पहले 10 घर जले... अगले ही दिन 25 और फूंके! मणिपुर के कांगपोकपी में क्या हो रहा है?
ताजा आगजनी टिपोराम गांव में हुई। गांव के एक निवासी के मुताबिक, जलाए गए 25 घरों में से 5 घर नेपाली समुदाय के लोगों के थे। घटना के बाद आग लगाने वाले लोग वहां से चले गए।
संघर्ष के बाद तीन साल में पहली बार कुकी-ज़ो विधायक मणिपुर विधानसभा सत्र में हुए शामिल
इम्फाल, 2 सितंबर . कुकी-ज़ो समुदाय के दो विधायक तीन साल से अधिक समय में पहली बार Wednesday को मणिपुर विधानसभा सत्र में व्यक्तिगत रूप से उपस्थित हुए. मणिपुर विधानसभा के 12वें सत्र का आठवां सत्र Wednesday को इंफाल में शुरू हुआ, जिसमें कुकी-जो समुदाय से संबंधित पहाड़ी क्षेत्रों के विधायक 3 मई, 2023 को ... Read more
पूर्वोत्तर राज्य मणिपुर में जातीय संघर्ष और हिंसा की लपटें एक बार फिर भड़क उठी हैं। राज्य के संवेदनशील कांगपोकपी जिले में मंगलवार तड़के भारी हथियारों से लैस उपद्रवियों ने लियांगमेई नागा समुदाय के गांवों को निशाना बनाते हुए भीषण तांडव मचाया। हमलावरों ने ताबड़तोड़ गोलीबारी करते हुए कम से कम 30 से अधिक घरों, वाहनों और संपत्तियों में आग लगा दी, जिससे देखते ही देखते पूरा इलाका धू-धू कर जल उठा। गोलीबारी की चपेट में आने से एक ग्रामीण के गंभीर रूप से घायल होने की पुष्टि हुई है। घटना के बाद पूरे इलाके में तनाव चरम पर पहुंच गया है और सुरक्षा के मद्देनजर केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF) की घातक कोबरा (CoBRA) यूनिट और राज्य पुलिस की अतिरिक्त टुकड़ियों को तैनात कर दिया गया है।तड़के 4 बजे शुरू हुआ हमला: तापन और मकुई गांवों में भारी तबाहीपुलिस और स्थानीय सूत्रों के अनुसार, यह खौफनाक वारदात सुबह करीब 4:00 बजे शुरू हुई। हथियारबंद उपद्रवियों के एक बड़े समूह ने कांगपोकपी जिले में इम्फाल-तामेंगलॉन्ग रोड (IT Road) पर स्थित तापन खुल्लेन (Tapon Khullen), तापन खुनौ (Tapon Khunou) और मकुई पीपुराम (Makui Pipuram) गांवों को तीन तरफ से घेर लिया।प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, हमलावरों ने पहले गांवों पर अंधाधुंध गोलियां बरसाईं, जिससे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई और लोग जान बचाने के लिए नजदीकी जंगलों की तरफ भागे। इसके बाद उपद्रवियों ने रिहायशी मकानों में पेट्रोल-केरोसिन छिड़ककर आग लगा दी। दोपहर करीब 12:30 बजे तक इलाके में रुक-रुक कर भारी गोलीबारी और धमाकों की आवाजें सुनाई देती रहीं। आगजनी में 30 से ज्यादा घर, अनाज के भंडार और वाहन पूरी तरह जलकर राख हो गए, जिससे दर्जनों परिवार बेघर हो चुके हैं।सोमवार को हुई 3 मौतों के बाद भड़का ताजा प्रतिशोधकांगपोकपी में यह ताजा आगजनी महज 24 घंटे पहले हुई एक अन्य हिंसक घटना का परिणाम मानी जा रही है। सोमवार (31 अगस्त) की सुबह इसी जिले के टी. वाइचोंग सब-डिवीजन के अंतर्गत आने वाले एन. तेइखांग कुकी गांव में संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला बोला था, जिसमें दो महिलाओं समेत तीन कुकी नागरिकों की गोली लगने से मौत हो गई थी और चार अन्य घायल हुए थे।इस तिहरे हत्याकांड के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया था और आदिवासी संगठनों ने 24 घंटे के बंद का आह्वान किया था। मंगलवार सुबह नागा बहुल गांवों पर हुआ यह हमला उसी घटना की जवाबी कार्रवाई (Retaliatory Attack) के रूप में देखा जा रहा है। आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, इस पूरे कॉरिडोर में पिछले कुछ महीनों में कुकी-जो और नागा समुदाय के बीच हुए छिटपुट संघर्षों में अब तक 17 से अधिक लोग अपनी जान गंवा चुके हैं।कोबरा कमांडोज और सुरक्षाबलों का संयुक्त सर्च ऑपरेशनघटना की जानकारी मिलते ही सेना, असम राइफल्स, मणिपुर पुलिस और सीआरपीएफ की कोबरा यूनिट के जवानों ने मोर्चा संभाल लिया। सुरक्षाबलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर दी है और जंगलों में छिपे संदिग्ध हमलावरों की धरपकड़ के लिए सघन कॉम्बिंग और सर्च ऑपरेशन शुरू किया है। संवेदनशील पहाड़ी चोटियों पर ड्रोन और आधुनिक निगरानी कैमरों से नजर रखी जा रही है।जिला प्रशासन और पुलिस अधिकारियों ने लोगों से शांति बनाए रखने और अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। बेघर हुए प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों और राहत शिविरों में शिफ्ट किया जा रहा है। हालांकि, दोनों पक्षों के बीच गहराए अविश्वास और ताजा हिंसा के बाद पूरे कांगपोकपी और तामेंगलॉन्ग सीमावर्ती क्षेत्र में स्थिति बेहद तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रण में बताई जा रही है।
