंबर-01 के पीछे मिट्टी में दबे मिले। इस संबंध में अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है।पुलिस स्टेशन सिटी-1 बरनाला के एसएचओ लखविंदर सिंह ने बताया कि यह कार्रवाई असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट राजिंदरपाल की शिकायत पर की गई। शिकायत में जेल के सेल ब्लॉक के आसपास संदिग्ध गतिविधि का जिक्र था, जिसके बाद वहां खुदाई की गई। खुदाई के दौरान मिट्टी में दबा एक लिफाफा मिला, जिसमें दो कीपैड मोबाइल फोन थे। इनमें एक गोल्डन रंग का कोचड़िया कंपनी का फोन था, जिसमें बैटरी थी लेकिन सिम कार्ड नहीं था और सीरियल नंबर मिटाया हुआ था। जेल से दो मोबाइल फोन बरामद वहीं दूसरा ब्लैक रंग का सैमसंग कंपनी का फोन था, उसमें भी बैटरी थी पर सिम कार्ड और सीरियल नंबर गायब थे।ये दोनों मोबाइल फोन हैंडवार्डर कमलजीत सिंह ने बरामद किए। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि ये मोबाइल फोन जेल परिसर में किसने और किस मकसद से छिपाए थे।
रामनगरिया थाना पुलिस ने 7 साइबर ठगों कोकिया गिरफ्तार, 8 लैपटॉप-10 मोबाइल जब्त
रामनगरिया थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करने वाले सात आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके कब्जे से साइबर अपराध में काम लिए गए आठ लैपटॉप व दस मोबाइल सहित अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण जब्त किए हैं। गिरोह विदेशी नागरिकों को निशाना बनाकर ऑनलाइन ठगी को अंजाम देता था। डीसीपी ईस्ट संजीव नैन ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों में मेलविन ऐग्नेल परेरा (मुंबई), फैसल पुटावाला व फैसल शेख (अहमदाबाद), पेटिनिलु सेब, प्रेम छैत्री, हिमाका यपतो और विकाय सुमी (नागालैंड) शामिल हैं। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर नेटवर्क के बारे में जानकारी जुटा रही है। 6 मार्च को गश्त के दौरान पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि श्रीकिशनपुरा, जगतपुरा स्थित पिंकसिटी एन्क्लेव के एक विला में कुछ युवक लैपटॉप और मोबाइल के माध्यम से अवैध गतिविधियों में संलिप्त हैं। सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और वहां मौजूद सात युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की। जांच में उनके पास से 8 लैपटॉप, 10 मोबाइल, चार्जर, माउस, हेडफोन, वाईफाई डोंगल और अन्य उपकरण बरामद किए गए। थानाधिकारी चंद्रभान ने बताया कि आरोपी सोशल मीडिया और अन्य ऑनलाइन माध्यमों से विदेशी नागरिकों के संपर्क नंबर प्राप्त करते थे। इसके बाद एंटीवायरस संबंधी समस्या का समाधान करने या शक्ति वर्धक दवाइयों की सप्लाई का झांसा देकर उनसे पैसे वसूलते थे। आरोपी वर्चुअल नंबर और विभिन्न एप्लीकेशन के जरिए संपर्क कर पीड़ितों से यूएसडीटी के माध्यम से भुगतान लेते थे और बाद में इसे नकद में परिवर्तित कर लेते थे।
मोबाइल दुकान का शटर तोड़कर नगदी व मोबाइल चोरी:45 लाख का सामान ले गए चोर, चौकी से 400 मीटर दूर की घटना
लखनऊ के अलीगंज थानाक्षेत्र में गल्ला मंडी चौकी से महज 400 मीटर दूर एक मोबाइल की दुकान से चोरों ने 45 लाख का मोबाइल और नगदी पार कर दी। देर रात चोर दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसे और सामान लेकर गायब हो गए। पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई। पुलिस अज्ञात चोरों की तलाश में जुटी है। जानकीपुरम गार्डन निवासी अंशिका गुप्ता पत्नी ऋषभ गुप्ता की पुरनिया तिराहा मान लॉन के सामने अलीगंज में मार्टिन टाउन नाम से मोबाइल की दुकान है। रविवार को दुकान बंद करके अंशिका घर चली गई। देर रात करीब 2:30 बजे तीन अज्ञात चोर बाइक से आए और शटर का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। अंदर रखा 40 से 45 लाख का मोबाइल और 3 लाख 8 हजार नगदी लेकर फरार हो गए। सोमवार को सुबह करीब 9 बजे अंशिका के पिता दुकान खोलने पहुंचे तब घटना की जानकारी हुई। उन्होंने शटर का ताला टूटा और खुला देखा। शॉप के अंदर से मोबाइल फोन और नगद गायब मिला। जिसकी सूचना उन्होंने पुलिस को दी। चौकी से 400 मीटर दूर, सीसीटीवी में दिखे चोरदुकान में सीसीटीवी कैमरा लगा है। जिसमें एक बाइक से तीन लड़के आते दिखे हैं। दुकान की तरफ आने के बाद तीनों ने कैमरे का डायरेक्शन घुमा दिया। जिससे कोई उन्हें देख न सके। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी कैमरे की मदद से ही आरोपियों की तलाश में लगी है। वहीं गल्ला मंडी पुलिस चौकी भी महज 400 मीटर दूरी पर है और दुकान मेन रोड पर होने के बावजूद इतनी बड़ी घटना हुई। जिसने पुलिस की गश्त पर सवाल खड़ा किए हैं।
आगामी गर्मी के मौसम को देखते हुए सीवान में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने पहल शुरू कर दी है। सोमवार को जिला पदाधिकारी विवेक रंजन मैत्रेय ने समाहरणालय परिसर से चलंत चापाकल मरम्मति दल को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह दल जिले के सभी प्रखंडों में जाकर खराब पड़े चापाकलों की मरम्मति करेगा, ताकि गर्मी के दिनों में लोगों को पेयजल संकट का सामना न करना पड़े। लोक स्वास्थ्य प्रमंडल (PHED) सीवान की ओर से यह पहल की गई है। विभाग के अनुसार जिले के सभी 19 प्रखंडों में चापाकलों की मरम्मति के लिए विशेष चलंत मरम्मति दल का गठन किया गया है। ये दल प्रखंड स्तर पर लगातार भ्रमण करते हुए पंचायतों में खराब पड़े चापाकलों को दुरुस्त करने का कार्य करेंगे। ऑनलाइन एंट्री विभागीय पोर्टल पर दर्ज की जाएगी इस कार्य के लिए पंचायतवार रोस्टर तैयार किया गया है। मरम्मति दल का दायित्व होगा कि वह पंचायत के जनप्रतिनिधियों से संपर्क कर बंद पड़े चापाकलों की सूची प्राप्त करे और उसके आधार पर प्राथमिकता के साथ मरम्मति कार्य कराए। मरम्मति कार्य पूरा होने के बाद उसकी ऑनलाइन एंट्री विभागीय पोर्टल पर दर्ज की जाएगी, ताकि कार्य की निगरानी और पारदर्शिता सुनिश्चित की जा सके। जिले में कुल 40,235 चापाकल स्थापित हैं, जिनमें 6,578 आईएम-II और आईएम-III श्रेणी के चापाकल तथा 33,697 साधारण चापाकल शामिल हैं। इनमें से फिलहाल 793 चापाकल मरम्मति योग्य पाए गए हैं, जिनमें 102 आईएम-II/आईएम-III तथा 691 साधारण चापाकल शामिल हैं। इन सभी को दुरुस्त करने के लिए मरम्मति दल लगातार दो महीने तक सक्रिय रहेगा। ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध करने का लक्ष्य जिला प्रशासन का लक्ष्य है कि गर्मी के मौसम से पहले सभी खराब चापाकलों को ठीक कर दिया जाए, ताकि ग्रामीण क्षेत्रों में लोगों को पर्याप्त पेयजल उपलब्ध हो सके। साथ ही पेयजल से जुड़ी अन्य समस्याओं के समाधान के लिए भी विभाग तत्पर रहेगा। चापाकलों की मरम्मति से संबंधित शिकायतों के लिए लोक स्वास्थ्य प्रमंडल द्वारा नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है। इसके लिए दूरभाष संख्या 06154-242075 जारी की गई है। कार्यपालक अभियंता, पीएचईडी सीवान ने बताया कि इस नंबर पर फोन कर आम लोग अपने क्षेत्र के खराब चापाकल की सूचना दे सकते हैं।
मध्यप्रदेश राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जबलपुर के आदेशानुसार 14 मार्च (शनिवार) को नेशनल लोक अदालत का आयोजन किया जा रहा है। नेशनल लोक अदालत में बीएसएनएल द्वारा उपभोक्ताओं की सुविधा हेतु जिला न्यायालय इंदौर एवं तहसील महू में बकाया लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड, एफटीटीएच सहित मोबाइल पोस्टपेड बिल संबंधित प्रीलिटिगेशन प्रकरणों का निपटान किया जाएगा। बीएसएनएल के उपभोक्ताओं द्वारा अपने बकाया बिलों की राशि लोक अदालत में जमा करने पर उन्हें नियमानुसार 10 से 50% की आकर्षक छूट का लाभ दिया जाएगा। उपभोक्ताओं के अनुरोध पर उन्हें पुनः लीज्ड सर्किट, लैंडलाइन, ब्रॉडबैंड एवं एफटीटीएच सहित मोबाइल सेवाएं प्रदाय की जाएंगी । बीएसएनएल के उपभोक्ता अपने बिल संबंधित प्रकरणों का बीएसएनएल नेहरू पार्क स्थित कार्यालय के राजस्व अनुभाग में भी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित होकर समाधान/निपटान करवा सकते हैं।
अजमेर में क्रोकरी की दुकान संचालित करने वाली महिला के ज्वैलर्स की ओर से धोखाधड़ी कर 10 लाख रुपए हड़पने का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला ने चांदी बेची और बकाया रकम नहीं लौटाई। अब आरोपी दुकान बंद कर फरार हो गए और उनके मोबाइल भी बंद है। पीड़िता ने कोतवाली थाने में शिकायत दी है। चांद बावडी अजमेर निवासी मंजू वाधवानी ने कोतवाली थाने में दी शिकायत में बताया-वह अपनी मां गीता वाधवानी के साथ न्यू कवंडसपूरा अजमेर में क्रोकरी की छोटी सी दुकान चलाती है। बिजनेस के लिए पुरानी चांदी बेचने के लिए 26 जनवरी 2026 को अपनी मां के साथ नया बाजार अजमेर स्थित टी.के. सर्राफ की दुकान पर गई। वहां पर वजन कराया, जो 4 किलो 420 ग्राम 900 मिलीग्राम थी। टीके सर्राफ के मालिक कालू भाई द्वारा उनकी ही दुकान के काउंटर पर व्यवसाय कर रहे उनके रिश्तेदार सुरेश सोनी एवं उसके पित्ता राजकुमार सोनी व विशाल सोनी जो 'रॉयल ज्वेलर्स' नाम से व्यवसाय कर रहे थे, के पास भेजा। इन्होंने चादी के उस दिन के बाजार भाव 3 लाख 43 हजार रुपए प्रति किलोग्राम के हिसाब से कुल 13 लाख 86 हजार 714 रुपए बताए। साढे़ तीन लाख नकद उसी दिन दे दिए बौर बकाया 10 लाख 36 हजार 714 दो तीन दिन में देने का भरोसा दिलाया। इसके बाद आए दिन कोई न कोई बहाना कर टालते रहे। 27 फरवरी 2026 को जब इनकी दुकान पर पहुंची तो दुकान बंद मिली, मोबइल फोन स्विच ऑफ मिला। जानकारी मिली कि ये लोग दुकान बंद कर फरार हो चुके हैं। पीड़िता ने आरोप लगाया कि इन सभी ने मिलीभगत कर सोची समझी साजिश के तहत रुपए हड़पे और अब दुकान बन्द करके फरार हो गए। अत: धोखाधड़ी कर ठगी करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इनके पासपोर्ट जब्त किए जाए, बैंक खातों को फ्रीज किया जाए। इन्होंने कई लोगों के करोड़ों हड़प कर लिए। पुलिस ने शिकायत पर जांच शुरू कर दी है। …………. पढें ये खबर भी…. अजमेर के स्टैच्यू ऑफ ट्रूथ में बिना अनुमति स्थायी निर्माण:सार्वजनिक पार्क-ग्रीन एरिया में केवल प्रतिमा की थी अनुमति; शिकायत की अजमेर के जयपुर रोड स्थित स्टैच्यू ऑफ ट्रूथ के सार्वजनिक पार्क-ग्रीन एरिया में कथित रूप से स्थायी निर्माण करने और पार्क के मूल स्वरूप को नष्ट करने का आरोप है। इस संबंध में अजमेर के द्रुपद मलिक की ओर से जिला प्रशासन, अजमेर विकास प्राधिकरण, नगर निगम और राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल सहित संबंधित अधिकारियों को शिकायत की गई है। शिकायत में मांग की गई है कि पार्क क्षेत्र में केवल प्रतिमा लगाने की अनुमति थी। अवैध व नियम विरूद्ध बने निर्माण को हटाया जाए। पूरी खबर पढें
