हजरतगंज में मोबाइल दुकानदार पर पिस्टल तानी:सीने पर वार कर दी धमकी, CCTV में कैद हुई वारदात
लखनऊ के हजरतगंज स्थित श्रीराम टावर में बुधवार रात एक युवक ने मोबाइल दुकानदार पर पिस्टल तान दी और जान से मारने की धमकी दी। आरोप है कि युवक ने पिस्टल से दुकानदार पर फायर भी कर दिया, लेकिन वो बच गया। हालांकि धक्का-मुक्की में उसे चोट आई। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। महबूबगंज सहादतगंज निवासी काविश अदित श्रीराम टावर में अर्जुन गुप्ता के साथ पार्टनरशिप में मोबाइल वाला नाम से दुकान चलाते हैं। उन्होंने बताया दुकान पर बुधवार रात करीब 9:54 बजे एक युवक मोबाइल फोन लेने पहुंचा था। किसी बात को लेकर उसकी दुकानदार से कहासुनी हो गई। विवाद बढ़ने पर युवक ने पिस्टल निकालकर दुकानदार को धमकाना शुरू कर दिया। पीड़ित दुकानदार का आरोप है कि युवक ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी और पिस्टल से फायर कर दिया। किसी तरह खुद को बचाते हुए विरोध किया तो उसने पिस्टल से सीने पर वार कर दिया, जिससे चोट लग गई। CCTV में कैद हुई पूरी घटना दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में पूरी घटना रिकॉर्ड हो गई है। शोर-शराबा सुनकर आसपास के दुकानदार और लोग मौके पर पहुंच गए। लोगों को आता देख आरोपी वहां से फरार हो गया।घटना के बाद व्यापारियों में आक्रोश फैल गया। देर रात बड़ी संख्या में व्यापारी हजरतगंज कोतवाली पहुंचे और आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग की।पुलिस के मुताबिक दुकान में लगे सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान की गई है। जिसके आधार पर डालीगंज निवासी विवेक सिंह को हिरासत में लिया गया है।
करनाल में मधुबन थाना क्षेत्र के गांव हसनपुर में पुरानी रंजिश के चलते एक युवक पर देसी कट्टे से फायरिंग कर दी गई। घटना 24 जून की रात करीब 10 बजे की है, जब रसीन रोड पर गांव के रक्बे में दो युवकों के बीच विवाद हो गया। फायरिंग में युवक की पीठ पर छर्रे लगे। मौके पर हाथापाई के दौरान घायल ने आरोपी के हाथ से कट्टा छीन लिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। रसीन रोड पर हुआ हमलागांव हसनपुर निवासी साहिल (25) पुत्र दिलावर जाति जाट पर उसके ही गांव के रहने वाले संजय पुत्र बलबीर ने देसी कट्टे से गोली चलाई। गोली चलने से छर्रे साहिल की पीठ में लगे। घटना के समय दोनों के बीच कहासुनी के बाद हाथापाई भी हुई। घायल ने आरोपी से छीना कट्टाफायरिंग के दौरान साहिल ने हिम्मत दिखाते हुए आरोपी संजय के हाथ से देसी कट्टा छीन लिया। इसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। आसपास के लोगों ने घायल को तुरंत उपचार के लिए घरौंडा के सरकारी अस्पताल पहुंचाया, जहां से उसे करनाल के सरकारी अस्पताल में रेफर कर दिया गया। दो साल पुरानी रंजिश बनी वजहसूत्रों के अनुसार दोनों पक्षों के बीच पुरानी रंजिश चल रही थी। करीब दो साल पहले साहिल ने संजय के भाई के पेट में कांच की बोतल मार दी थी। उस समय दोनों पक्षों के बीच समझौता हो गया था, लेकिन उसी रंजिश के चलते इस बार हमला किया गया। पुलिस कर रही जांचमधुबन थाना प्रभारी ने बताया कि हसनपुर में गोली चलने की सूचना मिली थी, जिसमें एक युवक मामूली रूप से घायल हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंचकर कार्रवाई कर रही है। शिकायत के आधार पर आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी और मामले की गहनता से जांच की जा रही है।
मानसून पूर्व आवश्यक रखरखाव कार्य के चलते 25 जून 2026 गुरुवार को उदयपुर में कानपुर खेड़ा स्थित वाटर वर्क्स फीडर से जुड़े क्षेत्रों में विद्युत आपूर्ति प्रभावित रहेगी। अजमेर बिजली निगम के अनुसार प्रातः 10 बजे से शाम 5 बजे तक फीडर पर मेंटेनेंस कार्य किया जाएगा। जेईएन विजय कुमार यादव ने बताया कि इस दौरान रानी की बावड़ी, जोयडा बावजी, पाराखेत चौराहा, कानपुर खेड़ा गांव, कार्तिक नगर, वाटर वर्क्स क्षेत्र तथा माइंस से जुड़े सभी कनेक्शनों में बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। ये खबरें भी पढ़े… उदयपुर में एक कोचिंग संस्थान और बैंक्वेट हॉल सील:लखनऊ अग्निकांड के बाद फायर सेफ्टी की जांच, नियमों की अनदेखी पड़ी भारी उदयपुर से 1772 श्रद्धालु ट्रेन से,217 फ्लाइट से जाएंगे तीर्थ:नि:शुल्क तीर्थ यात्रा की लॉटरी निकाली; जिले के श्रद्धालुओं के लिए पहली ट्रेन अगस्त बाद
भोपाल में अटल आवास योजना में फ्लैट दिलाने के नाम पर ठगी के मामले में गिरफ्तार प्रमिला तिवारी के फर्जीवाड़े का दायरा लगातार बढ़ता जा रहा है। पुलिस जांच में खुलासा हुआ है कि प्रमिला और उसके सहयोगियों का नेटवर्क केवल आवास योजना तक सीमित नहीं था, बल्कि सरकारी नौकरी दिलाने के नाम पर भोपाल, रीवा, जबलपुर, बैतूल और सतना के बेरोजगार युवाओं से लाखों रुपए की ठगी भी की गई। गिरोह कथित तौर पर वन विभाग, रेलवे, एसबीआई, पीडब्ल्यूडी, एम्स और नगर निगम जैसे विभागों के नाम पर फर्जी नियुक्ति पत्र तैयार कर युवाओं को नौकरी का झांसा देता था। जांच में सामने आया है कि भोपाल के नवीन सौंधिया को वन विभाग का फर्जी नियुक्ति पत्र देकर 1997 बैच का आईएफएस अधिकारी और मुख्य वन संरक्षक दर्शाया गया, जबकि राजीव विश्वकर्मा को एसबीआई में क्लर्क की नौकरी का भरोसा दिलाया गया। रीवा निवासी राकेश दुबे की बेटी से पांच लाख रुपए लेकर पीडब्ल्यूडी मंत्री के हस्ताक्षर वाला कथित नियुक्ति पत्र सौंपा गया। वहीं जबलपुर के हिमांशु और प्रियांशु, बैतूल की राधा तथा सतना के रविशंकर शर्मा को भी अलग-अलग विभागों में नौकरी दिलाने के नाम पर फर्जी दस्तावेज दिए गए। पुलिस के मुताबिक गिरोह युवाओं का भरोसा जीतने के लिए सरकारी दफ्तरों के बाहर मुलाकात करता था। वहां पहले से मौजूद लोग खुद को नौकरी लग चुका कर्मचारी बताकर विश्वास दिलाते थे। करोंद निवासी राहुल विश्वकर्मा और नवीन सौंधिया से नगर निगम में नौकरी दिलाने के नाम पर लाखों रुपए लिए गए और उन्हें डेढ़ महीने तक सर्वे कार्य भी कराया गया ताकि पूरी प्रक्रिया असली लगे। पुलिस का कहना है कि प्रमिला के पास युवाओं की शैक्षणिक जानकारी और मोबाइल नंबर मौजूद थे, जिनके आधार पर उन्हें सरकारी नौकरी का लालच देकर फंसाया जाता था। टीटी नगर थाना पुलिस ने एक आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। मामले में मिली शिकायतों और दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यह है पूरा पूरा मामलाभोपाल की प्रवीण उर्फ प्रमिला तिवारी को टीटीनगर पुलिस ने 18 जून को जालसाजी और धोखाधड़ी के आरोप में गिरफ्तार किया था। मामला अटल आवास योजना के नाम पर फ्लैट दिलाने के झांसे से जुड़ा है। कोटरा सुल्तानाबाद निवासी प्रतीक सोनी ने शिकायत दर्ज कराई थी कि प्रमिला ने टीटीनगर स्थित अटल आवास योजना में 22 लाख रुपये का फ्लैट दिलाने का वादा किया। भरोसा जीतने के बाद उसने अग्रिम राशि के रूप में 1.80 लाख रुपये ले लिए और भुगतान के बदले रसीदें व दस्तावेज भी दिए। बाद में जांच में ये रसीदें और कागजात संदिग्ध व फर्जी पाए गए। इसके बाद पीड़ित ने पुलिस में शिकायत की। जांच के दौरान धोखाधड़ी के पर्याप्त साक्ष्य मिलने पर टीटीनगर पुलिस ने प्रमिला को गिरफ्तार कर लिया। उल्लेखनीय है कि प्रमिला तिवारी पहले डीएसपी कल्पना रघुवंशी पर घर में घुसकर चोरी करने का आरोप लगाकर भी चर्चा में रह चुकी हैं। पुलिस मामले में अन्य शिकायतों और संभावित पीड़ितों की भी जांच कर रही है।
मथुरा में ब्लिंकिट डिलीवरी बॉय की मौत:परिजनों ने कंपनी पर लगाए आरोप, स्टोर के बाहर प्रदर्शन
मथुरा में ब्लिंकिट के एक डिलीवरी बॉय की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद परिजनों और साथी कर्मचारियों ने हंगामा किया। उन्होंने कंपनी पर संवेदनहीनता का आरोप लगाते हुए टाउनशिप स्थित स्टोर के बाहर शव रखकर प्रदर्शन किया और आर्थिक सहायता की मांग की। मृतक की पहचान सदर बाजार थाना क्षेत्र के औरंगाबाद निवासी 23 वर्षीय हरीशचंद्र निषाद पुत्र राकेश कुमार निषाद के रूप में हुई है। वह पिछले करीब ढाई माह से ब्लिंकिट में डिलीवरी बॉय का काम कर रहा था। मंगलवार शाम करीब सात बजे हरीश टाउनशिप के नंदनवन क्षेत्र में एक पार्सल डिलीवर करने गया था। वहीं वह अपनी मोटरसाइकिल के पास अचेत अवस्था में मिला। परिजनों और स्थानीय लोगों ने सूचना मिलने पर उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। कंपनी ने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया युवक की मौत से परिवार में मातम छा गया। परिजनों ने बताया कि हरीश अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। परिजनों और साथी डिलीवरी बॉय का आरोप है कि घटना की सूचना देने के बावजूद कंपनी का कोई जिम्मेदार अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा। उन्होंने यह भी कहा कि 15-16 घंटे बीत जाने के बाद भी कंपनी ने परिवार से कोई संपर्क नहीं किया और न ही कोई संवेदना व्यक्त की। कंपनी के कथित असंवेदनशील रवैये से नाराज होकर बड़ी संख्या में डिलीवरी बॉय और परिजन बुधवार दोपहर टाउनशिप स्थित ब्लिंकिट स्टोर पर जमा हो गए। उन्होंने स्टोर के मुख्य द्वार पर शव रखकर प्रदर्शन किया और मृतक के परिवार के लिए उचित मुआवजा व आर्थिक सहायता की मांग की। शव रखकर प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों और प्रदर्शनकारियों को समझाकर शांत कराया। इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए ले गए। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और युवक की मौत के कारणों का पता लगाने में जुटी है।
बलिया के करीहरा, बेरुआरबारी स्थित बाबा अमरनाथ एवं बाबा भगवान दास मंदिर परिसर में आयोजित संगीतमय राम कथा के तीसरे दिन बुधवार को अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने श्रद्धालुओं को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि संतुष्टि ही खुशहाल जीवन का आधार है और जो प्राप्त है, वही पर्याप्त है। महाराज ने अपने प्रवचन में जोर दिया कि कोई भी व्यक्ति पूर्णतः संतुष्ट नहीं है। जिस दिन व्यक्ति को संतुष्टि प्राप्त हो जाती है, उसका जीवन सबसे सुखी हो जाता है। उन्होंने इस सोच को अपनाने की प्रेरणा दी कि जो कुछ भी हमें मिला है, वह पर्याप्त है, और इसी विचार के साथ खुशहाल जीवन व्यतीत करना चाहिए। राजन जी महाराज ने कथा के उद्देश्य पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उनका प्रयास केवल श्रोताओं की संख्या बढ़ाना नहीं, बल्कि प्रत्येक हृदय को भगवान से जोड़ना है। उन्होंने बताया कि जिस व्यक्ति को वास्तव में भगवान का साक्षात्कार होता है, वह उस अनुभव को शब्दों में व्यक्त नहीं कर पाता, क्योंकि वह दिव्य आनंद अवर्णनीय होता है। कथा के दौरान उन्होंने भगवान श्रीराम के जीवन आदर्शों का भी वर्णन किया। उन्होंने कहा कि श्रीराम का जन्म संपूर्ण मानवता के उत्थान, धर्म और आदर्श की स्थापना तथा अधर्म के नाश के लिए हुआ था। उनके जीवन का हर प्रसंग हमें उत्तम चरित्र और श्रेष्ठ आचरण की प्रेरणा देता है। महाराज ने सभी से प्रभु श्रीराम के आदर्शों को अपनाकर एक सुंदर,संस्कारित और धर्ममय समाज के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया। इस अवसर पर राज्यसभा सांसद नीरज शेखर, बांसडीह विधायक एवं कार्यक्रम संयोजक केतकी सिंह, आयोजक बाबा अमरनाथ सेवा समिति के व्यवस्थापक राकेश सिंह, अध्यक्ष हरिद्वार सिंह, पूर्व विधायक सुरेंद्र सिंह, पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनिल सिंह अन्नू जी, पंडित चैतन्य जी महाराज, रजनीश सिंह, प्रशांत सिंह, गामा सिंह,सेलू सिंह,अनिल सिंह, शैलेंद्र जी,दीपक सिंह और महावीर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु एवं गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पुलिस प्रशासन का सहयोग सराहनीय रहा। श्रद्धालुओं को कथा स्थल तक आने-जाने में किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका पूरा ध्यान रखा गया। रामकथा में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर कथा का श्रवण कर रहे हैं।्र देखें कथा की फोटो…
नोएडा के जिम्स में आधी रात हंगामा:कर्मचारी पुलिस से भिड़े, कई घायल; बोले- जबरन धरना खत्म करा रहे
ग्रेटर नोएडा में कासना स्थित राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जिम्स) में बुधवार देर रात उस समय तनावपूर्ण स्थिति बन गई, जब 10 दिनों से धरने पर बैठे आउटसोर्स कर्मचारियों को हटाने के लिए पुलिस और प्रशासनिक टीम पहुंची। इस दौरान कर्मचारियों और पुलिस के बीच तीखी नोकझोंक, धक्का-मुक्की और हंगामा हुआ। कर्मचारियों का आरोप है कि पुलिस ने देर रात धरना स्थल खाली कराने का प्रयास किया। विरोध करने पर महिला और पुरुष कर्मचारियों के साथ धक्का-मुक्की की गई, जिससे कई लोग चोटिल हो गए। कर्मचारियों का आरोप- जबरन खत्म कराया जा रहा आंदोलन धरनारत कर्मचारियों का कहना है कि वे पिछले 10 दिनों से नियमितीकरण की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। उनका आरोप है कि उनकी मांगों पर बातचीत करने के बजाय प्रशासन पुलिस के जरिए आंदोलन को दबाने की कोशिश कर रहा है। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक, देर रात अचानक पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की टीम धरना स्थल पर पहुंची और कर्मचारियों को वहां से हटाने का प्रयास किया। इसी बात को लेकर विवाद बढ़ गया। लाइट बंद होते ही मच गई अफरा-तफरी कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कार्रवाई के दौरान धरना स्थल के हॉल की बिजली भी बंद कर दी गई, जिससे वहां अफरा-तफरी का माहौल बन गया। उनका दावा है कि इस दौरान कई महिला और पुरुष कर्मचारी चोटिल हुए, जिन्हें प्राथमिक उपचार देना पड़ा। प्रदर्शनकारियों ने लाठीचार्ज जैसी स्थिति बनने का भी आरोप लगाया है, हालांकि इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। 10 दिन से जारी है धरना कर्मचारियों के अनुसार, वे नियमितीकरण की मांग को लेकर लगातार धरना दे रहे हैं। उनका कहना है कि संस्थान प्रबंधन ने नियमितीकरण को छोड़कर अन्य अधिकांश मांगों पर सहमति जताई है, लेकिन मुख्य मांग पूरी न होने के कारण आंदोलन जारी है। कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि जब तक उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया जाता, वे धरना समाप्त नहीं करेंगे। पुलिस और प्रशासन का पक्ष नहीं आया सामने देर रात हुए इस घटनाक्रम के बाद जिम्स परिसर में तनाव का माहौल बना हुआ है। समाचार लिखे जाने तक पुलिस और जिम्स प्रशासन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया था। फिलहाल पूरे घटनाक्रम को लेकर कर्मचारियों और प्रशासन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, कुछ कर्मचारी धरना खत्म करने को मान गए थे। इस दौरान उनके साथी कर्मचारियों ने खींचातानी और धक्का-मुक्की की। जिसपर पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोककर वहां से हटाया। पुलिस द्वारा मारपीट व लाठीचार्ज के लगाए गए आरोप पुर्णतः असत्य एवं निराधार हैं।
भीषण गर्मी के चलते प्रयागराज में बदला स्कूलों का समय:अब सुबह 7:30 से दोपहर 12:30 बजे तक लगेगी क्लास
प्रयागराज में लगातार बढ़ रही गर्मी और उमस को देखते हुए प्रशासन ने स्कूलों के समय में बदलाव कर दिया है। छात्रों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे असर को ध्यान में रखते हुए जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने कक्षा 1 से 8 तक के सभी विद्यालयों के संचालन का नया समय निर्धारित किया है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार ने बताया कि अब जिले के सभी विद्यालय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक संचालित होंगे। यह आदेश परिषदीय स्कूलों के साथ-साथ सहायता प्राप्त, मान्यता प्राप्त, सीबीएसई, आईसीएसई, मदरसा और अन्य सभी बोर्डों के विद्यालयों पर भी लागू होगा। डीएम के निर्देश पर लिया गया फैसला बीएसए ने बताया कि यह निर्णय जिलाधिकारी प्रयागराज द्वारा 24 जून 2026 को दिए गए निर्देशों के क्रम में लिया गया है। बढ़ते तापमान और लू जैसी परिस्थितियों को देखते हुए छात्रों की सुरक्षा को प्राथमिकता दी गई है। अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश आदेश के अनुपालन के लिए जिले के सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी कर दिए गए हैं। उन्हें सुनिश्चित करने को कहा गया है कि सभी विद्यालय निर्धारित समय के अनुसार ही संचालित हों। अभिभावकों से भी अपील शिक्षा विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे बदले हुए समय के अनुसार बच्चों के स्कूल आने-जाने की व्यवस्था करें। प्रशासन का कहना है कि दोपहर के समय बढ़ती गर्मी से बच्चों को बचाने के लिए यह कदम उठाया गया है। गौरतलब है कि प्रदेश के कई जिलों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया जा रहा है, जिसके चलते स्कूलों के समय में बदलाव और अन्य एहतियाती कदम उठाए जा रहे हैं।
संभल शहर में गुरुवार को पांच घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। चंदौसी चौराहे के सौंदर्यीकरण और चौड़ीकरण कार्य के कारण यह फैसला लिया गया है, जिससे लगभग डेढ़ से दो लाख की आबादी प्रभावित होगी। विद्युत विभाग संभल के एसडीओ जयप्रकाश वार्ष्णेय ने बुधवार रात 9:30 बजे विद्युत उपभोक्ताओं के लिए एक पत्र जारी किया। इसके अनुसार, गुरुवार सुबह 6:30 बजे से 11 बजे तक विद्युत आपूर्ति बंद रहेगी। इस दौरान चंदौसी चौराहे पर दो ट्रांसफार्मर, 11,000 केवी की हाईटेंशन लाइन और खंभों को शिफ्ट किया जाएगा। बिजली आपूर्ति 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र संभल (टाउन) और 33/11 केवी विद्युत उपकेंद्र तहसील से बंद की जाएगी। इससे संभल शहर के हल्लू सराय, बरेली सराय, दुर्गा कॉलोनी, सरथल चौकी, जगत, कोर्ट गर्वी, कोट पूर्वी, मैन बाजार चमन सराय, मौहल्ला ठेर, सर्राफा बाजार, शेर खां सराय और चंदौसी रोड का पूरा क्षेत्र प्रभावित होगा। लगभग 1 साल पहले चंदौसी चौराहे के सौंदर्यीकरण के लिए अभियान चलाकर दुकानों को हटाया गया था और पुलिस बूथ भी स्थानांतरित किया गया था। 15वें वित्त आयोग से चंदौसी चौराहे पर सम्राट पृथ्वीराज चौहान की प्रतिमा स्थापित की जानी है। चौराहे के तंग होने के कारण यह कार्य रुका हुआ था। बिजली लाइनों की शिफ्टिंग के बाद चौराहे का सौंदर्यीकरण पूरा होगा और प्रतिमा की स्थापना का मार्ग प्रशस्त होगा।
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में 22 जून को हुए भीषण अग्निकांड के बाद प्रदेशभर में कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी गई है। इसी क्रम में मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल के निर्देश पर प्रयागराज मंडल के सभी जिलों में विशेष अभियान चलाया जा रहा है। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों का पालन न करने वाले संस्थानों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा रही है। मंडल की 10 संस्थान सील अब तक प्रयागराज और कौशाम्बी में कुल 10 कोचिंग एवं शैक्षणिक संस्थानों को सील किया जा चुका है। वहीं मंडल के विभिन्न जिलों में 52 से अधिक कोचिंग और शैक्षणिक संस्थानों का निरीक्षण किया गया है। जांच में सामने आई गंभीर खामियां जांच के दौरान कई गंभीर खामियां सामने आईं। अधिकांश संस्थानों के पास अग्निशमन विभाग की वैध एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) नहीं मिली। कई जगहों पर इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था नहीं थी, जबकि कुछ संस्थानों में अग्निशमन यंत्र या तो खराब मिले या उनकी वैधता समाप्त हो चुकी थी। अधिकारियों ने पाया कि कई कोचिंग संस्थान स्वीकृत भवन मानचित्र और भू-उपयोग नियमों के विपरीत संचालित हो रहे थे। कुछ जगहों पर बेसमेंट में अवैध रूप से कक्षाएं और लाइब्रेरी चलाई जा रही थीं। इसके अलावा क्षमता से अधिक छात्रों को बैठाने, खुले बिजली के तार, धुआं निकासी की अपर्याप्त व्यवस्था और वेंटिलेशन की कमी जैसी गंभीर खामियां भी मिलीं। मंडलायुक्त का आदेश जांच लगातार जारी रखी जाए प्रशासन का कहना है कि कुछ संस्थान विद्यार्थियों की सुरक्षा की बजाय व्यावसायिक लाभ को अधिक महत्व दे रहे हैं, जो बेहद चिंताजनक है। मंडलायुक्त सौम्या अग्रवाल ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि कोचिंग संस्थानों की जांच लगातार जारी रखी जाए और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों को सुरक्षित और मानक अनुरूप शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। प्रयागराज में सील किए गए संस्थान कौशाम्बी में सील किए गए संस्थान
शादी समारोह में करंट से मिस्त्री की मौत:बिजली की सजावट के दौरान हुआ हादसा, पुलिस जांच में जुटी
देवरिया जिले के सदर कोतवाली क्षेत्र के पुरवां मेहड़ा मोहल्ले में एक शादी समारोह के दौरान बिजली सजावट का काम कर रहे एक युवक की करंट लगने से मौत हो गई। यह घटना बुधवार रात करीब 10 बजे हुई। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और युवक को इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज ले गई, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान भटनी थाना क्षेत्र के जिगना मिश्र गांव निवासी 23 वर्षीय विशाल कुमार के रूप में हुई है, जो स्वर्गीय अखिलेश प्रसाद के पुत्र थे। विशाल पेशे से बिजली मिस्त्री थे और अपने परिवार के भरण-पोषण के लिए विद्युत सजावट तथा वायरिंग का काम करते थे। बुधवार को वह पुरवां मेहड़ा मोहल्ले में आयोजित विवाह समारोह में विद्युत सजावट की व्यवस्था संभाल रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, समारोह स्थल पर बिजली का तार जोड़ते समय विशाल अचानक करंट की चपेट में आ गए। तेज झटके से वह मौके पर ही गंभीर रूप से घायल होकर गिर पड़े। इस घटना के बाद शादी समारोह में अफरा-तफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने तत्काल उन्हें देवरिया मेडिकल कॉलेज पहुंचाया। मेडिकल कॉलेज में चिकित्सकों ने जांच के बाद विशाल को मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर सदर कोतवाली पुलिस मेडिकल कॉलेज पहुंची और आवश्यक कानूनी कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला करंट लगने से हुई दुर्घटनात्मक मौत का प्रतीत हो रहा है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद विकास प्राधिकरण ने बुधवार देर शाम स्कॉलर्स डेन कोचिंग सेंटर को सील कर दिया। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि ये कोचिंग जिस बिल्डिंग में चल रहा था, उसका मानचित्र कपड़ा शोरूम के लिए प्राधिकरण से पास कराया गया था। प्राधिकरण ने इस कोचिंग सेंटर को बंद करने के लिए कई बार नोटिस जारी किया। एमडीए अधिकारियों का कहना है कि संचालक द्वारा कोचिंग सेंटर बंद नहीं किए जाने पर उसे सील कर दिया गया है। एमडीए वीसी अनुभव सिंह ने बताया कि मानचित्र का उल्लंघन करके अवैध रूप से कोचिंग सेंटर चलाए जाने के मामले में ये कार्रवाई की गई है। बता दें कि लखनऊ में हुए भीषण कोचिंग अग्निकांड के बाद पूरे प्रदेश में कोचिंग सेंटरों, शैक्षणिक संस्थानों और अस्पतालों आदि का फायर सेफ्टी ऑडिट किया जा रहा है। यह भी चेक किया जा रहा है कि भवनों का उपयोग संबंधित प्राधिकरणों द्वारा स्वीकृत किए गए मानचित्र के अनुरूप ही हो। शासन की सख्ती के बाद मुरादाबाद में भी अधिकारी ताबड़तोड़ छापामारी और सील करने की कार्रवाई कर रहे हैं। फायर डिपार्टमेंट की एनओसी भी नहीं दो दिन पहले फायर डिपार्टमेंट की टीम ने भी इस कोचिंग सेंटर को चेक किया गया था। चेकिंग के बाद फायर सेफ्टी ऑफिसर ज्ञान प्रकाश शर्मा ने कहा था कि इस कोचिंग सेंटर के पास विभाग की फायर एनओसी नहीं है। ज्ञान प्रकाश शर्मा के मुताबिक फायर डिपार्टमेंट ने भी इस कोचिंग सेंटर को सील करने की सिफारिश डीएम से की थी। पूर्व में भी स्कॉलर्स डेन को फायर एनओसी नहीं होने पर नोटिस जारी किया गया था। इसके बावजूद इस कोचिंग सेंटर ने फायर एनओसी नहीं ली। टीम ने बच्चों और स्टाफ को बाहर निकालकर सील लगाईमुरादाबाद विकास प्राधिकरण की टीम ने पुलिस की मौजूदगी में यह कार्रवाई की। इस दौरान कोचिंग सेंटर में पढ़ रहे बच्चों को बिल्डिंग से बाहर निकाला गया। स्टाफ को भी एक-एक करके बिल्डिंग से बाहर करने के बाद मुरादाबाद विकास प्राधिकरण की टीम ने बिल्डिंग पर एमडीए की सील गला दी और ताले लगाकर बिल्डिंग को सील कर दिया है। इसके साथ ही टीम ने मौके पर कार्रवाई की बाबत एक नोटिस भी चस्पा किया है। स्कॉलर डेन कोचिंग का संचालन विवेक ठाकुर नाम के व्यक्ति द्वारा किया जाता है। कोचिंग सेंटर सील होने के बाद विवेक ठाकुर ने अपनी फेसबुक पोस्ट में कहा है कि उनके संस्थान के पास फायर सेफ्टी और बच्चों की सुरक्षा के सभी मानक पूरे हैं। लेकिन विवेक ने यह स्पष्ट नहीं किया है कि उनके पास फायर डिपार्टमेंट की एनओसी है या नहीं। जबकि फायर डिपार्टमेंट लगातार कह रहा है कि स्कॉलर्स डेन के पास फायर एनओसी नहीं है और उसे सील करने की सिफारिश जिलाधिकारी से की गई है।
