रिंकु मोबाइल वर्ल्ड का शुभारंभ, मिलेंगे कम दाम में फोन
खेरवाड़ा में खुले नए शोरूम में सैमसंग और ओप्पो के मोबाइल बाजार से कम कीमत पर मिलेंगे, साथ ही रिपेयरिंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी।
Jio ₹449 vs ₹500 प्लान: जानिए दोनों रिचार्ज के बेनिफिट्स, डेटा और OTT ऐप्स की पूरी डिटेल
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5 रुपये में बिक रहा है आपका मोबाइल नंबर, लोन कंपनियों से लेकर साइबर अपराधी तक खरीद रहे
साइबर दुनिया में आपकी पहचान बिक रही है। रिपोर्ट के मुताबिक पांच रुपये में मोबाइल नंबर, 500 से 800 तक में सत्यापित आधार नंबर थर्ड पार्टी एजेंट से कंपनियां और साइबर अपराधी खरीद लेते हैं।
गोरखपुर: प्रेमी से शादी की जिद में मोबाइल टावर पर चढ़ी किशोरी, पुलिस ने समझाकर सुरक्षित उतारा
गुलरिहा थाना क्षेत्र में 17 वर्षीय किशोरी सोमवार सुबह प्रेमी से शादी करने की जिद में पड़ोसी गांव पर स्थित मोबाइल टावर पर चढ़ गई। खेत की तरफ निकले ग्रामीणों की नजर उस पर पड़ी तो उन्होंने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी।
वाराणसी में डिलीवरी बॉय का फंदे पर मिला शव, दो बच्चों की मां से अफेयर की चर्चा; मोबाइल जांच में जुटी पुलिस
पंजाब में सोमवार सुबह प्रवर्तन निदेशालय (ED) की टीम ने पार्क अस्पताल की सभी ब्रांचों पर एक साथ रेड की। मोहाली, पटियला और बठिंडा में टीम सुबह करीब 9 बजे स्थानीय पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंची और जांच शुरू की। कार्रवाई के दौरान अस्पताल के प्रशासनिक कार्यालयों और दस्तावेजों की जांच की गई। अस्पताल प्रबंधन से जुड़े अधिकारियों से भी पूछताछ की गई। हालांकि, ED ने अभी तक छापेमारी के कारण और इससे जुड़े मामले को लेकर आधिकारिक जानकारी नहीं दी है। सूत्रों के अनुसार, ED की टीम न कार्रवाई को पूरी तरह गोपनीय रखा है। किसी को भी अस्पताल के न अंदर आने दिया जा रहा और न बाहर आने दिया जा रहा है। इसके साथ ही टीम ने अस्पताल के उच्च अधिकारियों, प्रशासनिक स्टाफ और प्रबंधकों के मोबाइल तुरंत अपने कब्जे में ले लिए हैं। वित्तीय रिकॉर्ड और दस्तावेजों की जांच जांच के दौरान अस्पताल के वित्तीय लेन-देन, कर भुगतान और सरकारी योजनाओं के तहत किए गए दावों से जुड़े रिकॉर्ड खंगाले जा रहे हैं। टीम कंप्यूटर, सर्वर और अन्य इलेक्ट्रॉनिक उपकरणों में मौजूद डिजिटल डेटा की जांच कर रही है। इसके अलावा, बिलिंग रिकॉर्ड, बैंक खातों के विवरण और अन्य दस्तावेज भी जांच के दायरे में हैं। सूत्रों के अनुसार, यह कार्रवाई वित्तीय अनियमितताओं या नियमों के उल्लंघन से जुड़ी शिकायतों के आधार पर की जा सकती है। हालांकि, ED की ओर से इसकी पुष्टि नहीं की गई है। फिलहाल यह भी स्पष्ट नहीं है कि छापेमारी किस मामले या प्राथमिकी (FIR) के तहत की जा रही है। ********* ये खबर भी पढ़ें: पंजाब DA केस, हाईकोर्ट का सरकार को नोटिस:चीफ सेक्रेटरी सिन्हा पर केस चलाने को लेकर जवाब मांगा; एमिकस क्यूरी भी नियुक्त किया पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने सरकारी मुलाजिमों के बकाया DA केस के मामले में राज्य सरकार को नोटिस जारी किया है। यह नोटिस हाईकोर्ट में चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा की तरफ से दिए एफिडेविट से जुड़ा है, जिसमें गलत जानकारी देने की बात करते हुए हाईकोर्ट ने आपराधिक अवमानना का केस शुरू किया है। केस चलाने से पहले हाईकोर्ट ने सरकार का जवाब मांगा है। (पढ़ें पूरी खबर)
नालंदा में साइबर पुलिस ने लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह का खुलासा किया है। दो शातिर साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान कतरीसराय थाना क्षेत्र के बजराचक गांव निवासी शंकर प्रसाद के पुत्र (23) सन्नी कुमार और (20) प्रिंस कुमार के रूप में की गई है। दोनों आपस में सहोदर भाई हैं। पुलिस ने दोनों के पास से ठगी के काम में इस्तेमाल होने वाले छह स्क्रीन टच मोबाइल और छह एटीएम कार्ड भी बरामद किए हैं। क्रेडिटबी का एजेंट बनकर देता था झांसा साइबर पुलिस पोर्टल से मिले संदिग्ध मोबाइल नंबरों की तकनीकी जांच और सर्विलांस के आधार पर साइबर थाना की पुलिस ने दोनों को रंगेहाथ दबोच लिया। पूछताछ और जांच में सामने आया कि आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से खुद को लोकप्रिय डिजिटल लोन प्लेटफॉर्म 'क्रेडिटबी' (KreditBee) का अधिकृत एजेंट बताता था। इसके बाद आसान शर्तों पर तत्काल लोन स्वीकृत कराने का झांसा देकर सीधे-सादे लोगों से संपर्क साधते थे। लोन दिलाने के नाम पर साइबर ठगी को अंजाम देते थे। न्यायिक हिरासत में भेजे गए दोनों आरोपी इस मामले में नालंदा साइबर थाना में कांड दर्ज करते हुए दोनों आरोपियों के खिलाफ विधिवत कानूनी कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद आवश्यक प्रक्रियाओं को पूरा कर दोनों को कोर्ट में प्रस्तुत किया गया, जहां से अदालत के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। कार्रवाई करने वाली टीम में शामिल सदस्य छापेमारी टीम में नालंदा साइबर थाना के दरोगा कुंदन कुमार, तौकीर खान के साथ सिपाही चंदन कुमार, राजन कुमार मांझी, यश कुमार, ऋतु राज, रविनंदन कुमार, गृह रक्षक संदीप कुमार, करण कुमार सशस्त्र बल के साथ शामिल थे। मोबाइल ऐप से मिनटों में मिलता है पर्सनल लोन बदलती वित्तीय तकनीक के दौर में आम उपभोक्ताओं और युवा पेशेवरों के बीच मोबाइल आधारित इंस्टेंट पर्सनल लोन का चलन तेजी से बढ़ा है। इस कड़ी में प्रमुख डिजिटल प्लेटफॉर्म 'क्रेडिटबी' (KreditBee) एक बड़ा माध्यम बनकर उभरा है, जिसके जरिए जरूरतमंद लोग बैंक के चक्कर लगाए बिना सीधे अपने स्मार्टफोन से व्यक्तिगत ऋण प्राप्त कर रहे हैं। यह प्लेटफॉर्म भारतीय रिजर्व बैंक द्वारा पंजीकृत अपनी सहयोगी एनबीएफसी 'क्रेजीबी सर्विसेज' और अन्य साझेदार वित्तीय संस्थानों के जरिए यह सेवा उपलब्ध कराता है। 10 से 15 मिनट में खाते में पहुंचती है राशि इस पूरी व्यवस्था की सबसे बड़ी खासियत इसका पेपरलेस और तेज होना है। ऑनलाइन आवेदन स्वीकृत होने के महज 10 से 15 मिनट के भीतर स्वीकृत राशि सीधे आवेदक के बैंक खाते में भेज दी जाती है। प्लेटफॉर्म पर विभिन्न वर्गों के लिए अलग-अलग श्रेणियां तय हैं। छोटे और तात्कालिक खर्चों के लिए एक हजार से 10 हजार रुपए तक का फ्लेक्सी लोन उपलब्ध है। वहीं, नियमित वेतनभोगियों और छोटे कारोबारियों को पात्रता के आधार पर अधिकतम पांच लाख रुपए तक का लोन दिया जाता है, जिसे 3 से 36 महीने की आसान किस्तों में चुकाने का विकल्प मिलता है। आधार, पैन कार्ड और आय का स्रोत होना जरूरी लोन के लिए आवेदक का भारतीय नागरिक होना और आयु 21 से 58 वर्ष के बीच होना अनिवार्य है। साथ ही नियमित आय का निश्चित स्रोत होना चाहिए। आवश्यक दस्तावेजों में पैन कार्ड, आधार कार्ड और बैंक खाते का विवरण मुख्य रूप से शामिल हैं। पूरी सत्यापन प्रक्रिया ऑनलाइन माध्यम से ही पूरी कर ली जाती है। फर्जी रिकवरी-वेरिफिकेशन एजेंट बनकर लोगों को शिकार बना रहे साइबर ठग डिजिटल लेंडिंग प्लेटफॉर्म्स की बढ़ती लोकप्रियता के बीच साइबर अपराधियों ने ठगी का नया पैंतरा खोज निकाला है। जालसाज खुद को लोकप्रिय फिनटेक प्लेटफॉर्म 'क्रेडिटबी' (KreditBee) का अधिकृत लोन एजेंट, वेरिफिकेशन ऑफिसर या रिकवरी एग्जीक्यूटिव बताकर सीधे-सादे लोगों को निशाना बना रहे हैं। ठग आमतौर पर अनजान नंबरों से कॉल या व्हाट्सएप मैसेज भेजकर दावा करते हैं कि उपभोक्ता का प्री-अप्रूव्ड पर्सनल लोन बिना किसी दस्तावेज और बेहद कम ब्याज दर पर पास हो गया है। प्रोसेसिंग फीस और फाइल चार्ज के नाम पर वसूली लोन का लालच देकर ठग पीड़ित को झांसे में लेते हैं और कहते हैं कि स्वीकृत राशि सीधे बैंक खाते में भेजने के लिए पहले कुछ औपचारिकताएं पूरी करनी होंगी। इसके बाद 'फाइल अप्रूवल चार्ज', 'जीएसटी', 'इंश्योरेंस फीस' या 'प्रोसेसिंग फीस' के नाम पर 2,000 से 10,000 रुपए तक किसी निजी यूपीआई आईडी या खाते में ट्रांसफर करवा लेते हैं। एक बार पैसा ट्रांसफर होने के बाद तकनीकी खराबी का बहाना बनाकर और रकम ऐंठी जाती है, फिर कॉल ब्लॉक कर दी जाती है। मैलवेयर युक्त एपीके फाइल भेजकर मोबाइल हैक ठगी का दूसरा तरीका फर्जी मोबाइल एप्लिकेशन के जरिए अपनाया जाता है। साइबर अपराधी आधिकारिक गूगल प्ले स्टोर के बजाय व्हाट्सएप या एसएमएस पर 'KreditBee Update' या 'Loan Fast Approval' नाम से एक एपीके (.apk) फाइल भेजते हैं। जैसे ही उपभोक्ता इसे अपने फोन में इंस्टॉल करता है, मोबाइल का पूरा एक्सेस ठगों के पास चला जाता है। इसके जरिए फोन पर आने वाले बैंक ओटीपी को सीधे पढ़कर बैंक खातों से पूरी जमा पूंजी उड़ा ली जाती है। कॉन्टैक्ट लिस्ट और तस्वीरों के जरिए ब्लैकमेलिंग मैलवेयर ऐप्स इंस्टॉल होते ही फोन की गैलरी और कॉन्टैक्ट लिस्ट का डेटा चुरा लेते हैं। इसके बाद ठग खुद को रिकवरी एजेंट बताकर धमकी भरे कॉल करने लगते हैं। लोन न लेने के बावजूद पीड़ित से जबरन वसूली की जाती है। पैसे न देने पर फोन में मौजूद निजी तस्वीरों को मॉर्फ कर परिवार और रिश्तेदारों को भेजने की धमकी दी जाती है। बचाव: केवल आधिकारिक ऐप और वेबसाइट का ही करें इस्तेमाल नालंदा साइबर डीएसपी ऋषभ आनंद ने बताया कि क्रेडिटबी या कोई भी अधिकृत वित्तीय संस्थान कभी भी लोन जारी करने से पहले किसी निजी यूपीआई या खाते में अग्रिम शुल्क नहीं मांगता। पूरी प्रक्रिया केवल आधिकारिक ऐप के भीतर ही पूरी होती है।
स्मार्टफोन पर अब लोग सिर्फ रील देखने, चैटिंग करने या फोटो शेयर करने के लिए निर्भर नहीं हैं। मोबाइल ऐप्स का इस्तेमाल पढ़ाई, नौकरी, नई स्किल सीखने और रोजमर्रा के काम निपटाने के लिए भी तेजी से बढ़ रहा है। सेंसर टावर की 2026 की रिपोर्ट के मुताबिक, भारत में 2025 के दौरान जनरेटिव आर्टिफिशियल […] The post मोबाइल यूजर्स की पसंद में बड़ा बदलाव! AI ऐप्स के डाउनलोड 205% बढ़े, सोशल मीडिया को लगा झटका, जानें किस कैटेगरी का बढ़ा क्रेज appeared first on https://rajsattaexpress.com .
गयाजी एयरपोर्ट पर मोबाइल छूटने के बाद एक महिला यात्री फ्लाइट के अंदर क्रू मेंबर से उलझ पड़ी। काफी समझाने के बाद भी नहीं मानी। विवाद इतना बढ़ गया कि कोलकाता जाने के लिए रनवे की ओर बढ़ चुके इंडिगो की फ्लाइट को वापस पार्किंग एरिया में लाना पड़ा। इसके बाद उसे फ्लाइट से नीचे उतार दिया गया। एयरलाइंस ने महिला के खिलाफ केस दर्ज कराया है। उन्हें पहले सीआईएसएफ के हवाले किया गया। कागजी कार्रवाई के बाद मगध मेडिकल थाने की पुलिस को सौंप दिया गया। अब पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। महिला की पहचान आशा राजेंद्र कृष्णमूर्ति के रूप में हुई है। उन क्रू मेंबर के साथ बदसलूकी करने का आरोप है। घटना रविवार की है। रनवे की ओर बढ़ा विमान, फिर वापस लौटा जानकारी के अनुसार, इंडिगो की फ्लाइट दिल्ली से गयाजी आई थी। यहां से यात्रियों को लेकर कोलकाता जाना था। यात्री विमान में सवार हो चुके थे। फ्लाइट पार्किंग एरिया से निकलकर रनवे की ओर बढ़ गया था। इस बीच यात्री और क्रू मेंबर के बीच विवाद हुआ। मामला बढ़ने पर पायलट ने एयर ट्रैफिक कंट्रोल (एटीसी) को सूचना दी। इसके बाद वापस पार्किंग एरिया में लाया गया। सीट नंबर 17-सी पर बैठी महिला यात्री को काफी मशक्कत के बाद नीचे उतारा गया। उसे सीआईएसएफ के हवाले कर दिया गया। इसका बाद विमान ने दोबारा उड़ान भरा। सीआईएसएफ की ओर से विधिवत कागजी कार्रवाई के बाद पुलिस को सौंपा गया। मोबाइल छूटने पर शुरू हुआ विवाद जानकारी के मुताबिक महिला यात्री का मोबाइल एयरपोर्ट पर ही छूट गया था। मोबाइल वापस लेने को लेकर उनकी क्रू मेंबर से कहासुनी हो गई थी। महिला को काफी समझाया गया पर वह नहीं मानी। इससे विवाद बढ़ गया तो विमान को वापस किया गया। साथ ही महिला के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई। स्थिति को देखते हुए विमान को वापस लाने और महिला को उतारने का फैसला लिया गया।
छत्तीसगढ़ के कोरबा में रेप के आरोपी का अस्पताल में आराम फरमाते हुए वीडियो सामने आया है। वीडियो में आरोपी पवन महतो मोबाइल पर बात करते और गुटखा खाते नजर आ रहा है। वह मेडिकल कॉलेज अस्पताल के स्पेशल वार्ड में भर्ती है। आरोप लग रहे हैं कि जेल जाने से बचने के लिए आरोपी अस्पताल में भर्ती हुआ है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि मेडिकल जांच के दौरान तबीयत खराब होने पर उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया था। मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र का है। वहीं, सामने आए वीडियो में आरोपी के बगल वाले बेड पर 2 पुलिस आरक्षक भी आराम फरमाते दिखे। CSP ने जांच के बाद कार्रवाई की बात कही है। देखिए तस्वीरें… 32 साल की महिला से रेप का आरोप जानकारी के अनुसार, सिविल लाइन थाना क्षेत्र की महिला ने पवन महतो के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी। महिला ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि वह करीब 32 साल की है और कोरबा के खरमोरा इलाके में रहती है। उसके पति की मौत हो चुकी है। वह अपनी बेटी के साथ माता-पिता के घर रहती है और प्रॉपर्टी डीलिंग का काम करती है। महिला के मुताबिक, 14 अप्रैल 2022 को वह सतरेंगा में पिकनिक मनाने गई थी। इसी दौरान जमीन के सिलसिले में उसकी मुलाकात पवन महतो से हुई। आरोपी पवन कोरबा के एक पावर प्लांट में काम करता है। पवन की अभिनंदन कॉम्प्लेक्स के पास चार डिसमिल जमीन थी। उस जमीन को बिकवाने के सिलसिले में दोनों के बीच जान-पहचान हुई। इसके बाद पवन उससे लगातार मिलने लगा। शादी का भरोसा देकर बनाए संबंध महिला का आरोप है कि जान-पहचान बढ़ने के बाद पवन ने उससे कहा कि वह उसे पसंद करता है और उससे शादी करना चाहता है। महिला के मुताबिक, 19 अप्रैल 2023 को पवन उसे रामपुर हाउसिंग बोर्ड स्थित अपने किराए के फ्लैट में ले गया। वहां उसने उसकी मर्जी के बिना शारीरिक संबंध बनाए। महिला ने आरोप लगाया कि इसके बाद भी पवन शादी का भरोसा देकर कई बार उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता रहा। जब वह शादी के बारे में पूछती थी, तो पवन कहता था कि वह अपनी पत्नी को तलाक देकर उससे शादी कर लेगा। बार-बार शादी की बात टालने का आरोप महिला के मुताबिक, उसने कई बार पवन से शादी करने के लिए कहा, लेकिन वह हर बार टालमटोल करता रहा। वह शादी करने का भरोसा देता था, लेकिन उसने वादा पूरा नहीं किया। महिला का आरोप है कि पवन ने शादी का झांसा देकर लंबे समय तक उसका शारीरिक शोषण किया। आखिरकार, परेशान होकर महिला ने 8 अक्टूबर 2026 को सिविल लाइन रामपुर थाने में आवेदन दिया। जांच के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की। मेडिकल जांच के दौरान अस्पताल में भर्ती हुआ आरोपी पुलिस ने 10 अक्टूबर को आरोपी को पकड़ा था और उसे मेडिकल लीगल केस (MLC) और मुलाहिजा जांच के लिए ले गई थी। इसी दौरान उसने तबीयत खराब होने की बात कही। इसके बाद उसे मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती करा दिया गया। मीडियाकर्मियों ने बनाया वीडियो इसी बीच, आरोपी के अस्पताल में आराम फरमाते हुए वीडियो सामने आया है। यह वीडियो मीडियाकर्मियों ने बनाया है। सामने आए वीडियो में आरोपी मोबाइल चलाता और गुटखा खाता नजर आ रहा है। फिलहाल वह स्पेशल वार्ड में भर्ती है। उसकी निगरानी के लिए दो आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई है। आरक्षकों की ड्यूटी पर भी उठे सवाल आरक्षकों की लापरवाही के सवाल पर कोरबा सीएसपी प्रतीक चतुर्वेदी ने कहा कि उस समय आरोपी की गिरफ्तारी की प्रक्रिया पूरी नहीं हुई थी। वह तकनीकी रूप से पुलिस कस्टडी में भी नहीं था। उसके भागने की आशंका को देखते हुए आरक्षकों की ड्यूटी लगाई गई थी। अगर जांच में आरक्षकों की लापरवाही सामने आती है, तो एसपी के निर्देश पर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। ………………………. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें…. चॉकलेट देकर 7 साल की 2 बच्चियों से रेप: मां बोली-रस्सी से बांधकर दुष्कर्म किया, आरोपी को VIP ट्रीटमेंट दे रही पुलिस, समझौते का दबाव छत्तीसगढ़ के बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना इलाके में 17 साल के नाबालिग ने 7 साल की दो बच्चियों से चॉकलेट देने के बहाने रेप किया है। उनके साथ मारपीट भी की। जब परिजनों ने उसे रंगे हाथों पकड़ा, तो लड़का भाग गया। वहीं पीड़ित बच्चियों की मां ने पुलिस वालों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पढ़ें पूरी खबर…
वाराणसी में घर में अकेले रह रहे डिलीवरी बॉय का शव बेडरूम में फंदे पर लटका मिला। रविवार (11 अक्टूबर) को पोस्टमॉर्टम हाउस पर छोटी बहन रंजना ने दैनिक भास्कर से कहा- भाई का पड़ोस की ही 2 बच्चों की मां से अफेयर था। उसकी हत्या की गई है। भाई के पैर जमीन की जगह बेड पर मुड़े थे। उसके प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। गले पर भी खरोंच के निशान थे। उसी महिला ने अपने फिंगर से भाई का मोबाइल लॉक खोला और जल्दी से रस्सी काटकर शव उतार दिया। पिता उमेश कुमार मौर्या ने कहा- बेटे ने शुक्रवार (9 अक्टूबर) को फोन किया था। कह रहा था कि पापा, बेंगलुरु जाना है, सोमवार का टिकट है। मैंने कहा था कि नेवादा गांव आ जाना, फिर मुझसे मिलकर चले जाना। क्या पता था कि अब वह कभी लौटकर नहीं आएगा। शनिवार को फोन आया कि शुभम का शव फंदे पर लटका मिला। पड़ोसी ने बहन को फोन कर कहा- भाई की तबीयत खराब है बिहार के नेवादा में रहने वाले उमेश कुमार मौर्या कई साल से वाराणसी के आदमपुर के विजयीपुरा चौराहा, कोनिया में मकान बनाकर रहते हैं। उनकी पत्नी की मौत हो चुकी है। 2 बेटियां कल्पना और रंजना की शादी मुगलसराय और वाराणसी में हुई है। उनका सबसे छोटा और इकलौता बेटा शुभम मौर्या (27) डिलीवरी बॉय था। शुभम की छोटी बहन रंजना ने बताया- मेरी वाराणसी के अन्नपूर्णा नगर कॉलोनी में बुटीक और ब्यूटी आइटम की शॉप है। शनिवार दोपहर 3.49 बजे पड़ोस के एक व्यक्ति का फोन आया कि शुभम की तबीयत खराब है। आप आ जाइए। इस पर मैंने अपने बेटे को भेजा। बहन बोली- रस्सी सुसाइड के फंदे जैसी नहीं बंधी थी रंजना ने बताया- इसके थोड़ी देर बाद मैं शॉप बंदकर पहुंची, तो घर के बाहर बहुत भीड़ लगी थी। दरवाजे में बाहर से कुंडी लगी थी। खोलकर अंदर पहुंचे, तो शुभम रस्सी के सहारे कमरे में लटका था। उसका एक पैर जमीन पर लटका था, दूसरा बेड पर मुड़ा हुआ था। प्राइवेट पार्ट से खून बह रहा था। गले पर खरोंच के निशान थे। साथ ही रस्सी भी उस तरह से नहीं बंधी थी, जैसे कोई सुसाइड के लिए बांधता है। पड़ोसी महिला के अंगूठे से भाई के मोबाइल का लॉक खुला रंजना ने बताया- भाई शुभम इन दिनों घर में अकेला था। पिता नेवादा गए हुए थे। मेरे भैया का पड़ोस की ही एक महिला से अफेयर था। पांच दिन से वह उसी के साथ था। शाम को उसका शव लटका मिला। जब हम लोग पहुंचे, तो भाई का मोबाइल खोलने का प्रयास किया, लेकिन उसका लॉक नहीं खुला। भाई का शरीर अकड़ चुका था। पड़ोसी महिला पहुंची तो उसने भाई का मोबाइल अपने अंगूठे से हम लोगों के सामने खोला। उसी महिला ने शव भी पुलिस के आने के पहले रस्सी काटकर उतार दिया। रंजना ने बताया- उस पड़ोसी महिला का पति किसी और लड़की के साथ भाग गया था। वह भी 10 दिन पहले ही वापस आया है। घर में पत्नी के साथ रह रहा है। पिता बोले- मेरा बेटा कमजोर नहीं था अस्पताल के एक कोने में बैठे शुभम के पिता की जिंदगी उनके इकलौते बेटे के जाने से खत्म सी हो गई है। नम आंखों से उन्होंने शुभम का नाम लिया और कहा- मेरा बेटा कमजोर नहीं था, जो फांसी लगाता। मैं नेवादा में था। बेटे ने शुक्रवार को फोन किया था। बताया था कि पापा बेंगलुरु जाना है। 12 अक्टूबर का टिकट है। हमने उसे 11 अक्टूबर को नेवादा में घर बुलाया था। क्या पता था कि ऐसा हो जाएगा। इसके बाद शुभम के पिता रोने लगे। उन्होंने मुख्यमंत्री से न्याय की गुहार लगाई। थाना प्रभारी आदमपुर विमल मिश्रा ने बताया- शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर घरवालों को सौंप दिया गया है। घरवालों ने आरोप लगाया है कि भाई का महिला से अफेयर था। उन लोगों ने हत्या करने की बात कही है। ऐसे में मृतक के मोबाइल फोन और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की जांच की जा रही है।--------------------------- ये खबर भी पढ़िए कारोबारी बेटे की मौत, मां बोली- मॉडल गर्लफ्रेंड पीटती थी, उसके नेताओं से संपर्क, वह धमकाती थी ‘मॉडल श्रद्धा दुबे पहली बार बेटे से लखनऊ के एक क्लब में मिली थी। दोनों के बीच नजदीकियां बढ़ीं और वे डेट करने लगे। श्रद्धा के नेताओं, टॉप ब्यूरोक्रेट और इंडियन क्रिकेट टीम के खिलाड़ियों से संपर्क हैं। वह बेटे को उनके नाम पर डराती थी। आखिरी वक्त में तो बेटे को सिगरेट से दागा। बेटे की बॉडी पर निशान मिले। चेहरे पर लिपस्टिक लगी थी।’ यह कहना है लखनऊ के करोड़पति कारोबारी शिव शर्मा की मां रंजना शर्मा का। पढ़ें पूरी खबर…
मथुरा में ऑनलाइन गेमिंग और वीडियो कॉलिंग के जरिए अवैध लेनदेन गतिविधियां चलाने वाले गिरोह का STF ने पर्दाफाश किया है। थाना हाईवे पुलिस के साथ संयुक्त कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इनमें मास्टरमाइंड प्रवीन कुमार उर्फ प्रकाश भी शामिल है। पुलिस का आरोप है कि गिरोह फर्जी आईडी बनाकर पेड वीडियो कॉलिंग, अश्लील सामग्री और ऑनलाइन सट्टेबाजी के जरिए रकम जुटाता था। विदेशी संस्थाओं से जुड़े संदिग्ध लेनदेन की भी जांच की जा रही है। मोतीकुंज के कार्यालय में STF ने की कार्रवाई STF मुख्यालय की साइबर टीम को काफी समय से गिरोह की गतिविधियों के बारे में सूचनाएं मिल रही थीं। इसके बाद STF के अपर पुलिस अधीक्षक विशाल विक्रम सिंह के निर्देशन में लखनऊ मुख्यालय और मथुरा की थाना हाईवे पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई की। रविवार को टीम ने मोतीकुंज स्थित ए-22 में छापा मारा। पुलिस के मुताबिक, यह कार्यालय अर्जुन दिवाकर का है। यहां से तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। लड़कियों के नाम और तस्वीरों से बनाते थे फर्जी आईडी पुलिस की पूछताछ के मुताबिक, गिरोह का कथित सरगना प्रवीन कुमार लड़कियों के नाम और तस्वीरों का इस्तेमाल करके ऑनलाइन ऐप पर फर्जी आईडी तैयार करता था। इसके बाद वेतन पर रखी गई महिला होस्ट के माध्यम से पेड वीडियो कॉलिंग और अश्लील सामग्री से जुड़ी गतिविधियां संचालित कराई जाती थीं। पुलिस ने गिरोह पर कलर प्रिडिक्शन, कार रेसिंग और लकी बॉल जैसे ऑनलाइन खेलों के जरिए सट्टेबाजी में शामिल होने का भी आरोप लगाया है। जांच एजेंसियां इन गतिविधियों से जुड़े डिजिटल साक्ष्यों की पड़ताल कर रही हैं। कॉइन, गिफ्टिंग और कॉलिंग से जुटाते थे रकम पुलिस के अनुसार, ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर यूजर्स कॉइन खरीदते थे। गिफ्टिंग और वीडियो कॉलिंग के जरिए भी रकम जुटाई जाती थी। आरोप है कि इस धनराशि के लेनदेन को छिपाने के लिए अलग-अलग माध्यमों का इस्तेमाल किया जाता था। पुलिस को फुलियाओ हॉन्गकॉन्ग लिमिटेड (Fuliao Hong Kong Limited) जैसी विदेशी संस्थाओं से जुड़े लेनदेन की जानकारी मिली है। जांच के मुताबिक, अर्री पे (Arri Pay) और ई-पे (ePay) ऐप के माध्यम से गिरोह के सदस्यों और उनसे जुड़ी महिलाओं के बैंक खातों में डॉलर के रूप में रकम भेजे जाने की जानकारी मिली है। पुलिस इन खातों में आए पैसे के स्रोत, लेनदेन के उद्देश्य और कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है। फिलहाल मनी लॉन्ड्रिंग से जुड़े आरोपों की पुष्टि जांच के बाद ही हो सकेगी। 7 मोबाइल फोन, बैंक दस्तावेज और कार बरामद पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से सात मोबाइल फोन, एक CPU, तीन चेकबुक, एक बैंक पासबुक, एक आधार कार्ड और तीन डेबिट कार्ड बरामद किए हैं। इसके अलावा ऑनलाइन ऐप से संबंधित साक्ष्यों के 58 स्क्रीनशॉट के प्रिंटआउट और UP 85 DD 9194 नंबर की एक कार भी बरामद की गई है। पुलिस इन मोबाइल फोन और बैंक दस्तावेजों की मदद से गिरोह की गतिविधियों, रकम के लेनदेन और अन्य संभावित सदस्यों की भूमिका की जांच कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों में कौन-कौन शामिल? प्रवीन कुमार उर्फ प्रकाश (26): पुत्र प्रहलाद सिंह, निवासी ग्राम सिहोरा, थाना जमुनापार, मथुरा। विपिन कुमार (26): पुत्र रामवीर सिंह, निवासी प्रीती बिहार कॉलोनी, लक्ष्मीनगर, थाना जमुनापार, मथुरा। अर्जुन दिवाकर (27): पुत्र स्वर्गीय बेनीराम, निवासी मकान नंबर 275, मालीपाड़ा, धौली प्याऊ, थाना हाईवे, मथुरा। कई धाराओं में मुकदमा दर्ज थाना हाईवे में मुकदमा अपराध संख्या 990/2026 दर्ज किया गया है। इसमें भारतीय न्याय संहिता की धारा 112, 318(4), 319(2) और 3(5), सूचना प्रौद्योगिकी अधिनियम की धारा 66D/67 तथा ऑनलाइन गेमिंग से संबंधित अधिनियम की धाराएं 5, 6, 7 और 9 लगाई गई हैं। एसपी सिटी राजीव कुमार ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस बरामद डिजिटल साक्ष्यों और बैंक खातों के आधार पर कथित वित्तीय नेटवर्क की जांच कर रही है। आरोपों की अंतिम पुष्टि न्यायिक प्रक्रिया के बाद ही होगी।
Mohali News: खरड़ में मोबाइल की दुकान से लाखों का सामान चोरी, तीन आरोपी पकड़े
Goods worth lakhs stolen from a mobile shop in Kharar; three accused arrested
Sambhal News: मोबाइल की किस्त को लेकर मारपीट, चार पर रिपोर्ट
हयातनगर थाना क्षेत्र के गांव घोसीपुरा में मोबाइल की किस्त जमा न होने पर विवाद हो गया।
Ghazipur News: प्रेमी से शादी की जिद पर मोबाइल टावर पर चढ़ी किशोरी, दो घंटे बाद उतरी
Teenage girl climbs mobile tower, insisting on marrying her boyfriend; comes down after two hours.
Farrukhabad News: चाकू दिखाकर यात्री से मोबाइल व नकदी छीनी
फर्रुखाबाद। बिहार से मैनपुरी जा रहे एक यात्री को स्टेशन के पांच नंबर प्लेटफार्म पर दो उचक्कों ने दबोच लिया। उसे चाकू दिखाकर मारपीट की। एक उचक्का नकदी व टिकट लेकर भाग गया।
Kushinagar News: मोबाइल पर बात करने पर मां ने डांटा तो घर से निकल गई किशोरी, समउर रोड पर मिला शव
Teenage girl left home after being scolded by her mother for talking on the mobile phone; body found on Samaur Road.
Faridabad News: हरि विहार में मोबाइल टावर लगाने का विरोध, हंगामे के बाद सामान लेकर लौटी कंपनी
Opposition to mobile tower installation in Hari Vihar; company returns with equipment after commotion.