जलालाबाद बस स्टैंड पर उस वक्त हंगामा हो गया, जब बस स्टैंड पर दो बाइक पर आए चार युवकों में से दो युवकों को स्थानीय बस स्टैंड पर मौजूद लोगों ने पकड़ लिया। लोगों का आरोप है कि उक्त युवक बिना नंबर के बाइक पर चोरी करने के लिए आए थे। इनके पास से नकली पिस्तौल और मोबाइल भी मिले हैं। दोनों युवकों पुलिस ने हिरासत में लिया है। बीते कुछ दिनों से बस अड्ढे और क्षेत्र से लगातार बाइक चोरी की घटनाएं हो रही हैं। बिना नंबर की बाइक से चार लोगों को आने से इन युवकों के बाइक चोरी की नियत से आने की आशंका है। उनके पास मिली बाइक के भी चोरी के होने की आशंका है । क्योंकि इसका चेसिस नंबर भी मिटाया गया है। पूछताछ करने पर भागने लगे युवक दौड़ाकर दो को पकड़ा स्थानीय निवासी अड्डा इंचार्ज सोनू ने बताया कि चार युवक दो बाइक पर बस स्टैंड में दाखिल हुए। उन्होंने बस स्टैंड के बीच बाइक लगा दिया। बाइक पर नंबर नहीं था। जब उनसे बस स्टैंड के बीच बाइक लगाने के बारे में पूछा तो बहस करने लगे। लेकिन जब पूछा गया कि बाइक पर नंबर क्यों नहीं। संदेह जाते हुए जब कड़ा रुख अपनाया गया तो भागने लगे। लोगों ने दौड़ाकर दो युवकों को पकड़ लिया, लेकिन दो भाग निकले। तलाशी में मिली नकली पिस्तौल उन्होंने बताया कि उनके पास से एक नकली पिस्तौल और दो मोबाइल मिले हैं। उनकी बाइक में नंबर नहीं था। साथ ही बाइक की चेसिस नंबर भी मिटाया गया था। यह सब मिलने के बाद सूचना पुलिस को दी है तो पुलिस मौके पर पहुंची है जिनके द्वारा मामले में जांच की जा रही है। युवकों को हिरासत में लेकर जांच की जा रही है पुलिस के मुताबिक अड्डा इंचार्ज की शिकायत पर जांच की गई। पकड़े गए दो युवकों को हिरासत लिया गया है। ट्रैफिक पुलिस अधिकारी सूरज भान का कहना है कि युवकों से मिले बाइक का चेसिस नंबर मिटाया हुआ है । जिसे जांच के लिए थाने लेजाया जा रहा है ।
लखनऊ में सोमवार को आयोजित ‘जनता दर्शन’ कार्यक्रम में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के विभिन्न जिलों से आए फरियादियों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने लोगों से प्रार्थना पत्र लेकर भरोसा दिलाया कि सरकार सभी शिकायतों का निष्पक्ष और समयबद्ध निस्तारण करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि लोग निश्चिंत होकर घर जाएं, उनकी समस्याओं का समाधान कराया जाएगा। अधिकारियों को समयबद्ध निस्तारण के निर्देश मुख्यमंत्री ने जनपदों के प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों को निर्देश दिए कि जनता से जुड़ी हर शिकायत का निस्तारण तय समय सीमा के भीतर सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि आम लोगों की समस्याओं के समाधान में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और हर स्तर पर जिम्मेदारी तय की जाएगी। बच्चों को पढ़ाई पर ध्यान देने की सलाह जनता दर्शन के दौरान कुछ अभिभावक अपने बच्चों के साथ मुख्यमंत्री से मिलने पहुंचे। मुख्यमंत्री ने बच्चों को चॉकलेट दी और उनसे पढ़ाई के बारे में बातचीत की। एक बच्चे से बात करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि किताबें पढ़ने की आदत डालें और सोशल मीडिया का उपयोग जरूरत भर ही करें। उन्होंने कहा कि मोबाइल और सोशल मीडिया का अत्यधिक प्रयोग नुकसानदायक हो सकता है, इसलिए पढ़ाई और सकारात्मक गतिविधियों पर अधिक ध्यान देना चाहिए। निवेश और उद्योग विकास में देरी स्वीकार नहीं कार्यक्रम में दो उद्यमियों ने भी मुख्यमंत्री के सामने अपनी समस्याएं रखीं। मुख्यमंत्री ने प्रार्थना पत्र को गंभीरता से लेते हुए संबंधित विभागों, विशेष रूप से उत्तर प्रदेश राज्य औद्योगिक विकास प्राधिकरण (यूपीसीडा) और जिला प्रशासन को समयबद्ध समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में निवेश और उद्योग को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने बेहतर माहौल तैयार किया है और सिंगल विंडो सिस्टम सहित कई पारदर्शी व्यवस्थाएं लागू की गई हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि निवेश और उद्योग विकास से जुड़े मामलों में किसी भी प्रकार की देरी या लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी और उद्यमियों की समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान कराया जाएगा।
चार साल पहले जिस युवती से लव मैरिज कर लवकुश माहौर ने अपना घर बसाया था, उसी ने अपने दूसरे प्रेमी के लिए उसकी हत्या करवा दी। मुरैना जिले के सिहोनिया में हुए इस ब्लाइंड मर्डर का पुलिस ने चार दिन बाद खुलासा कर दिया है। सिहोनिया पुलिस ने मामले में मृतक की पत्नी खुशी माहौर और उसके पड़ोसी प्रेमी विक्रम परमार को गिरफ्तार कर हत्या का केस दर्ज किया है। वारदात में इस्तेमाल किया गया कट्टा भी बरामद कर दोनों को जेल भेज दिया गया है। जांच में सामने आया कि लवकुश की पत्नी खुशी माहौर का अपने ही मोहल्ले में रहने वाले युवक विक्रम परमार से अफेयर हो गया था। दोनों साथ रहना चाहते थे, लेकिन लवकुश उनके रिश्ते के बीच आ रहा था। इसी वजह से दोनों ने मिलकर उसे रास्ते से हटाने की साजिश रच डाली। 3 मार्च की रात जब लवकुश अपने घर में सो रहा था, तभी विक्रम छत के रास्ते घर में घुसा और सोते हुए उसे कट्टे से गोली मार दी। इसके बाद वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश भी की गई। मृतक की बहन द्वारा आरोपी को भागते देखने और मोबाइल चैट सहित अन्य साक्ष्यों के आधार पर साजिश का पर्दाफाश हुआ और पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। दैनिक भास्कर की टीम मुरैना से करीब 35 किमी दूर सिहोनिया पहुंची और मृतक लवकुश माहौर के परिजन से बातचीत की। परिजन का कहना है कि बेटे की बेरहमी से हत्या की गई है, इसलिए आरोपियों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अब पढ़िए सिलसिलेवार पूरा मामला… शादी में मिले लवकुश और खुशी, फिर किया प्रेम विवाह मृतक लवकुश माहौर के भाई अनिल माहौर के अनुसार लवकुश और उसकी पत्नी खुशी माहौर की शादी प्रेम विवाह था। 31 मई 2022 को अंबाह के बडफरा गांव निवासी गणेशी माहौर की बेटी खुशी माहौर और सिहोनिया निवासी अशोक माहौर के बेटे लवकुश माहौर की शादी हुई थी। बताया गया है कि खुशी और लवकुश की मुलाकात एक रिश्तेदारी की शादी में हुई थी। वहीं से दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ने लगीं। इसके बाद खुशी के परिजनों ने लवकुश के परिवार से संपर्क किया। कुछ समय बाद दोनों परिवार भी इस रिश्ते के लिए तैयार हो गए और उनकी शादी करा दी गई। सूरत की हीरा फैक्ट्री में काम करता था लवकुश शादी के बाद लवकुश माहौर रोजगार की तलाश में गुजरात के सूरत चला गया। वहां वह हीरा बनाने की एक फैक्ट्री में मजदूरी करने लगा। काम के कारण वह ज्यादातर समय सूरत में ही रहता था और बीच-बीच में अपने गांव सिहोनिया आता था। कभी-कभी उसकी पत्नी खुशी भी सूरत अपने पति के पास चली जाती थी। इसी दौरान पति की गैरमौजूदगी में खुशी का संपर्क पड़ोस में रहने वाले युवक विक्रम परमार से हो गया। पहले दोनों के बीच मोबाइल पर बातचीत शुरू हुई। धीरे-धीरे दोनों के बीच अफेयर हो गया। बताया जाता है कि जब खुशी अपने पति के पास सूरत जाती थी तो विक्रम भी उसके साथ वहां पहुंच जाता था। लवकुश दिनभर हीरा फैक्ट्री में काम पर रहता था। वहीं, खुशी विक्रम को अपने पास बुला लेती थी और दोनों साथ में समय बिताते थे। 18 दिन पहले बेटे का जन्म, परिवार में छाई थी खुशी खुशी माहौर ने 18 फरवरी को एक बेटे को जन्म दिया था। इस मौके पर लवकुश सूरत से अपने गांव सिहोनिया वापस आया था। बेटे के जन्म से परिवार में खुशी का माहौल था और सभी लोग काफी खुश थे। होली का त्योहार भी नजदीक था, इसलिए लवकुश ने होली के बाद वापस सूरत जाने का मन बनाया था। लेकिन उससे पहले ही उसकी हत्या की साजिश रच दी गई। पत्नी के साथ कमरे में सो रहा था लवकुश, रात में चली गोली सिहोनिया गांव निवासी अशोक माहौर का 25 वर्षीय बेटा लवकुश माहौर 3 मार्च की रात गोली लगने से संदिग्ध हालत में मृत पाया गया। उस समय लवकुश अपनी पत्नी खुशी माहौर के साथ कमरे में सो रहा था। घटना के बाद कमरे में मौजूद पत्नी खुशी ने इसे आत्महत्या बताया। हालांकि घर के आंगन में सो रही मृतक की बहन ने पड़ोसी युवक विक्रम परमार को छत के रास्ते भागते हुए देखा था। उसने तुरंत यह बात परिजनों और पुलिस को बताई। घटनास्थल की स्थिति देखकर पुलिस को भी मामला संदिग्ध लगा। इसके बाद पुलिस ने जांच शुरू की और धीरे-धीरे पूरे मामले की परतें खुलती चली गईं। करीब चार दिन बाद पुलिस ने इस ब्लाइंड मर्डर का खुलासा कर दिया। मोबाइल चैट से मिला सुराग, दोनों की सेल्फी भी मिली जांच के दौरान पुलिस को आरोपी विक्रम परमार अपने घर में सोता हुआ मिला। इस वजह से शुरुआत में उस पर ज्यादा शक नहीं किया गया। लेकिन मृतक की बहन लगातार विक्रम का नाम ले रही थी। इसके बाद पुलिस ने जब विक्रम का मोबाइल चेक किया तो उसमें मृतक की पत्नी खुशी माहौर के साथ उसकी वॉट्सऐप चैट मिली। इस चैट में खुशी उसे रात में अपने कमरे में बुलाती थी। इसके अलावा दोनों की कुछ सेल्फी भी मिलीं, जिनसे उनके बीच नजदीकी संबंध होने के संकेत मिले। यह चैट एक महीने पुरानी बताई जा रही है। इसी चैट और दोनों की सेल्फी के आधार पर पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई और विक्रम को राउंडअप किया। पढ़िए चैट… पीछे के रास्ते से आता था, मिलकर रची हत्या की साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी विक्रम परमार अपनी प्रेमिका खुशी माहौर से मिलने अक्सर घर के पीछे के रास्ते से आता था। गांव में बने पुराने मकानों की छतें ज्यादा ऊंची नहीं हैं। घर के पीछे बनी बाउंड्री के सहारे वह पहले छत पर चढ़ जाता था। छत से नीचे सीढ़ियों के पास ही खुशी और लवकुश का कमरा था। इसी रास्ते से 3 मार्च की रात भी विक्रम घर में घुसा। बताया जाता है कि कमरे का दरवाजा खुशी ने ही खोला था। कमरे में पहुंचकर विक्रम ने पहले बच्चे को गोद में लिया और कुछ देर तक उसे सहलाया। इसके बाद उसने सोते हुए लवकुश पर कट्टे से गोली चला दी और वहां से भाग गया। जांच में यह भी सामने आया कि खुशी माहौर और