बहादुरगढ़ के सिद्धिपुर लोआ के पास हरियाणा पुलिस की स्पेशल टास्क फोर्स (STF) बहादुरगढ़ और दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल ने संयुक्त अभियान चलाकर हांसी जिम संचालक हत्याकांड में वांछित दो इनामी आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। कार्रवाई के दौरान दोनों आरोपी गंभीर रूप से घायल बताई जा रहे हैं। वही एक पुलिस अधिकारी को भी गोली लगी हैं। तीनों को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गुप्त सूचना पर चलाया संयुक्त ऑपरेशन पुलिस के अनुसार गुप्त सूचना मिली थी कि प्रवेश निवासी टिब्बा दानाशेर, जिला हिसार और हिमांशु निवासी जाखोड़ खेड़ा, जिला हिसार बहादुरगढ़ क्षेत्र में मौजूद हैं। सूचना थी कि दोनों हथियारों से लैस हैं और किसी वारदात को अंजाम देने की फिराक में हैं। इसके बाद एसटीएफ बहादुरगढ़ और दिल्ली पुलिस की काउंटर इंटेलिजेंस स्पेशल सेल ने संयुक्त अभियान चलाकर दोनों को घेर लिया। आत्मरक्षा में हुई जवाबी फायरिंग पुलिस के अनुसार कार्रवाई के दौरान दोनों पक्षों के बीच गोलीबारी हुई। पुलिस का कहना है कि आत्मरक्षा में की गई जवाबी कार्रवाई में दोनों आरोपी घायल हो गए। इस दौरान एक पुलिस अधिकारी भी गोली लगने से घायल हुए। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। हांसी जिम संचालक हत्याकांड में थे वांछित दोनों आरोपी थाना सिटी हांसी में दर्ज एफआईआर संख्या 379 दिनांक 11 जून 2026 में वांछित हैं। यह मामला हांसी में दिनदहाड़े जिम संचालक कपिल की गोली मारकर हत्या किए जाने से जुड़ा है। पुलिस ने दोनों आरोपियों पर एक-एक लाख रुपये का इनाम घोषित किया हुआ था। लॉरेंस बिश्नोई गैंग से जुड़े होने का दावा पुलिस के अनुसार दोनों आरोपियों का संबंध लॉरेंस बिश्नोई गैंग से बताया जा रहा है। फिलहाल पुलिस मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई और पूछताछ में जुटी हुई है।
कर्मचारी भविष्य निधि के 64 साल पुराने नियमों में किए गए बदलाव मिल मालिकों और उद्योगपतियों के लिए फायदेमंद हैं। यह कर्मचारी की सेवानिवृत्ति में मिलने वाले फंड में भारी कटौती करने वाला है। इसलिए इसका विरोध देश भर में करने की तैयारी है और इसके लिए कर्मचारी संगठन एकजुट होने लगे हैं। केंद्र सरकार की कर्मचारी भविष्य निधि योजना 2026 के नए नियमों को देश भर के 7.31 करोड़ कर्मचारियों, वर्कर्स के पेट पर लात मारने वाला बताया जा रहा है जिसका सीधा असर 30 करोड़ लोगों पर पड़ेगा। देश में इसके पहले 1952 में बना नियम लागू है। कर्मचारी संगठनों का कहना है कि कर्मचारी भविष्य निधि योजना 2026 में यह प्रावधान बताया है कि इससे कर्मचारियों को अपना अंशदान 12 प्रतिशत से कम देना होगा और उसके हाथ में ज्यादा तनख्वाह आएगी। यह केवल एक पक्षीय है। इससे 8 करोड़ कामगारों कर्मचारियों, वर्करों को भारी नुकसान होगा। संगठनों का कहना है कि यह बदलाव केंद्र सरकार ने पूंजीपतियों और उद्योगपतियों को लाभ पहुंचाने के उद्देश्य से किया गया है। ज्यादा सैलरी आने की बात हकीकत नहीं नए नियम में यह दिखाया जा रहा है कि इससे कर्मचारियों को फायदा है। ज्यादा सैलरी नकद में आएगी, बल्कि हकीकत यह है कि वर्तमान व्यवस्था में जितना वेतन होता था, उसका 12 प्रतिशत अंशदान कर्मचारी का कटता था तथा 12 प्रतिशत अंशदान नियोक्ता मिलाता था। साथ ही 1.61 प्रतिशत स्थापना और बीमा के रूप में कटते थे। इससे यह होता था कि यदि किसी कल कारखाने, निगम मंडल, बोर्ड, विश्वविद्यालयों, अर्द्धशासकीय संस्थानों, लिमिटेड कंपनी, भेल, भिलाई में कार्य करने वाले किसी कर्मचारी, अधिकारी के हितों की रक्षा हो रही थी। पुराने नियम से यह था फायदा कर्मचारी नेता परसाई कहते हैं कि पुरानी योजना ईपीएफ योजना 1952 के अंतर्गत अभी एक लाख रुपए सैलरी पाने वाले कर्मचारी का खुद और नियोक्ता का अंशदान मिलाकर प्रति माह 24000 रुपए होता है। इस तरह वार्षिक राशि 2 लाख 88 हजार रुपए खाते में जमा हो रही थी। इस तरह पुरानी योजना में 2 लाख 88 हजार और नई योजना में 43200 जमा होंगे। इस प्रकार कर्मचारी को 2 लाख 63 हजार रुपए का नुकसान होगा। नए नियम नियोक्ता को लाभ पहुंचाने वाले मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर का कहना है कि इस नियम से सबसे बड़ा फायदा नियोक्ता (मालिक) को होने जा रहा है। अब वह 15 हजार रुपये के वेतन पर ही 1800 रुपये प्रतिमाह का अंशदान करेगा। अभी उसको 12 हजार रुपए प्रतिमाह करना पड़ता था। उसको सीधे 10200 रुपए की प्रतिमाह की बचत होगी और कर्मचारी को नियोक्ता की और से मिलने वाला अंशदान घट जाएगा। इसके बाद कर्मचारी को सेवानिवृत्ति के समय मिलने वाला फंड बहुत कम मिलेगा। राठौर ने कहा कि कर्मचारी अधिकारी 15000 रुपए की सीलिंग हटाने की मांग वर्षों से करते आ रहे हैं। जितना वेतन मिलता है उसी वेतन पर नियोक्ता और कर्मचारी का समान अंशदान किया जाना चाहिए। सरकार दोबारा इन नियमों पर पुनर्विचार करें सेवानिवृत्त कर्मचारी भविष्य निधि कल्याण समिति के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष चंद्रशेखर परसाई और मध्य प्रदेश संविदा कर्मचारी अधिकारी महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश राठौर ने केंद्र सरकार से मांग की है कि इस कर्मचारी भविष्य निधि योजना 2026 पर पुनर्विचार करना चाहिए और वेतन सीलिंग को समाप्त करते हुए पूर्ण वेतन पर कर्मचारी अंशदान और नियोक्ता अंशदान दिया जाना चाहिए। कर्मचारी जब सेवानिवृत्त होता है तो बस यही फंड कर्मचारी और उसके परिवार को प्राप्त होता है। पूरे देश के कर्मचारी संगठन इन नये नियमों के विरोध में लामबंद हो रहे हैं और उसका विरोध करेंगे। कर्मचारी नेता परसाई कहते हैं… इसके पहले बीजेपी की अटल जी की सरकार ने पेंशन बंद की थी और बीजेपी की मोदी सरकार पीएफ में कटौती करके कर्मचारियों और उनके परिवार के पेट पर लात मारने का काम कर रही है। यह बीजेपी की 12 साल की सरकार का सबसे खराब निर्णय है। यह खबर भी पढ़ें… MP के 2 लाख कर्मचारियों के प्रमोशन की तैयारी मध्यप्रदेश के करीब 2 लाख अधिकारी-कर्मचारियों के 9 साल से अटके प्रमोशन को लेकर सरकार ने बड़ी तैयारी शुरू कर दी है। हाईकोर्ट में मामला लंबित होने के बावजूद सामान्य प्रशासन विभाग (GAD) ने 20 विभागों को 2029 तक की सीनियरिटी लिस्ट तैयार कर जल्द भेजने के निर्देश दिए हैं। पूरी खबर यहां पढ़ें...
अमेरिका की एक लेक में नहाने गए करनाल के युवक की डूबने से मौत हो गई। युवक अपने दोस्तों के साथ झील में गया था, जहां उसका एक साथी पानी में डूबने लगा। उसे बचाने के लिए युवक ने तुरंत छलांग लगा दी। उसने दोस्त की जान तो बचा ली, लेकिन खुद पानी से बाहर नहीं निकल पाया। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। दोस्त को बचाया, खुद नहीं बच पायाकरनाल की विकास कालोनी निवासी अर्शदीप पुत्र प्रगट सिंह वर्ष 2023 में डंकी रूट के जरिए अमेरिका गया था। परिवार ने उसे विदेश भेजने के लिए करीब 45 लाख रुपए खर्च किए थे और इसके लिए कर्ज भी लिया था। अर्शदीप अमेरिका के फ्रिजनों शहर में अपनी बुआ और फूफा के पास रह रहा था और उनके बेटे हैरी के साथ एक स्टोर में काम करता था। मामा रणजीत सिंह ने बताया कि 4 जुलाई की सुबह उन्हें सूचना मिली कि अर्शदीप की लेक में डूबने से मौत हो गई है। वह अपने चार-पांच दोस्तों के साथ नहाने गया था। अर्शदीप को तैरना आता था और वह पहले बाहर भी आ गया था, लेकिन उनका एक दोस्त पानी में डूबने लगा, जिसे तैरना नहीं आता था। बिना देर किए लगाई छलांगजैसे ही अर्शदीप ने अपने दोस्त को डूबते देखा, उसने बिना समय गंवाए दोबारा पानी में छलांग लगा दी। उसने अपने दोस्त को सुरक्षित बाहर निकाल दिया, लेकिन खुद पानी से बाहर नहीं आ सका। आसपास मौजूद लोगों ने उसे कुछ ही देर में बाहर निकाल लिया और अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। वहां की पुलिस ने शव को मोर्च्युरी हाउस में रखवा दिया है और परिजन अब शव को भारत लाने की प्रक्रिया में लगे हुए हैं। टोहायो लेक पर हुआ हादसामृतक के छोटे भाई शरणदीप ने बताया कि उन्हें बुआ के माध्यम से सूचना मिली कि अर्शदीप अपने दोस्तों के साथ टोहायो लेक पर गया हुआ था। वहां दो दोस्त पानी में डूबने लगे थे। अर्शदीप ने पहले एक दोस्त को बचाया और फिर दूसरे को भी बाहर निकाल लिया। इसके बाद वह खुद पानी में फंस गया। हालांकि उसे जल्दी बाहर निकाल लिया गया था, लेकिन उसके शरीर में काफी पानी भर गया था, जिसके कारण उसकी जान नहीं बचाई जा सकी। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़शरणदीप ने बताया कि इस घटना से परिवार को गहरा आघात पहुंचा है। दो साल पहले उनके पिता प्रगट सिंह की भी हार्ट अटैक से मौत हो गई थी। अब परिवार में मां मनप्रीत कौर और एक बड़ी बहन है, जिसकी शादी हो चुकी है। अर्शदीप ही परिवार की जिम्मेदारी संभाल रहा था और उसका सपना था कि वह विदेश में काम करके पहले लिया हुआ कर्ज उतारे और फिर परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधार सके। लेकिन इस हादसे ने सब कुछ खत्म कर दिया। सरकार से लगाई मदद की गुहारपरिवार ने सरकार और प्रशासन से अपील की है कि अर्शदीप का शव जल्द से जल्द भारत लाने में मदद की जाए। अमेरिका में रह रहे रिश्तेदार भी औपचारिकताएं पूरी करने में जुटे हुए हैं, ताकि शव को जल्द भारत भेजा जा सके। परिजनों का कहना है कि परिवार पहले से ही आर्थिक रूप से दबाव में है और अब इस दुखद घटना ने उन्हें पूरी तरह तोड़ दिया है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने आयकर अधिनियम की धारा 277 के एक मामले में निचली अदालत के फैसले को पलटते हुए महत्वपूर्ण टिप्पणी की है कि आयकर अपराधों में प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट का लाभ नहीं दिया जा सकता। मिर्जापुर के आयकर अधिकारी ने कमरुद्दीन अंसारी और अजीमुल्लाह अंसारी के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई थी। ये दोनों भदोही स्थित फर्म मेसर्स मोहम्मद इब्राहिम अजीमुल्लाह के साझेदार थे। आरोप था कि वर्ष 1968-69 के आकलन वर्ष में, 26 अक्टूबर 1968 को दाखिल विवरणी में फर्म ने मेसर्स दामोदर दास एंड अदर्स से प्राप्त 1,15,470 रुपये की आय छिपाई थी। जानिये सुनवाई में क्या हुआ मामले की सुनवाई के दौरान अजीमुल्लाह अंसारी की मृत्यु हो गई, जिसके बाद केवल कमरुद्दीन अंसारी के खिलाफ मुकदमा चलता रहा। आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार करते हुए बताया कि 50,810 रुपये की राशि हाईकोर्ट के आदेश से घटा दी गई थी, और शेष 61,460 रुपये पर उसने कर व जुर्माना जमा कर दिया था। मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, मिर्जापुर ने 28 अप्रैल 1982 को कमरुद्दीन अंसारी को धारा 277 के तहत दोषी करार दिया, लेकिन मामला पुराना होने, आरोपी के पिता की मृत्यु और अपराध स्वीकार करने के आधार पर उसे प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट के तहत रिहा कर दिया। आयकर अधिकारी ने इस आदेश के खिलाफ हाईकोर्ट में अपील दाखिल की। अपीलकर्ता की ओर से अधिवक्ता अभिषेक शुक्ला ने तर्क दिया कि आयकर अधिनियम की धारा 292ए स्पष्ट रूप से प्रावधान करती है कि इस अधिनियम के तहत दोषी पाए गए व्यक्ति पर धारा 360 सीआरपीसी या प्रोबेशन ऑफ ऑफेंडर्स एक्ट लागू नहीं होगा, जब तक कि वह व्यक्ति 18 वर्ष से कम उम्र का न हो। सुप्रीम कोर्ट केस का हवाला दिया इस संबंध में सुप्रीम कोर्ट के यूनियन ऑफ इंडिया बनाम ममता सेठी और पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के कमिश्नर ऑफ इनकम टैक्स बनाम ओंकार नाथ मामलों का हवाला दिया गया, जिनमें इसी तरह के सिद्धांत स्थापित किए गए थे। प्रतिवादी की ओर से सूचना के बावजूद कोई पेश नहीं हुआ, इसलिए मामले की सुनवाई एकपक्षीय रूप से हुई। न्यायमूर्ति तेज प्रताप तिवारी ने पाया कि निचली अदालत ने धारा 292ए के स्पष्ट प्रतिबंध को नजरअंदाज किया था। इसलिए 28 अप्रैल 1982 का आदेश रद्द कर दिया गया और अपील स्वीकार कर ली गई। कोर्ट ने संबंधित अदालत को निर्देश दिया कि वह दोनों पक्षों को सुनवाई का उचित अवसर देते हुए केवल सजा के बिंदु पर नए सिरे से आदेश पारित करे।
लखनऊ के हुसैनगंज इलाके में शनिवार सुबह बंदरों के झुंड से बचने की कोशिश में एक ई-रिक्शा चालक पांचवीं मंजिल से नीचे गिर गया। गंभीर हालत में उसे बलरामपुर अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। हादसे के बाद परिजनों ने क्षेत्र में लंबे समय से बंदरों के आतंक के बावजूद कार्रवाई नहीं होने पर नाराजगी जताई। पुलिस ने शव पोस्टमार्टम के लिए भेजकर जांच शुरू कर दी है। हुसैनगंज के फूलबाग निवासी जीतू सोनकर (40) ई-रिक्शा चलाकर परिवार का पालन-पोषण करते थे। शनिवार सुबह वह रोज की तरह नींद से उठकर घर की छत पर टहलने गए थे। परिवार के मुताबिक, कुछ देर बाद छत पर मौजूद बंदरों के झुंड ने उन्हें घेर लिया। जान बचाने के लिए वह इधर-उधर भागने लगे। इसी दौरान उनका संतुलन बिगड़ गया और वह पांचवीं मंजिल से नीचे गिर पड़े। गिरने की तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे तो जीतू खून से लथपथ पड़े थे। परिजन उन्हें तत्काल बलरामपुर अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मृतक के बड़े भाई रवि सोनकर ने बताया कि इलाके में लंबे समय से बंदरों का आतंक है। कई बार लोगों पर हमले हो चुके हैं, लेकिन नगर निगम और वन विभाग ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया। उनका कहना है कि यदि समय रहते कार्रवाई होती तो उनके भाई की जान बच सकती थी। घटना की सूचना पर कैसरबाग पुलिस अस्पताल पहुंची। पुलिस ने परिजनों से पूछताछ के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पूरे मामले की जांच की जा रही है। शहर में बढ़ता जा रहा बंदरों का आतंक लखनऊ के पुराने और नए दोनों इलाकों में बंदरों की संख्या लगातार बढ़ रही है। हुसैनगंज, कैसरबाग, चौक, अमीनाबाद, आलमबाग, चारबाग, गोमतीनगर, इंदिरानगर, अलीगंज, महानगर, राजाजीपुरम, जानकीपुरम, आशियाना, विकासनगर, निरालानगर और डालीगंज समेत कई क्षेत्रों में लोग रोजाना बंदरों के आतंक का सामना कर रहे हैं। हालात ऐसे हैं कि सुबह-शाम छत पर जाना, कपड़े सुखाना और बच्चों का खेलना भी जोखिम भरा हो गया है। लोगों ने खुद किए बचाव के इंतजाम प्रशासन से राहत नहीं मिलने पर लोगों ने अपने स्तर पर बचाव के उपाय शुरू कर दिए हैं। कई मकानों की छतों और बालकनियों में लोहे की जाली लगवाई गई है। खिड़कियों पर मजबूत ग्रिल और नेट लगाए जा रहे हैं। कुछ लोगों ने छतों पर कांटेदार प्लास्टिक स्ट्रिप, चमकीली टेप और बंदरों को भगाने के लिए नकली लंगूर के पुतले लगाए हैं। कई लोग अब लाठी लेकर छत पर जाते हैं, जबकि छोटे बच्चों को अकेले छत पर भेजना भी बंद कर दिया गया है। पहले भी हो चुके हैं कई हादसे बंदरों के हमलों और उनसे बचने के प्रयास में शहर में पहले भी कई लोग घायल हो चुके हैं। कई मामलों में लोग छत से गिरने, सीढ़ियों से फिसलने या सड़क दुर्घटनाओं का शिकार हुए हैं। चिकित्सकों के अनुसार बंदरों के काटने और नोचने के मामलों में भी हर साल बड़ी संख्या में लोग अस्पताल पहुंचते हैं।
एमपी के कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के ओएसडी अशोक कुमार बाथम, दिनेश भकोरिया निज सहायक, स्टेनो टाइपिस्ट अंकित अवधिया को सरकार ने तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। तीनों ही ट्रांसफर के एवज में रिश्वत की डील करते भास्कर के खुफिया कैमरे में कैद हुए थे। तीनों के निलंबन आदेश में भास्कर की खबर का जिक्र है। बता दें कि 1 जून से 16 जून तक सरकार ने सरकारी कर्मचारियों के तबादलों से प्रतिबंध हटाया था। उसी दौरान इन तीनों ने भास्कर रिपोर्टर के साथ कृषि विस्तार अधिकारी, नर्स और वन रक्षक के ट्रांसफर के एवज में 5 से 15 लाख रुपए की डील की थी। ओएसडी अशोक कुमार बाथम को सीधी भेजा भास्कर रिपोर्टर की कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना के ओएसडी अशोक बाथम से मुलाकात उन्हीं के बंगले पर हुई थी। रिपोर्टर ने ओएसडी से कथित कृषि विस्तार अधिकारी का तबादला करने के एवज में डील की थी। बाथम ने रिपोर्टर से सीधे कहा था कि ‘नकद लाए हो’ और ट्रांसफर के एवज में 2.5 लाख रुपए मांगे थे। किसान कल्याण एवं कृषि विकास विभाग ने 29 जून को जारी आदेश में कहा कि 20 जून को प्रकाशित समाचार में सहायक संचालक अशोक कुमार बाथम के संबंध में गंभीर आरोप लगाए गए थे। उपलब्ध तथ्यों और प्रथम दृष्टया सामने आई सामग्री के आधार पर मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1966 के तहत उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया गया है। निलंबन अवधि के दौरान उनका मुख्यालय उप संचालक, किसान कल्याण एवं कृषि विकास, जिला सीधी निर्धारित किया गया है। इस अवधि में उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी दिया जाएगा। नर्स के ट्रांसफर के लिए 5 लाख और 3.50 लाख रुपए की डीलइसके बाद 2 जुलाई को सामान्य प्रशासन विभाग ने दो अलग-अलग आदेश जारी कर स्टेनोटाइपिस्ट अंकित अवधिया और निज सहायक दिनेश भकोरिया को भी निलंबित कर दिया। आदेशों में कहा गया है कि दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन में दोनों कर्मचारी नर्स के स्थानांतरण के बदले रकम की मांग करते दिखाई दिए। आरोप है कि अंकित अवधिया ने ट्रांसफर कराने के लिए 5 लाख रुपए, जबकि दिनेश भकोरिया ने 3.50 लाख रुपए की मांग की थी। दोनों कर्मचारियों को तत्काल प्रभाव से निलंबित करते हुए उनका मुख्यालय सामान्य प्रशासन विभाग (पूल), मंत्रालय, भोपाल निर्धारित किया गया है। दैनिक भास्कर एप पर ये खबर पब्लिश हुई थी…. MP में मिनिस्टर के बंगले पर ट्रांसफर डील:ऑन कैमरा बाबू बोला- मंत्री, प्रभारी मंत्री सबका हिस्सा; SDO के 15, नर्स के 5 लाख फिक्स मध्य प्रदेश में हालिया तबादलों के दौरान मंत्रियों के स्टाफ से लेकर बाबुओं तक पर रिश्वत की डील करने के आरोप सामने आए। दैनिक भास्कर के स्टिंग में मंत्री के बंगले पर स्टाफ सदस्य, वल्लभ भवन का एक बाबू और ऊर्जा विकास निगम का एक कर्मचारी ट्रांसफर के बदले लाखों रुपए मांगते और सौदेबाजी करते कैमरे में कैद हुए। पूरी खबर पढ़ें
इलाहाबाद हाई कोर्ट ने जाति प्रमाणपत्र जारी करने में हो रही गड़बड़ियों पर चिंता जताते हुए राज्य सरकार से पारदर्शी और साफ्टवेयर आधारित सिस्टम विकसित करने के लिए कहा है। कोर्ट का कहना था कि तकनीक की मदद से फर्जी प्रमाणपत्रों पर लगाम लगाई जा सकती है। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यूपी कोली कोरी प्रतिनिधि सभा की जनहित याचिका पर सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। कोली' के लोगों को 'कोरी' जाति का प्रमाणपत्रयाचिका में आरोप लगाया गया कि स्थानीय अधिकारी कोली' जाति के लोगों को 'कोरी' जाति का प्रमाणपत्र जारी कर रहे हैं। कोर्ट ने कहा कि अनुसूचित जातियों की सूची राष्ट्रपति के आदेश से तय होती है, लेकिन कई बार स्थानीय स्तर पर ऐसे लोगों को भी प्रमाणपत्र दे दिए जाते हैं जिनकी जाति का नाम सुनने या लिखने में मिलता-जुलता है। अभी यह विवाद कोली जाति को लेकर है। कोली अनुसूचित जाति नहीं है, जबकि कोरी अनुसूचित जाति में शामिल है। सुनवाई के दौरान अपर महाधिवक्ता मनीष गोयल ने कोर्ट को बताया कि राज्य सरकार इस मुद्दे पर विस्तृत निर्देश देगी। मजबूत सॉफ्टवेयर आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली लागू करें खंडपीठ ने कहा कि अभी प्रमाणपत्र जारी करने का अधिकार तहसीलदार स्तर के अधिकारियों के पास है। इससे मनमानी और गलत प्रमाणपत्र जारी होने की आशंका रहती है। कोर्ट ने सुझाव दिया कि राज्य सरकार एससी, एसटी और ओबीसी के लिए मजबूत सॉफ्टवेयर आधारित प्रमाणीकरण प्रणाली लागू करे। इससे पूरी प्रक्रिया पारदर्शी होगी और अधिकारियों की मनमानी खत्म होगी। साथ ही प्रमाणपत्रों का ऑडिट और सत्यापन भी आसान हो जाएगा। कोर्ट ने कहा कि जिस तरह जन्म-मृत्यु प्रमाणपत्र और शिक्षा बोर्ड की मार्कशीट पर अब यूनीक नंबर और क्यूआर कोड होते हैं, उसी तरह जाति प्रमाणपत्रों पर भी ये सुविधाएं दी जा सकती हैं। इससे असली प्रमाणपत्र की तुरंत पहचान हो सकेगी। राज्य सरकार की मांग पर कोर्ट ने अगली सुनवाई 23 जुलाई 2026 को टॉप 10 मामलों में सूचीबद्ध कर दी है। याची संस्था का कहना है कि फर्जी प्रमाणपत्रों की वजह से वास्तविक अनुसूचित जाति के लोगों के अधिकार प्रभावित हो रहे हैं।
कानपुर के कैंट थाना क्षेत्र स्थित पुरानी चुंगी इलाके में शनिवार रात करीब 11 बजे सड़क किनारे एक 45 वर्षीय व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला। राहगीरों ने शव देखकर तत्काल पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची कैंट पुलिस ने इलाके की घेराबंदी कर जांच शुरू की और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। प्रारंभिक जांच में मृतक की पहचान नहीं हो पाई है। पुलिस उसकी शिनाख्त के प्रयास कर रही है। आसपास के लोगों से पूछताछ के साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है, जिससे मौत के कारणों का पता चल सके। क्षेत्रीय निवासी रवि शंकर और उमेश ने बताया कि कैंट से पुरानी चुंगी की ओर आने वाली सड़क पर एक व्यक्ति लेटा हुआ था। जब लोगों ने उसे उठाने का प्रयास किया, तो वह नहीं जागा। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। थाना प्रभारी अरविंद राय ने जानकारी दी कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की असली वजह स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने बताया कि फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। मृतक की पहचान होने के बाद परिजनों को सूचित किया जाएगा और आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जैश-ए-मोहम्मद से संबंधों के आरोप में देवास के वारसी नगर निवासी बिलाल दुर्रानी की गिरफ्तारी के बाद गुजरात एटीएस का जांच का दायरा बढ़ गया है। शनिवार शाम को बिलाल के बड़े भाई जकारिया दुर्रानी को ने गुजरात के एक मदरसे से हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। जांच एजेंसियों को दोनों भाइयों के नेटवर्क से जुड़े होने का अंदेशा है। बताया जा रहा है कि जकारिया दुर्रानी कई साल पहले देवास से गुजरात चला गया था। हालांकि, पिछले कुछ महीनों से वह देवास नहीं आया था, लेकिन उसका अपने भाई बिलाल से लगातार संपर्क बना हुआ था। बिलाल के पड़ोसियों के अनुसार, वह बेहद सतर्क रहता था। वह कभी किसी के सामने मोबाइल पर बात नहीं करता था। गुजरात एटीएस और देवास पुलिस की कार्रवाई के बाद ही मोहल्ले के लोगों को उसकी संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी मिली। रविवार को हिंदू संगठन करेंगे प्रदर्शन वहीं इस मामले को लेकर विश्व हिंदू परिषद और बजरंग दल देश में बढ़ती आतंकवादी गतिविधियों तथा आतंकवाद को समर्थन या शरण देने वाले तत्वों के विरोध में रविवार को पुलिस अधीक्षक (एसपी) कार्यालय में ज्ञापन सौंपेंगे। संगठन के अनुसार रविवार दोपहर 12 बजे सयाजी द्वार के सामने कार्यकर्ता और समाजजन एकत्रित होंगे। इसके बाद रैली के रूप में एसपी कार्यालय पहुंचकर ज्ञापन सौंपा जाएगा। संगठन का कहना है कि ज्ञापन के माध्यम से आतंकवाद और उससे जुड़े तत्वों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की जाएगी। वहीं इस मामले में सांसद महेंद्र सिंह सोलंकी ने कहा कि वे कौन लोग हैं जिन्होंने बिलाल की मदद की है, मदद करने वाले भी बेनकाब होंगे। 2008 में भी देवास से हुई थी बड़ी कार्रवाई देवास में पहले भी आतंकी गतिविधियों से जुड़े बड़े मामले सामने आ चुके हैं। मार्च 2008 में प्रतिबंधित संगठन सिमी (स्टूडेंट्स इस्लामिक मूवमेंट ऑफ इंडिया) के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की गई थी। एमपी एटीएस और केंद्रीय एजेंसियों ने आनंद नगर के एक किराए के मकान से सिमी चीफ सफदर नागौरी सहित 13 आतंकियों को गिरफ्तार किया था। इस कार्रवाई के बाद देशभर में हुए कई बम धमाकों से जुड़े नेटवर्क का खुलासा हुआ था। आरोपियों के खिलाफ विभिन्न राज्यों में मुकदमे भी चलाए गए थे। इस मामले से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… MP के देवास से जैश मॉड्यूल का संदिग्ध गिरफ्तार गुजरात एंटी टेररिस्ट स्क्वॉड (ATS) ने मध्यप्रदेश के देवास से एक संदिग्ध युवक को गिरफ्तार किया है। युवक की पहचान बिलाल दुरानी मोहम्मद अम्मार घाघा उर्फ अबू दुजाना (18) के रूप में हुई है। पूरी खबर पढ़ें…
