भीलवाड़ा के बावलास गांव में सात दिन से लापता फाइनेंसर शोभालाल जैन का शव कुएं में मिलने के मामले में जांच अब हत्या की साजिश की ओर बढ़ गई है। पुलिस की जांच में सबसे बड़ा शक उनके मुनीम रोशन गुर्जर और उसके दोस्त नारायण पर है, क्योंकि दोनों आखिरी बार फाइनेंसर के साथ देखे गए थे और वारदात के बाद से फरार हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर दोनों की तलाश में भीलवाड़ा समेत आसपास के जिलों में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की वजह और पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 19 जुलाई: मुनीम के साथ सिरियारी गए, रात के बाद मोबाइल बंदभीलवाड़ा के बागोर थाना क्षेत्र के बावलास गांव निवासी 78 वर्षीय फाइनेंसर शोभालाल जैन 19 जुलाई को अपने मुनीम रोशन गुर्जर के साथ कार से पाली के प्रसिद्ध जैन तीर्थ सिरियारी गए थे।सिरियारी गए थे। इससे पहले 16 जुलाई को भी रोशन उन्हें सांवरियाजी लेकर गया था। 19 जुलाई की रात करीब 8 बजे तक दोनों की लोकेशन बेमाली चौराहे के आसपास मिली, इसके बाद शोभालाल का मोबाइल बंद हो गया। रात करीब 9 बजे उनके भाई मदनलाल खाना लेकर घर पहुंचे तो रोशन ने कहा कि शोभालाल थोड़ी देर में आ जाएंगे, लेकिन इसके बाद दोनों नहीं लौटे। 22 जुलाई: घर नहीं लौटे तो परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराईअगले दिन भी शोभालाल घर नहीं पहुंचे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान मुनीम रोशन भी गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद 22 जुलाई को परिजनों ने बागोर थाने में शोभालाल जैन की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। 26 जुलाई: सात दिन बाद कुएं में मिला शव, हाथ-पैर बंधे थेगुमशुदगी के सात दिन बाद रविवार सुबह बावलास गांव के एक कुएं में शोभालाल जैन का शव मिला। ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एसडीआरएफ टीम और क्रेन की मदद से शव बाहर निकलवाया। शव के हाथ-पैर तारबंदी वाले पोल से बंधे हुए थे और मुंह पर भी कपड़ा बंधा था। बाद में पोस्टमॉर्टम कराया गया। जांच में मुनीम और उसके दोस्त पर शक, दोनों फरारपुलिस जांच में सामने आया कि पिछले एक साल से शोभालाल के यहां काम कर रहा मुनीम रोशन गुर्जर और उसका दोस्त नारायण इस मामले में संदिग्ध हैं। वारदात के बाद से दोनों फरार हैं। पुलिस का मानना है कि हत्या की वारदात में दोनों की भूमिका हो सकती है। आरोपियों की तलाश में कई जिलों में दबिश, जल्द खुलासे का दावाएसपी सागर राणा के निर्देशन में एएसपी राहुल जोशी और बागोर थाना प्रभारी बच्छराज के नेतृत्व में विशेष टीमें बनाई गई हैं। पुलिस ने भीलवाड़ा समेत आसपास के कई जिलों में संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन दोनों पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो चुके थे। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तलाश जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मर्डर मिस्ट्री का खुलासा किया जाएगा। --- हत्या की ये खबर भी पढ़ें… फाइनेंसर के हाथ-पैर खंभे से बांधकर कुएं में फेंका:7 दिन बाद मिला शव, पुलिस और SDRF की टीम ने क्रेन से निकाला शव भीलवाड़ा जिले में सात दिन से लापता फाइनेंसर का शव कुएं में मिला। तारबंदी वाले पोल से हाथ-पैर बांधकर कुएं में फेंका गया था। मुंह पर भी कपड़ा बंधा था। पूरी खबर पढ़िए
मौसम विभाग के इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट से मचा हड़कंप, लोग घबरा गए
भास्कर न्यूज | पोलमी सोमवार शाम करीब 6 बजे पोलमी-भेड़ागढ़ समेत आसपास के वनांचल इलाके में मौसम विभाग का आपातकालीन मोबाइल अलर्ट आया। इलाके के लगभग सभी एंड्रॉयड मोबाइल पर एक साथ तेज सायरन जैसी आवाज गूंजी। कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने पहले ऐसा अलर्ट नहीं सुना था। अचानक तेज आवाज आने पर कई लोग घबरा गए। कुछ को मोबाइल में तकनीकी खराबी का डर लगा। कुछ को विस्फोट जैसी घटना की आशंका हुई। कई लोग घबराकर मोबाइल हाथ से दूर रखने लगे। कुछ ने मोबाइल बंद करने की कोशिश की। दरअसल, यह अलर्ट मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्रणाली की ओर से जारी आपात चेतावनी संदेश था। इसका मकसद संभावित खराब मौसम, भारी बारिश, आंधी-तूफान या दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से पहले लोगों को सतर्क करना होता है। यह सरकारी इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम से अपने आप मोबाइल पर प्रसारित होता है। वनांचल के कई लोगों को इस व्यवस्था की जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसे असामान्य घटना समझ लिया। कई ग्रामीण एक-दूसरे से पूछते दिखे कि मोबाइल में इतनी तेज आवाज क्यों आई। कुछ लोगों ने चिंता भी जताई। अत्यंत गंभीर मौसम चेतावनी में कहा गया है कि अगले 3 घंटे के भीतर बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई , कोरबा, महासमुंद, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा जिलों के कुछ स्थानों पर तेज गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है।
खेल मंत्री राज्यवर्धन की पहल:प्रोत्साहन राशि के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट
प्रदेश के नेशनल, इंटरनेशनल और राज्य स्तरीय पदक विजेता खिलाड़ियों को अब प्रोत्साहन राशि के लिए राज्य खेल परिषद के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह की पहल पर पुरस्कार राशि और खेल कोटे से आउट ऑफ टर्न नियुक्ति की प्रक्रिया को डिजिटल किया जा रहा है। नई व्यवस्था में खिलाड़ियों को हर 15 दिन में मोबाइल पर मैसेज के जरिए उनकी फाइल की स्थिति की जानकारी मिलेगी। यदि किसी दस्तावेज की कमी होगी तो उसकी सूचना भी ऑनलाइन भेजी जाएगी। नई व्यवस्था में ए से डी श्रेणी के सभी खेलों के पदक विजेताओं को पुरस्कार राशि संबंधी अपडेट नियमित रूप से मिलती रहेगी। खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद प्रोत्साहन राशि के लिए भटकना नहीं पड़े, इसलिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। डीओआईटी की टीम इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने में जुटी है, जिससे प्रदेश के सभी मेडलिस्ट खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा। 186 खिलाड़ियों को नौकरी दे चुके, 300 की फाइल और भेजी है : राज्यवर्धन युवा मामले, खेल एवं उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों और खिलाड़ियों के लिए नई नीतियों पर तेजी से काम कर रही है। खेल कोटे में आउट ऑफ टर्न नियुक्तियों से लेकर पुरस्कार वितरण, कोच भर्ती, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्कूली खिलाड़ियों की पहचान और खेल सुविधाओं के विस्तार तक कई बड़े फैसले प्रक्रिया में हैं। वे दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत कर रहे थे। खेल मंत्री राठौड़ ने कहा कि पिछली सरकार ने पांच साल में 248 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां दी थीं, जबकि हमारी सरकार ढाई साल में ही 186 खिलाड़ियों को नौकरी दे चुकी है। अब 300 और राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों की नियुक्ति के लिए फाइल मुख्यमंत्री को भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही नियुक्तियां दी जाएंगी। खेल पुरस्कारों को लेकर क्या तैयारी है?29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस पर पिछले छह वर्षों से लंबित राज्य के सर्वोच्च खेल सम्मान महाराणा प्रताप अवार्ड सहित सभी श्रेणियों के खेल पुरस्कार खिलाड़ियों को दिए जाएंगे। कोच भर्ती की व्यवस्था में क्या बदलाव किए हैं?पहले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को ठेका एजेंसियों के माध्यम से संविदा पर कोच रखा जाता था। अब यह प्रक्रिया सीधे स्पोर्ट्स काउंसिल के माध्यम से होगी। नई भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। स्कूली स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने की योजना?फिजिकल फाइबर कार्यक्रम के तहत 10 से 12 वर्ष के बच्चों की लोअर बॉडी, अपर बॉडी, कद, गति और फुर्ती जैसे मापदंडों के आधार पर प्रतिभा पहचान की जाएगी। विशेष रूप से बास्केटबॉल जैसे खेलों के लिए खिलाड़ियों का चयन होगा।
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र स्थित काशी नगर में पुलिस ने सोमवार दोपहर एक संदिग्ध एडवाइजरी कंपनी पर दबिश देकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मौके से युवकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर कार्रवाई एसडीओपी अजय मिश्रा ने बताया कि काशी नगर में संदिग्ध गतिविधियों वाली एडवाइजरी कंपनी चलने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस जांच कर रही है कि कंपनी किस तरह का काम कर रही थी। मामला सामने आने के बाद एसपी प्रियंका शुक्ला के निर्देश पर एएसपी घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय मिश्रा ने घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की तकनीकी जांच के लिए साइबर पुलिस की टीम को भी शामिल किया गया है। हिरासत में 8 युवक, एक अन्य आरोपी की तलाश पुलिस ने मौके से धर्मेंद्र, गोविंद, राज, विकास, जपसिंह, कुलदीप, संदीप और आकाश को हिरासत में लिया है। वहीं जांच में सामने आए प्रवीण नाम के एक अन्य युवक की तलाश की जा रही है। दिसंबर में भी हुई थी ऐसी कार्रवाई इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को भी राज्य साइबर पुलिस उज्जैन ने लालघाटी थाना क्षेत्र के गिरवर में इसी तरह की गतिविधि पर कार्रवाई की थी, जहां से 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
14 महंगे मोबाइल के साथ चोर गिरफ्तार:अनूपपुर स्टेशन पर RPF-GRP का एक्शन, 2.75 लाख का माल बरामद
अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से कई कंपनियों के 14 चोरी के स्मार्टफोन बरामद हुए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 2 लाख 75 हजार रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई सोमवार को की गई। जीआरपी प्रभारी अनूपपुर पीएस कुलस्ते ने बताया कि वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर के निर्देश पर आरपीएफ टास्क टीम-2 के प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह अपने स्टाफ और जीआरपी चौकी प्रभारी के साथ स्टेशन परिसर में सघन चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि प्लेटफार्म नंबर-1 पर एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूम रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मोहम्मद सिद्दीक खान (24 वर्ष) बताया, जो ग्राम मडसा, तहसील व थाना जैतपुर, जिला शहडोल का निवासी है। बैग में लेकर घूम रहा था मोबाइल आरोपी के बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 14 महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। बरामद मोबाइलों का मिलान करने पर एक आईफोन-13, जिसकी कीमत 58,000 रुपए है, जीआरपी अनूपपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 110/26 धारा 305(सी) BNS से संबंधित पाया गया। इसे मामले में संलग्न कर लिया गया है। शेष 13 मोबाइलों (विवो, वनप्लस, ओप्पो, मोटो, रियलमी, इंफिनिक्स आदि) के संबंध में आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 2,17,000 रुपए आंकी गई है। जीआरपी अनूपपुर ने आरोपी के विरुद्ध धारा 317(2) BNS के तहत नया मामला दर्ज कर सभी मोबाइल जब्त कर लिए हैं। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
कोरबा के मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित डीपरापारा में लवकुश (40) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पहले इसे करंट लगने या आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान मिले अहम सुरागों के बाद पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, लवकुश साहू हमाली का काम करता था और पत्नी बिंदा साहू व बच्चों के साथ रहता था। शनिवार (25 जुलाई) शाम वह घर से बाहर निकला था। कुछ देर बाद घर के पास 11 केवी विद्युत पोल के नीचे उसका शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही मानिकपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मर्चुरी भिजवाया। अंडरगारमेंट से मिला मोबाइल और संदिग्ध पर्ची रविवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले पंचनामा कार्रवाई के दौरान पुलिस को मृतक के अंडरगारमेंट्स के नीचे से एक की-पैड मोबाइल और एक कागज का टुकड़ा मिला। पर्ची में टूटी-फूटी भाषा में कुछ लोगों के नाम लिखे थे। इसमें जान से मारने की धमकी और हत्या के प्रयास जैसी बातें दर्ज थीं। पर्ची में लुकवा नाम के साथ कुछ अन्य लोगों का भी उल्लेख मिला है। सिर पर गंभीर चोट के निशान पुलिस के मुताबिक, लवकुश के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। यही वजह है कि अब मौत को केवल करंट लगने या आत्महत्या मानकर नहीं देखा जा रहा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच कर रही है। पारिवारिक विवाद भी जांच के दायरे में पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लवकुश की दूसरी शादी बिंदा साहू से हुई थी और दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। लवकुश मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और करीब आठ साल पहले रोजगार की तलाश में कोरबा आया था। हैंडराइटिंग और मोबाइल की होगी जांच कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि बरामद मोबाइल और पर्ची को जब्त कर लिया गया है। पर्ची किसने लिखी, इसकी हैंडराइटिंग की जांच कराई जाएगी। साथ ही मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लवकुश की मौत आत्महत्या थी या फिर किसी साजिश के तहत हत्या की गई।
खैरथल-तिजारा जिला पुलिस ने साइबर ठगी गिरोह के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। इस दौरान दो बाल अपचारियों को निरुद्ध किया गया और ऑनलाइन ठगी में सक्रिय 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 13 मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। यह कार्रवाई जयपुर रेंज में साइबर ठगी के अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। दो टीमों ने दी जगह-जगह दबिश एसपी बृजेश ज्योति उपाध्याय ने बताया- किशनगढ़बास थाना प्रभारी नेहा मीणा (आरपीएस प्रोबेशनर) और खैरथल थाना प्रभारी रामकिशन यादव के नेतृत्व में टीमों ने 26 जुलाई को विभिन्न स्थानों पर दबिश दी। 13 मोबाइल फोन किए जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने साइबर ठगी में संलिप्त सलीम, सोहिल, अलीजान, शाहरुख उर्फ शारूप, सपात, सोहिल, रोबिन, नसीम उर्फ संटू और अजरूदीन को गिरफ्तार किया। इनके पास से ऑनलाइन ठगी में इस्तेमाल किए जा रहे 13 मोबाइल फोन और सिम कार्ड जब्त किए गए। मामला दर्ज कर शुरू की जांच पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ आईटी एक्ट के तहत खैरथल और किशनगढ़बास थानों में मामले दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ जारी है और इस गिरोह के अन्य सदस्यों तथा साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े महत्वपूर्ण सुराग मिलने की संभावना है। पुलिस पूरे नेटवर्क की पड़ताल में जुटी हुई है।
डीग पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर ठगी के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन में की गई। गोपालगढ़ थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान पथराली, थाना गोपालगढ़ निवासी शकील (24) और सैकुल (23) के रूप में हुई है। इन दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है। एक अन्य कार्रवाई में, गोपालगढ़ थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करते हुए फेजान (19) निवासी आरदूका और बिट्टू (19) निवासी नकटपुर को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इन आरोपियों के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिरसा जिले में डबवाली की भाटी कॉलोनी में रविवार को एक घरेलू विवाद के दौरान बेटे ने अपने माता-पिता पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया। इस हमले में दंपती घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। घायल छिंदर सिंह (45) ने बताया कि वह ई-रिक्शा चलाता हैं। उनका बेटा गगनदीप, जो स्वयं भी ई-रिक्शा चलाता है, रविवार को अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था। छिंदर सिंह और उनकी पत्नी परमजीत कौर (40) ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया और अपनी पुत्रवधू को सुरक्षित निकालने की कोशिश की। एलईडी टीवी और मोबाइल भी तोड़ा आरोप है कि इससे गुस्साए गगनदीप ने बेसबॉल बैट से अपने माता-पिता पर हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी ने घर में रखी 43 इंच की एलईडी टीवी और एक मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। घायल दंपती को जन सेवा एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। मामले में पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
औद्योगिक नगरी पानीपत के असंध रोड स्थित रिलायंस स्टोर के पास देर रात बेखौफ बदमाशों ने वारदात को अंजाम देते हुए एक सिक्योरिटी गार्ड पर जानलेवा हमला कर दिया। तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए आधा दर्जन बदमाशों ने सिक्योरिटी गार्ड का रास्ता रोककर तार लिपटे डंडों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बदमाश पीड़ित को अधमरा कर उससे करीब 6500 रुपए की नकदी लूटकर फरार हो गए। यही नहीं, साक्ष्य मिटाने और मदद न बुला पाने की नीयत से बदमाशों ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। घायल गार्ड करीब एक घंटे तक बदहवास हालत में सड़क पर पड़ा रहा। घर लौट रहा था गार्ड, बदमाशों ने घेरा जानकारी के अनुसार, पीड़ित सिक्योरिटी गार्ड मनदीप देर रात अपनी ड्यूटी और काम खत्म करने के बाद बाइक से अपने घर की ओर लौट रहा था। जैसे ही वह असंध रोड पर रिलायंस स्टोर के पास पहुँचा, तभी तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए आधा दर्जन (6) नकाबपोश/अज्ञात बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया। जब तक मनदीप कुछ समझ पाता, बदमाशों ने उस पर हमला बोल दिया। बदमाशों के हाथों में तार लिपटे हुए खतरनाक डंडे थे, जिनसे उन्होंने सीधे मनदीप के सिर पर जोरदार वार कर दिया। एक घंटे तक लहूलुहान पड़ा रहा पीड़ित सिर पर डंडा लगते ही मनदीप बाइक समेत सड़क पर नीचे गिर गया। इसके बाद सभी बदमाश उस पर टूट पड़े और उसकी टांगों तथा सिर पर ताबड़तोड़ वार करने लगे। बर्बरता से की गई मारपीट के कारण मनदीप मौके पर ही बेहोश हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मनदीप की जेब से करीब 6,500 रुपए की नकदी निकालकर फरार हो गए। जाते-जाते उन्होंने मनदीप के मोबाइल फोन को भी पत्थर या हथियार से बुरी तरह तोड़ दिया ताकि वह किसी को फोन न कर सके। गंभीर रूप से घायल मनदीप करीब एक घंटे तक सड़क किनारे खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में पड़ा रहा। राहगीर ने दिखाई इंसानियत, पहुंचाया अस्पताल घटना के करीब एक घंटे बाद वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर सड़क किनारे पड़े लहूलुहान मनदीप पर पड़ी। राहगीर ने बिना देर किए इंसानियत दिखाते हुए मनदीप को तुरंत पास के अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि असंध रोड और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बाइक सवार बदमाशों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द दबोचा जा सके।
