मिजोरम पुलिस ने 2.91 करोड़ रुपए की हेरोइन के साथ मणिपुर के एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया
आइजोल, 21 अक्टूबर . मिजोरम Police ने पड़ोसी राज्य मणिपुर से एक नशा तस्कर को गिरफ्तार किया है और उसके पास से 1.457 किलोग्राम हेरोइन जब्त की है,…
खड़गे ने मणिपुर की स्थिति पर भाजपा की आलोचना की, न्याय और स्थायी शांति की मांग की
खड़गे ने मणिपुर की स्थिति पर भाजपा की आलोचना की, न्याय और स्थायी शांति की मांग की
Election Commission टीम मणिपुर पहुंची, 5 राज्यों के विधानसभा चुनाव की तैयारी शुरू
आगामी विधानसभा चुनावों की तैयारियों का जायजा लेने के लिए निर्वाचन आयोग के वरिष्ठ अधिकारियों का एक दल इस समय मणिपुर में है। आयोग की योजना अगले साल की शुरुआत में मणिपुर, उत्तर प्रदेश, उत्तराखंड, पंजाब और गोवा में विधानसभा चुनाव कराने की है। वरिष्ठ उप निर्वाचन आयुक्तों के नेतृत्व में दल चुनाव वाले राज्यों का दौरा कर रहा है। इसके बाद, चुनाव कार्यक्रम की घोषणा से पहले पूरा निर्वाचन आयोग इन राज्यों का दौरा करेगा। निर्वाचन आयोग के अधिकारी उत्तराखंड का दौरा कर चुके हैं, जबकि पंजाब में चुनावी तैयारियों की समीक्षा के लिए 28 अक्टूबर को दौरा निर्धारित है। गोवा का दौरा भी प्रस्तावित था, लेकिन अब उसकी तारीखों में बदलाव किया जा रहा है। उत्तर प्रदेश में अधिकारियों के दौरे को लेकर अभी तक कोई जानकारी नहीं मिली है। उत्तर प्रदेश विधानसभा का कार्यकाल अगले साल 22 मई को समाप्त होगा। उत्तर प्रदेश विधानसभा के 403 सदस्यों के लिए चुनाव होगा। वहीं, 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा, 40 सदस्यीय गोवा विधानसभा, 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा और 70 सदस्यीय उत्तराखंड विधानसभा का कार्यकाल मार्च 2027 में अलग-अलग तारीखों पर समाप्त होगा। जनप्रतिनिधित्व अधिनियम, 1950 के प्रावधानों के अनुसार निर्वाचन आयोग को विधानसभा का ‘‘कार्यकाल समाप्त होने से छह महीने से भी पहले चुनाव कराने की अनुमति है’’। निर्वाचन आयोग ने हाल में 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों (यूटी) में वार्षिक विशेष सारांश पुनरीक्षण (एसएसआर) की घोषणा करते समय इन राज्यों के मुख्य निर्वाचन अधिकारियों को सूचित किया था कि पहले उल्लेखित पांच राज्यों में विधानसभा चुनाव “अगले साल की शुरुआत में” होने हैं। पांचों चुनावी राज्यों में फिलहाल मतदाता सूचियों का विशेष सारांश पुनरीक्षण किया जा रहा है। इन 17 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अंतिम मतदाता सूचियां चार जनवरी को प्रकाशित की जाएंगी।
यूपी समेत 5 राज्यों में चुनाव की तैयारी तेज, मणिपुर पहुंची EC की टीम
चुनाव आयोग ने यूपी समेत पांच राज्यों में अगले साल होने वाले विधानसभा चुनावों की तैयारी तेज कर दी है. आयोग की टीम मणिपुर पहुंच गई है. वहीं, अंतिम मतदाता सूची जारी होने की तारीख भी तय हो गई है.
