राजस्थान रियल एस्टेट नियामक प्राधिकरण (रेरा) ने नियमों की पालना नहीं करने वाले बिल्डरों और प्रमोटरों पर शिकंजा कसते हुए डिफॉल्टरों के नाम और तस्वीरें सार्वजनिक की हैं। जिसमें उदयपुर के कई बिल्डर और डेवलपर्स शामिल हैं। सूची में उदयपुर के नामचीन रियल एस्टेट कारोबारी भी शामिल हैं। कई बिल्डरों के नाम सामने आने के बाद शहर के रियल एस्टेट क्षेत्र में हडकंप मचा हुआ है। अब घर और भूखंड खरीदने की तैयारी कर रहे लोगों के सामने भी सवाल है कि जिस बिल्डर पर वे भरोसा कर रहे हैं, उसका रिकॉर्ड कितना साफ है। राजस्थान रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी ने अपनी वेबसाइट पर प्रोजेक्ट्स से जुड़े डिफॉल्टरों के नाम जारी किए हैं। इसमें कई नियमों की पालना नहीं करने, प्रोजेक्ट अटकाने वाले और कोर्ट के आदेशों की अवहेलना करने वाले हैं। डिफॉल्टर सूची में उदयपुर के ये बिल्डर 1. शुभ बिल्डर्स एंड डवलपर्स फर्म के बाबू मोटावत और रोहित मोटावत। रेरा आदेश के अनुसार विज्ञापन संबंधी नियमों के उल्लंघन को लेकर 50,000 रुपए का जुर्माना, उसकी वसूली और डिफॉल्टर संबंधी कार्रवाई शामिल है। अथॉरिटी की वेबसाइट का पता, प्रोजेक्ट का रजिस्ट्रेशन नंबर और प्रमोटर का नाम-पता प्रमुखता से दिखाना अनिवार्य है। बिल्डर ने इसका पालन नहीं किया था। इस पर 15 जुलाई 2021 को ही 50,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया था। इसमें परियोजना के नियामकीय अनुपालन और प्रमोटर की जवाबदेही को लेकर सवाल खड़े किए हैं। 2. गुलशन रियलटर्स प्राइवेट लिमिटेड की गोकुल ब्लिस परियोजना के मामले में 12 फरवरी 2026 को आदेश जारी किया गया। इसमें परियोजना को समयावधि समाप्त श्रेणी में दर्शाने, त्रैमासिक प्रगति रिपोर्ट और वार्षिक प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत नहीं करने का उल्लेख किया गया है। गुलशन रियलटर्स के रमेश पहलवानी, भारती पहलवानी, जूही और पद पहलवानी का नाम अंकित है। प्राधिकरण ने 1 लाख रुपए के जुर्माने की वसूली तथा RERA अधिनियम की धारा 40(1) के तहत आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। 3 शंखेश्वर डवलपर्स के डायरेक्टर और पार्टनर आशीष जैन, नानालाल राठौड़, शंकरलाल राठौड़ व सरला जैन भी शामिल हैं। आदेश में कहा कि प्रोजेक्ट कंप्लीट होने और कंपनी स्ट्राइक ऑफ होने से पुराना जुर्माना खत्म नहीं होता। बिल्डर ने विज्ञापन में रेरा वेबसाइट और रजिस्ट्रेशन नंबर नहीं दिखाया था, जो धारा 11(2) का उल्लंघन है। इस पर 2021 में ही 50 हजार का जुर्माना लगा था, जिसे 4 साल से नहीं भरा गया। 4. डीसीबी टाउन प्लानर्स प्रा. लि. की शांति चौबीसा और सुरेश चौबीसा भी शामिल है। प्राधिकरण ने कहा है कि बिल्डर को 01.10.2021 को 50 हजार रुपए का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन 4 साल से ज्यादा समय बाद भी उसने पैसा जमा नहीं किया। रेरा ने इसे आदेश की जानबूझकर अवहेलना मानते हुए रेरा एक्ट की धारा 40(1) के तहत रिकवरी सर्टिफिकेट जारी करने के आदेश दिए हैं। 5. धरती इंफ्रा प्रोजेक्ट के संजय संचेती और राजेश जैन का नाम भी शामिल है। रेरा के अनुसार बिल्डर को 29.10.2021 को दो लाख का जुर्माना लगाया गया था। चार साल से अधिक समय बीत जाने के बाद भी बिल्डर ने आदेश की पालना नहीं की। प्राधिकरण ने अपने आदेश में लिखा है कि -यह देखा गया है कि प्रतिवादी ने निर्देशों की 4 साल बाद भी पालना नहीं की है। ऐसा प्रतीत होता है कि प्रतिवादी जानबूझकर आदेश की पालना से बच रहा है। 5. केपी टावर्स प्रा. लि के सरदार होड़ा और कंवल होडा भी शामिल है। रेरा के अनुसार बिल्डर को 23.09.2021 को 5,000 रुपए का जुर्माना लगाया गया था, लेकिन 4 साल से अधिक समय बाद भी पालना नहीं की गई। प्राधिकरण ने कहा-प्रतिवादी जानबूझकर आदेश की पालना से बच रहा है।
बस्ती में राष्ट्र की एकता, सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय गौरव को समर्पित 'सरदार पटेल संदेश यात्रा' का आयोजन बड़े ही भव्य और उत्साहपूर्ण माहौल में हुआ। विनय चौधरी और बृजेश पटेल के नेतृत्व में निकाली गई यह यात्रा दोपहर 12:00 बजे शुरू हुई। यात्रा के दौरान पूरा मार्ग देश भक्ति के नारों और ढोल-नगाड़ों की गूंज से जीवंत हो उठा। भव्य झांकी और घुड़सवारों का आकर्षण संदेश यात्रा का दृश्य अत्यंत भव्य और मनमोहक था। यात्रा की अगवानी सबसे आगे चल रहे घुड़सवार कर रहे थे, जो आकर्षण का मुख्य केंद्र रहे। उनके पीछे सजाया गया एक रथ चल रहा था, जिस पर प्रमुख लोग सवार थे। वातावरण को खुशनुमा और उल्लासपूर्ण बनाने के लिए भांगड़ा दल द्वारा शानदार प्रस्तुति दी गई, जिसकी ताल पर युवा थिरकते नज़र आए। पैदल यात्रियों का हुजूम और वाहनों का लंबा काफिला रथ के ठीक पीछे सैकड़ों की संख्या में लोग 'जय सरदार' के उद्घोष के साथ पदयात्रा कर रहे थे। हाथों में तिरंगा लिए जनसमूह का उत्साह देखने लायक था। इस विशाल पदयात्रा के पीछे गाड़ियों और लंबे वाहनों का एक बड़ा काफिला चल रहा था, जिसने यात्रा की भव्यता को और बढ़ा दिया। इन प्रमुख मार्गों से गुजरी यात्रा यह संदेश यात्रा शहर के मुख्य मार्गों से होते हुए आगे बढ़ी। जीआईसी ग्राउंड से शुरू होकर पदयात्रा गांधीनगर, कंपनी बाग और शास्त्री चौक होते हुए गुजरी। अमहट घाट पर हुआ समापन विभिन्न मार्गों से भ्रमण करते हुए यह यात्रा अंततः 'सरदार पटेल स्मारक स्थल' अमहट घाट पहुंचकर संपन्न हुई। अमहट घाट पहुंचने पर उपस्थित जनसमूह ने लौह पुरुष भारत रत्न सरदार वल्लभभाई पटेल की प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। नेताओं और आयोजकों ने सरदार पटेल के विचारों, उनकी लौह इच्छाशक्ति और राष्ट्र को एक सूत्र में पिरोने के योगदान को याद करते हुए उनके बताए रास्ते पर चलने का संकल्प लिया, इस दौरान महादेव विधायक दूध राम सहित अन्य राजनीतिक दल व सामाजिक कार्यकर्ता मौजूद रहे l
त्योहारी सीजन के दौरान मिठाइयों में मिलावटखोरी पर अंकुश लगाने के लिए सीएम फ्लाइंग टीम और खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लगातार कार्रवाई की जा रही है। मंगलवार को पिंजौर शहर की एक मिठाई की दुकानों की जांच की गई। इस दौरान टीम ने दुकान से पनीर और खोया के सैंपल भरकर जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे। पंचकूला जिले में लिए जा चुके 72 सैंपल : डॉ. रामवीर पंचकूला के फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. रामवीर ने बताया कि प्रशासन और खाद्य सुरक्षा विभाग के दिशा-निर्देशों के अनुसार त्योहारों को ध्यान में रखते हुए विभाग द्वारा लगातार इस तरह की जांच व कार्रवाई अमल में लाई जा रही है। उन्होंने यह भी बताया कि पंचकूला जिले में अब तक 72 से अधिक खाद्य पदार्थों के सैंपल लिए जा चुके हैं। आगे भी जारी रहेगा अभियान उन्होंने कहा कि दिवाली के त्योहार तक यह अभियान लगातार जारी रहेगा, ताकि बाजार में बिकने वाली मिठाइयों और अन्य खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित की जा सके और लोगों को मिलावटी खाद्य सामग्री से बचाया जा सके। फूड सेफ्टी ऑफिसर डॉ. रामवीर ने बताया कि आज लिए गए सैंपलों की लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगामी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस मौके पर एएसआई संजय, एच सी प्रदीप, गुरमीत सहित अन्य कर्मचारी भी मौजूद रहे।
टीकमगढ़ के दुर्गापुर गांव में मंगलवार को प्रशासन की टीम ने अवैध खाद भंडारण की सूचना पर रामपत लोधी के मकान की तलाशी ली। टीम ने करीब 200 बोरी यूरिया जब्त किया। कलेक्टर विवेक श्रोतिय के निर्देश पर कृषि उपसंचालक मनोज कश्यप, नायब तहसीलदार विष्णु कुमार सोनी, कृषि विस्तार अधिकारी आशीष गुप्ता और कैलाश प्रसाद अहिरवार गांव पहुंचे। रामपत लोधी की पत्नी ने टीम को बताया कि उन्होंने मकान मबई निवासी अभिषेक जैन को किराए पर दिया था। उनके मुताबिक, खाद का स्टॉक अभिषेक जैन ने रखा था। मकान का ताला खोलकर जांच की गई तो अंदर यूरिया की बोरियां मिलीं। पूछताछ में अभिषेक जैन ने बताया कि उसके पास खाद बेचने का लाइसेंस नहीं है और उसने किसानों के लिए यूपी से खाद मंगाया था। कृषि उपसंचालक मनोज कश्यप ने बताया कि जांच में कृषक और चम्बल खाद की बोरियां भी मिलीं। यह खाद मध्यप्रदेश में नहीं बेचा जाता। टीम ने खाद जब्त कर कमरे को सील कर दिया। खाद को बाहर से आई पिकअप के जरिए भंडार में रखा गया था। जब्ती और सुपुर्दगी की कार्रवाई के बाद पूरी रिपोर्ट कलेक्टर को सौंपी जाएगी। इसके बाद आगे की कार्रवाई होगी।
बहादुरगढ़-रोहतक नेशनल हाईवे पर रोहद टोल प्लाजा के पास STF रोहतक ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक टाटा हैरियर गाड़ी से करीब 25 हजार जिंदा कारतूस बरामद किए हैं। इतनी बड़ी संख्या में कारतूस मिलने से पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों में हड़कंप मच गया। कार्रवाई के दौरान गाड़ी में सवार कई आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें एक महिला भी शामिल बताई जा रही है। जानकारी के अनुसार, STF रोहतक की टीम ने DSP शमशेर दहिया और इंस्पेक्टर योगेंद्र दहिया की अगुवाई में यह रेड की। तलाशी के दौरान गाड़ी से 32 बोर और 315 बोर के भारी मात्रा में जिंदा कारतूस बरामद हुए। बताया जा रहा है कि STF की टीम पिछले काफी समय से आरोपियों की गतिविधियों पर नजर रख रही थी। सिरसा के गन हाउस से कारतूस खरीदने का दावा सूत्रों के अनुसार, प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी सिरसा के एक गन हाउस से कारतूस खरीदकर उत्तर प्रदेश ले जा रहे थे। STF अब इस बात की जांच कर रही है कि इतनी बड़ी संख्या में कारतूस किस उद्देश्य से ले जाए जा रहे थे और इसके पीछे कोई संगठित सप्लाई नेटवर्क तो सक्रिय नहीं है। यूपी चुनाव से पहले सप्लाई नेटवर्क की जांच सूत्रों के हवाले से यह भी दावा किया जा रहा है कि कारतूसों की सप्लाई के कथित नेटवर्क की जांच की जा रही है। STF यह पता लगाने में जुटी है कि इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं तथा कारतूसों की खरीद और सप्लाई किन लोगों तक होनी थी। हालांकि, चुनाव से संबंध और कारतूसों के इस्तेमाल को लेकर अभी आधिकारिक पुष्टि होना बाकी है। वरिष्ठ अधिकारियों की प्रेस कॉन्फ्रेंस की संभावना मामले की गंभीरता को देखते हुए STF के वरिष्ठ अधिकारी पूरे घटनाक्रम का खुलासा कर सकते हैं। आज प्रेस कॉन्फ्रेंस होने की संभावना जताई जा रही है। फिलहाल आरोपियों से पूछताछ और कारतूसों की खरीद-बिक्री से जुड़े दस्तावेजों की जांच के आधार पर पूरे नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। करीब 25 हजार जिंदा कारतूसों की बरामदगी ने हथियार और गोला-बारूद की सप्लाई व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं
आंगनबाड़ी कार्यकत्री पर बयान बदलने का दबाव:फतेहपुर में CDPO पर प्रताड़ित करने का आरोप, डीएम से शिकायत
फतेहपुर के बहुआ ब्लॉक के कठवारा गांव की आंगनबाड़ी कार्यकत्री ऊषा देवी ने मंगलवार दोपहर 12 बजे कलेक्ट्रेट पहुंचकर डीएम को शिकायत दी। उन्होंने बाल विकास परियोजना अधिकारी (CDPO) बहुआ और पूर्व मुख्य सेविका पर प्रताड़ना के आरोप लगाए। संघ की जिलाध्यक्ष रेहाना परवीन के मुताबिक, ऊषा देवी कठवारा द्वितीय केंद्र में कार्यकर्त्री हैं। उन्होंने शारदा वर्मा पर पैसे वसूलने का आरोप लगाते हुए एक वीडियो क्लिप जिला कार्यालय में शिकायत के साथ दी थी। शिकायत के बाद तत्कालीन जिलाधिकारी के निर्देश पर शारदा वर्मा के खिलाफ विभागीय और विजिलेंस जांच शुरू हुई। शिकायत में कहा गया है कि जांच में पैसे लेने और भ्रष्टाचार के आरोप सही पाए गए। इसके बाद जिला कार्यक्रम अधिकारी के निर्देश पर गाजीपुर थाने में शारदा वर्मा के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई। निदेशालय के आदेश संख्या 4292, 20 जनवरी 2026 के तहत उन्हें निलंबित कर अलीगढ़ जिले से संबद्ध किया गया था। बाद में शारदा वर्मा ने इलाहाबाद हाईकोर्ट से स्थगन आदेश लिया। इसके बाद परियोजना में दोबारा काम शुरू करने का आदेश जिला कार्यक्रम अधिकारी कार्यालय पहुंचा। ऊषा देवी का आरोप है कि शारदा वर्मा के लौटने के बाद CDPO कृष्ण चन्द्र उन पर बयान वापस लेने या बदलने का दबाव बना रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि ऐसा न करने पर केंद्र का निरीक्षण कराकर उनका मानदेय रोकने और सेवा खत्म कराने की धमकी दी गई। डीएम निधि गुप्ता वत्स ने मामले की जांच कराकर आगे की कार्रवाई के निर्देश दिए हैं।
अयोध्या जनपद के गोसाईगंज विधानसभा क्षेत्र में ग्रामीण विकास और बुनियादी सुविधाओं के विस्तार की दिशा में मंगलवार को एक महत्वपूर्ण पहल हुई। गोसाईगंज विधायक अभय सिंह ने विकासखंड मयाबाजार एवं तारुन की 11 ग्राम पंचायतों में नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र भवनों तथा मयाबाजार की ग्राम पंचायत लालपुर में निर्मित अन्नपूर्णा भवन का लोकार्पण किया। मयाबाजार स्थित अटल सभागार में आयोजित समारोह के दौरान विधायक ने विभिन्न विकास कार्यों को जनता को समर्पित किया। मयाबाजार विकासखंड की ग्राम पंचायत छतरा, अमसिन लचकवा, रुहियांवा-एक, पकरैला, देवासूर्यभानपुर जजवट, देवापुर गंगापुर और जमुनीपुर-दो में नवनिर्मित आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का लोकार्पण किया गया। वहीं तारुन विकासखंड की ग्राम पंचायत इमलिया, जाना और सिहोरिया में भी आंगनबाड़ी केंद्र भवनों का उद्घाटन हुआ। इसके साथ ही ग्राम पंचायत लालपुर में निर्मित अन्नपूर्णा भवन भी जनता को समर्पित किया गया। इन भवनों के निर्माण से ग्रामीण क्षेत्रों में बाल विकास एवं पोषण संबंधी सेवाओं के संचालन को बेहतर आधारभूत सुविधा मिलेगी। आंगनबाड़ी केंद्रों के माध्यम से बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और मातृ-शिशु स्वास्थ्य से जुड़ी सेवाएं उपलब्ध कराने में सहूलियत होगी। समारोह की अध्यक्षता मयाबाजार ब्लॉक प्रमुख उमेश प्रताप सिंह ने की। इस अवसर पर मयाबाजार एवं तारुन के खंड विकास अधिकारी, बाल विकास परियोजना अधिकारी, ग्राम प्रधान, संबंधित कोटेदार, अधिकारी-कर्मचारी तथा आंगनबाड़ी कार्यकत्रियां और सहायिकाएं मौजूद रहीं।
झालावाड़ में राजस्थान विद्युत निगम के कर्मचारियों ने दीपावली से पहले बकाया भुगतान की मांग की है। मंगलवार को राजस्थान विद्युत कर्मचारी संघ ने ऊर्जा सचिव और डिस्कॉम्स अध्यक्ष के नाम अधीक्षण अभियंता, झालावाड़ वृत्त के जरिए ज्ञापन सौंपा। प्रदेश संगठन मंत्री विक्रम सिंह शक्तावत, जिलाध्यक्ष शौकत अली और जिला महामंत्री गिरीश तिवारी के नेतृत्व में कर्मचारियों ने ज्ञापन दिया। इसमें बोनस और अन्य लंबित भुगतान दीपावली से पहले करने की मांग की गई। ज्ञापन में बोनस एवं एक्सग्रेसिया, यात्रा भत्ता बिल, मेडिकल बिल, इंसेंटिव, ओवरटाइम और नवनियुक्त कर्मचारियों के वेतन का भुगतान करने को कहा गया। संघ पदाधिकारियों ने कहा कि त्योहार के समय भुगतान नहीं मिलने से कर्मचारियों को आर्थिक परेशानी हो सकती है। पदाधिकारियों ने कहा कि विद्युत कर्मचारी उपभोक्ताओं को लगातार बिजली देने के लिए अपनी जिम्मेदारियां निभाते हैं। संघ ने ऊर्जा सचिव और डिस्कॉम्स अध्यक्ष से संबंधित भुगतान जल्द जारी करने की मांग की। इस दौरान संग्राम सिंह झाला, भूपेंद्र सिंह, उपेंद्र सिंह, प्रमोद कुमार, नरोत्तम सेन, लोकेश गोचर, कमलेश राठौर और अरविंद सुथार सहित संघ के अन्य सदस्य मौजूद रहे।
शाहजहांपुर की पुवायां मंडी में धान की तौल न होने से नाराज किसान अमरपाल मंगलवार दोपहर 12 बजे मंडी गेट पर धरने पर बैठ गया। किसान ने मंडी के मुख्य प्रवेश द्वार पर ट्रॉली खड़ी कर अन्य गाड़ियों की आवाजाही रोक दी। अमरपाल बंडा थाना क्षेत्र के कैथ जमीन बेहड़ा गांव का निवासी है और सोमवार को दो ट्रॉली धान लेकर मंडी पहुंचा था, जहां अधिकारियों ने उससे फसल का सत्यापन कराने को कहकर तौल रोक दी। ग्राम प्रधान और लेखपाल की साठगांठ का लगाया आरोप अमरपाल ने आरोप लगाया कि उसने विकास कार्यों में धांधली को लेकर ग्राम प्रधान की शिकायत की थी, जिससे रंजिश रखते हुए लेखपाल और प्रधान ने मिलकर उसका सत्यापन नहीं होने दिया। किसान का कहना है कि वह पिछले 15 दिनों से लेखपाल को फोन कर रहा था, लेकिन कोई सुनवाई नहीं हुई। लेखपाल अक्सर प्रधान के घर बैठकर ही लौट जाते थे। ‘कमीशन का खेल जारी, माफियाओं और बिचौलियों का हो रहा काम’ धरने पर बैठे किसान ने मंडी व्यवस्था पर बेहद गंभीर आरोप लगाए। अमरपाल ने कहा कि पुवायां मंडी में असली किसानों का उत्पीड़न किया जा रहा है और अधिकारियों की शह पर माफियाओं का धान आसानी से तौला जा रहा है। किसान के मुताबिक, मंडी में महज 10 प्रतिशत असली किसानों का धान खरीदा जा रहा है, जबकि बाकी खरीद दलालों के माध्यम से फर्जी अंगूठे लगवाकर दिखाई जा रही है। मजबूरी में किसानों को बिचौलियों को कम दाम पर धान बेचना पड़ रहा है। अधिकारियों ने दिया तकनीकी खराबी का हवाला हंगामे की सूचना मिलते ही पुलिस और मंडी अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुवायां एसडीएम और मंडी सचिव ने इसे तकनीकी समस्या (Technical Issue) बताया, वहीं मौके पर पहुंचे लेखपाल ने दावा किया कि सत्यापन किया जा चुका है, लेकिन सर्वर समस्या के कारण ऑनलाइन नहीं दिख रहा है। पुलिस ने किसान को समझा-बुझाकर 2 बजे तक प्रक्रिया शुरू कराने का आश्वासन देकर धरना समाप्त कराया।
धमतरी जिला मुख्यालय स्थित डॉ. शोभाराम देवांगन खेल मैदान में छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना की 26वीं वर्षगांठ पर राज्योत्सव-2026 का आयोजन किया गया। समारोह में प्रदेश की विकास यात्रा, लोकसंस्कृति और जनकल्याणकारी योजनाओं की झलक देखने को मिली। स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं, वहीं दमादम मस्त कलंदर बैंड ग्रुप की प्रस्तुति ने उत्सव में खास रंग भरा। कार्यक्रम का प्रमुख आकर्षण 25 विभागों की विकास प्रदर्शनी रही। इसके जरिए शासन की योजनाओं और जिले में हुए विकास कार्यों की जानकारी दी गई। समारोह में जिले के विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाली 34 विभूतियों को सम्मानित किया गया। साथ ही योजनाओं के हितग्राहियों को चेक और सामग्री वितरित की गई। छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना के साथ शुरुआत कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि कुरूद विधायक अजय चंद्राकर और अन्य जनप्रतिनिधियों ने छत्तीसगढ़ महतारी की पूजा-अर्चना कर किया। इसके बाद अतिथियों ने विभागीय प्रदर्शनी का अवलोकन किया। विधायक चंद्राकर ने विभिन्न स्टॉलों पर पहुंचकर योजनाओं, नवाचारों और जिले में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। अधिकारियों ने योजनाओं के क्रियान्वयन और हितग्राहियों को मिल रहे लाभ के बारे में बताया। विधायक ने प्रदर्शनी की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन शासन की योजनाओं और उपलब्धियों को आम नागरिकों तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम हैं। उन्होंने लोगों से प्रदर्शनी का अवलोकन कर योजनाओं की जानकारी लेने की अपील की। अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को किया याद मुख्य अतिथि अजय चंद्राकर ने राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ के लिए यह ऐतिहासिक और गौरवपूर्ण अवसर है। उन्होंने राज्य निर्माण की परिस्थितियों और पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी के योगदान को याद किया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ का गठन केवल नए राज्य का निर्माण नहीं था, बल्कि यहां के लोगों की आकांक्षाओं, पहचान और विकास के सपनों को साकार करने की ऐतिहासिक पहल थी। चंद्राकर ने कहा कि बीते 26 वर्षों में प्रदेश ने कृषि, शिक्षा, स्वास्थ्य, सिंचाई, सड़क, बिजली और उद्योग सहित कई क्षेत्रों में प्रगति की है। ये उपलब्धियां प्रदेशवासियों के परिश्रम और निरंतर विकास प्रयासों का परिणाम हैं। केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं के माध्यम से गरीबों, किसानों, महिलाओं, युवाओं और जरूरतमंदों तक विकास का लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। गंगरेल और सिहावा की पर्यटन संभावनाओं का किया जिक्र विधायक ने धमतरी की कृषि परंपरा, जल संसाधनों और प्राकृतिक संपदा को जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने गंगरेल बांध, रविशंकर जलाशय और सिहावा क्षेत्र की पर्यटन संभावनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने युवाओं से कौशल विकास और स्वरोजगार अपनाने तथा किसानों से आधुनिक कृषि तकनीक, फसल विविधीकरण और जल संरक्षण की दिशा में आगे बढ़ने की अपील की। महापौर ने साझा किया ‘विक सित धमतरी-2027’ का विजन महापौर रामू रोहरा ने राज्योत्सव की बधाई देते हुए कहा कि 1 नवंबर छत्तीसगढ़वासियों के लिए ऐतिहासिक दिन है। उन्होंने पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा राज्य गठन की सौगात दिए जाने के बाद प्रदेश में हुए विकास कार्यों का उल्लेख किया। साथ ही पूर्व मुख्यमंत्री डॉ. रमन सिंह और वर्तमान मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में जारी विकास कार्यों की बात कही। महापौर ने धमतरी के विकास को लेकर ‘विकसित धमतरी-2027’ का विजन साझा किया। उन्होंने कहा कि यह शहरवासियों की सामूहिक सोच और कल्पना है। विकास कार्यों के लिए स्वीकृतियां मिल चुकी हैं और जल्द ही विभिन्न कार्य शुरू होंगे। धमतरी को विकास के नए आयामों तक पहुंचाने के लिए नगरवासियों और जनप्रतिनिधियों के सहयोग से प्रयास जारी रहेंगे। पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाना प्राथमिकता कलेक्टर अबिनाश मिश्रा ने जिलेवासियों को राज्योत्सव की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ की 26 वर्षों की विकास यात्रा सभी के लिए गौरव और प्रेरणा का विषय है। धमतरी जिला भी विकास के नए आयामों की ओर बढ़ रहा है और आने वाला समय जिले के लिए बेहतर संभावनाएं लेकर आएगा। उन्होंने बताया कि राज्योत्सव में लगाए गए विभागीय स्टॉलों के माध्यम से केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं की जानकारी आम नागरिकों तक पहुंचाई जा रही है। कृषि, शहरी विकास और पशुपालन सहित विभिन्न विभागों ने अपनी योजनाओं, उपलब्धियों और गतिविधियों को प्रदर्शनी के माध्यम से प्रस्तुत किया है। जिला प्रशासन शासन की प्राथमिकताओं के अनुरूप विकास कार्यों को आगे बढ़ाने और पात्र हितग्राहियों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। लोकनृत्य और बैंड की प्रस्तुति ने बांधा समां राज्योत्सव के मंच पर स्कूली बच्चों और स्थानीय कलाकारों ने छत्तीसगढ़ की लोककला, लोकनृत्य और पारंपरिक सांस्कृतिक विरासत पर आधारित प्रस्तुतियां दीं। कलाकारों ने अपनी प्रस्तुतियों के जरिए दर्शकों को प्रदेश की समृद्ध लोकपरंपराओं से रूबरू कराया। वहीं दमादम मस्त कलंदर बैंड ग्रुप की प्रस्तुति ने कार्यक्रम में उत्साह और उमंग का माहौल बना दिया। बड़ी संख्या में मौजूद नागरिकों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों का आनंद लिया।
फतेहाबाद में वकीलों का प्रदर्शन:अशोभनीय टिप्पणी के विरोध में दीवानी बार एसोसिएशन ने जताया रोष
फतेहाबाद में अधिवक्ताओं के विरुद्ध अशोभनीय टिप्पणी किए जाने के विरोध में मंगलवार को दीवानी बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं ने सामूहिक बैठक कर विरोध प्रदर्शन किया। सभी अधिवक्ताओं ने एकजुटता दिखाते हुए न्यायिक कार्य से विरत रहने का निर्णय लिया। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों ने बताया कि इलाहाबाद एवं दिल्ली पुलिस के अधिकारियों ने अधिवक्ताओं के प्रति की गई अशोभनीय टिप्पणियों से अधिवक्ता समुदाय में रोष व्याप्त है। अधिवक्ताओं ने इस प्रकार की टिप्पणियों को न्याय एवं अधिवक्ता समाज की गरिमा के विरुद्ध बताते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। इस संबंध में अधिवक्ताओं ने राज्यपाल के नाम एसडीएम फतेहाबाद को ज्ञापन सौंपा और मांग की कि न्यायालयों में लंबित वादों में सामान्य तिथियां नियत की जाएं। वादों की अगली तारीख नोटिस बोर्ड पर चस्पा कराई जाए। इस अवसर पर बार एसोसिएशन के अध्यक्ष हरिसिंह अन्नौटिया, अनिलकुमार शर्मा और अरविन्दसिंह सदस्यगण मौजूद रहे।
सरगुजा के रजपुरी कला में मंगलवार सुबह युवक का शव घर के बाहर आंगन में पड़ा मिला है। युवक पत्नी के मायके जाने के बाद घर में अकेला रह रहा था। युवक के सिर एवं गले में चोट के निशान मिले हैं। घर और बाहर तक खून के निशान मिले हैं। मामला लखनपुर थाना क्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, लखनपुर थाना अंतर्गत ग्राम रजपुरीकला के टिकरापारा का निवासी अंगद चौधरी (40 वर्ष) पिता घूर साय की पत्नी कुछ माह पहले मायके चली गई थी, तब से अंगद घर में अकेले रह रहा था। बीती रात 10 बजे परिजनों एवं गांववालों ने घर की ओर जाते देखा था। सुबह घर के बाहर आंगन में लोगों ने अंगद चौधरी का खून से लथपथ शव देखा और सूचना पुलिस को दी। घर में संघर्ष के निशान, गले व सिर में चोटें घटना की सूचना पर लखनपुर थाना प्रभारी संपत पोटाई पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। जांच के लिए फारेंसिक एवं डॉग स्क्वायड की टीम को भी बुलाया गया। मृतक के सिर एवं गले में गंभीर चोट के निशान मिले हैं। अंगद चौधरी के घर की कुर्सी टूटी हुई मिली और घर में भी खून फैला हुआ मिला। आशंका है कि घर में संघर्ष हुआ था, जिसके बाद उसपर जानलेवा हमला किया गया। संभवतः अंगद चौधरी ने बचने के लिए भागने की कोशिश की थी और वह आंगन में गिर गया। मौके पर ही उसकी मौत हो गई। पुलिस मामले को प्रथम दृृष्टया हत्या मानकर जांच कर रही है। मृतक के अन्य परिवारजन कुछ दूर पर दूसरे घर में रहते हैं। उन्होंने पुलिस को बताया कि रात को 10 बजे आसपास के लोगों ने अंगद को घर की ओर जाते देखा था। आशंका है कि घटना रात 10 बजे के बाद की है। पुलिस मामले में परिवारजनों एवं आसपास के लोगों से पूछताछ कर रही है।
