आतंकवाद पर Pakistan और European Union के बीच इस्लामाबाद में 10वें दौर की वार्ता
(सज्जाद हुसैन)इस्लामाबाद, 22 अक्टूबर पाकिस्तान और यूरोपीय संघ (ईयू) ने सभी तरह के आतंकवाद की निंदा की और आतंकवाद से निपटने को लेकर एक समन्वित रणनीति को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई। पाकिस्तान के विदेश कार्यालय ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी। यह सहमति इस्लामाबाद में पाकिस्तान और यूरोपीय संघ के बीच आतंकवाद से निपटने के मुद्दे पर हुई 10वें दौर की द्विपक्षीय वार्ता के दौरान बनी। पाकिस्तान के प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व आतंकवाद निरोधक विभाग की महानिदेशक फरीहा बुगती ने किया जबकि यूरोपीय संघ के प्रतिनिधिमंडल की अगुवाई यूरोपीय संघ की विदेश कार्रवाई सेवा की आतंकवाद निरोधक विशेष दूत एना स्ट्रजास्का ने की। दोनों पक्षों ने कहा कि उन्होंने आतंकवाद के खतरे से जुड़ी स्थिति को प्रभावित करने वाले हालिया क्षेत्रीय और वैश्विक घटनाक्रमों पर विचारों का आदान-प्रदान किया और सभी तरह के आतंकवाद की स्पष्ट रूप से निंदा की। उन्होंने इस खतरे से निपटने की अपनी प्रतिबद्धता भी दोहराई। विदेश कार्यालय ने बताया कि यूरोपीय संघ ने पाकिस्तान में हाल में हुए आतंकवादी हमलों की निंदा की, इससे प्रभावित निर्दोष नागरिकों की पीड़ा के प्रति एकजुटता जताई और आतंकवाद से निपटने के पाकिस्तान के प्रयासों के महत्व को स्वीकार किया। संघ ने कहा, “आतंकवाद के खिलाफ जारी वैश्विक लड़ाई में एक-दूसरे की भूमिका को स्वीकार करते हुए पाकिस्तान और यूरोपीय संघ ने अफगानिस्तान की स्थिति के सुरक्षा संबंधी प्रभावों पर चिंता जताई।”पाकिस्तान और यूरोपीय संघ ने आतंकवाद से निपटने को लेकर समन्वित दृष्टिकोण को आगे बढ़ाने के लिए संयुक्त राष्ट्र सहित बहुपक्षीय मंचों पर सहयोग मजबूत करने पर सहमति जताई। दोनों पक्षों ने कहा कि आतंकवाद पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थायी सहमति बनाने के लिए प्रभावी बहुपक्षीय सहयोग आवश्यक है। वार्ता के दौरान आतंकवादी खतरों के बदलते स्वरूप पर भी चर्चा हुई।
आतंकवाद पर अमेरिका-भारत की चिंताएं एक जैसी, PAK से रिश्ते पर क्या बोले अमेरिकी विदेश मंत्री?
मार्को रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ रिश्ता किसी भी तरह भारत के साथ हमारे रिश्ते की कीमत पर नहीं है और वॉशिंगटन और नई दिल्ली आतंकवाद को लेकर एक जैसी चिंताएं रखते हैं।
पाकिस्तान से दोस्ती भारत की कीमत पर नहीं; आतंकवाद पर अमेरिकी विदेश मंत्री का दो टूक
अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने कहा कि आतंकवाद को लेकर अमेरिका और भारत दोनों की चिंताएं एक जैसी हैं। उन्होंने कहा कि पाकिस्तान के साथ हमारा रिश्ता किसी भी तरह से भारत के साथ हमारे रिश्ते की कीमत पर नहीं है। आतंकवाद पर हमारी और भारत की चिंताएं एक जैसी हैं।
'दाऊद 2003 से पहले भारत छोड़ चुका था': भारत ने यूएन की रिपोर्ट पर जताई कड़ी आपत्ति, गंभीर गलतियां भी गिनवाई india slams un counter terrorism report bias dawood ibrahim
यूएन में सांसद कमलजीत सहरावत ने रखा भारत का पक्ष:आतंकवाद से लेकर सैन्य एआई तक उठाए मुद्दे, क्या है पूरा रुख?India stresses balance between military needs and humanitarian concerns at UNGA
जम्मू-कश्मीर में आतंकवाद और नशे के काले कारोबार के खिलाफ सुरक्षा एजेंसियां अब और आक्रामक रुख अपनाने जा रही हैं। जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) तेजिंदर सिंह ने साफ कर दिया है कि आतंकवाद के पूरे तंत्र को निशाना बनाया जाएगा और इलाके में छिपे आतंकवादियों को ढूंढ़ निकालकर उनके खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन की तस्करी और आतंकवाद को आर्थिक मदद पहुंचाने वाले ‘नार्को-टेररिज्म’ नेटवर्क पर भी शिकंजा और कसने की तैयारी है। पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर जम्मू में आयोजित कार्यक्रम के दौरान आईजीपी ने कहा कि जम्मू-कश्मीर में शांति और सुरक्षा को मजबूत करने के लिए पुलिस अपने अभियान को लगातार तेज करेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि आने वाले दिनों में आतंकवादियों के साथ-साथ उन्हें मदद पहुंचाने वाले नेटवर्क को भी निशाना बनाया जाएगा। सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने के लिए सीमावर्ती क्षेत्रों, नियंत्रण रेखा (एलओसी) और आंतरिक सुरक्षा के मोर्चे पर सुरक्षा ग्रिड को और प्रभावी बनाया जाएगा। इसे भी पढ़ें: Police Commemoration Day | 31 दिसंबर 2029 तक भारत होगा ‘नशा मुक्त’, अमित शाह ने तय की समय-सीमा, राज्यों से एकजुट होकर लड़ने का आह्वान किया आतंकियों के मददगारों पर भी कसेगा शिकंजा तेजिंदर सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों में आतंकवादी संगठनों में भर्ती के मामलों में कमी आई है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह की ढिलाई बरतने के मूड में नहीं हैं। आतंकवाद के तंत्र को कमजोर करने और छिपे हुए आतंकवादियों का पता लगाकर उन्हें निष्क्रिय करने पर विशेष जोर दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि