जम्मू-कश्मीर : कुपवाड़ा पुलिस की कार्रवाई, आतंकवाद से जुड़ी 1.05 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त
श्रीनगर, 17 सितंबर . आतंकवादी नेटवर्क के खिलाफ एक कड़े कदम के तहत जम्मू-कश्मीर की कुपवाड़ा Police ने गैर-कानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम (यूएपीए) की धारा 25 के तहत आतंकवाद से जुड़ी 1.05 करोड़ से ज्यादा की संपत्ति जब्त की है. यह कार्रवाई कुपवाड़ा Police स्टेशन में दर्ज First Information Report के सिलसिले में की गई ... Read more
औली में भारत-अमेरिका सेना का 'युद्ध अभ्यास 2026', आतंकवाद विरोधी ड्रिल की
अभ्यास के दौरान ड्रोन, रोबोटिक डॉग और स्नाइपर टीम की मदद से बिल्डिंग-क्लियरेंस और रूम-इंटरवेन्शन ड्रिल का प्रदर्शन किया गया।
भारत-अमेरिका का आतंकवाद के खिलाफ साझा युद्धाभ्यास
नई दिल्ली, भारत और अमेरिका की सेनाएं 'युद्ध अभ्यास 2026' के अंर्तगत अपनी आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को परख रही हैं। उत्तराखंड के औली में दोनों देशों के जवानों ने आतंकी ठिकानों में घुसने व वहां स्थित कमरों को प्रवेश करने का विशेष अभ्यास किया।
भारत और अमेरिका का आतंकवाद के खिलाफ साझा युद्धाभ्यास
New Delhi, 17 सितंबर . India और अमेरिका की सेनाएं ‘युद्ध अभ्यास 2026’ के अंर्तगत अपनी आतंकवाद-रोधी क्षमताओं को परख रही हैं. उत्तराखंड के औली में दोनों देशों के जवानों ने आतंकी ठिकानों में घुसने व वहां स्थित कमरों को प्रवेश करने का विशेष अभ्यास किया. यह अभ्यास ऐसी परिस्थितियों को ध्यान में रखकर किया ... Read more
संयुक्त राष्ट्र (UN) के मंच पर भारत ने एक बार फिर सीमा पार आतंकवाद और अंतरराष्ट्रीय आतंकी नेटवर्क को पनाह देने को लेकर पाकिस्तान को कड़े शब्दों में घेरा है। संयुक्त राष्ट्र महासभा और सुरक्षा परिषद की बैठकों के दौरान पाकिस्तान द्वारा कश्मीर और अल्पसंख्यकों के बहाने भारत पर अनर्गल आरोप लगाने की कोशिशों का भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने 'राइट टू रिप्लाई' (Right of Reply) के तहत करारा जवाब दिया।भारतीय राजनयिकों ने विश्व पटल पर पाकिस्तान के दशकों पुराने आतंकी गठजोड़ को बेनकाब करते हुए साफ कहा कि जिस देश की पहचान आतंकवाद के वैश्विक केंद्र (Epicenter of Terrorism) के रूप में हो, उसे शांति, लोकतंत्र और मानवाधिकारों पर उपदेश देने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। भारत ने स्पष्ट किया कि दुनिया भूली नहीं है कि 9/11 के सबसे बड़े गुनहगार कहां छिपे हुए पाए गए थे और कौन सा देश आज भी संयुक्त राष्ट्र द्वारा प्रतिबंधित आतंकी संगठनों को वित्तीय और सैन्य संबल मुहैया करा रहा है।'9/11 के गुनहगार वहीं मिले': ओसामा बिन लादेन और अल-कायदा के पनाहगाह का स्मरणभारतीय प्रतिनिधि ने संयुक्त राष्ट्र में भाषण के दौरान दुनिया को झकझोरते हुए याद दिलाया कि 11 सितंबर 2001 को अमेरिका में हुए 9/11 के भयानक आतंकी हमलों का मास्टरमाइंड और अल-कायदा का सरगना ओसामा बिन लादेन सालों तक पाकिस्तान के एबटाबाद में सैन्य छावनी के ठीक बगल में सुरक्षित पनाह लिए बैठा था।भारत ने कहा कि इतिहास गवाह है कि दुनिया भर में हुए बड़े आतंकी हमलों के तार किसी न किसी रूप में पाकिस्तान से ही जुड़े पाए गए हैं:वैश्विक आतंकियों का आश्रय: 9/11 के प्रमुख साजिशकर्ताओं में शामिल खालिद शेख मोहम्मद, अबू जुबैदा और ओसामा बिन लादेन जैसे दुर्दांत आतंकी पाकिस्तानी सरजमीं पर ही पकड़े गए या मारे गए।शहीद का दर्जा देने की मानसिकता: यह वही देश है जिसके शीर्ष नेतृत्व ने अपनी संसद में खड़े होकर वैश्विक आतंकी ओसामा बिन लादेन को 'शहीद' कहकर महिमामंडित किया था।वैश्विक जांच में खुलासे: दुनिया की तमाम सुरक्षा एजेंसियों और संयुक्त राष्ट्र की 1267 प्रतिबंध समिति (UN Sanctions Committee) के रिकॉर्ड्स इस बात की पुष्टि करते हैं कि पाकिस्तान आतंकवादियों के लिए सबसे सुरक्षित ठिकाना बना हुआ है।लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद की शरणस्थली: यूएन में भारत के कड़े बोलभारत ने रेखांकित किया कि संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद (UNSC) द्वारा प्रतिबंधित खूंखार आतंकी संगठन—लश्कर-ए-तैयबा (LeT), जैश-ए-मोहम्मद (JeM), हिजबुल मुजाहिदीन और हरकत-उल-मुजाहिदीन खुलेआम पाकिस्तानी नियंत्रण वाले क्षेत्रों से संचालित हो रहे हैं।भारतीय प्रतिनिधिमंडल ने जोरदार तरीके से कहा:हाफिज सईद और मसूद अजहर पर कार्रवाई का ढोंग: 26/11 मुंबई आतंकी हमले का मुख्य सूत्रधार हाफिज सईद, जकीउर रहमान लखवी और पुलवामा व संसद हमले का गुनहगार मसूद अजहर पाकिस्तानी सुरक्षा तंत्र की निगरानी और संरक्षण में ऐशो-आराम की जिंदगी जी रहे हैं।टेरर फाइनेंसिंग और स्टेट पॉलिसी: पाकिस्तान ने आतंकवाद को अपनी विदेश नीति के एक औजार (Instrument of State Policy) के रूप में इस्तेमाल किया है। जब अंतरराष्ट्रीय दबाव बढ़ता है, तो दिखावटी गिरफ्तारियां और प्रतिबंध लगाए जाते हैं, और दबाव कम होते ही उन्हें रिहा कर दिया जाता है।सीमा पार घुसपैठ: भारतीय केंद्र शासित प्रदेश जम्मू-कश्मीर में अशांति फैलाने के लिए लगातार हथियारों, ड्रोन और आतंकियों की घुसपैठ कराने की पाकिस्तानी सेना की साजिशें आज भी बेरोकटोक जारी हैं।अंतरराष्ट्रीय समुदाय से अपील: आतंकियों को शरण देने वालों की जवाबदेही तय होभारत ने संयुक्त राष्ट्र के सदस्य देशों से अपील की कि वे आतंकवाद के मुद्दे पर 'अच्छे और बुरे आतंकवाद' के दोहरे मानदंडों को पूरी तरह खारिज करें। भारत ने दोहराया कि जब तक आतंकी फंडिंग, प्रशिक्षण शिविरों और उन्हें पनाह देने वाले सरकारी ढांचे पर सीधी अंतरराष्ट्रीय जवाबदेही तय नहीं होगी, तब तक वैश्विक शांति संभव नहीं है।भारतीय मिशन ने दो टूक शब्दों में कहा कि पाकिस्तान पहले अपनी सीमाओं के भीतर फल-फूल रहे आतंकी ढांचे को नेस्तनाबूद करे और अपने अल्पसंख्यकों पर हो रहे अत्याचारों को रोके, उसके बाद ही वह किसी अन्य लोकतांत्रिक देश की ओर उंगली उठाने की जुर्रत करे। भारत की इस दृढ़ और अकाट्य दलील ने एक बार फिर अंतरराष्ट्रीय मंच पर पाकिस्तान के प्रोपेगैंडा को पूरी तरह ध्वस्त कर दिया।
'शहजाद भट्टी नेटवर्क' पर बड़ा ऐक्शन, केंद्र ने UAPA के तहत घोषित किया आतंकवादी संगठन
Shahzad Bhatti Network: गृह मंत्रालय ने कहा कि यह समूह हथियारों, विस्फोटकों और नशीले पदार्थों की सीमा-पार तस्करी में शामिल है, साथ ही यह युवाओं और छोटे-मोटे अपराधियों को आतंकवाद की ओर उकसाता भी है।
पाकिस्तान ने अपनी मोस्ट वांटेड सूची से 26/11 मुंबई हमलों से जुड़े दो आतंकियों, मुहम्मद खान और अब्दुल रहमान की तस्वीरें और लश्कर-ए-तैयबा से उनकी संबद्धता का विवरण हटा दिया है।
टीका लाल टपलू, जो कश्मीर में आतंकवाद के पहले शिकार बने, उनकी पुण्यतिथि 14 सितंबर को 'बलिदान दिवस' के रूप में मनाई जाती है।
आतंकवाद के खिलाफ भारत की बात को मिला वैश्विक समर्थन: मंत्री प्रफुल्ल पानसेरिया
सूरत, दिल्ली में आयोजित 'ब्रिक्स' शिखर सम्मेलन में पहलगाम आतंकी हमले समेत दुनिया के किसी भी हिस्से में होने वाली आतंकवादी घटनाओं और टेरर फंडिंग की निंदा को भारत की बड़ी कूटनीतिक सफलता माना जा रहा है।
MBBS की 4 सीटें अब आतंकवाद पीड़ितों के पत्नी-बच्चों को, NEET अनिवार्य, 3 कैटेगरी में प्राथमिकता
केंद्र सरकार ने केंद्रीय पूल से MBBS की 4 सीटें आतंकवाद के शिकार नागरिकों के जीवनसाथी और बच्चों के लिए आवंटित की हैं। इनके लिए निर्धारित विभिन्न मेडिकल कॉलेजों या संस्थानों में प्रवेश में उन्हें सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी
आतंकवाद पर सख्त: भारत का रूख कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, अब वैश्विक समुदाय के रवैये में भी बदलाव जरूरी

