देहरादून: मतदाताओं को अब 15 दिनों में मिलेगा वोटर पहचान पत्र, मोबाइल पर मिलेगी हर अपडेट
देहरादून में मतदाताओं को अब मतदाता सूची के प्रकाशन के 15 दिनों के भीतर वोटर पहचान पत्र मिल जाएगा। आवेदन संबंधी सभी अपडेट्स मोबाइल पर प्राप्त होंगी, साथ ही चुनाव आयोग ने कई सुधार लागू किए हैं।
पंजाब में 18 साल से बड़ी उम्र की 40 लाख महिलाओं के मोबाइल पर आज (1 अगस्त) टूं-टूं होगी। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार इनके खाते में रुपए ट्रांसफर करेगी। जनरल वर्ग की महिलाओं के खाते में 3 हजार और SC वर्ग की महिलाओं के खाते में 4500 रुपए आएंगे। CM भगवंत मान पठानकोट से 'मुख्यमंत्री मावां-धीयां सत्कार योजना' के तहत यह रकम ट्रांसफर करेंगे। CM ने कहा कि पहली बार लाभार्थी महिलाओं को 3 महीने की रकम एक साथ मिलेगी। इससे पहले 32 लाख महिलाओं के खाते में रकम ट्रांसफर की जा चुकी है। इस कार्यक्रम के बाद AAP सरकार 2027 के चुनाव से पहले अपनी सबसे बड़ी गारंटी में करीब 98 लाख में से 72 लाख महिलाओं को कवर कर लेगी। स्कीम से जुड़ा पंजाब के वोट बैंक का गणित जानिएपंजाब में करीब 2.15 करोड़ मतदाता हैं। इनमें करीब 1.02 करोड़ महिलाएं हैं। यही वजह है कि सभी दल महिलाओं के लिए अलग चुनावी वादे और योजनाएं लेकर मैदान में उतर रहे हैं। पंजाब की हर विधानसभा सीट पर महिला वोटरों की हिस्सेदारी 45% से ज्यादा है। पिछले विधानसभा चुनावों में वोटिंग के आंकड़े देखें तो महिला-पुरुष की वोटिंग % में बहुत ज्यादा अंतर नहीं होता। ऐसे में हर सीट पर लगभग हर दूसरा वोट महिला का माना जाता है। ऐसे में कोई भी दल महिला वोट बैंक को नजरअंदाज नहीं कर सकता। महिला कैश स्कीम: दूसरे राज्यों में कितना असर दिखा? महिला कैश स्कीम से चुनावी फायदे की 5 मुख्य वजहें विपक्ष इसे कैसे काउंटर करेगा?
Lucknow News: मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, पुलिस ने उतारा
मोबाइल टावर पर चढ़ी महिला, पुलिस ने उतारा
Agra News: मोबाइल टाॅवर पर चढ़ा युवक, साढ़े चार घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा
मोबाइल टाॅवर पर चढ़ा युवक, साढ़े चार घंटे चला हाईवोल्टेज ड्रामा
Ghazipur News: पंचायत भवन में लगा मोबाइल कोर्ट, आठ मामलों में दी कानूनी सलाह
Mobile court held at Panchayat Bhawan; legal advice provided in eight cases.
Fatehpur News: दो संदिग्ध मोबाइल नंबरों पर टिकी जांच, बांदा में डेरा डाले पुलिस टीमें
सर्वोदय इंटर कॉलेज में हुए छात्र आंदोलन के बाद गायब कक्षा 10 की छात्रा का तीसरे दिन भी कोई सुराग नहीं लग सका है।
सफर कर रहे यात्रियों के सामान पर हाथ साफ करने वाले गिरोह और शातिर चोरों के खिलाफ मोगा पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। बस में सफर कर रहे एक कर्मचारी का बैग चोरी करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी को धर दबोचा है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किया गया कीमती एचपी कंपनी का लैपटॉप भी बरामद कर लिया है। यह मामला 30 जुलाई को थाना सिटी मोगा में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 303(2) और 317(2) के तहत दर्ज किया गया था। घटना 19 जुलाई की है, जब मोगा के जोगिंदर चौक क्षेत्र के पास बस में से चोरी की इस वारदात को अंजाम दिया गया था। ANTF कर्मचारी को बनाया था निशाना मामले की जानकारी देते हुए पुलिस ने बताया कि शिकायतकर्ता एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) मोहाली में बतौर तकनीकी कर्मचारी तैनात है। 19 जुलाई को वह फिरोजपुर से मोहाली अपनी ड्यूटी पर जाने के लिए चंडीगढ़ जाने वाली एक निजी बस में सवार हुआ था। उसने अपने कपड़ों वाले बैग में एचपी का लैपटॉप और ओप्पो A5 मोबाइल फोन सुरक्षित रखकर उसे बस के ऊपरी रैक में रख दिया था। लेकिन रास्ते में किसी शातिर चोर ने चुपके से उसका बैग पार कर दिया। जीरा निवासी विक्रमजीत सिंह चढ़ा पुलिस के हत्थे शिकायत मिलने के बाद मामला दर्ज कर पुलिस की टीमों ने तफ्तीश शुरू की। तकनीकी साक्ष्यों और सूचना के आधार पर पुलिस ने कोट ईसे खां रोड, जीरा (वार्ड नंबर-6) के रहने वाले विक्रमजीत सिंह को गिरफ्तार कर लिया। कड़ाई से की गई पूछताछ के बाद आरोपी की निशानदेही पर चोरी हुआ एचपी का लैपटॉप बरामद कर लिया गया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि आरोपी को अदालत में पेश कर आगे की पूछताछ की जाएगी ताकि यह पता लगाया जा सके कि उसने इस तरह की अन्य कितनी वारदातों को अंजाम दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।
कितने बजे शुरू होगा भारत बनाम पाकिस्तान मैच, टीवी और मोबाइल पर कैसे देख सकेंगे LIVE मुकाबला
एशियन लीजेंड्स लीग 2026 के मैच शुरू हो चुके हैं। इंडियन रॉयल्स और पाकिस्तान पैंथर्स की टीमें दो अगस्त को टकराएंगी। इसमें भारत और पाकिस्तान के पूर्व खिलाड़ी नजर आने वाले हैं।
कितने बजे शुरू होगा भारत बनाम पाकिस्तान मैच, टीवी और मोबाइल पर कैसे देख सकेंगे LIVE मुकाबला India TV Hindi IND vs PAK: एशियन लीजेंड्स लीग में भारत-पाकिस्तान का महामुकाबला, धवन, रैना, पठान समेत कई दिग्गज होंगे एक्शन में Jansatta WCL में दिखाया ठेंगा, अब एशियन लीजेंड्स लीग में पाकिस्तान से आमना-सामना, मैदान छोड़ेंगे भारतीय दिग्गज या होगा महासंग्राम News18 Hindi भारत-पाकिस्तान क खिलाड़ी भिड़ने के लिए तैयार, एशियन लीजेंड्स लीग में मचेगा धमाल, Cricket Hindi News Hindustan ALL 2026: 30 जुलाई से शुरू होगी एशियन लीजेंड्स लीग, यूसुफ पठान-शाकिब समेत कई दिग्गज दिखाएंगे दम sportsyaari.com
मालेरकोटला पुलिस ने गुम हुए 72 मोबाइल फोन बरामद कर उनके असली मालिकों को सौंप दिए हैं। इन फोनों की कुल कीमत लगभग 18 लाख 2 हज़ार 750 रुपये बताई गई है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) स. गुरमीत सिंह (PPS) के निर्देश पर, पुलिस अधीक्षक (स्थानीय) श्री गुरशरणजीत सिंह संधू (PPS) और पुलिस उप-अधीक्षक (जांच) श्री दीपइंदरपाल सिंह जोशी (PPS) के नेतृत्व में साइबर क्राइम थाने की टीम ने यह सफलता हासिल की। एसएसपी स. गुरमीत सिंह ने बताया कि यह उपलब्धि केंद्र सरकार के CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल की मदद से मिली है। उन्होंने मीडिया के माध्यम से जनता को जानकारी दी कि इस पोर्टल का उपयोग गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन को ब्लॉक करने और उनका पता लगाने के लिए किया जा सकता है। पुलिस ने चलाया जागरूकता अभियान पुलिस ने जिले में बढ़ते साइबर अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एक विशेष जागरूकता अभियान भी शुरू किया है। इसके तहत मालेरकोटला के विभिन्न स्कूलों, कॉलेजों और गांवों में सेमिनार आयोजित किए जा रहे हैं। साथ ही, सार्वजनिक स्थानों पर फ्लेक्स बोर्ड, पैम्फलेट और विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को साइबर धोखाधड़ी से बचने के तरीके बताए जा रहे हैं। पुलिस प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के साथ कोई साइबर वित्तीय धोखाधड़ी होती है, तो वे तुरंत नेशनल साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करें या www.cybercrime.gov.in पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं।
Netflix का मजा एकदम FREE में! Flipkart शॉपिंग करने पर मिलेगा मोबाइल प्लान
Flipkart ने Netflix के साथ पार्टनरशिप की है, जिसके साथ Flipkart Plus मेंबर हर महीने 299 रुपये या उससे ज्यादा के चार क्वॉलिफाइंग ऑर्डर पूरे करके Netflix Mobile Plan हासिल कर सकेंगे। यह ऑफर 1 अगस्त, 2026 से शुरू होगा।