जीआईएमएस में देर रात हंगामा, कर्मचारियों ने पुलिस पर लाठीचार्ज का लगाया आरोप
राजकीय आयुर्विज्ञान संस्थान (जीआईएमएस) में धरने पर बैठे हाउसकीपिंग कर्मचारियों और पुलिस के बीच देर रात तनावपूर्ण स्थिति बन गई
पत्नी ने प्रेमी का हाथ थामा, पति ने जान दी:हरदोई में हाईवे पर ट्रक के सामने कूदा; मां बेहोश
हरदोई में एक युवक ने बुधवार शाम 7:30 बजे आत्महत्या कर ली। यह घटना तब हुई, जब उसकी पत्नी ने थाने में समझौते के दौरान पति को छोड़कर प्रेमी के साथ जाने का फैसला लिया। थाने से निकलने के बाद पति बिल्हौर-कटरा हाईवे पर ट्रक के आगे कूद गया। आरोप है कि प्रेमी के साथ जाने से पहले महिला घर से जेवर और केश लेकर आई थी। उसे भी अपने साथ ले गई। पति ने ही पत्नी के यह गहने बनवाए थे। पुलिस ने शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। मामला माधौगंज थाना क्षेत्र का है। माधौगंज के पड़रा लखनपुर में रहने वाला चंद्रप्रकाश (30) मजूदरी करता था। परिवार में पत्नी राजकुमारी और डेढ़ साल का बेटा राज है। राजकुमारी का बोचनापुर के रहने वाले राहुल से अफेयर चल रहा था। कुछ समय पहले वह अपने प्रेमी के साथ घर से भाग गई थी। चंद्रप्रकाश की शिकायत पर पुलिस ने केस दर्ज किया था। बुधवार को पुलिस राजकुमारी को थाने लेकर आई। पुलिस ने दोनों पक्षों के बीच समझौता कराने के लिए चंद्रप्रकाश को उसकी मां के साथ थाने बुलाया। थाने में चंद्रप्रकाश ने पत्नी राजकुमारी को समझाने की कोशिश की। उसने अपने डेढ़ साल के बेटे का हवाला भी दिया। लेकिन, राजकुमारी ने पति के साथ जाने से इनकार कर दिया। उसने प्रेमी राहुल के साथ जाने का फैसला किया। पत्नी के प्रेमी के साथ जाने के बाद करीब साढ़े 7 बजे चंद्रप्रकाश थाने से बाहर निकला। घरवालों के अनुसार, इसके तुरंत बाद उसने बिल्हौर-कटरा हाईवे पर एक तेज रफ्तार ट्रक के आगे कूदकर आत्महत्या कर ली। घरवाले तुरंत मौके पर पहुंचे, पुलिस भी आ गई। चंद्रप्रकाश को अस्पताल लेकर गई, जहां उसे मृत घोषित कर दिया गया। मां रामकली ने बताया- चंद्रप्रकाश ने मेहनत करके पत्नी के लिए जेवर बनवाए थे। कुछ कैश भी जमा किया था। राजकुमारी घर में रखे सभी जेवर और कैश अपने साथ ले गई थी। थानाध्यक्ष विजय कुमार ने बताया- थाने में समझौते के लिए तीनों थाने आए थे, लेकिन महिला अपने पति के साथ जाने को राजी नहीं थी। वह अपने प्रेमी के साथ चली गई। इसके बाद पति थाने से बाहर चला गया। ट्रक को कब्जे में लिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। --------------------------------- यह खबर भी पढ़ें… यूपी में हरियाणवी डांसर की कार पर हमला:रोते हुए बोलीं- लड़कों ने बेशर्मी की हदें पार की, डंडे बरसाए, शीशे तोड़े यूपी में ग्रेटर नोएडा और बुलंदशहर के बॉर्डर एरिया में हरियाणवी डांसर डिंपल चौधरी पर हमला हुआ। डिंपल ने दावा किया कि दो लड़कों ने डंडा मारकर गाड़ी का फ्रंट शीशा तोड़ दिया। डिंपल चौधरी का एक रोते हुए वीडियो भी सामने आया है। इसमें वह कह रही हैं- ‘बेशर्मी की भी एक हद होती है। मैं मेरी बहन के घर जा रही थी। मेरी गाड़ी का ये हाल कर दिया। पढ़ें पूरी खबर…
दुष्कर्म के आरोपी पर कसा शिकंजा:डुगडुगी पिटवाकर घर पर चस्पा हुआ का नोटिस, कुर्की भी हो सकती है
लखनऊ के गाजीपुर थाना क्षेत्र में दर्ज दुष्कर्म के एक मामले में फरार चल रहे आरोपी के खिलाफ पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर उद्घोषणा की कार्रवाई की है। आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर उसके घर पर धारा 82 सीआरपीसी के तहत नोटिस चस्पा किया गया। पुलिस के मुताबिक, थाना गाजीपुर में दर्ज रेप मुकदमें में वांछित आरोपी सैयद मोहम्मद मुजम्मिल इमाम लगातार फरार चल रहा है। कई प्रयासों के बावजूद उसकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी। इसके बाद कोर्ट से उद्घोषणा आदेश प्राप्त कर पुलिस ने सर्वोदय नगर इंदिरा नगर स्थित उसके घर पर नोटिस चस्पा किया। कार्रवाई के दौरान स्थानीय लोगों की मौजूदगी में डुगडुगी पिटवाकर आरोपी को निर्धारित समय के अंदर कोर्ट या पुलिस के समक्ष उपस्थित होने की सूचना दी गई। पुलिस ने चेतावनी दी है कि तय समय में हाजिर न होने पर आरोपी के खिलाफ कुर्की की कार्रवाई भी की जाएगी। उद्घोषणा की कार्रवाई चौकी प्रभारी सर्वोदय नगर सचिन कौशिक, वरिष्ठ उपनिरीक्षक सुरेश कुमार पांडेय, आरक्षी ज्ञानेन्द्र कुमार तथा महिला आरक्षी आराधना सेंगर की मौजूदगी में करवाई गई।
जबलपुर के सगड़ा क्षेत्र में सेवानिवृत्त गढ़ा थाना प्रभारी स्वर्गीय एस.एल. चंद्रौल के परिवार में संपत्ति विवाद को लेकर एक बुजुर्ग महिला से मारपीट का मामला सामने आया है। 68 वर्षीय रामरती चंद्रौल ने अपनी बहू रितु चंद्रौल, बेटे आशीष चंद्रोल और उनके साथियों पर प्रताड़ना, मारपीट और लूटपाट के गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़िता रामरती चंद्रौल के अनुसार, यह घटना 15 जून की दोपहर हुई। उनका बेटा आशीष चंद्रौल घर की छत पर टीन शेड लगाने के लिए गड्ढा करवा रहा था। जब बुजुर्ग मां ने घर को नुकसान पहुंचने की आशंका जताते हुए उसे रोकने की कोशिश की, तो बेटे ने अपनी पत्नी रितु को बुला लिया। रितु ने अपने साथियों के साथ आकर घर के सामने हंगामा शुरू कर दिया। विवाद बढ़ने पर बहू रितु ने अपनी सास रामरती चंद्रौल के साथ धक्का-मुक्की की, उनके बाल खींचे और गले से सोने की चेन तोड़ ली। जब रामरती चंद्रौल की बड़ी बेटी शैलजा और उनके नाबालिग नाती-नातिन श्रेयांश व आर्यन रावत ने बीच-बचाव करने का प्रयास किया, तो आरोपियों ने उनके साथ भी मारपीट की। बुजुर्ग महिला का आरोप है कि आरोपियों ने उनके नाबालिग नाती-नातिनों को फंसाने के लिए उन पर झूठा मुकदमा भी दर्ज करवा दिया। वारदात के दौरान आरोपियों ने पीड़िता के वाहनों में तोड़फोड़ की और घर के बाहर रखे सामान को भी भारी नुकसान पहुंचाया। शोर-शराबा सुनकर आए स्थानीय लोगों ने किसी तरह बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। रामरती चंद्रौल का कहना है कि इस घटना के बाद से वे और उनका परिवार अत्यंत भयभीत और मानसिक रूप से प्रताड़ित हैं। वही उनकी बेटी शैलजा चंद्रोल ने बताया वह 3 बहने ओर एक भाई है । भाई कि शादी को 14 साल हो गए है । वह एवं उनकी एक बहन वृद्ध मां के साथ रहकर उनकी सेवा करती हैं।
KGMU के शताब्दी भवन में 7 घंटे गुल रही बिजली:जरूरी सेवाएं प्रभावित; गर्मी से मरीज और तीमारदार बेहाल
KGMU के शताब्दी भवन में बिजली की लाइन में फॉल्ट के चलते मरीजों और तीमारदारों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। सुबह 10 से शाम पांच बजे तक बिजली आपूर्ति बाधित रही। इसकी वजह से भवन में संचालित कई जरूरी सेवाएं प्रभावित रहीं। करीब सात घंटे तक बिजली संकट की स्थिति बनी रही। जिससे भर्ती मरीज गर्मी में परेशान रहे। शब्तादी भवन एक और दो में बिजली का संकट रहा। इन विभागों का हो रहा संचालन शताब्दी भवन में रेडियोथेरेपी, ब्लड एंड ट्रांसफ्यूजन मेडिसिन, न्यूक्लीयर मेडिसिन, पल्मोनरी एंड क्रिटिकल केयर मेडिसिन विभाग, मेडिकल आंकोलॉजी, हिमैटोलॉजी, सर्जिकल आंकोलॉजी, गेस्ट्रोमेडिसिन समेत दूसरे विभागों का संचालन हो रहा है। सुबह करीब नौ बजे बिजली गुल हो गई। इसके बाद पूरे बैकअप सिस्टम से सिर्फ पंखे ही चल सके। सेंट्रल AC और अन्य जरूरी सुविधाएं प्रभावित रहीं। गर्मी और उमस के बीच वार्डों में भर्ती मरीजों को काफी दिक्कत हुई। गंभीर मरीजों के तीमारदार भी व्यवस्था को लेकर परेशान नजर आए। परेशान रहे मरीज-तीमारदार बिजली संकट का असर शताब्दी भवन में संचालित HRF (हॉस्पिटल रिवॉल्विंग फंड) काउंटर पर भी पड़ा। बिजली नहीं होने से काउंटर का कामकाज ठप हो गया। मरीजों को दवाओं व अन्य प्रक्रियाओं के लिए इंतजार करना पड़ा। इसके अलावा भवन की छह में से तीन लिफ्ट भी बंद रहीं। इससे मरीजों, बुजुर्ग तीमारदारों और स्ट्रेचर से आने-जाने वालों को परेशानी हुई। कई लोगों को सीढ़ियों या चालू लिफ्ट के लिए इंतजार करना पड़ा। वहीं बिजली न होने से इलाज में इस्तेमाल होने वाली बड़ी मशीनों का संचालन नहीं हो सका। दिन भर बाधित रही आपूर्ति मरीजों और तीमारदारों का कहना था कि अस्पताल जैसे संवेदनशील स्थान पर बिजली व्यवस्था को लेकर अतिरिक्त सतर्कता जरूरी है। लंबे समय तक बिजली बाधित रहने से मरीजों की परेशानी बढ़ जाती है। बिजली लाइन में फॉल्ट के कारण यह समस्या आई। पूरे दिन भवन में स्थिति सामान्य नहीं हो सकी और कई सेवाएं प्रभावित रहीं। KGMU प्रशासन की ओर से बिजली आपूर्ति बहाल करने के प्रयास किए गए, लेकिन इस घटना ने शताब्दी भवन में बिजली बैकअप और आपात व्यवस्था की मजबूती पर सवाल खड़े कर दिए हैं।
प्रयागराज के फाफामऊ में 17 वर्षीय किशोरी के घायल मिलने के मामले में पुलिस ने सनसनीखेज खुलासा किया है। शुरुआती जांच में जहां मामला अज्ञात हमलावरों द्वारा धारदार हथियार से हमला किए जाने का बताया गया था, वहीं पुलिस की गहन जांच में सामने आया कि किशोरी अपने परिचित युवक के साथ बेला कछार गई थी, जहां युवक के तमंचे से चली गोली उसके पैर में लग गई। इसके बाद आरोपी ने उसे और उसके परिवार को झूठी कहानी बताने के लिए दबाव बनाया।पुलिस ने मामले में मुख्य आरोपी मो. अरबाज उर्फ डैनी और उसके साथी सुहेल अहमद को बुधवार रात मलाक हरहर रेलवे पुल के पास से गिरफ्तार कर लिया।एक साल से थी जान-पहचानपुलिस के मुताबिक किशोरी और मो. अरबाज उर्फ डैनी एक-दूसरे को करीब एक वर्ष से जानते थे और दोनों के बीच लगातार बातचीत होती थी। 22 जून की दोपहर किशोरी अपनी बुआ के साथ फाफामऊ बाजार गई थी। वहीं से उसने फोन कर डैनी को बुलाया।डैनी अपने दोस्त सुहेल अहमद की कार से वहां पहुंचा। किशोरी और उसकी बुआ दोनों कार में बैठ गईं। कुछ दूर जाने के बाद बुआ को उनके घर के पास उतार दिया गया, जबकि किशोरी डैनी के साथ घूमने चली गई। बाद में उसे वापस घर छोड़ दिया गया।शाम को दोबारा बुलाया और बेला कछार पहुंचीपुलिस जांच में सामने आया कि उसी शाम करीब साढ़े पांच बजे किशोरी ने दोबारा डैनी को फोन कर बुलाया। वह सुलभ शौचालय के पास से कार में बैठकर उसके साथ बेला कछार चली गई।वहां दोनों टहल रहे थे। इसी दौरान किशोरी ने डैनी के पास मौजूद तमंचा देखा और उसे चलाकर दिखाने की बात कही। पुलिस के अनुसार डैनी ने तमंचा चलाने की कोशिश की। पहला फायर सही तरीके से नहीं चला, लेकिन दूसरे प्रयास में तमंचे से निकली गोली सीधे किशोरी के पैर में जा लगी।गोली लगने के बाद रची गई झूठी कहानीगोली लगने के बाद किशोरी ने अपनी मां को फोन कर बुलाया। इस दौरान आरोपी डैनी ने उस पर दबाव बनाया कि वह पुलिस और परिजनों को सच्चाई न बताए।पुलिस का कहना है कि आरोपी की धमकी के कारण किशोरी ने अपनी मां और पुलिस को बताया कि शौच के लिए जाते समय दो-तीन अज्ञात युवकों ने उस पर धारदार हथियार से हमला कर दिया था। इसी आधार पर उसकी मां की तहरीर पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया।डॉक्टरों की शुरुआती राय ने बढ़ाया भ्रमघटना के बाद किशोरी को पहले फाफामऊ के निजी अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे स्वरूप रानी नेहरू अस्पताल रेफर कर दिया गया। प्रारंभिक परीक्षण में चोट धारदार हथियार से होने की आशंका जताई गई थी।हालांकि बाद में विस्तृत मेडिकल जांच और उपचार के दौरान चिकित्सकों ने स्पष्ट किया कि किशोरी के पैर में गोली लगी है। इसके बाद पुलिस ने जांच की दिशा बदल दी।सीसीटीवी, सीडीआर और बुआ के बयान से खुला राजपुलिस टीम ने घटना के अनावरण के लिए आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली। साथ ही किशोरी और आरोपी के मोबाइल फोन की कॉल डिटेल रिकॉर्ड (सीडीआर) का एनलिसिस किया गया।जांच में घटना के समय दोनों के बीच लगातार बातचीत होना सामने आया। किशोरी की बुआ से पूछताछ में मिले तथ्यों का मिलान सीसीटीवी फुटेज से किया गया, जिसमें संदिग्ध कार दिखाई दी। इसके बाद पूरी कहानी स्पष्ट हो गई।साथी की भूमिका सहयोगी कीपुलिस के अनुसार सुहेल अहमद घटना के दौरान आरोपी के साथ मौजूद था और उसने पूरे घटनाक्रम में सहयोग किया। इसी आधार पर उसे भी मामले में आरोपी बनाया गया है।पुलिस ने दोनों को भेजा जेलडीसीपी गंगानगर कुलदीप सिंह गुनावत ने बताया कि फाफामऊ थाना और एसओजी/सर्विलांस सेल की संयुक्त टीम ने बुधवार रात करीब साढ़े आठ बजे दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। उन्हें जेल भेज दिया गया है।
ट्रेन से गिरकर युवक की मौत:देवरिया में बैतालपुर स्टेशन के पास हादसा, जॉब पर जा रहा था
देवरिया जिले के बैतालपुर रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन से गिरने से एक युवक की मौत हो गई। युवक नौकरी के लिए बाहर जा रहा था। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। मृतक की पहचान लार क्षेत्र के पिपरा चौहान हरिजन बस्ती निवासी 30 वर्षीय वृजानंद प्रसाद पुत्र घूरा प्रसाद के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वृजानंद रोजगार के सिलसिले में भटनी से जनसेवा एक्सप्रेस ट्रेन में सवार होकर अपने कार्यस्थल की ओर जा रहे थे। बैतालपुर रेलवे स्टेशन के पास किसी अज्ञात कारण से वह ट्रेन से गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना की जानकारी मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर घायल युवक को अस्पताल पहुंचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। पुलिस ने मृतक के पास मिले आधार कार्ड से उसकी पहचान की और शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी। वृजानंद की मौत की खबर मिलते ही उनके परिजनों में मातम छा गया। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है। ग्रामीणों के अनुसार, वृजानंद परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे और नौकरी के लिए अक्सर बाहर जाते रहते थे। उनकी आकस्मिक मौत से पूरे गांव में शोक की लहर है। पुलिस के मुताबिक, प्रथम दृष्टया यह मामला ट्रेन से गिरने का प्रतीत होता है। हालांकि, घटना के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ग्रामीणों ने प्रशासन से पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
पीएम नरेंद्र मोदी 4 जुलाई को राजस्थान आने के साथ देश की सबसे हाईटेक रिफाइनरी का उद्घाटन करेंगे। इसको लेकर प्रशासन ने तैयारियां शुरू कर दी है। हालांकि जिला प्रशासन की ओर से एक आदेश भी निकाला गया है, जिसमें छुट्टी के दिन भी सामान्य दिनों की तरफ ऑफिस खुले रहेंगे। सभी अधिकारियों और कर्मचारी को उपस्थित रहने के निर्देश दिए गए है। इधर, रिफाइनरी के गेट नंबर 4 के सामने डोम लगने का काम भी शुरू हो गया है। पीएम विजिट से पहले सीएम भजनलाल शर्मा भी तैयारियों का जायजा लेने पहुंचेगे। बता दें कि पहले पीएम नरेंद्र मोदी 21 अप्रैल को रिफाइनरी का उद्घाटन करने वाले थे। लेकिन एक दिन पहले 20 अप्रैल को रिफाइनरी की सीडीयू-वीडीयू यूनिट में अचानक आग लग गई थी। इससे उद्घाटन प्रोग्राम स्थगित कर दिया गया था। टेंट लगाने की तैयारी शुरू पीएम के 4 जुलाई को प्रस्तावित दौर के बाद पचपदरा रिफाइनरी के गेट नंबर 4 के सामने एक बार फिर से डोम लगने का काम शुरू हो गया है। आगामी एक सप्ताह में डोम लगने काम पूरा होने की उम्मीद है। हालांकि यह जानकारी सामने नहीं आई है कि डोम 20 अप्रैल जितना ही लगाया जाएगा, अथवा उसका आकार कम रहेगा। एडीएम ने निकाला आदेश पीएम के प्रस्तावित दौरे को देखते हुए एडीएम ने भी एक आदेश निकाला है। इसमें लिखा है कि पीएम नरेंद्र मोदी का 4 जुलाई को एचआरआरएल रिफाइनरी पचपदरा में भ्रमण प्रोग्राम प्रस्तावित है। प्रोग्राम को ध्यान में रखते हुए राजकीय अवकाश के दिनों में बालोतरा जिले के सभी राजकीय ऑफिस सामान्य दिनों की तरफ खुले रहेंगे। समस्त अधिकारी एवं कर्मचारी अपने ऑफिस में उपस्थित रहेंगे। रिफाइनरी में दोबारा शुरू हुआ था काम देश की सबसे आधुनिक और हाईटेक बालोतरा की पचपदरा रिफाइनरी में 20 अप्रैल को लगी आग के बाद प्रोडक्शन 19 जून को फिर से शुरू हो गया था। मुख्य क्रूड डिस्टिलेशन यूनिट (CDU) की मरम्मत की गई। 2 महीने बाद इस यूनिट को फिर से शुरू किया। 79 हजार 459 करोड़ रुपए की लागत से 4500 एकड़ (7200 बीघा) में यह रिफाइनरी बनी है। इससे जुड़ी खबर पढ़े… PM मोदी 4 जुलाई को कर सकते हैं रिफाइनरी उद्घाटन:इस माह शुरू होगा पेट्रोल-डीजल प्रोडक्शन, प्रशासन ने शुरू की तैयारियां राजस्थान की पचपदरा रिफाइनरी में प्रोडक्शन शुरू:2 महीने पहले लगी थी आग; पीएम मोदी जुलाई में कर सकते हैं उद्घाटन
लखनऊ के सृष्टि अपार्टमेंट में बुधवार सुबह करीब 9:30 बजे एक 7 वर्षीय बच्चे पर आक्रामक कुत्तों ने हमला कर दिया। बच्चा पार्क में खेल रहा था। घटना के बाद अपार्टमेंट में दहशत फैल गई। घायल बच्चे को तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। जानकारी के अनुसार, सृष्टि अपार्टमेंट के सी-1002 में रहने वाले शैलेंद्र सिंह के बेटे सिद्धांत सिंह पर यह हमला हुआ। सिद्धांत अपने दो साथियों के साथ पार्क में खेल रहा था, तभी आवारा कुत्तों के झुंड ने उस पर हमला कर दिया। बच्चों के शोर मचाने पर आसपास मौजूद लोगों ने दौड़कर बच्चे को कुत्तों से बचाया। दो दर्जन से अधिक लोग कुत्तों के हमले का शिकार हुए इस घटना के बाद अपार्टमेंट के निवासियों में नगर निगम की कार्यप्रणाली के प्रति गहरा रोष है। स्थानीय लोगों का आरोप है कि पिछले तीन वर्षों में परिसर और आसपास के इलाकों में करीब दो दर्जन से अधिक लोग कुत्तों के हमले का शिकार हो चुके हैं, लेकिन समस्या का कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया है। पीड़ित बच्चे के पिता शैलेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने घटना की सूचना नगर निगम को दी थी। शिकायत मिलने पर निगम की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक हमलावर कुत्ते वहां से भाग चुके थे। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इलाके में आक्रामक कुत्तों की लगातार मौजूदगी से बच्चों और बुजुर्गों की सुरक्षा खतरे में है। कुत्तों की समस्या का स्थाई समाधान किया जाए रहवासियों ने नगर निगम से मांग की है कि केवल औपचारिक कार्रवाई के बजाय आक्रामक कुत्तों की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए। उनका कहना है कि पार्क और अपार्टमेंट परिसर बच्चों के खेलने के लिए सुरक्षित होने चाहिए। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो भविष्य में कोई बड़ा हादसा भी हो सकता है।
भोपाल की अवधपुरी की क्रिस्टल आइडल सिटी फेज-1 कॉलोनी में सप्लाई हो रहे पानी की जांच में गड़बड़ी सामने आई है। नगर निगम की लैब जांच में कुछ घरों के पानी में ई-कोलाई और टोटल कोलीफॉर्म बैक्टीरिया मिले हैं, जो आमतौर पर गंदगी और मल-जनित प्रदूषण का संकेत माने जाते हैं। रिपोर्ट में पानी को पीने योग्य नहीं बताया गया है। इसके बाद नगर निगम ने कॉलोनी प्रबंधन को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर पाइपलाइन की मरम्मत कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही कहा है कि जब तक समस्या दूर नहीं होती, तब तक रहवासियों को टैंकर से साफ पेयजल उपलब्ध कराया जाए। टैंक का पानी साफ, घरों तक पहुंचते-पहुंचते हुआ गंदा नगर निगम ने कॉलोनी के मुख्य पानी के टैंक (सम्प टैंक) का भी सैंपल जांच के लिए भेजा था। रिपोर्ट में टैंक का पानी पूरी तरह साफ मिला। लेकिन जब कुछ घरों से पानी के नमूने लिए गए तो उनमें बैक्टीरिया पाए गए। इससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कॉलोनी के अंदर कहीं पाइपलाइन में लीकेज या कोई दूसरी गड़बड़ी है, जिसकी वजह से पानी घरों तक पहुंचते- पहुंचते गंदा हो जा रहा है। इन घरों के पानी में मिली गड़बड़ी नगर निगम के नोटिस के मुताबिक कॉलोनी के मकान नंबर 55, 56, 19 और 09 से पानी के सैंपल लिए गए थे। जांच में इन घरों का पानी पीने लायक नहीं पाया गया। रिपोर्ट में पानी के दूषित होने की पुष्टि हुई है। जांच में निकला पानी में बैक्टीरिया वाटर टेस्टिंग लैब की रिपोर्ट के अनुसार मकान नंबर 55 के पानी में 270 टोटल कोलीफॉर्म और 30 ई-कोलाई बैक्टीरिया मिले हैं। जबकि पीने के साफ पानी में इन दोनों बैक्टीरिया की मात्रा शून्य होनी चाहिए। इसी वजह से लैब ने इस पानी को पीने योग्य नहीं माना। कॉलोनी प्रबंधन को क्या निर्देश दिए गए नगर निगम ने कहा है कि कॉलोनी के अंदर पानी की सप्लाई और पाइपलाइन की देखरेख कॉलोनी प्रबंधन की जिम्मेदारी है। जांच में पता चला है कि टैंक से घरों तक जाने वाली लाइन में कहीं गंदा पानी मिल रहा है। निगम ने निर्देश दिए क्या है ई-कोलाई बैक्टीरिया ई-कोलाई एक ऐसा बैक्टीरिया है जो आमतौर पर इंसानों और जानवरों के मल में पाया जाता है। पानी में इसके मिलने का मतलब है कि कहीं न कहीं गंदगी या सीवर का पानी पेयजल में मिल रहा है। यह अक्सर पाइपलाइन लीकेज या सीवर और पानी की लाइन के आपस में संपर्क में आने से होता है। ऐसा पानी पीने से क्या हो सकता है डॉ. मनीश बताते है कि ऐसे दूषित पानी को पीने से कई तरह की स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं, जैसे: बच्चों और बुजुर्गों में गंभीर संक्रमण कमजोर इम्युनिटी वाले लोगों की हालत ज्यादा बिगड़ सकती है। इससे बच्चों बुजुर्गों और रोगियों को ज्यादा खतरा है। विशेषज्ञों की सलाह है कि जब तक पानी पूरी तरह सुरक्षित घोषित न हो जाए, तब तक उसे उबालकर ही पीना चाहिए।