विदिशा पुलिस ने राजस्थान के तीन युवकों को ब्राउन शुगर के साथ पकड़ा है। कोतवाली पुलिस ने स्टेडियम के पीछे रेलवे लाइन के पास से इन्हें गिरफ्तार किया। इनके पास से 3 लाख रुपए कीमत की 30 ग्राम ब्राउन शुगर मिली। तस्करी में इस्तेमाल बजाज पल्सर बाइक और दो मोबाइल भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामान की कुल कीमत 4.10 लाख रुपए है। पुलिस ने बताया कि गश्त के दौरान तीनों युवक पुलिस वाहन देखकर भागने लगे थे। घेराबंदी कर उन्हें पकड़ा गया। आरोपियों की पहचान झालावाड़, राजस्थान के लाल सिंह तंवर (23), करण सिंह तंवर (25) और सुनील तंवर (20) के तौर पर हुई है। पूछताछ में ब्राउन शुगर के धंधे से जुड़े लोगों के सुराग मिले हैं। पुलिस अब सप्लाई नेटवर्क तक पहुंचने में लगी है। कोतवाली थाने में एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/21 के तहत मामला दर्ज हुआ है। यह कार्रवाई एसपी रोहित काशवानी के निर्देश पर थाना प्रभारी आनंद राज और टीम ने की।
बिलासपुर में ऑनलाइन सट्टे का सिंडिकेट बेनकाब, मोबाइल लिंक से चल रहा था कैसीनो, एक गिरफ्तार
बिलासपुर के मंगला क्षेत्र में राधा-कृष्ण मंदिर के पास ऑनलाइन सट्टा खिलाने पर पुलिस ने कार्रवाई की। सिविल लाइन और ACCU टीम ने दीपक इदनानी को मोबाइल से ऑल पैनल कैसीनो गेम खिलाते पकड़ा। दो मोबाइल और कैसीनो स्क्रीनशॉट जब्त किए। बिल्हा के प्रकाश जसवानी और नागपुर के धीरू आडवानी की तलाश जारी है।
New Delhi, 11 अक्टूबर . दिल्ली में 10 अक्टूबर को सीजेपी के प्रदर्शन से पहले अभिजीत दिपके और उनके साथियों को दिल्ली Police ने हिरासत में ले लिया था. इस बीच दिपके की दादी का निधन हो गया. इसके बाद Police ने अभिजीत दिपके को परिवार से बातचीत करने की इजाजत दी थी या नहीं, ... Read more
दिल्ली पुलिस के वीडियो पर अभिजीत दिपके का पलटवार, बोले-वकील से बात करने के लिए मोबाइल मांगने का हिस्सा क्यों काट दिया?
महासमुंद के तेंदूकोना में सूने मकान से करीब 5.59 लाख रुपए के सामान की चोरी करने वाले गिरोह को पुलिस ने पकड़ लिया है। मामले में बिहार के दो, नई दिल्ली के एक और महासमुंद जिले के एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। आरोपियों के पास से सोने-चांदी जैसे धातु के आभूषण, नकदी, मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई है। चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया है। सूने मकान से 5.59 लाख की चोरी पुलिस के मुताबिक, तेंदूकोना के शिवप्रताप सिंह ने 12 अगस्त 2026 को घर में चोरी होने की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि अज्ञात चोरों ने उनके सूने मकान में घुसकर आभूषण, अन्य सामान और नकदी चुरा ली थी। चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 5 लाख 59 हजार 500 रुपए बताई गई। शिकायत के बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। चोरी के बाद पुलिस ने संदेहियों से पूछताछ की और तकनीकी सबूतों के साथ दूसरे सुरागों के आधार पर आरोपियों की तलाश शुरू की। जांच के दौरान चार आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर चोरी का सामान और वारदात में इस्तेमाल मोटरसाइकिल बरामद की गई। आरोपियों के पास से क्या-क्या मिला? 1. सैयद मोहम्मद मुजाहिद (28), बिहार: इसके पास से सोने जैसे रंग का मांग टीका, 7 चांदी जैसी अंगूठियां, 10 बिछिया, चेन, 2 पायल, ताबीज, 4 नथनी, कमरबंद, एक टच स्क्रीन मोबाइल और 10 हजार रुपए नकद मिले। 2. महबूब खान (26), नई दिल्ली: इसके पास से सोने जैसे रंग की 2 अंगूठियां, चांदी जैसी 9 अंगूठियां, 3 चांदी जैसे सिक्के, 20 बिछिया और 5 पायल बरामद हुईं। 3. सागर चंद्र कुर्रे (36), महासमुंद: इसके पास से सोने जैसे रंग के 2 जोड़ी कान के टॉप्स, चांदी जैसी लच्छेदार पायल, 3 अंगूठियां, सोने जैसे रंग का रानीहार, 10 हजार रुपए नकद, एक टच स्क्रीन मोबाइल और वारदात में इस्तेमाल प्लेटिना मोटरसाइकिल बरामद की गई। मोटरसाइकिल की कीमत करीब 15 हजार रुपए बताई गई है। 4. सुजीत कुमार (30), बिहार: इसके पास से एक टच स्क्रीन मोबाइल बरामद किया गया। पुलिस के मुताबिक, बरामद सामान की पहचान कराई जा रही है। साथ ही यह भी जांच की जा रही है कि चोरी में कोई और शामिल था या नहीं और चोरी का बाकी सामान कहां है।
क्या मोबाइल बच्चों का फोकस छीन रहा है? श्री श्री रविशंकर ने बताया कैसे करें बच्चों की परवरिश
डिजिटल और टेक्नोलॉजी के दौर में बच्चों की पढ़ाई भी फोन पर होने लगी है, जिसके चलते बच्चे ज्यादा स्क्रीन देखने लगे हैं. ऐसे में श्री श्री रविशंकर ने बताया कि आज के डिजिटल दौर में बच्चों की परवरिश कैसे करें.
मां दंतेश्वरी मंदिर में नवरात्रि के पहले ही दिन श्रद्धालुओं की जबरदस्त भीड़ उमड़ी। इस बार भक्तों को मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने की अनुमति नहीं है। जिला प्रशासन, पुलिस और मंदिर समिति ने सुरक्षा और दर्शन व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए यह नई व्यवस्था लागू की है। भक्तों को मंदिर के बाहर बने काउंटर पर मोबाइल जमा करना होगा। पहले दिन कुछ ही घंटों में 500 से ज्यादा श्रद्धालु मोबाइल जमा कर चुके थे। दैनिक भास्कर की टीम जब कवरेज के लिए मंदिर के अंदर पहुंची, तो टीम के साथ भी 4 जवान तैनात रहे। मीडिया को गरुड़ स्तंभ तक मोबाइल ले जाने और वहां से कवरेज करने की अनुमति है। जबकि मंदिर के अंदर मां की प्रतिमा वाले स्थान और प्रतिबंधित हिस्सों की फोटो-वीडियोग्राफी की अनुमति नहीं है। इन हिस्सों की फुटेज प्रशासन और पुलिस के अधिकृत कैमरा पर्सन के माध्यम से उपलब्ध कराई जा रही है। मंदिर के बाहर पुलिस सहायता केंद्र के पास बना मोबाइल काउंटर नवरात्रि के पहले दिन सुबह से ही बड़ी संख्या में श्रद्धालु मां दंतेश्वरी के दर्शन के लिए पहुंचे। मंदिर के बाहर जय स्तंभ चौक के पास, पुलिस थाना के बगल में पुलिस सहायता केंद्र बनाया गया है। इसके ठीक पास मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर तैयार किया गया है। व्यवस्था संभालने के लिए दंतेवाड़ा तहसीलदार, नगर पालिका सीएमओ और जनपद सीईओ की ड्यूटी लगाई गई है। इसके अलावा बड़ी संख्या में पुलिस जवान भी तैनात किए गए हैं। प्रशासन का कहना है कि, मोबाइल जमा करने और वापस लेने की प्रक्रिया को आसान रखने की कोशिश की जा रही है। फिलहाल, काउंटर पर एक बार में करीब 1000 से 2000 मोबाइल रखने की व्यवस्था है। भीड़ बढ़ने पर इसकी क्षमता बढ़ाई जाएगी। दर्शन के दौरान मोबाइल और सेल्फी पर रोक, इसलिए लिया फैसला प्रशासन के मुताबिक, मोबाइल लेकर मंदिर के अंदर जाने पर कई श्रद्धालु दर्शन के साथ फोटो और सेल्फी लेने में भी समय लगाते थे। इससे दर्शन की कतार आगे बढ़ने में देर होती थी। मोबाइल बाहर जमा कराने की व्यवस्था से श्रद्धालुओं को कम समय में दर्शन कराने का प्रयास किया जा रहा है। हालांकि, नई व्यवस्था पर श्रद्धालुओं की मिली-जुली प्रतिक्रिया सामने आई। कुछ लोगों ने इसे सुरक्षा और दर्शन की सुविधा के लिहाज से अच्छा कदम बताया, जबकि कुछ श्रद्धालुओं ने मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था पर नाराजगी भी जताई। ओडिशा के कोरापुट से आई एक महिला श्रद्धालु ने बताया कि उन्होंने अपना मोबाइल काउंटर पर जमा कराया और इसके बाद दर्शन के लिए गईं। दंतेवाड़ा से पहुंचे पुरुष श्रद्धालुओं ने भी मोबाइल बाहर जमा कर दर्शन किए। दैनिक भास्कर की टीम के साथ अंदर गए चार जवान, गरुड़ स्तंभ तक कवरेज की अनुमति नई व्यवस्था का असर मीडिया कवरेज पर भी पड़ा है। मंदिर के अंदर मोबाइल ले जाने और फोटो-वीडियोग्राफी करने को लेकर पाबंदियां लगाई गई हैं। दैनिक भास्कर की टीम जब कवरेज के लिए पहुंची, तो उसके साथ चार जवान अंदर तक गए। मीडिया को मंदिर के बाहर स्थित गरुड़ स्तंभ तक मोबाइल ले जाने और वहां से कवरेज करने की अनुमति दी गई है। लेकिन गर्भगृह के सामने वाले स्थान और उससे आगे के प्रतिबंधित हिस्सों में मीडिया को खुद फोटो या वीडियो बनाने की अनुमति नहीं है। वहां की तस्वीरें और वीडियो पुलिस-प्रशासन के अधिकृत कैमरा पर्सन के जरिए उपलब्ध कराए जाएंगे। हालांकि, एक दिन पहले तक जयस्तंभ से मंदिर के अंदर तक भी मीडिया को फोन ले जाने की मनाही की चर्चा थी। जिसके बाद कलेक्टर और SP के साथ पत्रकारों की बैठक हुई और फिर गरुड़ स्तंभ तक फोन ले जाने की अनुमति दी गई। तहसीलदार परमानंद बंजारे से सीधी बात… सवाल- मोबाइल जमा कराने की व्यवस्था क्यों शुरू की गई है? इससे क्या बदलाव होगा? जवाब- बड़े अधिकारियों के मार्गदर्शन में सुरक्षा और मंदिर में आने वाली भीड़ को देखते हुए यह व्यवस्था शुरू की गई है। अधिकारियों के निर्देश पर मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर बनाया गया है। यहां श्रद्धालुओं के मोबाइल निशुल्क जमा किए जा रहे हैं। भक्त मोबाइल जमा कर आराम से दर्शन करने जा रहे हैं। मोबाइल साथ रहने पर कई लोग दर्शन के अलावा सेल्फी और फोटो लेने में भी समय लगाते थे। अब इस व्यवस्था से दर्शन में लगने वाला समय कम करने में मदद मिलेगी। सवाल- मोबाइल काउंटर पर कितने बॉक्स बनाए गए हैं और एक बार में कितने मोबाइल रखे जा सकते हैं? जवाब- अभी हमारे पास 1000 से 2000 मोबाइल रखने की व्यवस्था है। कलेक्टर साहब के निर्देश हैं कि जैसे-जैसे भीड़ बढ़ेगी, मोबाइल रखने की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। इसके लिए शाम तक व्यवस्था को और बढ़ाने की तैयारी है। सवाल- नवरात्रि के पहले दिन कितने श्रद्धालुओं ने मोबाइल जमा कराए हैं? जवाब- इसकी सटीक संख्या बता पाना फिलहाल मुश्किल है, लेकिन पिछले कुछ घंटों में 500 से ज्यादा श्रद्धालु अपने मोबाइल जमा करा चुके हैं। सवाल- दूसरे-तीसरे दिन और खासकर पंचमी पर भीड़ बढ़ेगी। प्रतिदिन 10 से 12 हजार श्रद्धालु आएं, तो व्यवस्था कैसे संभालेंगे? जवाब- भीड़ को देखते हुए ड्यूटी बढ़ाई जा रही है। अतिरिक्त लोगों की भी ड्यूटी लगाई जा रही है। इसके साथ ही मोबाइल रखने की क्षमता भी बढ़ाई जाएगी। सवाल- किसी श्रद्धालु को मोबाइल जमा करना है, तो उसे पूरी प्रक्रिया क्या अपनानी होगी? जवाब- श्रद्धालु मोबाइल काउंटर पर आएंगे। वहां एक पर्ची पर उनका नाम, मोबाइल नंबर और मोबाइल से जुड़ी जानकारी दर्ज की जाएगी। इसके बाद उन्हें टोकन दिया जाएगा। मोबाइल जमा होने के बाद श्रद्धालु दर्शन के लिए जा सकते हैं। दर्शन करके लौटने पर टोकन वापस करना होगा। नाम और मोबाइल नंबर का मिलान करने के बाद मोबाइल वापस दे दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब एक मिनट लगता है। सवाल- अगर कोई श्रद्धालु अपना टोकन खो देता है, तो उसे मोबाइल कैसे वापस मिलेगा? जवाब- थोड़ी दिक्कत होगी, इसलिए भक्तों से भी कहा गया है कि वे टोकन संभाल कर रखें। अगर किसी श्रद्धालु का टोकन खो जाता है, तो उस स्थिति में आने वाली परेशानी को देखते हुए आगे की प्रक्रिया तय की जाएगी। जरूरत पड़ने पर पुलिस की मदद से भी इस मामले को देखा जाएगा। फिलहाल व्यवस्था शुरू हुई है, आगे अनुभव के आधार पर जरूरी बदलाव किए जाएंगे।
कटरा जंगल में जुआ खेलते 9 लोग गिरफ्तार:47,500 रुपये नकद, 11 बाइक, ब्रेजा कार और 8 मोबाइल फोन जब्त
जांजगीर-चांपा जिले में जुआ-सट्टा जैसी अवैध गतिविधियों के खिलाफ कार्रवाई करते हुए पुलिस ने पंतोरा चौकी क्षेत्र के कटरा जंगल में जुए के फड़ पर दबिश देकर 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 47,500 रुपए नकद, 11 मोटरसाइकिल, एक ब्रेजा कार, 8 मोबाइल फोन और 52 पत्ती ताश जब्त की है। पुलिस के मुताबिक, कटरा जंगल में जुआ खेले जाने की सूचना मिलने पर पंतोरा चौकी पुलिस और रिस्पांस टीम ने संयुक्त रूप से कार्रवाई की। सूचना पर जंगल में दी दबिश मौके पर जुआ खेलते पाए गए 9 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत वैधानिक कार्रवाई की गई है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय (IPS) के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. यूलैंडन यार्क के मार्गदर्शन में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान अवैध गतिविधियों की सूचना देने की अपील इस कार्रवाई में PSI अभिलाष सिन्हा, ASI जयनंदन मार्बल, आरक्षक लक्ष्मीनारायण कौशिक, युवराज, नितेश सिंह, भुनेश्वर पटेल और दिलीप माथुर सहित पंतोरा चौकी और रिस्पांस टीम के सदस्यों का योगदान रहा। जांजगीर-चांपा पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि जिले में जुआ-सट्टा सहित अन्य गैरकानूनी गतिविधियों की जानकारी पुलिस को दें, ताकि ऐसे मामलों में समय पर कार्रवाई की जा सके।
सीतामढ़ी में नवरात्र के पहले दिन पुलिस ने 55 लोगों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। चोरी, गुम और छिनतई हुए मोबाइल फोन बरामद करने के बाद रविवार को एसपी ने उनके मालिकों को फोन सौंपे। पुलिस ने अलग-अलग जगहों से कुल 101 मोबाइल बरामद किए हैं। इनकी अनुमानित कीमत करीब 20 लाख रुपए बताई गई है। 55 लोगों को मिले उनके मोबाइल रविवार को आयोजित कार्यक्रम में मौके पर मौजूद 55 लोगों को उनके मोबाइल फोन सौंपे गए। वहीं, बाकी मोबाइल के वास्तविक मालिकों की पहचान कर उन्हें लौटाने की प्रक्रिया जारी है। इसके लिए सीतामढ़ी पुलिस संबंधित लोगों से संपर्क कर रही है, ताकि उनके खोए या चोरी हुए फोन सुरक्षित वापस किए जा सकें। मोबाइल गुम होने पर CEIR पोर्टल पर करें शिकायत एसपी ने लोगों से अपील की कि मोबाइल फोन गुम होने, चोरी होने या छिनतई होने पर लापरवाही न बरतें। तत्काल संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही केंद्र सरकार के CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज करें। इससे मोबाइल को ट्रैक करने और ब्लॉक कराने की प्रक्रिया में मदद मिलती है। समय पर शिकायत मिलने से बरामदगी में मदद एसपी ने कहा कि समय पर शिकायत मिलने से पुलिस को मोबाइल फोन बरामद करने में मदद मिलती है। सीतामढ़ी पुलिस का प्रयास है कि गुम या चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों तक पहुंचाए जाएं। पुलिस की इस पहल से उन लोगों को राहत मिली है, जो अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने की उम्मीद छोड़ चुके थे।
बांका में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत धोरैया पुलिस ने पोठिया गांव स्थित सीतला मंदिर में छापेमारी कर 12.440 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद की है। पुलिस ने मौके से एक युवक को गिरफ्तार किया है। उसके पास से नशे की तौल में इस्तेमाल होने वाली छोटी इलेक्ट्रॉनिक वेट मशीन और पोको कंपनी का एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है। गुप्त सूचना पर मंदिर में छापेमारी, युवक गिरफ्तार गिरफ्तार युवक की पहचान पोठिया गांव निवासी स्व. मानस अचल के पुत्र मयंक कुमार अचल उर्फ आशु कुमार (25) के रूप में हुई है। पुलिस ने 10 अक्टूबर को गुप्त सूचना के आधार पर सीतला मंदिर में छापेमारी की थी। इस दौरान ब्राउन शुगर समेत अन्य सामान बरामद किए गए और युवक को गिरफ्तार कर लिया गया। एसपी के निर्देश पर नशा तस्करों के खिलाफ कार्रवाई रविवार को धोरैया थाना परिसर में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में बौंसी एसडीपीओ इंद्रजीत बैठा ने कार्रवाई की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि बांका पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी के नेतृत्व में धोरैया थाना क्षेत्र में नशा तस्करों के खिलाफ लगातार छापेमारी की जा रही है। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज हुआ मामला एसडीपीओ ने बताया कि बरामदगी और गिरफ्तारी के आधार पर धोरैया थाना में कांड संख्या 295/2026 दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8(सी) और 21(सी) के तहत कार्रवाई की गई है। तस्करी के नेटवर्क की भी हो रही जांच पुलिस अब मामले में नशा तस्करी से जुड़े अन्य लोगों की संलिप्तता की जांच कर रही है। संभावित रूप से जुड़े लोगों की तलाश भी जारी है। एसडीपीओ ने स्पष्ट किया कि जिले में नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा। छापेमारी दल में धोरैया थानाध्यक्ष अमित कुमार सहित थाने के कई पुलिस पदाधिकारी और जवान शामिल थे।
मकान की छत पर लगे मोबाइल टावर में लगी आग:10 लाख रुपए का हुआ नुकसान, सवा घंटे में काबू पाया
जयपुर में एक मकान की छत पर लगे मोबाइल टावर में रविवार दोपहर आग लग गई। करीब सवा घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट लगना माना जा रहा है। मकान मालिक ने आग के चलते करीब 10 लाख रुपए का नुकसान होना बताया है। सूचना पर 22 गोदाम फायर स्टेशन से दमकल की एक गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया। 22 गोदाम फायर अफसर ने बताया कि अजमेर रोड पर पुरानी चुंगी के पास साहिद खान का मकान है। उनके मकान की छत पर मोबाइल टावर लगा हुआ है। दोपहर करीब 12:45 बजे मोबाइल टावर में अचानक आग लग गई। आग की लपटों के साथ ही भीषण धुंआ उठने लगा। आग लगने का पता चलने पर स्थानीय लोगों को दहशत फैल गई। आग लगने की सूचना पर 22-गोदाम फायर स्टेशन से एक दमकल मौके पर पहुंची। फायर कर्मचारियों ने दमकल की मदद से करीब सवा घंटे की मशक्कत कर आग पर काबू पाया। जांच में आग शॉर्ट सर्किट से लगना सामने आया है। इससे मोबाइल टावर की वायरिंग व इंस्ट्रूमेंट जलने से 10 लाख रुपए का नुकसान होना बताया गया है।
PM Kisan Yojana: 2000 रुपये जमा होते ही मिलेगा अलर्ट, घर बैठे मोबाइल नंबर ऐसे करें अपडेट
प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना की 24वीं किस्त जल्द जारी होने की उम्मीद है। किसान घर बैठे PM-Kisan पोर्टल पर अपना मोबाइल नंबर अपडेट कर सकते हैं ताकि उन्हें किस्त जमा होने का अलर्ट मिल सके।
मैसूर के 12 वर्षीय ऋषि शिव प्रसन्ना का IQ 180 है, जो गूगल-सर्टिफाइड एंड्रॉयड डेवलपर होने के साथ 8 किताबें लिख चुके हैं और उन्हें बाल पुरस्कार मिल चुका है।
ऊना क्षेत्रीय अस्पताल में प्रसूता और गर्भस्थ शिशु की मौत के मामले में डॉ. प्रियंका शर्मा निलंबित। प्रारंभिक जांच में उपलब्ध न होने और ड्यूटी से गैरहाजिर रहने पर कार्रवाई, तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश।
साइबर ठगी: मोबाइल हैक करने के पांच दिन बाद निकाले 2.56 लाख, मामला दर्ज
हल्द्वानी में साइबर ठगी के दो मामले सामने आए हैं। मंगल पड़ाव निवासी युवक के मोबाइल को हैक कर खाते से 2.56 लाख रुपये निकाल लिए गए जबकि मुखानी क्षेत्र में पूर्व सैनिक के दो क्रेडिट कार्ड से 1.40 लाख रुपये की ठगी हुई।
गाड़ी की RC में पुराना मोबाइल नंबर है दर्ज?: बिना RTO के चक्कर काटे घर बैठे मिनटों में ऐसे करें अपडेट, जानें पूरी प्रक्रिया
अजमेर के कचहरी रोड पर बाइक सवार दो बदमाश सत्संग में जा रही एक महिला का रविवार सुबह पर्स छीनकर फरार हो गए। महिला ने पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पर्स में मोबाइल, चश्में व कुछ जरूरी कागजात थे। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। मलूसर रोड, सिंधुवाड़ी निवासी लता पत्नी मुरलीधर भागचंदानी पुलिस लाइन क्षेत्र में हो रहे सत्संग में शामिल होने के लिए कचहरी रोड से जा रही थी। लता ने बताया- स्कूटी पर आगे की तरफ पर्स टंगा था और इस दौरान बाइक सवार दो युवक आए और उसका पर्स छीनकर फरार हो गए। उनका पीछा किया लेकिन वे हाथ नहीं आए। पर्स में मोबाइल, चश्मा व अन्य कागजात थे। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़िता के पति जनरल स्टोर व्यापारी है। ………. पढें ये खबर भी… अजमेर में आज नहीं होगी पानी की सप्लाई:सुबह 9 बजे से लिया जाएगा 30 घंटे का शटडाउन, पाइपलाइन में हुए लीकेज सुधारेगा विभाग जलदाय विभाग की नसीराबाद रोड रेलवे पुलिया के पास से विराट नगर पंप हाउस जा रही 450 एमएम की पाइप लाइन में लीकेज हो गया है। इसे रविवार को बदला जाएगा। पूरी खबर पढें
पटना में राजेंद्र नगर रेलवे यार्ड के पास मिली छात्रा की मौत के मामले में नया मोड़ आया है।
भारत निर्वाचन आयोग (Election Commission of India) ने देश के नागरिकों के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी बना दिया है। अब मतदाता पहचान पत्र के लिए सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने या बीएलओ (BLO) पर निर्भर रहने का झंझट खत्म हो चुका है। चुनाव आयोग के आधिकारिक पोर्टल और वोटर हेल्पलाइन मोबाइल ऐप के जरिए कोई भी भारतीय नागरिक अपना सुरक्षित, डिजिटल रूप से हस्ताक्षरित और क्यूआर कोड युक्त इलेक्ट्रॉनिक वोटर कार्ड यानी e-EPIC अपने फोन या कंप्यूटर में कुछ ही पलों में डाउनलोड कर सकता है। उत्तर प्रदेश की राजधानी लखनऊ के मतदाताओं से लेकर देश के किसी भी राज्य या केंद्र शासित प्रदेश के नागरिक इस सुविधा का चौबीसों घंटे लाभ उठा सकते हैं। यह डिजिटल वोटर कार्ड न केवल सभी प्रकार के चुनावों में मतदान करने के लिए शत-प्रतिशत कानूनी रूप से मान्य है, बल्कि बैंक खाता खुलवाने, पासपोर्ट आवेदन, सिम कार्ड लेने या किसी भी अन्य सरकारी काम में पहचान व पते के पुख्ता प्रमाण के रूप में स्वीकार किया जाता है। इसकी सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह पीडीएफ प्रारूप में डाउनलोड होता है, जिसे आप डिजीलॉकर में सुरक्षित रख सकते हैं या जरूरत पड़ने पर लेमिनेट करवाकर जेब में रख सकते हैं।आधिकारिक पोर्टल से e-EPIC डाउनलोड करने का पूरा स्टेप-बाय-स्टेप तरीकाडिजिटल वोटर आईडी डाउनलोड करने के लिए सबसे अनिवार्य शर्त यह है कि आपका चालू मोबाइल नंबर आपके वोटर कार्ड रिकॉर्ड के साथ लिंक होना चाहिए। e-EPIC डाउनलोड करने के लिए सबसे पहले भारत निर्वाचन आयोग के आधिकारिक पोर्टल पर जाएं। यदि आप इस पोर्टल पर पहली बार आ रहे हैं, तो अपने मोबाइल नंबर और ओटीपी की मदद से एक नया अकाउंट बनाएं या अपने मौजूदा पासवर्ड और कैप्चा कोड के जरिए लॉगिन करें। लॉगिन करने के बाद डैशबोर्ड पर नजर आ रहे 'E-EPIC Download' के विकल्प पर क्लिक करें। यहां आपको दो विकल्प दिखाई देंगे—या तो आप अपना 10 अंकों का वोटर आईडी नंबर (EPIC Number) दर्ज कर सकते हैं, या यदि आपने हाल ही में नए कार्ड के लिए आवेदन किया है तो आपको मिला हुआ फॉर्म रेफरेंस नंबर (Reference Number) भर सकते हैं। इसके बाद ड्रॉप-डाउन मेनू से अपना संबंधित राज्य चुनें और सर्च बटन पर क्लिक करें। स्क्रीन पर आपका नाम, पिता या पति का नाम और विधानसभा क्षेत्र प्रदर्शित होगा। इसके ठीक नीचे 'Send OTP' का विकल्प दिखेगा। उस पर क्लिक करते ही आपके रजिस्टर्ड मोबाइल पर 6 अंकों का वन टाइम पासवर्ड आएगा। इसे सबमिट करते ही आपका डिजिटल वोटर कार्ड पीडीएफ के रूप में डाउनलोड हो जाएगा। डाउनलोड की गई पीडीएफ फाइल यदि सुरक्षित हो, तो उसका पासवर्ड आमतौर पर आपकी जन्मतिथि (बिना स्पेस या स्लैश के, जैसे DDMMYYYY) होती है।वोटर लिस्ट में नाम और वोटर आईडी नंबर खोजने की ऑनलाइन प्रक्रियायदि आपको अपना वोटर आईडी नंबर याद नहीं है, आपका पुराना कार्ड खो गया है, या आप सिर्फ यह तस्दीक करना चाहते हैं कि आपका नाम चालू मतदाता सूची (Electoral Roll) में दर्ज है या नहीं, तो चुनाव आयोग का इलेक्ट्रोरल सर्च टूल बेहद कारगर साबित होता है। इसके लिए आधिकारिक सर्च पोर्टल पर जाएं जहां आपको तीन आसान विकल्प मिलते हैं। पहला तरीका है विवरण द्वारा खोज (Search by Details), जिसमें आपको अपना पूरा नाम, पिता या रिश्तेदार का नाम, उम्र या जन्मतिथि, लिंग, राज्य, जिला और अपनी विधानसभा का नाम सही-सही भरना होता है। दूसरा और सबसे आसान तरीका है मोबाइल नंबर द्वारा खोज (Search by Mobile), जिसमें केवल अपना पंजीकृत मोबाइल नंबर डालकर ओटीपी सत्यापित करना होता है और आपके नाम से जुड़े सभी रिकॉर्ड तुरंत स्क्रीन पर आ जाते हैं। तीसरा तरीका सीधे वोटर आईडी नंबर (EPIC) डालकर खोजना है। खोज परिणाम सामने आते ही आपको आपका एपिक नंबर, भाग संख्या (Part Number), क्रम संख्या (Serial Number) और आपका निर्धारित पोलिंग बूथ (Polling Station) स्पष्ट दिखाई देगा। यहां से आप अपना मतदाता सूचना पर्ची (Voter Information Slip) भी सीधे डाउनलोड कर सकते हैं।वोटर कार्ड में गलतियां सुधारने और मोबाइल नंबर लिंक करने के लिए फॉर्म 8 का उपयोगअक्सर पुराने वोटर कार्ड में नाम की स्पेलिंग, जन्मतिथि, रिश्तेदार का नाम, पता या पुरानी धुंधली फोटो जैसी समस्याएं देखने को मिलती हैं। यदि आपके रिकॉर्ड में मोबाइल नंबर लिंक नहीं है, तो भी आप e-EPIC डाउनलोड नहीं कर पाएंगे। इन सभी समस्याओं का एकमात्र समाधान 'Form 8' है। फॉर्म 8 भरने के लिए पोर्टल पर लॉगिन करें और 'Shifting of residence/correction of entries in existing electoral roll' वाले सेक्शन में जाएं। यहां अपना एपिक नंबर डालकर आगे बढ़ें। सुधार के लिए 'Correction of Entries' वाले विकल्प पर सही का निशान लगाएं। इसके बाद जिस भी विवरण में बदलाव करना है—जैसे नाम, जेंडर, जन्मतिथि, संबंध का प्रकार, मोबाइल नंबर, पता या नवीनतम रंगीन फोटो—केवल उन्हीं कॉलम को चुनें। चुने गए विवरण के समर्थन में मान्य दस्तावेज (जैसे आधार कार्ड, हाईस्कूल की मार्कशीट, पैन कार्ड, पासपोर्ट या बैंक पासबुक) की स्पष्ट फोटो या पीडीएफ अपलोड करें। यदि केवल मोबाइल नंबर अपडेट करना है, तो किसी दस्तावेज की आवश्यकता नहीं होती, केवल नया नंबर दर्ज कर ओटीपी से सत्यापित करना होता है। फॉर्म सबमिट करते ही स्क्रीन पर एक यूनिक रेफरेंस नंबर जेनरेट होगा, जिससे आप 'Track Application Status' में जाकर अपने आवेदन की स्थिति देख सकते हैं। संबंधित बीएलओ और निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी (ERO) के सत्यापन के बाद आपका रिकॉर्ड अपडेट हो जाता है और नया e-EPIC तुरंत डाउनलोड के लिए तैयार हो जाता है।नए वोटर आईडी कार्ड के लिए आवेदन और जरूरी दस्तावेजों की सूचीयदि आपकी उम्र 18 वर्ष पूरी हो चुकी है या आपने अभी तक अपना वोटर कार्ड नहीं बनवाया है, तो आप घर बैठे नए मतदाता के रूप में पंजीकरण करा सकते हैं। इसके लिए पोर्टल पर 'Form 6' उपलब्ध है। फॉर्म 6 भरते समय आपको अपना मूल विवरण, वर्तमान पता और एक पासपोर्ट साइज की स्पष्ट रंगीन तस्वीर अपलोड करनी होती है। उम्र के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, जन्म प्रमाण पत्र, पैन कार्ड, ड्राइविंग लाइसेंस या 10वीं की मार्कशीट मान्य है। वहीं पते के प्रमाण के लिए आधार कार्ड, बिजली का बिल, पानी का बिल, गैस कनेक्शन बुक या बैंक पासबुक का उपयोग किया जा सकता है। फॉर्म सबमिट होने के कुछ ही हफ्तों में आपका नाम मतदाता सूची में जुड़ जाता है और पंजीकृत पते पर स्पीड पोस्ट के जरिए भौतिक स्मार्ट पीवीसी वोटर कार्ड भी भेज दिया जाता है, जबकि डिजिटल कॉपी आप उसी दिन ऑनलाइन डाउनलोड कर सकते हैं।
नवरात्र के दौरान महिलाओं की सुरक्षा के लिए दमोह पुलिस ने विशेष व्यवस्था की है। एसपी आनंद कलादगी ने शनिवार रात दो शक्ति मोबाइल वाहनों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। ये वाहन 21 अक्टूबर तक शहर में भ्रमण करेंगे। दोनों वाहनों के लिए अलग-अलग सेक्टर तय किए गए हैं। इनकी मदद से मंदिर आने-जाने वाली महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने का प्रयास किया जाएगा। सुबह 4 से रात 10 बजे तक गश्त एसपी आनंद कलादगी ने बताया कि रविवार से नवरात्र पर्व शुरू हो रहा है। सुबह से ही महिलाएं मंदिरों में जल चढ़ाने और दर्शन करने पहुंचेंगी। उनकी सुरक्षा को देखते हुए दो शक्ति मोबाइल वाहनों को तैनात किया गया है। प्रत्येक वाहन में एसआई रैंक की महिला अधिकारी और तीन पुलिसकर्मी रहेंगे। ये वाहन सुबह 4 से 10 बजे तक और शाम 4 से रात 10 बजे तक गश्त करेंगे। आपराधिक तत्वों पर होगी कार्रवाई एसपी ने बताया कि गश्त के दौरान किसी भी आपराधिक गतिविधि या संदिग्ध व्यक्ति की जानकारी मिलने पर पुलिस तत्काल कार्रवाई करेगी। दोनों वाहनों को अलग-अलग सेक्टर की जिम्मेदारी सौंपी गई है, ताकि शहर में महिलाओं को मंदिर आने-जाने के दौरान किसी तरह की परेशानी न हो। बड़ी देवी मंदिर में 24 घंटे पुलिस चौकी शहर के प्रसिद्ध बड़ी देवी मंदिर में नवरात्र के दौरान हजारों श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। इसे देखते हुए मंदिर परिसर में 24 घंटे संचालित अस्थायी पुलिस चौकी बनाई गई है। यहां टीआई रैंक के अधिकारी मौजूद रहेंगे। पुलिस का प्रयास है कि पूरे नवरात्र के दौरान मंदिर आने वाली महिलाओं और श्रद्धालुओं को सुरक्षित माहौल मिले।
बंदियों तक मोबाइल व नशा पहुंचाने के आरोप, सहायक जेल सुपरिंटेंडेंट और वार्डर निलंबित
लुधियाना| सुंदर नगर स्थित जगत नगर की श्री निधि टेक्सटाइल फर्म से 15,47,393 रुपये का कपड़ा खरीदकर भुगतान नहीं करने के आरोप में थाना दरेसी पुलिस ने पिता-पुत्र के खिलाफ केस दर्ज किया है। आरोपियों की पहचान साहिल कपूर और उसके पिता विजय कपूर निवासी न्यू कुंदनपुरी, लुधियाना के रूप में हुई है। फर्म मालिक आशीष शर्मा ने शिकायत में बताया कि आरोपियों ने 20 जनवरी 2024 से 31 मई 2026 के बीच कपड़ा खरीदा, लेकिन माल की डिलीवरी के बाद भी भुगतान नहीं किया और लगातार टालमटोल करते रहे। पुलिस जांच में आरोप सही पाए जाने के बाद बीएनएस के तहत केस दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। भास्कर न्यूज | लुधियाना लुधियाना की बोर्स्टल जेल में बंदियों तक मोबाइल फोन, नशीले पदार्थ और अन्य प्रतिबंधित सामान पहुंचाने के आरोप सामने आए हैं। मामले में जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट हरमिंदर सिंह और वार्डर बलजीत सिंह को निलंबित कर दिया गया है। वहीं, दोनों कर्मचारियों और चार विचाराधीन कैदियों अभिषेक, लवप्रीत, साहिल और जतिन के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। यह कार्रवाई गोपनीय सूचना के आधार पर शुरू हुई जांच की रिपोर्ट के बाद की गई है। जांच रिपोर्ट के मुताबिक, सहायक सुपरिंटेंडेंट हरमिंदर सिंह और वार्डर बलजीत सिंह पर आरोप है कि वे बंदियों को मोबाइल फोन और नशीले पदार्थ उपलब्ध करवाते थे। इन मोबाइल फोन का इस्तेमाल जेल के अंदर वीडियो बनाने और उन्हें बाहर प्रसारित करने के लिए किया जाता था। पूछताछ के दौरान दर्ज बयानों में कथित तौर पर कई बार मोबाइल फोन पहुंचाए जाने की बात सामने आई है। जांच में यह भी आरोप लगाया गया है कि वार्डर बलजीत सिंह का 8 जुलाई को रूपनगर जिला जेल में तबादला होने के बाद भी वह बंदियों के संपर्क में रहा। जांच रिपोर्ट में संबंधित बंदियों के खिलाफ दर्ज आपराधिक मामलों का भी उल्लेख किया गया है। इनमें नशे, हथियारों, हत्या के प्रयास और अन्य गंभीर अपराधों से जुड़े मामले शामिल हैं। जांच रिपोर्ट वरिष्ठ जेल अधिकारियों को भेजी गई है। इनमें एडीजीपी (जेल), डीआईजी (जेल), पटियाला सर्किल और पुलिस कमिश्नर स्वपन शर्मा शामिल हैं। निलंबित कर्मचारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई भी शुरू कर दी गई है। बोर्स्टल जेल के सुपरिंटेंडेंट गुरप्रीत सिंह ने पुष्टि की कि जांच के बाद वार्डर और चार बंदियों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने बताया कि सहायक सुपरिंटेंडेंट हरमिंदर सिंह को एक अन्य मामले में पहले ही निलंबित किया जा चुका है।
Ambala News: मोबाइल लूटने के दो आरोपी गिरफ्तार
मोबाइल लूटने के दो आरोपी गिरफ्तार
Sambhal News: बच्चों को लालच देकर मोबाइल कराते थे चोरी, तीन गिरफ्तार
कोतवाली गुन्नौर पुलिस ने एक अंतरराज्यीय मोबाइल चोर गिरोह का पर्दाफाश किया है।
Gurugram News: किशोर से मोबाइल छीनकर भागे बाइक सवार
Bike-borne men snatched a mobile phone from a teenager and fled.
