जोधपुर के पाल निवासी और अहमदाबाद में रहने वाली गीता कंवर की मौत के बाद अब उनके परिजन और समाज के लोग इस पूरे मामले में निष्पक्ष जांच और उचित कार्यवाही की मांग को लेकर गुरुवार को जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे यहां पर उन्होंने जिला कलेक्टर आलोक रंजन को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नाम ज्ञापन सौंपा। इस दौरान गीता के भाई नत्थूसिंह भी मौजूद रहे। मृतका गीता के भाई नत्थूसिंह राजपुरोहित ने बताया कि उनकी बहन की शादी शिवतलाव निवासी व अहमदाबाद में रहने वाले अर्जुन सिंह के साथ की गई थी। 15 अप्रैल को उनकी बहन की ससुराल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मामले में अहमदाबाद की वासना थाना पुलिस ने एक्सीडेंटल डेथ में मुकदमे को दर्ज किया। इसके बाद इस पूरे मामले में जिन लोगों के खिलाफ मामला दर्ज करवाया गया था उनके भी नाम हटवा दिएगए। भाई नत्थूसिंह ने बताया fIR दर्ज होने के बाद भी पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। हमारी तरफ से जो साक्ष्य दिए गए हैं उन्हें भी पुलिस कोई ध्यान नहीं दे रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि उनकी बहन का पति खुद अहमदाबाद पुलिस में हैड कांस्टेबल है। जो जांच को प्रभावित कर रहा है। उन्हें पुलिस ने सस्पेंड भी नहीं किया है। इसी को लेकर आज जोधपुर टेंट एसोसिएशन के साथ मिलकर इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच करवाने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा से सहयोग की मांग की गई है। उन्होंने बताया कि जब तक उनकी बहन को न्याय नहीं मिल जाता तब तक वह पांव में चप्पल जूते नहीं पहनेंगे।
टोंक में छाए बादल, दो डिग्री तापमान गिरा:लू का असर हुआ कम से लोगों को मिली राहत
टोंक में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया है। बुधवार रात से ही आसमान में हल्के बादल छाए हुए हैं और हवा भी चल रही है। गुरुवार सुबह भी यही स्थिति बनी रही, जिससे बुधवार की तुलना में गर्मी का असर कुछ कम महसूस किया गया। बादलों और हवा के कारण सुबह 10 बजे के बाद भी तेज धूप की चुभन पहले जैसी नहीं रही। बीते 24 घंटे में तापमान में गिरावट, गर्मी से मिली राहत मौसम में आए बदलाव का असर तापमान पर भी देखने को मिला है। बीते 24 घंटे में न्यूनतम तापमान 2 डिग्री सेल्सियस गिरकर 22 डिग्री सेल्सियस पर पहुंच गया, जबकि इससे एक दिन पहले यह 26 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। वहीं अधिकतम तापमान भी 39 डिग्री सेल्सियस से घटकर लगभग 37 डिग्री सेल्सियस तक रहने के आसार हैं। अचानक बदले मौसम से लोगों को मिली राहत एक दिन पहले तक तेज गर्मी और लू के कारण दोपहर के समय लोगों का घरों से निकलना मुश्किल हो गया था। बाजारों में भी चहल-पहल कम दिखाई दे रही थी और जूस की दुकानों पर भीड़ बढ़ गई थी। लेकिन बीती रात से बदले मौसम ने हालात बदल दिए हैं और लोगों को गर्मी से राहत मिली है। बादलों और हवा से कम हुआ लू का असर गुरुवार को भी हल्के बादलों का असर बना रहा और मध्यम गति से हवा चलती रही। इसके चलते तेज धूप और लू का असर काफी कम हो गया है। हवा चलने से लोगों को झुलसाने वाली गर्मी से राहत मिली है और मौसम पहले की तुलना में सुहावना महसूस हो रहा है।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य रितु शाही अयोध्या पहुंचीं। सर्किट हाउस में आयोजित जनसुनवाई के दौरान बड़ी संख्या में महिलाएं अपनी शिकायतें लेकर पहुंचीं। महिला उत्पीड़न, घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और जमीन विवाद से जुड़े मामलों में महिलाओं ने आयोग सदस्य से न्याय की गुहार लगाई। मौके पर समाधान, बाकी मामलों में अधिकारियों को निर्देश मीडिया से बातचीत में रितु शाही ने बताया कि जनसुनवाई में सबसे अधिक मामले घरेलू हिंसा, छेड़छाड़ और जमीन विवाद से जुड़े सामने आए हैं। उन्होंने कहा कि महिला आयोग का प्रयास रहता है कि महिलाओं की समस्याओं का त्वरित निस्तारण कराया जाए। जिन मामलों का समाधान मौके पर संभव होता है, उन्हें तत्काल निपटाया जाता है। उन्होंने बताया कि गंभीर और लंबित मामलों को संबंधित विभागों और अधिकारियों को भेजकर समयबद्ध कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए जाते हैं। सभी जिलों में चल रही जनसुनवाई रितु शाही ने कहा कि प्रदेश के सभी जिलों में महिला आयोग की सदस्य पहुंचकर महिलाओं की समस्याएं सुन रही हैं। आयोग लगातार महिलाओं को न्याय दिलाने और उनकी समस्याओं के समाधान के लिए कार्रवाई कर रहा है।
शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी गिरल लिग्नाइट माइंस के मुख्य गेट के आगे लगातार दूसरी रात गुजारी है। भाटी आज तीसरे दिन भी धरना स्थल पर किसानों और युवाओं के साथ बैठे है। विधायक भाटी का कहना है कि आरएसएमएमएल और ठेकेदार जब तक स्थानीय लोगों की मांगों को नहीं मानेंगे तब तक मैं यहीं पर इनके साथ धरने पर बैठा रहूंगा। दरअसल, शिव विधायक मंगलवार को गिरल गांव में चल रहे धरना स्थल पर पहुंचे। वहां पर बैठे लोगों के साथ धरने पर बैठे गए। गिरल गांव में यहां वे बोले थे- RSMML प्रबंधन समेत ठेकेदार नियमों की बात कर रहे हैं। लेकिन मैं उनसे पूछना चाहता हूं कि आप लोगों ने कितने नियमों की पालना की है। आपको नहीं पता है, लेकिन मुझे सब जानकारी है। उन्होंने कहा- हकीकत यह है कि कंपनी और ठेकेदार खुद किसी नियम का पालन नहीं करते हैं। नियम यह कहता है कि जहां माइनिंग हो रही है, वहां चारों तरफ तारबंदी करके पूरी तरीके से पैक करना चाहिए, जिससे कोई पशु और इंसान दुर्घटनाग्रस्त न हो। लेकिन, यहां ऐसा कुछ भी नहीं किया। दिन-रात माइनिंग कर रहे हैं। माइनिंग करके खेतों में डंप कर रहे हो। इससे खेत बर्बाद हो रहे हैं। दूसरी रात गुजारी धरना स्थल शिव विधायक रविंद्रसिंह भाटी मंगलवार और बुधवार की रात गिरल गांव में धरना स्थल पर गुजारी। वहीं प्रशासन और आरएसएसएमएल के अधिकारियों और ठेकेदार पर गंभीर आरोप लगाए है। भाटी ने कहा- 600 रुपए बीघा के हिसाब से यहां के लोगों ने जमीन दी। तब कहा गया था कि यहां पर काला सोना निकला है। आप लोगों को रोजगार मिलेगा। लेकिन अब 107 परिवार के लोगों को माइनिंग में नौकरी से निकाल दिया। ऐसे इन परिवारों के साथ अन्याय नहीं होने देंगे। भाटी ने लिग्लाइट माइंस, प्रशासन और सरकार पर लगाए गंभीर आरोप शिव विधायक रविंद्र सिंह भाटी ने धरना स्थल पर मीडिया बातचीत में कहा- लिग्नाइट माइंस, प्रशासन और सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि माइंस क्षेत्र के आसपास आज तक सुनियोजित रूप से कोई पौधारोपण नहीं किया गया। जो थोड़ी बहुत हरियाली नजर आ रही हैं, वे भी स्वतः उगे कांटेदार बबूल झाड़ी हैं। भाटी ने आगे आरोप लगाया कि क्षेत्र के विकास को पूरी तरह नजरअंदाज किया गया है। न तो यहां कोई स्कूल बनाया गया और न ही CSR के तहत स्थानीय लोगों को कोई ठोस लाभ मिला। उन्होंने कहा कि अगर कुछ हुआ भी है तो वह सिर्फ कागजों में ही सीमित है। सुरक्षा मानकों की बात न करें तो ही बेहतर है। जहां माइनिंग क्षेत्र में लाइटिंग होनी चाहिए वो कही दूर दूर नहीं। सुरक्षा रुपी जो फायर ब्रिगेड होनी चाहिए उसकी स्थिति तो किसी को दिखाए जैसी ही नही है। उन्होंने इस पूरे मामले को स्थानीय जनता के साथ अन्याय बताते हुए जिम्मेदार अधिकारियों और कंपनी पर सवाल खड़े किए। इससे जुड़ी खबर पढ़ें.. रविंद्र भाटी ने थाने का घेराव किया, धरने पर बैठे:बोले- 4 महीने से नाबालिग लापता, अफसर का पशु गायब होता तो सड़कों पर होता पूरा प्रशासन
सुलतानपुर के पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर गुरुवार को एक सड़क हादसे में एम्बुलेंस सवार एक युवक की मौत हो गई। जयसिंहपुर कोतवाली क्षेत्र के बिरसिंहपुर के पास किमी 143 पर एम्बुलेंस और फॉर्च्यूनर की आमने-सामने टक्कर हुई। इस दुर्घटना में फॉर्च्यूनर में सवार एक ही परिवार के छह सदस्य और एम्बुलेंस चालक भी घायल हुए हैं। पुलिस के मुताबिक, यह हादसा तब हुआ जब गाजीपुर से लखनऊ जा रही फॉर्च्यूनर (चालक अजय यादव) किमी 143 के पास पहुंची। तभी किमी 136 की ओर से गलत दिशा में आ रही एक एम्बुलेंस से उसकी भिड़ंत हो गई। बताया गया है कि एम्बुलेंस पेट्रोल पंप पर तेल लेने के लिए गलत साइड से जा रही थी। दुर्घटना में एम्बुलेंस में सवार भोलू प्रकाश (36 वर्ष, पुत्र जय नाथ, निवासी ग्राम ताझा, थाना सराय लखनसी, जनपद मऊ) को गंभीर चोटें आईं। उन्हें कोरल कंपनी की एम्बुलेंस से सरकारी अस्पताल वीरसिंहपुर भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। एम्बुलेंस चालक को भी चोटें आई हैं और उन्हें इलाज के लिए सरकारी अस्पताल कूरेभार भेजा गया है। फॉर्च्यूनर में सवार चालक अजय यादव (पुत्र रविंद्र नाथ यादव, निवासी ककराही, सैदपुर, गाजीपुर) को गंभीर चोटें आई हैं। उनके साथ एक ही परिवार के अन्य सदस्य प्रतिमा (पत्नी शिव सहाय), कुमारी साक्षी (पुत्री भोलेनाथ), रीमा (पत्नी विकास), कुमारी सौम्या (पुत्री शिव सहाय) और ओम (पुत्र अजीत यादव) भी घायल हुए हैं। इन सभी घायलों को सरकारी अस्पताल दोस्तपुर भेजा गया है, जहां उनका इलाज जारी है। बताया गया है कि पांच अन्य लोगों को सामान्य चोटें आई हैं। घटना की सूचना मिलने पर एसडीएम जयसिंहपुर और सीओ जयसिंहपुर ने घटनास्थल का दौरा किया। उन्होंने जांच पड़ताल की और घायलों का हालचाल जाना।
अंबेडकरनगर में नारायण फ़ाउंडेशन ने एक गरीब परिवार की बेटी की शादी में सहयोग कर सामाजिक सरोकार की मिसाल पेश की है। संस्था ने अकबरपुर विधानसभा क्षेत्र के नेवतरिया मुस्तफाबाद निवासी सभाजीत राजभर की पुत्री नीलम राजभर के विवाह अवसर पर गृहउपयोगी सामान भेंट किए। परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर होने की जानकारी मिलने पर यह मदद की गई। नारायण फ़ाउंडेशन की ओर से नीलम राजभर को बेड, सिंगारदान, पंखा, बक्सा, रजाई, तकिया, गद्दा, कुर्सी, मेज, प्रेस, मिक्सर, चादर और बाथरूम सेट सहित कई जरूरी गृहउपयोगी वस्तुएं उपहार स्वरूप प्रदान की गईं। नीलम का विवाह ग्राम रामपुर पोस्ट जयसिंहपुर निवासी अजय राय के साथ तय हुआ है। विवेक मौर्य ने की पहल भाजपा नेता एवं समाजसेवी संस्था नारायण फ़ाउंडेशन के संरक्षक विवेक मौर्य को जब परिवार की आर्थिक स्थिति की जानकारी मिली तो उन्होंने सहयोग की पहल की। इस दौरान उन्होंने कहा कि समाज की गरीब बेटियों के विवाह में कोई बाधा नहीं आने दी जाएगी और संस्था हर जरूरतमंद परिवार के साथ खड़ी रहेगी। शिक्षा और स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी सक्रिय विवेक मौर्य ने बताया कि नारायण फ़ाउंडेशन शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता, पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक जागरूकता के क्षेत्र में भी लगातार कार्य कर रही है। उनका कहना है कि समाजसेवा संस्था की प्राथमिकता है और जरूरतमंदों तक मदद पहुंचाने का प्रयास निरंतर जारी रहेगा। अब तक 95 बेटियों की शादी में मदद विवेक मौर्य के अनुसार उनके व्यक्तिगत प्रयासों से अब तक 95 से अधिक गरीब बेटियों की शादी में गृहउपयोगी सामान और आर्थिक सहायता दी जा चुकी है। इससे पहले संस्था की ओर से अकबरपुर में 21 गरीब कन्याओं का सर्वजातीय सामूहिक विवाह कार्यक्रम भी आयोजित किया गया था, जिसमें नवविवाहित जोड़ों को दैनिक उपयोग की वस्तुएं और आभूषण भेंट किए गए थे। कई सामाजिक अभियानों में सक्रिय संस्था नारायण फ़ाउंडेशन जिले में अन्य सामाजिक कार्यों के लिए भी जानी जाती है। संस्था प्लास्टिक मुक्त अभियान, जरूरतमंदों को जूट बैग वितरण, प्रतियोगी परीक्षार्थियों के लिए निःशुल्क भोजन एवं आवास व्यवस्था तथा भीषण गर्मी में फल-सब्जी विक्रेताओं और श्रमिकों को बड़े छाते वितरित करने जैसे कार्य कर रही है।
देवरिया के नए डीएम मधुसूदन हुल्गी ने गुरुवार को कलेक्ट्रेट में आयोजित जनता दर्शन कार्यक्रम में फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। इस दौरान जिलाधिकारी ने जन समस्याओं के तेजी से समाधान के लिए जूम लिंक और व्हाट्सएप के माध्यम से शिकायत निस्तारण की नई व्यवस्था भी शुरू की। राजस्व विभाग के अधिकारियों के लिए जूम लिंक व्यवस्था शुरू की गई है, जिसके तहत राजस्व संबंधी मामलों में सीधे जूम के माध्यम से संबंधित अधिकारियों से बात कर शिकायतों का निस्तारण किया जा रहा है। इसके अलावा अधिकारियों के सीयूजी नंबर पर व्हाट्सएप के जरिए भी प्रकरण भेजकर तत्काल कार्रवाई सुनिश्चित की जा रही है। जनसुनवाई के दौरान ग्राम हरपुर निजाम निवासी दिव्यांग दंपति रहमत अली और खुशबून अपनी जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंचे। उनकी स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी स्वयं उनके पास गए और उन्हें फल का पैकेट देकर उनका हालचाल जाना। इसके बाद उन्होंने सदर एसडीएम को निर्देश दिया कि राजस्व निरीक्षक और दो लेखपालों की टीम के साथ मौके पर जाकर मामले की जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाए। इस दौरान जिलाधिकारी ने दंपति को मिल रही सरकारी योजनाओं की जानकारी भी ली। पता चला कि खुशबून को दिव्यांग पेंशन का लाभ नहीं मिल रहा है। इस पर जिलाधिकारी ने जिला दिव्यांगजन सशक्तिकरण अधिकारी प्रियंका चौधरी को तत्काल आवश्यक दस्तावेज प्राप्त कर पेंशन स्वीकृत कराने के निर्देश दिए। वहीं, दंपति के साथ आई दो वर्षीय बच्ची को आंगनबाड़ी केंद्र से जोड़ने के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी आदिश मिश्रा को निर्देशित किया गया। जनता दर्शन में सलेमपुर क्षेत्र के जयराम कौड़िया गांव निवासी सीता देवी भी जमीन विवाद की शिकायत लेकर पहुंची थीं। उनके साथ आई चार वर्षीय बच्ची अंशिका के स्कूल न जाने की जानकारी मिलने पर जिलाधिकारी ने उसे आंगनबाड़ी केंद्र भेजने की व्यवस्था करने के निर्देश दिए। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि छोटे बच्चों का आंगनबाड़ी केंद्र से जुड़ना उनके बौद्धिक विकास के लिए अत्यंत महत्वपूर्ण है। जिलाधिकारी ने दोहराया कि जनता की समस्याओं का समाधान प्राथमिकता के आधार पर किया जाएगा। उन्होंने सभी अधिकारियों को शिकायतों के निस्तारण में गंभीरता बरतने के निर्देश दिए।
डूंगरपुर जिले का कांठडी बांध जल संसाधन विभाग की कथित अनदेखी के कारण बदहाली का शिकार है। बांध की नहर की कोठी में सीपेज होने से हजारों लीटर पानी लगातार व्यर्थ बह रहा है, जिससे बांध के खाली होने का खतरा मंडरा रहा है। इसके साथ ही, बांध की पाल पर उग आए बड़े-बड़े विलायती बबूल भी इसकी संरचना के लिए खतरा बन गए हैं। ग्रामीणों के अनुसार, बांध की भराव क्षमता 8.50 मीटर है और यह पांच साल के लंबे इंतजार के बाद पिछली बारिश में ओवरफ्लो हुआ था। हालांकि, अब विभाग की लापरवाही के कारण यह पानी खेतों में सिंचाई के काम आने के बजाय बेकार बह रहा है। नहर की कोठी के गेट सही ढंग से बंद न होने या खराब होने के कारण पानी का रिसाव जारी है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि विभाग ने नहर की मरम्मत के नाम पर केवल खानापूर्ति की और मुख्य गेट की मरम्मत के बजाय केवल दीवारों पर प्लास्टर कर दिया। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि बांध की पाल पर बड़े-बड़े विलायती बबूल उग आए हैं। इन बबूलों की जड़ें पाल को भीतर से खोखला कर रही हैं, जिससे मानसून के दौरान बांध के टूटने या किसी बड़े हादसे का अंदेशा बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि इसी तरह पानी बहता रहा, तो गर्मी के मौसम में मवेशियों के लिए पीने के पानी की भारी किल्लत हो जाएगी। उन्होंने जल संसाधन विभाग पर आरोप लगाते हुए कहा कि बांध की देखरेख की जिम्मेदारी उन्हीं की है। ग्रामीणों ने अधिकारियों को बार-बार इस समस्या से अवगत कराया है, लेकिन कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा है। ग्रामीणों ने बारिश का मौसम शुरू होने से पहले पाल की सफाई और गेट की मरम्मत की मांग की है।
गुरुग्राम में गढ़ी हरसरू रेलवे स्टेशन पर ट्रेन की चपेट में आने से मां-बेटी की दर्दनाक मौत हो गई। 100 की रफ्तार से दौड़ रही ट्रेन उन्हें रौंदती चली गई और शरीर को 200 मीटर तक घसीटते ले गई। जिससे मां-बेटी के शरीर के आधा दर्जन से ज्यादा टुकड़े हो गए। मौके पर पहुंची पुलिस को कहीं पर हाथ मिला तो कहीं पैर मिला। सुबह के समय जयपुर जाने के लिए वे दोनों परिवार के तीन अन्य सदस्यों के साथ घर से निकले थे। स्टेशन पर प्लेटफार्म नंबर दो के नजदीक वे रेलवे ट्रैक पार कर टिकट लेने के लिए जा रहे थे। वे दिल्ली की तरफ से ट्रेन आती देखकर दूसरी साइड पर पटरियों पर खड़ी हो गई। एक साथ ट्रैक पर आ गई दो ट्रेन इस ट्रेन से बचने के लिए वे दूसरी ट्रैक पर आई गई, लेकिन इसी दौरान रेवाड़ी की तरफ से भी ट्रेन आ गई। पहली ट्रेन की आवाज में उन्हें दूसरी ट्रेन की आवाज नहीं सुनाई दी और ट्रेन ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। मृतकों की पहचान अलियार ढाणा गांव निवासी मधुबाला (65 वर्ष) और उनकी बेटी ममता (40 वर्ष) के रूप में हुई है। वे बुधवार सुबह करीब 5:30 बजे गढ़ी हरसरू रेलवे स्टेशन से जयपुर जाने के लिए निकली थीं। मधुबाला अपने भाई से मिलने जयपुर जा रही थी। पुलिस जांच कर रही घटना की सूचना मिलते ही जीआरपी थाना पुलिस से आईओ बाबूलाल अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जांच अधिकारी ने बताया कि प्राथमिक जांच में सामने आया है कि पटरी पार करते समय दोनों को ट्रेन का अंदाजा नहीं लग पाया। मामले की जांच की जा रही है और हादसे से जुड़े सभी पहलुओं की पड़ताल की जा रही है।
हरदोई के विवेकानंद सभागार में कृषि विभाग की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में जिले में आधुनिक और लाभकारी कृषि को बढ़ावा देने पर विस्तृत चर्चा हुई। अधिकारियों ने किसानों की आय में वृद्धि के उद्देश्य से ड्रैगन फ्रूट, मशरूम और एवोकैडो जैसी नकदी तथा उन्नत फसलों के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के निर्देश दिए। बैठक में यह भी बताया गया कि पारंपरिक खेती के साथ आधुनिक कृषि तकनीकों को अपनाने से किसान कम लागत में अधिक मुनाफा कमा सकते हैं। अधिकारियों ने इन फसलों की बढ़ती बाजार मांग और अच्छी कीमतों का उल्लेख किया। किसानों को इन फसलों की खेती के लिए जागरूक किया जाएगा और तकनीकी जानकारी भी प्रदान की जाएगी। कृषि विभाग के अधिकारियों ने किसानों को उन्नत बीज, बेहतर सिंचाई व्यवस्था, जैविक खाद और वैज्ञानिक तरीकों से खेती करने के लिए प्रेरित करने पर जोर दिया। जिले में आधुनिक कृषि मॉडल विकसित किए जाएंगे, जिससे अन्य किसान भी नई तकनीकों को अपनाने के लिए प्रेरित हो सकें। निर्देश दिए गए कि कृषि विभाग के कर्मचारी गांव-गांव जाकर किसानों को आधुनिक खेती की जानकारी दें और उन्हें सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने में सहायता करें। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य किसानों की आर्थिक स्थिति को मजबूत करना और उन्हें पारंपरिक खेती के साथ-साथ नई लाभकारी फसलों की ओर आकर्षित करना है। बैठक में कृषि विभाग के कई अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। सभी ने जिले में आधुनिक कृषि को बढ़ावा देने और किसानों की आय में वृद्धि के लिए मिलकर कार्य करने का संकल्प लिया।
शाहजहांपुर पहुंचे पूर्व मंत्री और समाजवादी पार्टी नेता नसीमुद्दीन सिद्दीकी का सपाइयों ने जोरदार स्वागत किया। वह कुंवर जयेश प्रसाद के आवास पर आयोजित पीडीए (पिछड़ा, दलित, अल्पसंख्यक) बैठक में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने मीडिया से बातचीत में भारतीय जनता पार्टी पर तीखा हमला बोला और चुनाव आयोग को भाजपा की कठपुतली बताया। नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि पश्चिम बंगाल में भाजपा ने जिस तरह “बेईमानी, धोखेबाजी और चुनाव आयोग का दुरुपयोग” किया, उसका परिणाम सबके सामने है। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनावी प्रक्रिया को प्रभावित करने का प्रयास किया जा रहा है। महंगाई और किसानों के मुद्दे उठाए सपा नेता ने कहा कि देश में महंगाई चरम पर पहुंच चुकी है और पेट्रोल-डीजल के दाम लगातार बढ़ रहे हैं। उन्होंने किसानों को गन्ने का भुगतान न मिलने का मुद्दा भी उठाया। उनका कहना था कि भुगतान अटकने से किसानों के परिवारों पर आर्थिक संकट गहरा रहा है और बेटियों की शादियां तक प्रभावित हो रही हैं। दलित उत्पीड़न के आरोप लगाए सिद्दीकी ने आरोप लगाया कि देशभर में दलितों पर अत्याचार बढ़ रहे हैं। उन्होंने सीतापुर में भाजपा के पदाधिकारियों पर एक बच्ची के कथित दुष्कर्म का आरोप लगाते हुए उन्नाव, हाथरस, सोनभद्र और महोबा जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया। “सपा की नीतियों से प्रभावित होकर जुड़ा” पूर्व मंत्री ने कहा कि वह समाजवादी पार्टी की नीतियों से प्रभावित होकर पार्टी में शामिल हुए हैं। उन्होंने बताया कि उनके साथ कई अन्य पूर्व मंत्री और नेता भी सपा का दामन थाम चुके हैं। उन्होंने अपनी सक्रियता का जिक्र करते हुए कहा कि ईद के दौरान तीन दिन छोड़कर वह लगातार दौरे कर रहे हैं। “48 जिलों का दौरा कर चुका हूं” नसीमुद्दीन सिद्दीकी ने बताया कि वह अब तक 48 जिलों का दौरा कर चुके हैं और शाहजहांपुर उनका 49वां जिला है। उन्होंने कहा कि आंख में टांके लगे होने के बावजूद वह लगातार तीन महीने से घर नहीं गए और संगठन को मजबूत करने के लिए लगातार लोगों के बीच जा रहे हैं। सिद्दीकी ने कहा कि पीडीए का उद्देश्य सभी वर्गों को एकजुट करना है। उन्होंने संविधान के उल्लंघन पर चिंता जताते हुए कहा कि देश भाजपा के कानून से नहीं, बल्कि संविधान से चलेगा।
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र में पुलिस ने देर रात बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शातिर चरस तस्कर को गिरफ्तार किया है। वाहन चेकिंग के दौरान पुलिस ने आरोपी को आधा किलो चरस के साथ दबोच लिया। आरोपी लंबे समय से क्षेत्र में चरस और गांजा तस्करी का नेटवर्क चला रहा था। बुधवार रात कल्याणपुर पुलिस बिठूर तिराहे पर संदिग्ध वाहनों की चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि क्षेत्र में लंबे समय से चरस और गांजे की सप्लाई करने वाला युवक एक ग्राहक को माल देने आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस ने निगरानी बढ़ाई। कुछ देर बाद पैदल आते एक युवक को रोकने का प्रयास किया गया, लेकिन वह पुलिस को देखकर भागने लगा। इसके बाद पुलिस टीम ने दौड़ाकर उसे पकड़ लिया। झोले से मिली आधा किलो चरसतलाशी के दौरान पुलिस को आरोपी के झोले से करीब आधा किलो चरस बरामद हुई। पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम प्रदीप मिश्रा पुत्र संत सेवक मिश्रा निवासी साहब नगर, पनकी रोड बताया। आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह लंबे समय से क्षेत्र में चरस और गांजे की तस्करी कर रहा था। वह सचेण्डी, उन्नाव और फतेहपुर समेत कई जिलों से थोक में नशीला पदार्थ खरीदकर लाता था और फिर उसकी छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर 100 और 200 रुपये में बेचता था। ग्राहक को सप्लाई देने जा रहा थापुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि बुधवार रात भी वह एक ग्राहक को चरस देने जा रहा था, लेकिन उससे पहले ही पुलिस ने उसे पकड़ लिया। अन्य साथियों की तलाश में जुटी पुलिसकल्याणपुर प्रभारी ट्रेनी आईपीएस सुमेंध मिलिंद जाधव ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी शातिर तस्कर है और काफी समय से नशे के कारोबार में सक्रिय था। उसके पास से आधा किलो चरस और 450 रुपये नकद बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी से गहन पूछताछ की जा रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में पुलिस टीम जुटी हुई है। जल्द ही अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी भी की जाएगी।