न्यूज डायरी: मणिपुर में नगा गांवों पर हमला, 33 घर जलाए; 'तृणमूलीकरण' से छिटक सकते हैं 90% भाजपा के वोटर
आगरा में ट्राॅली बैग में मिले थे मानव अंग, मणिपुर से दंपती गिरफ्तार; पूछताछ में खुलेंगे हत्या के राज
आगरा कैंट स्टेशन पर तमिलनाडु एक्सप्रेस में महिला के शव के टुकड़े मिलने के मामले में चेन्नई पुलिस ने मणिपुर से दो आरोपितों, माणिकउद्दीन लश्कर और भगवती माझी को गिरफ्तार किया है। पुलिस उनसे हत्या की वजह और शव को ट्रेन तक पहुंचाने की पूरी कहानी जानने के लिए पूछताछ कर रही है।
अमित शाह की बैठक में मणिपुर को लेकर हुआ बड़ा फैसला, NRC पर भी बनी बात
मणिपुर में जनगणना को फिलहाल टाल दिया गया है. यह फैसला अमित शाह की अध्यक्षता में हुई बैठक के बाद लिया गया, जिसमें राज्यपाल, मुख्यमंत्री और वरिष्ठ अधिकारी शामिल थे. लोगों की मांग थी कि जनगणना से पहले एनआरसी लागू हो. मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने पीएम मोदी और अमित शाह का धन्यवाद किया.
एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) ने 15 सालों से मादक पदार्थों की तस्करी में लिप्त एक लाख रुपए के इनामी कुख्यात तस्कर को फिल्मी अंदाज में 20 किलोमीटर तक पीछा कर पकड़ा। आरोपी श्यामसुंदर उर्फ सांवरिया राजस्थान, मध्य प्रदेश, मणिपुर और मिजोरम तक फैला तस्करी का बड़ा नेटवर्क चला रहा था। आईजी विकास कुमार ने बताया कि ANTF को सूचना मिली थी कि आरोपी बाड़मेर से जोधपुर की तरफ आ रहा है। इस पर टीम ने जोधपुर-बाड़मेर रोड पर धवा गांव और बोरानाडा पेप्पी सर्किल पर सीक्रेट नाकाबंदी की। संदिग्ध कार को आते देख पुलिस ने पीछा शुरू किया। आरोपी ने पुलिस को देखकर कार को नारनाडी गांव के कच्चे रास्ते पर उतारा और कार छोड़कर बबूल की झाड़ियों में भागने लगा। टीम ने करीब 20 किलोमीटर तक पीछा कर उसे पकड़ लिया। ANTF को 10 महीनों में तीन बार दिया था चकमाआईजी ने बताया कि तस्कर बेहद शातिर है, जिसने पिछले 10 महीनों में तीन बार पुलिस को चकमा दिया। सांचौर में दबिश के दौरान और बारां में पीछा किए जाने पर वह अंधेरे का फायदा उठाकर भागने में सफल रहा था, हालांकि उसके साथियों को पकड़ लिया गया था। मणिपुर से गाड़ियां खरीदकर लाता था 30-60 किलो अफीमशुरुआत में राजस्थान-एमपी सीमा से छोटे स्तर पर तस्करी शुरू करने वाले सांवरिया का संपर्क 2026 में जैसलमेर और फिर मणिपुर के तस्करों से हुआ। वह मणिपुर और आइजोल (मिजोरम) से सेकंड हैंड गाड़ियां खरीदकर उनमें 30 से 60 किलोग्राम अफीम भरकर लाता और मारवाड़ क्षेत्र में सप्लाई करता था। पुलिस से बचने के लिए वह लंबी दूरी के दौरान वाहन बदल लेता था। 15 सालों में दर्ज हैं 15 गंभीर मामलेआरोपी तस्कर पूर्व में कुख्यात तस्कर बिरदाराम और गोवर्धन का शिष्य रह चुका है। उसके खिलाफ एनडीपीएस एक्ट, मारपीट, वाहन चोरी, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट के 15 मामले दर्ज हैं। सिरोही और जालोर (बागरा) में नाकाबंदी के दौरान वह पुलिस पर फायरिंग कर भाग चुका है। आरोपी अवैध मादक-पदार्थ से भरे वाहनों की एस्कोर्टिग करता था। पुलिस की नाकाबंदी देखते हुए नाकाबंदी तोड़ फायर कर भाग निकलता था। पुलिस पर फायरिंग किए जाने के भी गंभीर मामले दर्ज हैं। आरोपी को 2024 में जोधपुर रेंज की साइक्लोनर सेल ने भी पकड़ा था, लेकिन जेल से बाहर आते ही उसने अपना नेटवर्क फिर से सक्रिय कर लिया था।
Manipur School Closed: एनआरसी विवाद के बीच मणिपुर में स्कूल-कॉलेज बंद, 22 अगस्त तक जारी रहेगा आदेश
School Closed: एनआरसी विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच मणिपुर सरकार ने स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का फैसला लिया है। राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान 22 अगस्त तक बंद रहेंगे।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