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया रविवार को शिवपुरी जिले को 2,500 करोड़ रुपये की डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग परियोजना की सौगात देंगे। दोनों नेता कोलारस क्षेत्र के पाली गांव के पास स्थापित होने वाले अत्याधुनिक डिफेंस मैन्युफैक्चरिंग प्लांट का शिलान्यास करेंगे। यह परियोजना दक्षिण एशिया के सबसे बड़े निजी क्षेत्र के मिसाइल इकोसिस्टम के रूप में विकसित की जाएगी। इसके साथ ही जिले में 211.29 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और भूमिपूजन भी होगा। अदाणी समूह स्थापित करेगा प्लांट यह परियोजना अदाणी समूह द्वारा स्थापित की जा रही है। इससे शिवपुरी की औद्योगिक पहचान मजबूत होने और जिले में बड़े निवेश का रास्ता खुलने की उम्मीद है। मुख्य कार्यक्रम शहर के पोलो ग्राउंड में आयोजित होगा, जहां बड़ी संख्या में लोगों के पहुंचने की संभावना है। रोजगार और उद्योगों को मिलेगा बढ़ावा सरकार का कहना है कि यह परियोजना प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 'आत्मनिर्भर भारत' और 'मेक इन इंडिया' अभियान को गति देगी। यह मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के औद्योगिक विकास के विजन के अनुरूप भी है। इससे देश की रक्षा क्षमताओं को मजबूती मिलेगी। परियोजना से प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रूप से बड़ी संख्या में रोजगार के अवसर मिलने की उम्मीद है। स्थानीय युवाओं को नए अवसर मिलेंगे। वहीं, क्षेत्र के छोटे और मध्यम उद्योगों (एमएसएमई) को रक्षा उत्पादन की आपूर्ति श्रृंखला से जुड़ने का मौका मिलेगा। प्रशासन का मानना है कि इससे जिले की स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। दोपहर में पहुंचेंगे मुख्यमंत्री निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव रविवार दोपहर 2:10 बजे ग्वालियर से हेलीकॉप्टर से रवाना होंगे। वे दोपहर 2:40 बजे शिवपुरी हवाई पट्टी पहुंचेंगे। इसके बाद पोलो ग्राउंड में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होकर शिलान्यास, लोकार्पण और भूमिपूजन करेंगे। कार्यक्रम के बाद वे हेलीकॉप्टर से ग्वालियर के लिए रवाना होंगे।
मथुरा में महिला फंदे से झूली, मौत:घरेलू कलह के कारण जान दी, पुलिस जांच में जुटी
मथुरा के हाईवे थाना क्षेत्र में शनिवार तड़के एक 28 वर्षीय महिला ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। प्रारंभिक जांच में घरेलू कलह को आत्महत्या का कारण माना जा रहा है। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, पालीडूंगरा निवासी लेखराज की बेटी पूजा (28) का विवाह बरसाना निवासी कन्हैया से हुआ था। शादी के बाद पति-पत्नी पालीडूंगरा में ही किराए के मकान में रह रहे थे। बताया जा रहा है कि शनिवार तड़के करीब तीन बजे पूजा ने अपने कमरे में पंखे के कुंडे से फंदा लगा लिया। सुबह लगभग छह बजे जब परिजन जागे, तो पूजा को फंदे पर लटका देख उन्होंने तुरंत पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची हाईवे थाना पुलिस ने शव को नीचे उतरवाया और आवश्यक कानूनी कार्रवाई के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस अधिकारियों ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से पूछताछ की। पुलिस घरेलू परिस्थितियों सहित सभी संभावित पहलुओं पर गौर कर रही है। फिलहाल, मौके से कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ है। मृतका के मायके पक्ष को भी घटना की सूचना दे दी गई है। सीओ रिफाइनरी प्रवीण कुमार तिवारी ने बताया कि प्रथम दृष्टया यह मामला घरेलू कलह से जुड़ा प्रतीत होता है। प्रारंभिक जांच में इसी कारण महिला द्वारा आत्महत्या किए जाने की बात सामने आई है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस निष्पक्ष जांच का आश्वासन दे रही है।
बाराबंकी में पूर्वांचल एक्सप्रेस-वे पर शनिवार शाम को सड़क हादसा हो गया। लोनी कटरा थाना क्षेत्र के ककरी गांव के पास एक तेज रफ्तार आर्टिगा कार डिवाइडर पर खड़े लोहे से लदे ट्रेलर से टकरा गई। इस हादसे में कार सवार 5 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि आर्टिगा कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों में तीन महिलाएं और दो पुरुष शामिल हैं। ये सभी बलिया से लखनऊ जा रहे थे। सूचना मिलने पर यूपीडा की टीम और लोनी कटरा पुलिस मौके पर पहुंची। सभी घायलों को तत्काल एंबुलेंस से अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें लखनऊ के डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल रेफर कर दिया गया है। पुलिस के अनुसार, जिस ट्रेलर से आर्टिगा टकराई, वह कुछ घंटे पहले ही पूर्वांचल एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हुआ था। यह उसी ट्रेलर से हुई दूसरी दुर्घटना थी। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कौशांबी में सड़क हादसा, पति की मौत:पत्नी घायल, अस्पताल में भर्ती; पुलिस जांच में जुटी
कौशांबी जिले के महेवा घाट थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में बाइक सवार पति की मौत हो गई, जबकि उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गईं। यह दुर्घटना धाता मोड़ हिनौता के पास एक चार पहिया वाहन और बाइक की आमने-सामने की टक्कर से हुई। घायल महिला का इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, यह घटना शनिवार रात लगभग 7 बजे हुई। एक चार पहिया वाहन राजापुर की ओर से आ रहा था, जबकि बाइक सवार दंपति धाता की तरफ अपनी गाड़ी मोड़ रहे थे। इसी दौरान धाता मोड़ हिनौता के पास दोनों वाहनों में जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में केटमई गांव निवासी नोखे लाल गुप्ता और उनकी पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने आनन-फानन में एम्बुलेंस की मदद से घायलों को जिला अस्पताल पहुंचाया। हालांकि, अस्पताल पहुंचने से पहले ही नोखे लाल गुप्ता की मौत हो चुकी थी। दुर्घटना में घायल उनकी पत्नी का इलाज जिला मुख्यालय स्थित एक अस्पताल में जारी है। घटना की सूचना मिलते ही महेवाघाट पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने चार पहिया वाहन को अपने कब्जे में ले लिया है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घायल महिला को बेहतर उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मथुरा में राष्ट्रीय लोक दल (रालोद) के नवनियुक्त जिलाध्यक्ष प्रीतम प्रमुख का कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने गर्मजोशी से स्वागत किया। जिलाध्यक्ष बनने के बाद शनिवार को पहली बार मथुरा पहुंचे प्रीतम प्रमुख ने शाम 8 बजे एक रिशोर्ट मे संगठन को पूरी निष्ठा और ईमानदारी से मजबूत करने का आश्वासन दिया। राया कट पर बड़ी संख्या में रालोद पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं और ब्रजवासियों ने फूल-मालाएं पहनाकर तथा नारेबाजी कर उनका अभिनंदन किया। इस दौरान पूरे माहौल में उत्साह देखने को मिला। राष्ट्रीय लोक दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी द्वारा प्रीतम प्रमुख को मथुरा जिलाध्यक्ष की जिम्मेदारी सौंपे जाने के बाद जिलेभर के कार्यकर्ताओं में उत्साह है। कार्यकर्ताओं ने कहा कि प्रीतम प्रमुख लंबे समय से संगठन के प्रति समर्पित रहे हैं, और उनकी सक्रिय कार्यशैली को देखते हुए पार्टी नेतृत्व ने उन पर विश्वास जताया है। राया कट पर स्वागत के बाद औरंगाबाद स्थित रजवाड़ा रिजॉर्ट में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इसमें जिलेभर से आए कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों ने साफा, पटुका और फूल-मालाएं पहनाकर उनका सम्मान किया। वक्ताओं ने कहा कि उनके नेतृत्व में मथुरा में रालोद संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा पार्टी की नीतियों को गांव-गांव तक पहुंचाया जाएगा। अपने संबोधन में प्रीतम प्रमुख ने राष्ट्रीय अध्यक्ष जयंत चौधरी का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि पार्टी ने उन्हें जो जिम्मेदारी सौंपी है, उसे वे पूरी निष्ठा और ईमानदारी के साथ निभाएंगे। उन्होंने यह भी कहा कि संगठन के प्रत्येक कार्यकर्ता का सम्मान उनकी प्राथमिकता होगी और जिले में संगठन को मजबूत करने के लिए सभी को साथ लेकर कार्य किया जाएगा। उन्होंने किसानों, युवाओं और आमजन की समस्याओं को प्रमुखता से उठाने का भरोसा भी दिलाया। कार्यक्रम की अध्यक्षता ठाकुर तेजपाल ने की। इस अवसर पर पूर्व जिलाध्यक्ष राजपाल भरंगर, बाबूलाल प्रमुख, यशपाल बघेल, एमएलसी योगेश नौहवार, अनूप चौधरी, रामरसपाल पोनिया, सुरेश भगत, यशपाल चेयरमैन, सुखवीर प्रधान, सुजीत प्रधान सहित बड़ी संख्या में रालोद पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद रहे।
ट भट्ठे पर छापा, 75 लीटर कच्ची शराब बरामद:दो आरोपी गिरफ्तार, भट्ठा मालिक समेत तीन फरार
देवरिया के खुखुंदू थाना क्षेत्र में सठियाव स्थित एक ईंट भट्ठे पर शनिवार रात आबकारी विभाग और पुलिस की संयुक्त टीम ने छापा मारा। इस दौरान 75 लीटर अवैध कच्ची शराब बरामद की गई। मौके से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया, जबकि ईंट भट्ठा मालिक, उसका पार्टनर और मुंशी फरार हो गए। पुलिस ने सभी के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। आबकारी निरीक्षक क्षेत्र-2 सलेमपुर अनंत कुमार मिश्र के नेतृत्व में आबकारी विभाग और खुखुंदू थाना पुलिस ने डी.डी.के. मार्का ईंट भट्ठे पर यह कार्रवाई की। टीम ने 75 लीटर अवैध कच्ची शराब के साथ शराब बनाने में इस्तेमाल होने वाले दो बड़े स्टील के ड्रम, दो एल्यूमिनियम के भदेले, दो चूल्हे और लगभग 200 किलोग्राम लहन भी बरामद किया। बरामद लहन को नियमानुसार मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। टीम ने मोहम्मद इस्माइल और जितेंद्र कुमार को गिरफ्तार किया। वहीं, ईंट भट्ठा मालिक दीनदयाल कुशवाहा, उनके पार्टनर नृपेंद्र त्रिपाठी और मुंशी संजय मौके से भागने में सफल रहे। गिरफ्तार किए गए आरोपियों और फरार नामजद व्यक्तियों के विरुद्ध खुखुंदू थाने में भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) 2023 और आबकारी अधिनियम की सुसंगत धाराओं के तहत मामला दर्ज किया जाएगा। छापेमारी टीम में आबकारी निरीक्षक सदर सुधीर कुमार सिंह, आबकारी कर्मी पंकज चौधरी, रीता वर्मा, योगेश कुमार, राकेश वर्मा शामिल थे। पुलिस टीम में उपनिरीक्षक आनंद राव, कांस्टेबल चंदन गहलोत, चंदन वर्मा और विनोद यादव भी मौजूद रहे। जिला आबकारी अधिकारी सुरेश चंद्र मिश्र ने बताया कि जिले में अवैध कच्ची शराब के निर्माण और बिक्री के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। उन्होंने कहा कि इसके पूर्ण उन्मूलन तक कार्रवाई की जाती रहेगी।
36 घंटे में सर्पदंश के 5 केस:दो रेफर, अयोध्या मेडिकल कॉलेज में चल रहा इलाज
अयोध्या जिले में उमसभरी गर्मी और बारिश के कारण सर्पदंश के मामलों में वृद्धि हुई है। पिछले 36 घंटों में पांच सर्पदंश पीड़ित अस्पताल पहुंचे, जिनमें से दो की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर किया गया है। 4 जुलाई शनिवार देर शाम को शुकुल बाजार थाना क्षेत्र के नजर अली का पुरवा निवासी 16 वर्षीय रुद्र सेन को घर में सांप ने काट लिया। परिजन पहले उसे खंडासा थाना क्षेत्र स्थित गहनाग मंदिर में झाड़-फूंक के लिए ले गए। हालांकि, वहां से लौटते समय किशोर की हालत बिगड़ गई, जिसके बाद उसे तत्काल सौ बेड अस्पताल कुमारगंज ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद भी स्थिति गंभीर बनी रहने पर उसे मेडिकल कॉलेज दर्शननगर रेफर कर दिया गया। इसी अवधि में धनैचा गांव के 16 वर्षीय जीसान, बकचुना-खंडासा की 36 वर्षीय शांति देवी, 65 वर्षीय हरिनाथ और 40 वर्षीय रोहित मिश्रा भी सर्पदंश के शिकार होकर अस्पताल पहुंचे। सभी का इलाज चिकित्सकों की निगरानी में चल रहा है। इन मरीजों में से एक अन्य गंभीर पीड़ित को भी मेडिकल कॉलेज दर्शननगर भेजा गया है, जबकि बाकी की हालत स्थिर बताई जा रही है। अस्पताल के चिकित्सकों ने बताया कि बरसात के मौसम में बिलों में पानी भर जाने के कारण सांप सुरक्षित स्थानों की तलाश में घरों और आबादी वाले क्षेत्रों की ओर आ जाते हैं। उन्होंने लोगों से विशेष सतर्कता बरतने की अपील की है। चिकित्सकों ने सलाह दी है कि सर्पदंश होने पर झाड़-फूंक या घरेलू उपचार में समय बर्बाद न करें, बल्कि तुरंत नजदीकी सरकारी अस्पताल पहुंचें। समय पर एंटी-स्नेक वेनम और उचित चिकित्सा से अधिकांश मरीजों की जान बचाई जा सकती है।
मजदूरी को लेकर झगड़ा, मकान मालिक की हत्या:राजमिस्त्री और साथियों ने क्रिकेट बैट से पीटा,
प्रतापगढ़ के अंतू थाना क्षेत्र के चमनगंज गांव में मजदूरी के भुगतान को लेकर हुए विवाद में एक घर मालिक की हत्या कर दी गई। शनिवार रात राजमिस्त्री और उसके दो साथियों ने क्रिकेट बैट से पीट-पीटकर राममिलन गुप्ता (55) को मार डाला। चमनगंज निवासी राममिलन गुप्ता के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। शनिवार रात करीब 9:30 बजे मजदूरी के भुगतान को लेकर राजमिस्त्री राजा राम और उसके दो साथियों से उनकी कहासुनी हो गई। आरोप है कि तीनों आरोपी शराब के नशे में थे। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने क्रिकेट बैट से राममिलन गुप्ता पर ताबड़तोड़ हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस मौके पर पहुंची और घायल को तत्काल अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद तीनों आरोपी मौके से फरार हो गए। मामले की सूचना मिलते ही एसपी फोर्स घटनास्थल पहुंचे। निरीक्षण कर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपियों की तलाश में पुलिस की कई टीमें गठित की गई हैं। पूरे मामले की जांच जारी है।
मध्यप्रदेश पुलिस इन दिनों 'ऑपरेशन सेफ क्लिक 2.0' (Safe Click 2.0) के तहत विशेष साइबर जागरूकता अभियान चला रही है। इसका उद्देश्य आम लोगों और विद्यार्थियों को ऑनलाइन फ्रॉड, फिशिंग लिंक, डिजिटल अरेस्ट और अन्य साइबर अपराधों से बचाव के प्रति जागरूक करना है। जबलपुर में एसपी के निर्देश पर जिले के विभिन्न थानों की पुलिस रोजाना स्कूलों और अन्य संस्थानों में पहुंचकर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित कर रही है। इसी क्रम में शनिवार को सिविल लाइन थाना पुलिस ने क्राइस्ट चर्च स्कूल में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। पुलिस टीम ने विद्यार्थियों को बताया कि किसी भी अनजान लिंक पर बिना सोचे-समझे क्लिक न करें। साथ ही ओटीपी, पासवर्ड, बैंक खाते की जानकारी या अन्य गोपनीय जानकारी किसी अज्ञात व्यक्ति के साथ साझा नहीं करने की सलाह दी। सिविल लाइन थाना प्रभारी स्वप्निल दास ने बताया कि सेफ क्लिक 2.0 अभियान के तहत स्कूल के स्टाफ और विद्यार्थियों को साइबर अपराध से बचने के तरीके बताए गए। उन्हें यह भी जानकारी दी गई कि साइबर ठगी होने पर क्या कदम उठाने चाहिए, कितनी देर के भीतर शिकायत करनी चाहिए और शिकायत कहां दर्ज करानी है। कार्यक्रम में करीब 500 छात्र-छात्राएं और शिक्षक शामिल हुए। टीआई स्वप्निल दास ने बताया कि यदि किसी के साथ वित्तीय या अन्य प्रकार की साइबर ठगी होती है, तो तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करें या नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर शिकायत दर्ज कराएं। एसपी संपत उपाध्याय के निर्देश पर एएसपी आयुष जाखड़ और सीएसपी सोनू कुर्मी के नेतृत्व में सिविल लाइन थाना सहित शहर के सभी थानों में समय-समय पर साइबर जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। शनिवार के कार्यक्रम में क्राइस्ट चर्च स्कूल के प्रिंसिपल क्षितिज जैकब भी मौजूद रहे।
मऊगंज जिले के नईगढ़ी थाना क्षेत्र में शनिवार रात एक सड़क हादसे में साइकिल सवार मजदूर बृजलाल प्रजापति (40) गंभीर घायल हो गए। उन्हें एक अज्ञात बाइक चालक ने जोरदार टक्कर मार दी। स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र नईगढ़ी में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। मजदूरी कर साइकिल से घर लौट रहे थे बृजलाल जानकारी के अनुसार, ग्राम कैछुआ निवासी बृजलाल प्रजापति पिता शंकर प्रसाद प्रजापति शनिवार देर शाम नईगढ़ी से मजदूरी का काम खत्म करके साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। रात करीब 9 बजे जब वे लालगंज मोड़ के पास पहुंचे, तो अचानक उनकी साइकिल की चेन उतर गई। वे सड़क किनारे साइकिल खड़ी कर चेन ठीक करने लगे। टक्कर मारकर बाइक चालक मौके से हुआ फरार चश्मदीदों के मुताबिक, जब बृजलाल चेन सुधार रहे थे, तभी पीछे से आए एक तेज रफ्तार और लापरवाह अज्ञात बाइक चालक ने उन्हें सीधी टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि बृजलाल सड़क पर दूर जा गिरे, जिससे उनके कमर, पीठ और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। हादसे के बाद आरोपी बाइक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। 112 वाहन से पहुंचाया अस्पताल, पुलिस जांच में जुटी वहां मौजूद ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना दी, जिसके बाद घायल मजदूर को 112 पुलिस वाहन की मदद से नईगढ़ी के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। डॉक्टरों की टीम उनकी हालत पर नजर रखे हुए है। घायल के पिता शंकर प्रसाद ने बताया कि बाइक की रफ्तार बहुत तेज थी, जिसके कारण चालक नियंत्रण नहीं रख पाया। नईगढ़ी थाना पुलिस को घटना की सूचना दे दी गई है और पुलिस अज्ञात बाइक चालक की तलाश में जुट गई है।
वाराणसी के 68 केंद्रों पर UPTET यानी उप्र शिक्षक पात्रता परीक्षा आयोजित हुई। 2 जुलाई से शुरू हुई परीक्षा का शनिवार को अंतिम दिन रहा। कड़ी सुरक्षा के बीच परीक्षाएं संपन्न कराई गई। गुरुवार और शुक्रवार को तो दो पालियों में परीक्षाएं आयोजित हुईं लेकिन अभ्यर्थियों की संख्या कम होने के कारण अंतिम दिन महज एक ही पाली में परीक्षा हुई। शनिवार को 27,821 अभ्यर्थी पंजीकृत थे लेकिन इसमें 4168 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे।
प्रयागराज के छोटा बघाड़ा स्थित धरहरिया इलाके में दिशा छात्र संगठन की ओर से आयोजित चार दिवसीय 'बाल सृजनात्मक शिविर' का शनिवार की शाम को समापन हो गया। इस शिविर का उद्देश्य बच्चों में रचनात्मकता और तार्किक व्यक्तित्व का विकास करना था। शिविर के अंतिम दिन बच्चों ने चार दिनों में सीखे गए कौशल को अभिभावकों के सामने प्रस्तुत किया। कार्यक्रम की शुरुआत देशभक्ति गीत मेरा रंग दे बसंती चोला से हुई। बच्चों ने भाषण, नृत्य और कविता पाठ प्रस्तुत किए। इस दौरान 'देश को आगे बढ़ाओ' नामक एक नुक्कड़ नाटक भी मंचित किया गया। नाटक के माध्यम से बच्चों ने समाज में व्याप्त भ्रष्टाचार और नेताओं द्वारा की जा रही लूट जैसे मुद्दों को उजागर किया। समापन समारोह में दिशा छात्र संगठन के सदस्य जय ने बच्चों को संबोधित किया। उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि हिंसक फिल्में, फूहड़ गीत और मोबाइल गेम्स बच्चों के चारित्रिक विकास को नकारात्मक रूप से प्रभावित कर रहे हैं। जय ने इस बात पर जोर दिया कि बच्चों के लिए ऐसे रचनात्मक प्रयास आवश्यक हैं, जो उन्हें बेहतर वातावरण प्रदान करें। संगठन का उद्देश्य बच्चों में तार्किकता, वैज्ञानिक दृष्टिकोण, न्यायप्रियता और संवेदनशीलता जैसे मानवीय मूल्यों को विकसित करना है। अभिभावकों की उपस्थिति में बच्चों को शिविर में उनकी भागीदारी के लिए प्रमाणपत्र वितरित किए गए। इस चार दिवसीय आयोजन को सफल बनाने में दिशा छात्र संगठन के कार्यकर्ता अमन, जय, सौम्या, टिया, ऐंजल, प्रियांशी, गौरी, चंद्र प्रकाश और अनुराग ने योगदान दिया।
बेमेतरा जिले के साजा क्षेत्र स्थित शराब दुकान के पास शनिवार को कथित रूप से गौमांस मिलने की सूचना के बाद इलाके में तनावपूर्ण माहौल बन गया। सूचना मिलते ही बजरंग दल और विश्व हिंदू परिषद के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौके पर पहुंचे। संगठन का दावा है कि दो आरोपी को मौके पर पकड़कर पुलिस के हवाले किया गया, जबकि चार अन्य लोग फरार हो गए। बजरंग दल के कार्यकर्ताओं का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद पुलिस करीब तीन घंटे बाद मौके पर पहुंची। संगठन का कहना है कि इस दौरान कार्यकर्ताओं ने दोनों आरोपियों और बरामद गौमांस को मौके पर ही रोके रखा। कार्यकर्ताओं के अनुसार थाना घेराव की चेतावनी के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने दोनों आरोपियों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। मौके से बरामद गौमांस को जब्त कर उसके नमूने जांच के लिए सुरक्षित रखे गए हैं। बजरंग दल का आरोप है कि मृत पशु का मांस काटकर पॉलिथीन में भरकर बेचा जा रहा था। संगठन के अनुसार इस मामले में कुल 6 लोगों की संलिप्तता होने की आशंका है, जिनमें से चार आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस उनकी तलाश में जुटी हुई है। घटना के बाद बड़ी संख्या में बजरंग दल के कार्यकर्ता साजा थाने पहुंचे, जहां देर तक गहमागहमी का माहौल बना रहा। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नोकझोंक भी देखने को मिली। बजरंग दल का दावा बजरंग दल के दुर्गेश पटेल और विश्व हिंदू परिषद के गणेश वैष्णव ने बताया कि उनके एक साथी ने एक व्यक्ति को कथित रूप से गौमांस काटते हुए देखा। पूछताछ में कथित रूप से मांस बेचने की बात सामने आने पर संगठन को सूचना दी गई। इसके बाद कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे और पुलिस को लगातार सूचना दी। उनका आरोप है कि पुलिस समय पर नहीं पहुंची, जिससे स्थिति लंबे समय तक बनी रही। दोनों आरोपियों से पूछताछ जारी थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। जांच रिपोर्ट आने के बाद ही यह तय किया जाएगा कि आगे किस प्रकार की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है तथा फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