बोकारो में शंकर रवानी हत्याकांड के करीब दो साल से फरार आरोपी नागेश्वर सिंह को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। हरला थाना पुलिस ने गुप्त सूचना पर बोकारो जनरल अस्पताल (बीजीएच) परिसर से उसे पकड़ा। वह वहां इलाज कराने पहुंचा था। सिटी डीएसपी राजीव रंजन ने बताया कि नागेश्वर सिंह हरला थाना कांड संख्या 78/24 में नामजद आरोपी है। वह लक्ष्मण सिंह का बेटा और चेताटांड़, महुआटांड़ का निवासी है। अदालत ने उसके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। पहले से दो मामले दर्ज हैं जांच के मुताबिक, हत्याकांड से पहले नागेश्वर ने रेकी की थी और साजिश रचने में उसकी भूमिका थी। सिटी डीएसपी ने बताया कि उसके खिलाफ पहले से दो मामले दर्ज हैं। पुलिस के अनुसार, जांच और आरोपियों के बयान के आधार पर हत्याकांड में कुल 22 लोगों के नाम सामने आए। इनमें से 11 आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। उनके खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल किया जा चुका है। मामले का मुख्य शूटर सिपु कुमार, जो बिहार के मोकामा का निवासी है, अब भी फरार है। पुलिस उसकी गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है। जमानत पर बाहर चल रहे आरोपी राजू दुबे की संदिग्ध गतिविधियों के चलते उस पर सीसीए लगाने की कानूनी प्रक्रिया जारी है। पूछताछ के बाद नागेश्वर सिंह को न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
बलिया पेंशनरों का सम्मान समारोह:पेंशनर, पूर्व सैनिक और वीर नारियों को गंगा सभागार में किया सम्मानित
बलिया में मंगलवार को सम्मान समारोह आयोजित किया जा रहा है। यहां गंगा बहुउद्देशीय सभागार में पेंशनरों, पूर्व सैनिकों और वीर नारियों का सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर वरिष्ठ कोषाधिकारी आनंद दुबे का स्वागत अनूप सिंह और उनके कृषक साथियों द्वारा किया गया। कार्यक्रम में 75 की उम्र पूरी कर चुके पेंशनर को सम्मानित किया जाएगा। इसमें जिले के कई पेंशनर्स, पूर्व सैनिक और वीर नारियां शामिल हुई।
बुरहानपुर में युवा जनकल्याण मंडल ने नेपानगर और आसपास के क्षेत्रों में रेल सुविधाएं बढ़ाने की मांग की है। मंडल ने खंडवा सांसद, नेपानगर विधायक, रेल मंत्री, रेलवे बोर्ड, मध्य रेलवे के महाप्रबंधक, भुसावल मंडल रेल प्रबंधक, बुरहानपुर कलेक्टर समेत संबंधित अधिकारियों को सामूहिक मांग पत्र भेजा है। इसमें सनावद-खंडवा लोकल ट्रेन को भुसावल तक चलाने, कोविड-19 से पहले नेपानगर स्टेशन पर रुकने वाली ट्रेनों के ठहराव बहाल करने और दैनिक यात्रियों की जरूरत के अनुसार ट्रेनें चलाने की मांग की गई है। रोजगार और शिक्षा के लिए दूसरे शहरों पर निर्भर हैं लोग मंडल के अनुसार, नेपानगर और आसपास के क्षेत्रों में उद्योग, रोजगार और कारोबार के पर्याप्त अवसर नहीं हैं। इसके कारण कई युवा, कर्मचारी और अन्य नागरिक रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और कारोबार के लिए खंडवा, बुरहानपुर, भुसावल समेत दूसरे शहरों पर निर्भर हैं। पर्याप्त रेल सुविधाएं नहीं होने से इन यात्रियों को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ता है। मांग पत्र में बताया गया कि क्षेत्र के करीब 1,500 से अधिक परिवारों के सदस्य रोज ट्रेन से सफर करते हैं। इनमें पुलिसकर्मी, डॉक्टर, नर्स, बैंक कर्मचारी, फार्मा और मेडिकल क्षेत्र के कर्मचारी, मार्केटिंग कर्मचारी, ड्राइवर, श्रमिक और निजी संस्थानों में काम करने वाले लोग शामिल हैं। इन परिवारों की आजीविका नियमित रेल सुविधा पर निर्भर है। सनावद-खंडवा लोकल रोज चलाने और भुसावल तक विस्तार की मांग मंडल ने बताया कि वर्तमान में सनावद-खंडवा लोकल ट्रेन सप्ताह में केवल पांच दिन संचालित होती है। दैनिक यात्रियों की जरूरत को देखते हुए इसका प्रतिदिन संचालन करने की मांग की गई है। साथ ही ट्रेन का विस्तार खंडवा से भुसावल तक करने की मांग रखी गई है। इससे नेपानगर, बुरहानपुर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को सीधा लाभ मिलने की बात कही गई है। कोविड से पहले वाले ट्रेन ठहराव बहाल करने की मांग मंडल के अनुसार, कोरोना महामारी के दौरान नेपानगर स्टेशन पर कई ट्रेनों के ठहराव बंद कर दिए गए थे। महामारी के बाद देश के कई रेलवे स्टेशनों पर ठहराव बहाल किए गए, लेकिन नेपानगर में यात्रियों को पहले जैसी सुविधाएं नहीं मिल पाई हैं। इसके कारण यात्रियों को दूसरे स्टेशनों तक अतिरिक्त यात्रा करनी पड़ती है, जिससे समय और धन दोनों खर्च होते हैं। मंडल ने खंडवा, सनावद मेमो, सनावद-खंडवा मेमो, सैलाना, पुणे, काचीगुड़ा-भगत की कोठी, महानगरी एक्सप्रेस और मुंबई-हावड़ा मेल जैसी ट्रेनों के ठहराव और पुनः बहाली की मांग भी रखी है। युवा जनकल्याण मंडल ने मांग पत्र में छह प्रमुख मांगें रखी हैं- यात्रियों की समस्याओं के स्थायी समाधान के लिए रेलवे अधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और यात्री प्रतिनिधियों की संयुक्त बैठक आयोजित करना। अमृत भारत स्टेशन योजना का भी दिया हवाला मांग पत्र में नेपानगर रेलवे स्टेशन के अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत आधुनिकीकरण का भी उल्लेख किया गया है। मंडल का कहना है कि स्टेशन का भौतिक विकास तभी सार्थक होगा, जब यात्रियों की वास्तविक जरूरतों के अनुरूप ट्रेनों का संचालन और ठहराव भी सुनिश्चित किया जाए। मंडल ने कहा कि रेल सुविधाओं का विस्तार केवल यातायात की सुविधा का विषय नहीं है, बल्कि यह क्षेत्र के रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य, सामाजिक स्थिरता और आर्थिक विकास से भी जुड़ा है। मांगों पर निर्णय होने से नेपानगर और आसपास के क्षेत्रों के यात्रियों को राहत मिलने के साथ आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है।
कुड़नी धाम में पूजा-अर्चना:श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ कर बजरंगबली को अर्पित किया भोग
कुड़नी धाम स्थित श्री हनुमान दरबार में मंगलवार को श्रद्धालुओं ने बजरंगबली के दर्शन कर विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। भक्तों ने हनुमान जी को भोग अर्पित कर परिवार की सुख-समृद्धि और संकटों से मुक्ति की कामना की। सुबह से ही मंदिर में श्रद्धालुओं के पहुंचने का सिलसिला जारी रहा। मंगलवार को हनुमान जी की पूजा के विशेष महत्व के चलते मंदिर परिसर में भक्तिमय माहौल रहा। श्रद्धालुओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया और जय श्रीराम व जय बजरंगबली के जयकारे लगाए। दूर-दराज के क्षेत्रों से भी भक्त दर्शन के लिए पहुंचे।
शाहजहांपुर के त्रिलोकपुरी गांव में मंगलवार दोपहर करीब एक बजे पति ने पत्नी की गोली मारकर हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी पति शिवम को हिरासत में लिया है। घटना मंगलवार को थाना निगोही क्षेत्र में हुई। मृतका की पहचान 22 साल की रेश्मा के रूप में हुई है। उसका मायका निगोही के चौड़ेरा गांव में है। रेश्मा और शिवम की शादी तीन साल पहले हुई थी। दोनों के बीच घरेलू विवाद चल रहा था। रेश्मा मंगलवार सुबह ही मायके से ससुराल आई थी। घर के अंदर विवाद के बाद गोली चलने की आवाज आई। इसके बाद स्थानीय लोग घर के बाहर इकट्ठा हुए और मायके पक्ष को सूचना दी। मायके पक्ष के लोग मौके पर पहुंच गये। शव देखने के बाद परिवार में कोहराम मच गया। सीओ सदर शुभम वर्मा पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने आरोपी पति को हिरासत में ले लिया। एसपी सिटी देवेंद्र सिंह ने बताया कि पति पत्नी के बीच घरेलु विवाद चल रहा था। मामूली विवाद के बाद पति ने पत्नी को गोली मारी है। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। आरोपी पति को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है।
आचार्य नरेंद्र देव नगर निगम महिला महाविद्यालय, कानपुर में दो दिवसीय दीपावली मेले का आयोजन किया गया। 2 एवं 3 नवंबर 2026 को कौशल विकास समिति एवं चित्रकला विभाग के संयुक्त तत्वावधान में हुए कार्यक्रम का शुभारंभ प्राचार्या प्रोफेसर अर्चना सक्सेना द्वारा किया गया। मेले का उद्देश्य छात्राओं की कलात्मक प्रतिभा, हस्तकौशल एवं उद्यमशीलता को प्रोत्साहित करना था। इसमें 25 वर्तमान एवं भूतपूर्व छात्राओं ने सहभागिता करते हुए बंदनवार, हस्तनिर्मित दीप, दीपावली सजावट, पेंटिंग, वॉल हैंगिंग एवं विभिन्न सजावटी वस्तुओं का प्रदर्शन एवं विक्रय किया। महाविद्यालय की शिक्षिकाओं ने उत्साहपूर्वक खरीदारी कर छात्राओं का प्रोत्साहन किया। प्राचार्या ने छात्राओं के प्रयासों की सराहना करते हुए इसे महिला सशक्तीकरण एवं आत्मनिर्भर भारत की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। यह आयोजन रचनात्मकता, कौशल विकास एवं स्वरोजगार को प्रोत्साहित करने वाला सफल मंच सिद्ध हुआ।
रेवाड़ी के गांव बूढ़पुर में एक एनआरआई युवक और उनके माता-पिता के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। सदर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर गांव निवासी बबरूभान, मीनाक्षी, विनोद, गजेन्द्र यादव व संगीता के खिलाफ विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। वहीं पीड़ित पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं है। उनका कहना है कि जल्द इस मामले को लेकर एसपी से मुलाकात करेंगे। पुलिस को दी शिकायत में गांव बूढपुर निवासी रमेश ने बताया कि 31 अक्टूबर को सुबह करीब 9 बजे रमेश कुमार की गजेन्द्र यादव के साथ रास्ते को लेकर बहस हुई थी। उस समय रमेश की पत्नी बीना भी उसके साथ थी। शिकायत में रमेश ने बताया कि इसी दौरान बबरूभान, उसकी पत्नी मीनाक्षी, विनोद, गजेन्द्र और उसकी पत्नी संगीता ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। आरोप है कि विनोद ने रमेश को मुक्के मारे, जबकि बबरूभान ने पत्थर और सरिये से हमला किया। बीच-बचाव करने पहुंचे बेटे वरुण के सिर पर भी पत्थर मारा गया। वहीं मीनाक्षी ने बीना को धक्का देकर गिरा दिया और बबरूभान ने रमेश के सीने पर लात मारी। पुत्रवधू से अभद्रता का भी लगाया आरोप रमेश ने शिकायत में अपनी पुत्रवधू के साथ अभद्र व्यवहार करने का आरोप भी लगाया है। उसका कहना है कि अनुराधा घटना का वीडियो बना रही थी, तभी मीनाक्षी ने उसे धक्का दिया। बबरूभान के बेटे यश पर भी अश्लील व्यवहार करने का आरोप लगाया गया है। शिकायत में गजेन्द्र और संगीता पर परिवार को जान से मारने की धमकी देने की बात भी कही गई है। तीन घायलों की मेडिकल रिपोर्ट में आठ चोटें दर्ज पुलिस ने घायलों की मेडिकल रिपोर्ट हासिल की है। इसमें रमेश के शरीर पर चार, वरुण के शरीर पर एक और बीना के शरीर पर तीन चोटें दर्ज हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि मारपीट के बाद बीना को चलने-फिरने में भी परेशानी हो रही है। परिवार ने पुलिस को घटना का वीडियो भी उपलब्ध कराया है। उनका दावा है कि वीडियो में आरोपी पक्ष के लोग पत्थर और लाठियों से हमला करते दिखाई दे रहे हैं। पुलिस पर लगाए आरोपियों को बचाने के आरोप पीड़ित परिवार का कहना है कि पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ सामान्य धाराओं के तहत केस दर्ज किया है। आरोपी पक्ष के साथ उनका रास्ते को लेकर कोई विवाद नहीं था। घटना के समय परिवार की किसी अन्य व्यक्ति से नाली को लेकर बहस हो रही थी। इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते आरोपी पक्ष ने पत्थर और लाठियों से हमला किया। परिवार ने पुलिस पर आरोपी पक्ष को बचाने का प्रयास करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मारपीट की गंभीरता के बावजूद सामान्य धाराओं में केस दर्ज किया गया है। परिवार ने पुलिस को दिए वीडियो के आधार पर निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि आरोपी के खिलाफ पहले भी केस दर्ज है। उनके परिवार के साथ पहले भी मारपीट की जा चुकी है। लेकिन पुलिस द्वारा आरोपियों के खिलाफ पहले भी केस दर्ज है। घटना के बाद उनके परिवार के सदस्यों को लगातार परेशान किया जा रहा है। लेकिन पुलिस कोई कार्रवाई नही कर रही है। पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत दर्ज किया केस पुलिस ने जांच और मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर पांच लोगों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की धारा 115, 126, 351(3), 190 और 192(2) के तहत केस दर्ज किया है। एक्स-रे रिपोर्ट अभी प्राप्त नहीं हुई है। पुलिस के अनुसार, रिपोर्ट मिलने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
उन्नाव में मंगलवार दोपहर ट्रैक्टर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत हो गई। वह अचलगंज के हड़हा स्थित राजकीय इंटर कॉलेज में बाबू थे। हादसा आजाद नगर बाजार के पास हुआ। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। उनकी पत्नी बिहार में लेखपाल हैं। प्रवीण मिश्रा (32) शुक्लागंज के गायत्री नगर स्थित भातू फर्म वाली गली में रहते थे। वह अरुण मिश्रा के बेटे थे। मंगलवार को बाइक से जाते समय उनकी बाइक ट्रैक्टर से टकरा गई। टक्कर लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पहुंची गंगाघाट पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया। हादसे के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जुट गई। पुलिस के मुताबिक, दुर्घटना में प्रवीण की मौत हो गई। उनकी बाइक का नंबर यूपी 35 बीबी 1242 है। पत्नी पाटन में लेखपाल, मातृत्व अवकाश पर प्रवीण की पत्नी प्रिया पाटन क्षेत्र के बिहार तकिया में लेखपाल हैं। वह फिलहाल मातृत्व अवकाश पर चल रही थीं। पति की मौत से परिवार में मातम छा गया। ट्रैक्टर की तलाश में जुटी पुलिस इंस्पेक्टर अजय सिंह ने बताया कि हादसे में शामिल ट्रैक्टर की तलाश की जा रही है। परिजनों की तहरीर मिलने के बाद मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ राज्य स्थापना दिवस की 26वीं वर्षगांठ के अवसर पर सोमवार को बलौदाबाजार के पंडित चक्रपाणी शुक्ल शासकीय हाई स्कूल मैदान में जिला स्तरीय राज्योत्सव का आयोजन किया गया। ‘सशक्त नारी, युवा उड़ान’ थीम पर आयोजित समारोह में सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के साथ विभिन्न सरकारी योजनाओं के हितग्राहियों को सामग्री, चाबियां और सहायता राशि वितरित की गई। कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि रायपुर सांसद बृजमोहन अग्रवाल, अति विशिष्ट अतिथि स्वास्थ्य मंत्री एवं जिले के प्रभारी श्याम बिहारी जायसवाल तथा अन्य अतिथियों ने भारत माता और छत्तीसगढ़ महतारी के छायाचित्र के सामने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। हितग्राहियों को आवास की चाबी राज्योत्सव में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 10 हितग्राहियों को आवास की चाबियां सौंपी गईं। राजस्व विभाग ने 25 हितग्राहियों को अधिकार अभिलेख वितरित किए। स्वास्थ्य विभाग की ओर से 4 हितग्राहियों को चश्मे दिए गए। कृषि विभाग ने 5 किसानों को सरसों के बीज और 5 किसानों को स्वाइल हेल्थ कार्ड प्रदान किए। मत्स्य विभाग ने 4 हितग्राहियों को मछली पकड़ने के जाल और आइस बॉक्स वितरित किए। समाज कल्याण विभाग की ओर से 2 दिव्यांग हितग्राहियों को व्हीलचेयर दी गईं। वहीं, वन विभाग ने तेंदूपत्ता सामाजिक सुरक्षा योजना के तहत एक हितग्राही को 2 लाख रुपए का चेक सौंपा। इसके अलावा बाढ़ राहत कार्यों में उत्कृष्ट योगदान देने वाले पुलिस बल के जवानों, नेत्रदान करने वालों के परिजनों और देहदान करने वालों को सम्मानित किया गया। सांसद बोले- विकास में सभी की सहभागिता जरूरी मुख्य अतिथि सांसद बृजमोहन अग्रवाल ने राज्य स्थापना दिवस की शुभकामनाएं देते हुए कहा कि छत्तीसगढ़ विकास के पथ पर तेजी से आगे बढ़ रहा है। उन्होंने राज्य निर्माण का श्रेय पूर्व प्रधानमंत्री स्वर्गीय अटल बिहारी वाजपेयी को दिया। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में प्रदेश सरकार किसानों, महिलाओं और युवाओं की तरक्की के लिए काम कर रही है। अग्रवाल ने कहा कि बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को विकास के पथ पर आगे बढ़ाने के लिए सभी की सहभागिता जरूरी है। उन्होंने कहा कि जल्द ही रायपुर से बलौदाबाजार-सारंगढ़ तक फोरलेन सड़क बनेगी, जिससे आवागमन सुगम होगा। उनके मुताबिक, जिले के गांवों में सड़क, पानी, बिजली, स्कूल और अस्पताल जैसी सुविधाओं का विस्तार हुआ है। उन्होंने जल संरक्षण के क्षेत्र में जिले की उपलब्धियों का भी उल्लेख किया। गौरीशंकर अग्रवाल ने जिले की विशेषताओं का किया उल्लेख पूर्व विधानसभा अध्यक्ष गौरीशंकर अग्रवाल ने कहा कि राज्य निर्माण के बाद प्रदेश और जिले में विकास स्पष्ट रूप से दिखाई देता है। उन्होंने बलौदाबाजार-भाटापारा जिले को वीरों और संतों की भूमि बताते हुए कहा कि यहां खनिज संपदा के साथ वन, कृषि और उद्योग के क्षेत्र में भी गतिविधियां हो रही हैं। उन्होंने कहा कि सरकार जन आकांक्षाओं के अनुरूप काम कर रही है। कार्यक्रम को पूर्व विधायक शिवरतन शर्मा और जिला पंचायत अध्यक्ष आकांक्षा जायसवाल ने भी संबोधित किया। कलेक्टर कुलदीप शर्मा ने स्वागत प्रतिवेदन प्रस्तुत करते हुए जिला स्तरीय राज्योत्सव और जिले की प्रगति का उल्लेख किया। उन्होंने जिले के विकास के लिए जिला प्रशासन की प्रतिबद्धता भी जताई। गीतों पर झूमे दर्शक, लोक कलाकारों ने दी प्रस्तुति राज्योत्सव की सांस्कृतिक संध्या में छत्तीसगढ़ी गायिका पायल साहू ने अपनी प्रस्तुति से दर्शकों का मनोरंजन किया। इसके साथ ही शरद अग्रवाल एंड ग्रुप ने ‘रंग सरगम’, अयान ने पियानो वादन और लोक कला मंच ‘नवरंग’ व ‘मया’ के कलाकारों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। स्कूली विद्यार्थियों ने भी कार्यक्रम में भाग लेकर मनमोहक प्रस्तुतियां दीं। करीब 20 विभागों ने लगाई विकास प्रदर्शनी समारोह में अतिथियों ने विभिन्न विभागों की उपलब्धियों और सरकारी योजनाओं पर आधारित विकास प्रदर्शनी का अवलोकन किया। पंचायत एवं ग्रामीण विकास, राजस्व, समाज कल्याण, महिला एवं बाल विकास, उद्योग, कृषि, उद्यानिकी, मत्स्य पालन, पशुपालन, जनसंपर्क और स्वास्थ्य सहित करीब 20 विभागों ने प्रदर्शनी लगाई। इस दौरान विभिन्न विभागों ने योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामग्री और प्रशस्ति पत्र भी वितरित किए।
झालावाड़ में सरस डेयरी का मिठाई काउंटर शुरू:मिनी सचिवालय में सुबह 9 से रात 9 बजे तक खुला रहेगा
झालावाड़ के मिनी सचिवालय के मुख्य द्वार पर दीपावली के लिए मिठाई काउंटर शुरू किया गया है। मंगलवार को जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने फीता काटकर इसका उद्घाटन किया। यहां सरस डेयरी के शुद्ध देशी घी से बनी मिठाइयां मिलेंगी। जिला कलेक्टर ने बताया कि पिछले तीन साल से दीपावली पर लोगों को शुद्ध देशी घी की मिठाइयां उचित दाम पर देने की पहल की जा रही है। इस बार झालावाड़ सहकारी उपभोक्ता होलसेल भंडार के जरिए यह व्यवस्था की गई है। मिठाइयां बनाने में स्थानीय सामग्री का भी इस्तेमाल हुआ है। काउंटर पर बेसन चक्की और मोतीचूर के लड्डू 400 रुपए किलो, मक्खन वड़ा 440 रुपए किलो और मठरी 280 रुपए किलो मिलेगी। आधा किलो और 250 ग्राम की पैकिंग के साथ खुली मिठाई भी खरीदी जा सकती है। 400 रुपए का विशेष गिफ्ट पैक भी उपलब्ध है। काउंटर के साथ साय विमंदित आवासीय स्कूल के बच्चों की बनाई रंग-बिरंगी और सुगंधित मोमबत्तियां भी बेची जा रही हैं। जिला कलेक्टर ने शहरवासियों से बच्चों की बनाई मोमबत्तियां खरीदने की अपील की। मिनी सचिवालय का यह काउंटर रोज सुबह 9 से रात 9 बजे तक खुला रहेगा। उद्घाटन के दौरान अतिरिक्त जिला कलेक्टर रामचन्द्र खटिक, एसडीएम सोनू कुमारी और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्योराज राम सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी मौजूद रहे।
KGMU के पीडियाट्रिक विभाग में छह साल की बच्ची की मौत के बाद जमकर हंगामा हुआ। गुस्साए परिजनों ने डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाया। रोते-बिलखते परिजन कह रहे थे कि उनकी बच्ची पहले ठीक से बोलती थी, बैठती और उठती थी। करीब डेढ़ महीने से उसका इलाज चल रहा था। परिजनों का आरोप था कि बच्ची को वेंटिलेटर से हटाकर वार्ड में शिफ्ट किया गया और इसके बाद उसकी मौत हो गई। घटना का वीडियो भी सामने आया है। वीडियो में परिजन डॉक्टरों पर बच्ची की जान लेने का आरोप लगाते हुए अस्पताल की व्यवस्था पर सवाल उठा रहे हैं। बच्ची की मौत के बाद करीब साढ़े चार घंटे तक विभाग में हंगामा होता रहा। इस दौरान दूसरे मरीजों का इलाज भी प्रभावित हुआ। घटना सोमवार सुबह की है। वेंटिलेटर से हटने के बाद वार्ड में किया था शिफ्ट जानकारी के मुताबिक, बाराबंकी निवासी आरोही को 27 सितंबर को KGMU में भर्ती कराया गया था। उसे GBS (गुइलेन-बैरे सिंड्रोम) था। डॉक्टरों के मुताबिक, इलाज के दौरान उसकी हालत में सुधार हो रहा था। 21 अक्टूबर से धीरे-धीरे वेंटिलेटर हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई और 23 अक्टूबर से वह पूरी तरह वेंटिलेटर से बाहर थी। मौत से एक दिन पहले उसे PICU से सेमी प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया था। सोमवार सुबह अचानक उसे सांस लेने में परेशानी हुई। डॉक्टरों ने दो से तीन घंटे तक उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन सफलता नहीं मिली। सुबह 5 बजे तक ठीक थी बच्ची पीडियाट्रिक विभाग के डॉक्टर के मुताबिक, GBS में हाथ-पैर में पैरालिसिस के साथ सांस लेने में भी परेशानी हो सकती है। आरोही को शुरुआत में वेंटिलेटर पर रखा गया था। उसके बाद बच्ची PICU में थी। इसके बाद उसे सेमी प्राइवेट वार्ड में शिफ्ट किया गया। यहां सक्शन, ऑक्सीजन और मॉनिटरिंग की व्यवस्था थी। डॉक्टर के मुताबिक, सोमवार सुबह 5 बजे तक बच्ची की हालत ठीक थी। सुबह 6 बजे नर्सिंग स्टाफ वाइटल मॉनिटर करने पहुंचा तो उसे सांस लेने में परेशानी मिली। सांस की नली में खाना जाने की आशंका इलाज करने वाले डॉक्टर ने आशंका जताई कि रात में खाना खिलाने के बाद बच्ची लेटी हुई थी। इस दौरान उसे उल्टी हुई होगी और खाने का कुछ हिस्सा सांस की नली में चला गया होगा। सुबह उसकी हालत बिगड़ने पर डॉक्टरों ने उसे बचाने की कोशिश की, लेकिन उसकी मौत हो गई। हालांकि, मौत की वजह की अभी पुष्टि नहीं हुई है। जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ से अभद्रता का आरोप बच्ची की मौत के बाद परिजनों ने हंगामा शुरू कर दिया। डॉक्टर के मुताबिक, सुबह करीब 7:30 बजे सबसे पहले PRO मौके पर पहुंचे। इसके बाद MS, प्रॉक्टर और अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी पहुंच गए। डॉक्टरों का आरोप है कि परिजनों ने जूनियर डॉक्टरों और नर्सिंग स्टाफ के साथ गाली-गलौज और हाथापाई की। स्टाफ को काम करने से रोका और खींचतान भी की। डॉक्टरों ने प्रॉक्टर को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस को भी परिजनों को समझाने में करीब दो घंटे लगे। सुबह करीब 10:30 बजे तक हंगामा चलता रहा। डॉक्टर के मुताबिक, बच्ची के माता-पिता के अलावा तीन-चार अन्य परिजन भी मौजूद थे। इनमें बच्ची के मामा के भी हंगामे में शामिल होने की बात कही गई।
उमरिया जिले के पाली विकासखंड के शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खिचकिड़ी के विद्यार्थियों ने स्कूल प्रबंधन पर मनमानी और लापरवाही के आरोप लगाए हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि दो साल से फीस जमा करने के बाद भी उन्हें रसीद नहीं दी जा रही है। पात्र होने के बावजूद संबल योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा। मंगलवार को विद्यार्थी अपनी शिकायत लेकर जिला मुख्यालय में कलेक्ट्रेट की जनसुनवाई में पहुंचे। दो बसें बदलकर पहुंचे कलेक्ट्रेट विद्यार्थियों का गांव जिला मुख्यालय से करीब 70 किलोमीटर दूर है। वे दो बसें बदलकर जनसुनवाई में पहुंचे और प्राचार्य के खिलाफ जांच कर कार्रवाई की मांग की। शिकायत सुनने के बाद सहायक आयुक्त, जनजातीय कार्य विभाग पूजा द्विवेदी ने विद्यार्थियों से पढ़ाई पर ध्यान देने को कहा। उन्होंने मौके से ही प्राचार्य को फोन कर समस्याओं का निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि बच्चों के साथ लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। प्राचार्य पर लगे आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है। खेल सामग्री होने के बाद भी इस्तेमाल नहीं शिकायत करने पहुंचे छात्र संजय ने बताया कि दो साल से फीस जमा करने के बाद भी विद्यार्थियों को रसीद नहीं दी जा रही है। पात्र विद्यार्थियों को संबल योजना का लाभ भी नहीं मिल रहा। संजय के मुताबिक, स्कूल में खेलकूद की सामग्री उपलब्ध है, लेकिन बच्चों को उसका इस्तेमाल नहीं करने दिया जाता। विद्यार्थियों ने अपनी समस्याओं का जल्द समाधान करने की मांग की है।