मणिपुर हिंसा: तीन मैतेई लोगों की हत्या के मामले में पुलिस की कार्रवाई, तीन गिरफ्तार; कांगपोकपी में बंद का एलान manipur-violence-sunulok-hill-attack-police-three-arrested-kangpokpi-bandh
Manipur के कांगपोकपी में 3 गिरफ्तार, सुरक्षा बलों ने बरामद किया हथियारों और कारतूसों का जखीरा
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सुरक्षा बलों ने मंगलवार को तलाशी अभियान के दौरान तीन लोगों को गिरफ्तार किया। यह कार्रवाई जलावन की लकड़ियां इकट्ठा कर रहे मेइती समुदाय के 14 पुरुषों पर संदिग्ध उग्रवादियों द्वारा घात लगाकर किए गए हमले और उनमें से तीन के मारे जाने के एक दिन बाद हुई है। पुलिस ने यह जानकारी दी। पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पूछताछ के दौरान गिरफ्तार किए गए तीन लोगों में से दो ने सुनेरोक पहाड़ियों में लकड़ियां इकट्ठा करने गए लोगों पर हमला करने वाले उग्रवादियों के समूह में शामिल होने की बात स्वीकार की है। उनकी पूछताछ के दौरान मिली जानकारी के आधार पर हथियारों और गोला-बारूद का जखीरा बरामद किया गया है। यहां पुलिस मुख्यालय में संवाददाताओं से बातचीत में अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) ल्हारी दोरजी ल्हातू ने कहा, पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ) और कोबरा की संयुक्त टीमों ने सोमवार देर शाम से एस. फाइलेनकोट और आसपास के गांवों में व्यापक तलाशी अभियान चलाया।’’वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी ने कहा, ‘‘तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। प्रारंभिक जांच के दौरान उनमें से दो ने सुनेरोक पहाड़ियों में तीन लोगों की हत्या करने वाले हमलावरों के दल में शामिल होने की बात स्वीकार की है।’’ उन्होंने कहा कि घटना में तीसरे व्यक्ति की भूमिका की जांच की जा रही है। ल्हातू ने कहा कि मामले में शामिल अन्य लोगों की पहचान करने के लिए जांच जारी है। उन्होंने बताया कि गिरफ्तार लोगों से मिली जानकारी के आधार पर एक इंसास राइफल, एक एम-16 राइफल, एक ए-1 राइफल, एक एके-47 राइफल, एक स्नाइपर राइफल, सिंगल-बोर की तीन राइफल और हस्तनिर्मित एक रॉकेट लॉन्चर बरामद किया गया है। इसके अलावा विभिन्न हथियारों के 1,095 कारतूस भी बरामद किए गए हैं। उन्होंने बताया कि मंगलवार को सीनाई शिविर के आसपास के इलाके में चलाए गए एक अन्य अभियान के दौरान 17 लोगों को हिरासत में लिया गया। इन लोगों की पहचान शिविर के केएनओ/केएलए कैडर की सूची से मेल नहीं खाती है।
Manipur के कांगपोकपी में 3 ग्रामीणों की हत्या के बाद Security Forces का सर्च ऑपरेशन शुरू
मणिपुर के कांगपोकपी जिले में सोमवार को तीन लोगों की गोली मारकर हत्या किए जाने के बाद सुनुरोक पहाड़ी क्षेत्र में सुरक्षा बलों ने तलाश अभियान शुरू किया। हत्या की घटना के बाद स्थानीय निवासियों ने यहां मुख्यमंत्री के आवास के बाहर दो शव रख दिए और विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के कई गोले दागे। अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) लहरी दोरजी ल्हातू ने मीडिया को बताया, “सोमवार सुबह करीब 9:40 बजे अज्ञात उग्रवादियों ने मैतेई ग्रामीणों के एक समूह पर गोलीबारी की। ये लोग जलावन की लकड़ी काटकर ले जा रहे थे। घटना सगोलमांग पुलिस थानांतर्गत सुनुरोक पहाड़ी क्षेत्र में हुई।”पुलिस अधिकारी ने कहा, “इस घटना में तीन लोगों की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य घायल हुए हैं। उनका इलाज जारी है।”