लखनऊ में होटलों में फायर सेफ्टी पर एलडीए सख्त::अब शपथपत्र अनिवार्य, नियम तोड़े तो होगी कार्रवाई
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने शहर के होटलों में अग्नि सुरक्षा मानकों के पालन को लेकर सख्ती बढ़ा दी है। गुरुवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में होटल संचालकों के साथ बैठक कर एलडीए ने स्पष्ट किया कि सुरक्षा मानकों का उल्लंघन करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई की जाएगी। बैठक में होटल संचालकों को निर्देश दिए गए कि एलपीजी सिलेंडर सीढ़ियों, बेसमेंट या संकुचित स्थानों पर न रखें, भवनों में आपातकालीन निकास हर हाल में उपलब्ध हों और उनमें कोई अवरोध न हो। विद्युत सुरक्षा के लिए मानक गुणवत्ता की वायरिंग और सुरक्षा उपकरणों के उपयोग पर भी जोर दिया गया। एलडीए सचिव विवेक श्रीवास्तव ने बताया कि अब भवन स्वीकृति से पहले अग्नि सुरक्षा मानकों के अनुपालन का नोटरीकृत शपथपत्र देना अनिवार्य होगा। जिन भवनों को फायर एनओसी की आवश्यकता नहीं है, वहां भी न्यूनतम सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित कराया जाएगा। एलडीए जल्द ही जिम, कोचिंग सेंटर, क्लब, रेस्टोरेंट और स्कूल संचालकों के साथ भी जागरूकता बैठकें आयोजित करेगा।
करनाल शहर की रास रेजिडेंसी में नशे के लिए न देने पर भाई की हत्या करने वाले आरोपी को 24 घंटे के अंदर ही वीरवार देर रात को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को पकड़ने के बाद ही रात करीब साढ़े 10 बजे आरोपी को मेडिकल के लिए सरकारी अस्पताल में लेकर आई। आज आरोपी को अदालत में पेश कर उसे पुलिस रिमांड पर लेगी ताकि आरोपी से गहनता से पूछताछ की जा सके। आरएएस रेजिडेंसी का रहने वाला था मृतकबुधवार की शाम करीब 6 बजे आरएएस रेजिडेंसी निवासी 28 वर्षीय कमल शर्मा के उसी के भाई कपिल ने शराब की टूटी हुई बोतल मारकर हत्या कर दी थी। मृतका का परिवार मूल रूप से समानाबाहू का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार, 24 जून को कमल और उसके भाई कपिल के बीच झगड़ा हुआ था। झगड़े कारण यह था कि कपिल स्मैक पीने का आदी है और उसने कमल से स्मैक के लिए पैसे मांगे लेकिन कमल ने पैसे देने से मना कर दिया, जिससे गुस्से में आकर कपिल ने कमल के गले में टूटी हुई बोतल से वार किया। जिससे उसकी ब्लिडिंग शुरू हो गई, उस वक्त कमल की मां आशा भी घर पर ही थी। हमले के बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। अस्पताल में डॉक्टरों ने किया मृत घोषितघायल कमल को तुरंत करनाल के कल्पना चावला मेडिकल कॉलेज में भर्ती करवाया गया। जहां इलाज के दौरान डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया था। घटना की जानकारी मिलते ही सेक्टर-32-33 थाना पुलिस अस्पताल पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। शव मोर्च्युरी में रखवाया, आज होगा पोस्टमार्टमपुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मोर्च्युरी हाउस में रखवा दिया था। वीरवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी थी। वीरवार की शाम को आरोपी को करनाल से ही गिरफ्तार कर लिया गया और देर रात उसका मेडिकल करवाया। शुक्रवार को उसे कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस जुटी जांच मेंथाना प्रभारी जगदीश कुमार ने बताया कि रास सोसाइटी में कमल शर्मा की कांच की बोतल मारकर हत्या की गई थी। मृतक के पिता की शिकायत पर आरोपी कपिल के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया था। आरोपी को करनाल से गिरफ्तार कर लिया गया है। अब कोर्ट में पेश किया जाएगा।
मध्य प्रदेश के रतलाम जिले के पिपलोदा क्षेत्र के हतनारा गांव में गुरुवार रात मुहर्रम के ताजिया जुलूस के दौरान बड़ा हादसा हो गया। जुलूस में शामिल ताजिया हाईटेंशन बिजली लाइन से टकरा गया, जिससे करंट फैल गया। हादसे में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि 10 से 12 लोग झुलस गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी और भगदड़ मच गई। जानकारी के अनुसार, गांव में मुहर्रम के अवसर पर ताजियों का जुलूस निकाला जा रहा था, जिसमें करीब 200 लोग शामिल थे। इसी दौरान लगभग 10 फीट ऊंचाई पर गुजर रही हाईटेंशन बिजली लाइन से ताजिया टकरा गया। इस दौरान ताजिया के संपर्क में आते ही करंट फैल गया और कई लोग इसकी चपेट में आ गए। मृतकों में रशीद खान और सड्डू पिता मोहम्मद हुसैन के नाम सामने आए हैं। तीसरे मृतक की पहचान को लेकर आधिकारिक जानकारी सामने नहीं आई है। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखिए… हादसे से जुड़े अपडेट्स के लिए नीचे ब्लॉग से गुजर जाइए…
मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन की 43वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी वर्ष का शपथ ग्रहण एवं विशिष्ठ उद्यमी सम्मान समारोह मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के जगशांति ऑडिटोरियम में आयोजित किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि पूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने मरूधरा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के कार्यों एवं एसोसिएशन के ऑडिटोरियम की सराहना की। उन्होंने उद्यमियों से अपील की कि वे अपनी समस्याओं के बारे में बताए ताकि समस्याओं का निराकरण करने का प्रयास किया जाएगा।उन्होंने जोधपुर, पाली एवं बालोतरा की बंद यूनिट को दोबारा संचालित करवाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार से मेंडका भरोसा दिलाया। इन्हें दिलाई शपथपूर्व मंत्री राजेंद्र गहलोत ने एमआईए की 43 वीं नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को शपथ दिलाई। इसमें राकेश कुमार बंसल अध्यक्ष, भंवरलाल भूतड़ा एवं ओपी भंसाली उपाध्यक्ष, विनोद परिहार सचिव, नवरतनमल बैद एवं राजीव चैपड़ा सहसचिव, रमन सिंघल कोषाध्यक्ष, दिलीप सोनी निवर्तमान अध्यक्ष सहित अक्षय अग्रवाल, अमन त्रेहान, अनुपम शर्मा, दिव्येश परिहार, गजेन्द्र सोलंकी, गुमानाराम जांगिड़, गणेश चैधरी, इमरान खान, जयेश खत्री, मनोज जैन, मनोज भण्डारी, निर्मल मालू, पीयूष लूणिया, राजेश बांठिया, रचित माहेश्वरी, को कार्यकारिणी सदस्यों एवं अनिल गहलोत, अरूण सिंघल, दिनेश सोनी, कैलाश विश्नोई, सिद्धार्थ कंसारा एवं सिद्धार्थ सुराणा को सहवृत्त सदस्यों के रूप में शपथ दिलाई गई। इससे पूर्व चुनाव अधिकारी उपेन्द्र भंसाली ने एसोसिएशन के नवनिर्वाचित पदाधिकारियों एवं कार्यकारिणी सदस्यों व सहवृत्त सदस्यों को मंच पर शपथग्रहण हेतु आमंत्रित किया। रीको लि. के पूर्व स्वतंत्र निदेशक सुनील परिहार ने एसोसिएशन की नवनिर्वाचित कार्यकारिणी को बधाई देते हुए कहा जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को दोबारा संचालित करने हेतु राज्य सरकार द्वारा त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए। राज्य सरकार द्वारा समय रहते प्रदेश की भौगोलिक परिस्थितियों को देखते हुए पर्यावरणीय मानकों में भी संशोधन किया जाना चाहिए। ताकि उद्योगों के अस्तित्व को बचाए रखने हेतु प्रयास किए जाने चाहिए ताकि 7 लाख से अधिक प्रभावित रोजगार को दोबारा पटरी पर लाया जा सके। सीनियर उद्यमियों का किया सम्मानजोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष श्री ओमकार वर्मा ने कहा- जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के उद्योगों की तालाबंदी केवल राज्य सरकार के प्रशासनिक अधिकारियों की विफलता के कारण ही संभव हुई है। उन्होंने कहा- राज्य सरकार द्वारा समय रहते माननीय उच्चतम न्यायालय के समक्ष मजबूत पैरवी करते हुए बंद पड़े उद्योगों के शीघ्र संचालित करने हेतु त्वरित प्रयास किए जाने चाहिए। कार्यक्रम में एमआईए द्वारा वरिष्ठ उद्यमी कैलाशराज टाटिया और विमलराज सिंघवी को वरिष्ठ उद्यमी सम्मान से सम्मानित किया गया। एमआईए के नवनिर्वाचित अध्यक्ष राकेशकुमार बंसल एवं नवनिर्वाचित सचिव विनोद परिहार ने एसोसिएशन की कार्यकारिणी के निर्विरोध निर्वाचन पर सभी उद्यमियों का आभार जताते हुए कहा कि वर्तमान में केन्द्र एवं राज्य सरकार से सम्बंधित कई समस्याओं को लेकर प्रदेश के लघु एवं मध्यम उद्योग त्रस्त है। एसोसिएशन का प्रयास रहेगा कि जोधपुर, पाली एवं बालोतरा के बंद पड़े उद्योगों को माननीय उच्चतम न्यायालय के आदेश की पालना करते हुए दोबारा संचालित करने के लिए प्रयास किए जाएंगे। कार्यक्रम क शुरुआत में एमआईए अध्यक्ष राकेश कुमार बंसल ने सभी अतिथियों का स्वागत किया और उनके कार्यकाल के बारे में जानकारी दी। सचिव विनोद परिहार ने सालभर की एक्टिविटी के बारे में बताया। संचालन एमआईए के सहसचिव राजीव चैपड़ा ने किया। कार्य्रम में ये रहे में ये रहे मौजूदसमारोह में पूर्व विधायक मनीषा पंवार, जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी दक्षिण के पूर्व अध्यक्ष नरेश जोशी एवं जोधपुर शहर जिला कांग्रेस कमेटी उत्तर के पूर्व अध्यक्ष सलीम खान, रीको बोरानाडा के उपमहाप्रबंधक विनीत गुप्ता, रीको जोधपुर के वरिष्ठ क्षेत्रीय प्रबंधक सुशील कटियार एवं क्षेत्रीय प्रबंधक मितेश रतनानी, जिला उद्योग एवं वाणिज्य केन्द्र से पूनम राठौड़ एवं ओमप्रकाश चैधरी, एचडीएफसी बैंक के कलस्टर हैड अमित भण्डारी, एचडीएफसी बासनी शाखा के शाखा प्रबंधक निर्मल गुप्ता, आईसीआईसीआई बैंक बासनी के शाखा प्रबंधक सुधीर पारीक, आईडीबीआई बैंक बासनी के ब्रांच हैड अभिमन्यूसिंह बराड़, जोधपुर डिस्काॅम के सहायक अभियंता बी-चतुर्थ संदीप पंवार एवं पंकज चैहान, वरिष्ठ उद्यमी रावलचंद चैपड़ा, कैलाशराज टाटिया, प्रकाश संचेती, रामजीलाल लीला, किशनसिंह देवड़ा, किशनलाल गर्ग, विष्णु मित्तल, राहुल सिंघवी, जोधपुर इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष अनुराग लोहिया, पूर्व अध्यक्ष एनके जैन, लघु उद्योग भारती के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष घनश्याम ओझा, प्रांत अध्यक्ष महावीर चैपड़ा, लघु उद्योग भारती के अध्यक्ष पंकज भण्डारी एवं सचिव राकेश चोरड़िया, बोरानाडा इण्डस्ट्रीज एसोसिएशन के अध्यक्ष नीरज सुराणा एवं सचिव राजेश सोलंकी, एमआईए के पूर्व अध्यक्ष कैलाश एन. कंसारा, कमल मेहता, डॉ .एसके शर्मा, कमल सिंघवी, उमेश लीला, प्रदीप डाकलिया, उपेन्द्र भंसाली, योगेश माहेश्वरी, भंवरलाल चैपड़ा सहित नरेन्द्र छाजेड़, नरेन्द्र शर्मा, मुकेश खत्री, अशोक एस. तातेड़, धनराज गुणपाल, केके लूंकड़, लक्ष्मीनारायण भाटी, हरदीपसिंह सलूजा, गौरव भंसाली, जितेन्द्र बोहरा, पार्षद योगेश गहलोत सहित अनेक उद्यमी उपस्थित थे।
जयपुर शहर के व्यस्ततम बाजारों में शामिल किशनपोल बाजार में गुरुवार को बड़ा हादसा होते-होते टल गया। हरसुख कासलीवाल के रास्ते स्थित मकान नंबर 1312 में चल रहे निर्माण कार्य के दौरान तेज बारिश के बीच लोहे का एक भारी जाल सड़क के बीच गिर गया। घटना के समय आसपास लोगों की आवाजाही थी, लेकिन गनीमत रही कोई इसकी चपेट में नहीं आया और जनहानि टल गई। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि संबंधित मकान में पिछले कई महीनों से निर्माण कार्य चल रहा है, जबकि इसके लिए नगर निगम से आवश्यक निर्माण अनुमति (बिल्डिंग परमिशन) नहीं ली गई है। इसके बावजूद निर्माण कार्य लगातार जारी रहा। जिससे नगर निगम की निगरानी व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार बारिश के दौरान निर्माण स्थल पर लगा लोहे का जाल अचानक टूटकर सड़क पर आ गिरा। घटना के बाद कुछ देर के लिए बाजार क्षेत्र में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। अगर उस समय सड़क पर अधिक भीड़ होती, तो बड़ा हादसा हो सकता था। स्थानीय व्यापारियों और लोगों ने आरोप लगाया कि बिना अनुमति इतने बड़े स्तर पर निर्माण कार्य लंबे समय से कैसे चल रहा था। अगर समय रहते नगर निगम ने कार्रवाई की होती, तो ऐसी स्थिति पैदा नहीं होती। घटना के बाद नगर निगम के किशनपोल जोन प्रशासन की कार्यशैली पर भी सवाल उठने लगे हैं। जनता का कहना है कि अवैध निर्माण की जानकारी होने के बावजूद कार्रवाई नहीं की गई, जिससे आम लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई। स्थानीय लोगों ने इस मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों और निर्माणकर्ता के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। हालांकि इस घटना में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है, लेकिन जिस तरह निर्माणाधीन मकान से भारी लोहे का जाल सड़क पर गिरा, उसने बाजार क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्थाओं और अवैध निर्माण पर निगरानी को लेकर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस मामले पर जोन कमिश्नर से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई। लेकि। संपर्क नहीं हो सका।
उज्जैन: मुहर्रम जुलूस में स्टंट का वीडियो वायरल होने के बाद चार लोगों पर केस दर्ज
मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में मुहर्रम से एक दिन पहले एक वायरल वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने चार लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया है
हरदा जिले के सिराली थाना क्षेत्र के ग्राम जामन्याकला में गुरुवार शाम एक दर्दनाक हादसे में 19 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौत हो गई। युवक अपनी बड़ी बहन की शादी की तैयारियों में घर पर लाइटिंग लगा रहा था। इसी दौरान बारिश और तेज हवा के बीच बिजली का तार टूटकर पानी भरे गड्ढे में गिर गया। तार उठाने के दौरान उसे करंट लग गया। हादसे के बाद घर की खुशियां मातम में बदल गईं। शुक्रवार को आनी थी बहन की बारातजानकारी के अनुसार, ग्राम जामन्याकला निवासी पतिराम कोरकू की बड़ी बेटी मनीषा की शादी तय थी और शुक्रवार सुबह ग्राम बड़झिरी से बारात आनी थी। शादी की तैयारियों के चलते घर में उत्सव का माहौल था। मृतक लक्ष्मण कोरकू (19) अपने परिवार के साथ तैयारियों में जुटा हुआ था। बताया जा रहा है कि लक्ष्मण दो भाइयों और दो बहनों में दूसरे नंबर का था और बहन की शादी को लेकर काफी उत्साहित था। बारिश में टूटा बिजली का तार, पानी में गिरागुरुवार शाम करीब 5 बजे लक्ष्मण घर में लाइटिंग का काम कर रहा था। इसी दौरान बारिश शुरू हो गई और तेज हवा चलने लगी। हवा के कारण बिजली का तार टूटकर नीचे पानी भरे गड्ढे में गिर गया। जब लक्ष्मण उसे उठाने पहुंचा, तभी वह करंट की चपेट में आ गया। परिजन उसे बेहोशी की हालत में मगरधा के कुछ निजी डॉक्टरों के पास ले गए। वहां से जिला अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो चुकी थी। डॉक्टर बोले- एक घंटे पहले ही हो चुकी थी मौतजिला अस्पताल के चिकित्सक डॉ. अखिल विश्नोई ने बताया कि युवक की मौत अस्पताल लाने से करीब एक घंटे पहले ही हो चुकी थी। उसके पैर के पंजे में करंट लगने के निशान मिले हैं। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के सटीक कारणों की पुष्टि हो सकेगी। पोस्टमार्टम कराने को लेकर अस्पताल में हंगामायुवक की मौत के बाद उसकी मां, मामा, बुआ और अन्य परिजन पोस्टमार्टम नहीं कराने की मांग पर अड़ गए। वे शव को बिना पोस्टमार्टम रात में ही घर ले जाना चाहते थे। इस दौरान जिला अस्पताल में काफी देर तक हंगामा होता रहा। सूचना मिलने पर सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रोशनलाल भारती पुलिस बल के साथ अस्पताल पहुंचे और परिजनों को समझाइश दी। इसके बाद परिजन शव को मर्चुरी में रखने के लिए तैयार हुए। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। सिराली थाना पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की इंदौर खंडपीठ ने बड़वानी जिले में एसिड अटैक की शिकार हुई चार वर्षीय बच्ची के इलाज को लेकर महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश जारी करते हुए बॉम्बे हॉस्पिटल, इंदौर को तत्काल एडमिट कर समुचित इलाज शुरू करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही उपचार का पूरा खर्च आयुष्मान भारत योजना और आवश्यकता पड़ने पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण द्वारा वहन किए जाने के आदेश भी दिए गए हैं। याचिका में बताया गया कि 29 मई को हुए एसिड अटैक में चार वर्षीय बच्ची, उसका छह वर्षीय भाई और उनकी मां गंभीर रूप से झुलस गए थे। प्रारंभिक इलाज बड़वानी जिले के राजपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में किया गया, लेकिन वहां पर्याप्त सुविधाएं नहीं होने के कारण बेहतर इलाज की मांग को लेकर हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाया गया। बर्न वार्ड की स्थिति पर उठे सवाल सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से प्रस्तुत मेडिकल रिपोर्ट में कहा गया कि पीड़ितों को लंबे समय तक विशेष इलाज की आवश्यकता है, जो इंदौर के सुपर स्पेशियलिटी अस्पताल में उपलब्ध है। हालांकि याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट शन्नो शगुफ्ता खान ने अस्पताल के बर्न वार्ड की तस्वीरें प्रस्तुत कर वहां साफ-सफाई और रखरखाव की स्थिति पर गंभीर सवाल उठाए। तस्वीरों में वार्ड की दीवारों पर फंगल संक्रमण और चूहों की मौजूदगी का दावा किया गया। उचित इलाज नहीं मिला तो जान को खतरा डॉक्टरों की समिति की रिपोर्ट में कहा गया कि दोनों मासूम बच्चों को गंभीर बर्न इंजरी हुई है और यदि उनका उचित उपचार नहीं किया गया तो सेप्सिस, सेप्टिक शॉक तथा अन्य गंभीर मेडिकल जटिलताएं उत्पन्न हो सकती हैं। सुप्रीम कोर्ट की गाइडलाइन का हवाला हाईकोर्ट ने एसिड अटैक पीड़ितों के उपचार संबंधी सुप्रीम कोर्ट के ऐतिहासिक फैसले लक्ष्मी बनाम भारत संघ का उल्लेख करते हुए कहा कि निजी अस्पताल भी एसिड अटैक पीड़ितों को निःशुल्क और पूर्ण चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने के लिए बाध्य हैं। इसमें दवाइयां, भोजन, बिस्तर और पुनर्निर्माण (रिकंस्ट्रक्टिव) सर्जरी जैसी सुविधाएं भी शामिल हैं। आयुष्मान कार्ड से होगा खर्च का भुगतान कोर्ट के समक्ष यह भी रखा गया कि पीड़ित परिवार के पास आयुष्मान भारत प्रधानमंत्री जन आरोग्य ‘निरामयम्’ योजना का कार्ड उपलब्ध है, जिसके तहत पांच लाख रुपए तक का कैशलेस उपचार मिल सकता है। बॉम्बे हॉस्पिटल को तत्काल एडमिट करने के निर्देश कोर्ट ने 24 जून को जारी अपने आदेश में कहा कि पीड़ित बच्ची को तत्काल बॉम्बे हॉस्पिटल, इंदौर में एडमिट किया जाए। अस्पताल उपचार का पूरा रिकॉर्ड रखेगा और परिवार से किसी प्रकार का भुगतान नहीं मांगेगा। खर्च की प्रतिपूर्ति आयुष्मान योजना से की जाएगी। यदि विशेष सर्जरी या अतिरिक्त उपचार का खर्च बीमित राशि से अधिक होता है तो जिला विधिक सेवा प्राधिकरण, इंदौर आवश्यक भुगतान उपलब्ध कराएगा। कोर्ट ने यह भी निर्देश दिया कि अस्पताल उसी दिन बच्ची को भर्ती कर आवश्यक चिकित्सा उपचार प्रारंभ करे तथा जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के अनुरूप आवश्यक वित्तीय सहायता सुनिश्चित करे। अन्य राहतों पर नोटिस जारी हाईकोर्ट ने याचिका में मांगी गई अन्य राहतों पर राज्य सरकार और संबंधित पक्षों को नोटिस जारी करते हुए जवाब तलब किया है।
भोपाल नगर निगम की मेयर इन कौंसिल (एमआईसी) की मीटिंग में जनप्रतिनिधियों ने प्रॉपर्टी समेत अन्य टैक्स पर अधिकारियों को घेर लिया। कहा कि पहले 7-7 लाख रुपए के नोटिस दिए जाते हैं। बाद में जोन अधिकारी यही टैक्स 1 लाख रुपए तक कर देते हैं। एमआईसी ने सीधे तौर पर अफसरों के ऊपर भ्रष्टाचार के आरोप लगाए। लिंक रोड नंबर-2 स्थित निगम मुख्यालय पर एमआईसी की मीटिंग हुई। कुछ सदस्यों ने कहा कि कई जोन अधिकारी कार्यालय में बैठते ही नहीं हैं। लोगों के फोन तक नहीं उठाते। लोगों को 7-7 लाख रुपए तक के संपत्तिकर और दूसरे करों के नोटिस थमा दिए जाते हैं। बाद में पैसा लेकर यही राशि 1 लाख कर दी जाती है। उन्होंने जोन कार्यालयों में जवाबदेही तय करने की मांग भी उठाई। 16 में से 15 एजेंडों को मंजूरीइस विवाद के बीच एमआईसी ने 16 में से 15 एजेंडों को मंजूरी दे दी। माता मंदिर स्थित पुराने निगम ऑफिस, स्मार्ट सिटी गोविंदपुरा, शाहपुरा लेक के पास भवन अनुज्ञा कार्यालय को किराए पर देने की मंजूरी दी। बैठक में आवास, विकास कार्य और लीज से जुड़े प्रस्ताव मंजूर संपत्तियां और लीज रिन्युअल प्रधानमंत्री आवास योजना
भोपाल के अरेरा हिल्स स्थित विधायक विश्राम गृह (एमएलए रेस्ट हाउस) के बाहर बुधवार देर रात कार की मामूली टक्कर के बाद विवाद मारपीट में बदल गया। कांग्रेस विधायक दिनेश गुर्जर के बेटे देवराज सिंह गुर्जर की शिकायत पर पुलिस ने चार युवकों को गिरफ्तार किया है। वहीं आरोपियों के मां ने विधायक पुत्र और उसके साथियों पर थाने के अंदर भी मारपीट करने का आरोप लगाया है। गिरफ्तार युवकों की मां उषा यादव का आरोप है कि विवाद के दौरान उनके बेटों के साथ मारपीट की गई। उनका दावा है कि पुलिस सभी युवकों को थाने ले गई, जहां विधायक पुत्र देवराज सिंह गुर्जर और उनके साथियों ने उनके बेटों को बेल्ट से पीटा। मारपीट में तीन सगे भाई घायल उषा यादव के मुताबिक, घटना में तीन सगे भाई घायल हुए हैं। परिवार का आरोप है कि उनकी शिकायत पर कार्रवाई नहीं की गई। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और घटनास्थल व थाने के सीसीटीवी फुटेज सार्वजनिक करने की मांग की है। मारपीट के बाद की तस्वीरें देखिए विधायक पुत्र की शिकायत पर 4 गिरफ्तार अरेरा हिल्स थाना पुलिस ने देवराज सिंह गुर्जर की शिकायत पर चार युवकों के खिलाफ मारपीट समेत विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया है। आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं पांच अन्य युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। अरेरा हिल्स थाना प्रभारी सुनील शर्मा ने बताया कि दोनों पक्षों के आरोपों की जांच की जा रही है। घटनास्थल के सीसीटीवी फुटेज समेत अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। विधायक पुत्र बोले- युवक शराब पीकर हंगामा कर रहे थे देवराज सिंह गुर्जर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह अपने आवास की बालकनी में थे। इसी दौरान कुछ युवक एमएलए रेस्ट हाउस के बाहर शराब पीकर हंगामा कर रहे थे। उन्हें वहां से हटने के लिए कहने पर युवकों ने गाली-गलौज शुरू कर दी और अभद्रता की। उनके मुताबिक युवकों ने छीना-झपटी का भी प्रयास किया, जिसके बाद विवाद बढ़ गया। कार टकराने के बाद शुरू हुआ विवाद पुलिस के अनुसार, यादवपुरा निवासी रोहन यादव अपने ममेरे भाई हनी के साथ कार से एमएलए रेस्ट हाउस पहुंचा था। इसी दौरान उसकी कार वहां खड़ी दूसरी कार से हल्के से टकरा गई। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच कहासुनी हुई, जो देखते ही देखते मारपीट में बदल गई। पुलिस कर रही CCTV फुटेज की जांच घटना के बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच में घटनास्थल और अन्य उपलब्ध सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रताप नगर थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक दर्दनाक हादसे में 75 वर्षीय वृद्धा की मौत हो गई। द्वारिकापुरी-ई निवासी प्रभु देवी बाथरूम जाने के लिए निकली थीं, लेकिन अंधेरे या भ्रमवश उन्होंने बाथरूम का दरवाजा समझकर लिफ्ट का बंद चैनल गेट खोल दिया और करीब 20 फीट गहरे लिफ्ट शाफ्ट में जा गिरीं। हादसे की सूचना रात 9:26 बजे कलेक्ट्रेट कंट्रोल रूम को मिली। इसके बाद सिविल डिफेंस की रेस्क्यू टीम मौके पर पहुंची। शाफ्ट में करीब 10 फीट पानी भरा हुआ था। टीम ने लगभग 15 मिनट की मशक्कत के बाद वृद्धा को बाहर निकाला और एंबुलेंस की सहायता से आरयूएचएस अस्पताल पहुंचाया। अस्पताल में उपचार के दौरान प्रभु देवी ने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए मोर्चरी में रखवाया है और हादसे के कारणों की जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि वृद्धा ने लिफ्ट के चैनल गेट को बाथरूम का दरवाजा समझकर खोल दिया था, जिससे यह हादसा हुआ।