चलती ट्रेनों में यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले एक युवक को जीआरपी ने गिरफ्तार किया है। श्री अमरनाथ यात्रा को देखते हुए रेलवे स्टेशनों पर चलाए जा रहे विशेष चेकिंग अभियान के दौरान जीआरपी चौकी भरोली की टीम को यह सफलता मिली। पुलिस ने युवक को पकड़कर उसके कब्जे से चोरी किए गए दो महंगे स्मार्टफोन बरामद किए हैं। पूछताछ के दौरान आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने दोनों मोबाइल ट्रेनों से चोरी किए थे। आरोपी की पहचान पुनीत कुमार उर्फ बगड़ (23), निवासी गांव भरोली कलां, जिला पठानकोट के रूप में हुई है। जीआरपी ने आरोपी को अदालत में पेश किया, जहां से उसे दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। चेकिंग के दौरान संदिग्ध हरकतों से पकड़ा गया आरोपी जीआरपी चौकी भरोली जंक्शन के प्रभारी अनिल कुमार ने बताया कि श्री अमरनाथ यात्रा के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था के तहत पुलिस टीम स्टेशन पर संदिग्ध लोगों और सामान की जांच कर रही थी। इसी दौरान पठानकोट की ओर से एक युवक स्टेशन परिसर में पहुंचा। पुलिस को देखकर वह घबरा गया और संदिग्ध गतिविधियां करने लगा। ओप्पो कंपनी के दो महंगे मोबाइल फोन बरामद पुलिस ने तुरंत युवक को रोककर पूछताछ की। तलाशी लेने पर उसके पास से वीवो और ओप्पो कंपनी के दो महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। जब पुलिस ने उससे मोबाइल के बिल या स्वामित्व से जुड़े दस्तावेज मांगे, तो वह कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सका। केस दर्ज, असली मालिकों का पता लगा रही पुलिस सख्त पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने दोनों मोबाइल ट्रेनों से चोरी किए थे। चोरी के मोबाइल बरामद होने के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ बीएनएस की धारा 317(2) के तहत मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। एएसआई अनिल ने बताया कि आरोपी को अदालत में पेश किया गया, जहां से उसे दो दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। उन्होंने बताया कि जीआरपी अब बरामद मोबाइलों के वास्तविक मालिकों की पहचान करने में जुटी है। साथ ही आरोपी के पुराने आपराधिक रिकॉर्ड और अन्य चोरी की वारदातों में संलिप्तता की भी जांच की जा रही है।
कनाडा इमिग्रेशन डिपार्टमेंट ने गैंगस्टर लॉरेंस गैंग के सहयोगी को डिपोर्ट करने का आदेश जारी किया है। 11 जुलाई को जारी आदेश को कनाडा पुलिस ने 29 जुलाई को सार्वजनिक किया। पुलिस के अनुसार, आरोपी की पहचान जशनदीप सिंह के रूप में हुई है। आरोप है कि उसने 19 मई, 2025 को सरे में कपिल शर्मा के कैप्स कैफे फायरिंग मामले में हथियार छिपाए थे। पंजाब मूल का जशनदीप सिंह वर्ष 2022 में स्टूडेंट वीजा पर कनाडा गया था। पुलिस के सामने पूछताछ में जशनदीप ने कथित तौर पर माना कि उसके पिता ने कर्ज लेकर उसे कनाडा भेजा था और उससे गलती हो गई। जशनदीप को इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने लॉरेंस गैंग से संबंधों के कारण अयोग्य ठहराते हुए डिपोर्ट करने का आदेश सुनाया। कनाडाई पुलिस ने जशनदीप सिंह को एडमंटन में सक्रिय लॉरेंस गैंग का निचले स्तर का गुर्गा बताया है। जांचकर्ताओं का आरोप है कि जशनदीप सिंह, अर्शदीप सिंह नाम के एक मिडिल लेवल गैंग ऑपरेटिव के तहत काम करता था, जिसे इस साल की शुरुआत में कनाडा से डिपोर्ट किया जा चुका है। पुलिस के अनुसार, अर्शदीप गोल्डी बराड़ को रिपोर्ट करता था, जिसे उत्तरी अमेरिका में बिश्नोई सिंडिकेट का कथित मुख्य हैंडलर बताया जाता है। मोबाइल के वीडियो से हैंडगन पकड़े मिला सुनवाई के दौरान एडमंटन पुलिस सर्विस के एक अधिकारी ने गवाही दी कि जब्त मोबाइल फोन में मिले वीडियो के आधार पर जशनदीप सिंह की पहचान की गई थी। वीडियो में जशनदीप को एक हैंडगन पकड़े हुए देखा गया था, जिसका इस्तेमाल कथित तौर पर 19 मई 2025 को ब्रिटिश कोलंबिया के सरे में रंगदारी से जुड़ी फायरिंग की घटना में हुआ था। वीडियो में जशनदीप एक व्यक्ति के सिर पर पिस्तौल तानता हुआ दिखाई दे रहा था। कुछ घंटों बाद यही हथियार एडमंटन में हुई फायरिंग की घटना में इस्तेमाल किया गया। जांचकर्ताओं के मुताबिक, इसके बाद जशनदीप ने सबूत मिटाने के उद्देश्य से हथियार छिपा दिया था। बाद में उसके रहने वाले स्थान से एक अन्य हथियार बरामद किया गया। जशनदीप ने माना-वीडियो दोस्त की बर्थडे पार्टी का ट्रिब्यूनल के सामने जशनदीप सिंह ने लॉरेंस गैंग का सदस्य होने से इनकार किया और हथियार छिपाने के आरोपों को खारिज कर दिया। उसने दावा किया कि यह वीडियो उसके दोस्त अर्शदीप सिंह की बर्थडे पार्टी का है, जहां उसने भांग की गोलियां खा रखी थीं और वह नशे में था। जशनदीप का कहना था कि उसने केवल मजाक-मजाक में बंदूक उठाई और दूसरे व्यक्ति पर तानी थी। हालांकि, IRB ने उसकी इस दलील को खारिज कर दिया और कहा कि उसके बयानों में कई विरोधाभास हैं, इसलिए वह एक विश्वसनीय गवाह नहीं है। आपरेशन हार्ड बॉल के बाद पुलिस ने बढ़ाई सख्ती जशनदीप सिंह की डिपोर्टेशन की खबर ऐसे समय में सामने आई है, जब अमेरिका, कनाडा और यूरोपीय एजेंसियों की ओर से चलाए गए संयुक्त अभियान ‘ऑपरेशन हार्ड बॉल’ के तहत लॉरेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़ और अन्य गैंग लीडरों के खिलाफ गंभीर रैकेटियरिंग आरोप लगाए गए हैं। इन पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रंगदारी, सुपारी देकर हत्याएं और राजनीतिक हत्याओं की साजिश रचने जैसे आरोप लगाए गए हैं। मामले में वर्ष 2023 में कनाडाई सिख नेता हरदीप सिंह निज्जर की हत्या का भी उल्लेख किया गया है। हालांकि, कनाडाई अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि निज्जर हत्याकांड एक अलग जांच का विषय बना हुआ है। फिलहाल गुजरात की साबरमती सेंट्रल जेल में बंद लॉरेंस बिश्नोई और उसके कथित सहयोगी गोल्डी बराड़ पर आरोप है कि वे व्हाट्सएप के जरिए कनाडा में कारोबारियों को धमकाने और छात्रों व वर्कर्स का इस्तेमाल कर गोलीबारी व आगजनी जैसी वारदातों को अंजाम देने के लिए नेटवर्क चलाते हैं। जशनदीप सिंह ने पछतावा जताया सुनवाई के दौरान जशनदीप सिंह ने अपनी गलती पर पछतावा जताया। उसने ट्रिब्यूनल को बताया कि उसके माता-पिता ने कर्ज लेकर उसे बेहतर भविष्य के लिए कनाडा भेजा था। जशनदीप ने कहा कि जब उसने खुद वे वीडियो देखे तो वह सोचने पर मजबूर हो गया कि वह क्या कर रहा था। उसने कहा कि उसके माता-पिता ने उससे कई उम्मीदें लगाई थीं और वह उनके सपनों को तोड़ना नहीं चाहता था। जशनदीप ने अपनी गलती को स्वीकार करते हुए ट्रिब्यूनल से एक और मौका देने की अपील की। हालांकि, उसकी भावुक अपील के बावजूद इमिग्रेशन एंड रिफ्यूजी बोर्ड ने डिपोर्टेशन के आदेश को बरकरार रखा। इसके साथ ही उसके भारत वापस भेजे जाने का रास्ता साफ हो गया है।
सिरसा जिले के डबवाली में बस अड्डे के पास एक गली में 17 वर्षीय छात्र से मोबाइल फोन छीनने का मामला सामने आया है। तीन बाइक सवार युवकों ने इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़ित छात्र ने इस संबंध में थाना शहर डबवाली पुलिस को शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, फरीदकोट निवासी 17 वर्षीय संदीप पुत्र मलकीत सिंह 12वीं कक्षा का छात्र है। वह शाम को साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन से डबवाली पहुंचा था। घटना के समय वह बस अड्डे के पास वाली गली में अपने पिता और मौसा का इंतजार कर रहा था। अपने परिजनों से बात कर रहा था छात्र रात 8:20 से 9 बजे के बीच संदीप अपने परिजनों से फोन पर बात कर रहा था। इसी दौरान बाइक पर सवार तीन युवक आए और झपट्टा मारकर उसका करीब 35 हजार रुपए कीमत का मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित छात्र ने बताया कि वारदात के समय वह अपने पिता से फोन पर बात कर रहा था। घटना के तुरंत बाद उसने अपने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे और पुलिस को शिकायत दर्ज कराई। पंजाब से काम के लिए आए थे छात्र के पिता संदीप के पिता मलकीत सिंह ने बताया कि वे पंजाब से डबवाली क्षेत्र में किसी काम के सिलसिले में आए थे। उनका बेटा संदीप उनसे मिलने के लिए फरीदकोट से डबवाली आया था। जब वे अपने साथियों के साथ बेटे को लेने जा रहे थे, तभी उन्हें इस घटना की जानकारी मिली। पीड़ित पक्ष ने थाना शहर डबवाली में लिखित शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। पुलिस घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान कर उन तक पहुंचा जा सके। इस बीच, पीड़ित छात्र का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल होने की बात सामने आई है, जिसमें वह अपनी आपबीती सुना रहा है।
Jio का बड़ा धमाका, 33.3 लाख नए एक्टिव मोबाइल सब्सक्राइबर जुड़े, 5G और वायरलाइन में भी नंबर-1
जून में सक्रिय मोबाइल ग्राहकों की दौड़ में रिलायंस जियो सबसे आगे रहा। ट्राई के आंकड़ों के मुताबिक कंपनी ने महीने के दौरान 33.3 लाख सक्रिय यानी VLR ग्राहक जोड़े। इससे जियो का सक्रिय मोबाइल ग्राहक आधार बढ़कर 49.89 करोड़ हो गया। देश के कुल 120.11 करोड़ ...