Shamli News: नवरात्र में बाइक से लेकर महंगे मोबाइल तक की बुकिंग
Bookings ranging from bikes to expensive mobile phones during Navratri.
सिरोही के पालड़ी एम थाना क्षेत्र में पोसालिया और उथमन पावटी के पास तीन लोगों ने वाहन मालिक गोपाराम मीणा पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में गोपाराम गंभीर रूप से घायल हो गए। आरोपियों ने उनका मोबाइल और एक लाख रुपए नकद लूट लिए और मौके से फरार हो गए। घायल को एंबुलेंस 108 की मदद से सिरोही के सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया, जहां डॉक्टर उनका इलाज कर रहे हैं। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुटी है। वाहन की किस्त जमा कराने के लिए निकले थे गोपाराम मिली जानकारी के अनुसार, उथमन निवासी गोपाराम मीणा अपने वाहन की किस्त जमा कराने के लिए एक लाख रुपए लेकर घर से निकले थे। इसी दौरान पोसालिया और उथमन पावटी के पास तीन लोगों ने उन पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया। हमले में वह बुरी तरह घायल हो गए। आरोपियों ने उनके पास मौजूद मोबाइल और नकदी लेकर फरार हो गए। सिर में गंभीर चोट, सीटी स्कैन कराया घटना की सूचना मिलने पर एंबुलेंस 108 से गोपाराम को सिरोही सरकारी अस्पताल के ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक, उनकी हालत गंभीर बनी हुई है। उनके सिर में गंभीर चोट लगी है, जिसके चलते सीटी स्कैन कराया गया है। डॉक्टरों को रिपोर्ट का इंतजार है। जबड़े की स्थिति को देखते हुए उन्हें दांतों के डॉक्टर से भी जांच कराने की सलाह दी गई है। तीनों आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस घटना की जानकारी मिलते ही पालड़ी एम थाना पुलिस ने आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस हमले और लूट की वारदात से जुड़े तथ्यों की जांच कर रही है।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर सीएम योगी के अखिलेश यादव को दिए चैलेंज को लेकर है। वहीं, दूसरी खबर दिल्ली में सीजेपी प्रदर्शन से जुड़ी है। आइए, सिलसिलेवार तरीके से जानते हैं कि यूपी में दिनभर क्या कुछ खास रहा... पहले टॉप 5 खबरें... 1. योगी ने अयोध्या से लड़ने का अखिलेश का चैलेंज स्वीकारा, कहा- आप भी लड़िए, हम भी लड़ते हैं योगी ने अखिलेश की अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती स्वीकार की। बलरामपुर में शनिवार को कहा- अयोध्या से आप भी लड़िए, हम भी लड़ते हैं। आप भी अयोध्या में नामांकन करिए, मैं भी करता हूं। चलिए, एक बार किस्मत आजमा लेते हैं। लड़ाई चेलों से क्यों, आमने-सामने होनी चाहिए। एक बार आमना-सामना हो ही जाए। सपा के बबुआ अभी से बौखला गए हैं। पूरी खबर पढ़िए… 2. अखिलेश बोले- भाजपा चुनाव आयोग को क्यों बचा रही, मुलायम को श्रद्धांजलि देने इटावा पहुंचा परिवार सैफई में सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने कहा- विपक्ष चुनाव आयोग के खिलाफ प्रदर्शन कर रहा है, तो भाजपा उसे डिफेंड क्यों कर रही है? कमजोर सरकारें अन्याय का रास्ता अपनाती हैं। पुलिस को आगे करती हैं। यह आंदोलन मुख्य चुनाव आयुक्त (CEC) ज्ञानेश कुमार के खिलाफ है। अगर चुनाव आयोग के पीछे कोई साजिश और षड्यंत्र कर रहा है, तो वह भाजपा है। पूरी खबर पढ़िए… 3. नोएडा-दिल्ली बॉर्डर पर BSF तैनात, टैंकर-एंबुलेंस मंगाए, लखनऊ में कई नेता हाउस अरेस्ट कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के दिल्ली के जंतर-मंतर पर प्रदर्शन के ऐलान के बाद गाजियाबाद में यूपी बॉर्डर पर बैरिकेडिंग की गई है। 100 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात हैं। यहां वाहनों की चेकिंग के बाद ही दिल्ली में एंट्री दी जा रही है। वहीं, दिल्ली-नोएडा के चिल्ला बॉर्डर पर भी सुरक्षा सख्त कर दी गई है। यहां BSF के जवान तैनात हैं। सीमेंट के बैरिकेड लगाए गए हैं। पूरी खबर पढ़िए… 4. चाइनीज मांझे से युवक की गर्दन कटी, तड़पकर मौत, गोरखपुर में पत्नी चेहरा देखने की जिद करती रही गोरखपुर में चाइनीज मांझे से 35 साल के युवक की गर्दन कट गई। उसकी सड़क पर तड़प-तड़पकर मौत हो गई। शनिवार दोपहर वह मोपेड से दुकान जा रहा था, तभी गर्दन में चाइनीज मांझा फंस गया। उसने ब्रेक मारा, लेकिन तब तक गर्दन आधी कट चुकी थी। युवक स्कूटी समेत सड़क पर गिर पड़ा। युवक की मौत के बाद पत्नी उसका चेहरा देखने की जिद करती रही। पूरी खबर पढ़िए… 5. फैक्ट्री मालिक की पीट-पीटकर हत्या, सहारनपुर में धुआं निकलने पर फैक्ट्री बंद कराने पहुंचे थे दबंग सहारनपुर में फैक्ट्री मालिक की पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। टायर से ऑयल निकालने की फैक्ट्री से होने वाले धुएं को लेकर दबंग ग्रामीणों ने वारदात को अंजाम दिया। शुक्रवार रात 10-15 ग्रामीण लाठी-डंडे लेकर पहुंचे। उन्होंने मालिक से फैक्ट्री बंद करने को कहा, लेकिन उन्होंने मना कर दिया। इससे नाराज ग्रामीणों ने फैक्ट्री मालिक को घेरकर पीटना शुरू कर दिया। पूरी खबर पढ़िए… अब 8 अहम खबरें… 6. बाराबंकी में चलती कार में आग, ड्राइवर जिंदा जला, 4 महीने पहले खरीदी थी नई CNG कार बाराबंकी में चलती कार में भीषण आग लग गई। हादसे में ड्राइवर की जिंदा जलकर मौत हो गई। हादसा रात 1:30 बजे हुआ। शनिवार सुबह 6 बजे लोगों ने जलती कार देखी तो भागकर मौके पर पहुंचे। कार की ड्राइविंग सीट के बगल में शरीर की हड्डियां जल रही थीं। मृतक प्रदीप कुमार बाराबंकी के प्यारेपुर का रहने वाले थे। उन्होंने 4 महीने पहले ही ये कार खरीदी थी। पूरी खबर पढ़िए… 7. लखनऊ में गर्लफ्रेंड के फ्लैट से गिरकर कारोबारी की मौत, 4 महीने से लिव-इन में रह रहा था लखनऊ में चौथी मंजिल से गिरकर एक कारोबारी की मौत हो गई। वह पिछले 4 महीने से अपनी गर्लफ्रेंड के साथ लिव-इन में रह रहा था। कारोबारी शिवा शर्मा की मां ने गर्लफ्रेंड पर हत्या का आरोप लगाया है। गर्लफ्रेंड श्रद्धा दुबे सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर है। उसके इंस्टाग्राम पर 1 लाख 41 हजार फॉलोअर हैं। श्रद्धा कई एलबम में काम भी कर चुकी है। पूरी खबर पढ़िए… 8. लखनऊ के चंद्रिका देवी में नवरात्रि पर नहीं होंगे दर्शन, हनुमत धाम मंदिर भक्तों के लिए खुला, बेहता नाले में बहे युवक का शव मिला लखनऊ में गोमती का जलस्तर लगातार 12वें दिन भी बढ़ा है। लोग पलायन करने को मजबूर हैं। 40 हजार घरों में बाढ़ का पानी भरा हुआ है। माल के बेहता नाले में बहे युवक का शव SDRF टीम ने करीब 36 घंटे के सर्च ऑपरेशन के बाद बरामद कर लिया है। पहली बार वरात्रि पर चंद्रिका देवी मंदिर में भक्त दर्शन नहीं कर पाएंगे। बाढ़ के चलते कपाट बंद रहेंगे। पूरी खबर पढ़िए… 9. स्कूल में करंट से 11 साल के बच्चे की मौत, गाजीपुर में झूला झूलते समय टूटे तार की चपेट में आया गाजीपुर में प्राइवेट स्कूल में शनिवार सुबह करंट लगने से 11 साल के बच्चे की मौत हो गई। वह सुबह 7:30 बजे पेपर देने स्कूल पहुंचा। झूले के पास झूलने चला गया। वहीं पर बिजली का टूटे पड़े तार की चपेट में आ गया। यह देखकर दूसरे बच्चों ने शोर मचाया, तब स्कूल का स्टाफ पहुंचा। बच्चे को स्कूल वैन से हॉस्पिटल ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पूरी खबर पढ़ें… 10. यूपी में आशा कार्यकर्ता ने पति की हत्या की, बचाने आई दूसरी पत्नी पर भी जानलेवा हमला किया कुशीनगर में आशा कार्यकर्ता ने बच्चों के साथ मिलकर पति की हत्या कर दी। शनिवार सुबह खेत में पति को घेरकर धारदार हथियार से हमला कर दिया। बचाने पहुंची दूसरी पत्नी पर भी जानलेवा हमला किया। मृतक की बेटी ने बताया कि पिता ने कुछ दिन पहले पुश्तैनी जमीन का कुछ हिस्सा बेचा था। पहली पत्नी उर्मिला इससे मिले पैसों में हिस्सेदारी मांग रही थी। पूरी खबर पढ़ें… 11. ज्यादा घी खाने पर झगड़ा, भाई-बहन ने सुसाइड किया, मिर्जापुर में दोनों फंदे से लटके मिले मिर्जापुर में ज्यादा घी खाने को लेकर भाई-बहन के बीच झगड़ा हो गया। शनिवार सुबह भाई ने कुएं की रेलिंग पर रस्सी से फंदा लगाकर जान दे दी। भाई की मौत की खबर सुन बहन सदमे में आ गई। परिवार के लोग भाई को फंदे से उतारने पहुंचे, तभी बहन ने घर के दूसरे कमरे में दुपट्टे से फंदा लगा लिया। घरवाले बेटे का शव लेकर घर पहुंचे, तो बेटी भी फंदे से लटकी मिली। पूरी खबर पढ़िए... 12. रोटावेटर में फंसकर बच्चे का सिर धड़ से अलग, जौनपुर में हाथ का पंजा, एक पैर भी कटा जौनपुर में शनिवार सुबह खेत की जुताई के दौरान 8 साल का बच्चा रोटावेटर में फंस गया। उसका सिर धड़ से अलग हो गया। एक हाथ का पंजा और पैर भी कट गया। बच्चा खेलते-खेलते खेत पहुंचा था। वह रोटावेटर पर चढ़ने की कोशिश कर रहा था, तभी उसकी चपेट में आ गया। हादसे के बाद ट्रैक्टर चालक बच्चे का शव निकालकर खेत में छोड़कर भाग गया। पूरी खबर पढ़िए… 13. झांसी में 5वीं के छात्र की न्यूड लाश मिली, घर से खेलने निकला था, दादा बोले- हत्या हुई झांसी में तालाब में 5वीं क्लास के छात्र की न्यूड लाश मिली। वह 26 घंटे से लापता था। गुरुवार शाम को 11 साल का छात्र घर से खेलने निकला था। पुलिस परिजनों के साथ उसकी तलाश कर रही थी। शुक्रवार रात 11 बजे घर से 3 किलोमीटर दूर तालाब में शव मिला। दादा का कहना है कि पोते को मारकर फेंका गया। घटना प्रेम नगर इलाके की है। पूरी खबर पढ़िए… खबर जो हटकर है… 14. कन्नौज में टावर पर प्रेमी ने प्रेमिका की मांग भरी, युवती बोली- 5 साल से प्यार करती हूं, इसी से शादी करूंगी कन्नौज में प्रेमी से शादी करने की जिद पर 20 साल की लड़की मोबाइल टावर पर चढ़ गई। उसने धमकी दी कि अगर बॉयफ्रेंड से मेरी शादी नहीं कराई, तो मैं कूद जाऊंगी। करीब 2 घंटे के ड्रामे के बाद लड़का सिंदूर की डिब्बी लेकर टावर पर चढ़ा। वहां उसने लड़की की मांग भरी। इसके बाद दोनों नीचे उतरे। दोनों का 5 साल से अफेयर चल रहा था। पूरी खबर पढ़िए… कल कैसा रहेगा मौसम… 15. पश्चिमी यूपी में बारिश का अलर्ट 11 अक्टूबर को मौसम विभाग (IMD) ने मेरठ, गाजियाबाद समेत पश्चिमी यूपी के 20 जिलों में बारिश का अलर्ट जारी किया है। इस दौरान 30-40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से तेज आंधी चलने की संभावना है। कल शाम 7 बजे फिर होगी मुलाकात…
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में ई-रिक्शा लूट के मामले में एमआईई चौकी पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने सामान लाने के बहाने ई-रिक्शा किराए पर ली और सेक्टर-16 पहुंचने पर ड्राइवर के साथ मारपीट कर मोबाइल, पर्स और ई-रिक्शा लूटकर फरार हो गए थे। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से लूटी गई ई-रिक्शा सहित दो ई-रिक्शा बरामद की हैं। तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया। सामान लाने के बहाने ई-रिक्शा में बैठे थे तीनों पुलिस के अनुसार, दिल्ली की कच्ची कॉलोनी में रहने वाले खुर्शीद मीर ने शिकायत दी कि 5 अक्टूबर को वह बहादुरगढ़ के मामा चौक, रोहतक रोड पर अपनी ई-रिक्शा लेकर खड़ा था। इसी दौरान तीन युवक उसके पास आए और सेक्टर-16 से सामान लाने की बात कहकर उसकी ई-रिक्शा में बैठ गए। शिकायत के मुताबिक, सेक्टर-16 पहुंचने पर तीनों युवकों ने खुर्शीद के साथ मारपीट की। इसके बाद उसका मोबाइल फोन, पर्स और ई-रिक्शा लूटकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर थाना शहर बहादुरगढ़ में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। सीसीटीवी फुटेज से आरोपियों तक पहुंची पुलिस पुलिस चौकी एमआईई के प्रभारी एएसआई संदीप कुमार के अनुसार, पुलिस टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अन्य साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों की पहचान कुलदीप निवासी गांव औसर, जिला पानीपत, सुभाष निवासी जिला अलीगढ़ (उत्तर प्रदेश) और इंद्रजीत निवासी गांव मांडौठी, जिला झज्जर के रूप में हुई है। लूटी गई ई-रिक्शा के साथ चोरी का वाहन भी बरामद पुलिस जांच के दौरान आरोपी इंद्रजीत की निशानदेही पर शिकायतकर्ता से लूटी गई खुली बॉडी वाली लोडिंग ई-रिक्शा बरामद की गई। इसके अलावा थाना लाइनपार बहादुरगढ़ में दर्ज चोरी के एक अन्य मामले से संबंधित दूसरी ई-रिक्शा भी बरामद हुई। पुलिस उपायुक्त बहादुरगढ़ शुभम सिंह के दिशा-निर्देशों के तहत की गई कार्रवाई के बाद तीनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट के आदेश पर उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।
ग्वालियर में साइबर अपराधियों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। ठगों ने अलग-अलग तरीकों से तीन लोगों को अपना शिकार बनाते हुए उनके बैंक खातों और क्रेडिट कार्ड से लाखों रुपए उड़ा लिए। किसी को झांसे में लेकर क्रेडिट कार्ड की केवाईसी (KYC) अपडेट कराने का लिंक भेजा गया, तो किसी का मोबाइल हैंग कराकर डेटा हैक कर रुपए पार कर दिए। यह तीनों ही FIR पिछले 24 घंटे में ग्वालियर के विभिन्न क्षेत्र में हुई हैं। तीनों मामलों की शिकायत पीड़ितों ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अब साइबर एक्सपर्ट मामले की जांच कर रहे हैं। वॉट्सऐप वीडियो कॉल कर भेजा लिंक, 85 हजार ठगे शहर में फौजदार का मोहल्ला निवासी 56 वर्षीय अनिल कुमार जैन को 6 अक्टूबर को अज्ञात नंबर से वॉट्सएप पर वीडियो कॉल आया था। कॉल करने वाले ने खुद को एसबीआई (SBI) का बैंककर्मी बताकर क्रेडिट कार्ड की केवाईसी अपडेट करने की बात कही। इसके बाद आरोपी ने एक लिंक भेजा और अनिल को उस पर क्लिक करने के लिए कहा। जैसे ही उन्होंने लिंक खोला, उनका मोबाइल हैंग हो गया। करीब एक घंटे बाद जब मोबाइल वापस सामान्य होकर ऑन हुआ, तो क्रेडिट कार्ड से 35,378 रुपए और 50,000 रुपए निकलने के मैसेज मिले। कुल 85,378 रुपए की ठगी होने पर उन्होंने तुरंत साइबर पोर्टल पर मामला दर्ज कराया। फोन-पे से पेमेंट फेल, खाते से गायब मिले 29.6 हजार रुपए थाटीपुर के न्यू शकुंतलापुरी निवासी 45 वर्षीय शिवसरन शर्मा 5 अक्टूबर की शाम फोन-पे से भुगतान कर रहे थे, लेकिन ट्रांजेक्शन फेल हो गया। ऐप पर खाते में बेलेंस न होने का मैसेज दिखा। जब उन्होंने बेलेंस चेक किया, तो खाते से 29,600 रुपए गायब थे। बैंक से जानकारी लेने पर पता चला कि रकम ट्रांसफर की जा चुकी है। शिवसरन का आरोप है कि उन्होंने कोई लेन-देन नहीं किया था और उनका मोबाइल हैक कर यह रकम निकाली गई है। इसके बाद उन्होंने साइबर पोर्टल पर मामले की शिकायत की थी। जिस पर थाटीपुर थाना पुलिस ने अपने यहां मामला दर्ज कर लिया है। बिना किसी जानकारी के बैंक खाते से कटे 64 हजार रुपए ग्वालियर के हजीरा गदाईपुरा की मेजर कॉलोनी निवासी 46 वर्षीय जितेंद्र सिंह राजावत के एचडीएफसी (HDFC) बैंक खाते से 12 सितंबर की दोपहर अचानक 64,000 रुपए कट गए। पीड़ित ने किसी भी तरह का ओटीपी या लिंक शेयर नहीं किया था। मामले की शुरुआती शिकायत साइबर पोर्टल पर करने के बाद 9 अक्टूबर की रात को पीड़ित ने थाने पहुंचकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ एफआईआर (FIR) दर्ज कराई। ठगी से बचने के लिए इन बातों का रखें ध्यान
देवास बाईपास पर शनिवार को हुए एक सड़क हादसे में 21 साल के अनिल अहिरवार की मौत हो गई। उनके साथ बाइक पर सवार 16 साल का भांजा रूप सिंह अहिरवार गंभीर रूप से घायल हो गया। अनिल अपने भांजे रूप सिंह के साथ गुना जा रहे थे। वे अपना गिरवी रखा मोबाइल छुड़ाने के लिए 3 हजार रुपए लेकर निकले थे। अनिल मांगलिया के रहने वाले थे और एक कंपनी में काम करते थे। 4 पहिया वाहन ने बाइक को मारी टक्कर यह हादसा शंकरगढ़ पहाड़ी क्षेत्र में टोल के पास हुआ। सामने से आ रहे एक चार पहिया वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि अनिल ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। रूप सिंह के पैर में गंभीर चोट आई, जिसके बाद उसे देवास जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पिकअप वाहन की भूमिका की पड़ताल की जा रही है। पोस्टमार्टम के बाद अनिल का शव परिजनों को सौंप दिया गया।
जमुई के झाझा रेलवे स्टेशन पर मोबाइल चोरी कर भाग रहे एक युवक को रेल पुलिस और यात्रियों ने पकड़ लिया। इसके बाद यात्रियों ने उसकी पिटाई कर दी। घटना का वीडियो शनिवार को सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में यात्रियों की भीड़ युवक को घेरे और कुछ लोग उसकी पिटाई करते नजर आ रहे हैं। बाद में रेल पुलिस ने आरोपी को हिरासत में ले लिया। तलाशी के दौरान उसके पास से चोरी का मोबाइल बरामद हुआ। गिरफ्तार आरोपी की पहचान खैरा थाना क्षेत्र निवासी गोलू गुजराती माली (26), पिता राजेश गुजराती माली के रूप में हुई है। वेटिंग हॉल में सो रहे यात्री की जेब से निकाला मोबाइल जानकारी के अनुसार, शुक्रवार अहले सुबह झाझा रेलवे स्टेशन के वेटिंग हॉल में एक यात्री सो रहा था। इसी दौरान आरोपी ने मौका देखकर उसकी जेब से मोबाइल निकाल लिया और भागने लगा। नींद खुलने पर यात्री को मोबाइल चोरी होने का पता चला। उसने शोर मचाया, जिसके बाद वेटिंग हॉल में ड्यूटी पर तैनात सिपाही और आसपास मौजूद यात्री सतर्क हो गए। पीछा कर प्लेटफॉर्म के पास पकड़ा शोर सुनने के बाद लोगों ने आरोपी का पीछा किया और उसे प्लेटफॉर्म के पास पकड़ लिया। इस दौरान यात्रियों की भीड़ जुट गई और कुछ लोगों ने युवक की पिटाई कर दी। घटना का वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, रेल थानाध्यक्ष ने बताया कि उन्हें वायरल वीडियो की जानकारी नहीं है। मोबाइल बरामद, आरोपी को भेजा गया जेल रेल थानाध्यक्ष मधुसूदन पासवान ने बताया कि पीड़ित यात्री के बयान पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपी के पास से चोरी किया गया मोबाइल बरामद हुआ है। पूछताछ के दौरान उसने चोरी की बात स्वीकार की। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। रेल पुलिस की अपील, कानून हाथ में न लें रेल पुलिस ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा के दौरान अपने मोबाइल और अन्य सामान का ध्यान रखें। किसी संदिग्ध गतिविधि की जानकारी मिलने पर तुरंत रेल पुलिस या संबंधित सुरक्षा कर्मियों को सूचित करें। पुलिस ने यह भी कहा कि किसी आरोपी के साथ मारपीट करने के बजाय उसे पुलिस के हवाले करें और कानून अपने हाथ में न लें।
कटिहार रेल पुलिस ने त्योहारों के मद्देनजर ट्रेनों और रेलवे स्टेशनों पर यात्रियों की सुरक्षा के लिए जांच अभियान तेज किया है। बिहार आने-जाने वाले यात्रियों की बढ़ती भीड़ पर खास नजर है। रेल एसपी हरि शंकर कुमार ने बताया कि पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर 8 और 9 अक्टूबर 2026 को विशेष अभियान चला। 1,45,660 रुपये का जुर्माना वसूला इसमें 11 मामले दर्ज हुए, 95.370 लीटर विदेशी शराब बरामद हुई। सात लोग गिरफ्तार हुए और छह मोबाइल फोन भी जब्त किए गए। अभियान में बिना टिकट यात्रा कर रहे 274 यात्रियों से 1,45,660 रुपये का जुर्माना वसूला गया। एस्कॉर्ट दल को सतर्क रहने को कहा रेल पुलिस ने त्योहारों के दौरान चोरी, शराब तस्करी और अन्य अपराधों को रोकने के लिए सुरक्षा मजबूत की है। प्रमुख ट्रेनों में लगातार गश्त हो रही है। संदिग्धों और लावारिस सामान की जांच भी की जा रही है। जीआरपी और आरपीएफ के बीच तालमेल है। अधिकारियों को लगातार जांच के निर्देश हैं। रात में चलने वाली ट्रेनों में एस्कॉर्ट दल को सतर्क रहने को कहा गया है।
करनाल के गांव स्टौंडी में श्मशान घाट के नजदीक ईंट भट्ठे के पास खेतों में एक युवक का शव मिला है। मृतक के चेहरे और सिर पर चोटों के निशान मिले हैं। शुरुआती स्थिति को देखते हुए हत्या की आशंका जताई जा रही है। फिलहाल मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। सूचना मिलने पर सदर थाना पुलिस और फॉरेंसिक साईंस लैब (एफएसएल) की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने साक्ष्य जुटाने के बाद शव को कब्जे में लेकर करनाल के मोर्च्युरी हाउस में रखवा दिया है। ग्रामीण सुबह खेत में पहुंचे तो मिला शव ग्रामीण राज सिंह ने बताया कि वे सुबह मशीन लेकर खेत में काम करने पहुंचे थे। वहां एक युवक पड़ा हुआ मिला। उन्होंने कहा कि एक दिन पहले भी उन्होंने इसी जगह काम किया था, लेकिन तब वहां कोई शव नहीं था। शनिवार सुबह ही युवक का शव दिखाई दिया, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। राज सिंह के अनुसार, मृतक गांव का रहने वाला नहीं लगता। उसकी पहचान के बारे में फिलहाल कोई जानकारी नहीं मिली है। ट्यूबवेल के पास मिला मोबाइल और खून ग्रामीण राज सिंह ने बताया कि घटनास्थल से काफी दूरी पर एक ट्यूबवेल के पास मोबाइल फोन पड़ा मिला है। वहां खून भी पड़ा हुआ था। शव पर चोटों के निशान होने के कारण मामले को संदिग्ध माना जा रहा है। पुलिस अब इन तथ्यों को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। एफएसएल टीम ने जुटाए साक्ष्य मौके पर पहुंचे सदर थाना प्रभारी तरसेम चंद ने बताया कि स्टौंडी में भट्ठे के पास खेतों में शव मिला है। पास में श्मशान घाट भी है। मृतक के चेहरे पर चोट के निशान हैं और अभी उसकी पहचान नहीं हो सकी है। एफएसएल टीम को बुलाकर घटनास्थल से जरूरी साक्ष्य जुटाए गए हैं। पहचान के बाद होगा पोस्टमार्टम सदर थाना प्रभारी तरसेम चंद कांबोज ने बताया कि शव को पहचान के लिए करनाल के मोर्चरी में रखवाया गया है। पुलिस मृतक के परिजनों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है। पहचान होने के बाद पोस्टमार्टम करवाकर शव परिजनों को सौंपा जाएगा। इसके बाद मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
ग्राहकों और ऐप्स के लिए बड़ी खबर: CBIC का बड़ा ऐलान, ऑनलाइन डिलीवरी व कैब ऐप्स पर 5% समान GST लागू
अजमेर शहर में साइबर ठगों ने करीब 4 लाख 72 हजार रुपए की ठगी कर ली। ठगों ने RTO चालान और वेदांता हॉस्पिटल के नाम पर APK लिंक भेजा। इसके बाद खातों से रुपए निकाल लिए। कृष्णगंज थाना पुलिस ने दोनों मामलों में जीरो FIR दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। RTO ई-चालान के लिंक पर क्लिक करते ही उड़े 2.40 लाख शहर के बालाजी नगर, माकड़वाली रोड निवासी रमेश भख्तियापुरी (55) ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि 30 सितंबर 2026 को उसके मोबाइल पर RTO E-Challan से संबंधित एक लिंक आया। लिंक पर क्लिक करते ही मोबाइल पर मैसेज आया। सुरक्षा के लिहाज से तुरंत बैंक से संपर्क कर बचत खाते को फ्रीज करवा दिया। पीड़ित का आरोप है कि इसके बाद भी बैंक की भारी लापरवाही सामने आई। 3 अक्टूबर को उसकी लोन की किश्त कटनी थी। बैंक कर्मचारियों ने कहा कि किश्त सीधे लोन खाते में जमा करनी होगी। 5 अक्टूबर को बैंक ने लोन खाते में किश्त जमा कर ली, लेकिन उसी दिन बैंक ने गलती से फ्रीज किए गए बचत खाते से भी किश्त के पैसे काट लिए। 5 अक्टूबर को पीड़ित ने शाखा में जाकर शिकायत की तो पंचशील नगर शाखा ने आश्वासन दिया कि खाता पूरी तरह सुरक्षित है और ब्लॉक होने के बाद फ्रॉड की कोई संभावना नहीं है। लेकिन साइबर ठगों ने 6 अक्टूबर 2026 को दोपहर 14:42 से 14:59 बजे के बीच उसके ICICI बैंक खाता संख्या पंचशील नगर शाखा से 6 बार में कुल 2,40,485 रुपये निकाल लिए। वेदांता हॉस्पिटल में अपॉइंटमेंट के नाम पर 2.32 लाख की ठगी आनासागर लिंक रोड, अजमेर निवासी राजेन्द्र माथुर (75) साइबर ठगी का शिकार हुए। उन्होंने रिपोर्ट दी कि 30 सितंबर 2026 को उन्होंने मेदांता मेडिसिटी हॉस्पिटल गुड़गांव में अपनी पत्नी को दिखाने के लिए टेलीफोन से 3.55 PM पर अपॉइंटमेंट लिया। कुछ समय बाद 4.02 PM पर उनके पास एक नंबर से कॉल आया। इसमें बताया कि डॉक्टर का अपॉइंटमेंट टोकन नंबर से मिलेगा, इसके लिए APK फाइल भेजी जा रही है और 5 रुपए पेटीएम करने होंगे। पेटीएम करने की कोशिश की लेकिन नहीं हुआ। ठग ने कहा कि आधार कार्ड व्हाट्सऐप कर दो, भुगतान करवा देता हूं। इस पर APK फाइल को हॉस्पिटल का समझकर आधार कार्ड और आया हुआ OTP दे दिया। इसके बाद ठगों ने उनके खाते से 98 हजार, 34 हजार और एक लाख रुपए यानि कुल 2,32,000 रुपए निकाल लिए। शक होने पर खाता लॉक कर दिया गया। बाद में खाता खुलवाने पर पता चला कि साइबर फ्रॉड से पैसे निकले हैं। पुलिस ने जीरो नम्बर एफआईआर दर्ज कर जांच हैड कॉन्स्टेबल संदीप कुमार को सौंपी है। ……. पढें ये खबर भी…. अजमेर-बदमाशों ने प्लान बदल कारोबारी के घर की थी लूट:पहले IT को सूचना देकर इनाम लेने का प्लान था, फिर अफसर बनकर घर में घुसे अजमेर जिले के नसीराबाद में कारोबारी के घर IT अफसर बनकर 3 करोड़ की लूट की वारदात को अंजाम देने वाले बदमाशों ने पहले इनकम टैक्स विभाग को सूचना देकर ईनाम की राशि लेने का प्लान बनाया था, लेकिन बाद में खुद ही फर्जी अफसर बनकर वारदात को अंजाम दिया। पुलिस ने आरोपियों को 3 घंटे में पकड़ लिया। पूरी खबर पढें