हापुड़ के गांव कल्याणपुर में बुधवार रात मामूली कहासुनी के बाद हुए चाकूबाजी के एक मामले में एक युवक की मौत हो गई। घटना के बाद गांव में तनाव का माहौल बन गया, जिसके मद्देनजर मौके पर पुलिस बल तैनात कर शांति व्यवस्था कायम रखी गई है। पुलिस के अनुसार, गांव निवासी धीरज शराब के नशे में गांव के ही 22 साल के रितिक पुत्र जोगिंदर के घर के सामने पहुंच गया। आरोप है कि धीरज वहां खड़े होकर गाली-गलौज करने लगा। रितिक ने उसे ऐसा करने से मना किया और इसका विरोध जताया। विरोध करने पर दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई। आरोप है कि इसी दौरान धीरज ने आक्रोश में आकर रितिक पर चाकू से हमला कर दिया। चाकू लगने से रितिक गंभीर रूप से घायल होकर जमीन पर गिर पड़ा। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। परिजन और ग्रामीण घायल युवक को तुरंत गढ़ स्थित नोबेल हॉस्पिटल ले गए। नोबेल हॉस्पिटल में प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने रितिक की गंभीर हालत देखते हुए उसे मेरठ रेफर कर दिया। परिजन रितिक को मेरठ के अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। कोतवाली प्रभारी देवेंद्र बिष्ट ने बताया कि मामले की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच पड़ताल की जा रही है।
बुलंदशहर की विशेष पॉक्सो अदालत ने नाबालिग बेटी से दुष्कर्म के दोषी पिता को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। विशेष न्यायाधीश विनीत चौधरी ने दोषी पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। फैसले में अदालत ने कड़ी टिप्पणी करते हुए कहा कि ऐसे अपराधी समाज के लिए कैंसर की तरह हैं, जो पिता-पुत्री जैसे पवित्र रिश्ते को कलंकित करते हैं। विशेष लोक अभियोजक पॉक्सो महेश राघव ने बताया कि मामला 6 अप्रैल 2021 को कोतवाली डिबाई में दर्ज किया गया था। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया था कि वह खेत पर कटाई कर रही थी, जबकि उसकी 14 वर्षीय बेटी अपनी बुआ के साथ दूसरे खेत में चारा काटने गई थी। कुछ देर बाद पीड़िता ने पड़ोस की एक महिला के फोन से रोते हुए मां को बताया कि उसके पिता ने उसके साथ दुष्कर्म किया है। जब मां घर पहुंची तो आरोपी पति वहां से फरार हो चुका था। पुलिस ने तत्काल मुकदमा दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। जांच पूरी होने के बाद दाखिल हुआ आरोप पत्र पुलिस ने मामले की जांच पूरी कर 3 जून 2021 को न्यायालय में आरोप पत्र दाखिल किया। सुनवाई के दौरान अदालत ने गवाहों के बयान, साक्ष्यों और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार किया। इसके बाद आरोपी पिता को किशोरी से दुष्कर्म का दोषी पाया गया। मां और बेटी बयान से मुकर गईं विशेष लोक अभियोजक ने बताया कि शुरुआत में पीड़िता और उसकी मां ने पुलिस व कोर्ट के सामने दुष्कर्म की घटना की पुष्टि की थी। हालांकि बाद में पारिवारिक दबाव और सामाजिक कारणों के चलते सुनवाई के दौरान दोनों अपने पुराने बयानों से मुकर गईं। इसके बावजूद एफएसएल रिपोर्ट में स्पर्म मैच होने की पुष्टि हुई। अदालत ने वैज्ञानिक साक्ष्यों और जांच रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को दोषी मानते हुए सजा सुनाई। कोर्ट बोला- न्यायालय ऐसे अपराध को माफ नहीं कर सकता फैसले में न्यायालय ने कहा कि अभियुक्त ने पिता-पुत्री के पवित्र रिश्ते को कलंकित किया है। ऐसा व्यक्ति समाज के लिए कैंसर के समान है, जिसे समाज से अलग करना जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि भले ही पीड़िता और उसकी मां ने आरोपी को क्षमा कर दिया हो, लेकिन न्यायालय इस प्रकार के घृणित अपराध को क्षमा नहीं कर सकता। अदालत ने टिप्पणी की कि यदि ऐसे मामलों में दया दिखाई गई तो समाज में गलत संदेश जाएगा। न्यायालय का दायित्व केवल सजा देना ही नहीं, बल्कि समाज को अपराध के प्रति स्पष्ट संदेश देना भी है।
अमेठी पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत एक बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने प्रतापगढ़ जिले के एक शातिर गांजा तस्कर घनश्याम कुमार शुक्ल को गिरफ्तार किया है। उसके पास से 10 किलो 100 ग्राम से अधिक गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत 12 लाख रुपये बताई जा रही है। यह गिरफ्तारी गौरीगंज कोतवाली क्षेत्र के सैठा बॉर्डर के पास बीती रात हुई। पुलिस ने एसपी के निर्देश पर चलाए जा रहे अभियान के दौरान एक बाइक सवार को रोका और उसकी तलाशी ली। तलाशी के दौरान बाइक की डिग्गी और दो झोलों से गांजा बरामद किया गया। तस्कर की पहचान प्रतापगढ़ के उदयपुर थाना क्षेत्र निवासी घनश्याम कुमार शुक्ला के रूप में हुई। पुलिस ने तस्कर के पास से घटना में प्रयुक्त एक मोबाइल फोन और एक प्लैटिना मोटरसाइकिल भी जब्त की है। मामले का खुलासा करते हुए एसपी सरवणन टी ने बताया कि घनश्याम कुमार शुक्ला कई सालों से गांजा तस्करी में लिप्त था। वह प्रयागराज के सहसो से 'जीएस' नामक व्यक्ति से गांजा खरीदता था। एसपी ने आगे बताया कि तस्कर मोबाइल फोन पर वेब ऐप के माध्यम से ग्राहकों को गांजे की तस्वीरें भेजता था। ग्राहक द्वारा पुष्टि करने के बाद वह मौके पर जाकर गांजे की सप्लाई करता था। पुलिस अब उसके आसपास के जिलों में आपराधिक इतिहास खंगाल रही है और उसे जेल भेजने की कार्रवाई कर रही है।
खडूर साहिब के सांसद अमृतपाल सिंह की माता ने मुख्यमंत्री पंजाब भगवंत मान की शुकराना यात्रा के दौरान उनसे मुलाकात की। यह मुलाकात अमृतसर में उस समय हुई जब मुख्यमंत्री अपने निर्धारित कार्यक्रमों के तहत विभिन्न स्थानों पर जनसभाओं में शामिल थे। CM भगवंत मान के खिलाफ लगे मुर्दाबाद के नारे मुलाकात के दौरान अमृतपाल सिंह की माता ने मुख्यमंत्री का हाथ पकड़कर अपनी भावनाए व्यक्त कीं और कहा आप भी किसी मां के बेटे हो, मेरे बेटे को पंजाब क्यों नहीं लाया जा रहा। इसी बीच, मुख्यमंत्री के खिलाफ सांसद अमृतपाल सिंह की माता ने नारेबाजी की। भगवंत मान मुर्दाबाद के नारे भी लगाए। इस घटना के बाद मुख्यमंत्री अपने निर्धारित कार्यक्रमों के अनुसार आगे बढ़ गए और यात्रा जारी रही। गौरतलब है कि आज पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान की जालंधर और अमृतसर में “शुक्राना यात्रा” थी, जिसके दौरान वे लोगों से मिल रहे थे। इसी दौरान उनकी मुलाकात सांसद अमृतपाल सिंह की माता से भी हुई, जिन्होंने उनसे भेंट की। अमृतपाल ने जेल में रहकर रिकॉर्ड वोटों से चुनाव जीता अमृतपाल सिंह ने जेल में रहते हुए 2024 में पंजाब की खडूर साहिब लोकसभा सीट से निर्दलीय चुनाव लड़ा। उनके पास किसी तरह का कैडर या पार्टी का भी सहारा नहीं था। अमृतपाल ने खुद प्रचार तक नहीं किया। इसके बावजूद वह 1.79 लाख वोटों चुनाव जीते। पंजाब के 13 लोकसभा क्षेत्रों में जीत का यह सबसे बड़ा अंतर था। परिवार के अनुसार अमृतपाल को जेल से बाहर लाने के लिए संगत ने फैसला लिया था कि उन्हें लोकसभा चुनाव 2024 लड़वाया जाए। अमृतपाल इसके लिए राजी नहीं थे, तब माता-पिता और वकील ने जेल में जाकर उन्हें मनाया। चुनाव का कैंपेन भी पिता तरसेम सिंह ने ही संभाला था। अमृतपाल समर्थकों ने पार्टी बनाई, तरनतारन उपचुनाव भी लड़ रहे अमृतपाल की चुनाव में जीत के बाद उनके समर्थकों ने पंजाब में नई पार्टी बना ली है। इसमें फरीदकोट से निर्दलीय सांसद चुने गए सर्वजीत सिंह खालसा भी उनके साथ हैं। पार्टी का नाम (अकाली दल वारिस पंजाब दे) रखा गया है। पार्टी का अध्यक्ष असम की डिब्रूगढ़ जेल में बंद सांसद अमृतपाल को बनाया गया है। अध्यक्ष अमृतपाल के जेल में होने के कारण पार्टी को चलाने के लिए कमेटी बनाई गई है। जिसने पंजाब में मैंबरशिप ड्राइव को शुरू भी कर दिया है। इतना ही नहीं, कुछ माह पहले ही अमृतपाल सिंह की इस पार्टी ने उसे 2027 विधानसभा चुनावों के लिए मुख्यमंत्री कैंडिडेट भी घोषित कर रखा है। 11 नवंबर को होने वाले तरनतारन उप-चुनाव में अमृतपाल सिंह की पार्टी ने हिंदू नेता सुधीर सूरी की हत्या के आरोपी संदीप सिंह सन्नी के भाई मनदीप सिंह को टिकट देकर मैदान में उतारा है।
जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए एयर कनेक्टिविटी एक बार फिर पटरी पर लौटने लगी है। लंबे समय से बंद पड़ी अबू धाबी की दूसरी फ्लाइट सेवा अब दोबारा शुरू कर दी गई है। एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट EY - 328 और EY - 329 के दोबारा संचालन शुरू होने से पैसेंजर्स को बड़ी राहत मिली है। दरअसल, ईरान-अमेरिका तनाव और युद्ध जैसे हालात के चलते खाड़ी देशों के लिए कई उड़ानों के संचालन पर असर पड़ा था। इसी के चलते एतिहाद एयरवेज की यह फ्लाइट भी 1 मार्च से बंद कर दी गई थी। लेकिन अब क्षेत्र में सीजफायर और हालात सामान्य होने के बाद एयरलाइंस कंपनियां धीरे-धीरे अपनी सेवाएं फिर से बहाल कर रही हैं। नई व्यवस्था के तहत अबू धाबी से एतिहाद एयरवेज की फ्लाइट रात 2 बजकर 10 मिनट पर जयपुर एयरपोर्ट पहुंचेगी, जबकि जयपुर से यह फ्लाइट तड़के सुबह 3 बजकर 55 मिनट पर अबू धाबी के लिए रवाना होगी। इस सेवा के शुरू होने से राजस्थान से खाड़ी देशों में काम करने वाले प्रवासी भारतीयों, व्यापारियों और पर्यटकों को काफी सुविधा मिलेगी। अब तक जयपुर से अबू धाबी के लिए केवल शाम के समय एक फ्लाइट संचालित हो रही थी, लेकिन दूसरी उड़ान शुरू होने के बाद यात्रियों को समय के लिहाज से बेहतर विकल्प मिल पाएंगे। एयरपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि अंतरराष्ट्रीय उड़ानों की स्थिति लगातार सामान्य हो रही है। ऐसे में आने वाले समय में खाड़ी देशों के लिए अन्य सेवाओं में भी बढ़ोतरी हो सकती है। एविएशन एक्सपर्ट्स के अनुसार जयपुर एयरपोर्ट से खाड़ी देशों के लिए सीधी उड़ानों की मांग लगातार बढ़ रही है। बड़ी संख्या में राजस्थान के लोग यूएई और अन्य खाड़ी देशों में रोजगार और कारोबार से जुड़े हुए हैं। ऐसे में दूसरी फ्लाइट शुरू होने से पैसेंजर्स का दबाव कम होगा और यात्रा पहले के मुकाबले अधिक सुविधाजनक हो सकेगी।
हापुड़। मेरठ रेंज के जनपद हापुड़ और बुलंदशहर ने प्रदेश स्तरीय सीसीटीएनएस (क्राइम एंड क्रिमिनल ट्रैकिंग नेटवर्क एंड सिस्टम) रैंकिंग में प्रथम स्थान हासिल किया है। मार्च 2026 की जारी रैंकिंग में दोनों जनपद शीर्ष-10 सूची में सबसे ऊपर रहे। इस उपलब्धि पर डीआईजी मेरठ रेंज कलानिधि नैथानी ने पुलिस अधिकारियों और टीमों की सराहना की है। डीआईजी कलानिधि नैथानी ने बताया कि पुलिस तकनीकी सेवाएं मुख्यालय, उत्तर प्रदेश लखनऊ द्वारा प्रत्येक माह जनपदों की सीसीटीएनएस रैंकिंग जारी की जाती है। इसके लिए 16 प्रमुख पैरामीटर निर्धारित किए गए हैं, जिनमें डेटा सिंक, अपराध विश्लेषण पोर्टल पर कार्य, शिकायतों का निस्तारण, गिरफ्तार अभियुक्तों और गुमशुदाओं की फीडिंग जैसे तकनीकी बिंदु शामिल हैं। मार्च 2026 के आंकड़ों के आधार पर जारी रैंकिंग में हापुड़ और बुलंदशहर जनपदों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। डीआईजी ने बताया कि गत माह परिक्षेत्र के सभी जनपदों की सीसीटीएनएस कार्यप्रणाली की समीक्षा कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए थे, जिस पर हापुड़ और बुलंदशहर की पुलिस टीमों ने प्रभावी कार्य करते हुए यह उपलब्धि प्राप्त की। डीआईजी ने पुलिस अधीक्षक हापुड़ केजी सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक बुलंदशहर की प्रशंसा करते हुए कहा कि तकनीकी कार्यों में बेहतर समन्वय और समयबद्ध फीडिंग के कारण यह सफलता मिली है। साथ ही उन्होंने परिक्षेत्र के अन्य जनपदों को भी सीसीटीएनएस के सभी पैरामीटर पर शत-प्रतिशत कार्य सुनिश्चित करने और भविष्य में भी बेहतर प्रदर्शन करने के लिए प्रेरित किया।
देवरिया में रेलवे ट्रैक पार करते किसान की मौत:बभनी गांव के पास ट्रेन की चपेट में आने से हुआ हादसा
देवरिया जिले के बरियारपुर थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक किसान की ट्रेन की चपेट में आने से मौत हो गई। यह हादसा बभनी गांव के पास रेलवे ट्रैक पर हुआ। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान मालीबारी गांव निवासी 50 वर्षीय जय प्रकाश सिंह पुत्र चन्द्रभान सिंह के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, जय प्रकाश सिंह गुरुवार को किसी काम से निकले थे। बभनी गांव के पास रेलवे ट्रैक पार करते समय वह अचानक ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग और बरियारपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव की पहचान कर परिजनों को सूचित किया। किसान की मौत की खबर से परिवार में शोक का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, जय प्रकाश सिंह एक किसान थे और खेती-किसानी से अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी आकस्मिक मृत्यु से गांव में दुख का माहौल है। पुलिस ने शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस घटना के संबंध में आगे की जांच कर रही है। स्थानीय लोगों ने रेलवे ट्रैक पार करते समय सावधानी बरतने की अपील की है।
शुभम सिंह ने कोडीन कफ सिरप मामले में आत्मसमर्पण किया:एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में किया सरेंडर
गाजीपुर में कोडीन कफ सिरप के अवैध कारोबार से जुड़े मामले में एक और आरोपी शुभम सिंह ने अदालत में आत्मसमर्पण कर दिया है। शुभम सिंह ने एडीजे प्रथम शक्ति सिंह की अदालत में सरेंडर किया। इस मामले में कुल छह लोगों के खिलाफ सदर कोतवाली में मुकदमा दर्ज किया गया था। पुलिस ने इससे पहले एक आरोपी सर्वांश वर्मा को गिरफ्तार किया था, जबकि अन्य आरोपी फरार चल रहे थे। फरार आरोपियों पर पुलिस ने 25-25 हजार रुपए का इनाम भी घोषित किया था। फरार आरोपियों की तलाश तेज करने और कुर्की की कार्रवाई शुरू करने के बाद पुलिस का दबाव बढ़ा। इसी के चलते, 5 मई को आरोपी दयाराम सिंह और राहुल यादव ने भी न्यायालय में आत्मसमर्पण कर दिया था। शुभम सिंह के सरेंडर के बाद अब गिरफ्तार और आत्मसमर्पण करने वाले आरोपियों की संख्या बढ़ गई है। हालांकि, पुलिस के लिए चुनौती अभी समाप्त नहीं हुई है। मामले में दो अन्य आरोपी नीलेश श्रीवास्तव और अमित सिंह अभी भी फरार हैं। पुलिस उनकी गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दे रही है। इस पूरे मामले की पुष्टि विशेष लोक अभियोजक रत्नाकर दूबे ने की है।
उत्तर प्रदेश सरकार के 'स्वयं गणना अभियान' का गुरुवार को पूरनपुर तहसील सभागार में शुभारंभ हुआ। इस अभियान का उद्देश्य पारदर्शिता और सटीक डेटा संकलन सुनिश्चित करना है। कार्यक्रम सुबह 11:30 बजे शुरू हुआ, जिसमें क्षेत्र के जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भाग लिया। अभियान को गति देने के लिए भाजपा विधायक बाबूराम पासवान, नगर पालिका अध्यक्ष शैलेंद्र गुप्ता और जिला पंचायत अध्यक्ष पति गुरभाग सिंह ने स्वयं पोर्टल पर अपनी जानकारी दर्ज की। उनके साथ अधिवक्ता संघ के अध्यक्ष संजय सक्सेना, महामंत्री सुशील कुमार और उपाध्यक्ष संजय पांडे ने भी ऑनलाइन पंजीकरण कराया। जनप्रतिनिधियों ने इस अवसर पर जनता से अपील की कि वे डिजिटल माध्यम से अपनी जानकारी साझा करें। उन्होंने कहा कि यह प्रक्रिया भविष्य के विकास के लिए अनिवार्य है। कार्यक्रम के दौरान एसडीएम अजीत प्रताप सिंह और तहसीलदार आशीष कुमार गुप्ता ने उपस्थित लोगों को पोर्टल की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से समझाया। अधिकारियों ने बताया कि इस पोर्टल के माध्यम से नागरिक स्वयं अपनी सही जानकारी ऑनलाइन दर्ज कर सकेंगे, जिससे पारदर्शिता बढ़ेगी। अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि सही डेटा होने से सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र व्यक्तियों तक बिना किसी बाधा के पहुंच सकेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि इस गणना का एक मुख्य उद्देश्य घुसपैठियों की पहचान करना और राष्ट्रीय सुरक्षा को मजबूत करना भी है। इस अवसर पर नायब तहसीलदार ऋषिकांत दीक्षित, अभिषेक त्रिपाठी, क्षेत्रीय लेखपाल और नगर के कई सम्मानित नागरिक मौजूद रहे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों ने संयुक्त रूप से जनपदवासियों से अपील की कि वे इस अभियान में बढ़-चढ़कर हिस्सा लें और पोर्टल पर अपनी सही जानकारी दर्ज कराएं ताकि जिले के विकास की रूपरेखा प्रभावी ढंग से तैयार की जा सके।
जयपुर के निर्देशक ऋत्विक पारीक की बहुचर्चित फिल्म ‘डुग डुग’ की स्पेशल स्क्रीनिंग जयपुर में आयोजित की गई। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में सराहना बटोर चुकी यह व्यंग्यात्मक मिस्ट्री फिल्म अब 8 मई को देशभर के सिनेमाघरों में रिलीज होने जा रही है। स्क्रीनिंग के दौरान फिल्म की प्रोड्यूसर प्रेरणा पारीक, मुख्य कलाकार अल्ताफ खान, गौरव सोनी, योगेन्द्र सिंह, हेमंत शर्मा सहित शहर के कई प्रबुद्धजन मौजूद रहे। इस खास मौके पर फिल्म से जुड़े कलाकारों और टीम ने अपनी लंबी यात्रा, राजस्थानी संस्कृति और क्षेत्रीय सिनेमा को लेकर खुलकर बात की। जयपुर हमारा घर है, यहीं व्यक्त करना था आभार फिल्म की प्रोड्यूसर प्रेरणा पारीक ने कहा कि ‘डुग डुग’ पूरी तरह राजस्थान की मिट्टी से जुड़ी फिल्म है। इसकी कहानी यहीं लिखी गई, शूटिंग राजस्थान में हुई और फिल्म की 70 प्रतिशत से अधिक कास्ट और क्रू भी यहीं के कलाकारों और तकनीशियनों से जुड़ी है। उन्होंने कहा कि हमारा मन था कि फिल्म रिलीज से पहले जयपुर में एक स्पेशल स्क्रीनिंग रखकर उन सभी लोगों का आभार व्यक्त करें, जिन्होंने हमारी इस लंबी यात्रा में साथ दिया। इसलिए हमने पूरी कास्ट, क्रू और अपने करीबी लोगों को यहां आमंत्रित किया। हमें उम्मीद है कि दर्शकों को यह फिल्म जरूर पसंद आएगी। प्रेरणा ने बताया कि फिल्म किसी सच्ची घटना से प्रेरित है, लेकिन यह निर्देशक ऋत्विक पारीक की अपनी कल्पना और व्याख्या है। हम सब राजस्थान से हैं। बचपन से देवी-देवताओं और लोककथाओं को सुनते हुए बड़े हुए हैं। ऐसी कई कहानियां होती हैं, जो हमारे भीतर रह जाती हैं। ऋत्विक ने उन्हीं अनुभवों और लोकविश्वासों से प्रेरणा लेकर यह कहानी रची है। हर दर्शक अपने तरीके से समझेगा फिल्म का संदेश राजस्थानी कला और संस्कृति के जरिए दिए गए संदेश पर बात करते हुए प्रेरणा ने कहा कि फिल्म का अर्थ हर व्यक्ति के लिए अलग हो सकता है। उन्होंने कहा कि आप फिल्म देखेंगे तो आपको अलग संदेश मिलेगा, मुझे अलग महसूस होगा और जिन कलाकारों ने इसमें काम किया है, उन्हें कुछ और दिखाई देगा। यही सिनेमा की खूबसूरती है। मेरा बस यही संदेश है कि लोग थिएटर में जाकर फिल्में देखें। जब दर्शक थिएटर में आएंगे तभी ऐसी फिल्में बनेंगी। उन्होंने कहा कि हिंदी और राजस्थानी जैसी क्षेत्रीय भाषाओं की फिल्मों को आगे आने की बहुत जरूरत है।राजस्थान से बहुत कम फिल्में राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच पाती हैं, लेकिन इस फिल्म को अनुराग कश्यप, निखिल आडवाणी, वसान बाला और विक्रमादित्य मोटवानी जैसे बड़े फिल्मकारों का समर्थन मिला। स्वतंत्र फिल्मों को सपोर्ट करने वाले रंजन सिंह और पूरी टीम की वजह से हम आज इस फिल्म को थिएटर तक ला पाए हैं। राजस्थानी भाषा को पहचान दिलाने में मदद करेगी फिल्म -अल्ताफ खान फिल्म में ‘ठाकुर सा’ का किरदार निभाने वाले अभिनेता अल्ताफ खान ने कहा कि उन्हें खुशी है कि राजस्थान में भी अब इस तरह का गंभीर और प्रयोगात्मक सिनेमा बन रहा है। उन्होंने कहा कि मुझे यह किरदार इसलिए पसंद आया क्योंकि इसमें संवाद बहुत कम थे और अभिनय पूरी तरह भाव-भंगिमाओं पर आधारित था। यह मेरे लिए चुनौतीपूर्ण और खास अनुभव रहा। मुझे लगता है कि ऐसी फिल्में राजस्थानी भाषा और संस्कृति को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने में मदद करेंगी। उन्होंने दर्शकों से अपील करते हुए कहा कि वे सिनेमाघरों में जाकर फिल्म देखें और राजस्थानी सिनेमा को समर्थन दें। इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल्स में बटोर चुकी है सराहना ‘डुग डुग’ का प्रीमियर 2021 में प्रतिष्ठित टोरंटो इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल (TIFF) में हुआ था। इसके बाद फिल्म को सांता बारबरा इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल, मेलबर्न इंडियन फिल्म फेस्टिवल, लॉस एंजिल्स इंडियन फिल्म फेस्टिवल, मामी मुंबई फिल्म फेस्टिवल और केरल इंटरनेशनल फिल्म फेस्टिवल जैसे मंचों पर भी सराहा गया।
मोतिहारी के पकड़ीदयाल थाना क्षेत्र में एक सड़क दुर्घटना में दो लोगों की मौत हो गई। घटना के बाद नाराज ग्रामीणों ने भारतमाला हाईवे को करीब दो घंटे तक जाम कर दिया। यह मामला थाना क्षेत्र के बदला गांव के समीप भारतमाला रोड का है, जहां गुरुवार सुबह सड़क किनारे दो शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतकों की पहचान बड़कागांव वार्ड संख्या-13 निवासी सत्यनारायण राम(65) और सूरज कुमार(19) के रूप में हुई है। बताया गया कि सत्यनारायण राम गांव में पूजा-पाठ का कार्य करते थे, जबकि सूरज कुमार हजाम का काम करता था। दोनों बुधवार रात रामपुरवा गांव में शादी-विवाह के सिलसिले में आयोजित मटकोर पूजा में शामिल होने गए थे। देर रात तक घर वापस न लौटने पर परिजनों ने उनकी खोजबीन शुरू की। इसी दौरान ग्रामीणों से सूचना मिली कि बड़कागांव ढाला के पास भारतमाला हाईवे किनारे दो लोगों के शव पड़े हुए हैं। दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी की मांग सूचना मिलते ही परिजन मौके पर पहुंचे और दोनों शवों की पहचान की। घटना से आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क दुर्घटना में मौत का आरोप लगाते हुए भारतमाला हाईवे को जाम कर दिया। ग्रामीण मृतकों के परिजनों को मुआवजा और दोषी वाहन चालक की गिरफ्तारी की मांग कर रहे थे। सड़क जाम होने से दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया। 2 घंटे बाद जाम हुआ खत्म बाद में पूर्व मुखिया विजय सिंह एवं स्थानीय जनप्रतिनिधियों के हस्तक्षेप के बाद ग्रामीण शांत हुए और करीब दो घंटे बाद जाम समाप्त कराया गया। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर थाना लाई और पोस्टमार्टम के लिए मोतिहारी सदर अस्पताल भेज दिया। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है। पकड़ीदयाल थानाध्यक्ष अभिषेक कुमार ने बताया कि सड़क किनारे दो लोगों के शव बरामद हुए हैं। प्रथम दृष्टया मामला सड़क दुर्घटना का प्रतीत हो रहा है। दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है तथा मामले की जांच की जा रही है।
बिहार पुलिस की स्पेशल ब्रांच में तैनात मुजफ्फरपुर के इंस्पेक्टर और सब-इंस्पेक्टर के बीच चल रहा विवाद का पुलिस मुख्यालय ने संज्ञान लिया है। मुख्यालय ने दोनों पक्षों को 7 मई 2026 (गुरुवार) को पटना तलब किया है। ये कार्रवाई लगभग दो वर्षों के इंतजार के बाद की गई है। विवाद की शुरुआत 14 अक्टूबर 2024 को भेजे गए शिकायती पत्रों से हुई थी। मुजफ्फरपुर स्पेशल ब्रांच में तैनात सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार सिंह ने पत्र लिखकर तत्कालीन इंस्पेक्टर दिलीप कुमार पर मानसिक और शारीरिक शोषण का आरोप लगाया था। धर्मेंद्र सिंह ने अपने पत्र में ये भी उल्लेख किया था कि अगर उन्हें समय से पहले सेवानिवृत्ति (VRS) नहीं दी गई, तो वे आत्महत्या करने को मजबूर होंगे। धर्मेंद्र सिंह ने दिलीप सिंह पर जूनियर के उत्पीड़न का आरोप भी लगाया था धर्मेंद्र सिंह के आरोपों के मुताबिक, इंस्पेक्टर दिलीप कुमार जूनियर अधिकारियों का उत्पीड़न करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सूचना संकलन के लिए तैनात वाचर जयप्रकाश गौतम, जो धर्मेंद्र सिंह के अधीन कार्यरत हैं, उन्हें फील्ड में भेजने के बजाय इंस्पेक्टर उनसे घरेलू कार्य करवाते हैं। धर्मेंद्र सिंह ने इन आरोपों की तकनीकी जांच की भी मांग की थी। धर्मेंद्र सिंह के आरोपों को लेकर दिलीप सिंह ने भी किया था पत्रचार दूसरी ओर, इंस्पेक्टर दिलीप कुमार ने भी सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र कुमार सिंह के खिलाफ कई पत्राचार किए थे। इस मामले में स्थानीय पुलिस से भी रिपोर्ट मंगवाई जा चुकी है। ये मामला केवल विभागीय पत्राचार तक सीमित नहीं रहा। सब-इंस्पेक्टर धर्मेंद्र सिंह की पत्नी रूबी सिंह ने मुजफ्फरपुर के मुख्य न्यायिक दंडाधिकारी (CJM) की अदालत में इंस्पेक्टर दिलीप कुमार और अन्य के खिलाफ एक परिवाद दायर किया था। परिवाद में आरोप लगाया गया था कि कार्यालय में आयोजित एक बैठक के दौरान उनके पति के साथ अभद्र व्यवहार और मारपीट की गई थी। इसी घटना के बाद धर्मेंद्र सिंह ने वीआरएस की मांग उठाई थी। 14 वर्षों से एक ही जगह जमे हैं इंस्पेक्टर दिलीप कुमार जानकारी के अनुसार, आरोपी इंस्पेक्टर दिलीप कुमार साल 2012 में बेगूसराय से ट्रांसफर होकर मुजफ्फरपुर स्पेशल ब्रांच में आए थे। तब से लेकर अब तक, यानी पिछले करीब 14 साल से वे एक ही शाखा में कार्यरत हैं। लंबे समय तक एक ही पद और स्थान पर बने रहने को भी इस प्रशासनिक कलह और दबदबे का एक बड़ा कारण माना जा रहा है। मुख्यालय की कार्रवाई पर टिकी निगाहें पुलिस मुख्यालय पटना की ओर से जारी पत्र के अनुसार, आज गुरुवार को दोनों पदाधिकारियों को आमने-सामने बिठाकर उनका पक्ष सुना जाएगा। अब देखना यह होगा कि अनुशासन का पाठ पढ़ाने वाला पुलिस विभाग अपने ही अधिकारियों के बीच व्याप्त इस गंभीर 'गृहयुद्ध' पर क्या कार्रवाई करता है। क्या लंबे समय से एक ही जगह जमे अधिकारियों का तबादला होगा या उत्पीड़न के आरोपों पर गाज गिरेगी।