ल्हातू ने कहा कि सुरक्षा बल इस घटना को बेहद गंभीरता से ले रहे हैं, जरूरी सुरक्षा उपाय किए गए हैं और स्थिति पर बहुत करीबी नजर रखी जा रही है। अधिकारी ने बताया कि इलाके में पुलिस, केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (सीआरपीएफ), कोबरा, असम राइफल्स और सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) के जवानों की संयुक्त टीम तलाश अभियान चला रही है। उन्होंने कहा कि खोजी कुत्तों और ड्रोन को तैनात किया गया है, जबकि निगरानी के लिए हेलीकॉप्टर का इस्तेमाल किया जा रहा है। अधिकारी ने कहा, “मोबाइल जांच चौकियां भी स्थापित की गई हैं।”उन्होंने यह भी कहा, “पुलिस, सीआरपीएफ, बीएसएफ, सेना, असम राइफल्स और अन्य सुरक्षा एजेंसियों के साथ मिलकर कानून-व्यवस्था बनाए रखने और स्थिति को और बिगड़ने से रोकने के लिए लगातार काम कर रही है।”ल्हातू ने लोगों को भरोसा दिलाया कि इस अपराध के दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने लोगों से शांति बनाए रखने की अपील भी की।
Manipur में हिंसक वारदातों में 4 की मौत, Imphal में CM आवास के बाहर शव रख हुआ विरोध
मणिपुर में कल रात से हुई हिंसा की दो अलग-अलग घटनाओं में कम से कम चार लोगों की मौत हो गई है। इसके चलते विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गए हैं और इंफाल में जनजीवन लगभग ठप हो गया है। गुस्साए प्रदर्शनकारी इन हत्याओं के खिलाफ कार्रवाई की मांग करते हुए दो शवों को मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह के कड़ी सुरक्षा वाले आवास पर ले आए। बाद में अधिकारियों ने उन शवों को वहां से हटा दिया। एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, पहली घटना में मैतेई और पांगल मुसलमानों की आबादी वाले एक इलाके में एक संगीत कार्यक्रम के दौरान हिंसा भड़क गई। भीड़ पर पथराव और गोलीबारी हुई, जिसमें कई लोग घायल हो गए। बाद में, गोली लगने से घायल हुए 24 वर्षीय एक युवक की मौत हो गई। इसे भी पढ़ें: Manipur में उग्रवादियों की गोलीबारी में 2 की मौत, CM आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन एक अन्य घटना में, इंफाल पूर्वी जिले के खामेनलोक में, पास की पहाड़ियों से जलाऊ लकड़ी इकट्ठा कर रहे कम से कम तीन ग्रामीणों की संदिग्ध आदिवासी उग्रवादियों ने गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस सूत्रों के मुताबिक, इस इलाके में कुकी उग्रवादी समूहों की मौजूदगी है। इस हमले में तीन अन्य लोग भी घायल हुए हैं। इस हत्या के बाद ग्रामीण पीड़ितों के शव लेकर इंफाल में मुख्यमंत्री के कड़ी सुरक्षा वाले बंगले की ओर चल पड़े। रिपोर्ट के अनुसार, आक्रोशित भीड़ परिसर के अंदर घुस गई और वहां शव छोड़ दिए। इसके बाद, प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। इस बीच, सुरक्षा एजेंसियों ने गोलीबारी की उस जगह की जांच-पड़ताल की। मुख्यमंत्री युमनाम खेमचंद सिंह ने राज मेडिसिटी अस्पताल में इलाज करा रहे घायलों से भी मुलाकात की। इन नई घटनाओं ने पूरे राज्य में तनाव बढ़ा दिया है। हालात और बिगड़ने के डर से इंफाल और उसके आसपास की गतिविधियां लगभग ठप हो गई हैं। स्थानीय विधायक थोकचोम लोकेश्वर सिंह के अनुसार, पीड़ित लोग इंफाल पूर्व और कुकी बहुल कांगपोकपी जिले की सीमा के पास जलाऊ लकड़ी इकट्ठा कर रहे थे, तभी उन पर कथित तौर पर हमला किया गया। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh एससीओ बैठक में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, देश-दुनिया की प्रमुख खबरें मृतकों की पहचान इस प्रकार हुई है: नोंगशुम मायाई लीकाई के राजा के बेटे अरुबम रोनिल (जिसे रोनिन भी बताया गया है, उम्र 35 वर्ष); उयुमपोक नोंगशुम अवांग लीकाई के टोम्बी के बेटे लैरेनलाकपम इनाओबी (उम्र 44 वर्ष); और उयुमपोक मायाई लीकाई के क्षेत्रिमायुम देवेन के बेटे क्षेत्रिमायुम सुशील (उम्र 32 वर्ष)।
