सहारनपुर में जनगणना-2027 की ड्यूटी को लेकर आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने नाराजगी व्यक्त की है। शुक्रवार को महिला आंगनबाड़ी कर्मचारी संघ, उत्तर प्रदेश के बैनर तले बड़ी संख्या में कार्यकर्त्रियां डीएम कार्यालय पहुंचीं और अपनी समस्याओं के संबंध में एक ज्ञापन सौंपा। कार्यकर्त्रियों ने मांग की है कि उनकी जनगणना ड्यूटी उनके स्वयं के कार्यक्षेत्र और गांवों में ही लगाई जाए। उनका तर्क है कि इससे वे अपनी पारिवारिक और नौकरी संबंधी दोनों जिम्मेदारियों के बीच संतुलन बना सकेंगी। संघ की जिलाध्यक्ष सुलेलता पंवार ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में कार्यरत आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों को नगर निगम क्षेत्र और शहरों में ड्यूटी पर लगाए जाने से उन्हें भारी परेशानी हो रही है। उन्होंने कहा कि अधिकांश कार्यकर्त्रियां छोटे बच्चों और परिवार की देखभाल करती हैं, और सुबह से शाम तक शहर में ड्यूटी करने से बच्चों की देखभाल, भोजन और घरेलू कार्य प्रभावित होते हैं। कई आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों के परिवार की आर्थिक स्थिति कमजोर है। कुछ महिलाओं के पति बीमार या दिव्यांग हैं, जिनकी पूरी जिम्मेदारी उन्हीं पर है। ऐसे में दूरस्थ क्षेत्रों में ड्यूटी लगना उनके लिए एक गंभीर समस्या बन गया है। कार्यकर्त्रियों ने स्पष्ट किया कि वे काम करने से पीछे नहीं हट रही हैं, लेकिन उनकी परिस्थितियों को देखते हुए ड्यूटी स्थानीय स्तर पर ही लगाई जानी चाहिए। कार्यकर्त्रियों ने यह आरोप भी लगाया कि प्रशिक्षण के दौरान उन्हें एचएलबी (हाउस लिस्टिंग ब्लॉक) की पसंद का विकल्प नहीं दिया गया, जबकि अन्य केंद्रों पर यह सुविधा उपलब्ध कराई गई थी। उन्होंने बताया कि लगातार मानदेय कटौती, विभागीय दबाव और कार्यालयों के चक्कर लगाने से आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां मानसिक और आर्थिक परेशानी झेल रही हैं। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियां बेहद कम मानदेय में लंबे समय से सेवाएं दे रही हैं, इसके बावजूद उन पर अतिरिक्त जिम्मेदारियां डाली जा रही हैं। उन्होंने प्रशासन से महिला सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए शाम के समय दूरस्थ क्षेत्रों में ड्यूटी न लगाने की भी मांग की। डीएम कार्यालय पहुंचे प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन से उनकी समस्याओं का शीघ्र समाधान कर राहत प्रदान करने का आग्रह किया। इस दौरान आरती सैनी, मंजू,अनीता सैनी, शिवलेश,संदीपा यादव,नीलम शर्मा,अर्चना सैनी सहित कई कार्यकर्त्रियां मौजूद रहीं।
हरियाणा सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी के तहत कार्यरत कर्मचारियों को बड़ी राहत देते हुए उनके कार्यकाल में तीन महीने का और विस्तार कर दिया है। सरकार ने आउटसोर्सिंग पॉलिसी पार्ट-2 के अंतर्गत स्वीकृत पदों के समक्ष विभिन्न विभागों, बोर्डों, निगमों तथा सार्वजनिक उपक्रमों में लगे कर्मचारियों की अनुबंध अवधि 30 जून, 2026 (3 माह) तक अथवा सेवा सुरक्षा अधिनियम, 2024 का पोर्टल क्रियाशील होने तक (जो भी पहले हो) बढ़ाने का निर्णय लिया है।मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी द्वारा इस सम्बन्ध में जारी एक पत्र में कहा गया है कि इससे पहले इन कर्मचारियों की अनुबंध अवधि 30 मार्च, 2026 तक बढ़ाई गई थी। इस संबंध में हरियाणा कौशल रोजगार निगम (HKRN) द्वारा 25 मार्च, 2025 को जारी ज्ञापन में दी गई शर्तों का सख्ती से पालन किया जाएगा। यहां देखिए ऑर्डर की कॉपी...
मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन हाई अलर्ट पर, भेडोला में जनसुनवाई का है कार्यक्रम चौथ का बरवाड़ा मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भेडोला ग्राम पंचायत में आगामी 2 से 3 दिनों के अंदर दौरा प्रस्तावित है। जिसके तहत मुख्यमंत्री गांव में रात्रि विश्राम कर जनसुनवाई करेंगे। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर प्रशासन अलर्ट है। यहां आला अधिकारियों द्वारा लगातार व्यवस्थाओं को लेकर निरीक्षण किया जा रहा है। साथ ही ग्राम पंचायत प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र की साफ सफाई एवं रोशनी की बेहतर व्यवस्था का कार्य शुरू कर दिया गया है। कलेक्टर और एसपी भी गांव का निरीक्षण कर तैयारी का फीडबैक लिया है । रात्रि चौपल कर लोगों की समस्या सुनने का कार्यक्रम प्रस्तावित प्रशासनिक अधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का भेडोला में रात्रि चौपल कर लोगों की समस्या सुनने का कार्यक्रम प्रस्तावित किया गया है। जिसके तहत मुख्यमंत्री रात को यहीं पर रहेंगे और लोगों से क्षेत्र की समस्याओं के बारे में जानकारी लेंगे। जिसे लेकर प्रशासन अलर्ट मोड पर आ गया है। कलेक्टर एवं बड़े अधिकारियों द्वारा गांव का दौरा किया जा चुका है तथा साफ सफाई एवं अन्य व्यवस्थाएं करने का कार्य लगातार जारी है। इसके साथ ही जिला परिषद एवं पंचायत समिति के अधिकारियों द्वारा लगातार निरीक्षण कर व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार अभी तक यह दौरा फाइनल नहीं हुआ है, लेकिन प्रस्तावित दौरे को देखते हुए तैयारी पूरी की जा रही है। हेलीपैड का निर्माण शुरू मुख्यमंत्री के दौरे को लेकर सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा हेलीपैड का निर्माण कार्य शुरू करवा दिया गया है। भेडोला गांव के पास राजकीय विद्यालय के खेल मैदान में सार्वजनिक निर्माण विभाग द्वारा सफाई कर हेलीपैड को बनाया जा रहा है। इसके साथ-साथ विद्यालय के सामने ही सभा के लिए स्थान को चिन्हित कर मशीनों की सहायता से सफाई की जा रही है। इस मामले को लेकर एसडीएम जोगेंद्र सिंह ने बताया कि फिलहाल दौरा प्रस्तावित है लेकिन इसका ऑफिशियल प्रोग्राम नहीं आया है। दौरे की संभावना को देखते हुए व्यवस्था की जा रही है।
जैसलमेर से साबरमती (अहमदाबाद) जाने वाले रेल यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सूचना है। उत्तर पश्चिम रेलवे द्वारा समदड़ी-लूनी रेलखण्ड पर आरयूबी निर्माण कार्य के लिए ब्लॉक लिया जा रहा है, जिससे जैसलमेर-साबरमती एक्सप्रेस ट्रेन तीन अलग-अलग तारीखों को देरी से चलेगी। उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसम्पर्क अधिकारी अमित सुदर्शन ने बताया कि दुदिया-दुदाड़ा स्टेशनों के बीच निर्माण कार्य के कारण जैसलमेर से रवाना होने वाली गाड़ी संख्या 20491 (जैसलमेर-साबरमती एक्सप्रेस) का समय प्रभावित होगा। यह ट्रेन 17 मई को जोधपुर और लूनी के बीच 45 मिनट की देरी से संचालित होगी। इसके अलावा 29 मई और 14 जून को यही ट्रेन इसी मार्ग पर 30 मिनट देरी से चलेगी। ये ट्रेनें रहेंगी पूरी तरह रद्दब्लॉक के कारण इस रूट की अन्य ट्रेनें भी प्रभावित हुई हैं, जो तय तारीखों पर नहीं चलेंगी: देरी से रवाना होने वाली अन्य ट्रेनें जैसलमेर रूट के अलावा बाड़मेर और भीलड़ी की ट्रेनों के समय में भी बदलाव किया गया है:
राजनांदगांव पुलिस ने जिले में अवैध शराब कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश निर्मित भारी मात्रा में शराब जब्त की है। डोंगरगढ़ थाना क्षेत्र के मोहारा चौकी अंतर्गत की गई इस कार्रवाई में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि मुख्य आरोपी मौके से फरार हो गया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। मुखबिर की सूचना पर हुई घेराबंदी पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम मोहारा निवासी नंदकिशोर वर्मा उर्फ नीतू (छोटा कट्टी) कोटरीछापर रोड स्थित मुढिया नाला के पास भारी मात्रा में अवैध शराब जमा कर बिक्री की तैयारी कर रहा है। सूचना के बाद वरिष्ठ अधिकारियों के मार्गदर्शन में पुलिस टीम ने योजनाबद्ध तरीके से इलाके की घेराबंदी कीने अवैध शराब पर कड़ी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। दबिश पड़ते ही भागने लगे आरोपी पुलिस टीम के पहुंचते ही आरोपी भागने लगे। हालांकि, पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए तीन लोगों को मौके पर ही पकड़ लिया। मुख्य आरोपी नंदकिशोर वर्मा अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। 9 पेटी गोवा व्हिस्की और ईवी स्कूटी जब्त पूछताछ में पता चला कि फरार आरोपी नंदकिशोर ने स्वीफ्ट डिजायर कार (CG 04 LG 9461) के जरिए शराब मंगवाई थी। पुलिस ने मौके से मध्य प्रदेश निर्मित गोवा व्हिस्की की 9 पेटियां, कुल 450 पौवा (81 बल्क लीटर शराब), एक ओला ईवी स्कूटी (CG 08 BB 4537) जब्त की। जब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत करीब 1 लाख 10 हजार 750 रुपये बताई गई है। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान मोहारा निवासी देवव्रत वर्मा, रूवातला निवासी चुम्मन सिन्हा और मोहारा निवासी महेन्द्र वर्मा के रूप में हुई है। सभी आरोपियों के खिलाफ आबकारी एक्ट की धारा 34(2) और 36 के तहत मामला दर्ज किया गया है। मुख्य आरोपी की तलाश जारी पुलिस के अनुसार, फरार मुख्य आरोपी नंदकिशोर वर्मा का पूर्व में भी आपराधिक रिकॉर्ड रहा है। उसकी तलाश में लगातार दबिश दी जा रही है। 6 महीने में 10वीं बड़ी कार्रवाई राजनांदगांव पुलिस ने बताया कि पिछले छह महीनों से जिले में अवैध शराब के खिलाफ लगातार विशेष अभियान चलाया जा रहा है। यह इस अवधि की 10वीं बड़ी कार्रवाई है। इन अभियानों में अब तक करीब 880 लीटर अवैध शराब जब्त की जा चुकी है, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग 11 लाख रुपये बताई गई है। 1 महीने में 135 से ज्यादा केस पुलिस आंकड़ों के मुताबिक पिछले एक महीने में 135 से अधिक प्रकरण दर्ज किए गए। कुल 147 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस का बयान-किसी को बख्शा नहीं जाएगा राजनांदगांव पुलिस प्रशासन ने कहा है कि जिले में अवैध शराब के परिवहन और बिक्री पर पूरी तरह रोक लगाना प्राथमिकता है। इसके लिए विशेष टीमें लगातार सक्रिय हैं और किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। इस अभियान में कीर्तन राठौड़, वैशाली जैन, केशरीनंदन नायक और विनय पम्मार के नेतृत्व वाली टीम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
गाजियाबाद में पुलिस ने एक ऐसे युवक को गिरफ्तार किया है, जो खुद को पुलिसकर्मी बताकर रेहड़ी-पटरी वालों से अवैध वसूली करता था। आरोपी लंबे समय से छोटे दुकानदारों और ठेला लगाने वालों को डरा-धमकाकर पैसे ऐंठ रहा था। थाना सिहानी गेट पुलिस को सूचना मिली थी कि पुराना बस अड्डा इलाके में एक युवक पुलिस कार्रवाई का डर दिखाकर जबरन पैसे वसूल रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने निर्माणाधीन पुराने बस अड्डे के पास, संतोष मेडिकल के सामने से आरोपी को पकड़ा। तलाशी के दौरान उसके पास से 1500 रुपये नकद बरामद हुए, जो अवैध उगाही की रकम बताई गई है। गिरफ्तार युवक की पहचान घूकना मोड़ निवासी ललित कुमार के रूप में हुई है। पूछताछ में ललित ने बताया कि उसके पास कोई स्थायी काम नहीं था। इसी वजह से वह रेहड़ी-पटरी वालों को पुलिस का डर दिखाकर उनसे पैसे वसूलता था। कई लोग कार्रवाई के डर से उसे पैसे दे देते थे, जिससे वह अपना खर्च चलाता था। पुलिस के अनुसार, आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि ललित पहले भी ऐसी घटनाओं में शामिल रहा है या नहीं।
छत्तीसगढ़ के दुर्ग नगर निगम के कर्मचारी ने हिंदू देवी-देवताओं और गुरुओं पर अभद्र टिप्पणी की। कर्मचारी का निगम की एक महिला कर्मचारी के साथ व्हाट्सएप चैट सामने आया। व्हाट्सएप चैट वायरल होने के बाद बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता भड़क गए। वे निगम कार्यालय पहुंच गए और जमकर हंगामा किया। गुस्साए हिंदू संगठन के कार्यकर्ता निगम आयुक्त के ऑफिस में बैठे कर्मचारी को खींचकर बाहर ले आए। इसके बाद कार्यकर्ताओं ने उसकी जमकर पिटाई कर दी। उसके कपड़े भी फाड़ दिए। घटना के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कर्मचारी को भीड़ से बचाया। फिलहाल बजरंग दल ने थाने में निगम कर्मचारी खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। यह मामला पदमनाभपुर थाना क्षेत्र का है। पहले देखिए 3 तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला दरअसल, दुर्ग नगर निगम में गौतम साहू निगम आयुक्त के निजी सहायक के तौर पर प्लेसमेंट कर्मचारी के पद पर काम कर रहा है। उसका निगम की एक महिला कर्मचारी के साथ निजी व्हाट्सएप चैट से सामने आया। इस चैट में हिंदू देवी-देवताओं और धार्मिक गुरुओं के खिलाफ आपत्तिजनक भाषा का इस्तेमाल कर रहा है। व्हाट्सएप चैट वायरल होने के बाद बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ता आक्रोशित हो गए। वे तुरंत निगम ऑफिस पहुंचे। कार्यकर्ताओं ने निगम ऑफिस में बैठे कर्मचारी गौतम साहू को कार्यालय से बाहर निकाला और उसकी पिटाई कर दी। पिटाई के दौरान साहू के कपड़े फट गए थे। सूचना मिलते ही पुलिस ने गौतम साहू को भीड़ से छुड़ाकर थाने ले गई। बजरंग दल के जिला संयोजक सौरभ देवांगन ने कहा कि एक जिहादी मानसिकता का एक व्यक्ति है गौतम साहू। निगम आयुक्त के ऑफिस में काम करता है। वो चैट में हमारे देवी-देवताओं जिसमें हनुमानजी, उज्जैन के महाकाल बाबा और नीम करौली बाबा के बारे में गालियां दे रहा था। संगठन के अनुसार, महिला कर्मचारी ने शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे यह चैट हिंदू संगठन के कार्यकर्ताओं तक पहुंचाई। इसके बाद दोपहर लगभग 1 बजे बड़ी संख्या में कार्यकर्ता निगम दफ्तर पहुंचे और गौतम साहू को पुलिस के हवाले कर दिया। इस घटना से निगम कार्यालय में कुछ देर के लिए कामकाज प्रभावित हुआ। बजरंग दल के जिला मंत्री राकेश तिवारी ने कहा कि हिंदू देवी-देवताओं के खिलाफ अपमानजनक टिप्पणी बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि गौतम साहू खुद को अधिकारियों का करीबी बताकर निगम में प्रभाव दिखाता था। संगठन ने एक प्लेसमेंट कर्मचारी को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दिए जाने पर भी सवाल उठाया।
जिला स्पेशल टीम टोंक ने अवैध शराब के विरुद्ध बड़ी कार्रवाई की है। दो आरोपियों को दबोच कर उनके पास से पांच लाख की शराब जब्त की है। साथ ही आरोपियों के कब्जे से खरीद फरोख्त के पांच लाख 24 हजार 400 रुपए रुपए भी जब्त किए है। कार्रवाई दूनी थाना क्षेत्र में जिला स्पेशल टीम ने एक दुकान में छापा मारकर की गई। आरोपियों और जब्त की गई 45 पेटी शराब, बोलेरो कार, नगदी आदि माल को दूनी थाना पुलिस के सुपुर्द कर दिया है। दूनी पुलिस ने आरोपियों को गिरफ्तार कर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जिला स्पेशल टीम प्रभारी ओमप्रकाश चौधरी ने बताया कि ASP पुष्पेन्द्र सिंह सोलंकी के निर्देशन में, देवली डीएसपी हेमराज के सुपरविजन में गुरुवार देर रात दूनी थाना क्षेत्र में NH 52 पर संथली के पास छापामार कार्रवाई कर एक बोलेरो गाडी से 15 पेटी अंग्रेजी शराब, साथ ही बोलेरो चालक की दुकान से 30 पेटी अंग्रेजी व देसी शराब जब्त की है। इस प्रकार आरोपियों के कब्जे से कुल 45 पेटी अवैध अंग्रेजी व देशी शराब की जब्त की गई है, जिसकी बाजार कीमत लगभग पांच लाख रुपए है। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। इन्हें किया है गिरफ्तार शराब के साथ जिला स्पेशल टीम ने सुरेश (34) पुत्र देवकरण गुर्जर निवासी संथली और सांवरलाल (30) पुत्र गोवर्धन गुर्जर निवासी बेनपा पुलिस थाना दूनी को डिटेन कर दूनी थाने के सुपुर्द कर दिए है। दूनी थाना पुलिस ने उन्हे गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
छतरपुर जिले के भगवां थाना क्षेत्र के ग्राम कदवां में आकाशीय बिजली गिरने से जनपद सदस्य के पति की मौत हो गई। हादसे के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। मृतक की पहचान रामदीन उर्फ झगड़ा रैकवार (60) निवासी कदवां के रूप में हुई है। वे पशु चिकित्सक के रूप में भी क्षेत्र में पहचान रखते थे। जानकारी के मुताबिक रामदीन रैकवार गुरुवार देर रात अपने खेत और कुएं पर मूंग की फसल की रखवाली करने गए थे। इसी दौरान मौसम अचानक खराब हो गया। तेज आंधी और बारिश के बीच आकाशीय बिजली गिर गई, जिसकी चपेट में आने से रामदीन गंभीर रूप से झुलस गए। बताया जा रहा है कि उनकी मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची पुलिस घटना की जानकारी लगते ही परिजन खेत पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर भगवां थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल बड़ामलहरा भेजा गया। ग्रामीणों के अनुसार रामदीन रैकवार गांव में पशु उपचार और सामाजिक व्यवहार के कारण काफी लोकप्रिय थे। लोग उन्हें “पशु डॉक्टर” के नाम से जानते थे। घटना के बाद गांव में मातम पसरा हुआ है। शुक्रवार सुबह जैसे ही मौत की खबर फैली, बड़ी संख्या में ग्रामीण उनके घर पहुंचने लगे। परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। मौसम विभाग ने जारी किया अलर्ट इधर मौसम विभाग ने प्रदेश में खराब मौसम और आकाशीय बिजली को लेकर अलर्ट जारी किया है। प्रशासन ने लोगों से बारिश और बिजली चमकने के दौरान खुले मैदान, पेड़ और खेतों में जाने से बचने की अपील की है। किसानों को खराब मौसम में सुरक्षित स्थान पर रहने की सलाह दी गई है।
कैथल जिला पुलिस ने नशा तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए 4380 प्रतिबंधित नशीली गोलियों के साथ एक तस्कर को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई एसपी मनप्रीत सिंह सूदन के निर्देश पर चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट द्वारा की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि गांव सांघन का बिंटू प्रतिबंधित नशीली दवाइयों का अवैध कारोबार कर रहा है। इस सूचना पर स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट प्रभारी इंस्पेक्टर सुनील कुमार के नेतृत्व में एएसआई शमशेर सिंह की टीम ने जींद रोड स्थित सिरसा ब्रांच नहर पटरी पर नाकाबंदी की। पुलिस ने नाकाबंदी में रोकी बाइक नाकाबंदी के दौरान टीम ने एक काले रंग की बाइक पर आ रहे युवक को रोका। तलाशी लेने पर बाइक की टंकी पर रखे एक काले पॉलीथीन बैग से लोराजेपम नामक प्रतिबंधित टैबलेट के 146 पत्ते बरामद हुए, जिनमें कुल 4380 गोलियां थी। यह कार्रवाई ड्यूटी मजिस्ट्रेट ईटीओ कंचन पांडे की मौजूदगी में पूरी की गई। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस गांव सांघन निवासी आरोपी बिंटू टैबलेट रखने संबंधी कोई वैध दस्तावेज या लाइसेंस प्रस्तुत नहीं कर सका। ड्रग कंट्रोल अधिकारी ने भी इन गोलियों को प्रतिबंधित घोषित किया। इसके बाद थाना तितरम में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया। स्पेशल डिटेक्टिव यूनिट की टीम ने एएसआई तरशेम कुमार के नेतृत्व में आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर लिया। नेटवर्क की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसे शनिवार को कोर्ट में पेश किया जाएगा। पुलिस मामले में पूरे नेटवर्क का पता लगाने में जुटी है। डीएसपी गुरविंद्र सिंह ने बताया कि जिला पुलिस नशा तस्करों के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' नीति पर काम कर रही है। उन्होंने कहा कि युवा पीढ़ी को नशे के दलदल से बचाने के लिए ऐसे असामाजिक तत्वों पर लगातार शिकंजा कसा जाएगा।
लखनऊ में फ्लाईओवर पर ट्रैक्टर ने मारी टक्कर:तीन वाहन आपस में भिड़े; दो घायल, 30 मिनट तक लगा जाम
लखनऊ के गुडंबा थाना क्षेत्र स्थित खुर्रमनगर फ्लाईओवर पर शुक्रवार को तेज रफ्तार ट्रैक्टर की टक्कर से बड़ा सड़क हादसा हो गया। हादसे में तीन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए, जबकि दो लोग घायल हो गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि दोनों कारों के एयरबैग खुल गए और वाहनों के अगले हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए। कल्याणपुर निवासी राजेश तिवारी अपनी वैगनआर कार से टेढ़ी पुलिया से मुंशी पुलिया की ओर जा रहे थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे एक ट्रैक्टर ने उनकी कार में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही वैगनआर अनियंत्रित होकर आगे बढ़ी और पीछे से आ रही आर्टिगा कार भी हादसे की चपेट में आ गई। हादसे के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत घायलों को बाहर निकाला और पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने घायलों को इलाज के लिए अस्पताल भिजवाया। इसके चलते फ्लाईओवर पर कुछ देर तक यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को किनारे कर यातायात सामान्य कराया।
आगरा के ताजगंज क्षेत्र में 4 दिन पहले प्रिल्यूड पब्लिक स्कूल की बस ने स्कूटी सवार को टक्कर मार दी। हादसे में स्कूटी सवार गंभीर रूप से घायल हो गया है। उसका इलाज चल रहा है। परिजनों ने प्रिल्यूड स्कूल के संचालक और प्रिंसीपल के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। ताजगंज खैराती टोला निवासी शिखा अग्रवाल ने बताया कि उनके पति अंकित अग्रवाल 5 मई की सुबह मनकामेश्वर मंदिर से दर्शन करके लौट रहे थे। तभी पुरानी मंडी चौराहे के पास प्रील्यूड पब्लिक स्कूल की बस गलत दिशा से तेज रफ्तार में आ रही थी। आरोप है कि बस चालक ने लापरवाहीपूर्वक वाहन चलाते हुए एक्टिवा सवार अंकित अग्रवाल को टक्कर मार दी, जिससे वह सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए।हादसे के बाद परिजन घायल अंकित को पहले उपाध्याय अस्पताल, शहीद नगर लेकर पहुंचे, जहां प्राथमिक उपचार दिया गया। हालत गंभीर होने पर उन्हें बाद में लॉयर्स कॉलोनी स्थित पोलारिस हॉस्पिटल में भर्ती कराया गया, जहां उनका इलाज जारी है।तहरीर में बस चालक पर तेज रफ्तार और गलत दिशा में वाहन चलाने के आरोप लगाए गए हैं। साथ ही बस स्वामी डॉ. सुशील गुप्ता और स्कूल प्रिंसिपल अरविंद श्रीवास्तव पर भी नामजद किया गया है। मामले में थाना ताजगंज पुलिस ने बस चालक, स्कूल प्रिंसिपल अरविंद श्रीवास्तव और संचालक डॉ. सुशील गुप्ता के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है।
पटना में आज TRE-4 कैंडिडेट्स पर पुलिस ने लाठीचार्ज कर दिया। कैंडिडेट्स को सड़कों पर दौड़ा-दौड़कर पीटा गया। इसे लेकर कांग्रेस ने नई सरकार पर निशाना साधा है। बिहार कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राजेश राम ने कहा कि जिस तरह से बिहार के नव नियुक्ति सरकार ने शिक्षक अभ्यर्थियों को रोड पर दौड़ा-दौड़ा कर पिटे, लात घुसे सहित लाठियां से मारा। अब इस सरकार की नीति दिखने लगी है। जो सरकार के कोष खत्म हो चुके हैं, ये करोड़ों रुपए कर्ज पर लेकर चल रहे हैं। ये वे शिक्षक अभ्यर्थी हैं, जो परीक्षा पास कर चुके हैं, और अब अपना हक, अधिकार और नियुक्ति पत्र मांग रहे हैं। एक तरफ सरकार कहती है कि हम करोड़ों रोजगार देने जा रहे हैं। बिहार सरकार से मेरी मांग है कि जिन करोड़ों लोगों को आप रोजगार देने वाले हैं, तो इन अभ्यर्थियों को आज ही योगदान पत्र दे देना चाहिए। मगर आप उसे लाठी से पीट रहे हो। ये संविधान से चलने वाली सरकार नहीं है, और ना ही संविधान से बनी सरकार है। लाठीचार्ज के बाद सड़कों पर कैंडिडेट्स की चप्पलें बिखरी थी लाठीचार्ज के बाद सड़कों पर कैंडिडेट्स की चप्पलें बिखरी दिखीं। आज सुबह 10 बजे कैंडिडेट्स वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर पटना कॉलेज से निकले थे। अभ्यर्थी BPSC ऑफिस तक मार्च निकालने वाले थे। पुलिस ने JP गोलंबर पर सभी को बैरिकेडिंग कर के रोका था। इसके बाद लाठीचार्ज किया गया। इस प्रदर्शन में करीब 5 हजार कैंडिडेट्स शामिल हुए थे। वाटर कैनन बुलाई, लेकिन सीधे लाठीचार्ज कर दिया लाठीचार्ज से पहले पुलिस ने कैंडिडेट्स को JP गोलंबर पर बैरिकेडिंग कर के रोका था। कैंडिडेट्स बैरिकेडिंग तोड़कर आगे बढ़ने की कोशिश करने लगे। इस दौरान 3 बसों से लाठियां मंगवाई गईं। वाटर कैनन और आंसू गैस के गोले भी मंगवाए गए थे, लेकिन इन सबका इस्तेमाल किए बिना ही पुलिस ने सीधे लाठीचार्ज कर दिया। क्यों हो रहा है ये प्रदर्शन छात्र नेता दिलीप का कहना है कि, अभ्यर्थियों को बरगलाया जा रहा है। BPSC परीक्षा नियंत्रक ने 16 अप्रैल को एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि TRE-4 का विज्ञापन तीन-चार दिनों में जारी कर दिया जाएगा और 25-26 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। अब 8 मई हो चुकी है और अभी तक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है।
कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर ऑपरेटर की नौकरी लगवाने के नाम पर युवक से 1.5 लाख रुपए ठग लिए गए। इसके लिए आरोपी युवक ने अपने आप को एक्सेलेटर संचालन करने वाली टीम का सुपवाइजर बताया था। पीड़ित युवक का आरोप है- श्याम नगर के रहने वाले युवक ने उनसे स्टेशन पर तीन महीने काम कराया, उसके बाद उसको दो महीने की सैलरी देने के बाद नौकरी से निकाल दिया है। आज पीड़ित मोनू और उसकी पत्नी ने कानपुर सेंट्रल GRP को FIR दर्ज करवाने के लिए शिकायती पत्र दिया है। हालांकि आरोपियों ने रेलवे अधिकारी की मुहर लगा हुआ आई कार्ड भी जारी कर दिया। अब सनझिए कैसे हुई ठगी पीड़ित युवक का नाम मनोज सोनकर है। मनोज कानपुर के बजरिया का रहने वाला है। इनके परिवार में इनकी मां और पत्नी है। रेलवे स्टेशन पर सुशील कुशवाह इटॉस एलीवेटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में सुस्परवाइजर के पद पर नौकरी करता था। इस पर आरोप है, इन्होंने 1.5 लाख रुपए दो बार में कैश लिया। पीड़ित ने पहली किस्त 70 हजार रुपए मार्च महीने के शरुआत में दी थी। उसके कुछ दिन बाद 80 हजार रुपए कैश दिया था। उसके बाद मार्च, अप्रैल और मई तक नौकरी की। जबकि पीड़ित का कहना है- उसको मई महीने की सैलरी नहीं दी गई। जब उसने सैलरी की मांग की तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। 17 हजार सैलरी बताई, एकाउंट में 6 हजार आई पीड़ित मोनू सोनकर के मुताबिक उसकी नौकरी के लिए सुशील को पैसे दिए थे। जिसके बाद प्रयागराज में अतुल नाम के युवक ने उसकी ट्रेनिंग दी गई थी। ट्रेनिंग के दौरान ठगों ने रेलवे स्टेशन के बाहर बनी इलाहाबाद बैंक में उसका खाता खुलवा दिया। यहां ट्रेनिंग के समय पीड़ित को 17 हजार 8 सौ 60 रुपए सैलरी बताई। लेकिन मार्च और अप्रैल में खाते में केवल कुल 12 हजार रुपए आये। जब पीड़ित ने इस बात विरोध किया तो उसे नौकरी से निकाल दिया गया। आरोपियों ने 1.5 लाख रुपए लेकर ईटॉस एलीवेटर्स इंडिया प्राइवेट लिमिटेड में 55/23/3 कमता नेहरू रोड, प्रयागराज में नौकरी लगवाई थी। पिता की मौत के बाद घर की जिम्मेदारियां बढ़ी मोनू के पिता की मृत्यु हो जाने के बाद वह मां और पत्नी के साथ घर में रहता था। परिवार का भरण पोषण के लिए पत्नी नौकरी करती थी। इसके बाद मोनू ने नौकरी की तलाश में इधर उधर भटकने लगा। तभी उसकी मुलाकात सुशील कुशवाह से हुई। जहां उसने नौकरी लगवाने के नाम पर पहले 1.5 लाख की ठगी की। उसके बाद 9 मार्च 2026 को नौकरी में रख लिया। और उसको एक आई कार्ड बना कर दे दिया। मोनू ने बताया- केवल हमको एक आईकार्ड दिया गया है। इसके अलावा उसको कोई कागज नहीं दिया गया। नौकरी जाने के बाद आज मोनू अपनी पत्नी के साथ कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर FIR दर्ज करवाने के लिए शिकायती पत्र लेकर पहुंचा। कानपुर सेंट्रल के राजकीय रेलवे पुलिस बल के थाना प्रभारी ओम नारायण सिंह ने बताया- जांच करने के बाद आगे की कार्यवाही की जाएगी।
उत्तर प्रदेश में जनशिकायतों के निस्तारण में औरैया पुलिस को अप्रैल 2026 की प्रदेश स्तरीय रैंकिंग में पहला स्थान मिला है। मुख्यमंत्री कार्यालय द्वारा जनसुनवाई पोर्टल पर प्राप्त शिकायतों के मूल्यांकन में औरैया जनपद के सभी 11 थानों ने शत-प्रतिशत कार्यवाही के साथ यह उपलब्धि हासिल की। पुलिस अधीक्षक, औरैया के निर्देशन में यह सफलता मिली है। जिन 11 थानों को प्रथम स्थान प्राप्त हुआ है, उनमें अजीतमल, अछल्दा, कोतवाली औरैया, महिला थाना, सहायल, ऐरवाकटरा, सहार, बेला, अयाना, कुदरकोट और बिधूना शामिल हैं। यह उपलब्धि मुख्यमंत्री उत्तर प्रदेश सरकार की जनशिकायतों के उचित, गुणवत्तापूर्ण और समयबद्ध निस्तारण की मंशा के अनुरूप है। औरैया पुलिस ने मुख्यमंत्री हेल्पलाइन, ऑनलाइन प्राप्त शिकायतों, समाधान दिवस और उच्चाधिकारियों के माध्यम से मिली शिकायतों का त्वरित और पारदर्शी तरीके से निस्तारण सुनिश्चित किया। इसी कारण जनपद को यह उच्च रैंकिंग प्राप्त हुई। इस परिणाम पर पुलिस अधीक्षक, औरैया ने IGRS सेल से जुड़े सभी अधिकारियों और कर्मचारियों की कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की है। उन्होंने भविष्य में भी इसी प्रकार जनसेवा हेतु तत्पर रहने के निर्देश दिए हैं।
बांसवाड़ा में शुक्रवार दोपहर कार ने बाइक सवार 2 युवकों को टक्कर मार दी। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। दोनों के पैर में फ्रेक्चर आया है, जबकि एक युवक के सिर में भी चोट लगी है। हादसा खमेरा थाना क्षेत्र में पीपलखूंट-खमेरा के बीच में हुआ। मिल में ड्यूटी पर जा रहे थे युवकजानकारी के अनुसार- हादसे में कालूराम पुत्र मंगला निवासी अमरथून और गौतमलाल कटारा निवासी चड़ला घायल हो गए। दोनों युवक बाइक पर सवार होकर मोरडी स्थित डेनियम मिल में अपनी ड्यूटी के लिए जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही एक कार ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। महात्मा गांधी अस्पताल में कराया भर्तीदुर्घटना के बाद मौके पर मौजूद लोगों की मदद से घायलों को एम्बुलेंस से खमेरा हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद गम्भीर हालत में उन्हें जिला मुख्यालय पर स्थित महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंचाया गया। दोनों युवकों के पैरों में गंभीर फ्रेक्चर हुआ है। फिलहाल दोनों को वार्ड में भर्ती कर लिया गया है और इलाज जारी है।
धौलपुर में 'साइबर जागरूकता दिवस' मनाया गया। पुलिस अधीक्षक विकास सांगवान के निर्देशन और वैभव शर्मा के सुपरविजन में साइबर थाना धौलपुर के तत्वावधान में जिले के सभी थानों की पुलिस टीमों ने स्कूल, कॉलेज और कोचिंग संस्थानों में छात्र-छात्राओं को साइबर अपराधों और उनसे बचाव के उपायों के बारे में विस्तृत जानकारी दी। इस दौरान साइबर हेल्प डेस्क प्रभारियों ने व्यवहारिक उदाहरणों के माध्यम से विद्यार्थियों को जागरूक किया। पुलिस अधिकारियों ने ओएलएक्स फ्रॉड, ऑनलाइन गेमिंग फ्रॉड, सेक्सटॉर्शन, डिजिटल अरेस्ट, ईमेल स्पूफिंग, कैटफिशिंग, वर्चुअल स्टॉकिंग, एपीके फाइल्स, डीप वेब, डार्क वेब और एटीएम व कॉल के जरिए होने वाली ठगी के तरीकों के बारे में समझाया। छात्रों को इनसे बचने के लिए आवश्यक सावधानियां भी बताई गईं। पुलिस टीमों ने छात्रों को साइबर क्राइम हेल्पलाइन नंबर 1930, राजकोप सिटीजन एप और नेशनल साइबर क्राइम रिपोर्टिंग पोर्टल (www.cybercrime.gov.in) के उपयोग की जानकारी दी। इसके अतिरिक्त सोशल मीडिया पर सतर्क रहने, अनजान कॉल व लिंक से दूरी बनाने और संदिग्ध फाइल डाउनलोड न करने की सलाह भी दी गई। कार्यक्रम के दौरान 'गुड टच-बैड टच', चाइल्ड हेल्पलाइन 1098, यातायात नियमों और गुड सेमेरिटन योजना के बारे में भी जानकारी दी गई। स्कूलों में स्मार्ट बोर्ड के जरिए पीपीटी प्रस्तुत कर साइबर सुरक्षा को रोचक तरीके से समझाया गया। छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए सवाल-जवाब किए और पुलिस की सफलता की कहानियां जानकर अपने ज्ञान को बढ़ाया। इस अवसर पर स्कूल स्टाफ और बड़ी संख्या में विद्यार्थी मौजूद रहे।
देवरिया में स्मार्ट मीटर को लेकर लगातार मिल रही शिकायतों के बाद बिजली विभाग ने पुराने बिजली कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य फिलहाल रोक दिया है। हालांकि, नए घरेलू, वाणिज्यिक और अन्य विद्युत कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर अभी भी लगाए जा रहे हैं। बिजली विभाग ने जिले में बढ़ते बिजली बिल बकायों को कम करने के उद्देश्य से पहले चरण में लगभग साढ़े तीन लाख कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने का लक्ष्य रखा था। देवरिया, सलेमपुर, बरहज और गौरी बाजार डिवीजन में एक निजी कंपनी यह कार्य कर रही थी। अब तक जिले में करीब 71 हजार उपभोक्ताओं के यहां स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके हैं। स्मार्ट मीटर लगने के बाद उपभोक्ताओं द्वारा लगातार शिकायतें दर्ज कराई जा रही थीं। इन शिकायतों में तेज मीटर चलने, अधिक बिजली बिल आने, बकाया होने पर तुरंत बिजली काटने, रात में बिजली आपूर्ति बंद होने और बिल जमा होने के बाद भी समय पर लाइन चालू न होने जैसी समस्याएं प्रमुख थीं। इन समस्याओं को लेकर रामपुर कारखाना और बरहज क्षेत्रों में ग्रामीणों ने प्रदर्शन भी किया था। विभाग लगातार यह दावा करता रहा है कि स्मार्ट मीटर पुराने मीटरों की तरह ही कार्य कर रहे हैं और केवल कुछ फीचर अपडेट किए गए हैं। इसके बावजूद, शिकायतों का सिलसिला जारी रहने पर विभाग ने पुराने कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने की प्रक्रिया फिलहाल स्थगित कर दी। अधीक्षण अभियंता अमित कुमार सिंह ने बताया कि पुराने कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाने का कार्य रोक दिया गया है। हालांकि, नए कनेक्शनों पर अभी भी स्मार्ट मीटर ही लगाए जा रहे हैं। उन्होंने दोहराया कि स्मार्ट मीटर पुराने मीटरों की तर्ज पर ही काम कर रहे हैं, केवल कुछ फीचर अपडेट किए गए हैं। जिले में कुल पांच लाख से अधिक बिजली उपभोक्ता हैं और शासन के निर्देशानुसार सभी पुराने कनेक्शनों पर स्मार्ट मीटर लगाए जाने थे, लेकिन बढ़ती शिकायतों के कारण फिलहाल इस कार्य को स्थगित किया गया है।
नूंह जिले के फिरोजपुर झिरका उपमंडल में बच्चों की सुरक्षा को लेकर हैरान कर देने वाली लापरवाही सामने आई है। गांव माहौली के पास शुक्रवार को एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने औचक कार्रवाई करते हुए APEX MODEL SCHOOL की एक स्कूल बस को रुकवाकर जांच की। जांच में बस बिना नंबर प्लेट के चल रही थी, ड्राइवर के पास लाइसेंस नहीं था, कंडक्टर अंडर एज दिखाई दिया और जरूरी दस्तावेज भी मौजूद नहीं थे। स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। ड्राइवर-कंडक्टर दोनों के पास लाइसेंस नहीं मिला एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने बताया कि स्कूल बस बिना नंबर प्लेट के खुलेआम सड़कों पर दौड़ रही थी। सबसे बड़ा खुलासा तब हुआ जब बस चला रहे ड्राइवर से लाइसेंस मांगा गया, लेकिन वह मौके पर ड्राइविंग लाइसेंस तक पेश नहीं कर सका। यानी बच्चों से भरी बस को बगैर वैध लाइसेंस के सड़क पर दौड़ाया जा रहा था। यही नहीं, बस में मौजूद परिचालक भी कंडक्टर लाइसेंस और पहचान पत्र दिखाने में नाकाम रहा। कंडक्टर अंडर एज दिखाख् नहीं पहनी थी वर्दी निरीक्षण के दौरान चालक और परिचालक दोनों बिना वर्दी के पाए गए। अधिकारियों के अनुसार बस में मौजूद कंडक्टर बाहरी रूप से अंडर एज दिखाई दिया, जिससे मामला और भी गंभीर हो गया। सवाल उठ रहे हैं कि आखिर बच्चों की सुरक्षा की जिम्मेदारी किन लोगों के हाथों में सौंप दी गई थी। अगर रास्ते में कोई बड़ा हादसा हो जाता तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेता। रजिस्ट्रेशन, फिटनेस और परमिट भी नहीं मिले जांच के दौरान बस के रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, परमिट और अन्य जरूरी दस्तावेज भी मौके पर उपलब्ध नहीं कराए जा सके। बस में सुरक्षा मानकों से जुड़ी कई अन्य खामियां भी सामने आईं। प्रशासनिक सूत्रों का कहना है कि यह मामला केवल लापरवाही नहीं बल्कि बच्चों की जिंदगी के साथ सीधा खिलवाड़ है। स्कूल संचालक से मांगेंगे जवाब एसडीएम लक्ष्मी नारायण ने पूरे मामले पर सख्त रुख अपनाते हुए स्कूल संचालक से लिखित जवाब तलब करने की बात कही है। प्रशासन अब क्षेत्र में चल रही अन्य निजी स्कूल बसों की भी जांच की तैयारी में जुट गया है। इस कार्रवाई के बाद इलाके के स्कूल संचालकों में हड़कंप मचा हुआ है।
अयोध्या जिल के मिल्कीपुर तहसील बार एसोसिएशन के नवनिर्वाचित अध्यक्ष अमित कुमार मिश्रा ने पत्रकार वार्ता में बताया कि नई कार्यकारिणी की पहली बैठक शुक्रवार को आयोजित की गई, जिसमें संगठन की प्राथमिकताओं, शपथ ग्रहण समारोह तथा तहसील की जटिल समस्याओं पर रणनीति तैयार करने को लेकर विस्तार से चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि शपथ ग्रहण समारोह अगले सप्ताह आयोजित होने की संभावना है, हालांकि इसकी तिथि अभी तय नहीं की गई है। अमित कुमार मिश्रा ने कहा कि नई कार्यकारिणी अधिवक्ताओं के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देगी। उन्होंने कहा कि अधिवक्ता साथियों की जो अपेक्षाएं और सुझाव हैं, उन्हें धरातल पर उतारने का कार्य किया जाएगा। उन्होंने भरोसा दिलाया कि बार एसोसिएशन से अधिवक्ताओं और आमजन की जो उम्मीदें जुड़ी हैं, उन पर पूरी तरह खरा उतरने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने बताया कि वे लंबे समय से सामाजिक सरोकारों से जुड़े कार्य भी करते आ रहे हैं। प्रत्येक माह के पहले और तीसरे मंगलवार को वे जरूरतमंद लोगों से किसी भी प्रकार की फीस नहीं लेते हैं। उनका कहना था कि कई ऐसे गरीब और असहाय लोग तहसील पहुंचते हैं, जिनके पास प्रार्थना पत्र लिखवाने तक के पैसे नहीं होते। ऐसे लोगों की सहायता के उद्देश्य से उन्होंने यह व्यवस्था शुरू की थी, जिसे आगे भी जारी रखा जाएगा। उन्होंने आगे बताया कि प्रत्येक माह के प्रथम और तृतीय शनिवार को आयोजित तहसील समाधान दिवस में बड़ी संख्या में फरियादी अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। ऐसे लोगों के लिए उनकी ओर से निशुल्क प्रार्थना पत्र लिखने की व्यवस्था की जाती है, ताकि आर्थिक अभाव किसी भी व्यक्ति को न्याय पाने से वंचित न कर सके। इस मौके पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष अंसार खान, मंत्री बृजेश मिश्रा, कोषाध्यक्ष सुशील पाण्डेय, कनिष्ठ उपाध्यक्ष, श्री प्रकाश पाण्डेय, संदीप शुक्ला पूर्व अध्यक्ष शिवराज तिवारी, अधिवक्ता सूर्य नारायण द्विवेदी, दयानंद पाण्डेय ,अमरजीत सिंह, उमाकांत श्रीवास्तव, लालू तिवारी समेत अन्य अधिवक्ता मौजूद रहे।
भारत सरकार के अनुसूचित जनजाति कार्य विभाग के केंद्रीय राज्यमंत्री दुर्गादास उईके ने शुक्रवार को हरदा में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में जल संवर्द्धन पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जल संकट के समाधान के लिए अधिक से अधिक जल संवर्द्धन कार्य किए जाएं। उईके ने इस बात पर बल दिया कि जल संवर्द्धन के लिए प्रत्येक व्यक्ति को संवेदनशील रहने की आवश्यकता है, क्योंकि आज के संचित जल से ही भविष्य में जल आपूर्ति सुनिश्चित हो सकेगी। उन्होंने 'जल गंगा संवर्द्धन अभियान' के तहत नदियों के संरक्षण एवं गहरीकरण के लिए भी कार्य करने के निर्देश दिए। बैठक में पूर्व विधायक संजय शाह, भाजपा जिलाध्यक्ष राजेश वर्मा, कलेक्टर सिद्धार्थ जैन, जिला पंचायत सीईओ अंजली जोसेफ जोनाथन सहित समिति सदस्य और विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित थे। कलेक्टर ने नवाचारों की सराहना कीकृषि विभाग की समीक्षा करते हुए विभाग द्वारा आयोजित किए जाने वाले कृषक भ्रमण कार्यक्रम एवं कृषकों के सम्मान कार्यक्रम में चयनित किए जाने वाले कृषकों की जानकारी जनप्रतिनिधियों को उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही, जिले में जैविक एवं प्राकृतिक खेती को बढ़ावा देने की भी कृषि एवं संबंधित विभागों से अपेक्षा की गई। कलेक्टर सिद्धार्थ जैन द्वारा जिले के स्कूलों में प्रारंभ किए गए 'मिशन कोड शक्ति' एवं 'विद्या आसन' अभियान जैसे नवाचारों की सराहना की गई। इसके अलावा, कुपोषित बच्चों को सुपोषण की श्रेणी में लाने के लिए जिले के विभिन्न विभागों के अधिकारियों को दी गई जिम्मेदारियों को बैठक में उपस्थित जनप्रतिनिधियों ने सराहनीय कार्य बताया। स्वास्थ्य विभाग की समीक्षा के दौरान रिक्त पदों की पूर्ति की स्थिति की जानकारी ली गई। उईके ने कहा कि जिले में चिकित्सा एवं पैरामेडिकल स्टाफ की पूर्ति के लिए आवश्यक जानकारी का ड्राफ्ट उन्हें उपलब्ध कराया जाए। इसी तरह, स्कूलों में शिक्षकों की पदस्थापना की स्थिति पर भी उईके ने समीक्षा की। उन्होंने निर्देश दिए कि प्राथमिक विद्यालयों में बुनियादी शिक्षा की नींव मजबूत करने के लिए विषयवार शिक्षक नियुक्त किए जाएं। प्राथमिक, मिडिल, हाई स्कूल एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में विषयवार शिक्षकों की प्रतिपूर्ति के लिए शिक्षकों का युक्तियुक्तकरण किया जाए। प्रत्येक शिक्षक अपने शैक्षणिक कार्य की प्रतिदिन, साप्ताहिक, पाक्षिक, मासिक एवं वार्षिक कार्ययोजना की डायरी तैयार करें।
समस्तीपुर में जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट में जनता दरबार का आयोजन किया गया। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से आए आम लोगों ने अपनी समस्याएं प्रशासन के सामने रखीं। जनता दरबार में राजस्व, भूमि विवाद, पेंशन, सामाजिक सुरक्षा योजना, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण, राशन कार्ड और सरकारी योजनाओं के लाभ से जुड़े कई मामले सामने आए। जिलाधिकारी ने सभी परिवादों को गंभीरता से सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को कार्रवाई के निर्देश दिए। डीएम बोले- समस्याओं का समाधान सरल तरीके से हो इस अवसर पर जिलाधिकारी रोशन कुशवाहा ने स्पष्ट किया कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध और निष्पक्ष समाधान जिला प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने सभी पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता दरबार में आए मामलों को गंभीरता से लेते हुए तय समय सीमा के अंदर उनका निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। उन्होंने सरकार की मंशा दोहराई कि आम लोगों को पारदर्शी और जवाबदेह प्रशासन मिले और उनकी समस्याओं का समाधान सरल तरीके से हो। जनता दरबार में सबसे अधिक मामले भूमि विवाद और राजस्व विभाग से संबंधित थे। कई लोगों ने जमीन की मापी, दाखिल-खारिज, अतिक्रमण हटाने और सरकारी जमीन पर कब्जे की शिकायतें दर्ज कराईं। इसके अलावा, वृद्धा पेंशन, विधवा पेंशन और दिव्यांग पेंशन से जुड़े कई मामलों को भी जिलाधिकारी ने गंभीरता से लिया और संबंधित अधिकारियों को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए। राशन कार्ड और सामाजिक सुरक्षा योजनाओं से वंचित लोगों ने भी अपनी शिकायतें प्रशासन के सामने रखीं। डीएम बोले- लापरवाही बर्दाश्त नहीं जिलाधिकारी ने मौके पर मौजूद अधिकारियों को निर्देश दिया कि जनता की समस्याओं के समाधान में किसी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने कहा कि सभी विभाग आपसी समन्वय बनाकर काम करें, ताकि लोगों को राहत मिल सके। साथ ही उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देश दिया कि हासिल आवेदनों की नियमित मॉनिटरिंग की जाए और आवेदकों को कार्रवाई की जानकारी भी उपलब्ध कराई जाए। इस दौरान जनता दरबार में अपर समाहर्ता ब्रजेश कुमार, जिला भू अर्जन पदाधिकारी प्रवीण कुमार सहित अलग-अलग विभागों के जिला स्तरीय पदाधिकारी मौजूद रहे। जनता दरबार में पहुंचे लोगों ने अपनी समस्याओं को सीधे जिलाधिकारी के सामने रखने का अवसर मिलने पर संतोष व्यक्त किया और उम्मीद जताई कि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान होगा।
बेतिया जिला मुख्यालय स्थित समाहरणालय सभागार में जिलाधिकारी तरनजोत सिंह की अध्यक्षता में जनसुनवाई कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान आम नागरिकों की समस्याओं को गंभीरता से सुना गया और कुल 95 मामलों की सुनवाई की गई। इन मामलों में मुख्य रूप से भूमि विवाद, राजस्व संबंधी शिकायतें, सामाजिक सुरक्षा पेंशन, प्रधानमंत्री आवास योजना, बिजली आपूर्ति, पेयजल व्यवस्था, सड़क निर्माण एवं मरम्मत तथा राशन कार्ड से जुड़ी समस्याएं शामिल थीं। मामलों का त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से समाधान करने का निर्देश जनसुनवाई में जिले के विभिन्न प्रखंडों और पंचायतों से बड़ी संख्या में लोग अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे। जिलाधिकारी ने प्रत्येक फरियादी की समस्या को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित विभागों के अधिकारियों को मामलों का त्वरित एवं पारदर्शी ढंग से समाधान करने का निर्देश दिया। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आम जनता की समस्याओं का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित किया जाए, ताकि लोगों को सरकारी योजनाओं और सेवाओं का लाभ बिना किसी परेशानी के मिल सके। शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए कार्यक्रम के दौरान कई मामलों का मौके पर ही निष्पादन कर दिया गया, जिससे फरियादियों को तत्काल राहत मिली। जिन मामलों में विस्तृत जांच अथवा विभागीय कार्रवाई की आवश्यकता थी, उन्हें संबंधित विभागों को सौंपते हुए शीघ्र समाधान सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को यह भी स्पष्ट किया कि जनहित से जुड़े मामलों में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। 'सबका सम्मान-जीवन आसान' अभियान के तहत कार्यक्रम यह जनसुनवाई कार्यक्रम सात निश्चय-3 के अंतर्गत चलाए जा रहे 'सबका सम्मान-जीवन आसान' अभियान के तहत आयोजित किया गया था। इस अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों की समस्याओं का त्वरित समाधान कर प्रशासन और जनता के बीच विश्वास को मजबूत करना है। कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि जनसुनवाई जैसे कार्यक्रमों से आम लोगों को अपनी समस्याएं सीधे प्रशासन के समक्ष रखने का अवसर मिलता है और उनके समाधान की उम्मीद भी बढ़ती है।
संभल पुलिस ने रंगदारी मांगने वाले कुख्यात ‘बाबा गैंग’ का खुलासा करते हुए उसके छह सदस्यों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। आरोपियों पर एक ग्रामीण से एक लाख रुपये की रंगदारी मांगने और रकम न देने पर जान से मारने की धमकी देने का आरोप है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो अवैध तमंचे, दो जिंदा कारतूस और एक बोलेरो वाहन भी बरामद किया है। शुक्रवार को पुलिस लाइन बहजोई में आयोजित प्रेसवार्ता में एएसपी दक्षिणी मनोज कुमार रावत ने मामले का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि गुन्नौर सर्किल की जुनावई थाना पुलिस ने कार्रवाई करते हुए छह आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज पुलिस के अनुसार, 6 मई को थाना जुनावई क्षेत्र के दफ्तरा हिमचल गांव निवासी रामपाल पुत्र भूदेव ने शिकायत दर्ज कराई थी कि ‘बाबा गैंग’ के सदस्यों ने उनसे एक लाख रुपये की रंगदारी मांगी और धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने अंकित, अवधेश और 10 से 15 अज्ञात लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया था। गिरफ्तार आरोपियों में अंकित उर्फ दीपेंद्र पुत्र राकेश उर्फ जयवीर निवासी दबथरा हरलाल, अवधेश उर्फ उपदेश कुमार पुत्र मुकेश निवासी अजीजपुर, सुरेंद्र पुत्र सरवन निवासी नगला डुमाईल थाना जुनावई, प्रिंस पुत्र दिनेश शर्मा, कुलदीप जडेजा पुत्र बाबूराम निवासी यादव कॉलोनी तथा अमन शर्मा पुत्र मनोज शर्मा निवासी बिजलीघर थाना बहजोई शामिल हैं। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे ‘बाबा गैंग’ के सदस्य हैं और उनके गिरोह में 25 से 30 लोग सक्रिय हैं। गैंग के सदस्य व्हाट्सएप, इंस्टाग्राम और फेसबुक जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से एक-दूसरे के संपर्क में रहते थे। आरोपी लोगों को डराकर और धमकाकर पैसे वसूलते थे, जिससे अपने शौक और मौज-मस्ती पूरी करते थे। पुलिस जांच में यह भी सामने आया कि आरोपी पहले भी जेल जा चुके हैं और इलाके में उनका खौफ होने के कारण लोग शिकायत करने से बचते थे। आरोपियों ने रामपाल को डराने के लिए हवाई फायरिंग भी की थी। एएसपी मनोज कुमार रावत ने बताया- 3 मई को रामलाल नामक व्यक्ति को अंकित, अवधेश और अन्य लोगों ने रास्ते में रोककर एक लाख रुपए की रंगदारी मांगी थी। विरोध करने पर हवाई फायरिंग कर आरोपी फरार हो गए थे। मामले में अन्य आरोपियों की तलाश जारी है और जल्द ही उनकी गिरफ्तारी भी की जाएगी। पुलिस के अनुसार, आरोपी अंकित और अमन पर चार-चार, अवधेश और प्रिंस पर पांच-पांच, कुलदीप पर तीन तथा सुरेंद्र पर दो आपराधिक मुकदमे दर्ज हैं।