शहर के आवासीय इलाकों में संचालित अस्पतालों, पैथोलॉजी लैब और डायग्नोस्टिक सेंटरों पर आवास विकास परिषद ने सख्ती बढ़ा दी है। परिषद की ओर से करीब 1500 चिकित्सीय संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। इनमें से कुछ संस्थानों पर शहर में सीलिंग की कार्रवाई भी की जा चुकी है। कार्रवाई के बाद निजी स्वास्थ्य क्षेत्र में चिंता बढ़ गई है। इसी बीच मुख्य चिकित्सा अधिकारी (CMO) कार्यालय में नए अस्पताल, लैब और डायग्नोस्टिक सेंटर के लाइसेंस से जुड़े 198 आवेदन फिलहाल कुछ समय के लिए होल्ड पर रख दिए गए हैं। इससे नए संस्थान शुरू करने की तैयारी कर रहे लोगों में असमंजस की स्थिति बनी हुई है। प्रवर्तन अधिकारी जीएम खन्ना ने बताया कि आवासीय क्षेत्रों में नियमों के विपरीत संचालित हो रहे चिकित्सीय संस्थानों को नोटिस जारी किए गए हैं। परिषद की ओर से नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और संबंधित संस्थानों से जवाब मांगा गया है। दूसरी ओर, इंडियन मेडिकल एसोसिएशन (IMA) ने इस कार्रवाई का विरोध जताया है। IMA अध्यक्ष डॉ. पंकज नागेच ने कहा कि यदि इसी तरह अस्पतालों और लैबों पर कार्रवाई जारी रही तो डॉक्टरों को लामबंद होना पड़ेगा। उनका कहना है कि शहर में बड़ी संख्या में छोटे अस्पताल और जांच केंद्र आवासीय इलाकों में संचालित हैं, जहां लोगों को स्थानीय स्तर पर इलाज और जांच की सुविधा मिलती है। IMA ने चेतावनी दी है कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था के इस तरह की कार्रवाई से चिकित्सा सेवाएं प्रभावित हो सकती हैं। संगठन ने सरकार से मामले में व्यावहारिक समाधान निकालने की मांग की है। साथ ही मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजने की तैयारी भी की जा रही है। आवास विकास परिषद और डॉक्टर संगठनों के बीच बढ़ते विवाद के बाद अब इस मामले पर प्रशासनिक स्तर पर समाधान की उम्मीद जताई जा रही है।
अबोहर के गांव निहालखेड़ा में एक व्यक्ति ने मानसिक परेशानी के चलते आत्महत्या कर ली। लगभग 43 वर्षीय राम किशन ने कल देर शाम अपने घर के कमरे में फंदा लगाकर जान दे दी। वह बागों की ठेकेदारी का काम करता था। परिजनों के अनुसार, राम किशन शाम को अपने कमरे में चला गया और काफी देर तक दरवाजा नहीं खोला। जब बार-बार खटखटाने पर भी कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली, तो परिजनों ने दरवाजा खोला। उन्हें राम किशन पंखे से लटका हुआ मिला। पुलिस ने शव को मोर्चरी में रखवाया परिजनों ने तुरंत उसे फंदे से उतारा, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना थाना खुईखेड़ा पुलिस को दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है और मामले की जांच कर रही है। मृतक के भाई ने बताया कि राम किशन पिछले काफी समय से नींद न आने की समस्या से जूझ रहा था और उसकी दवा भी चल रही थी। वह मानसिक तनाव के कारण अक्सर शाम को जल्दी सो जाता था।राम किशन दो बच्चों का पिता था, जिसमें एक बेटा और एक बेटी शामिल हैं।
बिहार में गुरुवार को सम्राट कैबिनेट का विस्तार हुआ। 30 विधायकों ने शपथ ली। इनके साथ निशांत कुमार और दीपक प्रकाश ने भी शपथ ली। दोनों अभी किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं। कैबिनेट में JDU कोटे से तीन फ्रेश चेहरों को शामिल किया गया है। वहीं, बीजेपी ने अपने 5 विधायकों को पहली बार मंत्रिमंडल में जगह दी है। जदयू कोटे से पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार ने मंत्री पद की शपथ ली है। उनके साथ जदयू से श्वेता गुप्ता और बुलो मंडल ने भी मंत्री पद की शपथ ली। बीजेपी से 5 नए चेहरे- मिथिलेश तिवारी, रामचंद्र पासवान, अरूण शंकर पासवान, नंद किशोर राम और इंजीनियर शैलेंद्र को पहली बार मंत्रीमंडल में जगह मिली है। JDU से इन 3 चेहरों को मंत्रिमंडल में जगह मिली 1. निशांत कुमार - बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार लंबे समय तक सक्रिय राजनीति से दूर रहे, लेकिन हाल के दिनों में जदयू की सदस्यता लेने के बाद वे राजनीतिक तौर पर सक्रिय हुए हैं। इंजीनियरिंग की पढ़ाई कर चुके निशांत अब धीरे-धीरे सार्वजनिक कार्यक्रमों में नजर आने लगे हैं। निशांत कुमार वर्तमान में बेहार में सद्भावना यात्रा निकाल रहे हैं और राज्य के सभी जिलों का दौरा कर रहे हैं। निशांत बिहार में अपनी राजनीतिक और सामाजिक पकड़ मजबूत करने को प्राथमिकता दे रहे हैं। इस बीच उनके मंत्री बनने से जेडीयू कार्यकर्ता उत्साहित हैं। फिलहाल, निशांत कुमार बिहार के किसी भी सदन के सदस्य नहीं हैं, लेकिन जदयू के भीतर उन्हें नई पीढ़ी के संभावित चेहरे के रूप में देखा जा रहा है। 2. बुलो मंडल - शैलेश कुमार मंडल उर्फ बुलो मंडल ने बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में जीत दर्ज कर विधायक निर्वाचित हुए हैं। वे गोपालपुर सीट से बिहार विधानसभा के सदस्य हैं। इससे पहले बुलो मंडल भागलपुर लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से संसद सदस्य भी रहे। उन्होंने राष्ट्रीय जनता दल के उम्मीदवार के रूप में 2014 के लोकसभा चुनाव में जीत दर्ज की थी, लेकिन 2019 के आम चुनाव में अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवार अजय कुमार मंडल से हार गए। 3. श्वेता गुप्ता - शिवहर से नई चुनी गई जेडीयू एमएलए डॉ. श्वेता गुप्ता, मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की कैबिनेट में शामिल होने वाली हैं। 44 साल की डॉ. श्वेता के लिए यह जीत इसलिए भी खास है क्योंकि वह आजादी के 78 सालों में शिवहर विधानसभा सीट से एमएलए चुनी जाने वाली पहली महिला हैं। राजनीति में आने से पहले, डॉ. श्वेता एक बहुत सफल और जानी-मानी डॉक्टर थीं। उन्होंने लंबे समय तक सीतामढ़ी और शिवहर इलाके में मरीजों की सेवा की और अपनी एक अलग पहचान बनाई। उनके पति, डॉ. वरुण कुमार, भी सीतामढ़ी में एक जाने-माने डॉक्टर हैं, जो मेडिकल प्रैक्टिस के अलावा, हॉस्पिटल, स्कूल और रेस्टोरेंट समेत कई दूसरे बिजनेस भी सफलतापूर्वक चलाते हैं। BJP से मंत्रिमंडल में 5 नए चेहरों को जगह 1. केदार गुप्ता - मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के कैबिनेट में केदार प्रसाद गुप्ता ने मंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले केदार प्रसाद नीतीश कैबिनेट में भी मंत्री रह चुके हैं। कुढ़नी विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक केदार प्रसाद गुप्ता बिहार भाजपा में तेजी से उभरते वैश्य चेहरों में गिने जा रहे हैं। वे कई बार विधायक रह चुके हैं और संगठन में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, जमीनी स्तर पर मजबूत पकड़ और चुनावी संघर्षों में लगातार सक्रिय भूमिका ने उन्हें प्रदेश नेतृत्व के भरोसेमंद नेताओं की सूची में ला खड़ा किया है। इसी वजह से सम्राट चौधरी के मुख्यमंत्री बनने के बाद कैबिनेट में उनका नाम शामिल हुआ है। 2. मिथिलेश तिवारी - मिथिलेश तिवारी बिहार के एक जाने-माने BJP नेता और पॉलिटिशियन हैं, जो गोपालगंज ज़िले के बैकुंठपुर चुनाव क्षेत्र से विधायक हैं। 2015-2020 सत्र के दौरान भी वे विधानसभा सदस्य (विधायक) रहे। विधानसभा चुनाव 2025 में मिथिलेश तिवारी ने दोबारा जीत दर्ज कर विधानसभा पहुंचे हैं। उन्होंने बिहार BJP के स्टेट जनरल सेक्रेटरी के तौर पर भी काम किया है। मिथिलेश तिवारी का जन्म 29 दिसंबर, 1971 को बिहार के गोपालगंज जिले के डुमरिया गांव में एक ब्राह्मण परिवार में हुआ था। वह एक गरीब किसान थे जो खेती करते थे। 3. रामचंद्र प्रसाद - दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक रामचंद्र प्रसाद ने बिहार सरकार में मंत्री पद की शपथ ले ली। जिला परिषद से राजनीतिक सफर शुरू करने वाले रामचंद्र साह लगातार दूसरी बार विधायक चुने गए थे। रामचंद्र प्रसाद भाजपा के अनुभवी नेताओं में शामिल हैं और लंबे समय से संगठन व चुनावी राजनीति में सक्रिय हैं। ग्रामीण क्षेत्रों में उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। पार्टी के विभिन्न अभियानों और संगठन विस्तार में उन्होंने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। भाजपा नेतृत्व उन्हें शांत स्वभाव और संगठन के प्रति समर्पित नेता के रूप में देखता है। 4. नंद किशोर राम - नंद किशोर राम पश्चिमी चंपारण के रामनगर विधानसभा क्षेत्र से भाजपा विधायक हैं। वे सम्राट चौधरी कैबिनेट में एक प्रमुख अनुसूचित जाति (SC) चेहरा बनकर उभरे हैं। नंद किशोर राम, बिहार विधानसभा चुनाव 2025 में रामनगर सीट से जीत दर्ज कर विधायक निर्वाचित हुए हैं। राजद के सुबोध कुमार को उन्होंने करीब 35,000 से अधिक मतों के अंतर से हराकर पहली बार विधानसभा में कदम रखा था। 53 वर्षीय नंद किशोर राम स्नातक हैं और राजनीति में आने से पहले एक सक्रिय सामाजिक कार्यकर्ता रहे हैं। वे भाजपा संगठन में बगहा जिला उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी निभा चुके हैं। उनकी छवि एक जमीन से जुड़े कार्यकर्ता की रही है, जो पार्टी के ‘अंत्योदय’ के सिद्धांत पर काम करते आए हैं। उनका बेदाग राजनीतिक करियर और सांगठनिक पकड़ ही उन्हें आज मंत्री पद की दहलीज तक ले आई है।
मध्य प्रदेश में गेहूं खरीदी प्रक्रिया के दौरान किसानों को समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कटनी जिले के सैलो पटोरी खरीदी केंद्र पर किसान लंबी कतारों में इंतजार कर रहे हैं। कटनी जिला मुख्यालय से 65 किलोमीटर दूर स्थित सैलो पटोरी खरीदी केंद्र पर हजारों ट्रैक्टर-ट्रालियां खुले आसमान के नीचे तपती सड़क पर खड़ी देखी गई हैं। यह स्थिति किसानों के लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। किसान बोले-ट्रैक्टर-ट्राली पर बिता रहे रात कतार के अंतिम छोर पर खड़े किसान नीतीश ने बताया कि वे पिछले एक घंटे से इंतजार कर रहे हैं, जबकि केंद्र अभी 6 किलोमीटर दूर है। उन्हें अनुमान है कि उनका नंबर शुक्रवार शाम तक आएगा, जिसका अर्थ है कि उन्हें अगले तीन दिन और रातें अपनी ट्रैक्टर-ट्राली पर ही बितानी पड़ेंगी। एक अन्य किसान राजू बर्मन ने जानकारी दी कि वे पिछले तीन दिनों से अपनी बारी का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने बताया कि यदि वे ट्रैक्टर छोड़कर भोजन के लिए घर जाते हैं, तो उनका नंबर कट सकता है। इस कारण उन्हें धूल भरी सड़क पर ही भोजन, स्नान और सोने को विवश होना पड़ रहा है। हजार ट्रैक्टर-ट्रालियां लाइन में लगी हुई हैं केंद्र के अंदर प्रवेश के लिए 4 किलोमीटर का एक चक्र बनाया गया है, लेकिन खरीदी प्रक्रिया की गति अत्यंत धीमी है। युवा किसान गजराज सिंह के अनुसार, आधे घंटे में ट्रैक्टर मुश्किल से 10 कदम आगे बढ़ पाता है। वर्तमान में लगभग एक हजार ट्रैक्टर-ट्रालियां लाइन में लगी हुई हैं। भीषण गर्मी के बावजूद किसानों के पास पीने के पानी की पर्याप्त व्यवस्था नहीं है। प्रशासन द्वारा पानी के टैंकरों के दावे किए गए हैं, लेकिन अव्यवस्थित कतारों के कारण ये टैंकर अंतिम छोर तक नहीं पहुंच पा रहे हैं। स्लॉट बुकिंग डेट चेंज से किसानों को परेशानी इस बार किसानों के लिए सबसे बड़ी मुसीबत बनी है स्लॉट बुकिंग की तारीखों में अचानक बदलाव। किसान बलराम लोधी भावुक होकर बताते हैं कि उनके स्लॉट की अंतिम तिथि 7 मई थी, लेकिन रातों-रात इसे बदलकर 6 मई कर दिया गया। अब वे 300 ट्रैक्टरों के पीछे हैं। जब तक नंबर आएगा, तब तक उनकी तारीख निकल चुकी होगी। तारीखों के इस खेल से परेशान होकर जगत जैसे कई किसान अब अपना अनाज किसी दूसरे के नाम पर बेचने या वापस घर ले जाने को मजबूर हैं। यह सीधे तौर पर प्रशासनिक विफलता है जो किसानों को बिचौलियों के जाल में धकेल रही है। देखिए तस्वारें… किसान बोले-सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं जहां एक तरफ किसान गर्मी और भूख से लड़ रहा है, वहीं दूसरी ओर भ्रष्टाचार की जड़ें गहरी हो चुकी हैं। किसान बृजेश कुमार लोधी ने सीधा आरोप लगाया कि सैलो कंपनी के गार्ड पैसे लेकर बिचौलियों के ट्रैक्टरों को बीच से ही अंदर करवा रहे हैं। उन्होंने आहत होकर यहां तक कह दिया कि किसानों के साथ ऐसा व्यवहार करने वाली सरकार को सत्ता में रहने का हक नहीं है। किसान राममिलन और किशन लाल ने बताया कि यहाँ न तो पुलिस है और न ही कंपनी के सुरक्षाकर्मी। अनाज चोरी होने का डर बना रहता है और आगे निकलने की होड़ में किसानों के बीच हर 2-3 घंटे में हिंसक विवाद हो रहे हैं। स्थानीय लोगों की जाम से बढ़ी चिंता खरीदी केंद्र की इस भीड़ ने स्थानीय निवासियों का जीना भी मुहाल कर दिया है। रवि राज और सलमान बाबू स्थानीय निवासी ने बताया कि हर 2-3 घंटे में सड़क जाम हो रही है। बाहरी लोगों के भारी जमावड़े से स्थानीय स्तर पर असुरक्षा का माहौल है और किसी बड़ी दुर्घटना की आशंका हमेशा बनी रहती है। क्षमता से अधिक भार और सर्वर का दोष जब भास्कर डिजिटल ने सैलो पटोरी के ब्रांच मैनेजर पुष्पेंद्र पटेल से इन अव्यवस्थाओं पर जवाब मांगा, तो उन्होंने कई तर्क पेश किए। बहोरीबंद के 22 खरीदी केंद्रों को इसी एक केंद्र में मर्ज कर दिया गया है, जिससे दबाव बढ़ा है। उन्होंने दावा किया कि प्रतिदिन 350 ट्रालियां खाली की जा रही हैं और 15-16 हजार क्विंटल का स्टोरेज हो रहा है। सर्वर डाउन होने और शनिवार-रविवार को भी खरीदी चालू करने के निर्णय के कारण स्लॉट की तारीखों में बदलाव हुआ है। गार्डों द्वारा पैसे लेने की बात पर उन्होंने कहा कि शिकायत मिलने पर ही कार्रवाई की जाएगी। गेहूं खरीदी में अव्यवस्था को लेकर कांग्रेस का प्रदर्शन कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने खरीदी केंद्र के बाहर सड़क किनारे लगी किसानों के ट्रैक्टरों की लंबी कतार का एक वीडियो एक्स पर साझा किया। उन्होंने लिखा कि 43 डिग्री की भीषण गर्मी में किसान भाई अपनी गेहूं की फसल लेकर सड़क किनारे खड़े रहने पर मजबूर हैं, क्योंकि मोहन सरकार के पास गेहूं खरीदने की न तो सही नीति है और न ही सही नीयत। उन्होंने आगे कहा कि हर खरीदी केंद्र पर व्याप्त गड़बड़ियां, तौल कांटों की कमी और अव्यवस्था के कारण आज पूरे प्रदेश का किसान 'खून के आंसू' रो रहा है। किसानों के साथ हो रहे इसी अन्याय के विरोध में कल पूरे मध्य प्रदेश के किसान और कांग्रेस पार्टी मुंबई-आगरा राजमार्ग पर चक्का जाम' करेंगे और कुंभकर्णी नींद में सो रही सरकार को जगाएंगे। कमलनाथ बोले-धूप में किसान परेशान हो रहे है पूर्व मुख्यमंत्री कमलनाथ ने भी एक वीडियो साझा करते हुए लिखा- क्या मेहनत करना अपराध हो गया है मध्य प्रदेश के किसान का बस यही तो कसूर है कि उसने अपनी मेहनत से गेहूं की बंपर पैदावार की। उन्होंने कहा कि अन्नदाता को उनकी मेहनत का सही मूल्य देने के बजाय चिलचिलाती धूप में घंटों फसल बेचने के लिए प्रतीक्षा करनी पड़ रही है। यदि गेहूं की खरीदी मार्च के मध्य से शुरू कर दी गई होती, तो किसान समय रहते अपनी फसल बेच चुका होता और उसे गर्मी व लू के थपेड़े नहीं खाने पड़ते। उन्होंने जोर दिया कि किसानों को न्याय दिलाने के लिए कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरने को तैयार है। सर्वर समस्या के बीच खरीदी केंद्रों पर अव्यवस्था इस पूरे मामले पर एसडीएम बहोरीबंद राकेश कुमार चौरसिया का कहना है कि सर्वर में तकनीकी खराबी (अप-डाउन) होने की वजह से किसान अचानक बड़ी संख्या में केंद्रों पर पहुंच रहे हैं। प्रशासन निरंतर निगरानी बनाए हुए है ताकि किसानों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। हालांकि, एक ही स्थान पर 22 केंद्र क्यों स्थापित किए गए, इस सवाल पर उन्होंने कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया। कटनी के सैलो पटोरी केंद्र की यह तस्वीर मध्य प्रदेश की कृषि व्यवस्था के स्याह पक्ष को उजागर करती है। 22 केंद्रों को एक जगह समेट देना प्रशासनिक अदूरदर्शिता का प्रमाण है। जब तक किसान की फसल का एक-एक दाना सम्मान के साथ नहीं खरीदा जाता, तब तक विकास के तमाम दावे बेमानी हैं। आज कटनी का किसान सड़क पर सोया है, और जिम्मेदार अधिकारी एसी कमरों में बैठकर सर्वर डाउन होने का बहाना बना रहे है।
वाराणसी के रामनगर थानाक्षेत्र में स्थित किशोरी बाल सुधार गृह में एक किशोरी की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। उसका शव फांसी के फंदे से लटका मिला, जिसके बाद पुलिस ने इसे आत्महत्या बताया। किशोरी के फांसी लगाने की सूचना से हड़कंप मच गया। रामनगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वहीं किशोरी की मौत के मामले में डीएम ने मजिस्ट्रेटियल जांच के आदेश दिए हैं। वहीं मामले के अन्य पहलुओं पर भी जांच की जा रही है। किशोरी सितंबर 2024 में पास्को एक्ट में यहां लाई गई थी। बाथरूम शावर से लटकती मिली जिला प्रोबेशन अधिकारी पंकज कुमार मिश्रा ने बताया जौनपुर के एक गांव की रहने वाली किशोरी ने बुधवार को बाथरूम शावर से लटक कर आत्महत्या कर ली। घटना की सूचना पर किशोरी गृह के लोग उसे एलबीएस अस्पताल रामनगर ले गए जहां डॉक्टर्स ने उसे मृत घोषित कर दिया। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया - इस संबंध में जिलाधिकारी सत्येंद्र कुमार ने मजिस्ट्रेटियल जांच के निर्देश दिए हैं। किशोरी को जौनपुर से सितंबर 2024 में लाकर रखा गया था। जौनपुर न्यायालय में पास्को एक्ट में मुकदमा चल रहा है। किशोरी ने कई प्रतिस्पर्धाओं के गायन और नृत्य में अवॉर्ड भी जीते थे। जिला प्रोबेशन अधिकारी ने बताया किशोरी ने अपने पिता पर दुष्कर्म का आरोप लगाए था। पिता इस मामले में जेल में बंद है। पिता के ऊपर यातना देने का भी आरोप है। फिलहाल आत्महत्या के मामले की जांच की जा रही हैं। कुछ देर बाद किशोरी का पोस्टमार्टम किया जाएगा।
सिद्धार्थनगर में पंचायत व्यवस्था से जुड़े दो मामले सामने आए हैं। एक ओर ग्राम पंचायत सचिवों के क्लस्टर आवंटन में अनियमितताओं की शिकायत पर हुई जांच में तीन बिंदुओं पर गड़बड़ी की पुष्टि भी हुई है, वहीं दूसरी ओर करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की नई शिकायत पर अब तक कोई प्रारंभिक जांच भी शुरू नहीं की गई है। मामला नौगढ़ विकास खंड के ग्राम पलिया निधि का है। गांव के ही दुर्गेश कुमार मिश्रा द्वारा 12 जनवरी 2026 को पंचायती राज विभाग के अपर मुख्य सचिव को भेजे गए शिकायती पत्र से जुड़ा है। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि जिला पंचायती राज अधिकारी (डीपीआरओ) ने 06 जनवरी 2022 के शासनादेश का उल्लंघन करते हुए मनमाने ढंग से क्लस्टर आवंटन किया। शिकायतकर्ता ने बताया था कि 25 से 30 किलोमीटर दूर स्थित ग्राम पंचायतों को एक ही सचिव को सौंप दिया गया, जिससे सचिवों की जमीनी उपस्थिति प्रभावित हुई। इसके कारण ग्रामीणों को जन्म, मृत्यु, आय और निवास प्रमाण पत्र जैसे आवश्यक कार्यों के लिए भटकना पड़ रहा है। शिकायत में दूरी के तथ्यों को छिपाकर प्रस्तावों को अनुमोदित कराने और धन उगाही के भी आरोप लगाए गए थे। इस शिकायत पर 24 जनवरी 2026 को जांच के आदेश दिए गए, जिसकी जिम्मेदारी जिला विकास अधिकारी को सौंपी गई। 30 मार्च 2026 को प्रस्तुत जांच रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से स्वीकार किया गया कि कई क्लस्टरों में भौतिक दूरी का ध्यान नहीं रखा गया था। जांच में पाया गया कि एक ही सचिव को लगभग 30 किलोमीटर की दूरी वाले क्लस्टर आवंटित किए गए थे। क्लस्टर संख्या 07 और 04 में भी दूर स्थित ग्राम पंचायतों को नियमों के विपरीत जोड़ा गया था। इस प्रकार, तीन प्रमुख बिंदुओं पर शिकायत सही साबित हुई, लेकिन इसके बावजूद आज तक किसी भी जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की गई है। वहीं, करोड़ों रुपये के कथित घोटाले की दूसरी शिकायत पर भी कुछ सामने नहीं आया। इसी बीच एक मामला सामने आया, मुख्यालय स्थित अंकित सिंह द्वारा 29 अप्रैल को जिलाधिकारी शिवशरणप्पा जीएन को नोटरी एफिडेविट और साक्ष्यों के साथ शिकायत दी गई, जिसमें नौगढ़ विकास खंड के सेमरियाव, हरदासपुर, रसूलपुर, रामपुर, रामगढ़ तथा शोहरतगढ़ विकास खंड के टेड़िया ग्राम पंचायतों में स्ट्रीट लाइट, डस्टबिन, इंटरलॉकिंग, सीसी बेंच और अन्य कार्यों के नाम पर लाखों से लेकर करोड़ों रुपये के घोटाले का आरोप लगाया गया, शिकायत में कहा गया कि स्ट्रीट लाइट, आरसीसी बेंच और डस्टबिन की कीमतों में चार से पांच गुना तक बढ़ोतरी कर भुगतान किया गया, जिससे सरकारी धन की भारी क्षति हुई। जिलाधिकारी द्वारा इस शिकायत को गंभीरता से लेते हुए जिला पंचायती राज अधिकारी को जांच टीम गठित कर जांच के आदेश दिए गए, लेकिन शिकायत के छह दिन बीत जाने के बाद भी न तो कोई जांच टीम गठित की गई और न ही प्रारंभिक जांच शुरू कराई गई, जबकि शिकायत नोटरी एफिडेविट और साक्ष्यों के साथ की गई थी। मुख्य विकास अधिकारी बलराम सिंह ने बताया कि जांच रिपोर्ट अभी मुझे प्रस्तुत नहीं की गई है। जांच रिपोर्ट मंगाकर अवलोकन कर संबंधित अधिकारी पर कार्रवाई की जाएगी। वहीं जिला विकास अधिकारी ने 30 अप्रैल 2026 को मुख्य विकास अधिकारी को जांच रिपोर्ट प्रेषित की है। 29 अप्रैल को नोटरी एफिडेविट व साक्ष्यों के साथ जिलाधिकारी को 6 ग्राम पंचायत विकासखंड नगर क्षेत्र के रसूलपुर, सेमरियाव, हरदासपुर, रामपुर, रामगढ़ तथा विकासखंड शोहरतगढ़ के टेड़िया में स्ट्रीट लाइट, डस्टबिन, आरसीसी बेंच को मार्केट से 4 से 5 गुना दर दिखाकर भुगतान किए जाने व साफ-सफाई प्रथम श्रेणी में भी धांधली किए जाने की शिकायत दी गई थी।जिलाधिकारी ने 29 अप्रैल को जिला पंचायती राज अधिकारी वाचस्पति झा को जांच टीम गठित करने के आदेश दिए थे, लेकिन 7 दिन बीत जाने के बाद भी अभी तक न तो प्रारंभिक तौर पर जांच की गई और न ही कोई जांच टीम गठित की गई। इस पर जिला पंचायती राज अधिकारी वाचस्पति झा का कहना है कि अभी मैं कुछ काम से बाहर हूं, आते ही जांच टीम गठित की जाएगी।
