‘अगर हमें पता होता कि दूल्हा कैंसर का मरीज है, तो हम कभी अपनी बेटी की शादी नहीं करते। इतनी बड़ी बात लड़के के परिजनों ने हमसे छिपाई।’ ये कहना है होशियारपुर की रहने वाली युवती की मां का, जिसके पति की कैंसर से शादी के ढाई महीने बाद ही मौत हो गई। मां ने कहा कि बेटी को पढ़ाई के लिए कनाडा भेजा था, जहां पढ़ाई के बाद उसे नौकरी भी मिल गई। इसी बीच अमेरिका में रहने वाले एक NRI परिवार की ओर से रिश्ता आया। हमें लगा कि बेटी के लिए अच्छा रिश्ता मिल गया है, क्योंकि हमारे पति और लड़के के पिता भी पंजाब पुलिस में हैं। लेकिन यहीं से उनकी खुशियों पर ग्रहण लगना शुरू हो गया। बेटी ने शादी के 20 दिन बाद जब पति को रोज दवाइयां खाते देखा, उसने पूछा, लेकिन दामाद ने कहा कि उसे जिम में चाट लग गई थी। लेकिन जब इवाइयों के नाम ऑनलाइन चेक किए, तो पता चला कि वे कैंसर की दवाइयां थीं। इसके बाद परिवार ने ससुराल पक्ष से सवाल किया, लेकिन उन्होंने बीमारी से इनकार कर दिया। कुछ दिनों बाद युवक की तबीयत बिगड़ी, अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। बाद में मिले दस्तावेजों से परिवार का दावा है कि युवक की दो बार ब्रेन ट्यूमर की सर्जरी भी हो चुकी थी…पढ़ें पूरी रिपोर्ट…. लड़की की मां ने ये बड़ी बातें बताईं… महिला आयोग के समन के बाद पेश नहीं हुआ परिवार परिवार के अनुसार, पंजाब राज्य महिला आयोग ने मामले की सुनवाई करते हुए लड़के वालों को समन जारी कर तलब किया था। लड़के वाले किसी हादसे का हवाला देकर आयोग के सामने पेश नहीं हुए। आयोग ने जांच प्रभावित होने की आशंका जताते हुए पासपोर्ट से संबंधित कानूनी कार्रवाई के निर्देश भी दिए थे। हालांकि पुलिस ने अब तक इस दिशा में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। CM भगवंत मान से स्वतंत्र जांच की मांग पीड़ित परिवार ने मुख्यमंत्री भगवंत मान से मामले की स्वतंत्र एजेंसी से तय समय में जांच कराने की मांग की है। परिवार की मांग है कि महिला आयोग के आदेशों का सख्ती से पालन कराया जाए और मामले में लापरवाही बरतने वाले पुलिस अधिकारियों की भूमिका की भी जांच हो। परिवार ने यह भी आशंका जताई है कि लड़के का पिता विदेश जा सकता है। इसलिए उन्होंने कानूनी प्रक्रिया के तहत पासपोर्ट से जुड़े जरूरी कदम उठाने की मांग की है। ************** ये खबर भी पढ़ें: ₹30 लाख लगाकर पत्नी को कनाडा भेजा,पहुंचते ही तलाक दिया: लुधियाना में कॉन्ट्रैक्ट मैरिज की, पति को PR दिलाने का वादा; एयरपोर्ट तक लेने नहीं आई लुधियाना की जशनवीर कौर और परमिंदर सिंह की शादी साढ़े चार साल पहले सिख रीति रिवाज के हिसाब से हुई। शादी के वक्त दोनों परिवारों में 30 लाख रुपए में समझौता हुआ कि लड़की कनाडा जाएगी और उसका पूरा खर्च ससुराल पक्ष उठाएगा। (पढ़ें पूरी खबर)
बिहार विधान मंडल के मानसून सत्र के दूसरे दिन भी हंगामेदार होने के आसार है। मॉडल स्कूल का भगवाकरण, नीट पेपर लीक, ग्रामीणों पर टैक्स के मामले पर सदन में विपक्ष सरकार को घेर सकता है। सदन की कार्यवाही दूसरे दिन प्रश्नकाल से शुरू होगी, जिसमें अल्पसूचित एवं तारांकित प्रश्न लिए जाएंगे। इसके बाद औपचारिक कार्य के तहत संदेश या विधेयक को सदन के पटल पर रखा जाएगा। इसके अलावा अध्यक्ष अवधेश नारायण सिंह द्वारा मुख्यमंत्री मंत्रीपरिषद समिति की 216वीं प्रतिवेदन की प्रति सदन में रखेंगे। कई महत्वपूर्ण नियमावली सदन में होगी पेश सरकार कई महत्वपूर्ण नियमावलियों को सदन के पटल पर रखेगी। इनमें बेतिया राज की संपत्तियों को निहित करने वाली नियमावली, 2026, बिहार विशेष सर्वेक्षण एवं बंदोबस्ती (संशोधन) नियमावली, 2024 एवं 2025, तथा बिहार कार्यपालिका (संशोधन) नियमावली, 2023 शामिल हैं। इसके अलावा बिहार राज्य सहवद्ध एवं स्वास्थ्य देखभाल परिषद नियमावली, 2026, उसके संशोधन तथा सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर एवं बिहार चिकित्सा शिक्षा सेवा भर्ती, नियुक्ति एवं प्रोन्नति नियमावली से जुड़े संशोधन भी सदन के पटल पर रखे जाएंगे। सोमवार को सदन में नीट पेपरलीक मामले पर हुआ हंगामा बिहार विधान मंडल का मानसून सत्र के पहले दिन सोमवार को कार्यवाही शुरू होने के साथ ही विपक्ष के विधायकों ने नीट पेपरलीक को लेकर हंगामा किया और केंद्रीय शिक्षा मत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। स्पीकर के समझाने के बाद विधायक शांत हुए। विपक्ष विधानसभा के गेट से लेकर मुख्य पोर्टिको तक पैदल मार्च निकाला। विपक्ष के विधायकों ने सरकार के खिलाफ नारे लगाएं।
मुजफ्फरपुर में सोमवार देर शाम रिटायर्ड बैंककर्मी और उनकी पत्नी की हत्या कर दी गई। बैंककर्मी के शरीर पर चाकू से वार के कई निशान मिले हैं, जबकि मकान की तीसरी मंजिल पर उनकी पत्नी का शव मिला। शुरुआती जांच में पत्नी की गला दबाकर हत्या किए जाने की आशंका जताई जा रही है। घटना का खुलासा तब हुआ, जब बेंगलुरु में रह रहे दंपती के बेटे ने घर के CCTV कैमरों में गड़बड़ी देखी। शक होने पर उसने पड़ोसी को फोन कर घर जाकर देखने के लिए कहा। पड़ोसी जब घर पहुंचा तो दोनों मृत अवस्था में पाए गए। इसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल हत्या किसने और क्यों की, इसका पता नहीं चल सका है। पुलिस के मुताबिक, किसी ने प्लानिंग के तहत बुजुर्ग दंपती की हत्या की है। घटना रामबाग इलाके के मिठनपुरा की है। नीचे कुछ तस्वीरें देखिए… महिला के शरीर पर भी खून के निशान मृत रिटायर्ड बैंककर्मी की पहचान अशोक कुंवर के रूप में हुई है, जो पंजाब नेशनल बैंक में थे। पत्नी नीलम कुंवर हाउस वाइफ है। पुलिस के मुताबिक, आशंका जताई जा रही है कि बदमाशों ने घर में घुसकर अलग-अलग मंजिलों पर दोनों की हत्या की। ग्राउंड फ्लोर पर पति की हत्या की गई। जानकारी के अनुसार, अपराधियों ने पहले रिटायर्ड बैंककर्मी अशोक कुमार पर चाकू से ताबड़तोड़ हमला किया। उनकी पीठ पर करीब एक दर्जन बार चाकू से वार किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। उनका शव घर के फर्स्ट फ्लोर पर मिला। वहीं तीसरे फ्लोर पर पत्नी को मारा गया है। अशोक कुंवर की हत्या के बाद अपराधियों ने उनकी पत्नी को निशाना बनाया। पहले उनका मुंह टेप से बांधा गया और फिर गले में गमछा लपेटकर उनकी हत्या कर दी गई। वारदात को अंजाम देने के बाद अपराधी मौके से फरार हो गए। पड़ोसी ने जब घर के अंदर दोनों के शव देखे तो तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटनास्थल से सबूत जुटाने के लिए फॉरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड को भी बुलाया गया। पूरे इलाके में दहशत का माहौल स्थानीय निवासी चिंकू कुमार ने बताया कि सोमवार रात करीब आठ बजे उन्हें मृतक के बेटे निखिल का फोन आया। निखिल ने बताया कि घर का सीसीटीवी कैमरा ठीक से काम नहीं कर रहा है और माता-पिता से भी संपर्क नहीं हो पा रहा है। इसके बाद जब वह घर पहुंचे तो अंदर दोनों का शव पड़ा मिला। इसके बाद तत्काल पुलिस को सूचना दी गई। इस सनसनीखेज वारदात के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। वहीं सीतामढ़ी के रहने वाले रेंटर राजीव ने कहा कि बगल वाले पड़ोसी ने फोन किया कि आपके यहां ऐसी घटना हुई है। हम लोग 5 साल से रह रहे हैं। आज ही मकान मालिक से बात हुई थी। मैं उन्हें रेंट देने गया था। उनकी तबीयत खराब थी, हालचाल पूछा था। मैं यहां टॉप फ्लोर पर अकेले रहता हूं। मुझे पता चला तो मैं आया। उस समय मैं नहीं था। मैं ट्यूशन पढ़ाता हूं। लूटपाट, संपत्ति विवाद के एंगल पर जांच कर रही पुलिस मामले की गंभीरता को देखते हुए सिटी एसपी मोहिबुल्लाह अंसारी स्वयं पुलिस टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और जांच का जायजा लिया। उन्होंने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि पुलिस सभी पहलुओं से मामले की गहन जांच कर रही है। शुरुआती जांच में हत्या के स्पष्ट कारणों का पता नहीं चल पाया है। हालांकि, पुलिस आपसी रंजिश, लूटपाट का विरोध, संपत्ति विवाद समेत सभी संभावित एंगल पर जांच कर रही है। इसके अलावा, आसपास के इलाकों और घर के बाहर लगे CCTV फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं, ताकि आरोपियों की पहचान और उनके आने-जाने के रास्ते का पता लगाया जा सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले का जल्द खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। वहीं SSP कांतेश कुमार मिश्रा ने कहा कि शाम करीब साढ़े 4 बजे के आसपास दंपती की हत्या हुई है। अभी तक प्रारंभिक जांच हुई है। फुजेट में दो आरोपी दिख रहे हैं। चाकू मारकर हत्या किए जाने की बात सामने आ रही है। हालांकि पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद इस बारे में पुष्टि हो पाएगी। अपराधियों का जल्द गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि घर में तीन किराएदार भी रहते हैं। सभी से पूछताछ होगी। घटनास्थल से ग्लव्स, झोला और टेप भी मिला है। महिला के चेहरे पर टेप लगाया गया था। पहले मंजिल पर पति का और दूसरे तल्ले पर कमरे में महिला का शव मिला है। बॉडी से खून निकल रहा था। गोली नहीं चलाई गई है। -------- ये भी पढ़ें… मुजफ्फरपुर में पूजा के दौरान पेड़ गिरा,2 बच्चों की मौत:100 से ज्यादा श्रद्धालु ब्रह्मस्थान पर मौजूद थे; अचानक टूटकर गिरी 500KG की टहनी मुजफ्फरपुर में सोमवार को ब्रह्मस्थान पर पूजा-अर्चना के दौरान बड़ा हादसा हो गया। करीब 200 साल पुराने पेड़ की एक भारी डाल टूटकर श्रद्धालुओं पर गिर गई। हादसे में दो बच्चों की मौके पर ही मौत हो गई। जबकि 10 से अधिक लोग घायल हो गए। पूरी खबर पढ़िए
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'पापा की घर से 100 मीटर की दूरी पर सैलून है। कभी-कभी बबलू सुबह-सुबह पापा से दाढ़ी बनवाने के लिए घर पर ही आ जाता था। बबलू गांव का ही है, इसलिए उसने पापा से घर पर मां के पास रहने वाले मोबाइल का नंबर ले लिया था। घर पर जो मोबाइल रहता है, उसे दीदी और हम लोग यूज करते हैं। इसी मोबाइल पर बबलू सुबह, शाम और रात को अक्सर कॉल करता था, दीदी से बात करने की जिद करता था। जब दीदी फोन उठाती थी तो उनसे कहता था कि तुम मुझसे शादी कर लो। जब कभी मां फोन उठाती थी तो उनसे भी कहता था कि मेरी शादी अपनी बेटी से करा दो। मां अक्सर मना करती थी, दीदी भी बबलू को समझाती थी और कहती थी कि मुझे अभी पढ़ाई करनी है। रविवार देर रात भी बबलू ने फोन किया था, दीदी से शादी की जिद कर रहा था। 10 घंटे बाद उसने गोली मारकर मेरी बहन की हत्या कर दी।' समस्तीपुर के पूसा थाने के कैजिया विष्णुपुर वार्ड- 13 की रहने वाली 16 साल की सलोनी कुमारी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, सलोनी की बहन 19 साल की सुमन की सोमवार सुबह करीब 10 बजे उस वक्त गोली मारकर हत्या कर दी गई, जब वो स्कूल जा रही थी। गोली मारने का आरोप गांव के ही 25 साल के बबलू गुप्ता पर लगा है। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, आरोपी बाइक से आया और 9 एमएम की पिस्टल से ताबड़तोड़ छात्रा को चार गोली मार दी। छात्रा करीब 20 मिनट तक घटनास्थल पर ही तड़पती रही। जब तक पुलिस आती, उसकी मौत हो चुकी थी। छात्रा की हत्या का मामला क्या है? मृत छात्रा की बहन ने क्या-क्या बताया? छात्रा की मां ने क्या कहानी बताई? आरोपी के बारे में गांव के लोगों ने क्या बताया? पुलिस की कार्रवाई कहां तक पहुंची है? पढ़िए पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले छात्रा की हत्या की 3 तस्वीरें देखिए अब जानिए, मृत छात्रा की छोटी बहन ने क्या बताया? मृत छात्रा सुमन की बहन सलोनी ने बताया कि बबलू गुप्ता मेरी दीदी से एकतरफा प्यार करता था। चार से पांच महीने पहले एक दिन वो सुबह-सुबह हमारे घर आया और पापा से शेविंग (दाढ़ी बनाने) की बात कही। इसी दौरान उसने बहाना बनाया कि कभी-कभी आपका कॉल नहीं लगता, इसलिए घर का नंबर दे दीजिए। आने से पहले आपको कॉल कर दूंगा। सलोनी ने बताया कि पापा ने सोचा कि गांव का लड़का है, इसलिए जो फोन घर पर रहता है, उसका नंबर उन्होंने बबलू को दे दिया। इसके बाद बबलू कॉल करके सुमन दीदी को परेशान करने लगा। दिन में 10-10 बार कॉल करता था। मेरी बहन परेशान हो जाती थी। शुरुआत में दीदी ने ये बात किसी को नहीं बताई थी, मुझे पता था। मैं समझाती थी कि एक दिन खुद ही फोन करना बंद कर देगा, लेकिन ऐसा नहीं हुआ। ‘बड़ी बहन की शादी में भी बबलू आया था, पागलों जैसी हरकतें कर रहा था’ सलोनी ने बताया कि पिछले महीने ही मेरी बड़ी बहन की शादी हुई थी। बबलू भी शादी में आया था। शादी में ही सुमन दीदी के आगे-पीछे घूम रहा था और पागलों जैसा व्यवहार कर रहा था। वो अक्सर रात में भी फोन कर दीदी से शादी करने की जिद करता था। वो अक्सर नंबर बदल-बदल कर कॉल करता था, जिससे हम लोगों को फोन उठाना पड़ता था। छात्रा की बहन ने बताया कि कुछ दिन पहले परेशान होकर सुमन दीदी ने मां और पापा को सारी बातें बताई थी। माता-पिता आरोपी बबलू की मुखिया जी से शिकायत करने के लिए सोमवार को जाने वाले थे। इससे पहले रविवार रात करीब 10 बजे बबलू ने फोन किया। उसने दीदी से कहा कि अगर तुम मुझसे शादी नहीं करोगी तो तुम्हारी गोली मारकर हत्या कर दूंगा। 'मुझे लगा कि बबलू सिर्फ धमका रहा है, गोली नहीं मारेगा' सुमन की मां संगीता देवी ने बताया कि मुझे सलोनी और सुमन ने बताया था कि रात 10 बजे बबलू ने फोन किया था। दोनों बेटियों ने जब इसकी जानकारी दी तो मैंने भी उससे बात की। बबलू ने मुझसे भी कहा कि अगर अपनी बेटी की शादी मुझसे नहीं करेंगी तो उसे गोली मार दूंगा। मुझे लगा कि वो सिर्फ धमका रहा है, गोली नहीं मारेगा। संगीता देवी ने बताया कि रात को ही मैंने अपने पति उमेश ठाकुर से बात की। हम दोनों ने तय किया कि सुबह में पहले गांव समाज में बात रखेंगे। जब बात नहीं बनेगी तो फिर पुलिस के पास जाएंगे। उन्होंने बताया कि सोमवार सुबह सुमन ने कहा कि मैं स्कूल जा रही हूं। मैंने उसे कहा कि बेटा पैदल मत जाना। बाहर से ई-रिक्शा पकड़ लेना। बेटी के घर से निकले आधा घंटा हुआ था कि जानकारी आई कि बबलू ने गोली मारकर मेरी बेटी की हत्या कर दी है। आरोपी बबलू और मृतका सुमन के घर के बीच 1 किलोमीटर की दूरी आरोपी बबलू और मृतका सुमन के घर की दूरी एक किलोमीटर की है। घटनास्थल भी सुमन के घर से करीब एक किलोमीटर दूर है, जबकि स्कूल की दूरी करीब 4 किलामीटर की होगी। सुमन पांच बहन और एक भाई में दूसरे नंबर पर थी। एक महीना पहले ही सुमन की बड़ी बहन की शादी हुई थी। सुमन की मां बताती है कि बड़ी बेटी की शादी के बाद से ही बबलू ज्यादा परेशान करने लगा था। हम लोग काफी गरीब हैं। लोग गरीब की बात नहीं सुनते, लड़की को हो दोष देने लगते हैं, इसलिए गांव समाज में बात रखने के लिए पति से कहा था। पति दिव्यांग है, इसलिए ज्यादा भागदौड़ नहीं कर पाते। वहीं, घटनास्थल के कुछ दूर पर बैठे ग्रामीण राकेश पासवान ने बताया कि काले रंग के प्लसर बाइक पर सवार होकर बबलू आया था। सुमन ई-रिक्शा पकड़ने के लिए चौक की ओर जा रही थी। इसी दौरान बबलू ने पहले ओवर टेक किया। फिर वापस मुड़ा और ताबड़तोड़ गोली चला दी। उसे भागते हुए कई लोगों ने देखा। गोली की आवाज पर मैं दौड़ कर वहां पहुंचा। उस समय तक सुमन की सांसे चल रही थी। लोगों की भी भीड़ जुट गई और उन्होंने ही प्रशासन को सूचना दीं। सूचना के 15-20 मिनट बाद पुलिस पहुंची। तब तक छात्रा की मौत हो गई थी। पुलिस ने घटना स्थल से चार खोखा बरामद किया है। गोली 9MM पिस्टल की बताई गई है। वारदात के बाद आरोपी के घर पहुंची भीड़, पुलिस से हुई नोकझोंक घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी बबलू गुप्ता घर से फरार हो गया। घटना को अंजाम देने के बाद वह अपने घर चंदौली की ओर भागा था। उधर, घटना की सूचना के बाद पुलिस भी आरोपी के घर पहुंची। इस दौरान आक्रोशित गांव के लोगों और पुलिसकर्मियों के बीच नोकझोंक हो गई। SSP संजय पांडेय ने बताया कि आरोपी चिन्हित है। उसकी तलाश की जा रही है। परिवार वालों का बयान लिया गया है। घटना का कारण भी स्पष्ट है। आरोपी की गिरफ्तारी कर स्पीड़ी ट्रायल के तहत सजा दिलाई जाएगी। गांव में तनाव का महौल नहीं हो इसलिए पुलिस को तैनात किया गया है। अब छात्रा की हत्या के आरोपी बबलू के बारे में जानिए आरोपी बबलू पूसा थाना क्षेत्र के केजिया वार्ड 13 के पास का ही रहने वाला है। आरोपी सोशल मीडिया पर ज्यादा एक्टिव रहता था। उसने इंस्टाग्राम पर 'कट्टर हिंदू बबलू गुप्ता' नाम से अकाउंट बनाया है। सोशल मीडिया पर उसके करीब एक हजार फॉलोवर्स हैं। बबलू ने दो दिन पहले अपनी एक तस्वीर पोस्ट की थी, जिसमें लिखा था कि सब कुछ खत्म हो जाए तो हथियार उठा लो। 11 जुलाई को भी उसने एक पोस्ट शेयर किया था, जिसमें उसने अपनी तस्वीर के साथ लिखा था- तुम हमारे जिंदगी से खेलोगे तो हम तुम्हारे जान से खेलेंगे। 30 जून को उसने अपने तस्वीर के साथ एक लड़की की तस्वीर शेयर की। लड़की के चेहरे पर उसने दिल लगाया। तस्वीर पर लिखा- जिंदगी अपनी है, तो अंदाज भी अपना होगा, लोग क्या सोचेंगे, ये सोचकर हम नहीं जीते। इसी पोस्ट में नीचे लिखा- खेल बहुत बढ़िया खेल गए आप, लेकिन अब अंजाम के लिए भी तैयार रहना। 26 जून को बबलू ने अपने एक और तस्वीर पोस्ट की, जिसमें वो राइफल के साथ दिख रहा है। उसमें उसने लिखा- छल करने वालों का विनाश तय है। 'पार्थ' मारे वो भी जाएंगे, जो उनके साथ आएंगे।
क्या बताएं...पूरे 15 हजार रुपए फीस देकर 20 दिन पहले ही बेटे का कृष्णा किड्स स्कूल में एडमिशन कराया था। लेकिन, प्रिंसिपल दामिनी ने सांप से डसवाकर स्कूल मालिक अपने पति अतुल की हत्या कर दी। अब 4 दिन से स्कूल बंद हैं। समझ नहीं आ रहा कि स्कूल कब खुलेगा? बच्चे का भविष्य अंधेरे में है। ये बातें मेरठ की अवनी ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहीं। अवनी का बेटा सौरभ दामिनी के स्कूल में ही पढ़ता है। अवनि ने बताया कि स्कूल की ओर से केवल छुट्टी का मैसेज मिला है। आगे कोई जानकारी नहीं दी गई। टीचर्स भी कुछ नहीं बता रहे। अवनी ने पड़ोसी वैन ड्राइवर तुषार के कहने पर बेटे का एडमिशन कृष्णा किड्स स्कूल में कराया था। दामिनी का वैन ड्राइवर तुषार के साथ ही अफेयर था। अनीता की बेटी भूमि और अपर्णा ने कैमरे पर कहा- स्कूल बंद हैं तो हमें गंदा लग रहा है। क्योंकि हमारी मैम ने सर को सांप से डसवाकर मार डाला। अब हम उस स्कूल में नहीं पढ़ेंगे। दामिनी मैम स्कूल आ गईं तो हमें भी सांप से डसवा देंगी। इसी तरह इलाके के 150 परिवार ऐसे हैं, जहां पेरेंट्स अपने बच्चों की पढ़ाई को लेकर चिंतित हैं। कई पेरेंट्स ने सालभर की फीस एडवांस जमा कर दी है। उन्हें समझ आ रहा कि अब उनके बच्चे की पढ़ाई का क्या होगा? प्रिंसिपल दामिनी जेल में है। दैनिक भास्कर टीम उन पीड़ित पेरेंट्स के पास पहुंची, जिनके बच्चों का भविष्य इस हत्याकांड के बाद संकट में है। पढ़िए उनसे बातचीत… 3 बच्चों की एडवांस फीस जमा की, 50 हजार तक खर्च किया, सब डूब गया हस्तिनापुर के जे ब्लॉक के रहने वाले नीरज के तीन बच्चे कृष्णा किड्स स्कूल में पढ़ते हैं। नीरज के छोटे भाई करन ने बताया- तीनों बच्चों की एडवांस में फीस जमा हो चुकी है। 11 हजार रुपए की किताबें, 5 हजार रुपए की यूनिफॉर्म आ चुकी है। अब बच्चे घर ही बैठे हैं। ये समझ नहीं आ रहा है कि बच्चों को दूसरे स्कूल में एडमिशन कराएं या यहीं पर रहने दें। करीब 50 हजार रुपए तक खर्च कर चुके हैं। जो हुआ वो गलत था, इसका नुकसान बच्चों को उठाना पड़ रहा हस्तिनापुर के क्यू ब्लॉक, पानी की टंकी के पास दीप्ति और अनुज का मकान है। अनुज प्राइवेट जॉब करके घर चलाते हैं। घर में दीप्ति हमें मिलीं। दीप्ति ने बताया कि मेरा बेटा पीयूष और चित्रांश दोनों दामिनी के स्कूल में पढ़ते हैं। दोनों की मार्च तक की फीस जमा है। दोनों बच्चों की 5 हजार रुपए की यूनिफॉर्म और 8 हजार रुपए की किताबें पूरी आ चुकी हैं। अचानक स्कूल बंद हो गया। अब कब खुलेगा, कोई पता नहीं। हमारे पैसों का क्या होगा? हमारे बच्चों का क्या होगा? कुछ समझ नहीं आ रहा, बस टेंशन में हैं। जो भी हुआ वो गलत है, लेकिन बच्चे स्कूल नहीं जा पा रहे हैं। पेरेंट्स बोले- फीस दे चुके, अब बच्चों को कहां भेजें राखी ने बताया कि उनका बेटा श्रेयांश इसी स्कूल में प्री नर्सरी में पढ़ रहा है। स्कूल तो ठीक था, लेकिन अब तो चिंता बढ़ गई। मिडसेशन में बच्चों को दूसरे स्कूल में कहां भेजें। प्रियंका पाल ने बताया- बेटा देव नर्सरी में पढ़ता है। वैन से स्कूल जाता था। वैन के 300 रुपए महीने फीस और स्कूल की 500 रुपए फीस जाती थी। दामिनी को ऐसा नहीं करना चाहिए थी। हमारा बच्चा अब घर बैठा है। समझ नहीं पा रही हूं कि अब बच्चे को कहां भेजूं। उसकी फीस जमा कर चुकी हूं। बच्ची सारवी बोली- मेरे सारे फ्रेंड उसी स्कूल में, दूसरे जगह नहीं पढ़ूंगी राजेश कश्यप ने बताया कि मेरी पोती सारवी LKG में पढ़ती है। अब बढ़िया टीचर आएं, दोबारा से स्कूल जल्दी खोला जाए, ताकि हमारे बच्चों का भविष्य न बिगड़े। हमारी बच्ची अब घर बैठी है। आगे का भी कुछ पता नहीं चल रहा। वैन से तुषार ही हमारी पोती को स्कूल ले जाता था। वैन के 300 रुपए और स्कूल की 500 रुपए फीस एडवांस में जुलाई तक की जमा कर चुकी हूं। हमें तो स्कूल सही लगा, तभी यहां अपने बच्चों का एडमिशन कराया है। लेकिन, दो-चार दिनों से तो बिल्कुल खराब माहौल हो गया है। अब वहां क्या पढ़ाई होगी। सारवी ने कहा कि मुझे अच्छा नहीं लग रहा। मेरा स्कूल बंद हो गया है। मेरे सारे फ्रेंड्स भी इसी स्कूल में पढ़ते हैं, दूसरे स्कूल में नहीं जाना चाहती हूं। बच्चे कह रहें- कहीं दामिनी मैम स्कूल आकर हमें भी सांप से न डसवा दें अनीता की बेटी भूमि पहली और अपर्णा सेकेंड क्लास में पढ़ती हैं। वैन से बच्चे स्कूल जाती हैं। 300 रुपए महीना वैन की फीस 6 महीने की एडवांस जमा कर चुकी हैं। एक बच्चे की 800 रुपए के हिसाब से एडवांस स्कूल फीस जमा है। अनीता कहती हैं कि हमारे बच्चों का इतना नुकसान हुआ है कि बता नहीं सकती। हर बच्चे की 6-6 हजार रुपए की किताबें आई हैं। तीन-तीन यूनिफॉर्म आई हैं। एक यूनिफॉर्म 1100 रुपए की है। अब तक तो मैम ने छुट्टी कर रखी थी। अब सांप से डसवाकर स्कूल मालिक पति को मार डाला, वो भी प्रेमी वैन ड्राइवर तुषार के चक्कर में। ऐसे में सारा नुकसान हम पेरेंट्स का हुआ है। बच्चों की तो पढ़ाई खराब हो गई। दूसरे स्कूल वाले अब मिडसेशन भी नहीं लेंगे। अगर दूसरे स्कूल ने एडमिशन लिया भी, तो वो नई ड्रेस, फीस, किताबें सब खरीदनी पड़ेंगी। इतना पैसा कहां पेरेंट्स खर्च करें। कुछ लोग तो कह रहें कि अतुल के बड़े भाई कुलदीप शायद सोमवार से स्कूल खोलेंगे, लेकिन ये सच है या झूठ, किसी को नहीं पता। लेकिन, हमारे बच्चे कह रहे हैं कि अगर स्कूल खुला और दामिनी मैम आ गईं तो हमें भी सांप से कटवा सकती हैं। बच्चे डर गए हैं। कृष्णा किड्स स्कूल के बारे में जानिए ---------------------------- ये खबरें भी पढ़िए- पति को सांप डसवाने वाली बेटे के लिए रो रही, मेरठ जेल में करवटें बदलती रही, भाई बोला- मर गई मेरठ में स्कूल मालिक पति को सांप से डसवाने वाली पत्नी जेल में रातभर करवटें बदलती रही। सूत्रों के मुताबिक, वह 6 साल के बेटे को याद कर रोती रही। पुलिसवालों से एक बार बेटे को दिखाने की मिन्नतें करती रही। पढ़िए पूरी खबर मेरठ की दामिनी बोली-पति को सांप डसवाने का गम नहीं: उसका अफेयर था, रोकने पर पीटता, इसलिए वैन ड्राइवर से दोस्ती की 'मुझे पति की मौत का गम नहीं है। वो मर गया, ठीक हुआ। उसका दूसरी महिला से अफेयर था। टोकने पर मुझे पीटता था। कहता था कि घर में रहना है तो मेरे हिसाब से रहो, वरना मारकर भगा दूंगा। मैं कमाती थी तो पैसा वो रख लेता था। उससे तंग आ गई थी। इसलिए मैंने भी वैन ड्राइवर से दोस्ती कर ली।' मेरठ में पति अतुल पवार (32) को सांप से डसवाने वाली पत्नी दामिनी (30) ने पुलिस पूछताछ में ये बातें कहीं। पढ़ें पूरी खबर...
