फतेहगढ़ साहिब जिले के मंडी गोबिंदगढ़ में मंगलवार देर रात जीटी रोड पर गौ रक्षा दल की टीमों ने गायों से भरा एक कैंटर पकड़ा। इसमें लगभग 12 गायें थीं, जिन्हें कथित तौर पर वध के लिए ले जाया जा रहा था। सूचना मिलने पर गौ रक्षा दल के राष्ट्रीय प्रचारक सतीश कुमार अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। सतीश कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई राजपुरा, मंडी गोबिंदगढ़ और खन्ना की टीमों के संयुक्त प्रयास से हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि पकड़ी गई गायों को बूचड़खाने ले जाया जा रहा था। कुमार के अनुसार, खन्ना, मंडी गोबिंदगढ़ और राजपुरा क्षेत्रों में पहले भी ऐसे कई वाहन पकड़े गए हैं, जिनमें गौवंश को अवैध रूप से ले जाया जा रहा था। उन्होंने पुलिस और प्रशासन से ऐसे मामलों को रोकने के लिए सख्ती बरतने की अपील की।सतीश कुमार ने सरकार से गौ तस्करी रोकने के लिए सख्त कानून बनाने और रात के समय नेशनल हाईवे पर विशेष नाके लगाने की मांग की। उन्होंने बंद वाहनों की नियमित तलाशी पर जोर दिया और कहा कि गौ रक्षा दल पुलिस के साथ हर संभव सहयोग के लिए तैयार है। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस की टीम डीएसपी बिक्रमजीत सिंह घुम्मण ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और कैंटर को कब्जे में ले लिया। मंडी गोबिंदगढ़ थाने में गौ तस्करी का मामला दर्ज किया गया है। बरामद की गई गायों को सुरक्षित गौशाला भेज दिया गया है, जहां उनकी देखभाल की जा रही है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, कैंटर लेकर जा रहे आरोपी मौके से फरार हो गए हैं। उनकी तलाश जारी है। पुलिस ने कहा कि इस पूरे मामले की गहराई से जांच की जाएगी और इसके पीछे सक्रिय नेटवर्क का भी पता लगाया जाएगा।
असम विधानसभा चुनाव 2026 के नतीजों की औपचारिक अधिसूचना जारी होने के बाद मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने मंत्रिपरिषद सहित अपने पद से इस्तीफा दे दिया। उन्होंने लोक भवन में राज्यपाल को इस्तीफा सौंपा, जिसे स्वीकार कर लिया गया।
तमिलनाडु में कांग्रेस ने टीवीके को दिया पूर्ण समर्थन, 'सांप्रदायिक ताकतों को बाहर रखने' की शर्त
तमिलनाडु की राजनीति में बड़ा घटनाक्रम सामने आया है। कांग्रेस ने अभिनेता से राजनेता विजय की पार्टी टीवीके को सरकार बनाने के लिए अपना समर्थन देने की आधिकारिक घोषणा कर दी है। यह फैसला कांग्रेस के शीर्ष नेतृत्व और तमिलनाडु कांग्रेस कमेटी की बैठक के बाद लिया गया।
पलाना कलां ग्राम पंचायत ने 'स्वच्छ भारत अभियान' के तहत गांव को सुंदर और रोगमुक्त बनाने के उद्देश्य से एक विशेष सफाई अभियान चलाया। पंचायत प्रशासन के नेतृत्व में गांव के विभिन्न मोहल्लों और मुख्य मार्गों पर व्यापक स्तर पर साफ-सफाई की गई। इस अभियान के तहत, पंचायत की सफाई टीम ने सड़कों के किनारे जमा कचरे के ढेर और पुरानी रोड़ियों को हटाया। टीम ने मुख्य मार्गों को साफ करने में सक्रियता दिखाई। पंचायत का लक्ष्य है कि गांव का कोई भी सार्वजनिक मार्ग गंदगी के कारण बाधित न हो और आवागमन सुगम बना रहे। सफाई कार्यक्रम के साथ-साथ, पंचायत प्रशासन ने सभी ग्रामवासियों से स्वच्छता बनाए रखने में सहयोग की अपील की है। पंचायत ने स्पष्ट संदेश दिया है कि सड़कों पर कचरा और रोड़ियाँ न डाली जाएँ। पंचायत का कहना है कि 'यदि हमारा पलाना साफ और स्वच्छ रहेगा, तभी यहाँ के निवासी स्वस्थ रहेंगे'। पंचायत ने ग्रामीणों को खुले में कचरा डालने से होने वाली बीमारियों के प्रति जागरूक किया और उनसे कचरा केवल निर्धारित स्थानों पर ही डालने का आग्रह किया। ग्रामीणों ने पंचायत की इस पहल की सराहना की है और गांव को स्वच्छ बनाए रखने का संकल्प लिया है।
अबोहर के नई आबादी बड़ी पौड़ी गली नंबर एक में सीवरेज जाम होने से दूषित पानी जमा है। इसकी निकासी न होने से परेशान निवासियों ने अबोहर के बाजार नंबर 9 घंटा घर चौक के निकट अंबेडकर चौक पर धरना देकर चक्का जाम किया। उन्होंने निगम की कार्यप्रणाली के खिलाफ नारेबाजी भी की। समाज सुधार सभा के प्रधान राजेश गुप्ता के नेतृत्व में दर्जनों लोग इस धरने में शामिल हुए। राजेश गुप्ता और रजत लूथरा ने बताया कि उनके वार्ड की गली नंबर 1 बड़ी पौड़ी में सीवरेज की यह समस्या कई वर्षों से बनी हुई है। बिना बरसात के भी गलियां दूषित पानी से भरी रहती हैं। कई बार अधिकारियों से मिले लोग निवासियों ने बताया कि वे कई बार निगम और प्रशासन के अधिकारियों से मिल चुके हैं, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। इस कारण सड़कों पर गंदा पानी पसरा रहता है, जिससे आम लोग घरों में कैद हैं और स्कूली बच्चों को भी स्कूल जाने में परेशानी होती है। उन्हें मजबूरन इसी दूषित पानी से होकर गुजरना पड़ता है। राजेश गुप्ता ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि एक ओर स्वास्थ्य विभाग और निगम के अधिकारी शहर में डेंगू-मलेरिया खत्म करने के लिए फॉगिंग करवाते हैं, वहीं दूसरी ओर इस क्षेत्र में एक सप्ताह से दूषित पानी भरा है। इस पानी में पनप रहे मच्छरों से वार्ड में बीमारियां फैलने का खतरा मंडरा रहा है। उन्होंने बताया कि गलियों में पानी भरा होने से दूध और सब्जी वाले भी आने से कतराते हैं, जिससे लोग नरक जैसा जीवन जी रहे हैं। राजेश गुप्ता ने चेतावनी दी कि यदि इस समस्या का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो यह धरना अनिश्चितकाल के लिए जारी रहेगा और संघर्ष को तेज किया जाएगा।
अबोहर के गांव धरांगवाला में आज दो बाइक सवार युवकों को एक चक्की से गेहूं का गट्ठा चुराते हुए रंगे हाथों पकड़ा गया। चक्की मालिक और ग्रामीणों ने मिलकर उन्हें काबू किया और पुलिस के हवाले कर दिया। थाना सदर की पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, गांव में रामेश्वर लिंबा पुत्र फूसाराम अपनी चक्की में काम कर रहे थे। इसी दौरान बाइक पर आए दो युवकों ने चक्की से गेहूं से भरा एक गट्ठा चुराने का प्रयास किया। आसपास के लोगों ने उन्हें गट्ठा चुराते देख शोर मचाया, जिसके बाद चक्की मालिक और ग्रामीणों ने मिलकर उन्हें मौके पर ही पकड़ लिया। ये दोनों युवक पास के ही किसी गांव के बताए जा रहे हैं। ग्रामीणों ने युवकों को पकड़कर 112 पुलिस हेल्पलाइन पर सूचना दी। एएसआई सतदेव अपनी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और पूछताछ के बाद युवकों को अपने साथ ले गए। उन्हें थाना सदर पुलिस के हवाले कर दिया गया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि चक्की मालिक और गांववासियों की शिकायत के आधार पर चोरों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। इसके पहले ग्रामीण के घर से किए थे चोरी बताया जा रहा है कि इन युवकों ने कल भी गांव के सोहन लाल नोखवाल के घर से एक गट्ठा चुराया था। उस समय उन्हें लगा था कि गट्ठे में गेहूं है, लेकिन उसमें खाद भरी हुई थी। कल की चोरी की घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई थी, हालांकि उस समय वे पकड़े नहीं जा सके थे।
सोनीपत पुलिस ने गुम हुए 52 मोबाइल फोन बरामद किए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत 13 लाख रुपए है। जिन्हें उनके मालिकों को लौटा दिया गया है। यह कार्रवाई पुलिस आयुक्त ममता सिंह के कुशल नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस उपायुक्त पश्चिमी जोन एवं साइबर, कुशल पाल सिंह तथा सहायक पुलिस आयुक्त साइबर राजदीप मोर के निर्देशन में साइबर सेल टीम इंचार्ज उप निरीक्षक कमल सिंह और उनकी टीम ने इन सभी मोबाइल को बरामद किया। बरामद किए गए मोबाइल फोन विभिन्न कंपनियों के हैं। CEIR पोर्टल पर दर्ज हुई थी गुमशुदगी ये सभी मोबाइल फोन सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर (CEIR) पोर्टल पर ऑनलाइन गुमशुदा के रूप में दर्ज किए गए थे। साइबर सेल टीम ने तकनीकी विश्लेषण और ट्रैकिंग के माध्यम से इन्हें अप्रैल माह के दौरान सफलतापूर्वक खोज निकाला। उल्लेखनीय है कि CEIR पोर्टल पर मोबाइल फोन गुम होने की शिकायत दर्ज करते ही संबंधित डिवाइस को ब्लॉक कर दिया जाता है, जिससे उसके दुरुपयोग की संभावना समाप्त हो जाती है। सोनीपत पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि उनका मोबाइल फोन गुम हो जाता है, तो वे तत्काल CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें, ताकि समय रहते फोन को ब्लॉक कर सुरक्षित बरामद किया जा सके।
राजभर का अखिलेश पर तंज, बोले- 2027 हार की तैयारी, अभी से ईवीएम बहाने की तैयारी
उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री और भाजपा सहयोगी नेता ओमप्रकाश राजभर ने सपा मुखिया अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि ये लोग अब जमीनी संघर्ष से दूर होकर एसी कमरों और सोशल मीडिया पोस्ट की राजनीति तक सिमट गए हैं।
रामगढ़-विषधारी में बघेरों का बढ़ता आतंक:बकरियों पर हमला, बाघिन RVT-8 की मौजूदगी से बढ़ी चिंता
बूंदी के रामगढ़-विषधारी टाइगर रिजर्व के कालदां बफर जोन में वन्यजीवों की गतिविधियां तेजी से बढ़ रही हैं। मंगलवार को नीमतलाई गांव के पास दो बघेरों ने बकरियों के झुंड पर हमला कर एक बकरी को मार डाला और दूसरी को गंभीर रूप से घायल कर दिया। इसी क्षेत्र में बाघिन RVT-8 की मौजूदगी और लगातार बढ़ती घटनाओं ने ग्रामीणों और पशुपालकों की चिंता बढ़ा दी है, जबकि वन विभाग की सुस्ती भी सवालों के घेरे में है। बकरियों पर हमला, एक की मौत जानकारी के अनुसार नीमतलाई गांव निवासी रतन लाल भील अपनी बकरियों को लेकर जंगल की ओर जा रहे थे। तभी जंगल किनारे तलहटी में मौजूद दो बघेरों ने अचानक हमला कर दो बकरियों को दबोच लिया। पीछे चल रहे चरवाहे ने हिम्मत दिखाते हुए दौड़कर बकरियों को छुड़ाया, लेकिन तब तक एक बकरी की मौत हो चुकी थी और दूसरी गंभीर रूप से घायल हो गई। वन विभाग पहुंचा, पंचनामा कर जुटाई जानकारी घटना की सूचना मिलते ही गुढ़ानाथावतान नाके का वन स्टाफ मौके पर पहुंचा और पंचनामा बनाकर आवश्यक जानकारी जुटाई। वन विभाग के अनुसार, नियमों के तहत पीड़ित पशुपालक को मुआवजा दिया जाएगा। इलाके में बाघिन RVT-8 की भी मौजूदगी कालदां बफर जोन में इन दिनों बाघिन RVT-8 भी सक्रिय है। ऐसे में बाघ और बघेरों दोनों की आवाजाही ने क्षेत्र को संवेदनशील बना दिया है। वन विभाग ने पशुपालकों को जंगल में पशु न ले जाने की सलाह दी है। शिकार की कमी से बढ़ रहे हमले विशेषज्ञों का मानना है कि तलहटी क्षेत्र में शाकाहारी वन्यजीवों की कमी के चलते बघेरे अब मवेशियों को अपना शिकार बना रहे हैं। यही कारण है कि जंगल से सटे गांवों में हमलों की घटनाएं बढ़ती जा रही हैं। पहले भी हो चुकी है घटना तीन दिन पहले भी इसी इलाके में एक पैंथर ने श्योजी लाल मीणा के पालतू कुत्ते को शिकार बनाने की कोशिश की थी। हालांकि किसान के हस्तक्षेप से कुत्ते की जान बच गई, लेकिन वह घायल हो गया था। वन विभाग की लापरवाही पर सवाल लगातार बढ़ती घटनाओं के बावजूद वन विभाग की कार्यशैली पर सवाल उठ रहे हैं। मंगलवार की घटना में भी मृत बकरी को पंचनामा के बाद मौके पर ही छोड़ दिया गया, जिससे जहर डालकर वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने का खतरा पैदा हो गया। बाद में रेंजर विक्रम हूण की फटकार के बाद वनकर्मी मौके पर पहुंचे और मृत बकरी को हटाया। भविष्य की योजना, लेकिन जमीन पर असर नहीं उपवन संरक्षक आलोक गुप्ता ने हाल ही में क्षेत्र का दौरा कर कालदां को चरणबद्ध तरीके से बाघों के अनुकूल बनाने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, अभी तक शिकार आधार बढ़ाने के ठोस प्रयास नहीं दिखे हैं, जिससे मानव-वन्यजीव संघर्ष बढ़ने का खतरा बना हुआ है। ग्रामीणों में बढ़ रही दहशत लगातार हो रही घटनाओं से ग्रामीणों और पशुपालकों में डर का माहौल है। पालतू जानवरों की मौत के साथ-साथ वन्यजीवों की सुरक्षा भी खतरे में पड़ती नजर आ रही है। अब सबकी नजर प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी है।
कानपुर में परिवहन विभाग में 23 महिला कंडक्टर अब सेवाएं दे रही हैं। कानपुर क्षेत्र में अब महिलाओं की संख्या 67 से बढ़के 90 हो गई है। इन महिलाओं को शहर और शहर के बाहर ड्यूटी पर भेजा गया है। ये महिला शशक्तिकरण के लिए उपयोगी कदम बताया जा रहा है। कानपुर में परिवहन विभाग नें महिला कंडक्टरों की भर्ती की है। अब ये महिलाएं कानपुर से गोरखपुर, झांसी, लखनऊ, प्रयागराज, इटावा- आगरा रूट पर अपनी दसेवाएं दे रही है। इससे बसों में सफर करने वाली महिलाओं को आराम मिलेगा। अगर किसी महिला को कोई दिक्कत होती है तो वह खुल के बता सकती हैं। पहले हमारे रीजन में कुल 67 महिला कंडक्टर सेवाएं दे रही थी। हाल ही में महिला कंडक्टरों के लिए भर्ती निकाली गई थी। जिसमें 23 महिला कंडक्टर फिट पाई गई ये अब सेवाएं दे रही है। इस भर्ती में कुल 81 महिला अभ्यर्थियों के आवेदन प्राप्त हुए थे। पिछले महीने अप्रैल के शुरुआत में रोडवेज ने महिला कंडक्टरों की भर्ती के लिए नोटिफिकेशन जारी किया था। इसमें कानपुर और उसके आसपास के जिलों की महिला अभ्यर्थियों ने भाग लिया था। इसमें कुल 81 आवेदन आए थे। जिसके बाद महिलाओं की परीक्षा कराई गई उसके बाद उनके टेस्ट लिए गए। हालांकि इसमें 23 महिला कंडक्टरों को नौकरी पर रख लिया गया है। परिवहन विभाग के क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी महेश कुमार ने बताया 81 महिला परिचालकों ने आवेदन किया था। जिसमें 23 महिला परिचालक फिट पाई गई थी। इससे पहले 67 महिला परिचालक का कार्य कर रही हैं। इस समय लगभग 90 महिलाएं परिचालक का कार्य कर रही हैं।
दौसा कलक्ट्रेट में एक बार फिर बम धमाके की धमकी मिली है। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तुरंत कलक्ट्रेट परिसर को खाली कराया और सर्च ऑपरेशन चलाया। काफी देर चली जांच और तलाशी अभियान के बावजूद परिसर में कोई भी संदिग्ध वस्तु नहीं मिली। इसके बाद पुलिस और प्रशासन ने राहत की सांस ली, हालांकि सुरक्षा व्यवस्था को चाक चौबंद कर दिया गया है। इससे पहले 4 मई को भी इसी तरह की बम ब्लास्ट की धमकी मिली थी। लगातार मिल रही धमकियों ने सुरक्षा एजेंसियों की चिंता बढ़ा दी है। आए दिन मिल रही धमकियां प्रदेश में आए दिन इस तरह की धमकियां सामने आ रही हैं, लेकिन अब तक धमकी देने वाले शख्स या गिरोह तक सुरक्षा एजेंसियां नहीं पहुंच पाई हैं। ऐसे में बड़ा सवाल यह है कि आखिर वह कौन है जो बार-बार इस तरह की झूठी या वास्तविक धमकियों के जरिए प्रशासन को चुनौती दे रहा है? लोगों से सतर्क रहने की अपील फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और तकनीकी माध्यमों से धमकी देने वाले तक पहुंचने के प्रयास किए जा रहे हैं। साथ ही लोगों से भी सतर्क रहने और किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तुरंत पुलिस को देने की अपील की है।
मुज़फ्फरनगर के वहलना गांव में बुधवार सुबह क्रांति सेना महिला मोर्चा की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिला कार्यकर्ताओं की मौजूदगी ने संगठन की सक्रियता और विस्तार को स्पष्ट रूप से दर्शाया। यह बैठक जिला प्रभारी रानी चौधरी के आवास पर आयोजित हुई, जहां संगठन की आगामी रणनीति, महिला सशक्तिकरण और राजनीतिक भागीदारी को लेकर विस्तृत मंथन किया गया। बैठक में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, क्रांति सेना के अध्यक्ष मुकेश त्यागी, नगर अध्यक्ष देवेंद्र चौहान सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की भागीदारी खास तौर पर उल्लेखनीय रही, जहां उन्होंने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव सामने रखे। बैठक में महिला मोर्चा की जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी, क्रांति सेना के अध्यक्ष मुकेश त्यागी, नगर अध्यक्ष देवेंद्र चौहान सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कार्यक्रम में ग्रामीण क्षेत्र की महिलाओं की भागीदारी खास तौर पर उल्लेखनीय रही, जहां उन्होंने खुलकर अपनी समस्याएं और सुझाव सामने रखे। बैठक के दौरान तीन प्रमुख मुद्दों पर गंभीर चर्चा हुई, जिनमें महिलाओं के खिलाफ बढ़ते अपराधों पर सख्त कानून लागू करने की मांग, ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए योजनाओं का विस्तार और आगामी 2027 विधानसभा चुनाव में महिलाओं को 50 प्रतिशत टिकट देने का प्रस्ताव प्रमुख रहा। जिलाध्यक्ष पूनम चौधरी ने अपने संबोधन में कहा कि अब समय बदल चुका है और महिलाएं अपने अधिकारों के लिए खुलकर आगे आ रही हैं। उन्होंने कहा कि क्रांति सेना महिला मोर्चा हर जिले में महिला कमांडो यूनिट गठित करने की योजना पर काम करेगा, जिससे महिलाएं न केवल आत्मरक्षा के लिए सक्षम हों, बल्कि अन्य महिलाओं की सुरक्षा में भी सहयोग कर सकें। बैठक के दौरान कई महत्वपूर्ण संकल्प भी पारित किए गए, जिनमें पूरे उत्तर प्रदेश में “बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ, बेटी लड़ाओ” अभियान को व्यापक स्तर पर चलाने का निर्णय लिया गया। इसके साथ ही संगठन को जमीनी स्तर तक मजबूत करने के लिए हर ब्लॉक स्तर पर महिला मोर्चा की इकाइयों के गठन का भी निर्णय लिया गया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिला कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने और समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित महिला कार्यकर्ताओं ने एकजुट होकर संगठन को मजबूत करने और समाज में महिलाओं की भूमिका को और अधिक सशक्त बनाने का संकल्प लिया।
सुल्तानपुर में कूरेभार थाना क्षेत्र में पुलिस स्टेशन से मात्र 100 मीटर की दूरी पर एक ऑटो पार्ट्स की दुकान में चोरी हो गई। चोरों ने दुकान का ताला तोड़कर हजारों रुपये नकद और अन्य सामान चुरा लिए। इस घटना से स्थानीय व्यापारियों में रोष और भय का माहौल है। यह घटना 5 मई की रात करीब 11:55 बजे कोड़ियांवा निवासी सुधीर कुमार पुत्र चंद्रभान की श्रीराम ऑटो पार्ट्स नामक दुकान में हुई, जो कूरेभार बाजार में ब्लॉक गेट के पास स्थित है। चोरों ने काउंटर में रखे लगभग 20 हजार रुपये नकद सहित अन्य कीमती सामान चुरा लिए। चोरी की यह पूरी वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। फुटेज में दो संदिग्ध युवकों की गतिविधियां स्पष्ट रूप से दिखाई दे रही हैं, जिससे पुलिस को उनकी पहचान करने में सहायता मिलने की उम्मीद है। पीड़ित सुधीर कुमार ने कूरेभार थाने में लिखित तहरीर दी है, जिसके आधार पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और सीसीटीवी फुटेज की गहनता से जांच की जा रही है। इस घटना के बाद आसपास के दुकानदारों में दहशत फैल गई है और सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इससे पहले, 26 अप्रैल को शहर में एसपी ऑफिस से 100 मीटर दूर एक डॉक्टर के आवास पर भी चोरी की घटना हुई थी, जिसमें अब तक पुलिस के हाथ खाली हैं। बीते 26 अप्रैल को वरिष्ठ बाल रोग विशेषज्ञ डॉक्टर संजय मिश्रा के आवास पर चोरों ने पड़ोस की दीवार से सेंधमारी कर प्रवेश किया था। चोर अलमारी का ताला तोड़कर लाखों की ज्वेलरी और लाखों रुपये नकद चुराकर फरार हो गए थे।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज प्रतापगढ़ के छोटी सादड़ी के बंबोरी गांव पहुंचेंगे। यहां वे ग्रामीणों से संवाद करेंगे और क्षेत्र के विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। मुख्यमंत्री ग्राम विकास चौपाल में भाग लेंगे और वहीं रात्रि विश्राम करेंगे। मुख्यमंत्री बुधवार दोपहर 3:30 बजे जयपुर से विशेष विमान द्वारा उदयपुर पहुंचेंगे। वहां से वे हेलीकॉप्टर से शाम 4:45 बजे बंबोरी पहुंचेंगे, फिर कार से राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल के लिए पहुंचेंगे। महिलाओं, ग्रामीणों, किसानों, युवाओं से संवाद करेंगे कलेक्टर शुभम चौधरी ने बताया- मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा आज शाम 5:00 बजे से 7:30 बजे तक बंबोरी के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में ग्राम विकास चौपाल में शामिल होंगे। ग्राम विकास चौपाल में मुख्यमंत्री स्वयं सहायता समूह की महिलाओं, ग्रामीण किसानों और युवाओं के साथ सीधा संवाद करेंगे ढाई घंटे के इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ग्रामीणों की समस्याएं सुनेंगे और सरकारी योजनाओं को लेकर फीडबैक लेंगे। रात के समय वे लोगों के घरों पर जाकर उनके रहन-सहन और आवास की जानकारी लेंगे। अगले दिन सुबह जाने से पहले मुख्यमंत्री किसानों के खेतों पर जाकर कृषि संबंधी जानकारी भी लेंगे। स्कूल परिसर में सुरक्षा और व्यवस्थाएं चाक-चौबंद जिले में इस तरह का यह पहला कार्यक्रम है। मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन और स्कूल परिसर में सुरक्षा और अन्य व्यवस्थाएं चाक-चौबंद कर दी गई हैं। मुख्यमंत्री के दौरे के लिए अतिरिक्त जिला कलेक्टर विजयेश कुमार पंडया को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। पूर्व मंत्री और निंबाहेड़ा विधायक श्रीचंद कृपलानी और जिला अध्यक्ष महावीर सिंह कृष्णावत सहित जिले के अधिकारियों ने विभिन्न व्यवस्थाओं का जायजा लिया।