पलवल में करंट लगने से किसान की मौत:खेत में खाद की ट्राली खाली कर रहा था; झुकी तारों से लगा झटका
पलवल जिले में बिजली निगम की कथित लापरवाही के कारण खेत में काम कर रहे एक युवा किसान की करंट लगने से मौत हो गई। गदपुरी पुलिस ने मृतक के पिता की शिकायत पर अज्ञात बिजली कर्मचारियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। शव का पोस्टमॉर्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया गया है। यह घटना पारौली गांव में हुई, जहां 23 वर्षीय बंशीलाल अपने पिता कुमरपाल के साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली से खेतों में गोबर की खाद डाल रहा था। कुमरपाल ट्रैक्टर चला रहे थे, जबकि बंशीलाल ट्रॉली से खाद खाली कर रहा था। इसी दौरान खेत के ऊपर से गुजर रही 11 हजार किलोवाट की बिजली लाइन के तार बंशीलाल को छू गए। कई बार विभाग को दी शिकायत शिकायत के अनुसार, कलवाका गांव स्थित फीडर से पारौली गांव के खेतों को बिजली आपूर्ति करने वाली यह लाइन जमीन से मात्र छह-सात फुट ऊपर थी। मृतक के पिता कुमरपाल ने बताया कि उन्होंने कई बार बिजली विभाग को इन नीचे झुके तारों के बारे में मौखिक शिकायत की थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं की गई। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस मृतक बंशीलाल के दो छोटे बच्चे हैं। पिता ने बिजली निगम के कर्मचारियों की लापरवाही को हादसे का कारण बताया है। गदपुरी थाना प्रभारी कुलदीप ने जानकारी दी कि पुलिस ने अज्ञात बिजली कर्मियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है और मामले की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस ने कहा कि जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ उचित कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी (एआरटीओ) ने मानक विहीन स्कूली वाहनों पर सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी है। शुक्रवार को अमेठी में आयोजित एक बैठक में उन्होंने कहा कि परमिट, फिटनेस और सुरक्षा उपकरण अधूरे पाए जाने पर ऐसे वाहनों को सीज किया जाएगा। शासन के निर्देशों के क्रम में एआरटीओ कार्यालय अमेठी में जनपद के सभी मान्यता प्राप्त विद्यालयों के प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों के साथ यह बैठक आयोजित की गई। इसमें विशेष रूप से उन विद्यालयों को शामिल किया गया जो छात्र-छात्राओं के आवागमन के लिए परिवहन वाहन संचालित करते हैं। बैठक के दौरान विद्यालयों में संचालित वाहनों के परमिट, फिटनेस, बीमा और प्रदूषण प्रमाणपत्र की समीक्षा की गई। जिन वाहनों के आवश्यक प्रपत्र समाप्त पाए गए, उन्हें तत्काल पूर्ण कराने के निर्देश दिए गए। सभी विद्यालय वाहनों में वीएलटीडी, सीसीटीवी कैमरा, जीपीएस, अग्निशमन यंत्र और अन्य आवश्यक सुरक्षा उपकरण अनिवार्य रूप से लगाने के निर्देश भी दिए गए। बैठक को संबोधित करते हुए एआरटीओ महेंद्र बाबू गुप्ता ने स्पष्ट किया कि जनपद में किसी भी स्थिति में मानक विहीन स्कूल वाहनों का संचालन नहीं होने दिया जाएगा। उन्होंने विद्यालय प्रबंधकों और प्रधानाचार्यों से अपील की कि सभी वाहन निर्धारित मानकों और नियमों के अनुरूप ही संचालित किए जाएं। गुप्ता ने यह भी निर्देशित किया कि स्कूल वाहनों का संचालन करने वाले चालकों का चरित्र सत्यापन पुलिस विभाग से और ड्राइविंग लाइसेंस का सत्यापन परिवहन विभाग से अनिवार्य रूप से कराया जाए। एआरटीओ ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा कि यदि किसी विद्यालय द्वारा निर्धारित समयावधि के भीतर वाहनों के प्रपत्र पूर्ण नहीं कराए जाते हैं तो संबंधित वाहनों के विरुद्ध कानूनी कार्रवाई करते हुए उन्हें सीज किया जाएगा। इसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित विद्यालय प्रबंधन की होगी। इस बैठक में जिला बेसिक शिक्षा विभाग, उप संभागीय परिवहन कार्यालय अमेठी के कर्मचारी तथा जनपद के विभिन्न विद्यालयों के प्रबंधक और प्रधानाचार्य उपस्थित रहे।
खरगोन जिले की बिंजलवाड़ा सिंचाई परियोजना निर्धारित समय-सीमा में पूरी नहीं होने पर भारतीय किसान संघ ने नाराजगी जताई है। जिला प्रशासन और नर्मदा घाटी विकास प्राधिकरण (NVDA) द्वारा 7 मई तक कार्य पूरा करने की डेडलाइन तय की गई थी, लेकिन तय समय गुजरने के बाद भी परियोजना अधूरी है। भारतीय किसान संघ ने शुक्रवार को बैठक कर एसडीएम लोकेश छापरे को परियोजना की धीमी प्रगति से अवगत कराया। संघ के प्रतिनिधियों ने बताया कि परियोजना में काम कर रही मशीनों को समय पर डीजल नहीं मिल पा रहा है। वहीं ठेकेदारों को भुगतान में देरी होने से काम प्रभावित हो रहा है। 15 मई से आंदोलन की चेतावनी परियोजना की सुस्त रफ्तार को लेकर किसान संघ ने 15 मई से दोबारा अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू करने की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि यदि जल्द काम में तेजी नहीं लाई गई तो किसान सड़क पर उतरने को मजबूर होंगे। बैठक में किसानों ने मंडी खरीदी व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया कि मंडी में खरीदी प्रक्रिया प्रभावित हो रही है। किसान संघ ने मंडी सचिव को हटाने की मांग करते हुए कहा कि उनका स्थानांतरण 20 फरवरी को हो चुका है, लेकिन अब तक उन्हें कार्यमुक्त नहीं किया गया। गेहूं खरीदी स्लॉट सत्यापन में भी परेशानी किसानों ने सरकारी गेहूं खरीदी के स्लॉट सत्यापन में भी दिक्कतें आने की शिकायत की। उनका कहना है कि तकनीकी और प्रशासनिक परेशानियों के कारण किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। बैठक में श्यामसिंह पवार, वासुदेव चौधरी, गोविंद पटेल, राधेश्याम पटेल, नितेशसिंह मौर्य, कृष्णकांत सोनी, नरेंद्रसिंह सोलंकी और पन्नालाल बारिया सहित कई किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।
मथुरा में गुरुवार को भीम आर्मी ने दलित उत्पीड़न, भूमि कब्जे और प्रशासनिक लापरवाही के विरोध में एक दिवसीय शांतिपूर्ण धरना प्रदर्शन किया। संगठन ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें विभिन्न विधानसभा क्षेत्रों में अनुसूचित जाति समाज के लोगों के उत्पीड़न के मामलों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई। यह प्रदर्शन संगठन के जिला संयोजक डॉ. कुलदीप भार्गव और एडवोकेट रूप सिंह के नेतृत्व में हुआ। ज्ञापन में गोपालगढ़ निवासी बहादुर सिंह जाटव की भूमि पर कथित धोखाधड़ी से बैनामा कराने, फर्जी दस्तावेज तैयार करने और दबंगों द्वारा कब्जा करने का आरोप लगाया गया। संगठन ने दावा किया कि पीड़ित को बहला-फुसलाकर रजिस्ट्री कार्यालय ले जाया गया और नशे या भ्रम की स्थिति में दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराए गए। भीम आर्मी का आरोप है कि सीसीटीवी फुटेज, वीडियो और अन्य साक्ष्य उपलब्ध होने के बावजूद पुलिस ने इस मामले में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं की। इसके अतिरिक्त, ग्राम अकबरपुर स्थित डॉ. भीमराव आंबेडकर पार्क की भूमि और दुकानों के संचालन को लेकर भी शिकायत दर्ज की गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पुरानी समिति के पदाधिकारियों ने पार्क की संपत्ति का दुरुपयोग किया। संगठन ने यह भी कहा कि नई समिति के गठन के बावजूद प्रशासन पुरानी समिति को संरक्षण दे रहा है। भीम आर्मी ने अपनी मांगों में दलित परिवारों की जमीन से अवैध कब्जे हटाने, दोषियों पर अनुसूचित जाति/जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज करने, पीड़ित परिवारों को सुरक्षा प्रदान करने और संबंधित अधिकारियों की भूमिका की जांच कराने की अपील की। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि निर्धारित समय में निष्पक्ष कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
डीडवाना में राष्ट्रीय किसान महासभा की मकराना तहसील इकाई ने किसानों की लंबित मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। किसानों ने वर्ष 2023 के बकाया फसल बीमा क्लेम का भुगतान जल्द कराने और वर्ष 2025 में हुए फसल नुकसान के गलत सर्वे पर नाराजगी व्यक्त की। ज्ञापन में बताया गया कि बेमौसम बारिश और ओलावृष्टि से किसानों की फसलें बुरी तरह प्रभावित हुई हैं। हालांकि, सरकारी रिकॉर्ड में जिले के लगभग 80 प्रतिशत गांवों में नुकसान को शून्य दर्शाया गया है। किसान नेताओं ने इसे जमीनी हकीकत की अनदेखी बताते हुए प्रशासन से दोबारा निष्पक्ष और पारदर्शी सर्वे कराने की मांग की। राष्ट्रीय किसान महासभा की मकराना तहसील अध्यक्ष नानूराम डूडी ने कहा कि किसान लंबे समय से अपने हक की बीमा राशि का इंतजार कर रहे हैं। उन्होंने जोर दिया कि प्राकृतिक आपदाओं और आर्थिक संकट के बीच फसल बीमा क्लेम किसानों के लिए बड़ी राहत प्रदान कर सकता है। डूडी ने प्रशासन से लंबित फाइलों का शीघ्र निस्तारण कर मुआवजा राशि किसानों के खातों में जमा कराने की मांग की। महासभा ने ज्ञापन के माध्यम से प्रमुख मांगें रखीं। इनमें वर्ष 2023 का लंबित फसल बीमा क्लेम तुरंत जारी करना, वर्ष 2025 में हुए फसल नुकसान का दोबारा निष्पक्ष सर्वे कराना और जिन गांवों में शून्य प्रतिशत नुकसान दर्शाया गया है, वहां पुनर्मूल्यांकन कर किसानों के क्लेम बनाना शामिल है। इसके साथ ही, भविष्य में विसंगतियों से बचने के लिए सर्वे प्रक्रिया को पूरी तरह पारदर्शी बनाने की मांग भी की गई। ज्ञापन सौंपते समय नानूराम डूडी के साथ पूर्णराम भाकर, मोतीराम भाकर, ज्ञानाराम, कानाराम, हीरालाल और भंवरलाल गुर्जर सहित कई किसान प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कौशांबी पुलिस ने एक बड़े ह्यूमन ट्रैफिकिंग गिरोह का भंडाफोड़ किया है। पुलिस ने कोखराज थाना क्षेत्र से गायब हुई एक हाईस्कूल की छात्रा को बरामद किया है। इस मामले में गिरोह की दो महिलाओं सहित पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने आरोपियों के पास से सात मोबाइल फोन और 13 हजार रुपये नकद भी बरामद किए हैं। यह गिरोह नाबालिग लड़कियों को बहला-फुसलाकर गायब करता था, उनके साथ दरिंदगी करता था और फिर उन्हें पैसे लेकर बेच देता था। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया गया है। यह मामला कोखराज थाना क्षेत्र का है, जहां 25 मार्च को एक हाईस्कूल की छात्रा परीक्षा देने के बाद अचानक लापता हो गई थी। छात्रा के पिता ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद पुलिस ने मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी थी। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत ने छात्रा को बरामद करने के लिए एक विशेष टीम का गठन किया था। टीम ने सर्विलांस और इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों की मदद से छात्रा को कासगंज जनपद से ढूंढ निकाला। बरामद नाबालिग छात्रा ने पुलिस को बताया कि सुमित नामक युवक ने उसके साथ संबंध बनाए। इसके बाद उसके दोस्त शाहरुख ने भी उसके साथ दुष्कर्म किया। बाद में उसकी शादी सुमित से करा दी गई और फिर उसे एक अधेड़ व्यक्ति को बेच दिया गया। छात्रा को बरामद करने के बाद पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने सुमित कुमार (निवासी गौसगंज, थाना पटियाली, कासगंज), उसकी भाभी मंजू उर्फ फूलमती (पत्नी रवींद्र, कासगंज), अनुराधा (पत्नी हरी सिंह, हाथरस), शाहरुख हुसैन (पुत्र रिजवान, एटा) और अंशु जाटव (पुत्र नवाब सिंह, मैनपुरी) को गिरफ्तार किया। कौशांबी एसपी ने शुक्रवार को पुलिस कार्यालय में पूरे मामले की जानकारी दी।
प्रयागराज के गऊघाट क्षेत्र में रेलवे भूमि पर बने मकानों को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किए जाने के विरोध में शुक्रवार को भाकपा माले कार्यकर्ताओं ने कमिश्नर कार्यालय पर प्रदर्शन किया। पार्टी ने प्रभावित दलित परिवारों के लिए आवास, जमीन, रोजगार और न्यूनतम दो लाख रुपये मुआवजे की मांग की। भाकपा माले नेताओं ने आरोप लगाया कि 2 मई को भारी पुलिस बल की मौजूदगी में गऊघाट इलाके में सैकड़ों गरीब परिवारों के घरों को बुलडोजर से ढहा दिया गया। इस दौरान महिलाओं के साथ कथित तौर पर अभद्रता और मारपीट भी की गई, जिससे लोगों का घरेलू सामान भी क्षतिग्रस्त हुआ। पार्टी ने इस कार्रवाई को अमानवीय बताया। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए भाकपा माले के जिला प्रभारी सुनील मौर्य ने कहा कि विकास के नाम पर गरीब दलितों को बेघर किया जा रहा है, जबकि अमीरों और भूमाफियाओं को फायदा पहुंचाया जा रहा है। उन्होंने प्रशासन पर रात में कार्रवाई कर कानून का उल्लंघन करने और सरकार पर गरीबों की समस्याओं को अनसुना कर तानाशाही रवैया अपनाने का आरोप लगाया। भाकपा माले के राज्य कमेटी सदस्य और आइसा उत्तर प्रदेश अध्यक्ष मनीष कुमार ने कहा कि बुलडोजर गरीबों के घरों पर नहीं, बल्कि संविधान पर चलाया जा रहा है। उन्होंने तर्क दिया कि यदि सरकार बड़े उद्योगपतियों को जमीन उपलब्ध करा सकती है, तो उसे गरीबों को भी आवास, जमीन और रोजगार देने की अपनी जिम्मेदारी निभानी चाहिए। उन्होंने इस कार्रवाई को संविधान और कानून विरोधी बताया। आरवाईए के प्रदेश सह सचिव सोनू यादव ने मांग की कि विकास के नाम पर गरीबों को बेघर करना बंद किया जाए। उन्होंने प्रभावित परिवारों के लिए समुचित पुनर्वास व्यवस्था, रोजगार और दो लाख रुपये के मुआवजे की तत्काल व्यवस्था करने पर जोर दिया। इस प्रदर्शन में मानवेन्द्र यादव, प्रदीप ओबामा, सोनाली, मोहिनी, संगीता, रंजीत, धर्मेंद्र, साधना, खुशबू सहित बड़ी संख्या में महिलाएं, बच्चे और कार्यकर्ता शामिल हुए।
मैनपुरी में 'मिशन समाधान' शुरू:सैकड़ों बीघा सरकारी भूमि कब्जामुक्त, विकास कार्यों के लिए सुरक्षित
मैनपुरी में जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी की पहल पर 'मिशन समाधान' अभियान शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य लंबे समय से लंबित भूमि विवादों और अवैध कब्जों का निस्तारण करना है। इस अभियान के तहत सैकड़ों बीघा ग्रामसभा भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराकर विकास कार्यों के लिए सुरक्षित किया गया है। जनपद की सभी तहसीलों में पुलिस और राजस्व विभाग की 24 संयुक्त टीमें गठित की गईं। इन टीमों ने चिन्हित प्रकरणों पर मौके पर पहुंचकर कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर पात्र व्यक्तियों को उनकी भूमि का कब्जा दिलाया गया। साथ ही, चकरोड और नाली की पैमाइश कर जेसीबी से मिट्टी कार्य कराया गया, जिससे आवागमन सुगम हुआ। लंबे समय से चले आ रहे विवादों का निस्तारण भी मौके पर ही किया गया। जिलाधिकारी डॉ. इंद्रमणि त्रिपाठी ने स्वयं ग्राम अहिरवा में मौजूद रहकर लगभग 75 बीघा भूमि से अवैध कब्जा हटवाया। उन्होंने इस भूमि को खेल मैदान, विद्यालय और चारागाह के लिए आरक्षित करने के निर्देश दिए। ग्राम अहिरवा में कई गाटा संख्याओं की भूमि से कब्जा हटाकर गौशाला के लिए हरे चारे हेतु भूमि सुरक्षित की गई। कुछ स्थानों पर ग्रामीणों की सहमति से नए रास्ते भी बनाए गए। तहसील सदर के ग्राम परौंख में 42 बीघा ग्रामसभा भूमि को कब्जामुक्त कर ग्रामसभा को सुपुर्द किया गया। अंगौथा में चकरोड की पैमाइश कर तत्काल मिट्टी कार्य कराया गया, जिससे ग्रामीणों को राहत मिली। अपर जिलाधिकारी ने भी विभिन्न गांवों का निरीक्षण कर अतिक्रमण हटवाने की कार्रवाई की। कई स्थानों पर मरघट, नाली, चकरोड और खेल मैदान की भूमि को चिन्हित कर सुरक्षित किया गया। ग्राम हलपुरा, बड़ा गांव, जैली जरौली, करहल और अन्य क्षेत्रों में भी सरकारी भूमि से कब्जा हटाकर ग्राम प्रधानों को सुपुर्द किया गया तथा बंजर भूमि पर मेड़बंदी कराई गई। अभियान के बाद ग्रामीणों ने राहत व्यक्त की और आवागमन में सुधार तथा भूमि विवादों के समाधान पर जिला प्रशासन की कार्रवाई की सराहना की। जिलाधिकारी ने बताया कि 'मिशन समाधान' का उद्देश्य केवल कब्जे हटाना नहीं, बल्कि वर्षों से लंबित भूमि विवादों का स्थायी समाधान करना है, जिससे गांवों में विकास कार्यों के लिए जमीन उपलब्ध हो सके। प्रशासन का लक्ष्य है कि सरकारी भूमि पर हर प्रकार का अतिक्रमण पूरी तरह समाप्त किया जाए और चकरोड, नाली, खेल मैदान, चारागाह जैसी भूमि को संरक्षित कर ग्राम विकास की दिशा में उपयोग किया जाए। अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और चिन्हित सभी मामलों में इसी तरह मौके पर जाकर निस्तारण कराया जाएगा।
IRCTC टूरिज्म ने बरेली के श्रद्धालुओं के लिए एक विशेष टूर पैकेज लॉन्च किया है। 'भारत गौरव टूरिस्ट ट्रेन' के माध्यम से यात्री अब एक ही यात्रा में सात ज्योतिर्लिंगों और दक्षिण भारत के प्रमुख मंदिरों के दर्शन कर सकेंगे। यह पैकेज धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा देने और यात्रियों की सुविधा के लिए तैयार किया गया है। बरेली में शुक्रवार को आयोजित एक प्रेस वार्ता में अधिकारियों ने इस पैकेज को ऑल इन वन धार्मिक पैकेज बताया। इसमें ट्रेन टिकट, होटल में ठहरने, भोजन और स्थानीय भ्रमण की सभी व्यवस्थाएं शामिल होंगी। प्रेस वार्ता में अजीत कुमार सिन्हा, नवनीत गोयल और सय्यद इमरान चिश्ती उपस्थित थे। पहला टूर 12 जून 2026 से शुरू होकर 23 जून तक चलेगा। यह 11 रात और 12 दिन की यात्रा होगी, जिसमें श्रद्धालु महाकालेश्वर, ओंकारेश्वर, सोमनाथ, नागेश्वर, त्र्यंबकेश्वर, भीमाशंकर और घृष्णेश्वर ज्योतिर्लिंगों के दर्शन कर सकेंगे। इसके अतिरिक्त, द्वारकाधीश मंदिर, पंचवटी और कालाराम मंदिर भी इस यात्रा का हिस्सा होंगे। 'भारत गौरव ट्रेन' ऋषिकेश से अपनी यात्रा शुरू करेगी। यात्री हरिद्वार, मुरादाबाद, बरेली, शाहजहांपुर और लखनऊ सहित कई स्टेशनों से ट्रेन में सवार हो सकेंगे। इस यात्रा के लिए स्लीपर क्लास का किराया 24,100 रुपये, 3एसी का 40,890 रुपये और 2एसी का 54,390 रुपये निर्धारित किया गया है। आईआरसीटीसी ने एक दूसरा धार्मिक पैकेज भी घोषित किया है, जो 29 जून से 10 जुलाई 2026 तक चलेगा। इस यात्रा में तिरुपति बालाजी मंदिर, रामनाथस्वामी मंदिर, मीनाक्षी अम्मन मंदिर, कन्याकुमारी और मल्लिकार्जुन ज्योतिर्लिंग के दर्शन कराए जाएंगे। अधिकारियों के अनुसार, दोनों यात्रा पैकेजों में शाकाहारी भोजन, होटल में ठहरने की व्यवस्था और स्थानीय भ्रमण के लिए बस सुविधा शामिल है। बुकिंग पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर की जाएगी।
शहडोल की जयसिंहनगर पुलिस ने पशु तस्करी के खिलाफ कार्रवाई करते हुए दो ट्रकों से लगभग 70 मवेशियों को बचाया है। पुलिस ने मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार कर ट्रकों को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि इन मवेशियों को बूचड़खाने ले जाने के लिए उत्तर प्रदेश ले जाया जा रहा था। मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर हो रही थी तस्करी पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि दो ट्रकों में बड़ी संख्या में मवेशियों को क्रूरतापूर्वक भरकर ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर जयसिंहनगर थाना पुलिस ने घेराबंदी कर वाहनों को रोका। जांच में ट्रकों के भीतर मवेशियों को ठूंस-ठूंस कर भरा पाया गया, जिनमें से कई की हालत खराब थी। पुलिस ने तत्काल सभी मवेशियों को बाहर निकालकर उनके लिए चारे-पानी की व्यवस्था की। मवेशियों को यूपी ले जा रही थी पुलिस पूछताछ में पता चला है कि इन मवेशियों को जैतपुर और केशवाही क्षेत्र से ट्रकों में लादा गया था। इसके बाद इन्हें उत्तर प्रदेश ले जाने की योजना थी। पुलिस अब इस तस्करी नेटवर्क में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने में जुटी है। गिरफ्तार आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पुलिस ने इस मामले में पशु क्रूरता अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। अधिकारियों ने बताया कि जिले में पशु तस्करी के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और अवैध कारोबार में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
भारत विकास परिषद की शंखनाद शाखा बिलासपुर का दायित्व बोध एवं शपथ ग्रहण समारोह रुद्रपुर रोड स्थित दालचीनी ढाबा में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलन और वंदे मातरम् के साथ किया गया। समारोह में सामाजिक सेवा, महिला सहभागिता और संगठन विस्तार जैसे विषयों पर विशेष रूप से चर्चा की गई। प्रांतीय महासचिव नीरज मित्तल ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को सेवा और गोपनीयता की शपथ दिलाई। इनमें शाखा अध्यक्ष मोनिका अग्रवाल, सचिव स्नेहा अग्रवाल, कोषाध्यक्ष डॉ. रेनम अग्रवाल, महिला सहभागिता प्रमुख साक्षी अग्रवाल, रुचि बंसल और प्रिया जैन शामिल थीं। सभी पदाधिकारियों ने संगठन के प्रति समर्पण का संकल्प लिया। देखें, 3 तस्वीरें…. समारोह में चेयरमैन बिलासपुर चित्रक मित्तल मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। राष्ट्रीय गतिविधि सदस्य (सेवा) अजय विश्नोई मुख्य वक्ता थे। क्षेत्रीय महिला सहभागिता एवं बाल विकास संयोजक कविता खुराना भी कार्यक्रम में मौजूद रहीं। विशिष्ट अतिथियों में प्रांतीय अध्यक्ष अजय कट्टा और प्रांतीय महासचिव नीरज मित्तल शामिल थे। इस अवसर पर अतिथियों को पटका पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अन्य शाखाओं से आए अध्यक्षों और सचिवों का भी स्वागत किया गया। बिलासपुर की फर्स्ट लेडी निवेदिता मित्तल का कार्यक्रम में विशेष योगदान रहा। शाखा अध्यक्ष मोनिका अग्रवाल ने अपने संबोधन में संगठन की भावी योजनाओं और सामाजिक दायित्वों पर प्रकाश डाला। सचिव स्नेहा अग्रवाल ने आगामी वर्ष के लिए एनीमिया जागरूकता अभियान, बाल संस्कार शिविर, विश्व पर्यावरण दिवस और दिव्यांग सहायता कार्यक्रम जैसे आयोजनों की विस्तृत जानकारी दी। अंत में कोषाध्यक्ष डॉ. रेनम अग्रवाल ने सभी अतिथियों और सदस्यों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ। समारोह में बड़ी संख्या में गणमान्य सदस्य और उनके परिवार उपस्थित थे।
कानपुर के शास्त्री नगर स्थित बड़ा सेंटर पार्क में राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी ने दिव्यांग उत्पीड़न निवारण एवं जागरूकता शिविर का आयोजन किया। इस शिविर में बड़ी संख्या में दिव्यांगजन अपनी समस्याओं को लेकर पहुंचे। कुल 24 शिकायतें दर्ज की गईं, जिनमें संपत्ति पर अवैध कब्जा, मारपीट, घरेलू उत्पीड़न और पुलिस-प्रशासन द्वारा कार्रवाई न करने के आरोप शामिल थे। राष्ट्रीय दिव्यांग पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने शिविर में मौजूद दिव्यांगजनों को दिव्यांगजन अधिकार अधिनियम 2016 के बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि यह कानून दिव्यांगों को संपत्ति, सुरक्षा और सम्मान का अधिकार प्रदान करता है। अधिनियम की धारा-13 संपत्ति पर पूर्ण अधिकार देती है, जबकि धारा-7 शोषण और हिंसा से सुरक्षा सुनिश्चित करती है। धारा-92 के तहत दिव्यांग की संपत्ति पर अवैध कब्जा या उत्पीड़न करने पर 6 महीने से 5 साल तक की सजा और जुर्माने का प्रावधान है। शिविर में गीता नगर निवासी दिव्यांग नाजमा बानो ने अपनी शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने आरोप लगाया कि माता-पिता की मृत्यु के बाद उनके भाई ने मकान बिकवाकर पैसे हड़प लिए। अब उन्हें मौजूदा घर से भी बेदखल करने का प्रयास किया जा रहा है। नाजमा ने बताया कि उन्होंने थाना काकादेव सहित कई पुलिस अधिकारियों से शिकायत की है, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। मछरिया निवासी आफाक अहमद ने अपने हिस्से के मकान पर कब्जे के प्रयास का आरोप लगाया। उनके अनुसार, परिवार के बंटवारे के बावजूद उनके कमरे में जबरन ताला लगा दिया गया है। नेत्रहीन भगवान दास ने बताया कि वे शास्त्री नगर की पुरानी गल्ला मंडी में दुकान लगाकर परिवार का भरण-पोषण करते हैं। उनके पड़ोसी दुकानदार ने दुकान के सामने मलबा डलवा दिया और नगर निगम से उनका सामान हटवा दिया, जिसके बाद उन्हें कोई राहत नहीं मिली। घाटमपुर और बिधनू क्षेत्रों से भी कई शिकायतें सामने आईं। इनमें सफाई कर्मचारी प्रमिला यादव की शिकायत भी शामिल थी, जिन्होंने भ्रष्टाचार की शिकायत के बाद विभागीय प्रताड़ना का आरोप लगाया। राष्ट्रीय अध्यक्ष वीरेन्द्र कुमार ने आश्वासन दिया कि शिविर में प्राप्त सभी शिकायतों को पुलिस आयुक्त और जिलाधिकारी तक पहुंचाया जाएगा, ताकि पीड़ित दिव्यांगजनों को न्याय मिल सके। अब सभी की निगाहें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