बांकीपुर विधानसभा उपचुनाव भाजपा के लिए सिर्फ एक सीट का चुनाव नहीं, बल्कि पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन की प्रतिष्ठा का भी सवाल बन गया है। दो दिन के दौरे पर पटना पहुंचे नितिन नवीन को समीक्षा बैठक के दौरान ऐसी इंटरनल रिपोर्ट मिली, जिसमें कई चौंकाने वाले मामले सामने आए। रिपोर्ट के मुताबिक, पार्टी के कई स्थानीय नेता और उपचुनाव के स्टार प्रचारक अब तक चुनावी मैदान में एक्टिव नहीं दिखे। रिपोर्ट मिलने के बाद नितिन नवीन ने एक-एक नेता की गतिविधियों, उनकी चुनावी भूमिका और प्रचार से दूरी की वजह का अलग से ब्योरा तलब किया है। भाजपा ने बांकीपुर में 60 शक्ति केंद्र, 50 से अधिक MLA-MLC और बूथ स्तर तक माइक्रो मैनेजमेंट का मजबूत नेटवर्क तैयार किया है। इसके बावजूद टिकट की दौड़ में शामिल रहे और प्रभावशाली माने जाने वाले कई चेहरे प्रचार अभियान से दूर हैं। ऐसे में सवाल उठता है कि अब तक कौन-कौन से नेता प्रचार में नहीं दिखे, उनकी दूरी की वजह क्या है और इस स्थिति से निपटने के लिए नितिन नवीन की आगे की रणनीति क्या होगी।पढ़िए स्पेशल रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए वो 6 चेहरे जो अबतक ग्राउंड में एक्टिव नहीं दिख रहे 1. सीता साहू (साहू समाज का सबसे बड़ा चेहरा, प्रचार में नहीं दिख रहीं) पटना की मेयर सीता साहू भाजपा की राजनीति में साहू (तेली) समाज का बड़ा चेहरा मानी जाती हैं। बांकीपुर विधानसभा में साहू समाज के मतदाताओं पर उनकी अच्छी पकड़ है। भाजपा को उम्मीद थी कि वे समाज आधारित बैठकों, महिला सम्मेलन और मोहल्ला संपर्क अभियान के जरिए पार्टी के पक्ष में माहौल बनाएंगी। लेकिन चुनाव प्रचार शुरू होने के बाद से अब तक उनकी कोई बड़ी चुनावी गतिविधि सामने नहीं आई। न बड़े रोड शो में उनकी मौजूदगी दिखी और न ही संगठन की प्रमुख बैठकों में। इससे पार्टी के अंदर चर्चा है कि सामाजिक समीकरण साधने का एक अहम चेहरा फिलहाल निष्क्रिय बना हुआ है। इस निष्क्रियता की जानकारी नितिन नवीन को बैठक में स्थानीय नेताओं ने दी है। क्यों नहीं उतरीं? पार्टी के अंदरूनी सूत्र इसे स्थानीय राजनीतिक समीकरण और सीमित चुनावी जिम्मेदारी से जोड़कर देखते हैं। कहा जा रहा है कि बेटे को टिकट न मिलने की वजह से भी वह नाराज हैं। 2. शिशिर कुमार (प्रदेश कार्यसमिति सदस्य, टिकट नहीं मिला तो दूरी बढ़ी) मेयर सीता साहू के बेटे शिशिर कुमार लंबे समय से भाजपा संगठन में सक्रिय हैं। प्रदेश कार्यसमिति के सदस्य हैं। कुम्हरार विधानसभा से टिकट के दावेदार रहे शिशिर ने बांकीपुर को लेकर भी सक्रियता दिखाई थी, लेकिन उन्हें टिकट नहीं दिया गया। चुनाव प्रचार के शुरुआती दौर में वे पूरी तरह नदारद रहे। इससे संगठन के अंदर यह संदेश गया कि स्थानीय स्तर पर कुछ नेताओं की नाराजगी अब भी खत्म नहीं हुई है। क्यों नहीं उतरे? शिशिर सिन्हा का कहना है कि उन्हें स्टार प्रचारक की जिम्मेदारी देर से मिली। वे निजी कार्यक्रम के कारण पूर्णिया में थे। उनका दावा है कि 21 जुलाई से वे चुनाव प्रचार की पूरी जिम्मेदारी संभालेंगे, लेकिन सूत्रों के अनुसार टिकट न मिलने से नाराजगी है। 3. अश्विनी चौबे (भाजपा के बड़े ब्राह्मण चेहरे की चुप्पी चर्चा में) पूर्व केंद्रीय मंत्री और बक्सर के पूर्व सांसद अश्विनी चौबे भाजपा के सबसे बड़े ब्राह्मण नेताओं में गिने जाते हैं। उन्हें पार्टी ने बांकीपुर उपचुनाव के स्टार प्रचारकों में शामिल किया है। इसके बावजूद चुनाव प्रचार के शुरुआती महत्वपूर्ण दिनों में वे बांकीपुर में नजर नहीं आए। चौबे पिछले लोकसभा चुनाव में टिकट कटने के बाद सार्वजनिक रूप से अपनी नाराजगी जाहिर कर चुके हैं। हालांकि बाद में उन्होंने पार्टी से नाराजगी से इनकार किया था। फिर भी बांकीपुर जैसे प्रतिष्ठा वाले चुनाव में उनकी अनुपस्थिति राजनीतिक हलकों में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्यों नहीं उतरे? आधिकारिक तौर पर अश्विनी चौबे ने प्रचार से दूरी की कोई वजह नहीं बताई है। पार्टी का कहना है कि स्टार प्रचारकों का कार्यक्रम चरणबद्ध तरीके से तय किया जाता है, जबकि राजनीतिक हलकों में उनकी पुरानी नाराजगी की चर्चा जारी है। 4. पवन सिंह (स्टार प्रचारक बने, लेकिन एक बार भी नहीं पहुंचे) भोजपुरी अभिनेता और हाल ही में विधान परिषद सदस्य बने पवन सिंह भाजपा के सबसे लोकप्रिय प्रचारकों में माने जाते हैं। युवा मतदाताओं और पूर्वांचल समाज में उनकी अच्छी पकड़ है। भाजपा ने उन्हें स्टार प्रचारकों की सूची में शामिल किया, ताकि चुनाव प्रचार में भीड़ और माहौल दोनों बन सके। लेकिन शपथ ग्रहण के बाद से वे न पार्टी की किसी बड़ी बैठक में दिखाई दिए और न ही बांकीपुर में प्रचार करते नजर आए। पार्टी के कई कार्यकर्ताओं का मानना है कि अगर पवन सिंह प्रचार में उतरते हैं तो चुनावी माहौल और मजबूत हो सकता है। क्यों नहीं उतरे? पार्टी नेताओं का कहना है कि पवन सिंह के कार्यक्रम व्यस्त हैं। अभी तक उनका चुनावी कार्यक्रम तय नहीं हुआ है। संगठन को उम्मीद है कि अंतिम दौर में वे प्रचार के लिए बांकीपुर पहुंच सकते हैं। 5. रविशंकर प्रसाद (पटना का सबसे बड़ा चेहरा, लेकिन कम सक्रिय) पूर्व केंद्रीय मंत्री और पटना साहिब से सांसद रविशंकर प्रसाद भाजपा के सबसे प्रभावशाली नेताओं में शामिल हैं। बांकीपुर विधानसभा उनके संसदीय क्षेत्र का हिस्सा भी है। ऐसे में कार्यकर्ताओं को उम्मीद थी कि वे लगातार जनसभाएं, रोड शो और मोहल्ला संपर्क अभियान में दिखाई देंगे। हालांकि अब तक उनकी सक्रियता सीमित रही है। पार्टी के अंदर यह माना जाता है कि रविशंकर प्रसाद की मौजूदगी शिक्षित, शहरी और पारंपरिक भाजपा मतदाताओं पर असर डाल सकती है। इसलिए अंतिम चरण में उनकी भूमिका और बढ़ने की संभावना जताई जा रही है। क्यों नहीं उतरे? रविशंकर प्रसाद संगठनात्मक बैठकों में जुड़े रहे हैं, लेकिन व्यापक जनसंपर्क अभियान में उनकी सक्रियता अभी सीमित रही है। पार्टी सूत्रों के मुताबिक, अंतिम चरण में उनके कई कार्यक्रम प्रस्तावित हैं। 6. अजय आलोक (टिकट की चर्चा खूब हुई, लेकिन प्रचार से दूरी बनी रही) भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता अजय आलोक का नाम भी बांकीपुर सीट के संभावित उम्मीदवारों में लगातार चर्चा में था। उनकी शहरी पहचान, मीडिया में मजबूत उपस्थिति और कायस्थ समाज में प्रभाव को देखते हुए उन्हें गंभीर दावेदार माना जा रहा था। हालांकि पार्टी ने दूसरे चेहरे पर भरोसा जताया। प्रत्याशी घोषित होने के बाद अजय आलोक ने पार्टी के फैसले पर सार्वजनिक तौर पर कोई असहमति नहीं जताई, लेकिन चुनाव प्रचार में उनकी सक्रियता अब तक दिखाई नहीं दी। संगठन के कुछ नेताओं का मानना है कि अगर अजय आलोक मैदान में उतरते तो शिक्षित और शहरी मतदाताओं के बीच भाजपा के प्रचार को ज्यादा धार मिल सकती है। क्यों नहीं उतरे? अजय आलोक भी टिकट की दौड़ में शामिल बताए जा रहे थे। टिकट नहीं मिलने के बाद उन्होंने कोई सार्वजनिक प्रतिक्रिया नहीं दी, लेकिन अब तक बांकीपुर में प्रचार करते नजर नहीं आए। इसे भी स्थानीय स्तर पर टिकट की दावेदारी से जोड़कर देखा जा रहा है। अब देखिए स्टार प्रचारकों की पूरी लिस्ट BJP की जीत की 5 बड़ी रणनीतियां 1. 60 शक्ति केंद्र, हर पांच बूथ पर एक कमांड सेंटर भाजपा ने पूरी विधानसभा को करीब 60 शक्ति केंद्रों में बांटा है। हर शक्ति केंद्र के अधीन लगभग पांच बूथ रखे गए हैं। पर्ची वितरण, झंडा, मतदाता सूची, कार्यकर्ता प्रबंधन और मतदान दिवस की तैयारी की पूरी जिम्मेदारी शक्ति केंद्र को दी गई है। हर दिन रिपोर्ट प्रदेश नेतृत्व तक पहुंच रही है। 2. 50 से ज्यादा विधायक-एमएलसी मैदान में भाजपा ने प्रदेशभर से 50 से अधिक विधायक और विधान पार्षदों को बांकीपुर में लगाया है। हर नेता को अलग-अलग शक्ति केंद्र और मोहल्ले की जिम्मेदारी दी गई है। रोज पॉकेट मीटिंग, डोर-टू-डोर अभियान और स्थानीय प्रभावशाली लोगों से संपर्क का लक्ष्य तय किया गया है। 3. जाति के हिसाब से नेताओं की तैनाती भाजपा ने हर मोहल्ले का सामाजिक गणित तैयार किया है। जहां जिस समाज के मतदाता ज्यादा हैं, वहां उसी समाज के प्रभावशाली नेता भेजे जा रहे हैं। ब्राह्मण बहुल इलाके में ब्राह्मण नेता, वैश्य बहुल इलाकों में व्यापारी नेता और महिला बहुल इलाकों में महिला नेताओं की बैठकों पर जोर दिया जा रहा है। 4. A, B, C, D वोटर मॉडल भाजपा ने मतदाताओं को चार कैटेगरी में बांटा है। A यानी पक्का समर्थक, B यानी झुकाव वाले मतदाता, C यानी असमंजस वाले और D यानी विरोधी। पूरी चुनावी रणनीति C वर्ग के मतदाताओं को साधने पर केंद्रित है। बूथ स्तर पर अलग-अलग टीम इसी हिसाब से काम कर रही है। 5. 10 मंडल ऑफिस से रोज मॉनिटरिंग पूरे बांकीपुर को 10 मंडलों में बांटा गया है। हर मंडल में अस्थायी चुनाव कार्यालय बनाया गया है। बूथ अध्यक्ष से लेकर मंडल अध्यक्ष तक हर दिन फीडबैक लिया जा रहा है। उसी आधार पर अगले दिन की रणनीति बदली जा रही है। राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन खुद इसकी समीक्षा कर रहे हैं।
नमस्कार, कॉकरोच जनता पार्टी ने संसद मार्च किया। प्रदर्शनकारियों पर पुलिस ने लाठीचार्ज किया। केंद्र सरकार ने संसद में कहा कि E-20 फ्यूल से गाड़ियों के इंजन में खराबी की कोई रिपोर्ट सामने नहीं आई है। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि सिक्किम में निर्माणाधीन सुरंग पर लैंडस्लाइड के कारण 27 कैद हो गए। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... 1. सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई। 2. संसद के मानसून सत्र का दूसरा दिन। कल की बड़ी खबरें... 1. कॉकरोच जनता पार्टी के संसद मार्च पर लाठीचार्ज, पुलिस ने समर्थकों को जंतर-मंतर से हटाया; वांगचुक बोले- अनशन नहीं तोड़ूंगा कॉकरोच जनता पार्टी के 10 हजार से ज्यादा समर्थकों ने जंतर-मंतर से संसद तक मार्च निकाला। बैरिकेड तोड़कर संसद तक पहुंचे और घुसने की कोशिश की, लेकिन संसद का मुख्य द्वार बंद कर दिया गया। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया, आंसू गैस छोड़ी। सुबह 8 से शाम 5 बजे तक चले प्रदर्शन के दौरान 50 से ज्यादा पुलिसकर्मी और कई प्रदर्शनकारी घायल हुए। पुलिस ने जंतर-मंतर खाली कराया, लेकिन कुछ घंटे बाद हजारों प्रदर्शनकारी दोबारा जंतर-मंतर पर जुट गए। केंद्रीय मंत्री नड्डा से CJP डेलिगेशन की मुलाकात, वांगचुक का अनशन जारी सफदरजंग हॉस्पिटल से सोनम वांगचुक ने हाथ से लिखे संदेश में कहा- मैं तब तक अनशन जारी रखूंगा, जब तक युवा नेताओं को संसद भवन में सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं मिल जाती, या फिर मुझे यहां अस्पताल में ही सांसदों से मिलने की अनुमति नहीं दी जाती। वहीं, केंद्रीय मंत्री जेपी नड्डा से CJP के सौरभ दास और आशुतोष रांका की करीब 2 घंटे बैठक चली। इसमें 3 मांगें रखीं गईं। 1. सोनम वांगचुक की तुरंत रिहाई 2. केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा या उन्हें कैबिनेट से हटाना 3. NEET से जुड़ी हर मौत के लिए ₹1 करोड़ मुआवजा डिंपल यादव को दिल्ली पुलिस ने 2 घंटे थाने में रखा डिंपल यादव, इकरा हसन, प्रिया सरोज, रुचि वीरा और धर्मेंद्र यादव समेत 8 सपा सांसदों को दिल्ली पुलिस ने 2 घंटे तक हिरासत में रखा। ये सांसद कॉकरोच जनता पार्टी के समर्थन में संसद से जंतर-मंतर तक पैदल मार्च कर रहे थे। धर्मेंद्र यादव ने बताया कि सभी सांसदों को करीब 2 घंटे तक दिल्ली के पार्लियामेंट थाने में बैठाए रखा गया। करीब ढाई बजे हमें छोड़ा गया। पूरी खबर पढ़ें... 2. संसद में सरकार बोली- E20 पेट्रोल से इंजन खराब नहीं, 23 करोड़ गाड़ियां बिना परेशानी चल रहीं, पुरानी गाड़ियों का माइलेज गिरा मानसून सत्र के पहले दिन पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस राज्य मंत्री सुरेश गोपी ने एथेनॉल फ्यूल पर सफाई दी। उन्होंने कहा- 20% एथेनॉल मिले पेट्रोल से गाड़ियों के इंजन को नुकसान पहुंचने का कोई सबूत नहीं मिला। देश में 20 करोड़ से ज्यादा टू-व्हीलर्स और 3 करोड़ से अधिक पेट्रोल कारें इस फ्यूल पर चल रही हैं। फ्यूल एफिशिएंसी (माइलेज) के सवाल पर सरकार ने कहा कि किसी भी गाड़ी का माइलेज ड्राइविंग कंडीशन, ड्राइवर की आदतों और गाड़ी के मेंटेनेंस पर निर्भर करता है। E10 के लिए डिजाइन कुछ पुरानी गाड़ियों में माइलेज में करीब 3% से 5% तक की मामूली कमी आ सकती है। लेकिन इसके बदले E20 फ्यूल वाहन और पर्यावरण को कई फायदे देता है। पूरी खबर पढ़ें... 3. राममंदिर चढ़ावा चोरी- सुप्रीम कोर्ट बोला- यूपी सरकार दोबारा SIT बनाए; योगी ने मंजूरी दी अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा SIT बनाने का आदेश दिया है। सोमवार को सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने कहा- नए सिरे से SIT बनाई जाए। सीनियर IPS अधिकारी टीम की अगुआई करें, ताकि जांच किसी निर्णायक स्तर तक पहुंचे। CJI ने कहा- हम केवल सावधान करना चाहते हैं। इस मामले में राजनीति न करें। पहली नजर में यह दंड कानून के तहत अपराध का मामला लगता है। इसकी निष्पक्ष, स्वतंत्र और पूरी ईमानदारी से जांच होनी चाहिए। जांच को उसके तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए। बस हमारी यही बात है। योगी ने नई SIT को मंजूरी दी: सीएम योगी ने नई SIT बनाने की मंजूरी दे दी है। नई SIT में लखनऊ मंडलायुक्त विजय विश्वास पंत और विशेष सचिव नीलरतन कुमार नहीं होंगे। उनकी जगह एक DIG और एक SSP स्तर के IPS अधिकारी को शामिल किया जाएगा। SIT पहले से दर्ज FIR पर मामले की जांच करेगी। 30 जुलाई तक SIT अपनी रिपोर्ट देगी। पढ़ें पूरी खबर… 4. भारत में पहली डेंगू वैक्सीन QDENGA को मंजूरी: बिना किसी जांच के 4 से 60 साल तक के लोग ले सकेंगे डोज, देश में ही बनेगी भारत में पहली बार डेंगू की वैक्सीन को मंजूरी मिली। ड्रग कंट्रोलर जनरल ऑफ इंडिया (DCGI) ने ताकेदा बायोफार्मास्यूटिकल्स इंडिया की वैक्सीन QDENGA को बाजार में इस्तेमाल की अनुमति दी। कंपनी के मुताबिक, यह वैक्सीन चार से 60 साल तक के लोगों को लगाई जा सकेगी। इसे लगवाने से पहले यह जांच कराने की जरूरत नहीं होगी कि व्यक्ति पहले कभी डेंगू से संक्रमित हुआ था या नहीं। 3 फेज में 19 ट्रायल: ताकेदा के ग्लोबल क्लीनिकल डेवलपमेंट प्रोग्राम के आधार भारत में भारत में मंजूरी दी गई। तीन में 19 क्लीनिकल ट्रायल किए गए, जिनमें 28 हजार से अधिक लोगों ने हिस्सा लिया। QDENGA की दो डोज दी जाती हैं। प्रत्येक डोज 0.5 मिलीलीटर की होती है और त्वचा के नीचे इंजेक्शन के जरिए लगाई जाती है। दोनों डोज के बीच 3 महीने का अंतर रखा जाता है। पूरी खबर पढ़ें... 5. यूपी में 330km लंबा विंध्य एक्सप्रेस-वे बनेगा, 6 घंटे की दूरी 3 घंटे में पूरी होगी; कैबिनेट मीटिंग में आज 12 प्रस्ताव पास होंगे यूपी में 2 और एक्सप्रेस-वे बनाए जाएंगे। पहला- विंध्य एक्सप्रेस-वे। यह प्रयागराज की सोनवार तहसील से सोनभद्र तक 330 किमी लंबा होगा। दूसरा- विंध्य-पूर्वांचल लिंक एक्सप्रेस-वे। चंदौली-गाजीपुर में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे से जोड़ने के लिए यह 117 किमी लंबा बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में आज, मंगलवार को कैबिनेट बैठक में दोनों एक्सप्रेसवे के एलाइंमेंट को मंजूरी दी जाएगी। सूत्रों के मुताबिक, कैबिनेट बैठक में मानसून सत्र बुलाने का प्रस्ताव एजेंडे में शामिल नहीं है, लेकिन बैठक में इस पर भी चर्चा हो सकती है। सरकार जुलाई के अंतिम सप्ताह या 3 अगस्त से मानसून सत्र शुरू करने पर विचार कर रही है। पढ़ें पूरी खबर… 6. सिक्किम की निर्माणाधीन टनल पर लैंडस्लाइड, 27 मजदूर फंसे; रेस्क्यू करने गए कुछ वर्कर्स बेहोश, मीथेन गैस लीक की आशंका सिक्किम के मामरिंग में निर्माणाधीन टनल पर लैंडस्लाइड हुआ। टनल का एंट्री गेट बंद है, अंदर 27 मजदूर फंसे होने की बात कही गई है। नामची कलेक्टर अनुपा तामलिंग के मुताबिक मजदूरों की संख्या कम या ज्यादा भी हो सकती है। सुरंग के अंदर मीथेन गैस रिसाव के कारण कुछ बचावकर्मी भी बेहोश हो गए। रेस्क्यू में काफी मुश्किलें आ रही हैं। यह टनल तीस्ता स्टेज-6 हाइड्रोइलेक्ट्रिक पावर प्रोजेक्ट के लिए पटेल इंजीनियरिंग कंपनी बना रही थी। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: त्रिपुरा DGP ऑफिस में मृत मिले, सुसाइड की आशंका: 1994 बैच के IPS, UP के रहने वाले थे; 1984 के सिख विरोधी दंगों की जांच की थी (पूरी खबर पढ़ें) 2. स्पोर्ट्स: रोहित बोले- बाहर शोर नहीं होगा तो मजा कैसे आएगा: रिटायरमेंट की रिपोर्ट्स को किया खारिज; गिल बोले- टीम में ऐसी कोई चर्चा नहीं (पूरी खबर पढ़ें) 3. इंटरनेशनल: अमेरिका-ईरान तनाव से ब्रेंट क्रूड 90 डॉलर पार: एक हफ्ते में 16% बढ़ा; भारत में महंगाई का खतरा, रुपया-विदेशी निवेश पर दबाव (पूरी खबर पढ़ें) 4. इंटरनेशनल: जेडी वेंस उपराष्ट्रपति रहते हुए चौथे बच्चे के पिता बने: अमेरिका में 150 साल में पहली बार ऐसा हुआ; ज्यादा बच्चों के पक्षधर हैं वेंस (पूरी खबर पढ़ें) 5. स्पोर्ट्स: रोहित लॉर्ड्स पर वनडे शतक लगाने वाले पहले भारतीय: इंग्लैंड में सबसे ज्यादा सेंचुरी लगाने वाले विदेशी बैटर (पूरी खबर पढ़ें) 6. एंटरटेंमेंट: सलमान ने देर रात तस्वीरें शेयर कीं:हेल्थ को लेकर चिंता के बीच पूछा- आप लोगों की तबीयत कैसी है; नए वीडियो में भी थके दिखे (पूरी खबर पढ़ें) 7. इंटरनेशनल: चीन में फूड डिलीवरी ब्वॉय को सबसे बड़ा साहित्यिक सम्मान:खाना पहुंचाते समय लिखी कई कविताएं; 14 साल में पढ़ाई छूट गई थी (पूरी खबर पढ़ें) 8. पंजाब: पहली बार ब्लूटूथ से नकल की पूरी कहानी: परीक्षार्थी ने पेन से पेपर स्कैन कर हरियाणा भेजा; राजस्थान के सॉल्वर ने सॉल्व किया (पूरी खबर पढ़ें) 9. उत्तर प्रदेश: बांकेबिहारी मंदिर में महिला सिपाही ने श्रद्धालु को पीटा, VIDEO: धक्का लगने पर भड़की, लाइन से खींचकर थप्पड़े जड़े (पूरी खबर पढ़ें) 10. मध्य प्रदेश: 17 लाख बेरोजगार, इनमें सबसे ज्यादा OBC: डिप्टी CM, रोजगार मंत्री के जिले की हालत खराब; सरकार का दावा- 240 दिन में 8 लाख घटे (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके… फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर: पीएम मोदी धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर आंदोलन खत्म क्यों नहीं करा देते; इसमें 4 बड़ी अड़चनें, सरकार का गणित क्या है 2. भास्कर एक्सप्लेनर: क्या कॉकरोच पार्टी का सरकार से 'समझौता':सोनम वांगचुक की 3 शर्तों में धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा गायब, जेपी नड्डा से मिलने पहुंचे CJP प्रवक्ता 3. मंडे मेगा स्टोरी: ISRO को किसकी ‘नजर’ लग गई, टॉप साइंटिस्ट छोड़ रहे:क्या सरकार की गलतियों से अंतरिक्ष की दौड़ में पिछड़ जाएगा भारत 4. नसीरुद्दीन शाह@76: पाकिस्तानी लड़की से छिपकर शादी की: दोस्त ने जलन में मारा चाकू, मां ने पूछा था- क्या रत्ना मुस्लिम बनेगी 5. जरूरत की खबर: क्या ACV सचमुच वजन घटाता है:डॉक्टर से जानें इसके फायदे, सीमाएं, लेने का सही तरीका और साइड इफेक्ट्स 6. फिजिकल हेल्थ: रैट फीवर पर एडवाइजरी:बारिश में बढ़ता रिस्क, पानी में न भीगें, जानें सभी लक्षण और बचाव के लिए जरूरी सावधानियां 7. निदा फाजली पर डॉक्यूमेंट्री 'मैं निदा' को नेशनल अवॉर्ड: प्रोड्यूसर ने बताया- शायर को एक शेर की वजह से पाकिस्तान में लोगों ने घेर लिया था 8. भास्कर एनालिसिस: बृजभूषण के बदले सुर, बगावत या नई पिच की तैयारी:अखिलेश को 'कृष्ण का वंशज' बताया; BJP की बढ़ेगी टेंशन, आखिर नाराजगी क्यों 9. भास्कर एक्सक्लूसिव: राज्यपाल ने ACS के लिए क्यों कहा-फाइल इधर-उधर घुमाते हैं:सच्चाई- 8 बड़े प्रोजेक्ट्स पर लगा ब्रेक; चुनाव से पहले विधायक बेचैन 10. राजस्थानी प्रेम कहानी: रेगिस्तान में काक नदी के किनारे था मूमल का महल: पाकिस्तान के राजा और जैसलमेर की राजकुमारी का प्रेम; 4 एपिसोड में मूमल-महेंद्र की कहानी 11. भास्कर एक्सक्लूसिव: राजस्थान में गजेंद्र-किरोड़ी सहित 6 मंत्रियों पर चल रहे केस: 13 विधायकों के खिलाफ भी मामले पेंडिंग; जानें किस नेता पर कहां है मामला 12. भास्कर एक्सक्लूसिव: बांकीपुर जीतने के लिए नितिन नवीन की 4 लेयर स्ट्रेटजी: 60 शक्ति केंद्र बनाए, 50 विधायक ग्राउंड पर, मोहल्ले वाइज जाति देखकर नेताओं की ड्यूटी 13. भास्कर एक्सक्लूसिव: श्रीलंकाई क्रिकेटर के नाम से सौरभ चंद्राकर का फर्जी पासपोर्ट:फोटो खुद की, नागरिकता इंडोनेशियाई की दिखाई; गिरफ्तारी से बचने बनवाए फेक डॉक्यूमेंट्स करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज कन्या राशि वालों की आर्थिक स्थिति मजबूत होगी। कुंभ राशि के लोगों को कॉन्ट्रैक्ट मिलने के योग हैं। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें…
समाजवादी पार्टी ने सोमवार को यूपी की राजधानी लखनऊ समेत कई जिलों में नीट पेपरलीक के खिलाफ प्रदर्शन किया। सपा सांसद डिंपल खुद दिल्ली में जंतर-मंतर पर रहीं। उन्होंने संसद से मार्च निकाला और कॉकरोच जनता पार्टी के प्रदर्शन में शामिल हुईं। उन्होंने बैरिकेडिंग तोड़ दी। इस दौरान उनकी पुलिस से बहस हुई। डिंपल ने लाठीचार्ज में घायल छात्रों की मदद की। करीब 2 घंटे पार्टी के 7 सांसदों के साथ हिरासत में रहीं। VIDEO में देखिए पूरा प्रदर्शन…
पटना में 17 साल की लड़की सौम्या भारती रविवार शाम से लापता है। वो रामकृष्णा नगर की रहने वाली है। कोतवाली थाना इलाके के हरि निवास क्षेत्र से वो लापता हुई है। सौम्या को गायब हुए अब करीब 30 घंटे हो गए हैं। परिजन अनहोनी की आशंका जता रहे हैं। घटना के बाद से परिजन लगातार उसकी तलाश कर रहे हैं। सोमवार को उन्होंने अपहरण की आशंका जताई थी। वहीं, इस मामले में पुलिस सभी एंगल से जांच कर रही है। सौम्या ने रघुनाथ बालिका उच्च विद्यालय से 10वीं की पढ़ाई पूरी की है। इसके बाद वो अपने खर्च के लिए हरि निवास इलाके में स्थित एक मोबाइल दुकान पर काम कर रही थी। अब सिलसिलेवार तरीके से जानिए पूरा घटनाक्रम… मां बोली- घर से मोबाइल शॉप के लिए गई थी सौम्या की मां दीपा देवी ने बताया, मेरी बेटी रविवार दोपहर करीब 12 बजे हरि निवास इलाके के मोबाइल शॉप में ड्यूटी के लिए घर से निकली थी, लेकिन शाम करीब 7 बजे के बाद से उसका कोई पता नहीं चल सका। मुझे आशंका है कि अपहरण हुआ है। 7 दिन पहले मेरे घर पर कुछ अज्ञात लड़कों ने आकर मारपीट की थी। उसमें बिट्टू नाम का लड़का और दूसरे भी शामिल थे। उसी घटना के बाद कल से मेरी बेटी लापता हो गई है। दरअसल, सौम्या की एक बेस्ट फ्रेंड ने उसकी तस्वीर इंस्टा आईडी पर लगाई थी और उस पर आपत्तिजनक कमेंट लिखे थे। जब हमें इसका पता चला तो हमने विरोध जताया था। हम उसकी फ्रेंड के घर गए थे। उसके परिवार वालों से शिकायत की थी। इस बात से नाराज होकर 14 जुलाई की दोपहर कुछ अज्ञात लोगों ने घर में घुसकर हमारे साथ मारपीट की। इसके बाद हम रामकृष्णा नगर थाने पहुंचे। थाने में मामले की शिकायत दी गई, लेकिन पुलिस की ओर से कोई रिस्पॉन्स नहीं दिया गया। बड़ी बहन बोली- पुलिस एक्शन नहीं ले रही सौम्या की बड़ी बहन दिव्या भारती ने बताया कि मेरी बहन को तलाशने के लिए पुलिस कुछ नहीं कर रही है। कोई एक्शन नहीं लिया जा रहा है। परिवार लगातार परेशान है और पुलिस से पर्याप्त सहयोग नहीं मिल रहा। हमारे पिता बैरिया बस स्टैंड के पास फास्ट फूड की दुकान चलाते हैं। इन सब मामलों के बाद मकान मालिक भी घर खाली करने का दबाव बना रहे हैं। हम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है। सोशल मीडिया पर भी एक्टिव थी सौम्या लड़का परिवार के साथ फरार है पुलिस के मुताबिक, शिकायत मिलने के बाद सौम्या को तलाशने के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। जांच के दौरान एक लड़के के घर भी पुलिस पहुंची थी, लेकिन लड़का परिवार सहित फरार हो गया है। इन 4 एंगल पर पुलिस कर रही जांच
ऑस्ट्रेलिया में रोजी-रोटी कमाने गए भारतीय खासकर पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवरों को नस्लीय दुर्व्यवहार, उत्पीड़न और धमकियों का सामना करना पड़ रहा है। हाल ही में दक्षिण ऑस्ट्रेलिया में पंजाबी बोलने पर ट्रक ड्राइवर पर थूका गया। रेडियो पर पत्नियों को गुलाम बनाकर बेचने और बच्चों को जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। ऑस्ट्रेलियाई मीडिया संस्थान ABC न्यूज की रिपोर्ट के मुताबिक, भारतीय ड्राइवरों को पगड़ी पहनने और आपस में पंजाबी में बात करने पर लगातार निशाना बनाया जा रहा है। ऑस्ट्रेलियन ट्रकिंग एसोसिएशन (ATA) और नेशनल हेवी व्हीकल रेगुलेटर (NHVR) ने इस तरह के व्यवहार की निंदा की है। विशेषज्ञों का कहना है कि इस तरह का मानसिक तनाव ड्राइवरों के स्वास्थ्य पर असर डालता है। इससे उनका ध्यान बंटता है और सड़क दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ सकता है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हालिया ऑस्ट्रेलिया यात्रा के ठीक बाद ऑस्ट्रेलिया के के गृह मंत्री टोनी बर्क ने इस पूरे मामले पर कड़ी नाराजगी जताई है। एक निजी चैनल को दिए इंटरव्यू में बर्क ने माना कि ऑस्ट्रेलियाई सड़कों और ट्रकों के अंदर इस्तेमाल होने वाले सीबी रेडियो पर भारतीय ड्राइवरों को निशाना बनाना एक कड़वी सच्चाई है। बता दें, ऑस्ट्रेलिया में 5 हजार के करीब पंजाबी मूल के ट्रक ड्राइवर हैं। ये वे लोग हैं, जिन्होंने सरकारी कागजों में अपनी मातृ भाषा पंजाबी लिखवाई है। विशेषज्ञों का मानना है कि असल संख्या 7 से 8 हजार के करीब हो सकती है। धमकी भरे ऑडियो में क्या कहा गया इंस्टाग्राम पर यह ऑडियो क्रिएटर एगी (@babysoftarms) ने शेयर किया है। यह ऑस्ट्रेलियन ब्रॉडकास्टिंग कॉरपोरेशन (ABC) की जांच का हिस्सा है। ट्रक ड्राइवरों के बीच रेडियो पर आमतौर पर सड़क सुरक्षा या रूट की बात होती है, लेकिन इस क्लिप में नफरत भरी आवाजें आ रही हैं। एक व्यक्ति कहता है- भारतीयों को मार डालो। श्वेत आदमी के लिए खड़े हो। गृह युद्ध आने वाला है। हम सभी भारतीय पुरुषों को मार डालेंगे, उनके बच्चों को पानी में डुबो देंगे और उनकी औरतों को गुलामी के लिए बेच देंगे। लहजे के आधार पर गालियां ABC की रिपोर्ट में कई भारतीय ड्राइवरों ने बताया कि ऑस्ट्रेलियाई सड़कों पर नस्लवाद उनकी रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गया है। एक ड्राइवर ने कहा कि अगर आपका लहजा ऑस्ट्रेलियाई है तो कोई समस्या नहीं, लेकिन अगर पंजाबी या भारतीय अंदाज में बोलते हो तो रेडियो पर भारी गालियां मिलती हैं। इन लगातार धमकियों से परेशान होकर कई भारतीय ड्राइवरों ने रेडियो का इस्तेमाल करना ही छोड़ दिया है। वे अब इस तरह की बातचीत से दूर रहते हैं। पंजाबी ड्राइवरों ने ये दिक्कतें बताईं… भारतीय ड्राइवरों की सुरक्षा के लिए ऑस्ट्रेलियाई सरकार क्या कर रही ऑस्ट्रेलिया एक ऑर्केस्ट्रा की तरह है, जहां हर संस्कृति की अपनी जगह गृहमंत्री टोनी बर्क ने कहा कि ऑस्ट्रेलिया कभी किसी एक समाज का देश नहीं रहा है। हम एक ऑर्केस्ट्रा (संगीत मंडली) की तरह हैं। इसमें कई अलग-अलग तरह के यंत्र होते हैं, लेकिन जब सब मिलकर बजते हैं तो एक खूबसूरत धुन बनती है। भारतीय समुदाय के खिलाफ ऐसी नफरत की हमारे देश में कोई जगह नहीं है। क्यों अहम हैं भारतीय ड्राइवर? ऑस्ट्रेलिया की जनगणना के आंकड़ों के अनुसार, पिछले एक दशक में भारतीय ऑस्ट्रेलिया का सबसे तेजी से बढ़ने वाला प्रवासी समुदाय बनकर उभरा है। इनमें से बड़ी संख्या में भारतीयों ने ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स क्षेत्र में श्रमिकों की कमी को पूरा करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। इंटरनेशनल रोड ट्रांसपोर्ट यूनियन (IRTU) के वर्ष 2024 के अनुमान के मुताबिक, ऑस्ट्रेलिया में लगभग 28,000 भारी वाहन ड्राइवरों की कमी थी। रिपोर्ट के अनुसार, सिख और पंजाबी प्रवासियों के लिए ट्रक चलाना कोई नया पेशा नहीं है। उनके परिवारों का लंबे समय से खेती-बाड़ी और परिवहन व्यवसाय से जुड़ाव रहा है, इसलिए बड़ी संख्या में सिख और पंजाबी समुदाय के लोग ऑस्ट्रेलिया में भी ट्रक ड्राइविंग को रोजगार के रूप में अपनाते हैं। हालांकि, नस्लीय घटनाए बढ़ने के बाद पुराने ड्राइवर रिटायर हो रहे हैं और नए स्थानीय युवा इस काम में नहीं आ रहे हैं। ऐसे में ऑस्ट्रेलिया की सप्लाई चेन और ट्रांसपोर्ट सेक्टर में समस्या पैदा हो सकती है। ॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰॰ यह खबर भी पढ़ें… कनाडा सरकार का पंजाबियों को झटका, PR होने पर भी पेरेंट्स, दादा-दादी को साथ नहीं बसा पाएंगे कनाडा में रह रहे लाखों भारतीयों, खासकर पंजाबी समुदाय को बड़ा झटका लगा है। कनाडा सरकार ने 15 जुलाई 2026 से पेरेंट्स एंड ग्रैंडपेरेंट्स प्रोग्राम (PGP) के तहत नई स्पॉन्सरशिप अर्जियाें पर अगले आदेश तक रोक लगा दी है। इससे अब कनाडा में PR हासिल कर चुके नए आवेदक अपने माता-पिता और दादा-दादी को स्थायी निवास (PR) दिलाने के लिए आवेदन नहीं कर सकेंगे। पढ़ें पूरी खबर…
अयोध्या के राम मंदिर की व्यवस्थाएं चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर (CEO) 28 अगस्त यानी रक्षाबंधन के बाद संभाल लेंगे। देशभर से 5500 लोगों ने CEO पद के लिए ऑनलाइन आवेदन भेजे हैं। चयन समिति बहुत तेजी से सही व्यक्ति की तलाश कर रही है। चयन कैसे किया जा रहा है? इसका जवाब कमेटी से जुड़े एक सदस्य देते हैं- हम सिर्फ आवेदन करने वाले के अनुभव को आधार नहीं बना रहे। उस व्यक्ति की राम में कितनी आस्था है, यह भी चयन या रिजेक्शन का अहम आधार है। किस तरह के लोगों के आवेदन इस पद के लिए आए हैं? इस पर वह कहते हैं- रिटायर्ड IAS, IPS, शिक्षाविद्, IT प्रोफेशनल, वकील, पूर्व जज और वित्त एवं लेखा सेवा के जुड़े रिटायर्ड अधिकारी तक ने आवेदन किए हैं। इतने सारे लोगों में सही व्यक्ति का चुनाव आसान नहीं है। लेकिन, अगले 40 दिन में हम यह प्रक्रिया पूरी कर लेंगे। राम मंदिर का CEO को चुनने के लिए जो मापदंड तय किए गए हैं, उन्हें जान लेते हैं… श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट ने 13 जुलाई को CEO पद के लिए आवेदन मांगे थे। 18 जुलाई तक आवेदन लिए गए। 3 शर्तें रखी गई थीं- CEO के लिए किस तरह के लोग आवेदन कर रहे? समिति के सदस्य कहते हैं- देशभर के नामचीन हस्तियों में शामिल लोग आगे आ रहे हैं। ज्यादातर लोग राम मंदिर के CEO पद के जरिए सेवा करना चाहते हैं। क्योंकि ये मंदिर प्रबंधन का वो स्ट्रक्चर होगा, जो आगे चलकर एक उदाहरण की तरह पेश किया जा सकता है। यही वजह है कि आवेदनों की स्क्रूटनी के लिए भी कठिन मापदंड रखे गए हैं। इसमें पूर्व नौकरशाह और न्यायाधीशों को वरीयता मिल सकती है। टेलीफोन पर बात, फिर इंटरव्यू के लिए बुला रहे ऑनलाइन आवेदन आने के बाद उम्मीदवारों से टेलीफोन पर बातचीत की जा रही है। उनके अनुभव को समझा जा रहा है। फिर ट्रस्ट के पैरामीटर पर जो आवेदक ठीक लग रहा, उसे इंटरव्यू के लिए बुलाया जा रहा है। इंटरव्यू में चयन के लिए पैनल के लोग उनकी योग्यता को देखते हुए सवाल करते हैं। धार्मिक आस्था, प्रबंधन के तौर-तरीकों को लेकर बातचीत होती है। चूंकि ये पूरी प्रक्रिया तब हो रही है, जब राम मंदिर के चढ़ावा में हेर-फेर किए जाने की घटना सामने आ चुकी है। इसलिए चयन के लिए आए आवेदकों से बड़े फंड के सही प्रबंधन को लेकर भी बातचीत हो रही है। मंदिर में क्या बेहतर हो सकता है, इसकी प्लानिंग भी समझने की कोशिश चयन समिति कर रही है। पहले फेज में 5000 लोगों की छंटनी हो रही है। फिर बचे हुए 500 लोगों में से सिर्फ 20-30 लोग ही लिस्ट में रखे जाएंगे। दूसरे फेज में चयन के मापदंड पहले से कठिन हो जाएंगे। कमेटी इन सदस्यों का गहन इंटरव्यू लेगी। इस चरण में मुख्य रूप से इन योग्यताओं को आंका जाएगा… चयन समिति के 3 सदस्य इस प्रक्रिया को पूरा करने में आवेदक की इच्छाशक्ति को भी देख रहे हैं। वह पूछ रहे हैं कि आने वाले समय में आप अगर CEO बनाए जाते हैं, तो प्रबंधन कैसे करेंगे? ये पूरा प्रॉसेस चयन समिति के सदस्य अपने घरों से कर रहे हैं। वो अयोध्या में फाइनल चयन के वक्त ही पहुंचेंगे। केंद्र और RSS की निगरानी में होगा आखिरी सिलेक्शन श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के एक वरिष्ठ सदस्य ने कहा- इस संवेदनशील पद के लिए CEO का आखिरी चयन केंद्र सरकार और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की सीधी निगरानी में होगा। CEO की कुर्सी पर वही व्यक्ति बैठेगा, जिस पर सरकार और संघ दोनों की सहमति होगी। इतना ही नहीं, भविष्य में CEO दफ्तर के स्टाफ के चयन में भी केंद्र और संघ की रजामंदी की अहम भूमिका होगी। नए सिरे से SIT बनी, जांच दोबारा शुरू होगी अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा SIT बनाने का आदेश दिया है। 20 जुलाई की दोपहर 3:30 बजे सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने कहा कि नए सिरे से SIT बनाई जाए। सीनियर IPS अधिकारी टीम की अगुआई करें, जिससे जांच किसी निर्णायक स्तर तक पहुंचे। CJI ने कहा कि जांच निष्पक्ष और बिना किसी भेदभाव होनी चाहिए। कोर्ट ने सॉलिसिटर जनरल (SG) तुषार मेहता को यूपी सरकार से SIT के लिए नाम लेकर आने को कहा। अदालत अब 27 जुलाई को अगली सुनवाई करेगी। इसके बाद योगी सरकार ने भी नई SIT गठन का आदेश जारी कर दिया। ----------------------- यह खबर भी पढ़ें - राममंदिर चढ़ावा चोरी- सुप्रीम कोर्ट बोला-यूपी सरकार दोबारा SIT बनाए, IPS अफसर लीड करे, मामले पर राजनीति नहीं होनी चाहिए अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में सुप्रीम कोर्ट ने दोबारा SIT बनाने का आदेश दिया है। सोमवार दोपहर 3:30 बजे सुनवाई के दौरान चीफ जस्टिस (CJI) सूर्यकांत ने कहा- नए सिरे से SIT बनाई जाए। सीनियर IPS अधिकारी टीम की अगुआई करें, ताकि जांच किसी निर्णायक स्तर तक पहुंचे। पढ़िए पूरी खबर…
वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाना है या नया वोटर कार्ड बनवाना है। वोटर कार्ड बना है, लेकिन नाम-पता गलत हो गया है। कार्ड पर फोटो सही नहीं है। ये सारी मुश्किलें घर बैठे दूर हो सकती हैं। आपको सरकारी दफ्तरों के चक्कर काटने की जरूरत नहीं है। यह कैसे करना है, पढ़िए… घर बैठे 5 मिनट में करें आवेदन वोटर लिस्ट में नया नाम जुड़वाने के लिए आपको फॉर्म-6 भरना है। इसे आप अपने मोबाइल या लैपटॉप से केवल 7 स्टेप में कर सकते हैं- वोटर लिस्ट से नाम कट गया है तो क्या करें? कई बार लोग सालों तक वोट नहीं डालते या लंबे समय के लिए घर बंद करके बाहर चले जाते हैं। वेरिफिकेशन या SIR के दौरान बीएलओ की रिपोर्ट पर उनका नाम वोटर लिस्ट से डिलीट कर दिया जाता है। कैसे पता करें नाम कटा या नहीं : सबसे पहले electoralsearch.eci.gov.in पर जाएं। यहां अपने वोटर आईडी नंबर या अपने नाम और राज्य की डिटेल डालकर सर्च करें। अगर सर्च रिजल्ट में आपकी डिटेल नहीं दिख रही है, तो समझ लीजिए कि आपका नाम लिस्ट से कट चुका है। वापस नाम जुड़वाने का उपाय : अगर आपका नाम कट गया है, तो आपको एक बार फिर से एक नए वोटर की तरह ही फॉर्म-6 ऑनलाइन भरना होगा। इसके बाद बीएलओ आपके घर आकर फिजिकल वेरिफिकेशन करेगा। इसके बाद आपका नाम दोबारा वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया जाएगा। पहली बार वोटर बनने के लिए सिर्फ 18 साल का होना जरूरी नहीं पहले चुनाव आयोग का नियम था कि अगर आप 1 जनवरी को 18 साल के हो रहे हैं, तभी आपका नाम उस साल की वोटर लिस्ट में जुड़ता था। अगर आप 1 जनवरी के बाद 18 साल के हुए, तो आपको अगले पूरे साल का इंतजार करना पड़ता था। अब चुनाव आयोग ने 1 जनवरी, 1 अप्रैल, 1 जुलाई और 1 अक्टूबर की 4 क्वालिफाइंग तारीख तय कर दी हैं। अगर आपकी उम्र इन चारों में से किसी भी तारीख तक 18 साल पूरी हो जाती है, तो आप उसी समय नया वोटर बनने के लिए आवेदन कर सकते हैं। मान लीजिए आपका 18वां जन्मदिन 20 जून को है, तो आप 1 जुलाई वाली क्वालिफाइंग डेट के आधार पर उसी साल वोटर लिस्ट में नाम जुड़वाने के लिए आवेदन कर सकते हैं। ये 3 गलतियां कीं, तो आवेदन हो सकता है रिजेक्ट 1. बिना साइन किए डॉक्यूमेंट अपलोड करना ऑनलाइन फॉर्म भरते समय लोग अक्सर आधार कार्ड, मार्कशीट या दूसरे डॉक्यूमेंट की सीधी फोटो अपलोड कर देते हैं। चुनाव आयोग के नियम के मुताबिक, एज या एड्रेस प्रूफ की फोटोकॉपी पर पहले अपने साइन करें, फिर उसे अपलोड करें। बिना साइन वाले डॉक्यूमेंट की वजह से ज्यादातर आवेदन रिजेक्ट हो जाते हैं। 2. शादी के बाद पता बदलते समय सही ऑप्शन न चुनना अगर शादी के बाद महिला दूसरे जिले या राज्य में वोटर आईडी ट्रांसफर करा रही है, तो फॉर्म-8 में 'माइग्रेशन' का ऑप्शन चुनना जरूरी है। इसके साथ पति का वोटर आईडी या मैरिज सर्टिफिकेट एड्रेस प्रूफ के तौर पर लगाएं। इससे रिकॉर्ड नए पते और पति के नाम से सही तरीके से अपडेट हो जाता है। 3. पूरे परिवार के लिए एक ही मोबाइल नंबर इस्तेमाल करना कई लोग एक ही मोबाइल नंबर से पूरे परिवार के 4-5 सदस्यों का रजिस्ट्रेशन कर देते हैं। इससे आगे चलकर e-EPIC डाउनलोड करने और वेरिफिकेशन में दिक्कत आ सकती है। बेहतर होगा कि हर सदस्य का अलग मोबाइल नंबर दें। अगर ऐसा संभव न हो, तो परिवार के मुखिया का नंबर इस्तेमाल करें। वोटर आईडी बनवाने में समस्या आए तो यहां कॉल करें अगर वोटर आईडी बनवाने या उसमें सुधार कराने में कोई दिक्कत आ रही है, तो चुनाव आयोग के टोल-फ्री हेल्पलाइन नंबर 1950 पर सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक कॉल कर सकते हैं। ऑफिशियल मेल आईडी complaints@eci.gov.in पर मेल भेज सकते हैं। आप चाहें तो अपने BLO से भी मदद ले सकते हैं। ------------------------------ आपके काम की ये खबरें भी पढ़ें- जमीन-मकान खरीदते समय फ्रॉड से ऐसे बचें, एक क्लिक में पता करें जमीन पर केस, लोन या कोई कानूनी विवाद तो नहीं प्रॉपर्टी खरीदते समय सबसे बड़ा खतरा फर्जी रजिस्ट्री, विवादित जमीन या एक ही प्लॉट को कई लोगों को बेचने का होता है। इस तरह फंसने से लाखों रुपए का नुकसान हो सकता है। अब घर बैठे बस 5 मिनट में किसी भी जमीन या मकान का स्टेटस ऑनलाइन चेक किया जा सकता है। इससे प्रॉपर्टी की सही जानकारी लेकर धोखाधड़ी से बचा जा सकेगा। पढ़िए पूरी खबर…------------------------ थाने जाने का झंझट खत्म, मोबाइल से करें e-FIR:कोर्ट-इंश्योरेंस में भी मान्य, सिर्फ इन मामलों में जाना होगा पुलिस स्टेशन क्या आपका मोबाइल चोरी हो गया? बाइक गायब हो गई? या किसी ऑनलाइन ठग ने बैंक खाते से पैसे उड़ा लिए? ऐसी छोटी-मोटी शिकायतों के लिए अब थाने जाने की जरूरत नहीं। आप घर बैठे अपने मोबाइल या कंप्यूटर से ऑनलाइन एफआईआर (e-FIR) दर्ज कर सकते हैं। पढ़िए पूरी खबर…
2 जुलाई को दिल्ली की बढ़ती गर्मी की तपिश के बीच शाम में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने मुलाकात की। इसके 3 दिन बाद 5 जुलाई को लखनऊ पहुंचे। वहां पिता दिवंगत रामविलास पासवान की जयंती पर भव्य कार्यक्रम किया। जिसमें जनवरी-फरवरी 2027 में उत्तर प्रदेश में होने वाले विधानसभा चुनाव में चुनाव लड़ने का ऐलान किया। मंच से नेताओं ने नारा दिया-पंडित, पासी और पासवान। चिराग पासवान ने यह बातें 18 जुलाई को पटना में भी दोहराया। क्या UP में चिराग की एंट्री दिल्ली की स्क्रिप्ट का हिस्सा है, पंडित-पासी-पासवान के नारे से क्या योगी का काम बिगाड़ेंगे, समझेंगे; आज बूझे की नाही में…। सवाल-1ः चिराग पासवान की पार्टी उत्तर प्रदेश में चुनाव लड़ेगी? जवाबः हां। 5 जुलाई को लोकजनशक्ति पार्टी (रामविलास) के अध्यक्ष चिराग पासवान ने लखनऊ में सभा कर ऐलान किया कि हमारी पार्टी UP में चुनाव लड़ेगी। पार्टी राज्य में अपना विस्तार चाहती है। उत्तर प्रदेश हमारे नेता (रामविलास पासवान) के दिल के करीब रहा है। उसी मंच से UP के प्रभारी और चिराग पासवान के जीजा अरुण भारती ने लोगों के बीच नारा दिया-पंडित, पासी और पासवान। 18 जुलाई को पटना पहुंचे चिराग पासवान ने एक बार फिर दोहराया कि हमारी पार्टी लोजपा (रामविलास) UP के सभी 403 सीटों पर चुनाव लड़ेगी। सवाल-2ः क्यों कहा जा रहा है कि चिराग दिल्ली की स्क्रिप्ट पर आगे बढ़ रहे हैं? जवाबः इसका जवाब जानने के लिए आपको 3 महीने पीछे जाना होगा। दो मुलाकातों की टाइम और ऐलान को समझना होगा। पहली मुलाकात- 1 अप्रैल की भरी दोपहरिया में दिल्ली के पंचशील भवन में चिराग पासवान से मिलने UP के डिप्टी CM केशव प्रसाद मौर्य पहुंचे। मुलाकात का एजेंडा राज्य में खाद्य प्रसंस्करण सेक्टर में निवेश को बढ़ावा देना बताया गया। दूसरी मुलाकात- 2 जुलाई की शाम दिल्ली में गृह मंत्री अमित शाह से चिराग पासवान मिले। उन्होंने X पर फोटो जारी कर मुलाकात का एजेंडा राजगीर में हुई दो पासवान युवकों की हत्या और भोजपुर में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मौत को बताया। इन दो मुलाकातों और ऐलान के बाद अंदरखाने चर्चा है कि भाजपा की अंदरुनी राजनीति और रणनीति के तहत चिराग पासवान UP पहुंचे हैं। हालांकि, ऐसा नहीं है कि वह पहली बार UP में विधानसभा चुनाव लड़ेंगे। 2022 विधानसभा चुनाव में LJP(RV) 21 सीटों पर चुनाव लड़ चुकी है। भाजपा के इशारे पर ही लड़ रहे, इसे ऐसे भी समझिए… ऊपर की इन दो मुलाकातों और घटनाक्रमों को आपने जान लिया। अब पिछले विधानसभा चुनाव यानी 2022 की एक घटना से समझिए कि क्यों चिराग भाजपा के इशारे पर लड़ रहे हैं। चिराग पासवान भी केंद्र और बिहार सरकार में भाजपा के सहयोगी हैं। इसका मतलब हुआ कि चिराग अभी चुनाव लड़ने की बातें कह रहे हैं और भाजपा चुप है इसका मतलब है कि उसकी राजामंदी हैं। सवाल-3ः चिराग के UP में लड़ने के क्या मायने हैं? जवाबः सियासी गलियारे में इसे लेकर 2 तरह की थ्योरी है… 1. अखिलेश यादव के PDA का असर कम करना सियासी रणनीतिकारों के मुताबिक, चिराग पासवान के UP में चुनाव लड़ने के पीछे भाजपा की सबसे बड़ी स्ट्रेटजी है कि किसी भी तरह समाजवादी पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव के PDA (पिछड़ा, दलित और अल्पसंख्यक) के असर को कमजोर किया जाए। चिराग पासवान दलित समाज से आते हैं। उनकी मां पंजाबी ब्राह्मण हैं। उनके पिता दिवंगत रामविलास पासवान की पकड़ भले बिहार की राजनीति पर रही, लेकिन उनकी पहचान दलितों के राष्ट्रीय स्तर के नेता की भी थी। भाजपा को आशंका है कि 2024 लोकसभा चुनाव की तरह 21% दलित वोटरों में से एक बड़ा तबका सपा-कांग्रेस की तरफ जा सकता है। ऐसी परिस्थिति में भाजपा से नाराज ब्राह्मण और दलितों का एक छोटा सा हिस्सा अखिलेश यादव-कांग्रेस की तरफ ना जाकर चिराग की तरफ शिफ्ट हो जाए तो उत्तर प्रदेश में जीत पक्की हो सकती है। 2024 में दलितों के छिटकने से 62 से 33 पर आ गई थी BJP 2. योगी को कमजोर करना दूसरी थ्योरी है कि BJP का एक बड़ा धड़ा चिराग पासवान को अकेले चुनाव लड़ाकर CM योगी आदित्यनाथ को पार्टी के अंदर कमजोर करना चाहता है। दूसरी थ्योरी के समर्थन में दिए जा रहे तर्कों को जानिए… हालांकि… सवाल-4ः ‘पंडित-पासी और पासवान' का फॉर्मूला क्या है? जवाबः उत्तर प्रदेश में दलितों की कुल आबादी 20.7% (करीब 4.14 करोड़) है। इनमें से सबसे अधिक जाटव करीब 11.3% हैं। उसके बाद पासी-पासवान करीब 5%। जाटव मायावती के कोर वोटर हैं। सवाल-5ः चिराग का यह फॉर्मूला बिहार में भी लागू करेंगे? जवाबः अभी तय नहीं है, लेकिन चिराग का ब्राह्मणों सहित सवर्णों को लेकर एक सॉफ्ट कॉर्नर रहा है। उनके पिता दिवंगत रामविलास पासवान दलित, सवर्ण और मुस्लिमों की पॉलिटिक्स करते थे। उनके आसपास इन तीनों समाज के नेताओं का घेरा था। बिहार जातीय सर्वे-2023 के मुताबिक, बिहार में दलितों की आबादी 19.65% है। जिसमें सबसे अधिक चिराग पासवान के समाज की हिस्सेदारी 5.31% है। वहीं, राज्य में ब्राह्मणों की कुल आबादी 3.65% है। दलित+ब्राह्मण (19.65+3.65) यानी 23.3% आबादी हुई। जिनका विधानसभा की 75 से 80 सीटों पर प्रभाव है। अगर यह समीकरण बैठा तो चिराग की राह आसान हो सकती है। हालांकि, यह दोनों समाज NDA खासकर भाजपा का कोर वोटर है।
मेरठ में 8 जुलाई को कलक्ट्रेट परिसर के बाहर जाम लगाने के आरोप में गिरफ्तार कर जेल भेजे गए सभी आठ प्रदर्शनकारियों को जमानत मिल गई है। पुलिस द्वारा चार्जशीट दाखिल किए जाने के बाद उनके परिवारों की तरफ से कोर्ट में जमानत याचिका लगाई गई थी, जिसे सोमवार को स्वीकार कर लिया गया। मंगलवार को सभी आठों प्रदर्शनकारियों के जेल से बाहर आने की संभावना जताई जा रही है। रोहटा थाना क्षेत्र के थिरोट गांव की 20 वर्षीय ललिता गौतम बीए तृतीय वर्ष की छात्रा थी। वर्तमान में वह परिवार के साथ टीपी नगर थाना क्षेत्र के गगन एनक्लेव में किराए पर रह रही थी। 15 मई को परीक्षा देने के लिए घर से निकली लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी तलाश की मगर उनका कोई पता नहीं चला। 16 मई को परिवार ने दर्ज कराई गुमशुदगी परिजनों ने 16 मई को थाना टीपी नगर में गुमशुदगी दर्ज कराई। पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू की और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। पुलिस को सीसीटीवी फुटेज में ललिता गांव कल्याणपुर निवासी अंकुश चौधरी नाम के युवक के साथ दिखाई दी। अंकुश चौधरी को किया गया गिरफ्तार पुलिस ने अंकुश को हिरासत में लेकर पूछताछ की तो उसने ललिता की हत्या करने की बात कबूल कर ली। पुलिस ने बताया कि अंकुश और ललिता के बीच दोस्ती थी। घटना वाले दिन दोनों साथ थे। इसी दौरान आरोपी ने ललिता के मोबाइल फोन में कुछ फोटो और चैट देखीं, जिसके बाद उसे शक हुआ। इसी शक के चलते आरोपी ने ललिता की हत्या कर दी और शव को मेरठ के रोहटा थाना क्षेत्र के उकसिया में गन्ने के खेत में फेंक दिया और पुलिस ने शव बरामद कर लिया। कलक्ट्रेट के बाहर लगाया जाम इस मामले में अंकुश के भाई पीएसी में तैनात अंकित समेत दो लोगों की गिरफ्तारी की आवाज उठने लगी। 8 जुलाई को छात्रा की हत्या के विरोध में बड़ी संख्या में लोग कमिश्नरी और फिर कलेक्ट्रेट पहुंचे। प्रवेश ना मिलने पर उन्होंने कलेक्ट्रेट के बाहर जाम लगा दिया। इसी दौरान एसएसपी अविनाश पांडेय वहां पहुंच गए और उन्होंने प्रदर्शनकारियों को थप्पड़ मारते हुए दौड़ा लिया। आठ लोगों रवि कुमार गौतम, दिग्विजय भाटी, रितिक, लवी उर्फ शुभम, अरविंद कुमार, अंकित कुमार, हिमांशु सिद्धार्थ और नवनीत कुमार को गिरफ्तार करते हुए उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया। कोर्ट ने सभी को जेल भेज दिया। चौतरफा निंदा के बाद जागी पुलिस इस घटना की चौतरफा निंदा शुरु हो गई। सामाजिक व राजनीतिक संगठनों ने सरकार की नीति पर सवालिया निशान लगा दिया। कई पूर्व आईपीएस ने पुलिस खासकर एसएसपी अविनाश पांडेय की थप्पड़ की कार्रवाई को गलत बताया। आसपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष व सांसद चंद्रशेखर आजाद ने भी 20 तक जमानत ना मिलने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी दे दी थी। किरकिरी के बाद बैकफुट पर पुलिस इस मामले ने पुलिस की खासी किरकिरी कराई। चौतरफा निंदा के बाद पुलिस ने नये सिरे से जांच शुरु की तो पता चला कि प्रदर्शनकारी जिस अंकित चौधरी की गिरफ्तारी की मांग उठा रहे थे, वह वारदात वाले दिन मेरठ में ही थी। इसके बाद उसे मुरादाबाद पीएसी से पुलिस गिरफ्तार कर मेरठ ले आई और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने अंकित को जेल भेज दिया। चार्जशीट भी पुलिस की तरफ से दाखिल की गई। धारा हटते ही मिली जमानत अंकित की गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने अपनी गलती में सुधार किया। पुलिस सूत्र बताते हैं कि मुकदमे से गंभीर धाराओं को हटा दिया गया। इससे जेल भेजे गए आठों लोगों की जमानत की संभावना प्रबल हो गई। सोमवार को कोर्ट में उनकी जमानत याचिका पर सुनवाई होनी थी। बचाव पक्ष ने हटाई गई धाराओं का जिक्र किया, जिसके बाद सभी आठ लोगों की जमानत मंजूर कर ली गई।
इंदौर के राजा रघुवंशी हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी को मिली जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर आज सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई होगी। मामले की सुनवाई जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच करेगी। पिछली सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार से गिरफ्तारी के समय सोनम को दिए गए 'ग्राउंड्स ऑफ अरेस्ट' (गिरफ्तारी के आधार) से जुड़े दस्तावेज पेश करने को कहा था। दरअसल, ट्रायल कोर्ट ने सोनम को इस आधार पर जमानत दी थी कि गिरफ्तारी के समय कानून के अनुसार उसे गिरफ्तारी के आधार उपलब्ध नहीं कराए गए थे। बाद में मेघालय हाईकोर्ट ने भी इस आदेश को बरकरार रखा था। मेघालय सरकार का दावा- सिर्फ टाइपिंग की गलती हुई थी मेघालय सरकार का कहना है कि सोनम को गिरफ्तारी के आधार बताए गए थे। विवाद केवल दस्तावेज में हुई एक टाइपिंग की गलती का है। गिरफ्तारी मेमो में हत्या से जुड़ी भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) के स्थान पर गलती से 403(1) लिख दिया गया था, जबकि BNS में ऐसी कोई धारा नहीं है। सुप्रीम कोर्ट करेगा कानूनी प्रक्रिया की समीक्षा आज की सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट इस बात पर विचार करेगा कि गिरफ्तारी के समय सोनम को कानून के अनुरूप आधार उपलब्ध कराए गए थे या नहीं। इसी आधार पर यह तय होगा कि हाईकोर्ट द्वारा दी गई जमानत का आदेश बरकरार रहेगा या उसमें हस्तक्षेप किया जाएगा। पहले अंतरिम रोक लगाने से किया था इनकार इससे पहले सुप्रीम कोर्ट ने मेघालय सरकार की ओर से जमानत पर तत्काल रोक लगाने की मांग स्वीकार नहीं की थी। हालांकि, जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की बेंच ने मौखिक रूप से कहा था कि पहली नजर में हाईकोर्ट द्वारा मामले का निपटारा किए जाने के तरीके पर सवाल उठते हैं। कोर्ट ने यह भी कहा था कि प्रथम दृष्टया ऐसा नहीं लगता कि यह ऐसा मामला था, जिसमें गिरफ्तारी के आधार बिल्कुल नहीं बताए गए हों। इसके बावजूद अदालत ने अंतरिम रोक इसलिए नहीं लगाई थी, क्योंकि सोनम पहले ही जमानत पर रिहा हो चुकी थी, कुछ समय जेल में रह चुकी थी और उसने मेघालय सरकार की याचिका पर जवाब दाखिल करने के लिए समय मांगा था। सॉलिसिटर जनरल ने कहा था- टाइपिंग की गलती से गलत धारा दर्ज हुई थी इससे पहले सोनम मामले में सुनवाई के दौरान सॉलिसिटर जनरल तुषार मेहता ने कहा था कि गिरफ्तारी दस्तावेजों में हत्या से जुड़ी BNS की धारा 103(1) की जगह गलती से 403(1) दर्ज हो गई थी। उन्होंने इसे केवल टाइपिंग (टाइपो) की त्रुटि बताया था। मेहता ने कहा था कि मजिस्ट्रेट ने गिरफ्तारी के आधार आरोपी को समझाए थे और ट्रांजिट रिमांड के दौरान भी इसका रिकॉर्ड मौजूद था।उन्होंने यह भी कहा था कि पहले मेरिट के आधार पर जमानत याचिका खारिज हो चुकी थी। बाद में इसी तकनीकी त्रुटि को आधार बनाकर राहत दी गई थी, जबकि सुप्रीम कोर्ट पहले ही स्पष्ट कर चुका था कि ऐसी लिपिकीय गलती, जिससे आरोपी को कोई वास्तविक नुकसान न हुआ हो, जमानत का आधार नहीं बन सकती थी। कोर्ट ने पूछा था- क्या सिर्फ गलत धारा लिखने से जमानत दी जा सकती थी? सुनवाई के दौरान जस्टिस सुंदरेश ने सोनम की ओर से पेश वकील से पूछा था कि गिरफ्तारी के आधार पहले ही बताए जा चुके थे और शुरुआती जमानत याचिकाओं में यह मुद्दा कभी नहीं उठाया गया था। फिर बाद में केवल तकनीकी आधार पर जमानत कैसे मांगी गई थी? इस पर सोनम के वकील ने कहा था कि गिरफ्तारी के कारण कभी स्पष्ट नहीं बताए गए थे। जवाब में कोर्ट ने पूछा था कि यदि ऐसा था तो यह आपत्ति पहले क्यों नहीं उठाई गई थी? कोर्ट ने यह भी कहा था कि यदि सोनम रिहा नहीं हुई होती तो जमानत पर रोक लगा दी जाती। साथ ही कहा था कि आवश्यकता होने पर राज्य सरकार कानून के तहत आगे की कार्रवाई करने के लिए स्वतंत्र थी। सोनम ने कहा था- नेपाल नहीं गई थी, शिलॉन्ग में ही थी 15 जून को सोनम रघुवंशी ने एक निजी चैनल से बातचीत में कहा था कि वह नेपाल नहीं भागी थी। उसने आरोप लगाया था कि उसके बारे में गलत अफवाहें फैलाई जा रही थीं और लोगों से अपील की थी कि वे ऐसी बातों पर भरोसा न करें।सोनम ने यह भी कहा था कि उसने जांच और अदालत की कार्यवाही में हमेशा सहयोग किया था और आगे भी करती रहेगी। साथ ही उसने स्पष्ट किया था कि फिलहाल उसका इंदौर आने का कोई कार्यक्रम नहीं था।यह बयान उस समय आया था, जब राजा रघुवंशी के बड़े भाई विपिन रघुवंशी ने आरोप लगाया था कि जमानत मिलने के बाद सोनम नेपाल चली गई थी और मामले की सीबीआई जांच कराने की मांग की थी। ऐसे रची गई थी राजा रघुवंशी हत्याकांड की साजिश 11 मई 2025 को इंदौर के ट्रांसपोर्ट कारोबारी राजा रघुवंशी की शादी सोनम रघुवंशी से हुई थी। शादी के कुछ दिन बाद दोनों हनीमून के लिए मेघालय गए थे, लेकिन 23 मई को अचानक लापता हो गए थे। 3 जून को पुलिस ने एक गहरी खाई से राजा का शव बरामद किया था।जांच आगे बढ़ने पर सामने आया था कि हनीमून के दौरान ही हत्या की साजिश रची गई थी। पुलिस ने कई आरोपियों को गिरफ्तार किया था और जांच में सोनम रघुवंशी की भूमिका मुख्य साजिशकर्ता के रूप में सामने आने के बाद उसे भी गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। बाद में उसे जमानत मिल गई थी। ये खबरें भी पढ़ें… सोनम रघुवंशी की जमानत पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई टली राजा रघुवंशी हत्याकांड केस में सुप्रीम कोर्ट में आज होने वाली सुनवाई टल गई है। अब अगली सुनवाई 21 जुलाई को होगी। यह सुनवाई राजा हत्याकांड की मुख्य आरोपी सोनम रघुवंशी की जमानत के खिलाफ मेघालय सरकार की याचिका पर होनी है। जस्टिस मनोज मिश्रा और जस्टिस श्री चंद्रशेखर की बेंच ने मेघालय सरकार से सोनम को गिरफ्तारी के समय दिए गए 'ग्राउंड्स ऑफ अरेस्ट' (गिरफ्तारी के आधार) की प्रति पेश करने को कहा है।पूरी खबर पढ़ें 2. राजा रघुवंशी हत्याकांड में फिर उठी CBI जांच की मांग राजा रघुवंशी हत्याकांड मामले में राजा के भाई विपिन रघुवंशी एक बार फिर सीबीआई जांच की मांग कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब एक लड़की से जुड़े मामले में सीबीआई जांच हो सकती है, तो लड़के के मामले में क्यों नहीं। ये मामला भी बेहद चर्चित है। दूसरे राज्य का भी एंगल जुड़ा है। राजा रघुवंशी हत्याकांड की सीबीआई जांच कराई जानी चाहिए। पढ़ें पूरी खबर…
छत्तीसगढ़ में सोनम वांगचुक के समर्थन में युवाओं ने प्रदर्शन किया। रायपुर में NSUI कार्यकर्ताओं ने NEET पेपर लीक का विरोध जताया। डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर अलग-अलग छात्र संगठनों, सामाजिक संगठनों से जुड़े युवा धरने में शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान NSUI के 5 कार्यकर्ता अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल पर बैठ गए। हंगर स्ट्राइक करने वालों में हेमंत पाल, अनुज शुक्ला, इंडिया घृतलहरे, ड्रिंकल और सोनम शामिल हैं। इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने खून से 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' लिखकर विरोध दर्ज कराया। वहीं, धमतरी में सामाजिक कार्यकर्ता मितेश जैन ने गांधी मैदान में एक दिवसीय अनशन किया। अनशन स्थल पर ‘एक दिवसीय अनशन- सोनम वांगचुक के समर्थन में’ का बैनर लगाया गया था। इस दौरान शहर के कई लोगों ने भी समर्थन दिया। इधर, बीजापुर में भी सोनम वांगचुक के आमरण अनशन के समर्थन में बस्तर संभाग के आदिवासी युवा छात्र संगठन ने राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री, राज्यपाल और मुख्यमंत्री को पत्र भेजा है। संगठन ने इन पत्रों के जरिए वांगचुक की मांगों पर सकारात्मक पहल करने की अपील की है। पहले देखें तस्वीरें… युवाओं ने कहा- यह भविष्य बचाने की लड़ाई रायपुर में प्रदर्शनकारियों का कहना है कि वे दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन में शामिल होने नहीं जा सके। इसलिए वे रायपुर में रहकर ही सोनम वांगचुक और शिक्षा सुधार की मांगों के समर्थन में प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह आंदोलन किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि देशभर के छात्रों और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मुद्दा है। शिक्षा और रोजगार के मुद्दों पर सरकार से कार्रवाई की मांग धरने में शामिल छात्रों और युवाओं ने कहा कि देशभर में लगातार सामने आ रहे पेपर लीक के मामलों ने लाखों प्रतियोगी परीक्षार्थियों का भविष्य प्रभावित किया है। कई युवाओं को बार-बार परीक्षाएं देनी पड़ रही हैं, जिससे उनका समय, मेहनत और आर्थिक संसाधन प्रभावित हो रहे हैं। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि अब केवल आश्वासन से काम नहीं चलेगा। सरकार को परीक्षा प्रणाली को पूरी तरह पारदर्शी और जवाबदेह बनाने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे। इसके साथ ही पेपर लीक के मामलों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई और ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए मजबूत व्यवस्था बनाने की मांग की गई। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग धरने में शामिल युवाओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग भी दोहराई। उनका कहना है कि लगातार हो रहे पेपर लीक और परीक्षा संबंधी विवादों की नैतिक जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा और रोजगार जैसे मुद्दे देश के करोड़ों युवाओं से जुड़े हैं। इसलिए केंद्र सरकार को इन मुद्दों पर गंभीरता से निर्णय लेना चाहिए। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध प्रदर्शन के दौरान दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए घटनाक्रम का भी जिक्र किया गया। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले लोगों के साथ की गई कार्रवाई उचित नहीं है। उनका कहना है कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में हर नागरिक को अपनी बात शांतिपूर्ण तरीके से रखने का अधिकार है और इसका सम्मान किया जाना चाहिए। पहले दिन 500 से ज्यादा लोग हुए थे शामिल रायपुर में रविवार को आंदोलन के पहले दिन भी डॉ. भीमराव अंबेडकर चौक पर 500 से अधिक छात्र, युवा और सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि जुटे थे। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन में नारेबाजी की गई और शिक्षा व्यवस्था में सुधार की मांग उठाई गई। इसके बाद प्रदर्शनकारियों ने जिला प्रशासन के माध्यम से राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा था। प्रदर्शनकारियों की प्रमुख मांगें प्रदर्शन में शामिल युवाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक कार्रवाई नहीं होती, तब तक लोकतांत्रिक तरीके से उनका आंदोलन जारी रहेगा। NSUI के कार्यकर्ताओं ने भी स्पष्ट किया कि उनकी भूख हड़ताल मांगें पूरी होने तक जारी रहेगी। …………………. इससे जुड़ी खबर भी पढ़ें… सोनम वंगचुक के समर्थन में एक दिवसीय अनशन:धमतरी में शिक्षा, स्वास्थ्य, पर्यावरण के व्यापारीकरण पर रोक की मांग सोनम वांगचुक के आमरण अनशन को आदिवासी युवा-छात्रों का समर्थन: बीजापुर से राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री समेत चारों संवैधानिक पदों को भेजा गया पत्र
महेंद्रगढ़ जिले के कनीना मंडी स्थित राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय की छात्राओं द्वारा सोनम वांगचुक के समर्थन और भाजपा के खिलाफ नारेबाजी किए जाने के मामले में विद्यालय के प्राचार्य नरेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है। हालांकि, जिला प्रशासन द्वारा गठित जांच समिति ने अपनी रिपोर्ट में विद्यालय के किसी भी शिक्षक अथवा कर्मचारी की भूमिका से साफ इनकार किया है। 17 जुलाई को विद्यालय की 10 से 12 छात्राओं का पोस्टर लेकर नारेबाजी करते हुए एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। मामले की जानकारी मिलने के बाद उपायुक्त ने जिला शिक्षा अधिकारी से तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी थी। इसके बाद चार सदस्यीय जांच समिति गठित की गई, जिसने छात्राओं, उनके अभिभावकों, विद्यालय के प्राचार्य और स्टाफ के बयान दर्ज किए। छात्राएं थी प्रभावित जांच रिपोर्ट के अनुसार, छात्राएं सोशल मीडिया और इंटरनेट पर चल रहे सोनम वांगचुक के आंदोलन से प्रभावित थीं। छात्राओं ने समिति को बताया कि उन्हें लगा था कि यदि वे पहले से इसकी जानकारी देंगी तो अभिभावक और स्कूल प्रशासन इसकी अनुमति नहीं देंगे। इसी कारण उन्होंने स्कूल की छुट्टी के बाद विद्यालय से कुछ दूरी पर जाकर प्रदर्शन किया। किसी को नहीं थी जानकारी रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि छात्राओं ने स्वयं दो पोस्टर तैयार किए थे और इस गतिविधि की जानकारी विद्यालय के किसी भी कर्मचारी या शिक्षक को नहीं थी। समिति को किसी भी स्टाफ सदस्य द्वारा छात्राओं को उकसाने या सहयोग करने के कोई प्रमाण नहीं मिले। प्रार्थना में पूछा था एक ने प्रश्न प्राचार्य नरेश कुमार ने अपने स्पष्टीकरण में बताया कि प्रार्थना सभा के दौरान एक छात्रा ने सोनम वांगचुक के बारे में प्रश्न पूछा था, जिस पर उन्होंने सामान्य जानकारी देते हुए विद्यार्थियों को राजनीतिक गतिविधियों से दूर रहने और पढ़ाई पर ध्यान केंद्रित करने की सलाह दी थी। प्राचार्य को किया निलंबित इस बीच, स्कूल शिक्षा विभाग ने 19 जुलाई को हरियाणा सिविल सेवा (दंड एवं अपील) नियमावली-2016 के तहत प्राचार्य नरेश कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय, नारनौल निर्धारित किया गया है। निलंबन आदेश में कारणों का उल्लेख नहीं किया गया है।
विधानसभा में आज यूसीसी बिल पर चर्चा:विपक्ष के विधायक करेंगे विरोध; 14 विधेयकों पर सदन में होगी चर्चा
मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का आज मंगलवार को दूसरा दिन है। सदन में आज समान नागरिक संहिता विधेयक पर चर्चा की जाएगी। कांग्रेस के विधायक यूजीसी का विरोध कर रहे हैं। सत्र के पहले दिन सोमवार को जब इस बिल को पटल पर रखा गया था, तब कांग्रेस विधायक आरिफ मसूद ने इसका विरोध किया था। मसूद ने कहा था कि विधानसभा की कार्यसूची में यह बिल शामिल नहीं था तो अचानक कैसे आ गया। हालांकि सरकार की ओर से यह कहा गया था कि कार्यमंत्रणा समिति की बैठक में सहमति के बाद अनुपूरक कार्यसूची जारी हुई और उसमें जिन विधेयकों पर सहमति मिली थी उन्हें पेश किया है। आज हंगामे के आसारसमान नागरिक संहिता सहित करीब 14 विधेयकों पर सदन में चर्चा होनी है। कांग्रेस के विधायक यूसीसी का विरोध कर रहे हैं। वहीं बीजेपी इसके खुले समर्थन में हैं। नियम 138 (1) के तहत दो विधायक ध्यानाकर्षण के जरिए मुद्दे उठाएंगे बडे़ मुद्दे जो आज विधायक उठाएंगे पहला दिन: UCC विधेयक पेश, हंगामा मध्य प्रदेश विधानसभा के मानसून सत्र का पहला दिन सोमवार को UCC (यूनिफॉर्म सिविल कोड) विधेयक-2026 के नाम रहा। सरकार ने सदन में विधेयक पेश किया तो कांग्रेस ने आरोप लगाया कि इसे अनुपूरक कार्यसूची में 'चोरी-छिपे' जोड़ा गया है। भाजपा ने पलटवार करते हुए कहा कि विरोध से UCC रुकने वाला नहीं है। इसके अलावा सदन में खाद-बीज की उपलब्धता, किसानों की परेशानी और उज्जैन जमीन खरीदी का मुद्दा भी गूंजा। वहीं विधानसभा के बाहर 27% ओबीसी आरक्षण की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं पर पुलिस ने वाटर कैनन चलाकर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। दिनभर हंगामे और तीखी बहस के बाद सदन की कार्यवाही मंगलवार सुबह 11 बजे तक स्थगित कर दी गई। पूरी खबर यहां पढ़ें...
भोपाल के चर्चित ऐशबाग डबल मर्डर केस में रिमांड के दौरान कई चौंकाने वाले खुलासे हुए हैं। बुजुर्ग दंपती की हत्या करोड़ों रुपए की प्रॉपर्टी हड़पने की साजिश का हिस्सा थी। आरोपी श्रीकांत ने कथित तौर पर गिफ्ट डीड तैयार कराने में लाखों रुपए खर्च किए थे। मर्डर के लिए उसने दो देशी कट्टे के बदले एक लाख रुपए से ज्यादा खर्चे थे। जांच में मृतका शकुंतला की भाभी शिवानी बारिक को हत्याकांड से तो क्लीन चिट मिली है, लेकिन पता चला है कि उसके साथ भी लाखों रुपए के प्लॉट सौदे में फ्रॉड हुआ है। इतना ही नहीं पुलिस की जांच अवैध हथियार सप्लाई नेटवर्क तक पहुंच गई है। रिमांड के दौरान आरोपियों ने प्रॉपर्टी फ्रॉड, आर्थिक धोखाधड़ी और अवैध हथियारों की सप्लाई चेन तक की कहानी बताई है। पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले जानिए पूरा घटनाक्रम… 4 पाइंट में अब तक की जांच पुलिस के मुताबिक- ऐशबाग बुजुर्ग दंपती हत्याकांड मामला अब सिर्फ हत्या तक सीमित नहीं रहा। पुलिस का दावा है कि आरोपी श्रीकांत ने गिफ्ट डीड के जरिए मकान अपने नाम कराने की पूरी योजना बनाई थी। उसे भरोसा था कि छह महीने से एक साल के भीतर कानूनी प्रक्रिया पूरी कर वह करोड़ों रुपए की इस संपत्ति को बेच देगा। 1. गिफ्ट डीड पर खर्च किए 18 लाख पूछताछ में श्रीकांत ने पुलिस को बताया कि गिफ्ट डीड तैयार कराने में करीब 18 लाख रुपए खर्च हुए थे। इसके अलावा उसने शकुंतला को तीन लाख रुपए भी दिए थे। पुलिस का मानना है कि इस लेन-देन के बाद आर्थिक दबाव बढ़ने और जल्द संपत्ति पर कब्जा पाने की लालच ने हत्या की साजिश को जन्म दिया। 2. भाई को दिया आधा मकान देने का लालच पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि श्रीकांत ने अपने भाई शशिकांत को वारदात में साथ देने के बदले मकान बेचने के बाद मिलने वाली रकम में आधा हिस्सा देने का लालच दिया था। पुलिस के मुताबिक, यही लालच उसे साजिश में शामिल करने की बड़ी वजह बना। 3. दो कट्टे खरीदने में खर्च किए 1.05 लाख जांच में सामने आया कि वारदात में इस्तेमाल दोनों देशी पिस्टल (कट्टे) मालवा क्षेत्र से खरीदे गए थे। पुलिस के मुताबिक, एक कट्टा 50 हजार और दूसरा 55 हजार रुपए में खरीदा गया था। अब जांच का फोकस हथियार सप्लाई नेटवर्क पर है। पुलिस उन लोगों की पहचान कर रही है, जिन्होंने आरोपियों को हथियार उपलब्ध कराए। सप्लाई चेन से जुड़े लोगों के खिलाफ भी अलग से कार्रवाई की तैयारी है। 4. शिवानी को क्लीन चिट, फ्रॉड का दावा जांच में अब तक ऐसा कोई साक्ष्य नहीं मिला, जिससे शिवानी की हत्या की साजिश में भूमिका साबित हो सके। पुलिस ने उसे इस मामले में क्लीन चिट दी है। हालांकि जांच में यह भी सामने आया कि श्रीकांत ने कथित तौर पर शिवानी के 42 लाख रुपए कीमत के प्लॉट को बेचकर उसे केवल 32 लाख रुपए दिए। पूछताछ में श्रीकांत ने भी इस लेन-देन की पुष्टि की है। इस कथित आर्थिक गड़बड़ी की अलग से जांच की जा रही है। चार्जशीट की तैयारीदोनों मुख्य आरोपियों की पुलिस रिमांड पूरी होने के बाद उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब रिमांड के दौरान जुटाए गए डिजिटल, फॉरेंसिक और दस्तावेजी साक्ष्यों को चार्जशीट में शामिल करने की तैयारी कर रही है। यह खबर भी पढ़ें… करोड़ों की संपत्ति हड़पने बनवाया दानपत्र, फिर गोली मार दी भोपाल पुलिस ने सुदामा नगर कॉलोनी में रहने वाले दंपती हेमंत फिलेमोन और शकुंतला बारीक फिलेमोन की हत्या के मामले का खुलासा कर दिया है। वारदात के करीब 20 दिन बाद पुलिस ने दो प्रॉपर्टी डीलरों- श्रीकांत चिंचलिया (40) और शशिकांत चिंचलिया (35) को गिरफ्तार किया है। दोनों सगे भाई हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें... 5-7 फीट की दूरी से मारी बुजुर्ग दंपती को गोली भोपाल की सुदामा नगर कॉलोनी में रहने वाले बुजुर्ग दंपती हेमंत बारीक और शकुंतला बारीक की जिंदगी जितनी शांत दिखती थी, उतनी ही रहस्यों से भरी हुई भी थी। 26 जून को जब दोनों के शव घर के भीतर सड़ी-गली हालत में मिले तो पूरे इलाके में सनसनी फैल गई। पढ़ें पूरी खबर...
