अमरोहा में गजरौला थाने के पास मोबाइल दुकान में चोरी:चोर CCTV में कैद, लाखों के फोन और नकदी ले गया
अमरोहा के गजरौला कस्बे में बुधवार तड़के एक मोबाइल की दुकान में चोरी हो गई। चोर थाने से चंद कदमों की दूरी पर स्थित दुकान का शटर तोड़कर अंदर घुसा और लाखों रुपये के मोबाइल फोन व नकदी लेकर फरार हो गया। यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना बुधवार सुबह करीब चार बजे हुई। गजरौला क्षेत्र के सलेमपुर गोसाई निवासी अजीत सैनी की मोबाइल की दुकान को चोरों ने निशाना बनाया। दुकान मालिक अजीत सैनी ने बताया कि उन्होंने सोमवार रात करीब 10 बजे दुकान बंद की थी। मंगलवार सुबह उनके भतीजे ने शटर टूटा होने की सूचना दी, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचित किया। पुलिस के मौके पर पहुंचने पर दुकान के अंदर सामान बिखरा मिला। चोर दुकान से दो आईफोन सहित कुल चार मोबाइल फोन और लगभग 12 हजार रुपये की नकदी ले गए। दुकान स्वामी के अनुसार, चोरी हुए मोबाइल फोनों की कुल कीमत लगभग ढाई लाख रुपये है। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें एक चोर चोरी करते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहा है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। दुकान मालिक अजीत सैनी ने पुलिस को तहरीर देकर जल्द से जल्द चोरी का खुलासा करने और आरोपियों को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस ने मामले का जल्द खुलासा करने का दावा किया है। थाने के इतनी करीब हुई इस चोरी की घटना से स्थानीय व्यापारियों में चिंता का माहौल है।
आम आदमी पार्टी (AAP) के राष्ट्रीय संयोजक और दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने देश के करोड़ों वाहन मालिकों के हितों को लेकर एक बड़ा कदम उठाया है। केजरीवाल ने देश की 29 प्रमुख ऑटोमोबाइल निर्माता कंपनियों को पत्र लिखकर E20 (20% एथेनॉल मिश्रित) पेट्रोल के इस्तेमाल और पुरानी गाड़ियों (2023 से पहले बनी) पर इसके प्रभाव को लेकर लिखित स्पष्टीकरण और उपभोक्ता गारंटी की मांग की है। अरविंद केजरीवाल ने इस मामले में दो अलग-अलग श्रेणियों में पत्र भेजे हैं। पहला पत्र उन 3 बड़ी कंपनियों को भेजा गया है जिनके प्रतिनिधियों ने हाल ही में सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस में हिस्सा लिया था, जबकि दूसरा पत्र टाटा मोटर्स समेत अन्य 26 वाहन निर्माता कंपनियों को भेजा गया है। 3 प्रमुख कंपनियों (टोयोटा, मारुति सुजुकी, हीरो मोटोकॉर्प) को पहला पत्र अरविंद केजरीवाल ने पहला पत्र मारुति सुजुकी इंडिया, टोयोटा किर्लोस्कर मोटर और हीरो मोटोकॉर्प को लिखा है। टोयोटा के कंट्री हेड विक्रम गुलाटी को संबोधित पत्र में केजरीवाल ने 4 जुलाई 2026 को सरकार की प्रेस कॉन्फ्रेंस का हवाला दिया। केजरीवाल का कहना है कि, प्रेस कॉन्फ्रेंस में कंपनी प्रतिनिधियों ने दावा किया था कि 2023 से पहले के वाहनों में E20 ईंधन का उपयोग सुरक्षित है और इससे इंजन को नुकसान नहीं होगा, केवल माइलेज में मामूली कमी आएगी। लेकिन यह दावा कंपनियों के अपने ही 'ओनर्स मैनुअल' (Owner's Manual) के बिल्कुल विपरीत है, जिसमें साफ लिखा है कि इन गाड़ियों में केवल 10% एथेनॉल (E10) वाले पेट्रोल का ही इस्तेमाल किया जाना चाहिए। केजरीवाल ने कहा कि यह कोई मामूली विसंगति नहीं है। करोड़ों उपभोक्ताओं को यह जानने का हक है कि वे गाड़ी खरीदते समय मिले आधिकारिक मैनुअल पर भरोसा करें या कंपनियों के मौजूदा बयानों पर। टाटा मोटर्स समेत 26 कंपनियों को दूसरा पत्र अरविंद केजरीवाल ने दूसरा पत्र टाटा मोटर्स के एमडी और सीईओ शैलेश चंद्रा समेत बाकी 26 ऑटोमोबाइल कंपनियों को भेजा है। इस पत्र में उन्होंने देश भर में प्री-2023 वाहनों में E20 पेट्रोल के इस्तेमाल को लेकर चल रहे भारी विवाद का जिक्र किया है। उन्होंने सभी कंपनियों से एक हफ्ते के भीतर भारतीय उपभोक्ताओं के लिए एक स्पष्ट, सार्वजनिक और लिखित बयान जारी करने की मांग की है। ऑटो कंपनियों के सामने रखे दो कड़े सवाल अरविंद केजरीवाल ने सभी कंपनियों से एक हफ्ते के भीतर सार्वजनिक तौर पर दो मुख्य बिंदुओं पर स्थिति स्पष्ट करने और लिखित गारंटी देने को कहा है:- माइलेज में कमी पर मुआवजा: यदि 2023 से पहले का कोई वाहन (जो E20 के अनुकूल नहीं है) E20 ईंधन का उपयोग करने के बाद 10% से अधिक माइलेज की गिरावट दर्ज करता है, तो क्या कंपनी प्रभावित मालिक को इस नुकसान का मुआवजा देगी? इंजन खराब होने पर मुआवजा: यदि E20 ईंधन के इस्तेमाल के कारण गाड़ी या उसके इंजन के पार्ट्स को कोई नुकसान पहुंचता है, तो क्या कंपनियां मरम्मत या पार्ट्स बदलने के खर्च का पूरा मुआवजा उपभोक्ता को देंगी?
जबलपुर में मोबाइल चोरी के विवाद को लेकर स्कूली छात्रों के दो गुटों के बीच सड़क पर हिंसक झड़प हो गई। विवाद इतना बढ़ गया कि एक गुट ने दो छात्रों पर चाकू, पत्थर और लात-घूसों से हमला कर दिया। घटना में दोनों छात्र घायल हो गए। पूरी वारदात पास में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। घटना गढ़ा थाना क्षेत्र के शारदा चौक की है। जानकारी के अनुसार नेपियर टाउन स्थित एक स्कूल में पढ़ने वाले 12वीं कक्षा के छात्र का दो दिन पहले मोबाइल चोरी हो गया था। उसे अपने सहपाठी पर शक था। इस संबंध में उसने स्कूल के बाहर उससे पूछताछ की, लेकिन उसने मोबाइल लेने से इनकार कर दिया। हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें बुधवार को फरियादी छात्र को उसके दोस्त का फोन आया और उसे पहले रानीताल चौक बुलाया गया। वहां कुछ देर इंतजार करने के बाद दोबारा फोन कर शारदा चौक आने के लिए कहा गया। आरोप है कि जैसे ही छात्र अपने दोस्तों के साथ शारदा चौक पहुंचा, वहां पहले से मौजूद दूसरे गुट के छात्रों ने उन पर चाकू और पत्थरों से हमला कर दिया। हमले में फरियादी छात्र के हाथ, पैर और कमर में गंभीर चोटें आई हैं। आरोपियों ने मारपीट के दौरान उसकी एक्टिवा पर भी पत्थरों से हमला कर उसे क्षतिग्रस्त कर दिया। किसी ने बीचबचाव की कोशिश नहीं की घटना के दौरान शारदा चौक पर काफी लोग मौजूद थे, लेकिन किसी ने भी बीच-बचाव करने की कोशिश नहीं की। सीसीटीवी कैमरों में युवक चाकू लहराते, मारपीट करते और वाहन में तोड़फोड़ करते दिखाई दे रहे हैं। गढ़ा थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है और सीसीटीवी फुटेज के साथ अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, घटना में शामिल सभी युवक 12वीं कक्षा के छात्र हैं और उनकी उम्र 17 से 18 वर्ष के बीच है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की तैयारी कर रही है।
अलवर के बाबू शोभाराम राजकीय कला कॉलेज में परीक्षा व्यवस्था और उच्च शिक्षा की साख को तार-तार करने वाला VIDEO सामने आया है। कॉलेज में चल रहे 4th सेमेस्टर के इतिहास विषय के टर्म टेस्ट के दौरान छात्र परीक्षा कक्ष में खुलेआम टेबल पर मोबाइल रखकर नकल करते नजर आया। ताज्जुब की बात ये है कि जिस वक्त यह नकल चल रही थी, उस वक्त क्लास में वीक्षक (इनविजिलेटर) भी मौजूद थे। कमरे में सीसीटीवी कैमरा भी लगा हुआ था। वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आने के बाद कॉलेज प्रशासन में हड़कंप मच गया है। आनन-फानन में कॉलेज प्रबंधन ने विषय के टर्म टेस्ट को रद्द कर दिया है। इस खुली धांधली के विरोध में बुधवार को पूर्व प्राचार्य रमेश बैरवा एक कार पर बड़ा बैनर लगा कॉलेज के गेट के पर पहुंच गए। बैरवा ने कहा कि कला कॉलेज प्राचार्य की अव्यवस्थाओं के कारण कॉलेज में खुलेआम नकल होने लगी है। यहां पढ़ाई होती तो स्टूडेंट्स को नकल नहीं करनी पड़ती। विभाग के उच्चाधिकारियों को ज्ञापन भेजकर कला कॉलेज के प्राचार्य को हटाने की मांग की है। 'आंधी आए या तूफान... जब तक पेपर हमारे पास है' सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में परीक्षा की शुचिता का मजाक उड़ाते हुए एक छात्र खुद ही मोबाइल से वीडियो बनाता नजर आया है। वह बेखौफ अंदाज में अपनी जाति का उल्लेख करते हुए कहता है- नहीं दबने वाले, आंधी आए या तूफान, जब तक पेपर हमारे पास है। छात्र का यह बयान साफ तौर पर दर्शाता है कि उसे न तो कॉलेज प्रशासन का कोई खौफ है और न ही परीक्षा नियमों की कोई परवाह। क्या होता है टर्म टेस्ट? यह टेस्ट मुख्य सेमेस्टर परीक्षा से पहले क्लास स्तर पर किया जाता है। यह टेस्ट कुल 10 अंकों का होता है। सब्जेक्ट टीचर खुद क्लास में पढ़ाए गए सिलेबस के आधार पर पेपर तैयार करता है और वही परीक्षा लेता है। प्राचार्य बोले- कमेटी गठित, परिजनों को बुलाया प्राचार्य डॉ. अशोक आर्य का कहना है कि “यह टर्म टेस्ट का मामला है। जिस छात्र ने मोबाइल ले जाकर वीडियो बनाया है, उसके सीसीटीवी फुटेज निकालकर बारीकी से जांच की जा रही है। छात्र के परिजनों को कॉलेज बुलाया गया है। मामले की जांच के लिए कमेटी गठित कर दी गई है, जिसकी रिपोर्ट के आधार पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
जैसलमेर के एक परीक्षा केंद्र पर पिछले रविवार हुई एलडीसी भर्ती परीक्षा के दौरान प्रशासनिक और सुरक्षा व्यवस्था में कथित लापरवाही और गड़बड़ी का मामला सामने आया था। इस मामले को लेकर कांग्रेस ने मोर्चा खोला था। परीक्षा प्रणाली पर गंभीर आरोप लगाए थे। कांग्रेस ने इस मुद्दे सरकार को घेरते हुए युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ के आरोप लगाए थे। युवाओं के भारी आक्रोश के बाद जिला कलेक्टर ने मामले की गंभीरता को देखते हुए। उपखंड अधिकारी (एसडीएम) को पूरे प्रकरण की प्रशासनिक जांच सौंप दी है। एसडीएम अब परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से जांच कर रहे है। इधर, पुलिस ने संबंधित वीक्षक से पूछताछ शुरू कर दी है। साथ ही, मोबाइल कॉल रिकॉर्ड और सोशल मीडिया चैट खंगाले जा रहे हैं। खिड़की से प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को देने का आरोप दरअसल, 5 जुलाई को सुरक्षा के दावों के बीच जैसलमेर के 19 परीक्षा केंद्रों पर एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा दो पारियों में हुई थी। इसी दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर परीक्षा शुरू होने के बाद परीक्षार्थियों ने आरोप लगाया था कि खिड़की से प्रश्न पत्र किसी अज्ञात व्यक्ति को दिया गया था। साथ ही प्रशासन पर लापरवाही और खिड़की के रास्ते पेपर बाहर भेजकर नकल कराने के गंभीर आरोप भी लगाए गए थे। इसके बाद सेंटर पर विवाद की स्थिति बन गई थी। कुछ संदिग्ध को हिरासत में लिया कांग्रेस और युवाओं के विरोध के बाद प्रशासन और पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। हालांकि, जांच की संवेदनशीलता को देखते हुए पुलिस ने अभी तक आधिकारिक तौर पर इन लोगों के नामों या इनकी भूमिका का खुलासा नहीं किया है। सूत्रों के अनुसार, परीक्षा केंद्र पर तैनात संबंधित वीक्षक (इन्विजिलेटर) से भी पुलिस ने गहन पूछताछ शुरू कर दी है। वीक्षक के मोबाइल कॉल रिकॉर्ड (CDR) और सोशल मीडिया चैट को बारीकी से खंगाला जा रहा है, ताकि किसी भी तरह के संदिग्ध संपर्क का पता लगाया जा सके। जल्द रिपोर्ट सौंपेंगे एसडीएम कलेक्टर से मिले निर्देशों के बाद एसडीएम अब इस पूरे मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुट गए हैं। प्रशासनिक जांच के तहत परीक्षा केंद्र के सीसीटीवी फुटेज, वहां तैनात स्टाफ के बयान और सुरक्षा व्यवस्था की बारीकी से पड़ताल की जा रही है। एसडीएम इस पूरी जांच को करने के बाद एक विस्तृत और तथ्यात्मक रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपेंग। जिसके बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी। ये खबर भी पढ़ें… एलडीसी परीक्षा में खिड़की से पेपर बाहर भेजने का आरोप:प्रशासन ने रिपोर्ट कर्मचारी चयन बोर्ड भेजी, निर्देश अनुसार कार्रवाई होगी जैसलमेर में रविवार को एलडीसी (लिपिक ग्रेड-द्वितीय) परीक्षा के दौरान राजकीय मॉडल स्कूल सेंटर पर लगे नकल के आरोपों के मामले में सोमवार को प्रशासन ने रिपोर्ट राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को भेज दी। अतिरिक्त जिला कलेक्टर (एडीएम) परसाराम सैनी ने बताया कि परीक्षार्थियों की शिकायतों के आधार पर प्रकरण तैयार कर बोर्ड को भेजा गया है। अब बोर्ड से मिलने वाले निर्देशों के अनुसार आगे की कानूनी और विभागीय कार्रवाई की जाएगी। पढ़े पूरी खबर…
दात्तर दिखाकर मोबाइल छीनने वाले 3 लुटेरे काबू
अमृतसर| थाना छेहर्टा पुलिस ने फैक्टरी के कर्मचारी को दात्तर दिखाकर मोबाइल छीनने वाले 3 आरोपियों को काबू किया है। आरोपियों की पहचान लवप्रीत सिंह उर्फ लव निवासी छेहर्टा, मनप्रीत सिंह निवासी गुमानपुरा और वंश शर्मा निवासी हरगोबिंद एवेन्यू, छेहर्टा के रूप में हुई है। पीड़ित सुखचैन सिंह निवासी मोहल्ला शाशिया, खापड़खेड़ी, ने बताया कि 5 जून को रात 12:20 बजे ओसीएम फैक्ट्री से ड्यूटी खत्म कर मोटरसाइकिल पर गांव लौट रहा था। जब वह गुरुद्वारा छहर्टा साहिब के सामने पहुंचा तो एक एक्टिवा सवार 4 युवकों ने घेर लिया। आरोपियों ने दात्तर दिखाकर मोबाइल फोन छीन लिया। बदमाशों ने उसका मोटरसाइकिल भी छीनने का प्रयास किया, लेकिन शोर मचाने पर भाग गए। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने तीन आरोपियों को दबोच लिया है और उनके कब्जे से लूटा गया मोबाइल फोन और वारदात में इस्तेमाल की गई एक्टिवा बरामद कर ली है। जांच अधिकारी एएसआई तलविंदर सिंह ने बताया कि चौथे फरार आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमें छापेमारी कर रही हैं।
मध्य प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग में ई-अटेंडेंस व्यवस्था लागू करने के फैसले पर सरकार किसी तरह की रियायत देने के मूड में नहीं है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के हालिया बयान के बाद भी शिक्षक संगठन इसका लगातार विरोध कर रहे हैं। मंत्री ने साफ कहा है कि जब शिक्षक दिनभर मोबाइल का उपयोग करते हैं, तो ई-अटेंडेंस लगाने में दिक्कत नहीं होनी चाहिए। वहीं शिक्षक संगठनों का कहना है कि वे ई-अटेंडेंस के विरोध में नहीं हैं, लेकिन इसे न्यायसंगत और संवेदनशील तरीके से लागू किया जाए। साथ ही सरकार शिक्षकों के निजी मोबाइल, इंटरनेट और सिम के उपयोग पर भी स्पष्ट नीति बनाए। दो दिन पहले बैतूल प्रवास के दौरान स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह ने कहा कि ई-अटेंडेंस लागू करने में कोई समस्या नहीं है। उन्होंने कहा, जब शिक्षक दिनभर मोबाइल चलाते हैं तो ई-अटेंडेंस लगाने में क्या प्रॉब्लम है? मंत्री ने बताया कि जहां नेटवर्क की समस्या है, वहां सरकार समाधान के प्रयास कर रही है और ऐसे स्थानों पर पदस्थ शिक्षकों की गरिमा और व्यावहारिक कठिनाइयों का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि प्रदेश में पिछले दिनों करीब 1,000 स्थानों पर नेटवर्क संबंधी दिक्कतें सामने आई थीं, लेकिन उन जगहों पर पदस्थ किसी भी शिक्षक का वेतन नहीं काटा गया। सरकार का दावा है कि तकनीकी समस्याओं के कारण किसी कर्मचारी के साथ अन्याय नहीं होने दिया जाएगा। मध्य प्रदेश शिक्षक संघ ने कहा- वेतन काटना एवं दंडात्मक कार्रवाई अनुचित मध्यप्रदेश शिक्षक संघ ने ई-अटेंडेंस को लेकर लोक शिक्षण संचालनालय द्वारा जारी आदेशों पर गंभीर आपत्ति व्यक्त करते हुए स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री उदयप्रताप सिंह को ज्ञापन भी सौंपा है। संघ ने मांग की है कि 1 जुलाई 2026 को जारी वह आदेश जिसमें ई-अटेंडेंस दर्ज नहीं होने पर वेतन कटौती तथा संबंधित आहरण एवं संवितरण अधिकारियों के विरुद्ध अनुशासनात्मक एवं निलंबन की कार्रवाई का प्रावधान किया गया है उसे तत्काल निरस्त किया जाए। संघ के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. क्षत्रवीर सिंह राठौर, प्रदेश महामंत्री राकेश गुप्ता एवं प्रांतीय कोषाध्यक्ष विनोद कुमार पुनी ने कहा कि विभाग स्वयं स्वीकार कर चुका है कि प्रदेश में लगभग 90 प्रतिशत से अधिक विद्यालयों में ई-अटेंडेंस सफलतापूर्वक दर्ज हो रही है तथा अधिकांश जिलों में इसकी सफलता 94 से 95 प्रतिशत तक है। इसके बावजूद शेष तकनीकी कारणों से उत्पन्न समस्याओं के लिए शिक्षकों को दोषी ठहराकर वेतन काटना उचित नहीं है। व्यावहारिक, तकनीकी और मानवीय पक्षों की अनदेखी बताया प्रदेश अध्यक्ष ट्राइबल वेलफेयर टीचर्स एसोसिएशन मध्यप्रदेश डीके सिंगौर ने ई अटेंडेंस को लेकर कहा है कि यदि सरकार ई-अटेंडेंस जैसी तकनीक का उपयोग कर पारदर्शिता बढ़ाना चाहती है, तो इसके उद्देश्य पर किसी को आपत्ति नहीं हो सकती लेकिन जिस स्वरूप में ई-अटेंडेंस लागू की जा रही है, उसमें अनेक व्यावहारिक, तकनीकी और मानवीय पक्षों की अनदेखी दिखाई देती है। मशीन के आधार पर अनुपस्थित मान लेना गलत केवल मशीन की उपस्थिति रिपोर्ट के आधार पर शिक्षक को अनुपस्थित मान लेना तथा बिना उसका पक्ष सुने वेतन काटने जैसी कार्रवाई करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के अनुरूप नहीं है। सिंगौर का कहना है कि शिक्षक का दायित्व केवल कक्षा में पढ़ाने तक सीमित नहीं होता। उसे अनेक प्रशासनिक एवं शासकीय कार्य भी करने पड़ते हैं। कई बार विभागीय बैठकों, प्रशिक्षण, सर्वेक्षण, परीक्षा संबंधी कार्य, निर्वाचन दायित्व, विद्यार्थियों के हित में सामुदायिक समन्वय तथा विद्यालय की आवश्यक व्यवस्थाओं के लिए विद्यालय परिसर से बाहर भी जाना पड़ता है। सालिसिटर जनरल के माध्यम से सुप्रीम कोर्ट से परमिशन मांगी है स्कूल शिक्षा मंत्री सिंह ने शिक्षकों की पात्रता परीक्षा को लेकर कहा है कि सॉलिसिटर जनरल के माध्यम से 2005 से 2009 के बीच परीक्षा देने वाले शिक्षकों के मामले में कोर्ट से परमिशन मांगी है। इसमें कहा है कि इन शिक्षकों ने सरकार की पात्रता परीक्षा के आधार पर नौकरी पाई है। अगर कोर्ट रियायत देता है तो ठीक है अन्यथा परीक्षा तो करानी ही पड़ेगी। ये खबर भी पढ़ें… ई-अटेंडेंस लगाने की जल्दी में शिक्षक का एक्सीडेंट मध्य प्रदेश में लागू की जा रही ई-अटेंडेंस व्यवस्था के बीच एक शिक्षक हादसे का शिकार हो गए। स्कूल समय पर पहुंचकर ई-अटेंडेंस लगाने की जल्दबाजी में उनकी बाइक बारिश के कारण फिसल गई, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। शिक्षक ने प्राचार्य को पत्र लिखकर अनुरोध किया है कि उन्हें अनुपस्थित न माना जाए, क्योंकि वे विद्यालय पहुंचने के दौरान दुर्घटनाग्रस्त हुए थे। इधर, इस घटना के बाद शिक्षक संगठनों ने ई-अटेंडेंस व्यवस्था को लेकर सरकार से कई सवाल पूछे हैं।पूरी खबर पढ़ें
छतरपुर पुलिस ने किशनगढ़ थाना क्षेत्र में मिले एक युवक के शव की गुत्थी सुलझा ली है। पुलिस ने हत्या के आरोप में मृतक की पत्नी समेत तीन लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया कि पत्नी ने अपने साथी और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर पति की योजनाबद्ध तरीके से हत्या करवाई थी। मामले की शुरुआत 1 जुलाई को हुई, जब पन्ना जिले के पवई थाना क्षेत्र के ग्राम नारायणपुरा निवासी संजय मिश्रा की गुमशुदगी दर्ज कराई गई। तलाश के दौरान अमानगंज रोड पर निर्माणाधीन पुल के पास जंगल में एक शव मिला। बाद में उसकी पहचान संजय मिश्रा के रूप में हुई। घटनास्थल से उनकी मोटरसाइकिल भी बरामद की गई थी। पत्नी ने रची थी साजिशपरिजनों की शिकायत, घटनास्थल से मिले भौतिक साक्ष्यों और तकनीकी जांच के आधार पर किशनगढ़ थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान पुलिस को पता चला कि मृतक की पत्नी ने अपने साथी और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर हत्या की साजिश रची थी। पुलिस ने इस मामले में मृतक की पत्नी अनीता मिश्रा, ग्राम नगदा निवासी विनोद यादव और सतीश यादव को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से वारदात में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकल, मोबाइल फोन और अन्य संबंधित सामग्री भी बरामद की गई है। गिरफ्तार तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देश पर अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आदित्य पटले और एसडीओपी बिजावर अजय रिठौरिया के मार्गदर्शन में किशनगढ़ थाना पुलिस और विशेष टीम ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया।
दुर्ग जिले के वैशाली नगर थाना क्षेत्र में पुलिस ने जुआ खेलने और खिलाने वालों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। स्टील नगर कैम्प-1 स्थित एक मकान में 52 पत्ती ताश से हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेल रहे 10 लोगों को पुलिस ने रंगे हाथों गिरफ्तार किया। मौके से 44,100 रुपए नकद, 52 पत्ती ताश और 9 मोबाइल फोन जब्त किए गए हैं। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 के तहत मामला दर्ज किया गया है। पुलिस को सूचना मिली थी कि स्टील नगर कैम्प-1 में सत्य साई होटल के पास स्थित ए. सरस्वती के मकान में लंबे समय से जुआ चल रहा है। सूचना में बताया गया कि चंद्रकला उर्फ बुच्ची और कृष्णा देवी वहां लोगों को बुलाकर रुपये-पैसों का दांव लगवा रही हैं। सूचना मिलते ही वैशाली नगर थाना पुलिस की टीम ने मौके पर पहुंचकर मकान की घेराबंदी की। पुलिस ने जैसे ही अंदर रेड की, वहां 10 लोग 52 पत्ती ताश से हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेलते मिले। पुलिस को देखकर कुछ लोगों ने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने सभी को मौके पर ही पकड़ लिया। इन्हें किया गया गिरफ्तारपकड़े गए आरोपियों में महेश कुमार, सुरेन्द्र प्रसाद, आर. राजु राव, राजेश सोनी, पी. तरुण, के. प्रवीण कुमार, भुजंग राव, मोहम्मद आजाद, चंद्रकला उर्फ बुच्ची और कृष्णा देवी शामिल हैं। सभी आरोपी भिलाई के कैम्प-1 और आसपास के इलाकों के रहने वाले हैं। तलाशी के दौरान पुलिस ने जुआ फड़ से 44,100 रुपए नकद, 52 पत्ती ताश और 9 मोबाइल फोन जब्त किए। इसके बाद सभी आरोपियों को थाने लाकर उनके खिलाफ अपराध दर्ज किया गया। पुलिस मामले की आगे जांच कर रही है।
पाली के बांगड़ कॉलेज का एग्जाम का एक वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर किया जा रहा है। जिसमे कुछ स्टूडेंट क्लास में एग्जाम दे रहे है। वहीं एक स्टूडेंट टेबल के नीचे मोबाइल से नकल करते हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो मंगलवार को सामने आया है। कॉलेज प्रशासन से बात की तो उन्होंने बताया- ऐसी किसी तरह की परीक्षा कॉलेज में नहीं करवाई गई। न ही लेक्चरर की ड्यूटी कभी किसी परीक्षा में पर्यवेक्षक के रूप में लगाई गई है। उन्होंने आगे कहा- कॉलेज प्रशासन पूरे मामले की जांच में जुटा है। कॉलेज को बदनाम करने के लिए किसी ने एडिट वीडियो का उपयोग किया है। जरूरत पड़ने पर मामला दर्ज करवाएंगे, ताकि सच सामने आ सके। मोबाइल से नकल करते दिखा युवक दरसअल, मंगलवार को एक वीडियो सामने आया है। जिसमें एक युवक परीक्षा रूम में बैठा है। मोबाइल से नकल कर रहा है। उस वीडियो में यह भी दिख रहा है कि गेस्ट फैकल्टी लेक्चरर दीक्षा वर्मा रूम से बाहर निकल रही है। वीडियो में बांगड़ कॉलेज लिखी कॉपी भी दिख रही है। दावा है कि यह वीडियो बांगड़ कॉलेज का है। लेक्चरर ने किसी परीक्षा में ड्यूटी नहीं दी इस मामले को लेकर बांगड़ कॉलेज की गेस्ट फैकल्टी दीक्षा वर्मा ने कहा- पिछले दो-तीन सालों से बांगड़ कॉलेज में गेस्ट फैकल्टी के रूप में लगी हुई हूं। अभी तक किसी भी परीक्षा में ड्यूटी नहीं दी है और न ही वह अधिकृत्त है। सिर्फ क्लास में पढ़ाती हूं। वीडियो एडिट किया हुआ है। गेस्ट फैकल्टी की ड्यूटी एग्जाम में नहीं लगती इस मामले में बांगड़ कॉलेज प्रिंसिपल एमएस राजपुरोहित ने कहा- गेस्ट फैकल्टी दीक्षा वर्मा की किसी भी परीक्षा में ड्यूटी नहीं लगाई गई है। वे विद्या संबल योजना के तहत गेस्ट फैकल्टी के रूप में कार्यरत है। आयुक्तालय के निर्देशानुसार किसी भी गेस्ट फैकल्टी की ड्यूटी परीक्षा में नहीं लगा सकते। वीडियो फेक और एडिट किया हुआ है, ताकि कॉलेज की छवि को खराब किया जा सके। विश्वविद्यालय की जो परीक्षा संचालित की जा रही है। किसी भी परीक्षा में दीक्षा वर्मा की ड्यूटी नहीं लगाई गई। वीडियो में जो कॉपी बताई जा रही है। यह रूटीन क्लास टेस्ट की पुरानी कॉपी लग रही है। जिसे किसी ने चुराकर झूठा बदनाम करने के लिए एडिट कर वीडियो बनाया है। इसकी जांच करवा रहे है। रिपोर्ट के बाद आगे की कार्रवाई करेंगे। जरूरत पड़ने पर मामला भी दर्ज करवाएंगे।
हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (HSVP) के पंचकूला डिस्ट्रिक्ट रेवेन्यू ऑफिसर ( DRO) जोगिंद्र शर्मा को ACB ने पर्ल्स ग्रुप केस में गिरफ्तार कर लिया है। एसीबी की जांच में सामने आया कि घोटाले में जोगिंद्र शर्मा के हिस्से 2.4 करोड़ रुपए आए है। उसने यह कैश दिल्ली, मनाली और भिवानी में छिपा रखा है। एसीबी के मुताबिक, कोर्ट से डीआरओ का 7 दिन का रिमांड मंजूर हुआ है। अब उससे पूछताछ में छिपाई गई रकम बरामद करने का प्रयास किया जाएगा। यह भी पता चला है कि उसका मोबाइल आठ माह से बंद है, जो उसने राजस्थान के सालासर में अपने रिश्तेदारों के पास मोबाइल छिपाया हुआ है। टीम उसे भी बरामद करेगी। इसके अलावा टीम जोगिंद्र शर्मा के भिवानी के कुड़ल गांव के रहने वाले रिश्तेदारों नवीन और दिनेश की भूमिका जांच करेगी। साथ ही इस मामले में पूर्व में अरेस्ट किए गए तहसीलदार संजय सिंगला के आमने-सामने बैठाकर भी उससे पूछताछ की जाएगी, ताकि पता लगाया जाएगा कि इसमें और कौन सरकारी कर्मचारी-अधिकारी शामिल हैं। क्या है पर्ल्स ग्रुप केस, जिसमें हुई डीआरओ की गिरफ्तारी एसीबी के अनुसार 2 जनवरी 2026 को रजिस्ट्री नंबर 1491 और 1492 दर्ज की गईं। इनमें सुरमुख सिंह ने कुनाल छिलाना और सौरभ के नाम कुल 17.55 एकड़ जमीन करीब 4.20 करोड़ रुपए में बेचना दिखाया गया। इसके बाद 9 जनवरी को इंतकाल दर्ज हुआ और 17 जनवरी को कानूनगो व तहसीलदार की ओर से मंजूर भी कर दिया गया। जांच एजेंसी ने यह भी पाया कि इससे पहले भी संबंधित जमीन को लेकर शिकायतें और पत्राचार हुए थे। SDM पंचकूला ने तहसीलदार रायपुररानी विक्रम सिंगला से स्पष्टीकरण मांगा था। इसी बीच हिसार निवासी एक शिकायतकर्ता ने भी ऐसी जमीनों की बिक्री रोकने का अनुरोध किया था, लेकिन अधिकारियों ने कथित तौर पर अनदेखी की। हिसार के व्यक्ति का कहना था कि पर्ल्स ग्रुप से जुड़ी इस जमीन की रजिस्ट्री नहीं हो सकती थी, क्योंकि इस जमीन पर लोढा कमीशन की स्टे लगाया गया था। 3 पाइंट में जानिए कैसे पकड़ में आया DRO… ------------------------------------------ ये खबर भी पढ़ें… पंचकूला में तहसीलदार गिरफ्तार:कोर्ट स्टे के बाद भी 17 बीघा जमीन की रजिस्ट्री की; हांसी के व्यक्ति ने खरीदी हरियाणा में पंचकूला जिले के रायपुर रानी तहसीलदार को एंटी करप्शन ब्यूरो (ACB) की टीम ने गिरफ्तार किया है। तहसीलदार विक्रम सिंगला पर आरोप है कि उन्होंने 17 बीघा जमीन की गलत तरीके से रजिस्ट्री करा दी। (पूरी खबर पढ़ें)
बुरहानपुर पुलिस ने 100 मोबाइल रिकवर किए:कर्नाटक सहित कई जगहों से हुए बरामद, मालिकों को लौटाए