विक्रम परमार के बीच प्रेम संबंध काफी गहरा हो चुका था। दोनों साथ भागकर रहने की योजना बना रहे थे, लेकिन खुशी को डर था कि वे पकड़े जाएंगे। इसके बाद दोनों ने फैसला किया कि लवकुश को रास्ते से हटाना ही बेहतर होगा। खुशी ने विक्रम से कहा था कि डिलीवरी के समय लवकुश घर आएगा, तभी उसे मार देना। इसी योजना के तहत लवकुश की हत्या की साजिश रची गई। बहन नंदनी बोली- गोली की आवाज सुनी, विक्रम को भागते देखा मृतक की बहन नंदनी के अनुसार 3 मार्च की सुबह करीब 3 बजे वह घर के आंगन में सो रही थी। तभी उसे गोली चलने की आवाज सुनाई दी। आवाज सुनकर वह उठी तो देखा कि पड़ोसी विक्रम परमार उसके भाई-भाभी के कमरे से निकलकर भाग रहा है और छत के रास्ते पीछे की ओर चला गया। नंदनी ने तुरंत शोर मचाया, जिससे घर के बाकी लोग भी जाग गए और सभी कमरे की ओर दौड़े। जब कमरे में पहुंचे तो भाई को गोली लगी थी वह मर चुका था। बार-बार बदलते बयान से खुला हत्या का राज सिहोनिया थाना प्रभारी अतुल परिहार के अनुसार 3 मार्च को पुलिस को लवकुश माहौर को गोली लगने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। जांच के दौरान पुलिस को कमरे की स्थिति और वहां मौजूद पत्नी खुशी माहौर के बयान आपस में मेल नहीं खाते नजर आए, जिससे मामला संदिग्ध लगने लगा। मृतक की बहन ने शुरू से ही पड़ोसी युवक विक्रम परमार का नाम लिया था। हालांकि जब पुलिस उसके घर पहुंची तो वह वहां सोता हुआ मिला, जिससे कुछ समय के लिए उस पर शक कम हो गया। बाद में जब पुलिस ने विक्रम का मोबाइल चेक किया तो उसमें मृतक की पत्नी खुशी माहौर के साथ उसकी वॉट्सऐप चैट मिली। इसके बाद पुलिस ने जांच आगे बढ़ाई। पूछताछ में सामने आया कि खुशी काफी चालाकी से विक्रम से संपर्क करती थी। वह चैट करने के बाद मैसेज डिलीट कर देती थी और कई बार उसे ब्लॉक भी कर देती थी, ताकि किसी को शक न हो। पुलिस के अनुसार घटना की रात भी दोनों की पहले से योजना थी। खुशी ने विक्रम को कट्टा लेकर घर बुलाया और कमरे में सो रहे लवकुश पर गोली चलवा दी। पुलिस ने आरोपी पत्नी खुशी माहौर और उसके प्रेमी विक्रम परमार को गिरफ्तार कर लिया है। वारदात में इस्तेमाल किया गया कट्टा भी जब्त कर लिया गया है और दोनों आरोपियों को जेल भेज दिया गया है। ये खबर भी पढ़ें… झाबुआ में रील बनाने से मना किया तो पति को मार डाला झाबुआ में पत्नी बारात में रील नहीं बनाने देने पर इस कदर नाराज हुई कि पति की हत्या कर दी। वह भी शादी की पगड़ी से गला घोंटकर। इसके लिए यूट्यूब देखकर पूरी प्लानिंग की। वारदात थांदला थाना इलाके में 28 जनवरी की है। पुलिस ने मामले का 24 घंटे के भीतर खुलासा करते हुए नाबालिग पत्नी को अभिरक्षा में ले लिया है। पूरी खबर पढ़ें…
जेल में हवालाती से मोबाइल बरामद
शहर के केंद्रीय जेल में चेकिंग के दौरान एक हवालाती के बैरक से मोबाइल फोन बरामद हुआ है। जानकारी के अनुसार जेल सुपरिंटेंडेंट सुरजीत सिंह की अगुवाई में जेल में नियमित चेकिंग की जा रही थी। इसी दौरान एक बैरक की तलाशी लेने पर हवालाती अंकित भूरी पुत्र अजमेर सिंह निवासी शहीद भगत सिंह नगर के पास से मोबाइल फोन बरामद हुआ। मामले की सूचना मिलने के बाद डिवीजन-7 की पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जांच अधिकारी गुरप्रीत सिंह ने बताया कि अंकित भूरी कुछ महीने पहले नशा तस्करी के मामले में गिरफ्तार होकर जेल में बंद है। अब उसके पास से मोबाइल मिलने के मामले में भी कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
कुरुक्षेत्र जिले के एक्सिस बैंक इस्माइलाबाद के पूर्व ब्रांच हेड पर फर्जी मोबाइल और ईमेल अपडेट कर कस्टमर के अकाउंट से सवा 2 करोड़ रुपए ट्रांसफर करने का आरोप लगा है। आरोपी पूर्व ब्रांच हेड ने बगैर कस्टमर की मर्जी के बिना अकाउंट में अपडेशन की। आरोपी ने अपनी पत्नी के अकाउंट में पैसे ट्रांसफर किए तो मामला खुल गया। मौजूदा ब्रांच हेड अचिन मनोचा ने बताया कि चंडीगढ़ की अशा किरण टिक्कू के उनकी ब्रांच में 3 अकाउंट हैं। पिछले साल 14 जुलाई को उनके अकांउट के मोबाइल नंबर और ईमेल चेंज हो गए। यह बदलाव उनकी मर्जी के बिना हुए थे। उन्होंने जांच करवाई तो उनके अकाउंट से 19 से 22 जुलाई के बीच उनके एक अकाउंट से 1.70 करोड़ और दूसरे से 56 लाख रुपए ट्रांसफर हुए। दो अकाउंट में गए पैसे इसमें 95 लाख रुपए IMPS से चीका ब्रांच के राधा कृष्ण ट्रेडिंग कंपनी के ओडी अकाउंट और बाकी 1.31 करोड़ RTGS-IMPS से ICICI बैंक अंबाला ब्रांच के सरबजीत सिंह के अकाउंट में ट्रांसफर हुए थे। मामला जानकारी में आते ही बैंक ने फौरन एक्शन लिया। चीका ब्रांच में 95 लाख पर लियन मार्क किया और सरबजीत के अकाउंट पर 1.31 करोड़ फ्रीज कर दिए गए। आरोपी की पत्नी के अकाउंट में ट्रांसफर इसके अलावा 40 लाख और ट्रांसफर हुए। यह रकम आरोपी देवी दयाल की पत्नी निधि के अकाउंट में ट्रांसफर हुए थे। बैंक ने वहां भी डेबिट फ्रीज लगवा दिया। बैंक की कार्रवाई से करीब 2.25 करोड़ रिकवर हो गए थे, लेकिन एक लाख रुपए रिकवर हो पाए। इस मामले को लेकर आरोपी देवी दयाल से पूछताछ हुई थी। अब पुलिस कर रही मामले की जांच उधर, थाना इस्माइलाबाद के SHO दिनेश कुमार ने बताया कि ब्रांच हेड अचिन मनोचा की शिकायत के आधार पर पुलिस ने आरोपी पूर्व ब्रांच हेड देवी दयाल के खिलाफ FIR दर्ज की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। हालांकि बैंक ने अपनी जांच करने के बाद पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है।
गयाजी में चोरी के मोबाइल के साथ बदमाश अरेस्ट:फोन की कीमत 12 हजार रुपए, यात्रियों को बनाता था निशाना
गया. रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) ने 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत गया रेलवे स्टेशन से एक युवक को चोरी के मोबाइल फोन के साथ गिरफ्तार किया है। बरामद मोबाइल की अनुमानित कीमत करीब 12 हजार रुपये बताई गई है। आज आरपीएफ पोस्ट गया के उप निरीक्षक विकास कुमार के नेतृत्व में प्रधान आरक्षी संजय कुमार राय, आरक्षी विकास कुमार, आरक्षी आलोक कुमार सक्सेना और आरक्षी दीपक कुमार ओझा (सीआईबी गया) की टीम संयुक्त रूप से गया रेलवे स्टेशन परिसर में गश्ती अभियान चला रही थी। इस दौरान सीपीडीएस गया के उप निरीक्षक मुकेश कुमार और जीआरपी गया के जवान भी टीम के साथ मौजूद थे। गश्ती के क्रम में टीम जब गया रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म संख्या 01 बी के दिल्ली छोर की ओर पहुंची, तो वहां एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूमता हुआ दिखाई दिया। पुलिस टीम को देखकर उसकी गतिविधियां और अधिक संदिग्ध प्रतीत हुईं, जिसके बाद सुरक्षाकर्मियों ने उसे रोककर पूछताछ की। रेडमी कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद पूछताछ के दौरान युवक ने अपना नाम चिंटू कुमार (22) पिता अरविंद सिंह, निवासी ग्राम बनियाडीह, थाना वजीरगंज, जिला गया, बिहार बताया। सुरक्षा बलों की ओर से उसकी तलाशी ली गई, जिसमें उसके पास से रेडमी कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पूछताछ में युवक ने स्वीकार किया कि यह मोबाइल उसने एक यात्री से चोरी किया था। इसके बाद आरपीएफ और जीआरपी की टीम ने आवश्यक कानूनी कार्रवाई करते हुए आरोपी युवक को बरामद मोबाइल के साथ जीआरपी थाना गया के हवाले कर दिया। मामले में कांड संख्या 67/2026, दिनांक 06 मार्च 2026 के तहत भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 317(5) के अंतर्गत प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने और स्टेशन परिसर में होने वाली चोरी और अन्य आपराधिक गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत लगातार निगरानी और गश्ती अभियान चलाया जा रहा है। अभियान के तहत संदिग्ध व्यक्तियों पर विशेष नजर रखी जा रही है, ताकि यात्रियों को सुरक्षित वातावरण प्रदान किया जा सके। आरपीएफ ने यात्रियों से भी अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने सामान की सुरक्षा का विशेष ध्यान रखें और किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या गतिविधि की जानकारी तुरंत रेलवे सुरक्षा बल या जीआरपी को दें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई की जा सके।
धमतरी में शराब दुकान के पीछे 9 जुआरी गिरफ्तार:पुलिस ने 58 हजार रुपये नकद और मोबाइल फोन किए जब्त
धमतरी जिले में पुलिस ने शराब दुकान के पीछे जुआ खेल रहे नौ लोगों को गिरफ्तार किया है। अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम आमदी में हुई इस कार्रवाई में जुआरियों के कब्जे से 58,100 रुपये का सामान जब्त किया गया, जिसमें नकद राशि, मोबाइल फोन शामिल हैं। कुछ लोगों ने पुलिस को सूचित किया था कि जुआरी रुपये-पैसों का दांव लगाकर जुआ खेल रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए अर्जुनी पुलिस की एक टीम ने तत्काल मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दबिश दी। लोगों की सुचना के आधार पर रंगे हाथ पकड़े गए जुआरी दबिश के दौरान मौके पर नौ जुआरी जुआ खेलते हुए पाए गए, जिन्हें पुलिस टीम ने रंगे हाथों पकड़ा। आरोपियों के पास से कुल 23,100 रुपये नकद और सात मोबाइल फोन जब्त किए गए। जब्त किए गए सामान का कुल मूल्य 58,100 रुपये आंका गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में शेखर साहू (33 वर्ष, ग्राम भानपुरी), द्वारिका साहू (26 वर्ष, ग्राम आमदी), टिमेश साहू (27 वर्ष, ग्राम आमदी), सोमेश्वर पटेल (30 वर्ष, ग्राम पेण्डरवानी), धनेश्वर चंदेल (42 वर्ष, ग्राम पलारी), टीकम महार (33 वर्ष, ग्राम परसतराई), गोकुल राम साहू (36 वर्ष, ग्राम परसतराई), पवन कुमार सतनामी (50 वर्ष, ग्राम पलारी) और भूपेन्द्र सेन (27 वर्ष, रत्नाबांधा, धमतरी) शामिल हैं।