ग्वालियर में साइबर ठगों का जाल लगातार फैलता जा रहा है। इस बार माधौगंज थाना क्षेत्र के एक युवक को WhatsApp पर आई एक अनजान लिंक खोलना भारी पड़ गया। लिंक ओपन करते ही साइबर अपराधियों ने उसके बैंक खाते में सेंध लगा दी और 74 हजार रुपए उड़ा दिए। हैरानी की बात यह रही कि पीड़ित को इस ठगी का पता करीब एक महीने बाद चला। माधौगंज थाना क्षेत्र की सिंधी कॉलोनी स्थित नेपाली माता मंदिर के पास रहने वाले संजय सेंगर के मोबाइल पर 12 मई को दोपहर करीब 3 बजे एक अज्ञात लिंक आई। बिना संदेह किए उन्होंने लिंक खोल दी और फिर मोबाइल जेब में रख लिया। उन्हें अंदाजा भी नहीं था कि इसी एक क्लिक से साइबर ठग उनके बैंक खाते तक पहुंच चुके हैं। 43 दिन बाद दर्ज किया मामला घटना का खुलासा 7 जून की शाम उस समय हुआ, जब संजय ने अपने एक रिश्तेदार को 10 हजार रुपए ऑनलाइन भेजने की कोशिश की। ट्रांजैक्शन बार-बार फेल होने पर वह बैंक पहुंचे। खाते की जांच में पता चला कि उनके अकाउंट से पहले ही 74 हजार रुपए निकाले जा चुके हैं। ठगी का पता चलते ही पीड़ित ने माधौगंज थाने पहुंचकर शिकायत की। पुलिस ने पीड़ित की जांच के बाद शिकायत के 43 दिन बाद सोमवार रात मामला दर्ज कर साइबर ठगों की तलाश शुरू कर दी है। सावधान रहें पुलिस और साइबर विशेषज्ञ लगातार सलाह दे रहे हैं कि WhatsApp, SMS या ई-मेल पर आने वाली किसी भी अनजान लिंक पर बिना जांच किए क्लिक न करें। एक छोटी-सी लापरवाही आपकी मेहनत की कमाई को पलभर में गायब कर सकती है।
जम्मू-कश्मीर में लगातार हो रही बारिश से हालात गंभीर बने हुए हैं। सोमवार को बारिश से जुड़े अलग-अलग हादसों में 11 और लोगों की मौत हो गई। इसके साथ ही पिछले दो दिनों में मरने वालों की संख्या बढ़कर 23 हो गई है। पुंछ और राजौरी के बाढ़ प्रभावित इलाकों में सात लोग अब भी लापता हैं। लगातार बारिश के कारण राहत और बचाव अभियान प्रभावित हुआ। हिमाचल प्रदेश में भारी बारिश के रेड अलर्ट के बाद कांगड़ा, मंडी और सिरमौर जिलों के सभी सरकारी और निजी स्कूल-कालेजों को 20 और 21 जुलाई के लिए बंद कर दिया गया है। अधिकारियों ने सोमवार को यह जानकारी दी। प्रशासन ने लोगों से मौसम विभाग की चेतावनियों का पालन करने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक यात्रा से बचने की अपील की है। असम के ऊपरी हिस्सों में लगातार बारिश के कारण सोमवार को बाढ़ की स्थिति और गंभीर हो गई। राहत और बचाव कार्यों के लिए सेना को तैनात करना पड़ा। वहीं, कई इलाकों में रेल सेवाएं भी प्रभावित हुई हैं। बाढ़ से अब तक पांच लोगों की मौत हो चुकी है और 57,100 से ज्यादा लोग प्रभावित हैं। चराइदेव, धेमाजी, डिब्रूगढ़, जोरहाट, शिवसागर, तिनसुकिया और उदलगुड़ी जिले बाढ़ से प्रभावित हैं। राज्य के कई चाय बागान भी पानी में डूब गए हैं। मौसम विभाग के मुताबिक, एमपी के लगभग 90% हिस्से में अगले 4 दिन यानी, 23 जुलाई तक हल्की बारिश का दौर बना रहेगा। राजस्थान में मानसून के लंबे ब्रेक के बाद सोमवार को उदयपुर, अलवर, भरतपुर, डीग, धौलपुर और कोटपूतली-बहरोड़ जिले में बारिश हुई। देशभर के मौसम से जुड़ी तस्वीरें… अगले 2 दिन के मौसम का हाल… 21 जुलाई: 22 जुलाई:
भोपाल समेत मध्य प्रदेश के 13 नगर निगम में सरकार ने कुल 108 एल्डरमैन (नाम निर्दिष्ट पार्षद) नियुक्त कर दिए हैं। अब ये एल्डरमैन निगमों की मीटिंग में शामिल होंगे और जनता से जुड़े मुद्दे उठाएंगे। हालांकि, उन्हें न तो बजट मिलेगा और न ही कोई वित्तीय अधिकार रहेंगे। भोपाल में मंत्री, सांस और विधायक के समर्थकों को एडजस्ट किया गया है। एक्सपर्ट की माने तो एल्डरमैन सिर्फ सवाल उठा सकेंगे। वहीं, चर्चा में भी भाग ले सकेंगे। भोपाल निगम अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी कहते हैं कि एल्डरमैन के लिए बजट का प्रावधान नहीं है, लेकिन उन्हें सवाल पूछने का अधिकार मिलता है। मीटिंग में वे किसी भी मुद्दे में चर्चा में शामिल हो सकते हैं। भोपाल में बीजेपी के 62 पार्षद, एल्डरमैन 12 भोपाल निगम में कुल 85 वार्ड हैं। वर्तमान में बीजेपी के कुल 62 पार्षद हैं, जबकि कांग्रेस के 22 और एक निर्दलीय हैं। 12 एल्डरमैन भी बीजेपी के ही हैं। ऐसे में परिषद में इनकी संख्या 74 हो जाएगी।हालांकि, भोपाल निगम की मौजूदा परिषद का कार्यकाल करीब 13 महीने का ही बाकी बचा है। अगले साल अगस्त में चुनाव हो जाएंगे। इसके करीब दो महीने पहले से आचार संहिता लग जाएगी। ऐसे में एल्डरमैन को काम करने के लिए सिर्फ 9 महीने का समय ही मिल सकेगा। एल्डरमैन को छोड़ बाकी सबके के लिए बजट बजट और वित्तीय अधिकार को लेकर बात करें तो भोपाल निगम में पार्षद से लेकर मेयर तक का बजट तय है। प्रत्येक पार्षद को सालाना 50 लाख रुपए, एमआईसी मेंबर को 1 करोड़ रुपए, जोन अध्यक्ष को 10 लाख रुपए, अध्यक्ष को 5 करोड़ रुपए और महापौर को 10 करोड़ रुपए खर्च करने के अधिकार हैं। इन निगमों में एल्डरमैन नियुक्त सरकार ने भोपाल के अलावा उज्जैन, मुरैना, सागर, रीवा, सतना, सिंगरौली, कटनी, छिंदवाड़ा, खंडवा, बुरहानपुर, देवास और रतलाम में भी एल्डरमैन नियुक्त किए हैं। भोपाल में 12 और बाकी निकायों में 8-8 एल्डरमैन रहेंगे। इंदौर निगम को फिलहाल होल्ड पर रखा गया है। ये खबर भी पढ़ें…MP की 13 नगर निगमों में 108 एल्डरमैन नियुक्त मध्य प्रदेश सरकार ने स्थानीय निकायों में राजनीतिक नियुक्तियों का सिलसिला फिर शुरू करते हुए भोपाल सहित 13 नगर निगमों में एल्डरमैन (नामनिर्दिष्ट पार्षद) नियुक्त कर दिए हैं। नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने शनिवार को आदेश जारी किए। भोपाल नगर निगम में 12 जबकि मुरैना, सागर, रीवा, सतना, सिंगरौली, कटनी, छिंदवाड़ा, खंडवा, बुरहानपुर, उज्जैन, देवास और रतलाम नगर निगम में 8-8 एल्डरमैन बनाए गए हैं।पूरी खबर पढ़ें
राजधानी भोपाल के पब्लिक ट्रांसपोर्ट के रूप में पहली बार इलेक्ट्रिक बसें दौड़ेंगी। इनका ट्रायल रन शुरू भी हो गया है। अगले 5 दिन तक अलग-अलग रूट पर ट्रायल होगा। ताकि, खामियां पता चल सकें। हालांकि, पहले दिन कोई दिक्कत नहीं आई। 40 से 50Km प्रतिघंटे की रफ्तार से बसें दौड़ी और घाटियों पर भी आसानी से चढ़ गईं। इन बसों को भोपाल शहर के अलावा फंदा, औबदुल्लागंज, सीहोर, मंडीदीप, भोजपुर, बिलखिरिया समेत कई निकायों तक चलाया जाएगा। महापौर मालती राय और अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने बताया कि इन नई बसों में कई खासियतें भी हैं। सबसे प्रमुख दिव्यांगों के चढ़ने-उतरने के लिए हाईड्रोलिक डोर हैं। जिनके जरिए वे ट्रायसिकल, व्हील चेयर समेत बस में आ-जा सकेंगे। मेयर मालती राय और अध्यक्ष किशन सूर्यवंशी ने पार्षदों के सामने देखा कि ये हाईड्रोलिक डोर कैसे काम करते हैं? इन बसों में जिस जगह हाईड्रोलिक डोर है, उसके ठीक सामने इतनी जगह है कि दो व्ही लचेयर या ट्रायसिकल एक साथ खड़ी हो सके। दिव्यांगजनों के लिए पहली बार बस में यह सुविधा दी गई है। भोपाल के ट्रैफिक के लिहाज से इसलिए खास ई-बस की लंबाई 9 मीटर और चौड़ाई करीब साढ़े 3 मीटर है, जबकि वर्तमान में जो सिटी बसें चल रही हैं, उनकी लंबाई 12 मीटर तक है। ऐसे में कई बार ये बसें तंग सड़कों और ट्रैफिक में फंस जाती है। सोमवार को जब बसों का ट्रैफिक से भरी सड़कों पर ट्रायल रन हुआ तो कोई दिक्कत नहीं आई। ई-बसों की देखिए तस्वीरें… ऐसे होगा संचालन ट्रायल के दौरान बसों का संचालन दो शिफ्ट में किया जा रहा है। पहली शिफ्ट सुबह 8 से दोपहर 12 बजे तक रही। दूसरी शिफ्ट दोपहर 2 से शाम 6 बजे तक रहेगी। पुराने भोपाल से कोलार तक जुड़ेगा रूट इलेक्ट्रिक बसें बैरागढ़ डिपो से पुराने भोपाल होते हुए बोर्ड ऑफिस तक ले जाया जा रहा है। यहां से बसें भोपाल रेलवे स्टेशन(प्लेटफॉर्म नंबर-1) और कोलार के बैरागढ़ चीचली रूट तक चलेंगी। ट्रायल के दौरान इन मार्गों पर बस संचालन में आने वाली दिक्कतों और यातायात दबाव का आकलन किया जा रहा है। 21 बसें पहुंचीं, 20 और आएंगी एमआईसी मेंबर मनोज राठौर ने बताया कि भोपाल में अब तक 21 इलेक्ट्रिक बसें पहुंच चुकी हैं। अगले 10 से 12 दिन में 20 और नई बसें आने की उम्मीद है। इसके बाद शहर में इलेक्ट्रिक बसों का बेड़ा और बढ़ जाएगा। बसों के संचालन के लिए बैरागढ़ डिपो में चार्जिंग व्यवस्था भी तैयार कर ली गई है। यहां 11 चार्जर पाइंट लगाए जा चुके हैं। ताकि, नियमित संचालन शुरू होने के बाद बसों को चार्जिंग की समस्या का सामना न करना पड़े। ट्रायल सफल होने के बाद यात्रियों के लिए इलेक्ट्रिक बस सेवा शुरू करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। एक घंटे में तय की दूरी ट्रायल रन के पहले दिन मेयर-अध्यक्ष समेत पार्षदों ने बसों में सफर कर खामियों को जाना। लिंक रोड नंबर-2 स्थित निगम मुख्यालय से वीआईपी रोड, लालघाटी, कोहेफिजा होते हुए करीब एक घंटे में बसें वापस मुख्यालय पहुंची। इस दौरान रास्ते में चना जोर गरम और भुट्टे का भी जनप्रतिनिधियों ने लुत्फ उठाया। ये खबर भी पढ़ें… भोपाल में ई-बसों का ट्रायल शुरू भोपाल में ई-बसों का ट्रायल रन शुरू हो गया है। सोमवार सुबह से बैरागढ़ स्थित डिपो से ई-बसें निकली और 3 रूट पर दौड़ने लगी। अगले 5 दिन तक बसें सड़कों पर दौड़ेगी। अगस्त में आम लोगों के लिए बसें चलने लगेगी। एक दिन पहले रविवार को जगदीशपुर में हुई कैबिनेट में इन्हीं 3 ई-बसों के जरिए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव, मंत्री और सीनियर अधिकारी पहुंचे थे।पूरी खबर पढ़ें
करनाल के निसिंग-सांभली रोड स्थित खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामले विभाग के खुले भंडारण केंद्र (ओपन प्लिंथ) पर रखे सरकारी गेहूं को लेकर गंभीर आरोप सामने आए हैं। शिकायतकर्ता का दावा है कि रात के अंधेरे में बोरवेल के पानी से गेहूं की बोरियों को भिगोया गया, ताकि उनका वजन बढ़ाया जा सके। आरोप है कि इस दौरान लंबी प्लास्टिक पाइप के जरिए स्टैक पर पानी डाला गया। मामले की शिकायत सरकार और जिला प्रशासन को भेजी गई है। वहीं डीएफएससी ने पूरे प्रकरण की जांच शुरू होने की पुष्टि की है। रात के अंधेरे में बिछाई पाइप, बोरियों पर डाला पानीखिराजपुर निवासी विकास शर्मा ने शिकायत में आरोप लगाया कि शनिवार देर रात कुछ कर्मचारियों ने प्लिंथ परिसर के अंदर बोरवेल से प्लास्टिक पाइप जोड़कर गेहूं के स्टैक तक पहुंचाई और बोरियों पर पानी डाला। उनका दावा है कि पानी कई बोरियों के ऊपर से बहता हुआ दिखाई दिया। आरोप है कि पूरी कार्रवाई रात में इसलिए की गई ताकि किसी को इसकी जानकारी न मिल सके। करीब 2 लाख बोरियां, 25 करोड़ से ज्यादा का स्टॉकशिकायत के अनुसार, वर्ष 2026-27 के लिए इस ओपन प्लिंथ पर करीब दो लाख गेहूं की बोरियां रखी गई हैं। इनमें लगभग एक लाख क्विंटल गेहूं संग्रहित है, जिसकी समर्थन मूल्य के आधार पर अनुमानित कीमत करीब 25.85 करोड़ रुपये बताई जा रही है। ऐसे में यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो इससे सरकारी गेहूं की गुणवत्ता प्रभावित होने के साथ सरकार को करोड़ों रुपये का नुकसान हो सकता है। स्टॉक में कमी छिपाने के लिए पानी डालने का आरोपशिकायतकर्ता ने आशंका जताई है कि यदि स्टॉक में किसी प्रकार की कमी हुई हो तो उसे छिपाने या वजन बढ़ाने के उद्देश्य से गेहूं की बोरियों को जानबूझकर भिगोया गया हो सकता है। हालांकि अभी तक इस आरोप की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। शिकायत में पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की गई है। बंद थीं लाइटें, सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवालशिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि घटना के समय भंडारण स्थल के आसपास की लाइटें बंद थीं और मुख्य गेट भी बंद था। इसके बावजूद परिसर के अंदर गतिविधियां चलती रहीं। आरोप है कि कुछ कर्मचारी अपने परिचित व्यक्ति को मोटरसाइकिल पर अंदर लेकर गए और वहीं से पानी की पाइप स्टैक तक पहुंचाई गई। इससे भंडारण केंद्र की सुरक्षा व्यवस्था पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। डीएफएससी बोले- जांच के बाद होगी स्थिति स्पष्टजिला खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक (डीएफएससी) मुकेश ने कहा कि मामले की जांच कराई जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा कि आरोपों में कितनी सच्चाई है और आगे क्या कार्रवाई की जाएगी।
कुरुक्षेत्र के राजकुमार उर्फ राजू (42) हत्याकांड में पुलिस जांच के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जांच में सामने आया कि इंस्टाग्राम पर शुरू हुआ राजू की पत्नी सुषमा का दो साल पुराना प्रेम संबंध ही उसकी हत्या की वजह बना। राजू को अपनी पत्नी के अफेयर को लेकर शक हो गया था। इसके बाद घर में झगड़े होने लगे। सुषमा ने यह बात अपनी प्रेमी मोहित को बताई। मोहित ने पहले राजू से दोस्ती की और फिर उसका भरोसा जीता। 18 जुलाई को शराब पिलाने के बाद परने से गला घोंटकर उसकी हत्या कर दी। इसके बाद शव फेंककर फरार हो गया। हालांकि, सीसीटीवी फुटेज के कारण वह फंस गया। सदर थाना थानेसर पुलिस राजू की पत्नी सुषमा और उसके बॉयफ्रेंड मोहित को गिरफ्तार कर चुकी है। दुबई में रहते हुए इंस्टाग्राम पर हुई थी पहचान पुलिस जांच के मुताबिक, करीब दो साल पहले मोहित दुबई में काम करता था। इसी दौरान उसकी पहचान इंस्टाग्राम पर सांवला गांव के राजू की पत्नी सुषमा (40) से हुई। सोशल मीडिया पर शुरू हुई बातचीत धीरे-धीरे फोन कॉल तक पहुंच गई। दोनों के बीच लगातार संपर्क बढ़ता गया और बाद में दोनों के बीच प्रेम संबंध बन गए। छुट्टी लेकर मिलने आता था मोहित दुबई से छुट्टी लेकर जब भी मोहित भारत आता, वह सुषमा से मिलने पहुंचता था। करीब चार महीने पहले वह दुबई छोड़कर हमेशा के लिए भारत लौट आया। इसके बाद वह अपने मुनियारपुर गांव में टेंट की दुकान पर काम करने लगा। यहीं रहने के कारण दोनों की मुलाकातें और बढ़ गईं। पति को हुआ शक, घर में शुरू हो गए झगड़े पुलिस के मुताबिक, राजू को पत्नी के मोबाइल पर किसी दूसरे युवक से लगातार बातचीत होने का शक हो गया था। उसने कई बार सुषमा से इस बारे में सवाल किए। इसके बाद पति-पत्नी के बीच अक्सर विवाद होने लगा। राजू की मां रोशनी देवी का आरोप है कि सुषमा कई बार राजू को तलाक देने की धमकी भी देती थी। 20 साल पहले हुई थी राजू-सुषमा की शादी रोशनी देवी ने बताया कि करीब 20 साल पहले करनाल जिले के तखाना गांव निवासी सुषमा की शादी उनके इकलौते बेटे राजू से हुई थी। दोनों के दो बच्चे हैं, जिनमें 19 साल का बेटा शिवम और 14 साल की बेटी शिवानी हैं। करीब दो महीने पहले ही शिवम की चंडीगढ़ की एक फार्मा कंपनी में नौकरी लगी थी। सास को बहन बनाकर जीता परिवार का भरोसा रोशनी देवी ने बताया कि मोहित ने पहले पूरे परिवार का भरोसा जीता। उसने खुद को करनाल के उपली गांव का निवासी बताया। रोशनी देवी के अनुसार, उनका मायका भी उपली गांव में है। मोहित ने उनके परिवार और भाइयों के नाम लेकर विश्वास जीता और उन्हें अपनी बहन बना लिया। इसके बाद मोहित अक्सर राजू के पिता राजेंद्र की दुकान पर आने-जाने लगा। जरूरत पड़ने पर आर्थिक मदद का भरोसा भी देता था। धीरे-धीरे वह परिवार का करीबी बन गया। बाद में उसने राजू से भी दोस्ती कर ली। वह अक्सर गांव में बाइक खड़ी कर राजू की किराना और फास्ट फूड की दुकान पर घंटों बैठा रहता था। राजू को छोड़ने के बहाने सुषमा से मिलने पहुंचता था परिजनों के अनुसार, मोहित कई बार राजू को शराब पिलाता था। नशे की हालत में उसे घर छोड़ने के बहाने वह सुषमा से मिलने पहुंच जाता था। परिवार को कभी शक नहीं हुआ कि दोनों के बीच प्रेम संबंध हैं। मोहित और सुषमा ने साथ भागने की योजना भी बना ली थी। इसी के लिए मोहित ने सुषमा का पासपोर्ट भी बनवा दिया था। पिछले साल ही सुषमा का पासपोर्ट बनकर घर आया था, जबकि परिवार के किसी अन्य सदस्य का पासपोर्ट नहीं बना हुआ है। पति की मौत के बाद भी सुषमा ने कोई चिंता नहीं दिखाई। वह अपने कमरे में बैठी रही, जबकि बाहर राजू का शव पड़ा था। अब जानिए SHO ने क्या बताया… खेतों में शराब पिलाई, फिर गला घोंटकर हत्या की थाना सदर थानेसर के SHO रणधीर सिंह ने बताया कि 18 जुलाई की रात करीब 9 बजे मोहित राजू को बाइक पर बैठाकर खेतों में ले गया। वहां दोनों ने शराब पी। जब राजू नशे की हालत में हो गया तो मोहित ने परने से उसका गला घोंटकर हत्या कर दी। इसके बाद शव को गांव के गुरुद्वारे के पास सड़क किनारे फेंक दिया। सुबह ग्रामीण ने देखा शव अगले दिन रविवार सुबह करीब 6 बजे गांव के दासा राम ने गुरुद्वारे के पास सड़क किनारे शव पड़ा देखा। उन्होंने तुरंत परिजनों को सूचना दी। सूचना मिलते ही परिवार के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को जानकारी दी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम कराया और बाद में परिजनों को सौंप दिया। आरोपी दो दिन के रिमांड पर, पत्नी भेजी गई जेल पुलिस ने इस मामले में पत्नी सुषमा को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। वहीं मुख्य आरोपी मोहित को दो दिन के पुलिस रिमांड पर लेकर पूछताछ की जा रही है। पुलिस वारदात में इस्तेमाल बाइक समेत अन्य साक्ष्य जुटाने में लगी है।
हरियाणा के पंचकूला में दहेज उत्पीड़न के एक मामले की सुनवाई के दौरान सोमवार को मंत्री कृष्णलाल पंवार ने महिला थाना की SHO और ASI को सस्पेंड कर दिया। यह कार्रवाई तब हुई, जब पीड़िता ने आरोप लगाया कि जांच के दौरान उससे कहा गया, यह पुरुष प्रधान देश है, यहां महिलाओं को सब कुछ सहना पड़ता है। सुनवाई के दौरान गवाह को कार्रवाई की चेतावनी वाला नोटिस भेजने, जांच में लापरवाही बरतने और आरोपियों के नाम केस से हटाने को लेकर मंत्री ने दोनों पुलिस अधिकारियों के तत्काल सस्पेंशन के आदेश दिए। पीड़िता मनीषा ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा- उसके ससुर सतेंद्र कुमार यमुनानगर CIA में सब-इंस्पेक्टर के पद पर तैनात हैं। इसी वजह से पुलिस ने उनका नाम केस से हटा दिया। मनीषा का दावा है कि 6 लाख रुपए उसके ससुर ने ही लिए थे, लेकिन उन्हें आरोपी नहीं बनाया गया। उसने यह भी आरोप लगाया कि पुलिस ने उसकी सास को भी मामले में आरोपी नहीं बनाया। अब जानिए पति और ससुराल से विवाद की पूरी कहानी… 4 पॉइंट में समझिए ASI और SI के सस्पेंशन की वजह 1. जांच में ससुर का नाम हटाने का आरोप मनीषा के अनुसार, उसने महिला थाना पंचकूला में दहेज उत्पीड़न का केस दर्ज कराया था। आरोप है कि जांच अधिकारी इंस्पेक्टर राजेश कुमारी ने उसके ससुर सतेंद्र का नाम केस से हटा दिया और सास को भी आरोपी नहीं बनाया। जबकि 6 लाख रुपए ससुर ने लिए थे और उसकी पिटाई सास के कहने पर हुई थी। उसने इसकी ऑडियो रिकॉर्डिंग भी जांच अधिकारी को सौंपी थी। 2. SHO की शिकायत, जांच जूनियर अधिकारी को सौंपने का आरोप मनीषा का आरोप है कि जब उन्होंने इंस्पेक्टर राजेश कुमारी के खिलाफ DCP और ACP से शिकायत की तो जांच ASI कविता को सौंप दी गई। ASI कविता ने उनसे कहा कि पुरुष प्रधान देश में महिलाओं को इतना तो सहना पड़ता है। विरोध करने पर जांच SI नेहा सिंधू को सौंप दी गई। 3. SI बोलीं- सीनियर की रिपोर्ट नहीं बदल सकती मनीषा का कहना है कि उन्होंने SI नेहा सिंधू को 6 लाख रुपए के लेन-देन और मारपीट से जुड़े सबूत भी दिए। इसके बावजूद SI ने कथित तौर पर कहा कि वह अपनी सीनियर अधिकारी की रिपोर्ट में बदलाव नहीं कर सकती। 4. SHO पर गवाह को डराने का आरोप मनीषा और उसके पिता ने मंत्री कृष्णलाल पंवार को बताया कि पुलिस ने उनके गवाह को नोटिस भेजकर कार्रवाई की चेतावनी दी। उनका आरोप है कि जब गवाह थाने पहुंचा तो SHO ने उसे डराकर उसके बयान दर्ज करवा लिए। अब जानिए ग्रीवेंस मीटिंग में क्यों नाराज हुए मंत्री…
पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस का 'रीयल बॉस' कौन होगा, इसका फैसला आज हो सकता है। पंजाब कांग्रेस के प्रभारी भूपेश बघेल ने दिल्ली में इंदिरा भवन में सीनियर नेताओं की मीटिंग बुलाई है। जिसमें प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग, पूर्व CM व सांसद चरणजीत चन्नी, नेता विपक्ष प्रताप सिंह बाजवा, सुखजिंदर रंधावा भी शामिल हैं। खास बात ये है कि पंजाब कांग्रेस में चुनाव से पहले चन्नी और वड़िंग की गुटबाजी के बीच यह पहली बार होगा, जब दोनों नेता एक ही जगह आमने-सामने बैठे होंगे। मीटिंग का एजेंडा विधानसभा चुनाव की तैयारियों का है लेकिन कांग्रेस सूत्रों की मानें तो इसमें सभी नेताओं को उनकी हद बता दी जाएगी। चूंकि कांग्रेस हाईकमान पहले ही साफ कर चुका है कि राजा वड़िंग को प्रधान पद से नहीं हटाया जाएगा। ऐसे में संगठन की जिम्मेदारी उनके पास ही रह सकती है। बागी चन्नी गुट को भी हाईकमान टिकट वितरण में भूमिका और बहुमत मिलने की सूरत में चरणजीत चन्नी के नाम पर सीएम चेहरे के तौर पर विचार करने का भरोसा देकर खुश कर सकता है। जानिए, आज दिल्ली में क्या-क्या हो सकता है... 1. सबसे पहले तय होगा- चुनाव में कांग्रेस का 'रीयल बॉस' कौन?कांग्रेस सूत्रों के मुताबिक राहुल गांधी और हाईकमान चुनाव से पहले संगठन में कोई बड़ा बदलाव नहीं चाहते। ऐसे में प्रदेश प्रधान अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग के पास ही संगठन की कमान रहेगी। चुनावी अभियान, संगठन और कमेटियों के बीच तालमेल की जिम्मेदारी भी उनके पास रहने के संकेत हैं। यानी चुनाव तक पार्टी की ओवरऑल कमांड वड़िंग के हाथ में रह सकती है। 2. चन्नी को कैसे मनाएगा हाईकमान?वड़िंग को संगठन की कमान मिलने की स्थिति में हाईकमान चन्नी गुट को साधने की कोशिश करेगा। सूत्रों के मुताबिक टिकट वितरण में चरणजीत सिंह चन्नी की भूमिका बढ़ाई जा सकती है। साथ ही बहुमत मिलने की स्थिति में मुख्यमंत्री चेहरे के तौर पर उनके नाम पर विचार का भरोसा भी दिया जा सकता है, ताकि दोनों गुटों के बीच राजनीतिक संतुलन बना रहे। 3. पहली बार आमने-सामने... वड़िंग-चन्नी की बॉडी लैंग्वेज पर सबसे ज्यादा नजरगुटबाजी खुलकर सामने आने के बाद पहली बार राजा वड़िंग और चरणजीत सिंह चन्नी एक ही बैठक में बैठेंगे। चन्नी समर्थक पहले सार्वजनिक तौर पर वड़िंग के नेतृत्व पर सवाल उठा चुके हैं। ऐसे में बैठक के दौरान दोनों नेताओं का रुख और बैठक के बाद उनकी बॉडी लैंग्वेज तक पर नजर रहेगी। यही तय करेगा कि अंदरूनी टकराव खत्म हुआ या सिर्फ टाल दिया गया। 4. CM चेहरा अभी क्यों नहीं?बैठक में संगठन महासचिव केसी वेणुगोपाल नेताओं को स्पष्ट संदेश दे सकते हैं कि फिलहाल पार्टी का लक्ष्य चुनाव जीतना है। मुख्यमंत्री चेहरे की बहस चुनाव के बाद या उचित समय पर होगी। अभी सभी नेताओं को अपनी-अपनी जिम्मेदारियों पर फोकस करने और सार्वजनिक बयानबाजी से बचने को कहा जाएगा। हाईकमान का मानना है कि अभी CM चेहरे का ऐलान करने से संगठन से ज्यादा व्यक्तियों की चर्चा शुरू हो जाएगी। इसलिए फिलहाल पूरा फोकस चुनावी तैयारी पर रहेगा। 5. आखिरी चेतावनी- नहीं माने तो एक्शनबैठक में हाईकमान नेताओं को साफ संदेश दे सकता है कि चुनाव से पहले अनुशासनहीनता किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं होगी। अगर बैठक के बाद भी सार्वजनिक बयानबाजी, गुटबाजी या नेतृत्व पर सवाल उठे तो संबंधित नेताओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा सकती है। कांग्रेस चुनाव से पहले 'वन कमांड, वन मैसेज' की रणनीति पर आगे बढ़ना चाहती है। 6. आखिर कांग्रेस का पूरा गेम प्लान क्या है?हाईकमान की रणनीति संगठन और चुनावी राजनीति के बीच संतुलन बनाने की है। संगठन की कमान राजा वड़िंग के पास रखने के साथ चन्नी को टिकट वितरण और भविष्य के नेतृत्व में अहम हिस्सेदारी देकर दोनों गुटों को साथ रखने की कोशिश होगी। मकसद साफ है- चुनाव से पहले नेतृत्व की लड़ाई खत्म कर पूरी पार्टी को एक कमांड के तहत मैदान में उतारना है, यानी हाईकमान का फॉर्मूला साफ है—'कमान एक के हाथ, सम्मान सभी के साथ।' ************ ये खबर भी पढ़ें: कांग्रेस हाईकमान पंजाब प्रधान बदलने को राजी था: सिंगला पर चन्नी भी सहमत थे, अचानक वड़िंग की वापसी क्यों; चन्नी ने मीटिंग में क्या कहा पंजाब कांग्रेस में टूट के खतरे के बीच नए खुलासे सामने आए हैं। कांग्रेस हाईकमान पूर्व सांसद विजयइंदर सिंगला को प्रधान बनाने वाला था। चन्नी को कैंपेन कमेटी का प्रमुख बनाना था। खुद चन्नी भी इसके लिए राजी थे। इसकी वजह ये थी कि विजयइंदर सिंगला हिंदू नेता हैं और पंजाब सिख स्टेट होने के नाते पहले भी कांग्रेस सुनील जाखड़ को सीएम बनाने से इनकार कर चुकी है। ऐसी सूरत में चन्नी ही सबसे बड़े दावेदार होते। (पढ़ें पूरी खबर)
मैं जा तो रही हूं मां, लेकिन मुझे लग रहा है कि शायद अब कभी आपके पास वापस नहीं आ पाऊंगी। यह रितु के वे आखिरी शब्द थे, जो उसने 13 जुलाई को फरीदाबाद के लिए रवाना होते समय अपनी मां से कहे थे। चार दिन बाद, 17 जुलाई को फरीदाबाद के सेक्टर-9 स्थित ससुराल की तीसरी मंजिल से गिरने से उसकी मौत हो गई। रितु के भाई संदीप ने दैनिक भास्कर से बातचीत में आरोप लगाए कि यह हादसा नहीं, बल्कि ससुराल पक्ष ने धक्का देकर उसकी हत्या की है। रितु बिहार में सरकारी टीचर थी, जबकि उसका पति पंकज भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट है। पंकज ने ही चाइल्ड केयर लीव दिलवाकर रितु को फरीदाबाद बुलाया था, जिसके बाद यह घटना हुई। सिलसिलेवार ढंग से पूरा मामला जानिए… साल 2017 में हुई थी शादी बिहार के भागलपुर जिले की रहने वाली रितु (37) की शादी साल 2017 में भागलपुर के मकनपुर गांव निवासी पंकज शर्मा से हुई थी। दोनों की अरेंज मैरिज परिवारों की रजामंदी से हुई थी। रितु के परिजनों का आरोप है कि शादी में उन्होंने 15 लाख रुपए नकद दिए थे। रितु ने इंग्लिश में एमए की थी और शादी से पहले ही वह सरकारी स्कूल में टीचर के पद पर नियुक्त हो गई थी। शादी के बाद वह कुछ समय तक बिहार स्थित अपनी ससुराल में रही। पति 3 साल पहले बना लेफ्टिनेंट रितु के भाई संदीप ने बताया कि करीब तीन साल पहले पंकज भारतीय सेना में लेफ्टिनेंट के पद पर नियुक्त हुआ था। फिलहाल उसकी तैनाती लद्दाख में है। दंपती के दो बच्चे हैं, जिनमें साढ़े सात साल की बेटी चेतन्या और साढ़े तीन साल का बेटा लक्ष्य है। दोनों बच्चों की देखभाल रितु ही कर रही थी। वह बिहार में अपनी ससुराल के पास किराए पर अलग कमरा लेकर दोनों बच्चों के साथ रहती थी। 5 महीने पहले बेटी को फरीदाबाद ले गया था पति संदीप के अनुसार, करीब पांच महीने पहले पंकज बिहार से अपनी बेटी चेतन्या को फरीदाबाद ले आया था, जबकि बेटा लक्ष्य रितु के पास ही रहा। पंकज ने शिक्षा विभाग से बात कर रितु को 90 दिन की चाइल्ड केयर लीव दिलवाई और उसे फरीदाबाद बुलाया। रितु फरीदाबाद नहीं आना चाहती थी, लेकिन बेटी के मोह में वह वहां चली गई। शादी के बाद से ससुराल पक्ष से था विवाद रितु के भाई का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसकी बहन की अपने जेठ-जेठानी और अन्य ससुराल वालों से अनबन रहती थी। रितु को किसी भी पारिवारिक समारोह में अपने शादी के जेवर पहनने नहीं दिए जाते थे। जब वह इसकी शिकायत अपने पति पंकज से करती थी तो वह भी परिवार वालों का ही पक्ष लेता था। इसी वजह से रितु ससुराल छोड़कर बिहार में रहने लगी थी। 13 जुलाई को घर से निकली, 17 जुलाई को हुई मौत संदीप ने बताया कि रितु 13 जुलाई को बिहार से ट्रेन के जरिए दिल्ली के लिए रवाना हुई थी। 14 जुलाई को वह फरीदाबाद के सेक्टर-9 स्थित अपनी ससुराल पहुंची। 17 जुलाई को करीब तीन बजे उसके साथ यह घटना हुई। हालांकि परिवार को उसकी मौत की सूचना रात करीब आठ बजे दी गई। भाई ने धक्का देकर हत्या करने का लगाया आरोप रितु के भाई संदीप ने आरोप लगाया कि उसके जेठ राजीव और संजीव व उनकी पत्नियां पूनम और रीना उसे लगातार प्रताड़ित करते थे। इन्हीं लोगों ने रितु को धक्का देकर नीचे गिराया। उन्होंने दावा किया कि घटना का एक सीसीटीवी वीडियो भी सामने आया है, जिसमें रितु नीचे गिरती हुई दिखाई दे रही है। वीडियो से स्पष्ट होता है कि उसे धक्का देकर नीचे गिराया गया। पुलिस पर कार्रवाई नहीं करने का आरोप संदीप का आरोप है कि पुलिस इस मामले में निष्पक्ष और प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रही है। उन्होंने कहा कि शिकायत में सभी तथ्यों का उल्लेख करने के बावजूद पुलिस ने अब तक ससुराल पक्ष के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की है। पुलिस बोली- मामले की जांच जारी सेक्टर-8 थाना प्रभारी राजबीर ने बताया कि मामले में फिलहाल धारा 174 सीआरपीसी (इनक्वेस्ट) के तहत कार्रवाई की गई है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। रिपोर्ट में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसी के आधार पर जांच को आगे बढ़ाया जाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है। ---------------------ये खबर भी पढ़ें... फरीदाबाद में चौथी मंजिल से गिरकर लेडी टीचर की मौत,VIDEO:पति सेना में लेफ्टिनेंट, 4 दिन पहले ही ससुराल आई थी; मायके पक्ष बोला-धक्का देकर मारा हरियाणा के फरीदाबाद में चौथी मंजिल से गिरकर 37 वर्षीय लेडी टीचर की मौत हो गई। उनकी तैनाती बिहार में थी। चार दिन पहले वे अपनी ससुराल फरीदाबाद आई थी, जहां यह घटना हुई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। (पूरी खबर पढ़ें)
इंदौर में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार लोगों की जनसमस्याओं का समाधान करा रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी शिकायतें सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत मिलते ही संबंधित विभाग कार्रवाई कर रहा है, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें...) वार्ड-20 की पार्षद यशस्वी अमित पटेल बनीं आज की 'पब्लिक स्टार' वार्ड-20 की प्रिंस सिटी कॉलोनी के रहवासियों ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि पिछले दो महीने से नर्मदा का पानी नहीं आ रहा था। लोगों को महंगे दामों पर टैंकर खरीदकर पानी की व्यवस्था करनी पड़ रही थी और सप्लाई भी सिर्फ कुछ मिनट के लिए मिल रही थी। शिकायत पोस्ट होते ही वार्ड-20 की पार्षद यशस्वी अमित पटेल ने मामले में संज्ञान लिया। इसके बाद जलापूर्ति व्यवस्था दुरुस्त कराई गई और क्षेत्र में नर्मदा जल सप्लाई बहाल हुई। समाधान की पुष्टि भी पार्षद ने एप पर की, जिससे क्षेत्रवासियों को राहत मिली। एप से लोगों को मिल रहा समाधान सुखदेव नगर: खाली प्लॉट से हटाया गया कचरा, लोगों को मिली राहत वार्ड-4 में जैन समाज के उपाश्रय के पास खाली प्लॉट में लंबे समय से कचरा जमा होने की शिकायत 'भास्कर समाधान' पर पोस्ट की गई थी। शिकायत के बाद पार्षद ने संज्ञान लिया और मौके पर सफाई कराकर कचरा हटवाया। समाधान की पुष्टि भी पार्षद ने एप पर की, जिससे क्षेत्र के लोगों को राहत मिली। अंधेरा, हादसे और अव्यवस्थाओं से जूझ रहे इंदौरवासी विदुर नगर: एक महीने से बंद स्ट्रीट लाइट, रात में बढ़ रही परेशानी वार्ड-79 में हवा बंगला से विदुर नगर चौराहे तक पिछले एक महीने से स्ट्रीट लाइट बंद पड़ी है। स्थानीय लोगों का कहना है कि पूरी सड़क पर अंधेरा रहने से राहगीरों और वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जल्द स्ट्रीट लाइट शुरू कराने की मांग की है। पंचवटी कॉलोनी: टूटे कुएं से मकानों पर खतरा वार्ड-35 की पंचवटी कॉलोनी निवासी हितेश शर्मा ने समस्या पोस्ट की हैं। उन्होनें बताया कि रणजीत हनुमान मंदिर के पास स्थित कुएं की दीवार टूटने से लगातार मिट्टी का कटाव हो रहा है। इससे आसपास के मकानों को नुकसान पहुंचने और किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। रहवासियों ने जल्द सुरक्षा कार्य कराने की मांग की है। एलआईजी कॉलोनी: टूटा चेंबर बना हादसे की वजह वार्ड-44 की एलआईजी कॉलोनी के जे सेक्टर निवासी रवींद्र राठोर ने बताया कि सड़क पर चेंबर का ढक्कन टूट जाने से बड़ा गड्ढा बन गया है। रात के समय यह गड्ढा दिखाई नहीं देता, जिससे कभी भी कोई राहगीर या वाहन चालक हादसे का शिकार हो सकता है। जल्द मरम्मत की मांग की गई है। मेघदूत गार्डन: टूटे झूले और कम रोशनी से बच्चों की सुरक्षा पर सवाल वार्ड-26 स्थित मेघदूत गार्डन में बच्चों के झूले क्षतिग्रस्त हैं। कई जगह स्लाइड और जालियां टूटी हुई हैं, जबकि प्ले एरिया में पर्याप्त रोशनी भी नहीं है। रहवासियों का कहना है कि इससे बच्चों की सुरक्षा पर खतरा बना हुआ है। उन्होंने गार्डन की मरम्मत और सुविधाएं दुरुस्त कराने की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