बलौदाबाजार के पलारी थाना क्षेत्र में नगर पंचायत पलारी के नहर पार स्थित वार्ड नंबर 15 में एक सूने मकान में चोरी की वारदात हुई है। यह मकान CISF (केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल) के सेवानिवृत्त सब-इंस्पेक्टर तीज राम ध्रुव का है। चोरों ने लगभग 5 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चुरा ली। चोरों ने पहले दोपहर में घर की रेकी की और फिर रात में वारदात को अंजाम दिया। चोरी के बाद वे घर का ताला भी अपने साथ ले गए, ताकि कोई सबूत न बचे। तीज राम ध्रुव ने बताया कि वे शुक्रवार दोपहर अपने गांव धमनी से पलारी लौटे थे। उस समय घर में सब कुछ सही-सलामत था - दरवाजे बंद थे और अलमारी अपनी जगह थी। उन्होंने निरीक्षण किया और शाम को वापस गांव चले गए। लेकिन अगली सुबह (शनिवार) तड़के काम वाली बाई ने उन्हें फोन कर बताया कि घर का ताला टूटा हुआ है, सामान बिखरा पड़ा है और अलमारी पूरी तरह खाली है। मौके पर पहुंचने पर तीज राम ध्रुव ने पाया कि उनकी जीवन भर की जमापंजी गायब हो चुकी थी। पुलिस और साइबर की टीम मामले की जांच में जुट गई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज भी खंगाल रही है ताकि चोरों का पता लगाया जा सके। पुलिस का अनुमान है कि चोर ने पहले घर की रेकी की होगी, क्योंकि बुजुर्ग दंपती पिछले तीन दिनों से गांव गए हुए थे और घर पर ताला लगा हुआ था। रेकी के बाद रात में दिया वारदात को अंजाम जानकारी के अनुसार, बुजुर्ग जब शुक्रवार दोपहर घर लौटकर फिर से गांव गए थे, तब सब कुछ ठीक था। आशंका है कि चोर ने उनकी गतिविधियों पर नजर रखी होगी और रात में मौका पाकर चोरी की वारदात को अंजाम देकर फरार हो गया। पुलिस का मानना है कि आरोपी काफी शातिर और पेशेवर हो सकता है, जिसे पहले से पता था कि घर में बुजुर्ग दंपती रहते हैं और वे अक्सर गांव जाते रहते हैं। स्थानीय लोगों ने भी दिन के समय कुछ संदिग्ध लोगों को इलाके में घूमते हुए देखा था। सीसीटीवी कैमरों की जांच कर रही पुलिस घटना की सूचना मिलते ही एसडीओपी और पलारी थाना प्रभारी परिवेश तिवारी मौके पर पहुंचे और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच शुरू की। पुलिस ने कुछ संदिग्ध लोगों से पूछताछ भी शुरू कर दी है। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले को गंभीरता से लिया जा रहा है और यह किसी जानकार व्यक्ति की करतूत लग रही है। उन्होंने कहा कि तकनीकी और स्थानीय साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया जाएगा। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी फुटेज और मोबाइल लोकेशन के आधार पर जांच कर रही है और जल्द ही चोर के पकड़े जाने की उम्मीद जताई है।
सिवनी जिले के ग्राम बोरिया में चरित्र शंका और घरेलू विवाद के चलते एक महिला की हत्या का मामला सामने आया है। यहां एक पति ने पारिवारिक कलह और गुस्से में आकर अपनी पत्नी पर कुल्हाड़ी से ताबड़तोड़ वार कर दिए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी पति भागने के बजाय सीधे आदेगांव थाने पहुंचा और पुलिस के सामने आत्मसमर्पण कर दिया। देर रात कामकाज और आने-जाने को लेकर विवाद आदेगांव थाना प्रभारी आशीष धुर्वे ने बताया कि यह सनसनीखेज वारदात 2 और 3 जुलाई की दरमियानी रात करीब 2 बजे की है। ग्राम बोरिया निवासी संतराम मरकाम (45) का अपनी पत्नी कमला बाई से उसके कहीं आने-जाने और देर रात कामकाज को लेकर विवाद हुआ था। देखते ही देखते दोनों के बीच की कहासुनी हिंसक झड़प में बदल गई। सिर और कान पर किए कुल्हाड़ी से कई वार विवाद के दौरान तैश में आकर संतराम ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठा ली और पत्नी कमला बाई के सिर व कान के ऊपरी हिस्से पर कई जानलेवा वार कर दिए। कुल्हाड़ी के गहरे घाव लगने और अत्यधिक खून बह जाने के कारण कमला बाई ने बिस्तर पर ही तड़पकर दम तोड़ दिया। पत्नी की मौत पक्की होने के बाद आरोपी सीधे थाने पहुंचा और पुलिस को पूरी घटना की जानकारी दी। आरोपी के कबूलनामे के बाद पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची और लहूलुहान शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की। शव को पोस्टमार्टम के लिए अस्पताल भिजवाया गया है। साक्ष्य को जुटाने में लगी पुलिस पुलिस ने आरोपी संतराम मरकाम के खिलाफ नए कानून भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 103(1) (हत्या) के तहत केस दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया है। एसपी के निर्देशन में पुलिस टीम घटना के अन्य पहलुओं और साक्ष्यों को जुटाने में लगी है।
हमीरपुर जिले की सदर कोतवाली पुलिस पर वारंटी के बजाय उसके हमनाम युवक को गिरफ्तार कर थर्ड डिग्री देने का आरोप लगा है। परिजनों का आरोप है कि थाने में बेरहमी से पिटाई के बाद युवक की हालत बिगड़ गई। उसे पहले जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद कानपुर रेफर कर दिया गया। घटना सदर कोतवाली क्षेत्र के मेरापुर की है। शनिवार शाम करीब सात बजे पुलिस शिवराज नाम के एक वारंटी को गिरफ्तार करने पहुंची थी। आरोप है कि पुलिस उसी नाम के दूसरे युवक शिवराज सिंह को पकड़कर थाने ले आई। परिजनों का कहना है कि थाने में उसके साथ मारपीट की गई, जिससे उसकी हालत गंभीर हो गई। डॉक्टर बोले- शरीर पर चोट के निशान जिला अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक ने बताया कि पुलिस शिवराज सिंह को घायल अवस्था में लेकर आई थी। यह फिजिकल असॉल्ट का मामला प्रतीत होता है। युवक के सिर, चेहरे और छाती पर चोटें मिली हैं। प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए कानपुर रेफर कर दिया गया। युवक और बहन ने लगाए गंभीर आरोप घायल शिवराज का आरोप है कि पुलिस उसे बिना किसी वजह के पकड़कर थाने ले गई, जहां एसएचओ, एसआई और कांस्टेबलों ने मिलकर उसकी पिटाई की। वहीं, उसकी बहन रूपा ने बताया कि एसआई सुरेंद्र पाल सिंह घर आए थे और कहा था कि उनके भाई के खिलाफ वर्ष 2018 के एक मामले में वारंट है। परिवार के समझाने के बावजूद पुलिस उन्हें थाने ले गई। रूपा का आरोप है कि बाद में पुलिस ने स्वीकार किया कि गलती से दूसरे शिवराज को पकड़ लिया गया था। थाना प्रभारी ने मारपीट से किया इनकार सदर कोतवाली प्रभारी राम आसरे सरोज ने बताया कि जिस शिवराज के नाम वारंट था, उसकी जगह उसी मोहल्ले के दूसरे शिवराज को पुलिस पकड़ लाई थी। उन्होंने कहा कि जब युवक को इस बात की जानकारी हुई तो उसने थाने में हंगामा किया। थाना प्रभारी ने मारपीट के आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि पकड़े गए युवक के खिलाफ भी पहले से कई मुकदमे दर्ज हैं। मामले में आगे की जांच की जा रही है।
जांजगीर-चांपा जिले में दो अलग-अलग सड़क हादसों में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि तीन युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। ये घटनाएं बिर्रा और बम्हनीडीह थाना क्षेत्रों में हुई। पहली घटना बिर्रा थाना क्षेत्र के टॉकीज के पास हुई। यहां वार्ड नंबर 9 निवासी छत्तु पटेल पैदल चल रहे थे, तभी शिवरीनारायण की ओर से आ रहे एक तेज रफ्तार कैप्सूल वाहन ने उन्हें अपनी चपेट में ले लिया। वाहन के पहिए के नीचे आने से छत्तु पटेल का कमर से नीचे का हिस्सा बुरी तरह कुचल गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हादसे के बाद आक्रोशित ग्रामीणों ने सड़क जाम कर दिया। सूचना मिलने पर बिर्रा पुलिस तत्काल घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा और ग्रामीणों को समझाकर जाम खुलवाने का प्रयास किया। दूसरी घटना बम्हनीडीह थाना क्षेत्र के ग्राम पिपरदा की मुख्य सड़क पर हुई। यहां एक कार और बाइक के बीच आमने-सामने की जोरदार टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक पर सवार तीनों युवक दूर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। कार का अगला हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया। इस हादसे में कार चालक को भी हल्की चोटें आईं। सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया है। बम्हनीडीह पुलिस मामले की आगे की कार्यवाही में जुटी हुई है।
बागपत जनपद के रमाला थाना क्षेत्र में दिल्ली-देहरादून कॉरिडोर पर एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। इस हादसे में कार में सवार तीन लोग घायल हो गए। कार के एयरबैग खुलने से तीनों की जान बच गई। शामली निवासी व्यापारी गौरव गोयल ने बताया कि वह अपने पिता दिनेश कुमार गोयल और पत्नी पूजा गोयल के साथ दिल्ली से शामली लौट रहे थे। रमाला थाना क्षेत्र में हाईवे पर बेरीकेड्स पड़े थे, लेकिन वहां कोई साइन बोर्ड नहीं लगा था। गौरव गोयल ने इसे एक्सप्रेस-वे कर्मियों की लापरवाही बताया, जिसके कारण उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। हादसे में कार क्षतिग्रस्त हो गई। गौरव गोयल ने शनिवार को रमाला थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए कार्रवाई की मांग की है। सूचना मिलने पर मौके पर पहुंची पुलिस ने क्षतिग्रस्त कार को सड़क किनारे हटवाया। गौरव गोयल ने आरोप लगाया कि यह गंभीर हादसा रोड के ठेकेदार और अधिकारियों की लापरवाही के कारण हुआ है। उन्होंने पुलिस से जांच कर जिम्मेदारों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस ने मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
हाईकोर्ट ने नाबालिग की हत्या के मामले में पुलिस के पंचनामा नहीं बनाने पर इसे गंभीर चूक बताते हुए नाराजगी जताई है। हाईकोर्ट ने दौसा जिले के मंडावर इलाके में साल 2022 में 15 साल के किशोर की हत्या के बाद पंचनामा नहीं बनाने को गंभीर चूक करार दिया है। हाईकोर्ट ने आरोपी राजेंद्र और एक बाल अपचारी की जमानत याचिकाओं को खारिज कर दिया। कोर्ट ने पुलिस के कामकाज की शैली पर सवाल उठाए। कोर्ट ने कहा कि नाबालिग के परिजनों ने पोस्टमॉर्टम के लिए मना किया था तो भी शव का पंचनामा तैयार करवाना अस्पताल में मौजूद पुलिस अधिकारी की ड्यूटी थी। पंचनामा नहीं बनाना पुलिस जांच की गंभीर और जानबूझकर छोड़ी गई कमी है। आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज जस्टिस रवि चिरानिया ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपियों की जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। कोर्ट ने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कोर्ट ने 7 अक्टूबर 2024 को प्रसंज्ञान ले लिया है, इसलिए इस स्टेज पर जमानत नहीं दी जा सकती। आरोपियों की तरफ से तर्क दिया गया था कि घटना 12 मई 2022 की है और एफआईआर देरी से 15 जून 2022 को दर्ज कराई गई है, लेकिन कोर्ट ने इस तर्क को स्वीकार नहीं किया। पुलिस ने पहले एफआर लगा दी थी, बाद में कोर्ट के आदेश पर जांच हुई मृतक के पिता ने पहले पुलिस को किसी के खिलाफ शिकायत नहीं होने की बात कही थी और पोस्टमॉर्टम से भी इनकार किया था, यह सब लिखित में दिया गया था। पुलिस ने जांच के बाद अंतिम रिपोर्ट (FR) पेश कर दी थी। बाद में कोर्ट ने परिवादी की प्रोटेस्ट पिटीशन पर 7 अक्टूबर 2024 को संज्ञान लेकर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई के आदेश दिए थे। पुलिस की भूमिका शुरू से ही सवालों में, आरोपियों ने जांच प्रभावित की कोर्ट में परिवादी ने कहा कि आरोपियों और उनके परिजनों ने जांच को प्रभावित किया और पोस्टमॉर्टम नहीं होने दिया। मृतक का अंतिम संस्कार भी देर रात जल्दबाजी में किया गया। पुलिस ने भी शव का पंचनामा नहीं बनाया और कानूनी प्रक्रिया का पालन किए बिना ही शव परिजनों को सौंप दिया, जिससे जांच प्रक्रिया में गंभीर खामियां रहीं। कोर्ट ने कहा- भले ही परिवादी ने पहले पोस्टमॉर्टम से मना किया हो, लेकिन मौके पर मौजूद पुलिस अफसर की यह ड्यूटी थी कि वह शव का पंचनामा तैयार कर कानूनी कार्रवाई करता। ऐसा न करके मृतक का शव बिना किसी जांच-पड़ताल के परिजनों को सौंप दिया गया।
लखनऊ में 129वीं नंदा जयंती समारोह:पूर्व कार्यवाहक PM के व्यक्तित्व-कृतित्व पर हुई चर्चा
लखनऊ में गुलजारीलाल नंदा स्मृति संस्थान के सहयोग से देश के पूर्व कार्यवाहक प्रधानमंत्री और भारत रत्न गुलजारीलाल नंदा की 129वीं जयंती मनाई गई। रिवर बैंक कॉलोनी स्थित संस्थान परिसर में आयोजित समारोह में उनके व्यक्तित्व, कृतित्व और आदर्शों पर विस्तार से चर्चा हुई। वक्ताओं ने नंदा को सादगी, सत्यनिष्ठा और राष्ट्रसेवा का अद्वितीय उदाहरण बताया। संस्थान के सचिव ज्ञानी त्रिवेदी ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए कहा कि गुलजारीलाल नंदा देश की महान विभूतियों में से एक थे। उन्होंने बताया कि भारत सरकार ने 1997 में उन्हें देश के सर्वोच्च नागरिक सम्मान भारत रत्न से सम्मानित किया था। त्रिवेदी ने महात्मा गांधी के उस कथन का भी उल्लेख किया, जिसमें नंदा को व्यवस्था कौशल और सत्य का पुजारी बताया गया था। राजनीति में रहते हुए भी वे सत्ता के मोह से दूर रहे ज्ञानी त्रिवेदी ने नंदा के राजनीतिक जीवन की सादगी पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सक्रिय राजनीति में रहते हुए भी वे सत्ता के मोह से दूर रहे। दो बार कार्यवाहक प्रधानमंत्री और तीन प्रधानमंत्रियों के कार्यकाल में गृह मंत्री रहने के बावजूद उन्होंने न तो व्यक्तिगत संपत्ति अर्जित की और न ही परिवारवाद को बढ़ावा दिया। उन्होंने यह भी बताया कि संस्थान अब गांव-गांव में सदाचार समितियों का गठन कर नैतिक शिक्षा, राष्ट्रीय एकता और तंबाकू निषेध अभियानों को बढ़ावा देगा। नैतिक भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान कार्यक्रम की अध्यक्षता संस्थान के अध्यक्ष गोपबन्धु पटनायक (सेवानिवृत्त आईएएस) ने की। उन्होंने नंदा को उच्च आदर्शों, सादगी और ईमानदारी की प्रतिमूर्ति बताते हुए श्रमिक कल्याण और नैतिक मूल्यों के प्रति उनके योगदान को याद किया। विशिष्ट अतिथि आनंद वर्धन सिंह ने भ्रष्टाचार उन्मूलन और स्वस्थ सामाजिक परंपराओं के निर्माण में नंदा के प्रयासों पर जोर दिया। कार्यक्रम संयोजक डॉ. मोहम्मद कामरान ने युवाओं से नंदा के सिद्धांतों को अपनाकर नैतिक भारत के निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया।
मंदसौर में बाइक स्टंट का वीडियो:तीन युवक गिरफ्तार, राहगीरों को डराने पर 151 के तहत जेल भेजा
मंदसौर शहर में बाइक से स्टंट करने और राहगीरों को परेशान करने के आरोप में तीन युवकों को गिरफ्तार किया गया है। शुक्रवार रात नया खेड़ा से पशुपतिनाथ रोड तक तेज रफ्तार में बाइक दौड़ाते हुए स्टंट करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। वायरल वीडियो में युवक रॉन्ग साइड में बाइक चलाते हुए और खतरनाक स्टंट करते हुए दिखाई दे रहे थे। इन हरकतों से राहगीरों में दहशत फैल गई थी। वीडियो में यह भी दिख रहा है कि कुछ लोगों ने उन्हें समझाने की कोशिश की, लेकिन युवकों ने उनकी बात नहीं मानी। वीडियो सामने आने के बाद नई आबादी थाना पुलिस हरकत में आई। पुलिस ने शनिवार को आरोपियों की पहचान कर तीनों युवकों को हिरासत में ले लिया। उनके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई करते हुए धारा 151 के तहत गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में दुर्गाशंकर पाटीदार (28) निवासी मिण्डलाखेड़ा, थाना पिपलियामंडी; करण सिंह (20) निवासी सोनगिरी; और जितेंद्र सिंह राजपूत (23) निवासी चांगली, जिला मंदसौर शामिल हैं। नई आबादी थाना प्रभारी कुलदीप सिंह राठौर ने बताया कि तीनों युवकों के खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की गई है। उन्होंने चेतावनी दी कि भविष्य में यदि कोई भी व्यक्ति सड़क पर इस तरह स्टंट कर अपनी और आम लोगों की जान जोखिम में डालता पाया गया, तो उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
दमोह कोतवाली और यातायात पुलिस की संयुक्त टीम ने शनिवार को शहर की ऑटो पार्ट्स दुकानों पर बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने बुलेट बाइक में लगाए जाने वाले 21 मॉडिफाइड साइलेंसर जब्त किए हैं। इन अमानक साइलेंसरों से पटाखे जैसी तेज आवाज निकलती है, जिससे सड़क पर राहगीरों और वाहन चालकों के बीच दहशत का माहौल बनता है। मामले में दो दुकान संचालकों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है। बस स्टैंड और बजरिया की दुकानों पर पुलिस का छापा एसपी आनंद कलादगी के निर्देश पर कोतवाली प्रभारी मनीष कुमार और यातायात थाना प्रभारी दलवीर सिंह के नेतृत्व में यह कार्रवाई की गई। टीम ने शहर की दुकानों पर औचक दबिश दी, जिसमें बस स्टैंड स्थित 'नेशनल हॉर्न एक्सेसरीज' और बजरिया वार्ड क्रमांक 2 स्थित 'दमोह कार एंड बाइक डेकोरेशन' से भारी मात्रा में यह अवैध साइलेंसर बरामद हुए। भारतीय न्याय संहिता के तहत केस पुलिस ने इन साइलेंसरों को कब्जे में लेकर मोटर व्हीकल एक्ट और नवगठित भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 182 क(3) के तहत मामला दर्ज किया है। जिन आरोपियों पर केस दर्ज कर इस्तगाशा कोर्ट में पेश किया जा रहा है, उनमें गढ़ी मोहल्ला निवासी अख्तर (45) (नेशनल हॉर्न एक्सेसरीज) और बजरिया निवासी सोहेल (24) (दमोह कार एंड बाइक डेकोरेशन) शामिल हैं। सभी साइलेंसरों को किया जाएगा नष्ट एसपी आनंद कलादगी ने शनिवार शाम को बताया कि बुलेट बाइकों में तेज आवाज करने वाले मॉडिफाइड साइलेंसर बेचने और लगाने वालों पर पुलिस लगातार नजर रख रही है। जब्त किए गए सभी 21 साइलेंसरों को रोड रोलर से कुचलवाकर नष्ट किया जाएगा। एसपी ने चेतावनी दी है कि शहर का कोई भी मैकेनिक या ऑटो पार्ट्स संचालक ऐसे साइलेंसर न बेचे, अन्यथा उनके खिलाफ आगे भी इसी तरह की कठोर कानूनी कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ स्थित सीएसआईआर-राष्ट्रीय वनस्पति अनुसंधान संस्थान में शनिवार को 9वें प्रो. केएन कौल स्मृति व्याख्यान का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम केएन कौल ब्लॉक के लोटस प्रेक्षागृह में आयोजित हुईं। अंतर्राष्ट्रीय अर्ध-शुष्क उष्णकटिबंधीय फसल अनुसंधान संस्थान , हैदराबाद के महानिदेशक डॉ. हिमांशु पाठक ने मुख्य वक्ता के रूप में शामिल हुए । कार्यक्रम में उपस्थित अतिथियों और वैज्ञानिकों का स्वागत करते हुए सीएसआईआर-एनबीआरआई के निदेशक डॉ. ए.के. शासनी ने कहा कि यह व्याख्यान श्रृंखला प्रो. कौल की बहुआयामी वैज्ञानिक विरासत को नई पीढ़ी तक पहुंचाने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। नेक्स्ट-जेनरेशन एग्रीकल्चर' विषय पर विचार रखे अपने व्याख्यान में डॉ. हिमांशु पाठक ने 'फूड टू न्यूट्रिशन, इनकम एंड एनवायरनमेंट सिक्योरिटी: नेक्स्ट-जेनरेशन एग्रीकल्चर' विषय पर विस्तार से विचार रखे। उन्होंने बताया कि भारत ने खाद्यान्न संकट से लेकर खाद्य आत्मनिर्भरता और फिर खाद्य अधिशेष राष्ट्र बनने तक का लंबा सफर तय किया है। डॉ. पाठक ने कहा कि दुग्ध, मत्स्य, फल और सब्जी उत्पादन के क्षेत्र में भी देश ने उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल की हैं। कई कृषि उत्पादों के मामले में भारत अब आयातक नहीं, बल्कि एक प्रमुख निर्यातक देश के रूप में स्थापित हो चुका है। उन्होंने बताया कि बढ़ती जनसंख्या, जलवायु परिवर्तन, प्राकृतिक संसाधनों के क्षरण और बदलती वैश्विक परिस्थितियों ने कृषि क्षेत्र के सामने नई चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। ऐसे में उत्पादक, लाभकारी और टिकाऊ कृषि व्यवस्था विकसित करना समय की सबसे बड़ी आवश्यकता है। आधुनिक कृषि क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं डॉ. पाठक ने जोर देकर कहा कि जीनोम एडिटिंग, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स, ड्रोन, रिमोट सेंसिंग, बिग डेटा एनालिटिक्स और प्रिसिजन एग्रीकल्चर जैसी आधुनिक तकनीकें कृषि क्षेत्र में क्रांतिकारी बदलाव ला सकती हैं। इन तकनीकों के माध्यम से भविष्य की कृषि अधिक सक्षम, लचीली और पर्यावरण के अनुकूल बन सकेगी। उन्होंने वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को प्राप्त करने के लिए जलवायु-अनुकूल फसलों, डिजिटल कृषि, स्मार्ट कृषि परामर्श सेवाओं, मजबूत कृषि विस्तार तंत्र तथा अनुसंधान संस्थानों, उद्योग जगत और किसानों के बीच प्रभावी साझेदारी को अत्यंत आवश्यक बताया।
रोडवेज बस में चढ़ते ही महिला का पर्स पार:लखनऊ में लाखों के जेवर और नकदी लेकर टप्पेबाज फरार
लखनऊ के पीजीआई थाना क्षेत्र में एक महिला रोडवेज बस में चढ़ते समय टप्पेबाजी का शिकार हो गई। उतरेठिया चौराहे पर हुई इस घटना में अज्ञात महिला भीड़ का फायदा उठाकर उसका पर्स लेकर फरार हो गई। पर्स में लाखों रुपये के सोने-चांदी के जेवर और नकदी थी। यह घटना 30 जून की सुबह करीब 10:30 बजे हुई। जौनपुर जनपद के महाराजगंज निवासी अवनीश सिंह ने पीजीआई पुलिस को तहरीर दी है। उन्होंने बताया कि उनकी पत्नी निजी काम से लखनऊ आई थीं। उतरेठिया चौराहे पर रोडवेज बस में चढ़ते समय भीड़ का लाभ उठाकर एक अज्ञात महिला ने उनकी पत्नी का पर्स चुरा लिया। कुछ देर बाद जब उन्होंने अपना सामान देखा तो पर्स गायब था। आसपास काफी तलाश करने के बावजूद पर्स का कोई पता नहीं चल सका। पर्स में एक सोने की चेन, एक सोने की अंगूठी, चांदी की पायल और कुछ नकदी रखी थी। पीड़ित पक्ष ने जेवरों की कीमत लाखों रुपये बताई है। पीजीआई पुलिस ने अवनीश सिंह की शिकायत के आधार पर अज्ञात महिला के खिलाफ चोरी का मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस अब घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपी महिला की पहचान कर उसे गिरफ्तार किया जा सके।
रतलाम रेलवे स्टेशन के प्लेटफॉर्म नंबर 1 पर खड़ी भिंड-रतलाम इंटरसिटी एक्सप्रेस में शनिवार शाम एक नवजात बालिका मिलने से हड़कंप मच गया। बच्ची कोच के अंदर रोती हुई मिली। रोने की आवाज सुनकर यात्रियों को इसकी जानकारी हुई, जिसके बाद रेलवे पुलिस को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही जीआरपी और आरपीएफ की टीम मौके पर पहुंची और नवजात को तत्काल अस्पताल भिजवाया गया। स्वास्थ्य परीक्षण के बाद एसएनसीयू में भर्तीजीआरपी थाना प्रभारी सब इंस्पेक्टर सोहन पाटीदार ने बताया कि शाम करीब 4:45 बजे सूचना मिली थी कि भिंड इंटरसिटी के एस-2 स्लीपर कोच में एक नवजात बच्ची पड़ी हुई है। पुलिस मौके पर पहुंची तो बच्ची रो रही थी। महिला कांस्टेबल की मदद से उसे जिला अस्पताल ले जाकर मेडिकल परीक्षण कराया गया। इसके बाद बाल चिकित्सालय के एसएनसीयू में भर्ती कराया गया है। फिलहाल बच्ची की हालत सामान्य बताई जा रही है। यात्रियों के आने से पहले छोड़े जाने की आशंकाजानकारी के अनुसार यह ट्रेन सुबह इंदौर से चलकर करीब 10 बजे रतलाम पहुंचती है और इसके बाद यार्ड में खड़ी की जाती है। शाम 4 बजे इसे प्लेटफॉर्म पर लाया जाता है और शाम 5:25 बजे प्लेटफॉर्म नंबर 1 से भिंड के लिए रवाना होती है। पुलिस को आशंका है कि ट्रेन के प्लेटफॉर्म पर लगने और यात्रियों के चढ़ने से पहले कोई नवजात को छोड़कर चला गया। गेट बंद होने के बावजूद कोच तक पहुंचा कोईपुलिस के अनुसार स्लीपर कोच के गेट लॉक थे। ऐसे में माना जा रहा है कि कोई व्यक्ति दूसरे कोच के रास्ते एस-2 कोच तक पहुंचा और बच्ची को कपड़े में लपेटकर सीट पर छोड़ गया। सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही पुलिसजीआरपी थाना प्रभारी सोहन पाटीदार ने बताया कि रेलवे स्टेशन और प्लेटफॉर्म पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है, ताकि बच्ची को छोड़ने वाले व्यक्ति की पहचान की जा सके। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
