कोरबा जिले में सड़क सुरक्षा माह और महिला सुरक्षा सप्ताह का शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर पुलिस कार्यालय परिसर में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया, जहां गुम हुए 50 मोबाइल फोन उनके मालिकों को लौटाए गए और हेलमेट वितरित किए गए। कार्यक्रम का शुभारंभ कैबिनेट मंत्री लखनलाल देवांगन और महापौर संजू देवी राजपूत ने किया। मंत्री देवांगन ने कहा कि सड़कों पर होने वाले हादसों को रोकने के लिए लोगों को यातायात नियमों की जानकारी देना आवश्यक है। उन्होंने सड़क सुरक्षा सप्ताह के कार्यक्रमों से जागरूकता बढ़ने की उम्मीद जताई और लोगों से शराब पीकर वाहन न चलाने की अपील की। कलेक्टर कुणाल दुदावत ने इस पहल को 'अच्छी सोच' बताया। उन्होंने कहा कि सड़क सुरक्षा माह और महिला सुरक्षा सप्ताह के तहत एक महीने तक जन जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। 50 गुम मोबाइल फोन बरामद पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी ने बताया कि साइबर सेल की मदद से लगभग 50 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इन मोबाइलों को उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा गया। उन्होंने यह भी बताया कि एक माह तक जागरूकता अभियान जारी रहेगा। मोबाइल फोन वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी और उन्होंने पुलिस विभाग का धन्यवाद किया। इस अवसर पर जिला चैंबर ऑफ कॉमर्स के अध्यक्ष योगेश जैन सहित प्रशासन, पुलिस अधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
मनेंद्रगढ़ साइबर सेल ने दिसंबर माह में एक विशेष अभियान चलाकर 25 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन फोनों की अनुमानित कीमत लगभग 3 लाख 30 हजार रुपये बताई गई है। सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को विधिवत सौंप दिए गए हैं। यह कार्रवाई सरगुजा रेंज के पुलिस महानिरीक्षक दीपक कुमार झा के निर्देश और पुलिस अधीक्षक रत्ना सिंह के मार्गदर्शन में की गई। साइबर सेल टीम ने गुम हुए फोनों की लगातार खोज के लिए यह अभियान चलाया था। मोबाइल फोन वापस मिलने पर नागरिकों ने राहत व्यक्त की। गुम मोबाइल पाकर खुश हुए लोग उन्होंने बताया कि उन्हें अपने गुम हुए फोन दोबारा मिलने की उम्मीद नहीं थी, लेकिन साइबर सेल के प्रयासों से यह संभव हो पाया। मोबाइल प्राप्त करने वाले नागरिकों ने मनेंद्रगढ़ पुलिस, साइबर सेल टीम और पुलिस प्रशासन के प्रति आभार जताया। उन्होंने कहा कि ऐसी कार्रवाइयों से आमजन में सुरक्षा और विश्वास की भावना मजबूत होती है।
बिलासपुर के सरहदी इलाके में न्यू ईयर की पार्टी मनाने के बहाने जुआ खेल रहे आठ लोगों को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। उनके पास से 1 लाख 18 हजार रुपए कैश, सात मोबाइल बरामद किया गया है। मामला कोटा थाना के बेलगहना चौकी क्षेत्र का है। दरअसल, सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने कंबल ओढ़कर जंगल के रास्ते फड़ तक पहुंचकर दबिश दी और जुआरियों को पकड़ा। सकरी में सीआरपीएफ कैंप के पीछे बुधवार को जुआरियों का फड़ सजा हुआ था। जुए में हाफा का सरपंच और उसके साथ आए लोग शराबखोरी करते हुए जुआ खेल रहे थे। जुआ खेलते हाफा सरपंच समेत 7 पकड़ाए सूचना मिलने पर एसीसीयू टीम के साथ सकरी पुलिस ने मौके पर छापा मारा और 7 जुआरियों को रंगे हाथों पकड़ लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 50 हजार रुपए से अधिक कैश, बाइक और मोबाइल जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। पकड़े गए जुआरियों में हाफा सरपंच जीतू जांगड़े (ग्राम हाफा), दिलीप मिश्रा (उसलापुर), अमन सिंह (मस्तूरी), अमित कौशिक (हाफा), पुष्पराज सिंह (मुंगेली), महेंद्र सिंह (मस्तूरी) और उपेंद्र सिंह (सकरी बटालियन) शामिल हैं। जंगल में पकड़े गए जुआरी पेंड्रा और बिलासपुर की सीमा पर स्थित बगघरा जंगल में जीपीएम जिले के जुआरियों की महफिल जमी हुई थी। इसी दौरान कंबल ओढ़े पुलिसकर्मी चोरी-छिपे जंगल के रास्ते जुआ फड़ तक पहुंचे। पुलिस को देखते ही जुआरियों में हड़कंप मच गया, लेकिन जवानों ने दौड़ाकर मौके पर मौजूद सभी जुआरियों को पकड़ लिया। पुलिस ने जुआ फड़ से 1 लाख 18 हजार 700 रुपए कैश, 3 मोटरसाइकिल और 7 मोबाइल जब्त किए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार जुआरियों में यश कुमार गंधर्व (42) निवासी कोनचरा, अंसार अंसारी (25) निवासी पड़रापथरा, अविनाश श्रीवास (21) निवासी बेलगहना, अमित यादव (23), रितेश पटेल (24), रंजित गिरी (25) निवासी सेमरिया, राजकुमार रजक (35) निवासी टेंगनमाड़ा और दीपक बिनकर (24) निवासी बेलगहना शामिल हैं।
झुंझुनूं गुढ़ा थाना इलाके के बड़ागांव में गुरुवार सुबह एक 35 वर्षीय महिला का शव उसके किराए के मकान में फंदे से झूलता हुआ मिला। मृतका की पहचान हंलसासर निवासी पूनम के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही गुढ़ागौड़जी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। लोगों हत्या का आरोप लगाया। परिजनों का आरोप आत्महत्या नहीं, यह हत्या घटनास्थल पर मौजूद परिजनों और ग्रामीणों ने मामले को संदिग्ध बताते हुए हत्या का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पूनम की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसे फंदे पर लटकाया गया है। शुरुआत में लोगों ने पुलिस को कमरा खोलने से भी रोक दिया। ग्रामीणों का तर्क था कि बिना उच्च स्तरीय जांच के कमरा खोलने से मौके पर मौजूद सबूत नष्ट हो सकते हैं। पुलिस की समझाइश और एक्सपर्ट टीमों की जांच मामले की गंभीरता को देखते हुए गुढ़ा थाना प्रभारी सुरेश रोलन ने उच्चाधिकारियों को सूचित किया। इसके बाद मौके पर MOB (Mobile Outpost Bureau), FSL (Forensic Science Laboratory) और डॉग स्क्वायड की टीमों को बुलाया गया। विशेषज्ञों ने कमरे से फिंगरप्रिंट्स और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए। पुलिस की लंबी समझाइश के बाद ही शव को नीचे उतारने दिया गया, जिसे पोस्टमार्टम के लिए गुढ़ा अस्पताल भेजा गया। वीडियो कॉल और मोबाइल कॉल डिटेल पर टिकी जांच सूत्रों के हवाले से जानकारी सामने आई है कि मौत से कुछ समय पहले मृतका किसी से वीडियो कॉल पर बात कर रही थी। पुलिस अब मृतका के मोबाइल की कॉल डिटेल (CDR) और सोशल मीडिया चैटिंग को खंगाल रही है। परिजनों ने एक संदिग्ध युवक के बारे में पुलिस को जानकारी दी है। पुलिस यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि क्या पूनम को आत्महत्या के लिए उकसाया गया था। पति की साल भर पहले ही हुई थी मौत जानकारी के अनुसार, पूनम के पति दलीप सिंह की की करीब एक साल पहले मौत हो चुकी थी। अपने दो बच्चों के साथ वह बड़ागांव में किराए का मकान लेकर रह रही थी। देर रात ऐसा क्या हुआ कि हँसते-खेलते परिवार की मुखिया ने मौत को गले लगा लिया या उसे मार दिया गया, यह क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। थानाधिकारी सुरेश रोलन ने बताया कि हर एंगल से मामले की जांच कर रहे हैं। परिजनों ने एक युवक पर संदेह जताया है, जिसकी भूमिका की जांच की जा रही है। मोबाइल डिटेल आने के बाद स्थिति पूरी तरह साफ हो जाएगी। फिलहाल पोस्टमार्टम की प्रक्रिया चल रही है
जौनपुर साइबर क्राइम थाना ने सीईआईआर पोर्टल की मदद से 75 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों का बाजार मूल्य लगभग 14 लाख रुपये है। गुरुवार को पुलिस लाइन में इन फोनों को उनके मालिकों को सौंप दिया गया। अब तक कुल 1019 मोबाइल फोन मालिकों को वापस किए जा चुके हैं। एसपी सिटी आयुष श्रीवास्तव ने बताया कि गुमशुदा मोबाइलों के प्रार्थना पत्रों और सीईआईआर पोर्टल पर दर्ज शिकायतों के आधार पर, साइबर क्राइम थाना जौनपुर की पुलिस टीम ने इन फोनों को बरामद किया। बरामद किए गए 75 मोबाइलों में से 20 फोन दिल्ली, गुजरात, महाराष्ट्र, झारखंड, बिहार और राजस्थान जैसे अन्य राज्यों से मिले हैं। इसके अतिरिक्त, उत्तर प्रदेश के गोरखपुर, प्रतापगढ़, बलिया, भदोही और उन्नाव जैसे जनपदों से भी 5 मोबाइल फोन बरामद किए गए। बरामद किए गए मोबाइलों में मुख्य रूप से वन प्लस, वीवो, रेडमी, ओप्पो, रियलमी, टेक्नो, पोको, नोकिया और सैमसंग कंपनियों के फोन शामिल हैं। इन सभी मोबाइलों का कुल बाजार मूल्य लगभग 14 लाख रुपये आंका गया है। नोडल साइबर क्राइम और अपर पुलिस अधीक्षक नगर आयुष श्रीवास्तव, तथा क्षेत्राधिकारी साइबर क्राइम देवेश सिंह ने मोबाइल स्वामियों को फोन वितरित किए। एसपी सिटी ने जनता से अपील की है कि मोबाइल फोन गायब होने की स्थिति में पहले थाने में गुमशुदगी दर्ज कराएं और उसके बाद सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत करें। उन्होंने साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता को महत्वपूर्ण बताया। किसी भी साइबर अपराध का शिकार होने पर तत्काल 1930 पर ऑनलाइन शिकायत करने या www.cybercrime.gov.in पर शिकायत पंजीकृत करने की सलाह दी गई है। लोग अपने नजदीकी थाने की साइबर हेल्पडेस्क पर भी संपर्क कर सकते हैं।
खगड़िया में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ खगड़िया पुलिस ने बड़ी और निर्णायक कार्रवाई करते हुए स्मैक और गांजा तस्करी के एक संगठित नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने पसराहा और चित्रगुप्त नगर थाना क्षेत्र में की गई अलग-अलग कार्रवाई में 200 ग्राम स्मैक (हीरोइन), 27 किलोग्राम गांजा, एक चार पहिया वाहन (टाटा हैरियर) और मोबाइल फोन के साथ कुल चार नशा कारोबारियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार के निर्देश पर जिले में चलाए जा रहे नशा-मुक्त अभियान के तहत की गई है। अभियान का उद्देश्य मादक पदार्थों की तस्करी, भंडारण और आपूर्ति पर पूरी तरह अंकुश लगाना है। एनएच-31 पर वाहन जांच के दौरान पकड़े गए स्मैक तस्कर जानकारी के अनुसार, पसराहा थाना पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि भागलपुर की ओर से कुछ तस्कर एनएच-31 के रास्ते टाटा हैरियर वाहन से भारी मात्रा में स्मैक लेकर खगड़िया की ओर आ रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पसराहा थाना पुलिस ने बजरंगबली मंदिर के समीप एनएच-31 पर सघन वाहन जांच अभियान शुरू किया। जांच के दौरान संदिग्ध टाटा हैरियर वाहन को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन से 200 ग्राम स्मैक (हीरोइन) बरामद की गई। मौके से तीन तस्करों को गिरफ्तार किया गया, जबकि वाहन को जब्त कर लिया गया। गिरफ्तार स्मैक तस्करों की पहचान पुलिस द्वारा गिरफ्तार अभियुक्तों की पहचान इस प्रकार की गई है— इस संबंध में पसराहा थाना कांड संख्या 258/25 दर्ज किया गया है। पुलिस सभी गिरफ्तार आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। साथ ही यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि स्मैक की आपूर्ति कहां से हो रही थी और किन इलाकों में इसे खपाने की योजना थी। छापेमारी दल में ये अधिकारी रहे शामिल इस कार्रवाई में पुअनि नवीन कुमार, अपर थानाध्यक्ष रिशु कुमार समेत पसराहा थाना के कई पुलिस पदाधिकारी और सशस्त्र बल के जवान शामिल थे। होटल के कमरे से 27 किलो गांजा बरामद इधर, चित्रगुप्त नगर थाना पुलिस ने भी नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि पटेल चौक, खगड़िया स्थित होटल आर्यावर्त के एक कमरे में भारी मात्रा में गांजा छिपाकर रखा गया है। सूचना के सत्यापन के बाद पुलिस टीम ने होटल में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान होटल के कमरे से 27 किलोग्राम गांजा और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया। मौके से एक तस्कर को गिरफ्तार किया गया। गांजा तस्कर की पहचान गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान— इस मामले में चित्रगुप्त नगर थाना कांड संख्या 168/25 दर्ज कर विधि-सम्मत कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि गांजा कहां से लाया गया था और इसकी सप्लाई किन-किन जगहों पर की जानी थी। एसपी बोले— नशा तस्करों को किसी हाल में नहीं बख्शा जाएगा पुलिस अधीक्षक राकेश कुमार ने बताया कि जिले में नशा तस्करों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि खगड़िया को नशा-मुक्त बनाने के लिए पुलिस पूरी तरह प्रतिबद्ध है और नशे के अवैध कारोबार में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। लगातार कार्रवाई से तस्करों में हड़कंप लगातार हो रही पुलिस कार्रवाई से जिले में नशा तस्करों के बीच हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस का कहना है कि आने वाले दिनों में इस तरह की कार्रवाई और तेज की जाएगी।
चोरी का मोबाइल फोन बेचने वाला काबू, 15 फोन बरामद
भास्कर न्यूज | अमृतसर थाना मोहकमपुरा पुलिस ने चोरी का मोबाइल बेचने वाले एक युवक को काबू कर 15 फोन बरामद किए हैं। पकड़े गए आरोपी की पहचान अमृतपाल सिंह निवासी मोहकमपुरा के रूप में हुई है। पुलिस ने बताया कि उन्हें गुप्त सूचना मिली थी कि आरोपी चोरी की मोबाइल बेचने का काम करता है। पुलिस ने ट्रेप लगाकर आरोपी काबू किया। उसकी निशानदेही पर 4 आईफोन और 11 एंड्रॉयड मोबाइल बरामद किया। पकड़े गए आरोपी के खिलाफ पर्चा दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
लखनऊ में पॉश इलाके में आग:नाका के मोबाइल शॉप की छत से उठा धुंआ; लपटे देख लोगों में अफरा-तफरी