भोपाल के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी शिकायतें सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। (आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें...) वार्ड 71 की पार्षद श्रद्धा सुधीर दुबे बनीं आज की 'पब्लिक स्टार' वार्ड 71 के न्यू अशोका गार्डन निवासी मनीष जैन ने 'भास्कर समाधान' पर शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि नगर निगम कर्मचारी रोज उनकी दुकान के सामने कचरा डाल देते थे। कई बार शिकायत और संबंधित कर्मचारियों को जानकारी देने के बावजूद कचरा नहीं हटाया जा रहा था, जिससे दुकान संचालन और ग्राहकों को परेशानी हो रही थी। शिकायत पोस्ट होते ही आज की 'पब्लिक स्टार' वार्ड 71 की पार्षद श्रद्धा सुधीर दुबे ने मामले में संज्ञान लिया। उन्होंने मौके पर सफाई कराकर दुकान के सामने जमा कचरा हटवाया। समाधान की पुष्टि भी एप पर की गई, जिससे व्यापारी और आसपास के लोगों को राहत मिली। एप से लोगों को मिल रहा समाधान शारदा नगर: कचरा गाड़ी नहीं पहुंचने की समस्या हुई दूर वार्ड 79 के शारदा नगर निवासी राजीव साहू ने शिकायत दर्ज कराई थी कि क्षेत्र से नियमित कचरा टैक्स वसूला जा रहा था, लेकिन कई दिनों से कचरा गाड़ी नहीं आ रही थी। इससे गलियों में कचरा जमा होने लगा था और लोगों को दुर्गंध व गंदगी का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत पोस्ट होने के बाद वार्ड 79 की पार्षद अंजू राजपूत ने संज्ञान लिया और क्षेत्र की सफाई कराकर समस्या का समाधान कराया। इसकी पुष्टि भी एप पर की गई। सड़क, बिजली और सुरक्षा की समस्याओं से जूझ रहे भोपालवासी कटारा हिल्स: 30 साल से मूलभूत सुविधाओं का इंतजार वार्ड 85 के कटारा हिल्स निवासी प्रशांत बिल्लोरे ने शिकायत दर्ज कराई है कि क्षेत्र के करीब 500 परिवार पिछले 30 वर्षों से सड़क, नाली और स्ट्रीट लाइट जैसी मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। सड़कें कच्ची हैं, जगह-जगह पानी भर जाता है और खुले चैंबर दुर्घटना का खतरा बढ़ा रहे हैं। कई बार शिकायत के बावजूद अब तक कोई स्थायी समाधान नहीं हुआ। न्यू अशोका गार्डन: ट्रांसफार्मर के कटे तार बने खतरा वार्ड 71 के न्यू अशोका गार्डन निवासी प्रदीप राजपूत ने शिकायत में बताया कि साईं बाबा पार्क के पास ट्रांसफार्मर के तार कटे और खुले हुए हैं। पार्क में रोज बच्चों और बुजुर्गों का आना-जाना रहता है। बारिश के मौसम में करंट फैलने से किसी बड़े हादसे की आशंका बनी हुई है। उन्होंने बिजली विभाग से जल्द तार बदलने की मांग की है। वार्ड 34: टूटा नाला बना हादसों की वजह वार्ड 34 के यादवपुरा निवासी ने शिकायत दर्ज कराई है कि चंपा चौराहे पर नाले का हिस्सा टूटा हुआ है। इसी रास्ते से रोज वाहन और स्कूली बच्चे गुजरते हैं। लंबे समय से मरम्मत नहीं होने के कारण दुर्घटना का खतरा बना हुआ है। रहवासियों ने जल्द नाले की मरम्मत कराने की मांग की है। अयोध्या नगर: स्ट्रीट लाइट नहीं, रातभर रहता है अंधेरा वार्ड 68 के अयोध्या नगर निवासी आशुतोष दीक्षित ने शिकायत में बताया कि सेक्टर-एल की पूरी सड़क पर स्ट्रीट लाइट नहीं है। रात के समय पूरा इलाका अंधेरे में डूब जाता है, जिससे चोरी और असामाजिक गतिविधियों का डर बना रहता है। आसपास झुग्गी बस्ती होने के कारण लोग खुद को असुरक्षित महसूस कर रहे हैं। उन्होंने जल्द स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग की है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
भास्कर अपडेट्स:दिल्ली में 11वीं के छात्र की चाकू मारकर हत्या, दो आरोपी गिरफ्तार
दिल्ली के कालकाजी इलाके में 11वीं कक्षा के छात्र सैयद हुसैन की चाकू मारकर हत्या कर दी गई। पुलिस के अनुसार, पार्क के पास छात्रों के बीच हुए विवाद के बाद दो से तीन लोगों ने 19 साल के सैयद पर हमला किया। घायल छात्र को एम्स ट्रॉमा सेंटर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर दो आरोपियों को हिरासत में ले लिया है। मामले की जांच जारी है। आज की अन्य बड़ी खबरें… तमिलनाडु सीएम विजय को धमकी देने वाले डीएमके विधायक गिरफ्तार, कहा था- हड्डियां तोड़ देंगे तमिलनाडु के मुख्यमंत्री और टीवीके प्रमुख विजय को सार्वजनिक मंच से हड्डियां तोड़ने की धमकी देने के आरोप में डीएमके विधायक मार्कंडेयन को गिरफ्तार कर लिया गया। तूतुकुडी में सभा के दौरान विधायक ने यह भड़काऊ भाषण दिया था, जिसके बाद ये वायरल हुआ था। टीवीके कार्यकर्ताओं की शिकायत पर पुलिस ने कार्रवाई की। सुप्रीम कोर्ट ने दुष्कर्म के दोषी की सजा घटाई, कहा- सुधार की संभावना सुप्रीम कोर्ट ने 2016 के दुष्कर्म मामले में दोषी व्यक्ति की सजा उम्रकैद से घटाकर 20 साल कर दी। कोर्ट ने सोमवार को कहा कि अपराध के समय उसकी उम्र 25 साल थी, इसलिए उसके सुधरने की संभावना है। सजा में छूट का लाभ भी मिलेगा। जस्टिस संजय करोल और जस्टिस ऑगस्टीन जॉर्ज मसीह की बेंच ने कहा कि दोषी का कोई आपराधिक रिकॉर्ड नहीं है। जेल में उसका आचरण भी अच्छा रहा है। राज्य सरकार ने ऐसा कोई रिकॉर्ड पेश नहीं किया, जिससे लगे कि सुधार संभव नहीं। ट्रायल कोर्ट ने उसे पूरी उम्र तक कठोर कारावास की सजा दी थी। पीड़िता को 25 हजार रुपए जुर्माना देने का आदेश भी था। दिल्ली हाई कोर्ट ने इसे बरकरार रखा था। मामले में आरोप था कि पीड़िता ने रात में दिल्ली रेलवे स्टेशन से रिक्शा लिया। चालक ने घर छोड़ने के बजाय उसे सुनसान जगह ले जाकर दुष्कर्म किया। 7 सितंबर 2016 को एफआईआर दर्ज हुई। बेंच ने कहा, सामाजिक और मनोवैज्ञानिक बदलाव के बावजूद पितृसत्तात्मक सोच से बाहर निकलने की कोशिशों के बीच ऐसी घटनाएं जारी हैं।
लखनऊ से कानपुर हाईवे के रास्ते संचालित होने वाली रोडवेज बसों में सफर अब पहले से सस्ता होगा। उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम (UPSRTC) ने हाईवे रूट की बसों का किराया 14 रुपये कम कर दिया है। संशोधित किराया मंगलवार से लागू हो गया है। वहीं एक्सप्रेसवे के रास्ते चलने वाली बसों का किराया टोल शुल्क के कारण सामान्य बसों की तुलना में अधिक रहेगा। हाईवे और एक्सप्रेसवे का किराया अलग-अलग निगम के अनुसार हाईवे से कानपुर जाने वाली बसों का किराया 137 रुपये से घटाकर 123 रुपये कर दिया गया है। दूसरी ओर एक्सप्रेसवे से चलने वाली बसों का किराया 141 रुपये निर्धारित किया गया है, जो हाईवे बसों की तुलना में 18 रुपये अधिक है। एक्सप्रेसवे पर बसों को अधिक टोल टैक्स देना पड़ता है, इसलिए किराये में यह अंतर रखा गया है। टोल शुल्क के आधार पर लिया गया फैसला क्षेत्रीय प्रबंधक विमल राजन ने बताया कि हाईवे और एक्सप्रेसवे पर टोल शुल्क अलग-अलग होने के कारण किराया संशोधित किया गया है। एक्सप्रेसवे से संचालित बसों का संचालन आलमबाग बस अड्डे से किया जा रहा है, जबकि हाईवे रूट की बसों के लिए नई किराया दरें लागू कर दी गई हैं। आलमबाग से प्रमुख स्टॉपेज का नया किराया गौरी बाजार (11 किमी) – 17 रुपये बंथरा (17 किमी) – 25 रुपये बनी (22 किमी) – 32 रुपये रोमा (28 किमी) – 37 रुपये आशाखेड़ा (31 किमी) – 43 रुपये अजगैन (41 किमी) – 60 रुपये उन्नाव बाईपास (60 किमी) – 92 रुपये आजाद मार्ग, कानपुर (67 किमी) – 123 रुपये
राजधानी लखनऊ में राज्य कर विभाग और परिवहन विभाग के संयुक्त अभियान 'ऑपरेशन कवच' के दौरान जीएसटी चोरी के बड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ है। जांच टीम ने दिल्ली से उत्तर प्रदेश के विभिन्न जिलों में व्यापारिक माल ले जा रही नौ लग्जरी यात्री बसों को पकड़कर बड़ी कार्रवाई की। प्रारंभिक जांच में सामने आया कि बसों के जरिए बिना ई-वे बिल और अन्य वैध दस्तावेजों के भारी मात्रा में व्यापारिक माल की ढुलाई की जा रही थी। विभाग का अनुमान है कि बसों से करीब 300 बोरे संदिग्ध माल बरामद हुआ है, जिस पर कर चोरी का मामला बनता है। दो दिन चला हाईवे पर सघन जांच अभियान शासन के निर्देश पर 19 और 20 जुलाई को राज्य कर विभाग के लखनऊ जोन प्रथम व द्वितीय तथा परिवहन विभाग (प्रवर्तन) ने राजधानी आने वाले प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर विशेष जांच अभियान चलाया। अभियान के दौरान कई लग्जरी यात्री बसों की तलाशी ली गई। जांच में पाया गया कि यात्रियों के सामान के साथ बड़ी मात्रा में व्यापारिक माल भी लदा था, लेकिन उसके परिवहन से जुड़े अनिवार्य दस्तावेज और ई-वे बिल उपलब्ध नहीं थे। राज्य कर कार्यालय लाकर शुरू की गई कार्रवाई कार्रवाई के दौरान पकड़ी गई बसों में एनकेबी स्मार्ट बस, मेट्रो बस, न्यू इंडिया रिलैक्स हॉलीडे, आईटीसी ट्रैवल्स समेत अन्य बसें शामिल हैं। इनमें कुछ बसें बिहार, असम और उत्तर प्रदेश में पंजीकृत हैं। सभी नौ बसों को हजरतगंज स्थित राज्य कर विभाग कार्यालय लाकर माल का सत्यापन किया गया और संबंधित बस संचालकों के खिलाफ अर्थदंड की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। यात्री परिवहन की आड़ में कर चोरी का आरोप राज्य कर विभाग के अधिकारियों के अनुसार कुछ बस संचालक यात्री परिवहन की आड़ में व्यापारिक माल की ढुलाई कर जीएसटी चोरी कर रहे हैं। इससे सरकार को राजस्व का नुकसान होने के साथ वैध व्यापार करने वाले कारोबारियों के लिए भी असमान प्रतिस्पर्धा की स्थिति पैदा होती है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ऐसे मामलों पर सख्ती जारी रहेगी और संयुक्त अभियान आगे भी लगातार चलाया जाएगा। अधिकारियों की निगरानी में चला ऑपरेशन अभियान का नेतृत्व राज्य कर विभाग के अपर आयुक्त (विवेचना एवं अनुश्रवण) मनोज कुमार विश्वकर्मा और अमरेश त्रिपाठी ने संयुक्त रूप से किया। परिवहन विभाग की ओर से संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) प्रभात पांडेय के निर्देशन में सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (प्रवर्तन) आस्था बंसल सहित अन्य अधिकारियों ने कार्रवाई में भाग लिया। सचल दल की विभिन्न इकाइयों ने अलग-अलग स्थानों पर संदिग्ध बसों को रोककर दस्तावेजों का सत्यापन किया और अनियमितता मिलने पर उन्हें कब्जे में ले लिया।
राजधानी में नाबालिगों द्वारा वाहन चलाने के बढ़ते मामलों को देखते हुए रायपुर पुलिस ने सख्ती शुरू कर दी है। विशेष अभियान के तहत शहर के विभिन्न स्कूलों के बाहर जांच के दौरान 61 नाबालिग छात्रों को दोपहिया वाहन चलाते हुए पकड़ा गया। सभी छात्रों के अभिभावकों को शाम 5 बजे यातायात मुख्यालय, कालीबाड़ी बुलाकर काउंसलिंग की गई और भविष्य में नाबालिगों को वाहन नहीं देने की समझाइश दी गई। डीसीपी बोली बच्चों को सुरक्षित करना उद्देश्य पुलिस कमिश्नरेट रायपुर में डीसीपी (यातायात) डॉ. अर्चना झा के निर्देशन में चलाए गए इस अभियान का उद्देश्य स्कूली बच्चों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है। यातायात पुलिस ने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में भी स्कूलों के बाहर नियमित जांच अभियान जारी रहेगा। काउंसलिंग कार्यक्रम में डीसीपी डॉ. अर्चना झा ने अभिभावकों से कहा कि पुलिस का मकसद कार्रवाई करना नहीं, बल्कि बच्चों की जान बचाना है। उन्होंने सड़क दुर्घटनाओं से जुड़े वीडियो और प्रेजेंटेशन के जरिए बताया कि कम उम्र में वाहन चलाना बच्चों के लिए कितना खतरनाक साबित हो सकता है। 25 हजार रुपए तक का जुर्माना, तीन साल तक की सजा पुलिस ने अभिभावकों को मोटर वाहन अधिनियम की धारा 199A की जानकारी देते हुए बताया कि नाबालिग को वाहन चलाने देना कानूनन अपराध है। ऐसे मामलों में वाहन मालिक या अभिभावक पर 25 हजार रुपए तक का जुर्माना, तीन साल तक की सजा और नाबालिग के 18 वर्ष की आयु पूरी होने के बाद भी निर्धारित अवधि तक ड्राइविंग लाइसेंस जारी नहीं किए जाने का प्रावधान है। बच्चों के लिए सुरक्षित परिवहन व्यवस्था का ही करें उपयोग चूंकि अधिकांश मामलों में यह पहली गलती थी, इसलिए बच्चों के भविष्य को देखते हुए उन्हें चेतावनी देकर छोड़ा गया। पुलिस ने अभिभावकों से अपील की कि वे सुविधा के लिए नाबालिग बच्चों को दोपहिया वाहन न दें और स्कूल भेजने के लिए स्कूल बस या अन्य सुरक्षित परिवहन व्यवस्था का ही उपयोग करें।
लखनऊ में सोमवार को बारिश के बाद उपभोक्ताओं को बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। विभिन्न इलाकों में बिजली गुल रही । राजाजीपुरम में बारिश के बीच बिजली के खंभे में आग लग गई जिससे पूरे इलाके की बत्ती गुल हो गई। मलिहाबाद में 33 केवीए लाइन में फाल्ट आने से तहसील और मिर्जागंज समेत पांच फीडरों जुडे इलाकों में घंटों बिजली संकट बना रहा। रहीमाबाद के 50 से अधिक गांवों के लोग 10 घंटे बिजली संकट से जूझे। माल क्षेत्र में सात घंटे बिजली गायब रही. 11 हजार वोल्ट के तार वाले खंभे में आग लग गई राजाजीपुरम स्थित बॉथम चौराहे पर 11 हजार वोल्ट के तार वाले खंभे में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने तारों को चपेट में ले लिया। पूरे इलाके की बिजली उड़ गई। लोगों की सूचना पर उपकेंद्र से क्षेत्र में बिजली आपूर्ति बंद की गई। आग लगने से तार टूट कर जमीन पर गिर पड़े थे। इससे लोगों में दशहत का माहौल रहा। घटना के बाद स्थानीय लोगों को बिजली कटौती की वजह से परेशानियां झेलनी पड़ी। रहीमा बाद में 5 फीडर बंद सोमवार को बारिश के कारण 33 KVA रहीमाबाद लाइन में अचानक खराबी आ गई। इस मुख्य लाइन के ठप होने से 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र मलिहाबाद की बिजली आपूर्ति पूरी तरह से बंद हो गई। उपकेंद्र से जुड़े तहसील मिर्जागंज, चांदपुर, गल्ला मंडी और नवीन मंडी फीडर से जुड़े विभिन्न गांव और कस्बे में देर शाम तक आपूर्ति बहाल नहीं हो सकी है। काकोरी में ट्रांसफार्मर का तेल और कॉपर चोरी काकोरी इलाके में चोरी की वजह से लगातार बिजली ठप हो रही है। रविवार रात में चोरों ने मायापुरी कालोनी, चौधरी खेड़ा से 400 केवी के ट्रांसफार्मर का कापर और तेल चोरी कर लिया। इससे पूरे इलाके में बिजली आपूर्ति ठप हो गई। विभाग की ओर से शिकायत के बाद पुलिस जांच में जुटी। 50 गांवों में गुल रही बिजली रहीमाबाद इलाके के करीब 50 से अधिक गांवों की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। गदिया खेड़ा, उमरावल, गढ़ी, जिन्दौर, लालूहार, शेर नगर गांवों के लोग बिजली संकट से जूझे। माल क्षेत्र में सोमवार सुबह दस बजे से गुल हुई बिजली शाम 6 बजे आई। पता चला कि लाइन में फाल्ट आने से यह समस्या आई है। दिन लोग लाइट के बिना परेशान रहे। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों के मोबाइल फोन तक डिस्चार्ज हो गए।
छत्तीसगढ़ स्टेट मार्केटिंग कॉर्पोरेशन लिमिटेड के 172 करोड़ रुपये के कथित ओवरटाइम भुगतान घोटाले में गिरफ्तार पूर्व प्रबंध संचालक (एमडी) अरुणपति त्रिपाठी की पुलिस रिमांड 25 जुलाई तक बढ़ा दी गई है। तीन दिन की प्रारंभिक रिमांड पूरी होने के बाद ईओडब्ल्यू ने सोमवार को उन्हें विशेष न्यायालय में पेश किया। अदालत ने जांच एजेंसी की मांग स्वीकार करते हुए चार दिन की अतिरिक्त रिमांड मंजूर कर दी। इन सवालों का जवाब तलाश रहे अफसर ईओडब्ल्यू के अधिकारियों का मानना है कि त्रिपाठी से पूछताछ के दौरान अवैध भुगतान की मंजूरी, कथित कमीशन नेटवर्क, मैनपावर एजेंसियों की भूमिका और अन्य अधिकारियों की संलिप्तता से जुड़े अहम तथ्य सामने आ सकते हैं। जरूरत पड़ने पर मामले के अन्य आरोपियों से आमने-सामने बैठाकर भी पूछताछ की जाएगी, ताकि भुगतान प्रक्रिया और कथित साजिश की परतें खोली जा सकें। 2019-20 से 2023-24 के बीच हुआ ओवरटाइम घोटाला जांच के अनुसार वर्ष 2019-20 से 2023-24 के बीच ओवरटाइम, बोनस, अतिरिक्त चार कार्य दिवस और सर्विस चार्ज के नाम पर नियमों के विपरीत 172 करोड़ रुपये से अधिक का भुगतान किया गया। आरोप है कि सर्विस चार्ज के रूप में जारी राशि का बड़ा हिस्सा कथित तौर पर कमीशन के रूप में एक सिंडिकेट के जरिए बांटा गया। जांच एजेंसी अब रकम भेजने वाले और रीसिव करने वालों का पता लगाने में जुटी है। 12 आरोपियों के खिलाफ चार्जशीट हो चुकी पेश इस मामले में ईओडब्ल्यू-एसीबी पहले ही कारोबारी अनवर ढेबर समेत 12 आरोपियों के खिलाफ विशेष न्यायालय में चार्जशीट दाखिल कर चुकी है। वहीं सुमित फैसिलिटीज, प्राइमवन वर्क फोर्स, ए-टू-जेड इंफ्रा सर्विसेज, अलर्ट कमांडोज और ईगल हंटर सॉल्यूशंस जैसी मैनपावर एजेंसियां भी जांच के दायरे में हैं। अब पढ़िए क्या है CSMCL ओवरटाइम घोटाला जांच एजेंसियों के मुताबिक शराब दुकान में काम करने वाले कर्मचारियों को ओवर टाइम का पैसा मिलना था। लेकिन फर्जी बिल, बढ़े हुए भुगतान और अवैध कमीशन व्यवस्था के जरिए घोटाले की रकम को अधिकारियों, सिंडिकेट और संबंधित कंपनियों के पास गई।
राजधानी में बिना अनुमति और नियमों के खिलाफ चल रहे यात्री वाहनों पर परिवहन विभाग ने सख्ती तेज कर दी है। 'ऑपरेशन कवच' के पहले दिन सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए 66 वाहनों का चालान किया गया, जबकि 16 वाहनों को सीज (निरुद्ध) कर दिया गया। सीज किए गए वाहनों में 14 बसें और दो कार (आर्टिगा) शामिल हैं। यह अभियान 20 से 21 जुलाई तक मुख्यालय के निर्देश पर चलाया जा रहा है। पहले दिन आलमबाग चौराहा-नहरिया रोड, पीजीआई मार्ग, सुल्तानपुर रोड स्थित अहिमामऊ-पूर्वांचल एक्सप्रेसवे और पॉलीटेक्निक-कमता-अयोध्या रोड पर चार संयुक्त टीमों ने जांच अभियान चलाया। इनमें परिवहन विभाग, राज्य कर विभाग, परिवहन निगम और यातायात पुलिस के अधिकारी शामिल रहे। परमिट के खिलाफ चल रही थीं बसें जांच के दौरान कई बसें परमिट की शर्तों का उल्लंघन करते हुए चलती मिलीं। इनमें चार स्लीपर बसों की छत पर व्यावसायिक सामान लादकर ढुलाई की जा रही थी, जबकि इसकी अनुमति नहीं थी। इन बसों को सीज कर दिया गया। राज्य कर विभाग ने भी इन वाहनों में लदे सामान की जांच कर अलग से कार्रवाई की। दो राज्यों के बीच चल रही थीं बसें अभियान के दौरान चार स्लीपर बसें ऐसी भी मिलीं जो अपने गृह राज्य से संचालित होने के बजाय दो दूसरे राज्यों के बीच चल रही थीं। यह ऑल इंडिया टूरिस्ट परमिट की शर्तों का उल्लंघन है। ऐसे मामलों में संबंधित परमिट जारी करने वाली प्राधिकरण को आगे की कार्रवाई के लिए रिपोर्ट भेजी जाएगी। चार विभागों ने मिलकर चलाया अभियान यह अभियान उप परिवहन आयुक्त राधेश्याम और आरटीओ (प्रवर्तन) प्रभात पाण्डेय के निर्देशन में चलाया गया। अभियान में परिवहन विभाग, राज्य कर विभाग, परिवहन निगम और यातायात पुलिस के अधिकारियों की संयुक्त टीम ने कार्रवाई की। परिवहन विभाग का कहना है कि अवैध रूप से चल रहे यात्री वाहनों के खिलाफ यह अभियान आगे भी जारी रहेगा।
प्रदेश में परिवहन विभाग की प्रस्तावित ऑटो अप्रूवल व्यवस्था लागू होने से पहले ही उसकी कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। राजधानी के ट्रांसपोर्टनगर आरटीओ में ऐसा मामला सामने आया है, जिसमें तीन वाहनों का टैक्स जमा किए बिना ही उनका ऑनलाइन पंजीकरण कर दिया गया। मामला उजागर होने के बाद विभाग में हड़कंप मच गया और संबंधित पंजीकरण निरस्त कराने के लिए अपर परिवहन आयुक्त (आईटी) को पत्र भेजा गया है। परिवहन कर्मचारी इसे ऑटो अप्रूवल व्यवस्था की बड़ी खामी बताते हुए दावा कर रहे हैं कि यदि नई प्रणाली लागू हुई तो ऐसी गड़बड़ियां रोजाना होंगी और सरकार को भारी राजस्व नुकसान उठाना पड़ेगा। डीलरों ने बिना टैक्स जमा कराए कर दिया पंजीकरण आरटीओ अधिकारियों के अनुसार वाहन-4 (VAHAN) पोर्टल की जांच के दौरान पता चला कि मोटर कैब सेल्स प्राइवेट लिमिटेड ने एक मैक्सी कैब, स्वीफ्ट ट्रक एलएलपी ने एक ट्रक और नारायण ऑटोमोबाइल्स ने एक ई-ऑटो का पंजीकरण कर दिया। जांच में सामने आया कि इन वाहनों का टैक्स जमा ही नहीं कराया गया था, इसके बावजूद ऑनलाइन आवेदन जनरेट कर पंजीकरण की प्रक्रिया पूरी कर दी गई। चूंकि डीलर प्वाइंट से ही पंजीकरण की सुविधा उपलब्ध है, इसलिए यह गड़बड़ी संभव हो सकी। राजस्व नुकसान और फ्रॉड की आशंका परिवहन विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों का कहना है कि मौजूदा व्यवस्था में यह गड़बड़ी पकड़ में आ गई, लेकिन यदि पूरी प्रक्रिया ऑटो अप्रूवल मोड पर चली गई तो ऐसे मामलों का पता लगाना मुश्किल होगा। उनका कहना है कि इससे न केवल सरकार को राजस्व की हानि होगी बल्कि फर्जीवाड़े और धोखाधड़ी के मामलों में भी बढ़ोतरी हो सकती है। ऑटो अप्रूवल का कर्मचारियों ने किया विरोध नई व्यवस्था के विरोध में उत्तर प्रदेश संभागीय परिवहन कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन से मुलाकात की। संघ के प्रांतीय अध्यक्ष संजय कुमार सिंह ने कहा कि मोटर वाहन अधिनियम की मूल भावना को नजरअंदाज कर नई व्यवस्था लागू नहीं की जानी चाहिए। उनका कहना है कि फेसलेस सेवाएं स्वागत योग्य हैं, लेकिन अंतिम सत्यापन और स्वीकृति का अधिकार परिवहन विभाग के पास ही रहना चाहिए। संघ मंगलवार को इस मुद्दे पर परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से भी मुलाकात करेगा। लर्नर डीएल की खामियों का दिया हवाला कर्मचारियों ने तर्क दिया कि पूरी तरह ऑनलाइन लर्नर ड्राइविंग लाइसेंस प्रणाली में पहले से कई तकनीकी समस्याएं सामने आती रही हैं। आधार में पिता का नाम नहीं होने, ओटीपी न मिलने, स्मार्ट लॉक संबंधी दिक्कतों और मृतकों के नाम पर लाइसेंस बनने जैसे मामलों से अब तक पूरी तरह निपटा नहीं जा सका है। ऐसे में 52 परिवहन सेवाओं को ऑटो अप्रूवल मोड में लाने से नई समस्याएं और बढ़ सकती हैं। 52 सेवाएं होंगी ऑटो अप्रूवल के दायरे में शासन स्तर पर सोमवार को हुई बैठक में वाहन पंजीकरण, स्वामित्व हस्तांतरण सहित 52 परिवहन सेवाओं को ऑटो अप्रूवल प्रणाली में शामिल करने पर सहमति बनी। इसके बाद आवेदकों को इन सेवाओं के लिए आरटीओ कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। एनआईसी और कॉमन सर्विस सेंटर को भी पोर्टल में आवश्यक तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं। सरकार का पक्ष परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने कहा कि ऑटो अप्रूवल व्यवस्था लागू करने पर सहमति बन चुकी है। नई प्रणाली से आवेदकों को राहत मिलेगी, प्रक्रियाएं अधिक पारदर्शी होंगी और 52 सेवाएं बिना कार्यालय आए ऑनलाइन उपलब्ध कराई जाएंगी। हालांकि विभाग के कर्मचारियों का कहना है कि व्यवस्था लागू करने से पहले सुरक्षा और सत्यापन संबंधी खामियों को दूर करना जरूरी है।
सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल जितेंद्र यादव का निधन:शोपियां में ड्यूटी के दौरान बीमारी से निधन
सीआरपीएफ हेड कांस्टेबल जितेंद्र यादव का श्रीनगर के शोपियां जिले में बीमारी के कारण निधन हो गया। वह मेरठ के इंचौली थाना क्षेत्र के गाजीपुर गांव के निवासी थे और सीआरपीएफ की 178 बटालियन में तैनात थे। परिजनों ने बताया कि जितेंद्र यादव लंबे समय से शुगर और उच्च रक्तचाप से पीड़ित थे। तबीयत बिगड़ने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां उपचार के दौरान उन्होंने अंतिम सांस ली। सोमवार देर शाम जितेंद्र यादव का पार्थिव शरीर उनके पैतृक गांव गाजीपुर पहुंचा। यहां पूरे सैन्य सम्मान के साथ उनका अंतिम संस्कार किया गया। सीआरपीएफ के जवानों ने उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर देकर अंतिम सलामी दी। उनकी अंतिम यात्रा में बड़ी संख्या में ग्रामीण और क्षेत्र के लोग शामिल हुए। हालांकि, अंतिम संस्कार के दौरान किसी वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी के मौके पर नहीं पहुंचने पर ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की। परिजनों के अनुसार, जितेंद्र यादव पिछले महीने ही छुट्टी बिताकर ड्यूटी पर लौटे थे। उनके परिवार में माता-पिता, पत्नी और दो बेटे हैं। उनका छोटा भाई बेंगलुरु में सेना में डॉक्टर के पद पर तैनात है।
मेरठ में फ्लाईओवर पर कंटेनर ने युवक को कुचला:मंदिर से लौटते समय हादसा, पिता की शिकायत पर केस दर्ज
मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में अतुल माहेश्वरी फ्लाईओवर पर हुए सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई। पुलिस ने इस मामले में मुकदमा दर्ज कर आरोपी कंटेनर चालक की तलाश शुरू कर दी है। चालक हादसे के बाद वाहन सहित फरार हो गया था। पुलिस सीसीटीवी फुटेज और वाहन नंबर के आधार पर उसकी तलाश कर रही है। मोहकमपुर निवासी जयकरण ने ब्रह्मपुरी थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि उनका बेटा मनीष 14 जुलाई की रात करीब 9:20 बजे माधवपुरम स्थित हनुमान मंदिर से प्रसाद चढ़ाकर बाइक से घर लौट रहा था। अतुल माहेश्वरी फ्लाईओवर से नीचे उतरते समय पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार कंटेनर ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मनीष कंटेनर के नीचे आ गया और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आरोपी चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। सूचना मिलने पर पुलिस घटनास्थल पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रत्यक्षदर्शियों ने भी चालक पर लापरवाही और तेज रफ्तार से वाहन चलाने का आरोप लगाया है।मृतक के परिजनों ने आरोपी चालक की जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि घटना स्थल और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि जल्द ही आरोपी चालक को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में पांचवीं के छात्र से मारपीट:अध्यापिका पर एक महीने से उत्पीड़न का आरोप, पुलिस जांच जारी
मेरठ के एक निजी स्कूल में पांचवीं कक्षा के छात्र से कथित मारपीट का मामला सामने आया है। छात्र के परिजनों ने स्कूल की एक अध्यापिका पर पिछले एक महीने से लगातार मारपीट करने का आरोप लगाया है। नवीनतम घटना के बाद छात्र कथित तौर पर मानसिक सदमे में है। जागृति विहार एक्सटेंशन निवासी छात्र की मां ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि उनका बेटा काली नदी के पास स्थित एक निजी स्कूल में पढ़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि अध्यापिका छोटी-छोटी बातों पर छात्र को पीटती थीं। पहले भी स्कूल प्रबंधन से शिकायत की गई थी, जिसके बाद अध्यापिका ने भविष्य में ऐसी घटना न दोहराने का आश्वासन दिया था। परिजनों के अनुसार, 18 जुलाई को अध्यापिका ने एक बार फिर छात्र से मारपीट की। इस घटना के बाद बच्चा डरा हुआ घर पहुंचा और लगातार रोता रहा। परिवार का कहना है कि छात्र अब स्कूल जाने से भी डर रहा है और उसका व्यवहार सामान्य नहीं है। पीड़ित परिवार ने आरोप लगाया है कि पुलिस चौकी और थाने के कई चक्कर लगाने के बावजूद अब तक इस मामले में मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। इस संबंध में थाना प्रभारी सतवीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
समाजवादी पार्टी की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुमैया राणा सोमवार शाम रामपुर के मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय पहुंचीं। उन्होंने धरने पर बैठे छात्र-छात्राओं से मुलाकात की। सुमैया राणा ने कहा- पीएम को अब झोला उठाकर भागने की तैयारी कर लेनी चाहिए। इस तरह की तानाशाही ज्यादा दिनों तक नहीं चल सकती। उन्होंने कहा कि देश संविधान और कानून के अनुसार चलता है और आगे भी उसी के अनुसार चलेगा। जौहर विश्वविद्यालय के 38 भवनों को गिराने के आदेश के बाद विश्वविद्यालय के छात्र 3 दिनों से धरने पर बैठे हैं। 'छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ नहीं होने देंगे' सपा प्रवक्ता ने कहा कि जौहर विश्वविद्यालय के छात्रों के भविष्य से किसी भी तरह का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिन छात्रों और उनके अभिभावकों के वोटों से प्रदेश सरकार बनी है, वही सरकार अब उनके भविष्य को संकट में डाल रही है। छात्रों के आंदोलन को बताया जायज सुमैया राणा ने कहा कि छात्र अपने अधिकारों और भविष्य की रक्षा के लिए लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन कर रहे हैं। समाजवादी पार्टी उनके संघर्ष में पूरी तरह साथ है। उन्होंने कहा कि यह केवल राजनीतिक मुद्दा नहीं, बल्कि शिक्षा और युवाओं के भविष्य से जुड़ा मामला है। उन्होंने प्रदेश सरकार से युवाओं में बढ़ रही नाराजगी को गंभीरता से लेने की अपील की। उनके अनुसार, दिल्ली से लेकर रामपुर तक का माहौल सरकार को जनता के गुस्से का संकेत दे रहा है। उन्होंने दोहराया कि लोकतंत्र में तानाशाही की राजनीति लंबे समय तक नहीं चल सकती। तीसरे दिन भी जारी रहा छात्रों का धरना इस बीच, मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के मुख्य द्वार पर छात्रों का धरना तीसरे दिन भी जारी रहा। छात्र अपनी मांगों को लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। उनका कहना है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। वहीं, समाजवादी पार्टी के नेताओं के लगातार विश्वविद्यालय पहुंचने से परिसर के बाहर राजनीतिक गतिविधियां भी तेज हो गई हैं।
मेरठ में महिला पर ब्लेड से हमला:आरोपी वसीम 5 घंटे में गिरफ्तार, पुलिस ने CCTV फुटेज से दबोचा
मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में एक महिला पर ब्लेड से हमला करने के मामले में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई की है। पुलिस ने वारदात के करीब पांच घंटे के भीतर आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर लिया। यह घटना एनएएस कॉलेज के पास हुई थी। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज और अन्य साक्ष्यों की मदद से आरोपी तक पहुंच बनाई। सोमवार देर शाम आरोपी को मीडिया के सामने पेश किया गया। पुलिस जांच में सामने आया है कि आरोपी वसीम और पीड़िता महिला कई वर्षों से एक-दूसरे को जानते थे। रविवार शाम दोनों के बीच किसी बात को लेकर विवाद हुआ था। इसी विवाद के चलते वसीम ने महिला पर ब्लेड से कई वार किए। हमले में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई थी, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घायल महिला को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने महिला को घर भेज दिया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली गई और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी वसीम को गिरफ्तार कर लिया गया। फिलहाल पुलिस आरोपी से हमले के पीछे की असल वजह और दोनों के बीच चल रहे विवाद की गहनता से जांच कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि मामले में उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद अन्य तथ्यों को भी सार्वजनिक किया जाएगा।
देवरिया में सड़क हादसे में युवक की मौत:बाजार से खरीदारी कर लौटते समय अज्ञात वाहन ने मारी टक्कर