बुरहानपुर पुलिस ने गुम और चोरी हुए मोबाइल फोन बरामद करने के अभियान में बड़ी सफलता हासिल की है। विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों के आधार पर साइबर सेल की मदद से 100 मोबाइल फोन रिकवर कर उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। बरामद मोबाइलों में महंगे आईफोन भी शामिल हैं, जिन्हें प्रदेश के बाहर और जिले के अलग-अलग स्थानों से ट्रैक कर वापस लाया गया। कई राज्यों से भी बरामद हुए मोबाइल पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी ने बताया कि सभी मोबाइल विभिन्न थानों में दर्ज शिकायतों के आधार पर खोजे गए। मोबाइल की पहचान उसके IMEI नंबर के जरिए की गई और साइबर टीम ने लगातार तकनीकी निगरानी कर उन्हें ट्रैक किया। इस अभियान के दौरान कई मोबाइल मध्य प्रदेश के बाहर, कर्नाटक समेत अन्य स्थानों से भी बरामद किए गए। बरामद फोन में एक लाख रुपये तक कीमत वाले आईफोन भी शामिल हैं। मोबाइल मिलने पर लोगों ने जताई खुशी डायल-112 के कर्मचारी दीपक जगन्नाथ चौधरी ने बताया कि उनका मोबाइल बस स्टैंड पर खाना खाते समय कहीं गिर गया था। शिकायत दर्ज कराने के बाद पुलिस ने उसे कर्नाटक से ट्रेस कर वापस दिलाया, जिससे उन्हें काफी राहत और खुशी मिली। वहीं, नेपानगर निवासी राजेंद्र मसाने ने भी पुलिस का आभार जताया। उन्होंने बताया कि उनकी बहन का मोबाइल करीब तीन महीने पहले ड्यूटी पर जाते समय गुम हो गया था, जो अब सुरक्षित वापस मिल गया। साइबर सेल की टीम ने निभाई अहम भूमिका मोबाइल रिकवरी अभियान में साइबर सेल प्रभारी मनीषा दीक्षित के नेतृत्व में आरक्षक दुर्गेश पटेल, शक्ति सिंह तोमर, ललित चौहान, सत्यपाल और अन्य कर्मचारियों ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। तकनीकी विश्लेषण और लगातार मॉनिटरिंग की मदद से टीम ने कम समय में बड़ी संख्या में मोबाइल बरामद करने में सफलता हासिल की। सेफ क्लिक 2.0' के तहत साइबर सुरक्षा का संदेश मोबाइल वितरण कार्यक्रम के दौरान एसपी आशुतोष बागरी, एएसपी प्रदीप शेण्डे और सीएसपी गौरव पाटिल ने 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान के तहत लोगों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक किया। अधिकारियों ने सलाह दी कि मोबाइल गुम होने या चोरी होने की स्थिति में तुरंत नजदीकी पुलिस थाने में सूचना दें और CEIR पोर्टल के माध्यम से मोबाइल ब्लॉक कराने की प्रक्रिया अपनाएं, ताकि उसका दुरुपयोग रोका जा सके। बुरहानपुर पुलिस का यह अभियान तकनीक और प्रभावी पुलिसिंग का बेहतरीन उदाहरण है। समय पर शिकायत दर्ज कराने और IMEI ट्रैकिंग की मदद से गुम मोबाइल वापस मिलना आम नागरिकों का पुलिस व्यवस्था पर भरोसा भी मजबूत करता है।
पंजाब के लुधियाना से ग्रेजुएशन डिग्री लेने निकली एक महिला लापता हो गई। महिला घर से इंदिरा गांधी नेशनल ओपन यूनिवर्सिटी (IGNOU) रिजनल सेंटर खन्ना के लिए निकली और उसके बाद गायब हो गई। पूजा के गायब होते ही उसका मोबाइल फोन भी स्विच ऑफ हो गया। पूजा के पति रमेश कुमार ने बताया कि वो 29 जून को अपनी बीए की डिग्री लेने के लिए निकली थी। शाम को घर नहीं पहुंची तो उसे फोन किया। फोन करने पर पता लगा कि उसक मोबाइल भी स्विच ऑफ है। रमेश कुमार ने बताया कि वो पहले अपने स्तर पर ढूंढता रहा जब नहीं मिली तो उसने पुलिस को शिकायत दी। पुलिस ने पूजा के गुम होने के आठवें दिन एफआईआर दर्ज की है। रमेश को शक है कि उसकी पत्ली को किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपने निजी स्वार्थ के लिए छुपाकर रखा है। दो बच्चों को रोता छोड़ गई मां लापता महिला पूजा की उम्र करीब 30 साल है और उसके दो बच्चे हैं, जिनमें एक 12 साल का बेटा और एक 9 साल की बेटी है। दोनों बच्चे पिछले 9 दिनों से अपनी मां के घर लौटने का इंतजार कर रहे हैं और उनका रो-रोकर बुरा हाल है। पूजा के पति रमेश कुमार ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि 29 जून 2026 को पूजा यह कहकर घर से निकली थी कि वह अपनी बीए की डिग्री लेने के लिए रीजनल सेंटर इग्नू खन्ना जा रही है। लेकिन जब वह देर शाम तक वापस नहीं लौटी। किसी से कोई दुश्मनी नहीं, पुलिस चक्कर लगवाती रही पीड़ित पति रमेश कुमार ने बताया कि उनकी किसी से कोई दुश्मनी या रंजिश नहीं है। पति-पत्नी के बीच भी कभी कोई लड़ाई-झगड़ा नहीं हुआ था, घर का माहौल बिल्कुल सामान्य था। रमेश ने कहा कि मैं पत्नी की तलाश में भटक रहा हूं। मैं खुद खन्ना इग्नू सेंटर भी होकर आया, लेकिन वहां पता चला कि पूजा वहां पहुंची ही नहीं थी। जब मैं शिकायत लेकर थाने गया, तो पुलिस वाले मुझे तुरंत कार्रवाई करने के बजाय चक्कर लगवाये। आखिरकार गुमशुदगी के आठ दिन बीत जाने के बाद अब जाकर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। किसी ने अवैध हिरासत में छुपाया रमेश कुमार का कहना है कि उनके आपस में अच्छे संबंध हैं। वो अपनी पढ़ाई को लेकर गंभीर थी। उसने शादी के काफी समय बाद ग्रेजुएशन की पढ़ाई शुरू की और इसी साल उसकी ग्रेजुशन कंप्लीट हुई। उसे शक है कि किसी अज्ञात व्यक्ति ने अपने निजी स्वार्थ या गलत इरादे से उसे अपनी नाजायज हिरासत में कहीं छुपा कर रखा हुआ है। पुलिस अब खंगाल रही कॉल डिटेल, रूट का पता नहीं मामला दर्ज होने के बाद अब डाबा थाने की पुलिस हरकत में आई है। जांच अधिकारी अवतार सिंह का कहना है कि महिला के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) निकलवाई जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि लापता होने से पहले वह किसके संपर्क में थी। हालांकि, पुलिस के सामने सबसे बड़ी चुनौती यह है कि वारदात के दिन से ही मोबाइल पूरी तरह बंद है। अभी तक जांच एजेंसियां यह भी पता नहीं लगा पाई हैं कि लुधियाना से खन्ना के लिए निकली पूजा आखिर रास्ते में कहां तक पहुंची थी। पुलिस बस स्टैंड और मुख्य रास्तों के सीसीटीवी (CCTV) फुटेज भी खंगाल रही है ताकि महिला का कोई सुराग मिल सके।
जम्मूतवी से सहारनपुर आ रही गरीब रथ एक्सप्रेस में सफर के दौरान एक महिला डॉक्टर का मोबाइल चोरी हो गया। घटना देर रात उस समय हुई, जब ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन के पास से गुजर रही थी। पीड़िता ने सहारनपुर पहुंचकर जीआरपी थाने में तहरीर देकर अज्ञात चोर के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और मोबाइल बरामद कराने की मांग की है। जीआरपी को दी गई तहरीर के अनुसार, खानआलमपुरा निवासी डॉ. अतिका बानो पत्नी शाहनवाज सिद्दीकी 5 जुलाई को अपने पति मोहम्मद शाहनवाज और पुत्र मोहम्मद हारिस के साथ ट्रेन संख्या 12208 कठगोदाम गरीब रथ एक्सप्रेस से जम्मू तवी से सहारनपुर आ रही थीं। परिवार कोच जी-8 की सीट संख्या 43 (अपर बर्थ) पर यात्रा कर रहा था। डॉ. अतिका बानो ने बताया कि 6 जुलाई की सुबह करीब 3:30 से 4:15 बजे के बीच, जब ट्रेन लुधियाना रेलवे स्टेशन के आसपास पहुंची, तब वह अपनी सीट पर सो रही थीं। इसी दौरान किसी अज्ञात व्यक्ति ने उनके पास रखा मोबाइल फोन चोरी कर लिया। नींद खुलने पर मोबाइल गायब मिला। इसके बाद उन्होंने और उनके पति ने पूरे कोच में काफी तलाश की, लेकिन मोबाइल का कोई पता नहीं चल सका। पीड़िता के अनुसार, घटना के तुरंत बाद उनके पति ने रेलवे हेल्पलाइन 139 पर कॉल कर चोरी की सूचना दर्ज कराई। सहारनपुर पहुंचने के बाद उन्होंने जीआरपी थाने में लिखित शिकायत देकर अज्ञात चोर के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने की मांग की। पीड़िता ने पुलिस से मांग की है कि अज्ञात चोर के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर मोबाइल को सर्विलांस पर लगाया जाए, ताकि उसे बरामद किया जा सके और सिम कार्ड का किसी भी प्रकार का दुरुपयोग रोका जा सके। जीआरपी ने तहरीर प्राप्त कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
भोजपुर में मोबाइल दुकान में चोरी हुई है। कृष्णगढ़ थाना से महज 100 मीटर की दूरी पर स्थित सरैया बाजार में सोमवार देर रात अज्ञात चोर ने दो दुकानों में सेंध लगाकर कैश और मोबाइल ले उड़े। पूरी वारदात दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसमें चोर का बेखौफ अंदाज साफ दिखाई दे रहा है। घटना ने एक बार फिर पुलिस की रात्रि गश्ती व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं, क्योंकि वारदात थाना के बेहद नजदीक हुई है। मोबाइल और कैश ले भागे जानकारी के अनुसार सरैया-ध्रुवटोला रोड स्थित 2 मोबाइल सेंटर को चोरों ने निशाना बनाया। CCTV फुटेज के मुताबिक रात करीब 12:35 बजे एक युवक छत के रास्ते दुकान में दाखिल हुआ। इसके बाद उसने बड़े आराम से दोनों दुकानों में रखे मोबाइल और नकदी पर हाथ साफ किया। फुटेज में देखा जा सकता है कि चोर बिना किसी घबराहट के दुकान के भीतर घूमता रहा। मोबाइल के डिब्बों को खोलकर केवल हैंडसेट निकालता रहा और कई महंगे मोबाइल देखने के बाद उन्हें वापस भी रख देता है। मोबाइल ग्लास और अन्य एक्सेसरीज को भी उसने खंगाला। उसके हावभाव से ऐसा प्रतीत हो रहा था मानो वह चोरी नहीं, बल्कि अपनी पसंद का सामान चुन रहा हो। 'पूरा सामान बिखरा हुआ था' लाली फोनेक्स के संचालक रवि कुमार केशरी ने बताया कि उनकी दुकान से करीब 2.50 लाख रुपए नकद और लगभग 1.50 लाख के मोबाइल फोन चोरी हो गए। वहीं, सूरज मोबाइल सेंटर के संचालक सूरज प्रसाद केशरी के अनुसार उनकी दुकान से करीब 2 लाख के कीपैड मोबाइल और 20 से 25 हजार नकद गायब है। मंगलवार सुबह जब दुकानदार दुकान खोलने पहुंचे तो सामान बिखरा देख चोरी की जानकारी हुई। इसके बाद आसपास के व्यवसायियों की भीड़ जुट गई और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही कृष्णगढ़ थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने CCTV फुटेज अपने कब्जे में लेकर अज्ञात चोर की पहचान शुरू कर दी है। लोगों ने जताई नाराजगी स्थानीय लोगों का कहना है कि जब थाना से कुछ ही दूरी पर स्थित दुकानों में इतनी आसानी से चोरी हो सकती है तो अन्य बाजारों की सुरक्षा का अंदाजा लगाया जा सकता है। व्यापारियों ने रात में नियमित गश्त बढ़ाने और जल्द से जल्द चोर की गिरफ्तारी की मांग की है। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस कृष्णगढ़ पुलिस का कहना है कि CCTV फुटेज के आधार पर चोर की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आसपास के इलाकों के कैमरों की भी जांच की जा रही है। पुलिस का दावा है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपित को गिरफ्तार कर चोरी गए सामान की बरामदगी का प्रयास किया जाएगा।
अलवर जिले में चोरों के हौसले लगातार बुलंद होते जा रहे हैं। सदर और एनईबी थाना क्षेत्र में हुई दो अलग-अलग चोरी की घटनाओं में बदमाश बाइक, मोबाइल, सरकारी योजना के तहत मिला टैबलेट और मकान निर्माण में उपयोग होने वाली बिजली की वायर चोरी कर ले गए। दोनों मामलों में पुलिस ने एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहली वारदात: घर से बाइक, मोबाइल और सरकारी टैबलेट चोरी सदर थाना क्षेत्र के दादर गांव निवासी वसीम खान (19) पुत्र असलूप खान ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि 6 जुलाई की रात 1 से 3 बजे के बीच अज्ञात चोर उसके घर से हीरो स्प्लेंडर प्लस (आरजे-02 एचबी-6546, मॉडल-2023) चोरी कर ले गए। इसके साथ ही रेडमी A2 मोबाइल और सैमसंग गैलेक्सी टैब A9 प्लस 5G भी चोरी हो गया। पीड़ित ने बताया कि मोबाइल और टैबलेट उसकी छोटी बहन सानिया को सरकारी योजना के तहत मिले थे, इसलिए उनके खरीद बिल उपलब्ध नहीं हैं। दूसरी वारदात: निर्माणाधीन मकान से वायर के पैकेट चोरी वहीं, एनईबी थाना क्षेत्र की मेडिकल कॉलोनी में मुकेश कुमार (42) पुत्र श्यामा लाल ने रिपोर्ट दी कि मन्नाका रोड स्थित उनके निर्माणाधीन मकान में 5 जुलाई की सुबह 5:30 से 6:30 बजे के बीच एक बदमाश दीवार फांदकर अंदर घुसा और वायर कटिंग के साथ 10 खुले और 5 सीलबंद वायर के पैकेट चोरी कर ले गया। पुलिस आस-पास सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही हैं और मामले की जांच कर रही हैं।
करनाल में मकान से कैश-जेवर और मोबाइल चोरी:महिला ने पड़ोसी पर लगाया आरोप; एक नामजद सहित दो पर केस
करनाल शहर के सेक्टर 32-33 थाना क्षेत्र में एक महिला के घर से सोने-चांदी के गहने, मोबाइल फोन और नकदी चोरी होने का मामला सामने आया है। पीड़िता ने पुलिस को शिकायत देकर एक व्यक्ति को नामजद करते हुए एक अन्य अज्ञात आरोपी पर चोरी का आरोप लगाया है। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। रामपुरा के कट्टा बाग के पास सरकारी स्कूल के नजदीक रहने वाली पूजा पत्नी सोनू ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उसके घर से सोने की करीब 5 ग्राम की कानों की बालियां, चांदी की पाजेब, एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन और करीब 20 हजार रुपए चोरी हो गए। घटना का पता तब चला, जब उसने घर में सामान चेक किया और कीमती वस्तुएं गायब मिलीं। गिन्दर सिंह पर लगाया आरोप पूजा ने अपनी शिकायत में गिन्दर सिंह नाम के व्यक्ति पर चोरी का आरोप लगाया है। साथ ही उसने बताया कि उसके साथ एक अन्य अज्ञात युवक भी था, जिसने मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। पीड़िता ने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस पुलिस के अनुसार कल रात जो महिला ने शिकाय दी है। उसीके आधार पर थाना सेक्टर 32-33 करनाल में गिन्दर सिंह और एक अन्य अज्ञात आरोपी के खिलाफ चोरी का मामला दर्ज किया गया है। मामले की जांच एसआई कर्मबीर सिंह को सौंपी गई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी तक पहुंचने का प्रयास कर रही है।
फरीदाबाद शहर में मोबाइल स्नैचिंग की वारदातें लगातार बढ़ती जा रही हैं। ताजा मामला सराय मेट्रो स्टेशन का है, जहां बाइक सवार दो बदमाशों ने गृह मंत्रालय में कार्यरत एक अधिकारी के हाथ से मोबाइल फोन झपट लिया और फरार हो गए। पीड़ित की शिकायत पर सराय ख्वाजा थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, बिहार के गया जिले के रहने वाले संजीत कुमार वर्तमान में भारत सरकार के गृह मंत्रालय के इंटेलिजेंस ब्यूरो (आईबी) में कार्यरत हैं। वह सरकारी कार्य से दिल्ली आए हुए थे। 5 जुलाई की रात वह फरीदाबाद की ग्रीनफील्ड कॉलोनी स्थित अपने दोस्त के घर जाने के लिए सराय मेट्रो स्टेशन के बाहर खड़े होकर कैब बुक कर रहे थे। बाइक पर पहुंचे दो युवक इसी दौरान रात करीब 10 बजे बाइक पर सवार दो युवक वहां पहुंचे और पलक झपकते ही उनके हाथ से मोबाइल फोन झपटकर बदरपुर की ओर फरार हो गए। संजीत कुमार ने बताया कि घटना इतनी तेजी से हुई कि उन्हें संभलने तक का मौका नहीं मिला। उन्होंने बताया कि मेट्रो स्टेशन के बाहर सीसीटीवी कैमरे नहीं लगे होने के कारण बदमाशों की पहचान करना भी मुश्किल हो गया। बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा घटना के बाद उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन बदमाशों का कोई सुराग नहीं लगा। इसके बाद उन्होंने अपने दोस्त को घटना की जानकारी दी और सराय ख्वाजा थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। मामले की जांच में जुटी पुलिस सराय ख्वाजा थाना प्रभारी राकेश ने बताया कि पीड़ित की शिकायत पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस घटनास्थल और आसपास के मार्गों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर दोनों आरोपियों की पहचान कर उन्हें जल्द गिरफ्तार करने का प्रयास किया जा रहा है।
पंचकूला में रिटायर्ड चीफ इंजीनियर को फर्जी एप डाउनलोड करवा कर उसके खाते से 7.46 लाख रुपए निकाल लिए। पीड़ित की शिकायत पर साइबर क्राइम थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पंचकूला सेक्टर-20 स्थित सनसिटी परिक्रमा निवासी अनिल कुमार गुप्ता ने बताया कि वह हरियाणा सिंचाई विभाग से वर्ष 2017 में चीफ इंजीनियर पद से सेवानिवृत्त हुए थे। उन्होंने अपने बाथरूम की सफाई के लिए गूगल पर अर्बन कंपनी का कस्टमर केयर नंबर खोजा। सर्च के दौरान उन्हें एक नंबर दिखाई दिया। इस नंबर पर कॉल करने पर सामने वाले व्यक्ति ने खुद को अर्बन कंपनी का कर्मचारी बताते हुए सर्विस स्लॉट बुक कराने के लिए एक एप डाउनलोड करने को कहा। उन्होंने बताए अनुसार एप डाउनलोड करने का प्रयास किया, लेकिन वह सही तरीके से नहीं चल सकी। कॉल कर डाउनलोड करवाई दूसरी एप शिकायत के अनुसार 4 जून को एक अज्ञात नंबर से वॉट्सएप कॉल आई। कॉल करने वाले ने फिर खुद को अर्बन कंपनी का कर्मचारी बताया और नई एप डाउनलोड करने के लिए कहा। एप डाउनलोड करते ही मोबाइल सही तरीके से काम करना बंद कर गया और एप डिलीट भी नहीं हो रही थी। इसी दौरान उनकी बेटी ने बताया कि पिछले 2-3 घंटे से उनका मोबाइल लगातार बिजी आ रहा है। कॉल फॉरवर्डिंग से खुला ठगी का राज शिकायतकर्ता ने एयरटेल कस्टमर केयर से संपर्क किया तो पता चला कि उनके मोबाइल नंबर से 7005572278 पर कॉल फॉरवर्डिंग सक्रिय कर दी गई थी। इसके बाद उन्होंने अपने बैंक खातों की जांच की तो पता चला कि उनके आईसीआईसीआई बैंक के क्रेडिट कार्ड से 5,49,580 रुपए और एचडीएफसी बैंक खाते से 73 हजार रुपए निकाल लिए गए। इस तरह कुल 7,46,780 रुपए की साइबर ठगी हो गई। बैंक खाते और कार्ड तुरंत कराए ब्लॉक घटना का पता चलते ही शिकायतकर्ता ने दोनों बैंकों के कस्टमर केयर से संपर्क कर अपना क्रेडिट कार्ड और बैंक खाता ब्लॉक करा दिया। साथ ही मोबाइल फोन को रीसेट कर दिया। रीसेट होने के कारण फर्जी ऐप, भेजा गया लिंक और वॉट्सएप नंबर की जानकारी फोन से हट गई। साइबर थाना में केस दर्ज साइबर क्राइम थाना सेक्टर-20 पुलिस ने शिकायत की जांच के बाद भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 319(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया है। मामले की जांच ASI सतीश कुमार को सौंपी गई है। पुलिस ठगी में इस्तेमाल किए गए मोबाइल नंबर, कॉल फॉरवर्डिंग, बैंक ट्रांजेक्शन और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की तलाश कर रही है।
हथियार के बल पर बाइक, 39 हजार कैश और मोबाइल छीना
भास्कर न्यूज | लुधियाना ढंडारी कलां इलाके में अपराधियों के बढ़ते हौसलों ने एक बार फिर कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बेखौफ घूम रहे हथियारबंद लुटेरों ने दिनदहाड़े एक युवक को निशाना बनाकर फिल्मी अंदाज में बड़ी लूट की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने पहले युवक को घेरा, फिर हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दी और उसकी बाइक, नकदी व मोबाइल लूटकर फरार हो गए। घटना रेलवे क्वार्टर की सर्विस लाइन के पास की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही थाना साहनेवाल पुलिस मौके पर पहुंची और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। इलाके में नाकाबंदी भी करवाई गई है। पुलिस को दिए बयान में पीड़ित सुरजीत सिंह ने बताया कि 25 जून को वह अपनी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (नंबर PB10JP-8906) पर किसी जरूरी काम से जा रहा था। जब वह ढंडारी कलां स्थित रेलवे क्वार्टर की सर्विस लाइन के पास पहुंचा तो पीछे से एक बजाज प्लेटिना मोटरसाइकिल पर सवार तीन नकाबपोश युवक आए और अचानक उसकी बाइक के आगे आकर रुक गए। वारदात की सूचना मिलने के बाद थाना साहनेवाल पुलिस ने आसपास के इलाके के सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं। आवाज निकाली तो जान से मार देंगे : पीड़ित के अनुसार तीनों युवक बाइक से उतरते ही अपनी कमर से घातक हथियार निकालकर उसकी छाती पर तान दिए। बदमाशों ने धमकी देते हुए कहा कि अगर उसने शोर मचाने या भागने की कोशिश की तो जान से मार दिया जाएगा। हथियार देखकर युवक घबरा गया और वहीं रुक गया। इसके बाद बदमाशों ने उसकी जेबों की तलाशी ली और जेब में रखे 39,640 रुपए नकद तथा मोबाइल फोन छीन लिया। लेकिन लुटेरों का दुस्साहस यहीं नहीं रुका। जाते-जाते उन्होंने युवक को धक्का दिया और उसकी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल भी लेकर मौके से फरार हो गए।
महिला से मोबाइल छीनने का प्रयास, हाथ नहीं लगने पर भागा
उदयपुर। शहर में स्नेचिंग की वारदातें थम नहीं रही है। सोमवार को एक महिला के हाथ से मोबाइल छीनने का प्रयास करने का वीडियो सामने आया है। हालांकि वारदात दो दिन पुरानी है। तेज रफ्तार में होने के कारण मोबाइल बदमाश के हाथ में नहीं आया। पुलिस के अनुसार सेक्टर-8 के संजीव नगर निवासी खुशबू गत 4 जुलाई की रात को घर के पास ही टहल रही थी। रात 11:17 बजे वह मोबाइल में देख रही थी। तभी सामने से तेज रफ्तार में बाइक सवार बदमाश आया और मोबाइल पर झपट्टा मारा। लेकिन, मोबाइल उसके हाथ नहीं लगा और महिला के हाथ से नीचे गिर गया। महिला ने तुरंत मोबाइल उठाया। इतने में बदमाश वहां से भाग गया। उन्होंने घर पहुंचकर परिजनों को घटना बताई। इसके बाद पुलिस में शिकायत दी गई। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाश की तलाश कर रही है।
बरेली पुलिस ने सोमवार को गुम हुए मोबाइल उनके मालिकों को लौटाकर 466 परिवारों के चेहरे पर मुस्कान लौटा दी। रिजर्व पुलिस लाइंस में आयोजित कार्यक्रम में जून महीने में बरामद 466 मोबाइल उनके वास्तविक स्वामियों को सौंपे गए। इनकी अनुमानित कीमत करीब 93 लाख रुपये है। पुलिस के मुताबिक जनवरी 2025 से जून 2026 तक 11.43 करोड़ रुपये कीमत के 5725 मोबाइल बरामद किए जा चुके हैं। अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला... रिजर्व पुलिस लाइंस स्थित रविन्द्रालय में आयोजित कार्यक्रम में एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल ने बरामद किए गए मोबाइल उनके मालिकों को सौंपे। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने बरेली पुलिस का आभार जताया। कई लोगों ने कहा कि उन्हें उम्मीद नहीं थी कि उनका खोया हुआ फोन दोबारा मिल जाएगा। जून में चला विशेष अभियान, 466 मोबाइल बरामद एसएसपी अनुराग आर्य के निर्देशन में सर्विलांस सेल, साइबर टीम और विभिन्न थानों के कंप्यूटर ऑपरेटरों ने संयुक्त अभियान चलाया। सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) पोर्टल और अन्य तकनीकी संसाधनों की मदद से गुम और चोरी हुए मोबाइल ट्रैक कर बरामद किए गए। डेढ़ साल में 5725 मोबाइल रिकवर बरेली पुलिस के अनुसार, जनवरी 2025 से जून 2026 के बीच कुल 5725 मोबाइल फोन बरामद किए गए हैं। इनकी अनुमानित कीमत 11.43 करोड़ रुपये है। पुलिस का कहना है कि यह उपलब्धि तकनीक और टीमवर्क के बेहतर इस्तेमाल का परिणाम है। मोबाइल रिकवरी अभियान में बेहतर प्रदर्शन करने पर प्रेमनगर, कैंट, सुभाषनगर, इज्जतनगर, मीरगंज, सिरौली, शाही, आंवला, विशारतगंज, भमोरा, अलीगंज, फरीदपुर, फतेहगंज पश्चिमी, बहेड़ी, देवरनिया, शेरगढ़, हाफिजगंज और क्योलड़िया थानों की साइबर टीमों से जुड़े पुलिसकर्मियों को एक-एक हजार रुपये का नकद पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। क्या है CEIR पोर्टल? सीईआईआर (Central Equipment Identity Register) दूरसंचार विभाग (DoT) का आधिकारिक पोर्टल है। मोबाइल गुम या चोरी होने पर उसके IMEI नंबर को इस पोर्टल पर ब्लॉक किया जा सकता है। इसके बाद यदि कोई उस फोन में नया सिम लगाकर इस्तेमाल करता है तो सिस्टम अलर्ट जारी करता है। इसी आधार पर पुलिस मोबाइल की लोकेशन ट्रैक कर उसे बरामद करती है। एसपी ट्रैफिक मोहम्मद अकमल ने लोगों से अपील की कि मोबाइल गुम या चोरी होने पर तुरंत संबंधित थाने में शिकायत दर्ज कराएं और सीईआईआर पोर्टल पर मोबाइल ब्लॉक करें। समय पर शिकायत मिलने से मोबाइल बरामद होने की संभावना काफी बढ़ जाती है। उन्होंने कहा कि बरेली पुलिस आम लोगों की गुम हुई संपत्ति वापस दिलाने के लिए लगातार अभियान चला रही है।
मऊ पुलिस ने CEIR पोर्टल से 20 मोबाइल बरामद किए:5.15 लाख रुपये के फोन वास्तविक मालिकों को सौंपे गए
मऊ की साइबर क्राइम पुलिस ने CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल की सहायता से 20 गुमशुदा मोबाइल फोन बरामद किए हैं। बरामद मोबाइलों की कुल अनुमानित कीमत लगभग 5.15 लाख रुपये बताई गई है, जिन्हें उनके वास्तविक स्वामियों को सौंप दिया गया। यह कार्रवाई सोमवार दोपहर 2 बजे की गई। पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर सिंह के निर्देशन, अपर पुलिस अधीक्षक अनूप कुमार के पर्यवेक्षण तथा क्षेत्राधिकारी नगर नितेश प्रताप सिंह के मार्गदर्शन में यह सफलता प्राप्त हुई। थाना साइबर क्राइम के प्रभारी निरीक्षक शैलेश सिंह के नेतृत्व में साइबर टीम ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार प्रयासों के माध्यम से इन मोबाइलों को बरामद किया। बरामद किए गए मोबाइलों में वीवो के 5, रेडमी के 5, सैमसंग के 5, रियलमी के 3 तथा ओप्पो के 2 मोबाइल फोन शामिल हैं। विधिक प्रक्रिया पूरी करने के बाद सभी मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सुपुर्द कर दिए गए। अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने मऊ पुलिस की कार्यशैली की सराहना की और साइबर क्राइम थाना की टीम का आभार व्यक्त किया। मऊ पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाए तो वह तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं या निकटतम पुलिस थाना अथवा साइबर क्राइम थाना से संपर्क करें, ताकि समय रहते आवश्यक कार्रवाई कर मोबाइल की बरामदगी सुनिश्चित की जा सके।
देवास पुलिस ने 210 गुम मोबाइल मालिकों को लौटाए:साइबर ठगी के पीड़ितों को 3.06 करोड़ रुपये वापस दिलाए
देवास पुलिस ने प्रदेशव्यापी 'सेफ क्लिक-2.0' अभियान के तहत 210 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए हैं। इन मोबाइल फोनों की कुल कीमत करीब 36 लाख रुपये बताई गई है। इसके साथ ही पुलिस ने साइबर ठगी के शिकार लोगों को 3.06 करोड़ रुपये की राशि भी वापस दिलाई है। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम में मोबाइल फोन उनके मालिकों को सौंपे गए। देवास पुलिस की साइबर सेल ने तकनीकी सहायता से गुजरात, महाराष्ट्र, राजस्थान, छत्तीसगढ़, पश्चिम बंगाल, बिहार, उत्तर प्रदेश, तेलंगाना और मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से इन मोबाइल फोनों को खोज निकाला। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक पुनीत गहलोद के नेतृत्व में की गई। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस की त्वरित कार्रवाई और तकनीक आधारित कार्यप्रणाली की सराहना की। साइबर अपराध से बचाव की दी जानकारी अभियान के दौरान लोगों को डिजिटल अरेस्ट, फर्जी निवेश, शेयर ट्रेडिंग फ्रॉड, ओटीपी और केवाईसी धोखाधड़ी, क्यूआर कोड स्कैम, एपीके फाइल, फर्जी लिंक और सोशल मीडिया हैकिंग जैसे साइबर अपराधों से बचने के तरीके भी बताए गए। पुलिस ने लोगों से अपील की कि साइबर ठगी होने पर 'गोल्डन ऑवर' के भीतर राष्ट्रीय हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत जरूर दर्ज कराएं। ऑपरेशन साइबर में अब तक बड़ी सफलता देवास पुलिस के 'ऑपरेशन साइबर' के तहत अब तक 875 गुम मोबाइल फोन खोजकर उनके मालिकों को लौटाए जा चुके हैं। इनकी अनुमानित कीमत 1.40 करोड़ रुपये है। इसके अलावा 760 साइबर ठगी पीड़ितों को करीब 3.06 करोड़ रुपये की राशि वापस दिलाई गई है। पुलिस ने 240 लोगों को डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों का शिकार होने से भी बचाया है। वहीं, साइबर ठगी में इस्तेमाल हो रहे 2600 से अधिक फर्जी मोबाइल नंबर भी ब्लॉक कराए गए हैं। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि किसी भी संदिग्ध कॉल, वीडियो कॉल, डिजिटल अरेस्ट की धमकी, फर्जी निवेश योजना, क्यूआर कोड, एपीके फाइल या अज्ञात लिंक पर बिना सत्यापन भरोसा न करें। मोबाइल गुम होने या साइबर ठगी की स्थिति में तुरंत 1930 हेल्पलाइन, राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल और सीईआईआर पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं।
बेगूसराय में लाखों रुपए के स्मैक के साथ 6 शातिर गिरफ्तार हुए हैं। ये लोग स्विफ्ट कार से खेप ले जा रहे थे। एसपी मनीष ने कहा कि सूचना मिली कि कार सिहमा ढाला की ओर से बढ़ रही थी। सूचना मिलते ही मटिहानी थाना की पुलिस ने वाहन चेकिंग शुरू की। कुछ ही देर में DIU की टीम भी बैकअप के लिए वहां पहुंच गई। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस टीम ने सिहमा ढाला के पास स्विफ्ट कार को रुकवाया। जब कार की तलाशी ली गई तो कार के से कुल 927 ग्राम स्मैक बरामद की गई। इसके अलावा, पुलिस ने मौके से तस्करों के पास से 5 मोबाइल और 1300 रुपए भी बरामद किए। पुलिस ने कार सवार 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई मटिहानी थाना पुलिस और डिस्ट्रिक्ट इंटेलिजेंस यूनिट (DIU) की संयुक्त टीम ने की है। पूछताछ के बाद रिसीवर छोटू कुमार भी गिरफ्तार गिरफ्तार किए गए अपराधियों से जब पुलिस ने कड़ाई से पूछताछ की, तो उन्होंने इस पूरे रैकेट का खुलासा किया। पकड़े गए तस्करों ने कबूल किया कि वे इस स्मैक की खेप को छितनौर निवासी छोटू कुमार को सौंपने जा रहे थे। इस खुलासे के बाद पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए अपराधियों की निशानदेही पर छापेमारी की और मुख्य रिसीवर छोटू कुमार को भी गिरफ्तार कर लिया। एसपी ने बताया कि सदर-1 डीएसपी के नेतृत्व में मटिहानी थाना पुलिस इस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान मटिहानी के रहने वाले कन्हैया कुमार, विशाल उर्फ शिवम कुमार, सुदर्शन कुमार, सिहमा के रहने वाले प्रशांत कुमार, छितरौर के रहने वाले छोटू कुमार (रिसीवर) और नरहन (समस्तीपुर) के रहने वाले कुंदन पासवान के रूप में हुई है।