सीतापुर में जिलाधिकारी राजागणपति आर ने बुधवार को विकास खण्ड महोली के अंतर्गत आयुष्मान आरोग्य मंदिर केन्द्र उरदौली में वीएचएसएनडी सत्र का औचक निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने आंगनबाड़ी कार्यकत्री से संवाद करते हुए वजन मशीन समेत अन्य उपकरणों की जानकारी ली और उनका परीक्षण भी किया। जिलाधिकारी ने एचआरपी रजिस्टर का अवलोकन किया, जो पिछले चार महीनों से प्रयोग में नहीं पाया गया। इस पर उन्होंने कड़ी नाराजगी जताते हुए संबंधित एएनएम मधू के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं आंगनबाड़ी कार्यकत्री के रजिस्टर में ड्यू लिस्ट की जांच के दौरान त्रुटियां मिलने पर तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने एक गर्भवती महिला से दूरभाष पर बात कर उसे दिए जा रहे उपचार का फीडबैक भी लिया। साथ ही आंगनबाड़ी सहायिका मनोरमा और आशा कार्यकत्री किरन द्वारा कार्यों में लापरवाही व अरुचि पाए जाने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। उन्होंने सीएचओ प्रज्ञा त्रिवेदी से ओपीडी व बीपी रजिस्टर का निरीक्षण करते हुए स्वास्थ्य सेवाओं की जानकारी ली तथा क्षेत्र की जनसंख्या संबंधी विवरण भी प्राप्त किया। इसके बाद जिलाधिकारी ने प्राथमिक विद्यालय उरदौली प्रथम का औचक निरीक्षण किया। यहां उन्होंने बच्चों की उपस्थिति रजिस्टर की जांच की और कक्षा में जाकर विद्यार्थियों से बातचीत की। कक्षा-1 के एक छात्र से पुस्तक पढ़वाकर उसकी शैक्षिक प्रगति का आकलन किया। मिड-डे मील की गुणवत्ता जांचने के लिए वह रसोईघर भी पहुंचे, जहां उन्होंने भोजन का निरीक्षण किया और रसोइया को निर्देश दिया कि मीन्यू के अनुसार ही भोजन तैयार किया जाए तथा साफ-सफाई का विशेष ध्यान रखा जाए। इस दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. अनूप श्रीवास्तव, जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अखिलेश प्रताप सिंह सहित अन्य संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
जांजगीर-चांपा जिले में 11वीं कक्षा के छात्र शिवम साहू ने मंगलवार शाम कुदरी बैराज से हसदेव नदी में छलांग लगा दी। बताया जा रहा है कि वह परीक्षा परिणाम खराब आने से परेशान था। घटना से पहले छात्र ने अपने दोस्त को फोन पर बैराज में कूदने की बात बताई थी। शाम करीब 4 बजे एक ऑटो चालक ने युवक को बैराज के गहरे पानी में छलांग लगाते देखा, जिसके बाद उसने पुलिस को सूचना दी। बच्चे के तलाश अब भी जारी है सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन की टीम मौके पर पहुंची। तहसीलदार प्रशांत पटेल और कुदरी सरपंच की मौजूदगी में बचाव अभियान शुरू किया गया। नगर सैनिक गोताखोरों की टीम बोर वाली कैमरे की मदद से छात्र की तलाश कर रही है। हालांकि, अभी तक छात्र का कोई सुराग नहीं मिल सका है।
चंडीगढ़ के एस्टेट ऑफिस ने कर्मचारियों के लिए ड्रेस कोड को लेकर आदेश जारी किए हैं। अब ग्रुप ‘C’ और पूर्व ग्रुप ‘D’ श्रेणी के कर्मचारियों के लिए यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य कर दिया गया है। यह नियम 4 मई 2026 से लागू हो चुका है। ऑफिस ऑर्डर के मुताबिक, भारत सरकार के कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत पहले ही कर्मचारियों को ड्रेस अलाउंस दिया जा रहा है। यह सुविधा ड्राइवर, रेस्टोरर, दफ्तरी, प्रोसेस सर्वर, चपरासी और सफाई कर्मचारियों को मिलती है, बशर्ते वे नियमित रूप से यूनिफॉर्म पहनें। इसके लिए कर्मचारियों से लिखित आश्वासन भी लिया गया था। कई कर्मचारी नहीं कर रहे थे पालन चंडीगढ़ प्रशासन के ध्यान में यह बात आई कि कई कर्मचारी ड्यूटी के दौरान तय यूनिफॉर्म नहीं पहन रहे थे। जबकि उन्हें पहले ही यूनिफॉर्म पहनना अनिवार्य किया गया था और इसके लिए ड्रेस अलाउंस भी दिया जा रहा है। इसे नियमों की अनदेखी मानते हुए एस्टेट ऑफिस ने दोबारा सख्त निर्देश जारी किए हैं। अब साफ कर दिया गया है कि सभी कर्मचारियों को हर हाल में निर्धारित यूनिफॉर्म पहननी होगी। प्रशासन का कहना है कि ऐसा इसलिए किया गया है ताकि दफ्तर में अनुशासन बना रहे, सभी कर्मचारी एक जैसी पहचान में दिखें और कामकाज में पारदर्शिता बनी रहे। अगर कोई कर्मचारी अब भी यूनिफॉर्म नहीं पहनता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। काली पैंट-आसमानी शर्ट होगी यूनिफॉर्म चंडीगढ़ एस्टेट ऑफिस के नए निर्देशों के अनुसार अब सभी संबंधित कर्मचारियों को ड्यूटी के दौरान तय यूनिफॉर्म पहनना जरूरी होगा। यह नियम सिर्फ स्थायी (रेगुलर) कर्मचारियों पर ही नहीं, बल्कि आउटसोर्स पर काम कर रहे कर्मचारियों पर भी लागू होगा। यूनिफॉर्म के तौर पर काली पैंट और आसमानी रंग की शर्ट पहनना अनिवार्य किया गया है। यानी जो भी कर्मचारी इस श्रेणी में आते हैं, उन्हें रोज ऑफिस आते समय यही ड्रेस पहननी होगी। प्रशासन का मानना है कि एक जैसी यूनिफॉर्म से कर्मचारियों की पहचान आसानी से हो सकेगी, दफ्तर में अनुशासन बना रहेगा और कामकाज भी ज्यादा व्यवस्थित तरीके से होगा। अगर कोई कर्मचारी इस नियम का पालन नहीं करता है, तो उसके खिलाफ कार्रवाई भी की जा सकती है। पहचान और अनुशासन बढ़ाने की पहल प्रशासन का कहना है कि यूनिफॉर्म लागू करने का उद्देश्य कार्यालय में अनुशासन, पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ाना है। इससे आम लोगों को कर्मचारियों की पहचान करने में भी आसानी होगी और सेवाओं की गुणवत्ता में सुधार आएगा। फिलहाल इस फैसले को लेकर कर्मचारियों के बीच मिश्रित प्रतिक्रिया देखने को मिल रही है। कुछ इसे जरूरी कदम मान रहे हैं, तो कुछ इसे अतिरिक्त सख्ती के तौर पर देख रहे हैं। प्रशासन ने साफ कर दिया है कि नियमों का पालन हर हाल में सुनिश्चित किया जाएगा।
जमशेदपुर के टाटानगर रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 3 पर बुधवार को एक युवक हाई टेंशन तार की चपेट में आने से गंभीर रूप से झुलस गया। यह घटना तब हुई, जब युवक प्लेटफॉर्म पर खड़ी एक मालगाड़ी पर चढ़ गया। घटना के तुरंत बाद, रेलवे कर्मियों और स्थानीय लोगों की मदद से युवक को रेलवे अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद, उसकी गंभीर हालत को देखते हुए उसे एमजीएम मेडिकल कॉलेज अस्पताल रेफर कर दिया गया। पहले देखिए घटना से संबंधित चार तस्वीरें युवक प्लेटफॉर्म पर कैसे पहुंचा, जांच कर रही आरपीएफ इस मामले की जांच रेलवे सुरक्षा बल (RPF) द्वारा की जा रही है। आरपीएफ स्टेशन पर लगे सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है, ताकि यह पता चल सके कि युवक प्लेटफॉर्म पर कैसे पहुंचा और किन परिस्थितियों में यह हादसा हुआ। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, युवक की मानसिक स्थिति ठीक नहीं होने की आशंका जताई जा रही है। पुलिस फिलहाल पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
पीलीभीत के थाना सुनगढ़ी क्षेत्र स्थित स्प्रिंगडेल पब्लिक स्कूल में शिक्षा के अधिकार (आरटीई) के तहत पढ़ रही एक छात्रा के साथ भेदभाव और दुर्व्यवहार का गंभीर मामला सामने आया है। एक अभिभावक ने जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र देकर आरोप लगाया है। स्कूल के प्रधानाचार्य और स्टाफ ने उनकी 6 वर्षीय बहन को बिना परिजनों की सहमति के स्कूल से बाहर निकाल दिया और विरोध करने पर अभद्रता व धमकी दी। छतरी चौराहा निवासी आकाश राठौर ने जिलाधिकारी को दिए शिकायती पत्र में बताया कि उनकी छोटी बहन पायल राठौर (लगभग 6 वर्ष) का दाखिला सरकारी योजना आरटीई के तहत बल्लभनगर स्थित स्प्रिंगडेल पब्लिक स्कूल में हुआ था। आरोप है कि 5 मई 2026 को दोपहर करीब 12:50 बजे स्कूल प्रबंधन ने बच्ची को बिना किसी पूर्व सूचना या परिजनों की मौजूदगी के स्कूल गेट से बाहर कर दिया। मासूम बच्ची जब अकेले घर पहुंची, तो परिजन उसे देखकर हैरान रह गए। बच्ची ने बताया कि स्कूल स्टाफ ने उसे जबरन छुट्टी के समय गेट से बाहर निकाल दिया था। आवेदक आकाश राठौर का कहना है कि जब वे इस मामले की शिकायत लेकर स्कूल पहुंचे, तो प्रधानाचार्य ने उनके साथ अमर्यादित भाषा का प्रयोग किया। शिकायतकर्ता के अनुसार, प्रधानाचार्य ने धमकी देते हुए कहा, तुम्हारा बच्चा आरटीई का छात्र है, हम उसे जब चाहे स्कूल से निकाल देंगे। हमें कानून मत पढ़ाओ, यहां के डीएम हम ही हैं। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया है कि स्कूल प्रशासन एंट्री रजिस्टर पर हस्ताक्षर कराए बिना ही छोटे बच्चों को सड़क पर छोड़ देता है, जिससे किसी भी अनहोनी की आशंका बनी रहती है। पीड़ित पक्ष ने जिलाधिकारी से इस मामले में स्कूल के प्रधानाचार्य और संबंधित स्टाफ के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने यह भी अनुरोध किया है कि स्कूल को भविष्य में बच्चों या उनके अभिभावकों के साथ इस तरह का दुर्व्यवहार न करने का निर्देश दिया जाए। प्रार्थना पत्र के साथ पीड़ित ने घटना से संबंधित वीडियो साक्ष्य होने का भी दावा किया है। अब देखना यह होगा कि शिक्षा विभाग और जिला प्रशासन इस संवेदनशील मामले में क्या कदम उठाता है। पूरे मामले पर जब बेसिक शिक्षा अधिकारी रोशनी सिंह से बात की गई तो उन्होंने बताया कि जिलाधिकारी स्तर से अगर मामले की जांच के आदेश दिए जाएंगे तो निश्चित जांच के आधार पर कार्रवाई होगी।
फतेहपुर के गाजीपुर थाना क्षेत्र में बुधवार तड़के 3 बजे बारातियों से भरी स्कूल बस की डंपर से टक्कर हो गयी। जिसमें 19 बाराती जख्मी हो गए है, जिनमें 5 की हालत नाजुक बताई जा रही है। बताया जा रहा है कि यह हादसा ड्राइवर को झपकी आने से हुआ है। जिसकी वजह से बस सड़क किनारे खड़े डंपर में जा घूसी। हादसे की सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उनका उपचार जारी है। ड्राइवर को झपकी आने से हुआ हादसा बारातियों से भरी स्कूल बस सिमौर के किशनपुर थाना इलाके के सिलमी सिकरिहा गांव गई थी। वहां से वापसी के दौरान जब बस बंवारा पेट्रोल पंप के पास पहुंची तो ड्राइवर को झपकी आ गयी। जिसकी वजह से बस ने नियंत्रण खो दिया और सड़क किनारे खड़े डंपर में जा घूसी। हादसे में घायल बाराती हादसे में घायल होने वालों में श्याम (25), अजीत (24), राजा (55, बड़ागांव), रामनरेश (27), सुरेश (40), रामनारायण (55), घनश्याम, रामसिंह (47, बड़ागांव), सुमित (10), सुल्तान (50), बस चालक (सिमौर), सज्जन (17), नीरज (25), शिव नरेश, प्रिंस (11, बेंसडी), मोहन (20), धनपाल (46), श्यामू, नरेश चंद्र (60, कंधिया) और सचिन (16, बेंसडी) शामिल हैं। पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही बंवारा गांव के स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और राहत कार्य शुरू किया। ग्रामीणों ने तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और एम्बुलेंस की सहायता से सभी घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और दुर्घटना के कारणों का पता लगाया जा रहा है। खबर अपडेट की जा रही है…
फतेहपुर में एक टाइल्स मिस्त्री अपने घर में संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे पर लटका मिला। परिजनों ने इसे हत्या बताते हुए आशंका जताई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। यह घटना फतेहपुर जिले के राधा नगर थाना क्षेत्र के माला का मोड़ के पास हुई। मृतक की पहचान 40 वर्षीय रमेश गौतम पुत्र रामराज गौतम के रूप में हुई है। वह बीती रात अपने घर के अंदर फंदे पर लटका हुआ मिला। सुबह जब परिजनों को इसकी जानकारी हुई, तो मृतक के पिता ने थाने में सूचना दी। मृतक रमेश कुमार गौतम के पिता रामराज गौतम ने बताया कि उनके बेटे की पहली शादी 2003 में कमलेश कुमारी से हुई थी, जिन्होंने पारिवारिक कारणों से परेशान होकर आत्महत्या कर ली थी। पहली पत्नी से रमेश की एक 20 वर्षीय बेटी है, जो बीए कर चुकी है। रमेश की दूसरी शादी 2018 में कमलेश की छोटी बहन गुड़िया से हुई, जिससे उनका एक 5 वर्षीय पुत्र है। रमेश टाइल्स मिस्त्री का काम करता था और सऊदी अरब में काम करने के बाद दीपावली पर फतेहपुर लौट आया था। वह शहर में मकान बनवाकर यहीं काम कर रहा था। उसके साथ उसका साला अजय, समधी मैयादिन और बुआ का लड़का राम आसरे भी काम करते थे। पिता रामराज गौतम ने आशंका जताई है कि उनके बेटे ने फांसी नहीं लगाई, बल्कि उसकी हत्या कर शव को फंदे पर लटकाया गया है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है। थाना प्रभारी श्याम सुंदर श्रीवास्तव ने बताया कि युवक द्वारा फांसी लगाने की सूचना पहले डायल 112 पर दी गई थी। बाद में रात में मृतक के पिता ने थाने आकर सूचना दी। उन्होंने कहा कि शव की पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
हाथरस में आज राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) ने पूर्व केंद्रीय मंत्री और पार्टी के संस्थापक चौधरी अजीत सिंह की पुण्यतिथि मनाई। इस अवसर पर बागला जिला अस्पताल के ब्लड बैंक में रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया, जहां कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की और रक्तदान किया। रालोद के जिलाध्यक्ष श्याम सिंह सहित कुल 51 लोगों ने इस शिविर में रक्तदान किया। पार्टी नेताओं ने चौधरी अजीत सिंह को किसानों का मसीहा बताते हुए उनके योगदान को याद किया। जिलाध्यक्ष श्याम सिंह ने कहा कि चौधरी अजीत सिंह ने हमेशा किसानों की आवाज उठाई और उनके हितों के लिए संघर्ष किया। पूर्व ब्लॉक प्रमुख गिरेंद्र चौधरी ने कहा कि यह चौधरी अजीत सिंह की पांचवीं पुण्यतिथि है और उन्होंने जीवन भर किसानों की लड़ाई लड़ी। जिला पंचायत सदस्य ईशान चौधरी ने भी रक्तदान शिविर के आयोजन को चौधरी अजीत सिंह के किसान-हितैषी कार्यों को समर्पित बताया। उन्होंने कहा कि अजीत सिंह ने किसानों के मुद्दों को उठाया और उनके हक की लड़ाई लड़ी। इस मौके पर पार्टी के जिला महासचिव बंटी भैया, भुवनेश्वर सिंह, अनिल कुमार, सतीश चंद्र, कन्हैया चौधरी, लोकेश, अजय सिंह, अमित कुमार, प्रमोद कुमार, लोकेंद्र कुमार, श्याम सुंदर राणा, सोबरन सिंह और नारायण सिंह सहित काफी कार्यकर्ता मौजूद रहे।
महोबा में 15 वर्षीय किशोरी 5 दिन से लापता:परिजन एसपी कार्यालय पहुंचे, आरोपियों पर कार्रवाई की मांग
महोबा के रतौली गांव में एक 15 वर्षीय किशोरी के लापता होने का मामला सामने आया है। किशोरी 1 मई से लापता है और 5 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को उसका कोई सुराग नहीं मिला है। परेशान परिजन अपनी बेटी की सकुशल बरामदगी और आरोपियों पर कार्रवाई की मांग को लेकर पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचे। किशोरी के पिता मंगल के अनुसार, 1 मई को गांव के ही दो युवक उनकी नाबालिग बेटी को बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गए। घटना के समय किशोरी घर पर अकेली थी। किशोरी कक्षा 9 में पढ़ती है। पीड़ित पिता मंगल ने बताया कि घटना के अगले ही दिन यानी 2 मई को कोतवाली में मुकदमा अपराध संख्या 190/2026 के तहत धारा 137(2) बीएनएस में मामला दर्ज किया गया था। परिजनों का आरोप है कि पुलिस की कार्रवाई केवल कागजों तक सीमित है और 5 दिन बाद भी कोई ठोस प्रगति नहीं हुई है। किशोरी की मां कौशल्या ने अपनी बेटी की सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है। स्थानीय थाने से मदद न मिलने पर परिवार ने पुलिस अधीक्षक को शिकायती पत्र सौंपा है। उन्होंने एसपी से बेटी की जल्द बरामदगी और आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
पलवल के सौंध गांव में बिजली का खंभा लगाते समय करंट लगने से एक कर्मी की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक के परिजनों की शिकायत पर मुंडकटी थाना पुलिस ने बिजली विभाग के लाइनमैन, जेई और एसडीओ के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान इनायतपुर गांव निवासी तौसिफ के रूप में हुई है, जो बिजली विभाग के ठेकेदार रज्जाक के साथ काम करता था। सोमवार को तौसिफ अपने साथी मोमिन और रोबिन के साथ सौंध गांव में बिजली का खंभा लगाने का कार्य कर रहा था। शिकायत के अनुसार, काम शुरू करने से पहले लाइनमैन वीरेंद्र ने तौसिफ और उसके साथियों को आश्वासन दिया था कि बिजली की लाइन काट दी गई है और इसके लिए परमिट भी लिया जा चुका है। इसी आश्वासन पर तौसिफ ने जैसे ही खंभा गाड़ना शुरू किया, उसे तेज करंट लगा और उसकी मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों ने लगाया अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि यह हादसा बिजली विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों, जिनमें लाइनमैन वीरेंद्र, जेई रणबीर और एसडीओ राजेश शामिल हैं, की लापरवाही के कारण हुआ है। मुंडकटी थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मृतक के चाचा अजरूद्दीन की शिकायत पर तत्काल कार्रवाई करते हुए संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
बारां शहर स्थित जिला कलेक्ट्रेट को एक बार फिर बम से उड़ाने की धमकी मिली है। बुधवार को मिली इस सूचना के बाद प्रशासन अलर्ट पर आ गया। कोतवाली पुलिस और उच्चाधिकारियों ने तुरंत मोर्चा संभाला। एहतियात के तौर पर पूरे कलेक्ट्रेट परिसर को खाली कराकर सुरक्षित घेराबंदी की गई। धमकी की सूचना मिलते ही कोटा से बम निरोधक दस्ता और डॉग स्क्वायड की टीमें मौके पर पहुंचीं। इसके साथ ही दमकल विभाग और एम्बुलेंस को भी तैनात किया गया। जांच टीमों ने पूरे परिसर में गहन तलाशी अभियान चलाया। एएसपी राजेश चौधरी ने बताया कि कलेक्टर कार्यालय को एक धमकी भरा ईमेल मिला था, जिसमें कलेक्ट्रेट परिसर में बम रखे होने की चेतावनी दी गई थी। बारां पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए परिसर को खाली कराया और कोटा बम निरोधक दस्ते व डॉग स्क्वायड टीम से गहनता से जांच करवाई। अब तक की जांच में कोई संदिग्ध वस्तु बरामद नहीं हुई है। फिलहाल, साइबर सेल ईमेल के स्रोत की जांच कर आरोपी का पता लगाने में जुटी है। पुलिस ने आमजन से शांति बनाए रखने और किसी भी प्रकार की अफवाहों पर विश्वास न करने की अपील की है। गौरतलब है कि दो दिन पहले सोमवार को भी ऐसे ही धमकी भरे ईमेल मिले थे। उन ईमेल में बारां कलेक्ट्री और कोर्ट को उड़ाने की धमकी दी गई थी, लेकिन उस जांच में भी कोई संदिग्ध सामग्री नहीं मिली थी।
कोंडागांव जिले में प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना (पीएमजीएसवाई) फेज-4, बैच-01 के तहत 38 करोड़ 37 लाख रुपए की लागत से बनने वाली सड़कों का भूमिपूजन वन मंत्री केदार कश्यप ने किया। इन सड़कों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में आवागमन सुगम होगा और विकास को नई गति मिलेगी। योजना के अंतर्गत ग्राम खड़पड़ी में एल-224 कोंडागांव-कोरमेल रोड के आरडी 43 किमी से पटेलपारा खड़पड़ी मार्ग (लंबाई 3.80 किमी, लागत 339.62 लाख रुपए) का भूमिपूजन किया गया। इसी प्रकार ग्राम मटवाल में वेतबेड़ा रोड से ढोलमांदरी तक 5.50 किमी लंबी सड़क (लागत 503.36 लाख रुपए), कुधूर से पटेलपारा मुण्डीपदर तक 3 किमी सड़क (लागत 287.80 लाख रुपए) और खशपारा खचगांव गोदाम से मांझीपारा तक 3.62 किमी सड़क (लागत 335.04 लाख रुपए) का भी भूमिपूजन हुआ। खोड़सानार क्षेत्र में दो सड़कों का भूमिपूजन इसके अलावा ग्राम खोड़सानार में पल्ली-बारसुर रोड से कीलम मार्ग (लंबाई 3.90 किमी, लागत 388.08 लाख रुपए) और खोड़सानार से पदेली मार्ग (लंबाई 3.08 किमी, लागत 225.42 लाख रुपए) का भूमिपूजन किया गया। लखापुरी, नहकानार और छोटेउसरी में सड़क निर्माण की शुरुआत ग्राम लखापुरी से एहरा तक 7 किमी सड़क (लागत 685.89 लाख रुपए), ग्राम नहकानार में बयानार रोड से नहकानार तक 3.30 किमी सड़क (लागत 310.95 लाख रुपए) और ग्राम छोटेउसरी से टिमेनार तक 2.50 किमी सड़क (लागत 235.35 लाख रुपए) का भी भूमिपूजन हुआ। रेंगागोदी-बड़को और टेमरुगांव में नए मार्गों का शुभारंभ रेंगागोदी के आश्रित ग्राम बड़को में बयानार रोड से बड़को मार्ग (लंबाई 2.70 किमी, लागत 223.52 लाख रुपए) और ग्राम टेमरुगांव मंदिर पारा में पुजारी पारा से कटुल पारा तक 2.96 किमी सड़क (लागत 302.22 लाख रुपए) के निर्माण कार्य का शुभारंभ किया गया। मंत्री बोले- बस्तर में विकास तेज, माओवाद पर नियंत्रण वन मंत्री केदार कश्यप ने कहा कि राज्य शासन की नीतियों के कारण बस्तर अब माओवाद से मुक्त हुआ है और यहां तेजी से विकास कार्य शुरू हो रहे हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में क्षेत्र में अधोसंरचना विकास को प्राथमिकता दिए जाने की बात कही, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में रोजगार के अवसर बढ़ेंगे और लोगों का जीवन स्तर बेहतर होगा। राज्यपाल की समीक्षा बैठक, जल संरक्षण पर जोर राज्यपाल रमेन डेका ने मंगलवार को कोंडागांव जिले के जिला कार्यालय सभाकक्ष में जिला और विकासखंड स्तरीय अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने जल संरक्षण, पर्यावरण संरक्षण के लिए जल संचयन और अधिक पौधरोपण पर विशेष जोर दिया। साथ ही ग्रामीण आजीविका को सुदृढ़ करने के प्रयासों पर भी बल दिया। राज्यपाल ने अधिकारियों को आम नागरिकों की समस्याओं का समाधान मानवीय संवेदना के साथ करने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा कि माओवाद समाप्त होने के बाद हालात बदल चुके हैं। अब सभी अधिकारी शासन की फ्लैगशिप योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाएं। बुनियादी सुविधाओं के विकास में जिम्मेदारियों का बेहतर निर्वहन करने पर जोर दिया।राज्यपाल ने गांवों में वर्षा से पहले और बाद जल स्तर का आकलन अनिवार्य करने को कहा। प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत बनने वाले मकानों में रेन हार्वेस्टिंग संरचना जोड़ने के निर्देश दिए। एनसीसी से जोड़ने पर जोर विद्यार्थियों को एनसीसी से जोड़ने के लिए प्रेरित करने को कहा, ताकि अनुशासन, देशभक्ति बढ़े। विशेष पिछड़ी जनजाति समूह को प्रधानमंत्री जन मन योजना के जरिए योजनाओं का शत-प्रतिशत लाभ देने के निर्देश दिए। स्व सहायता समूह उत्पादों की मार्केटिंग पर फोकस ग्रामीण, शहरी क्षेत्रों में महिलाओं के कौशल विकास, आजीविका बढ़ाने पर जोर दिया। स्व सहायता समूहों के उत्पादों में मूल्य संवर्धन, बेहतर मार्केटिंग चेन विकसित करने के निर्देश दिए। जैविक खेती उत्पादों के लिए सप्लाई चेन तैयार करने पर भी जोर दिया। योग को दिनचर्या में शामिल करने, महिलाओं के स्वास्थ्य पर ध्यान राज्यपाल ने योग को दैनिक जीवन का हिस्सा बनाने, विद्यार्थियों को प्रेरित करने के निर्देश दिए। बालिकाओं, महिलाओं के बेहतर स्वास्थ्य पर विशेष ध्यान देने की बात कही।
