रायपुर में स्वच्छता को लेकर मिल रही शिकायतों पर नगर निगम ने कार्रवाई तेज कर दी है। निगम के जोन-6 की टीम ने मठपुरैना स्थित एक बेकरी में गंदगी मिलने, विभिन्न स्थानों पर सी एंड डी (कंस्ट्रक्शन एंड डिमोलिशन) वेस्ट पाए जाने और दुकानों में डस्टबिन नहीं रखने पर कुल 44,200 रुपए का जुर्माना वसूला है। स्वास्थ्य विभाग और नगर निवेश विभाग की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। जांच के दौरान मठपुरैना स्थित एक बेकरी में स्वच्छता संबंधी शिकायत सही पाई गई। निरीक्षण में गंदगी मिलने पर बेकरी संचालक को कड़ी चेतावनी देते हुए जुर्माना लगाया गया। सड़क किनारे मिला निर्माण मलबा अभियान के दौरान जोन क्षेत्र के कई स्थानों पर सी एंड डी वेस्ट खुले में पड़ा मिला। निगम अधिकारियों ने संबंधित भवन मालिकों को नोटिस देकर भविष्य में दोबारा मलबा नहीं फैलाने की चेतावनी दी और आर्थिक दंड भी लगाया। डस्टबिन नहीं रखने वाले दुकानदारों पर भी कार्रवाई निरीक्षण के दौरान कई दुकानों में डस्टबिन नहीं मिले और आसपास कचरा फैला हुआ पाया गया। निगम टीम ने दुकानदारों को तत्काल डस्टबिन रखने और परिसर में स्वच्छता बनाए रखने के निर्देश दिए। नियमों का उल्लंघन करने वालों पर जुर्माना भी लगाया गया। जोन स्वास्थ्य अधिकारी आदिव्य हाजरी, स्वच्छता निरीक्षक महेंद्र कलिहारी, अजय शर्मा, अभिषेक जायसवाल सहित स्वास्थ्य और नगर निवेश विभाग के कर्मचारियों की मौजूदगी में यह कार्रवाई की गई। नगर निगम अधिकारियों ने कहा कि स्वच्छता को लेकर लापरवाही बरतने वाले प्रतिष्ठानों, दुकानदारों और भवन मालिकों के खिलाफ आगे भी अभियान जारी रहेगा। शिकायत मिलने पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की जाएगी।
इंदौर के भंवरकुआ थाना क्षेत्र में खंडवा नाका स्थित एक पान दुकान में हुई लाखों रुपए की चोरी का पुलिस ने 12 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया। पुलिस ने मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि उसके नाबालिग साथी को हिरासत में लिया गया है। दोनों के कब्जे से चोरी किया गया सामान भी बरामद कर लिया गया है। भंवरकुआ पुलिस के मुताबिक 6 जून की सुबह खंडवा नाका स्थित कर्णावत पान दुकान में चोरी की वारदात सामने आई थी। बदमाश दुकान का टीन शेड तोड़कर अंदर घुसे और विभिन्न ब्रांड की महंगी सिगरेट, गुटखा पाउच, लाइटर सहित अन्य सामान चोरी कर फरार हो गए थे। सुबह दुकान खोलने पहुंचे कर्मचारियों ने दुकान का सामान बिखरा देखा और इसकी जानकारी संचालक को दी। इसके बाद मामले की शिकायत पुलिस को की गई। सीसीटीवी कैमरों से मिला चोरों का सुराग टीआई संतोष दूधी ने बताया कि घटना के बाद पुलिस टीम ने आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले। जांच के दौरान आरोपियों के चेहरे और उनकी बाइक का नंबर पुलिस के हाथ लगा। इसके आधार पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए जीतू उर्फ राइडर निवासी कमल नगर, मूसाखेड़ी को गिरफ्तार कर लिया। उसके साथ शामिल एक नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया है। आरोपियों से चोरी का सामान जब्त पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से चोरी की गई सिगरेट, गुटखा पाउच, लाइटर और अन्य सामान बरामद कर लिया है। पुलिस के अनुसार चोरी गए माल की कीमत करीब 4 लाख रुपए है। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी जीतू उर्फ राइडर पूर्व से आपराधिक प्रवृत्ति का है और उसके खिलाफ विभिन्न थानों में कई आपराधिक मामले दर्ज हैं। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। पुलिस को आशंका है कि आरोपी से अन्य चोरी की वारदातों का भी खुलासा हो सकता है। शौक पूरे करने के लिए की चोरी प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपियों ने शौक और मौज-मस्ती के लिए इस चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दोनों आरोपियों को 12 घंटे के भीतर पकड़ लिया।
सिंगरौली जिले के बैढ़न थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। यह हादसा विंध्यनगर रोड पर एसपी कार्यालय के सामने हुआ। टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और उसमें से धुंआ निकलने लगा। हालांकि, समय पर एयरबैग खुलने से कार में सवार दो युवक सुरक्षित बच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, टक्कर की तेज आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग तुरंत मौके पर पहुंचे। उन्होंने कार में फंसे दोनों युवकों को सुरक्षित बाहर निकाला। इस घटना के बाद कुछ देर के लिए सड़क पर लोगों की भीड़ जमा हो गई थी। दोनों युवक सीधी जिले के निवासी जानकारी के अनुसार, कार में सवार दोनों युवक सीधी जिले के निवासी हैं। वे वर्तमान में जयंत क्षेत्र की एक निजी कंपनी में कार्यरत हैं। बताया गया कि वे विंध्यनगर की ओर से महाजन चौक की दिशा में जा रहे थे। इसी दौरान एसपी कार्यालय के सामने चालक ने वाहन पर से नियंत्रण खो दिया और कार डिवाइडर से टकरा गई। स्थानीय लोगों ने बताया कि कार काफी तेज गति में थी। यह भी चर्चा है कि कार में सवार दोनों युवक नशे की हालत में थे। हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि पुलिस जांच के बाद ही हो सकेगी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक तौर पर तेज रफ्तार और लापरवाही को हादसे का कारण माना जा रहा है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि दुर्घटना के समय चालक नशे में था या नहीं।
सीतापुर के संदना थाना क्षेत्र की बीएससी छात्रा मानसी हत्याकांड में शनिवार देर रात उस समय माहौल तनावपूर्ण हो गया, जब पोस्टमार्टम के बाद छात्रा के शव के अवशेष गांव पहुंचे। बोरी में रखे अवशेषों को देखकर परिजनों का दुख आक्रोश में बदल गया। उन्होंने आरोपी के खिलाफ कठोर कार्रवाई, फांसी की सजा और बुल्डोजर कार्रवाई की मांग करते हुए हंगामा किया। शनिवार देर रात जैसे ही मानसी के शव के अवशेष गांव पहुंचे, बड़ी संख्या में ग्रामीण और रिश्तेदार मौके पर एकत्र हो गए। परिजनों ने आरोप लगाया कि उनकी बेटी की बेहद बेरहमी से हत्या की गई है, इसलिए आरोपी को जल्द से जल्द फांसी की सजा दी जानी चाहिए। परिजनों ने आरोपी के मकान पर बुल्डोजर चलाने की भी मांग की। उनका कहना था कि ऐसी जघन्य घटनाओं में कठोर कार्रवाई से ही अपराधियों में कानून का भय पैदा होगा और समाज में एक मजबूत संदेश जाएगा। पीड़ित परिवार ने सरकार से आर्थिक सहायता की मांग भी उठाई। परिजनों का कहना है कि उन्होंने बेटी को उच्च शिक्षा दिलाकर उसका भविष्य संवारने का सपना देखा था, लेकिन इस दर्दनाक घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों ने भी परिवार की मांगों का समर्थन करते हुए आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित मुआवजा देने की मांग की। गांव में देर रात तक गम और आक्रोश का माहौल बना रहा। स्थिति की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन पूरी तरह सतर्क रहा। मौके पर अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश सिंह सहित कई थानों की पुलिस फोर्स तैनात की गई, ताकि कानून-व्यवस्था बनी रहे और किसी प्रकार की अप्रिय घटना न हो। अधिकारियों ने परिजनों से बातचीत कर उन्हें शांत कराने का प्रयास किया और भरोसा दिलाया कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अपर पुलिस अधीक्षक दुर्गेश सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। उपलब्ध साक्ष्यों और तथ्यों के आधार पर विधिक कार्रवाई की जा रही है। गांव में एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात है और प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है।
दोस्त ने युवक पर डंडे से हमला किया:कटघर में कहासुनी के बाद सिर में गंभीर चोट
मुरादाबाद के कटघर थाना क्षेत्र के गांव हृदयपुर में एक युवक पर उसके दोस्त ने डंडे से हमला कर दिया। आपसी कहासुनी के बाद हुए इस हमले में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। हृदयपुर निवासी अनुज ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि वह देर रात अपने पड़ोसी मुलायम सिंह के साथ बैठकर खाना खा रहा था। इसी दौरान किसी बात पर दोनों के बीच कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर मुलायम सिंह ने गुस्से में आकर डंडे से अनुज के सिर पर हमला कर दिया। हमले में अनुज के सिर में गंभीर चोटें आईं और वह खून से लथपथ होकर गिर पड़ा। आरोप है कि घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मुलायम सिंह जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गया। घायल अनुज ने उपचार कराने के बाद पुलिस में शिकायत दर्ज कराई। कटघर थाना प्रभारी शैलेंद्र कुमार ने जानकारी दी कि पीड़ित की तहरीर के आधार पर आरोपी मुलायम सिंह के खिलाफ मारपीट और जान से मारने की धमकी देने की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और मामले की जांच जारी है।
कुल्हाड़ी से 60 वार,3 मिनट छत से लटकाए रखा:17 साल की लड़की का गला कसकर तीन बार पटका; मरा समझकर फेंका
17 वर्षीय लड़की घर में अकेली थी, तभी एक सिरफिरा युवक कुल्हाड़ी और रस्सी लेकर घर में घुस गया। वह लड़की को मारने दौड़ा। जान बचाने के लिए लड़की छत पर भागी, लेकिन आरोपी ने वहां पहुंचकर उस पर करीब 60 बार कुल्हाड़ी से हमला किया। कुल्हाड़ी की बेंत टूटने पर उसने रस्सी से गला कसकर लड़की को तीन बार जमीन पर पटका। इतना ही नहीं, खून से लथपथ लड़की के बेहोश होने पर उसे मृत समझकर छत से लटका दिया और फिर नीचे फेंककर फरार हो गया। युवक ने लड़की को तीन मिनट तक छत पर लटकाए रखा। शिवपुरी जिले के भौंती थाना क्षेत्र में हुई इस वारदात में गंभीर रूप से घायल लड़की का ग्वालियर में इलाज चल रहा है। जो कुछ हुआ, उससे पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत चार लोगों को गिरफ्तार कर लिया है। दैनिक भास्कर की टीम घटना की पड़ताल के लिए गांव पहुंची। घटना की पूरी कहानी बेहद चौंकाने वाली है। पढ़िए विशेष रिपोर्ट… लड़की पर कुल्हाड़ी से हमला, 12 फीट ऊपर से पटकाशिवपुरी जिले में 5 जून की सुबह एक सिरफिरा युवक घर में घुसा और 17 साल की लड़की पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ हमला किया। लड़की उससे बचने के लिए छत पर भागी तो गले में रस्सी का फंदा बांधकर छत से लटका दिया। इसके बाद करीब 12 फीट ऊंचाई से नीचे पटककर भाग निकला। लाेगों ने आरोपी को पकड़ा और पुलिस के हवाले कर दिया। परिजन लहूलुहान किशोरी को तुरंत सिरसौद उपस्वास्थ्य केंद्र ले गए। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसे जिला अस्पताल शिवपुरी रेफर किया गया। हालत में सुधार न होने पर डॉक्टरों ने उसे मेडिकल कॉलेज भेजा, लेकिन स्थिति और बिगड़ने पर उसे ग्वालियर रेफर करना पड़ा। हमले में उसके सिर, गर्दन और चेहरे पर गंभीर चोट आई हैं, जिन पर 60 से अधिक टांके लगे हैं। फिलहाल किशोरी की हालत नाजुक बनी हुई है और वह जिंदगी की जंग लड़ रही है। घटना से नाराज ग्रामीणों ने मुख्य सड़क पर जाम लगा दिया। उनकी मांग थी कि आरोपी युवक और उसके परिवार के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सूचना मिलते ही पिछोर एसडीओपी प्रशांत शर्मा और तहसीलदार शिवशंकर गुर्जर मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से बातचीत की। पुलिस ने आरोपी युवक सहित पांच लोगों के खिलाफ मामला किया। इसके बाद करीब 7 घंटे तक चले विरोध के बाद शाम करीब 4 बजे ग्रामीणों ने जाम खत्म किया। भास्कर टीम को छत पर खून का मंजर दिखाभास्कर टीम गांव पहुंची तो गलियां सूनी थीं। जिस घर में यह खूनी वारदात हुई, वहां ताला लटका हुआ था। गांव में लोग अब भी उस खौफनाक सुबह को याद कर सहमे हुए हैं। पड़ोसियों और ग्रामीणों से पता चला कि पूरा परिवार पीड़िता के उपचार के लिए ग्वालियर में है। टीम छत पर पहुंची तो वहां अब भी खून फैला हुआ था, जो सूख चुका है। जिस दीवार पर आरोपी ने लड़की को लटकाया था। वहां भी खून दिखा। इतना ही नहीं जिस रस्सी के फंदे से लड़की को लटकाया था, वह भी वहां पड़ी थी। दीवार पर खून लगा हुआ था। टीम को पीड़िता के चचेरे भाई ने बताया कि शुक्रवार सुबह सब अपने काम में जुटे थे। चाचा-चाची कुछ काम से बाहर चले गए थे। बहन घर पर अकेली थी। अचानक से आरोपी धर्मेंद्र परिहार (22) सुबह करीब 8 बजे दौड़ता हुआ घर में आ घुसा। उसे देखकर बहन बाहर भागी, पीछे-पीछे दौड़ा। उसके हाथ में रस्सी और कुल्हाड़ी थी। बहन दीवार के सहारे छत पर चढ़ गई तो आरोपी भी वहां पहुंच गया। आरोपी ने कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। बहन ने खुद का बचाव किया और भागकर दूसरे छत पर पहुंची। यहां आरोपी ने उसे पकड़कर गिराया और 50 से 60 बार कुल्हाड़ी से वार किया। गर्दन, सिर समेत शरीर पर चोट आई है। लड़की खून से सनी बेहोश हो गई तो उसने रस्सी से गला कसा और छत पर तीन से चार बार पटका। इसके बाद नीचे लटका दिया। तीन से चार मिनट तक लटाए रखा। उसे लगा की वह मर गई तो छत से नीचे फेंककर वहां से भाग गया। लड़की की हालत बहुत गंभीर है, वह बच जाए, यही प्रार्थना कर रहे हैं। पुराने विवाद का बदला लेने हैवान बनाचचेरे भाई का कहना है कि करीब एक महीने पहले लड़की के माता-पिता शादी में शामिल होने दतिया गए थे। लड़की किसी काम से जा रही थी। कुएं के पास अकेला पाकर धर्मेंद्र ने हरकत की थी। एक व्यक्ति ने इसकी सूचना हमें दी। हमने उसके भाई के साथ मौके पर पहुंचे तो आरोपी भागने लगा। हमने उसे पकड़ लिया। मामला पुलिस तक पहुंचा था और शिकायत दर्ज कराने की बात भी हुई थी, लेकिन गांव के बुजुर्गों ने हस्तक्षेप कर दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया। इसके बाद आगे नहीं बढ़ा। पंचनामा में राजीनामा लिखकर कई वरिष्ठजनों की मौजूदगी में सभी ने साइन किए थे। भाई के अनुसार- इसी पुराने विवाद का बदला लेने के लिए वह हैवान बन गया। भाभी बोली- मैं चीख सुनकर दौड़ी, खून की पिचकारी दिखीपीड़िता की भाभी ने बताया कि घटना के समय वह घर के बाहर ठेले वाले से बच्चे के कपड़े खरीद रही थी। घर की तरफ से चीखने की आवाज सुनाई दी। वो कह रहा था तूने मुझसे क्यों बात की। इसके बाद मुझे खून की पिचकारी दिखाई दी तो मैं चिल्लाई। दौड़कर घर पहुंचीं तो देखा कि धर्मेंद्र छत पर कुल्हाड़ी से हमला कर रहा था। भाभी ने बताया कि वह मदद बुलाने के लिए दौड़ी और जब कुछ देर बाद वापस लौटी तो आरोपी रस्सी का फंदा बनाकर किशोरी को छत से लटकाए हुए था। कुछ देर बाद उसने उसे नीचे पटक दिया और भाग निकला। रस्सी और कुल्हाड़ी लेकर पहुंचा था आरोपीभाभी का कहना है कि धर्मेंद्र परिहार पूरी तैयारी के साथ आया था। ननद ने उसे घर में आते देखा, तो वह जान बचाने के लिए दीवार के सहारे छत पर चढ़ गई थी। हमले के दौरान कुल्हाड़ी का बेंट टूट गया, लेकिन इसके बाद भी वह नहीं रुका और टूटे हुए हथियार से लगातार वार करता रहा। परिवार का दावा है कि आरोपी ने 60 वार किए। जान बचाने के लिए किशोरी एक छत से दूसरी छत की ओर भागी, लेकिन आरोपी उसका पीछा करता रहा। 50 लोग देखते रहे, कोई आगे नहीं आया, बहन ने दिखाई हिम्मतघटना का सबसे दर्दनाक पहलू यह रहा कि जब यह सब हो रहा था, तब गांव के करीब 50 लोग आसपास मौजूद थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार- आरोपी के परिवार के लोग भी वहां मौजूद थे। इतने लोग वहां थे, लेकिन किसी ने भी आगे बढ़कर किशोरी को बचाने की कोशिश नहीं की। ग्रामीणों का कहना था कि आरोपी के हाथ में कुल्हाड़ी थी और उसने हिंसक रूप ले रखा था, यही कारण था कि लोग डर गए थे। मुझे पीटा बोला- भाग जा नहीं तो जान से मार दूंगापीड़िता की चचेरी छोटी बहन ने साहस दिखाया। उसने बताया कि मैं बहन को बचाने गई तो मुझे पीटने लगा। मुझे थप्पड़ मारे और धक्का देकर कहा- यहां से भाग जा नहीं तो तुझे भी जान से मार दूंगा। मैं नहीं हटी तो बहन को छत से नीचे फेंककर आरोपी भागने लगा। मैंने उसे पकड़ने की कोशिश की। आरोपी ने धमकाया और खुद को छुड़ाकर भाग निकला। मारपीट में मुझे भी चोट आई। भरी पंचायत में लड़की के पैर छूकर माफी मांगी थीअजय प्रताप सिंह चौहान ने बताया कि कुछ समय पहले आराेपी युवक ने लड़की से छेड़खानी की थी। घटना की शिकायत करने परिवार के लोग थाने गए थे। यदि उसी समय कार्रवाई हो जाती तो अपराधी के हौंसले इतने बुलंद नहीं होते। पुलिस ने नहीं सुनी तो लड़की के परिवारवालों ने पंचायत को बताया। पंचायत में सभी वरिष्ठजनों की मौजूदी में आरोपी लड़के ने लड़की से माफी मांगी थी। लड़के पिता समेत पूरा परिवार मौजूद था। उसने पैर छूकर कहा कि आगे से फिर कभी ऐसी गलती नहीं होगी। गांव में किसी से कभी कोई गलत नहीं करूंगा। भाई के काम पर गुजरात जाने के बाद किया हमलाघटना के करीब एक महीने बाद अचानक से आरोपी ने यह कदम क्यों उठाया- इस सवाल पर अजय बताते हैं कि आरोपी ने मौके का इंतजार किया। पंचायत के बाद पीड़िता का बड़ा भाई काफी समय तक गांव में ही रुका रहा। घटना के तीन दिन पहले ही वह गुजरात काम पर चला गया था। पीड़िता का एक छोटा भाई है, वह भी घटना के दिन बाहर चला गया था। पिता काम पर और मां भी किसी काम से घर से बाहर चली गई थी। मौका पाकर हमला कर दिया। यानी बड़े भाई के घर होने के चलते आरोपी ने हमले का इंतजार किया। तीन दिन से कुल्हाड़ी तेज कर रहा था धर्मेंद्रग्रामीणों ने बताया कि पिछले तीन दिनों से धर्मेंद्र परिहार गांव में कुल्हाड़ी पर धार लगाता दिखाई दे रहा था। लोग उसे कुल्हाड़ी साफ करते और तेज करते देख रहे थे, लेकिन किसी को उसके इरादों का अंदाजा नहीं था। घटना के बाद लोगों को समझ आया कि वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की तैयारी कर रहा था। मुख्य आरोपी समेत 4 को गिरफ्तार कियाएसडीओपी पिछोर प्रशांत शर्मा ने बताया कि 5 जून को पीड़िता के परिवार ने भौंती में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने मामले में आरोपी धर्मेंद्र परिहार (24), अजब सिंह परिहार (60), फूला बाई परिहार (60) और रीनू परिहार (23) को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपियों से घटना में प्रयुक्त कुल्हाड़ी और डंडे जब्त किए हैं। समझौते के गवाह अजय प्रताप सिंह चौहान ने कहा छेड़छाड़ की शिकायत पुलिस तक पहुंची थी, बाद में पंचायत में मामला सुलझा लिया गया था। आरोपी के खिलाफ कानूनी कार्रवाई होती तो वह ऐसा करने की हिम्मत नहीं करता। यह खबर भी पढ़ेंलड़की के गले में फंदा डालकर छत से लटकाया, VIDEO मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले में शुक्रवार को एक युवक ने घर में घुसकर 17 साल की लड़की पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया। हमले के बाद उसने लड़की के गले में रस्सी का फंदा बांधकर छत से लटका दिया। कुछ देर बाद उसे करीब 12 फीट ऊंचाई से नीचे पटक दिया। घटना का वीडियो भी सामने आया है। पूरी खबर पढ़ें…
झज्जर जिले के दुजाना गांव के चर्चित विजय सैनी हत्याकांड को लेकर सियासी हलचल तेज हो गई है। हत्याकांड के 6 दिन से अधिक समय बीत जाने के बावजूद पुलिस आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं कर पाई है, जिससे परिवार और समाज में रोष लगातार बढ़ रहा है। इसी कड़ी में आज पूर्व सांसद गांव दुजाना पहुंचकर मृतक विजय सैनी के परिजनों से मुलाकात करेंगे। सूत्रों के अनुसार राजकुमार सैनी परिवार को न्याय दिलाने के मुद्दे पर चर्चा करेंगे और मामले में आगे की रणनीति को लेकर कोई बड़ा फैसला भी ले सकते हैं। उनकी इस यात्रा को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। दिनदहाड़े हुई थी हत्या गौरतलब है कि दुजाना निवासी विजय सैनी की दिनदहाड़े गोलियां मारकर हत्या कर दी गई थी। घटना के बाद इलाके में सनसनी फैल गई थी। परिवार का आरोप है कि हत्या सुनियोजित तरीके से की गई और आरोपियों ने पूरी तैयारी के साथ वारदात को अंजाम दिया। पोस्टमार्टम में सात गोलियां लगने की पुष्टि मृतक के बेटे सुनील ने बताया था कि उसके पिता को सात गोलियां लगी थीं। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में भी सात गोलियां लगने की पुष्टि हुई है। परिवार का कहना है कि विजय सैनी की बेहद बेरहमी से हत्या की गई और अब तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होना पुलिस की कार्यशैली पर सवाल खड़े करता है। परिवार को मिला था तीन दिन का आश्वासन हत्या के बाद पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को जल्द कार्रवाई का भरोसा देते हुए तीन दिन के भीतर आरोपियों की गिरफ्तारी का आश्वासन दिया था। लेकिन समय बीतने के बावजूद कोई बड़ी गिरफ्तारी नहीं होने से परिवार और समाज के लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। न्याय की मांग तेज परिजन लगातार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और कड़ी सजा की मांग कर रहे हैं। वहीं सामाजिक संगठनों और समाज के लोगों ने भी मामले में शीघ्र कार्रवाई की मांग उठाई है। अब राजकुमार सैनी की दुजाना यात्रा को इस मामले में एक महत्वपूर्ण घटनाक्रम माना जा रहा है। बड़ा ऐलान कर सकते हैं राजकुमार सैनी बताया जा रहा है कि पीड़ित परिवार से मुलाकात के बाद राजकुमार सैनी मामले को लेकर आंदोलन, धरना या अन्य किसी बड़े कदम की घोषणा कर सकते हैं। यदि ऐसा होता है तो विजय सैनी हत्याकांड को लेकर सियासी और सामाजिक दबाव और बढ़ सकता है।
यूपी के बांदा में ऑटो रिक्शा चालक पर गैंगरेप का आरोप लगाने वाली युवती ने अब अपना बयान पलट लिया है। झांसी की रहने वाली 30 वर्षीय युवती ने पुलिस को बताया– उसने अपने इंस्टाग्राम फ्रेंड के कहने पर गैंगरेप की झूठी कहानी गढ़ी थी। उसके साथ कोई रेप नहीं हुआ था। एसपी पलाश बंसल ने बताया– जांच में पता चला है कि युवती की दो वर्ष पहले इंस्टाग्राम पर एक युवक से दोस्ती हुई थी। उसी युवक के कहने पर उसने यह पूरा घटनाक्रम तैयार कर पुलिस को शिकायत की थी। जांच में पता चला है कि युवक के पास युवती की कुछ निजी तस्वीरें थीं, इन्हीं तस्वीरों को लेकर वह युवती को ब्लैकमेल कर रहा था। इसी कारण युवक के कहने पर युवती ने गैंगरेप का झूठा आरोप लगाने की बात स्वीकारी। पुलिस आरोपी युवक की तलाश कर रही है। पहले जानिए क्या था मामला– झांसी की रहने वाली 30 वर्षीय युवती ने बताया– शुक्रवार सुबह वह घूमने के लिए अपनी 7 साल की बेटी के साथ बांदा आई थी। बाबूलाल चौराहे पर एक ऑटो चालक ने उसे 500 रुपये में किला घुमाने का प्रस्ताव दिया। युवती का आरोप था कि ऑटो चालक उसे रात करीब 12 बजे नरैनी थाना क्षेत्र के पास एक सुनसान स्थान पर ले गया, जहां ऑटो चालक और उसके साथियों ने उसके और उसकी 7 साल की बेटी के साथ बारी–बारी से गैंगरेप किया। इसके बाद आरोपी उसे और उसकी बेटी को जान से मारने की धमकी देते हुए बदहवास हालत में सूनसान रास्ते पर छोड़कर फरार हो गए। शनिवार सुबह युवती एसपी कार्यालय पहुंची और शिकायत पत्र देकर कार्रवाई की मांग की। सीओ और कोतवाली प्रभारी ने की जांच एसपी पलाश बंसल ने बताया– महिला की शिकायत को गंभीरता से लेते हुए सीओ नरैनी प्रतीक और कोतवाली प्रभारी को तत्काल जांच के आदेश दिए गए थे। महिला की सोशल मीडिया गतिविधियों, मोबाइल नंबरों और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच की गई। जांच में पता चला कि महिला की दो साल पहले इंस्टाग्राम पर नरैनी के ही रहने वाले एक युवक से दोस्ती हुई थी। इसके बाद से वह लगातार युवक के संपर्क में थी। कड़ाई से पूछताछ के बाद युवती ने बताया– युवक के पास उसकी कुछ निजी तस्वीरें हैं, जिन्हें लेकर वह पिछले काफी समय से ब्लैकमेल कर रहा है। जांच के बाद पता चला कि युवती उस युवक से मिलने के लिए ही शुक्रवार को झांसी से बांदा आई थी। जेल भेजने का बदला लेने के लिए लगवाया झूठा आरोप पुलिस ने बताया– जिस युवक से महिला की दोस्ती थी, उसने पहले नरैनी क्षेत्र के एक युवक को गोली मारकर घायल कर दिया था। इस मामले में वह जेल गया था और मार्च 2026 में जेल से रिहा हुआ था। जेल से बाहर आने के बाद उसने पुराने विवाद का बदला लेने के लिए घायल युवक (ऑटो चालक) को फंसाने की साजिश रची और महिला को शिकायत करने के लिए तैयार किया। महिला फिलहाल हिरासत में नहीं एसपी ने बताया– शिकायत करने वाली महिला को फिलहाल गिरफ्तार नहीं किया गया है, लेकिन वह पुलिस की निगरानी में है। महिला के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जा रही है। आरोपी युवक की तलाश की जा रही है और उसके खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। ---------------------------- ये खबर भी पढ़िए- रिवॉल्वर से 10 फायर किए, दरोगा को धक्का दिया:मथुरा में बीच सड़क दबंगई, पुलिसवाला बोला- बंदूक नीचे रखो, गोली लग जाएगी मथुरा में लाइसेंसी रिवॉल्वर लेकर भाग रहे एक दबंग और दरोगा के बीच सड़क पर करीब आधे घंटे तक हाईवोल्टेज ड्रामा चला। दरोगा ने रिवॉल्वर छीनने की कोशिश की तो आरोपी भिड़ गया। धक्का-मुक्की करने लगा। ऊंची आवाज में बात कर धमकाने लगा। छीना-झपटी करने लगा। पूरी खबर पढ़िए…
