गंगा एक्सप्रेस-वे पर ट्रक ने DCM में मारी टक्कर:ड्राइवर की मौत, मेरठ से प्रयागराज जाते समय हुआ हादसा
संभल में गंगा एक्सप्रेस-वे पर हुए सड़क हादसे में एक डीसीएम ड्राइवर की मौत हो गई। हादसा बहजोई थाना क्षेत्र के बंजरपुरी अंडरपास के पास हुआ, जहां मेरठ से प्रयागराज जा रही डीसीएम पीछे खड़े ट्रक में जा घुसी। मृतक की पहचान आगरा निवासी किशनवीर (31) पुत्र पातीराम के रूप में हुई है। घटना गुरुवार शाम करीब 5 बजे की बताई जा रही है। टक्कर इतनी जोरदार थी कि डीसीएम का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया और चालक गंभीर रूप से घायल हो गया। सूचना मिलने पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायल चालक को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बहजोई में भर्ती कराया गया। उपचार के दौरान उसकी हालत गंभीर बनी रही और करीब तीन घंटे बाद उसकी मौत हो गई। पुलिस को चालक की मौत की जानकारी गुरुवार सुबह करीब 9 बजे मिली। वाहन के नंबर के आधार पर पुलिस ने परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद परिवार के लोग अस्पताल पहुंचे और किशनवीर की पहचान की। हादसे में ट्रक को भी नुकसान पहुंचा है। थाना प्रभारी राजीव कुमार मलिक ने बताया- सड़क हादसे में डीसीएम चालक की मौत हो गई। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। फिलहाल परिजनों की ओर से कोई तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस ने ट्रक और डीसीएम को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है।
रेवाड़ी नगर परिषद और धारूहेड़ा नगर पालिका का चुनाव 10 मई को होगा। मतदान के लिए 126 बूथ बनाए गए हैं। जिनमें से 44 को संवेदनशील घोषित किया गया। बृहस्पतिवार को पुलिस ने डीएसपी रविंद्र कुमार, डीएसपी सुरेंद्र श्योराण और डीएसपी पवन कुमार के नेतृत्व में अलग-अलग फ्लैग मार्च निकालकर सद्भावना का संदेश दिया। रेवाड़ी नगर परिषद चुनावों में 99 बूथों पर करीब 1.20 लाख मतदाता अपने मताधिकार का प्रयोग करेंगे। धारूहेड़ा में 27 बूथों पर करीब साढ़े 22 हजार मतदाता वोट डालेंगे। रेवाड़ी के 99 में से 33 और धारूहेड़ा के 27 में से 11 बूथ संवेदनशील घोषित किए गए हैं। मतदान के दौरान एक हजार से अधिक पुलिस कर्मी तैनात किए जाएंगे। जानिए कहां किसका नेतृत्व डीएसपी सुरेंद्र श्योराण की अगुवाई में पुलिस ने सेक्टर-4 जिम्मखाना क्लब से पोसवाल चौक तक फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च जिम्मखाना क्लब से शुरू होकर, रेस्ट हाउस, कृष्णा नगर, राजीव नगर, धक्का बस्ती, लियो चौक गन्दा नाला होते हुए कालाका रोड, अभय सिह चौक, उत्तम नगर, विजय नगर होते हुए पोसवाल चौक पहुंचा। रेवाड़ी में नाईवाली से रामपुरा तक डीएसपी पवन कुमार की अगुवाई में पुलिस ने फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च नाईवाली चौक से शुरू कर अग्रसेन चौक, बस स्टेंड, अम्बेड़कर चौक, धारूहेड़ा चुंगी, झज्जर चौक, रेलवे चौक, कंकरवाली और थाना रामपुरा से एरिया पहुंचा। धारूहेड़ा में भी निकाला फ्लैग मार्च धारूहेड़ा में भगत सिंह चौक से नंदरामपुर बॉस रोड तक डीएसपी रविंद्र कुमार के नेतृत्व में फ्लैग मार्च निकाला। फ्लैग मार्च भगत सिंह चौक से शुरू होकर सोहना रोड व नंदरामपुर बास रोड पर जाकर खत्म हुआ। इस दौरान पुलिस ने मतदाताओं को बिना किसी डर के मतदान करने का संदेश दिया। पुलिस ने लोगों से शांतिभंग करने या चुनाव आचर संहिता का उल्लंघन करने वालों की जानकारी तत्काल पुलिस को देने की भी अपील की।
हमीरपुर जनपद के राठ क्षेत्र में एक बारात को रोककर दर्जन भर दबंगों ने दूल्हे और उसके परिजनों के साथ बेरहमी से मारपीट की। इस हमले में दूल्हे का सिर फूट गया और कई अन्य रिश्तेदार भी घायल हो गए। दबंगों ने बारात की कार को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। यह घटना गुरुवार शाम को उस समय हुई जब मझगवां थाना क्षेत्र के झिन्ना वीरा गांव निवासी जगदेव राजपूत अपने भाई मुन्नीलाल की बारात लेकर बांदा जनपद के बबेरू थाना क्षेत्र के इम्लौर गांव जा रहे थे। रास्ते में राठ कोतवाली क्षेत्र के बसेला गांव के पास पहले से घात लगाए बैठे दर्जन भर दबंगों ने उनकी कार को रोक लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। मारपीट में दूल्हा मुन्नीलाल और जगदेव राजपूत गंभीर रूप से घायल हो गए। इसके अलावा जगदेव की भांजी रूपाली, पुत्र गगन और पुत्री अमृता को भी चोटें आई हैं। दबंगों ने कार को भी पूरी तरह तोड़ दिया। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दबंगों को बेखौफ होकर मारपीट करते देखा जा सकता है। घायल जगदेव राजपूत ने बताया कि पुरानी रंजिश के चलते कैथा गांव के कुछ दबंग युवकों ने अपने साथियों के साथ मिलकर इस वारदात को अंजाम दिया। मामले में राठ कोतवाली के प्रभारी इंस्पेक्टर ने जानकारी दी कि घायलों का मेडिकल परीक्षण कराया गया है। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इस घटना से क्षेत्र के नागरिकों में दहशत का माहौल है।
बाराबंकी में गुरुवार को स्कूटी सवार एक युवक पर कथित तौर पर फायरिंग का मामला सामने आया है। इस घटना में युवक बाल-बाल बच गया, जबकि गोली स्कूटी के निचले हिस्से में लगी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। मामला मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र का है। जानकारी के अनुसार, पैंतेपुर किशरौरा गांव निवासी मो. वसीम सूरतगंज कस्बे में किराए के मकान में रहकर प्लाटिंग ब्रोकर और ड्राइविंग का काम करते हैं। गुरुवार को वह किसी काम से अपनी स्कूटी से रामनगर की ओर जा रहे थे। आरोप है कि बम्भनावा-चंद्रसिहाली मार्ग स्थित भिखारीपुर गांव के पास पीछे से बाइक सवार तीन युवक आए और उन्होंने वसीम की स्कूटी रोकने का प्रयास किया। मो. वसीम के मुताबिक, तीनों युवकों में से दो के चेहरे ढके हुए थे, जबकि एक का चेहरा खुला था। किसी अनहोनी की आशंका होने पर वसीम ने स्कूटी की रफ्तार बढ़ा दी। इसी दौरान बाइक पर पीछे बैठे एक युवक ने तमंचे से फायर कर दिया। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिस गोली स्कूटी के साइड के निचले हिस्से में लगी, जिससे वसीम सुरक्षित बच निकले। घटना के तुरंत बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़ित मो. वसीम को थाने लाकर उनके बयान दर्ज किए। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी की फुटेज खंगाल रही है और स्थानीय लोगों से भी पूछताछ कर रही है। मो. वसीम ने बताया कि वह पहले लखनऊ में भी रह चुके हैं और उनकी किसी से कोई विशेष रंजिश नहीं है। वहीं, घटना को लेकर क्षेत्र में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि फायरिंग हुई होती तो गोली चलने की आवाज जरूर सुनाई देती। प्रभारी निरीक्षक वीर सिंह ने बताया- पुलिस हर पहलू पर जांच कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ की जा रही है तथा सीसीटीवी फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अबोहर में 15 वर्षीय किशोर की मौत:परिजनों ने पोस्टमार्टम से इनकार किया, पुलिस ने हार्ट फेल बताया
अबोहर के गांव कुंडल में 15 वर्षीय किशोर शविंदर सिंह की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। पुलिस ने परिजनों के बयानों के आधार पर इसे हार्ट फेल का मामला बताया है, लेकिन गांव में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। मृतक की पहचान गुरतेज सिंह के पुत्र शविंदर सिंह के रूप में हुई है। वह आठवीं कक्षा तक पढ़ा था और मजदूरी करता था। उसके चाचा हाकम सिंह ने बताया कि बुधवार दोपहर शविंदर खेत में अपने नाना को खाना देकर घर लौटा था।घर पहुंचने के बाद जब शविंदर खाना खाने बैठा, तो अचानक उसकी तबीयत बिगड़ गई। उसे घबराहट महसूस होने लगी और कुछ ही देर में उसकी हालत गंभीर हो गई, जिसके बाद उसकी मौत हो गई। परिजनों ने पुलिस को बताया कि शविंदर किसी प्रकार का नशा नहीं करता था और उसकी मौत अचानक हार्ट अटैक से हुई है। परिवार ने शव का पोस्टमार्टम करवाने या किसी भी प्रकार की कानूनी कार्रवाई से इनकार कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पहुंचे थाना प्रभारी घटना की सूचना मिलने पर थाना सदर प्रभारी कुलदीप सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने मृतक के पिता, नाना और दादा के बयान दर्ज किए। पुलिस ने परिजनों के बयान दर्ज करने के बाद आवश्यक कार्रवाई पूरी की और शव उन्हें सौंप दिया, जिसके बाद उसका अंतिम संस्कार कर दिया गया। थाना सदर प्रभारी कुलदीप सिंह ने यह भी बताया कि उन्हें 15 वर्षीय बच्चे की मौत की सूचना सोशल मीडिया के माध्यम से मिली थी। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच की, जहां परिजनों ने हार्ट फेल होने से मौत की जानकारी दी। परिवार ने किसी भी कानूनी कार्रवाई या पोस्टमार्टम से इनकार किया, जिसके बाद कानूनी प्रक्रिया पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया गया। गर्मी में अचानक बिगड़ी तबीयत, आसपास के लोग घर लेकर पहुंचे मृतक के दादा बूटा सिंह ने बताया कि बच्चा दोपहर में अपनी नानी को रोटी देने के लिए दाना मंडी क्षेत्र में गया था। वहां अचानक गर्मी के कारण उसे घबराहट हुई और वह गिर गया। आसपास मौजूद लोगों ने उसे घर पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दादा ने नशे की किसी भी बात से इनकार करते हुए कहा कि बच्चा आठवीं कक्षा का छात्र था और पढ़ाई में होशियार था। परिवार के अनुसार उसे पहले किसी प्रकार की बीमारी भी नहीं थी। किसी भी उम्र में आ सकता है हार्ट अटैक: डॉ. नवीन सेठी अबोहर के हार्ट स्पेशलिस्ट डॉ. नवीन सेठी ने बताया कि हार्ट अटैक किसी भी उम्र में आ सकता है। उन्होंने कहा कि 15 वर्षीय बच्चे को हार्ट अटैक आना असंभव नहीं है। संभव है कि बच्चे को पहले से कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या रही हो, जिसका चेकअप न करवाया गया हो। उन्होंने सलाह दी कि समय-समय पर बच्चों और परिवार के सदस्यों का हेल्थ चेकअप करवाना बेहद जरूरी है।
रीवा में कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी की सख्ती के बीच पंचायत एवं ग्रामीण विकास विभाग के अधिकारियों और कर्मचारियों द्वारा की गई नारेबाजी और विरोध का मामला भोपाल तक पहुंच गया है। मप्र राज्य कर्मचारी संघ इसके विरोध में मुख्य सचिव को पत्र लिखकर कलेक्टर से व्यवहारिक कार्यवाही की मांग करेगा। संघ के प्रदेश महामंत्री जितेंद्र सिंह ने कहा है कि कलेक्टर अंग्रेजियत न दिखाएं, वे फ्लेक्जिबल होकर कर्मचारियों से काम लें। पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग रीवा के कर्मचारियों ने गुरुवार को जिला प्रशासन के खिलाफ मोर्चा खोला। इसके बाद रीवा संभागायुक्त बीएस जामोद को ज्ञापन सौंपा गया है। दरअसल, पिछले एक सप्ताह से कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी विभागीय बैठकों में विकास कार्यों और ग्रामीण योजनाओं की समीक्षा कर रहे हैं। उन्होंने जल गंगा संवर्धन अभियान, मनरेगा और प्रधानमंत्री आवास योजना में धीमी प्रगति पर अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाते हुए जवाबदेही तय करने के निर्देश दिए हैं। इसी बैठक में कलेक्टर ने जल गंगा संवर्धन अभियान में न्यूनतम प्रगति पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि मुख्यमंत्री के इस महत्वपूर्ण अभियान में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कार्य में लापरवाही करने वाले अधिकारियों को पद से पृथक करने तथा शासकीय राशि में अनियमितता पाए जाने पर एफआईआर दर्ज कराने तक की चेतावनी दी गई थी। साथ ही अधिकारियों से जिले को प्रदेश की रैंकिंग में शीर्ष स्तर तक पहुंचाने के लिए बेहतर कार्य करने की अपेक्षा की गई थी। योजनाओं की प्रोग्रेस कम होने पर कलेक्टर ने लिए हैं एक्शन आज नारेबाजी कर संभागायुक्त को सौंपा ज्ञापन कलेक्टर की सख्ती के बाद जिला पंचायत में एकत्र हुए पंचायत और ग्रामीण विकास विभाग के कर्मचारी नारेबाजी करते हुए संभागायुक्त दफ्तर पहुंचे और ज्ञापन में उन्होंने कलेक्टर एवं जिला पंचायत सीईओ पर मानसिक दबाव और दुर्व्यवहार के आरोप लगाए तथा मांगें पूरी नहीं होने तक अनिश्चितकालीन हड़ताल पर जाने की घोषणा की है। कलेक्टर नरेंद्र सूर्यवंशी ने फिर कहा है कि सरकार वेतन देती है तो काम तो करना पड़ेगा। लापरवाही किसी की बर्दाश्त नहीं होगी। किसी की वेतन संबंधी या अन्य कोई दिक्कत है तो वे कलेक्टर से मिलकर बता सकते हैं। उसका समाधान भी किया जाएगा।
गोंडा के कौड़िया बाजार स्थित जय सम्मय माता पैड़ीबरा में आयोजित नौ दिवसीय श्रीराम कथा के चौथे दिन पूज्य राजन जी महाराज ने प्रभु श्रीराम की बाल लीलाओं का मनोहारी संगीतमय वर्णन किया। कथा के दौरान उन्होंने “राजा जी खजनवा दे दा, रानी जी गहनवा दे द...” जैसे सोहर प्रस्तुत किए, जिस पर श्रद्धालु झूम उठे। महाराज राजन जी ने कहा कि मनुष्य जिस व्यक्ति या विचार का लगातार चिंतन करता है, उसका प्रभाव उसके स्वभाव में उतरने लगता है। यदि कोई दुष्टता का चिंतन करेगा तो उसके भीतर दुष्ट प्रवृत्तियां बढ़ेंगी, जबकि संतों और सद्गुणों का चिंतन व्यक्ति को साधुता की ओर ले जाता है। उन्होंने भगवान श्रीराम के अनुज शत्रुघ्न का उदाहरण देते हुए कहा कि वे रामचरितमानस के मौन पात्र हैं और जो व्यक्ति मौन रहने की कला सीख लेता है, उसके शत्रु स्वतः समाप्त होने लगते हैं। देखिए 3 तस्वीरें… बड़ा आदमी वह नहीं जिसके पास अपार धन-संपत्ति उन्होंने लोगों से आत्मचिंतन करने का आह्वान करते हुए कहा कि हर व्यक्ति को यह सोचना चाहिए कि उसके जाने के बाद किसी घर या समाज का वातावरण कैसा होता है। महाराज जी ने कहा कि बड़ा आदमी वह नहीं जिसके पास अपार धन-संपत्ति हो, बल्कि बड़ा वह है जिसके आने से घर में दीपावली जैसा आनंद छा जाए। कथा के दौरान उन्होंने कहा कि व्यक्ति से बड़ा उसका व्यक्तित्व होता है। व्यक्ति नश्वर है, लेकिन उसका व्यक्तित्व सदैव जीवित रहता है। उन्होंने बताया कि भगवान श्रीराम के जन्म के बाद अयोध्या में उत्सव का वातावरण बन गया था और पूरी नगरी आनंद एवं पवित्रता से भर उठी थी। मनुष्य अपनी बुरी आदतों को सुधार ले नामकरण संस्कार का प्रसंग सुनाते हुए महाराज जी ने कहा कि गुरु वशिष्ठ ने श्रीराम को आनंदस्वरूप, भरत को प्रेम की मूर्ति, लक्ष्मण को सेवा का प्रतीक और शत्रुघ्न को मौन का स्वरूप बताया था। उन्होंने कहा कि जीवन का वास्तविक आनंद वह है जिसे शब्दों में व्यक्त नहीं किया जा सकता, उसे केवल अनुभव किया जा सकता है। राजन जी महाराज ने कहा कि भगवान का भजन करना कठिन नहीं है। यदि मनुष्य अपनी बुरी आदतों को सुधार ले, मन की चंचलता पर नियंत्रण कर ले और व्यवहार में सकारात्मक परिवर्तन लाए, वही सच्चा भजन है। उन्होंने कहा कि जब मन, कर्म और वचन से चतुराई समाप्त हो जाती है तो जीवन सरल हो जाता है और भगवान की प्राप्ति का मार्ग खुलता है। बिना सत्संग के विवेक संभव नहीं उन्होंने विद्यालयों में केवल शिक्षा ही नहीं, बल्कि संस्कार और विवेक की शिक्षा देने पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि बिना सत्संग के विवेक संभव नहीं है और सत्संग का अवसर भी उसी को मिलता है जिस पर भगवान की विशेष कृपा होती है। कथा के दौरान महाराज जी ने मुनि विश्वामित्र के अयोध्या आगमन, राजा दशरथ द्वारा उनके आतिथ्य-सत्कार, श्रीराम के चूड़ाकर्म, नामकरण और यज्ञोपवीत संस्कार का भावपूर्ण वर्णन किया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। इस अवसर पर दद्दन मिश्र, जिला अध्यक्ष अकबाल बहादुर तिवारी, भवानी भीख शुक्ल, राकेश पांडेय, राजेश तिवारी, मसूद आलम खां, रामभजन चौबे, महेश नारायण तिवारी, अंकित शुक्ल सहित बड़ी संख्या में गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजकों के अनुसार कथा में प्रतिदिन लगभग 10 हजार श्रद्धालु शामिल हो रहे हैं।
ग्रामीणों ने मिलकर बुझाई आग, बाल्टियों से डाला पानी:1 घंटे में काबू पाया, शोरूम तक जाने से रोका
राजसमंद के कुंवारिया कस्बे के नीलकंठ चौराहे पर गुरुवार शाम बाजार के बीच स्थित एक रिहायशी मकान में अचानक भीषण आग लग गई। देखते ही देखते आग ने विकराल रूप ले लिया, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई। हालांकि स्थानीय ग्रामीणों, युवाओं और व्यापारियों की तत्परता से बड़ा हादसा टल गया। मकान में लगी थी आग जानकारी के अनुसार शाम करीब 5 बजे नीलकंठ चौराहे के पास स्थित एक बंद मकान से अचानक धुआं उठता दिखाई दिया। मौके पर पहुंचे लोगों ने जब मकान का दरवाजा खोला तो अंदर आग तेजी से फैल चुकी थी। आग की लपटें देखकर आसपास के व्यापारियों और राहगीरों में भय का माहौल बन गया। बाल्टियों से भरकर पानी डाला आग की सूचना मिलते ही पास स्थित नीलकंठ साड़ी सेंटर और वर्धमान साड़ी सेंटर के कार्मिकों सहित स्थानीय युवा तुरंत मौके पर पहुंचे। दमकल के पहुंचने का इंतजार किए बिना युवाओं ने पास लगी पानी की मोटर चालू कर बाल्टियों के जरिए पानी डालना शुरू किया। करीब एक घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया। ग्रामीणों ने आग बुझाई प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार यदि समय रहते आग नहीं बुझाई जाती तो पास स्थित दोनों बड़े शोरूम इसकी चपेट में आ सकते थे, जहां करोड़ों रुपए का माल भरा हुआ था। ग्रामीणों और युवाओं की सक्रियता से लाखों रुपए के नुकसान के साथ एक बड़ा हादसा टल गया। फिलहाल आग लगने के कारणों का स्पष्ट पता नहीं चल पाया है, हालांकि प्रारंभिक तौर पर शॉर्ट सर्किट को वजह माना जा रहा है।
आज से जनगणना शुरू:पहले दिन जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारियों ने की स्व-गणना
जनगणना-2027 के अंतर्गत स्व-गणना अभियान आज से जनपद मेरठ में शुरू हो गया। कार्यक्रम की शुरुआत जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने जनगणना पोर्टल पर स्व-गणना करके की। इस अवसर पर उन्होंने मेरठ जनपदवासियों से भी स्व-गणना में सक्रिय रूप से भाग लेने की अपील की। उत्तर प्रदेश सरकार के मंत्री डॉ सोमेन्द्र तोमर और दिनेश खटीक, मेरठ हापुड़ लोकसभा सांसद अरुण चन्द्रप्रकाश गोविल, एमएलसी धमेन्द्र भारद्वाज, विधायक अमित अग्रवाल (मेरठ कैंट), शाहिद मंजूर (किठौर), अतुल प्रधान (सरधना), रफीक अंसारी (मेरठ शहर), गुलाम मौहम्मद (सिवालखास) और भाजपा जिलाध्यक्ष हरवीरपाल सिंह सहित कई जनप्रतिनिधियों ने स्व-गणना की। प्रशासनिक अधिकारियों में जिलाधिकारी डॉ. वी.के. सिंह, डीआईजी कलानिधि नैथानी, एसएसपी अविनाश पाण्डेय, नगर आयुक्त सौरभ गंगवार, उपाध्यक्ष एमडीए संजय मीणा, मुख्य विकास अधिकारी नूपुर गोयल और एडीएम सूर्यकान्त त्रिपाठी भी शामिल रहे। इन सभी ने जनगणना पोर्टल पर अपनी स्व-गणना पूरी की। जनप्रतिनिधियों और जिलाधिकारी ने बताया कि जनगणना-2027 देश का एक महत्वपूर्ण राष्ट्रीय कार्यक्रम है। यह विकास योजनाओं, संसाधनों के वितरण और नीतिगत निर्णयों का आधार है। उन्होंने जनपद के सभी नागरिकों से 7 मई 2026 से 21 मई 2026 तक चलने वाले इस स्व-गणना अभियान में सक्रिय रूप से भाग लेकर इसे सफल बनाने की अपील की। इस अवसर पर जिलाधिकारी मेरठ ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। उन्होंने मीडिया के माध्यम से जनपदवासियों से se.census.gov.in पर जाकर स्व-गणना करने का आग्रह किया। जिलाधिकारी ने मीडिया से भी इस कार्यक्रम का व्यापक प्रचार-प्रसार कर इसे सफल बनाने का अनुरोध किया। जिलाधिकारी ने बताया कि स्व-गणना पूर्ण करने पर एक आईडी जनरेट होगी। इस आईडी को प्रगणक को मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना (जो 22 मई से 20 जून 2026 तक चलेगी) के दौरान उपलब्ध कराना होगा। प्रगणक द्वारा इस आईडी का सत्यापन किया जाएगा।
मेरठ के मुख्य विकास अधिकारी (CDO) ने जिलाधिकारी के निर्देशों पर जिला विद्यालय निरीक्षक कार्यालय का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान कार्यालय में भारी अव्यवस्थाएं और अनुशासनहीनता पाई गई, जिस पर CDO ने कड़ा रुख अपनाया है। निरीक्षण में आई.जी.आर.एस. (IGRS) रजिस्टर की जांच की गई। इसमें सामने आया कि शिकायतों का निस्तारण तो हो रहा था, लेकिन शिकायतकर्ताओं से फीडबैक नहीं लिया जा रहा था। मुख्य विकास अधिकारी ने इसे गंभीर चूक मानते हुए गुणवत्तापूर्ण निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। निरीक्षण के समय प्रशासनिक अधिकारी मनोज मलिक बिना किसी पूर्व सूचना के अनुपस्थित पाए गए। इसके अलावा, अकाउंट सेक्शन की जांच में तीन कर्मचारी बिना किसी आधिकारिक आदेश के कार्यालय में काम करते मिले। बाहरी या अन्य संस्थानों के व्यक्तियों का कार्यालय कार्यों में शामिल होना नियमों के विरुद्ध पाया गया। कार्यालय के विभिन्न कक्षों में सफाई व्यवस्था बेहद खराब मिली। महत्वपूर्ण सरकारी फाइलों का रख-रखाव भी सही ढंग से नहीं किया गया था, जिससे रिकॉर्ड के गुम होने या खराब होने की आशंका बनी हुई थी। मुख्य विकास अधिकारी ने इन सभी अनियमितताओं पर कड़ी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को स्पष्टीकरण जारी करने और व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के कड़े निर्देश दिए। CDO ने साफ किया कि सरकारी कार्यों में किसी भी प्रकार की शिथिलता या अनुशासनहीनता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश संख्या-02 किशनगढ़बास जगदीश प्रसाद मीना ने दहेज हत्या के एक मामले में दो आरोपियों को दोषी ठहराते हुए सात-सात साल के कठोर कारावास और पांच-पांच हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित किया है। अपर लोक अभियोजक एडवोकेट अजीत राव ने बताया कि न्यायालय ने आरोपी देशराज पुत्र रोहिताश और उसके बेटे संदीप निवासी ग्राम बिलाहेड़ी, थाना कोटकासिम को भारतीय दंड संहिता की धारा 304-बी एवं 498-ए के तहत दोषी मानते हुए ये सजा सुनाई। यह था मामलामामले के अनुसार परिवादी ओमी यादव पुत्र सरदार सिंह निवासी माजरा भालकी, थाना खोल, जिला रेवाड़ी (हरियाणा) ने 19 अगस्त 2017 को सीएचसी कोटकासिम में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया गया कि उसकी बेटी मोनिका की शादी 14 अप्रैल 2012 को संदीप के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी में सामर्थ्य अनुसार दहेज दिया गया था, जिसमें एक हुंडई कार, करीब पांच लाख रुपए के जेवरात तथा घरेलू सामान शामिल था। 20 लाख रुपए की मांग कीआरोप था कि शादी के बाद से ही ससुराल पक्ष मोनिका को दहेज के लिए प्रताड़ित करने लगा और 20 लाख रुपए की मांग की जाने लगी। परिवादी ने आरोप लगाया कि दबाव में आकर उसने 10 लाख रुपए भी दिए, लेकिन इसके बावजूद प्रताड़ना बंद नहीं हुई। रिपोर्ट के अनुसार मोनिका कुछ समय के लिए अपने पीहर आ गई थी। बाद में ससुराल पक्ष के लोगों और गांव के बुजुर्गों के आश्वासन पर उसे वापस भेज दिया गया। घटना से करीब 10-15 दिन पहले मोनिका ने फोन कर फिर से दहेज के लिए परेशान किए जाने की जानकारी दी थी। इसके बाद सूचना मिली कि मोनिका की जहरीला पदार्थ देकर हत्या कर दी गई है। परिवादी जब परिजनों के साथ बिलाहेड़ी गांव पहुंचा तो उसकी बेटी मृत अवस्था में मिली। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पोस्टमार्टम एवं अन्य साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने कोर्ट में चालान पेश किया। सुनवाई के बाद न्यायालय ने आरोपी देशराज और संदीप को दोषी करार देते हुए सात वर्ष के कठोर कारावास एवं पांच-पांच हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई।