न्यू ईयर के आखिरी दिन लखनऊ के नाका हिंडोला इलाके में अफरा-तफरी मच गई। आर्य नगर स्थित एक गोदाम में शॉर्ट सर्किट से अचानक आग लग गई, जिसके बाद गोदाम से धुएं का गुबार उठने लगा। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और दमकल विभाग की टीमें मौके पर पहुंच गईं और आग बुझाने का प्रयास शुरू कर दिया गया। आर्य नगर में गोदाम से उठा धुआं, मची अफरा-तफरी नाका हिंडोला क्षेत्र के आर्य नगर इलाके में उस वक्त हड़कंप मच गया, जब एक गोदाम के ऊपर से घना धुआं निकलता दिखाई दिया। बताया जा रहा है कि आग शॉर्ट सर्किट की वजह से लगी। धुआं उठता देख आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में दहशत फैल गई और लोग सुरक्षित स्थानों की ओर भागने लगे। बंसल मोबाइल के गोदाम में लगी आग आग नाका हिंडोला क्षेत्र में स्थित बंसल मोबाइल की दुकान और गोदाम में लगी है। बंसल मोबाइल इलाके में मोबाइल फोन के बड़े होलसेल सप्लायर के रूप में जाना जाता है। गोदाम के ऊपर बने हिस्से से लगातार धुआं निकलता रहा, जिससे नुकसान की आशंका जताई जा रही है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। नाका हिंडोला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और इलाके को घेराबंदी कर सुरक्षित कराया। किसी के अंदर फंसे होने की आशंका को देखते हुए पुलिस ने आसपास के लोगों को दूर हटाया। दमकल की कई गाड़ियां आग बुझाने में जुटीं आग की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की कई गाड़ियां मौके पर पहुंच गईं। दमकल कर्मियों ने गोदाम में लगी आग को काबू में करने के लिए मोर्चा संभाल लिया है। फिलहाल आग बुझाने का काम जारी है और नुकसान का आकलन किया जा रहा है। जनहानि नहीं, नुकसान का आंकलन जारी अब तक किसी के हताहत होने की सूचना नहीं है। प्रशासन का कहना है कि आग पर पूरी तरह काबू पाने के बाद नुकसान का विस्तृत आंकलन किया जाएगा। शॉर्ट सर्किट को आग लगने की प्राथमिक वजह माना जा रहा है, हालांकि जांच के बाद ही स्थिति स्पष्ट होगी।
पंजाब में फरीदकोट जिले में नेट बैंकिंग का पासवर्ड अपडेट करने के नाम पर एक व्यक्ति का मोबाइल हैक कर साइबर ठगों ने 16 लाख रुपए खाते से गायब कर दिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने केस दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। यह मामला जिले के कोटकपूरा शहर का है। पुलिस को सौंपी शिकायत में कोटकपूरा निवासी सोम नाथ गर्ग ने बताया कि उसके खाते की नेट बैंकिंग के पासवर्ड में समस्या आ रही थी। कुछ दिन पहले उसके मोबाइल फोन पर एक अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया, जिसने स्वयं को बैंक के हेड ऑफिस से जुड़ा अधिकारी बताया। उसने नेट बैंकिंग का पासवर्ड दोबारा जारी करने का झांसा दिया। आरोपी ने पीड़ित से एक फॉर्म भरवाने के बहाने बैंक खाते की डिटेल, उसका आधार नंबर समेत अन्य जानकारियां हासिल कर लीं। इसके बाद आरोपी ने पीड़ित का मोबाइल ही हैक कर लिया और उसके एक्सिस बैंक के खाते में जमा एफडी को तुड़वा कर उसके खाते से करीब 16 लाख रुपए अन्य खातों में ट्रांसफर कर लिए। जब पीड़ित को खाते से पैसे निकलने के मैसेज प्राप्त हुए, तब उसे अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ। इसके बाद उसने तुरंत बैंक और पुलिस को सूचना दी। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर की जा रही है जांच-एसएचओ थाना साइबर क्राइम के एसएचओ इंस्पेक्टर गुरांदित्ता सिंह ने बताया कि शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात लोगों पर मामला दर्ज कर लिया है और मोबाइल कॉल डिटेल, बैंक ट्रांजैक्शन तथा तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच की जा रही है। उन्होंने आम जनता से अपील की है कि किसी भी अनजान कॉल पर बैंक से जुड़ी गोपनीय जानकारी साझा न करें। बैंक कभी भी फोन पर पासवर्ड, ओटीपी या व्यक्तिगत विवरण नहीं मांगते। सतर्कता बरतकर ही ऐसे साइबर अपराधों से बचा जा सकता है।
देवास में पुलिस का न्यू ईयर गिफ्ट:40 लाख के 220 मोबाइल मालिकों को लौटाए; इस साल 655 फोन खोजे
देवास पुलिस ने नववर्ष पर 220 गुम हुए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को लौटाए। ये मोबाइल साइबर सेल द्वारा चलाए गए ‘ऑपरेशन साइबर’ के तहत खोजे गए थे। इनकी कुल कीमत करीब 40 लाख रुपए है। पुलिस कंट्रोल रूम देवास में आयोजित कार्यक्रम में पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत ने मोबाइल फोन आवेदकों को सौंपे। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोत के निर्देश पर जिले में ऑपरेशन साइबर चलाया जा रहा है। इसका मकसद साइबर अपराधों पर रोक लगाना और पीड़ितों को जल्दी मदद देना है। इस अभियान के तहत हर थाने में प्रशिक्षित साइबर मित्र तैनात हैं, जो गुम मोबाइल और साइबर ठगी के मामलों में तुरंत कार्रवाई करते हैं। पुलिस ने 655 गुम हुए मोबाइल फोन की खोज की इसके अलावा पुलिस चौपाल, गांव-मोहल्लों और कस्बा-नाका स्तर पर लोगों को साइबर सुरक्षा के बारे में जागरूक कर रही है। साल 2025 में ऑपरेशन साइबर के तहत जिला साइबर सेल देवास ने 655 गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके मालिकों को लौटाए हैं। इनकी कुल कीमत करीब 1 करोड़ रुपए है। इस काम में जिला साइबर सेल प्रभारी और पूरी टीम का अहम योगदान रहा है। देवास निवासी रेखा ने अपना अनुभव साझा करते हुए बताया कि तीन माह पहले भोपाल चौराहा के पास उनका 60 हजार रुपए का आईफोन गिर गया था। उन्होंने उसी दिन बीएनपी थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई और साइबर सेल को सूचित किया। तीन महीने के भीतर उन्हें उनका फोन वापस मिल गया, जिसे महाराष्ट्र से बरामद किया गया था। रेखा ने एसपी और साइबर सेल टीम को धन्यवाद दिया।
जालंधर वेस्ट के बस्ती वावाखेल इलाके में नहर के पास मोबाइल स्नैचिंग की वारदात सामने आई है। जानकारी के अनुसार एक महिला अपने बच्चों के साथ नहर किनारे खड़ी थी, तभी तीन युवक एक्टिवा पर सवार होकर वहां पहुंचे और महिला का मोबाइल छीनकर फरार होने लगे। महिला ने विरोध किया तो एक युवक ने उसे झटका दिया मोबाइन छीन फरार हो गए। घटना के दौरान पास में खड़े एक ऑटो चालक निहंग सिंह ने बहादुरी दिखाते हुए स्नैचरों का पीछा किया और अपने ऑटो से एक्टिवा को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही तीनों आरोपी गिर पड़े। इस दौरान भीड़ जमा हो गई, लेकिन मौके का फायदा उठाकर दो आरोपी मोबाइल लेकर फरार हो गए, जबकि एक आरोपी को निहंग सिंह और स्थानीय लोगों ने काबू कर लिया। सूचना मिलते ही बस्ती बावा खेल थाने के एसएचओ पुलिस टीम के साथ कुछ ही मिनटों में मौके पर पहुंच गए। पकड़े गए आरोपी को पुलिस ने हिरासत में ले लिया और वारदात में इस्तेमाल एक्टिवा भी जब्त कर ली गई है। फरार आरोपियों की तलाश के लिए पुलिस द्वारा पकड़े गए चोर से पूछताश की जा रही है। स्थानीय लोगों ने निहंग सिंह और आम जनता की सतर्कता की सराहना करते हुए कहा कि अगर लोग पुलिस का साथ दें तो अपराधियों को मौके पर ही पकड़ा जा सकता है। वहीं, पुलिस अधिकारियों ने भी आम लोगों से अपील की है कि किसी भी वारदात की तुरंत सूचना पुलिस को दें और अपराध के खिलाफ एकजुट होकर खड़े हों। पुलिस ने बताया कि पकड़े गए अरोपी पर पहले भी अपराधिक मामले दर्ज है।
हर आधे घंटे की बिजली खपत की जानकारी मोबाइल पर
भास्कर न्यूज | कवर्धा कबीरधाम जिले में बिजली उपभोक्ताओं के घरों में स्मार्ट मीटर लगाए जा रहे हैं। बिजली कंपनी का दावा है कि लगाए जा रहे स्मार्ट मीटर राहत और पारदर्शिता लेकर आए हैं। अब उपभोक्ताओं को हर 30 मिनट में बिजली खपत की जानकारी सीधे मोबाइल पर मिल रही है। जिले में अब तक 76 हजार 795 स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। यह कार्य भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय, केंद्रीय विद्युत प्राधिकरण और छत्तीसगढ़ राज्य विद्युत नियामक आयोग के नियमों के तहत आरडीएसएस योजना के अंतर्गत किया जा रहा है। कृषि पंपों को छोड़कर सभी घरेलू, गैर-घरेलू और शासकीय कनेक्शनों में पुराने मीटर बदले जा रहे हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं को मोर बिजली एप के जरिए बिजली खपत का पूरा रिकॉर्ड मिलने लगा है। बिजली कंपनी कवर्धा वृत्त के अधीक्षण अभियंता रंजीत घोष ने बताया कि स्मार्ट मीटर लगाने के लिए उपभोक्ताओं से कोई शुल्क नहीं लिया जा रहा है। मीटर लगाने वाले कर्मचारी यूनिफॉर्म और अधिकृत आईडी कार्ड के साथ कार्यालयीन समय में कार्य कर रहे हैं। संबंधित जोन या वितरण केंद्र से संपर्क कर िशकायत कर सकते हैं। खपत की गणना पुराने व स्मार्ट मीटर में एक जैसे कंपनी के मुताबिक बिजली खपत की गणना के लिहाज से पुराने और स्मार्ट मीटर समान हैं। लेकिन स्मार्ट मीटर की खासियत डिजिटल सूचना प्रणाली है। इससे उपभोक्ता अपने बिल और खपत की पूरी जानकारी मोबाइल पर देख सकते हैं। इससे रियल टाइम डेटा, समय पर सही बिलिंग और रीडिंग संबंधी शिकायतों में कमी आई है। उपभोक्ताओं को स्मार्ट मीटर लगाना अनिवार्य अधीक्षण अभियंता घोष ने स्पष्ट किया कि बिजली (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियमन 2020 के तहत चरणबद्ध तरीके से पुराने मीटरों को स्मार्ट मीटर से बदलना अनिवार्य है। मीटर बदलने से अधिक बिल आने का कोई सवाल नहीं है। अब बिजली खपत और बिलिंग की सटीक जानकारी भी मोबाइल पर मिलेगी।
उज्जैन के एक इंजीनियर के साथ नई दिल्ली रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी के बाद बड़ी साइबर ठगी हो गई। बदमाश ने मोबाइल हाथ लगते ही 50 से ज्यादा ट्रांजैक्शन कर चार बैंक खातों से 2.90 लाख रुपए निकाल लिए। ठगी से मानसिक रूप से परेशान इंजीनियर की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा। उज्जैन निवासी इंजीनियर हितेंद्र सिंह गुर्जर नोएडा की एक निजी कंपनी में काम करते हैं। शनिवार को हितेंद्र सिंह नई दिल्ली रेलवे स्टेशन से उज्जैन के लिए इंटरसिटी ट्रेन संख्या 12416 में सवार हो रहे थे। इसी दौरान प्लेटफॉर्म पर मौजूद भारी भीड़ का फायदा उठाकर किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनका मोबाइल फोन जेब से चोरी कर लिया। मोबाइल चोरी के बाद 2.90 लाख रुपए निकाले गए रविवार को उज्जैन पहुंचने पर हितेंद्र ने अपने मोबाइल की सिम ब्लॉक करवा दी। सोमवार को उन्होंने महाराष्ट्र, आईडीबीआई, यस और एक्सिस बैंक के खातों की जांच की तो पता चला कि बदमाश ने चोरी के कुछ ही समय बाद फोन में मौजूद बैंकिंग ऐप्स और डिजिटल सुविधाओं का दुरुपयोग कर लगभग 50 से अधिक ऑनलाइन ट्रांजैक्शन करके सभी खातों से 2.90 लाख रुपए निकाल लिए। इसके बाद हितेंद्र ने तुरंत उज्जैन जीआरपी, स्थानीय पुलिस थाना और संबंधित बैंक शाखाओं को सूचना दी और पूरे घटनाक्रम की लिखित शिकायत दर्ज कराई। मानसिक तनाव और आर्थिक नुकसान से इंजीनियर की तबीयत बिगड़ी घटना के कारण मानसिक तनाव और भारी आर्थिक नुकसान से इंजीनियर हितेंद्र सिंह की तबीयत अचानक बिगड़ गई। परिजन ने उन्हें तुरंत माधव नगर अस्पताल, उज्जैन में भर्ती कराया। चिकित्सकों के अनुसार, उनकी हालत अब स्थिर है, लेकिन वे अभी चिकित्सकीय निगरानी में हैं। हितेंद्र सिंह ने बताया कि सिम ब्लॉक करने और कुछ बैंक खातों के यूपीआई नंबर न होने के बावजूद आरोपी ने उनके खातों से रुपए निकाल लिए, जो एक गंभीर मामला है। पीड़ित ने मांग की है कि इस गंभीर मामले में मोबाइल चोरी, बैंक खातों से अवैध डिजिटल लेन-देन और संगठित साइबर अपराध के तहत अज्ञात आरोपियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता और सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धाराओं में मामला दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए।
भूपालसागर में खेत में युवती पर चाकू से हमला, सोने का मादलिया और मोबाइल लूटे गए
भूपालसागर के उसरोल गाडरियावास में 20 वर्षीय गुड्डी भील पर दो अज्ञात युवकों ने चाकू से हमला कर उसका सोने का मादलिया और मोबाइल लूट लिया। घटना के दौरान युवती के हाथों में गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है और मामले की जांच जारी है।
हरियाणा में गृह विभाग की 40 फोरेंसिक मोबाइल वैन तैनात की जाएंगी। यह बात गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कही। वे मंगलवार को पंचकूला में नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन पर आयोजित कार्यशाला के संबोधित करने पहुंची। गृह विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव डॉ. सुमिता मिश्रा ने कहा कि जांच उपकरणों को आधुनिक बनाने के लिए 101 करोड़ का निवेश और अतिरिक्त डीएनए और साइबर फोरेंसिक क्षमताओं को मजबूत करने के लिए इस वित्तीय वर्ष में 18 करोड़ रुपए का आवंटन किया गया है। गुरुग्राम में क्षेत्रीय फोरेंसिक विज्ञान लैब में नया DNA डिवीजन 1 जनवरी, 2026 से चालू होने वाला है। हरियाणा ने भारत के नए आपराधिक कानूनों के कार्यान्वयन में खुद को राष्ट्रीय स्तर पर अग्रणी के रूप में स्थापित किया है। दोषसिद्धि दर, फोरेंसिक अनुपालन और जांच समय सीमा में तेज बढ़त दर्ज की है। साथ ही मोबाइल फोरेंसिक इकाइयों, डीएनए और साइबर फोरेंसिक में बड़े निवेश, बड़े पैमाने पर पुलिस भर्ती और विस्तारित जेल बुनियादी ढांचे को शामिल करते हुए एक महत्वाकांक्षी सुधार रोडमैप का अनावरण किया है। 87 प्रतिशत एफआईआर के आरोप पत्र दायर डॉ. मिश्रा ने कहा कि 1 जुलाई, 2024 और 24 दिसंबर, 2025 के बीच, राज्य ने 1 लाख 59 हजार 34 प्रथम सूचना रिपोर्ट दर्ज की, जिनमें से 1, लाख 37 हजार 141 मामलों में आरोप पत्र या अंतिम रिपोर्ट दायर की गई, जो लगभग 87 प्रतिशत है। अनिवार्य 60 दिवसीय जांच समय सीमा के अंतर्गत आने वाले लगभग 70 प्रतिशत मामले निर्धारित अवधि के भीतर पूरे किए गए। जबकि 90 दिवसीय श्रेणी के तहत अनुपालन 80 प्रतिशत के करीब रहा। कई जिलों ने 85 प्रतिशत से अधिक अनुपालन स्तर हासिल किया, जो सख्त पर्यवेक्षण, बेहतर अंतर-जिला समन्वय और अधिक प्रभावी निगरानी तंत्र को दर्शाता है। 97.2 प्रतिशत अपराध स्थलों पर पहुंची फोरेंसिक टीमें फोरेंसिक सुधारों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. मिश्रा ने कहा कि 2025 में फोरेंसिक विशेषज्ञों ने 97.2 प्रतिशत अपराध स्थलों का दौरा किया, जिनमें अनिवार्य जांच की आवश्यकता थी। हरियाणा ने उन सभी गंभीर अपराधों में शून्य लंबितता हासिल की है, जहां अनिवार्य फोरेंसिक यात्राओं की आवश्यकता होती है। यौन अपराधों से बच्चों का संरक्षण अधिनियम के तहत मामलों में, राज्य ने 99 प्रतिशत डीएनए सकारात्मकता दर दर्ज की, जिसने वैज्ञानिक साक्ष्य-आधारित जांच में एक राष्ट्रीय बेंचमार्क स्थापित किया।
Phone calls और social media apps के लिए नए नियम, आखिर क्या है सचाई
केंद्र सरकार फोन कॉल और सोशल मीडिया ऐप्स के लिए नए संचार नियम लागू कर रही है। सोशल मीडिया में इस तरह की खबरें खूब शेयर की जा रही हैं। अब इसे लेकर सरकार का बड़ा खंडन सामने आया है। सरकार ने खबर का खंडन किया कि केंद्र सरकार फोन कॉल और सोशल मीडिया ऐप्स ...