उत्तर प्रदेश पुलिस भर्ती परीक्षा में शामिल होने वाले अभ्यर्थियों की सुविधा के लिए रेलवे प्रशासन ने 7 से 10 जून 2026 तक तीन जोड़ी अनारक्षित परीक्षा विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इन विशेष गाड़ियों का संचालन आजमगढ़, बलिया, मऊ, देवरिया और गोरखपुर रूट पर किया जाएगा, जिससे परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में आसानी होगी। रेलवे प्रशासन के अनुसार, गाड़ी संख्या 05134/05133 आजमगढ़-बलिया-आजमगढ़ परीक्षा विशेष ट्रेन 7 से 10 जून 2026 तक संचालित की जाएगी। यह ट्रेन आजमगढ़ से शाम 7:30 बजे प्रस्थान करेगी और मऊ जंक्शन से रात 8:50 बजे रवाना होकर बलिया रात 9:45 बजे पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन बलिया से रात 10:15 बजे चलेगी, मऊ जंक्शन से रात 11:50 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन सुबह 1:15 बजे आजमगढ़ पहुंचेगी। इसके अलावा, गाड़ी संख्या 05136/05135 आजमगढ़-बलिया-आजमगढ़ परीक्षा विशेष ट्रेन 8 से 10 जून तक संचालित होगी। यह ट्रेन आजमगढ़ से दोपहर 1:00 बजे रवाना होगी, मऊ जंक्शन से दोपहर 2:15 बजे चलकर बलिया शाम 3:45 बजे पहुंचेगी। वापसी यात्रा में यह ट्रेन बलिया से शाम 4:15 बजे प्रस्थान करेगी, मऊ जंक्शन से शाम 5:50 बजे रवाना होकर शाम 7:00 बजे आजमगढ़ पहुंचेगी। तीसरी विशेष गाड़ी संख्या 05139/05140 आजमगढ़-गोरखपुर-आजमगढ़ परीक्षा स्पेशल ट्रेन 8 से 10 जून 2026 तक चलाई जाएगी। यह ट्रेन आजमगढ़ से दोपहर 2:00 बजे रवाना होगी और मऊ जंक्शन, भटनी तथा देवरिया सदर होते हुए शाम 6:30 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। वापसी में यह ट्रेन गोरखपुर से रात 8:00 बजे चलेगी। देवरिया सदर से रात 9:20 बजे, भटनी से रात 9:40 बजे और मऊ जंक्शन से रात 11:05 बजे प्रस्थान करते हुए अगले दिन रात 12:30 बजे आजमगढ़ पहुंचेगी। रेलवे प्रशासन का कहना है कि भर्ती परीक्षा के दौरान अभ्यर्थियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए इन विशेष ट्रेनों का संचालन किया जा रहा है, ताकि यात्रियों को सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराई जा सके।
गुरुग्राम के अशोक विहार में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी और बेटे की गोली मार कर हत्या कर दी है। आरोपी 50 वर्षीय अनिल सिक्योरिटी ऑफिसर की नौकरी करता है, जबकि उसकी पत्नी 45 वर्षीय पत्नी आशा एक निजी स्कूल में प्रिंसिपल थी। उसके 25 वर्षीय बेटे प्रशांत की भी मौके पर मौत हुई है। घटना आधी रात की बताई जा रही है। फिलहाल पुलिस और फोरेंसिक टीमें मौके पर जांच में जुटी है। इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…
लखनऊ के चिनहट क्षेत्र स्थित कंचनपुर मटियारी में चोरों ने एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए करीब 7 लाख रुपए के जेवर, नकदी और घरेलू सामान पर हाथ साफ कर दिया। महिला परिवार के साथ मायके गई थी। लौटने पर घर का ताला टूटा मिला और अलमारी का सामान बिखरा पड़ा था। पीड़िता ने चिनहट कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। कंचनपुर मटियारी निवासी पीड़िता गौसिया खातून के मुताबिक, वह 31 मई की शाम परिवार के साथ मायके गई थीं। इसी दौरान अज्ञात चोर मकान का ताला तोड़कर अंदर घुस गए। चोरों ने अलमारी तोड़कर उसमें रखी सवा तोले की सोने की चेन, दो सोने की अंगूठियां, करीब 70 ग्राम चांदी की पायल, 20 हजार रुपए नकद और एक मोबाइल फोन चोरी कर लिया। इसके अलावा शादी के दहेज में मिले तांबे और पीतल के बर्तन, ट्रॉली बैग, वीआईपी सूटकेस, दो लहंगे, नए कपड़े, चादरें और अन्य सामान भी उठा ले गए। पीड़िता के अनुसार चोरी गए सामान की कुल कीमत करीब 6.5 से 7 लाख रुपए है। 3-4 युवक अक्सर घूमते दिखते थे महिला ने पुलिस को बताया कि पड़ोस में रहने वाली एक महिला के अनुसार घटना से पहले 3-4 युवक अक्सर घर के सामने चबूतरे और पेड़ के पास बैठते और घूमते दिखाई देते थे। इनमें से एक युवक नारंगी रंग की टी-शर्ट पहने था। आशंका है कि इन्हीं लोगों ने घर की रेकी की हो। चिनहट पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है और संदिग्धों की तलाश की जा रही है। साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है।
उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने 8 जून से 10 जून तक भारी वाहनों के लिए रूट डायवर्जन लागू किया है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी ने इस संबंध में आदेश जारी करते हुए आम जनता और वाहन चालकों से सहयोग की अपील की है। पुलिस अधीक्षक अभिनव त्यागी द्वारा जारी निर्देशों के अनुसार, 8 जून से 10 जून तक प्रतिदिन सुबह 5:00 बजे से रात 10:00 बजे तक ट्रक, डंपर, हाईवा और ट्रेलर जैसे भारी वाहनों का मार्ग परिवर्तित रहेगा। डायवर्जन योजना के तहत थाना औराई क्षेत्र स्थित औराई चौराहा से मिर्जापुर की ओर जाने वाले भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इसी प्रकार थाना गोपीगंज क्षेत्र के मिर्जापुर रोड तिराहा से मिर्जापुर की दिशा में जाने वाले भारी वाहनों को भी इस अवधि के दौरान प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। पुलिस प्रशासन का कहना है कि भर्ती परीक्षा के दौरान बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों की आवाजाही को देखते हुए यातायात को सुचारू बनाए रखने और जाम की स्थिति से बचने के लिए यह निर्णय लिया गया है। हालांकि, रोडवेज बसों, सवारी वाहनों, एम्बुलेंस, फायर ब्रिगेड तथा दूध, ब्रेड समेत आवश्यक वस्तुओं की आपूर्ति करने वाले वाहनों को इस प्रतिबंध से छूट दी गई है। पुलिस ने वाहन चालकों से निर्धारित वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने और यातायात व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग करने की अपील की है। प्रशासन का मानना है कि इस व्यवस्था से परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्रों तक पहुंचने में सुविधा होगी और यातायात भी नियंत्रित रहेगा।
उत्तर प्रदेश में छत्तीसगढ़ पुलिस की टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। टीमI गांजा तस्करी के आरोपियों की तलाश में दबिश देने पहुंची थी, लेकिन ग्रामीणों ने उन्हें चोर समझ लिया और मारपीट शुरू कर दी। इस घटना में एक पुलिसकर्मी गंभीर रूप से घायल हो गया। बाकी पुलिसकर्मियों ने किसी तरह अपनी जान बचाई। बताया जा रहा है कि आरोपी के 'चोर-चोर' चिल्लाते ही ग्रामीण भड़के उठे और टीम पर हमला कर दिया। मामले की सूचना मिलने के बाद स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। इस मामले में पुलिस ने 5 लोगों को गिरफ्तार किया है। मामला कौशांबी (UP) के कोखराज थाना क्षेत्र का है। देखिए पहले ये 2 तस्वीरें- UP के कौशांबी पहुंची थी टीम जानकारी के अनुसार रायपुर की गंज थाना पुलिस टीम उत्तर प्रदेश के कौशांबी जिले के ईचौली गांव में रहने वाले आकाश, शिवम और एक अन्य आरोपी की तलाश में पहुंची थी। पुलिसकर्मी सादे कपड़ों में थे। स्थानीय पुलिस की मदद से आरोपियों की तलाश कर रहे थे। बताया जा रहा है कि पुलिस टीम ने पहले आरोपी आकाश को पकड़ लिया था। इसके बाद जब टीम दूसरे आरोपी शिवम के घर पहुंची, तो उसने खुद को बचाने के लिए जोर-जोर से चोर-चोर चिल्लाना शुरू कर दिया। शिवम के शोर मचाते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सादे कपड़ों में होने के कारण ग्रामीण पुलिसकर्मियों को पहचान नहीं सके और उन्हें चोर समझ बैठे। ग्रामीणों ने धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट की देखते ही देखते स्थिति बेकाबू हो गई। ग्रामीणों ने पुलिस टीम को घेर लिया और उनके साथ धक्का-मुक्की करते हुए मारपीट शुरू कर दी। इस दौरान पुलिसकर्मी जगदेव प्रसाद गंभीर रूप से घायल हो गए। मारपीट में उनके सिर और हाथ में गंभीर चोटें आईं। घायल को जिला अस्पताल भर्ती कराया वहीं, चार अन्य पुलिसकर्मी किसी तरह मौके से निकलकर अपनी जान बचाने में सफल रहे। घटना की सूचना मिलते ही कोखराज थाना पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। घायल पुलिसकर्मी को जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है। ASP ने घटना की पुष्टि की कौशांबी की अपर पुलिस अधीक्षक अमिता सिंह ने बताया कि रायपुर पुलिस ने लोकल पुलिस की मदद से एक आरोपी को पकड़ा था, लेकिन दूसरे आरोपी को पकड़ने के दौरान उन्होंने लोकल पुलिस को बिना जानकारी दिए कार्रवाई की। ऐसे में टीम पर ग्रामीणों ने हला कर दिया। इस मामले में 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस घटना की जांच कर रही है। साथ ही मारपीट में शामिल अन्य लोगों की पहचान भी की जा रही है। ………………… इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… गांजा तस्कर को पकड़ने पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस टीम पर हमला: कौशांबी में एक सिपाही गंभीर घायल, 5 गिरफ्तार; FIR कौशांबी में गांजा तस्करी के आरोपी को पकड़ने पहुंची छत्तीसगढ़ पुलिस टीम पर ग्रामीणों ने हमला कर दिया। हमले में एक सिपाही गंभीर रूप से घायल हो गया। मामले में तीन नामजद और 50 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि अन्य की तलाश जारी है। पढ़ें पूरी खबर…
बड़वानी जिले के ठीकरी थाना क्षेत्र के ग्राम दवाना में आबकारी विभाग ने शनिवार रात सैकड़ों पेटी अवैध अंग्रेजी शराब जब्त की है। यह शराब एक लोडिंग बोलेरो वाहन में भूसे के नीचे छिपाकर ले जाई जा रही थी। हालांकि, कार्रवाई के दौरान चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। आबकारी उपनिरीक्षक कमलेश बामनिया ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक बोलेरो वाहन में अवैध शराब की तस्करी की जा रही है। इस सूचना पर आबकारी टीम ने दवाना क्षेत्र में घेराबंदी की। भूसे में छिपाकर हो रही थी शराब तस्करी घेराबंदी के दौरान वाहन क्रमांक (MP 46 ZB 5626) को रोका गया। जांच करने पर वाहन में ऊपर से भूसा लदा हुआ पाया गया। भूसा हटाने पर उसके नीचे सैकड़ों पेटी अंग्रेजी शराब मिलीं, जिन्हें अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। आबकारी टीम को देखते ही आरोपी चालक वाहन को ग्राम दवाना स्थित रामदेव बाबा मंदिर के पास छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। टीम ने तत्काल वाहन को अपने कब्जे में लिया और शराब की पेटियों की गिनती शुरू की। आबकारी विभाग अब यह जांच कर रहा है कि शराब की यह खेप कहां से लाई जा रही थी और इसे कहां ले जाया जा रहा था। फरार आरोपी की तलाश जारी जब्त किए गए वाहन को जिला मुख्यालय लाया गया है। आबकारी अधिनियम के तहत प्रकरण दर्ज कर फरार आरोपी चालक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। आबकारी विभाग की टीम इस तस्करी में शामिल अन्य लोगों की तलाश कर रही है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि जिले में शराब की यह खेप किस नेटवर्क के जरिए खपाई जानी थी। आबकारी विभाग ने जिले में अवैध शराब के खिलाफ अपना अभियान तेज कर दिया है। विभागीय अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। दवाना और आसपास के क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है, ताकि भविष्य में इस तरह की अवैध तस्करी पर प्रभावी ढंग से रोक लगाई जा सके।
लखनऊ में अंडरग्राउंड नाले की सफाई के दौरान हुई कर्मचारी की मौत के मामले में नगर निगम के अधिकारियों पर लापरवाही के आरोप लगे हैं। सफाई कर्मियों का आरोप है कि नालों की सफाई के दौरान नगर निगम के अधिकारी अनदेखी कर रहे हैं। सिर्फ कागजों में गुणवत्तापरख काम कर रहे हैं। ग्राउंड पर कुछ नहीं हो रहा है। नालों की सफाई के दौरान नगर निगम की तरफ सुरक्षा मानकों को लेकर मॉनिटरिंग नहीं की जाती है। सबकुछ ठेकेदार के भरोसे छोड़ दिया जाता है। लालाराम को भी बिना किसी सुरक्षा उपकरण के अंडरग्राउंड नाले में उतारा गया था। उसकी मौत के बाद भी शहर में बिना सुरक्षा उपकरण के नालों की सफाई कराई जा रही है। मैनहोल और सीवर की सफाई का यह है स्टैंडर्ड नियम स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल के अनुसार, मैनहोल या सीवर की सफाई से पहले मानक प्रक्रिया के तहत परीक्षण टेस्टिंग की तैयारी के लिए कम से कम तीन मैनहोल के ढक्कन खोले जाते हैं। इसके बाद लाइन में ताजी ऑक्सीजन पहुंचाने के लिए एक सक्शन पंप का उपयोग किया जाता है। इसके बाद लाइन के अंदर प्रवेश की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए विशेष उपकरणों का उपयोग करके ऑक्सीजन की रीडिंग ली जाती है। इसके साथ ही यातायात में व्यवधान कम हो इस लिए रात में काम को करने की सलाह है। हालांकि, यह काम व्यस्त चौराहे पर दोपहर के समय में किया गया। स्टैंडर्ड प्रोटोकॉल में बताए गए करीब सभी नियमों का चिनहट तिराहे पर नाला सफाई के दौरान उल्लंघन किया गया। बावजूद इसके अधिकारी सिर्फ कांट्रैक्ट नियमों का हवाला देकर पल्ला झाड़ते हुए नजर आए। कॉन्ट्रैक्ट नियमों में ही सुरक्षा उपकरण रखने के नियम थे नगर निगम के अधिकारियों का कहना है कि मामले में जरूरी एक्शन लिया जाएगा, लेकिन पूरी लापरवाही का ठीकरा शोभा इंटरप्राइजेज नाम की कंपनी पर ही थोप दिया जा रहा है। अधिकारियों का कहना है कि कॉन्ट्रैक्ट नियमों में ही सुरक्षा उपकरण रखने के नियम तय थे। इस दौरान पार्षदों और स्थानीय लोगों का कहना है कि कई नाले को लेकर कई बार शिकायत की है,लेकिन कोई सुनने वाला नहीं है। नगर निगम के चीफ इंजीनियर महेश वर्मा से घटना क्रम पर और सुरक्षा को लेकर सवाल पूछा गया, लेकिन उन्होंने कुछ नहीं बोला। स्थानीय पार्षद अरुण राय बताते हैं कि यह नाला हर साल इंजीनियरिंग विभाग की तरफ से साफ किया जाता है। रेगुलर तौर पर इसका कांट्रैक्ट होता है। 4 जून को वित्त मंत्री ने भी किया था निरीक्षण 4 जून को वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने चिनहट बाजार का निरीक्षण नगर आयुक्त गौरव कुमार मेयर सुषमा खर्कवाल के साथ में किया था। इस दौरान पार्किंग व्यवस्था सही करने और साफ सफाई सहित अन्य का निर्देश उन्होंने दिया था। घटना पर मेयर सुषमा खर्कवाल ने कहा कि जरूरी कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही नगर आयुक्त गौरव कुमार ने बताया कि मामले में कांट्रैक्ट नियमों का उल्लंघन करने पर मुकदमा दर्ज किया गया है। 'कोई कार्रवाई नहीं हुई' मृतक लालाराम की मौसी ने कहा कि हमारा बच्चा खत्म हुआ है लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। रितेश नाम के ठेकेदार बच्चे को लेकर गए थे। अगर हमको न्याय नहीं मिला तो उसका ठेका रद्द कर दिया जाए। कोई मिलने तक नहीं आया है। ठेकेदार ने कहा कि इस शव को लावारिस में दे दिया जाए। यह पूरी तरह से गलत है। हमारा बच्चा अनाथ नहीं है। हम लोग उसके साथ में है। सब कुछ गलत किया गया है। 'बिना सुरक्षा किट के नाले में उतारा गया था' लालाराम के साथ काम कर रहे ललित ने बताया कि हम लोग नाले के चैंबर की सफाई करने आए थे। लालाराम जैसे ही चैंबर में उतरे, गैस बनने से वह नाले में गिर गए। उनके कंधे पर रस्सी बांधकर उनको नाले से निकाला गया। वह पूरी तरह से अचेत हो गए थे। हम लोग भी चक्कर खाकर अचेत सा हो गए थे। मौके पर कोई सुरक्षा बेल्ट या रस्सी नहीं बांधी थी। सुरक्षा उपकरण के नाम पर सिर्फ खिलवाड़ किया जा रहा है। ------------------------------- संबंधित खबर भी पढ़िए… नाले की सफाई के लिए उतरे कर्मचारी की मौत:लखनऊ में बिना सुरक्षा किट के ठेकेदार ने मैनहोल में उतारा, बचाते समय साथी भी बेहोश लखनऊ में आज नाले की सफाई के दौरान एक कर्मचारी की मौत हो गई। वह 3 साथियों के साथ चिनहट तिराहा फल मंडी के पास नाले की सफाई के लिए मैनहोल में उतारा। नाले में बने गैस की वजह से वह बेहोश हो गया। साथियों ने रस्सी की मदद से उसे बाहर निकाला और डॉ. राममनोहर लोहिया अस्पताल ले गए। स्थिति गंभीर होने पर उसे चंदन अस्पताल लाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। (पूरी खबर पढ़िए)
मॉडिफाइड साइलेंसर लगी 6 बुलेट पर कार्रवाई:यातायात पुलिस ने 9 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला
सिवनी शहर में ध्वनि प्रदूषण फैलाने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर लगे वाहनों के खिलाफ यातायात पुलिस ने शनिवार रात विशेष अभियान चलाया। इस दौरान पटाखों जैसी तेज आवाज निकालने वाली बुलेट बाइकों की सघन जांच की गई, जिसमें छह वाहनों में अवैध रूप से मॉडिफाइड साइलेंसर लगे पाए गए। पुलिस ने सभी साइलेंसर जब्त कर वाहन चालकों के विरुद्ध मोटर व्हीकल एक्ट के तहत कार्रवाई करते हुए कुल 9 हजार रुपए का समन शुल्क वसूला। शहर में लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि कुछ वाहन चालक अपनी बुलेट बाइकों में मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर तेज आवाज के साथ वाहन चला रहे हैं। इससे ध्वनि प्रदूषण बढ़ रहा था और आम नागरिकों, बुजुर्गों, विद्यार्थियों और मरीजों को परेशानी हो रही थी। इन शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए यातायात पुलिस ने यह विशेष जांच अभियान संचालित किया। ट्रैफिक पुलिस ने छह वाहन जब्त किया यातायात थाना प्रभारी निरीक्षक विजय बघेल के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बाबरिया रोड और नगर पालिका क्षेत्र में घेराबंदी कर संदिग्ध वाहनों की जांच की। जांच के दौरान छह बुलेट बाइकों में कंपनी की ओर से निर्धारित मानकों के विपरीत अवैध मॉडिफाइड साइलेंसर लगे मिले। पुलिस ने मौके पर ही साइलेंसर जब्त कर संबंधित वाहन चालकों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की। जिन वाहनों पर कार्रवाई की गई, उनमें एमपी 20 जेडजे 7526, एमपी 22 जेडबी 0173, एमपी 28 एनसी 6862, एमपी 22 एमजे 5311, एमपी 09 क्यूएफ 2888 तथा एमपी 22 एमएन 1802 क्रमांक की बुलेट बाइकों शामिल हैं। मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग पर पूर्ण बेन यातायात पुलिस ने वाहन मालिकों और वाहन मरम्मत करने वाले मैकेनिकों को चेतावनी दी है। पुलिस ने कहा कि वाहनों में केवल कंपनी की ओर से स्वीकृत मानक साइलेंसर का ही उपयोग किया जाए। पटाखा जैसी आवाज उत्पन्न करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित है और ऐसा करने वालों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने नागरिकों से भी यातायात नियमों का पालन करने तथा ध्वनि प्रदूषण रोकने में सहयोग करने की अपील की है।
अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र में एक युवती ने युवक पर शादी का झांसा देकर लंबे समय तक शारीरिक संबंध बनाने का आरोप लगाया है। युवती का कहना है कि युवक ने विवाह का वादा किया था, लेकिन अब किसी अन्य युवती से निकाह की तैयारी कर रहा है। मामले में युवती ने पुलिस को तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। गजरौला थाना क्षेत्र की रहने वाली युवती के अनुसार उसकी पहचान तिगरी गंगा मेले के दौरान इंस्टाग्राम के माध्यम से एक युवक से हुई थी। सोशल मीडिया पर बातचीत के बाद दोनों के बीच संपर्क बढ़ा और धीरे-धीरे प्रेम संबंध स्थापित हो गए। युवती का आरोप है कि युवक ने उससे शादी करने का वादा किया और इसी भरोसे पर करीब आठ महीने तक उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। जब भी उसने विवाह की बात की, आरोपी टालमटोल करता रहा। पीड़िता के मुताबिक हाल ही में उसे जानकारी मिली कि युवक किसी अन्य युवती से निकाह करने की तैयारी कर रहा है। इसके बाद जब उसने युवक से इस बारे में बात की तो उसने शादी करने से साफ इनकार कर दिया। युवती ने यह भी आरोप लगाया है कि युवक का एक दोस्त भी पूरे मामले में उसका सहयोग कर रहा था। पीड़िता ने दोनों के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए पुलिस को तहरीर सौंपी है। गजरौला थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि युवती की शिकायत प्राप्त हुई है। मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी।
समस्तीपुर में रविवार देर रात बाइक सवार बदमाशों ने एक युवक को गोली मार दी। बुलेट बाएं हाथ में लगी है। घायल की पहचान अंगार गांव के विशेश्वर राय के पुत्र राजेश कुमार के तौर पर हुई है। घटना अंगार थाना क्षेत्र के जिरात गांव की है। पीड़ित ने बताया कि अपने एक दोस्त के साथ देर रात बाइक से बिरनामा की ओर जा रहा था। रास्ते में रूककर सड़क किनारे पेशाब करने लगा। दोस्त सिगरेट पी रहा था। इस बीच बाइक सवार 2 बदमाशों ने फायरिंग कर दी। एक गोली मेरे हाथ में लगी। जिसके बाद मैं वहीं पास में एक गड्ढा में कूद गया। 'हमलावरों की पहचान नहीं, बाइक गांव की' राजेश ने आगे बताया कि गोली आवाज सुनकर आसपास के लोग जुट गए। इस बीच बदमाश फरार हो गए। मामले की सूचना पर परिवार के सदस्य मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से अस्पताल में एडमिट कराया गया है। हमलावरों की पहचान नहीं हुई है, लेकिन बाइक गांव के ही एक व्यक्ति की है। बयान के आधार पर जांच में जुटी पुलिस वहीं, इस संबंध दलसिंहसराय की इंस्पेक्टर पिंकी प्रसाद ने बताया कि एक युवक को गोली लगी है। अस्पताल में इलाज जारी है, उससे पूछताछ हुई है। बयान के आधार पर मामले की छानबीन की जा रही है। गोलीबारी का कारण अभी स्पष्ट नहीं है।
बलरामपुर में पेड़ से लटका मिला बंदर का शव:पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, दोषियों पर होगी कड़ी कार्रवाई
बलरामपुर जनपद के तुलसीपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तुलसीपुर देहात स्थित ईदगाह के बाहर शनिवार को एक पेड़ से एक बंदर का शव रस्सी के सहारे लटका हुआ मिला। इस घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर एकत्र हो गए। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। घटना की सूचना मिलने पर विश्व हिंदू महासंघ के पदाधिकारी भी घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने पुलिस को मामले से अवगत कराया। संगठन के पदाधिकारियों की उपस्थिति में मृत बंदर का पूरे विधि-विधान और सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। विश्व हिंदू महासंघ के जिला उपाध्यक्ष मिथिलेश गिरी ने इस मामले में कहा कि बंदर की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा होना चाहिए। उन्होंने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की ताकि घटना को लेकर किसी भी प्रकार की आशंका और भ्रम की स्थिति समाप्त हो सके। अपर पुलिस अधीक्षक (एएसपी) विशाल पांडेय ने बताया कि थाना तुलसीपुर क्षेत्र में एक बंदर के पेड़ पर रस्सी के सहारे लटके होने की सूचना मिली थी। सूचना मिलते ही पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। बंदर को नीचे उतारने पर वह मृत अवस्था में पाया गया। इसके बाद उसका पूरे सम्मान और विधि-विधान के साथ अंतिम संस्कार कराया गया। एएसपी पांडेय ने आगे बताया कि पुलिस ने इस मामले का स्वतः संज्ञान लिया है और सुसंगत धाराओं में अभियोग पंजीकृत कर लिया है। घटना के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही दोषी व्यक्ति या व्यक्तियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कठोर वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
सहरसा में पैतृक संपत्ति और प्रेम विवाह को लेकर बिहार पुलिस जवान पर उनके पिता ने चाकू से हमला कर दिया। जिससे उनके बाएं हाथ के बाजू और बाईं आंख के पास कई चोटें आई हैं। इलाज के लिए उन्हें सदर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना सदर थाना क्षेत्र की है। घायल जवान की पहचान बेगहा निवासी प्रभु नारायण साह के बेटे मुकेश कुमार(33) के रूप में हुई है। मुकेश वर्तमान में दरभंगा जिले में तैनात हैं। उनके पिता प्रभु नारायण साह तीन साल पहले बिहार पुलिस में सब-इंस्पेक्टर के पद से सेवानिवृत्त हुए थे। पीड़ित ने शनिवार रात थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उसने आरोप लगाया है कि उनके पिता उनके प्रेम विवाह से नाराज हैं। इसी नाराजगी के चलते पिछले तीन साल से संपत्ति से बेदखल करने को लेकर अक्सर उनके बीच विवाद होता रहता था। मुकेश के घर आने पर यह विवाद और बढ़ जाता था। 3 दिन पहले पत्नी के साथ आए थे घर घटना शनिवार शाम करीब 4 बजे की है। मुकेश अपनी पत्नी के साथ तीन दिन पहले ही छुट्टी पर घर आए थे। उस दिन उनके चचेरे भाई सुभाष कुमार घर के बांस की बाड़ी में बांस कटवा रहे थे। इसे देखकर उनके पिता प्रभु नारायण साह वहां पहुंचे और सुभाष से पूछा कि बांस काटने के लिए किसने कहा है। उसने मुकेश का नाम लिया। इसके बाद प्रभु नारायण साह ने घर आकर मुकेश के साथ मारपीट शुरू कर दी। पिता और चचेरे भाई के खिलाफ कार्रवाई की मांग मुकेश ने एक वीडियो भी उपलब्ध कराया है, जिसमें उनके पिता चाकू से और चचेरे भाई लाठी से मारपीट करते हुए दिखाई दे रहे हैं। चाकू के वार से मुकेश के बाएं हाथ के बाजू और बाईं आंख के पास कई चोटें आई हैं, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तत्काल सहरसा सदर अस्पताल में इलाज के लिए भर्ती कराया गया। मुकेश ने शनिवार रात 10 बजे सहरसा सदर थाने में आवेदन देकर अपने पिता और चचेरे भाई के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। सदर थाना अध्यक्ष अजय कुमार पासवान ने कहा कि आवेदन के आलोक में एफआईआर दर्ज की जा रही है। जांच कर आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में पहली बार ग्लोबल सिस्टम फॉर मोबाइल कम्युनिकेशंस (GSM) से लैस कैमरों और सैटेलाइट टेक्निक से बाघों की निगरानी होगी। इस टेक्निक से रणथंभौर टाइगर रिजर्व के पेराफेरी इलाकों में पहुंचे रहे 8-10 टाइगरों की मॉनिटरिंग की जाएगी। GSM कैमरों में सिम कार्ड लगता है और यह सीधे मोबाइल नेटवर्क से काम करते हैं। एप के जरिए कैमरे से लाइव मॉनिटरिंग की जा सकेगी, जिससे हर गतिविधि पर लाइव नजर रहेगी। साथ ही बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए थर्मल कैमरों को भी रि-एक्टिवेट किया जा रहा है। जबकि पेरीफेरी इलाकों में कैमरा ट्रैप सिस्टम को भी अपग्रेड करने की तैयारी है। पढ़िए यह रिपोर्ट 2 बाघिनों के मिसिंग होने के बाद शुरुआतरणथंभौर टाइगर रिजर्व में आरबीटी-2504 (माही) और आरबीटी-2510 कई दिनों से नजर नहीं आ रही हैं। इसे वन विभाग ने गंभीरता से लिया है। दोनों बाघिनों की तलाश के लिए पांच टीमें लगातार जंगल में पैदल पेट्रोलिंग कर रही हैं और करीब 100 कैमरा ट्रैप भी लगाए गए हैं। इसी कारण नई हाईटेक तकनीक से बाघों की रियल टाइम मॉनिटरिंग की शुरुआत की जा रही है। पेराफेरी इलाकों में आवाजाही रास्तों पर इन कैमरों के जरिए नजर रखी जाएगी। साथ ही संभावित नए टाइगर कॉरिडोर की भी पहचान की जाएगी, जिससे मिसिंग हो रहे बाघों की तलाश की जा सके। पहले पढ़िए- क्या होता है GSM कैमरा जीएसएम और सैटेलाइट तकनीक लागू करने की तैयारी रणथंभौर टाइगर रिजर्व फर्स्ट के डीएफओ मानस सिंह ने बताया- बाघों की निगरानी को प्रभावी बनाने के लिए जीएसएम कैमरों और सैटेलाइट तकनीक का उपयोग करने का फैसला लिया है। इसके लिए रणथंभौर वन प्रशासन की ओर से राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) से अनुमति मांगी गई है। अनुमति मिलने पर सबसे पहले रिजर्व के पेरीफेरी क्षेत्रों में इस तकनीक का उपयोग किया जाएगा, जहां शुरुआती चरण में करीब 8 से 10 बाघों की मॉनिटरिंग की जाएगी। टाइगर सर्विलांस सिस्टम भी कर रहे अपग्रेडडीएफओ ने बताया - रणथंभौर में बाघों की बढ़ती संख्या को देखते हुए टाइगर सर्विलांस सिस्टम को लगातार अपडेट किया जा रहा है। टाइगर रिजर्व में थर्मल कैमरों को फिर से एक्टिव किया जा रहा है। अब तक 9 थर्मल कैमरे रि-एक्टिवेट किए जा चुके हैं। इन कैमरों से किसी भी प्रकार की गतिविधि की सूचना संबंधित अधिकारियों तक तुरंत मैसेज के माध्यम से पहुंच जाती है, जिससे निगरानी व्यवस्था अधिक मजबूत हुई है। पेरीफेरी क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप होंगे अपग्रेडमानस सिंह ने बताया कि रिजर्व के बाहरी क्षेत्रों में कैमरा ट्रैप सिस्टम को भी आधुनिक बनाने की तैयारी की जा रही है। जिन स्थानों पर नेटवर्क उपलब्ध है, वहां जीएसएम कैमरों का उपयोग करने पर विचार किया जा रहा है। इससे वनकर्मियों को बार-बार कैमरा ट्रैप तक जाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और किसी भी वन्यजीव की गतिविधि की जानकारी तुरंत प्राप्त हो सकेगी। इससे बाघों और अन्य वन्यजीवों की निगरानी अधिक सटीक तरीके से की जा सकेगी। टाइगर कॉरिडोर की पहचान में मिलेगी मददमानस सिंह का कहना है कि रणथंभौर से कई बार टाइगर करौली और धौलपुर की ओर निकल जाते हैं। नई तकनीक और हाइटेक कैमरा ट्रैप सिस्टम की मदद से यह पता लगाया जा सकेगा कि बाघ किस मार्ग से रिजर्व क्षेत्र से बाहर गए हैं। इन कैमरों से प्राप्त डाटा के आधार पर सुरक्षित वन्यजीव मार्गों की पहचान की जा सकेगी। वन विभाग का उद्देश्य ऐसे प्राकृतिक रास्तों को बेहतर टाइगर कॉरिडोर के रूप में विकसित करना है, जिससे बाघों की सुरक्षित आवाजाही सुनिश्चित की जा सके। फेरीफेरी वाले इलाकों में रह रहे टाइगर डीएफओ ने बताया कि रणथंभौर टाइगर रिजर्व में पेरीफेरी वाले इलाकों से टाइगर रामगढ़ विषधारी, मुकुंदरा, करौली और धौलपुर तक पहुंच चुके हैं। कुछ टाइगर रणथंभौर से मध्य प्रदेश तक का सफर तय कर चुके है। फिलहाल रणथंभौर के करीब दस टाइगर पेरीफेरी वाले इलाकों में रह रहे हैं। इस तकनीक का फायदा इन सभी टाइगरों की मॉनिटरिंग करने में मिल सकेगा। --- रणथंभौर से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए… रणथंभौर टाइगर रिजर्व से 'माही' समेत दो बाघिन लापता:फॉरेस्ट विभाग ने 100 ट्रैप कैमरे लगाए, पांच टीमें कर रही सर्च रणथंभौर टाइगर रिजर्व से दो बाघिन लापता हो गई। आरबीटी-2504 (माही) और आरबीटी-2510 कई दिनों से नजर नहीं आ रही हैं। पूरी खबर पढ़िए