साहिबगंज में ब्रह्मपुत्र मेल से संदिग्ध व्यक्ति हिरासत में, एक एंड्रॉयड और दो कीपैड मोबाइल बरामद
साहिबगंज, 10 अक्टूबर . Jharkhand के साहिबगंज में ब्रह्मपुत्र मेल ट्रेन से रेलवे सुरक्षा बल ने एक संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लिया है. पूछताछ के दौरान उसने कथित तौर पर खुद को बांग्लादेशी नागरिक बताया है. प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हिरासत में लिए गए व्यक्ति के पास एक एंड्रॉयड और दो कीपैड मोबाइल फोन ... Read more
आज के डिजिटल युग में जहां डेटिंग ऐप्स ने लोगों के मिलने-जुलने और रिश्ते जोड़ने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है, वहीं रिश्तों की उलझनों को पर्दे पर उतारने के लिए कई वेब सीरीज और फिल्में आ रही हैं। इसी कड़ी में नई तमिल रोमांटिक ड्रामा सीरीज़ 'लव' (Love) रिलीज हुई है, जिसमें साउथ सिनेमा के जाने-माने कलाकार ऐश्वर्या लक्ष्मी (Aishwarya Lekshmi) और अर्जुन दास (Arjun Das) मुख्य भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। यह सीरीज़ 'केमिस्ट्री' (Chemistry) बनाम 'कंपैटिबिलिटी' (Compatibility - आपसी तालमेल) की उस जानी-पहचानी बहस पर आधारित है, जो आज की डेटिंग कल्चर का एक अहम हिस्सा बन चुकी है। हालांकि, मजबूत कलाकारों और बेहतरीन कॉन्सैप्ट के बावजूद यह सीरीज दर्शकों के दिलों पर गहरी छाप छोड़ने में थोड़ी असफल नजर आती है। आइए जानते हैं इस सीरीज़ की खूबियों और कमियों के बारे में:- क्या है सीरीज़ की कहानी? सीरीज़ की मुख्य किरदार तारा कृष्णन (ऐश्वर्या लक्ष्मी) एक डेटिंग प्लेटफॉर्म चलाती हैं। उनका पक्का विश्वास है कि लोगों के बीच 'कंपैटिबिलिटी' (विचारों और आदतों का मेल) के जरिए लंबे समय तक टिकने वाले और मजबूत रिश्ते बनाए जा सकते हैं। इसके विपरीत, मैथ्यू जेबराज (अर्जुन दास) डेटिंग को लेकर अपनी सहज समझ (Instinct) और भावनाओं पर भरोसा करते हैं। उनका मानना है कि दो लोगों के बीच की 'केमिस्ट्री' को किसी एल्गोरिदम या डेटा में नहीं बांधा जा सकता। जब ये दोनों अलग-अलग सोच वाले लोग एक-समान चुनौती के लिए आमने-सामने आते हैं, तो यह प्यार और आधुनिक रिश्तों के बारे में उनकी मान्यताओं की कड़ी परीक्षा लेता है। 'लव' सीरीज़ की राइटिंग: डेटिंग ऐप्स और आधुनिक रिश्ते डेटिंग-ऐप का माहौल 'लव' को एक आधुनिक बैकड्रॉप देता है, लेकिन सीरीज़ इसका पूरा फ़ायदा नहीं उठाती। डेटिंग के दो अलग-अलग नज़रिए - एक कंपैटिबिलिटी पर आधारित और दूसरा केमिस्ट्री पर - कहानी का मुख्य हिस्सा हैं। फिर भी, सीरीज़ यह नहीं दिखाती कि एल्गोरिदम, ऑनलाइन प्रोफ़ाइल और ऐप-आधारित डेटिंग ने लोगों के करीबी रिश्ते बनाने के तरीके को कैसे बदल दिया है। इसके बजाय, टेक्नोलॉजी ज़्यादातर कहानी को आगे बढ़ाने का एक आसान ज़रिया बनकर रह जाती है। यह सीरीज़ के सबसे बड़े छूटे हुए मौकों में से एक है। इस शो को डेटिंग ऐप्स पर लेक्चर जैसा बनाए बिना, मॉडर्न रिश्तों को और गहराई से दिखाने की गुंजाइश थी। लव: कास्ट और परफॉर्मेंस ऐश्वर्या लक्ष्मी और अर्जुन दास इस सीरीज़ के सबसे मज़बूत हिस्से हैं। लक्ष्मी ने तारा के किरदार को बहुत सधे हुए और शांत अंदाज़ में निभाया है। उनका किरदार थोड़ा संभलकर चलने वाला है और वह अपने अतीत का भावनात्मक बोझ लिए हुए है; शांत पलों में एक्ट्रेस ने बहुत अच्छा काम किया है। तारा के मन में एक अंदरूनी द्वंद्व है, जिसे अगर राइटिंग में और गहराई से दिखाया जाता, तो यह किरदार और भी दिलचस्प हो सकता था। अर्जुन दास ने मैथ्यू के किरदार में अपनी जानी-पहचानी स्क्रीन प्रेज़ेंस दिखाई है। उनकी आवाज़ और सहज अभिनय किरदार को एक खास आकर्षण देते हैं, और लक्ष्मी के साथ उनके सीन में इतनी केमिस्ट्री है कि मुख्य जोड़ी का रिश्ता विश्वसनीय लगता है। समस्या यह है कि एक्टर्स को अक्सर ऐसे स्क्रीनप्ले की कमियों को पूरा करना पड़ता है जो उनके रिश्ते को पर्याप्त गहराई नहीं देता। सपोर्टिंग कास्ट के भी कुछ अच्छे पल हैं, खासकर परिवार और दोस्ती से जुड़े सब-प्लॉट्स में। इनमें से कुछ रिश्ते मुख्य रोमांस की तुलना में ज़्यादा स्वाभाविक लगते हैं। लव: तकनीकी पहलू विज़ुअली, 'लव' बहुत शानदार है। प्रोडक्शन डिज़ाइन और लोकेशन सीरीज़ को एक समकालीन शहरी रोमांस वाली चमकदार लुक देते हैं। लेकिन कभी-कभी यह शानदार प्रस्तुति ही इसके खिलाफ काम करती है। किरदार एक आकर्षक दुनिया में रहते हैं, फिर भी उनकी भावनात्मक ज़िंदगी हमेशा उतनी ही वास्तविक नहीं लगती। निर्देशन भी सुरक्षित रास्ता अपनाता है। जिन दृश्यों में भावनात्मक तनाव होना चाहिए, उनके बाद अक्सर स्पष्टीकरण दिए जाते हैं, जिससे ड्रामा स्वाभाविक लगने के बजाय सोच-समझकर बनाया हुआ लगता है। रफ़्तार (पेसिंग) भी एक समस्या है। छह एपिसोड वाली यह सीरीज़ बहुत लंबी नहीं है, लेकिन मुख्य संघर्ष खिंचा हुआ लगने लगता है क्योंकि राइटिंग बार-बार उन्हीं विचारों पर घूमती रहती है। 'लव' में क्या कमी है सबसे बड़ी कमज़ोरी भावनात्मक जुड़ाव की कमी है। अगर किरदार इतने दिलचस्प हों कि दर्शक उनकी यात्रा में दिलचस्पी लें, तो एक अनुमानित रोमांटिक कहानी में कुछ भी गलत नहीं है। 'लव' ऐसा करने में पूरी तरह सफल नहीं हो पाती। तारा और मैथ्यू के बीच साफ़ केमिस्ट्री दिखती है, लेकिन दो कलाकारों के बीच की केमिस्ट्री ज़रूरी नहीं कि दो किरदारों के बीच की केमिस्ट्री जैसी ही हो। शो हमें बताता है कि ये दोनों लोग एक-दूसरे में दिलचस्पी क्यों लेंगे, लेकिन यह हमेशा हमें उस जुड़ाव को महसूस नहीं करा पाता। संवाद भी कभी-कभी बहुत ज़्यादा स्पष्टीकरण देने वाले हो जाते हैं। खामोशी, कामों और छोटी-मोटी बातचीत से किरदारों को दिखाने के बजाय, पटकथा में अक्सर यह साफ़-साफ़ बता दिया जाता है कि वे क्या सोच रहे हैं। इससे कुछ भावनात्मक मोड़ अधूरे या ठीक से विकसित न हुए से लगते हैं। 'लव': फ़ैसला 'लव' का कॉन्सेप्ट अच्छा है और इसके लीड एक्टर्स भी काबिल हैं, लेकिन यह इन चीज़ों को मिलाकर एक संतोषजनक रोमांटिक ड्रामा नहीं बना पाती। ऐश्वर्या लक्ष्मी और अर्जुन दास की केमिस्ट्री और उनकी मौजूदगी सीरीज़ को देखने लायक बनाती है, और सपोर्टिंग कास्ट भी कुछ दिलचस्प पल देती है। असली समस्या इसकी राइटिंग में है। सीरीज़ यह पता लगाना चाहती है कि क्या प्यार कम्पैटिबिलिटी (आपसी तालमेल) से मिल सकता है या केमिस्ट्री ऐसी चीज़ है जिसे प्लान नहीं किया जा सकता। लेकिन इसका रोमांस इतना बनावटी लगता है कि यह सवाल उतना असरदार नहीं बन पाता। इसमें ऐसे आइडियाज़ हैं जो डिजिटल ज़माने में डेटिंग पर एक बेहतर और लोगों से जुड़ने वाली सीरीज़ बना सकते थे। इसके बजाय, 'लव' एक चमकदार लेकिन कमज़ोर रोमांस बनकर रह जाती है जो शायद ही कभी अपने किरदारों की असल भावनाओं तक पहुँच पाती है। 'लव' को 2/5 रेटिंग Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi
ज्योतिष और धार्मिक ऐप्स की बढ़ी लोकप्रिता, जनवरी से सितंबर के बीच 25 करोड़ डाउनलोड
भारतीय स्मार्टफोन यूजर्स के बीच ज्योतिष और धार्मिक ऐप्स की लोकप्रियता तेजी से बढ़ रही है। जनवरी से सितंबर के बीच इन ऐप्स के डाउनलोड 24.8 करोड़ तक पहुंच गए, जिसमें AI का उपयोग भी अहम भूमिका निभा रहा है।
यूपी: मुफ्त राशन के लिए नया मोबाइल खरीदना जरूरी नहीं, भ्रामक खबरों का खंडन; जानें पूरा अपडेट
उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग ने स्पष्ट किया है कि मुफ्त राशन लेने के लिए नया मोबाइल खरीदना जरूरी नहीं है। ओटीपी से राशन वितरण की सुविधा वर्ष 2017 से लागू है और यह विशेष परिस्थितियों में वैकल्पिक व्यवस्था है।
लुधियाना में एटीएम कार्ड बदलकर ठगी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को लोगों ने पकड़ लिया। गुस्साई पब्लिक ने उसकी जूतों से पिटाई की। इसका वीडियो भी सामने आया है, जिसमें आरोपी जमीन पर लेटा हुआ है और लोग उसे घेरकर पूछताछ कर रहे हैं। हालांकि, भीड़भाड़ का फायदा उठाकर उसका दूसरा साथी मौके से भागने में कामयाब रहा। मामला पखोवाल रोड का है। सामने आए वीडियो में पब्लिक की पिटाई के कारण आरोपी के चेहरे पर चोट के निशान नजर आ रहे हैं। भीड़ के बीच वह कबूल करता है कि वारदात के वक्त वे दो लोग थे। वीडियो में एक स्थानीय व्यक्ति कैमरे के सामने आरोपी का पर्स दिखाता है, जिसमें अलग-अलग बैंकों के दर्जनों एटीएम कार्ड भरे हुए हैं। लोगों की पूछताछ में आरोपी ने माना कि वे 'हाथ की सफाई' से लोगों का असली कार्ड बदलकर उन्हें दूसरा कार्ड थमा देते हैं। पीड़ित ने बताई पूरी वारदात, ऐसे करते हैं ठगीजिस व्यक्ति के साथ यह घटना हुई, उसने बताया कि जब वह पैसे निकालने बूथ में गया, तो वहां पहले से ही ये दोनों मौजूद थे। वहां लगी दो मशीनों में से एक एटीएम खराब थी। जब पीड़ित ने चालू मशीन में अपना कार्ड डाला, तो आरोपियों ने उसकी मदद करने की पेशकश की, लेकिन उसने मना कर दिया। इसके बावजूद जब पीड़ित अपना पिन डाल रहा था तो दोनों आरोपी बिल्कुल पीछे आकर खड़े हो गए और चोरी-छिपे मोबाइल से पिन का वीडियो बनाने लगे। नजर पड़ते ही एक को दबोचा, दुकानदार हुए इकट्ठाजैसे ही पीड़ित की नजर वीडियो बनाते हुए आरोपियों पर पड़ी, उसने तुरंत फुर्ती दिखाते हुए एक आरोपी को पकड़ लिया। पकड़े जाने के डर से दूसरा साथी वहां से भाग निकला। इसके बाद पीड़ित ने आसपास के दुकानदारों को बुला लिया। मदद के बहाने करते हैं ‘हाथ की सफाई’पीड़ित ने इन ठगों का मॉडस ऑपरेंडी समझाते हुए बताया कि ये लोग पहले पीछे खड़े होकर पिन देख लेते हैं या रिकॉर्ड कर लेते हैं। इसके बाद मदद करने के बहाने व्यक्ति के हाथ से कार्ड लेकर उसे हूबहू वैसा ही कोई दूसरा फर्जी कार्ड थमा देते हैं। पीड़ित ने अंदेशा जताया है कि उससे पहले एटीएम में आए दो अन्य लोगों की भी इन ठगों ने 'मदद' की थी। पूरी संभावना है कि उन दोनों के कार्ड भी इन्होंने बदल लिए होंगे।
खाद्य एवं रसद विभाग के अपर आयुक्त सत्यदेव ने स्पष्ट किया है कि मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए लाभार्थियों को नया मोबाइल फोन खरीदने की आवश्यकता नहीं है।
देश की हाई सिक्योरिटी जेलों में शुमार जोधपुर सेंट्रल जेल खुद की सुरक्षा नहीं कर पा रही। यहां करीब 2 हजार बंदी हैं। इनमें बड़े गैंगस्टर, हिस्ट्रीशीटर, हार्डकोर, हत्यारे, तस्कर के साथ कई बार आतंकी भी शामिल होते हैं। इसके बावजूद यहां जेल प्रहरी के 75 पद खाली हैं। स्वीकृत 180 में से 105 प्रहरी ही तैनात हैं। इनमें से भी निगरानी का जिम्मा केवल 70-80 प्रहरियों पर है। बाकी ऑफिस, मेन गेट की सुरक्षा व मुलाकात व्यवस्था जैसे कार्यों में लगे हैं। प्रहरियों की कमी के कारण जेल की सुरक्षा व्यवस्था बिगड़ चुकी है। यहां आए दिन बंदियों से मोबाइल मिल रहे हैं। पिछले 11 माह में 21 मोबाइल और 14 सिम मिल चुकी हैं। कई बार तंबाकू उत्पाद और नशे की सामग्री भी मिल जाती है। मोबाइल जैसे प्रतिबंधित सामान न केवल जेल में आसानी से पहुंच रहे हैं, बल्कि कई बंदी इनका बेखौफ इस्तेमाल भी कर रहे हैं। मंगलवार को एक बंदी बाथरूम में मोबाइल पर बात कर रहा था। तलाशी ले रहे प्रहरी ने उसे पकड़ लिया। इसके अलावा बंदियों में आपसी झगड़े भी बढ़ रहे हैं। स्टाफ की कमी का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि कई बार एक संतरी को दो बैरकों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ती है। 14 वार्डों के अलग-अलग बैरकों में 80 से 250 तक बंदी हैं। इतनी बड़ी संख्या में बंदियों पर हर समय नजर रखना एक कर्मचारी के लिए आसान नहीं है। इसी का फायदा उठाकर बंदी आसानी से प्रतिबंधित सामग्री का उपयोग कर लेते हैं। तंबाकू उत्पाद और नशे की सामग्री भी कई बार जब्त जेल में प्रहरी कम होने से बंदियों को संभालना भी मुश्किल हो रहा है। चार महीनों में मारपीट व हमलों की चार वारदातें हो चुकी हैं। मामूली विवाद में बंदी झगड़ पड़ते हैं। उन्हें काबू करना मुश्किल हो जाता है। अप्रैल में बंदी सुरेंद्र सिंह और गोविंद सिंह के बीच मारपीट हुई। दोनों घायल हो गए। 3 जून को बंदी रमेश से सीताराम, रामप्रकाश और श्यामलाल ने बैरक में मारपीट की। 8 जुलाई को बंदी विश्वास तेजी पर ब्लेड से हमला हो गया। उसके सिर में 5 टांके आए। 30 जुलाई को मटकी से पानी भरने को लेकर विवाद हो गया। इसमें इमरान समेत तीन बंदियों ने रावलराम उर्फ राहुल से मारपीट की। मोबाइल की तलाश में 8-10 प्रहरी लगाए: जेल प्रहरियों को निगरानी के अलावा तलाशी, सुरक्षा गार्ड, बीमार बंदियों को अस्पताल पहुंचाने सहित अन्य व्यवस्थाओं की जिम्मेदारी भी संभालनी पड़ती है। जेलर के साथ 8 से 10 प्रहरियों को तो केवल मोबाइल व अन्य प्रतिबंधित सामग्री की तलाशी में लगा रखा है। यह टीम अलग-अलग समय पर जेल में तलाशी लेती है। जेल अधीक्षक प्रमोद सिंह ने बताया कि नई भर्ती में मिले 39 प्रहरी आने के बाद व्यवस्थाओं में काफी हद तक सुधार हो जाएगा। वार्ड 4 से 7 व 11 में गैंगस्टर भी बंद: जेल के वार्ड नंबर 4, 6, 7 और 11 की बैरकों में गैंगस्टर, हार्डकोर व आदतन अपराधियों के साथ मादक पदार्थों की तस्करी के आरोपी भी बंद हैं। इन कैदियों की निगरानी जेल प्रशासन के लिए चुनौतीपूर्ण है। खासकर स्टाफ की कमी के बीच इन वार्डों की सुरक्षा और बंदियों की गतिविधियों पर लगातार नजर रखना जरूरी है। विवाद की स्थिति में कम संख्या में मौजूद जेल प्रहरियों के लिए हालात को तुरंत नियंत्रित करना अतिरिक्त चुनौती बन जाता है।39 प्रहरी 6 माह बाद जॉइनिंग देंगे: हाल में प्रदेश में 968 जेल प्रहरियों की भर्ती हुई है। इनमें से जोधपुर जेल को 44 प्रहरी मिले। पांच 5 ने त्यागपत्र दे दिया। वे दूसरी भर्ती में पास हो गए थे। इस कारण जोधपुर के खाते में 39 प्रहरी ही रह गए। इन प्रहरियों को 6 माह की ट्रेनिंग पर भेजा जाएगा। इसके बाद ही जॉइनिंग होगी। बताया जा रहा है कि इन 39 में से भी कुछ प्रहरी ऐसे हैं, जो दूसरी भर्तियों में चयनित हो चुके हैं। वे भी जा सकते हैं।
Panipat News: राहगीरों से मोबाइल छीनने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
राहगीरों से मोबाइल छीनने वाले गिरोह के चार सदस्य गिरफ्तार
Bareilly News: आरसीसी की मांग को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ा ग्रामीण
समसपुर गांव में रात की घटना, पुलिस-प्रशासन के छूटे पसीने, वीडियो वायरल
पानीपत: राहगीरों से मोबाइल छीनने वाले गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार
पानीपत: राहगीरों से मोबाइल छीनने वाले गिरोह के चार आरोपी गिरफ्तार
Jaunpur News: मोबाइल चार्जर बोर्ड में लगाने के दौरान करंट से युवक की मौत
Young man dies from electric shock while inserting into mobile charger board
Ghaziabad News: ग्रामीणों ने आबादी के बीच मोबाइल टावर लगाने के विरोध में तहसील पर प्रदर्शन किया
मोदीनगर। गांव रोरी के ग्रामीणों ने आबादी के बीच लग रहे मोबाइल टावर के विरोध में शुक्रवार को तहसील मुख्यालय पर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया।
Deoria News: मोबाइल पर उपलब्ध होंगे मरीजों के स्वास्थ्य रिकॉर्ड
Patients' health records will be available on mobile phones.
दिल्ली में 10 अक्तूबर को प्रस्तावित विरोध प्रदर्शन के कारण रेलवे ने एनसीआर जोन से गुजरने वाली 70 से अधिक ट्रेनों को निरस्त कर दिया।
Charkhi Dadri News: मोबाइल हैक कर महिला के क्रेडिट कार्ड से निकाले एक लाख रुपये
मोबाइल हैक कर महिला के क्रेडिट कार्ड से निकाले एक लाख रुपये
लखनऊ, 09 अक्टूबर। सोशल मीडिया पर मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए नया मोबाइल खरीदने और ओटीपी सत्यापन अनिवार्य किए जाने को लेकर फैलाई जा रही अफवाहों पर उत्तर प्रदेश खाद्य एवं रसद विभाग ने विराम लगा दिया है। विभाग के अपर आयुक्त सत्यदेव द्वारा जारी स्पष्टीकरण में कहा गया है कि मुफ्त राशन प्राप्त करने के लिए किसी भी लाभार्थी को नया मोबाइल खरीदने की कोई आवश्यकता नहीं है। विभाग ने आमजन से ऐसी भ्रामक सूचनाओं पर ध्यान न देने की अपील की है।बायोमेट्रिक और आइरिस स्कैन ही मुख्य आधार, नहीं बदला नियमखाद्य एवं रसद विभाग के अनुसार, प्रदेश में उचित दर दुकानों पर स्थापित ई-पॉस मशीनों से इलेक्ट्रॉनिक वेइंग स्केल के जरिए तौलकर पहले की तरह ही पारदर्शी तरीके से राशन वितरित किया जा रहा है। यदि किसी लाभार्थी का फिंगरप्रिंट पहली बार में मैच नहीं होता, तो उसे उसी दिन दो अतिरिक्त मौके दिए जाते हैं। इसके बाद भी बायोमेट्रिक प्रमाणीकरण न होने पर आइरिस (आंखों की पुतली) स्कैन का विकल्प उपलब्ध है। इसके अलावा, राशन कार्ड में दर्ज परिवार का कोई भी अन्य सदस्य सत्यापन कराकर खाद्यान्न प्राप्त कर सकता है।बुजुर्गों व दिव्यांगों के लिए ओटीपी मात्र वैकल्पिक व्यवस्था, नया फोन लेना अनिवार्य नहींविभाग ने स्पष्ट किया है कि ओटीपी आधारित वितरण की सुविधा कोई नई व्यवस्था नहीं है, बल्कि राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम लागू होने के बाद वर्ष 2017 से ही निरंतर प्रभावी है। यह सुविधा केवल उन अत्यंत वृद्ध, दिव्यांग या गंभीर रूप से बीमार राशन कार्ड धारकों के लिए एक वैकल्पिक उपाय है, जिनका किसी भी तरह से बायोमेट्रिक या आइरिस मिलान संभव नहीं हो पाता। आंकड़ों के अनुसार, प्रदेश में 3.41 करोड़ से अधिक राशनकार्डों में से मात्र 83,093 कार्डों पर ही ओटीपी आधारित वितरण हुआ है, जो कुल लेनदेन का नगण्य हिस्सा है। अतः इसके लिए नया मोबाइल खरीदने की बात पूरी तरह तथ्यहीन और भ्रामक है।
किशनगंज, गुड़गांव में मजदूर की हत्या कर फरार हुआ आरोपी किशनगंज में छिपा मिला। मोबाइल फोन ऑन करते ही उसकी लोकेशन हरियाणा पुलिस को मिल गई। इसके बाद हरियाणा पुलिस ने किशनगंज रेलवे सुरक्षा बल (RPF) से संपर्क कर आरोपी को पकड़ने में मदद मांगी। सूचना मिलते ही RPF की टीम सक्रिय हुई और करीब एक घंटे की तलाश के बाद किशनगंज बस स्टैंड के पास से आरोपी संदीप मिस्त्री को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी पश्चिम बंगाल के उत्तर दिनाजपुर जिले के मजलिसपुर का रहने वाला बताया गया है। विवाद के बाद मजदूर के सिर पर रॉड से किया वार जानकारी के अनुसार, किशनगंज से सटे पश्चिम बंगाल के मजलिसपुर निवासी जितेंद्र और संदीप गुड़गांव में मिस्त्री और मजदूरी का काम करते थे। इसी दौरान 4 अक्टूबर को दोनों की अपने साथी मजदूर श्रीकेष से किसी बात को लेकर कहासुनी हो गई। श्रीकेष भागलपुर का रहने वाला था। आरोप है कि विवाद बढ़ने पर जितेंद्र और संदीप ने उसके साथ मारपीट की। इसी दौरान उसके सिर पर लोहे की रॉड से वार किया गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर अचेत हो गया। उसे इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन 6 अक्टूबर को उसकी मौत हो गई। एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा मोबाइल बंद कर हुआ फरार मजदूर की मौत के बाद गुड़गांव पुलिस ने मामले में कार्रवाई करते हुए जितेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। वहीं, दूसरा आरोपी संदीप मोबाइल फोन बंद कर फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी थी, लेकिन उसका ठिकाना नहीं मिल पा रहा था। मोबाइल बंद रहने के कारण उसकी लोकेशन भी नहीं मिल रही थी। पुलिस आरोपी की तलाश में संभावित ठिकानों और उपलब्ध सुरागों के आधार पर जांच कर रही थी। मोबाइल ऑन होते ही किशनगंज में मिली लोकेशन शुक्रवार, 9 अक्टूबर को संदीप ने जैसे ही अपना मोबाइल फोन ऑन किया, हरियाणा पुलिस को उसकी लोकेशन किशनगंज में मिली। इसके बाद पुलिस ने इंटरनेट पर उपलब्ध संपर्क विवरण के जरिए किशनगंज RPF प्रभारी हृदयेश कुमार शर्मा से संपर्क किया। हरियाणा पुलिस ने हत्या के मामले और फरार आरोपी के बारे में जानकारी देते हुए उसे पकड़ने में मदद मांगी। एक घंटे तक तलाश, बस स्टैंड के पास दबोचा हरियाणा पुलिस से सूचना मिलने के बाद RPF प्रभारी हृदयेश कुमार शर्मा ने अपनी टीम को सक्रिय किया। मोबाइल लोकेशन के आधार पर किशनगंज में आरोपी की तलाश शुरू की गई। खोजबीन के दौरान करीब एक घंटे तक टीम आरोपी को ढूंढ़ती रही। आखिरकार उसे किशनगंज बस स्टैंड के पास पकड़ लिया गया। गिरफ्तारी के बाद RPF टीम ने आरोपी की तस्वीर लेकर हरियाणा पुलिस को भेजी, ताकि उसकी पहचान की पुष्टि की जा सके। हरियाणा पुलिस को सौंपने की तैयारी प्राप्त जानकारी के मुताबिक, शुक्रवार रात हरियाणा पुलिस के बागडोगरा के रास्ते किशनगंज पहुंचने की बात थी। इसके बाद आरोपी को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए हरियाणा ले जाने की तैयारी थी। इस मामले में गुड़गांव में हुई हत्या, पश्चिम बंगाल के रहने वाले आरोपियों की संलिप्तता और किशनगंज में गिरफ्तारी के बीच कई राज्यों की पुलिस के समन्वय की भूमिका सामने आई है।
सहरसा। जिले में अपराध नियंत्रण और अपराधियों की धरपकड़ को लेकर सहरसा पुलिस ने जुलाई से सितंबर तक विशेष अभियान चलाकर कई महत्वपूर्ण उपलब्धियां हासिल की हैं। पुलिस अधीक्षक कार्यालय की ओर से जारी तीन माह के आंकड़ों के अनुसार, इस अवधि में विभिन्न आपराधिक मामलों में 2,846 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। वहीं, दर्ज 1,870 नए कांडों की तुलना में पुराने और नए मिलाकर कुल 2,105 मामलों का निष्पादन किया गया। पुलिस की कार्रवाई में अपराधियों की गिरफ्तारी के साथ साइबर ठगी की रकम सुरक्षित कराने, चोरी व गुम हुए मोबाइल बरामद करने और नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने पर भी जोर रहा। ऑपरेशन मुस्कान से 435 लोगों को मिले मोबाइल पुलिस के ऑपरेशन मुस्कान के तहत चोरी या गुम हुए 435 मोबाइल फोन बरामद कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। इससे लोगों को आर्थिक राहत मिलने के साथ उनके चेहरे पर मुस्कान लौटी। वहीं, साइबर थाना की तत्परता से ऑनलाइन ठगी के शिकार लोगों के 62,44,853.97 रुपये संबंधित बैंक खातों में होल्ड कराए गए। पुलिस की इस कार्रवाई से ठगी की रकम को सुरक्षित रखने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली। 649 मामलों में अपराधियों को सजा पुलिस की ओर से की गई जांच और न्यायालय में प्रभावी पैरवी के बाद तीन माह के दौरान 649 मामलों में आरोपियों को सजा दिलाई गई। इनमें मद्यनिषेध के 378, विविध श्रेणी के 237, आर्म्स एक्ट के 20, पॉक्सो के सात, चोरी के चार और हत्या के तीन मामले शामिल हैं। पुलिस की इस उपलब्धि को अपराधियों को सजा दिलाने और कानून का भय कायम करने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जा रहा है। नशे के कारोबार पर कार्रवाई, शराब और गांजा जब्त नशे के अवैध कारोबार के खिलाफ अभियान में पुलिस ने 2,328.8 लीटर देसी शराब और 1,964.11 लीटर विदेशी शराब जब्त की। इसके अलावा 100.28 किलोग्राम गांजा, 1.16 किलोग्राम स्मैक और 1,416.25 लीटर अवैध कोडीनयुक्त कफ सिरप बरामद किया गया। मादक पदार्थों के कारोबार में शामिल 70 तस्करों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। 37 अवैध हथियार और 108 कारतूस बरामद अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 37 अवैध हथियार और 108 जिंदा कारतूस बरामद किए। इसके अलावा 18 ग्राम सोने के आभूषण, जिनमें नथिया, मांगटीका और सिक्का शामिल हैं, तथा चांदी के जेवरात भी जब्त किए गए। चोरी और लावारिस सामान की बरामदगी में 300 किलोग्राम मक्का, पांच मंदिर या घरेलू घंटियां, छह तसले, एक पंखा, 23 अधिवक्ता नियुक्ति पत्र, चार ई-रिक्शा, 92 बाइक और 12 ताश के पत्ते भी शामिल हैं। वहीं, विभिन्न मामलों में अपहृत 26 महिलाओं और बालिकाओं के साथ तीन पुरुषों को भी सकुशल बरामद किया गया। हत्या, लूट और महिला उत्पीड़न के आरोपियों की गिरफ्तारीपुलिस के आंकड़ों के मुताबिक, तीन माह में हत्या के 41 और हत्या के प्रयास के 314 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। महिला उत्पीड़न के मामलों में 215, लूट के 27 और आर्म्स एक्ट के 134 आरोपियों की गिरफ्तारी हुई। इसके अलावा पुलिस ने 7,939 वारंटों का निष्पादन किया तथा 164 मामलों में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की। 163 पुलिसकर्मी पुरस्कृत, 13 पर विभागीय कार्रवाई बेहतर कार्य करने वाले 163 पुलिस पदाधिकारियों और कर्मियों को पुरस्कृत कर उनका उत्साह बढ़ाया गया। दूसरी ओर, कर्तव्य में लापरवाही और अनुसंधान में सुस्ती बरतने के आरोप में 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की गई। वाहन जांच अभियान के तहत 2,806 वाहनों की जांच कर 32.76 लाख रुपये शमन शुल्क भी वसूला गया। तीन माह की यह कार्रवाई अपराध नियंत्रण, लंबित मामलों के निष्पादन, नशे के अवैध कारोबार पर अंकुश और आम लोगों को राहत पहुंचाने के लिहाज से सहरसा पुलिस की महत्वपूर्ण उपलब्धि के रूप में सामने आई है।