घाटमपुर के अशोक नगर उत्तरी में लगभग 80 लाख रुपये की लागत से निर्मित राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय का लोकार्पण शुक्रवार को घाटमपुर विधायक सरोज कुरील के करकमलों द्वारा संपन्न हुआ। चिकित्सालय के शुरू होने से क्षेत्र के लोगों को अब बेहतर और सुलभ स्वास्थ्य सुविधाएं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध हो सकेंगी। लंबे समय से क्षेत्रवासी ऐसी स्वास्थ्य सुविधा की मांग कर रहे थे, जिसे अब मूर्त रूप मिल गया है। लोकार्पण कार्यक्रम के दौरान विधायक सरोज कुरील ने कहा कि प्रदेश सरकार आमजन को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयासरत है। सरकार की प्राथमिकता है कि गांव, कस्बों और नगर क्षेत्रों तक स्वास्थ्य सुविधाओं का दायरा बढ़ाया जाए, ताकि प्रत्येक नागरिक को समय पर उपचार मिल सके। उन्होंने कहा कि राजकीय होम्योपैथिक चिकित्सालय के संचालित होने से क्षेत्रवासियों को गुणवत्तापूर्ण चिकित्सा सुविधा उनके निकट ही प्राप्त होगी और छोटी-बड़ी बीमारियों के उपचार के लिए दूर-दराज के अस्पतालों की ओर नहीं जाना पड़ेगा। विधायक ने कहा कि स्वास्थ्य के क्षेत्र में मजबूत आधारभूत संरचना तैयार करना सरकार की महत्वपूर्ण योजनाओं में शामिल है। इसी उद्देश्य के तहत प्रदेश भर में नए अस्पतालों, चिकित्सालयों और स्वास्थ्य केंद्रों का निर्माण कराया जा रहा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि यह चिकित्सालय स्थानीय लोगों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगा और क्षेत्र की स्वास्थ्य व्यवस्था को और अधिक मजबूत बनाएगा। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित अधिकारियों ने भी चिकित्सालय की उपयोगिता पर प्रकाश डालते हुए कहा कि इसके संचालन से आसपास के मोहल्लों और ग्रामीण क्षेत्रों के लोगों को विशेष लाभ मिलेगा। स्थानीय नागरिकों ने भी चिकित्सालय के निर्माण पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि अब उन्हें सामान्य उपचार और परामर्श के लिए अनावश्यक भागदौड़ नहीं करनी पड़ेगी। लोकार्पण समारोह में क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि, अधिकारीगण एवं बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक मौजूद रहे। सभी ने चिकित्सालय निर्माण एवं स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार के लिए प्रदेश सरकार और विधायक सरोज कुरील का आभार व्यक्त किया।
प्रतापगढ़ के जिला शिक्षा अधिकारी और डाइट प्रधानाचार्य कमलेश कुमार तेतरवाल को ‘टोबैको फ्री इंडिया अवॉर्ड-2025’ के लिए चुना गया है। यह सम्मान उन्हें 12 मई 2026 को मुंबई में आयोजित समारोह में दिया जाएगा। यह पुरस्कार नरोत्तम शेखसरिया फाउंडेशन की ओर से प्रदान किया जाएगा। इस वर्ष देशभर में तंबाकू मुक्त भारत अभियान को आगे बढ़ाने वाले छह व्यक्तियों और चार संस्थाओं को सम्मानित किया जा रहा है। खास बात यह है कि राजस्थान से इस सम्मान के लिए चयनित होने वाले कमलेश तेतरवाल एकमात्र व्यक्ति हैं। उनके चयन से शिक्षा विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों में खुशी का माहौल है। 20 सालों से चला रहे तंबाकू मुक्त अभियान कमलेश तेतरवाल पिछले करीब 20 वर्षों से धूम्रपान और तंबाकू उत्पादों के खिलाफ लगातार जागरूकता अभियान चला रहे हैं। उन्होंने विशेष रूप से झुंझुनू, चूरू, सीकर और प्रतापगढ़ सहित प्रदेश के कई जिलों में शिक्षण संस्थानों को तंबाकू मुक्त और धूम्रपान निषेध क्षेत्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण कार्य किए हैं। स्कूलों और कॉलेजों में विद्यार्थियों के बीच जागरूकता कार्यक्रम, शपथ अभियान, रैलियां और संवाद कार्यक्रम आयोजित किया। कमलेश कुमार हजारों युवाओं को तंबाकू से दूर रहने का संकल्प दिला चुके हैं। उनके प्रयासों को शिक्षा और स्वास्थ्य क्षेत्र में सकारात्मक पहल के रूप में देखा जा रहा है। मुंबई में होगा सम्मान समारोह 12 मई को यशवंतराव चौहान सेंटर में आयोजित समारोह के दौरान कमलेश तेतरवाल को 25 हजार रुपए का चेक और प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में देशभर से स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक क्षेत्र से जुड़े कई लोग मौजूद रहेंगे। अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने दी बधाई तेतरवाल के चयन पर कई प्रशासनिक अधिकारियों और शिक्षाविदों ने उन्हें शुभकामनाएं दी हैं। बधाई देने वालों में आरुषि मलिक, रवि जैन, सिद्धार्थ सिहाग, नथमल डिडेल, दिनेश यादव, प्रदीप बोर्ड, एस.एस. सोहता, अंजलि राजोरिया, शुभम चौधरी, एस.एन. धौलपुरिया और राजन चौधरी शामिल हैं।
बैतूल जिले से सटे महाराष्ट्र सीमा के अंधेर बावड़ी गांव में भीषण पेयजल संकट गहराता जा रहा है। गांव के लोगों को पीने के पानी के लिए रोज घंटों मशक्कत करनी पड़ रही है। हालात ऐसे हैं कि ग्रामीणों को कुएं में उतरकर जान जोखिम में डालते हुए पानी निकालना पड़ रहा है। पानी की समस्या को लेकर महिलाओं और बुजुर्गों में प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के खिलाफ नाराजगी बढ़ती जा रही है। गांव की एक वृद्ध महिला ने नाराजगी जताते हुए कहा, “गरीब आदमी मजदूरी करने जाए या पानी भरने... कोई मोदी, कोई कांग्रेस... अब कोई मत आना। सब आते हैं, लेकिन पानी की सुविधा कोई नहीं करता।” ग्रामीणों का कहना है कि गांव में वर्षों से पेयजल संकट बना हुआ है, लेकिन आज तक स्थायी समाधान नहीं हो पाया। कुएं में उतरकर भरना पड़ रहा पानी ग्रामीणों के अनुसार गांव के निचले ढाने में हालात सबसे ज्यादा खराब हैं। यहां महिलाएं और पुरुष दूर-दूर से पानी लाने को मजबूर हैं। गांव में मौजूद एकमात्र कुएं से पानी निकालने के लिए लोगों को कुएं के अंदर उतरना पड़ता है। एक व्यक्ति नीचे जाकर बाल्टियों में पानी भरता है, जबकि ऊपर खड़े लोग रस्सियों की मदद से पानी खींचते हैं। इसके बाद ग्रामीणों को अपनी बारी के लिए लंबा इंतजार करना पड़ता है। 300 मकानों का गांव, लेकिन नल-जल योजना नहीं ग्रामीण अक्षय ने बताया कि गांव में करीब 300 मकान हैं और अधिकांश लोग फॉरेस्ट चौकी क्षेत्र में रहते हैं। गांव में अब तक हर घर नल-जल योजना का काम शुरू नहीं हो पाया है। ग्रामीणों को मेंढ़ा डैम से पानी लाने की योजना की जानकारी दी गई थी, लेकिन उसका असर जमीन पर दिखाई नहीं दे रहा। तीन हैंडपंप बंद, मजदूरी छोड़ पानी भरने को मजबूर गांव में लगे तीनों हैंडपंप भी बंद पड़े हैं, जिससे संकट और गहरा गया है। ग्रामीणों का कहना है कि पानी के लिए रोज घंटों लाइन में लगना पड़ता है। इससे मजदूरी और रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। कई लोगों का पूरा दिन सिर्फ पानी जुटाने में ही निकल जाता है।
जिलाधिकारी डॉ. अमित पाल ने शुक्रवार को अपने कार्यालय कक्ष में नगर पालिका परिषद, नगर पंचायतों और डूडा के निर्माण कार्यों की प्रगति की समीक्षा की। मुख्यमंत्री नगर सृजन योजना के तहत नगर निकायों में चल रहे कार्यों की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने नगर पालिका परिषद भरवारी में निर्माण कार्य लंबित पाए जाने पर नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने अधिशासी अधिकारी को इस माह तक सभी कार्य पूरे करने का निर्देश दिया। इसी योजना के तहत चरवा के अधिशासी अधिकारी को भी लंबित कार्य शीघ्र पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर को नगर निकायों के निर्माण कार्यों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों से कहा कि विद्यालयों में बाउंड्रीवाल, शौचालय और टाइलीकरण जैसे कार्य प्राथमिकता के आधार पर कराए जाएं। 15वें वित्त आयोग, वंदन योजना, नगरोदय योजना और सीवरेज व जल निकासी योजना के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति की भी समीक्षा की गई। जिलाधिकारी ने अधिशासी अधिकारियों को निर्देश दिया कि निर्माण कार्य गुणवत्ता के साथ शीघ्र पूरे किए जाएं। उन्होंने सभी अधिशासी अधिकारियों को निर्माण कार्यों की प्रभावी निगरानी और मौके पर जाकर निरीक्षण करने के भी निर्देश दिए। नगर निकाय पश्चिम शरीरा और दारानगर में निर्माणाधीन पेयजल परियोजनाओं की प्रगति की भी समीक्षा की गई। सहायक अभियंता, जल निगम (शहरी) ने बताया कि पश्चिम शरीरा में पेयजल परियोजना के तहत ओवरहेड टैंक का निर्माण कार्य इस माह तक पूरा हो जाएगा। दारानगर में पेयजल परियोजना का कार्य 30 जून, 2026 तक पूर्ण होने की उम्मीद है। डूडा के कार्यों की समीक्षा करते हुए जिलाधिकारी ने प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत अधूरे आवासों का निर्माण कार्य शीघ्र पूरा कराने पर जोर दिया। बैठक में अपर जिलाधिकारी शालिनी प्रभाकर सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
डीडवाना में राजस्थान पंचायतीराज मंत्रालयिक कर्मचारी संघर्ष समिति ने शुक्रवार को विरोध प्रदर्शन किया। जिलेभर के कर्मचारियों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपा। कर्मचारियों ने चेतावनी दी कि यदि मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो प्रदेशव्यापी आंदोलन किया जाएगा। संघर्ष समिति के जिला अध्यक्ष भवानी सिंह और संरक्षक भींवाराम ढाका ने बताया कि ग्राम पंचायत स्तर पर कार्यरत कनिष्ठ सहायकों के साथ लंबे समय से भेदभाव हो रहा है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2018 में राज्य सरकार ने उत्तराखंड पैटर्न पर 'ग्राम सेवक' का पदनाम बदलकर 'ग्राम विकास अधिकारी (VDO)' कर दिया था। हालांकि, कनिष्ठ सहायकों के पदनाम में कोई बदलाव नहीं किया गया। कर्मचारियों ने इसे दोहरा मापदंड बताते हुए पदनाम परिवर्तन की मांग की। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि ग्राम पंचायतों में VDO और कनिष्ठ सहायक दोनों समान जिम्मेदारियां निभाते हैं। इसके बावजूद, वित्तीय अधिकार केवल VDO को दिए गए हैं। कर्मचारियों ने दोनों कैडरों के बीच स्पष्ट कार्य विभाजन और वित्तीय शक्तियों के निर्धारण संबंधी आदेश जारी करने की मांग की है। संघर्ष समिति ने वर्ष 2023 में जारी स्थानांतरण नीति को अव्यवहारिक बताया। उन्होंने इसमें एकबारीय शिथिलन देने की मांग की, ताकि वर्षों से दूरस्थ क्षेत्रों में कार्यरत कर्मचारी अपने गृह जिलों में स्थानांतरित हो सकें। इसके अतिरिक्त, कनिष्ठ लिपिक भर्ती 2013 के विज्ञापित पदों में से शेष 6029 पदों पर शीघ्र नियुक्ति देने की मांग भी उठाई गई। कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि न्यायालय के आदेशों के बावजूद कई जिलों में 2013 भर्ती के कार्मिकों को नोशनल परिलाभ नहीं दिए जा रहे हैं। उन्होंने पटवारी और VDO की तर्ज पर मंत्रालयिक कर्मचारियों को भी हार्ड ड्यूटी अलाउंस देने की मांग की। संघर्ष समिति के पदाधिकारियों ने कहा कि सरकार द्वारा मांगों की लगातार अनदेखी से कर्मचारियों में असंतोष है। इस विरोध प्रदर्शन के दौरान जिला महामंत्री मदन गोपाल, पवन आवला, भागीरथ थालोड़, बुद्धाराम, विमला देवी, सोहनी सहित जिलेभर के कई मंत्रालयिक कर्मचारी मौजूद रहे।
गुरुग्राम के सेक्टर-70 इलाके में शुक्रवार को कूड़े से प्लास्टिक निकालने को लेकर दो पक्षों में हिंसक झड़प हो गई। इस दौरान लाठी-डंडे चले और फायरिंग भी हुई, जिसमें पांच गाड़ियों के शीशे टूट गए। कुछ लोगों के घायल होने की सूचना है, हालांकि एक युवक के पैर में गोली लगने की बात की पुलिस ने आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। ग्रीन बेल्ट की खाली जगह पर डंपिंग यार्ड घटना शुक्रवार सुबह करीब 11:50 बजे एसपीआर रोड स्थित फ्लोरेंस इस्टेट सोसाइटी सेक्टर-70 के पास हुई। यहां ग्रीन बेल्ट की खाली जगह पर नगर निगम का डंपिंग यार्ड है। पुलिस के अनुसार, कादरपुर निवासी सन्नी अपनी लेबर लगाकर यहां कूड़े से प्लास्टिक चुनवाता है। इसी दौरान रिठौज निवासी मोनू लगभग 30 लोगों के साथ मौके पर पहुंचा और सन्नी व उसकी लेबर को वहां से हटने के लिए कहा। हमलावरों ने तोड़े गाड़ी के शीशे इसी बात को लेकर दोनों पक्षों में कहासुनी शुरू हुई, जो जल्द ही हिंसक झड़प में बदल गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, दोनों ओर से जमकर लाठी-डंडे चले और पत्थरबाजी भी हुई। हमलावरों ने वहां खड़ी गाड़ियों के शीशे तोड़ दिए। बताया जा रहा है कि सन्नी के साथी गोलू के पैरों पर डंडों से हमला किया गया। मौके पर हवाई फायरिंग भी हुई। पुलिस के पहुंचने से पहले दोनों पक्ष फरार सूचना मिलते ही एसपीआर चौकी और बादशाहपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। हालांकि, तब तक दोनों पक्ष वहां से जा चुके थे। पुलिस को घटनास्थल पर केवल क्षतिग्रस्त गाड़ियां मिली। जांच के दौरान पुलिस ने मौके से पांच खाली खोल और दो जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच जारी है और आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ उचित कार्रवाई की जाएगी।
गोंडा जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र में शुक्रवार को एक बड़ा हादसा होते-होते टल गया। मनकापुर बस स्टॉप से 200 मीटर आगे एक 16 चक्का ट्रेलर अनियंत्रित होकर सड़क किनारे बनी एक मजार को तोड़ते हुए दुकान में जा घुसा। इस घटना में ट्रेलर चालक को मामूली चोटें आईं, जिनका प्राथमिक उपचार कराया गया। गनीमत रही कि हादसे के वक्त दुकान में कोई मौजूद नहीं था, जिससे कोई बड़ी जनहानि नहीं हुई। पुलिस के अनुसार, अयोध्या की ओर से आ रहे सीमेंट लदे ट्रेलर के चालक को अचानक नींद आ गई। इससे पहले कि वह स्थिति को संभाल पाता, ट्रेलर सड़क किनारे बने मजार को तोड़ता हुआ बगल की दुकान में घुस गया। दुकान का काफी हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे दुकानदार को भी नुकसान हुआ है। मजार के क्षतिग्रस्त होने को लेकर स्थानीय लोगों में आक्रोश देखा गया। हालांकि, कुछ लोगों का यह भी दावा है कि यह मजार लोक निर्माण विभाग के नियमों के विपरीत सड़क के एकदम किनारे बनाई गई थी, जिससे अक्सर आवागमन में दिक्कतें आती थीं। स्थानीय लोग इस हादसे को लेकर आपस में चर्चा करते भी नजर आए। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि घटना में कोई गंभीर रूप से घायल नहीं हुआ है और न ही किसी प्रकार की जनहानि हुई है। नगर कोतवाली पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। घटना के बाद ट्रेलर चालक ने मजदूरों की मदद से सीमेंट को दोबारा लदवाया। पुलिस ने आवागमन सुचारु करवा दिया है।
कानपुर के कल्याणपुर में बहाने से कमरे पर बुलाकर एक महिला को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ पिलाकर बेहोश कर उसके साथ एक युवक ने दुष्कर्म की घटना को अंजाम दिया। पीड़िता ने आरोप लगाया आरोपी युवक और उसकी पत्नी ने पीड़िता को फोटो-वीडियो वायरल करने व जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़िता की तहरीर पर पुलिस ने पति-पत्नी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर तलाश शुरू कर दी है। पढ़िए पूरा मामला बिल्हौर के ग्राम भवन निवादा निवासी 46 वर्षीय एक महिला ने कल्याणपुर थाने में तहरीर दी। तहरीर के अनुसार,आरोपी जीतपाल उर्फ दीपू (36) ने मूल रूप से कानपुर देहात के ग्राम लाडपुर जीवना, मंगलपुर का रहने वाला है। कुछ दिनों से वह कल्याणपुर के आवास विकास तीन नंबर में अपनी पत्नी के साथ रह रहा है। जिसे वह काफी लंबे समय से जानती है। कुछ दिन पूर्व एक सामान देने का झांसा देकर उसे अपने कल्याणपुर के आवास विकास तीन नंबर वाले घर पर बुलाया।जब में उसके घर पहुंच गई तो धोखे से कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। बेहोश होने पर जीतपाल उर्फ दीपू ने दुष्कर्म किया। होश आने पर जब उसने विरोध किया और पुलिस से शिकायत करने की बात कही तो आरोपी जीतपाल उर्फ दीपू और उसकी पत्नी सोनी (33) ने गाली-गलौज करते हुए बोली की जो होना था वह हो गया अगर किसी को बताया तो दुष्कर्म का फोटो-वीडियो वायरल कर देंगे। और फिर जान से भी मार देंगे। वही पुलिस ने महिला की तहरीर के आधार पर दंपति के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया है। थाना प्रभारी कल्याणपुर ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। साक्ष्य संकलन और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए टीम गठित कर दी गई है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
सहारनपुर में प्लॉट खरीद-फरोख्त के नाम पर लाखों रुपये की ठगी, मारपीट और जबरन दस्तावेजों पर हस्ताक्षर कराने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने एसएसपी को शिकायत पत्र देकर रिश्तेदार सहित चार लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करने और परिवार की सुरक्षा की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। खाताखेड़ी निवासी परवेज पुत्र नूर अहमद ने शुक्रवार को एसएसपी को शिकायत दी। परवेज के अनुसार, उसका रिश्तेदार अदनान एक जालसाज गिरोह से जुड़ा है। यह गिरोह लोगों को प्लॉट में अधिक मुनाफे का लालच देकर उनसे बड़ी रकम ठगता है। पैसे वापस मांगने पर पीड़ितों के साथ मारपीट और धमकी दी जाती है। परवेज ने बताया कि आरोपी अपने साथियों के साथ उसकी दुकान पर आए और बिलकेश्वर नगर डिफेंस कॉलोनी में 196.66 गज का प्लॉट दिलाने का प्रस्ताव दिया। अगले दिन परवेज को प्लॉट पर बुलाया गया, जहां एक व्यक्ति ग्राहक बनकर पहले से मौजूद था। आरोपियों ने परवेज को प्लॉट का मालिक बताकर उससे एक लाख रुपये बयाने के तौर पर दिलवा दिए। इसके बाद परवेज की मुलाकात कथित प्लॉट मालिक मोहम्मद अहमद उर्फ सोनू से कराई गई। परवेज का आरोप है कि उससे 2.25 लाख रुपये नकद दिलवाए गए, जबकि शेष 4.50 लाख रुपये आरोपियों ने अपने पास से दिखाकर सौदा पक्का कराया। कुछ दिनों बाद, कथित ग्राहक ने प्लॉट खरीदने से इनकार कर दिया और अपना एक लाख रुपये वापस ले लिया। इसके बाद आरोपी लगातार नए ग्राहक लाकर परवेज पर प्लॉट अपने पास रखने का दबाव बनाते रहे। जब परवेज ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने खाताखेड़ी स्थित उसके 310 वर्ग गज के प्लॉट का बैनामा अपने नाम कराने का प्रयास किया। परवेज का आरोप है कि मना करने पर उसे जबरन एक मकान में ले जाकर मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी देकर कागजातों पर हस्ताक्षर करा लिए गए। पीड़ित ने बताया कि बाद में उसे पता चला कि जिस प्लॉट का सौदा कराया गया था, वह वास्तव में आरोपियों का था ही नहीं। मारपीट के दौरान परवेज के ससुर सलीम अहमद भी मौके पर पहुंचे, जिनके साथ भी अभद्रता की गई।
वीर शिरोमणि महाराणा प्रताप जयंती पर 9 मई, शनिवार को आगरा में विशाल शोभायात्रा निकाली जाएगी। इस शोभायात्रा में शौर्य, साहस, स्वाभिमान, श्रद्धा, सामाजिक एकता, सद्भाव और राष्ट्रभक्ति की झलक देखने को मिलेगी। शोभायात्रा में बैंड-बाजों, तोप, घोड़ों और ऊंटों के साथ 21 आकर्षक झांकियां शामिल होंगी। आयोजन समिति के अध्यक्ष समाजसेवी कुंवर युवराज सिंह परिहार ने कहा कि महापुरुष किसी एक कौम, जाति, क्षेत्र, वर्ग, मजहब या समाज के नहीं होते, उनमें सबकी श्रद्धा होती है। महापुरुषों का त्याग और बलिदान पूरे समाज और राष्ट्र के लिए प्रेरणा का कार्य करता है। महाराणा प्रताप शोभायात्रा आयोजन समिति, राजपुर चुंगी, शमशाबाद रोड, आगरा द्वारा शुक्रवार को संजय प्लेस स्थित आहार रेस्टोरेंट में शोभायात्रा का आकर्षक आमंत्रण पत्र जारी किया गया। इस दौरान समिति पदाधिकारियों ने शहरवासियों को शोभायात्रा में शामिल होने का आत्मीय निमंत्रण दिया। संरक्षक व समाजसेवी पप्पू राघव ने बताया कि शोभायात्रा शनिवार शाम 4 बजे विभव नगर स्थित चौधरी गार्डन से शुरू होकर शमशाबाद मार्ग स्थित टीवी टावर के सामने जीएल फॉर्म हाउस तक जाएगी। शोभायात्रा मार्ग पर राजपुर चुंगी, राजेश्वर मंदिर और सौ फुटा सहित कई स्थानों पर सामाजिक संस्थाओं, व्यापारिक संगठनों और क्षेत्रीय लोगों द्वारा भव्य स्वागत किया जाएगा। संस्थापक-संरक्षक धनवीर सिंह तोमर ने बताया कि आगरा शहर के साथ-साथ आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों और तहसीलों से भी क्षत्रिय समाज की बड़ी भागीदारी रहेगी। शोभायात्रा में पूर्व कैबिनेट मंत्री राजा अरिदमन सिंह, पूर्व विधायक डॉ. राजेंद्र सिंह, अवागढ़ के युवराज अंबरीश पाल सिंह, विधायक डॉ. धर्मपाल सिंह, भाजपा प्रदेश महामंत्री राम प्रताप चौहान, महिला आयोग अध्यक्ष बबीता चौहान, जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. मंजू भदौरिया सहित कई गणमान्य अतिथि शामिल होंगे। आमंत्रण पत्र विमोचन कार्यक्रम में ब्रजमोहन तोमर, विजय सिंह तोमर, हरिशंकर जसावत, महेंद्र सिंह रघुवंशी, वीरेंद्र रघुवंशी, प्रदीप सिकरवार, ललित रघुवंशी, डॉ. राकेश सिकरवार, अशोक भदौरिया, गजेंद्र परिहार समेत कई लोग मौजूद रहे। संचालन गजेंद्र परमार ने किया।
इलाहाबाद विश्वविद्यालय के शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए बी.ए. और बी.एससी. द्वितीय सेमेस्टर (NEP) की उत्तर पुस्तिकाओं के लिए कलर-कोडिंग व्यवस्था अनिवार्य कर दिया गया है। परीक्षा में पारदर्शिता बनाए रखने के लिए की गई है। छात्रों को मेजर विषयों के प्रत्येक पेपर के लिए अलग-अलग उत्तर पुस्तिकाएं दी जाएंगी, जिनकी पहचान विशिष्ट स्टिकर या स्टैम्प से होगी। परीक्षा नियंत्रक ए.के. कनौजिया ने लिए बी.ए. और बी.एससी. द्वितीय सेमेस्टर (NEP) के छात्रों हेतु परीक्षा संबंधी सूचना जारी की है। विश्वविद्यालय प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि इस बार परीक्षा का पैटर्न और एकीकृत प्रश्न पत्र की संरचना बिल्कुल वैसी ही रहेगी जैसी प्रथम सेमेस्टर में थी। विश्वविद्यालय प्रशासन ने चेतावनी दी है कि यदि किसी छात्र ने गलत उत्तर पुस्तिका में उत्तर लिखे तो उनका मूल्यांकन नहीं किया जाएगा। अलग अलग विभागों के विषयों को पांच समूहों (A से E) में बांटा गया है। परीक्षा हॉल में प्रवेश परीक्षा शुरू होने के 30 मिनट बाद तक ही मिलेगा। छात्रों को अनिवार्य रूप से अपना वैध प्रवेश पत्र और पहचान पत्र साथ लाना होगा। प्रश्न पत्र पर रोल नंबर के अलावा कुछ भी लिखना U.F.M. (अनुचित साधन) माना जाएगा और परीक्षा के दौरान कोई भी 'बी-कॉपी' प्रदान नहीं की जाएगी। विस्तृत जानकारी विश्वविद्यालय की वेबसाइट पर उपलब्ध है।
घाटमपुर क्षेत्र में हुए भीषण अग्निकांड ने एक परिवार की जिंदगी पूरी तरह बदल दी। इस दर्दनाक हादसे में व्यापारी राम किशन गुप्ता की मौत हो गई थी, जबकि परिवार के कई सदस्य गंभीर रूप से झुलस गए थे। आग इतनी भयावह थी कि देखते ही देखते घर, गृहस्थी और वर्षों की मेहनत से जोड़ी गई पूंजी पलभर में राख हो गई। हादसे के बाद पूरे क्षेत्र में शोक की लहर दौड़ गई और बड़ी संख्या में लोग पीड़ित परिवार के घर पहुंचकर सांत्वना देते रहे। इस मुश्किल घड़ी में उत्तर प्रदेश आदर्श व्यापार मंडल पीड़ित परिवार के साथ मजबूती से खड़ा नजर आया। संगठन के जिला अध्यक्ष महेश वर्मा के नेतृत्व में व्यापार मंडल के प्रतिनिधिमंडल ने परिवार से मुलाकात कर उन्हें हरसंभव मदद का भरोसा दिया। इस दौरान महेश वर्मा ने कहा कि यह केवल एक परिवार का दुख नहीं, बल्कि पूरे समाज की संवेदना और मानवता की परीक्षा का समय है। उन्होंने व्यापारियों, समाजसेवियों और आम नागरिकों से आगे आकर सहयोग करने की अपील की। व्यापार मंडल की इस अपील का व्यापक असर देखने को मिला। घाटमपुर के विभिन्न बाजारों सहित अन्य माध्यमों से व्यापारियों और समाजसेवियों ने बढ़-चढ़कर आर्थिक सहयोग किया। लोगों की सहभागिता से कुल 60,275 रुपये की सहायता राशि एकत्र हुई। ससे पहले संगठन की ओर से पीड़ित परिवार को 21,000 रुपये नकद और 8,000 रुपये मूल्य का समर कूल कंपनी का कूलर भी उपलब्ध कराया जा चुका था, ताकि अस्पताल और घर की तत्काल जरूरतों में कुछ राहत मिल सके। संगठन की ओर से शेष 31,275 रुपये की सहायता राशि जिला मंत्री ललित सोनी ने चेक के माध्यम से पीड़ित व्यापारी हरिओम परिवार को सौंप दी। सहायता राशि प्राप्त करते समय परिवार की आंखें नम हो गईं। परिजनों ने कहा कि इस कठिन समय में समाज से मिला सहयोग उनके लिए बड़ी ताकत बना है। उन्होंने सभी सहयोगकर्ताओं के प्रति आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर जिला मंत्री ललित सोनी, प्रदीप मिश्रा, विपिन ओमर, उसामा मिर्जा, आशीष पाण्डेय, महेश ओमर, अमित सोनी, विनीत गुप्ता, सुरेश ओमर सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।
