SC/ST Act: पीड़ितों की सुरक्षा और सहायता में न हो देरी, Uttarakhand सरकार करेगी डिजिटल निगरानी
उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने मंगलवार को अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम, 1989 को प्रभावी ढंग से लागू करने के लिए बनाई गई राज्य-स्तरीय सतर्कता और निगरानी समिति की बैठक की अध्यक्षता की और अधिकारियों को लंबित मामलों का तय समय में निपटारा सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। धामी ने 2024 से इस अधिनियम के तहत दर्ज उन मामलों की समीक्षा की जिनकी जांच अभी भी लंबित है। उन्होंने अधिकारियों को देरी के कारणों की जांच करने और प्राथमिकता के आधार पर कार्रवाई करने का निर्देश दिया। उन्होंने लंबे समय से लंबित और गंभीर मामलों में पुलिस, प्रशासन और अभियोजन विभागों के बीच बेहतर तालमेल बनाने पर भी ज़ोर दिया। मुख्यमंत्री ने विशेष अदालतों में लंबित मामलों की नियमित समीक्षा करने का निर्देश दिया और अधिकारियों से कहा कि वे प्रभावी अभियोजन के लिए जहां भी ज़रूरत हो, वहां विशेष लोक अभियोजकों की उपलब्धता सुनिश्चित करें। इसे भी पढ़ें: Manipur संकट से GST Collection में ₹475 करोड़ की चपत, CM ने बंद खत्म करने को कहा धामी ने ज़ोर दिया कि पीड़ितों को तय राहत राशि देने में कोई देरी नहीं होनी चाहिए। उन्होंने अधिकारियों को उन मामलों की अलग से समीक्षा करने का निर्देश दिया जिनमें राहत भुगतान में देरी हुई है और कहा कि प्रभावित परिवारों को ज़रूरत पड़ने पर स्वास्थ्य सेवा, शिक्षा, सुरक्षा, पुनर्वास और अन्य पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ भी मिलना चाहिए। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को गंभीर और संवेदनशील मामलों में पीड़ितों और उनके परिवारों की सुरक्षा को सबसे ज़्यादा प्राथमिकता देने का भी निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि प्रभावित परिवारों के बच्चों की शिक्षा में कोई रुकावट नहीं आनी चाहिए और पात्र बच्चों को स्कॉलरशिप और अन्य शैक्षिक सहायता योजनाओं से जोड़ा जाना चाहिए। समाज कल्याण विभाग के अनुसार, राज्य में SC/ST (अत्याचार निवारण) अधिनियम के तहत अत्याचार के पीड़ितों को आर्थिक सहायता देने का प्रावधान है, जिसमें अपराध की प्रकृति के आधार पर अलग-अलग चरणों में सहायता दी जाती है। इसे भी पढ़ें: Pinarayi Vijayan के खिलाफ ED की रिपोर्ट पर केरलम में पुलिस जांच के आदेश धामी ने अधिनियम के तहत मामलों की निगरानी के लिए हर ज़िले में वरिष्ठ स्तर पर जवाबदेही तय करने का निर्देश दिया और पुलिस कर्मियों को इसके प्रावधानों, संवेदनशील मामलों की जांच और पीड़ितों के साथ उचित व्यवहार के बारे में नियमित प्रशिक्षण देने को कहा। उन्होंने समाज कल्याण, पुलिस और अभियोजन विभागों को संयुक्त रूप से रिफ्रेशर प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित करने का निर्देश दिया और अधिकारियों से जांच, अदालती कार्यवाही, राहत भुगतान और अन्य सहायता को ट्रैक करने के लिए एक डिजिटल निगरानी प्रणाली विकसित करने की दिशा में काम करने को कहा। धामी ने कहा कि जिन ज़िलों में जांच, मामलों के निपटारे या राहत वितरण में प्रगति असंतोषजनक है, उनकी अलग से समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि बेहतर प्रदर्शन करने वाले ज़िलों द्वारा अपनाए गए प्रभावी तरीकों को अन्य ज़िलों के साथ साझा किया जाना चाहिए।
Manipur संकट से GST Collection में ₹475 करोड़ की चपत, CM ने बंद खत्म करने को कहा