आज की तेज-तर्रार और आधुनिक लाइफस्टाइल में लंबे समय तक कंप्यूटर, लैपटॉप और स्मार्टफोन की स्क्रीन पर चिपके रहना आम बात हो गई है। गलत पोश्चर में बैठकर घंटों काम करने, लगातार तनाव लेने और शारीरिक गतिविधि की कमी के कारण आज के समय में गर्दन का दर्द और अकड़न हर दूसरे व्यक्ति की समस्या बन चुकी है। यही वजह है कि युवाओं से लेकर कामकाजी लोगों में सर्वाइकल पेन, कंधों में जकड़न और सिरदर्द की शिकायतें तेजी से बढ़ रही हैं। अगर आप भी दिनभर स्क्रीन देखने के कारण गर्दन के दर्द से परेशान हैं, तो दवाइयों का सहारा लेने के बजाय योग को अपनाना सबसे सुरक्षित और प्राकृतिक उपाय है। नियमित रूप से कुछ खास योगासन करने से न सिर्फ मसल्स रिलैक्स होती हैं, बल्कि ब्लड सर्कुलेशन भी बेहतर होता है। आइए जानते हैं गर्दन के दर्द से हमेशा के लिए छुटकारा पाने वाले कुछ बेहद असरदार योगासन और उनके फायदों के बारे में।गर्दन की जकड़न और दर्द को दूर करने वाले असरदार योगासनगर्दन और कंधों के तनाव को चुटकियों में दूर करने के लिए आप अपनी डेली रूटीन में इन आसान योगासनों को शामिल कर सकते हैं:ग्रीवा संचलन (Neck Rotation): सीधे बैठकर अपनी गर्दन को धीरे-धीरे बाएं-दाएं और आगे-पीछे घुमाएं। यह बहुत ही आसान एक्सरसाइज है जिसे आप ऑफिस में कुर्सी पर बैठे-बैठे भी कर सकते हैं। इससे मांसपेशियों की जकड़न खुलती है और ब्लड फ्लो तेज होता है।भुजंगासन (Cobra Pose): पेट के बल लेटकर अपनी हथेलियों के सहारे छाती को ऊपर की ओर उठाएं। यह आसन आपकी गर्दन, कंधों और रीढ़ की हड्डी की मांसपेशियों को मजबूत बनाता है और सर्वाइकल के दर्द में बहुत राहत देता है।मार्जरी-बिटिलासन (Cat-Cow Pose): घुटनों के बल बैठकर अपनी रीढ़ की हड्डी को ऊपर और नीचे की तरफ मूव करें। इससे गर्दन और रीढ़ में गजब का लचीलापन आता है और दिनभर का मानसिक तनाव धीरे-धीरे कम होने लगता है।सेतु बंधासन (Bridge Pose): पीठ के बल लेटकर अपनी कमर को हवा में उठाएं और गर्दन को पूरी तरह रिलैक्स रखें। यह योगासन गर्दन के हिस्से में ब्लड सर्कुलेशन को बेहतर बनाता है और मेंटल प्रेशर को घटाता है।बालासन (Child's Pose): घुटनों के बल बैठकर अपने सिर को जमीन पर टिकाएं। यह आसन गर्दन, कंधे और पीठ की सारी थकान को दूर कर देता है और दिमाग को पूरी तरह शांत रखता है।गोमुखासन (Cow Face Pose): इस आसन के अभ्यास से कंधे और गर्दन की मसल्स में बहुत अच्छा खिंचाव (स्ट्रेच) होता है, जिससे जकड़न छूमंतर हो जाती है और शरीर का पोश्चर सुधरता है।ताड़ासन (Mountain Pose): सीधे खड़े होकर अपने दोनों हाथों को ऊपर की ओर खींचते हुए शरीर को स्ट्रेच करें। यह रीढ़ को सीधा रखता है, गर्दन पर पड़ने वाले दबाव को कम करता है और शरीर का संतुलन सुधारता है।अर्ध मत्स्येन्द्रासन (Half Lord of the Fishes Pose): रीढ़ की हड्डी को ट्विस्ट करने वाले इस आसन से गर्दन और कंधों की नसों का ब्लॉकेज दूर होता है और लचीलापन बढ़ता है।शवासन (Corpse Pose): पूरे शरीर को ढीला छोड़कर आंखें बंद कर लें और गहरी सांस लें। यह मेंटल स्ट्रेस, सिरदर्द और गर्दन की थकान को मिटाने का सबसे बेहतरीन तरीका है।प्राणायाम (Breathing Exercises): सही तरीके से गहरी सांस लेने वाले प्राणायाम करने से शरीर में ऑक्सीजन की सप्लाई बढ़ती है, नसों को शांति मिलती है और तनाव छूमंतर हो जाता है।इन बातों का भी रखें खास ख्यालअगर आप रोजाना महज 20 से 30 मिनट निकालकर इन योगासनों का अभ्यास करते हैं, तो गर्दन के दर्द और अकड़न से हमेशा के लिए छुटकारा पा सकते हैं। इसके अलावा काम के दौरान हर एक घंटे पर स्क्रीन ब्रेक लें, सही पोश्चर में बैठें, भरपूर मात्रा में पानी पिएं और बीच-बीच में हल्की स्ट्रेचिंग जरूर करें ताकि आपकी सेहत हमेशा दुरुस्त बनी रहे।
योगक्षेम रैली में जुटे श्रद्धालु, संत बोले- मोबाइल पर भी रखें नियंत्रण
जयपुर | मालवीय नगर स्थित अणुविभा केंद्र में रविवार को मुनि तत्त्व रुचि ‘तरुण’ और मुनि संभव कुमार का चातुर्मासिक प्रवेश समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने धर्म साधना के साथ-साथ मोबाइल के संयमित उपयोग का संकल्प लिया। तेरापंथी सभा के तत्वावधान में एसएल मार्ग से योगक्षेम रैली निकाली गई। धर्मसभा में मुनि तत्त्व रुचि ने कहा कि चातुर्मास ज्ञान, दर्शन, चारित्र और तप-संयम साधना का स्वर्णिम अवसर है। कार्यक्रम में ‘ॐ भिक्षु’ जप कराया गया और आचार्य भिक्षु स्वामी की जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के समापन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुनि संभव कुमार ने बताया कि योगक्षेम वर्ष की शुरुआत 1989 में आचार्य तुलसी ने की थी, जिसे वर्तमान में आचार्य महाश्रमण के सानिध्य में योगक्षेम वर्ष-2026 के रूप में मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में डॉ. नरेश मेहता, शांतिलाल गोलछा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
भारतीय डाक विभाग अपनी बैंकिंग सेवाओं को तेजी से डिजिटल बना रहा है। इसी कड़ी में विभाग ने अपनी सेवाओं को पेटीएम, फोनपे, गूगल पे और भारतपे जैसे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म से जोड़ना शुरू कर दिया है। इससे ग्राहकों को किसी भी बैंक खाते में आसानी से डिजिटल लेनदेन करने की सुविधा मिलेगी। बैलेंस चेक से लेकर फंड ट्रांसफर तक की सुविधा डाक विभाग के अनुसार, अब पोस्ट ऑफिस के बचत खाताधारक कई जरूरी बैंकिंग सेवाओं का लाभ घर बैठे इंटरनेट बैंकिंग के जरिए उठा सकेंगे। इसमें खाते का बैलेंस चेक करना, फंड ट्रांसफर करना, पोस्ट ऑफिस की विभिन्न बचत योजनाओं में निवेश करना और उनका प्रबंधन करना शामिल है। खुद कर सकेंगे अकाउंट मैनेजमेंट नई डिजिटल सुविधा के तहत ग्राहक अपने खाते से जुड़ी जानकारी को अपडेट करने, विभिन्न सेवाओं का प्रबंधन करने और अन्य जरूरी बदलाव भी स्वयं कर सकेंगे। इससे पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और समय की भी बचत होगी। वेबसाइट पर मिलेगी पूरी जानकारी डाक विभाग ने बताया कि इन डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने और विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए ग्राहक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवश्यक जानकारी हासिल कर सकते हैं।
24 ग्राम स्मैक के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार:84 हजार रुपए कीमत का मादक पदार्थ, बाइक और मोबाइल भी जब्त
आगर मालवा की सुसनेर पुलिस ने रविवार को उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे 552-जी पर लटूरी गुर्जर जोड़ के पास घेराबंदी कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 24 ग्राम अवैध स्मैक जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 84 हजार रुपए है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किया, जिनकी कीमत लगभग 1 लाख 80 हजार रुपए बताई जा रही है। टीआई अक्षय सिंह बेस ने रविवार शाम 6 बजे बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस टीम को सूचना मिली थी, जिसके बाद लटूरी गुर्जर जोड़ के पास घेराबंदी की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी स्मैक को बाजार में बेचने की नीयत से ले जा रहे थे। घेराबंदी के दौरान उन्हें पकड़ा गया और तलाशी में उनके पास से 24 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से स्मैक की सप्लाई के स्रोत और इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के आधार पर इस मामले में आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।
करौली कोतवाली थाना पुलिस ने मजदूर से लूट और किडनैप के मामले में फरार चल रहे 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने एक ट्रैक्टर ड्राइवर के साथ मिलकर मजदूर का किडनैप किया, जंगल में ले जाकर मारपीट की और उससे 51,200 रुपए और मोबाइल लूट लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेश माली निवासी ससेड़ी (हाल काली पाटौर, करौली) और सियाराम माली निवासी शिकारगंज, करौली के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि महू निवासी शिवशंकर ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिवशंकर 28 मई 2026 को बड़ौदा से मजदूरी कर करौली लौटे थे। देर रात गांव जाने के लिए वे शिकारगंज से एक मैसी ट्रैक्टर में बैठे थे। कुछ दूर चलने के बाद ड्राइवर ने ट्रैक्टर रोककर दो अन्य युवकों को बुलाया। इन युवकों ने शिवशंकर को जबरन बाइक पर बैठाया और ससेड़ी के पास जंगल में ले गए। वहां आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, मोबाइल फोन छीन लिया और पैंट की जेब में रखे मजदूरी के 50 हजार रुपए और शर्ट की जेब में रखे 1,200 रुपए लूट लिए। मारपीट कर गड्ऐ में फेंक दिया थालूटपाट के बाद आरोपियों ने शिवशंकर को मृत समझकर एक गड्ढे में फेंक दिया और फरार हो गए। होश आने पर पीड़ित किसी तरह मुख्य सड़क तक पहुंचा और अपने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद उनका उपचार कराया गया। मामला दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार दबिश के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
कौशांबी पुलिस ने चोरी का आरोपी पकड़ा:बाइक, मोबाइल और अवैध तमंचा बरामद, आरोपी जेल भेजा गया
कौशांबी पुलिस ने 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। मंझनपुर थाना पुलिस ने रविवार को इस कार्रवाई में चोरी की मोटरसाइकिल, एक रेडमी मोबाइल फोन, एक अवैध 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। पुलिस के अनुसार, 25 जुलाई 2026 को मंझनपुर थाना क्षेत्र के टेवा गांव निवासी श्रवण कुमार ने अपने घर से मोटरसाइकिल और मोबाइल चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। इस शिकायत के आधार पर मंझनपुर थाने में अज्ञात चोर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज रविवार दोपहर मंझनपुर पुलिस टीम संदिग्ध वाहनों और व्यक्तियों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान एक मोटरसाइकिल सवार को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह बाइक मोड़कर भागने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान नरवद पुत्र हीरालाल, निवासी टेवा, थाना मंझनपुर, जनपद कौशाम्बी के रूप में बताई। उसकी तलाशी लेने पर एक अवैध 315 बोर का तमंचा, एक जिंदा कारतूस, चोरी की मोटरसाइकिल और चोरी का रेडमी मोबाइल फोन बरामद हुआ। नरवद ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उसने 23/24 जुलाई की रात श्रवण कुमार के घर से मोटरसाइकिल और मोबाइल चोरी किए थे। बरामदगी और स्वीकारोक्ति के आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत भी मुकदमा दर्ज कर उसे न्यायालय के समक्ष पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
रोहतक के शीला बाइपास के पास जसबीर कॉलोनी स्थित एक पीजी एक होटल से दो आरोपियों ने 10 मोबाइल फोन पर चोरी कर लिए। पूरा मामला वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। सूचना पाकर होटल मालिक मौके पर पहुंचा और अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। होटल मालिक प्रवेश सांगवान ने बताया कि, सुबह करीब 5 बजे दो चोर जसबीर कॉलोनी स्थित पीजी में घुसे। पीजी के नीचे खड़ी बाइकों के पास पहले बात करते रहे, उसके बाद पीजी में अंदर गए, जहां कमरों में सो रहे बच्चों के मोबाइल फोन चोरी किए और पीजी से बाहर निकल गए। होटल में रिसेप्शनिस्ट का चुराया फोन प्रवेश सांगवान ने बताया कि पीजी में चोरी करने के बाद आरोपी उसके होटल में घुसे। होटल का रिसेप्शनिस्ट कमरे में सो रहा था, जिसके कमरे में घुसकर आरोपी ने मोबाइल फोन चोरी किया। इसके बाद रिसेप्शन पर भी देखभाल की और होटल से निकल गया। पीजी और होटल से कुल 10 फोन चोरी प्रवेश सांगवान ने बताया कि आरोपियों ने पीजी से स्टूडेंटों के 8 मोबाइल फोन चोरी किए, जबकि होटल से दो फोन चोरी किए हैं। मोबाइल फोन के अलावा आरोपी अन्य सामान लेकर नहीं गए। दोनों आरोपी पीजी व होटल में लगे सीसीटीवी में कैद हो गए, जिसमें वह आते और जाते दिखाई दे रहे हैं। अर्बन एस्टेट थाने में दी शिकायत प्रवेश सांगवान ने बताया कि चोरी करने वाले दो आरोपी दिखाई दे रहे है, जिनके खिलाफ अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी है। चोरी की वारदात के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को दिए गए है, ताकि आरोपियों को जल्द पकड़ा जा सके। पुलिस मामले में कर रही जांच अर्बन एस्टेट थाना इंचार्ज एसएचओ कमलजीत ने बताया कि उन्हें पीजी व होटल में मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी भी कब्जे में लिए है। पुलिस जल्द आरोपियों को काबू कर लेगी।
दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में शनिवार 25 जुलाई रात एक 20 वर्षीय बीए द्वितीय वर्ष के छात्र ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी उस समय हुई जब छात्र के पिता रात में उसके लिए खाना लेकर कमरे पर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने अंदर झांककर देखा तो बेटा फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पिता खाना लेकर पहुंचे, नहीं खुला दरवाजा पुलिस के अनुसार, पचोखरा निवासी पुष्पेंद्र पुत्र वीरेंद्र सिंह जाट इंदरगढ़ में किराए के कमरे में रहकर पीजी कॉलेज से बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात करीब 8 बजे उसके पिता वीरेंद्र सिंह रोज की तरह खाना लेकर कमरे पर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने शटर उठाकर अंदर देखा। कमरे के भीतर पुष्पेंद्र फंदे पर लटका हुआ था। यह देखकर उन्होंने तत्काल पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा सूचना मिलते ही इंदरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल फोन जब्त, हर पहलू से जांच पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल की जांच के साथ-साथ छात्र के कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं फिलहाल छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर रही है। यदि कोई सुसाइड नोट या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलते हैं, तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच इंदरगढ़ थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है।
देवरिया। मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से 2.55 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर खुखुंदू थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खुखुंदू थाना क्षेत्र के बरवा उपाध्याय गांव निवासी राकेश साहनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब दो महीने पहले एक परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी। आरोप है कि उसने मर्चेंट नेवी के जहाज पर नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 2.55 लाख रुपये की मांग की। राकेश के अनुसार, नौकरी मिलने की उम्मीद में उसने आरोपित के बताए बैंक खाते में कई किश्तों में कुल 2.55 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये मिलने के बाद आरोपित ने न तो नौकरी दिलाई और न ही नियुक्ति से जुड़ा कोई दस्तावेज उपलब्ध कराया। जब पीड़ित ने कई बार फोन कर जानकारी लेनी चाही तो आरोपित पहले टालमटोल करता रहा, बाद में उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। इसके बाद राकेश को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। पीड़ित ने बताया कि जिस व्यक्ति के माध्यम से उसकी पहचान आरोपित से हुई थी, अब उससे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। प्रभारी थानाध्यक्ष जेपी सिंह यादव ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
महोबा के कबरई थाना क्षेत्र में कानपुर-सागर हाईवे पर बरबई गांव के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में बांदा निवासी 24 वर्षीय सुभाष यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बुलेट सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह दुर्घटना शनिवार रात हुई जब दो तेज रफ्तार बाइकें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों मोटरसाइकिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलने पर कबरई थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस से कबरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। 5 तस्वीरें देखिए- अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद 24 वर्षीय युवक सुभाष यादव को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बांदा जिले के सुहाना गांव निवासी चंद्रभान यादव के पुत्र सुभाष यादव के रूप में हुई। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन और पहचान दस्तावेजों के जरिए शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। दूसरी बुलेट बाइक पर सवार कबरई कस्बे के किदवई नगर निवासी सत्येंद्र और उसका साथी अवध भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि सत्येंद्र अपने साथी के साथ एक जन्मदिन पार्टी में शामिल होने जा रहा था, तभी सामने से आ रही बाइक से उनकी सीधी टक्कर हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