बिलासपुर के श्रीराम केयर अस्पताल में पथरी के इलाज के दौरान सरकंडा थाने में पदस्थ आरक्षक सत्यकुमार पाटले की मौत मामले में मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने भी अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने अस्पताल क लाइसेंस निरस्त कर आरक्षक के परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। उन्होंने विधानसभा में भी मुद्दा उठाने की चेतावनी भी दी है। दरअसल, कार्यपालिक मजिस्ट्रेट और नायब तहसीलदार आकाश गुप्ता ने परिजनों के बयान दर्ज किए। परिजनों ने बताया कि इलाज के दौरान गंभीर लापरवाही बरती गई, जिसके कारण मरीज की हालत बिगड़ती गई। अस्पताल के डॉक्टरों ने पहले किडनी में इंफेक्शन होने की बात कही थी। जबकि बाद में मौत का कारण हार्ट अटैक बताया गया। वहीं पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में मौत के कारण स्पष्ट नहीं हो सके हैं, जिसके चलते सिम्स के चार डॉक्टरों की टीम ने बिसरा जांच कराने की सलाह दी है। परिजनों ने मामले को दबाने की साजिश का आरोप लगाते हुए कहा है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करेंगे। अब विधायक ने खोला मोर्चा, परिवार को न्याय दिलाने की मांग आरक्षक सत्यकुमार पाटले की मौत को लेकर अब मस्तूरी विधायक दिलीप लहरिया ने श्रीराम केयर अस्पताल के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। बुधवार को विधायक लहरिया मृतक आरक्षक के पिता सहित परिजन के साथ कलेक्ट्रेट पहुंचे, जहां उन्होंने कलेक्टर संजय अग्रवाल से मिलकर शिकायत की। अस्पताल का खंगाल रहे रिकार्ड, लाइसेंस निरस्त करने की मांग विधायक दिलीप लहरिया ने कहा कि श्रीराम केयर अस्पताल में इलाज में लापरवाही का यह पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी अस्पताल के खिलाफ विधानसभा में मामला उठ चुका है। आरक्षक को कोई गंभीर बीमारी नहीं था। सामान्य पथरी का इलाज कराने गया था। लेकिन, लापरवाही और गलत इलाज से उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि अस्पताल में हुई मौतों का रिकार्ड निकाल रहे हैं, जिसके बाद इस मामले को विधानसभा में उठाएंगे। कलेक्टर ने जांच रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई करने का दिया आश्वासन इस दौरान विधायक लहरिया ने बताया कि, आरक्षक के इलाज में लापरवाही की चर्चा पूरे प्रदेश में हो रही है। कलेक्टर संजय अग्रवाल ने इस मामले की जांच कराने और रिपोर्ट आने के बाद वैधानिक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। उन्होंने कहा कि जिस तरह से आरक्षक सत्य कुमार पाटले की लापरवाही से मौत हुई है, उस तरह से किसी और परिवार के साथ न हो। इसलिए अस्पताल प्रबंधन के खिलाफ कार्रवाई की मांग की जा रही है। कार्रवाई नहीं होने पर उन्होंने आंदोलन करने की भी चेतावनी दी है। जानिए क्या पूरा मामला ? बता दें कि, मस्तूरी थाना क्षेत्र के ग्राम एरमशाही निवासी सत्यकुमार पाटले (36) पुलिस विभाग में आरक्षक था, उसकी पोस्टिंग सरकंडा थाने में थी। 26 अप्रैल को उसके पेट में असहनीय दर्द हुआ, जिस पर वो इलाज कराने के लिए नेहरू नगर स्थित श्रीराम केयर अस्पताल पहुंचा। जांच के बाद डॉक्टरों ने पथरी की समस्या बताकर ऑपरेशन कराने की सलाह दी। परिजनों का आरोप है कि श्रीराम केयर अस्पताल में बिना चीरा लगाए सत्यकुमार का आपरेशन किया गया था, जिसके बाद दूसरे दिन वह बिल्कुल ठीक था। अचानक शाम को उसकी तबीयत बिगड़ी, तब करीब चार घंटे तक कोई विशेषज्ञ डाक्टर उसे देखने नहीं आया। आरोप है कि सही समय पर इलाज न मिलने के कारण उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद शुक्रवार दोपहर उसकी मौत हो गई। इस घटना की जानकारी मिलते ही परिजन आक्रोशित हो गए। परिजनों के हंगामा मचाने पर हास्पिटल परिसर में तनाव की स्थिति बन गई।
चतरा के इटखोरी थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। युवक का शव उसके बड़े भाई के कमरे से मिला। शव के सिर पर चोट के निशान दिखे हैं। हत्या के पीछे सगी भाभी से प्रेम प्रसंग को कारण माना जा रहा है। हालांकि पुलिस अभी जांच में जुटी है। मृतक के बड़े भाई ने अपनी पत्नी पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस ने इस घटना में मृतक के बड़े भाई, भाभी और एक शख्स को हिरासत में लिया है। मृतक की पहचान पकरिया कला गांव निवासी 32 वर्षीय संतोष भुइयां के रूप में की गई है। घटना बुधवार आधी रात की बताई जा रही है। संतोष भुइयां का शव गुरुवार सुबह करीब 9 बजे उसके बड़े भाई टिंकू भुइयां ने अपने कमरे में देखा। टिंकू, राजमिस्त्री के काम करता है। वह जूता लेने कमरे में गया तो उसने अपने छोटे भाई को मृत अवस्था में पाया। वहीं, पुलिस जांच में सामने आया है कि मृतक संतोष भुइयां का अपनी ही भाभी अंजू देवी (टिंकू भुइयां की पत्नी) के साथ प्रेम प्रसंग चल रहा था। इसे लेकर घर में अक्सर विवाद होते रहते थे। थाना प्रभारी अभिषेक कुमार सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच और पूछताछ में मामला प्रेम प्रसंग से जुड़ा प्रतीत हो रहा है। हालांकि जांच अभी जारी है। इधर, मृतक के भाई टिंकू भुइयां ने अपनी पत्नी अंजू देवी पर संतोष की हत्या का आरोप लगाया है। टिंकू का कहना है कि उसकी पत्नी ने ही उसके भाई को मारा है। वहीं, अंजू देवी ने इन आरोपों को खारिज किया है।
बिहार की राजनीति में गुरुवार को एक बार फिर पूर्व मुख्यमंत्री के भरोसेमंद चेहरों में शामिल जमा खान का दबदबा देखने को मिला। पटना के ऐतिहासिक गांधी मैदान में आयोजित भव्य समारोह में जमा खान ने पांचवीं बार मंत्री पद की शपथ ली। राज्यपाल ने उन्हें पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई। समारोह में सरकार और प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे। सुबह से आवास पर जुटने लगे समर्थक शपथ ग्रहण समारोह को लेकर सुबह से ही जमा खान के आवास पर उत्साह का माहौल रहा। समर्थकों का तांता लगा रहा और लोग उन्हें बधाई देने पहुंचते रहे। सफेद कुर्ता-पायजामा पहने और चेहरे पर अपनी चिर-परिचित मुस्कान के साथ जमा खान ने समर्थकों का अभिवादन स्वीकार किया। उनके आवास के बाहर फूल-मालाओं और नारों के बीच समर्थकों में खासा उत्साह देखा गया। समर्थकों का कहना था कि लगातार पांचवीं बार मंत्री बनना यह साबित करता है कि पार्टी नेतृत्व और मुख्यमंत्री को उन पर पूरा भरोसा है। “यह जीत मेरी नहीं, जनता के विश्वास की जीत” शपथ ग्रहण के बाद मीडिया से बातचीत करते हुए जमा खान ने इसे जनता और नेतृत्व के विश्वास की जीत बताया। उन्होंने कहा, “यह जीत मेरी व्यक्तिगत उपलब्धि नहीं है। यह बिहार की जनता और हमारे नेतृत्व के भरोसे की जीत है। पांचवीं बार इतनी बड़ी जिम्मेदारी मिलना मेरे लिए सम्मान की बात है। मैं पूरी ईमानदारी और समर्पण के साथ काम करूंगा।” उन्होंने आगे कहा कि उनका लक्ष्य समाज के अंतिम पायदान पर खड़े लोगों तक विकास की योजनाओं को पहुंचाना है। सीमावर्ती और अल्पसंख्यक क्षेत्रों में मजबूत पकड़ राजनीतिक गलियारों में जमा खान को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के बेहद करीबी नेताओं में गिना जाता है। खासकर सीमावर्ती इलाकों और अल्पसंख्यक समुदायों के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यही वजह है कि सरकार ने एक बार फिर उन पर भरोसा जताया है। माना जा रहा है कि उनके अनुभव का लाभ सरकार को आगामी राजनीतिक और प्रशासनिक रणनीतियों में मिलेगा। समर्थकों ने बांटी मिठाइयां जमा खान के पांचवीं बार मंत्री बनने की खबर मिलते ही उनके विधानसभा क्षेत्र चैनपुर समेत कई इलाकों में समर्थकों ने जश्न मनाया। लोगों ने मिठाइयां बांटीं, आतिशबाजी की और एक-दूसरे को बधाई दी। समर्थकों का कहना था कि यह पूरे क्षेत्र के लिए गर्व की बात है। कई कार्यकर्ताओं ने कहा कि जमा खान ने हमेशा आम लोगों की समस्याओं को प्राथमिकता दी है और यही कारण है कि जनता के बीच उनकी लोकप्रियता लगातार बनी हुई है। विकास और समावेशी राजनीति पर रहेगा फोकस जमा खान ने अपने संबोधन में स्पष्ट किया कि उनका फोकस विकास और समावेशी राजनीति पर रहेगा। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ समाज के हर वर्ग तक पहुंचाना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने यह भी संकेत दिया कि आने वाले दिनों में शिक्षा, रोजगार और बुनियादी सुविधाओं को लेकर कई अहम पहल की जा सकती हैं। सरकार के लिए महत्वपूर्ण चेहरा राजनीतिक जानकारों का मानना है कि मंत्रिमंडल में जमा खान की मौजूदगी सरकार के “समावेशी विकास” के एजेंडे को मजबूती देती है। उनकी प्रशासनिक पकड़ और लंबे राजनीतिक अनुभव को देखते हुए यह माना जा रहा है कि वे अपने नए कार्यकाल में सरकार के लिए अहम भूमिका निभाएंगे। अब सभी की नजर इस बात पर टिकी है कि पांचवीं बार मंत्री बनने के बाद जमा खान अपने विभाग और राजनीतिक क्षेत्र में कौन से नए बदलाव और योजनाएं लेकर आते हैं।
इंदौर के देवी अहिल्याबाई होलकर एयरपोर्ट के डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार विवादों में घिर गए हैं। उनके खिलाफ प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO), नागरिक उड्डयन मंत्री, एयरपोर्ट अथॉरिटी ऑफ इंडिया (AAI) मुख्यालय और स्थानीय सांसद को शिकायत भेजी गई है। शिकायत में भ्रष्टाचार, पद के दुरुपयोग, वित्तीय अनियमितताओं और कर्मचारियों के साथ अभद्र व्यवहार जैसे गंभीर आरोप लगाए गए हैं। हाईकोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता मनोज रायजादा द्वारा की गई शिकायत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। पीएमओ के हस्तक्षेप के बाद एयरपोर्ट अथॉरिटी ने जांच शुरू कर दी है। इन आरोपों पर एयरपोर्ट डायरेक्टर सुनील मग्गीरवार ने सभी दावों को निराधार और तथ्यहीन बताया है। एयरपोर्ट पीआरओ रामस्वरूप यादव ने इस पूरे मामले को लेकर कहा है की यह सभी आरोप निराधार है, जाँच दल अपनी जाँच पूरी करने रवाना हो गया है। वहीं पीएमओ की ओर से इस मामले पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है। दिल्ली से पहुंची हाई लेवल जांच टीम सोमवार को एएआई की उच्चस्तरीय टीम जीएम सिविल प्रभु सरकार के नेतृत्व में दिल्ली से इंदौर पहुंची। टीम ने पिछले दो दिनों में एयरपोर्ट से जुड़े अहम दस्तावेजों की जांच की और कई अधिकारियों के बयान दर्ज किए। शिकायत पत्र में डायरेक्टर के व्यवहार को लेकर कई गंभीर दावे किए गए हैं। आरोप है कि एक बैठक के दौरान सुनील मग्गीरवार ने सूट पहनकर पहुंचे ऑपरेशनल अधिकारियों का अपमान करते हुए कहा कि वे काम करने नहीं, बल्कि लड़कियां ताड़ने के लिए सज-धज कर आते हैं। शिकायत में दावा किया गया है कि डायरेक्टर का रवैया तानाशाहीपूर्ण है और वे कर्मचारियों को गालियां देने के साथ बार-बार ट्रांसफर की धमकी देते हैं। इससे एयरपोर्ट का कार्य वातावरण तनावपूर्ण हो गया है। एचआरए लेने और टेंडर में गड़बड़ी के आरोप शिकायत में वित्तीय अनियमितताओं का मुद्दा भी उठाया गया है। आरोप है कि सरकारी गेस्ट हाउस में रहने के बावजूद डायरेक्टर ने मकान किराया भत्ता (एचआरए) लिया, जिससे सरकारी खजाने को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा सिविल विभाग के कुछ अधिकारियों के साथ मिलकर अनावश्यक निर्माण कार्य मंजूर कराने और टेंडरों में पसंदीदा कंपनियों को फायदा पहुंचाने के लिए दबाव बनाने के आरोप भी लगाए गए हैं। सांसद का करीबी समझकर हटाया अधिकारी शिकायत में यह भी कहा गया है कि एक बीमार अधिकारी को केवल इसलिए कार्यमुक्त कर दिया गया क्योंकि डायरेक्टर को शक था कि वह सांसद शंकर लालवानी का करीबी है और एयरपोर्ट की जानकारी उन तक पहुंचाता है। इसके साथ ही सीआईएसएफ से कथित तौर पर निजी सुरक्षा गार्ड लेने और बदले में नियम विरुद्ध मांगें पूरी कराने के आरोप भी शिकायत में शामिल हैं। सात माह पहले मुंबई एयरपोर्ट से ट्रांसफर हुआ था सुनील मग्गीरवार मुंबई एयरपोर्ट से ट्रांसफर होकर सात माह पहले इंदौर आए थे। वे मुंबई एयरपोर्ट की संचार शाखा में जॉइंट जीएम के पद पर कार्यरत थे। इससे पहले उन्होंने शिमला और जलगांव एयरपोर्ट पर एयरपोर्ट डायरेक्टर के रूप में भी सेवाएं दी हैं।
सतना मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने किया प्रदर्शन:लाइट, पानी और लिफ्ट की समस्या को लेकर की नारेबाजी
सतना के शासकीय मेडिकल कॉलेज में बुनियादी सुविधाओं की कमी को लेकर डॉक्टरों और छात्रों ने गुरुवार को प्रदर्शन किया। यह तीन दिन में दूसरी बार है जब उन्होंने पानी और लिफ्ट की समस्या के विरोध में आवाज उठाई। प्रदर्शनकारियों ने पहले अस्पताल गेट पर नारेबाजी की, फिर कलेक्ट्रेट पहुंचकर अपना विरोध दर्ज कराया। पाइपलाइन फटने से गहराया जलसंकट छात्रों के अनुसार, कॉलेज में समस्याएं लगातार बढ़ रही हैं, जिनका स्थायी समाधान नहीं हो रहा। हाल ही में इंटरनल पाइपलाइन फटने से पूरे परिसर में जलसंकट गहरा गया है। बीते शुक्रवार रात से पानी की आपूर्ति पूरी तरह ठप है। इस कारण छात्र, रेजिडेंट डॉक्टर और उनके परिवार गंभीर परेशानियों का सामना कर रहे हैं। लोगों को बाल्टियों में पानी भरकर लाना पड़ रहा है, जबकि पीने के पानी के लिए बाहर से बोतलें खरीदनी पड़ रही हैं। कॉलेज परिसर में लगभग 650 लोग इस संकट से प्रभावित हैं, जिनमें 450 से अधिक छात्र-छात्राएं, रेजिडेंट डॉक्टर और करीब 200 डॉक्टरों के परिवार शामिल हैं। बिजली कटौती से बढ़ रही परेशानी पानी की कमी के साथ-साथ डॉक्टरों ने लिफ्ट व्यवस्था पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। दस मंजिला मेडिकल कॉलेज भवन में कुल 30 लिफ्ट हैं, जिनमें से 28 बंद पड़ी हैं। बिजली कटौती के कारण स्थिति और बिगड़ जाती है। लिफ्ट बंद होने से ऊपरी मंजिलों तक पहुंचने में भारी दिक्कत आती है। कई बार मरीजों को सीढ़ियों से ऊपर ले जाना पड़ता है, जिससे पहले भी हादसे हो चुके हैं। इन समस्याओं के कारण दैनिक कार्य, पढ़ाई और कॉलेज की व्यवस्थाएं बुरी तरह प्रभावित हो रही हैं।
ललितपुर जिले के तालबेहट कोतवाली क्षेत्र के हर्षपुर गांव में गुरुवार की सुबह करीब 7 बजे राजघाट नहर में नहाते समय तीन युवकों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे स्थानीय लोगों की मदद से तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने तीन युवकों को मृत घोषित कर दिया, जबकि एक युवक का उपचार जारी है। मृतकों की पहचान मिथुन (28) पुत्र नारायण, धर्मेंद्र (20) पुत्र कपूर निवासी प्राणपुरा चंदेरी और धीरज (22) पुत्र मनीराम निवासी बस्त्रावनन के रूप में हुई है। जगदीश (32) पुत्र सरमन निवासी हर्षपुर का इलाज अस्पताल में चल रहा है। कोतवाली प्रभारी मनोज मिश्रा ने बताया- तीन युवकों की मौत हुई है और मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
गोरखपुर के रामगढ़ताल थाना क्षेत्र में एक महिला रेवले कर्मी के पति ने वाशरूम से निकलते वक्त उसकी आपत्तिजनक वीडियो बना ली। जिसे वायरल करने की धमकी देता है। इतना ही नहीं उसे मारता- पीटता है और हर जगह बदनाम कर रहा। तंग आकर महिला ने आरोपी पति के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। पुलिस को दी गई तहरीर में पीड़िता ने बताया कि उसके पति का कई लड़कियों के साथ अफेयर है। उनके सामने भी हमेशा बेइज्जत करता है। साथ ही उसकी पूरी की सैलरी भी छीन लेता है। शिकायत करने पर हाथ-पैर तोड़ कर जान से मारने की धमकी भी देता है। मामले में पुलिस ने तहरीर के आधार पर जांच शुरू कर दी है और आगे की कार्रवाई जारी है। जानिए पूरा मामला… गोरखपुर में रामगढ़ ताल थाना क्षेत्र के जेमिनी गार्डेनिया की रहने वाली एक महिला रेलवे में नौकरी करती है। साथ ही गार्डेनिया के बोर्ड की सदस्य भी है। बावजूद इसके वह अपने पति की प्रताड़ना की शिकार है। महिला ने इस मामले में पति के खिलाफ FIR दर्ज कराई है। पुलिस को दी गई तहरीर में उसने बताया कि उसका पति उसे रोज मारता-पीटता है। कभी खाने में कमी निकाल कर, कभी सफाई को लेकर तो कभी कुछ भी बहाना ढूंढ़ कर। महिला का परिवार उसकी कमाई से ही चलता है। आरोपी उसकी सैलरी भी जबरदस्ती छीन लेता है। उसके हाथ में एक भी रुपए नहीं रहने देता। जबकि वही कमा कर लाती है। गंदी हरकत करके वीडियो बना कर पोस्ट करने को कहतामहिला ने बताया कि वाशरूम से निकलते वक्त पति ने आपत्तिजनक वीडियो और बना ली है। जिसे सोशल मीडिया पर वायरल करके बदनाम करने की धमकी देता है। साथ ही गंदी हरकत करके वीडियो बना कर पोस्ट करने की भी कहता है। पीड़िता का आरोप है कि पति का कई लड़कियों के साथ अफेयर है। वह बिना किसी डर के उनके साथ घूमता है। उन्हें घर भी ले आता है और उनके सामने ही मुझे गाली भी देता है। बाल खींच कर पटक कर मारा मंगलवार की रात को शराब पीकर आया और बिना कुछ कहे महिला को बाल खींच कर मारने लगा। जमीन पर पकट कर खूब पीटा। महिला बुरी तरह घायल हो गई। साथ ही उसने शिकायत करने पर हाथ पैर तोड़ कर जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपी के इस हरकत से महिला डरी-सहमी हुई है। उसका कहना है कि जान के साथ-साथ संपत्ति की का भी खतरा है। रामगढ़ ताल थाना प्रभारी अतुल कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि इस मामले में FIR दर्ज कर ली गई है और तहरीर के आधार पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
राज्य स्तरीय कराटे चैंपियनशिप के लिए झालावाड़ जिले की टीम में वॉरियर्स मार्शल आर्ट अकादमी के 29 खिलाड़ियों का चयन किया गया है। ये खिलाड़ी 8 से 10 मई तक जयपुर में होने वाली चैंपियनशिप में जिले का प्रतिनिधित्व करेंगे। इस प्रतियोगिता में पूरे राजस्थान से 1000 से ज्यादा खिलाड़ी भाग लेंगे। चैंपियनशिप में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जून महीने में देहरादून में होने वाली नेशनल कराटे चैंपियनशिप के लिए राज्य टीम में शामिल किया जाएगा। झालावाड़ जिले की टीम की कोच अनीता मालव होंगी, जबकि रोहित यादव मैनेजर की जिम्मेदारी संभालेंगे। रोहित यादव राष्ट्रीय कराटे रेफरी की परीक्षा में भी शामिल होंगे। खेल प्रेमियों ने खिलाड़ियों को दी बधाईइस उपलब्धि पर राज्य हेपकिडो संघ के अध्यक्ष कुलदीप अरोड़ा, खेल अधिकारी कृपा शंकर शर्मा, ओलंपिक संघ के अध्यक्ष महेंद्र अग्रवाल, समाजसेवी मनोज शर्मा, उदयभान सिंह, कराटे कोच अनीता मालव, रोहित यादव, शिव धाकड़, गोपाल धाकड़, मनोज खलोरा और कपीश खलोरा सहित सभी खेल प्रेमियों और अभिभावकों ने खिलाड़ियों को बधाई दी है। चयनित खिलाड़ियों में निर्वी अग्रवाल, लविका जादौन, दर्शी सेन, प्रांजल सोनी, हितांशी गौतम, शुभांगी भटनागर, श्रीनिका नेमा, भूमिका राठौर, आराध्या राठौर, निर्वी पाटीदार, शादमा सदफ, चहल तिलकर, द्रविका तिलकर, भूमिजा शर्मा, अनाया नागर, लोकाम्या वैष्णव, हिमाक्ष मित्तल, उद्विक सिंह सोलंकी, लक्ष्य जादौन, भव्यांश यादव, विट्ठल सोनी, चंदन लोधा, आराध्य राठौर, मोहित सिंह, बाहुल्य जैन, ध्रुव वर्मा, राघव मालव, नक्श शर्मा और आराध्य गौतम शामिल हैं।
सीहोर जिला अस्पताल की मर्चुरी में एक नवजात बच्ची का शव पिछले चार दिनों से लावारिस पड़ा है। 40 दिन तक आईसीयू (ICU) में भर्ती रहने के बाद 3 मई को बच्ची की मौत हो गई थी। बच्ची के माता-पिता ने उसका शव लेने से इनकार कर दिया है और अस्पताल प्रबंधन के फोन भी नहीं उठा रहे हैं। सिविल सर्जन डॉ. यू.के. श्रीवास्तव के मुताबिक, हकीमाबाद निवासी अंजली और रवि के यहां 24 मार्च को जुड़वां बच्चों का जन्म हुआ था। प्रसव के दौरान ही एक बच्चे की मृत्यु हो गई थी, जबकि दूसरी बच्ची का वजन जन्म के समय मात्र 1.4 किलोग्राम था। इस कमजोर बच्ची को बचाने के लिए 40 दिनों तक उसे गहन चिकित्सा इकाई में रखकर हर संभव इलाज दिया गया। कोई शव लेने नहीं पहुंचाडॉक्टरों ने बताया कि इलाज के दौरान बच्ची के पिता केवल एक या दो बार ही उससे मिलने अस्पताल आए थे। बच्ची की मौत के बाद जब अस्पताल ने परिजनों से फोन पर संपर्क करना चाहा, तो उन्होंने जवाब देना बंद कर दिया। परिजनों के काम करने की जगह पर भी अस्पताल की तरफ से संदेश भिजवाया गया, लेकिन कोई शव लेने नहीं पहुंचा। पुलिस की एक टीम हकीमाबाद के लिए रवानाचार दिन बीत जाने के बाद अस्पताल प्रशासन ने पुलिस को इस पूरे मामले की आधिकारिक सूचना दी है। पुलिस और अस्पताल प्रबंधन अब नियमों के तहत आगे की कार्रवाई कर रहे हैं। पुलिस की एक टीम हकीमाबाद के लिए रवाना हो गई है, ताकि मृतक बच्ची के माता-पिता को अस्पताल बुलाकर शव उनके सुपुर्द किया जा सके और अंतिम संस्कार हो सके।
दतिया जिले के बड़ौनी थाना क्षेत्र स्थित ग्राम ओरिना में 39 वर्षीय एक युवक ने जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान हरदियाल अहिरवार के रूप में हुई है, जो दतिया शहर में पानीपूरी का ठेला लगाता था। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया था, जहां बुधवार देर रात इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मूल रूप से ग्राम ओरिना का रहने वाला हरदियाल वर्तमान में अपने परिवार के साथ दतिया की सिद्धार्थ कॉलोनी में रहता था। बुधवार शाम वह किसी काम से अपने पैतृक गांव ओरिना गया हुआ था। परिजनों के अनुसार, गांव में ही उसने गेहूं में रखने वाली जहरीली दवा का सेवन कर लिया। घटना के वक्त उसकी पत्नी और बच्चे दतिया स्थित घर पर ही मौजूद थे। तबीयत बिगड़ी तो खुद परिजनों को बतायाजहर खाने के कुछ देर बाद जब हरदियाल की तबीयत बिगड़ने लगी, तो उसने खुद परिजनों को जहरीला पदार्थ खाने की जानकारी दी। इसके बाद बदहवास परिजन आनन-फानन में उसे लेकर जिला अस्पताल पहुंचे। वहां डॉक्टरों ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया, लेकिन जहर का असर फैलने से देर रात उसकी मौत हो गई। शराब पीने का आदी था मृतक, जांच में जुटी पुलिसपरिजनों ने पुलिस को बताया है कि मृतक हरदियाल शराब पीने का काफी आदी था। हालांकि, उसने आत्महत्या जैसा कदम किन कारणों से उठाया, फिलहाल इसकी स्पष्ट वजह सामने नहीं आई है। बड़ौनी थाना पुलिस ने गुरुवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया है और मर्ग कायम कर सभी पहलुओं पर जांच शुरू कर दी है।
अलवर जिला हॉस्पिटल की सेंट्रल लैब इन दिनों बेहद जर्जर हालत में पहुंच चुकी है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लैब की दीवारों में गहरी दरार पड़ चुकी हैं और करीब 90 प्रतिशत टाइल्स उखड़ चुकी हैं। कई जगहों पर प्लास्टर गिर चुका है और ईंटें बाहर दिखाई देने लगी हैं, जिससे यहां काम कर रहे कर्मचारियों और जांच के लिए आने वाले मरीजों में डर का माहौल बना हुआ है। ऐसे में बड़ा सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़े हादसे का इंतजार कर रहा है या समय रहते इस खतरनाक स्थिति का समाधान किया जाएगा। छत पर साइड की दीवार टूटी बता दें कि इस सेंट्रल लैब का उद्घाटन 6 अप्रैल 2013 को हुआ था। समय के साथ इसकी स्थिति लगातार बिगड़ती चली गई। पिछले कई सालों से बिल्डिंग में दरार बढ़ रही हैं। अब हालत यह है कि पीछे की तरफ से बिल्डिंग फटती नजर आ रही है। ऊपर छत पर भी साइड की दीवार टूट गई हैं। PWD ने बजट को लेकर नहीं दिया जवाब हॉस्पिटल प्रशासन ने लोक निर्माण विभाग (PWD) को मेंटेनेंस कार्य के लिए कई बार पत्र लिखे हैं, ताकि मरम्मत का बजट तैयार कर पास कराया जा सकें। एक साल में तीन बार पत्र भेजने के बावजूद PWD की ओर से कोई ठोस जवाब नहीं मिला है, जिससे काम अटका हुआ है। जांच करवाने आए मरीज प्रेमचंद मीणा ने कहा कि वे इलाज के लिए तो आए हैं लेकिन लैब की हालत देखकर डर लग रहा है कि कहीं कोई हादसा न हो जाए। पीएमओ बोले- लैब को शिफ्ट करना संभव नहीं पीएमओ डॉ. प्रवीण शर्मा ने बताया कि फिलहाल लैब को शिफ्ट करना संभव नहीं है, क्योंकि हॉस्पिटल में पर्याप्त जगह उपलब्ध नहीं है। उन्होंने कहा कि सेंट्रल लैब में पैथोलॉजी और बायोकेमिस्ट्री की मशीनें बेहद संवेदनशील होती हैं, जिन पर धूल का असर पड़ सकता है, इसलिए बिना उचित व्यवस्था के शिफ्टिंग करना जोखिम भरा है। उन्होंने बताया कि PWD को कई बार पत्र लिखे जा चुके हैं, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं मिला है। इस सेंट्रल लैब में हर दिन सैकड़ों मरीज जांच के लिए पहुंचते हैं, जिनकी सुरक्षा अब सवालों के घेरे में है। सफाई कर्मचारी के अनुसार- सफाई के दौरान दीवारों से लगातार मलबा झड़ता रहता है।
अजमेर में दुकान से घर लौट रहे स्टील रेलिंग व्यापारी पर हमले के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है। पुलिस को अन्य आरोपियों की तलाश है। ट्रेनी RPS व रामगंज थाना प्रभारी दीपेन्द्र सैनी ने बताया-खितेश से 5 आरोपियों ने मारपीट की। इसमें एक आरोपी नामजद था। पुलिस ने सतगुरु कॉलोनी निवासी विकास कोली को गिरफ्तार कर लिया और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। बता दें कि सतुगुरु कॉलोनी, अजयनगर निवासी राधा कसोटिया ने रिपोर्ट देकर बताया था कि उसके पति खितेश की भगवान गंज में स्टील रेलिंग बनाने की दुकान है। 3 मई की रात करीब सात बजे जब उसके पति दुकान से घर लौट रहे थे। तब घर से कुछ दूरी पर ही बीच रास्ते रोककर बाइक पर आए 6-7 लड़कों ने लाठी डंडों से मारपीट की। इसके बाद सभी फरार हो गए। वहीं पीड़ित खितेश ने बताया था कि दो दिन पहले एक रेस्टोरेंट में गया था। वहां कुछ लोग लड़ाई-झगड़ा कर रहे थे। इस दौरान बीच-बचाव करने के दौरान एक व्यक्ति के कंधे पर हाथ रख दिया। उसका आरोप था कि उसने उनका गला पकड़ा। इसके बाद वहां माफी भी मांग ली गई। इसके बावजूद विकास और अन्य ने आकर बीच रास्ते मारपीट की। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। ………. पढें ये खबर भी… स्टील रेलिंग व्यापारी पर लाठी-डंडों से हमला-VIDEO:लाठी-डंडों से ताबडतोड़ वार किया; रेस्टोरेंट में झगड़े में बीच-बचाव किया था अजमेर में दुकान से घर लौट रहे स्टील रेलिंग व्यापारी पर बीच रास्ते कुछ लोगों ने हमला कर दिया। बदमाशों ने व्यापारी पर लाठी-डंडों से ताबडतोड़ हमला कर चोट पहुंचाई। इसके बाद बाइक से आए हमलावर फरार हो गए। पूरी खबर पढें