बिलासपुर के अचानकमार टाइगर रिजर्व एरिया (ATR) में पर्यटकों को सोमवार बाघ नजर आया है। रायपुर के पर्यटक हरिशंकर समीर अपने परिवार के साथ ATR घूमने के लिए आए थे। उन्होंने दूसरी पाली में शिवतराई से जिप्सी बुकिंग कराई और कोर एरिया में भ्रमण पर निकल गए। इसी दौरान जंगल में उन्होंने बाघ को विचरण करते देखा। बाघ देखकर पर्यटक और परिवार के लोग पहले घबरा गए, जिसके बाद उन्होंने खुशी से झूमते हुए मोबाइल निकालकर बाघ का वीडियो बनाया। सामान्य तौर पर अचानकमार टाइगर रिजर्व में घूमने आए पर्यटकों को बाघ नजर नहीं आता। आए दन ATR की किरकिरी होती रही है। पर्यटकों को हमेशा यह शिकायत रहती है कि, ATR बाघ संरक्षित क्षेत्र है। इसके बाद भी, जब भी जाओ, बाघ दिखाई नहीं देता। बाघ देखकर रोमांच से भर गया परिवार अचानकमार टाइगर रिजर्व में सोमवार को बाघ देखकर पर्यटकों को रोमांच का अनुभव हुआ। पर्यटकों की नजर जैसे ही बाघ पर पड़ी पहले वो घबरा गए। उन्होंने वाहन चालक जीवन लाल को जिप्सी रोकने के लिए बोला। फिर खुशी से झूम उठे और बाघ का वीडियो बनाना शुरू कर दिया। इस दौरान गाइड ने उन्हें जिप्सी से उतरने के लिए मना किया। गाइड और ड्राइवर ने प्रबंधन को दी जानकारी पर्यटकों ने अचानकमार के किस हिस्से में बाघ देखा। प्रबंधन को इसकी जानकारी है। उन्हें यह मालूम है कि उस बाघ का नाम क्या है। लेकिन, सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए प्रबंधन ने लोकेशन की जानकारी गोपनीय रखा है। वहीं, पर्यटकों से भी अपील की है कि वह जगह का नाम सार्वजनिक न करें। जिस पर्यटकों को बाघ नजर आया, प्रबंधन ने उनका नाम और मोबाइल नंबर भी एंट्री किया है। वहीं, वाहन चालक जीवन लाल साकत और टूरिस्ट गाइड कुशाल टिलवानी ने इसकी जानकारी ATR प्रबंधन को दी है। प्रबंधन का दावा, ATR में है 10 से 11 बाघ ATR प्रबंधन के रिकार्ड में 10 से 11 बाघ हैं। फोर फेस मॉनिटरिंग के दौरान दल को इनके पद चिन्ह भी मिले हैं। साथ ही ट्रैप कैमरे भी उनकी तस्वीर कैद हुई है। कुछ शावक भी हैं, जिनकी संख्या प्रबंधन ने अब तक उजागर नहीं किया है। प्रबंधन का दावा है कि आने वाले दिनों में अचानकमार टाइगर रिजर्व में बाघ हर दिन पर्यटकों को नजर आएगा। प्रबंधन कुनबा बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए इसके लिए पेट्रोलिंग टीम भी बनाई गई है, जो केवल बाघों की मॉनिटरिंग करती है।
हरियाणा के नारनौल में बाइक चलाते समय जेब में रखा मोबाइल फोन फट गया। इस हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल को इलाज के लिए नारनौल के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। जहां पर उसका इलाज चल रहा था। महेंद्रगढ़ के गांव बलाना निवासी करीब 20 वर्षीय सचिन कुमार महेंद्रगढ़ से नारनौल की ओर आ रहा था। इस दौरान वह मोबाइल फोन पर कान में कोई डिवाइस लगाकर बात कर रहा था, जबकि मोबाइल उसकी पेंट की बांई जेब में रखा हुआ था। बात करते-करते उसका मोबाइल फोन फट गया। मोबाइल फटने की वजह से वह वह असंतुलित होकर बाइक समेत सड़क पर गिर गया। जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास के लोगों ने उसको सड़क से उठाया तथा एम्बुलेंस को फोन किया। सूचना मिलने के बाद मौके पर पहुंची एम्बुलेंस ने घायल सचिन को उपचार के लिए नारनौल के नागरिक अस्पताल पहुंचाया। जहां पर उसको इलाज के लिए भर्ती कर लिया गया। मोबाइल फटने व हादसे के बाद उसको गंभीर चोट भी लगी है।
जहानाबाद के शकूराबाद थाना क्षेत्र के श्रीबिगहा गांव निवासी सीआरपीएफ जवान समरेश कुमार के बैंक खाते से 1 लाख 33 हजार 674 रुपए की अवैध निकासी का मामला सामने आया है। पीड़ित जवान ने इस संबंध में साइबर थाना में लिखित शिकायत दर्ज कराई है। जानकारी के अनुसार, समरेश कुमार का मोबाइल फोन दिल्ली में खो गया था। कुछ दिनों बाद जब वह घर लौटे और अपने बैंक खाते की जांच की, तो उन्हें इतनी बड़ी रकम निकाले जाने की जानकारी मिली। इसके बाद उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। पीड़ित जवान का कहना है कि उनके खोए हुए मोबाइल में बैंक से संबंधित गोपनीय जानकारी मौजूद थी। आशंका जताई जा रही है कि अज्ञात साइबर अपराधियों ने इसी का गलत इस्तेमाल कर अवैध तरीके से खाते से रुपए निकाल लिए। मामले की गंभीरता को देखते हुए साइबर डीएसपी गोपाल कृष्ण ने बताया कि प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और जल्द ही इस मामले का खुलासा किया जाएगा।
सोनीपत जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र के गांव मण्डौरी में एक युवक पर हमला कर जान से मारने की धमकी देने और फायरिंग करने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने आरोप लगाया है कि गांव के ही कुछ युवकों ने उस पर डंडों से हमला किया, मोबाइल छीन लिया और बाद में देशी पिस्तौल से हवाई फायर कर दहशत फैलाने की कोशिश की। पुलिस ने मामले में कई धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मण्डौरा अड्डे पर हमला, कान में लगी चोट शिकायतकर्ता प्रवेश, निवासी गांव मण्डौरी ने बताया कि 27 दिसंबर की शाम करीब साढ़े छह बजे वह अपने साथी तूमीष के साथ मण्डौरा अड्डे पर किसी काम से गया था। जब वह अपनी मोटरसाइकिल पर बैठा था, तभी गांव का ही सुनील अपने चार साथियों के साथ वहां पहुंचा और बिना किसी बात के मारपीट शुरू कर दी। सभी ने मिलकर लाठी-डंडों से हमला किया, जिससे उसके कान में चोट लग गई। मौके पर मौजूद दुकानदारों और ग्रामीणों ने बीच-बचाव कर उसे बचाया। मोबाइल छीनकर भागा, घर बुलाकर दी धमकी प्रवेश ने बताया कि झगड़े के दौरान सुनील उसका मोबाइल फोन भी उठा ले गया और कहा कि अगर मोबाइल चाहिए तो उसके घर आकर ले जाए। इसके बाद प्रवेश अपने चाचा, पूर्व सरपंच प्रवीन कुमार, पिता और साथी तूमीष के साथ सुनील के घर गया तो सुनील ने देसी पिस्तौल निकालकर हवाई फायर कर दिया। जब गांव के लोग इकट्ठे हुए तो उसने दहशत फैलाने की नीयत से दो और फायर किए और मौके से फरार हो गया। आरोपी पर गंभीर आरोप, जान से मारने की धमकी भी दी शिकायत में प्रवेश ने बताया कि फायरिंग से पहले सुनील ने उसे जान से मारने की धमकी दी। उसने कहा कि सुनील आपराधिक प्रवृत्ति का व्यक्ति है, जिस पर पहले भी चोरी और हत्या जैसे गंभीर आरोप लग चुके हैं। पीड़ित ने पुलिस से अनुरोध किया कि ऐसे अपराधी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में किसी की जान-माल को खतरा न हो। पुलिस ने दर्ज किया मामला, जांच शुरू पुलिस के अनुसार सूचना मिली थी कि गांव मण्डौरी में झगड़ा हुआ है। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने जांच की, लेकिन उस समय शिकायतकर्ता ने लिखित शिकायत देने से इनकार कर दिया था। बाद में 29 दिसंबर को प्रवेश ने लिखित शिकायत दी। जांच के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया।
कैथल में ओटीपी पूछकर खाते से निकाले 50 हजार:कॉल कर खुद को बैंक अधिकारी बताया; मोबाइल पर भेजा मैसेज
कैथल जिले के गांव टयौंठा में अज्ञात आरोपी ने एक युवक से 50 हजार 721 रुपए ठग लिए। आरोपी ने स्वयं को बैंक का क्रेडिट कार्ड अधिकारी बताया था। उसने युवक के मोबाइल नंबर पर ओटीपी भेजा और बाद में उसे ओटीपी पूछकर उसके खाते से यह राशि निकाली। इस संबंध में युवक ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। अज्ञात व्यक्ति ने किया फोन गांव टयौंठा के युवक सोनू ने साइबर थाना में दी शिकायत में बताया कि उसका कैथल के एक निजी बैंक में खाता है। 3 दिसंबर को उसके पास अज्ञात व्यक्ति का कॉल आया। कॉल करने वाले व्यक्ति ने कहा कि वह बैंक से क्रेडिट कार्ड अधिकारी बोल रहा है। मोबाइल पर भेजा ओटीपी आरोपी ने कहा कि वह उसके क्रेडिट कार्ड के लिमिट बढ़ा देगा। इसके लिए आरोपी ने उसके रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर एक ओटीपी भेजा। जैसे ही उसने ओटीपी बताया, तो उसके खाते से 50 हजार 721 कट गए। शिकायतकर्ता ने कहा कि ऐसा करके आरोपी ने उसके साथ धोखाधड़ी की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस साइबर थाना एसएचओ शुभ्रांशु ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास युवक की शिकायत आई है।पुलिस ने शिकायत के आधार पर अज्ञात आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
अजमेर की दरगाह थाना पुलिस ने उर्स मेले के दौरान जायरीन के मोबाइल चुराने वाली गैंग को पकड़ा है। महाराष्ट्र के मालेगांव की इस गैंग के 8 बदमाश गिरफ्तार किए गए हैं। गैंग से करीब 25 लाख रुपए कीमत के 54 मोबाइल बरामद किए गए हैं। पुलिस के मुताबिक उर्स में चोरी, जेबतराशी की वारदातों को रोकने और अपराधों पर अंकुश लगाने के लिए एसपी वंदिता राणा ने टीम को निर्देश दिए थे। इसी क्रम में दरगाह थाना पुलिस ने सोमवार को मोबाइल चोरी के शातिर बदमाशों और जेबतराशों को पकड़ने के लिए चेकिंग अभियान चलाया। दरगाह थाना एसएचओ दिनेश जीवनानी के मुताबिक उर्स मेले में बाहर से आने वाली गैंग और बदमाशों पर नजर रखने के लिए विशेष टीम का गठन किया। मुखबिर और होटल संचालकों से संपर्क कर संदिग्ध व्यक्तियों की पहचान की। सूचना के आधार पर नासिक और मालेगांव महाराष्ट्र गैंग के पकड़े 8 आरोपियों से 54 कीमती मोबाइल बरामद किए। जिनकी कीमत करीब 25 लाख रुपए है। पुलिस ने इस मामले में शेख हुसैन निवासी गुलशेर नगर मालेगांव, नावेद अख्तर निवासी हीरापुरा मालेगांव, साहिल शाह निवासी तांबापुरा जलगांव, शेख फैसल निवासी मालेगांव, फैजान खान निवासी मालेगांव, शेख रफीक निवासी पवारवाड़ी मालेगांव, जावेद शाह निवासी मालेगांव और फैसल खान निवासी मनमाड़ जिला नासिक को गिरफ्तार किया है। सभी आरोपियों पर पहले भी संपत्ति संबंधित मामले दर्ज हैं।
उज्जैन में नव वर्ष पर महाकाल मंदिर दर्शन के लिए आने वाले भक्तों को बदमाश निशाना बना रहे हैं। हैरत की बात यह है कि स्मार्ट पार्किंग में खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़कर चोरी की वारदातों को अंजाम दिया जा रहा है, जबकि पार्किंग स्टाफ सिर्फ वसूली में लगा है। ऐसा ही एक मामला महाराष्ट्र के चंद्रपुर निवासी दीपक पांडे के साथ हुआ। वे अपने परिवार के साथ रविवार को महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन पहुंचे थे। उन्होंने अपनी क्रेटा कार (MH34-CJ 9586) को महाकाल थाने के पास बनी स्मार्ट पार्किंग में खड़ा किया था। दर्शन से वापस लौटे तो शीशी टूटा मिलासोमवार को महाकाल मंदिर में दर्शन करने के बाद पांडे परिवार जब कार लेने पहुंचा, तो उन्हें कार का शीशा टूटा हुआ मिला। कार में रखा उनका बैग भी गायब था। दीपक पांडे ने बताया कि बैग में 15 हजार रुपए नकद, लॉकर की चाबी और करीब एक लाख रुपए का मोबाइल फोन था, जो चोरी हो गया। मामले की जानकारी महाकाल थाने को दी गई। पुलिस ने टीम बनाकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले, जिसमें चार-पांच बदमाश किसी तरल पदार्थ का इस्तेमाल कर कार का शीशा तोड़ते हुए दिखाई दिए। हैरानी की बात यह भी है कि शीशा टूटने पर गाड़ी का सायरन भी बजा, लेकिन पार्किंग का ठेकेदार गाड़ी को देखने तक नहीं पहुंचा।