भीलवाड़ा के बावलास गांव में सात दिन से लापता फाइनेंसर शोभालाल जैन का शव कुएं में मिलने के मामले में जांच अब हत्या की साजिश की ओर बढ़ गई है। पुलिस की जांच में सबसे बड़ा शक उनके मुनीम रोशन गुर्जर और उसके दोस्त नारायण पर है, क्योंकि दोनों आखिरी बार फाइनेंसर के साथ देखे गए थे और वारदात के बाद से फरार हैं। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों और लोकेशन के आधार पर दोनों की तलाश में भीलवाड़ा समेत आसपास के जिलों में लगातार दबिश दे रही है। अधिकारियों का मानना है कि दोनों की गिरफ्तारी के बाद ही हत्या की वजह और पूरी साजिश का खुलासा हो सकेगा। पढ़िए … सिलसिलेवार पूरा घटनाक्रम 19 जुलाई: मुनीम के साथ सिरियारी गए, रात के बाद मोबाइल बंदभीलवाड़ा के बागोर थाना क्षेत्र के बावलास गांव निवासी 78 वर्षीय फाइनेंसर शोभालाल जैन 19 जुलाई को अपने मुनीम रोशन गुर्जर के साथ कार से पाली के प्रसिद्ध जैन तीर्थ सिरियारी गए थे।सिरियारी गए थे। इससे पहले 16 जुलाई को भी रोशन उन्हें सांवरियाजी लेकर गया था। 19 जुलाई की रात करीब 8 बजे तक दोनों की लोकेशन बेमाली चौराहे के आसपास मिली, इसके बाद शोभालाल का मोबाइल बंद हो गया। रात करीब 9 बजे उनके भाई मदनलाल खाना लेकर घर पहुंचे तो रोशन ने कहा कि शोभालाल थोड़ी देर में आ जाएंगे, लेकिन इसके बाद दोनों नहीं लौटे। 22 जुलाई: घर नहीं लौटे तो परिजनों ने गुमशुदगी दर्ज कराईअगले दिन भी शोभालाल घर नहीं पहुंचे तो परिवार ने उनकी तलाश शुरू की। इस दौरान मुनीम रोशन भी गायब हो गया। काफी खोजबीन के बाद 22 जुलाई को परिजनों ने बागोर थाने में शोभालाल जैन की गुमशुदगी दर्ज कराई। इसके बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। 26 जुलाई: सात दिन बाद कुएं में मिला शव, हाथ-पैर बंधे थेगुमशुदगी के सात दिन बाद रविवार सुबह बावलास गांव के एक कुएं में शोभालाल जैन का शव मिला। ग्रामीणों ने शव देखकर पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने एसडीआरएफ टीम और क्रेन की मदद से शव बाहर निकलवाया। शव के हाथ-पैर तारबंदी वाले पोल से बंधे हुए थे और मुंह पर भी कपड़ा बंधा था। बाद में पोस्टमॉर्टम कराया गया। जांच में मुनीम और उसके दोस्त पर शक, दोनों फरारपुलिस जांच में सामने आया कि पिछले एक साल से शोभालाल के यहां काम कर रहा मुनीम रोशन गुर्जर और उसका दोस्त नारायण इस मामले में संदिग्ध हैं। वारदात के बाद से दोनों फरार हैं। पुलिस का मानना है कि हत्या की वारदात में दोनों की भूमिका हो सकती है। आरोपियों की तलाश में कई जिलों में दबिश, जल्द खुलासे का दावाएसपी सागर राणा के निर्देशन में एएसपी राहुल जोशी और बागोर थाना प्रभारी बच्छराज के नेतृत्व में विशेष टीमें बनाई गई हैं। पुलिस ने भीलवाड़ा समेत आसपास के कई जिलों में संदिग्धों के संभावित ठिकानों पर दबिश दी, लेकिन दोनों पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो चुके थे। पुलिस का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर तलाश जारी है और आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद इस मर्डर मिस्ट्री का खुलासा किया जाएगा। --- हत्या की ये खबर भी पढ़ें… फाइनेंसर के हाथ-पैर खंभे से बांधकर कुएं में फेंका:7 दिन बाद मिला शव, पुलिस और SDRF की टीम ने क्रेन से निकाला शव भीलवाड़ा जिले में सात दिन से लापता फाइनेंसर का शव कुएं में मिला। तारबंदी वाले पोल से हाथ-पैर बांधकर कुएं में फेंका गया था। मुंह पर भी कपड़ा बंधा था। पूरी खबर पढ़िए
मौसम विभाग के इमरजेंसी मोबाइल अलर्ट से मचा हड़कंप, लोग घबरा गए
भास्कर न्यूज | पोलमी सोमवार शाम करीब 6 बजे पोलमी-भेड़ागढ़ समेत आसपास के वनांचल इलाके में मौसम विभाग का आपातकालीन मोबाइल अलर्ट आया। इलाके के लगभग सभी एंड्रॉयड मोबाइल पर एक साथ तेज सायरन जैसी आवाज गूंजी। कुछ देर के लिए अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने पहले ऐसा अलर्ट नहीं सुना था। अचानक तेज आवाज आने पर कई लोग घबरा गए। कुछ को मोबाइल में तकनीकी खराबी का डर लगा। कुछ को विस्फोट जैसी घटना की आशंका हुई। कई लोग घबराकर मोबाइल हाथ से दूर रखने लगे। कुछ ने मोबाइल बंद करने की कोशिश की। दरअसल, यह अलर्ट मौसम विभाग और आपदा प्रबंधन प्रणाली की ओर से जारी आपात चेतावनी संदेश था। इसका मकसद संभावित खराब मौसम, भारी बारिश, आंधी-तूफान या दूसरी प्राकृतिक आपदाओं से पहले लोगों को सतर्क करना होता है। यह सरकारी इमरजेंसी अलर्ट सिस्टम से अपने आप मोबाइल पर प्रसारित होता है। वनांचल के कई लोगों को इस व्यवस्था की जानकारी नहीं थी। उन्होंने इसे असामान्य घटना समझ लिया। कई ग्रामीण एक-दूसरे से पूछते दिखे कि मोबाइल में इतनी तेज आवाज क्यों आई। कुछ लोगों ने चिंता भी जताई। अत्यंत गंभीर मौसम चेतावनी में कहा गया है कि अगले 3 घंटे के भीतर बलौदाबाजार, बेमेतरा, बिलासपुर, दुर्ग, जांजगीर-चांपा, जशपुर, कबीरधाम, खैरागढ़-छुईखदान-गंडई , कोरबा, महासमुंद, मुंगेली, रायगढ़, रायपुर, सक्ती, सारंगढ़-बिलाईगढ़, सरगुजा जिलों के कुछ स्थानों पर तेज गरज-चमक के साथ मध्यम बारिश होने की संभावना है।
खेल मंत्री राज्यवर्धन की पहल:प्रोत्साहन राशि के लिए नहीं लगाने पड़ेंगे चक्कर, मोबाइल पर मिलेगा अपडेट
प्रदेश के नेशनल, इंटरनेशनल और राज्य स्तरीय पदक विजेता खिलाड़ियों को अब प्रोत्साहन राशि के लिए राज्य खेल परिषद के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन सिंह की पहल पर पुरस्कार राशि और खेल कोटे से आउट ऑफ टर्न नियुक्ति की प्रक्रिया को डिजिटल किया जा रहा है। नई व्यवस्था में खिलाड़ियों को हर 15 दिन में मोबाइल पर मैसेज के जरिए उनकी फाइल की स्थिति की जानकारी मिलेगी। यदि किसी दस्तावेज की कमी होगी तो उसकी सूचना भी ऑनलाइन भेजी जाएगी। नई व्यवस्था में ए से डी श्रेणी के सभी खेलों के पदक विजेताओं को पुरस्कार राशि संबंधी अपडेट नियमित रूप से मिलती रहेगी। खेल मंत्री कर्नल राज्यवर्धन ने कहा कि खिलाड़ियों को पदक जीतने के बाद प्रोत्साहन राशि के लिए भटकना नहीं पड़े, इसलिए यह व्यवस्था लागू की जा रही है। डीओआईटी की टीम इस पूरी प्रक्रिया को ऑनलाइन करने में जुटी है, जिससे प्रदेश के सभी मेडलिस्ट खिलाड़ियों को लाभ मिलेगा। 186 खिलाड़ियों को नौकरी दे चुके, 300 की फाइल और भेजी है : राज्यवर्धन युवा मामले, खेल एवं उद्योग मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने कहा कि प्रदेश सरकार खेलों और खिलाड़ियों के लिए नई नीतियों पर तेजी से काम कर रही है। खेल कोटे में आउट ऑफ टर्न नियुक्तियों से लेकर पुरस्कार वितरण, कोच भर्ती, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, स्कूली खिलाड़ियों की पहचान और खेल सुविधाओं के विस्तार तक कई बड़े फैसले प्रक्रिया में हैं। वे दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत कर रहे थे। खेल मंत्री राठौड़ ने कहा कि पिछली सरकार ने पांच साल में 248 उत्कृष्ट खिलाड़ियों को विभिन्न विभागों में आउट ऑफ टर्न नियुक्तियां दी थीं, जबकि हमारी सरकार ढाई साल में ही 186 खिलाड़ियों को नौकरी दे चुकी है। अब 300 और राज्य, राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता खिलाड़ियों की नियुक्ति के लिए फाइल मुख्यमंत्री को भेजी गई है। स्वीकृति मिलते ही नियुक्तियां दी जाएंगी। खेल पुरस्कारों को लेकर क्या तैयारी है?29 अगस्त को राष्ट्रीय खेल दिवस पर पिछले छह वर्षों से लंबित राज्य के सर्वोच्च खेल सम्मान महाराणा प्रताप अवार्ड सहित सभी श्रेणियों के खेल पुरस्कार खिलाड़ियों को दिए जाएंगे। कोच भर्ती की व्यवस्था में क्या बदलाव किए हैं?