बजट के बीच अचानक क्यों मची इस राज्य में खलबली, 20 से ज्यादा बीजेपी-NDA के नेता आए दिल्ली
Manipur New Government News: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने आज देश का आम बजट पेश किया. उस पर तारीफ-आलोचनाओं का दौर जारी है. इसी बीच पूर्वोत्तर के एक राज्य में खलबली मच गई है. वहां के 20 से ज्यादा एनडीए विधायकों को एकाएक दिल्ली बुलाया गया है.
बांस बने 'बम' और पहाड़ बनी 'चिमनी'! नगालैंड से मणिपुर पहुंची जंगल की आग, क्या है चिमनी इफेक्ट?
Dzoku Valley Forest Fire: नागालैंड की जुकोऊ घाटी में लगी आग अब मणिपुर के माउंट एस्सी तक पहुंच गई है. इस स्थिति को काफी गंभीर बताया जा रहा है. इस आग के तेजी से फैलने की पीछे 2 वजह है जिसमें चिमनी इफेक्ट और सूखा बांस शामिल है.
उदयपुर की तनुश्री मणिपुर महिला फुटबॉल लीग में चयनित, 10 साल की उम्र से खेल रहीं
शहर की बेटी तनुश्री सोनी का मणिपुर में आयोजित प्रतिष्ठित महिला फुटबॉल लीग के लिए चयन हुआ है। 10 साल की उम्र से फुटबॉल खेल रही तनुश्री ने राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाई है और उनका यह चयन जिले के लिए गर्व का विषय है। जिले के आदिवासी बहुल्य क्षेत्र जावर माइंस की रहने वाली फुटबॉल खिलाड़ी तनुश्री गुरुवार को मणिपुर के लिए रवाना हुईं। वे वर्तमान में मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई कर रही हैं और पढ़ाई के साथ-साथ खेल को भी गंभीरता से समय दे रही हैं। तनुश्री बताती हैं कि उनके फुटबॉल सफर में सबसे बड़ी प्रेरणा उनके पिता नरेंद्र सोनी रहे हैं। पिता ने उन्हें फुटबॉल की बारीकियां सिखाने के साथ हर कदम पर प्रोत्साहित किया। नरेंद्र सोनी स्वयं राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉल खिलाड़ी रह चुके हैं और 1990 व 1997 की संतोष ट्रॉफी में कंटेंडर प्लेयर के रूप में खेल चुके हैं। उन्होंने राजस्थान महिला फुटबॉल टीम का तीन बार प्रतिनिधित्व भी किया है, जिससे तनुश्री को घर से ही खेल का मजबूत माहौल मिला।
उदयपुर की बेटी तनुश्री सोनी का मणिपुर में आयोजित होने वाली प्रतिष्ठित महिला फुटबॉल लीग के लिए चयन हुआ है। वे गुरुवार को वहां के लिए रवाना हो गई है। 10 साल की उम्र से तनुश्री फुटबॉल खेल रही हैं और अब मणिपुर में खेलेगी। उदयपुर से करीब 38 किलोमीटर दूर स्थित आदिवासी बाहुल्य क्षेत्र जावर माइंस की रहने वाली फुटबॉल खिलाड़ी तनुश्री सोनी सामान्य परिवार से निकलकर राष्ट्रीय स्तर तक अपनी पहचान बना चुकी हैं। उदयपुर की मोहनलाल सुखाड़िया विश्वविद्यालय से बीए की पढ़ाई कर रही तनुश्री साथ-साथ में इस खेल को लेकर भी समय देती है। सबसे बड़ी प्रेरणा और मार्गदर्शन पिता से मिला तनुश्री कहती है कि इस सफर में सबसे बड़ी प्रेरणा और मार्गदर्शन उन्हें अपने पिता नरेंद्र सोनी से मिला, जिन्होंने उन्हें खेल की बारीकियां सिखाई और हर कदम पर सकारात्मक रूप से प्रोत्साहित किया। तनुश्री ने 2017 में नेशनल स्तर पर भागीदारी की, इसके अलावा अंडर-17 वर्ग में भी शानदार प्रदर्शन किया। एक नेशनल सीनियर टूर्नामेंट में भी वे हिस्सा ले चुकी हैं। उनका सपना भारतीय टीम से खेलना है और इसके लिए वे लगातार मेहनत कर रही हैं। तनुश्री को घर से ही खेल का मजबूत माहौल और प्रेरणा मिली वह बताती है कि उनके पिता नरेंद्र सोनी खुद राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी रह चुके हैं और 1990 और 1997 की संतोष ट्रॉफी में कंटेंडर प्लेयर के रूप में अपनी पहचान बना चुके हैं। उन्होंने राजस्थान महिला फुटबॉल टीम का तीन बार प्रतिनिधित्व भी किया है। ऐसे में तनुश्री को घर से ही खेल का मजबूत माहौल और प्रेरणा मिली। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी करेगी देश का नाम रोशन जिला फुटबॉल संघ के सचिव शकील अहमद ने बताया कि मणिपुर की लीग में राजस्थान की बेटी का चयन पूरे जिले के लिए गर्व की बात है। उन्होंने कहा कि तनुश्री जैसी प्रतिभाएं आने वाले समय में देश का नाम अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी रोशन करेगी।
कैप्टन डॉ. धाकड़ को मणिपुर ऑपरेशन में वीरता सम्मान
विदिशा| भारतीय सेना के जांबाज अधिकारी कैप्टन डॉ. अभिषेक धाकड़ को उनकी अदम्य वीरता और उत्कृष्ट सेवा के लिए प्रतिष्ठित मेंशन-इन-डिस्पैच से सम्मानित किया गया। डॉ. धाकड़ ग्राम मढ़िया कला के निवासी हैं। वे असम राइफल्स 1-AR में आर्मी मेडिकल कोर के अधिकारी हैं। मणिपुर में उग्रवाद विरोधी ऑपरेशन हिफाजत के दौरान अग्रिम मोर्चे पर रहते हुए उन्होंने अपने कर्तव्यों का निर्वाह किया और साथी जवानों की सुरक्षा सुनिश्चित की। कठिन भौगोलिक और अशांत परिस्थितियों में उन्होंने चिकित्सीय सूझबूझ और वीरता का परिचय दिया, जिससे ऑपरेशन सफल हुआ। उनकी इस बहादुरी की सराहना सेना के वरिष्ठ अधिकारियों ने की और उनके नाम को वीरता पुरस्कार हेतु अनुशंसित किया।
रणजी ट्रॉफी प्लेट ग्रुप फाइनल मुकाबले का आज आखिरी दिन है। मणिपुर से बिहार 763 रनों से आगे है। आज के मैच को जीतने के बाद बिहार एलीट ग्रुप में पहुंच जाएगा। चौथे दिन बिहार ने दूसरी पारी में बड़ा स्कोर बनाते हुए 5 विकेट के नुकसान पर 505 रन जड़ दिया। दूसरी पारी में बिहार के पियूष कुमार सिंह ने प्रभावी बल्लेबाजी करते हुए दोहरा शतक जड़ा। उन्होंने नाबाद 216 रन बनाए, जिसमें 20 चौके शामिल थे। पहली पारी में बिहार के दो खिलाड़ियों ने जड़ा शतक उनके अलावा खालिद ने 81 रनों की पारी खेली, जबकि रघुवेंद्र प्रताप 90 रन और बिपिन सौरभ ने 52 रनों का योगदान दिया। इससे पहले मणिपुर अपनी पहली पारी में 264 रनों पर सिमट गई थी, जबकि बिहार ने पहली पारी में 522 रन बनाए थे। पहली पारी में बिहार के कप्तान सक़िल गनी ने 108 और बिपिन सौरभ ने 143 रन की प्रभावी पारी खेल कर टीम को मजबूत स्थिति तक पहुंचा दिया है। शुरुआती ओवरों में टीम को कुछ विकेट गंवाने पड़े बिहार टीम को पहली पारी के शुरुआती ओवरों में कुछ विकेट गंवाने पड़े। हिमांशु सिंह और पियूष कुमार सिंह जल्दी पवेलियन लौट गए। जबकि मंगलमय महरौर ने 43 रन और आकाश राज ने 101 गेंदों पर 50 रन बनाकर पारी को स्थिरता प्रदान की। मणिपुर की ओर से गेंदबाजी में रेक्स और जोतिन फेइरोइजाम ने दो-दो विकेट हासिल किए, जबकि अन्य गेंदबाजों ने भी अनुशासित लाइन और लेंथ के साथ प्रयास किया। 3 साल पहले बिहार थी एलीट ग्रुप में 3 साल पहले मोइनुल हक स्टेडियम में मणिपुर को ही हराकर बिहार एलीट ग्रुप में पहुंची थी। 2022-23 से लगातार दो वर्ष टीम एलीट ग्रुप का हिस्सा रही। पिछले सत्र में उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश जैसी टीमों के सामने हार हुई। कुछ मुकाबले खराब मौसम के कारण ड्रा भी रहे। कम अंक की वजह से बिहार टीम प्लेट ग्रुप में आ गई। इस बार एलीट में वापसी का बेहतर अवसर है। इस सत्र में बिहार के बल्लेबाजों का प्रदर्शन शानदार रहा है।