पंजाब के बरनाला जिले की जिला जेल में तलाशी के दौरान तीन लावारिस मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इस घटना ने जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेल प्रशासन की शिकायत पर सिटी बरनाला पुलिस स्टेशन में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 06:30 बजे जिला जेल बरनाला की सेल नंबर 03 में तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान कीपैड वाले दो लावारिस मोबाइल फोन मिले। जेल प्रशासन ने जब इन फोनों के बारे में कैदियों से पूछताछ की, तो किसी ने भी इन्हें अपना नहीं बताया। असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट विकास शर्मा ने पुलिस स्टेशन सिटी बरनाला को लिखित सूचना भेजी। दोबारा अभियान चलाया तो फिर मिला फोन इसी बीच, दोपहर लगभग 03:10 बजे जेल परिसर में एक और तलाशी अभियान चलाया गया। इस दौरान सेल नंबर 01 के बाथरूम की खिड़की के पास से कीपैड वाला एक और लावारिस मोबाइल फोन बरामद हुआ। इस मोबाइल फोन के बारे में भी किसी कैदी या कर्मचारी ने कोई जानकारी नहीं दी, जिसके बाद इसे भी लावारिस मानते हुए पुलिस को सौंप दिया गया। जेल के अंदर मोबाइल फोन का मिलना सुरक्षा के लिहाज से एक गंभीर मामला है, क्योंकि जेल नियमों के अनुसार कैदियों के पास मोबाइल फोन रखना सख्त मना है। पुलिस अब इस बात की जांच कर रही है कि ये मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचे और इस मामले में कौन-कौन लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
किशनगंज जिले के बहादुरगंज थाना क्षेत्र के खैखाट चौक के पास हुए सड़क हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई। मृतकों में कांटा ताराबाड़ी निवासी शादाब अंजुम (25) और उनके चचेरे भाई नज़ीर अहमद (31) शामिल हैं। शादाब अंजुम और नज़ीर अहमद के जनाजे में शनिवार को बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। दोनों युवकों की मौत के बाद इलाके में गम का माहौल है। परिजनों और आसपास के गांवों से आए लोगों ने उन्हें अंतिम विदाई दी। जानकारी के अनुसार, दोनों युवक शुक्रवार रात तरावीह की नमाज के बाद खैखाट चौक स्थित एक लाइन होटल से लगभग पचास लोगों के लिए बिरयानी लेने गए थे। दुकान तक पहुंचने से पहले ही सड़क पार करते समय वे एक तेज रफ्तार कार की चपेट में आ गए। इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया इस दुर्घटना में शादाब अंजुम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल नज़ीर अहमद ने इलाज के लिए ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। शादाब अंजुम अपने पिता अख्तर हुसैन के इकलौते बेटे थे। वह चौक पर मोबाइल रिपेयरिंग की दुकान चलाते थे। उनके परिवार में तीन वर्ष का एक बेटा और गर्भवती पत्नी हैं। वहीं, नज़ीर अहमद सीटेट उत्तीर्ण थे और शिक्षक बनने के लिए बीपीएससी की तैयारी कर रहे थे। ग्रामीणों के अनुसार, दोनों युवक सरल स्वभाव के थे। एक ही परिवार से दो युवकों के जनाजे उठने से गांव में गहरा दुख है। हादसे में जान गंवाने वाले तीसरे व्यक्ति शाह आलम की शादी 24 जनवरी को, यानी दुर्घटना से ठीक 28 दिन पहले हुई थी। कार की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा का थानई बहू का संसार उजड़ गया, सपने चूर-चूर हो गए। परिजन बेबसी में फूट-फूटकर रो रहे हैं। बताते चले की बहादुरगंज थाना क्षेत्र के राष्ट्रीय उच्च पथ (NH-327E) पर खैखाट चौक के निकट शुक्रवार देर रात एक तेज रफ्तार होंडा कार ने बाइक सवारों को जोरदार टक्कर मार दी। इस भीषण हादसे में तीन युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि एक अन्य व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया। मृतकों की पहचान मो. शादाब (ताराबाड़ी निवासी), मो. नजीर अहमद और शाह आलम के रूप में हुई है। हादसे की तीव्रता इतनी ज्यादा थी कि उसकी आवाज करीब 1 किलोमीटर दूर तक सुनाई दी। स्थानीय लोग बताते हैं कि कार की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा का था
अबोहर नगर थाना पुलिस ने अबोहर में लूटपाट की वारदातों को अंजाम देने वाले एक गिरोह को 24 घंटे के भीतर काबू कर लिया है। पुलिस ने ट्रैक्टर-ट्रॉली ड्राइवर से लूटपाट के मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन्हें कोर्ट में पेश कर तीन दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। नगर थाना प्रभारी रविंदर सिंह भीटी ने बताया कि फाजिल्का के गांव मुहार खीवा निवासी हरप्रीत सिंह ने शिकायत दर्ज कराई थी। हरप्रीत ने बताया कि 5 मार्च की रात करीब 9 बजे वह सादुलशहर से अपने ट्रैक्टर-ट्रॉली पर गांव लौट रहा था। पुलिस आरोपियों से कर रही पूछताछ मलोट रोड स्थित पाली के ढाबे के पास पांच हथियारबंद युवकों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने हरप्रीत सिंह के साथ मारपीट कर उसे घायल कर दिया। वे ट्रैक्टर-ट्रॉली के किराए के 20 हजार रुपए और उसका मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने गुरविंदर सिंह उर्फ सेठी, साजन, विशाल, गगनदीप उर्फ गग्गू सभी निवासी पंजपीर और रामदीन निवासी इंद्रा नगरी को गिरफ्तार किया। थाना प्रभारी ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी। पुलिस को उनसे लूटपाट की अन्य वारदातों का भी खुलासा होने की संभावना है।
आजमगढ़ के एसएसपी डॉक्टर अनिल कुमार ने जिले में मोबाइल रिकवर करने का अभियान चलाया हुआ है। इस अभियान के तहत 154 मोबाइल फोन रिकवर किए गए हैं, जिनकी कीमत 38 लाख रुपए से अधिक की बताई जा रही है। फरवरी 2024 से शुरू हुई है। इस अभियान के अंतर्गत अभी तक 3179 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। जिनकी कीमत लगभग 8 करोड रुपए बताई गई है। इन मोबाइल फोन को उनके स्वामियों के सुपुर्द किया गया है। जिले के पुलिस लाइन में आयोजित कार्यक्रम में एसपी ग्रामीण चिराग जैन ने सभी उपभोक्ताओं को उनके मोबाइल फोन सौंपे। लगातार चल रहा है अभियान एसपी ग्रामीण चिराग जैन का कहना है कि मोबाइल रिकवर करने का अभियान लगातार चल रहा है। इस अभियान के क्रम में गुमशुदा मोबाइल धारकों द्वारा सीईआईआर पोर्टल पर आनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। जिन्हे बरामद करने हेतु सीसीटीएनएस प्रभारी जनपद आजमगढ़ को निर्देशित किया गया था। माह फरवरी 2024 से गुमशुदा मोबाइल फोन की बरामदगी हेतु अभियान चलाया जा रहा है, जिसमें गुमशुदा मोबाइल धारकों द्वारा सीईआईआर पोर्टल पर आनलाइन अपनी शिकायत दर्ज की जाती है। फरवरी 2026 में आजमगढ़ पुलिस द्वारा जनपद में खोए हुए कुल 154 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कीमत लगभग 38.50 लाख रूपये) को सीईआईआर पोर्टल के माध्यम से बरामद किया गया हैं। वर्ष 2026 में आजमगढ़ पुलिस द्वारा कुल 351 एण्ड्रायड मोबाइल फोन को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है। इस प्रकार विगत 25 माह में कुल 3179 एण्ड्रायड मोबाइल फोन (कीमत लगभग 7.885 करोड़ रूपये) को बरामद कर मोबाइल फोन स्वामियों को सुपुर्द किया गया है।
फ्लैट में फंदे से लटका मिला युवक, मोबाइल में मिला सुसाइड नोट
जयपुर | करणी विहार थाना इलाके में एक युवक के आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। युवक अपने फ्लैट में रस्सी के फंदे से लटका मिला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया अस्पताल की मॉर्चरी भिजवाया। पोस्टमार्टम के बाद शुक्रवार शाम शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने िरपोर्ट दर्ज कर आत्महत्या के कारणों की जांच शुरू कर दी। एसआई कालूराम के अनुसार जालोर निवासी राजू राम विश्नोई (26) पुत्र आशुराम करणी विहार क्षेत्र स्थित श्याम हाइट्स अपार्टमेंट के एक फ्लैट में अपनी बहन के साथ रहता था। वह चौड़ा रास्ता स्थित एक ज्वेलरी शॉप पर काम करता था। होली के त्योहार के चलते उसकी बहन गांव गई हुई थी, जिसके कारण वह फ्लैट में अकेला रह रहा था। इसी दौरान गुरुवार सुबह उसने कमरे में रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस के अनुसार दोपहर करीब 12 बजे तक युवक के फ्लैट से बाहर नहीं आने पर आसपास के लोगों ने पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। मृतक के जीजा श्रीराम ने बताया कि राजू राम ने आत्महत्या से पहले अपने मोबाइल फोन में सुसाइड नोट लिखा था। पुलिस ने मोबाइल जब्त कर लिया है और उसमें दर्ज जानकारी के आधार पर मामले की जांच की जा रही है।
बांदा में 10 लाख के मोबाइल चोरी का खुलासा:पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर 31 फोन बरामद किए
बांदा पुलिस ने शहर में हुई दो दुकानों में चोरी की घटनाओं का खुलासा करते हुए एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से लगभग 10 लाख रुपये मूल्य के 31 मोबाइल फोन, ईयरबड और नकदी सहित चोरी का सामान बरामद किया है। यह घटना 4/5 मार्च 2026 की रात को हुई थी। अज्ञात चोरों ने थाना कोतवाली नगर क्षेत्र के ज्योति नगर में संतोष विश्वकर्मा की मोबाइल दुकान और बिजली खेड़ा में दिनेश कुमार प्रजापति की लोहे व सरिये की दुकान के शटर का ताला तोड़कर चोरी को अंजाम दिया था। इन घटनाओं के संबंध में कोतवाली नगर थाने में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस अधीक्षक बांदा पलाश बंसल के निर्देश पर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए टीमें गठित की गईं। थाना कोतवाली नगर पुलिस ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और संदिग्धों से पूछताछ के आधार पर आरोपी की पहचान की। मुखबिर की सूचना पर आरोपी को छोटा बाइपास के पास से गिरफ्तार कर लिया गया। पूछताछ में आरोपी ने चोरी की घटना को अंजाम देना स्वीकार किया। गिरफ्तार आरोपी की पहचान राजू उर्फ पिट्टू/पिट्टी पुत्र रामकिशोर, निवासी चांदी पट्टी, थाना अजयगढ़, जनपद पन्ना (म0प्र0) के रूप में हुई है। उसके कब्जे से चोरी किए गए 31 मोबाइल फोन, 2 ईयरबड, 20 हजार 25 रुपये नकद और 1 एसबीआई चेक बरामद हुए हैं। बरामद सामान की अनुमानित कीमत लगभग 10 लाख रुपये है। पुलिस के अनुसार, आरोपी राजू उर्फ पिट्टू/पिट्टी पहले भी आपराधिक गतिविधियों में शामिल रहा है।
हाथरस में महिला से हजारों की ठगी:टेम्पो में बैठी, दो युवतियां बैग और मोबाइल ले लेकर भागीं
हाथरस में आज शनिवार को ठगी का एक मामला सामने आया है। दिल्ली से लौट रही एक महिला से टेम्पो में बैठने के दौरान दो युवतियों ने ₹17,000 नकद और मोबाइल फोन लूट लिया। यह घटना शहर के तालाब चौराहे पर हुई। गांव लाड़पुर, हाथरस जंक्शन निवासी राजेश्वरी दिल्ली से लौटकर तालाब चौराहे पर अपने गांव जाने के लिए टेम्पो में बैठ रही थीं। इसी दौरान दो युवतियां उनके पास आईं और मदद की पेशकश करते हुए कहा, “माताजी हम आपको टेम्पो में बैठा देते हैं, आप अपना बैग हमें दे दीजिए।” महिला ने उन पर भरोसा कर अपना बैग उन्हें सौंप दिया। पर्स लेकर मौके से फरार राजेश्वरी अभी टेम्पो में ठीक से बैठ भी नहीं पाई थीं कि दोनों युवतियां उनका बैग और पर्स लेकर मौके से फरार हो गईं। अचानक हुई इस घटना से महिला घबरा गई और शोर मचाने लगी, लेकिन आरोपी युवतियां भीड़ का फायदा उठाकर गायब हो चुकी थीं। सूचना मिलने पर वहां मौजूद ट्रैफिक पुलिसकर्मियों ने महिला की मदद की।
