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नागौर में सात राज्यों की संस्कृति एक मंच पर उतरी:‘रसधारा’ में मणिपुर के रास नृत्य और बरसाना की होली ने मोहा मन

नागौर के मेड़ता रोड में तीन दिवसीय ‘रसधारा’ सांस्कृतिक कार्यक्रम की शुरुआत के साथ सात राज्यों की संस्कृति एक मंच पर नजर आई। कार्यक्रम के पहले दिन मणिपुर के रास नृत्य और बरसाना की होली जैसी प्रस्तुतियों ने दर्शकों का ध्यान खींचा और आयोजन को खास बना दिया। दीप प्रज्वलन के साथ कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय संस्कृति मंत्रालय के सहयोग से आयोजित इस कार्यक्रम का आयोजन अंतरराष्ट्रीय ख्याति प्राप्त लोक कला साधक पंडित उगमराज खिलाड़ी के जन्म शताब्दी वर्ष पर किया जा रहा है।संस्थान के अध्यक्ष डॉ. सद्दीक मोहम्मद, सचिव श्रीनिवास शर्मा और प्रबंधक सुरेंद्र कुमार शर्मा की मौजूदगी में दीप प्रज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया गया। पहले दिन दिखी विभिन्न राज्यों की झलक रामलीला मंच पर आयोजित पहले दिन मणिपुर, उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के कलाकारों ने प्रस्तुति दी। मणिपुर का रास नृत्य, बरसाना की होली, मध्य प्रदेश के लोक नृत्य ने दर्शकों को बांधे रखा। सात राज्यों के कलाकार करेंगे प्रदर्शन यह कार्यक्रम 19 मार्च तक चलेगा। इसमें राजस्थान, हरियाणा सहित देश के सात राज्यों के कलाकार भाग ले रहे हैं।कलाकार लोक नृत्य, नाट्य और स्वांग के जरिए अपनी पारंपरिक कला प्रस्तुत करेंगे।​ लोक कला को बढ़ावा देने का उद्देश्य आयोजन का उद्देश्य पंडित उगमराज खिलाड़ी की स्मृति में लोक संस्कृति को बढ़ावा देना और आम लोगों को इससे जोड़ना है।संस्थान के सचिव श्रीनिवास शर्मा ने लोक कलाओं को संरक्षित रखने के लिए सरकार से सहयोग की मांग भी की है। उगमराज खिलाड़ी की विरासत पंडित उगमराज खिलाड़ी की 21 प्रस्तुतियों के फोटो आज भी ब्रिटिश लाइब्रेरी में सुरक्षित हैं।उनका काम मीराबाई के जीवन और कुचामनी ख्याल से जुड़ा रहा है, जो लोक कला के क्षेत्र में महत्वपूर्ण योगदान माना जाता है।

दैनिक भास्कर 18 Mar 2026 11:23 am

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देशबन्धु 11 Dec 2025 3:14 am