प्रतापगढ़ पुलिस ने एक चौंकाने वाले मामले का खुलासा किया है। एक युवक ने 12 लाख रुपये के बैंक लोन और इंश्योरेंस क्लेम से बचने के लिए अपनी फर्जी आत्महत्या की साजिश रची। उसने गंगा पुल पर अपनी स्कूटी, चप्पल और मोबाइल छोड़कर खुद के लापता होने का नाटक किया था। पुलिस ने उसे फरीदाबाद से गिरफ्तार किया है। एएसपी संजय राय ने शनिवार रात 9 बजे करीब प्रेस कॉन्फ्रेंस करते हुए खुलासा किया यह मामला 20 जुलाई की रात मानिकपुर थाना क्षेत्र के करेंटी गंगा पुल पर शुरू हुआ। यहां एक लावारिस स्कूटी मिली। स्कूटी के पास एक जोड़ी चप्पल और बिना सिम व बैटरी का मोबाइल भी बरामद हुआ। इससे गंगा में कूदकर आत्महत्या करने की आशंका जताई गई, जिसके बाद पुलिस ने गोताखोरों, नाविकों और एनडीआरएफ की टीमों की मदद से तलाश अभियान चलाया। जांच में पता चला कि स्कूटी कौशांबी जिले के कोखराज थाना क्षेत्र के चकवान चौराहा निवासी मोहम्मद नदीम की थी। वह इलेक्ट्रॉनिक कारोबार करता है। शुरुआत में उसकी पत्नी नाजिया ने भी पति के गंगा में कूदने की बात कही थी। हालांकि, पुलिस की गहन पूछताछ में नाजिया ने पूरी सच्चाई बताई। उसने खुलासा किया कि नदीम ने अपने कारोबार के लिए बैंक से 12 लाख रुपये का लोन लिया था, जिसे वह चुकाने में असमर्थ था। इसी कर्ज से बचने और इंश्योरेंस क्लेम हासिल करने के लिए उसने यह फर्जी आत्महत्या की साजिश रची थी। पुलिस को जांच के दौरान यह भी पता चला कि घटना वाले दिन नदीम के साथ विजय पटेल नामक व्यक्ति भी मौजूद था। विजय पटेल ने पूछताछ में बताया कि उसने नदीम को प्रयागराज से लखनऊ जाने वाली बस में बैठाया था। इसके बाद, पुलिस ने सर्विलांस की मदद से नदीम की लोकेशन फरीदाबाद में ट्रेस की और मानिकपुर पुलिस टीम ने उसे वहां से बरामद कर लिया।
लखनऊ के बीबीडी थानाक्षेत्र स्थित शक्ति अपार्टमेंट में रहने वाले युवक ने नौ लोगों पर फ्लैट में घुसकर पिस्टल के बल पर दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने, बेल्ट से मारपीट करने और मोबाइल फोन और सोने की चेन लूटने का आरोप लगाया है। पीड़ित की तहरीर पर बीबीडी पुलिस ने नामजद समेत नौ आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शक्ति अपार्टमेंट निवासी प्रिंस यादव ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि 20 जुलाई की रात करीब 2:15 बजे वह अपने फ्लैट में थे। तभी मृदुल राय, राकेश गुप्ता, आदित्य पांडेय, विवेक, गुलशन और चार अन्य लोग जबरन फ्लैट में घुस आए। आरोप है कि आरोपियों ने उनके सिर पर पिस्टल सटा दी और दो लाख रुपये की रंगदारी मांगने लगे। विरोध करने पर बेल्ट से जमकर पीटा। घसीटते हुए अपार्टमेंट के बाहर ले गए प्रिंस का आरोप है कि शोर मचाने पर आरोपी उनका मोबाइल फोन और सोने की चेन लूट ले गए। इसके बाद उन्हें घसीटते हुए अपार्टमेंट के बाहर ले गए और पिस्टल दिखाकर सड़क पर दौड़ने के लिए मजबूर किया। रुकने पर गोली मारने की धमकी भी दी। किसी तरह आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद दहशत में आए प्रिंस ने बीबीडी थाने में शिकायत दर्ज कराई। इंस्पेक्टर राम सिंह ने बताया कि तहरीर के आधार पर एफआईआर दर्ज कर ली गई है। मामले की जांच की जा रही है। घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है।
अररिया पुलिस ने मोबाइल फोन बरामदगी मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने दो और आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनके पास से 2050 मोबाइल फोन और 6.97 लाख रुपये नकद बरामद किए गए हैं। इस कार्रवाई के साथ, अब तक कुल 3487 मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं और गिरफ्तार आरोपियों की संख्या बढ़कर सात हो गई है। अररिया पुलिस अधीक्षक जितेंद्र कुमार ने प्रेसवार्ता में बताया कि यह मामला 9 जून को सामने आया था। उस दिन अररिया शहर के जीरो माइल के पास एक लावारिस ट्रक से बड़ी संख्या में मोबाइल फोन गायब होने की सूचना मिली थी। इस संबंध में नगर थाना में कांड संख्या-314/26 दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। शुरुआती जांच में ट्रक चालक और खलासी को आरोपी बनाया गया था। एसपी ने बताया कि पहले ही देश के विभिन्न राज्यों से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका था और उनके कब्जे से 1437 मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। आगे की कार्रवाई में पुलिस ने उत्तर प्रदेश के मथुरा निवासी अनीश (पिता- इसराईल) और ट्रक के सह-चालक तमिल (पिता- हबीब) को गिरफ्तार किया है। इन दोनों आरोपियों के पास से 2050 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। 10 करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन बरामद पुलिस के अनुसार, इस पूरे मामले में अब तक लगभग 10 करोड़ रुपये मूल्य के मोबाइल फोन बरामद किए जा चुके हैं। कार्रवाई के दौरान पांच चारपहिया वाहन भी जब्त किए गए हैं, जिसमें घटना को अंजाम देने में इस्तेमाल किया गया वाहन भी शामिल है। एसपी जितेंद्र कुमार ने नगर थाना पुलिस की कार्रवाई की सराहना की।
बठिंडा में स्थानीय माल गोदाम परिसर में कूड़े के ढेर के पीछे एक अज्ञात व्यक्ति का शव मिलने से सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही 'सहारा जन सेवा' की लाइफ सेविंग ब्रिगेड हेल्पलाइन टीम से संदीप गिल और टेकचंद तुरंत मौके पर पहुंचे। सहारा टीम ने स्थिति का जायजा लेते हुए तत्काल इसकी सूचना जीआरपी (GRP) पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस अधिकारी घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस की प्रारंभिक जांच के दौरान मृतक के पास से ऐसा कोई दस्तावेज, पहचान पत्र या सामान नहीं मिला जिससे उसकी शिनाख्त की जा सके। मृतक के पास से सिर्फ एक मोबाइल चार्जर बरामद हुआ है। व्यक्ति ने पैंट और शर्ट पहन रखी थी। सूत्रों के अनुसार, मृतक अक्सर माल गोदाम क्षेत्र में लगने वाले लंगर में खाना खाने आता था और हुलिए से वह एक दिहाड़ी मजदूर प्रतीत हो रहा है। शव सिविल अस्पताल की मोर्चरी में सुरक्षित, इश्तहार जारी जीआरपी ने शव को स्थानीय सिविल अस्पताल के मोर्चरी घर (शवगृह) में सुरक्षित रखवा दिया गया है। जीआरपी के हेड कांस्टेबल अमनदीप सिंह ने बताया कि पुलिस ने घटनास्थल का मुआयना किया है। मृतक की शिनाख्त के लिए 72 घंटे का समय दिया गया है और आसपास के इलाकों में उसकी पहचान के लिए इश्तहार व पोस्टर जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि जैसे ही मृतक की पहचान होती है, पुलिस द्वारा परिजनों से संपर्क कर आगे की कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
हरदोई में ई-रिक्शा सवार से लूट का खुलासा:तीन आरोपी गिरफ्तार, लूटा मोबाइल और बाइक बरामद
हरदोई की कोतवाली देहात पुलिस ने ई-रिक्शा सवार से हुई लूट का खुलासा 25 जुलाई शनिवार शाम 5 बजे कर दिया है। इस मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके पास से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की गई है। पुलिस के अनुसार, बवन चुंगी निवासी वीरेंद्र सिंह ने 24 जुलाई को कोतवाली देहात में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 22 जुलाई को ई-रिक्शा से जाते समय चौपाल सागर के पास मोटरसाइकिल सवार तीन युवकों ने उनका मोबाइल फोन छीन लिया था। शिकायत के आधार पर कोतवाली देहात थाने में मुकदमा दर्ज किया गया। विवेचना के दौरान पुलिस ने इसमें धारा 3(5) और 317(2) बीएनएस की बढ़ाई थी। मामले के खुलासे के लिए एक पुलिस टीम का गठन किया गया था। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। इनकी पहचान अटवा असिगांव, थाना कोतवाली देहात निवासी राजा (पुत्र स्व. राघवेंद्र सिंह), आकाश (पुत्र धर्मपाल) और कृष्णा शंकर (पुत्र राजाराम) के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया जा रहा है। घटना से जुड़े अन्य पहलुओं की भी जांच जारी है। इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली पुलिस टीम में उपनिरीक्षक पवन प्रताप सिंह, उपनिरीक्षक पंकज कुमार, कांस्टेबल मनोज सिंह, गोविंद कुमार, सुरजीत सिंह, रिक्रूट कांस्टेबल सत्यम यादव, उमेश कुमार और ब्रजेंद्र सिंह शामिल थे। पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को मोबाइल लूट की घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। पुलिस ने आम जनता से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि या अपराध की सूचना तत्काल पुलिस को दें, ताकि अपराधियों पर समय रहते कार्रवाई की जा सके।
हॉस्पिटल से 45 हजार का मोबाइल चुराया:समस्तीपुर में बदमाश के लोगों ने बांधे हाथ, शहर में घुमाया
समस्तीपुर शहर के मोहनपुर रोड स्थित एक निजी हॉस्पिटल से एक बदमाश ने 45 हजार रुपए मूल्य के मोबाइल की चोरी कर ली। इसके बाद उस मोबाइल को शहर के मालगोदाम चौर स्थित एक दारू भठ्ठी वालों से 300 रुपए में बेच डाला। मोबाइल हॉस्पिटल के कर्मी अनिल कुमार दरभंगा दोनार का रहने वाला है। समस्तीपुर में लंबे समय से काम कर रहा है। बाद में अनिल ने सीसीटीवी फुटेज के आधार पर रेलवे स्टेशन से चोर को पकड़ लिया। चोर की पहचान मधुबनी के मधेपुर के मुकेश मंडल के रूप में की गई है। चोर को पकड़ने के बाद लोगों ने उसका हाथ बांध डाला। मोबाइल बरामदगी के लिए शहर में घुमाया। हालांकि, इस दौरान मालगोदाम चौक के पास छात्रों के आंदोलन को लेकर तैनात पुलिस के जवानों ने युवक को मुक्त कराकर पुलिस को सूचना दी। मोबाइल चोरी कर दारू पीने का मामला चर्चा का विषय बना हुआ है। दरभंगा दोनार के रहने वाले अनिल कुमार ने बताया कि वह शहर के मोहनपुर रोड में एक निजी विद्यालय में काम करता है। सुबह वह सो रहा था। इसी दौरान एक युवक उनके मोबाइल के करीब अपनी भी मोबाइल चार्ज में लगा दिया। उन्हें जब नींद लगी तो युवक उनका मोबाइल लेकर फरार हो गया। दारू भठ्ठी में महज 300 रुपए में बेचने की कबूली बात घटना सुबह करीब 7 बजे के आसपास की है। आरोपी युवक की माने तो वह हॉस्पिटल में लगी सीसीटीवी कैमरे के आधार पर बस स्टैंड, रेलवे स्टेशन पर तलाशी के दौरान युवक को पकड़ा गया। पूछताछ में आरोपी युवक ने बताया कि चोरी किए गए मोबाइल उसने मालगोदाम चौक स्थित एक दारू भठ्ठी में महज 300 रुपए में बेच कर दारू पी गया है। जिसके बाद युवकों ने उसके हाथ पीछे कर बांध दिया। हालांकि इसी दौरान नगर पुलिस ने युवकों को देख कर रोका। बंधक बने युवक को मुक्त कराया। डायल 112 को सूचना दी । डायल 112 की टीम उसे रेल थाना ले गई। जिसके बाद उसे दारू भठ्ठी भी ले गई। नगर थानाध्यक्ष सह इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने कहा कि गश्ति दल ने युवक को मुक्त कराया है। युवक ने बताया है कि है मोबाइल चोरी के बाद उसे महज 300 रुपए में बेच कर दारू पी गया है। मोबाइल बरामदगी के लिए प्रयास किया जा रहा है।
भोपाल में चल रहे नशे से दूरी है जरूरी अभियान के तहत क्राइम ब्रांच ने बड़ी कार्रवाई करते हुए सीहोर के दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी भोपाल में ग्राहक को गांजा सप्लाई करने पहुंचे थे, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उन्हें धर दबोचा। आरोपियों के कब्जे से 2 किलो 382 ग्राम गांजा बरामद हुआ है, जिसकी कीमत करीब 50 हजार रुपए बताई गई है। क्राइम ब्रांच को 23 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरिफ नगर स्थित निर्माणाधीन बैरसिया बस स्टैंड के पास दो युवक बैग में गांजा लेकर ग्राहक का इंतजार कर रहे हैं। सूचना के आधार पर पुलिस ने स्वतंत्र गवाहों के साथ मौके पर पहुंचकर घेराबंदी की और दोनों आरोपियों को पकड़ लिया। मजदूरी का काम करते हैं दोनों आरोपी पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान आनंद सिलोरिया (26) निवासी ग्राम सिराली श्यामपुर, थाना दौराहा, जिला सीहोर और राकेश जांगड़े (28) निवासी ग्राम बरखेड़ी, थाना कोतवाली, जिला सीहोर के रूप में बताई। दोनों मजदूरी का काम करते हैं। तलाशी के दौरान दोनों के बैग से सफेद पन्नियों में रखा 2.382 किलो गांजा बरामद किया गया। राकेश के पास से एक एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किया गया है, जिसकी जांच के जरिए गांजा सप्लाई नेटवर्क और अन्य तस्करों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत केस दर्ज प्रारंभिक पूछताछ में पुलिस को गांजे की खरीद, परिवहन और सप्लाई से जुड़े अहम सुराग मिले हैं। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि आरोपी गांजा कहां से लाए थे और भोपाल में किसे सप्लाई करने वाले थे। क्राइम ब्रांच ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर इस नेटवर्क से जुड़े अन्य तस्करों के खिलाफ भी जल्द कार्रवाई की जाएगी।
नूंह जिले से पलवल के खिल्लुका गांव रिश्तेदारी में आ रहे तीन युवकों को रास्ते में रोककर मारपीट की गई और उनके मोबाइल फोन व बाइक लूट ली गई। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें बंधक बनाकर फिरौती की मांग की। फिरौती की रकम न मिलने पर तीनों युवकों को जंगल में छोड़कर बदमाश फरार हो गए। बहीन थाना पुलिस ने इस संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बहीन थाना प्रभारी नरेंद्र कुमार के अनुसार, नूंह जिले के नवाबगढ़ गांव निवासी अरबाज ने पुलिस को शिकायत दी है। अरबाज ने बताया कि वह अपने साथी रोहित और समीर के साथ बाइक पर खिल्लुका गांव में अपनी रिश्तेदारी में जा रहा था। रास्ते में सामान खरीदने के लिए रुके थे युवक रास्ते में कोट गांव के पास एक होटल पर कुछ सामान खरीदने के लिए वे रुके। वहां पहले से मौजूद पांच युवकों ने उनसे पूछताछ शुरू कर दी। अरबाज ने गौर किया कि वे युवक आपस में एक-दूसरे को अब्बास नाम से बुला रहे थे। होटल से रवाना होने के बाद जब तीनों युवक मीठाका गांव के पास पहुंचे, तो वही पांचों आरोपी दो बाइकों पर सवार होकर पीछे से आए। उन्होंने पीड़ितों की बाइक के आगे अपनी बाइक अड़ा दीं और उन्हें रोक लिया। रुकते ही बदमाशों ने जान से मारने की धमकी देते हुए तीनों युवकों के साथ मारपीट शुरू कर दी और अरबाज का आईफोन सहित तीन मोबाइल फोन और उनकी बाइक लूट ली। बंधक बनाकर जंगल में ले गए, दुबारा की मारपीट लूटपाट के बाद भी बदमाशों का मन नहीं भरा। वे तीनों युवकों को बंधक बनाकर कोट-मीठाका गांव के जंगलों में ले गए। वहां उन्होंने दोबारा मारपीट की और युवकों पर अपने परिजनों से पैसे मंगवाने का दबाव बनाया। जब पीड़ितों ने बताया कि उनके पास पैसे नहीं हैं, तो बदमाश उन्हें जंगल में ही छोड़कर मौके से फरार हो गए। वारदात के बाद तीनों पीड़ित किसी तरह पैदल चलते हुए पास के उटावड़ गांव पहुंचे। सुबह उन्होंने एक राहगीर से फोन मांगकर अपने परिजनों को घटना की जानकारी दी।
जशपुर जिले के बगीचा थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान से लाखों रुपये के मोबाइल फोन चोरी होने के मामले का पुलिस ने कुछ ही समय में खुलासा कर दिया। सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी साक्ष्य और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने एक बालिग समेत चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें तीन नाबालिग बालक शामिल हैं। पुलिस ने उनके कब्जे से करीब 10 लाख रुपये कीमत के 47 मोबाइल फोन, चोरी की नकदी और वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल बरामद की है। मामले में एक अन्य आरोपी की तलाश जारी है। ताला तोड़कर 93 मोबाइल फोन किए थे चोरी पुलिस के अनुसार, 21 जुलाई की रात 9 बजे से 22 जुलाई की सुबह 7 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने बगीचा बस स्टैंड प्रतीक्षालय के पीछे स्थित कैपिटल मोबाइल शॉप का ताला तोड़ दिया। दुकान से 93 नए और पुराने मोबाइल फोन चोरी कर लिए गए, जिनकी अनुमानित कीमत 18 लाख 75 हजार रुपये बताई गई। शिकायत के बाद दर्ज हुआ मामला दुकान संचालक जैद अली (28) की शिकायत पर थाना बगीचा में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 331(4), 305(ए) और 3(5) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी और तकनीकी साक्ष्यों से आरोपियों तक पहुंची पुलिस घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद अभिषेक प्रजापति (19) और तीन विधि से संघर्षरत बालकों को हिरासत में लिया गया। 47 मोबाइल और बाइक बरामद पूछताछ के बाद आरोपियों की निशानदेही पर करीब 10 लाख रुपये कीमत के 47 मोबाइल फोन, 600 रुपये नकद और वारदात में इस्तेमाल की गई बिना नंबर की यामाहा एमटी मोटरसाइकिल (करीब 60 हजार रुपये कीमत) बरामद कर जब्त की गई। एक आरोपी फरार, बाकी को भेजा गया जेल पुलिस ने बालिग आरोपी को न्यायालय में पेश कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया, जबकि तीनों विधि से संघर्षरत बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश कर बाल संप्रेषण गृह भेजा गया। मामले में एक अन्य आरोपी की पहचान हो चुकी है और उसकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। साथ ही चोरी के बाकी मोबाइल फोन बरामद करने के प्रयास भी जारी हैं। एसएसपी बोले- जल्द गिरफ्तार होगा फरार आरोपी एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने बताया कि बगीचा थाना क्षेत्र में हुई बड़ी चोरी का पुलिस ने बेहद पेशेवर तरीके से खुलासा करते हुए कुछ ही घंटों में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्होंने कहा कि फरार आरोपी की तलाश जारी है और उसे भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा। साथ ही चोरी के शेष मोबाइल फोन बरामद करने की कार्रवाई लगातार जारी है।
SDM पर डिलीवरीबॉय को जेल में बंद करान का आरोप:120 रुपए के मोबाइल कवर को लेकर हुआ विवाद- VIDEO
पन्ना जिले के शाहनगर में पदस्थ एसडीएम रामनिवास चौधरी पर एक डिलीवरी बॉय पर केस दर्ज करा जेल में बंद कराने का आरोप लगा है। मामला फ्लिपकार्ट से मंगाए गए 120 रुपए के मोबाइल कवर की डिलीवरी का है। पूरी घटनाक्रम को लेकर डिलीबरी बॉय का वीडियो सामने आया है। जानकारी के अनुसार, एसडीएम रामनिवास चौधरी ने फ्लिपकार्ट से 120 रुपए के दो मोबाइल कवर ऑर्डर किए थे। 22 जुलाई को जब डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा डिलीवरी देने पहुंचा, तो पार्सल में केवल एक ही कवर निकला। डिलीवरी बॉय ने इसे लॉजिस्टिक या तकनीकी त्रुटि बताते हुए नियमानुसार ऑर्डर वापस करने की बात कही। पीड़ित ने लगाए आरोप पीड़ित विजय कुशवाहा का आरोप है कि इस बात पर एसडीएम भड़क गए और उन्होंने कथित तौर पर गाली-गलौज की। इसके बाद उन्होंने तत्काल शाहनगर पुलिस को बुला लिया। पुलिस मौके पर पहुंची और विजय कुशवाहा को हिरासत में ले लिया। पुलिस ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNS) की धारा 170 के तहत मामला दर्ज कर उसे पवई उपजेल भेज दिया। सोशल मीडिया पर किया वीडियो पोस्ट घटना के बाद 24 जुलाई को जेल से बाहर आने पर डिलीवरी बॉय विजय कुशवाहा ने एक वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर साझा किया। यह वीडियो तेजी से वायरल हो गया, जिसके बाद आम जनता और सोशल मीडिया यूजर्स में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। लोग अधिकारी द्वारा पद के दुरुपयोग को लेकर सवाल उठा रहे हैं। शासकीय कार्य में बाधा डालने का आरोप इस मामले पर शाहनगर थाना प्रभारी परशुराम डावर ने बताया कि एसडीएम कार्यालय से सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। उन्होंने कहा कि एसडीएम की ओर से डिलीवरी बॉय पर शासकीय कार्य में बाधा डालने और अभद्रता करने का आरोप लगाया गया था, जिसके आधार पर वैधानिक कार्रवाई की गई। वहीं, 25 जुलाई, शनिवार को पन्ना पुलिस अधीक्षक निवेदिता नायडू ने बताया कि यह मामला उनके संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जाएगी।