बिहार पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) और मुजफ्फरपुर जिला पुलिस की संयुक्त टीम ने कुख्यात अपराधी विक्की कुमार उर्फ विक्की मौर्या को गिरफ्तार किया है। आरोपी को जिले के बरुराज थाना क्षेत्र से पकड़ा गया। पुलिस को उसके गुप्त ठिकाने पर होने की सूचना मिली थी। गिरफ्तारी के दौरान पुलिस ने मौर्या के पास से एक अवैध देशी कट्टा और एक जिंदा कारतूस बरामद किया। इसके अतिरिक्त, अपराध में इस्तेमाल की गई एक लक्जरी कार और दो मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जानकारी के अनुसार, विक्की मौर्या हाल ही में बरुराज थाना क्षेत्र में हुई लूटपाट और गोलीबारी की घटना में शामिल था। 15 दिसंबर 2025 को बरुराज थाना क्षेत्र के कुंवारी टोला स्थित नहर के पास बृजेश कुमार नामक व्यक्ति से लूटपाट की गई थी। विक्की ने साथियों संग मिलकर बाइक और कैश की लूट की थी अपराधियों ने बृजेश की अपाचे मोटरसाइकिल और 5000 रुपए नकद लूट लिए थे, और विरोध करने पर उन्हें गोली मारकर घायल कर दिया था। इस संबंध में बरुराज थाने में कांड संख्या 315/25 और 316/25 के तहत हत्या के प्रयास और लूट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। पुलिस विक्की से गहन पूछताछ कर रही है। पुलिस का मानना है कि पूछताछ से इलाके में सक्रिय अन्य अपराधियों और हाल की अन्य लूट की घटनाओं के बारे में महत्वपूर्ण सुराग मिल सकते हैं। मामले में गिरफ्तारी की पुष्टि डीएसपी सुचित्रा कुमारी ने की है। आरोपी का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है पुलिस सूत्रों के अनुसार, आरोपी विक्की मौर्या का पुराना आपराधिक इतिहास रहा है और वह लंबे समय से पुलिस की रडार पर था। पुलिस अब गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में छापेमारी कर रही है।
रतलाम के व्यापारियों से करीब 64 लाख रुपए लेकर परिवार समेत फरार हुए हुंडी व्यापारी विजय लोढ़ा की रिमांड अवधि सोमवार को खत्म हो गई। शाम को उसे जेल भेजा। पुलिस ने उसका लैपटॉप और मोबाइल फोन भी जब्त किया है। 16 दिसंबर को रतलाम के तेजानगर में रहने वाले रूपेश चरपोट (48) ने माणकचौक थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। रूपेश मकान ठेकेदारी का काम करते हैं। उनके साथ तीन से चार अन्य व्यापारियों ने भी हुंडी दलाल विजय लोढ़ा के खिलाफ 64 लाख रुपए लेकर फरार होने पर अमानत में खयानत का केस दर्ज कराया था। तब से पुलिस इसे तलाश कर रही थी। राजस्थान के उदयपुर से पकड़कर लाए थेहुंडी व्यापारी को माणकचौक थाना पुलिस शुक्रवार रात राजस्थान के उदयपुर के सिल्वर अपार्टमेंट गोमुंदा रोड से अरेस्ट किया था। यह यहां अपने परिवार के साथ था। शनिवार सुबह पुलिस इसे लेकर रतलाम पहुंची थी। इसे कोर्ट में पेश किया था। सोमवार तक का कोर्ट से रिमांड मिला। तीन दिन के रिमांड में पुलिस को हालांकि कुछ खास जानकारी तो सामने नहीं आई है। लेकिन रुपया लेनदेन में खर्च होने की बात कही है। साथ ही व्यापारियों को रुपया लौटाने को भी कहा है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी है। बैंक ट्रांजैक्शन, हुंडी लेन-देन, कॉल डिटेल और अन्य डिजिटल सबूतों की जांच कर रही है, जिससे ठगी की वास्तविक राशि का पता चल सके। जो अन्य पीड़ित है वह भी सामने आ सके। 29 नवंबर को गायब हुआ थापुलिस के अनुसार लेनदेन ज्यादा होने के कारण यह परिवार समेत 29 नवंबर को घर पर ताला लगाकर गायब हो गया था। 3 दिसंबर को मोबाइल बंद कर लिया था। इसके बाद शहर के व्यापारियों को इसके बारे में पता चला। तब कुछ व्यापारियों जिन्होंने एक नंबर में रुपया दिया उन्होंने आगे आकर 16 दिसंबर को थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई। फर्जी चेक दिएआरोपी को गिरफ्तार करने के बाद एक अन्य शिकायतकर्ता मीना जैन ने भी इसके खिलाफ थाने में शिकायत की है। बताया कि हुंडी दलाल विजय लोढ़ा को 27 जनवरी 23 से लेकर 19 जून 2024 तक अलग-अलग टुकड़ों में 7 लाख रुपए दिए थे। इसके एवज में उसने तीन चेक दिए। हाल में पता चला कि उसने जो चेक दिए वह फर्जी निकले। इन व्यापारियों ने दिए रुपए ब्याज पर रुपए चलाने का झांसाफरियादी रूपेश चरपोट ने पुलिस को बताया कि वह विजय कुमार पिता मदनलाल लोढ़ा, निवासी शुभम रेसिडेंसी रतलाम को करीब 10 साल से जानते थे। विजय हुंडी की दलाली का काम करता था। पहचान के चलते उन्होंने ब्याज पर रुपए चलाने के लिए 3 मार्च 2025 को अपने एयू स्मॉल बैंक खाते से 8 लाख रुपए आरटीजीएस के माध्यम से विजय के एचडीएफसी बैंक खाते में ट्रांसफर किए। इसके बाद 30 जून 2025 को फरियादी की पत्नी मोनिका के बैंक खाते से चेक के जरिए साढ़े सात लाख रुपए दिए गए। यह राशि हुंडी की दलाली के नाम पर एक प्रतिशत साहूकारी ब्याज से बाजार में चलाने के लिए दी गई थी। इस तरह कुल 11 लाख रुपए विजय लोढ़ा को दिए गए। फरियादी रूपेश के साथ तीन व्यापारियों ने भी शिकायत दर्ज कराई थी। लौटाने का वादा, परिवार समेत फरारआरोपी हुंडी व्यापारी विजय लोढ़ा ने 1 दिसंबर 2025 को रुपए साहूकारी ब्याज से वापस देने की बात कही थी। लेकिन विजय घर से परिवार के साथ कहीं भाग गया था। लैपटॉप व मोबाइल की होगी जांचमाणकचौक थाना प्रभारी पातीराम डावरे ने बताया कि आरोपी का लैपटॉप व मोबाइल जब्त किया है। इसकी जांच की जाएगी। जो भी आवेदन आ रहे है उसे भी इस केस से जोड़ कर कार्रवाई की जाएगी।
भोजपुर जिले में एक बार फिर भोजपुर पुलिस ने ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत बड़ी सफलता हासिल की है। जिले के विभिन्न थाना व ओपी क्षेत्रों से चोरी, छिनतई, लूट और गुम हुए कुल 106 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस ने सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिया, जिससे लोगों के चेहरों पर खुशी लौट आई। मोबाइल वापस मिलने पर कई लोगों ने भोजपुर पुलिस को धन्यवाद भी कहा। पुलिस अधीक्षक राज के निर्देश पर इस अभियान के लिए एक विशेष टीम का गठन किया गया था। टीम ने तकनीकी और वैज्ञानिक अनुसंधान के आधार पर मोबाइल की ट्रैकिंग कर बरामदगी की। बरामद सभी मोबाइल की 21 लाख रुपए कीमत पुलिस के अनुसार, बरामद किए गए 106 मोबाइल की अनुमानित कीमत 21 लाख रुपए से अधिक है। नए साल से ठीक पहले पुलिस अधीक्षक राज ने अपने हाथों से मोबाइल धारकों को मोबाइल सौंपे और उनसे मुलाकात कर उनका हालचाल भी जाना। मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान कई भावुक क्षण भी देखने को मिले। कुछ लोग ऐसे थे, जिन्होंने मोबाइल मिलने की उम्मीद ही छोड़ दी थी। ऐसे में जब उन्हें उनका मोबाइल वापस मिला, तो उनकी खुशी देखते ही बन रही थी। लोगों ने पुलिस की इस पहल की जमकर सराहना की और कहा कि इस तरह के अभियान से आम जनता का पुलिस पर भरोसा और मजबूत होता है। महिला ने कहा- एक-एक रुपए जुटाकर मोबाइल खरीदा था संदेश थाना क्षेत्र के फुलाड़ी गांव की रहने वाली पुष्पा देवी ने बताया कि उनके पति मजदूरी करते है। एक एक रुपये बटोर के मोबाइल घर में खरीदा गया था। आठ माह पूर्व मुझे काम करने के दौरान सांप ने डंस लिया था। इसके बाद मुझे इलाज और झाड़–फूंक के लिए सती माई के पास ले जाया गया था। थकावट के कारण हम जमीन में बैठ गई थी। उसी दौरान चार–पांच लोग आए मेरे मोबाइल को चोरी करके लेकर चले गए। सती माई के पास मोबाइल चोरी हुई थी। मोबाइल गुम होने का मुझे काफी दुख था। लेकिन आज मेरा मोबाइल मुझे वापस मिल गया है। काफी खुश हूं,गरीब परिवार के घर में मोबाइल खरीदना काफी कठिन होता है। फर्स्ट डिवीजन आने के बाद बेटे के लिए खरीदा था मोबाइल खनगांव के रहनी वाली शशि कला तिवारी ने बताया कि उनके बेटा मैट्रिक में फर्स्ट डिवीजन से पास हुआ था। सरकार ने तौफे के तौर पर 10 हजार रुपए दिए गए थे। बेटे की आगे की पढ़ाई के लिए मोबाइल खरीदा था। लेकिन मोबाइल लेने अभी कुछ दिन ही थे, तभी घर से किसी ने चोरी कर लिया था। मोबाइल चोरी के बाद पूछताछ के दौरान कुछ लोगों से झगड़ा भी हुआ था। उसके बाद हमने थाना में आवेदन दिया था। जिस दिन मोबाइल चोरी हुआ था, उस दिन मैने खाना तक नहीं खाया था। काफी दुख भी हुआ था,आज मोबाइल मिला है एक नई उम्मीद जगी है। SP सर को बहुत बहुत दिल से धन्यवाद। इधर, मोबाइल मिलने के बाद अंजलि तिवारी ने बताया कि वो लाइब्रेरी से पढ़ाई करने के बाद घर जा रही थी। इसी दौरान बाइक सवार उचक्कों ने मेरे हाथ से मोबाइल छिनकर भाग गए थे। मेरे पापा प्राइवेट जॉब करते है। काफी मेहनत से पापा ने मोबाइल खरीदा था। छिनतई के बाद मैने काफी रोया था। मेरी पढ़ाई डिस्टर्ब हो रही थी। इसके बाद मैने स्थानीय थाना में कंपलेन दर्ज कराया था। मोबाइल में मैने सारा डॉक्यूमेंट भी रखा था। आज मोबाइल मिला है काफी खुश हूं। भोजपुर पुलिस अधीक्षक राज ने बताया कि वर्ष 2025 में अब तक ऑपरेशन मुस्कान अभियान के तहत कुल 441 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 92 लाख रुपए से अधिक है। सभी मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सौंप दिए गए हैं। जिला पुलिस की ओर से यह अभियान लगातार जारी है। पुलिस अधीक्षक राज ने कहा कि ऑपरेशन मुस्कान का उद्देश्य आम लोगों को राहत पहुंचाना और मोबाइल चोरी जैसी घटनाओं पर प्रभावी अंकुश लगाना है। आगे भी इस अभियान को और तेज किया जाएगा, ताकि अधिक से अधिक लोगों को उनका खोया हुआ मोबाइल वापस दिलाया जा सके।
पंजाब के लुधियाना में जिला पुलिस ने लूटपाट करने वाले गैंग के 4 बदमाशों को काबू किया है। इन लुटेरों से पुलिस ने चोरी के 16 मोबाइल, 3 बाइक और खिलौना पिस्टल भी बरामद की है। ये लुटेरे सुनसान जगहों पर राहगीरों को घेर कर उन्हें खिलौना पिस्टल और धारदार हथियार दिखाकर लूटते थे। थाना सलेम टाबरी की पुलिस ने इस बदमाशों को ट्रेप लगाकर काबू किया है। लुटेरों की पहचान जसवीर, सोमनाथ,मनप्रीत और पृथ्वी राज के रूप में हुई है। पुलिस के सीनियर अधिकारी आज इस मामले में प्रेस कान्फ्रेंस भी करेंगे।
समस्तीपुर में रविवार देर रात एक छात्र से छिनतई हुई है। लाइब्रेरी से घर लौटते समय बदमाशों ने मारपीट कर मोबाइल छीन लिया। पीड़ित छात्र राजन कुमार आदर्श नगर मोहल्ले का रहने वाला है। घटना शहर के सोनबरसा चौक के पास की है। पीड़ित ने बताया कि लाइब्रेरी से पढ़ाई कर रात करीब 9:00 बजे घर लौट रहा था । मंदिर के पास कुछ लोग पहले से मौजूद थे। गांजा पी रहे हैं। चार-पांच युवकों ने घेर लिया। मेरा मोबाइल छीन लिया। विरोध करने पर मारपीट करने लगे। शोर मचाने पर सभी मौके से भाग गए। इसके बाद अपने घर में जानकारी दी। फिर पुलिस को बताया। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। रात के समय वारदात को अंजाम हालांकि छिनतई करने वाला कौन था, इसके बारे में अब तक पता नहीं चल सका है। स्थानीय लोगों का कहना है कि अक्सर मंदिर के पास चार-पांच की संख्या में 20 से 25 साल के युवक जमा रहते हैं। नशा करते हैं। रात के समय में अकेला किसी को देखने पर उसके साथ छिनतई की घटना को अंजाम देते हैं। सीसीटीवी खंगाला जा रहा है इस संबंध में मुफस्सिल थानाध्यक्ष इंस्पेक्टर अजीत कुमार ने बताया कि जानकारी मिलने पर तत्काल पुलिस टीम को मौके पर भेजा गया है । सीसीटीवी खंगाला जा रहा है। सीसीटीवी में भाग रहे दो बदमाशों की तस्वीर कैद हुई है। जिसकी पहचान की जा रही है। जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मानसी जीआरपी ने मोबाइल चोर को पकड़ा:वैशाली एक्सप्रेस से धराया, फोन और नगद जब्त
खगड़िया जिले की मानसी जीआरपी रेल पुलिस ने एक मोबाइल चोर को गिरफ्तार किया है। यह गिरफ्तारी वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन से की गई। जीआरपी थाना अध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि सहरसा मार्ग पर रक्षित दल द्वारा वैशाली एक्सप्रेस ट्रेन से चोर को पकड़ा गया। उसके पास से चोरी का एक मोबाइल फोन बरामद हुआ है। गिरफ्तार चोर की पहचान बेगूसराय जिले के बिहटा बरौनी थाना क्षेत्र निवासी जितेंद्र पासवान के रूप में हुई है। वह उमेश पासवान का पुत्र है। थाना अध्यक्ष विकास कुमार ने बताया कि आरोपी को गिरफ्तार करने के बाद न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। मानसी जीआरपी रेल पुलिस लगातार अपराधियों और शराब तस्करों के खिलाफ कार्रवाई कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा।