अलीराजपुर के एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल की कक्षा 9वीं और 10वीं की मान्यता संबंधी फाइल आगे बढ़ाने के बदले एक लाख रुपए मांगने का आरोप लगा है। स्कूल संचालक खेमराज राठौड़ ने जिला शिक्षा विभाग के संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों पर यह आरोप लगाया है। उनका कहना है कि रुपए देने से इनकार करने के बाद आवेदन ऑनलाइन पोर्टल पर लंबित रखा जा रहा है। मंगलवार, 3 नवंबर को उन्होंने कलेक्टर की जनसुनवाई में लिखित शिकायत देकर मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की। हाईस्कूल की मान्यता लेने में धांधली का आरोप संचालक के अनुसार, पंचेश्वर मार्ग, दाहोद नाका स्थित एक्सीलेंट पब्लिक स्कूल ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए हाईस्कूल की मान्यता लेने निर्धारित ऑनलाइन पोर्टल पर आवेदन किया था। आवेदन क्रमांक DPI 27000198 और विद्यालय का UDISE कोड 23490204018 है। इसके लिए 15 अक्टूबर 2026 को निर्धारित शुल्क भी जमा कराया गया था। निरीक्षण के बाद आगे नहीं बढ़ी प्रक्रिया शिकायत के मुताबिक, मान्यता प्रक्रिया के तहत संकुल प्राचार्य और बीईओ स्तर से स्कूल का भौतिक सत्यापन किया जाना था। इसके बाद निरीक्षण रिपोर्ट और मत दर्ज कर फाइल जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय भेजी जानी थी। संचालक का आरोप है कि निरीक्षण टीम स्कूल पहुंची, लेकिन इसके बाद जरूरी अभिमत दर्ज कर प्रोसेस आगे नहीं बढ़ाई गई। उन्होंने शिकायत में बताया कि इसके बाद उन्हें कभी संकुल प्राचार्य तो कभी BEO कार्यालय भेजा जाता रहा। शिकायत में DEO कार्यालय के कर्मचारी धनगर को फाइल देने के लिए कहे जाने का भी उल्लेख किया गया है। 2 नवंबर को भी रुपए मांगने का आरोप संचालक का आरोप है कि मान्यता की फाइल आगे बढ़ाने के बदले उनसे एक लाख रुपए मांगे गए। उनका कहना है कि 2 नवंबर को डीईओ कार्यालय के बाहर भी कथित तौर पर यह मांग दोहराई गई। उन्होंने रुपए देने से इनकार करने के कारण आवेदन लंबित रखे जाने का आरोप लगाया। उन्होंने आशंका जताई कि तय समय-सीमा समाप्त होने पर आवेदन निरस्त हो सकता है। स्वतंत्र जांच-पोर्टल लॉगिन हिस्ट्री की मांग संचालक ने दावा किया है कि स्कूल में भवन सुरक्षा, फायर सेफ्टी, खेल मैदान, प्रयोगशाला, पुस्तकालय, निर्धारित आकार के कक्ष और योग्य शिक्षक सहित मान्यता के लिए जरूरी व्यवस्थाएं उपलब्ध हैं। उन्होंने कलेक्टर से जिला पंचायत सीईओ अथवा अपर कलेक्टर की निगरानी में स्वतंत्र जांच कराने की मांग की है। शिकायत में पोर्टल की लॉगिन हिस्ट्री निकलवाकर यह पता लगाने का अनुरोध किया गया है कि आवेदन किस अधिकारी के पास कितने समय तक लंबित रहा। संचालक ने यह भी मांग की है कि स्कूल में कोई तकनीकी कमी होने पर लिखित कमी-पत्र जारी किया जाए और सभी मापदंड पूरे होने पर नियमानुसार मान्यता प्रक्रिया पूरी की जाए।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में कृषि उपज मंडी के पीछे स्थित श्रीकृष्ण गौशाला में मंगलवार सुबह चौकीदार के कमरे की छत का बीच वाला हिस्सा टूटकर गिर गया। घटना के समय कमरे में चौकीदार रतनलाल और उनकी पत्नी मौजूद थे। छत से कंकड़ गिरते देखकर दोनों समय रहते उस जगह से हट गए। इसके कुछ देर बाद छत का बीच वाला हिस्सा टूटकर नीचे गिर गया। हादसे में रतनलाल के कंधे में चोट आई है। रतनलाल दिव्यांग हैं और करीब 40 साल से श्रीकृष्ण गौशाला में चौकीदार के रूप में काम कर रहे हैं। उनकी पत्नी और पूरा परिवार गौशाला परिसर में बने इसी कमरे में रहता है। बताया गया कि कमरे की छत लंबे समय से जर्जर थी। कुछ दिन पहले गौशाला समिति के सदस्यों ने छत की ऊपर से मरम्मत भी करवाई थी। कंकड़ गिरते देख कमरे से हटे, फिर गिरी छत रतनलाल ने बताया कि घटना के समय वे पलंग के पास बैठे थे, जबकि उनकी पत्नी खाना बना रही थी। इसी दौरान छत से कंकड़ गिरने लगे। खतरा देखते हुए दोनों कमरे में उस जगह से दूर हट गए। कुछ देर बाद छत का बीच वाला हिस्सा अचानक टूटकर नीचे गिर गया। इससे कमरे में मलबा फैल गया। रतनलाल के मुताबिक, वे इसी कमरे में रोज सोते थे। उन्होंने कहा कि अगर कंकड़ गिरते देखकर वे और उनकी पत्नी समय रहते वहां से नहीं हटते तो बड़ा नुकसान हो सकता था।
मेडिकल व डेंटल काउंसलिंग बोर्ड, जयपुर की ओर से ऑल इंडिया 15 प्रतिशत कोटा एमबीबीएस स्पेशल स्ट्रे-वैकेंसी राउंड और बीडीएस व बीएससी-नर्सिंग काउंसलिंग राउंड 5 के लिए वैकेंट सीट मैट्रिक्स जारी कर दी गई है। जारी की गई वैकेंट सीट-मैट्रिक्स के अनुसार- देश भर में कुल 1219 सीटें खाली है, इसमें एमबीबीएस की 946, बीडीएस की 207 और बीएससी-नर्सिंग की 66 सीटें शामिल हैं। देश भर की कुल 946 खाली एमबीबीएस सीटों में से मात्र 25 गवर्नमेंट सीटें उपलब्ध है। एजुकेशन एक्सपर्ट देव शर्मा ने बताया कि बाकि सीटें प्राइवेट और अन्य कोटे की हैं। सीट-मैट्रिक्स के अनुसार राजस्थान, मध्य प्रदेश, हरियाणा, पंजाब, कर्नाटक, केरल, आंध्र प्रदेश, असम तथा झारखंड जैसे बड़े राज्यों के सरकारी मेडिकल कॉलेजों में एक भी सीट खाली नहीं बची है। 15 राज्यों व केंद्र शासित प्रदेशों में बची हैं 25 सरकारी एमबीबीएस सीटें देश भर के 15 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में 25 सरकारी एमबीबीएस सीटें खाली बची है। इनमें बिहार, महाराष्ट्र व पश्चिम बंगाल में 3-3 सरकारी एमबीबीएस सीटें, छत्तीसगढ़, उड़ीसा, तमिलनाडु व उत्तराखंड में 2-2 सरकारी सीटें खाली हैं। दिल्ली, गोवा, गुजरात, मेघालय, पुडुचेरी, सिक्किम, तेलंगाना व उत्तर प्रदेश में 1-1 सरकारी एमबीबीएस सीट बची है। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन और फीस जमा करने की लास्ट डेट 4 नवंबर एमसीसी की ओर से जारी आधिकारिक शेड्यूल के अनुसार- अभ्यर्थी 4 नवंबर, बुधवार तक ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं फीस डिपोजिशन की प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन एवं फीस डिपोजिशन 2 नवंबर से 4 नवंबर है। चॉइस-फिलिंग एवं लॉकिंग की लास्ट डेट 5 नवंबर है। अलॉटमेंट का लास्ट परिणाम 7 नवंबर को घोषित किया जाएगा। सीट आवंटित होने वाले विद्यार्थियों को 7 नवंबर से 16 नवंबर के बीच संबंधित मेडिकल कॉलेजों में अपनी उपस्थिति और रिपोर्टिंग दर्ज करानी होगी।
धनबाद के पुटकी थाना क्षेत्र के न्यू मेरिन मुंडा पट्टी में मंगलवार को 22 वर्षीय जयपाल गगराई का शव पेड़ से लटका मिला। सूचना पर परिवार और पुलिस मौके पर पहुंचे। पुलिस ने शव को नीचे उतारकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। जयपाल की मां बिंदिया गगराई ने बताया कि सोमवार को उसका दो लोगों से किसी बात पर झगड़ा हुआ था। दोनों पक्षों के बीच गाली-गलौज भी हुई। इसके बाद जयपाल घर लौटा और मां का मोबाइल फोन लेकर बाहर चला गया। मंगलवार सुबह मां ने अपनी बेटी से चाय बनाने को कहा, क्योंकि उन्हें ड्यूटी पर जाना था। इसी दौरान उनकी भतीजी घर पहुंची और जयपाल का शव पेड़ से लटका होने की जानकारी दी। परिवार के लोग इसके बाद मौके पर पहुंचे। बिंदिया के मुताबिक, जयपाल ने आठवीं कक्षा तक पढ़ाई की थी। इसके बाद उसने पढ़ाई छोड़ दी थी और फिलहाल काम नहीं कर रहा था। पुटकी थाना प्रभारी मुकेश चौधरी ने बताया कि पुलिस सूचना मिलते ही मौके पर पहुंची और शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। उन्होंने कहा कि अभी यह कहना जल्दबाजी होगी कि मामला हत्या का है या आत्महत्या का। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत की वजह साफ होगी। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
सिवनी जिले के किंदरई थाना क्षेत्र के अंतर्गत पाटन और दुमापुरी गांव के बीच जंगल में मंगलवार सुबह एक बुजुर्ग का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। मृतक की पहचान दादूलाल बरकड़े उम्र 60 वर्ष के रूप में हुई है। बुजुर्ग के सिर पर चोट के निशान और शरीर पर संदिग्ध निशान मिलने से उनकी मौत को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने शव बरामद कर मामले की जांच शुरू कर दी है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, दादूलाल सोमवार सुबह रोजाना की तरह मवेशियों को चराने के लिए जंगल की ओर गए थे। देर शाम तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। इसके बाद उनके पुत्र श्रीराम ने आसपास के क्षेत्रों और संभावित स्थानों पर तलाश की, लेकिन बुजुर्ग का कोई सुराग नहीं मिला। काफी खोजबीन के बाद भी जानकारी नहीं मिलने पर उन्होंने किंदरई थाने पहुंचकर पिता की गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई। तलाश करने पहुंची पुलिस सूचना मिलने के बाद पुलिस ने ग्रामीणों के साथ जंगल में तलाश अभियान शुरू किया। इसी दौरान पाटन और दुमापुरी के जंगल में बुजुर्ग का शव पड़ा मिला। शव की स्थिति देखकर परिजन भी सकते में आ गए। बताया गया है कि मृतक के सिर से खून निकला हुआ था तथा पेट पर जंगली जानवर के सींग से चोट लगने जैसे निशान दिखाई दे रहे थे। इन परिस्थितियों के चलते यह आशंका भी जताई जा रही है कि बुजुर्ग का सामना जंगल में किसी जंगली जानवर से हुआ होगा। हालांकि, इसकी अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। मोबाइल लेकर गए थे परिजनों को मृतक का मोबाइल फोन नहीं मिलने के कारण भी शुरुआत में संदेह हुआ था, लेकिन पुलिस की तलाशी के दौरान मोबाइल फोन मृतक की जेब से ही बरामद हो गया। इससे मोबाइल गायब होने की आशंका दूर हो गई। पीएम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा किंदरई थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह राजपूत ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर आवश्यक वैधानिक कार्रवाई की जा रही है। बुजुर्ग की मौत किन परिस्थितियों में हुई और सिर पर चोट कैसे आई, इसका वास्तविक खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही हो सकेगा। पोस्टमार्टम के उपरांत शव परिजनों को सौंप दिया जाएगा।
इंदौर कोचिंग ऑनर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष ठाकुर रवि दांगी को नई दिल्ली में आयोजित एक कार्यक्रम में अभिनेता एवं समाजसेवी सोनू सूद ने सम्मानित किया। सोमवार को एसोसिएशन के सक्रिय संचालन और विद्यार्थियों, कोचिंग संस्थानों के साथ समाजहित में किए गए कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। कोरोना महामारी के दौरान एसोसिएशन ने विद्यार्थियों की मदद के लिए विशेष अभियान चलाया था। इस दौरान करीब 5 हजार से 10 हजार विद्यार्थियों तक सहायता पहुंचाने, उन्हें घर भेजने और राशन उपलब्ध कराने जैसे काम किए गए थे। महामारी के कठिन दौर में विद्यार्थियों के सामने आई परेशानियों को देखते हुए एसोसिएशन ने राहत और सहयोग की पहल की थी। शिक्षा के साथ सामाजिक सरोकारों से जुड़े इन प्रयासों की भी कार्यक्रम में सराहना की गई। रवि दांगी बोले- यह पूरे कोचिंग परिवार की एकजुटता का सम्मान सम्मान मिलने पर रवि दांगी ने कहा कि यह सम्मान किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे कोचिंग परिवार की एकजुटता, विश्वास और सामूहिक प्रयासों का है। उन्होंने यह सम्मान इंदौर के सभी कोचिंग संचालकों, शिक्षकों, एसोसिएशन के सदस्यों, सहयोगियों और विद्यार्थियों को समर्पित किया। दांगी ने कहा कि सभी के सहयोग से ही शिक्षा और समाज के हित में लगातार काम करना संभव हो पाया है। यह सम्मान गर्व के साथ आगे और बेहतर काम करने की नई जिम्मेदारी भी देता है।
गोंडा में पूर्व भाजपा सांसद बृजभूषण शरण सिंह ने राहुल गांधी के विदेशी और स्वदेशी को लेकर दिए गए बयान पर पलटवार किया। वहीं, नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फारूक अब्दुल्ला के SIR संबंधी बयान पर भी प्रतिक्रिया दी। बृजभूषण शरण सिंह ने कहा, देखिए, बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। कम से कम विदेशी और स्वदेशी के सवाल पर राहुल गांधी को बचना चाहिए। उनकी मानसिकता लोकतंत्र में नहीं है, वे लोकतंत्र में विश्वास नहीं रखते। इसीलिए वे अमेरिका का हवाला देते हैं। बांग्लादेश में जो चल रहा है, उसका हवाला देते हैं। नेपाल और पाकिस्तान के नजरिए से इस देश को देखते हैं। ये बात मंगलवार सुबह 10:30 बजे आवास पर जनता दर्शन के दौरान कहा। उन्होंने कहा कि संसद में इस्तीफे की मांग और दूसरे मुद्दों पर चर्चा करने के बजाय ऐसे बयान दिए जा रहे हैं। संसद इसी उद्देश्य से बनी है कि वहां अपनी बात रखी जा सके। उन्होंने कहा, “कौन विदेशी है और कौन स्वदेशी है, बात निकलेगी तो दूर तलक जाएगी। राहुल जी को इस सवाल पर बचना चाहिए। पूरा देश जानता है।” SIR पर बोले- दो जगह नाम होने पर काटे गए फारूक अब्दुल्ला के SIR संबंधी बयान पर बृजभूषण शरण सिंह ने कहा कि फारूक अब्दुल्ला पुराने नेता हैं, लेकिन उनके सोचने का तरीका सही नहीं है। उन्होंने दावा किया कि गृहमंत्री अमित शाह के मुताबिक, पूरे देश में 13 करोड़ लोगों के नाम मतदाता सूची से कटे हैं। इनमें से तीन करोड़ ऐसे मतदाता थे, जो घुसपैठिए थे। उन्होंने कहा कि जिन 9 करोड़ मतदाताओं के नाम कटने की बात कही जा रही है, उनमें ऐसे लोग भी थे जिनके नाम एक से अधिक जगह मतदाता सूची में दर्ज थे। बृजभूषण के मुताबिक, दो या तीन जगह नाम होने के कारण ऐसे नाम हटाए गए। उन्होंने कहा कि मतदाता सूची से नाम हटाने की कार्रवाई हिंदू-मुस्लिम के आधार पर नहीं हुई है।
छतरपुर नगर पालिका के उपयंत्री (सिविल) गोकुल प्रजापति का तबादला कर दिया गया है। मध्यप्रदेश शासन के नगरीय विकास एवं आवास विभाग ने 2 नवंबर को इसका आदेश जारी किया। उन्हें उज्जैन विकास प्राधिकरण में पदस्थ किया गया है। मेले की व्यवस्थाओं और खर्च को लेकर उठे थे सवाल ऐतिहासिक जलबिहार मेले के आयोजन के दौरान व्यवस्थाओं, निर्माण कार्यों और प्रबंधन को लेकर सवाल उठे थे। मेले में कथित अनियमितताओं और वित्तीय गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। पार्षदों सहित अन्य लोगों ने इस संबंध में शिकायतें भी की थीं। मेले की व्यवस्थाओं का नगर पालिका अध्यक्ष ज्योति चौरसिया और सीएमओ माधुरी शर्मा ने भी निरीक्षण किया था। इस दौरान उन्होंने जरूरी दिशा-निर्देश दिए थे। तत्काल प्रभाव से किया गया तबादला शासन के आदेश क्रमांक एफ 1/1/41/0001/2026/18-5 के अनुसार, स्थानांतरण नीति 2026 की कंडिका 8.7 के तहत गोकुल प्रजापति को तत्काल प्रभाव से आगामी आदेश तक अस्थायी रूप से उज्जैन विकास प्राधिकरण में पदस्थ किया गया है। जलबिहार मेले को लेकर उठी शिकायतों और विवादों के बीच उनके तबादले से मामला फिर चर्चा में है।
मध्य प्रदेश हाई कोर्ट की इंदौर बेंच ने स्पष्ट किया है कि वकील की गलती के लिए मुवक्किल को जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। कोर्ट ने महिला के खिलाफ निचली अदालत में हुई एकतरफा कार्रवाई और उससे जुड़े आदेश निरस्त कर दिए। महिला चंडीगढ़ में रहती हैं और इंदौर में चल रहे केस की जानकारी अपने वकील से वॉट्सऐप के जरिए ले रही थीं। हाई कोर्ट ने पाया कि वकील ने उन्हें मामले की वास्तविक स्थिति के बजाय गलत जानकारी दी थी। कोर्ट ने निचली अदालत को महिला को दोबारा सुनवाई का अवसर देने और कानून के अनुसार नया आदेश पारित करने के निर्देश दिए हैं। जस्टिस संदीप एन. भट्ट ने 30 अक्टूबर 2026 को ज्योति सिंह की याचिका पर यह फैसला सुनाया। महिला ने संविधान के अनुच्छेद 227 के तहत याचिका दायर कर 16 फरवरी और 1 सितंबर 2026 के आदेशों के साथ 23 सितंबर 2025 की एकतरफा कार्रवाई को चुनौती दी थी। मामला इंदौर के सिविल जज वरिष्ठ श्रेणी के न्यायालय में चेतन लश्करी बनाम ज्योति सिंह के नाम से विचाराधीन है। केस का स्टेटस पूछने पर वकील ने दी गलत जानकारी महिला की ओर से एडवोकेट राघवेंद्र सिंह रघुवंशी ने बताया कि ज्योति सिंह चंडीगढ़ में रहती हैं। इंदौर में चल रहे मुकदमे की पैरवी के लिए उन्होंने एडवोकेट रोहित दुबे को नियुक्त किया था। महिला लगातार वॉट्सऐप के माध्यम से केस की स्थिति पूछती रहीं और वकील से मिली जानकारी पर भरोसा करती रहीं। इसी दौरान उनकी अनुपस्थिति में निचली अदालत ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए आदेश पारित कर दिए। महिला की ओर से तर्क दिया गया कि उन्होंने अपने स्तर पर मामले की जानकारी लेने का प्रयास किया था। ऐसे में एडवोकेट की गलती के कारण उन्हें न्यायिक प्रक्रिया से बाहर नहीं किया जा सकता। इसके समर्थन में सुप्रीम कोर्ट के रफीक बनाम मुंशीलाल और मलकीत सिंह बनाम जोगिंदर सिंह के फैसलों का हवाला भी दिया गया। प्रतिपक्ष ने वॉट्सऐप चैट को साक्ष्य मानने पर उठाए सवाल प्रतिवादी चेतन लश्करी की ओर से अधिवक्ता गोविंद राय पुरोहित ने याचिका का विरोध किया। उनका कहना था कि महिला को पहले भी सुनवाई के अवसर दिए गए थे, लेकिन उन्होंने उनका लाभ नहीं उठाया। उन्होंने वॉट्सऐप बातचीत की प्रमाणिकता पर भी सवाल उठाए। उनका तर्क था कि भारतीय साक्ष्य अधिनियम की धारा 65-बी के तहत आवश्यक प्रमाणपत्र पेश नहीं किया गया है। इसलिए इस बातचीत को साक्ष्य के रूप में स्वीकार नहीं किया जाना चाहिए। कोर्ट बोला- वकील पर भरोसा करना पक्षकार की गलती नहीं हाई कोर्ट ने रिकॉर्ड और दोनों पक्षों की दलीलों पर विचार करते हुए कहा कि वॉट्सऐप बातचीत से प्रथम दृष्टया सामने आता है कि महिला लगातार अपने केस की जानकारी ले रही थीं। चंडीगढ़ में रहने के कारण वह इंदौर की न्यायिक कार्यवाही के लिए अपने वकील पर निर्भर थीं। रिकॉर्ड से यह भी प्रतीत होता है कि अधिवक्ता ने उन्हें मामले की वास्तविक स्थिति के बजाय गलत जानकारी दी। कोर्ट ने यह भी गौर किया कि पहले की कार्यवाही में संबंधित एडवोकेट ने यथास्थिति बनाए रखने के आदेश पर आपत्ति तक नहीं की थी। कोर्ट ने स्पष्ट किया कि उपलब्ध परिस्थितियों में महिला को अपने वकील की लापरवाही या जानबूझकर की गई चूक का जिम्मेदार नहीं ठहराया जा सकता। न्याय की विफलता रोकने के लिए अनुच्छेद 227 के तहत हस्तक्षेप जरूरी है। बार काउंसिल को सात दिन में भेजेंगे आदेश की प्रति हाई कोर्ट ने निचली अदालत की एकतरफा कार्रवाई और संबंधित आदेश निरस्त करते हुए महिला को अपना पक्ष रखने का उचित अवसर देने के निर्देश दिए। साथ ही अपेक्षा जताई कि आगे महिला या उनकी ओर से नियुक्त अधिवक्ता प्रत्येक सुनवाई पर उपस्थित रहेंगे। कोर्ट ने अधिवक्ताओं के पेशेवर आचरण पर चिंता जताते हुए कहा कि वकीलों से मुवक्किल के हितों की ईमानदारी और निष्ठा से रक्षा करने की अपेक्षा की जाती है। गंभीर लापरवाही से पक्षकार के अधिकार प्रभावित होते हैं तो यह पेशेवर कदाचार का मामला हो सकता है। रजिस्ट्री को सात दिन के भीतर याचिका की पूरी प्रति मध्य प्रदेश राज्य अधिवक्ता परिषद को भेजने के निर्देश दिए गए हैं। परिषद को संबंधित अधिवक्ता के खिलाफ अधिवक्ता अधिनियम, 1961 की धारा 35 और बार काउंसिल ऑफ इंडिया के नियमों के तहत कार्रवाई पर विचार करने को कहा गया है। परिषद यह भी जांच सकती है कि मामले में किसी अधिवक्ता की भूमिका मिलीभगत की तो नहीं थी। हाई कोर्ट ने प्रतिवादी पर 5 हजार रुपए की लागत भी लगाई। हालांकि, कोर्ट ने स्पष्ट किया कि प्रतिवादी को प्रथम दृष्टया एकतरफा आदेश पारित होने के लिए दोषी नहीं माना गया है। पुराने आदेश निरस्त होने के कारण अब उसे भी दोबारा न्यायिक कार्यवाही का सामना करना पड़ेगा।
धार के सुनारखेड़ी से सादलपुर तक बनी प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क कुछ ही महीनों में खराब हो गई है। मार्ग पर कई जगह बड़े-बड़े गड्ढे हो गए हैं। खास बात यह है कि कुछ महीने पहले ही सड़क पर पेंचवर्क कराया गया था, लेकिन इसके बावजूद सड़क फिर उखड़ने लगी है। इससे सड़क निर्माण और मरम्मत की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। इस मार्ग से 12 से अधिक गांवों के ग्रामीण प्रतिदिन आवागमन करते हैं। सड़क पर गड्ढों के कारण दोपहिया और चारपहिया वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। वहीं, सड़क के दोनों ओर बने साइड शोल्डर भी कई स्थानों पर खत्म हो चुके हैं। इससे सड़क के किनारे से गुजरने वाले वाहनों का संतुलन बिगड़ने का खतरा बना रहता है। साइड शोल्डर खत्म होने से दुर्घटना की आशंका ग्रामीणों का कहना है कि साइड शोल्डर की खराब स्थिति के कारण वाहन चालकों को काफी परेशानी होती है। सड़क किनारे से गुजरते समय वाहनों के संतुलन बिगड़ने से दुर्घटना की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों के अनुसार, लाखों रुपए खर्च करने के बाद भी सड़क की स्थिति में सुधार नहीं हुआ है। कुछ महीने पहले कराया गया पेंचवर्क भी ज्यादा समय तक नहीं टिक पाया। ऐसे में इस मार्ग से रोजाना गुजरने वाले ग्रामीणों को परेशानी उठानी पड़ रही है। अधिकारी से संपर्क किया, जवाब नहीं मिला सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना के अधिकारी शौर्यवीर सिंह से संपर्क किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिला। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से सड़क की गुणवत्ता की जांच कराने, गड्ढों की मरम्मत करने और सड़क के दोनों ओर साइड शोल्डर का निर्माण कराने की मांग की है।
कोरबा में त्योहारी सीजन में मिठाइयों की खरीदारी बढ़ने के बीच कोरबा जिले में खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर चिंता बढ़ गई है। खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग के मुताबिक, पिछले 10 महीनों में लिए गए 120 खाद्य पदार्थों के सैंपलों में से करीब 20 जांच में फेल पाए गए। यानी लगभग 17% सैंपल अमानक मिले। इस सूची में शहर के कुछ नामी प्रतिष्ठानों के साथ बड़े ब्रांडों के उत्पाद भी शामिल हैं। पतंजलि शुद्ध देसी घी और हल्दीराम के रसगुल्ला-चना के सैंपल भी मानकों पर खरे नहीं उतरे। 120 में करीब 20 सैंपल अमानक खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता जांचने के लिए विभाग ने बीते 10 महीनों में 120 नमूने लिए। इनमें से करीब 20 सैंपल जांच में फेल पाए गए। यह आंकड़ा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता और उपभोक्ताओं की सेहत को लेकर सवाल खड़े करता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी विजय भारत के अनुसार, अमानक और मिसब्रांडेड खाद्य पदार्थों का सेवन स्वास्थ्य के लिए नुकसानदायक हो सकता है। मिलावटी दूध, खोवा और मिठाइयों के सेवन से पेट संबंधी बीमारियां, फूड पॉइजनिंग, दस्त और संक्रमण का खतरा बढ़ सकता है। कई प्रतिष्ठानों पर लगाया गया जुर्माना खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता को लेकर इस साल की गई कार्रवाई में कई प्रतिष्ठानों पर जुर्माना लगाया गया है। इनमें स्पेशल रेस्टोरेंट पर 1 लाख रुपए, कुरुदभुरी और चेक पोस्ट स्थित होटल पर 50-50 हजार रुपए, नेचुरल स्वीट्स पर 20 हजार रुपए, सरौन डेयरी पर 20 हजार रुपए और मानिकपुर निर्मल डेयरी पर 35 हजार रुपए का जुर्माना शामिल है। मिलावट पर सजा और जुर्माने का प्रावधान अभिहित अधिकारी अर्जित कुमार ने बताया कि खाद्य सुरक्षा और मानक अधिनियम, 2006 के तहत खाद्य पदार्थों में मिलावट के मामलों में सख्त कार्रवाई का प्रावधान है। उनके अनुसार, खाद्य पदार्थ असुरक्षित पाए जाने पर मामला कोर्ट में जाता है। स्वास्थ्य को नुकसान नहीं होने की स्थिति में 1 लाख रुपए और गंभीर बीमारी होने पर 3 लाख रुपए तक जुर्माने का प्रावधान बताया गया है। उपभोक्ता की मृत्यु होने पर उम्रकैद और 10 लाख रुपए तक जुर्माने की बात भी कही गई है। संयुक्त टीम ने चार प्रतिष्ठानों पर की कार्रवाई कलेक्टर कुणाल दुदावत और आयुक्त दीपक अग्रवाल के निर्देश पर तहसीलदार अतुल वैष्णव के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने सोमवार देर शाम चार प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। इस दौरान कुल 13 हजार रुपए का जुर्माना वसूला गया। टीम ने काजू कतली समेत कई खाद्य पदार्थों के नमूने भी जांच के लिए लिए हैं। इन नमूनों की जांच के बाद ही उनकी गुणवत्ता के संबंध में स्थिति स्पष्ट होगी।
कानपुर के घाटमपुर के सजेती थाना क्षेत्र के कुरसेड़ा गांव में सोमवार रात एक मजदूर ने पेड़ पर फंदा लगाकर जान दे दी। मंगलवार सुबह लोगों ने शव देखा तो परिजनों को सूचना दी। जानकारी पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने घटनास्थल पर साक्ष्य जुटाए। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। कुरसेड़ा गांव निवासी शिवविजय (40) की करीब एक साल से मानसिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिजनों ने बताया कि मंगलवार को उन्हें अस्पताल दिखाने ले जाना था। इससे पहले सोमवार रात उन्होंने घर के पास स्थित एक बाग में आम के पेड़ पर फंदा लगा लिया। मंगलवार सुबह घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस और फॉरेंसिक टीम ने जांच की। सजेती थाना प्रभारी अनुज भारती ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। मृतक के पत्नी नीतू और बेटे करण, अर्जुन और रोहित हैं।
उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की ओर से आयोजित स्पेशल टीईटी की परीक्षा मंगलवार को प्रथम पाली में हो गई। पहली पाली की परीक्षा सुबह 9:30 बजे सेदोपहर 12:00 बजे तक कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच कराई गई। इस बार यह परीक्षा शिक्षकों के लिए महज एक औपचारिकता नहीं, बल्कि अपनी नौकरी बचाने की सबसे बड़ी और कठिन जंग साबित हो रही है। यही वजह है कि परीक्षा केंद्रों पर पहुंचे अभ्यर्थियों के चेहरों पर साफ तनाव और गंभीर चिंताएं देखी गईं, क्योंकि उनके भविष्य और करियर की डोर इसी परीक्षा के नतीजों पर टिकी हुई है। इस महत्वपूर्ण परीक्षा के लिए प्रयागराज में कुल 22 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे, जिन पर कुल 8,928 परीक्षार्थी पंजीकृत थे। सुबह से ही केंद्रों के बाहर अभ्यर्थियों की लंबी कतारें लगनी शुरू हो गई थीं। परीक्षा समाप्त होने के बाद जब अभ्यर्थी प्रयागराज के अग्रसेन इंटर कॉलेज केंद्र से बाहर निकले, तो उन्होंने अपने अनुभव साझा किया। परीक्षार्थियों ने खुलकर बताया कि यह स्पेशल टीईटी का पेपर सामान्य टीईटी की परीक्षाओं के मुकाबले कठिन था। खासतौर पर पेडागोजी (शिक्षाशास्त्र) और अन्य तकनीकी विषयों से जुड़े सवाल काफी उलझाने वाले थे, जिन्हें हल करने में परीक्षार्थियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। सिर पर नौकरी जाने का मंडराता खतरा और ऊपर से पेपर का ऐसा कड़ा स्तर, इन दोनों ने मिलकर अभ्यर्थियों की मुश्किलें काफी बढ़ा दीं। हालांकि, इन तमाम कठिनाइयों के बावजूद कई अनुभवी शिक्षकों का यह भी कहना था कि उन्होंने अपनी तरफ से पूरी मेहनत की है और उन्हें उम्मीद है कि वे इस अग्निपरीक्षा में सफल होकर अपनी नौकरी बचाने में कामयाब रहेंगे। प्रथम पाली की परीक्षा सकुशल संपन्न होने के बाद अब जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग का पूरा फोकस दूसरी पाली की परीक्षा को शांतिपूर्ण ढंग से आयोजित कराने पर है। अधिकारियों द्वारा केंद्रों पर लगातार निगरानी रखी जा रही है। आपको बता दें कि इस परीक्षा की दूसरी पाली दोपहर 2:30 बजे से शुरू होकर शाम 5:00 बजे तक चलेगी, जिसके लिए प्रयागराज में 7,950 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं।
सुजान गंगा नहर में मिला युवक का शव:4 दिन पहले घर से निकले के बाद था लापता; पास में खड़ी मिली बाइक
भरतपुर के मथुरा गेट थाना इलाके में सुजान गंगा नहर में मंगलवार सुबह एक युवक का शव पड़ा मिला। युवक 30 अक्टूबर की शाम घर से बाइक लेकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसे काफी तलाश किया, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। इसके बाद 1 नवंबर को अटलबंद थाने में उसकी गुमशुदगी की FIR दर्ज करवाई थी। युवक की बाइक नहर के पास ही खड़ी मिली। उसकी एक साल पहले ही शादी हुई थी। अटलबंद थाने के ASI राजेंद्र कुमार ने बताया - मंगलवार सुबह पुलिस को सुजान गंगा नहर में शव पड़े होने की सूचना मिली थी। इसके बाद मथुरा गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को नहर से निकलवाकर आरबीएम अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवा दिया। मृतक की गुमशुदगी की FIR अटलबंद थाने में दर्ज थी। 30 अक्टूबर की शाम घर से निकला था शव की शिनाख्त उदय (22) निवासी हरिजन बस्ती, अनाह गेट के रूप में हुई। इसके बाद पुलिस ने परिजनों को घटना की सूचना दी। परिजनों ने बताया कि उदय 30 अक्टूबर की शाम बाइक लेकर घर से निकला था। वह बिना किसी को कुछ बताए गया था। इसके बाद से घर नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिली। इसके बाद 1 नवंबर को अटलबंद थाने में उदय की गुमशुदगी की FIR दर्ज करवाई गई। पुलिस ने भी उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। मंगलवार सुबह उसका शव सुजान गंगा नहर में मिला। नहर के पास ही उसकी बाइक भी खड़ी हुई थी।
अमेठी में दीपावली पर उज्ज्वला योजना के 1 लाख 68 हजार 692 लाभार्थियों को मुफ्त रसोई गैस सिलेंडर मिलेगा। जिला पूर्ति विभाग ने सिलेंडर रिफिल की बुकिंग शुरू कर दी है। योजना का लाभ लेने के लिए लाभार्थियों को ई-केवाईसी कराना अनिवार्य है। जिन लोगों ने अभी तक केवाईसी नहीं कराई है, वे संबंधित गैस एजेंसी पहुंचकर इसे पूरा करा रहे हैं। जिले में 32 गैस एजेंसियों के जरिए मिलेगा लाभ अमेठी में भारत गैस, इंडेन और एचपी गैस की कुल 32 एजेंसियां हैं। इन्हीं के माध्यम से उज्ज्वला योजना की महिला लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर रिफिल की सुविधा दी जाएगी। सरकार ने होली और दीपावली पर उज्ज्वला लाभार्थियों को मुफ्त सिलेंडर रिफिल कराने की घोषणा की थी। 89.29 फीसदी लाभार्थियों की केवाईसी पूरी विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, जिले में अब तक 1 लाख 50 हजार 636 लाभार्थियों की केवाईसी पूरी हो चुकी है। यह कुल लाभार्थियों का 89.29 फीसदी है। शेष लाभार्थियों से भी जल्द संबंधित गैस एजेंसी जाकर केवाईसी कराने की अपील की गई है। जिला पूर्ति अधिकारी शशिकांत तिवारी ने बताया कि शासन के निर्देश पर उज्ज्वला योजना के लाभार्थियों को सिलेंडर बुक कराने पर मुफ्त गैस रिफिल दी जाएगी। जिन लाभार्थियों ने अभी तक बुकिंग नहीं कराई है, वे जल्द बुकिंग करा लें।
हिसार के सिविल अस्पताल परिसर स्थित पार्क में मंगलवार को एक 8 महीने का भ्रूण मिलने से हड़कंप मच गया है। घटना की सूचना मिलते ही स्वास्थ्य विभाग की टीम और पुलिस मौके पर पहुंची। मामले की जांच करने पहुंची डिप्टी सिविल सर्जन व पीएनडीटी नोडल अधिकारी डॉ. अनामिका बिश्नोई ने बताया कि उन्हें डिप्टी सिविल सर्जन डॉ. सुभाष खतरेजा द्वारा पार्क में भ्रूण पड़े होने की सूचना मिली थी। प्राथमिक दृष्टि में भ्रूण का सिर बाहर दिख रहा है और यह लगभग 8 महीने का लग रहा है। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह किसी अनमैरिड लड़की की प्री-टर्म या होम डिलीवरी का मामला हो सकता है, जिसके बाद भ्रूण को यहां फेंक दिया गया। पॉलिथिन का सिर भ्रूण से बाहर दिख रहा प्रथम दृष्टि में भ्रूण का सिर पॉलिथिन से बाहर दिख रहा है। अंदेशा जताया जा रहा है कि यह किसी अविवाहित युवती की प्री-टर्म या होम डिलीवरी का मामला हो सकता है, जिसके बाद भ्रूण को यहां फेंक दिया गया। नर्सिंग स्टाफ ने बताया कि भ्रूण सुबह के आसपास भी देखा गया था। स्वास्थ्य विभाग ने मौके पर पहुंचकर उस स्थान की घेराबंदी कर दी है ताकि साक्ष्यों के साथ कोई छेड़छाड़ न हो सके। हम समाचार को लगातार अपडेट कर रहे है…
रोहतक में इनेलो के युवा प्रदेशाध्यक्ष व पूर्व विधायक नफे सिंह राठी के बेटे भूपेंद्र राठी ने भाजपा व कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा अध्यक्ष नितिन नबीन का जिले में आने पर सांसद दीपेंद्र हुड्डा द्वारा स्वागत करना यह दर्शा रहा है कि दोनों आपस में मिले हुए है। हुड्डा परिवार का हाथ भाजपा के साथ है। भूपेंद्र राठी ने कहा कि BJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष रोहतक में आकर प्रदर्शन करते हैं। मैं बड़ा हैरान हूं। उनको ये तो दिख रहा है कि प्रदर्शन का समय है, क्या उनको ये दिख रहा है कि बदमाशों के कारण रोहतक उजड़ा पड़ा है। जिस पार्क के सामने वो प्रदर्शन कर रहे थे, वहां सैकड़ों दुकानों से फिरौती मांगी गई है। क्या नितिन नवीन या कोई मंत्री एक भी दुकान पर गए और पूछा कि तेरे से किसी बदमाश ने पैसे मांगे हैं। भाजपा रोहतक में अपना वर्चस्व बनाना चाहती भूपेंद्र राठी ने कहा कि भाजपा सिर्फ ढकोसलेबाजी कर रही है। सिर्फ यह दिखाने के लिए कि भाजपा रोहतक में अपना वर्चस्व बनाना चाहती है, हम जिंदा हैं। जिंदा तब होगे, जब जिंदा लोगों के लिए आवाज बनोगे। प्रदर्शन करने या आरोप लगाने से जिंदा नहीं होगे। हुड्डा व भाजपा के बीच आपसी सांठगांठभूपेंद्र राठी ने कहा कि रोहतक MP दीपेंद्र हुड्डा कहते हैं कि हम भाजपा अध्यक्ष का स्वागत करते हैं कि यहां प्रोग्राम कर रही है। जब INLD ने रैली की थी, तब दीपेंद्र हुड्डा को क्यों तकलीफ हो रही थी? क्यों आज भी मीडिया के सामने बखान कर देते हैं कि इनेलो ने यहां रैली क्यों की। भाजपा से क्यों प्रेम दिखाया जा रहा है। इसका मतलब जो आम जन कहते हैं कि हुड्डा परिवार का साथ भाजपा के साथ, उस बात को कन्फर्म किया है। 46500 नौकरियों का प्रमाण दे सरकार भूपेंद्र राठी ने कहा कि जब युवा सरकार से सवाल करता है तो उन्हें पाकिस्तानी बता देते है। अंग्रेजों की तरह देशद्रोही का नारा देते हैं। 46,500 नौकरियों का कोई प्रमाण नहीं दिया। भाजपा की सोच यह है कि आप और मैं अगर सरकार की जय-जयकार करेंगे तो हमसे बड़ा देशभक्त कोई नहीं होगा, लेकिन अगर सरकार से सवाल करेंगे तो आप पाकिस्तानी और मैं बांग्लादेशी बन जाउंगा। सरकार ने भर्ती का वार्षिक कैलेंडर नहीं किया जारी भूपेंद्र राठी ने कहा कि सरकार ने आज तक किसी भी भर्ती का प्रस्तावित परीक्षा कैलेंडर जारी नहीं किया। युवाओं को यह तक नहीं पता कि किस महीने में कौन सी परीक्षा होगी, परिणाम कब आएगा और जॉइनिंग कब कराई जाएगी। हरियाणा पुलिस, फॉरेस्ट गार्ड और लाइनमैन जैसी अहम भर्तियां अटकी हुई है। प्रदेश सरकार 46,500 युवाओं को नियुक्ति पत्र देने के दावे तो करती है, लेकिन प्रमाण नहीं दे रही।
बिलासपुर के सरकंडा थाना क्षेत्र स्थित संपदा कैंपस में स्कूटी सवार बदमाश ने टहल रही SECL की महिला कर्मचारी के गले से दो तोले की सोने की चेन लूट ली। आरोपी ने पहले रास्ता पूछने के बहाने महिला को रोका और फिर झपट्टा मारकर चेन खींच ली। महिला ने विरोध किया तो बदमाश ने उनके साथ मारपीट की। घटना में महिला के गले और शरीर पर चोटें आई हैं। जानकारी के मुताबिक, पीड़िता सुमन सिंह संपदा कैंपस में रहती हैं और SECL में काम करती हैं। सोमवार रात करीब 9 बजे खाना खाने के बाद वह कैंपस में टहल रही थीं। आमतौर पर वह पड़ोसियों के साथ टहलने जाती थीं, लेकिन उस दिन अकेली थीं। इसी दौरान स्कूटी सवार एक युवक उनके पास पहुंचा और पूछा कि बसंत कहां रहता है। महिला कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही युवक ने उनके गले पर झपट्टा मार दिया। चेन बचाने के लिए किया विरोध तो पीटा बदमाश ने सुमन सिंह के गले से करीब दो तोले की सोने की चेन खींच ली। महिला ने चेन बचाने के लिए विरोध किया तो आरोपी ने उनके साथ मारपीट की। झूमाझटकी में उनके गले और शरीर पर चोटें आईं। इसके बाद आरोपी स्कूटी से मौके से फरार हो गया। CCTV फुटेज में दिखा संदिग्ध, पुलिस तलाश में जुटी घटना की सूचना मिलने पर सरकंडा थाना प्रभारी प्रदीप आर्य टीम के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और पीड़िता से जानकारी ली। आरोपी की तलाश के लिए कैंपस और आसपास के रास्तों पर लगे CCTV कैमरों के फुटेज खंगाले जा रहे हैं। फुटेज में संदिग्ध युवक और उसकी स्कूटी नजर आ रही है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान कर उसकी गिरफ्तारी का प्रयास कर रही है।
मैनपुरी में दीपावली पर घर-घर में लक्ष्मी-गणेश की पूजा होगी, लेकिन इन प्रतिमाओं को तैयार करने वाले स्थानीय कारीगरों के सामने इस बार महंगाई ने चुनौती खड़ी कर दी है। मूर्ति बनाने में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी और दूसरे कच्चे माल की कीमतें बढ़ने से लागत बढ़ गई है, जबकि बाजार में ग्राहकी पहले जैसी नहीं है। इसका असर कारीगरों के कारोबार और मुनाफे पर पड़ रहा है। शहर की प्रजापति कॉलोनी में इन दिनों मिट्टी की लक्ष्मी-गणेश की प्रतिमाओं को अंतिम रूप दिया जा रहा है। कहीं मूर्तियों को आकार दिया जा रहा है तो कहीं उन पर रंग भरकर सजाया जा रहा है। पहले के मुकाबले 70 फीसदी ही मांग पिछले 15 साल से मूर्तियां बनाने का काम कर रहे प्रमोद कुमार बताते हैं कि इस बार बाजार की स्थिति कमजोर है। पहले के मुकाबले करीब 70 फीसदी ही ग्राहकी मिल रही है। कच्चे माल की महंगाई के चलते दुकानदार भी जरूरत के हिसाब से ही मूर्तियां खरीद रहे हैं। प्रमोद के मुताबिक, वह सालभर मूर्तियां बनाने का काम करते हैं। इस काम में जल्दबाजी के बजाय बारीकी और धैर्य के साथ प्रतिमाएं तैयार करनी पड़ती हैं। परिवार के साथ 7-8 कारीगर तैयार करते हैं मूर्तियां प्रमोद बताते हैं कि वह एक साल में छोटे-बड़े आकार की करीब 4 हजार मूर्तियां तैयार करते हैं। इस काम में परिवार के सदस्यों के साथ 7-8 कारीगर लगे हुए हैं। इनमें परिवार के लोग और रोजगार की तलाश में आए दूसरे युवक भी शामिल हैं। इस तरह दीपावली के लिए तैयार होने वाली मूर्तियां स्थानीय स्तर पर कई लोगों के रोजगार का जरिया भी बनी हुई हैं। मूर्तियों की कीमत 20 रुपए से शुरू होकर 550 रुपए तक है। कीमत आकार और डिजाइन के हिसाब से तय होती है। प्रमोद के अनुसार, मूर्तियां तैयार करने में करीब 80 फीसदी लागत लग जाती है, जबकि लगभग 20 फीसदी ही मुनाफा बचता है। मांग कमजोर होने पर उन्हें मुनाफा भी कम रखना पड़ता है। बड़े शहरों से आने वाली मूर्तियों के कारण प्रतिस्पर्धा भी बनी रहती है। गुजरात से मंगानी पड़ती है मिट्टी प्रमोद बताते हैं कि ग्राहक कलकत्ता की मिट्टी से बनी मूर्तियों की मांग अधिक करते हैं, जबकि स्थानीय कारीगर उत्तर प्रदेश की पारंपरिक शैली में प्रतिमाएं तैयार करते हैं। कारोबार की एक खास बात यह भी है कि मैनपुरी के कारीगरों को मूर्तियां बनाने के लिए मिट्टी दूसरे राज्यों से मंगानी पड़ती है। प्रमोद के मुताबिक, यूपी की मूर्तियां तैयार करने में इस्तेमाल होने वाली मिट्टी गुजरात से आती है। ऐसे में मिट्टी की उपलब्धता और उसकी कीमत भी कारोबार को प्रभावित करती है। दीपावली पर लक्ष्मी-गणेश की पूजा के लिए बाजार में कई तरह की मूर्तियां उपलब्ध हैं, लेकिन स्थानीय कारीगरों के लिए चुनौती बढ़ती लागत और कमजोर ग्राहकी के बीच अपने पारंपरिक काम को बचाए रखने की है।
जनशिकायतों के त्वरित, गुणवत्तापूर्ण और प्रभावी निस्तारण के मामले में बलरामपुर पुलिस ने पूरे उत्तर प्रदेश में अपनी काबिलियत का लोहा मनवाया है। शासन की जनसुनवाई व्यवस्था (IGRS) की अक्टूबर-2026 की प्रदेश स्तरीय मासिक रैंकिंग में बलरामपुर जनपद ने प्रदेश में पहला स्थान हासिल कर बड़ी उपलब्धि अपने नाम की है। खास बात यह है कि जिले के एक-दो नहीं, बल्कि सभी 14 थानों ने भी शत-प्रतिशत अंक हासिल करते हुए प्रदेश की रैंकिंग में पहला स्थान प्राप्त किया है। इस प्रदर्शन से बलरामपुर पुलिस की संवेदनशीलता की प्रदेश स्तर पर मिसाल कायम हुई है। एसपी की सख्त मॉनिटरिंग इस बड़ी उपलब्धि के पीछे एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह का कुशल नेतृत्व, सख्त मॉनिटरिंग और जनशिकायतों के निस्तारण को लेकर अपनाई गई प्रभावी कार्यप्रणाली अहम रही। उनके निर्देशन में एएसपी एवं आईजीआरएस नोडल अधिकारी विशाल पाण्डेय के पर्यवेक्षण तथा प्रभारी आईजीआरएस उपनिरीक्षक श्रवण कुमार के अथक प्रयासों से जनपद के सभी क्षेत्राधिकारी कार्यालयों एवं थानों पर प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण व समयसीमा के भीतर निस्तारण सुनिश्चित किया गया। समयबद्धता और पारदर्शिता के साथ हुआ शिकायतों का समाधान एसपी ने जनशिकायतों के निस्तारण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए थे कि प्रत्येक शिकायत को गंभीरता से लिया जाए। शिकायतकर्ताओं की समस्याओं का संवेदनशीलता, पारदर्शिता और समयबद्धता के साथ विधिसम्मत समाधान किया जाए। इसी का परिणाम रहा कि अक्टूबर माह की मूल्यांकन रिपोर्ट में जनपद ने शत-प्रतिशत प्रदर्शन करते हुए प्रदेश में शीर्ष स्थान प्राप्त किया। इन 14 थानों ने हासिल किए 100 में से 100 अंक बलरामपुर जिले के 14 थानों ने आईजीआरएस मूल्यांकन में 100 में से 100 अंक प्राप्त कर शत-प्रतिशत सफलता दर्ज की। इनमें कोतवाली नगर, महिला थाना, ललिया, हरैया, महाराजगंज तराई, तुलसीपुर, कोतवाली गैसड़ी, पचपेड़वा, कोतवाली जरवा, कोतवाली उतरौला, सादुल्लानगर, श्रीदत्तगंज, गैण्डास बुजुर्ग और रेहरा बाजार शामिल हैं। इन सभी थानों के उत्कृष्ट प्रदर्शन ने जिले का मान बढ़ाया है। उत्कृष्ट कार्य करने वाले पुलिसकर्मी होंगे सम्मानित इस शानदार सफलता पर एसपी मार्तण्ड प्रकाश सिंह ने उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले थाना प्रभारियों, आईजीआरएस शाखा में तैनात अधिकारियों और कर्मचारियों को सम्मानित करने का निर्णय लिया है। शत-प्रतिशत परिणाम देकर पुलिस टीम ने जवाबदेही और जनसेवा की एक मिसाल पेश की है।
गोरखपुर में झंगहा इलाके की महिला शिक्षिका रीना विश्वकर्मा की हत्या के बाद मंगलवार को परिजनों और ग्रामीणों का गुस्सा फूट पड़ा। देवरिया के रुद्रपुर में शव मिलने के बाद न्याय की मांग को लेकर परिजनों ने मंगलवार सुबह करीब 9 बजे बोहाबार गांव के सामने रुद्रपुर-देवरिया मार्ग पर शव रखकर सड़क जाम कर दी। परिजन आरोपी के एनकाउंटर की मांग पर अड़े रहे। उनका कहना था कि जब तक आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई नहीं होती, तब तक वे अंतिम संस्कार नहीं करेंगे। स्थिति को देखते हुए SDM, CO चौरीचौरा समेत कई थानों की पुलिस फोर्स मौके पर तैनात कर दी गई। स्कूल जाने के लिए निकली थीं टीचर झंगहा थाना क्षेत्र के ग्राम सभा खुरुरही के लोहार टोला निवासी रीना विश्वकर्मा नई बाजारस्थित एक निजी इंग्लिश मीडियम स्कूल में शिक्षिका थीं। परिजनों के मुताबिक, 31 अक्टूबर की सुबह करीब 8:30 बजे वह स्कूल से वेतन लेने की बात कहकर घर से निकली थीं। दोपहर तक घर नहीं लौटने पर परिजनों को चिंता हुई। शाम करीब तीन बजे तक जब उनका कोई पता नहीं चला तो परिवार के लोगों ने स्कूल में संपर्क किया। वहां से जानकारी मिली कि रीना दोपहर तीन बजे ही स्कूल से निकल गई थीं। तलाश के बाद भी नहीं मिला कोई सुराग स्कूल से जानकारी मिलने के बाद परिजनों ने रिश्तेदारों और परिचितों के यहां उनकी तलाश की, लेकिन कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिवार के लोग लगातार उनकी खोजबीन में जुटे रहे। इसी बीच एक नवंबर की शाम करीब छह बजे देवरिया जिले के रुद्रपुर थाना क्षेत्र में रामलखन चौकी के कन्हौली गांव के पास झाड़ियों में एक महिला का शव मिलने की सूचना मिली। सोशल मीडिया पर फोटो देखकर परिजनों ने की पहचान शव मिलने के बाद पुलिस ने उसकी तस्वीर सोशल मीडिया पर प्रसारित की। इसके जरिए परिजनों ने महिला की पहचान रीना विश्वकर्मा के रूप में की। घटना की जानकारी मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। सोमवार को रुद्रपुर पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराया और देर रात परिजनों को सौंप दिया।
कालपी बार एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं वरिष्ठ अधिवक्ता की हत्या के विरोध में मंगलवार को देवरिया जिला बार एसोसिएशन के अधिवक्ताओं का गुस्सा फूट पड़ा। सुबह 11 बजे कलेक्ट्रेट परिसर में एकत्र होकर अधिवक्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया और सुरक्षा की मांग को लेकर जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के बाद अधिवक्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी मधुसूदन हुल्गी को सौंपा। अधिवक्ता समाज आहत, एक करोड़ के मुआवजे की उठाई मांग जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष वैभव कांत मिश्र ने कहा कि कालपी में हुई इस वारदात से पूरा प्रदेश का अधिवक्ता समाज आहत और आक्रोशित है। इस घटना ने अधिवक्ताओं की सुरक्षा और सम्मान पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। उन्होंने मांग की कि सरकार पीड़ित अधिवक्ता के आश्रित परिवार को तुरंत एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान करे। सुरक्षा कानून लागू करने और सख्त सजा की अपील ज्ञापन में अधिवक्ताओं ने शासन के सामने प्रमुख मांगें रखी हैं, जिसमें पीड़ित परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा देने के साथ-साथ प्रदेश में अधिवक्ताओं की सुरक्षा के लिए तत्काल 'एडवोकेट प्रोटेक्शन एक्ट' लागू करना शामिल है। इसके अलावा हत्या में शामिल सभी आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों को सख्त से सख्त सजा दिलाने की मांग की गई है। संविधान और न्याय प्रक्रिया का महत्वपूर्ण स्तंभ हैं वकील अधिवक्ताओं ने ज्ञापन में स्पष्ट किया कि वकील न्याय, संविधान और विधिक प्रक्रिया के माध्यम से शासन व्यवस्था को चलाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। ऐसे में उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी पूरी तरह सरकार की है। भविष्य में इस तरह की हिंसक घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो, इसके लिए शासन को तत्काल ठोस कदम उठाने होंगे।
मेरठ में बुढ़ाना गेट पुलिस चौकी से महज 50 कदम की दूरी पर जुए और क्रिकेट सट्टे का खेल चल रहा था। देहली गेट पुलिस और एसपी सिटी की स्वाट टीम ने जेडी फाइनेंस कंपनी पर सोमवार देर रात में छापेमारी की। वहां से 22 लोगों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने मौके से 4 लाख 98 हजार 302 रुपए नकद भी बरामद किया है। पकड़े गए लोगों से 22 मोबाइल फोन, 4 कार और 18 बाइक व स्कूटी बरामद की हैं। छापेमारी के दौरान पुलिस को ताश की गड्डियां और हिसाब-किताब रखने वाली दो डायरियां भी मिली हैं। सूचना पर बनाई गई थी विशेष टीम एसपी सिटी विनायक गोपाल ने बताया कि पुलिस को जेडी फाइनेंस कंपनी में जुआ खेले जाने की सूचना मिली थी। इसके बाद थाना देहली गेट पुलिस और स्वाट टीम की संयुक्त टीम गठित की गई। पुलिस ने घेराबंदी कर मानक प्रक्रिया का पालन करते हुए छापेमारी की। मौके से 22 लोगों को गिरफ्तार किया गया। उनके दोपहिया और चारपहिया वाहनों को भी कब्जे में लिया गया है। एसपी सिटी के मुताबिक, मौके से बरामद नकदी के अलावा ताश की गड्डियां और जुए का हिसाब-किताब रखने वाली दो डायरियां मिली हैं। पुलिस को जांच में क्रिकेट मैच पर सट्टे की बुक संचालित किए जाने की जानकारी भी मिली है। बरामद डायरियों और मोबाइल फोन की जांच की जा रही है। तीन आरोपियों पर संगठित अपराध का मुकदमा एसपी सिटी ने बताया कि जुए के इस खेल को संचालित करने में तीन लोगों की भूमिका सामने आई है। इनके खिलाफ संगठित अपराध की धाराओं में भी मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। गिरफ्तार सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश किया जाएगा। पुलिस टीम से अभद्रता करने वालों पर भी कार्रवाई एसपी सिटी विनायक गोपाल ने बताया कि छापेमारी के दौरान कुछ लोगों ने पुलिस टीम के साथ अभद्रता और बाधा डालने का प्रयास किया। सरकारी कार्य में बाधा डालने और पुलिसकर्मियों के साथ अभद्रता करने वालों के खिलाफ भी मुकदमा दर्ज किया जा रहा है।
रामपुर में कोरोना संक्रमण काल में अपने माता-पिता को खोने वाले छात्र-छात्राओं की पढ़ाई जारी रखने के लिए महिला कल्याण विभाग की ओर से आर्थिक और तकनीकी मदद दी जा रही है। मंगलवार को डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने 10 छात्र-छात्राओं को लैपटॉप वितरित किए। इससे पहले 25 बच्चों को लैपटॉप दिए जा चुके हैं, जबकि शेष 8 बच्चों को भी जल्द लैपटॉप उपलब्ध कराए जाएंगे। 43 बच्चों को मिल रही आर्थिक सहायता डीएम अजय कुमार द्विवेदी ने मंगलवार दोपहर 12 बजे बताया कि जिले में कोविड संक्रमण के दौरान माता-पिता को खोने वाले कुल 43 छात्र-छात्राओं को महिला कल्याण विभाग की ओर से प्रतिमाह 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता दी जा रही है। इसका उद्देश्य बच्चों की पढ़ाई जारी रखने में मदद करना है, ताकि माता-पिता के निधन के बाद आर्थिक परेशानियों के कारण उनकी शिक्षा प्रभावित न हो। उन्होंने बताया कि आर्थिक सहायता के साथ बच्चों को पढ़ाई के लिए लैपटॉप भी उपलब्ध कराए जा रहे हैं। इससे वे ऑनलाइन पढ़ाई करने के साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी बेहतर तरीके से कर सकेंगे। मंगलवार को 10 बच्चों को लैपटॉप दिए गए। इस तरह अब तक 35 बच्चों को लैपटॉप मिल चुके हैं। शेष 8 बच्चों को भी जल्द लैपटॉप दिए जाएंगे। बच्चों ने कहा- पढ़ाई और तैयारी में मिलेगी मदद लैपटॉप मिलने पर छात्रा सरिता गंगवार ने बताया कि कोरोना संक्रमण काल में उनके पिता का निधन हो गया था। इसके बाद से उन्हें आर्थिक सहायता मिल रही है। अब लैपटॉप मिलने से आगे की पढ़ाई और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि इससे उनकी पढ़ाई बेहतर तरीके से हो सकेगी। एक अन्य छात्र ने बताया कि कोविड काल में उनके पिता की मौत हो गई थी। इसके बाद से उन्हें हर महीने 4 हजार रुपये की आर्थिक सहायता मिल रही है। अब पढ़ाई के लिए लैपटॉप भी मिल गया है, जिससे उन्हें पढ़ाई और तैयारी करने में सहूलियत होगी। जिला प्रशासन और महिला कल्याण विभाग की इस पहल से माता-पिता को खोने वाले बच्चों को शिक्षा जारी रखने के लिए आर्थिक और तकनीकी सहयोग मिल रहा है।
बंद मकान से लाखों के जेवर चोरी:कुंडी तोड़कर घुसे चोर, इन्वर्टर, बैटरियां और गैस सिलेंडर भी ले गए
आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र की नारायण विहार कॉलोनी में बंद मकान को चोरों ने निशाना बना लिया। मुख्य दरवाजे का कुंडी तोड़कर घर में घुसे चोर लाखों रुपये कीमत के सोने-चांदी के जेवरात, सोलर पैनल का इन्वर्टर, बैटरियां और गैस सिलेंडर चोरी कर ले गए। वारदात 27 अक्टूबर की बताई जा रही है। गृह प्रवेश के बाद भी पुराने मकान में रह रहा था परिवार पीड़ित अंकुश खंडेलवाल ने बताया कि उन्होंने दशहरे पर नए मकान में गृह प्रवेश किया था। हालांकि, परिवार अभी जीवनी मंडी स्थित पुराने मकान में ही रह रहा था। इस वजह से नारायण विहार स्थित नया घर बंद था। चोरों ने इसी का फायदा उठाया। सीसीटीवी में कैद हुए चोर चोर मुख्य दरवाजे का कुंदा तोड़कर घर में दाखिल हुए और सामान खंगालने लगे। उन्होंने बेड के अंदर रखे सोने-चांदी के लाखों रुपये के जेवरात समेट लिए। इसके अलावा इन्वर्टर, बैटरियां और गैस सिलेंडर भी ले गए। पीड़ित की तहरीर पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में चोर कैद हुए हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर उनकी पहचान और तलाश में जुटी है।
