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प्रयागराज में शिक्षा सुधार पर शिक्षकों का मंथन:नवाचार, नामांकन वृद्धि और शैक्षिक गुणवत्ता पर हुई चर्चा

प्रयागराज के यूपीएस कन्या हनुमानगंज में मंगलवार को शिक्षक संकुल बैठक का आयोजन किया गया। संकुल के अंतर्गत आने वाले सभी विद्यालयों के शिक्षक इस बैठक में शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत बच्चों द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद बालिकाओं ने मैं बेटी हूँ गीत पर मनमोहक नृत्य प्रस्तुति दी, जिसकी सभी ने सराहना की। बैठक में आए सभी प्रतिभागियों का स्वागत इंचार्ज प्रधानाध्यापक हीरालाल कुशवाहा ने किया। बैठक के प्रमुख एजेंडा पर विस्तृत चर्चा वंदना श्रीवास्तव ने की। उन्होंने शैक्षिक गुणवत्ता, नवाचार गतिविधियों और विद्यालयों में बच्चों की सहभागिता बढ़ाने पर जोर दिया। इसके पश्चात इंद्रभान सिंह, पूनम, कंचन, निहारिका, सुधा, संजीव और रमेश गुप्ता ने अपने-अपने विद्यालयों की प्रमुख उपलब्धियों एवं शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी साझा की। उन्होंने नामांकन वृद्धि, बच्चों की उपस्थिति, नवाचार शिक्षण पद्धतियों और सह-शैक्षिक कार्यक्रमों की प्रगति पर प्रकाश डाला। बैठक में कम्पोजिट विद्यालय हनुमानगंज, प्राथमिक विद्यालय यरना, प्राथमिक विद्यालय बिकापुर, प्राथमिक विद्यालय जुनैदपुर, प्राथमिक विद्यालय लोढ़ा तथा यूपीएस कन्या हनुमानगंज के शिक्षक उपस्थित रहे। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्री कमला सिंह ने भी अपने केंद्र पर संचालित गतिविधियों की जानकारी दी। बैठक में निर्णय लिया गया कि आंगनबाड़ी के बच्चों के लिए विशेष शैक्षिक गतिविधियां संचालित की जाएं, जिससे उनके सर्वांगीण विकास को सुनिश्चित किया जा सके। सकारात्मक और सार्थक चर्चा के साथ बैठक सफलतापूर्वक संपन्न हुई।

दैनिक भास्कर 17 Feb 2026 6:16 pm

सिरोही में शिक्षा विभाग के संविदाकर्मियों का प्रदर्शन:नियमितीकरण की मांग को लेकर जिला परिषद के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू

शिक्षा विभाग में कार्यरत संविदाकर्मियों को इस बार के बजट में नियमितीकरण को लेकर कोई राहत नहीं मिली है। 16 वर्षों से स्थायीकरण की मांग कर रहे संविदाकर्मी अब आंदोलन पर उतर आए हैं। उन्होंने जिला परिषद के सामने अनिश्चितकालीन धरना शुरू कर दिया है। इस धरने में राजस्थान पंचायत शिक्षक-विद्यालय सहायक संघ के बैनर तले सहायक शिक्षक, शिक्षा सहायक, विद्यालय कनिष्ठ शिक्षक, पंचायत शिक्षक और विद्यालय सहायक शामिल हुए। संगठन का आरोप है कि स्थायी सेवा नियमों से संबंधित फाइल पिछले दो वर्षों से वित्त, कार्मिक, विधि और शिक्षा विभाग के बीच आपत्तियों के कारण अटकी हुई है।संविदाकर्मियों का कहना है कि वे वर्ष 2007-08 से नियमितीकरण की उम्मीद में संघर्ष कर रहे हैं, लेकिन अब तक इस संबंध में कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया है। संविदाकर्मियों के अनुसार, वे 30-35 वर्षों से अल्प मानदेय पर कार्य कर रहे हैं, जबकि उनका कार्य निष्पादन तृतीय श्रेणी शिक्षक के समकक्ष है। संगठन ने मांग की है कि चारों विभागों के सचिव स्तर पर एक संयुक्त बैठक आयोजित कर फाइल का शीघ्र अनुमोदन किया जाए और उसे कैबिनेट में भेजा जाए, ताकि नियमितीकरण की प्रक्रिया आगे बढ़ सके। धरने को जिला संयोजक चुनाराम परिहार, जिलाध्यक्ष शंकरलाल और जिला उपाध्यक्ष इंद्र सिंह सहित अन्य पदाधिकारियों ने संबोधित किया। इस दौरान सिरोही शिवगंज के शिक्षाकर्मी मानाराम, ब्लॉक अध्यक्ष सुरजीत सिंह, कन्हैयालाल, लीलाराम मेघवाल, दुरेंद्र सिंह, विक्रम रामावत, सुरेश प्रजापत, विजू कुमारी, कुसुम, सोनू मिस्त्री, देवेंद्र सिंह, भारत, ईश्वर, शांतिलाल, रिकबजी, गणेश, जितेंद्र भांड और हरिराम सहित कई अन्य साथी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 17 Feb 2026 5:00 pm

