राजस्थान एएनटीएफ की टीम ने पांच राज्यों में ऑपरेशन जमुहार चलाकर मणिपुर से तस्करी कर लाई जा रही 90 किलोग्राम अवैध अफीम को हरियाणा पुलिस के साथ सिरसा में जब्त किया है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में इसकी कीमत करीब 4.50 करोड़ रुपए आंकी है। पुलिस ने अफीम के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार कर एक ट्रक जब्त किया है। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देशन में हुई इस कार्रवाई को एएनटीएफ की अब तक की सबसे बड़ी मादक पदार्थ बरामदगी माना जा रहा है। आईजी विकास कुमार ने बताया कि किशनाराम विश्नोई (44) निवासी पाली और सुखराम विश्नोई निवासी रोहित-पाली को गिरफ्तार किया गया है। ट्रक में अफीम रख कार से जयपुर आ रहे थे तस्कर तस्करों ने मणिपुर से ट्रक में अफीम रखी और खुद कार से जयपुर आ रहे थे। इसी दौरान जयपुर में उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ में अफीम तस्करी का खुलासा हुआ, जिसके बाद हनुमानगढ़ की टीम को सिरसा भेजा गया। ट्रक के फास्टैग से सिरसा टोल पार करने का मैसेज मिलने पर एएनटीएफ हनुमानगढ़ की इंस्पेक्टर किरणजीत कौर ने टीम के साथ ट्रक को सिरसा में पकड़ लिया।
पंजाब के मोहाली (सेक्टर-79) के रहने वाले भारतीय सेना के अफसर मेजर अर्शदीप सिंह गिल को देश के दूसरे सबसे बड़े शांतिकालीन वीरता पुरस्कार 'कीर्ति चक्र' से सम्मानित किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने नई दिल्ली स्थित राष्ट्रपति भवन में आयोजित 'डिफेंस इन्वेस्टीचर सेरेमनी' के दौरान उन्हें इस प्रतिष्ठित सम्मान से नवाजा। मेजर अर्शदीप सिंह ने मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ चले बेहद संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण ऑपरेशन में अदम्य साहस का परिचय दिया था। ऑपरेशन की बड़ी बातें मणिपुर में उग्रवादियों के खिलाफ यह काउंटर-इंसरजेंसी ऑपरेशन करीब 84 घंटे (साढ़े तीन दिन) तक चला था। खतरनाक और प्रतिकूल परिस्थितियों के बावजूद मेजर अर्शदीप ने अपनी टीम को आगे रहकर लीड किया और मिशन को सफलतापूर्वक अंजाम दिया। मेजर गिल 'द आर्मर्ड कॉर्प्स' के अधिकारी हैं और फिलहाल '1 असम राइफल्स' के साथ तैनात हैं। पूरे पंजाब में गर्व का माहौल, युवाओं के लिए बने रोल मॉडल सेना के सूत्रों के मुताबिक, मेजर गिल ने बेहद खतरनाक हालातों में भी अद्वितीय पेशेवर कौशल और वीरता दिखाई। उनकी इस बहादुरी से न सिर्फ मोहाली बल्कि पूरे पंजाब और देश का नाम रोशन हुआ है। सम्मान की खबर मिलते ही मेजर अर्शदीप के मोहाली स्थित घर पर बधाई देने वालों का तांता लग गया। रक्षा विशेषज्ञों और सुरक्षा एजेंसियों के अधिकारियों ने इसे देश के युवाओं के लिए एक प्रेरक मिसाल बताया है। क्या है कीर्ति चक्र? यह भारत का दूसरा सबसे बड़ा शांतिकालीन वीरता पुरस्कार है। यह सम्मान सेना, नौसेना और वायु सेना के जवानों के अलावा आम नागरिकों को भी असाधारण वीरता या आत्म बलिदान के लिए दिया जाता है। वरीयता में यह 'अशोक चक्र' के बाद आता है।