पुलिस का लक्ष्य केवल आतंकवादी घटनाओं को रोकना ही नहीं, बल्कि उन नेटवर्क को भी ध्वस्त करना है, जो आतंकियों को संसाधन, सहायता और आर्थिक मदद मुहैया कराते हैं। नशे के सौदागर भी आतंकियों से कम खतरनाक नहीं आईजीपी ने मादक पदार्थों की तस्करी को राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताते हुए तस्करों को कड़ा संदेश दिया। उन्होंने कहा कि नशे के कारोबार में शामिल लोग, खासकर पाकिस्तान से आने वाली हेरोइन की तस्करी करने वाले, पुलिस के लिए आतंकवादियों से कम खतरनाक नहीं हैं। पुलिस अब नशे के नेटवर्क पर अपनी निगरानी और तेज करेगी तथा इसमें शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने कहा कि नशे से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों को बढ़ावा देने में किया जा सकता है। ऐसे में ‘नार्को-टेररिज्म’ के खिलाफ लड़ाई केवल नशे की तस्करी रोकने तक सीमित नहीं है, बल्कि आतंकवाद की आर्थिक ताकत को तोड़ने की भी लड़ाई है। 2029 तक नशे के खतरे को खत्म करने का लक्ष्य तेजिंदर सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह और उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने नशे के खतरे से निपटने पर जोर दिया है। उन्होंने 2029 तक नशे के खिलाफ तय लक्ष्यों को हासिल करने की दिशा में अभियान तेज करने की बात कही। पुलिस तस्करी के नेटवर्क पर नजर रखने के साथ-साथ मादक पदार्थों से जुड़े मामलों में संपत्तियों को जब्त करने और नशीले पदार्थों की बरामदगी की कार्रवाई भी जारी रखेगी। आईजीपी ने शहजाद नार्को नेटवर्क और गैंगस्टर गतिविधियों समेत तस्करी के विभिन्न नेटवर्क का उल्लेख करते हुए कहा कि पुलिस इन पर कड़ी नजर रख रही है। उन्होंने आम लोगों से अपील की कि वे आतंकवाद, नशे की तस्करी और संदिग्ध गतिविधियों से जुड़ी जानकारी पुलिस हेल्पलाइन या सीधे पुलिस अधिकारियों तक पहुंचाएं, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके। शहीद पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि, परिवारों के साथ खड़ा है बल हम आपको यह भी बता दें कि पुलिस स्मृति दिवस पर तेजिंदर सिंह ने कर्तव्य निभाते हुए सर्वोच्च बलिदान देने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। उन्होंने परेड की सलामी लेने के बाद रेल हेड इलाके में स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित किया। उन्होंने कहा कि देश की सुरक्षा के लिए प्राण न्योछावर करने से बड़ा कोई बलिदान नहीं है और पुलिस बल शहीदों के परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है। आईजीपी ने कहा कि शहीद पुलिसकर्मियों को सच्ची श्रद्धांजलि तभी होगी, जब सुरक्षा व्यवस्था को इतना मजबूत बनाया जाए कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकी जा सके। जम्मू-कश्मीर पुलिस का संदेश स्पष्ट है—आतंकवादियों, उनके मददगारों और नशे के कारोबार से आतंकवाद को ताकत देने वाले नेटवर्क के खिलाफ कार्रवाई और तेज होगी।
पाकिस्तान के सामने रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने इस्लामाबाद को खरी-खरी सुनाते हुए आतंकवाद के मुद्दे पर दोहरे रवैये को पूरी तरह खारिज कर दिया। हम आपको बता दें कि शंघाई सहयोग संगठन (SCO) की शासनाध्यक्ष परिषद की बैठक में पाकिस्तान के उपप्रधानमंत्री और विदेश मंत्री इशाक डार की मौजूदगी में उन्होंने साफ शब्दों में कहा कि आतंकवाद को किसी भी सूरत में जायज नहीं ठहराया जा सकता और न ही उससे निपटने में दोहरे मानदंड अपनाए जा सकते हैं। आतंकवादियों को वित्तीय मदद देने वालों, उन्हें समर्थन देने वालों और सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराने वालों के लिए भी दुनिया में कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद के पूरे तंत्र को मिलकर और मजबूती से खत्म करना होगा। देखा जाये तो पाकिस्तान के विदेश मंत्री के सामने दिया गया यह संदेश स्पष्ट था कि आतंकवाद के खिलाफ लड़ाई केवल हमलावरों तक सीमित नहीं रह सकती, बल्कि उसके वित्तपोषण, कट्टरपंथ, भर्ती और सुरक्षित ठिकानों के पूरे नेटवर्क को निशाना बनाना होगा। रक्षा मंत्री ने आतंकवाद को विकास के सामने सबसे गंभीर खतरों में से एक बताते हुए कहा कि इसका नुकसान केवल लोगों की जान जाने तक सीमित नहीं है। आतंकवाद निवेश और व्यापार को प्रभावित करता है, समाज में कट्टरपंथ को बढ़ावा देता है और युवाओं को उन अवसरों से वंचित करता है, जिनके वे हकदार हैं। इसे भी पढ़ें: वैश्विक सुस्ती के बीच Indian Economy 7.8 प्रतिशत की दर से बढ़ रही: Rajnath Singh साथ ही दुशांबे में राजनाथ सिंह का संदेश केवल आतंकवाद के खिलाफ भारत की कठोर नीति तक सीमित नहीं रहा। भारतीय समुदाय को संबोधित करते हुए उन्होंने दुनिया के सामने भारत की बदलती आर्थिक, तकनीकी और सामरिक हैसियत का भी खाका पेश किया। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऐसा राष्ट्र बनने की दिशा में आगे बढ़ रहा है, जो समृद्धि, ज्ञान और शक्ति के साथ वैश्विक शांति तथा मानवता के कल्याण के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को भी मजबूत करे। यह यात्रा 'वसुधैव कुटुम्बकम्' की भावना से प्रेरित है। रक्षा मंत्री के मुताबिक, भारत वैश्विक आर्थिक वृद्धि में 16 प्रतिशत से अधिक योगदान दे रहा है और लगभग 7.8 प्रतिशत की दर से विकास कर रहा है। उन्होंने कहा कि 38 देशों के साथ मुक्त व्यापार समझौते भारत के उत्पादकों और विनिर्माताओं के लिए नए बाजार खोल रहे हैं। वहीं, देश का विदेशी मुद्रा भंडार 700 अरब डॉलर के पार पहुंच चुका है। भारत अब नीतिगत ठहराव से निकलकर सुधारों की तेज रफ्तार वाले दौर में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने स्पष्ट किया कि भारत के लिए सुधार मजबूरी नहीं, बल्कि दृढ़ विश्वास हैं। रक्षा उत्पादन से अंतरिक्ष तक, आत्मनिर्भर भारत की छलांग राजनाथ सिंह ने रक्षा क्षेत्र में भारत की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया कि रक्षा निर्यात रिकॉर्ड 38,424 करोड़ रुपये और रक्षा उत्पादन 1.80 लाख करोड़ रुपये तक पहुंच गया है। देश में स्टार्टअप की संख्या ढाई लाख से अधिक हो चुकी है। नवीकरणीय ऊर्जा क्षमता लगभग 300 गीगावाट तक पहुंचने, सेमीकंडक्टर निर्माण में प्रगति और यूपीआई के जरिए डिजिटल लेनदेन के विस्तार को भी उन्होंने भारत के परिवर्तन का प्रमाण बताया। चंद्रयान और आदित्य-एल1 की सफलताओं तथा गगनयान की तैयारियों का उल्लेख करते हुए उन्होंने भरोसा जताया कि भारत विज्ञान और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी में अपनी स्थिति लगातार मजबूत कर रहा है। भारतीय समुदाय को उन्होंने देश की संस्कृति, मूल्यों और परंपराओं का वैश्विक दूत बताया। भारत और ताजिकिस्तान के बीच संगीत, साहित्य और सिनेमा से जुड़े सांस्कृतिक रिश्तों का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि प्रवासी भारतीय दोनों देशों की मित्रता को मजबूत करने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। बहरहाल, राजनाथ सिंह के इन दोनों संदेशों का सार स्पष्ट है। भारत आतंकवाद के खिलाफ किसी समझौते के पक्ष में नहीं है, लेकिन वैश्विक शांति और मानव कल्याण के लिए भी प्रतिबद्ध है। वह दुनिया के साथ सहयोग चाहता है, मगर अपनी सुरक्षा, संप्रभुता और राष्ट्रीय हितों के सवाल पर किसी दबाव के आगे झुकने को तैयार नहीं है।
Jammu Kashmir में आतंकवाद तंत्र और छिपे आतंकियों पर प्रहार जारी रहेगा: IGP तेजिंदर सिंह
जम्मू क्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) तेजिंदर सिंह ने बुधवार को कहा कि पुलिस केंद्र शासित प्रदेश में शांति बनाए रखने के लिए ‘नार्को-टेररिज्म’ एवं मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ कार्रवाई तेज करते हुए आतंकवाद के तंत्र तथा छिपे हुए आतंकवादियों को निशाना बनाना जारी रखेगी। सिंह ने कहा कि पिछले दो वर्षों के दौरान आतंकवादी संगठनों में भर्ती में कमी आई है तथा जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा स्थिति को और बेहतर बनाने के प्रयास जारी रहेंगे। पुलिस महानिरीक्षक ने यहां पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में संवाददाताओं से कहा, ‘‘आने वाले दिनों में हमारे प्रयास आतंकवाद के तंत्र को निशाना बनाने और छिपे हुए आतंकवादियों को ढूंढ़ निकालकर उन्हें खात्मे पर केंद्रित होंगे। हम शांति और सौहार्द की स्थिति को और बेहतर बनाने के लिए भी काम करेंगे।’’आईजीपी ने कहा कि क्षेत्र में शांति बनाए रखने के लिए पुलिस सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करेगी तथा मादक पदार्थों के खिलाफ अपने अभियान को तेज करेगी। उन्होंने कहा, ‘‘सुरक्षा के दृष्टिकोण से, चाहे वह सीमा हो, नियंत्रण रेखा (एलओसी) हो या आंतरिक सुरक्षा का पहलू हो, हम सुरक्षा ग्रिड को और मजबूत करेंगे तथा शांति-सौहार्द बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करेंगे।’’आईजीपी ने कर्तव्य के निर्वाहन के दौरान अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि देते हुए कहा कि बल उनके परिवारों के साथ मजबूती से खड़ा है और वे पुलिस परिवार का अभिन्न अंग हैं। उन्होंने कहा, ‘‘देश के लिए प्राण न्योछावर करने से बड़ा कोई बलिदान नहीं हो सकता। हम हर समय अपने कर्मियों के परिवारों के साथ खड़े हैं।’’सिंह ने पुलिस स्मृति दिवस के अवसर पर आयोजित एक कार्यक्रम में परेड की सलामी ली। उन्होंने ‘रेल हेड’ इलाके में स्थित शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर क्षेत्र की सुरक्षा में अपना कर्तव्य निभाते हुए अपने प्राण न्योछावर करने वाले पुलिसकर्मियों को श्रद्धांजलि दी। सिंह ने आतंकवाद और मादक पदार्थों के खिलाफ लड़ाई में जनता से सहयोग की अपील करते हुए कहा कि उपराज्यपाल मनोज सिन्हा और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने मादक पदार्थों के खतरे से निपटने की आवश्यकता पर जोर दिया है और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने 2029 तक इसे जड़ से खत्म करने का लक्ष्य रखा है। उन्होंने लोगों से पुलिस हेल्पलाइन या सीधे पुलिस के साथ जानकारी साझा करने का आग्रह करते हुए कहा कि आने वाले दिनों में नशीले पदार्थों के खिलाफ अभियान और तेज किया जाएगा। उन्होंने कहा, ‘‘मादक पदार्थों के धंधे में शामिल लोग, विशेष रूप से पाकिस्तान से पहुंच रही हेरोइन की तस्करी करने वाले, हमारे लिए आतंकवादियों से कम खतरनाक नहीं हैं।’’