महिला गांजा तस्कर को 5 साल की सजा:बागपत में कोर्ट ने 20 हजार रुपए का लगाया जुर्माना
बागपत में गांजा तस्करी के एक 8 साल पुराने मामले में न्यायालय ने महिला आरोपी को दोषी करार देते हुए पांच साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। साथ ही उस पर 20 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। यह फैसला बुधवार को सुनाया गया। अभियोजन के अनुसार, 18 नवंबर 2018 को बड़ौत कोतवाली क्षेत्र में पुलिस टीम मुखबिर की सूचना पर चेकिंग अभियान चला रही थी। इसी दौरान कोताना रोड पर एक वाहन से उतरी महिला पुलिस को देखकर भागने का प्रयास करने लगी। संदेह होने पर पुलिस ने घेराबंदी कर महिला पुलिसकर्मियों की सहायता से उसे पकड़ लिया। गिरफ्तार महिला की पहचान सजो उर्फ साजिदा पत्नी वकील, निवासी कस्बा बड़ौत के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उसके कब्जे से पांच किलोग्राम अवैध गांजा बरामद किया गया। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई शुरू की। मामला पिछले आठ वर्षों से न्यायालय में विचाराधीन था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत साक्ष्यों और गवाहों के बयान के आधार पर न्यायालय ने आरोपी महिला को दोषी पाया। बुधवार को सुनाए गए फैसले में न्यायालय ने सजो उर्फ साजिदा को पांच वर्ष के कठोर कारावास की सजा तथा 20 हजार रुपये के अर्थदंड से दंडित किया। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) दिनेश कुमार शर्मा ने बताया कि यदि दोषी महिला निर्धारित अर्थदंड जमा नहीं करती है, तो उसे तीन महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा।
मेरठ के सरधना थानाक्षेत्र में बुधवार को गर्लफ्रैंड से परेशान युवक ने गोली मारकर सुसाइड कर लिया। 22 साल के साकिब पुत्र सैफुद्दीन की डेडबॉडी अटेरना नहर के पास पड़ी मिली। साकिब ने सीने पर बाईं ओर गोली मारी है। सुसाइड से पहले उसने अपने दोस्त को कॉल कर इसकी जानकारी भी दी। दोस्त जबतक साकिब को बचाने मौके पर पहुंचता उसने सुसाइड कर लिया था। वहीं मृतक के घरवालों ने पुलिस को तहरीर दी है जिसमें साकिब की महिला मित्र सहित उसके परिवार का नाम है। उन पर बेटे को मानसिक प्रताड़ित करने, सुसाइड के लिए उकसाने और रुपए मांगने सहित रेप के झूठे मुकदमे में फंसाने का आरोप लगाया है। सूचना पर थाना पुलिस सहित सीओ सरधना व एसपी देहात भी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने सुसाइड वाला तमंचा भी बरामद कर लिया है। डेडबॉडी को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। 3 तस्वीरें देखिए… सबसे पहले परिवार ने जो पुलिस को बताया वो पढ़िए.. झूठे मुकदमे में फंसाने की धमकी देती थी प्रेमिका मृतक साकिब के भाई आमिल ने पुलिस को तहरीर देते हुए बताया कि उसका 22 साल का भाई साकिब मेरठ ब्रहमपुरी थानाक्षेत्र लिसाड़ी गेट निवासी युवती अजमा पुत्री इरशाद से बातचीत करता था। पिछले 4 सालों से साकिब, अजमा में बातचीत थी। अजमा, साकिब से मिलती थी। उससे लंबे समय से पैसे लेती थी। जब भाई ने उसे पैसे देने से इंकार कर दिया तो अजमा उसकी बहनें नाजमा, उजमा, मां मीना, भाई दानिश, बहनोई रिहान ने मिलकर उसे ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। वो लोग कहते कि साकिब तुझे तेरे भाइयों को झूठे मुकदमे में फंसवा देंगे। रुपयों के लिए कर रही थी ब्लैकमेल लगातार वो लोग मेरे भाई साकिब को ब्लैकमेल कर रहे थे। लेकिन साकिब ने पैसे देने से इंकार कर दिया तो अजमा की बहन नाजमा ने हम तीनों भाइयों पर रेप का मुकदमा लिखवा दिया। मुकदमे में साकिब, कामिल और मेरा आमिल का नाम लिखाकर हमें आरोपी बना दिया। 10 जून को ये मुकदमा ब्रहमपुरी थाने में लिखा गया। डिप्रेशन में आकर भाई ने सुसाइड कर लिया इस मुकदमे के बाद से मेरा भाई बहुत परेशान थे। इसके बाद भी अजमा उसके घरवाले मेरे भाई को पैसों के लिए परेशान करते रहे। इससे मेरे भाई साकिब की तबियत बिगड़ गई। वो डिप्रेशन में रहने लगा। मेरा भाई इस मानसिक प्रताड़ना को सहन नहीं कर सका। परेशान होकर उसने नहर की पटरी पर जाकर खुद को गोली मारकर सुसाइड कर लिया उसके मौत हो गई। मेरे भाई की मौत का जिम्मेदार अजमा उसका पूरा परिवार है। मौके से मिला तमंचा और फोन रिकॉर्डिंग सीओ सरधना आशुतोष कुमार ने बताया कि एक युवक का गोली लगा शव मिला है। प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का लग रहा है। परिजनों से जानकारी मिल रही है कि युवक की एक लड़की से दोस्ती थी। दोनों के बीच अक्सर बातचीत होती थी। जांच में सामने आया है कि लड़की ने 10 जून को ब्रह्मपुरी थाने में युवक के खिलाफ रेप का मुकदमा दर्ज कराया था। मौके से 315 बोर का तमंचा बरामद हुआ है। वहीं, मृतक के फोन से एक रिकॉर्डिंग भी मिली है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है। आगे की कार्रवाई की जाएगी। एसपी देहात अभिजीत कुमार ने बताया- अटेरना पुल के पास एक व्यक्ति को गोली लगने की सूचना मिली थी। सूचना पर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। घायल को अस्पताल में भर्ती कराया। जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। जांच में पता चला कि मृतक साकिब पुत्र सैफुद्दीन ने घटना से पहले अपने एक दोस्त को कॉल किया था, जिसमें खुद को मारने की बात कहीं थी। क्योंकि मृतक पर एक महिला ने बलात्कार का मुकदमा कराया था। …………………………….. ये खबर भी पढ़िए…. नौकरी जॉइनिंग से 4 दिन पहले अग्निवीर की मौत:यूपी में पिकअप ने बाइक को टक्कर मारी, सिर फट गया; मां लाश देखकर बेसुध यूपी के औरैया में नौकरी जॉइन करने से 4 दिन पहले 20 साल के अग्निवीर की सड़क हादसे में मौत हो गई। पिता और बहन गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस के मुताबिक, वह बीमार बहन का झाड़-फूंक करवाने पिता के साथ गया था। वहां से घर लौटते वक्त तेज रफ्तार पिकअप ने टक्कर मार दी। पूरी खबर पढ़िए…
राजधानी लखनऊ के गायत्री शक्तिपीठ, कुर्सी रोड में बुधवार को गायत्री जयंती का पावन पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस अवसर पर अलीगंज के एनीमेशन सेंटर में हुई अग्नि दुर्घटना में जान गंवाने वाले छात्र-छात्राओं को विशेष श्रद्धांजलि दी गई। श्रद्धालुओं ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत आत्माओं को याद किया। कार्यक्रम की शुरुआत पांच कुण्डीय यज्ञ से हुई, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने आहुति दी। उन्होंने परिवार, समाज और राष्ट्र की सुख-समृद्धि की कामना की। इस दौरान यज्ञोपवीत, दीक्षा, मुंडन और विद्यारंभ जैसे कई वैदिक संस्कार भी संपन्न कराए गए, जिनमें बच्चों से लेकर युवाओं और परिवारों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है गायत्री परिवार के कार्यकर्ताओं ने श्रद्धालुओं को इन संस्कारों का महत्व बताया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन भारतीय संस्कृति की जड़ों को मजबूत बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम के दौरान अनुशासित व्यवस्था और सामूहिक सहभागिता विशेष आकर्षण का केंद्र रही। आयोजक काशी प्रसाद ने बताया कि गायत्री जयंती केवल एक धार्मिक पर्व नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि, संस्कार निर्माण और समाज में सकारात्मक चेतना जगाने का अवसर है। उन्होंने कहा कि यज्ञ से पर्यावरण शुद्ध होता है और मनुष्य के भीतर सद्भाव, संयम तथा सेवा की भावना विकसित होती है। इसी उद्देश्य से यह आयोजन प्रतिवर्ष श्रद्धापूर्वक किया जाता है। पर्यावरण संरक्षण और मानव सेवा का संकल्प लिया कार्यक्रम के अंत में सभी श्रद्धालुओं ने समाज में नैतिक मूल्यों को बढ़ावा देने, नशामुक्ति, पर्यावरण संरक्षण और मानव सेवा का संकल्प लिया। इसके बाद प्रसाद वितरण किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। यह आयोजन भक्ति, अनुशासन और सामाजिक जागरूकता का सुंदर संगम रहा।
विदिशा नौ दिन की देरी के बाद मानसून पहुंचा:नटेरन में सबसे ज्यादा और गुलाबगंज में सबसे कम बारिश
मध्य प्रदेश में नौ दिन की देरी से मानसून ने दस्तक दे दी है। इसके साथ ही विदिशा जिले में भी मौसम का मिजाज बदल गया। बुधवार शाम को आसमान में बादल छाए और बूंदाबांदी के साथ रिमझिम बारिश शुरू हो गई। इस बारिश से लोगों को उमस भरी गर्मी से राहत मिली और शहर की सड़कें भीग गईं। मानसून के देर से पहुंचने के कारण पिछले कई दिनों से लोग तेज गर्मी और उमस का सामना कर रहे थे। बारिश नहीं होने से कृषि कार्य और खरीफ फसलों की बुवाई भी प्रभावित हो रही थी। अब जिले में बारिश का सिलसिला शुरू होने से किसानों में नई उम्मीद जगी है। बारिश से कृषि कार्यों को मिली रफ्तार किसानों के अनुसार, शुरुआती बारिश से खेतों में नमी बनने लगी है, जिससे धान की रोपाई और अन्य कृषि कार्यों ने गति पकड़ ली है। किसानों को अब लगातार और अच्छी बारिश का इंतजार है, ताकि खेत पूरी तरह तैयार हो सकें और इस सीजन में बेहतर उत्पादन मिल सके। बीते 24 घंटे में औसत वर्षा जिले में 10.4 मिमी रही। सर्वाधिक 52 मिमी बारिश नटेरन में रिकॉर्ड की गई। इसके अलावा शमशाबाद में 15 मिमी, बासौदा में 12.6 मिमी, सिरोंज में 11 मिमी और गुलाबगंज में 10 मिमी वर्षा दर्ज की गई।
लखनऊ के काकोरी स्थित जैन मंदिर में बुधवार को पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव का शुभारंभ हो गया।महोत्सव के पहले दिन कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें जैन समाज की सैकड़ों महिलाओं ने पारंपरिक वेशभूषा में सिर पर कलश धारण कर भाग लिया। इस दौरान 'मेरी झोपड़ी के भाग आज खुल जाएंगे, गुरुवार आएंगे' जैसे भक्ति गीत गूंजते रहे। यह कलश यात्रा मंदिर परिसर से शुरू होकर विभिन्न मार्गों से गुजरी और वापस कार्यक्रम स्थल पर समाप्त हुई। रास्ते भर श्रद्धालुओं ने पुष्पवर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। इस दौरान धार्मिक जयघोष और भजन-कीर्तन किए गए, जिससे वातावरण आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। जीवन में अहिंसा और त्याग अपनाने का आह्वान कलश यात्रा के समापन के बाद ध्वजारोहण का आयोजन किया गया। इसके उपरांत पंचकल्याणक महोत्सव से संबंधित विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान विधि-विधान से संपन्न हुए। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना में सक्रिय भागीदारी की और धर्म लाभ प्राप्त किया। महोत्सव के दौरान आचार्य विशुद्ध सागर ने अपने प्रवचन दिए। उन्होंने धर्म, संयम और सदाचार का संदेश देते हुए कहा कि आत्मकल्याण का मार्ग सेवा, साधना और संस्कारों से होकर गुजरता है। उन्होंने जीवन में अहिंसा, त्याग और आत्मचिंतन अपनाने का आह्वान किया। ये लोग शामिल हुए इस अवसर पर श्रवणबेलगोला से पधारे भट्टारक चारुकीर्ति महाराज भी उपस्थित रहे। सौधर्म इन्द्र विशाल जैन, कुबेर इन्द्र रोहित जैन, सुबल सागर, विहसन्त सागर और विशल्य सागर सहित कई संतों ने महोत्सव में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में विशाल जैन, आदीश जैन, डॉ. अभय जैन जैसे जैन समाज के गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद थे। दिनभर चले धार्मिक आयोजनों में श्रद्धालुओं की सक्रिय भागीदारी देखी गई।
शादी में जा रहे युवक की बोलेरो से कुचलकर मौत:बांदा में दो साथी घायल, गाड़ी लेकर ड्राइवर फरार
बांदा में एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसके चचेरे भाई और बहनोई गंभीर रूप से घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब तीनों एक रिश्तेदार की शादी में शामिल होने जा रहे थे। घटना के बाद शादी की खुशियां मातम में बदल गईं। कमासिन थाना क्षेत्र के ओझा नगर लोहरा गांव निवासी रोहित (20) अपने चचेरे भाई संदीप (20) और बहनोई के साथ बुधवार शाम 7 बजे बिसंडा थाना क्षेत्र के घुरौंडा गांव जा रहा था। रास्ते में अमवा मोड़ के पास उनकी बाइक की सामने से आ रही दूसरी बाइक से टक्कर हो गई। टक्कर लगने के बाद तीनों सड़क पर गिर पड़े। इसी दौरान पीछे से तेज रफ्तार में आ रही एक बोलेरो ने सड़क पर गिरे रोहित को कुचल दिया। बोलेरो का पहिया उसके सिर के ऊपर से गुजर गया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसे के बाद बोलेरो चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। दुर्घटना में संदीप और रोहित के बहनोई भी घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और रिश्तेदार मौके पर पहुंचे और तीनों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बिसंडा ले जाया गया। चिकित्सकों ने रोहित की गंभीर हालत देखते हुए उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही रास्ते में उसकी मौत हो गई। अन्य दोनों घायलों का उपचार जारी है। चाचा प्रीतम ने बताया कि रोहित गुजरात में मजदूरी करता था। वह अपनी चचेरी बहन की शादी में शामिल होने के लिए करीब 12 दिन पहले ही गुजरात से घर लौटा था। रोहित दो भाइयों में बड़ा था और अविवाहित था। उसकी अचानक मौत से परिवार में गहरा शोक है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और फरार बोलेरो चालक की तलाश शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया है कि हादसे के समय बाइक सवारों ने हेलमेट नहीं पहन रखा था, जिसके कारण सिर में गंभीर चोटें आईं। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
लखनऊ में गुरु अरजन देव बलिदान दिवस:विश्व हिन्दू परिषद ने लगाया लंगर, लस्सी बांटी
लखनऊ में बुधवार को सिख पंथ के पंचम गुरु गुरु अरजन देव के बलिदान दिवस पर एक विशेष लंगर का आयोजन किया गया। इस दौरान गुरु का प्रसाद और कच्ची लस्सी (शरबत) वितरित की गई। यह आयोजन विश्व हिन्दू परिषद, लखनऊ पश्चिम द्वारा गुरु गोविंद सिंह मार्ग पर किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं और राहगीरों ने लंगर ग्रहण किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के अवध प्रांत के विशेष संपर्क प्रमुख प्रशांत भाटिया रहे। उन्होंने अपने संबोधन में गुरु अरजन देव, गुरु तेग बहादुर और गुरु गोविंद सिंह सहित सिख गुरुओं एवं वीर बलिदानियों के त्याग को याद किया। भाटिया ने कहा कि इन गुरुओं ने सनातन धर्म और मानवीय मूल्यों की रक्षा के लिए अपना सर्वस्व समर्पित किया। उनका जीवन आज भी समाज को साहस, सेवा और राष्ट्रभक्ति की प्रेरणा देता है। युवाओं से सिख इतिहास के आदर्शों को अपनाने का आह्वान प्रशांत भाटिया ने आगे कहा कि धर्म की रक्षा के लिए शास्त्र और शस्त्र, दोनों का उपयोग धर्मानुकूल परिस्थितियों में आवश्यक माना गया है। उन्होंने जोर दिया कि जिस पंथ की नींव बलिदान और त्याग पर रखी गई हो, उसकी गौरवशाली परंपराएं सदैव जीवित रहती हैं। उन्होंने युवाओं से सिख इतिहास के आदर्शों को अपनाने और समाज में एकता, सेवा तथा राष्ट्रहित की भावना को मजबूत करने का आह्वान किया। आयोजकों ने बताया कि इस लंगर सेवा का मुख्य उद्देश्य गुरु अरजन देव के बलिदान को जन-जन तक पहुंचाना और सेवा, समरसता व मानवता का संदेश देना है। कार्यक्रम के सफल संचालन में स्थानीय पुलिस प्रशासन और नगर निगम का भी सराहनीय सहयोग प्राप्त हुआ। ये मौजूद रहे इस अवसर पर पूर्व कैबिनेट मंत्री सरजीत सिंह डंग, योगेश शर्मा, अंकुश सूरी, मनोज मिश्रा, पंकज तिवारी, तरनजीत सिंह डंग, जिला प्रचार-प्रसार प्रमुख गणेश शंकर पवार, आदित्य तिवारी, दीपक साहू, गोपाल दुबे और वीरेन्द्र अवस्थी सहित विश्व हिन्दू परिषद के पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में श्रद्धालु मौजूद रहे।
मेरठ में बेकाबू कार ने पिता-पुत्र को रौंदा:पिता की मौत; बेटा गंभीर, बाजार से घर वापस लौट रहे थे
मेरठ सिविल लाइन क्षेत्र में बुधवार देर रात हिट एंड रन का मामला सामने आया। तेज रफ्तार वेगनआर कार ने स्कूटी सवार पिता-पुत्र को टक्कर मार दी। हादसे में पिता की मौत हो गई, जबकि बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। टक्कर मारने के बाद चालक कार समेत फरार हो गया। पांडव नगर निवासी धर्मेंद्र सिंह अपने बेटे तनिष्क के साथ बाजार से घर लौट रहे थे। रात करीब 12 बजे साकेत स्थित आईटीआई के पास पीछे से आई वेगनआर ने उनकी स्कूटी में जोरदार टक्कर मार दी। सड़क पर उछलकर गिरे दोनों प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टक्कर इतनी तेज थी कि पिता-पुत्र कई फीट दूर जाकर गिरे। आसपास मौजूद लोगों ने दोनों को तुरंत जसवंत राय स्पेशियलिटी अस्पताल पहुंचाया। वहां इलाज के दौरान धर्मेंद्र सिंह की मौत हो गई, जबकि तनिष्क की हालत गंभीर बनी हुई है। CCTV में कैद हुई फरार कार हादसे के बाद चालक मौके से भाग निकला। पुलिस ने परिजनों की तहरीर पर अज्ञात चालक के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, जिसमें दुर्घटना के बाद भागती हुई वेगनआर कार दिखाई दी है। पुलिस का कहना है कि वाहन नंबर और चालक की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मध्यप्रदेश में सायबर अपराधियों के बढ़ते नेटवर्क और अदृश्य खतरों से निपटने के लिए सरकार ने अब कमर कस ली है। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने भोपाल के रवीन्द्र भवन में राज्य व्यापी सायबर जागरूकता अभियान ‘सेफ क्लिक 2.0’ का शंखनाद किया। 24 जून से 8 जुलाई तक चलने वाले इस 15 दिवसीय महाअभियान के तहत प्रदेश के सभी 10 संभागों, 55 जिलों और 50 हजार से अधिक गांवों में नागरिकों को डिजिटली साक्षर और सतर्क बनाया जाएगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि सायबर खतरा एक ऐसा अदृश्य दुश्मन है, जो बिना दस्तक दिए हमारे घरों तक पहुंच रहा है। सायबर खतरों को समझना ही उनसे बचने का सबसे बड़ा रास्ता है। वर्तमान में डिजिटल अरेस्ट, डीप-फेक, फेक प्रोफाइल, हैकिंग, डेटा ब्रीचिंग, ऑनलाइन फ्रॉड और फर्जी निवेश लिंक जैसे अपराध तेजी से बढ़ रहे हैं। ऐसे में प्रत्येक नागरिक को सतर्क रहने की आवश्यकता है। इस अभियान के तहत सायबर ठगी और अन्य अपराधों से बचने के लिए गांव-गांव तक लोगों को जागरूक किया जाएगा। सीएम बोले: डिजिटल दौर के राक्षस हैं सायबर अपराधी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने सायबर अपराधियों पर कड़ा प्रहार करते हुए उन्हें आधुनिक युग का राक्षस बताया। उन्होंने कहा कि आज के दौर में पारंपरिक डकैतों की तरह कोई सामने नहीं आता। ये डिजिटल अपराधी दबे पांव लैपटॉप, कंप्यूटर और मोबाइल के जरिए हमारे साथ सेंधमारी और डकैती करते हैं। स्मार्टफोन और कंप्यूटर के माध्यम से होने वाले सायबर अपराधों से बचाव के लिए सावधानी और जागरूकता ही सबसे प्रभावी हथियार है। मुख्यमंत्री ने जनता को सायबर सुरक्षा के तीन महत्वपूर्ण सूत्र 'जागरूकता, सावधानी और सहभागिता' देते हुए इसे एक जन आंदोलन बनाने का आह्वान किया। नया नियम: अनजान लिंक मिले तो रुको, सोचो और एक्शन लो नागरिकों को सचेत करते हुए मुख्यमंत्री ने एक नया मंत्र दिया कि अगर आपको कोई अनजान लिंक मिले या डराने-धमकाने की कॉल आए तो 'रुको, सोचो और फिर एक्शन लो'। लालच और जल्दबाजी हमेशा बड़े आर्थिक नुकसान का कारण बनती है। सायबर अपराध होने की स्थिति में अविलंब हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज करानी चाहिए, जो पीड़ितों के लिए सबसे पहली ढाल बनता है। राज्य सरकार ने सायबर अपराध के विरुद्ध एक मजबूत फ्रेमवर्क तैयार किया है और नागरिकों के डेटा संरक्षण के लिए डिजिटल पर्सनल डेटा एक्ट को लागू किया गया है। पुलिस एक्शन: संकटमोचक हनुमान की भूमिका में एमपी पुलिस मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अभियान के संचालन के लिए मध्यप्रदेश पुलिस की खुलकर सराहना की। उन्होंने कहा कि संकट के समय मध्यप्रदेश पुलिस हमेशा संकटमोचक हनुमान की भूमिका में रहती है। मध्यप्रदेश पुलिस ने देश में पहली बार सायबर डकैती का लाइव पर्दाफाश किया था, जो बेहद प्रशंसनीय है। वर्तमान में मध्यप्रदेश सरकार के 56 विभागों की लगभग 1700 सेवाएं एक ही एकीकृत पोर्टल पर उपलब्ध हैं और इन सभी की सुरक्षा सुनिश्चित करना सरकार की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल है। पिछले वर्ष पुलिस ने 33 लाख से अधिक नागरिकों को सतर्क किया था, और इस बार दायरा और बढ़ाया जा रहा है। डीजीपी बोले: 135 करोड़ बचाए, 1 लाख तक की ई-जीरो एफआईआर पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) कैलाश मकवाना ने कार्यक्रम में बताया कि सायबर अपराध अब केवल आर्थिक चुनौती नहीं, बल्कि सामाजिक विश्वास और राष्ट्रीय सुरक्षा से जुड़ा गंभीर विषय है। पुलिस के पास आने वाली शिकायतों में करीब 80 प्रतिशत मामले वित्तीय धोखाधड़ी से संबंधित होते हैं। मध्यप्रदेश पुलिस ने इस पर ठोस कार्रवाई करते हुए वर्ष 2025 में पीड़ितों की कुल 135 करोड़ रुपए की राशि को बैंक खातों में होल्ड कराया है। इसके साथ ही जनता की सुविधा के लिए ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत की गई है, जिससे अब 1 लाख रुपए तक की सायबर धोखाधड़ी की शिकायत पर पीड़ितों को तुरंत न्याय मिल रहा है। 15 दिन का प्लान: हर दिन नई थीम, कॉलेजों पर विशेष फोकस डीजीपी के अनुसार, 8 जुलाई तक चलने वाले इस 15 दिवसीय 'सेफ क्लिक 2.0' अभियान में हर दिन एक अलग थीम रखी गई है। इस दौरान लोगों को बैंकिंग सुरक्षा, महिला सुरक्षा और ग्रामीण इलाकों में जागरूकता के बारे में विशेष रूप से बताया जाएगा। यह अभियान बैंकों, बाजारों, स्कूलों, धार्मिक स्थलों और सार्वजनिक स्थानों पर संचालित होगा, जिसके लिए मनोरंजक और रुचिकर कार्यक्रम तैयार किए गए हैं। चूंकि यह समय कॉलेजों में नए दाखिलों का है और युवा पीढ़ी उच्च शिक्षा में कदम रख रही है, इसलिए उन्हें सायबर ठगों से बचाने के लिए इस अभियान से विशेष तौर पर जोड़ा जा रहा है। म्यूल बैंक अकाउंट्स और सायबर स्लेवरी से जुड़े लोगों की पहचान कर पुलिस तंत्र को ध्वस्त करने का काम जारी है।
हरियाणा के हांसी में मौसी के घर छुट्टियां बिताने आया 13 वर्षीय किशोर नहर में डूब गया। घटना गांव राजथल के पास पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी नहर में नहाते समय हुई। घंटों की तलाश के बाद रात करीब 8 बजे किशोर का शव बरामद किया गया। इस हादसे के बाद परिवार में मातम छा गया है। मृतक की पहचान गोहाना निवासी केशव (13) पुत्र संदीप के रूप में हुई है। वह अपनी मौसी के घर गांव राजथल आया हुआ था। बुधवार को केशव गांव के कुछ अन्य बच्चों के साथ पेटवाड़ डिस्ट्रीब्यूटरी नहर में नहाने गया था। नहाते समय वह अचानक गहरे पानी में चला गया और तेज बहाव में डूब गया। साथ मौजूद बच्चों ने शोर मचाया, जिसके बाद ग्रामीण मौके पर पहुंचे। उन्होंने केशव को बचाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक वह पानी में ओझल हो चुका था। ग्रामीणों ने नहर में काफी देर तक केशव की तलाश की। लंबे रेस्क्यू ऑपरेशन के बाद रात करीब 8 बजे उसका शव नहर से बरामद किया गया। केशव को तुरंत उपमंडलीय नागरिक अस्पताल नारनौंद ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए हांसी की मोर्चरी में भेज दिया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई एएसआई रवींद्र द्वारा की जा रही है।