दिल्ली के आनंद विहार में महिला गिरफ्तार, घर से चोरी के 43 मोबाइल बरामद
नई दिल्ली, 9 अक्टूबर . पूर्वी दिल्ली के आनंद विहार थाने की Police ने मोबाइल चोरी के एक मामले की जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए 43 मोबाइल फोन बरामद किए हैं. इस मामले में Police ने जेजे कैंप निवासी 27 वर्षीय महिला रेशमा को गिरफ्तार किया है. बरामद मोबाइल फोन में वे मोबाइल ... Read more
गुरुग्राम जिले में सोहना सिटी थाने के सामने यूनियन बैंक की इमारत में दिनदहाड़े चोरी हुई। चोरों ने मजदूरों के दो मोबाइल फोन, दो बैग और एसी की तांबे की आठ पाइप चुरा लीं। सीसीटीवी फुटेज की मदद से आरोपी को सुशील नगर से पकड़कर पुलिस को सौंप दिया गया। जानकारी के अनुसार, यूनियन बैंक की इमारत की दूसरी मंजिल पर मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान एक युवक वहां पहुंचा और मजदूरों के दो मोबाइल फोन, सामान से भरे दो थैले तथा एसी की तांबे की आठ पाइप चोरी कर लीं। बताया जा रहा है कि युवक ने चोरी किए गए सामान को पहले इमारत के पीछे स्थित एक बड़े खाली प्लाट में फेंक दिया। इसके बाद वह कबाड़ बीनने वाले एक युवक से उसका थैला छीनकर लाया और उसमें सामान रखकर फरार हो गया। सीसीटीवी फुटेज से खुला मामला घटना की जानकारी मिलने पर स्थानीय लोगों ने सीसीटीवी कैमरों की फुटेज देखी। इसके आधार पर कथित आरोपी की पहचान उदाका गांव निवासी अंकित के रूप में हुई। लोगों ने उसे सुशील नगर से पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। बताया जा रहा है कि आरोपी ने चोरी किए गए दोनों मोबाइल फोन मजदूरों को वापस कर दिए हैं। हालांकि, अन्य सामान की बरामदगी को लेकर स्थिति स्पष्ट नहीं है। पुलिस की कार्रवाई पर उठे सवाल दिनदहाड़े सिटी थाने के सामने हुई चोरी की इस घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि संदिग्ध को पकड़कर पुलिस के हवाले करने के बावजूद अब तक कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। हालांकि, पुलिस का आधिकारिक पक्ष अभी सामने आना बाकी है।
पानीपत CIA-2 पुलिस टीम ने राहगीरों से मोबाइल छीनने और चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने गिरोह के 2 मुख्य स्नैचर्स को काबू कर उनकी निशानदेही पर छीने गए मोबाइल खरीदने वाले 2 रिसीवरों को भी गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की जाने वाली एक्टिवा स्कूटी बरामद की गई है। शुक्रवार को जिला सचिवालय स्थित पुलिस विभाग के सभागार में आयोजित प्रेसवार्ता में डीएसपी मुख्यालय विकास कुमार ने पूरे मामले का खुलासा किया। हेलीपैड के पास घूमते धरे गए मुख्य आरोपी डीएसपी विकास कुमार ने बताया कि सीआईए टू की पुलिस टीम को गुरुवार शाम गश्त के दौरान गुप्त सूचना के आधार पर सेक्टर 13/17 स्थित हेलीपैड के पास वारदात की फिराक में घूम रहे दो युवकों को काबू किया। पूछताछ में उनकी पहचान कमल निवासी गांधी कॉलोनी और संजू निवासी ईंदगाह कॉलोनी के रुप में हुई। कड़ाई से पूछताछ करने पर दोनों आरोपियों ने स्वीकार किया कि 30 सितंबर को उन्होंने बरसत रोड पर पांचाल अस्पताल के पास पैदल जा रहे अक्षय निवासी विकास नगर से मोबाइल छीना था। चोरी के मोबाइल खरीदने वाले 2 साथी भी गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ में सामने आया कि वे अपने दो अन्य साथियों अंकुश निवासी गीता कॉलोनी और युसुफ निवासी मारूपुर मालदा, पश्चिम बंगाल हाल किराएदार फ्लोरा चौक के साथ मिलकर वारदात रचते थे। कमल और संजू ने खुलासा किया कि वे पानीपत और करनाल क्षेत्र में अब तक 20 से अधिक मोबाइल स्नेचिंग व चोरी की वारदातों को अंजाम दे चुके हैं और चोरी किए गए सभी मोबाइल अंकुश और युसुफ को बेचते थे। इसके बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अंकुश और युसुफ को जीटी रोड टोल प्लाजा के पास से गिरफ्तार कर लिया। कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा डीएसपी मुख्यालय ने बताया कि शुक्रवार को चारों आरोपियों को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। रिमांड के दौरान आरोपियों से कड़ाई से पूछताछ की जाएगी, ताकि स्नेच व चोरी किए गए 20 से अधिक मोबाइल फोन बरामद किए जा सकें और अन्य वारदातों का खुलासा हो सके।
भीलवाड़ा: मोबाइल देखने से मां ने टोका, घर से रूठकर निकली छात्रा जयपुर में मिली
गलती से जयपुर की बस में सवार हुई आठवीं की छात्रा को पुलिस ने ब्रह्मपुरी क्षेत्र से दस्तयाब कर परिजनों को सौंपा।
मैनपुरी में संदिग्ध परिस्थितियों में गोली लगने से युवक( 32) की मौत हो गई। घटना के समय युवक घर में अकेला था। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने मौके से तमंचा, खोखा और कारतूस बरामद कर जांच शुरू कर दी है। घटना बेवर थाना क्षेत्र के उत्तरी काजी टोला मोहल्ले में शुक्रवार दोपहर की है। अचानक आई गोली चलने की आवाज मृतक की पहचान मोहम्मद आजम उर्फ शहंशाह (32) पुत्र अफजाल अली के रूप में हुई है। आजम गुरुवार को ही जयपुर से अपने घर बेवर लौटा था। शुक्रवार दोपहर करीब 12 बजे अचानक उसके कमरे से गोली चलने की तेज आवाज आई। आसपास के लोग तुरंत भागकर कमरे में पहुंचे तो आजम फर्श पर खून से लथपथ पड़ा मिला। घटना के वक्त घर पर कोई अन्य सदस्य मौजूद नहीं था। आजम की मां माहजमा अपनी भांजी का हालचाल लेने गुरसहायगंज गई हुई थीं, जबकि उसके पिता और भाई जयपुर में थे। अस्पताल ले जाते समय तोड़ा दम आनन-फानन में स्थानीय लोग आजम को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवर ले गए। वहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने गंभीर हालत को देखते हुए उसे जिला अस्पताल मैनपुरी और फिर वहां से सैफई पीजीआई रेफर कर दिया। हालांकि, सैफई पहुंचने से पहले ही रास्ते में आजम ने दम तोड़ दिया। कमरे से तमंचा, 4 कारतूस और मोबाइल जब्त घटना की जानकारी मिलते ही बेवर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने कमरे की तलाशी ली, जहां से एक अवैध तमंचा, नाल में फंसा हुआ एक खोखा, चार जिंदा कारतूस और आजम का मोबाइल फोन बरामद हुआ है। फॉरेंसिक टीम ने भी घटनास्थल से फिंगरप्रिंट और अन्य वैज्ञानिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। वहीं, घटना के बाद से परिजनों में कोहराम मचा है और उन्होंने अनहोनी की आशंका जताई है। पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है कि यह हादसा है, आत्महत्या या फिर हत्या।
सवाई माधोपुर में विधिक जागरूकता अभियान तेज, 18 अक्टूबर तक गांवों में पहुंचेगी मोबाइल वैन
सवाई माधोपुर में ग्रामीण क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता बढ़ाने के लिए जिला न्यायालय परिसर से मोबाइल वैन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया गया।
भीलवाड़ा-चित्तौड़गढ़ रेल लाइन पर मंडपिया स्टेशन के पास इंटरसिटी एक्सप्रेस की चपेट में आने से एक युवक की दर्दनाक मौत हो गई। ट्रेन की टक्कर से युवक के शरीर के चीथड़े उड़ गए और शव को गठरी में बांधकर मॉर्च्युरी तक पहुंचाया जा सका। हादसा शुक्रवार को मंडपिया रेलवे स्टेशन से करीब एक किलोमीटर आगे हमीरगढ़ स्टेशन की ओर हुआ। ट्रैक पार करने की चक्कर में लगी टक्करजीआरपी चौकी प्रभारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि शुरुआती जानकारी के अनुसार, मृतक हाइवे की ओर से नीचे उतरकर रेलवे ट्रैक पार कर दूसरी ओर जा रहा था। इसी दौरान वो उदयपुर से जयपुर जाने वाली इंटरसिटी ट्रेन की चपेट में आ गया। टक्कर के कारण उसके शरीर के चीथड़े उड़ गए थे, जिन्हें एक गठरी में ट्रैक से इकट्ठा किया गया। पहचान के डॉक्युमेंट्स नहीं मिलेसूचना मिलते ही जीआरपी स्टाफ तुरंत मौके पर पहुंचा। टक्कर के बाद शरीर टुकड़ों में बिखर जाने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी। मृतक ने लोवर और टी-शर्ट पहन रखी थी और उसके पास पहचान से जुड़ा कोई भी डॉक्युमेंट्स नहीं मिला। हादसे में युवक का मोबाइल फोन भी पूरी तरह टूट गया। जीआरपी के जवानों ने एक-एक कर मोबाइल के टुकड़ों को भी घटनास्थल से इकट्ठा किया। पुलिस का मानना है कि मृतक आसपास की किसी फैक्ट्री का वर्कर होने की संभावना है। संभवत: पटरी पार करते वक्त हादसे का शिकार हो गया। जीआरपी आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों और फैक्ट्रियों से कॉन्टेक्ट कर मृतक की पहचान के प्रयास में जुटी है।
रूठी प्रेमिका को मनाने के लिए मोबाइल टावर पर चढ़ा युवक
उत्तर प्रदेश के बागपत में प्रेमिका से शादी की जिद को लेकर विशाल नाम का युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। गुजरात में साथ काम करने के दौरान विशाल और बिजनौर की सुजाता के बीच नजदीकियां बढ़ी थीं और दोनों लिव-इन रिलेशनशिप में रहने लगे थे।
भारत में मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक 2025 से 2030 के बीच सालाना 17 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान : रिपोर्ट
New Delhi, 9 अक्टूबर . India में मोबाइल नेटवर्क ट्रैफिक 2025 से 2030 के बीच सालाना लगभग 17 प्रतिशत की दर से बढ़ने की उम्मीद है, जबकि दूरसंचार ऑपरेटरों का राजस्व सालाना 2.7 प्रतिशत बढ़ने का अनुमान है. यह जानकारी Friday को जारी एक रिपोर्ट में दी गई. केपीएमजी इंडिया की रिपोर्ट में बताया गया ... Read more
मेरठ में दिनदहाड़े युवक का मोबाइल लूटा:बाइक सवार 2 बदमाशों ने की वारदात, 17 सेकेंड का CCTV सामने आया
मेरठ शहर में दिनदहाड़े मोबाइल लूट की वारदात का CCTV सामने आया है। शाहपीर गेट स्थित खत्ता रोड पर बाइक सवार दो बदमाश सड़क किनारे बैठे एक युवक का मोबाइल छीनकर फरार हो गए। 17 सेकंड के वीडियो में मजदूर सड़क किनारे बैठा दिखाई दे रहा है। इसी दौरान बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचते हैं। बाइक सवारों में से एक अचानक मजदूर का मोबाइल छीन लेता है। इसके बाद दोनों बाइक से मौके से फरार हो जाते हैं। मजदूर कुछ समझ पाता, इससे पहले ही बदमाश उसकी आंखों के सामने से मोबाइल लेकर निकल जाते हैं। दिनदहाड़े हुई इस वारदात का वीडियो सामने आने के बाद इलाके में घटना की चर्चा है। वीडियो में बदमाशों की हरकत साफ दिखाई दे रही है। फिलहाल, मामले में पुलिस सीसीटीवी के आधार पर आरोपियों की पहचान करने में जुटी है।
India Mobile Congress 2026: इंडिया मोबाइल कांग्रेस 2026 में भारत की टेक्नोलॉजी और स्वदेशी इनोवेशन की झलक देखने को मिली। इस आयोजन में एआई चश्मे, बैटरी में पानी की चेतावनी देने वाली तकनीक, 64-बिट स्वदेशी चिप और एक साथ हजारों ड्रोन कंट्रोल
इंदौर में मोबाइल स्नेचिंग और चोरी की वारदातें सामने आई हैं। कनाड़िया थाना क्षेत्र में गुलमर्ग परिसर के मुख्य द्वार के सामने बाइक सवार दो बदमाश एक युवक का स्मार्टफोन छीनकर फरार हो गए। पुलिस ने मामले में रौनक और उसके साथी मंजेश उर्फ बाजरा उर्फ चौहान को पकड़ा है। आरोपियों के पास से करीब लूट के 10 मोबाइल बरामद होने की जानकारी सामने आई है। वहीं, एमजी रोड क्षेत्र में ई-रिक्शा में सफर कर रही एक महिला की सोने की चेन और पेंडल चोरी हो गया। दूसरी ओर, खजराना पुलिस ने दो महिलाओं सहित करीब सात लोगों को उनके चोरी और गुम हुए मोबाइल वापस दिलाए। बिना नंबर की पल्सर से आए, मोबाइल छीनकर भागे कनाड़िया पुलिस के मुताबिक, गुलमर्ग परिसर, कनाड़िया रोड निवासी लवकुश पुत्र रामवरन राठौर ने शिकायत दर्ज कराई है कि गुरुवार को वह अपनी सोसाइटी के गेट नंबर-1 के पास खड़े थे। इसी दौरान बिना नंबर की बजाज पल्सर मोटरसाइकिल पर सवार होकर दो युवक वहां पहुंचे। बाइक के पीछे बैठे बदमाश ने झपट्टा मारकर उनके हाथ से स्मार्टफोन छीना और दोनों तेज रफ्तार से फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने लूट का मामला दर्ज किया। डीसीपी अमन राठौर की टीम ने कार्रवाई करते हुए रौनक पुत्र प्रहलाद और उसके साथी मंजेश उर्फ बाजरा उर्फ चौहान को पकड़ा है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों के पास से करीब 10 लूट के मोबाइल बरामद किए गए हैं। पहले भी कर चुका है मोबाइल लूट की वारदातें पुलिस के अनुसार, आरोपी रौनक पहले भी कनाड़िया क्षेत्र में मोबाइल लूट की वारदातों को अंजाम दे चुका है। उस पर एक ही दिन में करीब तीन मोबाइल लूट की लगातार वारदातें करने की जानकारी भी सामने आई है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर अन्य वारदातों और बरामद मोबाइल के संबंध में जानकारी जुटा रही है। खजराना पुलिस ने लौटाए चोरी और गुम हुए मोबाइल खजराना पुलिस ने लोगों को राहत देते हुए दो महिलाओं सहित करीब सात लोगों के चोरी और गुम हुए मोबाइल फोन वापस दिलाए। संबंधित लोगों के मोबाइल पिछले दिनों अज्ञात परिस्थितियों में चोरी या गुम हो गए थे। पुलिस ने गुरुवार रात लोगों को उनके मोबाइल लौटाए। मोबाइल वापस मिलने पर संबंधित लोगों को राहत मिली। ई-रिक्शा में महिला की सोने की चेन और पेंडल चोरी एमजी रोड क्षेत्र में खरीदारी के लिए राजबाड़ा पहुंची एक महिला की सोने की चेन और उसमें लगा पेंडल चोरी हो गया। भागीरथपुरा निवासी आशा सोनी गुरुवार को अपनी जेठानी भारती और बेटी जया के साथ बाजार गई थीं। खरीदारी के बाद तीनों यात्री ई-रिक्शा से घर लौट रही थीं। महिला के मुताबिक, इसी दौरान ई-रिक्शा में तीन अन्य महिलाएं भी सवार हुईं। आरोप है कि इसी बीच अज्ञात महिलाओं ने आशा सोनी के गले से सोने की चेन और उसमें लगा पेंडल चोरी कर लिया। घटना का पता चलने के बाद मामले की जानकारी पुलिस को दी गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस के सामने चोरी और लूट पर अंकुश लगाने की चुनौती शहर में मोबाइल लूट, चोरी और सार्वजनिक परिवहन में आभूषण चोरी की घटनाएं लोगों की सुरक्षा को लेकर सवाल खड़े करती हैं। कनाड़िया में आरोपियों से मोबाइल बरामद होना अन्य वारदातों का खुलासा करने में मददगार हो सकता है। वहीं, ई-रिक्शा में हुई चेन चोरी के मामले में आरोपियों की पहचान और गिरफ्तारी महत्वपूर्ण होगी।
झारखंड मुक्ति मोर्चा के बिहार के केंद्रीय समिति सदस्य ओंकारनाथ बनवाल के घर हथियारबंद नकाबपोश अपराधियों ने लूट की वारदात की। चार बदमाशों ने घर में घुसकर उनकी पत्नी और बेटे को हथियारों के बल पर डराया और उनके साथ मारपीट भी की। आलमारी को तोड़कर गहने और नकदी ले गए घटना देवघर के बेला बागान में देर रात हुई। अपराधियों ने घर में रखे आलमारी को तोड़कर सोने-चांदी के जेवरात, नकदी और मोबाइल फोन लूट लिए। आरोप है कि लूटपाट के दौरान उन्होंने ओंकारनाथ की पत्नी और बेटे से मारपीट भी की। ओंकारनाथ उस समय किसी काम से घर पर नहीं थे। ओंकारनाथ बनवाल की पत्नी से मारपीट वारदात के बाद सभी अपराधी मौके से फरार हो गए। सूचना मिलते ही नगर थाना प्रभारी रवि ठाकुर पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मामले की जांच शुरू की। पुलिस ने परिवार के सदस्यों से घटना के संबंध में जानकारी ली। सहायक अवर निरीक्षक रामविलास शर्मा ने बताया कि घटनास्थल पर गोदरेज टूटा हुआ मिला है और महिला से मारपीट की बात भी सामने आई है। पुलिस अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए तलाश कर रही है। लूटे गए सामान की कुल कीमत का अभी खुलासा नहीं हुआ है। इस घटना से शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठे हैं।
सचिव मेरा मोबाइल छीन लेता है। गांव के विकास का सरकारी पैसा कब आता है और कब निकल जाता है, मुझे पता ही नहीं चलता। वह घर आकर मोबाइल लेता है और उसमें आने वाला ओटीपी डालकर चला जाता है। यह कहना है झलौन गांव की महिला सरपंच लक्ष्मी बाई का। निर्विरोध चुनी गई लक्ष्मी बाई कहती हैं कि सरपंच बने चार साल से ज्यादा हो गए। 40 लाख रुपए से अधिक के काम हो चुके हैं, लेकिन वे कहीं नजर नहीं आते। पूछने पर धमकी दी जाती है। इससे अच्छा तो मैं सरपंच ही नहीं बनती। डिप्टी कलेक्टर को सुनाई फरियाद गुरुवार को लक्ष्मी बाई गांव से करीब 55 किलोमीटर दूर कलेक्ट्रेट पहुंचीं और कलेक्टर के नाम डिप्टी कलेक्टर को शिकायत सौंपी। उन्होंने गांव के सचिव पुष्पराज सिंह लोधी पर मनमानी करने, सरकारी राशि के इस्तेमाल में गड़बड़ी और धमकाने जैसे गंभीर आरोप लगाए हैं। मामले को जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अभिषेक गहलोत ने गंभीरता से लेते हुए जांच कराने की बात कही है। मोबाइल लेकर OTP डालने का आरोप महिला सरपंच का आरोप है कि गांव के विकास कार्यों और सरकारी राशि के लेन-देन पर सचिव का नियंत्रण है। सचिव उनके घर आकर मोबाइल ले लेता है और उसमें आने वाले ओटीपी का इस्तेमाल करता है। इसके बाद वह मोबाइल लौटाकर चला जाता है। सरपंच के मुताबिक, उन्हें यह तक पता नहीं चल पाता कि विकास कार्यों के लिए सरकारी राशि कब खाते में आती है और कब निकाल ली जाती है। लक्ष्मी बाई का कहना है कि गांव में चार साल से अधिक समय में 40 लाख रुपए से ज्यादा के विकास कार्यों की राशि खर्च होने की बात सामने आई है, लेकिन मौके पर काम दिखाई नहीं देते। जब उन्होंने इस संबंध में सवाल उठाए तो उन्हें कथित तौर पर धमकाया गया। व्यापारी से खरीदारी और बिलों में गड़बड़ी का आरोप शिकायत में महिला सरपंच ने गांव के व्यापारी संदीप जैन का भी जिक्र किया है। उनका आरोप है कि सचिव गांव के विकास कार्यों के लिए सीमेंट, लोहा, गिट्टी और अन्य निर्माण सामग्री इसी व्यापारी से खरीदना बताता है। सरपंच के मुताबिक, सामग्री के बिल वास्तविक लागत से कई गुना अधिक राशि के बनाए जाते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिलों में कथित गड़बड़ी का विरोध करने पर उन्हें और गांव के कुछ पंचों को धमकियों का सामना करना पड़ा। सरपंच का दावा है कि कई बार बिल तैयार होने के बाद मोबाइल पर ओटीपी आने पर दबाव बनाकर उनसे हस्ताक्षर भी करवाए गए। ‘पढ़ी-लिखी नहीं हो, ज्यादा दिमाग मत लगाओ’ लक्ष्मी बाई के मुताबिक, जब उन्होंने सचिव की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए तो उन्हें कथित तौर पर यह कहकर चुप कराने की कोशिश की गई कि वह पढ़ी-लिखी नहीं हैं और ज्यादा दिमाग न लगाएं। सरपंच ने जब कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से शिकायत करने की बात कही, तो आरोप है कि सचिव ने जवाब दिया कि उसका कुछ नहीं बिगड़ेगा और जहां शिकायत करना है, कर दें। महिला सरपंच ने यह भी आरोप लगाया कि सचिव पुष्पराज सिंह लोधी का प्रभाव गांव में इतना अधिक है कि वह अपनी मर्जी से काम करवाता है। उन्होंने दावा किया कि गांव में हुए विकास कार्यों और उनके नाम पर प्रस्तुत बिलों की निष्पक्ष जांच कराई जाए तो कथित अनियमितताएं सामने आ सकती हैं। पहले भी फायरिंग के मामले में निलंबन का दावा शिकायतकर्ता ने सचिव पर आरोप लगाते हुए कहा कि करीब चार साल पहले गांव में एक कार्यक्रम के दौरान फायरिंग की घटना के बाद उसे निलंबित भी किया गया था। सरपंच के अनुसार, सचिव कथित तौर पर अपने प्रभाव का हवाला देते हुए कहता है कि उसके खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं होगी। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। जिला पंचायत सीईओ ने जांच का दिया भरोसा महिला सरपंच की शिकायत पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक गहलोत ने इसे गंभीर मामला बताया है। उन्होंने कहा कि शिकायत की जांच कराई जाएगी और इसकी जिम्मेदारी शहपुरा जनपद पंचायत के सीईओ को सौंपी जा रही है। सीईओ के मुताबिक, जांच में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो संबंधित सचिव के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि गांव के विकास कार्यों, सरकारी राशि के इस्तेमाल और बिलों को लेकर लगाए गए आरोपों में कितनी सच्चाई है।
मां शारदा के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की पदयात्रा शुरू हो गई है। बिहार और उत्तर प्रदेश से बड़ी संख्या में भक्त हाथों में पताका लेकर पैदल मैहर की ओर बढ़ रहे हैं। नवरात्रि के चलते चित्रकूट-सतना मार्ग पर भक्तों की आवाजाही बढ़ गई है। इन पदयात्रियों की सेवा के लिए जगह-जगह सामाजिक संगठन और ग्रामीण आगे आए हैं। कोठी के पास विश्व हिंदू परिषद ने एक सेवा शिविर लगाया है। यहां श्रद्धालुओं के लिए जलपान, चाय, भोजन और ठहरने की व्यवस्था की गई है। शिविर में प्राथमिक उपचार और मोबाइल चार्जिंग की सुविधा भी है। विश्व हिंदू परिषद का यह सेवा कार्यक्रम नवरात्रि तक चलेगा। प्रांत सह धर्म प्रसार प्रमुख यतेंद्र पाठक और जिला मंत्री रावेन्द्र सिंह समेत कई लोग इस व्यवस्था में जुटे हैं।
बिहार शरीफ सदर अस्पताल में एक कलयुगी मां की ओर से अपनी नवजात दुधमुंही बच्ची को लावारिस छोड़कर फरार होने का संवेदनशील मामला सामने आया है। सांस की तकलीफ से जूझ रही नवजात पिछले छह दिनों से अस्पताल के स्पेशल न्यूबॉर्न केयर यूनिट (एसएनसीयू) में जीवन की जंग लड़ रही है। घटना के बाद अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया है और परिजनों की तलाश शुरू कर दी गई है। हालांकि बच्ची की स्तिथि फ़िलहाल ठीक बताई जा रही है। दरअसल, 2 अक्टूबर की देर रात एक गर्भवती महिला एक अन्य महिला के साथ प्रसव के लिए सदर अस्पताल पहुंची थी। रात करीब 2 बजे सामान्य प्रसव के जरिए उसने एक बच्ची को जन्म दिया। जन्म के तुरंत बाद नवजात को सांस लेने में कठिनाई होने लगी, जिसके बाद चिकित्सकों ने उसे तुरंत गहन उपचार के लिए एसएनसीयू वार्ड में भर्ती कर दिया। अस्पताल के अभिलेखों में महिला ने अपना नाम विनीता और पता नालंदा जिले के परवलपुर के रूप में दर्ज कराया था, साथ ही एक मोबाइल नंबर भी अंकित कराया था। दिए गए पते और नंबर पर नहीं मिल रहा कोई सुराग अस्पताल कर्मियों के मुताबिक, नवजात को भर्ती कराने के कुछ ही देर बाद परिजन चुपके से वहां से गायब हो गए। पहले तो कर्मियों को लगा कि परिजन किसी काम से बाहर गए होंगे, लेकिन घंटों बीत जाने के बाद भी जब कोई वापस नहीं लौटा तो शक गहरा गया। पर्ची पर दर्ज मोबाइल नंबर पर कई बार संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उधर से कोई सकारात्मक प्रतिक्रिया नहीं मिली। परिजन पूरी तरह से संपर्क से बाहर हैं। चाइल्ड वेलफेयर को दी गई सूचना, एनजीओ कर रहा देखभाल मामले की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रबंधन ने तुरंत जिला प्रशासन और चाइल्ड वेलफेयर कमेटी (सीडब्ल्यूसी) को सूचित किया। वर्तमान में एक स्वयंसेवी संस्था और अस्पताल के स्वास्थ्य कर्मियों की देखरेख में बच्ची का इलाज व पोषण किया जा रहा है। सदर अस्पताल के उपाधीक्षक डॉ. राजीव रंजन ने मामले की पुष्टि करते हुए बताया कि प्रसव के बाद बच्ची की तबीयत ठीक न होने के कारण उसे एसएनसीयू में एडमिट किया गया था। परिजनों द्वारा दिए गए मोबाइल नंबर पर संपर्क करने की कोशिश की जा रही है, लेकिन कोई रिस्पांस नहीं मिल रहा है। वे नवजात को छोड़कर चले गए हैं। अस्पताल प्रशासन ने अपने स्तर से पूरे मामले की लिखित सूचना पुलिस-प्रशासन को दे दी है, ताकि परिजनों की पहचान कर कानूनी कार्रवाई की जा सके।
Gorakhpur News: मोबाइल छीनैती के तीन आरोपी गिरफ्तार, फोन बरामद
Three accused arrested for mobile snatching; phones recovered.
Yamuna Nagar News: मोबाइल हैक कर खाते से निकाले 1.85 लाख
साइबर ठगों ने जगाधरी निवासी युवक का मोबाइल हैक कर उसके फोन-पे खाते से 1.85 लाख रुपये निकाल लिए।
Sultanpur News: लेखपालों ने छोड़ा मोबाइल का प्रशासनिक ग्रुप, बंद किया ऑनलाइन काम
लेखपालों ने छोड़ा मोबाइल का प्रशासनिक ग्रुप, बंद किया ऑनलाइन काम
Sirmour News: पांवटा में फिर शुरू हुई मोबाइल कैंटीन सुविधा, पूर्व सैनिकों ने जताया आभार
लंबे समय से उठाई जा रही मांग के बाद पांवटा साहिब में पूर्व सैनिकों के लिए एक बार फिर मोबाइल कैंटीन सुविधा शुरू हो गई है।
Siddharthnagar News: मोबाइल एसेसरीज की तस्करी करते युवक गिरफ्तार
Youth arrested for smuggling mobile accessories
Mirzapur News: महिला को नशीला पदार्थ सुंघाकर मोबाइल नकदी और आभूषण लेकर भागे उचक्के
The thieves made the woman inhale intoxicants and fled with her mobile phone, cash and jewellery.