वरिष्ठ लोक कलाकार ललिता पांडे की 10वीं लोककला प्रदर्शनी का आयोजन शनिवार को लखनऊ के कैसरबाग स्थित ललित कला अकादमी में किया गया। पंकज आर्ट्स फाउंडेशन के सहयोग से आयोजित इस प्रदर्शनी का उद्घाटन प्रसिद्ध इतिहासकार रवि भट्ट, अशोक बैनर्जी, प्रो. अवधेश मिश्रा और अवधेश निगम ने दीप प्रज्ज्वलित कर किया। प्रदर्शनी में जगन्नाथ मंदिर और पुरी की सांस्कृतिक विरासत पर आधारित लोककलाएं विशेष आकर्षण का केंद्र रहीं। इसके अलावा लोकचित्रों से सुसज्जित कोस्टर, ट्रे और टेबल मैट को भी दर्शकों ने खूब सराहा। ललिता पांडे अपनी रचनाओं में ऐपण, वर्ली, गोंड और मधुबनी जैसी भारतीय लोकचित्र शैलियों का प्रयोग कर अपनी सृजनात्मक कल्पनाओं को आकार देती हैं। नई पेंटिंग बनाने के संकल्प ने प्रदर्शनी को संभव बनाया ललिता पांडे ने बताया कि वह अपनी कलाकृतियों के माध्यम से भारतीय पारंपरिक लोककलाओं के साथ-साथ सामाजिक सरोकारों और समकालीन विषयों को भी अभिव्यक्त करने का प्रयास करती हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिदिन एक नई पेंटिंग बनाने के संकल्प ने ही उनकी इस प्रदर्शनी को संभव बनाया है। मुख्य अतिथि रवि भट्ट ने अपने संबोधन में कहा कि कला मुख्य रूप से लोककला और आधुनिक कला, इन दो स्वरूपों में देखी जाती है। उन्होंने बताया कि आधुनिक कला समय के साथ बदलती रहती है, जबकि लोककला अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जुड़े होने के कारण हमेशा जीवंत और प्रासंगिक बनी रहती है। रवि भट्ट ने ललिता पांडे की कलाकृतियों को भारतीय लोकजीवन, परंपराओं और सांस्कृतिक विरासत का सजीव चित्रण बताया। लोककला की विविध शैलियों पर आधारित प्रदर्शनी अशोक बैनर्जी ने कहा कि ललिता पांडे की कला में समय के साथ निरंतर परिपक्वता और निखार देखने को मिला है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि वह अपनी सृजनात्मकता के माध्यम से भारतीय लोककला को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाती रहेंगी।प्रदर्शनी में भारतीय लोककला की विविध शैलियों पर आधारित कलाकृतियों ने कला प्रेमियों का मन मोह लिया। कार्यक्रम में प्रो. शोभा मिश्रा, पुनीता अवस्थी, निनी कक्कड़, प्रो. अमिता रानी सिंह, क्षितिज शुक्ला और डॉ. अपूर्वा अवस्थी सहित बड़ी संख्या में कला प्रेमी मौजूद रहे।
लखनऊ में 'बोधि-पथ' कार्यशाला शुरू:पर्यावरण संरक्षण और बौद्ध दर्शन पर नई पीढ़ी को जागरूक करने की पहल
लखनऊ में पर्यावरण संरक्षण और बौद्ध दर्शन के मूल्यों को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के उद्देश्य से 'बोधि-पथ' कार्यशाला का शुभारंभ किया गया है। यह पहल अंतर्राष्ट्रीय बौद्ध शोध संस्थान, लखनऊ और उत्तर प्रदेश संस्कृति विभाग के सहयोग से डिवाइन ग्लोरी पब्लिक स्कूल , चिनहट में शनिवार को ग्रीष्मकालीन कार्यशाला के तहत शुरू हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि पूर्व प्रधान संदीप सिंह रिंकू ने अपने संबोधन में इस पहल की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह युवाओं और विद्यार्थियों में पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूकता विकसित करने का एक प्रेरणादायक प्रयास है। रिंकू ने जोर दिया कि प्रकृति संरक्षण अब केवल एक आवश्यकता नहीं, बल्कि एक सामाजिक जिम्मेदारी भी है। बौद्ध दर्शन और पर्यावरण के संबंधों पर चर्चा कार्यशाला के दौरान बौद्ध दर्शन और पर्यावरण के गहरे संबंधों पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने भगवान बुद्ध के करुणा, अहिंसा, सह-अस्तित्व और प्रकृति के प्रति संवेदनशीलता जैसे सिद्धांतों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि ये मूल्य वर्तमान पर्यावरणीय चुनौतियों का समाधान प्रस्तुत करने में सहायक हो सकते हैं। विशेषज्ञों ने इस बात पर बल दिया कि प्रकृति और मानव जीवन के बीच संतुलन बनाए रखना ही सतत विकास का आधार है। ऐसी कार्यशालाएं युवाओं को पर्यावरण के प्रति जिम्मेदार नागरिक बनने और प्रकृति के साथ सामंजस्यपूर्ण जीवन जीने का संदेश देती हैं। पहले दिन 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया यह कार्यशाला 4 जुलाई से 9 जुलाई तक चलाई जाएगी । पहले दिन 200 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया, जिनमें शिक्षक, शिक्षिकाएं और छात्र-छात्राएं शामिल थे। विद्यालय के प्रबंधक विक्रम सिंह ने अतिथियों का स्वागत और आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन विद्यार्थियों के व्यक्तित्व विकास के साथ-साथ सामाजिक चेतना को भी मजबूत करते हैं।
राजस्थान के सबसे पुराने फैशन एवं मॉडलिंग प्लेटफॉर्म मिस राजस्थान के 28वें एडिशन का ग्रैंड फिनाले शनिवार को बिरला ऑडिटोरियम में आयोजित हुआ। राज्यभर से चयनित टॉप-28 फाइनलिस्ट्स ने अपने स्टाइल, पर्सनैलिटी और कॉन्फिडेंस का शानदार प्रदर्शन किया। करीब 6500 प्रतिभागियों के बीच हुए कई चरणों के ऑडिशन और ग्रूमिंग से गुजरने के बाद श्रीजा गुप्ता ने सभी को पीछे छोड़ मिस राजस्थान 2026 का ताज अपने नाम किया। वहीं वंशिका नूनिया फर्स्ट रनर-अप, शगुन राठौड़ सेकंड रनर-अप, सुहानी जैन थर्ड रनर-अप, निहारिका माथुर फोर्थ रनर-अप, कुसुम सोनी फिफ्थ रनर-अप और लक्षिता गोदारा सिक्स्थ रनर-अप चुनी गईं। टॉप-28 मॉडल्स ने रैंप पर दिखाया फैशन और कॉन्फिडेंसमिस राजस्थान की डायरेक्टर एकता जैन ने बताया कि इस साल प्रतियोगिता के लिए प्रदेशभर से करीब 6500 युवतियों ने आवेदन किया था। ऑडिशन, ग्रूमिंग और विभिन्न राउंड के बाद टॉप-28 मॉडल्स को ग्रैंड फिनाले के लिए चुना गया। फाइनलिस्ट्स ने रैंप वॉक, पर्सनैलिटी, कम्युनिकेशन स्किल और प्रश्नोत्तर राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर निर्णायकों को प्रभावित किया। डिज़ाइनर कलेक्शन और रॉयल ज्वेलरी बने आकर्षण का केंद्रफ्यूजन ग्रुप और रूवी डिजिटल के सहयोग से आयोजित इस फैशन शो के आयोजक योगेश मिश्रा और निमिषा मिश्रा ने बताया कि पहले राउंड में सभी 28 मॉडल्स ने निवारा कॉलेज ऑफ डिजाइनिंग के आउटफिट्स पहनकर ओपनिंग एक्ट किया। इसके बाद टॉप-14 मॉडल्स ने जेकेजे फैशन के सेमी ब्राइडल और ब्राइडल कलेक्शन को रैंप पर पेश किया। अंतिम राउंड में टॉप-7 फाइनलिस्ट्स ने ड्रेसजिला की डिजाइनर माधुरी चेतवानी के गाउन कलेक्शन को खूबसूरती से प्रस्तुत किया।
छतरपुर में दो युवतियों के बीच मारपीट:MCBU कॉलेज तिराहे पर विवाद का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी
छतरपुर शहर के महाराजा छत्रसाल बुंदेलखंड विश्वविद्यालय (MCBU) कॉलेज तिराहे पर दो युवतियों के बीच विवाद और कथित मारपीट का मामला सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वायरल वीडियो में दोनों युवतियों के बीच तीखी बहस और फिर कथित तौर पर मारपीट होती दिख रही है। यह घटना शहर में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस के अनुसार, इस मामले में अब तक किसी भी पक्ष ने सिटी कोतवाली थाने में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई है। पुलिस वायरल वीडियो के आधार पर संबंधित युवतियों की पहचान करने का प्रयास कर रही है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि शिकायत मिलने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। मामले के तथ्यों की जांच के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
यमुनानगर जिले के रादौर के मेन बाजार में शनिवार रात बेखौफ बदमाशों ने ज्वेलर को निशाना बनाया। बुलेट बाइक पर आए बदमाश ज्वेलर से लाखों रुपए की लूटकर फरार हो गए। ज्वेलर अपनी दुकान बंद कर घर जाने की तैयारी कर रहे थे। बदमाशों ने पिस्तौल की बट से उनके सिर पर वार किया। इसके बाद बदमाश हाथ से नकदी से भरा बैग छीनकर भाग गए। भागते समय दहशत फैलाने के लिए एक फायर भी कर दिया। घटना के बाद पूरे बाजार में अफरा-तफरी मच गई। फायरिंग की आवाज सुनकर आसपास के दुकानदार और लोग बाहर निकल आए, लेकिन तब तक बदमाश मौके से भाग चुके थे। दुकान बंद कर रहे थे ज्वेलर रादौर के रहने वाले अमित कुमार ने बताया कि उनकी मेन बाजार में शाकुंभरी ज्वेलर्स के नाम दुकान है। आज रात दुकान बंद कर शटर लगा रहे थे। शटर बंद करने के बाद जैसे ही उन्होंने नकदी से भरा बैग उठाया, पहले से घात लगाए 3 नकाबपोश बदमाश उनके पास पहुंचे। एक बदमाश ने पिस्तौल की बट से उनके सिर पर हमला कर दिया। दूसरे ने बैग छीना, तीसरे ने रखी नजर दूसरे ने उनके हाथ से कैश से भरा बैग छीन लिया। तीसरे बदमाश ने आसपास नजर रखी ताकि कोई उनका पीछा न कर सके। वारदात को अंजाम देने के बाद आरोपी तेजी से बुलेट पर बैठे और फरार हो गए। भागते समय बदमाशों ने एक फायर भी किया। वे फायरिंग के बाद काफी डर गए। पुलिस को सूचना देकर बुलाया इसी दौरान मौके पर मौजूद लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना रादौर पुलिस और CIA की टीमें मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज अपने कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। हालांकि, अभी ज्वेलर ने लूटी गई रकम का आंकड़ा नहीं दिया है। पहले से रेकी कर रहे थे बदमाश पुलिस की शुरुआती जांच में सामने आया कि बदमाश पहले से रेकी कर रहे थे। उन्हें दुकान बंद होने के समय की पूरी जानकारी थी। जिस तेजी से वारदात को अंजाम दिया गया, उससे पुलिस अंदाजा लगा रही है कि पहले प्लानिंग करके लूट की वारदात को अंजाम दिया गया। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
संतकबीर नगर जिले में करीब 19 करोड़ रुपये के फर्जी जीएसटी घोटाले में दो मुख्य आरोपियों को अदालत से बड़ा झटका लगा है। शनिवार को न्यायालय ने मामले की गंभीरता और भारी वित्तीय धोखाधड़ी को देखते हुए उनकी जमानत याचिकाएं खारिज कर दीं। पुलिस इन दोनों अभियुक्तों को पहले ही दिल्ली से गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। जिन अभियुक्तों की जमानत याचिकाएं निरस्त की गई हैं, उनमें सौरभ अग्रवाल उर्फ सन्नी (निवासी हरीनगर, घंटाघर, नई दिल्ली) और अजीत कुमार (निवासी कैलाशपुरी एक्सटेंशन, पालन कॉलोनी, नई दिल्ली) शामिल हैं। यह अंतर्राज्यीय गिरोह खलीलाबाद में फर्जी फर्म बनाकर सरकार को करोड़ों रुपये के राजस्व का चूना लगा रहा था। जिला शासकीय अधिवक्ता (फौजदारी) विशाल श्रीवास्तव ने बताया कि राज्य कर विभाग (खण्ड-1, संतकबीर नगर) के सहायक आयुक्त अरविंद कुमार ने इस संबंध में मुकदमा दर्ज कराया था। जांच में सामने आया कि जालसाजों ने 'सर्व श्री यादव इंटरप्राइजेज' नामक एक फर्जी फर्म का पंजीकरण कराया था। इस फर्म का प्रोपराइटर रंजीत सिंह यादव को दिखाया गया था और इसका व्यापारिक पता फायर स्टेशन के पास, खलीलाबाद सिटी रोड दर्ज था। जांच से पता चला कि इस फर्म द्वारा वास्तव में न तो कोई माल खरीदा गया और न ही बेचा गया। गिरोह ने केवल कागजी हेरफेर और फर्जी इनवॉइस (बिल) के जरिए ₹18,96,53,679 (लगभग 18.96 करोड़ रुपये) की बोगस इनपुट टैक्स क्रेडिट (आईटीसी) अन्य फर्मों को हस्तांतरित की। इसके अलावा, उन्होंने स्वयं ₹18,96,80,190 की फर्जी आईटीसी का दावा भी किया। दस्तावेजों के अनुसार, इस गिरोह ने फर्जी बिलिंग और बिक्री दिखाकर फर्मों को करोड़ों का अवैध लाभ पहुंचाया था। अभियुक्तों के अधिवक्ताओं ने अदालत में दलील दी कि उन्हें झूठे मामले में फंसाया गया है। हालांकि, जिला शासकीय अधिवक्ता विशाल श्रीवास्तव ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। उन्होंने तर्क दिया कि यह अपराध अत्यंत गंभीर प्रकृति का है, जिसने देश की आर्थिक व्यवस्था को नुकसान पहुंचाया है। उन्होंने यह भी कहा कि जमानत पर रिहा होने पर अभियुक्त साक्ष्यों से छेड़छाड़ कर सकते हैं या फरार हो सकते हैं, क्योंकि वे इस सुनियोजित आर्थिक अपराध सिंडिकेट के सक्रिय सदस्य हैं।
अशोकनगर शहर में रविवार, 5 जुलाई को बिजली लाइनों और उपकरणों के आवश्यक रखरखाव (मेंटेनेंस) कार्य के कारण कई प्रमुख इलाकों में बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। मध्य प्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड (MPMKVVCL) ने इस संबंध में सूचना जारी कर नागरिकों को सूचित किया है ताकि वे अपनी पानी और अन्य जरूरतें समय पर पूरी कर सकें। विद्युत कंपनी के सहायक प्रबंधक (शहर) के अनुसार, 05 जुलाई 2026 (रविवार) को 33/11 केवी अशोकनगर शहर उपकेन्द्र पर मेंटेनेंस का काम किया जाएगा। इसके चलते इस उपकेन्द्र से निकलने वाले 5 प्रमुख 11 केवी फीडरों पर सुबह 9:00 बजे से दोपहर 12:00 बजे तक बिजली प्रदाय पूरी तरह बंद रहेगा। प्रभावित होने वाले फीडरों में विदिशा रोड फीडर शामिल है, जिससे विदिशा रोड परासर मोहल्ला, नंबरदार मोहल्ला, गणेश कॉलोनी, अंबेडकर मोहल्ला, डॉ. कयाल नर्सिंग होम, खालसा कॉलोनी, शिवपुरी स्कूल, विदिशा रोड, चुंगी नाका और सेन चौराहा जैसे इलाके प्रभावित होंगे। मैन बाजार फीडर से आजाद मोहल्ला, गांधी पार्क, गुरुद्वारा, रेलवे स्टेशन, इंदिरा पार्क और सुराना चौराहा में बिजली कटौती होगी। वहीं, कलेक्ट्रेट फीडर के अंतर्गत इमाम चौकी, ऊर्जा कॉलोनी, वसंत विहार कॉलोनी, एल.के.टी. अस्पताल और पुलिस कंट्रोल रूम में बिजली नहीं रहेगी। ईसागढ़ रोड फीडर से तायड़े कॉलोनी, मजिस्ट्रेट कॉलोनी, राजमाता चौराहा, ईसागढ़ रोड और गुना रोड प्रभावित होंगे। इसके अतिरिक्त, कोर्ट फीडर से जिला चिकित्सालय, कलेक्ट्रेट कार्यालय, कोर्ट परिसर और कलेक्टर आवास में भी बिजली गुल रहेगी। विभाग ने स्पष्ट किया है कि कार्य की आवश्यकता को देखते हुए बिजली चालू या बंद करने के समय में बदलाव किया जा सकता है। कंपनी ने बिजली उपभोक्ताओं से इस अवधि में सहयोग की अपील की है और होने वाली असुविधा के लिए खेद व्यक्त किया है।
मध्यप्रदेश और महाराष्ट्र की सीमा से लगे जिलों में अंतरराज्यीय अपराधों पर नियंत्रण के लिए एक महत्वपूर्ण संयुक्त समन्वय बैठक शनिवार को महाराष्ट्र के परतवाड़ा में आयोजित की गई। इस बैठक में दोनों राज्यों की पुलिस ने मादक पदार्थों की तस्करी, अवैध शराब, गौवंश एवं अन्य पशुओं के अवैध परिवहन, फरार अपराधियों की गिरफ्तारी और संगठित अपराधों पर संयुक्त कार्रवाई के लिए विस्तृत रणनीति तैयार की। बैठक के दौरान सीमावर्ती थानों के अधिकारियों के संपर्क विवरण, फरार एवं इनामी अपराधियों, स्थायी वारंटियों, गिरफ्तारी वारंटियों तथा अंतरराज्यीय अपराधियों की सूची का आदान-प्रदान किया गया। दोनों राज्यों की पुलिस ने भविष्य में अपराध से जुड़ी सूचनाओं का तत्काल आदान-प्रदान कर संयुक्त कार्रवाई सुनिश्चित करने पर सहमति जताई। बैठक में निर्णय लिया गया कि सीमावर्ती क्षेत्रों में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध बिक्री के खिलाफ संयुक्त अभियान चलाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नियमित संयुक्त वाहन चेकिंग, गौवंश एवं अन्य पशुओं के अवैध परिवहन पर कार्रवाई, अवैध शराब के कारोबार पर निगरानी और फरार एवं इनामी अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए विशेष अभियान चलाए जाएंगे। नाबालिग बालिकाओं को बहला-फुसलाकर दूसरे राज्य ले जाने जैसे मामलों में भी तत्काल समन्वित कार्रवाई की जाएगी। अधिकारियों ने सीमावर्ती क्षेत्रों में चोरी, लूट, अवैध परिवहन और अन्य संगठित अपराधों पर प्रभावी अंकुश लगाने के लिए दोनों राज्यों की पुलिस के बीच सतत समन्वय बनाए रखने पर जोर दिया। यह भी तय किया गया कि आमजन की सुरक्षा और अपराध नियंत्रण के लिए संयुक्त अभियान तथा सूचना आदान-प्रदान की व्यवस्था लगातार जारी रखी जाएगी। बैठक में विशेष पुलिस महानिरीक्षक अमरावती परिक्षेत्र डॉ. महेश पाटिल, नर्मदापुरम रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक वीरेन्द्र सिंह तोमर, बैतूल पुलिस अधीक्षक वीरेन्द्र कुमार जैन, अमरावती (ग्रामीण) के पुलिस अधीक्षक निकेतन कदम, पांढुर्णा पुलिस अधीक्षक प्रकाश परिहार, बुरहानपुर के अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रदीप कुमार शेंडे, भैंसदेही एसडीओपी भूपेन्द्र सिंह मौर्य और धारणी एसडीपीओ माधवराव गरुड़ सहित दोनों राज्यों के सीमावर्ती थानों के थाना प्रभारी उपस्थित रहे। बैतूल जिले से आठनेर, मुलताई, मोहदा और भैंसदेही थाना प्रभारियों ने बैठक में भाग लिया। वहीं, महाराष्ट्र की ओर से मोर्शी, अमरावती, परतवाड़ा, ब्राह्मणवाड़ा, चिखलदरा, धारणी, सिर्जगांव और करजगांव के थाना प्रभारी शामिल हुए।
संभल में 24वीं पीएसी वाहिनी की स्थापना के लिए भूमि खरीद प्रक्रिया जारी है। शनिवार को कोट पूर्वी स्थित निबंधक कार्यालय में उपसेना नायक डॉ. अनूप सिंह की उपस्थिति में ग्रामीणों से जमीन का बैनामा कराया गया। इस दौरान 10 से अधिक ग्रामीणों ने अपनी भूमि का पंजीकरण कराया। यह प्रक्रिया शाम 6:30 बजे शुरू हुई और देर रात तक जारी रही। उपसेना नायक डॉ. अनूप सिंह ने बताया कि दातावली और ऐदलपुर में 24वीं वाहिनी पीएसी के लिए कुल 24.5 हेक्टेयर भूमि खरीदी जानी थी। इसमें से अब तक 23 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण कर लिया गया है और सभी संबंधित किसानों को मुआवजा भी दिया जा चुका है। हालांकि, लगभग 1.5 हेक्टेयर से कम भूमि का बैनामा अभी बाकी है, जिसके लिए कुछ किसान आगे नहीं आ रहे हैं। डॉ. सिंह ने किसानों से अपील की है कि वे अपने संबंधित लेखपाल से मिलकर पीएसी के नाम अपनी भूमि का बैनामा करा दें। उन्होंने स्पष्ट किया कि जो ग्रामीण बैनामा नहीं कराएंगे, उनकी जमीनें अधिग्रहण कानून के तहत ली जाएंगी। डॉ. अनूप सिंह ने बताया कि पीएसी की स्थापना के लिए कुल 24.174 हेक्टेयर भूमि खरीदी जानी है, जिसके लिए शासन से 60 करोड़ 88 लाख 20 हजार 800 रुपये स्वीकृत किए गए हैं। इसमें लगभग साढ़े तीन बीघा सरकारी जमीन भी शामिल है। उन्होंने यह भी बताया कि 0.406 हेक्टेयर भूमि के लिए पहले पैसा स्वीकृत नहीं था, जिसके लिए बाद में 1 करोड़ 60 लाख 15 हजार 143 रुपये अतिरिक्त जारी किए गए। भूमि खरीद प्रक्रिया के दौरान लेखपाल ओमकार गोंड भी मौजूद रहे। कस्बा हयातनगर निवासी खुर्शीद पुत्र अम्मन खान ने बताया कि उन्होंने गांव दातावली में प्रस्तावित पीएसी लाइन के लिए लगभग एक एकड़ जमीन दी है। सड़क के निकट की जमीन के लिए 20 लाख रुपये प्रति एकड़ और पीछे की जमीन के लिए 12.5 लाख रुपये प्रति एकड़ का मुआवजा दिया जा रहा है। उनकी एक एकड़ जमीन की कुल कीमत लगभग एक करोड़ रुपये है, जिसमें कुछ हिस्सा सड़क के किनारे और कुछ पीछे की तरफ है।
अलीगढ़-मुरादाबाद एवं अलीगढ़ रिंग रोड 4/6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे परियोजना के लिए संभल जिला प्रशासन ने महत्वपूर्ण कदम उठाया है। राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) के आग्रह पर, जिले के 69 गांवों में भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया पूरी होने तक जमीन की खरीद-बिक्री, लैंड यूज में बदलाव (CLU) और अनधिकृत निर्माण पर रोक लगाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। यह जानकारी शनिवार रात 8 बजे सामने आई। संभल जिलाधिकारी कार्यालय से 30 जून 2026 को जारी एक पत्र में, अपर जिलाधिकारी (वित्त एवं राजस्व) ने उप जिलाधिकारियों और उप निबंधकों को निर्देश दिए हैं। इन निर्देशों में प्रस्तावित हाईवे क्षेत्र में आने वाले गांवों में भूमि की खरीद-फरोख्त, सीएलयू संबंधी प्रस्तावों और अन्य संबंधित मामलों में विशेष सतर्कता बरतने को कहा गया है। इससे पहले, एनएचएआई के परियोजना निदेशक ने 9 जून को जिला प्रशासन को पत्र भेजा था। इसमें बताया गया था कि अलीगढ़-मुरादाबाद 4/6 लेन ग्रीनफील्ड एक्सेस कंट्रोल्ड हाईवे के लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू हो चुकी है। राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम, 1956 की धारा 3ए और 3ए(ए) के तहत वैधानिक अधिसूचना की प्रक्रिया भी जारी है। एनएचएआई ने अपने पत्र में सरकारी राजस्व की हानि और अवैध गतिविधियों को रोकने के लिए संबंधित गांवों में भूमि उपयोग परिवर्तन (सीएलयू), बिक्री विलेखों के पंजीकरण और अनधिकृत निर्माण पर भूमि अधिग्रहण पूरा होने तक नियंत्रण रखने का आग्रह किया था। ऐसे मामलों का निस्तारण जिला प्रशासन से परामर्श के बाद ही करने को कहा गया है। प्रस्तावित हाईवे की जद में जनपद संभल की तहसील गुन्नौर के 31 और तहसील संभल के 38 गांव शामिल हैं, जिनकी कुल संख्या 69 है। प्रशासन के इस निर्णय से इन गांवों में जमीन की खरीद-बिक्री और नए निर्माण कार्यों पर सीधा असर पड़ने की संभावना है। यह कदम भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया में तेजी आने का भी संकेत देता है।
राजस्थान हाईकोर्ट ने न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) पर किसानों की उपज की सरकारी खरीद नहीं होने पर सवाल उठाए हैं। हाईकोर्ट की खंडपीठ ने पूछा कि जब फसलों को एमएसपी पर खरीदने का प्रावधान है, तो फिर खरीद क्यों नहीं की जा रही है? कोर्ट ने भारतीय खाद्य निगम (FCI) और राजफेड (RAJFED) को इस मामले में पक्षकार बनाने के निर्देश दिए हैं। अब इस मामले में अगली सुनवाई 30 जुलाई को होगी। किसान नेता रामपाल जाट की याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने कहा- केंद्र सरकार को इस मामले में साल 2019 में ही नोटिस जारी किए गए थे, लेकिन अभी तक कोई जवाब नहीं आया है। कोर्ट ने अब एडिशनल सॉलिसिटर जनरल (ASG) को जवाब दाखिल करने का आखिरी मौका दिया है। याचिकाकर्ता ने एमएसपी दरों पर ही फसलों की खरीद सुनिश्चित करने की मांग को लेकर यह याचिका दायर की थी। इसमें साल 2012 के बाद से बाजरे की एमएसपी पर सरकारी खरीद न होने से किसानों को हुए नुकसान का जिक्र किया गया है। साथ ही, मक्का, चना और मूंग की सरकारी खरीद न होने से हुए नुकसान का भी हवाला दिया गया है। याचिका में 'वेयरहाउसिंग विकास और विनियमन अधिनियम, 2007' के नियमों का कड़ाई से पालन करवाने का आग्रह किया गया है। 7 साल बाद भी नहीं आया जवाब हाईकोर्ट ने साल 2019 में सुनवाई करते हुए केंद्र और राज्य सरकार को एमएसपी पर फसलों की खरीद की नीति बनाने और उसे लागू करने के संबंध में निर्देश दिए थे। हालांकि, कोर्ट के इन आदेशों के 7 साल बीत जाने के बाद भी केंद्र सरकार की ओर से जवाब दाखिल करने के बजाय केवल समय ही मांगा जा रहा है। गौरतलब है कि केंद्र सरकार हर साल फसलों का एमएसपी तो घोषित करती है, लेकिन सभी फसलों की एमएसपी पर सरकारी खरीद नहीं हो पाती है।
सीतापुर के रामकोट थाना क्षेत्र में शनिवार शाम करीब 7 बजे दोस्तों के साथ नहर में नहाने गए एक 16 वर्षीय किशोर की गहरे पानी में डूबने से मौत हो गई। घटना के बाद गांव में हड़कंप मच गया। परिजनों और ग्रामीणों ने काफी मशक्कत के बाद किशोर को नहर से बाहर निकाला और जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। किशोर की मौत से परिवार में कोहराम मचा हुआ है। थाना क्षेत्र के ग्राम ननसोहा निवासी राम प्रसाद का 16 वर्षीय पुत्र निर्मल शनिवार शाम अपने दो दोस्तों के साथ गांव के बाहर गुजरी नगर के पास स्थित नहर में नहाने गया था। बताया जा रहा है कि नहाने के दौरान तीनों दोस्त आपस में एक-दूसरे को पानी में डुबाने का खेल खेल रहे थे। इसी दौरान निर्मल अचानक नहर के गहरे हिस्से में चला गया और डूबने लगा। निर्मल को पानी में डूबता देख उसके साथ मौजूद दोस्त घबरा गए और तुरंत गांव पहुंचकर परिजनों तथा ग्रामीणों को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंचे और नहर में किशोर की तलाश शुरू की। काफी देर की मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने निर्मल को नहर से बाहर निकाला। उसे गंभीर हालत में तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन चिकित्सकों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस भी मौके पर पहुंची और मामले की जानकारी जुटाई। किशोर की असमय मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, जबकि पूरे गांव में शोक का माहौल है। पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई करते हुए शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। प्रभारी निरीक्षक पीयूष सिंह का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ज्योतिष पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती शनिवार शाम करीब 6:40 बजे हरदोई पहुंचे। गोरक्षार्थ धर्म युद्ध यात्रा के तहत उनका आगमन हरपालपुर के कटियारी डिग्री कॉलेज में हुआ। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष और मुख्य आयोजक पदम राग सिंह यादव 'पम्मू' ने अपनी टीम के साथ उनका भव्य स्वागत किया। इस दौरान संत समाज पर फूलों की वर्षा की गई और क्षेत्र के कई गणमान्य लोगों ने स्वामी जी से भेंट कर आशीर्वाद लिया। स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने केंद्र और यूपी सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ, भाजपा और आरएसएस को आड़े हाथों लिया। शंकराचार्य ने कहा कि केंद्र में 12 साल और यूपी में 9 साल से भाजपा की सरकार है, लेकिन इसके बावजूद गाय को अब तक 'राष्ट्र माता' का दर्जा नहीं दिया गया। उन्होंने भाजपा पर करोड़ों हिंदुओं के साथ छल करने का आरोप लगाया, जो खुद को हिंदुओं की हितैषी बताती है। उन्होंने आगे कहा कि यूपी सरकार आज भी गाय को महज एक 'पशु' मानती है। शंकराचार्य ने याद दिलाया कि अंग्रेजों ने भी गाय को पशु कहा था, जिसके विरोध में 1942 में 'अंग्रेजों भारत छोड़ो' का नारा दिया गया था। उन्होंने आजादी के 78 साल बाद भी सरकारों द्वारा गाय को पशु कहने को निंदनीय बताया। शंकराचार्य ने चंपत राय पर भी गंभीर कटाक्ष किए। उन्होंने राम मंदिर चोरी मामले का जिक्र करते हुए सवाल उठाया कि चंपत राय इस मामले में कैसे निर्दोष हो सकते हैं। स्वामी जी ने कहा- 5 जून को 80 लाख रुपये बरामद हुए थे। 7 जून को चंपत राय ने कहा- सब रूटीन में है। इतनी बड़ी बात उन्होंने जनता से क्यों छुपाई?' आरएसएस पर निशाना साधते हुए उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि आरएसएस से जुड़े किसी भी व्यक्ति को मंदिर की व्यवस्था से बिल्कुल दूर कर देना चाहिए। इसके साथ ही, उन्होंने कथावाचक देवकी नंदन ठाकुर के बयान का समर्थन करते हुए तत्काल प्रभाव से 'हिंदू बोर्ड' के गठन की मांग उठाई। इस अवसर पर बिलग्राम विधानसभा के पूर्व प्रत्याशी सुभाष पाल, कांग्रेस जिलाध्यक्ष विक्रम पांडे और विमल मिश्रा सहित भारी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