फिरोजाबाद में एक किशोरी को दो बार बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म के मामले में न्यायालय ने मुख्य दोषी को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। इस मामले में दोषी पर कुल 3.02 लाख रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। वहीं, एक अन्य मामले में दोषी के भतीजे को पांच वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया है। यह घटना नगला खंगर क्षेत्र की है। 25 नवंबर 2021 को एक ग्रामीण ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी कि उसकी 17 वर्षीय बेटी को गांव का ही भूरा बहला-फुसलाकर ले गया है। पुलिस ने चार दिन बाद किशोरी को जंगल से बरामद किया था। जांच के बाद पुलिस ने भूरा के विरुद्ध दुष्कर्म और पॉक्सो एक्ट के तहत आरोप पत्र दाखिल किया। जमानत पर बाहर आने के बाद, 15 जून 2022 को भूरा ने अपने भतीजे गुरुवेंद्र उर्फ गोविंद के साथ मिलकर किशोरी को घर के सामने से तमंचे के बल पर बाइक पर बैठाकर फिर से अगवा कर लिया। पुलिस ने कई दिनों की तलाश के बाद किशोरी को मुरादाबाद से बरामद किया। इस मामले में भी पुलिस ने भूरा और उसके भतीजे गुरुवेंद्र के विरुद्ध आरोप पत्र दाखिल किया था। अपर सत्र न्यायाधीश एवं अपर विशेष न्यायाधीश (पॉक्सो एक्ट) कोर्ट संख्या- एक करुणा सिंह के न्यायालय में दोनों मामलों की सुनवाई हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से एडीजीसी संजीव शर्मा ने पैरवी की। एडीजीसी ने बताया कि भूरा को जब यह लगा कि उसे सजा हो सकती है, तो वह कोर्ट में हाजिर नहीं हो रहा था। उसके विरुद्ध डेढ़ वर्ष पहले गैर-जमानती वारंट जारी हुआ था। लगभग डेढ़ माह पूर्व नगला खंगर पुलिस ने उसे गिरफ्तार किया, जिसके बाद न्यायालय की प्रक्रिया आगे बढ़ी। न्यायालय ने शनिवार को अपना निर्णय सुनाते हुए भूरा को आजीवन कारावास और कुल 3.02 लाख रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। वहीं, उसके भतीजे गुरुवेंद्र उर्फ गोविंद को पांच वर्ष की कैद और 50 हजार रुपये का अर्थदंड लगाया गया है। एडीजीसी संजीव शर्मा ने यह भी बताया कि अर्थदंड अदा न करने पर भतीजे को छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।
मऊ में दो ट्रेलरों की टक्कर, एक चालक की मौत:वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर गोंठा बाईपास के पास हुआ हादसा
मऊ जिले के दोहरीघाट थाना क्षेत्र में वाराणसी-गोरखपुर फोरलेन पर गोंठा बाईपास के पास शनिवार रात करीब 8:30 बजे दो ट्रेलरों की टक्कर हो गई। इस हादसे में पीछे चल रहे ट्रेलर के चालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि खलासी बाल-बाल बच गया। जानकारी के अनुसार, आगे चल रहे ट्रेलर चालक ने अचानक ब्रेक लगा दिए, जिससे पीछे से आ रहा तेज रफ्तार ट्रेलर उससे टकरा गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि पीछे वाले ट्रेलर का चालक साइड का हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक केबिन में फंस गया। मृतक चालक की पहचान कुशीनगर जनपद के पड़रौना थाना क्षेत्र स्थित विजयीपुर निवासी 26 वर्षीय सैफ अली उर्फ आलम पुत्र कासिम अली के रूप में हुई है। वह शनिवार को गोरखपुर में बालू गिराकर चकिया, वाराणसी जा रहा था। उसके आगे उसी मालिक का एक और ट्रेलर चल रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। लगभग आधे घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद केबिन को काटकर फंसे हुए चालक को बाहर निकाला गया। उसे एंबुलेंस से सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर जांच के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। हादसे के बाद फोरलेन की एक लेन पर जाम लग गया था, जिसे पुलिस ने दोनों ट्रेलरों को किनारे करवाकर यातायात बहाल कराया।
विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर रविवार सुबह जिला मुख्यालय पर विशाल साइकिल रैली का आयोजन किया गया। केंद्रीय कानून मंत्री अर्जुनराम मेघवाल ने करीब तीन किलोमीटर लंबे रूट पर खुद साइकिल चलाई और पेट्रोल बचाने का संदेश दिया। इस दौरान मेघवाल ने काफी स्पीड से साइकिल चलाई तो गार्ड भी पीछे-पीछे दौड़ते नजर आए। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारी और कर्मचारियों के साथ बीकानेर के साइक्लिस्ट भी साइकिल चलाते नजर आए। ये आयोजन भारत सरकार के युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय तथा भारतीय खेल प्राधिकरण के तत्वावधान में हुआ। रैली के दौरान मंत्री की सुरक्षा के लिए गार्ड और पुलिसकर्मियों ने घेरा बनाकर रखा, वहीं आला अधिकारियों के वाहन भी साइकिलों के पीछे पीछे चलते रहे। शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी रैली जिला खेल अधिकारी सुरेंद्र हर्ष ने बताया कि साइकिल रैली गंगा थिएटर से रवाना होकर जूनागढ़ किला, कीर्ति स्तम्भ, डॉ. करणी सिंह स्टेडियम, वीर दुर्गादास सर्किल, म्यूजियम सर्किल, मेजर पूर्ण सिंह सर्किल, भ्रमण पथ, गांधी पार्क और विजय कीर्ति स्तंभ होते हुए पुनः गंगा थिएटर पहुंची। सुबह छह बजे गंगा थिएटर, पब्लिक पार्क से शुरू हुई रैली में बड़ी संख्या में साइकिल चालक, युवा, विद्यार्थी, विभिन्न विभागों के अधिकारी-कर्मचारी और आमजन शामिल हुए। रैली ने शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरते हुए फिटनेस, पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवन शैली का संदेश दिया। फिटनेस और पर्यावरण संरक्षण का दिया संदेश रैली के दौरान वक्ताओं ने नियमित साइकिल चलाने के लाभों पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि साइकिल न केवल स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है, बल्कि पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। फिट इंडिया अभियान के तहत नागरिकों को दैनिक जीवन में साइकिल के उपयोग के लिए प्रेरित किया गया। पुलिस और विभिन्न विभागों की रही भागीदारी विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर राजस्थान पुलिस के अधिकारियों और कर्मचारियों ने भी रैली में भाग लिया। इसके अलावा नगर निगम, शिक्षा विभाग, चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग, बीकानेर विकास प्राधिकरण, जिला परिषद, उद्योग विभाग, कृषि विभाग और पर्यटन विभाग सहित विभिन्न संस्थाओं के अधिकारी-कर्मचारी भी शामिल हुए। व्यापक व्यवस्थाओं के बीच हुआ आयोजन रैली के सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन, पुलिस विभाग, खेल विभाग और अन्य संबंधित एजेंसियों द्वारा सुरक्षा, यातायात और चिकित्सा संबंधी विशेष व्यवस्थाएं की गईं। आयोजन शांतिपूर्ण और उत्साहपूर्ण वातावरण में संपन्न हुआ। फिट इंडिया, स्वस्थ भारत का दिया संदेश आयोजकों ने कहा कि इस प्रकार के आयोजनों का उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और फिट इंडिया, स्वस्थ भारत के संदेश को जन-जन तक पहुंचाना है। रैली के माध्यम से नागरिकों को नियमित व्यायाम और साइकिलिंग को जीवनशैली का हिस्सा बनाने का आह्वान किया गया।
श्रावस्ती के इकौना थाना क्षेत्र के भंभरी भगवानपुर गांव में एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी पर प्रेमी के साथ घर छोड़कर जाने का आरोप लगाया है। पीड़ित ननकू का कहना है कि उसकी पत्नी रील बनाने की शौकीन थी, जिसे लेकर रोकने के बाद 14 मई को वह घर से चली गई। ननकू के अनुसार, कथित तौर पर उसकी पत्नी घर से जाते समय करीब एक लाख रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और सोने-चांदी के जेवरात भी साथ ले गई। चौंकाने वाली बात यह है कि वह अपने दो बच्चों को घर पर ही छोड़ गई, दोनों बच्चे छोटे हैं। पेशे से राजमिस्त्री ननकू ने बताया कि वह प्रतिदिन सुबह लगभग आठ बजे काम पर निकलता था और शाम छह बजे के बाद घर लौटता था। इसी दौरान उसकी पत्नी घर छोड़कर चली गई। जानकारी के मुताबिक, पत्नी के दिल्ली-गाजियाबाद में होने की आशंका है, जबकि उसके साथ गया युवक भिनगा क्षेत्र का निवासी बताया जा रहा है। ननकू ने प्रशासन से मांग की है कि उसकी पत्नी को वापस लाया जाए और वह घर से ले गए रुपये व जेवरात लौटा दे। उसने कहा कि इसके बाद यदि उसकी पत्नी कहीं और जाना चाहती है, तो वह स्वतंत्र है। ननकू ने यह भी चिंता व्यक्त की कि पत्नी के पास नकदी और जेवरात होने के कारण किसी अनहोनी की स्थिति में आरोप उस पर आ सकता है। पीड़ित पति ने प्रशासन से पत्नी और उसके साथ गए युवक की तलाश करने तथा इस मामले में उचित कानूनी कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
मध्य प्रदेश के मैहर जिले का पोंडी मत्स्य बीज उत्पादन केंद्र, जिसे कभी एशिया के महत्वपूर्ण केंद्रों में गिना जाता था, आज गंभीर संकट का सामना कर रहा है। कर्मचारियों की कमी, जर्जर अधोसंरचना और घटते संसाधनों के कारण यह केंद्र अपने अस्तित्व के लिए संघर्ष कर रहा है। राज्य परियोजना इकाई के अंतर्गत आने वाला यह केंद्र वर्तमान में केवल चार-पांच अधिकारी-कर्मचारियों के भरोसे चल रहा है। स्वीकृत 16 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों (फिशरमैन) में से 15 सेवानिवृत्त हो चुके हैं। अब पूरी इकाई में केवल एक फिशरमैन कार्यरत है। कर्मचारियों की कमी से उत्पादन में कमी साल 1982 में स्थापित इस केंद्र का प्रारंभिक लक्ष्य 6 से 8 करोड़ रुपए था, जिसे अब बढ़ाकर 42 करोड़ रुपए कर दिया गया है। साल 2026 के लिए 45 करोड़ रुपए का लक्ष्य निर्धारित है। हालांकि, मैनपावर और संसाधनों की कमी के कारण पिछले वर्ष केंद्र केवल 32 से 33 करोड़ रुपए का ही उत्पादन कर सका। स्पॉन उत्पादन का लक्ष्य भी 2.25 करोड़ के मुकाबले केवल 1 करोड़ 60 लाख ही प्राप्त हो पाया। यह कमी सीधे तौर पर कर्मचारियों की अनुपलब्धता से जुड़ी है, जिससे केंद्र की क्षमता प्रभावित हो रही है। अधिकारियों की कमी से मत्स्य केंद्र की पहचान संकट में प्रशासनिक और तकनीकी स्तर पर भी केंद्र में बड़े अधिकारियों के पद खाली हैं। उपसंचालक और सहायक संचालक के पद लंबे समय से रिक्त पड़े हैं। सहायक मत्स्य अधिकारी के चार में से दो पद खाली हैं, और शेष दो अगले छह महीने में सेवानिवृत्त होने वाले हैं। एक मत्स्य निरीक्षक की नियुक्ति तो है, लेकिन उन्हें कमिश्नर के आदेश से पड़ोसी जिले सतना में संबद्ध कर दिया गया है। कर्मचारियों और अधिकारियों की इस कमी के कारण, पोंडी मत्स्य केंद्र की एशिया के बड़े मत्स्य केंद्र के रूप में पहचान अब संकट में है। रिटायर्ड के बाद स्टाफ संकट और गहराने की आशंका प्रशासनिक अमला: वर्तमान में फोर्थ क्लास में मात्र 2 कर्मचारी और ऑफिस में 2 बाबू बचे हैं, जबकि एक बाबू का पद खाली है। चपरासी का भी एक पद अगस्त में उनकी सेवानिवृत्ति के बाद खाली हो जाएगा। केंद्र में पदस्थ एडीएफ एस.एस. बघेल भी इसी साल नवंबर में रिटायर होने वाले हैं, जिसके बाद केंद्र पूरी तरह अनाथ हो जाएगा। कलेक्ट्रेट भवन और कॉलोनी में चली गयी 15 नर्सरियां इस मत्स्य केंद्र की स्थापना राजस्व, वन और फिशरीज विभाग की करीब 300 एकड़ भूमि को मिलाकर की गई थी, जिसमें से मत्स्य विभाग के पास कुल 152 एकड़ भूमि दर्ज थी। लेकिन मैहर के नया जिला बनने के बाद यहां कलेक्ट्रेट भवन निर्माण के लिए केंद्र की 14 एकड़ महत्वपूर्ण जमीन अधिग्रहित कर ली गई, जिससे केंद्र की 15 एक्टिव नर्सरियां (पोखर) पूरी तरह नष्ट हो गईं। इसके अलावा ढाई एकड़ भूमि कलेक्ट्रेट कर्मचारियों के आवास और बंगले के निर्माण के लिए दे दी गई है। लगातार जमीन कटने से अब यह स्पष्ट नहीं है कि केंद्र के पास वास्तविक रूप से कितनी जमीन सुरक्षित बची है। लाखों का प्रशिक्षण भवन जर्जर प्रभारी सहायक संचालक सुरंजन सिंह बघेल ने बताया कि केंद्र में 8 गरुदर पोंड, 54 संवर्धन नर्सरी और 6 पृथक्करण पोखर हैं। यहां से उत्पादित उत्तम क्वालिटी की मछलियां सागर, ग्वालियर, शहडोल, सीधी, सिंगरौली समेत पूरे प्रदेश के अन्य जिलों और राज्यों में सप्लाई की जाती हैं। बिना बाउंड्री से हो रही चोरियां लेकिन इतनी बड़ी इकाई होने के बावजूद सुरक्षा के नाम पर यहां एक भी गार्ड नहीं है। पूरा फॉर्म चारों तरफ से खुला हुआ है, बाउंड्रीवॉल न होने से दिनदहाड़े चोरियां होती हैं। वर्तमान में कलेक्टर रेट पर दैनिक मजदूरों को रखकर जैसे-तैसे काम चलाया जा रहा है। वहीं, किसानों को मत्स्य पालन की नई तकनीक सिखाने के लिए बनाया गया करोड़ों का प्रशिक्षण भवन पूरी तरह जर्जर होकर बंद पड़ा है, नाम न बताने की शर्त पर एक अधिकारी ने बताया कि अगर यही स्थिति रही तो आने वाले सालों में यह बन्द होने की कगार पर पहुच जाएगा ।
अंबेडकरनगर में गोदाम से 189 बोरी राशन बरामद:कालाबाजारी के लिए छिपाया गया था चावल, चीनी और गेहूं
अम्बेडकरनगर के महरुआ थाना क्षेत्र में स्थित राजधर्मकांटा के एक गोदाम से 189 बोरी चावल, चीनी और गेहूं बरामद किया गया है। प्रशासन ने गुप्त सूचना के आधार पर यह कार्रवाई की, जिससे कालाबाजारी के लिए छिपाए गए राशन का खुलासा हुआ। अकबरपुर तहसील के रघुनाथपुर में राष्ट्रीय राजमार्ग के किनारे संचालित राज धर्मकांटा के भंडार पर एडीएम/एसडीएम प्रतिक्षा सिंह के नेतृत्व में छापा मारा गया। बरामद राशन में 100 बोरी चीनी, 49 बोरी चावल और 40 बोरी गेहूं शामिल है। राशन लाने वाले ट्रक को भी मौके पर जब्त कर लिया गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह राशन भारतीय खाद्य निगम (FCI) के शाहगंज डिपो से निकला था। इसे जिले की राशन दुकानों और कोटेदारों को वितरित किया जाना था। हालांकि, ठेकेदार रामजीत वर्मा और कोटेदारों की कथित मिलीभगत से इसे राजधर्मकांटा के गोदाम में उतारकर छिपा दिया गया था। आशंका है कि इस राशन को बड़े पैमाने पर कालाबाजारी के लिए रखा गया था। एडीएम प्रतिक्षा सिंह ने मामले की गंभीरता को देखते हुए ठेकेदार रामजीत वर्मा को तलब किया है। पूर्ति निरीक्षक प्रदीप पांडे ने बताया कि जांच पूरी होने के बाद संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया जाएगा। प्रशासन ने चेतावनी दी है कि बिना अनुमति के राशन उतारने और सार्वजनिक वितरण प्रणाली में गड़बड़ी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह घटना सार्वजनिक वितरण प्रणाली (PDS) के तहत गरीबों के हक के राशन की कालाबाजारी की साजिश को उजागर करती है। जिला प्रशासन ने पूरे मामले की गहन जांच शुरू कर दी है और सभी राशन ठेकेदारों व दुकानों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश जारी किए हैं।
प्रतापगढ़ के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित हिंद नर्सिंग होम में नवजात बच्चे की मौत के बाद रविवार सुबह परिजनों ने जमकर हंगामा किया। परिजनों ने अस्पताल कर्मियों पर लापरवाही और मारपीट का आरोप लगाया है। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। नगर क्षेत्र निवासी नीरज गुप्ता अपनी पत्नी ममता गुप्ता को शनिवार देर शाम हिंद नर्सिंग होम लाए थे। परिजनों के अनुसार, डॉक्टर ने जांच के बाद डिलीवरी का समय पूरा होने की बात कहकर महिला को तुरंत भर्ती कर लिया था। रात भर अस्पताल में इलाज चला। रविवार सुबह डिलीवरी के बाद नवजात बच्चे की मौत हो गई। बच्चे की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में आक्रोश फैल गया। उनका आरोप है कि अस्पताल प्रशासन ने बच्चे की हालत के बारे में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी और डॉक्टर भी मौके पर मौजूद नहीं थे। घटना से नाराज परिजन जब अस्पताल में वीडियो बनाने लगे, तो कर्मियों ने इसका विरोध किया। परिजनों का आरोप है कि इसी दौरान कुछ लोगों ने उनके साथ धक्का-मुक्की और मारपीट की, जिसमें दो लोग घायल हो गए। मामले की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने स्थिति को नियंत्रित किया और दोनों पक्षों से जानकारी ली। पुलिस ने बताया कि तहरीर मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। इस घटना के बाद क्षेत्र में निजी अस्पतालों की कार्यप्रणाली को लेकर भी सवाल खड़े हो रहे हैं।
फिरोजाबाद के थाना मटसेना क्षेत्र में शनिवार रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका साथी गंभीर रूप से घायल हो गया। दोनों युवक मकान निर्माण का कार्य कर शाम को घर लौट रहे थे। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर घायल को अस्पताल पहुंचाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। जानकारी के अनुसार, राजावली थाना क्षेत्र के गांव गाजीगड़ी निवासी संजू (35) पुत्र किशनलाल और नारखी थाना क्षेत्र के गांव रतौली निवासी पुष्पेंद्र (27) पुत्र दामोदर शनिवार को क्षेत्र में मकान की चिनाई का काम करने गए थे। शाम को काम खत्म होने के बाद दोनों एक ही मोटरसाइकिल पर सवार होकर ग्राम खरसुली से हरदासपुर मार्ग होते हुए नगला पपरे की ओर लौट रहे थे। रास्ते में अचानक बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे बनी एक दीवार से टकरा गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक बाइक से उछलकर सड़क पर जा गिरे। इस हादसे में पुष्पेंद्र के सिर में गंभीर चोट लगने से उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि संजू गंभीर रूप से घायल हो गया। दुर्घटना के बाद मौके पर राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर थाना मटसेना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने एम्बुलेंस की सहायता से घायल संजू को उपचार के लिए जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने मृतक पुष्पेंद्र के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल के शव गृह में रखवा दिया है। हादसे की सूचना मिलते ही दोनों परिवारों में शोक छा गया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
संभल में भीषण गर्मी और उमस से लोग परेशान हैं। रविवार को जिले का अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, जबकि वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 150 दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने अगले पांच दिनों तक गर्मी जारी रहने की संभावना जताई है। रविवार सुबह 9 बजे संभल का तापमान 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिन में 10 से 15 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से गर्म हवाएं चल रही हैं। दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे के बीच अधिकतम तापमान 41 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने का अनुमान है, वहीं रात में इसमें 2 डिग्री सेल्सियस की गिरावट के साथ 38 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जाएगा। 4 तस्वीरें- जून महीने की शुरुआत में मौसम सुहावना रहा था और पांच दिनों में 25 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। हालांकि, पिछले दो दिनों से तेज धूप और उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया है। शनिवार को दोपहर में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बार संभल में नौतपा का असर बेअसर दिखाई दिया, जबकि अप्रैल में अधिकतम तापमान 47 डिग्री और मई में 45 डिग्री तक पहुंच गया था। हाल ही में हुई बारिश से किसानों को काफी राहत मिली है। जनवरी-मार्च में हुई बारिश से हुए नुकसान के बाद, यह बारिश मेंथा, मक्का, ईख और चराई जैसी फसलों के लिए फायदेमंद साबित हुई है। बिजली ट्रिपिंग के कारण सिंचाई में आ रही बाधाओं के बीच, किसान अब धान की बुवाई की तैयारी कर रहे हैं। स्थानीय निवासी राजीव कुमार ने बताया कि पिछले दो दिनों से अच्छी गर्मी पड़ रही है, जबकि इससे पहले बारिश के कारण मौसम सुहावना हो गया था। उन्होंने बिजली की बार-बार ट्रिपिंग से हो रही परेशानी का भी जिक्र किया।
जहानाबाद में विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर रविवार को संडे ऑन साइकिल कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय के नेतृत्व में एक साइकिल रैली निकाली गई। यह रैली दक्षिणी काको स्थित +2 बालिका आवासीय विद्यालय से शुरू होकर गांधी मैदान, जहानाबाद तक गई। रैली में जिला प्रशासन के अधिकारियों, शिक्षकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। इस दौरान प्रतिभागियों ने साइकिल चलाकर पर्यावरण संरक्षण, ईंधन बचत और स्वस्थ जीवनशैली का संदेश दिया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीएम अलंकृता पाण्डेय ने साइकिल को बढ़ते प्रदूषण और ईंधन की खपत के बीच एक बेहतर तथा पर्यावरण-अनुकूल विकल्प बताया। उन्होंने कहा कि साइकिल का नियमित उपयोग न केवल पेट्रोल-डीजल की बचत करता है, बल्कि शरीर को स्वस्थ और सक्रिय रखने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। डीएम ने बताया कि साइकिल चलाने से हृदय संबंधी बीमारियों का खतरा कम होता है और मानसिक तनाव भी घटता है। उन्होंने लोगों से छोटी दूरी के कार्यों के लिए साइकिल का उपयोग करने की अपील की। उन्होंने पर्यावरण संरक्षण और स्वस्थ जीवनशैली को बढ़ावा देने के लिए सभी लोगों को सप्ताह में कम-से-कम एक दिन साइकिल का उपयोग करने का आग्रह किया। रैली के दौरान छात्र-छात्राओं ने साइकिल अपनाएं, पर्यावरण बचाएं, ईंधन बचाओ, भविष्य बचाओ और स्वस्थ शरीर, स्वस्थ समाज जैसे नारों के माध्यम से लोगों को जागरूक किया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य लोगों को साइकिल के प्रति प्रेरित करना और स्वच्छ, हरित एवं स्वस्थ समाज के निर्माण के लिए जनभागीदारी बढ़ाना था। विश्व साइकिल दिवस पर आयोजित यह कार्यक्रम पर्यावरण संरक्षण, ऊर्जा बचत और जनस्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।