देवरिया के सदर कोतवाली क्षेत्र में सोमवार रात करीब 9 बजे सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। बाजार से खरीदारी कर घर लौट रहे युवक को सड़क पार करते समय अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। गंभीर हालत में उसे मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान औरा चौरी निवासी बलिंदर राजभर (40) पुत्र छेदी राजभर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बलिंदर सोमवार रात जिला मुख्यालय से खरीदारी कर ई-रिक्शा से औरा चौरी चौराहे तक पहुंचे थे। वहां से वह पैदल अपने घर जा रहे थे। इसी दौरान सड़क पार करते समय तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। हादसे के बाद स्थानीय लोगों ने गंभीर रूप से घायल बलिंदर को तत्काल देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। कोतवाल राकेश राय ने बताया कि अज्ञात वाहन की तलाश की जा रही है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
पुलिस कमिश्नरेट में रविवार को हुआ प्रशासनिक फेरबदल चर्चा का विषय बन गया। नवागंतुक एसीपी राजकुमार सिंह को उनकी तैनाती के महज 13 दिन बाद ही कर्नलगंज सर्किल से हटा दिया गया। उन्हें एसीपी फूलपुर बनाया गया है, जबकि फूलपुर के एसीपी विवेक यादव को कर्नलगंज सर्किल की कमान सौंपी गई है। इतनी कम अवधि में एसीपी स्तर के अधिकारी का तबादला होने से इस फैसले को लेकर कई तरह की चर्चाएं हो रही हैं। राजकुमार सिंह का हाल ही में प्रयागराज पुलिस कमिश्नरेट में आगमन हुआ था। उन्हें 7 जुलाई को एसीपी कर्नलगंज की जिम्मेदारी दी गई थी। इसके बाद रविवार को जारी तबादला आदेश में उन्हें ग्रामीण सर्किल फूलपुर भेज दिया गया। महज 13 दिन में हुए इस बदलाव का कोई आधिकारिक कारण नहीं बताया गया है।सबसे महत्वपूर्ण सर्किलों में गिना जाता है कर्नलगंजप्रयागराज के सिटी जोन में कर्नलगंज सर्किल को सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में माना जाता है। इसी क्षेत्र में कलेक्ट्रेट, जिला न्यायालय, इलाहाबाद विश्वविद्यालय, विश्वविद्यालय के कई छात्रावास, प्रमुख शिक्षण संस्थान और कई महत्वपूर्ण सरकारी कार्यालय स्थित हैं। बड़ी संख्या में प्रतियोगी छात्र भी इसी इलाके में रहते हैं। कानून-व्यवस्था की दृष्टि से यह सर्किल हमेशा संवेदनशील माना जाता है।अधिवक्ता-पुलिस विवाद से जोड़कर देखी जा रही कार्रवाईपुलिस महकमे में चर्चा है कि हाल ही में जॉर्जटाउन थाना क्षेत्र में हुए अधिवक्ता-पुलिस विवाद के बाद यह फैसला लिया गया है। हालांकि पुलिस कमिश्नरेट की ओर से इसकी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं की गई है। 15 जुलाई को हुआ था बवालदरअसल, कुछ दिन पहले एक अधिवक्ता के मकान में संचालित रेस्टोरेंट को लेकर विवाद हुआ था। मामले में पुलिस ने कुछ अधिवक्ताओं के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दिया था। इससे नाराज अधिवक्ताओं ने 15 जुलाई को जिला न्यायालय के बाहर करीब छह घंटे तक जाम लगाकर प्रदर्शन किया। विरोध इतना बढ़ गया कि देर शाम जॉर्जटाउन थाना प्रभारी योगेंद्र कुमार को हटाए जाने के बाद ही अधिवक्ताओं ने आंदोलन समाप्त किया।पुलिस विभाग के अंदर यह चर्चा है कि इस पूरे घटनाक्रम के दौरान समय रहते प्रभावी हस्तक्षेप नहीं होने और विवाद को बढ़ने से नहीं रोक पाने को भी राजकुमार सिंह के तबादले की एक वजह माना जा रहा है। हालांकि, इस संबंध में किसी अधिकारी ने आधिकारिक रूप से कुछ नहीं कहा है।2020 में इंस्पेक्टर से बने सीओमूल रूप से अयोध्या के रहने वाले राजकुमार सिंह 2020 बैच के प्रमोटेड पीपीएस अधिकारी हैं। वर्ष 2020 में उनका इंस्पेक्टर से क्षेत्राधिकारी (सीओ) के पद पर प्रमोशन हुआ था। प्रयागराज कमिश्नरेट में उनकी यह पहली तैनाती थी, लेकिन कर्नलगंज में उनका कार्यकाल केवल 13 दिन का ही रहा। नए एसीपी के सामने ढेरों चुनौतीतबादला आदेश के अनुसार अब विवेक यादव कर्नलगंज के नए एसीपी होंगे। उनके सामने कानून-व्यवस्था बनाए रखने के साथ विश्वविद्यालय क्षेत्र, अधिवक्ताओं से जुड़े मामलों और संवेदनशील इलाकों में पुलिसिंग को और प्रभावी बनाने की चुनौती रहेगी।
हाथरस के गेट कोतवाली क्षेत्र में कांस्टेबल की आत्महत्या के मामले में सोमवार देर शाम नया मोड़ आ गया। मृतक कांस्टेबल मनु चौधरी के पिता और सेवानिवृत्त हेड कांस्टेबल देवेन्द्र सिंह अत्री की तहरीर पर पुलिस ने उनकी पत्नी एवं महिला आरक्षी सोनी पंवार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने सहित अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देवेन्द्र सिंह अत्री, जो ग्रेटर नोएडा के सेक्टर-37 के निवासी हैं, ने आरोप लगाया कि वर्ष 2017 में प्रेम विवाह के बाद से ही सोनी पंवार उनके बेटे मनु चौधरी को मानसिक रूप से प्रताड़ित करती थीं। उनका कहना है कि शादी के पहले दिन से ही दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया था। बाद में कई बार झगड़े हुए और सोनी मायके चली गईं। मनु ने पहले वैवाहिक संबंध बचाने के लिए फैमिली कोर्ट का सहारा लिया, लेकिन जब बात नहीं बनी तो तलाक की याचिका दायर कर दी। बाद में समझौते के बाद सोनी वापस आईं, लेकिन उनके व्यवहार में कोई बदलाव नहीं आया। तहरीर में आरोप लगाया गया है कि आत्महत्या से कुछ दिन पहले मनु ने अपनी मां को बताया था कि सोनी पिछले कई महीनों से किसी अन्य व्यक्ति से फोन पर बातचीत और चैटिंग कर रही थीं। विरोध करने पर दोनों के बीच विवाद बढ़ गया। पिता का दावा है कि मनु ने अपने मोबाइल फोन में इससे जुड़े कुछ साक्ष्य भी सुरक्षित किए थे। परिजनों के अनुसार, लगातार मानसिक तनाव के चलते मनु ने 1 जून को आत्महत्या कर ली। देवेन्द्र सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के बाद पुलिस को मिला मनु का मोबाइल सोनी पंवार ने हाथरस गेट थाने से अपने कब्जे में ले लिया। उन्हें आशंका है कि मोबाइल में मौजूद अहम साक्ष्यों के साथ छेड़छाड़ की जा सकती है। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि मोबाइल फोन सहित अन्य साक्ष्यों की जांच कर तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
हरदोई के कछौना थाना क्षेत्र के सुठेना गांव में सेवानिवृत्त सैनिक रामनन्दन कन्नौजिया के घर हुई करीब 37 लाख रुपए की चोरी का 26 दिन बाद भी खुलासा नहीं हो सका है। मामले में कार्रवाई न होने से नाराज पीड़ित ने सोमवार को मुख्यमंत्री जनसुनवाई पोर्टल पर शिकायत दर्ज कर निष्पक्ष जांच और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। रामनन्दन कन्नौजिया ने बताया कि 24 जून की रात चोर उनके घर से करीब 35 लाख रुपये के सोने-चांदी के आभूषण और 1.80 लाख रुपये नकद चोरी कर ले गए थे। घटना के बाद कछौना पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की, लेकिन अब तक न चोरी का माल बरामद हुआ और न ही किसी आरोपी की गिरफ्तारी हो सकी। पीड़ित का आरोप है कि पुलिस वास्तविक आरोपियों तक पहुंचने के बजाय उनके ही परिवार के सदस्यों से बार-बार पूछताछ कर रही है। उनका कहना है कि यदि शुरुआत से तकनीकी और वैज्ञानिक तरीके से जांच की जाती, तो अब तक घटना का खुलासा हो सकता था। सेवानिवृत्त सैनिक ने कहा कि उन्होंने अपना पूरा जीवन देश की सेवा में बिताया, लेकिन अब अपनी मेहनत की कमाई वापस पाने और न्याय के लिए अधिकारियों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री से मामले की निष्पक्ष जांच, चोरी गए माल की बरामदगी और आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी की मांग की है। वहीं, कछौना थानाध्यक्ष अमित सिंह ने बताया कि मामले के खुलासे के लिए साइबर सर्विलांस, एसओजी और स्थानीय पुलिस की संयुक्त टीमें लगातार काम कर रही हैं। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच जारी है और जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने वसीम मेडिकल एजेंसी मामले में सुनवाई करते हुए दवाओं और चिकित्सा उपकरणों की आपूर्ति के बकाया भुगतान न करने को लेकर सख्त रुख अपनाया है। न्यायमूर्ति जे.जे. मुनीर और न्यायमूर्ति विवेक सरन की खंडपीठ ने हापुड़ के सी एम ओ का खाता कुर्क करने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता एजेंसी का बरेली, सहारनपुर, बिजनौर, आगरा, गाजियाबाद, कासगंज, हरदोई, हापुड़, रामपुर, अलीगढ़, मुजफ्फरनगर, जौनपुर और बदायूं के मुख्य चिकित्सा अधिकारियों पर दवाइयों और अन्य चिकित्सा सामग्री का भुगतान बकाया है। सुनवाई में क्या हुआ जानिएसुनवाई के दौरान बरेली, सहारनपुर, बिजनौर, गाजियाबाद, रामपुर, अलीगढ़, आगरा और जौनपुर के सी एम ओ ने बकाया राशि चुका दी। जौनपुर सी एम ओ ने 31 मार्च 2026 को 95,960 रुपये का भुगतान किया। हापुड़ के सी एम ओ ने पांच बिलों में से केवल एक (99,994 रुपये) का भुगतान किया, जबकि 61,920 रुपये, 30,272 रुपये, 46,784 रुपये और 36,808 रुपये कुल 1,75,784 रुपये के बिल बकाया रहने की बात स्वीकार की,। बजट न होने और तकनीकी कारणों का हवाला देकर भुगतान न कर पाने की मजबूरी बताई। कोर्ट ने इस बहाने को खारिज करते हुए कहा कि व्यावसायिक लेन-देन में स्वीकृत देनदारी के मामले में बजट की कमी कोई बहाना नहीं हो सकती, क्योंकि सरकार के पास सभी संसाधन उपलब्ध हैं। कोर्ट ने इसे नौकरशाही बहाना करार दिया। खाते से तुरंत कुर्क करें रुपएकोर्ट ने सिविल जज (सीनियर डिवीजन), हापुड़ को निर्देश दिया कि सी एम ओ हापुड़ के खाते 1,75,784 रुपये की सीमा तक तुरंत कुर्क किए जाएं और 22 जुलाई 2026 तक रिपोर्ट पेश की जाए। कहा भुगतान होते ही कुर्की स्वतः हट जाएगी। इसके अलावा कासगंज, हरदोई, मुजफ्फरनगर, जौनपुर और बदायूं के सी एम ओ को 22 जुलाई 2026 दोपहर 2 बजे कोर्ट में हाजिर होकर यह बताने को कहा गया है कि उनके खाते भी क्यों न कुर्क किए जाएं। अगली सुनवाई भी उसी दिन तय की गई है।
मिर्जापुर में घायल युवक की इलाज के दौरान मौत:परिजनों ने शव रखकर किया चक्का जाम, पिटाई का आरोप लगाया
मिर्जापुर के विंध्याचल थाना क्षेत्र में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल एक युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद सोमवार रात परिजनों और स्थानीय लोगों ने युवक का शव न्यू वीआईपी मंदिर गेट के सामने सड़क पर रखकर चक्का जाम कर दिया। परिजनों ने युवक के साथ मारपीट किए जाने का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। 12 जुलाई को सड़क हादसे में हुआ था घायल मृतक की पहचान विंध्याचल के बंगाली चौराहा निवासी शिव मोहन (19) पुत्र शिव कुमार के रूप में हुई है। वह विंध्याचल धाम स्थित एक कपड़े की दुकान पर काम करता था। परिजनों के अनुसार, 12 जुलाई की रात करीब आठ बजे वह बाइक से देवरहवा बाबा आश्रम मार्ग की ओर जा रहा था। महुआरी गांव के पास उसकी बाइक अनियंत्रित होकर गिर गई, जिससे उसके सिर में गंभीर चोट आई। इलाज के दौरान हुई मौत घटना के बाद स्थानीय लोगों ने एंबुलेंस की मदद से उसे सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, विंध्याचल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत देखते हुए ट्रॉमा सेंटर रेफर कर दिया। वहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। शव रखकर किया प्रदर्शन युवक की मौत की सूचना मिलते ही परिजन और मोहल्ले के लोग शव लेकर न्यू वीआईपी मंदिर गेट पहुंच गए। उन्होंने सड़क पर शव रखकर चक्का जाम कर दिया और निष्पक्ष जांच के साथ दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। परिजनों का आरोप था कि शिव मोहन के साथ मारपीट की गई थी, जिसकी भी जांच होनी चाहिए। पुलिस के आश्वासन पर खुला जाम सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों से वार्ता कर निष्पक्ष जांच और नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया। इसके बाद काफी देर तक चले प्रदर्शन के बाद जाम समाप्त कराया गया। दो महीने पहले हुई थी शादी परिजनों ने बताया कि शिव मोहन का विवाह करीब दो महीने पहले जौनपुर में हुआ था। उसके पिता विंध्याचल धाम में नगाड़ा बजाने का काम करते हैं। पांच भाइयों में शिव मोहन सबसे बड़ा था। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट की खंडपीठ ने हमीरपुर जिले के बुल्डोजर कार्रवाई व पाक्सो के एक बहुचर्चित मामले में जजों में मतभिन्नता के कारण तीसरे जज से सुनवाई के लिए केस रेफर कर दिया है। न्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन और न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की खंडपीठ ने फैमुद्दीन एवं अन्य की याचिका पर यह आदेश दिया, जिसमें संपत्ति सील करने और ध्वस्तीकरण की आशंका को लेकर संवैधानिक संरक्षण मांगा गया था। याचिकाकर्ताओं ने क्या कहा जानिएयाचियों का कहना था कि उनकी रिश्तेदार आफान खान के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धाराओं 64(1), 62/351(3), 61(2), आईटी एक्ट की धारा 67, पॉक्सो एक्ट की धारा 3/4 और उत्तर प्रदेश गैरकानूनी धर्मांतरण निषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज है। आरोप है कि आफान खान का याचिकाकर्ताओं की संपत्तियों आवासीय मकान, इंडियन लॉज नामक व्यावसायिक प्रतिष्ठान और आरा मिल में कोई स्वामित्व नहीं है, फिर भी बिना नोटिस या सुनवाई के इन संपत्तियों को सील करने और ध्वस्त करने की कार्रवाई की जा रही है, जिसे उन्होंने सामूहिक दंड और भीड़तंत्र जैसी राजनीतिक रूप से संरक्षित कार्रवाई बताया। सरकारी वकीलों ने कहा तथ्य छिपाए गए राज्य सरकार की ओर से पेश अतिरिक्त मुख्य स्थायी अधिवक्ता प्रियंका मिड्ढा ने अदालत को बताया कि याचिका में तथ्य छिपाए गए हैं। उन्होंने बताया कि इंडियन लॉज सिंचाई विभाग की जमीन पर बना है और 2021 की एक जनहित याचिका में पहले से ही अतिक्रमण हटाने के आदेश हैं। पुलिस पक्ष ने बताया कि 16 वर्षीय एक नाबालिग पीड़िता के साथ बलात्कार, आपत्तिजनक वीडियो बनाने, ब्लैकमेल करने और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाने का गंभीर आरोप है, और इसी लॉज में यह घटना हुई बताई गई। जांच में याचिकाकर्ता फैमुद्दीन की भूमिका भी सामने आई और उसे गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। आरा मिल पर वन विभाग के तहत अलग से कार्रवाई चल रही है, क्योंकि वहां संरक्षित प्रजाति की लकड़ी बरामद हुई थी। जजों की राय को जानिएन्यायमूर्ति अतुल श्रीधरन ने सुप्रीम कोर्ट के बुलडोजर जजमेंट (इन रि: डायरेक्शंस इन द मैटर ऑफ डिमॉलिशन ऑफ स्ट्रक्चर्स) का हवाला देते हुए यह व्यवस्था दी कि किसी आरोपी के घर को केवल इसलिए ध्वस्त करना कि उस पर आपराधिक मामला दर्ज है, प्रतिशोधात्मक कार्यकारी विवेकाधिकार माना जाएगा। उन्होंने निर्देश दिया कि एफआईआर दर्ज होने की तारीख से दो वर्ष तक किसी आरोपी का घर ध्वस्त न किया जाए, जब तक कि सार्वजनिक भूमि पुनः प्राप्त करने की तत्काल आवश्यकता न हो और कार्रवाई केवल आरोपी के घर तक सीमित न हो। साथ ही यह भी जोड़ा कि यदि कोई व्यक्ति तीन वर्ष या उससे अधिक समय से अवैध निर्माण में रह रहा है, तो प्राधिकरण को नगरीय कानून के तहत कार्रवाई शुरू करने से एक वर्ष पहले सूचना देनी होगी, ताकि वह वैकल्पिक व्यवस्था कर सके। साथी न्यायाधीश के फैसले से असहमतिन्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन ने अपने साथी न्यायाधीश के फैसले से आंशिक असहमति जताते हुए कहा कि अनुच्छेद 226 के तहत हाईकोर्ट को दो साल जैसी कोई निश्चित समय-सीमा तय करने का अधिकार नहीं है, क्योंकि इससे कानून का प्रवर्तन उतने समय के लिए स्थगित हो जाएगा। उन्होंने आशंका जताई कि इस तरह की छूट का दुरुपयोग हो सकता है । लोग कानूनी कार्रवाई से बचने के लिए जानबूझकर तुच्छ मुकदमे या एफआईआर दर्ज करा सकते हैं ताकि दो साल की सुरक्षा का लाभ उठाया जा सके। उन्होंने इसे अवांछित न्यायिक सक्रियता और विधायिका के अधिकार-क्षेत्र में हस्तक्षेप करार दिया। इसी तरह, ध्वस्तीकरण से पहले एक वर्ष की नोटिस ऑफ इंटेंट वाली शर्त को भी उन्होंने कानून में प्रावधान न होने के आधार पर अस्वीकार किया। हालांकि एक राय भी हुएहालांकि, दोनों न्यायाधीश इस बात पर सहमत रहे कि यदि निर्माण उल्लंघन को लेकर नोटिस जारी किया जाता है, तो संबंधित दोषी अधिकारियों के विरुद्ध भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत समानांतर कार्रवाई भी शुरू की जानी चाहिए और उसे छह महीने के भीतर तार्किक निष्कर्ष तक पहुंचाया जाना चाहिए। दोनों ने यह भी माना कि विकास प्राधिकरण की कार्रवाई किसी एक व्यक्ति के विरुद्ध चुनिंदा नहीं होनी चाहिए, अन्यथा पीड़ित पक्ष अदालत का रुख कर सकता है। फैसले में न्यायमूर्ति नंदन ने सुपरटेक बनाम एमराल्ड कोर्ट और एशा एकता अपार्टमेंट्स जैसे सुप्रीम कोर्ट के पूर्व फैसलों का उल्लेख करते हुए कहा कि अवैध निर्माणों के लिए अकेले उल्लंघनकर्ता ही नहीं, बल्कि निर्माण को मंजूरी देने वाले विकास प्राधिकरण के अधिकारी भी उतने ही जिम्मेदार हैं, और दोनों के बीच अक्सर मिलीभगत पाई जाती है। कोर्ट ने कहा कि सिर्फ आम नागरिक के अवैध निर्माण को गिराना पर्याप्त नहीं, बल्कि लापरवाह अधिकारियों पर भी कार्रवाई जरूरी है। चूंकि दोनों न्यायाधीशों के बीच दो अहम कानूनी सवालों पर मतभिन्नता (1) क्या अनुच्छेद 226 के तहत दो साल की सामान्य रोक लगाई जा सकती है, और (2) क्या नगरीय कानून के तहत कार्रवाई से एक साल पहले नोटिस ऑफ इंटेंट देना अनिवार्य किया जा सकता है, यह मामला अब मुख्य न्यायाधीश के पास भेजा जाएगा, जो इसे किसी तीसरे न्यायाधीश या पीठ को सौंपेंगे। तब तक याचिकाकर्ताओं की आवासीय संपत्ति को लेकर राज्य सरकार ने स्पष्ट किया है कि फिलहाल कोई कार्रवाई प्रस्तावित नहीं है, जबकि आरा मिल के विरुद्ध वन अधिनियम के तहत कार्रवाई यथावत जारी रहेगी। इंडियन लॉज, जो आपराधिक मामले में घटनास्थल है, केस प्रॉपर्टी के रूप में बी एन एस एस के प्रावधानों के तहत निपटाई जाएगी।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र के बहुअरा गांव में सोमवार को 16 साल की लड़की का शव खेत में बने एक कुएं से मिला। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल लोढ़ी भेज दिया गया। पुलिस मामले की सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस के अनुसार, बहुअरा गांव निवासी रामकेश यादव की बेटी वंदना यादव (16) रविवार को घर से निकली थी, लेकिन देर शाम तक वापस नहीं लौटी। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। ग्रामीणों ने कुएं में देखा शव सोमवार दोपहर खेत की ओर गए कुछ ग्रामीणों ने कुएं में एक शव उतराता देखा। उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकलवाया। शव की पहचान वंदना यादव के रूप में होने के बाद परिजनों में कोहराम मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण भी मौके पर जुट गए। परिवार की आर्थिक मदद करना चाहती थी किशोरी मृतका की बहन ने बताया कि वंदना पिछले कुछ दिनों से मानसिक तनाव में थी। उसके पिता गांव में चाय की दुकान चलाते हैं और दुकान के लिए लोन लिया हुआ है। परिवार की आर्थिक स्थिति को देखते हुए वंदना लकड़ी बीनकर पिता की मदद करती थी। बहन के मुताबिक, वह पिछले कुछ दिनों से कोई दूसरा काम करने की बात कह रही थी, ताकि अधिक कमाई कर परिवार का सहयोग कर सके। नगर क्षेत्राधिकारी रणधीर मिश्रा ने बताया कि किशोरी के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। उन्होंने कहा कि मामले की हर संभावित पहलू से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और परिजनों की तहरीर के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मैहर जिले के अमरपाटन में नेशनल हाईवे-30 पर रीवा से नागपुर जा रही एक यात्री बस को पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने टक्कर मार दी। इस हादसे में 12 से अधिक यात्री घायल हो गए, जिनमें से 5 की हालत गंभीर है। हादसा ग्राम पड़हा के पास सोमवार रात करीब 10 बजे हुआ। सवारी उतारते वक्त हुआ हादसा जानकारी के मुताबिक, यात्री बस ग्राम पड़हा के पास बस से उतरने वाले यात्रियों को उतारने के लिए रुकी हुई थी। इसी दौरान पीछे से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बस में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस से उतर रहे यात्री और ट्रक चालक दोनों इसकी चपेट में आ गए। घायलों में 5 की स्थिति गंभीर, अस्पताल में इलाज जारी हादसे की सूचना मिलते ही अमरपाटन थाना प्रभारी विजय सिंह पारस्ते पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से सभी घायलों को तुरंत सिविल अस्पताल अमरपाटन पहुंचाया। घायलों में मऊगंज, रीवा, मैहर और पड़हा के स्थानीय निवासी शामिल हैं। गंभीर रूप से घायल 5 लोगों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की टक्कर मारने वाला ट्रक चालक विजय प्रताप (निवासी मिर्जापुर, गुजरात मार्ग) भी हादसे में घायल हुआ है। पुलिस ने दुर्घटना का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और दोनों वाहनों को हाईवे से हटाकर यातायात बहाल कराया। यह लोग हुए घायल
तेज रफ्तार डंपर ने युवक को रौंदा, हालत गंभीर:प्रतिबंधित मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही पर उठे सवाल
आगरा के एत्माद्दौला थाना क्षेत्र में सोमवार रात एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की डंपर की चपेट में आ गया। गंभीर हालत में उसका इलाज चल रहा है। यह घटना माल गोदाम के पास हुई। घायल युवक की पहचान जीवनी मंडी निवासी विष्णु के रूप में हुई है। बताया गया कि विष्णु अपनी दुकान से बाइक से घर लौट रहे थे, तभी माल गोदाम के पास तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें कुचल दिया। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। सूचना मिलने पर एत्माद्दौला थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने डंपर को कब्जे में लेकर घायल को उपचार के लिए भेजा। चालक की तलाश जारी है और मामले की जांच के साथ वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। इस हादसे ने शहर की यातायात व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जिस मार्ग पर दिन के समय भारी वाहनों के प्रवेश पर प्रतिबंध है, वहां रोजाना ट्रैक्टर, डंपर और सीमेंट से लदे भारी वाहन बेखौफ गुजरते देखे जाते हैं। स्थानीय लोगों का आरोप है कि माल गोदाम क्षेत्र में लंबे समय से नियमों की अनदेखी हो रही है, लेकिन संबंधित विभाग कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहा। यह घटना प्रतिबंधित क्षेत्र में डंपर की मौजूदगी और यातायात नियमों के पालन तथा प्रशासनिक निगरानी पर बड़ा सवाल उठाती है।
नंदग्राम पुलिस ने करोड़ों रुपये की ठगी के मामले में बिल्डर के रिश्तेदार समेत 4 लोगों को अरेस्ट किया है। इनमें दो महिलाएं भी शामिल हैं। यह गैंग 50 करोड़ से अधिक की ठगी कर चुका है। पूछताछ में सामने आया कि बिल्डर और नंदग्राम पुलिस की मिलीभगत से निवेशकों से फ्लैट और दुकान बुकिंग के नाम पर ठगी की। एक सप्ताह पहले ही इस मामले में नंदग्राम थाने के थाना प्रभारी जितेंद्र कुमार भी हटाए गए थे। इस पूरे मामले में सिपाही से लेकर थाने के मुंशी तक 7 पुलिसकर्मियों पर गाज गिर चुकी है। 2 अलग अलग मुकदमे दर्ज हुए नंदग्राम थाने में 28 जून को करोड़ों रुपये की ठगी का पहला मुकदमा दर्ज किया गया। जबकि 16 जुलाई को दूसरा मुकदमा दर्ज किया गया। जिसमें पुलिस ने हनी गिल पुत्र विजय चौधरी, हनी के भाई प्रेम गिल, सुरभी शर्मा पत्नी दीपक शर्मा और मानसी प्रकाश को गिरफ्तार किया है। जिनसे पूछताछ में पता चला कि यह एक बिल्डर के रिश्तेदार हैं। अब पुलिस बिल्डर की भी तलाश कर रही है। यह मुकदमा 2 अलग-अलग परियोजनाओं में फ्लैट और दुकान बुकिंग के नाम पर निवेशकों से करोड़ों रुपए लेकर कूटरचित मूल्यवान प्रतिभूति के प्रपत्रों को देकर धोखाधड़ी की गई। जिसके लिए पुलिस कमिश्नर ने एसआईटी बनाई थी। निवेशकों से करोड़ों रुपए हड़पे पुलिस की जांच में आया कि इस गैंग ने बैंक खातों और अन्य दस्तावेजों को फर्जी तरह से तैयार किया। जहां निवेशकों से प्राप्त धनराशि आरोपियों द्वारा आपराधिक षडयंत्र के तहत धोखाधड़ी करते हुए कूटरचित मूल्यवान प्रतिभूति के प्रपत्रों को देकर निवेशकों का पैसा हड़प लिया है। आरोपियों के बैंक खाते में भी प्राप्त हुआ है। तथा निवेशकों के साथ अभद्र व्यवहार करते हुए जान से मारने की धमकी दी गई। उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर उसकी संलिप्तता पाए जाने पर उन्हें गिरफ्तार किया गया। इस गैंग में एक दर्जन से अधिक लोग अभी फरार हैं, जिनकी पुलिस तलाश कर रही है।
यूपी एटीएस ने पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी ISI के एजेंट के सीधे निर्देश पर देश विरोधी और आतंकी गतिविधियों में शामिल एक युवक को गिरफ्तार किया है। एटीएस यूपी को सूचना मिली थी कि पाकिस्तानी गैंगस्टर शहजाद भट्टी और आबिद जट्ट के आतंकी नेटवर्क द्वारा भारतीय युवाओं को आर्थिक लाभ का लालच देकर सोशल मीडिया के जरिए स्लीपर सेल बनाने और आतंकी घटनाओं को अंजाम देने की साजिश रची जा रही है। इसी सिलसिले में बलरामपुर जिले के ग्राम जमधरा, थाना गैसड़ी निवासी 29 वर्षीय शहरोज अहमद को गिरफ्तार किया गया है। एटीएस के प्रवक्ता ने बताया कि अभियुक्त शहरोज अक्टूबर 2025 में फेसबुक पर पाकिस्तानी एजेंट जसवीर चौधरी जो ISI के लिए काम करता है, से जुड़ा है। जसवीर ने फेसबुक पर हिम्मत और जिगर वाले शूटरों की जरूरत बताई थी, जिस पर शहरोज ने कमेंट किया। इसके बाद बातचीत व्हाट्सएप, मेसेंजर और एन्क्रिप्टेड ऐप सिग्नल पर शुरू हो गई। जसवीर ने शहरोज को आतंकी गतिविधियों के लिए उकसाया और राजस्थान के श्रीगंगानगर जाकर हथियार एवं विस्फोटक सामग्री लेने का निर्देश दिया। शहरोज मुंबई में रहता था और दो दिन पहले ही गांव आया था। जसवीर ने शहरोज के खाते में इन गतिविधियों के लिए पांच हजार रुपये भी भेजे थे।
फर्रुखाबाद में युवक की संदिग्ध मौत:परिजनों ने मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया, जांच जारी
फर्रुखाबाद के फतेहगढ़ कोतवाली क्षेत्र के गांव बंधुआ में सोमवार रात करीब 9:15 बजे एक युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। परिजन गंभीर हालत में उसे लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक के परिजनों ने परिवार के ही कुछ लोगों पर मारपीट कर हत्या करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान शैलेष (30) के रूप में हुई है। उसके भाई अखिलेश कुमार ने बताया कि सोमवार शाम शैलेष घर लौट रहा था। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते परिवार के कुछ लोगों ने उस पर हमला कर बेरहमी से मारपीट की। आरोप है कि हमलावर शैलेष को घर के पीछे घायल अवस्था में छोड़कर फरार हो गए। कुछ देर बाद उसकी बेटी ने उसे अचेत हालत में देखा और परिजनों को सूचना दी। परिजन तत्काल शैलेष को लोहिया अस्पताल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। अस्पताल प्रशासन ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवाकर पुलिस को सूचना दी। अखिलेश कुमार ने बताया कि 16 जुलाई को भी उनके बहनोई राजवीर के साथ इन्हीं लोगों ने मारपीट की थी। उस घटना को लेकर उलाहना देने पर आरोपी पक्ष ने धमकी दी थी। उनका आरोप है कि उसी रंजिश के चलते शैलेष की हत्या की गई। शैलेष पांच भाइयों में दूसरे नंबर पर था और मेहनत-मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी शादी नहीं हुई थी। घटना के बाद मां विमला देवी समेत पूरे परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है। फतेहगढ़ कोतवाली प्रभारी तेज सिंह ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और परिजनों से पूछताछ की। मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
उड़ीसा से फतेहपुर तक वाया प्रयागराज 100 किलो गांजा की बड़ी खेप पहुंचाने की साजिश को एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (एएनटीएफ) ने नाकाम कर दिया। तस्कर सोमवार को एक कार में गांजा लेकर फतेहपुर जा रहे थे, लेकिन शाम को कौशाम्बी के कोखराज टोल प्लाजा के पास एएनटीएफ की टीम ने उन्हें दबोच लिया। 50 लाख का गांजा बरामद हुआ कार से 100 किलो गांजा बरामद हुआ है, जिसकी अनुमानित कीमत करीब 50 लाख रुपये बताई जा रही है। पुलिस ने दो तस्करों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से एक मोबाइल फोन और 500 रुपये नकद भी बरामद किए हैं।एएनटीएफ प्रयागराज यूनिट ने यह कार्रवाई की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान फतेहपुर जिले के हथगांव थाना क्षेत्र के कुठली गांव निवासी मो. आयान पुत्र एजाज अहमद और राहुल कुमार पुत्र रमेश के रूप में हुई है। फतेहपुर में देने जा रहे थे सप्लाईपूछताछ में दोनों ने बताया कि वे साझेदारी में गांजा तस्करी का काम करते हैं। फतेहपुर के एक व्यक्ति के कहने पर वे उड़ीसा से गांजा लाकर उसकी सप्लाई करते थे। इस बार भी वे 100 किलो गांजा लेकर फतेहपुर जा रहे थे, लेकिन कौशाम्बी में एएनटीएफ की टीम ने उन्हें पकड़ लिया। अब पुलिस उस व्यक्ति की तलाश कर रही है, जिसके लिए यह खेप लाई जा रही थी। कोखराज टोल प्लाजा के पास गिरफ्तारीदोनों आरोपियों की गिरफ्तारी सोमवार को कोखराज टोल प्लाजा से करीब 500 मीटर आगे कानपुर लेन पर बरीपुर गांव के पास की गई। इस संबंध में थाना कोखराज में मुकदमा दर्ज कराया गया है। आरोपियों के कब्जे सेएक टोयोटा ग्लैंजा कार भी बरामद हुई है।
बलिया में उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के संयुक्त तत्वावधान में सोमवार को '1857 के महानायक मंगल पांडेय' नाटक का सजीव मंचन किया गया। गंगा बहुउद्देशीय सभागार में हुए कार्यक्रम के दौरान भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से पूरा वातावरण देशभक्ति से सराबोर हो गया। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश के परिवहन राज्यमंत्री दयाशंकर सिंह, राष्ट्रीय कला मंच के राष्ट्रीय प्रमुख अंकित शुक्ल, अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद के प्रांत मंत्री पुनीत और उत्तर मध्य क्षेत्र सांस्कृतिक केंद्र के उपनिदेशक डॉ. मुकेश उपाध्याय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर दयाशंकर सिंह ने शहीद मंगल पांडेय के व्यक्तित्व और उनके बलिदान पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम की शुरुआत रायबरेली से आईं आल्हा गायिका शीलू सिंह की ओजपूर्ण प्रस्तुति से हुई। उन्होंने वीर रस से ओत-प्रोत गीतों के माध्यम से मंगल पांडेय की शौर्यगाथा प्रस्तुत कर दर्शकों में देशभक्ति का उत्साह भर दिया। इसके बाद निर्देशक आशीष त्रिवेदी के निर्देशन में '1857 के महानायक मंगल पांडेय' नाटक का मंचन हुआ। नाटक में अंग्रेजी हुकूमत के अत्याचार, भारतीय सैनिकों की पीड़ा, धार्मिक आस्थाओं पर चोट और एनफील्ड राइफल के चर्बी लगे कारतूसों से उपजे विद्रोह को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया गया। संकल्प संस्था के कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से ऐतिहासिक घटनाओं को जीवंत कर दिया। नाटक के दौरान सभागार कई बार भारत माता की जय और वंदे मातरम् के नारों से गूंज उठा। मंचन में राहुल चौरसिया ने मंगल पांडेय, रिया वर्मा ने भारत माता तथा तुषार पांडेय, अनुपम पांडेय, यश गुप्ता, प्रियांशु, संजीत, कुमार यादव ने सैनिकों की भूमिका निभाई। वहीं ऋतिक गुप्ता, मौसम कुमार, सूरज ने ग्रामीण पात्रों और उत्कर्ष शर्मा ने अंग्रेज अधिकारी का किरदार निभाया। भाग्यलक्ष्मी, आरती रेखा और सुशील तिवारी ने गायन किया, जबकि ट्विंकल गुप्ता सह-निर्देशक रहीं।