आगरा स्मार्ट सिटी में नगर निगम की कार्यप्रणाली पर भाजपा पार्षद ने अनोखे अंदाज में सवाल खड़ा किया है। मानसून से पहले नाले सफाई के लिए नगर निगम दावे कर रहा है। मगर, भाजपा पार्षद के वार्ड में कई बार शिकायत के बाद जब नाला साफ नहीं हुआ तो उन्होंने विरोध का अनूठा अंदाज अपनाया। गुरुवार को अपने बर्थडे पर केक नाले में ही खड़े होकर काटा। इसके वीडियो वायरल हो रहे हैं। नगला धनी, नई विजय नगर कालोनी में लंगड़े की चौकी नाला है। यह जीवनी मंडी रोड से आ रहा है। इस नाला की लंबाई दो किमी है। 65 प्रतिशत नाला भूमिगत है। 14 साल से भूमिगत नाला की सफाई नहीं हुई है। भाजपा पार्षद किशन नायक नाला सफाई को लेकर 12 शिकायतें कर चुके हैं। सहायक नगरायुक्त अशोक प्रिय गौतम से लेकर नगर स्वास्थ्य अधिकारी डा. संजीव वर्मा ने भी नाले का निरीक्षण किया है। मगर, अभी तक नाला को साफ नहीं कराया गया है। नाले में एक से तीन फीट तक सिल्ट जमा है। खुले हिस्से के नाले की भी कुछ यही स्थिति है। सुनवाई न होने पर व्यथित पार्षद गुरुवार को अपना बर्थडे केक लेकर नाले पर पहुंच गए। क्षेत्रीय नागरिक एक सजी हुई मेज ले आए। नाले में मेज रखकर पार्षद ने उसी पर केक काटा। साथ में नागरिकों ने भी नगर निगम प्रशासन और स्मार्ट सिटी मैनेजमेंट को लेकर जमकर नारेबाजी की। इसका वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रहा है। लोग बजा रहे तालीवीडियो में दिख रहा है कि पार्षद के आसपास बड़ी संख्या में लोग खडे़ हुए हैं। वो पार्षद के नाले में खडे़ होकर केक काटने पर ताली बजा रहे हैं। नारे भी लग रहे हैं। कई लोग मोबाइल में उनकी वीडियो बना रहे हैं।
मेरठ में पुलिसकर्मियों ने बाहर से बाहर जमानत दिलाने का झांसा देकर एक महिला से 10 हजार रुपये ऐंठ लिए। आरोप है कि जब पीड़िता ने सवाल जवाब किए तो पुलिसकर्मियों ने अभद्रता कर दी। इसके बाद एक राहगीर से भी अभद्रता करते हुए पुलिसकर्मी गाड़ी लेकर भाग निकले। इस मामले की वीडियो भी वायरल हो रही है। हालांकि दैनिक भास्कर वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है। उधर, जानी थाना प्रभारी निरीक्षक गौरव कुमार ने बताया कि महिला को कागजी कार्रवाई के तहत कचहरी भेजा गया था। मामला जानी थाना क्षेत्र के धोलड़ी गांव का है। यहां अमित अपनी पत्नी सीमा व बच्चों के साथ रहते हैं। आरोप है कि 21 जून को कौशल नाम की महिला ने अपने परिवार के साथ आकर अमित व सीमा पर हमला कर दिया। कौशल रिश्ते में सीमा की ननद है। सीमा जानी थाने पहुंची और लिखित में शिकायत की। सीमा का आरोप है कि ड्यूटी पर मिली महिला पुलिसकर्मी श्वेता ने दिन में कौशल को बुलाने की बात कहकर उन्हें टरका दिया। दूसरे दिन भी कौशल ने की मारपीट22 जून को सीमा किसी काम से शहर में रही। शाम को जैसे ही घर पहुंची, उसकी ननद कौशल दोबारा घर में घुस आई और फिर से मारपीट की। सीमा का आरोप है कि उसकी जेठानी ने फोन कर ननद कौशल को बताया था कि सीमा घर आ गई है। इस मारपीट में उसे काफी चोट आई। सिपाही बोला- खुद निपटा लो मामलासीमा ने 112 नंबर पर फोन मिला दिया। कुछ ही देर में एक पुलिसकर्मी घर आ गया। उसने पूरा मामला जाना। आरोप है कि वह सिपाही भी पारिवारिक मसला बताकर बिना किसी कार्रवाई के वापस लौट गया। वह फिर थाने गई लेकिन महिला पुलिसकर्मी ने यह कहकर लौटा दिया कि अब तो कौशल घर लौट गई है। घर जाकर आराम से रहो। तीन दिन तक काटे थाने के चक्कर सीमा अपने पति अमित को लेकर तीन दिन तक जानी थाने के चक्कर लगाती रही लेकिन किसी ने उसकी मदद नहीं की। हर बार उसे कोई ना कोई बहाना बनाकर लौटा दिया गया जबकि उसको काफी चोट भी लगी थी। गुरुवार को थाने से उसके पास फोन पहुंचा और उसे थाने बुला लिया गया। 151 में चालान करने की कही बात सीमा को थाने यह कहकर बुलाया गया था कि दूसरा पक्ष भी थाने आ गया है। दोनों पक्ष की आमने सामने बात कराएंगे। लेकिन जब सीमा थाने पहुंची तो पुलिसकर्मी ने बताया कि दोनों पक्ष का 151 में चालान कर दिया है। अब कचहरी से जमानत कराना। थाने के बाहर ही ऐंठे 10 हजार रुपयेशिकायत करने के बाद भी पुलिस ने मदद नहीं की और उलटा सीमा का भी चालान कर दिया। इससे सीमा परेशान हो गई। कचहरी लाने से ठीक पहले एक पुलिसकर्मी थाने के बाहर मिला। उसने बाहर से बाहर ही जमानत दिलाने का झांसा देकर सीमा से 10 हजार रुपये ऐंठ लिए। मजिस्ट्रेट के सामने नहीं किया पेश जानी थाने के तीन पुलिसकर्मी सीमा को प्राइवेट बुलेरो गाड़ी से लेकर कचहरी पहुंचे। आरोप है कि यहां कचहरी के बाहर हनुमान मंदिर के पास सीमा को गाड़ी से नीचे उतारकर पुलिसकर्मी बोले कि जा जमानत करा दी है। सीमा से एक कागज पर साइन कराया। सीमा ने जब आपत्ति की तो पुलिसकर्मी अभद्रता करने लगे। एक युवक ने पुलिसकर्मियों को रोककर पूछताछ की कोशिश की तो पुलिसकर्मी गाड़ी दौड़ाकर भाग निकले।
लखनऊ के काकोरी जैन मंदिर में पंचकल्याणक महोत्सव:दूसरे दिन गर्भ कल्याणक उत्तर भाग की क्रियाएं संपन्न
लखनऊ के काकोरी स्थित जैन मंदिर में आयोजित पंचकल्याणक प्रतिष्ठा महोत्सव के दूसरे दिन गुरुवार को गर्भ कल्याणक उत्तर भाग की धार्मिक क्रियाएं संपन्न हुईं। सुबह से ही मंदिर परिसर में भक्तों की भीड़ उमड़ी रही, जिससे वातावरण में आध्यात्मिक ऊर्जा का संचार हुआ। कार्यक्रम की शुरुआत नांदीमंगल, सकलीकरण, इंद्र प्रतिष्ठा और देवागम विधि के साथ हुई। इसके बाद देवों द्वारा भगवान का नित्य अभिषेक और पूजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठानों के क्रम में विधि दीदी और सुनीता दीदी की दीक्षा विधि भी संपन्न कराई गई। श्रद्धालुओं ने धार्मिक प्रसंगों का अवलोकन किया दोपहर के सत्र में महायागमंडल आराधना के साथ तीर्थंकर प्रभु के माता-पिता की गोद भराई एवं सीमंतनी क्रिया का मंचन किया गया। इस मंचन के दौरान श्रद्धालुओं ने धार्मिक प्रसंगों का अवलोकन किया और जयकारों से पूरा परिसर गूंज उठा। शाम को जैन काशी मूडबिद्री (कर्नाटक) के जगतगुरु स्वस्ति चारुकीर्ति भट्टारक स्वामी जी के सानिध्य में माता पद्मावती की भव्य प्रतिष्ठा संपन्न हुई। इसके बाद गर्भ कल्याणक की आंतरिक क्रियाएं, महाआरती और शास्त्र सभा का आयोजन किया गया। रात्रि में सजे भव्य इंद्र दरबार में तत्व चर्चा हुई, जहां सौधर्म इंद्र का आसन कंपायमान होने और माता द्वारा देखे गए 16 स्वप्नों के फलादेश का जीवंत वर्णन किया गया। इस दौरान पूरी धर्मसभा तालियों और जयकारों से गूंजती रही। 16 स्वप्न भविष्य के लोककल्याणकारी व्यक्तित्व का संकेत देते हैं अपने मंगल प्रवचन में आचार्य विशुद्ध सागर ने कहा कि गर्भ कल्याणक जीव के रूपांतरण का महापर्व है। उन्होंने बताया कि तीर्थंकर के गर्भ में आने से संपूर्ण सृष्टि पवित्र हो जाती है और माता द्वारा देखे गए 16 स्वप्न भविष्य के लोककल्याणकारी व्यक्तित्व का संकेत देते हैं। मंदिर के प्रमुख विशाल जैन और संयोजक ब्रिजेश जैन बंटी ने बताया कि शुक्रवार को भगवान का जन्म कल्याणक महोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर सुबह 8 बजे दुर्गागंज चौराहा, काकोरी से भव्य जन्म कल्याणक शोभायात्रा निकाली जाएगी।
महिला उद्यमियों को मिलेगी नई उड़ान:लखनऊ में शुरू हुआ FLO SheRises 2026 बूट कैंप
लखनऊ में महिला उद्यमिता को नई दिशा देने के उद्देश्य से FICCI FLO लखनऊ चैप्टर ने 'FLO SheRises 2026' के चौथे संस्करण का शुभारंभ किया है। होटल क्लार्क अवध में आयोजित यह तीन दिवसीय एंटरप्रेन्योरशिप बूट कैंप 25 से 27 जून तक चलेगा। इसका मुख्य लक्ष्य महिला उद्यमियों को व्यवसाय विस्तार, नेतृत्व विकास और स्टार्टअप इकोसिस्टम से जोड़कर नई संभावनाओं के लिए तैयार करना है। कार्यक्रम का उद्घाटन FICCI FLO की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूजा गर्ग और राष्ट्रीय स्टार्टअप प्रमुख प्रिया गौतम ने किया। इस अवसर पर पूजा गर्ग ने कहा कि महिला उद्यमी आज देश की अर्थव्यवस्था में बदलाव की मजबूत शक्ति बनकर उभर रही हैं। उन्होंने नवाचार, नेतृत्व और रोजगार सृजन में महिलाओं की बढ़ती भूमिका की सराहना करते हुए ऐसे मंचों की आवश्यकता पर जोर दिया। नेतृत्व कौशल से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी FICCI FLO लखनऊ की चेयरपर्सन सिमरन साहनी के नेतृत्व में आयोजित इस पहल को MeitY Startup Hub और Start In UP का सहयोग प्राप्त है। बूट कैंप में महिलाओं को व्यावसायिक रणनीति, वित्तीय प्रबंधन, ब्रांड निर्माण, फंडिंग, स्केलिंग और नेतृत्व कौशल से संबंधित व्यावहारिक जानकारी दी जा रही है। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल प्रशिक्षण देना नहीं, बल्कि महिला उद्यमियों को एक मजबूत नेटवर्क और दीर्घकालिक मार्गदर्शन भी उपलब्ध कराना है। इस वर्ष विभिन्न क्षेत्रों से 100 से अधिक महिला उद्यमियों ने आवेदन किया था। कड़ी चयन प्रक्रिया के बाद 33 प्रतिभाशाली प्रतिभागियों को ऑफलाइन बूट कैंप के लिए चुना गया। यह कार्यक्रम क्षेत्र में महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने वाले सबसे प्रभावशाली प्लेटफॉर्म्स में से एक माना जा रहा है। शीर्ष 10 महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा कार्यक्रम को दो चरणों में संचालित किया जाएगा। पहले चरण में गहन प्रशिक्षण और कार्यशालाएं होंगी, जबकि दूसरे चरण के लिए शीर्ष 10 महिला उद्यमियों का चयन किया जाएगा। इन चयनित उद्यमियों को उद्योग विशेषज्ञों और व्यावसायिक नेताओं से विशेष वन-टू-वन मेंटरशिप मिलेगी। कार्यक्रम के दौरान अद्वैत कुर्लेकर,सीए प्राची जैन, नीतू बंसल,प्राजक्त राउत, टीना मनसुखानी गर्ग और विवेक वर्मा जैसे विशेषज्ञों ने प्रतिभागियों को मार्गदर्शन प्रदान किया। वहीं, इन्वेस्ट यूपी के इन्वेस्ट लीड रवि पांडे ने राज्य सरकार की स्टार्टअप और उद्यमिता योजनाओं की जानकारी साझा की।
सोनभद्र पुलिस ने गुरुवार की दोपहर में एनसीएल दुद्धीचुआ क्षेत्र से चोरी की केबल के साथ चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके पास से चोरी की दो टुकड़े केबल भी बरामद की है। बता दे कि कोयला खदान में चलने वाली इलेक्ट्रिक शावेल मशीन से उच्च क्षमता भार वहन करने वाले डंपरों में कोयला लोड किया जाता है। बीते दिनों 14 नंबर शावेल मशीन की केबल काट कर चोरी कर लिया था। कोल प्रबंधन की तरफ से शक्तिनगर थाने में मुकदमा दर्ज कराया गया था शक्तिनगर प्रभारी निरीक्षक सत्येंद्र राय ने अधिकारियों से मिले दिशा निर्देश के मुताबिक जांच शुरू की। चेकिंग के दौरान एनसीएल के सुरक्षाकर्मियों के सहयोग से एनसीएल दुद्धीचुआ के 14 नंबर शावेल के पास से इन चार अभियुक्तों को गिरफ्तार किया। उनके कब्जे से चोरी की दो टुकड़े केबल बरामद की गई। पकड़ में आए विशाल अगरिया निवासी गुड़बहरा थाना सरई सिंगरौली, शिवराज निवासी धुक्कड़ थाना कुशमी जिला सीधी, अरविंद कुमार साकेत निवासी सुगारी थाना माड़ा सिंगरौली और सीताराम निवासी सुहिरा थाना माड़ा सिंगरौली शामिल हैं। चोर गिरोह के सदस्यों को गिरफ्तार करने में उप निरीक्षक सदाशिव राय, रामबचन सिंह यादव, पंकज कुमार, दिनेश भारती, अमृतलाल की भूमिका रही।
प्रयागराज के जिलाधिकारी मनीष कुमार वर्मा ने राजस्व कार्यों और जनसुनवाई पोर्टल (IGRS) की समीक्षा बैठक की। संगम सभागार में आयोजित इस बैठक में उन्होंने लंबित राजस्व वादों के निस्तारण में देरी पर नाराजगी व्यक्त की और अधिकारियों को समयसीमा के भीतर मामले निपटाने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने विशेष रूप से म्यूटेशन (नामांतरण) से संबंधित सभी लंबित मामलों को 30 जून तक अनिवार्य रूप से निपटाने का आदेश दिया। उन्होंने चेतावनी दी कि इस तिथि के बाद यदि कोई भी म्यूटेशन मामला लंबित पाया जाता है, तो संबंधित तहसील के जिम्मेदार अधिकारी के खिलाफ सख्त अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। राजस्व मुकदमों के त्वरित और गुणवत्तापूर्ण निपटारे के लिए डीएम ने सभी उपजिलाधिकारियों (एसडीएम) और तहसीलदारों को नियमित रूप से न्यायालय में सुनवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि भूमि संबंधी विवादों का निस्तारण केवल फाइलों तक सीमित न रहे, बल्कि अधिकारी मौके पर जाकर स्थल निरीक्षण करें और निष्पक्ष समाधान सुनिश्चित करें। जिलाधिकारी ने पांच वर्ष और तीन वर्ष से अधिक समय से लंबित सभी राजस्व प्रकरणों को शीर्ष प्राथमिकता पर निपटाने का निर्देश दिया। उन्होंने एक वर्ष से लंबित त्रुटि सुधार के मामलों को शून्य करने के लिए भी कहा। खराब रैंकिंग वाली तहसीलों को धारा-34, 80 और 116 से संबंधित वादों का जल्द निस्तारण सुनिश्चित करने के लिए विशेष अभियान चलाने के निर्देश दिए गए हैं। जनपद की गिरती आईजीआरएस रैंकिंग पर चिंता व्यक्त करते हुए डीएम ने कहा कि शिकायतों का निस्तारण केवल कागजी खानापूर्ति नहीं होनी चाहिए। शिकायतकर्ता से बात करके उन्हें संतुष्ट करना और उनसे संतोषजनक प्रतिक्रिया प्राप्त करना अनिवार्य है। जिलाधिकारी ने टास्क फोर्स को अवैध खनन के खिलाफ निरंतर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसके अतिरिक्त, सरकारी भूमि पर कब्जा करने वाले भू-माफिया के विरुद्ध कठोर कार्रवाई सुनिश्चित करने के भी आदेश दिए गए हैं।
प्रयागराज मंडल में विकास परियोजनाओं की धीमी गति पर कमिश्नर सौम्या अग्रवाल ने कड़ा रुख अपनाया है। उन्होंने मंडल के चारों जनपदों में चल रहे निर्माण कार्यों की वित्तीय और भौतिक प्रगति पर असंतोष व्यक्त करते हुए कार्यदायी संस्थाओं को कड़ी फटकार लगाई। कमिश्नर ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय-सीमा में कार्यों में तेजी नहीं आई, तो दोषी अधिकारियों और संस्थाओं के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की सिफारिश की जाएगी। समीक्षा बैठक का मुख्य फोकस मोतीलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज, प्रयागराज की 181.60 करोड़ रुपये की 17 परियोजनाएं थीं। मंडलायुक्त ने उत्तर प्रदेश प्रोजेक्ट्स कॉर्पोरेशन लिमिटेड (यूपीपीसीएल), यूपी सिडको और राष्ट्रीय निर्माण निगम को इन कार्यों में देरी के लिए फटकार लगाई। प्रतापगढ़ में राजकीय निर्माण निगम द्वारा बनाए जा रहे तीन सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (सीएचसी) और मेडिकल कॉलेज परिसर में क्रिटिकल केयर हॉस्पिटल के निर्माण में भी अत्यधिक सुस्ती पाई गई। इसके अलावा, यूजी सीटों (50) और पीजी सीटों (49) की वृद्धि के लिए निर्माणाधीन भवनों तथा कार्डियोलॉजी विभाग के द्वितीय तल के निर्माण में भी विलंब पर कमिश्नर ने कड़ी आपत्ति जताई। राज्य सेतु निगम के 1710.90 करोड़ रुपये की लागत वाले 18 निर्माण कार्यों की समीक्षा में औसत वित्तीय प्रगति मात्र 61 प्रतिशत पाई गई। मंडलायुक्त ने इस पर भी सवाल उठाए। लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की कुल 248 परियोजनाओं में से 65 लंबित मिलीं। इनमें प्रतापगढ़ की 33, प्रयागराज की 16, कौशांबी की 14 और फतेहपुर की 2 परियोजनाएं शामिल हैं। प्रयागराज के निर्माण खंड-3 के कार्यों को लेकर मंडलायुक्त ने विशेष नाराजगी व्यक्त की। इस खंड द्वारा एनएच-30 पर स्वागत द्वार, प्रयागराज-लालापुर-इमलिया-कंजासा-भीटी मार्ग पर क्षतिग्रस्त पुलिया के स्थान पर आरसीसी बॉक्स कलवर्ट निर्माण और वरुणा नदी पर लघु सेतु व पहुंच मार्ग के निर्माण में भारी विलंब पाया गया। कमिश्नर ने मुख्य अभियंता को इन सभी लंबित कार्यों की व्यक्तिगत स्तर पर निगरानी सुनिश्चित करने का निर्देश दिया है। एनओसी और तकनीकी स्वीकृतियों पर जोरईपीसी मॉडल के तहत निर्माणाधीन बहुमंजिला भवन, प्रयाग विधि विश्वविद्यालय के प्रस्तावित 12 भवन, क्लाइव रोड पर न्यायिक आवास और लीडर रोड की आवासीय परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए मंडलायुक्त ने सभी आवश्यक अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी), फायर एनओसी और तकनीकी स्वीकृतियां समय रहते प्राप्त कर ली जाएं ताकि कार्यों में अवरोध न आए। साथ ही, अवस्थापना निधि के तहत चल रही 18 परियोजनाओं की मात्र 33 प्रतिशत भौतिक प्रगति पर भी उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। अगस्त से अक्टूबर 2026 तक पूरा करने का लक्ष्यमंडलायुक्त ने सभी कार्यदायी संस्थाओं को निर्देशित किया कि अधिकांश निर्माणाधीन परियोजनाओं को अगस्त से अक्टूबर 2026 के मध्य पूर्ण करना सुनिश्चित किया जाए। किसी भी प्रकार की भूमि संबंधी या प्रशासनिक बाधा आने पर संबंधित जिलाधिकारी के माध्यम से उनका तत्काल निस्तारण कराया जाए। नवनिर्मित सड़कों के किनारे ट्री-गार्ड के साथ व्यापक वृक्षारोपण और वैज्ञानिक तरीके से हरित पट्टियों का विकास एवं पर्यावरणीय सौंदर्यीकरण किया जाए।
लखनऊ में 'माय फर्स्ट एनकाउंटर' नाटक का मंचन:पुलिस, अपराध और नैतिक द्वंद्व की कहानी ने छोड़ी गहरी छाप
लखनऊ के रंगमंच प्रेमियों के लिए गुरुवार की शाम खास बन गई, जब गोमतीनगर स्थित अंबेडकर सभागार में चर्चित नाटक ‘माय फर्स्ट एनकाउंटर’ का प्रभावशाली मंचन किया गया। सफर फाउंडेशन की ओर से आयोजित इस प्रस्तुति ने दर्शकों को रोमांच, संवेदना और सामाजिक सरोकारों से भरपूर कहानी के माध्यम से अंत तक बांधे रखा। नाटक के लेखक और निर्देशक मोहम्मद अनवर बेग ने पुलिस व्यवस्था, अपराध और समाज के बीच मौजूद जटिल रिश्तों को बेहद संवेदनशीलता के साथ मंच पर उतारा। कहानी एक ऐसे पुलिस इंस्पेक्टर के इर्द-गिर्द घूमती है, जिसका पहला एनकाउंटर उसके जीवन की दिशा बदल देता है। इस घटना के बाद उसके सामने नैतिकता, कर्तव्य और मानवीय संवेदनाओं से जुड़े कई सवाल खड़े हो जाते हैं। नागरिकों की अपेक्षाओं को करीब से महसूस किया मंचन के दौरान दर्शकों ने पुलिस अधिकारियों पर पड़ने वाले मानसिक दबाव, प्रशासनिक चुनौतियों और आम नागरिकों की अपेक्षाओं को करीब से महसूस किया। नाटक यह संदेश देने में सफल रहा कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लिए गए हर निर्णय का प्रभाव केवल एक व्यक्ति तक सीमित नहीं रहता, बल्कि पूरे समाज को प्रभावित करता है। कार्यक्रम का आयोजन श्रद्धा मानव सेवा कल्याण समिति के सहयोग से किया गया। प्रस्तुति के दौरान सभागार में मौजूद दर्शक कई दृश्यों पर भावुक भी नजर आए, जबकि कुछ संवादों ने उन्हें आत्ममंथन करने के लिए मजबूर कर दिया। कलाकारों के दमदार अभिनय ने कहानी को और अधिक प्रभावशाली बना दिया। कलाकारों ने शानदार अभिनय किया नाटक में आलोक कुमार पाण्डेय, अचल बोस, प्रभात कुमार, राम यादव, संजीव प्रजापति, करण यादव सहित अन्य कलाकारों ने अपने सशक्त अभिनय से पात्रों को जीवंत कर दिया। वहीं मंच सज्जा, प्रकाश व्यवस्था और संगीत संयोजन ने प्रस्तुति को प्रभावी बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आयोजकों का कहना है कि यह नाटक केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि समाज और व्यवस्था के बीच संवाद स्थापित करने का प्रयास है।
लखनऊ के अलीगंज अग्निकांड के बाद प्रदेश सरकार सार्वजनिक परिवहन में अग्नि सुरक्षा को लेकर अलर्ट मोड में आ गई है। परिवहन राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) दयाशंकर सिंह ने प्रदेशभर में संचालित स्लीपर बसों, स्कूल बसों, स्टेज कैरिज और कॉन्ट्रैक्ट कैरिज वाहनों में अग्निशमन यंत्रों की उपलब्धता और उनकी कार्यशीलता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। सरकार का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए वाहनों में सुरक्षा उपकरणों का दुरुस्त होना अनिवार्य है। जुलाई में चलेगा विशेष अभियान परिवहन मंत्री ने जुलाई माह में पूरे प्रदेश में विशेष अभियान चलाकर बसों की जांच करने और इसकी प्रतिदिन मॉनिटरिंग करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि हाल ही में लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने एक बार फिर सुरक्षा व्यवस्थाओं की अहमियत को सामने ला दिया है। ऐसे में यह सुनिश्चित किया जाएगा कि सभी यात्री वाहनों में अग्निशमन यंत्र निर्धारित मानकों के अनुरूप मौजूद हों और पूरी तरह कार्यशील अवस्था में हों। फिटनेस जांच में फायर सेफ्टी होगी प्राथमिकता निर्देशों के अनुसार मोटर वाहन निरीक्षक और एटीएस सेंटरों पर होने वाली फिटनेस जांच के दौरान अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता, क्षमता, वैधता और कार्यशीलता की विशेष जांच की जाएगी। यह भी देखा जाएगा कि अग्निशमन यंत्र वाहन में उचित स्थान पर लगाया गया है या नहीं। जिन वाहनों में अग्निशमन यंत्र नहीं मिलेगा, उसकी वैधता समाप्त हो चुकी होगी या वह कार्यशील नहीं पाया जाएगा, ऐसे वाहनों को फिटनेस प्रमाण पत्र जारी नहीं किया जाएगा। कमियां दूर होने तक उनके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई भी की जाएगी। स्कूल बसों की होगी विशेष निगरानी एक जुलाई से प्रदेशभर में नए शैक्षणिक सत्र की शुरुआत होने जा रही है। इसे देखते हुए परिवहन मंत्री ने स्कूल बसों की विशेष जांच के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बच्चों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है। इसलिए स्कूल बसों में अग्निशमन यंत्र के साथ-साथ अन्य सुरक्षा मानकों का भी सत्यापन किया जाएगा। बस अड्डों और टोल प्लाजा पर होगी सघन चेकिंग परिवहन विभाग के प्रवर्तन अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि बस अड्डों, प्रमुख मार्गों, टोल प्लाजा, जनपद सीमाओं और अन्य महत्वपूर्ण स्थानों पर विशेष अभियान चलाकर वाहनों की जांच की जाए। जांच के दौरान अग्निशमन यंत्र न मिलने या निर्धारित मानकों के अनुरूप न होने की स्थिति में मोटरयान अधिनियम और केंद्रीय मोटरयान नियमावली के तहत कार्रवाई की जाएगी। विशेष रूप से स्लीपर बसों में आपातकालीन निकास, सुरक्षा हैमर, विद्युत वायरिंग और अन्य सुरक्षा उपकरणों की भी जांच होगी। वाहन स्वामियों को किया जाएगा जागरूक परिवहन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि बस संचालकों, परिवहन कंपनियों, यूनियन पदाधिकारियों और विद्यालय प्रबंधन को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया जाए। उन्हें अग्निशमन यंत्रों के नियमित रखरखाव, समय-समय पर सर्विसिंग और परीक्षण कराने के लिए भी प्रेरित किया जाएगा। रोजाना भेजनी होगी रिपोर्ट परिवहन आयुक्त आशुतोष निरंजन ने सभी क्षेत्रीय अधिकारियों को निर्देश जारी करते हुए कहा है कि अभियान के दौरान की गई कार्रवाई की दैनिक रिपोर्ट अपर परिवहन आयुक्त (प्रवर्तन) को उपलब्ध कराई जाए। विभागीय स्तर पर पूरे अभियान की निगरानी की जाएगी ताकि सुरक्षा मानकों का सख्ती से पालन सुनिश्चित हो सके। क्या-क्या होगा चेक? • अग्निशमन यंत्र की उपलब्धता• वैधता और रिफिलिंग की स्थिति• कार्यशीलता और क्षमता• आपातकालीन निकास• सुरक्षा हैमर• विद्युत वायरिंग• स्कूल बसों के सुरक्षा मानक• स्लीपर बसों के फायर सेफ्टी इंतजाम
लखनऊ में निर्जला एकादशी पर इलेक्ट्रोल का वितरण:भीषण गर्मी से बचाव के लिए संस्थाओं ने की पहल
लखनऊ में निर्जला एकादशी के अवसर पर हिंदू महिला सेवा समिति, वैश्य समाज सेवा उत्तर प्रदेश और राष्ट्रीय धर्म सेना ने संयुक्त रूप से एक सेवा कार्यक्रम आयोजित किया। इस दौरान भीषण गर्मी और लू से राहत प्रदान करने के उद्देश्य से श्रद्धालुओं तथा आम लोगों को इलेक्ट्रोल का वितरण किया गया। कार्यक्रम का मुख्य लक्ष्य लोगों को गर्मी से बचाव के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंदों तक सहायता पहुंचाना था। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालु और स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। संस्था के पदाधिकारियों ने बताया कि बढ़ते तापमान और लू के प्रकोप के मद्देनजर लोगों के स्वास्थ्य की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए यह पहल की गई है। इलेक्ट्रोल वितरण के जरिए लोगों को शरीर में पानी और आवश्यक लवणों की कमी से बचाव का संदेश भी दिया गया। लोगों को गर्मी से बचाव के उपायों की जानकारी दी इस सेवा कार्य में संस्था के पदाधिकारियों के साथ कई समाजसेवियों और होटल स्टाफ ने भी सक्रिय भागीदारी निभाई। आयोजन स्थल पर लोगों को गर्मी से बचाव के उपायों की जानकारी दी गई और जरूरतमंदों को प्राथमिक राहत सामग्री भी उपलब्ध कराई गई। उपस्थित लोगों ने इस पहल की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए एक प्रेरणादायक कदम बताया। संस्था के प्रतिनिधियों ने बताया कि समाज के प्रति अपने दायित्वों का निर्वहन करना उनकी प्राथमिकता है। जरूरतमंदों की मदद करना और सेवा भाव को बढ़ावा देना संगठन की पहचान है। उन्होंने यह भी कहा कि भविष्य में भी इसी प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जाते रहेंगे। ये मौजूद रहे इस कार्यक्रम में समाजसेवी राजेंद्र गुप्ता (शिमला परिवार), मीडिया प्रभारी रोहित तिवारी, राष्ट्रीय धर्म सेना के राष्ट्रीय अध्यक्ष आशीष तिवारी, सोनू, राजू, बबलू, संचित, पत्रकार राकेश शर्मा और अभय गुप्ता सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे। सभी ने इस सेवा कार्य में योगदान देकर सामाजिक एकता और मानव कल्याण का संदेश दिया।