आईजीपी ने कहा कि 2029 तक सरकार के लक्ष्यों को पूरा करने के लिए आतंकवाद के तंत्र और ‘नार्को-टेररिज्म’ को निशाना बनाने पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। नार्को-टेररिज्म का अर्थ अवैध मादक पदार्थों की तस्करी से होने वाली कमाई का इस्तेमाल आतंकवाद और देशविरोधी गतिविधियों के वित्तपोषित में करना है। सिंह ने शहजाद नार्को नेटवर्क और गैंगस्टर गतिविधियों सहित मादक पदार्थों की तस्करी के नेटवर्क पर कहा कि पुलिस कड़ी नजर रख रही है और इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रखेगी। उन्होंने मादक पदार्थ रोधी अभियान के बारे में कहा कि संपत्तियों को जब्त करने और बरामदगी करने से जुड़ी यह मुहिम लगातार जारी है तथा हाल में कुछ अतिरिक्त बरामदगियां भी की गई हैं। उन्होंने कहा कि पुलिसकर्मियों के बलिदान और शहादत के प्रति सबसे बड़ी श्रद्धांजलि यही होगी कि भविष्य में उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जाए और ऐसी स्थितियों की पुनरावृत्ति को रोका जाए।
भजनलाल शर्मा: आतंकवाद और नशे के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान
मुख्यमंत्री ने आदर्श नगर में आयोजित रावण दहन महोत्सव में भाग लिया और सशक्त, समृद्ध एवं नशामुक्त समाज के निर्माण का संदेश दिया।
किश्तवाड़ से बीजेपी विधायक शगुन परिहार को भारतीय जनता युवा मोर्चा में राष्ट्रीय उपाध्यक्ष की नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। English Title:
राजनाथ सिंह ने पाकिस्तान को जमकर खरी खोटी सुनाई।
Marco Rubio Interview: अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भारत के साथ ट्रेड डील, रूस से तेल खरीदने, पाकिस्तान, ईरान और क्वाड जैसे अहम मुद्दों पर बात की। नेटवर्क18 के ग्रुप एडिटर-इन-चीफ राहुल जोशी को दिए एक्सक्लूसिव इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि भारत-अमेरिका ट्रेड डील लगभग तैयार है। इसे पूरा होने में महीनों नहीं, बल्कि कुछ हफ्ते लगने की उम्मीद है।रुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपने रिश्तों की भी तारीफ की। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के पास आपसी संबंध मजबूत करने के असाधारण अवसर हैं।रुबियो ने रूस से तेल खरीद, पाकिस्तान में आतंकवाद और ईरान युद्ध के बारे में भी बात की।भारत-अमेरिका ट्रेड डीलरुबियो ने कहा कि ट्रेड डील अब अंतिम चरण में है। कुछ तकनीकी मुद्दों को सुलझाना और समझौते की भाषा को अंतिम रूप देना बाकी है। उनके मुताबिक, घोषणा से पहले जरूरी है कि दोनों देश हर शर्त पर सहमत हों। उन्हें उम्मीद है कि डील कुछ हफ्तों में पूरी हो जाएगी।भारत को दूसरे देशों के मुकाबले बेहतर टैरिफ मिलने के सवाल पर रुबियो ने कहा कि किसी भी ट्रेड डील का मकसद मौजूदा स्थिति से बेहतर शर्तें हासिल करना होता है। लेकिन इससे भी जरूरी है कि दोनों देशों के व्यापारिक रिश्ते लंबे समय तक टिकाऊ रहें।उन्होंने कहा कि हर देश के अपने राष्ट्रीय हित होते हैं। भारत अपने हितों की रक्षा करेगा और अमेरिका भी ऐसा ही करेगा। लेकिन दोस्ती और सहयोग की वजह से दोनों देश मतभेदों को सुलझा सकते हैं। रुबियो के मुताबिक, समझौता ऐसा होना चाहिए, जो कुल मिलाकर दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो।रूस से तेल खरीदने पर भारत की स्थिति समझते हैं रुबियोअमेरिका रूस से तेल खरीदने वाले देशों पर टैरिफ और प्रतिबंध लगाने की बात करता है, जबकि खुद भी रूस से डीजल खरीद रहा है। इस सवाल पर रुबियो ने कहा कि यूक्रेन युद्ध पांचवें साल में पहुंच चुका है और इसे खत्म करना जरूरी है। लेकिन रूस पर प्रतिबंधों का असर सिर्फ उसी देश पर नहीं पड़ता। रूस के साथ कारोबार करने वाले दूसरे देशों को भी नुकसान उठाना पड़ सकता है।उन्होंने कहा कि अमेरिका के सामने दो चुनौतियां हैं। पहली, रूस पर दबाव बनाना, ताकि वह युद्ध खत्म करने के लिए समझौते पर आए। दूसरी, यह देखना कि इस दबाव का असर दूसरे देशों की अर्थव्यवस्था पर कितना पड़ रहा है।रुबियो के मुताबिक, यूक्रेन युद्ध को लेकर अमेरिका के हितों के साथ वैश्विक अर्थव्यवस्था पर पड़ने वाले असर को भी देखना जरूरी है। उन्होंने माना कि रूस से तेल खरीदने के मुद्दे पर भारत और अमेरिका के बीच तनाव है। उम्मीद जताई कि ट्रेड डील और बातचीत से मतभेद कम हो सकते हैं।अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरतअमेरिका के इलिनॉय स्टेट में एक हिंदू मंदिर पर हमले की कथित साजिश और भारतीयों के खिलाफ नफरत के सवाल पर रुबियो ने कहा कि कोई भी देश ऐसी घटनाओं से पूरी तरह अछूता नहीं है। हर समाज में कुछ लोग अज्ञानता और नफरत के कारण गलत काम करते हैं।हालांकि, उन्होंने इस बात से इनकार किया कि अमेरिका में भारतीयों के खिलाफ नफरत व्यापक स्तर पर फैली हुई है। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाओं के बाद भारतीय-अमेरिकी समुदाय के साथ आसपास के लोग भी पीड़ितों के समर्थन में खड़े होते हैं।रुबियो ने विस्कॉन्सिन में सिख समुदाय के साथ हुई एक भयावह घटना का भी जिक्र किया। उन्होंने अमेरिका में यहूदी विरोधी घटनाओं में बढ़ोतरी पर चिंता जताई। उनके मुताबिक, नेताओं को ऐसी नफरत को बढ़ावा नहीं देना चाहिए, न ही उसका बचाव करना चाहिए या उसे नजरअंदाज करना चाहिए।