सोनभद्र के रॉबर्ट्सगंज कोतवाली क्षेत्र स्थित सहारा हॉस्पिटल एंड सर्जिकल सेंटर में 27 वर्षीय महिला की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका के परिजनों ने अस्पताल प्रशासन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही तथा गलत इंजेक्शन लगाने का आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल परिसर में हंगामा हुआ, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। जानकारी के अनुसार,केकराही क्षेत्र के बसवान गांव निवासी रुक्मिणी पटेल (27) को पेट दर्द और उल्टी की शिकायत के बाद उनके पति जितेंद्र पटेल ने सहारा हॉस्पिटल में भर्ती कराया था। जितेंद्र पटेल ने बताया कि भर्ती के समय उनकी पत्नी सामान्य रूप से बात कर रही थी और उसे पेट दर्द के अलावा कोई गंभीर बीमारी नहीं थी। परिजनों का आरोप है कि इलाज के नाम पर रुक्मिणी को केवल पानी में दवा घोलकर चढ़ाई जाती रही। उनकी हालत बिगड़ने पर भी न तो कोई विशेष उपचार किया गया और न ही उन्हें किसी बड़े अस्पताल में रेफर किया गया। अस्पताल में नहीं था कोई डॉक्टर जितेंद्र पटेल के अनुसार, रात में अचानक रुक्मिणी की हालत खराब होने लगी। जब डॉक्टर को बुलाने का प्रयास किया गया तो अस्पताल में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं मिला। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि इलाज के दौरान महिला को गलत इंजेक्शन लगाया गया। जिसके बाद उसकी तबीयत और बिगड़ गई। सुबह करीब छह बजे अस्पताल कर्मचारी मरीज को आईसीयू में ले गए, जहां उसकी मौत हो चुकी थी। जिससे परिजनों का आक्रोश बढ़ गया। मृतका अपने पीछे तीन छोटी बच्चियों को छोड़ गई है, जिनमें एक पांच महीने की दुग्धमुंही बच्ची भी शामिल है। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई और न्याय की मांग की है।
साइबर अपराधियों ने सुल्तानपुर में भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का कर्मचारी बनकर एक युवक से 1.28 लाख रुपये की ठगी की है। यह धोखाधड़ी क्रेडिट कार्ड अपडेट करने के बहाने लिंक भेजकर की गई। पीड़ित की शिकायत पर साइबर थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना लंभुआ कोतवाली क्षेत्र के निवासी अभिषेक साहू पुत्र राजबहादुर साहू के साथ हुई। अभिषेक के पास एक अज्ञात नंबर से फोन आया, जिसमें फोन करने वाले ने खुद को एसबीआई का कर्मचारी बताया। जालसाज ने अभिषेक का विश्वास जीतने के लिए उनके क्रेडिट कार्ड के आखिरी चार अंक और जन्मतिथि जैसी गोपनीय जानकारी साझा की। इससे पीड़ित को लगा कि कॉल बैंक से ही है। इसके बाद, जालसाज ने क्रेडिट कार्ड अपडेट करने का बहाना बनाकर अभिषेक के मोबाइल पर एक लिंक भेजा और उसे खोलने के लिए कहा। जैसे ही अभिषेक ने वह लिंक खोला, उनके क्रेडिट कार्ड से पांच अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से कुल 1,28,987 रुपये कट गए। धोखाधड़ी का पता चलते ही पीड़ित अभिषेक ने तत्काल साइबर हेल्पलाइन नंबर 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद उन्होंने साइबर थाना सुल्तानपुर में लिखित तहरीर दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए धोखाधड़ी और संबंधित धाराओं में मुकदमा पंजीकृत कर लिया है। मामले की जांच निरीक्षक यदुवीर सिंह को सौंपी गई है। साइबर थाना पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे किसी भी अज्ञात लिंक पर क्लिक न करें और न ही फोन पर किसी को अपनी बैंकिंग जानकारी या ओटीपी साझा करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि बैंक कभी भी ग्राहकों से लिंक के माध्यम से व्यक्तिगत जानकारी नहीं मांगते हैं।
वल्लभनगर में भारत सरकार द्वारा आयोजित राष्ट्रीय जनगणना-2027 का पहला चरण 1 मई से राजस्थान में शुरू हो गया है। इस चरण में, नागरिकों को 1 मई से 15 मई तक ऑनलाइन स्व-गणना की सुविधा प्रदान की गई है। वल्लभनगर उपखण्ड जनगणना अधिकारी एवं उपखण्ड मजिस्ट्रेट किरण पाल ने क्षेत्र के नागरिकों से इस महत्वपूर्ण कार्य में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की है। नागरिक स्वयं se.census.gov.in वेबसाइट पर जाकर अपना विवरण दर्ज कर सकते हैं। 34 बिंदुओं पर सूचनाएं प्राप्त की जाएंगी ऑनलाइन स्व-गणना के बाद, 16 मई से 14 जून की अवधि के दौरान नियुक्त प्रगणक घर-घर जाकर मकान सूचीकरण और गणना का कार्य करेंगे। उपखण्ड अधिकारी ने बताया कि प्रगणकों द्वारा नागरिकों से 34 बिंदुओं पर आधारित सूचनाएं प्राप्त की जाएंगी। उन्होंने आश्वस्त किया कि नागरिकों द्वारा दी गई सभी जानकारियां पूरी तरह गोपनीय रखी जाएंगी। प्रशासन के अनुसार, जनगणना केवल जनसंख्या की गिनती नहीं है, बल्कि यह देश की जन-कल्याणकारी योजनाओं, संसाधनों के वितरण और विकास के रोडमैप को तैयार करने का मुख्य आधार है।
केंद्रीय कैबिनेट ने सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 33 से बढ़ाकर 37 करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। सरकार संसद के अगले सत्र में इससे जुड़ा विधेयक पेश करेगी। केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को बताया कि सुप्रीम कोर्ट में फिलहाल चीफ जस्टिस समेत 33 जजों की तय संख्या है। सरकार इसमें चार नए जज जोड़ना चाहती है। इसके लिए संसद के अगले सत्र में बिल लाया जाएगा। कैबिनेट की मंजूरी के बाद 1956 के कानून में संशोधन किया जाएगा। संविधान के अनुच्छेद 124(1) के तहत सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या बढ़ाने का अधिकार संसद के पास है। कानून लागू होने के बाद सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम नए जजों के नाम सरकार को भेजेगा। इससे पहले 2019 में सुप्रीम कोर्ट में जजों की संख्या 31 से बढ़ाकर 33 की गई थी। वहीं, 2008 में जजों की संख्या 26 से बढ़कर 31 हो गई थी। सुप्रीम कोर्ट में अभी 2 पद खाली फिलहाल सुप्रीम कोर्ट में दो पद खाली हैं। जस्टिस बी.आर. गवई नवंबर 2025 में और जस्टिस राजेश बिंदल अप्रैल 2026 में रिटायर हुए थे। आने वाले महीनों में सुप्रीम कोर्ट में तीन और पद खाली होने वाले हैं। जस्टिस जे.के. माहेश्वरी और जस्टिस पंकज मित्तल जून 2026 में रिटायर होंगे, जबकि जस्टिस संजय करोल अगस्त 2026 में सेवानिवृत्त होंगे। संविधान के अनुच्छेद 124(3) के मुताबिक, सुप्रीम कोर्ट का जज वही बन सकता है जो भारतीय नागरिक हो। इसके लिए व्यक्ति का कम से कम पांच साल तक हाईकोर्ट में जज रहना या 10 साल तक वकील के तौर पर काम करना जरूरी है। किसी प्रतिष्ठित कानून विशेषज्ञ को भी सुप्रीम कोर्ट का जज बनाया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट में 92 हजार से ज्यादा केस पेंडिंग सुप्रीम कोर्ट में इस समय 92,385 पेंडिंग मामले हैं। कोविड के बाद ई-फाइलिंग बढ़ने से मामलों की संख्या लगातार बढ़ी है। केंद्र सरकार ने 11 दिसंबर 2025 को राज्यसभा में बताया था कि देशभर के कोर्ट में कुल 5.49 करोड़ से अधिक केस पेंडिंग हैं। इसमें 90,897 मामले सुप्रीम कोर्ट और देश के 25 हाई कोर्ट में 63,63,406 मामले लंबित थे। ------------- ये खबर भी पढ़ें… सुप्रीम कोर्ट बोला- PIL अब पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन बनी:सबरीमाला केस में वकीलों ने याचिका लगाई; जज ने कहा- अपने लोगों के लिए काम करें सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि पब्लिक इंटरेस्ट लिटिगेशन (जनहित याचिका) अब प्राइवेट इंटरेस्ट और पब्लिसिटी इंटरेस्ट, पैसा इंटरेस्ट लिटिगेशन और पॉलिटिकल इंटरेस्ट लिटिगेशन बन गई हैं। यह कमेंट नौ जजों की संविधान बेंच ने केरल के सबरीमाला मंदिर से जुड़ी याचिकाओं की सुनवाई के दौरान किया। पूरी खबर पढ़ें…
महाराजपुर में शौचक्रिया को जा रही 8वीं की छात्रा को तेज रफ्तार लोडर ने टक्कर मार दी। हादसे में छात्रा की मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने छात्रा के परिजनों को जानकारी देकर शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हादसे के बाद लोडर चालक मौके से फरार हो गया। महाराजपुर, हाथीपुर गांव निवासी बृजमोहन की इलाके में चाय की दुकान है। परिवार में पत्नी किरन देवी 6 बेटियां व दो बेटे पंकज व पवन है। बृजमोहन ने बताया कि उनकी 22 वर्षीय बेटी आरती गुप्ता सुरजन सिंह इंटर कॉलेज में 8वीं की छात्रा थी। बुधवार तड़के वह शौचक्रिया के लिए जा रही थी, इस दौरान तेज रफ्तार लोडर ने आरती को टक्कर मार दी। हादसे में आरती की मौके पर ही मौत हो गई। राहगीरों की जानकारी पर महाराजपुर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे के बाद चालक मौके से फरार हो गया है, परिजनों की तहरीर पर कार्रवाई की जाएगी।
पन्ना जिला के बृजपुर थाना क्षेत्र में बुधवार को पावर हाउस के पास सड़क हादसा हुआ। तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे खड़े हाथ ठेले से टकरा गई। हादसे में एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और ठेले पर रखा सामान सड़क पर बिखर गया। शादी से लौटते समय हुआ हादसा धरमपुर निवासी प्रेम लाल गोंड (18) अपने दो साथियों के साथ एक शादी समारोह से लौट रहा था। बाइक तेज रफ्तार में थी और इसी दौरान चालक को नींद आ गई, जिससे नियंत्रण बिगड़ गया। किराना ठेले से जा टकराई बाइक अनियंत्रित बाइक गिरमानी टोला निवासी 60 वर्षीय पेशनी कोरी के किराना ठेले से जा टकराई। टक्कर इतनी तेज थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। साथी मौके से फरार हादसे के बाद बाइक पर सवार दोनों साथी घायल युवक को वहीं छोड़कर भाग गए। ठेले पर रखा किराना सामान, तेल और अन्य सामग्री सड़क पर बिखरकर खराब हो गई, जिससे बुजुर्ग को करीब 2 हजार रुपए का नुकसान हुआ। पुलिस ने घायल को पहुंचाया अस्पताल सूचना मिलने पर 112 की टीम मौके पर पहुंची। पायलट रोहित रजक और आरक्षक दिलीप शर्मा ने घायल युवक को जिला अस्पताल में भर्ती कराया। पुलिस ने बाइक जब्त कर ली है और मामले की जांच की जा रही है।
जहानाबाद जिले के घोसी प्रखंड अंतर्गत वीरुपुर गांव में बुधवार को बजरंगबली मंदिर की स्थापना के पांच वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में भव्य कलश यात्रा निकाली गई। इस अवसर पर बड़ी संख्या में महिलाओं और पुरुषों ने पारंपरिक वेशभूषा में शामिल होकर यात्रा को सफल बनाया। कलश यात्रा गांव के मंदिर प्रांगण से शुरू हुई। विधिवत पूजा-अर्चना के बाद श्रद्धालु फल्गु नदी तक पहुंचे, जहां उन्होंने पवित्र जल भरकर कलश में स्थापित किया। इसके बाद शोभायात्रा के रूप में कलशों को पुनः मंदिर परिसर तक लाया गया। यात्रा के दौरान जय श्री राम और बजरंगबली की जय के जयकारों से वातावरण गूंज उठा। 24 घंटे के अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया कार्यक्रम के आयोजक और पुरोहित पंडित जनक नंदन पांडे ने बताया कि पांच वर्ष पूर्व इसी दिन मंदिर की स्थापना की गई थी। तब से हर वर्ष मंदिर का स्थापना दिवस बड़े धूमधाम से मनाया जाता है। इस वर्ष भी विशेष पूजा, कलश यात्रा और 24 घंटे के अखंड कीर्तन का आयोजन किया गया है, जिसमें दूर-दराज से भी श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं। अखंड कीर्तन के दौरान भजन-कीर्तन से पूरा क्षेत्र भक्तिमय रहा। ग्रामीणों ने इस आयोजन को धार्मिक आस्था के साथ-साथ सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग का प्रतीक बताया। सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई कार्यक्रम के समापन पर विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा, जिसमें सभी श्रद्धालुओं के लिए प्रसाद की व्यवस्था की गई है। आयोजन समिति ने कहा कि ऐसे धार्मिक कार्यक्रमों से गांव में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों के बीच आपसी प्रेम व भाईचारा बढ़ता है। इस आयोजन को सफल बनाने में स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और महिलाओं की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
सरोजनीनगर में मारपीट:दो नामजद सहित 6 पर केस, पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू की
लखनऊ के सरोजनीनगर थाना क्षेत्र में मारपीट का एक मामला सामने आया है। इस संबंध में दो नामजद सहित छह लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मोहनलालगंज के मऊ-बक्खा खेड़ा रोड निवासी शैलेंद्र ने सरोजनीनगर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने मोहनलालगंज के कुढ़ा निवासी अंकित यादव, आलोक यादव और चार अन्य अज्ञात व्यक्तियों पर मारपीट का आरोप लगाया है। शैलेंद्र के अनुसार, यह घटना 28 अप्रैल 2026 की रात करीब 10 बजे हुई थी। वह अपने दोस्त नितिन पटवा की बारात में दूल्हे को लेकर सरोजनीनगर के अमौसी रेलवे स्टेशन रोड स्थित शिव कला मैरिज हॉल आए थे। द्वार पूजन के समय शैलेंद्र ने अपनी कार एक तरफ खड़ी की। तभी आरोपी अंकित यादव, आलोक यादव और उनके चार अन्य साथी बातचीत के बहाने शैलेंद्र को कुछ दूर ले गए। वहां उन्होंने लात-घूंसों और डंडों से शैलेंद्र के साथ मारपीट की। शोर सुनकर जब लोग इकट्ठा हुए, तो सभी आरोपी मौके से फरार हो गए। पीड़ित शैलेंद्र ने तत्काल डायल 112 पर घटना की सूचना दी और सरोजनीनगर थाने में तहरीर भी दी थी। हालांकि, उस समय रिपोर्ट दर्ज नहीं की गई थी। अब पुलिस ने पीड़ित की तहरीर पर मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
मुजफ्फरनगर में सोशल मीडिया पर एक कथित आपत्तिजनक पोस्ट को लेकर राजनीतिक और सामाजिक माहौल गरमा गया है। AIMIM कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी के एक पदाधिकारी के खिलाफ थाना कोतवाली नगर में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की है। तहरीर के अनुसार, सपा के जिला उपाध्यक्ष शमशेर मलिक पर आरोप है कि उन्होंने अपने फेसबुक अकाउंट से AIMIM के प्रदेश अध्यक्ष शौकत अली की फोटो को एडिट कर आपत्तिजनक रूप में पोस्ट किया। आरोप है कि इस फोटो में हिजाब (बुर्का) का इस्तेमाल कर मजाक उड़ाया गया और विवादित टिप्पणी की गई, जिससे धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। शिकायतकर्ताओं ने कहा है कि इस पोस्ट से न केवल पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष की छवि को नुकसान पहुंचा है, बल्कि पूरे मुस्लिम समाज को निशाना बनाकर माहौल खराब करने का प्रयास किया गया है। इस मामले को लेकर जिले के साथ-साथ प्रदेश स्तर के AIMIM कार्यकर्ताओं में भी नाराजगी है। तहरीर में मांग की गई है कि आरोपी शमशेर मलिक के खिलाफ गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
मेरठ में बुधवार सुबह हस्तिनापुर पब्लिक स्कूल (एचपीएस) की बस में अचानक आग लग गई। बस में करीब 5 बच्चे सवार थे। इंजन से धुआं उठता देख बच्चे घबरा गए और चिल्लाने लगे, जिससे अफरातफरी मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने बस में आग देख तुरंत बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इसके बाद पानी डालकर आग बुझाई गई। बस में लगे अग्निशमन यंत्र से भी आग बुझाने की कोशिश की गई, लेकिन वह काम नहीं कर पाया। गनीमत रही कि इस घटना में कोई बच्चा घायल नहीं हुआ। बस बच्चों को स्कूल छोड़ने जा रही थी। स्कूल जाने के लिए बस में सवार थे बच्चे बुधवार सुबह करीब पौने आठ बजे हस्तिनापुर पब्लिक स्कूल की छोटी बस बच्चों को लेने के लिए निकली थी। बस पांच बच्चों को लेकर आगे बढ़ रही थी। जैसे ही बस अनाज मंडी की ओर मुड़ी, तभी इंजन के पास तारों में अचानक चिंगारी भड़की और आग लग गई। इससे बस में अफरातफरी मच गई और बच्चे चीखने लगे। बस के ड्राइवर और कंडक्टर ने तुरंत बस रोकी और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। इसके बाद आग बुझाने का प्रयास किया गया। 18 बच्चे रोज इसी बस से जाते हैं स्कूल स्कूल की प्रिंसिपल डॉ. रितु राजवंशी ने बताया कि इस बस से हस्तिनापुर क्षेत्र के लगभग 18 बच्चे स्कूल आते हैं। घटना के समय बस ने अभी बच्चों को लेना शुरू ही किया था। समय रहते सभी बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। आग लगने के कारणों की जांच कराई जा रही है। इस दौरान बस में लगा अग्निशामक यंत्र काम नहीं कर पाया। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पानी डालकर आग पर काबू पाया। बाद में बच्चों को दूसरी बस से स्कूल भेजा गया। बच्चों के सुरक्षित होने की खबर सुनकर अभिभावकों ने राहत की सांस ली। शॉर्ट सर्किट की आशंकास्थानीय लोगों के अनुसार बस सीएनजी से संचालित थी, जिससे आग की घटना गंभीर हो सकती थी। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। बस का रजिस्ट्रेशन नंबर UP19T 2040 बताया गया है, जो शामली जिले में पंजीकृत है और हस्तिनापुर क्षेत्र में संचालित हो रही थी।
किशनगंज में सुबह से बारिश जारी:मौसम सुहाना, टेम्प्रेचर गिरा; सड़कों पर 2 फीट तक पानी
किशनगंज जिले में बुधवार सुबह मौसम ने अचानक करवट ली। सुबह से ही आसमान में घने बादल छा गए और देखते ही देखते तेज बारिश शुरू हो गई। बारिश के साथ मेघ गर्जन और ठंडी हवाएं भी चलीं। सुबह से जारी इस बारिश के कारण सड़कों पर जलजमाव की स्थिति बन गई। हालांकि, इस बारिश से आमजन को गर्मी से राहत मिली। फसलों की बुवाई के लिए जमीन तैयार करने में सहायक होगी यह बारिश किसानों के लिए भी महत्वपूर्ण मानी जा रही है। इससे खेतों में नमी बढ़ेगी, जो आगामी फसलों की बुवाई के लिए जमीन तैयार करने में सहायक होगी। मौसम में आई इस ठंडक के कारण तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। तेज हवा के झोंकों के साथ हो रही बारिश ने वातावरण को शीतल बना दिया। बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई मौसम विभाग ने अगले कुछ घंटों तक इसी तरह बारिश और मेघ गर्जन की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है, विशेषकर खुले स्थानों और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचने को कहा गया है।