शहर के विश्वविद्यालय थाना क्षेत्र में एक कॉलेज छात्रा के साथ नौकरी का झांसा देकर दुष्कर्म (रेप) करने और फिर ब्लैकमेल कर रुपए ऐंठने की सनसनीखेज वारदात सामने आई है। आरोपी ने छात्रा को होटल में ले जाकर हैवानियत की और उसके अश्लील फोटो-वीडियो बना लिए। इसके बाद बदनामी का डर दिखाकर छात्रा और उसकी बहन से नकद, ऑनलाइन ट्रांजैक्शन के जरिए 1.31 लाख रुपए और मंगलसूत्र तक छीन लिया। घटना 4 जून को अल्कापुरी में होटल हैवन इन की है। तभी से लेकर अभी तक आरोपी छात्रा को ब्लैकमेल कर रहा था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मामला दर्ज कर लिया है। ओएलएक्स पर हुई थी पहचान, नौकरी का दिया झांसा मूल रूप से भिंड की रहने वाली 21 वर्षीय पीड़िता ग्वालियर में रहकर बीएससी (B.Sc.) की पढ़ाई कर रही है। मई माह में ओएलएक्स (OLX) एप के जरिए उसकी पहचान दतिया जिले के कोटरा (गोराघाट) निवासी विवेक उर्फ सोनू रावत से हुई थी। बातचीत के दौरान विवेक ने छात्रा को ग्वालियर में एक अच्छी नौकरी दिलवाने का झांसा दिया, जिस पर छात्रा भरोसा कर बैठी। 4 जून को विवेक ने जॉब के संबंध में बात करने के बहाने छात्रा को चंद्रवदनी नाका बुलाया। वहां से वह छात्रा को अलकापुरी स्थित 'होटल हेवन इन' ले गया। होटल के कमरे में आरोपी ने छात्रा के साथ जबरन दुष्कर्म की वारदात को अंजाम दिया और इस दौरान मोबाइल से अश्लील तस्वीरें व वीडियो बना लिए। धमकी देकर अगले दिन फिर बुलाया, अश्लील फोटो वायरल करने की दी धमकी विरोध करने पर आरोपी विवेक ने अश्लील फोटो परिजनों को भेजने और जान से मारने की धमकी दी। डर के मारे छात्रा चुप रही, तो आरोपी का दुस्साहस और बढ़ गया। 5 जून को उसने फिर वही फोटो वायरल करने की धमकी देकर छात्रा को दोबारा उसी होटल में बुलाया और फिर गलत काम किया। इसके बाद आरोपी ब्लैकमेलिंग पर उतर आया। घबराई पीड़िता ने पूरी आपबीती अपनी बहन को बताई। बहन ने आरोपी विवेक को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वह उन्हें भी धमकाने लगा। आखिरकार बदनामी के खौफ में आकर दोनों बहनों ने 6 जून से 18 जून के बीच आरोपी के खातों में अलग-अलग किस्तों में कुल 1 लाख 31 हजार रुपए ऑनलाइन ट्रांसफर कर दिए। कॉलेज फीस के ₹50 हजार और बहन का मंगलसूत्र भी छीना आरोपी की दरिंदगी और लालच यहीं खत्म नहीं हुआ। जब छात्रा को परिवार से कॉलेज की फीस भरने के लिए ₹50,000 मिले, तो आरोपी ने धमकाकर वे पैसे भी छीन लिए। इसके बाद आरोपी ने पीड़िता की बहन को बुलाया और उसका सोने का मंगलसूत्र तथा मोबाइल फोन भी छीन लिया। इसके बावजूद वह लगातार और पैसों की मांग करते हुए दोनों बहनों को मानसिक रूप से प्रताड़ित कर रहा था। परेशान होकर पहुंचीं थाने, आरोपी गिरफ्तार आरोपी की धमकियों और आर्थिक शोषण से तंग आकर पीड़िता अपनी बहन के साथ विश्वविद्यालय थाने पहुंची और आपबीती सुनाकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग, लूट और धमकी देने की गंभीर धाराओं में अपराध दर्ज किया। विश्वविद्यालय थाना टीआई रवीन्द्र कुमार का कहना कि पीड़िता की शिकायत पर आरोपी विवेक रावत के खिलाफ दुष्कर्म, ब्लैकमेलिंग और जबरन वसूली का मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी को गिरफतार कर लिया गया है। छीना गया सामान व रकम बरामद करने के प्रयास जारी हैं।
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में बंद हवालातियों के पास से मोबाइल फोन और प्रतिबंधित सामान मिलने का सिलसिला जारी है। जेल प्रशासन ने एक बार फिर सर्च अभियान के दौरान पांच मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इस मामले में पुलिस को शिकायत भेजकर चार हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कराया गया है। जेल के सहायक अधीक्षक जसवंत सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि जेल अधीक्षक के निर्देशों पर समय-समय पर बैरकों और जेल परिसर में तलाशी अभियान चलाए जाते हैं। इसी कड़ी में शुक्रवार रात विभिन्न बैरकों की जांच के दौरान हवालाती फाजिल्का निवासी रिंकू उर्फ काली, कोटकपूरा निवासी धर्मेंद्र सिंह, अमृतसर निवासी आकाशदीप सिंह और फाजिल्का निवासी कंवल सिंह के कब्जे से पांच मोबाइल फोन बरामद किए गए। शिकायत के आधार पर थाना सिटी फरीदकोट पुलिस ने चारों हवालातियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। नामजद हवालातियों से पूछताछ की जाएगी-जांच अधिकारी इस मामले में जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के इंचार्ज एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि नामजद हवालातियों को प्रोडक्शन वारंट पर लाकर पूछताछ की जाएगी। जांच के दौरान यह पता लगाया जाएगा कि जेल के अंदर मोबाइल फोन किस माध्यम से पहुंचे। उन्होंने बताया कि यदि जांच में किसी जेल अधिकारी या कर्मचारी की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कार्रवाई करते हुए उसे मामले में नामजद कर गिरफ्तार किया जाएगा।
अजमेर जिले के एक सरकारी स्कूल के PTI और सीनियर टीचर को छात्राओं से बैड टच और अश्लील चैट करने के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया। पुलिस बच्चों को 'गुड टच और बैड टच' के बारे में जानकारी दी तो छात्राओं ने अपने घर जाकर टीचर की हरकत के बारे में बताया। परिजनों की शिकायत पर दोनों टीचर को पहले स्कूल से हटाया गया। इसके बाद सस्पेंड कर दिया गया। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड जब्त किए हैं। प्रिंसिपल ने देखा आरोपी शिक्षक का मोबाइल, मिली अश्लील चैट छात्राओं ने घर जाकर पीटीआई और सीनियर टीचर की हरकतों के बारे में बताया। इसके बाद परिजनों ने स्कूल आकर प्रधानाचार्य से कहा- शिक्षक बच्चियों को अश्लील संदेश भेज रहे हैं। इसके अलावा बैड टच करते हैं। धमकी देते है कि घर पर बताया तो फेल कर देंगे। शिकायत के बाद प्रधानाचार्य ने आरोपी शिक्षक का मोबाइल फोन चेक किया तो अश्लील चैट और कॉल रिकॉर्ड मिले। इस दौरान परिजनों और स्कूल स्टाफ के बीच कुछ कहासुनी भी हुई। शिक्षा विभाग ने दोनों शिक्षकों को किया सस्पेंड शिक्षा विभाग ने दोनों आरोपी शिक्षकों को तत्काल प्रभाव से सस्पेंड कर अजमेर स्थित संयुक्त निदेशक कार्यालय से संबद्ध कर दिया है। मामले की जांच के लिए विभागीय कमेटी का गठन किया गया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल फोन और चैट रिकॉर्ड जब्त कर लिए हैं। (इनपुट सहयोग: प्रदीप चौधरी, कालेसरा)
सोनीपत जिले के कुंडली थाना क्षेत्र के गांव में संपत्ति विवाद ने हिंसक रूप ले लिया। एक ही परिवार के बीच चल रहे जमीन के विवाद में दुकान में घुसकर मारपीट, जान से मारने की कोशिश, रास्ता रोकने, मोबाइल फोन तोड़ने और सोने की चेन छीनने जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। शिकायतकर्ता नोराज ने अपने भाई के परिवार के चार लोगों के खिलाफ पुलिस को शिकायत दी थी। मामले की जांच के बाद कुंडली थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज भी जांच का हिस्सा बनाया है। नई डिस्पेंसरी के सामने बनी दुकानों से शुरू हुआ विवाद गांव पबसरा के रहने वाले नोराज ने बताया कि नई डिस्पेंसरी के सामने बनी दुकानों में उसका भतीजा प्रवीन मेडिकल स्टोर चलाता है। नोराज का आरोप है कि प्रवीन उसकी दुकान की ओर दीवार बढ़ाकर अवैध निर्माण कर रहा था। कई बार समझाने के बावजूद उसने निर्माण नहीं रोका। इस संपत्ति विवाद का मामला उपायुक्त सोनीपत की कोर्ट में विचाराधीन है, जिसकी अगली सुनवाई 28 जुलाई 2026 को निर्धारित है। दुकान में घुसकर मारपीट और गाली-गलौज का आरोप शिकायत के अनुसार रात करीब 9:15 बजे नोराज अपनी दुकान पर मौजूद था। इसी दौरान प्रवीन जबरन दुकान में घुस आया और गाली-गलौज करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद उसने अपने पिता देशराज और भाई रोहित को भी मौके पर बुला लिया। शोर सुनकर नोराज की पत्नी और पुत्र रवि भी वहां पहुंच गए। ईंट और लाठी से हमला, पिता-पुत्र गंभीर घायल शिकायतकर्ता का आरोप है कि प्रवीन ने ईंट उठाकर रवि के सिर पर वार किया, जिससे उसके सिर और कान से खून बहने लगा। वहीं रोहित ने दुकान में रखी लाठी उठाकर रवि के सिर पर हमला किया। नोराज का आरोप है कि परवीन, रोहित और देशराज ने मिलकर उसके और रवि के साथ गंभीर मारपीट की तथा जान से मारने का प्रयास किया। आरोप है कि प्रवीन की पत्नी ने भी अन्य आरोपियों के साथ मिलकर नोराज के माता-पिता पर डंडों से हमला किया। मोबाइल तोड़ा और चेन छीनने का आरोप कुछ देर बाद नोराज का दूसरा बेटा अनिल कुमार भी मौके पर पहुंचा। शिकायत के अनुसार प्रवीन ने लाठी से हमला किया, जिसका पहला वार अनिल की जेब में रखे मोबाइल फोन पर लगा और मोबाइल टूट गया। दूसरा वार उसके दाहिने पैर पर किया गया। आरोप है कि इसके बाद प्रवीन ने अनिल के गले से करीब 20.07 ग्राम वजन की सोने की चेन जबरन छीन ली। रवि को पीजीआई रोहतक किया रेफर घटना के बाद अनिल कुमार ने रात करीब 9:23 बजे डायल-112 पर सूचना दी। कुछ समय बाद पीसीआर पुलिस मौके पर पहुंची और कार्रवाई शुरू की। इसके बाद घायल नोराज और रवि को नागरिक अस्पताल सोनीपत ले जाया गया, जहां दोनों का मेडिकल कराया गया। रवि के सिर पर गंभीर चोट होने के कारण डॉक्टरों ने उसे बेहतर उपचार के लिए पीजीआई रोहतक रेफर कर दिया। सीसीटीवी फुटेज और गुप्त जांच के बाद केस पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार प्राप्त शिकायत की एएसआई रवि ने मौके पर जाकर जांच की। घटनास्थल का निरीक्षण करने के साथ-साथ आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी देखी गई तथा गुप्त रूप से तथ्यों की तस्दीक की गई। जांच में प्रथम दृष्टया आरोप सही पाए जाने पर थाना प्रभारी को रिपोर्ट दी गई। जांच के बाद कुंडली थाना पुलिस ने 24 जुलाई 2026 को दर्ज की। पुलिस ने प्रवीन, देशराज, रोहित और प्रवीन की पत्नी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2), 333, 324(4), 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है तथा साक्ष्यों और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सीईआईआर पोर्टल से बरामद चार गुम मोबाइल उनके मालिकों को लौटाए
सरायकेला| सरायकेला थाना पुलिस ने 'प्रोजेक्ट मिलाप' और सीईआईआर पोर्टल की मदद से गुम हुए चार मोबाइल फोन बरामद कर शुक्रवार को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। थाना प्रभारी विनय कुमार सिंह ने बताया कि तकनीकी जांच और पोर्टल की सहायता से बरामद मोबाइलों को सत्यापन के बाद अमित कुमार महतो (बासुड़दा, गम्हरिया), मंगल सरदार (झुरकुली, गम्हरिया), दिलीप साहू (कुदरसाई, सरायकेला) तथा सूरज कुलाल महतो (बारीडीह, सरायकेला) को सुपुर्द कर दिया गया है। खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया। थाना प्रभारी ने कहा कि पुलिस आम जनता की संपत्ति की सुरक्षा के लिए निरंतर प्रयासरत है। उन्होंने अपील की कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत नजदीकी थाने में सूचना दें और सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं, ताकि त्वरित कार्रवाई की जा सके।
इलेक्ट्रॉनिक्स का नया गढ़ बना भारत : 10 सालों में 165 गुना बढ़ा मोबाइल निर्यात
उदयपुर| भारत ने मोबाइल विनिर्माण और निर्यात के क्षेत्र में ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। देश में इस्तेमाल होने वाले कुल मोबाइल फोन का लगभग 99.2 प्रतिशत विनिर्माण अब भारत में ही हो रहा है। इसके साथ ही मोबाइल फोन देश का सबसे बड़ा निर्यात आइटम बनकर उभरा है। उदयपुर सांसद डॉ. मन्नालाल रावत द्वारा लोकसभा में पूछे गए सवाल का जवाब देते हुए इलेक्ट्रॉनिकी और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री जितिन प्रसाद ने यह जानकारी साझा की। उन्होंने बताया कि वर्ष 2014-15 में जहां देश से मोबाइल निर्यात महज 1,500 करोड़ रुपये का था, वह 2026 तक बढ़कर 2.59 लाख करोड़ रुपये के स्तर पर पहुंच गया है। इसमें 165 गुना की रिकॉर्ड बढ़ोतरी दर्ज की गई है। वहीं, देश में मोबाइल का उत्पादन भी 18 हजार करोड़ रुपये से बढ़कर 6.27 लाख करोड़ रुपये (33 गुना वृद्धि) हो गया है। इलेक्ट्रॉनिक्स विनिर्माण क्षेत्र वर्तमान में करीब 25 लाख लोगों को रोजगार दे रहा है। सेमीकॉन 2.0 को 1.275 लाख करोड़ की मंजूरी : केंद्रीय मंत्री ने बताया कि मेक इन इंडिया और आत्मनिर्भर भारत विजन के तहत देश को सेमिकंडक्टर हब बनाया जा रहा है। सेमी कॉन 1.0 की सफलता के बाद केंद्रीय मंत्रिमंडल ने 15 जुलाई, 2026 को 1.275 लाख करोड़ रुपये के परिव्यय के साथ सेमी कॉन 2.0 को मंजूरी दी है। इससे पहले सेमी कॉन 1.0 के तहत आंध्र प्रदेश, गुजरात, असम सहित 6 राज्यों में 1.64 लाख करोड़ रुपये के निवेश वाली 12 परियोजनाओं को मंजूरी दी जा चुकी है, जिनसे लगभग 32 हजार प्रत्यक्ष रोजगार सृजित होंगे।
रिक्शा चालक से मोबाइल लूटने वाले दो गिरफ्तार
जयपुर | माणक चौक इलाके में बड़ी चौपड़ पर सवारी का इंतजार कर रहे रिक्शा चालक से मोबाइल लूटने वाले दो बदमाशों को पुलिस ने पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी समीर खान व मोहम्मद फैजान उर्फ लाली बासबदनपुरा स्थित मोहल्ला पचरंग पट्टी के रहने वाले हैं। दोनों आरोपी मादक पदार्थों का नशा करने के आदि हैं, जो ड्रग्स खरीदने के लिए आए दिन स्नैचिंग कर वारदातें करते हैं। आरोपियों के खिलाफ पहले से गलता गेट व रामगंज थाने में आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपियों से वारदातों के संबंध में पूछताछ कर तस्दीक की जा रही है।
धर्मशाला की छत से घर में घुसा चोर, 4 मोबाइल और नकदी लेकर फरार
लुधियाना| शहर के जनकपुरी गली नंबर 16 में देर रात एक चोर ने दुस्साहस दिखाते हुए चोरी की वारदात को अंजाम दिया। शातिर चोर परिवार के सोते समय पड़ोस में बनी धर्मशाला (जंजघर) की छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ और 4 मोबाइल फोन व नकदी लेकर रफूचक्कर हो गया। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घर के मालिक मनोज कुमार ने बताया कि घटना तड़के सुबह 4 से 5 बजे के बीच की है। उनके घर के ठीक साथ धर्मशाला बनी हुई है। चोर धर्मशाला की छत के रास्ते उनके घर में उतरा और बिना किसी आहट के बेडरूम तक पहुंच गया। उस वक्त पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था। आरोपी बेडरूम से 4 मोबाइल फोन (दो मनोज और दो उनके भाई के) तथा पर्स में रखे करीब 5,500 नकद चुराकर फरार हो गया। पीड़ित परिवार ने जब घर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली तो आरोपी की पहचान इलाके के ही 'शिवी' नामक युवक के रूप में हुई। फुटेज में चोर नंगे पैर आता हुआ दिखाई दे रहा है, ताकि चलने की आवाज न हो और कोई जाग न जाए। पीड़ित मनोज ने बताया कि आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है और कुछ ही दिन पहले जमानत पर बाहर आया है।पीड़ित ने बताया कि इससे पहले भी उनकी दुकान में चोरी की कोशिश की गई थी। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दे दी गई है और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को सौंप दी गई है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर फुटेज के जरिए आरोपी की तलाश शुरू कर दी है।
उत्तर प्रदेश की 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट, भाटपाररानी (देवरिया) की टीम को पशु चिकित्सा सेवाओं में उत्कृष्ट कार्य के लिए राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया गया। हैदराबाद में आयोजित नेशनल रिव्यू मीट में टीम के डॉ. पारस नाथ प्रजापति, मेडिकल टेक्नीशियन (एमटीएस) और पायलट को राज्य स्तरीय उत्कृष्ट सेवा पुरस्कार से सम्मानित किया गया। टीम को यह सम्मान एक गंभीर रूप से बीमार कुत्ते के पैर में हुए ट्यूमर का सफल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाने के लिए मिला। त्वरित कार्रवाई, तकनीकी दक्षता और समर्पित सेवा को देखते हुए टीम को सम्मानित किया गया। वेटरनरी यूनिट ने पहला स्थान हासिल किया ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज की ओर से आयोजित इस कार्यक्रम में देशभर की टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता में उत्तर प्रदेश की 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट ने पहला स्थान हासिल कर प्रदेश का गौरव बढ़ाया। इस उपलब्धि पर लखनऊ स्थित मुख्यालय में भी टीम का सम्मान किया गया। ईएमआरआई ग्रीन हेल्थ सर्विसेज के प्रेसिडेंट टी.वी.एस रेड्डी ने डॉ. पारस नाथ प्रजापति और उनकी टीम को सम्मानित करते हुए उनके कार्यों की सराहना की। यह उपलब्धि मोबाइल वेटरनरी यूनिट के लिए प्रेरणास्रोत उन्होंने कहा कि 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट किसानों और पशुपालकों को घर-घर निःशुल्क पशु चिकित्सा सेवाएं उपलब्ध करा रही है। सभी टीमों से इसी समर्पण के साथ कार्य करते रहने का आह्वान किया। टीम की सफलता पर वरिष्ठ पशु चिकित्सकों सहित डॉ. शरद, डॉ. साहिल, डॉ. प्रीति कों कई जनपदों के चिकित्सकों ने बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि प्रदेश की सभी 1962 मोबाइल वेटरनरी यूनिट के लिए प्रेरणास्रोत है।