गोंडा के नंदिनी नगर स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित तीन दिवसीय अंडर-17 ओपन नेशनल रैंकिंग कुश्ती चैंपियनशिप के पहले दिन फ्रीस्टाइल स्पर्धा के परिणाम घोषित कर दिए गए। देर रात तक चले मुकाबलों में हरियाणा ने शानदार प्रदर्शन करते हुए 23 पदक जीतकर पदक तालिका में पहला स्थान हासिल किया। उत्तर प्रदेश दूसरे और दिल्ली तीसरे स्थान पर रही।फ्रीस्टाइल प्रतियोगिता में हरियाणा ने 6 स्वर्ण, 6 रजत और 11 कांस्य पदक जीतकर कुल 23 पदक अपने नाम किए। उत्तर प्रदेश ने 3 स्वर्ण और 2 कांस्य पदक हासिल कर दूसरा स्थान प्राप्त किया, जबकि दिल्ली तीसरे स्थान पर रही। महाराष्ट्र ने 1 स्वर्ण, 2 रजत और 1 कांस्य पदक जीतकर चौथा स्थान हासिल किया। विजेताओं ने हासिल किए पदक 45 किलोग्राम भार वर्ग में महाराष्ट्र के हनुमंत राजेंद्र जाधव ने स्वर्ण पदक जीता। हरियाणा के केशव को रजत पदक मिला, जबकि महाराष्ट्र के रुद्र रामचंद्र कुंभार और उत्तर प्रदेश के सैफ देशवाल ने कांस्य पदक हासिल किए। 48 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के लक्ष्य ने स्वर्ण पदक जीता। तेलंगाना के तुंगापल्ली वेंकटेश दूसरे स्थान पर रहे, जबकि मध्य प्रदेश के तनिष्क गिरी गोस्वामी और हरियाणा के उदित डांगी को कांस्य पदक मिला। 51 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के शुभम ने स्वर्ण पदक जीता। महाराष्ट्र के श्रीकांत पोपट सावंत ने रजत, जबकि हरियाणा के अक्षत और उत्तर प्रदेश के मुकेश यादव ने कांस्य पदक प्राप्त किए। 55 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के जतिन ढिल्लों विजेता बने। महाराष्ट्र के हर्षवर्धन धनाजी जाधव दूसरे स्थान पर रहे। हरियाणा के आयुष और दिल्ली के गोविंद ने कांस्य पदक जीते। 60 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के सितेंद्र ने स्वर्ण, हरियाणा के जतिन शर्मा ने रजत तथा हरियाणा के अरुण और तनिष्क ने कांस्य पदक जीते। 65 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के मयंक ने स्वर्ण पदक हासिल किया। हरियाणा के कृष्ण दूसरे स्थान पर रहे, जबकि हरियाणा के निशांत और दिल्ली के रोहित मान को कांस्य पदक मिला। 71 किलोग्राम वर्ग में हरियाणा के सचिन ने स्वर्ण, हरियाणा के रोहित ने रजत तथा हरियाणा के दीपांशु लाकरा और कपिल दहिया ने कांस्य पदक हासिल किए। 80 किलोग्राम वर्ग में उत्तर प्रदेश के दीपांशु खोखर ने स्वर्ण पदक जीता। दिल्ली के सनी को रजत पदक मिला, जबकि चंडीगढ़ के लव गुलिया और दिल्ली के अजय ने कांस्य पदक प्राप्त किए। 92 किलोग्राम वर्ग में उत्तर प्रदेश के कार्तिक ने पहला स्थान हासिल किया। हरियाणा के अभिमन्यु दूसरे स्थान पर रहे, जबकि हरियाणा के सुप्रीत और मुकुल दहिया ने कांस्य पदक जीते। 110 किलोग्राम वर्ग में उत्तर प्रदेश के जय यादव ने स्वर्ण पदक अपने नाम किया। हरियाणा के वीर को रजत पदक मिला, जबकि दिल्ली के रुद्राक्ष और हरियाणा के रोनित दहिया ने कांस्य पदक हासिल किए। अंक तालिका में हरियाणा 220 अंकों के साथ पहले स्थान पर रहा। उत्तर प्रदेश ने 125 अंकों के साथ दूसरा, दिल्ली ने 91 अंकों के साथ तीसरा, महाराष्ट्र ने 83 अंकों के साथ चौथा और चंडीगढ़ ने 25 अंकों के साथ पांचवां स्थान प्राप्त किया। देर रात करीब एक बजे तक चले फाइनल मुकाबलों के बाद फ्रीस्टाइल कुश्ती प्रतियोगिता के शीर्ष पहलवानों को पदक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।
लखनऊ में KGMU परिसर की 6 मजारों को लावारिस घोषित करने के बाद अब इन्हें शिफ्ट किया जाएगा। KGMU प्रशासन का दावा है कि लीगल प्रक्रिया पूरी कर इन मजारों को लावारिस करार दे दिया गया है। लिस और स्थानीय प्रशासन की तरफ से पर्याप्त सुरक्षा बल मुहैया होते ही इन लावारिस मजारों को उनकी वर्तमान जगह से निकालकर कब्रिस्तान में दफनाया जाएगा। इसके लिए KGMU प्रशासन ने इस काम में माहिर एक्सपर्ट निजी कंपनियों की मदद भी लेने जा रहा है। जून महीने में ये कार्रवाई पूरी करने की तैयारी है। मालिकाना हक न मिलने पर होगी कार्रवाई KGMU प्रशासन का दावा है कि बार-बार नोटिस जारी होने के बाद भी किसी भी पक्ष ने मालिकाना हक का वैध दस्तावेज नहीं दिया। ऐसे में मजार की असली आइडेंटिटी साबित नहीं हो पाई। यही कारण है कि मजार को ध्वस्त करने के बजाय शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए जिला और पुलिस प्रशासन से जरूरी अनुमति सहित कार्रवाई पूरी करने के लिए फोर्स की डिमांड की गई है। दावा सुप्रीम कोर्ट के नियमों का किया पालन KGMU प्रशासन का तर्क था कि इन मजारों को हटाने के लिए सभी वैधानिक कार्रवाई की गई है। लंबे समय से इसके लिए लीगल एक्सपर्ट्स द्वारा सुझाई गई प्रक्रिया को फॉलो किया जा रहा है। सुप्रीम कोर्ट की 2022-23 में आए आदेश के तहत ऐसी अवैध और लावारिस मजारों को हटाने के लिए सुझाए गए नियमों का पालन करने का दावा भी KGMU प्रशासन ने किया। इन मजारों के जिम्मेदार पक्षों को नोटिस जारी कर मालिकाना हक का दावा पेश करने की नोटिस के बाद भी जब किसी ने वैध दस्तावेज पेश नहीं किया। इसके बाद 15 दिनों का समय दिया। ऐसे ही कुल 3 बार नोटिस और सार्वजनिक सूचना भी चस्पा की गई। इसके बाद फिर नोडल कमेटी की तरफ से KGMU कुलसचिव को रिपोर्ट सौंपकर बुलडोजर कार्रवाई की संस्तुति भेजी है। इन 6 मजारों को किया गया लावारिस घोषित परिसर में अवैध रूप से मौजूद जिन 6 मजारों को लावारिस घोषित किया गया है, वे क्वीनमेरी, रेस्पिरेटरी मेडिसिन, आर्थोपैडिक्स, ट्रॉमा सेंटर, नेत्र रोग विभाग, गांधी वार्ड में हैं। पुलिस बल और प्रशासनिक उपलब्धता मिलते ही इन्हें हटा दिया जाएगा। जरूरत पड़ने पर ली जाएगी मदद KGMU प्रवक्ता डॉ. केके सिंह और नोडल अफसर ने बताया कि अवैध रूप से निर्मित मजार को पहले ही लावारिस घोषित कर दिया गया है। मजारों को शिफ्ट किया जाएगा। मजार हटने से परिसर से अतिक्रमण हटेगा। जो बेहद जरूरी था। इन मजारों के हटने से इनकी जगह को बिल्डिंग कंस्ट्रक्शन सहित अन्य जरूरी कामों में प्रयोग में लाया जाएगा। इसके लिए जरूरत पड़ने पर इस काम मे महारथ हासिल करने वाली एक्सपर्ट कंपनियों की मदद भी ली जाएगी। कैंपस को अतिक्रमण मुक्त रखना मकसद डॉ. केके सिंह ने बताया कि 2 प्राचीन मजार जिनमें शाहमीना शाह और हरमैन शाह की मजार में जहां कई सालों से धार्मिक गतिविधियां होती आई हैं। उन्हें यथावत रखा जाएगा और वहां कोई भी परिवर्तन नहीं होगा।इस पूरी कार्रवाई में किसी भी धार्मिक वर्ग की भावनाओं को ठेस नहीं पहुंचाया जाएगा। बस मकसद कैंपस को अतिक्रमणमुक्त रखना है। जिन 6 मजारों को अभी हटाया जा रहा है, उनमें कुछ मजारों का सुरक्षा के लिहाज से भी हटना बहुत जरूरी है। जैसे अहम विभाग के पीछे की मजार कैंपस की फीमेल स्टूडेंट्स की सुरक्षा के लिहाज से हटनी जरूरी थी। इसके अलावा स्ट्रेटेजिक लिहाज से कुछ मजारों से बाधा उत्पन्न हो रही थी। ऐसे में जब इन्हें शिफ्ट कर दिया जाएगा तो KGMU में प्रस्तावित नए प्रोजेक्ट्स को शुरू करने में भी ये आसानी होगी।
करनाल के असंध क्षेत्र में दिनदहाड़े चोरी की वारदात सामने आई है। घटना के समय परिवार गुरुद्वारे गया हुआ था, तभी अज्ञात चोर ने घर को निशाना बनाया। चोर दीवार फांदकर अंदर घुसा और कमरे का ताला तोड़कर नकदी, जेवर और गेहूं के कट्टे चोरी कर फरार हो गया। घटना का खुलासा तब हुआ जब परिवार शाम को घर लौटा। घटना की सूचना पुलिस को दी गई। जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। दीवार कूदकर घर में घुसा चोरअसंध निवासी नाजर सिंह ने बताया कि कल सुबह करीब 9 बजे उनका पूरा परिवार गुरुद्वारा गया था। जब दोपहर बाद करीब 03:00 बजे घर लौटे तो देखा कि घर की दीवार फांदकर कोई अंदर घुसा हुआ था और कमरे के दरवाजे का ताला टूटा हुआ मिला। संदूक से नकदी और जेवर गायबजांच करने पर पता चला कि संदूक से करीब 12 हजार रुपये नकद, एक सोने की अंगूठी और घर में रखे तीन कट्टे गेहूं चोरी कर लिए गए। चोरी के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। सीसीटीवी में कैद हुई वारदातपरिवार ने पड़ोस में लगे सीसीटीवी कैमरे की फुटेज देखी। इसमें दोपहर करीब 11:40 बजे एक अज्ञात व्यक्ति घर की दीवार से कूदकर अंदर जाता और बाद में सामान लेकर निकलता दिखाई दिया। फुटेज में वह चोरी का सामान रिक्शा में ले जाता हुआ भी नजर आया। पीड़ित परिवार ने पहले अपने स्तर पर चोर की तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद 6 जून को थाना असंध में शिकायत दी गई। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमापुलिस ने अज्ञात आरोपी के खिलाफ घर का ताला तोड़कर चोरी करने के मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआई निर्मल सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने की कोशिश की जा रही है। आसपास के इलाकों में भी पूछताछ की जा रही है और जल्द ही मामले का खुलासा करने की बात कही जा रही है।
फर्रुखाबाद में 5 घंटे बिजली आपूर्ति रहेगी ठप:अंगूरी बाग फीडर पर जर्जर तार बदलने का होगा काम
फर्रुखाबाद में आज लकूला विद्युत उपकेंद्र के अंतर्गत अंगूरी बाग फीडर पर जर्जर तार बदलने का कार्य किया जाएगा। इसके चलते तीन मोहल्लों में पांच घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। विद्युत निगम के अनुसार, 33/11केवी लकूला विद्युत केंद्र के तहत आने वाले अंगूरी बाग फीडर पर यह कार्य होगा। इससे 400 केवीए परिवर्तक से जुड़े जुगन चक्की, नखासा और अखाड़ा मोहल्लों के उपभोक्ता प्रभावित होंगे। इन क्षेत्रों में सुबह 10:00 बजे से दोपहर 3:00 बजे तक, यानी कुल पांच घंटे के लिए बिजली की आपूर्ति ठप रहेगी। फर्रुखाबाद के कई मोहल्लों में बिजली के तार जर्जर हो चुके हैं, जिसके कारण आए दिन फाल्ट की समस्या बनी रहती है। गर्मियों में यह समस्या और बढ़ जाती है। शहर में उपभोक्ताओं को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए यह कार्य किया जा रहा है। विद्युत निगम के अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से इस दौरान सहयोग करने की अपील की है।
पूर्णिया में उर्स मेला घूमने गई एक युवती के साथ छेड़खानी का विरोध करना उसके भाई को भारी पड़ गया। मनचलों ने पहले पूरे परिवार को घेरकर पीटा और फिर युवक पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। हमले में गंभीर रूप से घायल हो गया। परिजन आनन-फानन में अस्पताल लेकर पहुंचे। हालत नाजुक बनी हुई है। पीड़ित की पहचान मुजफ्फर अहमद नगर, लाइन बाजार निवासी मो. लाल बाबू के रूप में हुई है। घटना सदर थाना क्षेत्र स्थित चिमनी बाजार उर्स मेला की है। ‘मेला में बहन से छेड़खानी’ लाल बाबू अपनी बहन, पिता और दोस्तों के साथ उर्स मेला देखने गए थे। इसी दौरान भीड़ का फायदा उठाकर कुछ युवक उनकी बहन के साथ छेड़खानी करने लगे। आरोप है कि युवकों ने फब्तियां कसी और मोबाइल से तस्वीरें भी लेने लगे। जब लाल बाबू ने इसका विरोध किया तो वे उल्टा दबंगई दिखाने लगे। आरोपियों ने कहा कि ये हमारा एरिया है, हमारी सड़क है, जो मन करेगा वही करेंगे। जब युवती ने पुलिस में शिकायत करने की बात कही तो आरोपी भड़क गए। हालांकि उस समय पुलिसकर्मी आते दिखाई दिए तो सभी वहां से भाग निकले। मामला यहीं खत्म नहीं हुआ। मेला छोड़कर जब परिवार घर लौट रहा था, तभी कुछ दूरी पर पहले से घात लगाए बैठे करीब 20 से 25 असामाजिक तत्वों ने पूरे परिवार को घेर लिया। बिना कुछ कहे मारपीट शुरू कर दी। पेट और पीठ पर चाकू से हमला पीड़ित ने बताया कि पिता और दोस्तों को बेरहमी से पीटा गया। इस बीच हमलावरों ने निशाना बनाकर उसके पेट और पीठ पर लगातार कई बार चाकू से वार किए। बहन एक आरोपी का हाथ पकड़कर अपने भाई को बचाने की कोशिश करती रही, लेकिन पीछे से अन्य हमलावर चाकू मारते रहे। कुछ ही सेकेंड में खून से लथपथ होकर सड़क पर गिर पड़ा। वारदात को अंजाम देने के बाद सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। परिवार का कहना है कि सिर्फ बहन की इज्जत बचाने की कोशिश करने पर उनके बेटे को मौत के मुंह तक पहुंचा दिया गया। अब उन्हें सिर्फ इंसाफ का इंतजार है। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। परिजनों और स्थानीय लोगों की मदद से घायल युवक को जीएमसीएच पूर्णिया पहुंचाया गया। हालत चिंताजनक बनी हुई है डॉक्टरों ने बताया कि युवक के शरीर से काफी खून बह चुका था और पेट व पीठ में गहरे जख्म थे। गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद उसे हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। बाद में परिजनों ने उसे लाइन बाजार स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत अभी भी चिंताजनक बनी हुई है। पुलिस ने 5 आरोपियों को किया गिरफ्तार सूचना मिलते ही सदर थाना पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने अब तक इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। अन्य हमलावरों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है।
चंदौली में बलुआ तिराहा के पास रविवार की सुबह में क्राइम ब्रांच और पुलिस की संयुक्त टीम ने मुठभेड़ के बाद दो लुटेरों को गिरफ्तार कर लिया। दोनों आरोपियों ने 3 जून को चहनिया बाजार स्थित एचडीएफसी बैंक के सामने एक युवक से मोबाइल और नकदी लूटने की वारदात को अंजाम दिया था। मुठभेड़ के दौरान एक बदमाश पुलिस की गोली लगने से घायल हो गया, जबकि उसके साथी को मौके से दबोच लिया गया। पुलिस ने बताया कि रविवार सुबह सूचना मिली कि चहनिया लूटकांड के आरोपी बलुआ चिरा मार्ग से चौबेपुर (वाराणसी) की ओर जाने वाले हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस टीम पर फायरिंग शुरू कर दी। जवाबी कार्रवाई में धानापुर थाना क्षेत्र के अटौली गांव निवासी अनुपम पांडेय उर्फ गोलू (22) के पैर में गोली लग गई। घायल बदमाश को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। वहीं, उसका साथी आकाश कुमार (21), निवासी महुअर गांव, थाना बलुआ, को पुलिस ने मौके से गिरफ्तार कर लिया। मुठभेड़ के दौरान पुलिस टीम में शामिल दरोगा जमीलउद्दीन के हाथ में भी गोली लगी। उनका उपचार कराया जा रहा है और उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से एक तमंचा, जिंदा कारतूस तथा वारदात में प्रयोग की गई बाइक बरामद की है। वहीं, सकलडीहा सीओ कृष्ण मुरारी शर्मा ने बताया कि 3 जून को चहनिया बाजार में हुई लूट की घटना का सफल अनावरण कर दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
गोरखपुर-लखनऊ रेलखंड पर बुजुर्ग का मिला शव:ट्रेन से गिरने की आशंका, गोरखपुर पैसेंजर का टिकट बरामद
बस्ती में पूर्वोत्तर रेलवे के गोरखपुर-लखनऊ रेलखंड पर रविवार सुबह एक बुजुर्ग का शव मिलने से सनसनी फैल गई। गोविंद नगर स्टेशन के पूर्वी आउटर के पास ट्रैक किनारे मिले शव की पहचान वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के निवासी अर्जुन राजभर (55) के रूप में हुई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।जानकारी के अनुसार, रविवार सुबह गोविंद नगर स्टेशन के पूर्वी आउटर के पास रेलवे ट्रैक किनारे एक व्यक्ति का शव पड़ा होने की सूचना मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया। तलाशी के दौरान मृतक के पास से गोरखपुर पैसेंजर ट्रेन का टिकट बरामद हुआ। बाद में उसकी पहचान वाल्टरगंज थाना क्षेत्र के छोटा बढ़या गांव निवासी अर्जुन राजभर (55) के रूप में हुई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि अर्जुन राजभर शनिवार शाम दवा लेने के लिए गोरखपुर जाने की बात कहकर घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। रविवार सुबह उनकी मौत की सूचना मिलने पर परिवार में कोहराम मच गया। प्राथमिक जांच में पुलिस को आशंका है कि चलती ट्रेन में सफर के दौरान अचानक पैर फिसलने या संतुलन बिगड़ने से वह नीचे गिर गए, जिससे उनकी मौत हो गई। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही चल सकेगा। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक अपने पीछे पत्नी विंदु तथा पुत्र संदीप और कुलदीप सहित भरा-पूरा परिवार छोड़ गए हैं। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है।
चित्रकूट के रैपुरा थाना क्षेत्र स्थित लालापुर नदी पुल पर शनिवार शाम एक तेज रफ्तार ट्रक अनियंत्रित होकर पलट गया। हादसे के दौरान सामने से आ रही बोलेरो वाहन चालक की सतर्कता से बड़ी दुर्घटना टल गई। घटना का वीडियो सामने आया है। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम करीब 5 बजे राष्ट्रीय राजमार्ग से गुजर रहा एक ट्रक लालापुर नदी पुल के पास अचानक अनियंत्रित हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक ट्रक की गति काफी तेज थी, जिसके चलते चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका और ट्रक सड़क पर पलट गया। हादसे के समय सामने से एक बोलेरो वाहन भी आ रही थी। ट्रक के पलटते ही बोलेरो उसके बेहद करीब पहुंच गई, लेकिन चालक ने सूझबूझ दिखाते हुए वाहन को नियंत्रित रखा और संभावित टक्कर टल गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ सेकंड की भी चूक होती तो बड़ा हादसा हो सकता था। ट्रक पलटने के बाद राष्ट्रीय राजमार्ग पर यातायात प्रभावित हो गया और दोनों ओर वाहनों की कतार लग गई। सूचना मिलने पर रैपुरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से ट्रक को सड़क से हटवाने की कार्रवाई शुरू कराई। इसके बाद यातायात धीरे-धीरे सामान्य हो सका। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यदि उस समय पुल पर अधिक यातायात होता, तो हादसा गंभीर रूप ले सकता था। हालांकि राहत की बात यह रही कि दुर्घटना में किसी के घायल होने या जानमाल के नुकसान की सूचना नहीं है। घटना का सीसीटीवी फुटेज सामने आने के बाद ट्रक की तेज रफ्तार और चालक की लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। वीडियो में ट्रक को अचानक असंतुलित होकर सड़क पर पलटते हुए देखा जा सकता है। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है।
भागलपुर के विक्रमशिला सेतु पर बेली ब्रिज का निर्माण कार्य पूरा हो गया। सफल ट्रायल के बाद आज सुबह 11 बजे से आम लोगों के लिए खोल दिया जाएगा। पहले सिर्फ छोटे फोर व्हीलर को ही आने जाने की अनुमति है। जिला प्रशासन की ओर से सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई है। करीब एक महीने के बाद पुल से गाड़ियों का आना-जाना शुरू होगा। शनिवार को देर बिहार सरकार के पथ निर्माण मंत्री ई. शैलेन्द्र कुमार ने निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पथ निर्माण विभाग के सचिव पंकज कुमार पाल ने भी स्थल निरीक्षण कर तैयारियों की समीक्षा की। इसके अलावा जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी और वरीय पुलिस अधीक्षक प्रमोद कुमार यादव ने संयुक्त रूप से बेली ब्रिज का निरीक्षण कर सुरक्षा, यातायात संचालन, संकेतक व्यवस्था और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की। प्रशासन का कहना है कि आम लोगों को आवागमन में बड़ी राहत मिलेगी। आम जनता से प्रशासन की अपील जिलाधिकारी डॉ. नवल किशोर चौधरी ने कहा कि विक्रमशिला सेतु पर निर्मित बेली ब्रिज के संचालन के लिए सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। छोटे चारपहिया वाहनों का आवागमन शुरू कर दिया जाएगा। सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और संकेतक व्यवस्था की विस्तृत समीक्षा की गई है। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। आम नागरिकों से यातायात नियमों और प्रशासन की ओर से जारी दिशा-निर्देशों का पालन करने की अपील की गई है, ताकि सुरक्षित एवं सुगम आवागमन सुनिश्चित हो सके। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेकर और 10 से 12 लोगों की क्षमता वाले अन्य यात्री वाहनों के संचालन की अनुमति है। सुरक्षा व्यवस्था को लेकर पुलिस बल, क्विक रिस्पांस टीम (क्यूआरटी), ड्रोन और सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से लगातार निगरानी की जाएगी। मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार बरारी और महादेवपुर घाट के बीच संचालित नाव सेवा पूरी तरह निशुल्क रहेगी।
हिमाचल सरकार का बड़ा फैसला, पंचायत प्रधानों का शपथ ग्रहण अब जिला स्तर पर होगा
हिमाचल प्रदेश सरकार ने पंचायत प्रधान और उपप्रधानों के शपथ ग्रहण समारोह को लेकर बड़ा प्रशासनिक फैसला लिया है
राजधानी रायपुर के एक प्राइवेट अस्पताल ने भिलाई के युवक को मृत घोषित कर रिश्तेदारों को बॉडी सौंप दिया, लेकिन जब रिश्तेदार अंतिम संस्कार के लिए उसे लेकर जा रहे थे, तभी युवक के शरीर में हरकत दिखाई देने लगी। इसके बाद रिश्तेदार उसे दोबारा अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं रिश्तेदारों ने एक वीडियो साझा किया है, जिसमें युवक जीवित अवस्था में नजर आ रहा है। यह वीडियो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस मामले में रिश्तेदारों ने अस्पताल मैनेजमेंट पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, इस पूरे मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। देखिए पहले ये तस्वीरें- जानिए क्या है पूरा मामला ? जानकारी के मुताबिक पुरानी भिलाई के देव बलोदा निवासी रामअवतार रात्रे 3 जून को अपने घर के बाथरूम में गिर गया था। गिरने से उसे गंभीर चोट आई थी। इसके बाद रिश्तेदार उसे इलाज के लिए रायपुर के लोधी पारा चौक स्थित प्राइवेट अस्पताल लेकर पहुंचे। रिश्तेदारों का आरोप है कि अस्पताल में डॉक्टरों ने जांच के बाद बताया कि रामअवतार की पसली में गंभीर चोट लगी है और उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। इलाज के दौरान कुछ समय बाद डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल की ओर से मौत की जानकारी मिलने के बाद रिश्तेदार शव को लेकर अंतिम संस्कार की तैयारी के लिए घर रवाना हो गए। एम्बुलेंस में दिखी शरीर में हलचल अस्पताल परिसर से बाहर निकलने के कुछ समय बाद एम्बुलेंस में अचानक युवक के शरीर में हलचल दिखाई देने लगी। रिश्तेदारों का दावा है कि उसके हाथ-पैर हिलने लगे थे। यह देखकर वे घबरा गए और उन्हें यकीन नहीं हुआ कि जिसे मृत घोषित किया गया था, उसके शरीर में हरकत कैसे हो सकती है। अंतिम संस्कार की हो चुकी थी तैयारी इस बीच घर पर अंतिम संस्कार की तैयारियां भी शुरू हो चुकी थीं। अर्थी सजाई जा चुकी थी और टेंट भी लग चुके थे, लेकिन शरीर में हलचल देखने के बाद परिजनों ने अंतिम संस्कार रोक दिया। रिश्तेदार उसे फौरन मेकाहारा लेकर पहुंचे, जहां उसे भर्ती कराया गया। हालांकि, इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। वीडियो सोशल मीडिया पर हो रहा वायरल इस पूरे घटनाक्रम का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। रिश्तेदारों ने घटना का वीडियो भी बनाया है, जो अलग-अलग सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा किया जा रहा है। वीडियो में वे अस्पताल प्रबंधन पर गंभीर लापरवाही के आरोप लगाते नजर आ रहे हैं। परिवार का कहना है कि जब युवक के शरीर में हरकत हो रही थी, तो उसे मृत कैसे घोषित कर दिया गया। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन की ओर से नहीं मिला कोई जवाब हालांकि, इस मामले में अस्पताल प्रबंधन की ओर से अब तक कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। अस्पताल प्रबंधन से संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनकी तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। वहीं, यह भी स्पष्ट नहीं हो पाया है कि मरीज को मृत घोषित करने से पहले सभी जरूरी मेडिकल जांच और प्रक्रियाएं पूरी की गई थीं या नहीं। दूसरी ओर, मेकाहारा में भर्ती युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। ……………… इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… मृत समझकर किया अंतिम संस्कार..तीसरे दिन जिंदा लौटा बेटा: श्मशान घाट से अस्थियां उठा चुके थे परिजन; अनजान लाश को लेकर टेंशन में सूरजपुर पुलिस छत्तीसगढ़ के सूरजपुर जिले में जिस बेटे को मृत समझकर परिजनों ने अंतिम संस्कार कर दिया, वह तीसरे दिन अचानक जिंदा वापस लौट आया। ये नजारा देखकर हर कोई दंग रह गया। श्मशान घाट से परिजन अस्थियां तक उठा चुके थे। मामला कोतवाली थाना क्षेत्र का है। पढ़ें पूरी खबर…
जबलपुर में भाजपा की महिला नेता संगीता रजक गोली लगने से घायल हो गईं। परिजन उन्हें गंभीर हालत में निजी अस्पताल ले गए, जहां डॉक्टरों ने संगीता को मृत घोषित कर दिया। घटना न्यू शोभापुर इलाके में देर रात 1 से 2 बजे के बीच की है। प्राथमिक जानकारी के मुताबिक, देर रात संगीता के घर के बाहर कुछ लोग गाली-गलौज कर रहे थे। आवाज सुनकर वे पति बंटी रजक के साथ बाहर निकलीं। पति-पत्नी ने शोर-शराबा करने वाले लोगों को फटकारा तो माहौल तनावपूर्ण हो गया। ट्रिगर दबा, पेट में जा लगी गोली इसी बीच संगीता के घर के अंदर गई और लाइसेंसी पिस्टल लेकर बाहर आईं। हड़बड़ाहट के बीच संगीता के हाथ में मौजूद पिस्टल का ट्रिगर दब गया। गोली उनके ही पेट में जा लगी। वे जमीन पर गिर पड़ीं। मामले की हर पहलू से जांच कर रही पुलिस सूचना मिलते ही रांझी थाना पुलिस का स्टाफ और सीनियर अफसर अस्पताल पहुंचे। शव का पंचनामा कर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। शुरुआती जांच में मामला दुर्घटनावश गोली चलने का माना जा रहा है। हालांकि, पुलिस हर पहलू से मामले की जांच कर रही है। पुलिस यह भी पता लगाने में जुटी है कि देर रात विवाद किस बात को लेकर हो रहा था? भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ी थीं संगीता रजक ने पिछले नगरीय निकाय चुनाव में बोकलपुर वार्ड से भाजपा के टिकट पर पार्षद का चुनाव लड़ा था। वे हार गई थीं। इस बार भी चुनाव लड़ने की तैयारी कर रही थीं। उनके पति बंटी रजक भी विधायक प्रतिनिधि रह चुके हैं।
पश्चिम विक्षोभ के चलते अजमेर में रूक-रूक कर रिमझिम बरसात का दौर रात भर चला। दिनभर कड़ी धूप व गर्मी ने परेशान किया। लेकिन रात को हुई बरसात के बाद गर्मी से राहत मिली। रविवार सुबह से मौसम साफ रहा और धूप खिली। बीते 24 घंटों की बात करें तो न्यूनतम तापमान में 4.6 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। न्यूनतम तापमान 21 डिग्री व बरसात 6.8 एमएम दर्ज की गई। जबकि शनिवार को अधिकतम तापमान 38.4 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग के अनुसार- रविवार को भी अजमेर और आसपास के क्षेत्रों में आंधी, मेघगर्जन और बारिश की संभावना बनी हुई है। लेकिन इसके बाद लगभग एक सप्ताह तक मौसम शुष्क रहने के आसार हैं। इस दौरान तापमान में 2 से 3 डिग्री सेल्सियस तक बढ़ोतरी हो सकती है। इससे गर्मी का असर फिर तेज हो सकता है। यदि आगामी दिनों में गर्मी का प्रभाव बना रहता है तो 21 जून के आसपास प्री-मानसून गतिविधियां शुरू हो सकती हैं। वहीं दक्षिण-पश्चिम मानसून के अजमेर क्षेत्र में प्रवेश की संभावित अवधि 25 से 30 जून के बीच मानी जा रही है।