पहले राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ियों को ठेका एजेंसियों के माध्यम से संविदा पर कोच रखा जाता था। अब यह प्रक्रिया सीधे स्पोर्ट्स काउंसिल के माध्यम से होगी। नई भर्ती की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। स्कूली स्तर पर खिलाड़ियों को तैयार करने की योजना?फिजिकल फाइबर कार्यक्रम के तहत 10 से 12 वर्ष के बच्चों की लोअर बॉडी, अपर बॉडी, कद, गति और फुर्ती जैसे मापदंडों के आधार पर प्रतिभा पहचान की जाएगी। विशेष रूप से बास्केटबॉल जैसे खेलों के लिए खिलाड़ियों का चयन होगा।
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र स्थित काशी नगर में पुलिस ने सोमवार दोपहर एक संदिग्ध एडवाइजरी कंपनी पर दबिश देकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस ने मौके से युवकों के मोबाइल फोन जब्त कर लिए हैं और मामले की जांच शुरू कर दी है। संदिग्ध गतिविधियों की सूचना पर कार्रवाई एसडीओपी अजय मिश्रा ने बताया कि काशी नगर में संदिग्ध गतिविधियों वाली एडवाइजरी कंपनी चलने की सूचना मिली थी। इसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर 8 युवकों को हिरासत में लिया। पुलिस जांच कर रही है कि कंपनी किस तरह का काम कर रही थी। मामला सामने आने के बाद एसपी प्रियंका शुक्ला के निर्देश पर एएसपी घनश्याम मालवीय और एसडीओपी अजय मिश्रा ने घटनास्थल का जायजा लिया। मामले की तकनीकी जांच के लिए साइबर पुलिस की टीम को भी शामिल किया गया है। हिरासत में 8 युवक, एक अन्य आरोपी की तलाश पुलिस ने मौके से धर्मेंद्र, गोविंद, राज, विकास, जपसिंह, कुलदीप, संदीप और आकाश को हिरासत में लिया है। वहीं जांच में सामने आए प्रवीण नाम के एक अन्य युवक की तलाश की जा रही है। दिसंबर में भी हुई थी ऐसी कार्रवाई इससे पहले 11 दिसंबर 2025 को भी राज्य साइबर पुलिस उज्जैन ने लालघाटी थाना क्षेत्र के गिरवर में इसी तरह की गतिविधि पर कार्रवाई की थी, जहां से 19 लोगों को गिरफ्तार किया गया था।
14 महंगे मोबाइल के साथ चोर गिरफ्तार:अनूपपुर स्टेशन पर RPF-GRP का एक्शन, 2.75 लाख का माल बरामद
अनूपपुर रेलवे स्टेशन पर रेल सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेलवे पुलिस (GRP) की संयुक्त टीम ने एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। उसके पास से कई कंपनियों के 14 चोरी के स्मार्टफोन बरामद हुए हैं, जिनकी कुल अनुमानित कीमत 2 लाख 75 हजार रुपये बताई जा रही है। यह कार्रवाई सोमवार को की गई। जीआरपी प्रभारी अनूपपुर पीएस कुलस्ते ने बताया कि वरिष्ठ मंडल सुरक्षा आयुक्त बिलासपुर के निर्देश पर आरपीएफ टास्क टीम-2 के प्रभारी सहायक उप निरीक्षक अमरेंद्र सिंह अपने स्टाफ और जीआरपी चौकी प्रभारी के साथ स्टेशन परिसर में सघन चेकिंग अभियान चला रहे थे। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि प्लेटफार्म नंबर-1 पर एक युवक संदिग्ध अवस्था में घूम रहा है। सूचना मिलते ही टीम ने तत्काल घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम मोहम्मद सिद्दीक खान (24 वर्ष) बताया, जो ग्राम मडसा, तहसील व थाना जैतपुर, जिला शहडोल का निवासी है। बैग में लेकर घूम रहा था मोबाइल आरोपी के बैग की तलाशी लेने पर उसमें से 14 महंगे मोबाइल फोन बरामद हुए। बरामद मोबाइलों का मिलान करने पर एक आईफोन-13, जिसकी कीमत 58,000 रुपए है, जीआरपी अनूपपुर में दर्ज अपराध क्रमांक 110/26 धारा 305(सी) BNS से संबंधित पाया गया। इसे मामले में संलग्न कर लिया गया है। शेष 13 मोबाइलों (विवो, वनप्लस, ओप्पो, मोटो, रियलमी, इंफिनिक्स आदि) के संबंध में आरोपी कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इन मोबाइलों की कुल कीमत लगभग 2,17,000 रुपए आंकी गई है। जीआरपी अनूपपुर ने आरोपी के विरुद्ध धारा 317(2) BNS के तहत नया मामला दर्ज कर सभी मोबाइल जब्त कर लिए हैं। पुलिस आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
कोरबा के मानिकपुर पुलिस चौकी क्षेत्र स्थित डीपरापारा में लवकुश (40) की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। पहले इसे करंट लगने या आत्महत्या से जोड़कर देखा जा रहा था, लेकिन पोस्टमार्टम के दौरान मिले अहम सुरागों के बाद पुलिस हत्या और आत्महत्या दोनों पहलुओं से जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, लवकुश साहू हमाली का काम करता था और पत्नी बिंदा साहू व बच्चों के साथ रहता था। शनिवार (25 जुलाई) शाम वह घर से बाहर निकला था। कुछ देर बाद घर के पास 11 केवी विद्युत पोल के नीचे उसका शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही मानिकपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज अस्पताल की मर्चुरी भिजवाया। अंडरगारमेंट से मिला मोबाइल और संदिग्ध पर्ची रविवार सुबह पोस्टमार्टम से पहले पंचनामा कार्रवाई के दौरान पुलिस को मृतक के अंडरगारमेंट्स के नीचे से एक की-पैड मोबाइल और एक कागज का टुकड़ा मिला। पर्ची में टूटी-फूटी भाषा में कुछ लोगों के नाम लिखे थे। इसमें जान से मारने की धमकी और हत्या के प्रयास जैसी बातें दर्ज थीं। पर्ची में लुकवा नाम के साथ कुछ अन्य लोगों का भी उल्लेख मिला है। सिर पर गंभीर चोट के निशान पुलिस के मुताबिक, लवकुश के सिर के पिछले हिस्से में गंभीर चोट के निशान भी मिले हैं। यही वजह है कि अब मौत को केवल करंट लगने या आत्महत्या मानकर नहीं देखा जा रहा। पुलिस सभी संभावित पहलुओं की गहन जांच कर रही है। पारिवारिक विवाद भी जांच के दायरे में पुलिस जांच में यह भी सामने आया है कि लवकुश की दूसरी शादी बिंदा साहू से हुई थी और दोनों के बीच अक्सर विवाद होता रहता था। लवकुश मूल रूप से बिहार का रहने वाला था और करीब आठ साल पहले रोजगार की तलाश में कोरबा आया था। हैंडराइटिंग और मोबाइल की होगी जांच कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने बताया कि बरामद मोबाइल और पर्ची को जब्त कर लिया गया है। पर्ची किसने लिखी, इसकी हैंडराइटिंग की जांच कराई जाएगी। साथ ही मोबाइल की कॉल डिटेल और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की भी पड़ताल की जा रही है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट, फॉरेंसिक जांच और अन्य साक्ष्यों के आधार पर ही यह स्पष्ट हो सकेगा कि लवकुश की मौत आत्महत्या थी या फिर किसी साजिश के तहत हत्या की गई।