शिवपुरी जिले के पिछोर थाना क्षेत्र में एक थोक व्यापारी की दुकान और गोदाम से लाखों रुपये का सामान चोरी हो गया। अज्ञात बदमाशों ने ताले तोड़कर नकदी, सोने के आभूषण, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, कपड़े और बड़ी मात्रा में किराना व तेल का सामान चुरा लिया। पुलिस ने व्यापारी की शिकायत पर अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित व्यापारी विजय कुमार गुप्ता (52) ने बताया कि पुराना चुंगी नाका पर उनकी थोक सामान की एजेंसी और गोदाम है। इसी परिसर की दूसरी मंजिल पर आर्टिफिशियल ज्वेलरी और लहंगा-चुनरी की दुकान भी संचालित होती है। उन्होंने शुक्रवार शाम करीब 7 बजे दुकान और गोदाम बंद किया था। शनिवार सुबह लगभग 8:41 बजे पड़ोसी दुकानदार मनोज विश्वकर्मा ने गुप्ता को फोन पर दुकान और गोदाम के गेट खुले होने की सूचना दी। मौके पर पहुंचने पर व्यापारी ने देखा कि ताले टूटे हुए थे और अंदर से बड़ी मात्रा में सामान गायब था। चोरों ने प्रेस्टीज ब्रांड के तेल की 35 पेटियां (आधा लीटर), 5 लीटर की 7 पेटियां, 1 लीटर की 30 पेटियां, कोलू सरसों तेल की 15 पेटियां और 12 लीटर वाले प्रेस्टीज तेल के 25 नग चुराए। इसके अतिरिक्त, जय गुटखा की 8 बोरियां भी चोरी की गईं। ऊपर स्थित दुकान से आर्टिफिशियल ज्वेलरी, लहंगा-चुनरी, लगभग 2 तोला सोने का हार, 7 ग्राम सोने के कान के आभूषण और दुकान में रखी करीब 52 हजार रुपये की नकदी भी चुराई गई। घटना की सूचना मिलते ही पिछोर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने अज्ञात चोरों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर ली है और आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगालने के साथ आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है।
गोरखपुर के कई इलाकों में रविवार को बिजली रहेगी गुल:9 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा शटडाउन
गोरखपुर में अगर आप रविवार को घर या दुकान में बिजली पर निर्भर कोई जरूरी काम करने की योजना बना रहे हैं, तो पहले यह खबर जरूर पढ़ लें। बिजली विभाग ने शनिवार रात करीब 9:30 बजे शटडाउन की सूचना जारी करते हुए बताया कि रोड चौड़ीकरण और लाइन शिफ्टिंग कार्य के कारण शहर के कई इलाकों में चार घंटे तक बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इन फीडरों की बिजली रहेगी बंद बिजली विभाग के अनुसार रविवार सुबह 9:00 बजे से दोपहर 1:00 बजे तक विद्युत उपकेंद्र इंडस्ट्रियल स्टेट के 11 KV पश्चिमी जनप्रिय फीडर, विद्युत उपकेंद्र दुर्गाबाड़ी के 11 KV हनुमंत नगर फीडर, विद्युत उपकेंद्र खोराबार के 11 KV सूबा बाजार फीडर तथा विद्युत उपकेंद्र पादरी बाजार के 11 KV लक्ष्मीपुर, सरस्वती पुरम और न्यू फीडर से जुड़े क्षेत्रों की बिजली आपूर्ति पूरी तरह बाधित रहेगी। रोड चौड़ीकरण के चलते होगा कार्य विभाग ने बताया कि संबंधित क्षेत्रों में रोड चौड़ीकरण के साथ विद्युत लाइनों की शिफ्टिंग का कार्य किया जाएगा। सुरक्षा मानकों का पालन करते हुए यह काम किया जाएगा, इसलिए निर्धारित अवधि के दौरान बिजली आपूर्ति बंद रखना आवश्यक है। बिजली विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे शटडाउन के समय को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें। विभाग का कहना है कि कार्य पूरा होते ही विद्युत आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। हालांकि, यदि तकनीकी कारणों से कार्य में अधिक समय लगता है तो बिजली बहाल होने में थोड़ी देरी भी हो सकती है।
गोरखपुर में सावन की हरियाली और तीज के उत्साह के बीच शनिवार को सुबह 11 बजे से एडी मॉल स्थित होटल सरोवर पोर्टिको का सभागार रंगों, संगीत और खुशियों से देर रात 9:00 बजे तक सराबोर नजर आया। अग्रवाल महिला मंडल की ओर से आयोजित हरियाली तीज मेले में सुबह से लेकर देर शाम तक महिलाओं, युवाओं और परिवारों की भारी भीड़ रही। मेले में एक ओर जहां लोकगीत और सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने लोगों का मन मोह लिया, वहीं दूसरी ओर खरीदारी, स्वादिष्ट व्यंजन और समाज सेवा से जुड़े कार्य आयोजन की खास पहचान बने। संस्कृति को बचाने का दिया संदेश कार्यक्रम का शुभारंभ गोरखपुर के महापौर डॉ. मंगलेश श्रीवास्तव ने संस्थापिका अध्यक्ष सुधा मोदी, अध्यक्ष शोभा अग्रवाल और सचिव मिताली जालान के साथ दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इसके बाद उन्होंने मेले में लगे स्टॉलों का निरीक्षण किया और महिला उद्यमियों का उत्साह बढ़ाया। संस्था की ओर से महापौर का पुष्पगुच्छ, अंगवस्त्र और स्मृति चिह्न देकर स्वागत किया गया। महापौर ने कहा कि हरियाली तीज जैसे पर्व हमारी संस्कृति, परिवार और सामाजिक एकता को मजबूत करते हैं। ऐसे आयोजन नई पीढ़ी को भारतीय परंपराओं और संस्कारों से जोड़ने का काम करते हैं। महिलाओं की प्रतिभा और आत्मविश्वास को मिला मंच संस्थापिका अध्यक्ष सुधा मोदी ने कहा कि हरियाली तीज सिर्फ एक त्योहार नहीं, बल्कि महिलाओं की प्रतिभा, परिवार के संस्कार और समाज को जोड़ने का अवसर है। ऐसे आयोजन महिलाओं को अपनी कला दिखाने का मंच देते हैं और भारतीय संस्कृति को आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। कार्यक्रम की शुरुआत सावन और तीज के पारंपरिक लोकगीतों से हुई। हरे और रंग-बिरंगे परिधानों में सजी महिलाओं ने मनमोहक नृत्य प्रस्तुत किए, जिन पर दर्शकों ने तालियों की गूंज से उनका उत्साह बढ़ाया। मेहंदी, चूड़ियां, पारंपरिक आभूषण और आकर्षक सजावट लोगों के आकर्षण का केंद्र बने रहे। सेल्फी प्वाइंट पर लोगों ने परिवार और दोस्तों के साथ यादगार तस्वीरें भी खिंचवाईं। देश के कई शहरों से पहुंचे स्टॉलमेले में मुंबई, आगरा, लखनऊ, कानपुर, वाराणसी, कोलकाता और गोरखपुर के व्यापारियों ने अपने स्टॉल लगाए थे। यहां महिलाओं ने कपड़े, आर्टिफिशियल ज्वेलरी, हस्तशिल्प, गृह सज्जा का सामान और अन्य उत्पादों की खूब खरीदारी की। वहीं चाट, मिठाई और अलग-अलग राज्यों के पारंपरिक व्यंजनों का स्वाद लेने के लिए भी लोगों की भीड़ लगी रही। सम्मान और सेवा कार्यों ने जीता लोगों का दिलमेले में 85 वर्षीय समाजसेवी सुलोचना दारुका को समाज सेवा के क्षेत्र में लंबे समय तक दिए गए योगदान के लिए लाइफ टाइम अचीवमेंट सम्मान से सम्मानित किया गया। इसके अलावा प्रो. अनुभूति दूबे, मधु कमानी, खुशबू मोदी, रोली नारायण, ब्लॉक प्रमुख सुनीता सिंह और रूपम श्रीवास्तव को भी उनके उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। पर्यावरण संरक्षण का संदेश देने के लिए आगंतुकों को पौधे वितरित किए गए। स्वास्थ्य शिविर में नेत्र रोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल श्रीवास्तव ने 20 से अधिक लोगों की आंखों की जांच कर जरूरी सलाह दी। वहीं हड्डी रोग विशेषज्ञ डॉ. आर.ए. अग्रवाल ने एक दिव्यांग बच्ची के ऑपरेशन का पूरा खर्च उठाने की घोषणा की। संस्था की ओर से महिलाओं को आत्मनिर्भर बनाने के लिए सिलाई केंद्र हेतु दो सिलाई मशीनें भी भेंट की गईं। कुलपति ने किया समापनशाम को कार्यक्रम का समापन दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. पूनम टंडन ने किया। उन्होंने कहा कि ऐसे आयोजन हमारी संस्कृति को जीवित रखने के साथ समाज में एकता और भाईचारे का संदेश भी देते हैं। कार्यक्रम के अंत में संस्था की सचिव मिताली जालान ने सभी अतिथियों, प्रतिभागियों, सहयोगियों और शहरवासियों का आभार व्यक्त किया। मेला संयोजक प्राची जैन, दीपाली अग्रवाल और रीता अग्रवाल ने कहा कि लोगों के सहयोग और उत्साह ने इस मेले को यादगार बना दिया। कार्यक्रम में साधना अग्रवाल, समता अग्रवाल, मंजू अग्रवाल, शालिनी अनुराग, रश्मि बंका, समीक्षक रमानी, श्याम मोहन, अशोक मोदी, बालकृष्ण अग्रवाल, संजय अग्रवाल, विजय प्रकाश, अनुराग अग्रवाल समेत बड़ी संख्या में शहर के गणमान्य लोग मौजूद रहे।
रामपुर में DCM ने बाइक को मारी टक्कर:पत्नी की मौके पर मौत, पति गंभीर घायल; मायके जा रही थी
रामपुर में शनिवार शाम तेज रफ्तार डीसीएम ने बाइक सवार दंपति को पीछे से टक्कर मार दी। हादसे में 22 वर्षीय खुशबू शर्मा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उनके पति पवन शर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। दुर्घटना के बाद डीसीएम चालक वाहन छोड़कर फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक, हादसा शाम करीब साढ़े सात बजे मुरसेना स्थित संकल्प स्कूल के पास हुआ। दंपति अपने गंतव्य की ओर जा रहे थे, तभी पीछे से आ रही डीसीएम ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। बताया जा रहा है कि डीसीएम मिर्च लेकर रामपुर से मुंबई जा रही थी। पति की हालत गंभीर, हायर सेंटर रेफर हादसे के बाद स्थानीय लोगों और पुलिस की मदद से घायल पवन शर्मा को जिला अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए चिकित्सकों ने उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया। थाना प्रभारी दयाशंकर ने बताया कि घटनास्थल से दोनों के हेलमेट बरामद हुए हैं, लेकिन हादसे के समय पति-पत्नी ने हेलमेट नहीं पहन रखा था। उनका कहना है कि यदि हेलमेट पहना होता तो संभव है कि महिला की जान बच सकती थी। 8 महीने पहले हुई थी शादी मृतका के पिता नित्यानंद शर्मा ने बताया कि खुशबू की शादी 2 नवंबर 2025 को पवन शर्मा से हुई थी। अभी उनकी शादी को महज आठ महीने ही हुए थे। परिजनों के अनुसार, खुशबू अपनी बीमार मां से मिलने के लिए पति के साथ मां से मिलने मायके बादली टांडा जा रही थीं, लेकिन उससे पहले ही हादसे में मौत हो गई। चालक की तलाश में जुटी पुलिस पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। डीसीएम को कब्जे में लेकर फरार चालक की तलाश की जा रही है।
बेटे ने कुल्हाड़ी से पिता की हत्या की:पारिवारिक विवाद के बाद वारदात, आरोपी बेटा हिरासत में
उन्नाव में शनिवार शाम पारिवारिक विवाद के दौरान एक बेटे ने अपने पिता की कुल्हाड़ी से हमला कर हत्या कर दी। सिर और गर्दन पर गंभीर चोटें लगने से पिता की मौके पर ही मौत हो गई। सूचना मिलने पर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा और आरोपी बेटे को हिरासत में ले लिया। मामला औरास थाना क्षेत्र के चमारनखेड़ा मजरा ढकौली गांव का है। शनिवार शाम करीब 7:47 बजे औरास थाना पुलिस को घटना की सूचना मिली। बताया गया कि चमारनखेड़ा मजरा ढकौली गांव में पारिवारिक विवाद के चलते एक व्यक्ति की हत्या कर दी गई है। सूचना मिलते ही थाना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। प्रमोद पासी उर्फ रेवती (55) का अपने बेटे सोनेलाल पासी (34) से किसी बात को लेकर विवाद हो गया था। विवाद बढ़ने पर सोनेलाल ने घर में रखी कुल्हाड़ी उठाई और पिता के सिर व गर्दन पर कई वार कर दिए, जिससे प्रमोद की मौके पर ही मौत हो गई। घटना की जानकारी मिलते ही आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। इसके साथ ही, फोरेंसिक साक्ष्य जुटाने और घटनास्थल की विस्तृत जांच भी की गई। औरास थाना पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी बेटे सोनेलाल को हिरासत में ले लिया है। पुलिस के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला पारिवारिक विवाद का लग रहा। जांच की जा रही है। सोनेलाल अपने चार भाइयों में सबसे बड़ा है। गांव में चर्चा है कि रेवती भाजपा कार्यकर्ता था। हालांकि, भाजपा जिलाध्यक्ष अनुराग अवस्थी ने कहा- वह जानकारी जुटा रहे हैं। बांगरमऊ के सीओ हर्ष मोदी ने बताया- परिजनों की तहरीर और जांच के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
चित्रकूट में समाजवादी पार्टी के सदर विधायक अनिल प्रधान को जान से मारने की धमकी मिलने से जिले की सियासत में हलचल मच गई है। विधायक ने आरोप लगाया है कि शुक्रवार रात एक अज्ञात व्यक्ति ने उनके मोबाइल फोन पर लगातार 40 बार कॉल कर अश्लील गालियां दीं और जान से मारने की धमकी दी। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, आरोपी ने शुक्रवार रात 9:23 बजे से करीब 12 बजे तक विधायक के मोबाइल पर लगातार कॉल किए। पहले सामान्य कॉल की गईं, फिर व्हाट्सएप कॉल और वीडियो कॉल के जरिए भी संपर्क करने की कोशिश की गई। विधायक अनिल प्रधान ने बताया कि हर बार फोन उठाने पर आरोपी गाली-गलौज करते हुए धमकियां देता रहा। आरोपी ने कहा कि उसे विधायक की पूरी दिनचर्या की जानकारी है और वह जानता है कि वे किस समय घर से निकलते हैं। धमकी में कहा गया, तुम्हारी दिनचर्या पता है, कितने बजे निकलते हो। जल्द मरवा दूंगा, विधायकी धरी रह जाएगी। लगातार मिल रही धमकियों से विधायक और उनके समर्थकों में चिंता का माहौल है। मामले में समाजवादी पार्टी कार्यालय के प्रभारी राजेश कुमार ने शहर कोतवाली में तहरीर देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने मानिकपुर थाना क्षेत्र के रानीपुर कल्याण निवासी 50 वर्षीय रामविश्वास और मोबाइल नंबर 8828279995 के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया है। कोतवाली प्रभारी दुर्गविजय सिंह ने बताया कि मामले की गंभीरता को देखते हुए जांच एसओजी और सर्विलांस टीम को सौंप दी गई है। प्रारंभिक जांच में संबंधित मोबाइल नंबर की लोकेशन नवी मुंबई मिली है। पुलिस तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। फिलहाल शुरुआती जांच में इसे किसी सिरफिरे व्यक्ति की हरकत माना जा रहा है, हालांकि सभी पहलुओं की गहनता से जांच की जा रही है। पुलिस ने जल्द ही आरोपी को गिरफ्तार कर पूरे मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया है।
शिवपुरी में मुख्यमंत्री डॉक्टर मोहन यादव के प्रस्तावित दौरे से ठीक एक दिन पहले भाजपा में अंदरूनी कलह खुलकर सामने आ गई। शनिवार शाम भाजपा के एक दर्जन से अधिक पार्षदों ने नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा के खिलाफ सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया। पार्षदों ने शहर के प्रमुख मार्गों और माधव चौक पर तख्तियां लेकर नारेबाजी की और नगर पालिका अध्यक्ष को पद से हटाने की मांग दोहराई। भाजपा जिलाध्यक्ष पहुंचे, लेकिन नहीं माने पार्षदप्रदर्शन की सूचना मिलते ही भाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव और अन्य पदाधिकारी मौके पर पहुंचे। उन्होंने पार्षदों को समझाने की कोशिश की, लेकिन विरोध कर रहे पार्षद अपनी मांगों पर अड़े रहे। प्रदर्शन के कुछ देर बाद ही पार्टी ने संबंधित पार्षदों को अनुशासनहीनता के आरोप में कारण बताओ नोटिस जारी कर दिया। पार्षद बोले- सीएम को नपा की स्थिति बताना जरूरीप्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे वार्ड क्रमांक 5 के पार्षद ओमप्रकाश जैन ‘ओमी’ ने कहा कि मुख्यमंत्री को शिवपुरी नगर पालिका की वास्तविक स्थिति से अवगत कराया जाना जरूरी है। उन्होंने कहा कि वे लंबे समय से नगर पालिका अध्यक्ष गायत्री शर्मा को हटाने की मांग कर रहे हैं और जनता भी उनके साथ है। ओमप्रकाश जैन ने स्पष्ट किया कि वे मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का बहिष्कार नहीं कर रहे, लेकिन विरोध स्वरूप कोई भी पार्षद कार्यक्रम में शामिल नहीं होगा। पुराने विवाद फिर आए सामनेओमप्रकाश जैन ने बताया कि 11 जून 2025 को करैरा के बगीचा सरकार हनुमान मंदिर में भाजपा, कांग्रेस और निर्दलीय पार्षदों ने मिलकर गायत्री शर्मा को अध्यक्ष पद से हटाने की शपथ ली थी। इसके बाद अध्यक्ष के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव भी लाया गया था, लेकिन वह सफल नहीं हो सका। उन्होंने बताया कि 28 अगस्त 2025 को 18 पार्षदों ने सामूहिक इस्तीफे भी दिए थे। जैन ने कहा कि वे आज भी उसी संकल्प पर कायम हैं और यदि इस आंदोलन के कारण पार्टी उन्हें बाहर करती है तो भी उन्हें इसकी परवाह नहीं है। ‘भ्रष्टाचार की शिकायतें पहले भी की गईं’वार्ड क्रमांक 21 के पार्षद राजू गुर्जर ने कहा कि पिछले डेढ़-दो वर्षों से पार्षद लगातार जनता की आवाज उठा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर पालिका अध्यक्ष के कार्यकाल में हुए कथित भ्रष्टाचार की शिकायत पार्टी के वरिष्ठ नेतृत्व और केंद्रीय मंत्री ज्योतिरादित्य सिंधिया तक की गई, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री तक अपनी बात पहुंचाने के लिए ही यह विरोध प्रदर्शन किया गया। पार्टी ने जारी किए कारण बताओ नोटिसभाजपा जिलाध्यक्ष जसवंत जाटव ने कहा कि पार्षदों की शिकायतों से जुड़े मामले विधिक प्रक्रिया और न्यायालय में विचाराधीन हैं। इसके बावजूद पार्टी के खिलाफ सार्वजनिक प्रदर्शन करना अनुशासनहीनता है। उन्होंने बताया कि संबंधित पार्षदों को तीन दिन के भीतर लिखित जवाब देने के लिए कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर पार्टी संविधान के तहत अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। 12 पार्षदों को नोटिस, राजनीति गरमाईजिला भाजपा कार्यालय की ओर से वार्ड क्रमांक 5 के ओमप्रकाश जैन, वार्ड 8 की रीना कुलदीप शर्मा, वार्ड 9 की रितु रत्नेश जैन, वार्ड 10 की प्रतिभा गोपी शर्मा, वार्ड 11 की नीलम अनिल बघेल, वार्ड 12 की सरोज धाकड़, वार्ड 17 के राजा यादव, वार्ड 20 के विजय शर्मा, वार्ड 31 की मीणा पंकज शर्मा, वार्ड 37 के गौरव सिंगला, वार्ड 39 की कृष्णा नगर और वार्ड 21 के रघुराज सिंह गुर्जर (राजू) को नोटिस भेजा गया है। मुख्यमंत्री के दौरे से ठीक पहले भाजपा पार्षदों का यह खुला विरोध और उसके बाद पार्टी की अनुशासनात्मक कार्रवाई ने शिवपुरी की राजनीति को फिर गर्मा दिया है। अब सबकी नजर पार्षदों के जवाब और पार्टी के अगले कदम पर टिकी हुई है।
छतरपुर जिले के सटई में आकाशीय बिजली गिरने से घायल महिला की इलाज के अभाव में मौत के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने कार्रवाई की है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सटई के चिकित्सा अधिकारी डॉ. अरुणेन्द्र शुक्ला का तत्काल प्रभाव से बक्सवाहा तबादला कर दिया गया है। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) ने इस संबंध में आदेश जारी किए हैं। परिजनों और ग्रामीणों ने आरोप लगाया था कि घटना के समय अस्पताल में डॉक्टर मौजूद नहीं थे। समय पर इलाज और एंबुलेंस न मिलने के कारण घायल महिला को निजी वाहन से जिला अस्पताल ले जाना पड़ा। उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई थी। इस घटना से नाराज लोगों ने सटई नगर बंद कर दिया था। उन्होंने बस स्टैंड पर धरना-प्रदर्शन करते हुए चक्काजाम किया और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए स्वास्थ्य विभाग ने जांच के बाद चिकित्सा अधिकारी का तबादला किया। साथ ही, अस्पताल की स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार और अन्य व्यवस्थाओं को दुरुस्त करने के लिए संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं। बिजावर एसडीएम विनय कुमार द्विवेदी की समझाइश के बाद ग्रामीणों का आक्रोश शांत हुआ। बस स्टैंड पर लगाया गया जाम समाप्त कर दिया गया। प्रशासन ने स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के लिए आवश्यक कदम उठाने का आश्वासन दिया है।
दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेस-वे पर बस अग्निकांड में 8 लोगों की मौत के बाद पुलिस ने एक्शन शुरू कर दिया है। सड़क सुरक्षा और सुगम यातायात सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पुलिस ने नेशनल हाइवे एवं एक्सप्रेस-वे पर विशेष अभियान चलाकर 38 स्थानों से अवैध अस्थायी अतिक्रमण हटाए। अभियान के दौरान सड़क किनारे बनी थड़ियां, होटल, ढाबे तथा अन्य अस्थायी व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को जेसीबी की सहायता से हटाया गया। यह कार्रवाई प्रशासन और NHAI अधिकारियों ने संयुक्त रूप से की। पुलिस के अनुसार अभियान के तहत नांगल राजावतान थाना क्षेत्र में 12, पापड़दा में 9, राहुवास में 7, लालसोट में 6, बांदीकुई में 2, कोलवा और झांपदा में 1-1 अवैध अस्थायी अतिक्रमण हटाए गए। कार्रवाई के दौरान लालसोट, बांदीकुई और नांगल राजावतान वृत्तों में तहसील प्रशासन एवं NHAI अधिकारियों की मौजूदगी में जेसीबी से अतिक्रमण हटाकर हाईवे और एक्सप्रेस-वे को सुगम किया गया। अतिक्रमण नहीं करने की हिदायत एसपी पीयूष दीक्षित ने बताया कि अभियान का उद्देश्य सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम, यातायात को सुचारू बनाना तथा आपातकालीन सेवाओं के निर्बाध आवागमन को सुनिश्चित करना है। पुलिस ने आमजन से अपील की है कि राष्ट्रीय राजमार्ग एवं एक्सप्रेस-वे की भूमि पर किसी प्रकार का अवैध अतिक्रमण न करें। पुलिस ने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे अतिक्रमणों के विरुद्ध अभियान लगातार जारी रहेगा और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश के बेसिक शिक्षा विभाग के 10 लाख शिक्षकों और कर्मचारियों को 1 करोड़ तक का बीमा कवच मिलने जा रहा है। 8 जुलाई को वाराणसी में सीएम योगी की मौजूदगी में बेसिक शिक्षा विभाग और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) के बीच इस पर समझौता होगा। बेसिक शिक्षा विभाग के मुताबिक इस समझौते के तहत विभाग में कार्यरत 4.50 लाख स्थायी और 5.50 लाख संविदा, दोनों तरह के कर्मियों को लाभ मिलेगा। इसके लिए बस इन कर्मचारियों का सैलरी खाता एसबीआई में खोलना होगा। इसका लाभ नियमित शिक्षक, अन्य सहयोगी कर्मचारी, शिक्षा मित्र, अनुदेशक, समग्र शिक्षा अभियान से जुड़े कर्मी, मिड–डे मील से जुड़े कर्मचारियों को मिलेगा। स्थायी कर्मचारियों ये लाभ मिलेंगे– बच्चों के लिए एड-ऑन कवर किसी भी दुर्घटना या अनहोनी की स्थिति में कर्मचारी के बच्चों की पढ़ाई और बेटियों की शादी के लिए अलग से वित्तीय सहायता (एड-ऑन कवर) का प्रावधान भी इस समझौते में किया गया है। योगी सरकार ने संविदा कर्मियों का भी पूरा ध्यान रखा है। इन्हें वेतन के आधार पर दो श्रेणियों में लाभ मिलेगा। श्रेणी 1: 10,000 से अधिक मंथली सैलरी पाने वाले कर्मी श्रेणी 2: 10,000 से कम मंथली सैलरी पाने वाले कर्मी कैसे मिलेगा इस योजना का लाभ?