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ‘लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ’ पदयात्रा में शामिल होने के लिए मंगलवार को जोधपुर पहुंच गए हैं। मुख्यमंत्री एयरपोर्ट से गांधी मैदान पहुंचे। इसके बाद गांधी मैदान से गोल बिल्डिंग सर्किल तक पदयात्रा की। इस दौरान आमजन को ‘लोकतंत्र बचाओ अराजकता हटाओ’ का संदेश भी दिया। कुछ देर में वे गोल बिल्डिंग में सभा को भी संबोधित करेंगे। एयरपोर्ट पर किया स्वागत एयरपोर्ट पर संसदीय कार्य, विधि एवं विधि कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, सूरसागर विधायक देवेंद्र जोशी, ओसियां विधायक भैराराम सियोल, बिलाड़ा विधायक अर्जुन लाल गर्ग, महापौर प्रसन्नचंद मेहता, राजस्थान किसान सेवा आयोग अध्यक्ष सीआर चौधरी, जीव जंतु कल्याण बोर्ड के अध्यक्ष जसवंत सिंह बिश्नोई, पूर्व राज्यमंत्री प्रो. महेंद्र सिंह राठौड़, पूर्व राज्यमंत्री मेघराज लोहिया, पूर्व सांसद रामनारायण डूडी सहित जनप्रतिनिधिगण एवं वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित रहे।
लखनऊ में उत्तर प्रदेश आशा वर्कर्स यूनियन (ऐक्टू) ने आशा कर्मियों की लंबित मांगें पूरी करने और मजदूर नेताओं पर दर्ज एफआईआर रद्द करने की मांग की। यूनियन ने जिला मुख्यालय पर धरना दिया और जिला अधिकारी गौरव सिंह सोगर वाल के जरिए उपमुख्यमंत्री एवं स्वास्थ्य मंत्री को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में 24 अक्टूबर 2026 को आलमबाग थाने में दर्ज एफआईआर संख्या 0156 रद्द करने और आशा कर्मियों का उत्पीड़न बंद करने की मांग की गई है। यूनियन के मुताबिक, 7 फरवरी 2026 को स्वास्थ्य मंत्री की मध्यस्थता में 13 मांगों पर सहमति बनी थी। इसके बाद आशा कर्मियों की हड़ताल खत्म हुई थी। इन सहमतियों को लागू कराने के लिए 23 अक्टूबर को लखनऊ के इको गार्डन में कार्यक्रम रखा गया था। यूनियन ने बताया कि कार्यक्रम के दौरान उसके प्रतिनिधिमंडल की मिशन निदेशक और अन्य अधिकारियों से बातचीत हुई। बातचीत के बाद कार्यक्रम शांतिपूर्ण तरीके से खत्म कर दिया गया। यूनियन का आरोप है कि इसके बावजूद 24 अक्टूबर की रात 2:17 बजे ऐक्टू प्रदेश अध्यक्ष विजय विद्रोही, देवानंद, राजेश सिंह, कमला गौतम और आइसा प्रदेश अध्यक्ष अनीष बुजार समेत अन्य लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया। संगठन ने घटना के समय और हालात पर सवाल उठाए हैं। उसने इको गार्डन के अंदर और बाहर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज के आधार पर निष्पक्ष जांच की मांग की है। ज्ञापन में आशा कर्मियों के बकाया प्रोत्साहन भुगतान, लंबित पीएलआई और अन्य मदों की रकम दीपावली से पहले जारी करने की मांग की गई है। राज्य वित्त से मिलने वाले अंशदान में 4,500 रुपए की बढ़ोतरी और प्रोत्साहन राशि में 50 प्रतिशत इजाफा करने की मांग भी शामिल है। यूनियन ने मातृत्व अवकाश, साप्ताहिक और त्योहारी छुट्टी देने की मांग भी रखी है। इसके अलावा प्रदेश के सभी ब्लॉकों में आशा संगिनी और एएनएम के काम के लिए अलग कक्ष देने या पंचायत भवन में वैकल्पिक व्यवस्था करने को कहा है। इस मौके पर अध्यक्ष संगीता, कुसमाती, पूनम सिंह, मीरा देवी, मनोरमा देवी, कुमारी उषा देवी, शकुंतला, लक्ष्मी मद्धेशिया, माधुरी देवी समेत अन्य लोग मौजूद रहे।
बालोद जिले के गुंडरदेही में चंडी मंदिर के पास चाकू लहराकर राहगीरों को डराने के आरोप में पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। आरोपी के कब्जे से दो धारदार चाकू और घटना में इस्तेमाल बाइक जब्त की गई है। ब्त सामग्री की कुल अनुमानित कीमत 70 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत मामला दर्ज किया है। सूचना पर पहुंची पुलिस, घेराबंदी कर पकड़ा टीआई रविशंकर पांडेय ने बताया कि 2 नवंबर को गुंडरदेही पुलिस की टीम गश्त पर थी। इसी दौरान सूचना मिली कि चंडी मंदिर के पास एक युवक बाइक से घूम रहा है और चाकू लहराकर राहगीरों को डरा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और घेराबंदी कर युवक को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम संस्कार सोनी (23), पिता मनेश सोनी, निवासी वार्ड क्रमांक 3, बघमरा, गुंडरदेही बताया। बाइक से एक और कमर में छिपाकर रखा था दूसरा चाकू पुलिस के मुताबिक, तलाशी के दौरान बाइक से एक धारदार चाकूनुमा हथियार मिला। वहीं, आरोपी ने कमर में एक अन्य चाकू छिपाकर रखा था। पुलिस ने दोनों चाकू और घटना में इस्तेमाल बाइक क्रमांक CG 08 AK 1992 जब्त कर ली। आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज पुलिस के अनुसार, आरोपी थाना क्षेत्र का सूचीबद्ध गुंडा-बदमाश है। उसके पास हथियार रखने से संबंधित कोई वैध दस्तावेज नहीं था। इसके बाद पुलिस ने उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 के तहत अपराध दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया।
हरियाणा रोडवेज के निजीकरण और लंबित मांगों को लेकर रोडवेज कर्मचारियों ने एक बार फिर सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। सोनीपत में मंगलवार को कर्मचारियों ने प्रोटेस्ट की रणनीति को लेकर मीटिंग बुलाई। सांझा मोर्चा हरियाणा के आह्वान पर 5 और 6 नवंबर को प्रदेशभर में रोडवेज का चक्का जाम रहेगा। इस दौरान सोनीपत सहित सभी डिपो के कर्मचारी दो दिन की हड़ताल पर रहेंगे और कोई भी कर्मचारी काम नहीं करेगा। कर्मचारी अपनी मांगों को लेकर जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन भी करेंगे। रोडवेज यूनियनों का कहना है कि सरकार के साथ कई दौर की बातचीत हो चुकी है, लेकिन अब तक मांगों का समाधान नहीं हुआ है। ऐसे में कर्मचारियों ने आंदोलन को तेज करने का फैसला लिया है। 10 मांगों को लेकर लंबे समय से संघर्ष कर रहे कर्मचारी सांझा मोर्चा हरियाणा के वरिष्ठ सदस्य मनजीत पहल ने कहा कि कर्मचारियों की प्रमुख 10 मांगें हैं, जिन्हें लेकर लंबे समय से सरकार के सामने आवाज उठाई जा रही है। कई बार बातचीत होने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। इसलिए 5 और 6 नवंबर को प्रदेशभर में पूरी तरह चक्का जाम किया जाएगा। मंत्री अनिल विज की बैठक में जाने से सांझा मोर्चा ने किया इनकार सोनीपत में रोडवेज कर्मचारियों का कहना है कि मंत्री अनिल विज की ओर से बैठक बुलाने की बात कही गई थी, लेकिन सांझा मोर्चा ने बैठक में जाने से इनकार कर दिया है। कर्मचारियों के अनुसार, इससे पहले भी सरकार के साथ कई दौर की बैठकें हो चुकी हैं, लेकिन उनका कोई नतीजा नहीं निकला। बार-बार बातचीत के बावजूद मांगें लंबित हैं। कर्मचारियों का कहना है कि यदि मुख्यमंत्री की ओर से बातचीत के लिए बुलाया जाता है तो सांझा मोर्चा जरूर जाएगा। रोडवेज में कर्मचारियों की कमी और बसों के संचालन में समस्याएं सांझा मोर्चा के सदस्य अनिल आंतिल ने कहा कि सरकार की ओर से हरियाणा रोडवेज के बेड़े में 3500 बसें होने की बात कही जाती है, लेकिन कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान नहीं किया जा रहा। उन्होंने कहा कि इस हड़ताल में प्रत्येक कर्मचारी एकजुट होकर भाग लेगा और इसे सफल बनाएगा।
महादेव ऑनलाइन सट्टा ऐप के प्रमोटर सौरभ चंद्राकर को भारत लाना आसान नहीं था। उसे वापस लाने के लिए भारत को UAE से कानूनी लड़ाई लड़नी पड़ी। भारत और UAE, दोनों ने ओमान की अदालत में सौरभ की कस्टडी मांगी थी। UAE उसे दुबई में दर्ज मनी लॉन्ड्रिंग केस में चाहता था, जबकि भारत महादेव सट्टा ऐप और मनी लॉन्ड्रिंग केस में उसकी वापसी चाहता था। ओमान की मस्कट कोर्ट ऑफ अपील ने 8 अक्टूबर 2026 को इस मामले में फैसला सुनाया। सुनवाई के दौरान सौरभ ने दावा किया कि वह भारतीय नागरिक नहीं, बल्कि वानुअतु (Vanuatu) का नागरिक है। उसने कहा कि 2020 में भारतीय नागरिकता छोड़ चुका है। इसके बावजूद कोर्ट ने भारतीय दूतावास से उसकी नागरिकता की पुष्टि कराई। दूतावास ने उसे भारतीय नागरिक बताया। अदालत ने भारत की प्रत्यर्पण याचिका स्वीकार कर ली, जबकि जरूरी कानूनी आश्वासन नहीं देने पर UAE की मांग खारिज कर दी। 8 अक्टूबर को ओमान की मस्कट कोर्ट ने सुनाया फैसला फर्जी पासपोर्ट से यात्रा करने के मामले में ओमान में सौरभ को गिरफ्तार किया गया था। इसकी जानकारी मिलने के बाद भारत की ओर से 12 जुलाई 2026 को ओमान की अदालत में उसे वापस लाने की मांग की गई। इसके दो दिन बाद 14 जुलाई को UAE की प्रत्यर्पण याचिका भी अदालत पहुंची। भारत ने 2004 में दोनों देशों के बीच हुए प्रत्यर्पण समझौते के आधार पर सौरभ को वापस मांगा था। वहीं, UAE ने रियाद अरब न्यायिक सहयोग समझौते के तहत प्रत्यर्पण की मांग की थी। दोनों याचिकाओं में एक ही व्यक्ति का नाम होने के कारण अदालत ने दोनों मामलों को जोड़कर एक साथ सुनवाई की। अदालत के सामने यह तय करना था कि सौरभ को भारत सौंपा जाए या UAE को। UAE ने दुबई के किस केस में मांगा था प्रत्यर्पण? UAE ने दुबई में दर्ज आपराधिक केस नंबर 18483/2026 में सौरभ का प्रत्यर्पण मांगा था। इस केस में उस पर मनी लॉन्ड्रिंग से हासिल रकम का इस्तेमाल अवैध संगठनों को आर्थिक मदद देने के लिए करने का आरोप था। दुबई के लोक अभियोजन विभाग ने ओमान के लोक अभियोजन विभाग के अंतरराष्ट्रीय सहयोग विभाग के माध्यम से प्रत्यर्पण की मांग भेजी थी। इसके साथ अंतरराष्ट्रीय गिरफ्तारी वारंट, केस का विवरण, कानूनी प्रावधान और सौरभ की पहचान से जुड़े दस्तावेज भी दिए गए थे। भारत ने महादेव सट्टेबाजी केस में प्रत्यर्पण मांगा था भारत ने सौरभ को महादेव ऑनलाइन बुक के जरिए कथित अवैध ऑनलाइन सट्टेबाजी और मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में वापस लाने की मांग की थी। भारतीय अधिकारियों ने रायपुर की PMLA विशेष अदालत में चल रहे केस नंबर RPZO/10/2022 का हवाला दिया था। भारत की ओर से 29 जुलाई 2022 की छत्तीसगढ़ पुलिस की चार्जशीट, केस से जुड़े साक्ष्य, सौरभ की भूमिका के दस्तावेज और 4 सितंबर 2023 का गैर-जमानती गिरफ्तारी वारंट पेश किया गया था। भारत ने ओमान की अदालत को यह भरोसा भी दिया था कि सौरभ को निष्पक्ष सुनवाई और बचाव के सभी कानूनी अधिकार मिलेंगे। सौरभ बोला- 2020 में छोड़ दी थी भारतीय नागरिकता सुनवाई के दौरान सौरभ के वकील ने भारत और UAE, दोनों देशों को प्रत्यर्पण नहीं करने की मांग की थी। वकील ने दलील दी कि सौरभ ने 2020 में दुबई स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय नागरिकता छोड़ दी थी। अब वह वानुअतु का नागरिक है। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि कथित अपराध दोनों देशों की सीमा में हुआ, यह साबित नहीं किया गया है। इसके अलावा UAE की अदालत में 2025 में इसी आरोप पर सौरभ को बरी किए जाने का दावा करते हुए दुबई की अपीलीय अदालत के केस नंबर 271/2024 का फैसला भी पेश किया गया। भारतीय दूतावास ने नागरिकता की पुष्टि की, कोर्ट ने दलील खारिज की सौरभ की नागरिकता को लेकर दोनों पक्षों के दावों के बीच ओमान की अदालत ने 16 जुलाई 2026 को भारतीय दूतावास से आधिकारिक जानकारी मांगी। अदालत ने पूछा था कि भारतीय पासपोर्ट नंबर U3226032 रखने वाले सौरभ चंद्राकर भारतीय नागरिक हैं या नहीं। 30 अगस्त 2026 को मस्कट स्थित भारतीय दूतावास ने राजनयिक माध्यम से जवाब दिया। पत्र क्रमांक 582 में दूतावास ने पुष्टि की कि सौरभ चंद्राकर भारतीय नागरिक हैं और भारत में प्रत्यर्पण के लिए वांछित हैं। अदालत ने सौरभ के वकील की उस दलील को स्वीकार नहीं किया, जिसमें कहा गया था कि उसने 2020 में भारतीय नागरिकता छोड़ दी थी। अदालत ने ओमान के सुप्रीम कोर्ट के फैसलों का हवाला देते हुए कहा कि किसी मामले के तथ्यों की जांच करना, सबूतों का मूल्यांकन करना और उनकी विश्वसनीयता तय करना ट्रायल कोर्ट के अधिकार क्षेत्र में आता है। इसके लिए दस्तावेजों में मौजूद तथ्यों और ठोस कारणों को आधार बनाना जरूरी है। अदालत ने यह भी कहा कि अगर सौरभ के पास वानुअतु की नागरिकता है, तब भी इससे उसका किसी दूसरे देश को प्रत्यर्पण करने पर रोक नहीं लगती। इसके लिए ओमान के कानून में तय शर्तें पूरी होनी चाहिए। इन्हीं आधारों पर अदालत ने उसकी नागरिकता छोड़ने की दलील को तथ्य और कानून, दोनों के लिहाज से निराधार मानते हुए खारिज कर दिया। UAE से कहां चूक हुई, भारत ने कौन-सी शर्तें पूरी की? ओमान के प्रत्यर्पण कानून की धारा 11 के तहत किसी देश को आरोपी को वापस ले जाने के लिए कुछ कानूनी आश्वासन देने होते हैं। इनमें तीन प्रमुख शर्तें शामिल हैं। अदालत ने पाया कि भारत ने ये तीनों आश्वासन दिए थे, जबकि UAE की याचिका में ये जरूरी आश्वासन शामिल नहीं थे। इसके अलावा ओमान के कानून की धारा 6 के तहत जब एक ही व्यक्ति को दो देश मांगते हैं, तो अदालत उसकी नागरिकता, अपराध की जगह, अपराधों की गंभीरता और प्रत्यर्पण की मांग की तारीख जैसे पहलुओं पर विचार कर सकती है। कोर्ट ने पाया कि भारत की याचिका पहले आई थी और सौरभ की भारतीय नागरिकता की आधिकारिक पुष्टि भी हो चुकी थी। इन्हीं आधारों पर अदालत ने भारत को प्रत्यर्पण की मंजूरी दी और UAE की याचिका खारिज कर दी। भारत को मिली मंजूरी, लेकिन ओमान में भी चल रहा था केस कोर्ट ने भारत को प्रत्यर्पण की मंजूरी तो दे दी, लेकिन तत्काल सौरभ को भारत भेजने का आदेश नहीं दिया था। इसकी वजह ओमान में उसके खिलाफ चल रहा फर्जी यात्रा दस्तावेज का मामला था। आदेश के मुताबिक, सौरभ को मस्कट इंटरनेशनल एयरपोर्ट से ओमान छोड़ते समय पकड़ा गया था। आरोप था कि उसने फर्जी यात्रा दस्तावेज से ओमान में प्रवेश किया था। इस मामले में सीब प्राइमरी कोर्ट में केस नंबर 14691/5100/2026 चल रहा था। ओमान के कानून के मुताबिक, वहां चल रहे दूसरे आपराधिक मुकदमे की सुनवाई पूरी होने और सजा मिलने पर उसे भुगतने के बाद ही प्रत्यर्पण किया जाना था। हालांकि, बाद में 1 नवंबर को CBI उसे भारत लेकर पहुंची। सौरभ को कल तक रायपुर की CBI कोर्ट में पेश करना है सौरभ चंद्राकर को 1 नवंबर 2026 को ओमान से भारत लाया गया। इसके बाद 2 नवंबर को दिल्ली की राउज एवेन्यू कोर्ट में पेश किया गया। यहां CBI ने उसे रायपुर ले जाकर पूछताछ और आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए दो दिन की ट्रांजिट रिमांड हासिल की। हालांकि, कोर्ट में सौरभ के वकील ने उसकी गिरफ्तारी को ही चुनौती दी। उनका तर्क था कि ओमान से प्रत्यर्पण की मंजूरी ED के मनी लॉन्ड्रिंग केस में मिली थी, CBI के केस में नहीं। कोर्ट ने दो दिन की ट्रांजिट रिमांड देते हुए उसे 4 नवंबर तक रायपुर कोर्ट में पेश करने का आदेश दिया। साथ ही कहा कि सौरभ की गिरफ्तारी पर फैसला रायपुर की संबंधित विशेष अदालत करेगी। …………………….. इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें कपड़ा-जूस बेचने वाले से सट्टा किंग बनने की इनसाइड-स्टोरी:12,000 की नौकरी, 200 करोड़ की शादी; पढ़िए सौरभ चंद्राकर से जुड़े 10 किस्से छत्तीसगढ़ के भिलाई में कपड़े की दुकान पर काम करने और जूस की दुकान चलाने वाला सौरभ चंद्राकर आज महादेव ऑनलाइन बेटिंग ऐप केस का चर्चित चेहरा है। CBI आज उसे रायपुर की विशेष अदालत में पेश करने वाली है। पढ़ें पूरी खबर
हरियाणा में कांग्रेस नेता का मर्डर:सौतेले भाई ने सिर पर डंडे बरसाए; सिरसा में 35 एकड़ जमीन के विवाद
सिरसा जिले के कालांवाली में मंगलवार को कांग्रेस के युवा हलका अध्यक्ष लवप्रीत सिंह सरा (30) की खेत में पीट-पीटकर हत्या कर दी गई। घटना में उनके पिता नाजम सिंह भी घायल हो गए। शुरुआती जानकारी के अनुसार, परिवार में करीब 35 एकड़ जमीन को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते दोनों पक्षों में झगड़ा हुआ। पुलिस के अनुसार, घटना मंगलवार सुबह करीब 11 बजे कालांवाली गांव के खेतों में हुई। उस समय लवप्रीत के पिता, बड़े भाई गुरलाल और अन्य लोग भी मौके पर मौजूद थे। झगड़े के दौरान लवप्रीत पर लाठी-डंडों से हमला किया गया, जिससे उनकी मौत हो गई। हमलावर अभी फरार हैं। पुलिस के मुताबिक, उनके पकड़े जाने और घायल पिता के बयान दर्ज होने के बाद घटना की पूरी जानकारी सामने आ सकेगी। परिवार की ओर से बड़े भाई की भूमिका को लेकर अभी पुष्टि नहीं की गई है। 35 एकड़ जमीन को लेकर परिवार में विवाद जानकारी के अनुसार, लवप्रीत के पिता नाजम सिंह की 2 शादियां हुई थीं। पहली शादी से एक बेटा और एक बेटी हैं, जबकि दूसरी शादी से लवप्रीत इकलौती संतान थे। परिवार के पास गांव में करीब 35 एकड़ जमीन है। इसी जमीन को लेकर दोनों परिवारों के बीच विवाद चल रहा था। लवप्रीत के सौतेले बड़े भाई गुरलाल करीब 7-8 महीने पहले परिवार से अलग रहने लगे थे। जमीन को लेकर पिता और दोनों भाइयों के परिवारों के बीच पहले पंचायत भी हो चुकी थी। मंगलवार को खेत में हुए झगड़े के दौरान लवप्रीत की जान चली गई। हालांकि, घटना में किसकी क्या भूमिका रही, यह पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगा। 4-5 साल पहले हुई थी शादी, 3 साल का बेटा करीब 30 वर्षीय लवप्रीत सिंह खेती-बाड़ी करते थे। उनकी शादी करीब 4-5 साल पहले हुई थी और उनका 3 साल का एक बेटा है। वह अक्सर पगड़ी पहनते थे। कांग्रेस पार्टी में अक्सर रहे एक्टिव लवप्रीत सिंह राजनीतिक तौर पर कांग्रेस पार्टी में एक्टिव रहते थे। चाहे वह कालांवाली विधायक शीशपाल के साथ कार्यक्रम में या हलका व जिला स्तर पर पार्टी के प्रदर्शन या कार्यक्रम में एक्टिव रहते थे। हर कार्यक्रम में भागीदारी होती थी। कांग्रेस के कार्यक्रमों में रहते थे सक्रिय लवप्रीत सिंह कांग्रेस पार्टी में सक्रिय थे। वह कालांवाली विधायक शीशपाल कहरवाला के साथ होने वाले कार्यक्रमों के अलावा हलका और जिला स्तर पर पार्टी के प्रदर्शनों व अन्य गतिविधियों में भी भाग लेते थे। हाल ही में दिल्ली में हुए वोट चोरी प्रदर्शन में शामिल होने के लिए वह यूथ प्रदेशाध्यक्ष मोहित शर्मा के साथ दिल्ली गए थे। बीते दिनों कांग्रेस जिलाध्यक्ष संतोष बेनीवाल के बेटे नीतेश बेनीवाल की रिसेप्शन पार्टी में भी वह दड़बा कलां में आयोजित कार्यक्रम में नजर आए थे।
कन्नौज के जिला अस्पताल में प्रसूता को एनेस्थीसिया देने के बदले 5 हजार रुपये रिश्वत मांगने के आरोपी डॉक्टर के खिलाफ निलंबन की कार्रवाई के डिप्टी सीएम बृजेश पाठक ने निर्देश दिए हैं। आरोप है कि डॉक्टर रविंद्र कुमार ने 29 अक्टूबर को रिश्वत नहीं मिलने पर गुखरू गांव निवासी प्रसूता साक्षी पटेल को बिना एनेस्थीसिया का इंजेक्शन लगाए ही वापस कर दिया था। इसके बाद साक्षी के पति प्रांशु ने समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण से शिकायत की थी। इस मामले को लेकर मंत्री असीम अरुण मंगलवार करीब 11 बजे जिला अस्पताल पहुंचे और निरीक्षण किया। यहां उन्होंने सीएमएस गोपाल नारायण द्विवेदी व आरोपी डॉक्टर से बातचीत की, लेकिन डॉक्टर रविन्द्र कुमार कोई संतोषजनक जवाब नहीं दे सके। जिसके बाद मंत्री असीम अरुण ने डिप्टी सीएम बृजेश पाठक को मामला बताया। कहा कि मैंने खुद अस्पताल पहुंचकर जांच की। ऐसे भ्रष्ट डॉक्टर पर कार्यवाही जरूरी है। ऐसे में डिप्टी सीएम ने सीएमओ को डॉक्टर रविन्द्र कुमार को सस्पेंड करने के निर्देश दे दिए। ये था मामला गुखरू गांव कर रहने वाले प्रांशु कटियार अपनी गर्भवती पत्नी साक्षी पटेल को जिला अस्पताल में प्रसव के लिए 29 अक्टूबर को ले गए थे। महिला को ऑपरेशन से पहले एनेस्थीसिया दिया जाना था। आरोप है कि इस दौरान डॉक्टर रविंद्र कुमार ने महिला के परिजनों से 5 हजार रुपये की मांग की। रकम न देने पर प्रसूता को बिना इंजेक्शन लगाए ही वापस कर दिया गया। इसके बाद परिजन महिला को तिर्वा स्थित राजकीय मेडिकल कॉलेज ले गए, जहां ऑपरेशन के बाद सुरक्षित प्रसव कराया गया। मंत्री असीम अरुण ने स्पष्ट कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की सरकार में भ्रष्टाचार और लापरवाही किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सरकारी अस्पतालों में मरीजों को बेहतर इलाज उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। मरीजों और उनके परिजनों से इलाज के नाम पर अवैध वसूली करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे पर मंगलवार सुबह बैलेंस बिगड़ने पर SUV करीब 20 फीट नीचे सर्विस रोड पर जा गिरी। हाईवे से नीचे गिरने के बाद कार दीवार से टकराकर रुक गई। टक्कर में कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। हालांकि, सीट बेल्ट के कारण कार में सवार दोनों युवक सुरक्षित बच गए। युवक दिल्ली से उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए रवाना हुए थे। हादसा कैथून थाना क्षेत्र में अरंडखेड़ा के पास का है। नींद की झपकी आने पर कार का बैलेंस बिगड़ा कैथून थानाधिकारी मनोज सिंह सिकरवार ने बताया कि सुबह करीब 6:30 बजे ग्रामीणों की सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची। कार में दिल्ली के द्वारका मोड विपिन एक्सटेंशन निवासी विक्रांत सिंह राजपूत और उसका चचेरा भाई मोहित कुमार राजपूत सवार थे। दोनों सोमवार रात दिल्ली से उज्जैन में महाकाल दर्शन के लिए रवाना हुए थे। कार चला रहे मोहित ने बताया कि वह फार्मा कंपनी में काम करता है। रास्ते में अचानक उसे नींद की झपकी आ गई। इस दौरान कार का बैलेंस बिगड़ गया। आंख खुलने पर उसने तुरंत ब्रेक लगाकर रफ्तार कम करने की कोशिश की लेकिन SUV हाईवे से नीचे जा गिरी और दीवार से टकरा गई। एनएचएआई की टीम और पुलिस ने क्षतिग्रस्त गाड़ी सर्विस सेंटर भिजवाई और वापस दिल्ली लौट गए। हादसे में दोनों भाइयों को कोई चोट नहीं आई। मौके पर एनएचएआई की टीम और पुलिस ने स्थिति संभाली। इसके बाद दोनों ने क्षतिग्रस्त गाड़ी सर्विस सेंटर भिजवाई और वापस दिल्ली लौट गए।
दमोह के समन्ना गांव में चोरी के मामले में नाम बताने पर एक युवक को डंडों से पीटने का मामला सामने आया है। आरोपी साहब पटेल ने अपने साथी के साथ मिलकर छोटेलाल पटेल पर हमला किया। मारपीट में छोटेलाल के पैर में फ्रैक्चर हुआ है। उसे जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना का वीडियो मंगलवार दोपहर सोशल मीडिया पर वायरल हुआ। पुलिस ने आरोपी पर मामला दर्ज कर लिया और तलाश शुरू कर दी है। देखिए तीन तस्वीरें… सुबह घूमने निकला था, तभी किया हमला घायल छोटेलाल पटेल ने बताया कि घटना करीब 6 दिन पुरानी है। वह सुबह करीब 6 बजे घूमने जा रहा था, तभी साहब पटेल ने अपने साथी के साथ उसे पकड़ लिया और डंडों से पीटना शुरू कर दिया। छोटेलाल के मुताबिक, चोरी के एक मामले में पुलिस ने उसे पकड़ा था। पूछताछ के दौरान उसने पुलिस को साहब पटेल का नाम बताया था। इसके बाद पुलिस ने साहब पटेल के खिलाफ भी मामला दर्ज किया था। जेल से छूटकर घर लौटने के दौरान उस पर हमला किया गया। छोटेलाल ने बताया कि उसने मारपीट का वीडियो बनवाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट किया था। देहात थाना पुलिस ने साहब पटेल के खिलाफ मारपीट का मामला दर्ज कर उसकी तलाश शुरू कर दी है। वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी पर केस देहात थाना प्रभारी धर्मेंद्र उपाध्याय ने बताया कि छोटेलाल पटेल के साथ साहब पटेल ने डंडों से मारपीट की थी। वीडियो वायरल होने के बाद आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। चोरी के मामले में पकड़े गए छोटेलाल ने पूछताछ में साहब पटेल का नाम बताया था। इसी बात को लेकर विवाद हुआ और आरोपी ने उस पर हमला कर दिया। थाना प्रभारी ने बताया कि आरोपी फरार है। उसके खिलाफ पहले भी मामले दर्ज हो चुके हैं। एनएसए की कार्रवाई के लिए पुलिस अधीक्षक ने फाइल कलेक्ट्रेट भेजी है।
बई से गोरखपुर आने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट SG 553 एक नवंबर को अचानक रद्द हो गई। इससे नाराज यात्रियों ने एयरपोर्ट पर हंगामा किया। कुछ यात्री विमान के पास ही रनवे पर सोने लगे। इनमें से एक महिला ने वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर पोस्ट कर दिया। महिला यात्री ने कहा- मैंने जिंदगी में कभी नहीं सोचा था कि एयरपोर्ट पर प्लेन के नीचे इस तरह लेटना पड़ेगा। बेचारे ये स्पाइसजेट एयरलाइन…। यात्री बोला- यह कैसा भद्दा मजाक है.. एक अन्य यात्री ने कहा- स्पाइसजेट, यह बेहद शर्मनाक है! फ्लाइट SG553 का निर्धारित समय शाम 5:55 बजे था। आपने बार-बार समय बदला, हमें विमान में बैठाया, सुरक्षा संबंधी पूरी जानकारी दी और करीब एक घंटे तक अंदर बैठाए रखा। इसके बाद अचानक घोषणा कर दी कि रात 8 बजे लैंडिंग पर पाबंदी के कारण फ्लाइट रद्द कर दी गई है। यह कैसा भद्दा मजाक है? देखिए 2 तस्वीरें… रनवे पर बैग का तकिया बनाकर सोए यात्री वीडियो में कई यात्री अपने सामान के साथ जमीन पर बैठे और लेटे नजर आ रहे हैं। कुछ ने बैग को तकिया बना लिया। इस दौरान CISF के जवान भी वहां सुरक्षा की निगरानी करते दिखे। यात्रियों ने पूछा- रात 9 बजे तक ही अनुमति थी तो बोर्डिंग क्यों कराई? फ्लाइट रद्द होने के बाद यात्रियों को विमान के पास ही रात बितानी पड़ी। उन्होंने सवाल उठाया कि जब गोरखपुर एयरपोर्ट पर रात 9 बजे के बाद उड़ानों के संचालन की अनुमति नहीं है, तो उन्हें बोर्डिंग क्यों कराई गई? अचानक फ्लाइट रद्द होने से यात्रियों को काफी परेशानी हुई। रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित होता है एयरपोर्ट गोरखपुर एयरपोर्ट रक्षा मंत्रालय के अधीन संचालित होता है। यहां विमानों के संचालन के लिए रात 9 बजे तक का वॉच आवर निर्धारित है। एक नवंबर को इस समय सीमा को बढ़ाने की अनुमति नहीं मिली। इसी वजह से मुंबई से आने वाली स्पाइसजेट की फ्लाइट संचालित नहीं हो सकी। अगले दिन अतिरिक्त फ्लाइट से यात्रियों को पहुंचाया स्पाइसजेट के प्रवक्ता ने बताया- उड़ान रद्द होने की वजह गोरखपुर एयरपोर्ट पर लागू परिचालन समय की पाबंदी थी। यात्रियों की असुविधा को देखते हुए 2 नवंबर को अतिरिक्त व्यावसायिक उड़ान SG9553 संचालित की गई। इसके जरिए रद्द हुई फ्लाइट के यात्रियों को उनके गंतव्य तक पहुंचाया गया। ------ ये खबर भी पढ़ें जलपरी शो का टैंक फटा, 4 बच्चों समेत 15 घायल:सिर-चेहरे में कांच घुसे, 20 हजार लीटर पानी भरा था; बहराइच मेले में हादसा बहराइच मेले में जलपरी शो का पानी से भरा टैंक अचानक फट गया। हादसा जिस वक्त हुआ, उस वक्त 40 लोग शो देख रहे थे। टैंक फटने से 20 हजार लीटर पानी झटके से बाहर आया। पढ़िए पूरी खबर…