मोहाली में युवक एकजोत सिंह की मौत के मामले में नया मोड़ सामने आया है। मृतक के परिवार ने अमेरिका में रह रही उसकी पत्नी अमृतजोत कौर पर गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में पुलिस ने बताया है कि मामले की जांच जारी है और मृतक का मोबाइल फोन फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) भेजा गया है, जिससे डेटा निकालकर मौत के कारणों की जांच की जा रही है। हाईकोर्ट में पुलिस की स्टेटस रिपोर्ट हाईकोर्ट में डिप्टी सुपरिंटेंडेंट ऑफ पुलिस (सिटी-1) की ओर से दायर स्टेटस रिपोर्ट में बताया गया कि मृतक एकजोत सिंह की शादी 16 फरवरी 2020 को अमृतजोत कौर से हुई थी। शादी के बाद दोनों मोहाली के सेक्टर-71 स्थित मकान में रहते थे। रिपोर्ट के अनुसार 11 मई 2022 को अमृतजोत कौर पोस्ट डॉक्टरेट की पढ़ाई के लिए अमेरिका चली गई थी। इसके करीब दस दिन बाद 21 मई 2022 को एकजोत सिंह ने अपने घर में पंखे से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस ने बताया कि उस समय मामले में धारा 174 सीआरपीसी के तहत कार्रवाई की गई थी। बाद में मृतक के परिवार की शिकायत पर मामले की जांच शुरू की गई। पुलिस के अनुसार मृतक का काला आईफोन बरामद कर उसे सबूत के तौर पर कब्जे में लिया गया और मोबाइल को फॉरेंसिक साइंस लैब फेस-4 मोहाली भेजा गया है। मोबाइल से डेटा मिलने के बाद पूरी रिपोर्ट तैयार कर कोर्ट में पेश की जाएगी। परिवार ने लगाए साजिश के आरोप इस मामले को लेकर मृतक के भाई हरसिमरन सिंह ने चंडीगढ़ क्लब में पत्रकारों से बातचीत करते हुए कई गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि उनकी भाभी अमृतजोत कौर उस समय अमेरिका में थीं और कथित तौर पर डेढ़ घंटे तक चली लाइव वीडियो कॉल के दौरान पूरे घटनाक्रम से जुड़ी रहीं। परिवार का कहना है कि 21 मई 2022 को अमृतजोत कौर ने अमेरिका से फोन कर माछीवाड़ा में रहने वाले अपने ससुर गुरबचन सिंह को बताया कि मोहाली स्थित घर में कोई अनहोनी हो गई है और वे तुरंत पहुंचें। जब पिता मौके पर पहुंचे तो एकजोत सिंह पंखे से लटका हुआ मिला। शुरुआत में इसे आत्महत्या माना गया, लेकिन बाद में परिवार ने इसे संदिग्ध बताते हुए साजिश की आशंका जताई। सोशल मीडिया पोस्ट से बढ़ा शक मृतक के भाई का आरोप है कि अमेरिका पहुंचने के करीब एक सप्ताह बाद ही अमृतजोत कौर ने सोशल मीडिया पर अपने कथित बॉयफ्रेंड के साथ तस्वीरें और पोस्ट साझा कीं। परिवार का कहना है कि इससे उन्हें पूरे मामले में साजिश होने का शक और गहरा हुआ। परिजनों का कहना है कि जब उनके पिता माछीवाड़ा से मोहाली पहुंचे, उसी समय लड़की के माता-पिता भी वहां पहुंचे थे। परिवार का दावा है कि पुलिस के पास मौजूद सीसीटीवी फुटेज में उन्हें पहले ही घटनास्थल के आसपास आते देखा जा सकता है। इसके अलावा परिवार ने घटनास्थल पर मिले कथित सुसाइड नोट पर भी सवाल उठाए हैं और इसे संदिग्ध बताया है। परिवार की मांग- निष्पक्ष जांच हो मृतक के परिवार का कहना है कि मामले की जांच में कई अहम पहलुओं को नजरअंदाज किया गया है। उन्होंने निष्पक्ष और गहन जांच की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मोबाइल फोन से डेटा मिलने के बाद जांच को आगे बढ़ाया जाएगा और पूरी रिपोर्ट अदालत में पेश की जाएगी।
गाजियाबाद में मुस्लिम धर्म छोड़ चुके यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर हुए हमले के मामले में एक नया खुलासा सामने आया है। जांच में सामने आया है कि हमला करने से पहले दोनों आरोपियों ने सलीम की लोकेशन का पता लगाया था। आरोपी जीशान और उसका बड़ा भाई गुलफाम पहले से ही सलीम की गतिविधियों पर नजर रख रहे थे। सलीम अपने यूट्यूब चैनल पर वीडियो बनाते समय अक्सर अपने ऑफिस का पता और मोबाइल नंबर भी बता देते थे। इसी जानकारी के आधार पर आरोपियों ने उनकी लोकेशन ट्रेस कर ली। जीशान ने गूगल मैप की मदद से सलीम के ऑफिस का रास्ता खोजा। इसके बाद दोनों आरोपी सीधे उनके ऑफिस पहुंचे और वहां हमला कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद दोनों मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पांच टीमें गठित कीं। आरोपियों की तलाश में करीब 140 किलोमीटर तक के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली गई। इसके बाद पुलिस को दोनों आरोपियों के बारे में सुराग मिला। 27 फरवरी को Ex मुस्लिम सलीम वास्तिक पर हमला हुआ था। शरीर पर चाकू के 14 घाव मिले। वे अभी दिल्ली के एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती हैं। दो ऑपरेशन हो चुके हैं, लेकिन स्थिति नाजुक है। पुलिस ने दोनों हमलावर भाई जीशान और गुलफाम को एनकाउंटर में ढेर कर दिया। दो भाइयों के एनकाउंटर के बाद पुलिसिया कार्रवाई पर लोग सवाल उठने लगे। इसके बाद बुधवार को हमले का CCTV वीडियो सामने आया था, जिसमें दोनों भाइयों की बर्बरता दिख रही है। एक भाई कहता है- मारो, डरो मत। वारदात के बाद सीएम योगी ने खुद मामले पर संज्ञान लिया था। उन्होंने कहा था- दोषियों को बख्शेंगे नहीं। अब पढ़िए जानलेवा हमला के बाद आरोपी कहां-कहां गए? 140 किमी तक CCTV में खंगाले गए27 फरवरी की सुबह 7 बजकर 54 मिनट पर जीशान और उसके बड़े भाई गुलफाम ने सलीम वास्तिक के घर में घुसकर हमला किया। घटना के बाद पुलिस को सलीम के ऑफिस के CCTV से कई अहम सुराग मिले। जांच में पता चला कि हमला करने के बाद बाइक सवार दोनों आरोपी जीशान और गुलफाम वजीराबाद बॉर्डर से दिल्ली में दाखिल हो गए। दिल्ली के रास्ते दोनों आरोपी फिर गाजियाबाद-दिल्ली बॉर्डर के पास खोड़ा के मंगल बाजार तक ट्रेस किए गए, जहां एक गली के CCTV में वे कैद हुए। इसके बाद वे अपने कमरे पर पहुंचे, कपड़े बदले और करीब 6 मिनट रुकने के बाद बैग लेकर फिर निकल गए। इसके बाद दोनों गाजियाबाद के रास्ते दिल्ली-मुरादाबाद-लखनऊ हाईवे से होते हुए हापुड़ की सीमा पार कर ब्रजघाट पहुंच गए। ब्रजघाट से आगे गजरौला होते हुए दोनों अमरोहा के संभल रोड पर CCTV में दिखाई दिए। अमरोहा के हसनपुर इलाके में भी दोनों बदमाश 5 से 10 मिनट तक रुके। इसके बाद वे संभल रोड के रास्ते अपने कस्बे सैद नगली स्थित घर पहुंचे। घर पहुंचने के कुछ घंटे बाद ही जीशान वहां से फरार हो गया, जबकि उसका बड़ा भाई गुलफाम 28 फरवरी को घर से निकला। पुलिस और गाजियाबाद स्वाट व क्राइम ब्रांच की टीमों ने अलग-अलग स्थानों पर हापुड़ सीमा के टोल प्लाजा की भी CCTV फुटेज खंगाली। पुलिस ने करीब 140 किमी के दायरे में 150 से ज्यादा जगहों के CCTV देखे। इसके बाद साफ हो गया कि हमला करने वाले आरोपी अमरोहा जिले के रहने वाले हैं। सलीम के घर से पहले 2 मिनट रुकेलोनी इलाके में जहां सलीम वास्तिक का घर और ऑफिस है, वहां से दिल्ली बॉर्डर की दूरी करीब एक किमी है। मुख्य सड़क से करीब 8 फीट नीचे ढलान वाला एक रास्ता जंगल की ओर जाता है। इसी जगह दोनों बदमाशों ने करीब 2 मिनट तक बाइक रोककर इंतजार किया। जांच में जीशान के मोबाइल की लोकेशन से यह भी पता चला कि सलीम के घर से करीब 500 मीटर पहले मुख्य सड़क पर भी जीशान और गुलफाम करीब 2 मिनट तक रुके थे। इसके बाद उन्होंने मोबाइल जेब में रख लिया। गूगल मैप की मदद से ही दोनों सलीम के पड़ोस तक पहुंचे थे। पुलिस यह भी मान रही है कि हो सकता है घर के पास पहुंचकर उन्होंने सलीम का पता भी पूछा हो। हालांकि सलीम के घर के बाहर लगे बोर्ड पर उनका फोटो और मोबाइल नंबर पहले से लिखा हुआ था। मोबाइल फोरेंसिक लैब भेजे जाएंगेएनकाउंटर में मारे गए एक लाख के इनामी बदमाश गुलफाम के पास से पुलिस ने सैमसंग का एक मोबाइल फोन बरामद किया है। इसके अलावा उसके पास से एक पिस्टल, कारतूस, दिल्ली से चोरी की केटीएम बाइक, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड और ड्राइविंग लाइसेंस भी मिला है। पुलिस को एक पिट्ठू बैग भी मिला, जिसमें कुर्ता-पायजामा रखा हुआ था। साथ ही एक गोल टोपी और एक जैकेट भी बरामद की गई है। पुलिस गुलफाम के मोबाइल फोन को फोरेंसिक जांच के लिए लैब भेजेगी। वहीं जीशान के मोबाइल फोन को भी एफएसएल भेजा जाएगा। पुलिस के अनुसार इंस्टाग्राम पर ‘मुस्लिम आर्मी’ नाम से अलग-अलग नामों से कई पेज चल रहे हैं। इन पेजों के जरिए कट्टरपंथी विचारधारा को लेकर लोगों को भड़काने की कोशिश की जाती थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि जीशान भी इस ग्रुप से जुड़ा हुआ था। पहले सलीम पर अटैक का CCTV देखिए- अब वो पढ़िए, जो CCTV में दिखा- सलीम अभी कुछ खा-पी नहीं रहे, बेटा बोला- इलाज के लिए बहुत उधार ले चुकेसलीम वास्तिक इस समय दिल्ली के साकेत स्थित मैक्स हॉस्पिटल में भर्ती हैं। वह ICU में हैं और अभी बोल नहीं पा रहे हैं, न ही खाने-पी पा रहे हैं। गले पर जो चाकू लगे थे, डॉक्टरों ने उसकी सर्जरी की है। जबकि पेट में लगे चाकू से लिवर डैमेज होने पर हालत अभी खराब है। सलीम की पत्नी को सुरक्षा की दृष्टि से दूसरी जगह शिफ्ट कर दिया गया है। आशंका है कि उन्हें भी जान का खतरा है। सलीम का इकलौता बेटा उस्मान रिश्तेदारों के साथ हॉस्पिटल में है। लेकिन, बेटे का कहना है कि मुझे पिता से मिलने नहीं दिया जा रहा है। बेटे उस्मान का कहना है- हमारी आर्थिक स्थिति इस समय खराब है। एक लाख रुपए मेरठ के नेता अमित जानी ने इलाज के लिए दिए थे। करीब 3 से 4 लाख रुपए अभी तक खर्चा आ चुका है और बहुत पैसे उधार भी ले चुके हैं। आरोपियों के पास पिस्टल थी, फिर चाकू से हमला क्यों? सलीम वास्तिक पर हुए अटैक में रोज नए खुलासे हो रहे हैं। पुलिस का दावा है कि सलीम के घर पर अटैक करने पहुंचे जीशान और गुलफाम के पास इटली मेड पिस्टल भी थी, वो चाहते तो सलीम को एक झटके में गोली भी मार सकते थे, मगर उन्होंने ऐसा नहीं किया। इसकी दो वजह समझ आ रही है। अब जानिए गाजियाबाद पुलिस की जांच कहां तक पहुंची- 3 एंगल से मामले की पड़ताल हो रहीपहली- सलीम वास्तिक पर हमले के पीछे का असली मास्टरमाइंड कोई और है। दूसरी- क्या सलीम वास्तिक की तरह इस्लाम के खिलाफ बोलने वाले और भी यूट्यूबर इन लोगों के निशाने पर हैं। तीसरा- जीशान और गुलफाम किस संगठन के लिए काम कर रहे थे? जीशान-गुलफाम के मोबाइल की गूगल हिस्ट्री में मिले यूट्यूब वीडियोजीशान और गुलफाम के मोबाइल की गूगल सर्च हिस्ट्री से पुलिस को यूट्यूबर के वीडियो की डिटेल मिली है। एक वीडियो ऐसा भी है, जिसमें सलीम