कानपुर में एक साइबर ठगी के मामले में मुख्य आरोपी इंटरनेशनल कंपनी के इंडिया कंट्री हेड की अग्रिम जमानत याचिका गुरुवार को खारिज हो गई। डीसीपी ने साइबर थाना प्रभारी की बेहतरीन पैरवी करने पर उन्हें और टीम को सराहा। उन्होंने बताया कि सुप्रीमकोर्ट तक के वकील अग्रिम जमानत याचिका के लिए बहस करने कोर्ट में पहुंचे थे, लेकिन पुलिस के तर्क के आगे दिग्गज वकीलों की दलीलें टिक नहीं सकी और कोर्ट ने अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। साक्ष्यों के आगे नहीं टिक सकी बचाव पक्ष की दलीलें डीसीपी क्राइम श्रवण कुमार सिंह ने बबताया कि कानपुर के साइबर थाने में मुकदमा अपराध संख्या-17/2026 से संबंधित है। इस मामले में साइबर ठगी के साथ ही धोखाधड़ी और फर्जी दस्तावेज तैयार करने समेत अन्य गंभीर धाराओं में ठगी करने वाले कंपनी के कंट्री हेड अक्षय खोडे, संदीप सकुनिया और हेमराम सकुनिया के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज हुई थी। साइबर थाना प्रभारी सतीश यादव ने मामले की जांच शुरू की तो सामने आया कि डीएसजीआरपी मैनेजमेंट प्राइवेट लिमिटेड की ओर से संचालित DS Live मोबाइल एप्लीकेशन के लिए क्लाउड एवं सर्वर सेवाएं Agora Inc. कंपनी के जरिए ली जा रही थीं। शिकायत के अनुसार, सह-अभियुक्तों द्वारा कथित रूप से एक फर्जी ई-मेल आईडी तैयार कर उसका उपयोग करते हुए DS Live एप्लीकेशन से संबंधित प्रशासनिक नियंत्रण एवं बिलिंग संरचना में अनधिकृत हस्तक्षेप किया गया। इतना ही नहीं, बिलिंग विवरणों में कथित रूप से हेरफेर कर लगभग ₹21 लाख की धनराशि का भुगतान वास्तविक सेवा प्रदाता के स्थान पर अन्य इकाई की ओर मोड़ दिया गया। शिकायतकर्ता द्वारा यह भी आरोप लगाया गया कि एप्लीकेशन से संबंधित डेटा एवं सर्वर एक्सेस का दुरुपयोग किया गया तथा सेवा बाधित करने और अतिरिक्त भुगतान हेतु दबाव बनाने का प्रयास किया गया। मामले की विवेचना के दौरान ई-मेल संचार, आईपीडीआर (IP Detail Records), केवाईसी अभिलेख, डिजिटल लॉग्स तथा और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का विश्लेषण किया गया। अभियोजन पक्ष द्वारा न्यायालय को अवगत कराया गया कि उपलब्ध डिजिटल साक्ष्य अभियुक्त की कथित भूमिका की प्रथम दृष्टया पुष्टि करते हैं तथा मामले की निष्पक्ष एवं प्रभावी जांच के लिए अभिरक्षात्मक पूछताछ आवश्यक है। कोर्ट ने अभियोजन पक्ष द्वारा प्रस्तुत तथ्यों, उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों तथा प्रकरण की गंभीरता पर विचार करते हुए अभियुक्त अक्षय खोडे की अग्रिम जमानत याचिका निरस्त कर दी। साइबर थाना प्रभारी और उनकी टीम को डीसीपी ने सराहा केस की विवेचना कर रहे साइबर थाना प्रभारी इंस्पेक्टर सतीश चन्द्र यादव, ने बताया कि आरोपी ने अग्रिम जमानत याचिका में अपने बचाव के लिए सुप्रीम कोर्ट के वकीलों का पैनल खड़ा किया था, लेकिन साक्ष्य इतने मजबूत थे कि आरोपी के बचाव पक्ष का तर्क टिक नहीं सका और कोर्ट ने आरोपी अक्षय खोडे की अग्रिम जमानत याचिका को खारिज कर दिया। साइबर थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी को जल्द ही अरेस्ट करके जेल भेजा जाएगा। डीसीपी श्रवण कुमार सिंह ने साइबर थाना प्रभारी और उनकी टीम को सराहा।
लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड में 15 लोगों की मौत के बाद घटनास्थल चर्चा का केंद्र बना हुआ है। घटना के चौथे दिन भी लखनऊ सहित बाराबंकी, रायबरेली और सीतापुर जैसे आसपास के जिलों से बड़ी संख्या में लोग घटनास्थल पर पहुंचे। उन्होंने हादसे पर दुख व्यक्त करते हुए प्रशासनिक लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी को त्रासदी का मुख्य कारण बताया। बाराबंकी निवासी राजू ने इस हादसे को कई परिवारों के लिए विनाशकारी बताया। उन्होंने कहा कि जिन माता-पिता ने अपने बच्चों को बेहतर भविष्य के लिए भेजा था, वे आज असहनीय पीड़ा में हैं। राजू ने आरोप लगाया कि यदि भवन नियमों के अनुरूप नहीं था और उसे पहले आपत्तियां मिली थीं, तो उसे दोबारा संचालन की अनुमति नहीं दी जानी चाहिए थी। उन्होंने जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और ऐसे मामलों में कठोर कानून बनाने की मांग की। आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही रायबरेली से आए अभिषेक ने मृतकों को श्रद्धांजलि अर्पित की और निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि इस हादसे को केवल कोचिंग संस्थानों तक सीमित करके देखना उचित नहीं है। उनके अनुसार, जिस भवन में आग लगी, वहां विभिन्न प्रकार की व्यावसायिक गतिविधियां चल रही थीं। अभिषेक ने शहर में ऐसे हजारों भवनों की ओर ध्यान दिलाया जहां आवासीय परिसरों में व्यावसायिक गतिविधियां संचालित हो रही हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि केवल एक विशेष क्षेत्र पर कार्रवाई करने के बजाय, सभी संस्थानों, कार्यालयों, रेस्टोरेंट, होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा जांच की जानी चाहिए। उचित कार्रवाई की गई होती, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था सीतापुर निवासी राम प्रसाद ने इस हादसे को अत्यंत दुखद बताया। उन्होंने कहा कि जिन युवाओं का भविष्य उज्ज्वल था, वे अब इस दुनिया में नहीं रहे। राम प्रसाद का मानना था कि यदि पहले प्रभावी निगरानी और उचित कार्रवाई की गई होती, तो शायद इस हादसे को टाला जा सकता था। उन्होंने सुझाव दिया कि भीड़भाड़ वाले बहुमंजिला भवनों में ऐसी गतिविधियों को सीमित किया जाए और छात्रों से संबंधित संस्थानों को सुरक्षित एवं खुले स्थानों पर संचालित किया जाए।
महिला से विवाद के बाद युवक की मौत:कानपुर देहात में झगड़े के बाद सिर पर हमला, दंपती हिरासत में
कानपुर देहात के रनिया थाना क्षेत्र में एक मामूली विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसके चलते एक युवक की मौत हो गई। पड़ोस में रहने वाली महिला से कहासुनी के बाद हुए झगड़े में युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। पुलिस ने मामले में आरोपी युवक नीलू और उसकी पत्नी को हिरासत में लेकर जांच शुरू कर दी है। घटना रनिया थाना क्षेत्र के खानचंद्रपुर रोड स्थित एक किराए के मकान की है। जानकारी के अनुसार, यहां रहने वाले कुलदीप का गुरुवार शाम करीब सात बजे पड़ोस में रहने वाली एक महिला से किसी बात को लेकर विवाद हो गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि विवाद के दौरान कुलदीप ने कथित रूप से महिला का हाथ पकड़ लिया था। महिला ने इसकी जानकारी अपने पति नीलू को दी। आरोप है कि गुस्से में पहुंचे नीलू ने पास में रखी एक भारी वस्तु से कुलदीप के सिर पर वार कर दिया। चोट लगते ही कुलदीप जमीन पर गिर पड़ा और उसके सिर व नाक से खून बहने लगा। घटना के बाद नीलू और अन्य लोग घायल कुलदीप को उपचार के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौत की सूचना मिलते ही रात करीब नौ बजे मृतक के परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। कुलदीप की पत्नी पूजा, जो घटना के समय अपने मायके बरौर में थी, वह भी अस्पताल पहुंची। इस दौरान परिजनों और पत्नी की ओर से अलग-अलग आरोप लगाए गए। पत्नी ने फैक्ट्री मालिक पर हत्या कराने का आरोप लगाया, जबकि कुछ लोगों ने मकान मालिक की भूमिका पर भी सवाल उठाए। हालांकि पुलिस की शुरुआती जांच में महिला से हुए विवाद के बाद मारपीट में मौत होने की बात सामने आई है। पुलिस पूरे घटनाक्रम की विभिन्न पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस अधीक्षक श्रद्धा नरेंद्र पांडे ने बताया कि दो पक्षों के बीच विवाद हुआ था, जिसमें एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया और बाद में उसकी मौत हो गई। मामले की जांच के लिए क्षेत्राधिकारी को मौके पर भेजा गया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के इंदिरा नगर स्थित सेक्टर-8 में गुरुवार को भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम को समर्पित नई अकादमी 'प्रेक्षाङ्गणम्' का शुभारंभ किया गया। इस अकादमी का संयोजन वरिष्ठ भरतनाट्यम नृत्यांगना प्रेक्षा गुप्ता ने किया है। अकादमी के उद्घाटन समारोह में प्रेक्षा गुप्ता ने स्वयं मंच पर भरतनाट्यम की पारंपरिक प्रस्तुति 'अलारिप्पु' दी। उनकी प्रस्तुति में शास्त्रीय नृत्य की बारीकियां और भाव स्पष्ट रूप से दिखाई दिए। युवा कलाकारों ने भरतनाट्यम की शानदार प्रस्तुत दी इस अवसर पर युवा प्रतिभाओं ने भी अपनी कला का प्रदर्शन किया। दक्षिता तिवारी, प्रज्ञा रंजन, विदुषी, आरना, मिस्का, भूमि, तान्या, आर्या पांडे, स्तुति श्रीवास्तव, पूर्णा मिश्रा, भव्या मिश्रा, दिविषा त्रिपाठी, अनुशिका और संजीता ने नट्टुवांगम की प्रस्तुति दी। प्रेक्षा गुप्ता ने 'प्रेक्षाङ्गणम्' के उद्देश्यों के बारे में बताया। उन्होंने कहा कि अकादमी का लक्ष्य नई पीढ़ी को भारतीय शास्त्रीय नृत्य भरतनाट्यम की विधिवत शिक्षा प्रदान करना और उन्हें भारतीय संस्कृति से जोड़ना है। यहां विद्यार्थियों को तकनीकी प्रशिक्षण के साथ-साथ नृत्य की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक समझ भी विकसित कराई जाएगी।कार्यक्रम में निशी मिश्रा सहित कई कला प्रेमी, अभिभावक और दर्शक उपस्थित रहे।
लखनऊ में आचार्य विकास वर्ग का दूसरा दिन:योग से शुरू, पंचपदी शिक्षण पद्धति पर गहन चर्चा
लखनऊ के सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज, निराला नगर में चल रहे आचार्य विकास वर्ग के द्वितीय दिवस का शुभारंभ योगाभ्यास से हुआ। वरिष्ठ आचार्य विनोद कुमार शुक्ल ने सभी प्रतिभागियों को योग का अभ्यास कराया। इसके बाद वंदना सत्र में शिक्षा और संस्कार आधारित शिक्षण पद्धति पर विस्तार से चर्चा की गई। वंदना सत्र में क्षेत्रीय सह प्रशिक्षण प्रमुख कमलेश सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान सप्तशती संगम की प्रमुख निधि द्विवेदी, संकुल प्रमुख देवेंद्र कुमार शुक्ला और संतोष सिंह सहित विभिन्न विद्यालयों के प्रधानाचार्य, आचार्य और आचार्या बहनें मौजूद रहीं। पंचपदी शिक्षण पद्धति की विस्तृत जानकारी दी मुख्य वक्ता कमलेश सिंह ने प्रोजेक्टर के माध्यम से पंचपदी शिक्षण पद्धति की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह पद्धति विद्यार्थियों को विषय की गहराई से समझ विकसित करने में सहायक है। सिंह ने शिक्षकों से कक्षा शिक्षण में इस पद्धति का प्रभावी उपयोग करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में मॉडल हाउस के प्रधानाचार्य शैलेंद्र सिंह और पूर्णकालिक शिक्षा सेवा संयोजक सुरेश मणि भी उपस्थित रहे। शैलेंद्र सिंह ने शिशु दैनंदिनी और आचार्य दैनंदिनी के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि इनके माध्यम से शिक्षण प्रक्रिया को अधिक व्यवस्थित और परिणामकारी बनाया जा सकता है। पाठ योजना तैयार करने की प्रक्रिया को प्रोजेक्टर के माध्यम से समझाया द्वितीय सत्र में सेक्टर-क्यू के अंग्रेजी आचार्य गंगाधर द्विवेदी ने पंचपदी शिक्षण पद्धति के आधार पर पाठ योजना तैयार करने की प्रक्रिया को प्रोजेक्टर के माध्यम से समझाया। उनके प्रस्तुतीकरण को प्रतिभागियों ने काफी सराहा। सायंकालीन सत्र पूरी तरह क्रियात्मक रहा। संकुल प्रमुखों के मार्गदर्शन में सभी आचार्यों ने स्वयं लेसन प्लान तैयार किए और शिक्षण की व्यावहारिक चुनौतियों पर चर्चा की। इसके बाद संतोष सिंह ने एक संवादात्मक सत्र के माध्यम से शिक्षकों के अनुभव और सुझाव साझा कराए। दिन के अंतिम सत्र में पटेल नगर की प्रधानाचार्या निरुपमा ने बोधकथा के माध्यम से शिक्षकों को मूल्यपरक शिक्षा के विभिन्न आयामों से परिचित कराया।
लखनऊ में माहेश्वरी समाज का वार्षिकोत्सव:सामाजिक एकता और सम्मान का प्रतीक बना आयोजन
लखनऊ में गुरुवार को माहेश्वरी समाज का वार्षिक उत्सव आयोजित किया गया। हजरतगंज स्थित विश्वेश्वरैया सभागार में हुए इस कार्यक्रम को सामाजिक एकता, सम्मान और उत्साह के प्रतीक के रूप में देखा गया। समारोह की शुरुआत 'जय महेश' के जयघोष और महेश वंदना के साथ हुई। इसमें प्रदेश और देश के विभिन्न हिस्सों से आए समाज के पदाधिकारियों, गणमान्य अतिथियों और सदस्यों ने भाग लिया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अखिल भारतवर्षीय माहेश्वरी महासभा के राष्ट्रीय सभापति संदीप काबरा और राष्ट्रीय महामंत्री अजय काबरा थे। समाज के अध्यक्ष गोविंद भुराड़िया ने अतिथियों का स्वागत किया और संगठन की गतिविधियों व उपलब्धियों की जानकारी दी। उपाध्यक्ष निखिल बल्दुआ ने वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की, जबकि संचालन मंत्री विनम्र माहेश्वरी ने किया। मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया समारोह में समाज के 75 वर्ष या उससे अधिक आयु के वरिष्ठ सदस्यों को सम्मानित किया गया। यह एक प्रेरणादायी क्षण था। मधु महेश्वरी, माया महेश्वरी, कांता देवी बल्दुआ, रेनू सोमानी, राजमती दरगड़, अंजनी गट्टानी, जितेंद्र बल्दुआ, महेश प्रसाद चांडक और एम.पी. सोमानी को शॉल व स्मृति चिन्ह प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस दौरान सभागार तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा। इसी अवसर पर शिक्षा और अन्य क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धियां हासिल करने वाले मेधावी छात्र-छात्राओं को भी सम्मानित किया गया। दिव्यांशु माहेश्वरी, देवांश महेश्वरी, गिनिशा जाजू, अदिति माहेश्वरी, राघव जाजू और देवयानी माहेश्वरी को ट्रॉफी प्रदान की गई। मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं इसके अतिरिक्त, समाज के प्रतिभाशाली सदस्यों को भी विशेष सम्मान से नवाजा गया। डॉ. राजीव महेश्वरी, नित्य महेश्वरी, आईएएस राकेश मालपानी, अंकित सोमानी और डॉ. तनु महेश्वरी को उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में प्रश्न मंच, लकी ड्रा और अन्य मनोरंजक गतिविधियां भी आयोजित की गईं, जिन्होंने समारोह को यादगार बनाया।
आगरा के थाना एत्माद्दौला पुलिस ने सबमर्सिबल बनाने वाली फैक्ट्री में हुई चोरी का 15 घंटे में खुलासा कर दिया। पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से लाखों रुपये का चोरी गया माल, एक तमंचा .315 बोर व कारतूस भी बरामद किया है। डीसीपी ने बताया कि 24 जून को वादी ने सूचना दी थी कि 18 जून को उसकी फैक्ट्री का ताला तोड़कर अज्ञात चोरों ने सबमर्सिबल से जुड़ा सामान चोरी कर लिया। इस पर थाना एत्माद्दौला में मुकदमा दर्ज किया गया। घटना के खुलासे के लिए पुलिस टीम गठित की गई। 25 जून को मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने दबिश देकर 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उन्होंने कटरा बजीर खां क्षेत्र में एक फैक्ट्री को निशाना बनाकर चोरी की थी और सामान को ऑटो में लादकर ले गए थे। मुख्य आरोपी महेंद्र कुशवाह और अन्य आरोपियों के खिलाफ पहले भी कई मुकदमे दर्ज हैं, जिनमें चोरी, गैंग से जुड़े अपराध और अन्य धाराएं शामिल हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार ये सभी क्षेत्र में सक्रिय शातिर अपराधी हैं। पुलिस ने सभी आरोपियों को जेल भेज दिया है और गिरोह के अन्य सदस्यों व चोरी के नेटवर्क की जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि जिले में अपराधियों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। गिरफ्तार आरोपीमहेंद्र पुत्र कैलाशी उर्फ छुल्ली, निवासी सीताराम नगर आगरासुमित दिवाकर निवासी थाना न्यू आगरा।जतिन उर्फ जुग्गू पुत्र मुकेश कुशवाह, निवासी कटरा बजीर खां, आगरादीपक प्रजापति पुत्र होतिलाल, निवासी कटरा बजीर खां,आगराईशान उर्फ बाबा पुत्र चांद बाबा उर्फ चांद खां, निवासी कटरा बजिर खां, थाना एतमादौला, आगरा ये सामान हुआ बरामद03 सबमर्सिबल पम्पसेट18 सबमर्सिबल मोटर10 मोनोब्लॉक03 कंट्रोल पैनल12 समर सिविल कैप01 ऑटो (घटना में प्रयुक्त)01 मोटरसाइकिल01 तमंचा .315 बोर01 कारतूस .315 बोर
बलिया के करीहरा में श्रीराम कथा:राजन जी महाराज ने भगवान राम की बाल लीला का वर्णन किया
बलिया के करीहरा, बेरुआरबारी स्थित बाबा अमरनाथ एवं बाबा भगवान दास मंदिर परिसर में नौ दिवसीय संगीतमय राम कथा का आयोजन किया जा रहा है। गुरुवार देर शाम कथा के चौथे दिन अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक राजन जी महाराज ने भगवान राम के जन्म और बाल लीलाओं का भावपूर्ण वर्णन किया। राजन जी महाराज ने भगवान राम की सरलता, विनम्रता, आज्ञाकारिता और मधुर स्वभाव का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि उनके आदर्श आज भी समाज को सही मार्ग दिखाते हैं। कथा के दौरान पूरा पंडाल 'जय श्रीराम' के उद्घोष से गूंज उठा और श्रद्धालु भक्ति भाव से कथा का श्रवण करते रहे। कथा के चौथे दिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे। सभी ने पूरे ध्यान से कथा का श्रवण किया और कथा के बीच होने वाले भजनों पर झूमते रहे। प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु रामकथा सुनने पहुंच रहे हैं। आयोजन समिति के सदस्य श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए तत्पर रहे। पंडाल में गर्मी से बचाव के लिए पर्याप्त संख्या में कूलर, पंखे और पेय पदार्थों की व्यवस्था की गई है। इस अवसर पर मुख्य रूप से आयोजक बाबा अमरनाथ सेवा समिति के व्यवस्थापक राकेश सिंह, संयोजक एवं विधायक केतकी सिंह, शांत स्वरूप सिंह, विश्राम सिंह, भाजपा के पूर्व जिला अध्यक्ष जयप्रकाश साहू, पूर्व विधायक शिवशंकर चौहान, जिला पंचायत सदस्य अनीता साहनी, पूज्य सिया दास जी महाराज, बम बम बाबा, मधु जायसवाल, राकेश महाजन, राजेश दुबे, अध्यक्ष हरिद्वार सिंह, पंडित चैतन्य जी महाराज, रजनीश सिंह, प्रशांत सिंह, गामा सिंह, सेलू सिंह, अनिल सिंह, शैलेंद्र जी, दीपक सिंह, महावीर सिंह सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम के सफल आयोजन में पुलिस प्रशासन का सहयोग भी सराहनीय रहा। देखें रामकथा की फोटो…
श्रावस्ती में 9 मोहर्रम का ऐतिहासिक जुलूस पूरी अकीदत के साथ बृहस्पतिवार रात्रि निकाला गया। कर्बला के शहीदों की याद में चारों ओर 'या हुसैन' की सदाएं गूंजती रहीं। हुसैनिया इमामबाड़े से अंजुमन हुसैनिया द्वारा निकाले गए इस जुलूस में इमाम हुसैन की सवारी 'दुलदुल' के दीदार के लिए हजारों अकीदतमंद उमड़ पड़े। जुलूस से पहले एक मजलिस का आयोजन किया गया। इसमें मौलाना रईस अब्बास ने कर्बला के वाकये पर प्रकाश डाला। उन्होंने इमाम हुसैन और उनके परिवार पर हुए जुल्मों का जिक्र किया। मौलाना ने बताया कि इमाम हुसैन हक और सच्चाई के लिए अंतिम दम तक डटे रहे और जालिम यजीद के सामने झुकने से इनकार कर दिया। मजलिस के बाद इमाम हुसैन की सवारी 'दुलदुल' के साथ मुख्य जुलूस अपने निर्धारित मार्गों से होता हुआ वापस हुसैनिया इमामबाड़े पहुंचा। इस दौरान अंजुमन हुसैन नासिरगंज के अकीदतमंदों ने नौहाख्वानी और सीनाज़नी कर कर्बला के शहीदों को श्रद्धांजलि अर्पित की। जुलूस के समापन पर इमामबाड़े में 'आग का मातम' किया जायेगा। दहकते अंगारों पर 'या हुसैन' की गूंज के साथ मातम कर अकीदतमंद हक और इंसाफ के रास्ते पर चलने का संदेश देंगे। पूरा जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने प्राविधिक शिक्षा विभाग के अंतर्गत व्याख्याता (लेक्चरर) के 59 पदों पर भर्ती का अंतिम परिणाम घोषित कर दिया है। यह परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट http://uppsc.up.nic.in पर देखा जा सकता है। आयोग द्वारा जारी विज्ञप्ति के अनुसार, विज्ञापन संख्या ए-7/ई-1/2021 के माध्यम से व्याख्याता फार्मेसी के 22 पदों, व्याख्याता टेक्सटाइल टेक्नोलॉजी के 36 पदों और व्याख्याता आर्किटेक्चर के 01 पद के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई थी। इन कुल 59 पदों के लिए साक्षात्कार 4, 5 और 6 मई 2026 को किए गए थे। इन साक्षात्कारों के आधार पर 59 अभ्यर्थियों को अंतिम रूप से सफल घोषित किया गया है। आयोग ने स्पष्ट किया है कि परिणाम में जिन अभ्यर्थियों के नाम के आगे 'प्रोविजनल' शब्द अंकित है, उन्हें निर्धारित समयावधि के भीतर अपने वांछित अभिलेख प्रस्तुत करने होंगे। यह चयन परिणाम माननीय उच्च न्यायालय में योजित विशेष अपील संख्या-475 (डी)/2019 में आने वाले अंतिम निर्णय के अधीन रहेगा। आयोग ने यह भी सूचित किया है कि परीक्षा परिणाम से संबंधित प्राप्तांक और कट-ऑफ अंक की जानकारी शीघ्र ही वेबसाइट पर जारी कर दी जाएगी, जिसके चलते सूचना का अधिकार अधिनियम 2005 के तहत इस संबंध में अलग से कोई प्रार्थना पत्र स्वीकार नहीं किया जाएगा।
प्रयागराज के यमुनापार क्षेत्र में आधुनिक शिक्षा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। करछना विकासखंड के डीहा गांव में मुख्यमंत्री कंपोजिट मॉडल स्कूल के निर्माण कार्य का विधिवत भूमि पूजन संपन्न हुआ। करछना विधायक पियूष रंजन निषाद ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच निर्माण कार्य का शुभारंभ किया। इस अवसर पर बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) अनिल कुमार, शिक्षा विभाग के अधिकारी, जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में क्षेत्रीय ग्रामीण उपस्थित रहे। वक्ताओं ने कहा कि यह विद्यालय क्षेत्र की शिक्षा व्यवस्था को नई दिशा देगा और ग्रामीण विद्यार्थियों को शहरों जैसी आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं मिलेंगी। मुख्यमंत्री कंपोजिट मॉडल स्कूल की स्थापना करछना विधायक पियूष रंजन निषाद की पहल पर की जा रही है। विधायक ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से मुलाकात कर करछना क्षेत्र में एक आधुनिक विद्यालय खोलने की मांग की थी, जिसे स्वीकार करते हुए शासन ने निर्माण की स्वीकृति प्रदान की। बीएसए अनिल कुमार ने बताया कि विद्यालय के निर्माण के लिए शासन द्वारा लगभग 26 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत किया गया है। निर्माण कार्य को अगले 18 माह में पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है, जिसके बाद विद्यालय भवन तैयार हो जाएगा। यह मुख्यमंत्री कंपोजिट मॉडल स्कूल अत्याधुनिक सुविधाओं से युक्त होगा। यहां प्री-प्राइमरी से लेकर कक्षा 12वीं तक के विद्यार्थियों को शिक्षा प्रदान की जाएगी। विद्यालय में हिंदी और अंग्रेजी दोनों माध्यमों में पढ़ाई की व्यवस्था होगी। क्षेत्रीय लोगों ने विद्यालय निर्माण का स्वागत किया है। उनका मानना है कि इसके शुरू होने से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा और उन्हें उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा। ग्रामीणों ने इसे करछना क्षेत्र के शैक्षिक विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल बताया।