Manipur Violence:
BREAKING : मणिपुर में फिर भड़की हिंसा! मुख्यमंत्री आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन, भीड़ को हटाने के लिए छोड़े गए आंसू गैस के गोले
Manipur में उग्रवादियों की गोलीबारी में 2 की मौत, CM आवास के बाहर शव रखकर प्रदर्शन
मणिपुर में जंगल से जलावन की लकड़ियां इकट्ठा कर रहे दो लोगों की संदिग्ध उग्रवादियों ने सोमवार को कथित तौर पर गोली मारकर हत्या कर दी। इस घटना के बाद स्थानीय लोगों ने शवों को यहां मुख्यमंत्री आवास के बाहर रखकर प्रदर्शन किया। अधिकारियों ने बताया कि इंफाल पूर्वी और कांगपोकपी जिलों की सीमा पर जलावन की लकड़ियां इकट्ठा करने वालों के एक समूह पर उग्रवादियों द्वारा कथित तौर पर गोलीबारी किए जाने से चार अन्य लोग भी घायल हो गए। उन्होंने बताया कि कांगपोकपी के खोंगबल सुनुरोक उयोक में हुई इस घटना के बाद तीन लोग अब भी लापता हैं। यह स्थान इंफाल पूर्वी जिले के नोंगशुम गांव से कुछ मीटर की दूरी पर है। अधिकारियों ने बताया कि मृतकों की पहचान अरुबाम रोनिल (35) और लैरेनलकपम इनाओबी (51) के रूप में हुई है। वे उन 16 लोगों में शामिल थे, जो सुबह करीब सात बजे जलावन की लकड़ियां इकट्ठा करने के लिए अपने गांव के पास की पहाड़ियों में गए थे। इसी दौरान घात लगाकर उनपर हमला किया गया। राज्य में मई 2023 से जारी हिंसा के विरोध में आक्रोशित स्थानीय लोग शवों के साथ राज्य की राजधानी पहुंचे। उन्होंने बाबूपारा स्थित मुख्यमंत्री आवास के मुख्य द्वार के बाहर शवों को रख दिया। प्रदर्शन के दौरान मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह आवास पर मौजूद थे या नहीं, इसकी तत्काल जानकारी नहीं मिल सकी। पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को तितर-बितर करने के लिए आंसू गैस के कई गोले दागे, जिसके बाद शवों को जवाहरलाल नेहरू आयुर्विज्ञान संस्थान (जेएनआईएमएस) ले जाया गया। अधिकारियों ने बताया कि घायलों में शामिल के. देवन की हालत गंभीर बताई गई है।
इंफाल/नई दिल्ली/गुवाहाटी (नेशनल डेस्क): पूर्वोत्तर भारत के संवेदनशील राज्य मणिपुर (Manipur) में शांति लौटने की उम्मीदों को एक बार फिर से गहरा झटका लगा है। पिछले लंबे समय से जातीय संघर्ष की आग में झुलस रहे मणिपुर में कुछ दिनों की खामोशी के बाद अचानक फिर से तनाव (Manipur Tension) चरम पर पहुंच गया है। राज्य के सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों, विशेषकर जिरीबाम (Jiribam), कांगपोकपी, बिष्णुपुर और इंफाल घाटी से सटे जिलों में एक बार फिर से हिंसा और आगजनी का तांडव देखने को मिला है। जमीनी स्तर से आ रही ताजा और डराने वाली खबरों के मुताबिक, हथियारबंद बदमाशों और उपद्रवियों ने पिछले मात्र 36 घंटों के भीतर अलग-अलग इलाकों में करीब 28 घरों को पेट्रोल और ज्वलनशील पदार्थ डालकर आग के हवाले कर दिया है। आसमान में उठते काले धुएं के गुबार और गोलियों की तड़तड़ाहट से एक बार फिर स्थानीय ग्रामीणों में दहशत फैल गई है और लोग अपनी जान बचाकर राहत शिविरों (Relief Camps) की तरफ भागने को मजबूर हैं। इस बीच मणिपुर पुलिस ने बयान जारी कर कहा है कि स्थिति को नियंत्रण में लेने के लिए सुरक्षा के कड़े उपाय किए गए हैं और अतिरिक्त बलों की तैनाती कर दी गई है।