जमुई जिले के सोनो प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में शुक्रवार को निगरानी विभाग की टीम ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक क्लर्क को 37 हजार रुपए रिश्वत लेते रंगेहाथ गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार क्लर्क की पहचान रूपेश कुमार के रूप में हुई है। क्लर्क रूपेश कुमार पर एएनएम राजनंदनी की 11 महीने की सैलरी क्लियर करने के एवज में एक महीने का वेतन, यानी 37 हजार रुपये रिश्वत मांगने का आरोप है। यह मांग फरवरी 2025 से की जा रही थी। शिकायत मिलने के बाद निगरानी विभाग ने सत्यापन किया और जाल बिछाकर कार्रवाई की। 23 मार्च को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी पीड़ित एएनएम राजनंदनी ने बताया कि रिश्वत के पैसे का इंतजाम करने के लिए उन्हें अपनी जमीन गिरवी रखनी पड़ी। उन्होंने 23 मार्च को निगरानी विभाग में शिकायत दर्ज कराई थी। राजनंदनी ने यह भी आरोप लगाया कि रूपेश कुमार दबंग प्रवृत्ति के हैं और पहले भी कई अन्य कर्मियों से 6,000 रुपये ले चुके हैं, लेकिन डर के कारण किसी ने शिकायत नहीं की। टीम ने रूपेश कुमार को 37,000 रुपये रिश्वत लेते पकड़ा निगरानी विभाग के पुलिस उपाधीक्षक पवन कुमार ने इस मामले की पुष्टि की। उन्होंने बताया कि एएनएम राजनंदनी की शिकायत के बाद प्राथमिकी दर्ज की गई और सत्यापन में शिकायत सही पाई गई। इसके बाद टीम ने रूपेश कुमार को 37,000 रुपये रिश्वत लेते रंगेहाथ पकड़ा। इस कार्रवाई के दौरान स्वास्थ्य केंद्र परिसर में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। राजनंदनी ने यह भी बताया कि रिश्वत का यह पूरा खेल प्रभारी शशि भूषण के सामने चल रहा था।
मेरठ में राष्ट्रीय क्षयरोग उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चल रहे 100 दिवसीय टीबी मुक्त भारत अभियान के अंतर्गत शुक्रवार को बेसिक शिक्षा अधिकारी कार्यालय में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। कार्यक्रम में जिला पीपीएम कोऑर्डिनेटर शबाना बेगम ने बीएसए आशा चौधरी के साथ कर्मचारियों को टीबी के लक्षण, जांच और इलाज की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि टीबी और एचआईवी की जांच सभी सरकारी स्वास्थ्य केंद्रों पर निशुल्क की जाती है। आधुनिक सीबी-नॉट मशीन से एमडीआर टीबी की जांच भी मुफ्त होती है। यदि किसी व्यक्ति में टीबी की पुष्टि होती है तो उसका इलाज सरकार द्वारा नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र से निशुल्क कराया जाता है। साथ ही इलाज के दौरान मरीज के खाते में डीबीटी के माध्यम से हर महीने 1000 रुपए भी भेजे जाते हैं। कार्यक्रम में हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीन के बारे में भी जानकारी दी गई। बताया गया कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में पहुंचकर लोगों की जांच की जा रही है ताकि समय रहते टीबी की पहचान हो सके। जागरूकता अभियान के तहत जनपद के सभी स्कूलों में टीबी से जुड़े ऑडियो और वीडियो चलवाए जाएंगे। छात्र-छात्राओं को बीमारी के प्रति जागरूक कर समाज में भी संदेश फैलाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। अंत में बीएसए आशा चौधरी ने कार्यालय के सभी कर्मचारियों को टीबी उन्मूलन की शपथ दिलाई।
भरतपुर जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस के बाहर शुक्रवार को टीचरों ने शिक्षा मंत्री की सद्बुद्धि के यज्ञ किया। टीचरों की मांग है कि गर्मियों की छुट्टियों की कटौती के आदेश को रोका जाए। बिना किसी संगठन की राय लिए शिक्षा सत्र को नए सिरे से शुरू कर दिया गया। अगर शिक्षा मंत्री हमारी मांगे नहीं मानेंगे तो, शिक्षा मंत्री के खिलाफ विरोध किया जाएगा। टीचरों में रोष, बोले- नए सिरे से सत्र की शुरुआत की जाए टीचर कृष्ण सिंह बैसला ने बताया कि राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का 1 महीने से अनशन चल रहा है। शिक्षकों की गर्मियों की छुट्टियों की कटौती कर दी गई हैं। साथ ही शिक्षा सत्र नए सिरे से शुरू किया गया है। इस निर्णय के लिए शिक्षक संगठनों की राय नहीं ली गई है। इससे राजस्थान के पूरे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। सभी शिक्षकों की राजस्थान सरकार से प्रार्थना है। तुरंत ऐसी कार्रवाइयों को रोका जाए। जिससे शिक्षक वर्ग परेशान हो। इसी क्रम में आज शिक्षकों में सद्बुद्धि यज्ञ किया है। साथ ही भगवान हनुमान का पाठ किया है। इससे शिक्षा मंत्री को सद्बुद्धि मिले। वह शिक्षकों के बारे में सकारात्मक सोचें। शिक्षा मंत्री टीचरों के मान सम्मान का धयान नहीं रखते धरने पर बैठे टीचर्स का कहना है कि वे अपनी बात रखना चाहते है। अगर शिक्षा मंत्री शिक्षकों को उत्तेजित करेंगे शिक्षक सड़कों पर उतरेंगे। शिक्षा मंत्री ऐसे स्टेटमेंट देते हैं कि हमारे मान सम्मान का भी ध्यान नहीं रखा जाता। शिक्षा मंत्री आए दिन शिक्षकों को परेशान करने पर उतरे हुए हैं। शिक्षा मंत्री बिना वार्ता लेते हैं निर्णय सभी शिक्षकों का निवेदन है कि वह हमारी बात को सुनें। कोई भी निर्णय लेने से पहले शिक्षक संगठनों से वार्ता करें। बिना वार्ता के कोई भी निर्णय लेना न्यायसंगत नहीं है। अगर शिक्षकों के खिलाफ अन्याय पूर्ण कार्रवाई हुई तो, सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाएगा। शिक्षा मंत्री का पुरजोर विरोध किया जाएगा। 18 मई से विरोध की शुरुआत विरोध की शुरुआत 18 मई को रामगंज मंडी से निकलने वाली रैली से होगी। अगर उससे भी निर्णय नहीं निकलता तो, सभी शिक्षक लामबंद होकर जयपुर में आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसलिए शिक्षकों की प्रार्थना है कि हमें आंदोलन करने पर मजबूर न करें। शांतिपूर्ण तरीके से हमारी समस्याओं का समाधान करें।
अलवर शहर में 10 साल के बच्चे की कूलर में करंट आने से मौत हो गई। घटना के समय बच्चे के माता-पिता काम पर गए हुए थे। घर में केवल उसकी बहन थी। पड़ोसी बच्चे को हॉस्पिटल लेकर गए लेकिन डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। खदाना मोहल्ले में रहने वाले अंश की मौत हुई है। उसके पिता ने बताया कि वह रंग पेंट का काम करता है। पत्नी भी काम पर गई हुई थी। घर में अंश और उसकी बहन अकेले थे। कूलर चलाते समय बेटे के करंट लग गया। बेटी ने पड़ोसियों को बुलाया इसके बाद हॉस्पिटल लेकर गए। मुझे दोपहर करीब 2 बजे पास फोन आया कि अंश को करंट लग गया है और हॉस्पिटल में भर्ती है। हॉस्पिटल आने पर उसकी मौत का पता चला।
शहर के प्रतिष्ठित सी-स्कीम क्षेत्र स्थित परीना इंटरनेशनल में एफबीएस फोरम की ओर से आयोजित फेमप्रेन्योर 4.0 – वीमेन एंटरप्रेन्योर मैगजीन की फर्स्ट लुक पार्टी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में जयपुर की सफल, प्रेरणादायक और प्रभावशाली महिला उद्यमियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। ग्लैमर, फैशन, नेटवर्किंग और महिला सशक्तिकरण से सजी इस खास शाम ने सभी का ध्यान आकर्षित किया। कार्यक्रम के दौरान महिला उद्यमियों ने विशेष ज्वेलरी कलेक्शन के साथ फोटोशूट में हिस्सा लिया। खूबसूरत ज्वेलरी डिजाइनों और स्टाइलिश प्रस्तुतियों ने आयोजन को और भी आकर्षक बना दिया। वहीं हाई-टी सेशन के दौरान सभी अतिथियों ने आपसी संवाद, बिजनेस नेटवर्किंग और नए अवसरों को लेकर चर्चा की। एफबीएस फाउंडर मेघा गुप्ता ने बताया कि फेमप्रेन्योर 4.0 का उद्देश्य उन महिलाओं की सफलता की कहानियों को सामने लाना है, जिन्होंने अपने क्षेत्र में पहचान बनाई है और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा बनी हैं। उन्होंने कहा कि यह मंच महिलाओं को केवल पहचान देने तक सीमित नहीं है, बल्कि उन्हें एक मजबूत नेटवर्क, सहयोग और नए अवसर उपलब्ध कराने की दिशा में भी कार्य कर रहा है। कार्यक्रम का माहौल उत्साह, आत्मविश्वास और सकारात्मक ऊर्जा से भरपूर रहा। कार्यक्रम में शहर की कई प्रतिष्ठित महिला उद्यमियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। इनमें परिना जैन, एकता जैन, रिधिमा अग्रवाल, आज्ञा देवरा, अर्पिता खंडेलवाल, दिशा जैन, सोहा गोगना और अक्षिता गर्ग सहित कई प्रभावशाली बिजनेस वुमन शामिल रहीं। परिना इंटरनेशनल के सुधीर जैन, ध्वनि जैन और अंकुर जैन ने कहा कि महिला उद्यमियों की उपलब्धियों को सम्मानित करना और उन्हें एक मजबूत मंच प्रदान करना बेहद जरूरी है।
मैहर जिले के अमदरा थाना क्षेत्र में शुक्रवार शाम करीब 4:10 बजे शिवराज ट्रांसपोर्ट की एक यात्री बस बेकाबू होकर पलट गई। इस हादसे में 15 से अधिक यात्री घायल हुए हैं। सभी यात्रियों को तत्काल उपचार के लिए अमदरा अस्पताल ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। अनियंत्रित होकर सड़क किनारे पलटी बस जानकारी के अनुसार, शिवराज ट्रेवल्स की बस (एमपी19पी7786) शुक्रवार दोपहर को मैहर से रवाना हुई थी। कटनी की ओर जा रही थी, तभी खेरवा सानी टोल प्लाजा से 300 मीटर पहले यह हादसा हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि अचानक संतुलन बिगड़ने के कारण बस सड़क किनारे पलट गई। सूचना मिलते ही अमदरा पुलिस और डायल-112 की टीम ने स्थानीय लोगों की मदद से यात्रियों को बाहर निकाला। घायलों को अमदरा अस्पताल ले गए हादसे में घायल सभी यात्रियों को तत्काल उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र अमदरा ले जाया गया। थाना प्रभारी टीकाराम कुर्मी ने बताया कि किसी भी यात्री को गंभीर चोट नहीं आई है और सभी की हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने शुरू की दुर्घटना की जांच टीआई ने बताया कि मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है कि हादसा तकनीकी खराबी के कारण हुआ या चालक की लापरवाही से। घटनास्थल से बस को हटाने की प्रक्रिया जारी है ताकि मार्ग पर यातायात सुचारू रूप से संचालित हो सके। देखें तस्वीरें…
मंदसौर जिले के गांधीसागर अभयारण्य क्षेत्र में एक तेंदुए का शव मिला है। वन विभाग ने राष्ट्रीय बाघ संरक्षण प्राधिकरण (एनटीसीए) की गाइडलाइन के अनुसार, पूरे मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए पोस्टमार्टम, जांच और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया पूरी कराई। मामले में वन अपराध प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। मंदसौर वनमंडलाधिकारी संजय रायखेरे ने बताया कि गुरुवार को “मुख्य सड़क नीमच-झालावाड़” मार्ग के समीप वन भूमि कक्ष क्रमांक 1011, बीट चंबल नंबर-3, वन परिक्षेत्र गेम रेंज पूर्व गांधीसागर अभयारण्य क्षेत्र में एक वन्यजीव तेंदुए की मृत्यु की घटना सामने आई। सूचना मिलते ही वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची और क्षेत्र को सुरक्षा घेरे में लेकर जांच शुरू की गई। डॉग स्क्वॉड की मदद से हुई छानबीनवन विभाग ने एनटीसीए नई दिल्ली एवं मुख्य वन्यजीव अभिरक्षक कार्यालय भोपाल से जारी दिशा-निर्देशों के तहत कार्रवाई करते हुए डॉग स्क्वॉड की सहायता से घटनास्थल और आसपास के क्षेत्र की गहन तलाशी ली। अधिकारियों ने मौके से साक्ष्य जुटाने का प्रयास किया ताकि मौत के कारणों का पता लगाया जा सके। मृत तेंदुए का पोस्टमार्टम विशेषज्ञ वन्यजीव चिकित्सकों डॉ. आकाश वाल्मीक एवं डॉ. सुमित कुमार पटेल द्वारा किया गया। जांच में तेंदुए के शरीर के सभी अंग सुरक्षित पाए गए हैं। अधिकारियों के अनुसार प्रथम दृष्टया शरीर पर किसी प्रकार की छेड़छाड़ या अंग निकालने जैसी बात सामने नहीं आई है। रिपोर्ट के बाद स्पष्ट होगी मौत की वजहडीएफओ संजय रायखेरे ने बताया कि मृत तेंदुए की उम्र लगभग 6 से 8 माह के बीच है। तेंदुए का शव गांधीसागर से करीब 8 किलोमीटर दूर मिला था। शुक्रवार को आवश्यक सैंपल जांच के लिए भेजे गए हैं। रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। समिति की मौजूदगी में हुआ अंतिम संस्कारप्रक्रिया के तहत तेंदुए के शव का दाह संस्कार किया गया। इस दौरान वृत्त उज्जैन मुख्य वनसंरक्षक आलोक पाठक, मंदसौर वनमंडलाधिकारी संजय रायखेरे, गांधीसागर अधीक्षक अमित राठौर, नायब तहसीलदार भानपुरा सुनील अग्रवाल, गेम रेंज अधिकारी पी.एल. रायकवार, गेम रेंज अधिकारी पराग सेनानी एवं गांधीसागर ग्राम पंचायत सरपंच मनीष परिहार मौजूद रहे। वन विभाग ने पूरी कार्रवाई की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी भी कराई है। विभाग का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोटा में रॉन्ग साइड से आ रहे तेज रफ्तार ट्रक ने बाइक सवार दो युवकों को टक्कर मार दी, जिसमें एक युवक की मौके पर मौत हो गई, जबकि दूसरा घायल हो गया। बताया जा रहा है कि दोनों युवक काम खत्म कर घर लौट रहे थे। फिलहाल परिजनों की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घटना अनंतपुरा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात 9:10 बजे की है, जहां ट्रक रॉन्ग साइड से भामाशाह मंडी की तरफ से सीएनजी पंप की ओर जा रहा था। इस दौरान बरड़ा बस्ती निवासी सोनू महावर(22) काम खत्म कर बाइक से अपने घर लौट रहा था। इसके साथ एक युवक और बाइक पर सवार था। अचानक ट्रक ने बाइक को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां ड्यूटी डॉक्टरों ने सोनू महावर को जांच के बाद मृत घोषित कर दिया। वहीं हादसे में घायल दूसरे युवक का उपचार जारी है। मामले की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का जायजा लिया। ड्यूटी से लौटते समय हुआ हादसा एएसआई ज्ञान सिंह ने बताया कि मृतक युवक ड्यूटी से घर लौट रहा था, तभी हादसा हुआ। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम कराकर शव परिजनों को सौंप दिया है। फिलहाल परिजनों की शिकायत पर पुलिस फरार ट्रक ड्राइवर की तलाश में जुटी हुई है।
देश-विदेश को ठुमरी गायिकी से परिचित कराने वाली गिरिजा देवी बनारस घराने की हस्ताक्षर संगीतज्ञों में शुमार हैं। वह घर छोड़कर दो साल तक संगीत की शिक्षा गुरुओं के शरण में लीं। यही वजह है कि वह शास्त्रीय के साथ उपशास्त्रीय संगीत पर भी उनकी गहरी पकड़ थी। उन्होंने पूर्वी अंग की गायिकी दुनिया में शिखर पर पहुंचाई। गिरिजा देवी की 97वीं जयंती वाराणसी में मनाया जा रहा है। इस कार्यक्रम में शामिल होने के लिए पद्मश्री से सम्मानित मालिनी अवस्थी वाराणसी पहुंची। इस दौरान मालिनी अवस्थी ने पश्चिम बंगाल चुनाव नतीजो पर कहा- भारत वर्ष में एक आनंद और उत्सव जैसी एक बयार बही है वो ऐसा दिखा रहा है जैसा आजादी के समय देश को आनंद हुआ। हम उत्तर प्रदेश के हैं, लेकिन बंगाल में जो बदलाव आया है और वहां जिस तरह से एक निष्ट होकर वहां की जनता ने निर्णय दिया है ये साफ साबित करता है कि कोई भी व्यक्ति या दल हो अहंकार और अत्याचार जनता नहीं सहन करती। जब अवसर आता है तो वोट के माध्यम से वे बहुत साफ और स्पष्ट संदेश देती है। मीडिया से बातचीत करते हुए मालिनी अवस्थी ने कहा कि वह उत्तर प्रदेश से हैं, लेकिन बंगाल में आए इस राजनीतिक बदलाव को पूरे देश के लिए महत्वपूर्ण मानती हैं। उन्होंने कहा कि बंगाल की जनता ने “एकनिष्ठ होकर” जो निर्णय दिया है, वह लोकतंत्र की शक्ति का सबसे बड़ा उदाहरण है। उनके अनुसार यह परिणाम साफ संदेश देता है कि कोई भी दल या नेता यदि अहंकार और अत्याचार की राजनीति करेगा तो जनता उसे वोट के माध्यम से जवाब जरूर देगी। “जनता ने भय के माहौल को तोड़ा”मालिनी अवस्थी ने कहा कि चुनाव के दौरान लोगों में भय का वातावरण था। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता के मन में गुंडागर्दी और अत्याचार का डर था, लेकिन इस बार मतदाताओं को सुरक्षा का भरोसा मिला। उन्होंने विशेष रूप से केंद्रीय गृह मंत्रालय और सुरक्षा बलों की भूमिका की सराहना करते हुए कहा कि सीआरपीएफ और सुरक्षा व्यवस्था के कारण लोगों को निर्भय होकर मतदान करने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि वह स्वयं उत्तर प्रदेश में चुनाव आयोग की ब्रांड एम्बेसडर रह चुकी हैं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया को करीब से समझती हैं। ऐसे में चुनाव के दौरान ईवीएम पर किसी पार्टी विशेष के चिन्ह पर टेप लगाए जाने जैसी घटनाएं बेहद चिंताजनक और लोकतंत्र के लिए “लोमहर्षक दृश्य” हैं। उन्होंने कहा कि जनता ने इस प्रकार की घटनाओं का भी जवाब अपने वोट से दिया है। “बंगाल केवल बंगाल का नहीं, पूरे भारत का”मालिनी अवस्थी ने अपने बयान में बंगाल की सांस्कृतिक और राष्ट्रीय भूमिका का विशेष उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि स्वामी विवेकानंद, बंकिम चंद्र चट्टोपाध्याय, रवींद्रनाथ टैगोर, सत्यजीत रे और उत्तम कुमार केवल बंगाल के नहीं बल्कि पूरे भारत के नायक हैं। उन्होंने कहा कि कुछ समय से बंगाल को देश की मुख्यधारा से अलग दिखाने की कोशिश हो रही थी, जबकि भारत “एक भारत श्रेष्ठ भारत” की भावना पर चलता है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जैसे बाल गंगाधर तिलक केवल महाराष्ट्र के नहीं बल्कि पूरे भारतवर्ष के नेता हैं, उसी तरह बंगाल की महान विभूतियां भी पूरे राष्ट्र की धरोहर हैं। “बंगाल फिर से गौरव की ओर लौटे”लोकगायिका ने उम्मीद जताई कि बंगाल एक बार फिर राष्ट्रीय मुख्यधारा में अग्रणी भूमिका निभाएगा। उन्होंने कहा कि वही बंगाल जिसने स्वतंत्रता संग्राम में स्वर्णिम योगदान दिया, जिसने “वंदे मातरम्” और “जन गण मन” जैसी अमूल्य रचनाएं देश को दीं, वह पुनः अपने गौरव को प्राप्त करे। उन्होंने कहा कि बंगाल की पहचान केवल राजनीति से नहीं बल्कि कला, संगीत, साहित्य और संस्कृति से भी होती है। वहां से अनेक महान कलाकार निकले हैं जिन्होंने देश को समृद्ध किया है। काशी और कोलकाता की सांस्कृतिक समानता का उल्लेखमालिनी अवस्थी ने बताया कि वह इस समय वाराणसी में हैं और आज उनकी गुरु गिरिजा देवी का जन्मदिन है। उन्होंने कहा कि उनकी गुरु का जीवन काशी और कोलकाता दोनों से जुड़ा रहा। इसी कारण वह दोनों शहरों की संस्कृति में गहरा साम्य देखती हैं। उन्होंने भावुक अंदाज में कहा— “गंगा यहां भी है और वहां भी है। मां अन्नपूर्णा यहां हैं तो मां काली वहां हैं।” “बंगाल में भय का दौर समाप्त हुआ” अपने बयान के अंत में मालिनी अवस्थी ने कहा कि बंगाल में अब भय और आतंक का दौर समाप्त होना चाहिए। उन्होंने विशेष रूप से बंगाल की महिलाओं की भूमिका की प्रशंसा करते हुए कहा कि इस चुनाव में नारी शक्ति ने बदलाव की अगुवाई की है। उन्होंने कहा कि यह और भी महत्वपूर्ण इसलिए है क्योंकि बंगाल में पहले से महिला मुख्यमंत्री और प्रभावशाली महिला सांसद मौजूद थीं, लेकिन इसके बावजूद महिलाओं ने बड़ी संख्या में आगे आकर राष्ट्र और स्वाभिमान की आवाज बुलंद की। उन्होंने आशा व्यक्त की कि बंगाल एक बार फिर देश के सबसे अग्रणी और प्रेरणादायक प्रदेशों में शामिल होगा। 1951 में पहली बार मंच पर गाया गाना- मालिनीमालिनी अवस्थी ने इस दौरान गिरिजा देवी को भी याद करते हुए बताया कि शादी के पांच साल बाद, वर्ष 1949 में गिरिजा देवी ने रेडियो पर गाना शुरू किया। 1951 में बिहार राज्य में आयोजित आरा कॉन्फ्रेंस में मशहूर गायक पंडित ओंकारनाथ का गायन सुनने गई। कार्यक्रम शुरू होने से पहले ही यह खबर आई की पंडित ओंकारनाथ की गाड़ी खराब होने की वजह से वह तय समय पर कार्यक्रम स्थल पर नहीं पहुंच पाएंगे। जब आयोजकों ने गिरिजा देवी को उनके स्थान पर गाने के लिए मंच पर आमंत्रित किया। इसके बाद गिरिजा देवी ने बनारस कांफ्रेंस में भी अपने गायन की प्रस्तुति दी। यहां उन्हें रविशंकर, अली अकबर भैया और विलायत खान साहब जैसे गायक ने सुना। रविशंकर को गिरिजा देवी का गायन इस कदर पसंद आया कि उन्होंने गिरिजा देवी को गाने के लिए दिल्ली बुला लिया। 1952 में गिरिजा देवी ने दिल्ली के कॉन्स्टिट्यूशन क्लब में राष्ट्रपति, प्रधानमंत्री और अन्य मंत्रियों के सामने ठुमरी गायन पेश किया। पद्मश्री, पद्म भूषण और पद्म विभूषण की मिली उपाधिइसके बाद गिरिजा ने रेडियाे कार्यक्रम, स्टेज शो आदि किए। संगीत में गिरिजा के योगदान के लिए उन्हें 1972 में पद्मश्री और 1989 में पद्म भूषण की उपाधि मिली। गिरिजा अपने जीवन के अंतिम वर्षों में अपना ज्यादातर समय कोलकाता में स्थित संगीत रिसर्च अकादमी में बिताती थी। वर्ष 2016 में उन्हें पद्म विभूषण से सम्मानित किया गया। दिल का दौरा पड़ने से 24 अक्टूबर, 2017 को उनका निधन हो गया।
सलूंबर कलेक्टर मुहम्मद जुनेद पी.पी. ने झल्लारा ब्लॉक का निरीक्षण किया। उन्होंने विभिन्न विभागों, संस्थानों और विकास कार्यों का जायजा लिया और संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़, व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने पर विशेष जोर दिया। स्कूल में बच्चों की सुविधाओं की समीक्षा की कलेक्टर ने सबसे पहले राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय झल्लारा का दौरा किया। उन्होंने शैक्षणिक व्यवस्थाओं, आधारभूत सुविधाओं और विद्यार्थियों को उपलब्ध कराई जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। इस दौरान 14 से 15 वर्ष आयु वर्ग की छात्राओं को सर्वाइकल कैंसर से बचाव के लिए एचपीवी टीकाकरण के प्रति जागरूक करने तथा इसकी प्रगति की भी समीक्षा की गई। इसके बाद, उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र झल्लारा का निरीक्षण कर पोषण एवं बाल विकास गतिविधियों की जानकारी ली। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र झल्लारा में कलेक्टर ने चिकित्सा सेवाओं, दवाओं की उपलब्धता और मरीजों को दी जा रही सुविधाओं की समीक्षा की। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई, जनरल वार्ड, इमरजेंसी वार्ड और लेबर रूम सहित अन्य व्यवस्थाओं का विस्तृत जायजा लिया। तहसील ऑफिस में प्रशासनिक कार्यों का अवलोकन किया जिला कलेक्टर ने तहसील कार्यालय झल्लारा पहुंचकर राजस्व एवं प्रशासनिक कार्यों की प्रगति का अवलोकन किया। उन्होंने तहसीलदार और नायब तहसीलदार को नामांतरण, सीमाज्ञान, जाति, आय एवं निवास प्रमाण पत्र, भूमि विवाद और राजस्व न्यायालयीन प्रकरणों के साथ-साथ जनसुनवाई से जुड़े आवेदनों का निर्धारित समय-सीमा में प्राथमिकता से निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने लंबित प्रकरणों की सूची तैयार कर चरणबद्ध और समयबद्ध निस्तारण करने, रिकॉर्ड संधारण, ऑनलाइन पोर्टल पर प्रविष्टियां करने और जन सेवा केंद्र से समन्वय स्थापित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कार्यालय में स्वच्छता और अनुशासन बनाए रखने पर भी जोर दिया और कहा कि डिजिटल प्रक्रियाओं का अधिकतम उपयोग कर कार्यों को सरल, त्वरित एवं प्रभावी बनाया जाए। उन्होंने तहसील कार्मिकों को आमजन के साथ संवेदनशील एवं सहयोगात्मक व्यवहार रखने तथा उनकी समस्याओं का प्राथमिकता से समाधान करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने दोहराया कि समयबद्धता, जवाबदेही और सेवा भाव ही सुशासन की पहचान है। योजनाओं की समीक्षा की निरीक्षण के दौरान, जिला कलेक्टर ने भबराना में एवीवीएनएल, पीएम कुसुम योजना, डब्ल्यूआरडी और पीडब्ल्यूडी विभाग द्वारा संचालित कार्यों का भी जायजा लिया। उन्होंने इन कार्यों की प्रगति की समीक्षा की और गुणवत्ता एवं समयबद्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
सीकर में बुजुर्ग से 84 लाख की ठगी:शेयर बाजार में मुनाफे का लालच दिया, कोटक के नाम पर बनाया फर्जी ऐप