संभल में देश में 25 जून 1975 को लगी इमरजेंसी के 51 वर्ष पूरे होने पर हिंदू जागृति मंच ने एक कार्यक्रम का आयोजन किया। गुरुवार शाम 6:30 बजे संभल कोतवाली कस्बा क्षेत्र के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित लोकतंत्र रक्षक सेनानी परीक्षित मोंगिया के आवास पर यह कार्यक्रम हुआ। इसमें लोकतंत्र सेनानियों का अभिनंदन किया गया। इस अवसर पर हिंदू जागृति मंच के प्रदेश अध्यक्ष अजय कुमार शर्मा ने कहा कि 25 जून 1975 की आधी रात को भारतीय लोकतंत्र का गला घोंटा गया था। उन्होंने बताया कि इस दौरान एक लाख से अधिक देशभक्तों को जेल में डाला गया। लोकनायक जयप्रकाश नारायण, पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी और लालकृष्ण आडवाणी जैसे राष्ट्रीय नेताओं को कड़ी निगरानी में रखा गया था। प्रेस पर सेंसरशिप लगा दी गई थी और नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए थे। उन्होंने इमरजेंसी के 21 महीने के दौर को भारत माता के मस्तक पर लगा 'कलंक का काला तिलक' बताया। लोकतंत्र रक्षक सेनानी चौधरी महिपाल सिंह ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र का सबसे काला दिन और दौर करार दिया। उन्होंने जेल की सलाखों के पीछे बिताए दिनों को याद करते हुए कहा कि उन यादों से आज भी रोम-रोम सिहर उठता है। एक अन्य लोकतंत्र रक्षक सेनानी परीक्षित मोंगिया ने आपातकाल के दौरान चलाए गए जबरन नसबंदी अभियान का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इस अभियान ने लोकतंत्र की सांसें रोक दी थीं। परीक्षित मोंगिया ने बताया कि जब 25 जून 1975 को पूरा देश सो रहा था, उसी रात दिल्ली में भारतीय लोकतंत्र का गला घोंटा जा रहा था। वरिष्ठ सदस्य सुभाष चंद्र शर्मा ने इमरजेंसी को भारतीय लोकतंत्र के लिए 'अपराध और पाप' के समान बताया। कार्यक्रम में हिंदू जागृति मंच के सदस्यों ने लोकतंत्र की रक्षा के लिए संघर्ष करने वाले चौधरी महिपाल सिंह और परीक्षित कुमार मोंगिया को तिरंगा पटका पहनाकर और माल्यार्पण कर सम्मानित किया। इस अवसर पर सुभाष चंद्र मोंगिया और उमेश श्रीमाली भी उपस्थित रहे।
हिंदी भाषा को नई पीढ़ी की अभिव्यक्ति, रचनात्मकता और ज्ञान की सशक्त भाषा के रूप में स्थापित करने के उद्देश्य से ‘हिंदी हृदयोत्सव 2026’ के अंतर्गत राष्ट्रीय हिंदी शब्द शक्ति प्रतियोगिता की शुरुआत की गई है। इस अभियान का उद्देश्य केवल प्रतियोगिता आयोजित करना नहीं, बल्कि देशभर के विद्यार्थियों, युवाओं, शिक्षकों और स्वतंत्र लेखकों को एक साझा राष्ट्रीय मंच उपलब्ध कराना है, जहां वे अपनी लेखन क्षमता, अभिव्यक्ति और रचनात्मक सोच का प्रदर्शन कर सकें। आयोजक अमन भारद्वाज ने बताया - आज के समय में केवल अच्छे अंक प्राप्त करना ही पर्याप्त नहीं है, बल्कि अपने विचारों को प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत करना भी उतना ही महत्वपूर्ण है। इसी सोच के साथ इस प्रतियोगिता की शुरुआत की गई है, ताकि भाषा के माध्यम से युवाओं के व्यक्तित्व, आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता का विकास हो सके। प्रतियोगिता का आयोजन चरणबद्ध तरीके से किया जाएगा। पहले चरण में विद्यालय स्तर पर कक्षा 6 से 12 तक के विद्यार्थियों के लिए ऑफलाइन लिखित प्रतियोगिता आयोजित होगी। प्रत्येक विद्यालय से श्रेष्ठ 10 प्रतिभागियों का चयन किया जाएगा, जिनकी रचनाएं राष्ट्रीय स्तर पर मूल्यांकन के लिए भेजी जाएंगी। विद्यालय स्तर पर प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को क्रमशः ₹2,100, ₹1,100 और ₹551 की पुरस्कार राशि दी जाएगी। साथ ही सभी प्रतिभागियों को मेडल और सहभागिता प्रमाण-पत्र प्रदान किए जाएंगे। राष्ट्रीय स्तर पर विजेताओं के लिए भी आकर्षक पुरस्कार निर्धारित किए गए हैं। प्रथम पुरस्कार ₹1,11,111, द्वितीय ₹51,551 तथा तृतीय ₹31,331 रखा गया है। इसके अलावा चौथे स्थान पर टैबलेट, पांचवें स्थान पर साइकिल तथा छठी से दसवीं रैंक तक ₹2,100 और ग्यारहवीं से पचासवीं रैंक तक ₹551 की प्रोत्साहन राशि दी जाएगी। शीर्ष 200 प्रतिभागियों को विशेष उपहार, मेडल और प्रशस्ति-पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। प्रतियोगिता केवल विद्यालयों तक सीमित नहीं रहेगी। महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों और स्वतंत्र लेखकों के लिए भी अलग-अलग श्रेणियां निर्धारित की गई हैं। कविता, कहानी, लेख, डायरी, विचार, पटकथा, संवाद और धारावाहिक लेखन जैसी विभिन्न साहित्यिक विधाओं में प्रतिभागी अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर सकेंगे। इसके साथ ही प्रतिभागियों को भविष्य कौशल विकास, व्यावसायिक मार्गदर्शन, अनुभवी साहित्यकारों के प्रशिक्षण तथा “लेखक कैसे बनें” जैसी प्रेरक ई-पुस्तक का लाभ भी मिलेगा। प्रतियोगिता के लिए पंजीकरण ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से किया जा सकेगा। आयोजकों ने देशभर के विद्यालयों, महाविद्यालयों, शिक्षकों, अभिभावकों और हिंदी प्रेमियों से इस अभियान में जुड़कर युवा प्रतिभाओं को आगे बढ़ाने की अपील की है।
मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय (CCSU) ने एक छात्रा के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए उसकी एलएलबी की उपाधि निरस्त कर दी है। विश्वविद्यालय की कार्य परिषद ने जांच समिति की रिपोर्ट के आधार पर यह फैसला लिया। जांच में सामने आया कि छात्रा ने बीएड की पढ़ाई के दौरान ही एलएलबी पाठ्यक्रम में प्रवेश ले लिया था, जो विश्वविद्यालय और बार काउंसिल ऑफ इंडिया (BCI) के नियमों का उल्लंघन माना गया। यह निर्णय 8 जून 2026 को आयोजित कार्य परिषद की बैठक में लिया गया। विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार छात्रा पिंकी के खिलाफ शिकायत प्राप्त हुई थी कि वह एक ही समय में दो नियमित पाठ्यक्रमों में अध्ययन कर रही थीं। मामले की जांच के लिए गठित समिति ने रिकॉर्ड की समीक्षा के बाद शिकायत को सही पाया और कार्रवाई की संस्तुति की। जांच में सही मिली शिकायत कार्यालय ज्ञापन के अनुसार जांच समिति ने पाया कि छात्रा बीएड में अध्ययनरत रहते हुए एलएलबी पाठ्यक्रम में भी नामांकित थीं। समिति ने इसे विश्वविद्यालय और बीसीआई के नियमों के विपरीत माना। रिपोर्ट में कहा गया कि एक साथ दोनों नियमित पाठ्यक्रमों में अध्ययन करना अनुमन्य नहीं है, इसलिए बाद में प्राप्त की गई एलएलबी उपाधि को निरस्त किया जाना चाहिए। कार्य परिषद ने निरस्त की एलएलबी डिग्री जांच समिति की संस्तुति को स्वीकार करते हुए कार्य परिषद ने छात्रा के अनुक्रमांक RK200836153111 से संबंधित एलएलबी उपाधि निरस्त करने का निर्णय लिया। वहीं अनुक्रमांक E2007310105 से संबंधित बीएड उपाधि को वैध माना गया और उसे बरकरार रखा गया है। भविष्य के लिए सख्त संदेश विश्वविद्यालय प्रशासन का कहना है कि शैक्षणिक नियमों का उल्लंघन किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक यह कार्रवाई भविष्य में ऐसे मामलों पर सख्त रुख का संकेत है। माना जा रहा है कि विश्वविद्यालय अब दोहरे नामांकन और नियम विरुद्ध प्रवेश के मामलों पर विशेष निगरानी रखेगा, ताकि शैक्षणिक व्यवस्था की पारदर्शिता और वैधता बनी रहे।
मेयर पुष्यमित्र भार्गव की अध्यक्षता में आयोजित मेयर इन काउंसिल (एमआईसी) की वर्चुअल बैठक में धोबी घाट पर प्रस्तावित मेले की अनुमति निरस्त करने का निर्णय लिया गया। परिषद ने स्पष्ट किया कि स्थल पर केवल धार्मिक परंपरा के तहत ताजिए ठंडे करने की अनुमति रहेगी। मेयर ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से यह जानकारी सामने आई थी कि ताजिए ठंडे करने के साथ मेले के आयोजन की भी अनुमति दी गई है। इसके बाद मामले की समीक्षा के लिए विशेष बैठक बुलाई गई। बैठक में पिछले वर्ष के आयोजन की स्थिति पर चर्चा की गई। समीक्षा में सामने आया कि आयोजकों द्वारा अनुमति की कई शर्तों का पालन नहीं किया गया था। साथ ही मेले से संबंधित निर्धारित शुल्क भी नगर निगम में जमा नहीं कराया गया था। इन तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मेयर इन काउंसिल ने मेले की अनुमति तत्काल प्रभाव से निरस्त करने का फैसला लिया। परिषद ने दोहराया कि धोबी घाट पर केवल ताजिए ठंडे करने की धार्मिक परंपरा जारी रहेगी और किसी प्रकार के मेले के आयोजन की अनुमति नहीं होगी।
बेगूसराय में नदी में डूबे दो किशोर:नहाने के दौरान हुई मौत, तीन घंटे बाद मिले शव
बेगूसराय सदर के वनद्वारा पत्थर घाट पर गुरुवार को नहाने के दौरान दो किशोर नदी के गहरे पानी में डूब गए। इस घटना में उनकी मौत हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, स्नान करते समय उनका पैर फिसल गया और वे गहरे पानी में चले गए, जिसके बाद वे लापता हो गए। घटना की सूचना मिलते ही घाट पर भारी भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल खोजबीन शुरू की, लेकिन सफलता नहीं मिली। इसके बाद गोताखोरों को बुलाया गया। करीब तीन घंटे तक चले सघन सर्च अभियान के बाद गोताखोर श्याम सहनी, राम सहनी और रामचंद्र मुखिया ने दोनों किशोरों के शव नदी से बाहर निकाले। मृतकों की पहचान तेघड़ा थाना क्षेत्र के गौरा निवासी दिलीप रजक के 17 वर्षीय पुत्र दीपक कुमार और नीमा-चांदपुरा थाना क्षेत्र के अझौर वार्ड-8 निवासी मोहम्मद सौकत के 13 वर्षीय पुत्र मोहम्मद समसाद के रूप में हुई है। सूचना मिलने पर नीमा-चांदपुरा थाना प्रभारी विवेक कुमार, एएसआई सौरव कुमार और अन्य पुलिसकर्मी घटनास्थल पर पहुंचे। पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बेगूसराय सदर अस्पताल भेज दिया।
बदायूं में गंगा में डूबकर दो युवकों की मौत:एकादशी पर स्नान को गए थे 4 दोस्त, दो को बचाया गया
बदायूं में एकादशी के पर्व पर गंगा स्नान करने गए चार दोस्तों में से दो की डूबने से मौत हो गई। दो अन्य दोस्तों को ग्रामीणों ने सकुशल बचा लिया। यह घटना गुरुवार शाम उझानी कोतवाली क्षेत्र के चंदनपुर गांव के पास गंगा घाट पर हुई। मुजरिया थाना क्षेत्र के बगुला नगला गांव निवासी नन्हें (20) पुत्र दाताराम और विवेक (22) पुत्र लीलाधर की डूबने से जान चली गई। उनके साथ शंकर (19) और ज्ञानसिंह भी थे, जिन्हें ग्रामीणों ने डूबते हुए बचा लिया। ये चारों युवक हरियाणा के रेवाड़ी में एक फैक्ट्री में काम करते थे और छुट्टी पर अपने गांव आए हुए थे। स्नान के दौरान चारों दोस्त गहरे पानी में जाने लगे और डूबने लगे। शोर सुनकर आसपास मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत बचाव कार्य शुरू किया और शंकर व ज्ञानसिंह को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। हालांकि, नन्हें और विवेक गहरे पानी में समा गए। ग्रामीणों ने अपने स्तर पर काफी मशक्कत के बाद पहले नन्हें का शव बरामद किया और फिर विवेक का शव भी नदी से निकाल लिया। ग्रामीणों का आरोप है कि घटना की सूचना दिए जाने के बावजूद प्रशासनिक और पुलिस अधिकारी मौके पर समय पर नहीं पहुंचे, जिससे लोगों में सिस्टम के प्रति आक्रोश है। उझानी के एसएचओ प्रवीण कुमार ने बताया कि दोनों युवकों के शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। गंगा घाट पर देर रात तक ग्रामीणों की भीड़ जुटी रही।
पाली शहर में गुरुवार रात नवलखा रोड पर भीड़ के बीच खड़े एक युवक को गोली लग गई। गोली उसकी जांघ में जाकर फंस गई, जबकि प्राइवेट पार्ट पर भी चोट आई है। घायल युवक को उपचार के लिए बांगड़ हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया है, जहां डॉक्टरों की टीम ऑपरेशन कर गोली निकालने की तैयारी में जुटी है। दर्द होने पर हुआ घटना का पता जानकारी के अनुसार इंद्रा कॉलोनी निवासी नदीम (21) पुत्र शौकत अली गुरुवार रात नवलखा रोड पर खड़ा था। इसी दौरान उसे अचानक तेज दर्द महसूस हुआ। दर्द बढ़ने पर वह भीड़ से निकलकर कुछ दूर गया और पैंट खोलकर देखा तो खून बह रहा था। इसके बाद उसने अपने एक दोस्त को फोन किया, जो उसे तत्काल बांगड़ हॉस्पिटल लेकर पहुंचा। एक्स-रे में जांघ में फंसी मिली गोली अस्पताल में किए गए एक्स-रे में उसकी जांघ की हड्डी में गोली फंसी हुई नजर आई। चिकित्सकों के अनुसार ऑपरेशन के जरिए गोली निकाली जाएगी। घटना में युवक के प्राइवेट पार्ट पर भी चोट आई है। सूचना मिलने पर सीओ सिटी मंगलेश चुण्डावत और कोतवाली थाना प्रभारी रवींद्र खींची पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर मामले की जांच शुरू कर दी है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि गोली कहां से चली और किन परिस्थितियों में युवक को लगी। Xray में जांघ में फंसी नजर आई गोली घायल की जांघ की हड्डी में फंसी गोली नजर आई। जांघ की हड्डी में करीब 9 सेंटीमीटर तक गोली अंदर घुस गई।
कांग्रेस नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा- मेरा राजस्थान सरकार को सुझाव है कि वह हाईकोर्ट में 1 जुलाई से पहले रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दायर करे और एक हलफनामा देकर कोर्ट को आश्वस्त करे कि किसानों की फसलों के लिए पानी की जरूरत नवंबर माह में होगी और राज्य सरकार आपके आदेश का पालन करेगी। वर्तमान परिस्थितियों में किसानों को नहर के पानी की जरूरत अक्टूबर-नवंबर तक होगी और तब तक मानसून आने से बारिश के मौसम में पानी की उपलब्धता हो जाएगी। कांग्रेस नेता हिम्मत सिंह गुर्जर ने कही ये बड़ी बातें- 1. किसान हित और आपसी संवाद ही एकमात्र रास्ता: हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा- मैं एक किसान नेता हूं और सामाजिक सौहार्द व किसान हित को सर्वोपरि रखता हूँ। पूर्वी राजस्थान के दीर्घकालिक विकास के दृष्टिकोण से राजनीतिक नेताओं का व्यक्तिगत अहम् और राजनीतिक महत्वाकांक्षा किसानों की भलाई से बड़ी नहीं होनी चाहिए, क्योंकि ऐसी परिस्थितियां समाधान के बजाय टकराव पैदा करती हैं। किसान भाइयों को पानी की जरूरत अभी अक्टूबर-नवंबर में होगी, कमांड एरिया और लिफ्ट एरिया को भी तभी पानी की आवश्यकता होगी। इसलिए सरकार को लिफ्ट निर्माण का काम तेजी से पूरा करना चाहिए और तब तक दोनों समुदायों को आपस में संवाद करके आंदोलन को आगे बढ़ाना चाहिए। अगर तब भी सरकार नहीं मानती है, तो दोनों किसान कौमों को मिलकर रेल रोकने या किसी अन्य बड़े आंदोलन का निर्णय आपसी सहमति से लेना चाहिए। हमें संवाद और एकता के साथ अपनी लड़ाई लड़नी चाहिए ताकि हमारी आने वाली पीढ़ी को एक सौहार्दपूर्ण, आर्थिक और राजनीतिक रूप से मजबूत पूर्वी राजस्थान मिल सके। 2. आंदोलन की आड़ में राजनीतिक रोटियां सेकने वालों से सावधान: हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा- मुझे पांचना बांध के पानी के मुद्दे पर नेतृत्व कर रहे आंदोलनकारियों के बीच विभिन्न प्रकार की व्यक्तिगत महत्वाकांक्षाओं वाले लोग दिखाई दे रहे हैं। कुछ लोग ऐसे हैं जो बड़े राजनीतिक नेताओं और पार्टियों के इशारों पर पांचना के पानी के मुद्दे पर शह-मात का खेल खेल रहे हैं, एक-दूसरे को नीचा दिखाने में लगे हुए हैं और पानी जैसे गंभीर व संवेदनशील मुद्दे को राजनीतिक प्रतिस्पर्धा का माध्यम बना रहे हैं। वहीं, कुछ लोग इस आंदोलन के जरिए अपनी राजनीतिक पहचान और भविष्य की संभावनाएं तलाश रहे हैं, यानी वे इस जन-आंदोलन को अपने राजनीतिक भविष्य के लिए एक लॉन्चिंग पैड के रूप में देख रहे हैं, जो कि बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। 3. टकराव नहीं, भाईचारे से बचेगा पूर्वी राजस्थान का भविष्य: हिम्मत सिंह गुर्जर ने कहा- व्यक्तिगत रूप से मैं पूर्वी राजस्थान की दो बड़ी किसान कौमों (गुर्जर और मीणा) के बीच इस प्रकार के किसी भी टकराव का समर्थक नहीं हूँ। पूर्वी राजस्थान पहले भी अविश्वास और संघर्ष के एक काले दौर को झेल चुका है। अब यहां का नागरिक फिर से उस दौर में वापस नहीं जाना चाहेगा, जहाँ डर के माहौल ने पूर्वी राजस्थान की फिजाओं में अपनी जगह बना ली थी। हमें यह कड़वा सच समझना होगा कि इस प्रकार के विवादों और टकरावों में अंतिम लाभ हमेशा किसी व्यक्ति विशेष का होता है, लेकिन इसका भारी नुकसान पूरे समुदाय को उठाना पड़ता है। इसलिए आपसी भाईचारा और सौहार्द ही हमारा एकमात्र विकल्प होना चाहिए।
प्रभारी मंत्री जमा खान अलीनगर पाली पहुंचे:मोहर्रम की नौवीं पर शमा रौशन कर अमन-शांति की दुआ मांगी
मोहर्रम की नौवीं तारीख पर बिहार सरकार के मंत्री और जहानाबाद के प्रभारी मंत्री जमा खान गुरुवार को अलीनगर पाली स्थित इमामबाड़े पहुंचे। उन्होंने शमा रौशन कर प्रदेश और देश में अमन, शांति तथा खुशहाली की दुआ मांगी। मोहर्रम के अवसर पर अलीनगर पाली में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों और गणमान्य लोगों की लगातार आवाजाही बनी हुई है। इससे पहले मोहर्रम की सातवीं तारीख को बिहार सरकार के मंत्री अशोक चौधरी भी अलीनगर पाली पहुंचकर शमा रौशन कर चुके थे। नौवीं तारीख के कार्यक्रम में मंत्री जमा खान के साथ सैयद सलमान हुसैन, अलमदार हुसैन, मुशर्रफ इमाम पालवी, हैदर काजमी, अकील काजमी, मजहर इमाम, जदयू जिलाध्यक्ष प्रोफेसर सुशील कुमार सिंह और मेराज अहमद सुड्डू सहित बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौजूद रहे। इस अवसर पर मंत्री जमा खान ने कहा कि अलीनगर पाली में मोहर्रम का वास्तविक स्वरूप और उसकी समृद्ध परंपरा देखने को मिलती है। उन्होंने बताया कि हजरत इमाम हुसैन की याद में व्यक्त की जाने वाली श्रद्धा, आस्था और गम इंसानियत, त्याग और बलिदान का संदेश देता है। मंत्री ने क्षेत्र में कायम धार्मिक सौहार्द और भाईचारे की परंपरा की सराहना की। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन सामाजिक एकता को मजबूत करने का कार्य करते हैं। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों ने देश की तरक्की, आपसी सद्भाव, शांति और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगीं। अलीनगर पाली का मोहर्रम हर वर्ष अपनी विशिष्ट धार्मिक परंपराओं, अनुशासित आयोजन और बड़ी जनभागीदारी के लिए जाना जाता है। यहां दूर-दराज के क्षेत्रों से भी बड़ी संख्या में लोग पहुंचकर मोहर्रम की रस्मों में शामिल होते हैं।
छत्तीसगढ़ में समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने की दिशा में साय सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। राज्य सरकार ने यूसीसी के अध्ययन, सुझाव और प्रारूप तैयार करने के लिए एक उच्चस्तरीय समिति का गठन किया है। सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार 25 जून को इसका आदेश जारी कर दिया। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने भी सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर इसकी जानकारी साझा की। अब पढ़ें आदेश में क्या लिखा है जारी आदेश के अनुसार समिति की अध्यक्षता सुप्रीम कोर्ट की पूर्व न्यायाधीश न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई करेंगी। समिति में शत्रुघ्न सिंह, एम.के. राउत और मोहन पवार को सदस्य बनाया गया है, जबकि ज्योति रानी सिंह महिला सदस्य के रूप में शामिल होंगी। विवाह, तलाक और उत्तराधिकार कानूनों का करेगी अध्ययन समिति का मुख्य कार्य राज्य में समान नागरिक संहिता लागू करने की संभावनाओं का अध्ययन करना होगा। इसके तहत विवाह, तलाक, भरण-पोषण, उत्तराधिकार, दत्तक ग्रहण और अन्य नागरिक मामलों से जुड़े मौजूदा कानूनों की समीक्षा की जाएगी। साथ ही सभी समुदायों और वर्गों के हितों को ध्यान में रखते हुए सुझाव तैयार किए जाएंगे। जनता और विशेषज्ञों से लिए जाएंगे सुझाव सरकार ने समिति को नागरिकों, सामाजिक संगठनों, विधि विशेषज्ञों और अन्य हितधारकों से सुझाव लेने की जिम्मेदारी भी सौंपी है। इसके अलावा उन राज्यों की व्यवस्थाओं का अध्ययन किया जाएगा, जहां समान नागरिक संहिता लागू है या इस दिशा में पहल की गई है। रिपोर्ट के आधार पर आगे बढ़ेगी सरकार समिति समान नागरिक संहिता का प्रारूप तैयार कर राज्य शासन को सौंपेगी। साथ ही आवश्यक विधायी और प्रशासनिक अनुशंसाएं भी देगी। मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने कहा कि सरकार व्यापक अध्ययन और सभी पक्षों से विचार-विमर्श के बाद आगे की प्रक्रिया तय करेगी। राजनीतिक और प्रशासनिक हलकों में इस पहल को महत्वपूर्ण माना जा रहा है। माना जा रहा है कि छत्तीसगढ़ उन राज्यों की श्रेणी में शामिल हो सकता है, जहां यूसीसी लागू करने की दिशा में ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। पढ़ें आदेश की कॉपी सभी धर्मों के पर्सनल लॉ समाप्त होंगे यूसीसी लागू होने के बाद प्रदेश में रहने वाले सभी नागरिकों के लिए एक समान नागरिक कानून होगा। चाहे वे किसी भी धर्म, जाति और समुदाय से संबंध रखते हों। अभी प्रदेश में विभिन्न धर्मों के लोग शादी, तलाक, संपत्ति के उत्तराधिकार, गोद लेने और रख-रखाव जैसे व्यक्तिगत मामलों में अपने-अपने धार्मिक अथवा पर्सनल लॉ को फॉलो करते हैं। यूसीसी लागू होने के बाद ये सभी कानून समाप्त हो जाएंगे। सरकार ने कहा- इसका मुख्य उद्देश्य अलग-अलग पर्सनल लॉ में महिलाओं के साथ होने वाले भेदभाव को समाप्त कर उन्हें पुरुषों के बराबर अधिकार दिलाना है। अब तक उत्तराखंड सहित तीन राज्यों में लागू देश में उत्तराखंड पहला ऐसा राज्य है, जिसने सबसे पहले समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लागू किया है। वहीं गुजरात ने मार्च 2026 और असम ने मई 2026 में समान नागरिक संहिता विधेयक को पारित किया है। वहीं देश में गोवा अकेला ऐसा राज्य है, जहां आजादी के समय से ही यूसीसी लागू है। जिसे गोवा सिविल कोड (पुर्तगाली सिविल कोड-1867) कहा जाता है। पुर्तगाली शासन के दौरान ही इसे लागू कर दिया गया था। 1961 में गोवा के भारत में विलय के बाद भी इसे जारी रखा गया। हालांकि यह कानून आधुनिक यूसीसी नहीं है, क्योंकि इसमें कुछ समुदायों के लिए विशेष छूटें शामिल हैं।
मधुबनी में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के उद्देश्य से गुरुवार शाम 6 बजे शहर में एक व्यापक फ्लैग मार्च निकाला गया। इस मार्च का नेतृत्व जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से किया। इसमें प्रशासन और पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों के साथ बड़ी संख्या में पुलिस बल और अर्धसैनिक बल के जवान शामिल थे। फ्लैग मार्च शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों, चौक-चौराहों और संवेदनशील क्षेत्रों से होकर गुजरा। इसका मुख्य उद्देश्य आम लोगों में सुरक्षा की भावना को मजबूत करना और असामाजिक तत्वों को कड़ा संदेश देना था। मार्च के दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और स्थानीय निवासियों से शांति व भाईचारे के साथ पर्व मनाने की अपील की। इस अवसर पर मुख्यालय डीएसपी रश्मि, सदर एसडीपीओ-1 अमित कुमार, नगर थाना अध्यक्ष मनोज कुमार सहित मधुबनी नगर थाना के अन्य पुलिस पदाधिकारी और जवान मौजूद रहे। अर्धसैनिक बल के जवानों ने भी फ्लैग मार्च में भाग लेकर सुरक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ किया। फ्लैग मार्च के दौरान जिलाधिकारी आनंद शर्मा और पुलिस अधीक्षक योगेंद्र कुमार ने संयुक्त रूप से बताया कि मोहर्रम पर्व को लेकर जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क और सजग है। उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना लाइसेंस या प्रशासनिक अनुमति के किसी भी प्रकार का जुलूस निकालने की अनुमति नहीं होगी। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध विधिसम्मत कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने यह भी बताया कि मोहर्रम के दौरान डीजे के उपयोग पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, किसी भी प्रकार के धारदार हथियार के प्रदर्शन या सार्वजनिक रूप से लेकर चलने की अनुमति नहीं होगी। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और सार्वजनिक गतिविधियों पर प्रशासन की विशेष निगरानी रखी जा रही है। अफवाह फैलाने या माहौल बिगाड़ने का प्रयास करने वाले असामाजिक तत्वों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जाएगी। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने जिलेवासियों से आपसी सौहार्द, शांति और भाईचारे की परंपरा को बनाए रखते हुए मोहर्रम पर्व मनाने की अपील की। उन्होंने प्रशासन को सहयोग करने का भी आग्रह किया।
कत्ल की रात को इमामबाड़ों से बाहर आए ताजिए:ढोल पर मातमी धुन बजाई, कल दोपहर में निकलेगा मोहर्रम जुलूस