मेरठ कचहरी के बाहर शुक्रवार देर शाम पति-पत्नी के बीच मोबाइल फोन को लेकर विवाद सड़क पर हंगामे में बदल गया। दोनों के बीच बीच सड़क पर हुई तीखी बहस और धक्का-मुक्की का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया। सूचना पर डायल-112 और सिविल लाइन थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को अलग कर मामला शांत कराया। कोर्ट में चल रहा है वैवाहिक विवाद पुलिस के अनुसार, युवक और युवती पति-पत्नी हैं और उनके बीच लंबे समय से वैवाहिक विवाद चल रहा है। मामला न्यायालय में विचाराधीन है। शुक्रवार को दोनों सुनवाई के लिए मेरठ कचहरी पहुंचे थे। सुनवाई खत्म होने के बाद जब दोनों बाहर निकले तो आपसी सामान लौटाने को लेकर बातचीत शुरू हुई। शादी में दिए मोबाइल की मांग पर बढ़ा विवाद बताया गया कि महिला ने पति से शादी के समय उपहार में दिया गया मोबाइल फोन वापस मांगा। पति के इनकार करने पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। कुछ ही देर में विवाद बढ़कर सड़क पर हंगामे में बदल गया और दोनों के बीच धक्का-मुक्की की नौबत आ गई। मौके पर बड़ी संख्या में राहगीर जुट गए। मारपीट की सूचना पर पहुंची पुलिस घटना की सूचना किसी राहगीर ने डायल-112 पर महिला के साथ मारपीट होने की जानकारी देकर दी। इसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अलग कर स्थिति नियंत्रित की। महिला को पूछताछ के लिए थाने ले जाया गया। शिकायत नहीं दी, समझाकर भेजा जांच में पता चला कि महिला ब्रह्मपुरी क्षेत्र की रहने वाली है, जबकि उसका पति मुजफ्फरनगर का निवासी है। पुलिस के मुताबिक, महिला ने पति के खिलाफ कोई लिखित शिकायत देने से इनकार कर दिया। तहरीर न मिलने के कारण दोनों पक्षों को समझाकर वापस भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि भविष्य में किसी भी पक्ष की शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ जिला अदालत ने 3 साल पुराने स्नैचिंग के मामले में मोहाली के जगतपुरा निवासी दिनेश को दोषी करार देते हुए 5 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई है। अदालत ने अपने फैसले में कहा कि स्नैचिंग आज सड़क पर होने वाले सबसे गंभीर अपराधों में से एक बन चुकी है। ऐसे मामलों में सख्त सजा देना जरूरी है, ताकि अपराधियों में कानून का डर बना रहे। मामला अगस्त 2023 का है। लेबर का काम करने वाले हरीपाल ने पुलिस को शिकायत दी थी कि वह साइकिल से काम पर जा रहा था। जब वह सेक्टर-48 मोटर मार्केट के पास पहुंचा तो बाइक पर सवार 2 युवकों ने उसका रास्ता रोक लिया। बाइक के पीछे बैठे दिनेश ने उसकी जेब से पर्स निकाल लिया, जिसमें 50 रुपए नकदी और आधार कार्ड था। वहीं बाइक चला रहा नाबालिग साथी उसका मोबाइल छीनने की कोशिश करने लगा। हरीपाल के शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए। आरोपी को लोगों ने मौके पर दबोचा भीड़ जुटते ही वहां मौजूद एक राहगीर ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी दिनेश को मौके पर ही पकड़ लिया। इस दौरान बाइक चला रहा उसका नाबालिग साथी भीड़ का फायदा उठाकर वहां से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दिनेश को हिरासत में लेकर उसके खिलाफ मामला दर्ज किया। बाद में जांच के दौरान पुलिस ने फरार नाबालिग आरोपी की भी पहचान कर उसे पकड़ लिया। पुलिस ने घटना के बाद मौके से सबूत जुटाए और गवाहों के बयान दर्ज किए। जांच पूरी होने पर पुलिस ने अदालत में चालान पेश किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने सभी गवाहों के बयान और पुलिस की ओर से पेश किए गए सबूतों को देखा। अदालत ने माना कि दिनेश के खिलाफ आरोप साबित हो गए हैं। इसके बाद अदालत ने उसे दोषी करार देते हुए 5 साल के कठोर कारावास और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई। कोर्ट बोला बढ़ रही स्नैचिंग की घटनाएं सजा सुनाते हुए अदालत ने कहा कि स्नैचिंग की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं और इससे आम लोगों, खासकर महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों में डर और असुरक्षा का माहौल बन रहा है। अदालत ने टिप्पणी की कि ऐसे अपराध अब लगभग रोज सामने आ रहे हैं। अदालत ने कहा कि यदि ऐसे मामलों में नरमी बरती गई तो अपराधियों का मनोबल बढ़ेगा। इसलिए समाज में कानून का संदेश देने और सड़क अपराधों पर रोक लगाने के लिए दोषियों को कड़ी सजा देना आवश्यक है। इसी आधार पर अदालत ने दिनेश को पांच साल की कैद और 25 हजार रुपए जुर्माने की सजा सुनाई।
फिरोजाबाद में शुक्रवार को दक्षिण थाना पुलिस और सर्विलांस टीम ने मोबाइल स्नैचिंग के मामलों में वांछित 15 हजार रुपये के इनामी बदमाश रवि कुमार को गिरफ्तार किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने उसकी गिरफ्तारी पर 15 हजार रुपये का इनाम घोषित किया था। पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर कार्रवाई करते हुए टीएल तिराहा से रवि कुमार पुत्र रामब्रेश को पकड़ा। वह आजादनगर, थाना लाइनपार का निवासी है। उसके पास से स्नैच किया गया एक रियलमी मोबाइल फोन, लूटे गए दूसरे मोबाइल को बेचकर बचे 850 रुपये नकद, वारदात में इस्तेमाल अपाचे मोटरसाइकिल (यूपी 83 सीबी 0184), एक अवैध 315 बोर का तमंचा और एक जिंदा कारतूस बरामद हुआ। पुलिस के मुताबिक, आरोपी दक्षिण थाना क्षेत्र में दर्ज मोबाइल स्नैचिंग के दो मुकदमों में फरार था। उसकी गिरफ्तारी के लिए दक्षिण थाना पुलिस और सर्विलांस की संयुक्त टीमें लगातार दबिश दे रही थीं। शुक्रवार शाम करीब 6:30 बजे उसे गिरफ्तार किया गया। बरामद अवैध हथियार के आधार पर रवि कुमार के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत एक और मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपी से उसके अन्य साथियों और स्नैचिंग की अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर हुई इस कार्रवाई को दक्षिण थाना पुलिस और सर्विलांस टीम की महत्वपूर्ण सफलता माना जा रहा है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
लुधियाना के जनकपुरी गली नंबर 16 के बाहर एक घर में चोर ने देर रात चोरी की वारदात को अंजाम दिया। चोर परिवार के सोते समय पड़ोस में स्थित धर्मशाला (जंजघर) की छत के रास्ते घर में दाखिल हुआ और 4 मोबाइल फोन तथा नकदी चोरी कर फरार हो गया। घटना घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित परिवार ने आरोपी की पहचान कर पुलिस को सूचना दे दी है। घर के मालिक मनोज कुमार ने बताया कि घटना सुबह करीब 4 से 5 बजे के बीच की है। उनके घर के साथ धर्मशाला बनी हुई है। आरोपी धर्मशाला की छत से उनके घर में उतरा और बिना किसी को भनक लगे सीधे अंदर पहुंच गया। उस समय पूरा परिवार गहरी नींद में सो रहा था। मनोज कुमार ने बताया कि चोर बेडरूम से चार मोबाइल फोन और उनका पर्स, जिसमें करीब 5500 रुपए नकद थे, चोरी कर ले गया। चोरी हुए चार मोबाइल में दो उनके और दो उनके भाई के हैं। पीड़ित के अनुसार, घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखने पर आरोपी की पहचान शिवी के रूप में हुई है। उन्होंने दावा किया कि आरोपी पहले भी चोरी के मामलों में जेल जा चुका है और कुछ दिन पहले ही जेल से बाहर आया है। घटना के बाद इसकी सूचना पुलिस को दे दी गई है और सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को उपलब्ध कराई जाएगी। नंगे पैर घर में दाखिल हुआ चोर मनोज कुमार ने बताया कि आरोपी ने मुख्य गेट से प्रवेश नहीं किया, बल्कि छत के रास्ते घर में घुसा। सीसीटीवी फुटेज में वह नंगे पैर आता हुआ दिखाई दे रहा है, जिससे स्पष्ट है कि उसने शोर न हो, इसके लिए यह तरीका अपनाया। पहले भी घर में हो चुका चोरी का प्रयास पीड़ित ने बताया कि इससे पहले भी उनकी दुकान पर चोरी का प्रयास हो चुका है, हालांकि उस समय चोर सफल नहीं हो पाए थे। फिलहाल पुलिस शिकायत के आधार पर मामले की जांच कर रही है। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है।
मधेपुरा में 927 ग्राम स्मैक के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार:बिना नंबर की थार और 2 मोबाइल भी जब्त किए गए
मधेपुरा के मुरलीगंज थाना क्षेत्र में पुलिस ने मादक पदार्थ विरोधी अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने 927 ग्राम स्मैक के साथ दो युवकों को गिरफ्तार किया। इस दौरान बिना रजिस्ट्रेशन नंबर की एक थार एसयूवी और दो एंड्रॉयड मोबाइल भी जब्त किए गए। एएसपी प्रवेंद्र भारती ने शुक्रवार को एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। एएसपी ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर जिले में मादक पदार्थों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। तस्कर मुरलीगंज के रास्ते मधेपुरा आने वाले थे इसी अभियान के तहत, 23 जुलाई की रात मुरलीगंज थाना प्रभारी सह प्रशिक्षु डीएसपी नुरुल हक को गुप्त सूचना मिली थी। सूचना के अनुसार पूर्णिया की ओर से एक बिना नंबर की थार में भारी मात्रा में स्मैक लेकर तस्कर मुरलीगंज के रास्ते मधेपुरा आने वाले थे। इस सूचना के आधार पर पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर सदर एसडीपीओ के नेतृत्व में एक संयुक्त टीम गठित की गई। इस टीम में मुरलीगंज थाना, डीआईयू, उत्पाद विभाग और एसडब्ल्यूएटी के सदस्य शामिल थे। संदिग्ध थार को रोककर तलाशी टीम ने संयुक्त रूप से वाहन जांच अभियान चलाया और संदिग्ध थार को रोककर तलाशी ली, जिसमें 927 ग्राम स्मैक बरामद हुई। मौके से जयपालपट्टी निवासी सरोज कुमार (28) और साहुगढ़ निवासी अभिमन्यु कुमार (19) को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने उनके पास से दो एंड्रॉयड मोबाइल और बिना नंबर की थार गाड़ी भी जब्त की। इस मामले में मुरलीगंज थाना में कांड संख्या 444/26 दर्ज कर एनडीपीएस एक्ट की विभिन्न धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेजा गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पुलिस उनके आपराधिक इतिहास और इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भी जांच कर रही है। एएसपी ने बताया कि जिले में नशे के कारोबार के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
चलती ट्रेन में लाखों के गहने और मोबाइल चोरी:गुना में महिलाओं के सिर के नीचे रखा पर्स चोरी किया
गुना रेलवे स्टेशन के पास चलती ट्रेनों में चोरी की दो घटनाएं सामने आई हैं। दोनों मामलों में अज्ञात चोर यात्रियों के सिरहाने रखे लेडीज पर्स लेकर फरार हो गए। जीआरपी थाना गुना ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली घटना में रीवा जिले के बदराव निवासी पंकज चतुर्वेदी अपनी पत्नी अपर्णा और बच्चों के साथ ट्रेन नंबर 08611 से दमोह से कोटा (सोगरिया) जा रहे थे। तड़के करीब 4:15 बजे ट्रेन गुना स्टेशन के पास पहुंची। इसी दौरान बी-1 कोच की सीट नंबर 7 पर सो रही उनकी पत्नी के सिर के नीचे रखा लेडीज पर्स चोरी हो गया। पर्स में सोने की चेन, तीन अंगूठियां और कैश थापर्स में सोने की एक चेन, तीन अंगूठियां, तीन मोबाइल, एक हाथ घड़ी और 6 हजार रुपये नकद रखे थे। वर्तमान बाजार भाव के अनुसार चोरी गए जेवरों की कीमत करीब पौने तीन लाख रुपये बताई जा रही है। एफआईआर में सोने की चेन, तीन अंगूठियों की कीमत 62 हजार रुपये और 6 हजार रुपये नकद का उल्लेख है। इसके अलावा वनप्लस 9 प्रो मैक्स, ओप्पो और वीवो कंपनी के तीन मोबाइल भी चोरी हो गए। पीड़ित ने पहले कोटा जीआरपी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। घटना गुना क्षेत्र की होने के कारण मामला जीआरपी थाना गुना भेजा गया। पुलिस ने बीएनएस की धारा 305(सी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दूसरी घटना में भी सिरहाने रखा पर्स चोरी दूसरी घटना में भिंड निवासी धर्मेंद्र सिंह मौर्य (39) अपनी पत्नी के साथ ट्रेन नंबर 11085 के एस-1 कोच में ग्वालियर की यात्रा कर रहे थे। गुना स्टेशन के पास उनकी नींद खुली तो सिरहाने रखा लेडीज पर्स गायब था। पर्स में करीब 16 हजार रुपये कीमत के दो मोबाइल, 7,200 रुपये नकद और जरूरी दस्तावेज रखे थे। इस मामले की शून्य एफआईआर ग्वालियर जीआरपी में दर्ज की गई थी, जिसे बाद में जीआरपी थाना गुना भेजा गया। जीआरपी थाना गुना ने दोनों मामलों में बीएनएस की धारा 305(सी) के तहत प्रकरण दर्ज कर अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी है।
गाजियाबाद में दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए जिला प्रशासन ने 'मिशन समर्थ' के तहत नई पहल शुरू की है। इस योजना में मोटराइज्ड ट्राइसाइकिलों को चलती-फिरती दुकान (मोबाइल शॉप) में बदला गया है। पहले चरण में 50 दिव्यांगजनों को शुरुआती सामान के साथ मोबाइल दुकानें दी गई हैं, ताकि वे बिना अतिरिक्त निवेश के अपना स्वरोजगार शुरू कर सकें। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ की पहल पर शुरू हुई इस योजना का शुभारंभ मुरादनगर विधायक अजीत पाल, डीएम और मुख्य विकास अधिकारी कुमार सौरभ ने फीता काटकर और हरी झंडी दिखाकर किया। इसके बाद लाभार्थी अपनी मोबाइल दुकानों के साथ रोजगार की नई शुरुआत के लिए रवाना हुए। 106 ट्राइसाइकिलें पहले मिली थीं, अब बनीं मोबाइल शॉप प्रशासन के मुताबिक, इससे पहले जिले के 106 दिव्यांगजनों को मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल उपलब्ध कराई गई थीं। अब उसी योजना को आगे बढ़ाते हुए पहले चरण में करीब 50 ट्राइसाइकिलों को विशेष ढांचे के साथ मोबाइल शॉप में बदला गया है। हर लाभार्थी को दुकान चलाने के लिए शुरुआती बिक्री सामग्री भी दी गई है, ताकि वे बिना किसी अतिरिक्त खर्च के अपना कारोबार शुरू कर सकें। CSR से मिला पांच लाख रुपये का सहयोग इस परियोजना के लिए मोहन मिकीन लिमिटेड, मोहन नगर ने कॉर्पोरेट सामाजिक दायित्व (CSR) के तहत पांच लाख रुपये का सहयोग दिया है। एक मोबाइल दुकान तैयार करने पर करीब 10 हजार रुपये खर्च किए गए हैं। इसमें ट्राइसाइकिल पर विशेष सेटअप तैयार करने के साथ शुरुआती बिक्री सामग्री भी शामिल है। 'आत्मनिर्भर बनें और मेहनत से काम करें' मुरादनगर विधायक अजीत पाल ने इसे दिव्यांगजनों को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में अहम पहल बताया। उन्होंने लाभार्थियों से ईमानदारी और मेहनत के साथ अपना व्यवसाय चलाने की अपील करते हुए कहा कि आत्मनिर्भरता ही सशक्त समाज की पहचान है। डीएम बोले- सहायता नहीं, स्थायी रोजगार देना लक्ष्य जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार माँदड़ ने कहा कि प्रशासन का उद्देश्य केवल आर्थिक सहायता देना नहीं, बल्कि दिव्यांगजनों को स्थायी स्वरोजगार और सम्मानजनक आजीविका से जोड़ना है। उन्होंने कहा कि भविष्य में भी ऐसे नवाचारों के जरिए अधिक से अधिक दिव्यांगजनों को रोजगार से जोड़ा जाएगा। संस्थान ने निभाई अहम भूमिका जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी अंशुल चौहान ने बताया कि इस परियोजना को जमीन पर उतारने में नींव शक्ति संस्थान की संस्थापक ऋचा वल्लभ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। संस्थान ने वेंडर के साथ समन्वय कर ट्राइसाइकिलों को मोबाइल शॉप के रूप में तैयार कराया। प्रशासन का मानना है कि 'मिशन समर्थ' दिव्यांगजनों को सहायता से आगे बढ़ाकर आर्थिक आत्मनिर्भरता की ओर ले जाने वाली प्रभावी पहल साबित होगी।
आगरा पुलिस ने लौटाए 230 गुम मोबाइल:लोगों के चेहरे पर आई खुशी रिकवर मोबाइल की कीमत 57.50 लाख रुपए
आगरा पुलिस ने पिछले दो महीनों में 230 गुमशुदा एंड्रॉयड मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की अनुमानित कीमत करीब 57.50 लाख रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई कमिश्नरेट आगरा पुलिस द्वारा चलाए गए विशेष अभियान के तहत की गई। शुक्रवार को डीसीपी सिटी ने मोबाइल फोन को वापस किया। डीसीपी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि आगरा सिटी जोन में पिछले दो महीने में बहुत से लोगो के फोन गुम हुए। ऐसे लोगों के फोन ट्रेसिंग के लिए केंद्र सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और CCTNS सेल की मदद ली गई। इन अत्याधुनिक तकनीकों के जरिए गुम हुए मोबाइलों की लोकेशन ट्रैक कर उन्हें बरामद किया गया। नगर जोन के विभिन्न थाना क्षेत्रों में यह अभियान चलाया गया, जहां से 230 मोबाइल फोन रिकवर किए गए। बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे। अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने आगरा पुलिस का आभार जताया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका मोबाइल दोबारा मिल पाएगा। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि गुमशुदा मोबाइलों की रिकवरी में आधुनिक तकनीक का प्रभावी उपयोग किया गया, जिससे सफलता दर में काफी बढ़ोतरी हुई है। साथ ही लोगों से अपील की गई कि मोबाइल गुम होने पर तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और CEIR पोर्टल पर जानकारी अपलोड करें।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के चक्रधरपुर में मेन रोड स्थित रश्मि इलेक्ट्रॉनिक शोरूम में बीती रात लाखों रुपए की चोरी हो गई। चोरों ने भवन की दूसरी मंजिल का वेंटिलेटर तोड़कर दुकान में प्रवेश किया और आईफोन, लैपटॉप सहित कई महंगे मोबाइल फोन चुरा लिए। वारदात के बाद चोर सीसीटीवी कैमरों की डीवीआर भी अपने साथ ले गए। जानकारी के अनुसार, चोर पहले भवन की दूसरी मंजिल तक पहुंचे। वहां से वेंटिलेटर तोड़कर वे अंदर दाखिल हुए। इसके बाद वे ग्राउंड फ्लोर तक आए और लोहे की रॉड (सबल) की मदद से अंदर लगे ग्रिल का ताला तोड़कर शटर को क्षतिग्रस्त किया। फिर दुकान में रखे कीमती इलेक्ट्रॉनिक सामान पर हाथ साफ किया। शुक्रवार सुबह करीब 10 बजे जब कर्मचारी दुकान खोलने पहुंचे, तो उन्होंने अंदर सामान बिखरा हुआ पाया। कई महंगे आईफोन, लैपटॉप और मोबाइल फोन गायब थे। कर्मचारियों ने तत्काल दुकान संचालक आशीष पाड़िया को घटना की सूचना दी। पाड़िया मौके पर पहुंचे और चक्रधरपुर थाना पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। चूंकि चोर डीवीआर भी अपने साथ ले गए हैं, पुलिस आसपास के प्रतिष्ठानों और सड़क किनारे लगे अन्य सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि चोरों ने वारदात से पहले दुकान की रेकी की थी। चोरी गए सामान का सटीक मूल्यांकन किया जा रहा है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, लाखों रुपये के आईफोन, लैपटॉप और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरण चोरी हुए हैं। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। इस घटना के बाद शहर के व्यवसायियों में चिंता का माहौल है। उन्होंने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी, रात्रि गश्त बढ़ाने और बाजार क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
तरनतारन में 15 करोड़ की हेरोइन पकड़ी:CIA स्टाफ ने 2 तस्करों को दबोचा; 2 पिस्टल-2 मोबाइल और बाइक बरामद
तरनतारन पुलिस के सीआईए स्टाफ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 3 किलो 116 ग्राम हेरोइन, 2 पिस्टल, 2 मोबाइल और एक बिना रजिस्ट्रेशन वाली मोटरसाइकिल बरामद की है। जब्त की गई हेरोइन की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 15 करोड़ रुपए बताई जा रही है। यह गिरफ्तारी तरनतारन के गांव बासरके की दाना मंडी में लगाए गए एक चेक पोस्ट के दौरान हुई। पुलिस ने एक बिना रजिस्ट्रेशन वाली मोटरसाइकिल पर सवार दो व्यक्तियों को रोका और उन्हें गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों की पहचान जगदीप सिंह निवासी दुगरी और आकाश दीप सिंह निवासी माड़ी उदोके, जिला तरनतारन के रूप में हुई है। पुलिस ने गोपनीय सूचना के आधार पर इन आरोपियों को पकड़ा। खालड़ा थाने में मामला दर्ज उनके खिलाफ खालड़ा थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल, गिरफ्तार किए गए आरोपियों से आगे की पूछताछ जारी है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वे पाकिस्तानी तस्करों के साथ मिलकर हेरोइन और हथियारों की खेप कैसे मंगवाते थे। इस पूछताछ में कई बड़े खुलासे होने की संभावना है।