वास्तिक कह रहे हैं- कुरान में लिखा है कि अगर मुस्लिम ऐसे मुल्क में हैं, जहां उसको नहीं होना चाहिए। तो मुस्लिम को वो मुल्क छोड़ देना चाहिए। दिल्ली के मौलाना के संपर्क में रहते थे सलीम आगे कहते हैं- मुस्लिमों को भारत को छोड़ देना चाहिए। ऐसे ही वीडियो को देखकर एक तबका भड़का हुआ था। दोनों भाई (जीशान और गुलफाम) गाजियाबाद के खोड़ा के रहने वाले थे। लेकिन, वो दिल्ली के एक मौलाना के संपर्क में रहते थे। पुलिस मान रही है कि दोनों को गाइडेंस मौलाना से मिल रही थी। अटैक से पहले दोनों भाई दिल्ली गए थेजीशान का इंस्टाग्राम अकाउंट पुलिस को मिल चुका है, जिसमें वो मौलाना की तरह इस्लामिक स्पीच देता दिख रहा। यह भी सामने आया है कि सलीम वास्तिक के अटैक से पहले दोनों दिल्ली गए थे। गाजियाबाद क्राइम ब्रांच जल्द मौलाना से पूछताछ कर सकती है, क्योंकि पुलिस जीशान, गुलफाम को मिलने वाले फंड का पता कर रही है, मौलाना से लिंक जुड़ रहा है, ऐसे में जल्द कुछ और भी गिरफ्तारियां हो सकती हैं। पुलिस को गुमराह करने के लिए दिल्ली, गाजियाबाद में मूवमेंट करते रहे 2 पॉइंट में पढ़िए जीशान और गुलफाम के एनकाउंटर की कहानी… अब पूरी घटना को समझ लेते हैं… यूट्यूबर सलीम अहमद उर्फ सलीम वास्तिक (50) दिल्ली के अशोक विहार कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। गाजियाबाद के लोनी इलाके में उनका एक और घर है। वहां से सलीम अपना ऑफिस चलाते हैं। उनके बेटे उस्मान ने बताया कि पापा 27 फरवरी को सुबह 9 बजे ऑफिस में अकेले बैठे थे। तभी 2 युवक हेलमेट पहनकर आए और हमला कर दिया। अंदर घुसते ही ताबड़तोड़ चाकू मारे। उस्मान ने बताया- पिता घायल होकर जमीन पर गिर पड़े। उनके शरीर से खून बहने लगा। इसी बीच दोनों बदमाश भाग गए। चीख-पुकार सुनकर पहुंचे पड़ोसियों ने पुलिस को सूचना दी। सलीम को नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उन्हें दिल्ली के गुरु तेग बहादुर अस्पताल (जीटीबी) रेफर कर दिया गया। उनकी हालत गंभीर बनी है। बेटे उस्मान ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। इसमें अशफाक, सोनू, शाहरुख नेता, भाटी बिल्डर और एक स्थानीय AIMIM नेता अजगर को नामजद किया था। FIR में 2 अज्ञात लोगों का जिक्र था। आरोप था कि इन लोगों ने ही उसके पिता सलीम की हत्या की साजिश रची थी। यूट्यूबर के बारे में भी जान लीजिए… सलीम के यूट्यूब चैनल पर करीब 30 हजार सब्सक्राइबर हैं। 2.2 मिलियन से ज्यादा व्यूज हैं। सलीम अब तक 180 से ज्यादा वीडियो पोस्ट कर चुके हैं। चैनल के बायो में उन्होंने लिखा है- मैं एक पूर्व-मुस्लिम हूं, जिसने वर्षों तक इस्लामी विचारधारा को समझने, परखने के बाद तर्क और प्रमाण के रास्ते पर चलने का निर्णय लिया। यह मंच उन सभी के लिए है, जो सवाल पूछने से नहीं डरते। चाहे वह भगवान के अस्तित्व से जुड़ा हो, इस्लामी ग्रंथों की प्रामाणिकता से या फिर इस्लामी संस्थाओं के सामाजिक प्रभाव से। आखिरी वीडियो हमले से एक दिन पहले यानी 26 फरवरी को अपलोड किया गया। सब्जेक्ट था- “नास्तिक होना क्या है?” वीडियो को अब तक करीब 13 हजार लोग देख चुके हैं। अब जीशान और गुलफाम के बारे में भी जानिए- सैदनगली के सकतपुर रोड पर बुनियाद अली पिछले 46 साल से अपने परिवार के साथ रहते हैं। इससे पहले गजरौला थाना क्षेत्र के गांव चौबारा में रहते थे। परिवार में गुलफाम और जीशान के अलावा पत्नी अफसाना और 5 बेटियां हैं। बेटियों की शादी हो चुकी है। बुनियाद अली लकड़ी के सामान बनाने का काम करते हैं। गुलफाम करीब 10 साल पहले लकड़ी की कारीगरी का काम करने के लिए नोएडा चला गया था। शादी होने के बाद पत्नी को भी साथ ले गया। उसके दो बच्चे भी हैं। पिता ने जीशान को पहले स्थानीय मदरसा में पढ़ने के लिए भेजा था। वहां करीब ढाई साल तक दीनी तालीम हासिल की। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर थी। इसलिए मदरसा छोड़कर जीशान पिता के साथ लकड़ी के काम में हाथ बंटाने लगा। इसी बीच वह स्कूल भी जाने लगा। 2020 में सैदनगली के एक इंटर कॉलेज से 12वीं की परीक्षा पास की। इंटर की पढ़ाई के बाद जीशान बड़े भाई गुलफाम के साथ काम करने के लिए नोएडा चला गया। भाई की शादी के बाद से वह अलग रह रहा था। हालांकि, मदरसे में तालीम हासिल करने के कारण उसका पहनावा कुर्ता, पायजामा और टोपी ही रहता था। वो लंबी दाढ़ी रखता है। -------------------- ये खबर भी पढ़ें - कौन हैं सलीम, जिनके लिए योगी बोले- हमलावरों को बख्शेंगे नहीं:खुद को EX मुस्लिम लिखा, मजहबी कट्टरपंथियों ने कई बार धमकी दी गाजियाबाद में यूट्यूबर सलीम वास्तिक पर जानलेवा हमला किया गया। दिल्ली के गुरु तेग बहादुर हॉस्पिटल में उनका ऑपरेशन हुआ है। अब सवाल उठ रहे हैं कि यूट्यूबर को जान से मारने की कोशिश आखिर हुई क्यों? सलीम वास्तिक की पहचान तीन तलाक, हलाला जैसे इस्लामिक रिवाजों पर सवाल उठाने से बनी थी। उन्होंने इस्लाम को ‘विदेशी मजहब’ करार दिया था। रिपोर्ट पढ़िए…
एटा में मोबाइल नंबर मांगने पर विवाद:दो पक्षों में मारपीट, लाठी-डंडे और पत्थर चले; 5 लोग घायल
एटा जिले के सकरौली थाना क्षेत्र के शाहनगर टीमरुआ गांव में मोबाइल नंबर मांगने को लेकर हुए विवाद ने खूनी संघर्ष का रूप ले लिया। गुरुवार को शुरू हुआ यह विवाद शुक्रवार सुबह दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट और पथराव में बदल गया। इस घटना में दोनों ओर से आधा दर्जन लोग घायल हुए हैं। सूचना मिलते ही भारी पुलिस बल मौके पर पहुंच गया और गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। दरअसल, गांव में हर साल की तरह इस बार भी मेला लगा था। आरोप है कि मेले में कुशवाहा समाज के एक नाबालिग लड़के ने ठाकुर समाज की एक नाबालिग लड़की से उसका मोबाइल नंबर मांगा था। इसी बात को लेकर गुरुवार को दोनों पक्षों में विवाद शुरू हो गया था, जिसे गांव के कुछ समझदार लोगों ने शांत करवा दिया था। हालांकि, शुक्रवार सुबह यह विवाद फिर भड़क उठा और कुशवाहा तथा ठाकुर समाज के सैकड़ों लोग आमने-सामने आ गए। दोनों ओर से जमकर ईंट-पत्थर चले और लाठी-डंडों का इस्तेमाल हुआ। इस हिंसक झड़प में कई लोग घायल हुए। सकरौली थाना पुलिस के साथ कई अन्य थानों की पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रण में लिया। पुलिस ने दोनों पक्षों के 11 नामजद लोगों सहित कुछ अज्ञात के खिलाफ मारपीट, बलवा और पथराव की धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने ठाकुर पक्ष से दिनेश पुत्र कप्तान, दुष्यंत पुत्र दिनेश, पवन पुत्र राकेश, हरिकृष्ण पुत्र बालिस्टर, आदित्य पुत्र सत्यवीर और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है। वहीं, दूसरे पक्ष से टीकाराम उर्फ पुजारी पुत्र भूदेव, नरेंद्र पुत्र भुजवीर, भुजवीर पुत्र रामपाल, अनिल पुत्र वीरेंद्र, छत्रपाल पुत्र कप्तान और तुरसन पाल पुत्र जगदीश सहित कुछ अज्ञात के विरुद्ध रिपोर्ट दर्ज की गई है। क्षेत्राधिकारी ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने घटनास्थल का निरीक्षण किया है। घटना से जुड़े मारपीट, घायलों और फायरिंग की आवाज वाले कुछ वीडियो भी सामने आए हैं। मौके पर पहुंचे पुलिसकर्मियों के साथ ग्रामीणों की गरमागरमी भी हुई। पुलिस वायरल वीडियो और स्थलीय जांच-पड़ताल के आधार पर मामले की जांच कर रही है और आगे की कार्रवाई में जुटी हुई है। सीओ ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने बताया घटना की सूचना के बाद तत्काल पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची और स्थिति पर कंट्रोल किया आरोपियों के विरुद्ध कार्यवाही की जा रही है। मार पीट पथराव हुआ है ।दोषियों को बख्शा नहीं जाएगा।
पंजाब के बरनाला जिला जेल में तीन लावारिस मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। ये फोन जेल की डॉरमेट्री से मिले, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। सिटी वन बरनाला के एसएचओ लखविंदर सिंह ने बताया कि जिला जेल बरनाला के असिस्टेंट सुपरिटेंडेंट विकास शर्मा ने पुलिस को इसकी सूचना दी। शर्मा के अनुसार, शाम करीब 06:20 बजे डॉरमेट्री नंबर 04 से दो कीपैड मोबाइल फोन लावारिस हालत में मिले। उसी दिन शाम लगभग 7:10 बजे डॉरमेट्री नंबर 09 के रोशनदान से एक और कीपैड मोबाइल फोन बरामद हुआ। जेल प्रशासन द्वारा दी गई जानकारी के आधार पर पुलिस स्टेशन सिटी बरनाला में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस फिलहाल इस मामले की गहन जांच कर रही है। उनका मुख्य उद्देश्य यह पता लगाना है कि ये मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचे और इनका उपयोग कौन कर रहा था। एसएचओ लखविंदर सिंह ने कहा कि आरोपियों की जल्द पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
धार में कार चालक से लूट:बाइक सवार 3 बदमाश 5900 रुपए और मोबाइल लूटकर भागे
धार जिले के बरमंडल गांव में कार चालक से गुरुवार को लूट हूई। बाइक सवार तीन बदमाशों ने युवक से 5900 रुपए नकद और मोबाइल फोन छीन लिया। शुक्रवार को पीड़ित राजोद थाना पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। पुलिस ने शिकायत के आधार पर इस मामले में प्रकरण दर्ज कर लिया है। तीन बदमाशों ने कार रोककर लूटाराजोद थाना पुलिस को मकनी, थाना कानवन निवासी बगदीराम पिता भंवरलाल ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि वह लाबरिया से बिड़वाल जा रहे थे। इसी दौरान ग्राम बरमंडल में पडूनी मैदान के पास उनकी कार को रोका गया और मोबाइल पैसे छीन लिए। शिकायत के अनुसार, आरोपी रामा पिता रतन गिरवाल (चुनियागढ़ी), विशाल पिता कालूराम (बरखेड़ा) और गोकुल पिता रूग्गा (चुनियागढ़ी) ने इस वारदात को अंजाम दिया। बाइक से आए, मोबाइल और रुपए लेकर भागेबदमाशों ने फरियादी के साथ मारपीट की और उनका पर्स छीन लिया, जिसमें 5900 रुपए थे। इसके अलावा, उन्होंने फरियादी का मोबाइल फोन भी ले लिया। फरियादी ने बताया कि तीनों बदमाश बाइक पर सवार होकर आए थे। राजोद थाना प्रभारी ने शुक्रवार को बताया कि फरियादी की रिपोर्ट के आधार पर तीनों बदमाशों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों की तलाश कर रही है।