सूरजपुर जिले के प्रेमनगर थाना क्षेत्र में मोबाइल दुकान में हुई लाखों की चोरी का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। इस मामले में एक नाबालिग समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 2 लाख 10 हजार के चोरी के मोबाइल बरामद किए हैं। दरअसल, ग्राम सलका निवासी कृष्ण कुमार साहू ने 18 जुलाई को प्रेमनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि 17-18 जुलाई की रात अज्ञात चोरों ने उनकी मोनू मोबाइल दुकान की पिछली दीवार तोड़कर प्रवेश किया। चोर 16 मोबाइल, दो सीसीटीवी कैमरे, एक एलईडी टीवी और 2 हजार नकद चुरा ले गए थे। पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी फुटेज चोरी हुए सामान की कुल कीमत 2.86 लाख से अधिक आंकी गई थी। रिपोर्ट के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस अधीक्षक योगेश कुमार पटेल के निर्देश पर एक टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज का विश्लेषण किया और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर संदिग्धों की पहचान की। कबीर चबूतरा के पास फोन छोड़कर भागे चोर जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि आरोपी पुलिस की सक्रियता से घबराकर चोरी किए गए 9 मोबाइल फोन कबीर चबूतरा के पास छोड़कर भाग गए थे, जिन्हें पुलिस ने बरामद कर लिया। पूछताछ में मुनेश्वर सिंह उईके (21), दिलीप कुमार उर्फ मंगलू (20) और एक नाबालिग ने चोरी की वारदात कबूल कर ली। टीवी, सीसीटीवी और बाकी मोबाइल नदी में फेंके आरोपियों की निशानदेही पर मुल्ले प्रताप सिंह (19) को भी गिरफ्तार किया गया। उसके पास से चोरी के दो मोबाइल फोन बरामद हुए। आरोपियों ने यह भी बताया कि पुलिस से बचने के लिए उन्होंने चोरी के चार मोबाइल, सीसीटीवी कैमरे और एलईडी टीवी को नदी में फेंक दिया था। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया है, जबकि नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। मामले की आगे की विवेचना जारी है।
डीग पुलिस ने साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान ऑपरेशन एंटीवायरस के तहत बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने साइबर ठगी के चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इस दौरान दो एंड्रॉयड मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक कांबले शरण गोपीनाथ के निर्देशन में की गई। गोपालगढ़ थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को पकड़ा। इनकी पहचान पथराली, थाना गोपालगढ़ निवासी शकील (24) और सैकुल (23) के रूप में हुई है। इन दोनों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस इन आरोपियों से पूछताछ कर रही है और मामले में आगे की जांच जारी है। एक अन्य कार्रवाई में, गोपालगढ़ थाना पुलिस ने ऑनलाइन ठगी करते हुए फेजान (19) निवासी आरदूका और बिट्टू (19) निवासी नकटपुर को गिरफ्तार किया। इनके कब्जे से दो मोबाइल फोन और सिम कार्ड बरामद किए गए हैं। इन आरोपियों के खिलाफ भी भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और सूचना प्रौद्योगिकी (आईटी) अधिनियम की धाराओं के तहत प्रकरण दर्ज किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
सिरसा जिले में डबवाली की भाटी कॉलोनी में रविवार को एक घरेलू विवाद के दौरान बेटे ने अपने माता-पिता पर बेसबॉल बैट से हमला कर दिया। इस हमले में दंपती घायल हो गए, जिन्हें उपचार के लिए डबवाली के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना की सूचना पुलिस को दे दी गई है। घायल छिंदर सिंह (45) ने बताया कि वह ई-रिक्शा चलाता हैं। उनका बेटा गगनदीप, जो स्वयं भी ई-रिक्शा चलाता है, रविवार को अपनी पत्नी के साथ मारपीट कर रहा था। छिंदर सिंह और उनकी पत्नी परमजीत कौर (40) ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया और अपनी पुत्रवधू को सुरक्षित निकालने की कोशिश की। एलईडी टीवी और मोबाइल भी तोड़ा आरोप है कि इससे गुस्साए गगनदीप ने बेसबॉल बैट से अपने माता-पिता पर हमला कर दिया, जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपी ने घर में रखी 43 इंच की एलईडी टीवी और एक मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। घायल दंपती को जन सेवा एंबुलेंस की मदद से सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। मामले में पुलिस को शिकायत दर्ज कराई गई है और पुलिस द्वारा शिकायत के आधार पर आगे की जांच की जा रही है।
औद्योगिक नगरी पानीपत के असंध रोड स्थित रिलायंस स्टोर के पास देर रात बेखौफ बदमाशों ने वारदात को अंजाम देते हुए एक सिक्योरिटी गार्ड पर जानलेवा हमला कर दिया। तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए आधा दर्जन बदमाशों ने सिक्योरिटी गार्ड का रास्ता रोककर तार लिपटे डंडों से उस पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया। बदमाश पीड़ित को अधमरा कर उससे करीब 6500 रुपए की नकदी लूटकर फरार हो गए। यही नहीं, साक्ष्य मिटाने और मदद न बुला पाने की नीयत से बदमाशों ने उसका मोबाइल फोन भी तोड़ दिया। घायल गार्ड करीब एक घंटे तक बदहवास हालत में सड़क पर पड़ा रहा। घर लौट रहा था गार्ड, बदमाशों ने घेरा जानकारी के अनुसार, पीड़ित सिक्योरिटी गार्ड मनदीप देर रात अपनी ड्यूटी और काम खत्म करने के बाद बाइक से अपने घर की ओर लौट रहा था। जैसे ही वह असंध रोड पर रिलायंस स्टोर के पास पहुँचा, तभी तीन मोटरसाइकिलों पर सवार होकर आए आधा दर्जन (6) नकाबपोश/अज्ञात बदमाशों ने उसका रास्ता रोक लिया। जब तक मनदीप कुछ समझ पाता, बदमाशों ने उस पर हमला बोल दिया। बदमाशों के हाथों में तार लिपटे हुए खतरनाक डंडे थे, जिनसे उन्होंने सीधे मनदीप के सिर पर जोरदार वार कर दिया। एक घंटे तक लहूलुहान पड़ा रहा पीड़ित सिर पर डंडा लगते ही मनदीप बाइक समेत सड़क पर नीचे गिर गया। इसके बाद सभी बदमाश उस पर टूट पड़े और उसकी टांगों तथा सिर पर ताबड़तोड़ वार करने लगे। बर्बरता से की गई मारपीट के कारण मनदीप मौके पर ही बेहोश हो गया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश मनदीप की जेब से करीब 6,500 रुपए की नकदी निकालकर फरार हो गए। जाते-जाते उन्होंने मनदीप के मोबाइल फोन को भी पत्थर या हथियार से बुरी तरह तोड़ दिया ताकि वह किसी को फोन न कर सके। गंभीर रूप से घायल मनदीप करीब एक घंटे तक सड़क किनारे खून से लथपथ और बेहोशी की हालत में पड़ा रहा। राहगीर ने दिखाई इंसानियत, पहुंचाया अस्पताल घटना के करीब एक घंटे बाद वहां से गुजर रहे एक राहगीर की नजर सड़क किनारे पड़े लहूलुहान मनदीप पर पड़ी। राहगीर ने बिना देर किए इंसानियत दिखाते हुए मनदीप को तुरंत पास के अस्पताल पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों की टीम उसका इलाज कर रही है। अस्पताल प्रशासन द्वारा मामले की सूचना पुलिस को दे दी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने अस्पताल पहुंचकर घायल के संबंध में जानकारी जुटाई। पुलिस का कहना है कि असंध रोड और आसपास लगे CCTV कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बाइक सवार बदमाशों की पहचान कर उन्हें जल्द से जल्द दबोचा जा सके।
योगक्षेम रैली में जुटे श्रद्धालु, संत बोले- मोबाइल पर भी रखें नियंत्रण