Fatehabad News: 21 दिन बीते, लैब में नहीं भेजे गए मोबाइल फोन, जांच पर सवाल
फतेहाबाद। शहर के भीमां बस्ती में मस्जिद वाली गली निवासी 26 साल के गौरव के सुसाइड मामले में 21 दिन बीतने के बाद भी पुलिस के हाथ खाली है। मामले में अभी तक कोई गिरफ्तारी नहीं हुई है।
कानपुर के रामादेवी चौराहे पर गुरुवार चोरों ने महज 20 मिनट के भीतर दो मोबाइल पार कर दिए। हैदराबाद से आई बुटीक संचालक और बनारस की रहने वाली फार्मेसी फाइनल ईयर की छात्रा को चोरों ने निशाना बनाया। एक महिला केला खरीदने में व्यस्त थी, तो दूसरी कॉलेज से छुट्टी के बाद गोलगप्पे खा रही थी। इसी दौरान दोनों के मोबाइल चोरी हो गए। घटनाओं के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। पीड़िताओं ने शाम 6:30 बजे ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई है। चौराहे पर दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे होने के बावजूद चोरी की घटनाओं ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। केला खरीदने के दौरान पर्स से मोबाइल चोरी पहली घटना में हैदराबाद निवासी केएम सोमना ने बताया कि वह बुटीक संचालक हैं। गुरुवार को वह ट्रेन से कानपुर पहुंचीं थीं। रामादेवी चौराहे पर वह केला खरीदने लगीं। इसी दौरान उनके साथ मौजूद बहन काजल के पर्स से मोबाइल चोरी हो गया। उन्होंने बताया कि वह अपने स्वर्गीय पिता प्रमोद कुमार की पितृ पूजा में शामिल होने कानपुर आई थीं। घटना के बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। गोलगप्पे खाते समय छात्रा का मोबाइल पार दूसरी घटना में बनारस निवासी स्नेहा श्रीवास्तव का मोबाइल चोरी हो गया। स्नेहा फार्मेसी फाइनल ईयर की छात्रा हैं और श्यामनगर में किराये के मकान में रहती हैं। उन्होंने बताया कि गुरुवार को कॉलेज की छुट्टी होने के बाद वह रामादेवी चौराहे पर गोलगप्पे खा रही थीं। इसी बीच किसी ने उनका मोबाइल चोरी कर लिया। काफी तलाश करने के बाद भी फोन नहीं मिला, जिसके बाद उन्होंने ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई। पुलिस का ऑपरेशन त्रिनेत्र खोलेगा राज रामादेवी चौराहे पर दो दर्जन से अधिक सीसीटीवी कैमरे लगे हैं। पीड़िताओं ने पुलिस से फुटेज की जांच कर चोरों की पहचान करने की मांग की है। उनका कहना है कि कैमरों की मदद से आरोपियों तक पहुंचा जा सकता है। कार्यवाहक थाना प्रभारी ने बताया कि चौराहे पर लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में झूठे छेड़खानी के मामले में फंसाने की धमकी देकर 13 लाख रुपए की कथित अवैध वसूली करने के मामले में थाना सेक्टर-6 पुलिस ने एक नाबालिग समेत 3 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को उस समय पकड़ा, जब वे शिकायतकर्ता से 3 लाख रुपए की रकम ले रहे थे। आरोपियों के कब्जे से नकदी के अलावा बातचीत में इस्तेमाल मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त होंडा सिटी कार भी बरामद की गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान दिल्ली निवासी राजेश कुमार और कलानौर निवासी सुरेंद्र के रुप में हुई है। पुलिस के अनुसार बहादुरगढ़ निवासी एक व्यक्ति ने अपने कार्यालय में रिसेप्शन पर कॉलिंग के काम के लिए नौकरी का विज्ञापन दिया था। विज्ञापन देखकर एक युवती नौकरी के लिए कार्यालय पहुंची। इंटरव्यू के बाद वह वहां से चली गई। इसके कुछ समय बाद युवती ने शिकायतकर्ता पर छेड़खानी के आरोप लगाए। पहले 5 लाख मांगे, फिर 13 लाख में समझौते की बात शिकायतकर्ता का आरोप है कि इसके बाद उसके पास फोन आया और मामले में समझौता करवाने के नाम पर रकम मांगी जाने लगी। शुरुआत में 5 लाख रुपए देने का दबाव बनाया गया। बाद में आरोपी राजेश कुमार झा ने फोन कर कथित तौर पर 13 लाख रुपए में मामला खत्म करवाने की बात कही। पुलिस ने जाल बिछाकर रकम लेते पकड़ा शिकायत मिलने के बाद थाना सेक्टर-6 पुलिस ने कार्रवाई शुरू की। पुलिस टीम ने आरोपियों को रकम लेते हुए मौके पर पकड़ लिया। पुलिस के मुताबिक आरोपी राजेश कुमार झा से 3 लाख रुपए नकद बरामद किए गए। साथ ही बातचीत में इस्तेमाल मोबाइल फोन और वारदात में प्रयुक्त होंडा सिटी कार को भी कब्जे में लिया गया। 2 आरोपियों को एक दिन के रिमांड पर लिया पुलिस ने आरोपी दिल्ली निवासी राजेश कुमार और कलानौर निवासी सुरेंद्र को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें एक दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। वहीं मामले में शामिल एक नाबालिग को भी पुलिस ने काबू किया है, जिसे नियमानुसार किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया गया। अन्य आरोपियों की तलाश में दबिश थाना सेक्टर-6 प्रभारी उपनिरीक्षक सत्यवीर ने बताया कि आरोपियों से पूछताछ में सामने आए तथ्यों के आधार पर मामले में शामिल अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। इसके लिए पुलिस की अलग-अलग टीमें संभावित ठिकानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
झज्जर के कस्बा बादली में चोरों ने एक मोबाइल कम्युनिकेशन की दुकान को निशाना बनाते हुए लाखों रुपये के मोबाइल फोन और अन्य सामान पर हाथ साफ कर दिया। चोर रात के समय दुकान का शटर और ताला तोड़कर अंदर घुसे और वारदात को अंजाम देकर फरार हो गए। पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई है। सुबह दुकान पहुंचने पर चला चोरी का पतादुकान मालिक सन्नी ने बताया कि सुबह जब वह दुकान पर पहुंचा तो शटर का ताला टूटा हुआ मिला। अंदर जाकर देखा तो महंगे मोबाइल फोन, अन्य कीमती सामान और गल्ले में रखी नकदी गायब थी। इसके बाद मामले की सूचना बादली थाना पुलिस को दी गई। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जुटाए साक्ष्य:सूचना मिलते ही बादली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी सुमित कुमार ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और जांच शुरू करवाई। पुलिस की स्पेशल टीम ने भी मौके पर पहुंचकर जरूरी साक्ष्य जुटाए। CCTV फुटेज खंगाल रही पुलिसदुकान मालिक की शिकायत पर पुलिस ने चोरी का मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस अब CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान और तलाश में जुटी है। फुटेज में वारदात से जुड़ी गतिविधियां कैद हुई हैं, जिसके आधार पर पुलिस आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
अलवर के मूसी महारानी की छतरी के पास स्थित सागर में मंडी व्यापारी कूद गया। गहरे पानी में जाने से उनकी मौत हो गई। घटना का करीब 12 सेकंड का वीडियो भी सामने आया है। प्रत्यक्षदर्शियों की सूचना पर अखैपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। सागर के पास व्यापारी की स्कूटी और मोबाइल भी मिला है। हादसा गुरुवार दोपहर करीब 2 बजे का है। घटना की जानकारी पर परिजन जिला हॉस्पिटल पहुंचे। देखिए- हादसे से जुड़ी PHOTOS व्यापारी की स्कूटी और मोबाइल मिला एसएचओ संजय शर्मा ने बताया कि व्यापारी की उम्र करीब 40 साल है। सागर के पास से व्यापारी की स्कूटी और मोबाइल को जब्त किया गया है। व्यापारी को पानी से निकालकर जिला हॉस्पिटल लेकर आए थे, जहां डॉक्टरों ने जांच कर मृत घोषित कर दिया। हादसे से पहले का वीडियो आया सामने प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- एक युवक को सागर की ओर जाता देखा था। वह जाली वाले गेट से अंदर चला गया। इसके बाद वह सीढ़ियों से नीचे उतरा और अचानक पानी में चला गया। एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक सागर की सीढ़ियों से नीचे उतरता दिखाई दिया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार वह जिस तरह से चलकर सागर में गया, उससे उसके नशे में होने का शक है। हालांकि पुलिस ने इसकी पुष्टि नहीं की है।
मुजफ्फरपुर में एक युवक कुरियर के नाम पर ठगी का शिकार हुआ, जहां जालसाजों ने उसके मोबाइल की कॉल और मैसेज फॉरवर्डिंग सक्रिय कर दी। करीब चार घंटे तक उसका नंबर जालसाजों के नियंत्रण में रहा।
छात्र से मोबाइल छीनने वाला आरोपी काबू:रतिया में कोचिंग जा रहा था, 2 साथी पहले ही पकड़े जा चुके
फतेहाबाद जिले के रतिया में पुलिस ने छात्र से मोबाइल फोन छीनने के मामले में तीसरे आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान फतेहाबाद के बीराबदी गांव निवासी हरपाल सिंह के रूप में हुई है। उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। थाना शहर रतिया प्रभारी प्रवीन ने बताया कि एक छात्र ने शिकायत दी थी। वह 17 अगस्त 2026 को दोपहर करीब पौने 3 बजे रतिया में महाराजा होटल के पास अपने कोचिंग सेंटर जा रहा था। तभी बाइक पर आए 2 युवकों ने उसका मोबाइल छीन लिया और फरार हो गए। 2 आरोपी पहले ही पकड़े जा चुके पुलिस इस मामले में पहले ही 2 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब तीसरे सह-आरोपी हरपाल सिंह को भी पकड़ा गया है। छात्र ने पहले खुद आरोपियों को ढूंढने की कोशिश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने 18 अगस्त 2026 को केस नंबर 181, धारा 304(1), 3(5) बीएनएस के तहत मामला दर्ज किया था। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
अजमेर: मोबाइल चोरी के विवाद में दिल्ली से आए जायरीन पर चाकू से जानलेवा हमला, आरोपी हिरासत में
अजमेर के गंज थाना क्षेत्र में दिल्ली से जियारत करने आए एक जायरीन पर मोबाइल चोरी के विवाद को लेकर चाकू से हमला कर दिया गया। घायल जायरीन के शोर मचाने पर इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को उपचार के लिए भेजा और आरोपी युवक को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है।
शिवपुरी में राशन दुकान से अनाज की बोरियां चोरी:चौकीदार से झूमाझपटी का आरोप, आरोपियों का मोबाइल मिला
शिवपुरी जिले के तिलातिली गांव में सरकारी राशन दुकान के ताले तोड़कर अनाज चोरी करने का मामला सामने आया है। चोर तीन बोरी चावल और एक बोरी गेहूं ले गए। घटना के दौरान चौकीदार रंजीत यादव मौके पर पहुंच गया, जिससे उसकी चोरों से झूमाझटकी हुई। आरोपी भागते समय अपना एक मोबाइल मौके पर छोड़ गए और तीन पहिया वाहन से फरार हो गए। चौकीदार ने दो लोगों को पहचानने का दावा किया चौकीदार रंजीत यादव ने पुलिस को बताया कि उसने सीताराम कुशवाह और मोहन कुशवाह को पहचान लिया है। वहीं राशन दुकान के सेल्समैन छत्रपाल यादव ने भी दुकान से राशन चोरी होने की पुष्टि की है। मामले में बदरवास थाने में शिकायत दर्ज कराई गई है। पुलिस बोली- चोरी या विवाद, जांच के बाद होगा स्पष्ट बदरवास थाना प्रभारी नवीन यादव ने बताया कि पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि यह वास्तव में चोरी का मामला है या दो पक्षों के बीच हुए विवाद से जुड़ा घटनाक्रम है। जांच पूरी होने के बाद स्थिति स्पष्ट होगी।
काकपोरा: जम्मू-कश्मीर के काकपोरा में सूखी घास से लदे टाटा मोबाइल में लगी भीषण आग
8 अक्टूबर, गुरुवार: काकपोरा में सूखी घास से लदे टाटा मोबाइल में आग लग गई, फायर एंड इमरजेंसी सर्विसेज कश्मीर ने visuals जारी किए।
क्या ज्यादा मोबाइल और सोशल मीडिया बिगाड़ रहा है मानसिक सेहत? जानें डिजिटल स्ट्रेस के संकेत
World Mental Health Day: इस लेख में जानें कि ज्यादा मोबाइल और सोशल मीडिया का इस्तेमाल मानसिक सेहत को कैसे प्रभावित कर सकता है, डिजिटल स्ट्रेस के कौन-कौन से संकेत नजर आते हैं और इससे बचने के लिए क्या उपाय अपनाने चाहिए।
पानीपत में ऑनलाइन ऑर्डर कैंसिल कराने के नाम पर एक युवक से साइबर ठगी करने का मामला सामने आया है। अज्ञात ठग ने फोन कर ऑनलाइन ऑर्डर की जानकारी दी और ओटीपी के बारे में पूछताछ की। इसके बाद शिकायतकर्ता का मोबाइल फोन हैक हो गया। फिर उसके बैंक खाते से 90 हजार रुपये निकल गए। पीड़ित ने साइबर थाना पुलिस को शिकायत देकर रकम वापस दिलाने और आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। एक लाख रुपये थे जमा शिकायत में सोनीपत जिले के गांव भैंसवाल कलां निवासी और वर्तमान में पानीपत स्थित एएनएस इंद्रप्रस्थ इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल साइंस जीटी रोड में रहने वाले संदीप ने बताया कि उसका पंजाब नेशनल बैंक की ककरोई चौक सोनीपत शाखा में खाता है। शिकायतकर्ता के अनुसार उसके खाते में करीब एक लाख रुपये जमा थे। ऑनलाइन ऑर्डर से किया इनकार संदीप ने बताया कि वह ड्यूटी पर मौजूद था। इसी दौरान उसके मोबाइल पर एक अज्ञात नंबर से कॉल आई। कॉल करने वाले ने कहा कि उसके नाम से कोई ऑनलाइन ऑर्डर है। संदीप ने ऑर्डर होने से इनकार कर दिया। इसके बाद आरोपी ने उससे ऑनलाइन ऑर्डर की ओटीपी के बारे में पूछा और ऑर्डर कैंसिल कराने की बात कही। मैसेज आया और हैक हो गया फोन शिकायतकर्ता के अनुसार उसने जैसे ही मोबाइल पर आया मैसेज देखा, उसका मोबाइल फोन हैक हो गया। इसके बाद उसके खाते से 90 हजार रुपये निकल गए। रकम निकलने के बाद उसने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर कॉल कर शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस से की रकम वापस दिलाने की मांग पीड़ित ने अब साइबर अपराध थाना पुलिस को लिखित शिकायत देकर अज्ञात आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने और खाते से निकाली गई रकम वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है।
जिला अस्पताल के NRC में महिलाओं पर स्प्रे कर चोरी, जाली गेट काटकर घुसा बदमाश; मोबाइल और नकदी लेकर फरार
सतना के जिला अस्पताल के पोषण पुनर्वास केंद्र (एनआरसी) में मंगलवार-बुधवार की रात चोरी हुई। एक चोर जाली वाला गेट काटकर वार्ड में घुसा। उसने कुपोषित बच्चों के साथ सो रहीं महिलाओं पर स्प्रे किया और उनके मोबाइल व नकदी लेकर भाग गया। यह पूरी घटना सीसीटीवी में कैद हुई है। चोर एनआरसी में भर्ती कुसुम और प्रियंका रैकवार के मोबाइल ले गया। कुसुम के बैग से 500 रुपए नकद भी चोरी हुए। घटना के समय तीन महिलाएं अपने चार बच्चों के साथ सो रही थीं, साथ ही एक नर्स और केयरटेकर भी मौजूद थे। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिशअस्पताल प्रबंधन ने बुधवार शाम सिटी कोतवाली पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। अस्पताल में सुरक्षा गार्ड और पुलिस चौकी होने के बावजूद इस चोरी से सुरक्षा पर सवाल उठ रहे हैं।
गयाजी में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) और राजकीय रेल पुलिस (GRP) की टीम ने एक को गिरफ्तार किया है। आरोपी ट्रेनों में यात्रियों से दोस्ती कर उन्हें नशीला बिस्किट या चाय पिलाकर बेहोश कर देता था। फिर उनके मोबाइल और अन्य सामान लूटकर फरार हो जाता था। आरोपी के पास से छह स्मार्ट मोबाइल फोन, 120 नशीली गोलियां, संदिग्ध नशीला पाउडर, बिस्किट, डेबिट कार्ड और रेलवे टिकट मिले हैं। रेल डीएसपी गुलशन कुमार ने बुधवार को प्रेस वार्ता में यह जानकारी दी। यह मामला 4 अक्टूबर को वारिसलीगंज में एक यात्री के बेहोश मिलने के बाद सामने आया। जांच में पता चला कि उसे ट्रेन में जहरखुरानी का शिकार बनाया गया था। इसके बाद एक संयुक्त टीम बनी। तकनीकी सबूतों और जानकारी के आधार पर 7 अक्टूबर को गयाजी रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1सी पर गश्त के दौरान आरोपी को पकड़ा गया। पूछताछ में उसने अपना नाम रमेश कुमार (55) बताया जो नालंदा का है। संदेह के आधार पर उसके बैग की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान पुलिस को बड़ी संख्या में संदिग्ध सामान बरामद हुए। यात्रियों को ऐसे बनाता था अपना शिकारपुलिस के अनुसार पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह ट्रेन में सफर के दौरान पहले किसी यात्री को बातचीत के जरिए अपने विश्वास में लेता था। इसके बाद वह यात्री को अपना सामान देखने के लिए कहकर चाय या बिस्किट लाने की बात करता था। इसी दौरान वह चाय, बिस्किट अथवा किसी अन्य खाने की चीज में नशीला पदार्थ मिला देता था। कुछ मामलों में नशीला पदार्थ पाउडर के रूप में इस्तेमाल किए जाने की बात भी सामने आई है। यात्री के बेहोश होने के बाद आरोपी उसका मोबाइल और अन्य सामान चोरी कर लेता था और मौका देखकर ट्रेन से उतर जाता था। ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत कार्रवाईयह पूरी कार्रवाई ऑपरेशन रेल प्रहरी के तहत की गई। सहायक सुरक्षा आयुक्त गया संजय कुमार सिंह और रेल पुलिस उपाधीक्षक गुलशन कुमार के निर्देशन में RPF और GRP की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। टीम में RPF पोस्ट गया के अधिकारी एवं जवान, अपराध आसूचना शाखा और अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।अधिकारियों ने बताया कि रेलवे में जहरखुरानी की घटनाएं यात्रियों की सुरक्षा के लिहाज से बेहद गंभीर हैं। ऐसे अपराधों पर रोक लगाने के लिए रेलवे स्टेशन और ट्रेनों में संदिग्ध गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा रही है।
विश्व दृष्टि दिवस आज...:बच्चों में भी बढ़ रही मायोपिया की समस्या, मोबाइल से दूरी और खुली धूप जरूरी
बच्चों की कमजोर होती नजर के बीच मप्र के सरकारी आंकड़े बड़ा विरोधाभास दिखा रहे हैं। बुजुर्गों के मोतियाबिंद ऑपरेशन में प्रदेश ने तय लक्ष्य से 23% ज्यादा काम किया, लेकिन स्कूली बच्चों को मुफ्त चश्मे देने का लक्ष्य 26% पीछे रह गया। मप्र आर्थिक सर्वेक्षण 2024-25 के मुताबिक 6.25 लाख मोतियाबिंद ऑपरेशन के लक्ष्य के मुकाबले 7.70 लाख ऑपरेशन हुए। यानी 123% लक्ष्य हासिल हुआ। वहीं 89,300 स्कूली बच्चों को चश्मे देने के लक्ष्य के मुकाबले 65,937 बच्चों तक ही चश्मे पहुंचे। यानी 23,363 बच्चे लक्ष्य से कम रहे। यह अंतर इसलिए अहम है क्योंकि बच्चों में मायोपिया (दूर की चीजें न दिखना) की समस्या कम उम्र में हो रही है। आई एक्सपर्ट डॉ. गणेश पिल्लै बताते हैं कि इसके पीछे मोबाइल या स्क्रीन टाइम को ही जिम्मेदार मानना पर्याप्त नहीं है। लगातार नजदीक की चीजों पर नजर टिकाए रखना व बाहर प्राकृतिक रोशनी में कम समय बिताना भी जोखिम बढ़ा रहा है। दूर से ब्लैक बोर्ड पर धुंधला दिखे, आंखें सिकोड़नी पड़ें तो ये मायोपिया के संकेत यानी स्कूली बच्चों को चश्मे देने के कुल टारगेट के मुकाबले 23 हजार 363 बच्चों को मुफ्त चश्मे नहीं बांट सके। बच्चे में लक्षण दिखें तो तुरंत आंखों के डॉक्टर से संपर्क करें ब्लैकबोर्ड दूर से साफ न दिखना। टीवी के बहुत पास जाकर देखना। दूर देखने के लिए आंखें सिकोड़ना। पढ़ाई के दौरान सिरदर्द की शिकायत। बच्चे के चश्मे का माइनस नंबर लगातार बढ़ते चले जाना। पैरेंट्स के लिए 3 अहम सुझाव... आउटडोर टाइम: बच्चे को रोज प्राकृतिक रोशनी में बाहर खेलने दें। नियर वर्क में ब्रेक: मोबाइल, किताब और दूसरे नजदीकी काम लगातार न करने दें। नजर की जांच: शिकायत होने का इंतजार न करें; नियमित स्क्रीनिंग कराएं। 2050 तक हर 2 में से 1 व्यक्ति को मायोपिया होने का अनुमानएक वैश्विक अध्ययन में अनुमान लगाया गया है कि 2050 तक दुनिया में करीब 4.76 अरब लोग मायोपिया प्रभावित हो सकते हैं। इनमें 94 करोड़ को हाई मायोपिया हो सकता है। हाई मायोपिया में रेटिना से जुड़ी जटिलताओं का जोखिम बढ़ जाता है।
Mohali News: कुड़ावाला में मोबाइल टावर से सात बैटरियां चोरी, ब्रेजा सवार थे चोर
कुड़ावाला में मोबाइल टावर से सात बैटरियां चोरी, ब्रेजा सवार थे चोर
Kushinagar News: जिला मुख्यालय पर लगेगा बूस्टर, मोबाइल नेटवर्क की समस्या होगी दूर
Booster to be installed at district headquarters; mobile network issues to be resolved.
Kaithal News: मोबाइल पर एपीके फाइल भेजकर 1.11 लाख की ठगी, फाइल डाउनलोड करते ही कटने लगे पैसे
1.11 lakh swindled via mobile APK file; money started getting deducted immediately upon downloading the file.
Agra News: मोबाइल देखने से टोका तो युवक ने भाई-पिता को बुलाकर पीटा
मोबाइल देखने से टोका तो युवक ने भाई-पिता को बुलाकर पीटा
Unnao News: बिहार एसओ का मोबाइल हैक, ठगों ने भेजा फर्जी चालान लिंक
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Yamuna Nagar News: मोबाइल से नियंत्रित होंगी ट्रैफिक लाइटें, जाम से मिल सकेगी राहत
मोबाइल से नियंत्रित होंगी ट्रैफिक लाइटें, जाम से मिल सकेगी राहत
नालंदा में बुधवार शाम पुरानी रंजिश में युवक को सरेआम गोली मार दी गई। बुलेट पेट में लगी है। घायल छज्जुपुर निवासी द्वारिका प्रसाद का बेटा अनीश कुमार (23) है। उसे एकंगसराय सीएचसी में ले जाया गया था। यहां से उसे हायर सेंटर रेफर किया गया है। घायल अनीश ने अस्पताल में बताया कि वह गांव की एक दुकान पर बैठकर अपने मोबाइल में लूडो खेल रहा था। उसी दौरान निरंजन यादव नाम का युवक पहुंचा और अनीश से उसका मोबाइल मांगने लगा। अनीश ने जब मोबाइल देने से मना किया, तो निरंजन ने अचानक पिस्तौल निकालकर उसे गोली मार दी। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। आनन-फानन में घायल के चचेरे भाई नीतीश कुमार ने उसे बाइक से अस्पताल पहुंचाया। घटना तेल्हाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत छज्जुपुर गांव की है। 2 साल पहले अपहरण भी किया था घायल अनीश के भाई रजनीश ने बताया कि यह केवल मोबाइल का विवाद नहीं है, बल्कि इसके पीछे पुरानी रंजिश है। रजनीश के मुताबिक, आरोपी निरंजन यादव ने करीब दो साल पहले मखदुमपुर से उसका अपहरण कर लिया था। दुश्मनी के मुख्य कारण का खुलासा करते हुए रजनीश ने बताया कि अनीश की बातचीत निरंजन की एक महिला रिश्तेदार मामी से होती थी। निरंजन को यह बात पसंद नहीं थी और वह इसी बात को लेकर रंजिश रखता था। अनीश हाल ही में 3 अक्टूबर को प्रदेश से गांव लौटकर आया था, जिसके बाद आरोपी ने इस घटना को अंजाम दिया। आवेदन नहीं मिला है, कार्रवाई की जाएगी तेल्हाड़ा थानाध्यक्ष अजीत कुमार टिंकू ने बताया कि अनीश कुमार और आरोपी पक्ष के बीच पहले से ही विवाद चल रहा था। इसी पुरानी रंजिश के कारण दोनों पक्षों के बीच विवाद हुआ और गोली चलने की घटना हुई है। थानाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि फिलहाल घायल का इलाज सदर अस्पताल में चल रहा है। घटना के संबंध में पीड़ित पक्ष की ओर से अब तक थाने में कोई लिखित आवेदन नहीं दिया गया है। घायल के पूरी तरह से होश में आने के बाद उसका बयान दर्ज किया जाएगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई और गिरफ्तारी होगी।
एडीए कॉलोनी से राठी हॉस्पिटल वाले रोड पर बाइक सवार दो युवकों ने राह चलते व्यक्ति से मोबाइल फोन छीन लिया। घटना 5 अक्टूबर की रात करीब 8 से 8:30 बजे की बताई गई है। पीड़ित की तहरीर पर थाना सासनी गेट पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।पीड़ित कैलाश चंद्र मिश्रा, निवासी एलआईजी-4, एडीए कॉलोनी, पला रोड, अलीगढ़ ने पुलिस को बताया कि वह शाम के समय एडीए कॉलोनी से राठी हॉस्पिटल वाले रोड की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से मोटरसाइकिल पर दो लोग आए। आरोप है कि दोनों ने उनके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया और मौके से फरार हो गए।मोबाइल में लगे थे दो जियो सिमपीड़ित के अनुसार छीने गए मोबाइल में दो सिम लगे थे। इनमें एक नंबर 941317286 और दूसरा नंबर 63048XXXXX बताया गया है। पीड़ित ने पुलिस से मोबाइल बरामद कराने और आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। तहरीर के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच की जिम्मेदारी उपनिरीक्षक अंकित कुमार को सौंपी है। पुलिस अब घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के साथ बाइक सवार आरोपियों की पहचान का प्रयास कर रही है।
साइबर ठगों ने सोशल मीडिया पर परिचित बनकर युवक से 1.30 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। डूंगरपुर साइबर थाना पुलिस ने बिहार के पश्चिमी चंपारण से 2 शातिर आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों ने ठगी के रुपए सीधे अपने बैंक खातों में लेने के बजाय पेट्रोल पंप के QR कोड पर ट्रांसफर करवाए। बदले में कैश राशि ले ली। पुलिस ने ठगी में इस्तेमाल तीन मोबाइल फोन भी जब्त किए हैं। साइबर थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया कि 17 सितंबर को कुंआ थाना क्षेत्र के साकोदरा निवासी विनोद सिंह के इंस्टाग्राम अकाउंट पर उसके परिचित के नाम से मैसेज आया था। आरोपी ने परिचित बनकर विश्वास में लिया और बाद में एजेंट को रुपए देने के बहाने अलग-अलग ट्रांजेक्शन के जरिए कुल 1.30 लाख रुपए ट्रांसफर करवा लिए। ठगी का पता चलने पर परिवादी ने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके आधार पर साइबर थाना डूंगरपुर में ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच में पुलिस ने बैंक ट्रांजेक्शन और साइबर पोर्टल पर वित्तीय ट्रेल का तकनीकी जांच की। जिसमे ठगी के रुपए पश्चिमी चंपारण क्षेत्र के एक पेट्रोल पंप के बैंक खाते में ट्रांसफर होने का पता चला। इसके बाद साइबर थाना पुलिस की टीम बिहार पहुंची और पेट्रोल पंप के बैंक रिकॉर्ड, संबंधित लोगों के बयान ओर सीसीटीवी फुटेज की जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी हरिओम कुमार चौबे ने पेट्रोल पंप का QR कोड उपलब्ध करवाया था। ठगी के रुपए QR कोड पर ट्रांसफर होने के बाद पेट्रोल पंप से उसके बदले कैश राशि ले ली थी। आगे की जांच में सुमन कुमार पटेल की भूमिका भी सामने आई।
सोने का बिस्किट दिलाने का लालच देकर लोगों से पैसे ठगने वाले एक आरोपी को रानीतराई पुलिस ने उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान विश्वजीत मौर्य (29) के रूप में हुई है। पुलिस के मुताबिक आरोपी अपने साथी राहुल कुमार के साथ मिलकर लोगों को सोने का बिस्किट दिलाने का झांसा देता था। इसके बाद उनसे रकम ले ली जाती थी। इस मामले की शुरुआत ग्राम रेंगाकठोरा निवासी समीर साहू की शिकायत से हुई। समीर ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के सामने शिकायत दी थी। शिकायत रानीतराई थाने पहुंचने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। शुरुआती जांच में ठगी का मामला सामने आने पर पुलिस ने अपराध दर्ज किया। मोबाइल नंबरों की जांच से मिला सुरागमामले की जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल नंबरों की जानकारी जुटाई। मोबाइल की लोकेशन से पता चला कि संदिग्ध दूसरे राज्य में हैं। इसके बाद रानीतराई पुलिस की टीम ने जरूरी अनुमति लेकर उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद के लिए रवाना हुई। पुलिस टीम ने तकनीकी जानकारी के आधार पर इंदिरापुरम इलाके में आरोपी की तलाश शुरू की। काफी जानकारी जुटाने के बाद पुलिस ने विश्वजीत मौर्य को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने राहुल कुमार के साथ मिलकर लोगों से ठगी करने की बात स्वीकार की। सोने का बिस्किट दिखाकर रकम लेने का झांसापुलिस के अनुसार आरोपी लोगों को सोने का बिस्किट दिलाने की बात कहकर अपने झांसे में लेते थे। सस्ता या आसानी से सोना मिलने की उम्मीद में लोग उनके संपर्क में आते थे। इसके बाद सोने का बिस्किट देने के नाम पर उनसे रकम ली जाती थी। इस पूरे मामले में पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने लोगों को अपना शिकार बनाया और उनसे कितनी रकम ली गई। साथ ही उसके साथी राहुल कुमार और इस गिरोह से जुड़े दूसरे लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। नेटवर्क खंगाल रही पुलिसपुलिस ने मोबाइल से मिले सुराग के आधार पर उसकी लोकेशन का पता लगाया और टीम को दूसरे राज्य भेजा। पुलिस ने गाजियाबाद के इंदिरापुरम इलाके से विश्वजीत को गिरफ्तार किया। पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। फिलहाल पुलिस इस मामले में लेन-देन से जुड़ी जानकारी जुटा रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि सोने का बिस्किट दिलाने के नाम पर ठगी का यह खेल कितने समय से चल रहा था और इसमें और कितने लोग शामिल हैं।
यमुनानगर जिले के छछरौली थाना क्षेत्र के गांव दादुपुर जट्टान से छुट्टी खत्म होने के बाद ड्यूटी के लिए निकले सेना नायक संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गए। परिजनों को सेना की ओर से सूचना मिली कि वह अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे। सूचना मिलने पर परिजनों ने आसपास उनकी तलाश की लेकिन कुछ पता नहीं चला, जिसके बाद छदरौली थाना पुलिस को शिकायत दी गई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर सैनिक की तलाश शुरू कर दी है। 19 सितंबर को छुट्टी आए थे, मोबाइल घर छोड़ा पुलिस को दी शिकायत में गांव दादुपुर जट्टान निवासी विकास कुमार ने बताया कि उसका चचेरा भाई राहुल मान भारतीय सेना की 12 जाट रेजिमेंट में नायक के पद पर तैनात है और उसकी पोस्टिंग नागालैंड में है। राहुल 19 सितंबर को छुट्टी पर अपने गांव आया था। विकास के अनुसार 5 अक्टूबर को राहुल की छुट्टी खत्म हो गई थी। इसी दिन सुबह करीब 11 बजे उसने घरवालों से कहा कि वह अपनी ड्यूटी पर वापस जा रहा है। इसके बाद वह घर से निकल गया। राहुल अपना मोबाइल फोन घर पर ही छोड़ गयाा। फोन आया कि राहुल ड्यूटी पर नहीं पहुंचे विकास ने बताया कि 5 अक्टूबर को ही परिवार के मोबाइल पर सूचना आई जिसमें बताया गया कि राहुल मान अपनी ड्यूटी पर नहीं पहुंचे हैं। इसके बाद परिवार के लोगों को चिंता हुई और उन्होंने अपने स्तर पर राहुल की तलाश शुरू की, लेकिन उनका कोई पता नहीं चला। छछरौली थाना प्रभारी वेदपाल ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है और लापता सेना के जवान की तलाश की जा रही है। आसपास के पुलिस थानों में भी लापता होने की सूचना दी गई है।
जमुई टाउन थाना क्षेत्र के कुंदरी गांव के समीप बुधवार को बाइक सवार बदमाशों ने एक फेरीवाले से छिनतई की कोशिश की। विरोध करने पर फेरीवाले को गोली मारकर घायल कर दिया। घायल की पहचान पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद निवासी मो. रफिक के पुत्र मो. मारु के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों की मदद से उसे इलाज के लिए सदर अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। सामान लेकर गांवों में फेरी करने निकला था जानकारी के अनुसार, मो. मारु प्लास्टिक समेत घरेलू सामान की फेरी लगाकर परिवार का भरण-पोषण करता है। बुधवार को वह सामान लेकर आसपास के गांवों में फेरी करने निकला था। इसी दौरान कुंदरी गांव के पास बाइक सवार दो बदमाशों ने उसे रोक लिया। आरोप है कि बदमाशों ने उसका मोबाइल छीनने का प्रयास किया। मो. मारु ने इसका विरोध किया तो बदमाशों ने उस पर गोली चला दी। इसके बाद दोनों मौके से फरार हो गए। घायल ने साथियों को फोन कर दी जानकारी गोली चलने के बाद मो. मारु घायल होकर सड़क किनारे गिर गया। घायल अवस्था में उसने किसी तरह अपने मोबाइल से साथियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। इसी दौरान आसपास मौजूद लोगों की नजर उस पर पड़ी। लोगों ने तत्काल उसकी मदद की और ई-रिक्शा से सदर अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी मिलने के बाद उसके साथी भी अस्पताल पहुंचे और घायल का हाल जाना। पीठ पर मिला जख्म, छर्रा लगने की आशंका सदर अस्पताल के इमरजेंसी कक्ष में डॉक्टर ने घायल की प्राथमिक जांच की। डॉक्टर के अनुसार, उसकी पीठ पर जख्म का निशान मिला है। सीधे गोली लगने की पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन जख्म को देखते हुए गोली का छर्रा लगने की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। फिलहाल युवक का इलाज किया जा रहा है। महिसौड़ी में किराये के मकान में रहते हैं साथी बताया जाता है कि मो. मारु अपने साथियों के साथ शहर के महिसौड़ी इलाके में किराये के मकान में रहते हैं। सभी प्लास्टिक और अन्य घरेलू सामान लेकर आसपास के गांवों में फेरी करते हैं। घटना के बाद उनके साथियों में भी दहशत का माहौल है। पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी घटना की स्थिति घटना की सूचना मिलने के बाद टाउन थाना पुलिस जांच में जुट गई है। टाउन थानाध्यक्ष अमरेंद्र कुमार ने बताया कि घटना की जानकारी मिली है। एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचना है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जांच के बाद घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
हिसार जिले की थाना अग्रोहा पुलिस ने चोरी की वारदात का खुलासा करते हुए डॉक्टर के बंद मकान का ताला तोड़कर चोरी करने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर चोरी की गई एप्पल स्मार्ट वॉच, वनप्लस स्मार्टफोन, इंडेन गैस सिलेंडर और बजाज इंडक्शन चूल्हा बरामद किया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान मीरपुर निवासी अंकुश के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मेडिकल ऑफिसर डॉ. मयंक चौहान, एमएएमसी अग्रोहा, जो वर्तमान में अग्रोहा की हेतराम कॉलोनी में किराए के मकान में रह रहे हैं, ने थाना अग्रोहा में शिकायत दी थी। ताला तोड़कर कीमती सामान चुराया शिकायत में बताया गया था कि अज्ञात चोर उनके मकान का ताला तोड़कर अलमारी में रखी एप्पल की हाथ घड़ी, वनप्लस मोबाइल फोन और करीब 10 हजार रुपए चोरी कर ले गए। इसके अलावा रसोई से इंडेन गैस सिलेंडर और इंडक्शन चूल्हा भी चोरी किया गया था। शिकायत के आधार पर थाना अग्रोहा में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच के दौरान एएसआई विनोद कुमार ने साक्ष्य जुटाते हुए वारदात से जुड़े तथ्यों की पड़ताल की। जांच के दौरान आरोपी अंकुश की संलिप्तता सामने आई, जिसके बाद उसे अरेस्ट कर कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट से आरोपी का एक दिन का पुलिस रिमांड हासिल किया गया। आरोपी की निशानदेही पर चोरी का सामान बरामद पुलिस के मुताबिक, रिमांड के दौरान पूछताछ के आधार पर आरोपी की निशानदेही पर गांव मीरपुर स्थित उसकी ढाणी से चोरी किया गया सामान बरामद किया गया। बरामद सामान में काले रंग की एप्पल स्मार्टवॉच, वनप्लस स्मार्टफोन, इंडेन गैस सिलेंडर और बजाज इंडक्शन चूल्हा शामिल हैं। एसपी हिसार सिद्धांत जैन ने कहा कि जिला पुलिस आमजन के जान-माल की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। चोरी और अन्य आपराधिक वारदातों में संलिप्त आरोपियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रहेगी। उन्होंने एएसआई विनोद कुमार और थाना अग्रोहा पुलिस टीम की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि टीम ने मुस्तैदी और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर मामले को सुलझाया है।
कतरास थाना क्षेत्र के मालकेरा में मंगलवार देर रात बंद मोबाइल रिपेयरिंग दुकान में अचानक आग लग गई। घटना रात करीब एक बजे की बताई जा रही है। आग लगने से दुकान में रखे नए-पुराने मोबाइल, काउंटर, रिपेयरिंग का सामान और अन्य उपकरण जलकर राख हो गए। दुकान मालिक ने करीब आठ लाख रुपए के नुकसान का दावा किया है। बताया गया कि रात में कतरास थाना की पेट्रोलिंग टीम इलाके में गश्त कर रही थी। इसी दौरान पुलिसकर्मियों की नजर बंद दुकान से निकल रही आग की लपटों पर पड़ी। पुलिस ने तत्काल बिजली विभाग को सूचना देकर आसपास की बिजली आपूर्ति बंद कराई। इसके बाद दुकान मालिक को फोन कर घटना की जानकारी दी गई। सूचना मिलते ही आसपास के लोग भी मौके पर जुटने लगे और आग बुझाने के प्रयास में लग गए। टैंकर से पानी मंगाकर लोगों ने बुझाई आग स्थानीय लोगों के अनुसार, आग की सूचना अग्निशमन विभाग को देने और दमकल वाहन बुलाने का प्रयास किया गया, लेकिन संपर्क नहीं हो सका। काफी कोशिश के बावजूद दमकल वाहन मौके पर नहीं पहुंचा। इसके बाद स्थानीय लोगों ने अपने स्तर से आग बुझाने की व्यवस्था शुरू की। घर-घर पानी पहुंचाने वाले टेंपो के टैंक से पानी मंगाया गया। दुकान के ऊपर लगी करकट शीट को तोड़कर अंदर पानी पहुंचाया गया, जिसके बाद लोगों ने मिलकर आग पर काबू पाने की कोशिश की। काफी मशक्कत के बाद आग पूरी तरह बुझाई जा सकी। लोगों ने बताया कि समय रहते आग पर काबू नहीं पाया जाता तो आसपास की दुकानों और मकानों तक भी आग फैल सकती थी। दमकल की मदद नहीं मिलने को लेकर स्थानीय लोगों में नाराजगी रही। लोगों ने कहा कि कतरास जैसे घनी आबादी वाले क्षेत्र में आग लगने की स्थिति में दमकल की तत्काल उपलब्धता जरूरी है। शॉर्ट सर्किट की आशंका दुकान मालिक ने प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट होने की आशंका जताई है। हालांकि उन्होंने दुकान में जानबूझकर आग लगाए जाने की आशंका से भी इनकार नहीं किया है। दुकानदार के अनुसार, इससे पहले उनकी दुकान में चोरी की घटना भी हो चुकी है। ऐसे में आग लगने की परिस्थितियों को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। फिलहाल आग लगने के वास्तविक कारणों का पता नहीं चल पाया है। घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने मामले की जानकारी जुटानी शुरू कर दी है। आग से दुकान में रखे मोबाइल और अन्य सामान पूरी तरह जल जाने के कारण दुकानदार को बड़ा आर्थिक नुकसान हुआ है।
बस्तर की आराध्य देवी मां दंतेश्वरी मंदिर में शारदीय नवरात्रि को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में हैं। इस बार मंदिर में श्रद्धालुओं की भीड़ को व्यवस्थित करने के लिए प्रवेश और निकासी की व्यवस्था में बदलाव किया गया है। मंदिर चौक से मंदिर परिसर तक सामान्य भक्त, VIP और VVIP भक्तों के मंदिर में प्रवेश के लिए 3 अलग रास्ते होंगे। इस बार मोबाइल के साथ मंदिर में एंट्री बैन होगी। घी के दीये और चांदी के सिक्के की कीमत भी बढ़ी है। पहली बार सेवा समितियों के लिए टेंट की सुविधा जनपद पंचायत और नगरी निकायों को करना होगा, पहले टेंपल कमेटी करती थी। मोबाइल लेकर मंदिर के अंदर जाने पर रोक इस बार मंदिर के अंदर मोबाइल फोन ले जाने पर रोक रहेगी। मंदिर के बाहर मोबाइल जमा करने के लिए काउंटर बनाया जा रहा है। श्रद्धालु मोबाइल जमा करने के बाद ही मंदिर में दर्शन के लिए प्रवेश करेंगे। मंदिर परिसर में करीब 24 कैमरे भी लगाए गए हैं। पुलिस और प्रशासन की ओर से भीड़ और सुरक्षा व्यवस्था पर निगरानी रखी जाएगी। दंतेवाड़ा SP चंद्रमोहन सिंह ने भी मोबाइल को लेकर नई व्यवस्था की पुष्टि की है। हालांकि उन्होंने ये भी कहा है कि इस व्यवस्था को लेकर बातचीत भी चल रही है। VIP दर्शन के लिए 500 रुपए शुल्क इस बार भी VIP दर्शन के लिए 500 रुपए प्रति व्यक्ति शुल्क की व्यवस्था रखी गई है। इसके लिए भक्त टेंपल कमेटी के काउंटर से या फिर ऑनलाइन रसीद कटवा सकते हैं। इस बार ऑनलाइन दर्शन के लिए भी QR कोड की सुविधा रहेगी। ज्योति कलश के शुल्क में बदलाव मंदिर में ज्योति कलश स्थापना के लिए घी के कलश की राशि इस बार 3100 रुपए रखी गई है। पिछली बार यह राशि 2100 रुपए थी। तेल के कलश की राशि 1100 रुपए ही रहेगी। मंदिर समिति के अनुसार इस बार करीब 10 हजार कलश स्थापना का लक्ष्य रखा गया है। मंदिर परिसर के काम का बजट घटा, सेवा समितियों पर जिम्मेदारी बढ़ी नवरात्रि के दौरान मंदिर परिसर और साज-सज्जा समेत अन्य व्यवस्थाओं पर पहले करीब 32 से 35 लाख रुपए तक खर्च होते थे। इस बार मंदिर परिसर के लिए करीब 10 लाख रुपए का टेंडर किया गया है। इसके अलावा साउंड सिस्टम पर 3.30 लाख रुपए खर्च होंगे। श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए 9 कमरे बाहर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए मंदिर के सामने स्थित धर्मशाला में 9 कमरों की व्यवस्था है। एक कमरे में करीब 8 से 10 लोगों के रुकने की व्यवस्था रहेगी। कमरे के लिए 200 रुपए शुल्क लिया जाएगा। भीड़ बढ़ने पर उपलब्ध अन्य स्थानों में भी ठहरने की व्यवस्था की जाएगी। चांदी के सिक्के की कीमत भी बढ़ी मंदिर में मिलने वाले 10 ग्राम के चांदी के सिक्के की कीमत इस बार 4100 रुपए रखी गई है। पिछली बार इसकी कीमत करीब 2100 रुपए थी। पिछली बार 1100 से ज्यादा सिक्के तैयार किए गए थे। इन्हें दो किस्तों में तैयार किया गया था, जिसमें पहली किस्त में 600 और दूसरी किस्त में 500 सिक्के बनाए गए थे। इस बार चांदी के बाजार भाव बढ़ने का असर सिक्के की कीमत पर भी पड़ा है। बाहर भी होंगे कार्यक्रम नवरात्रि के दौरान मंदिर के बाहर मैदान में भी अलग-अलग कार्यक्रम होंगे। छत्तीसगढ़ के अलग-अलग जगहों के फेमस जगराता ग्रुप माता का जागरण करने आएंगे। मंदिर समिति और प्रशासन की ओर से कार्यक्रमों के दौरान भीड़ प्रबंधन और सुरक्षा को लेकर अलग व्यवस्था की जा रही है।
दो नकाबपोश बदमाशों ने अलीराजपुर के चंद्रशेखर आजाद नगर क्षेत्र में बाइक सवार युवक से दिनदहाड़े 70 हजार रुपए और मोबाइल लूट लिए। आरोप है कि बदमाशों ने बाटनपुरा के पास युवक को रोककर वारदात की और बाइक से फरार हो गए।
VIDEO: पुलिसकर्मी मोबाइल में व्यस्त, जाम में फंसी जनता
VIDEO: पुलिसकर्मी मोबाइल में व्यस्त, जाम में फंसी जनता
विश्व दृष्टि दिवस: मोबाइल और लैपटॉप के ज्यादा इस्तेमाल से आंखों पर क्या असर पड़ता है?
