Manipur में KCP के 46 militants ने किया surrender, CM वाई खेमचंद सिंह ने दिया पुनर्वास का भरोसा
मणिपुर के मुख्यमंत्री वाई खेमचंद सिंह ने मंगलवार को कहा कि प्रतिबंधित संगठन केसीपी (ताइबांगनबा) के 46 उग्रवादियों ने पुलिस के समक्ष आत्मसमर्पण कर दिया है। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों को मदद देने का आश्वासन दिया ताकि वे अपनी आजीविका चला सकें। इंफाल में फर्स्ट मणिपुर राइफल्स के परेड मैदान में राज्य सरकार की ओर से आयोजित ‘घर वापसी समारोह’ में प्रतिबंधित कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (ताइबांगनबा) के सदस्यों ने अपने हथियार डाले। वहां मौजूद लोगों को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा, ‘‘मुझे लगता है कि तीन साल पहले शुरू हुए संघर्ष के कारण कई लोगों ने हथियार उठा लिए थे। मैं केसीपी (ताइबांगनबा) और उन सदस्यों का दिल से स्वागत करता हूं जिन्होंने हथियार डाल दिए हैं। उन्हें यह समझ आ गया है कि हथियारों से प्रगतिशील विकास नहीं हो सकता।’’मुख्यमंत्री 3 मई, 2023 को राज्य में मेइती और कुकी-ज़ो समुदायों के बीच भड़की जातीय हिंसा का उल्लेख कर रहे थे। इन झड़पों में कम से कम 260 लोगों की मौत हो गई और हजारों लोग बेघर हो गए, जिससे उन्हें पूरे इलाके में बने राहत शिविरों में रहने के लिए मजबूर होना पड़ा। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतिबंधित संगठन के 46 सदस्यों ने संशोधित आत्मसमर्पण-सह-पुनर्वास नीति, 2018 के तहत आत्मसमर्पण किया। सरकार उन्हें आजीविका के लिए कौशल विकास कार्यक्रमों के जरिए भी सहायता करेगी। सिंह ने कहा, ‘‘कोई राज्य तभी प्रगति कर सकता है जब वहां शांति और सुरक्षा हो और पुलिस प्रशासन मजबूत हो। शांतिपूर्ण माहौल तभी बन सकता है जब लोग हथियार उठाने की इच्छा छोड़ दें।’’पिछले महीने मणिपुर में सुरक्षा बलों के सामने प्रतिबंधित कांगलेईपाक कम्युनिस्ट पार्टी (पीपल्स वॉर ग्रुप) के 46 उग्रवादियों ने आत्मसमर्पण किया था। मणिपुर के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी)मुकेश सिंह ने आत्मसमर्पण कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि उग्रवादियों ने हथियारबंद गतिविधियों को छोड़कर अपने परिवारों, और समुदायों में लौटने और एक नागरिकों के तौर पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन करने का रास्ता चुना है। उन्होंने कहा कि मणिपुर पुलिस मजबूती के साथ अपने संवैधानिक कर्तव्यों का अनुपालन करती रहेगी। डीजीपी ने कहा कि साथ ही, जो लोग वास्तव में हिंसा छोड़कर समाज में वापस लौटना चाहते हैं, उन्हें पुलिस आत्मसमर्पण, सत्यापन और पुनर्वास की कानूनी प्रक्रिया में मदद करेगी। उन्होंने आत्मसमर्पण करने वाले उग्रवादियों से अपने फैसले पर पूरी तरह अडिग रहने की अपील करते हुए कहा कि ‘‘उनकी घर वापसी की सफलता का आकलन आज के कार्यक्रम से नहीं, बल्कि भविष्य में उनके व्यवहार से किया जाएगा’’।
एनआरसी अपडेट की मांग पर मणिपुर बंद का असर, इंफाल घाटी में 48 घंटे तक व्यापार और यातायात ठप
इंफाल, 18 अगस्त . मणिपुर की इंफाल घाटी में Tuesday को आम जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ. लोगों ने ‘कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डेलिमिटेशन’ (जेएफडी) द्वारा बुलाए गए 48 घंटे के आम बंद का बड़े पैमाने पर समर्थन किया. जेएफडी की मांग है कि 2027 की जनगणना से पहले राज्य में ‘नेशनल रजिस्टर ऑफ ... Read more
Biren Singh ने Manipur में जनगणना से पूर्व NRC कराने की मांग गृह मंत्री अमित शाह के सामने रखी
मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने मंगलवार को कहा कि उन्होंने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर उन्हें राज्य में जनगणना संबंधी किसी भी गतिविधि से पहले राज्य के लोगों की राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) की मांग के बारे में अवगत कराया। नयी दिल्ली के दो दिन के दौरे के बाद आज सुबह इंफाल पहुंचे सिंह ने कहा कि उन्होंने आर्थिक नाकेबंदी के मुद्दों को भी उठाया, जिसके कारण जरूरी सामान की आपूर्ति में रुकावट आई और कीमतें बढ़ गईं। पूर्व मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘मैं गृह मंत्री अमित शाह से मिलने दिल्ली गया था और उनसे मिलने के लिए समय देने का अनुरोध किया था। कल मेरी उनसे मुलाकात हुई। मैंने उन्हें आर्थिक नाकेबंदी और उसके जवाब में की गई नाकेबंदी से जुड़े मुद्दों के बारे में बताया, जिनकी वजह से जरूरी सामान की कीमतें बढ़ गईं और सामान की आपूर्ति पर असर पड़ा है। शाह ने मुझे इन मुद्दों को जल्द हल करने का भरोसा दिलाया।’’सिंह ने कहा कि उन्होंने शाह को राज्य में जातीय हिंसा भड़कने से पहले फरवरी 2023 में उनकी सरकार द्वारा उठाई गई राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) तैयार करने की मांग को लेकर लोगों की अपील से अवगत कराया। मई 2023 से मेइती और कुकी-जो समूहों के बीच जारी जातीय हिंसा में 260 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं और हजारों लोग बेघर हो गए हैं। उन्होंने कहा, ‘‘उस समय गृह मंत्रालय और भारत के महापंजीयक ने बताया था कि तत्कालीन सरकार की ओर से भेजी गई मांग पर विचार किया जा रहा है।’’सिंह ने कहा कि उन्होंने शाह को यह भी बताया कि लोग जनगणना कराने के खिलाफ नहीं हैं बल्कि उनकी मांग है कि पहले एनआरसी कराई जाए और उसके बाद जनगणना हो।
12वीं मणिपुर विधानसभा का 8वां सत्र 2 सितंबर से, हिंसा विस्थापन और राहत कार्यों पर होगी अहम चर्चा
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Manipur में NRC लागू करने की मांग कर रहे छात्रों पर पुलिस ने दागे tear gas के गोले
मणिपुर में जनगणना शुरू करने से पहले राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) लागू करने की मांग कर रहे विद्यार्थियों ने रविवार को यहां ‘जनगणना संचालन निदेशालय’ के बाहर प्रदर्शन किया, जिसके बाद पुलिस को उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले छोड़ने पड़े। ‘कैंपेन फॉर जस्ट एंड फेयर डिलिमिटेशन’ (जेएफडी) की छात्र शाखा के सदस्य इंफाल पूर्व जिले के पोरोमपट में निदेशालय के बाहर इकट्ठा हुए और नारे लगाते हुए मांग की कि राज्य में एनआरसी लागू होने से पहले कोई भी जनगणना न की जाए। प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षाकर्मियों द्वारा कार्यालय परिसर में घुसने से रोके जाने पर मुख्य द्वार पर ताला लगाने का प्रयास किया। उसके बाद पुलिस ने उन्हें तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के गोले दागे। पुलिस ने बताया कि इस पुलिस कार्रवाई में एक प्रदर्शनकारी को मामूली चोटें आईं। यह विरोध प्रदर्शन जनगणना 2027 के तहत 17 अगस्त से शुरू होने वाली स्वणगना और घरों की सूची बनाने के चरण से एक दिन पहले हुआ। घरों की सूची बनाने का मुख्य काम एक एवं 30 सितंबर के बीच होना है। शुक्रवार को प्रदर्शनकारियों ने बिष्णुपुर जिले में मोइरांग महाविद्यालय में गणकों एवं सुपरवाइजरों के प्रशिक्षण कार्यक्रम में खलल डाला था। जेएफडी मांग कर रहा है कि अवैध प्रवासियों की पहचान करने के लिए जनगणना से पहले मणिपुर में एनआरसी करायी जाए, ताकि अवैध प्रवासियों की पहचान हो।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