फतेहाबाद जिले के टोहाना में संयुक्त किसान मोर्चा के आह्वान पर किसानों ने अनाज मंडी में मार्केट कमेटी सचिव के कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया। किसानों ने गेहूं बिक्री के बाद भी भुगतान न मिलने को लेकर सरकार के खिलाफ विरोध जताया। इस प्रदर्शन की अगुवाई भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष लाभ सिंह ने की। किसान नेता लाभ सिंह और रमेश डांगरा ने बताया कि 8 अप्रैल से मंडी में गेहूं की खरीद शुरू हुई थी। एक महीना बीत जाने के बाद भी लगभग 70 प्रतिशत गेहूं का उठान ही हुआ है, जिस कारण किसानों का भुगतान अटका हुआ है। किसान नेताओं ने मुख्यमंत्री सैनी के 72 घंटे में भुगतान के दावे पर सवाल उठाए हैं। उन्होंने कहा कि 8 अप्रैल की फसल का पैसा आज तक नहीं मिला है, जिससे किसानों में भारी नाराजगी है। केंद्र सरकार की नीति का भी किया विरोध किसानों ने भाखड़ा बांध से स्थानीय अधिकारियों को हटाने की केंद्र सरकार की नीति का भी विरोध किया। उन्होंने इसे पंजाब और हरियाणा की संपत्ति बताते हुए केंद्र पर कॉर्पोरेट घरानों को बेचने की चाल चलने का आरोप लगाया। SYL मुद्दे पर किसान नेताओं ने कहा कि चुनाव आते ही पानी का मुद्दा गरमाया जाता है, लेकिन चुनाव के बाद इसे भुला दिया जाता है। उन्होंने इसे राज्यों को आपस में लड़ाने की राजनीति करार दिया। किसानों ने मार्केट कमेटी सचिव संदीप गर्ग से गेहूं के उठान, भुगतान और मंडी में पड़ी फसल का विस्तृत जानकारी ली। उन्होंने बताया कि भुगतान न होने के कारण उन्हें बच्चों की फीस भरने और अगली फसल की बुवाई के लिए पैसों की कमी बनी हुई है। टोहाना में हो चुकी 8.91 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद मार्केट कमेटी सचिव संदीप गर्ग ने बताया कि टोहाना मंडी और परचेज सेंटर में कुल 8.91 लाख क्विंटल गेहूं की खरीद हुई है। इसमें से हैफेड और वेयर हाउस द्वारा 85 प्रतिशत गेहूं का उठान किया जा चुका है और 76 प्रतिशत भुगतान हो चुका है। सचिव ने कहा कि उठान की प्रक्रिया धीमी थी, जिसके लिए दोनों खरीद एजेंसियों को 3-4 बार नोटिस जारी किए गए हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि भुगतान उठान के बाद ही होता है। दोनों एजेंसियों ने अगले 5-6 दिनों में 95-98 प्रतिशत उठान पूरा करने का आश्वासन दिया है।
कोटा शहर के गुमानपुरा थाना क्षेत्र स्थित एरोड्राम थोक फल-सब्जी मंडी में गुरुवार तड़के दबंगों का आतंक देखने को मिला। बदमाशों ने एक व्यापारी के मुनीम के साथ मारपीट कर नकदी लूट ली और पुलिस में शिकायत करने पर गोली मारने की धमकी दी। पूरी घटना मंडी में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। जानकारी के अनुसार मंडी की दुकान नंबर बी-65 कैलाश फ्रूट एंड वेजिटेबल कंपनी पर सुबह करीब 3:20 बजे मुनीम शांतिलाल प्रजापति किसानों को भुगतान कर रहे थे। इसी दौरान साबिर अली उर्फ भूरी के 4 से 5 सदस्य वहां पहुंचे। इनमें कल्लू उर्फ तिलक माहावर और भय्यू नाम के युवकों की पहचान सामने आई है। आरोप है कि बदमाशों ने आते ही 500 रुपए की मांग की और कहा कि यह रकम साबिर उर्फ भूरी ने मंगवाई है। मुनीम द्वारा पैसे देने से इनकार करने पर आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और फिर मारपीट करने लगे। पीड़ित के अनुसार बदमाशों ने मारपीट के दौरान करीब 2 हजार रुपए से भरा थैला भी छीन लिया। जाते समय आरोपी जान से मारने और गोली मारने की धमकी देकर फरार हो गए। घटना के बाद मंडी व्यापारियों में भय और आक्रोश का माहौल है। व्यापारियों का कहना है कि मंडी में पहले भी कई बार हफ्ता वसूली और मारपीट की घटनाएं सामने आ चुकी हैं। देर रात खुलने वाली इस मंडी में ठेला चालकों और व्यापारियों से दबंगों द्वारा वसूली की जाती है। गुमानपुरा थाना अधिकारी महेश कारवाल ने बताया कि शिकायत प्राप्त हो चुकी है। आरोपी मंडी में ही काम करते हैं और पैसों के लेनदेन को लेकर विवाद हुआ था। पुलिस जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।
नरसिंहपुर जिले में तेंदूखेड़ा-गाडरवारा मार्ग पर एक ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा बुधवार देर रात पलोहा बड़ा थाना क्षेत्र के ग्राम भटेरा के पास हुआ। पलोहा बड़ा थाना प्रभारी बीएल त्यागी ने बताया कि ग्राम सांगई निवासी अमोल सिंह (30 वर्ष) और हल्के (30 वर्ष) ट्रैक्टर-ट्रॉली से ईंट खाली कर गांव लौट रहे थे। भटेरा के पास ट्रैक्टर-ट्रॉली अनियंत्रित होकर सड़क से नीचे खेत में जा गिरी। हादसे में दोनों युवक वाहन के नीचे दब गए। दुर्घटना की जानकारी सुबह ग्रामीणों को मिली, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। मौके पर पहुंची पुलिस और ग्रामीणों ने जेसीबी की मदद से ट्रैक्टर-ट्रॉली हटाई और दोनों युवकों को बाहर निकाला। घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने हल्के को मृत घोषित कर दिया। अमोल सिंह का उपचार जारी है। थाना प्रभारी के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि दोनों युवक नशे की हालत में थे। ट्रैक्टर अमोल सिंह चला रहा था। पुलिस ने बताया कि दुर्घटनास्थल सड़क से काफी नीचे होने के कारण रात में गुजरने वाले लोगों को वाहन के पलटने का पता नहीं चल सका। हादसे के कारणों की विस्तृत जांच की जा रही है।
सिरसा के प्रदर्शनकारियों सिखों आज (गुरुवार को) दिल्ली में हिरासत में लिया गया है। सूत्रों की मानें तो सिरसा ही नहीं हरियाणा व पंजाब से भी करीब 100 सिख प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया गया है। सभी को चार वैन में बैठाकर ले जाया गया है। जानकारी के अनुसार, ये सभी 1984 के सिख दंगों के बंदियों की रिहाई की मांग के लिए दिल्ली गए थे। पहले सभी प्रदर्शनकारी दिल्ली स्थित श्री बंगला साहिब गुरघर में एकत्रित हुए। वहां से सभी ने काले कपड़े या जैकेट पहनकर हाथों में हथकड़ी डालकर पैदल मार्च निकालते हुए संसद तक जाने का फैसला लिया। जैसे ही प्रदर्शनकारी गुरुघर से बाहर रोड पर हाथों में हथकड़ी डालकर पैदल मार्च निकालने लगे। तभी दिल्ली पुलिस वहां आ पहुंची और 100 से ज्यादा सिख प्रदर्शनकारियों को हिरासत में ले लिया गया। इस दौरान उन्होंने रोष जताया और दिल्ली की बीजेपी सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने, आज भी हम बेड़ियों में हैं, बंदी सिंह रिहा करो के नारे लगाए। इस पैदल मार्च में सिरसा से किसान नेता लखविंद्र सिंह और अंग्रेजी सिंह कोटली, दलजीत सिह रंगा, सरदूल सिहं भटटी एवं तिरलोक सिंह खैरा शामिल रहे। यहां देखिए फोटो… बंदी सजा पूरी कर चुके, सरकार नहीं कर रही रिहा किसान नेता लखविंद्र सिंह ने बताया, अभी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया हुआ है। इससे सभी प्रदर्शनकारियों में रोष का माहौल है। वे सभी शांतिपूर्ण तरीके से पैदल मार्च कर संसद जा रहे थे। रास्ते में पुलिस ने धक्काशाही करते हुए हिरासत में लिया है। उनकी मांग है कि सिख दंगों के जो आरोपी अपनी सजा पूरी कर चुके हैं और उनको 35 साल होने को गए। आज भी जेल में हैं। संविधान के अनुसार उनकी सजा पूरी हो चुकी है, परंतु सरकार उनको रिहा नहीं कर रही। उन्होंने मांग है कि सभी सिख बंदियों को रिहा किया जाए। 1984 सिख दंगों में 3 हजार से ज्यादा सिखों की हुई थी हत्या बता दें कि, 1984 का सिख नरसंहार भारत के इतिहास का एक ऐसा काला अध्याय है, जो सिख समुदाय के लिए गहरे दर्द और त्रासदी के रूप में आज भी ताजा है। यह नरसंहार 31 अक्टूबर 1984 को तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी की उनके दो सिख अंगरक्षकों द्वारा हत्या के बाद शुरू हुआ था। अधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, दिल्ली समेत 110 शहरों में लगभग 3000 से अधिक सिखों की हत्या कर दी गई थी। 1 नवंबर का दिन 40वीं बरसी एवं बंदी छोड़ दिवस के रूप में मनाया जाता है। इंदिरा गांधी की हत्या की खबर फैलते ही दिल्ली और अन्य प्रमुख शहरों में सिख समुदाय के खिलाफ हिंसा की आग भड़क उठी। भीड़ ने घरों, गुरुद्वारों, दुकानों और संपत्तियों को निशाना बनाना शुरू किया, सिख पुरुषों, महिलाओं और बच्चों को मार डाला और संपत्तियों को जला दिया। कई जगहों पर ट्रेन के डिब्बों में सिखों को जलाया गया और उनके घरों को तबाह कर दिया गया।
बुरहानपुर जिले के नेपानगर क्षेत्र स्थित ग्राम घाघरला की एक राशन दुकान में गुरुवार को कीड़े और इल्लियों वाला बदबूदार चावल पहुंचने का मामला सामने आया है। खराब चावल देखकर ग्रामीणों ने आक्रोश व्यक्त करते हुए विरोध दर्ज कराया। हालांकि, जिला खाद्य विभाग और दुकान संचालक ने स्पष्ट किया है कि यह खराब चावल किसी भी हितग्राही को वितरित नहीं किया गया है और इसे वापस आपूर्ति निगम को लौटाया जा रहा है। ग्रामीणों का आरोप है कि राशन दुकान में वितरण के लिए पहुंचा चावल इंसान के खाने योग्य नहीं है। इसमें से तेज बदबू आ रही है, चावल के दाने टूटे हुए हैं और मरी हुई इल्लियां व कीड़े भी साफ दिखाई दे रहे हैं। ग्रामीणों ने आशंका जताई कि इस तरह का दूषित अनाज खाने से गांव में बीमारियां फैल सकती हैं, जिसके बाद उन्होंने दुकान पर अपना विरोध दर्ज कराया। खाद्य अधिकारी बोलीं- नया और ताजा माल मंगवाया जाएगामामले की शिकायत मिलने पर जिला खाद्य अधिकारी अर्चना नागपुरे ने तुरंत आपूर्ति निगम के अधिकारियों से बात की। उन्होंने बताया कि सेल्समैन ने समझदारी दिखाते हुए यह खराब माल किसी भी व्यक्ति को वितरित नहीं किया है। अब यह पूरा माल आपूर्ति निगम को वापस भेजा जा रहा है और इसके स्थान पर वितरण के लिए नया व ताजा चावल मंगवाया जाएगा। गाड़ी बुलाकर वापस लौटाए जा रहे कट्टेघाघरला की राशन दुकान के संचालक चरण सिंह राठौड़ ने भी इस बात की पुष्टि की है कि सप्लाई में आया चावल खराब है। उन्होंने बताया कि वितरण से पहले जांच के लिए आठ से दस कट्टे खोलकर देखे गए थे, जिनमें इल्लियां और बदबू पाई गई। इसके बाद तत्काल माल वापस भेजने के लिए गाड़ी बुला ली गई है और खराब चावल को लौटाया जा रहा है।
दयालबाग स्थित दयालबाग शैक्षिक संस्थान (डीम्ड टू बी यूनिवर्सिटी) ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए प्रवेश कार्यक्रम की घोषणा कर दी है। संस्थान विभिन्न स्नातक व स्नातकोत्तर पाठ्यक्रमों में प्रवेश की प्रक्रिया पांच जून से आरंभ कर देगा। जबकि विभिन्न व्यावसायिक पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए 10 जुलाई तक ऑनलाइन आवेदन किए जा सकेंगे। संस्था के प्रभारी रजिस्ट्रार ने आदेश जारी कर बताया कि शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए विभिन्न पाठ्यक्रमों में प्रवेश के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। संस्थान में कला, वाणिज्य, शिक्षा, इंजीनियरिंग, होम्योपैथिक मेडिकल कालेज व अस्पताल, इंटीग्रेटेड मेडिसिन (आयुष), विज्ञान एवं सामाजिक विज्ञान सहित सात प्रमुख संकाय संचालित हैं। इसके अतिरिक्त तकनीकी कालेज व सर्टिफिकेट स्तर के माड्यूलर प्रोग्राम भी उपलब्ध हैं। डिप्लोमा व सभी स्नातक, बीवॉक., बीएफए, बीआर्क एवं बीटेक पाठ्यक्रमों के साथ बीएड, एमएड, एम.वोक, सभी स्नातकोत्तर (पीजी) व पीजी डिप्लोमा पाठ्यक्रमों के लिए अंतिम तिथि पांच जून निर्धारित की गई है। वहीं वोकेशनल सर्टिफिकेट प्रोग्राम्स के लिए ऑनलाइन आवेदन 10 जून से आरंभ होंगे। इसकी अंतिम तिथि 10 जुलाई रखी गई है। संस्थान प्रशासन का कहना है कि प्रवेश परीक्षा व साक्षात्कार की तिथियां बाद में आधिकारिक वेबसाइट पर जारी की जाएंगी। अभ्यर्थियों को पात्रता, सीटों की संख्या, चयन प्रक्रिया, शुल्क विवरण व आरक्षण नीति की जानकारी के लिए संस्थान की आधिकारिक वेबसाइट देखने की सलाह दी गई है। संस्थान प्रशासन ने इच्छुक अभ्यर्थियों से समय सीमा के भीतर आवेदन करने की अपील की है।
उत्तर प्रदेश राज्य महिला आयोग की सदस्य गीता विश्वकर्मा आज गुरुवार को वाराणसी के सर्किट हाउस के सभागार में आयोजित महिला जनसुनवाई कार्यक्रम में शामिल होने वाली थी। 11:00 बजे इसके लिए समय निर्धारित किया गया था। उसके पहले बड़ी संख्या में जनपद भर से महिलाएं अपनी-अपनी शिकायत एवं समस्याएं लेकर पहुंची थी। करीब डेढ़ घंटे बीच जाने के बाद भी महिला आयोग की सदस्य विश्वकर्मा सर्किट हाउस महिलाओं के बीच नहीं पहुंच सकीं। दोपहर 12:30 बजे सर्किट हाउस पहुंची। इसके बाद करीब 12:38 बजे उन्होंने जनसुनवाई की कार्रवाई शुरू की.l यहां उन्होंने, विभागवार उपस्थिति अधिकारियों की उपस्थिति के बारे में जानकारी ली। यहां अनुपस्थित अधिकारियों के बारे में जानकारी ली। स्वास्थ्य विभाग व राजस्व विभाग से कोई भी नहीं पहुंचा था। उन्होंने कहा, जो भी अनुपस्थित हैं उनकी लिस्ट तैयार करें। इसके बाद अतिरिक्त मजिस्ट्रेट शिवानी सिंह करीब एक बजे यहां आईं।
कोटपूतली के ग्राम पंचायत गोरधनपुरा में कृषि एवं पशुपालन विभाग द्वारा किसानों के लिए गुरुवार को एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान केंद्र और राज्य सरकार की विभिन्न योजनाओं की जानकारी दी गई और उन्हें आधुनिक खेती अपनाकर आत्मनिर्भर बनने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सरपंच धोली देवी ने की, जबकि कांग्रेस सेवा दल जिलाध्यक्ष एवं सरपंच प्रतिनिधि रघुवीर सिंह यादव ने स्वागत भाषण दिया। कृषि विज्ञान केंद्र गोनेड़ा के प्रभारी लेफ्टिनेंट कर्नल डॉ. सुपर्ण सिंह शेखावत, एग्रीकल्चर कॉलेज के डीन डॉ. एम.के. शर्मा, वैज्ञानिक डॉ. रामप्रताप यादव, डॉ. रेणु गुप्ता, डॉ. पार्वती दीवान, डॉ. डी.के. बैरवा, डॉ. प्रवीण पिलानियां और डॉ. सुशीला एचरा ने किसानों को आधुनिक कृषि तकनीकों की विस्तृत जानकारी दी। पशुपालन विभाग से डॉ. कैलाश शर्मा, चिकित्सा विभाग से सविता एएनएम और कृषि विभाग से कृषि पर्यवेक्षक ममता ने भी महत्वपूर्ण जानकारियां साझा कीं। कार्यक्रम में किसानों को वर्तमान में चल रही केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया गया। इस अवसर पर दीलाराम यादव, रामनिवास यादव, सुरेश यादव, रामकुमार मेडिकल, सुरेश कमलोदिया, सचिव महेश कुमार मीणा सहित बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे।
गांधी मैदान में सम्राट सरकार के मंत्रियों की शपथ के दौरान नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी पर बैठने के लिए बढ़ने लगे। विजय चौधरी और संजय झा नीतीश के साथ मौजूद थे। विजय चौधरी ने नीतीश कुमार को बताया कि उनकी सीट उधर है। इसके बाद नीतीश कुमार मुख्यमंत्री की कुर्सी छोड़ अपनी कुर्सी पर जाकर बैठे। दरअसल हुआ यूं कि, मंच पर पहुंचने के बाद नीतीश कुमार ने नेताओं का अभिवादन किया। वो मंच की दूसरी साइड गए। जिन लोगों को शपथ लेनी थी उनसे मिले। फिर वापस लौटन लगे। तभी उन्हें मंच पर सीएम और डिप्टी सीएम की कुर्सी दिखी। वो सीएम की कुर्सी की तरफ बढ़ने लगे, लेकिन डिप्टी CM विजय चौधरी और JDU के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने उन्हें समझाया और इशारों में कहा- चलिए आगे बैठते हैं। नीतीश कुछ देर के लिए असहज हुए, इसके बाद विजय चौधरी ने उन्हें दोबारा आगे चलने को कहा। इस दौरान मंच पर नेता नीतीश कुमार की ओर देखने लगे। 2 तस्वीरों में समझिए पूरा मामला मंच से इशारे करने लगे नीतीश कुमार नीतीश जैसे ही मंच पर पहुंचे। उन्होंने लोगों का अभिवादन किया। वे मंच के आगे वाले हिस्से की ओर बढ़े और इशारों में किसी से पूछने लगे कि तिलक क्यों नहीं लगाया है। इस दौरान डिप्टी CM विजय चौधरी ने उन्हें रोका और अपने साथ ले गए। नीतीश इसके बाद डिप्टी CM बिजेंद्र यादव की ओर बढ़े और उनके कंधे पर हाथ रखा। नीतीश आगे बढ़े और विजय सिन्हा के कंधे पर हाथ रखा। इस दौरान निशांत पिता के पैर छूते दिखे। इसके बाद नीतीश बैठने के लिए मंच पर लगी कुर्सियों के पास पहुंचे। 5 तस्वीरों में समझिए पूरा मामला नीतीश ने PM के कंधे पर हाथ रखा शपथ ग्रहण के बाद प्रधानमंत्री सभी के साथ तस्वीर लेने लगे। इस दौरान उन्होंने नीतीश कुमार को बुलाया। PM ने हाथ देकर उन्हें अपने पास किया। नीतीश ने उन्हें प्रणाम किया। इसके बाद पूर्व CM ने प्रधानमंत्री के कंधे पर हाथ रख दिया। थोड़ी देर में नीतीश कुमार ने डिप्टी CM बिजेंद्र यादव को बुलाया और प्रधानमंत्री से मिलवाने लगे। PM ने कहा- इन्हें कौन नहीं जानता। इसके बाद नीतीश बाकी मंत्रियों को बुला-बुलाकर प्रधानमंत्री से मिलवाने लगे। 3 तस्वीरें देखिए…
नूंह जिले के पिनंगवा कस्बे में बीती देर रात एक परचून की दुकान में भीषण आग लग गई। यह घटना ढाणा मोड़ स्थित ईदगाह के सामने हुई। परचून होलसेल व्यापारी मुस्तकीम की दुकान में रात करीब 2 बजे अचानक आग लगी, जिसने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। आग की ऊंची लपटें और धुएं का गुबार दूर-दूर तक दिखाई देने लगा, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। आसपास के लोगों ने अपने स्तर पर आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग की भयावहता के कारण उनकी कोशिशें सफल नहीं हो सकीं। जिसके बाद फायर ब्रिगेड और पुलिस को सूचना दी गई। सूचना देने के एक घंटे बाद पहुंची फायर ब्रिगेड की गाड़ी पीड़ित व्यापारी मुस्तकीम ने आरोप लगाया है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी करीब एक घंटे देरी से मौके पर पहुंची। उनका कहना है कि यदि दमकल विभाग समय पर पहुंच जाता, तो काफी सामान बचाया जा सकता था। दमकल के देर से पहुंचने के कारण आग ने पूरी दुकान को अपनी चपेट में ले लिया। करीब चार घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका, लेकिन तब तक दुकान में रखा पूरा सामान जलकर राख हो चुका था। मुस्तकीम ने बताया कि उनकी परचून होलसेल की दुकान थी और इसी कारोबार से उनके परिवार का गुजर-बसर होता था। दुकान में लगभग 55 से 60 लाख रुपए तक का सामान और करीब 4 लाख रुपए नकद भी आग की भेंट चढ़ गए। प्रशासन से आर्थिक सहायता देने की मांग घटना के बाद इलाके में लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की। मुस्तकीम ने सरकार और प्रशासन से मदद की गुहार लगाते हुए कहा कि यह उनका एकमात्र रोजगार था और अब उनके परिवार के सामने रोजी-रोटी का बड़ा संकट खड़ा हो गया है। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। फिलहाल, पुलिस और प्रशासन आग लगने के कारणों की जांच में जुटे हुए हैं।
हरियाणा के नारनौल में अपनी विभिन्न मांगों को लेकर नगर परिषद कर्मचारियों का आंदोलन लगातार तेज होता जा रहा है। नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा के आह्वान पर चल रही हड़ताल के बीच गुरुवार को नगर परिषद कर्मचारियों ने शहर में जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों से रैली निकालकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और मांगों को जल्द पूरा करने की मांग उठाई। प्रदर्शन की शुरुआत नगर परिषद परिसर से हुई, जहां बड़ी संख्या में कर्मचारी एकत्र हुए। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरे इसके बाद कर्मचारियों ने महावीर चौक, मुख्य बाजार, पुल बाजार, मानक चौक, आजाद चौक, किला रोड, मोहल्ला नलापुर और पुलिस लाइन रोड सहित विभिन्न क्षेत्रों से विरोध मार्च निकाला। प्रदर्शन के दौरान कर्मचारियों ने सरकार पर वादाखिलाफी का आरोप लगाया और लंबित मांगों को लेकर रोष जताया। नहीं निकला ठोस समाधान नगर पालिका कर्मचारी संघ इकाई नारनौल के प्रधान भूपेंद्र सारवान ने कहा कि कर्मचारियों की मांगों को लेकर सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकाला गया। उन्होंने कहा कि प्रदेशभर के पालिका कर्मचारी लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन सरकार उनकी समस्याओं को गंभीरता से नहीं ले रही। चरमराई शहर की सफाई व्यवस्था वहीं दूसरी ओर नगर परिषद सफाई कर्मचारियों की लगातार चल रही हड़ताल का असर अब शहर की सफाई व्यवस्था पर साफ दिखाई देने लगा है। शहर के कई इलाकों में कूड़े के ढेर जमा हो गए हैं, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बाजारों और रिहायशी क्षेत्रों में फैली गंदगी के कारण लोगों में भी नाराजगी देखी जा रही है। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगों का समाधान नहीं किया गया तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
लुधियाना के दुगरी इलाके स्थित करनैल सिंह नगर फेज-3 में तड़के सुबह चोरी हो गई। गली नंबर-14 में चोर एक घर में घुसकर लाखों रुपए के गहने और कैश चोरी कर फरार हो गए। परिवार ने दावा किया है कि चोरी में करीब 20 से 30 लाख रुपए का नुकसान हुआ है। घर पर पड़ा 3 से 4 लाख कैश और 25 से 30 तोले सोना चोर ले गए। पीड़ित राजिंदर शर्मा ने कहा कि आज सुबह सीसीटीवी के मुताबिक 4:20 पर चोर गली में दाखिल हुए। दो बदमाशों ने ये वारदात की है। एक बदमाश घर के अंदर दाखिल हुआ तो दूसरे ने गली में घूम कर रेकी की। राजिंदर के मुताबिक बड़े बेटे की सगाई हुई थी। अब शादी की तैयारियां कर रहे थे। उन्होंने बताया कि मेरी पत्नी के गहने और जो शादी के लिए जेवर बनवाए थे सभी एक जगह इक्ट्ठे रखे थे। बाकी सब नीचे सोए थे। मैं मेरी पत्नी और बेटा ऊपर सोए हुए थे। बाहर सिक्योरिटी गार्ड भी रखा हुआ है, इसलिए हम निश्चिंत थे लेकिन फिर भी चोरी हो गई। हमारी जिंदगी की कमाई ले गए चोर उन्होंने कहा कि चोर हमारी जिंदगी की कमाई ले गए। गली में पहले भी कई चोरियां हुई, तभी हमने गार्ड रखा था। पुलिस अब गार्ड से भी पूछताछ कर रही है। चोरों ने गार्ड से कहा था कि हम टेंट लगाने आए हैं क्योंकि मोहल्ले में कोई शादी समारोह है। सीसीटीवी में भी यह घटना कैद हो गई है। चोर तड़के सुबह पड़ोसियों के मकान की तरफ से घर में दाखिल हुए हैं और अलमारी व दराजों में रखे गहने तथा नकदी निकाली है। CCTV में दिखे 2 आरोपी परिवार और आसपास लगे CCTV कैमरों की जांच में सामने आया है कि वारदात में दो लोग शामिल थे। एक आरोपी घर के बाहर खड़े होकर निगरानी कर रहा था, जबकि दूसरा घर के अंदर चोरी को अंजाम दे रहा था। CCTV फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू घटना की सूचना मिलते ही थाना दुगरी की पुलिस मौके पर पहुंच गई। सब इंस्पेक्टर सुखदेव राज के मुताबिक इलाके के CCTV फुटेज कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