World Sight Day: अगर आप उन लोगो में से हैं, जो हमेशा लैपटॉप चलाते हैं और मोबाइल देखते हैं तो इस लेख को आखिर तक अवश्य पढ़ें।
जालंधर में शेखा बजार के तेल वाली गली में स्थित एक क्लीनिक में देर रात एक नशेड़ी युवक ने अपने साथी के साथ मिलकर डॉक्टर पर हमला कर दिया और क्लीनिक में जमकर तोड़फोड़ की। घटना का मुख्य कारण डॉक्टर द्वारा मरीज की गंभीर हालत को देखते हुए उसे बड़े अस्पताल ले जाने की सलाह देना था। इस बात से नाराज होकर हमलावर ने डॉक्टर से हाथापाई की, उनका मोबाइल और बीपी मशीन तोड़ दी तथा दवाइयां बिखेर दीं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और आरोपी की तलाश जारी है। क्लीनिक में मरीज को रेफर करने पर विवादडॉक्टर विजय ने बताया कि देर रात एक युवक अपनी पत्नी का इलाज कराने क्लीनिक आया था। युवक अत्यधिक नशे की हालत में था। महिला की स्थिति देखकर डॉक्टर विजय कुमार ने उसे किसी बड़े अस्पताल में ले जाकर दिखाने की सलाह दी। हाथापाई और सामान की तोड़फोड़बस इतनी सी बात पर युवक भड़क गया और उसने अपने साथी के साथ मिलकर डॉक्टर के साथ हाथापाई और बदसलूकी शुरू कर दी। आरोपियों ने क्लीनिक का बीपी चेक करने वाला उपकरण और डॉक्टर का मोबाइल फोन पूरी तरह तोड़ दिया। इसके अलावा, क्लीनिक में रखी कई दवाइयां इधर-उधर बिखेर कर नुकसान पहुंचाया। स्टाफ और मरीजों के साथ अभद्रताघटना के समय क्लीनिक में अन्य मरीज और लेडी स्टाफ भी मौजूद थे। हमलावरों ने लेडी स्टाफ के साथ भी बदसलूकी और गलत भाषा का इस्तेमाल किया। डॉक्टर के अनुसार, इस हमले में उनका लगभग 20 से 25 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। 16 साल के कार्यकाल में उनके साथ ऐसी घटना पहली बार हुई है। आपराधिक पृष्ठभूमि का आरोपी हमलावर की पहचान 'सनी शूटर' के रूप में हुई है, जो भांडे बाजार का रहने वाला बताया जा रहा है। डॉक्टर के मुताबिक, आरोपी पर पहले से ही लड़ाई-झगड़े, अवैध हथियारों और नशे (चिट्टे) से जुड़े कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस की कार्रवाई और छापेमारीसूचना मिलते ही थाना-4 के एएसआई अमरजीत सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने क्लीनिक में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और डॉक्टर के बयान दर्ज किए। पुलिस ने जब आरोपी के घर पर छापेमारी की, तो वह छतों के रास्ते भागने में कामयाब रहा। पुलिस का कहना है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
कासगंज जिले के सोरों थाना क्षेत्र में अवैध खनन पर कार्रवाई करने गए नायब तहसीलदार सुरेश बाबू पर हमला हुआ है। मंगलवार को खनन कर रहे 8-10 लोगों ने उनके साथ बदसलूकी की और ड्राइवर का मोबाइल भी छीन लिया। पुलिस ने 4 नामजद और 6 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। नायब तहसीलदार सुरेश बाबू ने बताया, महाराजपुर में मेन रोड से 100 मीटर दूर अवैध खनन दिखा। उन्होंने ड्राइवर जीतू को खनन स्थल पर जाने को कहा। खनन कर रहे लोगों को पकड़ने की कोशिश में नायब तहसीलदार और ड्राइवर से मारपीट की गई। आरोपी चार ट्रैक्टर-ट्रॉली और एक लोडर को मौके से भगा ले गए। लोडर मालिक राहुल राजपूत, ट्रैक्टर-ट्रॉली मालिक विकास यादव और दिलीप हैं। राजा नाम के युवक पर बदसलूकी का आरोप है। कासगंज पुलिस ने बताया, सोरों थाने में मामला दर्ज है। थाना प्रभारी को राजस्व विभाग से मिलकर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
15 को गुमशुदा मोबाइल मालिकों को सौंपेगी पुलिस
अमृतसर | अमृतसर देहाती पुलिस ने गुमशुदा मोबाइल फोन तलाशकर उन्हें मालिकों को लौटाने की मुहिम के तहत चौथा गुमशुदा मोबाइल फोन वितरण समारोह आयोजित करने की तैयारी की है। पुलिस के अनुसार, सीईआईआर हेल्प डेस्क ने करीब 60 लाख रुपए मूल्य के 300 मोबाइल फोन ट्रेस किए हैं, जिन्हें उनके वास्तविक मालिकों को सौंपा जाएगा। पुलिस प्रशासन से मिली जानकारी के मुताबिक यह समारोह 15 अक्टूबर सुबह 9:30 बजे अमृतसर में गोल्डन गेट के पास स्थित दबुर्गी पुलिस लाइन में होगा।
Shahjahanpur News: मोबाइल चार्जिंग को लेकर ट्रेन में हंगामा, रिपोर्ट दर्ज
शाहजहांपुर। बरेली से वाराणसी जा रही 14236 वाराणसी एक्सप्रेस के स्लीपर कोच में मोबाइल चार्जिंग को लेकर यात्रियों के बीच विवाद हो गया। पीड़ित की शिकायत पर जीआरपी ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
Almora News: मोबाइल में आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री मिलने पर निष्पक्ष जांच की मांग
मोबाइल में आपत्तिजनक डिजिटल सामग्री मिलने पर निष्पक्ष जांच की मांग
Bijnor News: मोबाइल पर दबाया ‘अपडेट’, छह मिनट में चार बार में खाते से निकल गए 91 हजार
Pressed 'update' on mobile, 91 thousand rupees were withdrawn from the account four times in six minutes
Deoria News: चोरी के मोबाइल के साथ आरोपी गिरफ्तार
Accused arrested with stolen mobile phone.
अररिया पुलिस ने 500 रुपए के 434 जाली नोट बरामद किए हैं। इन नोटों की कुल कीमत 2 लाख 17 हजार रुपए है। महलगांव थाना क्षेत्र से मोहम्मद पनाउल्लाह उर्फ मोहम्मद पनबुल को एक मोबाइल फोन के साथ पकड़ा गया है। एसपी जितेंद्र कुमार ने मंगलवार शाम प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि जाली नोट के कारोबार की जानकारी मिलने के बाद पुलिस टीम ने छापेमारी की। तलाशी के दौरान पनाउल्लाह के पास से 500 रुपए के 434 जाली नोट मिले। पुलिस के अनुसार, आरोपी इन जाली नोटों को सिलीगुड़ी से लेकर अररिया पहुंचा था। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि नोट सिलीगुड़ी में उसे किसने दिए और आगे इनकी सप्लाई कहां की जानी थी। मोबाइल से नेटवर्क की जानकारी मिलने की उम्मीद आरोपी के पास से मिले मोबाइल फोन की भी जांच की जा रही है। पुलिस को उम्मीद है कि मोबाइल से जाली नोट के नेटवर्क से जुड़ी अहम जानकारी मिल सकती है। पुलिस नोटों की सप्लाई में शामिल अन्य लोगों की भी पहचान करने में जुटी है। आरोपी का आपराधिक इतिहास भी एसपी ने बताया कि आरोपी का आपराधिक इतिहास भी रहा है। वर्ष 2019 में चोरी के एक मामले में उससे बरामदगी की बात सामने आई थी। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। एसपी जितेंद्र कुमार ने जाली भारतीय नोट के कारोबार को देश की अर्थव्यवस्था और सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया। फिलहाल पुलिस की जांच सिलीगुड़ी से अररिया तक जाली नोट पहुंचाने वाले नेटवर्क और इसमें शामिल अन्य संभावित लोगों पर केंद्रित है।
चोरी एवं संपत्ति संबंधी अपराधों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत थाना बरवाला पुलिस ने घर में घुसकर चोरी किए गए मोबाइल फोन को खरीदने के आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी किए गए मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपी की पहचान कनोह निवासी वेदप्रकाश के रूप में हुई है। थाना बरवाला प्रभारी इंस्पेक्टर जितेंद्र ने बताया कि वार्ड नंबर 19 बरवाला निवासी अनिल कुमार ने शिकायत दी थी कि 10 अगस्त 2026 को वह किसी काम से घर से बाहर गया हुआ था। इसी दौरान उसकी पत्नी ने मोबाइल फोन चार्जिंग पर लगाया हुआ था। पीछे से एक व्यक्ति घर में घुसा और मोबाइल फोन चोरी कर ले गया। बाद में सोफे के नीचे रखी करीब 1000 से 1200 रुपए की नकदी भी गायब मिली। घर में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज में एक संदिग्ध व्यक्ति दिखाई दिया था। जांच के दौरान मोबाइल खरीदने की बात सामने आई शिकायत के आधार पर थाना बरवाला में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान पुलिस ने कार्रवाई करते हुए चोरी की वारदात को अंजाम देने वाले आरोपी गुरुचरण निवासी हीरा कॉलोनी, वार्ड नंबर 7 बरवाला को गिरफ्तार कर लिया था। पुलिस ने उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। मामले की आगे की जांच के दौरान पुलिस को चोरी किए गए मोबाइल फोन की खरीद-फरोख्त के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी मिली। जांच के आधार पर पुलिस ने कनोह निवासी वेदप्रकाश को गिरफ्तार किया और उसके कब्जे से चोरी का मोबाइल फोन बरामद कर लिया। पुलिस के अनुसार आरोपी को आगामी कानूनी कार्रवाई के लिए कोर्ट में पेश किया जाएगा।
गया जी में रेल यात्रियों के मोबाइल चोरी करने वाले दो आरोपी RPF और GRP के हत्थे चढ़े
6 अक्टूबर, मंगलवार: गया जी रेलवे स्टेशन पर यात्रियों के मोबाइल चोरी करने के मामले में RPF और GRP की संयुक्त टीम ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। पुलिस टीम ने रेल यात्रियों से जुड़े मोबाइल चोरी के मामलों में कार्रवाई करते हुए दोनों को पकड़ा।
वैशाली के रामपुर जारंग में घायल हालत में मिला ऊंट, डॉक्टर हेमंत कुमार ने मोबाइल टीम के साथ किया इलाज
6 अक्टूबर, मंगलवार: वैशाली के पटेढ़ी बेलसर के रामपुर जारंग गांव में लावारिस हालत में घायल ऊंट मिला। सूचना पर डॉक्टर हेमंत कुमार और मोबाइल टीम के सदस्यों ने मौके पर पहुंचकर ऊंट का इलाज किया।
नरसिंहपुर के गाडरवारा में मोबाइल शॉप का शटर उठाकर चोरी, बोरी में भर ले गए करीब 2 दर्जन फोन
6 अक्टूबर, मंगलवार: नरसिंहपुर के गाडरवारा में प्रकाश मोबाइल शॉप में देर रात अज्ञात चोरों ने शटर उठाकर करीब दो दर्जन महंगे मोबाइल फोन चोरी कर लिए। CCTV में दो संदिग्ध वारदात को अंजाम देते दिखे। पुलिस फुटेज और अन्य साक्ष्यों से जांच कर रही है।
सीवान के महाराजगंज मोबाइल शोरूम में 50 लाख की चोरी, श्वान दस्ते से जांच और CCTV खंगाले
6 अक्टूबर, मंगलवार: सीवान के महाराजगंज में मोबाइल शोरूम से करीब 50 लाख रुपये की चोरी के मामले में श्वान दस्ते की टीम ने घटनास्थल की जांच की। पुलिस ने आसपास के CCTV फुटेज खंगाले हैं और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चोरों की पहचान में जुटी है।
लुधियाना के थाना जमालपुर के अंतर्गत आने वाले मुंडियां दशमेश कला इलाके में एक राजमिस्त्री से मोबाइल छीनकर भाग रहे आरोपी युवक को लोगों ने पीछा कर पकड़ लिया। आरोपी के पास नशीला पदार्थ बरामद हुआ है। लोगों ने उसको पुलिस को सौंप दिया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर जेल भेज दिया। मिली जानकारी के मुताबिक, पीड़ित महेश यादव राजमिस्त्री का काम करता है। कुछ दिन पहले जब वह काम खत्म कर अपने घर लौट रहा था, तभी एक युवक ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया और भागने लगा। महेश ने बिना हिम्मत हारे तुरंत आरोपी का पीछा किया और मदद के लिए शोर मचाया। आवाज सुनकर आसपास के लोग एकत्र हो गए और आरोपी को चारों तरफ से घेरकर दबोच लिया। पकड़े जाने के बाद जब लोगों ने युवक की तलाशी ली, तो उसकी जेब से संदिग्ध नशीला पदार्थ और नशा करने में इस्तेमाल होने वाली सामग्री बरामद हुई। इसके बाद घटना की सूचना तुरंत जमालपुर पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने युवक को हिरासत में ले लिया। शिकायत नहीं , बरामदगी के आधार पर कोर्ट में पेश किया पुलिस पूछताछ में आरोपी की पहचान सुंदर नगर निवासी लवप्रीत सिंह के रूप में हुई है। जांच अधिकारी गुर साहिब सिंह ने बताया कि पीड़ित महेश यादव की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। हालांकि, स्थिति और बरामद सामग्री को ध्यान में रखते हुए पुलिस ने आरोपी के खिलाफ कलंदरा तैयार कर उसे कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया।
नरसिंहपुर जिले के गाडरवारा में चोरों ने शहर के बीच स्थित मोबाइल शॉप को निशाना बनाया। चोर दुकान में सेंध लगाकर दो दर्जन से ज्यादा मोबाइल फोन चोरी कर ले गए। चोरी गए मोबाइलों की कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। CCTV में कैद हुई चोरी की वारदात घटना 30 सितंबर की रात की बताई गई है। दुकान में लगे CCTV कैमरे में पूरी वारदात कैद हो गई। जिसका वीडियो आज मंगलवार को सामने आया है। वीडियो में रात करीब 1 बजे चोर दुकान के अंदर घुसकर मोबाइल फोन निकालते दिखाई दे रहे हैं। दुकान संचालक की शिकायत पर गाडरवारा पुलिस ने चोरी की जांच शुरू कर दी है। पुलिस दुकान के CCTV फुटेज के साथ आसपास लगे अन्य कैमरों की रिकॉर्डिंग भी खंगाल रही है। पुलिस आरोपियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। मोबाइल बरामदगी के प्रयास जारी गाडरवारा थाना प्रभारी अशोक सिंह चौहान ने बताया कि मामले की गहनता से जांच की जा रही है। CCTV फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। चोरी गए मोबाइलों की बरामदगी के प्रयास भी जारी हैं।
शादी के सीजन में साइबर ठग अब लोगों की खुशी और भावनाओं को निशाना बनाकर ऑनलाइन वेडिंग कार्ड के नाम पर साइबर ठगी का प्रयास कर रहे हैं। WhatsApp और सोशल मीडिया पर शादी का कार्ड, होटल वेन्यू या प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो देखने के नाम पर संदिग्ध APK फाइल और फिशिंग लिंक भेजे जा रहे हैं। राजस्थान पुलिस के साइबर क्राइम विंग R4C ने आमजन को इस नए साइबर फ्रॉड को लेकर विशेष एडवाइजरी जारी कर सतर्क किया है। शादी का कार्ड है, जरूर देखना... एक क्लिक से शुरू हो सकता है खेल डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधों से बचाव के लिए जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। एडीजी साइबर क्राइम वीके सिंह ने बताया कि साइबर ठग WhatsApp या अन्य सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर फर्जी शादी के निमंत्रण, होटल का पता, वेडिंग कार्ड या प्री-वेडिंग फोटो-वीडियो के नाम पर संदिग्ध फाइल या लिंक भेज सकते हैं। मैसेज में लिखा हो सकता है- आपका हार्दिक स्वागत है, शादी का कार्ड और होटल का पता भेजा है या प्री-वेडिंग की फोटो और वीडियो हैं, जरूर देखना। इसके साथ APK फाइल भेजकर उसे डाउनलोड और इंस्टॉल करने के लिए कहा जा सकता है। वेडिंग कार्ड के लिए APK की जरूरत नहीं राजस्थान पुलिस ने स्पष्ट किया है कि शादी का कार्ड, फोटो या वीडियो देखने के लिए APK फाइल डाउनलोड करने की कोई जरूरत नहीं होती। सामान्य तौर पर शादी के कार्ड PDF, JPG/PNG इमेज या सीधे चैट के माध्यम से साझा किए जा सकते हैं। इसलिए WhatsApp या सोशल मीडिया पर आई किसी भी संदिग्ध .APK फाइल को डाउनलोड या इंस्टॉल नहीं करें। फर्जी वेबसाइट के जरिए भी हो सकती है ठगी साइबर ठग APK के बजाय फिशिंग लिंक भी भेज सकते हैं। यह लिंक शादी का निमंत्रण, होटल बुकिंग या वेडिंग कार्ड देखने के नाम पर बनाया जाता है। लिंक खोलने पर फर्जी वेबसाइट मोबाइल नंबर, बैंक खाते से जुड़ी जानकारी, पासवर्ड या अन्य संवेदनशील जानकारी दर्ज करने के लिए कह सकती है। कुछ मामलों में लिंक के जरिए संदिग्ध सॉफ्टवेयर डाउनलोड कराने का भी प्रयास किया जा सकता है। परिचित के नंबर से आया मैसेज भी आंख मूंदकर न खोलें साइबर ठग किसी परिचित का WhatsApp अकाउंट हैक कर उसके नंबर से भी ऐसा मैसेज भेज सकते हैं। उदाहरण के लिए- भाई, शादी का कार्ड भेजा है, देखकर बताओ वेन्यू सही है या नहीं? परिचित के नंबर से संदेश आने के कारण लोग अक्सर बिना सत्यापन किए लिंक या फाइल खोल देते हैं। इसके बाद साइबर अपराधी मोबाइल में मौजूद फोटो, कॉन्टैक्ट, पासवर्ड, SMS और अन्य संवेदनशील जानकारी तक पहुंच बनाने का प्रयास कर सकते हैं। संक्रमित मोबाइल के संपर्कों को भी इसी तरह के संदिग्ध मैसेज भेजकर ठगी का दायरा बढ़ाया जा सकता है। बचाव के लिए इन बातों का रखें ध्यान
बिना इस्तेमाल वाले ऐप्स पर पैसे देना बंद, Gen z का ये ट्रेंड क्यों हो रहा पॉपुलर?
हर महीने बिना सोचे आपके खाते से कई छोटी-छोटी रकम कट रही हैं? जेन जी अब ऐसे खर्चों पर नजर डाल रही है और गैर-जरूरी मेंबरशिप बंद कर रही है। आखिर क्या है ये नया ‘सब्सक्रिप्शन डिटॉक्स’ ट्रेंड?