लखनऊ जन उद्घोष व्यापार मंडल के एक प्रतिनिधिमंडल ने आज उत्तर विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. नीरज बोरा से मुलाकात की। प्रतिनिधिमंडल ने जानकीपुरम और जानकीपुरम विस्तार क्षेत्र की बदहाल और जर्जर सड़कों की समस्या से विधायक को अवगत कराया। व्यापार मंडल ने बताया कि सीवर खुदाई के कारण लंबे समय से सड़कें टूटी हुई हैं। सड़कों पर मिट्टी के ढेर लगे होने से स्थानीय व्यापारियों, क्षेत्रवासियों और राहगीरों को प्रतिदिन भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। बरसात के मौसम में यह स्थिति और भी गंभीर हो गई है। 48 घंटे के भीतर सड़क की मरम्मत का अल्टीमेटम विधायक डॉ. नीरज बोरा ने समस्या को गंभीरता से लेते हुए तत्काल लोक निर्माण विभाग और जल विभाग के अधिकारियों से वार्ता की। उन्होंने अधिकारियों को 48 घंटे के भीतर सड़क की मरम्मत और आवश्यक कार्य शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। डॉ. बोरा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर संबंधित विभागों द्वारा कार्य प्रारंभ नहीं किया गया, तो वे स्वयं क्षेत्रवासियों एवं व्यापारियों के साथ धरना-प्रदर्शन करने के लिए बाध्य होंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जनता की समस्याओं के प्रति किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी और संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी। क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में सुधार का आश्वासन जन उद्घोष व्यापार मंडल ने विधायक डॉ. नीरज बोरा द्वारा त्वरित संज्ञान लेने और अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देने के लिए उनका आभार व्यक्त किया। मंडल ने उम्मीद जताई कि जल्द ही क्षेत्र की सड़कों की स्थिति में सुधार होगा, जिससे आम जनता और व्यापारियों को राहत मिलेगी। इस मौके पर प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश महामंत्री विनोद कुमार सिंह, प्रदेश वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील कुमार सिंह, प्रदेश मंत्री आर के सिंह चौहान, जिला अध्यक्ष नवीन सिंह और डॉ. रवीश कुमार सिंह सहित अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
भोपाल के अवधपुरी थाना क्षेत्र की सुभाष विला कॉलोनी में सोमवार सुबह एक दर्दनाक घटना ने सभी को झकझोर दिया। एम्स भोपाल में पदस्थ 34 वर्षीय नर्सिंग ऑफिसर दिव्या ने अपने आठ वर्षीय बेटे और तीन वर्षीय बेटी को स्कूल भेजने के कुछ देर बाद घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। पुलिस जब घटनास्थल पर पंचनामा कार्रवाई कर रही थी, तभी स्कूल से लौटे दोनों मासूम बार-बार कहते रहे, हमें मम्मा के पास जाना है। बच्चों की यह पुकार सुनकर वहां मौजूद पुलिसकर्मी और स्थानीय लोग भी भावुक हो गए। तमिलनाडु की रहने वाली थीं पुलिस के अनुसार, दिव्या मूल रूप से तमिलनाडु की रहने वाली थीं। करीब दो महीने पहले उनके पति सुरेश ने तमिलनाडु में आत्महत्या कर ली थी। इसके बाद वह दोनों बच्चों को लेकर भोपाल आ गई थीं। यहां उन्होंने बच्चों का स्कूल में दाखिला कराया और उनकी देखभाल के लिए एक केयर टेकर रखा था। सोमवार सुबह बच्चों को स्कूल भेजने के बाद उन्होंने कमरे में फांसी लगा ली। केयर टेकर ने नाश्ता तैयार होने पर उन्हें आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने दरवाजा तोड़कर अंदर प्रवेश किया तो दिव्या फंदे पर लटकी मिलीं। पुलिस ने शुरू की जांच एफएसएल टीम ने मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों के तमिलनाडु से भोपाल पहुंचने के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। प्रारंभिक जांच में पति की मौत के बाद मानसिक तनाव में होने की बात सामने आई है। हालांकि, आत्महत्या के कारणों की पुष्टि पुलिस जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही हो सकेगी।
लखनऊ संप्रेक्षण गृह में 15 दिवसीय संगीत कार्यशाला का समापन:किशोरों ने भजन और प्रेरणादायक गीत गाए
लखनऊ के राजकीय संप्रेक्षण गृह मोहन रोड में आयोजित 15 दिवसीय संगीत कार्यशाला का सोमवार को समापन हो गया। उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी (संस्कृति विभाग, उत्तर प्रदेश) के सहयोग से आयोजित इस कार्यशाला के समापन समारोह में किशोरों ने अपनी संगीत प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस अवसर पर किशोरों ने भजन और प्रेरणादायक गीत प्रस्तुत किए, जिनकी अतिथियों ने सराहना की। मंच पर उनकी आत्मविश्वासपूर्ण प्रस्तुतियों ने कला और संगीत के युवाओं के व्यक्तित्व विकास में महत्व को रेखांकित किया। समापन समारोह के मुख्य अतिथि उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी के अध्यक्ष प्रो. जयंत खोत थे। विशिष्ट अतिथियों में अकादमी की उपाध्यक्ष विभा सिंह और उत्तर प्रदेश राज्य ललित कला अकादमी के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र शामिल रहे। राजकीय संप्रेक्षण गृह के अधीक्षक अनिमेष श्रीवास्तव, कार्यक्रम संचालक प्रशांत पाठक, कार्यशाला प्रशिक्षक विनोद कुमार तथा संस्थान के अधिकारी और कर्मचारी भी उपस्थित थे। अतिथियों ने कार्यशाला में भाग लेने वाले किशोरों का उत्साहवर्धन करते हुए कहा कि संगीत जैसी रचनात्मक गतिविधियां आत्मविश्वास बढ़ाती हैं और जीवन को नई दिशा प्रदान करती हैं। समारोह के अंत में, अतिथियों ने सभी प्रतिभागी किशोरों को कार्यशाला के प्रमाण पत्र वितरित किए। कार्यक्रम का समापन सभी प्रतिभागियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त करने के साथ हुआ।
दतिया विधानसभा उपचुनाव के प्रचार के बीच सोमवार शाम कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी का अलग अंदाज देखने को मिला। ग्राम सोनार में जनसंपर्क के दौरान शाम करीब 6 बजे वे मुख्य सड़क किनारे स्थित किसान कालीचरण पटेल के खेत पर रुके। उस समय किसान का बेटा जयदीप पटेल ट्रैक्टर से खेत में धान का संगा (रोपाई की तैयारी) कर रहा था। जयदीप को खेत में काम करते देख जीतू पटवारी ट्रैक्टर पर सवार हो गए और कुछ देर तक स्वयं ट्रैक्टर चलाकर धान का संगा किया। इस दौरान वहां मौजूद कार्यकर्ताओं और ग्रामीणों ने इसका वीडियो बना लिया। गौरतलब है कि जीतू पटवारी दतिया विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी कुंवर घनश्याम सिंह के समर्थन में लगातार जनसभाएं और जनसंपर्क कर रहे हैं। चुनाव प्रचार के दौरान किसानों के बीच पहुंचकर ट्रैक्टर चलाने की उनकी इस पहल को कांग्रेस कार्यकर्ता किसान हितैषी संदेश के रूप में प्रचारित कर रहे हैं। जबकि वीडियो सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है।
रूस के हमले में देवरिया का नाविक की मौत:यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास शिप पर हुआ हमला
देवरिया यूक्रेन के ओडेसा बंदरगाह के पास रविवार रात रूस द्वारा किए गए हमले में एक मालवाहक जहाज पर सवार देवरिया के नाविक की मौत हो गई। सोमवार शाम करीब आठ बजे शिपिंग कंपनी के एजेंट ने फोन पर परिजनों को घटना की सूचना दी। खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया और पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। गौरीबाजार थाना क्षेत्र के करमेल गांव निवासी अभिषेक निषाद (26), पुत्र कौशल निषाद, पिछले महीने 10 जून को मुंबई के एक एजेंट के माध्यम से 'गोल्डेन लिओ' नामक मालवाहक जहाज पर नाविक के रूप में नौकरी करने गए थे। परिजनों के अनुसार, रविवार को जहाज यूक्रेन से सामान लेकर सीरिया जा रहा था। इसी दौरान ओडेसा बंदरगाह के निकट रूसी हमले में जहाज निशाना बन गया। हमले के बाद जहाज पर सवार कई लोग लापता हो गए थे, जिनमें अभिषेक भी शामिल थे। सोमवार शाम शिपिंग कंपनी के एजेंट ने अभिषेक के पिता को फोन कर उनकी मौत की पुष्टि की। सूचना मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। गांव में भी शोक का माहौल है। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला प्रशासन ने भी परिजनों से संपर्क कर पूरे मामले की जानकारी ली। परिवार भारतीय दूतावास और संबंधित अधिकारियों के माध्यम से अभिषेक का पार्थिव शरीर भारत लाने की प्रक्रिया में जुटा है। परिजनों ने केंद्र सरकार और विदेश मंत्रालय से अपील की है कि अभिषेक का शव जल्द से जल्द भारत लाने की व्यवस्था कराई जाए, ताकि उनका अंतिम संस्कार पैतृक गांव में किया जा सके।
लखनऊ मारुति नंदन श्री कृष्ण लीला मैदान ट्रस्ट ने आगामी जन्माष्टमी महोत्सव और शोभायात्रा की तैयारियां शुरू कर दी हैं। बैठक गायत्री नगर स्थित पुरुषोत्तम बाल विद्या मंदिर में हुई। इसमें सर्वसम्मति से निर्णय लिया गया कि जन्माष्टमी महोत्सव 4 सितंबर 2026 को मनाया जाएगा, जबकि शोभायात्रा 13 सितंबर 2026 को निकाली जाएगी। बैठक की अध्यक्षता सुनील तिवारी ने की। उन्होंने बताया कि आयोजन को भव्य बनाने और जनभागीदारी सुनिश्चित करने के लिए अब हर सप्ताह नियमित बैठकें आयोजित की जाएंगी। इच्छुक लोग ट्रस्ट के नाम और मोनोग्राम वाले होर्डिंग्स लगवाकर सहयोग कर सकते हैं। शोभायात्रा का मार्ग तय किया गया समिति के अध्यक्ष ओम प्रकाश लोधी ने शोभायात्रा का मार्ग घोषित किया। यात्रा मोहिबुल्लापुर स्थित दुर्गा-हनुमान मंदिर से शुरू होगी और बाल निकेतन स्कूल, ज्ञानोदय डिग्री कॉलेज, रामलीला मैदान, नौबस्ता पुलिया, मोहिबुल्लापुर, श्रीनगर, मड़ियांव थाना और तड़ीखाना होते हुए विंध्याचल मंदिर पहुंचेगी। शोभायात्रा का समापन और विश्राम विंध्याचल मंदिर पर होगा। बैठक में विभिन्न व्यवस्थाओं पर भी चर्चा हुई। आशीष पांडेय ने पूरे मार्ग पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात करने की मांग की। राजू पांडेय ने आर्थिक सहयोग में पारदर्शिता के लिए बैनरों पर क्यूआर कोड लगाने का सुझाव दिया, जिससे श्रद्धालु आसानी से दान कर सकें। लक्ष्मी नारायण ने यात्रा मार्ग से पेड़-पौधों की शाखाएं और बिजली के तार जैसी बाधाओं को समय रहते हटाने का आग्रह किया। समिति की अगली बैठक मोहिबुल्लापुर में होगी समिति ने स्थानीय विधायक, मेयर, पार्षद और अन्य विशिष्ट अतिथियों को कार्यक्रम में आमंत्रित करने का निर्णय लिया है। ढोल-नगाड़ों और अन्य सांस्कृतिक व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। ट्रस्ट ने यह भी स्पष्ट किया कि शोभायात्रा के दौरान किसी भी अनैतिक गतिविधि की जिम्मेदारी संबंधित व्यक्ति की होगी। आयोजन में सिविल डिफेंस का सहयोग भी लिया जाएगा। समिति की अगली बैठक 26 जुलाई 2026, रविवार शाम 6 बजे कृष्ण लीला मैदान, मोहिबुल्लापुर में होगी, जहाँ तैयारियों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
ग्वालियर के झांसी रोड थाना क्षेत्र स्थित नाका चंद्रवदनी चौराहे के पास सोमवार शाम करीब 6 से 6:30 बजे एक खड़ी इलेक्ट्रिक स्कूटी में अचानक आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही मिनटों में स्कूटी पूरी तरह जलकर राख हो गई। राहत की बात यह रही कि घटना के समय स्कूटी पर कोई सवार नहीं था, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्कूटी मालिक किसी काम से वाहन खड़ा कर पास ही गया था। जब वह वापस लौटा तो स्कूटी में अचानक आग भड़क उठी। आग की लपटें इतनी तेज थीं कि आसपास मौजूद लोग आग बुझाने का प्रयास भी नहीं कर सके। देखते ही देखते पूरी स्कूटी आग की चपेट में आ गई। स्थानीय लोगों का कहना है कि आग लगने की वजह इलेक्ट्रिक स्कूटी में शॉर्ट सर्किट हो सकती है। आग की चपेट में पास खड़ी एक कार भी आ गई, जिससे वह आंशिक रूप से झुलस गई।फिलहाल स्कूटी मालिक की पहचान और उसके निवास की जानकारी सामने नहीं आई है। घटना की सूचना मिलने के बाद संबंधित एजेंसियों ने मामले की जानकारी जुटाना शुरू कर दिया है। प्रारंभिक तौर पर आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है।
छिंदवाड़ा शहर के छोटा तालाब में सोमवार देर शाम मछलियों को आटा खिलाने पहुंची एक बुजुर्ग महिला तालाब में गिर गई, जिससे उसकी डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और महिला को बाहर निकालकर जिला अस्पताल ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। शुरुआत में महिला की पहचान नहीं हो सकी थी। इसके बाद पुलिस ने सोशल मीडिया पर फोटो जारी कर उसकी पहचान कराने का प्रयास किया। कुछ देर बाद महिला की पहचान मीना झाम (65), पति प्रेम झाम, निवासी श्याम टॉकीज, पुराना पंजाब भवन के पास के रूप में हुई। मछलियों को आटा खिलाने के दौरान हुआ हादसाप्राथमिक जांच में सामने आया है कि मीना झाम रोज की तरह तालाब में मछलियों को आटा खिलाने गई थीं। इसी दौरान उनका पैर फिसल गया और वे सीधे तालाब में गिर गईं। आसपास मौजूद लोगों ने उन्हें बचाने की कोशिश की, लेकिन तब तक काफी देर हो चुकी थी। पोस्टमार्टम के बाद होगी आगे की कार्रवाईपुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है। घटनास्थल पर मौजूद लोगों और तालाब के चौकीदार से पूछताछ की जा रही है ताकि हादसे की परिस्थितियों की पुष्टि हो सके। कोतवाली थाना प्रभारी आशीष कुमार ने बताया कि महिला की पहचान हो चुकी है। पुलिस मौत के कारणों की जांच कर रही है। प्रारंभिक तौर पर मामला पैर फिसलने से तालाब में गिरने का प्रतीत हो रहा है, हालांकि जांच के बाद ही स्थिति पूरी तरह स्पष्ट होगी।
गोरखपुर जिले के बड़हलगंज थाने की पुलिस ने सचिवालय में सरकारी नौकरी दिलाने का झांसा देकर फर्जी नियुक्ति पत्र थमाकर 10 लाख रुपये की ठगी करने के आरोपी को सोमवार की रात गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की पहचान कौड़ीराम निवासी विनय उर्फ विपिन तिवारी के रूप में हुई है। पुलिस उससे पूछताछ कर यह पता लगाने में जुटी है कि आरोपी ने कितने और लोगों को अपना शिकार बनाया है। लखनऊ में ज्वानिंग कराने का दिलाया था विश्वास पुलिस के मुताबिक, बांसगांव थाने में 13 जून को खुशी यादव की तहरीर पर आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। पीड़िता ने आरोप लगाया था कि विनय उर्फ विपिन तिवारी ने सचिवालय में नौकरी लगवाने का भरोसा देकर उससे 10 लाख रुपये ले लिए थे। इसमें 3.50 लाख रुपये आरटीजीएस के माध्यम से और 6.50 लाख रुपये नकद दिए गए थे। आरोप है कि रकम लेने के बाद आरोपी ने पीड़िता को सचिवालय का फर्जी नियुक्ति पत्र दिया और लखनऊ पहुंचकर ज्वाइनिंग कराने का भरोसा दिलाया। जब पीड़िता नियुक्ति पत्र लेकर सचिवालय पहुंची तो जांच में वह फर्जी निकला। इसके बाद पीड़िता ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत के आधार पर बांसगांव पुलिस ने संबंधित धाराओं में एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू की। विवेचना के दौरान आरोपी के खिलाफ पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया। इस संबंध में सीओ बांसगांव अनुज सिंह ने बताया कि मामले की जांच जारी है। आरोपी के अन्य ठगी के मामलों में शामिल होने की भी जानकारी जुटाई जा रही है। साथ ही फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार करने में किसी अन्य व्यक्ति की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
दुर्ग के चंद्रशेखर आजाद स्कूल में बच्चों के कथित रूप से नशीली दवा के सेवन से बीमार होने के मामले ने राजनीतिक माहौल गरमा दिया है। इस घटना के विरोध में सोमवार को शहर जिला कांग्रेस कमेटी ने अध्यक्ष और पूर्व महापौर धीरज बाकलीवाल के नेतृत्व में कोतवाली थाना का घेराव किया। कांग्रेस ने एसपी के नाम सीएसपी हर्षित मेहर को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। पहले से तय कार्यक्रम के अनुसार बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता राजीव भवन से रैली निकालकर कोतवाली थाना पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने शहर में बढ़ते नशे के कारोबार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि समय रहते कार्रवाई नहीं हुई तो बच्चों और युवाओं का भविष्य खतरे में पड़ सकता है। कांग्रेस ने ज्ञापन में पूरे मामले की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच कराने की मांग की। संगठन का कहना है कि 6 से 8 विद्यार्थियों के बीमार होने की घटना बेहद गंभीर है। कांग्रेस ने पीड़ित विद्यार्थियों के बेहतर इलाज और हर जरूरी मदद देने की भी मांग की। स्कूल तक नशा कैसे पहुंचा? कांग्रेस अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल ने सवाल उठाया कि आखिर नशीली दवा स्कूल तक कैसे पहुंची। उन्होंने कहा कि यह पता लगाया जाना चाहिए कि मामला सिर्फ एक स्कूल तक सीमित है या दूसरे स्कूलों में भी ऐसा नेटवर्क सक्रिय है। उनके मुताबिक यह घटना शिक्षा व्यवस्था और कानून-व्यवस्था दोनों के लिए गंभीर चिंता का विषय है। शहर में बढ़ते नशे पर कांग्रेस का हमला धीरज बाकलीवाल ने आरोप लगाया कि दुर्ग में नशे और सिंथेटिक ड्रग्स का कारोबार लगातार बढ़ रहा है। उन्होंने कहा कि इसकी वजह से युवा गलत रास्ते पर जा रहे हैं और बाल अपराध भी बढ़ रहे हैं। कांग्रेस ने सभी स्कूलों और उनके आसपास नशीले पदार्थों की बिक्री, तस्करी और अवैध गतिविधियों के खिलाफ विशेष अभियान चलाने की मांग की। स्कूलों के आसपास पुलिस निगरानी बढ़ाने की मांग कांग्रेस ने स्कूलों के आसपास नियमित पुलिस गश्त बढ़ाने, संदिग्ध लोगों और गतिविधियों पर नजर रखने तथा भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए स्थायी सुरक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। संगठन का कहना है कि विद्यार्थियों की सुरक्षा प्रशासन की पहली जिम्मेदारी होनी चाहिए। कार्रवाई नहीं हुई तो बड़े आंदोलन की चेतावनी कांग्रेस ने कहा कि यदि मामले में जल्द और प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो विद्यार्थियों की सुरक्षा और जनहित को देखते हुए बड़ा लोकतांत्रिक आंदोलन किया जाएगा। संगठन ने कहा कि दुर्ग को नशामुक्त और अपराधमुक्त बनाने के लिए प्रशासन को तुरंत ठोस कदम उठाने चाहिए।
गयाजी के जिलाधिकारी शशांक शुभंकर ने नगर अंचल के राजस्व अधिकारी श्री राम कुमार रमन के खिलाफ कार्रवाई की है। राजस्व कार्यों में गंभीर लापरवाही, लंबित मामलों के निष्पादन में उदासीनता और विभिन्न प्रशासनिक अनियमितताओं के आरोप में उनके खिलाफ आरोप पत्र गठित कर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग को भेजा गया है। जिलाधिकारी ने बताया कि राजस्व अधिकारी की ओर से राजस्व प्रशासन से संबंधित कार्यों के निष्पादन में लापरवाही बरती। समीक्षा के दौरान पाया गया कि बड़ी संख्या में दाखिल-खारिज (म्यूटेशन) के मामले उनके लॉगिन में अनावश्यक रूप से लंबित रखे गए। आम-खास सूचना से संबंधित 213 आवेदन और 120 दिनों से अधिक समय से लंबित कुल 388 आवेदनों का समय पर निष्पादन नहीं किया गया। इस कारण आम नागरिकों को अनावश्यक परेशानी का सामना करना पड़ा। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि दाखिल-खारिज के कई मामलों में त्रुटिपूर्ण आदेश पारित किए गए। ऑनलाइन डिमांड में हेराफेरी जिलाधिकारी ने बताया कि अनुमंडल पदाधिकारी, सदर की ओर से कराई गई जांच में भी राजस्व अधिकारी के स्तर पर भूमि संबंधी अनेक मामलों को अनावश्यक रूप से लंबित रखने और तथ्यों के अनुरूप जांच नहीं किए जाने की पुष्टि हुई है। जांच प्रतिवेदन में कई गंभीर प्रशासनिक अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। जांच में राजस्व पदाधिकारी स्तर पर ऑनलाइन डिमांड में हेराफेरी का मामला भी प्रकाश में आया। यह भी पाया गया कि कुछ मामलों में जमाबंदी रद्द होने के बावजूद डिमांड को कायम रखा गया, जो राजस्व अभिलेखों के संधारण में गंभीर अनियमितता को दर्शाता है।
राजस्थान हाईकोर्ट जोधपुर ने शहर के 17 कब्रिस्तानों में किसी भी प्रकार का नया अवैध निर्माण नहीं होने के निर्देश दिए। कोर्ट ने सख्त रुख अपनाते हुए सभी संबंधित विभागों और वक्फ समितियों को निर्देश दिया है कि सभी पक्ष संयुक्त रूप से इसकी निगरानी और पालन सुनिश्चित करें। न्यायाधीश डॉ पुष्पेन्द्रसिंह भाटी व न्यायाधीश प्रवीर भटनागर की खंडपीठ मोहिनुद्दीन की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई की। चार सप्ताह बाद होगी सुनवाई याचिका में मारवाड़ वेलफेयर एंड एजुकेशन सोसायटी की ओर से कब्रिस्तान में पार्किंग के लिए 30 मार्च 2024 को जारी निविदा को निरस्त करने, वक्फ संपत्ति में हस्तक्षेप रोकने तथा सोजती गेट स्थित तकिया चांद शाह संपत्ति से किराया वसूली पर रोक लगाने की मांग की गई थी। सुनवाई के दौरान नगर निगम की ओर से 19 नवंबर 2025 के आदेश की पालना के लिए अतिरिक्त समय मांगा। हाईकोर्ट ने आग्रह स्वीकार करते हुए चार सप्ताह का समय दिया। साथ ही अंतरिम आवेदन का निस्तारण करते हुए स्पष्ट किया कि अगली सुनवाई तक 17 कब्रिस्तानों में किसी भी प्रकार का नया अवैध निर्माण नहीं होना चाहिए। मामले की अगली सुनवाई चार सप्ताह बाद होगी।
रायबरेली में सोमवार देर शाम घर के अंदर दंपती का शव फंदे से लटका मिला। दोनों का एक ही फंदे पर शव लटका देख परिजनों में चीख-पुकार मच गई। घटना के समय परिवार के अन्य सदस्य खेत में गए थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। मृतकों के कमरे से फॉरेंसिक टीम ने साक्ष्यों को जुटाया। वहीं पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर जांच शुरू कर दी है। दोनों पति-पत्नी घटना से कुछ देर पहले ही खेत से लौटकर आए थे। यह घटना डलमऊ थाना क्षेत्र के पखरामऊ मजरे कंधरपुर गांव में हुई। जानिए पूरी घटना… कंधरपुर में अरुण कुमार साहू (52) अपने दो बेटों अभिनव (26) और कार्तिक (21) के साथ रहते है। अभिनव की शादी 6 महीने पहले बछरावां के अघौरा गांव की रुपाली (23) से हुई थी। अभिनव पानीपत की एक कंपनी में वहीं रहकर सेल्समैन की नौकरी करते थे। करीब 20 दिन पहले पानीपत से वापस गांव लौटा था। सोमवार दोपहर परिवार के साथ अभिनव और रुपाली भी धान रोपाई के लिए खेत में गए थे। शाम करीब 5 बजे दोनों खेत से वापस घर लौट आए, जबकि परिवार के अन्य लोग खेत में ही काम पर करने में लगे थे। करीब दो घंटे परिवार के लोग वापस घर लौटे। एक ही फंदे पर दोनों लटके मिले घर में अभिनव के कमरे का दरवाजा अंदर से बंद मिला। भाई कार्तिक ने काफी आवाज लगाया लेकिन अंदर से कोई जवाब नहीं मिला। कुछ देर बाद कार्तिक और उनकी मां ने दरवाजा तोड़ दिया। कमरे के अंदर पंखे के सहारे फंदे पर अभिनव और रुपाली का एक ही साड़ी के फंदे से लटका शव मिला। शव देखकर मां और भाई कार्तिक में चीख-पुकार मच गई। आवाज सुनकर पड़ोसी भी घर में पहुंच गए। घटना की सूचना तत्काल पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस ने दोनों के शव को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। घटना की सूचना मिलते ही रुपाली के मायके वाले भी पहुंच गए। दोनों में नहीं था कोई विवाद पुलिस के साथ पहुंची फॉरेंसिक टीम ने कमरे से साक्ष्यों को जुटाकर जांच शुरू कर दी है। पुलिस परिवार और आसपास के लोगों से अभिनव और रुपाली के बारे में पूछताछ कर रही है। अभिनव के परिजनों का कहना है कि दोनों ही आपस में बहुत खुश रहते थे। दोनों में किसी प्रकार का विवाद नहीं था। पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा शव इस संबंध में कोतवाली प्रभारी राघवन सिंह ने बताया कि अभी तक किसी प्रकार की तहरीर नहीं मिली है। लड़की के मायके वालों को सूचना दे दी गई है। शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है, जिसकी रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल, पुलिस परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
खगड़िया जिले के खीराडीह गांव निवासी पशुपालक और लोक गायक जयनारायण तांती सोमवार शाम गंगा नदी में लापता हो गए। देर शाम अंधेरा होने के कारण उनकी तलाश पूरी नहीं हो सकी। मंगलवार सुबह एसडीआरएफ की टीम द्वारा सर्च अभियान चलाया जाएगा। जानकारी के अनुसार, जयनारायण तांती प्रतिदिन अपने पशुओं की देखभाल के लिए गंगा नदी तैरकर उस पार स्थित बासा पर जाते थे। सोमवार शाम करीब पांच बजे वे रामध्वनी गाते हुए नदी पार कर अपने पशुओं के पास जा रहे थे। इसी दौरान गंगा की तेज धारा में बहकर वे लापता हो गए। जयनारायण गहरे पानी में लापता हो गएउनके पुत्र सुनील कुमार ने बताया कि उनके पिता रोज की तरह गंगा पार कर बासा जा रहे थे। काफी देर तक वापस नहीं लौटने पर ग्रामीणों ने उनके नदी में बह जाने की सूचना दी। सूचना मिलते ही परिजन और बड़ी संख्या में ग्रामीण घटनास्थल पर पहुंच गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जयनारायण तांती को डूबता देख एक युवक उन्हें बचाने के लिए तुरंत नदी में कूद पड़ा। हालांकि, गंगा की तेज धारा के कारण वह उन्हें नहीं बचा सका और जयनारायण गहरे पानी में लापता हो गए। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। स्थानीय लोगों ने एसडीआरएफ और संबंधित अंचलाधिकारी को भी जानकारी दी। एसडीआरएफ की मदद से दोबारा खोजबीन शुरू कीअंधेरा होने के कारण सोमवार देर शाम तक प्रभावी ढंग से सर्च अभियान नहीं चलाया जा सका। प्रशासन ने मंगलवार सुबह एसडीआरएफ की मदद से दोबारा खोजबीन शुरू करने की बात कही है। जयनारायण तांती अपने लोकगीतों और रामध्वनी गायन के लिए क्षेत्र में काफी लोकप्रिय हैं। उनके लापता होने की खबर से खीराडीह गांव सहित आसपास के इलाकों में लोग चिंतित हैं।
जोधपुर में चेन स्नेचिंग की तीन वारदातें हुईं:बाइक सवार बदमाशों ने की वारदात; पुलिस खंगाल रही CCTV
जोधपुर कमिश्नरेट में अपराधियों के हौसले बुलंद हैं। पिछले 24 घंटों में महानगर के पूर्व और पश्चिम जिले के थानों में लूटपाट, अवैध कब्जे, धोखाधड़ी, मारपीट और मादक पदार्थों की तस्करी के कई मामले दर्ज किए गए हैं। बाइक सवारों ने छीनी महिला की चेन जोधपुर में महिलाओं के साथ चेन स्नेचिंग के मामले सामने आए। उदयमंदिर थाना क्षेत्र में अभय कमांड कंट्रोल रूम के पास 19 जुलाई की शाम दो बाइक सवार अज्ञात बदमाशों ने राह चलती महिला के गले से सोने की चेन पर झपट्टा मारा और फरार हो गए। महिला के पुत्र राहुल सोनी की ओर से इसको लेकर मामला दर्ज करवाया गया है। टैक्सी सवार महिला से कंठी लूटी महामंदिर क्षेत्र के सनसिटी अस्पताल के पास टैक्सी सवार महिला की मौसी के साथ कंठी लूट की वारदात सामने आई है। महिला ने इसे लेकर थाने में रिपोर्ट दी है। बाइक पर सवार आरोपियों ने लूटी चैन महामंदिर थाना क्षेत्र के चन्द्रमंगल हॉस्पिटल के पास बाइक पर सवार होकर आए आरोपियों ने महिला के गले में पहनी सोने की चेन लूट ली। फिलहाल पुलिस मामला दर्ज कर जांच में जुटी हुई है। महिला रश्मि दाधीच (48) बेंगलुरु से जोधपुर में अपने पीहर भाई के घर आई हुई थी।
औरंगाबाद में करंट से बुजुर्ग महिला की मौत:खेत में काम करने गई थी, टूटकर गिरा था जर्जर बिजली का तार
औरंगाबाद में सोमवार की शाम खेत में काम करने गई महिला की करंट से मौत हो गई। खेत में टूटकर बिजली का तार गिरा हुआ था, जिसे महिला देख नहीं पाई। ग्रामीण और परिजन अस्पताल ले गए थे, पर डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। मृतका खुशहालपुर गांव निवासी कृष्णा महतो की 55 वर्षीय पत्नी मीना देवी है। घटना देव थाना क्षेत्र के खुशहालपुर गांव की है। ग्रामीण शोर सुनकर मौके पर पहुंचे मृतका के बेटे अमरदीप कुमार ने बताया कि मां रोज की तरह खेत में काम करने गई थी। करंटे लगने के बाद आसपास मौजूद लोगों ने शोर सुनकर उन्हें उठाया और गंभीर अवस्था में इलाज के लिए सदर अस्पताल, औरंगाबाद ले गए। अस्पताल पहुंचने पर चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अस्पताल पहुंची और आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। ग्रामीणों का आरोप, जर्जर तार की मरम्मत नहीं होती मीना देवी अपने पीछे एक बेटे और 3 बेटियों का भरा-पूरा परिवार छोड़ गई हैं। उनकी 2 बेटियों की शादी हो चुकी है, जबकि एक बेटी और बेटा का विवाह अभी होना बाकी है। अचानक हुई इस दुर्घटना ने पूरे परिवार को गहरे सदमे में डाल दिया है। ग्रामीणों का कहना है कि क्षेत्र में बिजली के जर्जर तारों और समय पर मरम्मत नहीं होने के कारण इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। हाल के दिनों में खेतों में टूटे बिजली के तारों की चपेट में आने से कई लोगों की जान जा चुकी है। ग्रामीणों ने बिजली विभाग से जर्जर तारों को तत्काल बदलने, नियमित निरीक्षण कराने और सुरक्षा व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है।
कोटा में पुलिस ने अपराध नियंत्रण, साइबर अपराधों पर कार्रवाई और आमजन की समस्याओं के समाधान को लेकर एक साथ कई अहम कदम उठाए। उद्योग नगर थाना क्षेत्र में चलाए गए ‘एरिया डोमिनेशन’ अभियान के तहत पुलिस ने छह स्थायी वारंटियों समेत कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार किया। वहीं, साइबर थाना पुलिस ने BGMI गेमिंग आईडी सस्ते दामों में उपलब्ध कराने का झांसा देकर ठगी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। पुलिस एसपी तेजस्विनी गौतम ने बताया कि पुलिस मुख्यालय जयपुर के निर्देश पर अपराधियों के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाए जा रहे हैं। उद्योग नगर क्षेत्र में एडिशनल एसपी सुभाष मिश्रा के निर्देशन में नौ पुलिस टीमों का गठन किया गया। इनमें उद्योग नगर, गुमानपुरा, रेलवे कॉलोनी, महावीर नगर, विज्ञान नगर, जवाहर नगर, अनंतपुरा, कोतवाली, आरके पुरम और रानपुर थाना पुलिस शामिल रही। ड्रोन टीम और घुड़सवार पुलिस की निगरानी में मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया और विभिन्न संदिग्ध स्थानों पर सघन दबिश दी गई। कार्रवाई के दौरान छह स्थायी वारंटियों सहित कुल 24 आरोपियों को गिरफ्तार कर कानूनी कार्रवाई की गई। वहीं, साइबर थाना कोटा शहर ने सवाई माधोपुर निवासी 28 वर्षीय नासिर खान को गिरफ्तार किया है। आरोपी ने फेसबुक के जरिए पुणे निवासी युवक को BGMI गेमिंग आईडी सस्ते में दिलाने का झांसा दिया और कोटा निवासी इरफान के बैंक खाते का क्यूआर कोड हासिल कर 68 हजार रुपए की ठगी की रकम उसमें जमा करवाई। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से 11 हजार रुपए नकद, एक मोबाइल फोन और फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। मोबाइल की जांच में अन्य लोगों से साइबर ठगी के साक्ष्य भी मिले हैं, जिनकी जांच जारी है। इधर, आमजन की शिकायतों के त्वरित निस्तारण के लिए कोटा रेंज आईजी और एसपी तेजस्विनी गौतम ने थाना कुन्हाड़ी में जनसुनवाई आयोजित की। यह जनसुनवाई विशेष रूप से कुन्हाड़ी, नांता और नयापुरा क्षेत्र के परिवादियों की सुविधा के लिए आयोजित की गई। जनसुनवाई के दौरान लोगों की समस्याएं सुनकर संबंधित अधिकारियों को त्वरित निस्तारण के निर्देश दिए गए। साथ ही राजकॉप सिटीजन ऐप, महिला हेल्पलाइन “नीड हेल्प”, साइबर हेल्पलाइन और पुलिस विभाग की अन्य योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इसके अलावा सीएलजी बैठक आयोजित कर सदस्यों की समस्याओं पर चर्चा की गई। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि नशे के खिलाफ चलाए जा रहे “ऑपरेशन गरुड़व्यूह-2” के तहत किसी भी अवैध गतिविधि की सूचना कोटा शहर पुलिस के व्हाट्सएप नंबर 9530443141 पर साझा करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