अलवर में इस बार प्याज की शुरुआती फसल किसानों को अच्छा भाव दे रही है। मंडी में प्याज के भाव 1300 से 1700 रुपए प्रति मण (कट्टा) तक मिल रहे हैं। पिछले साल प्याज के दाम कम रहने से किसानों को लागत निकालना भी मुश्किल हो गया था। ऐसे में इस बार अच्छे भाव मिलने से किसानों के चेहरे खिले हुए हैं। हालांकि, किसानों की चिंता अभी पूरी तरह खत्म नहीं हुई है। पिछेती प्याज की फसल में रोग लगने और सफेदी आने की आशंका बनी हुई है। इससे उत्पादन प्रभावित होने का डर है। फिलहाल अलवर मंडी में प्रतिदिन करीब 20 हजार कट्टे प्याज की आवक हो रही है। प्याज व्यापारी सौरभ कालरा के अनुसार, पिछले दिनों बारिश के कारण मंडी में प्याज की आवक धीमी हो गई थी। अब धीरे-धीरे आवक बढ़ रही है। अनुमान है कि दीपावली के बाद मंडी में प्रतिदिन प्याज की आवक 50 हजार कट्टों के पार पहुंच सकती है। रोग-सफेदी की शिकायत, 25 फीसदी प्याज खराब होने की आशंका व्यापारी सौरभ कालरा ने बताया कि अक्टूबर के आखिरी दिनों में हुई बारिश से प्याज की ग्रोथ प्रभावित होने की आशंका है। कई जगह फसल में रोग और सफेदी की शिकायत भी सामने आ रही है। इससे करीब 20 से 25 प्रतिशत प्याज खराब होने की आशंका जताई जा रही है। प्याज की एक बीघा खेती में करीब 70 हजार रुपए की लागत इधर, पृथ्वीपुरा निवासी किसान बहादुर सिंह ने बताया कि उन्होंने करीब 4 से 5 बीघा में प्याज की बुवाई की है। एक बीघा में करीब 70 हजार रुपए की लागत आई है। बीज खरीदने और अन्य खर्चों के कारण लागत बढ़ गई है। उनका कहना है कि इस बार प्याज के भाव तो अच्छे मिल रहे हैं, लेकिन मजदूरी और अन्य खर्च निकल सकते है। इस बार शुरुआती फसल से किसानों को अच्छे भाव की उम्मीद है, लेकिन पिछेती फसल में रोग लगने की आशंका ने उनकी चिंता बढ़ा दी है।
हरदा जिले में फसल कटाई के बाद खेतों में नरवाई और फसल अवशेष जलाने पर प्रतिबंध लगा दिया गया है। कलेक्टर एवं जिला दंडाधिकारी कुमार सत्यम ने भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 के तहत आदेश जारी किया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। धान, गेहूं, मक्का और अन्य फसलों के अवशेष जलाने पर रोक रहेगी। नियम तोड़ने पर खेत के रकबे के आधार पर 2,500 से 15 हजार रुपए तक अर्थदंड लगाया जाएगा। रकबे के हिसाब से लगेगा जुर्माना आदेश के अनुसार, दो एकड़ तक जमीन वाले किसान पर नरवाई जलाने पर 2,500 रुपए, दो से पांच एकड़ तक जमीन वाले किसान पर 5,000 रुपए और पांच एकड़ से अधिक जमीन वाले किसान पर प्रत्येक घटना के लिए 15 हजार रुपए का अर्थदंड लगाया जाएगा। इसके अलावा राष्ट्रीय हरित अधिकरण (NGT) के निर्देशों के अनुसार पर्यावरण मुआवजा भी वसूला जाएगा। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 163 और 223 के तहत कार्रवाई भी की जा सकेगी। अर्थदंड और पर्यावरण मुआवजा निर्धारित करने के लिए संबंधित क्षेत्र के एसडीएम को अधिकृत किया गया है। कंबाइन से कटाई के दौरान स्ट्रा मैनेजमेंट जरूरी कंबाइन हार्वेस्टर संचालकों को स्ट्रा मैनेजमेंट सिस्टम या स्ट्रा रीपर मशीन का इस्तेमाल करना अनिवार्य किया गया है। फसल कटाई के बाद खेत में बचे अवशेषों से मौके पर ही भूसा तैयार कर उसका निपटान करना होगा। कंबाइन संचालकों को कटाई शुरू करने से पहले सहायक कृषि यंत्री कार्यालय में पंजीयन कराना होगा। उन्हें तय निर्देशों के अनुसार कटाई पंजी भी रखना होगा। इसकी निगरानी जिला परिवहन अधिकारी करेंगे। स्ट्रा रीपर और गौशालाओं के बीच होगा अनुबंध आदेश में उप संचालक, पशुपालन एवं डेयरी विभाग को जिले की गौशालाओं की मैपिंग कराने के निर्देश दिए गए हैं। इसके बाद स्ट्रा रीपर संचालकों और गौशाला संचालकों के बीच अनुबंध कराया जाएगा, ताकि खेतों से निकलने वाले फसल अवशेषों का उपयोग पशु आहार के रूप में किया जा सके। ट्रांसफार्मर के आसपास 1010 फीट जगह खाली रखनी होगी बिजली कंपनी के अधीक्षण यंत्री को खेतों के पास लगे ट्रांसफार्मरों के आसपास 1010 फीट का क्षेत्र खाली रखने के निर्देश दिए गए हैं। इसका उद्देश्य चिंगारी या शॉर्ट सर्किट से आग लगने की घटनाओं को रोकना है।
उदयपुर में कोटड़ा उपखंड की मंडवाल पंचायत में जीते हुए सरपंच और पुलिस पार्टी को ले जाने वाली बस पर पथराव हो गया। मामले में करीब 15 लोगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। ड्यूटी पर तैनात एएसआई चन्द्रदीप परमार ने पुलिस को दी रिपोर्ट में बताया कि घटना 30 अक्टूबर 2026 की है। पंचायत चुनाव के बाद जीते हुए सरपंच करण कुमार कागवा को बोलेरो गाड़ी से उनके घर ले जाते समय करीब 30 से 40 लोगों ने रास्ता रोक लिया था। उन्होंने मोबाइल पार्टी की बोलेरो गाड़ी पर अचानक पथराव कर दिया। बस के सभी शीशे पत्थर मारकर तोड़े आरोपियों ने मोबाइल पार्टी की बोलेरो गाड़ी और पुलिस पार्टी को ले जाने वाली बस के सभी शीशे पत्थर मारकर तोड़ दिए। आरोपियों ने पुलिस पार्टी और पुलिस दल के सरकारी काम में बाधा डाली और सरकारी संपत्ति को नुकसान पहुंचाया। मामले में पुलिस ने 15 नामजद सहित अन्य आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करते हुए उनकी तलाश शुरू कर दी है। सरपंच ने 912 मतों से जीत दर्ज की जानकारी अनुसार सरकारी सी.सैकंडरी स्कूल मंडवाल स्थित मतदान केन्द्र संख्या 60, 61 और 62 पर सरपंच एवं वार्ड पंच पद के लिए मतदान हुआ था। चुनावी रिजल्ट में करण कुमार पुत्र रमेश चन्द्र कागवा ने 912 मतों से जीत हासिल की। इसके बाद रात करीब 10:30 बजे पराजित प्रत्याशी और उनके समर्थकों पर विजयी प्रत्याशी को केन्द्र से बाहर नहीं निकलने देने का आरोप लगा। पुलिस जब जीते हुए सरपंच को लेकर गई तो उनके वाहनों पर पथराव किया गया। बाद में पुलिस ने भीड़ को तितर-बितर कर विजयी प्रत्याशी को सुरक्षा के बीच उनके घर पहुंचाया।
कनाडा में पंजाब और हरियाणा के 2 युवकों की मौत हो गई। तरनतारन जिले के पट्टी के 28 वर्षीय ट्रक ड्राइवर सिमरनजीत सिंह की ट्रेन की चपेट में आने से जान गई। टोरंटो में हरियाणा के प्रदीप कुमार की भी मौत हुई। दोनों परिवार शव भारत लाने की तैयारी कर रहे हैं। जानकारी के मुताबिक, सिमरनजीत सिंह 31 अक्टूबर को घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। दोस्तों ने उन्हें कई बार फोन किया, पर जवाब नहीं मिला। बाद में उनकी मौत की खबर मिली। रिपोर्ट के मुताबिक, उनका शव रेलवे ट्रैक पर मिला। सिमरनजीत सिंह करीब 5 साल पहले कनाडा गया था। वह ब्रैम्पटन में रहते थे और ट्रकिंग इंडस्ट्री में काम करते थे। शव भारत भेजने और परिवार की मदद के लिए गोफंडमी पेज बनाया किचनर के नवप्रीत सिंह ने सिमरनजीत सिंह का शव भारत भेजने और परिवार की मदद के लिए गोफंडमी पेज बनाया है। पेज के जरिए 12 हजार डॉलर से ज्यादा जुटाए जा चुके हैं। सिमरनजीत सिंह के शव को भारत भेजने के इंतजाम किए जा रहे हैं। इनपुट में उन्हें मेहनती और नेकदिल बताया गया है। वह परिवार की देखभाल और जरूरतें पूरी करने के लिए काम करते थे। टोरंटो में हरियाणा निवासी प्रदीप कुमार की भी मौत इसी दौरान टोरंटो में हरियाणा के सोनीपत जिले के निवासी प्रदीप कुमार की अचानक मौत होने की दुखद खबर सामने आई है। स्कारबोरो निवासी अनिल गोदारा की ओर से स्थापित गोफंडमी पेज के अनुसार, प्रदीप कुमार फूड डिलीवरी ड्राइवर के रूप में काम करता था। वह पिछले 4 वर्षों से कनाडा में रह रहा था और इस दौरान एक बार भी भारत नहीं आया। शव को भारत भेजने के प्रबंध किए जा रहे प्रदीप कुमार के माता-पिता अपने बेटे का चेहरा अंतिम बार देखना चाहते हैं। इसी उद्देश्य से उसके शव को भारत भेजने के प्रबंध किए जा रहे हैं। दोनों युवकों की असमय मौत से उनके परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। कनाडा में रहने वाले भारतीय समुदाय के लोग भी पीड़ित परिवारों की सहायता के लिए आगे आ रहे हैं।
झुंझुनूं के छापोली गांव में सोमवार को सड़क बना रहे आठ मजदूरों की करंट लगने से मौत हो गई। ये सड़क वन विभाग की संरक्षित भूमि पर बिना अनुमति बन रही थी। आचार संहिता के बीच 3 टीमें युद्धस्तर पर काम कर रही थीं, ताकि चुनावों से पहले सड़क पूरी बन जाए। मामले में सबसे बड़ा सवाल है कि बिना अनुमति सड़क निर्माण किसने शुरू कराया? जवाब जानने के लिए भास्कर रिपोर्टर ने मृतकों के रिश्तेदारों और गांव वालों से बात की। एक मृतक के परिजनों का कहना था कि निर्माण में पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी का दबाव था। उन्होंने कहा था- अगर हम पंचायत समिति सदस्य की सीट यहां से जीत जाएंगे तो सड़क बन जाएगी, वरना नहीं। वहीं भास्कर से बातचीत में पूर्व एमएलए ने सारे आरोपों को गलत ठहराया। उन्होंने कहा- कांग्रेसियों ने गांव वालों को उकसाया है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… 13 दिन पहले पूर्व विधायक से की थी निर्माण दोबारा शुरू कराने की मांग भास्कर पड़ताल में सामने आया कि करीब 13 दिन पहले गांव वालों ने शुभकरण चौधरी से मीटिंग में इस सड़क का निर्माण दाेबारा स्टार्ट कराने की मांग की थी। इसके बाद काम शुरू हुआ। मृतक ठेकेदार विष्णु के भाई बीरबल सिंह ने भी बताया था कि राजनीति के चलते ही उन पर इस एक महीने में पूरे होने वाले काम को 3 नवंबर की वोटिंग से पहले पूरा करने का दबाव था। यही वजह थी कि एक साथ तीन-तीन मशीन व टीम लगाकर इस कार्य को पूरा करवाया जा रहा था। उन्होंने जब बताया कि काम में 25 दिन लगेंगे तो तो काम किसी दूसरे ठेकेदार को देने की बात कही। बीरबल ने बताया कि घटना के वक्त वो खुद कदंब कुंड के पास सीसी सड़क डाल रहे थे। हादसे का पता चलने पर मौके पर पहुंचे, तब तक आठ मजदूर दम तोड़ चुके थे। पूर्व विधायक शुभकरण चौधरी ने कहा- मुझे तो कोई जानकारी ही नहीं थी कि वहां कोई सड़क भी बन रही है। हालांकि कुछ दिनों पहले गांव वालों ने मुझे बुलाया था और वहां इस सड़क निर्माण को करवाने की बात कही थी। लेकिन तब भी मैंने उन्हें स्पष्ट बता दिया था कि ये फॉरेस्ट का मामला है, इसमें मैं कुछ मदद नहीं कर सकता हूं। आप जिसे चाहे वोट दे, लेकिन ये काम मैं नहीं करवा सकता हूं। चुनाव से पहले सड़क पूरी करने की जल्दबाजी इस पूरे मामले में सड़क निर्माण की टाइमिंग भी कई सवाल खड़े करती है। चुनाव से ठीक पहले इस रास्ते पर सीसी सड़क का निर्माण कराया जा रहा था। स्थानीय स्तर पर दावा है कि आचार संहिता के बीच ठेकेदार पर काम जल्द से जल्द पूरा करने का दबाव था। निर्माण कार्य तीन अलग-अलग हिस्सों में बांटकर कराया जा रहा था। हर हिस्से में अलग-अलग लेबर टीम लगाई गई थी। झुंझुनूं एसपी कावेंद्र सागर के अनुसार, प्रारंभिक जानकारी में सामने आया है कि सड़क निर्माण ग्रामीणों ने आपसी सहयोग से चंदा जुटाकर कराया था। उन्होंने यह भी कहा कि निर्माण कार्य इतनी तेजी से क्यों कराया जा रहा था, इसकी विस्तृत जानकारी जांच के बाद ही सामने आएगी। ग्रामीण सुभाष कुमावत ने बताया कि कदंब कुंड इस इलाके का बड़ा धार्मिक स्थान है। सड़क सही नहीं होने से बारिश में यहां आने वाले लोगों को परेशानी होती थी। यहां वन विभाग की चौकी भी है, लेकिन पिछले 2 महीनों से कोई स्टाफ यहां नहीं रहता है। इस तरह करंट की चपेट में आए मजदूर सड़क निर्माण के दौरान अचानक मिक्श्चर मशीन ढलान से लुढ़कने लगी। उसे पकड़ने के लिए सभी मजदूर और ठेकेदार दौड़े। उन्हें पता ही नहीं चला कि मशीन का हाइड्रोलिक जैक ऊपर से गुजर रही हाईवोल्टेज लाइन को टच हो गया और वो सभी करंट की चपेट में आ गए। हादसे में हालेड़ा मंडावरा निवासी हरिराम गुर्जर (30), मंगलचंद गुर्जर (22), कालूराम गुर्जर (29) और पवन गुर्जर (23), छापोली निवासी विष्णु सैनी (38), सुरेंद्र उर्फ सुरेश सैनी (30), मुकेश सैनी (27) और उदयपुरवाटी निवासी नितेश सैनी (32) की मौत हो गई। वहीं पांच अन्य मजदूर घायल हो गए, जिनका उदयपुरवाटी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। ….. ये खबरें भी पढ़ें… 1. राजस्थान में करंट लगने से 8 मजदूरों की मौत:झुंझुनूं में सड़क बनाते समय मशीन हाईटेंशन लाइन की चपेट में आई; गांववालों का 7 घंटे बाद धरना खत्म 2. चंदा जुटाकर जिस सड़क को बना रहे थे, वहीं मौत:सड़क पर बिखरीं चप्पलें, जले कपड़े; ठेकेदार समेत 8 की सांसे थमीं
जगराओं: फाजिल्का से संतरे और माल्टे भरकर लुधियाना जा रही महिंद्रा बोलेरो सोमवार देर रात जगराओं-लुधियाना हाईवे पर राजा ढाबा के सामने पलट गई। अचानक सड़क पर आए जानवर को बचाने के लिए चालक द्वारा कट मारने के दौरान गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और वह सड़क पर पलट गई। हादसे में गाड़ी में सवार लोगों को मामूली चोटें आईं, जबकि बड़ा हादसा टल गया। हादसा रात करीब 12 बजे हुआ। घटना के बाद आसपास मौजूद लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू करते हुए गाड़ी में फंसे चालक को बाहर निकाला और पलटी हुई गाड़ी को सीधा करवाया। अचानक जानवर आने से हुआ हादसा इस संबंध में गाड़ी चालक अशोक कुमार ने बताया कि वह फाजिल्का से माल्टों से भरी गाड़ी लेकर लुधियाना जा रहा था। जैसे ही वह जगराओं-लुधियाना हाईवे पर राजा ढाबा के नजदीक पहुंचा, अचानक सड़क पर एक जानवर आ गया। उसे बचाने के लिए कट मारने के दौरान गाड़ी का संतुलन बिगड़ गया और बोलेरो पलट गई। उधर, थाना सिटी-2 के प्रभारी आत्मा सिंह ने बताया कि पुलिस को इस घटना संबंधी कोई सूचना नहीं मिली है और न ही किसी के घायल होने की जानकारी उनके पास है।
दीपावली पर पटाखा दुकानों में आगजनी या किसी हादसे की आशंका को देखते हुए रायपुर पुलिस ने सुरक्षा जांच शुरू कर दी है। टिकरापारा क्षेत्र के लाखे नगर स्थित हिंद स्पोर्टिंग ग्राउंड में पुलिस, फायर ब्रिगेड, बिजली विभाग और नगर निगम की संयुक्त टीम ने पटाखा दुकानों का निरीक्षण किया। इस दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने मॉक ड्रिल कर दुकानदारों को आग बुझाने का तरीका भी सिखाया। निरीक्षण के दौरान टीम ने दुकानों में पटाखों के रखरखाव, बिजली की वायरिंग और आग बुझाने वाले उपकरणों की उपलब्धता जांची। दुकानदारों को सुरक्षा नियमों की जानकारी दी गई। टीम ने दुकानदारों को बताया कि पटाखों के भंडारण और बिक्री में लापरवाही आगजनी का कारण बन सकती है। इसलिए तय सुरक्षा मानकों के अनुसार ही पटाखे रखें और बेचें। साथ ही दुकानों में अग्निशमन उपकरण उपलब्ध रखने के निर्देश दिए गए। सुरक्षा नियमों का पालन करने के निर्देश संयुक्त टीम ने दुकानदारों को दुकानों में आग बुझाने वाले यंत्र रखने और किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए तैयार रहने को कहा। पुलिस ने निर्देश दिए कि आग लगने या किसी दुर्घटना की स्थिति में तुरंत संबंधित विभागों को सूचना दें। पटाखों की बिक्री और भंडारण में सुरक्षा नियमों की अनदेखी न करें। फायर ब्रिगेड ने मॉक ड्रिल कर सिखाया आग बुझाने का तरीका निरीक्षण के दौरान फायर ब्रिगेड की टीम ने मॉक ड्रिल कर फायर एक्सटिंग्विशर चलाने का तरीका बताया। दुकानदारों को समझाया गया कि आग लगने पर अग्निशमन यंत्र का इस्तेमाल कर शुरुआती स्तर पर आग को कैसे बुझाया जा सकता है। वहीं बिजली विभाग ने दुकानों की वायरिंग और बिजली के उपकरणों को लेकर सावधानी बरतने के निर्देश दिए। प्रशासन का उद्देश्य दीपावली के दौरान पटाखा दुकानों में आग लगने की घटनाओं को रोकना और दुकानदारों के साथ खरीदारी करने आने वाले लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
मथुरा वृंदावन नगर निगम द्वारा आयोजित बैठक में पार्षदों ने जमकर हंगामा किया। सभी पार्षदों के वार्ड में समान काम न होने का आरोप लगाते हुए कुछ पार्षदों ने नाराजगी जताई और सदन का कुछ समय के लिए बहिष्कार किया। वहीं परिचर्चा के लिए बुलाई बैठक में एजेंडा दे दिए जाने से भी पार्षद नाराज नजर आए। पार्षदों ने कहा कि यह परिचर्चा बैठक थी या बोर्ड बैठक समझ ही नहीं आया। वंदे मातरम से शुरू हुई बैठक मथुरा वृंदावन नगर निगम के सदन कक्ष में उप सभापति मुकेश सारस्वत की अध्यक्षता में बैठक की गई। बैठक की शुरुआत नगर आयुक्त ओजस्वी राज की मौजूदगी में वंदे मातरम से की गई। इसके बाद सभी पार्षदों को 34 बिंदुओं का एजेंडा दे दिया गया। जिसके बाद पार्षद नगर आयुक्त से पूछते हुए नजर आए कि यह बैठक परिचर्चा पर है या फिर बोर्ड बैठक। इसको लेकर पार्षदों ने नाराजगी जताई। पार्षदों का कहना था अगर यह बोर्ड मीटिंग थी तो पहले 72 घंटे पहले एजेंडा क्यों नहीं दिया। अधिकारियों पर लगाए मनमानी के आरोप बैठक में मौजूद पार्षदों ने अधिकारियों पर मनमानी के आरोप लगाए गए। पार्षदों ने कहा उनके वार्ड में काम होते हैं लेकिन उनको जानकारी ही नहीं दी जाती। पार्षद नीलम गोयल ने निर्माण विभाग के चीफ इंजीनियर संजय चौहान पर आरोप लगाया वह उनके ऑफिस के चक्कर लगाते रहते हैं लेकिन वह मिलते ही नहीं। पार्षद संजय ने कहा कि उनके वार्ड में 50 लाख तक के काम नहीं कराए जा रहे। इस पर चीफ इंजीनियर ने कहा कि सभी वार्ड में काम हो रहे हैं। इस पर पार्षद ने कहा कि टेंडर हो रहे हैं,ठेकेदार कह रहे हैं पेमेंट नहीं हुआ। अप्रैल 2026 की बैठक में 70 लाख के काम के टेंडर आज तक नहीं हुए। अधिकारी लापरवाह पार्षद गुलशन ने आरोप लगाया कि नगर निगम के निचले अधिकारी किसी पार्षद की बात नहीं सुन रहे। नवीन शामिल वार्ड की सड़कों और गलियों को पक्का किया जाए। नगर निगम क्षेत्र के प्राथमिक विद्यालयों की हालत जर्जर है उनको दुरुस्त कराया जाए। नगर आयुक्त कार्यों की समय सीमा तय करें। भाजपा के बुजुर्ग पार्षद बाल कृष्ण चतुर्वेदी ने कहा कि वह नगर निगम में आते हैं अधिकारी मिलते नहीं है,फोन करो तो टालमटोल करते हैं। खबर अपडेट हो रही है
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में युवाओं को तंबाकू की लत से बचाने के लिए 60 दिन का ‘टोबेको फ्री यूथ कैम्पेन 4.0’ शुरू किया गया है। जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता के निर्देश पर शुरू हुआ यह अभियान 28 अक्टूबर से 26 दिसंबर तक चलेगा। इसका उद्देश्य किशोरों और युवाओं को तंबाकू के दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक करना और उन्हें इसकी लत से दूर रखना है। स्कूल-कॉलेजों में होंगे जागरूकता कार्यक्रम अभियान में 14 से 18 साल के किशोरों पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। सीएमएचओ डॉ. आशीष सिंह शेखावत ने बताया कि स्कूलों, कॉलेजों और विश्वविद्यालयों में पोस्टर, बैनर, प्रेजेंटेशन और जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। शिक्षण संस्थानों में तंबाकू मुक्त संस्थान की गाइडलाइन का पालन कराया जाएगा। ग्राम पंचायतों को तंबाकू मुक्त बनाने के लिए भी गतिविधियां होंगी। सोशल मीडिया के जरिए युवाओं तक पहुंचेगा संदेश अभियान के तहत फेसबुक, इंस्टाग्राम और एक्स जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर भी जागरूकता संदेश प्रसारित किए जाएंगे। सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक क्षेत्र की प्रमुख हस्तियों के वीडियो संदेश जारी होंगे। युवाओं को एक से दो मिनट के जागरूकता वीडियो, कविता और संदेश तैयार करने के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा। चयनित सामग्री विभाग के सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर साझा की जाएगी। अभियान की गतिविधियों की रोजाना रिपोर्टिंग भी होगी। नियम तोड़ने वाली दुकानों पर होगी कार्रवाई शिक्षण संस्थानों के आसपास की दुकानों और थड़ियों पर प्रतिबंधित तंबाकू सामग्री मिलने पर नियमानुसार चालान किया जाएगा। जिला तंबाकू नियंत्रण प्रकोष्ठ के जिला कार्यक्रम अधिकारी रविकांत जांगिड़ ने बताया कि अभियान में तंबाकू नियंत्रण कानून-2003 और इलेक्ट्रॉनिक सिगरेट प्रतिबंध अधिनियम-2019 की पालना कराई जाएगी। ई-सिगरेट सहित प्रतिबंधित तंबाकू उत्पादों के इस्तेमाल और बिक्री पर नियमों के अनुसार कार्रवाई होगी। तंबाकू छोड़ने वालों को मिलेगी काउंसलिंग और निकोटीन गम डिप्टी सीएमएचओ डॉ. प्रमोद सिंह भदोरिया ने बताया कि तंबाकू छोड़ने के इच्छुक लोगों को काउंसलिंग दी जाएगी। जरूरत के अनुसार निकोटीन रिप्लेसमेंट थेरेपी के तहत निकोटीन गम भी उपलब्ध कराई जाएगी। इसके अलावा तंबाकू का सेवन करने वाले टीबी मरीजों की पहचान कर उन्हें तंबाकू मुक्ति केंद्रों पर भेजा जाएगा।
गुजरात के अमरेली जिले में गाड़ी में आग लगने से मध्यप्रदेश के आलीराजपुर जिले के दो मजदूरों की मौत हो गई। दोनों गाड़ी में सो रहे थे। मंगलवार सुबह गाड़ी पूरी तरह जली मिली। दोनों के शव अंदर थे। मृतकों की पहचान आलीराजपुर जिले की कठीवाड़ा तहसील निवासी रवि कमलेशभाई बघेल (16) और नितिन रामसिंह पचाया (21) के रूप में हुई है। दोनों मजदूरी करने गुजरात के लीलिया तहसील के गुंदरन गांव गए थे। पैसों और गाड़ी खड़ी करने को लेकर विवाद चल रहा था मृतक रवि के पिता कमलेशभाई ने बताया- वे रात करीब 11 बजे तक जाग रहे थे। इसके बाद सोने चले गए। रात करीब 12:30 बजे उन्हें धमाके जैसी आवाज सुनाई दी। नींद खुलने पर गाड़ी में आग लगी देखी। परिवार का आरोप है कि पैसों के लेन-देन और गाड़ी खड़ी करने को लेकर विवाद चल रहा था। इसी विवाद के चलते विनोद नाम के व्यक्ति ने गाड़ी में आग लगाई। दोनों को जिंदा जलाकर मार दिया। परिवार चार महीने से खेत में मजदूरी कर रहा था खेत मालिक के रिश्तेदार रमेश वालजीभाई काछड़िया के मुताबिक, खेत अश्विनभाई जीवाभाई काछड़िया का है और इसका संचालन उनके भाई सुरेश पटेल करते हैं। यहां बटाईदार परिवार करीब चार महीने से खेती कर रहा था। रमेश ने बताया कि उन्हें रात करीब 1:20 बजे फोन पर घटना की सूचना मिली। इसके बाद उन्होंने पुलिस को जानकारी दी। लीलिया पुलिस और FSL (फॉरेंसिक साइंस टीम) की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। पुलिस और FSL टीम ने मौके से जुटाए साक्ष्य डीवाईएसपी विस्मय मानसता ने बताया- मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। पुलिस ने कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की है। अन्य संदिग्धों की तलाश जारी है। मामले में औपचारिक शिकायत दर्ज करने की प्रक्रिया चल रही है। ……………………. यह खबर भी पढ़ें पुल से 25-फीट नीचे गिरी कार, 4 श्रद्धालु जिंदा जले धार के बदनावर के लेबड़-नयागांव फोरलेन पर पुलिया पर बने डिवाइडर से टकराने के बाद डिजायर कार में आग लग गई। हादसे में कार सवार चार युवकों की जिंदा जलने से मौत हो गई, जबकि गंभीर रूप से घायल एक युवक को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया। पढ़ें पूरी खबर…
कोटा के जवाहर नगर थाना क्षेत्र में सुसाइड करने वाले नाबालिग कोचिंग स्टूडेंट के कमरे से पुलिस को एक सुसाइड नोट मिला। घटना से 2 दिन पहले ही परिजनों की छात्र से बातचीत हुई थी। फोन पर उसने घरवालों को कहा कि वह 5 नवंबर को कोटा से उत्तरप्रदेश के लिए निकलेगा। घटना सोमवार की है। पुलिस ने आज शव का पोस्टमॉर्टम करवाया। मृतक उत्तर प्रदेश के जौनपुर का रहने वाला था और वह पिछले एक साल से कोटा में रहकर इंजीनियरिंग की तैयारी कर रहा था। कमरे से मिला सुसाइड नोट, लिखा-‘मम्मी-पापा सॉरी’ सोमवार को उसने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर सुसाइड कर लिया था। सूचना पर पहुंची पुलिस ने छात्र के कमरे में एक सुसाइड नोट भी मिला था। इसमें उसने अपने माता-पिता से माफी मांगते हुए लिखा था- 'मम्मी-पापा सॉरी।' मंगलवार को परिजनों की मौजूदगी में पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई शुरू करवाई। मामा ने बताया-2 दिन पहले ही हुई थी बात स्टूडेंट के मामा शिव कुमार ने बताया कि दो-तीन दिन पहले ही बच्चे से बात हुई थी। वह 5 नवंबर को घर आने वाला था। उसका ट्रेन का टिकट भी बुक था। परिजनों के मुताबिक बच्चा पढ़ाई में अच्छा था और डिप्रेशन में भी नहीं था। उसने कभी ऐसी कोई परेशानी नहीं बताई। सुसाइड की वजह स्पष्ट नहीं पहले वह निजी कोचिंग में ऑफलाइन पढ़ाई कर रहा था, जबकि इस बार ऑनलाइन कोचिंग से तैयारी कर रहा था। उसने ऐसा कदम क्यों उठाया, इसकी वजह परिवार को भी समझ नहीं आ रही। जवाहर नगर थाने के हेड कांस्टेबल नरेंद्र सिंह ने बताया कि सुसाइड के कारणों का फिलहाल पता नहीं चला है। सुसाइड नोट की भी जांच की जा रही है। परिजनों की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। --- इससे जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… कोटा में नाबालिग कोचिंग छात्र ने हॉस्टल में लगाया फंदा:सुसाइड नोट में लिखा- मम्मी-पापा सॉरी; बाथरूम की चौखट पर लटका मिला