दरभंगा जिले के हायाघाट विधानसभा क्षेत्र से बीजेपी विधायक डॉ. रामचंद्र प्रसाद पहली बार मंत्री बने हैं। सम्राट कैबिनेट में मंत्री पद मिलने के बाद मिथिलांचल की राजनीति में नई चर्चा शुरू हो गई है। भारतीय जनता पार्टी ने संगठन के प्रति उनकी निष्ठा, लगातार चुनावी सफलता और सामाजिक समीकरण को ध्यान में रखते हुए मंत्री पद का बड़ा दायित्व सौंपा है। तेली समाज से आने वाले डॉ. रामचंद्र प्रसाद को भाजपा के जमीनी और अनुशासित नेताओं में गिना जाता है। डॉ. रामचंद्र प्रसाद बिहार के उच्च शिक्षित विधायकों में शामिल हैं। उन्होंने ललित नारायण मिथिला विश्वविद्यालय से पीएचडी की डिग्री हासिल की है। छात्र जीवन से ही सामाजिक कार्यों और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की गतिविधियों से जुड़े रहे। लंबे समय तक संगठन में सक्रिय रहकर पार्टी में अपनी अलग पहचान बनाई। साधारण परिवार से आते हैं रामचंद्र प्रसाद रामचंद्र प्रसाद मूल रूप से सिघौली के निवासी हैं। उनका परिवार काफी साधारण पृष्ठभूमि से आता है। पिता योगेंद्र प्रसाद किराना दुकान चलाने के साथ खेती-बाड़ी करते थे। संघर्षपूर्ण माहौल में पले-बढ़े डॉ. रामचंद्र प्रसाद ने मेहनत और संगठनात्मक कार्यों के बल पर राजनीति में अपनी जगह बनाई। राजनीति में सक्रिय होने से पहले किसान और सामाजिक कार्यकर्ता के रूप में इलाके में पहचान बना चुके थे। निर्दलीय भी चुनाव लड़ चुके हैं राजनीतिक जीवन की शुरुआत स्थानीय स्तर से की। वर्ष 2011 में जिला परिषद सदस्य चुने गए थे। उनकी पत्नी भी दो बार जिला परिषद सदस्य रह चुकी हैं। परिवार में एक बेटा और दो बेटियां हैं। प्रोफेसर के रूप में कार्यरत हैं। एक बार निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में भी विधानसभा चुनाव लड़ा था। हालांकि बाद में वे भाजपा संगठन में पूरी मजबूती के साथ सक्रिय हो गए। लालू यादव के करीबी भोला यादव को हराया था पार्टी और संघ के साथ लंबे समय तक काम करने का उन्हें राजनीतिक लाभ भी मिला। भाजपा नेतृत्व ने 2020 के बिहार विधानसभा चुनाव में पहली बार हायाघाट सीट से एनडीए प्रत्याशी बनाया। राजद के कद्दावर नेता और लालू प्रसाद यादव के करीबी भोला यादव को करीब 10,252 वोटों से हराकर पहली बार विधानसभा पहुंचने में सफलता हासिल की। पार्टी ने जताया भरोसा 2025 के विधानसभा चुनाव में भी भाजपा ने उन पर भरोसा जताया। उन्होंने लगातार दूसरी जीत दर्ज की। इस बार उन्होंने माकपा(CPI) के उम्मीदवार श्याम भारती को पराजित कर अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत साबित की। लगातार दो चुनाव जीतने के बाद पार्टी में उनका कद और बढ़ गया। इलाके में एक्टिव रहते हैं डॉ. रामचंद्र प्रसाद की छवि एक साफ-सुथरे और ईमानदार नेता की मानी जाती है। उन पर कोई गंभीर आपराधिक मामला दर्ज नहीं है। आम लोगों के बीच सहज और सरल स्वभाव के नेता के रूप में पहचाने जाते हैं। हायाघाट और आसपास के क्षेत्रों में लगातार जनता के बीच सक्रिय रहते हैं। चुनाव प्रचार में राजनाथ सिंह पहुंचे थे भाजपा के शीर्ष नेतृत्व में भी उनकी अच्छी पकड़ मानी जाती है। उनके चुनाव प्रचार में केंद्रीय रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह भी हायाघाट पहुंचे थे। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि डॉ. रामचंद्र प्रसाद को मंत्री बनाकर भाजपा ने संगठन के समर्पित कार्यकर्ताओं और पिछड़ा वर्ग के समाज को बड़ा संदेश देने का प्रयास किया है। मिथिलांचल में भाजपा के विस्तार और सामाजिक संतुलन साधने की रणनीति के तहत यह फैसला अहम माना जा रहा है।
कोरबा के स्वर्ण विहार में राजाधिराज अवंतिका नरेश, बाबा महाकाल के प्रतीकात्मक दिव्य स्वरूप का आगमन हुआ है। इस अवसर पर भक्तों में भारी उत्साह देखा जा रहा है। यह आयोजन स्वर्ण विहार परिसर में 100 बेड अस्पताल के सामने हो रहा है। सुबह से ही श्रद्धालु दर्शन और पूजन के लिए उमड़ रहे हैं। पूरा परिसर हर हर महादेव और जय बाबा महाकाल के जयकारों से गूंज रहा है। श्रद्धालु दर्शन के लिए कतारबद्ध दिखे इस दिव्य आयोजन में बाबा महाकाल के चरणसेवक, पूज्य कलानिधि चंचल अभ्युदय सतीश सक्सेना जी महाराज उपस्थित हैं। महाराज श्री के मुखारविंद से बाबा महाकाल की महिमा का गुणगान किया जा रहा है। बाबा महाकाल के कोरबा आगमन की सूचना मिलते ही जिले के कोने-कोने से श्रद्धालु स्वर्ण विहार पहुंच रहे हैं। महिला, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे सभी बाबा के दर्शन के लिए कतारबद्ध दिखे। भक्तों ने फूल-माला, बेलपत्र और जल अर्पित कर सुख-समृद्धि की कामना की। आसपास के जिलों से भी लोग ने पहुंच रहे हैं आयोजन समिति द्वारा भक्तों के लिए दर्शन की सुव्यवस्थित व्यवस्था की गई है। कोरबा के अलावा आसपास के जिलों से भी लोग इस कार्यक्रम में शामिल होने पहुंच रहे हैं। समिति ने विशेष महाआरती की भी व्यवस्था की है। यह आयोजन कुछ दिनों तक जारी रहेगा।
ललितपुर जिले के ग्राम हर्षपुर में गुरुवार को नहर में नहाते समय एक युवक को बचाने की कोशिश में तीन अन्य युवकों की डूबने से मौत हो गई। इस घटना में एक युवक की हालत गंभीर बनी हुई है, जिसे उपचार के लिए तालबेहट स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया है। यह घटना दोपहर करीब 11 बजे हुई। पांच युवक गांव के बाहर निकली नहर में नहाने गए थे। इनमें से दो युवक मध्य प्रदेश के अशोक नगर जिले के ग्राम प्राणपुरा से अपने रिश्तेदार के यहां हर्षपुर आए हुए थे। दो युवक ग्राम वस्त्रावन से और एक युवक हर्षपुर का रहने वाला था। नहाते समय अचानक एक युवक नहर के गहरे पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए अन्य युवक भी नहर में कूद गए। इसी दौरान तीन युवक पानी में डूब गए, जिससे उनकी मौत हो गई। एक अन्य युवक की हालत गंभीर बताई जा रही है। तालबेहट के उपजिलाधिकारी ने इस घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि नहर में डूबने से तीन लोगों की मौत हुई है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
खैरागढ़ में खाद्य सुरक्षा विभाग ने सघन निरीक्षण अभियान चलाया है। इस दौरान सिविल अस्पताल की कैंटीनों, बेकरी और किराना दुकानों पर दबिश दी गई। अभियान में एक्सपायरी खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट की गई, जबकि छुईखदान स्थित एक बेकरी से मावा केक का सैंपल जांच के लिए भेजा गया है। 'सही दवा-शुद्ध आहार, यही छत्तीसगढ़ का आधार' अभियान के तहत अभिहित अधिकारी सिद्धार्थ पांडे के नेतृत्व में खाद्य सुरक्षा दल ने सिविल अस्पताल खैरागढ़ और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र छुईखदान की कैंटीनों का निरीक्षण किया। टीम ने महिला समूहों द्वारा संचालित रसोई और कैंटीनों में साफ-सफाई, खाद्य सामग्री के भंडारण तथा सुरक्षा मानकों की जांच की। सैंपल जांच के लिए भेजा गया लैब कई स्थानों पर खामियां पाए जाने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए और सख्त चेतावनी भी दी गई। कार्रवाई के दौरान छुईखदान स्थित मेसर्स कृष्णा बेकर्स से मावा केक का सर्विलांस सैंपल लिया गया। इस नमूने को अब लैब जांच के लिए भेजा जाएगा। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम के तहत नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। एक्सपायरी कोल्ड्रिंक और खाद्य सामग्री जब्त कर नष्ट निरीक्षण के दौरान बाजार में बिक रहे कई एक्सपायरी कोल्ड्रिंक और कुरकुरे भी मिले। इन्हें मौके पर ही जब्त कर नष्ट करवा दिया गया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि एक्सपायरी खाद्य पदार्थों के विक्रय या भंडारण पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। किराना दुकानों का निरीक्षण और सख्त निर्देश खाद्य सुरक्षा दल ने कई किराना दुकानों का भी निरीक्षण किया। दुकानदारों को खाद्य अनुज्ञप्ति और पंजीयन अपडेट रखने, स्वच्छता बनाए रखने और एक्सपायरी सामान तुरंत हटाने के निर्देश दिए गए। विभाग ने संकेत दिया है कि आने वाले दिनों में जिलेभर में इसी तरह की औचक निरीक्षण कार्रवाई जारी रहेगी।
बिठूर से बीजेपी विधायक अभिजीत सिंह सांगा ने 2 मई को मंच से सपा के पूर्व विधायक पर तंज कसते हुए बयान में कहा था कि वो जब मन होता है तो लाल टोपी लगा लेते हैं, फिर दूसरी जगह पहुंचकर मौका मिलता है तो जाली वाली टोपी पहन लेते हैं। इस पर अब सपा के पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा, “मेरी टोपी तो एक ही है, वो खुद देखें कि उन्होंने कितनी टोपी बदली हैं। पहले बसपा में, फिर सपा और कांग्रेस में रहे। अब बीजेपी में हैं। मेरी तो शुरू से एक ही टोपी रही है और वही रहेगी। पूर्व विधायक मुनींद्र ने दिया जवाबसपा के पूर्व विधायक मुनींद्र शुक्ला ने कहा कि सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष ने सभी को निर्देश दिया है कि जहां भी कमजोर वर्ग के लोगों के साथ अन्याय, अत्याचार होगा, वहां पर डेलीगेशन पहुंचकर उनको न्याय दिलाएगा। उनकी मदद करेगा। इसलिए जब भी हमारी विधानसभा में किसी तरह की खबर आती है, तो पार्टी के निर्देश पर डेलीगेशन पहुंचता है। इसी लिए चिल्ली गांव में हुए विवाद के बाद गए थे। हम उनके साथ खड़े होंगे जो पीड़ित होंगे। मुनींद्र शुक्ला ने विधायक सांगा के दिए गए बयान पर कहा कि लाल टोपी की जो बात है, वो तो क्रांति का प्रतीक है। लाल टोपी तो हमारी थी, हमारी है, हमारी रहेगी। इनको इस बार 2027 में जनता सबक सिखाएगी। उनसे पूछिए कि उन्होंने कितनी टोपी बदली हैं। पहले बसपा में रहे, फिर सपा में रहे, कांग्रेस गए, अब बीजेपी में हैं। हम तो समाजवादी पार्टी में थे, हैं और हमेशा रहेंगे। अब पढ़िए अभिजीत सिंह सांगा ने 2 मई को मंच से क्या कहा थाबिठूर के चिल्ली गांव में उन्होंने कहा कि एक गांव में कुछ दिन पहले कुशवाहा समाज और ब्राह्मण समाज के लोगों में आपसी विवाद हुआ। वहां के संभ्रांत लोगों ने वहीं समझौते की बात कर ली। लगभग समझौता होने जा रहा था, लेकिन सपा के पूर्व विधायक वहां पहुंच गए और झगड़ा करा दिया। क्योंकि सपा के लोग सास-बहू के झगड़े में भी वोट की तलाश में जुट जाते हैं। उन्हें लगता है कि बहू के पास ज्यादा वोट हैं तो उसके साथ और अगर सास के पास ज्यादा वोट हैं तो उनके साथ खड़े हो जाते हैं।बीजेपी विधायक ने यह भी कहा था कि पूर्व विधायक कभी लाल टोपी लगा लेते हैं। वो रमईपुर पहुंचते हैं तो जालीदार टोपी लगा लेते हैं। मझावन पहुंचते हैं तो फिर जालीदार टोपी लगा लेते हैं। वो जगह के हिसाब से टोपी बदल लेते हैं।
किशनगढ़बास के गांव मोठूकामें स्वामी दयाराम साहिब का दो दिवसीय वार्षिक मेला बुधवार को शुरू हुआ। मेले में देर रात जागरण का आयोजन किया गया, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। इस दौरान संतों ने सत्संग की महिमा पर प्रकाश डाला।मेले का शुभारंभ बुधवार सुबह 11 बजे झंडे की रस्म के साथ हुआ। 'सतगुरु सहाय' के उद्घोष के बीच यह रस्म पूरी की गई। मेले में सुबह से ही अजमेर, जयपुर, आगरा, अहमदाबाद, दिल्ली, मंदसौर, भोपाल, ब्यावर, बीकानेर, सूरत, डूंगरगढ़, अलवर, भरतपुर, खैरथल, तिजारा सहित देश के विभिन्न शहरों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे। संत लाल भगत और संत मोहन भगत खैरथल ने सत्संग की महिमा का वर्णन किया। इसके अतिरिक्त, संत ललित भगत इस्माइलपुर, सांई बलराम मुंबई, सांई सुगनाराम राजकोट, सांई हरीराम उज्जैन, सांई फकीरा नागपुर, जयेश कुमार बड़ौदा, सांई जीतूराम जयपुर और अशोक घायल अजमेर सहित कई अन्य भजन मंडलियों ने भी सत्संग व प्रवचन प्रस्तुत किए। महाआरती के साथ बहराना साहब की रस्म पूरी की शाम 7 बजे महाआरती का आयोजन किया गया, जिसके बाद रात 9 बजे बहराना साहब की रस्म पूरी की गई। गुरुवार को भी मेले में विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन जारी रहेगा।श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए मेले में भंडारा, निशुल्क चिकित्सा शिविर, स्वच्छ पेयजल और ठहरने की उचित व्यवस्थाएं की गई हैं। ये रहे मौजूद आयोजन को सफल बनाने में सोनू भगतानी, प्रदीप भगतानी, डॉ. युधिष्ठिर पमनानी, डॉ. राजेश पमनानी, श्याम मघनानी, इंदर भगतानी, कमलेश पमनानी, नंदलाल भगतानी, गोरधन भगतानी, मनोज भगतानी, अर्जुनदास भगतानी, चेतन दास, जीवत राम, कैसामल, रूपचंद देवजानी, रघुवीर भगतानी, राम भगतानी, प्रेम भगतानी, मुरलीधर, लालचंद बचानी, किशन चंद, रामोतार और गिर्राज सहित कई सेवादार सक्रिय रूप से जुटे रहे।
सीतापुर के रामपुरकलां थाना क्षेत्र में गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे हुए दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार चाची-भतीजे की मौत हो गई। हादसे के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। घटना से परिवार में कोहराम मच गया, वहीं गांव में शोक की लहर फैल गई। पुलिस ने शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार ग्राम लौना निवासी 19 वर्षीय विशाल पांडे पुत्र नंद किशोर अपनी 60 वर्षीय चाची ज्ञान देवी पत्नी सुंदरलाल को बाइक से लेकर महमूदाबाद बाजार जा रहे थे। बताया जा रहा है कि दोनों जैसे ही बिसवा-महमूदाबाद मार्ग पर स्थित बजाज एजेंसी के सामने पहुंचे, तभी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार दोनों लोग सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोगों की मौके पर भीड़ जुट गई। सूचना मिलने पर पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भिजवाया गया। जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। राहगीरों के अनुसार हादसे के बाद वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन की पहचान करने में जुटी हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंच गए, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। पुलिस का कहना है कि अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है।
जालोर में सायला और बिशनगढ़ थाना पुलिस ने दो अलग-अलग बड़ी कार्रवाइयों में एमडी (MD) और स्मैक बरामद की है। सायला क्षेत्र में जहां दूध की आड़ में चल रही एमडी बनाने की अवैध फैक्ट्री को पकड़ा, वहीं बिशनगढ़ पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान दो स्मैक तस्करों को गिरफ्तार किया। दोनों मामलों में आरोपियों को पकड़कर पूछताछ शुरू कर दी गई है और पूरे सप्लाई नेटवर्क की गहराई से जांच की जा रही है। दूध की आड़ में चल रही थी एमडी बनाने की अवैध लैब पहली बड़ी कार्रवाई सायला थाना पुलिस द्वारा की गई, जहां एएनटीएफ चौकी से मिली सूचना के आधार पर थानाधिकारी सुरेंद्रसिंह के नेतृत्व में टीम ने आसाणा गांव में अशोक कुमार उर्फ ओखाराम पुरोहित के घर पर दबिश दी। आरोपी लंबे समय से दूध बेचने के काम की आड़ में अवैध रूप से एमडी ड्रग्स तैयार करने का काम कर रहा था। पुलिस को मौके से 101.5 ग्राम एमडी, 90,800 रुपए नकद और ड्रग्स बनाने में इस्तेमाल होने वाले केमिकल व उपकरण बरामद हुए हैं। हालांकि पुलिस कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी अशोक कुमार मौके से फरार हो गया। पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। इस मामले का अनुसंधान बिशनगढ़ थानाधिकारी द्वारा किया जा रहा है। बिशनगढ़ पुलिस ने नाकाबंदी में पकड़े दो स्मैक तस्कर दूसरी कार्रवाई बिशनगढ़ थाना पुलिस ने उम्मेदाबाद सरहद पर नाकाबंदी के दौरान की, जहां एक बाइक पर सवार दो युवकों को रोका गया। थानाधिकारी मनोज कुमार के नेतृत्व में की गई जांच में दोनों की तलाशी ली गई, जिसमें राजुराम वाल्मीकी (26) के पास से 10.58 ग्राम और श्रवण कुमार सोनी (27) के पास से 11 ग्राम स्मैक (हेरोइन) बरामद हुई। पुलिस ने कुल 21.58 ग्राम स्मैक के साथ तस्करी में इस्तेमाल की गई मोटरसाइकिल भी जब्त कर ली है। दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है और उनसे पूछताछ जारी है। पुलिस की नजर अब पूरे सप्लाई नेटवर्क पर, बड़े खुलासों की संभावना दोनों मामलों के बाद पुलिस अब मादक पदार्थों की खरीद-फरोख्त के पूरे नेटवर्क और इनके मुख्य स्रोतों का पता लगाने में जुटी है। अधिकारियों का मानना है कि इन कार्रवाइयों से जिले में सक्रिय नशा तस्करी गिरोहों पर बड़ा असर पड़ेगा और आगे और भी बड़े खुलासे हो सकते हैं।
बाराबंकी के सूरतगंज क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसा हो गया। तेज रफ्तार पिकअप वाहन ने एक प्राइवेट स्कूल वैन को टक्कर मार दी, जिसमें वैन चालक समेत पांच बच्चे घायल हो गए। वैन बच्चों को स्कूल ले जा रही थी। यह घटना बकैडा मोड़ के पास हुई। गुरु कृपा पब्लिक स्कूल की वैनवैन नंबर UP32HT7997 प्रतिदिन की तरह बच्चों को लेकर स्कूल जा रही थी, तभी सामने से आ रही तेज रफ्तार पिकअप ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि वैन बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई हादसे के बाद बच्चों की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से सभी घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) सूरतगंज पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। घटना की 4 तस्वीरें… घायलों में वैन चालक तिलक राम (28 वर्ष) पुत्र विशाल, निवासी क्षेत्रीय गांव शामिल हैं। स्कूली बच्चों में शशांक (7 वर्ष) पुत्र सतीश कुमार (निवासी सुल्तानापुर), अविका वर्मा (5 वर्ष) पुत्री सुशील कुमार, पुष्पेंद्र (15 वर्ष) पुत्र सतीश कुमार और सुधांशु (7 वर्ष) पुत्र सत्यवान शामिल हैं। सीएचसी सूरतगंज के डॉ. रिजवान ने बताया कि कुल पांच घायलों को अस्पताल लाया गया था। प्राथमिक उपचार के बाद सभी को बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। प्रभारी निरीक्षक अमित सिंह भदौरिया ने बताया कि पिकअप वाहन और उसके चालक को हिरासत में ले लिया गया है। मामले में आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।
बिहार मंत्रिमंडल विस्तार में जमुई जिले के गिद्धौर गांव से दो नेताओं को मंत्री बनाया गया है। जदयू के वरिष्ठ नेता दामोदर रावत और भाजपा विधायक श्रेयसी सिंह दोनों एक ही गांव गिद्धौर के निवासी हैं। राजनीतिक गलियारों में इसे बिहार की राजनीति के लिए एक ऐतिहासिक संयोग माना जा रहा है। दोनों विधायकों ने आज राजधानी पटना में मंत्री पद की शपथ ली है। बताया जा रहा है कि बिहार के राजनीतिक इतिहास में यह संभवतः पहला अवसर है, जब एक ही गांव के दो प्रतिनिधि एक साथ राज्य मंत्रिमंडल का हिस्सा बने हैं। गिद्धौर, जो कभी राजतंत्र में सत्ता का केंद्र था, अब लोकतांत्रिक राजनीति में भी अपनी मजबूत पहचान दर्ज करा रहा है। गांव के लोगों में इस उपलब्धि को लेकर विशेष उत्साह देखा जा रहा है। दामोदर रावत वर्ष 2000 में पहली बार विधायक बने दामोदर रावत झाझा विधानसभा क्षेत्र से लंबे समय से सक्रिय राजनीति में हैं। वर्ष 2000 में पहली बार विधायक बनने के बाद उन्होंने लगातार अपनी राजनीतिक पकड़ मजबूत की है। वर्ष 2015 को छोड़कर वे लगातार चुनाव जीतते रहे हैं। इससे पहले भी वर्ष 2007 और 2010 में वे नीतीश कुमार मंत्रिमंडल में मंत्री रह चुके हैं। हालिया विधानसभा चुनाव में उन्होंने राजद के दिग्गज नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री जयप्रकाश नारायण यादव को कड़े मुकाबले में हराकर अपनी ताकत साबित की थी। यह उनकी राजनीतिक यात्रा का एक महत्वपूर्ण पड़ाव रहा है। वर्ष 2020 में पहली बार विधायक चुनी गई श्रेयसी सिंह वहीं, जमुई विधायक श्रेयसी सिंह दूसरी बार मंत्री पद की शपथ लेंगी। वे वर्ष 2020 में पहली बार भाजपा के टिकट पर विधायक चुनी गई थीं और 2025 के चुनाव में भी बड़े अंतर से जीत दर्ज की। श्रेयसी सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री दिग्विजय सिंह और पूर्व सांसद पुतुल कुमारी की पुत्री हैं। उनके मंत्री बनने से महिला नेतृत्व को भी नई मजबूती मिलने की चर्चा है। नई कैबिनेट में बीजेपी से 15, जेडीयू से 13, LJP(R)-2, HAM और RLM से एक-एक मंत्री हैं। 25 मिनट चले इस कार्यक्रम में एक साथ 5-5 विधायकों ने शपथ ली है। पहली बार में निशांत कुमार, श्रवण कुमार, विजय सिन्हा, लेसी सिंह, और दिलीप जायसवाल ने शपथ ली। निशांत कुमार पहली बार मंत्री बने हैं।
फरीदकोट में मुख्यमंत्री भगवंत के आगमन से पहले तीन स्कूल-कॉलेजों को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया। इसके बाद जिला पुलिस द्वारा संबंधित शिक्षण संस्थानों को खाली करवाकर सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा है। हालांकि अब तक किसी भी स्कूल या कॉलेज से कोई संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई है। इस धमकी के बाद प्रशासन ने फरीदकोट और कोटकपूरा के लगभग सभी स्कूलों में छुट्टी कर दी है। जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान अपनी “शुकराना यात्रा” के तहत वीरवार को फरीदकोट और कोटकपूरा पहुंच रहे हैं। इसी दौरान ई-मेल के जरिए सादिक के सरकारी कन्या स्कूल, फरीदकोट के दशमेश पब्लिक स्कूल और दशमेश डेंटल कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी दी गई। पुलिस द्वारा गहन जांच की जा रही धमकी मिलने के बाद पुलिस और सुरक्षा एजेंसियां तुरंत हरकत में आ गईं। सादिक के सरकारी स्कूल को खाली करवाकर सर्च ऑपरेशन चलाया गया, जबकि फरीदकोट के दोनों शिक्षण संस्थानों में भी पुलिस द्वारा गहन जांच की जा रही है। एहतियात के तौर पर स्कूलों में छुट्टी-डीएसपी इस संबंध में जानकारी साझा करते हुए डीएसपी तरलोचन सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस द्वारा तुरंत सर्च ऑपरेशन शुरू कर दिया गया। उन्होंने कहा कि अब तक कोई भी संदिग्ध या प्रतिबंधित वस्तु बरामद नहीं हुई है। सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए एहतियात के तौर पर स्कूलों में छुट्टी कर दी गई है, ताकि किसी भी तरह की अनहोनी से बचा जा सके।
सिवनी जिले में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर गुरुवार सुबह आम से भरा एक ट्रक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलट गया। हादसा सोनाडोंगरी के पास सुबह करीब 10:30 बजे हुआ। राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में कोई जनहानि नहीं हुई। नागपुर से जबलपुर जा रहा था ट्रक प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक नागपुर से जबलपुर की ओर जा रहा था। तेज रफ्तार के कारण चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख पाया और ट्रक पलट गया। सड़क पर बिखरे आम ट्रक पलटते ही उसमें भरे आम सड़क पर फैल गए। हादसे के बाद कुछ देर के लिए हाईवे पर यातायात प्रभावित हो गया और वाहनों की लंबी कतार लग गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और सड़क के एक हिस्से से यातायात शुरू कराया। बाद में क्रेन की मदद से ट्रक को हटाया गया और स्थिति सामान्य की गई। ट्रक ड्राइवर से पूछताछ कर रही है पुलिस स्थानीय लोगों का कहना है कि जिस जगह हादसा हुआ वहां हमेशा लोगों और वाहनों की आवाजाही रहती है। यदि उस समय आसपास लोग या वाहन होते तो बड़ा हादसा हो सकता था। पुलिस ट्रक चालक से पूछताछ कर रही है। शुरुआती जांच में हादसे की वजह तेज रफ्तार और वाहन का अनियंत्रित होना माना जा रहा है।
पचपदरा विधायक डॉ. अरूण चौधरी ने टापरा और कालूडी ग्राम पंचायतों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्राम रथ अभियान के तहत आयोजित जन जागरूकता कार्यक्रमों में भाग लिया और विधायक मद से एक करोड़ रुपए से अधिक के विभिन्न विकास कार्यों का लोकार्पण किया। जनकल्याणकारी योजनाओं के बारे में बताया इन कार्यक्रमों में ग्राम रथ और कला जत्थों के माध्यम से ग्रामीणों को राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। स्थानीय लोगों ने बड़ी संख्या में उपस्थित होकर योजनाओं के बारे में जानकारी प्राप्त की और कार्यक्रमों में उत्साहपूर्वक सहभागिता निभाई। गांव-गांव जाकर आमजन को योजनाओं से जोड़ा विधायक डॉ. अरूण चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि राज्य सरकार का लक्ष्य है कि हर पात्र व्यक्ति तक योजनाओं का लाभ पहुंचे। उन्होंने ग्राम रथ अभियान को इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया, जिसके माध्यम से गांव-गांव जाकर आमजन को योजनाओं से जोड़ा जा रहा है। उन्होंने जोर दिया कि राज्य सरकार की मंशा है कि विकास केवल शहरों तक सीमित न रहे, बल्कि गांवों तक समान रूप से पहुंचे। इसके लिए सड़क, पानी, बिजली, शिक्षा और स्वास्थ्य जैसी मूलभूत सुविधाओं को मजबूत किया जा रहा है। आमजन को मिलेगा सीधा लाभ विधायक ने बताया कि विधायक मद से कराए जा रहे विकास कार्य ग्रामीण क्षेत्रों की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए प्राथमिकता के आधार पर स्वीकृत किए गए हैं, ताकि आमजन को सीधा लाभ मिल सके। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की कि वे सरकार की योजनाओं की जानकारी लेकर उनका अधिकतम लाभ उठाएं और आसपास के जरूरतमंद लोगों को भी योजनाओं से जोड़ने में सहयोग करें। इस अवसर पर संबंधित विभागों के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।
उन्नाव में दो शिक्षिकाएं निलंबित:वित्तीय अनियमितता और अनुशासनहीनता के आरोपों पर BSA ने कार्यवाही की