मोहर्रम से पहले आज रात को सीकर में कत्ल की रात पर इमामबाड़ों से बाहर ताजिए लाए गए। इस दौरान युवाओं ने ढोल पर मातमी धुन बजाते हुए इमाम हुसैन को याद किया। शहर के अलग-अलग मोहल्लों के चौक में ताजिए को खड़ा कर उसके सामने मातमी धुन बजाई गई। अब कल सीकर में मोहर्रम पर्व पर जुलूस निकाला जाएगा। सीकर में यह जुलूस कल दोपहर में जाट बाजार और मोचीवाड़ा एरिया से मिलेगा। करीब एक दर्जन ताजिए जुलूस के बाद कर्बला मैदान जाएंगे। मोहर्रम पर्व को देखते हुए सीकर शहर में करीब 800 पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। जो आज शाम से ही शहर के अलग-अलग पॉइंट्स पर ड्यूटी कर रहे हैं। इसके साथ ही आज और कल ड्रोन कैमरे से निगरानी होगी। कल जुलूस के दौरान भी पूरे जुलूस की ड्रोन कैमरे से निगरानी की जाएगी। बता दें कि मोहर्रम पर्व के मौके पर मोहर्रम पर्व के मौके पर मुस्लिम समाज के लोग रोजा रखकर इबादत भी करते हैं।
कोरबा में 'सजग कोरबा – सतर्क कोरबा' अभियान के तहत साइबर थाना ने लोन दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से ठगी की राशि में से 27,070 रुपए नकद बरामद किए हैं। आरोपी यूट्यूब से सीखकर लोगों को बैंक लोन का झांसा देकर ठगी करता था। आरोपी की पहचान पुष्पेन्द्र कुमार मेहर (25 वर्ष) निवासी सेमरा, थाना डबरा, जिला शक्ति, हाल मुकाम रिस्दी, थाना बालको के रूप में हुई है। वह लोगों को आसान किस्तों पर लोन दिलाने का लालच देता था। पुष्पेन्द्र विभिन्न व्यक्तियों को अपने प्रभाव में लेकर उनके नाम पर सिम कार्ड लेता था और उन्हीं सिम का उपयोग साइबर अपराधों के लिए करता था। ठगी के बाद वह साक्ष्य मिटाने के लिए सिम कार्ड नष्ट कर देता था। पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने 2023 में भी एक व्यक्ति को लोन का झांसा देकर 40,000 रुपए की ठगी की थी। ताजा मामले में, 22 जून 2026 को आरोपी ने रूमगढ़ा चौक में व्यवसाय करने वाली महिला नोनी बाई यादव को 11,000 रुपए मासिक किस्त पर 5,00,000 रुपए का लोन दिलाने का लालच दिया। आरोपी ने महिला के फोन में PhonePe चलाकर 40,500 रुपए एक अन्य व्यक्ति के खाते में ट्रांसफर करवा दिए। उसने पहले ही उस खाताधारक को लोन दिलाने का झांसा देकर उसका QR कोड ले लिया था। बाद में वह उस व्यक्ति के साथ बैंक गया और खाते से नकद निकालकर अपने पास रख लिया। पुलिस टीम ने आरोपी को हिरासत में लेकर कड़ाई से पूछताछ की, जिसके बाद उसने अपना जुर्म स्वीकार कर लिया। उसके पास से 27,070 रुपए नकद बरामद किए गए। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक सिद्धार्थ तिवारी के निर्देशन और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक लखन पटले व नगर पुलिस अधीक्षक प्रतीक चतुर्वेदी के मार्गदर्शन में साइबर थाना प्रभारी निरीक्षक ललित चंद्रा की टीम ने की।
यूपी और एमपी के एक और नदी जोड़ो परियोजना केन मंदाकिनी लिंक अंतर्राज्यीय सिंचाई परियोजना के लिए जल संसाधन विभाग की ओर से केंद्र सरकार को प्रस्ताव भेज दिया गया है। उधर इस वर्ष 13 जिलों में जिन सिंचाई परियोजनाओं के कार्य पूर्ण हो गए हैं, उनके लोकार्पण की तैयारी कर ली गई है। आगामी 6 माह में लगभग 6 लाख हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई सुविधाओं में वृद्धि करने वाली इन परियोजनाओं का लोकार्पण होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव की अध्यक्षता में गुरुवार को मंत्रालय में हुई जल संसाधन और नर्मदा घाटी विकास विभागों के कार्यों की समीक्षा बैठक में जानकारी दी गई कि बड़वानी, सीहोर, शाजापुर, देवास, झाबुआ, धार, खण्डवा, खरगोन, आलीराजपुर, राजगढ़, जबलपुर, कटनी और मण्डला जिलों की सिंचाई परियोजनाएं पूरी कर ली गई हैं। बैठक में सिंहस्थ से जुड़ी 3 परियोजनाओं के कार्यों की प्रगति की समीक्षा भी की गई। सेवरखेड़ी-सिलारखेड़ी परियोजना का 82% कार्य पूर्ण हो गया है। कान्ह डायवर्सन क्लोज्ड डक्ट परियोजना में 66% प्रगति है। शिप्रा तट पर सिंहस्थ में करोड़ों लोगों द्वारा सुविधाजनक ढंग से पुण्य स्नान का लाभ लेने के दृष्टि से 29 किलोमीटर लंबाई में बनाए जा रहे घाटों का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा है। इस कार्य में भी 60% प्रगति है। बैठक में यह भी जानकारी दी गई कि वर्ष 2022 में क्षतिग्रस्त हुए कारम बांध के वर्ष 2024 से प्रारंभ हुए पुनर्निर्माण के कार्य लगभग पूर्ण हो गए हैं। केन-मंदाकिनी लिंक अंतर राज्यीय परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा बैठक में जानकारी दी गई कि केन-मंदाकिनी लिंक अन्तर्राज्यीय सिंचाई परियोजना का प्रस्ताव भारत सरकार को भेजा गया है। इस परियोजना से 93 हजार 310 हेक्टेयर क्षेत्र में सिंचाई क्षमता का विकास होगा और 15.8 मेगावाट विद्युत उत्पादन किया जा सकेगा। परियोजना में 20 किलोमीटर लंबाई की टनल भी बनाई जाएगी। परियोजना की लागत 8400 करोड़ रुपए से अधिक होगी। केन-बेतवा अंतर्राज्यीय परियोजनाओं में पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज बैठक में जानकारी दी गई कि केन-बेतवा अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में बुंदेलखण्ड क्षेत्र के दस जिलों में 8.11 लाख हेक्टेयर वार्षिक सिंचाई के साथ 130 मेगावॉट ऊर्जा उत्पादन भी होगा। परियोजना में भू-अर्जन, पुनर्वास और पुनर्व्यवस्थापन के लिए विशेष पैकेज के तहत अवार्ड पारित कर 90 प्रतिशत भुगतान किया चुका है। बीना कॉम्प्लेक्स बहुउद्देश्य परियोजना में चकरपुर एवं मड़िया बांध का काम पूरा हो गया है। संशोधित पार्वती-कालीसिंध-चम्बल अंतर्राज्यीय नदी जोड़ो परियोजना में 13 जिलों के 6.16 लाख हैक्टेयर क्षेत्र को सिंचाई सुविधा मिलेगी।
बलरामपुर जिले के चांदो थाना क्षेत्र के कंदरी गांव में बुधवार को बिजली गिरने से दो युवकों की मौत हो गई। दोनों युवक बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े थे, तभी वे बिजली की चपेट में आ गए। मृतकों की पहचान कंदरी निवासी अर्जुन राम (30 वर्ष), पिता मंडूर कश्यप, और संजय पैकरा (42 वर्ष), पिता जोगरा पैकरा, के रूप में हुई है। बताया गया कि क्षेत्र में अचानक मौसम खराब हो गया था और तेज बारिश के साथ गरज-चमक शुरू हो गई थी। इसी दौरान दोनों युवक बारिश से बचने के लिए एक पेड़ के नीचे खड़े हो गए थे। पेड़ के नीचे खड़े दो युवक पर गिरी बिजली प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कुछ ही देर बाद तेज गर्जना के साथ आकाशीय बिजली सीधे पेड़ के पास गिरी, जिससे दोनों गंभीर रूप से झुलस गए और मौके पर ही उनकी मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। सूचना मिलने पर चांदो थाना पुलिस भी तत्काल घटनास्थल पहुंची और मामले की जांच शुरू की। चांदो थाना प्रभारी देवेंद्र सिंह टेकाम ने लोगों से अपील करते हुए कहा कि खराब मौसम, गरज-चमक और बारिश के दौरान पेड़ों के नीचे शरण न लें। उन्होंने सुरक्षित भवन या पक्के आश्रय स्थल में रहने को सबसे सुरक्षित उपाय बताया। इस घटना के बाद कंदरी गांव में मातम पसरा हुआ है। प्रशासन द्वारा आवश्यक कार्रवाई की जा रही है और राजस्व विभाग की टीम भी मामले की जानकारी जुटा रही है।
जयपुर के सांगानेर सदर थाना पुलिस ने युवक की हत्या के मामले में दूल्हे सहित 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दरअसल, 22 जून को दुकान के बाहर शराब पीने को लेकर दो पक्षों में विवाद हो गया था, जिसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे पर हमला कर दिया। इस हमले में संजू शर्मा (28) गंभीर रूप से घायल हो गया था, जिसने अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। दूल्हे की गिरफ्तारी की वजह से परिवार को शादी टालनी पड़ गई है। वहीं, पुलिस ने एक नाबालिग को भी डिटेन (निरुद्ध) किया है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सागर बैरवा (27), अमन बैरवा (21), विकास बैरवा (26) और रामस्वरूप बैरवा (48) के रूप में हुई है। इनमें से आरोपी सागर बैरवा की ही शादी होने वाली थी। अब 3 पॉइंट में समझिए पूरा मामला… 1. शराब पीने के विवाद में मारपीट, घायल युवक की इलाज के दौरान मौत डीसीपी साउथ राजर्षि राज वर्मा ने बताया कि जयपुर के गोविंदपुरा स्थित शिक्षा सागर कॉलोनी में मंगलवार देर रात दो पक्षों के बीच खूनी संघर्ष हो गया। इस मारपीट में गंभीर रूप से घायल हुए संजू शर्मा को तुरंत अस्पताल पहुँचाया गया, जहां बुधवार सुबह इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। मृतक के पिता कैलाशचंद शर्मा की शिकायत पर सांगानेर सदर थाने में हत्या का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने इस रिपोर्ट में सागर बैरवा, अमन बैरवा, उनके पिता रामस्वरूप और विकास सहित अन्य लोगों को नामजद किया है। 2. शादी वाले घर के बाहर शराब पीने का विरोध करने पर भड़की हिंसा पुलिस के अनुसार, घटना के वक्त आरोपी सागर बैरवा के घर में उसकी शादी का कार्यक्रम चल रहा था। इसी दौरान कुछ युवक उनके घर के पास स्थित दुकान के बाहर बैठकर शराब पी रहे थे। जब इसका विरोध किया गया, तो दोनों पक्षों में कहासुनी हो गई, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया और दोनों ओर से लाठी-डंडे व पत्थर चलने लगे। इस हमले में संजू शर्मा और उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गए, जिसमें संजू की मौत हो गई और उसके भाई के सिर में गंभीर चोट आई। वहीं, बीच-बचाव करने पहुँचे मंगल, गोरूराम मीणा और रोहित कुमावत भी इस हमले में घायल हो गए। 3. बारात जाने से पहले हवालात पहुंचा दूल्हा पुलिस जांच में चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि दूल्हा सागर बैरवा खुद इस मारपीट की घटना में शामिल था। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए दूल्हे सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि एक नाबालिग को डिटेन (निरुद्ध) किया गया है। जानकारी के अनुसार, सागर बैरवा की बारात टोंक जानी थी और घर में शहनाइयां बज रही थीं, लेकिन इस वारदात के बाद दूल्हा बारात ले जाने के बजाय हवालात पहुंच गया और शादी टालनी पड़ी। पुलिस आरोपियों को कोर्ट में पेश करने की तैयारी कर रही है और मामले की जांच जारी है।
इंदौर में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और मिलावट पर रोक लगाने के लिए खाद्य सुरक्षा प्रशासन लगातार कार्रवाई कर रहा है। खाद्य विभाग के अधिकारियों ने स्कूल कैंटीनों, ढाबों, किराना दुकानों और मिठाई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण कर कुल 23 खाद्य सैंपल जांच के लिए भेजे हैं। कार्रवाई के तहत विजय नगर स्थित प्रेस्टीज पब्लिक स्कूल की मेस और कैंटीन का निरीक्षण किया गया, जहां खाद्य सामग्री का स्टोर मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया। साथ ही पानी की जांच रिपोर्ट भी एक वर्ष से अधिक पुरानी मिली। यहां से फ्रेंच फ्राइज, दाल, घी, तेल, रोटी, सब्जी और चावल सहित 8 नमूने लिए गए तथा संस्थान को नोटिस जारी किया गया। सीएम हेल्पलाइन पर प्राप्त शिकायतों के आधार पर मानपुर के मुंशी ढाबा, काली बिल्लोद स्थित कृष्णा किराना भंडार और बंगाली चौराहा स्थित अंबिका स्वीट्स एंड नमकीन पर भी कार्यवाही की गई। इन प्रतिष्ठानों से दाल, मसाले, नमकीन, मिठाइयों सहित 13 सैंपल जांच के लिए लिए गए। वहीं हम्माल कॉलोनी स्थित एक प्रतिष्ठान से पैकेज्ड पेयजल में दुर्गंध की शिकायत मिलने पर दो पानी के नमूने भी जांच के लिए भेजे गए हैं। सभी नमूनों को राज्य खाद्य परीक्षण प्रयोगशाला भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। कलेक्टर शिवम वर्मा ने कहा कि खाद्य सुरक्षा से जुड़ी शिकायतों पर प्रशासन गंभीरता से कार्रवाई कर रहा है और नागरिकों से भी किसी प्रकार की मिलावट या अनियमितता की सूचना तत्काल देने की अपील की है।
कुदरा स्टेशन प्लेटफार्म 2 पर पानी की कमी:कैमूर में पैकेज्ड पानी की बोतलें खरीद रहे यात्री
कैमूर के कुदरा रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर 2 के पश्चिमी छोर पर स्थित यात्री पेयजल बूथ इन दिनों अनुपयोगी साबित हो रहा है। भीषण गर्मी के बावजूद इस महत्वपूर्ण हिस्से में लगे नलों से पानी की एक बूंद भी नहीं आ रही है, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इस रूट से यात्रा करने वाले और दूर-दराज के ग्रामीण इलाकों से ट्रेन पकड़ने आने वाले लोगों को विशेष रूप से कठिनाई हो रही है। भीषण गर्मी और रात के सफर के दौरान पानी न मिलने से महिलाओं, बच्चों और बुजुर्गों की परेशानी बढ़ गई है। रेल प्रशासन की लापरवाही यात्रियों का आरोप है कि स्टेशन के प्लेटफार्म पर पीने के पानी जैसी मूलभूत सुविधा का ठप होना सीधे तौर पर रेल प्रशासन की लापरवाही को दर्शाता है। उन्हें महंगे दामों पर बोतलबंद पानी खरीदने को मजबूर होना पड़ रहा है, जबकि कई गरीब यात्री प्यासे रहने को विवश हैं। गंभीर समस्या का संज्ञान लेने की मांग की स्थानीय नागरिकों और दैनिक यात्रियों ने रेलवे के उच्च अधिकारियों से इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेने की मांग की है। उन्होंने प्लेटफार्म नंबर 2 के पश्चिमी छोर पर बंद पड़े नलों को तत्काल चालू करवाने की अपील की है, ताकि यात्रियों को राहत मिल सके।
भोपाल शहर कांग्रेस की कार्यकारिणी घोषित:प्रवीण सक्सेना के जिलाध्यक्ष बनने के दस महीने बाद बनी टीम
मध्य प्रदेश कांग्रेस कमेटी (MPCC) ने राजधानी भोपाल में संगठन को मजबूती देने के लिए भोपाल शहर जिला कांग्रेस कमेटी की जिला कार्यकारिणी का आधिकारिक ऐलान कर दिया है। प्रवीण सक्सेना के जिला अध्यक्ष बनने के दस महीने बाद अब जिला कांग्रेस कमेटी का गठन हुआ है। 50 से ज्यादा पदाधिकारी टीम में शामिल भोपाल शहर कांग्रेस कमेटी में 50 से ज्यादा पदाधिकारी बनाए गए हैं। इनमें अभिषेक शर्मा को जिला संगठन महासचिव बनाया गया है। महेन्द्र जाधव कोषाध्यक्ष बनाए गए हैं। प्रशांत कुमार गुरुदेव और आनंद सबधानी को जिला प्रवक्ता बनाया गया है। राहुल बबेले और मानवेंद्र शर्मा को सोशल मीडिया प्रभारी नियुक्त किया गया है। ये 10 उपाध्यक्ष बनाए ये 15 महासचिव बनाए 20 सचिवों की नियुक्ति
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने बीना विधायक निर्मला सप्रे के दल-बदल मामले में नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार की याचिका खारिज कर दी है। गुरुवार को सुरक्षित रखा गया फैसला सुनाते हुए हाईकोर्ट ने कहा कि मामला फिलहाल विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष लंबित है, ऐसे में इस स्तर पर न्यायालय के हस्तक्षेप की आवश्यकता नहीं है। हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि विधानसभा अध्यक्ष को किसी मामले में निर्णय लेने के लिए निर्देश जारी नहीं किए जा सकते। अदालत ने यह भी टिप्पणी की कि याचिकाकर्ता की ओर से कुछ महत्वपूर्ण दस्तावेज पेश नहीं किए गए, जो याचिका के समर्थन में आवश्यक थे। ऐसे में याचिका में किसी प्रकार की तात्कालिकता (अर्जेंसी) भी प्रतीत नहीं होती। सदस्यता समाप्त करने के लिए लगाई थी याचिका दरअसल, नेता प्रतिपक्ष उमंग सिंघार ने हाईकोर्ट में याचिका दायर कर बीना विधायक निर्मला सप्रे की सदस्यता समाप्त करने संबंधी याचिका पर विधानसभा अध्यक्ष को समयबद्ध निर्णय लेने के निर्देश देने की मांग की थी। सिंघार का आरोप था कि कांग्रेस के टिकट पर निर्वाचित हुईं निर्मला सप्रे ने भाजपा सरकार के समर्थन में कार्य किया और मंत्री पद की शपथ लेने के बाद भी विधानसभा की सदस्यता बरकरार रखी है, जो दल-बदल कानून का उल्लंघन है। मामले में विधानसभा अध्यक्ष के समक्ष पहले से कार्यवाही लंबित है। हाईकोर्ट के फैसले के बाद अब इस पूरे विवाद पर अंतिम निर्णय विधानसभा अध्यक्ष के स्तर पर ही लिया जाएगा।
पूर्णिया पुलिस की बड़ी कार्रवाई, 15 आरोपी गिरफ्तार:24 घंटे में 839 लीटर विदेशी शराब जब्त
पूर्णिया पुलिस ने जिले में अपराध और अवैध कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। बीते 24 घंटे में चलाए गए अभियान के तहत 15 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया और भारी मात्रा में विदेशी शराब बरामद की गई। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक कार्यालय द्वारा जारी रिपोर्ट के अनुसार, 24 जून को जिले भर में विशेष अभियान चलाया गया। इस दौरान 839.300 लीटर विदेशी शराब और 5 लीटर देसी शराब जब्त की गई। इसके अतिरिक्त, 9.29 ग्राम स्मैक भी बरामद हुआ। गिरफ्तार किए गए कुल 15 अभियुक्तों में से 11 शराब कारोबार से जुड़े थे, जबकि 4 अन्य मामलों के आरोपी थे। हालांकि, हत्या, हत्या के प्रयास, लूट, पॉक्सो और आर्म्स एक्ट जैसे गंभीर मामलों में कोई गिरफ्तारी दर्ज नहीं हुई। इसके अलावा, जिले में सघन वाहन जांच अभियान भी चलाया गया। नियम उल्लंघन करने वालों से 4 लाख 52 हजार रुपये का जुर्माना वसूला गया। पुलिस ने इस दौरान 6,445 रुपये नकद, दो मोबाइल फोन, एक चारपहिया वाहन और एक लाइटर भी बरामद किया। पूर्णिया पुलिस अधिकारियों ने बताया कि अवैध कारोबार पर लगातार प्रहार जारी रहेगा। उनका कहना है कि जिले में कानून-व्यवस्था बनाए रखने और अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए विशेष अभियान आगे भी जारी रहेगा। पुलिस प्रशासन ने आम लोगों से भी कानून व्यवस्था बनाए रखने में सहयोग की अपील की है।
अनूपपुर में मोहर्रम पर्व के दौरान शहर की यातायात व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने पुलिस ने नगर क्षेत्र में भारी और व्यावसायिक वाहनों की एंट्री पर पूरी तरह से रोक लगा दी है। यह प्रतिबंध 26 जून की सुबह 6 बजे से शुरू होकर 27 जून की सुबह 4 बजे तक लागू रहेगा। वीआईपी और नो-एंट्री छूट वाले सभी पास अस्थायी रूप से रद्द जिला यातायात प्रभारी विनोद दुबे ने बताया कि प्रतिबंध की इस अवधि में किसी भी भारी मालवाहक या व्यावसायिक वाहन को शहर की सीमा में घुसने नहीं दिया जाएगा। खास बात यह है कि नो-एंट्री से छूट के लिए पहले से जारी किए गए सभी प्रकार के अनुमति पत्र, वीआईपी पास और स्पेशल परमिशन भी इस दौरान अस्थायी रूप से रद्द रहेंगे। भीड़ और जुलूस की स्थिति देखकर ही खुलेगा रास्ता यातायात पुलिस ने साफ किया है कि प्रतिबंध का समय (27 जून सुबह 4 बजे) खत्म होने के तुरंत बाद भी भारी वाहनों को शहर में एंट्री नहीं मिलेगी। पुलिस और प्रशासन पहले मोहर्रम के जुलूस की समाप्ति, सड़कों पर उमड़ी भीड़ और ट्रैफिक के जमीनी हालात का जायजा लेगा। स्थिति पूरी तरह सामान्य होने के बाद ही वाहनों को शहर में आने की इजाजत दी जाएगी। हालांकि, एंबुलेंस और फायर ब्रिगेड जैसी आपातकालीन सेवाओं के लिए मौके की जरूरत के हिसाब से तुरंत रास्ता दिया जाएगा। नियम तोड़ने वालों पर होगी सख्त कार्रवाई यातायात प्रभारी ने सख्त लहजे में चेतावनी दी है कि नो-एंट्री के नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। नियम तोड़ने वाले वाहनों के खिलाफ मोटर व्हीकल एक्ट तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अनूपपुर पुलिस ने जिले के सभी वाहन मालिकों, ट्रांसपोर्टरों और आम नागरिकों से अपील की है कि वे शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन के इन निर्देशों का पालन करें।
कोटा शहर में 26 जून को मुहर्रम पर ताजियों के जुलूस निकाले जाएंगे। जुलूसों के दौरान विभिन्न मार्गों पर यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया है। कोटड़ी चौराहे पर ताजियों के पहुँचने के दौरान छावनी, बड़ तिराहा, गुमानपुरा और बल्लभबाड़ी की ओर से आने वाले वाहनों का आवागमन बंद रहेगा। बड़े वाहनों को एयरोड्रम सर्किल से डीसीएम रोड, नया बस स्टैंड और लिंक रोड होते हुए डायवर्ट किया जाएगा, जबकि हल्के वाहनों के लिए वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। भीमगंजमंडी क्षेत्र में ताजियों के बजरिया पहुंचने पर एकतरफा (वन-वे) यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। रेलवे स्टेशन और काली सड़क की ओर जाने वाले वाहनों को निर्धारित मार्गों से निकाला जाएगा। किशोरपुरा एलिवेटेड पुलिया पर ताजियों के ठंडे होने के दौरान सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। इस दौरान चंबल गार्डन, सीएडी (CAD) सर्किल, घोड़ा चौराहा और नयापुरा होकर वैकल्पिक मार्गों से आवागमन कराया जाएगा। भारी वाहनों को इस क्षेत्र से दूर रखा जाएगा। अधरशिला क्षेत्र में ताजियों के पहुंचने के दौरान चंबल गार्डन से सरस डेयरी तक का मार्ग डायवर्ट रहेगा। वहीं नयापुरा के विवेकानंद चौराहे पर ताजियों के गुज़रने के दौरान यातायात को रोक-रोककर संचालित किया जाएगा। यातायात पुलिस के अनुसार शहर में ताजिए ठंडे होने तक जिन मार्गों पर देर रात तक जुलूस निकलेंगे, वहां भारी वाहनों की नो-एंट्री लागू रहेगी।
इंदौर में घुटनों तक भरे पानी में निकली बारात:बारातियों ने जलभराव के बीच किया डांस, देखें VIDEO
देश में स्वच्छता के मामले में लगातार आठ बार अव्वल रहने वाले इंदौर में बारिश के बाद जलभराव की समस्या एक बार फिर चर्चा का विषय बन गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो ने नगर निगम की व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। वीडियो में एमआर-10 लिंक रोड पर घुटनों तक भरे पानी के बीच एक बारात निकलती दिखाई दे रही है। बताया जा रहा है कि यह वीडियो बुधवार 24 जून का है, जब इंदौर में तेज बारिश हुई थी। बारिश के बाद सड़क पर इतना पानी भर गया कि दूल्हे को घोड़े पर बैठकर जलमग्न मार्ग से गुजरना पड़ा। वहीं बाराती भी पानी में नाचते-गाते और उछल-कूद करते हुए आगे बढ़ते नजर आए। वीडियो में कई लोग जलभराव को लेकर नगर निगम की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते दिखाई दे रहे हैं। सड़क पर घुटनों तक पानी जमा होने से क्षेत्र की ड्रेनेज व्यवस्था और वर्षा जल निकासी तंत्र की स्थिति पर भी सवाल उठ रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे इस वीडियो को लेकर लोग तरह-तरह की प्रतिक्रियाएं दे रहे हैं। कई लोगों ने तंज कसते हुए कहा कि स्वच्छता में नंबर-1 बनने के साथ-साथ शहर को जल निकासी व्यवस्था में भी बेहतर प्रदर्शन करना होगा, ताकि बारिश के दौरान नागरिकों को ऐसी परेशानियों का सामना न करना पड़े। देखिए जलभराव के बीच बारात की तस्वीरें…
अंजड के प्रसिद्ध श्रीखाटूश्याम मंदिर में गुरुवार को पांडव निर्जला (भीमसेनी) एकादशी पर आस्था का सैलाब उमड़ा। साल की सभी एकादशियों में सबसे बड़ी मानी जाने वाली इस ग्यारस पर करीब 20 हजार से ज्यादा भक्तों ने बाबा श्याम के दरबार में मत्था टेका। इस मौके पर श्यामबाबा का सेवफल, आम, मौसंबी, संतरा और केले जैसे मौसमी फलों से बेहद खूबसूरत और आकर्षक श्रृंगार किया गया। वहीं अंजड पुलिस ने मंदिर में साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान चलाया। पैदल निशान यात्राएं और भजनों की गूंज सुबह होते ही मंदिर में भक्तों की लंबी-लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। आसपास के गांवों से सैकड़ों श्रद्धालु हाथों में श्यामबाबा का निशान (ध्वज) लेकर पैदल चलते हुए मंदिर पहुंचे। महिला भक्तों की टोलियां रास्ते भर भजन-कीर्तन करते हुए बाबा के दरबार में हाजिरी लगाने आईं। पंडित बसंत शर्मा की देखरेख में सभी देवी-देवताओं का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजन किया गया। मान्यता के मुताबिक भक्तों ने लाल कपड़े में नारियल बांधकर बाबा के सामने अपनी मन्नत की अर्जी भी लगाई। मंगला से लेकर शयन आरती तक हुए विशेष आयोजन भक्तों की भारी भीड़ को देखते हुए मंदिर समिति ने दर्शन और आरती की खास व्यवस्था की थी। सुबह 7:30 बजे मंगला आरती, दोपहर 11:30 बजे भोग आरती और शाम 7:00 बजे हजारों भक्तों की मौजूदगी में संगीतमय महाआरती हुई। इसके बाद रात को भजन संध्या का आयोजन किया गया, जिसमें स्थानीय कलाकारों ने एक से बढ़कर एक भजनों की प्रस्तुति दी। देर रात शयन आरती के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ। भक्तों को बांटा 250 लीटर शर्बत और फलाहारी प्रसादी इस खास मौके पर सेवा की भी सुंदर तस्वीरें देखने को मिलीं। भीषण गर्मी को देखते हुए एक भक्त की ओर से दोपहर 12 से शाम 6 बजे तक श्रद्धालुओं को करीब 250 लीटर गुलाब का ठंडा शर्बत पिलाया गया। वहीं 'श्याम एकादशी प्रसादी ग्रुप' की तरफ से भक्तों को फल, मिठाई और फलाहारी मिक्चर का प्रसाद बांटा गया। मंदिर समिति के सेवादारों ने कतारें लगवाकर सभी को बड़े ही आराम से दर्शन कराए। मंदिर में चलाया साइबर फ्रॉड जागरूकता अभियान मंदिर में जुटी भारी भीड़ का फायदा उठाते हुए अंजड पुलिस ने एक अच्छी पहल की। पुलिस टीम ने पंडालों और कतारों में जाकर श्रद्धालुओं को मोबाइल पर हो रहे साइबर फ्रॉड (ऑनलाइन ठगी) के प्रति जागरूक किया। पुलिस अधिकारियों ने लोगों को समझाया कि वे किसी भी अनजान लिंक पर क्लिक न करें और ठगी होने पर तुरंत पुलिस को सूचना दें। पुलिस की इस अनोखी मुहिम की मंदिर समिति के अध्यक्ष और आम जनता ने जमकर तारीफ की।