गुरुग्राम में साइबर ठगों ने एक महिला को डिजिटल ठगी का शिकार बना लिया। ठगों ने महिला के व्हाट्सएप पर एक संदिग्ध लिंक भेजकर उसका पूरा फोन हैक कर लिया और पलक झपकते ही बैंक खाते से 4 लाख 50 हजार रुपये निकाल लिए। गांव बांस कुसला की निवासी पूनम ने बताया कि 10 जून को उनके व्हाट्सएप नंबर पर एक अज्ञात नंबर से एक मैसेज प्राप्त हुआ था। मैसेज में एक लिंक दिया गया था। पूनम ने जैसे ही उस अनजान लिंक पर क्लिक किया, उनका मोबाइल फोन पूरी तरह हैक हो गया। फोन स्क्रीन पर अजीब हरकतें देखकर वह घबरा गईं और हड़बड़ाहट में उन्होंने तुरंत अपना फोन बंद कर दिया। चंद मिनटों में खाते से उड़े 4.50 लाख रुपये फोन बंद करने के बावजूद साइबर अपराधियों ने बैकएंड से उनके बैंक खाते में सेंध लगा दी। पीड़ित महिला का साउथ इंडियन बैंक के खाते से कुछ ही देर में उनके नंबर पर ताबड़तोड़ पैसे कटने के मैसेज आने लगे। ठगों ने अलग-अलग ट्रांजैक्शन के माध्यम से पहले ₹3,00,000 और फिर ₹50,000-₹50,000 की तीन अन्य ट्रांजैक्शन करके कुल 4 लाख 50 हजार रुपये उड़ा लिए। बजाज फाइनेंस से लिया था लोन पीड़िता पूनम ने बताया कि उनके खाते में मौजूद यह रकम उनकी गाढ़ी कमाई या बचत की नहीं थी, बल्कि उन्होंने अपनी जरूरतों को पूरा करने के लिए बजाज फाइनेंस से लोन लिया था। लोन की यह भारी-भरकम राशि अभी कुछ समय पहले ही उनके बैंक खाते में आई थी, जिसे अपराधियों ने लोन पास होने के तुरंत बाद अपना निशाना बना लिया। इस घटना के बाद से पीड़ित परिवार गहरे सदमे और आर्थिक मानसिक तनाव में है। बैंक कर्मियों की सलाह पर फोन किया फॉर्मेट, मिट गए सबूत खाते से इतनी बड़ी रकम कटने के बाद पूनम तुरंत अपने पति उत्तम सिंह के साथ साउथ इंडियन बैंक की शाखा में पहुंचीं। बैंक कर्मचारियों ने सुरक्षा का हवाला देते हुए और आगे की हैकिंग को रोकने के लिए महिला के मोबाइल फोन को तुरंत 'फॉर्मेट' (रिसेट) करवा दिया। फोन फॉर्मेट होने की वजह से वह अज्ञात नंबर और व्हाट्सएप चैट पूरी तरह डिलीट हो गए, जिससे ठगी करने वाले अपराधी का नंबर और पहचान से जुड़े महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य मिट गए। साइबर हेल्पलाइन और थाने में शिकायत दर्ज बैंक से निकलने के बाद पीड़िता ने तुरंत सतर्कता दिखाते हुए सरकार द्वारा जारी राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल किया। उन्होंने 10 जून को ही अपनी ऑनलाइन साइबर धोखाधड़ी की शिकायत दर्ज करवाई, जिसका शिकायत नंबर भी मिला है। पुलिस जांच कर रही अब पीड़िता ने अपने बैंक स्टेटमेंट के साथ स्थानीय पुलिस स्टेशन और वरिष्ठ अधिकारियों को लिखित शिकायत सौंपकर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू कर दी है और बैंक से ट्रांजैक्शन हिस्ट्री का विवरण मांगा है।
पटना के दनियावां थाना क्षेत्र अंतर्गत दनियावां बाजार में रविवार देर रात शातिर चोरों ने गैस कटर से दुकान का शटर और लोहे की ग्रिल काटकर बड़े मोबाइल शोरूम और गोदाम में चोरी की। चोरों ने वहां से करीब 3 लाख 20 हजार रुपये नकद सहित आईफोन, वीवो के कीमती मोबाइल, लैपटॉप और टीवी जैसे करीब 40 लाख रुपये के इलेक्ट्रॉनिक सामान लेकर फरार हो गए। मिली जानकारी के अनुसार, वारदात दनियावां बाजार में एसबीआई बैंक के पीछे स्थित गैलेक्सी टावर में संचालित 'नेहा मोबाइल कॉर्नर' में हुई। दुकान के प्रोपराइटर सुरेंद्र कुमार ने बताया, वे रोज की तरह सोमवार रात 11 बजे दुकान बंद कर घर गए थे। रात करीब 1 बजे के बाद पहुंचे 4 से 5 चोरों ने पूरी तैयारी के साथ गैस कटर से शटर और ग्रिल को काटा। देखें मौके की तस्वीर… एचपी लैपटॉप, टीवी सहित कई सामान गायब सुबह किसी परिचित की सूचना पर जब पीड़ित मौके पर पहुंचे, तो दुकान का शटर कटा देख उनके होश उड़ गए। तुरंत डायल 112 को सूचना दी गई, जिसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दुकान खोली गई। अंदर तिजोरी से नकदी गायब थी और शोरूम व गोदाम में रखे महंगे फोन, 10 पीस एचपी लैपटॉप, टीवी और बैटरियां गायब थीं। फतुहा के एसडीपीओ-2 संजीव कुमार और सर्किल इंस्पेक्टर माया कुमारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। साक्ष्य जुटाने के लिए पटना से एफएसएल (फॉरेंसिक साइंस लैब) और डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया। पुलिस खंगाल रही सीसीटीवी पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है। फतुहा एसडीपीओ संजीव कुमार ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि तकनीकी अनुसंधान और गुप्त सूत्रों से पता चला है कि चोरों की संख्या 4 से 5 थी। पुलिस की कई टीमें छापेमारी कर रही हैं। जल्द ही अपराधियों को गिरफ्तार कर शत-प्रतिशत सामान बरामद कर लिया जाएगा।
उदयपुर में एक बाइक सवार ने महिला का मोबाइल लूटने की कोशिश की। लेकिन मोबाइल सड़क पर गिर गया। जिसे महिला ने तुरंत उठा लिया। वहीं, बाइक सवार बदमाश मौके से फरार हो गया। इसका सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। घटना उदयपुर के हिरणमगरी थाना क्षेत्र के सेक्टर-8 स्थित संजीव नगर में 4 जुलाई की रात 11:15 बजे की है। महिला खुशबू मोहल्ले में पैदल घूमते हुए अपने मोबाइल में कुछ देख रही थी। तभी सामने से बाइक सवार बदमाश तेज स्पीड में आया। महिला के मोबाइल पर तेजी से झपट्टा मारा। घटना के दौरान मोबाइल बदमाश के हाथ नहीं लग पाया। महिला ने घर पहुंचकर परिवार को घटना के बारे में बताया। परिवार ने आसपास लगे सीसीटीवी चेक किए। सीसीटीवी से आसपास के लोगों को घटना का पता लगा। घटना के बाद कॉलोनी के लोगों ने पुलिस को शिकायत देकर मामले में कार्रवाई की मांग की है। वहीं, पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर बदमाशों की तलाश में जुटी है।
बिलासपुर ट्रैफिक पुलिस ने वाहन चलाते समय मोबाइल फोन का इस्तेमाल करने वाले 2621 चालकों के खिलाफ कार्रवाई की है। सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए यह अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि ड्राइविंग के दौरान मोबाइल पर बात करना चालक और दूसरे लोगों की जान के लिए खतरा बन सकता है। मोटर व्हीकल एक्ट की धारा 21(25) के तहत वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करना प्रतिबंधित है। नियम तोड़ने पर पहली बार 300 रुपए का जुर्माना लगाया जाता है। यदि वही चालक दोबारा पकड़ा जाता है तो उस पर 900 रुपए का जुर्माना लगाया जाएगा। एडिशनल एसपी (ट्रैफिक) रामगोपाल करियारे ने बताया कि शहर के प्रमुख चौराहों पर लगे आईटीएमएस (इंटेलिजेंट ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम) कैमरों से ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वालों पर लगातार नजर रखी जा रही है। खास तौर पर वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने वाले चालकों की पहचान कर उनके खिलाफ कार्रवाई की जा रही है। उद्देश्य हादसे रोकना, राजस्व बढ़ाना नहीं रामगोपाल करियारे ने कहा कि इस अभियान का मकसद जुर्माना वसूलना नहीं, बल्कि सड़क दुर्घटनाओं को रोकना है। उन्होंने बताया कि वसूली गई जुर्माने की राशि भारत सरकार के खाते में जमा होती है। युवाओं में ज्यादा दिख रही लापरवाही ट्रैफिक पुलिस के अनुसार, वाहन चलाते समय मोबाइल का इस्तेमाल करने की आदत युवाओं में अधिक देखने को मिल रही है। इसके चलते न केवल उनकी जान खतरे में पड़ती है, बल्कि अन्य वाहन चालकों के लिए भी दुर्घटना का जोखिम बढ़ जाता है। इसलिए सभी आईटीएमएस कैमरों से ऐसे चालकों पर विशेष नजर रखी जा रही है। इमरजेंसी वाहनों को भी होती है परेशानी मोबाइल पर बात करते हुए वाहन चलाने से सड़क पर ट्रैफिक प्रभावित होता है। इससे एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड, पुलिस, गैस, पेट्रोल-डीजल सप्लाई और अन्य जरूरी सेवाओं के वाहनों को समय पर गंतव्य तक पहुंचने में दिक्कत होती है। ईयरबड और ईयरफोन लगाकर बात करना भी गलत ट्रैफिक पुलिस ने बताया कि वाहन चलाते समय ईयरबड, ईयरफोन या सीधे मोबाइल पर बात करना भी नियमों का उल्लंघन है। ऐसे लोगों को चौराहों पर लगे पब्लिक एनाउंसमेंट सिस्टम के जरिए लगातार जागरूक किया जा रहा है। पुलिस ने कहा कि ट्रैफिक नियम तोड़ने वालों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा। एक साल में 63 हजार नए वाहन हुए पंजीकृत परिवहन विभाग के अनुसार, वर्ष 2025 में जिले में करीब 63 हजार नए वाहन पंजीकृत हुए हैं। लगातार बढ़ते वाहनों को देखते हुए सड़क सुरक्षा और ट्रैफिक नियमों का पालन पहले से ज्यादा जरूरी हो गया है। ट्रैफिक पुलिस ने लोगों से नियमों का पालन करने और सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूक रहने की अपील की है।
फतेहाबाद की सिटी थाना पुलिस ने राहगीर को ईंटों से मारने की धमकी देकर नकदी, मोबाइल और स्कूटी की चाबी लूटने की वारदात का खुलासा करते हुए मुख्य आरोपी समेत एक नाबालिग को काबू किया है। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया है। मामले में अन्य आरोपियों की संलिप्तता और आरोपियों के आपराधिक रिकॉर्ड की भी जांच की जा रही है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार मुख्य आरोपी की पहचान गांव बरसीन निवासी बंटी उर्फ सुखा के रूप में हुई है, जबकि उसका एक नाबालिग साथी भी वारदात में शामिल था। नाबालिग के खिलाफ किशोर न्याय अधिनियम के प्रावधानों के तहत कार्रवाई की गई है। धांगड़ से आते समय की वारदात थाना प्रभारी सुरेंद्रा के अनुसार, शिकायतकर्ता भरत नागपाल ने शिकायत दी थी कि वह 30 जून की रात गांव धांगड़ से एक्टिवा स्कूटी पर फतेहाबाद लौट रहा था। भूना पुल से करीब एक किलोमीटर पहले सर्विस रोड पर बाइक सवार दो युवकों ने उसकी स्कूटी रुकवा ली। दोनों ने हाथों में ईंटें लेकर उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद उसकी जेब से 2500 रुपए नकदी, मोबाइल फोन तथा स्कूटी की चाबी लूटकर फरार हो गए। शिकायत के आधार पर सिटी थाना में 4 जुलाई को संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों, गुप्त सूचना और अन्य सुरागों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उन्हें दबोच लिया। अन्य लोगों की संलिप्तता भी जांची एसएचओ ने बताया कि पूछताछ के दौरान उनकी निशानदेही पर लूटा गया मोबाइल फोन भी बरामद कर लिया गया। पुलिस दोनों आरोपियों से गहन पूछताछ कर रही है। यह भी खंगाला जा रहा है कि वे पहले किसी अन्य आपराधिक वारदात में शामिल रहे हैं या नहीं। यदि जांच में किसी अन्य व्यक्ति की संलिप्तता सामने आती है, तो उसके खिलाफ भी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली से नवादा आ रहे एक युवक को महाबोधि एक्सप्रेस में नशाखुरानी का शिकार बनाया गया। युवक को ट्रेन में अचेत और बिना कपड़ों के पाया गया, जिसके बाद उसे नवादा के सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। युवक की पहचान निवास कुमार के रूप में हुई है। निवास कुमार अपनी सास के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए दिल्ली से नवादा आ रहे थे। उनकी पत्नी ने बताया कि मुगलसराय पहुंचने से लगभग 15 मिनट पहले उनकी आखिरी बार पति से फोन पर बात हुई थी। पति ने कहा था कि वह मुगलसराय पहुंचने वाले हैं और फिर फोन करेंगे। पत्नी ने कई बार फोन करने की कोशिश की इसके बाद निवास कुमार का फोन बंद हो गया। पत्नी ने कई बार फोन करने की कोशिश की, लेकिन संपर्क नहीं हो पाया। जब ट्रेन गया से आगे निकल गई और पत्नी ने ऑनलाइन ट्रेन की स्थिति देखी, तो उनकी चिंता और बढ़ गई। ट्रेन जब लखीसराय पहुंची, तो पत्नी को एक फोन आया। फोन पर बताया गया कि उनके पति ट्रेन में बिना कपड़ों के अचेत अवस्था में मिले हैं। इसके बाद रेलवे पुलिस और स्थानीय लोगों की मदद से निवास कुमार को नवादा लाया गया। सामान, नकदी और अन्य कीमती वस्तुएं लूट ली गईं पत्नी के अनुसार, नशाखुरानी का शिकार होने के कारण निवास कुमार के पास मौजूद सारा सामान, नकदी और अन्य कीमती वस्तुएं लूट ली गईं। अज्ञात लुटेरे घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। फिलहाल, निवास कुमार खतरे से बाहर हैं और सदर अस्पताल में डॉक्टरों की निगरानी में उनका इलाज चल रहा है। रेलवे पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है। रेलवे में इस तरह की नशाखुरानी की घटनाएं अक्सर सामने आती रहती हैं।
राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में पुलिस को मोबाइल चैट से अहम सुराग मिले हैं। जेल में तीन आरोपियों से पांच घंटे पूछताछ हुई। टिन्नू यादव की भूमिका की जांच तेज, डिजिटल सबूतों के आधार पर आगे की कार्रवाई की तैयारी।
यूपी सरकार किसानों के लिए 12 अंकों की यूनीक आईडी तैयार कर रही है। जिसे ‘फार्मर आईडी’ या ‘किसान रजिस्ट्री’ का नाम दिया गया है। आईडी में किसानों की जमीन और खेती से जुड़ी जानकारी रिकॉर्ड रहेगी। ये आईडी खाद-बीज, पीएम किसान सम्मान निधि, फसल बीमा, किसान क्रेडिट कार्ड और कर्ज माफी जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ लेने के लिए जरूरी है। सरकार का दावा है कि इससे जरूरतमंद किसानों तक योजनाओं का फायदा पहुंचेगा। फर्जीवाड़ा थमेगा। रिपोर्ट पढ़िए… फार्मर आईडी में खेत का पूरा डेटा फार्मर आईडी एक डिजिटल डेटाबेस है, जिसमें किसान का नाम, खतौनी का डेटा और खेत में बोई गई फसल की जानकारी डिजिटली दर्ज होगी। फार्मर आईडी बनने के बाद जब किसान खाद लेने जाएगा, तो फार्मर आईडी स्कैन की जाएगी। इससे सिस्टम को पता चल जाएगा कि किसान के पास कितनी जमीन है। इसे असल में कितने बोरे खाद की जरूरत है। इससे हकदार किसान को सही मात्रा में खाद मिल सकेगी। अक्सर देखा जाता है कि खाद की किल्लत होने पर कालाबाजारी शुरू हो जाती है। कुछ लोग यूरिया या डीएपी का स्टॉक जमा कर लेते हैं। ऐसे में फार्मर आईडी से कालाबाजारी पर रोक लगेगी। पीएम किसान सम्मान निधि का लाभ भी रजिस्टर्ड किसानों को मिलेगा यूपी सरकार के मुताबिक, प्रदेश के करीब 75% किसानों की फार्मर आईडी बन चुकी है। यानी 2.4 करोड़ किसानों में से 1.8 करोड़ से ज्यादा की डिजिटल रजिस्ट्री का काम पूरा हो गया है। बाकी किसानों को जोड़ने के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाद कृषि विभाग खाद, बीज, कीटनाशक और अन्य कृषि सामग्री से जुड़ी योजनाओं में किसान आईडी को अनिवार्य करेगा। योजनाओं के लाभार्थियों का सिलेक्शन भी किसान आईडी डेटाबेस के आधार पर किया जाएगा। भविष्य में पीएम किसान सम्मान निधि की किस्त भी सिर्फ उन्हीं किसानों को मिलेगी, जिनकी फार्मर आईडी बनी होगी। बागवानी, पशुपालन, मत्स्य पालन, सहकारिता और गन्ना विकास विभाग की योजनाओं में भी किसान आईडी को जरूरी बनाने का फैसला किया गया है। केंद्रों पर बार-बार रजिस्ट्रेशन नहीं कराना होगा अभी किसानों को धान-गेहूं जैसी फसलें सरकारी खरीद केंद्रों पर बेचने के लिए हर सीजन नया रजिस्ट्रेशन कराना पड़ता है। फार्मर आईडी बनने के बाद ये झंझट खत्म हो जाएगी। आईडी डालते ही किसान और उसकी जमीन की जानकारी सामने आ जाएगी। किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) बनवाने के लिए जमीन के कागज और वेरिफिकेशन में काफी समय लगता है। फार्मर आईडी से ये प्रक्रिया डिजिटल हो जाएगी, जिससे जल्दी लोन मिलने में मदद मिलेगी। मदद या शिकायत के लिए यहां संपर्क करें अगर खतौनी में नाम, खसरा नंबर या भूमि रिकॉर्ड में गलती है तो फार्मर आईडी बनने में परेशानी आ सकती है। इसलिए पहले राजस्व रिकॉर्ड अपडेट कराना होगा। पीएम किसान समेत किसी कृषि योजना से जुड़ी शिकायत दर्ज करानी है, तो किसान सरकारी हेल्पलाइन 0522-2317003 या टोल-फ्री किसान कॉल सेंटर 1800-180-1551 पर संपर्क कर सकते हैं। शिकायत के लिए मुख्यमंत्री हेल्पलाइन 1076 पर भी संपर्क किया जा सकता है। फार्मर आईडी से जुड़े 5 जरूरी सवाल सवाल 1. क्या इस आईडी के लिए कोई फीस लगेगी?जवाब. नहीं। जनसेवा केंद्र पर फॉर्म को भरने, कंप्यूटर पर अपलोड करने और e-KYC के लिए ₹20 से ₹50 तक चार्ज कर सकते हैं। सवाल 2. बटाईदारों (पट्टेदारों) के लिए क्या नियम हैं? जवाब. बटाईदार किसानों की फार्मर आईडी जमीन मालिक की सहमति के बाद बन सकती है। दोनों का डिजिटल वेरिफिकेशन होगा। फार्मर आईडी बनने के बाद बटाईदार किसान भी MSP पर फसल बेच सकेंगे। खाद-बीज की सब्सिडी, फसल बीमा और मुआवजे का लाभ भी सीधे उनके बैंक खाते में मिलेगा। सवाल 3. क्या बटाईदार इसका गलत फायदा उठा सकता है? जवाब. किसान रजिस्ट्री से जमीन का मालिकाना हक नहीं बदलता। बटाईदार को केवल एक फसल सीजन के लिए ही सहमति मिलती है। जमीन मालिक चाहे तो कभी भी अपनी मंजूरी वापस ले सकता है। सवाल 4. जॉइंट अकाउंट के मामले में आईडी कैसे बनेगी? जवाब. संयुक्त खतौनी होने पर भी परिवार के हर खातेदार की अलग फार्मर आईडी बनेगी। आईडी आधार और ई-केवाईसी से जुड़ेगी। अगर खतौनी में हिस्सेदारी दर्ज है तो उसी अनुपात में खाद, बीज और अन्य लाभ मिलेंगे। हिस्सा दर्ज न होने पर डिजिटल फसल सर्वे और वास्तविक खेती के आधार पर लाभ तय होगा। सवाल 5. क्या फार्मर आईडी का डेटा साइबर ठगी में इस्तेमाल हो सकता है? जवाब. सरकार ने डेटा सुरक्षा के लिए एन्क्रिप्शन, सहमति आधारित व्यवस्था और सुरक्षित सरकारी सर्वर की व्यवस्था की है। किसानों को सलाह दी गई है कि सिर्फ आधिकारिक पोर्टल या ऐप का उपयोग करें। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें - योगी के 'जनता दर्शन' में कैसे पहुंचें, CM से मिलने के लिए क्या करें? कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी; ये सामान मत ले जाएं यूपी के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ लोगों की समस्याएं सीधे सुनने के लिए 'जनता दर्शन' लगाते हैं। लोग इसको जनता दरबार कहते हैं। यहां पहुंचने वाले लोग जमीन के झगड़े, पुलिस से होने वाली परेशानी, पेंशन न मिलना, सरकारी योजनाओं का फायदा न मिलना, इलाज के लिए आर्थिक मदद जैसी बातें मुख्यमंत्री को सीधे बता पाते हैं। पढ़िए पूरी खबर… UP में बिना ब्याज मिल रहा सरकारी लोन, युवाओं को बिजनेस के लिए ₹1 करोड़ तक का फंड यूपी में युवाओं को बिना ब्याज ₹5 लाख तक कर्ज मिल रहा है। वहीं, महिलाओं को 2.5 लाख और किसानों को 5 लाख रुपए तक लोन सिर्फ 4% ब्याज पर मिल रहा। महिलाओं को सस्ते कर्ज के लिए गारंटी देने की जरूरत भी नहीं है। ‘मुख्यमंत्री युवा उद्यमी योजना’ में युवाओं को बिजनेस के लिए लोन दिया जाता है। इसमें ब्याज और गारंटी की जरूरत नहीं होती। यहां पढ़ें पूरी खबर
साइकिल सवार गिड़गिड़ाता रहा, पैदल जा रहे युवक से कैश और मोबाइल फोन छीन बाइक सवार फरार
वार्ड नंबर 1 स्थित अमन नगर इलाके में बाइक सवार दो बेखौफ बदमाशों ने सरेआम आतंक मचाया। बदमाशों ने कानून-व्यवस्था को ठेंगा दिखाते हुए महज ढाई मिनट के भीतर दो अलग-अलग लोगों को अपना शिकार बना डाला और हथियार के बल पर लूट की वारदातों को अंजाम दिया। इस सनसनीखेज वारदात का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें बदमाशों की यह करतूत साफ नजर आ रही है। सरेआम ढाई मिनट में हुई दो लूट की वारदात के बाद इलाके में दहशत का माहौल है। सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटना स्थल के पास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में ले लिया है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में बदमाशों के चेहरे और बाइक का हुलिया नजर आ रहा है, जिसके आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है। जल्द ही दोनों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। लुधियाना|ईएसआई अस्पताल में ड्यूटी पर जा रही एक युवती से बाइक सवार दो नकाबपोश बदमाशों ने दिनदहाड़े मोबाइल फोन छीन लिया। हैरान करने वाली बात यह है कि जब युवती ने हिम्मत दिखाकर बदमाशों का पीछा किया, तो आरोपियों ने बीच सड़क पर खंजर निकालकर उसे जान से मारने की धमकी दी। हथियार देखकर युवती सहम गई और आरोपी मौके से फरार हो गए। यह पूरी घटना पास ही लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। जानकारी के अनुसार, मिड्ढा चौक के नजदीक की रहने वाली उर्मिला ईएसआई अस्पताल में बतौर स्टाफ कार्यरत हैं। शनिवार सुबह करीब 8 बजे वह रोजाना की तरह बस स्टैंड पर उतरीं और वहां से पैदल अस्पताल की ओर जा रही थीं। अस्पताल के रास्ते में वह अपने मोबाइल फोन पर किसी से बात कर रही थीं। इसी दौरान पीछे से एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर आए दो शातिर युवकों ने उर्मिला के हाथ पर झपट्टा मारा और मोबाइल फोन छीनकर तेज रफ्तार में भागने लगे। अचानक हुई इस वारदात के बाद उर्मिला घबराई नहीं, बल्कि उन्होंने हौसला दिखाते हुए शोर मचाया और बदमाशों के पीछे दौड़ लगा दी। खुद को घिरता देख बाइक के पीछे बैठे बदमाश ने जेब से एक तेजधार खंजर निकाल लिया और युवती की तरफ लहराते हुए उसे रुकने की धमकी दी। दिनदहाड़े सड़क पर घातक हथियार देखकर युवती पीछे हट गई, जिसके बाद आरोपी कोचर मार्केट की तरफ भागने में कामयाब रहे। वारदात के तुरंत बाद पीडि़ता ने कोचर मार्केट पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज कराई। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घटना स्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को अपने कब्जे में लिया। बलविंदर सिंह चौकी इंचार्ज, कोचर मार्केट ने बताया की प्रारंभिक जांच में बाइक सवार बदमाशों की मूवमेंट कैमरों में साफ नजर आ रही है। फुटेज के आधार पर बाइक के नंबर और आरोपियों के हुलिए की पहचान की जा रही है। पुलिस की टीमें छापेमारी कर रही हैं, जल्द ही दोनों स्नैचर्स को सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। साइकिल सवार को लूटने के बाद बदमाश वहां से रफूचक्कर होने ही वाले थे कि तभी सड़क पर पैदल आ रहे एक अन्य युवक पर उनकी नजर पड़ गई। बदमाशों ने तुरंत बाइक घुमाई और उसे बीच रास्ते में घेर लिया। आरोपियों ने हथियार दिखाकर कहा जो कुछ भी है, चुपचाप निकाल दे। बदमाशों ने डरा-धमका कर उस युवक से 5,000 रुपए की नकदी, मोबाइल फोन और जरूरी दस्तावेज/कार्ड्स लूट लिए और मौके से फरार हो गए। पैदल आ रहे इस दूसरे पीड़ित की पहचान बंटू के रूप में हुई है। बंटू पेशे से एक होजरी सुपरवाइजर है, जो हाल ही में कामकाज के सिलसिले में गुरुग्राम शिफ्ट हुआ था। वह लुधियाना रेलवे स्टेशन पर ट्रेन से उतरा था और पैदल ही अपने घर की तरफ जा रहा था। वह लुधियाना अपने परिवार से मिलने और उन्हें अपने साथ गुड़गांव ले जाने के लिए आया था, लेकिन घर पहुंचने से ठीक पहले अमन नगर की गली में लुटेरों का शिकार हो गया। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि बाइक सवार दो लुटेरे अचानक आते हैं और सड़क से गुजर रहे एक साइकिल सवार के आगे अपनी बाइक अड़ाकर उसे रोक लेते हैं। बाइक से उतरते ही एक बदमाश पीड़ित पर घातक हथियार तान देता है। डरा-धमका कर बदमाश उसके पैसे छीनने लगते हैं। पीड़ित साइकिल सवार बदमाशों के आगे हाथ जोड़कर खुद को छोड़ने और रहम करने की मिन्नतें करता नजर आ रहा है, लेकिन लुटेरों का दिल नहीं पसीजा। लूटपाट करने के बाद जब बदमाश भागने लगे, तो पीड़ित ने हिम्मत दिखाकर उनके पीछे जाकर अपना मोबाइल वापस करने की गुहार भी लगाई, लेकिन आरोपी उसे धक्का देकर आगे बढ़ गए। फुटेज में दिखे बाइक सवार। फुटेज में दिखे बाइक सवार।
राजस्थान: अलवर में दिनदहाड़े मोबाइल शोरूम संचालक पर जानलेवा हमला, रंगदारी मांगने का आरोप
राजस्थान के अलवर शहर के अखेपुरा थाना क्षेत्र स्थित ज्योतिराव फुले सर्किल के पास प्लेटिनम टावर में रविवार दोपहर करीब 2 बजे एक मोबाइल शोरूम संचालक पर दिनदहाड़े जानलेवा हमला कर दिया गया
गयाजी पुलिस ने साइबर ठगी नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। साइबर थाना गयाजी और साइबर अपराध एवं सुरक्षा इकाई, पटना की संयुक्त कार्रवाई में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के पास से 11 मोबाइल नंबर जब्त किए हैं। इन नंबरों का इस्तेमाल देशभर में निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग और करोड़ों रुपये की ठगी के लिए किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में इन नंबरों से जुड़े 22 साइबर ठगी के मामलों का खुलासा हुआ है, जिनमें कुल 2 करोड़ 91 लाख 18 हजार 286 रुपये की धोखाधड़ी सामने आई है। पूछताछ के दौरान आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, कम पढ़े-लिखे और जरूरतमंद लोगों के आधार कार्ड व अन्य दस्तावेजों का इस्तेमाल कर उनके नाम पर सिम कार्ड जारी कराता था। कई मामलों में संबंधित लोगों की जानकारी के बिना भी अतिरिक्त सिम कार्ड सक्रिय कर दिए जाते थे। बाद में इन्हें साइबर अपराधियों को उपलब्ध कराया जाता था, जो इन सिम कार्डों के जरिए निवेश, ऑनलाइन ट्रेडिंग, फर्जी मुनाफे और अन्य आकर्षक योजनाओं का झांसा देकर लोगों को अपने जाल में फंसाते थे। शिकायतों में मोबाइल नंबर बार-बार आ रहे थे पुलिस के अनुसार, वरीय पुलिस अधीक्षक सुशील कुमार के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत राष्ट्रीय साइबर अपराध शिकायत पोर्टल (एनसीआरपी) पर दर्ज मामलों का तकनीकी विश्लेषण किया गया। जांच में पता चला कि कई राज्यों में दर्ज साइबर ठगी की शिकायतों में कुछ मोबाइल नंबर बार-बार सामने आ रहे थे। तकनीकी अनुसंधान के बाद यह स्पष्ट हुआ कि ये सभी नंबर गयाजी जिले में संचालित एक प्वाइंट ऑफ सेल (पीओएस) के माध्यम से जारी किए गए थे। इसके बाद निगरानी शुरू की। साक्ष्य मिलने पर आमस क्षेत्र में छापेमारी की गई, जहां से आरोपी गोविंद कुमार को गिरफ्तार कर लिया गया। गोविंद कुमार डोभी थाना क्षेत्र स्थित अमारुत गांव का निवासी है। 11 मोबाइल नंबरों के खिलाफ 22 शिकायतें दर्ज पुलिस की जांच में यह भी सामने आया कि जब्त किए गए 11 मोबाइल नंबरों के खिलाफ देश के विभिन्न राज्यों से कुल 22 शिकायतें दर्ज थीं। इन शिकायतों में पीड़ितों से लगभग 2.91 करोड़ रुपये की ठगी की गई थी। अधिकारियों का मानना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ ठगी की राशि और मामलों की संख्या में और बढ़ोतरी हो सकती है। पुलिस ने आरोपी के ठिकाने से 47 फर्जी या संदिग्ध सिम कार्ड भी बरामद किए हैं। इन सिम कार्डों की तकनीकी जांच की जा रही है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इनका इस्तेमाल किन-किन साइबर अपराधों में किया गया और इनके माध्यम से जुड़े अन्य आरोपियों की पहचान की जा सके। जांच एजेंसियों को आशंका है कि यह एक बड़े अंतरराज्यीय साइबर गिरोह का हिस्सा हो सकता है। इस मामले में साइबर थाना गया में मामला दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस डिजिटल साक्ष्यों, मोबाइल डेटा और कॉल डिटेल रिकॉर्ड का भी विश्लेषण कर रही है, ताकि इस नेटवर्क की पूरी श्रृंखला का खुलासा किया जा सके। आरोपी से पूछताछ की जा रही साइबर थाना अध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और उसके द्वारा उपलब्ध कराई गई जानकारी के आधार पर कई अन्य संदिग्धों की पहचान की गई है। जल्द ही इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों के खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि किसी भी अनजान व्यक्ति के कहने पर अपने आधार कार्ड, पैन कार्ड या अन्य दस्तावेज उपलब्ध न कराएं और न ही अपने नाम पर जारी सिम कार्ड किसी अन्य व्यक्ति को इस्तेमाल करने दें।
मंडला में शातिर चोर गिरफ्तार:पूछताछ के बाद 9 मोबाइल और चोरी की बाइक बरामद