प्रयागराज के ज्वाला देवी सरस्वती विद्या इंटर कॉलेज, गंगापुरी में बोर्ड परीक्षा प्रतिभा अलंकरण समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर जिले और विद्यालय की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 24 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। छात्रों के साथ उनके अभिभावकों को भी विशेष सम्मान प्रदान किया गया। समारोह के मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति डॉ. शेखर कुमार यादव थे। कुलभास्कर पीजी कॉलेज, प्रयागराज के एसोसिएट प्रोफेसर डॉ. शशिकांत त्रिपाठी ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। जिला पंचायत राज अधिकारी प्रयागराज रविशंकर द्विवेदी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। मेधावी छात्रों को स्मृति चिन्ह प्रदान किए गए, जबकि उनके अभिभावकों को अंगवस्त्र भेंट कर सम्मानित किया गया। मुख्य अतिथि न्यायमूर्ति डॉ. शेखर कुमार यादव ने अपने संबोधन में कहा कि पुरस्कार व्यक्ति के जीवन में उत्साह और गति प्रदान करते हैं। उन्होंने जोर दिया कि यदि छात्रों को शुरुआती जीवन से ही प्रोत्साहन मिले, तो वे नए कीर्तिमान स्थापित कर सकते हैं। न्यायमूर्ति यादव ने कहा कि विद्या भारती द्वारा संचालित विद्यालय ऐसी प्रतिभाओं को आगे बढ़ा रहे हैं, जो भविष्य में देश और समाज का नाम रोशन करेंगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे डॉ. शशिकांत त्रिपाठी ने सफलता और सार्थकता के बीच अंतर स्पष्ट किया। उन्होंने कहा कि केवल भौतिक उपलब्धियां ही जीवन का उद्देश्य नहीं होतीं, बल्कि समाज और दूसरों के जीवन में सकारात्मक योगदान देना ही सच्चे अर्थों में सार्थक जीवन है। विशिष्ट अतिथि रविशंकर द्विवेदी ने छात्रों को कड़ी मेहनत, अनुशासन और गुरुजनों के सम्मान का संदेश दिया। विद्यालय के प्रधानाचार्य बांके बिहारी पाण्डेय ने सभी अतिथियों, अभिभावकों और उपस्थित लोगों का आभार व्यक्त किया। कार्यक्रम का संचालन आचार्य सरोज सिंह ने किया।
बेगूसराय के पावन गंगा तट सिमरिया घाट पर अंतिम संस्कार के लिए आने वाले लोगों को अब परेशान नहीं होना पड़ेगा। उन्हें गंगा नदी के किनारे सही जगह खोजने की कोई जरूरत नहीं है। आज केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने सिमरिया धाम में 2 विद्युत शव दाह गृह और 4 लकड़ी शव दाह गृह का उद्घाटन किया है। मौके पर उन्होंने कहा कि सिमरिया धाम आस्था और संस्कृति का महत्वपूर्ण केंद्र है। यहां आधुनिक सुविधाओं का विकास श्रद्धालुओं -आमजनों के लिए उपयोगी होगा। विद्युत शवदाह गृह के संचालन से पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा मिलेगा और अंतिम संस्कार की प्रक्रिया अधिक सुविधाजनक होगी। गंगा तट को निर्मल रखना केवल सरकार का नहीं, बल्कि पूरे समाज का दायित्व है, इसका निर्वहन करें। लकड़ी वाले शवदाहगृह में मात्र डेढ़ क्विंटल लकड़ी से दो घंटे में शव जलेगी। जबकि विद्युत शवदाहगृह में एक घंटा समय लगेगा। शव जलने के बाद गंगा में प्रवाहित करने के लिए उसका थोड़ा सा राख परिजनों को मिलेगा। पौधरोपण भी कराने का दिया आदेश शवदाह गृह चालू होने से गंगा के साथ-साथ वायु प्रदूषण भी कम होगा। बीहट नगर परिषद के कार्यपालक अधिकारी सिमरिया धाम में शवदाहगृह चालू रहने से संबंधित बोर्ड सिमरिया धाम के मोड़ पर लगाएं। जिससे यहां आने वाले सभी शव का अंतिम संस्कार शवदाह गृह में हो सके। शेड और पौधरोपण भी संबंधित अधिकारी कराएं। मौके पर डीएम श्रीकांत शास्त्री ने कहा कि शवदाहगृह का निर्माण करने वाली एजेंसी बुडको की ओर से सप्ताह भर बाद इसे संचालन के लिए बीहट नगर परिषद को सौपेंगे। इस अवसर पर एडीएम ब्रजकिशोर चौधरी, बीहट नगर परिषद के उप मुख्य पार्षद ऋषिकेश कुमार, बीडीओ अनुरंजन कुमार सहित अन्य उपस्थित थे। इस दौरान मल्लिक समाज के लोगों ने नवनिर्मित शवदाहगृह का संचालन देने की मांग गिरिराज सिंह से किया है। राजन मल्लिक सहित अन्य ने कहा है कि शवदाह गृह में अंतिम संस्कार होने से हमारे समाज के स्थानीय 200 से अधिक लोग बेरोजगार हो जाएंगे। इसलिए उक्त शवदाहगृह में काम करने के लिए हमलोगों को रखा जाए। बता दें कि सिमरिया धाम के पूर्वी छोर गंगा तट पर मुख्यमंत्री सात निश्चय-दो में नगर विकास के फंड से 10 करोड़ की लागत से लकड़ी से जलने वाली चार शेड और बिजली पर जलने वाली दो शेड का निर्माण किया गया है। शवदाह के दौरान लोगों के बैठने के लिए वेटिंग रूम, पेयजल, लाईट और शौचालय की व्यवस्था रहेगी। इसके साथ ही शवदाह से संबंधित सामानों की दुकानें भी खुलेगी। शव जलाने और इसकी सफाई , देख-रेख को लेकर जल्द ही कर्मचारियों को तैनात किया जाएगा। बुडको के अभियंता ने बताया कि शवदाहगृह की खासियत है कि कम लकड़ी में बेहतर ढंग से शव जलेगी। लकड़ी के अपेक्षा विद्युत शवदाह में कम खर्च पड़ेगी।
छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (CSJMU) से संबद्ध कॉलेजों के स्ववित्त पोषित शिक्षकों को कैशलेस मेडिकल सुविधा देने का रास्ता तो सरकार ने साफ कर दिया है, लेकिन कॉलेजों की लापरवाही इस योजना पर भारी पड़ती नजर आ रही है। ताजा आंकड़ों के अनुसार विश्वविद्यालय से जुड़े करीब 462 कॉलेजों ने अब तक अपने शिक्षकों की सूची विश्वविद्यालय प्रशासन को नहीं भेजी है। अगर जल्द ही यह प्रक्रिया पूरी नहीं हुई, तो हजारों शिक्षक सरकार की इस महत्वपूर्ण योजना का लाभ लेने से वंचित रह सकते हैं। कुलसचिव से मिले शिक्षक संघ के पदाधिकारीबुधवार 6 मई 2026 को कानपुर विश्वविद्यालय स्ववित्त पोषित शिक्षक संघ का प्रतिनिधिमंडल इस मुद्दे को लेकर विश्वविद्यालय के कुलसचिव राकेश मिश्रा से मिला। संघ के अध्यक्ष डॉ. कमलेश यादव और महामंत्री डॉ. अखंड प्रताप सिंह ने शिक्षकों की समस्याओं को विस्तार से रखा। बैठक के दौरान सामने आया कि अब तक केवल 100 कॉलेजों ने ही अपने शिक्षकों का डेटा विश्वविद्यालय को उपलब्ध कराया है, जबकि बड़ी संख्या में कॉलेज अब भी सूची भेजने में देरी कर रहे हैं। शिक्षक संघ के पदाधिकारियों ने कहा कि स्ववित्त पोषित शिक्षकों को कैशलेस मेडिकल सुविधा दिलाने के लिए मुख्य संरक्षक और कानपुर-उन्नाव शिक्षक एमएलसी राज बहादुर सिंह चंदेल लंबे समय से संघर्ष कर रहे हैं। उनके लगातार प्रयासों के बाद ही सरकार ने यह सुविधा लागू की है। संघ का कहना है कि यदि कॉलेज प्रबंधन समय पर सूची नहीं भेजते हैं, तो यह पूरा प्रयास कमजोर पड़ जाएगा। पदाधिकारियों ने इसे शिक्षकों के हितों के साथ खिलवाड़ बताया। शिक्षकों से खुद आगे आने की अपीलशिक्षक संघ ने अब सीधे शिक्षकों से अपील की है कि वे इस मामले में सक्रिय भूमिका निभाएं। संघ के मुताबिक शिक्षक अपने-अपने कॉलेज प्रशासन पर दबाव बनाएं, ताकि उनकी सूची जल्द से जल्द विश्वविद्यालय को भेजी जा सके। इसके साथ ही शिक्षकों से यह भी कहा गया है कि वे दूसरे कॉलेजों में कार्यरत साथियों को भी इस योजना के प्रति जागरूक करें। विश्वविद्यालय प्रशासन और शिक्षक संघ दोनों का मानना है कि डेटा भेजने में जितनी देरी होगी, आगे की प्रक्रिया उतनी ही जटिल होती जाएगी। बड़ी संख्या में स्ववित्त पोषित शिक्षक इस योजना से जुड़ने की प्रतीक्षा कर रहे हैं। अगर कॉलेज समय पर सूची नहीं भेजते हैं, तो तकनीकी कारणों से शिक्षकों के नाम पोर्टल पर अपडेट नहीं हो पाएंगे। ऐसे में जरूरत पड़ने पर उन्हें इलाज के दौरान कैशलेस मेडिकल सुविधा का लाभ नहीं मिल सकेगा।
विदिशा जिले के मुरादपुर गांव में गुरुवार को प्रशासन और सामाजिक संगठनों की संयुक्त कार्रवाई में एक बाल विवाह रुकवाया गया। ‘अट्टा-सट्टा’ यानी अदला-बदली विवाह प्रथा के तहत तीन जोड़ों की शादी कराई जा रही थी, जिसमें एक नाबालिग लड़का भी शामिल था। कार्रवाई के बाद तीनों परिवारों ने विवाह कार्यक्रम स्थगित कर दिए। बाल विभाग और पुलिस टीम गांव पहुंचीजानकारी के अनुसार, विदिशा सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन को मुरादपुर गांव में बाल विवाह होने की सूचना मिली थी। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी विनीत कस्बा और सहायक संचालक विवेक शर्मा के मार्गदर्शन में महिला एवं बाल विकास विभाग, सोशल वेलफेयर ऑर्गेनाइजेशन और पुलिस की संयुक्त टीम गठित की गई। टीम जब गांव पहुंची, तब वहां तीन विवाहों की तैयारियां चल रही थीं। अधिकारियों ने लड़के और लड़कियों के दस्तावेजों की जांच की। जांच में सामने आया कि एक लड़के की जन्मतिथि 27 जून 2010 दर्ज है, जिससे उसकी उम्र कानूनी विवाह आयु से काफी कम पाई गई। वहीं, संबंधित युवती की उम्र 22 वर्ष बताई गई। गांव की अदला बदली प्रथा के तहत कर रहे थे विवाहपूछताछ के दौरान परिजनों ने बताया कि गांव में ‘अट्टा-सट्टा’ प्रथा प्रचलित है। इस परंपरा के तहत एक परिवार अपनी बेटी का विवाह दूसरे परिवार में करता है और बदले में उस परिवार की बेटी का विवाह अपने बेटे से कराया जाता है। इसी सामाजिक परंपरा के कारण नाबालिग लड़के का विवाह भी तय किया गया था। टीम ने माता-पिता और ग्रामीणों को समझाइश दीसंयुक्त टीम ने परिजनों को बाल विवाह प्रतिषेध अधिनियम की जानकारी देते हुए बताया कि 21 वर्ष से कम आयु के लड़के का विवाह कराना कानूनन अपराध है। अधिकारियों ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी भी दी। समझाइश के बाद परिजन विवाह रोकने के लिए सहमत हो गए। मौके पर पंचनामा तैयार कर हस्ताक्षर कराए गए, जिसके बाद बाल विवाह को सफलतापूर्वक रोक दिया गया। अधिकारियों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में ‘अट्टा-सट्टा’ जैसी परंपराएं आज भी सामाजिक दबाव और पुरानी मान्यताओं के कारण जारी हैं। यही वजह है कि कई बार कम उम्र में विवाह के मामले सामने आते हैं।
ग्रेटर नोएडा के जेवर स्थित पुरानी अनाज मंडी में गुरुवार को मामूली कहासुनी के बाद एक व्यापारी और उसके भाइयों समेत चार लोगों पर लाठी-डंडों से हमला किया गया। इस हमले में चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने गुरुवार शाम मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। मोहल्ला खोरिया के रहने वाले गौरव जैन पुरानी अनाज मंडी में खादी भंडार की दुकान चलाते हैं। गौरव जैन के अनुसार, गुरुवार को वह अपनी दुकान के बाहर टेंपो से आया सामान उतरवा रहे थे, तभी कार से पहुंचे सोनू उर्फ विक्की ने उनसे टेंपो हटाने को कहा। गौरव ने तुरंत टेंपो हटवा दिया, लेकिन इसके बावजूद आरोपी उनसे बहस करने लगा। आरोप है कि कुछ देर बाद सोनू ने अपने साथी हरिओम, श्री गोपाल और यश को मौके पर बुला लिया। इसके बाद सभी आरोपियों ने मिलकर गौरव जैन, उनके भाई सौरभ जैन, ताऊ के बेटे प्रवीण जैन और दुकान पर काम करने वाले महेश पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में चारों गंभीर रूप से घायल हो गए। हमलावर जान से मारने की धमकी देकर मौके से फरार हो गए। सभी घायलों को उपचार के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। यह पूरी घटना मंडी में लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। घटना से नाराज व्यापारियों ने देर शाम कोतवाली पहुंचकर आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। पुलिस ने मिली तहरीर के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
बिहार में नए मंत्रिमंडल के गठन के बाद दरभंगा में खुशी का माहौल देखने को मिला। खराजपुर गांव निवासी मदन सहनी को लगातार सातवीं बार मंत्री पद मिलने पर उनके आवास पर समर्थकों और परिजनों ने जमकर जश्न मनाया। लोगों ने एक-दूसरे को अबीर-गुलाल लगाकर मिठाई खिलाई और बम-पटाखे छोड़कर खुशी का इजहार किया। माहौल ऐसा था मानो होली और दीपावली एक साथ मनाई जा रही हो।हालांकि, मंत्री मदन सहनी के परिवार के अधिकांश सदस्य पटना में आयोजित शपथ ग्रहण समारोह में शामिल होने गए थे, लेकिन गांव और आवास पर मौजूद लोगों ने उत्साहपूर्वक जश्न मनाया। इस मौके पर मंत्री के साले सुरेंद्र कुमार सहनी ने कहा कि “सिर्फ हम लोग ही नहीं, पूरा देश खुश है। देश भाजपामय हो गया है।बिहार में सम्राट चौधरी वाली सरकार बनी है। मेरे बहनोई मदन सहनी लगातार जनता के लिए काम करते आए हैं और पूर्व मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के कार्यकाल में भी लगातार मंत्री रहे हैं। उनके काम को देखते हुए ही इस बार भी उन्हें मंत्री बनाया गया है।” दरभंगा में एम्स बन रहा है उन्होंने कहा कि मदन सहनी के विधानसभा क्षेत्र में लगातार विकास काम हो रहे हैं। “दरभंगा में एम्स बन रहा है, केंद्रीय विद्यालय का निर्माण हो रहा है, सड़क और पुल-पुलियों का जाल बिछाया गया है, आईटी पार्क बना है। क्षेत्र में विकास के कई बड़े काम हुए हैं और आगे भी होते रहेंगे।” वहीं दूसरी ओर भाजपा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य डॉ. निर्भय शंकर भारद्वाज की अगुवाई में अहिल्या स्थान मंदिर प्रांगण में माता अहिल्या का पूजन कर नीतीश मिश्रा के मंत्रिमंडल में शामिल होने की खुशी मनाई गई। इस दौरान लोगों के बीच मिठाइयां बांटी गईं। डॉ. भारद्वाज ने कहा कि “नीतीश मिश्रा को मंत्रिमंडल में शामिल कर संपूर्ण मिथिला को सम्मानित करने का काम किया गया है। उन्होंने उद्योग मंत्री और पर्यटन मंत्री के रूप में अपने कार्यकाल में लंबी लकीर खींचने का काम किया है। उन्हें जिस भी विभाग की जिम्मेदारी मिलेगी, उनका अनुभव और कार्यशैली बिहार को नई दिशा देने का काम करेगी।” रामऔतार गौतम अहिल्या संस्कृत महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. इंद्रेश कुमार ने कहा कि “पढ़े-लिखे लोग ही समाज को नई दिशा और दशा देते हैं। उनकी कार्यशैली ही उनकी पहचान होती है।” इस अवसर पर अहिल्यास्थान के महंत बजरंगी शरण दास, डॉ. मनोरंजन शर्मा, डॉ. इंद्रेश कुमार, डॉ. अभय शंकर, डॉ. सुभाष चंद्र यादव, डॉ. नवीन प्रकाश, डॉ. रानी कुमारी, दीपक कुमार, संजीव कुमार, मगन ठाकुर समेत दर्जनों लोग उपस्थित रहे।
पाली में तस्करों को पकड़ने के लिए ANTF टीम टोलकर्मी बनी। जैसे ही संदिग्ध कार आई। उसे टोल नहीं कटने की बात कहकर साइड में करवाया फिर स्थानीय पुलिस की मदद से कार की तलाशी ली। जिसमें 21.87 ग्राम अवैध एमडी मिलने पर कार और एमडी को जब्त किया। और चार आरोपियों को गिरफ्तार किया। टीम को सूचना मिली की जोधपुर की तरफ एक कार में अवैध मादक पदार्थ लेकर कुछ लोग आ रहे है। इस पर टीम ने बुधवार रात को रोहट क्षेत्र के गाजनगढ़ टोल नांके पर साधा वर्दी में पहुंची। और तस्करों को पकड़ने के लिए टोलकर्मियों की ड्रेस पहनकर टोल पर तैनात हो गए। जैसे ही जोधपुर की तरफ से संदिग्ध कार आई। उसे टोल नहीं कटने की बात कहते हुए साइड में करवाया। पुलिस रोहट पुलिस को मौके पर बुलाया। तलाशी में कार में 21.87 ग्राम अवैध एमडी मिली। जिसको लेकर वे कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। ऐसे में कार में सवार चार आरोपियों को गिरफ्तार कर एमडी और कार भी जब्त की। इन चार आरोपियों को किया गिरफ्तारपाली के मंडिया रोड गरीब नवाज कॉलोनी निवासी फरदीन उर्फ चीनू पुत्र फारूख, मोबिन खान उर्फ बंटी पुत्र चांद मोहम्मद, मंडिया रोड शिव नगर निवासी भरत कुमार पुत्र नारायणलाल और रामदेव रोड पुलिस चौकी के सामने रहने वाले कार्तिक पुत्र पीराराम को गिरफ्तार किया।
लखनऊ स्थित बिरजू महाराज कथक संस्थान में गुरुवार को 'व्याख्यान-सह प्रदर्शन' कार्यक्रम का आयोजन हुआ। कार्यक्रम का विषय था- 'दृश्य कला के सौन्दर्य तत्व: नृत्य के संदर्भ में।' संस्कृति विभाग उत्तर प्रदेश के तत्वावधान में आयोजित इस कार्यक्रम में कला, नृत्य और सौंदर्य के विभिन्न आयामों पर विस्तार से चर्चा हुई। कार्यक्रम के मुख्य वक्ता डॉ. सुनील कुमार विश्वकर्मा रहे। उन्होंने अपने व्याख्यान में भारतीय कला और नृत्य के सौंदर्य सिद्धांतों को सरल भाषा में समझाया। उन्होंने कहा कि संचारी भाव, विभाव और अनुभाव से रस की उत्पत्ति होती है और रस का अंतिम उद्देश्य आनंद प्रदान करना है। कला का मूल कार्य भी मनुष्य को आनंद देना ही है। नर्तक अपनी अभिव्यक्ति से अकथ्य को कथ्य बना देता है डॉ. विश्वकर्मा ने कहा कि नर्तक अपनी अभिव्यक्ति के माध्यम से अकथ्य को भी कथ्य बना देता है। कलाकार तभी कला की पूर्णता को प्राप्त कर सकता है, जब उसके भीतर का अहं समाप्त हो जाए। उनके विचारों ने उपस्थित विद्यार्थियों और कला प्रेमियों को गहराई से प्रभावित किया। भारतीय नृत्य परंपरा और गहराई से परिचित कराया कार्यक्रम का संचालन संस्थान की प्रशिक्षिका डॉ. उपासना दीक्षित ने किया। संस्थान के विद्यार्थियों, अभिभावकों, शिक्षकों और कर्मचारियों ने उत्साह के साथ कार्यक्रम में भाग लिया। व्याख्यान और प्रदर्शन ने कला प्रेमियों को भारतीय नृत्य परंपरा के सौंदर्य और गहराई से परिचित कराया। आयोजन को ज्ञानवर्धक और प्रेरणादायी बताया गया। कार्यक्रम में भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. माण्डवी सिंह, संस्थान की अध्यक्ष डॉ. कुमकुम धर और उपाध्यक्ष डॉ. मिथिलेश तिवारी की गरिमामयी उपस्थिति रही।
इंदिरा गांधी नहर में रखरखाव के लिए की गई नहरबंदी अपने निर्धारित समय पर ही पूरी होगी। जलदाय विभाग ने स्पष्टीकरण जारी करते हुए कहा है कि आम आदमी को 11 मई से नहरबंदी के संकट से नहीं जूझना पड़ेगा। 14 मई से बीकानेर शहर को पहले की तरह हर रोज पानी मिलना शुरू हो जाएगा। जलदाय विभाग के अधीक्षण अभियंता ग्रामीण राजेश पुनिया ने बताया कि बीकानेर में जारी नहरबंदी 10 मई 2026 को पूर्व निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार समाप्त हो जाएगी। जलदाय विभाग ने इंदिरा गांधी नहर अधिकारियों के साथ समन्वय स्थापित कर आगामी जलापूर्ति व्यवस्था तय कर ली है। विभाग के अनुसार 14 या 15 मई तक जिले के सभी क्षेत्रों में नहरी पानी पहुंचना संभावित है। वर्तमान में जिले के शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के लिए पर्याप्त मात्रा में पेयजल का भंडारण किया गया है। इसी वजह से नहरबंदी के दौरान भी जल वितरण व्यवस्था सुचारु रूप से संचालित की जा रही है। उन्होंने बताया कि आगामी आदेश तक वर्तमान समयांतराल के अनुसार ही पेयजल सप्लाई की जाएगी। विभाग लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है ताकि नहरबंदी की अवधि में आमजन को पेयजल संकट का सामना नहीं करना पड़े। दरअसल, पंजाब में समय पर काम पूरा नहीं होने के कारण शहर में पेयजल आपूर्ति को लेकर चिंता बढ़ गई थी। ये भी आशंका जताई गई थी नहर बंदी की अवधि को बढ़ाना भी पड़ सकता है। हालांकि अब जलदाय विभाग ने साफ किया है कि नहरबंदी पूर्व निर्धारित समय पर ही समाप्त होगी। इसके बाद तीन दिन में पानी बीकानेर के जलाशयों में पहुंच जाएगा। हालांकि विभाग ने ये स्पष्ट नहीं किया है कि 14 मई से मिलने वाला पानी साफ होगा या फिर उसके साथ मिट्टी का बहाव हो सकता है। आमतौर पर नहर बंदी के बाद जलापूर्ति सामान्य होने से पहले दो दिन तक पानी साफ नहीं आता।
लखनऊ में लोकसंगीत कार्यशाला का सातवां दिन:महिलाओं और युवतियों ने सीखे पारंपरिक लोकगीत
लखनऊ में गौरैया संस्कृति संस्थान की लोकसंगीत कार्यशाला का सातवां दिन लोकधुनों और पारंपरिक गीतों से सराबोर रहा। कार्यशाला में महिलाओं और युवतियों ने पूरे उत्साह के साथ लोकगीतों की बारीकियां सीखीं। कार्यक्रम का उद्देश्य नई पीढ़ी को अपनी लोक परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत से जोड़ना है। आकाशवाणी की ए ग्रेड कलाकार रंजना मिश्रा ने प्रतिभागियों को राम भजन “राम जय राम”, विवाह गीत “बेरिया की बेरि तुही बरजेहु बाबा”, पचरा गीत “सुमिरिला सरदा भवानी पत राखा महारानी” और “रटन लागी जिभिया” जैसे पारंपरिक गीत सिखाए। जेठ के मंगल के अवसर पर हनुमान भजन भी प्रशिक्षण का हिस्सा रहा। गीतों की प्रस्तुति के दौरान माहौल पूरी तरह भक्तिमय और लोकसंस्कृति के रंग में रंगा नजर आया। पारंपरिक विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा रंजना मिश्रा ने बताया कि कार्यशाला में विवाह गीत, बधाई गीत, दादरा, पचरा, सोहर, नकटा, सरिया और लोक भजन जैसी पारंपरिक विधाओं का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। उन्होंने कहा कि करीब 11 ऐसे गीत सिखाए जाएंगे, जो अलग-अलग सामाजिक और पारिवारिक अवसरों से जुड़े हैं। इससे नई पीढ़ी अपनी जड़ों और लोकसंस्कृति को बेहतर ढंग से समझ सकेगी। ढोलक पर विशाल मिश्रा और हारमोनियम पर शंकर दूबे ने संगत कर कार्यक्रम को और आकर्षक बना दिया। कार्यशाला में लोकसंगीत सीखने वालों का उत्साह देखते ही बन रहा था। संस्था की ओर से बताया गया कि जो लोग लोकगीत और पारंपरिक संगीत सीखना चाहते हैं, वे संपर्क कर कार्यशाला से जुड़ सकते हैं। ये रहीं मौजूद कार्यशाला में सुनीता चौरसिया, रीना सिंह, कुमकुम मिश्रा, अल्पना श्रीवास्तव, डॉ. सुषमा रस्तोगी, रंजना सिंह, रमा सिंह, आशा तिवारी, सुषमा सक्सेना, नवनीता जफा, अनुराधा गुप्ता, अमिता द्विवेदी, भावना शुक्ला, आभा मिश्रा, आभा शुक्ला, सुनीता निगम और रेनुका त्रिपाठी समेत कई महिलाएं शामिल रहीं।
डेली कॉलेज के चुनाव में बैलट पेपर चोरी का आरोप:प्रत्याशी ने लगाए आरोप, 21 मई को होना है चुनाव
इंदौर के डेली कॉलेज सोसाइटी में न्यू डोनर कैटेगरी के चुनाव को लेकर विवाद गहराता जा रहा है। 21 मई को होने वाले चुनाव के लिए 5 और 6 मई को विभिन्न शहरों में 153 बैलेट पेपर स्पीड पोस्ट के जरिए भेजे गए थे। अब पूर्व छात्र और प्रत्याशी राजेश अग्रवाल ने कुछ बैलेट पेपर चोरी और जबरन छीनने के आरोप लगाए हैं। राजेश अग्रवाल ने आरोप लगाते हुए कहा कि इलेक्शन ऑफिसर और डेली कॉलेज सोसाइटी के सेक्रेटरी चुनाव प्रक्रिया में लगातार एकपक्षीय, असंवैधानिक और नियमों के विपरीत कार्रवाई कर रहे हैं। उनका कहना है कि चुनाव की अधिसूचना 21 अप्रैल को जारी की गई थी, उस समय पुराना संविधान लागू था, जबकि नए संविधान को 24 अप्रैल को स्वीकृति मिली। इसके बावजूद चुनाव नए संविधान के आधार पर कराए जा रहे हैं। उन्होंने यह भी सवाल उठाया कि चुनाव संबंधी गाइडलाइंस 30 अप्रैल को जारी की गईं, जबकि चुनाव प्रक्रिया पहले ही शुरू हो चुकी थी। प्रत्याशी ने आरोप लगाया कि बैलेट पेपर भेजे जाने के बाद डेली कॉलेज सोसाइटी के अध्यक्ष और बोर्ड मेंबर्स द्वारा जबरदस्ती बैलेट छीने जा रहे हैं। उनके अनुसार गुरुवार को देवास में एक उद्योगपति के कार्यालय से उनकी इच्छा के विरुद्ध 20 से 25 लोगों ने बैलेट पेपर छीन लिया। इसके अलावा देवास में दो अन्य लोगों के कार्यालयों से भी इसी प्रकार बैलेट उठाए जाने की बात कही गई है। राजेश अग्रवाल ने यह भी आरोप लगाया कि पीथमपुर में बंद पड़े तीन कारखानों के बैलेट पेपर पोस्टमैन से ही ले लिए गए, जबकि डिलीवरी नहीं होने की स्थिति में इन्हें पोस्ट ऑफिस वापस लौटना चाहिए था। मामले को लेकर उन्होंने चुनाव प्रक्रिया की निष्पक्षता पर सवाल उठाते हुए जांच की मांग की है।
हरियाणा के पंचकूला में चुनाव प्रक्रिया को निष्पक्ष, सुरक्षित और शांतिपूर्ण ढंग शहरभर में व्यापक स्तर पर फ्लैग मार्च निकाला गया। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में निकाले गए इस मार्च के माध्यम से जहां आम जनता में सुरक्षा और विश्वास का माहौल बनाने का प्रयास किया गया। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह के नेतृत्व में थाना सेक्टर-14 क्षेत्र के अंतर्गत इंदिरा कॉलोनी, राजीव कॉलोनी, बुढ़नपुर, सेक्टर-19, सेक्टर-14 तथा सेक्टर-20 सहित विभिन्न अति संवेदनशील क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाला गया। इस दौरान एसीपी क्राइम अरविंद कंबोज, विभिन्न क्राइम यूनिटों के इंचार्ज, संबंधित थाना प्रबंधक और चौकी प्रभारी अपनी टीमों सहित मौजूद रहे। पुलिस की गाड़ियों के काफिले, सशस्त्र स्वैट कमांडो और जवानों की मौजूदगी से पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था का व्यापक प्रदर्शन देखने को मिला। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि फ्लैग मार्च का मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों में सुरक्षा का भरोसा मजबूत करना और असामाजिक गतिविधियों में संलिप्त तत्वों को यह स्पष्ट संदेश देना था कि चुनाव के दौरान पुलिस पूरी तरह मुस्तैद है और हर गतिविधि पर पैनी नजर रखी जा रही है। उन्होंने कहा कि चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित करने, माहौल खराब करने या कानून व्यवस्था भंग करने की किसी भी कोशिश को सख्ती से निपटाया जाएगा। हर थाना एरिया की जिम्मेदारी ACP कोडीसीपी पंचकूला सृष्टि गुप्ता ने जानकारी देते हुए बताया कि नगर निगम चुनाव जिले के छह थाना क्षेत्रों के अंतर्गत संपन्न होने हैं। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रत्येक थाना क्षेत्र में एक-एक एसीपी को विशेष जिम्मेदारी सौंपी गई है ताकि चुनाव संबंधी सुरक्षा व्यवस्था और कानून व्यवस्था को प्रभावी ढंग से संचालित किया जा सके। उन्होंने बताया कि आज सभी एसीपी द्वारा संबंधित थाना और चौकी प्रभारियों की मौजूदगी में अपने-अपने क्षेत्रों में फ्लैग मार्च निकाले गए तथा मतदान केंद्रों का निरीक्षण भी किया गया। इसके तहत चंडीमंदिर थाना क्षेत्र में एसीपी विक्रम नेहरा, मनसा देवी थाना क्षेत्र में एसीपी दिनेश कुमार, सेक्टर-5 थाना क्षेत्र में एसीपी अजीत सिंह, सेक्टर-7 थाना क्षेत्र में एसीपी आशीष कुमार, सेक्टर-14 थाना क्षेत्र में एसीपी राकेश कुमार तथा सेक्टर-20 थाना क्षेत्र में एसीपी सुरेंद्र सिंह के नेतृत्व में सुरक्षा बलों ने विभिन्न इलाकों में फ्लैग मार्च कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया।