राजस्थान हाईकोर्ट ने शुक्रवार को होने वाली RCA AGM में भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को शामिल करते हुए मतदान करने की छूट दी है। जस्टिस अनुरूप सिंघी की वैकेशन बेंच ने यह आदेश भरतपुर जिला क्रिकेट संघ के शत्रुघ्न तिवाड़ी अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिया। हालांकि, अदालत ने अपने आदेश में साफ किया कि इस निर्णय से जिला संघ के निलंबन पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। निलंबन को चुनौती देने वाली याचिका पर मेरिट (गुण-दोष) पर फैसला होगा। बता दें कि पिछले दिनों आरसीए की एडहॉक कमेटी ने जिला संघ को निलंबित कर दिया था। जिसे चुनौती देते हुए जिला संघ ने कहा था कि एडहॉक कमेटी को एसोसिएशन को निलंबित करने का अधिकार ही नहीं है। एडहॉक कमेटी के पास पूरे अधिकार एसोसिएशन ने याचिका लगाकर कहा गया था कि उन्हें निलंबित करने से पहले नोटिस भी नहीं दिया गया, वहीं उन्हें इसकी आधिकारिक जानकारी भी नही दी गई। शुक्रवार को होने वाली एजीएम में उन्हें शामिल नहीं किया गया तो उनके अधिकारों पर विपरीत प्रभाव पड़ेगा। वहीं एडहॉक कमेटी के अधिवक्ता ने कहा कि जिला संघ को निलबंति करने की कार्रवाई नियमानुसार ही की गई हैं। खेल अधिनियम और आरसीए के नियमों के तहत एडहॉक कमेटी के पास किसी भी जिला संघ पर कार्रवाई करने का पूरा अधिकार हैं। वहीं निलंबित खेल संघ को एजीएम में शामिल नहीं किया जा सकता हैं। दोनो पक्षों को सुनने के बाद अदालत ने भरतपुर जिला क्रिकेट संघ को एजीएम में शामिल करने के निर्देश दिए।
कैमूर में 3 महीने में 13 बालश्रमिकों का पुनर्वास:परवरिश योजना से 404 बच्चों को मिल रहा लाभ
जिला पदाधिकारी की अध्यक्षता में आयोजित जिला बाल कल्याण एवं संरक्षण समिति की बैठक में बाल संरक्षण योजनाओं और संस्थानों की विस्तृत समीक्षा की गई। बैठक में बताया गया कि पिछले तीन महीनों में बालश्रम से मुक्त कराए गए 13 बच्चों का सफलतापूर्वक पुनर्वास किया गया है। इसके अतिरिक्त, परवरिश योजना के तहत 404 बच्चों को नियमित लाभ दिया जा रहा है। यह योजना बच्चों को आवश्यक सहायता प्रदान करती है। स्पॉन्सरशिप योजना के अंतर्गत 248 बच्चों को शिक्षा और पोषण के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की जा रही है। विशिष्ट दत्तकग्रहण संस्थान के माध्यम से अब तक कुल 73 बच्चों को गोद दिलाया जा चुका है, जिसमें 64 देश के भीतर और 9 अंतरराष्ट्रीय स्तर पर शामिल हैं। चाइल्ड हेल्पलाइन 1098 के जरिए प्राप्त 295 मामलों में से अधिकांश का त्वरित निष्पादन किया गया है। यह हेल्पलाइन बच्चों की सुरक्षा और सहायता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है। जिलाधिकारी ने बाल गृह, बालिका गृह और अन्य देखरेख संस्थानों की कार्यप्रणाली की समीक्षा करते हुए बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य और बेहतर पुनर्वास के निर्देश दिए। उन्होंने अधिकारियों को निर्देशित किया कि सभी कल्याणकारी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करें, ताकि जरूरतमंद बच्चों को समय पर सरकारी सहायता मिल सके और उनका भविष्य सुरक्षित हो।
पूर्णिया में मोहर्रम जुलूस के शांतिपूर्ण और सुरक्षित संचालन को सुनिश्चित करने के लिए गुरुवार को शहर के कई प्रमुख क्षेत्रों में लगभग 9 घंटे तक बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। यह कटौती शाम 5 बजे से देर रात 2 बजे तक प्रभावी रहेगी। विद्युत विभाग ने सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर यह निर्णय लिया है। विभिन्न पावर सब-स्टेशनों और फीडरों से आवश्यकतानुसार शटडाउन लिया जाएगा, जिससे शहर के बड़े हिस्से में बिजली प्रभावित होगी। शहरी क्षेत्र के सहायक अभियंता रोहित कौशिक ने बताया कि मधुबनी पीएसएस से जुड़े टाउन-4 और टाउन-3 फीडर तथा ग्रिड पीएसएस से संचालित टाउन-1, टाउन-2, टाउन-3 एवं दुर्गाबाड़ी फीडर प्रभावित रहेंगे। इसके अतिरिक्त, लाइनबाजार पीएसएस से संचालित शिव मंदिर फीडर और लाइन बाजार फीडर में भी आवश्यकतानुसार बिजली बंद की जाएगी। शटडाउन के दौरान रामनगर, मधुबनी, पॉलिटेक्निक चौक, काली फ्लोर मिल, दुर्गाबाड़ी, रजनी चौक, उर्दू स्कूल क्षेत्र, भट्टा बाजार, जामा मस्जिद, शिव मंदिर रोड, लाइन बाजार, आरएन साह चौक और जिला स्कूल रोड के आसपास के क्षेत्रों में बिजली आपूर्ति बाधित रहने की संभावना है। विभाग के अनुसार, यह कदम मोहर्रम जुलूस के सुरक्षित संचालन को ध्यान में रखते हुए उठाया गया है। जुलूस के शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न होने के बाद स्थिति के अनुसार चरणबद्ध तरीके से बिजली आपूर्ति बहाल की जाएगी। सहायक अभियंता रोहित कौशिक ने उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील की है। उन्होंने लोगों से अनुरोध किया है कि वे निर्धारित समय से पहले पानी की व्यवस्था कर लें और मोबाइल सहित अन्य आवश्यक उपकरण चार्ज कर लें। विभाग ने स्पष्ट किया है कि यह जनसुरक्षा के हित में लिया गया निर्णय है।
मध्य प्रदेश गृहनिर्माण एवं अधोसंरचना विकास मंडल (हाउसिंग बोर्ड) की कॉलोनियों में रहने वाले हजारों परिवार वर्षों से विभिन्न प्रशासनिक और नीतिगत समस्याओं से जूझ रहे हैं। रजिस्ट्री, नामांतरण और जर्जर भवनों के पुनर्विकास जैसी समस्याओं को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों और रहवासियों ने गुरुवार को हॉउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन के समक्ष अपनी पीड़ा रखी। इसके बाद अध्यक्ष ने मामलों को गंभीरता से लेते हुए समाधान का आश्वासन दिया है। गुरुवार को वृत्त कार्यालय प्रेस कॉम्प्लेक्स के सामने आयोजित समस्या समाधान शिविर में बड़ी संख्या में हितग्राही पहुंचे। शिविर में लगभग 300 लोगों की समस्याएं सुनी गईं। नामांतरण, लीज नवीनीकरण, रजिस्ट्री, फ्रीहोल्ड और अनापत्ति प्रमाण-पत्र से जुड़े मामलों पर सुनवाई की गई। प्राप्त 105 आवेदनों का मौके पर ही निराकरण किया गया, जबकि पांच हितग्राहियों को नामांतरण एवं फ्रीहोल्ड प्रमाण-पत्र प्रदान किए गए। जगजीवन रामनगर के परिवारों को आज तक नहीं मिला मालिकाना हक शिविर के दौरान भाजपा नेताओं और विधायक प्रतिनिधियों ने अध्यक्ष को एक ज्ञापन सौंपकर बताया कि विधानसभा-5 स्थित जगजीवन रामनगर में करीब 60 से 70 परिवार पिछले 50 वर्षों से निवास कर रहे हैं, लेकिन आज तक उनके मकानों की रजिस्ट्री नहीं हो सकी। पूर्व में जारी परिपत्रों के बावजूद इंदौर वृत्त कार्यालय ने आवश्यक कार्रवाई नहीं की, जिससे रहवासियों को मालिकाना हक नहीं मिल पाया। नामांतरण पर रोक से हजारों परिवार परेशान ज्ञापन में यह भी बताया गया कि वर्ष 2012 से श्रमिकों के आधे-आधे मकानों के नामांतरण पर लगी रोक के कारण करीब 4 से 5 हजार परिवार प्रभावित हैं। संपत्तियों के हस्तांतरण और वैधानिक प्रक्रियाएं लंबित होने से लोगों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। नेहरू नगर, एलआईजी और खजराना की इमारतें बनीं खतरा रहवासियों ने नेहरू नगर, एलआईजी और खजराना क्षेत्र की बहुमंजिला इमारतों की जर्जर स्थिति का मुद्दा भी उठाया। कई भवनों के छज्जे और गैलरियां टूटकर गिर रही हैं। नगर निगम इन्हें जर्जर घोषित कर चुका है, लेकिन पिछले एक दशक से इनके पुनर्विकास की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी है। रहवासियों ने किसी बड़े हादसे की आशंका जताते हुए तत्काल कार्रवाई की मांग की। अध्यक्ष बोले—रिपोर्ट तलब होगी, पुनर्विकास को मिलेगी गति हाउसिंग बोर्ड अध्यक्ष ओम जैन ने प्रतिनिधिमंडल द्वारा प्रस्तुत दस्तावेजों और शिकायतों का अवलोकन करने के बाद आश्वासन दिया कि जगजीवन रामनगर की रजिस्ट्री के मामले में इंदौर वृत्त के अधिकारियों से तत्काल रिपोर्ट मांगी जाएगी और पुराने परिपत्रों के आधार पर कानूनी समाधान तलाशा जाएगा। उन्होंने कहा कि आधे मकानों के नामांतरण संबंधी नीति की समीक्षा कर इसे बोर्ड बैठक में रखा जाएगा, ताकि प्रभावित परिवारों को राहत मिल सके और शासन को भी राजस्व प्राप्त हो। जर्जर बहुमंजिला इमारतों के पुनर्विकास के संबंध में अध्यक्ष ने कहा कि वे शीघ्र ही स्वयं इंदौर की प्रभावित कॉलोनियों का दौरा करेंगे तथा पुराने और खतरनाक भवनों को हटाकर नई हाईराइज इमारतों के निर्माण की प्रक्रिया को गति दी जाएगी। राजस्व अभिलेखों से जुड़े मामलों पर भी होगी कार्रवाई शिविर में उन संपत्तियों के फ्रीहोल्ड मामलों पर भी चर्चा हुई, जिनकी भूमि अब तक राजस्व अभिलेखों में मंडल के नाम दर्ज नहीं है। अध्यक्ष ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि राजस्व विभाग के साथ समन्वय स्थापित कर संबंधित कॉलोनियों की भूमि का नामांतरण मंडल के नाम कराया जाए, ताकि फ्रीहोल्ड संबंधी मामलों का समाधान हो सके।
भभुआ नगर में मुहर्रम के अवसर पर विधि-व्यवस्था और सुचारु यातायात बनाए रखने के लिए जिला प्रशासन ने विशेष यातायात व्यवस्था लागू की है। जिला दंडाधिकारी के आदेशानुसार, 26 जून की सुबह 08:00 बजे से 27 जून की सुबह 08:00 बजे तक नगर में बड़े और मालवाहक वाहनों के प्रवेश पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। इन वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। इसके अतिरिक्त, 26 जून को दोपहर 01:00 बजे से 27 जून की सुबह 08:00 बजे तक संवेदनशील मार्गों पर छोटे एवं तीन पहिया वाहनों का प्रवेश भी वर्जित रहेगा। जुलूस में शामिल होने वाले लोगों की सुविधा के लिए पटेल कॉलेज मैदान, बिजली कॉलोनी, अखलासपुर और कुदरा बस स्टैंड में पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। सुरक्षा के मद्देनजर प्रमुख स्थलों पर बैरिकेडिंग और ड्रॉप गेट लगाए गए हैं। आपातकालीन और आवश्यक सेवाओं वाले वाहनों को इस प्रतिबंध से पूरी तरह मुक्त रखा गया है। जिला प्रशासन ने आम नागरिकों और जुलूस आयोजकों से शांतिपूर्ण माहौल में त्योहार संपन्न कराने में सहयोग की अपील की है।
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने गुरुवार को री-NEET की प्रोविजनल आंसर-की जारी कर दी। इसके साथ ही स्टूडेंट्स को उत्तरों (आंसर्स) पर आपत्तियां दर्ज कराने का अवसर भी दिया है। एजुकेशन एक्सपर्ट विनोद कुमावत ने बताया- फिजिक्स में 2 सवाल को लेकर विवाद था। इसमें इलेक्ट्रोमैग्नेटिक वेव्स (विद्युत चुंबकीय तरंगें) के एक क्वेश्चन में दो विकल्प सही दे रखे थे। इसमें जिस भी स्टूडेंट ने दोनों में से किसी एक सही विकल्प को चुना था, उसका उत्तर सही माना जाएगा। वहीं वर्नियर कैलिपर्स से जुड़े एक सवाल के विकल्पों में से कोई भी ऑप्शन सही नहीं था। इसलिए स्टूडेंट्स को इस प्रश्न में बोनस अंक मिलेंगे। री-NEET 21 जून को हुआ था। राजस्थान के 577 सेंटर्स पर हुई परीक्षा के लिए 2.09 लाख स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड थे। एक सवाल को ड्रॉप किया, मिलेंगे पूरे नंबर एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया- केमिस्ट्री, बायोलॉजी विषय से कोई भी प्रश्न ड्रॉप नहीं किया गया है और न ही किसी प्रश्न के एक से अधिक विकल्प सही हैं। यानी केमिस्ट्री और बायोलॉजी के सवालों में कोई गलती नहीं है। देव शर्मा ने बताया- कोड संख्या-80 के प्रश्न पत्र में फिजिक्स के क्वेश्चन-2 को ड्रॉप किया गया है। यह सवाल वर्नियर कैलिपर्स से संबंधित था और इसका कोई भी विकल्प सही नहीं था। ऐसी स्थिति में नियमानुसार इसे 'ड्रॉप' किया गया है। सभी स्टूडेंट्स को इस प्रश्न के पूरे नंबर दिए जाएंगे, चाहे स्टूडेंट ने इसे अटेम्प्ट किया हो या नहीं। देव शर्मा ने बताया- NTA के नोटिफिकेशन के अनुसार आंसर-की पर आपत्तियां दर्ज करने की प्रक्रिया गुरुवार से ही शुरू कर दी गई है। यह 28 जून (रविवार) तक जारी रहेगी। फीस रिफंड के लिए ऑनलाइन कर सकते हैं आवेदन देव शर्मा ने बताया- एनटीए ने नीट-यूजी रजिस्ट्रेशन फीस रिफंड के लिए स्टूडेंट्स को एक और मौका दिया है। स्टूडेंट्स 30 जून तक रजिस्ट्रेशन फीस रिफंड के लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। … यह खबर भी पढ़िए.. री-NEET;मोबाइल से चीटिंग करती छात्रा को पकड़ा:सीकर में 25 मिनट देरी से खुला गेट, परिजनों का हंगामा; अजमेर में बुर्का पहनकर आई स्टूडेंट को एंट्री से रोका नेशनल एलिजिबिलिटी कम एंट्रेंस टेस्ट (NEET)-UG 2026 री-एग्जाम रविवार को राजस्थान के 25 शहरों में हुआ। परीक्षा दोपहर 2 से शाम 5:15 बजे तक हुई। सुबह 11 से दोपहर 1:30 बजे तक स्टूडेंट्स को कड़ी जांच के बाद एग्जाम सेंटर पर एंट्री दी गई। प्रदेश के 577 सेंटर्स पर 2.09 लाख स्टूडेंट्स रजिस्टर्ड थे। पढ़ें पूरी खबर
किशनगंज जिला प्रशासन मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए पूरी तरह अलर्ट है। गुरुवार देर शाम नए जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार के नेतृत्व में शहर की सड़कों पर फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया और पुलिस बल को आवश्यक निर्देश दिए। टाउन थाना से कर्बला चौक तक मार्च फ्लैग मार्च में जिलाधिकारी नवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी अनिकेत कुमार और अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी खुसरू सिराज सहित भारी संख्या में पुलिस बल शामिल था। यह फ्लैग मार्च टाउन थाना से शुरू होकर धरमगंज ओवरब्रिज, डे मार्केट, गांधी चौक, चूड़ीपट्टी, मोतीबाग और कर्बला चौक सहित शहर के विभिन्न प्रमुख मार्गों से गुजरा। यह फ्लैग मार्च केवल जिला मुख्यालय तक सीमित नहीं था, बल्कि किशनगंज जिले के सभी थाना क्षेत्रों में भी एक साथ निकाला गया। सभी थानाध्यक्षों को अपने-अपने क्षेत्रों में गश्त बढ़ाने और असामाजिक तत्वों पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्राथमिकता नए जिलाधिकारी नवीन कुमार ने बताया कि मुहर्रम के दौरान विधि-व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने अफवाह फैलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी। पुलिस अधीक्षक संतोष कुमार ने पुलिस बल को सतर्क रहने और संवेदनशील स्थानों पर विशेष निगरानी रखने का निर्देश दिया। सोशल मीडिया पर भी कड़ी नजर रखने के आदेश दिए गए हैं। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्व के दौरान किसी भी प्रकार की गड़बड़ी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। शांति व्यवस्था भंग करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। फ्लैग मार्च के माध्यम से प्रशासन ने लोगों को सुरक्षा का आश्वासन दिया और सौहार्दपूर्ण वातावरण में पर्व मनाने की अपील की।
छतरपुर जिले के गोयरा थाना क्षेत्र अंतर्गत रामपुर घाट में अवैध रेत परिवहन कर रहे एक ओवरलोड डंपर ने गुरुवार को एक महिला को कुचल दिया। हादसे में महिला की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद क्षेत्र में भारी आक्रोश फैल गया, जिसके चलते ग्रामीणों ने सड़क पर चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। जानकारी के अनुसार, यह घटना तब हुई जब अवैध रेत से भरा एक डंपर तेज रफ्तार से रामपुर घाट क्षेत्र से गुजर रहा था। सड़क पार कर रही महिला अचानक उसकी चपेट में आ गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि महिला को संभलने का मौका नहीं मिला और उसने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दीहादसे की खबर फैलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण और परिजन मौके पर जमा हो गए। उन्होंने तत्काल सड़क पर जाम लगा दिया। ग्रामीणों ने अवैध रेत खनन और प्रशासनिक लापरवाही के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि रामपुर घाट और आसपास के क्षेत्रों में अवैध रेत परिवहन का कारोबार लंबे समय से बेरोकटोक जारी है। ओवरलोड ट्रक, डंपर और ट्रैक्टर दिन-रात तेज रफ्तार से सड़कों पर दौड़ते हैं, जिससे आम लोगों की जान हमेशा जोखिम में रहती है। बोले- कई लोग जान गंवा चुकेग्रामीणों ने बताया कि यह कोई पहली घटना नहीं है। इससे पहले भी अवैध रेत परिवहन में लगे वाहनों की चपेट में आकर कई लोग अपनी जान गंवा चुके हैं। इसके बावजूद, संबंधित विभाग और प्रशासन इस पर प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रहे हैं। लोगों ने आरोप लगाया कि प्रशासन खनन माफियाओं के सामने बेबस नजर आता है। अवैध खनन और ओवरलोड वाहनों पर सख्ती न होने से माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। ग्रामीणों ने दोषी वाहन चालक की तत्काल गिरफ्तारी, अवैध खनन में संलिप्त लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई और क्षेत्र में अवैध रेत खनन पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग की। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस बल मौके पर पहुंचा। पुलिस अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर उन्हें शांत कराया और समझाइश के बाद सड़क जाम समाप्त कराया। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ सरकार ने प्रदेश के अलग-अलग नगरीय निकायों में एल्डरमैन (मनोनीत पार्षद) नियुक्त कर दिए हैं। नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग ने रायपुर और सरगुजा संभाग के नगर निगम, नगर पालिका परिषद और नगर पंचायतों के लिए आदेश जारी किया है। इस सूची में कुल 32 शहरी निकाय शामिल हैं। रायपुर नगर निगम में सबसे ज्यादा 11 एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। इन नियुक्तियों का काफी समय से इंतजार किया जा रहा था। हाल ही में नगरीय प्रशासन मंत्री और उपमुख्यमंत्री अरुण साव ने भी संकेत दिए थे कि प्रक्रिया लगभग पूरी हो चुकी है और जल्द ही आदेश जारी किए जाएंगे। अब विभाग ने आधिकारिक सूची जारी कर इन नियुक्तियों को मंजूरी दे दी है। रायपुर संभाग के कई निकायों में नियुक्तियां रायपुर नगर निगम के अलावा माना कैंप, तिल्दा-नेवरा, गोबरा नवापारा, आरंग, मंदिर हसौद, अभनपुर, खरोरा, कुनरा, समोदा और चंदखुरी के नगरीय निकायों में भी एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। इसके साथ ही गरियाबंद, महासमुंद, धमतरी और बलौदाबाजार-भाटापारा जिले के विभिन्न नगर निकायों में भी मनोनयन किया गया है। सरगुजा संभाग में भी जारी हुई सूची सरगुजा संभाग के अंबिकापुर नगर निगम सहित बलरामपुर, सूरजपुर, कोरिया, जशपुर और मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर जिले के कई नगर निकायों में भी एल्डरमैन नियुक्त किए गए हैं। सरकार का मानना है कि इन नियुक्तियों से निकायों के कार्यों में जनभागीदारी और अनुभव का लाभ मिलेगा। लंबे समय से था इंतजार निकाय चुनाव के बाद से ही एल्डरमैन नियुक्तियों को लेकर चर्चा चल रही थी। अब सूची जारी होने के बाद संबंधित निकायों में मनोनीत पार्षदों की भूमिका भी शुरू हो जाएगी। विभाग के आदेश में कहा गया है कि ये नियुक्तियां छत्तीसगढ़ नगर पालिक निगम अधिनियम, 1956 और छत्तीसगढ़ नगरपालिका अधिनियम, 1961 के तहत की गई हैं। सभी मनोनीत पार्षदों की नियुक्ति अगले आदेश तक लागू रहेगी। देखिए पूरी सूची
गोरखपुर में उद्यमी ओमप्रकाश जालान के घर पहुंचे योगी:स्वास्थ्य की ली जानकारी, बच्चों को दिया आशीर्वाद
गोरखपुर पहुंचे मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ गुरुवार देर शाम उद्यमी ओमप्रकाश जालान के बरगदवा स्थित आवास पहुंचे। मुख्यमंत्री ने उनसे मुलाकात कर उनका कुशलक्षेम जाना और हाल में हुए उपचार के बारे में जानकारी लेते हुए जल्द स्वस्थ होने की कामना की। अक्षयपात्र फाउंडेशन के केंद्रीयकृत रसोईघर के उद्घाटन समारोह में शामिल होने के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ओमप्रकाश जालान के आवास पहुंचे। यहां उन्होंने उनके स्वास्थ्य से जुड़ी जानकारी ली और परिवार के लोगों से बातचीत की। मुख्यमंत्री ने कहा कि वह उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं। मुलाकात के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने जालान परिवार के सदस्यों से आत्मीय संवाद किया। उन्होंने परिवार का हालचाल जाना और बच्चों से भी बातचीत करते हुए उन्हें उज्ज्वल भविष्य का आशीर्वाद दिया। मुख्यमंत्री की इस मुलाकात के दौरान परिवार के सदस्यों ने उनका स्वागत किया। इस मौके पर ओमप्रकाश जालान की पत्नी पूनम जालान, अनुज जालान, राधा जालान, तनुज जालान, जया जालान, संचित जालान, कविता जालान समेत परिवार के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
किशनगंज में सड़क हादसे में 1 युवक की मौत:दिघलबैंक-बहादुरगंज रोड पर आमने-सामने की टक्कर, 3 घायल
किशनगंज के दिघलबैंक प्रखंड में एसएच-99 पर कोईमारी गांव के पास 2 तेज रफ्तार बाइकों की आमने-सामने की टक्कर हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों में एक महिला सहित दो की हालत गंभीर बताई जा रही है। मृतक की पहचान खान मंगूरा निवासी रिजवान आलम के पुत्र अंजार आलम के रूप में हुई है। दुर्घटना में अंजार की बहन रूही प्रवीण और मां अजलेमा खातून भी घायल हुई हैं। दूसरे बाइक चालक की पहचान मलमली कोढ़ोबाड़ी निवासी ऐहतशाम, पिता अबुल कलाम के रूप में हुई है, जो गंभीर रूप से घायल है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिघलबैंक के डॉक्टरों के अनुसार, रूही प्रवीण और ऐहतशाम की हालत गंभीर बनी हुई है। अजलेमा खातून की स्थिति स्थिर है। सभी घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए किशनगंज रेफर कर दिया गया है। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अंजार आलम अपनी मां और बहन के साथ तुलसिया से खान मंगूरा की ओर जा रहा था। वहीं, ऐहतशाम टप्पू से बहादुरगंज की ओर जा रहा था। टप्पू ब्लॉक चौक से थोड़ी दूर आगे कोईमारी गांव के पास दोनों बाइकों (अपाची और प्लेटिना) की टक्कर हुई, जिससे अंजार आलम की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों के मुताबिक, दोनों बाइक चालक कम उम्र के थे और उन्होंने हेलमेट नहीं पहना था। हादसे के बाद घटनास्थल पर भीड़ जमा हो गई, जिसके बाद ग्रामीणों ने तत्काल घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र दिघलबैंक पहुंचाया। सूचना मिलते ही दिघलबैंक थानाध्यक्ष बिपिन कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल किशनगंज भेजा और दुर्घटनाग्रस्त दोनों बाइकों को जब्त कर थाने ले गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
धार में कार और बाइक भिड़ीं, युवक की मौत:चार लोग बाइक पर सवार थे; दो बालिकाओं समेत तीन घायल
धार जिले के तलवाड़ा क्षेत्र के पास गुरुवार को हुए एक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य लोग घायल हो गए। घायलों का उपचार जिला अस्पताल में जारी है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा गुरुवार को एक कार और बाइक के बीच जोरदार टक्कर से हुआ। हादसे के वक्त बाइक पर चार लोग सवार थे। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। इसके बाद सभी घायलों को एंबुलेंस की मदद से जिला अस्पताल पहुंचाया गया। अस्पताल में उपचार के दौरान एक युवक ने दम तोड़ दिया। खबर लिखे जाने तक मृतक की पहचान नहीं हो सकी थी। तीन का उपचार चल रहाहादसे में घायल दो बालिकाओं की पहचान आशापुर निवासी वर्षा और भारती के रूप में हुई है। एक अन्य घायल का भी उपचार जिला अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस मृतक की शिनाख्त के प्रयास कर रही है। पोस्टमार्टम की कार्रवाई के बाद शव परिजनों को सौंपा जाएगा। पुलिस हादसे के कारणों की भी जांच कर रही है।