उन्नाव जिले में एक महिला ने पड़ोसियों पर घर में घुसकर मारपीट और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाया है। इस संबंध में महिला ने पुलिस अधीक्षक से शिकायत की है। घटना सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है, जिसने स्थानीय कानून-व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह मामला उन्नाव के गंगाघाट थाना क्षेत्र के श्रीनगर शुक्लागंज इलाके का है। श्रीनगर निवासी माधुरी देवी पत्नी प्रेम सिंह ने बताया कि 25 अप्रैल की शाम करीब 5:15 बजे वह अपने बच्चों के साथ घर में थीं। उसी दौरान मोहल्ले के राजू कश्यप, मनोज कश्यप, सुभाष कश्यप, संजय कश्यप, रोहन कश्यप सहित कुछ अन्य लोग उनके घर में घुस आए। आरोप है कि आरोपियों ने घर में घुसते ही गाली-गलौज शुरू कर दी। जब माधुरी देवी ने इसका विरोध किया, तो उनके साथ मारपीट की गई। महिला का आरोप है कि आरोपियों ने उनके बाल पकड़कर जमीन पर गिरा दिया और चप्पलों से पिटाई की। जब उन्होंने खुद को बचाने की कोशिश की, तो अन्य लोगों ने भी उन्हें पीटा। पीड़िता के अनुसार, आरोपियों ने उन्हें खुलेआम धमकी दी कि यदि उन्होंने विरोध किया या पुलिस में शिकायत की, तो उन्हें और उनके परिवार को जान से मार दिया जाएगा। इस घटना के बाद महिला और उनका परिवार दहशत में है। माधुरी देवी ने बताया कि उन्होंने घटना के दिन ही गंगाघाट थाने में लिखित शिकायत दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने 29 अप्रैल को एसपी को भी प्रार्थना पत्र दिया। महिला का आरोप है कि इसके बावजूद पुलिस ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। 2 मई को जब वह दोबारा थाने जाने की तैयारी कर रही थीं, तो आरोपियों ने फिर धमकी दी, जिससे वह डर के कारण थाने नहीं जा सकीं। पीड़िता ने प्रशासन से मांग की है कि मामले में तत्काल रिपोर्ट दर्ज कर आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। इस संबंध में इंस्पेक्टर अजय सिंह ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है।
जौनपुर में स्मार्ट मीटर में बड़ा बदलाव:अब पोस्टपेड सिस्टम, बकाया कम होने पर नहीं कटेगी बिजली
जौनपुर में स्मार्ट मीटर अब प्रीपेड की जगह पोस्टपेड की तरह काम करेंगे। शासन के आदेश के बाद जिले के 1 लाख 80 हजार उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी। अब उन्हें महीने में एक बार बिजली का बिल मिलेगा और मामूली बकाया होने पर बीच में कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। पहले स्मार्ट मीटर में 20 रुपये तक का मामूली बकाया होने पर भी महीने के बीच में ही बिजली कनेक्शन काट दिया जाता था। इससे उपभोक्ताओं को काफी परेशानी होती थी और इस व्यवस्था के खिलाफ कई जगह विरोध प्रदर्शन भी हुए थे। अधीक्षण अभियंता (सर्किल प्रथम) मनोज कुमार गुप्त ने बताया कि अब स्मार्ट मीटर पोस्टपेड की तर्ज पर कार्य करेंगे और बीच में कनेक्शन नहीं काटा जाएगा। उन्होंने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिन्होंने कनेक्शन के साथ अपना मोबाइल फोन नंबर नहीं दिया है, वे उसे तुरंत अपडेट करा दें। उपभोक्ताओं को अब बिल का भुगतान महीने के अंत में करना होगा। जनपद में कुल 1 लाख 80 हजार घरों में स्मार्ट मीटर लगाए गए हैं। यह बदलाव उन उपभोक्ताओं के लिए विशेष रूप से फायदेमंद होगा जो नियमित भुगतान करते थे लेकिन किसी कारणवश कुछ दिनों की देरी होने पर भी कनेक्शन कट जाता था।
फतेहाबाद में बुधवार को भाजपा नेताओं ने पश्चिम बंगाल, असम और पुडुचेरी में पार्टी की जीत का जश्न मनाया और बाइक रैली निकाली। इस रैली में शामिल किसी भी कार्यकर्ता ने हेलमेट नहीं पहना, जिससे ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन हुआ। यह बाइक रैली भाजपा कार्यालय से शुरू हुई। इसमें जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा के साथ पूर्व विधायक दुड़ाराम भी बाइक पर सवार थे। रैली के दौरान कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा गया, लेकिन सुरक्षा नियमों की अनदेखी स्पष्ट थी। देश के हर कोने में मजबूत हो रही भाजपा : जिलाध्यक्ष इस अवसर पर जिलाध्यक्ष प्रवीण जोड़ा ने कहा कि तीन राज्यों में भाजपा की शानदार जीत प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व और जनकल्याणकारी नीतियों पर जनता के विश्वास का परिणाम है। उन्होंने कार्यकर्ताओं की मेहनत और समर्पण को जीत की असली ताकत बताया। जोड़ा ने आगे कहा कि जनता ने तुष्टिकरण, भ्रष्टाचार और हिंसा की राजनीति को नकारते हुए विकास और सुरक्षा के पक्ष में मतदान किया है। उन्होंने जोर दिया कि कार्यकर्ताओं की मेहनत और जनता के विश्वास से पार्टी देश के हर कोने में मजबूत हो रही है। तीन राज्यों में जनभावनाओं की जीत हुई : पूर्व विधायक पूर्व विधायक दुड़ाराम ने पश्चिम बंगाल की जीत को केवल राजनीतिक परिवर्तन नहीं, बल्कि जनभावनाओं की जीत बताया। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने भय, भ्रष्टाचार और तुष्टिकरण की राजनीति को समाप्त करने का मन बना लिया है और प्रधानमंत्री मोदी की नीतियों को समर्थन दिया है। इस संबंध में जब ट्रैफिक एसएचओ जयसिंह से संपर्क करने का प्रयास किया गया, तो उन्होंने बताया कि वे कोर्ट में व्यस्त हैं।
करैरा में सड़क हादसे में युवक की मौत:दोस्त गंभीर रूप से घायल; आईसर चालक ने तेज रफ्तार में मारी टक्कर
शिवपुरी जिले के करैरा थाना क्षेत्र में मंगलवार रात एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। घटना ग्राम टीला स्थित पावर हाउस के पास हुई, जब दोनों युवक मोटरसाइकिल से पिछोर से करैरा लौट रहे थे। मृतक की पहचान जितेन्द्र आदिवासी (पटैल) के रूप में हुई है। उसके भाई धर्मेन्द्र पटैल पुत्र कल्याण सिंह पटैल ने बताया कि जितेन्द्र अपने दोस्त सुरेन्द्र झा, निवासी गल्ला मंडी करैरा, के साथ मोटरसाइकिल से लौट रहा था। इसी दौरान, करैरा की ओर से आ रही सफेद रंग की आईसर गाड़ी (क्रमांक MP 33 H 2146) के चालक ने तेज रफ्तार और लापरवाही से वाहन चलाते हुए उनकी मोटरसाइकिल को सामने से टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर परिजन मौके पर पहुंचे और डायल-112 की सहायता से दोनों को करैरा अस्पताल ले जाया गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने जितेन्द्र को मृत घोषित कर दिया। सुरेन्द्र झा की गंभीर हालत को देखते हुए उसे शिवपुरी रेफर कर दिया गया है। पुलिस ने मृतक के शव को पोस्टमार्टम के लिए रखवाकर अज्ञात आईसर चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। घटना की जांच शुरू कर दी गई है।
भोपाल के मालीखेड़ी में भीषण आग:कबाड़ का गोदाम जला; रहवासियों में हड़कंप, नरवाई से आग भड़कने की शंका
भोपाल के मालीखेड़ी स्थित एक कबाड़ के गोदाम में बुधवार दोपहर भीषण आग लग गई। कुछ ही देर में पूरा गोदाम जल गया। दमकलों ने मौके पर पहुंचकर आग पर काबू पाया। आगजनी की घटना दोपहर 12 बजे की है। मालीखेड़ी के ही एक रहवासी इलाके में यह गोदाम है। आग की वजह सामने नहीं आई, लेकिन इसकी वजह से आसपास रहने वाले लोग दहशत में आ गए। वे भी आग बुझाने के लिए दौड़ पड़े। ताकि, आग ज्यादा नहीं फैले। वहीं, फायर स्टेशन पर सूचना दी गई। कुछ देर में दमकलें मौके पर पहुंची और आग बुझाने लगी। पार्षद विकास पटेल ने बताया कि करीब एक घंटे की मशक्कत के बाद आग काबू में आ पाई। जनहानि नहीं हुई, लेकिन लाखों का नुकसान हो गया। गोदाम टीन शेड का था। गनीमत रही कि आसपास कोई मकान नहीं है। आग की देखिए 3 तस्वीरें… नरवाई की वजह से आग लगना आया सामने प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिस जगह पर कबाड़ का गोदाम है, उसके पास खेत लगे हुए हैं। जहां पर नरवाई जलाने की बात सामने आई है। संभवत: नरवाई की वजह से ही गोदाम में भी आग लग गई। हालांकि, मामले में पुलिस जांच कर रही है।
शेखपुरा जिले के करंडे थाना पुलिस ने केवाली गांव में जानलेवा हमले और एससी/एसटी एक्ट के एक आरोपी गिरीश यादव को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी केवाली गांव निवासी जनिंद्र यादव का पुत्र बताया गया है। थानाध्यक्ष राकेश कुमार ने बताया कि यह घटना गत 2 मई को हुई थी। केवाली गांव में अजय पासवान के घर एक लड़की की शादी के मौके पर बारात आई हुई थी। बारात में आई गाड़ियों को गांव की गली में पार्क किया गया था, जिसे लेकर विवाद उत्पन्न हो गया। पीएचसी चेवाड़ा से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया इसी पार्किंग विवाद के दौरान कुछ बदमाशों ने अजय पासवान पर प्राणघातक हमला कर उसे बुरी तरह घायल कर दिया। घटना में घायल युवक अजय पासवान की हालत गंभीर होने के कारण उसे स्थानीय पीएचसी चेवाड़ा से हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। एक आरोपी गिरीश यादव को गिरफ्तार कर लिया घायल की शिकायत पर स्थानीय थाने में जानलेवा हमले और दलित उत्पीड़न अधिनियम के तहत एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी। इसमें दो लोगों को नामजद और दर्जन भर अज्ञात लोगों को अभियुक्त बनाया गया था। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए एक आरोपी गिरीश यादव को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी को पुलिस निगरानी में शेखपुरा जेल भेज दिया गया है। इस मामले के अन्य आरोपी अभी फरार बताए गए हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस छापेमारी कर रही है।
वार्ड 30 में जलभराव से लोग परेशान:फिरोजाबाद में महिलाओं ने जताया विरोध, अधूरे निर्माण से परेशानी
फिरोजाबाद के वार्ड नंबर 30 स्थित रसूलपुर की गली नंबर 17 में जलभराव की समस्या को लेकर स्थानीय लोगों ने बुधवार को नगर निगम कार्यालय में अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। निवासियों ने आरोप लगाया कि नाली और सड़क का निर्माण कार्य अधूरा छोड़ दिया गया है, जिसके कारण हल्की बारिश में भी पानी भर जाता है और कई घरों तक गंदा पानी पहुंच जाता है। ज्ञापन में बताया गया कि अधूरे निर्माण कार्य के कारण जल निकासी की उचित व्यवस्था नहीं हो पाई है। थोड़ी सी बारिश होने पर पूरी गली में पानी भर जाता है, जिससे लोगों का निकलना मुश्किल हो जाता है। विशेषकर महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ता है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, जलभराव के कारण कई बार फिसलकर चोट लगने की घटनाएं भी हुई हैं। मोहल्लावासियों का कहना है कि इस समस्या के समाधान के लिए पहले भी शिकायतें की गई थीं, लेकिन उन पर कोई कार्रवाई नहीं हुई। नगर निगम पहुंचे क्षेत्रवासियों ने अधिकारियों से गली नंबर 17 का निर्माण कार्य तत्काल पूरा कराने और जल निकासी की स्थायी व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की। ज्ञापन सौंपने वालों में राजेश, सुमित गुप्ता, रति राठौर, सुनीता, संजू गुप्ता, सिया, आराधना, कमला देवी, नीरू सहित अन्य स्थानीय लोग शामिल थे। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी समस्या पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
हरदा कोर्ट ने चेक बाउंस के एक मामले में कड़ा फैसला सुनाया है। न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी प्रेमदीप शाह ने बैंक का ऋण न चुकाने पर पिता और पुत्र दोनों को छह-छह माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई है। इसके साथ ही, कोर्ट ने दोनों अभियुक्तों को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) की हंडिया शाखा को प्रतिकर (मुआवजा) के तौर पर कुल 12 लाख 54 हजार रुपये से अधिक का भुगतान करने का आदेश दिया है। अधिवक्ता शिव विलास सराफ के अनुसार, लक्ष्मीनारायण धनगर ने किसान क्रेडिट कार्ड (KCC) के तहत 4,38,000 रुपये का ऋण लिया था। वहीं, उनके पुत्र गौरव धनगर ने मुख्यमंत्री स्वरोजगार योजना के अंतर्गत 5,38,000 रुपये का ऋण प्राप्त किया था। समय के साथ ब्याज जुड़कर इन खातों में पिता पर 5,33,801 रुपये और पुत्र पर 5,99,094 रुपये की राशि बकाया हो गई थी। खाते में पर्याप्त पैसे नहीं थे, बैंक को दे दिया चेकबैंक द्वारा बकाया राशि जमा करने के लिए लगातार तकादा किया जा रहा था। दबाव बढ़ने पर पिता-पुत्र ने ऋण भुगतान के लिए भारतीय स्टेट बैंक की हंडिया शाखा को अपने बचत खाते का एक हस्ताक्षरित चेक दे दिया। लेकिन, जब बैंक ने खाते से पैसे काटने की प्रक्रिया की तो 'पर्याप्त निधि न होने' के कारण यह चेक बाउंस हो गया। बैंक ने दर्ज कराई शिकायत, अदालत ने पाया दोषीचेक बाउंस होने के बाद, बैंक ने परक्राम्य लिखित अधिनियम 1881 की धारा 138 के तहत न्यायालय में परिवाद (शिकायत) दर्ज कराया। मामले की सुनवाई और पूरी विवेचना के बाद मजिस्ट्रेट प्रेमदीप शाह ने लक्ष्मीनारायण धनगर और गौरव धनगर को चेक बाउंस के अपराध का स्पष्ट रूप से दोषी ठहराया। मुआवजा नहीं दिया तो भुगतनी होगी अतिरिक्त सजाजेल की सजा सुनाने के साथ ही कोर्ट ने दोनों पर आर्थिक दंड भी लगाया है। अदालत ने पिता लक्ष्मीनारायण को 5,90,902 रुपये और पुत्र गौरव को 6,63,622 रुपये का प्रतिकर एसबीआई हंडिया शाखा को देने का आदेश दिया है। न्यायालय ने अपने आदेश में सख्त हिदायत दी है कि यदि अभियुक्त इस तय मुआवजे का भुगतान नहीं करते हैं, तो उन्हें छह माह का अतिरिक्त साधारण कारावास भुगतना होगा।
भागलपुर में हत्याकांड मामले में 2 को सजा मिली है। करीब तीन साल पहले 5 दोस्तों ने मिलाकर अपने ही साथी की हत्या की थी। अपर लोक अभियोजक मो. रियाज हुसैन ने बताया कि घटना दिसंबर 2023 की है। जिले के इशाकचक थाना क्षेत्र निवासी सोनू को उसके ही 5 दोस्तों ने घूमने के बहाने बुलाया था। इसी दौरान पहले से रची गई साजिश के तहत उसकी हत्या कर दी गई। हत्या के बाद शव को ठिकाने लगाकर पूरे मामले को छिपाने की कोशिश की गई, ताकि किसी तरह का साक्ष्य पुलिस के हाथ न लग सके। घटना के बाद मृतक की मां रेखा देवी के बयान पर इशाकचक थाने में प्राथमिकी दर्ज की गई थी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच शुरू की। आरोपितों की गिरफ्तारी की गई। जांच के दौरान कई अहम साक्ष्य जुटाए गए, जिसके आधार पर मामला कोर्ट तक पहुंचा। सजा के साथ जुर्माना भी लगा लंबी सुनवाई और कानूनी प्रक्रिया के बाद एडीजे-19 की अदालत ने 27 अप्रैल को आरोपी गिरधारी ठाकुर और अमित कुमार को दोषी करार दिया था। इसके बाद सजा के बिंदु पर सुनवाई के लिए 5 मई की तारीख तय की गई थी। आज सुनवाई पूरी होने के बाद अदालत ने दोनों दोषियों को भारतीय दंड संहिता की धारा 364 के तहत 7 वर्ष की सश्रम कारावास और 10 हजार रुपए जुर्माना की सजा सुनाई। इसके साथ ही धारा 201 के तहत 3 साल की सजा और 5 हजार रुपए जुर्माना भी लगाया गया है। अदालत ने यह भी स्पष्ट किया कि जुर्माना नहीं देने की स्थिति में दोषियों को अतिरिक्त तीन महीने की सजा भुगतनी होगी।
भीलवाड़ा में सूदखोरों से परेशान होकर एक अधेड़ ने जहरीली वस्तु का सेवन कर के सुसाइड कर लिया। मरने से पहले इसने अपना एक वीडियो भी बनाया और अपने साले को अपने साथ में हुए घटनाक्रम की जानकारी देते हुए अपने बच्चों का ध्यान रखना और उनकी रक्षा करने की बात कही। जहर खा कर दी जान मामला सुभाष नगर थाना क्षेत्र के आर सी व्यास कॉलोनी का है, यहां आरके गार्डन में एक अधेड़ बेहोश हालत में मिले तो गार्डन में मौजूद लोग उन्हें अस्पताल लेकर पहुंचे जहां इलाज के दौरान अधेड की मौत हो गई । मृतक की पहचान जोधपुर में नर्सिंग कॉलेज में मैनेजमेंट का कार्य करने वाले सूर्य प्रकाश ( 51 ) पिता वल्लभ दाधीच के रूप में की गई। मरने से पहले वीडियो बनाया मृतक ने मरने से पहले एक वीडियो सोशल मीडिया पर साझा किया जिसमें उसने अपने साले भरत को बच्चों का ध्यान रखने के साथ ही आपबीती बताई।वीडियो में उसने बताया की वो ब्याजखोरों के चंगुल में फंसा हुआ है, उधार ली हुई राशि का उसने कई गुना ब्याज चुका दिया है, इसके बावजूद उस पर एक्स्ट्रा पैसे के लिए दबाव बनाया जा रहा है। अहमदाबाद में बेटी को भी धमका रहे थे सूदखोरो सूदखोर सूर्य प्रकाश के साथ उसके बच्चों को और अहमदाबाद में जॉब कर रही उसकी बेटी को भी फोन पर धमकियां दे रहे हैं, जिसके चलते वो टेंशन में है और सामाजिक बदनामी के चलते वो सुसाइड कर रहा है।मृतकने पुलिस प्रशासन से कड़ी कार्रवाई करने और उसके परिवार को सुरक्षा दिलाने की मांग की।फिलहाल पुलिस ने मृतक का पोस्टमार्टम करवाया और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर जांच शुरू की ।
पानी के टैंक में डूबने से 2 मासूमों की मौत:घर के पास खेल रही थी, 8 फीट गहरे टैंक में तैरती मिली लाश
जयपुर के शिप्रापथ इलाके में दो मासूम बच्चियों की पानी के टैंक में डूबने से मौत हो गई। घटना जगन्नाथपुरी सेकेंड क्षेत्र की है, जहां दोनों बच्चियां खेलते समय घर के पास निर्माणाधीन मकान के पानी से भरे टैंक में गिर गईं। जानकारी के अनुसार, दोनों बच्चियां शाम करीब सवा 7 बजे खेलने के लिए घर से निकली थीं। करीब 15–20 मिनट बाद जब वे वापस नहीं लौटीं तो परिजनों को चिंता हुई और उन्होंने आसपास ढूंढना शुरू किया। काफी तलाशी के बाद पास ही में बन रहे मकान के पानी के टैंक के पास बच्चियों की चप्पलें मिली थी। परिजनों ने जब टैंक में झांककर देखा तो बच्चियों की लाश ऊपर तैर रही थी। परिजन तुरंत बच्चियों को लेकर जयपुरिया हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने चेकअप के बाद दोनों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम के लिए दोनों शव जयपुरिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाए हैं। जानकारी के अनुसार, यह टैंक 8 फीट गहरा है जिसमें करीब 6 फीट पानी भरा हुआ था। जहां पर टैंक बना हुआ है वहां लाइट नहीं है इसलिए परिजनों का ध्यान उधर नहीं गया। SHO (शिप्रापथ) महेन्द्र सिंह ने बताया- हादसे में बिहार निवासी राधिका (5) पुत्री पप्पू कुमार और गोसिया (5) पुत्री जाकिर निवासी उत्तर प्रदेश की मौत हो गई। दोनों ही परिवार शिप्रापथ इलाके में जगन्नाथपुरी सेकेंड में किराए से रहते है। भांकरोटा इलाके में पप्पू कलर-पेंट का काम करते हैं। जबकि मृतक गोसिया के पिता जाकिर विकलांग हैं और रिक्शा पर मोबाइल एक्सेसरीज बेचने का काम करते हैं। बतादें, गोसिया जाकिर की इकलौती बेटी थी जबकि पप्पू कुमार के राधिका सहित 2 बच्चे थे। दोनों परिवार एक-दो घर छोड़कर ही रहते हैं। वह जयपुर में करीब 3-4 साल से रह रहे हैं। देखिए, हादसे के PHOTOS… --- ये खबर भी पढ़ें जयपुर में 4 युवक-युवती डूबे, मौत:तालाब में नहाने उतरी थी लड़की, पैर फिसला; बचाने के चक्कर में साथी भी डूब गए जयपुर में गुरुवार दोपहर डूबने से 3 युवतियों समेत चार लोगों की मौत हो गई। चारों युवक-युवतियां फार्म के पोंड में नहाने गए थे। नहाते समय एक युवती का पैर फिसल गया। उसे बचाने के चक्कर में तीनों साथी भी डूब गए। (पूरी खबर पढ़ें)
चित्रकूट जनपद के संत समाज ने कथित साधु भरतदास के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। संतों ने प्रशासन से भरतदास के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि भरतदास ने साधु वेश में रहकर धार्मिक स्थलों की गरिमा को ठेस पहुंचाई और आपराधिक गतिविधियों से क्षेत्र में भय का माहौल बनाया। प्रशासन को सौंपे गए ज्ञापन में संत समाज ने बताया कि भरतदास असावर माता मंदिर और वाल्मीकि आश्रम में रह रहा था। इस दौरान उसने वहां के साधुओं के साथ मारपीट की, उन्हें अपमानित किया और कई को जबरन आश्रम छोड़ने पर मजबूर किया। संतों का दावा है कि ये घटनाएं लंबे समय से जारी थीं, जिससे क्षेत्र का धार्मिक वातावरण प्रभावित हुआ। आरोपों के अनुसार, भरतदास ने गुंडों की मदद से कई धर्मशालाओं और धार्मिक स्थलों पर कब्जा करने का प्रयास किया। उस पर दुकानदारों, भंडारा आयोजकों और कीर्तन करने वाले श्रद्धालुओं के साथ अभद्रता व मारपीट करने का भी आरोप है। इसके अतिरिक्त, महिलाओं के साथ दुर्व्यवहार और अपमानजनक व्यवहार के आरोप भी लगाए गए हैं। संत समाज ने यह भी बताया कि भरतदास के खिलाफ नांदी हनुमान मंदिर आश्रम, सोमनाथ चर आश्रम और बजरंग आश्रम कर्वी जैसे कई स्थानों पर भी इसी तरह की घटनाएं सामने आई हैं। संतों ने दावा किया है कि उसके विरुद्ध कुल 11 एफआईआर दर्ज की गई हैं। संतों ने स्पष्ट किया कि भरतदास को संत समाज से निष्कासित कर दिया गया है। उनका कहना है कि उसने कामतानाथ मुखारबिंद और रामघाट सहित चित्रकूट के प्रमुख धार्मिक स्थलों पर संतों का अपमान कर पूरी संत परंपरा को बदनाम किया है। संत समाज ने प्रशासन से मांग की है कि आरोपी भरतदास को जल्द गिरफ्तार कर कड़ी सजा दी जाए। उन्होंने असावर माता मंदिर और वाल्मीकि आश्रम में उसके प्रवेश पर स्थायी प्रतिबंध लगाने की भी अपील की है। फिलहाल, प्रशासन ने मामले की जांच का आश्वासन दिया है। हालांकि, संत समाज ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे।
जालंधर में बीएसएफ हेड क्वार्टर के बाहर हुए धमाके के बाद चंडीगढ़ स्थित पंजाब पुलिस मुख्यालय के मुख्य गेट को बुलेटप्रूफ कर दिया गया है। सुरक्षा के मद्देनजर मुख्यालय के बाहर पंजाब पुलिस के अतिरिक्त जवान तैनात किए गए हैं और आने-जाने वाले हर व्यक्ति पर कड़ी नजर रखी जा रही है। इलाके में लगातार निगरानी बढ़ा दी गई है। इसके साथ ही चंडीगढ़ पुलिस की पीसीआर भी आसपास लगातार गश्त कर रही है। यह इलाका बेहद संवेदनशील माना जाता है, क्योंकि पास ही चंडीगढ़ पुलिस मुख्यालय और पंजाब के राज्यपाल व चंडीगढ़ प्रशासक गुलाब चंद कटारिया का कार्यालय भी स्थित है। जालंधर और अमृतसर में धमाके से बढ़ी सतर्कता मंगलवार रात जालंधर में बीएसएफ हेड क्वार्टर के बाहर धमाका हुआ, जिसमें इम्प्रोवाइज्ड एक्सप्लोसिव डिवाइस (IED) के इस्तेमाल की आशंका जताई गई। राहत की बात यह रही कि इस घटना में कोई घायल नहीं हुआ। वहीं अमृतसर में आर्मी कैंप के अंदर ग्रेनेड अटैक की कोशिश की गई, लेकिन वह दीवार से टकराकर फट गया। पंजाब के डीजीपी गौरव यादव ने मौके पर पहुंचकर जांच की और माना कि जालंधर व अमृतसर में IED ब्लास्ट हुए हैं। उन्होंने कहा कि जालंधर में धमाका टाइमर या रिमोट के जरिए किया गया हो सकता है और इसमें पाकिस्तान की खुफिया एजेंसियों की भूमिका की आशंका है। KLA ने ली जिम्मेदारी जालंधर धमाके की जिम्मेदारी खालिस्तान लिबरेशन आर्मी (KLA) ने सोशल मीडिया पोस्ट के जरिए ली है। पोस्ट में पुलिस अधिकारियों को धमकी भी दी गई है। इन घटनाओं के बाद चंडीगढ़ समेत पूरे पंजाब में सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट पर हैं और संवेदनशील स्थानों पर निगरानी बढ़ा दी गई है।