धार के ऐतिहासिक मूंज तालाब का प्रमुख जलमार्ग रेलवे निर्माण कार्य के कारण बाधित हो गया है। इससे आगामी मानसून में तालाब के भरने को लेकर चिंता बढ़ गई है। मूंज तालाब शहर के साढ़े बारह तालाबों में शामिल है और जल संरक्षण की दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कालूखेड़ी नाले का रास्ता हुआ बंद वर्तमान में मूंज तालाब में करीब 30 से 40 प्रतिशत पानी मौजूद है। तालाब में पानी पहुंचाने वाला प्रमुख स्रोत कालूखेड़ी नाला है, लेकिन रेलवे स्टेशन के पास ट्रैक विस्तार और अंडरपास निर्माण के दौरान नाले के दोनों ओर मिट्टी डाल दिए जाने से पानी का प्रवाह बाधित हो गया है। इससे मानसून के दौरान तालाब में पानी की आवक प्रभावित होने की आशंका है। मानसून से पहले समाधान नहीं हुआ तो बढ़ेगी परेशानी स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि बारिश शुरू होने से पहले जलमार्ग को नहीं खोला गया, तो इस बार तालाब का पूरी तरह भरना मुश्किल हो सकता है। वहीं, इस वर्ष मानसून की अवधि कम रहने की संभावना जताई जा रही है, जिससे लोगों की चिंता और बढ़ गई है। भूजल स्तर बनाए रखने में अहम है मूंज तालाब मूंज तालाब शहर के हजारों नलकूपों और भूजल स्तर को बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। विशेषज्ञों और स्थानीय लोगों का मानना है कि यदि तालाब पर्याप्त नहीं भरा, तो आने वाले समय में शहर को जल संकट का सामना करना पड़ सकता है। उल्लेखनीय है कि पिछले वर्ष भी इसी तरह की स्थिति बनी थी। तब शहरवासियों, जनप्रतिनिधियों और प्रशासन के हस्तक्षेप के बाद क्षेत्रीय पार्षद सुमित्रा संजय मकवाना ने कलेक्टर को कई आवेदन दिए थे। एसडीएम ने मौके का निरीक्षण कर रेलवे अधिकारियों को आवश्यक निर्देश भी दिए थे। बाद में तेज बारिश के दौरान रेलवे विभाग ने जलमार्ग को व्यवस्थित कर खोल दिया था, जिससे तालाब पूरी तरह भर गया था। इस बार भी रेलवे विभाग ने आश्वासन दिया है कि वर्षा शुरू होने से पहले नाले को व्यवस्थित कर पानी की आवक का मार्ग खोल दिया जाएगा। अब शहरवासियों की निगाहें इस काम के समय पर पूरा होने पर टिकी हैं।
हरियाणा के नारनौल में नेशनल हाईवे नंबर 148 बी पर अकबरपुर फ्लाईओवर के पास बीते कल हुए सड़क हादसे में राजस्थान के झुंझुनू जिले के एक परिवार की दो महिलाओं की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। पुलिस ने पीड़ित पक्ष की शिकायत पर अज्ञात इनोवा चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस को दी शिकायत में राजस्थान के गांव शिमला, तहसील खेतड़ी निवासी नरेश कुमार ने बताया कि वह अपनी मां कमला, चाचा दुलीचंद, चाची भतेरी और चचेरे भाई नवनीत के साथ नांगल कालिया गांव में रिश्तेदार ममता का हालचाल जानने जा रहे थे। बाइक हो गई पंचर नरेश अपनी मोटरसाइकिल पर मां कमला और नवनीत को लेकर चल रहा था, जबकि दुलीचंद अपनी मोटरसाइकिल पर पत्नी भतेरी के साथ सवार था। जब वे अकबरपुर फ्लाईओवर के पास टोल टैक्स के नजदीक पहुंचे तो दुलीचंद की मोटरसाइकिल पंचर हो गई। पांच लोगों को मारी टक्कर इसके बाद दोनों मोटरसाइकिलों को सड़क किनारे खड़ा कर सभी लोग नीचे उतर गए। इसी दौरान नारनौल की ओर से तेज रफ्तार और कथित लापरवाही से आ रही एक इनोवा कार के ड्राइवर ने पहले मोटरसाइकिल को टक्कर मारी और फिर सड़क किनारे खड़े पांचों लोगों को अपनी चपेट में ले लिया। सभी लोग हुए घायल हादसे में कमला, भतेरी, दुलीचंद और नवनीत गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि नरेश को मामूली चोटें आईं। प्रत्यक्षदर्शियों की मदद से घायलों को एंबुलेंस द्वारा नांगल चौधरी और बाद में नारनौल के सरकारी अस्पताल पहुंचाया गया। गंभीर हालत के कारण कुछ घायलों को जयपुर रेफर किया गया। दो महिलाओं की मौत नारनौल के सरकारी अस्पताल में चिकित्सकों ने कमला को मृत घोषित कर दिया। वहीं जयपुर में उपचार के दौरान भतेरी ने भी दम तोड़ दिया। अन्य घायलों का उपचार जारी है। शिकायतकर्ता के अनुसार दुर्घटना करने वाली इनोवा गाड़ी थी। हादसे के बाद चालक कुछ देर रुका, लेकिन मौके पर भीड़ जुटने पर वाहन लेकर नांगल चौधरी की ओर फरार हो गया। वाहन चालक के खिलाफ मामला दर्ज पुलिस ने अस्पताल से मेडिकल रिपोर्ट और अन्य दस्तावेज प्राप्त कर लिए हैं। मामले में संबंधित वाहन चालक के खिलाफ लापरवाही से वाहन चलाने, दुर्घटना करने और मौत का कारण बनने सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
पंजाब बीजेपी आज संगरूर में एक रैली करने जा रही है। यह रैली पंजाब के सीएम भगवंत मान के विधानसभा हलके में होने जा रही है। नए प्रधान केवल सिंह ढिल्लों की यह पहली रैली है। रैली में हरियाणा के सीएम नायब सैनी भी शामिल होंगे। इसे काफी अहम माना जा रहा है। इससे वर्करों के अंदर जोश भरेगा। कार्यभार संभलाने के बाद दिल्ली दौरे पर गए इससे पहले केवल सिंह ढिल्लों ने तीन जून को अपना पदभार संभाला था। इसके बाद वह दिल्ली निकल गए थे। इस दौरान उन्होंने बीजेपी के लगभग सभी सीनियर नेताओं से मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने गृहमंत्री अमित शाह, स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा और पार्टी प्रधान से मुलाकात की थी। इसके अलावा उन्होंने गुरुद्वारा बंगला साहिब में माथा टेका था। वहीं, आज वह रैली में शामिल होंगे। वह पहले ही साफ कर चुके हैं कि 2027 में पंजाब में बीजेपी की सरकार बनेगी। धूरी की रैली इस वजह से भी अहम बीजेपी ही नहीं, बल्कि सभी राजनीतिक पार्टियों के लिए मालवा सबसे महत्वपूर्ण क्षेत्र माना जाता है। इसकी वजह यह है कि 117 विधानसभा सीटों में से 69 सीटें इसी क्षेत्र से आती हैं। वहीं, संगरूर जिला इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पंजाब कैबिनेट के 16 मंत्रियों में से चार मंत्री सीधे इसी जिले से आते हैं। सीएम भगवंत मान का हलका धूरी है, जबकि पार्टी प्रधान अमन अरोड़ा सुनाम से विधायक हैं। वहीं, वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा दिड़बा और सिंचाई मंत्री बरिंदर गोयल लहरा से विधायक बनकर मंत्री बने हैं।संगरूर से विधायक नरिंदर कौर भराज हैं। वह एडीआर की रिपोर्ट के मुताबिक सबसे कम संपत्ति वाली विधायक बनी थीं। 2024 में उन्होंने अपने हलफनामे में अपनी संपत्ति 24,409 रुपये घोषित की थी। हालांकि, फरवरी 2026 में उन्होंने आरोप लगाया था कि उन्हें भाजपा में शामिल होने का ऑफर मिला था। उनका कहना था कि बीजेपी की ओर से यह प्रस्ताव दिया गया था।
देवरिया के पिपरा दौला कदम स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र (PHC) में स्वास्थ्य सेवाओं की कथित लापरवाही का मामला सामने आया है। आरोप है कि देर रात प्रसव पीड़ा से जूझ रही महिला को अस्पताल में कोई चिकित्सकीय सहायता नहीं मिली। मजबूरन परिजनों को उसे निजी अस्पताल ले जाना पड़ा, जहां ऑपरेशन के जरिए प्रसव कराया गया। फिलहाल जच्चा और बच्चा दोनों स्वस्थ हैं। हारियापार निवासी प्रतिमा प्रजापति को देर रात प्रसव पीड़ा शुरू हुई। परिजन उन्हें तत्काल पिपरा दौला कदम प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र लेकर पहुंचे। आरोप है कि अस्पताल का मुख्य द्वार खुला था, लेकिन वहां कोई चिकित्सक, स्टाफ नर्स या जिम्मेदार स्वास्थ्यकर्मी मौजूद नहीं था। परिजनों के अनुसार, अस्पताल में मौजूद एक दाई ने बताया कि उस समय संध्या नामक नर्स की ड्यूटी थी, लेकिन वह अपनी बहन के घर गई हुई थीं। काफी देर तक इंतजार करने के बाद भी किसी स्वास्थ्यकर्मी के न पहुंचने पर परिजन महिला को लेकर देवरिया मुख्यालय स्थित एक निजी अस्पताल पहुंचे। निजी अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद ऑपरेशन के माध्यम से प्रसव कराया। समय पर उपचार मिलने से प्रसूता और नवजात दोनों सुरक्षित हैं। हालांकि, इस घटना ने सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। घटना के बाद क्षेत्रीय लोगों में नाराजगी है। स्थानीय नागरिकों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर जिम्मेदार कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि यदि समय पर निजी अस्पताल नहीं पहुंचा जाता, तो बड़ा हादसा हो सकता था। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनिल कुमार गुप्ता ने कहा- सभी प्राथमिक एवं सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर रात में भी चिकित्सकों और स्वास्थ्यकर्मियों की ड्यूटी निर्धारित रहती है। पिपरा दौला कदम PHC में कर्मचारियों के ड्यूटी पर न होने की जानकारी उन्हें नहीं है, शिकायत की जांच कराई जाएगी। लापरवाही मिलने पर कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
सतना कोलगवां थाना क्षेत्र के घूरडांग में एयरफोर्स अधिकारी के घर फायरिंग और उनके बेटे के साथ मारपीट के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। वहीं, मुख्य आरोपी अमित सोनी सहित तीन अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। घर के बाहर की तोड़फोड़ पुलिस के अनुसार, यह घटना शुक्रवार शाम करीब 4 बजे की है। कोठरा निवासी हर्ष प्रताप सिंह (22), जो वर्तमान में घूरडांग में रहते हैं, अपने घर पर मौजूद थे। इसी दौरान आदतन अपराधी अमित सोनी, निवासी बाल्मीक कॉलोनी, अपने 4-5 साथियों के साथ वहां पहुंचा। पुरानी रंजिश को लेकर आरोपियों ने हर्ष के साथ गाली-गलौज की और घर के बाहर खड़ी बाइक व स्कूटर में तोड़फोड़ की। हत्या की नीयत से 5 राउंड फायरिंग का आरोप आरोप है कि बदमाशों ने हर्ष प्रताप सिंह की हत्या की नीयत से 5 राउंड फायरिंग की। फायरिंग के दौरान हर्ष और उनके साथियों ने दीवार के पीछे छिपकर अपनी जान बचाई। घटना के बाद इलाके में दहशत का माहौल बन गया। घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर सामने आया, जिसके बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए विभिन्न धाराओं में एफआईआर दर्ज की। जांच के दौरान पुलिस ने आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। दो आरोपी जेल भेजे गए पुलिस ने अंकित (19) पुत्र नरेंद्र सिंह और युवराज उर्फ राज (19) पुत्र केदार सिंह, दोनों निवासी हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, मेडिकल कॉलेज के पास, थाना कोलगवां को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। पुलिस मुख्य आरोपी अमित सोनी और उसके दो अन्य साथियों की तलाश में लगातार दबिश दे रही है।
अमेठी हाईवे पर डीसीएम-ट्रक की टक्कर:डीसीएम चालक की मौत, ट्रक चालक फरार, दोनों वाहन चकनाचूर
अमेठी में रायबरेली-अयोध्या नेशनल हाईवे पर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। जगदीशपुर थाना क्षेत्र के मंगौली गांव के पास शराब लदी एक डीसीएम और ट्रक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में डीसीएम चालक की मौके पर ही मृत्यु हो गई। यह हादसा मंगलवार सुबह करीब 7 बजे हुआ। अयोध्या से रायबरेली की ओर आ रही डीसीएम (नंबर UP 53 KT 0162) और रायबरेली से अयोध्या जा रहे ट्रक (नंबर UP 42 AT 9751) के बीच सीधी टक्कर हुई। टक्कर इतनी भीषण थी कि डीसीएम बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें लदी देसी शराब की पेटियां सड़क पर बिखर गईं। मृतक चालक की पहचान मऊ जिले के मोहम्मदाबाद गोहना थाना क्षेत्र के खुशामतपुर निवासी 26 वर्षीय राहुल यादव पुत्र मुक्खु यादव के रूप में हुई है। पुलिस के अनुसार, मंगौली तिराहे पर हाईवे बाईपास जोड़ने का काम चल रहा है। इसके कारण यातायात को एक ही रास्ते से डायवर्ट किया गया था। इसी दौरान दोनों वाहन आमने-सामने आ गए, जिससे यह दुर्घटना हुई। सूचना मिलते ही जगदीशपुर थाने की पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने कड़ी मशक्कत के बाद डीसीएम में फंसे चालक के शव को बाहर निकाला और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। दुर्घटना के बाद ट्रक चालक अपना वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश जारी है। हादसे के कारण हाईवे पर जाम लग गया था, जिसे पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हटाकर सुचारू कराया। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
पंचकूला के गांव भानू के समीप सड़क हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। प्रत्यक्षदर्शियों ने घायल को अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ जिले में मुखलिसपुर गांव निवासी दिनेश उपाध्याय ने बताया कि उसका भाई सुधाकर उपाध्याय बाइक पर बरवाला से पंचकूला की ओर आ रहा था। गांव भानू के पास आगे चल रहे कैंटर नंबर के ड्राइवर ने बिना इंडिकेटर अचानक वाहन रोक दिया, जिससे उसकी बाइक पीछे से कैंटर में टकरा गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल सुधाकर को सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल पंचकूला पहुंचाया गया, जहां देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों के अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने उन्हें मौत की जानकारी दी। मृतक सुधाकर अपने परिवार सहित बद्दी (हिमाचल प्रदेश) में रहता था और डेराबस्सी स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। वह अपने पीछे दो बेटे और एक बेटी छोड़ गए हैं। चल रही है तलाश : SHO चंडी मंदिर थाना के SHO रामपाल ने बताया कि पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर अज्ञात कैंटर ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस फरार ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के संगठनात्मक चुनाव के तहत आज पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए मतदान कराया जाएगा। राजधानी पटना के वीरचंद पटेल पथ स्थित रविंद्र भवन में आयोजित राज्य अधिवेशन सह चुनाव कार्यक्रम में प्रदेश भर से आए हजारों क्रियाशील सदस्य, नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष और पार्टी पदाधिकारी शामिल होंगे। कार्यक्रम में पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष और राज्यसभा सांसद उपेन्द्र कुशवाहा की विशेष उपस्थिति रहेगी। दो उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए दो उम्मीदवारों के बीच सीधा मुकाबला है। नामांकन पत्रों की जांच के बाद आलोक कुमार सिंह और प्रशांत कुमार पंकज के नामांकन वैध पाए गए थे, जिसके बाद दोनों को आधिकारिक उम्मीदवार घोषित किया गया। राज्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. बीरेंद्र प्रसाद दांगी द्वारा जारी अधिसूचना के अनुसार नामांकन वापसी की प्रक्रिया सुबह 11 बजे से दोपहर 12 बजे तक निर्धारित की गई है। यदि किसी उम्मीदवार द्वारा नाम वापस नहीं लिया जाता है तो दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे तक मतदान कराया जाएगा। लोकतांत्रिक प्रक्रिया के तहत होगा चुनाव राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव को संगठन के लोकतांत्रिक मूल्यों का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया है। पार्टी नेतृत्व का कहना है कि संगठन के सभी स्तरों पर चुनावी प्रक्रिया पारदर्शी और लोकतांत्रिक तरीके से संपन्न कराई जा रही है। इसी क्रम में प्रदेश अध्यक्ष पद के लिए भी पार्टी प्रतिनिधियों की भागीदारी से मतदान कराया जाएगा> शाम में आएंगे चुनाव परिणाम निर्वाचन कार्यक्रम के मुताबिक, मतदान समाप्त होने के बाद शाम 4:30 बजे से मतगणना शुरू होगी। मतों की गिनती पूरी होने के बाद प्रदेश अध्यक्ष पद के चुनाव परिणाम की आधिकारिक घोषणा की जाएगी। चुनाव प्रक्रिया की निगरानी राज्य निर्वाचन पदाधिकारी डॉ. बीरेंद्र प्रसाद दांगी के साथ चुनाव पर्यवेक्षक आर.के. सिन्हा और ब्रजेंद्र कुमार पप्पू कर रहे हैं। राज्य अधिवेशन में संगठन विस्तार पर होगी चर्चा प्रदेश अध्यक्ष के चुनाव के साथ आयोजित राज्य अधिवेशन में संगठन के विस्तार, आगामी राजनीतिक रणनीति और बिहार में पार्टी की भूमिका पर भी चर्चा होने की संभावना है। पार्टी के सभी जिलों से पहुंचे नवनिर्वाचित जिला अध्यक्ष संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत बनाने और आगामी राजनीतिक चुनौतियों को लेकर अपने सुझाव रखेंगे।
बुलंदशहर जिले में स्मार्ट प्रीपेड मीटरों को दोबारा पोस्टपेड व्यवस्था में परिवर्तित कर दिया गया है। विद्युत विभाग ने अब पहली बार पोस्टपेड प्रणाली के तहत बिजली बिल जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिले के सभी उपभोक्ताओं को 10 जून तक बिल उपलब्ध करा दिए जाएंगे।मुख्य अभियंता (वितरण) संजीव कुमार ने बताया कि जनपद में कुल 1,31,140 बिजली कनेक्शनों को पहले स्मार्ट प्रीपेड प्रणाली में परिवर्तित किया गया था। विभाग ने अब इन सभी कनेक्शनों को सफलतापूर्वक पोस्टपेड व्यवस्था में बदल दिया है। उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था लागू होने के बाद पहली बार उपभोक्ताओं के बिजली बिल तैयार किए जा रहे हैं। विभागीय योजना के अनुसार 10 जून तक सभी उपभोक्ताओं को उनके बिजली बिल उपलब्ध करा दिए जाएंगे। विद्युत विभाग के अनुसार, बिल प्राप्त होने के बाद उपभोक्ता निर्धारित समय सीमा के भीतर भुगतान कर सकेंगे। विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे बिल मिलने पर उसकी जांच अवश्य करें और समय पर भुगतान सुनिश्चित करें, ताकि विलंब शुल्क या अन्य असुविधा से बचा जा सके। मुख्य अभियंता ने कहा कि बिलिंग प्रक्रिया को पारदर्शी और सुचारु बनाए रखने के लिए विभाग लगातार निगरानी कर रहा है। यदि किसी उपभोक्ता को बिल से संबंधित कोई समस्या आती है, तो वह संबंधित विद्युत कार्यालय या विभागीय हेल्पलाइन पर संपर्क कर शिकायत दर्ज करा सकता है। विभाग का कहना है कि पोस्टपेड व्यवस्था लागू होने के बाद उपभोक्ताओं को बिल भुगतान और खपत की जानकारी प्राप्त करने में अधिक सुविधा मिलेगी।
हिसार के सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखी महिला की बॉडी को चूहे के कुतरने का दावा है। रविवार सुबह जब परिजन मॉर्च्युरी पहुंचे, वहां उन्हें चूहे घूमते दिखाई दिए। जब फ्रीजर में महिला का शव देखा तो उसके माथे पर एक बड़ा कट का निशान मिला। गुस्से में परिजनों ने अस्पताल कैंपस में ही हंगामा करना शुरू कर दिया। परिजनों का कहना है कि महिला को कोई चोट नहीं लगी थी, लेकिन अब माथे की स्किन (खाल) गायब है। बॉडी के पास ही चूहा कुछ खा रहा था। दरअसल, हांसी की एक महिला को शनिवार को गंभीर हालत में हिसार रेफर किया गया था, मगर अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई थी। इसके बाद शव को सिविल अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया था। आज महिला का पोस्टमॉर्टम होना था। सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम… इस खबर को अपडेट किया जा रहा है…
लखनऊ के मोहनलालगंज से किशोरियों को शादी के नाम पर राजस्थान में बेचने वाले अंतरराज्यीय मानव तस्करी गिरोह की जांच में चौंकाने वाले खुलासे हो रहे हैं। पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह गरीब परिवारों की लड़कियों की तस्वीरें वॉट्सएप के जरिए राजस्थान भेजता था, जहां उनकी बोली लगाई जाती थी। सौदा ढाई लाख रुपए से शुरू होता था। पुलिस अब तक 20 से अधिक किशोरियों की तस्करी के सुराग जुटा चुकी है, जबकि गिरोह के सरगना समेत चार आरोपित अभी भी फरार हैं। गरीब परिवारों की किशोरियों को बनाते थे निशाना पुलिस जांच में सामने आया है कि गिरोह पिछले करीब छह वर्षों से सक्रिय था। इसके सदस्य आर्थिक रूप से कमजोर और असहाय परिवारों की किशोरियों को निशाना बनाते थे। पहले उनकी तस्वीरें और अन्य जानकारी जुटाई जाती थी, फिर वॉट्सएप के माध्यम से राजस्थान में बैठे गिरोह के सरगनाओं को भेजी जाती थीं। वहां लड़कियों की बोली लगती थी और सौदा तय होने के बाद उन्हें बहला-फुसलाकर या परिजनों को पैसों का लालच देकर राजस्थान ले जाया जाता था। स्थानीय सदस्यों को मिलता था कमीशन पूछताछ में आरोपितों ने छह से अधिक किशोरियों की तस्करी की बात स्वीकार की है, लेकिन पुलिस जांच में अब तक 20 से ज्यादा किशोरियों को राजस्थान में बेचने के संकेत मिले हैं। प्रत्येक किशोरी के सौदे में स्थानीय सदस्यों को एक से डेढ़ लाख रुपए तक कमीशन मिलता था। लड़कियों का सौदा ढाई लाख रुपए से शुरू होता था। दो नाबालिग बहनों के गायब होने से खुला पूरा नेटवर्क मामले का खुलासा तब हुआ, जब मोहनलालगंज के गनियार गांव निवासी कमलेशा ने 12 मई को अपनी 16 और 12 वर्षीय नातिनों के लापता होने की रिपोर्ट दर्ज कराई। इसके बाद डीसीपी दक्षिणी के निर्देश पर चार विशेष टीमें गठित की गईं। 150 से ज्यादा सीसीटीवी खंगालने के बाद मिली सफलता मोहनलालगंज पुलिस ने सर्विलांस और तकनीकी साक्ष्यों की मदद से 24 दिनों तक जांच की। इस दौरान 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई। 18 मई को दोनों किशोरियों को सकुशल बरामद कर लिया गया। पूछताछ में उन्होंने बताया कि उन्हें राजस्थान ले जाकर शादी के नाम पर बेचने की तैयारी की जा रही थी। तीन गिरफ्तार, सरगना समेत चार आरोपी फरार जांच का दायरा बढ़ाते हुए पुलिस ने अतरौली क्रॉसिंग के पास से तीन आरोपितों को गिरफ्तार किया। पूछताछ में मानव तस्करी के इस नेटवर्क का खुलासा हुआ। हालांकि गिरोह की सरगना सोनम और भूपेंद्र चौधरी समेत चार आरोपित अभी भी फरार हैं। उनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पूरे नेटवर्क की कड़ियां खंगाल रही पुलिस पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों से जुड़े हैं और अब तक कितनी किशोरियों को शादी के नाम पर बेचा गया है। जांच एजेंसियां राजस्थान समेत अन्य राज्यों में सक्रिय नेटवर्क की भी जानकारी जुटा रही हैं। ------------------------------- संबंधित खबर भी पढ़िए- लड़कियों को दूसरे राज्यों में बेचने वाले गिरोह का खुलासा : मास्टरमाइंड युवती लिव-इन पार्टनर संग चला रही थी गैंग, 2 किशोरियां बरामद मोहनलालगंज पुलिस ने नाबालिग लड़कियों को शादी के नाम पर राजस्थान में बेचने वाले गिरोह का पर्दाफाश किया है। गिरोह की सरगना युवती समेत 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया। आरोपियों में एक नाबालिग भी शामिल है। (पूरी खबर पढ़िए)
फर्रुखाबाद के कायमगंज कोतवाली क्षेत्र के प्रेमनगर गांव में शनिवार देर शाम टेबल फैन में उतरे करंट की चपेट में आने से 59 वर्षीय महिला की मौत हो गई। घटना के समय महिला घर में अकेली थीं, जबकि उनके पति सब्जी लेने बाजार गए हुए थे। प्रेमनगर गांव निवासी 59 वर्षीय राजवती अपने पति भीमपाल के साथ घर पर रहती थीं। उनके दोनों बेटे दिल्ली में निजी नौकरी करते हैं। शनिवार शाम भीमपाल घर से सब्जी लेने बाजार चले गए थे। इसी दौरान घर में अकेली मौजूद राजवती टेबल फैन में उतरे करंट की चपेट में आ गईं। करंट लगने से वह फैन के पास ही बेहोश होकर गिर पड़ीं। कुछ देर बाद जब भीमपाल बाजार से लौटे तो उन्होंने पत्नी को अचेत अवस्था में पड़ा देखा। शोर मचाने पर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और उन्हें तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र कायमगंज ले जाया गया। अस्पताल में चिकित्सकों ने जांच के बाद राजवती को मृत घोषित कर दिया। करंट लगने से उनकी दाहिनी हथेली भी झुलस गई थी। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। परिजन शव को घर ले गए। ग्रामीणों के अनुसार, हादसा संभवतः टेबल फैन में करंट उतरने के कारण हुआ। राजवती की अचानक मौत से गांव में शोक का माहौल है। उनके दोनों पुत्रों को भी घटना की सूचना दे दी गई है।
सपा प्रमुख अखिलेश यादव के भाई प्रतीक के बर्थडे पर पत्नी अपर्णा भावुक हो गईं। उन्होंने फेसबुक पर प्रतीक और अपनी छोटी बेटी पद्मजा के साथ तस्वीर शेयर की। लिखा- जैसा आप कहते थे, आप हमेशा जवान रहेंगे। दरअसल, प्रतीक का 25 दिन पहले यानी 13 मई को लखनऊ में हार्टअटैक से निधन हो गया था। आज (7 जून) उनका जन्मदिन है। बड़ी बेटी प्रथमा ने पियानो पर 'हैप्पी बर्थडे' की धुन बजाकर पापा को याद किया। सफेद रंग का पियानो प्रतीक ने प्रथमा को गिफ्ट किया था। इसके अलावा, अपर्णा ने प्रतीक यादव के लिए फेसबुक पर स्टोरी भी लगाई है। इसमें प्रतीक कार रेसिंग करते नजर आ रहे हैं। इससे पहले, बेटी पद्मजा ने अपने हाथ पर पापा प्रतीक को गले लगाए हुए टैटू बनवाया था। टैटू में प्रतीक, पद्मजा को बहुत ही प्यार से सीने से लगाए हुए हैं। 3 तस्वीरें देखिए- 14 मई को अंतिम संस्कार, 25 मई को तेरहवीं हुई पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डिएक अरेस्ट का खुलासा हुआ था प्रतीक यादव की पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट में कार्डिएक अरेस्ट से मौत की बात सामने आई थी। लखनऊ मेडिकल कॉलेज में हुए पोस्टमॉर्टम में डॉक्टर्स ने बताया था कि फेफड़ों में बड़ी मात्रा में खून के थक्के जम गए थे। इसी वजह से हार्ट और फेफड़ों ने काम करना बंद कर दिया, जिससे मौत हुई। बता दें कि 30 अप्रैल को प्रतीक को गंभीर हालत में लखनऊ के निजी हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया था। 3 दिन बाद उन्हें थोड़ा आराम मिला। इसके बाद वे बिना छुट्टी के घर चले गए थे। डॉक्टर्स के मुताबिक, वो फेफड़े की गंभीर बीमारी पल्मोनरी एम्बोलिज्म की चपेट में थे। इसमें खून का थक्का फेफड़ों की नसों में फंसकर ब्लड सर्कुलेशन को रोक देता है। ब्रिटेन से पढ़ाई की, राजनीति से दूर थे ------------------------- ये खबर भी पढ़िए- डिंपल यादव ने शंकराचार्य के सामने माथा टेका, आरती उतारी:खुद को यदुवंशी बताया, शिवपाल के साथ आशीर्वाद लिया शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद के मैनपुरी पहुंचते की सबसे ज्यादा नजदीकी डिंपल यादव ने दिखाई। पहले मैनपुरी और फिर सैफई में शंकराचार्य के कार्यक्रमों में शरीक हुईं। कहा जा रहा है कि डिंपल सपा के लिए हिंदुत्व चेहरा बनने की कोशिश कर रही हैं। यही वजह है कि डिंपल ने खुद को यदुवंशी और गाय को अपनी माता बताया। VIDEO देखिए