मेरठ में शराब ठेके पर लूट का प्रयास:फायरिंग और पथराव, सेल्समैन ने पुलिस पर लगाए समझौते के आरोप
मेरठ के सिविल लाइन थाना क्षेत्र में मवाना अड्डे के पास स्थित एक शराब के ठेके पर मंगलवार देर रात लूट के प्रयास, फायरिंग और पथराव की घटना सामने आई है। आरोप है कि शराब लेने पहुंचे चार से पांच युवकों ने ठेका बंद होने पर जबरन अंदर घुसने का प्रयास किया। विरोध करने पर उन्होंने फायरिंग कर दहशत फैलाई और ठेके पर पथराव कर फरार हो गए। फलावदा निवासी निखिल मावना बस स्टैंड के सामने स्थित शराब के ठेके पर सेल्समैन हैं। मंगलवार रात करीब 10 बजे ठेका बंद करने के बाद वह कैंटीन में मौजूद थे। इसी दौरान चार से पांच युवक वहां पहुंचे और शराब की मांग करने लगे। निखिल ने ठेका बंद होने की बात कहकर शराब देने से मना कर दिया। आरोप है कि इससे नाराज युवकों ने गेट खोलकर जबरन अंदर घुसने का प्रयास किया और ठेके में लूटपाट की कोशिश की। सेल्समैन ने शोर मचाते हुए गेट बंद कर लिया। इसके बाद आरोपियों ने गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी दी। पीड़ित के अनुसार, कुछ देर बाद आरोपियों ने एक राउंड फायरिंग की और ठेके पर पत्थर बरसाने शुरू कर दिए। गोलियों और पथराव की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े, जिसके बाद आरोपी फरार हो गए। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना की सूचना तुरंत डायल-112 पर दी गई। पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। बुधवार को सेल्समैन ने सिविल लाइन थाने में पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ लिखित तहरीर दी। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि शिकायत देने के बावजूद अभी तक मुकदमा दर्ज नहीं किया गया है। उनका कहना है कि चौकी स्तर पर मामले को गंभीरता से लेने के बजाय समझौते का दबाव बनाया जा रहा है। वहीं, घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों और आसपास के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। तथ्यों का सत्यापन करने के बाद आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ रेंज में चाइनीज मांझे पर शिकंजा:दो साल में 40 मुकदमे दर्ज, 56 आरोपी जेल भेजे गए
मेरठ रेंज पुलिस प्रतिबंधित चाइनीज मांझे के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। पिछले दो वर्षों में रेंज के चार जिलों में मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग से जुड़े 40 मुकदमे दर्ज किए गए हैं। इस दौरान 56 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। बुधवार को मेरठ रेंज के डीआईजी कलानिधि नैथानी ने प्रतिबंधित मांझे के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान की समीक्षा की। समीक्षा में सामने आया कि कार्रवाई के मामले में मेरठ जिला पूरे रेंज में सबसे आगे रहा। मेरठ में दो वर्षों में 37 मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें 51 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। पुलिस ने बड़ी मात्रा में प्रतिबंधित मांझा भी बरामद किया है। वहीं, हापुड़ जिले में तीन मुकदमे दर्ज किए गए, जिनमें पांच लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया। दूसरी ओर, बागपत और बुलंदशहर में इस अवधि के दौरान प्रतिबंधित मांझे को लेकर कोई मुकदमा दर्ज नहीं हुआ। डीआईजी ने समीक्षा के दौरान बागपत और बुलंदशहर पुलिस को विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि प्रतिबंधित मांझे के निर्माण, भंडारण, बिक्री और उपयोग में शामिल लोगों को चिन्हित कर उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जाए। साथ ही, पहले से चिह्नित कारोबारियों और आरोपियों की निगरानी बढ़ाने के निर्देश भी दिए गए। डीआईजी ने बताया कि चाइनीज मांझा न केवल कानूनन प्रतिबंधित है, बल्कि यह आम लोगों, दोपहिया सवारों और पक्षियों के लिए भी खतरनाक साबित हो रहा है। ऐसे में इसके कारोबार और उपयोग पर पूरी तरह रोक लगाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा।
गोरखपुर में चल रहे विकास कार्यों के चलते गुरुवार को कई इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। रोड चौड़ीकरण और बिजली लाइन शिफ्टिंग का काम होने की वजह से अलग-अलग विद्युत उपकेंद्रों से जुड़े फीडरों की सप्लाई सुबह 10 बजे से दोपहर 3 बजे तक बंद रखी जाएगी। इस दौरान करीब 5 घंटे तक लोगों को बिजली कटौती का सामना करना पड़ेगा। विद्युत विभाग के मुताबिक राप्तीनगर विद्युत उपकेंद्र से जुड़े 11 केवी कृष्णा नगर और मोतीपोखरा फीडर, इंडस्ट्रियल स्टेट विद्युत उपकेंद्र के 11 केवी पश्चिमी जनप्रिय फीडर और नैयापार विद्युत उपकेंद्र के 11 केवी रजही फीडर की आपूर्ति प्रभावित रहेगी। काम पूरा होते ही बहाल होगी सप्लाई विभाग का कहना है कि रोड चौड़ीकरण के दौरान बिजली लाइनों को शिफ्ट किया जाना जरूरी है। इसी वजह से सुरक्षा को देखते हुए सप्लाई बंद रखी जाएगी। काम पूरा होने के बाद सभी प्रभावित क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति फिर से शुरू कर दी जाएगी। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि कटौती को देखते हुए मोबाइल चार्जिंग, पानी भरने सहित अन्य जरूरी काम पहले ही पूरे कर लें, ताकि बिजली बंद रहने के दौरान परेशानी न हो।
वाराणसी से जौनपुर रूट पर जा रही गोंडा डिपो की बस के कंडक्टर ने एक बुजुर्ग यात्री को चलती बस से धकेल दिया। यात्री जमीन पर गिर गया। बस में बैठे अन्य यात्री भड़क गए। यात्रियों के गुस्से को देखते हुए बस चालक ने बस रोकी और यात्रियों ने उसे यात्री को ऊपर बस में चढ़ाया। दरअसल, यात्री अपने किराए के बचे रुपये मांग रहा था, जिसपर कंडक्टर ने बतमीजी करते हुए पैसे बाद में देने की बात कहने लगा। इससे कहासुनी हो गई और कंडक्टर मारपीट पर ऊतारू हो गया। दरअसल, गोंडा डिपो की सरकारी बस (UP78 LN 2415) बुधवार की रात करीब 8 बजे वाराणसी कैंट बस स्टॉप से निकली थी। इसमें जौनपुर के भी कुछ पैसेंजर बैठे हुए थे। बस कंडक्टर टिकट बनाते समय कई यात्रियों से बतमीजी करता रहा, कुछ यात्रियों से कहासुनी भी हुई। लेकिन हद तब हुई जब कुछ पैसेंजर किराए के बचे पैसे वापस मांगने लगा, जिसपर कंडक्टर ने मना करते हुए कहा, कि अभी बाद में देंगे, जबकि कई यात्रियों को जौनपुर के पहले जलालपुर व फूलपुर में ही उतरना था। सारे यात्रियों ने कंडक्टर की इस मनमानी व बतमीजी का विरोध भी करना शुरू कर दिया। इसी बीच उसने बुजुर्ग यात्री को धक्का दे कर नीचे गिरा दिया। यात्रियों ने बताया कि कंडक्टर नशे में भी था।
भातखण्डे विश्वविद्यालय में बच्चों की प्रतिभा का प्रदर्शन:संगीत और नृत्य से सजा मंच
लखनऊ के भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय में आयोजित दो दिवसीय ग्रीष्मकालीन मासिक कार्यशाला का पहला दिन कला और संगीत प्रस्तुतियों से भरा रहा। बच्चों ने मंच पर शास्त्रीय संगीत, लोकनृत्य, कथक, भरतनाट्यम, तबला, वायलिन, गिटार, हारमोनियम, की-बोर्ड और बाँसुरी की प्रस्तुतियां दीं। इन प्रतिभागियों ने कार्यशाला के दौरान सीखे गए कौशल का प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का शुभारंभ विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. मांडवी सिंह और पूर्व कुलपति प्रो. पूर्णिमा पाण्डेय ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। विभिन्न विधाओं के प्रशिक्षकों के निर्देशन में विद्यार्थियों ने अपनी कला का प्रदर्शन किया। इन प्रस्तुतियों में अनुशासन और अभ्यास स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। बच्चों ने आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुति दी कार्यशाला में विशेष (ऑटिस्टिक) बच्चों की प्रस्तुतियां भी शामिल थीं। ऑटिस्टिक बालिका सिद्धि शर्मा ने पहाड़ी लोकनृत्य, मीशा सिंह ने कथक और रिदम सरकार ने भरतनाट्यम प्रस्तुत किया। दर्शकों ने इन बच्चों का उत्साह बढ़ाया। बच्चों के अभिभावकों ने विश्वविद्यालय का आभार व्यक्त करते हुए बताया कि संगीत और नृत्य प्रशिक्षण से उनके बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि जो बच्चे पहले सामाजिक गतिविधियों से दूर रहते थे, वे अब आत्मविश्वास के साथ मंच पर प्रस्तुति दे रहे हैं। कार्यशालाएं विद्यार्थियों में अनुशासन और टीम भावना विकसित करती हैं कुलपति प्रो. मांडवी सिंह ने कहा कि ग्रीष्मकालीन कार्यशालाएं केवल कला सीखने का माध्यम नहीं हैं, बल्कि बच्चों की रचनात्मक अभिव्यक्ति और व्यक्तित्व विकास का मंच भी हैं। उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय भारतीय संगीत और संस्कृति की समृद्ध परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए निरंतर प्रयास कर रहा है। कुलसचिव एस.पी सिंह ने कहा कि ऐसी कार्यशालाएं विद्यार्थियों में अनुशासन, समर्पण और टीम भावना विकसित करती हैं। उन्होंने ऑटिस्टिक बच्चों के लिए आयोजित नृत्य प्रशिक्षण को विश्वविद्यालय की समावेशी सोच का उदाहरण बताया। इस अवसर पर विभागाध्यक्ष मनोज कुमार मिश्र, ज्ञानेन्द्र दत्त बाजपेई, सहायक आचार्य मंजुला पंत सहित बड़ी संख्या में शिक्षक, शोधार्थी, कर्मचारी और विद्यार्थी उपस्थित रहे।
दमोह की जबेरा विधानसभा के सिंग्रामपुर में बुधवार को वीरांगना रानी दुर्गावती के बलिदान दिवस पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। आदिम जाति कल्याण मंत्री कुंवर विजय शाह ने आदिवासी समाज के प्रतिभाशाली युवाओं के लिए जबलपुर में आवासीय प्रशिक्षण केंद्र खोलने की बड़ी घोषणा की। इस केंद्र में युवाओं को आईएएस (IAS) और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए फ्री कोचिंग, रहने और खाने की उत्तम सुविधा दी जाएगी। मंत्री विजय शाह ने बताया कि यह विशेष प्रशिक्षण केंद्र इसी साल 15 अगस्त से जबलपुर में काम करना शुरू कर देगा। इसका मुख्य उद्देश्य उन आदिवासी छात्र-छात्राओं की मदद करना है, जो बेहद प्रतिभाशाली होने के बावजूद सिर्फ पैसों और सुविधाओं की कमी के कारण प्रशासनिक और न्यायिक सेवाओं में जाने से वंचित रह जाते हैं। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में सरकार इन युवाओं के सपनों को नई उड़ान देने के लिए यह महत्वपूर्ण कदम उठा रही है। द्रौपदी मुर्मू का राष्ट्रपति बनना आदिवासियों का सम्मान इस कार्यक्रम में विशेष रूप से मौजूद केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उइके ने समाज को संबोधित करते हुए कहा कि देश की आदिवासी बेटी द्रौपदी मुर्मू को राष्ट्रपति पद के सर्वोच्च शिखर तक पहुंचाना देश के करोड़ों आदिवासियों के सम्मान और गौरव का सबसे बड़ा प्रतीक है। इसके साथ ही उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा महिला सशक्तिकरण के लिए चलाई जा रही लाड़ली बहना, उज्ज्वला, लाड़ली लक्ष्मी और लखपति दीदी जैसी योजनाओं की जमकर तारीफ की। रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर माल्यार्पण कार्यक्रम के दौरान मध्य प्रदेश शासन के मंत्री लखन पटेल और धर्मेंद्र सिंह सहित कई अन्य वरिष्ठ जनप्रतिनिधि भी मौजूद रहे। सभी अतिथियों ने वीरांगना रानी दुर्गावती की प्रतिमा पर श्रद्धापूर्वक माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। इस राजकीय आयोजन में आदिवासी संस्कृति और शौर्य को दर्शाते हुए कई शानदार सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए गए, जिन्होंने उपस्थित लोगों का मन मोह लिया।
जहानाबाद में सड़क हादसा:स्कॉर्पियो की टक्कर से महिला की मौत, पटना से लौट रहे थे दंपती
जिले के काको थाना क्षेत्र में बुधवार को एक दर्दनाक सड़क हादसे में बाइक सवार महिला की मौत हो गई, जबकि उसका पति घायल हो गया। हादसा हाजीपुर गांव के पास हुआ, जहां तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। पटना से लौटते समय हुआ हादसा मृतका की पहचान काको थाना क्षेत्र के फिरालेचक (प्रेरित चक्की) गांव निवासी 32 वर्षीय संध्या कुमारी के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, वह अपने पति के साथ पटना से गांव लौट रही थीं। परिवार में चाचा के निधन के बाद दोनों घर जा रहे थे। टक्कर के बाद मौके से फरार हुआ चालक हाजीपुर गांव के पास पहुंचते ही तेज रफ्तार स्कॉर्पियो ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पति-पत्नी दोनों सड़क किनारे जा गिरे। हादसे के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर फरार हो गया। अस्पताल में महिला को मृत घोषित किया गया घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों को जहानाबाद सदर अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में तैनात डॉक्टर अरविंद कुमार नंदा ने जांच के बाद संध्या कुमारी को मृत घोषित कर दिया। महिला अपने पीछे दो पुत्रियों को छोड़ गई हैं। परिजनों में मचा कोहराम, कार्रवाई की मांग हादसे की सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां उनका रो-रोकर बुरा हाल था। परिजनों ने दोषी चालक की गिरफ्तारी और तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। स्थानीय लोगों ने भी ओवरस्पीडिंग को लगातार बढ़ती समस्या बताया। पुलिस ने शुरू की जांच काको थाना पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। थानाध्यक्ष माया कुमारी ने बताया कि आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है ताकि फरार स्कॉर्पियो चालक की पहचान की जा सके। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी है।
इंदौर में करोड़ों रुपए के संपत्ति सौदे को लेकर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पलासिया थाना पुलिस ने एक मकान के सौदे में अनियमितता और रकम वापस नहीं करने के आरोपों के आधार पर 20 जून को मिली शिकायत के बाद तीन लोगों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया है। पलासिया पुलिस ने दिलीप वाधवानी की शिकायत पर श्रद्धा खंडेलवाल, पुनीत खंडेलवाल और बालकृष्ण खंडेलवाल के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस), 2023 की धारा 318(4) और 3(5) के तहत एफआईआर दर्ज की है। शिकायत के मुताबिक, साकेत नगर स्थित एक तीन मंजिला मकान का सौदा 7 करोड़ 45 लाख रुपए में तय हुआ था। आरोप है कि संपत्ति पर पहले से एलआईसी हाउसिंग फाइनेंस का बड़ा ऋण बकाया होने के बावजूद आरोपियों ने ऋण मुक्त कर संपत्ति की रजिस्ट्री कराने का आश्वासन दिया था। फरियादी का कहना है कि सौदे के तहत बैंक आरटीजीएस और नकद भुगतान सहित करीब 1 करोड़ 90 लाख रुपए आरोपियों को दिए गए। इसके बावजूद तय समय-सीमा में न तो ऋण का निराकरण किया गया और न ही संपत्ति की रजिस्ट्री कराई गई। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि भुगतान की गई राशि वापस नहीं लौटाई गई।
जगराओं शहर में लगातार बढ़ रही गुंडागर्दी के बीच बुधवार देर शाम एक घटना सामने आई है। कुछ युवकों द्वारा एक युवक का कथित तौर पर अपहरण कर बेरहमी से मारपीट करने और बाद में उसे अधमरी हालत में थाना सिटी के बाहर फेंककर फरार होने का मामला सामने आया है। घटना के बाद पूरे इलाके में दहशत का माहौल है और कानून-व्यवस्था को लेकर लोगों में चिंता बढ़ गई है। घायल युवक की पहचान आदित्य शर्मा उर्फ अभी निवासी लाल पैलेस के नजदीक, जगराओं के रूप में हुई है। गंभीर रूप से घायल अवस्था में मिलने के बाद थाना सिटी पुलिस ने उसे तत्काल परिवार के सदस्यों सहित सिविल अस्पताल पहुंचाया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी हालत नाजुक देखते हुए डॉक्टरों ने उसे फरीदकोट मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। घटना के दौरान सिविल अस्पताल में मौजूद पुलिस ने मीडिया कर्मियों को वीडियो और फोटो बनाने से भी रोक दिया। सिविल अस्पताल में रोते हुए घायल युवक की मां सोनिया रानी ने बताया कि उनके बेटे का किसी विवाद से सीधा संबंध नहीं था। हालांकि उसके कुछ दोस्तों का दूसरे पक्ष के साथ पुराना झगड़ा चल रहा था। पुराने रंजिश में वारदात इसी रंजिश के चलते बुधवार शाम जब आदित्य अगवाड़ डाला स्थित पेट्रोल पंप पर मोटरसाइकिल में तेल डलवा रहा था, तभी कुछ युवक उसे जबरन एक कार में बैठाकर अपने साथ ले गए। महिला के अनुसार आरोपियों के पास लोहे की रॉड और अन्य तेजधार हथियार थे। परिजनों का आरोप है कि हमलावरों ने रास्ते में तथा किसी अज्ञात स्थान पर युवक के साथ बेरहमी से मारपीट की। मारपीट के दौरान उसके हाथ-पैर तोड़ दिए गए और शरीर के विभिन्न हिस्सों पर गंभीर चोटें पहुंचाई गईं। इसके बाद आरोपी उसे अधमरी हालत में थाना सिटी के बाहर सड़क किनारे फेंककर फरार हो गए, जिससे पुलिस को भी खुली चुनौती दिए जाने की चर्चा शुरू हो गई है। सूचना मिलते ही थाना सिटी पुलिस मौके पर पहुंची और घायल युवक को उपचार के लिए सिविल अस्पताल में भर्ती करवाया। डॉक्टरों के अनुसार युवक को गंभीर चोटें लगी हैं और उसकी हालत चिंताजनक बनी हुई है। कानून-व्यवस्था पर उठे सवाल दिन-दहाड़े एक युवक को कथित तौर पर अगवा कर उसके साथ बेरहमी से मारपीट किए जाने की घटना ने शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर कई सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि अपराधियों के हौसले इतने बुलंद हो चुके हैं कि वे खुलेआम किसी युवक को उठाकर ले जाते हैं और गंभीर रूप से घायल कर पुलिस थाने के बाहर फेंक जाते हैं। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस : एसएचओ थाना सिटी के प्रभारी परमिंदर सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। पुलिस थाने के अंदर, बाहर और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है। उन्होंने कहा कि फुटेज और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है तथा जल्द ही उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एसएचओ ने कहा कि प्रारंभिक जांच जारी है और सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल के बाद पूरे घटनाक्रम की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो जाएगी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
'तेरा करूं दिन गिन-गिन के इंतजार...', 'परदेसी परदेसी जाना नहीं...' जैसे सदाबहार गानों से भारतीय सिनेमा को समृद्ध करने वाली और 7 बार फिल्मफेयर अवॉर्ड जीत चुकीं मशहूर पार्श्व गायिका अलका याग्निक को पद्म भूषण से सम्मानित किया गया है। इस घोषणा के बाद से ही अलीगढ़ में रह रहे उनके परिवार और शुभचिंतकों में खुशी का ठिकाना नहीं है। रामघाट रोड से सटे सुरेंद्रनगर के एक पुराने आशियाने में अलका याग्निक के चचेरे भाई आलोक याग्निक रहते हैं। उन्होंने अलका के बचपन, कड़े अनुशासन और अलीगढ़ की मिट्टी से उनके जुड़ाव के कई अनसुने किस्से साझा किए। दादाजी थे प्रिंसिपल, अलीगढ़ से गहरा नाता आलोक याग्निक ने बताया कि याग्निक परिवार की जड़ें अलीगढ़ से बेहद गहराई से जुड़ी हैं। उनके दादाजी अलीगढ़ के प्रसिद्ध डीएवी इंटर कॉलेज में प्रिंसिपल थे। उनके पिता चार भाई थे, जिनमें अलका के पापा सबसे छोटे थे। चारों भाइयों की शिक्षा इसी कॉलेज से हुई थी। बाद में अलका के पिता नौकरी के सिलसिले में कोलकाता शिफ्ट हो गए थे। जब काका जी कोलकाता चले गए, तब भी हर साल गर्मियों की छुट्टियों में तीनों भाई अपने बच्चों के साथ अलीगढ़ आया करते थे। चारों परिवारों के जुटने से घर में पूरा धमाल मचता था। जब बच्चे खाते थे टिक्की-पटाखे, अलका खाती थीं मोनेको बिस्कुट आलोक ने अलका के सुरों के पीछे छिपी उनकी मां की कड़ी तपस्या का जिक्र किया। उन्होंने बताया कि अलका की मां ही उनकी पहली शास्त्रीय संगीत गुरु रही हैं। जब छुट्टियों में सब बच्चे बगीचे में खेल रहे होते थे, तब चाची जी 6-7 साल की अलका को लेकर घर के किसी शांत कोने में बैठ जाती थीं और घंटों सुरों का अभ्यास कराती थीं। स्वाद पर कड़ा पहरा आलोक बताते हैं कि जब हम सब बच्चे रेलवे रोड पर चाट, टिक्की और पकौड़े खाने जाते थे, तो अलका के लिए घर से गर्म और सादा पानी का थर्मस साथ भेजा जाता था। स्नैक्स के नाम पर उन्हें सिर्फ नमकीन मोनेको बिस्कुट मिलते थे। हम बच्चे जानबूझकर उन्हें चिढ़ाकर चाट खाते थे। इस पर चाची कहती थीं कि इसे मत ललचाओ, इसके गले के लिए खट्टा और तीखा मना है। पद्म पुरस्कार की खबर मिलते ही बधाइयों का दौर शुरू आलोक याग्निक राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक भी हैं। उन्होंने बताया कि जैसे ही पद्म पुरस्कारों की घोषणा हुई, उनके पास बधाई देने वालों के फोन की झड़ी लग गई। सुबह जब वह शाखा पर गए, तब भी यही माहौल था। उन्होंने बताया कि आजकल अलका के कान में थोड़ा इंफेक्शन है, जिसकी वजह से डॉक्टर्स ने उन्हें फोन पर बात करने से मना किया है। इसलिए हमारी व्हाट्सएप के जरिए बात हुई और हमने उन्हें पूरे परिवार की तरफ से बधाई दी। पूरा खानदान इस समय गर्व महसूस कर रहा है। सेलिब्रिटी बनने के बाद भी नहीं बदला अलीगढ़ के लिए प्यार अलका याग्निक भले ही आज वैश्विक स्तर पर मशहूर हैं और उनके गाने दुनिया के 200 से अधिक देशों में गूंजते हैं, लेकिन अलीगढ़ की नुमाइश में वह कई बार परफॉर्म करने आ चुकी हैं। आलोक याग्निक ने उनकी पिछली यात्रा का एक भावुक किस्सा साझा करते हुए बताया कि पिछली बार जब वह अलीगढ़ आई थीं, तो सेलिब्रिटी होने का कोई घमंड नहीं था। वह मेरे भाई के घर गईं और जिद करने लगीं। कहने लगीं कि भैया, मुझे पहले उस पुराने हिस्से में ले चलो, जहां हम बचपन में खिड़की से लटका करते थे और नीचे फर्श पर लेटते थे। उनके भीतर आज भी वही बचपन की मासूमियत जिंदा है।
अलवर में 5 साल की मासूम से रेप:बाइक पर बैठाकर सुनसान जगह ले गया आरोपी; लहूलुहान हालत में छोड़कर भागा
अलवर जिले में एक 5 साल की मासूम बच्ची के साथ रेप का मामला सामने आया है। आरोपी बच्ची को उसके घर के बाहर से किसी चीज का लालच देकर अपनी बाइक पर बैठाकर एक सुनसान जगह पर ले गया। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी मासूम बच्ची को लहूलुहान हालत में वहीं छोड़कर मौके से फरार हो गया। बच्ची के इस हालत में मिलने के बाद परिजनों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी।पुलिस ने पीड़िता को तुरंत अस्पताल भिजवाया, जहां उसका इलाज जारी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो (POCSO) एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। अलवर पुलिस अधीक्षक (एसपी) सुधीर चौधरी भी मौके पर पहुंचे और जांच की कमान संभाली। पुलिस ने FSL और डॉग स्क्वायड टीम को मौके पर बुलाकर साक्ष्य जुटाने की कार्रवाई शुरू की। एसपी सुधीर चौधरी ने बताया-बच्ची का अस्पताल में मेडिकल करवाया गया है। आरोपी की धरपकड़ के लिए पुलिस टीमों को लगाया गया है। पुलिस घटनास्थल के आसपास के क्षेत्रों केCCTV फुटेज खंगाल रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी की पहचान कर उसे जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा। इस पूरे मामले की मॉनिटरिंग स्वयं एसपी कर रहे हैं।
पश्चिम बंगाल: गोदाम की छत गिरने से 5 लोगों की मौत, करीब 18 लोग अंदर फंसे