अलवर शहर में घंटाघर व होपसर्कस के चारों तरफ सड़क पर लगी दीए, मोमबत्ती और सजावटी सामान की दुकानों को सोमवार को हटाया गया था। प्रशासन की करीब 10 घंटे की कार्रवाई के दौरान दुकानदार महिलाओं, बुजुर्गों से लेकर उनके छोटे-छोटे बच्चे तक रोते-बिलखते रहे। बुजुर्ग महिला रोते हुए बोलीं- प्रशासन के कहने पर कंपनी बाग में दुकान लगाकर देख लिया। वहां सामान नहीं बिका। सुबह से भूखे-प्यासे है। रोटी तक नसीब नहीं हुई। वे हाथ जोड़कर बोलीं- गरीब आदमी हूं, मत मारो-मत मारो। एक अन्य दुकानदार महिला ने कहा कि- हमारे बच्चे भूखे है। यहां राजा-महाराजा के टाइम से दुकानें लगती आ रही है। हमारी सुनवाई नहीं हो रही है। इस बीच 10 साल का एक बच्चा भी बिलख पड़ा। उसने कहा कि हमने चोरी नहीं की, हमारा परिवार सामान ही तो बेच रहा है। कार्रवाई के दौरान मिन्नत करते दुकानदारों की देखिए PHOTOS रोते हुए बोले- गरीबों के पेट पर लात मत मारो नगर निगम, यूआईटी और पुलिस टीम दुकानदारों का सामान हटा रही थी। तब 10 साल के बच्चे से लेकर 80 साल की बूढ़ी मां की आंखों से आंसू टपकने लगे। प्रशासन ने उन्हें समझाया कि उनके लिए कंपनी बाग में व्यवस्था की गई है। इस पर वे कहने लगे कि कर्ज पर सामान लेकर आए हैं। नई जगह बिक्री नहीं हुई तो भूखे रहना पड़ेगा। 10 साल का बच्चा रोते-रोते बोला कि हमने किसी की चोरी नहीं की है। मेहनत करके खा रहे हैं। फिर भी गरीब के पेट पर लात मार रहे हैं। ये पुलिस आकर दुकानें हटा रही है। ये हमारी तरह गरीब होते तो इनको भी गिड़गिड़ाना पड़ता। हर किसी का समय आता है। भाई को रोता देख 7 साल की बहन उसे चुप कराती रही। बुजुर्ग बोलीं- रोटी भी नहीं खाई, कंपनी बाग में सामान नहीं बिका करीब 80 साल की बूढ़ी मां भगोती पुलिस के सामने दोनों हाथ जोड़कर घबराते हुए बोली…. अरे गरीब आदमी हूं, मत मारो-मत मारो,मैं खुद हटा लूंगी दुकान। बोली-तुम गरीब की आत्मा को सता रहे हो। गरीबों की गर्दन काटने का काम कर रहे हो। हमने दो दिन कंपनी बाग के सामने दुकान लगा ली। एक रुपया की बिक्री नहीं हुई। पूरे दिन से रोटी भी नहीं खाई। राजा-महाराजा के समय से दुकान लगाते आ रहे स्वर्ग रोड की महिला सोमवती ने कहा कि सुबह से भूखे प्यासे हैं। पुलिस ने पानी तक नहीं पीने दिया। हमारे छोटे-छोटे बच्चे हैं। हमें तो माल के पैसे दे दो और तुम ही पूरा सामान ले जाओ। यहां होपसर्कस व घंटाघर पर हम राजा-महाराजा के समय से दुकान लगाते आ रहे हैं। दूसरी महिला ने कहा कि 5 दिन की मोहलत मांगी है। हमने 10 रुपए सैकड़ा में ब्याज पर पैसे लेकर सामान लेकर आए हैं। कंपनी बाग में दिन में 10 रुपए नहीं कमाए। इस कारण वापस होपसर्कस व घंटाघर पर दुकान लगाई हैं। लेकिन उनकी कोई सुनने वाला नहीं है।
छिंदवाड़ा कलेक्टर कार्यालय में मंगलवार को जनसुनवाई के दौरान मधुमक्खियों ने अचानक हमला कर दिया। मुख्य द्वार पर लगे छत्तों से बड़ी संख्या में मधुमक्खियां निकलकर परिसर में मौजूद लोगों पर टूट पड़ीं। हमले से जनसुनवाई में शिकायत लेकर पहुंचे ग्रामीणों में भगदड़ मच गई। लोग जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। कुछ ही देर में पार्किंग परिसर खाली हो गया। इस दौरान कवरेज के लिए पहुंचे 3 मीडियाकर्मी और जनसुनवाई में शिकायत लेकर आए 6 लोगों को मधुमक्खियों ने काट लिया। हमले से बचने के लिए कलेक्टर कार्यालय के कर्मचारी भी अपने कमरों में चले गए और दरवाजे बंद कर लिए। कुछ देर बाद मधुमक्खियों का झुंड शांत हुआ, तब परिसर में स्थिति सामान्य हो सकी। मुख्य द्वार पर वर्षों से बने हैं मधुमक्खियों के छत्ते कलेक्टर कार्यालय के मुख्य द्वार पर मधुमक्खियों के दो से तीन छत्ते लंबे समय से बने हुए हैं। पूर्व में भी कई बार मधुमक्खियां परिसर में मौजूद लोगों पर हमला कर चुकी हैं। इसके बावजूद छत्तों से निजात दिलाने के लिए अब तक स्थायी व्यवस्था नहीं हो सकी है। पिछले दिनों मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव कलेक्टर कार्यालय में बैठक लेने पहुंचे थे। इससे पहले टीम ने मुख्य द्वार पर लगे छत्तों को हटाया था। हालांकि, कुछ समय बाद मधुमक्खियों ने दोबारा छत्ते बना लिए। जनसुनवाई में आने वाले लोगों की सुरक्षा का सवाल कलेक्टर कार्यालय जिले का प्रमुख प्रशासनिक केंद्र है। यहां रोजाना बड़ी संख्या में ग्रामीण और आम नागरिक अपनी समस्याएं लेकर पहुंचते हैं। जनसुनवाई के दिन परिसर में लोगों की भीड़ रहती है। ऐसे में मुख्य द्वार पर छत्ते बने रहना और बार-बार हमले की घटनाएं होना चिंता का विषय है। मंगलवार की घटना ने एक बार फिर इस समस्या की गंभीरता सामने ला दी। प्रशासन के सामने अब छत्तों को सुरक्षित तरीके से हटवाने और दोबारा ऐसी घटना रोकने के लिए स्थायी इंतजाम करने की जरूरत है।
आने वाले शुक्रवार, 6 नवंबर को धनतेरस का त्योहार है। इसे लेकर झारखंड के तकरीबन सभी बाजार सजकर तैयार हैं। त्योहारों के मौसम में राजधानी रांची के सर्राफा बाजार में रौनक चरम पर पहुंच गई है। धनतेरस और दीपावली को लेकर आभूषणों के साथ-साथ इस बार सोने और चांदी के सिक्कों व बार (बिस्कुट) की खरीदारी को लेकर ग्राहकों में खासा उत्साह देखा जा रहा है। बाजार के रुझान को देखते हुए सोना-चांदी व्यवसायी समिति और स्थानीय सर्राफा कारोबारियों का अनुमान है कि इस वर्ष सिक्कों की बिक्री में पिछले साल के मुकाबले लगभग 30% की बढ़ोतरी होगी। व्यापारिक आंकड़ों के मुताबिक, पिछले साल धनतेरस के दौरान रांची में करीब 20 हजार चांदी के सिक्के और 10 किलो सोने के सिक्के बिके थे। इस वर्ष यह आंकड़ा बढ़कर 26 हजार चांदी के सिक्के (अनुमानित मूल्य ₹50 लाख) और करीब 13 किलो सोने के सिक्के (अनुमानित मूल्य ₹17 करोड़) तक पहुंचने की उम्मीद है। कोडरमा में 15 करोड़ रुपए की ब्रिकी की उम्मीदवहीं, कोडरमा के कारोबारियों को इस बार 15 करोड़ रुपए से ज्यादा के व्यापार की उम्मीद है। सोने और बर्तनों की खरीदारी सबसे ज्यादा होने का अनुमान है। कोडरमा जिले के प्रमुख झुमरीतिलैया सराफा बाजार के कारोबारियों को बिक्री की उम्मीद है। उनका कहना है कि धनतेरस पर सोने-चांदी की खरीदारी की परंपरा लंबे समय से चली आ रही है। ग्राहक 3 हजार रुपए की अंगूठी से लेकर 3 लाख रुपए के हार तक खरीदते हैं। कारोबारियों के मुताबिक, इस साल 22 कैरेट सोने की कीमत करीब डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गई है। इसके बावजूद उन्हें उम्मीद है कि गहनों की बिक्री पर इसका असर नहीं पड़ेगा। झुमरीतिलैया की आभूषण दुकानों में धनतेरस से पहले ही करोड़ों रुपए के गहनों की बुकिंग हो चुकी है। वहां स्थित तनिष्क के मैनेजर रविकांत कुमार ने बताया कि सोमवार शाम तक करीब 4 करोड़ रुपए के गहनों की बुकिंग हुई थी। कांसा-पीतल के बर्तन खरीदने की भी परंपराकारोबारियों का अनुमान है कि धनतेरस पर पूरे जिले में हीरे, सोने और चांदी की 5 करोड़ रुपए से ज्यादा की खरीदारी होगी। धनतेरस पर कांसा, पीतल और दूसरी धातुओं के बर्तन खरीदने की भी परंपरा है। दिवाली और उसके बाद छठ पूजा के लिए लोग बर्तन धनतेरस पर ही खरीदते हैं। ऐसे में बर्तन व्यापारियों की मानें तो अलग-अलग धातुओं के बर्तन का लगभग 1 से 1.5 करोड़ रुपए का कारोबार होने की उम्मीद है। बर्तन व्यापारी गौरांग पुजारा ने कहा कि पिछले वर्ष की तुलना इस वर्ष बाजार बेहतर रहने वाला है। इलेक्ट्रॉनिक बाजार भी जगमगाने की उम्मीद दीवाली में इलेक्ट्रिक गैजेट्स खरीदने की भी होड़ रहती है। दीवाली में घर को रौशन करने के लिए तरह-तरह के लाइट्स सहित रेफ्रिजरेटर, ओवन, वाशिंग मशीन व अन्य उपकरण की भी जमकर खरीदारी होती है। ऐसे में इस क्षेत्र में भी करोड़ों के व्यापार होने की उम्मीद जताई जा रही है। ऑटोमोबाइल खरीदने का भी अलग महत्वइधर, इन सब के बीच ऑटोमोबाइल्स (कार, बाइक, स्कूटी इत्यादि) का भी अपना एक अलग ही महत्व है। लोग धनतेरस के दिन वाहन खरीदने को भी काफी शुभ मानते हैं। यही कारण है कि इस धनतेरस कोडरमा जिले में करीब 300 बाइक्स, जबकि 50 के आसपास 4 पहिया वाहन की बिक्री की संभावना जताई जा रही है। ऑटोमोबाइल्स (बाइक) विक्रेता अभिषेक पांडेय के अनुसार धनतेरस में सोने-चांदी के अलावे लोगों का सबसे ज्यादा ऑटोमोबाइल्स की ओर रुझान रहता है। उनकी मानें तो इस वर्ष बाइक विक्रेता आउट ऑफ स्टॉक होने वाले हैं। जिले में बाइक की 300 से ज्यादा बुकिंग हो चुकी है, यह आंकड़ा 5 सौ के करीब पहुंच सकता है। 2 लाख से ज्यादा झाड़ू की होगी बिक्री धनतेरस में झाड़ू खरीदारी का अपना एक अलग ही महत्व है। धनतेरस पर झाड़ू खरीदारी का एक अलग ही महत्व है। धनतेरस को लेकर झुमरीतिलैया में करीब 2 लाख पीस झाड़ू बिकने की उम्मीद है। झाड़ू के थोक व्यवसायी जितेंद्र कुमार ने कहा कि इस वर्ष बाजार में 30 रुपए से 50 रुपए तक के नारियल की झाड़ू, जबकि 35 रुपए से 60 रुपए तक के फूल झाड़ू की सबसे ज्यादा डिमांड है। रांची में वाहन बिक्री में 20% वृद्धि का अनुमान धनतेरस के शुभ मुहूर्त में कार और बाइक घर ले जाने के लिए ग्राहकों ने पहले से ही शोरूम में बुकिंग करा रखी है। धनतेरस से पांच दिन पहले ही करीब 8,500 दोपहिया और चारपहिया वाहनों की बुकिंग हो चुकी है। रांची ऑटोमोबाइल डीलर एसोसिएशन के अनुसार, इस बार पिछले साल के मुकाबले वाहनों की बिक्री में करीब 20% वृद्धि का अनुमान है।
जांजगीर-चांपा जिले में जियो कंपनी का सुपरवाइजर बनकर ट्रैक्टर-ट्रॉली किराये पर लेने और बाद में उन्हें दूसरे व्यक्ति को बेचकर धोखाधड़ी करने के मामले में बलौदा पुलिस ने फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपियों ने किराये पर लेने के बहाने दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां हासिल की थीं। बाद में उन्हें बिलासपुर जिले के एक व्यक्ति को बेच दिया गया। इस मामले में करीब 9 लाख रुपए की धोखाधड़ी का आरोप है। पुलिस पहले ही दो आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज चुकी है। किराये पर लेने का झांसा देकर ले गए ट्रैक्टर-ट्रॉली पुलिस के अनुसार, खिसोरा निवासी विमलेश कुमार अहिर ने थाना बलौदा में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में बताया गया कि 24 जुलाई 2026 को सन्नी लाल पाटले और राहुल कुमार खाण्डे उसके घर पहुंचे थे। दोनों ने खुद को जियो कंपनी का सुपरवाइजर बताया और दो ट्रैक्टर-ट्रॉलियां किराये पर लेने की बात कही। आरोपियों ने प्रत्येक ट्रैक्टर का किराया 30 हजार रुपए देने का झांसा दिया और दोनों ट्रैक्टर-ट्रॉलियां अपने साथ ले गए। इसके बाद आरोपियों ने उन्हें बिलासपुर जिले के एक व्यक्ति को करीब 2 लाख रुपए में बेच दिया। पुलिस के मुताबिक, बिक्री से मिली रकम में से 50 हजार रुपए खर्च कर दिए गए। इस तरह प्रार्थी के साथ करीब 9 लाख रुपए की धोखाधड़ी की गई। पहले दो आरोपी गिरफ्तार, तीसरा भी पकड़ा गया पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पाण्डेय के निर्देशन में मामले की जांच और कार्रवाई की गई। पुलिस ने पहले सन्नी लाल पाटले निवासी बम्हनीन, थाना अकलतरा और राहुल कुमार खाण्डे निवासी खम्हरिया को गिरफ्तार किया था। दोनों को न्यायिक रिमांड पर भेज दिया गया था। मामले में फरार चल रहे अब्दुल गफूर खान निवासी मचखंडा, थाना सीपत, जिला बिलासपुर की बलौदा पुलिस तलाश कर रही थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। पूछताछ के बाद न्यायिक रिमांड पर भेजा पुलिस के मुताबिक, पूछताछ में अब्दुल गफूर खान ने अपने साथियों के साथ मि।लकर जियो कंपनी का सुपरवाइजर बनकर ट्रैक्टर-ट्रॉलियां किराये पर लेने और बाद में उन्हें दूसरे व्यक्ति को बेचने की बात स्वीकार की। इसके बाद पुलिस ने उसे विधिवत गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया।
दिवाली से पहले खन्ना में नामी विदेशी ब्रांड के नाम पर कथित तौर पर नकली सामान बेचने का मामला सामने आया है। शहर के अमलोह रोड स्थित पंजाब क्रोकरी शोरूम पर कंपनी की टीम ने पुलिस के साथ छापेमारी की। इस दौरान शोरूम से वर्साचे ब्रांड के नाम से बेचे जा रहे डिनर सेट, गिलास और प्लेटों सहित लाखों रुपये का सामान बरामद किए जाने का दावा किया गया है। कंपनी के लीगल अधिकारी ने शोरूम संचालकों के खिलाफ कॉपीराइट एक्ट के तहत केस दर्ज करने की मांग की है। मोरिंडा से कंपनी अधिकारी टीम सहित पहुंचे थे खन्नाजानकारी के अनुसार, दिवाली के दौरान क्रोकरी और घरेलू उपयोग के सामान की मांग बढ़ जाती है। इसी बीच कंपनी को शिकायत मिली थी कि अमलोह रोड स्थित पंजाब क्रोकरी शोरूम में वर्साचे ब्रांड के नाम पर नकली सामान बेचा जा रहा है। शिकायत के आधार पर मोरिंडा से कंपनी अधिकारी राजिंदर अपनी टीम और लीगल अधिकारी के साथ खन्ना पहुंचे। टीम ने पुलिस को साथ लेकर शोरूम में छापेमारी की। शोरूम से मिले नकली डिनर सेट, गिलास और प्लेटेंछापेमारी के दौरान कंपनी की टीम ने शोरूम में रखे डिनर सेट, गिलास और प्लेटों की जांच की। कंपनी के लीगल अधिकारी के अनुसार, सामान पर वर्साचे ब्रांड की नकल की गई थी। उन्होंने दावा किया कि इन उत्पादों की असली कीमत लाखों रुपये है, जबकि शोरूम में इन्हें करीब ढाई से तीन हजार रुपये में बेचा जा रहा था। कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की उठाई कंपनी के लीगल अधिकारी ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद टीम ने मौके पर पहुंचकर सामान की जांच की है। उन्होंने पुलिस से कॉपीराइट एक्ट के तहत मामला दर्ज करने की मांग की है। वहीं, मौके पर मौजूद सिटी थाना-2 के एएसआई हरनेक सिंह ने बताया कि पुलिस कंपनी की टीम के साथ मौके पर पहुंची है। फिलहाल मामले की जांच की जा रही है।
कोटा में लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता को धमकियां देने के मामले में पुलिस ने कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल को नोटिस दिया है। अनंतपुरा थाना सीआई महेश कुमार ने अपनी टीम के साथ गुंजल के घर जाकर उन्हें नोटिस दिया और पूछताछ के लिए 7 दिन में थाने आने को कहा। सीआई.महेश कुमार ने बताया कि गुंजल के खिलाफ रानपुर थाने में आचार संहिता उल्लंघन का मामला दर्ज हुआ था, जिसमें गुंजल आरोपी हैं। आज बीएनएस 35/3 के तहत नोटिस दिया है 7 दिन में थाने आने को कहा है। दरअसल, प्रहलाद गुंजल ने 21 अक्टूबर में एक सभा में लोकसभा अध्यक्ष के ओएसडी राजीव दत्ता को खुली धमकियां दी। कहा था कि सारे राजस्थान में थू-थू हुई, दत्ता जी हमारे गुरु, क्या है दत्ता? जितनी गुंडागर्दी कर रहा है, इतने लोगों के सामने कह रहा हूं, राज बदलने दो। उन्होंने कहा था कि दत्ता की यह हालत बिगाड़ूंगा कि घर में बैठे-बैठे यह सोचेगा कि मैं आत्महत्या करूं या गोली लेकर किसी को मारूं। गुंजल की सरेआम धमकियों का वीडियो सामने आने के बाद कॉन्स्टेबल (आसूचना अधिकारी) पुष्पेंद्र चौधरी ने मामला दर्ज करवाया था। वीडियो 21 अक्टूबर का कोलाना गांव का शाम करीब 7 बजे का था। ये था पूरा मामला 21 अक्टूबर के इस 1 मिनट 17 सेकंड के इस वीडियो में गुंजल कह रहे हैं- उन लोगों के सामने हमारी बात खराब मत करो, जो चमचों की भी चमचागिरी करें। दो कौड़ी के थानेदार का गुरु पूर्णिमा के रोज पैरों में धोक देकर तिलक लगा के पूजा करते हुए फोटो छपा। इतना तो पाप कर लिया यार उन लोगों ने, कितने लोगों को उजाड़ दिया। अभी कम किया क्या तुम्हारे गांव के साथ? यहां मैं ही चलाकर आया, किसी ने नहीं बुलाया मुझे। लक्ष्मणजी को मैंने ही फोन करके कहा कि यार यह तो जुल्म है। कुछ भी करो एक विरोध प्रोटेस्ट तो करो। बिना अनुमति सभा, करने और लोगों को धमकाने का आरोप पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, मंदिर में बिना अनुमति सभा करने, निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करने, लोगों को उकसाने और धमकी देने के आरोप हैं। वहीं दूसरी ओर वीडियो की जांच में पाया गया कि प्रहलाद गुंजल सभा में लोगों को उकसा रहे हैं और वे लोकसभा स्पीकर के ओएसडी राजीव दत्ता को लेकर भी धमकियां दे रहे हैं। इस पर भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 223(a), 132, 308(2) और लोक प्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 126 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस ने सबूत के तौर पर सभा के वीडियो वाली पेन ड्राइव को रिकॉर्ड पर लिया है। गिरफ्तारी से कौन डरता है प्रहलाद गुंजल ने कहा कि धारा 35 पुलिस की प्रक्रिया है, उसकी सूचना का नोटिस देने पुलिस अधिकारी मेरे घर आए थे। मुझे 10 नवंबर को थाने बुलाया है, लेकिन मैंने मना कर दिया, अगली तारीख होगी तो देखेंगे। गिरफ्तारी से कौन डरता है। उन्होंने कहा कि जो राजनीतिक दुर्भावना से काम करेगा सबका हिसाब होगा कोई बचेगा नहीं। प्रहलाद गुंजल अकेला बोलता है तो उसके खिलाफ मामला दर्ज हो जाता है। पुलिस को यह गलतफहमी कहां से हो गई गिरफ्तारी का नोटिस देकर प्रहलाद गुंजल का आवास बंद करा दे। पुलिस ने जिन धारों में मामला दर्ज किया है, वो धाराएं बनती नहीं है। राजीव दत्ता तो संविदा कर्मचारी है, सरकारी सेवा से तो रिटायर्ड हो गया। गलत करने वालों का हिसाब होगा उन्होंने कहा कि पुलिस को तो मुखबिर से वीडियो मिला है। यह वीडियो 2 साल पुराना भी हो सकता है। मैं तो चेलेंज करके कह रहा हूं, जो लोग गलत कर रहे हैं। उनका हिसाब-किताब होगा, इसमें पीछे हटने वाला विषय नहीं है। --------- ये खबर भी पढ़िए… प्रहलाद गुंजल ने ओम बिरला के OSD को दी धमकी:कहा-राज बदलने दो सबका हिसाब होगा, दत्ता की ऐसी हालत बिगाडूंगा, सोचेगा आत्महत्या करूं कोटा में कांग्रेस नेता व पूर्व विधायक प्रहलाद गुंजल के खिलाफ शहर के रानपुर थाने में गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया है। (पढ़िए पूरी खबर)
त्योहारों और मिठाइयों की बढ़ती मांग के बीच खाद्य पदार्थों में मिलावट के खिलाफ खाद्य सुरक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। उत्तर प्रदेश से दो पिकअप गाड़ियों में भरकर पानीपत लाए जा रहे भारी मात्रा में खाद्य पदार्थों को विभाग की टीम ने पकड़ लिया। इनमें दूध, मावा, रसगुल्ले और मिल्क केक शामिल थे। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता बेहद खराब थी और इन्हें पानीपत की मिठाई की दुकानों पर सप्लाई किया जाना था। कार्रवाई के दौरान दोनों पिकअप गाड़ियों को पुलिस ने जब्त कर इंपाउंड कर दिया। दोनों पिकअप का सामान कब्जे में लिया खाद्य सुरक्षा विभाग के अधिकारी डॉ. विक्रम ने मंगलवार सुबह करीब 6 बजे यमुना के नाम पर टीम के साथ कार्रवाई की। इस दौरान पुलिस की टीम भी साथ रही। संयुक्त अभियान के दौरान दोनों पिकअप में लदा खाद्य सामान कब्जे में लिया गया। विभाग ने मौके पर 200 किलो रसगुल्ले, 5 क्विंटल मावा, 10 क्विंटल दूध और 8 क्विंटल मिल्क केक जब्त किया। इस तरह कुल 25 क्विंटल खाद्य सामग्री कार्रवाई की जद में आई। JCB से खुदवाए गड्ढे, नष्ट कराया सामान खाद्य सुरक्षा विभाग ने जब्त किए खाद्य पदार्थों को बाजार में पहुंचने से रोकने के लिए उन्हें नष्ट कराने की कार्रवाई की। इसके लिए यमुना किनारे जेसीबी मशीन से गड्ढे खुदवाए गए। इसके बाद बड़ी मात्रा में जब्त खाद्य सामग्री को गड्ढों में डलवाकर डिस्पोज कराया गया। विभाग की इस कार्रवाई का मकसद खराब गुणवत्ता वाले खाद्य पदार्थों को लोगों की थाली तक पहुंचने से रोकना था। लगातार चौथे दिन कार्रवाई, मिठाई कारोबारियों में खलबली पानीपत में खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से लगातार चौथे दिन कार्रवाई की जा रही है। इससे मिठाई की दुकानें चलाने वाले कारोबारियों में खलबली मची हुई है। विभाग की टीमें लगातार खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता पर नजर रख रही हैं। खासकर दूध, मावा, रसगुल्ले और अन्य मिठाइयों की सप्लाई पर निगरानी बढ़ाई गई है। यूपी से आने वाले खाद्य पदार्थों की खेप पकड़े जाने के बाद मिलावट के खिलाफ अभियान और चर्चा में आ गया है। दुकानों तक पहुंचने से पहले पकड़ी गई खेप इस कार्रवाई की अहम बात यह रही कि भारी मात्रा में खाद्य सामग्री को दुकानों तक सप्लाई किए जाने से पहले ही पकड़ लिया गया। अगर यह सामान बाजार में पहुंच जाता तो बड़ी संख्या में लोग इसकी खरीदारी कर सकते थे। विभाग की कार्रवाई से जहां संदिग्ध खाद्य सामग्री की सप्लाई रोकी गई, वहीं मिठाई कारोबारियों को भी स्पष्ट संदेश मिला है कि खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता से समझौता करने वालों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।
हरियाणा के फरीदाबाद में त्योहारों के दौरान मिलावटी मिठाई तैयार किए जाने की सूचना पर CM फ्लाइंग की टीम ने NIT-1 और बड़खल क्षेत्र में छापेमारी की। टीम ने मिठाई बनाने और बेचने वाली 2 जगहों पर औचक निरीक्षण किया। इस दौरान दोनों जगहों पर करीब 10,300 किलो तैयार मिठाई मिली। खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम ने रसगुल्ले और बीकानेरी बर्फी के कुल 3 सैंपल लिए और उन्हें जांच के लिए प्रयोगशाला भेजने की प्रक्रिया शुरू की। डीएसपी विवेक चौधरी के नेतृत्व में टीम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार के साथ एनआईटी-1 स्थित सोनम फूड फैक्ट्री में औचक निरीक्षण किया। दोनों जगहों के संचालकों ने टीम को FSSAI के वैध लाइसेंस दिखाए। फिलहाल जांच में मिठाई में मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है। विभाग के अनुसार, लैब रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। NIT-1 की सोनम फूड फैक्ट्री में पहुंची टीम टीम को सूचना मिली थी कि शहर में त्योहारों के दौरान मिलावटी रसगुल्ले और गुलाब जामुन तैयार किए जा रहे हैं। इसके बाद DSP विवेक चौधरी के नेतृत्व में टीम ने खाद्य सुरक्षा अधिकारी डॉ. अश्वनी कुमार के साथ NIT-1 स्थित सोनम फूड फैक्ट्री में औचक निरीक्षण किया। जांच के दौरान फैक्ट्री में रसगुल्ले और अन्य मिठाइयां तैयार की जा रही थीं। मौके पर करीब 5,000 किलो तैयार रसगुल्ले 20 ड्रम और टब में रखे मिले। संचालक ने दिखाया 2031 तक वैध लाइसेंस फैक्ट्री संचालक अमरेश ने टीम को FSSAI का लाइसेंस दिखाया, जो 11 सितंबर 2031 तक वैध है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी ने रसगुल्लों के 2 सैंपल लिए। 5,300 किलो बीकानेरी बर्फी मिली इसके बाद टीम ने बड़खल क्षेत्र में बुद्धि होटल के पीछे राजकुमार की दुकानों में चल रही बीकानेर बर्फी वाला दुकान पर जांच की। यहां संचालक जितेंद्र सिंह मिले। मौके पर करीब 5,300 किलो बीकानेरी बर्फी रखी हुई थी। संचालक ने टीम को वैध FSSAI लाइसेंस दिखाया। खाद्य सुरक्षा विभाग ने बर्फी का 1 सैंपल लिया। लैब रिपोर्ट के आधार पर होगी कार्रवाई खाद्य सुरक्षा विभाग की ओर से रसगुल्ले और बर्फी के तीनों सैंपल जांच के लिए प्रयोगशाला भेजे जाएंगे। रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल दोनों जगहों पर मिलावट की पुष्टि नहीं हुई है।
दीपावली पहले गाजियाबाद में पटाखों की बिक्री को लेकर प्रशासन ने व्यवस्था की है। जिसमें पुलिस और प्रशासन ने निर्देश दिए हैं कि बिना लाइसेंस के कहीं भी पटाखे नहीं बेचे जा सकेंगे। एनसीआर में ग्रीन पटाखे को बेचने की ही लाइसेंस के आधार पर छूट है, इनके अलावा कहीं भी भंडारण या अवैध तरीके से पटाखे मिलते हैं तो ऐसे व्यक्तियों पर FIR दर्ज कर गिरफ्तारी की जाएगी। 3 जोन में 11 स्थान चिन्हित गाजियाबाद में तीनों जोन में कुल 11 स्थानों पर अस्थायी दुकानें लगाने की अनुमति दी गई है। इन दुकानों पर 5 से 7 नवंबर तक ही ग्रीन पटाखों की बिक्री होगी। इसके लिए अस्थायी लाइसेंस और अग्नि सुरक्षा संबंधी नियमों का पालन करना अनिवार्य होगा। जहां-जहां पटाखे बेचने की अनुमति दी गई है, यहां दमकल विभाग ने फायर ब्रिगेड की गाड़ी की व्यवस्था की है। इन स्थानों पर लगेगी दुकान नगर क्षेत्र में घंटाघर, कविनगर और विजयनगर सेक्टर-9 रामलीला मैदान। ट्रांस हिंडन में इंदिरापुरम थाने के पीछे आवास विकास का मैदान, साहिबाबाद गोल पार्क रामलीला मैदान और टीला मोड़ स्थित ऑक्सी होम के सामने मैदान निर्धारित किया गया है। देहात क्षेत्र में गढ़ी कटैया नगर पालिका मैदान, लोनी इंटर कॉलेज मैदान, मोदीनगर का KN मोदी मैदान, सारा रोड स्थित महर्षि इंटर कॉलेज मैदान और मुरादनगर चुंगी नंबर-3 रामलीला मैदान शामिल हैं। पटाखा दुकानदारों को अस्थायी लाइसेंस के साथ अग्निशमन विभाग की एनओसी और सुरक्षा इंतजाम करने होंगे। दुकानों का आकार और उनके बीच दूरी भी निर्धारित की गई है। बिक्री 5 नवंबर से शुरू होकर 7 नवंबर तक ही चलेगी।
पंचायत चुनाव के दूसरे प्रशिक्षण में बिना सूचना गैरहाजिर रहने पर तीन कर्मचारियों को निलंबित किया गया है। जिला निर्वाचन अधिकारी अक्षय गोदारा ने आदेश जारी किए हैं। करौली में पंचायतीराज चुनाव-2026 के तीसरे चरण के मतदान के लिए नियुक्त कर्मचारियों का दूसरा प्रशिक्षण 2 नवंबर को राजकीय महाविद्यालय में हुआ था। सभी संबंधित कर्मचारियों को इसमें शामिल होने के निर्देश दिए गए थे। हिंडौन के कृषि पर्यवेक्षक अमर सिंह मीना और सतीश कुमार, साथ ही राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कानरदा महाराजपुरा के शिक्षक रामलखन बैरवा प्रशिक्षण में बिना पूर्व सूचना या अनुमति के गैरहाजिर रहे। जिला निर्वाचन अधिकारी के अनुसार, निर्वाचन संबंधी निर्देशों की अनदेखी और प्रशिक्षण से गैरहाजिरी के चलते राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 के तहत तीनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन के दौरान तीनों कर्मचारियों का मुख्यालय जिला नियंत्रण कक्ष, कलक्ट्रेट करौली रहेगा। उन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
जींद में सेना के JCO की मां से लॉकेट झपटा:पहले सुनार का घर पूछा, शोर मचाने पर बाइक सवार फरार