ट्रेन में सवार एक महिला यात्री के साथ चोरी की वारदात होने की घटना को पुलिस ने ट्रेस कर लिया हैं। खंडवा जीआरपी पुलिस के समक्ष महिला यात्री ने पर्स चोरी होने की शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि पर्स में आधा किलो से ज्यादा वजनी चांदी की एक सिल्ली और मोबाइल समेत अन्य सामान था। पुलिस ने सीसीटीवी कैमरे सर्च किए और 24 घंटे के भीतर ही मामले को ट्रेस कर लिया। जीआरपी टीआई प्रकाशचंद सेन के मुताबिक, घटना का 26 दिसंबर की हैं। महाराष्ट्र के ठाणे निवासी हर्षा मलतानी पंजाब मेल एक्सप्रेस (ट्रेन नंबर 12137) के कोच बी 3 के बर्थ नंबर 66 पर सवार थी। जो कि मुंबई से भोपाल की यात्रा कर रही थी। इस दौरान खंडवा रेलवे स्टेशन के आने से 15 मिनट पर पहले उनकी नींद खुली और उन्होंने सिरहाने पर देखा कि पर्स गायब हैं। पर्स में 10 हजार नकदी, आधा किलों चांदी की सिल्ली, मोबाइल सहित दस्तावेज थे। फरियादिया ने इस घटना की सूचना थाना जीआरपी इटारसी को दी। घटनास्थल खंडवा के आसपास का होने की वजह से इटारसी जीआरपी ने जीरो पर एफआईआर कर खंडवा जीआरपी को फारवर्ड कर दी। खंडवा जीआरपी की टीम जांच में जुट गई। इस दौरान शनिवार को सूचना मिली कि एक युवक तीन पुलिया के पास खड़ा हैं। जिस पर ट्रेन में चोरी की वारदात किए जाने का संदेह हैं। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ कि युवक की पहचान आनंद पिता नारायण ठाकरे (32) निवासी जसवाड़ी रोड माता चौक के रूप में हुई। उसके पास एक बैग था, जिसकी तलाशी लेने पर बैग से विभिन्न कंपनी के 7 मोबाइल, एक चांदी की सिल्ली (578 ग्राम) व 5 हजार रूपए नकदी बरामद किए गए। जिनकी कीमत 3 लाख 6 हजार रूपए थी। आरोपी आनंद के खिलाफ केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार किया। उसने 26 दिसंबर को हुई वारदात को भी स्वीकार किया। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी चोरी और मारपीट के केस दर्ज हैं।
करनाल जिले के घरौंडा क्षेत्र के एक गांव से नाबालिग किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है। किशोरी सुबह के समय बिना बताए घर से निकली थी, जिसके बाद वह वापस नहीं लौटी। परिजनों ने आसपास के इलाकों और रिश्तेदारियों में काफी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। परिजनों को आशंका है कि किशोरी को एक युवक बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया है। सूचना मिलने पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच और तलाश शुरू कर दी है। पीड़ित परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के जिला शाहजहांपुर के एक गांव का रहने वाला है और वर्तमान में गांव बरसत में किराए पर रहता है। शिकायत के अनुसार, किशोरी की मां ने पुलिस को बताया कि उनकी 15 वर्षीय छोटी बेटी 26 दिसंबर की सुबह करीब 5 बजे घर से निकली थी। काफी समय बीतने के बाद भी जब वह वापस नहीं लौटी तो परिवार वालों ने खोजबीन शुरू की। परिजनों ने युवक पर जताया शक शिकायत में मां ने बताया कि उन्हें शक है कि उत्तर प्रदेश के गांव इशुरा का रहने वाला कमलेश उनकी बेटी को अपनी बातों में बहला-फुसलाकर कहीं ले गया है। मेरी बेटी अपने साथ मोबाइल फोन लेकर गई है। पुलिस ने दर्ज किया मामला, तलाश जारी थाना घरौंडा में तैनात पीएसआई रवि ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद गुमशुदगी दर्ज कर ली गई है और पुलिस टीमों को किशोरी की तलाश में लगाया गया है। पुलिस मोबाइल लोकेशन सहित अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है। मामले से संबंधित सूचना उच्च अधिकारियों को भेज दी गई है। पुलिस ने लोगों से भी अपील की है कि यदि किसी को किशोरी के संबंध में कोई जानकारी मिले तो तुरंत थाना घरौंडा पर सूचना दें, ताकि किशोरी को सुरक्षित बरामद किया जा सके।
जामुल थाना क्षेत्र अंतर्गत हाउसिंग बोर्ड भिलाई में शनिवार दोपहर झपटमारी की घटना सामने आई है। गुरुद्वारा के पास दिनदहाड़े सड़क किनारे फोन से बात कर रहे व्यवक्ति का मोबाइल फोन छिन कर बाइक सवार भाग गए। बाइक पर दो युवक बैठे थे। पीछे बैठे युवक ने फोन से बात कर रहे व्यक्ति को मोबाइल छिना। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अपराध दर्ज कर लिया है। पीड़ित लक्ष्मण सिंह (42 वर्ष) ने जामुल थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है वह हाउसिंग बोर्ड भिलाई, गुरुद्वारा के पास रहता है और ड्रायवरी का काम करता है। शुक्रवार 27 दिसंबर 2025 को दोपहर करीब 3 बजे वह गणेश मंच हाउसिंग बोर्ड से गुरुद्वारा की ओर पैदल जा रहा था। इस दौरान वह अपने मोबाइल फोन पर बातचीत कर रहा था और सड़क किनारे चल रहा था। मोबाइल झपटने के बाद तेजी से फरार हुए आरोपीअचानक पीछे की ओर से एक मोटर सायकल पर सवार दो युवक आए। पीड़ित के अनुसार मोटर सायकल पर पीछे बैठे युवक ने अचानक उसके हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और दोनों आरोपी तेज रफ्तार में मोटर सायकल से फरार हो गए। अचानक हुई इस घटना से लक्ष्मण सिंह घबरा गया और शोर मचाया, लेकिन तब तक आरोपी मौके से निकल चुके थे। पुलिस जुटी जांच में, खंगाल रही सीसीटीवीपुलिस ने प्रार्थी की शिकायत पर अपराध पंजीबद्ध कर जांच शुरू कर दिया है। सीसीवीट फूटेज खंगाले जा रहे हैं। पीड़ित ने पुलिस को मोबाइल का IMEI नंबर भी उपलब्ध कराया है। मोबाइल में दो सिम कार्ड लगे हुए थे। पुलिस का कहना है कि अपराध पंजीबद्ध कर लिया गया है, जल्द ही आरोपियों को पकड़ लिया जाएगा।
कुरुक्षेत्र के शाहाबाद में रविवार सुबह के समय सैर पर निकले व्यक्ति को अज्ञात गाड़ी ने अपनी चपेट में ले लिया। गाड़ी का पहिया उसके सिर के ऊपर से निकल गया। कुचले जाने से व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई। एक्सीडेंट के वक्त काफी धुंध व कोहरा था। शुरुआती जांच में मृतक की पहचान सतपाल के रूप में हुई। सूचना पाकर घटनास्थल पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस को उसकी जेब से मोबाइल बरामद हुआ। पुलिस ने उसके मोबाइल पर कुछ देर पहले डायल हुए नंबर पर बातचीत की, जिससे उसके नाम का पता चल पाया। बराड़ा रोड पर हुआ एक्सीडेंट पुलिस के मुताबिक, सतपाल शाहाबाद-बराड़ा रोड पर सुबह सैर कर रहा था। इसी दौरान धुंध व कोहरे की वजह से किसी गाड़ी ने सतपाल को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही जैसे सतपाल सड़क पर गिरा, गाड़ी का पहिया उसके सिर को कुचलते हुए निकल गया। टायर के निशान मिले पुलिस को घटनास्थल के पास गाड़ी के टायर के निशान मिले हैं। गाड़ी का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। पुलिस ने सतपाल के परिजनों को सूचना देकर बुलाया और शव को मॉर्च्युरी में रखवा दिया। परिजनों के बयान के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
सीकर में शनिवार रात 2 घंटे के बीच पांच लोगों के मोबाइल और रुपए लूटने की वारदात सामने आई है। स्कूटी और बाइक सवार 5 बदमाशों ने इन वारदात को अंजाम दिया था। दो घंटे के भीतर ही वारदात करके आरोपी फरार हो गए। हालांकि पुलिस ने देर रात पीछा करके दो बदमाशों को पकड़ लिया। एक घटना से जुड़ा सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। अब पुलिस फरार लुटेरों की तलाश कर रही है। मोबाइल व कैश लूटा लुटेरों ने जयपुर रोड पर बालाजी धर्म कांटा के पीछे हॉस्टल में रहने वाले विकास का मोबाइल छीना। विकास खाना खाने के बाद हॉस्टल के बाहर सीढ़ियों में बैठा था। इसी दौरान स्कूटी पर तीन बदमाश आए। इन्होंने रास्ता पूछने के बहाने विकास को बुलाया। इसके बाद विकास का 40 हजार रुपए का मोबाइल छीनकर फरार हो गए। इसी तरह की वारदात सीकर में अनवर, विक्रम मीणा,अमित दुबे और रीको इंडस्ट्रियल एरिया में स्थित संस्थान में काम करने वाले कर्मचारी के साथ हुई। इंडस्ट्रियल एरिया में हुई वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। वीडियो में दो बदमाश कर्मचारी का पीछा करते हुए पैदल-पैदल आते हैं। जबकि उनका एक साथी आगे स्कूटी लेकर खड़ा रहता है। कुछ दूर पैदल चलने के बाद पीछा कर रहे दोनों बदमाश युवक का गला दबाकर उसे साइड में लेकर जाते हैं और फिर उसका मोबाइल और नगद रुपए लेकर आगे भागते हैं और अपने साथी के साथ स्कूटी पर बैठकर फरार हो जाते हैं। सभी वारदात करने वाले पांचों आरोपी आपस में दोस्त हैं। यह सभी नशे के आदि है। इनमें तीन आरोपी जयपुर के रहने वाले हैं और दो आरोपी सीकर के। नशे के लिए पैसे जुटाने के लिए ही इन लुटेरों ने एक साथ लूट का प्लान बनाया। जब बीती रात उद्योग नगर थाना SHO राजेश बुडानिया को लूट की सूचना मिली तो वह खुद अपनी टीम के साथ बदमाशों का पीछा करने में लगे। जिन्होंने मंडा इलाके से दो बदमाशों को पकड़ लिया। हालांकि इनके तीन साथी मौका फरार हो गए। पुलिस का कहना है कि उन्हें भी जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
महिला से मोबाइल छीनने वाला काबू
अमृतसर| थाना सदर पुलिस ने महिला से मोबाइल छीनकर फरार होने वाले एक स्नैचर को काबू किया है। जबकि उसका साथी फरार चल रहा है। पकड़े गए आरोपी की पहचान अमरदीप सिंह निवासी फतेहगढ़ चूड़िया रोड के रूप में हुई है। पुलिस को दी शिकायत में मनीश मलहन निवासी नंगली भठ्ठा ने बताया कि 23 दिसंबर को उसकी पत्नी नया मोबाइल खरीद कर वापस घर की ओर जा रहा थी। रास्ते में आते एक स्कूल के पास बाइक सवार दो स्नैचिर उसके हाथ से मोबाइल छीनकर फरार हो गए।
चोर के पास से चोरी के मुकुट का सोना और घटना में प्रयुक्त मोबाइल हुआ बरामद
थावे भवानी के मंदिर में चोरी करने वाले आरोपी और पुलिस के बीच शनिवार को मुठभेड़ हो गया। जिसके बाद पुलिस ने उसे थावे के रिखई टोला गांव के समीप से गिरफ्तार कर लिया। गोली लगने के बाद खून से लथपथ अपराधी सड़क से भागते हुए खेत में छुपने को चाहा, लेकिन पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया। इस मामले में यह दूसरी गिरफ्तारी है।इसके पहले पुलिस ने दीपक राय को गिरफ्तार किया था।अभी भी इस मामले में पांच अपराधी फरार चल रहे है। आरोपी की पहचान मोतिहारी जिले के राजेपुर थाना क्षेत्र के गोविंदगंज वार्ड नंबर 12 निवासी इजमामूल आलम (21) के रूप में हुई है। फिलहाल वो भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के रानी सागर गांव में रहता था। थाने के रिखई टोला गांव के समीप शनिवार की अहले सुबह हुई पुलिस और अपराधी के बीच मुठभेड़ के बाद फॉरेंसिक टीम पहुंची।जहां घटना स्थल से खून के नमूना ,चप्पल तथा कई सामान को साक्ष्य के तौर पर इक्ट्ठा किया। थावे भवानी मंदिर से 17 दिसंबर को 1.08 करोड की चोरी की घटना को आरोपी ने अंजाम दिया था। इसने घटना में अपनी संलिप्तता भी स्वीकार कर ली है। पुलिस चोरी के मास्टरमाइंड को पहले ही गिरफ्तार कर चुकी है।
मानक नगर में देशी शराब दुकान में चोरी:पॉश मशीन, नकदी और मोबाइल फोन गायब
लखनऊ के मानक नगर थाना क्षेत्र में एक देसी शराब की दुकान में चोरी की बड़ी वारदात सामने आई है। 24 और 25 दिसंबर की दरमियानी रात अज्ञात चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर पॉश मशीन, लगभग 25 हजार रुपए नकद, दो मोबाइल फोन और करीब दस पेटी देसी शराब चुरा ली। यह दुकान रीता मिश्रा के नाम से संचालित है। चोरी की घटना का पता सुबह चला, जब दुकान संचालक और उनके परिवार के सदस्य दुकान पर पहुंचे। घटना देखकर वे हैरान रह गए। पीड़ित मनोज मिश्र ने मानक नगर थाने में तहरीर देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। तहरीर में बताया गया है कि चोरी की यह घटना संदिग्ध परिस्थितियों में हुई है। चोरों ने दुकान में रखे अन्य सामानों को भी नुकसान पहुंचाया है। पीड़ित ने पुलिस से गहन जांच कर दोषियों की पहचान करने और उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की अपील की है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने में जुट गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द ही पकड़ लिया जाएगा। इस घटना से क्षेत्र के दुकानदारों में दहशत का माहौल है और स्थानीय सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