इंदौर के आजादनगर थाना क्षेत्र में लूट की वारदात सामने आई है, जहां एक महिला ने मदद के बहाने युवक को सुनसान जगह ले जाकर अपने साथियों के साथ मिलकर नकदी और मोबाइल छीन लिया। पुलिस ने मामले में दो आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस के अनुसार पीड़ित झहर सिंह निवासी सिमरोल रोड 3 मई की रात करीब 11 बजे तीन इमली बस स्टैंड पर बस का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान रोशनी नाम की एक महिला अपने बच्चे के साथ वहां पहुंची और उससे मदद मांगी। महिला ने बताया कि शौचालय के पीछे उसकी सहेली गिर गई है और उसे मदद की जरूरत है। विरोध करने पर आरोपियों ने मारपीट की महिला के झांसे में आकर युवक उसके साथ सुलभ कॉम्प्लेक्स के पीछे चला गया, जहां पहले से ही दो युवक सुनील और मोनू मौजूद थे। तीनों आरोपियों ने मिलकर उसे बदनाम करने की धमकी दी और उसकी जेब से करीब 26 हजार रुपए नकद और मोबाइल फोन छीन लिया। विरोध करने पर आरोपियों ने युवक के साथ मारपीट की और थप्पड़ मारकर वहां से भगा दिया। इसके बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। आरोपियों पर पहले से दर्ज हैं अपराध बदनामी के डर से पीड़ित ने तत्काल शिकायत नहीं की, लेकिन परिजनों को घटना बताने के बाद मंगलवार को थाने पहुंचकर रिपोर्ट दर्ज कराई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए सुनील और मोनू उर्फ ऋषभ को हिरासत में लिया है और उनसे पूछताछ की जा रही है। पुलिस के मुताबिक आरोपियों का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। सुनील और रोशनी पर पहले से अपराध दर्ज हैं, जबकि रोशनी के पिता के खिलाफ भी तेजाजी नगर थाने में मामले दर्ज हैं। पुलिस अन्य संभावित वारदातों के संबंध में भी जांच कर रही है।
अलवर में 2 मई को कार की टक्कर से जहां 7वीं कक्षा की छात्रा की मौत हुई वहां UIT प्रशासन ने पहले आधे अधूरा ब्रेकर बनाया। उस पर सफेद पट्टी तक नहीं की। दैनिक भास्कर ने मौका रिपोर्ट कर प्रशासन के सामने रखी तो उसी दिन ब्रेकर पर सफेद पट्टी की। लेकिन वो भी अधूरी छोड़ गए। एक तरफ ब्रेकर पर 6 लाइन बनाई। जिनमें से 2 लाइन आधी छोड़ गए। वहां आसपास के दुकानदारों ने कहा कि आए दिन करोड़ों रुपए के घोटाले सामने आते हैं और यहां प्रशासन 100-200 रुपए का काम भी पूराा नहीं कर रहा है। अलवर शहर में 2 मई को जैन मंदिर रोड पर कार की टक्कर से ई-रिक्शा पलट गया। ई-रिक्शा सवार 7वीं क्लास की 13 साल की छात्रा स्कीम दस निवासी छवि अरोड़ा की मौत हो गई। उसकी बड़ी बहन बाल-बाल बची थी। घटना का सीसीटीवी भी सामने आया था कि रिक्शा जब स्कीम दस की तरफ घूम कर आने लगा तब कार ने टक्कर दी। जिससे रिक्शा पलट गया और छात्रा रिक्शा के नीचे दब गई थी। इस हादसे के बाद दैनिक भास्कर ने मौके पर पूरा घटनाक्रम दिखाया। स्पीड ब्रेकर नहीं होने से एक्सीडेंट अधिक होने की बात आमजन ने बताई। उसके बाद प्रशासन ने स्पीड ब्रेकर बनवाए। लेकिन उन पर लाइनिंग तक नहीं की गई। दैनिक भास्कर ने अगले दिन आधे अधूरे ब्रेकर बनाने का मुद्दा उठाया। उसके बाद यूआईटी ने ब्रेकर पर लाइनिंग कराई। एक तरफ 6 लाइन की। जिनमें से दो आधी छोड़ दी गई। आमजन का कहना है कि यह सब लीपापोती की गई। प्रशासन मौत के बाद भी गंभीर नहीं है। उल्लेखनी है कि अलवर शहर में हर में पिछले डेढ़ साल में सड़क क्रॉस करते हुए 4 लोगों की मौत हो चुकी है। लेकिन प्रशासन गंभीर नहीं हुआ। जब भी किसी की मौत होती है, उसके बाद ब्रेकर बनाए जाते हैं। स्कूली छात्रा की मौत के बाद आधे-अधूरे स्पीड ब्रेकर बनाए:सफेद पट्टी ही नहीं बनाई, डेढ़ साल में 4 मौतें हुईं; हर बार हादसे के बाद जागा प्रशासन ई-रिक्शा के नीचे दबी स्कूली छात्रा की मौत, VIDEO:कार ने टक्कर मारी, उछलकर नीचे गिरी; बड़ी बहन के साथ घर जा रही थी
बालू लदे ट्रैक्टर ने बाइक को मारी टक्कर:जमुई में शिक्षिका और भाई गंभीर घायल, ड्राइवर भागा
जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर बुधवार सुबह एक सड़क हादसे में एक शिक्षिका और उनके भाई गंभीर रूप से घायल हो गए। मंझवे और शिवसोना गांव के बीच एक तेज रफ्तार बालू लदे ट्रैक्टर ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक मौके से फरार हो गया। स्थानीय लोगों की सूचना पर पहुंची डायल 112 पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए सदर अस्पताल जमुई में भर्ती कराया। घायलों की पहचान सिकंदरा प्रखंड क्षेत्र के गोखुला फतेहपुर निवासी बेबी कुमारी (25) और उनके भाई वीरेंद्र कुमार (28) के रूप में हुई है। बेबी कुमारी लखीसराय जिले के उत्क्रमित मध्य विद्यालय सरसंडा में शिक्षिका हैं। बुधवार सुबह वीरेंद्र अपनी बहन को बाइक से स्कूल छोड़ने जा रहे थे। बाइक ट्रैक्टर से टकराई, दोनों सड़क पर गिरकर घायल वीरेंद्र कुमार ने बताया कि जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर सामने चल रहे बालू लदे ट्रैक्टर का चालक तेज आवाज में गाना बजाते हुए लापरवाही से वाहन चला रहा था। उन्होंने कई बार हॉर्न दिया, लेकिन चालक ने साइड नहीं दिया। इसी दौरान उनकी बाइक ट्रैक्टर से टकरा गई और दोनों सड़क पर गिरकर घायल हो गए। गौरतलब है कि जमुई-लखीसराय मुख्य मार्ग पर सड़क दुर्घटनाओं का सिलसिला लगातार जारी है। बीते दिनों भी इसी मार्ग पर कई हादसे हुए हैं।
टीचर का ट्रांसफर होने पर छात्राओं का फूटा आक्रोश:स्कूल के बाहर किया प्रदर्शन, धरना देकर लगाया जाम
धौलपुर के मरैना स्थित राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में बुधवार को छात्राओं ने एक शिक्षक के ट्रांसफर के विरोध में प्रदर्शन किया। छात्राओं ने स्कूल के बाहर राजाखेड़ा मुख्य मार्ग पर धरना देकर सड़क जाम कर दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। यह प्रदर्शन विद्यालय में कार्यरत शिक्षक लक्ष्मीकांत के रामगंज मंडी (कोटा) ट्रांसफर के विरोध में किया गया। छात्राओं का कहना था कि शिक्षक के जाने से उनकी पढ़ाई प्रभावित होगी, इसलिए वे यह ट्रांसफर रद्द करने की मांग कर रही थीं।घटना की सूचना मिलते ही दिहोली थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को संभालने का प्रयास किया। पुलिस के साथ-साथ स्कूल प्रशासन के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे। समझाइश के बाद मानी छात्राएंबाद में स्कूल के प्रिंसिपल और दिहोली थाना प्रभारी सुखराम बिश्नोई ने छात्राओं से बातचीत की। काफी समझाइश के बाद छात्राओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया और सड़क से जाम हटा लिया, जिसके बाद यातायात सामान्य हो सका।प्रदर्शन के कारण कुछ समय के लिए मार्ग पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं थीं, लेकिन प्रशासन की तत्परता से स्थिति जल्द ही नियंत्रण में आ गई।
पलवल में ट्रेन से कटकर महिला की मौत:घर से लकड़ी लेने जा रही, रेलवे लाइन पार करते समय हुआ हादसा
पलवल के रसूलपुर रेलवे ओवरब्रिज के पास बुधवार सुबह ट्रेन की चपेट में आने से 36 वर्षीय महिला की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया। मृतका की पहचान हरी नगर निवासी सुमन के रूप में हुई है। सुमन बुधवार सुबह करीब छह बजे अपने घर से रेलवे लाइन के पास स्थित एक नर्सरी से लकड़ी लेने गई थी। रेलवे लाइन पार करते समय वह ट्रेन की चपेट में आ गई, जिससे उसकी मौत हो गई। देवर ने की मृत महिला की पहचान स्थानीय लोगों ने घटना की सूचना तुरंत जीआरपी को दी। जीआरपी ने मौके पर पहुंचकर आसपास के लोगों से महिला की पहचान करने का प्रयास किया। इसी दौरान सुमन का देवर गुड्डू भी मौके पर पहुंच गया और उसने शव की पहचान अपनी भाभी के रूप में की। जीआरपी ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल भेज दिया। मृतका के देवर और अन्य परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद पोस्टमार्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया गया।
बिलासपुर के अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में एनएसयूआई ने मंगलवार को विश्वविद्यालय प्रशासन का घेराव किया। छात्रों ने सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई चाकूबाजी, छात्राओं से मारपीट और परीक्षा परिणामों में गड़बड़ियों को लेकर कुलसचिव को पद से हटाने की मांग की। एनएसयूआई के प्रदेश सचिव रंजेश सिंह के नेतृत्व में छात्र नेताओं ने कुलपति को नारियल भेंट कर कुलसचिव को हटाने की मांग उठाई। इस दौरान छात्र संगठन ने कुलसचिव के कार्यकाल में अनियमितताओं, छात्रहित की उपेक्षा और हाल ही में हुई हिंसक घटनाओं को लेकर एक विस्तृत ज्ञापन भी सौंपा। आवेदन में 4 मई को विश्वविद्यालय में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रम के दौरान हुई चाकूबाजी और मारपीट की घटना का विशेष रूप से उल्लेख किया गया। इस घटना में एक कर्मचारी गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसे 14 टांके लगाने पड़े थे। छात्रों ने सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। छात्रों की सुरक्षा पर उठे सवाल एनएसयूआई नेता रंजेश सिंह ने आरोप लगाया कि, इतने बड़े आयोजन के बावजूद विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्थानीय थाने को इसकी सूचना नहीं दी, जो एक गंभीर लापरवाही है। उन्होंने कहा कि इस घटना से छात्रों की सुरक्षा पर प्रश्नचिह्न लग गया है। इसकी पूरी जिम्मेदारी कुलसचिव पर तय की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि एक तरफ छात्र नेता के आने की सूचना पर पुलिस बुला ली जाती है, वहीं दूसरी तरफ इतने बड़े कार्यक्रम की जानकारी पुलिस को न देना समझ से परे है। मुद्दे को दबाने का आरोप उन्होंने सवाल किया कि, क्या यूनिवर्सिटी प्रशासन बड़ी घटना का इंतजार कर रहा या निमंत्रण दे रहा? उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और छात्र नेताओं पर एफआईआर कराने वाला विश्वविद्यालय प्रबंधन आज मुद्दे को दबाने में लगा हुआ है। 8 महीने के कार्यकाल की अनियमितताओं का पुलिंदा खोला एनएसयूआई नेता ने कुलसचिव के 8 महीने के कार्यकाल में अनियमितताओं का आरोप लगाते कहा कि, कुलसचिव से मिलने यूटीडी माइक्रोबायोलॉजी के प्रथम वर्ष के छात्र चक्कर लगाने के लिए विवश रहते हैं। वहीं, छात्रों के पास क्लास के नाम पर एक कमरा तक नहीं है, जिसके चलते वे हॉल में बैठ कर पढ़ाई करते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि, जब छात्र नेता समस्याओं को लेकर उनसे मिलने जाते हैं, वह मिलने से इंकार करतें है और एफआईआर कराने की धमकी देते हैं। ज्ञापन में इसके अलावा परीक्षा परिणामों को लेकर निरंतर आ रही गड़बड़ियों को भी मुद्दा बनाया गया है। आरोप है कि बार-बार रिजल्ट में त्रुटियां आने से छात्रों का शैक्षणिक भविष्य प्रभावित हो रहा है और उन्हें मानसिक तनाव झेलना पड़ रहा है। पुनर्मूल्यांकन और पुनर्गणना को कमाई का जरिया बनाने का भी आरोप छात्रों ने लगाया है। मांगे पूर्ण नहीं हुई तो उग्र आंदोलन की चेतावनी एनएसयूआई ने कुलपति से मांग की है कि, पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए, सांस्कृतिक कार्यक्रम में हुई घटना के दोषियों पर सख्त कार्रवाई की जाए और कुलसचिव के कार्यों की समीक्षा कर आवश्यक प्रशासनिक कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल पद से हटाया जाए। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो छात्र उग्र आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी विश्वविद्यालय प्रशासन की होगी। इस दौरान ये रहे मौजूद इस घेराव प्रदर्शन के दौरान छात्रनेता पुष्पराज साहू, करन यादव, प्रदीप सिंह, राजा खान, मनेन्द्र, आशीष यादव, विजय पटेल, सुनील श्रीवास, राज कोशले, प्रशांत पाल, पुष्पराज राजपूत, सुमित मानिकपुरी और विनीत कौशिक सहित कई अन्य छात्र उपस्थित रहे।
हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सेवारत 4400 कंप्यूटर टीचरों और लैब सहायक शिक्षा सदन का घेराव करने के लिए पंचकूला पहुंचे हैं। टीचरों और लैब सहायक जॉब सिक्योरिटी में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र प्योंत और प्रदेश महासचिव सुनील राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कच्चे कर्मचारियों को 58 वर्ष तक नौकरी सुरक्षा देने की घोषणा केवल कागजों तक सीमित रह गई है। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए पोर्टल पर हजारों कर्मचारियों ने उम्मीद के साथ आवेदन किया था और आवेदन की अंतिम तिथि को तीन बार बढ़ाया गया। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और उदासीन रवैये के चलते कंप्यूटर लैब अटेंडेंट कर्मचारियों का पंजीकरण ही नहीं किया गया, जिससे वे नौकरी सुरक्षा के अधिकार से वंचित रह गए। 5 साल से नहीं बढ़ा वेतन संघ नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों से कर्मचारियों के वेतनमान में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बिना वेतन वृद्धि के काम करना कर्मचारियों के लिए बेहद कठिन हो गया है और उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर लैब अटेंडेंट शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनके साथ हो रहा भेदभाव और उपेक्षा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। 4 साल पहले वार्ता में मांगें मानी कंप्यूटर टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान और कंप्यूटर अध्यापक कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष सोनू नरवाल ने कहा कि उनकी चार साल पहले शिक्षा मंत्री कंवर पाल के साथ हुई थी। महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश, ईएसआई मेडिकल सुविधा का लाभ, भविष्य निधि लागू करने, कंप्यूटर लैब के लिए बजट आवंटन और 12 वार्षिक छुटियां देने की मांग को भी शिक्षा मंत्री और अधिकारियों ने मान लिया था। वहीं सेवा नियमों में कंप्यूटर शिक्षकों, लैब सहायकों की शैक्षणिक योग्यता, कार्य पद्घति व पदनाम तय करने की बात कही थी, लेकिन उस पर अभी तक काम नहीं हुआ है।
बलरामपुर जिला मुख्यालय में कांग्रेस ने बढ़ती महंगाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान पार्टी कार्यकर्ताओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन तहसीलदार को सौंपा, जिसमें महंगाई पर नियंत्रण और आम जनता को राहत देने की मांग की गई। साप्ताहिक बाजार परिसर में जनसभा का आयोजन किया गया, जहां कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। उन्होंने खाद्य सामग्री, पेट्रोल-डीजल और घरेलू उपयोग की वस्तुओं के लगातार बढ़ते दामों से आम जनता को हो रही परेशानियों को प्रमुखता से उठाया। जनसभा को संबोधित करते हुए कांग्रेस नेताओं ने कहा कि बढ़ती महंगाई ने आम लोगों की कमर तोड़ दी है। गरीब और मध्यम वर्गीय परिवारों का बजट बिगड़ गया है, जिससे उन्हें रोजमर्रा की जरूरतें पूरी करने में कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा जनसभा के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर में एक रैली निकाली, जो तहसील कार्यालय तक पहुंची। यहां उन्होंने राष्ट्रपति के नाम तहसीलदार को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से महंगाई पर नियंत्रण करने और आम जनता को तत्काल राहत प्रदान करने की मांग की गई। कांग्रेसी बोले- भविष्य में भी जारी रहेगा आंदोलन कांग्रेस जिलाध्यक्ष हरिहर प्रसाद यादव ने कहा कि महंगाई के खिलाफ पार्टी का आंदोलन भविष्य में भी जारी रहेगा और जनता की आवाज को मजबूती से उठाया जाएगा। वहीं, कांग्रेस नेत्री मधु गुप्ता ने विशेष रूप से गैस सिलेंडर के बढ़ते दामों का जिक्र करते हुए कहा कि इसका सबसे ज्यादा असर महिलाओं और गृहिणियों पर पड़ा है, जिससे घरेलू बजट संभालना मुश्किल हो गया है।
गुरुग्राम में चाकू मारकर पत्नी की हत्या:घर से 100 मीटर दूर सड़क किनारे पड़ा मिला शव; पति फरार
गुरुग्राम में एक महिला की उसके पति ने चाकूओं से गोदकर हत्या कर दी। बुधवार को महिला का शव घर से 100 मीटर दूर सड़क किनारे पड़ा हुआ मिला। घटना की सूचना मिलते ही खैदकी दौला थाना पुलिस की टीमें मौके पर पहुंचीं। घटना के बाद से उसका पति फरार है। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर अस्पताल में भिजवा दिया है। मृतका की पहचान उत्तर प्रदेश के बरेली की रहने वाली रेखा (30) के तौर पर हुई। वह गुरुग्राम के भंगरौला गांव में अपने पति गौरव के साथ रहती थी। फिलहाल पुलिस ने रेखा के परिजनों को घटना की सूचना दे दी है। सूट खून से सना हुआ था पुलिस को सूचना मिली कि भांगरौला गांव में एक महिला का खून से लथपथ शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। महिला की पहचान गांव की ही रेखा के रूप में हुई। उसके शरीर पर चाकू से कई वार किए गए थे, और उसका सूट खून से बुरी तरह सना हुआ था। पति-पत्नी के बीच झगड़े होते थे जांच में सामने आया कि रेखा कुछ समय से भांगरौला गांव में अपने पति के साथ किराए के मकान में रह रही थी। यह भी पता चला है कि पति-पत्नी के बीच अक्सर झगड़ा होता रहता था। घटना के बाद से गौरव गायब है और उसका फोन भी बंद आ रहा है। ऐसा माना जा रहा है कि रेखा की हत्या करने के बाद वह फरार हो गया। आरोपी को पकड़ने के लिए टीमें गठित पुलिस प्रवक्ता ASI संदीप कुमार ने बताया कि मृतका के परिजनों को सूचित कर दिया गया है। पुलिस आरोपी पति गौरव की तलाश कर रही है और उसे पकड़ने के लिए टीमें गठित की गई हैं। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि आरोपी के भागने के रास्ते का पता लगाया जा सके। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
कानपुर में प्रदेश का पहला डॉग शेल्टर बनने जा रहा है। यहां शहर के कटखने और आक्रामक आवारा कुत्तों को रखा जाएगा। नगर निगम ने इसके लिए रुमा ड्योढ़ी घाट के पास करीब पांच एकड़ भूमि चिह्नित कर ली है। इस शेल्टर में एक साथ 1000 कुत्तों को रखने की सुविधा होगी। इसको चार करोड़ की कीमत से बनवाया जाएगा। अत्याधुनिक सुविधाएं से होगा लैस नगर निगम अधिकारियों के अनुसार, यह डॉग शेल्टर अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा। यहां कुत्तों के लिए अलग से किचन, अस्पताल, उपचार कक्ष और रहने की समुचित व्यवस्था की जाएगी। किचन में कुत्तों के लिए दिनवार मेन्यू तय किया जाएगा, ताकि उन्हें नियमित और संतुलित भोजन मिल सके। हास्पिटल भी होगा इसके अलावा, शहर से पकड़कर लाए जाने वाले घायल या बीमार कुत्तों के इलाज की भी विशेष व्यवस्था होगी। यदि किसी कुत्ते को पकड़ने के दौरान चोट लगती है या वह पहले से बीमार है, तो उसका तत्काल उपचार शेल्टर के अस्पताल में किया जाएगा। डीपीआर शासन को भेजा गया नगर निगम के मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. आरके निरंजन ने बताया कि रुमा स्थित नगर निगम के मियावाकी वन के बगल में जमीन चिह्नित कर ली गई है। निर्माण इकाई सीएंडडीएस ने डिटेल प्रोजेक्ट रिपोर्ट (डीपीआर) तैयार कर शासन को भेज दी है। बजट स्वीकृत होते ही निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। शहर में 1.40 लाख आवारा कुत्ते बताया जा रहा है कि कानपुर शहर में इस समय करीब 1.40 लाख आवारा कुत्ते हैं, जिनमें बड़ी संख्या कटखने कुत्तों की भी है। डॉग शेल्टर बनने से न केवल लोगों को राहत मिलेगी, बल्कि इन कुत्तों की देखभाल और उपचार भी बेहतर ढंग से हो सकेगा।
महिला ने एक साथ तीन बच्चों को दिया जन्म:खलीलाबाद में सफल जटिल सिजेरियन; जच्चा और बच्चा स्वस्थ
खलीलाबाद कस्बे के अस्पताल में एक जटिल ऑपरेशन के जरिए एक महिला ने एक साथ तीन बच्चों को जन्म दिया। खास बात यह रही कि तीनों नवजात पूरी तरह स्वस्थ हैं। इनमें दो लड़के और एक लड़की शामिल हैं। अस्पताल के संचालक अमित चौधरी ने बताया कि समय रहते सही निर्णय लेकर टीम ने सिजेरियन ऑपरेशन किया। ऑपरेशन के बाद मां और तीनों बच्चों की स्थिति सामान्य और स्थिर है। बच्चों का वजन और अन्य स्वास्थ्य मानक भी संतुलित पाए गए हैं। इस सफल ऑपरेशन में सर्जन डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पूरी टीम की सतर्कता और समन्वय से यह चुनौतीपूर्ण मामला सफलतापूर्वक संभाला गया। बच्चों के पिता ने अस्पताल के स्टाफ के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि सभी ने पूरी लगन और जिम्मेदारी के साथ काम किया। संचालक अमित चौधरी ने कहा कि ऐसे मामलों में मां और बच्चों दोनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना बड़ी चुनौती होती है, लेकिन टीम के अनुभव और त्वरित निर्णय के चलते यह संभव हो पाया।