मंदसौर जिले में 12 दिन के लंबे अंतराल के बाद सोमवार को मानसून ने वापसी की। जिला मुख्यालय सहित कई ग्रामीण क्षेत्रों में रुक-रुककर बारिश दर्ज की गई। हालांकि, यह बारिश ज्यादा देर तक नहीं चली, लेकिन इससे उमस और गर्मी से आंशिक राहत मिली। जिले में आखिरी अच्छी बारिश 8 जुलाई को हुई थी। 9 जुलाई की रात को जिला मुख्यालय और कुछ अन्य क्षेत्रों में हल्की बूंदाबांदी हुई थी, जिसके बाद से बारिश लगभग थम गई थी। इस लंबे सूखे दौर ने किसानों की चिंता बढ़ा दी थी। सोमवार सुबह तेज धूप और उमस से लोग परेशान रहे। दोपहर में हल्की बूंदाबांदी हुई, लेकिन जल्द ही धूप फिर निकल आई। शाम को बादल छाए और लगभग 15 से 20 मिनट तक तेज बारिश हुई। इसके बाद बारिश रुक गई। देर रात तक जिला मुख्यालय में हल्की बूंदाबांदी जारी रही। जिला मुख्यालय के अतिरिक्त पिपलिया मंडी, नारायणगढ़, सोनगरी, मल्हारगढ़, सुठोद, बरखेड़ा शाहिद और आसपास के क्षेत्रों में बारिश दर्ज की गई। हालांकि, जिले के अधिकांश हिस्से अभी भी अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। खेतों की नमी कम हो चुकीलगातार शुष्क मौसम के कारण खेतों की नमी कम हो गई है। इससे सोयाबीन और मक्का सहित खरीफ फसलों पर प्रतिकूल असर पड़ने की आशंका बढ़ गई है। जिले में अब तक औसतन 10.10 इंच बारिश दर्ज की गई है, जो पिछले वर्ष की इसी अवधि के 12.69 इंच से लगभग ढाई इंच कम है। जुलाई के दूसरे सप्ताह में बारिश का लंबा अंतराल किसानों के लिए चिंता का मुख्य कारण बना हुआ है। कम बारिश के कारण शहर के प्रमुख जल स्रोतों का जलस्तर घटने लगा है। इसे देखते हुए नगर पालिका के जल कार्य विभाग ने पेयजल वितरण व्यवस्था में बदलाव किया है। अब शहर के अधिकांश क्षेत्रों में एक दिन छोड़कर होने वाली जलापूर्ति के स्थान पर दो दिन छोड़कर पानी की आपूर्ति की जाएगी। दो दिन छोड़कर होगी पानी की सप्लाईविभाग के निर्णय के अनुसार, 19 जुलाई को जिन क्षेत्रों में पानी की सप्लाई हुई थी, वहां अगली सप्लाई 22 जुलाई को होगी। इसी प्रकार 20 जुलाई को जिन क्षेत्रों में पानी दिया जाएगा, वहां अगली सप्लाई 23 जुलाई को की जाएगी। हालांकि खानपुरा क्षेत्र और पुराने शहरी किला जैसे ऊंचाई वाले इलाकों में पहले की व्यवस्था जारी रहेगी। यहां एक दिन छोड़कर 40 मिनट तक पानी की सप्लाई होती रहेगी। नगर पालिका ने नागरिकों से पानी का अनावश्यक उपयोग नहीं करने, जल की बर्बादी रोकने तथा जल वितरण के दौरान विद्युत मोटर का उपयोग नहीं करने की अपील की है, ताकि सभी उपभोक्ताओं तक समान रूप से पानी पहुंच सके। अगले तीन दिन बारिश के आसारमौसम विभाग के अनुसार 21 जुलाई को हल्की से मध्यम बारिश, 22 जुलाई को गरज-चमक के साथ बारिश तथा 23 जुलाई को जिले के कई क्षेत्रों में मध्यम से तेज बारिश होने की संभावना है। यदि ऐसा होता है तो किसानों की फसलों के साथ-साथ शहर के जल स्रोतों को भी बड़ी राहत मिलेगी। 23 को इन्द्रदेव प्रार्थना-कीर्तन यात्रा इधर, जिले में अल्प वर्षा की स्थिति को देखते हुए सर्व समाज ने 23 जुलाई (गुरुवार) को सुबह 9 बजे तलाई वाले बालाजी मंदिर (बालागंज) से भगवान इन्द्रदेव प्रार्थना-कीर्तन यात्रा निकालने का निर्णय लिया है। यात्रा पशुपतिनाथ मंदिर तक पहुंचेगी। आयोजकों ने स्पष्ट किया है कि यदि 23 जुलाई को बारिश होती है, तब भी यात्रा पूर्व निर्धारित समय पर ही निकाली जाएगी। विभिन्न सामाजिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक संगठनों के प्रतिनिधियों ने इसे जनकल्याण, सर्वधर्म सौहार्द और पर्यावरण संरक्षण का प्रतीक बताते हुए नगरवासियों से अधिक से अधिक संख्या में शामिल होने की अपील की है।
ललितपुर जिला बार एसोसिएशन वर्ष 2026 के चुनाव के परिणाम सोमवार रात घोषित कर दिए गए। कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच रात करीब 8:30 बजे मतगणना पूरी हुई। अध्यक्ष पद पर राजेश देवलिया, महामंत्री पद पर लखन यादव और कोषाध्यक्ष पद पर अर्चना परमार निर्वाचित हुईं। अध्यक्ष पद पर 90 वोटों से जीते राजेश देवलिया अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में राजेश देवलिया ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी हेमंत चौधरी को 90 मतों से हराया। राजेश देवलिया को 236, हेमंत चौधरी को 146, कृष्ण कुमार बंसल को 98 और राजेंद्र कुमार रजक को 61 मत मिले। वहीं महामंत्री पद पर लखन यादव ने महेंद्र कुमार जैन 'झब्बू' को 26 मतों से पराजित किया। लखन यादव को 167, महेंद्र जैन को 141, हरीश कुमार अग्रवाल को 122 और शंभू दयाल शर्मा को 112 मत मिले। कोषाध्यक्ष पद पर अर्चना परमार की सबसे बड़ी जीत महिला आरक्षित कोषाध्यक्ष पद पर अर्चना परमार ने सबसे बड़ी जीत दर्ज की। उन्हें 416 मत मिले, जबकि उनकी प्रतिद्वंद्वी भारती वर्मा को 92 वोट प्राप्त हुए। इस पद पर 39 मत अवैध घोषित किए गए। अर्चना ने 324 मतों के बड़े अंतर से जीत हासिल की। 592 में से 549 अधिवक्ताओं ने किया मतदान जिला बार एसोसिएशन चुनाव के लिए सोमवार सुबह 8:30 बजे से दोपहर 3 बजे तक मतदान हुआ। कुल 592 मतदाताओं में से 549 अधिवक्ताओं ने अपने मताधिकार का प्रयोग किया। इसके बाद शाम 4 बजे से मतगणना शुरू हुई, जो रात 8:30 बजे तक चली। अन्य पदों पर भी घोषित हुए विजेता वरिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर कैलाश बाबू समैया ने 299 मत हासिल कर भगवत पाठक (245 मत) को पराजित किया। कनिष्ठ उपाध्यक्ष पद पर अजय कुमार कुशवाहा 129 मत पाकर विजयी रहे। कनिष्ठ कार्यकारिणी सदस्य पद पर अर्जुन कुशवाहा (393), गंधर्व सिंह यादव (296), राहुल शुक्ला (288), रमाकांत गोस्वामी (270), प्रवेश कुमार शर्मा (264) और पुष्पलता प्रजापति निर्वाचित हुए। शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ चुनाव चुनाव प्रक्रिया एल्डर्स कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह तथा सदस्य कुशल चंद्र जैन, सुरेंद्र कुमार खैरा, विजय कुमार सक्सेना और अनिल कुमार अलया की देखरेख में संपन्न हुई। मुख्य चुनाव अधिकारी विपिन कुमार सक्सेना ने बताया कि मतदान और मतगणना पूरी तरह शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुई। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर सीओ सिटी अजय कुमार और शहर कोतवाल अनुराग अवस्थी पुलिस बल के साथ पूरे समय मौके पर मौजूद रहे।
सुलभ इंटरनेशनल की ओर से टोंक में 'नई दिशा' मेले का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सुलभ इंटरनेशनल की कार्यकारी संयोजक नित्या पाठक ने कहा कि 'नई दिशा' केवल एक मेला नहीं, बल्कि देश की महिलाओं के सम्मान, स्वाभिमान और आर्थिक सशक्तिकरण का एक राष्ट्रीय अभियान है। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं को कौशल विकास और रोजगार के अवसर उपलब्ध कराकर उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। नित्या पाठक ने कहा कि सुलभ इंटरनेशनल इस अभियान को देश के प्रत्येक जिले और गांव तक पहुंचाने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है, ताकि ज्यादा से ज्यादा महिलाएं प्रशिक्षण प्राप्त कर स्वरोजगार से जुड़ सकें। उन्होंने बताया कि जनवरी 2026 में अलवर में आयोजित पहले 'नई दिशा' मेले की सफलता ने यह साबित कर दिया है कि सही अवसर और प्रशिक्षण मिलने पर महिलाएं समाज में सकारात्मक बदलाव ला सकती हैं। डॉ. विंदेश्वर पाठक को दी श्रद्धांजलिसंस्थापक स्वर्गीय डॉ. विंदेश्वर पाठक को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए उन्होंने कहा कि वर्ष 2003 में शुरू की गई इस पहल ने मैला ढोने की अमानवीय प्रथा से मुक्त कराकर महिलाओं को सम्मानजनक जीवन दिया है। आज कई महिलाएं सफल उद्यमी बन चुकी हैं। उन्होंने पद्मश्री उषा चोमर का उदाहरण देते हुए कहा कि सही सहयोग से महिलाएं हर क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू सकती हैं। स्टॉल लगाकर प्रदर्शित किए उत्पादकार्यक्रम के दौरान महिलाओं द्वारा तैयार किए गए विभिन्न खाद्य पदार्थों और अन्य हस्तनिर्मित उत्पादों की आकर्षक स्टॉलें भी लगाई गईं। नित्या पाठक ने बताया कि संस्था देशभर में 'नई दिशा' केंद्रों का विस्तार जारी रखेगी।
मऊगंज कलेक्टर संजय कुमार जैन ने जिले के सभी राजस्व अधिकारियों को नामांतरण, सीमांकन और बंटवारा जैसे मामलों का निराकरण तय समय-सीमा के भीतर पारदर्शिता के साथ करने के निर्देश दिए हैं। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित समीक्षा बैठक में उन्होंने स्पष्ट किया कि आमजन से जुड़े राजस्व कार्यों में अनावश्यक देरी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। समय-सीमा से बाहर के मामलों के लिए चलेगा विशेष अभियान कलेक्टर ने 0 से 3 माह, 3 से 6 माह, 6 माह से एक वर्ष और उससे अधिक समय से लंबित प्रकरणों की समीक्षा की। उन्होंने समय-सीमा पार कर चुके मामलों के तेजी से निपटारे के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। साथ ही चेतावनी दी कि बिना वाजिब कारण के फाइलें रोकने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी। राजस्व वसूली और योजनाओं में तेजी लाने के निर्देश समीक्षा के दौरान राजस्व वसूली की सुस्त प्रगति पर असंतोष जताते हुए कलेक्टर ने लक्ष्य हासिल करने के निर्देश दिए। इसके अलावा फार्मर रजिस्ट्री, ई-केवाईसी, समग्र आईडी और खाद्य सुरक्षा अधिनियम से जुड़े कार्यों को प्राथमिकता पर पूरा करने को कहा ताकि पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ समय पर मिल सके। जर्जर भवनों का सर्वे और रास्ते के विवाद सुलझाने के आदेश बैठक में प्रधानमंत्री राहत योजना के मामलों को जल्द स्वीकृत करने, ई-ऑफिस सिस्टम लागू करने और रास्ते से जुड़े विवादों को निष्पक्षता से सुलझाने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने जिले के जर्जर भवनों का सर्वे कर सुरक्षा उपाय करने के भी निर्देश जारी किए। बैठक में एडीएम, एसडीएम और सभी तहसीलदार उपस्थित रहे।
औरंगाबाद व्यवहार न्यायालय के प्रधान जिला एवं सत्र न्यायाधीश राजीव रंजन कुमार की अदालत ने 11 साल पुराने अपहरण और हत्या मामले में उम्रकैद की सजा सुनाई है। अदालत ने रिसियप थानाक्षेत्र के दोमुहान गौरा निवासी सुरेन्द्र मेहता को भारतीय दंड संहिता की विभिन्न धाराओं के तहत दोषी मानते हुए कुल साढ़े तीन लाख रुपये का जुर्माना भी लगाया है। इससे पहले 10 जुलाई को अदालत ने अभियुक्त को नाबालिग के अपहरण, हत्या और साक्ष्य छिपाने के आरोप में दोषी करार देते हुए उसका बंधपत्र रद्द कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया था। तीन धाराओं में अलग-अलग सजा, सभी सजाएं साथ-साथ चलेंगी लोक अभियोजक अजय कुमार ने बताया कि अदालत ने अभियुक्त को भादंवि की धारा 364 (अपहरण) के तहत उम्रकैद और एक लाख रुपए जुर्माना, धारा 302 (हत्या) के तहत उम्रकैद और दो लाख रुपए जुर्माना, धारा 201 (साक्ष्य मिटाने) के तहत 5 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई है। अदालत ने निर्देश दिया कि सभी सजाएं एक साथ चलेंगी। बारात से किया था मासूम का अपहरण, फिर मिला था शव लोक अभियोजक के अनुसार, मामले के प्राथमिकी सूचक महेन्द्र मेहता ने 17 जून 2011 को रिसियप थाना में मामला दर्ज कराया था। प्राथमिकी में आरोप लगाया गया था कि गांव में एक बारात आई थी। नाबालिग बेटा विवेक कुमार बरातियों के साथ सो गया था। इसी दौरान सुरेन्द्र मेहता ने उसका अपहरण कर लिया। घटना के करीब तीन महीने बाद सिंचाई नहर से एक बच्चे का शव बरामद हुआ। परिजनों ने शर्ट, बेल्ट और दांत के आधार पर शव की पहचान विवेक कुमार के रूप में की थी। अभियोजन के अनुसार, वादी और अभियुक्त के बीच पहले से जमीन संबंधी विवाद था, जिसे घटना का प्रमुख कारण माना गया। अदालत के फैसले के बाद पीड़ित परिवार ने न्यायपालिका पर विश्वास जताते हुए निर्णय पर संतोष व्यक्त किया। वहीं इस फैसले को लंबे समय से न्याय की प्रतीक्षा कर रहे परिवार के लिए बड़ी राहत माना जा रहा है।
खगड़िया में सोमवार को भारतीय कम्युनिस्ट पार्टी (मार्क्सवादी) [सीपीआईएम] के कार्यकर्ताओं ने नीट समेत विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में कथित पेपर लीक और छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई के विरोध में प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। यह प्रदर्शन पार्टी के राष्ट्रव्यापी आह्वान का हिस्सा था। दोपहर करीब तीन बजे सीपीआईएम जिला कार्यालय से पार्टी कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। प्रदर्शनकारी धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो जैसे नारे लगाते हुए अनुमंडल कार्यालय तक मार्च करते पहुंचे। इसके बाद फ्लाईओवर पुल पर प्रधानमंत्री और शिक्षा मंत्री का पुतला जलाकर विरोध दर्ज कराया गया। प्रदर्शन के बाद आयोजित सभा को संबोधित करते हुए सीपीआईएम के बिहार राज्य सचिवमंडल सदस्य संजय कुमार ने केंद्र सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं को कमजोर कर रही है और छात्रों-युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ कर रही है। कुमार ने प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार पेपर लीक की घटनाओं से लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर पड़े नकारात्मक प्रभाव का भी जिक्र किया। उनका आरोप था कि नीट सहित कई परीक्षाओं में हुई गड़बड़ियों की जिम्मेदारी अब तक तय नहीं की गई है। संजय कुमार ने दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के आंदोलन और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के अनिश्चितकालीन अनशन का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों और आंदोलनकारियों से संवाद करना चाहिए था, लेकिन इसके बजाय दमनकारी रवैया अपनाया गया। उन्होंने 18 जुलाई को आंदोलन स्थल पर हुई पुलिस कार्रवाई की निंदा करते हुए इसे लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला बताया। उन्होंने स्पष्ट किया कि सीपीआईएम छात्रों के आंदोलन का समर्थन करती है। पार्टी शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता लाने और पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच की मांग करती है। इस प्रदर्शन में सीपीआईएम जिला सचिवमंडल सदस्य कुंदन मेहता, वरिष्ठ नेता विजय कुमार सिंह, जिला कमेटी सदस्य अमर यादव, संजीव कुमार, माला देवी, अनिल वर्मा, रामविलास वर्मा, मंजीत कुमार सहित बड़ी संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद थे।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस को कानून-व्यवस्था और अपराध नियंत्रण पर अधिक प्रभावी ढंग से काम करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश पुलिस को देश की सर्वश्रेष्ठ पुलिस बनाने के लिए प्रयासों में कोई कमी नहीं रहनी चाहिए। मुख्यमंत्री ने पुलिस के विभिन्न स्तरों पर करीब 25 हजार पदोन्नतियां होने पर वरिष्ठ अधिकारियों को बधाई दी। साथ ही एक साल पहले पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन की घोषणा के बावजूद अब तक इसकी प्रक्रिया पूरी नहीं होने पर अधिकारियों से जानकारी ली। पुलिस मुख्यालय में अचानक पहुंचे मुख्यमंत्री ने कहा कि केंद्र सरकार के नए कानूनों का प्रदेश में प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित किया जाए। राजधानी से लेकर जिलों तक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी और पुलिस बल आगामी त्योहारों तथा स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रमों की तैयारियां समय रहते पूरी करें, ताकि नागरिकों को बेहतर कानून-व्यवस्था का लाभ मिल सके। उन्होंने कहा कि त्योहारों के दौरान पुलिस अमला पूरी मुस्तैदी के साथ ड्यूटी निभाए। नक्सलमुक्त क्षेत्रों के विकास में पुलिस निभाए भूमिका मुख्यमंत्री ने कहा कि नक्सलवाद समाप्त होने के बाद अब इन क्षेत्रों में विकास कार्यों की गति बढ़ानी है। ऐसे इलाकों में पुलिस भी सकारात्मक गतिविधियों से जुड़कर महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है। उन्होंने कहा कि प्रदेश में नशामुक्ति अभियान लगातार जारी रहना चाहिए। जिस तरह मध्यप्रदेश नक्सलवाद से मुक्त हुआ है, उसी तरह नशामुक्ति के लक्ष्य को भी तय समय-सीमा से पहले हासिल करने का प्रयास किया जाए। पुलिस विभाग, उच्च शिक्षा विभाग के साथ समन्वय कर शिक्षण संस्थानों में जागरूकता बढ़ाने में सहयोग करे। अभियान में उत्कृष्ट योगदान देने वालों को पुरस्कृत भी किया जाए। साथ ही अन्य राज्यों से लगे सीमावर्ती क्षेत्रों में नशीले पदार्थों के अवैध परिवहन पर प्रभावी नियंत्रण रखा जाए। उद्योगों और संस्थानों को उपलब्ध कराया जाए सुरक्षा स्टाफ मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में उद्योगों का तेजी से विस्तार हो रहा है। ऐसे में आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था भी सुनिश्चित की जानी चाहिए। विभिन्न संस्थानों और उद्योगों के लिए एसआईएसएफ के माध्यम से लाइसेंसधारी सुरक्षा स्टाफ उपलब्ध कराने की व्यवस्था की जाए। भविष्य की जरूरतों को देखते हुए विकास क्षेत्रों और सामाजिक स्तर पर सामने आने वाली चुनौतियों के लिए भी तैयारी रखी जाए। वरिष्ठ अधिकारी हर समस्या के समाधान के लिए सक्रियता से काम करें। प्रमोशन और भर्ती की प्रक्रिया नियमित चले मुख्यमंत्री ने कहा कि पुलिस विभाग के आवश्यक पदों को स्वीकृति दी जा चुकी है। हाल ही में विशेष अभियान के तहत विभिन्न स्तरों पर करीब 25 हजार पदोन्नतियां की गई हैं। आरक्षक से लेकर उपनिरीक्षक और निरीक्षक तक के पदों पर वर्षों से पदोन्नतियां नहीं हुई थीं। आगे भी पद रिक्त होने पर डीपीसी के माध्यम से समय पर प्रक्रिया पूरी की जाए। इसके लिए वार्षिक कैलेंडर बनाया जाए। पदों की पूर्ति के लिए बैकलॉग समाप्त किया जाए और स्वीकृत पदों को भरने में देरी न हो। उन्होंने कहा कि पुलिस के सभी स्तरों पर रिक्त पदों की भर्ती भी बिना विलंब पूरी की जाए। प्रदेश की तीन विशेष पिछड़ी जनजातियों बैगा, सहरिया और भारिया—की नियुक्तियों पर विशेष ध्यान दिया जाए। इन जनजातियों के निवास वाले छह जिलों में योग्य युवाओं को पुलिस सहित विभिन्न सेवाओं में उनकी रुचि के अनुरूप भर्ती देने पर भी विचार किया जाए। हर जिले में होगा अपना पुलिस बैंड मुख्यमंत्री ने कहा कि आगामी गणतंत्र दिवस तक प्रत्येक जिले का अपना पुलिस बैंड तैयार हो जाना चाहिए। अधिकांश जिलों में पदों की पूर्ति की जा चुकी है। शेष जिलों में भी यह कार्य जल्द पूरा किया जाए। बैठक में पुलिस हाउसिंग बोर्ड के कार्यों, वाहनों की आवश्यकता, पुलिस रिक्रूटमेंट बोर्ड के गठन तथा घटनास्थल (सीन ऑफ क्राइम) पर एफएसएल की तर्ज पर त्वरित जांच व्यवस्था विकसित करने जैसे विषयों पर भी चर्चा हुई। यूसीसी, कॉकरोच जनता पार्टी और ओबीसी महासभा को लेकर अलर्ट मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने पुलिस मुख्यालय में पुलिस अधिकारियों से कहा है कि दिल्ली में जंतर मंतर में कॉकरोच जनता पार्टी के साथ चल रहे आंदोलन के मद्देनजर मध्य प्रदेश में भी पुलिस सतर्क रहे और हर तरह की गतिविधियों की निगरानी कर मुस्तैदी से काम करें। मुख्यमंत्री डॉ यादव ने अधिकारियों से यह भी कहा है कि प्रदेश में यूसीसी कानून जल्दी ही लागू होने वाला है, इसलिए प्रदेश में कानून व्यवस्था की स्थिति को लेकर भी पुलिस अधिकारी अलर्ट मोड में रहें। बैठक में इसके साथ ही ओबीसी महासभा द्वारा किए गए भोपाल के प्रदर्शन पर भी नजर रखने और सरकार के सूचना तंत्र को मजबूत बनाए रखने के लिए निर्देश दिए गए।
बिहार सरकार ने सोशल मीडिया पर अभद्र भाषा, गाली-गलौज और आपत्तिजनक पोस्ट करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का फैसला लिया है। ऐसे मामलों में अब गुंडा एक्ट के तहत कार्रवाई की जाएगी। दोषी पाए जाने पर छह महीने से एक साल तक की सजा का प्रावधान किया गया है। इसके साथ ही पेपर लीक के आरोपियों को भी गुंडा एक्ट के दायरे में लाने का निर्णय लिया गया है। सोमवार को सम्राट कैबिनेट की बैठक हुई, जिसमें 10 एजेंडों पर मुहर लगी। सरकार ने स्पष्ट किया है कि साइबर और डिजिटल अपराधों के खिलाफ सख्त रुख अपनाया जाएगा। इसके अलावा कैबिनेट ने बिहार इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय अधिनियम में संशोधन के प्रस्ताव को भी मंजूरी दी। साथ ही विशिष्ट विश्वविद्यालय विधेयक-2026 को स्वीकृति दे दी गई है। इन फैसलों के बाद मुजफ्फरपुर में नए वास्तुकला एवं सिविल इंजीनियरिंग विश्वविद्यालय की स्थापना का रास्ता भी साफ हो गया है। अब जानिए पिछले कैबिनेट में किन एजेंडों पर लगी थी मुहर इससे पहले पिछले कैबिनेट में सरकार ने भागलपुर में बनने वाले ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का नाम अजगैबीनाथ धाम करने का निर्णय लिया था। इसके लिए कुल ₹1329.58 करोड़ खर्च होंगे। इसके साथ ही राजगीर, रोहतास और कैमूर में में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट बनेगा। इसे लेकर इंडियन एयरपोर्ट अथॉरिटी (AAI) और बिहार सरकार के बीच समझौता हुआ है। इसके अलावा पंचायत चुनाव 2026 नए परिसीमन के आधार पर कराए जाएंगे। यह परिसीमन 2011 की जनगणना के आधार पर होगा। सीएम सम्राट चौधरी की अध्यक्षता में हुई कैबिनेट की बैठक में यह निर्णय लिया गया है। कैबिनेट की बैठक में कुल 25 एजेंडों पर मुहर लगी है। राज्य सरकार ने व्हीकल टैक्स में बढ़ोतरी को भी मंजूरी दी है। दोपहिया और तीन पहिया वाहनों पर टैक्स बढ़ाया गया है। दो पहिया वाहनों पर टैक्स में 1% की वृद्धि की गई है। वहीं, तीन पहिया वाहन खरीदने वालों को 1,000 रुपए अतिरिक्त टैक्स देना पड़ेगा। इसके अलावा कॉमर्शियल वाहनों के टैक्स में 4% की वृद्धि की गई है। वहीं, सीतामढ़ी के पुनौराधाम स्थित माता सीता जन्मस्थली को अयोध्या की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। इसे लेकर कैबिनेट में ट्रस्ट डीड को मंजूरी दी गई है। इसके लिए 50.89 एकड़ जमीन मंदिर न्यास समिति को निःशुल्क हस्तांतरित करने की स्वीकृति दी गई है। पंचायत के जरिए टैक्स वसूलेगी सरकार वाहन बेचने वाले डीलरों और निर्माताओं पर लगने वाला ट्रेड टैक्स भी चार गुना बढ़ा दिया है। सरकार का कहना है कि लंबे समय से टैक्स की दरों में बदलाव नहीं हुआ था। इसलिए अब नई दरें लागू की जा रही हैं। बिहार सरकार पंचायत के जरिए टैक्स वसूलेगी। भवन कर, कमर्शियल लैंड टैक्स, सिनेमा, होर्डिंग्स, व्यापार कर, पीने का पानी, हाट लगाने, कूड़ा उठाने के लिए टैक्स लिया जाएगा। पंचायत को टैक्स क्लेक्शन करने का अधिकार दिया। बिहार में पहली बार टैक्स वसूले जाने का फैसला लिया है। सरकार का कहना है कि इससे ग्राम पंचायतों की अपनी आय बढ़ेगी और विकास कार्यों के लिए उन्हें राज्य सरकार पर पहले की तुलना में कम निर्भर रहना पड़ेगा। पिछले कैबिनेट के बड़े फैसले ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप के लिए खरीदी जाएगी जमीन सरकार ने पटना, सोनपुर, गया और मुजफ्फरपुर में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड सैटेलाइट टाउनशिप विकसित करने के लिए जमीन अधिग्रहण को मंजूरी दी थी। इन टाउनशिप में सड़क, पेयजल, बिजली समेत सभी आधुनिक बुनियादी सुविधाएं विकसित की जाएंगी। किसानों का डिजिटल रिकॉर्ड तैयार करने और फसलों का डिजिटल सर्वे कराने के लिए डिजिटल एग्रीकल्चर मिशन के तहत 154 करोड़ रुपये की योजना को भी कैबिनेट ने मंजूरी दी थी।
खंडवा में लंबी खेंच के बाद सोमवार रात को बारिश हुई। सवा 8 बजे से तकरीबन एक घंटे तक पानी गिरा। पहले रिमझिम और आखिरी में तेज बरसकर शांत हो गया। 12 दिन से बारिश के बिना उमस और गर्मी का मौसम था। दिन में धूप और सुबह-शाम ठंडक के चलते बादल कमजोर पड़ गए थे। इधर, एक घंटे की बारिश ने गर्मी और उमस से राहत दिलाई तो वहीं फसलों को बूस्टर डोज दे गया। हालांकि कुछ देर की बारिश सिर्फ फसल के पत्तों को छू सकी हैं। उनकी जड़ों तक पानी नहीं पहुंच पाया। खेत की मिट्टी भी नहीं भीग पाई। यह जरूर है कि आसमानी पानी लगने से फसलों को जीवनदान मिला है। मुरझाने जैसे संकट को टाल दिया है। मौसम पूर्वानुमान की बात की जाए तो मंगलवार से बारिश के और मजबूत होने के आसार हैं। विशेषज्ञों का कहना है कि कल से अच्छी बारिश के आसार बन रहे है।
सड़क दुर्घटनाओं पर अंकुश लगाने और यात्रियों के सुरक्षित सफर को सुनिश्चित करने के लिए सोमवार को भी जोधपुर में लग्जरी व स्लीपर बसों के खिलाफ अभियान चलाया गया। राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण (जयपुर) के निर्देश पर की गई इस औचक कार्रवाई में नियमों की धज्जियां उड़ा रही 6 लग्जरी व स्लीपर बसों के चालान काटकर उन्हें जब्त कर लिया गया। चेकिंग में सामने आईं यह गंभीर अनियमितताएं जांच के दौरान मोटर वाहन अधिनियम-1988 और स्लीपर कोच बसों के लिए तय सरकारी मानकों (AIS-119) का बड़े पैमाने पर उल्लंघन पाया गया। कई बसों में इमरजेंसी एग्जिट ही गायब थे। अवैध मॉडिफिकेशन: बसों में पीछे से चेसिस काटकर नियम विरुद्ध लगेज स्पेस बनाया गया था। बसों की छत पर अवैध रूप से लगेज कैरियर लगाए गए थे। इसके अलावा बैठने की क्षमता में फेरबदल और स्लीपर बर्थ की लंबाई-ऊंचाई तय मापदंडों के विपरीत पाई गई। अभियान जिला एवं सत्र न्यायाधीश दिनेश त्यागी (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर महानगर) और जिला एवं सत्र न्यायाधीश पूरण कुमार शर्मा (अध्यक्ष, जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला) के नेतृत्व में चलाया गया। जिसमें जिला विधिक सेवा प्राधिकरण जोधपुर जिला ओर महानगर के सचिव जज डॉ मनीष हरजाई, राकेश रामावत शामिल रहे।
नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) ने भोपाल के शाहपुरा तालाब के 50 मीटर बफर जोन में अवैध निर्माण को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। एनजीटी ने अवैध निर्माण पर तुरंत रोक के आदेश दिए हैं। साथ ही सात दिन के अंदर गाद हटाने को कहा है। कलेक्टर, निगम कमिश्नर को रिपोर्ट पेश करने के आदेश भी दिए गए। शाहपुरा तालाब के संरक्षण, अतिक्रमण और जल प्रदूषण से जुड़े मामले नितिन सक्सेना विरुद्ध एमपी स्टेट वेटलैंड अथॉरिटी पर सुनवाई करते हुए यह आदेश दिए। न्यायमूर्ति शिव कुमार सिंह एवं विशेषज्ञ सदस्य सुधीर कुमार चतुर्वेदी की पीठ ने निर्देश दिया है कि शाहपुरा तालाब और उसके बफर जोन में किसी भी प्रकार का अवैध निर्माण या अतिक्रमण बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। NGT के यह आदेशएनजीटी ने सख्त हिदायत दी है कि तालाब की सफाई के दौरान बाहर निकाली गई गाद, जो तटबंधों पर जमा है, उसे एक सप्ताह के भीतर तुरंत हटाया जाए। ताकि, बारिश के मौसम में यह मिट्टी/गाद दोबारा बहकर तालाब के पानी को दूषित न करें। यह काम सात दिन में करें। अतिक्रमण पर पूर्ण रोक और सटीक सीमांकननगर निगम, कलेक्टर और मध्य प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड को निर्देश दिया गया है कि वे उपलब्ध राजस्व और उपग्रह अभिलेखों के आधार पर तालाब की वास्तविक सीमा और इसके 50 मीटर बफर जोन का सटीक सीमांकन एवं पहचान करें। इस संबंध में उल्लंघन की विस्तृत रिपोर्ट 3 सप्ताह के भीतर प्रस्तुत करने के आदेश दिए गए हैं। अशोधित जल के प्रवेश पर रोकअधिकरण ने स्पष्ट किया है कि शाहपुरा तालाब की पारिस्थितिकी और जल संचयन क्षमता को सुधारने के लिए तालाब में बिना उपचार किए गंदे पानी के डिस्चार्ज को पूरी तरह रोका जाए और नियमित रूप से गाद निकालने की प्रक्रिया चलाई जाए। अगली सुनवाई 2 सितंबर को होगी। कलियासोत डैम किनारे शनिवार-रविवार को होती है रैलीइधर, पर्यावरणविद् राशिद नूर ने पुलिस कमिश्नर से शिकायत की है। इसमें एनजीटी के आदेश और संयुक्त निरीक्षण रिपोर्ट भी दी। कहा कि अवहेलना करते हुए कलियासोत डैम और अन्य संवेदनशील क्षेत्रों में शनिवार और रविवार को अवैध कार रैली, ऑफ रोड ड्राइविंग, खतरनाक वाहन संचालन किया जा रहा है। नूर ने बताया कि पूर्व में भी ऐसे आयोजन कलियासोत जलाशय, बांध एवं आसपास के जंगल क्षेत्रों, भोपाल के कोहेफिजा मैदान सहित अन्य स्थानों पर किए जाते रहे हैं। इन गतिविधियों के कारण कानून-व्यवस्था, यातायात एवं जनसुरक्षा प्रभावित होने की स्थिति उत्पन्न हुई है। इसी प्रकार पूर्व में वीआईपी रोड पर कुछ बाइकर्स द्वारा खतरनाक स्टंट एवं रेसिंग की घटनाएं भी सामने आती रही हैं। जिन पर भोपाल पुलिस द्वारा प्रभावी कार्रवाई कर रोक लगाई गई थी। इससे स्पष्ट है कि इस प्रकार की गतिविधियां सार्वजनिक सुरक्षा, यातायात व्यवस्था एवं कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा उत्पन्न कर सकती हैं। वर्तमान में कलियासोत जलाशय एवं उससे जुड़े वेटलैंड, कैचमेंट और एफटीएल क्षेत्र में पुन: कुछ लोग व ग्रुप ने बिना अनुमति के रैली का आयोजन शुरू किया है।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा बचाओ आंदोलन के समर्थन में सोमवार को गयाजी में प्रदर्शन हुआ। मगध विश्वविद्यालय परिसर में छात्रों ने आक्रोश जताया। विश्वविद्यालय के गेट नंबर-1 पर विभिन्न छात्र संगठनों ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की प्रतीकात्मक अर्थी यात्रा निकाली गई। इसके बाद अर्थी का दाह संस्कार कर उनके इस्तीफे की मांग की गई। प्रदर्शन में कौटिल्य छात्रावास, कर्पूरी ठाकुर छात्रावास समेत विश्वविद्यालय के कई विभागों और छात्रावासों के छात्र-छात्राएं शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पेपर लीक, भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी और शिक्षा व्यवस्था में भ्रष्टाचार के खिलाफ नारेबाजी की। यूनिवर्सिटी परिसर पेपर लीक बंद करो, शिक्षा बचाओ-देश बचाओ और छात्र विरोधी सरकार मुर्दाबाद के नारों से गूंजता रहा। 'मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ रहा' इंकलाबी छात्र संगठन के संयोजक दीपक कुमार दांगी ने कहा कि लगातार पेपर लीक और परीक्षाओं में धांधली से छात्रों का भविष्य अंधकार में जा रहा है। युवाओं को मजबूर होकर सड़क पर उतरना पड़ रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा व्यवस्था को बचाने में विफल रही है। यदि शिक्षा मंत्री नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा नहीं देते और पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं होती तो आंदोलन और तेज होगा। 'करोड़ों युवाओं के भविष्य की लड़ाई' कहा कि छात्रों की आवाज दबाने की कोशिश की गई तो देशभर के विश्वविद्यालयों में चरणबद्ध आंदोलन, घेराव और लोकतांत्रिक विरोध-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा। यह किसी एक संगठन की नहीं, बल्कि करोड़ों युवाओं के भविष्य की लड़ाई है। आंदोलन के संरक्षक कमलेश यादव ने कहा कि लाखों छात्र वर्षों की मेहनत के बाद भी पेपर लीक और भ्रष्ट व्यवस्था की वजह से अपने सपनों से दूर हो रहे हैं। सरकार ने समय रहते शिक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं किया तो छात्र आरपार की लड़ाई लड़ेंगे। कार्रवाई न होने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी एनएसयूआई मगध विश्वविद्यालय अध्यक्ष संतोष कुमार सोनू ने कहा कि शिक्षा और रोजगार के मुद्दे पर सरकार पूरी तरह विफल रही है। जब तक पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू नहीं होगी और छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा। प्रदर्शन के दौरान गोपेश कुमार ने प्रतीकात्मक रूप से अर्थी को मुखाग्नि दी। मौके पर प्रिंस कुमार, आलोक कुमार, चंदन, मानस, विक्रम, राजेश, सुजीत, अविनाश समेत बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे।प्रदर्शन के अंत में छात्र संगठनों ने चेतावनी दी कि यदि पेपर लीक पर स्थायी रोक, पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था और दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और व्यापक बनाया जाएगा।
उज्जैन में भगवान श्री महाकालेश्वर की श्रावण-भादौ 2026 की सवारियां इस बार केवल धार्मिक आस्था तक सीमित नहीं रहेंगी। ये सवारियां संस्कृति, पर्यावरण और सामाजिक जागरूकता का भी संदेश देंगी। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने सभी सवारियों के लिए अलग-अलग थीम तय की हैं। मंदिर प्रशासक एवं अपर कलेक्टर प्रथम कौशिक ने बताया कि प्रत्येक सवारी को एक विशेष स्वरूप दिया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं को हर सोमवार एक नया अनुभव मिल सके। इसके अतिरिक्त, मध्यप्रदेश के विभिन्न जिलों से आने वाले जनजातीय नृत्य दल सभी सवारियों में अपनी रंगारंग प्रस्तुतियां देंगे। मंदिर समिति के अनुसार, इस बार सवारियों को अधिक भव्य, आकर्षक और जनभागीदारी से जोड़ने की तैयारी की गई है। अंतिम राजसी सवारी में सिंहस्थ-2028 की झलक और ड्रोन से होने वाली पुष्पवर्षा श्रद्धालुओं के लिए प्रमुख आकर्षण का केंद्र होगी।