पश्चिम बंगाल में एक गोदाम की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में 5 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 18 लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।
अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले को लेकर जगद्गुरु शंकराचार्य स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती के दीक्षित शिष्य स्वामी गोविंदानंद सरस्वती ने बड़ा दावा किया है। बुधवार को उन्होंने मुंबई में न्यूज एजेंसी ANI से बात करते हुए कहा- श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट बनने के बाद भी शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद ने एक हजार गांवों जाकर सोना और दान जुटाया था। अविमुक्तेश्वरानंद ने दावा किया था कि राम जन्मभूमि पर मंदिर बनाएंगे। गोविंदानंद सरस्वती ने कहा कि उन्होंने इस संबंध में विशेष जांच दल (SIT) को पत्र भेजा है और उनके पास आरोपों के समर्थन में दस्तावेज और साक्ष्य मौजूद हैं। उन्होंने ट्रस्ट, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और SIT से मामले की आंतरिक और बाहरी दोनों स्तरों पर जांच कराने की मांग की। उन्होंने कहा कि राम मंदिर के सबसे पहले चोर स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती हैं। उन्हें इस गलत काम के लिए सजा मिलनी चाहिए। उनकी सारी संपत्ति जब्त की जाए और उन्हें जेल में डाला जाए। रिश्ते में वे अविमुक्तेश्वरानंद के गुरुभाई हैं। शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद इन दिनों गोयात्रा पर हैं। बुधवार को वे मुरादाबाद में थे। देर शाम मौन साधना पर जाने के कारण उनका पक्ष नहीं मिल पाया है। 'ट्रस्ट बनने के बाद किसी को चंदा जुटाने का अधिकार नहीं था' गोविंदानंद सरस्वती ने कहा कि 5 फरवरी 2020 को राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट का गठन हो गया था। इसके बाद मंदिर निर्माण के लिए दान और चंदा जुटाने का अधिकार केवल ट्रस्ट के पास था। इसके बावजूद 7 फरवरी 2020 को वाराणसी में स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने 'राम-राम ग्राम-ग्राम अभियान' शुरू कर सोना संग्रह करने की घोषणा की, जो सुप्रीम कोर्ट के आदेश, केंद्र सरकार के निर्देश और ट्रस्ट की व्यवस्था के खिलाफ था। 'गुरुदेव के निधन के बाद सोना-चांदी ले गए' उन्होंने आरोप लगाया कि उनके गुरुदेव स्वामी स्वरूपानंद सरस्वती ने पूरे देश से राम मंदिर निर्माण के लिए करोड़ों रुपए, सोना और चांदी एकत्र किया था। साल 2022 में उनके निधन के बाद स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद कथित रूप से वह सोना, चांदी और अन्य कीमती सामान लेकर श्री विद्या मठ में रख दिए। 'दो साल पहले भी की थी शिकायत' गोविंदानंद सरस्वती ने दावा किया कि 26 जून 2024 को उन्होंने सभी राज्यों के मुख्यमंत्रियों, राम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट और अयोध्या थाना प्रभारी को पत्र लिखकर इस मामले की शिकायत की थी। उन्होंने कहा कि ट्रस्ट महासचिव चंपत राय को भी फोन और पत्र के जरिए कथित अनियमितताओं की जानकारी दी गई थी। 'एक हजार गांवों से सोना जुटाने की जांच हो' उन्होंने SIT से मांग की कि सबसे पहले यह जांच की जाए कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद ने कथित तौर पर एक हजार गांवों से कितना सोना और दान एकत्र किया। उनका आरोप है कि वाराणसी में लोगों को कुछ चुनिंदा व्यक्तियों से सोना खरीदने के लिए भी कहा गया था और बाद में मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ समेत अन्य स्थानों पर सोना, हीरा और अन्य कीमती सामान बेचा गया। गोविंदानंद सरस्वती की प्रमुख मांगें कैसे खुली राम मंदिर चोरी की पोल बताया जा रहा है कि सेवादारों को मंदिर में सालों से चल रहे गबन की जानकारी थी। इसमें बड़े लोगों के नाम होने के कारण वे कुछ बोल नहीं रहे थे। पिछले 2 सालों में टिन्नू का दबदबा बढ़ा तो मंदिर में काम करने वाले एक गुट को यह चुभने लगा। इस गुट ने प्लानिंग बनाकर उससे करीबी बढ़ाई। फिर सभी तथ्य पता कर इसकी जानकारी मीडिया तक पहुंचा दी। अब तक 2 करोड़ की रिकवरी, 200 करोड़ चोरी का अनुमान राम मंदिर चोरी मामले में 5 आरोपियों लवकुश, अवनीश, अनुकल्प, करुणे और रामशंकर उर्फ टिन्नू की निशानदेही पर 2 करोड़ रुपए की रिकवरी हो चुकी है। चंपत राय के करीबी टिन्नू के घर से सोना मिला था। शुरुआती अनुमानों के मुताबिक, चोरी 200 करोड़ रुपए से ज्यादा की हो सकती है। ऑडिट फर्म ने दिए थे ये सुझाव ऑडिट फर्म ने चंदे और फंड मैनेजमेंट को बेहतर करने, गहनों और कीमती सामान का स्टॉक रजिस्टर बनाए रखने, बैंक रिकॉर्ड का नियमित मिलान करने, IT डेटा सुरक्षा मजबूत करने, HR और प्रशासनिक व्यवस्था को व्यवस्थित करने का सुझाव दिया था। रिपोर्ट के मुताबिक, ट्रस्ट की वेबसाइट पर न तो इंटरनल ऑडिट रिपोर्ट उपलब्ध है और न ही SOP की जानकारी दी गई है। 5 फरवरी, 2020 को ट्रस्ट बनने के बाद नवंबर, 2025 तक 4575 करोड़ से ज्यादा नकद दान मिलने का दावा किया गया है। इसके अलावा सोना-चांदी और अन्य कीमती धातुओं के रूप में भी बड़ा दान मिला है। ……………………… ये खबर भी पढ़िए… राममंदिर चढ़ावा चोरी की रिपोर्ट SIT ने सरकार को सौंपी:20 पेज की रिपोर्ट में FIR और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश अयोध्या राम मंदिर चढ़ावा चोरी मामले में SIT ने मंगलवार को अपनी जांच रिपोर्ट राज्य सरकार को सौंप दी। सूत्रों के मुताबिक, इसमें FIR दर्ज करने और ट्रस्ट को दोबारा गठित करने की सिफारिश की गई है। किसी सीनियर अफसर को मंदिर का CEO नियुक्त करने का भी सुझाव है। डिटेल जांच के लिए SIT ने और समय मांगा है। पूरी खबर पढ़िए…
दौसा विधायक दीनदयाल बैरवा ने कहा कि ईडब्ल्यूएस वर्ग को भी अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति की तरह नौकरियों के साथ-साथ राजनीति में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। बुधवार को पंडित नवलकिशोर शर्मा सामुदायिक भवन में ईडब्ल्यूएस जनजागृति मंच के तत्वावधान में विचार गोष्ठी में उन्होंने कहा कि पहले ईडब्लूएस आरक्षण में कई कठिनाइयां थीं, लेकिन पूर्ववर्ती गहलोत सरकार ने सरलीकरण कर पात्र लोगों को लाभ पहुंचाने का कार्य किया। विधायक ने कहा कि उनके विधायक बनने में सवर्ण समाज का महत्वपूर्ण योगदान और आशीर्वाद रहा है। उन्होंने समाज के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि जब भी आवश्यकता होगी, वे तन, मन और धन से सहयोग के लिए तैयार रहेंगे। कार्यक्रम को आरटीडीसी के पूर्व अध्यक्ष धर्मेंद्र सिंह राठौड़ ने भी सम्बोधित किया। गोष्ठी में आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग से जुड़े मुद्दों, आरक्षण व्यवस्था में आवश्यक सुधारों तथा राजस्थान में लागू सरलीकृत मॉडल को राष्ट्रीय स्तर पर अपनाने की आवश्यकता पर चर्चा की गई। वक्ताओं ने प्रक्रिया को अधिक सरल, पारदर्शी और व्यावहारिक बनाने की मांग उठाई, ताकि पात्र लोगों को योजनाओं एवं आरक्षण का लाभ आसानी से मिल सके। इस अवसर पर राजपूत समाज अध्यक्ष कुबेर सिंह, जिला उपाध्यक्ष माधोसिंह, दशरथ सिंह, तहसील अध्यक्ष सुरजीत सिंह चवंड़ेड़ा, वैश्य महासम्मेलन जिलाध्यक्ष मनोहर लाल गुप्ता, गौड़ ब्राह्मण महासभा के देवेंद्र शर्मा, वैश्य समाज अध्यक्ष मुरारी लाल धोकरिया, नरेंद्र जैमन, शहर कांग्रेस अध्यक्ष घनश्याम शर्मा, वैद्य लक्ष्मीकांत आदि मौजूद रहे।
मोगा के जिला पुलिस अधीक्षक (SSP) सरताज सिंह चाहल के दिशा-निर्देशों पर वाहन चोरों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मोगा पुलिस को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। थाना सिटी साउथ मोगा की पुलिस टीम ने मुस्तैदी दिखाते हुए चोरी की पांच मोटरसाइकिलों समेत दो आरोपियों को गिरफ्तार करने में कामयाबी हासिल की है। मिली जानकारी के अनुसार, डीएसपी सिटी जतिंदर सिंह गिल के नेतृत्व में थाना सिटी साउथ के प्रभारी गुरपाल सिंह और सहायक थानेदार अजीत सिंह की टीम इलाके में गश्त पर थी। इसी दौरान पुलिस को एक पुख्ता गुप्त सूचना मिली कि संदीप सिंह उर्फ किट्टी (निवासी गांव जल्ले खां, जीरा), जो बड़े पैमाने पर मोटरसाइकिल चोरी करने और उन्हें आगे बेचने का धंधा करता है, आज भी चोरी की एक मोटरसाइकिल लेकर मोगा की तरफ आ रहा है। सूचना को पुख्ता मानते हुए पुलिस टीम ने तुरंत इलाके में नाकाबंदी की। नाके के दौरान पुलिस ने संदीप सिंह को घेराबंदी कर चोरी की मोटरसाइकिल के साथ रंगे हाथों काबू कर लिया। पूछताछ में हुआ बड़ा खुलासा, दूसरा आरोपी भी गिरफ्तार गिरफ्तारी के बाद जब पुलिस ने आरोपी संदीप सिंह उर्फ किट्टी से कड़ाई से पूछताछ की, तो उसने कई चौंकाने वाले खुलासे किए। संदीप ने कबूल किया कि उसने यह मोटरसाइकिल सुमित (निवासी साधांवाली बस्ती, मोगा) के साथ मिलकर चोरी की थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए सुमित को भी गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों ने माना कि वे दोनों पहले से एक सुनियोजित योजना बनाकर अलग-अलग इलाकों से मोटरसाइकिल चोरी करने की वारदातों को अंजाम देते आ रहे थे। आरोपियों की निशानदेही पर पुलिस ने संदीप और सुमित के कब्जे से 4 अन्य चोरी के मोटरसाइकिल भी बरामद किए हैं। इस तरह अब तक कुल 5 मोटरसाइकिलें बरामद की जा चुकी हैं। अदालत ने भेजा पुलिस रिमांड पर मामले की जांच कर रहे अधिकारी सहायक थानेदार अजीत सिंह रंधावा ने बताया कि पकड़े गए दोनों आरोपियों के खिलाफ थाना सिटी साउथ मोगा में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों को माननीय अदालत में पेश कर उनका पुलिस रिमांड हासिल किया गया है। पुलिस का मानना है कि रिमांड के दौरान गहन पूछताछ में वाहन चोरी के कई अन्य मामलों और इनके गिरोह से जुड़े अन्य लोगों का भी पर्दाफाश हो सकता है।
भवन निर्माण विभाग ने पूर्व मुख्यमंत्री और बिहार विधान परिषद में नेता प्रतिपक्ष राबड़ी देवी को 10, सर्कुलर रोड स्थित सरकारी आवास खाली करने के लिए अंतिम नोटिस जारी किया है। विभाग ने नोटिस मिलने के 7 दिनों के भीतर आवास खाली करने का निर्देश दिया है। चेतावनी दी गई है कि तय अवधि में बंगला खाली नहीं करने पर बिहार सरकारी परिसर अधिनियम के तहत कानूनी कार्रवाई की जाएगी। 22 जून को जारी हुआ अंतिम नोटिस भवन निर्माण विभाग ने 22 जून 2026 को अंतिम रिमाइंडर नोटिस जारी किया। विभाग के अनुसार, इस नोटिस के तहत राबड़ी देवी को आवास खाली करने के लिए अंतिम अवसर दिया गया है। 7 दिनों की यह अवधि 29 जून को पूरी होगी। पहले भी भेजे जा चुके हैं कई नोटिस विभाग की ओर से बताया गया कि राबड़ी देवी को कई बार पत्र भेजकर 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास खाली करने का अनुरोध किया गया था। इसके बाद 3 जून 2026 को भी 7 दिनों के भीतर आवास खाली करने का नोटिस जारी किया गया, लेकिन अब तक बंगला खाली नहीं किया गया। सरकार ने नेता प्रतिपक्ष के रूप में राबड़ी देवी को 39, हार्डिंग रोड स्थित सरकारी आवास आवंटित कर रखा है। इसके बाद उनसे 10, सर्कुलर रोड वाला बंगला खाली करने को कहा गया था। नंदकिशोर राम को आवंटित हो चुका है आवास सरकार 10, सर्कुलर रोड स्थित आवास पहले ही नंदकिशोर राम को आवंटित कर चुकी है। हालांकि, राबड़ी देवी द्वारा अब तक आवास खाली नहीं किए जाने के कारण नए आवंटी को इसका कब्जा नहीं मिल सका है। 29 जून तक खाली नहीं हुआ तो होगी कार्रवाई भवन निर्माण विभाग ने स्पष्ट किया है कि यदि 29 जून तक सरकारी आवास खाली नहीं किया गया, तो विभाग नियमानुसार आगे की कार्रवाई करेगा और बिहार सरकारी परिसर अधिनियम के तहत आवश्यक कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
मोगा के धर्मकोट थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते गांव लोहगढ़ स्थित जेबी शेलर में एलीवेटर की सफाई के दौरान एक बड़ा हादसा हुआ है। यहां करीब 20 फीट गहरे कुएं में उतरे तीन मजदूर जहरीली गैस की चपेट में आ गए, जिससे वे बेहोश हो गए। इस हादसे में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई, जबकि दो अन्य को समय रहते सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। अस्पताल प्रशासन द्वारा इस घटना की सूचना स्थानीय पुलिस को दे दी गई है। पुलिस ने मृतक गुरदीप सिंह के शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है और मामले की आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। इस हादसे के बाद इलाके के मजदूरों और शेलर उद्योग में सुरक्षा इंतजामों को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। सफाई के दौरान हुआ हादसा मिली जानकारी के अनुसार, घल्ल कलां निवासी जसप्रीत सिंह अपने साथी मजदूरों के साथ शेलर में बने एलीवेटर की सफाई करने के लिए 20 फीट गहरे कुएं में उतरे थे। अस्पताल में उपचाराधीन जसप्रीत सिंह ने बताया कि जैसे ही वे नीचे पहुंचे, वहां पहले से मौजूद जहरीली गैस के कारण उनका दम घुटने लगा और वे तीनों वहीं बेहोश हो गए। फायर ब्रिगेड और एंबुलेंस ने चलाया संयुक्त रेस्क्यू ऑपरेशन घटना की भनक लगते ही आसपास के लोगों ने तुरंत 108 एंबुलेंस को सूचित किया। मौके पर पहुंचे एंबुलेंस कर्मियों ने पहले खुद मजदूरों को निकालने का प्रयास किया, लेकिन कुएं में गैस का गुबार इतना ज्यादा था कि वे नीचे नहीं उतर सके। इसके बाद तुरंत फायर ब्रिगेड को सूचित किया गया। फायर ब्रिगेड की टीम ने मौके पर पहुंचकर कुएं के भीतर पानी का जोरदार छिड़काव किया, जिससे गैस का असर कम हुआ और माहौल सुरक्षित बन सका। इसके बाद काफी मशक्कत के बाद तीनों बेहोश मजदूरों को बाहर निकाला गया। 108 एंबुलेंस चालक सुरिंदर सिंह का कहना है कि कुएं में जहरीली गैस का स्तर बहुत अधिक था, जिसके कारण राहत कार्य बेहद चुनौतीपूर्ण बन गया था। फायर ब्रिगेड की मदद से ही तीनों को बाहर निकालकर तुरंत सिविल अस्पताल मोगा पहुंचाया गया। एक ने तोड़ा दम, दो को मिली छुट्टी सिविल अस्पताल मोगा के डॉक्टर एकमजोत सिंह ने बताया कि जब तीनों मजदूरों को अस्पताल लाया गया, तो गुरदीप सिंह (निवासी घल्ल कलां) की अस्पताल पहुंचने से पहले ही मौत हो चुकी थी। डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहीं, जसप्रीत सिंह सहित अन्य दो मजदूरों को प्राथमिक उपचार देने के बाद हालत में सुधार होने पर अस्पताल से छुट्टी दे दी गई है।
सीतामढ़ी में लिपिक सस्पेंड, रिश्वत मांगने का आरोप:2 साल तक फाइल रोकी, 25 हजार रुपए रिश्वत की मांग
सीतामढ़ी डीएम रिची पांडे ने भ्रष्टाचार और लापरवाही के आरोप में भूमि सुधार उप समाहर्ता कार्यालय, सदर के लिपिक आलोक कुमार को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। उन पर एक वाद की फाइल को दो साल तक लंबित रखने और आदेश जारी करने के एवज में 25 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। जिला पदाधिकारी ने मामले को गंभीरता से लेते हुए यह कार्रवाई की है। परिहार थाना क्षेत्र के गोरहारी गांव निवासी एजाज अहमद ने इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। एजाज अहमद ने आरोप लगाया था कि लिपिक आलोक कुमार ने वाद संख्या 1394/2024-25 से संबंधित अभिलेख को दो वर्षों से दबाकर रखा था। 25 हजार रुपये की मांग की गई थी शिकायतकर्ता के अनुसार, आदेश निर्गत कराने के लिए उनसे 25 हजार रुपये की मांग की गई थी और रकम न देने पर फाइल का निष्पादन नहीं किया जा रहा था। जिला स्थापना शाखा से जारी आदेश में यह भी उल्लेख है कि आलोक कुमार के खिलाफ पहले भी भ्रष्टाचार, कार्य में लापरवाही और वरीय अधिकारियों के आदेशों की अवहेलना जैसी लगातार शिकायतें मिलती रही हैं। उन पर बिहार सरकारी सेवक आचरण नियमावली, 1976 के प्रतिकूल आचरण का आरोप भी है। लोकहित और प्रशासनिक दृष्टिकोण से आरोपों की जांच आवश्यक मानते हुए, उन्हें बिहार सरकारी सेवक (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियमावली, 2005 के तहत निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान आलोक कुमार का मुख्यालय प्रखंड कार्यालय, चौरोत निर्धारित किया गया है।
किशनगंज में नहर किनारे अज्ञात युवती का शव मिला:मर्डर की आशंका, पुलिस ने जांच शुरू की
किशनगंज जिले के कोचाधामन थाना क्षेत्र में बुधवार शाम को सनसनी फैल गई। सुंदरबाड़ी पंचायत के दातीगांव स्थित नहर के किनारे एक अज्ञात युवती का शव बरामद हुआ है। शव मिलने की खबर फैलते ही मौके पर ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने सबसे पहले शव देखा और तुरंत आसपास के ग्रामीणों को सूचना दी। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की जानकारी मिलते ही सुंदरबाड़ी पंचायत के मुखिया तणवीर आलम भी घटनास्थल पर पहुंचे और पुलिस को सूचित किया। पिता से अपने बच्चों पर नजर रखने की अपील भी की सूचना पर कोचाधामन थाना पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। मुखिया तनवीर आलम ने बताया कि युवती की उम्र लगभग 15-20 साल लग रही है, लेकिन अभी तक उसकी पहचान नहीं हो पाई है। उन्होंने कहा कि यह बहुत ही संवेदनशील मामला है। इलाके में लगातार इस तरह की घटनाएं हो रही हैं, जो चिंता का विषय है। मुखिया ने सभी माता-पिता से अपने बच्चों पर नजर रखने की अपील भी की। थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी खंगाल रही कोचाधामन थाना अध्यक्ष इजहार आलम ने जानकारी देते हुए बताया कि फिलहाल युवती की शिनाख्त की कोशिश की जा रही है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस आसपास के थानों में गुमशुदगी की रिपोर्ट भी खंगाल रही है। घटना के बाद से पूरे इलाके में दहशत का माहौल है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है।
नर्मदापुरम में बुधवार शाम को मानसून की जोरदार एंट्री हुई। तेज हवा, बादलों की गर्जना के साथ डेढ़ घंटे तक बारिश हुई। जिससे शहर तरबतर हो गया। सड़कों पर पानी बहने लगा। लंबे समय से गर्मी और उमस से परेशान लोगों को राहत मिली। बारिश के बाद वातावरण में ठंडक घुल गई और मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। मौसम विभाग के अनुसार जिले में मानसून की एंट्री हो गई है। लगातार बदलते मौसम और बारिश की गतिविधियों से लोगों को अच्छी बारिश की उम्मीद बंधी है। बारिश से फसल की बोवनी की रास्ता देख रहे किसानों के चेहरे पर खुशियां छा गई। सुबह से साफ था मौसमबुधवार को सुबह से मौसम साफ था। शाम तक धूप खिली रही। गर्मी और उमस से हाल बेहाल रहा। शाम 6 बजे अचानक से मौसम ने करवट बदली। बिजली की चमक के साथ बादलों की गड़गड़ाहट होती रही। फिर 6.45 बजे से तेज बारिश शुरू हुई। डेढ़ घंटे तक बारिश जारी रही। जिससे जिला अस्पताल चौराहे के पास सड़क पर पानी भरा गया। नर्मदापुरम के साथ ही सिवनी मालवा, सोहागपुर, इटारसी, बाबई में भी जोरदार बारिश हुई। 9 दिन देरी से आया मानसून : जिले में हर साल मानसून 15 से 17 जून के बीच आ जाता है, लेकिन इस साल 24 जून को मानसून की एंट्री हुई है। जो 9 दिन देरी से आया है।
दौसा में असामाजिक तत्वों द्वारा संत की मूर्ति को नुकसान पहुंचाने का मामला सामने आया है। जानकारी के अनुसार, भांडारेज मोड़ के पास स्थापित संत की मूर्ति को अज्ञात शख्स ने गिरा दिया, जिससे मूर्ति नीचे गिर गई। हालांकि मूर्ति खंडित होने से बच गई। जानकारी मिलते ही स्थानीय लोगों ने सदर थाना पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण कर स्थिति का जायजा लिया। मामले को लेकर स्थानीय निवासी रविंद्र ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ सदर थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई है। इसके बाद पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज से आरोपी की पहचान के प्रयास शुरू कर दिए हैं। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच कर शुरू कर दी है। सदर थाना प्रभारी मुकेश कुमार ने बताया कि घटना के संबंध में सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और अज्ञात आरोपी की पहचान के प्रयास किए जा रहे हैं। पुलिस आसपास के क्षेत्र की जानकारी जुटाने के साथ गहनता से मामले की पड़ताल कर रही है।
मोतिहारी में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से जिला स्तरीय शांति समिति की बैठक आयोजित की गई। यह बैठक डॉ. राधाकृष्णन सभागार में जिलाधिकारी सौरभ सुमन यादव और पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात की संयुक्त अध्यक्षता में हुई। इसमें जिले के सभी छह अनुमंडलों से शांति समिति के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। बैठक की शुरुआत में जिलाधिकारी ने सभी प्रतिनिधियों का स्वागत किया और उनके क्षेत्रों में मुहर्रम की तैयारियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई समस्या है, तो उसे समय रहते बताया जाए ताकि उसका समाधान किया जा सके। इस पर सभी प्रतिनिधियों ने पर्व को शांति और भाईचारे के साथ मनाने का आश्वासन दिया। सभी आवश्यक निर्देश जारी किए गए समिति को बताया गया कि थाना और अनुमंडल स्तर पर शांति समिति की बैठकें पहले ही हो चुकी हैं और सभी आवश्यक निर्देश जारी किए गए हैं। ताजिया की ऊंचाई सीमित रखने और डीजे पर पूर्ण प्रतिबंध का सख्ती से पालन कराया जाएगा। जानपुल, ज्ञान बाबू चौक, मधुबन छावनी चौक और धर्म समाज चौक जैसे संवेदनशील स्थलों पर विशेष चौकसी बरतने के निर्देश दिए गए हैं। जिलाधिकारी ने जानकारी दी कि 26 जून 2026 को संभावित मुहर्रम के लिए जिले के 576 स्थानों को चिन्हित कर दंडाधिकारी, पुलिस पदाधिकारी और पुलिस बल तैनात किया गया है। इनमें मोतिहारी में 181, सिकरहना में 129, पकड़ीदयाल में 48, अरेराज में 59, चकिया में 105 और रक्सौल में 54 स्थान शामिल हैं। जिला एवं अनुमंडल स्तर पर 24 घंटे सक्रिय कंट्रोल रूम भी स्थापित किए गए हैं। तलवार, भाला या गड़ासा के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी और निर्धारित रूट व समय का पालन अनिवार्य है। सभी जुलूसों की निगरानी सीसीटीवी और ड्रोन कैमरों से की जाएगी, साथ ही वीडियोग्राफी भी कराई जाएगी। पुलिस अधीक्षक स्वर्ण प्रभात ने बताया कि सोशल मीडिया पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है और किसी भी आपत्तिजनक सामग्री पर तुरंत कार्रवाई के लिए साइबर सेल को सक्रिय कर दिया गया है। पुलिस अधीक्षक ने चेतावनी दी कि किसी भी प्रकार के हथियार—जैसे तलवार, भाला या गड़ासा—के प्रदर्शन पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। उन्होंने कहा कि असामाजिक तत्वों पर नजर रखी जा रही है और कई लोगों को बाउंड डाउन भी किया गया है। प्रशासन ने सभी से अपील की है कि पर्व को शांतिपूर्ण तरीके से मनाएं और किसी भी अफवाह पर ध्यान न दें।