गया रेलवे स्टेशन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत दो मोबाइल चोरों को गिरफ्तार किया गया है। आरपीएफ पोस्ट गया ने आज कार्रवाई की है। उनके पास से चोरी के तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। बरामद किए गए मोबाइल फोन की कुल कीमत लगभग 40 हजार रुपए है। इस कार्रवाई से रेलवे स्टेशन परिसर में यात्रियों की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने का संदेश गया है। आरपीएफ पोस्ट गया की एक टीम, जिसमें उनि विकास कुमार, उनि जावेद इकबाल, प्रधान आरक्षी विवेकानंद शर्मा, प्रधान आरक्षी संजय कुमार राय, प्रधान आरक्षी संतोष कुमार सिंह, आरक्षी विकास कुमार, आरक्षी आलोक कुमार सक्सेना और आरक्षी कमलेश कुमार (सीआईबी गया) शामिल थे, सीपीडीएस गया और जीआरपी गया के साथ संयुक्त रूप से गया रेलवे स्टेशन परिसर में गश्त कर रही थी। गश्ति के दौरान टीम ने प्लेटफॉर्म संख्या-1 बी के दिल्ली छोर के पास दो व्यक्तियों को संदिग्ध स्थिति में देखा। संदेह के आधार पर उन्हें रोककर पूछताछ की गई, लेकिन वे संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। इसके बाद सुरक्षा बलों ने उनकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान, पहले व्यक्ति के पास से रेडमी कंपनी के दो मोबाइल फोन और दूसरे व्यक्ति के पास से सैमसंग कंपनी का एक मोबाइल फोन बरामद हुआ। पकड़े गए आरोपियों की पहचान संतोष कुमार (29), निवासी छतरवार, थाना पकड़ी बेरावाँ, जिला नवादा और नीरज कुमार (39), निवासी टेकरी रोड, थाना कोतवाली, जिला गया के रूप में हुई। चोरों ने स्वीकार किया वारदात पूछताछ में दोनों ने स्वीकार किया कि बरामद मोबाइल फोन उन्होंने यात्रियों से चोरी किए थे। आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करने के बाद, दोनों आरोपियों को बरामद मोबाइल फोन के साथ जीआरपी थाना गया को सौंप दिया गया है। जीआरपी थाना गया में कांड संख्या 62/2026, दिनांक 06 मार्च 2026 के तहत धारा 317(5) और 3(5) बीएनएस के अंतर्गत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है। रेलवे सुरक्षा बल के अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए स्टेशन परिसर में लगातार निगरानी और गश्ती अभियान चलाया जा रहा है, जिससे चोरी और अन्य अपराधों पर प्रभावी रोक लगाई जा सके। इस कार्रवाई से यात्रियों में सुरक्षा की भावना और मजबूत हुई है।
लछुआड़ लूटकांड का खुलासा, दो अपराधी गिरफ्तार:जमुई में लूटे गए मोबाइल और अवैध हथियार बरामद
जमुई पुलिस ने लछुआड़ थाना क्षेत्र में हुई लूट की घटना का खुलासा कर दिया है। शुक्रवार दोपहर 12 बजे की गई त्वरित कार्रवाई में पुलिस ने दो अपराधियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से लूटे गए मोबाइल फोन के साथ घटना में प्रयुक्त अवैध हथियार भी बरामद किया गया है। यह घटना 9 जनवरी 2026 को लछुआड़ थाना क्षेत्र के महना पुल के पास हुई थी। चार अज्ञात अपराधियों ने दो व्यक्तियों के साथ लूटपाट की थी। पीड़ित के लिखित आवेदन पर लछुआड़ थाना में कांड संख्या 02/26 दर्ज कर अज्ञात अपराधियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 309 (4) के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई थी। विशेष टीम गठित की गई थी घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई थी। इस टीम ने वैज्ञानिक अनुसंधान और मानवीय आसूचना के आधार पर कार्रवाई करते हुए दो अपराधियों को पकड़ा। मोबाइल फोन, एक देसी पिस्टल और एक खोखा बरामद गिरफ्तार अपराधियों की पहचान लछुआड़ थाना क्षेत्र के बाल्डा गांव निवासी 19 वर्षीय अखिलेश कुमार (पिता वीरेंद्र यादव) और 19 वर्षीय अमित कुमार (पिता अनिल तांती) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से वीवो और पोको कंपनी के दो लूटे गए मोबाइल फोन, एक देसी पिस्टल और एक खोखा बरामद किया है। इस कार्रवाई में लछुआड़ थाना अध्यक्ष रूपेश कुमार, अपर थानाध्यक्ष विकास कुमार, पुलिस अवर निरीक्षक ऋषिकेश कुमार सिंह और लछुआड़ थाना के सशस्त्र बल शामिल थे। पुलिस अन्य फरार अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी कर रही है।
दर्री में मोबाइल दुकान से डेढ़ लाख की चोरी:थाने के पास हुई वारदात, पुलिस सीसीटीवी खंगाल रही
कोरबा के दर्री थाना क्षेत्र में होली के मौके पर एक मोबाइल दुकान में चोरी की बड़ी वारदात हुई है। अज्ञात चोरों ने आस्था मोबाइल पैलेस से करीब डेढ़ लाख रुपये के मोबाइल फोन, नकदी और अन्य सामान चुरा लिए। यह घटना देर रात करीब 1:30 बजे हुई, जब पूरा शहर होली के उत्सव में डूबा था। शटर उठा कर डेढ़ लाख का सामान ले गए चोर दुकान के संचालक आकाश जायसवाल ने बताया कि उन्हें रात करीब 1:30 बजे चोरी की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि दुकान का शटर किनारे से उठाया गया था और अंदर रखा सारा सामान गायब था और चोर बड़ी संख्या में मोबाइल फोन,नकदी और अन्य कीमती सामान लेकर फरार हो गए। चोरी किए गए सामान की कुल कीमत लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये आंकी गई है। उन्होंने बताया चोरों ने शटर उठाकर वारदात को अंजाम दिया। आरोपी की तलाश में पुलिस घटना की सूचना मिलते ही दर्री पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। थाने के करीब ही चोर ने दिया चोरी को अंजाम गौरतलब है कि जिस स्थान पर यह चोरी हुई है, वह दर्री थाने से बहुत कम दूरी पर स्थित है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इस इलाके में पहले भी ऐसी कई चोरी की घटनाएं हो चुकी हैं, जिससे व्यापारियों में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है।
पश्चिम चंपारण जिले के मझौलिया थाना क्षेत्र में पुलिस ने एटीएम कार्ड धोखाधड़ी के एक मामले में कार्रवाई करते हुए एक युवक को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी बेतिया पुलिस अधीक्षक डॉ. शौर्य सुमन के निर्देश पर हुई। गुप्त सूचना के आधार पर मझौलिया थाना पुलिस ने मझौलिया चीनी मिल गेट के पास छापेमारी कर जोकिटिया निवासी आरोपी को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से तीन एटीएम कार्ड और दो मोबाइल फोन बरामद हुए। बरामद मोबाइल फोन की जांच में कई संदिग्ध जानकारियां सामने आईं। व्हाट्सएप चैट में कई क्यूआर कोड और संदिग्ध लेन-देन से जुड़ी जानकारी मिली है। इससे आशंका जताई जा रही है कि आरोपी ऑनलाइन ठगी या एटीएम कार्ड से जुड़े अवैध लेन-देन के गिरोह का सदस्य हो सकता है। मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड जब्त कर लिएपुलिस ने सभी बरामद मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड जब्त कर लिए हैं। मझौलिया थाने में कांड संख्या दर्ज कर आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की विभिन्न धाराओं और आईटी एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है ताकि इस गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों का पता लगाया जा सके। संभावित पीड़ितों और अन्य संदिग्ध लेन-देन की भी गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी।
फरीदाबाद जिला नगर निगम मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित 16वीं जनगणना को लेकर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। प्रशिक्षण में जनगणना से जुड़े सभी चार्ज अधिकारियों ने भाग लिया और प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। डिजिटल और पेपरलेस होगी जनगणना नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि इस बार 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस तरीके से की जाएगी। जनगणना के दौरान आंकड़े सीधे मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे, जिससे डेटा की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके लिए भारत सरकार की ओर से सहायक निदेशक कृष्ण कुमार और जिला समन्वय अधिकारी व मुख्य प्रशिक्षक प्रशांत शर्मा ने अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया। 2 दिन का प्रशिक्षण दिया गया उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान मोबाइल ऐप, सेंसस मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से डेटा संग्रहण और उसकी निगरानी की जाएगी। इससे जनसंख्या, शिक्षा स्तर, रोजगार, आवास और अन्य सामाजिक-आर्थिक स्थितियों से जुड़े सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। ये आंकड़े सरकार को योजनाओं के निर्माण और संसाधनों के बेहतर वितरण में सहायक होंगे। घर पर लोग सही जानकारी दें नगर निगम कमीश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने नागरिकों से अपील की कि जब जनगणना कर्मचारी उनके घर जानकारी लेने आए, तो उन्हें सही और पूरी जानकारी दें, ताकि इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के आधार पर ही सरकार क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन कर जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा सकती है। प्रशिक्षण सत्र के समापन के अवसर पर निगम के क्षेत्रीय और कर अधिकारी, तहसीलदार बल्लभगढ़, तहसीलदार बड़खल तथा फरीदाबाद के तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
फरीदाबाद नगर निगम मुख्यालय के कॉन्फ्रेंस हॉल में आयोजित 16वीं जनगणना को लेकर चल रहे प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुक्रवार को समापन हो गया। इस प्रशिक्षण में जनगणना से जुड़े सभी चार्ज अधिकारियों ने भाग लिया और प्रक्रिया से संबंधित विभिन्न पहलुओं की विस्तृत जानकारी प्राप्त की। डिजिटल और पेपरलेस होगी जनगणना नगर निगम आयुक्त धीरेंद्र खड़गटा ने बताया कि इस बार 16वीं जनगणना पूरी तरह डिजिटल और पेपरलेस तरीके से की जाएगी। जनगणना के दौरान आंकड़े सीधे मोबाइल एप्लीकेशन के माध्यम से दर्ज किए जाएंगे, जिससे डेटा की सटीकता और पारदर्शिता सुनिश्चित होगी। इसके लिए भारत सरकार की ओर से सहायक निदेशक कृष्ण कुमार और जिला समन्वय अधिकारी व मुख्य प्रशिक्षक प्रशांत शर्मा ने अधिकारियों को विशेष प्रशिक्षण दिया। 2 दिन का प्रशिक्षण दिया गया उन्होंने बताया कि जनगणना के दौरान मोबाइल ऐप, सेंसस मैनेजमेंट एवं मॉनिटरिंग सिस्टम के माध्यम से डेटा संग्रहण और उसकी निगरानी की जाएगी। इससे जनसंख्या, शिक्षा स्तर, रोजगार, आवास और अन्य सामाजिक-आर्थिक स्थितियों से जुड़े सटीक आंकड़े उपलब्ध हो सकेंगे। ये आंकड़े सरकार को योजनाओं के निर्माण और संसाधनों के बेहतर वितरण में सहायक होंगे। घर पर लोग सही जानकारी दें नगर निगम कमीश्नर धीरेंद्र खड़गटा ने नागरिकों से अपील की कि जब जनगणना कर्मचारी उनके घर जानकारी लेने आएं तो उन्हें सही और पूरी जानकारी दें, ताकि इस राष्ट्रीय कार्य को सफल बनाया जा सके। उन्होंने कहा कि सही आंकड़ों के आधार पर ही सरकार क्षेत्र की वास्तविक स्थिति का आकलन कर जरूरतमंद लोगों तक योजनाओं का लाभ पहुंचा सकती है। प्रशिक्षण सत्र के समापन के अवसर पर निगम के क्षेत्रीय और कर अधिकारी, तहसीलदार बल्लभगढ़, तहसीलदार बड़खल तथा फरीदाबाद के तहसीलदार सहित अन्य संबंधित अधिकारी भी मौजूद रहे।