राजपुरोहित सेवा न्यास,जोधपुर की ओर से समाज की प्रतिभाओं को शिक्षा के साथ संस्कारों से जोड़ने के उद्देश्य के लेकर प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन शनिवार को मारवाड़ इंटरनेशनल सेंटर पॉलिटेक्निकल कॉलेज परिसर में किया गया। इस समारोह में देशभर की 600 से अधिक प्रतिभाओं का सम्मान किया गया। कार्यक्रम में प्रतिभाओं का मार्गदर्शन करने के लिए सरकारी सेवाओं में जुड़े हुए अधिकारियों ने मोटिवेशनल स्पीच दी। वहीं ब्रह्मधाम आसोतरा के वेदांताचार्य डॉ. ध्यानाराम महाराज का पावन सानिध्य रहा। कार्यक्रम में ACP बोरानाडा आनंद सिंह राजपुरोहित ने आज के समय में समाज के बच्चो में मोबाइल से होने वाले दुष्प्रभावों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आजकल पेरेंट्स भी समय की जरूरत के हिसाब से बच्चों को मोबाइल, गैजेट्स आदि देते हैं, लेकिन कई बार उन्हीं के दुरुपयोग के मामले सामने आते हैं। पेरेंट्स को बच्चों के मोबाइल को चेक करना चाहिए कि वो सोशल मीडिया पर किस तरह के कंटेंट देख रहा है। पढ़ाई के साथ मोबाइल और IT फ्रेंडली होना पड़ेगा उन्होंने कहा कि आज के विद्यार्थियों के चैलेंज के रूप में सबसे ज्यादा पढ़ाई के साथ ही उन्हें मोबाइल और IT फ्रेंडली होना पड़ेगा, लेकिन आजकल मोबाइल में 50 प्रतिशत अच्छी बातें हैं तो 50 प्रतिशत खराब बातें भी हैं। इसमें पेरेंट्स की भूमिका को लेकर उन्होंने कहा कि बच्चों को आजकल मेटेरियल उपलब्ध करवाने के लिए ऑनलाइन क्लासेज के लिए मोबाइल जरूरी है, लेकिन मोबाइल पर मिलने वाली चीजों के दुष्परिणाम भी साथ-साथ चलते हैं। स्टूडेंट के लिए जरूरी है कि किस रूप में मोबाइल का यूज हो राजपुरोहित ने कहा कि आजकल स्टूडेंट के लिए जरूरी हो गया कि किस रूप में इसका यूज हो। आजकल 14 से 15 साल के बच्चे घर में मोबाइल को लॉक करके रखते हैं, जबकि घर में मोबाइल को लॉक करने की जरूरत ही नहीं रहती। आप उनके सोशल मीडिया अकाउंट को चेक करिए, उनका कंटेंट देखिए। ये छोटी-छोटी चीजें बच्चों को भटकाव से रोकेगी। बच्चों के मोबाइल में क्या संगत चल रही है, ये भी आपको वॉच करना पड़ेगा। पढ़ने की उम्र में हाईकोर्ट से ला रहे प्रोटेक्शन उन्होंने कहा कि आजकल बच्चे पढ़ने की उम्र में 18 से 19 साल के बच्चे हाईकोर्ट से प्रोटेक्शन लेकर पुलिस के पास आ जाते हैं और कहते हैं कि हमने शादी कर दी, लिव इन में रह रहे हैं। लेकिन सबसे ज्यादा दुखद स्थिति तब आती है, जब बच्चे के माता-पिता कहते हैं कि हमें 2 घंटे उनसे मिलने दे दो। माता-पिता रो रहे हैं, बच्चे ये बोल रहे हैं कि माता-पिता मर गए। क्या वो आपके पाले हुए बच्चे नहीं हैं। बच्चे रिपोर्ट देते हैं कि हमें अपने माता-पिता से खतरा ACP राजपुरोहित ने कहा कि ऐसे बच्चे हमें रिपोर्ट देते हैं कि हमें अपने माता-पिता से खतरा है और वह लाचार माता-पिता बेचारे रो रहे हैं। क्या इसमें बच्चों की गलती है या माता-पिता की। इसमें कहीं न कहीं हमारी गलती है। हम कमाने में लगे हुए हैं। हम सोचते हैं कि हमने जो नहीं किया वह उन्हें करने दे, उन्हें स्वतंत्र छोड़ देते हैं। लेकिन उसके पीछे जो रिजल्ट्स आ रहे हैं उसको गहराई से देखें तो बहुत विकट स्थिति है। इसके साथ उन्होंने पेरेंट्स को भी सलाह दी कि वह बच्चों से इतनी अपेक्षा नहीं रखें कि वह डिप्रेशन में आ जाए। उन्होंने कहा कि बच्चों को वॉच करें। जब भी बाहर जाओ तो बच्चों को बताए। शिक्षा के साथ संस्कार भी जरूरी कार्यक्रम में वेदांताचार्य डॉ.ध्यानाराम महाराज ने कहा कि शिक्षा बहुत जरूरी है, लेकिन शिक्षा के साथ-साथ संस्कार भी उतना ही जरूरी है। क्योंकि संस्कारों से ही हम दूसरे को दिशा दे सकते हैं। इस कलियुग में अभी हम शिक्षा के लिए बहुत प्रयास करते हैं। हम संस्कारों के लिए प्रयास तो कर रहे हैं, लेकिन दूसरों के लिए कर रहे हैं। खुद के लिए कम कर रहे हैं। आज हमें संस्कारित बेटी-बहू तो चाहिए, लेकिन हम अपने घर से इसकी शुरुआत करेंगे तो बदलाव होगा। कलियुग का प्रभाव हटाएगा 'राम' नाम वेदांताचार्य ने कहा कि परिवार में कलियुग का प्रभाव हटाने के लिए शस्त्र 'राम' नाम है। रोज आधे घंटे बैठकर परिवार के साथ कीर्तन शुरू हो जाए तो आपके घर में कभी कलियुग की छाया पड़ ही नहीं सकती। जो घरों में झगड़ा हो रहा है, भाई-भाई टूट रहे हैं, उसका प्रभाव तभी छूटेगा जब हमारे घरों में राम का कीर्तन, रामायण का गान होगा। जब तक ये नहीं होगा तब तक संसार का कोई भी व्यक्ति आपकों समस्याओं से बाहर नहीं निकाल सकता। धर्म और संस्कृति, संस्कारों से नहीं जुड़ेगा तो हमारी डिग्री, योग्यता जीवन के लिए शून्य उन्होंने प्रतिभाओं की सराहना करते हुए कहा कि उनकी दृष्टि एकदम विशुद्ध होगी, धर्म और संस्कृति, संस्कारों से नहीं जुड़ेगा तो हमारी डिग्री, योग्यता जीवन के लिए शून्य है। विद्वान तो रावण भी था, सभी वेदों का ज्ञान था वो विद्यावान था, लेकिन इतना होना काफी नहीं। जिसके साथ गुणी होना, चतुर होना वो भगवान और गुरु की कृपा के बगैर नहीं हो सकता। गुरु की बात का करें अनुसरण महाराज ने कहा कि आजकल गुरु तो हर कोई बनाता है। लेकिन यदि हम गुरु की बातों को अपने जीवन में नहीं उतारेंगे, प्रभु की वाणी को अपने चरित्र में नहीं उतारेंगे तो बदलाव नहीं आएगा। इसलिए सबसे बड़ा प्रतिभा का निर्माण कैसे हो, उस पर विचार-चिंतन करना चाहिए। उन्होंने कहा कि इसके लिए गुरुकुलों की पुनर्स्थापना होनी चाहिए। आजकल बालिका शिक्षा बेहद जरूरी कार्यक्रम में महिला शक्ति के तौर पर विशिष्ट अतिथि RTS सुश्री डॉ. भावना पिलौवनी ने कहा कि आजकल बालिका शिक्षा बेहद जरूरी है, लेकिन सफलता तभी मिलेगी जब एक मजबूत लक्ष्य के साथ कदम आगे बढ़ाए जाए। इन्होंने भी किया संबोधित कार्यक्रम में मुख्य अतिथि ADM सुरेंद्र सिंह पुनायता, डॉ. सज्जन सिंह बासनी मनना ने भी संबोधित किया। न्यास अध्यक्ष महेंद्र सिंह तिंवरी ने बताया कि कार्यक्रम में राजपुरोहित समाज के भामाशाहों का भी सम्मान किया गया। जिसमें डूंगर सिंह राजपुरोहित चामुंडा, शेर सिंह बिकरलाई, पृथ्वी सिंह धांगड़वास, प्रेम सिंह नारवा, प्रेम सिंह बासनी राजगुरु, नाथु सिंह खाराबेरा आदि का सम्मान किया गया। ये रहे उपस्थित कार्यक्रम में न्यास के मार्गदर्शक और संरक्षक करन सिंह रास, गोपाल सिंह ढढोरा, महेंद्र सिंह खींचन, छैल सिंह बासनी मनना, रावल सिंह झाबरा, शैतान सिंह चाड़वास, गणपत सिंह कनोड़िया, डॉ.दिलीप सिंह धीरदेसर, दिनेश सिंह सीनिया, शेर सिंह कागनाडा, पदम सिंह ढाबर, सज्जन सिंह रुदिया, राजेंद्र सिंह पुनाड़िया सहित चैन सिंह भाटेलाई, हनुमान सिंह झाबरा, सुमेर सिंह बीस्सु, थान सिंह डोली, राजेंद्र सिंह लुणावास, अरविंद सिंह धुंधियाड़ी समेत कई गणमान्य मौजूद रहे। कार्यक्रम का मंच संचालन चंदन सिंह और महेंद्र सिंह खींचन ने किया।
अमेठी पुलिस ने 86 मोबाइल फोन बरामद किए:13 लाख का फोन, एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने मालिकों को सौंपे
अमेठी पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। जिले की सर्विलांस सेल और एसओजी टीम ने लोगों के गुम हुए 86 कीमती मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 13 लाख रुपए है। पुलिस अधीक्षक (एसपी) अपर्णा रजत कौशिक ने आज एसपी कार्यालय सभागार में इन मोबाइलों को उनके मालिकों को सौंपा। कई कारणों से मोबाइल फोन गुम होने के बाद मालिक पुलिस में शिकायत दर्ज कराते हैं। शिकायत मिलने पर संबंधित थाना मोबाइल के दस्तावेज सर्विलांस सेल को भेजता है। इसके बाद सर्विलांस सेल आईएमईआई नंबर की मदद से मोबाइल का पता लगाने में जुट जाती है। आधुनिक तकनीकों का उपयोग कर पुलिस गुम हुए फोन तक पहुंचती है। बरामद किए गए ये 86 मोबाइल फोन देश के विभिन्न राज्यों से प्राप्त हुए हैं, जिनमें मध्य प्रदेश, पश्चिम बंगाल और राजस्थान शामिल हैं। पुलिस ने इन सभी फोनों को सफलतापूर्वक ट्रैक कर वापस लाया है। अपना गुम हुआ मोबाइल फोन वापस पाकर मालिकों ने अमेठी पुलिस को धन्यवाद दिया। एसपी अपर्णा रजत कौशिक ने बताया कि 86 गुम हुए मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं और आज सभी को उनके मोबाइल सौंप दिए गए। इन मोबाइलों की कुल कीमत 13 लाख रुपए से अधिक है।
नर्मदापुरम में लापता दो भाइयों के शव अलग-अलग दिन रेलवे ट्रैक पर मिले। एक के सिर को इतनी बेरहमी से कुचला गया था कि पहचानने में काफी मुश्किलें आईं। आरोपियों ने वारदात को आत्महत्या में बदलने के लिए दोनों की बॉडी, मोबाइल और स्कूटी अलग-अलग दिशाओं में फेंके थे। परिजन ने एक भाई की मौत का पता लगने पर स्टेट हाईवे जाम किया तो हत्या का मास्टरमाइंड इस पूरे घटनाक्रम को ऑटो में बैठकर देखता रहा। उसने झूठी कहानी रचकर पुलिस को भी गुमराह किया। लेकिन अपनी ही कहानी में उसने चार ऐसी बातें बोल दीं, जिससे वह और उसके चार साथी सलाखों के पीछे पहुंच गए। चौंकाने वाली बात यह है कि हत्या का मास्टरमाइंड अपने भाई-भाभी और भतीजी की हत्या कर चुका है। 20 साल की जेल काटकर बाहर आने पर दो लोगों की हत्या कर दी। उसके एक साथी ने भी अपनी ही चाची से प्रेम के चलते चाचा की हत्या कर दी थी। तब भी उसने हत्या को आत्महत्या में बदलने की काफी कोशिश की थी, हालांकि बच नहीं पाया। दैनिक भास्कर ने नर्मदापुरम एसपी साई कृष्णा थोटा से केस को सुलझाने की पूरी कहानी को समझा। पढ़िए, रिपोर्ट... 25 किलोमीटर की दूरी पर मिलीं दो भाइयों की लाशेंमनवाड़ा निवासी करण कीर (27) और शुभम कीर (22) चचेरे भाई थे। शुभम गोपाल बिल्डर्स की जेसीबी चलाता था, करण उसी जेसीबी पर हेल्पर का काम करता था। 17 दिसंबर की रात करीब 9:30 बजे दोनों स्कूटी से बैटरी डलवाने का कहकर घर से निकले थे, लेकिन अगले दिन सुबह 10 बजे तक वापस नहीं लौटे। उन दोनों के मोबाइल भी बंद आए। परिजन ने पुलिस को सूचना दी। 18 दिसंबर को करण कीर की लाश बांसखापा रेलवे फाटक के नजदीक ट्रैक पर मिली थी। सिर बुरी तरह कुचला हुआ था। हाथ पर लिखे नाम और फोटो को सोशल मीडिया पर शेयर करने से उसकी पहचान हो पाई। 19 दिसंबर को परिजन ने शव नर्मदापुरम-पिपरिया स्टेट हाईवे पर तवा पुल के पास रखकर चक्काजाम किया। 20 दिसंबर की शाम को शुभम कीर की लाश भी बागड़ा तवा के जंगल में रेलवे ट्रैक के पास मिली। शरीर पर चोटों के निशान थे। दोनों के शव जहां मिले, उन जगहों में 25 किमी का अंतर था। कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए आरोपियों तक पहुंची पुलिसमामले में पुलिस ने जांच शुरू की। 