मणिपुर के मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने मंगलवार को ज़ोर देकर कहा कि राज्य सरकार किसी भी शिकायत को सुलझाने के लिए बातचीत के लिए हमेशा तैयार है। उन्होंने लोगों से अपील की कि वे बंद और नाकेबंदी जैसे तरीकों से बचें, क्योंकि इनसे दिहाड़ी मज़दूरों और आर्थिक गतिविधियों को बहुत ज़्यादा नुकसान पहुँचता है। एक प्रेस विज्ञप्ति के अनुसार, इम्फाल वेस्ट ज़िला प्रशासन द्वारा खोयाथोंग मल्टीपर्पस कम्युनिटी हॉल में आयोजित 'सेवा संकल्प अभियान' कार्यक्रम में लोगों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने बताया कि 3 मई, 2023 को शुरू हुए अभूतपूर्व संकट के कारण पिछले तीन वर्षों में राज्य को लगभग 1,300 करोड़ रुपये के राजस्व का नुकसान हुआ है। इसे भी पढ़ें: Pinarayi Vijayan के खिलाफ ED की रिपोर्ट पर केरलम में पुलिस जांच के आदेश विज्ञप्ति के मुताबिक, मुख्यमंत्री खेमचंद सिंह ने कहाइस अभूतपूर्व स्थिति ने राज्य की अर्थव्यवस्था को भारी नुकसान पहुँचाया है। अकेले वित्तीय वर्ष 2023-24 के दौरान, मणिपुर को GST कलेक्शन में लगभग 475 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ, जिससे पिछले तीन वर्षों में कुल राजस्व में लगभग 1,300 करोड़ रुपये की कमी आई है। हड़तालों से होने वाले आर्थिक नुकसान का ज़िक्र करते हुए, मुख्यमंत्री ने लोगों से अपील की कि वे बंद और नाकेबंदी का रास्ता छोड़ दें और अपनी समस्याओं के समाधान के लिए स्थानीय विधायकों और सरकार से संपर्क करें। उन्होंने दोहराया, सरकार बातचीत के लिए हमेशा तैयार है और सभी समस्याओं का समाधान चर्चा के ज़रिए किया जा सकता है। इसे भी पढ़ें: CM Mohan Majhi सरकार के खिलाफ Odisha में उतरी CJP, विधानसभा घेराव की तैयारी सिंगापुर के बदलाव का उदाहरण देते हुए, मुख्यमंत्री ने कहा कि यह छोटा सा द्वीपीय देश इसलिए ज़बरदस्त आर्थिक समृद्धि हासिल कर पाया क्योंकि वहाँ के अलग-अलग समुदायों ने एक साझा राष्ट्रीय पहचान के तहत एकजुट होकर काम किया। उन्होंने मणिपुर के लोगों से मिल-जुलकर काम करने, अर्थव्यवस्था को फिर से मज़बूत करने और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'विकसित भारत@2047' के विज़न में योगदान देने का आग्रह किया।
Manipur के तामेंगलोंग में संदिग्ध उग्रवादियों ने 17 वर्षीय किशोर की गोली मारकर हत्या की
मणिपुर के तामेंगलोंग जिले में सोमवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने 17 वर्षीय एक किशोर की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के अनुसार, मृतक की पहचान एनके विपेनबौ (17) के रूप में हुई है। वह अपर नकोउ गांव से तामेई कस्बे की ओर अकेले जा रहा था, तभी सुबह करीब साढ़े 10 बजे उस पर हमला किया गया। पुलिस के अनुसार, बाद में नगा ग्राम स्वयंसेवकों ने उसका शव बरामद किया। मणिपुर के पूर्व मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह ने हत्या की निंदा करते हुए कहा, “मणिपुर इस अंतहीन हिंसा के चक्र में निर्दोष लोगों की जान गंवाना जारी नहीं रख सकता।”सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘प्राधिकारियों को निर्णायक कार्रवाई करनी चाहिए, जवाबदेही तय की जानी चाहिए और घटना के लिए जिम्मेदार लोगों को बिना किसी देरी के न्याय के कटघरे में लाया जाना चाहिए।’’वरिष्ठ नगा नेता एवं नगा पीपुल्स फ्रंट के विधायक अवांगबोउ न्यूमै ने भी हत्या की निंदा करते हुए इसे ‘‘कायराना’’ और ‘‘आतंकवाद की जघन्य घटनाएं’’ बताया, जो निर्दोष नागरिकों को निशाना बनाकर शांति के लिए खतरा पैदा करती हैं। न्यूमै ने एक बयान में कहा, ‘‘इस तरह की बर्बर हिंसा का कोई औचित्य नहीं है और सभ्य समाज में इसका कोई स्थान नहीं है।’’उन्होंने दावा किया कि युवक अपने परिवार के लिए जरूरी सामान खरीदने के लिए तामेई जा रहा था, तभी उसे गोली मार दी गई। न्यूमै ने शोक संतप्त परिवार के प्रति संवेदना भी जतायी। अधिकारियों के अनुसार, फरवरी में नगा और कुकी समुदायों के बीच हिंसक झड़पें शुरू होने के बाद से 40 से अधिक लोग मारे जा चुके हैं। कांगपोकपी, तामेंगलोंग, नोनी, उखरुल और कामजोंग राज्य के उन जिलों में शामिल हैं, जो दोनों समुदायों के बीच जारी संघर्ष से सबसे अधिक प्रभावित रहे हैं।
Imphal Trip: Kangla Fort से लेकर Ima Market तक, Imphal में देखने लायक हैं ये प्रमुख स्थल