कोटा में सीजेरियन (ऑपरेशन) के बाद महिलाओं की मौत के मामले में इंद्रप्रस्थ इंडस्ट्रियल एरिया स्थित 'राजस्थान मेडिकल हॉल' पर ड्रग डिपार्टमेंट (औषधि नियंत्रण विभाग) ने बड़ी कार्रवाई की है। नकली ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन सप्लाई करने के मामले में सप्लायर का लाइसेंस तुरंत प्रभाव से निरस्त (कैंसिल) कर दिया गया है। औषधि नियंत्रण विभाग की टीम ने जब इस दुकान पर औचक छापा मारा था, तो वहां कई गंभीर अनियमितताएं मिली थीं। सप्लायर के रिकॉर्ड में दर्ज योग्य फार्मासिस्ट मौके से पूरी तरह गायब थे। उनकी अनुपस्थिति में सप्लायर खुद ही बैठकर दवाइयों की सप्लाई कर रहा था, जो कि नियमों का सीधा उल्लंघन है। इसके अलावा, अधिकारियों को जांच के लिए जरूरी निरीक्षण पुस्तिका (विजिट बुक) भी मौके पर नहीं मिली। जांच टीम ने दुकान पर मिले ऑक्सीटोसिन इंजेक्शन के सैंपल लेकर उन्हें जयपुर स्थित सरकारी लैब में जांच के लिए भेजा था। जब लैब की रिपोर्ट आई तो अधिकारी भी हैरान रह गए। इस इंजेक्शन के अंदर पाया जाने वाला मुख्य सॉल्ट (सक्रिय तत्व) पूरी तरह गायब था। अब देखिए, कार्रवाई से जुड़ी PHOTOS जांच में सामने आया कि सप्लायर ने अमृतसर की कंपनी से केवल 9,300 इंजेक्शनों की खरीद दिखाई थी, लेकिन रिकॉर्ड खंगालने पर पता चला कि उसने कुल 10,050 इंजेक्शन बेच दिए थे। बिना बिल और बिना रिकॉर्ड के बेचे गए इन अतिरिक्त 750 इंजेक्शनों का कोई भी हिसाब सप्लायर विभाग को नहीं दे सका। विभाग द्वारा जारी कारण बताओ नोटिस का जो जवाब सप्लायर की तरफ से दिया गया, उसे पूरी तरह तथ्यहीन और असंतोषजनक पाया गया। सहायक औषधि नियंत्रक देवेंद्र कुमार गर्ग ने बताया- इस प्रशासनिक कार्रवाई के बाद अब फर्म के खिलाफ आगे की न्यायिक और कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सीतामढ़ी शहर के सदर अस्पताल रोड स्थित प्रसिद्ध चिकित्सक डॉ. नीलमणि के आवास और क्लिनिक पर बुधवार को प्रशासन ने कार्रवाई की। न्यायालय के आदेश पर भारी पुलिस बल और मजिस्ट्रेट की मौजूदगी में उनके मकान और क्लिनिक की कुर्की-जब्ती की गई। कार्रवाई के दौरान क्लिनिक में लगे उपकरण, फर्नीचर, दस्तावेज और अन्य सामान जब्त किए गए। इसके अतिरिक्त, मुख्य गेट और शटर को भी उखाड़कर जब्त कर लिया गया। जमीन विवाद और पैसे के गबन का मामला चल रहा नगर थानाध्यक्ष धनंजय चौधरी ने बताया कि डॉ. नीलमणि के खिलाफ लंबे समय से जमीन विवाद और पैसे के गबन का मामला चल रहा है। यह मामला राजकली देवी और उनके पुत्र विमलेश कुमार के साथ जमीन को लेकर गंभीर विवाद से संबंधित है। संबंधित संपत्ति से जुड़े आर्थिक लेन-देन और गबन के आरोपों को लेकर भी मामला न्यायालय में विचाराधीन है। कोर्ट ने इस मामले में सख्त रुख अपनाते हुए कुर्की-जब्ती का आदेश जारी किया था। पूरे इलाके को घेरकर कार्रवाई शुरू आदेश के अनुपालन में, मजिस्ट्रेट की देखरेख में पुलिस बल सदर अस्पताल रोड स्थित परिसर पर पहुंचा। पूरे इलाके को घेरकर कार्रवाई शुरू की गई और मकान तथा क्लिनिक के अंदर मौजूद सामानों की सूची तैयार कर जब्ती की प्रक्रिया पूरी की गई। इस कार्रवाई को देखने के लिए बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर जुट गए।
पुलिस ने गुम हुए 8 लाख रुपए के मोबाइल लौटाए:उज्जैन में 27 मोबाइल और 1 टैबलेट को उनके मालिक को सौंपा
उज्जैन की नीलगंगा थाना क्षेत्र से चोरी या गुम हुए मोबाइल को ट्रेस कर उनके मालिक तक पहुंचाने का पुलिस ने किया है। अपने मोबाइल पर मिलने लोगो ने पुलिस का आभार भी माना है। इससे पहले भी कई बार पुलिस गुम हुए मोबाइल को उनके मालिक को सौंप चुकी है। सेफ क्लिक 2.0 अभियान को मिली बड़ी सफलता में पुलिस ने CEIR पोर्टल की मदद से लगभग 8 लाख रुपए मूल्य के 27 मोबाइल फोन एवं 1 टैबलेट को बरामद किया है। नीलगंगा थाना पुलिस ने CSP दीपिका शिंदे एवं थाना प्रभारी तरुण करील पोर्टल की सहायता से मिले 27 मोबाइल फोन एवं 1 टैबलेट को सफलतापूर्वक ट्रैक कर बरामद कर उनके मालिक को सौप दिया। अपने खोए हुए मोबाइल वापस पाकर नागरिकों ने उज्जैन पुलिस के प्रयासों की सराहना करते हुए आभार व्यक्त किया। उज्जैन पुलिस द्वारा “Safe Click 2.0” जनजागरूकता अभियान संचालित किया जा रहा है। अभियान के माध्यम से नागरिकों को साइबर सुरक्षा, ऑनलाइन धोखाधड़ी से बचाव, डिजिटल प्लेटफॉर्म के सुरक्षित उपयोग तथा मोबाइल गुम होने की स्थिति में CEIR पोर्टल के उपयोग संबंधी जानकारी प्रदान की जा रही है।
जोधपुर में पुलिस सुरक्षा (प्रोटेक्शन) के साथ एक प्लॉट पर कब्जा करने पहुंचे युवक और पाल गांव के ग्रामीण आमने-सामने हो गए। विवाद बढ़ता देख मौके पर भारी पुलिस जाब्ते के साथ आरएसी (RAC) के जवान तैनात किए गए हैं। यह मामला पाल बालाजी रोड पर स्थित जमीन का है। एक पक्ष जहां इस जमीन को 'डोली भूमि' (मंदिर की जमीन) बताता रहा, वहीं पुलिस के साथ पहुंचे दूसरे पक्ष ने इस पर अपना मालिकाना हक जताया। दोनों पक्षों के अपनी-अपनी बात पर अड़े रहने से मौके पर तनाव की स्थिति बन गई। एडीसीपी बोले- पटवारी रिकॉर्ड देखकर करेंगे जांच एडीसीपी (ADCP) नरेंद्र सिंह देवड़ा ने बताया कि पाल बालाजी के पास स्थित एक जमीन पर कब्जा करने के लिए एक व्यक्ति ने पुलिस सुरक्षा की मांग की थी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची थी। दूसरी तरफ पाल गांव के ग्रामीण इस जमीन को डोली की बताकर विरोध करने लगे। विवाद बढ़ता देख मौके पर रेवेन्यू इंस्पेक्टर और पटवारी को बुलाया गया। पटवारी ने जमीन के रिकॉर्ड देखकर आगे जांच करने और उसके बाद ही कोई निर्णय लेने की बात कही है। ग्रामीणों की पुलिस से हुई तीखी बहस विवाद की आशंका को देखते हुए पुलिस भारी जाब्ते के साथ मौके पर पहुंची थी। इस दौरान दोनों पक्ष आपस में भी उलझ गए। बीच-बचाव करने के लिए जब पुलिस आगे आई, तो पाल गांव के ग्रामीणों की पुलिसकर्मियों से भी तीखी बहस हो गई। फिलहाल स्थिति को नियंत्रण में रखने और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए मौके पर कुछ दिनों के लिए आरएसी (RAC) के जवान तैनात कर दिए गए हैं।
भरत भूषण तिवारी के एनकाउंटर के विरोध में बुधवार की देर शाम दरभंगा के कमतौल भगत सिंह चौक पर कमतौल अहियारी युवा संघ के बैनर तले कैंडल मार्च निकाला गया। इस दौरान लोगों ने प्रशासन से मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने और कड़ी से कड़ी सजा देने की मांग की। कैंडल मार्च में शामिल सामाजिक कार्यकर्ता डॉ. रौशन मिश्रा ने कहा कि 99 साल पहले शहीद भगत सिंह ने देश और समाज के लिए अपने प्राण न्यौछावर किए थे। उन्होंने भरत भूषण तिवारी को सामाजिक न्याय और शोषित-वंचित वर्गों की आवाज बताते हुए कहा कि उन्होंने दलित, पिछड़ा, अतिपिछड़ा और वंचित समाज के अधिकारों की लड़ाई लड़ते हुए अपना जीवन समर्पित कर दिया। मुकदमा दर्ज कर दोषी की गिरफ्तारी हो भगत सिंह की प्रतिमा के सामने आयोजित श्रद्धांजलि सभा में सामाजिक कार्यकर्ता रघुनंदन ठाकुर ने कहा कि देश की न्याय व्यवस्था पर लोगों का भरोसा है। उन्होंने मुख्यमंत्री की ओर से गठित जांच टीम से निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की अपेक्षा जताते हुए कहा कि इस मामले में जो भी दोषी पाए जाएं, चाहे वे प्रशासनिक अधिकारी हों या शासन के किसी अंग से जुड़े हों, उनके खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तारी सुनिश्चित की जानी चाहिए। कैंडल मार्च में लोगों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर न्याय की मांग की और भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित की। कार्यक्रम में सुमन भारद्वाज, सुनील सिंह, शिव कुमार भोलू, मोनू ठाकुर, सुमित सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग उपस्थित रहे।
सारंगढ़-बिलाईगढ़ जिले की बरमकेला शाखा में करीब 18.13 करोड़ रुपए के गबन मामले में छत्तीसगढ़ राज्य सहकारी बैंक (अपेक्स बैंक) ने बड़ी कार्रवाई की है। बैंक प्रबंधन ने जांच में दोषी पाए गए शाखा प्रबंधक, लेखाधिकारी और लिपिक को सेवा से बर्खास्त कर दिया है। वहीं 5 आउटसोर्स कर्मचारियों को भी नौकरी से बाहर कर दिया गया है। बैंक ने साफ किया है कि गबन में शामिल अधिकारियों और कर्मचारियों से नियमों के तहत राशि की वसूली भी की जाएगी। बैंक के अधिकृत अधिकारी केदार नाथ गुप्ता के निर्देश पर यह कार्रवाई की गई है। बातचीत में उन्होंने बताया कि पहले जांच में करीब 1 करोड़ रुपए की गड़बड़ी सामने आई थी, लेकिन बाद में दोबारा जांच कराई गई। नई जांच में पता चला कि बरमकेला शाखा में अप्रैल 2021 से नवंबर 2024 के बीच समितियों और किसानों के खातों में अनियमित लेन-देन करके करीब 18.13 करोड़ रुपए का गबन किया गया है। समितियों और KCC खातों से की गई हेराफेरी जांच में सामने आया कि शाखा से जुड़ी समितियों के खातों को डेबिट कर डीएमआर खातों के जरिए नियमों के विपरीत ट्रांजेक्शन किए गए। इसके अलावा किसानों के केसीसी (किसान क्रेडिट कार्ड) खातों में भी बिना अनुमति के पैसे का लेन-देन और ट्रांसफर किया गया। इस पूरे मामले में बैंक ने पहले ही 8 कर्मचारियों के खिलाफ 4 मई 2025 को बरमकेला थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। जांच के बाद 3 कर्मचारी बर्खास्त उच्च स्तरीय जांच और विशेष ऑडिट के बाद बरमकेला शाखा में पदस्थ तत्कालीन शाखा प्रबंधक डी.आर. वाघमारे, लेखाधिकारी मीनाक्षी मांझी और लिपिक आशीष कुमार पटेल को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। इसके अलावा आउटसोर्सिंग के तहत काम कर रहे लिकेश कुमार बैरागी, रमाकांत श्रीवास, अरुण चंद्राकर, खीरदास महंत और बालकृष्ण कर्ष को भी नौकरी से हटा दिया गया है। EOW करेगी जांच बैंक प्रबंधन का कहना है कि मामले की जांच आर्थिक अपराध अन्वेषण शाखा (EOW) को सौंपने के लिए सैद्धांतिक सहमति मिल चुकी है। जल्द ही EOW इस मामले की जांच शुरू करेगी। बैंक ने कहा है कि गबन में शामिल सभी लोगों से नियमानुसार रिकवरी भी की जाएगी। सहकारी बैंकों में बढ़ाई जा रही निगरानी केदार नाथ गुप्ता ने बताया कि सहकारी बैंकों में गबन और किसानों के नाम पर फर्जी ऋण की घटनाओं को रोकने के लिए नई तकनीकी व्यवस्था लागू की जा रही है। ई-केसीसी पोर्टल के जरिए किसानों का बायोमेट्रिक सत्यापन कर ऋण वितरण किया जा रहा है। बैंकिंग निरीक्षण और ऑडिट व्यवस्था को भी मजबूत किया गया है। पैक्स समितियों के कम्प्यूटरीकरण से लेन-देन को अधिक पारदर्शी बनाया जा रहा है। बैंक का मुनाफा बढ़ा बैंक के मुताबिक वित्तीय अनियमितताओं पर सख्ती और निगरानी बढ़ाने का असर बैंक के प्रदर्शन पर भी दिखा है। वर्ष 2024-25 में अपेक्स बैंक ने 38.99 करोड़ रुपए का शुद्ध लाभ अर्जित किया था, जो 2025-26 में बढ़कर 40.86 करोड़ रुपए हो गया है। 1451 समिति प्रबंधकों की भर्ती को मंजूरी सहकारी क्षेत्र को मजबूत करने के लिए राज्य सरकार ने 1451 समिति प्रबंधकों की भर्ती को सैद्धांतिक मंजूरी दे दी है। इसके साथ ही प्रदेश में 515 नई पैक्स समितियां बनाने की प्रक्रिया भी आगे बढ़ाई जा रही है। बैंक प्रबंधन का कहना है कि इससे गांवों में सहकारी सेवाएं और मजबूत होंगी और किसानों को बेहतर सुविधाएं मिल सकेंगी।
मोतिहारी में DSP के नेतृत्व में फ्लैग मार्च:मुहर्रम को लेकर शांति और सौहार्द बनाए रखने की अपील
मोतिहारी में मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए जिला एवं पुलिस प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में सदर डीएसपी दिलीप कुमार के नेतृत्व में नगर और छतौनी थाना क्षेत्र में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान भारी संख्या में पुलिस बल ने प्रमुख मार्गों और संवेदनशील इलाकों का भ्रमण कर आम लोगों से शांति बनाए रखने की अपील की। फ्लैग मार्च के दौरान सदर डीएसपी दिलीप कुमार ने कहा कि मुहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे और सौहार्द का प्रतीक है। उन्होंने सभी समुदायों से मिल-जुलकर शांतिपूर्वक पर्व मनाने की अपील की। डीएसपी ने लोगों को किसी भी अफवाह पर ध्यान न देने और संदिग्ध गतिविधि दिखने पर तुरंत पुलिस को सूचित करने को कहा। कठोर कार्रवाई की जाएगी डीएसपी ने स्पष्ट किया कि समाज में अशांति फैलाने वाले असामाजिक तत्वों पर पुलिस की कड़ी नजर है। उन्होंने चेतावनी दी कि माहौल बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की जाएगी। डीएसपी ने नागरिकों से भी सतर्क रहने और अपने आसपास की गतिविधियों पर नजर रखने का आग्रह किया, ताकि किसी भी साजिश को समय रहते विफल किया जा सके। बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया प्रशासन ने संवेदनशील और अति संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष सतर्कता बरती है। इन इलाकों में बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। सादे लिबास में भी पुलिसकर्मी भीड़ के बीच रहकर हर गतिविधि पर नजर रखेंगे। पुलिस का उद्देश्य किसी भी अप्रिय घटना को होने से पहले रोकना है। स्थानीय लोगों ने प्रशासन के इस कदम का स्वागत किया और विश्वास जताया कि मुहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे और शांति के साथ मनाया जाएगा। प्रशासन ने सभी नागरिकों से सहयोग की अपील की है, ताकि जिले में शांति और सद्भाव कायम रह सके।
गुमला में एक महिला ने अपने दो मासूम बच्चों के साथ कुएं में कूदकर जान दे दी। घटना घाघरा थाना क्षेत्र के मनातू गांव में बुधवार को हुई। महिला पिछले करीब आठ माह से मानसिक बीमारी का इलाज कांके में चल रहा था। मृतकों में परदेशनी कुमारी (27), उनका पुत्र अंश उरांव (5) तथा पुत्री आशमानी कुमारी (4) शामिल हैं। घटना के बाद पूरे गांव में शोक की लहर दौड़ गई। मृतका के पति जगन्नाथ उरांव ने बताया कि बुधवार दोपहर उनकी पत्नी दोनों बच्चों को लेकर घर के पास कुएं के पास नहाने के लिए गई थी। मां और बहन ने तलाश की शुरू दोपहर होने के कारण आसपास कोई मौजूद नहीं था। काफी देर तक पत्नी और बच्चों के घर नहीं लौटने पर मां गुनिया देवी और बहन संतोषी कुमारी ने उनकी तलाश शुरू की। खोजबीन के दौरान जगन्नाथ उरांव ने कुएं में झांककर देखा तो पानी में एक कपड़ा दिखाई दिया। इसके बाद ग्रामीणों की मदद से रस्सी और झागर के सहारे कुएं की तलाशी ली गई। तलाशी के दौरान सबसे पहले अंश उरांव का शव दिखाई दिया। इसके बाद बारी-बारी से महिला और बच्चों के शव कुएं से बाहर निकाले गए। तीन लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा घटना की सूचना मिलते ही घाघरा थाना के एसआई आदित्य कुमार पुलिस बल के साथ घटनास्थल पहुंचे। पुलिस ने तीनों शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए सदर अस्पताल गुमला भेज दिया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। वहीं एक ही परिवार के तीन लोगों की मौत से गांव में मातम पसरा हुआ है।
मोतिहारी के चकिया रेलवे स्टेशन के पास बुधवार को ट्रेन की चपेट में आने से एक अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। यह हादसा चकिया रेलवे स्टेशन के संपर्क संख्या 136 के उत्तर और रेलवे प्लेटफॉर्म के दक्षिणी छोर के पास हुआ। स्थानीय लोगों के मुताबिक, लगभग 55 वर्षीय व्यक्ति रेलवे ट्रैक के पास था, तभी वह ट्रेन की चपेट में आ गया। उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची घटना की जानकारी मिलते ही जीआरपी और स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान अभी तक नहीं हो पाई है। पुलिस ने मृतक की तस्वीर सोशल मीडिया पर साझा कर लोगों से पहचान करने की अपील की है। आसपास के थाना क्षेत्रों में भी जानकारी भेजी गई है, ताकि शव की जल्द शिनाख्त हो सके। जीआरपी थानाध्यक्ष संतोष कुमार ने बताया कि पुलिस मृतक की पहचान के लिए हर संभव प्रयास कर रही है। उन्होंने कहा कि पहचान होने के बाद परिजनों को सूचित कर आगे की कानूनी प्रक्रिया पूरी की जाएगी।
मुजफ्फरनगर में लखनऊ के दर्दनाक अग्निकांड में जान गंवाने वाले 15 मासूम बच्चों की याद में गुरुवार देर शाम करीब 8 बजे ऑल इंडिया एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट के तत्वावधान में झांसी रानी पार्क में श्रद्धांजलि सभा आयोजित की गई। सभा में मौजूद लोगों ने दो मिनट का मौन रखकर दिवंगत बच्चों की आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की और उनके परिजनों के प्रति संवेदनाएं व्यक्त कीं। श्रद्धांजलि सभा में वक्ताओं ने कहा कि इन 15 बच्चों की मौत केवल एक हादसा नहीं, बल्कि सुरक्षा मानकों की घोर अनदेखी का परिणाम है। उन्होंने कहा कि जिन मासूमों ने अपनी जान गंवाई, वे अपने-अपने परिवारों की उम्मीद और भविष्य थे। चंद लोगों की लापरवाही और लालच ने कई परिवारों की जिंदगी उजाड़ दी। सभा में सरकार से मांग की गई कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कठोरतम कार्रवाई की जाए। साथ ही मृतक बच्चों के परिजनों को 25-25 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी उठाई गई। कार्यक्रम में पहुंचे समाजवादी पार्टी के लोकसभा सांसद हरेंद्र मलिक ने भी मृतक बच्चों को श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने कहा कि लखनऊ अग्निकांड के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, ताकि भविष्य में इस तरह की घटनाएं दोबारा न हों। सांसद हरेंद्र मलिक ने मुज़फ्फरनगर में प्रशासन द्वारा होटलों, कोचिंग सेंटरों और व्यावसायिक भवनों की सुरक्षा जांच की कार्रवाई की सराहना करते हुए कहा कि ऐसी चेकिंग लगातार जारी रहनी चाहिए। उन्होंने कहा कि सभी भवन निर्धारित मानकों के अनुसार बनने चाहिए ताकि हादसों को रोका जा सके। उन्होंने यह भी कहा कि ऐसे संवेदनशील मामलों पर राजनीति नहीं, बल्कि प्रभावी कार्रवाई होनी चाहिए। ऑल इंडिया एंटी करप्शन सर्विस ट्रस्ट के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार को ऐसे मामलों में कठोर कानून लागू करने चाहिए ताकि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई हो और भविष्य में किसी मासूम की जान इस तरह न जाए। श्रद्धांजलि सभा में सपा सांसद हरेंद्र मलिक, पूर्व सपा जिलाध्यक्ष प्रमोद त्यागी, ट्रस्ट के जिला अध्यक्ष विक्की चावला, जिला महामंत्री मोहम्मद नदीम अंसारी, विपिन सिंघल, राजकुमार कालरा, पवन बंसल, प्रदीप उतरेजा, अजय सिंघल, कृष्ण गोपाल मित्तल, विजेंद्र अरोड़ा, सुरेंद्र सिंह गंभीर, संजय गोस्वामी सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी और सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महाकाल मंदिर के पास बनी होटलों में रोजाना ठहरने वाले हजारो श्रद्धालु की सुरक्षा के लिए नगर निगम फायर सेफ्टी और प्रशासनिक अधिकारी की टीम ने होटलों की जांच की। टीम ने फायर सेफ्टी को जांच कर होटलों में मोजूद कमियों को पूरा करने के निर्देश दिए। शहर में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए बुधवार रात को नगर निगम के सहायक आयुक्त प्रवीण मुकाती, तहसीलदार मालती राय एवं फायर विभाग की उपस्थिति में महाकाल चौराहा स्थित विभिन्न होटलों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी प्रमाण पत्र, अग्निशमन ऑडिट रिपोर्ट तथा अन्य आवश्यक दस्तावेजों की जांच की गई। जिसमें होटल केसर लक्ष्मी, प्लेजर लैंडमार्क, होटल उत्सव, होटल परी अन्य प्रतिष्ठानों में फायर एनओसी, बिल्डिंग परमिशन और विद्युत सुरक्षा प्रमाण पत्रों का परीक्षण किया गया। फायर ऑफिसर ने बताया कि 15 मीटर से अधिक ऊंचाई वाले सभी भवनों, एक तल पर 500 वर्ग मीटर से अधिक निर्मित क्षेत्रफल वाले भवनों, बड़े होटल, अस्पताल, शॉपिंग कॉम्प्लेक्स, मॉल, मल्टीप्लेक्स, सिनेमा हॉल, मैरिज गार्डन एवं अन्य मिश्रित अधिभोग वाले भवनों में अग्नि सुरक्षा प्रमाण पत्र प्राप्त करना अनिवार्य है। वहीं 50 से कम बिस्तरों वाले होटल एवं अस्पतालों को पंजीकृत फायर इंजीनियर का प्रमाण पत्र अनिवार्य है। फायर सेफ्टी जांच के दौरान संबंधित होटलों में अग्निशामक यंत्रों की उपलब्धता जांच, फायर अलार्म एवं स्मोक डिटेक्टर सिस्टम, फायर हाइड्रेंट एवं स्प्रिंकलर सिस्टम, आपातकालीन निकास मार्ग, इमरजेंसी लाइटिंग, विद्युत सुरक्षा व्यवस्था, आपदा प्रबंधन योजना, तथा फायर एनओसी की जांच की भी की गई।
पश्चिम बंगाल: गोदाम की छत गिरने से 3 लोगों की मौत, करीब 18 लोग अंदर फंसे
पश्चिम बंगाल में एक गोदाम की छत गिरने से बड़ा हादसा हो गया। इस दुर्घटना में 3 लोगों की मौत हो गई है, जबकि 18 लोग अभी भी मलबे में फंसे हुए हैं। राहत और बचाव कार्य जारी है।
छत्तीसगढ़ में अब अवैध खनन, अवैध परिवहन और खनिजों की गैरकानूनी बिक्री करने वालों पर सरकार ने सख्त रुख अपनाया है। राज्य सरकार ने गौण खनिज नियमों में बड़े बदलाव किए गए हैं, जिसके बाद अवैध उत्खनन, परिवहन और भंडारण पर पहले से ज्यादा सख्त कार्रवाई होगी। नए नियमों के तहत जुर्माना बढ़ा दिया गया है और खनिज माफियाओं पर लगाम कसने की तैयारी की गई है। सरकार का साफ कहना है कि अब अवैध खनन पर “जीरो टॉलरेंस” की नीति के तहत कार्रवाई होगी। जुर्माना अब पहले से कई गुना सख्त नए नियमों के मुताबिक अगर कोई भी व्यक्ति अवैध तरीके से खनिज की खुदाई या ढुलाई करता पकड़ा जाता है, तो उस पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। अब किसी भी केस में कम से कम 25 हजार रुपए जुर्माना देना ही होगा। इसके अलावा प्रति टन 2 हजार रुपए की दर से अलग से जुर्माना लगेगा और जितना खनिज पकड़ा जाएगा, उसकी पूरी कीमत भी वसूली जाएगी। अगर कोई ट्रक 35 टन खनिज अवैध रूप से ले जाता है, तो उस पर करीब 70 हजार रुपए का जुर्माना और खनिज की कीमत अलग से देनी होगी। ट्रैक्टर से अवैध रेत ढुलाई पर भी कम से कम 25 हजार रुपए का जुर्माना तय किया गया है। वाहन छुड़ाना भी अब आसान नहीं अब अगर कोई वाहन अवैध खनन में पकड़ा जाता है, तो उसे छुड़ाना आसान नहीं होगा। कोर्ट में वाहन के हिसाब से 50 हजार से 3 लाख रुपए तक की सिक्योरिटी राशि जमा करनी पड़ेगी, तभी वाहन वापस मिलेगा। खनन नियमों में भी बदलाव सरकार ने विकास कार्यों को ध्यान में रखते हुए कुछ नियम आसान भी किए हैं। अब सरकारी निर्माण कार्यों के लिए खनन क्षेत्र की सीमा बढ़ाकर 2 हेक्टेयर कर दी गई है और अनुमति की अवधि 3 साल कर दी गई है। खनिज विकास के लिए नया फंड राज्य में अब एक नया फंड भी बनाया गया है, जिसका नाम है छत्तीसगढ़ राज्य खनिज अन्वेषण न्यास-2025। इसमें रॉयल्टी का 2 प्रतिशत जमा होगा, जिससे हर साल करीब 5.25 करोड़ रुपये मिलने की उम्मीद है। पंचायतों को भी मिलेगा हिस्सा अब खनिज से मिलने वाले राजस्व में जिला पंचायतों को भी हिस्सा मिलेगा, ताकि गांव और जिलों का विकास और बेहतर हो सके। बंद खदानों पर भी सख्ती सरकार ने यह भी तय किया है कि अगर कोई खदान लंबे समय से बंद है या सही तरीके से काम नहीं कर रही है, तो उसे वापस लेकर दोबारा नीलामी में दिया जाएगा। सरकार का कहना है कि इन सख्त नियमों से अवैध खनन पर रोक लगेगी, राजस्व बढ़ेगा और खनिज संसाधनों का सही तरीके से उपयोग हो सकेगा।
