Manipur में जबरन वसूली करते दो उग्रवादी पकड़े गए, PREPAK और KCP से जुड़े हैं तार
मणिपुर में सुरक्षा बलों ने प्रतिबंधित संगठनों से जुड़े दो उग्रवादियों को जबरन वसूली की गतिविधियों में कथित संलिप्तता के आरोप में गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बुधवार को यह जानकारी दी। पुलिस के एक बयान के अनुसार, राज्य पुलिस कमांडो के एक दल ने मंगलवार को इंफाल पश्चिम जिले के सिंगजामेई में अभियान चलाकर प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स रिवोल्यूशनरी पार्टी ऑफ कांगलेइपाक (प्रेपाक) के 39 वर्षीय सदस्य को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार उग्रवादी की पहचान अहोंगशांगबाम पिंकुमणि सिंह के रूप में हुई है। वह संगठन का सक्रिय सदस्य था। पुलिस के बयान में कहा गया है कि प्रतिबंधित कांगलीपाक कम्युनिस्ट पार्टी (वांगलेन) से जुड़े 60 वर्षीय एक उग्रवादी को बिष्णुपुर जिले के क्वाक्ता से गिरफ्तार किया गया। उसकी पहचान मोहम्मद अब्दुल हकीम के रूप में हुई है। बयान के मुताबिक, वह क्वाक्ता में जबरन वसूली की गतिविधियों में शामिल था। पुलिस ने बताया कि तीन साल पहले जातीय हिंसा शुरू होने के बाद से सुरक्षा बल मणिपुर के सभी जिलों में सीमावर्ती और संवेदनशील इलाकों में तलाशी अभियान चला रहे हैं तथा क्षेत्र में नियंत्रण मजबूत करने के लिए गश्त कर रहे हैं। मई 2023 से मैतेई और कुकी-जो समूहों के बीच जारी जातीय संघर्ष में 260 से अधिक लोग मारे गए हैं और हजारों लोग बेघर हुए हैं।
Manipur bandh Kangpokpi violence: उत्तर-पूर्व के राज्य मणिपुर में तनाव और हिंसा की नई लहर के बीच स्थिति एक बार फिर बेहद संवेदनशील हो गई है। एक ओर जहां इम्फाल घाटी के मैतेई समुदाय से जुड़े सात प्रतिबंधित सशस्त्र उग्रवादी संगठनों ने 1949 में भारतीय ...
Manipur Violence: मणिपुर में फिर भड़की हिंसा, नगा संगठन ने 48 घंटे का अल्टीमेटम दिया; कई जिलों में तनाव
BREAKING: Manipur Violence: मणिपुर में नगा-कुकी संघर्ष से बढ़ा तनाव, 10 लोगों की मौत के बाद कर्फ्यू; कई घरों में आगजनी
Manipur: में मेरा चाओरेल हौबा उत्सव हयिंग खोंगबल उपहोंग युमफाम में मनाया गया
11 अक्टूबर, रविवार: इम्फाल में हयिंग खोंगबल उपहोंग युमफाम में मेरा चाओरेल हौबा उत्सव मनाया गया, लाइनिंगथौ सनामही बोर्ड के सदस्य सचिव का बयान।
Manipur के पहाड़ी जिलों में ताजा झड़पें, 9 लोगों की मौत के बाद अतिरिक्त सुरक्षा बल तैनात
मणिपुर के हिंसा प्रभावित पहाड़ी जिलों में रविवार को भी तनाव बना रहा तथा दो समुदायों के बीच ताजा झड़पों में मरने वालों की संख्या बढ़कर नौ हो गई है। इस बीच, मुख्यमंत्री वाई. खेमचंद सिंह ने शांति और संयम बनाए रखने की अपील की तथा संबंधित अधिकारियों से स्थिति को नियंत्रण में लाने को कहा। शुक्रवार और शनिवार को कामजोंग, उखरुल और कांगपोकपी जिलों में हिंसा की ताजा घटनाओं में लोगों की मौत की खबरें सामने आईं। मुख्यमंत्री सिंह ने सोशल मीडिया पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘मैं निर्दोष नागरिकों की हत्या और हिंसा की निंदा करता हूं। मैंने संबंधित अधिकारियों को स्थिति पर नियंत्रण पाने, शांति और कानून-व्यवस्था बहाल करने तथा सभी नागरिकों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने के निर्देश दिए हैं।’’