संतोष कुमार शर्मा ने फिरोजाबाद DM का कार्यभार संभाला:जनसुनवाई और विकास योजनाओं पर रहेगा विशेष फोकस
फिरोजाबाद को बुधवार को नया जिलाधिकारी मिल गया। संतोष कुमार शर्मा ने विधिवत रूप से पदभार ग्रहण किया। कलेक्ट्रेट पहुंचने पर अपर जिलाधिकारी विशु राजा, मुख्य विकास अधिकारी शत्रोहन वैश्य, अपर जिलाधिकारी नमामि गंगे मोहनलाल गुप्ता सहित अन्य अधिकारियों ने उनका स्वागत किया। पदभार संभालने के बाद नवागत जिलाधिकारी ने जनसुनवाई को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और शासन की विकास योजनाओं को अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने पर जोर दिया। मीडिया से बातचीत में जिलाधिकारी संतोष कुमार शर्मा ने कहा कि जनपद में कानून व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। आमजन की समस्याओं का त्वरित निस्तारण सुनिश्चित कराया जाएगा। उन्होंने सभी विभागों को जवाबदेह बनाकर सरकारी योजनाओं को धरातल तक पहुंचाने की बात कही। जिलाधिकारी ने फिरोजाबाद को कृषि और उद्योग दोनों दृष्टि से महत्वपूर्ण जनपद बताया। उन्होंने कहा कि यहां बड़े पैमाने पर आलू की खेती होती है, इसलिए फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स को बढ़ावा देकर किसानों को लाभ पहुंचाने की दिशा में कार्य होगा। साथ ही विश्व प्रसिद्ध कांच उद्योग को और मजबूती देने के लिए भी योजनाबद्ध प्रयास किए जाएंगे। गौरतलब है कि तत्कालीन जिलाधिकारी रमेश रंजन और तत्कालीन टूंडला तहसीलदार राखी शर्मा के बीच हुए विवाद के बाद फिरोजाबाद प्रशासनिक हलकों में चर्चा में रहा था। तहसीलदार द्वारा जिलाधिकारी पर आईफोन लेने के आरोप के मामले की जांच अभी भी चल रही है। इसी बीच, शासन ने महाराजगंज के जिलाधिकारी रहे संतोष कुमार शर्मा को फिरोजाबाद की कमान सौंपी है। नवागत डीएम के आने से प्रशासनिक कार्यशैली में बदलाव और लंबित मामलों के निस्तारण को लेकर नई उम्मीदें जगी हैं।
सहरसा जिला एथलेटिक्स संघ द्वारा 41वें जिला एथलेटिक्स मीट 2026 का आयोजन 18 से 20 मई तक सहरसा स्टेडियम में किया जाएगा। संघ के सचिव रोशन सिंह धोनी ने बुधवार को यह जानकारी दी। उन्होंने बताया कि प्रतियोगिता की तैयारियां शुरू हो गई हैं और खिलाड़ियों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। इस मीट में सहरसा जिले के अंडर-14, अंडर-16, अंडर-18, अंडर-20, अंडर-23 और ओपन आयु वर्ग के बालक एवं बालिका खिलाड़ी हिस्सा ले सकते हैं। इच्छुक खिलाड़ियों के लिए निबंधन अनिवार्य है, जिसकी अंतिम तिथि 15 मई 2026 तय की गई है। निबंधन शुल्क 20 रुपये प्रति खिलाड़ी निर्धारित किया गया है। फील्ड इवेंट्स भी आयोजित किए जाएंगे प्रतियोगिता में एथलेटिक्स की विभिन्न विधाएं शामिल होंगी। इनमें 60 मीटर, 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 600 मीटर, 800 मीटर, 1500 मीटर और 3000 मीटर दौड़ शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, ऊंची कूद, लंबी कूद, गोला फेंक, चक्का फेंक और भाला फेंक जैसे फील्ड इवेंट्स भी आयोजित किए जाएंगे। सचिव ने बताया कि प्रत्येक खिलाड़ी किसी एक आयु वर्ग में अधिकतम दो स्पर्धाओं में भाग ले सकता है। उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को जिला एथलेटिक्स संघ द्वारा पुरस्कृत किया जाएगा। चयनित खिलाड़ियों को जून 2026 में पटना में होने वाली राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए प्रशिक्षित कर भेजा जाएगा। फॉर्म सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहेंगे निबंधन फॉर्म जिला खेल कार्यालय, सहरसा स्टेडियम से सुबह 10 बजे से शाम 5 बजे तक प्राप्त और जमा किए जा सकते हैं। साईं स्पोर्ट्स सुपर मार्केट, सहरसा से ये फॉर्म सुबह 9 बजे से रात 8 बजे तक उपलब्ध रहेंगे। संघ के उपाध्यक्ष सैयद समी अहमद के अनुसार, इस प्रतियोगिता में विद्यालय और महाविद्यालय के छात्रों के अलावा अन्य छात्र-छात्राएं भी भाग ले सकते हैं। संघ के अध्यक्ष आर.के. सिंह ने कहा कि सहरसा में खेल और चिकित्सा व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं, जिससे स्थानीय प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का बेहतर अवसर मिल सके।
जमुई में 5 मवेशी लदी मैजिक जब्त:पुलिस ने 2 आरोपियों को किया गिरफ्तार, पशु तस्करी का मामला दर्ज
जमुई के खैरा थाना पुलिस ने मंगलवार को मवेशी तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की। पुलिस ने हाई स्कूल चौक के पास से पांच मवेशियों से लदी एक मैजिक वैन जब्त की और वाहन मालिक व चालक को मौके से गिरफ्तार कर लिया। यह कार्रवाई गुप्त सूचना के आधार पर की गई। पुलिस को जानकारी मिली थी कि एक मैजिक वैन के जरिए मवेशियों को अवैध रूप से ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही खैरा थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह के निर्देश पर 112 टीम और गश्ती दल में तैनात सहायक अवर निरीक्षक उपेंद्र कुमार सिंह के नेतृत्व में हाई स्कूल चौक के समीप वाहन जांच अभियान चलाया गया। वाहन में ठूंस कर रखे गए थे मवेशी जांच के दौरान एक संदिग्ध मैजिक वैन को रोका गया। तलाशी लेने पर वाहन में पांच मवेशी ठूंस-ठूंस कर लदे पाए गए। इनमें दो गाय, दो बैल और एक बछड़ा शामिल था। पुलिस ने तुरंत वाहन को जब्त कर लिया और मौके से नारियाना निवासी वाहन मालिक रमेश कुमार तथा डुमरकोला निवासी चालक रविन्द्र कुमार को गिरफ्तार कर लिया। थानाध्यक्ष मिंटू कुमार सिंह ने बताया कि गिरफ्तार दोनों आरोपियों के खिलाफ पशु तस्करी से संबंधित धाराओं के तहत प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। जब्त किए गए मवेशियों और वाहन को पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है और आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। अवैध कारोबारी के खिलाफ कार्रवाई थानाध्यक्ष ने यह भी बताया कि जिले में मवेशी तस्करी पर अंकुश लगाने के लिए लगातार अभियान चलाए जा रहे हैं। अवैध कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस की इस कार्रवाई की स्थानीय लोगों ने भी सराहना की है।
जोधपुर में प्रशासनिक व्यवस्थाओं और विकास कार्यों का जायजा लेने के लिए कलेक्टर आलोक रंजन ने आज शहर के अलग-अलग क्षेत्रों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। कलेक्टर के दौरे को लेकर स्थानीय प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड पर नजर आया। उनके साथ नगर निगम के कमिश्नर राहुल जैन भी मौजूद थे। कलेक्टर ने नगर निगम की काजरी के पास बनाए गए मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन का भी दौरा किया। इस नई व्यवस्था के तहत डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण करने वाले ऑटो टिपर अब सीधे ट्रांसफर स्टेशन पहुंचेंगे, जहां से कचरे को कंटेनरों के माध्यम से सीधे केरू यार्ड भेजा जाएगा। शहर की सफाई व्यवस्था में होगा सुधार इस दौरान निगम के कमिश्नर राहुल जैन ने कहा कि इस नई पहल से शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार होगा और आम नागरिकों को बड़ी राहत मिलेगी। इस डंपिंग स्टेशन में 150 टन तक कचरा एकत्रित किया जा सकता है जहां से उन्हें खुले में ले जाने के बजाय विशेष वाहनों के जरिए करू के डंपिंग स्टेशनों तक पहुंचाया जाएगा। पूरे शहर में बनेंगे कचरा कलेक्शन सेंटर इसके साथ ही घोड़ा घाटी में भी एक इसी तरह का एक कलेक्शन सेंटर बनाने की कवायद चल रही है। जैन ने बताया कि पूरे शहर में इस तरीके से कचरा कलेक्शन सेंटर बनाए जाएंगे। इससे कचरा ले जाने वाले टिप्पर को 6 से 7 किलोमीटर से ज्यादा रन नहीं करना पड़ेगा। वह अधिक राउंड कर सकेंगे और शहर में जो कचरा नहीं उठने की शिकायतें थी उसका समाधान हो सकेगा।
दमोह जिला अस्पताल में बुधवार सुबह कलेक्टर प्रताप नारायण यादव ने औचक निरीक्षण किया। अचानक पहुंचे कलेक्टर को देखकर अस्पताल प्रशासन में अफरा-तफरी मच गई। मरीजों ने मौके पर अस्पताल की व्यवस्थाओं को लेकर शिकायतें कीं। डॉक्टर और कर्मचारी अनुपस्थित, ओपीडी में कमी मिली निरीक्षण के दौरान सिविल सर्जन डॉ. प्रहलाद पटेल और अन्य डॉक्टरों के साथ अस्पताल का दौरा किया गया। ओपीडी में ड्यूटी पर डॉक्टरों की संख्या कम पाई गई और कई कर्मचारी अनुपस्थित मिले। इस पर कलेक्टर ने सख्त नाराजगी जताते हुए सिविल सर्जन को फटकार लगाई और अनुपस्थित कर्मचारियों का वेतन काटने के निर्देश दिए। मुख्य द्वार पर मिली स्ट्रेचर की कमी अस्पताल के मुख्य गेट पर स्ट्रेचर उपलब्ध नहीं होने की समस्या सामने आई। कलेक्टर ने कहा कि 24 घंटे स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध रहनी चाहिए ताकि मरीजों को तुरंत अंदर ले जाया जा सके। इसे उन्होंने गंभीर लापरवाही बताया। कर्मचारियों के पांच महीने से वेतन अटका निरीक्षण के दौरान सुरक्षाकर्मियों ने बताया कि उन्हें पिछले पांच महीनों से वेतन नहीं मिला है। इस पर कलेक्टर ने नाराजगी जताई और पूछा कि बिना वेतन के कर्मचारी कैसे काम कर रहे हैं। उन्होंने तत्काल भुगतान के लिए भोपाल में स्वास्थ्य विभाग के हेल्थ कमिश्नर से बात की। महिलाएं बोलीं-सोनोग्राफी मशीन होने के बावजूद नहीं हो रही जांच गर्भवती महिलाओं के परिजनों ने बताया कि अस्पताल में सोनोग्राफी मशीन मौजूद है, लेकिन जांच नहीं होती। मरीजों को बाहर से महंगा खर्च करके जांच करानी पड़ रही है। इस पर कलेक्टर ने सिविल सर्जन को निर्देश दिए कि मशीन को चालू करने के लिए विशेषज्ञ की व्यवस्था की जाए। कलेक्टर ने कहा कि आगे भी इसी तरह निरीक्षण किया जाएगा और यदि अनियमितताएं पाई गईं तो सख्त कार्रवाई होगी। उन्होंने कहा कि डॉक्टरों और कर्मचारियों को समय पर ड्यूटी पर रहना होगा और मरीजों का पूरा इलाज सुनिश्चित करना होगा।
सुल्तानपुर जिले में प्रशासनिक अधिकारियों की कार्यशैली पर सवाल खड़े हो गए हैं। जयसिंह पुर तहसील के हयात नगर निवासी कैसर जहां ने बुधवार को जिलाधिकारी को पत्र लिखकर न्याय की गुहार लगाई है। महिला ने आरोप लगाया है कि पुलिस और स्थानीय प्रशासन ने उसकी मदद करने के बजाय उसके परिवार के साथ अभद्रता की और उन्हें धमकाया। पीड़िता कैसर जहां के अनुसार, ग्राम फतेहपुर संगत में स्थित उसकी पैतृक भूमि (गाटा संख्या 173ग, रकबा 0.0190 हेक्टेयर) का न्यायालय द्वारा विधिवत विभाजन हो चुका है। नक्शे में भी उसकी जमीन का स्थान पश्चिम की तरफ सीमांकित है। विवाद तब शुरू हुआ जब पीड़िता अपनी जमीन पर निर्माण कार्य कराने पहुंची। आरोप है कि दूसरे हिस्से के खातेदार मोबीन पुत्र मो० शौकत ने निर्माण कार्य रुकवा दिया और पीड़िता के साथ मारपीट पर आमादा हो गए। पीड़िता का कहना है कि जब वह मदद के लिए स्थानीय थाने पहुंची, तो पुलिस ने आरोपी पक्ष पर कार्रवाई करने के बजाय पीड़िता के पति कासिम को ही डांट-फटकार कर बंद कर दिया और उनका चालान काट दिया। इसके बाद, जब पीड़िता न्याय की आस लेकर एसडीएम जयसिंहपुर के पास पहुंची, तो एसडीएम ने उसकी बात सुनने के बजाय उसे वहां से भगा दिया। न्याय न मिलने पर पीड़िता ने अब जिलाधिकारी सुल्तानपुर को प्रार्थना पत्र सौंपा है। उसकी मुख्य मांगें हैं कि विवादित भूमि (गाटा सं. 173ग) का पुनः चिन्हांकन कराया जाए, दबंगों द्वारा किए जा रहे हस्तक्षेप को रोककर उसे भूमि पर कब्जा दिलाया जाए और प्रशासनिक अधिकारियों के इस कथित व्यवहार की जांच हो।
छत्तीसगढ़ लोक सेवा आयोग (CGPSC) की 2020-2022 की परीक्षा में हुए घोटाले के एक आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका हाईकोर्ट ने खारिज कर दी है। जस्टिस बिभु दत्त गुरु की सिंगल बेंच ने कहा कि प्रश्नपत्र लीक करना दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सीजीपीएससी की परीक्षाओं में बड़े पैमाने पर धांधली के आरोपों की जांच सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) कर रही है। इस मामले में रायपुर के शांति नगर निवासी उत्कर्ष चंद्राकर के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। आरोप है कि उसने चयन के बदले उम्मीदवारों से 50 से 60 लाख रुपए तक की मांग की थी। जांच में पता चला कि परीक्षा से पहले उम्मीदवारों को रायपुर के सिद्धि विनायक पैलेस, बारनवापारा रिजॉर्ट और होटल वेंकटेश इंटरनेशनल में ठहराया गया था। प्रारंभिक परीक्षा से एक दिन पहले 12 फरवरी 2022 को उत्कर्ष ने करीब 30-35 उम्मीदवारों को प्रश्नपत्र और उसके जवाब दे दिए थे। मुख्य परीक्षा के समय भी मोबाइल से प्रश्नपत्र मंगवाकर रिजॉर्ट में ठहरे उम्मीदवारों को याद कराया जाता था। गवाह ने बताया- बस में भरकर ले गए थे बारनवापारा मामले की अहम गवाह सुषमा अग्रवाल ने धारा 164 के तहत दिए बयान में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। उसने बताया कि उत्कर्ष ने उससे 25 लाख रुपए लिए थे। 8 मई 2022 को बुक की गई बस से उम्मीदवारों को बारनवापारा रिजॉर्ट ले जाया गया, जहां लीक प्रश्नपत्रों के जरिए मुख्य परीक्षा की तैयारी करवाई गई। जानिए क्या है CGPSC घोटाला यह मामला 2020 से 2022 के बीच हुई भर्ती प्रक्रियाओं से जुड़ा है। आरोप है कि आयोग की परीक्षाओं और इंटरव्यू में पारदर्शिता को दरकिनार कर राजनीतिक और प्रशासनिक रसूख वाले परिवारों के उम्मीदवारों को उच्च पदों पर चयनित किया गया। इस दौरान योग्य अभ्यर्थियों की अनदेखी कर डिप्टी कलेक्टर, डीएसपी और अन्य राजपत्रित पदों पर अपने नजदीकी लोगों को पद दिलवाने का खेल हुआ। प्रदेश सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच सीबीआई को सौंपी। जांच एजेंसी ने छापेमारी में कई दस्तावेज और आपत्तिजनक साक्ष्य बरामद किए हैं। 171 पदों के लिए हुई थी भर्ती परीक्षा CGPSC परीक्षा 2021 में 171 पदों के लिए भर्ती परीक्षा आयोजित की गई थी। प्री-एग्जाम 13 फरवरी 2022 को कराया गया। इसमें 2 हजार 565 पास हुए थे। इसके बाद 26, 27, 28 और 29 मई 2022 को हुई मेंस परीक्षा में 509 अभ्यर्थी पास हुए। इंटरव्यू के बाद 11 मई 2023 को 170 अभ्यर्थियों की सिलेक्शन लिस्ट जारी हुई थी। ……………………. इससे जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… CGPSC भर्ती घोटाला...योग्य कैंडिडेट्स को नियुक्ति देने का आदेश:भर्ती में सिलेक्ट 60 प्रतियोगियों ने लगाई याचिका, हाईकोर्ट बोला- 2 महीने में जारी करें आदेश CGPSC 2021 की परीक्षा घोटालों के कारण विवादों में रही लेकिन इसमें चयनित योग्य और बेदाग अभ्यर्थियों को हाईकोर्ट ने बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने कहा है कि CBI जांच में अब तक जिन अभ्यर्थियों के खिलाफ चार्जशीट पेश नहीं की है। उन्हें 60 दिनों के भीतर नियुक्ति दी जाए। पढ़ें पूरी खबर
फर्रुखाबाद विकास मंच ने बुधवार को कालिंद्री एक्सप्रेस ट्रेन का रूट न बदलने की मांग को लेकर फर्रुखाबाद रेलवे स्टेशन पर ज्ञापन सौंपा। जिलाध्यक्ष भईयन मिश्रा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पदाधिकारी स्टेशन मास्टर से मिले और रेल मंत्री को संबोधित ज्ञापन दिया। ज्ञापन में बताया गया कि गाड़ी संख्या 14118 (भिवानी से प्रयागराज जंक्शन) और 14117 (प्रयागराज जंक्शन से भिवानी) फर्रुखाबाद होते हुए चलती हैं। यह ट्रेन लगभग 40 वर्षों से नई दिल्ली से फर्रुखाबाद के बीच संचालित हो रही थी, जिसे हाल ही में कानपुर होते हुए प्रयागराज तक बढ़ाया गया है। मंच को जानकारी मिली है कि कानपुर में अनवरगंज स्टेशन से मंझना तक एलिवेटेड रेलवे ट्रैक का निर्माण कार्य शुरू होने वाला है। इस कारण कालिंद्री एक्सप्रेस को फर्रुखाबाद होते हुए कानपुर-प्रयागराज नहीं चलाया जाएगा। इसके बजाय, ट्रेन का मार्ग बदलकर शिकोहाबाद-इटावा होते हुए कानपुर करने का प्रस्ताव है। विकास मंच ने इस मार्ग परिवर्तन को गलत बताया। उनके अनुसार, फर्रुखाबाद जनपद के लिए नई दिल्ली जाने वाली यह एकमात्र ट्रेन है, जिससे प्रतिदिन हजारों यात्री आवागमन करते हैं। उन्होंने तर्क दिया कि प्रयागराज और कानपुर से नई दिल्ली के लिए दर्जनों अन्य ट्रेनें उपलब्ध हैं, जबकि फर्रुखाबाद, कन्नौज, हरदोई, मैनपुरी जैसे जनपदों के लिए कालिंद्री एक्सप्रेस ही मुख्य साधन है। मंच ने मांग की कि कालिंद्री एक्सप्रेस को उसके पुराने रूट नई दिल्ली-फर्रुखाबाद-नई दिल्ली पर ही चलाया जाए और किसी भी सूरत में इसका मार्ग शिकोहाबाद के रास्ते न बदला जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांग नहीं मानी गई, तो जनपदवासी बड़ा आंदोलन करने को बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी रेलवे विभाग की होगी। इस दौरान निश्चित दुबे, कोमल पांडेय, रांची पाल, ओम निवास पाठक और बाबू अग्निहोत्री नितिन गुप्ता अध्यक्ष संडे बाजार मिश्रा गुट, मलखान सिंह राजपूत, रजत वर्मा, राजीव वर्मा सहित अन्य लोग भी मौजूद रहे।
संभल में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) के जिला मंत्री सोनू चहल की डस्टर गाड़ी मंगलवार रात एक पेट्रोल पंप पर खड़ी थी, तभी उसमें भीषण आग लग गई। गाड़ी पूरी तरह से जलकर राख हो गई, जिससे लगभग चार लाख रुपये का नुकसान हुआ है। गाड़ी का बीमा भी समाप्त हो चुका था। घटना जनपद संभल के सीओ सर्किल असमोली के थाना नखासा क्षेत्र के गांव सिंहपुरसानी स्थित एक पेट्रोल पंप पर रात करीब 09:30 बजे हुई। जिला मंत्री सोनू चहल, जो चंदावली गांव के निवासी हैं, अपनी गाड़ी पेट्रोल पंप पर खड़ी करके जिलाध्यक्ष चौधरी नरेंद्र सिंह रिंकू के साथ अमरोहा के गजरौला में एक कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। उनके जाने के लगभग डेढ़ घंटे बाद गाड़ी में अचानक आग लग गई। यह गाड़ी डीजल की थी और इसका बीमा समाप्त हो चुका था। आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन आग इतनी भीषण थी कि वे सफल नहीं हो पाए। पेट्रोल पंप पर गाड़ी में आग लगने की सूचना मिलने पर दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची। रात करीब 11 बजे आग पर काबू पाया जा सका। घटना की जानकारी मिलने के बाद जिला मंत्री और जिलाध्यक्ष भी मौके पर पहुंचे, हालांकि उनके परिवार के सदस्य उनसे पहले ही पहुंच गए थे। जिला मंत्री सोनू चहल ने बताया कि उनकी डस्टर गाड़ी का बीमा समाप्त हो चुका था और आग लगने से गाड़ी पूरी तरह से नष्ट हो गई है। उन्हें चार लाख रुपए से ज्यादा का नुकसान हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि गाड़ी में आग कैसे लगी, इसकी जानकारी उन्हें नहीं है।
जिले में चल रहे साईबर कैफे अब पुलिस की सख्त निगरानी में आ गए हैं। साइबर क्राइम यूनिट यानी सीसीयू को शक था कि कुछ कैफे में अवैध काम हो रहे हैं, इसी के बाद जिले भर के संदिग्ध साइबर कैफे में रेड हुई। मामले में अब तक 6 साइबर कैफे संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस का कहना है कि गिरोह का पर्दाफाश होने पर साइबर अपराध के एक बड़े नेटवर्क का खुलासा होगा। इस जांच में 8 साइबर कैफे को चिह्नित किया गया था और उनकी जानकारी जिला पुलिस को दी गई। इसके बाद साईबर थाना और स्थानीय पुलिस ने चम्पानगर, बनमनखी, मरंगा, बीकोठी, अमौर और जलालगढ़ जैसे इलाकों में छापेमारी की। छापेमारी के दौरान पुलिस को चौंकाने वाली चीजें मिलीं। कई जगहों से फर्जी प्रमाण पत्र बनाने का सामान, बड़ी संख्या में बिना डिलीवरी के बैंक पासबुक, एटीएम कार्ड और आधार कार्ड बरामद किए गए। फर्जी कागजात का इस्तेमाल योजनाओं का फायदा उठाने में होता जांच में ये भी सामने आया कि इन कैफे में अवैध वेबसाइट के जरिए नकली दस्तावेज तैयार किए जा रहे हैं। साइबर पुलिस का कहना है कि इन फर्जी कागजात का इस्तेमाल लोग सरकारी योजनाओं का गलत तरीके से फायदा उठाने और साइबर ठगी जैसे अपराध करने में कर रहे थे। इस मामले में अब तक छह साइबर कैफे संचालकों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। हालांकि मरंगा और जलालगढ़ इलाके से कुछ आरोपी पहले भाग निकले थे, लेकिन बाद में जलालगढ़ के एक आरोपी को पकड़ लिया गया। पुलिस सूत्रों की मानें मामला यहीं खत्म नहीं हुआ है। पुलिस और जांच एजेंसियों को शक है कि ये नेटवर्क काफी बड़ा हो सकता है। सीमांचल के कई और साइबर कैफे भी जांच के दायरे में हैं, लेकिन अभी पुलिस उनके नाम उजागर नहीं कर रही है। पुलिस अब उन लोगों तक पहुंचने की कोशिश कर रही है, जो इन अवैध वेबसाइट को बनाते और चलाते हैं। इसके साथ ही जिन लोगों के नाम पर ये फर्जी दस्तावेज मिले हैं, उनसे भी पूछताछ की जा सकती है।