36 घंटे में 28 आशियाने जलकर खाक, रात के अंधेरे में उपद्रवियों का तांडवमणिपुर से मिल रही ग्राउंड रिपोर्ट के अनुसार, हिंसा की यह ताजा लहर तब शुरू हुई जब कुछ अज्ञात हथियारबंद उग्रवादियों ने देर रात और तड़के सुबह संवेदनशील बफर जोन (Buffer Zone) के पास स्थित गांवों को निशाना बनाया। प्रत्यक्षदर्शियों और स्थानीय प्रशासन के मुताबिक, पिछले 36 घंटों के अंतराल में उपद्रवियों ने एक के बाद एक हमले करते हुए कुल 28 मकानों और कुछ दुकानों को फूंक दिया। इनमें से कई घर ऐसे थे जिन्हें पहले हुई हिंसा के बाद ग्रामीणों ने खाली कर दिया था, जबकि कुछ घरों में लोग रह रहे थे, जिन्होंने समय रहते जंगलों और सुरक्षा कैंपों में भागकर अपनी जान बचाई। आगजनी के साथ-साथ दोनों पक्षों के हथियारबंद समूहों के बीच कई राउंड की भारी गोलीबारी (Heavy Firing) भी हुई है। फायर ब्रिगेड की गाड़ियों को भी घटनास्थल तक पहुंचने में भारी मशक्कत का सामना करना पड़ा क्योंकि उपद्रवियों ने सड़कों पर अवरोध खड़े कर दिए थे। देखते ही देखते 28 परिवारों की जीवन भर की कमाई और उनके आशियाने राख के ढेर में तब्दील हो गए।मणिपुर पुलिस का बयान: सुरक्षा के किए गए हैं पुख्ता उपाय, चल रहा सर्च ऑपरेशनलगातार हो रही आगजनी और हिंसा की घटनाओं के बाद मणिपुर पुलिस (Manipur Police) और सुरक्षा एजेंसियां पूरी तरह से अलर्ट मोड पर आ गई हैं। मणिपुर पुलिस मुख्यालय की ओर से जारी आधिकारिक बयान में कहा गया है कि प्रभावित इलाकों में कानून-व्यवस्था बहाल करने के लिए सुरक्षा के तमाम कड़े उपाय (Strict Security Measures) किए गए हैं। पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों ने बताया कि जिस इलाके में 28 घरों को जलाया गया है, वहां असम राइफल्स (Assam Rifles), केंद्रीय रिजर्व पुलिस बल (CRPF), बीएसएफ (BSF) और राज्य पुलिस के कमांडो की संयुक्त टीमों को तुरंत रवाना किया गया है। सुरक्षा बलों ने पूरे इलाके की घेराबंदी कर ली है और पहाड़ियों व जंगलों में छिपे उग्रवादियों को पकड़ने के लिए बड़े पैमाने पर 'सर्च और कॉम्बिंग ऑपरेशन' (Combing Operation) चलाया जा रहा है। इसके अलावा, ड्रोन और हेलीकॉप्टरों के जरिए भी संवेदनशील इलाकों की निगरानी की जा रही है ताकि उपद्रवियों की किसी भी हरकत को तुरंत नाकाम किया जा सके।क्यों बार-बार भड़क रही है मणिपुर में हिंसा? नहीं थम रहा संघर्ष का दौरगौरतलब है कि मणिपुर में मई 2023 से ही मैतेई (Meitei) और कुकी-जो (Kuki-Zo) समुदायों के बीच शुरू हुआ जातीय संघर्ष आज तक पूरी तरह शांत नहीं हो पाया है। इस लंबे संघर्ष में अब तक सैकड़ों लोगों की जान जा चुकी है और 50,000 से अधिक लोग अपने ही राज्य में बेघर होकर राहत शिविरों में जिंदगी गुजारने को मजबूर हैं। हाल के महीनों में जिरीबाम (जो असम की सीमा से सटा हुआ जिला है) और अन्य सीमावर्ती इलाकों में हिंसा की घटनाएं तेजी से बढ़ी हैं। सुरक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि दोनों ही तरफ के कट्टरपंथी और हथियारबंद समूह (Armed Militants) शांति बहाल नहीं होने देना चाहते। पुलिस शस्त्रागारों से लूटे गए अत्याधुनिक हथियार और सीमा पार से हो रही घुसपैठ सुरक्षा बलों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बनी हुई है। जब भी केंद्र और राज्य की तरफ से शांति वार्ता या सामान्य स्थिति बहाल करने की कोशिश होती है, उपद्रवी तत्व ऐसी आगजनी और हमलों को अंजाम देकर माहौल को फिर से भड़का देते हैं।प्रभावित इलाकों में कर्फ्यू और हाई अलर्ट, अफवाहों पर ध्यान न देने की अपीलताजा हिंसा और 28 घरों के जलाए जाने के बाद एहतियात के तौर पर प्रशासन ने प्रभावित जिलों में फिर से कर्फ्यू (Curfew) की पाबंदियों को सख्त कर दिया है और संवेदनशील स्थानों पर एक साथ चार या अधिक लोगों के जमा होने पर रोक लगा दी गई है। सोशल मीडिया के जरिए भड़काऊ वीडियो और फर्जी खबरें (Fake News) फैलाकर माहौल बिगाड़ने की साजिशों को रोकने के लिए साइबर सेल को भी सक्रिय कर दिया गया है। मणिपुर पुलिस ने आम नागरिकों से शांति बनाए रखने और किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न देने की अपील की है। साथ ही चेतावनी दी है कि जो भी व्यक्ति या समूह कानून को अपने हाथ में लेने या आगजनी करने की कोशिश करेगा, उसके खिलाफ सख्त से सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पूरे इलाके में भारी तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और चप्पे-चप्पे पर केंद्रीय सुरक्षा बलों के जवान मुस्तैद हैं।