गोपालगंज पुलिस ने फरार चल रहे तीन आरोपियों साहिल आलम, शाहिद आलम और सैफ आलम के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। माधोपुर थाने की पुलिस ने न्यायालय के आदेश पर सरेया नरेंद्र गांव स्थित उनके घरों पर ढोल-नगाड़े बजाकर इश्तेहार चिपकाया। यह कार्रवाई कुर्की-जब्ती से पहले की अंतिम वैधानिक चेतावनी मानी जा रही है। थानाध्यक्ष विकास कुमार के नेतृत्व में पुलिस बल ढोल-नगाड़ों के साथ सरेया नरेंद्र गांव पहुंचा। पुलिस ने पूरे गांव में मुनादी करवाई और ग्रामीणों को सूचित किया कि ये तीनों व्यक्ति कानून की नजर में भगोड़े हैं। इसके बाद, आरोपियों के घर के मुख्य दरवाजे और सार्वजनिक स्थान पर कोर्ट द्वारा जारी नोटिस (इश्तेहार) को विधिवत चिपकाया गया। यह कार्रवाई उन तीन नामजद आरोपियों के खिलाफ की गई है जो लंबे समय से पुलिस को चकमा दे रहे हैं और न्यायालय में आत्मसमर्पण नहीं कर रहे हैं। माधोपुर थाना क्षेत्र के सरेया नरेंद्र गांव निवासी शाकिर आलम के बेटे साहिल आलम, शाहिद आलम और सैफ आलम हत्या के प्रयास सहित विभिन्न मामलों में फरार चल रहे हैं। आत्मसमर्पण नहीं करने पर कार्रवाई थानाध्यक्ष विकास कुमार ने स्पष्ट किया कि यदि निर्धारित समय सीमा के भीतर ये तीनों आरोपी न्यायालय या थाने में आत्मसमर्पण नहीं करते हैं, तो पुलिस अगली प्रक्रिया के तहत उनके घरों की कुर्की-जब्ती करेगी। गोपालगंज पुलिस की इस सक्रियता से क्षेत्र के अपराधियों में हड़कंप मचा हुआ है। पुलिस प्रशासन ने साफ कर दिया है कि फरार चल रहे किसी भी अपराधी को बख्शा नहीं जाएगा और उनके खिलाफ सख्त कानूनी कदम उठाए जाते रहेंगे। थानाध्यक्ष ने बताया कि सभी आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं का पालन करते हुए स्थानीय गवाहों की उपस्थिति में इश्तेहार तामिल किया गया।
झांसी के वार्ड नंबर-31 लहरगिर्द में गुरुवार को सदर विधायक रवि शर्मा और नगर आयुक्त आकांक्षा राणा ने सीएम ग्रिड परियोजना के तहत बन रही सड़क का निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने निर्माण कार्य की प्रगति देखी और सड़क चौड़ीकरण में आ रही बाधाओं को लेकर स्थानीय लोगों से बातचीत की। विधायक ने कहा कि क्षेत्र को सिविल लाइन जैसा विकसित किया जाएगा, लेकिन इसके लिए लोगों को भी थोड़ा समर्पण दिखाना होगा। आईटीआई रेल अंडरपास से लहरगिर्द होकर झांसी-कोटा नेशनल हाईवे तक जाने वाला यह मार्ग शहर का महत्वपूर्ण संपर्क मार्ग माना जाता है। इसी वजह से इसे मुख्यमंत्री ग्रीन रोड इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट स्कीम (सीएम ग्रिड योजना) में शामिल किया गया है। करीब 8 करोड़ 92 लाख 73 हजार रुपए की लागत से 1.30 किलोमीटर लंबी सड़क बनाई जा रही है।निरीक्षण के दौरान विधायक और नगर आयुक्त ने कार्यदायी संस्था के इंजीनियरों व सुपरवाइजर से जानकारी ली। अधिकारियों ने बताया कि कई स्थानों पर स्थायी निर्माण सड़क चौड़ीकरण में बाधा बन रहे हैं। इसके बाद विधायक नगर आयुक्त व अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे और संबंधित लोगों से चर्चा की। एक मंदिर सड़क से सटकर बना हुआ है, जिसके कारण चौड़ीकरण प्रभावित हो रहा है। विधायक ने मंदिर संचालकों से बातचीत कर मंदिर को शिफ्ट करने पर सहमति भी मांगी। इसके अलावा कुछ मकानों को भी स्वीकृत ड्रॉइंग के अनुसार पीछे हटाने की आवश्यकता बताई गई। इसको लेकर सदर विधायक रवि शर्मा ने कहा कि जल्द ही सभी समस्याओं का समाधान कर लिया जाएगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना में पांच विभागों के समन्वय से काम किया जा रहा है। आने वाले समय में सड़क पर कोई भी बिजली या टेलीफोन का खंभा दिखाई नहीं देगा। बिजली, पानी, सीवर और टेलीफोन सहित सभी लाइनें अंडरग्राउंड की जाएंगी।
'ऑपरेशन सिंदूर' की पहली वर्षगांठ पर पूरा देश भारतीय सेना एवं सशस्त्र बलों के अदम्य साहस और पराक्रम को नमन कर रहा है। इस मौके पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की प्रेरणा से मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ तथा भाजपा के वरिष्ठ नेताओं ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट की प्रोफाइल तस्वीर बदलकर ऑपरेशन सिंदूर का लोगो लगाया है। सीएम योगी ने अपनी डीपी में ‘सिंदूर’ और कवर फोटो में ‘ब्रह्मोस मिसाइल’ को स्थान देकर दुश्मनों को मजबूत संदेश दिया है।
हरदोई के हरियावां थाना क्षेत्र के नेवादा गांव में अराजक तत्वों द्वारा डॉ. भीमराव अंबेडकर की मूर्ति को कथित तौर पर क्षतिग्रस्त कर दिया गया और उस पर गोबर लगाया गया। गुरुवार सुबह यह घटना सामने आने के बाद ग्रामीणों ने नाराजगी व्यक्त की और पुलिस को सूचना दी। नेवादा गांव में पश्चिम दिशा में स्थित अंबेडकर पार्क में डॉ. भीमराव अंबेडकर और भगवान बुद्ध की मूर्तियां स्थापित हैं। गुरुवार सुबह जब ग्रामीण पार्क पहुंचे, तो उन्होंने डॉ. अंबेडकर की मूर्ति को मामूली रूप से क्षतिग्रस्त पाया और उसके चेहरे पर गोबर लगा हुआ था। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के गांवों से लोग इकट्ठा हो गए। गांव के रमाकांत ने पुलिस को सूचित किया। सूचना पर हरियावां सीओ अजीत सिंह और थानाध्यक्ष वीर बहादुर सिंह तत्काल मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों से घटना के संबंध में जानकारी जुटाई। सीओ अजीत सिंह ने ग्रामीणों को समझाते हुए मूर्ति को तत्काल ठीक कराने का आश्वासन दिया, जिसके बाद ग्रामीण शांत हुए। पुलिस की मौजूदगी में मूर्ति को सही कराया गया और ग्रामीणों ने स्वयं पानी डालकर मूर्ति पर लगा गोबर साफ किया। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
मेरठ में तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने बाइकसवार दो दोस्तों को टक्कर मार दी। इस हादसे में दोनों की मौके पर ही मौत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। टक्कर के बाद वाहन मौके से फरार हो गया। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। घटनास्थल पर मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। पुलिस के पहुंचने से पहले ही दोनों दोस्तों ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने घटना की सूचना दोनों के परिवार दे दिया। सूचना की जानकारी मिलते ही दोनों के परिवार में चीख पुकार मच गई। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया। सीसीटीवी कैमरों की मदद से वाहन की तलाश की जा रही है। देखिए 3 तस्वीरें… पढ़िए पूरी घटना…यह घटना गुरुवार शाम करीब 6:15 बजे बहसूमा में राष्ट्रीय राजमार्ग-119 हुई। मृतकों की पहचान पवन (17) पुत्र विनोद और दीपांशु (18 वर्) पुत्र संजय के रूप में हुई है। ये दोनों दोस्त सैफपुर फिरोजपुर के रहने वाले थे। पवन और दीपांशु आपस में गहरे मित्र थे। ये दोनों गुरुवार शाम को किसी काम के लिए रामराज गए थे। वहां से दोनो बाइक से अपने घर लौट रहे थे। तभी बहसूमा में राष्ट्रीय राजमार्ग-119 पर दशमेश पब्लिक स्कूल के सामने पहुंचने पर सामने से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक में जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक के परखच्चे उड़ गए और दोनों युवक सड़क पर दूर जा गिरे। दोनों ने मौके पर ही तोड़ा दमहादसे के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। घटनास्थल पर चीख-पुकार मच गई। आसपास के लोग तुरंत घटनास्थल की ओर दौड़े। वहां मौजूद लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस भी मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों युवकों ने दम तोड़ दिया था। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास मौजूद लोगों से जानकारी जुटाई। फरार वाहन और उसके चालक की पहचान के लिए सड़क किनारे लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। पुलिस ने घटना की सूचना मृतक युवकों को परिवारो को दे दिया है। सीसीटीवी के मदद से वाहन चालक की तलाश जारीहादसे की सूचना मिलते ही मृतकों के परिजन घटनास्थल पर पहुंच गए। अपने बेटों के शव देखकर परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। थाना प्रभारी रविंद्र कुमार ने बताया कि अज्ञात वाहन चालक की तलाश जारी है और सीसीटीवी फुटेज व अन्य साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी की पहचान कर कार्रवाई की जाएगी। शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है।
होमगार्ड का क्षिप्रा नदी में आपदा प्रशिक्षण शुरू:मानसून से पहले बाढ़ बचाव की तैयारी तेज
उज्जैन में मानसून से पहले बाढ़ बचाव की तैयारियों को तेज कर दिया गया है। होमगार्ड और एसडीआरएफ विभाग ने लालपुल स्थित क्षिप्रा नदी में तीन दिवसीय विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम शुरू किया है। 7 मई 2026 को शुरू हुए इस प्रशिक्षण में पहले दिन 35 जवानों को बाढ़ जैसी आपदा से निपटने के लिए तैयार किया गया। प्रशिक्षण के दौरान जवानों को तैराकी, बोट हैंडलिंग, रेस्क्यू तकनीक, ड्राय रेस्क्यू और डीप डाइविंग का अभ्यास कराया गया। यह प्रशिक्षण पूरी तरह से व्यावहारिक रखा गया है, ताकि जवान वास्तविक परिस्थितियों में प्रभावी ढंग से कार्य कर सकें। कौशल क्षमता को बढ़ाना है उद्देश्य जिला कमांडेंट होमगार्ड संतोष जाट के अनुसार, इस प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य विभाग की कौशल क्षमता को बढ़ाना है। योजना के तहत 180 कुशल तैराक, 70 बोट हैंडलर और 20 डीप डाइवर्स तैयार किए जाएंगे, जो आपदा के समय तत्काल राहत और बचाव कार्य में जुट सकें। यह प्रशिक्षण जिला स्तर पर तीन सत्रों और संभाग स्तर पर दो सत्रों में आयोजित किया जाएगा। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद, इन प्रशिक्षित जवानों को जिले के संवेदनशील और बाढ़ संभावित क्षेत्रों में डीआरसी (डिजास्टर रिस्पांस सेंटर) और क्यूआरटी (क्विक रिस्पांस टीम) टीमों में तैनात किया जाएगा। कार्यक्रम में प्लाटून कमांडर पुष्पेंद्र त्यागी, सुश्री गायत्री वर्मा, सहायक उप निरीक्षक भैरूलाल सारेल सहित एसडीआरएफ उज्जैन की टीम भी उपस्थित रही।
संभल के जिलाधिकारी अंकित खंडेलवाल और पुलिस अधीक्षक कृष्ण कुमार बिश्नोई ने पुलिस बल के साथ शहर के संवेदनशील क्षेत्रों में फुट पेट्रोलिंग की। उन्होंने एक विवादित धार्मिक स्थल और सत्यव्रत पुलिस चौकी पर बने सीसीटीवी कंट्रोल रूम का भी निरीक्षण किया। गुरुवार शाम 6 बजे डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई चौधरी सराय पुलिस चौकी पहुंचे। शुक्रवार को जुम्मे की नमाज से पहले उन्होंने संभल कोतवाली पुलिस और आरपीएफ (RRF) के साथ शहर के मुख्य मार्गों पर फुट पेट्रोलिंग कर सुरक्षा व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान एएसपी कुलदीप सिंह, सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार, एसडीएम निधि पटेल, तहसीलदार धीरेंद्र कुमार सिंह और नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी डॉ. मणिभूषण तिवारी सहित कई अन्य विभागों के अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने मनोकामना मंदिर से होते हुए विवादित धार्मिक स्थल श्री हरिहर मंदिर बनाम शाही जामा मस्जिद क्षेत्र का दौरा किया। उन्होंने इसके सामने स्थित सत्यव्रत पुलिस चौकी का निरीक्षण किया और सीसीटीवी कंट्रोल रूम से शहर की स्थिति का आकलन किया। फुट पेट्रोलिंग चौधरी सराय पुलिस चौकी से शुरू होकर मनोकामना पार्क/मंदिर, एक रात की मस्जिद, विवादित धार्मिक स्थल, डाकखाना रोड, चक्की का पाट, टंडन तिराहा, घंटाघर कोतवाली, सर्राफा बाजार, मौहल्ला ठेर, अटल बाल उद्यान पार्क, बाजार गंज एकता पुलिस चौकी, अंजुमन चौराहा और छंगामल कोठी तक की गई। डीएम अंकित खंडेलवाल ने बताया कि वे इंटीग्रेटेड कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (ICCC) का निरीक्षण करने आए थे और इस दौरान बाजार का भी भ्रमण किया। उन्होंने कहा कि स्थिति सामान्य है और कई विकास कार्य होने हैं, जिनमें सड़कों का निर्माण और प्राचीन इमारतों का संरक्षण शामिल है। इन कार्यों के लिए एक कार्ययोजना बनाकर आगे बढ़ा जाएगा। उन्होंने जुम्मे की नमाज के शांतिपूर्ण संपन्न होने की भी उम्मीद जताई, जैसा कि सामान्य तौर पर होता आया है। गौरतलब है कि डीएम अंकित खंडेलवाल ने 5 मई को संभल के मोहल्ला कोट पूर्वी स्थित प्राचीन श्री कल्कि विष्णु मंदिर में दर्शन करने के बाद जिले का कार्यभार संभाला था।
मुजफ्फरनगर की सड़कों पर फिल्मी स्टाइल में मॉडिफाइड थार दौड़ाकर रौब झाड़ना एक युवक को महंगा पड़ गया। तेज प्रेशर हॉर्न–हूटर, कानफोड़ू म्यूजिक और दबंगई वाले अंदाज़ में सड़क पर निकल रहे युवक की पूरी “रैंगलर वाली फील” उस वक्त निकल गई, जब पुलिस ने पीछा कर उसकी थार को बीच सड़क पर पकड़ लिया। मामला शहर कोतवाली क्षेत्र के बाननगर रेलवे फाटक का है। गुरुवार देर शाम करीब 8 बजे रोहाना चौकी इंचार्ज मोहित कुमार अपनी टीम के साथ चेकिंग कर रहे थे। तभी दूर से तेज आवाज में म्यूजिक और हूटर बजाती दिल्ली नंबर की एक काली थार सड़क पर एंट्री मारती दिखाई दी। पुलिस ने गाड़ी रोकने का इशारा किया, लेकिन थार चालक ने रुकने के बजाय और रौब झाड़ते हुए गाड़ी दौड़ा दी। इसके बाद पुलिस ने भी फिल्मी अंदाज़ में पीछा शुरू कर दिया और कुछ दूरी पर थार को घेरकर रोक लिया। जब पुलिस ने गाड़ी की तलाशी ली तो अंदर का नज़ारा देखकर टीम भी दंग रह गई। थार को पूरी तरह देसी रैंगलर बनाने की कोशिश की गई थी। गाड़ी में हाई पावर म्यूजिक थिएटर, प्रेशर हॉर्न, हूटर और अलग-अलग मॉडिफिकेशन लगाए गए थे। इतना ही नहीं, गाड़ी में मजदूरों वाला बेलचा भी फिट था, ताकि सड़क पर गाड़ी और ज्यादा खतरनाक दिखाई दे। पूछताछ में चालक की पहचान दीदाहेड़ी निवासी जावेद के रूप में हुई। पुलिस ने मोटर व्हीकल एक्ट के तहत करीब 23 हजार रुपये का चालान काटते हुए थार को सीज कर दिया। कार्रवाई के बाद युवक का सारा रौब उतर गया और उसे पैदल ही घर लौटना पड़ा। पुलिस का कहना है कि सड़कों पर स्टंटबाज़ी, हूटरबाज़ी और अवैध मॉडिफिकेशन करने वालों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। आने वाले दिनों में ऐसे वाहनों पर और सख्ती की जाएगी।
मेरठ के शास्त्री नगर स्थित सेंट्रल मार्किट के पीड़ित व्यापारियों की समस्या लगातार राष्ट्रीय स्तर भी उठाई जा रही है। गुरुवार को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष सुदीप जैन ने व्यापारियों के प्रतिनिधिमंडल के साथ सुप्रीम कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता एवं भारत सरकार के पूर्व विदेश और कानून मंत्री सलमान खुर्शीद से नई दिल्ली स्थित उनके सिल्वर आर्क अपार्टमेंट, फिरोजशाह रोड कार्यालय में मुलाकात की। बैठक के दौरान सेंट्रल मार्किट शास्त्री नगर के प्रभावित व्यापारियों से जुड़े विभिन्न मामलों और समस्याओं पर विस्तार से चर्चा की गई। प्रतिनिधिमंडल ने व्यापारियों की परेशानियों, प्रशासनिक कार्रवाई और कानूनी पहलुओं से संबंधित दस्तावेज और तथ्य सलमान खुर्शीद के समक्ष रखे। सूत्रों के अनुसार, बैठक में व्यापारियों के हितों की रक्षा और मामले को कानूनी रूप से मजबूती से रखने को लेकर रणनीति पर भी विचार-विमर्श हुआ। इस दौरान अधिवक्ता राहुल मलिक, भविष्य मखीजा और अंजनेय सिंह ने इकाईवार विस्तृत विवरण और कानूनी दस्तावेज सौंपे। प्रतिनिधिमंडल ने मांग की कि पीड़ित व्यापारियों को न्याय दिलाने के लिए प्रभावी कानूनी पहल की जाए। मुलाकात के दौरान इशांक सहदेव, संयम जैन और मिन्हाज रिजवी भी मौजूद
आरा के प्रसिद्ध होम्योपैथिक चिकित्सक डॉ. (प्रो.) एफ. रज़ा 11 मई 2026 को बैंकॉक में आयोजित अंतरराष्ट्रीय चिकित्सा सम्मेलन में “सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस और होम्योपैथिक उपचार” विषय पर अपना विशेष व्याख्यान देंगे। भोजपुर के लिए यह गौरव का क्षण माना जा रहा है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय मंच पर बिहार के डॉक्टर अपने शोध और अनुभव साझा करेंगे। सम्मेलन में विभिन्न देशों के डॉक्टर, शोधकर्ता और स्वास्थ्य विशेषज्ञ भाग लेंगे, जहां आधुनिक डॉक्टर और वैकल्पिक उपचार पद्धतियों से जुड़े अहम विषयों पर चर्चा होगी। डॉ. रज़ा अपने संबोधन में सर्वाइकल स्पॉन्डिलोसिस के कारण, लक्षण, बचाव और होम्योपैथिक उपचार की प्रभावशीलता पर विस्तार से प्रकाश डालेंगे। वे आधुनिक जीवनशैली, लंबे समय तक गलत मुद्रा में बैठकर काम करने, मोबाइल और कंप्यूटर के अत्यधिक उपयोग और मानसिक तनाव को इस बीमारी का प्रमुख कारण बताते हैं। उनका कहना है कि समय पर पहचान, संतुलित दिनचर्या और उचित चिकित्सा से इस समस्या को काफी हद तक नियंत्रित किया जा सकता है। अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हो चुके डॉ. (प्रो.) एफ. रज़ा इससे पूर्व भी डॉक्टर और शोध के क्षेत्र में अपने उत्कृष्ट काम के लिए कई राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय सम्मानों से सम्मानित हो चुके हैं। होम्योपैथिक चिकित्सा पद्धति में उनके लंबे अनुभव और शोध कार्यों ने उन्हें देश के प्रतिष्ठित विशेषज्ञों में शामिल किया है। उनका क्लिनिक बिचली रोड में स्थित है, जहां वे सालों से मरीजों को चिकित्सा सेवा प्रदान कर रहे हैं। अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में उनकी भागीदारी को भारत और विशेष रूप से बिहार के लिए सम्मान की दृष्टि से देखा जा रहा है। चिकित्सा जगत से जुड़े लोगों का मानना है कि ऐसे मंचों पर बिहार के चिकित्सकों की सक्रिय उपस्थिति राज्य की प्रतिभा और चिकित्सा क्षेत्र में बढ़ते योगदान को वैश्विक पहचान दिलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगी।
चर्चित भोजशाला मामले में मप्र हाई कोट की इंदौर बेंच में चल रही सुनवाई के दौरान गुरुवार को राज्य सरकार की ओर से महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) की सर्वे रिपोर्ट के विभिन्न अंशों का हवाला देते हुए कहा कि रिपोर्ट में कई ऐसे तथ्य और निष्कर्ष दर्ज हैं, जो यह संकेत देते हैं कि विवादित स्थल पूर्व में सरस्वती मंदिर था। यह सुनवाई हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की याचिका पर हुई। महाधिवक्ता ने कहा कि ‘धार दरबार ऐलान’ को अंतिम तथ्य नहीं माना जा सकता। उन्होंने इस मुद्दे पर भी विस्तार से पक्ष रखा और कहा कि इस बिंदु को पूर्व में सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद, तौसिफ वारसी और शोभा मेनन द्वारा उठाया गया था। महाधिवक्ता ने कहा कि “धार दरबार ऐलान” को अलग रूप से पढ़कर अंतिम निष्कर्ष नहीं निकाला जा सकता, क्योंकि स्वयं धार दरबार के प्रमुख वी. नाडकर ने पूरी कार्यवाही के दौरान यह स्वीकार किया था कि उक्त स्थल पूर्व में सरस्वती मंदिर था। उन्होंने कहा कि केवल इस कथन के आधार पर कि “यहां नमाज होती आई है, होती है और आगे भी होती रहेगी”, किसी दस्तावेज को निर्णायक नहीं माना जा सकता। इस कथन को ऐतिहासिक और विधिक संदर्भ में समग्र रूप से देखना आवश्यक है। ‘धार दरबार ऐलान’ को कानून का दर्जा नहीं महाधिवक्ता प्रशांत सिंह ने कोर्ट को बताया कि गवर्नमेंट ऑफ इंडिया एक्ट Government of India Act 1935 वर्ष 1937 में लागू हुआ था इसलिए उससे पहले जारी किसी कथित “धार दरबार ऐलान” को इस अधिनियम के आधार पर वैधानिक मान्यता नहीं दी जा सकती। उन्होंने दलील दी कि किसी दस्तावेज या प्रावधान को “कानून” का दर्जा प्राप्त करने के लिए उसका विधायी प्रक्रिया से पारित होना आवश्यक है। जबकि “धार दरबार ऐलान” की प्रकृति ही स्पष्ट नहीं है कि वह प्रशासनिक, कार्यपालिका संबंधी या विधायी दस्तावेज था। ऐसी स्थिति में उक्त दस्तावेज को भारतीय संविधान के अनुच्छेद 13 के तहत “विधि” नहीं माना जा सकता। उन्होंने भारत शासन अधिनियम 1935 की धारा 311(2) का उल्लेख करते हुए कहा कि तथाकथित “धार दरबार ऐलान” को वैधानिक रूप से कानून का दर्जा नहीं दिया जा सकता। सुनवाई के दौरान सलेकचंद जैन द्वारा दायर याचिका में एडवोकेट दीपक राजभर (दिल्ली) ने भी कोर्ट के समक्ष पक्ष रखा। उन्होंने दावा दोहराया किया कि भोजशाला पूर्व में जैन गुरुकुल था और वहां जैन देवी अंबिका का मंदिर स्थित था। अगली सुनवाई में बहस जारी रहने के संकेत मामले में हिंदू, मुस्लिम और जैन पक्षों की ओर से लगातार ऐतिहासिक दस्तावेजों, पुरातात्विक रिपोर्टों और संवैधानिक प्रावधानों के आधार पर दलीलें दी जा रही हैं। कोर्ट में अब “धार दरबार ऐलान”, ASI रिपोर्ट और ऐतिहासिक अभिलेखों की वैधानिक स्थिति पर बहस केंद्रित हो गई है।
पावर कारपोरेशन ने गुरुवार को सभी बिजली कंपनियों को पत्र जारी कर स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदलने का आदेश जारी किया। कारपोरेशन ने आदेश में कहा है कि उपभोक्ताओं को पोस्टपेड की सिक्योरिटी राशि चार समान किस्तो में जमा करना होगा। साथ ही बिजली बकाया राशि भी वह 10 समान किस्तों में जमा कर सकेंगे। सिक्युरिटी राशि की पहली किस्त मई महीने की खपत के आधार पर जारी होने वाले बिल के साथ जून में जमा करना होगा। पावर कारपोरेशन के चेयरमैन नितीश कुमार के मुताबिक आरडीएसएस योजना के अंतर्गत लगे सभी स्मार्ट प्रीपेड मीटर को पोस्टपेड में बदला जा रहा है। प्रदेश के सभी उपभोक्ताओं को मई महीने की बिजली खपत का जून में जो बिल मिलेगा, वो पोस्टपेड की तरह जारी होगा। ये बिल उपभोक्ताओं को मैसेज, वाट्सअप के माध्यम से भेजा जाएगा। आदेश में क्या–क्या निर्देश दिए हैं– पोस्टपेड की सिक्युरिटी राशि चार किस्तो में देना होगा पावर कारपोरेशन के चेयरमैन के मुताबिक प्रीपेड मोड में बदलने के दौरान पोस्टपेड की सिक्युरिटी राशि को बैलेंस में ट्रांसफर कर दिया गया था। अब फिर से पोस्टपेड में बदलने की वजह से 'कॉस्ट डाटा बुक-2026' के अनुसार और स्वीकृत भार के आधार पर सिक्युरिटी राशि चार समान किस्तों में जमा करना होगा। पहली किस्त जून में जारी होने वाले बिजली बिल के साथ जमा करना होगा। अन्य तीन किस्तें अगले तीन महीनों में जमा करना होगा। यह RMS द्वारा स्वतः जारी होगा। पहले की तरह पोस्टपेड उपभोक्ता को बिल जारी होने से 15 दिन का Due Date गा। इसके बाद उसे 7 दिन का डिस्कनेक्शन डेट दिया जाएगा, जो बिल पर भी अंकित रहेगा। पूर्व की तरह यदि कोई उपभोक्ता Due Date तक बिल जमा नहीं कर पाता है तो उसे उत्तर प्रदेश विद्युत प्रदाय संहिता-2005 और प्रचलित टैरिफ ऑर्डर के अनुसार विलंब राशि भी देनी होगी। अप्रैल तक बिल की बकाया राशि 10 किस्तों में जमा कर सकेंगे घरेलू उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए पावर कारपोरेशन ने 30 अप्रैल तक बकाए बिजली बिल का अधिभार के साथ 10 किस्तो में जमा करने की सुविधा दी है। वहीं अन्य श्रेणी के उपभोक्ताओं को ये बकाया राशि 3 किस्तों में 40%, 30%, 30% के अनुपात में जमा करना होगा। बिल की शिकायतों के लिए 15 मई से विशेष कैम्प चेयरमैन ने सभी बिजली कंपनियों को आदेश दिया है कि बिजली बिल बकाया राशि को लेकर लोगों की ढेरों शिकायतें हैं। इसके निराकरण के लिए 15 मई से 30 जून तक सभी अधिशाासी अभियंता और उपखंड अधिकारि के कार्यालयों पर स्मार्ट मीटर संबंधी किसी भी तरह की शिकायत के लिए विशेष कैम्प लगाए जाएंगे। इसके अलावा इस तरह की शिकायतों के लिए 1912 हेल्पलाइन नंबर भी विशेष व्यवस्था की जा रही है।