उन्नाव के नवाबगंज ब्लॉक स्थित सोहरामऊ के उच्च प्राथमिक विद्यालय में वित्तीय अनियमितताओं और अनुशासनहीनता के आरोपों के चलते बेसिक शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विद्यालय की इंचार्ज प्रधानाध्यापिका विभा सिंह और सहायक शिक्षिका सुषमा को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई लंबे समय से विवादों में रहे विद्यालय में हुई जांच और बयान दर्ज किए जाने के बाद की गई। जानकारी के अनुसार, निलंबन से ठीक एक दिन पहले विद्यालय के समस्त स्टाफ को बीएसए कार्यालय बुलाया गया था। यहां सभी कर्मचारियों के वीडियो और लिखित बयान दर्ज किए गए। इंचार्ज प्रधानाध्यापिका और सहायक शिक्षिका से स्पष्टीकरण भी मांगा गया, लेकिन विभाग को उनका जवाब संतोषजनक नहीं लगा। बीएसए शैलेंद्र पांडे के मुताबिक, इंचार्ज प्रधानाध्यापिका विभा सिंह पर विद्यालय का चार्ज संभालने के बाद से मध्याह्न भोजन योजना (एमडीएम) और अन्य आवश्यक सामानों की खरीद से संबंधित बिलों का सही रखरखाव न करने का आरोप है। निरीक्षण के दौरान कई बार ऐसे बिल प्रस्तुत किए गए जो खरीद की तिथि से पहले के पाए गए। विभागीय जांच में बिलों में हेराफेरी और अभिलेखों में गड़बड़ी की पुष्टि होने पर उनके खिलाफ निलंबन की कार्रवाई की गई। उन्हें विद्यालय में शैक्षिक वातावरण बनाए रखने में भी असफल माना गया। वहीं, सहायक शिक्षिका सुषमा पर विद्यालय के एक कर्मचारी के खिलाफ अनर्गल और निराधार आरोप लगाने का मामला सामने आया था। इस प्रकरण की मजिस्ट्रेटी जांच कराई गई, जिसमें लगाए गए आरोप गलत पाए गए। जांच रिपोर्ट के आधार पर विभाग ने उनके खिलाफ भी कार्रवाई की संस्तुति की थी, जिसके बाद उन्हें निलंबित कर दिया गया। मामले में एक और घटना तब सामने आई जब पांच मई को बयान दर्ज कराने के दौरान इंचार्ज प्रधानाध्यापिका विभा सिंह कार्यालय से बाहर निकलकर किसी व्यक्ति से फोन पर बातचीत करती दिखाई दीं। आरोप है कि उन्होंने फोन पर कहा कि बीईओ नवाबगंज द्वारा प्रति व्यक्ति 10 हजार रुपये जमा कराने की बात कही गई है और यह जानकारी सहायक शिक्षिका प्रतिमा ने दी है। यह बात बीएसए और बीईओ तक पहुंची तो उन्होंने तत्काल सहायक शिक्षिका प्रतिमा को बुलाकर पूछताछ की। पूछताछ में प्रतिमा ने किसी भी प्रकार की धनराशि मांगे जाने की बात से साफ इनकार कर दिया। इसके बाद विभाग ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच आगे बढ़ाई।विद्यालय पहले भी विभिन्न कारणों से चर्चा में रहा है। विभागीय कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मचा हुआ है। बीएसए का कहना है कि सरकारी विद्यालयों में वित्तीय पारदर्शिता और अनुशासन से किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा तथा दोषी पाए जाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
जलभराव से रास्ता बंद, ग्रामीण खेतों से अर्थी ले गए:बागपत के खरक रटौल में सड़क खराब, मरम्मत की मांग
बागपत जिले के खरक रटौल में सड़क खराब होने और जलभराव के कारण ग्रामीणों को एक शवयात्रा खेतों के रास्ते से श्मशान घाट तक ले जानी पड़ी। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें ग्रामीण जनप्रतिनिधियों से सड़क निर्माण की मांग करते दिख रहे हैं। यह घटना 5 मई को हुई, जब खरक के 52 वर्षीय लेखराज का निधन हो गया था। मृतक की अर्थी लेकर ग्रामीण श्मशान घाट की ओर चले, लेकिन खरक-डगरपुर वाया विनयपुर को जोड़ने वाले मार्ग पर पहुंचने पर उन्हें जलभराव और टूटी हुई सड़क मिली। रास्ते से अर्थी ले जाना असंभव होने के कारण ग्रामीण काफी देर तक वहां खड़े रहे। इसके बाद, ग्रामीणों ने खेतों से होकर अर्थी ले जाने का निर्णय लिया। उन्होंने अपने कंधों पर अर्थी उठाई और खेतों के रास्ते श्मशान घाट पहुंचे, जहां अंतिम संस्कार किया गया। परेशान ग्रामीणों ने इस दौरान एक वीडियो बनाया और स्थानीय जन प्रतिनिधियो से सड़क बनवाने की गुहार लगाई। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग पिछले 15 वर्षों से जर्जर हालत में है और यहां हमेशा जलभराव की स्थिति बनी रहती है, जिससे लोगों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि जन प्रतिनिधियो से लेकर सभी अधिकारी और तहसील दिवस तक सभी से मार्ग बनवाने की मांग कर चुके हैं, लेकिन आज तक सड़क का निर्माण नहीं हुआ है। ग्रामीण सुंदर, शिवा, सतबीर, संजीव, रवि, राहुल और कपिल ने अपनी आपबीती सुनाई। उन्होंने वायरल वीडियो के माध्यम से आला अधिकारियों से इस समस्या का तत्काल समाधान करने और सड़क का निर्माण कराने की मांग की है।
बिहार की राजनीति में करीब चार दशक का लंबा सफर तय करने वाले जगदीशपुर विधायक श्रीभगवान सिंह कुशवाहा को सम्राट चौधरी कैबिनेट में शामिल किया गया है। भोजपुर जिले के जगदीशपुर प्रखंड अंतर्गत हरिगांव पंचायत के दुल्हिनगंज गांव से निकलकर राज्य राजनीति में अपनी अलग पहचान बनाने वाले श्रीभगवान सिंह कुशवाहा लंबे समय से शाहाबाद की राजनीति के प्रभावशाली चेहरे रहे हैं। मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में शामिल कुशवाहा का मंत्री बनना न केवल जगदीशपुर बल्कि पूरे शाहाबाद क्षेत्र की राजनीति में नई हलचल पैदा कर रहा है। 61 साल के श्रीभगवान सिंह कुशवाहा का राजनीतिक जीवन संघर्ष, उतार-चढ़ाव और लगातार सक्रियता से भरा रहा है। उन्होंने वर्ष 1990 में आईपीएफ से पहली बार विधायक बनकर विधानसभा में कदम रखा था। इसके बाद वर्ष 2000 में समता पार्टी के टिकट पर दूसरी बार विधायक बने। वर्ष 2005 में जदयू के टिकट पर लगातार दो बार चुनाव जीतने के बाद उन्हें बिहार सरकार में मंत्री बनने का अवसर मिला और करीब तीन वर्षों तक उन्होंने मंत्री पद संभाला। हालांकि वर्ष 2010 के विधानसभा चुनाव में उन्हें हार का सामना करना पड़ा, लेकिन राजनीति से उनका जुड़ाव लगातार बना रहा। 2014 में राजद के टिकट पर लड़ा था लोकसभा चुनाव भगवान सिंह कुशवाहा ने कई राजनीतिक दलों का सफर तय किया। वर्ष 2014 में उन्होंने राजद के टिकट पर लोकसभा चुनाव लड़ा, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद वे रालोसपा और जन अधिकार पार्टी में भी रहे। पिछले विधानसभा चुनाव में उन्होंने चिराग पासवान की पार्टी से चुनाव लड़ा था, लेकिन जीत हासिल नहीं कर सके। साल 2025 में उन्होंने फिर जदयू में वापसी की और जदयू के सिंबल पर 197 जगदीशपुर विधानसभा क्षेत्र से चुनाव जीतकर विधानसभा पहुंचे। हालांकि उस समय उन्हें मंत्रिमंडल में जगह नहीं मिली थी, लेकिन अब सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली नई एनडीए सरकार में उनकी ताजपोशी तय मानी जा रही है। विधानसभा चुनाव जीतने के कुछ दिन बाद पत्नी का निधन कुशवाहा समाज से आने वाले श्रीभगवान सिंह कुशवाहा शाहाबाद क्षेत्र में सामाजिक और राजनीतिक रूप से मजबूत पकड़ रखते हैं। यही वजह है कि वे लंबे समय से क्षेत्रीय राजनीति में प्रभावशाली भूमिका निभाते रहे हैं। निजी जीवन में भी हाल के वर्षों में उन्होंने कठिन दौर देखा। विधानसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद ही 27 दिसंबर को उनकी पत्नी उषा सिंह का निधन हो गया था। वे बिहार विधानसभा सचिवालय में कार्यरत थीं। उनके निधन पर मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और तत्कालीन उप मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी समेत कई बड़े नेताओं ने पहुंचकर शोक संवेदना व्यक्त की थी। 10वीं पास हैं श्रीभगवान सिंह कुशवाहा पारिवारिक पृष्ठभूमि की बात करें तो उनके पिता स्वर्गीय देवधारी सिंह और माता स्वर्गीय ल्हासो देवी थीं। चार भाइयों में वे तीसरे स्थान पर हैं। उनके पुत्र नवनीत सिंह पेशे से इंजीनियर हैं। चुनावी हलफनामे के अनुसार श्रीभगवान सिंह कुशवाहा 10वीं पास हैं और उनके पास करीब 2.22 करोड़ रुपये की संपत्ति है। इसमें जमीन, वाहन, हथियार और पटना स्थित अपार्टमेंट शामिल हैं। राजनीतिक अनुभव, सामाजिक समीकरण और संगठन में मजबूत पकड़ के कारण अब एक बार फिर उनका नाम बिहार सरकार के संभावित मंत्रियों में प्रमुखता से लिया जा रहा
बाड़मेर शहर की एक जिम में किराएदार और मालिक के बीच बवाल खड़ा हो गया। मालिक बिल्डिंग खाली करवाने के कई बार बोल चुका है। बावजूद इसके जिम संचालक परिसर खाली नहीं कर रहा है। वहीं पड़ोसियों ने आरोप लगाया है कि जिम में होने वाले शोर-शराबें से परेशान कर दिया है। बच्चों की पढ़ाई खराब हो रही है। वहीं जिम में आने वाले आवारा युवक गाली-गलौच करने के साथ महिलाओं और युवतियों पर अभद्र टिप्पणी करते है। मामला बाड़मेर शहर राय कॉलोनी रोड ओमेगा टावर आज सुबह का है। सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों पक्षों को शांत करवाया। वहीं डॉक्यूमेंट थाने लेकर बुलाया है। दरअसल, बाड़मेर शहर के रॉय कॉलोनी में स्थित बिल्डिंग हरीश जागिड़ की है। वहीं इन्होंने बिल्डिंग किराए पर ललित माली पुत्र जोगाराम माली को दी थी। यह जिम का संचालन करता है। गुरुवार को मालिक और पड़ोस की महिलाएं और बच्चे जिम में पहुंच गए। वहां पर धरना दे दिया। मिली जानकरी के अनुसार राय कॉलोनी स्थित ओमेगा टॉवर में संचालित हो रही जिम का दो साल का एग्रीमेंट समाप्त हो चुका था, लेकिन संचालक न तो किराया दे रहा है और न ही जिम खाली कर रहा है। देर रात तक जिम मे होने वाले शोर-शराब से स्थानीय निवासियों और स्कूली बच्चों की पढ़ाई बुरी तरफ प्रभावित हो रही है। महिलाओं का आरोप है कि जिम में आने वाले आवारा युवक स्थानीय महिलाओं व युवतियों से अभद्र टिप्पणियां करते हैं। जिससे पूरे इलाके में असुरक्षा का माहौल बना हुआ है। बिल्डिंग मालिक गोपी ने बताया- जिम के भारी वजन और अनियंत्रित गतिविधियों के कारण छत पूरी तरह जर्जर हो चुकी है। किसी भी समय बड़ा हादसा हो सकता है। उन्होंने कहा कि छत की मरम्मत करानी है। लेकिन जिम संचालक गुंडों को बुलाकर धमकियां दे रहा है और खाली करने से इनकार कर रहा है। कोतवाली थाना के एएसआई सांवलाराम ने बताया- पुलिस ने दोनों पक्षों को मौके पर ही समझाइश कर दी। विवाद सुलझाने के लिए दोनों को डॉक्यूमेंट के साथ थाने बुलाया है। मामले की जांच के बार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी में जनगणना अभियान शुरू:डीएम-एसपी ने स्वगणना कर किया शुभारंभ
अमेठी जिले में गुरुवार को जनगणना अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया गया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित कार्यक्रम में जिलाधिकारी संजय चौहान, पुलिस अधीक्षक सरवणन टी और जिला जनगणना अधिकारी एवं अपर जिलाधिकारी अर्पित गुप्ता ने स्वगणना कर अभियान की शुरुआत की। इस दौरान विभिन्न विभागों के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी ऑनलाइन माध्यम से अपनी जानकारी भरते हुए प्रक्रिया में सहभागिता निभाई। अपर जिलाधिकारी अर्पित गुप्ता ने जनगणना की प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि इस बार नागरिकों को स्वगणना की सुविधा दी गई है। इसके माध्यम से लोग स्वयं ऑनलाइन पोर्टल पर अपनी व्यक्तिगत एवं पारिवारिक जानकारी दर्ज कर सकेंगे। उन्होंने कहा कि इससे समय की बचत होगी और आंकड़ों की शुद्धता भी सुनिश्चित होगी। अपर जिलाधिकारी ने कर्मचारियों को प्रशिक्षण देते हुए बताया कि प्रत्येक परिवार तक सही जानकारी पहुंचाना और लोगों को जागरूक करना आवश्यक है। जिलाधिकारी संजय चौहान ने कहा कि जनगणना देश की सबसे महत्वपूर्ण प्रशासनिक प्रक्रियाओं में से एक है। इसके आधार पर सरकार द्वारा शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, सड़क, रोजगार और अन्य विकास योजनाओं का खाका तैयार किया जाता है। उन्होंने जनपदवासियों से अपील करते हुए कहा कि सभी लोग स्वगणना में बढ़-चढ़कर भाग लें और सही एवं पूर्ण जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि योजनाओं का लाभ वास्तविक पात्रों तक पहुंच सके। पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने भी जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए प्रशासन को पूर्ण सहयोग देने की बात कही। अधिकारियों ने बताया कि जनगणना कार्य को चरणबद्ध तरीके से पूरा कराया जाएगा तथा इसके लिए कर्मचारियों को आवश्यक प्रशिक्षण भी दिया जा रहा है।
हजारीबाग जिले के चौपारण थाना क्षेत्र के महाराजगंज बाजार में बुधवार रात एक जेवर व्यवसायी की बाइक की डिग्गी से करीब 25 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण चोरी हो गए। अज्ञात अपराधी घटना को अंजाम देकर फरार हो गए। सूजी गांव निवासी अलखदेव पोद्दार महाराजगंज में सुधा जेवर नाम से अपनी दुकान चलाते हैं। बुधवार रात वे दुकान बंद करने की तैयारी में थे। गहनों से भरा बैग निकाल हुआ फरार अलखदेव पोद्दार ने सुरक्षा के मद्देनजर कुछ कीमती आभूषण एक बैग में रखकर अपनी बाइक की डिग्गी में रख दिए थे। जैसे ही उन्होंने बाइक खड़ी की और दुकान का शटर गिराने के लिए मुड़े, काले रंग की अपाची बाइक पर सवार एक अपराधी वहां पहुंचा। अपराधी ने तुरंत डिग्गी खोली, गहनों से भरा बैग निकाला और इटखोरी की दिशा में फरार हो गया। घटना के बाद व्यवसायी के शोर मचाने पर आसपास के लोग और दुकानदार मौके पर जमा हो गए, लेकिन तब तक अपराधी भाग चुका था। सूचना मिलने पर चौपारण थाना प्रभारी सरोज सिंह चौधरी पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने मुआयना कर पीड़ित व्यवसायी का बयान दर्ज किया। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस पुलिस महाराजगंज बाजार और इटखोरी रोड पर लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि अपराधियों की पहचान और उनके भागने के मार्ग का पता चल सके। मामले की गंभीरता को देखते हुए बरही एसडीपीओ अजीत कुमार विमल और इंस्पेक्टर चंद्रशेखर कुमार ने भी घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए घेराबंदी की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा कर लिया जाएगा। सीडीपीओ अजीत कुमार विमल ने अपील की है कि व्यवसायी और आम नागरिक बड़ी रकम या कीमती सामान ले जाते समय अत्यधिक सावधानी बरतें। किसी भी संदिग्ध व्यक्ति या बाइक सवार की गतिविधि दिखने पर तुरंत नजदीकी थाना या कंट्रोल रूम को सूचित करें।
लुधियाना के पॉश इलाके फिरोजपुर रोड स्थित महाराजा मेंशन में बुधवार की रात बॉलीवुड की मशहूर अभिनेत्री मलाइका अरोड़ा के नाम रही। मौका था शहर के एक नामी टेक्सटाइल कारोबारी की 25वीं सिल्वर जुबली एनिवर्सरी का, जहां मलाइका अरोड़ा ने अपनी कातिलाना अदाओं और डांस मूव्स से समां बांध दिया। मलाइका अरोड़ा को अपने बीच पाकर मेहमान उनके साथ सेल्फी लेने के लिए बेकाबू हो रहे थे। बाउंसरों ने बड़ी मुश्किल से भीड़ को संभाला। इसके बाद लोगों ने मलाइका के साथ डांस किया। मलाइका ने 'चल छैया-छैया', 'अनारकली डिस्को चली' और 'मुन्नी बदनाम हुई' (संभावित सही गाना) जैसे गानों पर डांस कर सबको मंत्रमुग्ध कर दिया। पार्टी में मलाइका के डांस के PHOTOS… 500 मेहमानों के बीच आकर्षण का केंद्र बनीं मलाइका इस ग्रैंड सेलिब्रेशन में शहर की करीब 500 नामी हस्तियों ने शिरकत की। कार्यक्रम की शुरुआत डीजे पार्टी से हुई, जिसके बाद मलाइका अरोड़ा ने परफॉरमेंस दी और सागर भाटिया ने अपनी गायकी से माहौल बनाया। जैसे ही मलाइका ने स्टेज पर एंट्री ली, पूरा हॉल तालियों और शोर से गूंज उठा। मलाइका ने अपने सिग्नेचर स्टेप्स और मनमोहक स्टेज प्रेजेंस से हर किसी को झूमने पर मजबूर कर दिया। सेल्फी लेने के लिए बेताब दिखे फैंस परफॉरमेंस के दौरान वहां मौजूद मेहमान और बच्चे उनके साथ सेल्फी लेने के लिए बेताब दिखे। हर कोई इस पल को अपने मोबाइल कैमरों में कैद करना चाहता था। हालांकि, सुरक्षा कारणों और व्यस्त शेड्यूल की वजह से मलाइका अरोड़ा ने केवल अपनी तय परफॉरमेंस दी और उसके तुरंत बाद वहां से रवाना हो गईं। वह फंक्शन में करीब 1 घंटे तक रुकी थीं।
यमुनानगर में 8वीं क्लास की छात्रा ने निगला जहर:इलाज के दौरान तोड़ा दम; परिजन बोले- घर में सब ठीक था
यमुनानगर शहर में एक नाबालिग लड़की की जहरीला पदार्थ खाने से मौत हो गई। तबीयत बिगड़ने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल के शवगृह में रखवाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है और यह पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है कि किशोरी ने जहरीला पदार्थ क्यों खाया। मृतका की पहचान रायपुर कॉलोनी की 17 वर्षीय महक के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि घटना मंगलवार देर रात की है। परिजनों के अनुसार परिवार के सभी सदस्य खाना खाने के बाद अपने-अपने कमरों में सोने चले गए थे। महक भी अपने कमरे में चली गई थी। कुछ समय बाद उसकी तबीयत अचानक बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगी। परिजन लेकर पहुंचे अस्पताल परिजनों ने पहले पास के एक क्लिनिक से दवा दिलवाई, लेकिन उसकी हालत में कोई सुधार नहीं हुआ। इसके बाद उसकी तबीयत और ज्यादा खराब होने लगी, तो परिवार वाले उसे तुरंत सिविल अस्पताल यमुनानगर लेकर पहुंचे। अस्पताल में डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे भर्ती कर लिया। परिजनों का कहना है कि बुधवार को भी महक की हालत नाजुक बनी रही। इलाज लगातार चलता रहा, लेकिन वीरवार तड़के करीब दो बजे उसने दम तोड़ दिया। बेटी की मौत के बाद परिवार में मातम का माहौल है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। आठवीं कक्षा तक पढ़ी थी नाबालिग मृतका के पिता फरीद ने बताया कि उनकी बेटी आठवीं कक्षा तक पढ़ी हुई थी और घर पर सब कुछ सामान्य चल रहा था। उन्होंने कहा कि उन्हें इस बात की कोई जानकारी नहीं है कि महक ने कौन सा जहरीला पदार्थ खाया और उसने ऐसा कदम क्यों उठाया। परिवार भी इस घटना से पूरी तरह सदमे में है। मामले की जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलने के बाद सदर थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। जांच अधिकारी रमनदीप सिंह ने बताया कि सूचना मिली थी कि एक लड़की ने जहरीला पदार्थ खा लिया है। जब पुलिस अस्पताल पहुंची तब उसकी हालत गंभीर थी। इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। उन्होंने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है।
फर्रुखाबाद के जनता भारतीय इंटर कॉलेज भरखा में अग्निशमन विभाग द्वारा एक जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान प्रभारी अग्निशमन अधिकारी प्रांशु अवस्थी ने छात्र-छात्राओं को आग से सुरक्षा के महत्वपूर्ण उपायों की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि आग लगने की स्थिति में घबराने के बजाय सतर्कता और समझदारी से काम लेना चाहिए। अधिकारियों ने विद्यार्थियों को सिखाया कि आग लगने पर तुरंत आसपास के लोगों को सूचित करें और फायर सर्विस को कॉल करें। साथ ही, बिजली के उपकरणों का सावधानीपूर्वक उपयोग करने, गैस सिलेंडर को सुरक्षित रखने और ज्वलनशील पदार्थों से दूर रहने की सलाह दी गई। कार्यक्रम में प्राथमिक अग्निशमन यंत्र का उपयोग करके भी दिखाया गया। अधिकारी ने बताया कि यदि कपड़ों में आग लग जाए तो 'रुकें, लेटें और लुढ़कें' (Stop, Drop and Roll) तकनीक अपनानी चाहिए। इसके अलावा, स्कूल और घर में अग्निशमन यंत्र (Fire Extinguisher) का सही उपयोग कैसे किया जाता है, इसका भी प्रदर्शन किया गया। इस जागरूकता कार्यक्रम से बच्चों को आग से बचाव और आपात स्थिति में सही कदम उठाने की महत्वपूर्ण जानकारी मिली। अधिकारियों ने स्कूल, कॉलेजों और अस्पतालों में निरीक्षण के दौरान पाई गई कमियों को अतिशीघ्र दूर करने के निर्देश भी दिए।
नीमच में करंट लगने से व्यक्ति की मौत:जेसीबी से टकराकर टूटा हाईटेंशन तार, छत पर सफाई कर शख्स पर गिरा
नीमच जिले के चल्दू गांव में गुरुवार सुबह करंट लगने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा उस समय हुआ जब जेसीबी की टक्कर से बिजली का हाईटेंशन तार टूटकर एक व्यक्ति पर गिर गया। छत पर सफाई कर रहे थे अशोक मृतक की पहचान 40 वर्षीय अशोक कलाल के रूप में हुई है। वे घर की छत पर चद्दर साफ कर रहे थे। इसी दौरान वहां से गुजर रही जेसीबी का ऊपरी हिस्सा बिजली की लाइन से टकरा गया और तार टूटकर सीधे अशोक पर गिर पड़ा। बेटे के सामने हुआ हादसा मृतक के बेटे ने बताया कि हादसे से कुछ देर पहले पिता ने उसे नली ठीक करने को कहा था। तभी अचानक तेज आवाज हुई और तार पिता के ऊपर गिर गया। करंट के डर से लोग तुरंत पास नहीं जा सके। परिजन अशोक को तुरंत जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। जेसीबी चालक की तलाश कर रही पुलिस ग्रामीणों ने हादसे के लिए जेसीबी चालक की लापरवाही को जिम्मेदार बताया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जेसीबी और चालक की तलाश शुरू कर दी है।
रोहतक में मांगों को लेकर नगर पालिका कर्मचारी संघ ने प्रधान शंभू के नेतृत्व में हड़ताल करते हुए सरकार के खिलाफ रोष प्रकट किया। साथ ही शहर में कई स्थानों पर कचरे की ट्रैक्टर-ट्राली को खाली करवाया। वहीं, एक ट्राली कचरे की पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कोठी के बाहर भी उतारी गई। पूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा की कोठी के सामने कचरे की गाड़ी उतारकर विरोध प्रकट किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाएगा, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। बता दें कि नगर पालिका के कर्मचारी 1 मई से हड़ताल पर है, जिसके कारण सफाई व्यवस्था चरमरा रही है। ठेके पर लगे कर्मचारियों के साथ झगड़ा नगर निगम में ठेके पर लगाए गए कर्मचारियों के साथ पक्के कर्मचारियों का झगड़ा भी हो गया था। यह मामला पुलिस तक भी पहुंचा, लेकिन बाद में मामले में समझौता हो गया। नगर निगम के पक्के कर्मचारी हड़ताल पर है, जबकि ठेके पर लगे कर्मचारी कचरा उठा रहे हैं। कर्मचारियों की मुख्य मांगें नगर पालिका कर्मचारी संघ के प्रधान शंभू ने बताया कि निगम में लगे कच्चे कर्मचारियों को पक्का किया जाए और ठेका प्रथा को हटाया जाए। कर्मचारियों को 5 हजार रुपए जोखिम भत्ता दिया जाए। पेट्रोल व मोबाइल फोन का खर्च भी दिया जाए। साथ ही अन्य जो मांगे है, उन्हें तुरंत पूरा किया जाए।
बेगूसराय के बखरी(सुरक्षित) विधानसभा क्षेत्र से लोजपा(रा.) के टिकट पर पहली बार विधायक बने संजय कुमार उर्फ संजय पासवान को सम्राट कैबिनेट में शामिल किया गया है। दूसरी बार उन्होंने मंत्री पद की शपथ ली है। इससे पहले नीतीश कैबिनेट में भी मंत्री रह चुके हैं। जिला मुख्यालय के शिवपुरी पोखरिया निवासी गुलाब पासवान के पुत्र संजय कुमार(52) ने 1998 में हिंदी विद्यापीठ देवघर से बीए की डिग्री ली। इस दौरान तत्कालीन केंद्रीय मंत्री रामविलास पासवान के संपर्क में आ गए। इसके बाद समर्पित भाव से रामविलास पासवान के साथ रहे। दलित सेना के जिलाध्यक्ष बने। इसके बाद लोजपा के युवा प्रकोष्ठ के जिलाध्यक्ष बने। वर्तमान में पार्टी के प्रदेश के प्रधान महासचिव हैं। लोकसभा चुनाव में टिकट के दावेदार थे संजय पासवान 2024 के लोकसभा चुनाव में टिकट के दावेदार थे, लेकिन बात नहीं बनी। फिर भी पार्टी के प्रति तन-मन से समर्पित रहे। इसी का परिणाम है कि इस बार गठबंधन में जब लोजपा के हिस्से में बखरी सीट आई तो चिराग पासवान ने यहां से उम्मीदवार बनाया। जिनको लेकर शुरुआती दौर में एनडीए के अदर काफी उठापटक हुई। सीपीआई उम्मीदवार को हराया था टिकट मिला तो संजय पासवान ने बखरी के वर्तमान विधायक और महागठबंधन में सीपीआई के प्रत्याशी सूर्यकांत पासवान को 17 हजार से अधिक वोट से हराकर विजय प्राप्त किया। शपथ पत्र के अनुसार इनकी संपत्ति करीब 20 लाख रुपए ही है। चुनाव के दौरान यह सही तरीके से पंपलेट वितरण भी नहीं करवा सके थे, लेकिन विजय हासिल कर लिया। नीतीश कैबिनेट में गन्ना मंत्री थे नवंबर 2025 में जब नीतीश कुमार के नेतृत्व वाले एनडीए सरकार का गठन हुआ तो संजय पासवान को शपथ दिलाई गई। जिसमें उन्हें गन्ना मंत्री बनाया गया था। अब उन्हें सम्राट चौधरी के नेतृत्व वाली एनडीए सरकार फिर से मंत्री बनाया गया है।