पंजाब कांग्रेस के भीतर चल रही अंदरूनी सियासत में एक नया और बेहद दिलचस्प मोड़ सामने आया है। पंजाब कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष अमरिंदर सिंह राजा वड़िंग ने अचानक पार्टी के वरिष्ठ व बेबाक नेता और पूर्व सांसद शमशेर सिंह दूलो से उनके निवास स्थान पर मुलाकात की है। हालांकि, ऊपरी तौर पर इस बैठक को एक शिष्टाचार भेंट बताया जा रहा है, लेकिन मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों और टाइमिंग को देखते हुए इसके गहरे सियासी मायने निकाले जा रहे हैं। राजनीतिक दृष्टि से यह मुलाकात इसलिए भी सबसे ज्यादा अहम मानी जा रही है क्योंकि शमशेर सिंह दूलो लंबे समय से पार्टी के भीतर अपनी बेबाक और बागी राय रखने वाले सीनियर नेताओं में गिने जाते हैं। उनके राजनीतिक विरोध का इतिहास काफी लंबा रहा है। इस 45 मिनट की बैठक के क्या मायने ऐसे में चन्नी के साथ सीधे तौर पर मतभेद रखने वाले वरिष्ठ नेता शमशेर सिंह दूलो के घर जाकर राजा वड़िंग का बैठना, पंजाब की सियासत में कई बड़े राजनीतिक संदेश दे रहा है। राजनीतिक गलियारों में इस मुलाकात की अलग-अलग व्याख्या की जा रही है। जानकारों का मानना है कि पंजाब कांग्रेस के भीतर इस समय वर्चस्व की एक परोक्ष (अप्रत्यक्ष) जंग चल रही है। एक तरफ पूर्व सीएम चरणजीत सिंह चन्नी और उनका खेमा लगातार अपने समर्थकों के जरिए सूबे की सियासत में खुलकर अपना शक्ति प्रदर्शन कर रहा है। दूसरी तरफ प्रदेश अध्यक्ष राजा वड़िंग बिना किसी शोर-शराबे और हंगमे के पार्टी के पुराने और नाराज चल रहे वरिष्ठ नेताओं से वन-टू-वन संवाद बढ़ा रहे हैं। माना जा रहा है कि वे संगठन के भीतर चन्नी विरोधी और न्यूट्रल नेताओं को साधकर अपना समर्थन मजबूत करने की अंदरूनी रणनीति पर काम कर रहे हैं। चन्नी से मतभेद रखने वाले दूलो का 'ट्रैक रिकॉर्ड' कब कब खोला मोर्चा कैप्टन के खिलाफ खोला था मोर्चा: दूलो ने पूर्व मुख्यमंत्री कैप्टन अमरिंदर सिंह के कार्यकाल के दौरान उनके खिलाफ खुलकर मोर्चा खोला था। चन्नी के सीएम बनने पर उठाए थे सवाल: कैप्टन के बाद जब पार्टी ने चरणजीत सिंह चन्नी को मुख्यमंत्री बनाया तो दूलो ने इस फैसले पर भी तीखे सवाल खड़े किए थे। उनका तर्क था कि चन्नी दूसरे दल से कांग्रेस में आए थे और पार्टी ने उन्हें उम्मीद और वरिष्ठता से कहीं अधिक सम्मान और बड़ा पद दे दिया। कार्यशैली पर उठाए सवाल: दूलो ने न सिर्फ चन्नी की ताजपोशी का विरोध किया, बल्कि मुख्यमंत्री के तौर पर चन्नी के छोटे से कार्यकाल और उनकी कार्यशैली पर भी समय-समय पर सार्वजनिक रूप से सवाल खड़े किए थे। शिष्टाचार भेंट या बड़ी गुटबंदी की शुरुआत? हालांकि, इस बंद कमरे की बैठक के एजेंडे को लेकर कोई भी आधिकारिक जानकारी दोनों नेताओं की तरफ से साझा नहीं की गई है। मुलाकात के बाद राजा वड़िंग ने इसे पार्टी के एक अत्यंत वरिष्ठ नेता से महज एक शिष्टाचार भेंट और भविष्य के लिए मार्गदर्शन लेने की मुलाकात बताया है। ऐसे में यह कहना अभी जल्दबाजी होगी कि इस बैठक का सीधा उद्देश्य चन्नी के खिलाफ किसी विशेष गुटबंदी को मजबूत करना था या नहीं, लेकिन मौजूदा नाजुक राजनीतिक परिस्थितियों में इस मुलाकात ने पंजाब कांग्रेस के भीतर शांत दिख रही हलचल को एक बार फिर से हवा दे दी है। अब देखना यह होगा कि वड़िंग की इस 'साइलेंट डिप्लोमेसी' का चन्नी खेमा क्या जवाब देता है।
रायसेन शहर के यशवंत नगर में सूने मकान में हुई चोरी का कोतवाली पुलिस ने शनिवारशाम को खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में तीन शातिर चोरों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषण, एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव बरामद की गई है। तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। यह चोरी की वारदात 25 फरवरी को हुई थी। पुलिस के अनुसार, ग्राम सेमरा निवासी उमेश कुमार शर्मा, जो वर्तमान में यशवंत नगर रायसेन में रहते हैं, अपने परिवार के साथ एक विवाह समारोह में सिलवानी गए थे। जब वे वापस लौटे, तो उन्होंने पाया कि उनके मकान के दरवाजों और अलमारियों के ताले टूटे हुए थे। घर से सोने-चांदी के जेवर, लगभग 45 हजार रुपये नकद और अन्य कीमती सामान चोरी हो गया था। उनकी शिकायत पर कोतवाली थाने में मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। जांच के दौरान, पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, मुखबिरों से मिली जानकारी और तकनीकी साक्ष्यों का उपयोग किया। इसके आधार पर राकेश कुशवाह (घाटमपुरा), मुकेश बंजारा (मुखर्जी नगर) और छोटू उर्फ नरेश रैकवार (हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी) को हिरासत में लिया गया। पूछताछ में तीनों आरोपियों ने चोरी की वारदात को अंजाम देना स्वीकार कर लिया। पुलिस ने आरोपी छोटू उर्फ नरेश के कब्जे से चोरी किए गए सोने के आभूषण, एक लैपटॉप और एक पेन ड्राइव बरामद की। जांच में यह भी पता चला कि तीनों आरोपी आदतन अपराधी हैं। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। इस चोरी का खुलासा करने वाली पुलिस टीम में थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र गोयल, उपनिरीक्षक श्रद्धा उइके, सहायक उपनिरीक्षक बृजमोहन साहू, प्रधान आरक्षक नरेंद्र रजक, आरक्षक शशांक दीक्षित, आरक्षक संदीप जैन और महिला आरक्षक वर्षा बरैया की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
बालोतरा जिले की जसोल पुलिस ने ऑपरेशन अश्ववेग के तहत चोरी की वारदात का पर्दाफाश करते हुए दो चोरों को गिरफ्तार किया है। वहीं उनके कब्जे से सोने-चांदी के आभूषण और कैश रुपए बरामद किए है। फिलहाल पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है। दरअसल, भंवर कंवर पत्नी नरेंद्र सिंह निवासी बोराास हाल 3-ई-19 हाउसिंग बोड्ड माजीवाला पुलिस थाना जसोल जिला बालोतरा ने पुलिस थाना जसोल में रिपोर्ट दी। इसमें बताया कि गांव बोरावास स्थित अपने मकान में अकेली रहती है। 15 जून को रात को खाना खाकर सो गई। सुब जब उठी तो तो कमरे में रखी अलमारी खुली हुई थी। अलमारी जांच करने पर उसमें रखा एक स्टील का डिब्बा गायब मिला। डिब्बे में लूंगों की जोड़ियां, एक सोने की गले की आड़, एक साने का नेकलेस, सोने के कानों के एरंग पत्ते की जोड़ी, सात जोड़ियां चादी की तोड़ियां, एक चांदी की गाय तथा 10 हजार रुपए कैश चुरा कर ले गया। पुलिस ने इस संबंध में रिपोर्ट पर मामला दर्ज कर जांच पड़ताल शुरू की। एसपी रमेश ने बताया कि जिले में चोरी की वारदातों का खुलासा करने के लिए ऑपरेश्वन अश्ववेग चलाया जा रहा है। एएसपी हरफूलसिंह, बालोतरा डीएसपी बाबूलाल के सुपरविजन में जसोल थानाधिकारी शारदा के नेतृत्व में टीम बनाई गई। दो आरोपी गिरफ्तार, चुराए जेवरात व कैश रुपए बरामद पुलिस ने टीम बनाकर तकनीकी और पारंपरिक पुलिसिंग और सूचना के आधार पर संदिग्धों के वहां पर दबीश दी गई। इस दौरान संदिग्ध रामसिंह पुत्र करणसिंह निवासी राखी समदड़ी हाल हाउसिंग बोर्ड जसोल बालोतरा एवं मोहम्मद तसलीम पुत्र मोइनू दीन निवासी सितानियों का धोरा, बालोतरा को डिटेन कर चोरी किए गए सोने-चांदी के आभूषणों और नकद राशि के संबंध में गहन पूछताछ की गई। इस दौरान दोनों संदिग्धों से पूछताछ की गई। दोनों चोरी की वारदात करना स्वीकार किया गया। इनकी निशानदेही पर चोरी किए सोने-चांदी के आभूषण, कैश रुपए और वारदात में उपयोग में ली गई बाइक को बरामद किया गया। इस मामले की जांच पड़ताल की जा रही है।
उदयपुर के सुखेर थाना इलाके में एक शातिर ठग द्वारा जिला जज (डिस्ट्रिक्ट जज) के नाम का झांसा देकर शोरूम से इलेक्ट्रिक स्कूटर (ईवी) ठगने का सनसनीखेज मामला सामने आया। आरोपी ने जज साहब को गाड़ी दिखाने का बहाना बनाया और शोरूम से स्कूटर लेकर रफूचक्कर हो गया। पीड़ित की शिकायत पर सुखेर थाना पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए आरोपी को महज 24 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया है और उसके पास से चोरी का स्कूटर भी बरामद कर लिया है। पूछताछ में सामने आया है कि पकड़ा गया आरोपी बेहद शातिर है और इससे पहले भी कई लोगों को ठग चुका है। जज साहब को दिखाने के बहाने ले गया स्कूटरपुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, न्यू भूपालपुरा 80 फीट रोड पर दिनेश काबरा (70) का 'केपी इलेक्ट्रो व्हील' नाम से ईवी स्कूटर का शोरूम है। 24 जून 2026 की सुबह करीब 11 बजे उनके शोरूम पर दीपक नाम का एक युवक आया। उसने शोरूम संचालक दिनेश काबरा को जिला जज का नाम लिया और कहा कि साहब को स्कूटर पसंद करवाना है, इसलिए दिखाने ले जा रहा हूं। आरोपी ने आधे घंटे में वापस लौटने की बात कही थी, जिसके झांसे में आकर संचालक ने उसे करीब 60 हजार रुपये कीमत का काले रंग का 'यो बाइकर' (यो बाइकर्स) स्कूटर दे दिया। जब वह आधे घंटे बाद भी नहीं लौटा, तो शोरूम संचालक ने उससे संपर्क किया। काफी तकाजा करने के बाद भी आरोपी ने न तो स्कूटर लौटाया और न ही पैसे दिए। इसके बाद पीड़ित ने सुखेर थाने में मामला दर्ज कराया। सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि इस केस के बाद एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस टीम ने तकनीकी इनपुट और साइबर सेल के लोकेश रायकवाल की मदद से आरोपी की लोकेशन ट्रेस की। पुलिस ने मुस्तैदी दिखाते हुए महज 24 घंटे के भीतर आरोपी दीपक उर्फ गोलू (28) पिता तुलसीराम माली को चित्रकूट नगर, भुवाणा से गिरफ्तार कर लिया। उसके कब्जे से ठगा गया स्कूटर भी बरामद कर लिया। झांसे में लेने का आदी है आरोपी सुखेर थानाधिकारी भरत योगी ने बताया कि पकड़ा गया आरोपी दीपक उर्फ गोलू आदतन ठग है। वह लोगों को नौकरी लगवाने और कोर्ट में उनके पक्ष में फैसला करवाने का झांसा देकर पहले भी कई वारदातें कर चुका है। आरोपी के खिलाफ अंबामाता और हिरणमगरी थानों में भी धोखाधड़ी के मामले दर्ज हैं। इतना ही नहीं, आरोपी ने 30 जून 2026 को भूपालपुरा थाना क्षेत्र के शक्तिनगर स्थित एक मोबाइल शोरूम से एक कीमती मोबाइल भी इसी तरह झांसा देकर ठग लिया था। पुलिस अब आरोपी से सख्ती से पूछताछ कर रही है, जिससे अन्य कई वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
दैनिक भास्कर और अपेक्स यूनिवर्सिटी के संयुक्त तत्वावधान में बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक लाने वाले होनहार विद्यार्थियों को सम्मानित करने के लिए 'प्रतिभा सम्मान समारोह-2026' का आयोजन रविवार, 5 जुलाई को सुबह 10 बजे श्रीनाथपुरम-डी स्थित शिव ज्योति कॉन्वेंट स्कूल के ऑडिटोरियम में किया जाएगा। समारोह में प्रवेश गेट नंबर-4 से पहले आओ, पहले पाओ के आधार पर दिया जाएगा। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि आरटीयू के कुलगुरु प्रो. निमित रंजन चौधरी, श्रीमाहेश्वरी समाज के अध्यक्ष राजेश बिरला, कोटा डेयरी के चेयरमैन चैनसिंह राठौड़, कोटा डेयरी के एमडी दिलखुश मीना और अपेक्स यूनिवर्सिटी, जयपुर के डीन रिसर्च प्रो. राजेश सिंघल होंगे। समारोह में साल 2026 की सीबीएसई और आरबीएसई बोर्ड की 12वीं परीक्षा में अच्छे अंक पहासिल करने वाले मेधावी विद्यार्थियों को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजन में शिव ज्योति कॉन्वेंट स्कूल सहयोगी संस्था है। आयोजकों के अनुसार समारोह का उद्देश्य केवल प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को सम्मानित करना ही नहीं, बल्कि अन्य छात्रों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में करियर काउंसलिंग, लक्ष्य निर्धारण और भविष्य की संभावनाओं पर विशेषज्ञों के प्रेरक विचार भी साझा किए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों को अपने करियर की दिशा तय करने में मदद मिलेगी। भीषण गर्मी को देखते हुए कोटा डेयरी की ओर से समारोह में आने वाले सभी विद्यार्थियों, अभिभावकों और अतिथियों के लिए निःशुल्क छाछ और लस्सी की व्यवस्था की गई है। शिव ज्योति एजुकेशनल ग्रुप के चेयरमैन महेश गुप्ता ने कहा कि यह समारोह प्रतिभाओं की मेहनत और लगन को सम्मान देने के साथ उनके हौसलों को नई उड़ान देने का मंच बनेगा। वहीं, एमबी इंटरनेशनल स्कूल के निदेशक सीए शुभम विजय ने कहा कि दैनिक भास्कर द्वारा सामाजिक सरोकार के तहत आयोजित यह सम्मान समारोह विद्यार्थियों की मेहनत को पहचान दिलाने का सशक्त माध्यम है। बच्चों को सम्मानित होते देख अभिभावकों का गर्व और विद्यार्थियों का मनोबल दोनों कई गुना बढ़ेगा।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड जयपुर द्वारा जिले में रविवार को लिपिक ग्रेड-।। /कनिष्ठ सहायक संयुक्त सीधी भर्ती परीक्षा 2026 का आयोजन रविवार को किया जाएगा। इसके लिए जिला मुख्यालय समेत अन्य जगह 45 परीक्षा सेंटर बनाए गए है। इस परीक्षा में 16 हजार 992 अभ्यर्थी रजिस्टर्ड है। यह परीक्षा सुबह-शाम दो पारियों में होगी। इसके लिए एक घंटे पहले परीक्षार्थियों का परीक्षा सेंटर में प्रवेश रोक दिया जाएगा। यानि दो घंटे पहले परीक्षा सेंटर में एक घंटे प्रवेश दिया जाएगा। कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि परीक्षा को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस की ओर से आवश्यक तैयारियों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण प्रशासनिक अधिकारियों ने किया है। कलेक्टर टीना डाबी ने बताया कि भर्ती परीक्षा के तहत प्रथम प्रश्न पत्र की परीक्षा सुबह 9ः30 बजे से दोपहर 12ः30 बजे तक और द्वितीय प्रश्न पत्र की परीक्षा दोपहर बाद 3 बजे से शाम 6 बजे तक होगी। इस परीक्षा के सफल संचालन के लिए जिला मुख्यालय पर कंट्रोल रूम कार्यालय जिला मजिस्ट्रेट टोंक में स्थापित किया गया है। इसके दूरभाष नं. 01432-247478 है। कंट्रोल रूम का प्रभारी अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी कृष्ण गोपाल शर्मा को बनाया गया है। ADM विनोद कुमार मीना ने बताया कि जिला प्रशासन ने इस परीक्षा को सुचारू रूप से पारदर्शिता पूर्वक करवाने के लिए परिवहन, रोडवेज, पुलिस, बिजली निगम आदि विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक कर ली गई है। सभी को अपनी अपनी जिम्मेदारी दे दी है।
10 हजार का इनामी पुजारी राजस्थान से गिरफ्तार:राम-जानकी मंदिर चोरी का खुलासा, 4 लाख के जेवर बरामद
दतिया में गोदन थाना क्षेत्र के कमलापुरी गांव स्थित राम-जानकी मंदिर में हुई चोरी के बहुचर्चित मामले का पुलिस ने करीब दो महीने बाद खुलासा कर दिया है। मंदिर से भगवान श्रीराम और माता जानकी के सोने के हार, चांदी का ग्लास और एक मोटरसाइकिल चोरी कर फरार हुआ 10 हजार रुपए का इनामी आरोपी राजस्थान के भरतपुर जिले से गिरफ्तार किया गया है। आरोपी की निशानदेही पर करीब 4 लाख रुपए मूल्य के सोने-चांदी के आभूषण भी बरामद कर लिए गए हैं। जानकारी के अनुसार, 27 अप्रैल 2026 को कमलापुरी निवासी 73 वर्षीय वीरन सिंह यादव ने गोदन थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया था कि उनके निजी राम-जानकी मंदिर में पूजा-पाठ करने वाला पुजारी कल्लू उर्फ कल्याणदास पवैया, निवासी गड़ाजर (जिला ग्वालियर), मंदिर में रखे भगवान के सोने के हार, करीब 200 ग्राम वजनी चांदी का ग्लास और उनकी प्लेटिना मोटरसाइकिल चोरी कर फरार हो गया। मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी पर 10 हजार रुपए का इनाम घोषित किया गया था। जांच के दौरान जुटाए गए तकनीकी साक्ष्यों और मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने आरोपी को राजस्थान के भरतपुर जिले के निथार क्षेत्र से दबोच लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी की निशानदेही पर ग्वालियर से भगवान श्रीराम और माता जानकी के दोनों सोने के हार तथा चांदी का ग्लास बरामद कर लिया गया। बरामद आभूषणों की अनुमानित कीमत करीब 4 लाख रुपए बताई गई है। आरोपी को न्यायालय में पेश किए जाने के बाद न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया।
विदिशा में सोमवार को अति भारी बारिश का अलर्ट:कलेक्टर ने बाढ़ से निपटने की तैयारियों की समीक्षा की
विदिशा जिले में मानसून पूरी तरह सक्रिय हो गया है। मौसम विभाग ने अगले तीन दिनों तक बारिश जारी रहने का अनुमान जताया है। रविवार को आंधी के साथ बारिश, सोमवार को अति भारी बारिश और मंगलवार को आंधी-तूफान के साथ बारिश का अलर्ट जारी किया गया है। बीते 24 घंटे में जिले में औसतन 21 मिमी वर्षा दर्ज की गई। नटेरन तहसील में सर्वाधिक 42 मिमी बारिश हुई, जबकि लटेरी में सबसे कम 3 मिमी वर्षा रिकॉर्ड की गई। अन्य तहसीलों में कुरवाई में 36 मिमी, गुलाबगंज में 37 मिमी, सिरोंज में 30 मिमी, शमशाबाद में 14 मिमी, पठारी में 14.9 मिमी, बासौदा में 13.2 मिमी, ग्यारसपुर में 12.5 मिमी और विदिशा में 7 मिमी बारिश दर्ज की गई। जिले में अब तक कुल 178.5 मिमी औसत वर्षा दर्ज हो चुकी है। तहसीलवार आंकड़ों में लटेरी (280.4 मिमी), सिरोंज (270 मिमी) और नटेरन (241 मिमी) सबसे आगे हैं। लगातार हो रही बारिश और आगामी अलर्ट को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से नदी-नालों, पुल-पुलियों और जलभराव वाले क्षेत्रों से दूर रहने की अपील की है। संभावित भारी बारिश के मद्देनजर, कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने शनिवार को राजस्व अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने बाढ़ आपदा से निपटने की तैयारियों का जायजा लिया और आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने उन क्षेत्रों को चिन्हित करने के निर्देश दिए जहां हर वर्ष जलभराव या बाढ़ की स्थिति बनती है, ताकि वहां पहले से सभी आवश्यक व्यवस्थाएं की जा सकें। उन्होंने प्रभावित लोगों के सुरक्षित विस्थापन, अस्थायी आवास, भोजन, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की व्यवस्था तैयार रखने को कहा। इसके अतिरिक्त, पुल-पुलियों पर पानी भरने की स्थिति में तत्काल बैरिकेडिंग कर आवागमन रोकने, विभागों के बीच समन्वय बनाए रखने और आपदा में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए।
दिल्ली की मुख्यमंत्री रेखा गुप्ता ने शनिवार को पालम विधानसभा के द्वारका सेक्टर-7 स्थित एयर फोर्स एवं नेवल ऑफिसर्स एन्क्लेव में 500 किलोवाट क्षमता के सोलर पावर प्लांट का उद्घाटन किया। राजधानी की सबसे बड़ी आवासीय सौर परियोजनाओं में शामिल यह प्लांट करीब 375 घरों की बिजली जरूरतों को स्वच्छ एवं नवीकरणीय ऊर्जा से पूरा करेगा। इस मौके पर दक्षिण दिल्ली के सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी, पालम के विधायक कुलदीप सोलंकी, पूर्व विधायक धर्मदेव सोलंकी समेत कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद रहे। मुख्यमंत्री ने कहा प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सौर ऊर्जा को नई गति मिली है और दिल्ली सरकार भी स्वच्छ ऊर्जा, ऊर्जा आत्मनिर्भरता तथा पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि केंद्र और दिल्ली सरकार की संयुक्त योजनाओं के तहत घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर लगाने पर एक लाख रुपये से अधिक की सब्सिडी दी जा रही है। रेखा गुप्ता ने बताया कि करीब दो करोड़ रुपये की लागत से बने इस प्लांट को केंद्र सरकार से 90 लाख रुपये और दिल्ली सरकार से 10 लाख रुपये की सब्सिडी मिली है। परियोजना शुरू होने से एन्क्लेव का मासिक बिजली बिल लगभग 12 लाख रुपये से घटकर 6 लाख रुपये रह जाएगा, जिससे सालाना करीब 72 लाख रुपये की बचत होगी। उन्होंने कहा कि यह परियोजना केवल बिजली बचत का माध्यम नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण और सामुदायिक भागीदारी का भी उत्कृष्ट उदाहरण है। उन्होंने उम्मीद जताई कि यह मॉडल दिल्ली की अन्य आवासीय सोसायटियों और संस्थानों को भी सौर ऊर्जा अपनाने के लिए प्रेरित करेगा।
शहडोल जिले के आखेटपुर गांव में शनिवार को ग्रामीणों ने जर्जर सड़क को लेकर अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल के नेतृत्व में ग्रामीणों ने प्रधानमंत्री ग्राम सड़क योजना की बदहाल सड़क पर बने पानी से भरे गड्ढों में बैठकर विधि-विधान से हवन किया और मरम्मत की मांग की। बारिश के पानी से तालाब बने सड़क के गहरे गड्ढे ग्रामीणों का आरोप है कि आखेटपुर से गुजरने वाली यह मुख्य सड़क लंबे समय से खस्ताहाल है। सड़क पर जगह-जगह गहरे गड्ढे हो गए हैं, जो बारिश के पानी से भरकर तालाब की तरह नजर आ रहे हैं। गहराई का अंदाजा न होने के कारण आए दिन दोपहिया वाहन चालक फिसलकर गिर रहे हैं। इससे स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और मरीजों को निकलने में भारी परेशानी हो रही है। लिखित शिकायतों के बाद भी नहीं हुआ कोई सुधार जिला पंचायत सदस्य पुष्पेंद्र पटेल ने बताया कि सड़क की जर्जर हालत को लेकर कई बार संबंधित विभाग और प्रशासनिक अधिकारियों को लिखित व मौखिक रूप से अवगत कराया गया, लेकिन अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया। अधिकारियों की इसी लापरवाही से नाराज होकर ग्रामीणों ने सड़क के बीचों-बीच बैठकर हवन किया और इसे प्रशासन की 'कुंभकर्णी नींद' जगाने का प्रयास बताया। कार्रवाई न होने पर बड़े आंदोलन की चेतावनी इस प्रदर्शन में मुकेश तिवारी, आशुतोष पटेल, पवन, राकेश सहित बड़ी संख्या में स्थानीय ग्रामीण मौजूद रहे। प्रदर्शनकारियों ने मांग की है कि जिम्मेदार अधिकारी जल्द से जल्द इस मार्ग का निरीक्षण करें और सड़क का गुणवत्तापूर्ण पुनर्निर्माण शुरू कराएं। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही गड्ढों को नहीं भरा गया, तो वे अपने इस आंदोलन को और उग्र करेंगे।
राजनांदगांव शहर के तेलीपारा स्थित आजाद चौक में शनिवार सुबह एक गाय गहरी और संकरी नाली में गिर गई। करीब 10 फीट गहरी नाली में फंसने के कारण वह बाहर नहीं निकल पा रही थी। सूचना मिलते ही गौरक्षक और स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे तथा घंटों की मशक्कत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाला। घटना के बाद लोगों ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए खुले नालों को तत्काल ढंकने की मांग की। सुबह 6 बजे हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, शनिवार सुबह करीब 6 बजे गौ माता अचानक खुली नाली में गिर गई। नाली बेहद संकरी होने के कारण वह पूरी तरह उसमें फंस गई और हिल-डुल भी नहीं पा रही थी। दर्द से कराह रही गौ माता को देखकर स्थानीय लोगों ने तुरंत गौरक्षकों को सूचना दी। ड्रिल मशीन से तोड़ा गया नाला गौरक्षक और स्थानीय निवासी मौके पर पहुंचे, लेकिन संकरी जगह होने के कारण गौ माता को सीधे बाहर निकालना संभव नहीं था। शुरुआती प्रयास विफल होने के बाद भारी ड्रिलिंग मशीन और कंक्रीट कटर मंगाए गए। मशीनों की मदद से नाली का पक्का हिस्सा तोड़ा गया, जबकि दूसरी ओर लोग मलबा हटाकर गौ माता को सुरक्षित निकालने में जुटे रहे। घंटों बाद सफल हुआ रेस्क्यू रेस्क्यू अभियान के दौरान गौरक्षकों ने गौ माता को शांत रखने का प्रयास किया। कई घंटे की कड़ी मेहनत के बाद उसे सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। रेस्क्यू पूरा होने पर स्थानीय लोगों ने राहत की सांस ली। नगर निगम पर उठे सवाल घटना के बाद स्थानीय लोगों ने नगर निगम की लापरवाही पर नाराजगी जताई। उनका कहना है कि खुले नालों के कारण आए दिन हादसों की आशंका बनी रहती है। लोगों ने मांग की कि शहर के सभी खुले और खतरनाक नालों को जल्द से जल्द पक्के स्लैब से ढंका जाए तथा दुर्घटना संभावित स्थानों पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम किए जाएं। गौरक्षकों ने उठाई मांग गौरक्षक मनीष, सुनील, निलेश और जयदीप शर्मा ने कहा कि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचने के लिए नगर निगम को तत्काल कार्रवाई करनी चाहिए। उनका कहना है कि खुले नालों के कारण न केवल पशु बल्कि आम लोगों की जान भी खतरे में रहती है।