मंडला जिले की मनेरी चौकी पुलिस ने रविवार को मोबाइल और बाइक चोरी की कई वारदातों का खुलासा करते हुए एक शातिर चोर को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से चोरी की एक बाइक और कई कंपनियों के 9 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत लगभग 2.70 लाख रुपए बताई गई है। पुलिस के अनुसार, पिछले लगभग 15 दिनों से मनेरी क्षेत्र में लगातार मोबाइल चोरी की घटनाएं हो रही थीं। इसी बीच 3 जुलाई को ग्राम मेडी निवासी संजय उर्फ भूरा बर्मन ने रिपोर्ट दर्ज कराई कि रात में अज्ञात व्यक्ति उसके घर में घुसकर उसकी बाइक (क्रमांक MP20NQ7928) चोरी कर ले गया। जबलपुर का रहना वाला है आरोपी रिपोर्ट दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। विवेचना के दौरान मिले साक्ष्यों और मुखबिर की सूचना के आधार पर शिवम मरावी (19 वर्ष), पिता प्रताप मरावी, निवासी ग्राम खुख्न, थाना कुंडम, जिला जबलपुर को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी ने बाइक चोरी करना स्वीकार किया। उसने यह भी कबूल किया कि पिछले 15 दिनों में मनेरी क्षेत्र में हुई मोबाइल चोरी की घटनाओं को भी उसी ने अंजाम दिया था। आरोपी की निशानदेही पर पुलिस ने चोरी की बाइक और कई कंपनियों के 9 स्मार्ट मोबाइल फोन बरामद किए। इनमें कुछ मोबाइल थाना बरेला, जिला जबलपुर क्षेत्र से चोरी हुए भी शामिल हैं। पुलिस के अनुसार, आरोपी एक आदतन अपराधी है और उसके खिलाफ पहले से थाना बरेला में तीन आपराधिक प्रकरण दर्ज हैं। आरोपी की गिरफ्तारी से क्षेत्र में हुई संपत्ति संबंधी चोरी की कई घटनाओं का खुलासा हुआ है। इस कार्रवाई में चौकी प्रभारी मनेरी उप निरीक्षक शशांक शुक्ला, सहायक उप निरीक्षक साधु सिंह, प्रधान आरक्षक बलिराम, अरविंद, आरक्षक आनंद कोरी एवं मुकेश शांडिल्य की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
दुर्ग जिले के खुर्सीपार थाना क्षेत्र में पुलिस ने गांजा बेचने के आरोप में एक युवक को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उसके कब्जे से 1 किलो 790 ग्राम गांजा, 550 रुपए कैश और एक मोबाइल जब्त किया है। जब्त किए गए सामान की कुल कीमत करीब 1 लाख 10 हजार 50 रुपए बताई गई है। आरोपी को कोर्ट में पेश करने के बाद न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया। पुलिस के मुताबिक रविवार 5 जुलाई को मुखबिर से सूचना मिली थी कि खुर्सीपार के केनाल रोड स्थित जीरो पॉइंट गार्डन सेट के नीचे एक युवक अवैध रूप से गांजा बेच रहा है। सूचना मिलते ही थाना खुर्सीपार की टीम मौके पर पहुंची और इलाके की घेराबंदी कर दी। पुलिस को देखते ही वहां मौजूद संदिग्ध युवक भागने लगा, लेकिन जवानों ने पीछा कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम नीरज सिंह (26) निवासी दुर्गा मंदिर के पास, वार्ड क्रमांक 46, जोन-03, खुर्सीपार, भिलाई बताया। तलाशी के दौरान मिला गांजा इसके बाद पुलिस ने नियमों के अनुसार उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान उसके पास से बिक्री के लिए रखा गया 1 किलो 790 ग्राम गांजा बरामद हुआ। साथ ही गांजा बिक्री से मिले 550 रुपए नकद और एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया। पुलिस के अनुसार जब्त किए गए गांजे की अनुमानित कीमत करीब 89 हजार 500 रुपए है। वहीं मोबाइल की कीमत करीब 20 हजार रुपए आंकी गई है। कैश और मोबाइल सहित कुल जब्ती की कीमत 1 लाख 10 हजार 50 रुपए बताई गई है। लंबे समय से गांजा के व्यापार में लिप्त था आरोपी इस मामले में थाना खुर्सीपार में अपराध दर्ज किया गया है। आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया है। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक रिमांड मिलने पर जेल भेज दिया गया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी लंबे समय से अवैध तरीके से गांजा बेचकर मुनाफा कमाने का काम कर रहा था। फिलहाल पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि उसके पास गांजा कहां से आया और वह इसे किन लोगों तक पहुंचा रहा था। मामले की आगे जांच जारी है।
दरभंगा में 10 दिन से लापता नाबालिग:हैदराबाद में भाई ने ट्रेन में बैठाया था, फिर मोबाइल हुआ स्विच ऑफ
दरभंगा में 16 साल का नाबालिग सुभाष चौपाल 10 दिन से लापता है। परिजन का आरोप है कि स्थानीय पुलिस ने शिकायत दर्ज नहीं की। मामले को रेलवे क्षेत्र का बताते हुए उन्हें जीआरपी के पास भेजा दिया। परिजन का कहना है कि दरभंगा जीआरपी के आधार कार्ड, फोटो और लिखित आवेदन देने के बाद भी अब तक सुराग नहीं मिला। सुभाष के पिता राम प्रसाद हैं। परिजन के अनुसार सुभाष पहले भी रिश्तेदार के साथ मजदूरी के लिए बाहर जाता रहा है। इस बार उसका बड़ा भाई सरोज चौपाल उसे 25 जून को हैदराबाद से दरभंगा आने वाली ट्रेन में बैठाकर अपने कार्यस्थल लौट गया था। सरोज चौपाल ने बताया कि 26 जून की रात करीब 10 बजे तक उसकी सुभाष से मोबाइल पर बातचीत हुई थी। उस दौरान उसने किसी तरह की परेशानी की जानकारी नहीं दी। इसके बाद से उसका मोबाइल लगातार स्विच ऑफ आने लगा। रिश्तेदारों-परिचितों के यहां काफी खोजबीन करने के बावजूद उसका कोई पता नहीं चल सका। मामला सकतपुर थाना क्षेत्र के नदियामी टोला गांव का है। मां बोलीं- बेटे के बिना घर में चूल्हा तक नहीं जल रहासुभाष की मां पूनिया देवी ने बताया कि बेटा घर लौटने के लिए निकला था, लेकिन 26 जून की रात के बाद से उससे कोई संपर्क नहीं हो पाया। उन्होंने कहा कि परिवार ने हर संभव जगह तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। उन्होंने आरोप लगाया कि सकतपुर थाना जाने पर पुलिस ने आवेदन लेने से इनकार कर दिया और दरभंगा जीआरपी भेज दिया। जीआरपी में आवेदन देने के बाद भी अब तक कोई सूचना या कार्रवाई की जानकारी नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि बेटे के लापता होने के बाद से घर में खाना तक नहीं बन रहा है। चाची ने जनप्रतिनिधियों से भी लगाई गुहारसुभाष की चाची गीता देवी ने बताया कि शुरुआती 2 दिनों तक बातचीत हुई, लेकिन तीसरे दिन से मोबाइल बंद हो गया। उन्होंने कहा कि सकतपुर थाना और बाद में जीआरपी में आवेदन देने के बावजूद अब तक कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। उन्होंने बताया कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों से भी मदद की अपील की गई है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि मामले की गंभीरता से जांच कर किशोर को जल्द से जल्द सुरक्षित बरामद किया जाए।
भोपाल के खजूरी थाना क्षेत्र स्थित चिरायु हॉस्पिटल में एक 24 वर्षीय युवती का मोबाइल फोन चोरी हो गया। हैरानी की बात यह है कि यह पूरी घटना अस्पताल के ICU वार्ड के बाहर हुई, जहां युवती अपने रिश्तेदार की देखभाल के लिए अटेंडर के तौर पर रुकी हुई थी। चोरी की पूरी वारदात अस्पताल के CCTV कैमरे में रिकॉर्ड हो गई है, जिसमें एक बुजुर्ग व्यक्ति युवती की जेब से मोबाइल निकालते हुए दिखाई दे रहा है। पीड़िता का आरोप है कि अस्पताल प्रबंधन ने उनकी शिकायत पर कोई ठोस मदद नहीं की, जबकि पुलिस ने भी शिकायत दर्ज होने के दो दिन बाद उन्हें कंप्लेन नंबर उपलब्ध कराया। फिलहाल मोबाइल बंद है और युवती अपने फोन की तलाश में परेशान है। चिरायु हॉस्पिटल में ICU के बाहर हुई वारदात जानकारी के अनुसार, वैशाली ठाकुर नाम की युवती अपने एक रिश्तेदार के साथ चिरायु हॉस्पिटल में रुकी हुई थी। उनके रिश्तेदार अस्पताल के ICU में भर्ती हैं और वेंटिलेटर सपोर्ट पर हैं। घटना 3 जुलाई की सुबह करीब 5 बजे की बताई जा रही है। वैशाली ICU के तीसरे फ्लोर के बाहर अटेंडर के रूप में मौजूद थीं। देर रात तक जागने के कारण वही पास के बिस्तर पर सो गई थीं। इसी दौरान एक बुजुर्ग व्यक्ति वहां पहुंचा और मौका देखकर उनकी जेब से मोबाइल फोन निकाल लिया। इसके बाद आरोपी धीरे-धीरे वहां से निकल गया। मोबाइल लौटाने के बदले आरोपी ने मांगे 5 हजार रुपए पीड़िता वैशाली ठाकुर ने बताया कि मोबाइल चोरी होने के बाद उन्होंने अपने नंबर पर कई बार कॉल किया। शुरुआत में फोन बजता रहा, लेकिन बाद में आरोपी ने फोन उठाया और मोबाइल वापस करने के बदले 5 हजार रुपये ऑनलाइन ट्रांसफर करने की मांग की। वैशाली के अनुसार, आरोपी ने कहा कि यदि वह ऑनलाइन पैसे भेज देंगी, तो उनका मोबाइल वापस कर दिया जाएगा। इस दौरान आरोपी ने युवती से कई बार फोन का पासवर्ड भी पूछा। हालांकि, कुछ समय बाद मोबाइल फोन बंद हो गया। पीड़िता का कहना है कि उनका मोबाइल लगभग 20 हजार रुपए का था और उसमें कई जरूरी दस्तावेज और व्यक्तिगत जानकारी भी मौजूद थी। वैशाली ने यह भी आरोप लगाया कि उन्होंने 3 जुलाई को खजूरी थाने में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन उन्हें 5 जुलाई को शिकायत का नंबर उपलब्ध कराया गया। इससे उन्हें काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। पीड़िता अपने मोबाइल की बरामदगी और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग कर रही है।
ग्वालियर में बेखौफ घूम रहे एक एक्टिवा सवार बदमाश ने पिछले 24 घंटों में मोबाइल लूट की तीन वारदातों को अंजाम देकर सनसनी फैला दी। उसने कोतवाली, जनकगंज और बहोड़ापुर थाना क्षेत्रों को निशाना बनाया। बदमाश इतना बेखौफ था कि पुलिस लाइन के सामने ऑनलाइन पेमेंट कर रहे एक ऑटो चालक का भी मोबाइल छीनकर फरार हो गया। हालांकि, आखिरी वारदात के कुछ घंटे बाद ही जनकगंज थाना पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस उससे अन्य वारदातों के संबंध में पूछताछ कर रही है। यह रहीं तीन वारदात केस-1: पुलिस लाइन के सामने सीएनजी पंप पर मोबाइल लूटा बहोड़ापुर थाना क्षेत्र स्थित डीआरपी लाइन (पुलिस लाइन) के सामने सीएनजी पंप पर 3 जुलाई की सुबह 17 वर्षीय मयंक वर्मा अपने पिता के साथ ऑटो में सीएनजी भरवाने के बाद ऑनलाइन भुगतान कर रहा था। तभी एक्टिवा सवार बदमाश ने उसके पिता के हाथ से मोबाइल झपट लिया और तेज रफ्तार से फरार हो गया। मयंक और उसके पिता ने उसका पीछा करने की कोशिश की, लेकिन वह भाग निकला। मामले की शिकायत बहोड़ापुर थाने में दर्ज कराई गई। केस-2: कॉलेज छात्रा से झपटा मोबाइल जनकगंज थाना क्षेत्र स्थित शिवहरे धर्मशाला (नई सड़क) के पास 4 जुलाई की सुबह करीब 8:15 बजे कृतिका राठौर नामक छात्रा कॉलेज जाने के लिए बस का इंतजार कर रही थी। तभी नीले रंग की एक्टिवा पर आए बदमाश ने झपट्टा मारकर उसका मोबाइल छीन लिया। छात्रा के कुछ समझने से पहले ही आरोपी फरार हो गया। शोर मचाने के बावजूद उसे पकड़ा नहीं जा सका। घटना की शिकायत जनकगंज थाने में दर्ज कराई गई। केस-3: स्वीट्स शॉप के बाहर युवक से मोबाइल छीना कोतवाली थाना क्षेत्र स्थित एलएमबी स्वीट्स शॉप के सामने 4 जुलाई की सुबह करीब 10:30 बजे मोहना निवासी फैजल खान दुकान से बाहर निकले ही थे कि एक्टिवा सवार बदमाश ने उनके हाथ से मोबाइल झपट लिया। फैजल ने उसका पीछा किया, लेकिन भीड़ का फायदा उठाकर आरोपी फरार हो गया। पीड़ित ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई। ऐसे बिछाया जाल, फिर पकड़ा गया आरोपी जनकगंज में छात्रा से मोबाइल लूट की घटना के बाद पुलिस अलर्ट हो गई थी और आरोपी की तलाश कर रही थी। इसी दौरान उसने कोतवाली क्षेत्र में तीसरी वारदात कर दी। इसके बाद जनकगंज और कोतवाली थाना पुलिस ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। तलाशी में उसके पास से लूटे गए मोबाइल बरामद हुए। आरोपी की पहचान रोहित माहौर, निवासी निंबाजी की खो, के रूप में हुई है। जनकगंज टीआई अतुल सोलंकी ने बताया- मोबाइल छीनकर भाग रहे बदमाश को पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए पकड़ लिया है। शुरुआती पूछताछ में उससे तीन वारदातों का खुलासा हुआ है। आरोपी से सख्ती से पूछताछ की जा रही है, जिससे कुछ और मामलों के खुलने की उम्मीद है।
बिलासपुर के तोरवा थाना पुलिस ने देर रात सट्टे के एक बड़े अड्डे पर छापेमार कार्रवाई करते हुए चार आरोपियों को रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से 50,690 रुपए नकद, 10 मोबाइल, तीन टैबलेट, सैकड़ों सट्टा रिकॉर्ड, कैलकुलेटर, प्रिंटर, पेन, दो बाइक और एक स्कॉर्पियो वाहन जब्त किया है। पुलिस को 3 जुलाई को सूचना मिली थी कि तोरवा थाना क्षेत्र के सांईधाम कॉलोनी स्थित किशनचंद बजाज के मकान में मोबाइल फोन और सट्टा पट्टियों के माध्यम से बड़े पैमाने पर अंकों का सट्टा संचालित किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मकान के भीतर चार लोग मोबाइल फोन, प्रिंटर और सट्टा पट्टियों के जरिए हार-जीत का दांव लगवाते हुए मिले। पुलिस ने सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। भारी मात्रा में सामान जब्त मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज के कब्जे से दो मोबाइल फोन, तीन टैबलेट, एक अतिरिक्त मोबाइल, 50,690 रुपये नकद, 40 सट्टा पट्टियां, एक कैलकुलेटर और तीन पेन बरामद किए गए। वहीं, दिनेश कुमार वाधवानी से दो मोबाइल फोन, एक कैलकुलेटर, दो पेन और 10 सट्टा पट्टियां मिलीं। भैयालाल सोनकर के पास से एक मोबाइल, एक कैलकुलेटर और दो सट्टा पट्टियां, जबकि मनोहर लाल खत्री के कब्जे से एक मोबाइल और एक सट्टा पट्टी बरामद हुई। इसके अलावा पुलिस ने मौके से एक प्रिंटर, सट्टा संचालन से जुड़े दस्तावेज, स्कॉर्पियो (CG 04 PW 3311), बाइक (CG 10 KH 7430) और पैशन मोटरसाइकिल (CG 11 CD 0570) भी जब्त की। मोबाइल के जरिए चल रहा था सट्टा कारोबार प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज मोबाइल फोन और सट्टा पट्टियों के माध्यम से अंकों पर हार-जीत का दांव लगवाकर अवैध सट्टा संचालित कर रहा था। पुलिस ने मौके से मिले इलेक्ट्रॉनिक उपकरण और दस्तावेज जब्त कर जांच शुरू कर दी है। अब सट्टा नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। पहले भी हो चुकी है कार्रवाई पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी किशनचंद बजाज के खिलाफ पहले भी कई बार सट्टा संचालन के मामलों में कार्रवाई हो चुकी है। इसके बावजूद वह अवैध कारोबार से बाज नहीं आ रहा था। इन धाराओं के तहत मामला दर्ज पुलिस ने चारों आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 6 और 7, भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 112 के तहत मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
फाजिल्का जिला प्रशासनिक परिसर (डीसी कॉम्प्लेक्स) के मुख्य गेट पर बनी पुलिस चेक पोस्ट से एक शातिर चोर द्वारा पुलिसकर्मी का ही मोबाइल उड़ाने का मामला सामने आया है। हालांकि, पुलिसकर्मी ने मुस्तैदी दिखाते हुए अपने साथियों की मदद से कुछ ही दूरी पर आरोपी युवक को दबोच लिया और उससे चोरी का मोबाइल बरामद कर लिया। इस घटना से सुरक्षा और कानून व्यवस्था को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं। हाई-सिक्योरिटी वाले डीसी कॉम्प्लेक्स के मेन गेट पर, जहां खुद पुलिसकर्मी तैनात रहते हैं, ऐसी चोरी का प्रयास करना चोरों के हौसलों को दर्शाता है। हालांकि, पुलिस की त्वरित कार्रवाई से आरोपी तुरंत सलाखों के पीछे पहुंच गया। मेन गेट पर ड्यूटी कर रहा था, चार्जिंग में लगे फोन को उड़ाया मामले की जानकारी देते हुए पुलिस कर्मचारी सुरेंद्र कुमार ने बताया कि डीसी कॉम्प्लेक्स के मेन गेट पर बनी पोस्ट पर पुलिसकर्मी सुखदेव सिंह की ड्यूटी लगी हुई है। सुखदेव सिंह रोजाना की तरह डीसी और एसएसपी दफ्तर आने-जाने वाले वाहनों की पार्किंग और ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए तैनात थे। इसी दौरान वह लघुशंका (शौचालय) के लिए गए और अपना मोबाइल चेक पोस्ट के अंदर ही चार्जिंग पर लगा गए। शक के आधार पर किया पीछा सुखदेव सिंह के जाते ही वहां मौजूद एक शातिर युवक ने मौका पाकर चेक पोस्ट के अंदर से मोबाइल चोरी कर लिया और उसे अपनी जेब में डालकर खिसक गया। जब सुखदेव सिंह वापस लौटे तो उन्हें मोबाइल गायब मिला। वहां मौजूद अन्य लोगों ने एक युवक पर शक जाहिर करते हुए बताया कि वह अभी-अभी पोस्ट के पास से निकला है। एसडीएम दफ्तर के पास धरा गया आरोपी सजगता दिखाते हुए सुखदेव सिंह ने तुरंत अपने साथी कर्मचारियों की मदद से उक्त संदिग्ध युवक का पीछा किया। आरोपी अभी कुछ ही दूरी पर एसडीएम दफ्तर के गेट के पास पहुंचा ही था कि पुलिस टीम ने उसे घेरकर दबोच लिया। तलाशी लेने पर युवक के पास से चोरी किया गया मोबाइल फोन सुरक्षित बरामद हो गया। पुलिस अब आगे की कानूनी कार्रवाई कर रही है।
पंचकूला के श्यामटू गांव के जाहर वीर गोगा माड़ी मंदिर में रखे दानपात्र का ताला तोड़कर चोर करीब 15 से 20 हजार रुपए की नकदी चोरी कर ले गया। घटना का खुलासा सुबह मंदिर खुलने पर हुआ। वारदात मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। गांव श्यामटू निवासी एवं श्री जाहर वीर गोगा माड़ी सेवा विकास समिति के प्रधान जसमेर सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह रात करीब 9 बजे गोगा माड़ी मंदिर गए थे। उस समय मंदिर में सब कुछ सामान्य था। इसके बाद वह अपने घर लौट आए। जब वे आज सुबह करीब 6 बजे जब वह दोबारा मंदिर पहुंचे तो देखा कि मंदिर में रखे दानपात्र (गल्ला) का ताला टूटा हुआ था और उसमें रखा पूरा चढ़ावा चोरी हो चुका था। चार महीने का चढ़ावा था दानपात्र में शिकायतकर्ता के अनुसार दानपात्र में करीब चार महीने का चढ़ावा जमा था, जिसमें लगभग 15 से 20 हजार रुपए नकद थे। चोर दानपात्र का ताला तोड़कर पूरी राशि निकाल ले गया। CCTV में कैद हुई पूरी वारदात घटना के बाद मंदिर परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। फुटेज में एक व्यक्ति मुंह पर सफेद रंग का कपड़ा बांधे हुए दिखाई दे रहा है। वीडियो में वह पहले दानपात्र का ताला तोड़ता है और फिर उसमें रखी नकदी निकालकर फरार हो जाता है। पुलिस ने फुटेज को कब्जे में लेकर आरोपी की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस ने शुरू की जांच : SHO पंचकूला के चंडीमंदिर थाना SHO रामपाल ने बातया कि मामले में शिकायत के आधार पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 और 331(4) के तहत दर्ज किया गया है।ामामले की जांच ASI करम सिंह को सौंपी गई है। पुलिस घटनास्थल का निरीक्षण कर सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश में जुटी है।
शहर की 13 वर्षीय एक नाबालिग हिंदू किशोरी को कथित रूप से धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने के मामले में कोतवाली थाना पुलिस ने 7 आरोपियों के खिलाफ उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम समेत कुल 11 संगीन धाराओं में शनिवार रात मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है, जबकि एक अन्य आरोपी की तलाश की जा रही है। यह मामला सबसे पहले 3 जुलाई की शाम कोतवाली थाने पहुंचा था। उस समय पुलिस ने इसे धर्मांतरण का मामला मानने से इनकार किया था। इसके बाद लगातार पुलिस ने शिकायत, मोबाइल चैट, कॉल डिटेल और अन्य तथ्यों की जांच की। इस बीच विभिन्न हिंदूवादी संगठनों ने कोतवाली पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ धर्मांतरण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने की मांग की। जिस के बाद शनिवार रात पुलिस ने छह लोगों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली। पीड़िता की मां की ओर से दी गई तहरीर में आरोप लगाया गया है कि उनकी 13 वर्षीय बेटी डांस सीखने जाती थी। इसी दौरान उसकी पहचान एक मुस्लिम युवती से हुई। आरोप है कि उसी के माध्यम से कुछ अन्य लोगों ने किशोरी से संपर्क किया और उस पर मुस्लिम धर्म अपनाने का दबाव बनाया। तहरीर के अनुसार, किशोरी के मोबाइल पर प्रदेश से बाहर ले जाने और धर्म परिवर्तन से जुड़े संदेश भी भेजे गए। परिवार का आरोप है कि नाबालिग को मानसिक रूप से प्रभावित कर धर्म परिवर्तन के लिए तैयार करने का प्रयास किया जा रहा था। पुलिस ने तहरीर और प्रारंभिक जांच के आधार पर छह लोगों के खिलाफ 11 संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। इनमें उत्तर प्रदेश विधि विरुद्ध धर्म संपरिवर्तन प्रतिषेध अधिनियम के प्रावधानों के साथ अन्य संबंधित धाराएं भी शामिल हैं। कार्रवाई के दौरान पांच आरोपियों को हिरासत में लेकर गहन पूछताछ की जा रही है, जबकि शेष आरोपी की तलाश जारी है। पुलिस मोबाइल फोन, चैट, इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य और अन्य दस्तावेजों की भी जांच कर रही है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक इस पूरे मामले में किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी का आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। कोतवाली पुलिस का कहना है कि जांच निष्पक्ष तरीके से की जा रही है और जो भी तथ्य एवं साक्ष्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
चूरू जिले की बीदासर थाना पुलिस ने 2 युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक कार की तलाशी ली, जिसमें सवार युवकों के पास से एमडी, डोडा पोस्त और एक देसी पिस्टल बरामद हुई। पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर कार, अवैध हथियार और मादक पदार्थ जब्त कर लिए हैं। पुलिस के मुताबिक बीकानेर रेंज आईजी के आदेश पर क्षेत्र में कड़ी नाकाबंदी की गई थी। इसी दौरान बीदासर से डूंगरगढ़ की ओर जा रही एक कार को रोका गया। कार में 2 युवक सवार थे, जो पुलिस की पूछताछ में घबरा गए और संतोषजनक जवाब नहीं दे पाए। संदेह होने पर पुलिस ने कार और युवकों की गहनता से तलाशी ली। तलाशी के दौरान युवकों के पास से एमडी, डोडा पोस्त और एक देसी पिस्टल मिली। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान सांडवा उंटालड़ निवासी 26 वर्षीय रामनारायण नाथ और बाना डूंगरगढ़ निवासी 35 वर्षीय हुकमनाथ के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके पास से 1.1 ग्राम एमडी, 34 ग्राम डोडा पोस्त और एक अवैध देशी पिस्टल बरामद की है।पुलिस को युवकों के पास से 8 मोबाइल फोन और कुछ नकद राशि भी मिली है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट और आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है।
लुधियाना में मोबाइल स्नैचिंग की घटनाएं थमने का नाम नहीं ले रही हैं। ताजा मामले में ईएसआई अस्पताल में ड्यूटी पर जा रही एक युवती से बाइक सवार दो बदमाशों ने दिनदहाड़े मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात उस समय हुई जब युवती फोन पर बात करते हुए अस्पताल जा रही थी। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई। पीड़िता द्वारा पीछा करने पर आरोपियों ने खंजर दिखाकर धमकाया और मौके से फरार हो गए। पुलिस ने शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। बस स्टेंड से जा रही थी अस्पताल जानकारी के अनुसार मिड्डा नजदीक की रहने वाले उर्मिला ईएसआई अस्पताल में स्टाफ के तौर पर कार्यरत हैं। वह शनिवार सुबह करीब 8 बजे वह रोजाना की तरह बस स्टैंड से पैदल अस्पताल की ओर जा रही थीं। इसी दौरान वह अपने मोबाइल फोन पर बातचीत कर रही थीं। इसी बीच पीछे से बाइक पर आए दो युवकों ने झपट्टा मारकर उनके हाथ से मोबाइल फोन छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तेज रफ्तार में मौके से फरार हो गए। आरोपियों ने दिखाया खंजर पीड़िता उर्मिला ने बदमाशों का पीछा करने का प्रयास किया, लेकिन आरोपियों ने खंजर निकालकर उन्हें धमकाया। हथियार देखकर युवती रुक गई और आरोपी मौके से भागने में सफल हो गए। घटना के बाद पीड़िता ने कोचर मार्केट पुलिस चौकी में शिकायत दर्ज करवाई। सूचना मिलते ही पुलिस ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। प्रारंभिक जांच में बाइक सवार बदमाशों की गतिविधियां कैमरों में कैद हुई हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और उन्हें जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्री राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले की जांच जैसे-जैसे आगे बढ़ रही है, वैसे-वैसे नए खुलासे भी सामने आ रहे हैं। मुख्य आरोपी रामशंकर यादव उर्फ टिन्नू यादव के मोबाइल से मिले डिजिटल साक्ष्य, आरोपी अविनाश शुक्ला से पूछताछ और रिकवर किए गए सीसीटीवी फुटेज ने जांच को नई दिशा दी है। सूत्रों के मुताबिक अब कई सफेदपोश लोगों की भूमिका भी जांच के घेरे में आ गई है। पुलिस और एसआईटी अलग-अलग पहलुओं पर गहराई से जांच कर रही हैं। मोबाइल से मिले VIP पास के सुराग सूत्रों के अनुसार टिन्नू यादव के मोबाइल की जांच में पता चला है कि कुछ लोगों और होटलों के लिए कई बार विशेष दर्शन पास बनवाए गए थे। अब पुलिस यह पता लगा रही है कि इन पासों के जरिए किन लोगों को विशेष सुविधाएं दी गईं। इसके साथ ही बैंक खातों के लेनदेन और कॉल डिटेल रिकॉर्ड (CDR) भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि चोरी की रकम का पूरा नेटवर्क सामने आ सके। हॉस्टल में छिपाकर रखी जाती थी नकदी जांच में यह भी सामने आया है कि टिन्नू यादव अपने हॉस्टल की पहली मंजिल पर बड़ी मात्रा में नकदी और आभूषण छिपाकर रखता था। इस हिस्से में बाहरी लोगों का आना पूरी तरह प्रतिबंधित था। पुलिस को शक है कि चोरी का पैसा लंबे समय तक यहीं रखा जाता था। डिलीट CCTV फुटेज भी हुए रिकवर एसआईटी ने विशेष सॉफ्टवेयर की मदद से डिलीट किए गए सीसीटीवी फुटेज भी रिकवर किए हैं। सूत्रों के मुताबिक कुछ फुटेज में लोग जेब और जुराब में नोटों की गड्डियां छिपाते दिखाई दे रहे हैं। अब हाई-रिजॉल्यूशन तकनीक से उनकी पहचान करने की कोशिश की जा रही है। सीसीटीवी व्यवस्था से जुड़े कर्मचारियों से भी पूछताछ की गई है। संपत्तियों और निर्माण कार्यों की भी जांच जांच एजेंसियां चोरी की रकम के निवेश की भी पड़ताल कर रही हैं। लखनऊ और नोएडा में खरीदी गई संपत्तियों, संभावित बेनामी निवेश और जमीन के सौदों की जांच तेज कर दी गई है। इसके अलावा एसआईटी ने राम मंदिर निर्माण से जुड़े दस्तावेज भी तलब किए हैं। निर्माण एजेंसी और निगरानी से जुड़े इंजीनियरों से पूछताछ कर रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। जेल में बंद आरोपियों से होगी दोबारा पूछताछ पुलिस को अविनाश शुक्ला की रिमांड के दौरान कई नए नाम और अहम जानकारियां मिली हैं। इन्हीं जानकारियों के आधार पर अब जेल में बंद अन्य आरोपियों से भी दोबारा पूछताछ की जाएगी। सूत्रों का कहना है कि जांच में कुछ और लोगों की भूमिका सामने आई है। यदि पर्याप्त साक्ष्य मिले तो नए आरोपियों के नाम भी केस में जोड़े जा सकते हैं। फिलहाल एसआईटी पूरे मामले की जांच गोपनीय तरीके से आगे बढ़ा रही है।
सबूतों के अभाव में मोबाइल स्नैचिंग का आरोपी बरी
जालंधर | अदालत ने शनिवार को मोबाइल स्नैचिंग के एक मामले में दोष साबित न होने पर आरोपी को बरी कर दिया है। राजेश कुमार उर्फ रवि निवासी पत्ती गिल की, जमशेर के खिलाफ 7 दिसंबर 2022 को आदमपुर थाने में मामला दर्ज किया गया था। होशियारपुर के नसराला निवासी रप्पा खड़िया की शिकायत पर दर्ज की गई थी, जिसमें आरोपी पर उनका मोबाइल छीनने का आरोप लगाया गया था। अदालत में पुलिस द्वारा पर्याप्त सबूत पेश न कर पाने और दोष साबित न होने के चलते अदालत ने उसे बरी करने के आदेश जारी किए हैं।
भरतपुर रेलवे स्टेशन से यात्रा करने वाले यात्रियों के लिए अब अनारक्षित टिकट लेना पहले से अधिक आसान हो गया है। पश्चिम मध्य रेलवे के कोटा मंडल ने ऑटोमैटिक टिकट वेंडिंग मशीन (एटीवीएम) पर यूपीआई भुगतान की सुविधा शुरू कर दी है। इसके बाद यात्री बिना स्मार्ट कार्ड के केवल मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर यूपीआई भुगतान कर स्वयं अनारक्षित टिकट प्राप्त कर सकेंगे। नई व्यवस्था से टिकट काउंटरों पर लगने वाली लंबी कतारों से राहत मिलेगी और कुछ ही मिनटों में टिकट मिल जाएगा। रेलवे का उद्देश्य यात्रियों को डिजिटल भुगतान के लिए प्रोत्साहित करना और टिकटिंग व्यवस्था को अधिक तेज, सुरक्षित एवं सुविधाजनक बनाना है। एटीवीएम मशीन पर यात्री \अन्य स्टेशन’ विकल्प का चयन कर गंतव्य स्टेशन का नाम दर्ज करेंगे, यात्रा का विवरण भरने के बाद भुगतान विकल्प चुनेंगे। इसके बाद स्क्रीन पर प्रदर्शित क्यूआर कोड को स्कैन कर यूपीआई से भुगतान करते ही टिकट मशीन से तुरंत निकल जाएगा। रेलवे अधिकारियों के अनुसार इस सुविधा की खास बात यह है कि मशीन पर किसी कर्मचारी या फैसिलिटेटर की मौजूदगी नहीं होने पर भी यात्री स्वयं पूरी प्रक्रिया पूरी कर टिकट निकाल सकेंगे। इससे नकद भुगतान की आवश्यकता भी कम होगी और डिजिटल टिकटिंग को बढ़ावा मिलेगा। रेलवे ने भरतपुर सहित कोटा मंडल के सभी यात्रियों से अपील की है कि वे एटीवीएम मशीनों का अधिकाधिक उपयोग करें और यूपीआई के माध्यम से भुगतान कर तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक टिकटिंग व्यवस्था का लाभ उठाएं। नई सुविधा से रोजाना यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ-साथ सामान्य यात्रियों को भी काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है। एटीवीएम से टिकट प्राप्त करने की ये है प्रक्रिया “यात्रियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए एटीवीएम पर यूपीआई भुगतान की सुविधा शुरू की गई है। इससे बिना स्मार्ट कार्ड के भी यात्री स्वयं अनारक्षित टिकट प्राप्त कर सकेंगे। इस व्यवस्था से टिकट काउंटरों पर भीड़ कम होगी, समय की बचत होगी और डिजिटल भुगतान को बढ़ावा मिलेगा। हमारी अपील है कि यात्री एटीवीएम का अधिकाधिक उपयोग कर सुरक्षित व सुविधाजनक टिकटिंग व्यवस्था का लाभ उठाएं।” - सौरभ जैन, वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक एवं जनसंपर्क अधिकारी, कोटा मंडल