रोहतक में छात्र नेताओं को दिल्ली जाने से रोकने पर युवाओं ने सरकार और प्रशासन पर निशाना साधते हुए आम आदमी पार्टी की छात्र विंग एसेप के प्रदेशाध्यक्ष दीपक धनखड़ ने कहा कि लोकतंत्र में उन्हें अपनी बात रखने का अधिकार है। वह अपराधी नहीं है, फिर भी उन्हें आवाज उठाने से रोका जा रहा है। दिल्ली में कल युवाओं का बड़ा प्रदर्शन था, लेकिन उनके घर पुलिस का पहरा लगा दिया गया। उनकी आवाज को दबाने का प्रयास किया। दीपक धनखड़ ने कहा कि मेरा अपराध क्या है? क्या मैंने किसी पर हमला किया, क्या मैंने हिंसा की, क्या मैंने कानून तोड़ा? नहीं। मैं तो सिर्फ शिक्षा में पारदर्शिता, छात्रों के भविष्य की सुरक्षा और जवाबदेही की मांग करने जंतर-मंतर जा रहा था। दीपक धनखड़ ने कहा कि कल सुबह जब दिल्ली के लिए निकला तो पुलिस का फोन आया और बाद में पुलिस घर पहुंच गई। पुलिस प्रशासन से कोई शिकायत नहीं है, क्योंकि पुलिस अपना कर्तव्य निभा रही है। लेकिन सरकार से पूछना चाहते हैं कि आखिर छात्रों और युवाओं की आवाज से इतना डर क्यों? क्या लोकतंत्र में सवाल पूछना अपराध हो गया? पुलिस भेजकर डराने का प्रयास दीपक धनखड़ ने कहा कि घर पर पुलिस भेजकर डराने की कोशिश गई, लेकिन उनके विचारों को नहीं रोका जा सकता। इतिहास गवाह है कि जब-जब सत्ता ने आवाज दबाने की कोशिश की, तब-तब वह आवाज और बुलंद होकर निकली है। युवाओं की लड़ाई किसी व्यक्ति से नहीं, अन्याय से है। किसी राजनीतिक दल से लड़ाई नहीं, बल्कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार, पारदर्शिता और जवाबदेही के लिए है। अर्बन एस्टेट थाने में बैठाए रखा शहीद भगत सिंह छात्र संगठन के अध्यक्ष प्रदीप मोटा ने बताया कि पुलिस ने दिल्ली जाने से पहले ही उसे हिरासत में ले लिया और अर्बन एस्टेट थाने में बैठाए रखा। अगर वह दिल्ली में आयोजित विरोध-प्रदर्शन में शामिल होना चाहता था, तो उससे सरकार या प्रशासन को किस बात का डर था? एक लोकतांत्रिक देश में प्रत्येक नागरिक को अपनी बात रखने का अधिकार है। प्रदीप मोटा ने कहा कि ऐसी कौन-सी परिस्थिति थी जिसके कारण बिना किसी अपराध के हिरासत में लिया गया। हिरासत में लेने के स्पष्ट कारण सार्वजनिक किए जाएं तथा लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान किया जाए। किसी भी नागरिक की आवाज को दबाने का प्रयास लोकतंत्र की भावना को कमजोर करता है। बीच रास्ते पुलिस ने गाड़ी रूकवाई जिला परिषद के सदस्य जयदेव डागर ने कहा कि वह अपने साथियों के साथ दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने के लिए जा रहा था। जब उनकी गाड़ी सांपला पहुंची तो पुलिस ने उनकी गाड़ियों को रूकवा दिया। काफी देर तक रोड पर बहस हुई और उसके बाद पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया। दोपहर बाद पुलिस ने उन्हें रिहा किया। जयदेव डागर ने कहा कि पुलिस ने हिरासत में लेने का कोई कारण नहीं बताया। क्या दिल्ली प्रदर्शन में शामिल होने का सरकार को इतना डर है कि युवाओं को वहां तक पहुंचने ही नहीं दिया। युवा अपने हकों के लिए एकत्रित हुए थे, किसी का नुकसान नहीं कर रहे थे। पुलिस ने उन्हें बिना अपराध हिरासत में लिया, जो सरकार की बौखलाहट को दर्शा रहा है।
‘19-20 मई की रात विश्वविद्यालय परिसर स्थित बास्केटबॉल ग्राउंड में फाइनल ईयर स्टूडेंट्स की तरफ से बैचलर पार्टी थी। इसको लेकर एक मैसेज ऑफिसियल ग्रुप पर आया था। रात करीब 2:30 से 3 बजे के बीच का समय रहा होगा। मैं अपने फ्रेंड्स के साथ डांस फ्लोर पर मौजूद थी। इसी दौरान अचानक आरोपी छात्र कई बार मेरे करीब आया और मुझे छूने की कोशिश की। कई बार चिल्लाकर कहा कि तेरा एक से मन नहीं भरता क्या? पहले मुझे लगा कि ये महज इत्तेफाक होगा और मैंने खुद को वहां से अलग कर लिया।’ यह दर्द लखनऊ की डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी की फाइनल ईयर स्टूडेंट का है। उसने विशाखा कमेटी के सामने अपने क्लासमेट लड़के के खिलाफ उन सारी हरकतों को बयां किया है,जो उस रात बैचलर पार्टी में हुई थी। पीड़िता ने विश्वविद्यालय प्रशासन के बाद पुलिस से भी शिकायत की है। विश्वविद्यायल प्रशासन की इंटरनल कंप्लेंट कमिटी (ICC) ने 29 मई को प्रोफेसर वंदना सिंह की अध्यक्षता में बैठक की। इसमें डॉ. मनोज कुमार, डॉ. शकुंतला, डॉ. इंदु सुभाष, आंचल गुप्ता, उत्कर्ष चड्ढा और रिचा मिश्रा ने मामले की सुनवाई की। पढ़िए छात्रा की छात्रा की शिकायत हू-ब-हू… पढ़िए पूरा मामला…. 19 मई और 20 मई की रात को RMLNLU कैंपस में फाइनल ईयर स्टूडेंट्स ने पार्टी की। रात करीब 11 बजे से ग्राउंड में पार्टी की, जो कई घंटों तक तक चली। इसी पार्टी में छात्रा से बैड टच और छेड़छाड़ का मामला सामने आया। हैरानी वाली बात ये रही कि कैंपस में बिना परमिशन के पार्टी हुई इसकी जानकारी विश्वविद्यालय प्रशासन को तब मिली जब छात्रा ने ICC और चीफ प्रॉक्टर को लिखित शिकायत देकर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। जिसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने 110 छात्रों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किया। इसके साथ ही स्टूडेंट्स पर फाइन भी लगाया। हालांकि, पीड़ित छात्रा के मुताबिक ऐसी पार्टियां यहां रोजाना होती पर कोई भी एक्शन नहीं लिया जाता। इस पार्टी में यदि मेरी तरफ से कोई कंप्लेंट न की जाती तो विश्वविद्यालय प्रशासन कोई एक्शन न लेता। अब पढ़िए घटनाक्रम विस्तार से… पीड़ित छात्रा का आरोप है कि जब मैं डांस फ्लोर के दूसरी तरफ अपने फ्रेंड्स के साथ मौजूद थी तब एक बार फिर से आरोपी छात्र मेरे बहुत नजदीक आया। इस बार मेरे बैक साइड से बेहद आपत्तिजनक तरीके से उसने मुझे छुआ। यह हरकत जानबूझकर और आपत्तिजनक तरीके से की गई। घटना के समय मौजूद एक छात्र मित्र ने हस्तक्षेप किया और मुझे वहां से दूर ले गया। इसके बाद मैंने खुद को डांस फ्लोर से पूरी तरह से हटा लिया। मेरा मूड ऑफ हो चुका था और मैं अलग खड़ी होकर अपने एक मित्र से बात कर रही थी। तभी आरोपी ने हिंदी में अभद्र टिप्पणी की। आरोपी ने कहा कि ‘तेरे लिए एक काफी नहीं है क्या, जो दूसरा भी चाहिए?’ पीड़िता का आरोप है कि यह टिप्पणी उसे नीचा दिखाने और यौन रूप से अपमानित करने की मंशा से सार्वजनिक रूप से कही गई। कैंपस में सुरक्षा को लेकर डर का माहौल वहीं, पीड़िता लगातार अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित है। उसने आरोप लगाया कि आरोपी छात्र ने सार्वजनिक रूप से आपत्तिजनक और यौन टिप्पणी भी की, जिससे उसे मानसिक आघात और अपमान का सामना करना पड़ा। छात्रा का कहना है कि आरोपी उसी बैच का छात्र है, इसलिए उसे कैंपस में प्रताड़ना और सुरक्षा को लेकर डर बना हुआ है। चीफ प्रॉक्टर को पत्र लिखकर लगाई गुहार ICC में शिकायत के बाद पीड़ित छात्रा ने चीफ प्रॉक्टर को लिखित शिकायत देकर तत्काल सुरक्षा की मांग की है। चीफ प्रॉक्टर को भेजे गए मेल में छात्रा ने कहा है कि 19-20 मई की रात बैच पार्टी के दौरान उसके साथ यौन उत्पीड़न और अभद्र व्यवहार हुआ था, जिसकी शिकायत उसने 20 मई को विश्वविद्यालय की इंटरनल कंप्लेंट्स कमेटी (ICC) में दर्ज कराई थी। छात्रा का कहना है कि मामला अभी जांच के अधीन है। छात्रा ने आरोप लगाया कि ICC में शिकायत देने के बाद आरोपी छात्र और उसके कुछ साथी लगातार उसका पीछा कर रहे हैं। और अलग-अलग माध्यमों से संपर्क कर शिकायत वापस लेने का दबाव बना रहे हैं। 'प्रताड़ित करने वाला छात्र लगातार कर रहा कैंपस में पीछा' पीड़िता का आरोप है कि उसे प्रताड़ित करने वाले छात्र लगातार कैंपस में उसका पीछा कर रहे हैं, जिससे वह मानसिक तनाव और डर में जी रही है। वह हॉस्टल से बाहर निकलने तक में डर महसूस कर रही है। लाइब्रेरी, अकादमिक ब्लॉक और मेस जैसे सामान्य स्थानों पर जाने में भी उसे असुरक्षा महसूस हो रही है। शिकायत में छात्रा ने कहा है कि यह सिर्फ निजता का उल्लंघन नहीं बल्कि उसे चुप कराने और कानूनी प्रक्रिया को प्रभावित करने की कोशिश है। छात्रा ने विश्वविद्यालय प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप कर सुरक्षा सुनिश्चित करने और संबंधित 4 छात्रों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। ICC जांच के आधार पर होगी कार्रवाई इस मामले में डॉ. राम मनोहर लोहिया नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी के प्रवक्ता डॉ. शशांक ने बताया कि ICC को भेजी गई कंप्लेंट मामले में संबंधित छात्रों द्वारा माफी मांगे जाने के बाद दोनों छात्राओं ने अपनी शिकायत वापस ले ली है। प्रकरण ICC के समक्ष प्रस्तुत किया गया था। शिकायत वापस लिए जाने के तथ्य को जांच समिति ने नियमानुसार रिकॉर्ड पर लिया गया है। विश्वविद्यालय प्रशासन की तरफ से कहा गया है कि आज 29 मई को ICC इस पूरे प्रकरण की जांच के लिए सुनवाई करेगा।
दरभंगा में राज्यस्तरीय बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा का आयोजन किया जा रहा है। जिले में कुल 21 सेंटर्स बनाए गए हैं। परीक्षा को शांतिपूर्ण और कदाचारमुक्त संपन्न कराने के लिए प्रशासन ने व्यापक सुरक्षा के इंतजाम किए हैं। सुबह 10:30 बजे के बाद नहीं मिलेगी एंट्री परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए सुबह 8:30 बजे से 10:30 बजे तक का समय दिया गया है। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा का आयोजन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। अभ्यर्थियों को जूता-मोजा पहनकर प्रवेश नहीं मिलेगा। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हर केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और केंद्राधीक्षकों की तैनाती की गई है। फ्लाइंग स्क्वायड भी अलर्ट मोड में हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह के कदाचार या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए विशेष निगरानी सेल सक्रिय है। सेंटर्स के आसपास धारा-163 लागू जिला दंडाधिकारी कौशल कुमार के निर्देश पर सदर अनुमंडल पदाधिकारी विकास कुमार ने परीक्षा केंद्रों के आसपास भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) 2023 की धारा-163 के तहत निषेधाज्ञा लागू करने का आदेश जारी किया है। प्रशासन ने सुबह 7:00 बजे से शाम 6:00 बजे तक परीक्षा केंद्रों के आसपास ध्वनि विस्तारक यंत्रों के उपयोग पर भी रोक लगाई है, ताकि परीक्षा के दौरान किसी प्रकार की बाधा उत्पन्न न हो। साथ ही आग्नेयास्त्र, घातक हथियार, विस्फोटक सामग्री आदि लेकर चलने पर भी पूर्ण प्रतिबंध लगाया गया है। इसके अलावा मोबाइल, स्मार्ट वॉच और डिजिटल घड़ी, एनालॉग घड़ी, पर्स, पेंसिल बॉक्स, बेल्ट, टोपी, स्कार्फ, गमछा, इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने की मनाही है।
सतना में दीवार गिरने से महिला की मौत:जर्जर भवन गिराने का चल रहा था काम, काफी मशक्कत के बाद निकाला
सतना जिले के नागौद थाना क्षेत्र के छींदा गांव में एक पुराने मकान की दीवार गिरने से एक महिला मजदूर की मौत हो गई। यह घटना शनिवार देर शाम करीब 6:30 बजे हुई, जब महिला जर्जर भवन गिराने के काम में लगी थी। मृतक महिला की पहचान छींदा-खम्हरिया निवासी विद्या प्रजापति (35 वर्ष) के रूप में हुई है। वह अपने ही गांव के कमलेश्वर सिंह के पुराने मकान को गिराने के काम पर गई थी। काम के दौरान अचानक एक दीवार ढह गई, जिससे विद्या को संभलने का मौका नहीं मिला और वह मलबे में दब गई। काफी मशक्कत के बाद महिला को निकालाघटना होते ही मौके पर मौजूद अन्य मजदूरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी और मलबा हटाना शुरू कर दिया। काफी मशक्कत के बाद महिला को मलबे से बाहर निकाला गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए मरचुरी में रखवा दिया है। बताया गया है कि महिला का पति जाहिरलाल प्रजापति बाहर रहकर मजदूरी करता है और घटना की सूचना मिलते ही सतना के लिए रवाना हो गया है। महिला के शव का पोस्टमार्टम रविवार को किया जाएगा।
सहानरपुर में नहर में बह गई बच्ची:रातभर तलाश में जुटी रही रेस्क्यू टीम, बहन के साथ नहाने गई थी
सहारनपुर के देवबंद क्षेत्र में 9 साल की बच्ची के नहर में बह जाने से हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस, फायर ब्रिगेड और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची और तलाश अभियान शुरू किया। देर रात तक बच्ची का कोई सुराग नहीं मिल सका था। जानकारी के अनुसार, ग्राम तैयबपुर के रहने वाली अलीना (9) अपनी बड़ी बहन इल्मा (12) के साथ गांव के पास रुड़की से आने वाली नहर पर गई थी। बताया जा रहा है कि दोनों बहनें नहर किनारे पानी में खेल रही थी। इसी दौरान अलीना अचानक गहरे पानी में चली गई और तेज बहाव में बहने लगी। बड़ी बहन ने उसे बचाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही पलों में अलीना पानी में डूब गई। सूचना मिलते ही शुरू हुआ सर्च ऑपरेशन घटना की जानकारी मिलते ही परिजन और ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। देर रात पुलिस को सूचना दी गई, जिसके बाद थाना देवबंद पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची और राहत एवं बचाव अभियान शुरू कराया। पुलिस ने गोताखोरों की मदद से नहर के कई स्थानों पर तलाश की। फायर ब्रिगेड की टीम को भी मौके पर बुलाया गया, जबकि आसपास के इलाकों में भी खोजबीन की गई। नहर में पानी का बहाव तेज होने के कारण रेस्क्यू अभियान में काफी दिक्कतें आईं। पुलिस ने सिंचाई विभाग से संपर्क कर नहर का पानी कम कराने का प्रयास भी शुरू कराया, ताकि तलाश अभियान को और प्रभावी बनाया जा सके। रातभर सर्च ऑपरेशन जारी रहा और सुबह होने के बाद भी बचाव दल बच्ची की तलाश में जुटे रहे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा हुआ है। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में चिंता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है। बड़ी संख्या में ग्रामीण नहर किनारे मौजूद रहकर बच्ची के मिलने की उम्मीद लगाए हुए हैं। सीओ देवबंद अभितेष सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस और अन्य बचाव दलों को मौके पर भेज दिया गया था। बच्ची की तलाश के लिए सभी उपलब्ध संसाधनों का इस्तेमाल किया जा रहा है। फिलहाल बच्ची का कोई पता नहीं चल सका है, लेकिन तलाश अभियान लगातार जारी है।
लुधियाना के थाना जमालपुर के अंतर्गत आने वाली महावीर कॉलोनी (भामियां खुर्द) में 2 बेटों की प्रताड़ना और धमकियों से परेशान होकर 70 वर्षीय बुजुर्ग ने अपने ही घर में फंदा लगाकर जीवनलीला समाप्त कर ली। पुलिस ने मृतक की पत्नी के बयानों के आधार पर दोनों बेटों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। गलत हरकतों के कारण पिता ने निकाला था घर से बाहर मृतक की पहचान 70 वर्षीय गुरदेव सिंह के रूप में हुई है। मृतक की पत्नी किरन देवी ने पुलिस को दिए अपने बयानों में बताया कि गुरदेव के पहली शादी से 2 बेटे हैं लवप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह। ये दोनों पहले उन्हीं के मकान के ऊपर वाले पोर्शन (पहली मंजिल) में रहते थे। किरन देवी के मुताबिक दोनों बेटों की गलत हरकतों और बुरे कामों की वजह से गुरदेव सिंह ने उन्हें घर से बाहर निकाल दिया था। घर खाली कराने के लिए दी आग लगाने की धमकी, सदमे में उठाया कदम घर से निकाले जाने के बाद दोनों बेटे (लवप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह, जो वर्तमान में मकान नंबर 289, बाबा जीवन सिंह नगर, पट्टी, जिला तरनतारन के निवासी हैं) वापस आए। उन्होंने माता-पिता के घर आकर विवाद खड़ा किया और मकान खाली करवाने के लिए दबाव बनाना शुरू कर दिया।शिकायतकर्ता के अनुसार आरोपियों ने घर को आग लगाने और जान से मारने की धमकियां दीं। बेटों द्वारा सरेआम दी जा रही इन धमकियों और मानसिक प्रताड़ना को बुजुर्ग पिता बर्दाश्त नहीं कर पाया। इसी मानसिक तनाव और दुख के चलते गुरदेव सिंह ने 6 जून को अपने ही मकान की छत (गाडर/कड़ी) से फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस की कार्रवाई:भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत मामला दर्ज घटना की सूचना मिलते ही थाना जमालपुर की पुलिस ने कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस ने किरन देवी के बयानों के आधार पर आरोपी बेटों लवप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 108 (आत्महत्या के लिए उकसाना) और 3(5) (साझा इरादा) के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी है।
लखनऊ व्यापार मंडल के त्रैवार्षिक चुनाव में सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए। राजधानी के करीब 300 बाजारों में फैले संगठन की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया, जिसमें अमरनाथ मिश्र को लगातार दूसरी बार अध्यक्ष चुना गया, जबकि पवन मनोचा को संगठन में बढ़ी जिम्मेदारी देते हुए प्रमुख वरिष्ठ महामंत्री बनाया गया। शनिवार शाम व्यापार भवन में सभी नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई गई। सभी पदाधिकारी निर्विरोध चुने गए गौतमबुद्ध मार्ग स्थित व्यापार भवन में आयोजित चुनाव प्रक्रिया के दौरान किसी भी पद पर कोई प्रतिद्वंद्वी सामने नहीं आया। चुनाव अधिकारी अनिल वरमानी, भारत भूषण गुप्ता और देव कुमार शुक्ला ने सभी पदाधिकारियों को निर्विरोध निर्वाचित घोषित करते हुए शपथ ग्रहण कराया। इस दौरान व्यापारियों ने संगठन के हितों और व्यापारिक अधिकारों की रक्षा के लिए एकजुट होकर काम करने का संकल्प लिया। पवन मनोचा का बढ़ा कद, प्रमुख वरिष्ठ महामंत्री बनाए गए नई कार्यकारिणी में पवन मनोचा को प्रमुख वरिष्ठ महामंत्री की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके अलावा जितेन्द्र सिंह चौहान, उमेश शर्मा, अनुराग मिश्र और देवेन्द्र गुप्ता को वरिष्ठ महामंत्री बनाया गया है। कुश मिश्रा और मंजीत सिंह दुआ को महामंत्री, जबकि सुमित गुप्ता को मीडिया महामंत्री की जिम्मेदारी दी गई है। विधानसभा महामंत्री के रूप में शशि प्रकाश शुक्ला, मनीष कुमार वर्मा और मुश्वीर अहमद 'मन्शू' को दायित्व सौंपा गया। संगठन का होगा विस्तार, जोन स्तर तक बनेंगी इकाइयां अध्यक्ष अमरनाथ मिश्र ने कहा कि राजधानी के विस्तार और नए बाजारों के विकसित होने के साथ संगठन को भी और मजबूत किया जाएगा। ट्रांसगोमती और शेष गोमती क्षेत्रों के अलावा परिक्षेत्र और जोन स्तर तक संगठनात्मक इकाइयों का गठन कर व्यापारियों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाएगा। व्यापारियों और प्रशासन के बीच मजबूत होगा संवाद प्रमुख वरिष्ठ महामंत्री पवन मनोचा ने कहा कि संगठन व्यापारियों और प्रशासन के बीच बेहतर समन्वय स्थापित करेगा तथा व्यापारियों की समस्याओं के समाधान के लिए लगातार प्रयास करेगा। वरिष्ठ महामंत्री जितेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि व्यापारियों के अधिकारों की रक्षा और उनके हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। अनुराग मिश्र ने नई कार्यकारिणी को युवा और अनुभवी नेतृत्व का संतुलित स्वरूप बताया। बैठक के दौरान संगठन की प्रबुद्ध समिति का गठन किया गया, जिसमें देव कुमार शुक्ला, राकेश छाबड़ा, केदार बाजपेई और विनोद चन्द्र गर्ग को शामिल किया गया। इन पदों पर भी हुई नियुक्तियां पूर्व सांसद बनवारी लाल कंछल को मुख्य संरक्षक बनाया गया है, जबकि हरीशचन्द्र अग्रवाल और कैलाश चंद्र जैन संरक्षक नियुक्त किए गए हैं। राजेन्द्र कुमार अग्रवाल को दोबारा चेयरमैन चुना गया। उत्तम कपूर, अनिल बजाज, रमेश मिश्र, भारत भूषण गुप्ता, श्याम कृष्णानी, नीरज जौहर, चंद्र प्रकाश अग्रवाल और रामकुमार वर्मा को मुख्य वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है। सतीश कुमार अग्रवाल को पुनः कार्यवाहक अध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपी गई, जबकि विनोद पंजाबी और विनय शुक्ला समेत कई व्यापारियों को वरिष्ठ उपाध्यक्ष बनाया गया है।
फतुहा में सड़क हादसे में युवक की मौत:गोविंदपुर बाईपास पर हुआ हादसा, PMCH में इलाज के दौरान तोड़ा दम
फतुहा के गोविंदपुर बाईपास पर शनिवार देर रात एक सड़क हादसे में 26 वर्षीय युवक रोहित कुमार की मौत हो गई। मौजपुर मस्जिद गली निवासी रोहित सड़क पार करते समय एक तेज रफ्तार ट्रक की चपेट में आ गया था। बताया जा रहा है कि रोहित की शादी पिछले साल ही हुई थी। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, महारानी चौक की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार ट्रक ने रोहित को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवक करीब 40 मीटर तक सड़क पर घसीटता चला गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई। ग्रामीणों और राहगीरों की मदद से घायल रोहित को तत्काल फतुहा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए पटना मेडिकल कॉलेज अस्पताल (पीएमसीएच) रेफर कर दिया। पीएमसीएच में इलाज के दौरान रोहित कुमार ने दम तोड़ दिया। युवक की मौत की खबर मिलते ही परिजनों में शोक की लहर दौड़ गई। परिवार के सदस्यों ने गहरा दुख व्यक्त किया। फतुहा थाना प्रभारी कुमार रौशन ने बताया कि सड़क दुर्घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
गयाजी में राज्यस्तरीय बीएड संयुक्त प्रवेश परीक्षा को लेकर प्रशासन अलर्ट मोड में हैं। जिले के 24 सेंटर्स पर 17,286 अभ्यर्थी शामिल होंगे। प्रशासन के सामने इतनी बड़ी संख्या में परीक्षार्थियों के सफल और शांतिपूर्ण संचालन की कड़ी चुनौती है, जिसके लिए सुरक्षा और निगरानी के चाक-चौबंद इंतजाम किए गए हैं। इस बार परीक्षा में सुरक्षा और पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सभी सेंटर्स पर पहली बार जैमर लगाए गए हैं। साथ ही बायोमेट्रिक सत्यापन की भी व्यवस्था की गई है। गयाजी कॉलेज को जिले का सबसे बड़ा परीक्षा केंद्र बनाया गया है। यहां अकेले 3,060 परीक्षार्थियों के बैठने की व्यवस्था है। सुरक्षा के कड़े इंतजाम हर केंद्र पर स्टैटिक मजिस्ट्रेट, पुलिस बल और केंद्राधीक्षकों की तैनाती की गई है। फ्लाइंग स्क्वायड भी अलर्ट मोड में हैं। परीक्षा के दौरान किसी भी तरह के कदाचार या अनुचित साधनों के इस्तेमाल को रोकने के लिए विशेष निगरानी सेल सक्रिय है। सुबह 10:30 बजे के बाद नहीं मिलेगी एंट्री परीक्षार्थियों को परीक्षा केंद्र में प्रवेश के लिए सुबह 8:30 बजे से 10:30 बजे तक का समय दिया गया है। इसके बाद किसी भी अभ्यर्थी को प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। परीक्षा का आयोजन सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। हाफ शर्ट और पैंट में ही मिलेगी प्रवेश की अनुमति परीक्षा को लेकर ड्रेस कोड भी निर्धारित किया गया है। अभ्यर्थियों को हाफ शर्ट और साधारण पैंट पहनकर परीक्षा केंद्र पहुंचने का निर्देश दिया गया है। फुल बाजू की शर्ट, जैकेट या अतिरिक्त कपड़ों के साथ प्रवेश की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा को देखते हुए कई वस्तुओं पर प्रतिबंध लगाया गया है। अभ्यर्थियों को जूता-मोजा पहनकर प्रवेश नहीं मिलेगा। इसके अलावा इलेक्ट्रॉनिक उपकरण लाने पर भी रोक है।
मंदसौर के दलौदा कस्बे में शनिवार रात बीड़ी को लेकर हुए विवाद में एक युवक पर चाकू से हमला कर दिया गया। घटना में 23 वर्षीय विजय नाथ घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मामले की जांच शुरू कर दी है। बीड़ी देने से इनकार पर बढ़ी कहासुनी जानकारी के अनुसार, कुमारवाड़ा निवासी विजय नाथ (23) शनिवार रात दलौदा कृषि उपज मंडी रोड स्थित एक चाय की दुकान पर चाय पीने गया था। इसी दौरान सिराज नामक व्यक्ति वहां पहुंचा और विजय से बीड़ी मांगने लगा। परिजनों के मुताबिक, विजय द्वारा बीड़ी देने से मना करने पर दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। चाकू से किया हमला विवाद बढ़ने पर सिराज ने विजय पर चाकू से हमला कर दिया। हमले में विजय के हाथ में गंभीर चोट आई। घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों ने घायल युवक को तत्काल दलौदा थाने पहुंचाया। पुलिस ने घायल विजय को जिला अस्पताल भिजवाया, जहां उसका उपचार जारी है। परिजनों ने बताया कि चाकू लगने से उसके हाथ में गहरा घाव हो गया है। चिकित्सकों ने घायल के हाथ में 7 से 8 टांके लगाए हैं। एडिशनल एसपी टी.एस. बघेल ने बताया कि आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दैनिक भास्कर में 21 मई को प्रकाशित खबर के बाद अगम कुआं के शिवलोक नगर में सड़क का निर्माण तो हो गया है, लेकिन जलभराव और गड्ढों की समस्या जस की तस बनी हुई है। अखिलेश नगर के पास स्थित इस क्षेत्र में पानी ओवरफ्लो होकर सड़क पर बह रहा है, जिससे स्थानीय लोगों और वाहनों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। सड़क पर लगातार पानी बहने से आसपास काई जम गई है और दुर्गंध भी फैल रही है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि चेंबर का निर्माण सही तरीके से नहीं होने के कारण पानी सड़क पर जमा हो रहा है। इस संबंध में कनिष्ठ अभियंता स्नेहा कुमारी और ठेकेदार मनोज कुमार से बात की गई। उन्होंने बताया कि उनका कार्य केवल सड़क निर्माण तक सीमित था, जो पूरा हो चुका है। चेंबर और नाले का निर्माण कार्य नमामि गंगे परियोजना के अंतर्गत आता है। नमामि गंगे के अधिकारी रौअत से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई। अभियंता और ठेकेदार मनोज कुमार ने आश्वासन दिया है कि वे नमामि गंगे के संबंधित अधिकारियों से बात कर गड्ढों को भरने और चेंबर को दुरुस्त करने का प्रयास करेंगे। स्थानीय निवासी राहुल कुमार, महानंद जी, मनोज कुमार, कृष्ण जी, धीरज तिवारी, शंभू जी और विजेंद्र जी ने इस लापरवाही पर नाराजगी व्यक्त की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो भविष्य में कोई दुर्घटना हो सकती है और नई बनी सड़क भी जल्द ही क्षतिग्रस्त हो जाएगी। उन्होंने तत्काल कार्रवाई की मांग की है।
एसपी बोलीं-साइकिलिंग से फिट रहती है बॉडी:‘संडे ऑन साइकिल’ कैंपेन में पुलिसकर्मियों ने चलाई साइकिल