दरभंगा पुलिस ने मो. रेहान(21) हत्याकांड और 2.50 लाख के लूट का खुलासा कर दिया है। इस मामले में मुख्य आरोपी मो. जमाली को गिरफ्तार किया है। हत्या में इस्तेमाल चाकू, खून से सने कपड़े और चोरी के कई मोबाइल बरामद किए गए हैं। जिसमें चार दिन पहले कपड़ा व्यवसायी अशोक साह के घर चोरी मोबाइल भी बरामद है। लूटपाट का विरोध करने पर वारदात को अंजाम दिया गया था। घटना केवटी थाना क्षेत्र के छतवन गांव की है। चाकू से किया हमला एसडीपीओ-2 शुभेंद्र कुमार सुमन ने बताया कि पप्पू हार्डवेयर के मालिक के छोटे भाई मो. फहीम और कर्मचारी मो. रेहान करीब ढाई लाख रुपए की राशि लेकर गोदाम पहुंचे थे। जैसे ही फहीम गोदाम का गेट खोलने लगा, पहले से घात लगाकर बैठे मो. जमाली ने उसपर हमला कर दिया। अचानक हुए हमले से फहीम अपनी जान बचाकर वहां से भाग निकला, लेकिन रुपए से भरा बैग वहीं छूट गया। जमाली बैग लेकर भागने लगा। इसी दौरान रेहान ने उसे पहचान लिया और कहा कि 'मैं तुम्हें पहचान गया हूं।' पहचान उजागर होने के डर से रेहान पर चाकू से हमला कर दिया। पुलिस के अनुसार चाकू का वार इतना गहरा था कि वह करीब चार इंच तक सीने में धंस गया। गंभीर रूप से घायल रेहान की 10 से 15 मिनट के अंदर मौत हो गई। डॉग स्क्वायड और तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस घटना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए डॉग स्क्वायड, एफएसएल टीम, तकनीकी सेल और केवटी थाना पुलिस की संयुक्त टीम गठित की। जांच के दौरान हत्या में इस्तेमाल चाकू घटनास्थल से कुछ दूरी पर बरामद हुआ। जिस बैग में नकदी थी, उसमें मौजूद अन्य सामान करीब 200 मीटर दूर एक आम के बगीचे से बरामद कर लिया गया, जबकि नकदी गायब थी। डॉग स्क्वायड की मदद से पुलिस आरोपी मो. जमाली के घर पहुंची। पूछताछ के दौरान उसके पहने हुए शर्ट पर खून के धब्बे पाए गए, जिसके आधार पर उसे गिरफ्तार कर लिया गया। तलाशी के दौरान घर से कई मोबाइल मिले। जिसमें एक मोबाइल अशोक साह का था, जिसके घर चार-पांच दिन पहले लाखों रुपए की चोरी हुई थी। पूछताछ में सामने आया कि उस चोरी की घटना में जमाली का भाई मो. गजाली भी शामिल था। उसने चोरी में अपनी संलिप्तता स्वीकार कर ली है। इसके बाद पुलिस ने उसे भी गिरफ्तार कर लिया। चोरी और लूट की कई घटनाओं में शामिल रहा आरोपी एसडीपीओ ने बताया कि मो. जमाली पूर्व से अपराधी प्रवृत्ति का है। चोरी के कई मामलों में जेल जा चुका है। उसका गांव में लगातार आना-जाना था, क्योंकि घटनास्थल के पास उसके चाचा का मुर्गी फार्म है। इसी दौरान उसने पहले रेकी की और फिर लूट की योजना बनाकर वारदात को अंजाम दिया। अन्य सहयोगियों की तलाश जारी एसडीपीओ ने कहा कि प्रारंभिक जांच में हत्या की घटना में केवल मो. जमाली की भूमिका सामने आई है, जबकि चोरी की अन्य घटनाओं में उसके सहयोगियों की संलिप्तता भी सामने आ रही है। पूरे गिरोह की पहचान कर गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। सड़क जाम करने वालों पर भी होगी कार्रवाई घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर प्रदर्शन किया था। इस संबंध में एसडीपीओ ने कहा कि पुलिस ने पूरे घटनाक्रम की वीडियोग्राफी कराई है। कई केस में खुलासे की उम्मीद इस मामले में पप्पू हार्डवेयर के संचालक मो. जफर इमाम के आवेदन पर केवटी थाना में कांड संख्या-220/26 दर्ज किया गया है। पुलिस का मानना है कि इस गिरफ्तारी से छतवन गांव में हाल के दिनों में हुई चोरी और लूट की कई घटनाओं के खुलासे का रास्ता साफ हुआ है। हालांकि स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरे गिरोह की गिरफ्तारी और लूटी गई राशि की बरामदगी के बाद ही क्षेत्र में सुरक्षा का भरोसा पूरी तरह बहाल हो सकेगा।
कुरुक्षेत्र जिले के लाडवा के गांव बूढ़ा के पूर्व सरपंच के बेटा अचानक लापता हो गया। उसकी बाइक हिनौरी पुल के पास पश्चिमी यमुना नहर के किनारे लावारिस हालत में मिली। पुलिस, SDRF और गोताखोर की टीम नहर में सर्च ऑपरेशन चला रही है। घटना के बाद से परिवार काफी परेशान है। पुलिस के मुताबिक, बूढ़ा गांव के पूर्व सरपंच विक्रम सिंह का बेटा विपिन उर्फ आशु (40) बुधवार रात घर से बाइक पर निकला था। काफी देर तक वापस नहीं आया तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। कई जगह खोजबीन के बावजूद उसका पता नहीं चला। इस दौरान उसका मोबाइल भी लगातार स्विच ऑफ मिला। नहर के पास मिली मोटरसाइकिल फिर सूचना मिली कि उसकी बाइक हिनौरी पुल के पास पश्चिमी यमुना नहर के किनारे खड़ी है। पुलिस मौके पर पहुंची और बाइक को कब्जे में ले लिया। जांच में सामने आया कि विपिन के मोबाइल की आखिरी लोकेशन भी हिनौरी पुल के आसपास की थी। इस आशंका के बीच पश्चिमी यमुना नहर में सर्च अभियान शुरू किया गया। 2019 में हुई थी शादी, 3 साल की बेटी परिवार ने बताया कि विपिन की शादी साल 2019 में हुई थी। उसके परिवार में पत्नी और 3 साल की एक बेटी है। अचानक लापता होने से परिवार गहरे सदमे में है और लगातार उसके सुरक्षित मिलने की उम्मीद लगाए बैठा है। उधर, पुलिस मोबाइल की लोकेशन, कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी जांच कर रही है।
अजमेर जिले की एक विवाहिता ने सोशल मीडिया पर उसका मोबाइल नंबर वायरल कर लगातार अश्लील कॉल, धमकियां और मानसिक प्रताड़ना देने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि पूर्व में दर्ज रेप मामले में समझौते का दबाव बनाने के लिए सुनियोजित तरीके से यह पूरा घटनाक्रम कराया जा रहा है। पीड़िता ने आईजी अजमेर रेंज और पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन देकर निष्पक्ष जांच, एफआईआर दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। कॉल करने अश्लील बातें करते हैं पीड़िता ने ज्ञापन में बताया कि पिछले कई दिनों से उसके मोबाइल पर अलग-अलग नंबरों से लगातार कॉल और संदेश आ रहे हैं। कॉल करने वाले कई लोग अश्लील बातें करते हैं। विरोध करने पर जान से मारने की धमकियां भी दी जाती हैं, जिससे वह और उसका परिवार मानसिक तनाव में है। ट्रक डाइवर्स के ग्रुप में शेयर किया नंबर महिला का आरोप है कि उसका मोबाइल नंबर सोशल मीडिया पर ट्रक चालकों के एक ग्रुप में जानबूझकर साझा किया गया। इसके बाद लगातार अनजान लोगों के कॉल आने लगे, जिससे परिवार का सामान्य जीवन भी प्रभावित हो गया है। शिकायत के बाद भी मामला दर्ज नहीं किया पीड़िता ने आशंका जताई है कि यह सब पहले से दर्ज एक रेप प्रकरण में समझौता कराने के लिए दबाव बनाने की नीयत से किया जा रहा है। उसका कहना है कि स्थानीय स्तर पर शिकायत देने के बावजूद अब तक मामला दर्ज नहीं किया गया। महिला ने आईजी और एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाकर दोषियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने, साजिश का खुलासा करने और उसे व उसके परिवार को सुरक्षा उपलब्ध कराने की मांग की है।
जमशेदपुर में शुक्रवार तड़के डिमना लेक के पास स्थित प्रतिबंधित (डेंजर जोन) तालाब में एमजीएम के तीन जूनियर डॉक्टर डूब गए। इनमें से एक को तैरना आता था और वो बाहर निकल आए। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई और डूबे दोनों डॉक्टरों की तलाश जारी है। दरअसल, एमजीएम मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के तीन जूनियर डॉक्टर समीर, सक्षम और यश तालाब किनारे पार्टी कर रहे थे। बताया जाता है कि यह क्षेत्र प्रशासन द्वारा डेंजर जोन घोषित किया गया है और यहां लोगों के आने-जाने पर रोक है। इसके बावजूद तीनों वहां पहुंच गए। एक-दूसरे को बचाने में हुई घटनाइसी दौरान एक जूनियर डॉक्टर का मोबाइल फोन तालाब में गिर गया। मोबाइल निकालने के प्रयास में एक डॉक्टर तालाब में उतरे, लेकिन गहराई अधिक होने के कारण वह डूबने लगे। उन्हें बचाने के लिए एक-एक बाकी दोनों डॉक्टर भी तालाब में कूद गए। डॉ. यश तैरना जानते हैं। इसलिए वह किसी तरह बाहर निकल आाए, जबकि डॉ. समीर और सक्षम गहरे पानी में डूब गए। तालाब का जलस्तर काफी बढ़ाडॉ. यश ने अपने साथियों और फिर पुलिस को घटना की सूचना दी। पुलिस गोताखोरों की मदद से तालाब में डूबे दोनों डॉक्टरों की तलाश कर रही है। जबकि डॉ. यश से घटना के बारे में पूछताछ की जा रही है। समीर और सक्षम के चप्पल तालाब किनारे पड़े मिले हैं। डॉ. सक्षम डाल्टेनगंज और समीर जमशेदपुर के काशीडीह के रहने वाले हैं। लगातार बारिश की वजह से तालाब का जलस्तर काफी बढ़ा हुआ है। सूचना मिलते ही एमजीएम अस्पताल के कई जूनियर डॉक्टर और अन्य चिकित्सक भी घटनास्थल पर पहुंच गए। हादसे के बाद अस्पताल और मेडिकल कॉलेज में शोक का माहौल है।
प्रदेश में वन्यजीवों के आबादी क्षेत्रों में पहुंचने, घायल होने या रेस्क्यू की जरूरत पड़ने पर आम लोगों के लिए त्वरित सूचना व्यवस्था कई जिलों में कमजोर नजर आ रही है। वन विभाग की आधिकारिक हेल्पलाइन नंबर की सूची के विश्लेषण में सामने आया है कि कई वन मंडलों में मोबाइल हेल्पलाइन उपलब्ध नहीं हैं। कुछ स्थानों पर केवल एक ही संपर्क नंबर के भरोसे पूरी व्यवस्था चल रही है। ऐसे में आपात स्थिति में लोगों के लिए तुरंत सूचना देना चुनौती बन सकता है। अभी विभाग ने हेल्पलाइन नंबर 1904 जारी कर रखा है, जिससे किसी घटना की सूचना तुरंत रेंजर, डीएफओ और सीसीएफ स्तर के अधिकारियों तक पहुंच जाती है। लेकिन, विभाग की साइट पर हर जिले के हेल्पलाइन नंबर भी जारी कर रखे हैं। इसमें भी फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां अधिकारियों के तबादला और सेवानिवृत्त होने के बाद उनके नंबर हटाए नहीं गए हैं। यहां हालात बेहतर अजमेर-चित्तौड़-जालोर में रेंज स्तर के नंबर उपलब्ध लैंडलाइन पर संपर्क नहीं हो सके तो विकल्प ही नहीं सूची के अनुसार अलवर, भीलवाड़ा, झालावाड़, जोधपुर वाइल्डलाइफ तथा रणथंभौर क्षेत्र से जुड़े सवाई माधोपुर डिवीजन सहित कुछ वन मंडलों में आम जनता के लिए कोई मोबाइल हेल्पलाइन नंबर दर्ज नहीं है। वहीं, कुछ जिलों में केवल लैंडलाइन है। यदि किसी कारण से संपर्क नहीं हुआ तो वैकल्पिक व्यवस्था नहीं है। राजधानी जयपुर के मुख्य वन मंडल में भी केवल लैंडलाइन नंबर दर्ज है, जबकि चूरू और श्रीगंगानगर के मुख्यालय स्तर पर लैंडलाइन नहीं है। दूसरी ओर सरिस्का वन मंडल में केवल एक मोबाइल नंबर से संपर्क किया जा सकता है। हालांकि प्रदेश के कुछ जिलों ने अपेक्षाकृत बेहतर तैयारी भी दिखाई है। बांसवाड़ा, पाली, बीकानेर, दौसा और डूंगरपुर जैसे जिलों में लैंडलाइन के साथ कई वैकल्पिक मोबाइल नंबर जारी किए गए हैं, ताकि किसी एक नंबर पर संपर्क नहीं होने की स्थिति में दूसरे नंबर से सूचना दी जा सके। लापरवाही...सेवानिवृत्त और ट्रांसफर हो चुके अधिकारियों के नंबर साइट पर पर्यटन और वन्यजीवों की दृष्टि से संवेदनशील उदयपुर जिले में वन विभाग के तीन अलग-अलग डिवीजन हैं। आधिकारिक सूची के अनुसार उदयपुर मुख्य वन मंडल और उदयपुर उत्तर वन मंडल में केवल एक-एक मोबाइल नंबर जारी किया गया है। दोनों डिवीजनों के पास लैंडलाइन नंबर भी उपलब्ध हैं। इसमें डीएफओ स्तर के अधिकारियों के नंबर जारी कर रखे हैं, जिससे सीधे उन तक मामले की जानकारी पहुंचाई जा सके। लेकिन, वन्यजीव डिवीजन में सबसे ज्यादा हालात खराब मिले हैं। वहीं, उदयपुर वाइल्डलाइफ डिवीजन में लैंडलाइन नंबर दर्ज नहीं है, हालांकि यहां बैकअप के रूप में चार मोबाइल नंबर उपलब्ध कराए गए हैं। लेकिन यहां संपर्क करने पर अलग ही कहानी सामने आई। विभाग की ओर से एक नंबर ऐसे कर्मचारी का जारी कर रखा है, जो विभाग के पूर्व ड्राइवर रह चुके लाल सिंह का है। वे दो साल पहले ही रिटायर हो चुके हैं। दूसरे जारी किए गए नंबर 9950779554 पर संपर्क करने पर किसी ने कोई जवाब नहीं दिया। इसके अलावा तीसरे नंबर 9950449445 पर संपर्क किया तो वनकर्मी हिम्मत सिंह बोले। उन्होंने बताया कि उनका तबादला अब वन्यजीव सीसीएफ कार्यालय में हो गया है। चौथे नंबर 9672824706 पर संपर्क किया तो वनकर्मी वर्षा ने बात की। उन्होंने बताया कि उनका तबादला जयसमंद में हो गया है। अभी साइट पर उनका नंबर बदला नहीं गया है। हालांकि उन्होंने कहा कि कोई भी वन्यजीव की घटना की जानकारी हो तो उन्हें बता सकते हैं।
वाहन/परिवहन पोर्टल पर आधार ओटीपी के साथ मोबाइल ओटीपी का विकल्प मांगा
भास्कर न्यूज| लुधियाना वाहन/परिवहन पोर्टल पर वाहनों की ट्रांसफर प्रक्रिया में आ रही व्यावहारिक दिक्कतों और देरी को दूर करने के लिए स्कूटर बाजार एसोसिएशन के प्रधान दीपक अरोड़ा की अगुवाई में एक प्रतिनिधिमंडल ने आरटीओ मनकवल सिंह चहल को ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से स्टेट ट्रांसपोर्ट कमिश्नर और रीजनल ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी से वाहन ट्रांसफर नियमों को सरल और समयबद्ध बनाने की मांग की गई है। लुधियाना स्कूटर बाजार एसोसिएशन प्रधान दीपक अरोड़ा ,सिमरनजीत सिंह और लुधियाना ट्रांसपोर्टर्स वेलफेयर क्लब चेयरपर्सन परगट पाल सिंह, प्रधान जोधा सिंह, जनरल सेक्रेटरी जतिंदर पाल सिंह व कैशियर अमरजीत सिंह ने बताया कि वाहन ट्रांसफर के लिए केवल आधार ओटीपी अनिवार्य किए जाने से कई गंभीर समस्याएं आ रही हैं। कई मामलों में खरीदार/विक्रेता का मोबाइल नंबर आधार से लिंक नहीं होता, नंबर बंद हो चुका होता है या ओटीपी प्राप्त नहीं होता। इसके अलावा बैंक नीलामी, कोर्ट नीलामी और मृतक मालिकों के वाहनों के मामलों में भी आरसी ट्रांसफर अटक जाती है। आधार ओटीपी के साथ-साथ विक्रेता/खरीदार के रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर आने वाले ओटीपी से भी सत्यापन का विकल्प दिया जाए। हाइपोथिकेशन कैंसिलेशन और ट्रांसफर सेवाओं को अलग-अलग करने से प्रक्रिया में 2-3 महीने की देरी हो रही है। इन्हें पुराने वाहन सिस्टम की तरह दोबारा एक साथ किया जाए, ताकि 7-10 दिनों में परमिट व आरसी मिल सके। वाहन से जुड़ी हर ऑनलाइन सेवा के लिए 7 कार्य दिवसों की समय-सीमा तय की जाए। खरीदार की इलेक्ट्रॉनिक सहमति अनिवार्य रखी जाए, लेकिन केवल आधार ओटीपी को ही एकमात्र साधन न बनाया जाए। स्कूटर बाजार एसोसिएशन के प्रधान दीपक अरोड़ा और अन्य ट्रांसपोर्टर प्रतिनिधियों ने कहा कि एनसीआरबी (नेशनल क्राइम रिकॉर्ड्स ब्यूरो) वेरिफिकेशन, चेसिस/इंजन नंबर जांच और आरटीओ कार्यालय की सत्यापन प्रक्रिया पहले से ही सुरक्षा सुनिश्चित करती है। ऐसे में नियमों को व्यावहारिक बनाने से आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी से राहत मिलेगी। आरटीओ मनकवल सिंह चहल ने ज्ञापन प्राप्त कर मांगों को उच्च अधिकारियों के समक्ष उठाने और जल्द समाधान का आश्वासन दिया है।
गृह मंत्रालय ने जंतर-मंतर के पास मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया
केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए गुरुवार शाम 4 बजे से जंतर-मंतर के आसपास आठ घंटे के लिए मोबाइल इंटरनेट सेवाएं बंद करने का आदेश दिया। एक अधिकारी ने यह जानकारी दी
सीकर शहर में एसके कॉलेज के सामने की तरफ गली में बाइक सवार दो युवकों ने पैदल चल रही महिला का मोबाइल छीन लिया। इसके बाद दोनों भागे तो उनकी बाइक स्लिप हो गई। एक आरोपी वहीं गिर गया, जबकि दूसरा फरार हो गया। लोगों ने आरोपी को पकड़ लिया। बाद में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर बाइक जब्त कर ली। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। महिला के चिल्लाने पर लोगों ने आरोपी को पकड़ा एसके हॉस्पिटल चौकी के हैड कॉन्स्टेबल राजेंद्र कुमार ने बताया- एसके कॉलेज के पास मैं शाम को ड्यूटी कर रहा था। इसी दौरान सूचना मिली कि एक युवक मोबाइल छीनने के बाद गिर गया, जिसे लोगों ने पकड़ लिया है। ऐसे में मौके पर पहुंचा। जहां पता चला कि युवक और उसका साथी गली में एक महिला का मोबाइल छीन कर भाग रहे थे। ऐसे में उनकी बाइक स्लिप हो गई और दोनों गिर गए। एक युवक मौके से फरार हो गया। वहीं दूसरे आरोपी को गिरने के बाद वहां मौजूद लोगों ने महिला के चिल्लाने पर पकड़ लिया। ऐसे में आरोपी को पुलिस गाड़ी के जरिए थाने पर भिजवा दिया गया। मामले में महिला रिपोर्ट देगी, उसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में सुनसान सड़क पर युवक से 2 मोबाइल लूटने वाले चाचा-भतीजा को चक्रधरनगर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों ने कोतरलिया मेन रोड पर वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए थे। पुलिस ने साइबर तकनीकी जांच और मुखबिर की सूचना के आधार पर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार पक्की खोली निवासी लोकेश कुमार चंद्रा (45) ने 30 मई की सुबह रिपोर्ट दर्ज कराई थी। वह स्कूटी से कोटमार स्थित इंडस एनर्जी कंपनी ड्यूटी जा रहे थे। डीपीएस स्कूल के पास कोतरलिया मेन रोड पर स्कूटी खराब होने पर वह मिस्त्री का इंतजार कर रहे थे। तभी बाइक सवार दो युवक पहुंचे और उनके पास रखे दो मोबाइल छीनकर धक्का देते हुए फरार हो गए। तकनीकी जांच से मिली सफलता मामले की जांच के दौरान साइबर थाना की मदद से संदिग्धों की पहचान की गई। पुलिस ने छातामुड़ा निवासी दिनेश यादव (34) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। उसने अपने भतीजे शुभम यादव (18) के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। मालगाड़ी में फेंक दिया मोबाइल पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि, भागने के दौरान एक सैमसंग मोबाइल सड़क पर गिरकर टूट गया था। पुलिस से बचने के लिए उन्होंने उसे जामगांव रेलवे ट्रैक के पास गुजर रही मालगाड़ी के डिब्बे में फेंक दिया। वहीं दूसरा वीवो मोबाइल अपने पास छिपाकर रखा था। मोबाइल और बाइक जब्त पुलिस ने आरोपी दिनेश यादव के कब्जे से लूटा गया वीवो मोबाइल और शुभम यादव के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त बिना नंबर की हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल बरामद कर जब्त कर ली। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। SSP बोले- लुटेरों पर कार्रवाई जारी रहेगी एसएसपी शशि मोहन सिंह ने कहा कि, जिले में लूटपाट और झपटमारी जैसी घटनाओं में शामिल अपराधियों के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। ह्यूमन इंटेलिजेंस, तकनीकी जांच और सतत विवेचना के माध्यम से ऐसे अपराधियों को चिन्हित कर कानून के दायरे में लाया जाएगा।
राष्ट्रीय एवं राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण के तत्वावधान में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण उदयपुर के निर्देश पर तालुका विधिक सेवा समिति, वल्लभनगर ने मोबाइल वैन के माध्यम से दो दिवसीय विधिक साक्षरता अभियान शुरू किया है। इस अभियान का शुभारंभ समिति के अध्यक्ष एवं अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रेम गढ़वाल ने मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर किया। यह अभियान 23 और 24 जुलाई 2026 तक संचालित होगा। इसके तहत मोबाइल वैन वल्लभनगर क्षेत्र के विभिन्न गांवों और छात्रों में पहुंचेगी। इसका उद्देश्य आमजन और छात्रों को निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत, अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना तथा नागरिकों के कानूनी अधिकारों के बारे में जानकारी देना है। अभियान के पहले दिन वल्लभनगर, भोपालपुरा, रणछोड़पुरा और भटेवर क्षेत्रों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान तालुका सचिव विष्णु कान्त शर्मा ने राजकीय उच्च माध्यमिक छात्र भटेवर और राजकीय उच्च प्राथमिक छात्र रणछोड़पुरा में छात्रों को विधिक अधिकारों और योजनाओं की जानकारी दी। आमजन को भी निःशुल्क विधिक सहायता, लोक अदालत और अपराध पीड़ित प्रतिकर योजना के प्रति जागरूक किया गया।