सिंह ने सभी समुदायों से स्थिति को शांत करने के लिए संयम बरतने और शांति, संवाद तथा सद्भाव को प्राथमिकता देने की भी अपील की। अधिकारियों ने बताया कि स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सबसे अधिक प्रभावित कांगपोकपी और कामजोंग जिलों में अतिरिक्त सुरक्षा बल भेजे गए हैं। हिंसा में लोगों की हत्याओं का सिलसिला शुक्रवार रात को शुरू हुआ, जब पांच बच्चों की मां की अज्ञात हमलावरों ने गोली मारकर हत्या कर दी। यह घटना नगा बहुल कामजोंग जिले के कुकी बहुल चसाद गांव में हुई। इस 22 वर्षीय महिला की हत्या के बाद कुकी और नगा सशस्त्र समूहों के बीच गोलीबारी शुरू हो गई, जो शनिवार सुबह तक जारी रही। इस झड़प में 42 वर्षीय एक व्यक्ति की मौत हो गई और 10 मकानों में आगजनी की गई। हिंसा की आगे की घटनाओं को रोकने के लिए गांव में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता (बीएनएसएस) की धारा 162 के तहत निषेधाज्ञा लागू कर दी गई है। अधिकारियों ने बताया कि चसाद की घटना के बाद शनिवार को कांगपोकपी जिले के तापन और मकुई गांवों में संदिग्ध उग्रवादियों ने हमला किया। इस दौरान नगा समुदाय के दो ग्राम रक्षकों एम. दैमाई और आर. गंगमेई तथा रिंगकांगमाई नामक एक अन्य व्यक्ति की मौत हो गई। नगा समुदाय के एक नागरिक संगठन ‘वर्किंग कमेटी जेटीसी मणिपुर’ ने यह भी दावा किया कि एक ग्रामीण अजिनबोउ आर. (52) का उग्रवादियों ने सिर कलम कर दिया। संगठन ने सम्मानजनक अंतिम संस्कार के लिए उनका कटा सिर लौटाने की मांग की। अधिकारियों के अनुसार, शनिवार को संदिग्ध उग्रवादी कामजोंग जिले में भारत-म्यांमा सीमा के पास तंगखुल नगा समुदाय की बस्ती निंगचौ गांव में भी घुस गए और गोलीबारी की। इस घटना में 35 वर्षीय नगाचांसो निंगशेन और 48 वर्षीय लेइशिशान लेइशादांग की मौत हो गई। घटना के बाद सुरक्षा बल गांव पहुंचे। स्थानीय लोगों का दावा है कि गोलीबारी करने के बाद हमलावर म्यांमा की ओर भाग गए। उखरुल जिले में शनिवार को संदिग्ध उग्रवादियों ने चेपू याओलेन गांव के पास एक कार पर गोलीबारी की, जिसमें 40 वर्षीय संदीप राय की मौत हो गई। अधिकारियों ने बताया कि संदीप जिस कार को चला रहे थे, उसी के भीतर उनकी मौत हो गई। कांगपोकपी जिले के मकुई अशांग और तापन में भी सशस्त्र समूहों के बीच भारी गोलीबारी की सूचना है। इस साल फरवरी से कुकी और नगा जनजातीय समुदायों के बीच जारी हिंसा में 40 से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है और कई मकानों को आग लगा दी गई है। इससे पहले राज्य में इंफाल घाटी में रहने वाले मेइती समुदाय और आसपास की पहाड़ियों में रहने वाले कुकी समुदाय के बीच जातीय हिंसा हुई थी, जिसमें सैकड़ों लोग मारे गए थे।
केंद्रीय मंत्री गडकरी ने मणिपुर के मुख्यमंत्री को एनएच प्रोजेक्ट और अन्य मुद्दों पर केंद्र के समर्थन का भरोसा दिलाया
Manipur के Loktak Lake पर बसा Floating Village Champu Khangpok पानी पर तैरता है
क्या आप कभी ऐसी जगह पर घूमने के लिए गए हैं, जहां पर कदम रखते ही जमीन डगमगाने लगे। आपको ऐसा महसूस हो, जैसे आप चल नहीं बल्कि तैर रहे हैं। ऐसा दृश्य सोचने पर एकदम सपने जैसा महसूस होता है। ऐसा ही कुछ मणिपुर का फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको अनोखे और रोमांच से भरपूर जगह फ्लोटिंग विलेज चंपू खंगपोक के बारे में बताने जा रहे हैं। फ्लोटिंग विलेज है चंपू खंगपोक भारत के उत्तर-पूर्वी राज्य मणिपुर में एक तैरता हुआ गांव है। जिसका नाम चंपू खंगपोक है। यह भारत की फेमस लोकटक झील पर बसा है, जोकि