खंडवा में दुष्कर्म के एक मामले की पीड़िता ने जमानत पर छूटे आरोपी पर दोबारा धमकाने, रास्ता रोकने और केस वापस लेने का दबाव बनाने का आरोप लगाया है। महिला का कहना है कि आरोपी ने बीच सड़क पर उसका रास्ता रोककर कहा कि पुराने केस को वापस ले लो और उसके साथ पहले की तरह संबंध बनाने की बात कही। विरोध करने पर उसने अश्लील गालियां दीं और पुराने फोटो-वीडियो वायरल करने की धमकी दी। इधर, शिकायत के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, गणेश तलाई निवासी 24 वर्षीय महिला ने पति के साथ कोतवाली थाने पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। महिला ने बताया कि वह ब्यूटी पार्लर का काम करती है। उसका जन्म मुस्लिम परिवार में हुआ था, लेकिन साल 2019 में उसने हिंदू युवक से विवाह करने के बाद वह हिंदू रीति-रिवाज अपनाकर रह रही है। शादी का झांसा देकर बनाए थे संबंध, पहले से दर्ज है रेप का केसपीड़िता ने बताया कि उसकी पहचान बलवाड़ा निवासी आसिफ मंसूरी से उस समय हुई थी, जब वह खंडवा से इंदौर रूट पर बस में कंडक्टरी का काम करता था। बस में सीट रिजर्व कराने के दौरान दोनों की बातचीत शुरू हुई। महिला का आरोप है कि पति से विवाद के दौरान आसिफ उसे तलाक लेने और उससे निकाह करने के लिए उकसाता रहा। शिकायत के मुताबिक, 1 अप्रैल 2025 को आसिफ उसे सनावद से छैगांवमाखन स्थित अपने चाचा के घर ले गया, जहां शादी का झांसा देकर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। इस मामले में पीड़िता ने पहले ही छैगांवमाखन थाने में दुष्कर्म का केस दर्ज कराया था। आरोपी फिलहाल उस मामले में जमानत पर बाहर है। बीच सड़क रोका रास्ता, केस वापस लेने का बनाया दबावमहिला ने पुलिस को बताया कि 3 जुलाई की शाम करीब 5.30 बजे वह ब्यूटी पार्लर से स्कूटी से घर लौट रही थी। इसी दौरान इंद्रा चौक से अवस्थी चौक के बीच आसिफ पल्सर बाइक लेकर आया और उसकी स्कूटी के सामने बाइक खड़ी कर रास्ता रोक लिया। आरोप है कि आसिफ ने उससे कहा, छैगांवमाखन वाला केस वापस ले लो और मेरे साथ चलो, फिर पहले जैसे संबंध बनाएंगे। जब उसने इंकार किया तो आरोपी ने अश्लील गालियां दीं, पुराने फोटो-वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल करने की धमकी दी। पीड़िता का यह भी आरोप है कि, आरोपी ने उसका मोबाइल छीन लिया। छीना-झपटी के दौरान वह अपना मोबाइल वापस लेने में सफल रही और आरोपी का मोबाइल भी उसके पास रह गया। शोर मचाने पर आसपास लोग जुटने लगे, जिसके बाद आरोपी मौके से फरार हो गया। पति और सहेलियों को बताई घटनामहिला ने घर पहुंचकर पूरी घटना अपने पति और सहेलियों को बताई। अगले दिन शनिवार को वह पति के साथ कोतवाली थाने पहुंची और लिखित शिकायत दर्ज कराई। उसने आरोपी का मोबाइल भी पुलिस को सौंप दिया। इन धाराओं में दर्ज हुआ केसकोतवाली पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपी आसिफ मंसूरी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 232(1), 126(2) और 296(बी) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपी की तलाश कर रही है और जब्त किए गए मोबाइल की भी जांच की जाएगी।
श्योपुर जिले के बरगवां अंचल स्थित मदनपुरा गांव में शनिवार दोपहर आकाशीय बिजली गिरने से एक व्यक्ति की मौत हो गई। इस हादसे में उसकी 6 वर्षीय बेटी गंभीर रूप से झुलस गई। यह घटना उस समय हुई जब दोनों गांव के तालाब पर मछली पकड़ रहे थे। घायल बच्ची का जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में इलाज चल रहा है। अचानक बदले मौसम के बाद सीधे पिता-बेटी पर गिरी बिजली जानकारी के अनुसार, मदनपुरा निवासी अमर सिंह अपनी 6 साल की बेटी मनीषा के साथ शनिवार को तालाब पर गए थे। दोपहर करीब 3 बजे अचानक मौसम खराब हुआ और कड़कड़ाहट के साथ आकाशीय बिजली सीधे उन पर आ गिरी। बिजली की चपेट में आने से अमर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीषा गंभीर रूप से झुलस गई। ग्रामीणों ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया हादसे की भनक लगते ही ग्रामीण तुरंत तालाब की ओर दौड़े और घायल मनीषा को आनन-फानन में जिला अस्पताल पहुंचाया। सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी श्यामवीर तोमर ने बताया कि पंचनामा कार्रवाई के बाद अमर सिंह के शव को पोस्टमार्टम के लिए कराहल अस्पताल भेज दिया गया है। प्रशासन ने खराब मौसम में सतर्क रहने की दी सलाह क्षेत्र में लगातार हो रही बारिश और गाज गिरने की घटनाओं को देखते हुए प्रशासन ने लोगों से विशेष सावधानी बरतने की अपील की है। अधिकारियों ने गाइडलाइन जारी करते हुए कहा है कि खराब मौसम, तेज आंधी और बिजली कड़कने के दौरान खुले मैदान, तालाब, पेड़ और ऊंचे स्थानों के पास बिल्कुल न जाएं और तुरंत किसी सुरक्षित पक्के मकान में शरण लें।
राजगढ़ शहर में घर के बाहर खड़ी 10वीं की 16 साल की नाबालिक छात्रा से छेड़छाड़ और उस पर अज्ञात पदार्थ फेंकने का मामला सामने आया है। छात्रा ने बचने के लिए सिर दूसरी ओर घुमा लिया, लेकिन पदार्थ के छींटे उसकी आंख में चले गए। शोर मचाने पर आरोपी भाग निकला। बीच-बचाव करने पहुंची छात्रा की सहेली को भी उसने धक्का दे दिया। कोतवाली पुलिस ने आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट सहित विभिन्न धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। पुलिस के अनुसार, राजगढ़ शहर में रहने वाली 10 वीं की छात्रा ने शिकायत में बताया कि गुरुवार दोपहर करीब 1 बजे वह अपने घर के बाहर खड़ी थी। तभी आरोपी वहां पहुंचा। आरोप है कि उसने बुरी नीयत से छात्रा का हाथ पकड़ लिया। इसके बाद अपने हाथ में रखी एक बोतल से उस पर अज्ञात पदार्थ फेंक दिया। छात्रा ने तुरंत सिर दूसरी ओर कर लिया, जिससे पूरा पदार्थ चेहरे पर नहीं पड़ा, लेकिन उसकी आंख में छींटे चले गए। छात्रा के चिल्लाने की आवाज सुनकर उसकी मां और बहन मौके पर पहुंच गईं। उन्हें देखकर आरोपी भागने लगा। इस दौरान छात्रा की सहेली ने उसे पकड़ने की कोशिश की, लेकिन आरोपी ने उसे धक्का देकर खुद को छुड़ाया और मौके से फरार हो गया। घटना के बाद छात्रा ने अपनी मां, बहन, सहेली, भाई को पूरी जानकारी दी। इसके बाद उसने फोन पर अपने पिता को भी घटना की सूचना दी। पिता के घर पहुंचने पर सभी परिजन छात्रा को लेकर राजगढ़ कोतवाली पहुंचे और लिखित शिकायत दर्ज कराई। पीड़िता ने शिकायत में यह भी बताया कि आरोपी पहले से उसका पीछा करता था। जब वह स्कूल आती-जाती थी, तब भी आरोपी उसका पीछा करता था। इस बात की जानकारी मिलने पर परिजनों ने पहले भी उसे समझाया था, लेकिन इसके बावजूद उसकी हरकतें बंद नहीं हुईं। राजगढ़ कोतवाली पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी लखन प्रजापति के खिलाफ बीएनएस की धारा 74, 78(1)(i) तथा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है और मामले की जांच की जा रही है।
चांपा शहर में उठाईगिरी की वारदात सामने आई है। यूनियन बैंक से 60 हजार रुपये निकालने के बाद एक किसान की बाइक की डिक्की से अज्ञात युवक ने नकदी पार कर दी। पूरी घटना आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों में कैद हो गई है। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश कर रही है। पुलिस के अनुसार, सारागांव थाना क्षेत्र के सरवानी गांव निवासी नारायण प्रसाद साहू (35) अपने पिता के साथ चांपा स्थित यूनियन बैंक से 60 हजार रुपये निकालने पहुंचे थे। बैंक से रकम निकालने के बाद उन्होंने नकदी बाइक की डिक्की में रखी और मेडिकल स्टोर सहित अन्य दुकानों पर खरीदारी करने चले गए। मौका मिलते ही डिक्की से निकाल ली रकम सीसीटीवी फुटेज के अनुसार, मोदी चौक स्थित आरती प्रिंटर्स के सामने खरीदारी के दौरान एक संदिग्ध युवक ने मौका देखकर बाइक की डिक्की खोली और उसमें रखे 60 हजार रुपये निकालकर फरार हो गया। आरोपी ने इतनी सफाई से वारदात को अंजाम दिया कि पीड़ित को तत्काल इसकी भनक तक नहीं लगी। नाश्ता सेंटर पहुंचने पर चली चोरी की जानकारी कुछ देर बाद नारायण प्रसाद साहू बरपाली स्थित गुप्ता नाश्ता सेंटर पहुंचे। वहां बाइक की डिक्की खोलने पर नकदी गायब मिली। इसके बाद उन्होंने आसपास के सीसीटीवी कैमरों की जांच कराई, जिसमें संदिग्ध युवक चोरी करते हुए दिखाई दिया। फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश पीड़ित की शिकायत पर चांपा पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपी की पहचान करने और उसकी तलाश में जुटी है। पीड़ित ने भी लोगों से अपील की है कि यदि फुटेज में दिख रहे युवक की पहचान हो, तो इसकी सूचना तत्काल पुलिस को दें। पुलिस ने लोगों से की सतर्क रहने की अपील शहर में बढ़ रही उठाईगिरी की घटनाओं को देखते हुए पुलिस ने बैंक से बड़ी रकम निकालने वाले लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। पुलिस ने कहा है कि वाहन की डिक्की में नकदी छोड़कर खरीदारी करने न जाएं और बड़ी राशि लेकर चलते समय विशेष सावधानी बरतें।
गाजियाबाद में 60 वर्षीय अधेड़ ने 2 साल की बच्ची से दुष्कर्म किया। जिसके बाद पीड़ित परिवार ने पूरे मामले की जानकारी पुलिस को दी। सूचना पर पहुंची विजयनगर पुलिस ने आरोपी अधेड़ को हिरासत में ले लिया है। बच्ची को भी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। जिसके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। वहीं बच्ची का मेडिकल कराया जा रहा है। एसीपी उपासना पांडे का कहना है कि आरोपी से पूछताछ की जा रही है। यह है पूरा मामला गाजियाबाद के थाना विजय नगर क्षेत्र के सिद्धार्थ विहार क्षेत्र निवासी एक बच्ची घर के बाहर खेल रही थी। आरोप है कि 60 साल का अधेड़ वहां पहुंचा और बच्चा को बहला फुसलाकर एक कमरे में ले गया। परिजनों का आरोप है कि अधेड़ ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया। जहां परिजनों ने आरोपी को पकड़ लिया। सूचना मिलने पर थाना विजय नगर पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और आरोपी को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटा। एसीपी उपासना पांडे भी मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। बच्ची को मेडिकल के लिए अस्पताल भेजा अधिकारियों के अनुसार मामले की हर पहलू से गंभीरता के साथ जांच की जा रही है और उपलब्ध साक्ष्यों एवं मेडिकल रिपोर्ट के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। पीड़ित मासूम बच्ची को तत्काल जिला संयुक्त चिकित्सालय (MMG) भेजा गया, जहां उसका मेडिकल परीक्षण कराया जा रहा है। परिजनों और आसपास के लोगों ने आरो को कोठे में बंद कर लिया और पिटाई कर पुलिस को सौंप दिया। जिसके बाद मौके पर पहुंची पुलिस ने आरोपी को हिरासत में लेकर थाने भेजा। एसीपी का बयान एसीपी कोतवाली उपासना पांडे ने बताया कि PRV द्वारा थाना विजयनगर पर एक बच्ची के साथ दुष्कर्म की सूचना प्राप्त हुई। इस सूचना पर तत्काल थाना विजयनगर की पुलिस मौके पर पहुंची और पाया गया कि एक छोटी बच्ची के साथ दुष्कर्म का प्रयास किया गया है। तहरीर के आधार पर केस दर्ज कर लिया गया है।
हिसार जिले के बरवाला क्षेत्र स्थित गैबीपुर नहर पर शनिवार को उस समय सनसनी फैल गई, जब तीन बाइक सवार युवकों ने दो दोस्तों पर चाकुओं से हमला कर दिया। हमले में गांव बुढ़ाखेड़ा निवासी 25 वर्षीय विष्णु की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि उसका साथी 23 वर्षीय पारस गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल का बरवाला के एक निजी अस्पताल में उपचार चल रहा है। घटना की सूचना मिलते ही बरवाला थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। डीएसपी सुमित कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण कर पुलिस अधिकारियों से जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम की प्रक्रिया शुरू कर दी है। हमलावरों ने बात करने के लिए बुलाया अस्पताल में उपचाराधीन पारस ने बताया कि वह अपने दोस्त विष्णु के साथ गैबीपुर नहर पर गाड़ी धोने गया था। इसी दौरान एक बाइक पर सवार होकर आए तीन युवकों ने विष्णु को यह कहकर अपने पास बुलाया कि उन्हें उससे कुछ बात करनी है। बातचीत के दौरान अचानक तीनों ने विष्णु पर चाकुओं से हमला कर दिया। पारस ने बताया कि जब उसने बीच-बचाव करने का प्रयास किया तो हमलावरों ने उस पर भी हमला कर दिया। उसकी गर्दन और छाती पर चाकू से वार किए गए। वह किसी तरह जान बचाकर भागा, लेकिन हमलावरों ने विष्णु पर लगातार कई वार किए, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पहले भी किया गया था हमला घायल पारस ने आरोप लगाया कि हमलावरों में प्रभुवाला गांव का रवि नामक युवक भी शामिल था। उसने यह भी दावा किया कि इससे पहले भी उस पर हमला हो चुका था और उसने पुलिस की 112 हेल्पलाइन पर शिकायत दी थी, लेकिन उस मामले में कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। मृतक विष्णु खेती के साथ-साथ वाहन चलाने का कार्य करता था। वह अपने पीछे पत्नी और दो छोटी बेटियों को छोड़ गया है। घटना के बाद परिवार में कोहराम मच गया, जबकि पूरे गांव में शोक और दहशत का माहौल है। पुलिस का कहना है कि हत्या के कारणों का अभी खुलासा नहीं हो सका है। सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखते हुए जांच की जा रही है तथा आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर मामले का खुलासा किया जाएगा।
राजस्थान रिफाइनरी के उद्घाटन समारोह में भाजपा प्रदेश महामंत्री को पुलिस ने गेट पर रोक दिया। भाजपा नेता कह रहे कि वीवीआईपी कार्ड है। मंत्री और अधिकारियों को फोन लगाते नजर आ रहे है। इसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर शेयर हो रहा है। वीडियो में प्रदेश महामंत्री कह रहे है कि मंत्री के.के. विश्नोई और एसपी साहब का फोन कर रहे है। आप पूछ लो। करीब पांच मिनट बाद प्रदेश महामंत्री को फिर एंट्री दी गई। दरअसल, पीएम नरेंद्र मोदी ने राजस्थान पचपदरा रिफाइनरी का आज उद्घाटन किया। पीएम तय समय के अनुसार पचपदरा रिफाइनरी पहुंच गए। तभी भाजपा पदाधिकारी समय पर नहीं पहुंच पाने के कारण कई नेताओं और समर्थकों को एंट्री नहीं दी गई है। इस दौरान भाजपा प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी भी वीवीआईपी पास लेकर गेट पर पहुंचे। लेकिन पीएम मोदी के तय समय पर पहुंच पाने के कारण उनको सुरक्षाकर्मियों ने वहीं पर रोक दिया गया। इसके बाद उन्होंने मंत्री के.के. विश्नोई और पुलिस अधिकारियों से बात की, सुरक्षाकर्मियों को कहते नजर आए। प्रदेश महामंत्री श्रवण सिंह बागड़ी को रिफाइनरी गेट पर रोकने के बाद श्रवणसिंह ने पुलिस को कहा मंत्री के.के. विश्नोई और एसपी साहब फोन कर रहे है। आप पूछ लो… वहां पर खड़े कार्यकर्ता ने कहा कि वीआईपी कार्ड देने का मतलब क्या है। पुलिस ने कहा एंट्री बंद हो गई। तब श्रवणसिंह ने कहा कि यह पास किस लिए है। पुलिस ने कहा पास तो है। टाइम दिया हुआ था वो पुरा हो गया। तभी समर्थक बोले टाइम लिखा हुआ ही नहीं है। श्रवणसिंह ने कहा के.के. विश्नोई जी जो कह रहे है कि मेरी बात करवाओ। तभी पुलिस अधिकारी ने कहा कि आपकी तो एंट्री कर देंगे। सबकी किसकी नहीं हो पाएगी। आप इधर आ जाओ। तभी अन्य समर्थकों को कहा कि आप लेट हो गए। फिर प्रदेश महामंत्री श्रवण बगड़ी को एंट्री दी गई।
मुजफ्फरनगर में फुलत स्थित दारुल उलूम रहीमिया मदरसे को लेकर शुरू हुआ कथित धर्मांतरण विवाद अब और अधिक गर्मा गया है। मामले में पहले गंभीर आरोप लगाने वाले योग साधना आश्रम (बघरा) के पीठाधीश्वर स्वामी यशवीर महाराज ने शनिवार शाम करीब 6 बजे नया बयान जारी किया। उन्होंने कहा कि पुलिस द्वारा गठित जांच टीम इस पूरे नेटवर्क का खुलासा नहीं कर सकती और इसकी जांच किसी केंद्रीय एजेंसी से कराई जानी चाहिए। स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि मदरसे के संचालक मौलाना हिफजुर्रहमान अंसारी और उनके पुत्र मौलाना जुबेर अंसारी का नेटवर्क कई राज्यों तक फैला हुआ है। उनका आरोप है कि पिछले करीब 20 वर्षों से बड़े स्तर पर धर्मांतरण का नेटवर्क संचालित किया जा रहा है और इसमें हजारों हिंदुओं का धर्मांतरण कराया गया है। उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से पूरे मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से कराने की मांग की। उनका कहना है कि यह मामला इतना बड़ा है कि इसकी निष्पक्ष जांच जिला स्तर की टीम के बस की बात नहीं है। 500 से 600 करोड़ की संपत्ति की हो जांच स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि आरोपितों के पास 500 से 600 करोड़ रुपये की संपत्ति है, जिसकी जांच होनी चाहिए। उन्होंने यह भी मांग की कि दोनों आरोपितों का नार्को टेस्ट कराया जाए ताकि कथित धर्मांतरण नेटवर्क और फंडिंग के स्रोतों का खुलासा हो सके। उन्होंने आरोप लगाया कि यह भी जांच का विषय है कि इतनी बड़ी संपत्ति और कथित फंडिंग आखिर किन स्रोतों से प्राप्त हुई। पुराने मामलों का भी किया जिक्र स्वामी यशवीर महाराज ने दावा किया कि जिन लोगों के धर्मांतरण को पुराना बताया जा रहा है, वह तथ्य सही नहीं हैं। उन्होंने जुगनू शर्मा नामक व्यक्ति का उदाहरण देते हुए कहा कि उसका धर्मांतरण 32 वर्ष पहले नहीं बल्कि करीब 15 से 20 वर्ष पहले हुआ था। उन्होंने यह भी दावा किया कि मदरसे से जुड़े एक ड्राइवर का भी धर्मांतरण कराया गया था और उसके परिवार के लोग आज भी मदरसे के आसपास रह रहे हैं। गिरफ्तारी नहीं हुई तो होगा ऐतिहासिक घेराव स्वामी यशवीर महाराज ने चेतावनी दी कि यदि आरोपितों की गिरफ्तारी, संपत्तियों की जांच और कथित धर्मांतरण नेटवर्क के खिलाफ कठोर कार्रवाई नहीं हुई तो हिंदू समाज के साथ मिलकर मदरसे का ऐतिहासिक घेराव किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन तब तक जारी रहेगा जब तक आरोपितों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती। साथ ही उन्होंने दावा किया कि पश्चिमी उत्तर प्रदेश में कथित धर्मांतरण नेटवर्क को किसी भी कीमत पर नहीं चलने दिया जाएगा। स्वामी यशवीर महाराज के आरोपों के बाद मुज़फ्फ़रनगर पुलिस पहले ही मदरसे में प्रारंभिक जांच कर चुकी है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर एसपी देहात के नेतृत्व में जांच टीम गठित की गई है। फिलहाल पुलिस का कहना है कि मामले के सभी आरोपों की जांच की जा रही है और उपलब्ध तथ्यों एवं साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पंचकूला में विशेष गहन मतदाता पुनरीक्षण (SIR) और मतदाता सूची के डिजिटलीकरण कार्य में लापरवाही बरतने पर प्रशासन ने सख्ती दिखाई है। एसडीएम एवं निर्वाचक पंजीकरण अधिकारी (ईआरओ) चंद्रकांत कटारिया ने 6 सुपरवाइजर और 50 बीएलओ (बूथ लेवल अधिकारी) को कारण बताओ नोटिस जारी करने तथा 10 बीएलओ को निलंबित करने की सिफारिश करते हुए जिला निर्वाचन अधिकारी (डीसी) को पत्र भेजा है। ईआरओ ने कहा कि विशेष गहन पुनरीक्षण और डिजिटलीकरण का कार्य पूरी गंभीरता, मेहनत और तेजी से किया जाए, ताकि तय समय में त्रुटिरहित मतदाता सूची तैयार हो सके। उन्होंने सभी अधिकारियों और कर्मचारियों को निर्देश दिए कि कार्य में किसी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। 12 स्थानों पर लगाए जाएंगे विशेष शिविर मतदाताओं की सुविधा के लिए 4 और 5 जुलाई को पंचकूला विधानसभा क्षेत्र में 12 स्थानों पर विशेष शिविर लगाए जाएंगे। इनमें बीड़ घग्गर, राजीव कॉलोनी, खड़क मंगौली, माजरी, सेक्टर-20 आशियाना, सेक्टर-26 आशियाना, सेक्टर-28 आशियाना सहित अन्य स्थान शामिल हैं। इन शिविरों में मतदाता अपना गणना प्रपत्र भरवा सकेंगे और मतदाता सत्यापन व डिजिटलीकरण से संबंधित सहायता प्राप्त कर सकेंगे। मतदाताओं से सहयोग की अपील ईआरओ ने मतदाताओं से अपील की कि वे अपने नजदीकी शिविर में पहुंचकर गणना प्रपत्र भरवाएं तथा बीएलओ, सुपरवाइजर और बीएलए का सहयोग करें। उन्होंने कहा कि मतदाता अपने साथ कम से कम एक पासपोर्ट साइज फोटो भी लेकर आएं, ताकि प्रक्रिया में किसी प्रकार की दिक्कत न हो। मृत, स्थानांतरित और डुप्लीकेट नाम हटेंगे विशेष गहन पुनरीक्षण के दौरान प्रत्येक मतदाता का सत्यापन किया जाएगा। इस प्रक्रिया में मृत, स्थायी रूप से स्थानांतरित तथा दोहरे पंजीकरण वाले मतदाताओं के नाम नियमानुसार मतदाता सूची से हटाए जाएंगे। इसके बाद मतदाताओं की संख्या के आधार पर पंचकूला विधानसभा क्षेत्र के मतदान केंद्रों का रैशनलाइजेशन भी किया जाएगा।
उमरिया जिले के इंदवार थाना क्षेत्र में शनिवार दोपहर महरोई रेलवे स्टेशन के पास चलती शक्तिपुंज एक्सप्रेस से गिरकर एक 37 वर्षीय युवक की मौत हो गई। ट्रेन से नीचे गिरने के कारण युवक के सिर में गंभीर चोटें आईं और अत्यधिक खून बह जाने से उसने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बसेही के पास रेलवे पोल के बीच हुआ हादसा मृतक की पहचान 37 वर्षीय राहुल कुमार पुत्र परमेश्वर सिंग के रूप में हुई है, जो महाराष्ट्र के ठाणे स्थित बोईसर यादव नगर के रहने वाले थे। यह हादसा महरोई रेलवे स्टेशन के समीप रेलवे पोल क्रमांक 1148/22 और 1148/23 के बीच बसेही गांव के पास हुआ। घर से इलाज कराने निकले थे राहुल कुमार किसी इलाज के सिलसिले में ट्रेन से यात्रा कर रहे थे। ट्रेन से युवक के गिरने की सूचना महरोई स्टेशन मास्टर ने तत्काल इंदवार थाना पुलिस को दी। सूचना मिलते ही पुलिस और रेलवे के अधिकारी मौके पर पहुंचे और शव को कब्जे में लिया। डॉक्टर शिव प्रजापति द्वारा शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद पुलिस ने परिजनों को हादसे की सूचना दे दी है। इंदवार पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है कि युवक किन परिस्थितियों में चलती ट्रेन से नीचे गिरा।
सूरजपुर में खरीफ सीजन में खाद की कालाबाजारी और निर्धारित मूल्य से अधिक दाम पर बिक्री की शिकायत पर जिला प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर के निर्देश पर कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम ने रामानुजनगर थाना क्षेत्र के द्वारिकापुर निवासी कमलेश्वर साहु के दुकान और गोदाम पर छापा मारकर 756 बोरी खाद जब्त की। जांच में खाद के भंडारण और बिक्री में अनियमितता मिलने पर गोदाम को सील कर दिया गया। 676 बोरी यूरिया, 80 बोरी डीएपी जब्त संयुक्त टीम की जांच में गोदाम से 676 बोरी यूरिया और 80 बोरी डीएपी खाद बरामद हुई। अधिकारियों ने पाया कि खाद का भंडारण और बिक्री निर्धारित नियमों के अनुरूप नहीं की जा रही थी। साथ ही किसानों को तय दर से अधिक कीमत पर खाद बेचे जाने की शिकायत भी सही पाई गई। गोदाम में धान-चावल भी मिला जांच के दौरान गोदाम में 750 बोरी धान, 20 बोरी चावल और 2 बोरी चना भी मिला। संबंधित संचालक इन कृषि उपजों के भंडारण और व्यापार से जुड़े मंडी लाइसेंस तथा अन्य वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका। इसके बाद पूरी सामग्री जब्त कर गोदाम को सील कर दिया गया। कृषि और राजस्व विभाग की संयुक्त कार्रवाई यह कार्रवाई कृषि अधिकारी संपदा पैकरा और स्थानीय तहसीलदार मनहरण सिंह राठिया के नेतृत्व में की गई। अधिकारियों ने बताया कि मामले की विस्तृत जांच जारी है और जांच रिपोर्ट के आधार पर संबंधित व्यक्ति के खिलाफ नियमानुसार वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। कालाबाजारी करने वालों पर सख्ती जारी जिला प्रशासन ने कहा कि खरीफ सीजन में किसानों को उचित मूल्य पर खाद उपलब्ध कराने के लिए लगातार निगरानी की जा रही है। खाद की जमाखोरी, कालाबाजारी और नियमों के उल्लंघन के मामलों में आगे भी इसी तरह की सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