धक्का लगाने के बहाने कार में बैठाया होश आया तो गहने और मोबाइल गायब
खन्ना के बीजा में हरियाणा नंबर की कार सवार एक युवक को कार को धक्का लगाने के बहाने में कार में बैठाकर नशीला पदार्थ सुंघाकर चांदी का ब्रेसलेट, चांदी की चेन और आईफोन लूटकर फरार हो गए। लूट के बाद युवक को कार से धक्का देकर बाहर फेंक दिया गया। युवक के परिजनों ने थाना कोट चोकी में इसकी शिकायत दी है। पीडित लोपो गांव के युवक हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि आज सुबह वह अपने बाइक पर श्री गुरुद्वारा मंजी साहिब में माथा टेकने आया था। वह माथा टेकने के बाद जब अपनी बाइक से वापस अपने घर जाने लगा तो वहां खड़ी हरियाणा नंबर की कार में बैठे एक युवक ने उसे रोककर कहा कि कार बंद हो गई है। वह उसकी कार को धक्का देकर मदद कर। उसने कार को धक्का दिया, जब कार स्टार्ट हुई तो कार चालक ने उसे कार में बैठने को कहा। जैसे ही वह कार में बैठा तो उसे कुछ नशीला पदार्थ सुंघा दिया। इसके बाद चालक कार को भगा ले गया। कार चालक ने बीजा में दो और युवकों को कार में बैठा लिया और जब वे वापस आकर मंडियाला कलां की तरफ आ रहे थे तो रास्ते में उसका चांदी का ब्रेसलेट, चांदी की चेन और आईफोन लूटकर उसे कार से धक्का देकर बाहर फेंककर फरार हो गए। हरमनप्रीत सिंह ने बताया कि होश में आने के बाद रिश्तेदारों को फोन किया। उसने अपने माता-पिता और मामा तरनजीत सिंह बरमालीपुर को वारदात की जानकारी दी। रिश्तेदारों के साथ गुरुद्वारा श्री मंजी साहिब कोटा में कैमरों की फुटेज देखी तो पता चला कि कार हरियाणा नंबर की थी। युवक की मां लोपो गांव की पूर्व पंच जसवीर कौर और मामा तरनजीत सिंह बरमालीपुर ने बताया कि उन्होंने पुलिस चौकी कोट में शिकायत दी है। पुलिस ने भरोसा दिया है कि वे जल्द ही कार्रवाई कर आरोपियों को गिरफ्तार करेंगे।
उदयपुर के सुखेर थाना इलाके में एक शातिर ठग द्वारा जिला जज (डिस्ट्रिक्ट जज) के नाम का झांसा देकर शोरूम से इलेक्ट्रिक स्कूटर (ईवी) ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया। आरोपी ने जज साहब को गाड़ी दिखाने का बहाना बनाया और शोरूम से स्कूटर लेकर रफूचक्कर हो गया। पीड़ित की शिकायत पर सुखेर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से चोरी का स्कूटर भी बरामद कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी बेहद शातिर है और इससे पहले भी कई लोगों को ठग चुका है। जज साहब को दिखाने के बहाने ले गया स्कूटरपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, न्यू भूपालपुरा 80 फीट रोड पर दिनेश काबरा (70) का 'केपी इलेक्ट्रो व्हील' नाम से ईवी स्कूटर का शोरूम है। 24 जून 2026 की सुबह करीब 11 बजे उनके शोरूम पर दीपक नाम का एक युवक आया। उसने शोरूम संचालक दिनेश काबरा को जिला जज का नाम लिया और कहा कि साहब को स्कूटर पसंद करवाना है, इसलिए दिखाने ले जा रहा हूं। आरोपी ने आधे घंटे में वापस लौटने की बात कही थी, जिसके झांसे में आकर संचालक ने उसे करीब 60 हजार रुपये कीमत का काले रंग का 'यो बाइकर' (यो बाइकर्स) स्कूटर दे दिया। जब वह आधे घंटे बाद भी नहीं लौटा, तो शोरूम संचालक ने उससे संपर्क किया। काफी तकाजा करने के बाद भी आरोपी ने न तो स्कूटर लौटाया और न ही पैसे दिए। इसके बाद पीड़ित ने सुखेर थाने में मामला दर्ज कराया। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि इस केस के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और साइबर सेल के लोकेश रायकवाल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी दीपक उर्फ गोलू (28) पिता तुलसीराम माली को चित्रकूट नगर, भुवाणा से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से ठगा गया स्कूटर भी बरामद कर लिया। झांसे में लेने का आदी है आरोपी सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी दीपक उर्फ गोलू आदतन ठग है। वह लोगों को नौकरी लगवाने और कोर्ट में उनके पक्ष में फैसला करवाने का झांसा देकर पहले भी कई वारदातें कर चुका है। आरोपी के खिलाफ अंबामाता और हिरणमगरी थानों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, आरोपी ने 30 जून 2026 को भूपालपुरा थाना क्षेत्र के शक्तिनगर स्थित एक मोबाइल शोरूम से एक कीमती मोबाइल भी इसी तरह झांसा देकर ठग लिया था। पुलिस अब आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर रही है, जिससे अन्य कई वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
नूंह जिले के पुन्हाना क्षेत्र के बीसरू गांव में तड़के एक घर में चार नकाबपोश बदमाश घुस गए। इको कार में सवार होकर आए बदमाशों ने घर से 1.72 लाख रुपए नकद, सोने के गहने और मोबाइल फोन चोरी कर लिए। यह पूरी वारदात घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पीड़ित निसार ने बताया कि, शुक्रवार तड़के करीब तीन बजे चार बदमाश इको कार होकर आए और उनके घर पहुंचे। सभी बदमाशों ने अपने चेहरे कपड़े से ढके हुए थे और उनके पास बंदूक व देसी कट्टे जैसे हथियार थे। चोरी कर कार में बैठकर फरार हुए बदमाश चोरों ने अलमारी से 1 लाख 72 हजार नकद, लगभग दो तोले सोने की हंसली, दो तोले की गुलीबंद और एक मोबाइल फोन चुरा लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद बदमाश उसी कार में बैठकर फरार हो गए। सुबह परिवार के जागने पर घर का सामान बिखरा मिला और नकदी व जेवर गायब थे। सीसीटीवी फुटेज देखने पर नकाबपोश बदमाश घर में घुसते और चोरी के बाद निकलते साफ दिखाई दिए। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। वारदात के समय घर पर मौजूद नहीं थी परिवार की महिलाएं पीड़ित ने बताया कि घटना के समय घर में महिलाएं मौजूद नहीं थीं। उन्होंने आशंका जताई कि यदि महिलाएं घर पर होतीं तो बदमाश किसी बड़ी वारदात को भी अंजाम दे सकते थे। पीड़ित ने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और चोरी हुए सामान की बरामदगी की मांग की है। जांच अधिकारी कृष्ण कुमार ने बताया कि शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही मुकदमा दर्ज कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा और चोरी का सामान बरामद करने के लिए कार्रवाई की जाएगी।
कबीरधाम पुलिस ने ग्राम खैरबनाकला स्थित एक फार्महाउस पर छापेमारी कर ताश के माध्यम से जुआ खेल रहे 11 लोगों को गिरफ्तार किया है। कार्रवाई के दौरान पुलिस ने 25,700 रुपये नकद, 8 मोबाइल फोन, 2 मोटरसाइकिल और ताश की गड्डियां जब्त की हैं। जब्त संपत्ति की कुल अनुमानित कीमत 1 लाख 50 हजार 700 रुपये बताई गई है। पुलिस के अनुसार जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत उप पुलिस अधीक्षक आशीष शुक्ला के पर्यवेक्षण में थाना कवर्धा, एएनटीएफ और साइबर थाना की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। मुखबिर की सूचना पर दी दबिश पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम खैरबनाकला स्थित राघव यादव के फार्महाउस में कुछ लोग 52 पत्ती ताश से अंदर-बाहर का जुआ खेल रहे हैं। सूचना मिलते ही संयुक्त टीम का गठन कर योजनाबद्ध तरीके से फार्महाउस की घेराबंदी की गई। दबिश के दौरान मौके पर 11 लोग हार-जीत का दांव लगाकर जुआ खेलते मिले। पुलिस ने सभी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। नकदी, मोबाइल और बाइक जब्त कार्रवाई के दौरान पुलिस ने जुआ फड़ और आरोपियों के कब्जे से 25,700 रुपये नकद, 8 मोबाइल हैंडसेट (अनुमानित कीमत 65 हजार रुपये), 2 मोटरसाइकिलें (अनुमानित कीमत 60 हजार रुपये) तथा ताश की गड्डियां बरामद कीं। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 1,50,700 रुपये आंका गया है। सभी आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम, 2022 की धारा 4 एवं 5 के तहत अपराध दर्ज कर वैधानिक कार्रवाई की गई है। गिरफ्तार आरोपी अभियान रहेगा जारी कबीरधाम पुलिस ने कहा कि जिले में जुआ, सट्टा और अन्य अवैध गतिविधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। कानून व्यवस्था प्रभावित करने वाले तत्वों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद में ऑटो चालक से ऑटो, मोबाइल फोन और नकदी लूटने के मामले में फरीदाबाद पुलिस अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र में 30 जून को हुई लूट की वारदात के मामले में की गई। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सुमरन (20) निवासी ओल्ड फरीदाबाद, नितिन (20) निवासी ओल्ड फरीदाबाद, मदन (24) निवासी बल्लभगढ़ और सुभाष (23) निवासी खेड़ीपुल के रूप में हुई है। पुलिस ने चारों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें लूटा गया सामान बरामद करने के लिए पुलिस रिमांड पर लिया जाएगा। एसीपी अमन यादव ने प्रेस वार्ता के दौरान बताया कि 30 जून की रात चारों आरोपी ओल्ड फरीदाबाद से ऑटो में सवारी बनकर बैठे थे। इनमें मदन, नितिन और सुमरन पीछे बैठे थे, जबकि सुभाष आगे की सीट पर बैठा था। गर्दन पर चाकू रखकर की थी लूटपाट जब ऑटो एनएचपीसी फ्लाईओवर के पास पहुंचा तो पीछे बैठे सुमरन ने ऑटो चालक की गर्दन पर चाकू रख दिया। इसके बाद चारों आरोपियों ने मिलकर चालक का मोबाइल फोन, जेब में रखी नकदी और पूरा ऑटो लूट लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस जांच में सामने आया कि इस पूरी वारदात का मास्टरमाइंड सुभाष है। उसके खिलाफ पहले से भी कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। वहीं आरोपी नितिन का भी आपराधिक रिकॉर्ड मिला है। पुलिस अब आरोपियों से पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि उन्होंने लूटा गया ऑटो और अन्य सामान कहां छिपाया है तथा क्या वे पहले भी इसी तरह की वारदातों में शामिल रहे हैं। आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस के अनुसार, अनखीर निवासी संदीप ने 1 जुलाई को थाना सराय ख्वाजा में शिकायत दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह बदरपुर बॉर्डर से बल्लभगढ़ के बीच ऑटो चलाता है। 30 जून की रात करीब 9:30 बजे चार युवक उसके ऑटो में बदरपुर बॉर्डर जाने के बहाने बैठे थे। एनएचपीसी फ्लाईओवर के पास पहुंचते ही आरोपियों ने चाकू दिखाकर उसका ऑटो, मोबाइल फोन और नकदी लूट ली और फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद थाना सराय ख्वाजा में मामला दर्ज किया गया। जांच के दौरान अपराध शाखा सेक्टर-30 की टीम ने कार्रवाई करते हुए चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस अब उनसे पूछताछ कर मामले में आगे की जांच कर रही है।
अंबाला के साहा क्षेत्र में मोबाइल की किस्तों के विवाद को लेकर थार गाड़ी सवार दोस्तों पर हमला किया गया। हमलावरों ने क्रेटा और फॉर्च्यूनर गाड़ियों से पीछा कर थार को दो अलग-अलग जगहों पर घेरा। इस हमले में थार के शीशे टूट गए और गाड़ी में बैठी एक युवती घायल हो गई। आरोपियों ने ईंटों और तलवारों से थार पर हमला किया, जिससे गाड़ी के सभी शीशे टूट गए। साहा थाना पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर नामजद आरोपियों और उनके साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस को दी शिकायत में गांव लदाना निवासी साहिल ने बताया कि वह मोहाली (पंजाब) में बाइक राइडर का काम करता है। लगभग एक साल पहले उसके दोस्त गगनदीप ने साहा की एक मोबाइल दुकान से बजाज कार्ड पर फोन खरीदा था। गगनदीप द्वारा समय पर किस्तें न भरने के कारण दुकान संचालक लाली निवासी छप्परा ने साहिल को फोन कर किस्तों की जिम्मेदारी लेने को कहा। इस बात पर साहिल और लाली के बीच कहासुनी हो गई थी। हालांकि, बाद में गगनदीप ने सभी किस्तें चुका दी थीं, लेकिन लाली इस विवाद को लेकर साहिल से रंजिश रखने लगा था। मंसूरी से घूमकर लौट रहे थे दोस्त, मार्केट में घेरा 1 जुलाई को साहिल अपनी दोस्त महक और मामा के लड़के दीप के साथ थार गाड़ी में घूमने के लिए मंसूरी (उत्तराखंड) गया था। अगले दिन 2 जुलाई की रात करीब 8 बजे जब वे वापस लौटकर दीप को छोड़ने गाँव केसरी पहुंचे, तो वहां उनका दोस्त सुमित भी मिल गया। चारों दोस्त केसरी मार्केट के मोड़ पर एक रेहड़ी के पास जूस पीने के लिए रुके। इसी दौरान लाली अपनी काले रंग की क्रेटा कार से अपने दोस्त रोहित के साथ वहां पहुंचा। उसने थार के आगे अपनी कार अड़ा दी और सड़क से ईंट उठाकर थार पर दे मारी, जिससे गाड़ी के शीशे टूट गए और महक के घुटने व कमर पर कांच लगने से वह घायल हो गई। फॉर्च्यूनर से पीछा कर फैक्ट्री के पास दोबारा रोका, चलाई तलवारें जब साहिल अपनी जान बचाकर थार को साहा रोड की तरफ भगाने लगा, तो आरोपियों ने अपनी क्रेटा और एक वीआईपी नंबर (0020) की फॉर्च्यूनर गाड़ी से उनका पीछा करना शुरू कर दिया। बदमाशों ने शाहबाद-साहा रोड पर प्रताप फैक्ट्री के पास थार को दोबारा जबरन रोक लिया। इस बार लाली, रोहित और सेवक ने अपने 2-3 अन्य साथियों के साथ मिलकर थार पर तलवारों से हमला कर दिया और गाड़ी के बचे हुए सारे शीशे भी तोड़ दिए। पीड़ित किसी तरह वहां से जान बचाकर भागे। भागते समय आरोपियों ने दोबारा मिलने पर जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा साहा थाना पुलिस ने पीड़ित साहिल की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने आरोपी लाली, रोहित, सेवक और उनके अन्य अज्ञात साथियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 190, 191(3), 115, 126(6), 351(2) और 324(4) के तहत मुकदमा नंबर 151 दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि थार गाड़ी को काफी नुकसान पहुंचाया गया है और आरोपियों को पकड़ने के लिए टीमें लगातार दबिश दे रही हैं।
जमुई के लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक युवक का शव नीम के पेड़ से लटका मिला। घटना बेला गांव स्थित टिलुआ आहार के पास हुई। सूचना मिलते ही लक्ष्मीपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मृतक की पहचान झारखंड के देवघर जिले के मुरली पहाड़ी निवासी विजय कुमार मुर्मू (30) पुत्र गिरीश मुर्मू के रूप में हुई है। पुलिस को मृतक की जेब से 2 जून का विद्यासागर से जमुई का रेल टिकट और एक एंड्रॉयड मोबाइल फोन मिला। मोबाइल ऑन करते ही उसके एक दोस्त का फोन आया, जिससे बातचीत के आधार पर पहचान संभव हो पाई। पुलिस के अनुसार, युवक का शव नीम के पेड़ से लगभग छह फीट की ऊंचाई पर फंदे से लटका हुआ था। घटनास्थल से करीब 100 मीटर की दूरी पर एक चप्पल और विदेशी शराब की एक बोतल भी बरामद हुई, जिसे पुलिस ने जांच के लिए जब्त कर लिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए एफएसएल की टीम भी मौके पर पहुंची और वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र किए। लक्ष्मीपुर थाना अध्यक्ष आलोक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर मौजूद रहकर जांच में जुटे रहे। बड़ी संख्या में ग्रामीण भी घटनास्थल पर पहुंचे थे। सदर एसडीपीओ सतीश सुमन ने बताया कि लक्ष्मीपुर थाना क्षेत्र के जंगली इलाके में एक व्यक्ति का शव पेड़ से लटका मिलने की सूचना मिली थी। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत होता है, हालांकि पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया गया है। एसडीपीओ ने यह भी बताया कि मृतक के पास से बरामद मोबाइल फोन की गहनता से जांच की जा रही है, जिसमें प्रेम प्रसंग के एंगल को भी खंगाला जा रहा है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार युवक देवघर जिले का रहने वाला था और जमुई में किसी व्यक्ति के संपर्क में आने के बाद यहां पहुंचा था। प्रेम प्रसंग के एंगल पर भी पुलिस जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि मृतक के मोबाइल की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच के बाद ही घटना के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
कोरबा जिले के कोहड़िया क्षेत्र में मोबाइल और पैसों के पुराने लेनदेन का विवाद हिंसक हो गया। मोबाइल दुकान संचालक विकास दुबे को कथित तौर पर एक नाबालिग और उसके परिजनों ने बंधक बनाकर पूरी रात बेरहमी से पीटा। हमले में उसके सिर, पैर और शरीर के कई हिस्सों में गंभीर चोटें आईं, जबकि एक हाथ की हड्डी भी टूट गई। घायल का अस्पताल में इलाज जारी है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत पर अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुराने विवाद के बाद फिर हुआ हमला पुलिस के अनुसार, विकास दुबे और एक नाबालिग के बीच मोबाइल और पैसों के लेनदेन को लेकर लंबे समय से विवाद चल रहा था। पिछले महीने भी इसी विवाद में नाबालिग ने विकास पर चाकू से हमला किया था, जिसकी रिपोर्ट सीएसईबी चौकी में दर्ज है। कमरे में बंद कर रातभर की पिटाई बताया जा रहा है कि बीती रात विकास दुबे किसी काम से पीपरपारा गया था। वहां नाबालिग और उसके परिजनों ने उसे पकड़ लिया। आरोप है कि उसे एक कमरे में बंधक बनाकर लाठी-डंडों और लोहे की रॉड से रातभर पीटा गया। दोस्त ने पहुंचाया अस्पताल सुबह विकास के दोस्त आकर्षण तिवारी ने उसे गंभीर हालत में देखा और तत्काल डायल-112 को सूचना दी। पुलिस की मदद से विकास को अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों के मुताबिक उसके सिर और पैर में गहरी चोटें हैं तथा एक हाथ की हड्डी टूट गई है। महिला ने लगाया छेड़छाड़ का आरोप इसी बीच एक महिला ने सीएसईबी पुलिस चौकी में विकास दुबे के खिलाफ छेड़छाड़ की शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि रात करीब 10 बजे विकास जबरन उसके घर में घुस आया और उसके साथ अभद्रता की। महिला ने यह भी स्वीकार किया कि गुस्से में उसने लोहे के डंडे से विकास की पिटाई की थी। मेडिकल रिपोर्ट के बाद होगी आगे की कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले ने बताया कि महिला की शिकायत पर विकास दुबे के खिलाफ छेड़छाड़ का मामला दर्ज किया गया है। वहीं, विकास की मेडिकल रिपोर्ट आने के बाद उसे बंधक बनाकर मारपीट करने वाले नाबालिग और उसके परिजनों के खिलाफ भी नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है।
जयपुर में बदमाश ने राइड बुक कर युवक को लूटा:15 KM दूर ले गया, मारपीट कर बाइक और मोबाइल छीना
जयपुर में बदमाशों ने राइड बुक कर लूट की वारदात को अंजाम दिया। राइडर को ऑफलाइन बुक कर बदमाश 15 KM दूर अपने साथ ले गया। सुनसान जगह पहले से मौजूद अपने साथियों के साथ मिलकर मारपीट कर बाइक-मोबाइल छीनकर फरार हो गए। मामले में खोह नागोरियान थाने में एफआईआर दर्ज की गई है। पुलिस CCTV फुटेज के आधार पर लुटेरों की तलाश कर रही है। हेड कॉन्स्टेबल हरि सिंह ने बताया- दौसा के महवा निवासी सचिन मीना (20) के साथ लूट की वारदात हुई है। शिकायत में बताया- रात करीब 12 बजे गांधी नगर रेलवे स्टेशन से एक लड़के ने ऑफलाइन बाइक राइड बुक की। राइडर को गांधी नगर रेलवे स्टेशन से 15 KM दूर जेएनयू हॉस्पिटल ले आया। हॉस्पिटल से कुछ दूरी पर सुनसान जगह युवक के साथी पहले से खड़े मिले। कस्टमर बने बदमाश ने अपने साथियों के साथ मिलकर राइडर के साथ मारपीट की। फिर उसकी जेब में रखे 5 हजार रुपए, मोबाइल व बाइक छीनकर तीनों बदमाश फरार हो गए। खोह नागोरियान थाने पहुंचकर पीड़ित बाइक राइडर ने शिकायत दर्ज करवाई।
देवघर स्थित बाबा बैद्यनाथ मंदिर में श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए कई अहम फैसले लिए गए हैं। अब भक्तों को सालभर बाह्य अर्घा प्रणाली के माध्यम से बाबा बैद्यनाथ को जलार्पण करने की सुविधा मिलेगी। साथ ही मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने और उसके उपयोग पर पूरी तरह से प्रतिबंध लागू किया जाएगा। ये सभी निर्णय श्रावणी मेला-2026 की तैयारियों को लेकर की गई है। उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया ने ये निर्णय पुलिस अधीक्षक प्रवीण पुष्कर, उप विकास आयुक्त पीयूष सिन्हा, बाबा मंदिर प्रभारी व एसडीओ रवि कुमार समेत कई प्रशासनिक अधिकारी, तीर्थ पुरोहित, सरदार पंडा और पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधियों के साथ मिलकर लिए है। बाह्य अर्घा से बुजुर्ग और दिव्यांगों को राहत उपायुक्त ने स्पष्ट किया कि बाबा मंदिर की गरिमा को अक्षुण्ण रखते हुए श्रद्धालुओं को सुरक्षित, सुगम और व्यवस्थित जलार्पण कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसी दिशा में मंदिर परिसर के बाहर स्थायी बाह्य अर्घा स्थापित करने का निर्णय लिया गया है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद श्रद्धालु बिना अधिक भीड़-भाड़ के सीधे बाबा को जल अर्पित कर सकेंगे। खासकर बुजुर्ग, दिव्यांग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं के लिए यह सुविधा बेहद राहतकारी साबित होगी। उन्हें अब लंबी कतारों में खड़े रहने की आवश्यकता नहीं होगी और वर्षभर आराम से जलार्पण कर सकेंगे। प्रशासन ने सभी संबंधित विभागों को आपसी समन्वय के साथ कार्य करते हुए इस व्यवस्था को शीघ्र धरातल पर उतारने का निर्देश दिया है। भीड़ प्रबंधन पर फोकस, मिलेगी कई सुविधाएं मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने के उद्देश्य से गर्भगृह में मोबाइल फोन के प्रवेश और उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने का निर्णय लिया गया है। प्रशासन का मानना है कि इससे मंदिर की पवित्रता बनी रहेगी, सुरक्षा में किसी प्रकार की चूक नहीं होगी और दर्शन-पूजन की प्रक्रिया अधिक व्यवस्थित तरीके से संचालित हो सकेगी। प्रबंधन ने भीड़ प्रबंधन, शीघ्र दर्शन की व्यवस्था, वीआईपी पूजा प्रबंधन, नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण, क्लॉक रूम की सुविधा और श्रद्धालुओं की अन्य आवश्यकताओं पर भी विस्तार से चर्चा की है। पंडा धर्मरक्षिणी सभा के प्रतिनिधियों ने भी अपने सुझाव प्रशासन के समक्ष रखे, जिस पर सकारात्मक पहल का आश्वासन दिया गया। प्रशासन ने संकेत दिए हैं कि श्रावणी मेले से पहले सभी व्यवस्थाओं को और बेहतर बनाकर श्रद्धालुओं को सहज अनुभव देने का प्रयास किया जाएगा। देवघर रूट की ट्रेनों में अभी से बुकिंग इधर, 30 जुलाई से शुरू हो रहे श्रावण मास और बाबा बैद्यनाथ धाम में लगने वाले श्रावणी मेले को लेकर रेलवे में बुकिंग अभी से चालू है। रांची से जसीडीह और देवघर जाने वाली प्रमुख ट्रेनों में करीब 80 प्रतिशत सीटें पहले ही बुक हो चुकी हैं, जबकि कई ट्रेनों में वेटिंग लिस्ट शुरू हो गई है। 18603 रांची-गोड्डा एक्सप्रेस में 30 जुलाई से 4 अगस्त तक सेकेंड एसी, थर्ड एसी और स्लीपर में वेटिंग चल रही है। 15027 मौर्या एक्सप्रेस में 30 जुलाई से 13 अगस्त तक स्लीपर में 40 से 55 सीटें शेष हैं, जबकि अन्य श्रेणियों में सीमित सीटें बची हैं। 18105 राउरकेला-जयनगर एक्सप्रेस में 30 जुलाई से 15 अगस्त तक एसी कोचों में 25 से 80 सीटें उपलब्ध हैं, वहीं स्लीपर में भी कम सीटें बची हैं। 18619 इंटरसिटी एक्सप्रेस में 28 जुलाई से 13 अगस्त तक एसी कोचों में 5 से 32 सीटें ही उपलब्ध हैं। 17007 चर्लपल्ली-दरभंगा एक्सप्रेस में भी कई तारीखों पर वेटिंग शुरू हो गई है। यात्रियों की बढ़ती संख्या को देखते हुए रांची रेल मंडल ने रांची से भागलपुर तक मेला स्पेशल ट्रेन चलाने का प्रस्ताव मुख्यालय को भेजा है। जिसके तहत यह ट्रेन सप्ताह में चार दिन कुल 29 ट्रिप कर सकती है और 24–25 जुलाई से इसके संचालन की संभावना जताई जा रही है।
छिंदवाड़ा शहर के मॉडल रोड पर शुक्रवार रात जैन मोबाइल शॉप की प्रचार वैन को निशाना बनाकर लूट का प्रयास किया गया। बदमाशों ने वाहन में तोड़फोड़ कर बैग में रखी नकदी लूटने की कोशिश की, लेकिन दुकान संचालक की सतर्कता से रकम सुरक्षित बचा ली गई। मामले में एक युवक को पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया, जबकि दो अन्य युवकों के भी घटना में शामिल होने की शिकायत दर्ज कराई गई है। जानकारी के अनुसार, मानसरोवर निवासी और जैन मोबाइल शॉप के संचालक नरेंद्र जैन ने कोतवाली थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार रात उनकी मोबाइल प्रचार वैन वसूली कर लौट रही थी। इसी दौरान मॉडल रोड पर कुछ युवकों ने वाहन को रोककर उसमें तोड़फोड़ शुरू कर दी और बैग में रखे करीब 91 हजार 800 रुपए लूटने का प्रयास किया। घटना की जानकारी मिलते ही दुकान संचालक मौके पर पहुंचे और एक आरोपी युवक को पकड़ लिया। साथ ही नकदी से भरा बैग भी सुरक्षित बरामद कर लिया गया। पकड़े गए युवक को कोतवाली पुलिस के सुपुर्द कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार मामले में दो अन्य युवकों की भूमिका भी सामने आई है। शिकायत के आधार पर पूरे घटनाक्रम की जांच की जा रही है और आरोपियों से पूछताछ जारी है।
पुणे की वडगांव अदालत ने शुक्रवार को केतन अग्रवाल की हत्या के आरोपी सिया गोयल और चेतन चौधरी को 14 दिन की न्यायिक हिरासत में भेज दिया है। दोनों को पुणे की येरवदा जेल में रखा जाएगा। पुलिस ने दोनों की कस्टडी बढ़ाने की मांग की थी, लेकिन कोर्ट ने इसे खारिज कर दिया। कोर्ट में पेशी के दौरान सिया और चेतन ने नार्को (पॉलीग्राफ) टेस्ट से साफ इनकार कर दिया था। हालांकि एक दिन सिया के वकील ने पॉलीग्राफ टेस्ट के लिए सिया की सहमति होने का बात कही थी। वडगांव कोर्ट के जज एएम विभूते ने कहा कि आरोपियों की सहमति के बिना यह टेस्ट नहीं किया जा सकता, इसलिए अब उनका नार्को टेस्ट नहीं होगा। सिया और चेतन पर आरोप है कि उन्होंने केतन को 18 जून को पुणे के लोहगढ़ फोर्ट से धक्का देकर मार डाला था। केतन और सिया की शादी इस साल नवंबर में होने वाली थी। चेतन-सिया की कोर्ट में पेशी की तस्वीरें… कोडवर्ड में चैट करते थे चेतन और सिया, एक और मोबाइल जब्त पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि सिया और चेतन ने हत्या की साजिश रचते समय बातचीत के लिए ‘कोडवर्ड’ का इस्तेमाल किया था। पुलिस ने आरोपियों के मोबाइल से डिलीट किया गया बड़ा डेटा रिकवर कर लिया है और उसमें इस्तेमाल की गई सांकेतिक भाषा को डिकोड करने के लिए विशेषज्ञों की मदद ली जाएगी। दोनों की चैट में कोड वाली भाषा है, जिसमें निकनेम और इमोजी शामिल हैं, जिनका मतलब सिर्फ आरोपी ही बता सकते हैं। पुलिस ने शुक्रवार को सिया के घर से एक और मोबाइल जब्त किया है। जिसे छिपाकर रखा गया था। उसे जांच के लिए फोरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (FSL) भेजा गया है। मर्डर में तीसरे शख्स के शामिल होने का शक पुणे के केतन अग्रवाल हत्याकांड में नया खुलासा हुआ है। सूत्रों के मुताबिक, पुलिस ने बीड से एक युवक को हिरासत में लिया है। यह युवक बालेवाड़ी की एक कंपनी में काम करता है। दावा है कि तीसरा शख्स सिया या केतन में किसी एक का दोस्त है। दोनों ने उससे केतन के मर्डर की प्लानिंग शेयर की थी। हालांकि युवक का नाम अभी तक सामने नहीं आया है। पुलिस युवक को गवाह भी बना सकती है। प्लानिंग से मर्डर तक 19 दिन में घटना को अंजाम दिया