विवाहिता ससुराल से लापता, गहने भी लेकर गई:दो युवतियां भी घर से गायब; तीनों के मोबाइल स्विच ऑफ
सीकर जिले में दो युवती और एक विवाहिता के लापता होने का मामला सामने आया है। विवाहिता और एक युवती घर से जेवरात भी लेकर चली गई। अब पुलिस तीनों की तलाश कर रही है। जेवरात लेकर ससुराल से लापता विवाहिता सीकर जिले में 21 साल की महिला के जेवरात लेकर ससुराल से लापता होने का मामला सामने आया है। इस संबंध में महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 4 जुलाई 2025 को उसकी शादी हुई थी। 27 सितंबर की रात को पत्नी उसके पास ही सो रही थी। सुबह उठकर देखा तो पत्नी नहीं मिली। इसके बाद जब घर में देखा तो सोने और चांदी के जेवरात भी गायब थे। पत्नी का मोबाइल भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। दो युवतियां लापता 24 साल की युवती के लापता होने के मामले में उसके पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि 2 अक्टूबर को उनकी बेटी दोपहर के समय घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। इसके बाद बेटी का कुछ भी पता नहीं चल पाया। बेटी का मोबाइल भी लगातार स्विच ऑफ आ रहा है। 22 साल की युवती के लापता होने के केस में उसके भाई ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि वैसे तो वह दूसरे राज्य के रहने वाले हैं। लेकिन वर्तमान में काम के सिलसिले में पूरा परिवार सीकर जिले में आया हुआ है। 4 अक्टूबर को परिवार के सभी लोग सो रहे थे। सुबह जब उठकर देखा तो बहन नहीं मिली। घर पर रखी करीब दो से तीन लाख रुपए की नगदी भी गायब मिली। युवती के भाई ने उनके राज्य के ही रहने वाले एक युवक और उसके सहयोगी पर किडनैप की आशंका जताते हुए मुकदमा दर्ज करवाया है।
जोक्स आपको गुदगुदाने के साथ-साथ घर के रोजमर्रा के किस्सों की याद भी दिलाएंगे। तो चलिए, पढ़ते हैं सास-बहू के कुछ ऐसे ही साफ-सुथरे और मजेदार जोक्स
कस्टम चाेरी : आलू के बोरों में छिपाकर नेपाल ले जाए जा रहे थे 12 मोबाइल फोन, भारतीय नागरिक गिरफ्तार
नेपाल के रौतहट जिले में यात्री टाटा सूमो की छत पर रखे आलू के बोरों में छिपाकर ले जाए जा रहे 12 मोबाइल फोन बरामद। इसे लेकर बिहार के सीतामढ़ी जिले के एक नागरिक को गिरफ्तार किया गया है।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने उत्तर प्रदेश की तकनीकी विकास यात्रा का उल्लेख करते हुए कहा कि प्रदेश अब तकनीक का बाजार नहीं, निर्माता बन रहा है। मोबाइल उत्पादन से लेकर माइक्रोचिप, डेटा सेंटर और एआई सिटी तक विस्तार हो रहा है।
रणथंभौर टाइगर रिजर्व में सफारी के दौरान पार्क नियमों की अनदेखी करने वाले नेचर गाइड और वाहन चालक वन विभाग की कार्रवाई की जद में आए हैं। 1 से 4 अक्टूबर के बीच हुई वाहन चेकिंग और निरीक्षण में मोबाइल का इस्तेमाल करने, बिना वैध टिकट पर्यटकों को सफारी कराने और फर्जी टिकट से सफारी कराने के मामले सामने आए। इन मामलों में कई नेचर गाइडों और एक वाहन चालक को अग्रिम आदेश तक पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित किया गया है। 4 अक्टूबर को फर्जी टिकट से चार पर्यटकों को सफारी कराने का मामला भी सामने आया, जबकि जोन-3 में तीन गाइड मोबाइल इस्तेमाल करते मिले। वन विभाग ने संबंधित गाइड और चालक के खिलाफ कार्रवाई करते हुए निगरानी और चेकिंग जारी रखने की बात कही है। वाहन चालक और गाइड पर कार्रवाई वन विभाग के अनुसार 4 अक्टूबर की सुबह वाहन चेकिंग के दौरान वाहन संख्या RJ25 TA 2233 में नियमों का उल्लंघन पाया गया। इसके बाद वाहन चालक फैजल आलम और नेचर गाइड सतीश उपध्याय को अग्रिम आदेश तक पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसी दिन जोन नंबर 6 में भी नियमों के उल्लंघन का मामला सामने आया। राजबाग नाका वनपाल की रिपोर्ट के अनुसार केंटर संख्या RJ25 PA 2123 में नेचर गाइड हरगोविंद माली बी-76 चार पर्यटकों को फर्जी टिकट के जरिए सफारी करवा रहा था। मामले में गाइड को अग्रिम आदेश तक पार्क प्रवेश से प्रतिबंधित किया गया है। जोन-3 में मोबाइल इस्तेमाल करते मिले 3 गाइड 4 अक्टूबर की सुबह जोन नंबर 3 में पर्यटन के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल करने पर तीन नेचर गाइडों के खिलाफ कार्रवाई की गई। इनमें वाहन RJ25 PA 2170 के गाइड सीताराम वर्मा 103ए, वाहन RJ25 TA 2207 की गाइड ज्योति मौर्य 38ए और वाहन RJ25 TA 2153 के गाइड महावीर सिंह 44ए शामिल हैं। तीनों को अग्रिम आदेश तक पार्क में प्रवेश से प्रतिबंधित किया गया है। बिना वैध टिकट सफारी कराने का मामला 3 अक्टूबर की सुबह वाहन संख्या RJ25 TA 1935 की जांच के दौरान नेचर गाइड रामकेश मीना द्वारा पर्यटकों को बिना वैध टिकट सफारी कराने की बात सामने आई। इसके बाद रामकेश मीना को अग्रिम आदेश तक पार्क प्रवेश से प्रतिबंधित कर दिया गया। इसी दिन मोबाइल का इस्तेमाल करने पर चार अन्य नेचर गाइडों के खिलाफ भी कार्रवाई की गई। इनमें RJ25 TA 2248 के राजेश योगी, RJ25 PA 2303 के विजय शर्मा, RJ25 PA 2228 के सलाउद्दीन और RJ25 TA 1967 के भंवर सिंह शामिल हैं। 1 अक्टूबर को भी 2 गाइडों पर कार्रवाई वन विभाग के अनुसार 1 अक्टूबर की शाम जोन नंबर 2 में वाहन चेकिंग के दौरान मोबाइल का इस्तेमाल कर पार्क नियमों का उल्लंघन करने पर RJ25 TA 1890 के गाइड नेतराम 68 और RJ25 TA 2258 के गाइड मीठा लाल 44 को भी अग्रिम आदेश तक पार्क प्रवेश से प्रतिबंधित किया गया है। वन विभाग की कार्रवाई से स्पष्ट है कि रणथंभौर में सफारी के दौरान निर्धारित नियमों की पालना को लेकर निगरानी बढ़ाई गई है। वाहन और गाइडों की जांच के दौरान नियमों का उल्लंघन मिलने पर विभाग की ओर से कार्रवाई की जा रही है।
रावली पर दो घंटे तक यातायात का बुरा हाल, दर्जनों स्कूली वाहन, एंबुलेंस और पर्यटकों को नहीं मिला रास्ता।
यमुनानगर में 9 माह के बेटे संग महिला लापता:5 साल पहले हुई थी शादी, बेटी को घर पर छोड़ा; मोबाइल भी बंद
यमुनानगर जिले के जठलाना थाना क्षेत्र के गांव अलाहर में एक महिला अपने 9 माह के बेटे को साथ लेकर घर से लापता हो गई। महिला घर से निकलते समय अपनी ढाई साल की बेटी को घर पर ही छोड़ गई। परिजनों ने अपने स्तर पर कई जगह तलाश की, लेकिन महिला और उसके बेटे का कोई सुराग नहीं लगा। महिला के दोनों मोबाइल फोन भी बंद आ रहे हैं। पति की शिकायत पर जठलाना थाना पुलिस ने लापता होने का मामला दर्ज कर मां-बेटे की तलाश शुरू कर दी है। शादी को हुए पांच साल गांव अलाहर निवासी महेंद्र कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह मेहनत मजदूरी करता है। उसकी शादी 2021 में उत्तराखंड निवासी दीपिका के साथ हुई थी। शादी के बाद उनके दो बच्चे हुए, जिनमें एक बेटा और एक बेटी है। महेंद्र के अनुसार, दो अक्टूबर को सुबह करीब साढ़े नौ बजे उसकी पत्नी दीपिका अचानक घर से लापता हो गई। वह अपने साथ 9 माह के बेटे को भी ले गई, जबकि ढाई साल की बेटी को घर पर ही छोड़ गई। दोनों मोबाइल फोन भी बंद पति के मुताबिक, जब दीपिका काफी देर तक वापस नहीं लौटी तो परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। रिश्तेदारों और संभावित स्थानों पर भी जानकारी जुटाई गई, लेकिन महिला और उसके बेटे का पता नहीं चल सका। परिजनों ने कई दिनों तक तलाश करने के बाद पुलिस को शिकायत दी। केस दर्ज कर तलाश में जुटी पुलिस शिकायत में महेंद्र ने बताया कि दीपिका के पास दो मोबाइल फोन हैं, लेकिन लापता होने के बाद से दोनों बंद पड़े हैं। जठलाना थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर मामला दर्ज कर महिला व उसके बच्चे की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के क्षेत्रों में पूछताछ कर महिला और बच्चे का पता लगाने के प्रयास में जुटी है।
सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि की मौत की जांच तेज, मोबाइल चैट और CDR खंगाल रही पुलिस
29 सितंबर, मंगलवार: सिंगरौली में इन्फ्लुएंसर निधि तिवारी की मौत की पुलिस जांच कर रही है। पुलिस ने मोबाइल फोन को अनलॉक कराने रीवा भेजा है। चैट और रिकॉर्डिंग के साथ सोनू, विजय और अजित की CDR भी खंगाली जा रही है।
Android और iPhone में Battery Drain रोकें, Settings से बदलें Background Apps परमिशन
अक्सर आपने भी नोटिस किया होगा कि, मोबाइल फोन रातभर बिना यूज किए ही 15 से 20 परसेंट तक बैटरी ड्राप कर रहा है? अगर आपके साथ हो रहा है, तो यह खबर आपके लिए है। इसका मुख्य कारण केवल पुरानी बैटरी नहीं है बल्कि कई बार कुछ ऐसे एप्स भी बैकग्राउंड में लगातार रन करते रहते हैं, जो कि इंटरनेट, लोकेशन, प्रोसेसर या दूसरे सिस्टम रिसॉर्स का यूज करते हैं। अगर आप इन एप्स को ट्रैक करेंगी, तो फोन की बैटरी बचा सकती हैं। वैसे यह सब मोबाइल में पता लगाने का ऑप्शन मिलता है कि पिछले कुछ घंटों या दिनों में किस एप ने कितनी बैटरी खर्च की है। Android फोन में कैसे पता करें? - Android फोन यूजर्स सबसे पहले फोन की Settings में जाएं। - अब बैटरी या Battery & Device care सेक्शन में जाएं। - वैसे अलग-अलग कंपनियों के फोन में इस ऑप्शन का नाम थोड़ा अलग हो सकता है। - इसके बाद आपको Battery Usage या Battery Usage by Apps जैसा ऑप्शन दिखाई दे रहा होगा। - अब आप इस पर टैप करें, फिर आपको उन एप्स की लिस्ट देखने को मिलेगी, जो सबसे ज्यादा बैटरी का यूज कर रहे हैं। - इस लिस्ट में देखें कि रात के समय कौन-सा एप सबसे ज्यादा बैटरी यूज कर रहा है। - यदि कोई ऐसा ऐप जो ज्यादा बैटरी ले रहा है, जिसे आपने यूज नहीं किया, तो वो बैकग्राउंड में एक्टिव हो सकता है। - जरुरत न होने पर एप की बैकग्राउंड एक्टिविटी को लिमिटेड कर दें। iPhone में कैसे चेक करें? अगर आप iPhone यूजर्स हैं, तो इसमें बैटरी चेक करना आसान है। सबसे पहले आप आईफोन की Settings > Battery में जाएं और बैटरी यूज की डिटेल्स को चेक करें। यहां पर एप्स के हिसाब से बैटरी खपत दिखाई देगा। अब आप Last 24 Hours या उपलब्ध दूसरे टाइम पीरियड को देखकर ये पता लगाएं कि सबसे ज्यादा कौन-सा एप ज्यादा बैटरी खा रहा है। फिर जरुरत के अनुसार Background App Refresh, Location Service या अन्य परमिशन लिमिटड आसानी से कर सकते हैं।
26 सितंबर, शनिवार: पटना में सीएम ने छात्रों को 300 में 280 अंक का लक्ष्य दिया, अभिभावकों से मोबाइल कम कराने और मीटिंग में आने की अपील।
आधार में मोबाइल नंबर से लेकर पता तक घर बैठे बदलें: 2026 की पूरी प्रक्रिया, शुल्क और जरूरी दस्तावेज
आधार कार्ड आज लगभग हर महत्वपूर्ण सरकारी और वित्तीय काम में इस्तेमाल होने वाला दस्तावेज है। बैंक खाता, मोबाइल कनेक्शन, पेंशन, सरकारी योजनाओं से लेकर आयकर और डिजिटल केवाईसी (KYC) तक कई सेवाओं में आधार से जुड़ी जानकारी सही और अपडेट रखना जरूरी है। लेकिन सवाल यह है कि अगर आधार में मोबाइल नंबर, पता या ई-मेल बदल गया है तो क्या हर बार आधार केंद्र जाना जरूरी है? जवाब है—नहीं। 2026 में UIDAI ने नए Aadhaar App के जरिए कई महत्वपूर्ण सेवाओं को मोबाइल से उपलब्ध कराया है। फिलहाल ऐप में मोबाइल नंबर और पता अपडेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध हैं। हालांकि नाम, जन्मतिथि, लिंग और बायोमेट्रिक जैसी सभी जानकारी घर बैठे बदलने की सुविधा नहीं है। इनके लिए परिस्थितियों के अनुसार Aadhaar Enrolment/Update Centre जाना पड़ सकता है। इसे भी पढ़ें: स्टार्टअप के लिए 2 लाख तो PhD में हर महीने 10 हजार, बेटियों के लिए बिहार की सम्राट सरकार की बड़ी योजनाएं # 2026 में आधार में क्या-क्या घर बैठे बदल सकते हैं? एक, मोबाइल नंबर: यह 2026 में सबसे महत्वपूर्ण बदलावों में से एक है। UIDAI के नए Aadhaar App में Mobile Number Update की सुविधा उपलब्ध है। ऐप में मोबाइल नंबर अपडेट करने के लिए Aadhaar number holder को ऐप पर रजिस्ट्रेशन/लॉगिन करना और आवश्यक authentication पूरा करना होता है। UIDAI के अनुसार नए ऐप में Mobile Number Update और Address Update दोनों सेवाएं उपलब्ध हैं। ध्यान रखें कि आपकी स्थिति और authentication requirements के आधार पर प्रक्रिया अलग हो सकती है। इसलिए ऐप में दिखाई देने वाले निर्देशों का पालन करें। दो, पता: आधार में पता बदलने की सुविधा लंबे समय से myAadhaar पोर्टल पर उपलब्ध है और अब नया Aadhaar App भी Address Update सुविधा देता है। ऑनलाइन Address Update के लिए सामान्यतः: Aadhaar Number, Registered Mobile OTP, नया पता, संबंधित दस्तावेज और Submit की प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI के अनुसार myAadhaar पर ऑनलाइन Address Update के लिए आधार से मोबाइल नंबर रजिस्टर्ड होना जरूरी है और मांगे गए पते के प्रमाण (POA) का दस्तावेज अपलोड करना होता है। तीसरा, ई-मेल: ई-मेल अपडेट की सुविधा भी Aadhaar App में उपलब्ध है। खास बात यह है कि UIDAI ने Aadhaar App के जरिए ई-मेल एड्रेस अपडेट का शुल्क 31 दिसंबर 2026 तक माफ किया है। # अब जानिए कि किन चीजों के लिए आधार केंद्र जाना पड़ सकता है? हर Aadhaar detail को मोबाइल से बदलने की सुविधा अभी उपलब्ध नहीं है। जैसे: नाम: नाम में परिवर्तन के लिए निर्धारित प्रक्रिया के तहत Aadhaar Enrolment/ Update Centre जाना पड़ सकता है और वैध supporting document देना होता है। जन्मतिथि: Date of Birth में बदलाव के लिए भी दस्तावेजों के साथ निर्धारित अपडेट प्रक्रिया अपनानी होती है। UIDAI ने इसके लिए अलग Standard Operating Procedure भी जारी किया है। लिंग: Gender update के लिए भी Aadhaar Centre की assisted update प्रक्रिया उपलब्ध है। फोटो और बायोमेट्रिक: फिंगरप्रिंट, आइरिस और फोटो जैसे biometric updates के लिए Aadhaar Centre जाना पड़ता है। UIDAI के अनुसार biometric update में fingerprint, iris और photograph शामिल हैं। सामान्य परिस्थितियों में biometric update का शुल्क ₹125 है, जबकि निर्धारित आयु-समूहों में Mandatory Biometric Update पर विशेष छूट लागू है। # 2026 में आधार अपडेट का शुल्क कितना है? UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची के अनुसार: सेवा-शुल्क Demographic Update अलग से ₹75, Biometric Update सामान्यतः ₹125, Demographic व Biometric Update एक साथ। Biometric update के नियमों के अनुसार, Aadhaar App से Email Update| 31 दिसंबर 2026 तक मुफ्त। myAadhaar से Document Update14 जून 2027 तक मुफ्त। Aadhaar Centre पर Document Updat ₹75. UIDAI की वर्तमान शुल्क सूची में demographic update के अंतर्गत नाम, लिंग, जन्मतिथि, पता, मोबाइल नंबर और ई-मेल आदि शामिल किए गए हैं। अलग से demographic update कराने की फीस ₹75 है। महत्वपूर्ण बात यह है कि बच्चों के Mandatory Biometric Update के लिए अलग शुल्क नियम हैं। 7–15 वर्ष की आयु के बच्चों के लिए शुल्क-माफी की वर्तमान व्यवस्था 30 सितंबर 2026 तक लागू है। # myAadhaar से पता कैसे बदलें? अगर आप वेबसाइट के माध्यम से पता बदलना चाहते हैं तो प्रक्रिया मोटे तौर पर इस प्रकार है: Step 1: UIDAI के myAadhaar पोर्टल पर जाएं। Step 2: Aadhaar number से लॉगिन करें। Step 3: Registered mobile पर आए OTP से authentication करें। Step 4: Address Update विकल्प चुनें। Step 5: नया पता सावधानी से दर्ज करें। Step 6: मांगा गया Proof of Address दस्तावेज अपलोड करें। Step 7: जानकारी को Preview में अच्छी तरह जांचें। Step 8: आवश्यक शुल्क का भुगतान करें। Step 9: Request Submit करें। इसके बाद आपको Update Request Number/ Reference के जरिए स्थिति ट्रैक करने की सुविधा मिल सकती है। UIDAI के अनुसार ऑनलाइन Address Update में अपलोड किए गए दस्तावेजों का verification किया जाता है। # Aadhaar App से अपडेट कैसे करें? नया Aadhaar App Android और iOS दोनों प्लेटफॉर्म पर उपलब्ध है। UIDAI के अनुसार ऐप में Aadhaar number डालकर, Terms/Privacy को स्वीकार करके और Face Authentication पूरा करके registration किया जा सकता है। इसके बाद उपलब्ध सेवाओं में जाकर संबंधित update विकल्प चुना जा सकता है। Aadhaar App की प्रमुख सुविधाएं: Mobile Number Update, Address Update, Biometric Lock/Unlock, Authentication History, e-Aadhaar Download, Aadhaar Verifiable Credential Sharing, Contact Card Sharing and Update Request Tracking. UIDAI ने बताया है कि ऐप के लिए Android 9.0 या उससे ऊपर तथा iOS 16.0 या उससे ऊपर का ऑपरेटिंग सिस्टम आवश्यक है। # Document Update क्या है? यह समझना बहुत जरूरी है कि Document Update और Demographic Update एक ही चीज नहीं हैं। Document Update में पहचान और पते से संबंधित दस्तावेजों को आधार रिकॉर्ड के समर्थन में जमा किया जाता है। UIDAI ने myAadhaar portal पर Document Update की फीस 14 जून 2027 तक माफ की है। जबकि Aadhaar Centre पर Document Update के लिए ₹75 शुल्क निर्धारित है। इसलिए जिन लोगों ने लंबे समय से अपने आधार में पहचान या पते के प्रमाण से जुड़े दस्तावेज अपडेट नहीं किए हैं, उन्हें UIDAI की सलाह और अपने रिकॉर्ड के अनुसार Document Update पर भी ध्यान देना चाहिए। # कौन-कौन से दस्तावेज काम आ सकते हैं? पता अपडेट के लिए UIDAI द्वारा स्वीकार किए जाने वाले वैध Proof of Address दस्तावेजों की सूची में विभिन्न सरकारी और अन्य निर्धारित दस्तावेज शामिल हैं। उदाहरण के तौर पर UIDAI की जानकारी में पासपोर्ट, राशन कार्ड, वोटर आईडी और ड्राइविंग लाइसेंस जैसे दस्तावेजों का उल्लेख है। कुछ परिस्थितियों में बिजली, पानी या लैंडलाइन टेलीफोन बिल भी निर्धारित शर्तों के तहत स्वीकार किए जा सकते हैं। लेकिन कोई भी दस्तावेज अपलोड करने से पहले UIDAI की वर्तमान Supporting Documents List में उसकी पात्रता जरूर जांचें। # घर बैठे अपडेट करते समय इन गलतियों से बचें:- एक, गलत मोबाइल नंबर न डालें: आधार में मोबाइल नंबर गलत दर्ज होने पर OTP आधारित सेवाओं में परेशानी हो सकती है। दो, पता वही लिखें जो दस्तावेज में है। तीन, Address Update में spelling, house number, locality और PIN code को ध्यान से जांचें। तीन, खराब स्कैन/फोटो अपलोड न करें: दस्तावेज साफ और पढ़ने योग्य होना चाहिए। चार, एजेंट से सावधान रहें: आधार अपडेट के नाम पर अनधिकृत व्यक्ति को OTP या Aadhaar PIN जैसी संवेदनशील जानकारी न दें। पांच, OTP किसी से साझा न करें: UIDAI कभी भी फोन पर आपसे OTP बताने के लिए नहीं कहता। # सबसे आसान तरीके से समझिए: 2026 में आधार अपडेट की स्थिति: घर बैठे/मोबाइल से उपलब्ध: मोबाइल नंबर — Aadhaar App, पता — Aadhaar App / myAadhaar, ई-मेल — Aadhaar App और Document Update — myAadhaar. वहीं, केंद्र जाकर कराने वाली प्रमुख सेवाएं: फोटो/बायोमेट्रिक, कई नाम परिवर्तन मामले, जन्मतिथि से जुड़े निर्धारित अपडेट, अन्य ऐसे अपडेट जिनके लिए physical verification/biometric capture जरूरी है। ध्यान रहे कि UIDAI की सेवाओं और नियमों में समय-समय पर बदलाव हो सकता है। इसलिए आवेदन करने से पहले UIDAI के आधिकारिक पोर्टल पर वर्तमान निर्देश देखना सबसे सुरक्षित तरीका है। वस्तुतः आधार अपडेट अब पहले की तुलना में काफी आसान हो गया है। 2026 में नया Aadhaar App नागरिकों को मोबाइल नंबर और पता जैसी महत्वपूर्ण जानकारी अपडेट करने की सुविधा दे रहा है। साथ ही ई-मेल अपडेट के लिए 31 दिसंबर 2026 तक शुल्क माफ है और myAadhaar पर Document Update की मुफ्त सुविधा 14 जून 2027 तक जारी है। लेकिन इसका अर्थ यह नहीं है कि आधार की हर जानकारी घर बैठे बदली जा सकती है। नाम, जन्मतिथि, लिंग और biometric information जैसे मामलों में अभी भी निर्धारित केंद्र-आधारित प्रक्रिया लागू है। इसलिए “आधार में सब कुछ घर बैठे बदलें” के बजाय सही संदेश है—आधार की कई महत्वपूर्ण जानकारियां अब घर बैठे अपडेट करें, लेकिन सभी नहीं। - कमलेश पांडेय वरिष्ठ पत्रकार व स्तम्भकार
मंदसौर में एक महीने से लापता बेटे की तलाश में मोबाइल टावर पर चढ़ा पिता, आश्वासन के बाद उतरा
24 सितंबर, गुरुवार: मंदसौर के नाहरगढ़ थाना क्षेत्र के बरखेड़ा डांगी गांव में एक महीने से लापता 22 वर्षीय सुखदेव की तलाश को लेकर उसके पिता मोबाइल टावर पर चढ़ गए। करीब 2-3 घंटे बाद थाना प्रभारी की समझाइश और आश्वासन के बाद पिता सुरक्षित नीचे उतरे।
कालकाजी मंदिर से सटे आस्था कुंज पार्क में 17 वर्षीय नाबालिग से सामूहिक दुष्कर्म के मामले में पुलिस जांच में नया खुलासा हुआ है।
छोटे शहर के अनोखे आकर्षण और देसी ह्यूमर से दर्शकों का दिल जीतने वाली बहुचर्चित वेब सीरीज 'दुपहिया' (Dupahiya Season 2) अपने दूसरे सीजन के साथ वापसी के लिए पूरी तरह तैयार है। प्राइम वीडियो पर रिलीज हुए इसके धमाकेदार ट्रेलर ने एक बार फिर काल्पनिक गांव 'धड़कपुर' की अनोखी और गोलमटोल दुनिया में हलचल मचा दी है। कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त (Crime-Free) गांव माना जाने वाला धड़कपुर अब एक नई मुसीबत के मुहाने पर खड़ा है। इस बार गांव के पूर्व सरपंच बनवारी झा की बंजर जमीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर पूरे गांव में अफवाहों, अंधविश्वास, और भयंकर अफरा-तफरी का कारण बन जाता है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का ट्रेलर: धड़कपुर में क्या होता है? धड़कपुर कभी भारत का एकमात्र अपराध-मुक्त गाँव माना जाता था। लेकिन अब हालात बदल गए हैं। 'दुपहिया' का ट्रेलर बनवारी और उसके परिवार की वापसी दिखाता है, जो एक बार फिर नई मुश्किलों में फँस गए हैं। इस बार, बनवारी की बंजर ज़मीन पर लगने वाला एक नया मोबाइल टावर अफ़वाहों, अंधविश्वास और अफ़रा-तफ़री का केंद्र बन जाता है। इस बीच, रोशनी अपने SSC एग्ज़ाम की तैयारी में व्यस्त है और अमावस उसके साथ है। एक के बाद एक आती मुश्किलों के बीच, बड़ा सवाल यह है कि क्या धड़कपुर हालात को काबू में रख पाएगा। नया सीज़न छोटे शहर के उस आकर्षण और अनोखे ह्यूमर को बनाए रखने का वादा करता है जिसने पहले सीज़न को लोकप्रिय बनाया था, साथ ही किरदारों को नई स्थितियों में ले जाता है। गजराज राव, रेणुका शहाणे और स्पर्श श्रीवास्तव ने 'दुपहिया' सीज़न 2 के बारे में बात की डायरेक्टर सोनम नायर ने कहा कि पहले सीज़न को मिले रिस्पॉन्स ने इसकी वापसी को और भी खास बना दिया है। उन्होंने कहा, 'दुपहिया' मेरे दिल के बहुत करीब है, और जब से हमने दर्शकों के सामने पहला सीज़न पेश किया है, तब से यह एक रोमांचक सफ़र रहा है। दर्शकों ने पहले सीज़न के लिए जो प्यार दिखाया है और इसके आस-पास जो फ़ैन-बेस बना है, वह बहुत उत्साह बढ़ाने वाला रहा है। मुझे पूरा भरोसा है कि दूसरे सीज़न को भी उतना ही उत्साह मिलेगा। प्राइम वीडियो ने हमेशा क्रिएटर्स और नई, असली और अनोखी कहानियाँ सुनाने के उनके जुनून का समर्थन किया है। इस कास्ट और क्रू के साथ दोबारा काम करना बहुत संतोषजनक रहा है, जिन्होंने इस बार सच में बेहतरीन काम किया है। बनवारी झा का किरदार निभाने वाले गजराज राव ने कहा कि शो की छोटे शहर वाली सेटिंग उन चीज़ों में से एक है जो इसे हर जगह के दर्शकों से जोड़ती है। “'दुपहिया' मेरे पसंदीदा प्रोजेक्ट्स में से एक रहा है। इस सीरीज़ की खासियत यह है कि भले ही इसकी कहानी एक छोटे से, पारंपरिक गाँव में सेट है, लेकिन इसके किरदार, उनके रिश्ते और उनकी रोज़मर्रा की मुश्किलें हर किसी को अपनी-अपनी सी लगती हैं-चाहे आप किसी छोटे शहर में रहते हों, बड़े मेट्रो शहर में या भारत के बाहर। सीज़न 2 में और भी ज़्यादा उथल-पुथल और सरप्राइज़ देखने को मिलेंगे, और साथ ही वही अपनापन और मज़ा भी होगा जिससे दर्शक पहले सीज़न में जुड़ पाए थे। मुझे बेसब्री से इंतज़ार है कि 1 अक्टूबर को जब 'दुपहिया' का सीज़न 2 प्राइम वीडियो पर रिलीज़ होगा, तो सब लोग धड़कपुर वापस आएँगे,” उन्होंने कहा। पुष्पलता के रोल में वापसी कर रहीं रेणुका शहाणे ने भी सीरीज़ में लौटने के बारे में बात की। “पहले सीज़न का अनुभव बहुत शानदार रहा था, इसलिए पुष्पलता के तौर पर 'दुपहिया' में वापसी का मुझे बेसब्री से इंतज़ार था। इस सीरीज़ की जो बात मुझे पसंद है, वह यह है कि यह आम पलों में भी मज़ा ढूँढ लेती है और साथ ही किरदारों को ज़मीन से जुड़ा और असली बनाए रखती है। सीज़न 2 में नई चुनौतियाँ और दाँव-पेच देखने को मिलेंगे, लेकिन धड़कपुर की असली जान-वहाँ के लोग और उनका अनोखापन- वैसे ही बरकरार है।” भूगोल का रोल निभाने वाले स्पर्श श्रीवास्तव ने कहा कि नए सीज़न में उन्हें अपने किरदार के और भी कई पहलू जानने का मौका मिला। उन्होंने कहा “भूगोल उन किरदारों से अलग है जो मैंने अब तक निभाए हैं। ऊपर से देखने पर वह सीधा-सादा लग सकता है, लेकिन उसमें उससे कहीं ज़्यादा गहराई है। उसका रोल निभाते हुए मुझे उन छोटी-छोटी बारीकियों और विरोधाभासों को खोजने में मज़ा आता है जो उसे अनप्रेडिक्टेबल बनाते हैं। नए सीज़न ने मुझे उन सीमाओं को और आगे ले जाने का मौका दिया, और यह मेरे करियर के सबसे संतोषजनक अनुभवों में से एक रहा है।” 'दुपहिया' सीज़न 2 कब रिलीज़ हो रहा है? सोनम नायर द्वारा निर्देशित, 'दुपहिया' का दूसरा सीज़न वहीं से शुरू होता है जहाँ पहला चैप्टर खत्म हुआ था। सलोना बैंस जोशी और शुभ शिवदासानी ने बॉम्बे फिल्म कार्टेल एलएलपी के तहत इस सीरीज़ को बनाया और प्रोड्यूस किया है। अविनाश द्विवेदी और चिराग गर्ग ने इस शो को बनाया और लिखा है। 'दुपहिया' सीज़न 2 का प्रीमियर 1 अक्टूबर, 2026 को प्राइम वीडियो पर होगा। Entertainment News Hindi Today only at Prabhasakshi
Hidden Apps: क्या आपके बच्चों या पार्टनर ने आपके फ़ोन में ऐप्स छिपाए हैं? मिनटों में ऐसे करें सर्च
pc; security.org अपने मोबाइल फ़ोन पर किसी ऐप को छिपाना कई तरह से फ़ायदेमंद हो सकता है। इससे आप ज़रूरी और कुछ प्राइवेट ऐप्स को दूसरों की नज़रों से छिपा सकते हैं। हालाँकि, यह फ़ीचर काम का तो है, लेकिन कुछ मामलों में यह कई दिक्कतों को न्योता दे सकता है। अगर आप पेरेंट हैं, तो यह फ़ीचर आपके लिए सिरदर्द बन सकता है। क्योंकि अक्सर छोटे बच्चे इस फ़ीचर का इस्तेमाल करके अपने पेरेंट्स की जानकारी के बिना कुछ ऐप्स छिपा लेते हैं और उन्हें बिना पेरेंट्स की जानकारी के इस्तेमाल करते हैं। कुछ ऐप्स ऐसे भी होते हैं जो उनके लिए खतरनाक हो सकते हैं। अगर आपको शक है कि आपके बच्चे आपकी जानकारी के बिना कुछ छिपे हुए ऐप्स इस्तेमाल कर रहे हैं, तो आज की यह खबर आपके लिए यह पता लगाने में काम आ सकती है। इसके लिए दो तरीके इस्तेमाल किए जा सकते हैं… एक है ऐप स्टोर का इस्तेमाल करना और दूसरा है फ़ोन की सेटिंग्स का इस्तेमाल करना। आइए इसके बारे में स्टेप बाय स्टेप जानते हैं। Google Play Store पर जाएँ और ऑप्शन चुनें फ़ोन में छिपे हुए ऐप्स को खोजने का पहला तरीका है Google Play Store पर जाकर सर्च करना। अगर कोई ऐप ऐप ड्रॉअर या होम स्क्रीन से छिपा भी है, तो भी वह इस प्लैटफ़ॉर्म पर दिखेगा अगर उसे साइडलोड नहीं किया गया है। ऐसा करने के लिए, अपने Android स्मार्टफोन पर Google Play Store खोलें। ऊपर दाएं कोने में अपनी प्रोफ़ाइल पर क्लिक करें। उसके बाद, Manage apps and devices ऑप्शन पर क्लिक करें। फिर Manage टैब पर क्लिक करें। पक्का करें कि आपने सबसे ऊपर ‘Device’ चुना हो। iPhone के लिए यह तरीका इस्तेमाल करें अगर आपके पास iPhone है, तो आपका तरीका थोड़ा अलग होगा। इसके लिए, सबसे पहले App Store पर जाएं और स्क्रीन के दाईं ओर प्रोफ़ाइल फ़ोटो पर क्लिक करें। यहां, Your Apps ऑप्शन चुनें। यहां आपको अपने मोबाइल पर डाउनलोड किए गए सभी ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। लेकिन ध्यान रखें कि App Store पर, सिर्फ़ वही ऐप्स आपके फ़ोन पर अभी इंस्टॉल हैं जिनमें ‘Open’ बटन है। जिनमें ‘Download’ बटन है, उन्हें अनइंस्टॉल माना जाता है। सेटिंग्स में जाएं और ये स्टेप्स फ़ॉलो करें ऑफिशियल ऐप स्टोर के अलावा, अपने फ़ोन पर छिपे हुए ऐप्स ढूंढने का एक आसान तरीका सेटिंग्स में ऐप लिस्ट देखना है। यह आपको आपके डिवाइस पर अभी इंस्टॉल किए गए सभी ऐप्स दिखाएगा, यहां तक कि वे भी जो जानबूझकर छिपाए गए हैं। हालांकि, ये ऑप्शन स्मार्टफोन बनाने वाली कंपनी के हिसाब से थोड़े अलग हो सकते हैं। अगर आपके पास Google Pixel या Motorola फ़ोन है, तो उसकी सेटिंग्स खोलें। यहां, Apps ऑप्शन पर जाएं और सबसे ऊपर See All ऑप्शन चुनें। अगर आपके पास Samsung फ़ोन है, तो सेटिंग्स में जाएं और Apps ऑप्शन चुनें और फिर फ़िल्टर आइकन पर क्लिक करके Installed by You जैसे ऑप्शन पर क्लिक करें। यहां आपको डाउनलोड किए गए ऐप्स की लिस्ट दिखेगी। iOS पर, आपके छिपे हुए ऐप्स तुरंत ‘Apps’ पेज पर नहीं दिखेंगे। इसके बजाय, वे ‘Hidden Apps’ मेन्यू में छिपे रहते हैं। ये ऐप्स ‘App Library’ के अंदर ‘Hidden Apps’ फ़ोल्डर में भी मिल सकते हैं। हालांकि, इन ऐप्स को खोलने के लिए आपको Face ID या पासकोड की ज़रूरत होगी।
कविता और साहित्य की हर हलचल आपके मोबाइल पर, जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से
कविता और साहित्य की हर हलचल आपके मोबाइल पर, जुड़ें अमर उजाला काव्य के व्हाट्सएप चैनल से
16 सितंबर, बुधवार: शिवपुरी के पिछोर क्षेत्र के गूगरी गांव में शराबबंदी की मांग को लेकर कुछ महिलाएं मोबाइल टॉवर पर चढ़ गईं। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर महिलाओं से बातचीत की और कार्रवाई का आश्वासन दिया, जिसके बाद वे नीचे उतर आईं।
हिंदी अब सिर्फ किताबों, अखबारों और दफ्तरों की भाषा नहीं रही।
बेगूसराय में राज्यरानी एक्सप्रेस में मोबाइल छिनतई, विरोध पर अधिवक्ता ट्रेन से गिरकर घायल
11 सितंबर, शुक्रवार, बेगूसराय: चकिया थाना क्षेत्र में राजेंद्र पुल के पास राज्यरानी एक्सप्रेस में बदमाश ने अधिवक्ता से मोबाइल झपटने की कोशिश की। विरोध के दौरान हाथापाई में दोनों ट्रेन से गिर गए। बदमाश 16 हजार का मोबाइल लेकर फरार हो गया और अधिवक्ता घायल हो गए।
सिंगरौली में पत्नी के लापता होने से परेशान युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, आश्वासन के बाद सुरक्षित उतरा
10 सितंबर, गुरुवार: सिंगरौली के बरगवां थाना क्षेत्र में पत्नी के लापता होने से परेशान 28 वर्षीय युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। पुलिस और प्रशासन की टीम ने कई घंटे समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने गुमशुदगी का केस दर्ज कर महिला की तलाश शुरू कर दी है।
अंतरराष्ट्रीय सीमा से सटे कठुआ जिले के हीरानगर स्थित चन्न खत्रियां इलाके में एक कबूतर पकड़ा गया है।
रीवा में 16.632 किलो गांजा, पिस्टल-कारतूस और मोबाइल बरामद, आरोपी गिरफ्तार
27 अगस्त, गुरुवार: रीवा के समान थाना पुलिस ने ऑपरेशन प्रहार 2.0 के तहत गड़रिया नहर के पास घेराबंदी कर एक आरोपी को गिरफ्तार किया। उसके पास से 16.632 किलो गांजा, देशी पिस्टल, मैगजीन, 4 कारतूस और 3 मोबाइल फोन बरामद किए गए। आरोपी के खिलाफ NDPS और आर्म्स एक्ट में केस दर्ज किया गया है।
Rahul Gandhi मोबाइल दिखाकर बोले- ये 21वीं सदी का पिंजरा | Congress | Rajiv Gandhi Birth Anniversary
पूर्व पीएम राजीव गांधी की जयंती पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी समेत देश के कई नेताओं ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की. इस मौके पर दिल्ली में हरा भरा स्वाराज कार्यक्रम का आयोजन किया. इसमें कांग्रेस सांसद और लोकसभा में नेता विपक्ष राहुल गांधी पहुंचे. यहां उन्होंने मोबाइल दिखाकर क्या कुछ कहा
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
iQOO-Redmi Smartphone Price Hike: मोबाइल खरीदने वालों को झटका, 14,000 रुपये तक महंगे हुए फोन
ग्वालियर में मोबाइल चोर को पकड़ती बहनों का वीडियो झूठे सांप्रदायिक दावे से वायरल
बूम से बातचीत में ग्वालियर पुलिस ने पुष्टि की कि वीडियो में दिख रहा आरोपी मुस्लिम नहीं है और उसकी पहचान मनप्रीत सिंह के रूप में की गई है.
बक्सर पुलिस की बड़ी सफलता: एसपी शुभम आर्य ने बरामद खोए हुए मोबाइल असली धारकों को लौटाए
6 गुरुवार, अगस्त: बक्सर जिले में पुलिस ने अभियान चलाकर लोगों के खोए हुए मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इसके बाद बक्सर एसपी शुभम आर्य ने एक कार्यक्रम के दौरान सभी मोबाइल उनके असली धारकों को सौंप दिए। अपने खोए हुए फोन वापस पाकर लोगों के चेहरे खिल उठे और उन्होंने बक्सर पुलिस की इस पहल की सराहना की।
ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर चोरी के दो मोबाइल के साथ एक आरोपी गिरफ्तार
4 मंगलवार, अगस्त:ऑपरेशन यात्री सुरक्षा के तहत गया जंक्शन पर कार्रवाई करते हुए पुलिस ने चोरी के दो मोबाइल फोन के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
Gaya News: 4 मोबाइल के साथ धराए दो चोर
गया जंक्शन पर 'ऑपरेशन यात्री सुरक्षा' के तहत आरपीएफ और जीआरपी के संयुक्त अभियान में यात्रियों से चोरी किए गए चार मोबाइल फोन के साथ दो चोरों को गिरफ्तार किया गया है।
पिसावां में माता-पिता से विवाद के बाद युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ा, तीन घंटे बाद पुलिस ने उतारा
1 शनिवार, अगस्त: पिसावां के चौखड़ियां गांव में माता-पिता से विवाद के बाद एक युवक मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब तीन घंटे की समझाइश के बाद पुलिस ने उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस ने युवक के खिलाफ शांति भंग की कार्रवाई की है।
खैरथल के मुंडावर में ससुराल पक्ष से नाराज युवक मोबाइल टावर पर चढ़ा, पुलिस ने सुरक्षित उतारा
1 शनिवार, अगस्त: खैरथल जिले के मुंडावर क्षेत्र में ससुराल पक्ष से नाराज एक युवक मोबाइल टावर पर चढ़ गया। सूचना पर पहुंची पुलिस और प्रशासन ने समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतारा। पुलिस मामले की जांच कर रही है और युवक से पूछताछ के साथ काउंसलिंग भी कराई जा रही है।
टीवी अभिनेत्री स्मृति खन्ना का मानना है कि वर्टिकल सीरीज मनोरंजन की दुनिया का भविष्य हैं। उन्होंने बताया कि कम समय के एपिसोड, मोबाइल फ्रेंडली फॉर्मेट और बड़े प्रोडक्शन हाउस की बढ़ती दिलचस्पी इस नए ट्रेंड को तेजी से आगे बढ़ा रही है। साथ ही उन्होंने ...
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