जींद जिले के नरवाना में मोटरसाइकिल सवार दो युवक महिला के गले से लॉकेट झपटकर फरार हो गए। आरोपियों ने सेना के जेसीओ की मां से पहले किसी का पता पूछा, उठते समय गले से लॉकेट झपट लिया। कानों की बालियां भी तोड़ने का प्रयास किया। महिला के शोर मचाने पर जैसे ही जेसीओ व आसपास के लोग बाहर निकले, तो आरोपी लॉकेट के साथ बाइक पर मोके से फरार हो गए। शिकायत मिलने के बाद नरवाना शहर थाना पुलिस ने केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। उद्यमपुर में पति की पोस्टिंग नरवाना के सुभाष नगर निवासी हेमपति ने पुलिस को शिकायत दी। जिसमें बताया कि उसका बेटा सेना में जेसीओ हैं। फिलहाल उद्यमपुर में पोस्टिड है तथा छुट्टी पर घर आए हुए हैं। सोमवार दोपहर वह घर के बाहर गली में बाजरा साफ कर रही थी। इसी दौरान मोटरसाइकिल पर दो युवक आए। उन्होंने मुझसे सुनार का घर पूछा। जब कहा कि यहां कोई सुनार नहीं है। जब मैं खड़ी होने लगी, तो पीछे बैठे युवक ने मेरे गले से लॉकेट झपट लिया। इसके बाद कानों से बाली तोड़ने के लिए झपटा मारा। मेरे चिल्लाने की आवाज सुनकर मेरे पति- बेटा व आसपास के लोग बाहर आए। जिससे आरोपी बाली तो नहीं तोड़ पाए, परंतु लॉकेट के साथ मोटरसाइकि के साथ फरार हो गए। सीसीटीवी खंगाल रही पुलिस हेमपति ने बताया कि उसका लॉकेट एक तोला का था। जिसके बाद घटना की सूचना डायल 112 को दी गई। शिकायत मिलने के बाद शहर थाना पुलिस ने अज्ञात युवकों के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। आरोपियों का पता लगाने के लिए पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी खंगाल रही है।
त्योहारी सीजन में मिलावटखोरी रोकने के लिए हरियाणा में स्वास्थ्य विभाग और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन की ओर से विशेष जांच अभियान चलाया जा रहा है। इस दौरान विभागीय अधिकारियों और कर्मचारियों ने कार्रवाई करते हुए अब तक 50,000 किलो मिलावटी मिठाई और पनीर नष्ट कराया है। विभाग ने प्रदेशभर से मिठाई, मावा, दूध, पनीर और अन्य खाद्य पदार्थों के कुल 1,288 सैंपल लिए हैं। इनमें से 861 सैंपल की प्रयोगशाला जांच पूरी हो चुकी है। जांच में 170 सैंपल निर्धारित मानकों पर खरे नहीं उतरे। इन 170 सैंपल में 140 सब-स्टैंडर्ड यानी घटिया गुणवत्ता के पाए गए, जबकि 30 सैंपल मानव उपभोग के लिए असुरक्षित मिले। इस तरह जांचे गए कुल सैंपल में करीब 20% मानकों के अनुरूप नहीं पाए गए हैं। स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य और सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। 1 अक्टूबर से शुरू किया विशेष जांच अभियान विभागीय जानकारी के अनुसार, आगामी दीपावली के मद्देनजर 1 अक्टूबर से प्रदेशभर में गहन चेकिंग अभियान शुरू किया गया है। यह अभियान दीपावली तक लगातार जारी रहेगा। इसके तहत स्वास्थ्य विभाग और फूड एंड ड्रग एडमिनिस्ट्रेशन के अधिकारी और कर्मचारी मिठाई, मावा, दूध, पनीर और अन्य खाद्य व पेय पदार्थों की जांच कर रहे हैं। अभियान के दौरान अब तक प्रदेशभर से कुल 1,288 सैंपल एकत्र किए जा चुके हैं। इनमें से 861 सैंपल की प्रयोगशाला जांच पूरी हो चुकी है, जबकि बाकी सैंपल की जांच होनी है। स्वास्थ्य से समझौता नहीं करेगी सरकार स्वास्थ्य मंत्री आरती राव ने कहा कि राज्य सरकार और विभाग प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य व सुरक्षा से किसी भी हालत में समझौता नहीं करेंगे। हरियाणा में मिलावटखोरी के खिलाफ सख्त कार्रवाई लगातार जारी है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। जांचे गए सैंपल में करीब 20% फेल प्रयोगशाला जांच में 861 सैंपल में से 170 मानकों पर खरे नहीं उतरे। इनमें 140 सैंपल सब-स्टैंडर्ड यानी निर्धारित गुणवत्ता से कम पाए गए। वहीं, 30 सैंपल मानव उपभोग के लिए असुरक्षित मिले। इस तरह जांचे गए कुल सैंपल में करीब 20% में गुणवत्ता संबंधी खामियां मिली हैं। विभागीय कार्रवाई के दौरान अब तक 50,000 किलो मिलावटी मिठाई और पनीर भी नष्ट कराया जा चुका है।
रायसेन जिले के औबेदुल्लागंज नगर के वार्ड क्रमांक 4 में सरकारी जमीन से जुड़े मामले में पुलिस ने कार्रवाई की है। 7 पंजीकृत विक्रय पत्रों में कथित फर्जी दस्तावेजों के इस्तेमाल के मामले में पुलिस ने 13 नामजद लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। सोमवार देर शाम भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4) और 61(2) के तहत मामला दर्ज किया गया। FIR दर्ज होने के बाद भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता बच्चन सिंह लोधी ने 7 दिन से जारी अनिश्चितकालीन धरना खत्म किया। इस मामले की करीब 2 महीने जांच चली। शिकायत के बाद कार्रवाई नहीं होने पर बच्चन सिंह लोधी ने सरकारी जमीन के मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर धरना शुरू किया था। आशंका जताई जा रही है कि जमीन के इस हेरफेर में सरकारी अफसर भी शामिल हैं। राजस्व रिकॉर्ड में मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज है जमीन जांच दस्तावेजों के मुताबिक, औबेदुल्लागंज के वार्ड क्रमांक 4 में स्थित खसरा नंबर 196/2/1/1/2/2 की 4.407 हेक्टेयर जमीन राजस्व रिकॉर्ड में 'मध्य प्रदेश शासन, तहसील कार्यालय एवं आवास हेतु मद' के नाम दर्ज है। बाजार में इसकी अनुमानित कीमत ढाई करोड़ बताई जा रही है। आरोप है कि पिछले एक साल में इस जमीन के अलग-अलग हिस्सों के 7 पंजीकृत विक्रय पत्र कराए गए। जांच दस्तावेजों के मुताबिक, कुछ विक्रय पत्रों में पति-पत्नी ने ही एक-दूसरे को जमीन बेच दी। पुलिस इन दस्तावेजों के आधार पर कथित अवैध खरीद-फरोख्त की जांच कर रही है। नगर परिषद के NOC से जुड़े दस्तावेज में भी गड़बड़ी पुलिस के अनुसार, जांच में नगर परिषद औबेदुल्लागंज के मुख्य नगरपालिका अधिकारी (CMO) की जांच रिपोर्ट भी शामिल की गई है। इसके मुताबिक, संपत्ति कर संग्रहण और अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) प्राप्त करने के नाम पर दिखाए गए दस्तावेज प्रथम दृष्टया के आधार पर फर्जी मालूम होते हैं। पुलिस के अनुसार, आम तौर पर राजस्व रिकॉर्ड में आबादी मद की जमीन के लिए इस तरह की खरिद-बेच में दस्तावेज तैयार किए जाते हैं, जबकि इस मामले में संबंधित जमीन मध्य प्रदेश शासन के नाम दर्ज है। सात विक्रय पत्रों का ब्योरा जांच में आया सामने जांच रिपोर्ट में सात पंजीकृत विक्रय पत्रों की जानाकरी लिखी गई है- 1 जुलाई 2025: विक्रेता हरिसिंह (पिता घनश्याम) ने क्रेता निखिल मालवीय (पिता सुनील मालवीय) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18132025A10058033 27 मार्च 2026: विक्रेता मुकेश रैकवार (पिता जगन्नाथ रैकवार) ने क्रेता भूरिया बाई (पति धर्मचंद) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18092026A100371651 1 अगस्त 2025: विक्रेता मुकेश राय (पिता दशरथ राय) ने क्रेता प्रभा राय (पति मुकेश राय) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18092025A100674044 10 सितंबर 2025: विक्रेता विशाल सेन (पिता प्रकाश नारायण) ने क्रेता कीर्ति सेन (पति विशाल सेन) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18132025A100814621 18 दिसंबर 2025: विक्रेता राजेंद्र राठौर (पिता सुंदरलाल) ने क्रेता क्षमा राठौर (पति राजेंद्र राठौर) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18132025A101164392 4 फरवरी 2026: विक्रेता दीपक नायक (पिता रामस्वरूप नायक) ने क्रेता रानी नायक (पति दीपक नायक) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18132026A100139785 13 अक्टूबर 2025: विक्रेता विशाल सेन ने क्रेता फूलचंद (पिता मिश्रीलाल) के पक्ष में विक्रय पत्र कराया। क्रमांक: MP45IGR18132025A100925032 SDOP बोले- जांच में अन्य लोगों के नाम सामने आने पर कार्रवाई औबेदुल्लागंज SDOP सलिल शर्मा ने बताया कि मामले में जांच जारी है। जांच के दौरान नए तथ्य सामने आ सकते हैं। उन्होंने कहा कि कथित फर्जीवाड़े में अन्य लोगों की भूमिका सामने आने पर उनके नाम भी FIR में शामिल किए जा सकते हैं। सात दिन के धरने के बाद धरना खत्म सरकारी जमीन से जुड़े मामले में कार्रवाई की मांग को लेकर भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता बच्चन सिंह लोधी 7 दिन से अनिश्चितकालीन धरने पर बैठे थे। पुलिस ने 13 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की, जिसके बाद उन्होंने धरना समाप्त कर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने नए प्रशिक्षु डीएसपी को सोशल मीडिया पर सक्रिय रहने के बजाय वास्तविक समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने की नसीहत दी। मंगलवार को भौंरी पुलिस अकादमी में 48 प्रशिक्षु डीएसपी की पासिंग आउट परेड में उन्होंने कहा- रील बनाने से ज्यादा रियल प्रॉब्लम सुलझाने में आपकी हर क्षण की कीमत होनी चाहिए। पुलिस अधिकारी ऐसे बनें, जिनका सम्मान सभी वर्गों में समान रूप से हो। मुख्यमंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया का दौर है, लेकिन पुलिस के सामने सोशल मीडिया से ज्यादा सोशल इश्यूज हैं। अधिकारियों को लोकप्रियता के बजाय समस्याओं के समाधान के लिए ठोस कदम उठाने चाहिए। खासकर महिलाओं, गरीबों, बच्चों और कमजोर वर्गों की मदद के लिए देवदूत की तरह काम करें। अब ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जरूरत उन्होंने कहा कि मध्य प्रदेश पुलिस ने डाकुओं और नक्सलवाद जैसी चुनौतियों का सामना किया है। अब ड्रग्स के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जरूरत है। मुख्यमंत्री ने उम्मीद जताई कि 2029 तक पुलिस नशे के खिलाफ निर्णायक भूमिका निभाएगी। माफिया और जहरीली शराब के नेटवर्क पर भी सख्ती से कार्रवाई करने का आह्वान किया। 22,500 पदों पर भर्ती, अकादमी में सुविधाएं बढ़ेंगी मुख्यमंत्री ने बताया कि पिछले पौने तीन साल में पुलिस विभाग में 17,710 पदों पर भर्ती की गई है। आने वाले समय में करीब 4,000 और पदों पर भर्ती होगी। पुलिस अकादमी में 33 केवी सब स्टेशन, एक किलोमीटर सड़क और 12 करोड़ रुपए के ऑडिटोरियम की घोषणा भी की। पुलिस पर हमला बर्दाश्त नहीं, अपराधियों पर सख्ती मुख्यमंत्री ने देवास में ड्यूटी के दौरान जान गंवाने वाले टीआई दिलीप पुरी को शहीद का दर्जा देने की जानकारी दी। उन्होंने कहा कि उनके परिवार को सेवा शर्तों के अनुसार नियुक्ति सहित जरूरी सहायता देने की प्रक्रिया शुरू की गई है। सीएम ने कहा कि पुलिस जवानों ने शहादत देकर कर्तव्य निभाया है। राजकीय कार्य में बाधा, हिंसा या ऐसी गतिविधियां बर्दाश्त नहीं की जाएंगी। अपराधियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई होगी। भोपाल में रिटायर्ड आईएएस अधिकारी की हत्या के मामले का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि संबंधित अपराधी के खिलाफ एनकाउंटर में सख्त कार्रवाई की गई है। भोपाल की पदयात्रा में राजनाथ सिंह होंगे शामिल मुख्यमंत्री ने भाजपा के ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ अभियान के तहत आयोजित पदयात्रा का जिक्र करते हुए कहा कि जबलपुर और इंदौर में कार्यक्रम हो चुके हैं। भोपाल में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह पदयात्रा का नेतृत्व करने शामिल होंगे। मुख्यमंत्री ने प्रदेश की जनता की ओर से उनका स्वागत किया। कार्यक्रम में पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना, एडीजी ट्रेनिंग रवि गुप्ता सहित वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। DGP बोले- 2029 तक MP को नशामुक्त करने का संकल्प पुलिस महानिदेशक कैलाश मकवाना ने कहा कि प्रदेश में युवा पीढ़ी के बीच नशे का बढ़ता चलन सबसे बड़ी चुनौती है। मध्यप्रदेश पुलिस ने ‘नशे से दूरी है जरूरी’ अभियान चलाकर कठोर कार्रवाई की है। केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने प्रदेश को 2029 तक नशामुक्त करने का संकल्प लिया है। इसमें नए पुलिस अधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। उन्होंने कहा कि साइबर अपराध भी पुलिस के सामने बड़ी चुनौती है। इसके लिए पुलिस विभाग ने जनजागरूकता के उद्देश्य से ‘सेफ क्लिक’ अभियान शुरू किया है। प्रदेश में साइबर अपराध से निपटने की क्षमता बढ़ाने की जरूरत है। साइबर थाने, साइबर हेल्प डेस्क, साइबर फॉरेंसिक और साइबर हेल्पलाइन स्थापित होने से आम नागरिकों को राहत मिलेगी। पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी को भी प्रशिक्षण डीजीपी ने बताया कि वर्ष 2014 से डीएसपी स्तर के अधिकारियों का प्रशिक्षण भौंरी पुलिस अकादमी में हो रहा है। इस बार 48 अधिकारियों ने प्रशिक्षण पूरा किया है, इनमें 20 महिला अधिकारी हैं। पहली बार रेडियो संवर्ग के डीएसपी स्तर के अधिकारियों को भी प्रशिक्षण दिया गया है। ये अधिकारी पुलिस की तकनीकी क्षमताओं और साइबर अपराध से लड़ने की क्षमता को मजबूत करेंगे। इनमें 22 अधिकारी इंजीनियरिंग पृष्ठभूमि से हैं।
सूरजपुर जिले के कुबेरपुर में 17 अक्टूबर को ट्रैक्टर की टक्कर से महिला की मौत के बाद हुए बवाल के मामले में प्रशासन ने कार्रवाई की है। सरगुजा कमिश्नर ने बिहारपुर क्षेत्र में पदस्थ नायब तहसीलदार और प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर को सस्पेंड कर दिया है। महिला की मौत के बाद गुस्साए ग्रामीणों ने क्रशर और ट्रैक्टर में आग लगा दी थी। इस मामले में पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। घटना के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े गांव पहुंची थीं। उन्होंने प्रशासन और पुलिस के अधिकारियों को फटकार लगाई थी। साथ ही कार्रवाई के निर्देश दिए थे। जानिए पूरा मामला… जानकारी के मुताबिक, 17 अक्टूबर को चांदनी बिहारपुर के कुबेरपुर गांव में ट्रैक्टर की टक्कर से स्कूटी सवार महिला चंद्रवती जायसवाल (28) की मौत हो गई थी। घटना से नाराज ग्रामीणों ने कई घंटे तक चक्काजाम किया। शाम को ट्रैक्टर और क्रशर प्लांट में आग लगा दी। ग्रामीणों ने पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों को भी कई घंटे तक बंधक बनाए रखा। इस मामले में पुलिस ने 26 लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है। इनमें से 6 आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। घटना के बाद मंत्री लक्ष्मी राजवाड़े कुबेरपुर पहुंची थीं। उन्होंने पीड़ित परिवार से मुलाकात की और पुलिस अधिकारियों को एकतरफा कार्रवाई के लिए फटकार लगाई थी। मंत्री ने सवाल उठाया था कि दोपहर 12 बजे हादसा हुआ तो शाम 7 बजे तक प्रशासन क्या कर रहा था? प्रभारी तहसीलदार को कमिश्नर ने किया सस्पेंड सूरजपुर कलेक्टर ने मामले की जांच कराई थी। जांच रिपोर्ट में चांदनी बिहारपुर के प्रभारी तहसीलदार करमचंद जाटवर की कार्यप्रणाली और जिम्मेदारियों के निर्वहन में लापरवाही की बात सामने आई। रिपोर्ट के मुताबिक, 17 अक्टूबर 2026 को कुबेरपुर गांव में ट्रैक्टर हादसे के बाद इलाके में तनाव और कानून-व्यवस्था की स्थिति बन गई थी। ऐसे समय में स्थानीय प्रशासन से तुरंत सक्रिय होकर हालात संभालने की उम्मीद थी। आरोप है कि प्रभारी तहसीलदार ने स्थिति संभालने और अपनी जिम्मेदारियां निभाने में जरूरी तत्परता नहीं दिखाई। जांच रिपोर्ट में इसे कर्तव्यों के प्रति गंभीर लापरवाही माना गया है। इसके बाद सरगुजा कमिश्नर नरेंद्र कुमार दुग्गा ने करमचंद जाटवर को सस्पेंड कर दिया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय संभागीय पटवारी प्रशिक्षण शाला, अंबिकापुर (जिला सरगुजा) तय किया गया है।
रायगढ़ में समर्थन मूल्य पर धान खरीदी 15 नवंबर से शुरू होगी। इससे पहले ही प्रशासन ने अवैध धान परिवहन और भंडारण के खिलाफ निगरानी तेज कर दी है। सोमवार को लैलूंगा क्षेत्र के ग्राम मुकड़ेगा में कार्रवाई कर 14 क्विंटल अवैध धान जब्त किया गया। जानकारी के अनुसार, एसडीएम लैलूंगा की टीम ने ग्राम मुकड़ेगा निवासी सुदूराम चौहान के पास रखे 34 कट्टा धान को जब्त किया। इसका कुल वजन करीब 14 क्विंटल बताया गया है। मंडी अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई। पिछले साल भी जिले के लगभग सभी ब्लॉक में अवैध धान के खिलाफ कार्रवाई की गई थी। इस बार भी सीमावर्ती क्षेत्रों में निगरानी बढ़ा दी गई है। जांच दल अवैध धान के परिवहन और भंडारण के साथ ही कोचियों और बिचौलियों की गतिविधियों पर नजर रखेंगे। 20 चेक पोस्ट पर 24 घंटे निगरानी अवैध धान की आवक और बिक्री रोकने के लिए जिले में 20 अंतरराज्यीय चेक पोस्ट बनाए गए हैं। यहां चार टीमों को तीन पालियों में तैनात किया गया है। इन चेक पोस्ट पर 24 घंटे निगरानी होगी। दूसरे राज्यों से आने वाले धान के परिवहन पर विशेष नजर रखी जाएगी। 10 तहसीलों में उड़नदस्ता दल गठित इसके अलावा जिला स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया गया है। रायगढ़, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, धरमजयगढ़, छाल, कापू, लैलूंगा और मुकड़ेगा तहसीलों में उड़नदस्ता दल बनाए गए हैं। इन दलों में राजस्व, खाद्य, मंडी और सहकारिता विभाग के अधिकारी-कर्मचारियों को शामिल किया गया है। इनकी ओर से निगरानी शुरू कर दी गई है शुरू की गई निगरानी इसके अलावा जिला स्तरीय निगरानी समिति का गठन किया गया है। वहीं रायगढ़, पुसौर, खरसिया, घरघोड़ा, तमनार, धरमजयगढ़, छाल, कापू, लैलूंगा और मुकड़ेगा तहसीलों में राजस्व, खाद्य, मंडी एवं सहकारिता विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों को शामिल कर तहसील स्तरीय उड़नदस्ता दल बनाए गए हैं, जिनके द्वारा निगरानी शुरू कर दी गई है।
हांसी में रोडवेज कर्मचारियों की मांगों को लेकर चल रही हड़ताल मंगलवार को चौथे दिन भी जारी रही। हड़ताल के दौरान हरियाणा रोडवेज सांझा संघर्ष समिति के बैनर तले कर्मचारियों ने हांसी बस स्टैंड परिसर में एकत्रित होकर जोरदार प्रदर्शन किया। इसके बाद कर्मचारियों ने बस स्टैंड से जिला सचिवालय तक पैदल मार्च निकाला। मार्च में बड़ी संख्या में रोडवेज कर्मचारी शामिल हुए। इस दौरान कर्मचारियों ने सरकार और हिसार जीएम के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कर्मचारियों का आरोप- मांगों को अनदेखा किया जा रहा प्रदर्शन के दौरान कर्मचारी नेताओं ने कहा कि लंबे समय से उनकी मांगें लंबित हैं, लेकिन सरकार और विभागीय अधिकारी उनकी समस्याओं की अनदेखी कर रहे हैं। कर्मचारियों का टीए-डीए, ओवरटाइम, एलटीसी और मेडिकल बिलों का भुगतान करीब चार साल से लंबित है। इसके अलावा कर्मचारियों ने अन्य लंबित मांगों को भी जल्द पूरा करने की मांग उठाई। वक्ताओं ने कहा कि कर्मचारियों को बार-बार आश्वासन दिए जा रहे हैं, लेकिन धरातल पर कोई समाधान नहीं हो रहा। मांग पूरी होने तक जारी रहेगी हड़ताल कर्मचारी नेताओं ने कहा कि जब तक उनकी मांगों को पूरा नहीं किया जाता, तब तक हड़ताल जारी रहेगी। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल आर्थिक मांगों तक सीमित नहीं है, बल्कि कर्मचारियों के अधिकारों और सम्मान की लड़ाई भी है। गौरतलब है कि रोडवेज कर्मचारियों की हड़ताल के चलते हांसी डिपो की रात्रि ठहराव, ग्रामीण और लंबे रूटों पर चलने वाली करीब 72 बसों का संचालन प्रभावित है। वहीं हिसार डिपो की करीब 210 बसों का संचालन भी प्रभावित हुआ है। हड़ताल के कारण यात्रियों को लगातार परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
देवास जिले के खातेगांव थाना प्रभारी दिलीप पुरी गोस्वामी की मौत के विरोध में मंगलवार को जिला कांग्रेस कमेटी ने सिंगरौली में प्रदर्शन किया। बैढ़न के अंबेडकर चौराहे पर कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता जुटे। उन्होंने मानव श्रृंखला बनाकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। कांग्रेस ने शराब माफिया के पूरे नेटवर्क पर कार्रवाई और आरोपियों को सजा देने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान थाना प्रभारी दिलीप पुरी गोस्वामी की आत्मा की शांति के लिए दो मिनट का मौन रखकर श्रद्धांजलि दी गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि अवैध शराब से भरे ट्रक की चपेट में आने से थाना प्रभारी की मौत हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराधियों और माफिया के हौसले इतने बुलंद हैं कि पुलिस अधिकारी भी सुरक्षित नहीं हैं। शराब और रेत माफिया को संरक्षण देने का आरोप शहर कांग्रेस अध्यक्ष प्रवीण सिंह ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार से जुड़े लोगों ने थाना प्रभारी को ट्रक से कुचल दिया। यह घटना प्रदेश की कानून व्यवस्था की स्थिति दिखाती है। वहीं, प्रवीण सिंह चौहान ने आरोप लगाया कि मुख्यमंत्री के रिश्तेदार शराब माफिया को संरक्षण दे रहे हैं। उन्होंने कहा कि शराब माफिया के साथ रेत माफिया और नशे के अवैध कारोबार से जुड़े लोग भी बेखौफ काम कर रहे हैं। कांग्रेस नेताओं ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के साथ उन्हें संरक्षण देने वालों पर भी कार्रवाई की मांग की। जिला कांग्रेस कमेटी ने घटना की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए प्रदेश सरकार से इस्तीफे की मांग की।
ग्वालियर के महाराज बाड़ा में सोमवार दोपहर खरीदारी करने आई एक महिला ठगी का शिकार हो गई। दो युवकों ने पहले उससे झांसी जाने का रास्ता पूछा, फिर नोटों की गड्डी का लालच देकर अपने जाल में फंसा लिया। आरोपियों ने महिला से सोने की दोनों झुमकियां और अंगूठी उतरवा लीं। बदले में उसे कपड़े की पोटली और रुमाल थमा दिया। घर पहुंचकर महिला ने पोटली खोली तो उसमें नोटों की जगह कागजों की गड्डी मिली। वहीं, जेवर के लिए दिए गए रुमाल में कंकड़-पत्थर भरे थे। पीड़िता की शिकायत पर कोतवाली पुलिस ने मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। झांसी का रास्ता पूछकर महिला को लालच दिया पनिहार थाना क्षेत्र के ग्राम बरई की रहने वाली 40 वर्षीय रेखा राठौर सोमवार को अपनी 5 साल की बेटी के साथ दीपावली की खरीदारी करने महाराज बाड़ा आई थीं। दोपहर करीब 1 बजे एसबीआई बैंक के सामने उन्हें एक अज्ञात युवक मिला। युवक ने उनसे झांसी जाने का रास्ता पूछा। महिला ने रास्ता पता नहीं होने की बात कही तो युवक ने बताया कि वह कहीं से पैसों की बड़ी गड्डी लेकर भागा है और उसे झांसी जाने का रास्ता नहीं मालूम। युवक ने रास्ता बताने के बदले गड्डी में से रुपए देने का लालच दिया। इसी दौरान उसका दूसरा साथी भी वहां पहुंच गया। उसने महिला को गड्डी के रुपए आधे-आधे बांटने की बात कहकर अपने झांसे में ले लिया। ई-रिक्शा में बैठाकर उतरवाए सोने के जेवर दोनों आरोपी महिला को बातों में उलझाकर सराफा बाजार की तरफ ले गए। वहां से उसे ई-रिक्शा में बैठा लिया। रास्ते में रकम देने का बहाना बनाकर आरोपियों ने महिला से सोने की दोनों झुमकियां और अंगूठी उतरवा लीं। जेवर अपने पास रखकर उन्होंने महिला को कपड़े की एक पोटली थमा दी। इसके बाद रेलवे स्टेशन से पहले बने पुल के पास उसे उतारकर फरार हो गए। पोटली में कागज और रुमाल में मिले कंकड़-पत्थर घर पहुंचने के बाद महिला ने पोटली खोली। उसमें ऊपर 500 रुपए का एक असली नोट रखा था, जबकि नीचे सादे कागजों की गड्डी थी। इसके बाद उसने जेवर रखने के लिए दिया गया दूसरा रुमाल खोला तो उसमें कंकड़-पत्थर भरे मिले। तब महिला को ठगी का पता चला। भाई के साथ थाने पहुंची महिला, शिकायत दर्ज रेखा ने अपने भाई अनिल राठौर को पूरी घटना बताई। इसके बाद दोनों कोतवाली थाने पहुंचे और पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई। कोतवाली टीआई विनोद विनायक करकरे ने बताया कि पीड़िता की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ के राजनांदगांव में पीटीएस के आगे स्थित श्री कृष्णा हॉस्पिटल पर आयुष्मान भारत योजना के तहत इलाज के बाद भी मरीज के परिजनों से ₹15 हजार नकद लेने का आरोप लगा है। इस रकम की पक्की रसीद मांगने पर अस्पताल कर्मचारी ने कहा कि नकद ली गई राशि का बिल नहीं बनता। घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। जानकारी मुताबिक, पूर्णिमा सोनी अस्पताल में भर्ती थीं। उनका इलाज आयुष्मान कार्ड के तहत दर्ज किया गया था। आरोप है कि योजना के तहत भुगतान लेने के बाद भी अस्पताल प्रबंधन ने मरीज के परिजनों से ₹15 हजार नकद लिए। रसीद मांगने पर कर्मचारी ने कही ये बात वीडियो में मरीज के परिजन रिसेप्शन काउंटर पर महिला कर्मचारी से ₹15 हजार की पक्की रसीद मांगते दिखाई दे रहे हैं। इस पर महिला कर्मचारी कहती है कि इसके लिए उन्हें सर से बात करनी होगी। इसके बाद परिजन अस्पताल के कर्मचारी या प्रबंधक से पूछते हैं कि आयुष्मान कार्ड से क्लेम लेने के बाद अतिरिक्त पैसे क्यों लिए गए और बिल क्यों नहीं दिया जा रहा। इस पर कर्मचारी जवाब देता है कि नकद ली गई राशि का बिल नहीं बनता। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासन से जांच की मांग आरोप है कि अस्पताल ने आयुष्मान भारत योजना के तहत भुगतान लेने के साथ मरीज के परिजनों से अतिरिक्त नकद राशि भी ली और उसकी रसीद नहीं दी। पीड़ित परिजनों और स्थानीय नागरिकों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से अस्पताल की कार्यप्रणाली की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर सख्त कार्रवाई करने की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन का पक्ष नहीं मिला मामले में अस्पताल प्रबंधन का पक्ष जानने के लिए कॉल किया गया, लेकिन प्रबंधन की ओर से किसी ने कॉल रिसीव नहीं किया। प्र