पाकिस्तान पर अमेरिकी नीतिपाकिस्तान को लेकर अमेरिकी नीति पर रुबियो ने कहा कि अमेरिका दुनिया में कहीं भी आतंकवाद और उसे समर्थन देने वालों के खिलाफ है। हालांकि, विदेश मंत्री के तौर पर उन्हें उन देशों के साथ भी संबंध बनाए रखने पड़ते हैं, जिनसे कुछ मुद्दों पर मतभेद हैं।राहुल जोशी ने उन्हें याद दिलाया कि 2025 में अमेरिकी सीनेटर रहते हुए रुबियो ने पाकिस्तान को अमेरिकी सुरक्षा सहायता रोकने से जुड़ा विधेयक लाने की बात कही थी, अगर वह भारत के खिलाफ आतंकवाद को समर्थन देता है। उनसे पूछा गया कि क्या अब उनकी नीति बदल गई है।रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के पास परमाणु हथियार हैं और भौगोलिक स्थिति के लिहाज से भी अमेरिका के लिए उससे बातचीत करना जरूरी है। उन्होंने इसकी तुलना भारत के ईरान के साथ संबंधों से की। उनके मुताबिक, भारत को भी ईरान के नेताओं से बातचीत करनी पड़ती है, भले ही कुछ मुद्दों पर मतभेद हों।रुबियो ने कहा कि पाकिस्तान के साथ संबंध बनाए रखने से अमेरिका को उन मुद्दों पर बातचीत करने का मौका मिल सकता है, जिनसे भारत को चिंता है। इससे आतंकवाद को समर्थन देने वाली गतिविधियों को रोकने में मदद मिलने की उम्मीद भी की जा सकती है।ईरान और होर्मुज स्ट्रेट पर तनावईरान के साथ संघर्ष और होर्मुज स्ट्रेट में जहाजों पर हमलों को लेकर रुबियो ने कहा कि ईरान की सरकार के साथ समझौता करना मुश्किल है। उन्होंने ईरान की तुलना नाजी जर्मनी से की और आरोप लगाया कि ईरान व्यावसायिक जहाजों को निशाना बना रहा है। और ऐसे नाविकों की जान खतरे में डाल रहा है, जिनका युद्ध से कोई लेना-देना नहीं है।रुबियो ने कहा कि अमेरिका हर रात समुद्री जहाजों की सुरक्षा के लिए काम कर रहा है। उनके मुताबिक, ईरान की ओर से दागे जाने वाले ज्यादातर ड्रोन और मिसाइलों को नष्ट कर दिया जाता है। हालांकि, कुछ हमले जहाजों तक पहुंच जाते हैं। इससे जहाजों को नुकसान होता है और लोगों की जान भी जाती है।उन्होंने खास तौर पर भारतीय नाविकों की मौत का जिक्र किया। रुबियो ने कहा कि समुद्र में बड़ी संख्या में भारतीय नाविक काम करते हैं। इसी वजह से इन हमलों में कई भारतीयों की भी जान गई है। उन्होंने ईरान से ऐसे हमले रोकने की अपील की।क्वाड की बैठक साल के अंत से पहलेरुबियो ने उम्मीद जताई कि क्वाड देशों के नेताओं की बैठक इस साल के अंत से पहले होगी। उन्होंने बताया कि बैठक फिलीपींस की राजधानी मनीला में आसियान सम्मेलन के दौरान आयोजित करने पर सहमति बनी है। हालांकि, तारीख अभी तय नहीं हुई है।क्वाड में भारत, अमेरिका, जापान और ऑस्ट्रेलिया शामिल हैं। रुबियो ने बताया कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बैठक क्वाड से जुड़ी थी, जिसमें जयशंकर भी शामिल थे। इसके बाद दोनों पक्षों के बीच सात या आठ बार बातचीत हो चुकी है। उन्होंने अटलांटा में G20 के दौरान एक और बैठक होने की जानकारी भी दी।रुबियो के मुताबिक, क्वाड अब सिर्फ बैठकों और समझौतों तक सीमित नहीं है। इसके तहत ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि अगली शिखर बैठक में भी ऐसे फैसलों और उनके नतीजों की घोषणा होनी चाहिए, जिनका वास्तविक असर दिखाई दे।जयशंकर के साथ रिश्तों की तारीफरुबियो ने विदेश मंत्री एस. जयशंकर के साथ अपने रिश्तों को शानदार बताया। उन्होंने कहा कि विदेश मंत्री बनने के बाद उनकी पहली बैठक में जयशंकर शामिल थे। इसके बाद दोनों कम से कम 12 बार मिल चुके हैं। जयशंकर चार बार अमेरिका भी गए हैं। दोनों की मुलाकातें अंतरराष्ट्रीय बैठकों और सम्मेलनों में भी हुई हैं।रुबियो ने कहा कि जब भी दोनों किसी बैठक या कार्यक्रम के लिए एक ही शहर में होते हैं, तो मिलने का समय जरूर निकालते हैं। उनके मुताबिक, पिछले डेढ़ साल में दोनों के बीच मजबूत कामकाजी रिश्ता बना है। इससे कई संवेदनशील और मुश्किल मुद्दों को संभालने में मदद मिली है।जामनगर में रिलायंस से मुलाकात क्यों?रुबियो ने अपनी जामनगर यात्रा को रिलायंस की रिफाइनिंग क्षमता और ऊर्जा सहयोग से जोड़ा। उन्होंने कहा कि रिलायंस के पास कच्चे तेल को उपयोगी उत्पादों में बदलने की असाधारण क्षमता है। उन्होंने इसे भारत की ऊर्जा जरूरतों के लिए अहम बताया।रुबियो के मुताबिक, रिलायंस भारत को ऊर्जा आपूर्ति के अलग-अलग स्रोतों से जोड़ने में मदद कर सकती है। उन्होंने वेनेजुएला के तेल का उदाहरण दिया। उनके मुताबिक, वेनेजुएला अपना तेल उत्पादन बढ़ा रहा है और भारत लंबे समय से इस तरह के कच्चे तेल को रिफाइन करने में सक्षम रहा है।उन्होंने यह भी बताया कि रिलायंस ने अमेरिका में रिफाइनिंग क्षमता बढ़ाने के लिए निवेश किया है। रुबियो ने कहा कि जामनगर में कंपनी के कामकाज को देखने और उसके अधिकारियों से बातचीत करने का मकसद ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग बढ़ाने की संभावनाएं तलाशना है।उन्होंने कहा कि खास तौर पर पश्चिमी गोलार्ध से आने वाले कच्चे तेल को रिफाइन करने में सहयोग दोनों देशों के लिए फायदेमंद हो सकता है। इससे भारत को ऊर्जा आपूर्ति के नए विकल्प मिलेंगे और अमेरिका को भी लाभ होगा।'बस कुछ हफ्तों की बात...', भारत से ट्रेड डील पर US विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने दे दिया बहुत बड़ा संकेत