दिबियापुर नगर में बुधवार देर शाम भरत भूषण तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर कैंडल मार्च निकाला गया। बिहार के भोजपुर निवासी तिवारी के एनकाउंटर के विरोध में नगरवासियों ने यह मार्च निकाला। यह मार्च बाबा परमहंस बगिया से शुरू होकर फफूंद चौराहे तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने बिहार सरकार और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी भी की। इस कैंडल मार्च में उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के महासचिव अंशू तिवारी, अरुण त्रिपाठी, सभासद राहुल दीक्षित, गिरीश तिवारी, ब्रज नारायण अवस्थी और गोविंद द्विवेदी सहित बड़ी संख्या में नगरवासी शामिल हुए। उपस्थित लोगों ने आरोप लगाया कि भरत भूषण तिवारी का एनकाउंटर नहीं, बल्कि एक सुनियोजित हत्या की गई है। उन्होंने इस मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। मार्च के समापन पर प्रदर्शनकारियों ने थाना प्रभारी को एक ज्ञापन सौंपा। इस ज्ञापन में भरत भूषण तिवारी की मौत की सीबीआई जांच कराने की मांग की गई है। इसके साथ ही, दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर उन्हें कठोर सजा देने की भी मांग की गई। प्रदर्शनकारियों ने भरत भूषण तिवारी के माता-पिता को एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता देने की भी मांग की। इसके अतिरिक्त, उनके भाई को सरकारी नौकरी और उनके गांव में उनके नाम पर एक स्मारक बनवाने की मांग भी ज्ञापन में शामिल थी। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि जब तक भरत भूषण तिवारी को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक उनका यह संघर्ष जारी रहेगा।
सीतापुर के तंबौर थाना इलाके के कस्बे में बुधवार को धर्म परिवर्तन और घर वापसी का एक मामला चर्चा का विषय बन गया। हरगांव थाना क्षेत्र के हरिरामपुर गांव निवासी एक पिता और उनके पुत्र ने वैदिक रीति-रिवाजों के साथ मुस्लिम धर्म से सनातन धर्म अपनाने की घोषणा की। यह कार्यक्रम तंबौर स्थित देवी मंदिर परिसर में धार्मिक अनुष्ठानों के बीच संपन्न हुआ, जिसमें विभिन्न सामाजिक संगठनों के पदाधिकारी और स्थानीय लोग मौजूद रहे। हरिरामपुर निवासी दरोगा सिंह पुत्र जसकरन सिंह ने दावा किया कि उन्होंने करीब आठ वर्ष पूर्व इस्लाम धर्म स्वीकार कर लिया था। उस दौरान उन्होंने अपना नाम अब्दुल्ला तथा अपने पुत्र का नाम खालिद रख लिया था। बताया जाता है कि धर्म परिवर्तन की प्रक्रिया लहरपुर कस्बे की एक मस्जिद में संपन्न हुई थी। हालांकि अब उन्होंने स्वेच्छा से पुनः सनातन धर्म में लौटने का निर्णय लिया है। बुधवार दोपहर करीब 3 बजे तंबौर के देवी मंदिर में आयोजित कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार, हवन, शुद्धिकरण और अन्य धार्मिक अनुष्ठान संपन्न कराए गए। इसके बाद पिता-पुत्र ने सार्वजनिक रूप से सनातन धर्म अपनाने की घोषणा की। कार्यक्रम में राष्ट्रीय बजरंग दल के विभाग मंत्री सीनू बजरंगी सहित संगठन के कई कार्यकर्ता मौजूद रहे। धार्मिक अनुष्ठानों के दौरान उपस्थित लोगों ने दोनों का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हुआ। आयोजकों का कहना है कि यह घर वापसी पूरी तरह से स्वेच्छा से की गई है और इसमें किसी प्रकार का दबाव नहीं था। वहीं, इस घटना के बाद क्षेत्र में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। स्थानीय स्तर पर लोग इस मामले को लेकर अलग-अलग प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। फिलहाल यह मामला पूरे इलाके में चर्चा का विषय बना हुआ है।
नरसिंहपुर में बुधवार शाम को ग्राम पलोहाबड़ा में अवैध रूप से जमा कर रखी गई 48 ट्रॉली रेत और 6 ट्रॉली गिट्टी जब्त की गई है, जिसका कुल बाजार मूल्य करीब 3 लाख रुपए आंका गया है। जानकारी के अनुसार, खनिज निरीक्षक अनुपमा सिंह बघेल ने संयुक्त टीम के साथ ग्राम पलोहाबड़ा में औचक निरीक्षण किया। इस दौरान टीम को श्मशान घाट के पास अवैध रूप से स्टॉक करके रखी गई 30 ट्रॉली रेत और 6 ट्रॉली गिट्टी का बड़ा ढेर मिला, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया। इसके अलावा, टीम ने कार्रवाई को आगे बढ़ाते हुए पंचायत भवन के ठीक सामने अवैध रूप से रखी गई 18 ट्रॉली रेत भी अपने कब्जे में ले ली। 48 ट्रॉली रेत का बाजार मूल्य लगभग 2 लाख 73 हजार रुपए बताया जा रहा है, वहीं 6 ट्रॉली गिट्टी की कीमत करीब 36 हजार रुपए आंकी गई है। खनिज विभाग ने मौके पर ही पूरी सामग्री का पंचनामा तैयार किया और उसे सुरक्षित रखने के लिए संबंधित ग्राम कोटवारों की सुपुर्दगी में सौंप दिया। संयुक्त टीम की घेराबंदी, आगे भी जारी रहेगा अभियान इस बड़ी संयुक्त कार्रवाई में सांईखेड़ा तहसीलदार अतुल श्रीवास्तव, पलोहाबड़ा थाना पुलिस बल और राजस्व विभाग के पटवारी मुख्य रूप से शामिल रहे। इस कार्रवाई के बाद प्रशासनिक अधिकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि जिले में माफियाओं के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन कर अवैध काम करने वालों पर सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
अलीगढ़ के थाना पाली मुकीमपुर क्षेत्र के धुर्रा टोडरपुर गांव में बुधवार सुबह एक नवविवाहिता ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतका की पहचान नेहा (22) के रूप में हुई है, जिसकी शादी महज 7 महीने पहले हुई थी। शुरुआती जांच में सामने आया है कि नेहा ने गृहकलह से परेशान होकर यह आत्मघाती कदम उठाया। वहीं, बेटी की मौत की खबर मिलते ही मायके पक्ष में कोहराम मच गया। परिजनों ने ससुराल वालों पर गंभीर प्रताड़ना के आरोप लगाए हैं। अस्पताल ले गए ससुराल वाले, डॉक्टरों ने मृत घोषित किया घटना के तुरंत बाद ससुराल पक्ष के लोग नेहा को आनन-फानन में अतरौली के एक निजी अस्पताल ले गए। वहां नेहा की गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज (JNMC) रेफर कर दिया। हालांकि, मेडिकल कॉलेज पहुंचने पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। पिता बोले- 7 महीने पहले ही तो विदा किया था मृतका के पिता पप्पू, बदायूं जिले के सहसवान थाना क्षेत्र के नदाइल गांव के रहने वाले हैं। उन्होंने रोते हुए बताया कि उन्होंने अपनी बेटी नेहा की शादी सात महीने पहले ही धुर्रा टोडरपुर निवासी कुलदीप (पुत्र मुकेश) के साथ बड़े चाव से की थी। उन्हें अंदाजा नहीं था कि शादी के कुछ महीनों बाद ही उनकी बेटी के साथ ऐसा हादसा हो जाएगा। परिजनों का आरोप है कि शादी के बाद से ही उसे प्रताड़ित किया जा रहा था। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगी अगली कार्रवाई मायके पक्ष की सूचना पर पुलिस अस्पताल और घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। थाना प्रभारी रवि चंद्रवाल ने बताया- मृतका के मायके पक्ष की तरफ से मामले की तहरीर मिल गई है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
मां मातंगी दिव्य धाम के पीठाधीश डॉ. प्रेमासाई जी महाराज ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय से मुख्यमंत्री निवास में भेंट की। इस दौरान दोनों के बीच सामाजिक, सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और समसामयिक विषयों पर चर्चा हुई। डॉ. प्रेमासाई जी महाराज ने मुख्यमंत्री साय के नेतृत्व में प्रदेश में सुशासन, विकास और सांस्कृतिक पुनर्जागरण की दिशा में किए जा रहे कार्यों की सराहना की। उन्होंने धर्म स्वातंत्र्य अधिनियम को सांस्कृतिक अस्मिता और धार्मिक स्वतंत्रता की रक्षा की दिशा में महत्वपूर्ण कदम बताया। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने भी डॉ. प्रेमासाई जी महाराज के धर्म, संस्कृति और आध्यात्मिक मूल्यों के संरक्षण तथा समाज में सेवा, सद्भाव और नैतिक चेतना के प्रसार के लिए किए जा रहे कार्यों की प्रशंसा की। उन्होंने कहा कि महाराज जी के प्रयास समाज के लिए प्रेरणादायी हैं और लोगों को सकारात्मक दिशा प्रदान कर रहे हैं। बस्तर प्रवास के अनुभव भी किए साझा बैठक के दौरान डॉ. प्रेमासाई जी महाराज ने अपने बस्तर प्रवास के अनुभव भी साझा किए। उन्होंने कहा कि कभी नक्सलवाद की चुनौतियों से जूझने वाला बस्तर अब विकास, शांति और समृद्धि की नई राह पर आगे बढ़ रहा है। शासन की योजनाओं और सुरक्षा बलों के प्रयासों से क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने बताया कि बस्तर में आयोजित दिव्य दरबारों में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी समाज में आध्यात्मिक चेतना और सकारात्मक ऊर्जा का संचार कर रही है। पदयात्रा भी निकाली जाएगी इस अवसर पर कुनकुरी में पांच दिवसीय दिव्य दरबार आयोजित करने की घोषणा भी की गई। कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय पदयात्रा और हिंदू जगाओ पदयात्रा निकाली जाएगी। साथ ही प्रत्येक गांव में देवगुड़ी स्थापना और कम से कम 10 लोगों को इस अभियान से जोड़ने का संकल्प लिया गया है। आयोजकों के अनुसार इसका उद्देश्य आदिवासी समाज को अपनी मूल संस्कृति और परंपराओं से जोड़ना, सामाजिक समरसता बढ़ाना तथा सांस्कृतिक जागरूकता का प्रसार करना है।
सहारनपुर में नगर निगम के शाकुंभरी सभागार में बुधवार को आयोजित उद्योग बंधु की बैठक में उद्यमियों ने शहर की बदहाल सड़कों, जल निकासी और पेयजल जैसी मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। नगरायुक्त शिपू गिरि की अध्यक्षता में हुई बैठक में कई लंबित विकास कार्यों पर चर्चा हुई और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए। बैठक में इंडियन इंडस्ट्रीज एसोसिएशन (आईआईए) के पदाधिकारियों ने कामधेनु उद्योग नगर को मुख्य मार्ग से जोड़ने वाली तीन सड़कों का मुद्दा उठाया। उद्यमियों ने बताया कि सड़कों के निर्माण को स्वीकृति मिलने के बावजूद टेंडर प्रक्रिया शुरू नहीं हो सकी है। कामधेनु उद्योग नगर की सड़कें 15वें वित्त आयोग की बैठक में जाएंगी मामले को गंभीरता से लेते हुए नगरायुक्त ने निर्माण विभाग को महापौर से स्वीकृति प्राप्त कर प्रस्ताव को 15वें वित्त आयोग की बैठक में रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों की आधारभूत सुविधाओं को प्राथमिकता के आधार पर विकसित किया जाएगा। एएस कॉम्प्लेक्स में बिछेगी 1100 मीटर लंबी पेयजल लाइन देहरादून रोड स्थित एएस कॉम्प्लेक्स क्षेत्र में पेयजल संकट का मुद्दा भी बैठक में उठा। इस पर महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार ने बताया कि क्षेत्र का सर्वे पूरा हो चुका है और करीब 1100 मीटर लंबी पाइपलाइन बिछाने के लिए टेंडर प्रक्रिया चल रही है। कब्रिस्तान सुरक्षा और जल निकासी की भी उठी मांग उद्यमियों ने अंबाला रोड स्थित दबनीवाला कब्रिस्तान के पास सुरक्षा के लिए तारबाड़ और सूचना बोर्ड लगाने की मांग की। इसके अलावा ग्रीन लैंड कॉम्प्लेक्स में जल निकासी और पथ प्रकाश व्यवस्था की समस्या भी उठाई गई। अधिकारियों ने बताया कि इन मामलों में कार्रवाई प्रक्रिया जारी है। उद्यमियों से बोले नगरायुक्त- ज्यादा से ज्यादा पौधे लगाएं नगरायुक्त शिपू गिरि ने उद्यमियों से शहर को हरित बनाने में सहयोग की अपील की। उन्होंने पीपल, बरगद, पाकड़ और अमलतास जैसे पौधे लगाने का सुझाव देते हुए कहा कि औद्योगिक क्षेत्रों में भी बड़े स्तर पर पौधरोपण अभियान चलाया जाना चाहिए। उन्होंने टैक्स संबंधी शिकायतों के समाधान के लिए कामधेनु उद्योग नगर सहित दो स्थानों पर विशेष कैंप लगाने के निर्देश भी दिए। बैठक में अपर नगरायुक्त प्रदीप यादव, मृत्युंजय, जेपी यादव, महाप्रबंधक जल पुरुषोत्तम कुमार, मुख्य अभियंता सुरेंद्र प्रसाद मिश्र, नगर स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. प्रवीन शाह समेत नगर निगम के अधिकारी और बड़ी संख्या में उद्यमी मौजूद रहे।
जोधपुर के पावटा जिला अस्पताल के ऑपरेशन थिएटर (ओटी) की फाइनल कल्चर रिपोर्ट आ चुकी है। इस रिपोर्ट के अनुसार, ओटी में किसी भी तरह का संक्रमण (इन्फेक्शन) नहीं मिला है। इधर, अब मेडिकल टीम को प्रसूताओं को दी जाने वाली दवाइयों पर संदेह है, जिनकी वजह से उनकी तबीयत बिगड़ी थी। हालांकि, इन दवाइयों में से भी सबसे ज्यादा संदेह 'सोडियम लैक्टेट' इंजेक्शन पर जताया जा रहा है, जिसका हाल ही में पहला बैच अस्पताल आया था। वहीं, एम्स (AIIMS) में भर्ती एक प्रसूता सोनू के पति ने बताया- मेरी पत्नी की तबीयत में अब सुधार है। हालांकि वह अभी भी आईसीयू (ICU) में एडमिट हैं, लेकिन बुधवार को उन्हें कुछ देर के लिए धूप में बाहर लाया गया था। पावटा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल के पीएमओ (PMO) डॉ. कुलबीर चोपड़ा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज की ओर से सभी क्लीयरेंस मिलने के बाद ओटी को दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। इस पूरी प्रक्रिया में करीब पांच दिन का समय लग सकता है। प्रसूता के पति बोले- बच्चा दादा-दादी के पास है, पत्नी की तबीयत में अब सुधार जोधपुर एम्स (AIIMS) में दोनों प्रसूताओं- ललिता और सोनू का इलाज चल रहा है। यहां भर्ती दोनों प्रसूताओं को लेकर एम्स प्रशासन ने हेल्थ बुलेटिन जारी कर बताया-ICU में भर्ती दोनों मरीजों की हालत फिलहाल स्थिर है और उनकी सेहत में लगातार सुधार देखा जा रहा है। हालांकि, इनमें से एक मरीज अभी भी वेंटिलेटर पर है। सोनू के पति ने बताया- मेरी पत्नी की तबीयत में पहले से काफी सुधार है। एम्स में शिफ्ट करने के बाद से उन्हें डायलिसिस की जरूरत नहीं पड़ी है। बुधवार को भी उन्हें कुछ देर के लिए आईसीयू से बाहर धूप में लाया गया था। हमारे नवजात बच्चे की देखभाल अभी घर पर उसके दादा-दादी और बड़ी मम्मी कर रहे हैं। पत्नी को पूरी तरह स्वस्थ होने में अभी 8 से 10 दिन का समय और लग सकता है, लेकिन राहत की बात यह है कि उनकी तबीयत अब पहले से काफी बेहतर है। कल्चर रिपोर्ट में ओटी में नहीं मिला इंफेक्शन, प्रसूताओं की हालत में सुधार दरअसल, मंगलवार को पावटा डिस्ट्रिक्ट हॉस्पिटल की प्रारंभिक रिपोर्ट आई थी, जिसमें ऑपरेशन थिएटर (ओटी) में किसी तरह का संक्रमण नहीं मिला था। इसके बाद बुधवार को आई फाइनल कल्चर रिपोर्ट में भी यह पूरी तरह साफ हो गया कि ओटी में किसी भी तरह का इंफेक्शन नहीं था। इससे यह स्पष्ट हो गया है कि प्रसूताओं में संक्रमण ऑपरेशन थिएटर के जरिए नहीं फैला था। ऐसे में अब पूरा संदेह प्रसूताओं को दी जाने वाली दवाइयों (मेडिसिन) पर गहरा गया है, जिनकी जांच रिपोर्ट जल्द ही आने वाली है। पीएमओ डॉ. कुलबीर चोपड़ा ने बताया, शनिवार से पहले जिन प्रसूताओं के ऑपरेशन हुए थे, उन्हें पहले से उपलब्ध दवाइयां ही दी गई थीं। शनिवार को ही 'सोडियम लैक्टेट' फ्लूइड का इस्तेमाल किया गया था, जिसका नया बैच सप्ताह भर पहले ही अस्पताल आया था। उसे पहली बार शनिवार को ही मरीजों को दिया गया था। ऐसे में आशंका जताई जा रही है कि इसी फ्लूइड की वजह से प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी। हालांकि, जांच रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा कि किस मेडिसिन के कारण ऐसा हुआ। उन्होंने आगे बताया कि अस्पताल में भर्ती अन्य 6 प्रसूताओं की रिपोर्ट भी बुधवार को सामान्य आई है और उनकी हालत में काफी सुधार है। उनका डब्ल्यूबीसी (WBC) काउंट भी 10 से 11 हजार के बीच आ गया है, जो कि सामान्य है। डॉ. चोपड़ा ने बताया कि मेडिकल कॉलेज से क्लीयरेंस मिलने के बाद ही ओटी को दोबारा शुरू किया जाएगा, जिसमें अभी 4 से 5 दिन का समय लग सकता है।। यह खबर भी पढ़ें… पावटा हॉस्पिटल की ओटी में नहीं मिला इंफेक्शन:एडमिट 6 महिलाओं में हल्का इंफेक्शन; इनकी रिपोर्ट भी नेगेटिव; एम्स टीम ने लिए बयान जोधपुर में सिजेरियन के बाद 8 महिलाओं की तबीयत बिगड़ी:2 ICU में; चिकित्सा मंत्री बोले- 50% महिलाएं सीजेरियन चाहती हैं, वे दर्द नहीं चाहती प्रसूताओं को लगाए गए ड्रिप सहित 25 दवा-इंजेक्शन पर रोक:7 दिन पहले हुई थी पहले बैच की सप्लाई, पहली बार 8 महिलाओं को लगा था गहलोत बोले-वसुंधरा सरकार में अच्छे मंत्री थे खींवसर:इस बार पता नहीं कौनसा ग्रहण लग गया, बयान उल्टे पड़ रहे है प्रसूता का पति बोला- डिलीवरी से पहले सही थी पत्नी:अब कुछ हो गया तो कौन लेगा जिम्मेदारी; फेफड़ों में पानी भरा, लीवर-किडनी पर असर
वाराणसी जनपद के बड़ागांव थाना क्षेत्र के हरहुआ स्थित पावर हाउस के सामने बुधवार शाम एक खाली प्लॉट में सरपत और सूखी झाड़ियों में आग लग गई। घटना शाम करीब छह बजे की बताई जा रही है। सूचना मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम मौके पर पहुंची और कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया गया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई जनहानि या संपत्ति का नुकसान नहीं हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस प्लॉट में आग लगी थी, वहां लंबे समय से सरपत और सूखी झाड़ियां उगी हुई थीं। आग लगने के बाद तेज लपटें और धुएं का घना गुबार काफी ऊंचाई तक उठने लगा, जिससे आसपास के लोगों में दहशत फैल गई। वाराणसी-बाबतपुर हाईवे के समीप आग लगने की सूचना पर बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर जमा हो गए। स्थानीय लोगों ने आशंका जताई कि किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा आग लगाए जाने के कारण यह घटना हुई हो सकती है। घटनास्थल के समीप एक ट्रांसफार्मर स्थापित है और वहां से विद्युत आपूर्ति भी संचालित होती है। आग के बढ़ते खतरे को देखते हुए पावर हाउस प्रशासन ने एहतियातन कुछ समय के लिए विद्युत आपूर्ति बंद कर दी। पावर हाउस प्रशासन ने तत्काल पुलिस और अग्निशमन विभाग को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम स्थानीय पुलिस के सहयोग से आग बुझाने के अभियान में जुट गई। काफी प्रयासों के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया गया। समय रहते कार्रवाई होने से आग आसपास के क्षेत्रों तक नहीं फैल सकी। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आग लगने के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
मानसा जिले के गांव धर्मपुरा में मुख्यमंत्री भगवंत मान की 'लोक मिलनी' के दौरान कांग्रेस और शिरोमणि अकाली दल के नेताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। बुढलाडा से कांग्रेस हलका इंचार्ज रणवीर कौर मियां सहित कई कार्यकर्ताओं को कार्यक्रम स्थल पर जाने से रोका गया। इस दौरान कवरेज कर रहे पत्रकारों के साथ भी कथित तौर पर धक्का-मुक्की की गई। यह घटना तब हुई जब कांग्रेस और अकाली दल के नेता मुख्यमंत्री के जनसंवाद कार्यक्रम में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें रास्ते में ही रोक दिया और आगे बढ़ने की अनुमति नहीं दी, जिसके बाद उन्हें हिरासत में लिया गया। DSP पर धक्का-मुक्की का आरोप पत्रकारों ने आरोप लगाया है कि मानसा के डीएसपी पुष्पिंदर सिंह ने उनके साथ धक्का-मुक्की की। डीएसपी पर यह भी आरोप है कि उन्होंने पत्रकारों से कहा, “आप जो वीडियो बनानी है बना लो, हम तो ऐसे ही करेंगे।” कांग्रेस हलका इंचार्ज रणवीर कौर मियां ने इस कार्रवाई की निंदा की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री की 'लोक मिलनी' जनता से मिलने के लिए आयोजित की गई है, फिर भी उन्हें और अन्य जनप्रतिनिधियों को रोका गया। उन्होंने सवाल उठाया कि जब जनप्रतिनिधियों के साथ ऐसा व्यवहार हो रहा है, तो आम लोगों के साथ क्या होता होगा। रणवीर कौर मियां ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री भगवंत मान ने लोगों से मिलने का कार्यक्रम रखा है, लेकिन आम आदमी पार्टी की सरकार पुलिस बल का इस्तेमाल कर लोगों को मुख्यमंत्री तक पहुंचने से रोक रही है।
संतकबीरनगर में युवक की डूबने से मौत:आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, गहरे पानी में डूबा
संतकबीर नगर के दुधारा थाना क्षेत्र में एक युवक की तालाब में डूबने से मौत हो गई। यह घटना सिसवा फतेउल्लाह गांव के पूरब सिवान स्थित तालाब में हुई। सूचना मिलने पर ग्रामीणों और स्थानीय पुलिस ने संयुक्त प्रयास से शव को तालाब से बाहर निकाला। मृतक की पहचान भरवलिया बूधन निवासी दिनेश कुमार (35) पुत्र ज्ञानदाश के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, दिनेश नहाने के लिए सिसवा फतेउल्लाह गांव के पूरब सिवान स्थित तालाब में गए थे। इसी दौरान वह अचानक गहरे पानी में चले गए और डूबने लगे। आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और तत्काल बचाव का प्रयास शुरू किया, लेकिन तब तक दिनेश पानी में लापता हो चुके थे। घटना की सूचना मिलते ही दुधारा पुलिस मौके पर पहुंची। ग्रामीणों और पुलिस के अथक प्रयास के बाद दिनेश का शव तालाब से बाहर निकाला जा सका। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच में जुट गई है।
लखनऊ के अंतरराष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान में बुधवार को 'श्रद्धा मानव सेवा कल्याण समिति' ने सुप्रसिद्ध नाटक 'त्रासदी' का मंचन किया। इस नाटक में मां के बिछड़ने का दर्द, यादों का बोझ और रिश्तों की अहमियत को इतनी संवेदनशीलता से दर्शाया गया कि सभागार में बैठे कई दर्शकों की आंखें नम हो गईं। इस कार्यक्रम का आयोजन भारत सरकार के संस्कृति मंत्रालय, नई दिल्ली के वित्तीय सहयोग से किया गया था। नाटक का निर्देशन उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी पुरस्कार से सम्मानित वरिष्ठ रंगकर्मी अचला बोस ने किया। कार्यक्रम का शुभारंभ केंद्रीय संगीत नाटक अकादमी से सम्मानित और भूतपूर्व निदेशक सूर्य मोहन कुलश्रेष्ठ ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। उन्होंने कलाकारों को शुभकामनाएं देते हुए रंगमंच को समाज का एक सशक्त माध्यम बताया। मां के प्रेम और त्याग का महत्व को दिखा मानव कौल की चर्चित नाट्य रचना 'त्रासदी' एक ऐसे बेटे की कहानी है, जिसने अपनी मां को खो दिया है। मां के निधन के बाद बेटा यादों, अकेलेपन और आत्ममंथन के दौर से गुजरता है। उसे यह एहसास होता है कि मां के जीवित रहते वह उनके प्रेम और त्याग का महत्व पूरी तरह समझ नहीं पाया था। यही पश्चाताप उसकी सबसे बड़ी पीड़ा बन जाता है। मंच पर कलाकार ने बेहद मार्मिक ढंग से जीवंत किया यह नाटक संदेश देता है कि अपने प्रियजनों के प्रति प्रेम और सम्मान उनके रहते ही व्यक्त करना चाहिए। मां का प्रेम अमूल्य होता है और उनकी स्मृतियां जीवनभर साथ रहती हैं। रिश्तों की असली कीमत समय रहते समझना ही जीवन का सबसे बड़ा सच है।नाटक में मुख्य भूमिका तुषार बाजपेयी और शुभम ने निभाई। उनके सशक्त और भावपूर्ण अभिनय ने बेटे के मानसिक संघर्ष, अकेलेपन और भावनात्मक टूटन को बेहद मार्मिक ढंग से जीवंत किया।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि प्राथमिक कक्षाओं के बच्चों को बारहखड़ी और 20 तक के पहाड़े, जबकि माध्यमिक स्तर के विद्यार्थियों को 25 तक के पहाड़े याद होने चाहिए। इसके साथ ही बच्चों की हिंदी और अंग्रेजी में फ्लूएंट रीडिंग सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया गया है। मंत्री ने कहा कि स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता सुधारने के लिए विशेष प्रयास किए जाएं और इसकी नियमित निगरानी हो। मंत्रालय में आयोजित संभागीय संयुक्त संचालकों और जिला शिक्षा अधिकारियों की समीक्षा बैठक में मंत्री ने स्कूलों की साफ-सफाई, मरम्मत, पाठ्यपुस्तक वितरण, गणवेश और साइकिल वितरण जैसे कार्य समय पर पूरा करने को कहा। उन्होंने स्पष्ट किया कि विद्यार्थियों को शासन की सभी सुविधाएं तय समय-सीमा में मिलनी चाहिए। बैठक में स्कूल छोड़ चुके बच्चों को फिर से शिक्षा से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। अधिकारियों को 31 जुलाई तक विशेष अभियान चलाकर ड्रॉपआउट बच्चों का दोबारा प्रवेश सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जुलाई से VSK ऐप पर उपस्थिति के आधार पर वेतनविभाग ने शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति के लिए VSK ऐप के उपयोग को अनिवार्य करने का फैसला लिया है। हालांकि जून माह की उपस्थिति के आधार पर किसी का वेतन नहीं काटा जाएगा। शिक्षकों और कर्मचारियों को ऐप पर पंजीयन के लिए अतिरिक्त समय दिया गया है। विभाग के अनुसार जुलाई से सभी अधिकारियों, कर्मचारियों और शिक्षकों का VSK ऐप पर पंजीयन अनिवार्य होगा। जुलाई माह का वेतन ऐप में दर्ज उपस्थिति के आधार पर ही जारी किया जाएगा।कार्यालयों में अटैच शिक्षकों की होगी वापसी बैठक में जिला शिक्षा अधिकारी और विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालयों में संलग्न शिक्षकों को उनके मूल स्कूलों में वापस भेजने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा अधिकारियों को नियमित स्कूल निरीक्षण कर पढ़ाई और व्यवस्थाओं की निगरानी करने को कहा गया। जर्जर भवनों की बनेगी सूची राज्यभर के जर्जर स्कूल भवनों की सूची तैयार कर चरणबद्ध तरीके से उन्हें हटाने की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। वहीं भवनविहीन स्कूलों की समीक्षा जिला कलेक्टर और जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी करेंगे। 2027-28 से 1 अप्रैल से शुरू होगा नया सत्रबैठक में एक बड़ा फैसला लेते हुए तय किया गया कि शैक्षणिक सत्र 2027-28 से प्रदेश के सभी स्कूलों में नया सत्र 1 अप्रैल से शुरू होगा। इसी दिन विद्यार्थियों को पाठ्यपुस्तक, गणवेश और साइकिल उपलब्ध कराने का लक्ष्य रखा गया है। शिक्षा मंत्री का कहना है कि इससे सरकारी स्कूलों में भी निजी स्कूलों की तरह समय पर पढ़ाई शुरू होगी, पाठ्यक्रम समय पर पूरा होगा और परीक्षा परिणामों में सुधार आएगा।