इंफाल एयरपोर्ट को देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और बेहद खूबसूरत एयरपोर्ट इतना सहज है कि विमान से उतरकर पैदल ही आप भवन में दाखिल हुआ जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर इस शहर की अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा है। यहां के युवा जहां आधुनिक लिबास में नजर आता है, तो वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे अपने पारंपरिक परिधानों में दिखते हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। इमा मार्केट समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक शहर के बीचों-बीच बनी इमा मार्केट है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला बाजार। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। यहां पर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे- ब्लाउज, शॉल, चादर, दुपट्टे, गमछे और भी कई तरह की चीजें हैं। वहीं मार्केट के एक हिस्से में सिर्फ पूजा का सामान है। इसे भी पढ़ें: Imphal Airport से अगवा पश्चिम बंगाल का युवक Bishnupur से सुरक्षित बचाया गया एक्सप्लोर करें कांगला किला इंफाल में दो जगहें आपको जरूर देखनी चाहिए। जिसमें पहला कांगला किला है और दूसरा लोकताक लेक है। कांगला फोर्ट या किला शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे स्थित है। मणिपुरी भाषा की भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। वहीं आज भी मणिपुर के निवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां बनी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। इसे भी पढ़ें: मणिपुर के Kangpokpi में 7 ग्रामीणों को हिरासत में लेने पर बवाल, रिहाई के बाद शांत हुआ प्रदर्शन सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर इसके साथ ही आप सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर देख सकते हैं। सानामाही मेतेई वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी है। इसको मेतेई लोग बेहद शुभ और पवित्र स्थल मानते हैं। यहां पर आपको कई और दर्शनीय स्थल भी देखने को मिल जाएंगे, जैसे महाराज नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति, राजा बोधचंद्र की समाधि आदि। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर बनवाया गया है, जोकि इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। लोकताक लेक अगले दिन आप लोकताक लेक जा सकते हैं। यह पूरे नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी फ्रेश वाटर लेक है और इसकी खासियत झील के ऊपर आपको तैरते भूखंड दिखेंगे, जिनको स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' कहते है। लोकताक झील मोइरांग के पास स्थित है, जहां INA का एक संग्रहालय है। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं दिखाई जाती हैं। यहां से लौटने के दौरान आप इंडियन पीस मेमोरियल देख सकते हैं। रेड हिल के पास स्थित यह स्मारक उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है। जोकि सेंकेंड वर्ल्ड वॉर में आजाद हिंद फौज के तहत जापानी सेना के साथ मिलकर लड़े थे। इसी रेड हिल के पास उन्होंने ब्रिटिश सेना को हराया था। इंफाल में कई मंदिर, संग्रहालय, पार्क, झीलें, चिड़ियाघर और दर्शनीय स्थल हैं। अगर समय रहे, तो आप इन सबको भी देख सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Manipur के Kangpokpi में 6 ग्रामीणों की हिरासत पर हिंसक विरोध, बाद में हुए रिहा कुछ जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल जाने के लिए गुवाहाटी या दीमापुर जाना होगा। यहां पर इंफाल के लिए बस मिल जाएगी। वहीं भारत के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा सीधे पहुंच सकते हैं। इन बातों का रखें ध्यान मणिपुर में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइप परमिट लेना जरूरी है। यह सुविधा अब ऑनलाइन भी मौजूद है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मिल जाएगी। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की कॉपी की जरूरत है। इसका शुल्क 100 रुपए है और विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होगी।
जब मणिपुर भारत के साथ जुड़ा, कभी था एक स्वतंत्र रियासत
आज के दिन ही मणिपुर भारत का एक अहम हिस्सा बना था. इससे पहले यह एक स्वतंत्र रियासत था. चलिए जानते हैं क्या है मणिपुर का इतिहास और भारत में शामिल होने की कहानी.