सीकर जिले में साइबर ठगों ने शेयर बाजार में मुनाफे का लालच देकर बुजुर्ग से 84 लाख रूपए ठग लिए। पीड़ित ने सीकर के साइबर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया है। ठगों ने 72 वर्षीय बुजुर्ग को शेयर बाजार में ऊंचे रिटर्न का झांसा देकर 84 लाख रुपए की ऑनलाइन ठगी कर ली। ठगों ने बाकायदा मोबाइल के प्ले-स्टोर से फर्जी ऐप डाउनलोड करवाकर पीड़ित को विश्वास में लिया और धीरे-धीरे बुजुर्ग की जिंदगी भर की कमाई हड़प ली। सीकर साइबर थाने में दी शिकायत के अनुसार पीड़ित नरसाराम नेहरा ने बताया कि ठगी की शुरुआत गत 25 जनवरी को व्हाट्सएप पर 'D223 KOTAK FUTURE INNOVATION' नाम के एक ग्रुप का मैसेज आया। ग्रुप में शेयर मार्केट से जुड़े टिप्स और भारी मुनाफे के दावे किए जा रहे थे। जब नरसाराम ने इंट्रेस्ट दिखाया तो अन्विका मेहरा नाम की महिला ने कॉन्टेक्ट किया। ठगों ने खुद को कोटक सिक्योरिटीज का प्रतिनिधि बताया। विश्वास जीतने के लिए उन्होंने पीड़ित का नाम-पता लेकर रजिस्ट्रेशन किया और दावा किया कि उनका डीमैट अकाउंट खुल गया है। ठगों ने सिक्योरिटी एक्सचेंज बोर्ड ऑफ इंडिया (SEBI) के नाम से फर्जी कन्फर्मेशन लेटर भी भेज दिया। इसके बाद पीड़ित को गूगल प्ले-स्टोर से KOTMAT और बाद में KOTPRO नाम के ऐप डाउनलोड करवाए गए। ऐप पर नरसाराम को मुनाफ के फर्जी आंकड़े दिखाए जाते थे। ठगों ने रोजाना 5% मुनाफा, 10% से 25% तक का तगड़ा रिटर्न, 20% से 50% तक का बेनिफिट दिलाने का झांसा दिया था। मुनाफे के लालच में आकर बुजुर्ग ने 26 फरवरी से 2 अप्रैल के बीच अलग-अलग किस्तों में कुल 84 लाख रुपए आरोपियों के बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। सीकर साइबर थाना पुलिस ने पीड़ित की रिपोर्ट मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
जबलपुर के बरगी बांध डैम में 30 अप्रैल को हुए क्रूज हादसे को लेकर पायलट महेश पटेल का बड़ा बयान सामने आया है। उनका कहना है कि क्रूज के एक इंजन में खराबी थी। इसकी जानकारी मैंने 7 माह पहले अक्टूबर में ही मैनेजर को दे दी थी। इसके बाद मुख्यालय को पत्र लिखकर सूचना भी दी गई, लेकिन इस ओर ध्यान नहीं दिया गया। महेश पटेल ने कहा कि यह गलत है कि वह क्रूज से कूदकर भाग गए थे। मैंने कई लोगों को बचाया, लेकिन इसी दौरान पानी की तेज लहर क्रूज के अंदर आ गई और मैं बह गया। मैंने सभी यात्रियों से लाइफ जैकेट पहनने को कहा था, लेकिन किसी ने ध्यान नहीं दिया। बरगी बांध में मेरे अलावा भी कई लोग क्रूज चला रहे हैं। दरअसल, हादसे के बाद पीड़ितों, मृतकों के परिजनों और क्रूज चालक के बयान दर्ज करने के लिए शुक्रवार को कलेक्ट्रेट बुलाया गया था, जहां महेश पटेल ने यह बड़ा खुलासा किया। दूसरी ओर, क्रूज हादसे को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में शुक्रवार को एक और याचिका दायर की गई। बता दें, हादसे में 13 लोगों की मौत हो गई। इनमें 4 बच्चे और 8 महिलाएं हैं। लिखित में बताई थीं तकनीकी खामियां महेश पटेल ने बताया कि अक्टूबर 2026 में बरगी स्थित मैकल रिसॉर्ट के मैनेजर ने लिखित रूप से क्रूज की तकनीकी खामियों की जानकारी दी थी। पत्र में बताया गया था कि संचालित क्रूज के दो इंजनों में से एक इंजन धीमी गति से काम कर रहा था और उसकी क्षमता कम हो चुकी थी। वहीं, दूसरा इंजन स्टार्ट होने के बाद कभी भी बंद हो जाता था। यह पत्र पर्यटन विभाग के माध्यम से भोपाल स्थित जल क्रीड़ा विभाग के महाप्रबंधक को भेजा गया था। शिकायत करने वाले मैनेजर को ही सस्पेंड किया महेश पटेल का आरोप है कि गंभीर चेतावनी के बावजूद विभाग ने मामले को नजरअंदाज कर दिया और फाइल दबा दी। इतना ही नहीं, शिकायत करने वाले मैनेजर सुनील मरावी को ही सस्पेंड कर दिया गया। उन्होंने कहा कि पत्र की जानकारी लीक नहीं करने के लिए भी दबाव बनाया गया। हालांकि, जब सुनील मरावी से बात करने की कोशिश की गई तो पहले उन्होंने बात करने से इनकार किया, बाद में कहा कि उन्होंने ऐसा कोई पत्र नहीं लिखा। महेश पटेल ने बताया कि इंजन स्टार्ट तो हो जाता था और गियर भी लगते थे, लेकिन पिकअप कम था और स्पीड 12 से ऊपर नहीं जा रही थी। इसी वजह से उस इंजन का उपयोग नहीं किया जाता था और अधिकतर संचालन एक ही इंजन से किया जाता था। पायलट ने गिनाईं ये खामियां एक क्रूज के दोनों इंजन सीज बरगी बांध में संचालित दो क्रूज में से एक लंबे समय से बंद पड़ा है और उसके दोनों इंजन भी खराब बताए जा रहे हैं। इसके बावजूद संचालन व्यवस्था में कोई सुधार नहीं किया गया। जिला कलेक्टर सहित कई प्रशासनिक अधिकारी इस क्रूज में सफर कर चुके हैं, लेकिन तकनीकी खामियों की अनदेखी होती रही। इधर, मामले में न्यायालय ने संज्ञान लेते हुए पुलिस को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश दिए हैं। बरगी थाना पुलिस को दो दिनों के भीतर कार्रवाई कर न्यायालय को अवगत कराने के लिए कहा गया है। संभावना जताई जा रही है कि क्रूज के कैप्टन पर एफआईआर दर्ज हो सकती है। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि हादसे की जिम्मेदारी कब तय होगी और दोषियों पर कार्रवाई कब तक होगी। एक और याचिका दायर क्रूज हादसे को लेकर मध्यप्रदेश हाईकोर्ट में शुक्रवार को एक और याचिका दायर की गई। जबलपुर निवासी सामाजिक कार्यकर्ता पुष्पा तिवारी ने केंद्र सरकार, राज्य सरकार और पर्यटन विभाग को पक्षकार बनाते हुए एसआईटी जांच की मांग की है। याचिका में मांग की गई है कि आईजी रैंक के आईपीएस अधिकारियों की टीम बनाकर 60 दिनों में जांच पूरी कर रिपोर्ट हाईकोर्ट में पेश की जाए। मामले में जल्द सुनवाई हो सकती है। क्रूज तोड़े जाने की भी होगी जांच बरगी से भाजपा विधायक और प्रदेश प्रवक्ता नीरज सिंह ने कहा कि यह बात सामने आ रही है कि जांच से पहले ही क्रूज को तोड़ दिया गया। इसकी भी जांच कराई जाएगी। यह पता लगाया जा रहा है कि आखिर किन अधिकारियों के निर्देश पर और किस वजह से इतनी जल्दबाजी में क्रूज को तुड़वाया गया। उन्होंने कहा कि यदि इंजन में खराबी होगी तो जांच में इसका खुलासा हो जाएगा। अब जानिए, हादसा कैसे हुआ…? यह खबर भी पढ़ें… 1. जबलपुर क्रूज हादसे का एक और VIDEO जबलपुर में 30 अप्रैल को हुए बरगी क्रूज हादसे का एक और वीडियो बुधवार को सामने आया। इसमें क्रूज से गिरने के बाद लोग पानी में जान बचाने के लिए तैरते दिखे। महिलाएं और बच्चे भी जद्दोजहद करते नजर आए। पूरी खबर यहां पढ़ें... 2. डूबते क्रूज में लाइफ जैकेट ढूंढते रहे यात्री जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में मौसम विभाग के ऑरेंज अलर्ट के बाद भी यात्रियों को बिना लाइफ जैकेट चढ़ाया गया। हादसे में बचे रोशन आनंद ने बताया कि क्रूज पर सवार होने के दौरान किसी यात्री को लाइफ जैकेट नहीं दी गई। क्रूज डगमगाते ही लोग आधे घंटे इधर-उधर भागते रहे। पढ़ें पूरी खबर… 3. लाइफ जैकेट के बाद भी बरगी में मां-बेटे क्यों डूबे जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज हादसे ने 13 परिवारों को उम्र भर का गम दिया। इस त्रासदी की सबसे मार्मिक तस्वीर दिल्ली की मरीना मैसी और उनके 4 साल के बेटे त्रिशान की थी। रेस्क्यू टीम को दोनों के शव एक-दूसरे से जकड़े मिले और उनके पास लाइफ जैकेट भी थी। पढ़ें पूरी खबर…
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। 1. महूनाका पर भाजपा नेताओं और ट्रैफिक पुलिस में विवाद महूनाका चौराहे पर शुक्रवार दोपहर भाजपा नेताओं और ट्रैफिक पुलिस के बीच विवाद की स्थिति बन गई। भाजपा के विधानसभा-4 प्रभारी वीरेंद्र शेडगे ने ट्रैफिक पुलिसकर्मियों पर अभद्रता और मारपीट का आरोप लगाया। पढ़ें पूरी खबर... 2. अपने विधायक को नहीं पहचान पाए मंत्री…बोले- फैसला कांग्रेस करे जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट गुरुवार को उस वक्त असहज स्थिति में फंस गए, जब वे अपनी ही पार्टी के आलोट विधायक और पूर्व सांसद चिंतामणि मालवीय को पहचान नहीं पाए। मामला इतना बिगड़ गया कि मंत्री ने मालवीय पर लगे यौन शोषण के आरोपों को पहले तो कांग्रेस का अंदरूनी मामला बता दिया। पढ़ें पूरी खबर... 3. कारों के कांच फोड़ने वालों का जुलूस निकाला द्वारकापुरी क्षेत्र की तीन कॉलोनियों में बदमाशों ने एक के बाद एक करीब आधा दर्जन चार पहिया वाहनों पर पत्थर फेंककर तोड़फोड़ की थी। मामले में पुलिस को बाबूनाथ और उसके साथी आरसी चौहान के नाम सामने आए। पढ़ें पूरी खबर... 4. कोंकण से पहुंचे GI टैग वाले हापुस, मालदा और अल्फांसो आम इंदौर में आम प्रेमियों को आज खास सौगात मिली। ग्रामीण हाट बाजार में तीन दिवसीय 'मैंगो जत्रा 2026' का भव्य शुभारंभ हो गया है। 8 से 10 मई तक चलने वाले इस मेले में शहरवासी को सीधे महाराष्ट्र के कोंकण से आए असली हापुस (अल्फांसो) आम का स्वाद मिलेगा। पढ़ें पूरी खबर... 5. चलती बाइक में आग, खाक एलआईजी स्क्वेयर चौराहे पर शुक्रवार दोपहर अचानक एक बाइक में आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी बाइक को अपनी चपेट में ले लिया और बाइक जलकर पूरी तरह खाक हो गई। पढ़ें पूरी खबर... 6. पूर्व कांग्रेस विधायक अश्विनी जोशी का निधन इंदौर की राजनीति के दिग्गज और कांग्रेस के कद्दावर नेता रहे पूर्व विधायक अश्विनी जोशी का शुक्रवार को निधन हो गया। वे 66 वर्ष के थे। पारिवारिक सूत्रों के अनुसार जोशी पिछले कुछ समय से सांस लेने में तकलीफ और पैरों की बीमारी से जूझ रहे थे। उनका इलाज चल रहा था। पढ़ें पूरी खबर... 7. पोलोग्राउंड की दो फैक्ट्रियों पर निगम की कार्रवाई नगर निगम ने शुक्रवार को एमआर-4 रोड पर बड़ी रिमूवल कार्रवाई करते हुए दो फैक्ट्रियों के अवैध हिस्सों को तोड़ दिया। निगम अधिकारियों के मुताबिक ये हिस्से प्रस्तावित सड़क निर्माण में बाधक बन रहे थे। कई बार नोटिस देने के बावजूद निर्माण नहीं हटाए जाने पर कार्रवाई की गई। पढ़ें पूरी खबर... 8. बायपास पर हादसा, युवक को वाहन ने मारी टक्कर कनाड़िया थाना क्षेत्र स्थित बायपास पर देर रात हुए सड़क हादसे में एक बाइक सवार युवक की मौत हो गई। युवक को किसी तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने जोरदार टक्कर मार दी थी। गंभीर हालत में राहगीरों ने उसे अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पढ़ें पूरी खबर... 9. सौतेली बेटी से रेप का आरोप, गलत हरकत करने पहुंचा आरोपी तुकोगंज थाना क्षेत्र में सौतेले पिता द्वारा शादीशुदा बेटी से दुष्कर्म करने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। आरोपी ने पहले पीड़िता के साथ मारपीट की और फिर जबरन गलत काम किया। पढ़ें पूरी खबर... 10. पटाखा कारोबारी से धोखाधड़ी, 16 लाख नहीं लौटाए राजेंद्र नगर थाना क्षेत्र में पटाखा कारोबारी के साथ लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। पुलिस ने शिकायत के बाद जांच करते हुए एक व्यापारी के खिलाफ केस दर्ज किया है। मामले में आरोपी के बेटे की भूमिका भी जांच के दायरे में है। पढ़ें पूरी खबर...
पानीपत जिले के इसराना उपमंडल में निर्माणाधीन नई तहसील का कार्य लगभग पूरा होने वाला है। हालांकि, परिसर के मुख्य गेट पर दरार जैसे निशान दिखने से इसकी गुणवत्ता पर सवाल उठने लगे हैं। इसे लेकर स्थानीय लोगों में रोष है। यह भवन मांड़ी रोड पर सवा दो एकड़ भूमि पर बन रहा है। लोगों का कहना है कि तहसील परिसर अभी पूरी तरह से तैयार भी नहीं हुआ है और इसमें दरारें दिखने लगी हैं। यह स्थिति भवन निर्माण में इस्तेमाल की गई सामग्री और ठेकेदार के काम की गुणवत्ता पर संदेह पैदा करती है। मंत्री पंवार के प्रयासों से मिली थी मंजूरी गौरतलब है कि इसराना में लंबे समय से तहसील परिसर बनाने की मांग की जा रही थी। पंचायत एवं विकास मंत्री कृष्ण लाल पंवार के प्रयासों से नए तहसील भवन के निर्माण को मंजूरी मिली थी। पीडब्ल्यूडी विभाग ने 15 जून 2022 को इस भवन का निर्माण कार्य शुरू किया था। अधिकारियों के अनुसार, इस दो मंजिला भवन के निर्माण पर 9 करोड़ 74 लाख रुपए की लागत आनी थी। कर्मचारियों के बनाए जा रहे आवास वर्तमान में इसराना तहसील कार्यालय बीडीपीओ कार्यालय की बिल्डिंग में संचालित हो रहा है, जहां 27 पंचायतों के पटवारी बैठते हैं। नए तहसील भवन के पीछे तहसीलदार, नायब तहसीलदार तथा ग्रुप सी और डी श्रेणी के कर्मचारियों के लिए आवास भी बनाए जा रहे हैं। परिसर में ही आवासीय सुविधा मिलने से कर्मचारियों को ड्यूटी पर पहुंचने में आसानी होगी और प्रशासनिक कार्यों में तेजी आने की उम्मीद है। पार्किंग के लिए मांगी जा रही एनओसी तहसील परिसर में पार्किंग स्थल बनाने के लिए वन विभाग से अनापत्ति प्रमाण पत्र (एनओसी) लेना आवश्यक है, क्योंकि वहां पेड़ खड़े हैं। एनओसी मिलने के बाद पार्किंग स्थल का निर्माण पूरा हो जाएगा और पीडब्ल्यूडी विभाग तहसील को राजस्व विभाग को सौंप देगा।
हरियाणा की स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव ने कहा कि ‘टीबी मुक्त हरियाणा’ के लक्ष्य को हासिल करने की दिशा में राज्य तेजी से आगे बढ़ रहा है। व्यापक जन-जागरूकता अभियान, आधुनिक तकनीक और सामुदायिक भागीदारी के चलते टीबी उन्मूलन को नई गति मिली है। उन्होंने बताया कि राज्य सरकार द्वारा 24 मार्च 2026 (विश्व टीबी दिवस) से शुरू किए गए 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान (फेज-2) की 30 दिन की अंतरिम प्रगति रिपोर्ट जारी की गई है। इस अभियान के तहत अब तक 10,978 नए टीबी मरीजों की पहचान की जा चुकी है। यह सफलता आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) आधारित तकनीकों और सक्रिय केस खोज (ACF) रणनीति के कारण संभव हुई है। AI एक्स-रे मशीन, खांसी से कर रही पहचानस्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि अब राज्य की रणनीति केवल मरीजों के सामने आने का इंतजार करने तक सीमित नहीं है, बल्कि उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में जाकर लक्षण रहित लोगों की भी जांच की जा रही है, ताकि छिपे हुए मामलों की समय रहते पहचान हो सके।आरती सिंह राव ने बताया कि हरियाणा में तकनीक का प्रभावी उपयोग किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि एआई-सक्षम हैंडहेल्ड एक्स-रे मशीनें दूरदराज क्षेत्रों में तुरंत जांच की सुविधा दे रही हैं। ‘कफ अगेंस्ट टीबी’ (CATB) ऐप खांसी की आवाज का विश्लेषण कर संभावित मरीजों की पहचान करने में मदद कर रहा है।65 मोबाइल वैन को रहीं यूजराष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) के मिशन निदेशक डॉ. आर.एस. ढिल्लों ने आगे जानकारी देते हुए बताया कि इस अभियान की सफलता में जनभागीदारी की अहम भूमिका रही है। 65 मोबाइल मेडिकल यूनिट्स को ‘चलती-फिरती लैब’ के रूप में इस्तेमाल किया जा रहा है, जिससे दूरस्थ क्षेत्रों में भी जांच संभव हो पाई है। साथ ही जनप्रतिनिधियों और पंचायत संस्थाओं की सक्रिय भागीदारी से टीबी से जुड़ी सामाजिक भ्रांतियों को दूर करने में मदद मिली है।उन्होंने कहा कि इस अभियान के तहत टीबी जांच को सामान्य स्वास्थ्य जांच के साथ जोड़ा गया है, जिसमें ब्लड प्रेशर, शुगर और एनीमिया की जांच भी शामिल है, ताकि समग्र स्वास्थ्य सेवाएं सुनिश्चित की जा सकें। टीबी के लिहाज से 2111 गांव-वार्ड सेंसटिवउन्होंने बताया कि सरकार द्वारा जियोस्पेशियल तकनीक के माध्यम से 2,111 संवेदनशील गांवों और वार्डों की पहचान कर वहां विशेष अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने उक्त अभियान के तहत 24 मार्च से 5 मई 2026 तक की गई गतिविधियों की जानकारी देते हुए बताया कि इस अवधि में कुल 1620 शिविर आयोजित किए गए, जिनमें से 938 उच्च जोखिम वाले क्षेत्रों में लगाए गए। इसी प्रकार 1,81,221 लोगों की स्क्रीनिंग की गई , 49,953 एनएएटी (NAAT) टेस्ट किए गए ,10,978 नए टीबी मरीजों की पहचान की गई। उन्होंने आगे बताया कि उक्त अवधि में 335 नए निक्षय मित्र पंजीकृत किए गए जबकि 8502 पोषण किट वितरित की गई हैं।
सागर के बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में गुरुवार शाम नाबालिग के साथ गलत हरकत की गई। वारदात सामने आते ही बीएमसी के गार्डों ने आरोपी को पकड़ लिया। जिसे पुलिस के हवाले किया गया है। मामले में गोपालगंज थाना पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच में लिया है। आरोपी से पूछताछ की जा रही है। पूछताछ के बाद शुक्रवार को न्यायालय में आरोपी को पेश किया गया है। जानकारी के अनुसार, बुंदेलखंड मेडिकल कॉलेज में 5 वर्षीय नाबालिग अपने परिजन के साथ इलाज कराने पहुंची थी। गुरुवार देर शाम वह बाथरूम के लिए गई। जहां पीछे से एक युवक पहुंचा और नाबालिग को पकड़ लिया। मुंह दबाया और गलत हरकत करने की कोशिश करने लगा। नाबालिग ने चिल्लाया और भागकर बाहर आ गई। उसने अपनी मां को घटनाक्रम बताया। मां ने तत्काल नर्स और गार्ड को सूचना दी। गार्ड ने नाबालिग के बतायानुसार युवक की तलाश शुरू। काली टी-शर्ट पहने युवक को पकड़ा और पहचान होते ही उसे पुलिस के हवाले कर दिया गया। पैर का इलाज कराने पहुंचा था आरोपी आरोपी गुड्डू कुर्मी निवासी रहली क्षेत्र अपने पैर का इलाज कराने के लिए बीएमसी पहुंचा था। वारदात के दौरान बाथरूम में नाबालिग को अकेला देखकर उसकी नियत खराब हुई और उसने वारदात कर दी। थाने लाकर पुलिस आरोपी से पूछताछ कर कर रही है। सीएसपी ललित कश्यप ने बताया कि बीएमसी में नाबालिग से गलत हरकत करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। गोपालगंज थाने में आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
आगर मालवा जिले के नए एसपी दिलीप कुमार सोनी ने शुक्रवार दोपहर औपचारिक रूप से अपना पदभार ग्रहण कर लिया। जिला पुलिस कार्यालय में आयोजित प्रक्रिया के दौरान एडिशनल एसपी रविन्द्र कुमार बोयट ने उन्हें विधिवत प्रभार सौंपा। पदभार संभालने से पहले एसपी सोनी ने नलखेड़ा स्थित मां बगलामुखी मंदिर में पूजा-अर्चना की। महिला अपराधों पर अंकुश लगाएंगे मीडिया से चर्चा के दौरान एसपी दिलीप कुमार सोनी ने बतायस कि जिले में महिला संबंधी अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाना उनकी सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। उन्होंने कहा कि महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अपराधियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस और जनता के बीच बेहतर संवाद पर जोर नवागत एसपी ने पुलिसिंग को अधिक संवेदनशील और जनहितैषी बनाने की बात कही। उन्होंने बताया कि पुलिस और आम जनता के बीच सीधा संवाद स्थापित किया जाएगा ताकि नागरिकों का पुलिस व्यवस्था पर विश्वास बढ़े और सुरक्षित वातावरण तैयार हो सके। कानून व्यवस्था और अपराध नियंत्रण का लक्ष्य जिले की भौगोलिक और सुरक्षा स्थितियों की जानकारी लेने के बाद एसपी ने बेहतर कानून व्यवस्था बनाए रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन अपराध नियंत्रण के लिए पूरी गंभीरता से कार्य करेगा और नागरिकों की समस्याओं का त्वरित निराकरण सुनिश्चित होगा। पुलिस कार्यालय में हुआ स्वागत पदभार ग्रहण करने के अवसर पर जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने नवागत एसपी का स्वागत किया। प्रभार सौंपने के बाद अधिकारियों ने उन्हें जिले की वर्तमान कानून व्यवस्था और प्रमुख चुनौतियों के संबंध में प्रारंभिक जानकारी दी।
खरगोन जिले के नागझिरी की रूपाली परिहार ने प्रतिष्ठित एलिगेंट ब्यूटी फेस अवार्ड 2026 का खिताब जीता है। यह फैशन शो इंदौर के ग्रैंड शेरटेन होटल में आयोजित किया गया था, जिसमें देशभर के विभिन्न शहरों से 400 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। इस कार्यक्रम में इवेंट संस्थापक दीपिका शर्मा, डॉ. विनीता कुमार, ओलंपिकादास मिश्रा, ज्योतिषी राजेश उषा शर्मा, राजकुमार चौधरी और इंटरनेशनल रनर गोल्ड मेडलिस्ट नित्या सिंह सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। 19 वर्षीय रूपाली ने बताया कि यह उनका पहला फैशन शो था। उन्होंने घर पर ही रहकर शो से संबंधित जानकारी जुटाई और कड़ी प्रैक्टिस की थी। रूपाली ने गांव की अन्य बेटियों से भी अपनी प्रतिभा को आगे लाने के लिए इसी तरह के प्रयास करने का आग्रह किया। वह नागझिरी स्थित प्रसिद्ध संत श्री बोंदरू बाबा समाधि के छोटे पुजारी छोटू महाराज की बेटी हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद उन्होंने घर में ही विभिन्न शो देखकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया।
गया जिले के कोंच प्रखंड स्थित आंती थाना पुलिस ने शराब माफियाओं के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए लंबे समय से फरार चल रहे शराब कारोबारी रंजीत चौधरी को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने आरोपी को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। प्रभारी थानाध्यक्ष मीरा कुमारी ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी रंजीत चौधरी आंती थाना क्षेत्र के कावर गांव का निवासी है। वह आंती थाने में दर्ज कांड संख्या 54/26 का नामजद अभियुक्त है और लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बाहर चल रहा था। पुलिस के अनुसार, रंजीत चौधरी अवैध शराब की तस्करी और कारोबार में सक्रिय रूप से संलिप्त था। उसकी गतिविधियों पर पुलिस लगातार नजर रख रही थी। गुप्त सूचना और तकनीकी निगरानी के आधार पर पुलिस ने उसे गिरफ्तार करने में सफलता हासिल की। थाना प्रभारी मीरा कुमारी ने कहा कि क्षेत्र में अवैध शराब निर्माण और बिक्री के खिलाफ पुलिस 'जीरो टॉलरेंस' की नीति पर काम कर रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि शराब कारोबार से जुड़े किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा। पुलिस ने बताया कि शराब माफियाओं और अवैध कारोबार में शामिल अन्य आरोपियों के खिलाफ आगे भी सख्त छापेमारी और कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी। स्थानीय स्तर पर इस गिरफ्तारी को शराब सिंडिकेट के खिलाफ पुलिस की बड़ी सफलता माना जा रहा है।
राजधानी जयपुर के आमेर-जयगढ़-नाहरगढ़ रोपवे प्रोजेक्ट के काम पर हाईकोर्ट ने रोक लगाते हुए सरकार को नोटिस जारी कर जवाब मांगा है। याचिका पर शुक्रवार को सुनवाई करते हुए जस्टिस समीर जैन ने रोपवे प्रोजेक्ट के लिए 2 फरवरी को दी गई सरकारी मंजूरी पर रोक लगाने के आदेश दिए हैं। मामले की अगली सुनवाई 19 मई को होगी। याचिकाकर्ता की तरफ से एडवोकेट अभि गोयल और हार्दिक मिश्रा ने पैरवी करते हुए तर्क दिया कि याचिकाकर्ता फर्म 80 करोड़ में रोपवे बनाने को तैयार थी, लेकिन 350 करोड़ की लागत वाले को काम दिया गया। इस पूरे मामले में टेंडर देने के RTPP एक्ट (राजस्थान पारदर्शिता लोक उपापन अधिनियम) के प्रावधनों का उल्लंघन किया गया। राज्य सरकार ने केंद्र सरकार के अनुरूप धार्मिक और पर्यटन स्थलों पर रोपवे बनाने की घोषणा की थी। इसमें आमेर किला, नाहरगढ़ किला और जयगढ़ किले को जोड़ने वाला रोपवे प्रोजेक्ट था। इसके लिए बजट में घोषणा करने के बाद बजट अलॉट किया गया था। आरटीपीपी एक्ट के प्रावधानों का खुला उल्लंघन याचिकाकर्ता फर्म शिवम प्राइम इंफ्राप्रोजेक्ट्स प्राइवेट लिमिटेड के वकीलों ने कोर्ट में तर्क दिया कि इस रोपवे प्रोजेक्ट के लिए टेंडर का कोई विज्ञापन जारी नहीं किया गया। तीन फर्मों ने टेंडर के लिए अप्लाई किया, जिसमें याचिकाकर्ता फर्म भी शामिल थी। इस रोपवे का काम देने में RTPP एक्ट (राजस्थान पारदर्शिता लोक उपापन अधिनियम) के प्रावधानों को लागू नहीं किया गया, जबकि यह प्रोजेक्ट RTPP एक्ट-2012 की धारा 2(13) के तहत खरीद के दायरे में आता है। 80 करोड़ की जगह 350 करोड़ वाली फर्म को रोपवे का काम देने पर सवाल याचिकाकर्ता की तरफ से कोर्ट में तर्क दिया गया कि इस रोपवे प्रोजेक्ट में RTPP एक्ट के प्रावधानों की खुली अवहलेना की गई। 2 सितंबर 2025 की बैठक के ब्यौरे से साफ है कि याचिकाकर्ता फर्म लगभग 80 करोड़ रुपए की प्राथमिक लागत के साथ रोपवे लगा रहा था। इसमें वन भूमि और वनस्पतियों को शून्य या न्यूनतम नुकसान पहुंच रहा था। वहीं इसमें दूसरी आवेदक फर्म जीआर इंफ्रा ने रोपवे बनाने के लिए 350 करोड़ रुपए की लागत बताई। इसमें वन क्षेत्र का गंभीर दोहन और पेड़ों को नुकसान होना शामिल था। इसके बावजूद पक्षपातपूर्ण और अज्ञात कारणों से दूसरी फर्म को 2 फरवरी 2026 को रोपवे का काम देने की शुरुआती मंजूरी दे दी गई। राजस्थान का सबसे लंबा रोपवे प्रोजेक्ट जयपुर में आमेर महल से जयगढ़ और नाहरगढ़ को जोड़ने वाला 6.5 किलोमीटर का रोपवे बनना है। साल 2024 में इस प्रोजेक्ट की घोषणा हुई थी। प्रोजेक्ट पर विवाद के बाद कोर्ट में चुनौती दी गई। अब हाईकोर्ट में 19 मई को होने वाली अगली सुनवाई पर प्रोजेक्ट का भविष्य निर्भर करेगा।