कोटा साइबर थाना पुलिस ने 3 करोड़ 88 लाख रुपए की साइबर ठगी के मामले में तीन और आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मामले में अब तक कुल 11 आरोपियों की गिरफ्तारी हो चुकी है। कार्रवाई पुलिस एसपी तेजस्विनी गौतम के निर्देशन में की गई। कोटा निवासी फरियादी अनिल काला ने 13 नवंबर 2025 को रिपोर्ट पेश कि की साइबर ठगो के द्वारा इन्वेस्टमेन्ट के नाम पर मुझसे 3 करोड 88 लाख रुपये की साइबर धोखाधडी कर ली। इस संबंध में साइबर थाना कोटा शहर में मामला दर्ज कर तकनीकी जांच शुरू की गई। जांच के दौरान बैंक खातों और ट्रांजैक्शन रिकॉर्ड खंगाले गए, जिसमें जोधपुर निवासी मोहम्मद राहिल मोदी, आसिफुर रहमान और अब्दुल वकील मोदी की भूमिका सामने आई। पुलिस ने तीनों आरोपियों को जोधपुर से गिरफ्तार किया। जांच में सामने आया कि राहिल मोदी और आसिफुर रहमान के बैंक खातों में फरियादी से ठगी गई रकम जमा हुई थी। वहीं अब्दुल वकील मोदी पर इन खातों में साइबर ठगी की राशि जमा करवाने के साक्ष्य मिले हैं। पुलिस के अनुसार साइबर ठगी की रकम एटीएम के जरिए निकाली गई थी। आरोपियों को कोर्ट में पेश कर दो दिन का पुलिस रिमांड लिया गया है। पुलिस अब ठगी गई राशि की बरामदगी और गिरोह से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश में जुटी है। कार्रवाई में साइबर थाना कोटा की विशेष टीम शामिल रही। वहीं आरोपियों को ट्रेस आउट कर गिरफ्तार करवाने में हेड कांस्टेबल वजीर सिंह की विशेष भूमिका बताई गई है।
बालाघाट जिले के नवेगांव और गोंगलई रेलवे मार्ग के बीच एक 65 वर्षीय बुजुर्ग ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनके दोनों पैर कट गए। गंभीर घायल बुजुर्ग को प्राथमिक उपचार के बाद बेहतर इलाज के लिए नागपुर भेजा गया है। शादी में जाने के लिए घर से निकले थे घायल की पहचान वार्ड नंबर 33, आवास टोली गायखुरी निवासी बिसनलाल केकटे के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, बिसनलाल गांव में किराना और सीमेंट की दुकान चलाते हैं। गुरुवार शाम करीब 7 बजे वह घर से एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए निकले थे, जिसके कुछ देर बाद उनके हादसे का शिकार होने की खबर मिली। पटरी पार करते समय ट्रेन की चपेट में आए प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, बिसनलाल रेलवे पटरी पार कर रहे थे, तभी वे किसी यात्री ट्रेन की चपेट में आ गए। हादसे में उनके पैर कटने के साथ-साथ शरीर के अन्य हिस्सों में भी गंभीर चोटें आई हैं। सूचना मिलते ही ग्रामीण पुलिस और स्थानीय लोगों ने उन्हें जिला अस्पताल पहुंचाया। जनप्रतिनिधियों ने पहुंचाया अस्पताल घटना की जानकारी मिलते ही नगरपालिका उपाध्यक्ष योगेश बिसेन भी जिला अस्पताल पहुंचे। उन्होंने परिजनों से मुलाकात कर इलाज और नागपुर रेफरल की प्रक्रिया में प्रशासनिक सहयोग प्रदान किया। ग्रामीण पुलिस ने इस रेल हादसे के बाद केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब उन परिस्थितियों की जांच कर रही है जिनके कारण बुजुर्ग ट्रेन की चपेट में आए। फिलहाल बुजुर्ग की स्थिति नाजुक बनी हुई है।
हल्की बारिश में डूबा पूरा दरभंगा:नाले में गिरे महिला सहित शख्स, लोगों ने बचाई जान
स्मार्ट सिटी, विकसित शहर और आधुनिक सुविधाओं के दावों के बीच दरभंगा शहर में हल्की बारिश ने ही शहर की व्यवस्था की पोल खोल दी है। लहेरियासराय स्थित प्लस टू एमएल एकेडमी स्कूल से लेकर आरएन मिश्रा राजकीय बालिका प्लस टू विद्यालय तक की मुख्य सड़क पूरी तरह जलमग्न हो गई। सड़क पर इतना पानी जमा हो गया कि सड़क और खुले नाले में फर्क करना तक मुश्किल हो गया। स्थिति उस समय और भयावह हो गई, जब एक महिला और एक पुरुष सड़क किनारे खुले नाले में गिर पड़े। स्थानीय लोगों की तत्परता से दोनों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। गनीमत रही कि कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ, लेकिन इस घटना ने नगर निगम की लापरवाही की गंभीर तस्वीर सामने ला दी। लोग बोले- वीआईपी रोड की यही स्थिति हो जाती स्थानीय छात्राओं मोनिका, अंजलि, प्रेमा, स्नेहा और जानवी ने बताया कि हर साल बारिश के समय वीआईपी रोड की यही स्थिति हो जाती है। कई-कई दिनों तक सड़क पर जलजमाव बना रहता है और खुले नाले लोगों के लिए जानलेवा साबित होते हैं। उनका कहना है कि नालों पर ढक्कन नहीं लगाए गए हैं, जिससे बारिश के दौरान सड़क और नाले में अंतर करना असंभव हो जाता है। रोजाना स्कूली बच्चे, महिलाएं, बुजुर्ग और मरीज इसी रास्ते से गुजरते हैं,लेकिन किसी अधिकारी या जनप्रतिनिधि की नजर इस गंभीर समस्या पर नहीं पड़ रही। सांसद और विधायकों पर जमकर नाराजगी जाहिर की स्थानीय लोगों ने सरकार, प्रशासन, दरभंगा नगर निगम, सांसद और विधायकों पर जमकर नाराजगी जाहिर की। लोगों का कहना है कि चुनाव के समय विकास और स्मार्ट सिटी की बातें की जाती हैं, लेकिन जमीनी हकीकत बेहद खराब है।जब शहर के सबसे महत्वपूर्ण और व्यस्त वीआईपी रोड का यह हाल है, तो बांकी मुहल्लों की स्थिति का अंदाजा आसानी से लगाया जा सकता है। छात्र-छात्राओं ने बताया कि बारिश के बाद स्कूल और कॉलेज आना-जाना मुश्किल हो जाता है। सड़क पर इतना पानी भर जाता है कि जूते-चप्पल तक डूब जाते हैं। खुले नाले के कारण हर समय दुर्घटना का डर बना रहता है। कई लोग पहले भी नाले में गिरकर घायल हो चुके हैं, लेकिन इसके बावजूद प्रशासन की नींद नहीं खुल रही। स्थानीय वासियों ने बताया कि वीआईपी रोड शहर की अत्यंत महत्वपूर्ण सड़क है। इसी मार्ग से एंबुलेंस, मरीज, छात्र, अधिकारी और हजारों लोग रोजाना गुजरते हैं। सड़क के आसपास आरबी मेमोरियल अस्पताल, बेंता चौक समेत कई महत्वपूर्ण संस्थान मौजूद हैं। बावजूद इसके जल निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं है और थोड़ी बारिश में ही सड़क तालाब में तब्दील हो जाती है। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि वीआईपी रोड की तत्काल स्थायी मरम्मत कर सड़क को ऊंचा किया जाए और सभी खुले नालों पर मजबूत ढक्कन लगाए जाएं।
फलोदी जिला स्पेशल टीम (DST) ने चार साल से फरार चल रहे डोडा पोस्त सप्लायर भंवरलाल को पीलवा से गिरफ्तार किया है। भंवरलाल बूंदी जिले का 10 हजार रुपए का इनामी आरोपी था। एसपी सतनाम सिंह ने बताया कि 13 अप्रैल 2022 को बूंदी जिले के डाबी थाना अधिकारी ने एक ट्रक से 3517 किलोग्राम अवैध डोडा पोस्त बरामद किया था। इस मामले में भंवरलाल की संलिप्तता सामने आई थी। उसकी गिरफ्तारी के लिए बूंदी एसपी ने 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया था। जिला स्पेशल टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपी के इंद्रनगर फतेहसागर, पीलवा स्थित घर पर दबिश दी और भंवरलाल को हिरासत में लिया। उसे लोहावट पुलिस थाना लाया गया, जहां से उसे बूंदी जिले के डाबी पुलिस थाना की टीम को सौंपने की प्रक्रिया जारी है। इस कार्रवाई में डीएसटी प्रभारी एएसआई प्रदीप, हेड कॉन्स्टेबल महेंद्र उज्जवल और कॉन्स्टेबल चौखाराम की विशेष भूमिका रही।
कानपुर में अवैध किडनी ट्रांसप्लांट मामले में आरोपी मो. अफजाल को कोर्ट से राहत नहीं मिली। जिला जज अनमोल पाल की अदालत ने उसकी अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी है। पुलिस जांच में सामने आया है कि मुजफ्फरनगर की पारुल तोमर के किडनी ट्रांसप्लांट के बाद अफजाल को 22 लाख रुपए मिले थे। इसमें से उसने 9.50 लाख रुपए अपने ड्राइवर परवेज सैफी को दिए थे। ट्रांसप्लांट के बाद मो. अफजाल का एक वीडियो भी वायरल हुआ था। वीडियो में वह होटल के कमरे में नोटों की गड्डियों के पास लेटा दिखाई दे रहा था। इस वीडियो के सामने आने के बाद मामले ने और तूल पकड़ लिया था। कोर्ट में कहा- डॉक्टर नहीं हूंपूरे किडनी ट्रांसप्लांट सिंडिकेट में पकड़े गए आरोपियों की ओर से पहले मो. अफजाल को फिजिशियन बताया गया था। हालांकि कोर्ट में दाखिल अग्रिम जमानत याचिका में आरोपी की ओर से अलग दावा किया गया। याचिका में कहा गया कि मो. अफजाल न तो डॉक्टर है और न ही उसका किसी मेडिकल प्रोफेशन से कोई संबंध है। बचाव पक्ष ने तर्क दिया कि वह किसी भी ट्रांसप्लांट प्रक्रिया में शामिल नहीं था और मुकदमे में उसका नाम केवल सुनी-सुनाई बातों के आधार पर जोड़ा गया है। अब जानिए पूरा मामला… पारूल तोमर को किडनी ट्रांसप्लांट किया थारावतपुर के केशवपुरम स्थित आहूजा हॉस्पिटल में 29 मार्च को अवैध तरीके से किडनी ट्रांसप्लांट का मामला सामने आया था। कल्याणपुर के मेडलाइफ हॉस्पिटल में बिहार का डोनर आयुष कुमार और प्रिया अस्पताल के डीलक्स रूम में मुजफ्फर नगर की पारुल तोमर भर्ती मिली थी। 23 साल के आयुष से उसकी किडनी 6 लाख रुपए में खरीदी गई थी। बाद में महिला मरीज प्रिया तोमर को करीब 80 लाख रुपए में बेच दी गई थी। किडनी देने वाले छात्र ने ही पुलिस से शिकायत की थी, इसके बाद पुलिस ने मेडलाइफ हॉस्पिटल, आहूजा हॉस्पिटल और प्रिया हॉस्पिटल में एक साथ छापेमारी की थी। जिस पर किडनी रैकेट का खुलासा हुआ था। पुलिस ने रैकेट में शामिल आहूजा अस्पताल की डॉ. प्रीति आहूजा उनके पति डॉ. सुरजीत आहूजा, डॉ. राजेश कुमार, डॉ. राम प्रकाश, डॉ. नरेंद्र सिंह व एजेंट शिवम अग्रवाल, ओटी मैनेजर राजेश कुमार और ओटी संचालक कुलदीप सिंह राघव, डॉ रोहित को अरेस्ट किया था। ओटी टेक्नीशियन मुदस्सर अली सिद्दीकी उर्फ डॉ. अली ने ACJM-6 की कोर्ट में सरेंडर कर दिया था। 60 लाख रुपए में पारुल से हुई थी डीलपूछताछ में सामने आया था कि पारूल तोमर के ट्रांसप्लांट के 10 दिन पहले मो. अफजाल कानपुर आया था। यहां वह कल्याणपुर के सत्यम होटल में वह रुका था। ट्रांसप्लांट के बाद अफजाल, परवेज सैफी की गाड़ी से मेरठ रवाना हो गया था। अफजाल मेरठ के अल्फा हॉस्पिटल का संचालक भी है, जहां उसने कई ट्रांसप्लांट कराए थे। रेसिपिएंट पारुल तोमर ने अपने बयानों में बताया था कि मो. अफजाल ने ही उसे किडनी ट्रांसप्लांट के लिए मेरट के पीवीएस मॉल में मिलने के लिए बुलाया था, जहां उसने किडनी ट्रांसप्लांट के लिए दबाव बनाया था। अफजाल ने ट्रांसप्लांट के लिए 60 लाख रुपए कैश लिए थे। कानपुर के शिवलोक होटल में अफजाल ने ही रुकवाया था। जिला जज की कोर्ट ने खारिज की याचिकाअफजाल अब तक पुलिस की पकड़ से बाहर है, आरोपी ने जिला जज अनमोल पाल की कोर्ट में अग्रिम जमानत याचिका दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए अभियोजन की ओर से तर्क दिया गया कि आरोपी संगठित गिरोह बनाकर किडनी ट्रांसप्लांट का गोरखधंधा कर रहा है। आरोपी ने ही डोनर आयुष और रेसिपिएंट पारुल को बहला फुसला कर ट्रांसप्लांट के लिए राजी किया था। कोर्ट में पारुल तोमर व आरोपी अफजाल के बीच हुई वाट्सएप चैट की स्क्रीनशॉट पेश किया गया है। सुनवाई के दौरान कोर्ट ने आरोपी की अग्रिम जमानत याचिका खारिज कर दी।
मध्य प्रदेश के छतरपुर जिले की बिजावर विधानसभा सीट से कांग्रेस का टिकट दिलाने के नाम पर 6 लाख रुपये की कथित ठगी का मामला सामने आया है। मामले को लेकर जिले की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। महोबा निवासी डॉ. अरुण यादव ने कांग्रेस नेता भास्कर राव रोकड़े के खिलाफ छतरपुर के सिविल लाइन थाने में शिकायत दर्ज कराई है। फोन पर बिजावर सीट का टिकट दिलाने की बात कहीशिकायतकर्ता डॉ. अरुण यादव, जो महोबा के गांधी नगर क्षेत्र के निवासी हैं, ने बताया कि वर्ष 2022 में उन्हें एक फोन कॉल आया था। कॉल करने वाले व्यक्ति ने खुद को कांग्रेस का वरिष्ठ रणनीतिकार बताते हुए दावा किया कि उसकी पहुंच पार्टी के बड़े नेताओं तक है। उसने डॉ. यादव को बिजावर विधानसभा सीट से कांग्रेस प्रत्याशी बनाने का भरोसा दिलाया। डॉ. यादव के अनुसार, इसके बाद भोपाल की डेनिश कुंज कॉलोनी में मुलाकात हुई, जहां चुनावी तैयारी और पार्टी फंड के नाम पर पैसों की मांग की गई। शिकायत में कहा गया है कि अक्टूबर 2022 में छतरपुर के स्टेशन रोड स्थित होटल ओम साई राम में 3 लाख रुपये नकद और 1 लाख रुपये का एसबीआई चेक दिया गया। इसके बाद फरवरी 2023 में 2 लाख रुपये और दिए गए। विधानसभा के बाद लोकसभा में मौका देने का आश्वसान मिलाडॉ. यादव का आरोप है कि विधानसभा चुनाव में टिकट नहीं मिलने पर उन्हें लोकसभा चुनाव में अवसर देने का आश्वासन दिया गया था। हालांकि, लोकसभा चुनाव में भी टिकट नहीं मिला। जब उन्होंने अपने पैसे वापस मांगे तो कथित रूप से उन्हें धमकियां दी गईं। शिकायतकर्ता का यह भी कहना है कि उन्होंने मामले की जानकारी कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को भी दी थी, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। कांग्रेस नेता ने सभी आरोपों को साजिश बतायावहीं, कांग्रेस नेता भास्कर राव रोकड़े ने गुरुवार को कांग्रेस कार्यालय में आयोजित “चलें रामराज्य की ओर” अभियान की प्रेस वार्ता के दौरान इन आरोपों को राजनीति से प्रेरित बताया। उन्होंने कहा कि उनके खिलाफ साजिश रची जा रही है। रोकड़े ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग करते हुए कहा कि यदि वे दोषी पाए जाते हैं तो उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। कांग्रेस जिला अध्यक्ष गगन यादव ने भी पूरे मामले को षड्यंत्र बताते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए और दोषियों पर कार्रवाई होनी चाहिए। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और अब सभी की नजरें प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी हैं।
गाजियाबाद में लव जिहाद, जबरन धर्मांतरण और हलाला का मामला सामने आया है। पीड़िता की शिकायत पर अंकुर विहार थाने में 16 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पीड़िता का कहना है कि हिंदू बनकर एक युवक ने उसके साथ दोस्ती की। फिर अपने साथ ले जाकर धर्म परिवर्तन कराया और निकाह किया। पति ने उसे कई अलग-अलग जगहों पर रखा। इस दौरान कई अन्य लोगों ने हलाला किया। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए मुख्य आरोपी खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। बाकी आरोपियों की तलाश जारी है। पूरा मामला लोनी थाना क्षेत्र का है। पीड़िता ने बताया कि मैं मूलत: इंदौर की रहने वाली हूं। अब जानिए पूरा मामला… फेसबुक पर हुई थी दोस्ती पीड़िता के अनुसार, साल 2012 में उसकी मुलाकात फेसबुक पर नवीन राणा नाम के युवक से हुई थी। बाद में उसने अपना असली नाम नावेद बताया। आरोप है कि नावेद ने प्यार और शादी का झांसा देकर उसे अपने जाल में फंसाया। जिसके बाद मेरे साथ शादी की बात कहकर सम्बंध बनाने लगा। मैंने विश्वास किया कि यह हिंदू ही है। पीड़िता का कहना है कि इसके बाद उसे मुजफ्फरनगर के एक गांव स्थित मदरसे में ले जाया गया। वहां उसे परिवार और समाज से दूर रखकर इस्लामिक तालीम दी गई और धर्म परिवर्तन के लिए दबाव बनाया गया। जब मैंने विरोध किया तो आरोपी बदनामी और तरह तरह की धमकी के चलते मुझे कहता कि तुझे अब तेरे परिवार के लोग मार देंगे। मैं बदनामी से डर गई। कई जगहों पर रखा गया पीड़िता ने बताया कि मुझे जयपुर, यूपी के मुजफ्फरनगर, मेरठ, खतौली और अन्य स्थानों पर भी रखा गया। इस दौरान कई लोगों के साथ उसका निकाह कराया गया। उसने आरोप लगाया कि हलाला के नाम पर उसके साथ जबरदस्ती की गई। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट होती थी और मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। पीड़िता के मुताबिक, मदरसे में उसे “आखरी नबी” नाम की किताब पढ़ाई गई। वहां दो अन्य हिंदू लड़कियां भी थीं, जिन्हें इस्लाम की शिक्षा दी जा रही थी। जिसके चलते वह लगातार परेशान रहने लगी। ज 2023 में कराई गई शादी पीड़िता ने बताया कि साल 2023 में मेरी मुलाकात गाजियाबाद के लोनी निवासी खालिद हुसैन से कराई गई और बाद में उससे शादी करवा दी गई। आरोप है कि शादी के बाद खालिद ने तीन तलाक देकर उसे घर से निकाल दिया। साथ ही उसके साथ मारपीट और प्रताड़ना भी की गई। पीड़िता ने जहां ने भाजपा के लोनी विधायक नंद किशोर से गुहार लगाई। नंदकिशोर गुर्जर ने पुलिस अधिकारियों से कहा कि आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की जाए। ACP लोनी सिद्धार्थ गौतम ने बताया कि आरोपी खालिद हुसैन को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। मामले की जांच जारी है और अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है। वहीं, विधायक नंद किशोर गुर्जर ने कहा कि मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया है। साथ ही पुलिस ने बाकी आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया है। इस मामले में 16 लोगों पर केस दर्ज किया गया है। जिसमें आरोपियों की तलाश में पुलिस दबिश दे रही है।
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने कानपुर नगर जिला न्यायालय में अधिवक्ता डा. अखिलेश दुबे की सशर्त जमानत मंजूर कर ली है। कोर्ट ने कहा तीन सह अभियुक्तों को पहले ही अग्रिम जमानत मिल चुकी है। दो अभियुक्तों के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट ने केस कार्यवाही पर रोक लगा रखी है। आरोप और सजा की संभावना को देखते हुए याची भी जमानत पाने का हकदार हैं। यह आदेश न्यायमूर्ति हरवीर सिंह ने दिया है अदालत में कहा झूठा फंसाया गयायाची का कहना था कि उसे झूठा फंसाया गया है। 2025 मे बिना कारण बिना सबूत कई एफआईआर दर्ज की गई। कहा कि कोई ऐसा अपराध नहीं किया है जैसा प्राथमिकी में आरोप है। कहा विवादित वक्फ संपत्ति हाफिज अली ने 1911 में 99 साल की लीज पर दी थी। इसलिए 2010 के पहले उसपर कोई हक का दावा नहीं कर सकता। याची पर घर में घुसकर हस्ताक्षर लेने का आरोप निराधार है। कोई साक्ष्य नहीं है।इस मामले में सिविल वाद लंबित है। संपत्ति हड़पने का आरोप याची को बदनाम करने के लिए लगाया गया है।पांच लाख की मांग का कोई सबूत नहीं है। मुन्नी देवी की पावर आफ अटार्नी वैध है। इसलिए उसके इस्तेमाल को लेकर लगे आरोप अपराध की श्रेणी में नहीं आते।सह अभियुक्त सौम्या दूबे ,सर्वेश दूबे को राहत मिल चुकी है।सह अभियुक्त राजकुमार शुक्ल अग्रिम जमानत पर हैं। इसलिए याची को भी जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया गया है।
कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति के कानून पर सुप्रीम कोर्ट की टिप्पणी और एनसीआरबी रिपोर्ट को लेकर राज्य और केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। डोटासरा ने सोशल मीडिया पर बयान जारी कर केंद्र सरकार और बीजेपी पर चुनाव आयोग को कठपुतली बनाने का आरोप लगाया। कानून व्यवस्था और बढ़ते अपराधों को लेकर उन्होंने कहा कि भाजपा ने राजस्थान को आपराधिक स्थान बनाकर देश में नंबर-1 करवाने में कोई कसर नहीं छोड़ी। एनसीआरबी की रिपोर्ट के अनुसार, महिलाओं के खिलाफ अत्याचारों में राजस्थान के पहले नंबर पर होने को लेकर डोटासरा ने राज्य सरकार पर तंज कसा। डोटासरा ने एक्स पर लिखा- सुप्रीम कोर्ट ने चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाले कानून पर कड़ी टिप्पणी करते हुए मोदी सरकार की मंशा को देश के सामने बेनकाब कर दिया है। ये बहुमत की तानाशाही है..सुप्रीम कोर्ट की ये तल्ख टिप्पणी चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति वाले अधिनियम और इस पर न्यायिक बहस से घबराई मोदी सरकार पर है। भाजपा स्वतंत्र चुनाव आयोग नहीं, सरकारी आयोग चाहती है डोटासरा ने लिखा- कोर्ट का अप्रत्यक्ष रूप से ये मोदी सरकार के उस निर्णय का कटाक्ष है, जिसमें देश का लोकतंत्र लूटने के लिए चुनाव आयुक्तों की नियुक्ति करने वाली कमेटी से चीफ जस्टिस को हटाकर केंद्रीय मंत्री को शामिल किया गया है। अब चयन समिति में सिर्फ प्रधानमंत्री, एक केंद्रीय मंत्री और नेता प्रतिपक्ष हैं, यानी बहुमत पूरी तरह सरकार के हाथों में है। इसका मतलब साफ है कि भाजपा स्वतंत्र चुनाव आयोग नहीं, सरकारी आयोग चाहती है, ताकि एक के बाद एक राज्यों में लोकतंत्र लूट सके। कानून बदलकर चुनाव आयोग को राजनीतिक कठपुतली बनाया डोटासरा ने लिखा- स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव, कानून के शासन और संविधान के अनुच्छेद 14 की मूल भावना से जुड़े हैं। अगर चुनाव आयोग निष्पक्ष व स्वतंत्र रहेगा, तो भाजपा हर चुनाव पर कब्जा नहीं कर पाएगी। ये देश का दुर्भाग्य है कि संविधान ने जिस चुनाव आयोग को लोकतंत्र का निष्पक्ष प्रहरी बनाया था, मोदी सरकार ने कानून बदलकर उसे अपनी राजनीतिक कठपुतली बना लिया और एक के बाद एक राज्यों में लोकतंत्र लूटने के लिए उसका इस्तेमाल कर रही है। भाजपा ने राजस्थान को अपराधिस्थान बनाकर ही दम लिया : डोटासरा NCRB की रिपोर्ट के अनुसार, महिला अपराधों में राजस्थान देश में नंबर होने के बाद डोटासरा ने राज्य सरकार पर तंज कसा है। डोटासरा ने एक्स पर लिखा- ढाई साल लगे लेकिन आखिर भाजपा ने राजस्थान को अपराधिस्थान बनाकर देश में नंबर-1 करवाकर ही दम लिया। राजस्थान की शर्मनाक पहचान बनाने वालों को शर्म से डूबकर मर जाना चाहिए। एनसीआरबी की रिपोर्ट चीख-चीखकर कह रही है कि महिला अपराधों में राजस्थान देश में नंबर वन और 19 महानगरों में जयपुर सबसे आगे है। डोटासरा ने लिखा- भाजपा के कुशासन में राजस्थान की पहचान अब पर्यटन, संस्कृति और अपणायत से नहीं, देश में अपराधों से होने लगी है। राजस्थान में 12.2% महिला अपराध दर राष्ट्रीय औसत से 3 गुना ज्यादा होना बताता है कि राज्य की कानून व्यवस्था पूरी तरह ध्वस्त हो चुकी है।