जौनपुर में जिलाधिकारी सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में गुरुवार शाम 5 बजे से 6 बजे तक नगर निकायों की समीक्षा बैठक हुई। इस दौरान जिलाधिकारी ने जौनपुर नगर पालिका परिषद के कार्यों की प्रगति पर असंतोष व्यक्त किया और संबंधित अधिकारियों को अपनी कार्यप्रणाली में सुधार लाने के कड़े निर्देश दिए। बैठक में नगर निकायों द्वारा संचालित विभिन्न विकास कार्यों, स्वच्छता व्यवस्था, पेयजल आपूर्ति, स्ट्रीट लाइट, जल निकासी और अन्य जनसुविधाओं से संबंधित कार्यों की विस्तृत समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने नगर क्षेत्रों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ बनाने पर जोर दिया। उन्होंने नियमित साफ-सफाई, कूड़ा निस्तारण और जलभराव की समस्या के प्रभावी समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। डीएम ने स्पष्ट किया कि विकास कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा। सभी कार्य निर्धारित मानकों के अनुरूप और उच्च गुणवत्ता के साथ समयबद्ध ढंग से पूरे कराए जाएं। उन्होंने चेतावनी दी कि कार्यों में अनियमितता, लापरवाही या मानकों की अनदेखी पाए जाने पर संबंधित अधिकारियों एवं कार्यदायी संस्थाओं के विरुद्ध कठोर कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने यह भी निर्देश दिए कि जिन स्थानों पर विकास कार्य कराए जा रहे हैं, वहां कार्य से संबंधित सूचना बोर्ड अनिवार्य रूप से स्थापित किए जाएं। इन बोर्डों पर कार्य का नाम, स्वीकृत लागत, कार्यदायी संस्था, कार्य प्रारंभ एवं पूर्ण होने की तिथि सहित अन्य आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से अंकित होने चाहिए, ताकि आमजन को जानकारी मिल सके। जिलाधिकारी ने अनावश्यक विलंब करने वाले ठेकेदारों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई करते हुए उन्हें ब्लैकलिस्ट करने की प्रक्रिया सुनिश्चित करने को भी कहा। अंत में, जिलाधिकारी ने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों में विशेष अभियान चलाकर फुटपाथ एवं सार्वजनिक मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कराया जाए। उन्होंने कहा कि आमजन की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए पैदल चलने वालों के लिए निर्धारित स्थानों को पूरी तरह से खाली कराया जाए। दुकानों के बाहर लगाए गए स्थायी बोर्ड, होर्डिंग एवं अन्य अवरोधक, जो आवागमन में बाधा उत्पन्न कर रहे हैं, उन्हें नियमानुसार हटाने की कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। इसके अतिरिक्त, जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि नगर क्षेत्रों की सड़कों एवं सार्वजनिक स्थलों पर लंबे समय से खड़े अनुपयोगी, जर्जर वाहनों को चिन्हित कर नियमानुसार हटाया जाए। उन्होंने कहा कि ऐसे वाहन यातायात व्यवस्था को प्रभावित करने के साथ-साथ आमजन की सुरक्षा के लिए भी खतरा उत्पन्न करते हैं।
वकील नाजिया इलाही खान द्वारा सोशल मीडिया पर पैगंबर मोहम्मद साहब के खिलाफ की गई कथित अपमानजनक टिप्पणी को लेकर खरगोन के मुस्लिम समाज में भारी आक्रोश व्याप्त है। इस मामले में गुरुवार शाम 6 बजे मुस्लिम समाज के एक प्रतिनिधिमंडल ने मुख्यमंत्री के नाम अनुविभागीय अधिकारी (SDM) को एक ज्ञापन सौंपकर आरोपी महिला के खिलाफ राष्ट्रीय सुरक्षा कानून (रासुका/NSA) के तहत कठोर कार्रवाई करने की मांग की है। पॉडकास्ट के दौरान टिप्पणी से हुआ विवादयह पूरा विवाद एक पॉडकास्ट के दौरान नाजिया इलाही खान द्वारा दिए गए बयानों के बाद शुरू हुआ। शिकायतकर्ताओं के अनुसार, नाजिया इलाही ने इस्लाम के आखिरी नबी हजरत मोहम्मद साहब और हजरत आयशा के निकाह और उनकी उम्र के अंतर को लेकर बेहद आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल किया था। मुस्लिम समुदाय का कहना है कि पैगंबर साहब के निजी जीवन पर की गई यह टिप्पणी उनके प्रति गहरी गुस्ताखी है। पैगंबर साहब की शान में गुस्ताखी बर्दाश्त नहीं ज्ञापन सौंपने के दौरान अधिवक्ता शाहरुख मिर्जा ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि मुस्लिम समाज के लिए हज़रत मोहम्मद साहब सबसे अधिक सम्माननीय और अजीज हैं। उनकी शान में किसी भी प्रकार की गुस्ताखी को किसी भी सूरत में स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने प्रशासन से इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी के खिलाफ रासुका के तहत कार्रवाई की मांग की। वहीं, समाजसेवी सुल्तान भुट्टो ने आरोप लगाया कि नाज़िया इलाही बीते कई दिनों से लगातार विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स और सार्वजनिक कार्यक्रमों के जरिए मुस्लिम समाज तथा इस्लाम धर्म के खिलाफ नफरत फैलाने का काम कर रही हैं। इससे समूचे देश के युवाओं में गहरा रोष है और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए ऐसी नफरती बयानबाजी पर तुरंत लगाम लगाई जानी चाहिए।
झांसी के मऊरानीपुर निवासी और भारतीय जनता पार्टी के वरिष्ठ नेता रामकिशोर साहू को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी मिली है। पार्टी ने उन्हें कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। वहीं, अब तक यह दायित्व संभाल रहे प्रकाश पाल को भाजपा प्रदेश नेतृत्व ने पिछड़ा वर्ग मोर्चा का प्रदेश अध्यक्ष बनाया है। रामकिशोर साहू को संगठन और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के बीच मजबूत समन्वय रखने वाले नेताओं में माना जाता है। प्रदेश भाजपा अध्यक्ष की ओर से जारी संगठनात्मक नियुक्तियों में रामकिशोर साहू के नाम की घोषणा की गई। उनकी नियुक्ति को बुंदेलखंड में संगठन को और मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र भाजपा का एक बड़ा और राजनीतिक रूप से महत्वपूर्ण क्षेत्र है, जिसमें कई जिले शामिल हैं। ऐसे में क्षेत्रीय अध्यक्ष की भूमिका संगठन विस्तार, कार्यकर्ताओं के समन्वय और चुनावी रणनीति के लिहाज से बेहद अहम मानी जाती है। रामकिशोर साहू लंबे समय से भाजपा की संगठनात्मक गतिविधियों से जुड़े रहे हैं। उन्होंने पार्टी के विभिन्न पदों पर रहकर काम किया है और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं के साथ लगातार संपर्क बनाए रखा है। इसके अलावा वे राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यक्रमों में भी सक्रिय भूमिका निभाते रहे हैं। संगठन में उनकी पहचान एक सक्रिय, समर्पित और अनुशासित कार्यकर्ता के रूप में रही है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने आगामी विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए यह नियुक्ति की है। प्रदेश में चुनावी तैयारियां शुरू हो चुकी हैं और पार्टी संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने पर जोर दे रही है। ऐसे में बुंदेलखंड क्षेत्र से आने वाले रामकिशोर साहू को जिम्मेदारी देकर पार्टी ने सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन साधने का भी प्रयास किया है।कानपुर-बुंदेलखंड क्षेत्र में भाजपा को लगातार मजबूत बनाए रखने, नए कार्यकर्ताओं को संगठन से जोड़ने और बूथ स्तर तक पार्टी की पहुंच बढ़ाने की जिम्मेदारी अब रामकिशोर साहू के कंधों पर होगी। संगठन को उम्मीद है कि उनके नेतृत्व में क्षेत्र में पार्टी की पकड़ और मजबूत होगी। रामकिशोर साहू को क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाए जाने की खबर सामने आने के बाद झांसी, मऊरानीपुर और पूरे बुंदेलखंड के भाजपा कार्यकर्ताओं में खुशी का माहौल है। कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने इसे क्षेत्र के लिए गौरव का विषय बताते हुए उन्हें बधाई दी है।
गोपालगंज में कांग्रेस जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश गर्ग ने नीट और सीबीएसई पेपर लीक मामलों पर केंद्र सरकार पर हमला बोला। उन्होंने जिला मुख्यालय स्थित कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेस वार्ता आयोजित की। यह प्रेस वार्ता कांग्रेस के देशव्यापी 'छात्रों की गूंज' अभियान का हिस्सा थी। इसमें जिलाध्यक्ष ने भाजपा सरकार की कथित छात्र विरोधी नीतियों की आलोचना की। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी विफल गर्ग ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में देश की शिक्षा प्रणाली ध्वस्त हो गई है। उन्होंने कहा कि परीक्षाओं की शुचिता समाप्त हो चुकी है और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) जैसी संस्थाएं विफल साबित हुई हैं। उन्होंने आगे कहा, सालों तक दिन-रात मेहनत करने वाले लाखों छात्रों का भविष्य चंद माफियाओं और भ्रष्टाचारियों के हाथों में बेच दिया गया है। पेपर लीक अब कोई इकलौती घटना नहीं, बल्कि एक संगठित नेटवर्क बन चुका है। प्रश्नपत्र सोशल मीडिया पर वायरल जिलाध्यक्ष ने सरकार पर कई सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि जब परीक्षा से पहले ही प्रश्नपत्र सोशल मीडिया और माफियाओं तक पहुंच जाते हैं, तो सरकार और शिक्षा मंत्रालय क्या कर रहा था? उन्होंने यह भी पूछा कि नीट और सीबीएसई की गड़बड़ियों के कारण करोड़ों छात्रों में पैदा हुए अविश्वास और मानसिक तनाव की भरपाई कौन करेगा। गर्ग ने राष्ट्रीय स्तर पर परीक्षा कराने वाली एजेंसियों के शीर्ष अधिकारियों को राजनीतिक संरक्षण दिए जाने पर भी सवाल उठाए। कांग्रेस पार्टी युवाओं के साथ खड़ी प्रेस वार्ता के अंत में, जिलाध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस पार्टी देश के युवाओं और छात्रों के साथ खड़ी है। उन्होंने नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधार नहीं किया और छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो 'छात्रों की गूंज' आंदोलन सड़क से लेकर संसद तक और उग्र रूप लेगा।
सहारनपुर में स्वास्थ्य सेवाओं और संचारी रोग नियंत्रण अभियान की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी अरविंद कुमार चौहान ने अधिकारियों को कड़ी चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि जनस्वास्थ्य से जुड़े मामलों में किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। टीकाकरण की खराब प्रगति पर नाराजगी जताते हुए उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। गुरुवार शाम कलेक्ट्रेट सभागार में जिला स्वास्थ्य समिति और अंतर्विभागीय समन्वय समिति की बैठक में डीएम ने स्वास्थ्य विभाग के कामकाज की समीक्षा की। प्रसव मामलों की होगी जांच बैठक में मुजफ्फराबाद और सरसावा क्षेत्र में हुई प्रसव संबंधी घटनाओं को गंभीरता से लिया गया। डीएम ने डब्ल्यूएचओ के डॉ. आनंद को पूरे मामले की जांच कर कारणों का पता लगाने के निर्देश दिए। इसके साथ ही राष्ट्रीय बाल स्वास्थ्य कार्यक्रम (RBSK) के तहत स्कूली बच्चों की स्वास्थ्य जांच में तेजी लाने को कहा गया। महानिदेशक स्वास्थ्य, लखनऊ की सूची के अनुसार आशा, एएनएम और आंगनबाड़ी कार्यकर्ताओं के आयुष्मान कार्ड अगली बैठक से पहले बनवाने के निर्देश भी दिए गए। मातृ मृत्यु के हर मामले की होगी पड़ताल मातृ मृत्यु दर की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने प्रत्येक मामले की गहन जांच कराने के लिए विशेष समिति गठित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य विभाग का प्राथमिक उद्देश्य आमजन को बेहतर चिकित्सा सुविधाएं उपलब्ध कराना है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। 1 जुलाई से चलेगा विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान संचारी रोगों की रोकथाम को लेकर डीएम ने डीपीआरओ और नगर निगम अधिकारियों को विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि जिले में कहीं भी कूड़े के ढेर या गंदगी दिखाई नहीं देनी चाहिए। जलभराव वाले स्थानों की पहचान कर वहां से पानी निकासी, झाड़ियों की सफाई और नियमित स्वच्छता अभियान चलाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने बताया कि 1 से 31 जुलाई तक विशेष संचारी रोग नियंत्रण अभियान और 11 से 31 जुलाई तक घर-घर दस्तक अभियान चलाया जाएगा। डेंगू रोकथाम के लिए फॉगिंग और एंटी लार्वा अभियान बैठक में डेंगू और अन्य वेक्टर जनित बीमारियों की रोकथाम को लेकर भी चर्चा हुई। डीएम ने प्रभावित क्षेत्रों में एंटी लार्वा छिड़काव और फॉगिंग सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने शिक्षा विभाग को स्कूलों में बच्चों को संक्रामक रोगों से बचाव के प्रति जागरूक करने को कहा। साथ ही आगामी पल्स पोलियो अभियान का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और कोई भी बच्चा पोलियो की खुराक से वंचित न रहे, यह सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। टीबी उन्मूलन कार्यक्रम में लापरवाही पर कार्रवाई की चेतावनी राष्ट्रीय क्षय रोग (टीबी) उन्मूलन कार्यक्रम की समीक्षा के दौरान भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को चेतावनी दी। उन्होंने कहा कि यदि किसी स्तर पर लापरवाही पाई गई तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी सुमित राजेश महाजन, मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. प्रवीण कुमार, परियोजना निदेशक प्रणय कृष्ण, जिला मलेरिया अधिकारी शिवांका गौड़ समेत विभिन्न सीएचसी और पीएचसी के चिकित्सक एवं विभागीय अधिकारी मौजूद रहे।
मुजफ्फरनगर में बिहार में हुए भरत भूषण तिवारी एनकाउंटर को लेकर मुज़फ्फ़रनगर में हिंदू रक्षा दल ने विरोध प्रदर्शन करते हुए कैंडल मार्च निकाला। संगठन के कार्यकर्ताओं ने भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए पूरे मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग उठाई। हिंदू रक्षा दल के जिला अध्यक्ष शैंकी शर्मा और युवा जिला अध्यक्ष हेमंत शर्मा के नेतृत्व में गुरुवार देर शाम करीब 7:30 बजे कैंडल मार्च रुड़की रोड स्थित पाल धर्मशाला से शुरू हुआ। यह मार्च शिव चौक होते हुए तुलसी पार्क पहुंचा, जहां सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने हाथों में मोमबत्तियां और मशाल लेकर भरत भूषण तिवारी के समर्थन में प्रदर्शन किया। तुलसी पार्क पहुंचने पर कार्यकर्ताओं ने दो मिनट का मौन रखकर भरत भूषण तिवारी को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद बिहार सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए एनकाउंटर की निष्पक्ष जांच कराने और दोषी अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की गई। इस दौरान हिंदू रक्षा दल के पदाधिकारियों ने प्रधानमंत्री के नाम संबोधित 10 सूत्रीय ज्ञापन पुलिस प्रशासन को सौंपा। ज्ञापन सब इंस्पेक्टर शशि थरूर को दिया गया, जिसमें मामले की उच्चस्तरीय जांच, पीड़ित परिवार को न्याय दिलाने और दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई सहित कई मांगें शामिल थीं। जिला अध्यक्ष शैंकी शर्मा ने कहा कि यदि एनकाउंटर में किसी प्रकार की अनियमितता हुई है तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों को कानून के दायरे में लाया जाए। उन्होंने कहा कि हिंदू रक्षा दल इस मुद्दे को लेकर लगातार आवाज उठाता रहेगा। वहीं युवा जिला अध्यक्ष हेमंत शर्मा ने कहा कि भरत भूषण तिवारी को न्याय मिलने तक संगठन का संघर्ष जारी रहेगा। उन्होंने केंद्र और बिहार सरकार से मामले में पारदर्शी जांच सुनिश्चित करने की मांग की।
शाम करीब साढ़े सात-आठ बजे खाना खाने के बाद वे स्कूल गए। फिर रात करीब साढ़े 11 बजे वापस आए और बोले कि स्कूल में वॉचमैन नहीं है। इसलिए मैं आज स्कूल में ही सोऊंगा। मैं चौक गई कि आप स्कूल में क्यों सोएंगे, वॉचमैन नहीं हो? लेकिन वे कुछ नहीं बोले और स्कूल चले गए। इतना कहते ही साक्षी की आंखों में आंसू आ गए। कुछ सैकेंड रूकने के बाद बोली कि पता होता कि सुबह पति की लाश देखने को मिलेगी तो उन्हें स्कूल बिलकुल नहीं जाने देती। मेरा तो पूरा परिवार उजड़ गया। दो छोटे-छोटे बच्चे है। अकेली क्या करूंगी। मुझे न्याय चाहिए। इस मामले में हमने स्कूल प्रिंसिपल का पक्ष जानना चाहा लेकिन उनका फोन बंद आ रहा था। दरअसल पाली शहर के टैगोर नगर में रहने वाले 30 साल के राघवेन्द्र पुत्र एसएन शर्मा की गुरुवार सुबह टैगोर नगर स्थित एडी डागा पब्लिक स्कूल में फंदे पर बॉडी लटकी मिली थी और स्कूल के रेकर्ड रूम में आग लगी थी। राघवेन्द्र इसी स्कूल में बाबू का काम करता था। फोन नहीं उठाया तो सुबह स्कूल गईसाक्षी ने बताया कि गुरुवार सुबह उन्हें (राघवेन्द्र) को कई कॉल किए लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। इस पर गाड़ी लेकर स्कूल गई। वहां आग लग रही थी, समझ नहीं आ रहा था कि क्या करू। दो लड़के दिखे उनसे कहा कि दरवाजा खोलो। फिर घर आई भय्या को लेकर वापस गई। तब तक लोग एकत्रित हो गए। फायर बिग्रेड आई, गेट खोला। इस दौरान एक आदमी ने मुझे इनकी फोटो दिखाई जिसमें वे फंदे पर लटके हुए थे। रोते हुए मां बोली-मेरे बेटे को धोखे से बुलाकर मारा, न्याय चाहिएघटना को लेकर मृतक राघवेन्द्र की मां पुष्पादेवी कहती है कि मेरे बेटे को मार कर लटका दिया। धोखे से बुलाया। कोई भी नहीं कह सकता था कि वह ऐसा कर सकता था। वह स्कूल को लेकर परेशान था। कहता था कि आपको क्या बताऊ, आप परेशान हो जाओंगे। मेरा तो घर टूट गया। छोटे-छोटे पोता-पोती है अब मैं क्या करू। कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठे परिजन, समाज के लोग, नहीं करवाया पोस्टमार्टमइधर गुरुवार शाम को मृतक के परिजन और समाज के लोग कलेक्ट्रेट के बाहर धरने पर बैठ गए। वे मामले में प्रिंसिपल की गिरफ्तारी की मांग करने लगे। फिलहाल वे पोस्टमार्टम के लिए राजी नहीं हुए है। मृतक के मौसी के लड़के नीरज शर्मा ने कहा कि 20 पेज के नोट में साफ लिखा है कि प्रिंसिपल से प्रताड़ित था। मामले में प्रिंसिपल की गिरफ्तारी हो। मृतक कमाने वाला अकेला था। उसके परिवार में से एक को नौकरी दी जाए और आर्थिक सहायता दी जाए। यह भी पढ़े - प्रिंसिपल से परेशान बाबू ने आत्महत्या की:20 पेज का सुसाइड नोट लिखकर स्कूल में फंदे से लटका, परिजन बोले- हत्या के बाद शव लटकाया पिता की मौत के 21 दिन बाद हुई थी शादीमृतक राघवेन्द्र की साक्षी से 26 फरवरी 2020 में सामाजिक रीति-रिवाज से शादी हुई थी। राघवेन्द्र की बारात अजमेर गई थी। शादी से महज 10 दिन पहले राघवेन्द्र के पिता की अचानक मौत हो गई थी। लेकिन शादी की सारी बुकिंग हो चुकी थी। ऐसे में सादे समारोह के तहत राघवेन्द्र की शादी की गई। राघवेन्द्र एमएससी, बीएड तक की पढ़ाई की थी और साक्षी ने एमएसी तक की पढ़ाई की थी। शादी के बाद दोनों को एक लड़का और एक लड़की हुई। परिवार खुश था लेकिन इस हादसे से पूरा परिवार टूट गया। दो बच्चों की जिम्मेदारी साक्षी और उसकी सास पुष्पादेवी के कंधों पर आ गई है। हत्या की धारा में करवाया मामला दर्जघटना को लेकर मृतक के मामा राकेश पुत्र जगदीश ने कोतवाली थाने में रिपोर्ट दर्ज करवाई। जिसमें राघवेन्द्र की हत्या होने और सबूत नष्ट करने का आरोप लगाते हुए रिपोर्ट दी है। मामले में SHO रविन्द्रसिंह खिंची ने कहा कि मृतक के परिजनों की रिपोर्ट पर मामला दर्जकर जांच शुरू की है।
सहारनपुर में अंडर-16 क्रिकेट प्रतियोगिता संपन्न:चार जिलों के खिलाड़ियों ने दिखाया बेहतरीन प्रदर्शन
सहारनपुर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट एसोसिएशन (SDCA) द्वारा उत्तर प्रदेश क्रिकेट एसोसिएशन (UPCA) के दिशा-निर्देशों के तहत आयोजित अंडर-16 इंटर डिस्ट्रिक्ट क्रिकेट प्रतियोगिता गुरुवार शाम को संपन्न हो गई। अंबाला रोड स्थित ज्ञान कलश इंटर स्कूल मैदान में 22 से 25 जून तक चली इस प्रतियोगिता में चार जिलों की टीमों ने हिस्सा लिया। इस चार दिवसीय प्रतियोगिता में सहारनपुर-A, सहारनपुर-B, मुजफ्फरनगर और शामली की टीमों ने भाग लिया। युवा खिलाड़ियों ने बल्लेबाजी, गेंदबाजी और क्षेत्ररक्षण में अपनी प्रतिभा और खेल कौशल का शानदार प्रदर्शन किया, जिससे उनमें खासा उत्साह देखने को मिला। एसडीसीए सचिव यशपाल ने बताया कि जिले में क्रिकेट गतिविधियों को लगातार बढ़ावा दिया जा रहा है। उन्होंने एसडीसीए के डायरेक्टर और मार्गदर्शक मोहम्मद अकरम के प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि उनके मार्गदर्शन में सहारनपुर में क्रिकेट को नई दिशा मिली है और युवा खिलाड़ियों को बेहतर अवसर मिल रहे हैं। एसडीसीए चेयरमैन परविंदर सिंह ने भी मोहम्मद अकरम के योगदान को महत्वपूर्ण बताया। एसडीसीए अध्यक्ष राजीव गुप्ता ने कहा कि अकरम के सहयोग से जिले के कई खिलाड़ियों को आगे बढ़ने का अवसर मिला है और एसडीसीए भविष्य में भी युवा खिलाड़ियों को प्रोत्साहित करने के लिए प्रयास करता रहेगा। प्रतियोगिता के मैचों का संचालन अंपायर नीरज चौधरी, दीपक सैनी और आसिफ रजा ने किया। स्कोरर की जिम्मेदारी हरीश चौहान ने निभाई। यूपीसीए की ओर से उमंग शर्मा ने ऑब्जर्वर के रूप में प्रतियोगिता की निगरानी की और आयोजन की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।पदाधिकारियों ने खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समापन अवसर पर यूपीसीए एपेक्स काउंसिल सदस्य लतीफ उर रहमान, एसडीसीए कोषाध्यक्ष गोपाल कृष्ण कालरा, उपाध्यक्ष रवि सिंघल, संयुक्त सचिव ऋषि चौधरी, मीडिया मैनेजर सैयद मशकूर सहित एसडीसीए के पदाधिकारी, सदस्य और सभी कोच मौजूद रहे।
पंजाब सरकार की कर्मचारी और पेंशनभोगी नीतियों के विरोध में संघर्ष तेज हो गया है। सुजानपुर के मलिकपुर स्थित डीएसी कॉम्प्लेक्स में विभिन्न कर्मचारी संगठनों और पेंशनरों ने एक विशाल रोष रैली आयोजित की। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। यह विशाल रोष रैली पंजाब स्टेट मिनिस्टीरियल सर्विसेज यूनियन और सांझा मुलाजम मंच के आह्वान पर आयोजित की गई थी। इसमें विभिन्न विभागों के कर्मचारी और बड़ी संख्या में पेंशनभोगी शामिल हुए। कई कर्मचारी नेताओं के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने पंजाब सरकार के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की। सरकार पर अनदेखी का आरोप रैली को संबोधित करते हुए कर्मचारी नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। उन्होंने यह भी कहा कि चुनावों से पहले किए गए वादे अभी तक पूरे नहीं हुए हैं, जिससे कर्मचारियों में भारी रोष है। प्रदर्शनकारियों ने सरकार के सामने कई प्रमुख मांगें रखीं। इनमें पुरानी पेंशन योजना की बहाली, डीए की बकाया 18 प्रतिशत किस्तों का भुगतान, प्रोबेशन अवधि में पूरा वेतन, मानदेय कर्मचारियों पर न्यूनतम मजदूरी कानून लागू करना, एसीपी स्कीम को बहाल करना और कच्चे व ठेका कर्मचारियों को नियमित करना शामिल है। मांग नहीं मानने पर आवास घेरने की चेतावनी कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द कोई सकारात्मक कदम नहीं उठाया तो पूरे पंजाब में कैबिनेट मंत्रियों के आवासों का घेराव किया जाएगा। उन्होंने 17 जुलाई को मोहाली में एक राज्य स्तरीय महा रैली और मंत्रियों के आवासों के घेराव का भी ऐलान किया। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि यह लड़ाई अब आर-पार की होगी और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, तब तक संघर्ष जारी रहेगा। फिलहाल, सरकार की ओर से इस प्रदर्शन और मांगों पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दरभंगा में वाहन चेकिंग अभियान के दौरान पुलिस ने एक युवक को देसी कट्टा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस को देखकर आरोपी भागने की कोशिश कर रहा था। उसने रास्ते में हथियार फेंक दिया। जिसके बाद पुलिस ने उसे खदेड़कर पकड़ लिया। पुलिस ने उसकी कार भी जब्त कर ली। सदर-टू-कमतौल एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने बताया कि गिरफ्तार युवक ने पूछताछ के दौरान एक दर्जन से अधिक आपराधिक मामलों में अपनी संलिप्तता स्वीकार की है। उसके आपराधिक इतिहास का सत्यापन किया जा रहा है। मामला जाले थाना क्षेत्र का है। पुलिस ने कट्टा बरामद किया है जानकारी के अनुसार गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे जाले-अतरबेल मुख्य सड़क स्थित कदम चौक पेट्रोल पंप के पास वाहन जांच अभियान चलाया जा रहा था। इसी दौरान कार से जा रहे एक युवक को पुलिस ने रुकने का संकेत दिया। हालांकि चालक वाहन लेकर भागने लगा। जाले थानाध्यक्ष संदीप कुमार पाल ने बताया कि पुलिस को एक संदिग्ध युवक की गतिविधियों की गुप्त सूचना मिली थी। पुलिस ने मौके से कट्टा बरामद कर लिया और युवक को गिरफ्तार कर लिया। मामले की जांच की जा रही हैगिरफ्तार आरोपी की पहचान कछुआ पंचायत के वार्ड संख्या-16 निवासी राममूर्ति मिश्रा का बेटा अमित मिश्रा (30) के रूप में हुई है। थानाध्यक्ष ने बताया कि आरोपी के विरुद्ध आर्म्स एक्ट समेत अन्य संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। एसडीपीओ शुभेन्द्र कुमार सुमन ने कहा कि आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजने की प्रक्रिया चल रही है और मामले की जांच जारी है।