जय किसान आंदोलन के संस्थापक योगेंद्र यादव ने कहा कि गन्ना नियंत्रण आदेश 2026 अगर लागू हो गया तो वर्ष 1966 का गन्ना कंट्रोल ऑर्डर, जिससे पिछले 60 साल में गन्ना, गन्ना मिल और गन्ना उद्योग संचालित हो रहा है, वह समाप्त हो जाएगा। योगेंद्र यादव मेरठ के चौधरी चरण सिंह विश्वविद्यालय में आयोजित एक संगोष्ठी के दौरान पत्रकारों से वार्ता कर रहे थे। किसान संगठनों को विश्वास में ले सरकार योगेंद्र यादव ने कहा कि यह आर्डर अभी पास नहीं हुआ है, केवल मसौदा है। यह चिंता का विषय है कि इस मसौदे की प्रति किसी भी किसान संगठन को नहीं दी गई है। बेहतर होगा कि केंद्र सरकार इस पूरे ऑर्डर को पहले किसानों के सामने रखे और फिर उनकी राय जानते हुए इसे लागू कराये। मिलो के बीच की दूरी पर जताई आपत्तियोगेंद्र यादव ने कहा कि इस मसौदे के अंतर्गत गन्ना मिलो के बीच की दूरी को बढ़ाया जा रहा है। जो दूरी 15 किलोमीटर थी उसे बढ़ा कर 25 किलोमीटर करने की योजना है। 15 किलोमीटर दूरी के प्रावधान के चलते देश में मिले बनी और किसानों को इसका लाभ मिला। इसकी वजह से गन्ना उद्योग फलाफूला। नई नीति से किसानों को प्रभावित करने का काम होगा। खांडसारी उद्योग पर कानूनी बंदिश योगेंद्र यादव ने बताया कि इस नए कानून के जरिए खांडसारी उद्योग पर कानूनी बंदिश लगाई जा रही है। इस कारोबार के लिए लाइसेंस लेना होगा। चौकाने वाली बात यह है कि खांडसारी उद्योग से जुड़े कारोबारी अगर किसानों को FRP ( उचित एवं लाभकारी मूल्य) से ज्यादा लाभ देना चाहे तो वह नहीं दे सकेंगे। इससे किसानों के बुरे वक्त में जो सहारा था वह खांडसारी उद्योग बर्बाद हो जाएगा। कानून बना लेकिन किसानों को लाभ नहीं मिलायोगेंद्र यादव ने कहा कि 60 साल बाद केंद्र सरकार इस आर्डर को बदलने का प्रयास कर रही है। इस आर्डर में किसानों की पुरानी समस्याओं को शामिल किया जा सकता था लेकिन उन्हें शामिल नहीं किया। आलम यह है कि कागज पर प्रावधान होने के बावजूद किसानों को आज तक 15% और सुप्रीम कोर्ट के 18% के आदेश के बावजूद किसानों को लेट पेमेंट पर ब्याज नहीं दिया गया। बोले- किसानों को लाभ से वंचित किया गयाउन्होंने कहा कि किसानों को कई लाभ लेने से रोका जा रहा है। अभी तक गन्ना केंद्र से मिलो तक गन्ना ले जाने का खर्चा किसान से लिया जाता है। नई व्यवस्था में इसे खत्म किया जा सकता था लेकिन इसे भी जगह नहीं दी गई। इसी के चलते किसान संगठनों को यह संदेह है कि यह जो आर्डर प्रस्तावित है, यह किसानों पर बिजली गिरने का संकेत है। स्पष्ट है कि यह आदेश मिल मालिकों और पूंजीपतियों को लाभ देने की नीयत से तैयार हो रहा है। मिलों द्वारा किया गया किसानों का शोषणयोगेंद्र यादव ने कहा कि भारत के किसानों पर किस तरह का अन्याय होता है, अगर इसे समझना है तो इसके लिए गाना भुगतान बड़ा उदाहरण है। बकाया है और ब्याज जो उस पर मिलना चाहिए, वह नहीं मिलता है। और यह स्थिति केवल उत्तर प्रदेश की नहीं बल्कि पूरे देश की है। सरकारी कर्मचारियों, बड़े-बड़े ठेकेदारों का बकाया नहीं रोका जाता, बस किसानों का भुगतान समय पर नहीं किया जाता। किसान संगठनों के प्रतिनिधियों ने रखे विचारइससे पूर्व संगोष्ठी में विभिन्न किसान संगठनों से पहुंचे प्रतिनिधियों ने इस प्रस्तावित ऑर्डर को लेकर अपने विचार व्यक्त किए। पुष्पेंद्र कुमार ने कहा कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश का किसान पहले ही लागत और खाद बीज की मार झेल रहा है। नए नियम से गाने की खेती घाटे का सौदा साबित होगी। मनीष भारती ने कहा कि शोध और डाटा के आधार पर यह साबित किया जा सकता है कि यह आदेश केवल पूंजीपतियों की बैलेंस शीट सुधारने के लिए लाया जा रहा है। इनके द्वारा भी दी गई प्रतिक्रिया- वरिष्ठ किसान नेता प्रीतम सिंह ने कहा कि इस आदेश में विवाद निपटारे की जो व्यवस्था दी गई है वह पूरी तरह से नौकरशाही के नियंत्रण में है, जिससे किसान अदालतों और दफ्तरों के चक्कर काटेंगे। - सीसीएसयू के अर्थशास्त्र विभाग के प्रोफेसर तेवर सिंह बोले- गन्ना किसानों की खुशहाली के बिना ग्रामीण अर्थव्यवस्था का विकास असंभव है। यह आदेश ग्रामीण अर्थव्यवस्था की रीड तोड़ने का काम करेगा। - तराई किसान संगठन के तेजेंद्र सिंह विर्क ने मांग उठाई की सरकार इस मसौदे पर फिर से विचार करें और किसान संगठनों के साथ बैठकर उनकी आपत्तियों का निराकरण कराये।
बाड़मेर में कल 6 घंटे बिजली कटौती:132KV सावा जीएसएस पर होगा मेंटेनेंस, कई इलाके रहेंगे प्रभावित
बाड़मेर में डिस्कॉम द्वारा रख-रखाव कार्य के चलते शनिवार को 6 घंटे बिजली कटौती की जाएगी। जिले के 132 केवी जीएसएस सावा पर निर्धारित मेंटेनेंस कार्य के कारण सुबह से दोपहर तक कई इलाकों की बिजली सप्लाई बंद रहेगी। इस दौरान 33 केवी एलवी साइड की बस खींचने के साथ बिसारनिया फीडर के पुराने उपकरण हटाने का काम किया जाएगा। सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा शटडाउन डिस्कॉम के सहायक अभियंता धारासिंह ने बताया - शनिवार सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक 132 केवी सावा जीएसएस पर 33 केवी मेन बेस का कार्य किया जाएगा। इस दौरान 22 केवी एलवी साइड की नई लाइनें भी खींची जाएंगी। साथ ही 33 केवी बिसारनिया फीडर से जुड़े पुराने बेस और उपकरणों को हटाने का कार्य किया जाएगा। चौहटन, धनाऊ समेत कई इलाकों में रहेगी बिजली गुल मेंटेनेंस कार्य के चलते 132 केवी सावा जीएसएस से निकलने वाली सभी 33 केवी लाइनों की सप्लाई बंद रखी जाएगी। इसके कारण चौहटन, धनाऊ, सेड़वा, साता, बीएफएल, एसकेबी, श्रीरामवाला और बिसारनिया क्षेत्र सहित इनसे जुड़े सभी इलाकों में बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।
पटना में नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने पीसी की। इस दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी पर निशाना साधते हुए कहा, वे भाजपा के सिलेक्टेड मुख्यमंत्री हैं। कैबिनेट गठन में 3 पूर्व मुख्यमंत्रियों के बेटे शामिल किए गए हैं। तेजस्वी ने ऑन कैमरा दावा किया कि आने वाले समय में दोनों उपमुख्यमंत्रियों के बच्चों को भी राजनीति में देखा जाएगा। बिहार में सत्ता अब पूरी तरह परिवारवाद के सहारे चल रही है। कहा- मंत्रिमंडल में मुसलमानों को जगह नहीं दी आगे कहा, क्षेत्रीय और सामाजिक प्रतिनिधित्व के सवाल पर भी तेजस्वी ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि एक-एक प्रखंड से दो-दो मंत्री बनाए गए हैं जबकि कई जातियों और वर्गों को प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। उन्होंने सवाल उठाया कि मंत्रिमंडल में मुसलमानों को पर्याप्त जगह क्यों नहीं दी गई। तेजस्वी ने कहा कि जब लालू यादव की सरकार थी तब 7-8 मुस्लिम मंत्री हुआ करते थे, लेकिन आज उनकी संख्या काफी कम है। महिलाओं का 33 प्रतिशत भी प्रतिनिधित्व नहीं महिलाओं के प्रतिनिधित्व पर भी उन्होंने सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार महिलाओं की बात करती है, लेकिन मंत्रिमंडल में 50 प्रतिशत तो दूर, 33 प्रतिशत का आधा भी प्रतिनिधित्व नहीं दिया गया। सरकार की कार्यशैली पर हमला बोलते हुए तेजस्वी ने कहा कि बिहार का खजाना खाली है, राज्य सबसे गरीब है और बेरोजगारी सबसे ज्यादा है। उन्होंने कहा कि बिहार पढ़ाई और दवाई के मामले में फिसड्डी बना हुआ है, मजदूर और किसान दोनों तबाह हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार सिर्फ इस बात में लगी है कि कौन मंत्री बनेगा और कौन उपमुख्यमंत्री। उन्होंने कहा कि जब 2015 में सरकार बनी थी तब “7 निश्चय” की बात हुई थी, लेकिन अब “7 निश्चय-2” का कोई जिक्र तक नहीं हो रहा। मंत्रिमंडल विस्तार पर सरकार को घेरा मंत्रिमंडल विस्तार के बाद नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव ने हमला बोला। उन्होंने कहा, सरकार बनने के 6 महीने बाद जाकर मंत्रिमंडल का गठन हुआ। आधा समय सिर्फ सरकार बनाने और कुर्सी बचाने में निकल गया। तेजस्वी ने तंज कसते हुए कहा कि छह महीने में बिहार ने 2 मुख्यमंत्री देख लिए, शायद ही किसी राज्य में ऐसा हुआ होगा। उन्होंने आरोप लगाया कि किसी मंत्री को एक विभाग में 5 महीने तक भी नहीं रखा जाता, जिससे सरकार का कोई विजन नजर नहीं आता और विकास संभव नहीं हो पाता। परिवारवाद के मुद्दे पर भी तेजस्वी यादव ने भाजपा और एनडीए सरकार को घेरा। बिना चुनाव लड़े दो नेताओं के बेटे मंत्री बन गए उन्होंने आगे कहा कि अब भाजपा को परिवारवाद पर बोलने का कोई हक नहीं रह गया है। बिना चुनाव लड़े दो नेताओं के बेटे मंत्री बन गए हैं। उन्होंने कहा कि हम लोग चुनाव लड़कर आते हैं, जनता का जनादेश मिलता है तब कुछ बनते हैं। तेजस्वी ने याद दिलाया कि पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने कभी परिवारवाद के मुद्दे पर गठबंधन तोड़ा था, लेकिन आज उसी सरकार में परिवारवाद हावी है। उन्होंने दावा किया कि पूरे कैबिनेट में 17 ऐसे मंत्री हैं जिनका राजनीतिक बैकग्राउंड पारिवारिक है। सरकार के किए गए वादों पर बोला हमला शपथ ग्रहण समारोह और सरकार के वादों पर भी तेजस्वी ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि महिलाओं को 1.90 लाख रुपये देने का वादा किया गया था, उसका क्या हुआ। फ्री बिजली देने की बात कही गई थी लेकिन बिजली महंगी कर दी गई। उन्होंने आरोप लगाया कि महिलाओं को कार्यक्रम में जबरन लाया गया। तेजस्वी ने पूछा कि छह महीने में सरकार ने ऐसा कौन सा काम किया है जिसे उपलब्धि कहा जा सके। कानून व्यवस्था और अपराध के मुद्दे पर भी नेता प्रतिपक्ष ने सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि मंत्रिमंडल में कई ऐसे लोग हैं जिन पर आपराधिक मामले हैं। NEET छात्रा कांड मामले का किया जिक्र तेजस्वी ने NEET छात्रा कांड मामले का जिक्र करते हुए कहा कि अगर उनकी सरकार होती और ऐसी घटना हुई होती तो विपक्ष क्या करता। उन्होंने आरोप लगाया कि इस सरकार में न इच्छाशक्ति है और न ही सच सुनने की क्षमता। इंडिया गठबंधन को मजबूत करने के सवाल पर तेजस्वी यादव ने कहा कि सबसे पहले क्षेत्रीय दलों को साथ बैठना होगा। उन्होंने कहा कि भाजपा को अगर कोई रोक सकता है तो क्षेत्रीय दल ही रोक सकते हैं और सभी की राय लेकर आगे बढ़ना होगा। TRE-4 अभ्यर्थियों पर हुए लाठीचार्ज को लेकर भी तेजस्वी यादव ने सरकार पर हमला बोला। उन्होंने कहा कि छात्रों की आवाज दबाई जा रही है। उन्होंने दावा किया कि विपक्षी नेताओं और राजद कार्यकर्ताओं को निशाना बनाया जा रहा है। तेजस्वी ने आरोप लगाया कि बुलडोजर चलवाया जा रहा है, उनका सरकारी आवास खाली करवाया जा रहा है, राजद कार्यकर्ताओं पर केस किए जा रहे हैं और एनकाउंटर की राजनीति की जा रही है ताकि सरकार सुर्खियों में बनी रहे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के “शहजादा” वाले बयान पर पलटवार करते हुए तेजस्वी यादव ने कहा कि कुछ दिन पहले तक प्रधानमंत्री परिवारवाद पर हमला बोलते थे, लेकिन अब बिना चुनाव लड़े मंत्री बनने वाले “शहजादे” एनडीए में ही दिखाई दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा के लोग अब बताएं कि परिवारवाद आखिर किसे कहते हैं।
हनुमानगढ़ में अटल भूजल योजना के तहत अनुदान राशि के भुगतान में हो रही देरी को लेकर किसानों में नाराजगी बढ़ रही है। भारतीय किसान यूनियन (भाकियू) के बैनर तले किसानों ने शुक्रवार को अतिरिक्त जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समस्या का समाधान नहीं हुआ तो 19 मई को जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया जाएगा। भाकियू जिलाध्यक्ष रेशम सिंह माणुका ने बताया कि वर्ष 2024-25 में किसानों ने अटल भूजल योजना के तहत सिंचाई डिग्गियों का निर्माण कराया और कृषि यंत्र खरीदे थे। इस योजना के तहत प्रत्येक पात्र किसान को 3-3 लाख रुपए का अनुदान मिलना था। किसानों का आरोप है कि कार्य पूरे होने के 18 महीने बाद भी अनुदान राशि उनके खातों में नहीं पहुंची है। किसानों ने बताया कि डिग्गी निर्माण और अन्य कार्यों के लिए उन्होंने ब्याज पर पैसे लिए थे। उन्हें उम्मीद थी कि अनुदान राशि जल्द मिल जाएगी, जिससे वे कर्ज चुका सकेंगे। हालांकि, भुगतान में लगातार देरी के कारण उन पर ब्याज का बोझ बढ़ता जा रहा है। रायसाहब मल्लड़खेड़ा ने जानकारी दी कि कुछ किसानों को अब तक लगभग 2-2 लाख रुपए का अतिरिक्त आर्थिक नुकसान हो चुका है। उनका कहना है कि खेती पहले से ही घाटे का सौदा है, और ऐसे में अनुदान न मिलने से किसानों की आर्थिक स्थिति और बिगड़ रही है। किसानों ने प्रशासन से मांग की है कि सभी पात्र किसानों के खातों में तुरंत अनुदान राशि डाली जाए। उन्होंने यह भी कहा कि भुगतान में हुई देरी से किसानों को हुए आर्थिक नुकसान की भरपाई भी सरकार को करनी चाहिए। किसानों ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने के दौरान रविंद्र सिंह, काका सिंह, लखवीर सिंह, सुखदीप सिंह, जाकिर हुसैन, रणजीत सिंह, पतराम, प्रेम, भीम सिंह, गुरप्यार सिंह, कुलदीप सिंह, गुरप्रीत सिंह, संदीप सिंह, कुलविंद्र सिंह, विकास नैण, दर्शन सिंह और अमीन खान सहित कई किसान मौजूद थे।
करनाल में दो ग्राम पंचायतों में बड़ा घोटाला सामने आया है, जहां सरकारी व गैर काश्त योग्य जमीन पर कागजों में फसल उगाकर उसे पोर्टल पर दर्ज कर दिया गया। जांच में खुलासा हुआ कि श्मशान घाट, स्कूल व गौचरान जैसी जमीन तक को खेती योग्य दिखाया गया और फर्जी तरीके से पंजीकरण कर आर्थिक लाभ लिया गया। मामले की जांच के बाद जिला उपायुक्त ने सख्त कार्रवाई करते हुए दोनों पंचायतों के सरपंचों को निलंबित कर दिया। जिला उपायुक्त ने ग्राम पंचायत अमुपुर व ग्राम पंचायत सांभली के सरपंचों को सस्पेंड कर दिया है। आदेश में कहा गया है कि पंचायत की चल-अचल संपत्ति बहुमत प्राप्त पंच को सौंपी जाए। इसके साथ ही उपमंडल अधिकारी (ना०) नीलोखेड़ी को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है, जिन्हें 30 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। सिलसिलेवार ढंग से जानिए पूरा मामला… शिकायत से शुरू हुआ पूरा मामला गांव सांभली निवासी पंच बलराज शर्मा ने 9 जुलाई, 2025 को जिला उपायुक्त को शिकायत दी थी। शिकायत में आरोप लगाया गया कि ग्राम पंचायत सांभली और ग्राम पंचायत अमुपुर के सरपंचों ने गैर काश्त, गैर मुमकिन और बंजर जमीन को भी “मेरी फसल मेरा ब्यौरा” पोर्टल पर गेहूं व धान सीजन 2023-24 और 2024-25 में निजी व्यक्तियों के नाम दर्ज करवा दिया। सरकारी जमीन पर कागजों में उगाई फसल शिकायत में यह भी कहा गया कि पंचायतों ने सरकारी जमीन पर कागजों में फसल उगाकर उसे मंडी तक पहुंचाया और बेच भी दिया। इस पूरे खेल में एक आढ़ती और उसके परिवार को किसान दिखाकर पोर्टल कराया गया, जबकि असल में जमीन पर पट्टेदार कोई अन्य व्यक्ति था। जांच के बाद नोटिस और सुनवाई शिकायत मिलने के बाद मामले की जांच करवाई गई। संयुक्त जांच रिपोर्ट के आधार पर 1 दिसंबर 2025 को दोनों सरपंचों को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया। इसके बाद 11 मार्च को सुबह 10 बजे निजी सुनवाई के लिए बुलाया गया और 27 मार्च को दोनों सरपंचों की सुनवाई पूरी की गई। रिपोर्ट में सामने आई जमीन की हकीकत बलराज शर्मा ने बताया कि जांच रिपोर्ट के अनुसार गांव अमुपुर में कुल लगभग 94 एकड़ जमीन थी। इसमें से 6 एकड़ 5 कनाल 18 मरले जमीन गैर काश्त या गैर मुमकिन थी, जिस पर खेती संभव नहीं थी। जबकि 87 एकड़ 5 कनाल 42 मरले जमीन काश्त योग्य थी, लेकिन इस पूरी जमीन को ईश्वर चंद के नाम पोर्टल कर दिया गया, जबकि असल पट्टेदार कोई और था।इसी प्रकार गांव सांभली में कुल 48 एकड़ 7 कनाल 19 मरले जमीन थी। इसमें से 30 एकड़ 3 कनाल 1 मरला जमीन गैर काश्त या गैर मुमकिन थी और 18 एकड़ 4 कनाल 18 मरले जमीन काश्त योग्य थी। जांच में पाया गया कि इस पूरी जमीन को ईश्वर, उसके पुत्र नवीस कुमार और पुत्रवधु पूनम के नाम पोर्टल कर दिया गया था, जबकि जमीन पर खेती करने वाले अन्य लोग थे। आढ़ती परिवार को किसान दिखाकर किया फर्जीवाड़ा जांच में साफ हुआ कि आढ़ती ईश्वर चंद और उसके परिवार को किसान दिखाकर पोर्टल किया गया। गैर काश्त योग्य जमीन को भी कागजों में खेती योग्य दिखाया गया और फसल उगने का रिकॉर्ड तैयार किया गया। इस फर्जीवाड़े के जरिए मंडी में फसल बेची गई और आर्थिक लाभ उठाया गया। अधिकारियों को भेजी गई थी जांच रिपोर्ट मामले की जांच के लिए आवेदन को खंड विकास एवं पंचायत अधिकारी, निसिंग और उप-निदेशक कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, करनाल को भेजा गया था। 29 जून 2025 और 29 अगस्त 2025 को पत्र भेजकर जांच रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद 8 दिसंबर 2025 और 10 दिसंबर 2025 को कृषि विभाग की रिपोर्ट और 11 दिसंबर 2025 को बीडीपीओ निसिंग की रिपोर्ट प्राप्त हुई, जिनमें गड़बड़ी की पुष्टि हुई। सरकार को लगाया आर्थिक नुकसान शिकायतकर्ता बलराज शर्मा ने आरोप लगाया था कि इस फर्जीवाड़े से सरकार को आर्थिक नुकसान पहुंचाया गया और नियमों की अनदेखी कर पद का दुरुपयोग किया गया। जांच में ये आरोप सही पाए गए, जिसके बाद जिला उपायुक्त ने कार्रवाई की। डीसी का सख्त संदेश, 30 दिन में पूरी होगी जांच जिला उपायुक्त ने साफ कहा है कि मामले में पूरी पारदर्शिता से जांच की जाएगी और दोषियों पर आगे भी कार्रवाई की जाएगी। उपमंडल अधिकारी को 30 दिन के भीतर जांच पूरी कर रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। इस कार्रवाई के बाद जिले में हड़कंप मच गया है और अन्य पंचायतों में भी ऐसे मामलों की जांच की संभावना बढ़ गई है।
गर्मी की छुट्टियों में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने जोधपुर-गोरखपुर-जोधपुर स्पेशल ट्रेन संख्या 04829/04830 के संचालन समय में आंशिक बदलाव किया है। रेलवे प्रशासन ने महेंद्रगढ़ स्टेशन पर ट्रेन के आगमन और प्रस्थान समय में संशोधन किया है। यह स्पेशल ट्रेन सेवा जुलाई तक संचालित रहेगी। जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि बदलाव विशेष रूप से महेंद्रगढ़ स्टेशन पर किया गया है। ट्रेन संख्या 04829 जोधपुर-गोरखपुर स्पेशल अब महेंद्रगढ़ स्टेशन पर रात 1.05 बजे पहुंचेगी और 1.07 बजे रवाना होगी। वहीं 04830 गोरखपुर-जोधपुर स्पेशल शाम 5.39 बजे पहुंचेगी और शाम 5.41 बजे प्रस्थान करेगी। दोनों ट्रेनों का ठहराव दो मिनट रहेगा। 21 मई से होगा संचालन इस विशेष ट्रेन का संचालन 21 मई से 9/10 जुलाई तक साप्ताहिक रूप से किया जाएगा। ट्रेन जोधपुर से प्रत्येक गुरुवार शाम 4.15 बजे रवाना होकर अगले दिन रात 8.50 बजे गोरखपुर पहुंचेगी। इन स्टेशनों पर होगा ठहराव यह ट्रेन मेड़ता रोड,डेगाना,चूरू,सादुलपुर, लोहारू,रेवाड़ी,दिल्लीकैंट,गाजियाबाद,मुरादाबाद,बरेली,लखनऊ चारबाग और अयोध्या सहित कई प्रमुख स्टेशनों पर ठहरेगी।
धार जिले की दसई पुलिस चौकी ने ट्रांसफार्मर से तेल और बिजली के तार चोरी करने वाले एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से 5 लाख 32 हजार रुपए का चोरी का सामान जब्त किया गया है, जिसमें 70 किलो एल्युमिनियम तार, 50 लीटर ट्रांसफार्मर तेल और वारदात में इस्तेमाल किया गया टवेरा वाहन शामिल है। इस गिरोह के तीन अन्य सदस्य अभी भी फरार हैं। पिछले कई महीनों से दसई और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों से तेल और बिजली के तार चोरी होने की लगातार वारदातें हो रही थीं। इन चोरियों से क्षेत्र की बिजली आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हो रही थी। इन घटनाओं को गंभीरता से लेते हुए, पुलिस अधीक्षक सचिन शर्मा के निर्देश पर एक विशेष टीम का गठन किया गया था। गुरुवार को पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली कि लौहारी रोड पर तीन संदिग्ध युवक मौजूद हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस को देखकर आरोपी भागने लगे, लेकिन घेराबंदी कर उन्हें पकड़ लिया गया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम कृष्णा मुनिया (निवासी लौहारी), सुनील डामर (निवासी जौलाना) और गोलू मचार (निवासी जौलाना) बताए। आरोपियों ने पूछताछ में स्वीकार किया कि उन्होंने अपने अन्य साथियों के साथ मिलकर दसई-लौहारी रोड, दंतोली और पाना काकड़ जैसे क्षेत्रों में ट्रांसफार्मरों से तेल और बिजली के तार चोरी की कई वारदातों को अंजाम दिया था। उन्होंने यह भी बताया कि चोरी किया गया तेल देपालपुर निवासी लखन केवट को बेचा जाता था। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर टवेरा वाहन (क्रमांक MP28BD0855), 70 किलो विद्युत तार और 50 लीटर ट्रांसफार्मर तेल जब्त किया। गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया है। वहीं, इस मामले में फरार चल रहे अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।
पूर्णिया में थैलेसीमिया रक्तदान शिविर आयोजित:युवा, महिलाओं और बुजुर्गों ने बढ़-चढ़कर ब्लड डोनेट किया
पूर्णिया शहर में 8 मई को थैलेसीमिया जागरूकता अभियान के तहत एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। थैलेसीमिया संघ परिवार और श्री राम सेवा संघ ने संयुक्त रूप से इस शिविर का आयोजन किया। इसे पूर्णिया रेड क्रॉस, पूर्णिया मारवाड़ी महिला समिति सहित कई सामाजिक और धार्मिक संगठनों का सहयोग मिला। इस रक्तदान शिविर में युवा, महिलाएं और बुजुर्गों सहित सभी वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। महिलाओं की भागीदारी विशेष रूप से उल्लेखनीय रही। पूर्णिया मारवाड़ी महिला समिति की इंदु अग्रवाल ने रक्तदान करते हुए कहा कि महिलाओं को भी आगे आकर रक्तदान करना चाहिए, ताकि थैलेसीमिया पीड़ित मरीजों को समय पर रक्त मिल सके। थैलेसीमिया पीड़ितों के लिए बताया जीवनरक्षक पहल शिविर में विभिन्न धार्मिक संगठनों के सदस्यों और ब्लड बैंक कर्मियों ने भी बड़ी संख्या में रक्तदान किया। उन्होंने मानवता, सेवा और जागरूकता का संदेश दिया। थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों के अभिभावक निरंजन कुमार और कृष्ण कुमार पांडे ने भी रक्तदान कर शिविर को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आम नागरिकों ने भी इस नेक कार्य में सहयोग किया। आयोजक थैलेसीमिया संघ परिवार के अध्यक्ष ब्रजेश कुमार और श्री राम सेवा संघ के राणा जी ने बताया कि थैलेसीमिया एक गंभीर बीमारी है। इससे पीड़ित मरीजों को नियमित रूप से रक्त की आवश्यकता होती है। ऐसे रक्तदान शिविर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनरक्षक साबित होते हैं। कार्यक्रम के समापन पर सभी रक्तदाताओं, सहयोगकर्ताओं और सामाजिक संगठनों के प्रति आभार व्यक्त किया गया। लोगों से नियमित रक्तदान कर मानव सेवा में भागीदार बनने की अपील भी की गई।
ग्वालियर में PACL कंपनी एजेंट पर FIR:पैसा दोगुना करने का लालच देकर महिला से 2 लाख की ठगी
ग्वालियर में चिटफंड कंपनी PACL से जुड़े ठगी के मामले में कंपनी के एजेंट और डायरेक्टर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की गई है। अदालत के निर्देश पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज किया है। आरोप है कि एजेंट ने एक दंपती को बैंक FD की तुलना में दोगुना मुनाफा मिलने का लालच देकर कंपनी में निवेश कराया, लेकिन मैच्योरिटी पूरी होने के बाद भी रकम वापस नहीं की गई। शहर के चिक संतर मुरार निवासी 56 वर्षीय रेखा शर्मा ने शिकायत में बताया कि वर्ष 2014 में उनकी मुलाकात मुकेश अग्रवाल से हुई थी। मुकेश ने खुद को PACL कंपनी का एजेंट बताते हुए कंपनी में निवेश करने पर बैंक FD से दोगुना फायदा होने का दावा किया। उसकी बातों में आकर रेखा शर्मा और उनके पति रामकिशन शर्मा ने 31 जनवरी 2014 को एक-एक लाख रुपए, कुल 2 लाख रुपए का निवेश किया। निवेश के बदले एजेंट ने उन्हें रसीद नंबर 5467157 और 5467158 दी थीं। एजेंट ने भरोसा दिलाया था कि 31 जनवरी 2020 को मैच्योरिटी पूरी होने पर उन्हें कुल 4 लाख 5400 रुपए मिलेंगे। रकम मांगी तो टालमटोल किया रेखा शर्मा के अनुसार, तय अवधि पूरी होने के बाद जब उन्होंने रकम मांगी तो एजेंट मुकेश अग्रवाल टालमटोल करने लगा। कई बार संपर्क करने के बावजूद पैसा वापस नहीं मिला। एजेंट कभी कंपनी बंद होने तो कभी ऊपर से पैसा न आने का बहाना बनाता रहा। पीड़ित दंपती ने पहले मुरार थाने में शिकायत की, लेकिन कार्रवाई न होने पर उन्होंने अदालत का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट के आदेश के बाद पुलिस ने PACL कंपनी के एजेंट मुकेश अग्रवाल और कंपनी डायरेक्टर के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर लिया है। गौरतलब है कि PACL कंपनी पर पहले से ही देशभर में हजारों करोड़ की ठगी के आरोप हैं। सेबी ने 2014 में कंपनी पर निवेश लेने से रोक लगा दी थी, इसके बावजूद एजेंटों ने लोगों को गुमराह कर निवेश कराया। पुलिस अब FIR दर्ज होने के बाद मामले की जांच में जुट गई है।