बुरहानपुर में शनिवार को खंडवा लोकसभा सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल ने कलेक्टर कार्यालय में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक ली। इस दौरान उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की विभिन्न योजनाओं तथा विकास कार्यों की विभागवार समीक्षा की। बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना, कृषि, उद्यानिकी, स्वास्थ्य, लोक निर्माण विभाग, ग्रामीण विकास, पेयजल, नगर निगम और बिजली विभाग से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा हुई। किसानों और आमजन से जुड़े मुद्दों पर अधिकारियों से जानकारी ली गई। पौधारोपण सिर्फ फोटो तक सीमित न रहेसांसद पाटील ने पौधारोपण अभियान को लेकर कहा कि यह सिर्फ फोटो खिंचवाने तक सीमित नहीं रहना चाहिए। पंचायतों को पौधे लगाने के साथ एक साल तक उनकी देखभाल सुनिश्चित करने का लक्ष्य दिया जाए। उन्होंने शिक्षकों की कमी का मुद्दा उठाते हुए निर्देश दिए कि जहां स्थायी शिक्षक नहीं हैं, वहां अतिशेष शिक्षकों का स्थानांतरण किया जाए। अनुपस्थित अधिकारियों पर जताई नाराजगीबैठक में कुछ विभागों के प्रमुख अधिकारियों की अनुपस्थिति पर सांसद ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि दिशा समिति की बैठक जनहित से जुड़ी महत्वपूर्ण प्रक्रिया है और इसमें लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने जिला कलेक्टर को निर्देश दिए कि सूचना मिलने के बावजूद अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों को कारण बताओ नोटिस जारी कर कार्रवाई की जाए। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. राजेंद्र कुमार वर्मा बैठक में अनुपस्थित रहे, जिन्हें अवकाश पर बताया गया। पीडब्ल्यूडी और उद्यानिकी विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाललोक निर्माण विभाग की समीक्षा के दौरान विभागीय जानकारी संतोषजनक तरीके से प्रस्तुत नहीं किए जाने पर सांसद ने नाराजगी जताई। कार्यपालन यंत्री पद्मरेखा श्रीवास्तव को पूर्ण और तथ्यात्मक जानकारी उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। उद्यानिकी विभाग की समीक्षा में किसानों के खेतों में पॉली हाउस निर्माण में गंभीर लापरवाही सामने आई। जानकारी दी गई कि जहां पिलरों की गहराई करीब 4 फीट होनी चाहिए, वहां सिर्फ 2 फीट तक ही पिलर लगाए गए हैं। इस पर सांसद ने तकनीकी जांच कर वास्तविक स्थिति स्पष्ट करने और संबंधित एजेंसी पर कार्रवाई के निर्देश दिए। स्वास्थ्य विभाग में क्वार्टर आवंटन और भर्ती की जांच होगीजिला अस्पताल परिसर में सरकारी क्वार्टर आवंटन में वरिष्ठता सूची और नियमों के पालन नहीं होने का मामला भी बैठक में उठा। इस पर जिला कलेक्टर की अध्यक्षता में उच्च स्तरीय समिति गठित कर सात दिन के भीतर जांच कराने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा जिला स्तर पर आउटसोर्स कर्मचारियों की भर्ती प्रक्रिया की भी जांच कराने के निर्देश दिए गए। चना खरीदी में गड़बड़ी पर मांगी रिपोर्टबैठक में तुकईथड़ चना खरीदी केंद्र में 181 क्विंटल चने की कमी और कम रकबे वाले किसानों के खातों में ज्यादा खरीदी दर्शाने के मामले पर सांसद ने चिंता जताई। उन्होंने पूरे मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों की जवाबदेही तय करने और तथ्यात्मक रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए। विधायक और महापौर ने भी उठाए स्थानीय मुद्देबैठक में नेपानगर विधायक Manju Rajendra Dadu ने क्षेत्र की सड़कों, निर्माण कार्यों की गुणवत्ता और लंबित विकास कार्यों से जुड़े मुद्दे उठाए। उन्होंने कहा कि विकास कार्यों में गुणवत्ता और समयसीमा दोनों का पालन जरूरी है। वहीं बुरहानपुर महापौर माधुरी अतुल पटेल ने शनवारा से लालबाग रेलवे स्टेशन तक बने सड़क निर्माण में उचित जल निकासी की व्यवस्था नहीं होने पर नाराजगी जताई। बैठक में जिला कलेक्टर हर्ष सिंह, पुलिस अधीक्षक आशुतोष बागरी, डीएफओ विद्याभूषण सिंह सहित अन्य अधिकारी और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
कोटा में जेईई की तैयारी कर रहे बिहार के सीतामढ़ी निवासी गुंजन कुमार ने कठिन परिस्थितियों के बावजूद आईआईटी दिल्ली में प्रवेश हासिल किया। परीक्षा से पहले फेफड़ा कोलैप्स होने के कारण वह तीन महीने तक क्लास नहीं जा सका। इस दौरान उसकी मां गुंजा ने ऑनलाइन क्लास देखकर नोट्स तैयार किए। मां की मेहनत और बेटे के हौसले ने आखिरकार आईआईटी का सपना साकार कर दिया। इस सफलता के पीछे सबसे बड़ा योगदान उसकी मां का रहा, जो बेटे की पढ़ाई में उसकी सहपाठी बन गईं। गुंजन कुमार ने बताया कि जेईई की तैयारी के लिए कोचिंग में पढ़ने कोटा आया था। लेकिन परीक्षा से कुछ महीने पहले उसे न्यूमोथोरेक्स यानी फेफड़ा कोलैप्स होने की गंभीर समस्या हो गई। करीब तीन महीने तक वह बिस्तर पर रहा और नियमित कक्षाएं नहीं ले सका। ऐसे मुश्किल समय में उसकी मां गुंजा ने बेटे का हौसला नहीं टूटने दिया। उन्होंने ऑनलाइन क्लास देखीं, खुद नोट्स तैयार किए और गुंजन को पढ़ाया ताकि उसकी तैयारी प्रभावित न हो। गुंजन की आंखों की रोशनी भी 70 प्रतिशत से अधिक कमजोर है और वह 9.5 नंबर का चश्मा लगाता है। इसके बावजूद उसने हार नहीं मानी। जेईई मेन में 91.8 पर्सेंटाइल हासिल की, जबकि जेईई एडवांस्ड में पीडब्ल्यूडी ओबीसी श्रेणी में 50वीं और कॉमन पीडब्ल्यूडी रैंक 120 प्राप्त की। उन्होंने बताया कि अब वह आईआईटी दिल्ली में कंप्यूटर साइंस शाखा में प्रवेश लेकर अपना सपना पूरा करने जा रहा है। गुंजन ने अपनी सफलता का श्रेय मां और शिक्षकों को दिया। वहीं मां गुंजा ने कहा कि बेटे का सपना ही उनका सपना था, इसलिए उन्होंने वर्षों बाद फिर से पढ़ाई शुरू की। कोचिंग के निदेशक नवीन माहेश्वरी ने कहा कि गुंजन की कहानी बताती है कि कठिन परिस्थितियों में परिवार का साथ, आत्मविश्वास और निरंतर प्रयास किसी भी चुनौती को सफलता में बदल सकते हैं।
दो बाइकों की टक्कर में एक युवक की मौत:देवरिया में दो गंभीर घायल, पुलिस ने अस्पताल में कराया भर्ती
देवरिया के श्रीरामपुर थाना क्षेत्र में शनिवार शाम दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। यह घटना भवानी छापर-हाटा मुख्य मार्ग पर भवानी छापर स्थित जियो पेट्रोल पंप से लगभग 100 मीटर उत्तर मदनचक-हाटा मार्ग पर शाम करीब 5:20 बजे हुई। दुर्घटना स्थल जिला मुख्यालय से 65 किमी दूर यूपी-बिहार सीमा पर हुई। मृतक की पहचान बिहार के गोपालगंज जिले के भोरे थाना क्षेत्र के सवनहा गांव निवासी अमरजीत साह (32) पुत्र रूदल साह के रूप में हुई है। वह अपनी बाइक से जियो पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने जा रहे थे। इसी दौरान सामने से आ रही बाइक से उनकी भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि अमरजीत साह की घटनास्थल पर ही मौत हो गई। अपाचे बाइक पर सवार बिहार के सिवान जिले के दरौली थाना क्षेत्र के बलहु गांव निवासी पप्पू साहनी पुत्र हरेंद्र साहनी और शुभम साहनी पुत्र सुरेंद्र साहनी गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलते ही श्रीरामपुर थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों घायल युवकों को तत्काल उपचार के लिए अस्पताल भिजवाया। मृतक के शव का पंचायतनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए मर्चरी हाउस भेज दिया गया। प्रभारी निरीक्षक संजय कुमार ने बताया कि दुर्घटना के संबंध में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि घटना के कारणों की जांच जारी है और मौके पर शांति व्यवस्था बनी हुई है।
शाजापुर के वजीरपुरा स्थित हनुमान मंदिर में शनिवार शाम युवा कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। कांग्रेस नेताओं ने अयोध्या राम मंदिर चंदा चोरी और देश में हो रहे पेपर लीक जैसे मुद्दों को लेकर यह आयोजन किया। कार्यकर्ताओं ने भगवान हनुमान से केंद्र व राज्य की भाजपा सरकार और आरएसएस को सद्बुद्धि देने की प्रार्थना की। राम मंदिर मामले से देश की आस्था को ठेस पहुंची युवा कांग्रेस के जिला अध्यक्ष जयंत सिकरवार ने कहा कि अयोध्या में भगवान श्रीराम के मंदिर से जुड़े मामले ने देशभर के लोगों की धार्मिक आस्था को चोट पहुंचाई है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पेपर लीक, जर्जर सड़कों और युवाओं के रोजगार जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर जवाब देने से लगातार बच रही है। सिकरवार ने प्रधानमंत्री से 'मन की बात' करने के बजाय देश की जनता की बात सुनने की अपील की। मामले में लीपापोती करने का लगाया आरोप कांग्रेस जिला अध्यक्ष नरेश्वर सिंह प्रताप ने आरोप लगाया कि अयोध्या के कथित चंदा चोरी मामले में सरकार निष्पक्ष कार्रवाई करने के बजाय लीपापोती करने में जुटी है। इस मामले में बड़े रसूखदार लोगों को बचाने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि इसीलिए कांग्रेस कार्यकर्ता हनुमान जी की शरण में आए हैं ताकि दोषियों को सजा मिले और सच्चाई सामने आ सके। देखें तस्वीरें…
राज्य महिला आयोग की सदस्य मिनाक्षी भराला शनिवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) रोहटा में जागरूकता कार्यक्रम में पहुंची। इस दौरान जब उन्होंने वहां निरीक्षण किया तो अस्पताल परिसर में फैली गंदगी, रिकॉर्ड संधारण में लापरवाही और अव्यवस्थित रजिस्टर देखकर सीएचसी स्टाफ को खूब फटकार लगाई। निरीक्षण के दौरान मिनाक्षी भराला जब सीएचसी के फार्मेसी स्टोर में पहुंची तो गंदगी मिलने पर स्टाफ को फटकार लगाते हुए कहा कि कुत्ता भी जहां बैठता है वहां पूंछ मारकर बैठता है, आपको शर्म नहीं आती। इस स्टोर की हालत देख यहां कौन दवा लेने पहुंचेगा। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य केंद्र में साफ-सफाई और रिकॉर्ड का रखरखाव बेहतर होना चाहिए, क्योंकि यहां रोज बड़ी संख्या में मरीज इलाज के लिए आते हैं। निरीक्षण में कई रजिस्टर भी अव्यवस्थित मिले। इस पर उन्होंने संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों को रिकॉर्ड व्यवस्थित रखने तथा अस्पताल की साफ-सफाई और अन्य व्यवस्थाओं में तत्काल सुधार करने के निर्देश दिए। महिला आयोग सदस्य ने कहा कि सरकारी स्वास्थ्य संस्थानों में मरीजों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिलना प्राथमिकता होनी चाहिए। लापरवाही किसी भी स्तर पर स्वीकार नहीं की जाएगी। उन्होंने अधिकारियों से जल्द सुधारात्मक कार्रवाई कर इसकी रिपोर्ट उपलब्ध कराने को भी कहा। इसके साथ ही उन्होंने कहा कि स्टाफ की लापरवाही के कारण ही सरकारी व्यवस्थाओं से जनता का भरोसा उठता है। संसाधन होने के बाद भी लोगों को सुविधा नहीं दी जा रही है। काम के दौरान इस प्रकार की लापरवाही करने वाले कर्मियों की शिकायत सीएमओ से कर सख्त कार्रवाई भी सुनिश्चित की जाएगी।
धमतरी जिले के सिहावा क्षेत्र के मराठा पारा में शनिवार को एक विशालकाय अजगर रिहायशी इलाके में पहुंच गया। करीब 10 फीट लंबे और लगभग 15 किलो वजनी अजगर को सड़क पर देखकर लोगों में हड़कंप मच गया। ग्रामीणों ने सूझबूझ दिखाते हुए उसका सुरक्षित रेस्क्यू किया और बाद में जंगल में छोड़ दिया। जानकारी के अनुसार, शनिवार को मराठा पारा की सड़क पर अचानक विशाल अजगर दिखाई दिया। देखते ही देखते मौके पर ग्रामीणों की भीड़ जुट गई। कुछ समय के लिए लोगों की आवाजाही भी प्रभावित रही और पूरे इलाके में दहशत का माहौल बन गया। ग्रामीणों ने बिना नुकसान पहुंचाए किया रेस्क्यू अजगर को देखकर ग्रामीणों ने घबराने के बजाय समझदारी दिखाई। किसी ने भी वन्यजीव को नुकसान पहुंचाने की कोशिश नहीं की। काफी मशक्कत के बाद ग्रामीणों ने सावधानीपूर्वक अजगर को सुरक्षित पकड़ लिया। जंगल में छोड़ा गया अजगर रेस्क्यू के बाद अजगर को वाहन से उसके प्राकृतिक आवास तक ले जाया गया और जंगल में सुरक्षित छोड़ दिया गया। समय रहते रेस्क्यू होने से किसी प्रकार की जनहानि या अप्रिय घटना नहीं हुई। घटना के बाद पूरे इलाके में अजगर की चर्चा होती रही। बरसात में बढ़ जाती हैं ऐसी घटनाएं विशेषज्ञों के अनुसार, बरसात के मौसम में भोजन और सुरक्षित स्थान की तलाश में अजगर समेत अन्य वन्यजीव आबादी वाले क्षेत्रों में पहुंच जाते हैं। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि ऐसे वन्यजीव दिखाई देने पर घबराएं नहीं, उन्हें छेड़ने या नुकसान पहुंचाने का प्रयास न करें। सुरक्षित दूरी बनाकर तुरंत वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना दें।
प्रयागराज कलेक्ट्रेट में कामकाज के दौरान वकीलों द्वारा कर्मचारियों के साथ मारपीट और दुर्व्यवहार का मामला सामने आया है। इन घटनाओं के विरोध में उत्तर प्रदेशीय मिनिस्ट्रीयल कलेक्ट्रेट कर्मचारी संघ के बैनर तले सभी कर्मचारी लामबंद हो गए हैं। शनिवार शाम कर्मचारियों ने जिलाधिकारी (डीएम) से मुलाकात कर दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग की। संघ के अध्यक्ष व प्रशासनिक अधिकारी अजय शंकर श्रीवास्तव ने बताया कि पिछले कुछ दिनों से कलेक्ट्रेट परिसर में वकीलों द्वारा अराजकता की जा रही है। उन्होंने कई घटनाओं का जिक्र किया, जिनमें कर्मचारियों को निशाना बनाया गया। श्रीवास्तव के अनुसार, 2 जुलाई को एडीएम सिटी के आशुलिपिक नंद गोपाल तिवारी को उनके कक्ष में घुसकर अधिवक्ता संतोष पाण्डेय और उनके साथियों ने बुरी तरह पीटा। इस मारपीट में नंद गोपाल तिवारी के हाथ में फ्रैक्चर हो गया। इस मामले में गुरुवार देर रात वकीलों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराया गया है, लेकिन अब तक किसी की गिरफ्तारी नहीं हुई है। इसी दिन, 2 जुलाई को ही अपर उप जिलाधिकारी सदर के न्यायालय में पेशकार के सहयोगकर्ता तहसील अमीन प्रेम कुमार के साथ भी वकीलों ने मारपीट और गाली-गलौज की। एक अन्य घटना में, आरोप है कि कुछ वकीलों ने राजस्व अभिलेखागार में घुसकर बिना किसी निर्धारित प्रक्रिया के अभिलेखों के निरीक्षण का दबाव बनाया। इस दौरान उन्होंने शोर-शराबा किया और वहां लगी फोटोस्टेट मशीन को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। कर्मचारियों ने यह भी आरोप लगाया कि मुख्य राजस्व अधिकारी के न्यायालय में कार्यरत पेशकार शैलेंद्र वर्मा के विरुद्ध मनगढ़ंत और बेबुनियाद आरोप लगाकर उन्हें प्रताड़ित किया गया, जिसके परिणामस्वरूप उनका स्थानांतरण तक करवा दिया गया। कलेक्ट्रेट कर्मचारियों में इन लगातार हो रही घटनाओं को लेकर भारी आक्रोश है। संघ का कहना है कि कर्मचारियों के साथ इस तरह की बदसलूकी और मारपीट किसी भी कीमत पर स्वीकार्य नहीं है। डीएम से मुलाकात के दौरान कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दोषियों के खिलाफ तत्काल कठोर कार्रवाई नहीं की गई, तो पूरा कर्मचारी संघ आंदोलन करने के लिए बाध्य होगा। मामले की गंभीरता को देखते हुए, कर्मचारी संघ ने जिला बार एसोसिएशन प्रयागराज को भी इन घटनाक्रमों से अवगत करा दिया है।
देवास जिले के ग्राम सन्नौड़ स्थित सांदीपनि विद्यालय में शनिवार को किताब से कल तक विद्यार्थी संवाद कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान कलेक्टर ऋतुराज सिंह और पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने विद्यार्थियों से सीधा संवाद किया। कार्यक्रम में मनोज चौधरी भी मौजूद थे। छात्रों ने करियर, पढ़ाई, हॉबी और सफलता से जुड़े विभिन्न प्रश्न पूछे। जवाब में, दोनों अधिकारियों ने अपने छात्र जीवन के अनुभव साझा किए और विद्यार्थियों को लक्ष्य निर्धारित कर अनुशासन तथा कड़ी मेहनत के साथ आगे बढ़ने का संदेश दिया। संवाद के दौरान कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने शिक्षा को जीवन में आगे बढ़ने का सबसे प्रभावी माध्यम बताया। उन्होंने कहा कि किताबें ही विद्यार्थियों को सफलता की ऊंचाइयों तक पहुंचाती हैं। कलेक्टर ने छात्रों से स्पष्ट लक्ष्य तय करने, अनुशासन के साथ पढ़ाई करने और सकारात्मक सोच बनाए रखने का आग्रह किया। कलेक्टर ने यह भी बताया कि जिले में कक्षा 10वीं में 90 प्रतिशत से अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को जेईई और नीट जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए जिला प्रशासन द्वारा निशुल्क अध्ययन सामग्री उपलब्ध कराई जा रही है। उन्होंने विद्यार्थियों से शासन की योजनाओं का लाभ उठाने की अपील की। पुलिस अधीक्षक पुनीत गेहलोद ने अपने छात्र जीवन का अनुभव साझा करते हुए बताया कि वे भी शासकीय विद्यालय से पढ़कर इस मुकाम तक पहुंचे हैं। उन्होंने कहा कि आज सरकारी स्कूलों में निजी विद्यालयों से भी बेहतर सुविधाएं उपलब्ध हैं। एसपी ने विद्यार्थियों को अपनी रुचि के अनुसार लक्ष्य तय कर ईमानदारी और मेहनत से आगे बढ़ने की सलाह दी। संवाद सत्र में विद्यार्थियों ने छात्र जीवन, सफलता, पढ़ाई और हॉबी को लेकर कई सवाल पूछे। हॉबी और पढ़ाई में संतुलन पर कलेक्टर ऋतुराज सिंह ने कहा कि समय के सही प्रबंधन से दोनों को साथ लेकर चला जा सकता है। वहीं, सफलता के सफर पर एसपी पुनीत गेहलोद ने दृढ़ संकल्प, निरंतर मेहनत और सही दिशा में किए गए प्रयासों को महत्वपूर्ण बताया।
छत्तीसगढ़ का शिमला कहे जाने वाले मैनपाट में प्रस्तावित छत्तीसगढ़ खनिज विकास निगम सीएमडीसी की चार प्रस्तावित खदानें निरस्त हो सकती हैं। सीतापुर विधायक रामकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय और विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह से मुलाकात की। विधायक ने कहा कि ये खदानें मैनपाट के पर्यटन एवं लोकहित में नहीं हैं। मैनपाट के कमलेश्वरपुर, सपनादर, पथरई व नर्मदापुर-कुनिया में नई बाक्साइट खदानें खोलने के लिए जनसुनवाई का आयोजन किया गया था। पर्यावरणीय जनसुनवाई में इन बाक्साइट खदानों का ग्रामीणों ने जमकर विरोध किया। भाजपा विधायक रामकुमार टोप्पो भी कमलेश्वरपुर-रोपाखार में आयोजित जनसुनवाई में पहुंचे थे और सीएमडीसी पर मंदिर, पर्यटन स्थलांे एवं आबादी क्षेत्र की गलत जानकारी देकर खदान स्वीकृत करने का आरोप लगाया था। विधायक ने कहा-पर्यटन व लोकहित में नहीं हैं खदानें सीतापुर विधायक त्ररामकुमार टोप्पो ने मुख्यमंत्री विष्णु देव साय, विधानसभा अध्यक्ष डा. रमन सिंह एवं प्रदेश के अन्य मंत्रियों से भेंट कर मैनपाट की प्रस्तावित खदानों से जुड़े विषयों पर विस्तार से चर्चा की। विधायक ने कहा कि पर्यटन, पर्यावरण, धार्मिक स्थलों एवं स्थानीय ग्रामीणों के हितों के लिए ये बाक्साइट खदानें हितकारी नहीं हैं। विधायक ने विधानसभा अध्यक्ष एवं मुख्यमंत्री के समक्ष जानकारी दी कि प्रस्तावित खदान क्षेत्र से जुड़े कई प्रमुख पर्यटन स्थल, धार्मिक आस्था के केंद्र तथा अन्य महत्वपूर्ण तथ्यों का सही और समुचित उल्लेख खदान के मास्टर प्लान में नहीं किया गया है। शासन को गुमराह कर खदानों की स्वीकृृति कराई गई है। विधायक ने मुख्यमंत्री एवं मंत्रियों से पूरे प्रकरण की निष्पक्ष समीक्षा कर जनभावनाओं एवं मैनपाट के पर्यटन महत्व को प्राथमिकता देने का आग्रह किया। विधायक ने बताया कि मुख्यमंत्री ने मैनपाट के पर्यटन महत्व, पर्यावरण संरक्षण एवं स्थानीय ग्रामीणों के हितों को महत्वपूर्ण बताते हुए मामले की समीक्षा का भरोसा दिया है। पूर्ववर्ती सरकार में खदानों का आबंटन, मंत्री भी पार्टनर मैनपाट में प्रस्तावित चारों खदानों का आबंटन पूर्ववर्ती भूपेश सरकार में मां कुदरगढ़ी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड को टेंडर के माध्यम से सीएमडीसी द्वारा किया गया है। वर्ष 2022 में ही कंपनी ने बिड राशि की 20 प्रतिशत राशि भी जमा करा दी है। सपनादर खदान के 171 हेक्टेयर क्षेत्र की लीज के लिए कंपनी ने छत्तीसगढ़ शासन के खाते में दिनांक 10.11.2022 को कुल नीलामी राशि का 20 प्रतिशत दो करोड़ 12 लाख तीन हजार रुपये भी जमा कराया था। मां कुदरगढ़ी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा अन्य तीन खदानों की नीलामी राशि का 20 प्रतिशत जमा कराया था। मां कुदरगढ़ी ग्रुप ऑफ कंपनीज में प्रदेश के मंत्री रामविचार नेताम एवं उनके परिवार की भी हिस्सेदारी है। यह जानकारी मंत्री नेताम ने चुनाव के दौरान शपथ पत्र में स्वयं दी है। भाजपा नेता रजनीश पांडेय ने कहा कि मैनपाट में सीएमडीसी की अन्य खदानें भी संचालित हैं, जिनमें से अधिकांश मां कुदरगढ़ी स्टील्स प्राइवेट लिमिटेड द्वारा संचालित हैं। इनमें नियमों की अनदेखी और मजदूरों के शोषण के भी आरोप लगते रहे हैं। मैनपाट में वर्ष 1986 से संचालित बाक्साइट खदानों से अब तक मैनपाट का सिर्फ दोहन हुआ है, मैनपाट को कोई सीधा लाभ नहीं हुआ, जबकि इसकी पहचान पर्यटन के लिए है।
फरीदाबाद के सदर बल्लभगढ़ थाना क्षेत्र के गांव फतेहपुर बिलौच स्थित आईटीआई के पास 30 जून की शाम दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में घायल दूसरे बाइक चालक कृष्ण की भी इलाज के दौरान मौत हो गई। इससे पहले इस हादसे में गंभीर रूप से घायल पंकज ने 1 जुलाई को दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में इलाज के दौरान दम तोड़ दिया था। अब इस दुर्घटना में दोनों युवकों की मौत होने से दोनों परिवारों में शोक का माहौल है। पुलिस को दी शिकायत में गांव गालिमपुर, जिला बुलंदशहर (उत्तर प्रदेश) निवासी ललित ने बताया कि उनका भतीजा पंकज मजदूरी का काम करता था और फतेहपुर बिलौच में उनके साथ रह रहा था। चार दिन पहले हुआ था हादसा 30 जून की रात करीब आठ बजे उन्हें सूचना मिली कि आईटीआई फतेहपुर बिलौच के पास पंकज की बाइक का सड़क हादसा हो गया है। सूचना मिलते ही वह मौके पर पहुंचे, जहां पंकज और दूसरी बाइक चला रहे कृष्ण गंभीर रूप से घायल अवस्था में पड़े थे। दोनों घायलों को तुरंत सेक्टर-8 स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया। डॉक्टरों ने पंकज की हालत गंभीर देखते हुए उसे दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल रेफर कर दिया, जहां 1 जुलाई को उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। वहीं दूसरे घायल कृष्ण का इलाज जारी था, लेकिन उसने भी इलाज के दौरान दम तोड़ दिया। पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि दोनों युवकों की मौत के बाद पुलिस ने कानूनी प्रक्रिया पूरी करते हुए दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया और उन्हें उनके परिजनों को सौंप दिया। पुलिस मामले की जांच कर रही है ताकि हादसे के सभी पहलुओं का पता लगाया जा सके।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग की सचिव आर. संगीता ने शनिवार को रायपुर नगर निगम मुख्यालय में अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। उन्होंने शहर में जलभराव, अधूरे विकास कार्य, प्रधानमंत्री आवास योजना, पीएम स्वनिधि, स्वच्छता और कर्मचारियों के वेतन भुगतान जैसे मुद्दों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। बैठक में सचिव ने कहा कि जिन विकास कार्यों को मंजूरी मिल चुकी है, लेकिन तकनीकी कारणों से शुरू नहीं हो पाए हैं, उन्हें जल्द शुरू कराया जाए। उन्होंने सभी जोन कमिश्नरों को निर्देश दिए कि वे हर 15 दिन में निर्माण कार्यों का निरीक्षण कर प्रगति की समीक्षा करें। जलभराव वाले इलाकों की पहचान कर स्थायी समाधान के निर्देश बारिश के मौसम को देखते हुए सचिव ने शहर के जलभराव वाले क्षेत्रों की पहचान कर वहां तत्काल सफाई कराने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि ऐसी व्यवस्था बनाई जाए जिससे एक ही स्थान पर बार-बार जलभराव की स्थिति न बने। साथ ही राजधानी की सफाई व्यवस्था को राज्य की राजधानी के अनुरूप बेहतर बनाने, डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण को 100 प्रतिशत प्रभावी करने और कचरा परिवहन व्यवस्था की नियमित मॉनिटरिंग करने को कहा। पीएम आवास और पीएम स्वनिधि के काम में तेजी लाने को कहा समीक्षा बैठक में प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत लंबित आवास निर्माण कार्यों को तेज गति से पूरा करने के निर्देश दिए गए। वहीं पीएम स्वनिधि योजना के अधिक से अधिक पात्र हितग्राहियों तक लाभ पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। कर्मचारियों का वेतन समय पर देने के निर्देश सचिव ने निगम के नियमित और प्लेसमेंट कर्मचारियों के वेतन भुगतान में देरी पर भी नाराजगी जताई। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि सभी कर्मचारियों को तय समय पर वेतन मिले, इसकी व्यवस्था सुनिश्चित की जाए। अच्छा काम करने वाले अफसरों को मिलेगी स्टडी टूर की सौगात बैठक के दौरान सचिव ने वार्ड प्रभारियों और अभियंताओं से भी चर्चा की। उन्होंने बेहतर काम करने वाले अधिकारियों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे अधिकारियों और कर्मचारियों को नगरीय विकास के बेहतर मॉडल देखने के लिए राज्य से बाहर अध्ययन यात्रा पर भेजा जाएगा। एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर और नालंदा-2 का किया निरीक्षण बैठक के बाद सचिव आर. शंगीता ने सोनडोंगरी स्थित एनिमल बर्थ कंट्रोल सेंटर का निरीक्षण कर व्यवस्थाएं मजबूत करने के निर्देश दिए। उन्होंने नालंदा-2 के निर्माण कार्य की प्रगति भी देखी और तय समय सीमा में गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने को कहा। इसके अलावा उन्होंने टाटीबंध महतारी सदन और नालंदा लाइब्रेरी का निरीक्षण किया तथा दोनों के संचालन पर संतोष जताया।