जयपुर | मालवीय नगर स्थित अणुविभा केंद्र में रविवार को मुनि तत्त्व रुचि ‘तरुण’ और मुनि संभव कुमार का चातुर्मासिक प्रवेश समारोह संपन्न हुआ। इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने धर्म साधना के साथ-साथ मोबाइल के संयमित उपयोग का संकल्प लिया। तेरापंथी सभा के तत्वावधान में एसएल मार्ग से योगक्षेम रैली निकाली गई। धर्मसभा में मुनि तत्त्व रुचि ने कहा कि चातुर्मास ज्ञान, दर्शन, चारित्र और तप-संयम साधना का स्वर्णिम अवसर है। कार्यक्रम में ‘ॐ भिक्षु’ जप कराया गया और आचार्य भिक्षु स्वामी की जन्म त्रिशताब्दी वर्ष के समापन पर श्रद्धांजलि अर्पित की गई। मुनि संभव कुमार ने बताया कि योगक्षेम वर्ष की शुरुआत 1989 में आचार्य तुलसी ने की थी, जिसे वर्तमान में आचार्य महाश्रमण के सानिध्य में योगक्षेम वर्ष-2026 के रूप में मनाया जा रहा है। कार्यक्रम में डॉ. नरेश मेहता, शांतिलाल गोलछा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
भारतीय डाक विभाग अपनी बैंकिंग सेवाओं को तेजी से डिजिटल बना रहा है। इसी कड़ी में विभाग ने अपनी सेवाओं को पेटीएम, फोनपे, गूगल पे और भारतपे जैसे डिजिटल पेमेंट प्लेटफॉर्म से जोड़ना शुरू कर दिया है। इससे ग्राहकों को किसी भी बैंक खाते में आसानी से डिजिटल लेनदेन करने की सुविधा मिलेगी। बैलेंस चेक से लेकर फंड ट्रांसफर तक की सुविधा डाक विभाग के अनुसार, अब पोस्ट ऑफिस के बचत खाताधारक कई जरूरी बैंकिंग सेवाओं का लाभ घर बैठे इंटरनेट बैंकिंग के जरिए उठा सकेंगे। इसमें खाते का बैलेंस चेक करना, फंड ट्रांसफर करना, पोस्ट ऑफिस की विभिन्न बचत योजनाओं में निवेश करना और उनका प्रबंधन करना शामिल है। खुद कर सकेंगे अकाउंट मैनेजमेंट नई डिजिटल सुविधा के तहत ग्राहक अपने खाते से जुड़ी जानकारी को अपडेट करने, विभिन्न सेवाओं का प्रबंधन करने और अन्य जरूरी बदलाव भी स्वयं कर सकेंगे। इससे पोस्ट ऑफिस के चक्कर लगाने की जरूरत कम होगी और समय की भी बचत होगी। वेबसाइट पर मिलेगी पूरी जानकारी डाक विभाग ने बताया कि इन डिजिटल बैंकिंग सेवाओं का लाभ लेने और विस्तृत जानकारी प्राप्त करने के लिए ग्राहक विभाग की आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर आवश्यक जानकारी हासिल कर सकते हैं।
24 ग्राम स्मैक के साथ 2 तस्कर गिरफ्तार:84 हजार रुपए कीमत का मादक पदार्थ, बाइक और मोबाइल भी जब्त
आगर मालवा की सुसनेर पुलिस ने रविवार को उज्जैन-झालावाड़ नेशनल हाईवे 552-जी पर लटूरी गुर्जर जोड़ के पास घेराबंदी कर दो तस्करों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से 24 ग्राम अवैध स्मैक जब्त की गई, जिसकी अनुमानित कीमत 84 हजार रुपए है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल की जा रही बाइक और मोबाइल फोन भी जब्त किया, जिनकी कीमत लगभग 1 लाख 80 हजार रुपए बताई जा रही है। टीआई अक्षय सिंह बेस ने रविवार शाम 6 बजे बताया कि मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में पुलिस टीम को सूचना मिली थी, जिसके बाद लटूरी गुर्जर जोड़ के पास घेराबंदी की गई। पुलिस के अनुसार, दोनों आरोपी स्मैक को बाजार में बेचने की नीयत से ले जा रहे थे। घेराबंदी के दौरान उन्हें पकड़ा गया और तलाशी में उनके पास से 24 ग्राम स्मैक बरामद हुई। इसके बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर मादक पदार्थों की तस्करी से संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज किया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब आरोपियों से स्मैक की सप्लाई के स्रोत और इसके पीछे सक्रिय पूरे नेटवर्क के बारे में पूछताछ कर रही है। अधिकारियों ने बताया कि पूछताछ के आधार पर इस मामले में आगे और भी खुलासे होने की संभावना है।
टोंक में पुलिस ने चार साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है । इन्होंने करीब 50 लोगों से 1 करोड़ रुपए की साइबर ठगी की है। इनके पास से स्कॉर्पियो कार, आठ मोबाइल, बैंक पासबुक, लैपटॉप, 15 हजार 150 रुपए जब्त किए हैं। ये लोग ये साइबर ठग फर्जी टेलिग्राम चेनल GTMOFX ID, Forex Team, Gold Trader, Vicky Trade बनाकर इस ट्रेड एप और गेम एप द्वारा न्यू जॉइनिंग के नाम से अलग अलग लोगों को ज्यादा प्रॉफिट दिलाने का लालच देकर साइबर फ्रॉड को अंजाम देते थे। । ये अंतर राज्य साइबर ठग है। इनके खिलाफ 12 मामले दर्ज है। डीएसटी प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि यह कार्रवाई एसपी रोशन मीना के निर्देशानुसार और एएसपी रतनलाल भार्गव, टोंक डीएसपी मृत्युंजय मिश्रा के सुपरविजन में टोंक सदर सदर थानाधिकारी अंकेश कुमार एवं जिला स्पेशल टीम के प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी के नेतृत्व में टोंक सदर थाना क्षेत्र में की है। आरोपियों द्वारा साइबर फ्रॉड कर जिन बैंक खातों में उस राशि को डलवाया गया है, उन बैंक खातों पर NCRP पोर्टल पर अब तक कुल 12 शिकायतें दर्ज है। उन बैंक खातों में लाखों रुपयों की राशि का लेनदेन हुआ है। आरोपियों द्वारा देश भर के राज्यों में अलग-अलग व्यक्तियों के साथ साइबर फ्रॉड की कई वारदातें करने की आशंका है।
करौली कोतवाली थाना पुलिस ने मजदूर से लूट और किडनैप के मामले में फरार चल रहे 2 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इन पर आरोप है कि उन्होंने एक ट्रैक्टर ड्राइवर के साथ मिलकर मजदूर का किडनैप किया, जंगल में ले जाकर मारपीट की और उससे 51,200 रुपए और मोबाइल लूट लिया। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुरेश माली निवासी ससेड़ी (हाल काली पाटौर, करौली) और सियाराम माली निवासी शिकारगंज, करौली के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि महू निवासी शिवशंकर ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। शिवशंकर 28 मई 2026 को बड़ौदा से मजदूरी कर करौली लौटे थे। देर रात गांव जाने के लिए वे शिकारगंज से एक मैसी ट्रैक्टर में बैठे थे। कुछ दूर चलने के बाद ड्राइवर ने ट्रैक्टर रोककर दो अन्य युवकों को बुलाया। इन युवकों ने शिवशंकर को जबरन बाइक पर बैठाया और ससेड़ी के पास जंगल में ले गए। वहां आरोपियों ने उनके साथ मारपीट की, मोबाइल फोन छीन लिया और पैंट की जेब में रखे मजदूरी के 50 हजार रुपए और शर्ट की जेब में रखे 1,200 रुपए लूट लिए। मारपीट कर गड्ऐ में फेंक दिया थालूटपाट के बाद आरोपियों ने शिवशंकर को मृत समझकर एक गड्ढे में फेंक दिया और फरार हो गए। होश आने पर पीड़ित किसी तरह मुख्य सड़क तक पहुंचा और अपने परिजनों को सूचना दी। इसके बाद उनका उपचार कराया गया। मामला दर्ज होने के बाद कोतवाली पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर तंत्र की मदद से आरोपियों की तलाश शुरू की। लगातार दबिश के बाद दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें पुलिस रिमांड पर भेज दिया गया है। पुलिस इस मामले में अन्य पहलुओं की भी जांच कर रही है।