आतंकवाद के खिलाफ आत्मरक्षा हमारा अधिकार, सहयोगियों से भी सख्त रुख की अपेक्षा : विदेश मंत्री जयशंकर
Mumbai , 20 अक्टूबर . विदेश मंत्री डॉ. एस. जयशंकर ने Tuesday को अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो द्वारा ताज होटल के 26/11 स्मारक पर पुष्पांजलि अर्पित करने…
'आतंकवाद पर जीरो टालरेंस जरूरी', जयशंकर का अमेरिकी विदेश मंत्री रूबियो को दोटूक संदेश
विदेश मंत्री एस. जयशंकर ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो से कहा कि भारत अपने साझेदारों से आतंकवाद के खिलाफ 'जीरो टॉलरेंस' की अपेक्षा करता है।
रूबियो ने 26/11 मेमोरियल पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए, कहा- आतंकवाद के खिलाफ हम भारत के साथ
रूबियो ने 26/11 मेमोरियल पर श्रद्धा-सुमन अर्पित किए, कहा- आतंकवाद के खिलाफ हम भारत के साथ
दुशांबे में SCO बैठक के दौरान रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद के खिलाफ दोहरे मापदंड खत्म करने और क्षेत्रीय अखंडता का सम्मान करने पर जोर दिया। ऊर्जा व खाद्य सुरक्षा को भी बताया अहम चुनौती।
'आतंकवाद शांति और विकास के लिए सबसे बड़ा खतरा', SCO समिट में बोले राजनाथ सिंह
ताजिकिस्तान में शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) की बैठक में रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को लेकर कड़ा रुख अपनाया. उन्होंने कहा कि आतंकवाद शांति और विकास के लिए गंभीर खतरा है. राजनाथ सिंह ने साफ किया कि आतंकवाद से निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं होना चाहिए और आतंकवादियों को वित्तीय मदद या सुरक्षित पनाहगाह देने वालों को बख्शा नहीं जाना चाहिए. आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को खत्म करना जरूरी है.
SCO Summit में बोले Rajnath Singh, आतंकवाद के पूरे Ecosystem को ध्वस्त करना होगा
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि आतंकवाद के पूरे ‘इकोसिस्टम’ को दृढ़तापूर्वक और सामूहिक रूप से ध्वस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आतंकवादियों को वित्तपोषित करने, उनका समर्थन करने या उन्हें शरण देने वालों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। ताजिकिस्तान के दुशान्बे में एससीओ शासन प्रमुखों की परिषद की बैठक को संबोधित करते हुए, सिंह ने यह भी कहा कि आतंकवाद शांति और विकास के लिए ‘‘सबसे गंभीर खतरों’’ में से एक बन गया है। यह न केवल निर्दोष लोगों के जीवन को नुकसान पहुंचाता है, बल्कि निवेश और व्यापार को भी बाधित करता है। उन्होंने कहा कि ‘‘आतंकवाद समाजों को कट्टरपंथी बनाता है और हमारे युवाओं को उन अवसरों से वंचित करता है जिनके वे हकदार हैं।’’ जब सिंह यह वक्तव्य दे रहे थे, उस समय पाकिस्तान के उप-प्रधानमंत्री इशाक डार भी वहां मौजूद थे। रक्षा मंत्री शंघाई सहयोग संगठन (एससीओ) के शासन प्रमुखों की परिषद की बैठक में भारत का प्रतिनिधित्व करने के लिए दो दिवसीय आधिकारिक यात्रा पर ताजिकिस्तान में हैं। सिंह ने इस बात पर जोर दिया कि ‘‘आतंकवाद का कोई औचित्य नहीं हो सकता; इससे निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं हो सकता।’’ उन्होंने कहा, ‘‘उन लोगों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती जो आतंकवादियों को वित्त, समर्थन या सुरक्षित ठिकाने प्रदान करते हैं। आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को दृढ़तापूर्वक और सामूहिक रूप से समाप्त किया जाना चाहिए।’’ गत 15 अक्टूबर को नई दिल्ली में सिंह ने कहा था कि भविष्य में पाकिस्तान से उत्पन्न होने वाले किसी भी आतंकवादी कृत्य का और भी ‘‘करारा जवाब’’ दिया जाएगा। उन्होंने कहा कि 2014 के बाद से अधिकांश आतंकवादियों की ‘शेल्फ लाइफ’ (जीवित रहने की अवधि) घटकर एक साल से भी कम रह गई है और सुरक्षा बल उन्हें भारत के खिलाफ हथियार उठाने के एक साल के भीतर ही उनका खात्मा कर देते हैं। एससीओ सदस्यों को संबोधित करते हुए सिंह ने बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम पर 2026 से 2030 के लिए कार्य योजना को अपनाने के लिए भारत के समर्थन को भी रेखांकित किया। सिंह ने कहा, ‘‘भारत का मानना है कि हमारी आर्थिक सहभागिता समावेशी होने के साथ-साथ प्रत्येक सदस्य देश के लिए फायदेमंद होनी चाहिए। हमें अधिक लचीली आपूर्ति शृंखलाओं के निर्माण, व्यापार और निवेश को सुगम बनाने और विकास के लिए प्रौद्योगिकी का उपयोग करने की दिशा में काम करना चाहिए।’’ एससीओ सदस्य देशों के बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग के कार्यक्रम का उद्देश्य क्षेत्रीय संबंधों के विकास के लिए पारदर्शी, पूर्वानुमान योग्य और स्थिर स्थितियों के आधार पर व्यापार, आर्थिक और निवेश सहभागिता का व्यापक विकास करना है। साथ ही संगठन के देशों के लोगों के कल्याण में सुधार के हित में आपसी व्यापार का अनुपात बढ़ाना और निवेश सहयोग का विस्तार करना है। 25 फरवरी 2026 को, एससीओ सदस्य देशों के बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम के कार्यान्वयन पर 2026-2030 की मसौदा कार्य योजना पर चर्चा करने के लिए एससीओ के सदस्य देशों के विशेषज्ञों की एक बैठक आयोजित की गई थी। सिंह ने कहा कि भारत ने ताशकंद में यूनिवर्सल सेंटर और दुशान्बे में एंटी-ड्रग सेंटर को एससीओ के स्थायी निकाय बनाने के लिए बिश्केक में लिए गए फैसलों का स्वागत किया है।