मथुरा में धार्मिक मंच पर आने के बाद कथावाचक देवकीनंदन महाराज के बेटे की लगातार चर्चा और आलोचना हो रही है। इस पर देवकीनंदन महाराज ने खुलकर प्रतिक्रिया दी। कहा- उसका सबसे बड़ा 'दोष' सिर्फ यह है कि वह मेरा बेटा है। बच्चों को धर्म, सेवा और संस्कार देना हर माता-पिता की जिम्मेदारी है। 3 जुलाई (शुक्रवार) को दैनिक भास्कर से विशेष बातचीत में देवकीनंदन ने कहा कि कुछ लोग कथा-भजन करने वालों को निशाना बनाते हैं। लेकिन, गलत काम करने वालों पर सवाल नहीं उठाते। वहीं, राम मंदिर में चढ़ावा चोरी के मामले पर देवकीनंदन महाराज ने कहा कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। उन्होंने बड़े मंदिरों के दान के बेहतर उपयोग के लिए धर्माचार्यों की भागीदारी वाला सनातन बोर्ड गठित करने की भी मांग दोहराई। पढ़िए पूरी बातचीत… सवाल: राम मंदिर विवाद के बीच सनातन बोर्ड की मांग हो रही, इसकी जरूरत क्या है?जवाब: वैष्णो देवी, तिरुपति बालाजी जैसे बड़े मंदिरों का संचालन सरकारों के पास है। वहां आने वाले दान का उपयोग किस तरह हो रहा है, यह हमारी समझ में नहीं आता। इसलिए सनातन बोर्ड बनना चाहिए, जिसमें 4 शंकराचार्य, 5 वैष्णवाचार्य जैसे धर्माचार्य शामिल हों। सवाल: राम मंदिर में चढ़ावा चोरी मामले में अब तक की कार्रवाई से धर्माचार्य संतुष्ट हैं?जवाब: अभी इस पर कुछ कहना जल्दबाजी होगी। जांच चल रही है। जब जांच पूरी हो जाएगी, तभी पता चलेगा कि जांच सही दिशा में हुई या नहीं। सवाल: इसमें सिर्फ नामजद आरोपी ही शामिल हैं या और लोगों की भी भूमिका हो सकती है?जवाब: जैसा बताया जा रहा है, करीब 50-60 लोगों से पूछताछ होनी है। जांच पूरी होने के बाद ही तस्वीर साफ होगी। सवाल: आप अपने बेटे को धार्मिक क्षेत्र में आगे बढ़ा रहे हैं। सोशल मीडिया पर ट्रोलिंग भी हो रही है..क्या कहेंगे?जवाब: ट्रोल किस बात पर किया जा रहा है? क्या धर्म कोई धंधा है, जो लोग ऐसी बातें कर रहे हैं। क्या उन्हें धर्म की समझ है? हर माता-पिता अपने बच्चों को अपने संस्कार देते हैं। हम भी वही कर रहे हैं। क्या सिर्फ कुछ व्यूज पाने के लिए किसी को भी कुछ भी कह देना सही है? सवाल: बेटे को बचपन से धार्मिक माहौल देने के पीछे क्या सोच रही?जवाब: मेरा बेटा अभी 14 साल का है। आज तक उसके पास मोबाइल नहीं है। हमने उसे वही संस्कार दिए हैं, जो हर माता-पिता को अपने बच्चों को देने चाहिए। अगर बचपन से बच्चे का हाथ पकड़कर मंदिर ले जाएंगे, सत्संग में बैठाएंगे तो वह दूसरों का सम्मान करना सीखेगा। अच्छे संस्कार ही बच्चे को हर तरह से समृद्ध बनाते हैं। सवाल: आज के समाज और धर्म को लेकर पर क्या कहेंगे?जवाब: रामायण हमें बताती है कि समाज में हमेशा दो तरह के लोग रहे हैं। एक वे, जो धर्म का विकास चाहते हैं और दूसरे वे, जो धर्म का विनाश चाहते हैं। रावण यज्ञ और तपस्या को नष्ट करना चाहता था, जबकि भगवान राम धर्म और मर्यादा की रक्षा करते थे। त्रेता युग में भी ऐसे लोग थे और आज भी हैं। फर्क इतना है कि आज भी समाज भगवान राम की पूजा करता है और रावण का पुतला जलाता है। सवाल: बेटे के जन्मदिन को लेकर भी आपने अलग परंपरा अपनाई है?जवाब: मेरा बेटा अपना जन्मदिन किसी होटल या पार्टी में नहीं मनाता। वह जरूरतमंद लोगों को भोजन और जरूरी सामान देकर जन्मदिन मनाता है। मेरा मानना है कि बच्चों में सेवा और संवेदना के संस्कार बचपन से ही आने चाहिए। सवाल: आपके बेटे को लेकर लगातार टिप्पणियां हो रहीं। क्या इससे आपको फर्क पड़ता है?जवाब: कुछ लोग कथा करने और भजन गाने पर ट्रोल करते हैं। लेकिन, शराब पीने, जुआ खेलने या गलत काम करने वालों पर सवाल नहीं उठाते। किसी ने कहा कि उसने NEET की परीक्षा नहीं दी। मैं पूछना चाहता हूं कि 14 साल की उम्र में कौन-सा NEET होता है? उसका सबसे बड़ा 'दोष' सिर्फ इतना है कि वह देवकीनंदन महाराज का बेटा है। जानिए देवकीनंदन ठाकुर के बेटे को लेकर सोशल मीडिया पर क्या चल रहा… सार्वजनिक मंच से भागवत पाठ किया कथावाचक देवकीनंदन ठाकुर के तीन बेटियां और एक बेटा है। बेटे का नाम देवांश है। देवांश अभी कक्षा- 10 में पढ़ रहे हैं। देवांश ठाकुर ने बहुत कम उम्र में ही वैदिक ग्रंथों, भागवत कथा और संस्कृत श्लोकों का अध्ययन शुरू कर दिया था। देवांश ने कुछ समय पहले गुजरात के सोमनाथ में आयोजित धार्मिक कार्यक्रम में पहली बार सार्वजनिक मंच से भागवत पाठ किया था। इसका वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में मंच में देवकीनंदन ठाकुर ऊंचे मंच पर बैठे दिख रहे हैं। वहीं, थोड़ी दूर पर मौजूद एक सफेद रंग के सोफे पर देवांश ठाकुर भजन करते नजर आए। इस बीच पिता देवकीनंदन बहुत ध्यान से अपने बेटे की तरफ देखते दिखे। वीडियो सामने आने के बाद सोशल मीडिया पर बहस शुरू हो गई है। कुछ लोग इसे सनातन परंपरा और पारिवारिक संस्कारों की विरासत बताने लगे, तो कुछ इसे धार्मिक क्षेत्र में बढ़ते परिवारवाद से जोड़ने लगे। ------------------------ ये खबर भी पढ़िए- यूपी की PCS अफसर बोलीं- मम्मी ने मुझे बदनाम किया:चोरी छिपे 17 बीघा जमीन 68 लाख में बेची, भूमाफिया से मेरा कोई कनेक्शन नहीं मुझे पता भी नहीं था कि सहारनपुर में FIR हो गई। गुरुवार सुबह न्यूज से जानकारी हुई। देखा तो पता चला कि मेरी मम्मी ने ही मेरे और परिवार के खिलाफ केस दर्ज कराया है। पुलिस ने न तो जांच की, न ही सच्चाई जानने की कोशिश की। पढ़ें पूरी खबर…
देवघर के बाबा बैद्यनाथ मंदिर में अब श्रद्धालु पूरे साल अर्घा के माध्यम से भी जलार्पण कर सकेंगे। मंदिर परिसर के बाहर स्थायी अर्घा स्थापित किया जाएगा, जहां चढ़ाया गया जल सीधे बाबा तक पहुंचेगा। इससे बुजुर्ग और अस्वस्थ श्रद्धालुओं को राहत मिलेगी। शुक्रवार को समाहरणालय में उपायुक्त सौरभ कुमार भुवानिया की अध्यक्षता में हुई बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में अधिकारियों, तीर्थ पुरोहितों और प्रबुद्धजनों ने प्रस्ताव पर सहमति जताई। साथ ही सुरक्षा कारणों से बाबा मंदिर के गर्भगृह में मोबाइल फोन ले जाने पर पूरी तरह प्रतिबंध लगाने का भी फैसला लिया गया। बैठक में एसपी प्रवीण पुष्कर, डीडीसी पीयूष सिन्हा, एसडीएम रवि कुमार और सरदार पंडा मौजूद थे। बैठक: श्रावणी मेले की तैयारियों की हुई समीक्षा बैठक में श्रावणी मेले की तैयारियों की समीक्षा की गई। भीड़ नियंत्रण, शीघ्र दर्शन व्यवस्था, वीआईपी पूजा प्रबंधन, नए फुटओवर ब्रिज के निर्माण और क्लॉक रूम की स्थापना सहित विभिन्न बिंदुओं पर सुझाव लिए गए। डीसी ने अधिकारियों को सभी संबंधित पक्षों के साथ समन्वय बनाकर श्रद्धालुओं के लिए बेहतर और सुगम व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
6 माह में 1400 मोबाइल टावरों से 150 करोड़ के महंगे पार्ट्स चोरी, कबाड़ी खरीदकर विदेश भेज रहे
भास्कर न्यूज | झुंझुनूं प्रदेश में मोबाइल टावरों से हाईटेक उपकरणों की चोरी का एक ऐसा संगठित खेल सामने आया है, जिसने पुलिस और मोबाइल कंपनियों के होश उड़ा दिए हैं। पिछले जनवरी से जून तक प्रदेश के 1400 से अधिक मोबाइल टावरों से शातिर चोर 3 हजार से अधिक आरआरयू (रिमोट रेडियो यूनिट) चोरी कर ले गए। इन चोरी हुए उपकरणों की अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत 150 करोड़ रुपए से अधिक आंकी गई है। देश भर में राजस्थान इस हाईटेक उपकरण चोरी में टॉप पर आ गया है, जिसमें एयरटेल, जियो और वोडाफोन-आइडिया के टावर शामिल हैं। चिंताजनक बात यह है कि इस सिंडिकेट के निशाने पर सबसे ज्यादा शेखावाटी का झुंझुनूं और सीकर जिला है। एयरटेल कंपनी के प्रतिनिधियों कर दावा है कि ये उपकरण कबाड़ियों के जरिए मेरठ व दिल्ली से सीधे विदेशों में भेजे जा रहे हैं। भास्कर की पड़ताल में सामने आया कि पिछले 6 माह में अकेले एयरटेल के टावरों से ही चोर 800 बार वारदात कर 2 हजार से अधिक आरआर यूनिट चोरी कर चुके। करीब एक हजार आरआर यूनिट जीयो व वोडा के टावरों से चोरी किए गए। यह घटनाएं यूक्रेन युद्ध के बाद से बढ़ी हैं। सप्लाई सिस्टम बिगड़ने के कारण अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांग बढ़ी है। यह उपकरण विदेशों की कंपनियों, विशेष रूप से एरिक्सन जैसी कंपनियों से आयात किए जाते हैं। इनकी कीमत अधिक होने और सैकंड हैंड बाजार में मांग रहने के कारण चोर इन्हें निशाना बना रहे हैं। इसके पीछे संगठित गिरोह सक्रिय हैं, जो सुनसान स्थानों पर लगे टावरों से रात के समय उपकरण चोरी कर कबाड़ियों को बेच देते हैं। फिर कबाड़ी इन्हें विदेशों में भेज देते हैं। इससे दूरसंचार सेवाएं भी प्रभावित होती हैं और लाखों उपभोक्ताओं को परेशानी का सामना करना पड़ता है। पूरे राजस्थान के करीब 20% मामले अकेले शेखावाटी में हैं। आंकड़े बताते हैं कि शेखावाटी के सीकर-झुंझुनूं व चूरू में छह माह में 161 मामले सामने आ चुके। इनमें सीकर में 74, झुंझुनूं में 70 और चूरू में 17 वारदातें हो चुकी हैं। आरआयू चोरी के मामले में झुंझुनूं प्रदेश में तीसरे स्थान पर है। यहां आरआयू चोरी की 70 घटनाएं हो चुकी हैं। इनमें से एफआईआर सिर्फ 10 ही दर्ज हुईं। पुलिस में शिकायत 54 पेंडिंग है। सीकर में 74 वारदातों में से सिर्फ 4 में एफआईआर हुई है। झुंझुनूं में 10 दिन में 23 चोरी, ककराय में एक ही टावर पर 7वीं बार वारदात : झुंझुनूं जिले में पिछले 10 दिनों में ही 1 करोड़ से अधिक मूल्य के आरआरयू चोरी हो चुके हैं। खेतड़ी के ककराय गांव के एक मोबाइल टावर में तो पिछले 6 महीने के भीतर 7वीं बार चोरी हुई है, जिससे तंग आकर कंपनी ने वहां सीसीटीवी कैमरे तक इंस्टॉल करवाए हैं। लेकिन चोरियां रुकने के बजाय बढ़ती जा रही हैं। चोरों के बेखौफ होने की एक बड़ी वजह पुलिस का सुस्त रवैया भी है। अकेले एयरटेल कंपनी के आंकड़ों के मुताबिक राजस्थान में करीब 800 टावरों पर चोरियां हुईं, लेकिन थानों के चक्कर काटने के बाद पुलिस ने महज 64 मामलों में ही एफआईआर दर्ज की। इनमें से 596 शिकायतें पुलिस के पास पेंडिंग हैं और 135 जांच में पड़ी हैं। यानी 92 फीसदी मामलों को पुलिस जांच के नाम पर ठंडे बस्ते में डाले बैठी है। प्रदेश में इस साल जनवरी से जून तक अकेले एयरटेल कंपनी के टावरों से 2 हजार से अधिक आरआरयू चोरी कर ले गए। इसमें झुंझुनूं जिले में 70, अजमेर में 77, सीकर जिले में 74 मोबाइल टावरों पर चोरी हुए। जयपुर ग्रामीण में 68, जयपुर शहर में 66 टावरों में चोरी हुए। ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद बढ़ी वारदातें : मोबाइल टावरों से आरआर यूनिट चोरी की वारदातें वैसे तो लंबे समय से हो रही हैं। लेकिन ईरान अमेरिका युद्ध शुरू होने के बाद से तेजी आई है। इसकी वजह सप्लाई बिगड़ना माना जा रहा है। अजमेर 77 सीकर 74 झुंझुनूं 70 जयपुर ग्रामीण 68 जयपुर शहर 66 कोटपूतली 29 धौलपुर 27 यह क्या है: रिमोट रेडियो यूनिट (RRU) टावर के सबसे ऊपरी हिस्से पर लगा एक छोटा कंप्यूटर बॉक्स जैसा होता है, जो विदेशी कंपनियों (जैसे एरिक्सन) से आयात होता है। इसका काम: यह 4G और 5G नेटवर्क के सिग्नल को आपके मोबाइल तक भेजने और रिसीव करने का मुख्य काम करता है। आपका नुकसान: जैसे ही चोर गैस कटर से इसे काटते हैं, उस पूरे इलाके का मोबाइल नेटवर्क, इंटरनेट और कॉलिंग तुरंत ठप हो जाती है। कई बार कंपनियों को इसे दोबारा विदेश से मंगाकर इंस्टॉल करने में 3 से 7 दिन लग जाते हैं, तब तक उपभोक्ता परेशान रहते हैं।
ऐशबाग दोहरा हत्याकांड:सबूत मिटाने की नीयत से मोबाइल फोन फेंके जाने की आशंका
ऐशबाग में हुए बुजुर्ग दंपती डबल मर्डर केस की जांच में दो अहम घटनाक्रम सामने आए हैं। पहला बड़ा सुराग कजलीखेड़ा स्थित एक नाले से मिला। यहां पुलिस ने मृत दंपती के दो मोबाइल फोन बरामद किए। आशंका है कि वारदात के बाद आरोपियों ने सबूत मिटाने की नीयत से मोबाइल नाले में फेंक दिए थे। वे पानी में बहने के बजाय जमीन पर ही अटक गए। जानकारी के मुताबिक नाले के पास एक सफाईकर्मी को पहले एक कीपैड मोबाइल मिला। कुछ दूरी पर एक एंड्रॉयड मोबाइल भी मिला। उसने कीपैड फोन अपने एक परिचित को एक हजार रुपए में बेच दिया। उस व्यक्ति ने 300 रुपए खर्च कर मोबाइल का लॉक खुलवाया। उसने उसमें नई सिम डालकर इस्तेमाल शुरू कर दिया। मोबाइल सक्रिय होने के बाद पुलिस उसकी लोकेशन तक पहुंची। पूछताछ के दौरान पूरा घटनाक्रम सामने आया। इसके बाद पुलिस ने दोनों मोबाइल जब्त कर लिए।एसआईटी अन्य पहलुओं पर भी जांच कर रही है। प्रोफेशनल शूटर की तरफ शक की सुई पुलिस सूत्रों का मानना है कि वारदात को किसी प्रोफेशनल शूटर ने अंजाम दिया हो सकता है। शुरुआती जांच में सामने आया है कि हमलावरों ने महज 5 से 7 फीट की दूरी से बुजुर्ग दंपती की कनपटी और छाती पर बेहद सटीक निशाना लगाकर गोलियां चलाई थीं। हालांकि पुलिस पारिवारिक विवाद समेत सभी संभावित एंगल पर समानांतर जांच जारी रखे हुए है। शुक्रवार दोपहर ग्राउंड पर दिखी पुलिस की मुस्तैदी जांच के दौरान शुक्रवार दोपहर पुलिस की एक टीम सुभाष फाटक से एमपी नगर तक लगे सीसीटीवी कैमरों की पड़ताल करती दिखाई दी। टीम ने मैदा मिल रोड स्थित एसबीआई कॉलोनी और मारुति शोरूम के बाहर लगे कैमरों के फुटेज भी खंगाले। पड़ताल में पुलिस को हत्या करने वाले दो संदिग्धों के सुराग मिले हैं। उसी आधार पर पुलिस दोनों संदिग्धों के आने-जाने के रूट का मिलान कर रही है।
पनकी में मोबाइल हैक, खाते से 4.71 लाख उड़ाए:साइबर सेल की जांच के बाद मुकदमा दर्ज
कानपुर के पनकी थाना क्षेत्र में साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति का मोबाइल हैक कर उसके बैंक खाते से करीब 4.71 लाख रुपये उड़ा दिए। हैरानी की बात यह है कि ठगों ने लगातार पांच दिनों तक यूपीआई के जरिए अलग-अलग ट्रांजेक्शन कर खाते को खाली कर दिया। पीड़ित ने बैंक को तत्काल सूचना देने के साथ राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल की जांच रिपोर्ट मिलने के करीब एक माह बाद शुक्रवार को तीन बजे पनकी पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। 21 दिन बाद पुलिस आयुक्त के निर्देश पर मुकदमा पनकी गंगागंज निवासी उमाशंकर ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि साइबर ठगों ने उनका मोबाइल हैक कर बैंक ऑफ बड़ौदा की कल्याणपुर शाखा स्थित खाते तक पहुंच गए। इसके बाद 23 मई से 27 मई के बीच यूपीआई के माध्यम से अलग-अलग खातों में रकम ट्रांसफर कर दी। 23 मई को 95,450 रुपये, 24 मई को 98,455 रुपये, 25 मई को 98,550 रुपये, 26 मई को 99,001 रुपये तथा 27 मई को 80 हजार रुपये निकाल लिए गए। इस तरह कुल 4,71,456 रुपये की साइबर ठगी को अंजाम दिया गया। पीड़ित के अनुसार, खाते से लगातार रकम निकलने की जानकारी मिलते ही उन्होंने तत्काल बैंक अधिकारियों को सूचना दी। ताकि आगे के लेनदेन पर रोक लगाई जा सके। इसके बाद 1 जून को राष्ट्रीय साइबर अपराध पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत भी दर्ज कराई गई। शिकायत के आधार पर साइबर सेल ने तकनीकी जांच की और अपनी रिपोर्ट संबंधित थाना पुलिस को भेजी। साइबर सेल की रिपोर्ट मिलने के बाद पनकी पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस अब उन बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों की पड़ताल कर रही है, जिनमें ठगी की रकम ट्रांसफर की गई। एसीपी पनकी अमित चौरसिया ने बताया कि साइबर सेल की रिपोर्ट के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। संबंधित बैंक खातों, यूपीआई आईडी और ट्रांजेक्शन का तकनीकी विश्लेषण कराया जा रहा है।
कटिहार पुलिस ने मनिहारी लूटकांड का किया खुलासा:एक अपराधी गिरफ्तार, पल्सर बाइक और मोबाइल बरामद
कटिहार पुलिस ने मनिहारी में गुरुवार को दिनदहाड़े हुए लूटकांड का 24 घंटे के भीतर सफल उद्भेदन कर लिया है। पुलिस ने इस घटना में शामिल एक अपराधी को गिरफ्तार किया है। उसके पास से वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर मोटरसाइकिल और एक मोबाइल फोन बरामद किया गया है। यह वारदात 02 जुलाई 2026 को सुबह करीब 11:15 बजे मनिहारी थाना क्षेत्र के नारायणपुर पेट्रोल पंप के पास हुई थी। भारत फाइनेंस इंक्लूजन लिमिटेड, मनिहारी शाखा के संगम मैनेजर सोनू कुमार ईदगाह पटनी से 54,070 रुपये की कलेक्शन राशि लेकर मनिहारी की ओर जा रहे थे। कलेक्शन राशि से भरा बैग लूट लिया था इसी दौरान नारायणपुर पेट्रोल पंप से लगभग 300 मीटर आगे एक सुनसान जगह पर दो अज्ञात अपराधियों ने हथियार दिखाकर उनसे कलेक्शन राशि से भरा बैग लूट लिया था। घटना की गंभीरता को देखते हुए कटिहार पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी, मनिहारी के नेतृत्व में एक विशेष छापेमारी टीम का गठन किया गया। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए घटना में संलिप्त एक अपराधी को गिरफ्तार किया। प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल और एक मोबाइल बरामद गिरफ्तार अभियुक्त की पहचान मो. हामिद (उम्र 20 वर्ष), पिता स्व. मो. अहमद, निवासी बौलिया वार्ड नं. 08, थाना मनिहारी, जिला कटिहार के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से घटना में प्रयुक्त पल्सर मोटरसाइकिल और एक मोबाइल बरामद किया है। इस संबंध में मनिहारी थाना कांड संख्या-267/26 के तहत प्राथमिकी दर्ज की गई है। पुलिस मामले में आगे की कार्रवाई कर रही है और दूसरे आरोपी की तलाश में छापेमारी जारी है। पुलिस अधीक्षक ने एसआईटी टीम की त्वरित कार्रवाई की सराहना की है।
महासमुंद पुलिस ने अंतरराज्यीय गांजा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 62.160 किलोग्राम गांजा के साथ मध्यप्रदेश के दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। कोमाखान थाना पुलिस ने ओडिशा से मध्यप्रदेश ले जाई जा रही गांजा की खेप बरामद की। जब्त गांजा की कीमत करीब 31.08 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने तस्करी में इस्तेमाल कार और मोबाइल समेत कुल 36.13 लाख रुपए की संपत्ति जब्त की है। मुखबिर की सूचना पर कार रोकी, गुप्त चैंबर से मिला गांजा पुलिस के मुताबिक सीमावर्ती चेक पोस्टों पर वाहन जांच के दौरान मुखबिर से सूचना मिली थी कि ओडिशा से आ रही सफेद रंग की स्विफ्ट डिजायर (MP-13-ZW-9964) में बड़ी मात्रा में गांजा ले जाया जा रहा है। सूचना के आधार पर ग्राम गोयनाबाहरा के पास घेराबंदी कर कार को रोका गया। तलाशी के दौरान कार में बनाए गए दो गुप्त चैंबरों से 62.160 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह खेप ओडिशा के भवानीपटना से मध्यप्रदेश के इंदौर ले जा रहे थे। पुलिस जांच से बचने के लिए कार में विशेष रूप से गुप्त चैंबर बनवाए गए थे। मध्यप्रदेश के दो आरोपी गिरफ्तार पुलिस ने इस मामले में मध्यप्रदेश के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें सुरेश मालवीय (30) निवासी देवली पीपलोन, जिला आगर और एल्कार सेन (30) निवासी मारूबल्डिया, जिला आगर शामिल हैं। 36.13 लाख की संपत्ति जब्त आरोपियों के कब्जे से 62.160 किलो गांजा (कीमत 31.08 लाख रुपए), तस्करी में प्रयुक्त स्विफ्ट डिजायर कार (करीब 5 लाख रुपए) और एक मोबाइल फोन (करीब 5 हजार रुपए) जब्त किया गया। कुल जब्त संपत्ति का मूल्य 36 लाख 13 हजार रुपए है। नेटवर्क और सप्लाई चेन की जांच शुरू पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोमाखान थाना में एनडीपीएस एक्ट की धारा 20(बी)(ii)(सी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। अब जांच एजेंसियां तस्करी के पूरे नेटवर्क, सप्लाई चेन और आर्थिक लेन-देन की भी जांच कर रही हैं, ताकि इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों तक पहुंचा जा सके।
नमस्कार, आज की सबसे बड़ी खबर राजधानी भोजपुर से है। यहां पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात करने केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज बिलौटी गांव पहुंचे। उन्होंने घुटनों पर बैठकर भरत तिवारी की फोटो पर फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि दी। वहीं भागलपुर में बिल्डर बजरंगी नीलकंठ (48) हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बिल्डर की हत्या उसकी प्रेमिका ने की थी। चलिए सिलसिलेवार पढ़ते हैं, बिहार दिनभर में क्या कुछ खास रहा… 1. चिराग ने घुटनों पर बैठकर भरत को श्रद्धांजलि दी भोजपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत तिवारी के परिवार से मुलाकात करने लोक जनशक्ति पार्टी (रामविलास) के राष्ट्रीय अध्यक्ष सह केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान आज बिलौटी गांव पहुंचे। उन्होंने घुटनों पर बैठकर भरत तिवारी की फोटो पर फूल चढ़ाए और श्रद्धांजलि दी। पूरी खबर पढ़ें 2. पुलिस ने अपराधी को दौड़ाकर मारी गोली 16 दिन बाद बिहार में फिर एनकाउंटर हुआ है। सीतामढ़ी में पुलिस ने CSP संचालक से डेढ़ लाख रुपए लूटने वाले आरोपी को दौड़ाकर गोली मारी है। फैकन कुमार के पैर में गोली लगी है। पुलिस ने उसके साथ 5 और अपराधियों को गिरफ्तार किया है। पूरी खबर पढ़ें 3. गर्लफ्रेंड ने किया बिल्डर का मर्डर, प्राइवेट पार्ट काटा भागलपुर में बिल्डर बजरंगी नीलकंठ (48) हत्याकांड का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। बिल्डर की हत्या उसकी प्रेमिका ने की थी। पुलिस ने पीरपैंती से उसे गिरफ्तार किया है। वारदात वाली रात बजरंगी ने नशे की हालत में फिजिकल रिलेशन बनाया। इस दौरान दोनों के बीच विवाद हुआ। पूरी खबर पढ़ें 4. घरों पर पलटा हाइवा, 3 मौतें, बच्ची के 20 टुकड़े भागलपुर में शुक्रवार सुबह तेज रफ्तार हाइवा 3 घरों पर पलट गया। इसमें 3 लोगों की मौत हुई है। लोगों ने बताया कि हाइवा की स्पीड करीब 60-70 के करीब थी। एकदम से उसका टायर फटा। गाड़ी का बैलेंस बिगड़ा और बालू लदा ट्रक सड़क किनारे बने 3 घरों पर पलट गया। गाड़ी के नीचे दबने से 2 बच्चों और एक महिला की मौत हो गई। पूरी खबर पढ़ें 5. खान की एंटीसिपेटरी बेल पर 7 जुलाई को होगी सुनवाई फैजल खान उर्फ खान सर की एंटिसिपेटरी बेल मामले में आज ADJ 2 के यहां सुनवाई हुई। इस दौरान जज ने कहा कि जिला जज इसकी सुनवाई कर रहे हैं। इसमें इंटरफेयर करना उचित नहीं होगा। इसीलिए इसकी अगली सुनवाई 7 जुलाई को होगी। अब अगली सुनवाई के दौरान खान सर और उनके अन्य सहयोगियों को अग्रिम जमानत मिलने की संभावना है। पूरी खबर पढ़ें 6. होटल में सेक्स रैकेट-ऑन कॉल बुलाते थे कस्टमर पटना के गांधी मैदान के पास स्थित होटल डोरमेट्री में सेक्स रैकेट चल रहा था। पुलिस ने देर रात गुप्त सूचना पर यहां रेड की है। छापेमारी के दौरान होटल के कमरे से आपत्तिजनक स्थिति में 5 महिलाओं, 5 लड़कियों और एक युवक को हिरासत में लिया गया है। पूरी खबर पढ़ें 7. स्वास्थ्य विभाग की कार ने स्कूटी को मारी टक्कर पटना के एग्जीबिशन रोड फ्लाईओवर पर गुरुवार देर रात तेज रफ्तार कार ने स्कूटी को टक्कर मार दी। हादसे के बाद कार ड्राइवर छोड़ गाड़ी छोड़कर मौके से फरार हो गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी के परखच्चे उड़ गए और वह कई मीटर तक घिसटती चली गई। कार का अगला हिस्सा भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। पूरी खबर पढ़ें 8. सांसद ने ट्रैक्टर से विवादित जमीन पर की जुताई मोतिहारी के पिपरा कोठी प्रखंड स्थित वाट गंज में प्रस्तावित वाटर पार्क के लिए अधिग्रहित जमीन को मुक्त कराने की मांग को लेकर शुक्रवार को किसान महासभा का आयोजन किया गया। सांसद सुधाकर सिंह के नेतृत्व में हुई इस सभा में बड़ी संख्या में किसान, महिलाएं और स्थानीय ग्रामीण शामिल हुए। पूरी खबर पढ़ें 9. क्वार्टरली एग्जाम में मोबाइल से नकल करते दिखे छात्र नालंदा जिले के हरनौत बाजार स्थित राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रही त्रैमासिक परीक्षा के दौरान छात्रों को मोबाइल से नकल करते देखा गया है। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। परीक्षा संचालन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पूरी खबर पढ़ें 10. बिहार के सभी जिलों में कल सामान्य रहेगा मौसम बिहार के सभी जिलों में कल यानी शनिवार को मौसम सामान्य बना रहेगा। कई जिलों में हल्की से मध्यम बारिश और कुछ स्थानों पर गरज-चमक के साथ बौछारें पड़ सकती हैं। दिन में उमस बनी रहेगी। अधिकतम तापमान 37C और न्यूनतम तापमान 29C के आसपास रहने का अनुमान है।
छतरपुर जिले के लवकुशनगर अनुभाग में शुक्रवार को सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत एक साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान ऑपरेशन विश्वास के तहत बरामद किए गए 42 गुम मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों को लौटाए गए। इन मोबाइलों की अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए है। लोगों को ऑनलाइन ठगी, फर्जी कॉल और संदिग्ध लिंक से बचने के तरीके बताए गए। एसडीओपी नवीन दुबे ने क्षेत्रवासियों को साइबर सुरक्षा के प्रति जागरूक करते हुए सलाह दी कि वे किसी भी स्थिति में ओटीपी, एटीएम पिन, पासवर्ड या बैंकिंग संबंधी गोपनीय जानकारी किसी के साथ साझा न करें। उन्होंने संदिग्ध लिंक और फर्जी कॉल से सतर्क रहने तथा किसी भी साइबर ठगी की तत्काल पुलिस को सूचना देने की अपील की। पुलिस अधीक्षक रजत सकलेचा के निर्देशन में ऑपरेशन विश्वास चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत लवकुशनगर अनुभाग क्षेत्र से विभिन्न कंपनियों के कुल 42 गुम मोबाइल फोन बरामद किए गए थे। इनकी अनुमानित कीमत लगभग 6 लाख रुपए आंकी गई है। अनुभाग कार्यालय लवकुशनगर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान एसडीओपी नवीन दुबे ने सभी बरामद मोबाइल उनके वास्तविक धारकों को सौंपे। लंबे समय बाद अपने खोए हुए मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने खुशी व्यक्त की और पुलिस की इस पहल की सराहना की।
श्रावणी मेला क्षेत्र में कांवरियों के लिए मोबाइल नंबर वाले साइनेज लगाए जाएंगे। ये साइनेजेज पूरे कांवरिया पथ पर लगेंगे। सुल्तानगंज में उद्घाटन के दिन बाबा अजगैबीनाथ मंदिर के निकट ड्रोन शो और लेजर शो श्रद्धालुओं के लिए आकर्षण का खास केंद्र होगा। श्रावणी मेला के शुभारंभ और समापन के अवसर पर राष्ट्रीय स्तर के कलाकारों की प्रस्तुति होगी। ये सभी बातें पर्यटन सचिव लोकेश कुमार सिंह ने शुक्रवार को श्रावणी मेला की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए समीक्षा बैठक में कही। कांवरिया पथ में विभिन्न स्थानों पर टेंट सिटी का निर्माण किया जाएगा 30 जुलाई से 28 अगस्त के बीच आयोजित होने वाले श्रावणी मेला का आयोजन होगा। लोकेश कुमार सिंह ने गंगा घाट के पास कांवरियों की सुरक्षा के लिए विशेष बैरिकेडिंग करने के भी निर्देश दिए। पथ पर समय से बालू बिछाने का कार्य, सुरक्षा हेतु पुलिस पेट्रोलिंग सुनिश्चित करने को कहा। कांवरिया पथ में विभिन्न स्थानों पर टेंट सिटी का निर्माण किया जाना है, जहां स्नानघर, शुद्ध पेयजल, शौचालय, निर्बाध बिजली जैसी सभी आवश्यक सुविधाओं को व्यवस्थित की जाए। शिवमंत्रों के जाप की ध्वनि की गूंज रहेगी उन्होंने जीविका के सीइओ को निर्देशित करते हुए कहा कि दीदी की रसोई के लिए स्थान विभाग द्वारा दिया जाएगा, वहां स्वच्छ और सुरुचिपूर्ण भोजन की उपलब्धता सुनिश्चित करें, भोजन का रेट चार्ट भी अनिवार्य रूप से प्रदर्शित किया जाए। उन्होंने बताया कि बाबा अजगैबीनाथ मंदिर, सुल्तानगंज से बिहार सीमा दुम्मा तक मेला पथ में जगह-जगह भव्य गेट, विशेष लाइटिंग, साज-सज्जा और शिवमंत्रों के जाप की ध्वनि की गूंज हो, इसे ध्यान में रखते हुए अजगैबीनाथ, सुल्तानगंज सहित सभी टेंट सिटी में व्यवस्थाएं की जा रही है।
गुरदासपुर शहर के सबसे व्यस्त और मुख्य बाजार क्षेत्र हनुमान चौक पर दिनदहाड़े चोरी की एक ऐसी वारदात सामने आई है, जिसने पुलिस की गश्त और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बाजार में खरीदारी करने आई एक महिला की स्कूटी के डैशबोर्ड से दो शातिर बाइक सवार युवक उसका महंगा मोबाइल फोन उड़ाकर रफूचक्कर हो गए। शातिर चोरों की चालाकी का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि वारदात को अंजाम देने के तुरंत बाद पहचान छुपाने के लिए एक आरोपी ने बीच सड़क पर ही अपनी शर्ट बदल डाली। भरे बाजार में हुई इस वारदात से दुकानदार और लोगों में रोष है। उन लोगों ने पुलिस की व्यवस्था को लेकर सवाल उठाया है। पर्स निकालने लगी महिला, चोरों ने उड़ाया फोन पीड़ित महिला नेहा ने रोते हुए अपनी आपबीती सुनाई। नेहा ने बताया कि वह हनुमान चौक स्थित मुख्य बाजार में घरेलू सामान की खरीदारी करने आई थी। उसने बाजार में अपनी स्कूटी खड़ी की और अपना कीमती मोबाइल फोन आगे बने डैशबोर्ड में रख दिया। इसके बाद जैसे ही वह स्कूटी की डिक्की खोलकर उसमें से अपना पर्स निकालने लगी, तभी पीछे से घात लगाकर आए बाइक सवार दो युवकों ने मौका ताड़ा। उन्होंने पलक झपकते ही डैशबोर्ड में हाथ डाला, मोबाइल निकाला और बाइक की रफ्तार तेज कर बाजार की भीड़भाड़ में गायब हो गए। यह पूरी वारदात महज कुछ ही सेकेंडों में हुई, जिससे पीड़ित महिला को शोर मचाने या संभलने का मौका तक नहीं मिला। काफी देर से कर रहे थे पीछा, बीच सड़क बदली शर्टइस पूरी वारदात के प्रत्यक्षदर्शी स्थानीय दुकानदार रवि और अजय कुमार ने बताया कि दोनों बाइक सवार युवक काफी देर से बाजार में महिला का पीछा कर रहे थे और लगातार उस पर नजर रखे हुए थे। जैसे ही महिला का ध्यान भटका, उन्होंने तुरंत हाथ साफ कर दिया।दुकानदारों के अनुसार, वारदात को अंजाम देकर भागते समय आरोपियों में से एक युवक ने पुलिस और सीसीटीवी कैमरों को चकमा देने के लिए चलती सड़क पर ही अपनी शर्ट उतारकर दूसरी शर्ट पहन ली, ताकि कोई हुलिये से उन्हें पहचान न सके। 112 नंबर पर दी सूचना; सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस शहर का हनुमान चौक सबसे व्यस्त इलाका माना जाता है, जहां हर समय सैकड़ों लोगों की मौजूदगी और पुलिस की तैनाती का दावा किया जाता है। ऐसे वीआईपी जोन में दिनदहाड़े हुई इस घटना ने पुलिस प्रशासन की मुस्तैदी की पोल खोल दी है। वारदात के तुरंत बाद पीड़ित महिला नेहा ने पुलिस हेल्पलाइन नंबर 112 पर कॉल कर घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस की पीसीआर टीम और संबंधित थाने के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने पीड़ित महिला और दुकानदारों के बयान दर्ज कर लिए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बाजार और आसपास के चौराहों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज को खंगाला जा रहा है। पुलिस का दावा है कि चोरों के रूट का पता लगा लिया गया है और जल्द ही दोनों आरोपियों को सलाखों के पीछे धकेल दिया जाएगा।