रोहतक के शीला बाइपास के पास जसबीर कॉलोनी स्थित एक पीजी एक होटल से दो आरोपियों ने 10 मोबाइल फोन पर चोरी कर लिए। पूरा मामला वहां लगे सीसीटीवी में कैद हो गया। सूचना पाकर होटल मालिक मौके पर पहुंचा और अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी। पुलिस ने मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। होटल मालिक प्रवेश सांगवान ने बताया कि, सुबह करीब 5 बजे दो चोर जसबीर कॉलोनी स्थित पीजी में घुसे। पीजी के नीचे खड़ी बाइकों के पास पहले बात करते रहे, उसके बाद पीजी में अंदर गए, जहां कमरों में सो रहे बच्चों के मोबाइल फोन चोरी किए और पीजी से बाहर निकल गए। होटल में रिसेप्शनिस्ट का चुराया फोन प्रवेश सांगवान ने बताया कि पीजी में चोरी करने के बाद आरोपी उसके होटल में घुसे। होटल का रिसेप्शनिस्ट कमरे में सो रहा था, जिसके कमरे में घुसकर आरोपी ने मोबाइल फोन चोरी किया। इसके बाद रिसेप्शन पर भी देखभाल की और होटल से निकल गया। पीजी और होटल से कुल 10 फोन चोरी प्रवेश सांगवान ने बताया कि आरोपियों ने पीजी से स्टूडेंटों के 8 मोबाइल फोन चोरी किए, जबकि होटल से दो फोन चोरी किए हैं। मोबाइल फोन के अलावा आरोपी अन्य सामान लेकर नहीं गए। दोनों आरोपी पीजी व होटल में लगे सीसीटीवी में कैद हो गए, जिसमें वह आते और जाते दिखाई दे रहे हैं। अर्बन एस्टेट थाने में दी शिकायत प्रवेश सांगवान ने बताया कि चोरी करने वाले दो आरोपी दिखाई दे रहे है, जिनके खिलाफ अर्बन एस्टेट थाने में शिकायत दी है। चोरी की वारदात के सीसीटीवी फुटेज भी पुलिस को दिए गए है, ताकि आरोपियों को जल्द पकड़ा जा सके। पुलिस मामले में कर रही जांच अर्बन एस्टेट थाना इंचार्ज एसएचओ कमलजीत ने बताया कि उन्हें पीजी व होटल में मोबाइल फोन चोरी होने की शिकायत मिली है। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस ने सीसीटीवी भी कब्जे में लिए है। पुलिस जल्द आरोपियों को काबू कर लेगी।
दतिया जिले के इंदरगढ़ कस्बे में शनिवार 25 जुलाई रात एक 20 वर्षीय बीए द्वितीय वर्ष के छात्र ने किराए के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी उस समय हुई जब छात्र के पिता रात में उसके लिए खाना लेकर कमरे पर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा नहीं खुलने पर उन्होंने अंदर झांककर देखा तो बेटा फंदे पर लटका मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पिता खाना लेकर पहुंचे, नहीं खुला दरवाजा पुलिस के अनुसार, पचोखरा निवासी पुष्पेंद्र पुत्र वीरेंद्र सिंह जाट इंदरगढ़ में किराए के कमरे में रहकर पीजी कॉलेज से बीए द्वितीय वर्ष की पढ़ाई कर रहा था। शनिवार रात करीब 8 बजे उसके पिता वीरेंद्र सिंह रोज की तरह खाना लेकर कमरे पर पहुंचे। काफी देर तक दरवाजा खटखटाने के बाद भी जब कोई जवाब नहीं मिला, तो उन्होंने शटर उठाकर अंदर देखा। कमरे के भीतर पुष्पेंद्र फंदे पर लटका हुआ था। यह देखकर उन्होंने तत्काल पुलिस और परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा सूचना मिलते ही इंदरगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से उतरवाकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मोबाइल फोन जब्त, हर पहलू से जांच पुलिस ने छात्र का मोबाइल फोन जब्त कर लिया है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल की जांच के साथ-साथ छात्र के कॉल रिकॉर्ड, सोशल मीडिया गतिविधियों और अन्य पहलुओं की भी पड़ताल की जा रही है, ताकि आत्महत्या के कारणों का पता लगाया जा सके। आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं फिलहाल छात्र द्वारा आत्महत्या किए जाने के पीछे की वजह सामने नहीं आई है। पुलिस परिजनों और परिचितों से पूछताछ कर रही है। यदि कोई सुसाइड नोट या अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य मिलते हैं, तो उसी आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने शुरू की विस्तृत जांच इंदरगढ़ थाना पुलिस का कहना है कि मामले की हर एंगल से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल से मिलने वाले डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल मर्ग कायम कर जांच जारी है।
देवरिया। मर्चेंट नेवी में नौकरी दिलाने के नाम पर एक युवक से 2.55 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ित की शिकायत पर खुखुंदू थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खुखुंदू थाना क्षेत्र के बरवा उपाध्याय गांव निवासी राकेश साहनी ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि करीब दो महीने पहले एक परिचित के माध्यम से उसकी मुलाकात एक व्यक्ति से हुई थी। आरोप है कि उसने मर्चेंट नेवी के जहाज पर नौकरी दिलाने का भरोसा देकर 2.55 लाख रुपये की मांग की। राकेश के अनुसार, नौकरी मिलने की उम्मीद में उसने आरोपित के बताए बैंक खाते में कई किश्तों में कुल 2.55 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए। रुपये मिलने के बाद आरोपित ने न तो नौकरी दिलाई और न ही नियुक्ति से जुड़ा कोई दस्तावेज उपलब्ध कराया। जब पीड़ित ने कई बार फोन कर जानकारी लेनी चाही तो आरोपित पहले टालमटोल करता रहा, बाद में उसका मोबाइल फोन बंद हो गया। इसके बाद राकेश को अपने साथ ठगी होने का एहसास हुआ। पीड़ित ने बताया कि जिस व्यक्ति के माध्यम से उसकी पहचान आरोपित से हुई थी, अब उससे भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। प्रभारी थानाध्यक्ष जेपी सिंह यादव ने बताया कि मामले में तहरीर प्राप्त हुई है। पूरे प्रकरण की जांच की जा रही है। जांच में आरोप सही पाए जाने पर संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर विधिक कार्रवाई की जाएगी।
महोबा के कबरई थाना क्षेत्र में कानपुर-सागर हाईवे पर बरबई गांव के पास दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में बांदा निवासी 24 वर्षीय सुभाष यादव की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं, बुलेट सवार दो अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें जिला अस्पताल रेफर किया गया है। यह दुर्घटना शनिवार रात हुई जब दो तेज रफ्तार बाइकें आपस में टकरा गईं। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों मोटरसाइकिलें बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं। सूचना मिलने पर कबरई थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को एंबुलेंस से कबरई सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया। 5 तस्वीरें देखिए- अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद 24 वर्षीय युवक सुभाष यादव को मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान बांदा जिले के सुहाना गांव निवासी चंद्रभान यादव के पुत्र सुभाष यादव के रूप में हुई। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन और पहचान दस्तावेजों के जरिए शिनाख्त कर परिजनों को सूचना दी। दूसरी बुलेट बाइक पर सवार कबरई कस्बे के किदवई नगर निवासी सत्येंद्र और उसका साथी अवध भी गंभीर रूप से घायल हुए हैं। बताया जा रहा है कि सत्येंद्र अपने साथी के साथ एक जन्मदिन पार्टी में शामिल होने जा रहा था, तभी सामने से आ रही बाइक से उनकी सीधी टक्कर हो गई। प्राथमिक उपचार के बाद दोनों घायलों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटाकर यातायात बहाल कराया और शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी भेज दिया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