कोरबा के मानिकपुर चौकी क्षेत्र के बुधवारी बाईपास मार्ग स्थित वाहन स्टैंड की आड़ में चल रहे जुए के फड़ पर गुरुवार को पुलिस ने छापा मारकर 8 लोगों को रंगे हाथों गिरफ्तार किया। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने करीब 18 हजार रुपये नकद, मोबाइल फोन और जुए में इस्तेमाल होने वाली सामग्री जब्त की। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई पुलिस को सूचना मिली थी कि वाहन स्टैंड के पास कुछ लोग खुलेआम ताश के पत्तों से जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही मानिकपुर चौकी पुलिस ने घेराबंदी कर मौके पर दबिश दी और सभी आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। सभी आरोपी पेशे से हैं ड्राइवर पूछताछ में पता चला कि गिरफ्तार सभी आरोपी पेशे से वाहन चालक हैं। पुलिस के अनुसार, ये लोग खाली समय में वाहन स्टैंड के पास इकट्ठा होकर जुआ खेलते थे। नकदी, मोबाइल और जुआ सामग्री बरामद कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लगभग 18 हजार रुपये नकद, कई मोबाइल फोन, ताश की गड्डी और अन्य जुआ सामग्री बरामद की। मौके पर शराब की खाली बोतलें और डिस्पोजल गिलास भी मिले हैं, जिससे वहां शराबखोरी होने की भी आशंका जताई जा रही है। जुआ एक्ट के तहत कार्रवाई गिरफ्तार आरोपियों में मो. जलील आलम (34), मो. रहीम (26), साहिल अली (31), आनंद विश्वकर्मा (34), गजेंद्र साहू (38), अमीक अहमद (48), मोहम्मद आलम (32) और मो. साबीर (35) शामिल हैं। सभी के खिलाफ जुआ एक्ट के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। एएसपी ने कहा अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर बुधवारी बाईपास स्थित वाहन स्टैंड में दबिश देकर 8 जुआरियों को गिरफ्तार किया गया है। सभी के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की गई है।
रायगढ़ जिले में युवती इंस्टाग्राम पर हुई दोस्ती के बाद साइबर ठगी का शिकार हो गई। आरोपी ने पहले उसे अपने प्रेमजाल में फंसाया, फिर उसकी निजी फोटो और वीडियो लेकर वायरल करने की धमकी दी। डराकर उसने युवती से 13 हजार रुपए ले लिए। परेशान होकर युवती ने साइबर थाना में शिकायत की। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी को बिहार के मुजफ्फरपुर से गिरफ्तार कर लिया है। लैलूंगा थाना क्षेत्र की 23 साल की युवती ने 12 जून को साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई। उसने बताया कि करीब 6 साल पहले इंस्टाग्राम पर उसकी पहचान मुजफ्फरपुर (बिहार) के रहने वाले अविनाश उर्फ राजा से हुई थी। दोनों की बातचीत बढ़ी तो आरोपी ने भरोसा जीतकर युवती से निजी फोटो और वीडियो मंगवा लिए। कुछ समय बाद आरोपी ने युवती को एक APK फाइल भेजी और उसे डाउनलोड करने के लिए कहा। युवती ने फाइल डाउनलोड कर दी और एक्सेस कोड भी बता दिया। इसके बाद आरोपी ने मोबाइल से फोटो, वीडियो, निजी जानकारी और कॉन्टैक्ट नंबर अपने पास ले लिए। फोटो वायरल करने की धमकी देकर पैसे मांगे इसके बाद आरोपी ने युवती को फोटो और वीडियो सोशल मीडिया, उसके परिवार वालों को भेजने की धमकी दी। डर के कारण युवती ने आरोपी के पेटीएम खाते में अलग-अलग बार में 13 हजार रुपए भेज दिए। पैसे मिलने के बाद भी आरोपी उसे लगातार ब्लैकमेल करता रहा। तकनीकी जांच से आरोपी तक पहुंची पुलिस शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। तकनीकी जांच के जरिए आरोपी की जानकारी जुटाई गई। एसएसपी शशि मोहन सिंह के निर्देश पर पुलिस टीम बिहार पहुंची और मुजफ्फरपुर के बेला थाना क्षेत्र से अविनाश चौधरी (20) को गिरफ्तार कर लिया। यूट्यूब देखकर सीखा था तरीका पूछताछ में आरोपी ने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसने बताया कि उसने यूट्यूब देखकर हैकिंग के तरीके सीखे थे और उसी का इस्तेमाल कर युवती को ब्लैकमेल किया। पुलिस ने आरोपी को रायगढ़ लाकर कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस की सलाह एसएसपी शशि मोहन सिंह ने लोगों से अपील की है कि सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती न करें। किसी के कहने पर APK फाइल या संदिग्ध लिंक डाउनलोड न करें और अपनी निजी फोटो या जानकारी किसी के साथ साझा न करें। अगर कोई ब्लैकमेल कर पैसे मांगे, तो तुरंत साइबर हेल्पलाइन 1930 या नजदीकी साइबर थाना में शिकायत करें। साइबर सुरक्षा के लिए जरूरी सावधानियां
तरनतारन की सेंट्रल जेल श्री गोइंदवाल साहिब एक बार फिर चर्चा में है। यहां जेल में तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनमोल प्रीत सिंह को तलाशी के दौरान प्रतिबंधित सामग्री के साथ गिरफ्तार किया गया है। आरोपी के पास से 997 लाल कैप्सूल, 2 मोबाइल फोन, भारतीय मुद्रा और चरस जैसा पदार्थ बरामद हुआ है। यह घटना दो दिन पहले की है। सेंट्रल जेल के असिस्टेंट सुपरिंटेंडेंट कुलजीत सिंह ने ड्यूटी पर तैनात मेडिकल ऑफिसर डॉ. अनमोल प्रीत सिंह (निवासी गली नंबर 6, ज्योतिसर कॉलोनी, जंडियाला गुरु) की तलाशी शुरू की। डॉक्टर ने पहले अपने बैग की तलाशी लेने से इनकार कर दिया था। इसके बाद, टीम ने डॉक्टर के बैग और उनकी i20 कार की तलाशी ली। इसमें 997 लाल कैप्सूल, 1490 अन्य कैप्सूल, 2050 गोलियां, 2 मोबाइल, 2630 रुपए भारतीय करेंसी, 53 ग्राम चरस जैसा पदार्थ और एक i20 कार बरामद की गई। आरोपी डॉक्टर के खिलाफ केस दर्ज एसएसपी सुरिंदर लांबा ने बताया कि आरोपी डॉक्टर के खिलाफ श्री गोइंदवाल साहिब थाने में नारकोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रोपिक सब्सटेंस (NDPS) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। उसे माननीय न्यायालय में पेश करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी पुलिस एसएसपी लांबा ने बताया कि रिमांड के दौरान आरोपी से यह पता लगाया जाएगा कि वह कितने समय से जेल में ड्रग्स और अन्य प्रतिबंधित सामान ले जा रहा था। यह भी जानकारी मिली है कि गिरफ्तार डॉक्टर के परिवार के अन्य सदस्य भी पंजाब में डॉक्टर के पद पर कार्यरत हैं।
पूर्णिया के बनमनखी थाना क्षेत्र के नगर परिषद वार्ड संख्या 26 स्थित पूर्वी मंडल टोला में बुधवार को एक 30 वर्षीय महिला का शव घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। घटना की सूचना मिलते ही बनमनखी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की गंभीरता को देखते हुए फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को भी बुलाया गया। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जीएमसीएच पूर्णिया भेज दिया है। मृतका की पहचान वार्ड संख्या 26 निवासी छोटू मल्लाह की 30 वर्षीय पत्नी फुलकुमारी देवी के रूप में हुई है। वह एक किराना दुकान चलाती थीं। बेटे ने बताई घटना से पहले की पूरी जानकारी मृतका के 10 वर्षीय पुत्र आकाश कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब नौ बजे उसके पिता से मोबाइल खरीदने को लेकर फोन पर बातचीत के दौरान विवाद हुआ था। उसकी मां बुधवार को ही बाजार से मोबाइल खरीदकर लाई थीं। आकाश के अनुसार, बाद में मां ने दुकान बंद कर आराम करने की बात कही और उसे थोड़ी देर बाद जगाने के लिए कहा। इसी दौरान मोबाइल दुकानदार पैसे लेने पहुंचा। मां को खोजने पर वह नहीं मिलीं। इसके बाद दादी के कमरे का दरवाजा खोलने पर मां फंदे से लटकी मिलीं। मृतका के भाई छोटू कुमार, जो अरबन्ना (बड़हरा कोठी थाना क्षेत्र) के निवासी हैं, ने बताया कि उनकी बहन की शादी करीब दस वर्ष पूर्व हुई थी। उन्हें दोपहर करीब 12 बजे बहनोई ने फोन कर घटना की जानकारी दी। उन्होंने यह भी बताया कि फुलकुमारी चार भाइयों और दो बहनों में सबसे बड़ी थीं। तीन महीने से पंजाब में मजदूरी कर रहा था पति मृतका के पति छोटू मल्लाह ने बताया कि वह पिछले तीन महीने से पंजाब में मजदूरी कर रहे हैं। उन्होंने सुबह अपनी पत्नी से फोन पर बातचीत की थी। स्थानीय ग्रामीण दिनेश मल्लाह ने बताया कि बच्चों की चीख-पुकार सुनकर ग्रामीण मौके पर पहुंचे, जहां महिला को फंदे से लटका देखा। पुलिस मामले की जांच कर रही है। तीन बच्चों के साथ घर में अकेली रहती थीं महिला ग्रामीणों के अनुसार, मृतका के पति तीन माह पहले पंजाब गए थे, जबकि उनके सास-ससुर भी दो दिन पहले पंजाब चले गए थे। महिला अपने तीन बच्चों के साथ घर में रहकर एक छोटी दुकान चलाती थी। उनके तीन बच्चे हैं- 10 वर्षीय आकाश कुमार, 8 वर्षीय नंदिनी कुमारी और 6 वर्षीय अमरेश कुमार। इस संबंध में बनमनखी एसडीपीओ शैलेश प्रीतम ने बताया कि प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है। बच्चे के कथन के अनुसार महिला ने बच्चों को डांटकर बाहर भेज दिया था। बाद में जब बच्चा वापस लौटा तो उसने अपनी मां को फंदे से लटका पाया। उन्होंने बताया कि वैज्ञानिक जांच के लिए एफएसएल टीम को बुलाया गया था तथा पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर आगे की विधिसम्मत कार्रवाई कर रही है।
ग्रेटर नोएडा में दो बदमाश गिरफ्तार:बाइक से मोबाइल लूटकर भाग जाते थे, 25 फोन बरामद
ग्रेटर नोएडा की नॉलेज पार्क थाना पुलिस ने गुरुवार सुबह करीब 8 बजे मोबाइल फोन स्नैचिंग करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से विभिन्न कंपनियों के 25 छीने गए मोबाइल फोन, फर्जी नंबर प्लेट लगी एक अपाचे मोटरसाइकिल और एक अवैध तमंचा बरामद किया है। गुरुवार सुबह पुलिस ने दोनों आरोपियों को ग्राम गुर्जरपुर रेलवे अंडरपास के पास से गिरफ्तार किया। उनकी पहचान रबूपुरा के तीर्थली गांव निवासी फैजान पठान और बुलंदशहर के ककोड़ निवासी फरमान के रूप में हुई है। सीसीटीवी फुटेज से मिली सफलता थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि नॉलेज पार्क क्षेत्र में पिछले कुछ समय से मोबाइल स्नैचिंग की लगातार घटनाएं हो रही थीं। वारदातों को अपाचे मोटरसाइकिल पर सवार दो बदमाश अंजाम दे रहे थे। आरोपियों की तलाश में पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। फुटेज में संदिग्ध अपाचे बाइक पर सवार दोनों युवक दिखाई दिए। इसी आधार पर उनकी पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। महंगे मोबाइल सस्ते दाम में बेचते थे पुलिस जांच में सामने आया कि दोनों आरोपी तेज रफ्तार बाइक से राहगीरों के हाथ से मोबाइल फोन छीनकर फरार हो जाते थे। इसके बाद महंगे मोबाइल फोन कम कीमत पर बेच देते थे। गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी पुलिस अब दोनों आरोपियों के आपराधिक इतिहास की जांच कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और छीने गए मोबाइल फोन कहां बेचे जाते थे।
मुजफ्फरपुर के मिठनपुरा थाना क्षेत्र के रामबाग स्थित रिटायर्ड बैंककर्मी अशोक कुंवर और उनकी पत्नी नीलम देवी हत्याकांड की गुत्थी 48 घंटे बाद भी नहीं सुलझ सकी है। हालांकि पुलिस की जांच तेजी से आगे बढ़ रही है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि वारदात को बेहद सुनियोजित तरीके से अंजाम दिया गया। हत्या का मुख्य आरोपी मई महीने से ही मकान मालिक अशोक कुंवर के संपर्क में था। किराएदार बनने की पूरी साजिश पहले से रची गई थी। पुलिस की जांच में यह भी सामने आया है कि घटना वाले दिन दोनों आरोपी ऑटो से मकान तक पहुंचे थे और किराए का भुगतान क्यूआर कोड के जरिए ऑनलाइन किया था। इसी आधार पर पुलिस ने ऑटो चालक को पूछताछ के लिए हिरासत में लिया है। इसके अलावा सिम कार्ड और मोबाइल से जुड़े लोगों समेत करीब 4 लोगों से पूछताछ की जा रही है। सबसे पहले डबल मर्डर से जुड़ी 2 तस्वीरें देखिए फर्जी सिम और पुराने मोबाइल से रची गई साजिश जांच में पता चला है कि आरोपियों ने अपनी पहचान छिपाने के लिए फर्जी नाम-पते पर सिम कार्ड लिया और एक पुराना मोबाइल फोन इस्तेमाल किया। वारदात के दौरान पहचान छिपाने के लिए ग्लव्स का भी उपयोग किया गया। पुलिस का मानना है कि पूरी हत्या की योजना काफी पहले से तैयार की गई थी और हर कदम सोच-समझकर उठाया गया। हत्या से पहले मकान मालकिन को दिया था कागज सीसीटीवी फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति नीलम देवी को कोई कागज देते हुए दिखाई दे रहा है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि वह कागज क्या था और उसका हत्या से कोई संबंध है या नहीं। जांच टीम इस पहलू को भी महत्वपूर्ण मानकर पड़ताल कर रही है। गायब चाभियों के गुच्छे ने बढ़ाई रहस्य की परतें जांच का सबसे अहम बिंदु घर से गायब चाभियों का गुच्छा बन गया है। मृतक दंपती के बेटे ने अपने बयान में बताया है कि नीलम देवी घर की सभी चाभियां एक ही गुच्छे में रखती थीं, जो कमरे की टेबल पर रहता था। घटना के बाद वह गुच्छा नहीं मिला। पुलिस इस संभावना की भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने उन्हीं चाभियों से अलमारी या लॉकर खोला हो और नकदी, आभूषण या महत्वपूर्ण दस्तावेज अपने साथ ले गए हों। हालांकि पुलिस ने अब तक लूट की पुष्टि नहीं की है, लेकिन चाभियों का गायब होना जांच को नई दिशा दे रहा है। सीआईडी ने दूसरी बार किया निरीक्षण बुधवार को सीआईडी की टीम ने दूसरी बार घटनास्थल का निरीक्षण किया। टीम ने घर के प्रवेश और निकास मार्ग, कमरों की स्थिति और पहले जुटाए गए FSL साक्ष्यों का दोबारा मिलान किया। पुलिस सीसीटीवी फुटेज, कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर), मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का विश्लेषण कर रही है। इस दौरान मृतक दंपती की बेटी समेत अन्य परिजनों से भी पूछताछ की गई। पुलिस ने परिवार की दिनचर्या, घर आने-जाने वाले लोगों, किरायेदारों और हाल के दिनों की गतिविधियों की विस्तृत जानकारी जुटाई है। हर पहलू से जांच, जल्द खुलासे की उम्मीद सिटी एसपी ने बताया कि पुलिस की कई टीमें अलग-अलग बिंदुओं पर लगातार छापेमारी कर रही हैं। तकनीकी साक्ष्यों, फोरेंसिक रिपोर्ट और पूछताछ से मिले इनपुट के आधार पर जांच निर्णायक चरण में पहुंच चुकी है। पुलिस का दावा है कि मामले का जल्द खुलासा किया जाएगा।
पूर्व एसएचओ नागरा को अमृतसर जेल भेजा, गैंगस्टर जग्गू के साथियों से चैटिंग वाला मोबाइल बरामद
भास्कर न्यूज | जालंधर आप नेता बलविंदर सिंह मियाणी की हत्या से जुड़े रिश्वत कांड में नामजद टांडा के पूर्व एसएचओ गुरिंदरजीत सिंह नागरा को बुधवार को दसूहा कोर्ट में पेश किया गया। एक दिन का रिमांड खत्म होने के बाद कोर्ट ने और रिमांड नहीं दिया, जिसके बाद नागरा को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया है। पेशी से पहले, कोर्ट से सर्च वारंट लेकर एसपी (इन्वेस्टिगेशन) वनीत अहलावत ने अपनी टीम के साथ नागरा और उसके एक करीबी रिश्तेदार के घर पर सर्च अभियान चलाया। हालांकि, रात तक एसपी ने मीडिया से दूरी बनाए रखी, जिससे आधिकारिक तौर पर यह स्पष्ट नहीं हो सका कि सर्च में क्या-क्या बरामद हुआ है। रिमांड पेशी के दौरान दसूहा कोर्ट में दो डीएसपी रैंक के अधिकारी अंदरखाते नागरा की पैरवी करते नजर आए। उनकी पोस्टिंग काफी दूर है, लेकिन वे दोस्त की मदद व कानूनी राय देने वहां पहुंचे थे। सूत्रों के अनुसार, नागरा ने चरनजीत से जबरन वसूली के लिए उसके बेटे गुरप्रीत सिंह को हवा में ही केस में नामजद करने का डर दिखाया था। नागरा ने धमकी दी थी कि वह बेटे का जल्द वारंट लेकर उसे भगोड़ा घोषित करवा देगा और एलओसी भी जारी करवा देगा। डर के मारे चरनजीत पैसे देने को तैयार हो गया। पेमेंट मिलते ही नागरा ने चरनजीत को मैसेज किया- टेंशन न लें, बेटे को केस से निकाल दिया है। जबकि असलियत में नागरा ने गुरप्रीत को कभी नामजद किया ही नहीं था, केवल मीडिया और अपने सोर्स के जरिये यह डर फैलाया था। नागरा को मई में ही भनक लग गई थी कि मामला बिगड़ रहा है, इसलिए खुद को बचाने के लिए उसने बाद में चरनजीत को केस में नामजद कर दिया था। जांच अधिकारी की खामोशी पर सवाल इस पूरे घटनाक्रम में जांच अधिकारी की खामोशी बड़े सवाल खड़े कर रही है। रिमांड पेशी के दौरान नागरा ऐसे तैयार होकर आता था जैसे वह किसी फंक्शन में जा रहा हो। इससे पुलिस महकमे की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं कि क्या नागरा को बचाने की कोई अंदरूनी कवायद चल रही है? सूत्रों के मुताबिक, अमेरिका में बैठे गैंगस्टर जग्गू भगवानपुरिया के करीबी गुरलाल और चरनजीत से चैटिंग के लिए इस्तेमाल किया गया मोबाइल पुलिस को मिल गया है। बताया जा रहा है कि यह मोबाइल नागरा के एक करीबी ने ही यह कहकर पुलिस को सौंपा है कि यह नागरा का पर्सनल फोन है। पुलिस जल्द ही इसे फोरेंसिक जांच के लिए भेजेगी। गौरतलब है कि एफबीआई के खुलासे के बाद 8 जुलाई को टांडा के एसएचओ नागरा को लाइन हाजिर किया गया था और 10 दिन की जांच के बाद उन्हें जालंधर (लद्देवाली) के पंजाब एवेन्यू स्थित घर से कस्टडी में लिया गया था।
ग्रेटर नोएडा: मोबाइल स्नैचिंग गिरोह का पर्दाफाश, दो बदमाश गिरफ्तार
ग्रेटर नोएडा में मोबाइल फोन स्नैचिंग की लगातार बढ़ती घटनाओं के बीच थाना नॉलेज पार्क पुलिस को बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मोबाइल स्नैचिंग करने वाले दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है