झज्जर में शुक्रवार को NH-352D पर एक चलती कार में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते आग ने पूरी कार को अपनी चपेट में ले लिया और कुछ ही मिनटों में कार जलकर राख हो गई। गनीमत रही कि कार में सवार दोनों युवक समय रहते बाहर निकल आए, जिससे बड़ा हादसा टल गया। हादसा झज्जर-सांपला रोड पर गांव रामपुरा के पास हुआ। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार कार से पहले धुआं निकलना शुरू हुआ और फिर अचानक आग की लपटें उठने लगीं। आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत डायल-112 के जरिए फायर ब्रिगेड को सूचना दी। मौके पर पहुंची दमकल टीम ने काफी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। दोस्त के साथ मार्बल पत्थर खरीदने आ रहे थे जानकारी के अनुसार, पानीपत जिले के शाहपुर निवासी संदीप अपने एक दोस्त के साथ झज्जर में मार्बल पत्थर खरीदने आ रहे थे। जैसे ही उनकी कार रामपुरा गांव के पास पहुंची तो गाड़ी से धुआं निकलने लगा। दोनों युवकों ने तुरंत कार रोकी और नीचे उतरकर कारण जानने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग ने विकराल रूप ले लिया। तेज हवा के चलते आग तेजी से फैल गई और कुछ ही मिनटों में पूरी कार जलकर राख हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने शॉर्ट सर्किट को आग लगने की संभावित वजह बताया है। सूचना मिलने के बाद दुजाना थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी जुटाते हुए आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी।
उमरिया कलेक्टर राखी सहाय ने शुक्रवार को मानपुर विकासखंड में विभिन्न विकास कार्यों का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और समय सीमा की समीक्षा करते हुए अधिकारियों को जून माह तक अधूरे प्रोजेक्ट्स पूरे करने के सख्त निर्देश दिए। सामुदायिक भवन का काम जून तक पूरा करने के निर्देश कलेक्टर ने बरबसपुर में निर्माणाधीन सामुदायिक भवन का निरीक्षण किया। कार्य की धीमी गति पर असंतोष व्यक्त करते हुए उन्होंने अधिकारियों को सख्त हिदायत दी कि इसे जून तक हर हाल में पूरा किया जाए और निर्माण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाए। बारिश से पहले गौशाला निर्माण के आदेश ग्राम पंचायत ताला में निर्माणाधीन गौशाला का निरीक्षण करते हुए कलेक्टर ने संबंधित विभाग को निर्देशित किया कि बारिश का मौसम शुरू होने से पहले काम खत्म कर लिया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्य में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कन्या शिक्षा परिसर की मेस व्यवस्था परखी मानपुर कन्या शिक्षा परिसर और सांदीपनि विद्यालय के दौरे पर कलेक्टर ने छात्रावास और मेस का जायजा लिया। उन्होंने छात्राओं से चर्चा कर भोजन की गुणवत्ता, रहने की सुविधा और परिसर की साफ-सफाई की जानकारी ली और आवश्यक सुधार के निर्देश दिए। जनगणना कार्य की प्रगति देखी ग्राम सेहरा के दौरे के दौरान कलेक्टर ने जनगणना कार्य में लगे प्रगणकों से मुलाकात की। उन्होंने प्रगणकों को जनगणना की जानकारी दर्ज करने में गंभीरता बरतने और जिम्मेदारी के साथ डेटा एकत्र करने के निर्देश दिए ताकि कार्य समय पर पूरा हो सके।
पंजाब सरकार ने पायल विधानसभा क्षेत्र की मलौद सब-तहसील में रजिस्ट्रियों से जुड़े विवाद में बड़ी कार्रवाई की है। नायब तहसीलदार रघबीर सिंह को निलंबित कर दिया है। इस संबंध में पंजाब के अतिरिक्त मुख्य सचिव अनुराग वर्मा ने आदेश जारी किए हैं। निलंबन अवधि के दौरान रघबीर सिंह का मुख्यालय डीसी कार्यालय फाजिल्का निर्धारित किया गया है। यह मामला पहली बार 16 जनवरी को सामने आया था। आम आदमी पार्टी के विधायक मनविंदर सिंह ग्यासपुरा ने सार्वजनिक तौर पर मलौद सब-तहसील में हो रही रजिस्ट्रियों पर सवाल उठाए थे। AAP विधायक ने उठाए थे सवाल विधायक मनविंदर सिंह ने आरोप लगाया था कि स्थानीय लोगों की रजिस्ट्रियों को नजरअंदाज कर बाहरी इलाकों की रजिस्ट्रियों को प्राथमिकता दी जा रही थी, जिससे लोगों में भारी नाराजगी थी। विधायक ग्यासपुरा ने बताया कि उन्हें गुजरात दौरे के दौरान लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि नायब तहसीलदार स्थानीय लोगों के काम छोड़कर बाहरी क्षेत्रों की रजिस्ट्रियां कर रहे हैं। उन्होंने इस पूरे मामले में गंभीर गड़बड़ी और भ्रष्टाचार की आशंका जताई थी। जानकारी मिलते ही विधायक ने पंजाब सरकार के उच्च अधिकारियों से संपर्क किया। इसके बाद प्रशासन हरकत में आया और संबंधित नायब तहसीलदार को तत्काल प्रभाव से रजिस्ट्रियां करने से रोक दिया गया। साथ ही पूरे मामले की जांच के आदेश जारी किए गए। डीसी ने कराई मामले की जांच डीसी द्वारा मामले की जांच कराई गई और एसडीएम पायल की टीम ने मौके पर पहुंचकर रिकॉर्ड अपने कब्जे में लिया और दस्तावेजों की जांच शुरू की। विधायक ग्यासपुरा ने उस समय स्पष्ट कहा था कि यदि जांच में जरा भी गड़बड़ी सामने आती है, तो संबंधित अधिकारी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सरकार द्वारा नायब तहसीलदार रघबीर सिंह को निलंबित किया जाना उसी कार्रवाई का हिस्सा माना जा रहा है।
मंदसौर शहर की जीवनदायिनी शिवना नदी को स्वच्छ और निर्मल बनाने के उद्देश्य से चलाया जा रहा शिवना शुद्धिकरण अभियान लगातार जनआंदोलन का रूप लेता जा रहा है। विधायक विपिन जैन के नेतृत्व में संचालित इस अभियान में अब प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रमदानी शामिल होकर नदी की सफाई में योगदान दे रहे हैं। एक मई को अभियान का एक वर्ष पूर्ण होने के बाद इसे पुनः नियमित रूप से प्रतिदिन संचालित किया जा रहा है। शुक्रवार को अभियान के 109वें दिन श्रमदानियों का उत्साह देखते ही बना। सभी ने पूरे जोश और समर्पण के साथ शिवना नदी में जमा गाद, प्लास्टिक कचरा और अन्य गंदगी को बाहर निकालने का कार्य किया। अभियान के दौरान नदी से एक ट्रॉली गाद, गंदगी और गाजर घास बाहर निकाली गई। नदी किनारों से हटाई गई झाड़ियां और कंटीली घासश्रमदानियों ने नदी के आसपास फैली गाजर घास, कंटीली झाड़ियां और अन्य अवांछित वनस्पतियों को भी हटाया, जिससे नदी क्षेत्र की स्वच्छता और प्राकृतिक सुंदरता में सुधार देखने को मिला। अभियान में शामिल लोगों ने इसे केवल सफाई अभियान नहीं बल्कि सामाजिक जागरूकता का संदेश बताया। विधायक विपिन जैन ने किया शहरवासियों से आह्वानइस अवसर पर विधायक विपिन जैन ने शहरवासियों से अपील करते हुए कहा कि शिवना शुद्धिकरण अभियान जनभागीदारी से ही सफल होगा। उन्होंने अधिक से अधिक लोगों से प्रतिदिन श्रमदान में शामिल होकर शिवना नदी को स्वच्छ बनाने में सहयोग करने का आग्रह किया। अभियान में समाजसेवी, जनप्रतिनिधि, कांग्रेसजन, महिलाएं और शहर के विभिन्न वर्गों के नागरिक शामिल हुए। प्रमुख रूप से हेमराज खाबिया, रमेश सोनी, मनीष भावसार, नटवर पारीक, प्रमिल पंवार, तरुण खिंची, अजय दुबे, दिलीप देवड़ा, विकास दशोरा, मनोहर नाहटा, संजय सोनी, कमलेश सोनी, विश्वास दुबे, रईस खान पटवारी, सादिक गोरी, अकरम खान, साबिर इलेक्ट्रिशियन, जीतू गुगर, दुर्गेश चंदेल, गोपाल बंजारा, कनिष्क सोनी, मांगीलाल चौहान एवं राघवेंद्र गुगर सहित अनेक श्रमदानी उपस्थित रहे।
भागलपुर और कटिहार को जोड़ने वाले विक्रमशिला सेतु का एक हिस्सा गंगा में टूटकर गिर गया है। इससे कोसी-सीमांचल क्षेत्र का सड़क संपर्क बाधित हो गया है। इस घटना से हजारों लोगों का आना-जाना प्रभावित हुआ है। इसी बीच, झारखंड के साहिबगंज से कटिहार एक बारात आई। दूल्हा राजकुमार (33) अपनी बारात के साथ नाव से गंगा नदी पार कर कटिहार जिले के हसनगंज पहुंचा। उसने तय समय पर शादी की रस्में पूरी की, शादी की रस्में पूरी होने के बाद शुक्रवार सुबह दुल्हन संगीता (30) की विदाई नाव पर हुई। शादी की चर्चा अब पूरे इलाके में हो रही है। शादी से जुड़ी तस्वीरें देखिए…. अब जानें पूरी घटना… राजकुमार की शादी हसनगंज निवासी रीमा कुमारी से कई महीने पहले तय हुई थी। शादी के कार्ड बंट चुके थे और हलवाई, बैंड-बाजा तथा गाड़ियों की एडवांस बुकिंग भी हो चुकी थी। बारात 7 मई की शाम को निकलने वाली थी। हालांकि, 3 मई की रात विक्रमशिला सेतु का 34 मीटर लंबा स्लैब टूट गया। इस घटना के बाद भागलपुर-नवगछिया मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे बारात के पहुंचने का रास्ता ब्लॉक हो गया था। दुल्हे के परिवार ने नाव से जाने का फैसला किया इन अचानक बदले हालात में दोनों परिवारों के सामने शादी की तारीख आगे बढ़ाने या किसी भी तरह हसनगंज पहुंचने का विकल्प था। दूल्हे राजकुमार ने बताया कि मुहूर्त निकल जाने पर महीनों इंतजार करना पड़ता और दोनों परिवारों की प्रतिष्ठा का भी सवाल था। इसलिए उन्होंने नाव से जाने का फैसला किया। गुरुवार सुबह राजकुमार 25 बारातियों के साथ सेहरा बांधकर साहिबगंज घाट पहुंचा। उसे वहां से कटिहार के मनिहारी तक का सफर नाव से तय करना था। गंगा में पानी का बहाव तेज था और प्रशासन ने छोटी नावों से आवाजाही पर सतर्कता बरतने को कहा था। इसके बावजूद, 2 बड़ी नावें बुक कर बाराती ढोल-नगाड़ों के साथ रवाना हुए। यह शादी जिंदगी भर याद रहेगी - दुल्हन के पिता लगभग 45 मिनट बाद सभी बाराती सुरक्षित नाव से मनिहारी घाट पहुंचे। मनिहारी में पहले से चार पिकअप वैन तैयार थीं, जिनसे 25 किलोमीटर का सफर तय कर बारात दोपहर 3 बजे हसनगंज पहुंची। दुल्हन के पिता श्याम सुंदर मंडल ने इस शादी के सफलतापूर्वक संपन्न होने पर खुशी व्यक्त की। श्याम सुंदर मंडल ने कहा, ''हमने सोच लिया था कि बारात नहीं आएगी। मगर जब ढोल की आवाज सुनी तो आंखें भर आईं। यह शादी जिंदगी भर याद रहेगी।'' स्थानीय लोगों ने किया स्वागत हसनगंज में बारात पहुंचते ही मोहल्ले के लोगों ने फूल बरसाकर स्वागत किया। महिलाओं ने लोकगीत गाए। रात में पूरे रीति-रिवाज से विवाह संपन्न हुआ। दूल्हे के पिता विनोद महतो ने कहा, “पुल टूटने से लगा सब बर्बाद हो गया, लेकिन बेटे की जिद ने रिश्ता जोड़ दिया।” सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरें सेहरा बांधे दूल्हे राजकुमार की नाव पर बैठी तस्वीरें अब सोशल मीडिया पर वायरल हैं। लोग लिख रहे हैं- ‘जब इरादे मजबूत हों तो नदियां भी रास्ता दे देती हैं।’ विक्रमशिला सेतु के कारण हजारों शादियां, परीक्षाएं और इलाज प्रभावित हुए हैं। मगर राजकुमार की बारात ने साबित कर दिया कि हालात चाहे जैसे हों, जज्बा हो तो मंजिल मिल ही जाती है।
भिवानी जिले के सिवानी मंडी में संयुक्त किसान मोर्चा ने बिजली विभाग के खिलाफ धरना दिया। यह प्रदर्शन गांव बड़वा की 100 से अधिक ढाणियों में पिछले छह दिनों से बिजली आपूर्ति बाधित होने के विरोध में किया गया। किसान सभा के प्रदेश सचिव दयानंद पूनिया ने बताया कि हाल ही में आए तूफान के कारण 30 से अधिक बिजली के खंभे टूट गए थे। इससे खेतों में रहने वाले किसान गंभीर रूप से प्रभावित हुए हैं, लेकिन विभाग ने अभी तक नए खंभे नहीं लगाए हैं। 35 नए खंभे सिवानी के लिए जारी वहीं किसानों ने जब बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग को लेकर धरना दिया, तो बिजली बोर्ड के अधिकारियों ने खंभों की अनुपलब्धता बताई। इसके बाद, दयानंद पूनिया ने बिजली बोर्ड के अधीक्षक अभियंता से फोन पर बात की, जिसके परिणामस्वरूप तुरंत 35 नए खंभे सिवानी के लिए जारी किए गए। किसान नेताओं ने दी चेतावनी जमुहरी किसान सभा के राज्य प्रधान आजाद मिराण ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि किसानों की एकजुटता के कारण यह जीत संभव हुई है। किसान नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही बिजली संबंधी समस्याओं का समाधान नहीं किया गया, तो अगले दिन बिजली बोर्ड का घेराव किया जाएगा। धरने में कुलदीप बड़वा और जंगबीर सहित कई अन्य किसान नेताओं ने भाग लिया।
इंदौर में प्रधानमंत्री आवास योजना (शहरी) के तहत बनाए गए लाइट हाउस प्रोजेक्ट की गुणवत्ता को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ष 2023 में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट के कई फ्लैट महज दो साल के भीतर ही रहने लायक नहीं बचे हैं। रहवासियों ने फ्लैटों में लीकेज, दीवारों में दरारें और करंट फैलने जैसी समस्याओं को लेकर हाई कोर्ट में जनहित याचिका दायर की है। रहवासियों का आरोप है कि लोहे के स्ट्रक्चर पर बने इन फ्लैटों में जंग लगने लगी है। लगातार पानी रिसने के कारण घरों और बाथरूम में करंट फैलने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जिससे लोगों की सुरक्षा खतरे में पड़ गई है। इस संबंध में रहवासी प्रधानमंत्री कार्यालय और नगर निगम से कई बार शिकायत कर चुके हैं, लेकिन अब तक स्थायी समाधान नहीं हुआ। लाइट हाउस प्रोजेक्ट के तहत बने 1024 फ्लैटों के रहवासियों की ओर से दायर जनहित याचिका पर शुक्रवार को मध्यप्रदेश हाई कोर्ट की डिवीजन बेंच में जस्टिस विजय कुमार शुक्ला और जस्टिस आलोक अवस्थी के समक्ष सुनवाई हुई। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए केंद्र सरकार और निर्माण कंपनी को नोटिस जारी किए हैं। करंट फैलने जैसी समस्याओं का उल्लेख इंदौर नगर निगम आयुक्त को निर्देश दिए गए हैं कि रहवासियों की शिकायतों के निराकरण के लिए आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। याचिका में फ्लैटों की दीवारों में दरार, कमरों और बाथरूम में पानी रिसाव तथा विद्युत करंट फैलने जैसी समस्याओं का उल्लेख किया गया है। रहवासियों का कहना है कि वे कई बार नगर निगम कार्यालयों के चक्कर लगा चुके हैं, लेकिन उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। उन्होंने मांग की है कि उन्हें सुरक्षित और मजबूत सीमेंट-कंक्रीट निर्माण वाले फ्लैट उपलब्ध कराए जाएं। याचिकाकर्ता नरेंद्र गोस्वामी की ओर से एडवोकेट अनुराग जैन ने हाई कोर्ट में पैरवी की।
भिवानी के बवानीखेड़ा कस्बे में एक युवक को कथित तौर पर कार में जबरन उठाकर ले जाने, पूरी रात बंधक बनाकर रखने और जान से मारने की धमकी देने का मामला सामने आया है। पीड़ित ने इस घटना के संबंध में थाना बवानीखेड़ा को शिकायत देकर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। बवानीखेड़ा के वार्ड नंबर 13 निवासी राजकुमार ने शिकायत में बताया कि उसकी नगर पालिका के सामने मोटरसाइकिल रिपेयर की दुकान है। आरोप है कि 7 मई को दोपहर करीब एक बजे वह दुकान पर अकेला था। इसी दौरान स्कॉर्पियो गाड़ी में सवार होकर कुछ युवक उसकी दुकान पर पहुंचे। पीड़ित का आरोप है कि तीनों युवक उसके साथ गाली-गलौज करने लगे और जबरन गाड़ी में बैठाकर देवसर माता मंदिर के पास स्थित एक धर्मशाला में ले गए। शिकायत के अनुसार आरोपियों ने उसे पूरी रात कमरे में बंद रखा तथा उसकी जेब से 5 हजार रुपए नकद भी निकाल लिए। राजकुमार ने कहा कि किसी तरह वह शुक्रवार सुबह आरोपियों के चंगुल से निकला। इसके बाद वह पैदल बवानीखेड़ा पहुंचा। पीड़ित का आरोप है कि उक्त लोग लगातार फोन पर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं, जिससे वह भयभीत है। पीड़ित ने एसएचओ से आरोपियों के खिलाफ अपहरण, धमकी और अन्य धाराओं के तहत सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। बवानीखेड़ा थाना एसएचओ सुरेश कुमार ने बताया कि उन्हें इस मामले की शिकायत प्राप्त हुई है। वे खुद मामले की जांच कर रहे है। जांच के बाद ही मामला स्पष्ट होगा। हालांकि अभी तक की जांच में अपहरण का मामला नहीं लग रहा। दोनों ही पक्ष दुकानदार हैं और इनका लेनदेन का भी विवाद है। हालांकि जांच की जा रही है, उसके आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
नागौर शहर की कोतवाली थाना पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की है। एसपी रोशन मीना के निर्देशन में चलाए गए इस विशेष अभियान के तहत यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाली 9 गाड़ियों को सीज किया गया। इनमें काली फिल्म (ब्लैक फिल्म) लगाने वाली लग्जरी गाड़ियां भी शामिल थी। इसके अतिरिक्त, पुलिस ने उन वाहनों पर भी शिकंजा कसा जिन पर ‘जंगीरा’ और ‘जिला अध्यक्ष’ जैसे पदनाम या जातिसूचक शब्द लिखे हुए थे। शहर के विभिन्न मुख्य मार्गों पर नाकाबंदी कर इन वाहनों की जांच की गई और मौके पर ही जब्ती की कार्रवाई को अंजाम दिया गया। कोतवाली पुलिस के अनुसार- शहर की कानून व्यवस्था और यातायात नियमों की पालना सुनिश्चित करने के लिए यह अभियान आगे भी निरंतर जारी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि वाहनों पर किसी भी प्रकार के पदनाम लिखवाना या शीशों पर काली फिल्म लगाना अवैध है और ऐसे मामलों में किसी भी प्रकार की ढील नहीं दी जाएगी।
जबलपुर के धनवंतरी नगर स्थित एक होटल में शुक्रवार दोपहर महिला की खून से सनी लाश मिली। सूचना पर संजीवनी नगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। पुलिस पूछताछ में होटल मैनेजर महिला के संबंध में कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दे सका। जांच में यह भी सामने आया कि होटल प्रबंधन ने महिला से कमरा लेते समय न तो आधार कार्ड लिया और न ही उसका नाम-पता दर्ज किया। नाश्ता लेकर पहुंचा कर्मचारी, गेट नहीं खुला जानकारी के मुताबिक, रिलेक्स-इन होटल के कमरा नंबर-9 में करीब 40 वर्षीय महिला एक युवक के साथ ठहरी थी। शुक्रवार दोपहर होटल कर्मचारी नाश्ता देने पहुंचा, लेकिन काफी देर तक दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद दूसरी चाबी से कमरा खोला गया तो अंदर महिला की लाश पड़ी मिली। महिला की कोई आईडी नहीं दी थी महिला के शरीर पर खून और चोट के निशान पाए गए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए मेडिकल कॉलेज भेज दिया है। प्रारंभिक जांच में जहरखुरानी की आशंका भी जताई जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि महिला के साथ आया युवक गुरुवार रात से लापता है। महिला के पास कोई पहचान संबंधी दस्तावेज नहीं मिले हैं। कमरे में शराब की बोतल भी मिली सीएसपी एमएल नागोतिया के मुताबिक प्रथम दृष्टया मामला हत्या का लग रहा है और युवक की तलाश की जा रही है। जांच में यह भी पता चला कि होटल में 6 मई को दमोह निवासी गुड्डू बंसल नाम के युवक ने महिला के साथ कमरा लिया था। उसने आईडी के तौर पर ड्राइविंग लाइसेंस जमा कराया था। कमरे से शराब की बोतल भी बरामद हुई है। होटल कर्मचारियों के अनुसार दोनों खुद को पति-पत्नी बताकर होटल में रुके थे।
सागर की मोतीनगर थाना पुलिस ने ई-रिक्शा चोरी करने वाले आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी कुछ समय पहले ही जेल से जमानत पर छूट कर आया था। उसे हत्या के मामले में अदालत ने 14 वर्ष की सजा सुनाई है। थाने लाकर पुलिस ने आरोपी से पूछताछ की। पूछताछ के आधार पर चोरी गया ई-रिक्शा जब्त किया गया है। पुलिस के अनुसार, 5 मई को फरियादी राहुल रजक निवासी भरका गोपालजी मंदिर के पास सूबेदार वार्ड ने थाने शिकायत की। शिकायत में बताया कि उसके दो ई-ऑटो वाहन किराए से चलते हैं। उसका ई-रिक्शा क्रमांक एमपी 15 जेडएन 1951 चालक चन्द्रशेखर रजक चलाता है। चालक चन्द्रशेखर रजक भाग्योदय अस्पताल सवारी छोड़ने गया था। इस दौरान उसने ई-रिक्शा सड़क किनारे खड़ा कर फुटकर पैसे कराने गया। वापस लौटने पर वाहन मौके से गायब मिला। फरियादी और उसके परिजनों ने आसपास काफी तलाश की गई। लेकिन वाहन का कोई पता नहीं चला। शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच में लिया। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी तक पहुंची पुलिस आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीम लगाई गई। वारदातस्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। फुटेज के आधार पर आरोपी के सुराग मिले। जानकारी मिलते ही गुरुवार को पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की और धरदबोचा। आरोपी अन्नू उर्फ अनिल पिता स्वर्गीय गुड्डा अहिरवार उम्र 32 वर्ष निवासी बिजली ऑफिस के पास संत रविदास वार्ड को पकड़कर पुलिस थाने लाई। जहां पूछताछ की गई। पूछताछ में आरोपी की निशानदेही पर चोरी गया ई-रिक्शा बरामद किया गया। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि ई-आटो चोरी के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पूर्व में भी थाना मोतीनगर में हत्या का मामला दर्ज हुआ था। जिसमें न्यायालय ने आरोपी को 14 वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। वर्तमान में आरोपी जमानत पर जेल से छूटकर आया था। जमानत के दौरान ही उसने चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया है।
भोपाल के सूखी सेवनिया इलाके के एक खेत से 17 वर्षीय किशोरी का कंकाल मिला है। कपड़े और चप्पलों से उसकी पहचान की गई है। मामले में पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। नंदनी कुशवाह पुत्री चेन सिंह कुशवाह (17) ग्राम डोब बरखेड़ी की रहने वाली है। मृतका के भाई योगेश ने बताया कि बहन दसवीं कक्षा तक पढ़ी थी। करीब 43 दिन पहले बहन रहस्यमय हालातों में लापता हो गई थी। जिसकी शिकायत थाना सूखी सेवनिया में दर्ज कराई थी। योगेश ने बताया कि हमारे खेत के करीब ही एक अन्य खेत है, जिसके मालिक ने कंकाल मिलने के बाद मामले की सूचना पुलिस को दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने अवशेष जब्त किए। मौके से मिले कपड़े और चप्पलों से बहन की पहचान की गई थी। वहीं मामले की जांच कर रहे एसआई चिरोंजीलाल यादव ने बताया कि मर्ग कायम कर जांच शुरू की है। कंकाल का डीएनए परीक्षण भी कराया जाएगा। किशोरी लंबे समय से लापता थी, सभी एंगल पर जांच की जा रही है। सूखी सेवनिया थाने के प्रभारी रामबाबू चौधरी ने बताया कि मेडिको लीगल की रिपोर्ट मिलने के बाद ही पुष्टि होगी की बॉडी असल में किसकी है। चेन सिंह ने कपड़ों के आधार पर कंकाल को बेटी का होने का दावा किया है।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित प्रवक्ता (पीजीटी) भर्ती-2022 परीक्षा 9 और 10 मई को मेरठ में कराई जाएगी। परीक्षा जिले के 23 केंद्रों पर दो पालियों में होगी। इसे लेकर प्रशासन ने सुरक्षा और नकल रोकने के लिए सख्त इंतजाम किए हैं। मेरठ में इस परीक्षा में कुल 37,072 अभ्यर्थी शामिल होंगे। इनमें 9 मई को 19,763 और 10 मई को 17,309 अभ्यर्थी परीक्षा देंगे। परीक्षा के लिए जिले में 4 डिग्री कॉलेज, 18 माध्यमिक विद्यालय और 1 राजकीय स्कूल को केंद्र बनाया गया है। 9 मई को पहली पाली में सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक फिजिक्स, बायोलॉजी, होम साइंस ,हिस्ट्री और एजुकेशन विषय की परीक्षा होगी। वहीं दूसरी पाली में अंग्रेजी, एग्रीकल्चर, कॉमर्स और समाजशास्त्र विषय का एग्जाम कराया जाएगा। 10 मई को भी परीक्षा दो पालियों में होगी , पहली पाली में नागरिकशास्त्र , मैथ्स ,अर्थशास्त्र ,संस्कृत और मनोविज्ञान की परीक्षा होगी और दूसरी पाली में केमिस्ट्री ,जियोग्राफी ,हिंदी और आर्ट्स की परीक्षा होगी। पहली पाली सुबह 9:30 बजे से 11:30 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से 4:30 बजे तक आयोजित की जाएगी। पहली पाली में एंट्री सुबह 8 बजे से शुरू हो जाएगी और 8 :45 के बाद किसी भी अभ्यर्थी को एंट्री नहीं मिलेगी। वहीं दूसरी पाली में एंट्री दोपहर 1 बजे शुरू हो जाएगी और 1:45 के बाद एंट्री नहीं दी जाएगी। प्रशासन के अनुसार हर परीक्षा केंद्र पर दो पुरुष और एक महिला पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। अभ्यर्थियों को कड़ी चेकिंग के बाद ही प्रवेश दिया जाएगा। मोबाइल फोन, ब्लूटूथ डिवाइस ,कैलकुलेटर ,ज्वेलरी ,नोट्स ,इलेक्ट्रॉनिक सामान आदि के साथ परीक्षा केंद्र में एंट्री नहीं मिलेगी। अधिकारियों का कहना है कि परीक्षा को पूरी तरह नकलविहीन कराने के लिए विशेष निगरानी रखी जाएगी।