Manipur: में मेरा चाओरेल हौबा उत्सव हयिंग खोंगबल उपहोंग युमफाम में मनाया गया
11 अक्टूबर, रविवार: इम्फाल में हयिंग खोंगबल उपहोंग युमफाम में मेरा चाओरेल हौबा उत्सव मनाया गया, लाइनिंगथौ सनामही बोर्ड के सदस्य सचिव का बयान।
Manipur के Loktak Lake पर बसा Floating Village Champu Khangpok पानी पर तैरता है
क्या आप कभी ऐसी जगह पर घूमने के लिए गए हैं, जहां पर कदम रखते ही जमीन डगमगाने लगे। आपको ऐसा महसूस हो, जैसे आप चल नहीं बल्कि तैर रहे हैं। ऐसा दृश्य सोचने पर एकदम सपने जैसा महसूस होता है। ऐसा ही कुछ मणिपुर का फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको अनोखे और रोमांच से भरपूर जगह फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक के बारे में बताने जा रहे हैं। फ्लोटिंग विलेज है चंपू खंगपोक भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में एक तैरता हुआ गांव है। जिसका नाम चंपू खंगपोक है। यह भारत की फेमस लोकटक झील पर बसा है, जोकि करीब 240 वर्ग किमी के आकार में फैली है। इस गांव के लोगों ने पानी के साथ जीना सीख लिया है, तभी तो आपको इस गांव में पानी पर चलते लोग, तैरते घर और द्वीप देखने को मिलेंगे। इसे भी पढ़ें: Gaya Ji में Pind Daan का पूरा बजट: Train टिकट, होटल स्टे और पूजा फीस की डिटेल जानें डगमगाती जमीन का रहस्य चंपू खंगपोक गांव के तैरने के पीछे कोई जादू नहीं हैं। बल्कि इसके पीछे साइंस का कमाल है। इसके पीछे की वजह इस स्थान की प्रकृति और बायोमास का प्रोसेस है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस गांव की जमीन किसी चट्टान या मिट्टी से नहीं बनी है, बल्कि यह फुम्डी नाम की प्राकृतिक जमीन है। फुम्डी जमीन जड़ों, सड़े-गले पौधों, मिट्टी और जैविक पदार्थों की परत से बनी होती है। वहीं साल-दर-साल जब इन सभी चीजों का जमावड़ा शुरू होकर एक जगह पर एकत्र होता है। तो इसकी परत से जमीन बन जाती है। यह जमीन इतनी ज्यादा मजबूत होती है कि इन पर घरों तक का निर्माण किया जा सकता है। बदलती है घरों की लोकेशन यहां पर रहने वाले लोगों के घरों को फुमशंग कहा जाता है, जो अपनी लोकेशन को बदलते रहते हैं। क्योंकि यह घर जमीन पर नहीं बल्कि फुम्डी पर बने हैं, तो पानी के बहाव और हवा के दबाव की वजह से इनकी लोकेशन बदलती रहती है। यही कारण है कि चंपू खंगपोक दुनियाभर में अपनी इसी विशेषता की के कारण आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। देख सकेंगे तैरता हुआ नेशनल पार्क अनोखे गांव के अलावा आप लोकटक झील में तैरता हुआ कीबुल लामजाओ नेशनल पार्क भी देख सकेंगे। यह पार्क विष्णुपुर जिले में हैं, जोकि लोकटक झील के दक्षिण पश्चिम में करीब 40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र फैला है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां पर विलुप्त हो रहे संगाई हिरण रहते हैं, यह उनका अकेला आवास स्थल है।
Manipur Music Teacher Killed: Chongtham Vikram Singh को Delhi में पीट-पीटकर मारा, लोगों में गुस्सा!
आरोप है कि घर के बाहर शोर-शराबे को लेकर हुए विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला…
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