बांदा के शहर कोतवाली में एक कारोबारी की तहरीर पर करोड़ों रुपए की धोखाधड़ी, कूटरचना और कंपनी में हिस्सेदारी हड़पने के आरोप में मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़ित कारोबारी विनोद कुमार त्रिपाठी, निवासी इंदिरा नगर, बांदा ने आरोप लगाया है कि उनके साथ मिलकर बनाई गई कंपनी में फर्जी दस्तावेज तैयार कर उनकी 40 प्रतिशत हिस्सेदारी और करोड़ों रुपये के लाभांश पर कब्जा कर लिया गया। तहरीर के अनुसार, 2023 में विनोद कुमार त्रिपाठी ने अमित सक्सेना और मानवेंद्र सिंह के साथ मिलकर एसबीसीईएस पवार कंस्ट्रक्शन एलएलपी का गठन किया था। कंपनी रेलवे और निर्माण कार्यों से जुड़े कई टेंडर प्राप्त कर विभिन्न परियोजनाओं पर कार्य कर रही थी। पीड़ित का आरोप है कि बाद में अमित सक्सेना, अनूप सक्सेना, प्रियंका सिंह और मानवेंद्र सिंह ने मिलकर कंपनी के खातों और भुगतान व्यवस्था पर कब्जा करने की साजिश रची। उन्होंने बताया कि एक परियोजना के भुगतान के रूप में कंपनी के खाते में लगभग 4.36 करोड़ रुपये आए थे। आरोप है कि उन्हें बैंक संचालन से अलग कर इस धनराशि का बड़ा हिस्सा अन्य खातों में स्थानांतरित कर दिया गया। विवाद बढ़ने पर खाते को फ्रीज कराया गया। विनोद त्रिपाठी ने यह भी आरोप लगाया कि 10 जुलाई 2025 को उनकी अनुपस्थिति में फर्जी बोर्ड मीटिंग दर्शाकर कूटरचित बोर्ड रेजोल्यूशन और अन्य दस्तावेज तैयार किए गए। उनका कहना है कि उस समय वह उर्सलापुर (छत्तीसगढ़) में मौजूद थे, जिसके साक्ष्य भी उन्होंने पुलिस को उपलब्ध कराए हैं। आरोप है कि फर्जी हस्ताक्षरों के माध्यम से उन्हें कंपनी से बाहर कर उनकी 40 प्रतिशत हिस्सेदारी को अन्य साझेदारों में बांट दिया गया। तहरीर में दावा किया गया है कि आरोपियों ने लगभग 5 करोड़ 70 लाख 11 हजार 531 रुपये की पूंजी और लाभांश हड़प लिया है। साथ ही सरकारी परियोजनाओं में धन के दुरुपयोग और जान से मारने की साजिश रचने जैसे गंभीर आरोप भी लगाए गए हैं। पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए आरोपों के आधार पर मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों का कहना है कि प्रकरण की विस्तृत जांच कराई जा रही है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी में एक अस्पताल के बाहर से बाइक चोरी का मामला सामने आया है। यहां अस्पताल में भर्ती मरीज के परिजनों को खाना देने गए एक बुजुर्ग की मोटरसाइकिल पलक झपकते ही चोर लेकर फरार हो गया। चोरी की यह पूरी वारदात अस्पताल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। यह घटना मंगलवार शाम की है। मोहनगंज थाना क्षेत्र के अगौना गांव निवासी राकेश कुमार अपने बेटे विजय कुमार के परिवार के सदस्यों को खाना देने जायस कस्बे के चंदा हॉस्पिटल गए थे। विजय कुमार के एक महीने के बेटे का पिछले पांच दिनों से अस्पताल के आईसीयू में इलाज चल रहा है। राकेश कुमार जैसे ही खाना देकर बाहर निकले, उनकी बाइक गायब थी। अस्पताल के सीसीटीवी फुटेज खंगालने पर पता चला कि एक चोर उनकी बाइक ले गया है। वीडियो में चोर पहले काफी देर तक मोबाइल पर बात करता नजर आ रहा है, जिसके बाद वह मोटरसाइकिल लेकर फरार हो जाता है। राकेश कुमार ने उसी रात थाने में शिकायत की, लेकिन उन्हें कोई मदद नहीं मिली। बुधवार सुबह उनके बेटे विजय कुमार ने भी बाइक चोरी की लिखित शिकायत की। पीड़ित का आरोप है कि 24 घंटे से अधिक समय बीत जाने के बाद भी पुलिस ने इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं की है और न ही कोई पुलिसकर्मी मौके पर जांच के लिए पहुंचा है।
गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने क्षेत्र में अवैध निर्माण, बिना नक्शे पास के चल रहे कोचिंग संस्थानों, हॉस्टलों, होटलों और अन्य व्यावसायिक इमारतों के खिलाफ एक अभियान शुरू किया है। उपाध्यक्ष के निर्देश पर बुधवार को GDA की टीम ने शहर के विभिन्न इलाकों में छापेमारी और निरीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कई बिल्डिंग बिना नक्शा पास किए बनाए गए हैं, कुछ नक्शे के विपरीत मिले तो वहीं ज्यादातर संचालकों ने नक्शा दिखाया ही नहीं। जिसको लेकर विभाग ने अब तक कुल 53 बिल्डिंग संचालकों को कारण बताओ नोटिस भेजा है। साथ ही कमियों को जल्द से जल्द दूर करने के निर्देश दिए। जांच में सामने आईं बड़ी खामियां GDA की टीम ने आज 31 भवनों की जांच की, जिसमें नियमों की जमकर धज्जियां उड़ती मिलीं। जिनमें 26 भवनों के मालिक या संचालक मौके पर पास हुआ नक्शा (स्वीकृत मानचित्र) दिखा ही नहीं पाए। 01 भवन ऐसा मिला, जहां पास हुए नक्शे के बिल्कुल विपरीत निर्माण कराया गया था। इसके अलावा 01 भवन के बेसमेंट/पार्किंग एरिया में नियमों के खिलाफ कोचिंग और लाइब्रेरी चलती हुई पाई गई। 09 भवनों में बिना तय मानकों और सुरक्षा इंतजामों के लाइब्रेरी, गेस्ट हाउस और कोचिंग सेंटर का संचालन हो रहा था। सिर्फ 05 भवनों में ही पास नक्शा सही और मौके पर उपलब्ध पाया गया। नहीं सुधरे तो सील होंगी इमारतें GDA ने आज के सभी 31 मामलों सहित अब तक कुल 53 भवन स्वामियों और संचालकों को 'कारण बताओ नोटिस' जारी कर दिया है। यह कार्रवाई 'उत्तर प्रदेश नगर नियोजन एवं विकास अधिनियम, 1973' के तहत की गई है। सभी आरोपियों को एक तय समय के भीतर अपने कागजात पेश करने और कमियों को ठीक करने का निर्देश दिया गया है। कमियां दूर करें या जवाब देंGDA प्रशासन ने साफ कर दिया है कि अगर तय समय के अंदर संतोषजनक जवाब नहीं मिला या कमियां दूर नहीं की गईं, तो उन इमारतों को सील कर दिया जाएगा और सख्त कानूनी कार्रवाई होगी। इसकी पूरी जिम्मेदारी मकान मालिक या संचालक की होगी। आगे भी जारी रहेगी कार्यवाहीGDA अधिकारियों के मुताबिक, शहर में अवैध निर्माण और बिना नक्शा पास कराए चल रहे व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के खिलाफ यह जांच अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा।
जालौन के माधौगढ़ क्षेत्र में सोशल मीडिया पर पोस्ट किए गए आत्मघाती वीडियो के आधार पर मिले मेटा अलर्ट ने एक 20 वर्षीय युवक की जान बचा दी। सूचना मिलते ही पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए महज सात मिनट में युवक के घर पहुंचकर उसे बेसुध अवस्था से बाहर निकाला और तत्काल अस्पताल पहुंचाया। मामला माधौगढ़ थाना क्षेत्र के ग्राम कुंवरपुरा का है। यहां रहने वाले दीपेन्द्र गौतम (20), जो आईटीआई के छात्र हैं, प्रेम-प्रसंग को लेकर मानसिक तनाव में चल रहे थे। इसी तनाव के चलते उन्होंने इंस्टाग्राम पर आत्महत्या से संबंधित एक वीडियो पोस्ट कर दिया। वीडियो अपलोड होते ही मेटा कंपनी की ओर से पुलिस मुख्यालय को सुसाइडल अलर्ट भेजा गया। मुख्यालय से सूचना मिलते ही माधौगढ़ कोतवाली प्रभारी निरीक्षक अभिलाष कुमार मिश्र के नेतृत्व में पुलिस टीम तत्काल सक्रिय हो गई। कांस्टेबल मनीष शुक्ला और रिक्रूट कांस्टेबल गौरव कुमार सहित पुलिस टीम बिना समय गंवाए युवक के घर पहुंची। वहां दीपेन्द्र अचेत अवस्था में मिले। पुलिस ने परिजनों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया, जहां समय पर उपचार मिलने से उनकी जान बच गई। डॉक्टरों के अनुसार, यदि युवक को समय पर अस्पताल न पहुंचाया जाता तो स्थिति गंभीर हो सकती थी। इलाज के बाद उनकी हालत सामान्य हो गई है। इसके बाद पुलिस ने युवक और उसके परिजनों की काउंसलिंग भी कराई। दीपेन्द्र ने भविष्य में ऐसा कोई कदम न उठाने का लिखित और मौखिक आश्वासन दिया है। परिजनों ने पुलिस की तत्परता और संवेदनशीलता की सराहना करते हुए टीम का आभार व्यक्त किया। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सोशल मीडिया मॉनिटरिंग और तकनीकी अलर्ट सिस्टम के कारण समय रहते सूचना मिली, जिससे युवक की जान बचाई जा सकी।
लखनऊ से मिले निर्देशों के बाद जिले में बड़े होटलों और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों पर प्रशासन का शिकंजा कसना शुरू हो गया है। मुजफ्फरनगर जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा द्वारा गठित दूसरी विशेष जांच टीम ने बुधवार शाम शहर के 'पंडित भोज' पर छापा मारा। उसे तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश दिए। एसडीएम राहुलदेव भट्ट के नेतृत्व में पहुंची टीम ने निरीक्षण के दौरान पाया कि होटल में बिजली और फायर सेफ्टी की व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं थीं। इसके अतिरिक्त, भवन में सुरक्षित निकास (एग्जिट) की समुचित व्यवस्था नहीं मिली, जबकि मुख्य प्रवेश मार्ग भी बेहद संकरा पाया गया। टीम ने इसे किसी भी आपात स्थिति में लोगों की जान के लिए गंभीर खतरा मानते हुए तत्काल संचालन बंद कराने के निर्देश दिए। कार्रवाई यहीं नहीं रुकी। टीम ने इसके बाद रुड़की रोड स्थित स्वरूप प्लाजा बिल्डिंग में संचालित ग्रीन एप्पल होटल और वी-बाजार समेत कई अन्य प्रतिष्ठानों का भी निरीक्षण किया। वहां भी सुरक्षा मानकों, फायर सिस्टम और अन्य व्यवस्थाओं की जांच की गई। प्रशासन की इस 'सेकेंड टीम' का नेतृत्व एसडीएम राहुलदेव भट्ट कर रहे हैं। टीम में मुख्य अग्निशमन अधिकारी अनुराग सिंह के अलावा खाद्य सुरक्षा विभाग और बिजली विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी भी शामिल हैं। प्रशासन ने स्पष्ट संकेत दिए हैं कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी करने वाले किसी भी होटल, रेस्टोरेंट, मॉल या व्यावसायिक प्रतिष्ठान को बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
सीएम के देवरिया दौरे की तैयारियां तेज:डीएम-एसपी ने की समीक्षा, लापरवाही पर सख्त निर्देश
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के 26 जून को जनपद देवरिया के प्रस्तावित दौरे को लेकर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। बुधवार शाम जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी और पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक की। कलेक्ट्रेट सभागार में आयोजित इस बैठक में मुख्यमंत्री के कार्यक्रम की व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को अपने दायित्वों का गंभीरता से निर्वहन करने तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बरांव स्थित प्रस्तावित कार्यक्रम स्थल पर सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी की जाएं।जिलाधिकारी ने साफ-सफाई, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, बैरिकेडिंग, पार्किंग और अन्य आधारभूत सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यक्रम में आने वाले जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आमजन की सुविधा का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया। विभिन्न विभागों के अधिकारियों को कार्यक्रम की अलग-अलग जिम्मेदारियां सौंपी गईं। डीएम ने स्पष्ट किया कि मुख्यमंत्री के दौरे को देखते हुए प्रत्येक व्यवस्था की लगातार निगरानी की जाए और सभी तैयारियां समय रहते पूर्ण कर ली जाएं।पुलिस अधीक्षक अभिजीत आर. शंकर ने सुरक्षा एवं यातायात व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम के दौरान कानून-व्यवस्था बनाए रखना सर्वोच्च प्राथमिकता होगी। संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद रहे और यातायात संचालन के लिए प्रभावी योजना तैयार की जाए, ताकि आमजन को किसी प्रकार की परेशानी न हो।बैठक में मुख्यमंत्री के आगमन के दौरान वीआईपी मूवमेंट, भीड़ प्रबंधन, वाहन पार्किंग, प्रवेश एवं निकास मार्गों सहित विभिन्न बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। अधिकारियों को कार्यक्रम स्थल पर किसी भी प्रकार की अव्यवस्था न होने देने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेश कुमार सिंह, मुख्य राजस्व अधिकारी वी.के. सिंह, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. ए.के. गुप्ता, अपर जिलाधिकारी (प्रशासन) प्रेम नारायण सिंह, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) रामशंकर सिंह सहित कई वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी उपस्थित रहे।
पीलीभीत में सड़क हादसे में बाइक सवार की मौत:एक घायल, टेंपो अनियंत्रित होकर हाईवे पर पलटा
पीलीभीत-बीसलपुर हाईवे पर बुधवार शाम एक भीषण सड़क हादसे में बाइक सवार एक युवक की मौत हो गई, जबकि टेंपो चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। यह दुर्घटना एक तेज रफ्तार टेंपो और मोटरसाइकिल की आमने-सामने की टक्कर के कारण हुई। जानकारी के अनुसार, सुनगढ़ी थाना क्षेत्र के ग्राम रुपपुर कृपा निवासी 32 वर्षीय कुंवरसेन बुधवार शाम करीब पांच बजे अपने निजी कार्य से बाइक पर सवार होकर जिला मुख्यालय की ओर जा रहे थे। पीलीभीत-बीसलपुर हाईवे पर अपने गांव से कुछ दूरी पर पहुंचते ही सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार टेंपो ने उनकी बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि भिड़ंत इतनी जबरदस्त थी कि टेंपो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया, जबकि बाइक सवार कुंवरसेन काफी दूर तक घिसटते चले गए। इस दुर्घटना में दोनों पक्षों को गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद मौके पर स्थानीय राहगीरों और ग्रामीणों की भारी भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस और घायल कुंवरसेन के परिजन मौके पर पहुंचे। पुलिस ने एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल में डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद कुंवरसेन को मृत घोषित कर दिया। दुर्घटना में घायल हुए टेंपो चालक सोनू, जो मोहल्ला इस्लामनगर, कोतवाली का निवासी है, का अस्पताल में इलाज चल रहा है। कोतवाली प्रभारी निरीक्षक नरेश त्यागी ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी है।
पिछले दो-तीन दिनों से तेज गर्मी और उमस से जूझ रहे चित्तौड़गढ़ में बुधवार शाम मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर तेज धूप और चिपचिपी गर्मी झेलने के बाद शाम करीब 7.30 बजे आसमान का मिजाज बदलने लगा। देखते ही देखते बादल घिर आए और रात करीब 8 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर में मौसम बदलने के इस अचानक घटनाक्रम ने लोगों को गर्मी से राहत की उम्मीद जरूर दी, लेकिन फिलहाल हालात ऐसे नहीं बने कि उमस और गर्मी पूरी तरह खत्म हो गई हो। दिनभर की तपिश के बाद बारिश ने मौसम को जरूर बदला, लेकिन राहत फिलहाल अधूरी ही रही। अब लोगों की नजर अगले दो-तीन दिनों के मौसम पर है, क्योंकि मौसम विभाग ने 28 जून तक बारिश और तेज हवा का दौर बने रहने की संभावना जताई है। दिनभर 40.2 डिग्री तापमान और उमस ने किया बेहाल बुधवार सुबह से ही चित्तौड़गढ़ में तेज धूप का असर बना हुआ था। सुबह के साथ ही उमस भी बढ़ने लगी थी और दोपहर तक हालात काफी परेशान करने वाले हो गए। दोपहर में अधिकतम तापमान 40.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने लोगों की मुश्किल और बढ़ा दी। गर्मी के साथ नमी भरे मौसम ने ऐसा माहौल बना दिया कि घरों, दुकानों, दफ्तरों और बाजारों में लोग पसीने से तरबतर नजर आए। दोपहर के समय बाहर निकलना मुश्किल हो गया था और शाम तक लोग बारिश का इंतजार करते रहे। पिछले कुछ दिनों से यही स्थिति बनी हुई थी। बुधवार को भी दिनभर यही स्थिति रही, लेकिन शाम को हालात बदल गए। शाम को बदला मौसम, तेज हवा के बाद शुरू हुई बारिश शाम करीब 7.30 बजे आसमान में अचानक बदलाव दिखाई दिया। पहले बादल घिरने लगे, फिर हवा की रफ्तार बढ़ी और कुछ ही देर में मौसम पूरी तरह बदल गया। रात करीब 8 बजे तेज हवाओं के साथ बारिश शुरू हो गई। शहर के कई इलाकों में लोगों ने लंबे इंतजार के बाद बारिश की बूंदें देखीं तो कुछ देर के लिए राहत जैसा माहौल जरूर बना, लेकिन बारिश शुरू होने के बावजूद उमस का असर बना रहा। मौसम विभाग ने पहले ही जताई थी संभावना, 28 जून तक बना रह सकता है असर मौसम विभाग ने कुछ देर पहले ही चित्तौड़गढ़ में बारिश की संभावना जताई थी और बुधवार शाम मौसम ने उसी दिशा में संकेत भी दे दिए। विभाग के अनुसार जिले में 28 जून तक मौसम का यह बदला हुआ मिजाज बना रह सकता है। इस दौरान कहीं-कहीं बारिश के साथ तेज हवा या आंधी भी चल सकती है। ऐसे में लोगों को उम्मीद है कि अगर अगले एक-दो दिन में अच्छी और लगातार बारिश होती है, तो गर्मी और उमस से राहत मिल सकती है।
बीजापुर प्राथमिक शाला मंजारपारा पालनार के प्रधान अध्यापक राजू पुजारी की मृत्यु से जुड़े मामले में आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने का मुद्दा एक बार फिर सुर्खियों में है। बुधवार को भाजपा कार्यालय में आयोजित प्रेसवार्ता में दंतेवाड़ा विधायक चैतराम अटामी ने कहा कि वे इस मामले को मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के समक्ष उठाकर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग करेंगे। राजू पुजारी की मृत्यु के बाद दर्ज प्रकरण में नामजद आरोपी छविनाथ डोंगरे और शैलेष वासम अभी तक पुलिस गिरफ्त से बाहर हैं। न्यायालय के निर्देश पर दोनों आरोपियों के खिलाफ उद्घोषणा की कार्रवाई करते हुए नोटिस चस्पा किया गया था। साथ ही निर्धारित समय में उपस्थित नहीं होने पर संपत्ति कुर्क करने की चेतावनी भी दी गई थी, लेकिन इसके बावजूद उनकी गिरफ्तारी नहीं हो सकी है। तेलंगा समाज लगातार कर रहा मांग तेलंगा एवं तेलगा समाज समिति लगातार आरोपियों की गिरफ्तारी और विभागीय कार्रवाई की मांग कर रही है। हाल ही में समाज के प्रतिनिधियों ने कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर कहा कि कई माह बीत जाने के बाद भी आरोपी कानून की पकड़ से बाहर हैं, जिससे समाज और आम लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। समिति का आरोप है कि दोनों आरोपी अपने परिचितों और विभागीय संपर्कों के बीच सक्रिय हैं, फिर भी उनकी गिरफ्तारी नहीं हो पा रही है। इससे जांच और कार्रवाई की निष्पक्षता पर सवाल उठ रहे हैं। सेवा समाप्ति की भी उठी मांग समाज समिति ने ज्ञापन में यह भी मांग की है कि लंबे समय से अनाधिकृत रूप से अनुपस्थित चल रहे दोनों आरोपियों के खिलाफ विभागीय जांच कर सेवा समाप्ति की प्रक्रिया शुरू की जाए। समिति ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन, धरना और नाकेबंदी जैसे कदम उठाए जा सकते हैं। प्रशासन ने कहा- तलाश जारी वहीं, बीजापुर कलेक्टर ने कहा है कि मामले में नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है और फरार आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। प्रशासन का दावा है कि आरोपियों को पकड़ने के लिए आवश्यक कानूनी प्रक्रिया अपनाई जा रही है।
अशोकनगर में बारिश, गर्मी से मिली राहत:एक घंटे तक बरसे पानी से बदला मौसम; आसमान में छाए घने बादल
अशोकनगर जिले में बुधवार शाम मौसम ने करवट ली। देर शाम हुई झमाझम बारिश से लोगों को गर्मी से काफी राहत मिली। शहर सहित आसपास के ग्रामीण इलाकों में लगभग एक घंटे तक पानी बरसा। पिछले कुछ दिनों से बारिश न होने के कारण जिले में गर्मी का असर बढ़ रहा था। बारिश से पहले कुछ देर तक आसमान में घने बादल छाए रहे। हालांकि, कुछ इलाकों में केवल हल्की बूंदाबांदी ही हुई। वर्तमान में जिले का अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 26 डिग्री सेल्सियस के आसपास बना हुआ है। मौसम विभाग ने अगले कुछ दिनों तक जिले में बादल छाए रहने और बारिश होने का अनुमान जताया है। गौरतलब है कि जून महीने के दूसरे पखवाड़े की शुरुआत में जिले के कुछ स्थानों पर बारिश हुई थी, जिससे तापमान में गिरावट दर्ज की गई थी। हालांकि, बारिश रुकने के बाद तापमान में फिर से वृद्धि होने लगी थी।
कानपुर देहात में हथियारों के प्रदर्शन का VIDEO:दबदबा बनाने के लिए रील बनाया, जांच में जुटी पुलिस
कानपुर देहात के रूरा थाना क्षेत्र में अवैध हथियारों के साथ सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने का सिलसिला जारी है। हाल ही में एक और वीडियो सामने आया है, जिसमें एक युवक हथियारों का प्रदर्शन करते दिख रहा है। ये लगातार सामने आ रहे वीडियो पुलिस के लिए चुनौती बन गए हैं। इससे पहले भी ऐसे वीडियो वायरल होने पर पुलिस 10 लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर चुकी है। वायरल वीडियो में एक युवक कथित तौर पर हथियारों का प्रदर्शन करते हुए दिखाई दे रहा है। स्थानीय चर्चा के अनुसार, युवक सोशल मीडिया पर अपनी पहचान बनाने और रील बनाकर लोकप्रिय होने या दबदबा बनाने के लिए ऐसे वीडियो बना रहे हैं। हालांकि, इस वायरल वीडियो की सत्यता और इसमें दिख रहे हथियारों की वैधता की आधिकारिक पुष्टि अभी तक नहीं हुई है। ये लगातार सामने आ रहे वीडियो दर्शाते हैं कि युवाओं में सोशल मीडिया पर पहचान बनाने की होड़ बढ़ रही है। अवैध हथियारों का प्रदर्शन कानूनी अपराध है और इसके लिए कड़ी कार्रवाई का प्रावधान है। इन वायरल वीडियो ने पुलिस के सामने यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्षेत्र में इतने हथियार कहां से आ रहे हैं। यदि ये हथियार अवैध पाए जाते हैं, तो क्या इनका इस्तेमाल किसी आपराधिक गतिविधि में भी हो सकता है, यह भी जांच का विषय है। पुलिस फिलहाल वायरल वीडियो की जांच में जुटी है। जांच में वीडियो सही पाए जाने और हथियारों के अवैध होने की पुष्टि होने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