19 दिसंबर को पुलिस मनवाड़ा में ही मोहासा रोड पर स्थित ढाबा संचालक केवलराम कीर तक पहुंची। उसने बताया- मैं रात 12 बजे ढाबे पर था, तब 100 मीटर दूर चपालासर-मनवाड़ा तिराहे पर रेत कंपनी के कर्मचारी तीन गाड़ियों से आए थे। उन्होंने शुभम और करण से मारपीट की, फिर अपने साथ ले गए। इसकी सूचना मिलते ही परिजन ने चक्काजाम किया और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। आंदोलन खत्म हुआ तो पुलिस ने फिर से केवलराम से बात की। पुलिस को पहले और अब की बातों में विरोधाभास नजर आया। चक्काजाम करने वाले इन लोगों पर केस दर्ज हुआ थापुलिस ने चक्काजाम में शामिल इंदल पिता घूड़िया कीर, सोलू पिता रामविलास कीर, विनेश पिता तेजराम कीर, दीपक पिता कालूराम कीर, राजू पिता देवचंद कीर, अमरसिंह पिता धोलू धोबी (सभी मनवाड़ा), राजा कीर निमसाड़िया, जित्तू कीर निवासी रजोन, प्रमोद कीर निवासी गुराड़िया मोती और अन्य के विरुद्ध केस दर्ज किया था। पुलिस के मुताबिक, प्रदर्शन में रेत माफिया के लोग भी शामिल थे। ढाबा संचालक की बातों को पुख्ता करने टीम बनाई जांच के दौरान पुलिस को ढाबा संचालक केवलराम कीर पर शक हुआ। उसकी बातों को चेक करने एसडीओपी संजू चौहान के नेतृत्व में तीन अलग-अलग टीमें गठित की गईं। इनको माखननगर थाना प्रभारी अनूप उईके, सोहागपुर थाना प्रभारी ऊषा मरावी और सेमरी हरचंद चौकी प्रभारी आकाशदीप पचाया लीड कर रहे थे। मोबाइल की लोकेशन और सीडीआर से पकड़ा गया झूठपुलिस की टीमों ने तेजी से जांच शुरू की। करण और शुभम के मोबाइल की लोकेशन और सीडीआर निकलवाई गई। शुभम का मोबाइल रात 10 बजे स्विच ऑफ हुआ था, जबकि केवलराम कीर ने रात 12 बजे शुभम और करण का रेत कंपनी के कर्मचारियों से विवाद होने की बात कही थी। इस दौरान एक मोबाइल नंबर पहले मनवाड़ा में, कुछ देर बाद बागड़ा तवा और फिर बांसखापा में एक्टिव दिखा। यह नंबर सौरभ इवने का था। सिंगवाड़ा का रहने वाला सौरभ, केवलराम कीर के साले बंटीलाल का बेटा निकला। सौरभ के मोबाइल से ही रात 1 बजे सिंगवाड़ा के विजय को भी कॉल गया था। पुलिस ने विजय से संपर्क किया। 17-18 दिसंबर की रात सौरभ के कॉल आने का कारण पूछा। उसने बताया कि सौरभ के नंबर से दिनेश उर्फ दिन्नू ने बात की थी। बोला था कि बांसखापा रेलवे फाटक पर जाकर देखो। कोई पड़ा है क्या, लेकिन मैंने अनसुना कर दिया और सो गया। सख्ती से पूछताछ की तो सामने आ गया सचइस इनपुट पर केवलराम कीर से दोबारा पूछताछ की तो उसने बताया कि 17 दिसंबर को साला बंटीलाल, बंटी का लड़का सौरभ, भांजा नवल, सास बैजंती और दिनेश उर्फ दिन्नू, उसके घर मनवाड़ा आए थे। रात करीब 9 बजे पत्नी लक्ष्मीबाई का भांजे नवल कीर से विवाद हो गया था। इसके बाद ऩवल, दिनेश और सौरभ बाइक से धानाबाड गांव निकल गए। पीछे से पत्नी लक्ष्मीबाई, बेटी खुशी, नवल की पत्नी दिव्या, साला बंटी और सास बैजंती भी गांव के अमन कीर के ऑटो से धानाबाड के लिए निकले। रात करीब 10 बजे दोस्त अजय कीर उर्फ पोटा, केवलराम कीर के घर आया। कुछ देर बाद शुभम कीर अपने चचेरे भाई करण कीर को लेकर स्कूटी से केवलराम के घर पहुंचा। यहां पुरानी बातों को लेकर केवलराम का दोनों भाइयों से विवाद हो गया। डंडे से सिर पर मारा, बेरहमी से पिटाई कीअजय ने तत्काल नवल को कॉल कर बताया कि केवलराम का शुभम और करण से झगड़ा हो गया है। उधर, शुभम ने भी किसी को कॉल करने के लिए फोन निकाला। इसी दौरान केवलराम ने पीछे से शुभम के सिर पर डंडा मार दिया। शुभम जमीन पर गिर गया। ये देखकर करण वहां से भागा। इसी बीच नवल, दिनेश और सौरभ भी आ गए। सभी ने करण को पकड़ लिया। उसे मारा-पीटा। बेरहमी से मारपीट के चलते शुभम और करण बेहोश हो गए। शरीर में हलचल होने पर बका मारकर हत्या कीइसके बाद नवल, माखननगर पहुंचा और ऑटो लेकर आ गया। सबने मिलकर करण और शुभम को ऑटो में डाल दिया। शुभम के मोबाइल और स्कूटी को मोहासा औद्योगिक क्षेत्र में छोड़ दिया। इसके बाद बागड़ा तवा में रेलवे ट्रैक के पास पहुंचे। शुभम को रेलवे ट्रैक पर पटक दिया। उसके शरीर में हलचल हुई तो नवल और दिनेश ने बका मारकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद वे करण को ऑटो से उतारकर ट्रैक पर फेंकने ही वाले थे कि गश्त कर रहे रेलकर्मियों की टॉर्च चमचमाती दिखी। उन्होंने करण को वहां फेंकने का प्लान कैंसिल किया और जंगल के रास्ते से होते हुए 25 किमी दूर बांसखापा की तरफ ले गए। यहां करण को ट्रैक पर फेंक दिया, जिससे लगे कि उसने सुसाइड किया है। ऐसा कर वे दोनों भाइयों की हत्या की गुत्थी को उलझाना चाहते थे। शव फेंकने के बाद आरोपियों ने सोहागपुर के एक ढाबे पर तड़के 4-5 बजे मछली पार्टी की थी। हत्या कर सुसाइड बताने का अनुभवी है दिनेशदिनेश उर्फ दिन्नू इवने को हत्या की वारदात को आत्महत्या बताने का अनुभव है। उसने 10 साल पहले अपने चाचा देवी सिंह इवने की इसी प्रकार हत्या की थी। दिनेश उर्फ दिन्नू का अपनी चाची शकुनबाई से प्रेम संबंध था। देवी सिंह ने दोनों को रंगे हाथ पकड़ लिया था, तब दिनेश और शकुनबाई ने रस्सी से गला घोंटकर देवी सिंह की हत्या कर दी थी। उसके बाद देवी सिंह के शव को पेड़ से लटका दिया था। पुलिस को बताया कि देवी सिंह ने आत्महत्या की है। लेकिन पुलिस जांच में खुलासा हो गया था कि देवी सिंह ने आत्महत्या नहीं की बल्कि उसकी हत्या की गई है। मामले में शकुनबाई और दिनेश को आजीवन कारावास की सजा सुनाई गई थी। दिनेश जमानत पर बाहर आ गया था। भाई-भाभी और भतीजी का हत्यारा है केवलरामशुभम और करण की हत्या के मुख्य आरोपी केवलराम कीर (45) के खिलाफ 9 अपराध दर्ज हैं। इनमें हत्या और मारपीट के केस भी हैं। वह मूल रूप से रजौन गांव का रहने वाला है। उसके खिलाफ सबसे पहला केस 11 मई 2000 को हत्या, हत्या के प्रयास का दर्ज हुआ था। केवलराम ने अपने भाई, भाभी और भतीजी की हत्या की थी। केवलराम को 20 साल की सजा हुई थी। सजा पूरी कर वह जेल से बाहर आया था। इसके बाद उसने रजौन की जमीन बेचकर मोहासा मेन रोड पर मनवाड़ा में खेत खरीदा। इसमें मकान बनाया। लक्ष्मीबाई इवने से शादी के बाद वो मोहासा में ही रहने लगा। मकान के बाजू में ही उसने ढाबा खोल रखा था। केवलराम कीर अवैध शराब का कारोबार भी करता था। उसके खिलाफ आबकारी एक्ट के केस भी दर्ज हैं। परिजन बोले- हत्यारों को दर्दनाक मौत मिलेशुभम और करण के घर में मातम छाया है। परिजन का रो-रोकर बुरा हाल है। मां का कहना है कि जिस प्रकार से मेरे बेटे को मारा, उससे ज्यादा दर्दनाक मौत उन हत्यारों को मिले। वहीं, बहन ने कहा- हत्यारों को फांसी की सजा देना चाहिए ताकि शुभम और करण की आत्मा को शांति मिल सकें। ये खबर भी पढ़ें... दोस्त बना दुश्मन,1 घंटे पहले कहा था-गोली मारेंगे…और मार दी जबलपुर के सिहोरा में 11 दिसंबर को दोपहर 1 बजे बीच सड़क पर खुलेआम एक रेत ठेकेदार की गोलियों से भून कर हत्या कर दी गई। इसका एक खौफनाक वीडियो भी सामने आया था। जिसमें हत्यारे चिंटू ठाकुर को पहले दौड़ते हैं। फिर सड़क पर पटक का गोली मारते हुए दिखे। पढे़ं पूरी खबर...
लुधियाना की सबसे भीड़-भाड़ वाली घुमार मंडी मार्केट में शुक्रवार दोपहर पर्स स्नैचिंग की घटना सामने आई इंद्रप्रस्थ नगर की रहने वाली गीता ढीगड़ा अपने परिवार के साथ लोहड़ी की खरीदारी करने मार्केट आई हुई थीं। दोपहर करीब 1 बजे वे शैली स्टोर से रूप स्क्वेयर की ओर पैदल जा रही थी। तभी पीछे से एक युवक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर आया और उनका पर्स झपटकर फरार हो गया। पीड़िता के अनुसार पर्स में दो मोबाइल फोन आईफोन 15 और वीवो साथ ही करीब 10 हजार रुपए नकद थे। सीसीटीवी में पूरी वारदात रिकॉर्ड घटना पास लगे सीसीटीवी कैमरे में साफ कैद हो गई। फुटेज में दिख रहा है कि महिला अपने परिवार के साथ सड़क किनारे चल रही थीं तभी एक बाइक सवार युवक भीड़भाड़ वाले इलाके से आराम से गुजरते हुए महिला का पर्स झपटकर तेज रफ्तार में निकल जाता है।सीसीटीवी वीडियो सामने आते ही पुलिस ने पीड़िता के बयानों के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। इलाके में दिनदहाड़े हुई इस वारदात से स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल बना हुआ है। पुलिस एक्शन में आरोपी काबू सूचना मिलते ही थाना 8 की पुलिस हरकत में आई और तत्काल जांच शुरू की। सीसीटीवी फुटेज में दिखे बाइक नंबर के आधार पर छानबीन करते हुए पुलिस ने आरोपी को मोटरसाइकिल समेत गिरफ्तार कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी से पूछताछ जारी है और जल्द ही चोरी किया गया सामान बरामद कर लिया जाएगा।
सूरत पुलिस को झांसा:पुलिसकर्मी मोबाइल चलाते रह गए, टॉयलेट के रोशनदान से भागा आरोपी
पुलिस कस्टडी से दुष्कर्म का आरोपी अर्धनग्न हालत में फरार हो गया। घटना कोतवाली थाने के पीछे स्थित त्रिमूर्ति होटल की है। आरोपी सूरत की एक नाबालिग लड़की को भगाकर पंधाना क्षेत्र में ले आया था। सूरत पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अपहरण, दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत केस दर्ज किया था। गिरफ्तारी के बाद जांच के लिए सूरत पुलिस उसे खंडवा लेकर आई थी। पुलिसकर्मी होटल की पहली मंजिल के कमरे में रुके थे। आरोपी शौच के बहाने टॉयलेट गया, नल चालू किया और चिटकनी लगा दी। इसी दौरान पुलिसकर्मी मोबाइल में व्यस्त थे। आरोपी टॉयलेट के पीछे बने 22 फीट के रोशनदान से निकलकर फरार हो गया। कोतवाली पुलिस ने सूरत पुलिसकर्मी दिलुभा बोराना की शिकायत पर आरोपी पुष्पेंद्र उर्फ सोनू उर्फ दीपू पिता शिवराम सिंह गुर्जर (25), निवासी बाड़ीगांव, धौलपुर (राजस्थान) के खिलाफ पुलिस अभिरक्षा से भागने का केस दर्ज किया है। आरोपी वर्ष 2024 में सूरत में नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में आरोपी था। वह लड़की को बमनगांव टिगरिया में डेढ़ साल तक साथ रखे रहा था। तीन दिन से सूरत पुलिस त्रिमूर्ति होटल के रूम नंबर 106 में ठहरी थी। रोशनदान का कांच निकालकर अर्धनग्न हालत में नीचे कूदा आरोपी के टॉयलेट में जाते ही पुलिसकर्मी मोबाइल में व्यस्त हो गए। इसका फायदा उठाकर गुर्जर ने नल चालू किया और अंदर से चिटकनी लगा ली। टॉयलेट की पिछली दीवार के 22 फीट के रोशनदान का कांच निकालकर वह साइड की छत पर पहुंचा। दुबला-पतला होने के कारण वह आसानी से निकल गया और नीचे कूदकर दौड़ लगा दी। भागते समय उसने सिर्फ अंडरवियर पहन रखा था। होटल कर्मचारियों ने शोर मचाया। पकड़ने की कोशिश में बोतल मारी, महिला को धक्का देकर भागा शोर सुनकर होटल गेट के पास मौजूद एक दुकानदार ने भाग रहे आरोपी के चेहरे पर पानी से भरी प्लास्टिक की बोतल मारी। आरोपी लड़खड़ाया लेकिन गिरा नहीं। उसने सामने खड़ी महिलाओं को धक्का दिया और बस स्टैंड होते हुए बड़ा कब्रिस्तान रोड की ओर भाग निकला। पुलिसकर्मियों ने पीछा किया, लेकिन आरोपी फरार हो गया।
धर्म कंडे के दफ्तर से नकदी व मोबाइल चोरी
लुधियाना| जसपाल बांगड़ इलाके में एक व्यक्ति को नहाने जाना भारी पड़ गया। शुक्रवार दोपहर करीब 12:26 बजे जसपाल बांगड़ स्थित एक धर्म कंडे पर चोरी की वारदात सामने आई। धर्म कंडे पर काम करने वाला हरदेश कुमार दफ्तर में बैठा था। इसी दौरान धूप निकलने पर वह नहाने के लिए चला गया। पीछे से मौके का फायदा उठाकर एक अज्ञात बाइक सवार युवक ने दफ्तर में घुसकर चोरी कर ली। जब हरदेश कुमार वापस लौटा और सीसीटीवी फुटेज चेक की, तो उसमें एक युवक सुनसान माहौल का फायदा उठाते हुए दफ्तर में दाखिल होता नजर आया। आरोपी वहां से 8,500 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन चोरी कर फरार हो गया। पीड़ित ने मामले की शिकायत थाना साहनेवाल पुलिस को दे दी है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की जा रही है और जल्द उसे काबू कर लिया जाएगा।
आगरा में बस स्टैंड से मोबाइल और पर्स चोरी:डेबिट कार्ड से निकले 1.48 लाख, FIR दर्ज