सुल्तानपुर में बस परिचालक से लूट:18 हजार रुपए मोबाइल लूटा, कोतवाली नगर से 100 मीटर दूर पर हुई वारदात
सुल्तानपुर में शुक्रवार सुबह बस स्टेशन के पास एक बस परिचालक से लूट की घटना सामने आई है। बदमाशों ने सुल्तानपुर डिपो के परिचालक विनोद दुबे से लगभग 18,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन और बैग छीन लिया। यह वारदात कोतवाली नगर से मात्र 100 मीटर की दूरी पर हुई। यह घटना कानपुर से सुल्तानपुर पहुंची बस संख्या UP 78 KT 2018 के परिचालक विनोद दुबे के साथ सुबह लगभग छह बजे हुई। विनोद दुबे ने बताया कि जगदीशपुर से दो यात्री उनकी बस में सवार हुए थे। इन यात्रियों ने पैसे देने के लिए बस अड्डे पर बिरयानी की दुकान का बहाना बनाया था। बस अड्डे से लगभग 100 मीटर आगे गोपालदास पुल के निकट बिरयानी की दुकान पर पहुंचने के बाद, बदमाशों ने परिचालक को अकेला पाकर उनसे रुपयों से भरा बैग छीन लिया। विरोध करने पर बदमाशों ने विनोद दुबे के साथ मारपीट की, उनके कपड़े फाड़ दिए और उनका मोबाइल भी छीन लिया। लूटे गए बैग में लगभग 18,000 रुपये नकद, मोबाइल फोन, टिकट मार्ग और ईटीएम मशीन शामिल थी। घटना के बाद, विनोद दुबे ने पैदल भागकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने बाद में उनका मोबाइल फोन बरामद कर लिया। परिचालक विनोद दुबे ने कोतवाली नगर में घटना की प्राथमिकी दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। नगर कोतवाल संदीप राय ने बताया कि मामले की जांच पड़ताल की जा रही है और जांच के आधार पर विधिक कार्यवाही की जाएगी। विनोद दुबे सुल्तानपुर डिपो में कार्यरत हैं और अयोध्या जिले के ग्राम नेचारा के निवासी हैं। स्टेशन इंचार्ज नान्हूराम सरोज ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया, हमारी गाड़ी कानपुर से सुल्तानपुर आ रही थी। जगदीशपुर से दो यात्री सुल्तानपुर के लिए बैठे थे। उन्होंने कंडक्टर को झांसे में लेकर सब्जी मंडी के अंदर ले जाकर मारपीट की और बैग छीन लिया। बैग में करीब 18 हजार रुपये, एटीएम और टिकट मशीन थी।
उमरिया में गर्मी के मौसम में पेयजल व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए लोक स्वास्थ्य यांत्रिकीय विभाग ने जिला अंतर्गत उपखंड स्तर पर कंट्रोल रूम स्थापित किया है। हालांकि, इस व्यवस्था की निगरानी के लिए नियुक्त अधिकारियों के मोबाइल नंबर बंद या अनुपलब्ध पाए गए, जिससे विभाग की तैयारियों पर सवाल उठ रहे हैं। कार्यपालन यंत्री एस एल घुर्वे ने बताया कि ग्रीष्मकाल में पेयजल संकट से निपटने और खराब हैंडपंपों की मरम्मत के लिए यह कंट्रोल रूम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य हैंडपंप संधारण और नल जल योजनाओं के संचालन व मरम्मत संबंधी शिकायतों का त्वरित निराकरण करना है। कंट्रोल रूम का मोबाइल नंबर 9893105867 जारी किया गया है, जिस पर नागरिक अपनी शिकायतें दर्ज करा सकते हैं। कंट्रोल रूम में दो पालियों में कर्मचारियों की ड्यूटी तय कंट्रोल रूम के संचालन के लिए कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक हैंडपंप टेक्नीशियन अनुरुद्ध सिंह उददे और दोपहर 2 बजे से रात 8 बजे तक स्टोर क्लर्क संजीव बर्मन तैनात रहेंगे। अवकाश के दिनों में अनुरुद्ध सिंह उददे फोन अटेंड कर शिकायतों को रजिस्टर में दर्ज करेंगे। निगरानी के लिए अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय इस पूरी व्यवस्था की निगरानी के लिए अधिकारियों की भी जिम्मेदारी तय की गई है। इनमें प्रभारी सहायक यंत्री आर.के. गुप्ता (मोबाइल नंबर 9753207802), उपयंत्री विकासखंड मानपुर-पाली हिमांशु जायसवाल (मोबाइल नंबर 8109938036) और उपयंत्री विकासखंड करकेली अजय कुमार शर्मा (मोबाइल नंबर 9131215330) शामिल हैं। जिम्मेदार अधिकारियों के मोबाइल बंद मिले लेकिन जब शुक्रवार की सुबह लगभग 9 बजे प्रभारी सहायक यंत्री आर.के. गुप्ता के मोबाइल नंबर 9753207802 पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो मोबाइल बंद मिला। इसी तरह, उपयंत्री हिमांशु जायसवाल के नंबर पर 'इनकमिंग कॉल रिसीव नहीं हो रही है' का संदेश आया, जबकि उपयंत्री अजय शर्मा ने फोन ही अटेंड नहीं किया। अधिकारियों की यह अनुपलब्धता ग्रीष्मकालीन पेयजल व्यवस्था की निगरानी की तैयारियों पर गंभीर प्रश्नचिह्न लगाती है।
यमुनानगर में हुए चर्चित राजीव हत्याकांड में पुलिस जांच लगातार आगे बढ़ रही है। इस मामले में गिरफ्तार मुख्य आरोपी अमित के पुलिस रिमांड का आज आखिरी दिन है। रिमांड के दौरान पुलिस ने वारदात से जुड़े अहम सबूत बरामद किए हैं, जिनमें हत्या में इस्तेमाल की गई रस्सी, मोबाइल फोन और ग्लू (फेविकॉल) की शीशी शामिल है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, इन बरामद सामानों को फोरेंसिक जांच के लिए भेजा जाएगा ताकि मामले में और पुख्ता साक्ष्य जुटाए जा सकें। रिमांड के दौरान किए गए अहम खुलासे जांच के दौरान आरोपी अमित ने पुलिस को बताया कि उसने अपनी प्रेमिका स्नेहा के साथ मिलकर राजीव की हत्या की साजिश रची थी। योजना के तहत स्नेहा द्वारा राजीव को घुमाने के बहाने आदिबद्री की तरफ ले जाया गया और बाद में उसे सुनसान इलाके में ले जाकर हत्या कर दी गई। पुलिस पूछताछ में सामने आया कि आरोपी ने पहले राजीव को नशीला पदार्थ दिया और जब वह बेसुध हो गया तो रस्सी से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद पहचान छिपाने और मौत सुनिश्चित करने के लिए उसके मुंह में ग्लू डालकर चुन्नी ठूंस दी गई। रेलवे ट्रैक के पास फेंका गया था शव हत्या के बाद आरोपी ने राजीव के शव को तीर्थ नगर टपरी क्षेत्र में शमशान घाट के पास रेलवे ट्रैक के नजदीक जंगल में फेंक दिया था। 1 मार्च को स्थानीय लोगों की सूचना पर पुलिस ने शव बरामद कर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा था। जांच के दौरान मृतक की पहचान शंकरपुरी कॉलोनी, छोटी लाइन जगाधरी निवासी 21 वर्षीय राजीव के रूप में हुई, जो 27 फरवरी से लापता था। मामले की जांच में पुलिस ने कॉल डिटेल, लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर राजीव की गर्लफ्रेंड स्नेहा और उसके पूर्व प्रेमी अमित को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में दोनों ने हत्या की साजिश रचने की बात कबूल कर ली। अन्य लोगों की भूमिका की जांच जारी सीआईए-2 के इंचार्ज राकेश ने बताया कि स्नेहा को पहले ही न्यायिक हिरासत में भेजा जा चुका है जबकि आरोपी अमित के रिमांड का आज अंतिम दिन है। इसके बाद उसे अदालत में पेश किया जाएगा। वहीं पुलिस इस हत्याकांड में अन्य लोगों की संभावित भूमिका की भी जांच कर रही है।
बूंदी| इंदिरा कॉलोनी निवासी ऑटो चालक नेतराम सैनी ने रेलवे स्टेशन के बाहर पर्स और कीमती मोबाइल उसके मालिक को लौटाकर ईमानदारी का परिचय दिया है। नेतराम ने बताया कि रेलवे स्टेशन के बाहर डिवाइडर के ऊपर पर्स व मोबाइल मिला था। इसके बाद सबसे पहले परिचित पुलिसकर्मियों को इसकी सूचना दी। बाद में मोबाइल मालिक हिंडौली निवासी छोटा बाई का निकला। फिर उनसे संपर्क कर दोनों चींजे वापस लौटाईं।
जयपुर दक्षिण में साइबर अभियान; 59 दिन में 30 लाख के 121 मोबाइल बरामद
साइबर अपराधों पर नियंत्रण के लिए जयपुर दक्षिण पुलिस ने विशेष अभियान चलाकर महत्वपूर्ण कार्रवाई की है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि 1 जनवरी 2026 से 28 फरवरी 2026 तक चलाए गए विशेष साइबर अभियान में वर्ष 2025 की लंबित शिकायतों के निस्तारण पर जोर दिया गया। कुल 7483 साइबर शिकायतों में से 4249 का निस्तारण किया गया, जो लगभग 57% है। जयपुर दक्षिण जिले के सभी थाना क्षेत्रों में कार्रवाई करते हुए जनवरी और फरवरी 2026 में 121 मोबाइल फोन बरामद किए गए, जिनकी कीमत करीब 30 लाख बताई गई है। बरामद मोबाइल संबंधित परिवादियों को सुपुर्द कर दिए गए हैं। वहीं ऑपरेशन वज्र प्रहार 2.0 के तहत साइबर ठगी के मामलों में बड़ी वित्तीय कार्रवाई भी की गई। इस अभियान के दौरान 1 जनवरी 2025 से 28 फरवरी 2026 तक कुल 8 करोड़ 54 लाख 66 हजार 571 रुपए की राशि साइबर अपराधियों के खातों में होल्ड करवाई गई, ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके। इसके अलावा 27 लाख 56 हजार 889 रुपए की ठगी राशि रिकवर कर पीडितों के खातों में वापस भी जमा करवाई गई। विशेष जनजागरूकता अभियान के तहत 15 स्कूल और कॉलेजों में कार्यक्रम आयोजित कर 5 हजार से अधिक लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इसके साथ ही समन्वय पोर्टल के माध्यम से देश के विभिन्न राज्यों में वांछित करीब 300 साइबर अपराधियों की पहचान कर नोटिस तामील करवाए गए, जिन्हें आगे की कार्रवाई के लिए संबंधित थानों को भेजा गया है।
शहर में दो जगह बाइक सवार बदमाश मोबाइल लूटकर फरार
कमिश्नरेट के चित्रकूट व सदर इलाके में बाइक सवार बदमाशों ने बुधवार को राहगीरों से धक्का-मुक्की कर मोबाइल लूट लिए। जानकारी के अनुसार चित्रकूट इलाके में बुधवार रात 8 बजे विद्युत नगर में बाइक सवार बदमाशों ने बुजुर्ग व्यक्ति से झपट्टा मारकर मोबाइल लूट लिया। इससे पहले सदर इलाके में डीआरएम ऑफिस के पास पैदल जा रहे व्यक्ति से मोबाइल लूट लिया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने पीड़ितों की तरफ से मिली शिकायत के आधार पर बदमाशों की तलाश के लिए घटनास्थल के आस-पास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगालने में जुटी है। दो कारों की भिड़ंत के बाद युवक को पीटा, मामला दर्ज विद्याधर नगर में दो कारों के एक्सीडेंट के बाद एक पक्ष के लोगों ने दूसरे पक्ष के युवक को पीट दिया। इस संबंध में पीड़ित मुरलीपुरा निवासी आयुष शर्मा ने बुधवार को विद्याधर नगर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। पीड़ित ने बताया कि वह मार्केट से सामान खरीदने के बाद घर लौट रहे थे। इस दौरान उत्सव गार्डन के पास कार सवार युवक-युवतियों ने पहले कार को टक्कर मारी और कहासुनी के बाद पीट दिया। पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर मामले की जांच शुरू की।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