अर्जुनराम मेघवाल की अध्यक्षता में हुई जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक में गुरुवार को बीकानेर शहर की बदहाल सफाई व्यवस्था, अतिक्रमण और ट्रैफिक अव्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों का गुस्सा खुलकर सामने आया। करीब 4 घंटे चली बैठक में जिले के अधिकांश विधायकों और प्रशासनिक अधिकारियों ने हिस्सा लिया। बैठक में कई विधायकों ने साफ कहा कि बीकानेर का विकास रुक गया है। शहर की सफाई व्यवस्था चौपट हो चुकी है और मुख्य मार्गों पर अतिक्रमण इतना बढ़ गया है कि सड़कें संकरी हो गई हैं। जनप्रतिनिधियों ने प्रशासन से दो टूक कहा कि मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त कर वॉल टू वॉल सड़क बनाई जाए। विधायकों ने यहां तक कहा कि यदि कब्जे हटाने पर आम जनता नाराज भी होती है तो वे उसे सहन करेंगे, लेकिन बीकानेर को शहर जैसा शहर बनाया जाना चाहिए। विश्वनाथ बोले- अजमेर और जोधपुर सिटी बन गए, बीकानेर अब तक पीछे बैठक में विधायक विश्वनाथ मेघवाल ने कहा कि अजमेर और जोधपुर सिटी बन चुके हैं, लेकिन बीकानेर आज तक उस स्तर तक नहीं पहुंच पाया। उन्होंने अधिकारियों को तीन महीने में सभी प्रमुख सड़कें दुरुस्त करने, गड्ढे भरने और महीनेवार लक्ष्य तय करने के निर्देश देने की बात कही। उन्होंने कहा कि नेशनल हाईवे से शहर में प्रवेश करने पर बीकानेर की पहचान नजर आनी चाहिए। इसके लिए हाईवे एंट्री पॉइंट पर वॉल टू वॉल रोड बनाई जानी चाहिए। निजी कंपनियों पर बरसे विधायक बैठक में सफाई व्यवस्था को लेकर सबसे ज्यादा नाराजगी देखने को मिली। विधायक जेठानंद व्यास ने कहा कि शहर में केवल 50 कर्मचारी ही काम कर रहे हैं, जबकि 200 कर्मचारियों की बात हुई थी। इतना ही नहीं उन्होंने कहा कि जनता क्लिनिक सहित अन्य चिकित्सा संस्थानों में काम कर रहे कर्मचारियों से हर महीने वसूली की जा रही है। इन कर्मचारियों से पांच से पंद्रह हजार रुपए तक वसूले जा रहे हैं। मंत्री ने याद किया महापौर चौपड़ा को वहीं विधायक और केबिनेट मंत्री सुमित गोदारा ने सफाई को लेकर नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि जब नारायण चौपड़ा महापौर थे तब सफाई व्यवस्था बेहतर थी। हर सप्ताह एक सड़क की नियमित सफाई होती थी, लेकिन अब ऐसा नहीं हो रहा है। अर्जुनराम ने फटकारा हाइवे अधिकारियों को बैठक में बीकानेर-सीकर फोरलेन परियोजना का मुद्दा जोरदार तरीके से उठा। केंद्रीय मंत्री मेघवाल ने एनएचआई अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कहा कि यदि किसी अधिकारी ने विपरीत रिपोर्ट बनाई है तो उसे हटाकर नई रिपोर्ट तैयार की जाए। उन्होंने स्पष्ट कहा कि बीकानेर-सीकर फोरलेन हर हाल में बननी चाहिए। एयरपोर्ट का होगा विकास इसके अलावा नागौर-बीकानेर फोरलेन और एयरपोर्ट से नेशनल हाईवे की कनेक्टिविटी पर भी चर्चा हुई। बैठक में याद दिलाया गया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने एक वर्ष पहले 2027 तक एयरपोर्ट विस्तार की बात कही थी। इसके बाद भी प्रशासन इस पर गंभीर नहीं है। उन्होंने कलेक्टर निशांत जैन से इस संबंध में रिपोर्ट मांगी। बीकानेर रिंग रोड के लिए डीपीआर बनाने के निर्देश केंद्रीय मंत्री ने अधिकारियों को बीकानेर रिंग रोड के लिए डीपीआर तैयार करने के निर्देश दिए। ट्रैफिक मैनेजमेंट सुधारने के लिए अलग से प्लान तैयार करने की बात भी कही गई। सभी विधायकों ने एक सुर में कहा कि शहर से गुजर रहे नेशनल हाईवे को अतिक्रमण मुक्त किया जाए। जनप्रतिनिधियों ने कहा कि जनता की नाराजगी बाद में देख लेंगे, लेकिन बीकानेर को व्यवस्थित शहर बनाने की दिशा में ठोस कार्रवाई जरूरी है। डूडी पेट्रोल पंप से गंगानगर चौराहे तक फ्लाईओवर की मांग बैठक में डूडी पेट्रोल पंप से गंगानगर चौराहे तक फ्लाईओवर बनाने का प्रस्ताव भी रखा गया। इससे भारी वाहन शहर के ट्राफिक को परेशान किए बगैर सीधे बाहर निकल जाएंगे। साथ ही रविंद्र रंगमंच की दरें बढ़ाने का मुद्दा भी उठा। पीबीएम अस्पताल को पीजीआई करने पर चर्चा बीकानेर संभाग के पीबीएम अस्पताल को अपग्रेड करने का मुद्दा भी बैठक में प्रमुखता से उठा। चर्चा में कहा गया कि एम्स बनना संभव नहीं है, लेकिन पीजीआई स्तर का संस्थान विकसित करने की दिशा में प्रयास किए जा सकते हैं। इसके लिए एनएमसी से अनुमति लेने और मेडिकल व्यवस्थाओं में सुधार की जरूरत बताई गई। इस विषय पर अलग से मेडिकल बैठक करने की बात भी कही गई। पन्नाधाय और जनता क्लिनिक में उगाही बैठक में पन्नाधाय और जनता क्लिनिक से कथित उगाही, कर्मचारियों को पीएफ और ईएसआई का लाभ नहीं मिलने का मुद्दा भी उठा। जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों से इस मामले में कार्रवाई करने को कहा। मूंगफली रिसर्च सेंटर के उपयोग पर सवाल बैठक में मूंगफली रिसर्च सेंटर के उपयोग पर भी सवाल उठे। कहा गया कि वैज्ञानिक होने के बावजूद रिसर्च सेंटर का प्रभावी उपयोग नहीं हो रहा है। बीकानेर की मूंगफली एक्सपोर्ट में रिजेक्ट हो रही है, ऐसे में वैज्ञानिकों को सक्रिय रूप से काम में लिया जाना चाहिए। पूगल में नाइट टूरिज्म विकसित करने का सुझाव पूगल क्षेत्र में नाइट टूरिज्म विकसित करने और रात में तारों को देखने की पर्यटन गतिविधियां शुरू करने का सुझाव भी बैठक में रखा गया। इसके अलावा पीएचईडी को पानी के टैंकरों की संख्या बढ़ाने के निर्देश देने की बात भी सामने आई।
ग्वालियर में थाटीपुर थाना पुलिस ने बुधवार-गुरुवार दरमियानी रात करीब 2:15 बजे कार्रवाई करते हुए एक युवक को अवैध पिस्टल के साथ गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी एक्टिवा गाड़ी पर मंदिर के बाहर किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में बैठा हुआ था। मुखबिर की सूचना पर हुई कार्रवाई जानकारी के अनुसार थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान को मुखबिर से सूचना मिली थी कि नदी पटल भूतेश्वर मंदिर के पास रपट पर एक बदमाशी वक्त को अंजाम देने के लिए एक्टिवा गाड़ी पर बैठा है और उसके पास जिन्दा राउंड और अवैध हथियार है। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी विपेन्द्र सिंह चौहान के नेतृत्व में पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर दी एक्टिवा की डिग्गी की तलाशी लेने पर मिली पिस्टल पुलिस ने एक्टिवा क्रमांक MP07 ZS 4465 की तलाशी ली, जिसम एक 32 बोर की देशी पिस्टल और एक जिन्दा राउंड बरामद हुआ। पूछताछ करने पर पकड़े गए आरोपी युवक की पहचान 19 वर्षीय नमन सोलंकी पुत्र धर्मेंद्र सोलंकी निवासी भारत टॉकीज के पास शिंदे की छावनी के रूप में हुई है। पुलिस ने एक्टिवा को भी जब्त कर लिया। फिलहाल पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उससे पूछताछ शुरू कर दी है। आरोपी से पूछताछ जारी पकड़े गए युवक के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर उसे गुरुवार को न्यायालय में पेश किया गया है। पुलिस अब रिमांड पर लेकर पूछताछ करेगी, ताकि यह पता लगाया जा सके कि वे किस वारदात की योजना बना रहा था। थाना प्रभारी थाटीपुर विपेन्द्र सिंह चौहान ने बताया कि समय पर मिली सूचना के कारण एक घटना टल गई। फिलहाल मामले की जांच जारी है।
मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश में कैंसर मरीजों को बेहतर और आसान इलाज उपलब्ध कराने की दिशा में एक नई पहल शुरू की है। अस्पताल ने अब गोरखपुर में विशेष ऑन्कोलॉजी ओपीडी सेवाओं की शुरुआत की है, जिससे मरीजों को कैंसर विशेषज्ञों से परामर्श के लिए अब लखनऊ तक लंबी दूरी तय नहीं करनी पड़ेगी। इस नई सुविधा का शुभारंभ मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ के सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. शशांक चौधरी और मेडिकल ऑन्कोलॉजी एवं हेमेटो-ऑन्कोलॉजी विशेषज्ञ डॉ. आशुतोष मिश्रा की मौजूदगी में किया गया। गोरखपुर में शुरू हुई ओपीडीडॉ. शशांक चौधरी हर महीने के पहले गुरुवार को दोपहर 2:30 बजे से शाम 5:00 बजे तक गोरखपुर के लाइफ केयर हॉस्पिटल में मरीजों को परामर्श देंगे। वहीं डॉ. आशुतोष मिश्रा हर महीने के दूसरे और चौथे बुधवार को सुबह 11:00 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक शकुंतला हॉस्पिटल और दोपहर 12:30 बजे से 2:00 बजे तक एनईआर रेलवे ऑफिस में उपलब्ध रहेंगे। डॉ बोले- अर्ली स्टेज में कैंसर उपचार संभवइस मौके पर डॉ. शशांक चौधरी ने कहा कि कैंसर के इलाज में समय पर पहचान सबसे जरूरी होती है। यदि बीमारी शुरुआती चरण में पकड़ में आ जाए तो इलाज के परिणाम काफी बेहतर होते हैं। उन्होंने बताया कि आधुनिक तकनीक, मिनिमली इनवेसिव सर्जरी और प्रिसीजन आधारित उपचार के कारण अब कैंसर का इलाज पहले से ज्यादा सुरक्षित और प्रभावी हो गया है। गोरखपुर में ओपीडी शुरू होने से आसपास के जिलों के मरीजों को विशेषज्ञ सलाह अपने शहर के करीब ही मिल सकेगी। डॉ. आशुतोष मिश्रा ने कहा कि इम्यूनोथेरेपी, टार्गेटेड थेरेपी और सीएआर-टी थेरेपी जैसी नई उपचार पद्धतियों ने कैंसर मरीजों की जीवन गुणवत्ता और सर्वाइवल रेट में बड़ा सुधार किया है। उन्होंने कहा कि आज की आधुनिक ऑन्कोलॉजी में हर मरीज के अनुसार व्यक्तिगत उपचार योजना तैयार की जाती है, जिससे बेहतर परिणाम मिलते हैं। उनका उद्देश्य मरीजों को जांच से लेकर इलाज और रिकवरी तक हर चरण में सही मार्गदर्शन देना है। गोरखपुर में इन विशेष कैंसर ओपीडी सेवाओं की शुरुआत के साथ मैक्स सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, लखनऊ ने पूर्वी उत्तर प्रदेश के मरीजों तक उन्नत कैंसर उपचार पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता को और मजबूत किया है। इस पहल से गोरखपुर और आसपास के क्षेत्रों के मरीजों को शुरुआती जांच, विशेषज्ञ परामर्श और आधुनिक उपचार योजना की सुविधा अब घर के नजदीक ही मिल सकेगी।
शाजापुर के हाईवे-52 पर बाइक ने राहगीर को टक्कर मारी:हादसे में दो घायल; पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल
शाजापुर जिले के सुनेरा थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे-52 पर गुरुवार को एक तेज रफ्तार बाइक ने सड़क पार कर रहे एक पैदल राहगीर को टक्कर मार दी। इस हादसे में चालक और राहगीर दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही सुनेरा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को थाने के वाहन से उपचार के लिए शाजापुर जिला अस्पताल पहुंचाया। पुलिस के अनुसार, घायल पैदल राहगीर की पहचान सुनेरा निवासी विक्रम धाकड़ के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि विक्रम हाईवे पार कर रहे थे, तभी तेज गति से आ रही बाइक ने उन्हें टक्कर मार दी। हादसे में विक्रम के पैर और सिर में चोटें आई हैं। उनका उपचार जिला अस्पताल में जारी है। वहीं, चालक भी गंभीर रूप से घायल हुआ है और बेहोशी की हालत में अस्पताल में भर्ती है। चालक के पास कोई पहचान पत्र नहीं मिलने से उसका नाम-पता अभी तक सामने नहीं आ पाया है। पुलिस उसके होश में आने का इंतजार कर रही है ताकि उसकी पहचान की जा सके। पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
जांजगीर-चांपा जिले के बलौदा विकासखंड स्थित ग्राम पंचायत भिलाई में सुशासन तिहार के तहत जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शासकीय पूर्व माध्यमिक शाला भिलाई में आयोजित इस शिविर में 23 ग्राम पंचायतों के ग्रामीण बड़ी संख्या में शामिल हुए। शिविर में कुल 746 आवेदन प्राप्त हुए। इनमें 689 मांग संबंधी और 57 शिकायत संबंधी आवेदन शामिल थे। प्रशासन ने सभी मामलों के समयबद्ध निराकरण का भरोसा दिलाया है। अधिकारियों ने कहा- गांव-गांव पहुंच रही सरकार कार्यक्रम में मौजूद सौरभ सिंह ने ग्रामीणों से सुशासन तिहार शिविरों का अधिकतम लाभ उठाने की अपील की। उन्होंने जल संरक्षण और नए तालाबों के निर्माण को प्राथमिकता देने पर जोर दिया। वहीं, राघवेंद्र कुमार सिंह ने कहा कि सुशासन तिहार के माध्यम से शासन गांव-गांव पहुंचकर लोगों की समस्याओं का समाधान कर रहा है। कलेक्टर ने दिए समयबद्ध निराकरण के निर्देश जन्मेजय महोबे ने अधिकारियों को सभी आवेदनों का समय पर निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने विशेष रूप से स्वास्थ्य, सीमांकन, नामांतरण और बंटवारे से जुड़े मामलों को प्राथमिकता के साथ हल करने को कहा। स्वास्थ्य शिविर में हुई कई जांचें शिविर में विशेष स्वास्थ्य जांच कैंप भी लगाया गया, जहां ग्रामीणों की जांचें की गईं। विशेषज्ञ डॉक्टरों ने नेत्र, ईएनटी, शिशु एवं स्त्री रोग से जुड़ी सेवाएं और परामर्श भी दिए। पात्र हितग्राहियों को आयुष्मान कार्ड और वय वंदना कार्ड भी वितरित किए गए। हितग्राहियों को बांटे गए योजना लाभ कार्यक्रम के दौरान कई सरकारी योजनाओं के तहत हितग्राहियों को लाभ भी दिया गया। इनमे का वितरण किया गया। इसके अलावा, स्व-सहायता समूहों को ऋण प्रदान किए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से गोद भराई और अन्नप्राशन कार्यक्रम भी आयोजित किए गए। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद शिविर में छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम के अध्यक्ष सौरभ सिंह, विधायक राघवेंद्र कुमार सिंह, कलेक्टर जन्मेजय महोबे समेत कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। ग्रामीणों ने शिविर को उपयोगी बताते हुए कहा कि गांव स्तर पर योजनाओं और अधिकारियों की पहुंच बढ़ने से समस्याओं के समाधान में आसानी हो रही है।
भोपाल के बड़ा बाग कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो की अंडरग्राउंड लाइन निकालने का ऑल इंडिया मुस्लिम त्योहार कमेटी ने विरोध किया है। मेट्रो रेलवे लाइन बिछाने की प्रस्तावित योजना का कड़ा विरोध करते हुए कहा है कि किसी भी कीमत पर निर्माण नहीं होने देंगे। कमेटी के संरक्षक शमशुल हसन बल्ली ने कहा कि किसी भी कीमत पर बड़ा बाग कब्रिस्तान के नीचे से मेट्रो रेलवे लाइन नहीं निकलने दी जाएगी। इस मुद्दे पर मुस्लिम समाज एकजुट है। यदि योजना वापस नहीं ली गई तो व्यापक स्तर पर विरोध प्रदर्शन किया जाएगा। यह धार्मिक-सामाजिक आस्था का केंद्रबल्ली ने कहा कि कब्रिस्तान धार्मिक और सामाजिक आस्था का केंद्र है। ऐसे स्थान के नीचे रेलवे लाइन निर्माण करना समुदाय की भावनाओं को आहत करने वाला कदम है। उन्होंने प्रशासन और रेलवे विभाग से मांग की कि प्रस्तावित मार्ग में तत्काल बदलाव किया जाए और धार्मिक स्थलों की गरिमा का सम्मान किया जाए। प्रदर्शन के दौरान शेख इस्माइल खान, नवेद लाला, अदनान, अंसार खान, जाहिद मंसूरी आदि मौजूद थे।
नूंह जिले के ऐतिहासिक नल्हड़ मंदिर में 11 मई को सोमनाथ स्वाभिमान पर्व के उपलक्ष्य में जिला स्तरीय धार्मिक आयोजन किया जाएगा। जिला प्रशासन ने इस कार्यक्रम की तैयारियां तेज कर दी हैं। उपायुक्त अखिल पिलानी ने गुरुवार को अधिकारियों के साथ बैठक कर आयोजन की रूपरेखा तय की और आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उपायुक्त अखिल पिलानी ने बताया कि सोमनाथ स्वाभिमान पर्व देशभर में श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाएगा। नूंह जिले में भी नल्हड़ स्थित नल्हेश्वर शिव मंदिर परिसर में धार्मिक कार्यक्रम आयोजित होंगे, जिसमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। कार्यक्रम की शुरुआत भव्य कलश यात्रा से होगी। श्रद्धालु पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ यात्रा में शामिल होंगे, जिसके बाद नल्हड़ मंदिर में शिवलिंग पर जलाभिषेक किया जाएगा। आयोजन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी किया जाएगा, जिससे श्रद्धालु सीधे जुड़ सकेंगे। मंदिर परिसर में धार्मिक और सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित होंगे, जो श्रद्धा और सांस्कृतिक चेतना का वातावरण बनाएंगे। डीसी ने दिए आवश्यक इंतजाम करने के निर्देश उपायुक्त ने अधिकारियों को सुरक्षा व्यवस्था, स्वच्छता, पेयजल, बिजली, पार्किंग और यातायात प्रबंधन पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए सभी आवश्यक इंतजाम समय पर पूरे किए जाएं ताकि कोई अव्यवस्था न हो। सभी विभागों को आपसी समन्वय के साथ काम करने को कहा गया है। बैठक में अतिरिक्त उपायुक्त ज्योति, डीएमसी दलबीर सिंह, एसडीएम नूंह कुंवर आदित्य विक्रम, जिला शिक्षा अधिकारी राजेंद्र शर्मा, जिला विकास एवं पंचायत अधिकारी नरेंद्र सारवान और महिला एवं बाल विकास अधिकारी सीमा प्रसाद सहित कई प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित थे।
प्रयागराज में इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रनेता और अधिवक्ता पर सरेराह फायरिंग की गई। काले रंग की थार से आए बदमाशों ने पूर्व छात्र नेता व अधिवक्ता रजनीश सिंह रिशू की कार पर छह राडंड फायर दागे। पीड़ित व उनके साथियों ने खदेड़ा तो हमलावर कुछ दूर जाकर थार छोड़कर भाग निकले। आरोप है कि शिकायत के बावजूद शिवकुटी पुलिस ने कार्रवाई नहीं की। अफसरों से गुहार लगाई गई तब जाकर करीब दूसरे दिन करीब 13 घंटे बाद मुकदमा दर्ज किया। गांव से लौट रहे थे घररजनीश कुमार सिंह श्रिया अपार्टमेट बाबा चौराहे के पास रहते हैं। वह इलाहाबाद विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रनेता और अधिवक्ता हैं। उन्होंने बताया कि बुधवर रात वह अपने गांव बनवीपपुर से घर लौट रहे थे। थार में तीन लोग सवार थेतभी शिवकुटी में स्टैनली रोड पर कैंटोमेंट एरीया के पास काले रंग की थार ने उनकी फॉर्च्यूनर को ओवरटेक किया। इसमें तीन लोग सवार थे। इनमें से दो आगे जबकि एक पीछे की सीट पर बैठा था। थार जैसे ही ओवरटेक कर आगे निकली, इसमें सवार लोगों ने अंधाधुंध फायरिंग शुरू कर दी। जानकारी देने पर भी कार्रवाई नहीं कीबदमाशों ने एक के बाद एक छह राउंड फायर किए और फिर भागने लगे। खदेड़ने पर कलश चौराहे से बाएं मुड़कर कुछ दूर तक जाने के बाद थार छोड़कर भाग निकले। इसमें नंबर प्लेट नहीं थी। सूचना पर शिवकुटी पुलिस आ गई। हालांकि प्रकरण की लिखित जानकारी देने के बाद भी कोई कार्रवाई नहीं की गई। अफसरों ने फटकार लगाईपीड़ित ने बताया कि बृहस्पतिवार को वह शिकायत लेकर पुलिस कमिश्रनर जोगेंद्र कुमार व एडिशनल सीपी डॉ. अजयपाल शर्मा के पास पहुंचे। दोनों अफसरों ने फटकार लगाई तब जाकर शिवकुटी पुलिस ने दोपहर में 1:16 मिनट पर मुकदमा दर्ज किया।जान को खतरास बतायाउधर पीड़ित ने बताया कि उनकी जान को खतरा है। इस घटना के बाद से वह दहशत में हैं। आर्मी कैंटोमेंट एरिया मे अपराधी खुलेआम गोलियां चला रहे हैं और यह कानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। घटना का उन्होंने वीडियो भी बनाया और इसे अफसरों को भी सौंपा है। थाना प्रभारी बोले-इस मामले में थाना प्रभारी वीरेंद्र सिंह यादव ने बताया कि तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। थार किसकी थी, यह भी पता लगाया जा रहा है।
कटनी जिले के रीठी स्थित गेहूं खरीदी केंद्र पर गुरुवार शाम तहसीलदार और किसानों के बीच तीखी बहस के बाद हंगामा हो गया। तहसीलदार के कथित अभद्र व्यवहार से आक्रोशित किसानों ने कटनी-दमोह मुख्य मार्ग पर चक्का जाम कर प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। घुन लगा गेहूं मिलने पर जब्त किया रीजनल मैनेजर साधना परस्ती और तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया खरीदी केंद्र का निरीक्षण करने पहुंची थीं। इस दौरान गेहूं के तीन ढेरों में घुन लगा पाया गया। गुणवत्ता में कमी मिलने पर अधिकारियों ने तत्काल अनाज को जब्त करने और उसकी सफाई कराने की प्रक्रिया शुरू की। तहसीलदार पर अमर्यादित व्यवहार का आरोप किसान राम किशोर राय और अन्य प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि निरीक्षण के दौरान तहसीलदार ने अपना आपा खो दिया और किसानों के साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। किसानों का कहना है कि वे केवल अपनी समस्याएं साझा कर रहे थे, लेकिन अधिकारी के व्यवहार से आहत होकर उन्हें सड़क पर उतरना पड़ा। नारेबाजी के बीच अधिकारियों ने कराया समझौता चक्का जाम के कारण मार्ग के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और करीब 20 मिनट तक आवागमन पूरी तरह ठप रहा। सूचना मिलते ही अन्य प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचकर मध्यस्थता की। आपसी समझाइश और आश्वासन के बाद किसानों ने जाम खोला। तहसीलदार ने आरोपों को बताया निराधार रीठी तहसीलदार आकांक्षा चौरसिया ने अभद्रता के सभी दावों को सिरे से खारिज कर दिया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वे केवल नियमानुसार खराब गेहूं पर कार्रवाई कर रही थीं। उनके अनुसार, किसी भी किसान को अपमानित नहीं किया गया है और लगाए गए आरोप पूरी तरह बेबुनियाद हैं।
भिलाई नगर के वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में विधायक रिकेश सेन ने बेटियों के लिए एक नई पहल शुरू की है। 1 मई 2026 के बाद क्षेत्र में जन्म लेने वाली हर बेटी के “चाचा” बनकर उसका स्वागत करेंगे। इसी अभियान के तहत गुरुवार को विधायक वार्ड-21 निवासी शाहनियाज आलम के घर पहुंचे और उनकी नवजात बेटी ‘लाडो’ को आशीर्वाद दिया। विधायक रिकेश ने बच्ची को गोद में लेकर परिवार को बधाई दी और कहा कि उनकी विधानसभा में जन्म लेने वाली हर बेटी उनकी अपनी भतीजी की तरह है। उन्होंने कहा कि किसी भी मां और बच्चे को पैसों की कमी की वजह से परेशानी न हो, यही इस योजना का मकसद है। इस दौरान विधायक ने परिवार को “मां का दुलार - मां शिशु सुरक्षा कवच” योजना के तहत एक खास गिफ्ट ट्रॉली सूटकेस भेंट किया। इस किट में नवजात बच्ची और उसकी मां के लिए जरूरत का सामान रखा गया है। 11 हजार कीमत के 25 से ज्यादा सामानसूटकेश में करीब 11 हजार रुपए कीमत वाली इस किट में 25 से ज्यादा सामान शामिल हैं। नवजात के लिए सॉफ्ट कपड़े, कंबल, स्वेटर, मोजे, कैप, तौलिया, बेबी लोशन, साबुन, शैम्पू, मालिश तेल, दूध की बोतल और खिलौने रखे गए हैं। इसके साथ ही आधुनिक पैडेड लंगोट और नामकरण के लिए खास ड्रेस भी दी गई है। मां के लिए भी अलग से जरूरी सामान रखा गया है। इसमें शॉल, बेडशीट, मोजे, सेनेटरी पैड, नहाने का साबुन और पौष्टिक आहार के लिए खजूर व खुमानी जैसे ड्राई फ्रूट शामिल हैं। घर में साफ-सफाई का ध्यान रखने के लिए बर्तन धोने का साबुन, कपड़े धोने का साबुन, बेबी वाइप्स और वाटरप्रूफ मैट भी किट में रखा गया है। रिकेश बोले बेटियों नहीं होगी दिक्कतविधायक रिकेश सेन ने कहा कि वे खुद एक साधारण परिवार से आते हैं और उन्होंने करीब से देखा है कि कई बार संसाधनों की कमी के कारण मां और नवजात को दिक्कतों का सामना करना पड़ता है। उन्होंने कहा कि उनका प्रयास है कि वैशाली नगर में जन्म लेने वाली हर बेटी को बेहतर शुरुआत मिले और उसके जन्म को परिवार उत्सव की तरह मनाए। उन्होंने बताया कि यह योजना पूरी तरह निशुल्क है और इसका लाभ वैशाली नगर विधानसभा क्षेत्र में जन्म लेने वाली बेटियों को मिलेगा। योजना की शुरुआत 1 मई से की गई है।
मऊगंज पुलिस ने 26 अप्रैल से 6 मई तक सघन जांच अभियान चलाया। 10 दिनों तक चली इस कार्रवाई के दौरान कुल 601 वाहनों पर चालानी कार्रवाई कर 2 लाख 67 हजार 300 रुपए समन शुल्क वसूला गया। बिना हेलमेट और नो-एंट्री में घुसने वाले वाहनों पर कार्रवाई यातायात प्रभारी नरेश प्रताप सिंह के नेतृत्व में टीम ने बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट और नो-एंट्री नियमों का उल्लंघन करने वाले भारी वाहनों पर कड़ा शिकंजा कसा। पुलिस ने स्पष्ट किया कि नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ सख्ती जारी रहेगी। 'हेलमेट लगाओ शपथ अभियान' के जरिए जागरूकता कार्रवाई के साथ ही पुलिस ने हेलमेट लगाओ शपथ अभियान भी चलाया। इसके तहत दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को रोककर यातायात नियमों के पालन की शपथ दिलाई गई। चालकों को समझाया गया कि सुरक्षा उपकरण केवल जुर्माने से बचने के लिए नहीं बल्कि जीवन रक्षा के लिए अनिवार्य हैं। एयरबैग और सुरक्षा के लिए सीट बेल्ट को बताया जरूरी जागरूकता सत्र के दौरान बताया गया कि चारपहिया वाहनों में सीट बेल्ट न केवल यात्री को सुरक्षित रखती है, बल्कि दुर्घटना के समय एयरबैग को सही ढंग से सक्रिय होने में भी मदद करती है। पुलिस ने दोपहिया चालकों को हेलमेट को नियमित आदत बनाने की सलाह दी। दंड नहीं, सुरक्षित यात्रा है यातायात प्रभारी ने कहा कि पुलिस का प्राथमिक लक्ष्य लोगों को दंडित करना नहीं, बल्कि सुरक्षित यात्रा के प्रति जागरूक करना है। उन्होंने बताया कि छोटे नियमों का पालन बड़ी दुर्घटनाओं को टाल सकता है और आने वाले दिनों में भी जागरूकता के साथ चालानी कार्रवाई जारी रहेगी।
आरा-मोहनिया नेशनल हाईवे पर जगदीशपुर थाना क्षेत्र के हरीगांव के पास आज बेलगाम ट्रैक्टर ने रोहतास निवासी बाइक सवार अधेड़ को रौंद दिया। हादसे में उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद चालक ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गया। मृतक रोहतास जिला के दिनारा थाना क्षेत्र भरहुआ गांव निवासी रामदीप सिंह के 52 साल के बेटे जितेंद्र कुमार सिंह है। वह दिल्ली में रहकर प्राइवेट कंपनी में काम करते थे। उधर घटना के बाद स्थानीय ग्रामीण और मृतक के परिजन का आक्रोश भड़क उठा। आक्रोशित ग्रामीणों ने ट्रैक्टर चालक को पकड़ने व मुआवजे की मांग को लेकर हरीगांव के पास शव को सड़क के बीच रख जाम कर दिया। उन्होंने करीब चार घंटे तक सड़क को जाम रखा गया। सड़क जाम होने के कारण सड़क के दोनों तरफ गाड़ी की लंबी लाइन लग गई और आवागमन पूरी तरह ठप्प रहा। सड़क जाम की सूचना पाकर जगदीशपुर थानाध्यक्ष सुशांत कुमार मंडल पुलिस बल के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और लोगों को समझाने-बुझाने लगे। पुलिस के काफी मशक्कत करने के बाद लोगों को समझा-बूझाकर जाम को हटवाया गया। इसके बाद पुलिस ने शव को अपने कब्जे में लेकर उसका पोस्टमार्टम सदर अस्पताल में करवाया। मृतक के फुफेरे भाई आदित्य कुमार सिंह ने बताया कि वह बाइक से उदवंतनगर थाना क्षेत्र के तेतरिया गांव अपनी फुआ के घर जा रहे थे। उसी दौरान हरीगांव के समीप पास साइड से आ रही अनियंत्रित ट्रैक्टर ने उन्हें रौंद दिया। जिसमें उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। स्थानीय लोगों ने उन्हीं के मोबाइल से फोन पर इसकी जानकारी उनके परिजनों को दी। तब सूचना पाकर परिजन वहां पहुंचे। मृतक अपने तीन भाई व दो बहन में बड़े थे। उनके परिवार में पत्नी उषा देवी, दो बेटी रीती कुमारी, प्रिया कुमारी व दो बेटे प्रिंस कुमार और उज्जवल कुमार है। मृतक के घर में हाहाकार मच गया है। घटना के बाद मृतक की पत्नी उषा देवी और परिवार के सभी सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है।