मेरठ में रसोई गैस की किल्लत को लेकर बुधवार को वार्ड-83 के पार्षद रिजवान अंसारी ने तिरंगा गैस एजेंसी पर पहुंचकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। पार्षद के साथ बड़ी संख्या में स्थानीय लोग भी मौजूद रहे, जिन्होंने एजेंसी के खिलाफ नारेबाजी की और “मुर्दाबाद” के नारे लगाए। पार्षद रिजवान अंसारी ने आरोप लगाया कि गैस एजेंसी का निर्धारित समय सुबह 9 बजे है, लेकिन कई बार 11 बजे तक भी एजेंसी नहीं खुलती। इस दौरान उपभोक्ताओं को लंबी कतारों में खड़ा रहना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि शिकायत करने पर एजेंसी स्टाफ द्वारा अभद्र व्यवहार किया जाता है, जिससे लोगों में नाराजगी बढ़ रही है। बुकिंग के बाद भी नहीं मिल रहा सिलेंडरपार्षद ने बताया कि एजेंसी में केवल दो कर्मचारी कार्यरत हैं, जिससे कामकाज प्रभावित हो रहा है। उपभोक्ताओं को घंटों इंतजार के बाद भी गैस सिलेंडर नहीं मिल रहा है। आरोप है कि कई बार उपभोक्ताओं की बुकिंग (बीसी नंबर) होने के बावजूद समय पर सिलेंडर उपलब्ध नहीं कराया जाता, बल्कि कुछ मामलों में बुकिंग को ब्लॉक भी कर दिया जाता है। स्थानीय लोगों ने बताया कि वे सुबह 6 बजे से लाइन में लगते हैं, लेकिन इसके बावजूद गैस नहीं मिल पाती। कई उपभोक्ताओं को एक महीने से सिलेंडर नहीं मिला है, जिससे क्षेत्र में नाराजगी और बढ़ गई है। पार्षद ने 112 पर की शिकायत, आंदोलन की चेतावनी प्रदर्शन के दौरान पार्षद ने 112 पर भी शिकायत दर्ज कराई और संबंधित अधिकारियों से बात कर जल्द समाधान की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। फिलहाल पूरे क्षेत्र में गैस एजेंसी की कार्यप्रणाली को लेकर आक्रोश का माहौल बना हुआ है और लोग प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं।
मधेपुरा में 10 मई तक आंधी बारिश का अलर्ट:16-22 KM/घंटा से चलेगी हवा, मैक्सिमम टेम्प्रेचर में गिरावट
मधेपुरा में अगले चार दिनों तक मौसम का मिजाज बदला रहेगा। मौसम विभाग ने 10 मई तक आंधी-तूफान और बारिश की संभावना को देखते हुए येलो अलर्ट जारी किया है। इस दौरान आसमान में बादल छाए रहने और गरज-चमक के साथ वर्षा होने के आसार हैं। जिले में मंगलवार रात से ही रुक-रुक कर बारिश हो रही है, जबकि बुधवार सुबह करीब एक घंटे तक वर्षा हुई। इस अवधि में अधिकतम तापमान 29 से 32 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20 से 22 डिग्री सेल्सियस के बीच रहने का अनुमान है। पूर्वी दिशा से 16 से 22 किलोमीटर प्रति घंटा की रफ्तार से हवा चलने की संभावना है। क्षेत्रीय कृषि अनुसंधान केंद्र अगवानपुर के मौसम वैज्ञानिक देवन कुमार चौधरी ने बताया कि 6 से 10 मई के बीच गरज-चमक, बिजली और आंधी के साथ बारिश की प्रबल संभावना है। आम और लीची के टिकोले झड़ने का खतरा बदलते मौसम के कारण खड़ी फसलों के गिरने तथा आम और लीची के टिकोले झड़ने का खतरा बढ़ सकता है। किसानों को सलाह दी गई है कि वे मौसम पूर्वानुमान पर नजर रखें और समय रहते तैयार फसलों की कटाई कर सुरक्षित स्थान पर भंडारण करें। पशुपालकों को भी विशेष सतर्कता बरतने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, तेज आंधी-बारिश के दौरान लोगों से घर से बाहर निकलने से बचने की अपील की गई है।
सीकर के SK हॉस्पिटल में डॉक्टर्स का विरोध-प्रदर्शन लगातार तीसरे दिन जारी है। RGHS में फर्जीवाड़े को लेकर सीकर के 2 डॉक्टर्स को SOG के हिरासत में लेने के बाद से डॉक्टर्स विरोध जता रहे हैं। डॉक्टर्स ने लगातार दूसरे दिन धरना दिया और OPD में मरीज नहीं देखें। ऐसे में रेजिडेंट डॉक्टर्स और इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर्स ने मरीजों को देखा। धरने को प्राइवेट हॉस्पिटल एसोसिएशन, ARISDA, RMCT, IMA और उपचार समेत कई डॉक्टर्स यूनियन ने समर्थन दिया है। देखिए, हॉस्पिटल में मरीजों और धरने की PHOTOS डॉक्टर के साथ हार्डकोर अपराधी जैसा सलूक करने का आरोप धरने पर बैठीं डॉ. कविता चौधरी ने कहा कि डॉ. केके अग्रवाल जांच में सहयोग कर रहे थे, लेकिन उनको अपराधियों की तरह उठाया गया। जब कोरोना में सर्विस की बात आती है तो उनका सम्मान किया जाता है। जब उनके आत्मसम्मान पर बात आती है तो उनके साथ हार्डकोर अपराधियों जैसा सलूक किया जाता है। डॉ. केके अग्रवाल और लैब संचालक डॉ. बीएल चौधरी की रिहाई होने तक आंदोलन जारी रहेगा। प्रदेश स्तर पर आंदोलन की दी चेतावनी डॉ.महेंद्र बुडानिया ने कहा कि सीकर के आंदोलन में अब पूरा जिला और राजस्थान के डॉक्टर्स शामिल होंगे। सरकारी योजनाओं की खामियों का हर्जाना डॉक्टर्स से वसूलना पूरी तरह गलत और असंवैधानिक है। दोनों डॉक्टर्स की रिहाई नहीं हुई तो पूरे राजस्थान के डॉक्टर्स कार्य बहिष्कार करने को मजबूर होंगे। प्राइवेट हॉस्पिटल के डॉक्टर्स और गवर्नमेंट एकजुट होकर आंदोलन करेंगे। रेजिडेंट और इंटर्न डॉक्टर दे रहे सेवा सीकर SK हॉस्पिटल में रेजिडेंट डॉक्टर्स और इंटर्नशिप कर रहे डॉक्टर्स की मदद से सेवाएं दी जा रही हैं। हालांकि अन्य डॉक्टर भी OPD का बहिष्कार कर रहे हैं, मरीजों की परेशानियां देखते हुए ऑपरेशन और इंडोर सेवाएं सुचारू चल रही हैं। धरना दे रहे डॉक्टरों की मांग है कि जब तक दोनों डॉक्टर्स की रिहाई नहीं हो जाती अौर सरकार का प्रतिनिधिमंडल वार्ता नहीं करेगा तब तक धरना जारी रहेगा।
पलवल में रात के समय चोरों ने एक मकान और एक दुकान को निशाना बनाया। इन वारदातों में लाखों रुपए के आभूषण और नकदी चोरी कर ली गई। कैंप थाना पुलिस ने दोनों मामलों में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कैंप थाना प्रभारी अश्वनी कुमार के अनुसार, घोड़ी गांव निवासी, (वर्तमान में पंडित भीमसेन कॉलोनी, पलवल) भारतीय सेना के जवान देवराज ने शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि वह शाम के समय अपना मकान बंद कर परिवार के साथ घोड़ी गांव में एक पारिवारिक कार्यक्रम में गए थे। पारिवारिक कार्यक्रम में गांव गए थे परिजन अगले दिन दोपहर करीब दो बजे जब वे घर लौटे, तो मकान के ताले टूटे हुए थे। घर के अंदर अलमारी और बिस्तरों में रखा सामान बिखरा पड़ा था। चोर उनके घर से दो तोले की सोने की चूड़ी, डेढ़ तोले का हार, एक तोले की नथ व टीका, दो अंगूठी, सात ग्राम के टॉप्स, एक तोले की चेन, आठ ग्राम का मंगलसूत्र, तथा करीब एक किलो चांदी के हथफूल, तगड़ी, तोड़िया, गुच्छा और पाजेब चोरी कर ले गए। चोरी हुए सामान की कीमत करीब साढ़े आठ लाख रुपए बताई गई है। दुकान के गल्ले से 60 हजार रुपए चुराए वहीं, रामनगर निवासी सुनील कुमार ने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी रामनगर में ही परचून की दुकान है। चोरों ने रात के समय दुकान से करीब 60 हजार रुपए नकद चोरी कर लिए। इसकी सूचना उन्हें रात में पड़ोसियों ने फोन पर दी थी। सूचना मिलने पर सुनील कुमार मौके पर पहुंचे और पुलिस को मामले की जानकारी दी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है और चोरों की तलाश जारी है। कैंप थाना पुलिस ने दोनों पीडितों की शिकायतों पर चोरों के खिलाफ केस दर्ज कर चोरों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि चोरों की पहचान के लिए आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की जा रही है, जल्द ही पहचान कर चोरों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
मावली उपखंड की पलाना कलां ग्राम पंचायत स्थित श्री चारभुजा नाथ जी मंदिर में प्रथम पाटोत्सव का धार्मिक अनुष्ठान धूमधाम से शुरू हो गया है। मंदिर समिति और पंडित हितेश शर्मा के अनुसार, बुधवार सुबह 8:00 बजे से 24 घंटे के अखंड रामायण पाठ का शुभारंभ किया गया। यह रामायण पाठ लगातार 24 घंटे तक चलेगा, जिसका समापन कल गुरुवार सुबह 8:00 बजे होगा। पाठ के दौरान पूरा मंदिर परिसर भक्तिमय वातावरण में डूबा हुआ है, जिसमें ग्रामीण उत्साहपूर्वक भाग ले रहे हैं। समिति सदस्यों ने बताया कि कल गुरुवार सुबह 8:00 बजे रामायण पाठ पूर्ण होने के बाद विशेष हवन और पूर्णाहुति की जाएगी। इसके पश्चात शुभ मुहूर्त में श्री चारभुजा नाथ जी के मंदिर शिखर पर ध्वजारोहण होगा। कार्यक्रम के अंत में सभी भक्तों को प्रसाद वितरित किया जाएगा। मंदिर समिति ने आस-पास के सभी श्रद्धालुओं से इस पावन पाटोत्सव और प्रसादी में सम्मिलित होने का आग्रह किया है।
जमुई के लिए रेलवे चलाएगा समर स्पेशल ट्रेनें:हावड़ा-सीतामढ़ी और देवघर-सरायगढ़ रूट पर मिलेगी सुविधा
रेलवे ने गर्मी के मौसम में यात्रियों की अतिरिक्त भीड़ को देखते हुए दो विशेष ट्रेनों के संचालन का निर्णय लिया है। इनमें हावड़ा-सीतामढ़ी के बीच साप्ताहिक ग्रीष्मकालीन विशेष ट्रेन और देवघर-सरायगढ़ के बीच दैनिक अनारक्षित विशेष ट्रेन शामिल हैं। यह निर्णय यात्रियों को बड़ी सुविधा प्रदान करेगा। 03043 हावड़ा-सीतामढ़ी विशेष ट्रेन 09 मई 2026 से 27 जून 2026 तक प्रत्येक शनिवार को हावड़ा से रात 23:00 बजे प्रस्थान करेगी और अगले दिन 15:30 बजे सीतामढ़ी पहुंचेगी। वापसी में, 03044 सीतामढ़ी-हावड़ा विशेष ट्रेन 10 मई से 28 जून 2026 तक प्रत्येक रविवार को सीतामढ़ी से 17:00 बजे खुलकर अगले दिन 09:30 बजे हावड़ा पहुंचेगी। सामान्य, शयनयान और वातानुकूलित श्रेणियों में यात्रा की सुविधा यह ट्रेन झाझा, दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह स्टेशनों पर रुकेगी। इसमें सामान्य, शयनयान और वातानुकूलित श्रेणियों में यात्रा की सुविधा उपलब्ध होगी। इसके अतिरिक्त, 05573/05574 देवघर-सरायगढ़-देवघर विशेष ट्रेन सेवा को 07 मई से 31 मई 2026 तक प्रतिदिन जारी रखा जाएगा। 05573 सरायगढ़-देवघर विशेष ट्रेन सुबह 03:05 बजे सरायगढ़ से चलकर 11:20 बजे देवघर पहुंचेगी। वहीं, 05574 देवघर-सरायगढ़ विशेष ट्रेन देवघर से 11:35 बजे प्रस्थान कर रात 22:15 बजे सरायगढ़ पहुंचेगी। रेलवे के इस कदम से बिहार और झारखंड के यात्रियों को गर्मी की छुट्टियों के दौरान आवागमन में काफी सहूलियत मिलने की उम्मीद है।
डीडवाना में 10 लोगों पर जुर्माना नोटिस जारी:जलदाय विभाग ने अवैध जल कनेक्शनों पर की कार्रवाई
डीडवाना में जलदाय विभाग (नहरी परियोजना) ने अवैध जल कनेक्शनों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की है। ग्रीष्म ऋतु और नहरबंदी को देखते हुए विभाग ने तीन गांवों में 10 व्यक्तियों को पेनल्टी नोटिस जारी किए हैं। सहायक अभियंता राजपाल सिंह शेखावत के नेतृत्व में एक टीम ने औचक निरीक्षण किया। इस दौरान मुवाल नगर गांव में 5, बेरी कल्ला में 4 और खारिया गांव में मेन लाइन से अवैध कनेक्शन करने वाले 1 व्यक्ति के खिलाफ कार्रवाई की गई। नहरी परियोजना के अधिशाषी अभियंता अजीत सिंह ने बताया कि अवैध कनेक्शन लेने या बूस्टर का उपयोग करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने आमजन से अपील की कि वे ऐसे अवैध कृत्यों से बचें और विभाग का सहयोग करें, ताकि सभी उपभोक्ताओं को समान रूप से पेयजल उपलब्ध कराया जा सके। विभाग ने चेतावनी दी है कि भविष्य में भी इस तरह के औचक निरीक्षण जारी रहेंगे। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
पाली में एसपी मोनिका सैन ने बुधवार सुबह एसपी ऑफिस परिसर में महिला हेल्पलाइन 1090 के लिए नए वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। एसपी मोनिका सैन ने बताया कि पाली पुलिस ने महिला सुरक्षा और सहायता को मजबूत करने के लिए इस सेवा में शामिल किया है। महिलाएं मुसीबत के समय हेल्पलाइन 1090 के जरिए सहायता ले सकती हैं। महिलाओं को सुरक्षा देना प्राथमिकता इस अवसर पर एसपी ने बताया कि महिला हेल्पलाइन 1090 का मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को किसी भी प्रकार की परेशानी, उत्पीड़न, छेड़छाड़ या आपात स्थिति में तत्काल सहायता उपलब्ध कराना है। उन्होंने कहा कि यह सेवा महिलाओं में सुरक्षा की भावना और आत्मविश्वास बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी। हेल्पलाइन पर संपर्क करने की अपील एसपी ने आमजन से अपील की कि महिला संबंधी किसी भी समस्या या संकट की स्थिति में बिना संकोच हेल्पलाइन नंबर 1090 पर संपर्क करें। उन्होंने आश्वस्त किया कि पाली पुलिस हर समय सहायता के लिए तत्पर है। इस दौरान एएसपी जयसिंह तंवर, एएसपी महिला अनुसंधान नरेन्द्रसिंह देवड़ा,कोतवाल रवींद्र सिंह खींची सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे।
बड़वानी जिला अस्पताल में रोजाना 600 से ज्यादा मरीज इलाज के लिए पहुंचते हैं, जबकि 300 से अधिक मरीज यहां भर्ती रहते हैं। बावजूद इसके, अस्पताल की सफाई व्यवस्था और सुविधाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। सिविल सर्जन भले ही बेहतर सफाई का दावा कर रहे हों, लेकिन जमीनी हकीकत कुछ और ही नजर आ रही है। जगह-जगह कचरे के ढेर अस्पताल परिसर में कई जगहों पर कचरा जमा है। ट्रामा सेंटर के पास और सिविल सर्जन कार्यालय के आसपास भी गंदगी फैली हुई है। इन जगहों पर कुत्ते और मवेशी घूमते रहते हैं, जिससे हालात और खराब हो रहे हैं। मवेशी कचरा खा रहे हैं, जिससे उनके स्वास्थ्य पर भी खतरा मंडरा रहा है। जलभराव से बढ़ी परेशानी अस्पताल के मुख्य भवन के सामने और नए 16 पलंग वाले वार्ड के गेट पर पानी भरा हुआ है। इससे मरीजों और उनके परिजनों को आने-जाने में काफी दिक्कत हो रही है। साथ ही, पानी जमा रहने से मच्छरों के पनपने का खतरा भी बढ़ गया है, जिससे संक्रमण फैलने की आशंका है। मरीजों और परिजनों की नाराजगी इलाज के लिए आए शोएब खान ने बताया कि अस्पताल में गंदगी का माहौल है। उनका कहना है कि मरीज यहां ठीक होने आता है, लेकिन ऐसे हालात में और बीमार पड़ सकता है। कचरे के पास ही ऑक्सीजन प्लांट, डॉक्टरों के क्वार्टर और अस्पताल की रसोई भी है, जिससे संक्रमण का खतरा और बढ़ जाता है। बाहर से आए लोगों को भी हो रही दिक्कत धार जिला के चिखल्दा गांव से आए सुनील हम्मड ने बताया कि उनके रिश्तेदार अस्पताल में भर्ती हैं। वे पिछले दो दिनों से खाना लेकर आ रहे हैं, लेकिन गंदगी और पानी भरने की समस्या से परेशान हैं। उनका कहना है कि मरीज तो इलाज के लिए आते हैं, लेकिन साथ आने वाले लोग यहां की हालत देखकर खुद बीमार होने का डर महसूस करते हैं। अस्पताल की मौजूदा स्थिति को देखते हुए साफ है कि सफाई और जल निकासी व्यवस्था में तुरंत सुधार की जरूरत है, ताकि मरीजों और उनके परिजनों को सुरक्षित और स्वच्छ वातावरण मिल सके।
कांग्रेस नेता पीयूष सुराणा की ओर से दिल्ली सीएम को लेकर की गई अश्लील पोस्ट पर विवाद थमने का नाम नहीं ले रहा है। अब कांग्रेस का महिला मोर्चा भी खुलकर सामने आ गया है। उन्होंने आज कलेक्ट्रेट गेट पर नारेबाजी की और धरना दिया। इसके बाद एसपी को शिकायत देकर री-पोस्ट करने वाले भाजपा जिलाध्यक्ष व स्याही फेंकने वाली महिला जिलाध्यक्ष के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। महिला कांग्रेस अध्यक्ष लक्ष्मी बुन्देल सहित महिला नेताओं ने शिकायत में बताया कि पीयूष सुराणा की ओर से दिल्ली की मुख्यमंत्री पर की गई अभद्र एवं अश्लील टिप्पणी मामले में मुकदमा दर्ज कर गिरफ्तार किया गया। इस दौरान पुलिस कस्टडी में ही भाजपा महिला मोर्चा की अध्यक्ष भारती श्रीवास्तव औरउनके साथ आई महिलाओं ने राजकार्य में बाधा पहुंचाते हुए सुराणा पर स्याही छिड़की, मारपीट व गाली-गलौच की गई थी। इस संबंध में मुकदमा दर्ज किया लेकिन आज तक कार्रवाई नहीं हुई। री-पोस्ट करने वाले भाजपा शहर जिलाध्यक्ष रमेश सोनी के खिलाफ भी कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। भाजपा सरकार एवं भाजपा नेताओं की ओर से इनको बचाने का प्रयास किया जा रहा है और पुलिस दबाव में काम कर रही है। इसलिए इस मामले में कार्रवाई को लेकर एसपी को शिकायत दी गई है। अब तक ये रहा घटनाक्रम दिल्ली CM पर अश्लील टिप्पणी से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए- 1. कांग्रेस नेता ने दिल्ली CM पर की अश्लील टिप्पणी अजमेर में कांग्रेस नेता ने दिल्ली की CM रेखा गुप्ता के खिलाफ सोशल मीडिया पर अश्लील टिप्पणी की। भाजपा नेता की शिकायत पर गंज थाना पुलिस ने आरोपी पीयूष सुराणा को पूछताछ के लिए थाने बुलाया। (पूरी खबर पढें) 2. कांग्रेस-नेता पर स्याही फेंकने मामले में SHO-दो पुलिसकर्मी लाइन हाजिर कांग्रेस नेता पीयूष सुराणा पर गंज थाने में भाजपा महिला नेता की ओर से स्याही फेंकने के मामले में एसपी हर्षवर्धन अगरवाला के निर्देश पर थाना अधिकारी सहित तीन पुलिसकर्मियों को लाइन हाजिर किया गया है। मामले की जांच एडिशनल एसपी सिटी हिमांशु जांगिड़ को दी गई है। (पूरी खबर पढें) 3. अश्लील पोस्ट मामले में भाजपा जिलाध्यक्ष की जांच की मांग कांग्रेस नेता पीयूष सुराणा की ओर से अश्लील पोस्ट अपलोड किए जाने के मामले में अब भाजपा जिलाध्यक्ष रमेश सोनी के खिलाफ जांच की मांग की गई है। भाजपा शहर जिलाध्यक्ष की ओर से अश्लील पोस्ट को री-पोस्ट करने के मामले में कांग्रेस नेता के परिजन व मित्रों ने एसपी को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। (पूरी खबर पढें)
बूंदी के ईश्वरी सिंह खेल संकुल में स्वैच्छिक साप्ताहिक श्रमदान अभियान का शुभारंभ किया गया। जिला पुलिस अधीक्षक अवनीश शर्मा ने श्रमदान कर इस अभियान की शुरुआत की। इसका उद्देश्य खेल संकुल में स्वच्छता और सामुदायिक सहभागिता को बढ़ावा देना है। इस अवसर पर जिला पुलिस अधीक्षक ने मौजूद जनसमूह को स्वच्छता के प्रति जागरूक रहने का संदेश दिया। श्रमदान कार्यक्रम में नगर परिषद आयुक्त आशा मीणा, अधिशाषी अभियंता धर्मेंद्र मीणा, सांख्यिकी निरीक्षक विकास हाड़ा, जिला हैंडबॉल संघ अध्यक्ष सुरेंद्र सिंह सोलंकी और समाजसेवी शक्ति तोषनीवाल सहित कई गणमान्य नागरिक, खिलाड़ी और आमजन शामिल हुए। राष्ट्रीय स्तर के पदक विजेता काजल चौधरी और सुदर्शन मीणा, कोच बुद्धि प्रकाश गोचर (कबड्डी), सियाराम गोचर (खो-खो), कौशल्या (एथलेटिक्स) तथा योग से जुड़े भूपेन्द्र योगी, गोविंद प्रजापत और रोहन गुर्जर ने भी श्रमदान कर खेल परिसर की स्वच्छता में योगदान दिया। जिला खेल अधिकारी हर्षवर्धन सिंह चुंडावत ने बताया कि यह पहल अब प्रत्येक बुधवार को सुबह 7 बजे से 7:30 बजे तक खेल संकुल परिसर में नियमित रूप से जारी रहेगी। इसमें प्रशासन और आमजन मिलकर परिसर की स्वच्छता सुनिश्चित करेंगे। आयोजकों ने आमजन से अपील की है कि वे अधिक संख्या में इस अभियान से जुड़ें और खेल परिसर को स्वच्छ, सुंदर एवं आदर्श बनाने में सहयोग करें।
जींद में पटियाला हाईवे पर गांव अहिरका के पास एक सड़क हादसे में दिल्ली के एक युवक की मौत हो गई। यह हादसा तब हुआ जब युवक अपने दोस्त के साथ नरवाना कोर्ट से पेशी भुगतकर दिल्ली लौट रहा था। एक अज्ञात वाहन ने उनकी बुलेट मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। हादसे में उसका दोस्त गंभीर रूप से घायल हो गया। पुलिस ने अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी अनुसार, दिल्ली के सुल्तानपुर निवासी राजाराम उर्फ कालिया (मृतक) का नरवाना कोर्ट में एक मामला विचाराधीन था। मंगलवार, 5 मई को उसकी पेशी थी। राजाराम अपने दोस्त सुनील डबास (31) के साथ अपने ताऊ के लड़के की बुलेट बाइक (DL85DP1480) पर सवार होकर नरवाना आया था। दोनों पेशी भुगतकर दिल्ली लौटते समय, वे अहिरका गांव के पास सीएनजी पंप के नजदीक पहुंचे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बुलेट बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पास से गुजर रही एक ई-रिक्शा से भी टकरा गई। हादसे के बाद सुनील और राजाराम सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों ने तुरंत सुनील के भाई अंकित को सूचना दी। एम्बुलेंस की मदद से दोनों घायलों को नागरिक अस्पताल जींद में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान राजाराम उर्फ कालिया ने दम तोड़ दिया। घायल सुनील डबास के बयानों के आधार पर, सदर थाना जींद पुलिस ने अज्ञात वाहन चालक के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 281, 125A और 106(1) के तहत मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस मामले की आगे की जांच कर रही है।
विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा 3-4 मई 2026 की देर रात करीब 1:10 बजे गंगा नदी में गिर गया। कटिहार को भागलपुर से जोड़ने वाले इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से पूरे सीमांचल क्षेत्र में आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, पुल के पाया संख्या 133 के धंसने के कारण यह हादसा हुआ। घटना के बाद प्रशासन ने एहतियातन सेतु पर यातायात पूरी तरह से रोक दिया है। पुल की मरम्मत में कम से कम तीन महीने का समय लग सकता इस घटना के कारण भागलपुर से कटिहार, नवगछिया, पूर्णिया सहित कई जिलों का सीधा संपर्क टूट गया है। यात्रियों को अब भागलपुर पहुंचने के लिए लगभग 150 किलोमीटर अधिक दूरी तय करनी पड़ रही है। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि पुल की मरम्मत में कम से कम तीन महीने का समय लग सकता है। इस घटना का सीधा असर आम लोगों की दिनचर्या पर पड़ा है। कटिहार जिले से प्रतिदिन लगभग 5 हजार लोग भागलपुर आते-जाते थे, जिनमें व्यवसायी, छात्र और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवा शामिल हैं। अब उन्हें वैकल्पिक और जोखिम भरे मार्गों का सहारा लेना पड़ रहा है। बरारी होते हुए लंबा चक्कर लगाकर यात्रा कर रहे लोग कई यात्री मनिहारी के रास्ते नाव या अन्य साधनों से गंगा पार कर रहे हैं, जबकि कुछ नवगछिया हाई लेवल पुल के रास्ते बरारी होते हुए लंबा चक्कर लगाकर यात्रा कर रहे हैं। कटिहार अस्थायी बस पड़ाव पर यात्रियों और बस संचालकों ने बताया कि इस स्थिति ने यात्रा को महंगा और असुविधाजनक बना दिया है। इसके अलावा, भवन निर्माण सामग्री के कारोबार पर भी व्यापक असर पड़ा है। ट्रक संचालकों, जिनमें हैदर अली भी शामिल हैं, के अनुसार, गिट्टी और बालू की ढुलाई अब लंबी दूरी से करनी पड़ रही है, जिससे लागत में वृद्धि हुई है। पहले बालू का दाम लगभग 6000 रुपये प्रति सीएफटी था, जो अब 6 से 10 रुपये प्रति सीएफटी तक बढ़ गया है। सिल्क उद्योग पर भी पड़ा असर दूसरी ओर, बंगाल सीमा पर चुनावी प्रतिबंध और इस सेतु के क्षतिग्रस्त होने से परिवहन व्यवस्था और प्रभावित हुई है। भागलपुर का प्रसिद्ध सिल्क उद्योग भी इससे अछूता नहीं है। कारोबारियों का कहना है कि कटिहार और पूर्णिया के बाजार तक समय पर माल पहुंचाना मुश्किल हो गया है, जिससे व्यापार पर नकारात्मक असर पड़ रहा है। कुल मिलाकर, विक्रमशिला सेतु की क्षति ने क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था और जनजीवन दोनों को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। प्रशासन द्वारा शीघ्र मरम्मत की उम्मीद की जा रही है, ताकि हालात सामान्य हो सकें।
लातेहार पुलिस को उग्रवादियों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान में बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने जेजेएमपी (झारखंड जन मुक्ति परिषद) संगठन के दो उग्रवादियों को अत्याधुनिक हथियारों के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई छिपादोहर थाना क्षेत्र के कुरूमखेता जंगल में की गई। गिरफ्तार उग्रवादियों की पहचान पलामू के जोबला पांकी निवासी मनोज लोहरा (पिता भुनेश्वर लोहरा) और लातेहार के सिमरियाटांड़ निवासी महादेव सिंह (पिता स्व. आदर सिंह) के रूप में हुई है। एसपी कुमार गौरव ने इसकी जानकारी दी। पुलिस टीम के जंगल पहुंचते ही उग्रवादी भागने लगे एसपी ने बताया कि पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि जेजेएमपी का उग्रवादी शंकर राम अपने दस्ते के साथ कुरूमखेता जंगल में किसी नक्सली घटना को अंजाम देने की योजना बना रहा है। इस सूचना के आधार पर 'स्पेशल ऑपरेशन ड्रैगन' के तहत एक टीम गठित कर छापेमारी की गई। पुलिस टीम के जंगल पहुंचते ही उग्रवादी भागने लगे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी कर दो उग्रवादियों को पकड़ लिया, जबकि शंकर राम सहित अन्य उग्रवादी भागने में सफल रहे। गिरफ्तार उग्रवादियों के पास से पुलिस ने दो एसएलआर राइफल, एक एके-47 राइफल, पांच मैगजीन और 318 जिंदा गोलियां बरामद की हैं। दो वॉकी-टॉकी व दो वाई-फाई राउटर भी बरामद इसके अतिरिक्त, तीन चितकबरा वर्दी, दो वॉकी-टॉकी, दो वाई-फाई राउटर, पांच मोबाइल फोन और छह सिम कार्ड भी जब्त किए गए हैं। एसपी कुमार गौरव ने बताया कि लगातार चलाए जा रहे अभियानों के कारण जेजेएमपी संगठन काफी कमजोर हुआ है। उन्होंने यह भी बताया कि गिरफ्तार दोनों उग्रवादी एक महीने पहले ही संगठन में शामिल हुए थे। एसपी ने उग्रवादियों से आत्मसमर्पण कर सरकार की पुनर्वास नीति का लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि वे ऐसा नहीं करते हैं, तो पुलिस का अभियान आगे भी जारी रहेगा। इस छापेमारी अभियान में मनिका थाना प्रभारी प्रभात कुमार दास, छिपादोहर थाना प्रभारी मो. यकीन अंसारी, आईआरबी और जिला पुलिस बल के जवान शामिल थे।
शिवपुरी जिले के खनियाधाना कस्बे में सोमवार दोपहर दो नकाबपोश महिलाओं ने एसबीआई बैंक के अंदर एक व्यापारी के बैग से 1 लाख रुपए चुरा लिए। वारदात को व्यापारी का ध्यान भटकाकर अंजाम दिया गया। एक महीने के भीतर जिले में चोरी की यह दूसरी समान घटना है। घटनाओं के तरीके को देखते हुए आशंका जताई जा रही है कि जिले में बैंक ग्राहकों को निशाना बनाने वाली कोई महिला गैंग सक्रिय है। खनियाधाना में सतीश ट्रेडर्स के संचालक सतीश कुमार जैन सोमवार को एसबीआई बैंक में 1 लाख रुपए जमा करने पहुंचे थे। जब वे बैंक के अंदर स्लिप भर रहे थे, तभी दो नकाबपोश महिलाएं उनके आसपास आकर खड़ी हो गईं। बैंक के सीसीटीवी फुटेज में साफ नजर आ रहा है कि एक महिला ने सतीश को कवर करते हुए उनका ध्यान भटकाया, जबकि दूसरी महिला उनके पीछे खड़ी हो गई। इसी दौरान मौका पाकर दूसरी महिला ने बैग में रखी पॉलीथिन से 1 लाख रुपये निकाल लिए और दोनों वहां से निकल गईं। पैसे जमा करते वक्त चला चोरी का पतासतीश जैन ने स्लिप भरने के बाद पैसे निकालने के लिए जब अपने बैग में हाथ डाला, तो रकम गायब मिली। इसके बाद तुरंत बैंक के सीसीटीवी फुटेज खंगाले गए, जिसमें दोनों संदिग्ध महिलाएं चोरी करते हुए नजर आईं। व्यापारी ने तत्काल मामले की सूचना पुलिस को दी। खनियाधाना पुलिस ने केस दर्ज कर सीसीटीवी के आधार पर महिलाओं की तलाश शुरू कर दी है। इससे पहले 7 अप्रैल को करैरा में भी बिल्कुल इसी तरह की वारदात सामने आई थी। ग्राम डुमघना निवासी 26 वर्षीय आकाश श्रीवास्तव एसबीआई कियोस्क बैंक (फूटा तालाब) पर काम करते हैं। वे भारतीय स्टेट बैंक की गांधी रोड शाखा से 1 लाख 60 हजार रुपये निकालकर बाहर निकले थे। वहां पहले से मौजूद दो युवतियों ने उन्हें अपना निशाना बनाया था। 15 सेकंड में ब्लेड से काटा था बैगकरैरा की घटना में एक युवती ने आकाश को बातचीत में उलझाकर उनका ध्यान भटकाया था। वहीं, दूसरी युवती ने उनके पीछे खड़े होकर महज 15 से 20 सेकंड के भीतर बैग को ब्लेड से काट दिया था। उसने बैग में रखे 90 हजार रुपये निकाल लिए और दोनों युवतियां मौके से फरार हो गई थीं। इन दोनों घटनाओं में महिलाओं द्वारा बैंक के अंदर और बाहर ग्राहकों की रेकी कर रकम चोरी करने का तरीका लगभग एक जैसा ही है। करैरा और खनियाधाना, दोनों ही मामलों में संबंधित थानों में एफआईआर दर्ज की जा चुकी है। पुलिस दोनों मामलों की जांच कर रही है, लेकिन अब तक आरोपियों का कोई सुराग पुलिस के हाथ नहीं लगा है।
एपिलोग थिएटर जयपुर की ओर से जेएलएन मार्ग स्थित माह स्पेस में प्रस्तुत नाट्य प्रस्तुति ‘खामोशी का शोर’ ने दर्शकों को संवेदना, विचार और आत्ममंथन के गहरे संसार से रूबरू कराया। इस विशेष प्रस्तुति के अंतर्गत साहित्य के दो दिग्गज रचनाकारों गुलजार और सआदत हसन मंटो की कालजयी कृतियों ‘सीमा’ और ‘टोबा टेक सिंह’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। नाटक का निर्देशन और परिकल्पना राष्ट्रीय नाट्य स्कूल से प्रशिक्षित और तीन दशकों से रंगमंच में सक्रिय रंगकर्मी सुनीता तिवारी नागपाल ने किया। उनकी संवेदनशील दृष्टि और सशक्त रंग-भाषा ने दोनों कहानियों को मंच पर इस तरह जीवंत किया कि दर्शक अंत तक भावनाओं और विचारों के गहन प्रवाह में डूबे रहे। ‘खामोशी का शोर’ से मन के अंदर और बाहर की हलचल को बताया ‘खामोशी का शोर’ शीर्षक अपने आप में उस आंतरिक और बाहरी हलचल का प्रतीक बनकर सामने आया, जो मनुष्य के भीतर निरंतर चलती रहती है, लेकिन अक्सर शब्दों में व्यक्त नहीं हो पाती। यह प्रस्तुति उन अनकहे सचों, दबे भावों और सामाजिक विडंबनाओं को मंच पर उजागर करती है, जिन्हें हम अक्सर देखकर भी अनदेखा कर देते हैं। रिश्तों के अंतर्द्वंद की कहानी ‘सीमा’ गुलजार की बहुचर्चित कहानी ‘सीमा’ रिश्तों के अंतर्द्वंद, भीतर की आवाज और सामाजिक अपेक्षाओं के टकराव को बेहद संवेदनशील ढंग से सामने लाती है। यह प्रस्तुति प्रेम, संबंधों और भावनाओं की उस अनदेखी दुनिया को उकेरती है, जहाँ ख़ामोशी भी बोलती है और मनुष्य अपने ही भावनात्मक दायरों में कैद दिखाई देता है। नाटक ने रिश्तों की जटिलता और भीतर पलते मौन को प्रभावशाली ढंग से अभिव्यक्त किया। ‘टोबा टेक सिंह’ ने विभाजन की त्रासदी और विस्थापन की मार्मिकता को दिखाया वहीं सआदत हसन मंटो की कालजयी रचना ‘टोबा टेक सिंह’ ने विभाजन की त्रासदी, विस्थापन और पहचान के संकट को मंच पर मार्मिक तीव्रता के साथ जीवंत किया। यह कहानी केवल भारत-पाक विभाजन की पीड़ा नहीं, बल्कि उस मनुष्य की त्रासदी है जो अपनी ज़मीन, अपनी पहचान और अपने अस्तित्व के सवालों के बीच बिखर जाता है। प्रस्तुति ने मंटो की रचना के मूल दर्द को पूरी संवेदना और तीक्ष्णता के साथ मंच पर उतारा। मंच पर सऊद नियाजी ने ‘सीमा’ और हेमंत राज गौत्तम ने ‘टोबा टेक सिंह’ में अपने सशक्त और गहन अभिनय से दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। दोनों कलाकारों ने अपने-अपने किरदारों की भावनात्मक परतों, मनोवैज्ञानिक गहराइयों और अंतर्द्वंद को इतनी बारीकी से मंच पर उतारा कि दर्शक कभी भावविभोर हुए, तो कभी स्तब्ध रह गए। उनकी प्रस्तुति ने कहानियों के पात्रों को केवल निभाया नहीं, बल्कि उन्हें जीकर दर्शकों के सामने साकार कर दिया। नाटक की प्रकाश परिकल्पना और संगीत संयोजन स्वयं सुनीता तिवारी नागपाल ने किया, जिसने प्रस्तुति की भाव-गहनता को और अधिक प्रभावशाली बनाया। वहीं संगीत संचालन राजाराम बिश्नोई ने किया, जिन्होंने ध्वनियों के माध्यम से नाटक की संवेदना को सशक्त आधार दिया। मंच पार्श्व की भूमिका पुलकित शर्मा ने निभाई, जिनका योगदान प्रस्तुति को सुसंगत और प्रभावपूर्ण बनाने में महत्वपूर्ण रहा। ‘ख़ामोशी का शोर’ केवल दो कहानियों का मंचन नहीं था, बल्कि यह समाज, संवेदनाओं और मनुष्य के भीतर पल रहे मौन का ऐसा आईना बनकर सामने आया, जिसने दर्शकों को सोचने पर विवश कर दिया। यह प्रस्तुति उन सच्चाइयों को उजागर करती है, जिन्हें समाज अक्सर चुप्पी की परतों में ढंक देता है।
आईआरसीटीसी घोटाले में लालू परिवार पर आरोप तय करने का फैसला टला, अब 22 मई को होगी अगली सुनवाई
आईआरसीटीसी घोटाले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में लालू परिवार को लेकर बड़ी कानूनी कार्रवाई फिलहाल टल गई है। बुधवार को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट ने आरोप तय करने पर अपना फैसला स्थगित कर दिया है। अब इस मामले में अगली सुनवाई 22 मई को होगी, जब अदालत अपना फैसला सुनाएगी।
'22 दिसंबर 2025 को गांव के लड़के ने बहला-फुसलाकर मेरी पोती से लव मैरिज कर ली। 14 अप्रैल को मेरी पोती के साथ मारपीट की गई। 2 दिन बाद यानी 16 अप्रैल को हम लोगों को जानकारी दी गई कि आपकी पोती घर से भाग गई है। अगर मेरी पोती जिंदा होती तो अब तक घर लौट आती। हम लोगों को आशंका है कि मेरी पोती की हत्या कर शव को कहीं छिपा दिया गया है या गाड़ दिया गया है। मेरी पोती के लिए उसके ससुराल के बाद हम लोग ही हैं। मेरी पोती प्रेग्नेंट भी थी। पोती ने अपनी मां को बताया था कि ससुरालवाले 4 लाख रुपए और तीन भर गोल्ड मांग रहे हैं। हम लोग गरीब है, डिमांड पूरी नहीं की, इसलिए बेटी संग अनहोनी की आशंका है। शिकायत पर पुलिस भी कार्रवाई नहीं कर रही। अब सरकार से मांग है कि मामले की सीबीआई जांच कराई जाए।' दरभंगा के कमौतल थाना क्षेत्र के 60 साल के बुजुर्ग ने दैनिक भास्कर से बातचीत में ये बातें कही। दरअसल, बुजुर्ग की नाबालिग पोती 17 साल की आकांक्षा (काल्पनिक नाम) 20 दिनों से लापता है। बुजुर्ग समेत नाबालिग के परिजन ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी से बेटी की सकुशल बरामदगी की गुहार लगाई है और पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए मामले की सीबीआई जांच की मांग की है। नाबालिग की प्रेम कहानी क्या है? लड़का कौन है? आरोपी परिवार का बैकग्राउंड क्या है? आरोपों को लेकर नाबालिग के माता-पिता और परिवार के अन्य सदस्यों ने क्या कहानी बताई? पुलिस का क्या कहना है? पढ़िए, पूरी रिपोर्ट। सबसे पहले नाबालिग की प्रेम कहानी जानिए 17 साल की आकांक्षा जिस स्कूल में पढ़ती थी, उसी स्कूल के 12वीं के छात्र राजन से उसका पिछले 2 साल से अफेयर था। दोनों एक ही स्कूल में पढ़ाई करते थे। दोनों का घर भी आसपास ही है। इसलिए दोनों एक दूसरे को पहले से जानते थे। दोनों का स्कूल के अलावा गांव, बाजार, ट्यूशन में भी मिलना होता था। लड़का अलग और लड़की की जाति भी अलग थी। दोनों ने करीब डेढ़ साल पहले शादी का एक दूसरे से वादा किया। दोनों के बीच तय हुआ कि वे अपने-अपने घर में इस संबंध में बात करेंगे। हालांकि, जब लड़के और लड़की ने अपने-अपने घर में अपने अफेयर की कहानी बताई और शादी की इच्छा जताई तो लड़की के घरवालों ने शादी से इनकार कर दिया। घरवालों के इनकार के बाद आकांक्षा अपने प्रेमी राजन के साथ 22 दिसंबर 2025 को घर से भाग गई। आकांक्षा जिस दिन घर छोड़कर गई, उसी दिन उसने राजन से कमतौल स्थित हनुमान मंदिर में शादी कर ली। शादी की जानकारी के बाद लड़की के घरवाले राजन के घर पहुंचे, तो पता चला कि राजन शादी के बाद आकांक्षा के साथ कहीं बाहर गया है। हालांकि, आकांक्षा की शादी के बाद उसके घरवाले ये समझकर खुश हो गए और किसी तरह का विवाद नहीं किया कि बेटी की खुशी में ही हमारी खुशी है। आकांक्षा के परिजन बोले- सास, ससुर, पति, दादा दहेज की डिमांड को लेकर मारपीट करते थे आकांक्षा के परिवार का आरोप है कि हमारी बेटी की सास वीणा देवी, ससुर विनय राय, पति राजन कुमार और दादा तेजू यादव लगातार दहेज की डिमांड कर रहे थे। आकांक्षा ने करीब 6 अप्रैल को अपनी मां को फोन कर बताया था कि दहेज के रूप में 4 लाख रुपए नकद और तीन भर सोने की मांग की जा रही है। आकांक्षा की मां ने दावा किया कि 14 अप्रैल को मेरी बेटी के साथ मारपीट की गई और 16 अप्रैल की सुबह राजन के घरवालों की ओर से बताया गया कि आपकी बेटी घर से गायब है। नाबालिग की मां ने कहा कि बेटी की हर जगह तलाश की, कुछ पता नहीं चल पा रहा है। पुलिस भी कोई कार्रवाई नहीं कर रही, न बता रही है कि मेरी बेटी कहां है। नाबालिग की मां ने कहा कि हम लोग गरीब हैं और हमारी सुनने वाला कोई नहीं है। उन्होंने कहा कि अगर मेरे पास पर्याप्त पैसे होते तो दहेज देकर अपनी बेटी को ससुराल भेज देती, कम से कम मेरी बेटी तो जिंदा होती। आकांक्षा की मां ने आशंका जताई कि मेरी बेटी की हत्या कर उसकी लाश को राजन और उसके परिवार के लोगों ने ठिकाने लगा दिया है। मौसी बोली- जिंदा या मुर्दा, किसी हाल में भतीजी को हमें सौंपा जाए नाबालिग की मौसी ने कहा कि मेरी मांग है कि जिंदा या मुर्दा मेरी भतीजी को किसी भी हाल में जल्द से जल्द हमें सौंपा जाए। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस आरोपी पक्ष से मोटी रकम लेकर मामले को दबाने की कोशिश कर रही है। मौसी का कहना है कि पुलिस केवल आश्वासन दे रही है, लेकिन जमीनी स्तर पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं कर रही। आकांक्षा की दादी ने कहा कि हम लोगों ने पोती की तलाश में कोई जगह नहीं छोड़ी। पूरे इलाके के जंगल, झाड़, खेत, चौर और नदी किनारे तक हर जगह खोजबीन की, लेकिन अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है। उन्होंने कहा कि अगर राजन या उसका परिवार हमारी बेटी को नहीं रखना चाहता था, तो हमें सौंप देता, हम लोग अपनी बेटी को अपने पास रख लेते। आरोपी राजन परिवार समेत घर से फरार, ताला लटका मिला आकांक्षा के परिजन की शिकायत पर जब भास्कर रिपोर्टर आरोपी राजन के घर पहुंची तो वहां कोई नहीं मिला। राजन के घर में ताला लटका था। दरवाजे पर 4 घोड़ा, गाय, भैंस समेत अन्य मवेशी बंधे मिले, लेकिन परिवार का कोई सदस्य नहीं था। गांव के कुछ लोगों ने दबी जुबान में आकांक्षा की हत्या की आशंका जताई। पुलिस बोली- स्थानीय स्तर पर पंचायत में शादी की बात दबाई गई थी कमतौल SDPO शोभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि लड़का और लड़की, दोनों पक्षों के परिजन थाने पहुंचे थे और लड़की के लापता होने की जानकारी दी थी। मामला संदिग्ध लगने पर पुलिस ने लड़की के परिजनों को बुलाकर प्राथमिकी दर्ज कराने को कहा, जिसके बाद केस दर्ज किया गया। जांच में सामने आया कि नाबालिग लड़की ने अपने प्रेमी राजन कुमार के साथ शादी कर ली थी और वह उसके घर पर रह रही थी। स्थानीय स्तर पर मुखिया और सरपंच की ओर से पंचायत कर नाबालिग की शादी के मामले को दबा दिया गया था, जिसके कारण पुलिस को नाबालिग की शादी के बारे में उस वक्त जानकारी नहीं मिल पाई थी। लड़की की मां के बयान में दहेज के लिए प्रताड़ना की बात सामने आई है, जिसके आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए SIT का गठन किया जा रहा है। साथ ही डॉग स्क्वायड, तकनीकी टीम,FSL और अन्य पुलिस बल को जांच में लगाया गया है। आसपास के जिलों में भी लड़की की तस्वीर भेजी गई है ताकि किसी भी सूचना पर तत्काल कार्रवाई हो सके। हत्या समेत सभी बिंदुओं पर पुलिस की पड़ताल जारी है शोभेंद्र कुमार सुमन ने कहा कि अभी तक जांच में हत्या के कोई ठोस साक्ष्य नहीं मिले हैं। हालांकि, परिजनों की ओर से हत्या या लड़की को कहीं दूर ले जाकर बेच देने की आशंका जताई गई है, इन सभी बिंदुओं पर जांच जारी है। मामले में राजन कुमार, उसके पिता विनय यादव, मां वीणा देवी और दादा तेजू यादव को आरोपी बनाया गया है। सभी आरोपी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए वारंट की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यदि वे जल्द आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो न्यायालय के आदेश पर कुर्की-जब्ती की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने इस मामले में POCSO एक्ट भी लगाया है। फिलहाल आशंका जताई जा रही है कि संभवतः लड़की प्रताड़ना से तंग आकर घर छोड़कर चली गई है, लेकिन सभी पहलुओं की गंभीरता से जांच की जा रही अनुसंधानक सह अपर थानाध्यक्ष राहुल कुमार के नेतृत्व में जांच जारी है। वहीं, थानाध्यक्ष संजीव कुमार चौधरी ने कहा कि जल्द ही मामले का खुलासा किया जाएगा और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी।
नवादा पेंशनर्स एसोसिएशन का तीसरा जिला सम्मेलन:पुरानी पेंशन स्कीम लागू करने की मांग, नई का विरोध
नवादा जिला पेंशनर्स एसोसिएशन का तीसरा जिला सम्मेलन सोमवार को नवादा सदर अस्पताल परिसर स्थित चिकित्सा संघ भवन में आयोजित किया गया। इस सम्मेलन में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को बहाल करने और नई पेंशन योजना (NPS) को रद्द करने की प्रमुख मांग उठाई गई। सम्मेलन की अध्यक्षता अध्यक्ष मंडल के सदस्य रामजतन सिंह और अशोक समदर्शी ने की। अखिल भारतीय राज्य सरकारी पेंशनर्स फेडरेशन के कार्यकारी महासचिव सह सचिव रामेश्वर प्रसाद ने इसका उद्घाटन किया। इस अवसर पर सहायक महासचिव सुब्बा लाल, संयुक्त मंत्री रामायण सिन्हा, राज्य उपाध्यक्ष शमीम अहमद और शेखपुरा से अनिल सिंह सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। सम्मेलन का शुभारंभ झंडोत्तोलन और शहीद वेदी पर पुष्पांजलि अर्पित कर किया गया। संगठन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए रामेश्वर प्रसाद ने संगठन की वर्तमान स्थिति और भविष्य की दिशा पर प्रकाश डाला। उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र और राज्य सरकारें पेंशनभोगियों के खिलाफ मोर्चा खोले हुए हैं और नई पेंशन योजना थोपकर उन्हें परेशान कर रही हैं। उन्होंने नई पेंशन योजना को खारिज करते हुए सभी कर्मचारियों के लिए पुरानी पेंशन योजना लागू करने की मांग की और इसके लिए किसी भी आंदोलन के लिए तैयार रहने का आह्वान किया। सुब्बा लाल, रामायण सिन्हा, शमीम अहमद और अनिल सिंह ने भी मुख्य वक्ता के विचारों का समर्थन किया। उन्होंने सभी पेंशनभोगियों से अपने अधिकारों के लिए संघर्ष करने के लिए तैयार रहने का संदेश दिया। 21 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति का एक पैनल प्रस्तुत किया जिला सचिव भुनेश्वर प्रसाद सिंह ने अपना प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। इसमें पेंशनरों की समस्याओं के साथ-साथ वैश्विक संकट, युद्ध की स्थिति, बढ़ती बेरोजगारी और महंगाई जैसे मुद्दों का विस्तृत ब्यौरा शामिल था। प्रतिवेदन में दिवंगत भोला शर्मा (पेंशनर संदेश के प्रधान संपादक) और अनूप राम (प्रबंध संपादक) को श्रद्धांजलि दी गई। इसमें एसोसिएशन की गतिविधियों और संघर्षों का भी उल्लेख किया गया, साथ ही भविष्य के कार्यक्रमों की रूपरेखा भी प्रस्तुत की गई, जिसे प्रतिनिधियों ने अनुमोदित किया। संगठन सत्र में जिला सचिव ने 21 सदस्यीय कार्यकारिणी समिति का एक पैनल प्रस्तुत किया।