करीब 240 वर्ग किमी के आकार में फैली है। इस गांव के लोगों ने पानी के साथ जीना सीख लिया है, तभी तो आपको इस गांव में पानी पर चलते लोग, तैरते घर और द्वीप देखने को मिलेंगे। इसे भी पढ़ें: Gaya Ji में Pind Daan का पूरा बजट: Train टिकट, होटल स्टे और पूजा फीस की डिटेल जानें डगमगाती जमीन का रहस्य चंपू खंगपोक गांव के तैरने के पीछे कोई जादू नहीं हैं। बल्कि इसके पीछे साइंस का कमाल है। इसके पीछे की वजह इस स्थान की प्रकृति और बायोमास का प्रोसेस है। ऐसा इसलिए क्योंकि इस गांव की जमीन किसी चट्टान या मिट्टी से नहीं बनी है, बल्कि यह फुम्डी नाम की प्राकृतिक जमीन है। फुम्डी जमीन जड़ों, सड़े-गले पौधों, मिट्टी और जैविक पदार्थों की परत से बनी होती है। वहीं साल-दर-साल जब इन सभी चीजों का जमावड़ा शुरू होकर एक जगह पर एकत्र होता है। तो इसकी परत से जमीन बन जाती है। यह जमीन इतनी ज्यादा मजबूत होती है कि इन पर घरों तक का निर्माण किया जा सकता है। बदलती है घरों की लोकेशन यहां पर रहने वाले लोगों के घरों को फुमशंग कहा जाता है, जो अपनी लोकेशन को बदलते रहते हैं। क्योंकि यह घर जमीन पर नहीं बल्कि फुम्डी पर बने हैं, तो पानी के बहाव और हवा के दबाव की वजह से इनकी लोकेशन बदलती रहती है। यही कारण है कि चंपू खंगपोक दुनियाभर में अपनी इसी विशेषता की के कारण आकर्षण का केंद्र बना हुआ था। देख सकेंगे तैरता हुआ नेशनल पार्क अनोखे गांव के अलावा आप लोकटक झील में तैरता हुआ कीबुल लामजाओ नेशनल पार्क भी देख सकेंगे। यह पार्क विष्णुपुर जिले में हैं, जोकि लोकटक झील के दक्षिण पश्चिम में करीब 40 वर्ग किलोमीटर के क्षेत्र फैला है। इस जगह की खासियत यह है कि यहां पर विलुप्त हो रहे संगाई हिरण रहते हैं, यह उनका अकेला आवास स्थल है।
Imphal Trip: Kangla Fort से लेकर Ima Market तक, Imphal में देखने लायक हैं ये प्रमुख स्थल
इंफाल एयरपोर्ट को देखकर आपका दिल खुश हो जाएगा। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और बेहद खूबसूरत एयरपोर्ट इतना सहज है कि विमान से उतरकर पैदल ही आप भवन में दाखिल हुआ जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर इस शहर की अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा है। यहां के युवा जहां आधुनिक लिबास में नजर आता है, तो वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे अपने पारंपरिक परिधानों में दिखते हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उनकी खूबसूरती में चार चांद लगा देते हैं। इमा मार्केट समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक शहर के बीचों-बीच बनी इमा मार्केट है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला बाजार। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। यहां पर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे- ब्लाउज, शॉल, चादर, दुपट्टे, गमछे और भी कई तरह की चीजें हैं। वहीं मार्केट के एक हिस्से में सिर्फ पूजा का सामान है। इसे भी पढ़ें: Imphal Airport से अगवा पश्चिम बंगाल का युवक Bishnupur से सुरक्षित बचाया गया एक्सप्लोर करें कांगला किला इंफाल में दो जगहें आपको जरूर देखनी चाहिए। जिसमें पहला कांगला किला है और दूसरा लोकताक लेक है। कांगला फोर्ट या किला शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे स्थित है। मणिपुरी भाषा की भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। वहीं आज भी मणिपुर के निवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां बनी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। इसे भी पढ़ें: मणिपुर के Kangpokpi में 7 ग्रामीणों को हिरासत में लेने पर बवाल, रिहाई के बाद शांत हुआ प्रदर्शन सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर इसके साथ ही आप सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर देख सकते हैं। सानामाही मेतेई वास्तुकला का अद्भुत उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी है। इसको मेतेई लोग बेहद शुभ और पवित्र स्थल मानते हैं। यहां पर आपको कई और दर्शनीय स्थल भी देखने को मिल जाएंगे, जैसे महाराज नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति, राजा बोधचंद्र की समाधि आदि। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर बनवाया गया है, जोकि इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। लोकताक लेक अगले दिन आप लोकताक लेक जा सकते हैं। यह पूरे नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी फ्रेश वाटर लेक है और इसकी खासियत झील के ऊपर आपको तैरते भूखंड दिखेंगे, जिनको स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' कहते है। लोकताक झील मोइरांग के पास स्थित है, जहां INA का एक संग्रहालय है। इसमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं दिखाई जाती हैं। यहां से लौटने के दौरान आप इंडियन पीस मेमोरियल देख सकते हैं। रेड हिल के पास स्थित यह स्मारक उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है। जोकि सेंकेंड वर्ल्ड वॉर में आजाद हिंद फौज के तहत जापानी सेना के साथ मिलकर लड़े थे। इसी रेड हिल के पास उन्होंने ब्रिटिश सेना को हराया था। इंफाल में कई मंदिर, संग्रहालय, पार्क, झीलें, चिड़ियाघर और दर्शनीय स्थल हैं। अगर समय रहे, तो आप इन सबको भी देख सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Manipur के Kangpokpi में 6 ग्रामीणों की हिरासत पर हिंसक विरोध, बाद में हुए रिहा कुछ जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल जाने के लिए गुवाहाटी या दीमापुर जाना होगा। यहां पर इंफाल के लिए बस मिल जाएगी। वहीं भारत के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा सीधे पहुंच सकते हैं। इन बातों का रखें ध्यान मणिपुर में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइप परमिट लेना जरूरी है। यह सुविधा अब ऑनलाइन भी मौजूद है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से प्राप्त कर सकते हैं। इसके अलावा यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मिल जाएगी। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की कॉपी की जरूरत है। इसका शुल्क 100 रुपए है और विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होगी।
Manipur Music Teacher Killed: Chongtham Vikram Singh को Delhi में पीट-पीटकर मारा, लोगों में गुस्सा!
आरोप है कि घर के बाहर शोर-शराबे को लेकर हुए विवाद के बाद उनके साथ मारपीट की गई, जिसके बाद इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। घटना के विरोध में मणिपुर के लोगों ने दिल्ली में कैंडल मार्च निकाला…
अरुणाचल प्रदेश में चीनी सेना के घुसपैठ के दावे से मणिपुर का वीडियो वायरल
बूम ने पाया कि वीडियो 25 अप्रैल 2026 का मणिपुर के हूमी गांव में असम राइफल्स और ग्रामीणों के बीच हुई झड़प का है.