बेतिया नगर निगम ने शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के उद्देश्य से गुरुवार को व्यापक अभियान चलाया। यह अभियान स्टेशन चौक से बानुछापर होते हुए बाबा कॉलेज तक चलाया गया। इस दौरान सर्विस लेन और नालों पर किए गए अवैध कब्जों को हटाने के लिए प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की। झुग्गी-झोपड़ियों पर चलाया बुलडोजर अभियान के तहत सड़क किनारे बनी झुग्गी-झोपड़ियों पर बुलडोजर चलाया गया। इसके साथ ही अवैध रूप से संचालित पार्किंग स्थलों को भी हटाया गया। नगर निगम की टीम ने कई दुकानों के बाहर सड़क और नालों पर रखी सामग्री को जब्त कर लिया। अतिक्रमणकारियों को तत्काल कब्जा हटाने का निर्देश दिया गया। नगर निगम अधिकारियों ने चेतावनी दी कि सड़क, सर्विस लेन और नालों पर किसी भी प्रकार का अवैध कब्जा बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। उन्होंने स्थानीय दुकानदारों और नागरिकों से सार्वजनिक स्थलों को अतिक्रमण मुक्त रखने की अपील की, ताकि यातायात सुचारु रहे और जल निकासी की समस्या न हो। चिन्हित क्षेत्रों में अभियान जारी रहेगा इस अभियान में नगर निगम के अधिकारी, कर्मचारी और सुरक्षा बल के जवान मौजूद रहे। प्रशासन ने पूरे इलाके में सख्ती से कार्रवाई करते हुए अतिक्रमण हटाया। नगर निगम की टीम ने स्पष्ट किया कि शहर के अन्य चिन्हित क्षेत्रों में भी यह अभियान जारी रहेगा। नगर आयुक्त शिवानी दीक्षित ने बताया कि बेतिया शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए नगर निगम लगातार कार्रवाई कर रहा है। उन्होंने कहा कि कई बार चेतावनी के बावजूद कुछ लोग दोबारा सार्वजनिक स्थलों पर कब्जा कर लेते हैं, जिससे आम लोगों को परेशानी होती है। दोबारा अतिक्रमण पर कानूनी कार्रवाई नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि भविष्य में यदि किसी व्यक्ति द्वारा दोबारा अतिक्रमण किया गया, तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी और उसकी सामग्री स्थायी रूप से जब्त कर ली जाएगी। उन्होंने नागरिकों से प्रशासन के इस अभियान में सहयोग करने की भी अपील की।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में 17 साल पुराने जमीन विवाद से जुड़े मामले में एक कानूनी सवाल उठा है। हाईकोर्ट ने पूछा है कि क्या राज्य मानवाधिकार आयोग के पास सीधे एफआईआर दर्ज कराने का अधिकार है। कोर्ट ने इस मामले में पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग से जवाब मांगा है। मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश शील नागू और न्यायमूर्ति संजीव बेरी की खंडपीठ ने की। कोर्ट ने आयोग के वकील को जवाब दाखिल करने के निर्देश देते हुए अगली सुनवाई 14 मई तय की है। 2007 में हुआ था जमीन का सौदा याचिका के अनुसार विवाद की शुरुआत अप्रैल 2007 में हुई थी। उस समय याचिकाकर्ता ने लुधियाना में तीन एकड़ से ज्यादा जमीन बेचने का समझौता किया था। इस सौदे के लिए एक करोड़ रुपए बतौर बयाना भी दिए गए थे। हालांकि बाद में पता चला कि जमीन से जुड़ा मामला पहले से ही सुप्रीम कोर्ट में लंबित था। याचिकाकर्ता का कहना है कि बाद में मूल खरीदार पीछे हट गया, जिसके बाद एक कंपनी के साथ नया समझौता किया गया। कंपनी ने नहीं पूरा किया सौदा याचिका में कहा गया है कि सुप्रीम कोर्ट से फैसला आने के बाद भी कंपनी ने जमीन का सौदा पूरा नहीं किया। इसके बाद समझौता रद्द कर दिया गया। बाद में कंपनी ने सिविल कोर्ट में स्पेशल परफॉर्मेंस का केस दायर कर दिया। याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया कि वर्ष 2016 में एक तीसरे व्यक्ति ने कंपनी के साथ मिलकर उसी जमीन को लेकर अलग समझौता कर लिया। पुलिस बोली आयोग ने दिए FIR के आदेश याचिकाकर्ता के मुताबिक लुधियाना पुलिस ने जांच के बाद मामला दर्ज करने से इनकार कर दिया था। इसके बावजूद 24 दिसंबर 2024 को दिल्ली में एफआईआर दर्ज हुई। इसके बाद पंजाब राज्य मानवाधिकार आयोग ने 10 मार्च 2026 को एफआईआर दर्ज करने के निर्देश जारी कर दिए। इसी आदेश को हाईकोर्ट में चुनौती दी गई है। अब हाईकोर्ट के सामने सबसे बड़ा सवाल यह है कि क्या मानवाधिकार आयोग सीधे एफआईआर दर्ज कराने का आदेश दे सकता है या नहीं। अदालत इस मामले में आयोग की संवैधानिक और कानूनी शक्तियों पर विस्तार से विचार करेगी।
मंदसौर जिले के नाहरगढ़ में डीगांव-माल्या रोड पर गुरुवार शाम करीब 6 बजे एक यात्री बस पलट गई। शामगढ़ से मंदसौर आ रही निक्की नाम की बस सामने से आ रहे वाहन को बचाने के प्रयास में अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गई। हादसे में एक यात्री की मौत हो गई जबकि करीब 29 यात्री घायल हो गए। घायलों में 10 ऐसे यात्री हैं जिन्हें ज्यादा गंभीर चोट आई हैं। हादसे के बाद मची चीख-पुकार मची बस मंदसौर की ओर आ रही थी। इसी दौरान सामने से आए वाहन को बचाने के प्रयास में चालक ने अचानक बस मोड़ी, जिससे बस असंतुलित होकर पलट गई। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई और आसपास के ग्रामीण तत्काल मदद के लिए पहुंचे। घटना की सूचना मिलते ही मंदसौर सीएसपी जितेंद्र भास्कर, कोतवाली थाना प्रभारी पुष्पेंद्र सिंह राठौर पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस और स्थानीय लोगों ने मिलकर बस में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। कलेक्टर अदिति गर्ग और एसपी विनोद कुमार मीना भी जिला अस्पताल पहुंचे हैं। हादसे की गंभीरता को देखते हुए जिला अस्पताल में प्रशासनिक अमला और स्वास्थ्य विभाग की टीम को मुस्तैद किया गया है। डॉक्टरों द्वारा घायलों का प्राथमिक उपचार किया जा रहा है, वहीं गंभीर रूप से घायल कुछ यात्रियों को विशेष निगरानी में रखा गया है। घटना के बाद ट्रैफिक जाम बस पलटने के कारण मंदसौर-शामगढ़ मार्ग पर कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को जेसीबी से सीधा करवा कर सड़क से हटवाया और यातायात दोबारा सुचारू कराया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाया जा रहा है। देखें तस्वीरें…
बालोतरा में राष्ट्रीय पशुपालक संघ और डीएनटी संघर्ष समिति द्वारा 13 मई 2026 को 'जेल भरो आंदोलन' आयोजित किया जाएगा। संगठन ने इस संबंध में जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर आंदोलन की सूचना दी है और अनुमति मांगी है। 13 मई की सुबह होगा आंदोलन राष्ट्रीय पशुपालक संघ के जिलाध्यक्ष गोविंदराम देवासी ने बताया कि यह आंदोलन अध्यक्ष लालजी राईका के नेतृत्व में होगा। यह 13 मई को सुबह 11 बजे से शाम तक जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने आयोजित किया जाएगा। आंदोलन की शुरुआत बालोतरा स्थित पशुपालक राईका समाज छात्रावास से एक रैली के रूप में होगी। यह रैली बाड़मेर कैलेंडर रोड होते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचेगी। सांकेतिक होगा आंदोलन जिलाध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन पूरी तरह सांकेतिक होगा। इसमें किसी भी व्यक्ति को वास्तव में जेल नहीं भेजा जाएगा। आंदोलन के दौरान जन-प्रदर्शन और विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। कहा- दो सालों से मांगों को लेकर कर रहे संघर्ष ज्ञापन में बताया गया है कि डीएनटी समाज पिछले दो वर्षों से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहा है। सरकार के साथ कई दौर की वार्ताएं होने के बावजूद अब तक कोई ठोस समाधान नहीं निकल पाया है, जिसके कारण समाज ने पुनः आंदोलन का रास्ता अपनाया है। संगठन ने प्रशासन से आंदोलन के दौरान सुरक्षा, यातायात प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने का आग्रह किया है। साथ ही, उन्होंने यह भी आश्वासन दिया है कि आंदोलन शांतिपूर्ण और अनुशासित तरीके से संपन्न होगा।
दौसा में तूफानी अंधड़ के साथ बारिश:धूल का गुबार छाया, लोगों को गर्मी व उमस से राहत मिली
दौसा जिले में एक बार फिर मौसम का मिजाज बदल गया। गुरुवार दोपहर बाद जिलेभर में तेज अंधड़ चला, जिससे आसमान में धूल का गुबार छा गया और कई इलाकों में दृश्यता भी प्रभावित हुई। करीब 30 मिनट तक चले तेज अंधड़ के बाद महवा, सिकराय, बांदीकुई और दौसा शहर सहित आसपास के क्षेत्रों में बारिश हुई। बारिश के बाद मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया और लोगों को भीषण गर्मी व उमस से राहत मिली। तेज हवाओं और बारिश के चलते तापमान में भी गिरावट दर्ज की गई। पिछले दो दिनों तक मौसम साफ रहने के बाद एक बार फिर बदले मौसम ने गर्मी से परेशान लोगों को राहत पहुंचाई। मौसम में बार-बार हो रहे बदलाव के चलते जिले में गर्मी का असर कम देखने को मिल रहा है। वहीं बारिश के बाद लोगों ने राहत भरी शाम का आनंद लिया।
छत्तीसगढ़ सरकार के ‘सुशासन तिहार 2026’ अभियान के तहत एमसीबी जिले के खड़गवां विकासखंड स्थित मझौली ग्राम पंचायत में जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन किया गया। खास बात यह रही कि शिविर गांव में आम के पेड़ की छांव तले लगाया गया, जहां आसपास के करीब 10 गांवों से बड़ी संख्या में ग्रामीण अपनी समस्याएं और मांगें लेकर पहुंचे। शिविर में जिला प्रशासन के विभिन्न विभागों द्वारा अलग-अलग स्टॉल लगाए गए थे। यहां ग्रामीणों ने पेयजल, सड़क, राशन कार्ड, पेंशन, प्रधानमंत्री आवास, बिजली और राजस्व संबंधी समस्याओं को लेकर आवेदन दिए। कई मामलों का मौके पर ही समाधान किया गया, जबकि अन्य आवेदनों को आगे की प्रक्रिया के लिए संबंधित विभागों को भेजा गया। ग्रामीण बोले-पहली बार गांव में सुनवाई का मौका मिला ग्रामीणों ने प्रशासन की इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि गांव स्तर पर शिविर लगने से उन्हें अपनी समस्याएं सीधे अधिकारियों तक पहुंचाने का अवसर मिला। कई लोगों ने कहा कि पहले छोटी-छोटी समस्याओं के लिए ब्लॉक और जिला मुख्यालय के चक्कर लगाने पड़ते थे। मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने लिया फीडबैक कार्यक्रम में क्षेत्रीय विधायक और प्रदेश के स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल भी मौजूद रहे। उन्होंने ग्रामीणों से सीधे संवाद कर शासन की योजनाओं के क्रियान्वयन पर फीडबैक लिया। मंत्री ने महिलाओं से महतारी वंदन योजना के लाभ की जानकारी ली, वहीं किसानों से धान खरीदी व्यवस्था को लेकर चर्चा की। उन्होंने ग्रामीणों से कहा कि यदि किसी भी योजना में परेशानी हो तो तुरंत प्रशासन को सूचना दें। स्टॉलों का निरीक्षण, अधिकारियों को दिए निर्देश शिविर के दौरान मंत्री ने विभिन्न विभागों के स्टॉलों का निरीक्षण किया और अधिकारियों को निर्देश दिए कि ग्रामीणों की समस्याओं का त्वरित और प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाए। मंच से ग्रामीणों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय की मंशा है कि सरकार खुद गांव-गांव तक पहुंचे और लोगों की समस्याएं सीधे सुनकर उनका समाधान करे। 392 आवेदन पहुंचे, कई का मौके पर समाधान स्वास्थ्य मंत्री ने बताया कि शिविर में कुल 392 आवेदन प्राप्त हुए हैं। इनमें से कई मामलों का मौके पर ही निराकरण कर दिया गया है, जबकि बाकी आवेदनों को ब्लॉक, जिला और राज्य स्तर पर भेजा जाएगा। उन्होंने कहा कि सुशासन तिहार का उद्देश्य यही है कि शासन की योजनाओं का लाभ समाज के अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे और लोगों को समय पर राहत मिल सके।
बांसवाड़ा के बजवाना स्थित अल्ट्राटेक सीमेंट प्लांट में गुरुवार को मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर मोर्चा खोल दिया। युवा नेता कर्मराज सिंह झाला के नेतृत्व में बड़ी संख्या में श्रमिकों ने कार्य का बहिष्कार करते हुए मुख्य द्वार पर प्रदर्शन किया। मजदूरों के इस आंदोलन को स्थानीय ग्रामीणों का भी समर्थन मिला। आरोप हैं कि ग्रामीण फैक्ट्री से होने वाले प्रदूषण से लंबे समय से परेशान हैं। 11 साल की सेवा, फिर भी वेतन में नहीं हुई बढ़ोतरी प्रदर्शनकारी मजदूरों का आरोप है कि वे पिछले 11 वर्षों से कंपनी में नियमित रूप से अपनी सेवाएं दे रहे हैं, लेकिन प्रबंधन द्वारा उनके वेतन में कोई संतोषजनक बढ़ोतरी नहीं की गई है। श्रमिकों ने बताया कि बढ़ती महंगाई के दौर में भी पुराने वेतन पर काम करना अब उनके लिए संभव नहीं रहा है। अल्टीमेटम खत्म होने पर शुरू हुआ आंदोलन मजदूर नेता कर्मराज सिंह झाला ने बताया कि वेतन वृद्धि की मांग को लेकर करीब एक महीने पहले मिल प्रशासन को लिखित ज्ञापन सौंपा गया था। उस समय प्रबंधन ने मांगों पर विचार करने के लिए 6 मई तक का समय मांगा था। मजदूर नेता कर्मराज सिंह ने बताया कि प्रशासन द्वारा दिया गया समय कल बीत गया, लेकिन अब तक न तो कोई सुनवाई हुई और न ही मांगों को पूरा किया गया। वादाखिलाफी से नाराज होकर मजदूरों को आज मजबूरन कार्य बहिष्कार का रास्ता चुनना पड़ा। प्लांट के आसपास बसे गांवों के ग्रामीण भी मजदूरों के समर्थन में उतर आए। ग्रामीणों का कहना है कि फैक्ट्री से निकलने वाले प्रदूषण के कारण उनका स्वास्थ्य और खेती प्रभावित हो रही है।
प्रधानमंत्री के आर्थिक सलाहकार परिषद (EAC-PM) के सदस्य और भाजपा नेता प्रो. गौरव वल्लभ ने कहा कि पश्चिम बंगाल समेत 5 राज्यों में हुए चुनाव में वंशवाद और परिवारवाद का मॉडल खत्म हो गया, गुड गवर्नेंस को जनता ने पसंद किया है और दस साल में एक भी ऐसा राज्य नहीं है जहां पर कांग्रेस की सरकार रिपीट हुई है। उदयपुर आए गौरव वल्लभ मीडिया से बातचीत कर रहे थे। उन्होंने टीएमसी पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि आगामी चुनावों में ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस का प्रदर्शन और कमजोर होगा और तृणमूल कांग्रेस (TMC) सिंगल डिजिट तक सिमट सकती है। वल्लभ ने कहा कि चुनाव हारने के बाद ममता बनर्जी का रवैया ही उनकी राजनीतिक गिरावट का कारण बन रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि टीएमसी ने बंगाल में घुसपैठियों को गलत तरीके से बसाने और तुष्टीकरण की राजनीति करने का काम किया, जिसका जवाब जनता ने वोट के जरिए दिया। उन्होंने आगे कहा कि यही नीतियां आगामी चुनावों में भी टीएमसी के लिए नुकसानदायक साबित होंगी। पीसीसी चीफ गोविंद सिंह डोटासरा के बंगाल में लोकतंत्र को लूटने और बीजेपी नेताओं को राजस्थान चुनाव में धांधली कर लेने पर पूरा भरोसा वाले बयान पर गौरव वल्लभ ने कहा कि डोटासरा की पीएचडी गमछा नृत्य और गलत बयानबाजी में है। उन्होंने कहा कि राजनीति जमीन पर होती है, पसीना बहाना पड़ता है, गलत बयानबाजी करने से राजनीतिक दृष्टिकोण नहीं बदलते है। आज कांग्रेस की हालत यह है कि गंगोत्री से लेकर गंगासागर तक कांग्रेस 'शून्य बट्टे सन्नाटा हो गई है। उन्होंने कहा कि गलत बयान देकर राजनीति नहीं करनी चाहिए और उन्होंने यह भी दावा किया कि अगले चुनाव में डोटासरा का भी राजनीति से साफ हो जाएंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की रात्रि चौपाल सुशासन की पहचान है। गौरव वल्लभ ने बताया कि रात्रि चौपाल के दौरान मुख्यमंत्री सीधे ग्रामीणों के बीच जाकर उनकी समस्याएं सुन वहीं रात्रि विश्राम भी करते हैं, जिससे जमीनी स्तर पर प्रशासन की पकड़ मजबूत होती है। वहीं, उन्होंने पूर्व सीएम अशोक गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्होंने अपने कार्यकर्ताओं को छोड़कर मुंबई में जन्मदिन मनाया, जो जनता और कार्यकर्ताओं से दूरी को दर्शाता है। ये खबरें भी पढ़े… उदयपुर में खड़ी बिजनेसमैन की गाड़ी का चित्तौड़गढ़ में कटा-चालान:ओवर स्पीड में चलाने का एक हजार जुर्माना लगाया;सुबह 11 बजे तक घर से नहीं निकली कार उदयपुर में दिन का तापमान बढ़ा, सड़कें सूनी:तीन दिन बाद चली गर्म हवा, धूप से बचने के लिए लोग सिर पर कपड़ा बांधकर निकले उदयपुर नगर निगम का कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने किया घेराव:विकास के नाम पर घोटालों का आरोप, बोले- हार के डर से चुनाव टाल रही बीजेपी सरकार
पश्चिम चंपारण के कालीबाग स्थित श्री देवप्रकाश पांडेय के आवास से दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्र सहित कई दुर्लभ एवं प्राचीन पांडुलिपियां मिली हैं। सूचना मिलने पर जिला पदाधिकारी तरनजोत सिंह स्वयं मौके पर पहुंचे और इन पांडुलिपियों का अवलोकन किया। इस दौरान जिलाधिकारी ने इन प्राचीन दस्तावेजों की ऐतिहासिक, धार्मिक एवं सांस्कृतिक महत्ता पर विस्तार से चर्चा की। उन्होंने कहा कि ये पांडुलिपियां भारतीय ज्ञान परंपरा, संस्कृति और सभ्यता की अमूल्य धरोहर हैं, जिनका संरक्षण करना हम सभी की जिम्मेदारी है। इतिहास,दर्शन और समाज की महत्वपूर्ण जानकारियां जिलाधिकारी ने आगे कहा कि प्राचीन ग्रंथ और पांडुलिपियां न केवल हमारी धार्मिक आस्था से जुड़ी हैं, बल्कि वे इतिहास, साहित्य, दर्शन और समाज की महत्वपूर्ण जानकारियों को भी समेटे हुए हैं। ऐसी धरोहरों का सुरक्षित संरक्षण और आधुनिक तकनीक के माध्यम से डिजिटलीकरण अत्यंत आवश्यक है, ताकि आने वाली पीढ़ियां भी इनके महत्व को समझ सकें। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी पांडुलिपियों को अत्यंत सावधानी और वैज्ञानिक तरीके से संरक्षित करते हुए उनका डिजिटलीकरण कराया जाए। दुर्लभ दस्तावेजों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी इसी क्रम में दुर्गा सहस्रनाम स्तोत्र सहित अन्य महत्वपूर्ण पांडुलिपियों को भारत सरकार की डिजिटल पहल ‘ज्ञान भारतम ऐप’ पर अपलोड किया गया है। इससे इन दुर्लभ दस्तावेजों को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान मिलेगी और शोधकर्ताओं व आम लोगों तक इनकी पहुंच सुनिश्चित होगी। जिलाधिकारी ने बताया कि पश्चिम चंपारण ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और धार्मिक दृष्टि से अत्यंत समृद्ध जिला है। यहां अनेक प्राचीन धरोहरें और ऐतिहासिक दस्तावेज आज भी लोगों के पास सुरक्षित हैं। उन्होंने आम नागरिकों से अपील की कि यदि किसी के पास प्राचीन पांडुलिपियां, ऐतिहासिक दस्तावेज या दुर्लभ ग्रंथ हों, तो इसकी जानकारी प्रशासन को दें, ताकि उनका संरक्षण और डिजिटलीकरण कराया जा सके।
पानीपत जिले के इसराना गांव में एक मकान का ताला तोड़कर सोने-चांदी के जेवर और 35 हजार की नकदी चोरी कर ली गई। मकान मालिक का परिवार एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए गया था। परिवार शादी समारोह से लौटकर 6 मई को सुबह 10 बजे घर पहुंचा तो मकान के ताले टूटे मिले और सामान बिखरा पड़ा था। इसराना निवासी अनिल कुमार ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह 5 मई को परिवार सहित रिश्तेदार के यहां शादी समारोह में गए थे। उन्होंने घर को ठीक से ताला लगाया था। अगले दिन 6 मई को सुबह 10 बजे जब वे घर लौटे, तो घर का नजारा बदला हुआ था। अंदर सारा सामान बिखरा पड़ा था। जांच करने पर घर से 35 हजार नकद, एक जोड़ी पाजेब, बच्चों की कडुंली और अन्य जेवरात गायब मिले। पीड़ित परिवार ने तुरंत इसराना थाना पहुंचकर घटना की सूचना दी। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और चोरों की तलाश की जा रही है।
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में पिछले 9 वर्षों में राज्य ने रोजगार और स्वरोजगार के क्षेत्र में एक नई 'क्रांति' देखी है। 'वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' के लक्ष्य की ओर बढ़ते यूपी ने खुद को देश के सबसे बड़े 'रोजगार हब' के रूप में स्थापित किया है। सरकारी आंकड़े गवाह हैं कि प्रदेश का युवा अब केवल सरकारी नौकरी की तलाश में दूसरे राज्यों की ओर नहीं भाग रहा, बल्कि खुद के स्टार्टअप और एमएसएमई (MSME) सेक्टर के जरिए दूसरों को भी नौकरी दे रहा है। सरकारी नौकरियों में बंपर भर्ती और पारदर्शिता योगी सरकार ने पिछले 9 वर्षों में 9 लाख से अधिक युवाओं को सरकारी सेवा में नियुक्त किया है। इसमें सबसे बड़ी हिस्सेदारी पुलिस और शिक्षा विभाग की है: यूपी पुलिस: 2.19 लाख नियुक्तियां पूरी, 2026 में 80 हजार और पदों पर भर्ती प्रस्तावित। शिक्षा विभाग: 1.65 लाख से अधिक शिक्षकों की भर्ती। चयन बोर्ड: अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड (53 हजार+) और लोक सेवा आयोग (47 हजार+) के जरिए पारदर्शी चयन। निवेश से बदला औद्योगिक भूगोल प्रदेश में सुरक्षा और सुशासन के माहौल ने निवेशकों का भरोसा जीता है। 2017 से पहले यूपी में मात्र 14 हजार पंजीकृत कारखाने थे, जिनकी संख्या आज बढ़कर 31 हजार से अधिक हो गई है। ग्राउंड ब्रेकिंग सेरेमनी: 4 बड़े आयोजनों के माध्यम से 15 लाख करोड़ के निवेश प्रस्ताव धरातल पर उतरे, जिससे 60 लाख युवाओं को काम मिला। MSME सेक्टर: इस छोटे और मंझोले उद्योग क्षेत्र ने अकेले 3 करोड़ से अधिक लोगों को प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार देकर यूपी की अर्थव्यवस्था को मजबूती दी है। 18.55 लाख ‘लखपति दीदी’ महिला सशक्तीकरण अब नारों से निकलकर बैंक खातों तक पहुंच गया है। लखपति दीदी: स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी 18.55 लाख महिलाओं की वार्षिक आय 1 लाख रुपये से ऊपर पहुंच गई है। बीसी सखी: ग्रामीण क्षेत्रों में 42 हजार करोड़ से ज्यादा का बैंकिंग लेन-देन कर महिलाओं ने 116 करोड़ का कमीशन कमाया। ड्रोन दीदी: खेती में तकनीक को बढ़ावा देने के लिए महिलाओं को ड्रोन चलाने का प्रशिक्षण दिया जा रहा है। खिलाड़ियों और उद्यमियों के लिए खास नीतियां सरकार ने पहली बार खिलाड़ियों को सीधे राजपत्रित पदों पर नौकरी देने की नीति बनाई, जिसके तहत 500 से अधिक पदक विजेताओं को सरकारी विभाग में जगह मिली। वहीं, 'मुख्यमंत्री युवा उद्यमी विकास अभियान' के तहत 1.47 लाख युवाओं को अपना उद्योग लगाने में मदद दी गई, जिससे साढ़े चार लाख नए रोजगार पैदा हुए। आत्मनिर्भरता की ओर बढ़ता युवा आंकड़ों और जमीनी हकीकत को देखें तो स्पष्ट है कि यूपी आज निवेश, उद्यमिता और महिला सशक्तीकरण का सफल मॉडल है। खादी ग्रामोद्योग से लेकर डिजिटल इंडिया और स्टार्टअप्स तक, हर क्षेत्र में युवाओं की भागीदारी बढ़ी है। यही कारण है कि आज उत्तर प्रदेश का युवा आत्मविश्वास के साथ अपने प्रदेश के नवनिर्माण में योगदान दे रहा है।
कानपुर जेल में बंद अधिवक्ता अखिलेश दुबे को वक्फ संपत्ति कब्जा मामले में इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिल गई है। कोर्ट ने पासपोर्ट जमा करने, गवाहों को प्रभावित न करने समेत 9 प्रमुख शर्तों के साथ जमानत मंजूर की है। इसी मामले में पहले से आरोपी अखिलेश दुबे की बेटी, भाई और इंस्पेक्टर सभाजीत मिश्रा को जमानत मिल चुकी थी। हाईकोर्ट ने इसे भी जमानत का आधार माना। हालांकि अखिलेश दुबे फिलहाल जेल से बाहर नहीं आ सकेंगे, क्योंकि उनके खिलाफ दर्ज एक अन्य मामले में अभी सुनवाई बाकी है। पांच मामलों में पहले ही मिल चुकी है जमानतबताया जा रहा है कि अखिलेश दुबे को अब तक पांच मामलों में जमानत मिल चुकी है। छठा मामला मंदाकिनी होटल के मालिक सुरेश पाल को गैंगरेप केस में फंसाकर वसूली करने से जुड़ा है। इस मामले में गुरुवार को सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई की तारीख लगी थी, लेकिन कोर्ट ने सुनवाई एक सप्ताह आगे बढ़ा दी। अब इसी केस में सुप्रीम कोर्ट से जमानत मिलने के बाद ही अखिलेश दुबे जेल से बाहर आ सकेंगे। आगमन लॉन कब्जाने का दर्ज हुआ था मुकदमाअधिवक्ता अखिलेश दुबे समेत अन्य आरोपियों के खिलाफ 13 अगस्त 2025 को ग्वालटोली थाना क्षेत्र के सिविल लाइंस चौराहा स्थित करोड़ों रुपए की वक्फ संपत्ति ‘आगमन लॉन’ पर कब्जे का मुकदमा दर्ज किया गया था। मुतवल्ली आसिफ जाह की तहरीर पर पुलिस ने अखिलेश दुबे, उनके भाई सर्वेश दुबे, बेटी सौम्या दुबे, जयप्रकाश, शिवांग, राजकुमार शुक्ला और इंस्पेक्टर सभाजीत मिश्रा को नामजद किया था। इस मामले की सबसे चर्चित बात यह रही कि पुलिस ने साजिश में शामिल इंस्पेक्टर सभाजीत मिश्रा को भी गिरफ्तार कर जेल भेजा था। बाद में उन्हें जमानत मिल गई थी। अखिलेश दुबे की जमानत याचिका पहले सेशन कोर्ट से खारिज हो चुकी थी। इसके बाद उन्होंने हाईकोर्ट का रुख किया। हाईकोर्ट में 5 मई को सुनवाई हुई थी, जिसके बाद फैसला सुरक्षित रख लिया गया था। गुरुवार को कोर्ट ने उनकी जमानत मंजूर कर ली। पासपोर्ट जमा करने के साथ इन शर्तों के साथ मिली जमानत अखिलेश दुबे के वकील ने कोर्ट में रखे यह तर्क वादी के वकील बोले…मृत व्यक्ति के नाम से कराई पावर ऑफ अटार्नी