सहारनपुर के भूतेश्वर इंटर कॉलेज मैदान पर एसबीबीए क्रिकेट एकेडमी द्वारा आयोजित अंडर-14 समर क्रिकेट लीग का पहला क्वार्टर फाइनल मुकाबला खेला गया। गुरुवार शाम को हुए इस रोमांचक मैच में टीम व्हाइट ने टीम ब्लैक को 4 विकेट से हराकर अगले दौर में जगह बनाई। टॉस जीतकर टीम व्हाइट ने पहले गेंदबाजी का फैसला किया। बल्लेबाजी करने उतरी टीम ब्लैक की शुरुआत अच्छी नहीं रही और पूरी टीम 15 ओवर में 93 रन बनाकर ऑल आउट हो गई। टीम ब्लैक के लिए वंशिका ने 33 और रेयांश ने 43 रन की महत्वपूर्ण पारियां खेलीं, जिससे टीम एक सम्मानजनक स्कोर तक पहुंच सकी। ब्लैक को बड़ा स्कोर बनाने से रोका टीम व्हाइट के गेंदबाजों ने अनुशासित प्रदर्शन किया। पृथ्वीराज ने शानदार गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए, जबकि अर्जुन को 2 सफलताएं मिलीं। अन्य गेंदबाजों ने भी किफायती प्रदर्शन कर टीम ब्लैक को बड़ा स्कोर बनाने से रोका। 94 रन के लक्ष्य का पीछा करते हुए टीम व्हाइट ने 12.5 ओवर में 6 विकेट खोकर 95 रन बनाए और मुकाबला जीत लिया। टीम की जीत में राघवेंद्र ने 33 रन की महत्वपूर्ण पारी खेली, जबकि पृथ्वी ने 25 रन का योगदान दिया। टीम ब्लैक की ओर से सुशांत ने बेहतरीन गेंदबाजी करते हुए 3 विकेट लिए, जबकि वैदिक ने 2 विकेट हासिल किए। हालांकि, टीम व्हाइट के बल्लेबाजों ने संयम से खेलते हुए लक्ष्य प्राप्त कर लिया। शानदार प्रदर्शन के लिए राघवेंद्र को 'मैन ऑफ द मैच' चुना गया। आयोजकों और उपस्थित अतिथियों ने उनके प्रदर्शन की सराहना की। इस दौरान कोच राजीव गोयल, टप्पू, रणधीर कपूर, भूपेंद्र कछल और संजय शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति और क्रिकेट प्रेमी मौजूद रहे।
रामपुर में प्रेम विवाह के एक मामले की जांच के लिए छत्तीसगढ़ से पहुंचे एक सब इंस्पेक्टर और युवती के परिजनों को गुरुवार को हिंदू संगठनों के विरोध का सामना करना पड़ा। काफी देर तक चले विवाद और पुलिस हस्तक्षेप के बाद युवती को उसके पति के साथ रहने की अनुमति दे दी गई, जबकि जांच के लिए आए अधिकारी और परिजन बिना युवती को साथ लिए वापस लौट गए। जानकारी के अनुसार, छत्तीसगढ़ के भिलाई की रहने वाली अलीशा खातून का संपर्क रामपुर के सैनीनगर निवासी जोगेंद्र सिंह से फेसबुक के माध्यम से हुआ था। दोनों के बीच बातचीत के बाद प्रेम संबंध स्थापित हो गए। बताया जाता है कि अलीशा 10 मई 2026 को रामपुर आ गई थी, जिसके बाद उसके परिजनों ने स्थानीय थाने में उसकी गुमशुदगी दर्ज कराई थी। इसी मामले की जांच के सिलसिले में भिलाई से सब इंस्पेक्टर सुरेंद्र सिंह राजपूत, युवती की मां परवीन बेगम और भाई मोहम्मद समीर गुरुवार को रामपुर पहुंचे। मामले की जानकारी मिलने पर विश्व हिंदू परिषद से जुड़े कार्यकर्ता और पदाधिकारी भी कलेक्ट्रेट पहुंच गए। विश्व हिंदू परिषद के नेता अनिल वशिष्ठ, अविनाश पटेल समेत कई कार्यकर्ताओं ने मौके पर पहुंचकर विरोध जताया। उनका कहना था कि युवती को उसकी इच्छा के विरुद्ध कहीं नहीं ले जाया जा सकता। इस दौरान हिंदू संगठन के नेताओं और छत्तीसगढ़ पुलिस के सब इंस्पेक्टर के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। स्थिति को बिगड़ता देख सिविल लाइंस थाना पुलिस और नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों पक्षों को शांत कराया। पुलिस ने युवती का पक्ष जानने के लिए उससे बातचीत की। युवती ने पुलिस के समक्ष लिखित और वीडियो बयान देकर स्पष्ट किया कि वह अपनी इच्छा से जोगेंद्र सिंह के साथ रह रही है और उसी के साथ रहना चाहती है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि युवती बालिग है, इसलिए कानूनन उसे अपनी पसंद के अनुसार जीवनसाथी चुनने और उसके साथ रहने का अधिकार है। युवती के बयान के आधार पर पुलिस ने उसे उसके पति के साथ रहने की अनुमति दे दी। छत्तीसगढ़ से आए सब इंस्पेक्टर ने युवती का लिखित और वीडियो बयान अपनी जांच रिपोर्ट में शामिल करने के लिए सुरक्षित कर लिया। मामले के निस्तारण के बाद युवती अपने पति के साथ चली गई, जबकि उसकी मां, भाई और जांच अधिकारी बिना उसे साथ लिए वापस लौट गए। पुलिस का कहना है कि आगे की कार्रवाई युवती के बयान और उपलब्ध तथ्यों के आधार पर की जाएगी।
डेढ़ घंटे की बारिश से रायसेन के निचले इलाके डूबे:महामाया चौक पर दो फीट पानी भरा, आंधी से बिजली गुल
रायसेन में गुरुवार शाम करीब 7 बजे तेज आंधी और गरज-चमक के साथ मूसलाधार बारिश हुई। लगभग डेढ़ घंटे तक लगातार हुई इस बारिश से शहर के कई हिस्सों में जलभराव हो गया। महामाया चौक पर करीब 2 फीट तक पानी भर गया, जिससे वाहन ड्राइवरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। बारिश की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कुछ ही देर में सड़कें पानी से लबालब हो गईं। रामलीला मैदान और महामाया चौक जैसे निचले इलाकों में भी पानी भर गया। तेज हवाओं के कारण शहर की बिजली आपूर्ति भी बाधित हुई, जिससे कई क्षेत्रों में ब्लैकआउट की स्थिति निर्मित हो गई। 10 दिन देरी से पहुंचा है मानसूनजिले में बुधवार से लगातार बारिश का सिलसिला जारी है। बुधवार शाम 5 बजे से रात 9 बजे तक भी भारी बारिश हुई थी, जिसके बाद गुरुवार शाम 7 बजे से फिर बारिश का दौर शुरू हो गया। इस लगातार बारिश से शहर और ग्रामीण क्षेत्रों का मौसम पूरी तरह बदल गया है। रायसेन जिले में 1 जून से अब तक कुल 77.4 मिलीमीटर औसत वर्षा दर्ज की गई है। इस बार मानसून करीब 10 दिन की देरी से पहुंचा था, लेकिन अब यह पूरी तरह सक्रिय हो गया है और लगातार बारिश हो रही है। लगातार हो रही इस बारिश से किसानों को बड़ी राहत मिली है। खरीफ सीजन की बुआई ने अब गति पकड़ ली है। रायसेन जिले में धान का रकबा अधिक होने के कारण किसान धान की खेती की तैयारियों में जुट गए हैं। खेतों में पर्याप्त नमी मिलने से बुआई का कार्य तेजी से शुरू हो गया है, जिससे किसानों को अच्छी फसल की उम्मीद है।
कैमूर में पेड़ से गिरकर युवक की मौत:पैर फिसलने से बैलेंस बिगड़ा, मौके पर गई जान
कैमूर में दुर्गावती थाना क्षेत्र के खैरा सिवान में गुरुवार को एक युवक की ताड़ के पेड़ से गिरकर मौत हो गई। युवक ताड़ी उतारने के दौरान पेड़ से नीचे गिरा। मृतक की पहचान दुर्गावती थाना क्षेत्र के महमूदगंज गांव निवासी राजेंद्र पासी के 35 वर्षीय पुत्र अक्षय कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि अक्षय कुमार पेशे से ताड़ के पेड़ पर चढ़कर ताड़ी उतारने का काम करते थे। गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे जब वह पेड़ पर चढ़े हुए थे, तभी अचानक उनका पैर फिसल गया या संतुलन बिगड़ गया। इससे वह काफी ऊंचाई से सीधे जमीन पर आ गिरे। जमीन पर गिरते ही उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची हादसे के बाद परिजनों ने स्थानीय लोगों की मदद से पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। पुलिस ने घटना की पूरी जानकारी जुटाई और शव का पंचनामा तैयार किया। इसके बाद पुलिस ने शव को अंत्यपरीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेजा। डॉक्टरों की टीम द्वारा पोस्टमार्टम कराने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
गुरुवार को नागरिक सुरक्षा टीपी नगर प्रभाग के अंतर्गत बागपत रोड स्थित प्लैटिनम मॉल की चाणक्य लाइब्रेरी में एलिमेंट्री फायर सेफ्टी कोर्स प्रशिक्षण एवं अग्निशमन प्रदर्शन कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य छात्र-छात्राओं और आम नागरिकों को आग से बचाव तथा इमरजेंसी परिस्थितियों में सुरक्षित रहने के तरीकों की जानकारी देना था। ट्रेनिंग के दौरान नवीन नारंग, सहायक उप नियंत्रक (वरिष्ठ वेतनमान) ने छात्र-छात्राओं को आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों और बचाव के उपायों की जानकारी दी। उन्होंने फायर एक्सटिंग्विशर के सही उपयोग का व्यावहारिक प्रदर्शन किया और बताया कि आग लगने पर घबराने के बजाय किस प्रकार सूझबूझ से स्थिति को नियंत्रित किया जा सकता है। कार्यक्रम में आपातकालीन परिस्थितियों के दौरान सुरक्षित एग्जिट प्लान और बचाव की विभिन्न विधियों का भी प्रदर्शन किया गया। प्रशिक्षकों ने उपस्थित लोगों को बताया कि किसी भी भवन में प्रवेश करते समय आपातकालीन निकास मार्गों की जानकारी रखना कितना महत्वपूर्ण है। कार्यक्रम के सफल आयोजन में राजकुमार खत्री, प्रभागीय वार्डन, संजय कुमार गर्ग, वीरेंद्र मित्तल तथा दीपक त्यागी, पोस्ट वार्डन का विशेष सहयोग रहा। ट्रेनिंग कार्यक्रम में लाइब्रेरी के छात्र-छात्राएं, वार्डन पदाधिकारी और लाइब्रेरी स्टाफ बड़ी संख्या में उपस्थित रहे तथा सभी ने अग्नि सुरक्षा से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारियां प्राप्त कीं।
महामेधा नागर बनीं भाजपा प्रदेश मंत्री:ग्रेटर नोएडा की निवासी, युवा नेतृत्व को मिला सम्मान
भारतीय जनता पार्टी ने उत्तर प्रदेश संगठन में बड़ा बदलाव करते हुए गौतमबुद्ध नगर की युवा नेता महामेधा नागर को प्रदेश मंत्री नियुक्त किया है। भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में मिली इस जिम्मेदारी के बाद दादरी और पूरे गौतमबुद्ध नगर में खुशी का माहौल है। कार्यकर्ताओं ने इसे क्षेत्र और युवा महिला नेतृत्व के लिए बड़ी उपलब्धि बताया है। महामेधा नागर मूल रूप से दादरी क्षेत्र के ग्राम अच्छेजा की रहने वाली हैं। भाजपा ने उन्हें प्रदेश संगठन में शामिल कर युवा नेतृत्व और महिला सशक्तिकरण को मजबूत संदेश देने का प्रयास किया है। छात्र राजनीति से शुरू हुआ सफर महामेधा नागर का राजनीतिक और सामाजिक सफर छात्र जीवन से शुरू हुआ। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय के प्रतिष्ठित मिरांडा हाउस कॉलेज से अंग्रेजी ऑनर्स में स्नातक किया। इसके बाद फैकल्टी ऑफ लॉ से एलएलबी और पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में परास्नातक की पढ़ाई पूरी की। वर्ष 2017-18 में उन्होंने अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के उम्मीदवार के रूप में दिल्ली विश्वविद्यालय छात्रसंघ (DUSU) चुनाव लड़ा और सचिव पद पर जीत दर्ज की। छात्र राजनीति में उनकी यह जीत उन्हें राष्ट्रीय स्तर पर पहचान दिलाने वाली साबित हुई। 'दिल्ली की पैड वुमन' के नाम से मिली पहचान DUSU सचिव रहते हुए महामेधा नागर ने महिलाओं के स्वास्थ्य और सम्मान से जुड़े मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। सैनिटरी पैड पर टैक्स हटाने को लेकर चलाए गए अभियान में उनकी सक्रिय भूमिका रही। इसी वजह से उन्हें दिल्ली की पैड वुमन के नाम से भी पहचान मिली। महिलाओं और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर लगातार काम करने के कारण वे छात्र राजनीति से निकलकर सामाजिक और राजनीतिक क्षेत्र में सक्रिय चेहरा बन गईं। अंतरराष्ट्रीय मंचों पर किया भारत का प्रतिनिधित्व महामेधा नागर अमेरिका और थाईलैंड सहित कई अंतरराष्ट्रीय मंचों पर भारत का प्रतिनिधित्व कर चुकी हैं। सामाजिक परिवर्तन और युवा नेतृत्व के क्षेत्र में उनके योगदान को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सराहा गया है। उन्हें यूनेस्को और सार्क सहित कई संस्थाओं द्वारा सम्मानित भी किया जा चुका है। पश्चिमी यूपी में गुर्जर समाज का मजबूत प्रतिनिधित्व भाजपा की नई प्रदेश कार्यकारिणी में पश्चिमी उत्तर प्रदेश से गुर्जर समाज को दो प्रतिनिधित्व मिले हैं, जिनमें महामेधा नागर भी शामिल हैं। राजनीतिक जानकार इसे पश्चिमी यूपी में सामाजिक और संगठनात्मक संतुलन साधने की रणनीति के रूप में देख रहे हैं। कार्यकर्ताओं में उत्साह महामेधा नागर की नियुक्ति के बाद दादरी, गौतमबुद्ध नगर और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के भाजपा कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है। क्षेत्र के लोगों का मानना है कि उनकी संगठनात्मक क्षमता, शिक्षा, सामाजिक सरोकार और युवा नेतृत्व का अनुभव प्रदेश संगठन को मजबूती देगा। भाजपा कार्यकर्ताओं का कहना है कि दादरी की बेटी ने अपनी मेहनत और संघर्ष के दम पर यह मुकाम हासिल किया है और अब वह
जोधपुर कमिश्नरेट क्षेत्र में अब बिना पुलिस वेरिफिकेशन के किराएदार या नौकर रखने पर पुलिस सख्त कार्रवाई करेगी। इसके साथ ही बुलेट मॉडिफाई करने वाले गैराज संचालकों के खिलाफ भी पुलिस एक्शन लेगी। DCP हेडक्वार्टर शाहीन सी. ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (BNSS) की धारा 163 के तहत 2 अलग-अलग प्रतिबंधात्मक आदेश जारी किए हैं। ये आदेश 27 जून 2026 से 25 अगस्त 2026 तक पूरे जोधपुर आयुक्तालय (कमिश्नरेट) क्षेत्र में प्रभावी रहेंगे। जारी आदेशों के मुताबिक, अब बिना वेरिफिकेशन के किराएदार या नौकर रखने पर कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वहीं, वाहनों पर फैंसी नंबर प्लेट लगाने, कारों पर ब्लैक फिल्म (शीशे) चढ़ाने और बुलेट या अन्य बाइक को मॉडिफाई करने वाले गैराज संचालक भी पुलिस के रडार पर रहेंगे। 15 दिन में कराना होगा वेरिफिकेशन डीसीपी शाहीन सी. के मुताबिक, जोधपुर शहर में बिना पुलिस वेरिफिकेशन और बिना पुख्ता पहचान पत्र के किराएदार, घरेलू नौकर, ड्राइवर, चौकीदार और निजी कर्मचारियों को रखने पर पाबंदी लगा दी गई है। इन्हें रखने के 15 दिनों के भीतर इनका पुलिस वेरिफिकेशन करवाना अनिवार्य होगा कमिश्नरेट के सदर बाजार, करवड़, मंडोर, शास्त्रीनगर, एयरपोर्ट और महामंदिर थाना क्षेत्रों में घरेलू नौकरों और संदिग्ध तत्वों द्वारा अंजाम दी गई गंभीर वारदातों का हवाला दिया गया है। आदेश के तहत अब मकान मालिकों और व्यावसायिक संस्थानों के स्वामियों को अपने यहां काम करने वाले या रहने वाले लोगों की पूरी व्यक्तिगत जानकारी और मोबाइल नंबर संधारित (रिकॉर्ड) करना होगा। इसके अलावा उन्हें राजकॉप (RajCop) ऐप के वेरिफिकेशन फीचर के ज़रिए या सीधे थाने में जाकर किराएदारों और नौकरों आदि का पुलिस वेरिफिकेशन करवाना होगा। गैराज संचालकों पर शिकंजा जारी आदेश के अनुसार, सड़कों पर बुलेट और पावर बाइक के साइलेंसर मॉडिफाई कर पटाखे जैसी आवाज़ निकालने वाले हुड़दंगियों के साथ-साथ अब ऐसा करने वाले मैकेनिकों की भी खैर नहीं है। इसके अलावा, वाहनों पर अमानक और फैंसी नंबर प्लेट लगाने वाले गैराज संचालकों पर भी प्रतिबंध लगाया गया है; क्योंकि अपराधी अक्सर ऐसी नंबर प्लेटों का फायदा उठाकर वारदात के बाद फरार हो जाते हैं और पुलिस उन्हें ट्रैक नहीं कर पाती। जारी आदेश के मुताबिक, कोई भी गैराज संचालक या मैकेनिक किसी भी बाइक में तेज आवाज़ निकालने वाला मॉडिफाइड साइलेंसर नहीं लगाएगा। नंबर प्लेट के नियम पुलिस के मुताबिक, वाहनों पर केवल परिवहन विभाग की ओर से तय किए गए मापदंडों के अनुसार ही नंबर प्लेट लगाई जाएगी। बिना आरसी (R/C - रजिस्ट्रेशन सर्टिफिकेट) या वेरिफिकेशन के कोई भी फैंसी, डिजाइनदार या छोटे-बड़े आकार की नंबर प्लेट नहीं बनाई जाएगी। आरसी (R/C) की शर्तों के खिलाफ जाकर वाहनों की खिड़कियों के शीशों पर काली फिल्म लगाना, आगे-पीछे हैवी बंपर लगाना या किसी भी तरह का अवैध मॉडिफिकेशन करना पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। इस आदेश की अवहेलना करने वालों के खिलाफ पुलिस सख्त कानूनी कार्रवाई (एक्शन) करेगी।
साइबर सिटी गुरुग्राम से एक पुलिसकर्मी द्वारा ऑटो ड्राइवर से बदसलूकी किए जाने का मामला सामने आया है। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह पूरा विवाद कथित तौर पर मुफ्त में सफर करने को लेकर शुरू हुआ। आरोप है कि पुलिसकर्मी ने ऑटो ड्राइवर से मुफ्त सवारी की मांग की थी। जब ऑटो ड्राइवर ने इससे साफ इनकार कर दिया, तो पुलिस जवान अपना आपा खो बैठा। सरेराह गालियां देने का आरोप उसने सरेराह ऑटो ड्राइवर को कथित तौर पर भद्दी-भद्दी गालियां देना और धमकाना शुरू कर दिया। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी और ऑटो ड्राइवर के बीच तीखी बहस साफ देखी जा सकती है। वीडियो सामने आने के बाद स्थानीय लोगों में भारी आक्रोश है। लोग जनता की सुरक्षा का दम भरने वाली पुलिस के ऐसे रवैये को अस्वीकार्य बता रहे हैं। सोशल मीडिया पर लोग इस वीडियो को साझा कर गुरुग्राम पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से आरोपी जवान के खिलाफ सख्त कानूनी और विभागीय कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। फिलहाल, पुलिस विभाग द्वारा इस मामले की जांच और आधिकारिक बयान का इंतजार है।
महराजगंज में आगामी मोहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सुरक्षित वातावरण में संपन्न कराने के उद्देश्य से पुलिस अधीक्षक शक्ति मोहन अवस्थी ने गुरुवार को थाना कोतवाली क्षेत्र में फ्लैग मार्च किया। उन्होंने भारी पुलिस बल के साथ ताजिया जुलूस के निर्धारित मार्गों और संवेदनशील स्थलों का निरीक्षण कर सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। फ्लैग मार्च नगर तिराहे से शुरू होकर शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील स्थानों से गुजरा। इस दौरान पुलिस अधीक्षक ने जुलूस मार्गों पर सुरक्षा प्रबंध, यातायात व्यवस्था, बैरिकेडिंग, प्रकाश व्यवस्था और साफ-सफाई की स्थिति का निरीक्षण किया। उन्होंने संबंधित अधिकारियों और पुलिस कर्मियों को निर्देश दिए कि मोहर्रम के दौरान पूरी सतर्कता और जिम्मेदारी के साथ अपने कर्तव्यों का पालन करें। किसी भी अवांछनीय गतिविधि पर तत्काल प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। निरीक्षण के दौरान एसपी ने जुलूस मार्गों पर मौजूद व्यवस्थाओं का बारीकी से अवलोकन किया और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि पर्व के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एसपी ने कहा कि सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं और पुलिस बल लगातार क्षेत्र में भ्रमणशील रहकर निगरानी बनाए रखे। फ्लैग मार्च के दौरान पुलिस अधिकारियों ने स्थानीय नागरिकों, व्यापारियों और गणमान्य लोगों से संवाद भी किया। इस अवसर पर लोगों से मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे, शांति और सौहार्द के साथ मनाने की अपील की गई। आमजन से अनुरोध किया गया कि वे किसी भी प्रकार की अफवाहों पर ध्यान न दें और सोशल मीडिया पर भ्रामक या आपत्तिजनक सामग्री साझा न करें। पुलिस अधीक्षक ने दोहराया कि महराजगंज पुलिस जनपद में शांति, सुरक्षा और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। मोहर्रम पर्व को सकुशल संपन्न कराने के लिए सभी आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की जा रही हैं। इसका उद्देश्य यह है कि श्रद्धालु सुरक्षित माहौल में अपने धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन कर सकें।
बक्सर जिला प्रशासन मुहर्रम पर्व को शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण माहौल में संपन्न कराने के लिए पूरी तरह सतर्क है। इसी क्रम में बुधवार, 25 जून 2026 को जिला पदाधिकारी साहिला और पुलिस अधीक्षक शुभम आर्य ने संयुक्त रूप से शहर के संवेदनशील इलाकों में फ्लैग मार्च किया। प्रशासन का मुख्य उद्देश्य मुहर्रम के दौरान शांति व्यवस्था बनाए रखना और किसी भी अप्रिय घटना को रोकना है। यह फ्लैग मार्च शहर के प्रमुख क्षेत्रों जैसे ज्योति चौक, खलासी मुहल्ला, यमुना चौक, ठठेरी बाजार और बड़ी मस्जिद से होते हुए मॉडल थाना बक्सर तक निकाला गया। इस दौरान, प्रशासन ने आम जनता से शांति और आपसी भाईचारा बनाए रखने की अपील की। QRT टीमें भी प्रतिनियुक्त की गई मुहर्रम को लेकर जिले में व्यापक सुरक्षा व्यवस्था की गई है। प्रशासन ने कुल 128 स्टैटिक दंडाधिकारी और पुलिस पदाधिकारियों को तैनात किया है। इसके अतिरिक्त, 31 गश्ती दल, 2 जोनल दंडाधिकारी और 2 त्वरित प्रतिक्रिया (QRT) टीमें भी प्रतिनियुक्त की गई हैं। कुल 106 ताजिया जुलूसों के साथ मजिस्ट्रेट और पुलिस बल भी तैनात रहेंगे। जिला स्तर पर एक नियंत्रण कक्ष भी स्थापित किया गया है, जो पूरे आयोजन पर कड़ी नजर रखेगा। प्रशासन के अनुसार, जिले में कुल 107 लाइसेंसी ताजिया जुलूस निकाले जाएंगे। इनमें बक्सर अनुमंडल से 48 और डुमरांव अनुमंडल से 59 जुलूस शामिल हैं। ताजिया के लिए मिट्टी लाने की प्रक्रिया 25 जून से शुरू हो चुकी है। वहीं, 26 जून को शहादत की रात और 27 जून को पहलाम का कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। अनुमंडल पदाधिकारी से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि ताजिया की ऊंचाई निर्धारित सीमा से अधिक नहीं होनी चाहिए। सभी जुलूसों के लिए अनुमंडल पदाधिकारी से लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य होगा। जुलूस में डीजे बजाने पर पूर्ण प्रतिबंध रहेगा। साथ ही, भड़काऊ नारेबाजी, उत्तेजक गीत और हथियारों के प्रदर्शन पर भी रोक लगाई गई है। सोशल मीडिया पर फैलने वाली अफवाहों पर निगरानी रखने के लिए साइबर थाना और 'साइबर सेनानी' व्हाट्सएप समूहों को सक्रिय कर दिया गया है। प्रशासन ने सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय के साथ मुहर्रम पर्व को सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए हैं।
राजसमंद जिले में निर्जला एकादशी का पर्व गुरुवार को श्रद्धा और आस्था के साथ मनाया गया। चारभुजा धाम में सुबह से ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। विष्णु स्वरूप भगवान श्री चारभुजानाथ के दर्शन के लिए मंदिर परिसर से लेकर मीराबाई मंदिर चौक और सूरजपोल ढलान तक लंबी कतारें लगी रहीं। श्रद्धालु घंटों तक लाइन में खड़े रहकर दर्शन का इंतजार करते नजर आए। महिलाओं ने पारंपरिक रीति से अर्पित किए जल कलश निर्जला एकादशी पर व्रतधारी महिलाओं ने पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ भगवान चारभुजानाथ की पूजा-अर्चना की। महिलाएं समूहों में मंगल गीत गाते हुए घरों से निकलीं और मिट्टी के कलशों में पवित्र जल भरकर मंदिर पहुंचीं। कलशों के ऊपर श्रीफल, दक्षिणा और पूजन सामग्री रखी गई। मंदिर में विधिवत पूजा के बाद महिलाओं ने भगवान के चरणों में जल कलश अर्पित किए। सुख-समृद्धि और आरोग्यता की कामना की धार्मिक मान्यताओं के अनुसार निर्जला एकादशी का व्रत अत्यंत पुण्यदायी माना जाता है। श्रद्धालुओं ने भगवान से परिवार की सुख-समृद्धि, आरोग्यता और शांति की कामना की। गांव के लक्ष्मी नारायण मंदिर में भी महिलाओं ने जल कलश अर्पित कर पूजा-अर्चना की। हनुमान धाम और आमज माता मंदिर में भी रही भीड़ क्षेत्र के अन्य धार्मिक स्थलों पर भी दिनभर श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रही। रोकड़िया हनुमान धाम और आमज माता मंदिर में बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। वहीं सेवंत्री स्थित रूपनारायण मंदिर में सड़क की खराब स्थिति के कारण अपेक्षाकृत कम श्रद्धालु पहुंचे, जिससे स्थानीय ग्रामीणों और पुजारियों में नाराजगी देखने को मिली। श्रीनाथजी मंदिर में विशेष दर्शन, दिनभर चली गिरिराज परिक्रमा निर्जला एकादशी पर श्रीनाथजी की हवेली में भी देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे और विशेष दर्शन किए। मंदिर में प्रभु श्रीनाथजी का कलियों से विशेष श्रृंगार किया गया। नगर में दिनभर गिरिराज परिक्रमा करने वालों का तांता लगा रहा। श्रद्धालुओं ने परिक्रमा कर दान-पुण्य किया और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया।