पलामू के रामगढ़ थाना क्षेत्र में 10 दिन पहले खिलौना पिस्टल दिखाकर बाइक और मोबाइल लूटने के मामले में पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से लूटी गई स्प्लेंडर प्लस बाइक, मोबाइल फोन, वारदात में इस्तेमाल की गई पल्सर बाइक और खिलौना पिस्टल बरामद की है। बेनीडीह निवासी सूरजदेव भुईयां ने 22 जून की शाम को शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि तिनकोनिया मोड़ के पास बाइक सवार तीन युवकों ने उनका पीछा किया और रास्ता रोककर मारपीट की। आरोपियों ने पिस्टल दिखाकर उन्हें डराया और उनकी स्प्लेंडर प्लस बाइक तथा वीवो मोबाइल लूटकर फरार हो गए। प्राथमिकी दर्ज होने के बाद पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। सबसे पहले चंदन कुमार को गिरफ्तार किया गया, जिसके पास से लूटा गया मोबाइल और वारदात में प्रयुक्त पल्सर बाइक मिली। चंदन की निशानदेही पर अक्षय कुमार रजक और अंकुर कुमार को भी पकड़ा गया। पुलिस ने चैनपुर थाना क्षेत्र के भड़गांव स्थित एक रिश्तेदार के घर से लूटी गई स्प्लेंडर बाइक भी बरामद कर ली। छापेमारी के दौरान पुलिस ने खिलौना पिस्टल, चार अन्य मोबाइल फोन, लूटी गई बाइक का नंबर प्लेट, दोनों लुकिंग ग्लास, प्लास, स्क्रू ड्राइवर और दो रिंच भी जब्त किए। पुलिस के अनुसार, आरोपी लूटी गई बाइक की पहचान मिटाने की तैयारी में थे। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी रामगढ़ थाना क्षेत्र के बाघी (धोबी टोला) के निवासी हैं। उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। यह कार्रवाई रामगढ़ थाना प्रभारी ओमप्रकाश साह के नेतृत्व में की गई।
सीतापुर के कमलापुर थाना क्षेत्र में शुक्रवार दोपहर करीब 1:30 बजे उस समय हड़कंप मच गया, जब तीन बच्चों की मां प्रेमी के साथ रहने की जिद को लेकर मोबाइल टावर पर चढ़ गई। महिला का आरोप था कि 13 दिन पहले थाने में तहरीर देने के बावजूद पुलिस ने न तो मुकदमा दर्ज किया और न ही कोई कार्रवाई की। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और काफी देर तक समझाने-बुझाने के बाद महिला को सुरक्षित नीचे उतार लिया। जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के देवीपुर सरेचा गांव निवासी मीनू देवी, पत्नी मनोज कुमार, ने करीब 13 दिन पहले कमोलिया गांव निवासी अजय के खिलाफ थाने में तहरीर दी थी। महिला का कहना है कि वह अजय के साथ रहना चाहती है और उससे शादी कराने की मांग को लेकर लगातार पुलिस से कार्रवाई की गुहार लगा रही थी। उसका आरोप है कि कई बार थाने के चक्कर लगाने के बावजूद उसकी शिकायत पर मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पुलिस कर रही मामले की जांच कार्रवाई न होने से नाराज महिला गांव के पास लगे मोबाइल टावर पर चढ़ गई और प्रेमी के साथ रहने की मांग पर अड़ गई। महिला के टावर पर चढ़ते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई। बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए और घटना को देखने वालों की भीड़ लग गई। सूचना मिलते ही कमलापुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिसकर्मियों ने काफी देर तक महिला से बातचीत कर उसे समझाने का प्रयास किया। करीब 1 घंटे तक चले हाईवोल्टेज ड्रामे के बाद पुलिस ने महिला को सुरक्षित नीचे उतारने में सफल रही। प्रभारी निरीक्षक इतुल चौधरी का कहना है कि महिला की शिकायत और पूरे मामले की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों से बातचीत कर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल महिला सुरक्षित है और उससे पूछताछ कर घटना के सभी पहलुओं की जानकारी जुटाई जा रही है।
सोनीपत पुलिस की साइबर सेल टीम ने एक विशेष अभियान के तहत विभिन्न स्थानों से गुम हुए 33 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइलों की बाजार में अनुमानित कीमत लगभग 8 लाख रुपये बताई जा रही है। शुक्रवार को सहायक पुलिस आयुक्त (साइबर) राजदीप मोर ने ये सभी फोन उनके वास्तविक मालिकों को सौंप दिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त ममता सिंह (IPS) और पुलिस उपायुक्त (पश्चिमी जोन एवं साइबर) नरेन्द्र कादयान (IPS) के निर्देशानुसार की गई। साइबर सेल इंचार्ज उप निरीक्षक कमल सिंह और उनकी टीम ने तकनीकी निगरानी की मदद से इन फोनों को ट्रेस किया। सहायक पुलिस आयुक्त राजदीप मोर ने बताया कि ये सभी मोबाइल फोन CEIR (Central Equipment Identity Register) पोर्टल पर गुमशुदगी के रूप में ऑनलाइन दर्ज थे। शिकायत मिलने के बाद साइबर सेल ने तकनीकी संसाधनों का उपयोग कर इन्हें ट्रैक और बरामद किया। उन्होंने यह भी बताया कि इस पोर्टल पर शिकायत दर्ज होते ही मोबाइल ब्लॉक हो जाता है। इससे उसका दुरुपयोग नहीं हो पाता और उसे ढूंढना आसान हो जाता है। सोनीपत पुलिस ने आम लोगों से अपील की है कि यदि किसी का मोबाइल फोन गुम हो जाता है, तो वे बिना देरी किए CEIR पोर्टल पर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। इसके साथ ही अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर सेल से संपर्क करें, ताकि फोन का दुरुपयोग रोका जा सके और उसे जल्द से जल्द बरामद किया जा सके।
फरीदकोट जेल से फिर 5 मोबाइल बरामद:जेल अफसरों ने बैरकों में रात को की सर्च; लावारिस हालत में पड़े मिले
फरीदकोट की केंद्रीय मॉडर्न जेल में सुरक्षा व्यवस्था के तहत चलाए गए विशेष तलाशी अभियान के दौरान जेल प्रशासन को 5 मोबाइल लावारिस हालत में बरामद हुए हैं। इस मामले में जेल प्रशासन ने थाना सिटी फरीदकोट में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज करवाया है। जानकारी के अनुसार जेल में नियमित सुरक्षा जांच के दौरान वीरवार रात बैरकों की तलाशी ली गई। इस दौरान पांच मोबाइल मिले। मोबाइल मिलने के बाद जेल प्रशासन ने तुरंत इसकी सूचना पुलिस को दी। सहायक अधीक्षक वीरपाल सिंह की शिकायत के आधार पर थाना सिटी पुलिस ने अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ जेल एक्ट के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस और जेल प्रशासन अब यह पता लगाने में जुटे हैं कि ये मोबाइल फोन जेल के अंदर कैसे पहुंचे और इनका इस्तेमाल कौन कर रहा था। मोबाइल फोन को तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा:जांच अधिकारी जांच कर रहे जेल इन्वेस्टिगेशन सेल के प्रभारी एएसआई गुरपाल सिंह ने बताया कि बरामद मोबाइल फोन को तकनीकी जांच के लिए भेजा जाएगा। टेक्निकल सेल की मदद से कॉल डिटेल, सिम कार्ड, आईएमईआई नंबर और अन्य डिजिटल साक्ष्यों की जांच की जाएगी। जांच में जिन कैदियों ,हवालातियों या अन्य व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आएगी, उन्हें मामले में नामजद कर कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
छात्रा से मोबाइल छीनने का प्रयास, गंभीर घायल:शामली में कॉलेज से लौटते समय हुई घटना, आरोपी फरार
शामली जनपद के आदर्श मंडी थाना क्षेत्र में कॉलेज से लौट रही एक छात्रा से मोबाइल छीनने का प्रयास किया गया। इस दौरान छीना-झपटी में छात्रा की स्कूटी अनियंत्रित होकर सड़क पर गिर गई, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। घटना के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की तहरीर पर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, झिंझाना क्षेत्र के मोहल्ला सक्कान निवासी ने पुलिस को बताया कि उनकी भांजी (पुत्री , निवासी सहारनपुर) बचपन से उनके पास रहकर पढ़ाई कर रही है। बुधवार दोपहर करीब 1:10 बजे कशिश अपनी सहेली निशा के साथ आर.के. डिग्री कॉलेज से स्कूटी पर घर लौट रही थी। आरोप है कि रास्ते में झिंझाना क्षेत्र के बानीपुर निवासी अशोक ने चलती स्कूटी के पास आकर कशिश का मोबाइल छीनने का प्रयास किया। अचानक हुई इस छीना-झपटी से स्कूटी का संतुलन बिगड़ गया और कशिश सड़क पर गिर गई। हादसे में उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके बाद उसे तत्काल उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया। पीड़िता की मौसी ने यह भी आरोप लगाया है कि आरोपी अशोक काफी समय से कशिश का पीछा कर रहा था। उन्होंने बताया कि चार-पांच दिन पहले भी आरोपी ने कशिश को जान से मारने और उसके साथ गलत करने की धमकी दी थी। पीड़ित पक्ष ने मामले में आरोपी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बिहार शिक्षा विभाग की ओर से पारदर्शी परीक्षा के लाख दावों के बावजूद नालंदा जिले से एक हैरान कर देने वाली तस्वीर सामने आई है। हरनौत बाजार स्थित राजकीयकृत उच्च माध्यमिक विद्यालय में चल रही त्रैमासिक परीक्षा के दौरान छात्रों को मोबाइल से नकल करते देखा गया है। इसका वीडियो भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। परीक्षा संचालन की व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। बिना शिक्षक की निगरानी, खुलेआम नकल का दौर वायरल वीडियो स्कूल परिसर के नवनिर्मित भवन का बताया जा रहा है। वीडियो में कक्षा 10वीं के छात्र परीक्षा हॉल में बैठे नजर आ रहे हैं, लेकिन उनकी गतिविधियों पर नजर रखने वाला वहां कोई भी शिक्षक मौजूद नहीं है। छात्र न केवल बिना किसी डर के मोबाइल का उपयोग कर रहे हैं, बल्कि नियमों को ताक पर रखकर एक-दूसरे के पास सटकर बैठकर पेपर लिख रहे हैं। परीक्षा की गरिमा को तार-तार करती यह स्थिति वहां मौजूद प्रशासनिक उदासीनता को स्पष्ट रूप से दर्शाती है। वीडियो वायरल होने के बाद मचा हड़कंप वीडियो के सोशल मीडिया पर प्रसारित होने के बाद शिक्षा विभाग के गलियारे में हड़कंप मच गया है। लोग इस वायरल वीडियो को साझा करते हुए शिक्षा व्यवस्था पर तंज कस रहे हैं और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रभारी प्रिंसिपल ने दी सफाई इस पूरे मामले पर जब स्कूल के प्रभारी प्रधानाध्यापक सुनील कुमार गावस्कर से संपर्क किया गया, तो उन्होंने अनभिज्ञता जाहिर की। उन्होंने कहा कि मुझे इस वीडियो के संबंध में कोई जानकारी नहीं है। यदि ऐसा कृत्य हमारे स्कूल परिसर में हुआ है, तो मामले की गंभीरता से जांच की जाएगी। जो भी दोषी पाए जाएंगे, उनके खिलाफ नियमानुसार उचित कार्रवाई की जाएगी।
सीकर में 4 अलग-अलग युवतियों के लापता होने का मामला सामने आया है। एक युवती कॉलेज तो दूसरी लाइब्रेरी गई थी। लेकिन दोनों ही वापस नहीं लौटी। जिनका अब मोबाइल भी स्विच ऑफ है। वहीं 2 युवतियां घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। उनका भी कुछ पता नहीं चल पाया है। परिजनों की शिकायत पर पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है और संभावित स्थानों के साथ CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। कॉलेज गई युवती वापस नहीं लौटी पहले केस में 18 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी बेटी 30 जून की सुबह 9 बजे के करीब घर पर बोलकर गई कि वह कॉलेज जा रही है। लेकिन वह वापस नहीं लौटी। इसके बाद उसकी आस-पड़ोस और रिश्तेदारी में भी काफी तलाश की गई, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। लाइब्रेरी गई थी, अब तक घर नहीं आई दूसरे केस में 22 साल की युवती के पिता ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी 22 साल की बेटी 2 जुलाई की सुबह करीब 10 बजे लाइब्रेरी जाने की बात कहकर घर से निकली थी। जो अब तक वापस नहीं लौटी। इसके अतिरिक्त सीकर जिले में 21 साल की युवती 2 जुलाई की सुबह करीब 4 बजे घर से बिना बताए कहीं पर चली गई। 20 साल की युवती 30 जून की सुबह 11 बजे के करीब घर से बिना बताए कहीं चली गई। फिलहाल सभी मामलों में पुलिस युवतियों की तलाश कर रही है।
गिरिडीह में मतदाता सूची सत्यापन के दौरान एक महिला बूथ लेवल ऑफिसर (BLO) के साथ कथित मारपीट और मोबाइल छीनने का मामला सामने आया है। यह घटना नगर थाना क्षेत्र के हुट्टी बाजार स्थित वार्ड संख्या-25 में हुई। घटना के विरोध में शुक्रवार को बड़ी संख्या में BLO नगर थाना पहुंचे और आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग करते हुए लिखित आवेदन सौंपा। जानकारी के अनुसार, महिला BLO रूबी प्रवीण गुरुवार को निर्वाचन आयोग के निर्देश पर वार्ड संख्या-25 में घर-घर जाकर मतदाता सूची का सत्यापन, मतदाताओं की मैपिंग और आवश्यक दस्तावेजों का मिलान कर रही थीं। इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके कार्य का विरोध किया। रूबी प्रवीण ने आरोप लगाया है कि मोहम्मद फैयाज, मोहम्मद अज़ाज़ और मोहम्मद इजाज़ ने उनके साथ गाली-गलौज की, मारपीट की और सरकारी कार्य में बाधा पहुंचाई। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि आरोपितों ने उनका मोबाइल फोन भी छीन लिया। दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग इस घटना के बाद जिले के कई BLO एकजुट होकर शुक्रवार को नगर थाना पहुंचे। उन्होंने पुलिस अधिकारियों को लिखित आवेदन सौंपते हुए दोषियों के विरुद्ध कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। BLO कर्मियों का कहना है कि निर्वाचन आयोग के निर्देश पर वे घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन कर रहे हैं, लेकिन कुछ स्थानों पर उन्हें विरोध और अभद्र व्यवहार का सामना करना पड़ रहा है। इससे कर्मचारियों में भय का माहौल बन गया है। पीड़ित महिला BLO रूबी प्रवीण ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) अभियान लोकतांत्रिक प्रक्रिया का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उन्होंने जोर दिया कि इस कार्य में लगे कर्मचारियों की सुरक्षा सुनिश्चित करना प्रशासन की जिम्मेदारी है। रूबी प्रवीण ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की घटनाएं होती रहीं तो कर्मचारियों के लिए बिना भय के अपना दायित्व निभाना मुश्किल हो जाएगा। BLO संघ ने प्रशासन से मांग की है कि SIR अभियान में लगे सभी कर्मचारियों को पर्याप्त सुरक्षा उपलब्ध कराई जाए। साथ ही, महिला कर्मचारी के साथ मारपीट, मोबाइल छीनने और सरकारी कार्य में बाधा डालने के मामले में आरोपितों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो। इधर, नगर थाना प्रभारी रतन कुमार ने आवेदन मिलने की पुष्टि करते हुए बताया कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि सभी आरोपों की निष्पक्ष जांच की जाएगी और उपलब्ध साक्ष्यों तथा जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
जोधपुर पश्चिम के सरदारपुरा थाना पुलिस ने मोबाइल चोरी की वारदातों का खुलासा किया है। पुलिस ने दो शातिर बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनमें से एक आरोपी सदर बाजार थाने का हिस्ट्रीशीटर है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से चोरी के माल समेत कुल 36 मोबाइल फोन और 1 लैपटॉप बरामद किया है। मामले का खुलासा करते हुए थाना अधिकारी जयकिशन सोनी ने बताया नागौर जिले के बरणगांव निवासी सुनील (30) वर्तमान में प्रथम बी रोड स्थित श्रीकृष्णा भवन में किराए का कमरा लेकर पढ़ाई करता है। बीती 27 जून को दोपहर के समय कोई अज्ञात चोर उसके कमरे से 2 मोबाइल फोन ओर 5300 नगद चुराकर ले गया था। घर में चोरी की शिकायत के बाद शुरू की थी जांच पीड़ित ने जब मकान के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे खंगाले, तो दोपहर करीब 3 बजे चोला-पाजामा पहने एक संदिग्ध व्यक्ति घर में घुसता और चोरी कर बाहर निकलता दिखाई दिया। इसकी शिकायत मिलने पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। 33 मोबाइल चोरी की बात कबूली पुलिस टीम ने तकनीकी विश्लेषण, मुखबिरों से मिली आसूचना और घटनास्थल के आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। इस कड़ी मेहनत के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों को दबोच लिया। गहन पूछताछ में आरोपियों ने सरदारपुरा और आसपास के इलाकों से अलग-अलग समय पर करीब 33 मोबाइल चोरी करने की बात कबूल की है। इसके बाद सैयद यासीन अली उम्र 25 वर्ष, निवासी सोजती गेट के अंदर, थाना सदर बाजार जोधपुर पूर्व ओर मोहम्मद तोसीफ खिलजी 25 वर्ष: निवासी बाबानाडी, थाना प्रतापनगर जोधपुर को गिरफ्तार किया गया। अलग-अलग थानों में 26 केस हैं दर्ज पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी सैयद यासीन अली एक आदतन और शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ साल 2013 से लेकर 2026 तक अलग-अलग थानों सदर बाजार, रातानाडा, शास्त्रीनगर, महामंदिर, देव नगर, खाण्डाफलसा में चोरी, नकबजनी और आर्म्स एक्ट के कुल 26 मामले दर्ज हैं। इसके अलावा, वह प्रतापनगर थाने में भी चोरी के एक मामले में वांछित चल रहा था। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया है। कार्रवाई करने वाली पुलिस टीम में सरदारपुरा थानाधिकारी जयकिशन सोनी, उपनिरीक्षक राजेन्द्र सिंह, हेड कांस्टेबल प्रहलाद, कांस्टेबल मोतीलाल (विशेष भूमिका), कैलाश (विशेष भूमिका), महेन्द्र, संतराम, राजाराम और विष्णुदत्त शामिल रहे।
ऑनलाइन लोन दिलाने का झांसा देकर साइबर अपराधियों ने ग्वालियर के एक कारोबारी से करीब 8.91 लाख रुपए की ठगी कर ली। आरोपियों ने पहले फर्जी लोन ऐप डाउनलोड कराए, फिर मोबाइल का एक्सेस हासिल कर निजी जानकारी और कॉन्टैक्ट लिस्ट तक पहुंच बनाई। इसके बाद तस्वीरों से छेड़छाड़ कर अश्लील फोटो तैयार किए और उन्हें वायरल करने की धमकी देकर लगातार रकम वसूलते रहे। पीड़ित की शिकायत पर जनकगंज थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। व्हाट्सएप कॉल से शुरू हुआ ठगी का खेल जनकगंज थाना क्षेत्र के जीवाजीगंज स्थित गेंडे वाली सड़क निवासी 38 वर्षीय शफीक खान पुराने वाहनों की खरीद-फरोख्त का कारोबार करते हैं। 22 फरवरी को उनके व्हाट्सएप पर दो अज्ञात नंबरों से कॉल आई। कॉल करने वालों ने तत्काल ऑनलाइन लोन उपलब्ध कराने का भरोसा दिया। आर्थिक जरूरत होने पर शफीक ने 20 हजार रुपए के लोन के लिए हामी भर दी। 20 हजार की जगह मिले सिर्फ 9 हजार रुपए ठगों ने एक लिंक भेजकर मोबाइल में फर्जी लोन ऐप डाउनलोड कराई। प्रक्रिया पूरी होने के बाद शफीक के खाते में 20 हजार रुपए की बजाय केवल 9 हजार रुपए ही जमा हुए। उन्होंने यह राशि समय पर लौटा भी दी, लेकिन इसके बाद अलग-अलग नंबरों से लगातार रिकवरी कॉल आने लगी और अतिरिक्त पैसे की मांग की जाने लगी। मोबाइल डेटा चुराकर शुरू की ब्लैकमेलिंग जब शफीक ने अतिरिक्त रकम देने से इनकार किया तो साइबर ठगों ने उन्हें धमकाना शुरू कर दिया। आरोपियों ने दावा किया कि उनके मोबाइल का पूरा डेटा, फोटो और कॉन्टैक्ट लिस्ट उनके पास है। उन्होंने तस्वीरों से छेड़छाड़ कर अश्लील फोटो तैयार किए और उन्हें रिश्तेदारों व परिचितों को भेजने की धमकी देकर ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। 130 ट्रांजेक्शन में वसूले 8.91 लाख रुपए आरोपियों ने शफीक से कई और फर्जी लोन ऐप डाउनलोड कराए। इन ऐप्स के जरिए कुल 30 से 35 हजार रुपए ही उनके खाते में आए, लेकिन बदले में लाखों रुपए की मांग की जाने लगी। बदनामी के डर से शफीक ने रिश्तेदारों से उधार लिया और अन्य संस्थानों से भी लोन लेकर 1 मार्च से 6 जून के बीच करीब 130 अलग-अलग ट्रांजेक्शन में कुल 8.91 लाख रुपए आरोपियों के खातों में भेज दिए। साइबर हेल्पलाइन और पुलिस से की शिकायत लगातार ब्लैकमेलिंग और आर्थिक नुकसान से परेशान होकर शफीक ने साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत के आधार पर जनकगंज थाना पुलिस ने साइबर ठगी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है।
शहर के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक युवक से मारपीट कर 44 हजार नकदी और मोबाइल फोन लूटने का मामला सामने आया है। पीड़ित का आरोप है कि रात के समय वह अपने दोस्त के साथ बैठा हुआ था, तभी एक युवक अपने साथियों के साथ वहां पहुंचा और पहले उसके सिर पर पत्थर से हमला किया। इसके बाद आरोपियों ने उसकी जेब से 44 हजार रुपए की नकदी और मोबाइल फोन छीन लिया तथा मौके से फरार हो गए। घायल अवस्था में परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चोट लगने के कारण वह पूरी तरह होश में नहीं था। इसी वजह से अस्पताल में सड़क दुर्घटना में घायल होने की जानकारी दी गई। बाद में होश आने पर पीड़ित ने पूरी घटना पुलिस को बताई। शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर थाना सिविल लाइन पुलिस ने नामजद आरोपी सहित अन्य के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दोस्त के साथ बैठा था, तभी पहुंचे आरोपी सोनीपत के पटेल नगर स्थित गली नंबर-4, डायमंड जिम के पास रहने वाले सूरजभान ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि रात करीब 10:30 बजे वह अपने दोस्त दिलबाग के साथ बंदेपुर स्कूल की तरफ बैठा हुआ था। इसी दौरान विशाल निवासी उत्तम नगर अपने अन्य साथियों के साथ वहां पहुंच गया। पत्थर मारकर छीने 44 हजार रुपए-मोबाइल सूरजभान के अनुसार आरोपियों ने आते ही उसके सिर पर पत्थर से हमला कर दिया। इसके बाद सभी ने मिलकर उसकी कुर्ते की ऊपरी जेब में रखे 44 हजार रुपए निकाल लिए। इतना ही नहीं, कुर्ते की दूसरी जेब से उसका रियलमी Y2 मोबाइल फोन भी छीन लिया। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। घायल को दोस्त और बेटे ने पहुंचाया अस्पताल घटना के बाद उसका दोस्त दिलबाग उसे स्कूटी पर बैठाकर घर की ओर लेकर चला। रास्ते में उसका बेटा साहिल मिल गया, जिसके बाद दोनों उसे इलाज के लिए एफआईएमएस अस्पताल ले गए। पीड़ित ने बताया कि सिर में गंभीर चोट लगने के कारण वह पूरी तरह होश में नहीं था। इसी वजह से अस्पताल में उसके बेटे ने डॉक्टरों को बताया कि उसके पिता स्कूटी से गिरकर घायल हुए हैं, क्योंकि उसे वास्तविक घटना की जानकारी नहीं थी। होश आने पर पुलिस को बताई पूरी वारदात सूरजभान ने बताया कि उपचार के बाद होश आने पर उसने 2 जुलाई को थाना सिविल लाइन पहुंचकर पूरी घटना की लिखित शिकायत पुलिस को दी। उसने विशाल और उसके साथियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा लूटा गया सामान बरामद कराने की मांग की। पहले सड़क हादसे की सूचना मिली पुलिस के अनुसार एक जुलाई को थाना सदर सोनीपत से सूचना मिली थी कि सूरजभान स्कूटी से गिरने के कारण घायल होकर एफआईएमएस अस्पताल में भर्ती है। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और मेडिकल लीगल केस (एमएलसी) प्राप्त किया। उस समय परिजनों ने पुलिस को बताया था कि वे बाद में थाने आकर शिकायत देंगे। इसके बाद पुलिस ने दैनिक रोजनामचे में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस दो जुलाई को सूरजभान ने थाना पहुंचकर लिखित शिकायत दी। शिकायत और मेडिकल रिपोर्ट के अध्ययन के बाद पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 309(6), 3(5) और 115(2) के तहत मुकदमा थाना सिविल लाइन में दर्ज कर लिया। पुलिस ने बताया कि सीसीटीएनएस पोर्टल में धारा 115(2) उपलब्ध नहीं होने के कारण तकनीकी रूप से मुकदमा धारा 115 बीएनएस में दर्ज किया गया है।
जयपुर सेंट्रल जेल में टॉयलेट के पास लावारिसपार्सल मिला; 3 मोबाइल और डेटा केबल बरामद
जयपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा व्यवस्था को धता बताते हुए एक बार फिर जेल परिसर के भीतर प्रतिबंधित सामग्री पहुंचाने का मामला सामने आया है। गुरुवार को जेल प्रशासन की सजगता से परिसर में शौचालय के पास से एक लावारिस पार्सल बरामद किया गया। पार्सल को खोलने पर 3 चालू हालत के मोबाइल फोन, डेटा केबल और बीड़ी के बंडल बरामद हुए हैं। घटना के बाद जेल प्रशासन की ओर से लालकोठी थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई गई है। बाहरी दीवार के ऊपर से फेंका गया पार्सल शुरुआती जांच और जेल प्रशासन के मुताबिक, इस पार्सल को जेल की मुख्य बाहरी दीवार के ऊपर से अंदर की तरफ फेंका गया था। फेंकने वाले ने इतनी सटीक जगह निशाना लगाया कि पार्सल सीधे शौचालय के पास जाकर गिरा। हालांकि, किसी बंदी के हाथ लगने से पहले ही जेल प्रहरियों की नजर इस पर पड़ गई और इसे तुरंत जब्त कर लिया गया। जेल प्रशासन की रिपोर्ट पर जयपुर के लालकोठी थाने में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ कारागृह अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करवाया गया है। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज खंगाले; पुलिस अब जेल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि पार्सल फेंकने वाले का सुराग लगाया जा सके। इसके साथ ही, जेल के भीतर यह पार्सल किस कुख्यात अपराधी या बंदी तक पहुंचाया जाना था, इसे लेकर भी खुफिया इनपुट जुटाए जा रहे हैं।
गुरदासपुर के कलानौर थाना क्षेत्र के गांव लखन कलां में मोबाइल टावर से चोरी करने आए चोरों ने हवाई फायरिंग कर दी। चोर 2 दिन बाद दूसरी बार चोरी करने उसी टॉवर पर पहुंचे थे। लेकिन, लोगों ने उन्हें घेर लिया तो उन्होंने गोलियां चला दीं। स्थानीय लोगों के मुताबिक दो दिन पहले 24 बैटरियां चुराने वाले चोरों ने उसी टावर से चार और बैटरियां चोरी कर लीं। जानकारी के अनुसार, पहली चोरी की घटना रविवार-सोमवार की मध्यरात्रि करीब डेढ़ बजे हुई थी। कार सवार चोरों ने एयरटेल कंपनी के मोबाइल टावर का ताला तोड़कर 24 लिथियम बैटरियां चुराई थीं। यह पूरी वारदात सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी। दोबारा उसी टॉवर पर चोरी करने पहुंचे चोर स्थानीय लोगों ने बताया कि पहली घटना के ठीक दो दिन बाद, वही चोर दोबारा उसी टावर पर पहुंचे। उन्होंने चार और बैटरियां चोरी कीं और मौके से फरार हो गए। ग्रामीणों के मुताबिक, तड़के करीब साढ़े तीन बजे कुछ किसान खेतों की ओर जा रहे थे, जब उन्होंने संभवतः चोरों की गतिविधि देखी या उन पर टॉर्च की रोशनी डाली। इसके बाद आरोपी मौके से भागते समय तीन हवाई फायर करते हुए फरार हो गए। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई है। पुलिस से की थी रात्रि गश्त बढ़ाने की मांगगांव निवासी सतिंदर शील और डॉ. गुरजीत सिंह ने बताया कि पहली चोरी के बाद भी पुलिस से इलाके में रात्रि गश्त बढ़ाने की मांग की गई थी। इसके बावजूद चोर दोबारा वारदात को अंजाम देने में सफल रहे। ग्रामीणों ने अब पंचायत के साथ मिलकर रात में पहरा लगाने का निर्णय लिया है और पुलिस से गश्त बढ़ाने की अपील की है।ग्रामीणों का कहना है कि यदि आरोपी खुलेआम फायरिंग कर सकते हैं, तो भविष्य में किसी बड़ी घटना से भी इनकार नहीं किया जा सकता।