मोहाली के दुबाली गांव में एक 27 वर्षीय नवविवाहिता कर्मजीत कौर की मौत ने कई सवाल खड़े कर दिए हैं। मायके पक्ष ने पति पर प्रताड़ना के गंभीर आरोप लगाए हैं, जबकि ससुराल पक्ष इसे अचानक बिगड़ी तबीयत का मामला बता रहा है। घटना के बाद पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मृतका के परिजनों के अनुसार, कर्मजीत कौर की शादी दो साल पहले 7 जून को दुबाली निवासी परविंदर सिंह से हुई थी। परिवार का आरोप है कि शादी के कुछ समय बाद से ही पति शराब पीकर झगड़ा करता था। इस विवाद को सुलझाने के लिए कई बार दोनों पक्षों में पंचायतें भी हुईं, लेकिन समस्या का समाधान नहीं हो सका। कर्मजीत अपने पीछे करीब एक साल की बेटी छोड़ गई है। मायका पक्ष बोला- बुधवार रात को मिली सूचना मायके पक्ष का कहना है कि बुधवार देर रात 12 बजे उन्हें फोन कर बताया गया कि कर्मजीत की हालत गंभीर है और उसे अस्पताल ले जाया गया है। कुछ घंटों बाद सुबह उन्हें उसकी मौत की खबर मिली। परिवार का आरोप है कि मौत से पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, इसलिए मामले की गहराई से जांच होनी चाहिए। दूसरी ओर, ससुराल पक्ष का दावा है कि कर्मजीत की तबीयत अचानक बिगड़ गई थी। उसे पहले एक निजी क्लीनिक, फिर खरड़ सिविल अस्पताल और बाद में मोहाली के अस्पताल ले जाया गया। अंत में उसे GMCH-32 चंडीगढ़ रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। डॉक्टरों ने शुरुआती जांच में कार्डियक अरेस्ट की आशंका जताई है। मजात चौकी पुलिस ने मृतका के पिता और भाई के बयान दर्ज कर कार्रवाई शुरू कर दी है। जांच अधिकारी सब-इंस्पेक्टर चरणजीत सिंह रामेवाल ने बताया कि शुक्रवार को पोस्टमार्टम करवाया जाएगा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों की पुष्टि हो पाएगी। फिलहाल पुलिस ने भारतीय दंड संहिता की धारा 194-बी के तहत मामला दर्ज किया है और घरेलू विवाद सहित सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है।
यपुर के सवाई मानसिंह स्टेडियम में 9 मई को होने वाले राजस्थान रॉयल्स और गुजरात टाइटंस के अहम मुकाबले से पहले गुरुवार को दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने जमकर नेट प्रैक्टिस की। शाम के प्रैक्टिस सेशन के दौरान स्टेडियम में खिलाड़ियों का उत्साह और फोकस साफ नजर आया। बल्लेबाजों ने जहां बड़े शॉट्स की जमकर तैयारी की, वहीं गेंदबाजों ने अपनी लाइन-लेंथ पर खास काम किया। बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी ने लगाए लंबे शॉट्स राजस्थान रॉयल्स के युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी नेट्स में लगातार लंबे शॉट लगाने की कोशिश करते नजर आए। उन्होंने स्पिन और तेज गेंदबाजों के खिलाफ आक्रामक बल्लेबाजी का अभ्यास किया। वहीं जयपुर के युवा खिलाड़ी अशोक शर्मा गेंदबाजी प्रैक्टिस के दौरान पूरे लय में दिखाई दिए और उन्होंने नेट्स में कई शानदार गेंदें डाली। खिलाड़ी अलग-अलग नेट्स में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग ड्रिल करते आए नजर प्रैक्टिस सेशन के दौरान यशस्वी जायसवाल, शुभम दुबे और मोहम्मद सिराज जैसे खिलाड़ी भी अलग-अलग नेट्स में बल्लेबाजी, गेंदबाजी और फील्डिंग ड्रिल करते नजर आए। खिलाड़ियों ने कैचिंग, रनिंग बिटवीन द विकेट और डेथ ओवर रणनीति पर भी खास फोकस किया। स्टेडियम में मौजूद फैंस खिलाड़ियों की एक झलक पाने के लिए उत्साहित नजर आए। IPL पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर राजस्थान रॉयल्स दरअसल, SMS स्टेडियम में खेला जाने वाला यह मुकाबला दोनों टीमों के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। राजस्थान रॉयल्स फिलहाल आईपीएल पॉइंट्स टेबल में चौथे स्थान पर बनी हुई है, जबकि गुजरात टाइटंस पांचवें स्थान पर मौजूद है। ऐसे में इस मुकाबले में जीत हासिल करने वाली टीम को प्लेऑफ की रेस में बड़ी बढ़त मिल सकती है। दोनों टीमों के खिलाड़ी तैयारियों में जुटे राजस्थान रॉयल्स अपने घरेलू मैदान का फायदा उठाकर जीत दर्ज करना चाहेगी, जबकि गुजरात टाइटंस भी लगातार बेहतर प्रदर्शन के दम पर टॉप-4 में अपनी स्थिति मजबूत करने के इरादे से मैदान में उतरेगी। इसी वजह से दोनों टीमों के खिलाड़ी मुकाबले से पहले किसी भी तरह की कमी नहीं छोड़ना चाहते और पूरी तैयारी में जुटे हुए हैं। जयपुर में क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा उत्साह स्टेडियम में सुरक्षा और व्यवस्थाओं को भी अंतिम रूप दिया जा रहा है। मैच को लेकर जयपुर में क्रिकेट प्रेमियों के बीच खासा उत्साह देखने को मिल रहा है और बड़ी संख्या में दर्शकों के स्टेडियम पहुंचने की संभावना है।
जोधपुर के जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के छात्र सेवा मंडल की ओर से वार्षिकोत्सव और पारितोषिक वितरण समारोह आयोजित किया गया। समारोह में विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों और संबद्ध महाविद्यालयों के विद्यार्थियों को सत्र 2024-25 के दौरान साहित्यिक, सांस्कृतिक, ललित कला, संगीत, वाद-विवाद एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए पारितोषिक और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। कुलगुरु प्रो. पवन कुमार शर्मा ने कहा- छात्र सेवा मंडल विद्यार्थियों की रचनात्मक ऊर्जा, नेतृत्व क्षमता एवं सांस्कृतिक चेतना को नई दिशा दे रहा है। उन्होंने युवाओं को राष्ट्र निर्माण की सबसे महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए कहा कि विद्यार्थियों का उत्साह, अनुशासन और सकारात्मक सोच विकसित भारत की आधारशिला है। शिक्षा का उद्देश्य अकादमिक उपलब्धियां प्राप्त करना नहीं मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एस.आर. राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) गोविंद सहाय शुक्ल ने कहा कि शिक्षा का उद्देश्य केवल अकादमिक उपलब्धियां प्राप्त करना नहीं, बल्कि व्यक्तित्व विकास, संवेदनशीलता और सामाजिक उत्तरदायित्व को भी मजबूत करना है। युवा राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी विशिष्ट अतिथि कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) वी.एस. जैतावत ने युवाओं को राष्ट्र की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से प्रतिभा और ऊर्जा का सकारात्मक दिशा में उपयोग करने का आह्वान किया। उन्होंने कहा- सांस्कृतिक एवं सह-शैक्षणिक गतिविधियां विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। छात्र सेवा मंडल की अध्यक्षा प्रो. ऋतु जौहरी ने विद्यार्थियों को शैक्षणिक गतिविधियों के साथ सांस्कृतिक, साहित्यिक एवं रचनात्मक कार्यक्रमों में सक्रिय भागीदारी निभाने के लिए प्रेरित किया। वहीं, छात्र सेवा मंडल के सचिव डॉ. विनोद कटारिया ने सत्र 2024-25 की गतिविधियों का प्रतिवेदन प्रस्तुत किया। उन्होंने राष्ट्रीय पर्यावरण युवा संसद, इकोदय सांस्कृतिक उत्सव, राष्ट्रीय युवा दिवस, उत्तर-पश्चिम क्षेत्रीय युवा महोत्सव, चित्रकला कार्यशाला एवं वाद-विवाद प्रतियोगिताओं सहित वर्षभर आयोजित कार्यक्रमों की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। विद्यार्थियों का उत्साह और सहभागिता कार्यक्रम का विशेष आकर्षण रही। समारोह की अध्यक्षता कुलगुरु प्रो. (डॉ.) पवन कुमार शर्मा ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. एस.आर. राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) गोविंद सहाय शुक्ल उपस्थित रहे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में कृषि विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (डॉ.) वी.एस. जैतावत एवं उद्योगपति निर्मल भंडारी शामिल रहे। ये रहे मौजूद इस अवसर पर विधि संकाय के अधिष्ठाता प्रो. सुनील आसोपा, प्रो. भानाराम गड़ी, डॉ. ओ.पी. राजपुरोहित, डॉ. श्वेता झा सहित विश्वविद्यालय के शिक्षाविद, अधिकारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन सांस्कृतिक समन्वयक डॉ. हितेन्द्र गोयल ने किया।
श्रीकल्याण मंदिर और प्रशासन के बीच चले दशकों पुराने विवाद का आज पटाक्षेप हो गया है। 27 वर्षों के लंबे कानूनी संघर्ष और सुप्रीम कोर्ट की अंतिम मुहर के बाद, गुरुवार को प्रशासन ने 'माधव स्कूल' परिसर का कब्जा औपचारिक रूप से मंदिर के महंत विष्णु प्रसाद शर्मा को सौंप दिया। आज सीकर के सर माधव राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय (माधव स्कूल) परिसर में हलचल तेज थी। किराया अधिकरण सीकर के जारी कब्जा वारंट की तामील करवाने के लिए प्रशासनिक अधिकारी और भारी पुलिस फोर्स मौके पर पहुंची। कोर्ट के आदेशानुसार विद्यालय प्रशासन से भवन खाली करवाकर उसकी चाबियां मंदिर पक्ष को सुपुर्द कर दी गईं। दशकों से चल रहे इस विवाद के खत्म होने पर मंदिर से जुड़े श्रद्धालुओं और स्थानीय लोगों में खुशी है। 1999 से 2026: संघर्ष की पूरी टाइमलाइनयह विवाद 1990 के दशक में शुरू हुआ था। श्रीकल्याणजी मंदिर के तत्कालीन महंत राजेंद्र प्रसाद शर्मा ने राजस्थान किराया नियंत्रण अधिनियम, 2001 के तहत दावा पेश किया था कि स्कुल जिस भवन का उपयोग कर रहा है, वह मंदिर की संपत्ति है और मंदिर की बढ़ती गतिविधियों व श्रद्धालुओं के ठहरने के लिए धर्मशाला बनाने के लिए इसकी जरुरत है। 17 जुलाई 2013: किराया अधिकरण सीकर ने पहली बार मंदिर के पक्ष में फैसला सुनाते हुए स्कूल खाली करने के आदेश दिए।12 सितंबर 2017: राज्य सरकार की अपील को किराया अपीलीय अधिकरण ने खारिज किया और माना कि धर्मशाला निर्माण के लिए यह 'वास्तविक जरुरत' है।22 नवंबर 2023: राजस्थान हाईकोर्ट ने सरकार की रिट पिटीशन खारिज करते हुए स्पष्ट किया कि यह दावा किसी व्यक्ति का नहीं, बल्कि खुद मंदिर का है।10 फरवरी 2026: सुप्रीम कोर्ट ने सरकार की एसएलपी (SLP) खारिज कर दी, लेकिन बच्चों की पढ़ाई को देखते हुए 30 अप्रैल 2026 तक का समय दिया। महंत बोले- आज सत्य की जीत हुईकब्जा मिलने के बाद श्रीकल्याण धाम मंदिर के महंत विष्णु प्रसाद शर्मा ने कहा कि सत्यमेव जयते। 27 साल की यह लड़ाई सिर्फ जमीन की नहीं, बल्कि सत्य और आस्था की थी। हमें न्यायपालिका पर पूरा विश्वास था। आज उसी विश्वास की जीत हुई है। सुप्रीम कोर्ट ने ना केवल जमीन लौटाई है, बल्कि लाखों श्रद्धालुओं का भरोसा भी कायम रखा है। अब इस कैंपस का उपयोग धार्मिक गतिविधियों के लिए किया जाएगा। यहां जल्द ही एक विशाल आधुनिक धर्मशाला का निर्माण शुरू होने की संभावना है, जिससे बाहरी राज्यों और दूसरे जिलों से आने वाले श्रद्धालुओं को रुकने की सुविधा मिलेगी।
सहरसा जिले के सिमरी बख्तियारपुर थाना क्षेत्र में एक सप्ताह से लापता 20 वर्षीय इंटर छात्र का शव गुरुवार को एक तालाब से बरामद किया गया। मृतक की पहचान दक्षिणी वार्ड संख्या-9 निवासी विनय चौधरी के पुत्र रविशंकर कुमार के रूप में हुई है। परिजनों ने युवक की हत्या कर शव फेंके जाने की आशंका जताई है। जानकारी के अनुसार, रविशंकर कुमार ने हाल ही में इंटरमीडिएट की परीक्षा दी थी और घर पर था। वह परिवार का सबसे बड़ा बेटा था। परिजनों ने बताया कि 29 अप्रैल की रात करीब 10 बजे वह टहलने की बात कहकर घर से निकला था, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। साक्ष्य मिटाने के लिए तालाब में फेंका शवकाफी खोजबीन के बाद भी उसका कोई पता नहीं चल सका था। गुरुवार सुबह स्थानीय लोगों ने मिर्जा टोल के समीप स्थित एक तालाब में शव को तैरते हुए देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को तालाब से बाहर निकाला। परिजनों ने मौके पर पहुंचकर शव की पहचान रविशंकर के रूप में की। मृतक के परिजनों ने आरोप लगाया है कि रविशंकर की हत्या कर साक्ष्य मिटाने के उद्देश्य से उसके शव को तालाब में फेंका गया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी (एफएसएल) टीम को घटनास्थल पर बुलाया। टीम ने वहां से कई महत्वपूर्ण साक्ष्य जुटाए हैं। मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगाघटनास्थल पर एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर, इंस्पेक्टर सुजाउद्दीन, बख्तियारपुर थानाध्यक्ष जयशंकर कुमार सहित कई थानों की पुलिस मौजूद रही। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सहरसा सदर अस्पताल भेज दिया है। एसडीपीओ मुकेश कुमार ठाकुर ने बताया कि पुलिस मामले की हर पहलू से जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और एफएसएल जांच के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा हो सकेगा। पुलिस ने जल्द ही मामले का उद्भेदन कर दोषियों की गिरफ्तारी का दावा किया है।
उत्तर प्रदेश के पर्यटन और सांस्कृतिक मानचित्र को वैश्विक स्तर पर चमकाने के लिए योगी सरकार अब 'एक्शन मोड' में है। गुरुवार को लखनऊ के पर्यटन भवन में हुई हाई-लेवल समीक्षा बैठक में पर्यटन मंत्री जयवीर सिंह ने अधिकारियों और कार्यदायी संस्थाओं को सख्त चेतावनी दी है। मंत्री ने स्पष्ट किया है कि प्रदेश की सभी निर्माणाधीन पर्यटन परियोजनाओं को 20 नवंबर 2026 तक हर हाल में पूरा कर लिया जाए, ताकि उनका लोकार्पण कर जनता को सौंपा जा सके। 20 मई तक टेंडर प्रक्रिया पूरी करने के निर्देश बैठक में काम की रफ्तार बढ़ाने के लिए 'डेडलाइन' तय की गई है। मंत्री जयवीर सिंह ने निर्देश दिया कि जिन नई परियोजनाओं को स्वीकृति मिल चुकी है, उनकी टेंडर प्रक्रिया 20 मई 2026 तक पूरी कर 'लेटर ऑफ एक्सेप्टेंस' (LOA) जारी कर दिए जाएं। उन्होंने दो टूक कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मंशा के अनुरूप विकास कार्यों में गुणवत्ता और पारदर्शिता सबसे ऊपर है और अब फाइलों को लटकाने वाली कार्यशैली बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सिस्टम से बाहर होंगे नकारा ठेकेदार योगी सरकार ने लापरवाही बरतने वाली संस्थाओं और ठेकेदारों पर भी कड़ा रुख अपनाया है। पर्यटन मंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो ठेकेदार काम में रुचि नहीं ले रहे हैं या जिनकी प्रगति खराब है, उन्हें तुरंत सिस्टम से बाहर किया जाए। वहीं, अपर मुख्य सचिव अमृत अभिजात ने कार्यदायी संस्थाओं को भुगतान समय पर करने के लिए एक 'टाइम-टेबल' बनाने को कहा है, ताकि फंड की कमी के कारण प्रोजेक्ट न रुकें। फोटोग्राफर के साथ होगा भौतिक सत्यापन अब केवल कागजी रिपोर्ट से काम नहीं चलेगा। मुख्यालय से अधिकारियों की टीमें समय-समय पर साइट का निरीक्षण करेंगी। खास बात यह है कि यह टीमें अपने साथ फोटोग्राफर ले जाएंगी, जो मौके पर जाकर कार्यों की गुणवत्ता और प्रगति का फोटो एविडेंस (प्रमाण) जुटाएंगे। इससे भ्रष्टाचार पर लगाम लगेगी और जमीनी हकीकत सामने आएगी। इन प्रमुख प्रोजेक्ट्स पर रहेगा जोर: हेलीपोर्ट सेवा: आगरा और मथुरा में हेलीपोर्ट परियोजनाओं को जल्द क्रियान्वित करने के निर्देश। नैमिषारण्य विकास: 'स्वदेश दर्शन' योजना के तहत नैमिषारण्य में लंबित कार्यों को तत्काल शुरू करने पर जोर। ऐतिहासिक विरासत: पुरातात्विक स्थलों का इतिहास लेखन और वहां शिलालेख लगाने की प्रक्रिया को तेज करना। जिला महोत्सव: जिला स्थापना दिवस के अवसर पर भव्य महोत्सवों का आयोजन। 2017 से अब तक का बनेगा हिसाब सरकार ने साल 2017 से अब तक पर्यटन विभाग द्वारा कराए गए सभी कार्यों की जनपदवार रिपोर्ट तलब की है। इसमें प्रोजेक्ट की लागत, स्वीकृत राशि और वर्तमान स्थिति का पूरा ब्यौरा होगा। इससे सरकार यह आकलन कर सकेगी कि किस जिले में पर्यटन विकास की क्या स्थिति है और कहां सुधार की जरूरत है।
खैरथल-तिजारा में शुक्रवार को जिला कलेक्टर अतुल प्रकाश की अध्यक्षता में जिला सचिवालय में नार्को कोऑर्डिनेशन केंद्र (NCORD) की जिला स्तरीय कमेटी की बैठक हुई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले में नशीले पदार्थों की तस्करी, अवैध खेती और दवाइयों के दुरुपयोग की रोकथाम पर विस्तृत चर्चा करना था। बैठक में अफीम, गांजे की अवैध खेती, ट्रामाडोल व कोडिन आधारित दवाइयों के दुरुपयोग और भांग के वैध ठेकों पर संचालित अवैध गतिविधियों की रोकथाम पर विशेष ध्यान दिया गया। साथ ही, एनडीपीएस अधिनियम और मादक पदार्थों के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न विभागों द्वारा की जा रही कार्रवाइयों की समीक्षा भी की गई। जिला कलेक्टर ने जिला शिक्षा अधिकारी को निर्देश दिए कि आगामी बैठक से पूर्व जिले के सभी स्कूलों के प्रधानाचार्यों के माध्यम से सर्वे कर स्कूल परिसरों के 100 मीटर दायरे में संचालित तंबाकू विक्रेताओं की सूची जिला कार्यालय को उपलब्ध कराई जाए। इसका लक्ष्य अभियान चलाकर स्कूल परिसरों को तंबाकू मुक्त बनाना है। उन्होंने सभी स्कूलों में नियमित रूप से नशा मुक्ति गतिविधियां आयोजित करने के भी निर्देश दिए, ताकि बच्चों और युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके। इसके अलावा, मेडिकल स्टोरों पर पर्चे से मिलने वाली दवाइयों की निगरानी रखने और अवैध रूप से बेची जा रही कोडिन व ट्रामाडोल जैसी दवाइयों पर सख्ती से रोक लगाने के निर्देश दिए गए। संबंधित अधिकारियों को कोटपा एक्ट के तहत कार्रवाई एवं चालान सुनिश्चित करने के लिए भी कहा गया। जिला कलेक्टर ने आमजन से अपील की कि किसी भी प्रकार की नशे से संबंधित अवैध गतिविधि की सूचना टोल फ्री नंबर 1933 पर दी जा सकती है, ताकि प्रशासन एवं पुलिस समय रहते प्रभावी कार्रवाई कर सकें। एसपी बृजेश उपाध्याय ने कहा कि यदि अन्य जिलों में अवैध मादक गतिविधियों में जिले के किसी व्यक्ति की संलिप्तता की जानकारी मिले तो तत्काल पुलिस को अवगत कराया जाए, जिससे जिले में ऐसी गतिविधियों को पनपने से रोका जा सके। एसपी ने भांग के ठेकों पर नियमों के अनुसार विक्रय सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। बैठक में अतिरिक्त जिला कलेक्टर, उपनिदेशक समाज कल्याण विभाग, उपमुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी, एनसीबी जयपुर के अधिकारी, जिला शिक्षा अधिकारी सहित पुलिस एवं विभिन्न विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
खेत में छिपाया 1.10KG अफीम का दूध बरामद:पशु के बाड़े में छिपा रखा था ड्रग्स, घेराबंदी कर दबोचा
एएनटीएफ टीम और बाड़मेर पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए 1 किलो 10 ग्राम अफीम का दूध, 308 ग्राम विनिर्मित अफीम बरामद की है। वहीं एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। फिलहाल टीमें आरोपी से मादक-पदार्थ की खरीद-फरोख्त को लेकर पूछताछ कर रही है। आईजी विकास के अनुसार- एएनटीएफ को सूचना मिली थी कि रणकदेव धारवली कला में एक व्यक्ति अपने खेत में बने पशु के चारे के कमरे में अवैध मादक पदार्थ छुपा रखा है। टीम ने पुख्ता सूचना होने पर स्थानीय पुलिस से संपर्क कर व साथ लेकर रणकदेव धारवी कला गांव सूचना के मुताबिक पहुंची। वहां पर एक व्यक्ति खेत में खड़ा नजर आया। पुलिस को देखकर घबराने लगा। टीम ने की घेराबंदी टीम व स्थानीय पुलिस ने आरोपी की घेराबंदी की। उसके खेत में बने कमरे की तलाशी ली तो प्लास्टिक की थैलियों में रखा हुआ अवैध मादक-पदार्थ अफीम का दूध व विनिर्मित अफीम बरामद किया। स्थानीय पुलिस ने अवैध मादक-पदार्थ जब्त कर आरोपी श्यामसिंह पुत्र बेरीसा सिंह निवासी गांव रणकदेव धारवी कला शिव को गिरफ्तार किया गया। फिलहाल टीमें आरोपी से अवैध मादक-पदार्थ को लेकर पूछताछ कर रही है।
उत्तर प्रदेश के पुलिस महानिदेशक (DGP) राजीव कृष्ण ने राष्ट्रीय अपराध रिकॉर्ड ब्यूरो (NCRB) की वर्ष 2024 की रिपोर्ट का हवाला देते हुए प्रदेश की कानून-व्यवस्था को देश के लिए एक उदाहरण बताया है। डीजीपी ने कहा कि किसी भी राज्य में अपराध की स्थिति को समझने का एकमात्र वैज्ञानिक आधार 'क्राइम रेट' होता है, और इस मामले में उत्तर प्रदेश की स्थिति राष्ट्रीय औसत से कहीं बेहतर है। जहां देश का राष्ट्रीय क्राइम रेट 252.3 है, वहीं उत्तर प्रदेश का क्राइम रेट मात्र 180.2 दर्ज किया गया है। कागजों से निकलकर जमीन पर उतरी 'जीरो टॉलरेंस' नीति डीजीपी ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में अपराधियों के प्रति अपनाई गई 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अब धरातल पर पूरी तरह प्रभावी है। पिछले 9 वर्षों में पुलिसिंग के ढांचे में क्रांतिकारी बदलाव किए गए हैं। आधुनिक पुलिस स्टेशन, हर थाने पर महिला हेल्प डेस्क, एंटी-रोमियो स्क्वॉड और संगठित अपराध के खिलाफ सख्त कार्रवाई ने राज्य में कानून का इकबाल बुलंद किया है। कमजोर वर्गों को न्याय दिलाने के लिए फास्ट-ट्रैक कोर्ट की सक्रियता भी इसमें मददगार साबित हुई है। ज्यादा FIR दर्ज होना पारदर्शिता की निशानी पुलिस महानिदेशक ने एक महत्वपूर्ण बिंदु पर स्पष्टता देते हुए कहा कि उत्तर प्रदेश में अब कोई भी व्यक्ति बिना किसी डर के थाने जाकर अपनी शिकायत दर्ज करा सकता है। उन्होंने कहा, ज्यादा पंजीकरण (FIR) होना असल में एक संवेदनशील और पारदर्शी पुलिस बल की पहचान है। यूपी पुलिस अब डिजिटल माध्यमों पर आने वाली छोटी से छोटी शिकायत का भी संज्ञान लेती है। डीजीपी के अनुसार, पुलिस बल को अधिक सुलभ और पारदर्शी बनाना ही योगी सरकार का मुख्य विजन है। वैज्ञानिक तुलना ही सही आधार राजीव कृष्ण ने जोर देकर कहा कि केवल अपराधों की संख्या के आधार पर राज्यों की तुलना करना गलत है; तुलना हमेशा जनसंख्या के आधार पर 'क्राइम रेट' से होनी चाहिए। एनसीआरबी के आंकड़े साबित करते हैं कि उत्तर प्रदेश के सतत प्रयासों से अपराधों में भारी कमी आई है। राज्य पुलिस अब और अधिक तकनीकी और आधुनिक संसाधनों से लैस होकर जनता की सुरक्षा के लिए प्रतिबद्ध है।
टोहाना के गांव कन्हड़ी निवासी दर्शना देवी ने प्राइमरी एग्रीकल्चर क्रेडिट सोसाइटी (पैक्स) प्रबंधक बलजिंदर सिंह पर 24 लाख रुपए का घोटाले का आरोप लगाया है। महिला ने इस संबंध में मुख्यमंत्री नायब सैनी और जिला उपायुक्त फतेहाबाद को शिकायत भेजी है। शिकायतकर्ता दर्शना देवी के अनुसार, दी हिम्मतपुरा एम पैक्स लिमिटेड हिम्मतपुरा, टोहाना के प्रबंधक बलजिंदर सिंह पर लाखों रुपए का स्टॉक रखने का आरोप है। ऑफ सीजन में उन्होंने लगभग 24 लाख रुपए का खाद-बीज, दवाइयां और अन्य वस्तुएं बेचकर पैसा अपनी जेब में रख लिया। इस कथित घोटाले से समिति को भारी वित्तीय नुकसान हो रहा है। दर्शना देवी ने बताया कि समिति के तीन बिक्री केंद्र हिम्मतपुरा, कन्हड़ी और नत्थूवाल में हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि डीओ, ब्रांच मैनेजर और इंस्पेक्टर टोहाना-2 भी इस मामले में शामिल हैं और कोई कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। उपायुक्त से आरोपी के खिलाफ कार्रवाई की मांग शिकायतकर्ता ने उपायुक्त से पैक्स प्रबंधक के खिलाफ एफआईआर दर्ज करने और विभागीय कार्रवाई की मांग की है। शिकायत की प्रतियां हरियाणा के मुख्यमंत्री, पुलिस अधीक्षक और उप-निदेशक कृषि विभाग, फतेहाबाद को भी भेजी गई हैं। इस मामले में पैक्स जीएम छैलू राम ने बताया कि ब्रांच मैनेजर को जांच के आदेश दिए गए हैं। उनकी रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। वहीं, पैक्स प्रबंधक बलजिंदर सिंह ने आरोपों को निराधार बताया और कहा कि उन्होंने काफी रुपया जमा करवा दिया है और जल्द ही पूरा बकाया क्लियर कर देंगे।
धमतरी में 23 लोगों पर चालान, एक डेयरी सील:स्वच्छता नियमों के उल्लंघन पर निगम की सख्त कार्रवाई जारी