मिजोरम और मणिपुर में 3.68 करोड़ की मेथम्फेटामाइन टैबलेट और हेरोइन जब्त, 5 गिरफ्तार
ऐजोल/इम्फाल, 20 सितंबर . मिजोरम और मणिपुर में सुरक्षा बलों ने 3.68 करोड़ रुपये से अधिक मूल्य की मेथम्फेटामाइन टैबलेट और हेरोइन जब्त की और पांच नशीले पदार्थों के तस्करों को गिरफ्तार किया. जानकारी के अनुसार नशीले पदार्थों के अवैध परिवहन से संबंधित विशिष्ट खुफिया सूचनाओं के आधार पर, असम राइफल्स ने सैतुअल जिले के ... Read more
Manipur के Kangpokpi में 6 ग्रामीणों की हिरासत पर हिंसक विरोध, बाद में हुए रिहा
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सुरक्षा बलों द्वारा छह ग्रामीणों को कथित रूप से हिरासत में लिए जाने के विरोध में कुकी समुदाय के कुछ लोगों ने हिंसक प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने रविवार को यह जानकारी दी। अधिकारियों ने बताया कि शनिवार रात करीब 10 बजे मोटबुंग और आसपास के इलाकों में शुरू हुआ यह प्रदर्शन आधी रात तक जारी रहा। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने सड़कों पर टायर जलाए और सरकारी वाहनों पर पथराव किया। प्रदर्शनकारियों ने दावा किया कि खोलेन के छह ग्रामीणों को सुरक्षा बलों ने बिना कोई कारण बताए हिरासत में लिया। जिले में नगा बहुल चावांगकिंग गांव के पास स्थित खोलेन गांव पर हाल में सशस्त्र उपद्रवियों ने हमला किया था। अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए सुरक्षा बलों ने आंसू गैस के कई गोले दागे। उन्होंने बताया कि प्रदर्शनकारियों ने सुरक्षा बलों के वाहनों की आवाजाही रोकने के लिए भारी निर्माण उपकरणों का इस्तेमाल कर मोटबुंग में राष्ट्रीय राजमार्ग-2 (इंफाल से दीमापुर) के कुछ हिस्सों को भी खोद दिया। भारी निर्माण मशीनों का इस्तेमाल कर मोटबुंग में इंफाल-दीमापुर राष्ट्रीय राजमार्ग-2 के कुछ हिस्सों को खोद दिया। उन्होंने बताया कि प्रदर्शन के दौरान कुछ प्रदर्शनकारियों को चोटें आईं और उन्हें स्थानीय अस्पताल में भर्ती कराया गया। एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि हिरासत में लिए गए ग्रामीणों को बाद में सुरक्षा बलों ने रिहा कर दिया, जिसके बाद प्रदर्शन समाप्त हो गया। उन्होंने बताया कि स्थिति अब नियंत्रण में है।
Violent Protest in Manipur Kangpokpi Over Detention of Six Villagers- मणिपुर: कांगपोकपी में 6 ग्रामीणों को हिरासत में लेने पर हिंसक प्रदर्शन, सुरक्षा बलों ने छोड़े आंसू गैस के गोले
Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal
इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।
Manipur Music Teacher Killed: Chongtham Vikram Singh को Delhi में पीट-पीटकर मारा, लोगों में गुस्सा!
आरोप है कि घर के बाहर शोर-शराबे को लेकर हुए विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला…
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