पाली में रविवार सुबह ‘संडे ऑन साइकिल’ अभियान के तहत पुलिसकर्मियों ने साइकिल रैली निकालकर फिट रहने और पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। सुबह करीब सात बजे एसपी ऑफिस से शुरू हुई रैली शहर के प्रमुख मार्गों से होकर वापस एसपी ऑफिस पहुंची। इस दौरान कई पुलिस जवान साइकिल के साथ पैदल चलते हुए भी नजर आए। रैली एसपी ऑफिस से रवाना होकर अहिंसा सर्किल, सूरजपोल, अम्बेडकर सर्किल और गांधी मूर्ति होते हुए पुनः एसपी ऑफिस पहुंची। रैली की अगुवाई एएसपी त्वरित अनुसंधान सेल जयसिंह तंवर और एएसपी महिला अपराध अनुसंधान सेल पाली के सुनील कुमार ने की। अभियान में पुलिस विभाग के कई अधिकारी और जवान शामिल हुए। जिला पुलिस अधीक्षक मोनिका सैन ने बताया कि भारतीय खेल प्राधिकरण (SAI), युवा कार्यक्रम एवं खेल मंत्रालय भारत सरकार के तत्वावधान में तथा पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर विश्व साइकिल दिवस के अवसर पर यह रैली आयोजित की गई। इसका उद्देश्य लोगों को स्वास्थ्य के प्रति जागरूक करना और साइकिलिंग के प्रति प्रेरित करना था। एसपी ने कहा कि नियमित साइकिल चलाने से शरीर स्वस्थ और फिट रहता है। साथ ही यह पर्यावरण संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। उन्होंने लोगों से स्वस्थ जीवनशैली अपनाने और पर्यावरण को सुरक्षित रखने के लिए साइकिलिंग को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाने की अपील की। रैली में कोतवाली थानाधिकारी रविन्द्रसिंह खिंची, टीपी नगर थानाप्रभारी हनुवंतसिंह सिसोदिया सहित बड़ी संख्या में पुलिसकर्मी मौजूद रहे।
मोबाइल नहीं देने से नाराज बेटी टैंक में कूदी:बचाने के लिए मां ने भी लगाई छलांग लगाई, दोनों की मौत
मोबाइल नहीं देने से नाराज होकर बेटी पानी के टैंक (डिग्गी) में कूद गई। उसे बचाने के लिए मां ने भी छलांग लगा दी। दोनों की डूबने से मौत हो गई। आसपास के लोगों और परिजनों ने दोनों को डिग्गी से बाहर निकाला। मामला बालोतरा के गुड़ामालानी थाना क्षेत्र के सीलू गांव का है। सिलसिलेवार पढ़िए घटनाक्रम … 1. मोबाइल मांगने पर हुई नाराजगीसीलू गांव की रहने वाली अनिता उर्फ इंद्रा (38) पत्नी राजूराम शनिवार दोपहर अपने परिवार के साथ घर पर थीं। इस दौरान उनकी बड़ी बेटी सुमन (18) ने मोबाइल मांगा। मां ने कहा कि छोटे बच्चे सो रहे हैं, इसलिए अभी मोबाइल नहीं दे सकती। उन्होंने शाम को मोबाइल देने की बात कही। इससे सुमन नाराज हो गई और घर के पास बनी डिग्गी के किनारे जाकर बैठ गई। 2. मां समझाने पहुंची, बेटी ने लगा दी छलांगकुछ समय बाद अनिता ने परिवार के अन्य लोगों से कहा कि सुमन मोबाइल की बात को लेकर नाराज होकर बैठी है। इसके बाद वह बेटी को समझाने के लिए डिग्गी के पास गईं। पुलिस की प्रारंभिक जांच के अनुसार, मां को अपनी ओर आता देख सुमन अचानक डिग्गी में कूद गई। 3. बेटी को बचाने के प्रयास में मां भी डूबीबेटी को पानी में कूदते देख अनिता ने बिना देर किए उसे बचाने के लिए डिग्गी में छलांग लगा दी। डिग्गी में पानी अधिक होने के कारण दोनों बाहर नहीं निकल सकीं। 4. ग्रामीणों ने निकाला, लेकिन नहीं बच सकीं जानेंघटना के समय पास में बकरियां चरा रहे लोगों ने चीख-पुकार की आवाज सुनी। उन्होंने आसपास के ग्रामीणों और परिजनों को सूचना दी। मौके पर पहुंचे लोगों ने काफी प्रयास कर मां-बेटी को डिग्गी से बाहर निकाला, लेकिन तब तक दोनों की मौत हो चुकी थी। 5. शाम को पुलिस पहुंचीशाम करीब 5 बजे सूचना मिलने पर गुड़ामालानी पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को गुड़ामालानी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया। पीहर पक्ष को सूचना दे दी गई है। जालोर के चितलवाना से परिजनों के आने और रिपोर्ट देने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। अनिता के चार बच्चे हैं, जिनमें तीन बेटियां और एक बेटा शामिल है। सुमन सबसे बड़ी थी। इसी वर्ष 12वीं कक्षा पास की थी। कॉलेज में प्रवेश लेने की तैयारी कर रही थी। पिता किसान हैं और गांव में ही वाटर आरओ प्लांट चलाते हैं। ---- यह खबर भी पढ़िए… बाड़मेर में डिग्गी में डूबने से मां- बेटी की मौत:चिल्लाने की आवाज सुनकर बचाने दौड़े पड़ोसी बालोतरा में महिला और उसकी बेटी की डिग्गी में डूबने से मौत होने का मामला सामने आया है। आसपास के लोगों ने दोनों को डिग्गी से बाहर निकाला। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। पूरी खबर पढ़ें
रीवा में 6 साल की बच्ची से रेप के पीछे की वजह उसकी मां से विवाद सामने आया है। बच्ची ने ही मां को बताया है कि उसके बड़े पापा ने उसके साथ गलत काम किया। बच्ची की मां के अनुसार, जब मासूम ने दर्द से तड़पते हुए कहा- बड़े अब्बू छोड़ दो, तो आरोपी ने जवाब दिया- तेरी मां ज्यादा चपड़-चपड़ करती है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि वारदात से एक दिन पहले 3 जून को आरोपी ने बच्ची की मां के साथ घरेलू विवाद के चलते मारपीट की थी। फिर 4 जून की रात बच्ची के साथ रेप किया। उसका गला घोंटने की कोशिश भी की। अस्पताल अधीक्षक डॉ. राहुल मिश्रा ने कहा- बच्ची के प्राइवेट पार्ट में गंभीर चोटें हैं, लगातार ब्लीडिंग हो रही है। आईसीयू में उसकी हालत पर 24 घंटे निगरानी रखी जा रही है। मां बोली- दरिंदे ने उसका बचपन छीन लिया अस्पताल के बाहर बेहाल मां ने रोते हुए कहा- मेरी छह साल की बच्ची ने उसका क्या बिगाड़ा था? उसकी मासूमियत, हंसी और बचपन दरिंदे ने छीन लिया। जब मैं उसे दर्द से तड़पते देखती हूं, तो ऐसा लगता है कि जैसे मेरी सांसें टूट रही हैं। एक मां के लिए इससे बड़ा दुख क्या होगा कि उसकी बच्ची अस्पताल के बिस्तर पर जिंदगी की लड़ाई लड़ रही है। मेरी बस एक ही मांग है कि बेटी को न्याय मिले। दोषी को ऐसी सजा मिले कि कोई दूसरी बच्ची इस दर्द से न गुजरे। मेरी बच्ची आईसीयू में मौत से लड़ रही है। चाहकर भी उसका दर्द मैं अपने हिस्से में नहीं ले पा रही हूं। हर बार आईसीयू का दरवाजा खुलता है, तो दिल की धड़कन बढ़ जाती है। जिस बच्ची को मैंने गोद में खिलाया, आज वह मशीनों और दवाइयों के सहारे सांस ले रही है। उसके हाथों में खिलौने होने चाहिए थे, लेकिन आज इलाज की सुइयां लगी हैं। पड़ोसियों ने भी की कड़ी सजा की मांग बच्ची के पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने कहा- घटना सुनकर पूरा मोहल्ला हैरान है। आरोपी के खिलाफ ऐसी कार्रवाई हो, जो समाज के लिए उदाहरण बने। दूसरे व्यक्ति ने कहा- हम सभी बच्ची की सलामती की प्रार्थना कर रहे हैं और चाहते हैं कि दोषी को जल्द कड़ी सजा मिले। तीसरे व्यक्ति ने कहा- ऐसे अपराधियों के लिए किसी तरह की नरमी नहीं होनी चाहिए। कानून को सख्त संदेश देना होगा। चौथे व्यक्ति ने कहा- यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की पीड़ा है। बच्ची का दर्द देखकर हर किसी की आंखें नम हैं। पीड़ित परिवार को न्याय मिलना चाहिए। आरोपी की तलाश में पुलिस की दबिश सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि आरोपी का अपने भाई से संपत्ति को लेकर विवाद चल रहा है। उस पर शहर के अलग-अलग थानों में 30 से ज्यादा मामले दर्ज हैं। इनमें मारपीट, चोरी, लूट शामिल हैं। बच्ची का पिता भी लूट के मामले में जेल में है। पाठक ने कहा- आरोपी की गिरफ्तारी के लिए हरसंभव प्रयास किए जा रहे हैं। जिले और आसपास के क्षेत्रों में पुलिस की कई टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। मामले से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… जन्नत, खिलौनों का लालच देकर 6 वर्षीय मासूम से रेप रीवा के सिटी कोतवाली थाना इलाके में छह साल की बच्ची से रेप का मामला सामने आया है। आरोपी कोई और नहीं, बल्कि बच्ची का बड़ा पापा है। उसने मासूम को जन्नत और खिलौनों का लालच देकर दरिंदगी की। बच्ची को संजय गांधी अस्पताल के आईसीयू में एडमिट कराया गया है। आरोपी फरार है। पढ़ें पूरी खबर…
बुरहानपुर कलेक्टर हर्ष सिंह के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने जिले में मिलावटी खाद्य पदार्थों के खिलाफ अभियान तेज कर दिया है। इसी के तहत अलग-अलग प्रतिष्ठानों से खाद्य पदार्थों के सैंपल लेकर जांच के लिए भेजे गए थे। भोपाल लैब की रिपोर्ट में 17 सैंपल फेल पाए गए हैं। इनमें कुछ सैंपल गुणवत्ता मानकों पर खरे नहीं उतरे, जबकि कुछ में पैकिंग और लेबल से जुड़ी गड़बड़ियां मिली हैं। 17 मामलों की कोर्ट में सुनवाई, 6 पर लगा जुर्माना जांच रिपोर्ट मिलने के बाद सभी 17 मामले एडीएम कोर्ट में पेश किए गए हैं। इनमें से छह प्रतिष्ठानों पर कुल 1 लाख 30 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया है, जबकि बाकी मामलों की सुनवाई जारी है। इन प्रतिष्ठानों पर लगा फाइन जिन प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया है, उनमें नेपानगर की सई नमकीन पर घी के सैंपल के लिए 20 हजार रुपए, मंडी बाजार की न्यू हरिओम डेयरी पर दूध के लिए 20 हजार रुपए, फेमस दूध डेयरी पर मावा के लिए 30 हजार रुपए, नितिन होटल पर धनिया के लिए 30 हजार रुपए, अरुण दूध डेयरी पर दूध के लिए 25 हजार रुपए और योगेश्वर दूध डेयरी पर दूध के लिए 5 हजार रुपए का जुर्माना शामिल है। इन खाद्य पदार्थों के सैंपल भी फेल मिले फेल पाए गए अन्य सैंपलों में आजाद नगर के ए-1 जलेबी सेंटर का हलवा, एसबी किराना का सोयाबीन तेल, प्रतापपुरा की दत्त डेयरी का दूध, हरि गोपाल फूड प्रोडक्ट का सोयाबीन तेल, डेढ़तलाई के जायसवाल किराना का सरसों तेल, जीटी प्रोडक्ट का पान मसाला और सिंधीपुरा गेट स्थित वीरेंद्र आइसक्रीम की आइसक्रीम शामिल हैं। वहीं नेपानगर के ट्रैफिक जाम होटल का मावा रोल, असीरगढ़ के रामकृष्ण मिडवे का नमकीन और नेपानगर के प्रकाश होटल का मावा पेड़ा भी जांच में नियमों के अनुरूप नहीं पाए गए। बिना लाइसेंस चल रही दुकान पर भी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग ने बुरहानपुर जलेबी व नमकीन सेंटर के खिलाफ बिना लाइसेंस कारोबार करने का मामला भी दर्ज किया है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी कमलेश डावर ने बताया कि जांच में फेल पाए जाने वाले प्रतिष्ठानों के खिलाफ खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम 2006 और नियम 2011 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी।
राजस्थान में प्रदूषण की मार झेल रहे वेटलैंड्स (आर्द्रभूमियों) के संरक्षण को लेकर राजस्थान हाईकोर्ट ने गंभीरता दिखाते हुए जनहित याचिका दायर कर जवाब तलब किया है। प्रदेशभर में वेटलैंड्स की खराब होती स्थिति पर स्वतः संज्ञान लेते हुए कोर्ट ने राज्य सरकार और संबंधित विभागों को नोटिस जारी किए हैं। इसके साथ ही सरकार से सभी जिलों की रिपोर्ट भी मांगी है। इस मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई को होगी। कोर्ट ने स्पष्ट कहा कि यदि इन प्राकृतिक जल स्रोतों को समय रहते नहीं बचाया गया तो इसका सीधा असर भूजल, जैव विविधता, जल सुरक्षा और पर्यावरणीय संतुलन पर पड़ेगा। कोर्ट ने कहा- ये नेचर की किडनी है अवकाशकालीन खंडपीठ (वेकेशनल बैंच) के जस्टिस डॉ. पुष्पेन्द्र सिंह भाटी और जस्टिस रेखा बोरणा ने एक विस्तृत आदेश जारी करते हुए कहा कि वेटलैंड्स प्रकृति की अमूल्य धरोहर हैं। इन्हें प्रकृति की किडनी भी कहा जाता है क्योंकि ये भूजल पुनर्भरण, जल शुद्धिकरण, बाढ़ नियंत्रण, कार्बन अवशोषण और जैव विविधता संरक्षण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। राजस्थान जैसे जल संकट वाले राज्य में इनका महत्व और अधिक बढ़ जाता है। कोर्ट ने मीडिया में छपी खबरों आधार पर स्वतः संज्ञान लिया। रिपोर्ट में बताया गया कि राजस्थान में करीब 46,748 वेटलैंड यूनिट्स हैं, लेकिन इनमें से बहुत कम को वेटलैंड (संरक्षण एवं प्रबंधन) नियम-2017 के तहत अधिसूचित किया गया है। बड़ी संख्या में वेटलैंड्स प्रदूषण, अतिक्रमण, सीवरेज के पानी, कचरे के निस्तारण और जल क्षेत्र में लगातार कमी जैसी समस्याओं का सामना कर रहे हैं। हाईकोर्ट ने माना कि यह केवल कुछ जलाशयों की समस्या नहीं बल्कि पूरे प्रदेश में वेटलैंड संरक्षण व्यवस्था की गंभीर खामी को दर्शाता है। कोर्ट ने सभी जिला कलेक्टर समेत डिपार्टमेंट की मांगी रिपोर्ट कोर्ट ने कहा कि वेटलैंड्स का क्षरण होने से भूजल स्तर प्रभावित होता है, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव बढ़ते हैं और प्रवासी पक्षियों सहित अनेक जीव-जंतुओं के प्राकृतिक आवास नष्ट होते हैं। कोर्ट ने राज्य सरकार, पर्यावरण विभाग, वन विभाग, जल संसाधन विभाग, राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल, राज्य वेटलैंड प्राधिकरण और संबंधित जिला कलेक्टरों सहित विभिन्न विभागों को विस्तृत जवाब पेश करने के निर्देश दिए हैं। सरकार से पूछा गया है कि प्रदेश में कितने वेटलैंड्स चिन्हित हैं, कितनों को अधिसूचित किया गया है और शेष वेटलैंड्स के संरक्षण के लिए क्या कदम उठाए जा रहे हैं। अंतरिम आदेश में हाईकोर्ट ने पूरे राज्य में वेटलैंड्स का सर्वे कराने, उनकी जीआईएस मैपिंग करने, अतिक्रमण रोकने और प्रदूषण के स्रोतों की पहचान करने के निर्देश दिए हैं। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल को देनी होगी रिपोर्ट साथ ही यह भी सुनिश्चित करने को कहा है कि किसी भी वेटलैंड में बिना कानूनी प्रक्रिया के निर्माण, भराव, कचरा डंपिंग या सीमाओं में बदलाव नहीं किया जाए। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल को प्रमुख वेटलैंड्स की जल गुणवत्ता जांच कर विस्तृत रिपोर्ट प्रस्तुत करने का आदेश दिया गया है। वहीं राज्य सरकार को अल्पकालिक, मध्यमकालिक और दीर्घकालिक संरक्षण योजना तैयार कर कोर्ट के समक्ष रखने को कहा गया है। हाईकोर्ट ने इस मामले को जनहित से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय मानते हुए इसे जनहित याचिका के रूप में दर्ज किया है। 6 जुलाई को होगी अगली सुनवाई मामले की अगली सुनवाई 6 जुलाई 2026 को होगी, जिसमें राज्य सरकार और संबंधित विभागों की रिपोर्ट पर विचार किया जाएगा। कोर्ट ने सहयोग के लिए तीन अधिवक्ता जुबिन मेहता,अधिवक्ता दिविक माथुर एवं अधिवक्ता हर्षवर्धनसिंह राठौड को एमिकस क्यूरी नियुक्त किया है।
राजस्थान में आमजन को महंगाई का फिर झटका लगा है। तेल-गैस कंपनियों ने घरेलू उपयोग के सिलेंडर की कीमतों में देर रात बढ़ोतरी की है, जिसे आज से लागू किया गया है। रिव्यू की गई कीमतों में 14 किलोग्राम के घरेलू सिलेंडर पर 29 रुपए की बढ़ोतरी की है। नई रेट लिस्ट जारी राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत ने बताया- कंपनियों ने घरेलू गैस सिलेंडर के दाम बढ़ाए हैं, जिसकी नई रेट लिस्ट जारी की है। नई रेट लिस्ट के मुताबिक, जयपुर में आज से 14.2 किलोग्राम वाले गैस सिलेंडर 916.50 के बजाए 945.50 रुपए में बाजार में मिलेंगे। बढ़ोतरी के बाद जयपुर में ये हुई कीमत नई दरें आज से लागू इसी तरह 5 किलोग्राम वाले छोटे सिलेंडर 341.50 के बजाए 352 रुपए में मिलेंगे। जबकि 10 किलोग्राम वाले कम्पोजिट सिलेंडर (प्लास्टिक बॉडी वाले) 655 रुपए के बजाए 675 रुपए में मिलेंगे। सिलेंडरों की कीमतों की गई यह बढ़ोतरी आज से लागू कर दी गई है। मार्च में बढ़ाए थे 60 रुपए इससे पहले तेल कंपनियों ने 7 मार्च को घरेलु सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की थी। तब 60 रुपए प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की गई थी। इस साल के अंदर घरेलु सिलेंडर की कीमतों में 89 रुपए की बढ़ोतरी हो चुकी है। 7 दिन पहले बढ़ी थी कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतें तेल कंपनियों ने 7 दिन पहले ही एलपीजी कीमतों का रिव्यू करने के बाद कॉमर्शियल उपयोग के सिलेंडर की कीमतों में 42 रुपए की बढ़ोतरी की थी। ईरान-अमेरिका युद्ध के बाद से लगातार तेल-गैस की कीमतों में इजाफा हो रहा है। इस साल के अंदर कॉमर्शियल उपयोग का सिलेंडर 1532 रुपए तक महंगा हो गया है।
हरियाणा में घरेलू LPG सिलेंडर 29 रुपए महंगा हो गया है। नई दरें रात 12 बजे से लागू हो गई। प्रदेश में अब 14.2 किलोग्राम वाला गैस सिलेंडर गुरुग्राम में 979.5 रुपए का मिलेगा। पहले इसका दाम 950.5 रुपए था। तीन महीने में दूसरी बार LPG की कीमत बढ़ोतरी की गई है। इससे पहले 7 मार्च को LPG सिलेंडर के दाम 60 रुपए बढ़ाए गए थे। इस तरह 3 महीने के अंदर घरेलू सिलेंडर 89 रुपए महंगा हो गया। अमेरिका-ईरान युद्ध के चलते कीमतों में बढ़ोतरी देखी जा रही है। वहीं, नए दरें लागू होने के बाद हिसार में ₹960 और फरीदाबाद में ₹944 का सिलेंडर मिलेगा। जिलावार जानिए, सिलेंडर के दाम LPG से पहले पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम भी बढ़े पिछले कुछ हफ्तों में पेट्रोल, डीजल और CNG के दाम भी बढ़े हैं। मई में पेट्रोल और डीजल की कीमतें कुल मिलाकर ₹7.50 प्रति लीटर बढ़ चुकी हैं, जबकि CNG करीब ₹6 प्रति किलो महंगी हुई है। कंपनियों को पेट्रोल पर करीब ₹11 प्रति लीटर और डीजल पर ₹33.6 प्रति लीटर का नुकसान हो रहा है। इसके बावजूद कंपनियों का दावा है कि पेट्रोल-डीजल अभी भी लागत से कम कीमत पर बेचे जा रहे हैं। सरकार का कहना है कि वैश्विक कीमतों में हुई पूरी बढ़ोतरी का बोझ उपभोक्ताओं पर नहीं डाला गया है। कच्चे तेल के महंगे होने का कुछ बोझ सरकारी तेल कंपनियां खुद उठा रही हैं। कैसे तय होती है गैस सिलेंडर की कीमत
जालंधर के मकसूदां एरिया के लेदर कॉम्पलैक्स मोड़ के पास हुए हिट एंड रन केस में नया खुलासा हुआ है। एक्सीडेंट के बाद गैस एजेंसी की गाड़ी का ड्राइवर घायल को उठाकर ले गया लेकिन अस्पताल नहीं पहुंचाया। लगभग एक घंटा वो इसे गाड़ी में घुमाता रहा। मौत होने के बाद वह शव को कंटीली झाड़ियों में फेंककर फरार हो गया। घर पर ताला लगा है और परिवार समेत गायब है। परिवार का कहना है कि पुलिस 5 दिन से कोई कार्रवाई नहीं कर रही। परिवार ने न तो अभी पोस्टमार्टम करवाया और न ही संस्कार के लिए मान रहा है। परिवार का आरोप है कि एजेंसी मालिक धमका रहा है और 50 हजार से 1 लाख रुपए लेकर राजीनामे का प्रेशर बना रहा है। मृतक के बेटे ने बताया कि गैस एजेंसी मालिक का कहना है कि मैं पैसा देकर अपना बंदा छुड़वा लूंगा और उसे कुछ नहीं होने दूंगा आपने जो करना है कर लो। बता दें कि 5 दिन पहले लैदर कॉम्पलेक्स मोड पर केनरा बैंक के पास सिलेंडर की ढुलाई करने वाली गाड़ी ने बिहार के रहने वाले व्यक्ति सोहन लाल को कुचल दिया था। घटना का सीसीटीवी भी सामने आया था। सोहन लाल जेके कास्टिंग में काम करता था और घटना के समय ड्यूटी पर जा रहा था। पर्स, पैसा और सोने का लॉकेट उतार ले गया ड्राइवरसोहन लाल के बेटे विपुल ने बताया कि मंगलवार (2 जून) सुबह पापा काम पर जा रहे थे, तभी भारत गैस एजेंसी की गाड़ी ने उन्हें टक्कर मार दी। गाड़ी वाले ने अस्पताल ले जाने के बहाने उन्हें गाड़ी में डाला, लेकिन रास्ते में उनके पर्स से 5 हजार रुपए और सोने का लाकर छीन लिया। इसके बाद उन्हें तड़पता हुआ झाड़ियों में फेंक दिया। जब हम गैस एजेंसी के मालिक के पास गए, तो उसने उल्टा हमें धमकियां दीं कि जो करना है कर लो, मैं पैसे देकर अपने मुलाजिम को छुड़ा लूंगा। पांच दिन से मेरे पिता का शव सिविल अस्पताल में पड़ा है। जब तक हमें इंसाफ नहीं मिलेगा, हम अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। लोग बोले-अस्पताल पहुंचाने की बजाय तपड़ता छोड़ाधरने में शामिल पड़ोसियों को स्थानीय लोगों ने कहा कि यह कोई साधारण हादसा नहीं बल्कि सीधा-सीधा मर्डर है। आरोपी ने दुर्घटना के बाद घायल को अस्पताल पहुंचाने की बजाय तड़पने के लिए छोड़ दिया। गैस एजेंसी का मालिक आरोपी ड्राइवर को छुपा कर बैठा है और पीड़ित परिवार पर 50 हजार रुपए लेकर समझौता करने का दबाव बना रहा है। पुलिस प्रशासन और राजनीतिक लोग अमीर मालिक को बचाने का प्रयास कर रहे हैं। अगर जल्द ही मालिक और ड्राइवर पर कड़ी कार्रवाई नहीं हुई, तो पूरा जालंधर वेस्ट सड़कों पर उतरेगा। थाना प्रभारी बोले-ड्राइवर परिवार के साथ भागाथाना मकसूदां के एसएचओ गुरप्रीत सिंह यह हादसा 2 जून को लेदर काम्पलैक्स के पास हुआ था। सीसीटीवी फुटेज से गाड़ी की पहचान हो चुकी है। आरोपी चालक हादसे के बाद से अपने परिवार समेत घर पर ताला लगाकर फरार है। पुलिस की टीमें मोग और कपूरथला समेत कई ठिकानों पर रेड कर रही हैं। गैस एजेंसी के मालिक से भी पूछताछ की गई है। पुलिस किसी भी तरह का समझौता नहीं करवा रही है। हमारी कोशिश है कि आरोपी को जल्द पकड़ा जाए। हम परिवार से शव का पोस्टमार्टम करवाकर अंतिम संस्कार करने की अपील कर रहे हैं।
छत्तीसगढ़ की राजधानी रायपुर में शनिवार को गैस एजेंसी के मैनेजर से 10 लाख रुपए की लूट हुई है। बाइक सवार 3 नकाबपोश लुटेरों ने दिनदहाड़े वारदात को अंजाम दिया है, जिसका CCTV फुटेज भी सामने आया है। मामले में पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है। CCTV फुटेज में देखा जा सकता है कि ऑफिस के सामने कार पार्क करने के दौरान बदमाश पहले मैनेजर को क्रॉस कर आगे निकल जाते हैं। बाद में वे दोबारा मुड़कर वापस आते हैं। जैसे ही मैनेजर कैश से भरा बैग लेकर गाड़ी से उतरता है, बदमाश यू-टर्न लेकर उसके पास पहुंचते हैं और बैग छीनकर फरार हो जाते हैं। मैनेजर बाइक सवार लूटेरों के पीछे भागता है, लेकिन वह उन्हें पकड़ नहीं पाता। हालांकि, पीड़ित ने इस मामले के शिकायत थाने में दर्ज कराई है, जिस पर पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और आसपास लगे CCTV फुटेज खंगाल रही है। मामला डीडी नगर थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए ये तस्वीरें- 10 लाख रुपए लेकर निकला था मैनेजर जानकारी के मुताबिक पीड़ित का नाम श्रवण साहू है। वह महोबा बाजार का निवासी है और निजी गैस एजेंसी में मैनेजर के पद पर कार्यरत है। शनिवार शाम करीब 7 बजे श्रवण एजेंसी के भुगतान से संबंधित रकम लेने अग्रसेन चौक स्थित कार्यालय पहुंचा था। वहां से करीब 10 लाख रुपए लेकर वह अपनी कार से टाटीबंध स्थित मुख्य कार्यालय के लिए रवाना हुआ। रास्ते में डगनिया बाजार के पास पहले से घात लगाए बैठे बदमाशों ने उसे अपना निशाना बना लिया। CCTV में कैद हुई वारदात CCTV में रिकॉर्ड हुई वारदात के अनुसार बाइक सवार तीन युवकों ने पहले कार को क्रॉस किया और फिर यू-टर्न लेकर श्रवण के पास वापस लौटे। जैसे ही श्रवण ने कार खड़ी कर बाहर कदम रखा, आरोपियों ने उनके हाथ से कैश से भरा बैग छीना और फरार हो गए। पहले से कर रहे थे रेकी पुलिस को आशंका है कि आरोपियों ने पहले से मैनेजर की गतिविधियों की रेकी कर रखी थी। पीड़ित श्रवण साहू ने बताया कि तीनों बदमाशों ने अपने चेहरे स्कार्फ से ढक रखे थे, जिससे उनकी पहचान नहीं हो सकी। घटना इतनी तेजी से हुई कि वह आरोपियों का हुलिया भी ठीक से नहीं देख पाए। पुलिस बोली- जल्द गिरफ्तारी होगी सूचना मिलते ही डीडी नगर थाना प्रभारी गौतम गावड़े पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। थाना प्रभारी का कहना है कि तकनीकी साक्ष्यों, सीसीटीवी फुटेज और संदिग्धों के संभावित भागने के रास्तों के आधार पर आरोपियों की तलाश की जा रही है। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है। ………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… दिनदहाड़े बंदूक की नोक पर लूट की कोशिश...VIDEO: दुकान संचालक को रोका, सोने की चेन लूटने का प्रयास, विरोध करने पर भागे बाइक सवार बिलासपुर में शुक्रवार सुबह करीब 7 बजे दिनदहाड़े बंदूक की नोक पर लूट की कोशिश की गई। बदमाशों ने दुकान संचालक को रोककर सोने की चेन लूटने की कोशिश की। शोर मचाने पर बदमाश फरार हो गए। वारदात का सीसीटीवी फुटेज भी सामने आया है। मामला सरकंडा थाना क्षेत्र के जबड़ापारा का है। पढ़ें पूरी खबर…
भागलपुर में अपराधियों ने ई-रिक्शा ड्राइवर की हत्या कर दी। लूटपाट के दौरान वारदात को अंजाम दिया गया है। मृतक की पहचान बड़ी गोपालपुर निवासी लक्ष्मण यादव के पुत्र निराला यादव(50) के रूप में हुई है। घटना सबौर थाना क्षेत्र के इंजीनियरिंग कॉलेज स्थित महर्षि मेंही आश्रम जाने वाले रास्ते की है। जानकारी के मुताबिक शनिवार शाम करीब 5 बजे घर से निकले थे, लेकिन रात तक वापस नहीं लौटे। इसके बाद परिवार वालों ने उनकी तलाश शुरू की। रात करीब 3 बजे उनकी हत्या की सूचना मिली। जिसके बाद परिजन घटनास्थल पर पहुंचे तो देखा कि ई-रिक्शा सड़क से नीचे नाले की ओर उतरा हुआ था, जबकि निराला यादव खून से लथपथ मुंह के बल पड़े हुए थे। 'सीसीटीवी में कट्टा ले जाते दिखा एक युवक' मृतक के छोटे भाई रतन यादव ने बताया कि भैया खुद से ई-रिक्शा चलाते थे। किसी भी समय काम के लिए निकल जाते थेदेर रात तक वापस नहीं आने पर उनकी पत्नी ने रात करीब 12 बजे उन्हें फोन किया था। उस समय उन्होंने कहा था, 'ठीक है, अभी रखो', जिसके बाद उनसे दोबारा संपर्क नहीं हो सका। पीछे से गोली मारी गई है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज की भी जांच कर रही है, जिसमें एक युवक को कट्टा लेकर जाते हुए देखा गया है। 'पोस्टमार्टम रिपोर्ट से कारण होगा स्पष्ट' इस संबंध में सबौर थानाध्यक्ष बिट्टू कमल ने बताया कि एक व्यक्ति की हत्या हुई है। फिलहाल यह कहना जल्दबाजी होगी कि उसकी मौत गोली लगने से हुई है या किसी धारदार हथियार से हमला किए जाने के कारण। पुलिस सभी बिंदुओं पर जांच कर रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट हो सकेगा।
नाथद्वारा स्थित श्रीनाथजी मंदिर में अधिक मास के मनोरथों की श्रृंखला के तहत शनिवार को छाक लीला मनोरथ और ‘फल की हटड़ी’ का मनोहारी आयोजन किया गया। गोस्वामी तिलकायत राकेश महाराज एवं चिरंजीव गोस्वामी विशाल बावा की प्रेरणा से अधिक ज्येष्ठ कृष्ण षष्ठी पर 'छाक लिए सिर श्याम बुलावत' और ‘लीजे लालन अपनी छाक’ के भाव से विशेष मनोरथ सजाए गए। इस दौरान श्रद्धालुओं को विशेष श्रृंगार और कृत्रिम वन-उपवन के मनमोहक दर्शन हुए। चंदनी मलमल के श्रृंगार में सजे श्रीनाथजीमनोरथ के तहत श्रीनाथजी को चंदनी मलमल का आड़बंद धराया गया। प्रभु का ऊष्णकालीन हल्का श्रृंगार किया गया, जिसमें मोती के आभूषण, चंदनी मलमल की गोल पाग, गोल कतरा, मोती के कर्णफूल, कमलछड़ी तथा गंगा-जमनी वेणु-वेत्र धारण कराए गए। छाक लीला के भाव को साकार करने के लिए विशेष छाक चित्रांकन की पिछवाई भी धराई गई। यमुना तट का भाव और गोपियों की उपस्थितिमनोरथ के दौरान यमुना तट का भाव प्रस्तुत किया गया। इसमें गोपियों को दूध, दही और माखन लेकर प्रभु के समक्ष पधाराया गया। ग्वालबालों की मंडली के साथ प्रभु को विविध भोग अर्पित किए गए। पुष्पों और वन-उपवन की विशेष सजावट ने पूरे वातावरण को व्रज की छटा से सराबोर कर दिया। कृत्रिम वन और कुंजों से सजा मंदिर परिसरसंध्या समय ‘व्रज ही में करत विहार’ मनोरथ का आयोजन किया गया। इस अवसर पर कृत्रिम वन और कुंज सजाए गए, जिन्हें गुलाब, मोगरा और चंपा के पुष्पों से अलंकृत किया गया। इन सजावटों ने श्रद्धालुओं को व्रजधाम का अनुभव कराया। फलों की हटड़ी में विराजे नवनीत प्रियाजीमनोरथ के तहत श्री नवनीत प्रियाजी को फलों की हटड़ी में विराजित किया गया। यहां चंदन की पत्तियों से बने बंगले को सुगंधित फूलों से सजाकर आकर्षक स्वरूप प्रदान किया गया। अधिक मास के इन विशेष मनोरथों ने श्रद्धालुओं को व्रज संस्कृति और पुष्टिमार्गीय परंपराओं के दिव्य भावों से जोड़ दिया।