आगरा में अलमास खान दिल्ली जाने के लिए ISBT बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान दो चोरों ने उसे बातों में लगाकर उसका मोबाइल और पर्स चोरी कर लिया। बाद में डेबिट कार्ड से 1.48 लाख और 15 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। शिकायत पर थाना हरीपर्वत पुलिस केस दर्ज कर जांच में लगी है। टेढ़ी बगिया निवासी अलमास ने पुलिस को बताया कि एक दिसंबर को शाम 4 बजे वह आईएसबीटी पर दिल्ली जाने के लिए बस का इंतजार कर रहे थे। दो अनजान युवकों ने उन्हें बातों में लगाया और मोबाइल और पर्स चोरी करके ले गए। पर्स के अंदर पंजाब नेशनल बैंक का डेबिट कार्ड व अन्य सामान रखा था। नेहरू नगर नगर स्थित एटीएम मशीन से 1.48 लाख रुपये निकाल लिए और 15 हजार ऑनलाइन ट्रांसफर कर लिए। दूसरे दिन उनका मोबाइल आगरा किले के पास हाथी घाट स्थित परचून की दुकान वाले को मिला। दुकानदार ने उनके एक परिचित के नंबर पर फोन करके जानकारी दी
फरीदाबाद एनआईटी-3 स्थित ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल में मरीज के परिजनों और अस्पताल के स्टाफ के बीच हुए विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद अस्पताल की व्यवस्थाओं और मरीजों के साथ व्यवहार को लेकर चर्चाएं शुरू हो गई हैं। यह वीडियो कई दिन पुराना बताया जा रहा है। वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि एक व्यक्ति मरीज के साथ अस्पताल के काउंटर पर खड़ा होकर स्टाफ से शिकायत कर रहा है कि मरीज को लगातार ब्लड आ रहा है और उसे तुरंत डॉक्टर की आवश्यकता है। वीडियो के कुछ हिस्सों में आवाज स्पष्ट नहीं है, लेकिन इसके बाद काउंटर पर मौजूद महिला डॉक्टर यह कहते हुए नजर आती हैं कि डॉक्टर(मरीज को देख रहे) को सूचना दे दी गई है और इस तरह ऊंची आवाज में बात करने की जरूरत नहीं है। परिजनों ने की डॉक्टर को बुलाने की मांग इस पर मरीज के परिजन सवाल उठाते हैं कि आखिर किस डॉक्टर को जानकारी दी गई है और उसे तुरंत मौके पर बुलाने की मांग करते हैं। परिजन यह भी कहते हैं कि वे खुद भी अस्पताल से जुड़े हुए हैं। इसी बात को लेकर महिला डॉक्टर नाराज हो जाती हैं और कहती हैं कि वे अपनी तरफ से जो कर सकती थीं, कर चुकी हैं। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी बढ़ जाती है। महिला डॉक्टर ने की मोबाइल छीनने की कोशिश वीडियो में यह भी दिखाई देता है कि वीडियो रिकॉर्ड कर रहे व्यक्ति का मोबाइल फोन छीनने की कोशिश की जाती है। इसी दौरान कई महिला कर्मचारी मौके पर पहुंच जाती हैं, जिससे माहौल और अधिक तनावपूर्ण हो जाता है। कुछ स्टाफ सदस्यों द्वारा मरीज के परिजन का हाथ पकड़ने की कोशिश करते हुए भी वीडियो में देखा जा सकता है। मरीज की पहचान नहीं हो पाई जिस मरीज को लेकर यह विवाद हुआ, उसकी फिलहाल कोई स्पष्ट जानकारी सामने नहीं आ सकी है। यह मरीज कहां का रहने वाला है और किस बीमारी के इलाज के लिए अस्पताल आया था, इसका भी पता नहीं चल पाया है। वहीं, जिस महिला स्टाफ सदस्य के साथ परिजनों की बहस हुई, उसके बारे में भी अभी कोई आधिकारिक जानकारी उपलब्ध नहीं है। डीन बोले- जांच करेंगे मामले को लेकर ईएसआईसी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के डीन डॉ. चव्हाण कालिदास दत्तात्रेय ने बताया कि उन्हें इस घटना की जानकारी मिली है और पूरे मामले की जांच कराई जाएगी। उन्होंने कहा कि यदि जांच में किसी स्तर पर कोई कमी पाई जाती है तो संबंधित के खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी। डीन ने यह भी कहा कि अस्पताल में आने वाले सभी मरीजों के इलाज का पूरा प्रयास किया जाता है और जांच के बाद जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के अनुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जालंधर के अलावलपुर क्षेत्र में चोरी की एक बड़ी वारदात सामने आई है। ब्यास गांव में देर रात हथियारबंद लुटेरों ने एक परिवार को बंधक बनाकर घर में डकैती को अंजाम दिया। लुटेरे करीब 45 मिनट तक घर में मौजूद रहे और नकदी, सोना व मोबाइल फोन लूटकर फरार हो गए। पीड़ित परिवार के अनुसार लुटेरे करीब एक लाख रुपए नकद, 10 तोला सोना और चार मोबाइल फोन अपने साथ ले गए। वारदात के बाद परिवार ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। रेलवे लाइनों के पास खेतों में बने घर में रहने वाले लखविंदर सिंह पुत्र शिव सिंह ने बताया कि उनके घर 5 से 7 अज्ञात लुटेरों ने डकैती की। परिवार के सदस्य मनप्रीत सिंह ने बताया कि बीती रात करीब 1:15 बजे घर के पिछले दरवाजे पर जोर-जोर से पीटने की आवाज आई। पहले उन्हें लगा कि कोई पशु दरवाजा तोड़ रहा है, लेकिन जब उन्होंने मेन ग्रिल का दरवाजा खोला तो बाहर खड़े लुटेरे जबरदस्ती घर में घुस आए। मनप्रीत ने बताया कि लुटेरों ने तेजधार हथियारों की नोक पर लखविंदर सिंह, उनकी पत्नी और बेटे को एक कमरे में बंधक बना लिया और बार-बार गोली मारने की धमकी देते रहे। इसके बाद सभी कमरों की तलाशी लेकर लुटेरे कीमती सामान समेटकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलने पर डीएसपी आदमपुर देहाती राजीव कुमार और थाना प्रभारी आदमपुर रविंदर पाल सिंह पुलिस पार्टी के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित परिवार के बयान दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं, घटना के कुछ समय बाद रेलवे विभाग की सूचना पर रेलवे लाइनों के पास से दो मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। पुलिस लुटेरों की तलाश में आसपास के इलाकों में छानबीन कर रही है।
बांका के सुईया थाना क्षेत्र में एक किसान का सिर कटा शव बरामद हुआ है। बैरधंधिया और छच्छीपुर गांव के बीच जंगल से गुरुवार रात को यह शव मिला। मृतक की पहचान बेलहर थाना क्षेत्र के झुकलिया गांव निवासी सुबोध कुमार सिंह (45) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है, हालांकि हत्या के कारणों का अभी पता नहीं चल पाया है। शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया। जानकारी के अनुसार सुबोध कुमार सिंह 24 दिसंबर बुधवार की शाम घर से यह कहकर निकले थे कि वह एक पार्टी में जा रहे हैं। उन्होंने अपना मोबाइल भी घर पर ही छोड़ दिया था। इसके बाद वह घर वापस नहीं लौटे। परिजनों ने उनकी काफी खोजबीन की और आसपास के गांवों में भी पूछताछ की, लेकिन उनका कोई सुराग नहीं मिल सका। उनके लापता होने के बाद परिजनों ने थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। घटना से जुड़ी 3 तस्वीरें देखिए.... स्थानीय लोगों ने सूचना पुलिस को दी 25 दिसंबर गुरुवार की रात को स्थानीय लोगों ने सुईया थाना क्षेत्र के जंगल में सिर कटा शव मिलने की सूचना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही सुईया थाना की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस के साथ फोरेंसिक टीम भी घटनास्थल पर पहुंची और जांच-पड़ताल करते हुए महत्वपूर्ण साक्ष्य एकत्र किए। पोस्टमॉर्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेजा प्राथमिक जांच में सामने आया है कि सुबोध कुमार सिंह की हत्या तेज धारदार हथियार से गला रेतकर की गई है। हत्या के बाद उनके शव को जंगल में फेंक दिया गया था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर शुक्रवार को पोस्टमॉर्टम के लिए बांका सदर अस्पताल भेज दिया। मोबाइल घर पर छोड़कर पार्टी में जाने की बात कहकर निकले मृतक की पत्नी अर्चना कुमारी ने बताया कि उनके पति 24 दिसंबर बुधवार की शाम मोबाइल घर पर छोड़कर पार्टी में जाने की बात कहकर निकले थे। जब वह देर रात तक घर नहीं लौटे तो परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू की। गुरुवार रात को उन्हें सुईया थाना क्षेत्र के जंगल से पति का सिर कटा शव बरामद होने की सूचना मिली। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है। पत्नी ने बताया कि उनके पति की किसी से कोई दुश्मनी नहीं थी। घटना के बाद पत्नी सहित पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और गांव में मातम पसरा हुआ है। शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया इस संबंध में सुईया थाना अध्यक्ष कन्हैया झा ने बताया कि शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है और मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस हर पहलू से जांच कर आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
महिलाओं के मोबाइल पर बैन : जब चौपाल संविधान से ऊपर बैठ जाए
राजस्थान के जालोर जिले के जसवंतपुरा क्षेत्र के गाजीपुरा गांव में आयोजित एक सामाजिक पंचायत के पंच-पटेलों ने महिलाओं और बेटियों के लिए कैमरा युक्त मोबाइल फोन के उपयोग पर प्रतिबंध लगा दिया। महिलाएं मोबाइल फोन को सार्वजनिक समारोहों के साथ-साथ पड़ोसियों के घर जाने के दौरान भी नहीं ले जा सकेंगी। यह पाबंदी किसी ... Read more
ट्रेन में सफर के लिए जनरल का प्रिंट रखना जरूरी नहीं है। भारतीय रेलवे ने जनरल यानी अनरिजर्व्ड टिकट को लेकर फैले एक कन्फ्यूजन को दूर कर दिया है। रेलवे ने कहा कि UTS (अनरिजर्वड टिकटिंग सिस्टम) मोबाइल एप से बुक किए गए टिकट का प्रिंटआउट लेना जरूरी नहीं है। यात्री सफर के दौरान अपने मोबाइल पर एप में 'शो टिकट' (Show Ticket) ऑप्शन का इस्तेमाल करके टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) को दिखा सकते हैं और यह पूरी तरह से वैलिड है। यह सफाई एक वायरल वीडियो के बाद आई है, जिसमें एक TTE एक यात्री से UTS एप से बुक किए गए टिकट का प्रिंटेड कॉपी मांगता दिख रहा था। इस वीडियो के कारण कई यात्रियों में यह भ्रम फैल गया था कि क्या अब उन्हें मोबाइल टिकट का भी प्रिंटआउट लेकर चलना होगा। रेलवे मंत्रालय ने कहा- एप में टिकट दिखाना ही काफी रेल मंत्रालय ने आधिकारिक तौर पर बयान जारी किया। मंत्रालय ने बताया कि UTS एप के 'शो टिकट' सेक्शन में दिखाया गया अनरिजर्वड टिकट यात्रा के लिए एक वैध प्रमाण (Valid Authority) है। यात्री उसी डिवाइस पर डिजिटल कॉपी दिखा सकते हैं, जिससे टिकट बुक किया गया है। हालांकि, अगर किसी यात्री ने खिड़की या ऑनलाइन बुकिंग के बाद उसका प्रिंट निकाल लिया है, तो उसे सफर के दौरान वह फिजिकल टिकट साथ रखना होगा। ऐसा कोई नियम नहीं है जो यात्री को इसका प्रिंटआउट लेने के लिए कहता हो। रेलवे ने यह भी कहा कि TTE द्वारा प्रिंटेड कॉपी की मांग करना गलत है। वंदे भारत में अब मिलेंगी रीजनल डिश वहीं, रेलवे यात्रियों के अनुभव को बेहतर बनाने के लिए वंदे भारत ट्रेनों में 'रीजनल डिश' (क्षेत्रीय व्यंजन) की शुरुआत कर रहा है। रेल मंत्रालय के मुताबिक, इस पहल का मकसद यात्रियों को उनके रूट के हिसाब से स्थानीय और पारंपरिक स्वाद उपलब्ध कराना है। अब ट्रेन में सफर के दौरान आपको महाराष्ट्र का कांदा पोहा से लेकर बिहार का मशहूर चंपारण चिकन और पनीर तक सर्व किया जाएगा। मेन्यू में चंपारण चिकन और मेथी थेपला शामिल नई लिस्ट के मुताबिक, पटना-रांची वंदे भारत में 'चंपारण पनीर' और पटना-हावड़ा रूट पर 'चंपारण चिकन' मिलेगा। गुजरात के रूट पर चलने वाली ट्रेनों में यात्रियों को मेथी थेपला और मसाला लौकी परोसी जा रही है। वहीं, केरल की वंदे भारत ट्रेनों में अप्पम, केरल पराठा और पालाडा पायसम जैसे पारंपरिक व्यंजन मिलेंगे। पश्चिम बंगाल के रूट पर कोशा पनीर और आलू पोतोल भाजा का स्वाद लिया जा सकेगा। सांस्कृतिक विविधता को बढ़ावा देने की कोशिश रेलवे का कहना है कि भारत की खान-पान की विविधता को दिखाने के लिए यह कदम उठाया गया है। दक्षिण भारत की ट्रेनों में दोंडाकाया करम पोडी फ्राई और आंध्र कोडी कूरा जैसे डिशेज शामिल किए गए हैं। ओडिशा जाने वाली ट्रेनों में आलू फूलकोपी उपलब्ध होगी। रेलवे का मानना है कि इससे न केवल यात्रियों को घर जैसा खाना मिलेगा, बल्कि स्थानीय संस्कृति को भी बढ़ावा मिलेगा।
फ्री मोबाइल रिचार्ज का ऑफर! जानिए त्योहारों में कैसे हो रहा है स्कैम
सोशल मीडिया पर अलग-अलग अवसरों पर फ्री मोबाइल रिचार्ज मिलने का वादा करके लोगों के साथ स्कैम किया जा रहा है.
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