आरोपी के मोबाइल से मिले 111 हूबहू असली सवाल! 5 लाख का सौदा टेलीग्राम पर 10 लाख में बिका, मची खलबली
मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी (NEET UG) को लेकर एक बेहद चौंकाने वाला और बड़ा खुलासा सामने आया है, जिसने देश के लाखों छात्रों और अभिभावकों को झकझोर कर रख दिया है। पेपर लीक मामले की जांच कर रही जांच एजेंसियों के हाथ एक बड़ी कामयाबी लगी है। गिरफ्तार किए गए मुख्य आरोपी के मोबाइल फोन की फॉरेंसिक जांच में परीक्षा के पूरे 111 असली सवाल बरामद हुए हैं। इसके साथ ही इस पूरे रैकेट के वित्तीय लेन-देन का भी पर्दाफाश हुआ है, जिसमें पांच लाख रुपये से शुरू हुआ यह खेल टेलीग्राम जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दोगुने दाम तक पहुंच गया।मोबाइल में मौजूद थे परीक्षा के 111 हूबहू सवालजांच अधिकारियों के मुताबिक, छापेमारी के दौरान पकड़े गए संदिग्ध के स्मार्टफोन के डेटा को जब खंगाला गया, तो उसमें एक गोपनीय पीडीएफ फाइल मिली। इस फाइल में नीट यूजी परीक्षा के कुल 111 सवाल बिल्कुल उसी क्रम और भाषा में मौजूद थे, जो परीक्षा के दिन प्रश्नपत्र में पूछे गए थे। यह इस बात का अकाट्य सबूत है कि परीक्षा शुरू होने से कई घंटे पहले ही प्रश्नपत्र को पूरी तरह से लीक कर दिया गया था। साइबर और फॉरेंसिक टीमें अब इस मोबाइल के डिलीट किए गए डेटा और चैट हिस्ट्री को रिकवर करने में जुटी हैं ताकि इस चेन से जुड़े अन्य चेहरों को बेनकाब किया जा सके।5 लाख रुपये में हुआ सौदा, टेलीग्राम पर 10 लाख में खुली बोलीइस रैकेट के काम करने के तौर-तरीकों ने सुरक्षा एजेंसियों को भी हैरान कर दिया है। शुरुआती जांच में यह बात सामने आई है कि लीक करने वाले गिरोह ने सबसे पहले चुनिंदा दलालों और छात्रों के साथ इस पूरे पेपर का सौदा महज 5 लाख रुपये प्रति छात्र की दर से तय किया था। लेकिन लालच बढ़ने के बाद इस सिंडिकेट ने आधुनिक तकनीक का सहारा लिया। गिरोह के सदस्यों ने टेलीग्राम (Telegram) पर सीक्रेट और एन्क्रिप्टेड ग्रुप्स बनाए, जहां इस लीक प्रश्नपत्र को 10-10 लाख रुपये में धड़ल्ले से बेचा गया। डिजिटल पेमेंट और क्रिप्टोकरेंसी के जरिए पैसों का ट्रांसफर किए जाने के भी इनपुट मिले हैं।सॉल्वर गैंग और कोचिंग सेंटर्स के कनेक्शन की गहराई से जांचइस बड़े खुलासे के बाद देश के कई राज्यों में फैले सॉल्वर गैंग और कुछ नामी कोचिंग संस्थानों के गठजोड़ पर भी शिकंजा कसना शुरू हो गया है। जांच टीम इस बात का पता लगा रही है कि परीक्षा केंद्र से या प्रिंटिंग प्रेस से यह पेपर किस स्तर पर बाहर आया। इस नई कूटनीतिक और डिजिटल जांच के बाद प्रभावित छात्रों और विभिन्न छात्र संगठनों द्वारा परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और दोबारा निष्पक्ष तरीके से परीक्षा आयोजित कराने की मांग तेज हो गई है। सुप्रीम कोर्ट और केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय भी इस पूरे मामले की रिपोर्ट पर पैनी नजर बनाए हुए हैं।
आज के डिजिटल दौर में स्मार्टफोन ने हमारे हाथ की घड़ी से लेकर जेब के पर्स तक की जगह काफी हद तक ले ली है। आजकल कई लोग घर से निकलते समय जेब में सिर्फ एक मोबाइल और गाड़ी की चाबी रखना ही पसंद करते हैं। ऑनलाइन पेमेंट से लेकर डिजिटल आइडेंटिटी (जैसे डिजिलॉकर) तक के सारे काम अब एक क्लिक पर चुटकियों में हो जाते हैं। लेकिन क्या आपने कभी सोचा है कि बिना पर्स के सिर्फ फोन लेकर घूमने की यह आदत सिर्फ एक सुविधा है, या फिर यह आपकी सोच, स्वभाव और लाइफस्टाइल के बारे में भी कुछ गहरे संकेत देती है? आइए जानते हैं इसके पीछे की दिलचस्प साइकोलॉजी...1. आपके भीतर की 'मिनिमलिस्ट' सोच की झलकअगर आप बिना पर्स के सिर्फ जरूरी चीजों के साथ बाहर निकलते हैं, तो यह आपके भीतर छिपी 'मिनिमलिस्ट' (Minimalist) सोच को दर्शाता है। मनोविज्ञान (Psychology) के अनुसार, ऐसे लोग अक्सर सादगी, स्पष्टता और एक व्यवस्थित (Organized) जीवन को ज्यादा महत्व देते हैं। उनका मानना होता है कि जितनी कम चीजें साथ होंगी, जिंदगी उतनी ही आसान और कम उलझनों वाली रहेगी। भौतिक चीजों का एक्स्ट्रा बोझ न उठाना इनके मानसिक सुकून को बढ़ाता है।2. नई टेक्नोलॉजी पर अटूट भरोसाUPI, मोबाइल बैंकिंग, डिजिटल वॉलेट और डिजिटल आईडी (जैसे ई-आधार या ड्राइविंग लाइसेंस) ने इंसानी आदतों को पूरी तरह बदल दिया है। जो लोग नई तकनीक और डिजिटल दौर के साथ कदम से कदम मिलाकर चलते हैं, वे मोबाइल आधारित इकोसिस्टम में बहुत सहज महसूस करते हैं। वे लकीर के फकीर बनने के बजाय बदलाव को जल्दी स्वीकार करते हैं, इसलिए उन्हें हर समय पारंपरिक लेदर का भारी-भरकम पर्स साथ रखने की कोई जरूरत महसूस नहीं होती।3. सुविधा और समय को सबसे ऊपर रखना (Efficiency First)कुछ लोगों के लिए समय और कम्फर्ट (Comfort) ही सबसे बड़ी प्रायोरिटी होती है। जब एक ही स्मार्टफोन से बैंकिंग, शॉपिंग, कैब बुकिंग, टिकट और पेमेंट जैसे सारे काम हो सकते हैं, तो अलग से कार्ड्स और नोटों से भरा पर्स कैरी करना उन्हें फिजूल और एक एक्स्ट्रा बोझ लगता है। ऐसे लोग अपनी डेली लाइफ को बेहद स्मार्ट, तेज और झंझट-मुक्त (Hassle-free) रखना पसंद करते हैं।4. हर परिस्थिति में खुद को ढालने की क्षमता (Adaptability)साइकोलॉजी कहती है कि बिना पर्स के घर से बाहर निकलने वाले लोग स्वभाव से थोड़े बेफिक्र और कूल होते हैं। वे छोटी-छोटी संभावित परेशानियों (जैसे—अगर फोन की बैटरी खत्म हो गई तो क्या होगा?) को लेकर पहले से ज्यादा तनाव या स्ट्रेस नहीं लेते। वे जानते हैं कि अगर कोई विपरीत परिस्थिति आ भी गई, तो वे हालात के अनुसार ऑन-द-स्पॉट कोई न कोई रास्ता निकाल लेंगे। हालांकि, इसका मतलब यह कतई नहीं है कि वे गैर-जिम्मेदार या लापरवाह हैं, बल्कि यह उनके आत्मविश्वास को दिखाता है।क्या सिर्फ इस एक आदत से आपकी पूरी पर्सनैलिटी डिसाइड होती है?बिल्कुल नहीं। लाइफस्टाइल एक्सपर्ट्स और साइकोलॉजिस्ट का साफ मानना है कि सिर्फ पर्स रखने या न रखने की आदत से किसी भी इंसान के संपूर्ण चरित्र या नेचर का आकलन नहीं किया जा सकता। यह पूरी तरह से उस व्यक्ति की तात्कालिक जरूरत, उसके कार्यक्षेत्र और उसकी व्यक्तिगत सुविधा पर निर्भर करता है।एक्सपर्ट टिप: भले ही आज की डिजिटल लाइफस्टाइल में बिना पर्स के निकलना एक बड़ा ट्रेंड बन चुका है, लेकिन पूरी तरह से मोबाइल पर निर्भर रहना कभी-कभी मुसीबत में डाल सकता है (जैसे फोन चोरी होना, नेटवर्क गायब होना या बैटरी डेड होना)। इसलिए, सुरक्षा के लिहाज से आपातकालीन स्थिति (Emergency) के लिए जेब में थोड़ा सा कैश और एक वैलिड फिजिकल आइडेंटिटी कार्ड (जैसे ड्राइविंग लाइसेंस या कोई अन्य सरकारी आईडी) साथ रखना हमेशा एक समझदारी भरा फैसला माना जाता है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