अबोहर में शहर में लगातार बढ़ती जा रही चोरी की वारदातों के बीच बुधवार देर रात पुरानी फाजिल्का रोड पर स्थित एक नामी मोबाइल शॉप को चोरों ने अपना निशाना बनाया। शातिर चोर दुकान का मुख्य शटर और अंदर का सुरक्षा गेट तोड़कर करीब 100 मोबाइल फोन और गल्ले में पड़ी नकदी लेकर रफूचक्कर हो गए। वारदात को छुपाने के मकसद से चोरों ने दुकान के भीतर लगे सीसीटीवी (CCTV) कैमरों को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। वरियाम नगर के निवासी और 'दिल्ली मोबाइल शॉप' के संचालक बबलू ने बताया कि वे बुधवार रात करीब 9 बजे अपनी दुकान रोजाना की तरह बंद करके घर गए थे। गुरुवार सुबह लगभग 5 बजे बाजार के चौकीदार ने उन्हें फोन पर सूचना दी कि उनकी दुकान का शटर टूटा हुआ है। जब वे तुरंत मौके पर पहुंचे, तो देखा कि चोरों ने लोहे के सब्बल (कटर) से शटर को ऊपर की तरफ मोड़ा हुआ था और अंदर का गेट भी पूरी तरह क्षतिग्रस्त था। रिपेयरिंग वाले और कीपैड समेत 100 मोबाइल गायब जब सामान की जांच की गई तो संचालक के होश उड़ गए। चोरों ने ग्राहकों द्वारा रिपेयरिंग (मरम्मत) के लिए छोड़ गए करीब 70 से 80 पुराने स्मार्टफोन। बिक्री और स्टॉक में रखे हुए 10 से 15 नए कीपैड मोबाइल फोन। गल्ले (कैश बॉक्स) को खंगालकर उसमें रखी लगभग 7 हजार रुपये की नकदी। दुकानदार के मुताबिक चोरी हुए मोबाइल फोनों की कुल संख्या लगभग 100 के करीब है। कैमरों को तोड़ा, लेकिन फुटेज में कैद हुए 2 नकाबपोश चोरों ने पकड़े जाने के डर से दुकान के अंदर लगे सीसीटीवी कैमरों को तोड़ डाला था, लेकिन डिजिटल रिकॉर्डर (DVR) की शुरुआती जांच में दो नकाबपोश युवक मुंह पर कपड़ा बांधकर दुकान के अंदर दाखिल होते और चोरी करते हुए दिखाई दिए हैं। घटना की जानकारी मिलते ही '112 पुलिस हेल्पलाइन' की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और उन्होंने घटना स्थल का मुआयना कर साक्ष्य जुटाए। व्यापारियों में भारी डर और रोष, गश्त बढ़ाने की मांग अबोहर शहर में पिछले कुछ दिनों से लगातार हो रही चोरी की वारदातों के कारण व्यापारी वर्ग में भारी डर और असुरक्षा का माहौल पैदा हो गया है। पुलिस प्रशासन को रात के समय बाजारों में पुलिस गश्त (Night Patrolling) को तुरंत बढ़ाना चाहिए और इन चोरों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे भेजना चाहिए। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस संबंध में मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपियों के हुलिये और भागने के रूट का पता लगाने के लिए दुकान के अंदर की आंशिक फुटेज सहित पुरानी फाजिल्का रोड और आस-पास के अन्य प्रतिष्ठानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के रिकॉर्ड को भी खंगाल रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपियों को जल्द ही ट्रेस कर लिया जाएगा।
बलरामपुर में आयोजित जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी की संवेदनशील पहल से जन्म से दृष्टिबाधित युवक वीरेंद्र चीक को तत्काल सहायता प्रदान की गई। कलेक्टर ने उन्हें स्मार्ट केन स्टिक और दृष्टिबाधितों के लिए विशेष मोबाइल उपलब्ध कराया, जिससे उनके दैनिक जीवन की कई कठिनाइयां आसान हो सकेंगी। शंकरगढ़ विकासखंड के ग्राम चांगरो निवासी वीरेंद्र चीक जन्म से दृष्टिबाधित हैं। दैनिक जीवन में आने वाली परेशानियों को लेकर वे जनदर्शन कार्यक्रम में कलेक्टर से मिलने पहुंचे थे। उन्होंने अपनी समस्याओं से अवगत कराया और आवश्यक सहायता की मांग की। कलेक्टर ने तुरंत उपलब्ध कराए उपकरण कलेक्टर चंदन संजय त्रिपाठी ने वीरेंद्र की समस्याओं को गंभीरता से सुनते हुए तत्काल स्मार्ट केन स्टिक और दृष्टिबाधितों के लिए उपयोगी विशेष मोबाइल उपलब्ध कराया। उन्होंने स्वयं अपने हाथों से दोनों उपकरण वीरेंद्र को सौंपे और भविष्य में भी हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया। अब मोबाइल ही मेरा साथी है आवश्यक उपकरण मिलने के बाद वीरेंद्र भावुक हो गए। उन्होंने कलेक्टर के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा, अब यह मोबाइल ही मेरा भाई और साथी है। पहले हर छोटे-बड़े काम के लिए दूसरों पर निर्भर रहना पड़ता था। अब मैं खुद फोन कर सकूंगा, डिजिटल भुगतान कर सकूंगा और कई जरूरी काम बिना किसी की मदद के कर पाऊंगा। आत्मनिर्भर बनने की दिशा में पहल कलेक्टर ने इस दौरान वीरेंद्र का हालचाल भी जाना और उन्हें आगे भी हरसंभव सहायता उपलब्ध कराने का आश्वासन दिया। प्रशासन की इस पहल को दृष्टिबाधित व्यक्ति को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
अब पुलिस विभाग के सभी अधिकारी एवं कर्मचारी eHRMS पोर्टल (ehrms.mp.gov.in) या eHRMS मोबाइल एप के माध्यम से ऑनलाइन अवकाश आवेदन कर सकेंगे। इसके लिए मध्यप्रदेश पुलिस में eHRMS ऑनलाइन अवकाश प्रणाली शुरू की गई है। इस व्यवस्था के लागू होने के बाद अब पुलिसकर्मियों के अवकाश ऑनलाइन मंजूर हों सकेंगे। eHRMS के ई-लीव मॉड्यूल का उपयोग वर्तमान में प्रदेश सरकार के केवल कुछ विभागों द्वारा किया जा रहा है, जिनमें पुलिस विभाग सर्वाधिक उपयोग करने वालों के साथ अग्रणी है। इसके अंतर्गत लगभग 1,01,928 अधिकारी एवं कर्मचारी इस सुविधा से जुड़े हैं। पुलिस कर्मियों के सर्विस मैनेजमेंट सिस्टम को पारदर्शी एवं सुगम बनाने के लिए प्रदेश के सभी जिलों के पुलिस बल और सभी पुलिस इकाइयों में 1 जुलाई 2026 से eHRMS (Electronic Human Resource Management System) का ई-लीव मॉड्यूल लागू कर दिया गया है। इसके माध्यम से अब प्रदेश के सभी पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी ऑनलाइन अवकाश आवेदन, स्वीकृति तथा उसकी अपडेट स्थिति की जानकारी एक ही डिजिटल प्लेटफॉर्म पर प्राप्त कर सकेंगे, जिससे अवकाश की पूरी प्रक्रिया आसान, पारदर्शी एवं समयबद्ध हो जाएगी। अफसर ऑनलाइन अवकाश की सिफारिश करेंगे, कर्मचारी देख सकेंगे यह मोबाइल एप Google Play Store और Apple App Store दोनों पर उपलब्ध है। पोर्टल पर हर कैडर के अनुसार अवकाश के प्रकार, पात्रता एवं उपलब्धता का विवरण पहले से दर्ज किया जा चुका है। कर्मचारी द्वारा ऑनलाइन आवेदन करने के पश्चात संबंधित लीव क्लर्क उसे सक्षम स्वीकृतकर्ता अधिकारी को अग्रेषित करेगा। अधिकारी ऑनलाइन ही अनुशंसा एवं स्वीकृति प्रदान करेंगे। कर्मचारी अपनी लॉगिन आईडी पर अपने अवकाश आवेदन की अपडेट स्थिति देख सकेगा। एससीआरबी, कार्मिक शाखा में ट्रायल के बाद प्रदेश भर में लागू ई-लीव मॉड्यूल को विभागीय आवश्यकताओं के अनुरूप विकसित करने के लिए इसे शुरुआत में एससीआरबी, कार्मिक शाखा, विशेष शाखा, पुलिस अधीक्षक रेल भोपाल तथा 25वीं वाहिनी भोपाल में प्रायोगिक रूप से लागू किया गया था। इन इकाइयों से मिले सुझावों एवं फीडबैक के आधार पर मॉड्यूल में आवश्यक सुधार किए गए, जिसके बाद इसे प्रदेश की लगभग 120 पुलिस इकाइयों में लागू किया गया है। जुलाई 2025 से ऑनबोर्डिंग कार्य शुरू मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा पुलिसकर्मियों की पारंपरिक मैनुअल सेवा अभिलेख व्यवस्था को पूर्णतः डिजिटल स्वरूप प्रदान करने के उद्देश्य से जुलाई 2025 से eHRMS ऑनबोर्डिंग का कार्य प्रारंभ किया गया था। इस दौरान सेवा पुस्तिकाओं का स्कैनिंग एवं अनिवार्य सेवा संबंधी विवरणों का डिजिटलीकरण किया गया। मध्यप्रदेश स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉर्पोरेशन (MPSEDC) के माध्यम से एक लाख से अधिक सेवा पुस्तिकाओं का स्कैनिंग कार्य संपन्न किया गया। वर्तमान में लगभग एक लाख पुलिस अधिकारी एवं कर्मचारी eHRMS पर ऑनबोर्ड किए जा चुके हैं। सेवा संबंधी आदेश के लिए ऑर्डर बुक है लागू पुलिस विभाग में जारी होने वाले सभी महत्वपूर्ण सेवा संबंधी आदेशों को सुरक्षित एवं डिजिटल रूप से उपलब्ध कराने के उद्देश्य से 23 मार्च 2026 से eHRMS का ऑर्डर बुक (O.B.) मॉड्यूल भी प्रारंभ किया जा चुका है। इसके माध्यम से सेवा पुस्तिका से संबंधित सभी महत्वपूर्ण आदेश अब eHRMS पोर्टल पर भी उपलब्ध रहेंगे, जिससे अभिलेखों का संरक्षण एवं उपलब्धता और अधिक मजबूत होगी।
उदयपुर के खेरवाड़ा में दो सगे भाइयों के घर 37 लाख के जेवरात चोरी के मामले में गुरुवार को मोबाइल इन्वेस्टिगेशन यूनिट टीम पहुंची। टीम ने तकनीकी औजारों का प्रयोग करते हुए बारीकी से सबूत जुटाने की कोशिश की। इस दौरान खेरवाड़ा थानाधिकारी करनाराम जाट और एएसआई दिग्विजय सिंह जाब्ते के साथ मौजूद थे। वहीं आक्रोशित ग्रामीण जुलूस के रूप में एसडीएम ऑफिस पहुंचे, जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं भी शामिल थीं। नारेबाजी और प्रदर्शन कर एसडीएम को ज्ञापन सौंपकर आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग की। पड़ोसियों को फोन कर गेट खुलवाया वारदात मंगलवार रात खेरवाड़ा थाना क्षेत्र के जयप्रकाश नगर में हुई। पुलिस ने बताया था कि तीसरा भाई दीतालाल पटेल सुबह करीब 4 बजे उठे। उन्होंने दरवाजा खोलने का प्रयास किया तो बाहर से कुंडी लगी थी। इससे उन्हें अनहोनी की आशंका हुई। इसके बाद पड़ोस में फोन करके गेट खुलवाया। दोनों घरों में कमरे के ताले टूटे थे और अंदर सामान बिखरा था। छोटे भाई हीरालाल पटेल के घर से करीब 36 लाख रुपए के जेवरात और एक लाख रुपए चोरी हो गए। वहीं बड़े भाई बंशीलाल पटेल के घर से करीब 600 ग्राम चांदी (कीमत करीब 1 लाख 10 हजार) के जेवरात चोरी हो गए। दोनों पीड़ितों ने इस संबंध में खेरवाड़ा थाने में मुकदमा दर्ज कराया। पुलिस चोरों की तलाश में जुटी है। इनपुट –हितेश जोशी, खेरवाड़ा
पंजाब की अति-सुरक्षित मानी जाने वाली कपूरथला मॉडर्न जेल से सुरक्षा व्यवस्था में बड़ी चूक का मामला सामने आया है। जेल के अंदर चलाए गए एक विशेष तलाशी अभियान के दौरान एक हवालाती से दो नामी कंपनियों के स्मार्टफोन बरामद हुए हैं। इस मामले में एक चौंकाने वाला खुलासा हुआ है, जिसमें केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) के ही एक हेड कांस्टेबल पर हवालाती को मोबाइल फोन मुहैया कराने का गंभीर आरोप लगा है। जेल प्रशासन से प्राप्त जानकारी के अनुसार, मॉडर्न जेल के सहायक सुपरिंटेंडेंट किरपाल सिंह ने थाना कोतवाली में इस बाबत एक लिखित शिकायत दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया गया कि जेल में आर्म्स एक्ट (हथियार कानून) के तहत बंद हवालाती सिपाहिया उर्फ शाही उर्फ अली (पुत्र मोहम्मद बशीर) की अचानक संदिग्ध गतिविधियों के चलते तलाशी ली गई। इस औचक चेकिंग के दौरान हवालाती के कब्जे से रेडमी (Redmi) और रियलमी (Realme) कंपनी के दो चालू स्मार्टफोन बरामद किए गए। पूछताछ में खुला CRPF हेड कांस्टेबल का नाम जब जेल अधिकारियों ने बैरक में मोबाइल मिलने को लेकर हवालाती सिपाहिया से सख्ती से पूछताछ की, तो उसने इस पूरे नेटवर्क का भंडाफोड़ कर दिया। हवालाती ने कबूल किया कि जेल के भीतर ये दोनों एंड्रॉयड स्मार्टफोन उसे किसी बाहरी व्यक्ति ने नहीं, बल्कि वहां ड्यूटी पर तैनात CRPF के हेड कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ ने लाकर दिए थे। आरोपी हेड कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ मूल रूप से जम्मू-कश्मीर के कठुआ का रहने वाला है। दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज, जांच तेज थाना कोतवाली पुलिस के अनुसार जेल प्रशासन की शिकायत और सहायक सुपरिंटेंडेंट की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी हवालाती सिपाहिया और सुरक्षा में तैनात CRPF हेड कांस्टेबल मोहम्मद अशरफ के खिलाफ जेल मैनुअल के उल्लंघन और अन्य संबंधित धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस और जेल इंटेलिजेंस विंग अब इस बात की गहनता से तफ्तीश कर रही है कि प्रतिबंधित मोबाइल फोन जेल की तीन स्तरीय सुरक्षा चक्र को पार करके अंदर कैसे पहुंचे? पुलिस इस कोण से भी जांच कर रही है कि क्या आरोपी हेड कांस्टेबल ने इसके बदले कोई मोटी रकम ली थी और क्या जेल के भीतर इस अवैध काम में कुछ अन्य कर्मचारी या बाहरी लोग भी संलिप्त हैं।
श्योपुर विधायक बाबू जंडेल का आज बुधवार को मोबाइल नंबर हैक कर लिया गया है। हैकर्स ने उनके नंबर का दुरुपयोग करते हुए परिचितों और समर्थकों को 60 हजार रुपए की आर्थिक मदद मांगने वाले फर्जी मैसेज भेजे। घटना का खुलासा तब हुआ जब कई लोगों ने मैसेज की पुष्टि के लिए विधायक से संपर्क किया। विधायक बाबू जंडेल ने स्पष्ट किया है कि उन्होंने किसी से पैसे नहीं मांगे हैं। उनके नंबर से भेजे गए सभी मैसेज फर्जी हैं। उन्होंने आम लोगों, समर्थकों और परिचितों से अपील की है कि यदि उनके नंबर से पैसे मांगने वाली कोई कॉल या मैसेज आता है, तो उस पर भरोसा न करें और किसी भी खाते में पैसे ट्रांसफर न करें। उन्होंने साइबर अपराधियों की ओर से अपनाए जा रहे नए तरीकों के प्रति सतर्क रहने की आवश्यकता पर जोर दिया। विधायक ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई विधायक ने पूरे मामले की शिकायत पुलिस में दर्ज करा दी है। पुलिस ने मोबाइल हैक होने और फर्जी मैसेज भेजे जाने की जानकारी मिलने के बाद जांच शुरू कर दी है। साइबर तकनीकी टीम की मदद से पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल नंबर कैसे हैक हुआ और इन फर्जी संदेशों को भेजने में कौन लोग शामिल हैं। साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता घटना ने एक बार फिर साइबर अपराध के बढ़ते मामलों पर चिंता बढ़ा दी है। मोबाइल हैकिंग, फर्जी कॉल और ऑनलाइन ठगी के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। पुलिस ने लोगों से अपील की है कि किसी भी व्यक्ति के नाम से पैसे मांगने वाला संदेश मिलने पर पहले संबंधित व्यक्ति से सीधे संपर्क कर उसकी पुष्टि करें। बिना पुष्टि किए किसी भी खाते में पैसे जमा न करें और संदिग्ध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस या साइबर हेल्पलाइन को दें। हालांकि, श्योपुर पुलिस की ओर से इन दिनों सायबर जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके बाबजूद विधायक का मोबाइल हैक होना मामले कि गंभीरता को दर्शाता है।
नालंदा में 35 साल की विधवा महिला के साथ गैंगरेप हुआ है। पुलिस ने बताया कि आरोपी उसे मोबाइल रिचार्ज और दवा दिलाने का भरोसा देकर अपने साथ ले गया था। वहां उसके 2 दोस्त पहले से मौजूद थे, तीनों ने उसके साथ गैंगरेप किया। दरिंदगी के बाद सभी उसे वहीं अर्धनग्न हालत में खेत में छोड़कर फरार हो गए। पीड़िता करीब डेढ़ किलोमीटर तक उसी हालत में मदद से लिए भटकती रही। एक युवक ने 112 पर कॉल कर के मामले की जानकारी दी। पुलिस ने पीड़िता के बयान के आधार पर तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरी वारदात… मुंह में कपड़ा ठूंसा, आंखों पर पट्टी बांधी पुलिस ने बताया कि 30 जून को आरोपी विकास गोप ने मोबाइल रिचार्ज और दवा दिलाने का लालच देकर महिला को मिलने के लिए बुलाया था। पीड़िता बिना किसी को बताए चण्डी थाना क्षेत्र के रामपुर हॉल्ट के पास पहुंची। वहां विकास गोप बाइक लेकर खड़ा था। विकास ने महिला को बाइक पर बैठाया और कुछ दूर सुनसान जगह मक्के के खेत में ले गया। खेत में विकास के दो साथी नीतीश और शैलेष भी थे। तीनों ने पीड़िता के साथ गाली-गलौज की, उसके मुंह में कपड़ा ठूंस दिया और आंखों पर पट्टी बांधकर गैंगरेप किया। दरिंदगी के बाद तीनों आरोपियों ने पीड़िता का मोबाइल छीन लिया और उसे अर्धनग्न हालत में खेत में छोड़कर फरार हो गए। इसी स्थिति में पीड़िता डेढ़ किमी तक मदद के लिए भटकी। उसे एक युवक मिला, फिर पुलिस को जानकारी दी गई। मामला 30 जून का है। पीड़िता बोली- धमकी दी, किसी को बताया तो कहीं का नहीं छोड़ेंगे पांच दिन पहले एक महिला ने मेरी पहचान विकास गोप से कराई थी। विकास ने झांसा दिया कि फोन रिचार्ज करा देगा और दवा भी दिला देगा। उसने 30 जून की शाम मुझे रामपुर हॉल्ट के पास बुलाया। वहां से वह मुझे बाइक पर बैठाकर सुनसान जगह पर ले गया। कॉल कर अपने दो साथियों को बुला लिया। तीनों ने बारी-बारी से दुष्कर्म किया। मेरे कपड़े-मोबाइल भी लेते गए। धमकी दी कि किसी को बताया तो कहीं का नहीं छोड़ेंगे। बदमाश मुझे निर्वस्त्र छोड़कर फरार हो गए। आरोपियों का कबूलनामा- मोबाइल, कपड़े छीने ताकी मदद ना मांग सके गिरफ्तार आरोपियों विकास कुमार, नीतीश कुमार और शैलेश कुमार ने पुलिस पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। मुख्य आरोपी विकास के इकबालिया बयान के अनुसार, उसने महिला को मदद का झांसा देकर रामपुर हॉल्ट के पास बुलाया और मोटरसाइकिल से सुनसान स्थल पर ले गया। इसके बाद उसने फोन कर अपने दोनों साथियों को भी वहां बुला लिया। तीनों ने मिलकर वारदात को अंजाम देने की बात कबूली। आरोपियों ने माना कि उन्होंने पीड़िता का मोबाइल और कपड़े इसलिए छीने ताकि वह तुरंत किसी से मदद न मांग सके। पति की मौते के बाद 4 बच्चों की है जिम्मेदारी पीड़िता के पति की मौत दो साल पहले हो गई थी। चार बच्चे हैं। 3 बेटियां और 1 बेटा। महिला अकेले इन बच्चों को पाल रही है। वो घरों में झाड़ू-पोछा लगाने के साथ प्राइवेट स्कूलों में खाना बनाने का काम करती है। पीड़िता के साथ स्कूल में विकास की फुफेरी भाभी भी खाना बनाती थी। उसी ने विकास गोप का नंबर पीड़िता को दिया था। पीड़िता को कहा गया था कि वो तुम्हारी कुछ मदद कर सकता है। 6 घंटे में पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार किया नालंदा पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एक विशेष जांच दल का गठन किया गया। चंडी थाना की टीम ने घटना के मात्र 6 घंटे में सभी तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपियों का पहले भी आपराधिक इतिहास रहा है। विकास गोप पर चंडी थाना में हत्या सहित अन्य गंभीर मामले दर्ज हैं, जबकि नीतिश कुमार पर भी चंडी थाना में आर्म्स एक्ट और अन्य धाराओं के तहत मामले दर्ज हैं। थानाध्यक्ष अखिलेश कुमार झा ने बताया कि आरोपियों के खिलाफ चंडी थाना में मामला दर्ज कर कार्रवाई की जा रही है।
WhatsApp पर बिना मोबाइल नंबर शेयर किए करें चैट, आ रहा है नया Username फीचर, जानिए कैसे करेगा काम
अगर आप किसी नए व्यक्ति से WhatsApp पर बात करना चाहते हैं लेकिन अपना मोबाइल नंबर शेयर नहीं करना चाहते तो जल्द ही यह संभव होगा। WhatsApp एक नया Username फीचर ला रहा है, जिसकी मदद से यूजर्स बिना फोन नंबर बताए भी बातचीत शुरू कर सकेंगे। कंपनी ने इसकी ...
अब तक वॉट्सएप पर किसी नए व्यक्ति से बात करने के लिए अपना मोबाइल नंबर देना जरूरी होता था। लेकिन अब ऐसा नहीं होगा। मेटा के स्वामित्व वाले वॉट्सएप ने यूजरनेम फीचर लॉन्च करने का ऐलान किया है। इसके बाद लोग अपना मोबाइल नंबर बताए बिना भी सिर्फ यूजरनेम के जरिए चैट कर सकेंगे। कंपनी ने 29 जून से दुनियाभर में यूजरनेम रिजर्वेशन शुरू कर दिया है। हालांकि यह सुविधा सभी यूजर्स को एक साथ नहीं मिलेगी। आने वाले कुछ महीनों में इसे धीरे-धीरे सभी देशों में रोल आउट किया जाएगा। जब यह फीचर आपके इलाके में उपलब्ध होगा, तब वॉट्सएप के अंदर नोटिफिकेशन मिलेगा। वॉट्सएप सीआओ कुणाल शाह ने X पर पोस्ट कर बताया कि उन्होंने फीचर सार्वजनिक होने से पहले ही अपना यूजरनेम रिजर्व कर लिया है। उन्होंने लोगों से भी जल्द अपना पसंदीदा यूजरनेम लेने की अपील की। वॉट्सएप Username फीचर से जुड़े 8 सवालों के जवाब ……………….. यह खबर भी पढ़ें… वॉट्सएप 1 मार्च से सिम कार्ड के बिना नहीं चलेगा: सरकार ने डेडलाइन बढ़ाने से मना किया; कंप्यूटर पर हर 6 घंटे में लॉगआउट होगा केंद्र सरकार ने 'सिम बाइंडिंग' के नियमों को लागू करने की 28 फरवरी की डेडलाइन को बढ़ाने से इनकार कर दिया है। नए नियमों के तहत मोबाइल में सिम कार्ड न होने पर वॉट्सएप, टेलीग्राम, सिग्नल जैसे मैसेजिंग एप काम नहीं करेंगे। कंप्यूटर पर लॉगिन वॉट्सएप भी 6 घंटे में लॉगआउट हो जाएगा। सरकार का दावा है कि इससे साइबर फ्रॉड रोकने में मदद मिलेगी। पूरी खबर पढ़ें…
अंडरगारमेंट्स में मोबाइल छिपाकर लाने वाली लड़की का क्या हुआ? तीसरी बार दे रही थी परीक्षा
देश की सबसे बड़ी और संवेदनशील परीक्षाओं में से एक नीट (NEET Re-Exam) के दौरान एक ऐसा हैरान करने वाला वाकया सामने आया है जिसने परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा व्यवस्था और छात्रों की हताशा को लेकर एक नई बहस छेड़ दी है। री-एग्जामिनेशन के दौरान कड़ी सुरक्षा और आधुनिक मेटल डिटेक्टर चेकिंग को धता बताते हुए एक छात्रा अपने अंडरगारमेंट्स में मोबाइल फोन छिपाकर परीक्षा हॉल के भीतर ले जाने की कोशिश कर रही थी। लेकिन मुस्तैद महिला सुरक्षाकर्मियों की पैनी नजर और चेकिंग डिवाइस की बीप ने इस शातिर हाई-टेक चोरी को रंगे हाथों पकड़ लिया। मेडिकल की इस प्रतिष्ठित परीक्षा में तीसरी बार बैठ रही इस छात्रा की इस अजीबोगरीब और हैरान करने वाली हरकत के बाद अब हर कोई यह जानना चाहता है कि आखिर उस लड़की के खिलाफ प्रशासन ने क्या बड़ा एक्शन लिया है।तीसरी बार की कोशिश और शॉर्टकट अपनाने की खौफनाक जिदएक वरिष्ठ क्राइम और एजुकेशन रिपोर्टर के तौर पर इस मामले की तह में जाने पर पता चलता है कि आरोपी छात्रा पिछले दो सालों से नीट की परीक्षा क्रैक करने की लगातार कोशिश कर रही थी। दो बार असफलता हाथ लगने के बाद उस पर इस तीसरी बार की परीक्षा में पास होने का मानसिक और पारिवारिक दबाव बहुत अधिक था। शायद इसी दबाव या फिर किसी सॉल्वर गैंग के बहकावे में आकर उसने परीक्षा में पास होने के लिए यह आत्मघाती और अवैध शॉर्टकट रास्ता चुना। उसने सोचा था कि कड़े नियमों और फ्रिस्किंग (बॉडी सर्च) के बावजूद वह इस संवेदनशील जगह पर फोन छिपाकर ले जाने में कामयाब हो जाएगी, लेकिन परीक्षा केंद्र के मुख्य दरवाजे पर ही उसकी यह चालाकी पूरी तरह धरी की धरी रह गई।रंगे हाथों पकड़े जाने के बाद केंद्र पर मचा हड़कंपजैसे ही महिला सुरक्षाकर्मियों ने जांच के दौरान छात्रा के पास से मोबाइल फोन और कुछ संदिग्ध डिजिटल डिवाइस बरामद किए, परीक्षा केंद्र पर हड़कंप मच गया। केंद्र व्यवस्थापक (Centre Superintendent) ने तुरंत इस गंभीर मामले की जानकारी स्थानीय पुलिस और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के फ्लाइंग स्क्वाड को दी। पकड़े जाने के बाद छात्रा रोने लगी और अपनी तीसरी कोशिश का हवाला देते हुए माफी मांगने लगी। लेकिन एंटी-चीटिंग और पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दों को लेकर बेहद सख्त रुख अपनाए हुए अधिकारियों ने नियमों में किसी भी तरह की ढील देने से साफ इनकार कर दिया।अब क्या हुआ उस लड़की का और कितनी गंभीर होगी कानूनी कार्रवाईइस हाई-प्रोफाइल नकल के मामले में छात्रा के खिलाफ एंटी-चीटिंग एक्ट (नकल विरोधी कानून) और धोखाधड़ी की गंभीर धाराओं के तहत स्थानीय पुलिस स्टेशन में एफआईआर (FIR) दर्ज कर ली गई है। पुलिस ने उसके मोबाइल फोन को जब्त कर फॉरेंसिक जांच के लिए भेज दिया है ताकि यह पता लगाया जा सके कि वह परीक्षा हॉल के भीतर किससे संपर्क करने वाली थी या क्या इसके पीछे कोई संगठित सॉल्वर गैंग काम कर रहा है। इसके साथ ही, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने छात्रा को 'अनफेयर मींस' (UFM) श्रेणी में डालते हुए परीक्षा से तत्काल प्रभाव से निष्कासित कर दिया है। जानकारों की मानें तो इस गंभीर अपराध के बाद अब उस पर भविष्य में होने वाली सभी सरकारी और मेडिकल परीक्षाओं में बैठने के लिए आजीवन प्रतिबंध (Lifetime Ban) भी लग सकता है, जिसने उसकी तीसरी बार की मेहनत और पूरे करियर को पूरी तरह तबाह कर दिया है।
31 मई को फुल-मून : अपने मोबाइल से लीजिए चांद की बेहतरीन फोटो, नासा ने शेयर किए फोटोग्राफी टिप्स
31 मई को आसमान में एक बार फिर खूबसूरत नजारा यानी कि 'फुल मून' देखने को मिलेगा। इस रात चांद की खूबसूरत तस्वीर हर कोई अपने मोबाइल में कैद करना चाहेगा, लेकिन स्मार्टफोन से चांद की अच्छी तस्वीरें लेने में कई चुनौतियां भी हैं।
'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर रिलीज के वक्त मोबाइल फेंकने जा रहे थे अमिताभ बच्चन, खुद बताया पूरा किस्सा
बॉलीवुड फिल्मों के जाने माने मशहूर अभिनेता अमिताभ बच्चन वैसे तो अक्सर ही खबरों में बने रहते हैं. लेकिन इस बार उनके क्रेज का कारण उनका जबरदस्त एक्शन अवतार है. हिंदी फिल्मों के एंग्री यंगमैन कहे जाने वाले अमिताभ बच्चन अपनी नई फिल्म 'कल्कि 2898 AD' के ट्रेलर में एक विस्फोटक एक्शन अवतार में दिखाई दे रहे हैं. निर्देशक नाग अश्विन की इस पैन इंडिया फिल्म में कई लोगों को अमिताभ का एक्शन अवतार, फिल्म के हीरो प्रभास से भी अधिक दमदार लग रहा है. लेकिन इस ऑनस्क्रीन एक्शन अवतार का प्रभाव शायद बच्चन साहब को रियलिटी में भी फील होने लगा है. इधर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर रिलीज हुआ तथा उधर अमिताभ बच्चन अपने फोन से इतने नाराज हो गए कि उसे तोड़ने की बात कह गए. अपने ब्लॉग पर 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर साझा करते हुए बताया कि वो अपने मोबाइल से फ्रस्ट्रेट हो गए हैं. उन्होंने ब्लॉग पोस्ट में लिखा, 'अपना फोन ठीक करने की बड़ी कोशिश कर रहा हूं... पहले से जो सेट था, अचानक बदल गया. तो हर तरफ से मदद लेने का प्रयास कर लिया, लेकिन नाकाम रहा... बहुत फ्रस्ट्रेटिंग है ये... चाह रहा था कि इंग्लिश और हिंदी टाइपिंग, दोनों हों. इंग्लिश में एक हिंदी वर्ड लिखूं और वो देवनागरी में आ जाए... मगर कई घंटे लिंक्स और एक्स्पेरिमेंट्स फॉलो करने के बाद, अब मैं खिड़की से बाहर फेंककर अपना फोन तोड़ डालने के बहुत करीब हूं.' कुछ देर पश्चात् बच्चन साहब ने साफ किया कि वो सच में अपना मोबाइल नहीं फेंकने जा रहे, बस गुस्सा जाहिर कर रहे हैं. उन्होंने लिखा, 'नहीं नहीं नहीं... ऐसी किस्मत कहां... बस गुस्सा निकाल रहा हूं.' अपने ब्लॉग पोस्ट में अमिताभ ने ये भी कहा कि 'कल्कि 2898 AD' एवं 'Section 84 IPC' के पश्चात्, वो समझ नहीं पा रहे कि अगला प्रोजेक्ट क्या चुनना है. उन्होंने लिखा कि आज एक अभिनेता के पास 'मैनेजमेंट एक्सपर्ट्स से लेकर एजेंट्स तक' इतने सारे लोग होते हैं, ये बताने के लिए कि मार्किट में किस प्रकार का कंटेंट चल रहा है तथा सिनेमा लवर्स क्या पसंद कर रहे हैं, क्या नहीं. मगर उनके दौर में ऐसा कुछ नहीं था. अमिताभ ने कहा, 'हम सिर्फ अगली जॉब का मौका खोज रहे होते थे, जिससे हम घर चलाने की, नौकरी बनाए रखने की शर्त पूरी कर सकें. अब बात अलग हो गई है. नई जेनरेशन इस तरह सोचती है, ऐसे चलती है कि... मैं बाद एक काम खोजूंगा और उम्मीद करूंगा कि काम मिले और बस मेरा 'किचन चलता रहे.' अमिताभ बच्चन की अगली फिल्म 'कल्कि 2898 AD' का ट्रेलर सोमवार शाम को रिलीज हुआ है. इस फिल्म में अमिताभ, अश्वत्थामा का माइथोलॉजी बेस्ड भूमिका निभा रहे हैं तथा ट्रेलर में जनता उनके किरदार और काम को बहुत पसंद कर रही है. 'ये मेरी चॉइस है, मेरे मां-बाप…', जहीर इकबाल संग शादी पर आई सोनाक्षी सिन्हा की प्रतिक्रिया शूटिंग से 4 दिन पहले डायरेक्टर ने किया एक्ट्रेस को फिल्म से बाहर, सालों बाद खुद किया चौंकाने वाला खुलासा सैलरी पर हो रही चर्चा को लेकर आई 'पंचायत' के सचिव जी की प्रतिक्रिया, जानिए क्या कहा?
तमन्ना भाटिया को महाराष्ट्र साइबर सेल द्वारा आईपीएल मैचों की अवैध स्ट्रीमिंग में उनकी कथित संलिप्तता के संबंध में पूछताछ के लिए बुलाया गया है। उनसे 29 अप्रैल को पूछताछ के लिए पेश होने की उम्मीद है। संजय दत्त भी इस मामले से जुड़े थे, लेकिन अपनी पूर्व प्रतिबद्धताओं के कारण, वह 23 अप्रैल को पूछताछ सत्र में शामिल नहीं हो सके। इसके बजाय, उन्होंने अपना बयान दर्ज करने के लिए एक अलग तारीख की मांग की। फेयरप्ले, जो महादेव ऑनलाइन गेमिंग ऐप की सहायक कंपनी है, को क्रिकेट, पोकर, कार्ड गेम्स और टेनिस जैसी विभिन्न लाइव गेम्स पर अवैध सट्टेबाजी से जोड़ा गया है। पिछले साल यह ऐप सुर्खियों में आया जब रणबीर कपूर और श्रद्धा कपूर जैसे अभिनेताओं, जिन्होंने इस ऐप का प्रचार किया, को प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा पूछताछ के लिए बुलाया गया। महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप दुबई से संचालित होता है, जिसे भिलाई, छत्तीसगढ़ के रहने वाले सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल चलाते हैं। उन्होंने नए ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए नई वेबसाइटें और चैट समूह बनाकर विभिन्न रणनीतियों का उपयोग किया और सामाजिक मीडिया प्लेटफॉर्म पर भुगतान किए गए विज्ञापनों के माध्यम से लोगों को आकर्षित किया। ईडी एक साल से अधिक समय से महादेव ऐप से जुड़ी मनी लॉन्ड्रिंग के मामले की जांच कर रही है, जिसमें छत्तीसगढ़ के विभिन्न हाई प्रोफ़ाइल राजनेता और अधिकारियों के शामिल होने का आरोप लगाया गया है। भीड़ में पापा अमिताभ को सँभालते नजर आए अभिषेक बच्चन, फैंस कर रहे तारीफ इतनी छोटी स्कर्ट पहनकर इवेंट में पहुंच गई ऋतिक रोशन की Ex वाइफ, हुई Oops मोमेंट का शिकार ऐश्वर्या राय संग इंटीमेट सीन पर बोले रणबीर कपूर- 'हाथ कांप रहे थे फिर...'

