Manipur Home Minister का बयान, हिंसा करने वालों पर सख्त कार्रवाई होगी
मणिपुर के गृह मंत्री गोविंददास कोंथौजम ने सोमवार को कहा कि हिंसा की किसी भी घटना को राज्य में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की राह में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा। मंत्री के इस बयान से एक दिन पहले रविवार को मणिपुर के तामेंगलोंग और नोनी जिलों में संदिग्ध उग्रवादियों के हमलों में दो महिलाओं सहित चार लोगों की मौत हो गई थी। ये हत्याएं ‘साहनित नी’ या ‘ब्लैक डे’ पर की गईं। मणिपुर का कुकी समुदाय 1990 के दशक में राज्य में हुए कुकी-नगा जातीय संघर्ष के पीड़ितों की याद में हर साल 13 सितंबर को यह दिन मनाता है। कोंथौजम ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा कि वह टोल्लेन कुकी गांव में हुई दुखद घटना से ‘‘बेहद व्यथित’’ हैं। इस हमले में लिंगनगाई सिंगसिट नामक महिला की मौत हो गई और उसके पति सेइनैह सिंगसिट और नवजात बेटा घायल हो गए। सेइनैह ने पड़ोसी राज्य असम के सिलचर में एक अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। कोंथौजम ने कहा, ‘‘निर्दोष नागरिकों के खिलाफ हिंसा अस्वीकार्य है और इससे सख्ती से निपटा जाएगा।’’उन्होंने कहा, ‘‘मैंने संबंधित प्राधिकारियों को तथ्यों का पता लगाने, जिम्मेदार लोगों की पहचान करने और यह सुनिश्चित करने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए हैं कि कानून बिना किसी भय या पक्षपात के अपना काम करे।’’उन्होंने कहा कि इस हिंसा के लिए जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के तहत कार्रवाई की जाएगी और उन्हें जवाबदेह ठहराया जाएगा। कोंथौजम ने कहा, ‘‘इस महत्वपूर्ण समय में हिंसा की किसी भी घटना को मणिपुर में शांति और सामान्य स्थिति बहाल करने की राह में बाधा नहीं बनने दिया जाएगा... कानून का शासन कायम रहेगा, न्याय सुनिश्चित किया जाएगा और शांति की रक्षा की जाएगी।’’हथियारबंद उग्रवादियों ने एक अन्य घटना में रविवार अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे नोन्गबा थाने के अंतर्गत आने वाले लॉन्गपी गांव में एक महिला और एक पुरुष की गोली मारकर हत्या कर दी।
पत्नी की मौत, पिता-पुत्र घायल... गोलीबारी के बाद मणिपुर में तनाव
इस घटना के बाद स्थानीय लोगों में डर का माहौल है और वे अपनी सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं. कुकी यूथ ऑर्गनाइजेशन की महिला परिषद ने इस हमले की कड़े शब्दों में निंदा की है.
अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने मणिपुर की लोकटक झील में नौका विहार किया
इंफाल, 12 सितंबर . India में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने अपने दो दिवसीय मणिपुर दौरे के दौरान Saturday को बिष्णुपुर जिले स्थित पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी मीठे पानी की झील लोकटक में नौका विहार किया. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. अमेरिकी वाणिज्य दूतावास, कोलकाता की काउंसल जनरल कैथी गाइल्स-डियाज और अन्य अधिकारियों के ... Read more
US Ambassador Sergio Gor ने मणिपुर की Loktak Lake में किया नौका विहार
भारत में अमेरिका के राजदूत सर्जियो गोर ने मणिपुर की अपनी दो दिवसीय यात्रा के दौरान बिष्णुपुर जिले में स्थित मीठे पानी की पूर्वोत्तर की सबसे बड़ी झील लोकटक में शनिवार को नौका विहार किया। यह जानकारी एक अधिकारी ने दी। गोर कोलकाता में अमेरिकी महावाणिज्यदूत कैथी जाइल्स-डियाज के साथ शुक्रवार को मणिपुर की राजधानी इंफाल पहुंचे थे। अधिकारी ने कहा, ‘‘अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने लोकटक झील का दौरा किया और वहां नौका विहार किया।’’गोर ने शुक्रवार शाम मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला और मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह से अलग-अलग मुलाकात की थी। उन्होंने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मणिपुर के राज्यपाल अजय कुमार भल्ला से मिलने का अवसर मिला। हमने अमेरिका और भारत के बीच निरंतर संपर्क के महत्व पर चर्चा की।’’अमेरिकी राजदूत ने एक अन्य सोशल मीडिया पोस्ट में कहा कि मणिपुर को लेकर मुख्यमंत्री के दृष्टिकोण के बारे में जानकर उन्हें अच्छा लगा। गोर ने कहा, ‘‘हमने इस बारे में विचारों का आदान-प्रदान किया कि अमेरिका और भारत आर्थिक संबंधों को बढ़ाने के लिए किस तरह मिलकर काम कर सकते हैं। मुख्यमंत्री ने मुझे मणिपुर संगाई महोत्सव में फिर से आने का निमंत्रण भी दिया।’’गोर ने अपनी यात्रा के पहले दिन शुक्रवार को पूर्ववर्ती मणिपुर साम्राज्य की प्राचीन राजधानी कांगला किले का दौरा किया। इसके साथ ही वह महिलाओं द्वारा संचालित प्रसिद्ध बाजार ‘ख्वाइरामबंद कैथल’ भी गए।
दिल्ली में मणिपुर के संगीतकार चोंगथम विक्रम सिंह की मौत छाती और पेट पर गंभीर चोटों के कारण हुई, जिसका खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में हुआ है। शोर-शराबे का विरोध करने पर हुए हमले में उनकी पसलियां टूटीं और तिल्ली फट गई।
Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal
इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।
Manipur Music Teacher Killed: Chongtham Vikram Singh को Delhi में पीट-पीटकर मारा, लोगों में गुस्सा!
आरोप है कि घर के बाहर शोर-शराबे को लेकर हुए विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला…
'आपको न्याय मिलेगा', गौरव गोगोई ने मणिपुर के म्यूजिशियन की हत्या पर जाहिर किया दुख
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पुलिस की शुरुआती जांच के मुताबिक, मणिपुर निवासी सी. विक्रम सिंह कई वर्षों से किलोकरी गांव में रह रहे थे। घटना के समय उनके घर के सामने कुछ लोग शराब पी रहे थे और तेज आवाज में शोर-शराबा कर रहे थे।
Manipur School Closed: एनआरसी विवाद के बीच मणिपुर में स्कूल-कॉलेज बंद, 22 अगस्त तक जारी रहेगा आदेश
School Closed: एनआरसी विवाद को लेकर बढ़ते तनाव के बीच मणिपुर सरकार ने स्कूल-कॉलेजों को बंद रखने का फैसला लिया है। राज्य के सभी शैक्षणिक संस्थान 22 अगस्त तक बंद रहेंगे।
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