Rajnath Singh ने SCO बैठक में उठाया आतंकवाद का मुद्दा, देश-विदेश की प्रमुख खबरें
‘भाषा’ की विभिन्न फाइल से मंगलवार को अपराह्न दो बजे तक जारी मुख्य समाचार इस प्रकार हैं :- वि12 ताजिकिस्तान राजनाथ एससीओआतंकवाद के ‘इकोसिस्टम’ पर कड़ी और सामूहिक चोट हो: राजनाथ सिंह ने एससीओ की बैठक में कहादुशान्बे: रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को कहा कि आतंकवाद के पूरे ‘इकोसिस्टम’ को दृढ़तापूर्वक और सामूहिक रूप से ध्वस्त किया जाना चाहिए। उन्होंने इस बात पर बल दिया कि आतंकवादियों को वित्तपोषित करने, उनका समर्थन करने या उन्हें शरण देने वालों के लिए कोई जगह नहीं हो सकती। प्रादे27 महाराष्ट्र आरएसएस दूसरी लीड भागवतआंदोलन राजनीतिक स्वार्थों का औेजार बनकर समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं: मोहन भागवतनागपुर: राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के सरसंघचालक मोहन भागवत ने मंगलवार को आगाह किया कि सत्ता परिवर्तन के आंदोलन मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं करते और ये राजनीतिक स्वार्थों का औजार बनकर समाज में विभाजन बढ़ा सकते हैं। खेल15 खेल एशियाड पैरा लीड दीप्तिदीप्ति जीवनजी ने महिलाओं की 400 मीटर टी20 में एशियाई पैरा खेलों के रिकॉर्ड के साथ स्वर्ण जीतानागोया: भारत की दीप्ति जीवनजी ने एशियाई पैरा खेलों के रिकॉर्ड के साथ महिलाओं की 400 मीटर टी20 स्पर्धा में मंगलवार को 56 . 36 सेकंड का समय निकालकर स्वर्ण पदक जीता। खेल13 खेल एशियाड पैरा भारत तीसरी लीड टेटेभारतीय टेबल टेनिस खिलाड़ियों को एशियाई पैरा खेलों में पांच कांस्यनागोया: रवि बेबी साहाना और प्राची दुबे एशियाई पैरा खेलों में स्टैंडिंग श्रेणी में पदक जीतने वाली भारत की पहली पैरा टेबल टेनिस खिलाड़ी बन गई जबकि भारत ने मंगलवार को टेबल टेनिस में पांच कांस्य पदक जीते। प्रादे54 पंजाब शाहअमित शाह पंजाब पहुंचे, नशे के खिलाफ लड़ाई में जान गंवाने वालों के परिजनों से करेंगे मुलाकातचंडीगढ़: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह मंगलवार को पंजाब पहुंचे। उनका राज्य में नशे के खिलाफ आवाज उठाने के कारण जान गंवाने वाले लोगों के परिजनों से मिलने के लिए गुरदासपुर, संगरूर और मानसा का एक दिवसीय दौरा करने का कार्यक्रम है। प्रादे36 पंजाब कार्यकर्ता लीड मानपरविंदर सिंह झोटा हत्याकांड की जांच सीबीआई को सौंपी जाएगी: भगवंत मानचंडीगढ़: पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने मंगलवार को कहा कि उनकी सरकार मादक पदार्थों के खिलाफ अभियान चलाने वाले कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या की जांच केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपेगी। प्रादे56 तेलंगाना वायुसेना प्रमुख लीड उड़ानवायुसेना प्रमुख ने हैदराबाद के पास किरण विमान में अंतिम प्रशिक्षण उड़ान भरीहैदराबाद: वायुसेना प्रमुख एयर चीफ मार्शल ए पी सिंह ने मंगलवार को समीपवर्ती डुंडीगल स्थित वायुसेना अकादमी (एएफए) में किरण विमान में अपनी अंतिम प्रशिक्षण उड़ान भरी। अधिकारियों ने यह जानकारी दी। प्रादे26 राजस्थान टाइगर श्रॉफ लीड पुलिस टीमटाइगर श्रॉफ पर हमला: कथित हमलावरों को लेकर कोटा से रवाना हुई मुंबई पुलिस की टीमकोटा: अभिनेता टाइगर श्रॉफ पर गोलीबारी में कथित तौर पर शामिल तीन लोगों को लेकर मुंबई पुलिस की टीम कार से कोटा से रवाना हो गई। वि11 कनाडा अल्बर्टा लीड अलगावकनाडा से अलगाव की प्रक्रिया शुरू करने का प्रस्ताव अल्बर्टा के मतदाताओं ने खारिज कियाएडमंटन: कनाडा के तेल समृद्ध अल्बर्टा प्रांत के मतदाताओं ने देश से अलग होने की प्रक्रिया शुरू करने के प्रस्ताव को खारिज कर दिया है। मंगलवार तड़के आए नतीजों से प्रधानमंत्री मार्क कार्नी और कनाडा की एकता के समर्थकों को जीत मिली है। दि4 भारत अमेरिका रुबियोविदेश मंत्री जयशंकर और अमेरिकी विदेश मंत्री रुबियो मुंबई में अहम वार्ता करेंगेनयी दिल्ली: अमेरिका के विदेश मंत्री मार्को रुबियो मंगलवार से भारत की तीन दिवसीय यात्रा शुरू करेंगे। इस दौरान वह ऊर्जा, व्यापार एवं निवेश, रक्षा और महत्वपूर्ण प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में द्विपक्षीय संबंधों को आगे बढ़ाने पर और पश्चिम एशिया संकट पर अपने विचार साझा करेंगे। वि4 संरा भारत हथियारभारत ने आतंकवाद से जुड़े तत्वों को संवेदनशील हथियार तकनीक के हस्तांतरण पर सतर्क रहने का आह्वान कियासंयुक्त राष्ट्र: भारत ने आतंकवादियों के हाथ विनाशकारी हथियार लगने के जोखिम पर गहरी चिंता व्यक्त करते हुए वैश्विक समुदाय से आह्वान किया है कि वह संवेदनशील तकनीक के हस्तांतरण को लेकर सतर्क रहे, खासकर उन लोगों के मामले में जिनका शस्त्र प्रसार और आतंकवाद से पुराना नाता रहा है। अर्थ5 भारत-न्यूजीलैंड एफटीएभारत-न्यूजीलैंड मुक्त व्यापार समझौता लागू, भारतीय उत्पादों को मिलेगी शुल्क-मुक्त पहुंचनयी दिल्ली: भारत और न्यूजीलैंड के बीच मुक्त व्यापार समझौता (एफटीए) मंगलवार से लागू हो गया। इससे कपड़ा, चमड़ा और जूते-चप्पल जैसे श्रम गहन क्षेत्रों सहित विभिन्न भारतीय उत्पादों को न्यूजीलैंड के बाजार में शुल्क-मुक्त पहुंच मिलेगी। समझौते के तहत भारतीय निर्यात की सभी शुल्क श्रेणियों को पहले दिन से शुल्क मुक्त पहुंच प्रदान की गई है।