वाराणसी नगर निगम के 2.33 लाख भवन स्वामियों को अब टैक्स जमा करने के लिए कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। नगर निगम की सदन बैठक के दौरान महापौर अशोक तिवारी ने नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल की मौजूदगी में उत्तर प्रदेश के पहले AI आधारित चैटबॉट का शुभारंभ किया। नगर निगम वाराणसी यह करने वाला प्रदेश का पहला निगम बन गया है। इससे अब पारदर्शिता के साथ चंद मिनटों में व्हाट्सप्प नंबर पर उपभोक्ता का बिल आ जाएगा और वो आसानी से उसका ऑनलाइन भुगतान कर लेगा। ऐसे करेगा AI चैटबॉट काम नगर आयुक्त हिमांशु नागपाल ने बताया - AI चैटबॉट के माध्यम से अब टैक्स भुगतान की प्रक्रिया पूरी तरह डिजिटल और पारदर्शी हो गई है। इस सेवा का लाभ उठाने के लिए भवन स्वामियों को अपने वाट्स-एप से 86018 72601 नंबर पर सिर्फ 'Hi' लिखकर भेजना होगा। संदेश भेजते ही चैटबॉट द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों का पालन करना होगा, जिसके कुछ ही सेकंड में टैक्स बिल आपके मोबाइल स्क्रीन पर होगा। उपभोक्ता वहीं से तत्काल भुगतान कर अपनी रसीद भी डाउनलोड कर सकते हैं। इससे किसी भी प्रकार की दुविधा भी नहीं होगी और आसान चरणों में उपभोक्ता अपना बिल जनरेट कर पायेगा और उसे आसानी से भर पायेगा। 15 जुलाई तक टैक्स में 10 प्रतिशत की छूट नगर आयुक्त ने बताया - नगर निगम इस चैटबॉट को और भी प्रसारित करने के लिए 15 जुलाई तक हाउस टैक्स, वाटर टैक्स और सीवर टैक्स जमा करने पर 10 प्रतिशत की विशेष छूट भी दे रहा है। इसके अल्वा डिजिटल भुगतान और ट्रांजेक्शन को बढ़ावा देने के लिए जो भवन स्वामी वित्तीय वर्ष 2026-27 भुगतान ऑनलाइन करेगा। उसे 2 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। हर के स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों और पद्म पुरस्कार से सम्मानित विभूतियों को गृहकर, जलकर और सीवर कर में 50 प्रतिशत की भारी छूट दी जा रही है। नगर आयुक्त ने उन करदाताओं को भी आश्वस्त किया है। जिन्होंने 1 अप्रैल से 6 मई के बीच टैक्स जमा किया था, कि उनकी छूट की राशि को अगले वित्तीय वर्ष में समायोजित (एडजस्ट) कर दिया जाएगा। प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया को साकार कर रहा वाराणसी नगर निगम महापौर अशोक तिवारी ने इस मौके पर कहा - आज वाराणसी निगम प्रदेश में चैटबॉक्स आधारित बिल जमा करने की श्रेणी में प्रथम स्थान पर खड़ा है। प्रधानमंत्री के डिजिटल इंडिया को सपने को साकार करते हुए आज हम लोगों ने AI चैटबॉट का शुभारंभ किया है। इससे जनता को सुविधा के साथ ही साथ देश में एक नया सन्देश प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र से जाएगा। जिस तरह सफाई का संदेश काशी के अस्सी घाट से निकलकर पूरी दुनिया में पहुंचा है। उन्होंने काशीवासियों से उसका लाभ उठाने का आह्वान किया।
दतिया बड़ौनी तहसील कार्यालय में अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर पहुंचे जिगना गांव के सरपंच और उनके समर्थकों की तहसीलदार सुनील प्रभास से तीखी बहस हो गई। बहस के दौरान सरपंच के एक साथी द्वारा तहसीलदार को जनता का नौकर कहे जाने पर विवाद बढ़ गया। घटना शुक्रवार की है जिसका वीडियो अब सामने आया है। 5 जून को जिगना गांव के ग्रामीण अतिक्रमण हटाने की मांग को लेकर बड़ौनी तहसील कार्यालय पहुंचे थे। सरपंच का कहना था कि अतिक्रमण के कारण गांव के 100 से अधिक परिवार परेशान हैं। वहीं, तहसीलदार सुनील प्रभास ग्रामीणों से इस संबंध में औपचारिक आवेदन प्रस्तुत करने की बात कह रहे थे। जनता के नौकर कहने पर भड़के तहसीलदारइसी दौरान चर्चा के बीच सरपंच के एक साथी ने तहसीलदार से कहा, आप जनता के नौकर हैं। इस टिप्पणी पर तहसीलदार नाराज हो गए और उन्होंने अपने स्टाफ को संबंधित युवक को कार्यालय से बाहर निकालने के निर्देश दिए। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और तेज हो गई। हालांकि, विवाद के अगले दिन एक और वीडियो सामने आया, जिसमें ग्रामीण यह कहते नजर आए कि तहसीलदार से उनका कोई विवाद नहीं है। ग्रामीणों ने कहा कि तहसीलदार ने उनकी रास्ते संबंधी समस्या का समाधान कराया है और उनकी बात सुनी है। मामले पर तहसीलदार सुनील प्रभास ने कहा कि कुछ ग्रामीण जानबूझकर बहस को बढ़ावा दे रहे थे। उन्होंने बताया कि वीडियो सामने आने के बाद ग्रामीणों ने अपनी बात पर खेद जताते हुए माफी मांग ली है। साथ ही उनकी शिकायत का निराकरण भी कर दिया गया है।
प्रसिद्ध गुजराती गायिका किंजल दवे और फिल्म अभिनेत्री मोनल गज्जर ने रविवार तड़के उज्जैन के विश्व प्रसिद्ध महाकाल मंदिर में भगवान श्री महाकालेश्वर की भस्म आरती में भाग लिया। उन्होंने बाबा महाकाल के दर्शन कर आशीर्वाद प्राप्त किया। दोनों कलाकार सुबह करीब 4 बजे मंदिर पहुंचीं और नंदी हॉल में बैठकर लगभग दो घंटे तक भस्म आरती में शामिल रहीं। इस दौरान वे भगवान महाकाल का जाप करती नजर आईं। उन्होंने नंदी महाराज का पूजन कर अपनी मनोकामनाएं अर्पित कीं। भस्म आरती के बाद किंजल दवे और मोनल गज्जर ने भगवान महाकाल का जलाभिषेक किया। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति की ओर से उप प्रशासक एस.एन. सोनी ने उनका स्वागत और सम्मान किया। इस अवसर पर किंजल दवे ने बताया कि यह लगभग दो महीने में उनका दूसरा महाकाल दर्शन है। उन्होंने कहा, बाबा महाकाल ने मुझे दोबारा बुलाया है, इसके लिए मैं स्वयं को सौभाग्यशाली मानती हूं और सभी का धन्यवाद करती हूं। मोनल गज्जर एक भारतीय अभिनेत्री और मॉडल हैं, जो मुख्य रूप से गुजराती और तेलुगु फिल्मों में सक्रिय हैं। वह इससे पहले 08 अप्रैल को भी महाकाल दर्शन के लिए उज्जैन आ चुकी हैं। दर्शन के दौरान दोनों कलाकार बेहद सरल और श्रद्धामय भाव में दिखीं।
औबेदुल्लागंज-बैतूल नेशनल हाईवे पर नर्मदापुरम के ग्राम रायपुर के पास शनिवार रात करीब 9 बजे एक तेज रफ्तार कार अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में कार हाईवे से करीब 20 फीट नीचे जा गिरी। दुर्घटना में नागपुर निवासी तीन महिलाओं और कार ड्राइवर को चोटें आई हैं। राहगीरों की मदद से सभी घायलों को बाहर निकालकर अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जानकारी के अनुसार, घायल परिवार मूल रूप से महाराष्ट्र के नागपुर का रहने वाला है। यह परिवार भोपाल के एक अस्पताल में भर्ती अपने बीमार रिश्तेदार से मिलकर वापस नागपुर लौट रहा था। कार में तीन महिलाएं और एक पुरुष सवार थे। इसी दौरान ग्राम रायपुर के पास किसी वाहन को ओवरटेक करते समय कार का संतुलन बिगड़ गया। 4 बार पलटी खाई, राहगीरों ने किया रेस्क्यूप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, बेकाबू होने के बाद कार ने करीब चार बार पलटी खाई और 20 फीट नीचे जा गिरी। हादसे के तुरंत बाद वहां से गुजर रहे राहगीरों ने मदद की और क्षतिग्रस्त कार में फंसे लोगों को बाहर निकाला। एंबुलेंस की मदद से सभी को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उन्हें नर्मदा अपना अस्पताल में शिफ्ट कर दिया गया। इन लोगों को आई हैं चोटें, परिजन नर्मदापुरम पहुंचेनर्मदा अस्पताल के मनोज सारन ने बताया कि हादसे में वर्षा लेकवानी (48), अनिता उबरानी (50), मीरा जेसवानी (60) और ड्राइवर सोनू गड़वार (40) घायल हुए हैं। अस्पताल के डॉ. रवि चढ़ार, डॉ. सौरभ रघुवंशी और डॉ. नरेंद्र परिहार की टीम ने घायलों का इलाज किया है। घटना की सूचना मिलने के बाद घायलों के परिजन भी नर्मदापुरम पहुंच गए हैं।
लुधियाना के न्यू हरगोबिंद नगर मेन रोड पर AAP विधायक अशोक पराशर पप्पी के कार्यालय से महज कुछ ही दूरी पर एक तेज रफ्तार बाइक ने एक्टिवा की टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवती हवा में करीब 4 फीट उछलकर सड़क पर मुंह के बल जा गिरी। घटना के बाद युवती मौके पर ही बेहोश हो गई। जिसे लहूलुहान हालत में लोगों ने तुरंत सीएमसी (CMC) अस्पताल पहुंचाया। घटना शनिवार देर शाम की बताई जा रही है। डॉक्टर के मुताबिक युवती की हालत बेहद नाजुक बनी हुई है।इस पूरी घटना का लाइव सीसीटीवी फुटेज सामने आया है। सीसीटीवी फुटेज में साफ दिख रहा है कि 26 वर्षीय अंजुम अपनी एक्टिवा पर बेहद सामान्य और सुरक्षित रफ्तार से ईसा नगरी पुली की तरफ से अपने घर लौट रही थी। वह अपनी साइड पर बिल्कुल सही चल रही थी। तभी सामने से एक तेज रफ्तार बाइक आती दिखती है। बाइक पर एक-दो नहीं, बल्कि तीन युवक सवार थे। बाइक की स्पीड इतनी खतरनाक थी कि चालकों का उस पर कोई नियंत्रण नहीं था।(पढ़ें पूरी खबर) पंजाब में देर रात 6 आईएएस अफसरों के तबादले पंजाब सरकार ने एक आदेश जारी कर 6 आईएएस अधिकारियों का तबादला कर दिया है। इनमें अधिकतर सीनियर आईएएस अधिकारी शामिल हैं। चीफ सेक्रेटरी केएपी सिन्हा ने आदेश जारी किए हैं। मनवेश सिंह सिद्धू को पीआईडीबी के एमडी पद का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया है। जबकि विशेष सारंगल को मार्कफेड के एमडी पद की भी जिम्मेदारी सौंपी गई है।
1.11 लाख की इनामी कुश्ती टाई:यूपी और राजस्थान केसरी का मुकाबला बराबरी पर छूटा; आधी-आधी बंटी राशि
मुरैना के प्राचीन खाकी बाबा बगिया अखाड़े में आयोजित दंगल में शनिवार के दिन यूपी केसरी शक्ति पहलवान और राजस्थान केसरी हरेंद्र पहलवान के बीच हुई अंतिम कुश्ती बराबरी (टाई) पर छूटी। समय पूरा होने तक कोई भी पहलवान एक-दूसरे को हरा नहीं सका। इसके बाद आयोजन समिति ने 1 लाख 11 हजार रुपए की इनामी राशि दोनों पहलवानों के बीच समान रूप से बांट दी। दंगल के आयोजक जुगरू पहलवान ने बताया कि खाकी बाबा बगिया काफी पुराना अखाड़ा है और यहां प्रतिवर्ष दंगल का आयोजन किया जाता है। इस बार प्रतियोगिता में पंजाब, दिल्ली, हरियाणा, उत्तर प्रदेश और राजस्थान सहित देश के अलग-अलग प्रांतों से पहलवान अपना जोर आजमाने पहुंचे थे। इस दंगल के दौरान कुल 18 कुश्तियां संपन्न कराई गईं। अंतिम कुश्ती में दिखा कड़ा संघर्षदंगल का मुख्य आकर्षण सबसे बड़ी और अंतिम कुश्ती रही, जिसकी विजेता राशि 1 लाख 11 हजार रुपए तय की गई थी। यह कड़ा मुकाबला यूपी केसरी शक्ति पहलवान और राजस्थान केसरी हरेंद्र पहलवान के बीच खेला गया। कुश्ती के दौरान दोनों ही पहलवानों ने एक-दूसरे के खिलाफ अपने बेहतरीन दांव-पेच आजमाए और जीतने का पूरा प्रयास किया। दर्शकों ने उठाया लुत्फ, आधी-आधी बंटी इनामी राशिदोनों पहलवानों के बीच हुए इस जोरदार मुकाबले में कड़े संघर्ष के बाद भी कोई नतीजा नहीं निकल सका। निर्धारित समय समाप्त होने पर कुश्ती को बराबरी पर खत्म घोषित किया गया। वहां मौजूद दर्शकों ने इस रोमांचक मुकाबले का खूब लुत्फ उठाया। कुश्ती टाई होने के बाद आयोजकों ने विजेता के लिए रखी गई कुल राशि को दोनों पहलवानों में बराबर-बराबर वितरित कर दिया।
ग्वालियर के पुरानी छावनी थाना क्षेत्र स्थित पंडित मोहल्ला में एक शातिर युवती ने अपनी पड़ोसन को बातों में उलझाकर घर से बाहर भेजा और पीछे से अपने नाबालिग भाई से घर में चोरी करवा दी। पुलिस ने संदेह के आधार पर नाबालिग को पकड़कर पूछताछ की तो उसने चोरी की वारदात कबूल कर ली। वहीं मुख्य आरोपी युवती सेजल सिकरवार फरार हो गई है। अस्पताल छोड़ने के बहाने रची गई चोरी की साजिश पंडित मोहल्ला निवासी सुरेखा सिकरवार ने पुलिस को बताया कि 4 जून 2026 की सुबह उनका नाती ग्वालियर के कमलाराजा अस्पताल में भर्ती था। वह घर में ताला लगाकर नाती के लिए खाना लेकर अस्पताल जाने निकली थीं। इसी दौरान पड़ोस में रहने वाली सेजल सिकरवार स्कूटी लेकर पहुंची और उन्हें अस्पताल छोड़ने की बात कहकर अपने साथ ले गई। अस्पताल पहुंचने के बाद कुछ देर तक वह सुरेखा के साथ रुकी और फिर घर लौटने का कहकर निकल गई। शाम को खुला लाखों की चोरी का राज शाम करीब 7 बजे जब सुरेखा के पति रामदास सिकरवार ने भैंस का दाना खरीदने के लिए पैसे मांगे, तब सुरेखा कमरे में रखे बक्से से रुपए निकालने पहुंचीं। बक्सा खोलते ही उनके होश उड़ गए। अंदर रखा पर्स खुला था और उसमें रखे जेवर व नकदी गायब थे। चोर 25 हजार रुपए नकद, दो जोड़ी चांदी की पायल, चांदी की करधौनी, सोने की झुमकी, अंगूठी, दो मंगलसूत्र और एक सोने का ओम लॉकेट चोरी कर ले गए थे। पड़ोसन पर पहले से था शक सुरेखा ने पुलिस को बताया कि सेजल पिछले कई दिनों से उनके घर आ-जा रही थी और घर में रखे सामान व गहनों की जानकारी ले रही थी। उसने उनकी बहू शिवानी के जेवरों के बारे में भी पूछताछ की थी। पुलिस जांच में सामने आया कि सेजल ने उन्हें अस्पताल में उलझाए रखा और इसी दौरान उसके नाबालिग भाई ने छत के रास्ते घर में घुसकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। पूछताछ में नाबालिग ने कबूला जुर्म शिकायत मिलते ही पुरानी छावनी थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सेजल के नाबालिग भाई को हिरासत में लिया। पूछताछ में उसने चोरी करना स्वीकार कर लिया। उसकी निशानदेही पर पुलिस ने चोरी गया अधिकांश माल बरामद कर लिया है। वहीं भाई के पकड़े जाने की जानकारी मिलते ही सेजल स्कूटी लेकर फरार हो गई। पुलिस उसकी तलाश में दबिश दे रही है। ऑनलाइन गेमिंग के कर्ज में पहले भी रच चुकी है साजिश पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी सेजल सिकरवार पहले भी एक फर्जी लूट कांड में शामिल रह चुकी है। बहोड़ापुर इलाके में उसने अपने ही पांच लाख रुपए के जेवर अपने नाबालिग भाई और उसके दोस्त से लुटवाकर झूठी लूट की कहानी बनाई थी। सीसीटीवी फुटेज की जांच में उसकी साजिश उजागर हुई थी। पूछताछ में पता चला था कि वह ऑनलाइन गेमिंग की आदी है और कर्ज चुकाने के लिए इस तरह की वारदातों को अंजाम देती है। पुलिस ने दर्ज किया मामला पुरानी छावनी पुलिस का कहना है कि फरियादिया सुरेखा सिकरवार की शिकायत पर सेजल सिकरवार और उसके नाबालिग भाई के खिलाफ घर में अनधिकृत प्रवेश और चोरी का मामला दर्ज कर लिया गया है। नाबालिग से पूछताछ के बाद चोरी का अधिकांश सामान बरामद कर लिया गया है, जबकि फरार युवती की तलाश जारी है।
20 साल की विवाहित मामी ने अपनी ही 17 साल की नाबालिग भांजी को बहला-फुसलाकर 'पति' बनाने के लिए भगा ले गई। आरोप है कि मामी भांजी से शादी करना चाहती थी। इसके लिए उसका लड़का बनना जरूरी था। भांजी का जेंडर चेंज (लिंग परिवर्तन) कराने के लिए अपने सोने के गहने तक बेच दिए और दिल्ली के एक हॉस्पिटल में उसकी ब्रेस्ट सर्जरी करवा दी। दूसरी सर्जरी होती, इससे पहले ही पुलिस ने दोनों को मध्य प्रदेश से पकड़ लिया। 6 जून को नाबालिग का मेडिकल कराकर कोर्ट में बयान कराए गए। यह पूरा मामला भरतपुर से जुड़ा है। मामी की बातों में आई नाबालिग लड़की अब तक की पुलिस जांच में सामने आया है कि मामी (आरोपी) की शादी साल 2025 में हुई थी, लेकिन पति से उसकी अनबन रहती थी। इस बीच वह भरतपुर में रहकर पढ़ाई कर रही अपनी नाबालिग भांजी के संपर्क में आई।बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजाराम भुतौली ने बताया कि समिति के सामने 5 जून को 17 साल की नाबालिग को पेश किया गया था। नाबालिग ने पूछताछ में बताया- मामी ने नाबालिग भांजी के साथ जबरन संबंध बनाए। साथ ही नाबालिग का जेंडर चेंज करवाने के लिए बहला फुसला लिया। नाबालिग की मामी ने उससे कहा कि वह जेंडर चेंज करवाने के बाद दोनों शादी कर लेंगे। नाबालिग अपनी मामी की बातों में आ गई। दिल्ली के एक नामी प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉक्टर ने जेंडर चेंज की पूरी सर्जरी के लिए 9 लाख रुपए मांगे थे। मामी के पास इतने पैसे नहीं थे, इसलिए उसने अपना मंगलसूत्र और अंगूठी 1 लाख 32 हजार रुपए में बेची और भांजी की पहली सर्जरी (ब्रेस्ट रिमूवल) करवा दी। दूसरी सर्जरी भी कुछ महीनों बाद होनी थी। रजामंदी तब भी पॉक्सो एक्ट में ही दर्ज होगा मामला वरिष्ठ अधिवक्ता भगत सिंह सुरौता ने मामले की कानूनी कड़ियों को स्पष्ट करते हुए कहा- अगर नाबालिग लड़की कोर्ट में अपनी मामी के पक्ष में भी बयान दे देती है, तब भी कानूनन आरोपी मामी पर पॉक्सो एक्ट के तहत ही कार्रवाई होगी। कानून के मुताबिक, नाबालिग की सहमति की कोई कानूनी वैधता नहीं होती। उसके साथ किसी भी तरह का खिलवाड़ या छेड़छाड़ होने पर मामला सीधे पॉक्सो में जाता है। अस्पताल और डॉक्टर भी आएंगे जांच के घेरे में बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष राजाराम भुतौली ने बताया कि पुलिस को आरोपी मामी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत सख्त कार्रवाई की जा रही है। बिना उचित कानूनी प्रक्रियाओं के एक नाबालिग की जेंडर चेंज सर्जरी करने वाले दिल्ली के उस प्राइवेट हॉस्पिटल व डॉक्टर के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज कर एक्शन लेने के निर्देश दिए गए हैं।
छत्तीसगढ़ में अगले 5 दिनों तक अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक, तेज हवाओं और हल्की से मध्यम बारिश की आशंका जताई गई है। दक्षिण छत्तीसगढ़ में मौसम गतिविधियां ज्यादा रहने की संभावना है। वहीं अधिकतम तापमान में अगले 5 दिनों में कोई बड़े बदलाव नहीं होने का अनुमान है। मौसम विभाग के अनुसार दक्षिण-पश्चिम मानसून अगले 4 से 5 दिनों में छत्तीसगढ़ के कुछ हिस्सों तक पहुंच सकता है। मानसून महाराष्ट्र, तेलंगाना, आंध्र प्रदेश और ओडिशा के साथ-साथ मध्य भारत के अन्य हिस्सों में भी आगे बढ़ रहा है। पिछले 24 घंटों में प्रदेश के तापमान में कोई बड़ा बदलाव दर्ज नहीं किया गया। बिलासपुर में सबसे ज्यादा 41.6 डिग्री सेल्सियस अधिकतम तापमान रिकॉर्ड किया गया, जबकि पेंड्रा रोड में न्यूनतम तापमान 23.2 डिग्री सेल्सियस रहा। प्रदेश में कुछ स्थानों पर हल्की से मध्यम बारिश हुई। प्रमुख वर्षा वाले क्षेत्रों में चंद्रपुर (सक्ती) में 20 MM, देवभोग (गरियाबंद), बस्तर और नवागढ़ (जांजगीर-चांपा) में 10-10 MM बारिश दर्ज की गई। क्यों बदल रहा है मौसम? मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार झारखंड और आसपास के क्षेत्र में बना ऊपरी हवा का चक्रवाती परिसंचरण (साइक्लोनिक सर्कुलेशन) अभी सक्रिय है। इसके साथ ही झारखंड से तेलंगाना तक एक ट्रफ लाइन छत्तीसगढ़ होकर गुजर रही है। यही सिस्टम प्रदेश में नमी खींच रहा है और गरज-चमक के साथ बारिश की स्थितियां बना रहा है। इसके अलावा उत्तर-पूर्व उत्तर प्रदेश के ऊपर भी एक ऊपरी हवा का चक्रवाती सिस्टम बना हुआ है, जिससे मौसम में बदलाव की संभावना है। 50 से 60 किमी प्रति की रफ्तार से चल सकती है हवा मौसम विभाग ने रविवार के लिए प्रदेश के अलग-अलग इलाकों में गरज-चमक के साथ 50 से 60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवा चलने की चेतावनी जारी की है। कुछ स्थानों पर बिजली गिरने और बारिश होने की भी संभावना है। अगले 2 दिनों तक भी 40 से 50 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से हवाओं के साथ गरज-चमक और हल्की से मध्यम बारिश का दौर जारी रह सकता है। रायपुर का मौसम रायपुर में रविवार को आंशिक रूप से बादल छाए रहने, गरज-चमक, धूलभरी आंधी और बारिश की संभावना है। शहर का अधिकतम तापमान करीब 42C और न्यूनतम तापमान 28C रहने का अनुमान है।
छिंदवाड़ा के फव्वारा चौक पर शनिवार दोपहर हुई चाकूबाजी की घटना के बाद कोतवाली पुलिस एक्शन मोड में आ गई है। शनिवार देर रात पुलिस ने शहर की कई शराब दुकानों के बाहर खुले में शराब पीने वालों के खिलाफ सघन अभियान चलाया। इस दौरान पुलिस टीम ने फव्वारा चौक, बस स्टैंड, दीवानचीपुरा और मिश्रा कॉलोनी स्थित शराब दुकानों के आसपास जमावड़ा लगाए बैठे लोगों को मौके से खदेड़ दिया। पुलिस टीम ने शराब दुकानों के बाहर खुलेआम शराबखोरी करने वालों पर सख्ती दिखाने के साथ ही वहां नमकीन और पानी बेचने वालों को भी समझाइश दी। पुलिस ने स्पष्ट हिदायत दी है कि वे अपनी दुकानों के आसपास अवैध रूप से असामाजिक तत्वों की भीड़ न लगने दें। इसके अलावा पुलिस ने शराब दुकान संचालकों को भी कड़े निर्देश दिए हैं। दोपहर में शराब पीने के दौरान हुआ था विवाददरअसल, यह पूरा एक्शन शनिवार दोपहर फव्वारा चौक स्थित शराब दुकान के सामने हुई एक खूनी वारदात के बाद लिया गया है। यहां बैठकर शराब पीने के दौरान दो युवकों में आपसी विवाद हो गया था। कहासुनी इतनी बढ़ गई कि आरोपी पुष्पराज गोदरे ने विक्रम ठाकुर के गले पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। इस घटना में गंभीर रूप से घायल विक्रम को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गला काटने की वारदात के आधे घंटे में पकड़ा गया आरोपीशराब के नशे में गला काटने जैसी इस गंभीर वारदात के तुरंत बाद पुलिस ने सक्रियता दिखाई थी। घटना के करीब आधे घंटे के भीतर ही पुलिस ने घेराबंदी कर आरोपी पुष्पराज को गिरफ्तार कर लिया था। इसी हिंसक घटना की पुनरावृत्ति रोकने और शहर में कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए कोतवाली पुलिस ने रात में शराब दुकानों के आसपास यह कार्रवाई की है।
रतलाम के पंचेड़ और नामली के बीच बने तुलसी वाटर पार्क के अंदर अवैध रूप से बने स्पा सेंटर में थाईलैंड की युवतियों से देह व्यापार कराया जा रहा था। आने वाले ग्राहकों से मनमाने रुपए भी लिए जाते थे। पुलिस जांच में सामने आया है कि स्पा सेंटर संचालक, मैनेजर व वाटर पार्क मैनेजर द्वारा थाई युवतियों से देह व्यापार करवाकर मनचाही कीमत वसूली जाती थी। तीनों का कोर्ट से पुलिस को दो दिन का रिमांड मिला है। थाईलैंड की तीनों युवतियों को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है। शुक्रवार शाम को रतलाम पुलिस की महिला अधिकारियों ने नामली थाना अंतर्गत पंचेड़ रोड पर तुलसी वाटर पार्क पर छापा मारा था। पुलिस को सूचना मिली थी कि वाटर पार्क की आड़ में स्पा सेंटर चलाकर देह व्यापार किया जा रहा है। पुलिस ग्राहक बनकर यहां पहुंची थी। कन्फर्म होते ही महिला अधिकारियों ने यहां रेड मारी। इस दौरान थाईलैंड की तीन युवतियां कमरे में मिली थी। इनके कमरे से आपत्तिजनकर सामग्री भी मिली थी। तीन लोगों को पकड़ा था दबिश के दौरान पुलिस ने वाटर पार्क के मैनेजर दिलीपसिंह (27) पिता प्रहलादसिंह निवासी नामली, स्पा सेंटर संचालक नरेश चौहान (20) पिता नारायण लाल निवासी हिम्मत नगर जिला पाली राजस्थान एवं स्पा सेंटर मैनेजर भरत (27) पिता सुरेश मेवाड़ा निवासी शिवाजी नगर जोधपुर राजस्थान को हिरासत में लिया था। जांच में सामने आया था कि वाटर पार्क का वास्तविक मालिक रतलाम निवासी योगेश सिंह पिता भंवरसिंह राजपूत है। वाटर पार्क परिसर में स्पा सेंटर किराये पर लेकर चलाया जा रहा था। स्पा सेंटर संचालन का कोई रजिस्ट्रेशन व लाइसेंस नहीं था। अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। मनचाही कीमत लेकर अनैतिक काम पुलिस जांच व बयान में थाईलैंड की तीनों युवतियों ने उनसे अनैतिक कार्य (देह व्यापार) कराने की बात कही है। युवतियों ने पुलिस को बताया वे तीनों स्पा सेंटर के कमरे में देह व्यापार करती है। उसके लिए बाहर से आने वाले पुरुषों से मनचाही कीमत लेकर अनैतिक देह व्यापार (वेश्यावृत्ति) कराई जाती है। तीनों महिलाओं ने देह व्यापार किए जाने में स्पा सेंटर संचालक नरेश चौहान, मैनेजर भरत मेवाड़ा एवं वाटर पार्क मैनेजर दिलीप सिंह द्वारा सहयोग करने की बात कही। स्पा सेंटर में वैश्यावृत्ति के माध्यम से कमाई की जाती थी। तीनों महिलाओं के कमरे से आपत्तिजनक सामग्री भी मिली थी। हिंदी नहीं आती, ट्रांसलेटर से बातचीत थाईलैंड की युवतियों को हिंदी भाषा नहीं आती है। पुलिस ने थाई व हिंदी भाषा को मोबाइल में ट्रांसलेटर के माध्यम से समझकर पूछताछ की गई। इसके अलावा गिरफ्तार तीनों आरोपियों के मोबाइल भी पुलिस ने जब्त किए हैं। मोबाइल के आधार पर कौन-कौन स्पा सेंटर पर आता था। इसके बारे में पुलिस जांच करेगी। तीनों युवतियों को वन स्टॉप सेंटर भेज दिया है। 24 घंटे में देना है जानकारी जांच में सामने आया है कि थाईलैंड की तीनों युवतियां एक से डेढ़ माह पहले रतलाम आई थी। वह सबसे पहले किसके संपर्क में आई। वाटर पार्क तक कैसे पहुंची। इस अनैतिक काम में कौन-कौन शामिल है, इसको लेकर भी पुलिस जांच कर रही है। नियमानुसार विदेशी नागरिकों को रुकवाने के संबंध में 24 घंटे में ऑनलाइन जानकारी सी फार्म के तहत देना होती है। लेकिन स्पा सेंटर संचालक, मैनेजर व वाटर पार्क के मैनेजर ने पुलिस को सूचना नहीं दी। दो दिन का मिला रिमांड पुलिस ने स्पा सेंटर संचालक नरेश चौहान (20) पिता नारायण लाल निवासी हिम्मत नगर जिला पाली राजस्थान एवं स्पा सेंटर मैनेजर भरत (27) पिता सुरेश मेवाड़ा निवासी शिवाजी नगर जोधपुर व वाटर पार्क संचालक दिलीपसिंह (27) पिता प्रहलादसिंह निवासी नामली के अलावा वाटर पार्क का वास्तविक मालिक योगेश सिंह पिता भंवरसिंह राजपूत निवासी के खिलाफ धारा 3, 4, 5, 6, 7, 8 अनैतिक देह व्यापार अधिनियम एवं आप्रवास और विदेशियों विषयक अधिनियम के तहत केस दर्ज किया है। वास्तविक मालिक को छोड़ उक्त तीनों की गिरफ्तार पुलिस कर चुकी है। कोर्ट से तीनों का दो दिन का रिमांड मिला है। दूतावास से करेंगे संपर्क-एसपी एसपी अमित कुमार के अनुसार विदेशी नागरिकों को रहने व सूचना नहीं देने पर डीएसबी, सूचना संकलन व बीट प्रभारी की जिम्मेदारी तय की जाएगी। संबंधित थाने के जिम्मेदारों से को भी नोटिस दिया जाएगा। 4 आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। युवतियों के वीजा और पासपोर्ट के आधार पर उनकी जांच की जा रही है। दूतावास से संपर्क कर युवतियों की जानकारी ली जाएगी। तीनों को वन स्टॉप सेंटर में रखा है। सारे पहलुओं को ध्यान में रख जांच की जा रही है।

