त्रिपुरा, मेघालय और मणिपुर का स्थापना दिवस: पूर्वोत्तर की पहचान का उत्सव
पूर्वोत्तर भारत के तीन अहम राज्यों (त्रिपुरा, मेघालय और मणिपुर) को साल 1972 को भारतीय संघ में पूर्ण राज्य का दर्जा मिला था, जिसने पूर्वोत्तर क्षेत्र के राजनीतिक और प्रशासनिक ढांचे में एक नया अध्याय जोड़ा
राजस्थान के खिलाड़ियों से मणिपुर में उग्रवादियों ने लूटपाट की। खिलाड़ियों से सारे पैसे ले लिए। टीम के बच्चों ने एक वीडियो जारी कर आपबीती बताई। इसके बाद मणिपुर सरकार ने मामले की जांच के आदेश दिए। दरअसल, राजस्थान की टीम 69वीं नेशनल स्कूल चैंपियनशिप में हिस्सा लेने गई मणिपुर गई थी। एक खिलाड़ी के पिता ने बताया-13 जनवरी की रात दीमापुर से इंफाल जा रहे थे। इसी दौरान रात 12:30 बजे रास्ते में एक समुदाय से जुड़े कुछ उग्रवादियों ने खिलाड़ियों की गाड़ी को रास्ते में रोक लिया। वहां मौजूद कुछ बंदूकधारियों ने गाड़ी में मौजूद खिलाड़ियों को धमकाया। उन्हें काफी देर तक रोके रखा। उनसे उनके पास मौजूद नकद राशि ले ली। वहीं इसको लेकर अब खिलाड़ियों के परिजनों ने शिक्षा मंत्री से भी शिकायत की है। ट्रेन में बाथरूम के बाहर बैठकर परेशान हुए खिलाड़ी परिजनों ने कहा- 52 खिलाड़ियों को मणिपुर जाना था, लेकिन सरकार ने सिर्फ 24 की टिकट करवाई। 24 की टिकट भी कंफर्म नहीं थी, खिलाड़ियों को ट्रेन में बाथरूम के बाहर बैठकर परेशान होना पड़ा। मणिपुर में भी बच्चों के साथ लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। बड़ी संख्या में टीम के साथ महिला खिलाड़ी भी थी। ऐसे में सरकार को खिलाड़ियों की सुरक्षा को लेकर कुछ पुख्ता व्यवस्था करनी चाहिए थी। इसके साथ ही जो भी लोग इसमें दोषी है उनके खिलाफ सख्त एक्शन भी लिया जाना चाहिए। टीम के कोच सोहनराम ने बताया- घटना में किसी को शारीरिक नुकसान नहीं पहुंचा। सभी खिलाड़ी सुरक्षित हैं। टीम 11 जनवरी को धौलपुर से रवाना हुई थी। दिल्ली से दीमापुर के लिए ट्रेन थी। जो देरी से चली और 13 जनवरी की शाम को दीमापुर पहुंची। वहां से कार द्वारा इम्फाल जाते समय यह घटना हुई। सोहनराम ने बताया- वीडियो में बयान देने वाली बच्ची फ्लाइट से आई थी। उस समय टीम के साथ मौजूद नहीं थी। कोई बड़ी अव्यवस्था नहीं हुई और कुछ खिलाड़ी पहले ही राजस्थान लौट चुके हैं। इम्फाल के पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए इस मामले में वीडियो सामने आने के बाद मणिपुर सरकार ने इम्फाल के पुलिस अधीक्षक को जांच के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही सेनापति और कांगपोक्पी जिलों के अधिकारियों को भी जांच में सहयोग करने के लिए कहा है। आदेश में वीडियो की सत्यता की जांच कर जल्द से जल्द कानूनी कार्रवाई करने को कहा गया है। वहीं, राजस्थान के शिक्षा विभाग से संपर्क करने की कोशिश की गई, लेकिन कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं मिली।
इंसाफ का इंतजार करते-करते टूट गई सांसें! मणिपुर गैंगरेप पीड़िता की मौत, ढाई साल बाद भी आरोपी आजाद
Manipur Violence Case: मणिपुर हिंसा के दौरान 20 साल की युवती गैंगरेप की शिकार हुई थी. अब इंसाफ का इंतजार करते-करते दम तोड़ दिया. जुलाई 2023 में FIR दर्ज होने के बावजूद आज तक आरोपियों की पहचान तक नहीं की जा सकी. यह मामला एक बार फिर मणिपुर हिंसा और न्याय व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है.
मुश्किल मुद्दों की वजह से मणिपुर समस्या के समाधान में हो रही है देरी
मणिपुर का पूरा इलाका- पहाड़ियां और घाटियां दोनों- हमेशा मणिपुर के राजाओं, राज्य दरबार और बाद में, राज्य सरकार के प्रशासन में था