फरीदाबाद में मथुरा-दिल्ली हाईवे पर सेक्टर-58 थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक सड़क हादसा होते-होते टल गया। सेक्टर-58 थाना की रेड लाइट के पास सब्जियों से लदी बोलेरो पिकअप ईंटों से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली से जा टकराई। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईवे पर पलट गई और उसमें भरी ईंटें सड़क पर बिखर गईं। वहीं, बोलेरो पिकअप का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। राहत की बात यह रही कि हादसे में किसी भी ड्राइवर को गंभीर चोट नहीं आई। शिमला मिर्च लेकर बल्लभगढ़ मंडी जा रहा था बोलेरो ड्राइवर यह हादसा सुबह करीब 7 बजे हुआ। पिकअप ड्राइवर दीपक ने बताया कि वह पलवल के काली मंदिर क्षेत्र से अपनी गाड़ी में शिमला मिर्च भरकर बल्लभगढ़ की सब्जी मंडी जा रहा था। जब वह सेक्टर-58 थाना रेड लाइट के पास पहुंचा तो उसके आगे चल रही ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली के ड्राइवर ने अचानक दाईं ओर ट्रैक्टर मोड़ दी। अचानक ट्रैक्टर मुड़ने से वह घबरा गया और समय रहते ब्रेक नहीं लगा पाया, जिसके चलते उसकी पिकअप सीधे ट्रैक्टर-ट्रॉली में जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि ट्रैक्टर-ट्रॉली हाईवे पर पलट गई और ईंटें सड़क पर बिखर गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी का माहौल बन गया। दीपक ने बताया कि हादसे के करीब पांच मिनट बाद ट्रैक्टर ड्राइवर भीड़ का फायदा उठाकर मौके से फरार हो गया। ट्रैक्टर पर नहीं लगी थी नंबर प्लेट उन्होंने बताया कि ट्रैक्टर पर कोई नंबर प्लेट भी नहीं लगी हुई थी। दीपक का कहना है कि ट्रैक्टर ड्राइवर की लापरवाही और अचानक मोड़ लेने की वजह से यह हादसा हुआ। हादसे में उनकी बोलेरो पिकअप गाड़ी पूरी तरह आगे से क्षतिग्रस्त हो गई। घटना की सूचना मिलते ही सेक्टर-58 थाना पुलिस और हाईवे की पेट्रोलिंग टीम मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी विनोद कुमार ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि रेड लाइट से करीब 100 मीटर आगे ट्रैक्टर और पिकअप की टक्कर हो गई है। मौके पर पहुंचने पर पाया गया कि पिकअप गाड़ी पीछे से ट्रैक्टर-ट्रॉली में घुसी हुई थी। पुलिस ने क्रेन से हटवाए क्षतिग्रस्त वाहन पुलिस ने क्रेन की मदद से दोनों वाहनों को हाईवे से हटवाया और यातायात को सुचारु कराया। पुलिस के अनुसार ट्रैक्टर किसी आबाद नाम के व्यक्ति का बताया जा रहा है। फिलहाल फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश की जा रही है।
मनेंद्रगढ़ के कई वार्डों में गुरुवार को घरों में गंदे और बदबूदार पानी की सप्लाई हुई। नलों से दूषित पानी आने पर लोगों में भारी नाराजगी फैल गई। कुछ लोग बोतलों में पानी भरकर सीधे पानी टंकी पहुंचे और शिकायत दर्ज कराई। लोगों का कहना था कि पानी से तेज बदबू आ रही थी और उसका रंग भी सामान्य नहीं था, जिससे स्वास्थ्य संबंधी खतरे की आशंका बढ़ गई। मामले की जानकारी मिलते ही नगर पालिका उपाध्यक्ष धर्मेंद्र पटवा तत्काल पानी टंकी पहुंचे। उन्होंने मौके पर व्यवस्था का निरीक्षण किया और अधिकारियों-कर्मचारियों से जानकारी लेकर लापरवाही पर नाराजगी जताई। उपाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि लोगों के स्वास्थ्य से कोई समझौता बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुरानी शिकायतों के बाद भी बिगड़ी स्थिति स्थानीय नागरिकों ने आरोप लगाया कि पानी की गुणवत्ता को लेकर पहले भी शिकायतें मिली थीं, लेकिन इस बार स्थिति गंभीर थी। शिकायत के बाद नगर पालिका प्रशासन ने तत्काल शहर की पानी सप्लाई बंद करा दी। पानी टंकी की सफाई के बाद फिर से होगी आपूर्ति अधिकारियों के अनुसार, पानी टंकी को पूरी तरह खाली कर साफ किया जाएगा, जिसके बाद स्वच्छ पानी भरकर दोबारा सप्लाई शुरू होगी। इस प्रक्रिया के कारण आज दिनभर शहर में पानी की आपूर्ति बाधित रहेगी। दूषित पानी से बीमारियों का खतरा स्वास्थ्य विशेषज्ञों का कहना है कि दूषित पानी के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां फैलने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए पानी को उबालकर या फिल्टर कर ही उपयोग करना चाहिए। इस घटना के बाद शहरवासियों ने नगर पालिका की जल व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। नियमित मॉनिटरिंग और सफाई पर सवाल लोगों का कहना है कि नियमित मॉनिटरिंग और समय-समय पर टंकियों की सफाई न होने के कारण ऐसी समस्याएं आती हैं। अब शहरवासियों की नजर इस बात पर है कि नगर पालिका प्रशासन भविष्य में इस समस्या के स्थायी समाधान के लिए क्या कदम उठाता है।
मधुबनी जिले के झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र से लगातार पांचवीं बार विधायक चुने गए नीतीश मिश्रा को सम्राट कैबिनेट में मंत्री बनाया गया है। वे बिहार के तीन बार मुख्यमंत्री रहे डॉ. जगन्नाथ मिश्रा के बेटे हैं, जबकि पूर्व केंद्रीय रेल मंत्री ललित नारायण मिश्र उनके चाचा थे। राजनीतिक और सामाजिक विरासत वाले परिवार से आने के कारण बचपन से ही उनका जुड़ाव सार्वजनिक जीवन से रहा। नीतीश मिश्रा का परिवार मूल रूप से दरभंगा जिला के केवटी प्रखण्ड के नयागांव का निवासी माना जाता है। हालांकि परिवार के सदस्य सैकड़ों वर्ष पहले सुपौल जिले के बलुआ घाट जाकर बस गए थे और वहीं स्थायी रूप से रहने लगे। वर्तमान समय में दरभंगा के नयागांव में उनके परिवार की कोई विशेष संपत्ति या स्थायी निवास नहीं बताया जाता है। झंझारपुर से लगातार सक्रिय राजनीति नीतीश मिश्रा लंबे समय से झंझारपुर की राजनीति में सक्रिय हैं। वे यहीं से चुनाव लड़ते रहे हैं और क्षेत्र में ही उनका आवास भी है। वे झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र के मतदाता भी हैं। स्थानीय राजनीति, संगठनात्मक पकड़ और जनता से लगातार संपर्क के कारण उन्होंने क्षेत्र में मजबूत राजनीतिक आधार तैयार किया। विदेश से एमबीए, फिर राजनीति में प्रवेश राजनीति में आने से पहले नीतीश मिश्रा ने विदेश में रहकर एमबीए की पढ़ाई की। उच्च शिक्षा प्राप्त करने के बाद उन्होंने करीब 30 वर्ष पहले सक्रिय राजनीति की शुरुआत की। शुरुआती दौर में वे अपने पिता द्वारा गठित जन कांग्रेस से जुड़े। बाद में उन्होंने अलग-अलग राजनीतिक दलों में काम किया। वे पहले जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से जुड़े, फिर हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) में गए और वर्तमान समय में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में सक्रिय भूमिका निभा रहे हैं। चुनावी राजनीति में हार और जीत दोनों का अनुभव लंबे राजनीतिक सफर में नीतीश मिश्रा को जीत के साथ-साथ हार का भी सामना करना पड़ा। वे दो बार विधानसभा चुनाव हार चुके हैं, लेकिन लगातार राजनीतिक सक्रियता बनाए रखी। इसके बाद उन्होंने झंझारपुर विधानसभा क्षेत्र में मजबूत वापसी करते हुए लगातार पांचवीं बार विधायक बनने का रिकॉर्ड कायम किया। कई महत्वपूर्ण विभागों के मंत्री रह चुके हैं बिहार सरकार में नीतीश मिश्रा कई अहम विभागों की जिम्मेदारी संभाल चुके हैं। वे वर्ष 2005, 2015 और 2020 में मंत्री पद पर रह चुके हैं। अपने राजनीतिक करियर में उन्होंने पर्यटन विभाग, उद्योग विभाग, ग्रामीण कार्य विभाग, गन्ना उद्योग विभाग तथा आपदा प्रबंधन विभाग जैसे महत्वपूर्ण मंत्रालयों का नेतृत्व किया। प्रशासनिक अनुभव और विकास योजनाओं को लेकर उनकी कार्यशैली को उनकी राजनीतिक पहचान माना जाता है। परिवार और निजी जीवन नीतीश मिश्रा का विवाह दरभंगा जिले के बहादुरपुर प्रखंड में हुआ है। उनकी पत्नी गृहिणी हैं। परिवार में तीन भाई और तीन बहनें हैं। उनके एक पुत्र और एक पुत्री हैं, जो वर्तमान में पढ़ाई कर रहे हैं। राजनीतिक विरासत के साथ नई पीढ़ी के नेता राजनीतिक विरासत वाले परिवार से आने के बावजूद नीतीश मिश्रा ने अपनी अलग पहचान बनाने की कोशिश की है। संगठनात्मक राजनीति, प्रशासनिक अनुभव और क्षेत्रीय पकड़ के कारण वे मिथिलांचल की राजनीति में एक महत्वपूर्ण नेता माने जाते हैं। लगातार पांचवीं बार विधायक चुना जाना उनकी राजनीतिक स्वीकार्यता और जनाधार को दर्शाता है।
महेंद्रगढ़ जिले के नांगल चौधरी क्षेत्र में NH-148B हाईवे पर बुधवार देर रात अचानक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली का टायर फट गया और रिम टूट गया। ट्रॉली पशु चारे से ओवरलोड थी। हादसा बस स्टैंड के पास बने अंडरपास के ऊपर हुआ। रिम फटते ही ट्रॉली बेकाबू होकर हाईवे के साइड बॉर्डर पर जा चढ़ी और खतरनाक तरीके से डिवाइडर के ऊपर झुक गई। यह ट्रॉली अंडरपास के ऊपर अटक गई। अगर यह नीचे गिर जाती, तो कोई बड़ा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद मौके पर कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इससे वहां पर कई देर तक जाम भी रहा। कोटपूतली जा रहा था ट्रैक्टर-ट्रॉली में पशुओं के लिए काफी मात्रा में चारा भरा हुआ था। यह चारा पंजाब से कोटपूतली की तरफ ले जाया जा रहा था। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रॉली काफी तेज गति में थी और ओवरलोड भी बताई जा रही है। हादसे के समय हाईवे पर वाहनों की आवाजाही जारी थी, लेकिन राहत की बात यह रही कि किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। बड़ा हादसा टला अमरजीत, नितेश व रविंद्र ने बताया कि यदि ट्रॉली सर्विस रोड की तरफ पलट जाती, तो नीचे से गुजर रहे वाहन इसकी चपेट में आ सकते थे और बड़ा जानलेवा हादसा हो सकता था। हादसे के बाद हाईवे पर कुछ समय तक यातायात भी प्रभावित रहा। हादसों का बना रहता है डर सूचना मिलने पर मौके पर पुलिस भी पहुंची। जिसके बाद सुबह ट्रैक्टर-ट्राली को हटाया गया। इसके बाद ही रोड पूरी तरह से सुचारू रूप से चालू हो पाया। गांव ढाणी बाढ़ोढा के बिरेंद्र सिंह ने बताया कि इस मार्ग पर ये ट्रैक्टर-ट्रालियां क्षमता से ज्यादा सामान भरकर ले जाती हैं। जिससे हादसों का भी डर बना होता है। प्रशासन को इन पर लगाम लगानी चाहिए।
कोटपूतली में 9 मई को लगेगी लोक अदालत:जिला विधिक सेवा प्राधिकरण ने अधिवक्ताओं के साथ की बैठक
कोटपूतली में आगामी 9 मई को राष्ट्रीय लोक अदालत का आयोजन किया जाएगा। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण, जयपुर के निर्देशानुसार आयोजित होने वाली इस लोक अदालत की तैयारियों को लेकर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, कोटपूतली की ओर से अधिवक्ताओं के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता एडीजे क्रम-04 डॉ. सुरेश कुमार ने की। बैठक में लोक अदालत को सफल बनाने और अधिक से अधिक मामलों के निस्तारण को लेकर रणनीति पर चर्चा की गई। प्री-लिटिगेशन और बैंक मामलों के समाधान पर चर्चा बैठक के दौरान एनआई एक्ट, प्री-लिटिगेशन, बैंक तथा बीमा से जुड़े मामलों के अधिकाधिक निपटारे पर विशेष जोर दिया गया। अधिकारियों और अधिवक्ताओं ने लंबित मामलों को आपसी सहमति से जल्द निस्तारित करने के लिए आवश्यक सुझाव भी साझा किए। जिला विधिक सेवा प्राधिकरण की ओर से कहा गया कि लोक अदालत का मुख्य उद्देश्य लोगों को त्वरित और सुलभ न्याय उपलब्ध कराना है। ऐसे में अधिक से अधिक प्रकरणों को आपसी समझौते के जरिए निपटाने का प्रयास किया जाएगा। अधिवक्ता संघ के पदाधिकारी भी रहे मौजूद बैठक में जिला अभिभाषक संघ के अध्यक्ष बजरंग लाल शर्मा, पूर्व अध्यक्ष उदय सिंह तंवर, कोषाध्यक्ष अजय सिंह तंवर सहित कई अधिवक्तागण उपस्थित रहे। इस दौरान लोक अदालत में लंबित मामलों के त्वरित समाधान और पक्षकारों को अधिक से अधिक लाभ पहुंचाने को लेकर विस्तार से विचार-विमर्श किया गया।
जयपुर के राज आंगन रिसॉर्ट में आयोजित सौंदर्य प्रतियोगिता ‘मिस एंड मिसेज इंडिया द क्राउन 2026' ग्लैमर, आत्मविश्वास और महिला सशक्तिकरण का शानदार संगम बनकर सामने आई। गोल्ड इवेंट्स और बेटी फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस ग्रैंड फिनाले में देशभर से आई प्रतिभागियों ने अपनी प्रतिभा, व्यक्तित्व और प्रस्तुति से दर्शकों का दिल जीत लिया। कार्यक्रम के दौरान फैशन, स्टाइल और आत्मविश्वास से भरपूर प्रस्तुतियों ने माहौल को बेहद आकर्षक बना दिया। देर रात तक चले इस आयोजन में प्रतिभागियों ने रैंप वॉक, टैलेंट राउंड और प्रश्नोत्तर सत्र में अपनी शानदार मौजूदगी दर्ज कराई। प्रतियोगिता की मिस कैटेगरी में हरियाणा की प्रतिभागी रूबी चौधरी ने अपने आत्मविश्वास, व्यक्तित्व और प्रभावशाली प्रस्तुति के दम पर ‘मिस इंडिया द क्राउन 2026’ का खिताब अपने नाम किया। वहीं, सिद्धि राठौर को मिस इंडिया राजस्थान चुना गया। इसके अलावा प्रतियोगिता में फर्स्ट रनर अप प्रभा स्वर्णकार, सेकंड रनर अप अंकिता सेन, थर्ड रनर अप प्रिया पटेल रहीं। मिसेज कैटेगरी में गरिमा चौहान ने अपने व्यक्तित्व और प्रभावशाली जवाबों से निर्णायकों को प्रभावित करते हुए ‘मिसेज इंडिया’ का खिताब जीता। वहीं जया शर्मा को मिसेज इंडिया राजस्थान घोषित किया गया। कार्यक्रम में कई सुपर मॉडल्स और युवा प्रतिभाओं ने भी अपनी शानदार प्रस्तुतियों से समां बांध दिया। सुपर टीन फर्स्ट रनर अप करिश्मा अग्रवाल और सेकंड रनर अप गरिमा माहेश्वरी रहीं। वहीं ब्रांड एम्बेसडर ओजस्वी शंकर और पंखुड़ी तिवारी आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अलावा सीनियर मिस इंडिया मॉडल्स मान्या सैनी, अंकिता सोलंकी, सिया बिष्ट, महिमा चौधरी, सवि चौहान, प्रीति जांगिड़ और मोनिका राव ने भी अपनी दमदार उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम की ब्रांड एंबेसडर प्रियंका शर्मा और डायरेक्टर काव्या रहीं, जबकि इवेंट का सफल संचालन शुभम खंडेलवाल ने किया। शो डायरेक्टर राज शर्मा और राहुल शर्मा ने बताया कि प्रतिभागियों के आकर्षक लुक को निखारने में ममता जायसवाल, अशपाक खान और आरिफ खान के डिजाइनर परिधानों का विशेष योगदान रहा। जूरी पैनल में सुनीता मीना, पूजा शर्मा, ममता जायसवाल, सायना शर्मा, डॉ. रूही चरक, नैना कुमारी, श्रेयांस ढहडॉ और डॉ. गोविंद सिंह शामिल रहे। 12 हस्तियों को मिला ‘इंडियन प्राइड आइकॉन अवॉर्ड’ कार्यक्रम के दौरान विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 12 लोगों को ‘इंडियन प्राइड आइकॉन अवॉर्ड’ से सम्मानित किया गया। सम्मान पाने वालों में राजेश सैनी, मुकेश सैनी, आशीष सिंह, शुभम गुप्ता, अकबर खान, आशीष विजय, तनुराग, मोहम्मद आसिफ, शुभम खंडेलवाल, तपेश जांगिड़, श्रेयांश डडा और एंकर तनीशा चोपड़ा शामिल रहे।
कनाडा में भारतीयों विशेषकर पंजाबियों को बड़ी राहत मिली है। वर्क या स्टडी परमिट खत्म होने के बाद अब तुरंत वापस लौटने की जरूरत नहीं होगी। कनाडा की इमिग्रेशन एजेंसी IRCC ने नियमों में बदलाव करते हुए नया विकल्प दिया है। पहले परमिट खत्म होने पर व्यक्ति को उसी कैटेगरी- वर्कर या स्टूडेंट के तौर पर ही स्टेटस बहाल कराना पड़ता था। नई नौकरी या नया कोर्स न होने की स्थिति में भारत लौटना मजबूरी बन जाता था। अब ऐसे लोग 90 दिनों के भीतर ‘विजिटर रिकॉर्ड’ के लिए आवेदन कर कनाडा में कानूनी रूप से रह सकेंगे। हालांकि, स्टेटस बहाली की प्रक्रिया पूरी होने तक उन्हें काम और पढ़ाई तुरंत बंद करनी होगी। IRCC ने साफ किया है कि 90 दिन की समय सीमा पार होने पर यह राहत नहीं मिलेगी और डिपोर्टेशन की कार्रवाई भी हो सकती है। एक्सपर्ट से सवाल-जवाब में जानिए क्या नियम बदले… कनाडा में ये नियम बनाए गए, जानिए… एक्सपर्ट से जानिए नियमों में क्या बदलाव हुए.. सवाल: क्यों दी गई यह राहत? जवाब: इमिग्रेशन एक्सपर्ट सुरेश धवन ने कहा कि कनाडा में हजारों प्रवासी परमिट खत्म होने के बाद अचानक अवैध हो जाते थे। पहले उन्हें देश छोड़कर दोबारा विजिटर वीजा पर आने को कहा जाता था। अब इमिग्रेशन, रिफ्यूजीस एंड सिटीजनशिप कनाडा (IRCC) के इस नए अपडेट से वे बिना बॉर्डर पार किए ही अपना कानूनी स्टेटस बदल सकेंगे। सवाल: कितनी लगेगी फीस? जवाब: एक्सपर्ट सुरेश धवन ने कहा कि नए नियमों के तहत विजिटर के रूप में स्टेटस बहाल करने के लिए कुल $346.25 CAD (करीब 21,500 रुपए) की संयुक्त फीस देनी होगी। इसमें बहाली शुल्क ($246.25) और विजिटर रिकॉर्ड शुल्क ($100) शामिल है। सवाल: क्या सावधानी रखनी होगी? जवाब: एक्सपर्ट सुरेश धवन का कहना है कि भले ही स्टेटस बहाल हो जाए, लेकिन 'आउट ऑफ स्टेटस' होने का असर भविष्य में आपकी पीआर (PR) या एक्सप्रेस एंट्री प्रोफाइल पर पड़ सकता है। इसलिए IRCC की वेबसाइट पर समय रहते आवेदन करना ही समझदारी है। सवाल: कानून में बदलाव कब से किया गया? जवाब: एक्सपर्ट सुरेश धवन का कहना है कि 1 मई, 2026 से नए नियम लागू किए गए हैं। उनका कहना है कि इसमें राहत की बात यह है कि वर्क व स्टूडेंट वीजा वाले लोग अब विजिटर वीजा के लिए तय समय में आवेदन कर सकते हैं। इस दौरान उन्हें अपना वीजा एक्सटेंड करने का टाइम भी मिल जाएगा। सवाल: इसके लिए क्या शर्ते हैं? जवाब: एक्सपर्ट सुरेश धवन का कहना है कि आपको स्टेटस खोने के 90 दिनों के भीतर आवेदन करना होगा, आवेदन प्रक्रिया के दौरान कनाडा के भीतर रहना होगा, और अधिकारी को यह विश्वास दिलाना होगा कि आप एक 'विजिटर' की सभी शर्तों को पूरा करते हैं। सवाल: क्या परमिट खत्म होने से पहले भी आवेदन कर सकते हैं? जवाब: एक्सपर्ट सुरेश धवन का कहना है कि परमिट खत्म करने से पहले ही आवेदन करना चाहिए। इसे मेंटेंड स्टेटस कहा जाता है। उनका कहना है कि यह तब लागू होता है जब आप अपना परमिट खत्म होने से पहले उसे बढ़ाने का आवेदन कर देते हैं। इसमें आप पुराना काम या पढ़ाई जारी रख सकते हैं। सवाल: स्टेटस रेस्टोरशन क्या होता है? जवाब: एक्सपर्ट का कहना है कि रेस्टोरेशन ऑफ स्टेटस तब लागू होता है, जब आपका परमिट खत्म हो चुका हो। यह एक अलग प्रक्रिया है, इसकी फीस अलग है, और इसमें फैसला आने तक आपको काम या पढ़ाई करने की कोई अनुमति नहीं होती। कनाडा में 33 हजार वर्करों को डायरेक्ट PR कनाडा में लंबे समय से वर्क परमिट पर रहने वाले लोगों को पक्की नागरिकता मिलने जा रही है। कनाडा सरकार ने इन-कनाडा वर्कर्स इनिशिएटिव के तहत देश में पहले से रह रहे 33 हजार वर्कर्स को परमानेंट रेजिडेंस (PR) देने का फैसला किया है। यह फैसला उन लोगों के लिए है, जो कनाडा के छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में रहकर वहां की इकोनॉमी में मदद कर रहे हैं। कनाडा लेबर की कमी से जूझ रहा है। ऐसे में सरकार ने फैसला किया है कि ग्रामीण व छोटे शहरों में काम करने वालों को नागरिकता दी जाएगी। कनाडा की इमिग्रेशन मिनिस्टर लीना मेटलेज डायब ने जानकारी दी है कि बजट 2025 में किए गए वादे के मुताबिक, वर्क परमिट पर काम कर रहे लोगों को अब तेजी से पीआर दी जाएगा। सरकार का लक्ष्य है कि 2026 में कम से कम 20 हजार वर्कर्स को पीआर दिया जाए। 2027 में बाकी बचे हुए लोगों की प्रक्रिया पूरी की जाए। ************ ये खबर भी पढ़ें: पंजाबियों का न्यूजीलैंड जाना मुश्किल: सरप्राइज इंटरव्यू में फेल हुए तो डिपोर्ट होंगे, अंग्रेजी कंपलसरी; 42% स्टडी वीजा कैंसिल हो चुके न्यूजीलैंड सरकार ने इमिग्रेशन पॉलिसी में बदलाव किए हैं, जिनका असर भारतीयों खासकर पंजाबियों पर दिखने लगा है। एक हफ्ते के भीतर पंजाब के दो लोगों को देश में एंट्री के दौरान दिक्कतों का सामना करना पड़ा, जबकि 42 फीसदी स्टूडेंट वीजा रद्द होने की बात सामने आई है। (पढ़ें पूरी खबर)
बैतूल जिले के आमला पंखा रोड पर बीती रात बुधवार को एक सड़क हादसे में 70 वर्षीय बुजुर्ग महिला की मौत हो गई। टक्कर मारने के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतका की पहचान बैलमडाई निवासी पिब्बो बाई पत्नी मधु विश्वकर्मा के रूप में हुई है। जानकारी के मुताबिक, महिला बुधवार रात करीब 10:30 बजे एक शादी समारोह से पैदल अपने घर लौट रही थीं। इसी दौरान एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर लगने के बाद महिला गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गईं। वहां से गुजर रहे एक बच्चे ने उन्हें देखा और तत्काल एम्बुलेंस तथा परिजनों को सूचित किया। घायल महिला को पहले एक निजी अस्पताल ले जाया गया, लेकिन गंभीर हालत को देखते हुए रात करीब 12:38 बजे उन्हें बैतूल जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। जिला अस्पताल में डॉक्टरों ने उन्हें आईसीयू में भर्ती कर उपचार शुरू किया। हालांकि, गुरुवार तड़के करीब 3:25 बजे इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। फिलहाल शव को जिला चिकित्सालय की मर्चुरी में रखा गया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस अज्ञात वाहन चालक की तलाश में जुटी है।
बाबा महाकाल के दर्शन करने उज्जैन आए गाजियाबाद के एक परिवार ने दुकानदारों पर मारपीट और अभद्रता का आरोप लगाया है। घटना चौबीस खंभा क्षेत्र में बुधवार रात को घटी। मारपीट में बच्चे के हाथ में गंभीर चोट आई है। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद निवासी विष्णु मेहरा अपनी पत्नी और बच्चे के साथ 6 मई को उज्जैन पहुंचे थे। परिवार चौबीस खंभा, हरसिद्धि मार्ग क्षेत्र स्थित एक होटल में रुका हुआ था। मेहरा के अनुसार बुधवार रात करीब साढ़े 11 बजे शयन आरती देखने के बाद वे होटल लौट रहे थे। रास्ते में एक दुकान से सामान खरीदने के दौरान दुकानदार से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। दुकानदार और साथी ने मारपीट की पीड़ित का आरोप है कि दुकानदार ने पहले अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। जब उन्होंने इसका विरोध किया, तो दुकानदार दुकान से बाहर आ गया और मारपीट शुरू कर दी। इसके बाद दुकानदार के साथ मौजूद एक अन्य युवक ने भी उनके साथ मारपीट की। विष्णु मेहरा ने बताया कि उन्होंने तुरंत अपनी पत्नी को फोन किया, जो बच्चे के साथ होटल में थीं। पत्नी और बच्चा जैसे-तैसे नीचे पहुंचे, लेकिन आरोप है कि वहां मौजूद कुछ महिलाओं ने उनके साथ भी बदसलूकी की। मारपीट में उनके बच्चे का हाथ टूट गया, जबकि उन्हें सिर और हाथ में चोटें आई हैं। पुलिस ने मेडिकल परीक्षण कराया घटना का वीडियो सामने आया है, उसमें युवक-युवती चिल्लाते हुए और आरोप-प्रत्यारोप लगाते नजर आ रहे हैं, वहीं बच्चा हाथ पकड़े रो रहा है। घटना के बाद परिवार सीधे पुलिस थाने पहुंचा। पुलिस ने उन्हें मेडिकल परीक्षण कराने की सलाह दी है, जिसके बाद वे चरक अस्पताल में मेडिकल और आगे की कार्रवाई की प्रक्रिया में लगे हुए हैं।
बुरहानपुर नगर निगम ने स्वच्छता सर्वेक्षण 2025-26 के तहत गुरुवार को शहर में अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया। निगम की टीम ने सिंधीपुरा से लेकर इकबाल चौक तक दुकानों के बाहर ओटलों पर किए गए अवैध कब्जों को ध्वस्त कर दिया। इस दौरान कई स्थानों पर पक्के और कच्चे अतिक्रमण तोड़ने के लिए जेसीबी मशीन का उपयोग किया गया। अतिक्रमण दस्ता प्रभारी संजय तिवारी ने बताया कि अधिकांश दुकानदारों और ठेला चालकों ने सड़क तक अतिक्रमण कर रखा था। इसके कारण नालियों से पानी की निकासी बाधित हो रही थी और साफ-सफाई में परेशानी आ रही थी। इसी समस्या को दूर करने के लिए निगम ने यह कदम उठाया है। अभियान के दौरान नगर निगम आयुक्त संदीप श्रीवास्तव ने भी मौके पर पहुंचकर पूरी कार्रवाई का निरीक्षण किया। उन्होंने बताया कि अतिक्रमणकारियों का सामान जब्त करने के साथ ही उन पर चालानी कार्रवाई भी की जा रही है। निगम का मुख्य लक्ष्य इस बार स्वच्छता सर्वेक्षण में फाइव स्टार रैंकिंग हासिल करना है, जिसके लिए सफाई व्यवस्था पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। देखिए तस्वीरें…
जमशेदपुर के गोलमुरी थाना क्षेत्र स्थित टूइलाडुंगरी में गुरुवार को साईं मोटर्स सेल-पर्चेस प्रतिष्ठान के परिसर में खड़ी एक कार में भीषण आग लग गई। इस घटना से इलाके में अफरातफरी मच गई, हालांकि समय रहते एक बड़ा हादसा टल गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि पहले कार से धुआं निकलता देखा गया, जिसके बाद आग की लपटें तेजी से फैल गईं और पूरी गाड़ी को अपनी चपेट में ले लिया। आग लगने वाली जगह पर कई अन्य वाहन भी खड़े थे, जिससे बड़े पैमाने पर नुकसान की आशंका बढ़ गई थी। काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया स्थानीय लोगों ने तुरंत गोलमुरी थाना और दमकल विभाग को सूचित किया। पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। तब तक कार पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी। राहत की बात यह रही कि इस घटना में किसी के हताहत होने की कोई खबर नहीं है। हालांकि, इस आगजनी ने साईं मोटर्स परिसर की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों ने अग्निशमन सुरक्षा के पुख्ता इंतजामों की आवश्यकता पर जोर दिया, क्योंकि यहां प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहन खड़े रहते हैं। आग लगने के कारणों का अभी तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। शुरुआती जांच में शॉर्ट सर्किट या किसी तकनीकी खराबी की आशंका जताई जा रही है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।