SCO बैठक में भारत ने कहा, आतंकवाद के पूरे तंत्र को सामूहिक रूप से समाप्त करना जरूरी
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को शांति और विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बताया है।
SCO Summit में बोले Rajnath Singh: Terrorism पर नहीं चलेगा कोई दोहरा मापदंड
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के सदस्य देशों से आतंकवाद के मामले में दोहरे मानदंड अपनाने से इनकार करने और आतंकवादियों को फंडिंग देने, उनका समर्थन करने तथा उन्हें पनाह देने वाले नेटवर्क को मिलकर खत्म करने का आग्रह किया। ताजिकिस्तान के दुशान्बे में SCO की 'काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट' की बैठक को संबोधित करते हुए, सिंह ने आतंकवाद को शांति और विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बताया। इस बैठक में पाकिस्तान के उप प्रधानमंत्री इशाक डार भी मौजूद थे। इसे भी पढ़ें: Rajnath Singh एससीओ बैठक में करेंगे भारत का प्रतिनिधित्व, देश-दुनिया की प्रमुख खबरें सिंह ने कहा कि आतंकवाद से निपटने में कोई दोहरा मानदंड नहीं होना चाहिए। जो लोग आतंकवादियों को फंडिंग देते हैं, उनका समर्थन करते हैं या उन्हें सुरक्षित ठिकाने मुहैया कराते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद के पूरे इकोसिस्टम को मजबूती से और मिलकर खत्म किया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि भारत, ताजिकिस्तान के साथ अपनी पुरानी दोस्ती और मध्य एशियाई देशों के साथ अपने संबंधों को बहुत महत्व देता है। बिश्केक में SCO शिखर सम्मेलन के दौरान, हमारे नेताओं ने शंघाई सहयोग संगठन (SCO) के 25 वर्षों की रूपरेखा रखी थी। उस अवसर पर हमने अपनी साझा यात्रा की समीक्षा की और भविष्य की राह पर चर्चा की। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने SCO से सुरक्षा, कनेक्टिविटी और अवसरों की दिशा में ठोस कदम उठाने का आग्रह किया था। यह संदेश विशेष रूप से SCO की 'काउंसिल ऑफ हेड्स ऑफ गवर्नमेंट' के लिए बहुत प्रासंगिक है। उन्होंने कहा कि आज हम एक ऐसे दौर में हैं जहाँ वैश्विक आर्थिक माहौल अनिश्चित है। संघर्षों और भू-राजनीतिक तनावों के कारण सप्लाई चेन बाधित हो रही हैं। ऊर्जा और खाद्य सुरक्षा हमारे लिए चिंता का विषय हैं। नई तकनीक अर्थव्यवस्थाओं को बदल रही है और नए विभाजन पैदा कर रही है। इसलिए, SCO का मूल्यांकन इस आधार पर किया जाएगा कि क्या वह कोई साझा आधार खोज सकता है और उस पर काम कर सकता है। उन्होंने कहा कि भारत का मानना है कि हमारा आर्थिक जुड़ाव समावेशी होना चाहिए और इससे सभी देशों को हर तरह से लाभ मिलना चाहिए। हमें सप्लाई चेन को और अधिक मजबूत बनाना चाहिए, व्यापार और निवेश को और आसान बनाना चाहिए, तथा विकास के लिए तकनीक का उपयोग करना चाहिए। हमें यह भी सुनिश्चित करना चाहिए कि आर्थिक सहयोग का लाभ हमारे समाज के हर वर्ग तक पहुँचे। भारत, बहुपक्षीय व्यापार और आर्थिक सहयोग कार्यक्रम को लागू करने के लिए 2026–2030 की कार्ययोजना का समर्थन करता है। इसे भी पढ़ें: Shivraj Singh Chouhan का Rahul Gandhi पर हमला, कहा- चुनाव न जीतने पर विपक्ष फैला रहा झूठ रक्षा मंत्री ने साफ तौर पर कहा कि आतंकवाद विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक है। आतंकवाद के कारण न केवल निर्दोष लोगों की जान जाती है, बल्कि निवेश और व्यापार भी बाधित होते हैं। आतंकवाद समाजों में कट्टरता फैलाता है और हमारे युवाओं को उन अवसरों से वंचित रखता है, जिनके वे हकदार हैं। इसलिए, आतंकवाद को किसी भी तरह से उचित नहीं ठहराया जा सकता। इससे निपटने में कोई दोहरा मापदंड नहीं हो सकता। जो लोग आतंकवादियों को आर्थिक मदद देते हैं, उनका समर्थन करते हैं या उन्हें सुरक्षित पनाहगाह मुहैया कराते हैं, उनके लिए कोई जगह नहीं होनी चाहिए। आतंकवाद के पूरे तंत्र को मजबूती से और सामूहिक रूप से खत्म किया जाना चाहिए।
एससीओ बैठक में भारत ने कहा, आतंकवाद के पूरे तंत्र को सामूहिक रूप से समाप्त करना जरूरी
New Delhi, 20 अक्टूबर . रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने आतंकवाद को शांति और विकास के लिए सबसे गंभीर खतरों में से एक बताया है. उन्होंने शंघाई सहयोग…
आतंकवाद से जुड़े देशों को संवेदनशील तकनीक की पहुंच से दूर रखने की जरूरत: भारत
संयुक्त राष्ट्र, 20 अक्टूबर . संयुक्त राष्ट्र महासभा की प्रथम समिति में India ने दुनिया के देशों से कहा है कि ऐसी संवेदनशील तकनीकों का हस्तांतरण रोकने के…
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आतंकवाद पर सख्त: भारत का रूख कूटनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण, अब वैश्विक समुदाय के रवैये में भी बदलाव जरूरी