धमतरी में स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नगर निगम ने सख्त कार्रवाई की है। निगम ने एक डेयरी को सील कर दिया और गंदगी फैलाने वाले 23 लोगों पर चालान काटा। यह कार्रवाई निगम प्रशासन द्वारा चलाए जा रहे स्वच्छता अभियान के तहत की गई। अभियान के दौरान शहर के विभिन्न क्षेत्रों का निरीक्षण किया गया, जिसमें डेयरी संचालकों, कबाड़ सामग्री फैलाने वालों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी फैलाने वाले दुकानदारों पर विशेष नजर रखी गई। 23 लोगों पर कार्रवाई,एक डेयरी भी सील नगर निगम की टीम ने शहर के अलग-अलग वार्डों और मुख्य मार्गों का निरीक्षण किया। इस दौरान स्वच्छता नियमों का उल्लंघन करने वाले कुल 23 लोगों पर कार्रवाई करते हुए 21,700 रुपये का चालान वसूला गया। इसके अतिरिक्त, निगम प्रशासन ने बगीचा क्षेत्र में स्थित एक डेयरी को सील भी किया। निगम अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि शहर की स्वच्छता व्यवस्था से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। शहरवासियों से अपील स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें अधिकारी शशांक मिश्रा ने शहरवासियों से अपील की है कि वे स्वच्छता बनाए रखने में प्रशासन का सहयोग करें और कचरा निर्धारित स्थान पर ही डालें। दुकानदारों और व्यवसायियों को भी अपने प्रतिष्ठान के आसपास साफ-सफाई रखने और स्वच्छता नियमों का पालन करने की हिदायत दी गई है।
बिलासपुर में बोरा फैक्ट्री में काम करते समय एक मजदूर 25 फीट की ऊंचाई से गिर गया, जिससे उसकी मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने फैक्ट्री प्रबंधन पर सुरक्षा में लापरवाही का आरोप लगाया है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। घटना सीपत थाना क्षेत्र की है। 25 फीट ऊंचाई पर संतुलन बिगड़ने से हुआ हादसा ग्राम जांजी निवासी लक्ष्मी प्रसाद धीवर (45) सोमवार सुबह रोज की तरह काम करने पहुंचा। दोपहर करीब 3 बजे वह प्लांट में ऊंचाई पर चढ़कर सफाई कर रहा था। इस दौरान संतुलन बिगड़ने से करीब 25 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गया। बताया जा रहा है कि ऊंचाई में काम करते समय उसे कोई सेफ्टी उपकरण नहीं दिया गया था, जिससे हादसा और गंभीर हो गया। घटना के बाद फैक्ट्री परिसर में अफरा-तफरी मच गई। प्रबंधन द्वारा घायल मजदूर को तुरंत श्री राम केयर हॉस्पिटल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान देर रात उसकी मौत हो गई। परिजनों का आरोप-सुरक्षा में लापरवाही घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है। उनका आरोप है कि फैक्ट्री प्रबंधन ने मजदूरों को जरूरी सुरक्षा उपकरण जैसे हेलमेट और सेफ्टी बेल्ट उपलब्ध नहीं कराए थे। उन्होंने मुआवजे और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। फैक्ट्री में श्रम कानून का भी पालन नहींपरिजनों का कहना है कि फैक्ट्री में पहले भी हादसे हो चुके हैं। इसके बाद भी सुरक्षा को लेकर कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। वहीं, आरोप लगाया कि मजदूरों से 12 घंटे तक काम लिया जाता है और उचित पारिश्रमिक भीनहीं दिया जाता। उन्होंने फैक्ट्री में श्रम कानूनों का पालन नहीं करने का भी आरोप लगाया है। पुलिस जांच में जुटीघटना की सूचना मिलते ही सीपत थाना क्षेत्र की पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। अधिकारियों ने जांच के बाद उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
भोपाल के करीब 35 इलाकों में शुक्रवार को 2 से 6 घंटे तक बिजली कटौती होगी। इन इलाकों में बिजली कंपनी मेंटेनेंस करेगी। इसके चलते सप्लाई पर असर पड़ेगा। जिन इलाकों में बिजली बंद रहेगी, उनमें दानिशकुंज, जाटखेड़ी, शाहपुरा, 74 बंगलो, देवकी नगर, चूना भट्टी, होशंगाबाद रोड, भीम नगर समेत कई बड़े इलाके भी शामिल हैं। ऐसे में बिजली संबंधित जरूरी काम पहले से निपटा लें। ताकि परेशानी का सामना न करना पड़े। इन इलाकों में पड़ेगा असर
अबोहर में नाबालिग लड़की की मौत:मां बोली- युवक ने जहर देकर हत्या की, युवक बोला- हमारे रिश्ते अच्छे थे
अबोहर के ढाणी करनैल निवासी एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की की आज गांव सप्पांवाली की ढाणी में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। मृतका की मां ने उस युवक पर जहर देकर हत्या करने का आरोप लगाया है, जिससे लड़की ने भागकर शादी की थी। पुलिस ने शव को अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया है। जानकारी के अनुसार, करीब 16 वर्षीय हरमनजीत कौर पुत्री बलविंदर सिंह की मां आशा रानी ने बताया कि अजीत नगर निवासी अजय पुत्र बख्शीश सिंह उनकी बेटी को शादी का झांसा देकर ले गया था। दोनों ने एक मंदिर में शादी कर ली थी। युवक और लड़की में हुआ था विवाद आशा रानी के मुताबिक, आज अजय की सप्पांवाली की ढाणी में रहने वाली बहन ने उन्हें गेहूं काटने के लिए अपनी ढाणी में बुलाया था। अजय हरमनजीत कौर को अपने साथ ढाणी ले गया, जहां किसी बात को लेकर दोनों के बीच झगड़ा हो गया। झगड़े के बाद अजय खेत में गेहूं काटने चला गया। इसी दौरान हरमनजीत कौर ने जहर निगल लिया, जिससे उसकी हालत बिगड़ गई। अजय अपने परिजनों के साथ उसे एक निजी डॉक्टर के पास ले गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। इसके बाद वे शव को वापस अजीत नगर ले आए और इसकी सूचना हरमनजीत कौर की मां आशा रानी को दी। थाना नंबर एक और सीडफार्म चौकी पुलिस मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने मृतका के शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। मां ने युवक पर लगाया आरोप इधर मृतका की मां ने अजय पर उसकी बेटी को मारने के कथित आरोप लगाते हुए कहा कि उन्होंने जानबूझकर करीब 4 बजे उनकी बेटी के मृत होने की सूचना दी जबकि उन्होने ही उसे जहर देकर मारा है। इधर युवक अजय ने माना कि बेशक के उसके माता पिता हरमनजोत को पसंद नहीं करते थे। लेकिन उसकी व हरमन की आपस में काफी अच्छी निभ रही थी उस पर लगाए आरोप निराधार हैं। इधर थाना प्रभारी मनिंदर सिंह व सीडफार्म चौकी इंचार्ज एएसआई भूपेन्द्र सिंह ने बताया कि मृतका के शव को सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है लेकिन यह मामला थाना खुईयां सरवर के अंतर्गत आता है इसलिए वहां कीपुलिसही इस मामले में बनती कार्रवाई करेगी
इंदौर की विशेष पॉक्सो कोर्ट ने सात वर्षीय बालिका के साथ गलत हरकत करने वाले आरोपी को दोषी करार देते हुए 5 वर्ष के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 5 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है। आरोपी का नाम त्रिभुवन उर्फ भानू, निवासी अंबेडकर नगर है। घटना 15 अप्रैल 2024 की सुबह करीब 11 बजे की है। पीड़िता की मां घरेलू काम करती है। घटना के समय उसकी सात वर्षीय बेटी घर के पीछे स्थित गार्डन में खेल रही थी। काफी देर तक वापस नहीं आने पर मां उसे बुलाने गार्डन पहुंची, जहां उसने देखा कि एक व्यक्ति बच्ची को गोद में लेकर उसके साथ गलत हरकत कर रहा है महिला के विरोध करने पर आरोपी ने कहा कि वह बच्ची के साथ खेल रहा था। इसके बाद महिला ने अपनी बेटी को आरोपी से छुड़ाया और उसे वहां से भगा दिया। बच्ची ने मां को बताई पूरी घटना पीड़िता ने अपनी मां को बताया कि आरोपी ने उसे गोद में उठाकर गलत तरीके से छूना शुरू कर दिया था। बच्ची ने खुद को छुड़ाने की कोशिश भी की, लेकिन आरोपी ने उसे कसकर पकड़ लिया। बच्ची ने बताया कि आरोपी की हरकत से उसे बेहद बुरा लग रहा था। घटना के बाद महिला ने पड़ोसियों और अपने पति को सूचना दी। पड़ोस में रहने वाले एक व्यक्ति ने गार्डन में जाकर आरोपी को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम त्रिभुवन उर्फ भानू बताया। बाद में परिवार आरोपी को पकड़कर थाने ले गया। मामले में थाना चंदन नगर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर जांच शुरू की। जांच के दौरान पीड़िता का मेडिकल परीक्षण कराया गया, गवाहों के बयान दर्ज किए गए तथा आरोपी को गिरफ्तार किया गया। शासन की ओर से लतिका आर. जमरा (विशेष लोक अभियोजक) ने पैरवी की। अभियोजन पक्ष ने कोट में 16 गवाहों के बयान प्रस्तुत किए। साक्ष्यों और गवाहों के आधार पर कोर्ट ने 6 अप्रैल को आरोपी को दोषी मानते हुए पांच वर्ष के कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई।
बड़वानी राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी ने गुरुवार शाम को जिले के सिलावद-होलगांव के बीच गोई नदी पर निर्माणाधीन पुल का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कंपनी को समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य करने के निर्देश दिए, साथ ही किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त न करने की बात कही। लगभग 10 करोड़ 39 लाख रुपए की लागत से बन रहे इस पुल से सिलावद से पाटी की दूरी 4 किलोमीटर कम हो जाएगी। इससे क्षेत्र के लगभग 40 गांवों के हजारों लोगों को सुलभ आवागमन की सुविधा मिलेगी। यह पुल शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार के अवसरों को भी आसान बनाएगा। 2020 में रखी थी नींव डॉ. सोलंकी ने वर्ष 2020 में राज्यसभा सांसद बनने के बाद इस पुल के निर्माण की नींव रखी थी। उनके निरंतर प्रयासों के बाद, जुलाई 2024 में मध्य प्रदेश शासन के बजट में पुल निर्माण के लिए 10 करोड़ 39 लाख 88 हजार रुपए की स्वीकृति मिली थी। इसके बाद, 12 मार्च 2025 को शासन ने तकनीकी स्वीकृति प्रदान की। विभाग ने टेंडर प्रक्रिया पूरी कर सीहोर की मेसर्स काला इंजीनियरिंग एजेंसी को ठेका दिया। नवंबर 2025 में बोरिंग टेस्टिंग की गई। हाल ही में 25 अप्रैल को प्रदेश के लोक निर्माण विभाग मंत्री राकेश सिंह ने इस पुल का भूमिपूजन किया था। वर्तमान में पुल का निर्माण कार्य युद्ध स्तर पर जारी है। सांसद सोलंकी ने मौके पर पहुंचकर पुल निर्माण का निरीक्षण किया और ठेकेदार से आवश्यक जानकारी लेकर दिशा-निर्देश दिए। इस दौरान पूर्व जनपद उपाध्यक्ष महेश भावसार, पूर्व भाजपा जिला उपाध्यक्ष हीरा यादव, पूर्व मंडल अध्यक्ष मनीष गुप्ता, शांतिलाल गंगवाल होलगांव, भाजपा नेता संतोष वर्मा, दुलीचंद राठौड़ सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित थे। निरीक्षण की अन्य तस्वीरें…
मेरठ के अजराड़ा में पत्थरबाजी का VIDEO:छतों से फेंकी ईंटें, होमगार्ड के घर पर हमला, फायरिंग
मेरठ के मुंडाली थानाक्षेत्र के अजराड़ा गांव में पत्थरबाजी का वीडियो सामने आया है। वीडियो तेजी से सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें लोग छतों से और नीचे सड़क से एक दूसरे पर ईंटें, पत्थर फेंकते नजर आ रहे हैं। साथ ही गाली भी दे रहे हैं। आरोप है कि पुरानी रंजिश के चलते गांव में दबंगों ने एक होमगार्ड के घर पर हमला बोल दिया। इस मारपीट के बाद दोनों पक्षों के कई लोग भी घायल हुए हैं। पत्थरबाजी का पूरा लाइव वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। सूचना पर थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया। नींव का पानी जाने पर हुआ झगड़ाबताया जा रहा है कि गांव में एक घर में कंसट्रक्शन वर्क चल रहा था। जब मकान की नींव रखी जा रही थी तभी बराबर में आरोपियों के मकान में नींव का पानी आ गया। इस पानी को रोकने के लिए मिस्त्री ने ईंट, सीमेंट लगा दिया। लेकिन पानी नहीं रुका। इसके बाद दूसरा पक्ष फायर हो गया। आरोपियों ने पहले मारपीट शुरू कर दी। ग्रामीणों ने इसका बीचबचाव कराकर मामला शांत करा दिया। होमगार्ड के घर कर दी फायरिंग, पत्थरबाजीथोड़ी देर बाद आरोपियों ने होमगार्ड दिलशाद के घर पर पथराव कर दिया। दर्जनभर युवक हथियारों से लैस होकर पहुंचे और पथराव कर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी। तभी कुछ लोगों ने इसका वीडियो बनाकर शेयर कर दिया। इस पूरी घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है। अचानक बरसने लगे पत्थरपीड़ित पक्ष के अनुसार गांव निवासी होमगार्ड दिलशाद अपनी ड्यूटी पर मौजूद था। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते कलम पुत्र इलियास, इमदाद पुत्र खुर्शीद, अबूबकर पुत्र कलाम, अबूजर पुत्र सलाम, माजिद पुत्र वाहिद तथा हम्माद व कासिद पुत्र इमदाद समेत दर्जनों युवक लाठी-डंडों, धारदार हथियारों और अवैध तमंचों के साथ उसके घर पहुंच गए। आरोप है कि हमलावरों ने घर को चारों ओर से घेरकर गाली-गलौज शुरू कर दी और देखते ही देखते पथराव व फायरिंग शुरू कर दी। फायरिंग, पत्थरबाजी से सहमे ग्रामीणअचानक हुई फायरिंग से पूरे गांव में भगदड़ मच गई। महिलाएं और बच्चे चीख-पुकार करने लगे, जबकि आसपास के लोगों ने अपने घरों के दरवाजे बंद कर लिए। ग्रामीणों का कहना है कि हमलावर इतने बेखौफ थे कि पुलिस के मौके पर पहुंचने के बाद भी लगातार हंगामा करते रहे और खुलेआम दबंगई दिखाते रहे। हालात बिगड़ते देख थाना पुलिस को अतिरिक्त पुलिस बल और पीएसी को भी बुलाना पड़ा। दबंगई दिखाकर गांव का माहौल बिगाड़ा जा रहा गांववालों ने पुलिस को बताते हुए आरोप लगाया कि गांव में कुछ दबंग हैं जो अपना भोकाल टाइट करना चाहते हैं। आए दिन लोगों को धमकाते हैं इसलिए विवाद की घटनाएं होती रहती हैं। गांव का माहौल खराब करने पर तुले हैं। पुलिस मौके पर नहीं पहुंचती तो घटना किसी बड़े खूनी संघर्ष का रूप ले सकती थी। बताया गया है कि इससे पहले भी जमीन विवाद को लेकर उक्त होमगार्ड पर जानलेवा हमला किया गया था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गया था। उस मामले में पीड़ित पक्ष की ओर से मुकदमा दर्ज कराया गया था। कुछ लोगों को हिरासत में लियामौके पर पहुंची पुलिस ने कुछ लोगों को हिरासत में लिया है। पीड़ित परिवार ने पुलिस पर तहरीर बदलकर आरोपियों को राहत देने का आरोप भी लगाया था। हालांकि घटना के बाद पुलिस कार्रवाई को लेकर भी गांव में नाराजगी देखने को मिल रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि पुलिस ने मामले की आड़ में गांव के दर्जनों बेगुनाह लोगों को हिरासत में ले लिया है। थानाध्यक्ष मुंडाली देवेन्द्र मिश्र का कहना है कि किसी भी पक्ष की ओर से अभी तहरीर नहीं आई है मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है और दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।
जहानाबाद के गया-पटना रेलखंड पर गुरुवार को एक दर्दनाक हादसा हुआ, जिसमें चलती ट्रेन से गिरकर 40 वर्षीय रामरूप विश्वकर्मा की मौत हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, यह घटना मोबाइल छिनतई के प्रयास के दौरान हुई। मोबाइल बचाने की कोशिश में हुआ हादसा बताया जा रहा है कि रामरूप विश्वकर्मा पटना से अपने घर लौट रहे थे। मदारपुर के समीप अचानक मोबाइल छिनतई की घटना हुई। मोबाइल बचाने की कोशिश में वह ट्रेन से नीचे गिर पड़े और ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। साथ मौजूद महिला ने बताया खुद को पत्नी घटना के समय उनके साथ मौजूद नीलम देवी ने खुद को मृतक की पत्नी बताया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, वह शोर मचा रही थीं कि “मोबाइल लेकर भाग रहा है”। शोर सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक यात्री की जान जा चुकी थी। रेलवे पुलिस कर रही जांच आरपीएफ अधिकारी एमडी सज्जाद आलम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में मोबाइल छिनतई की बात सामने आई है। शव को कब्जे में लेकर आगे की जांच शुरू कर दी गई है। उन्होंने कहा कि जांच के बाद ही वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा। इलाके में सक्रिय गिरोहों पर सवाल स्थानीय लोगों ने गया-पटना रेलखंड पर मोबाइल चोर गिरोहों की सक्रियता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि ट्रेन के धीमा होने या स्टेशन के आसपास यात्रियों को निशाना बनाया जाता है। कई बार ऐसे प्रयासों में हादसे भी हो चुके हैं, लेकिन अब तक इन गिरोहों पर प्रभावी कार्रवाई नहीं हो पाई है।
काशी के दशाश्वमेध घाट पर गुरुवार को भारतीय सेना के शौर्य और पराक्रम को समर्पित विशेष गंगा आरती का आयोजन किया गया। यह आयोजन ‘ऑपरेशन सिंदूर’ की प्रथम वर्षगांठ के अवसर पर किया गया, जिसमें देशभर में भारतीय सेना के साहस को नमन किया गया। गंगा सेवा निधि द्वारा आयोजित विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती में इस बार भारतीय सेना के शौर्य को विशेष रूप से याद किया गया। आरती के दौरान दीप प्रज्वलन, शंखनाद और डमरू की गूंज के बीच पूरे घाट का वातावरण देशभक्ति से भर गया। गंगा सेवा निधि द्वारा होने वाली विश्व प्रसिद्ध मां गंगा की आरती में भारतीय सेना के शौर्य को नमन किया गया। इस अवसर पर काशी के दशाश्वमेध घाट पर दीप प्रज्वलन कर शंखनाद ओर डमरू की थाप के बीच भारतीय सेना को बधाई दी गई। इसके अलावा मां गंगा की आरती से पूर्व गंगा सेवा निधि के अर्चकों द्वारा जम्मू कश्मीर के पहलगाम में हुए आतंकी घटना के शिकार हुए लोगों की आत्मा की शांति के लिए मां गंगा में दीपदान किया गया। पर्यटकों के मौत का बदला लेने के लिए चला था ऑपरेशन सिंदूर अशीष तिवारी ने कहा - ऑपरेशन सिंदूर को तीनों रक्षा बलों द्वारा सीमा सुरक्षा बल के साथ पश्चिमी सीमा पर सात से 10 मई, 2025 तक पाकिस्तान और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में आतंकवादी और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाते हुए अंजाम दिया गया था। यह अभियान 22 अप्रैल, 2025 को पहलगाम में हुए आतंकी हमले के जवाब में चलाया गया था, जिसमें 25 पर्यटक और एक गाइड की मौत हो गई थी। पीएम मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक साल पूरा होने पर अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल डीपी बदली प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 'ऑपरेशन सिंदूर' के एक साल पूरा होने पर गुरुवार को अपने सभी सोशल मीडिया हैंडल पर ‘डिस्प्ले पिक्चर’ (डीपी) बदल दी तथा उन्होंने सभी से सशस्त्र बलों और उनकी सफलता के प्रति सम्मान के रूप में ऐसा ही करने का आग्रह किया। फेसबुक, इंस्टाग्राम और व्हाट्सऐप पर मोदी के प्रोफाइल पिक्चर को बदलकर काली पृष्ठभूमि पर 'ऑपरेशन सिंदूर' लिखा हुआ चित्र लगाया गया है। इस चित्र में तिरंगा है और अंग्रेजी में लिखे 'सिंदूर' शब्द के एक 'ओ' अक्षर में सिंदूर भरा हुआ दिखाया गया है, जो विवाहित हिंदू महिलाओं का प्रतीक है। प्रधानमंत्री ने 'एक्स' पर एक पोस्ट में कहा कि एक साल पहले ऑपरेशन सिंदूर के दौरान भारतीय सशस्त्र बलों ने अपने शौर्य का प्रदर्शन किया था और हमारे लोगों पर हमला करने वालों को करारा जवाब दिया था। उन्होंने कहा कि देश का हर नागरिक भारतीय सशस्त्र बलों पर गर्व करता है।
रतिया में पराली जलाने पर दो किसानों पर FIR:कृषि विभाग के अधिकारियों ने दी शिकायत, पुलिस कर रही जांच
फतेहाबाद जिला प्रशासन द्वारा फसल अवशेष (पराली) जलाने पर पूर्ण प्रतिबंध के बावजूद खेतों में आग लगाने के मामले सामने आ रहे हैं। इसी क्रम में कृषि विभाग की शिकायत पर पुलिस ने क्षेत्र के दो किसानों के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, कृषि अधिकारी संदीप सेठी की शिकायत पर सदर थाना पुलिस ने गांव तेलीवाड़ा निवासी किसान अर्शदीप सिंह के खिलाफ केस दर्ज किया है। वहीं, कृषि अधिकारी रजनी की शिकायत पर शहर थाना पुलिस ने गांव रत्ताखेड़ा निवासी कृष्ण के खिलाफ कार्रवाई की है। किसानों में खेतों में आग लगाने का आरोप शिकायत में बताया गया है कि सरकार और प्रशासन ने फसल अवशेष जलाने पर रोक लगाने के स्पष्ट निर्देश जारी किए थे। इसके बावजूद, दोनों किसानों ने इन नियमों की अवहेलना करते हुए अपने खेतों में फसल अवशेषों को आग लगा दी। कृषि विभाग की शिकायत के आधार पर पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्रशासन ने किसानों से अपील की है कि वे पराली जलाने से बचें और पर्यावरण प्रदूषण को रोकने के लिए फसल अवशेष प्रबंधन के वैकल्पिक उपाय अपनाएं।
सुपौल जिले के किशनपुर थाना क्षेत्र अंतर्गत चौहट्टा के समीप गुरुवार को हुए दर्दनाक सड़क हादसे में 26 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान मधेपुरा जिले के घैलाढ़ थाना क्षेत्र के चित्ती वार्ड संख्या-04 निवासी गंगाराम यादव के बड़े पुत्र राम कुमार यादव के रूप में हुई है। घटना के बाद परिजनों में कोहराम मच गया, जबकि गांव में मातमी सन्नाटा पसरा हुआ है। जानकारी के अनुसार, राम कुमार यादव अपनी पत्नी रंजन कुमारी को इलाज के लिए सदर अस्पताल सुपौल ला रहे थे। बताया जा रहा है कि उनकी पत्नी की तबीयत काफी खराब थी और उन्हें डायलिसिस करवाने की जरूरत थी। रंजन कुमारी बस से सफर कर रही थीं, जबकि राम कुमार अपनी बाइक से पीछे-पीछे चल रहे थे ताकि जरूरत पड़ने पर मदद कर सकें। पत्नी को दवा देने के लिए बस में चढ़ गएप्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, चौहट्टा के पास बस रुकने पर राम कुमार ने अपनी बाइक किनारे खड़ी की और पत्नी को दवा देने के लिए बस में चढ़ गए। दवा देने के बाद जैसे ही वह बस से नीचे उतरे, तभी दूसरी दिशा से तेज रफ्तार में आ रही एक बस ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में स्थानीय लोग जुट गए। सूचना मिलने पर किशनपुर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल सुपौल भेज दिया। हादसे में शामिल बस को कब्जे में लियापरिजनों ने बताया कि राम कुमार की शादी करीब चार वर्ष पहले हुई थी। उनकी कोई संतान नहीं थी। वह दो भाइयों में सबसे बड़े थे और परिवार की जिम्मेदारी उन्हीं के कंधों पर थी। उनकी अचानक मौत से परिवार पूरी तरह टूट गया है। इधर, किशनपुर थानाध्यक्ष ज्ञान रंजन ने बताया कि हादसे में शामिल बस को कब्जे में ले लिया गया है। मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जा रही है।
पाली जिले के सुमेरपुर में गुरुवार को पशुपालन, गोपालन, डेयरी एवं देवस्थान विभाग के केबिनेट मंत्री जोराराम कुमावत ने अपना 62वां जन्मदिन सादगीपूर्ण तरीके से मनाया। इस दौरान उन्हें बधाई देने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। कुमावत ने सुमेरपुर में अपने घर पर पूजा-अर्चना के बाद शहर के भैरव चौक स्थित भैंरूजी मंदिर में दर्शन कर आशीर्वाद लिया। जन्मदिन पर उनके शुभचिंतकों ने फूल-मालाएं पहनाकर व मिठाई खिलाकर जन्मदिवस की बधाई दी। इसके बाद शिव मंदिर में पहुंचकर उन्होंने महादेव का जलाभिषेक कर विधि-विधान से पूजन किया। महादेव का वंदन कर कुमावत ने गौ-माता को चारा खिलाकर निराश्रित गोवंश के लिए एक ट्रॉली चारा भेंट किया। इसके बाद वे श्रीराम गौशाला, कोलीवाड़ा पहुंचकर गोमाता की पूजा-अर्चना कर चारा एवं गुड़ खिलाया। उन्होंने गौशाला को भेंट स्वरूप अपने वजन के बराबर 86 किलो गुड़ व एक ट्रॉली हरा चारा दिया। मंत्री को दी बधाई गौशाला परिसर में कुमावत का स्वागत किया। कोलीवाड़ा से रवाना होकर कुमावत आवास पर पहुंचे जहां उन्हें शुभकामनाएं देने और उनसे मिलने के लिए बड़ी संख्या में लोग पहुंचे। सभी ने उन्हें जन्मदिन की बधाई दी। उनके कार्यकाल में सरकार में किए हुए कार्यों को याद करते हुए उनके सुख-समृद्धि,स्वास्थ सहित दीर्घायु की मंगल कामना की। कुमावत ने इसी दौरान अपने पारिवारिक सदस्यों के साथ केक काटा। समर्थकों ने की पूजा-हवन उनके शुभचिंतकों ने विभिन्न स्थानों पर पूजा अर्चना, हवन, स्वच्छता, गौ सेवा आदि कार्य कर उनके लंबी उम्र की प्रार्थना की। प्रदेश की सभी पंजीकृत और अपंजीकृत गौशालाओं में पशुधन के स्वास्थ्य संरक्षण और दुग्ध उत्पादन क्षमता बढ़ाने के उद्देश्य से एक दिवसीय पशु चिकित्सा और बांझपन निवारण शिविरों का आयोजन किया गया। शिविरों में बड़ी संख्या में पशुपालकों ने अपने पशुओं का स्वास्थ्य परीक्षण करवाया और विशेषज्ञ पशु चिकित्सकों से परामर्श प्राप्त किया। चिकित्सकों ने गोवंश का स्वास्थ्य परीक्षण कर आवश्यक उपचार करने के साथ साथ औषधियों का वितरण किया। शिविरों में बांझपन से प्रभावित गोवंशों की जांच कर उन्हें उपचार और कृत्रिम गर्भाधान संबंधी सेवाएं तथा उचित परामर्श भी उपलब्ध करवाया गया।