मेरठ में साइबर अपराधियों ने एक पेपर मिल के प्रबंधक का मोबाइल APK फाइल के जरिए हैक कर 1.80 करोड़ रुपये की ठगी कर डाली। साइबर ठगों ने मोबाइल से मिली जानकारी के आधार पर पेपर मिल के निदेशक के नाम से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार किया और उसी के जरिए प्रबंधक को अलग-अलग खातों में भुगतान करने के निर्देश भेजते रहे। प्रबंधक ने निदेशक का संदेश समझकर चार दिनों में करीब 1.80 करोड़ रुपये चार अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर दिए। सोमवार को मामला तब खुला जब भुगतान का ब्यौरा सुनकर असली निदेशक हैरान रह गए। इसके बाद साइबर क्राइम थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया। मवाना रोड स्थित डिफेंस कॉलोनी निवासी प्रज्ज्वल अग्रवाल ने साइबर क्राइम थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि उनकी गंगोत्री पेपर मिल हरिद्वार जनपद के झबरेड़ा-नारसन क्षेत्र में संचालित है। मिल का बैंक खाता पंजाब नेशनल बैंक की न्यू मंडी, मुजफ्फरनगर शाखा में है, जिसका संचालन प्रबंधक संदीप गोयल करते हैं। 17 जुलाई को आई पहली APK फाइल पुलिस के अनुसार - 17 जुलाई को संदीप गोयल के व्हाट्सएप नंबर पर एक एपीके फाइल भेजी गई। फाइल खोलते ही उनका मोबाइल साइबर ठगों के नियंत्रण में चला गया। इसके बाद ठगों ने पेपर मिल के निदेशक नीरज अग्रवाल के नाम और प्रोफाइल का इस्तेमाल कर फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट तैयार कर लिया। निदेशक बनकर भेजते रहे आदेशसाइबर ठगों ने फर्जी अकाउंट से संदीप गोयल को संदेश भेजकर विभिन्न बैंक खातों में भुगतान करने के निर्देश दिए। चूंकि पहले भी निदेशक नीरज अग्रवाल व्हाट्सएप के माध्यम से भुगतान संबंधी निर्देश देते रहे थे, इसलिए प्रबंधक को किसी प्रकार का संदेह नहीं हुआ। 17 जुलाई से 20 जुलाई के बीच उन्होंने चार अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से करीब 1.80 करोड़ रुपये बताए गए खातों में स्थानांतरित कर दिए। भुगतान की जानकारी देते ही खुला राजसोमवार को जब निदेशक नीरज अग्रवाल और प्रज्ज्वल अग्रवाल पेपर मिल पहुंचे तो संदीप गोयल ने उन्हें किए गए भुगतानों का पूरा विवरण दिया। यह सुनकर दोनों अधिकारी सन्न रह गए। उन्होंने ऐसे किसी भी भुगतान निर्देश को भेजने से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद पूरे मामले की जांच शुरू की गई और बैंक खातों की डिटेल निकलवाई गई। साइबर पोर्टल पर शिकायत, मुकदमा दर्जघटना का पता चलते ही प्रबंधन ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अविनाश पांडेय को मामले की जानकारी दी। एसएसपी के निर्देश पर साइबर क्राइम थाना मेरठ में प्रज्ज्वल अग्रवाल की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। खातों के जरिए ठगों तक पहुंचने की कोशिशएसपी क्राइम अवनीश कुमार ने बताया कि साइबर ठगी के इस मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। जिन बैंक खातों में रकम ट्रांसफर की गई, उन्हें चिन्हित कर संबंधित खाताधारकों और नेटवर्क से जुड़े लोगों की जानकारी जुटाई जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि रकम किन-किन खातों में आगे ट्रांसफर की गई और इस गिरोह में कौन-कौन शामिल है।
अशोकनगर की एक मोबाइल दुकान में हुई चोरी का कोतवाली पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से करीब 80 हजार रुपए कीमत के चार चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। आरोपी को न्यायालय में पेश करने के बाद पुलिस रिमांड पर लिया गया है, ताकि उससे अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ की जा सके। पुलिस के अनुसार, शांतिनाथ मंदिर के पास रहने वाले सफल जैन ने 21 जुलाई को कोतवाली थाने में चोरी की शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि रात में दुकान बंद कर घर चले गए थे। देर रात सूचना मिली कि दुकान का ताला तोड़कर चोरी कर ली गई है। चोर एक लावा मोबाइल, एक सैमसंग मोबाइल, दो आईफोन और गल्ले में रखे करीब पांच हजार रुपए नकद लेकर फरार हो गए थे। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 80 हजार रुपए आंकी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा के निर्देश पर विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल से तकनीकी साक्ष्य जुटाए, सीसीटीवी फुटेज खंगाले और मुखबिरों की मदद से आरोपी की तलाश शुरू की। बीना रेलवे स्टेशन के पास से पकड़ा आरोपी जांच के दौरान आरोपी की लोकेशन बीना क्षेत्र में मिली। इसके बाद पुलिस ने बीना रेलवे स्टेशन के पास से सेमरी टंकी, थाना पिपरई निवासी संदीप उर्फ संजीव यादव (19) को गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से चोरी हुए चारों मोबाइल बरामद कर जब्त कर लिए गए। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे रिमांड पर लिया गया। अधिकारियों का कहना है कि पूछताछ के दौरान यह पता लगाया जा रहा है कि आरोपी ने कहीं और भी चोरी की वारदातों को अंजाम दिया है या नहीं।
करनाल जिला के इंद्री क्षेत्र के गांव राजेपुर में एक मजदूर द्वारा चोरी करने का मामला सामने आया है। राजमिस्त्री के काम के लिए बुलाया गया व्यक्ति रात में घर पर ठहरा और सुबह होने से पहले ही मोटरसाइकिल, मोबाइल फोन और नकदी लेकर फरार हो गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत पुलिस को की है। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गांव राजेपुर निवासी शिकायतकर्ता श्रीचंद ने इंद्री पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह गांव के ही कृष्ण मलिक के यहां राजमिस्त्री का काम कर रहा था। 19 जुलाई को वह सूबे सिंह और पुनीत के साथ लाडवा लेबर चौक से एक मजदूर सुनील कुमार निवासी गांव नाचरोन को काम के लिए लेकर आया था। दिनभर काम करने के बाद उक्त मजदूर को अगले दिन भी काम पर लगना था, इसलिए उसे रात में अपने घर पर ही ठहरा लिया। रात में चोरी कर हुआ फरार पीड़ित के अनुसार, रात के समय मौका पाकर मजदूर सुनील कुमार कश्यप उसकी बाइक, मोबाइल फोन और जेब से 600 रुपए निकालकर फरार हो गया। सुबह उठने पर घटना का पता चला, जिसके बाद आसपास तलाश की गई लेकिन आरोपी का कोई सुराग नहीं लगा। पुलिस ने दर्ज किया मामला मामले में थाना इंद्री में 21 जुलाई को मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ केस दर्ज किया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर चोरी का सामान बरामद किया जाएगा।
मैनपुरी में घर में घुसकर हमला,VIDEO:दबंगों पर सरिया-धारदार हथियार से पीटा, रुपये और मोबाइल छीना
मैनपुरी में घर में घुसकर मारपीट का एक वीडियो सामने आया है। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि दबंगों ने लोहे की सरिया, धारदार हथियार और तमंचे के बल पर हमला कर परिवार के कई सदस्यों को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इस मामले में पुलिस से कार्रवाई की मांग की गई है। ग्राम सिमरई निवासी समोद कुमार पुत्र रामपाल सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया है कि यह घटना 21 जुलाई 2026 को दोपहर करीब तीन बजे हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि गांव के महेश चंद्र, प्रवेश कुमार, विपिन, सरोजिनी, राजवीर की पत्नी और अजय पुत्र मनीराम लोहे की सरिया, धारदार हथियार और देसी तमंचा लेकर उनके घर में घुस आए। समोद कुमार के अनुसार, हमलावरों ने पहले गाली-गलौज की और विरोध करने पर परिवार के सदस्यों पर हमला कर दिया। इस हमले में उनके भाई विनोद कुमार, प्रमोद कुमार, ओमप्रकाश और सिनोद कुमार धारदार हथियारों से गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को परिजन थाना बिछवां ले गए, जहां से उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र सुल्तानगंज भेजा गया। हालत गंभीर होने के कारण चिकित्सकों ने उन्हें जिला अस्पताल और फिर सैफई मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया, जहां उनका उपचार जारी है। घटना का मारपीट संबंधी वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें कई लोग आपस में झगड़ते दिख रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं हो पाई है। पीड़ित ने यह भी आरोप लगाया है कि हमलावरों ने उसकी मजदूरी के रुपये और मोबाइल फोन भी छीन लिया। पीड़ित समोद कुमार ने सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
अमरोहा पुलिस ने साइबर अपराध के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने विभिन्न स्थानों से खोए और गुम हुए 192 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत लगभग 38 लाख रुपये है। इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया गया है। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने बुधवार सुबह करीब ग्यारह बजे एक प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि जनपद की साइबर सेल टीम ने तकनीकी दक्षता का उपयोग करते हुए इन मोबाइलों को ट्रैक कर बरामद किया। यह कार्रवाई साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के पुलिस के प्रयासों का हिस्सा है। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर मालिकों के चेहरे खिल उठे। कई लोगों ने अमरोहा पुलिस और साइबर सेल टीम की कार्यशैली की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस की सक्रियता के कारण उनका कीमती सामान वापस मिल सका। पुलिस अधीक्षक यादव ने बताया कि साइबर सेल गुम हुए मोबाइलों की ट्रैकिंग का अभियान लगातार चला रही है। उन्होंने जनता से साइबर अपराधों के प्रति सतर्क रहने और किसी भी ऑनलाइन ठगी या मोबाइल गुम होने की स्थिति में तत्काल पुलिस से संपर्क करने की अपील की।
अलवर जिले के खेड़ली कस्बे में मंगलवार रात चोरों ने एक मोबाइल दुकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपए के मोबाइल चोरी कर लिए। वारदात कठूमर रोड स्थित कोमल मोबाइल दुकान में हुई। चोर दुकान का ताला तोड़कर और शटर की पत्तियां चौड़ी कर अंदर घुसे और काउंटर में रखे सभी मोबाइल समेटकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। लोगों ने ताले टूटे देखे-दुकानदार को दी सूचना जानकारी के अनुसार दुकान मालिक कोमल सिंह नरुका किसी काम से जयपुर गए हुए थे। दुकान पर कर्मचारी पवन और मनीष काम कर रहे थे। मंगलवार रात दुकान बंद होने के बाद चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। बुधवार सुबह राहगीरों ने दुकान का शटर खुला देखा तो इसकी सूचना दुकान मालिक को दी। सूचना मिलते ही दुकान मालिक मौके पर पहुंचे, जिसके बाद बड़ी संख्या में लोग भी वहां एकत्र हो गए। दुकान में रखे सारे मोबाइल ले गए चोर दुकान मालिक के अनुसार दुकान में कुल 29 मोबाइल रखे हुए थे, जिनमें 7 सेकेंड हैंड आईफोन और 22 एंड्रॉयड मोबाइल शामिल थे। इनमें 3 नए मोबाइल भी थे, जबकि आईफोन में दो iPhone 14 Pro और एक iPhone 13 Pro भी शामिल था। चोर दुकान में रखे सभी मोबाइल चोरी कर ले गए। घटना की सूचना पर थानाधिकारी विजय कुमार चंदेल पुलिस जाब्ते के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। दुकान में सीसीटीवी कैमरे लगे हुए थे, लेकिन दुकान मालिक के अनुसार रात को दुकान बंद करते समय कैमरे बंद कर दिए गए थे। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अज्ञात चोरों की तलाश में जुट गई है। (इनपुट;रोहित सिंघल)
अजमेर के दरगाह थाना क्षेत्र की मधुशाह गली में डीएसटी और दरगाह थाना पुलिस की संयुक्त कार्रवाई में जुए-सट्टे के अड्डे का खुलासा हुआ है। पुलिस ने 9x9 फीट के कमरे से 17 आरोपियों को गिरफ्तार किया। मौके से 62 हजार 150 रुपए नकद, 15 मोबाइल फोन और लाखों रुपए के हिसाब-किताब वाली 7 पर्चियों के बंडल जब्त किए गए। सभी 17 आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। पुलिस अब जब्त पर्चियों और मोबाइल फोन की जांच कर अवैध नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका खंगाल रही है। कमरे में भरे थे 27 लोग पुलिस के अनुसार कार्रवाई के समय कमरे में 27 लोग मौजूद थे। इनमें से जुआ खेल रहे 17 लोगों को गिरफ्तार किया गया। डीएसटी प्रभारी शंकर सिंह रावत को सूचना मिली थी कि मधुशाह गली स्थित एक मकान में बड़ी संख्या में लोग हार-जीत का दांव लगाकर अवैध रूप से जुआ-सट्टा खेल रहे हैं। सुचना के सत्यापन के बाद शंकर सिंह रावत के नेतृत्व में डीएसटी और दरगाह थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। पुलिस टीम को देखकर कुछ लोगों ने भागने का प्रयास किया, 17 आरोपियों को पकड़ लिया गया। तलाशी के दौरान पुलिस को मौके से 62,150 रुपए भी मिले तलाशी के दौरान पुलिस ने 62,150 रुपए नकद, 15 मोबाइल फोन और सट्टे के हिसाब-किताब की 7 पर्चियों के बंडल बरामद किए। प्रारंभिक जांच में इन पर्चियों में लाखों रुपए के लेन-देन का विवरण मिला है। पुलिस अब जब्त मोबाइल फोन का तकनीकी विश्लेषण करा रही है, ताकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान की जा सके। ये आरोपी गिरफ्तारः गिरफ्तार आरोपियों में जितेंद्र पंजाबी, हाफिज, नासिर, शानू, शकील, सलीम, सईदुल रहमान, सलीम खान, मुकेश, शफीक, रहीस, पूर्णचंद, अब्दुल, याकूब, मुख्तार, हुसैन और नसरत शामिल हैं। पुलिस के अनुसार अधिकांश आरोपी दरगाह क्षेत्र, लौंगिया मोहल्ला, सिलावट मोहल्ला, नाला बाजार, न्यू मार्केट और आसपास के क्षेत्रों के निवासी हैं। जबकि रहीस मध्यप्रदेश के उज्जैन का रहने वाला है।
आरोपी के मोबाइल से मिले 111 हूबहू असली सवाल! 5 लाख का सौदा टेलीग्राम पर 10 लाख में बिका, मची खलबली
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही जांच एजेंसियों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में परीक्षा के पूरे 111 असली सवाल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही इस पूरे रैकेट के वित्तीय लेन-देन का भी पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पांच लाख रुपये से शुरू हुआ यह खेल टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोगुने दाम तक पहुंच गया।मोबाइल में मौजूद थे परीक्षा के 111 हूबहू सवालजांच अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पकड़े गए संदिग्ध के स्मार्टफोन के डेटा को जब खंगाला गया, तो उसमें एक गोपनीय पीडीएफ फाइल मिली। इस फाइल में नीट यूजी परीक्षा के कुल 111 सवाल बिल्कुल उसी क्रम और भाषा में मौजूद थे, जो परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र में पूछे गए थे। यह इस बात का अकाट्य सबूत है कि परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही प्रश्नपत्र को पूरी तरह से लीक कर दिया गया था। साइबर और फॉरेंसिक टीमें अब इस मोबाइल के डिलीट किए गए डेटा और चैट हिस्ट्री को रिकवर करने में जुटी हैं ताकि इस चेन से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।5 लाख रुपये में हुआ सौदा, टेलीग्राम पर 10 लाख में खुली बोलीइस रैकेट के काम करने के तौर-तरीकों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लीक करने वाले गिरोह ने सबसे पहले चुनिंदा दलालों और छात्रों के साथ इस पूरे पेपर का सौदा महज 5 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से तय किया था। लेकिन लालच बढ़ने के बाद इस सिंडिकेट ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। गिरोह के सदस्यों ने टेलीग्राम (Telegram) पर सीक्रेट और एन्क्रिप्टेड ग्रुप्स बनाए, जहां इस लीक प्रश्नपत्र को 10-10 लाख रुपये में धड़ल्ले से बेचा गया। डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों का ट्रांसफर किए जाने के भी इनपुट मिले हैं।सॉल्वर गैंग और कोचिंग सेंटर्स के कनेक्शन की गहराई से जांचइस बड़े खुलासे के बाद देश के कई राज्यों में फैले सॉल्वर गैंग और कुछ नामी कोचिंग संस्थानों के गठजोड़ पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि परीक्षा केंद्र से या प्रिंटिंग प्रेस से यह पेपर किस स्तर पर बाहर आया। इस नई कूटनीतिक और डिजिटल जांच के बाद प्रभावित छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और दोबारा निष्पक्ष तरीके से परीक्षा आयोजित कराने की मांग तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय भी इस पूरे मामले की रिपोर्ट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन ने हमारे हाथ की घड़ी से लेकर जेब के पर्स तक की जगह काफी हद तक ले ली है। आजकल कई लोग घर से निकलते समय जेब में सिर्फ एक मोबाइल और गाड़ी की चाबी रखना ही पसंद करते हैं। ऑनलाइन पेमेंट से लेकर डिजिटल आइडेंटिटी (जैसे डिजिलॉकर) तक के सारे काम अब एक क्लिक पर चुटकियों में हो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना पर्स के सिर्फ फोन लेकर घूमने की यह आदत सिर्फ एक सुविधा है, या फिर यह आपकी सोच, स्वभाव और लाइफस्टाइल के बारे में भी कुछ गहरे संकेत देती है? आइए जानते हैं इसके पीछे की दिलचस्प साइकोलॉजी...1. आपके भीतर की 'मिनिमलिस्ट' सोच की झलकअगर आप बिना पर्स के सिर्फ जरूरी चीजों के साथ बाहर निकलते हैं, तो यह आपके भीतर छिपी 'मिनिमलिस्ट' (Minimalist) सोच को दर्शाता है। मनोविज्ञान (Psychology) के अनुसार, ऐसे लोग अक्सर सादगी, स्पष्टता और एक व्यवस्थित (Organized) जीवन को ज्यादा महत्व देते हैं। उनका मानना होता है कि जितनी कम चीजें साथ होंगी, जिंदगी उतनी ही आसान और कम उलझनों वाली रहेगी। भौतिक चीजों का एक्स्ट्रा बोझ न उठाना इनके मानसिक सुकून को बढ़ाता है।2. नई टेक्नोलॉजी पर अटूट भरोसाUPI, मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और डिजिटल आईडी (जैसे ई-आधार या ड्राइविंग लाइसेंस) ने इंसानी आदतों को पूरी तरह बदल दिया है। जो लोग नई तकनीक और डिजिटल दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, वे मोबाइल आधारित इकोसिस्टम में बहुत सहज महसूस करते हैं। वे लकीर के फकीर बनने के बजाय बदलाव को जल्दी स्वीकार करते हैं, इसलिए उन्हें हर समय पारंपरिक लेदर का भारी-भरकम पर्स साथ रखने की कोई जरूरत महसूस नहीं होती।3. सुविधा और समय को सबसे ऊपर रखना (Efficiency First)कुछ लोगों के लिए समय और कम्फर्ट (Comfort) ही सबसे बड़ी प्रायोरिटी होती है। जब एक ही स्मार्टफोन से बैंकिंग, शॉपिंग, कैब बुकिंग, टिकट और पेमेंट जैसे सारे काम हो सकते हैं, तो अलग से कार्ड्स और नोटों से भरा पर्स कैरी करना उन्हें फिजूल और एक एक्स्ट्रा बोझ लगता है। ऐसे लोग अपनी डेली लाइफ को बेहद स्मार्ट, तेज और झंझट-मुक्त (Hassle-free) रखना पसंद करते हैं।4. हर परिस्थिति में खुद को ढालने की क्षमता (Adaptability)साइकोलॉजी कहती है कि बिना पर्स के घर से बाहर निकलने वाले लोग स्वभाव से थोड़े बेफिक्र और कूल होते हैं। वे छोटी-छोटी संभावित परेशानियों (जैसे—अगर फोन की बैटरी खत्म हो गई तो क्या होगा?) को लेकर पहले से ज्यादा तनाव या स्ट्रेस नहीं लेते। वे जानते हैं कि अगर कोई विपरीत परिस्थिति आ भी गई, तो वे हालात के अनुसार ऑन-द-स्पॉट कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे। हालांकि, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे गैर-जिम्मेदार या लापरवाह हैं, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को दिखाता है।क्या सिर्फ इस एक आदत से आपकी पूरी पर्सनैलिटी डिसाइड होती है?बिल्कुल नहीं। लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स और साइकोलॉजिस्ट का साफ मानना है कि सिर्फ पर्स रखने या न रखने की आदत से किसी भी इंसान के संपूर्ण चरित्र या नेचर का आकलन नहीं किया जा सकता। यह पूरी तरह से उस व्यक्ति की तात्कालिक जरूरत, उसके कार्यक्षेत्र और उसकी व्यक्तिगत सुविधा पर निर्भर करता है।एक्सपर्ट टिप: भले ही आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में बिना पर्स के निकलना एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, लेकिन पूरी तरह से मोबाइल पर निर्भर रहना कभी-कभी मुसीबत में डाल सकता है (जैसे फोन चोरी होना, नेटवर्क गायब होना या बैटरी डेड होना)। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से आपातकालीन स्थिति (Emergency) के लिए जेब में थोड़ा सा कैश और एक वैलिड फिजिकल आइडेंटिटी कार्ड (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य सरकारी आईडी) साथ रखना हमेशा एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