यूपी सरकार नए शिक्षकों की भर्ती नहीं करेगी:शिक्षा मंत्री बोले- 47 हजार पद खाली, लेकिन हमारे पास पर्याप्त शिक्षक-शिक्षामित्र

यूपी के प्राइमरी स्कूलों में नौकरी की आस लगाए 20 से 25 लाख अभ्यर्थियों को तगड़ा झटका लगा है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने विधानसभा में मंगलवार को कहा, सरकार बेसिक शिक्षा परिषद में नए शिक्षकों की भर्ती नहीं करेगी। मंत्री संदीप सिंह ने यह जवाब सपा विधायक अनिल प्रधान के सवाल पर लिखित में दिया। अनिल प्रधान ने पूछा था कि क्या सरकार बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती करेगी। मंत्री ने कहा, बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों में सहायक अध्यापक के 46944 पद खाली हैं। सरकार 2022 के बाद TET पास अभ्यर्थियों के लिए शिक्षक भर्ती के नए पद सृजित करने पर कोई विचार नहीं करेगी। परिषदीय विद्यालयों में पर्याप्त संख्या में शिक्षक और शिक्षा मित्र कार्यरत हैं। यूपी में हर महीने 200 से अधिक शिक्षक रिटायर हो जाते हैं। हर साल सवा दो लाख बीएड और दो लाख अभ्यर्थी बीटीसी उत्तीर्ण करते हैं। अब अगर सरकार भर्ती नहीं करेगी तो इन अभ्यर्थियों के सामने निजी स्कूल में ही काम करने या शिक्षण के अलावा कोई अन्य कार्य करने का ही विकल्प है। मंत्री का जवाब लिखित में पढ़िए… सपा विधायक ने कहा- यूपी के बच्चे दूसरे राज्यों में जा रहेसपा विधायक अनिल प्रधान ने मंगलवार को विधानसभा में प्राथमिक विद्यालयों में शिक्षक भर्ती का मुद्दा उठाया। कहा, मैंने जब भी बेसिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों की भर्ती का मुद्दा उठाया, हर बार मंत्री जी ने अनुपात-समानुपात बराबर होने की बात कह दी। 20 से 25 लाख युवा डीएलएड पास करके शिक्षक भर्ती का इंतजार कर रहे हैं, यहां भर्ती नहीं निकल रही, इसलिए वह दूसरे राज्यों में भर्ती परीक्षा देने जा रहे हैं। अनिल प्रधान ने शिक्षा मंत्री से सवाल किया कि कोर्ट ने फैसला सुनाया है कि जो टीचर TET पास नहीं हैं, उनके लिए TET पास करना अनिवार्य है। जबकि हमारे यहां बहुत सारे पुराने टीचर हैं। क्या इस विषय पर सरकार विधिक राय लेकर अध्यापकों को राहत दिलाने काम करेंगे या नहीं। इसके अलावा शिक्षा मित्र व अनुदेशक की सैलरी बढ़ाने काम करेंगे या नहीं? इसके अतिरिक्त नए शिक्षकों की भर्ती होगी या नहीं? भास्कर पोल में हिस्सा लेकर अपनी राय दे सकते हैं… शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाने का मामला विचाराधीनमंत्री संदीप सिंह ने सदन में स्पष्ट किया कि विभाग में शिक्षामित्र और अनुदेशक कार्यरत हैं। जिससे शिक्षक-छात्र अनुपात बना हुआ है। विपक्षी सदस्य ने शिक्षामित्रों और अनुदेशकों के लिए कम से कम ₹25,000 मानदेय करने की मांग उठाई। इसपर मंत्री ने जवाब दिया कि सरकार ने हाल ही में शिक्षामित्रों के लिए 5 लाख की कैशलेस चिकित्सा सुविधा और मनचाहे स्थान पर तबादले (समायोजन) की व्यवस्था लागू की है। मानदेय बढ़ाने के सवाल पर मंत्री ने कहा कि यह विषय फिलहाल मंत्रिपरिषद और मुख्यमंत्री के विचाराधीन है। विपक्ष ने आरोप लगाया कि सरकार परिषदीय विद्यालयों को मर्ज या बंद कर रही है। मंत्री ने कहा, एक भी परिषदीय विद्यालय बंद नहीं किया गया है। पुराने शिक्षकों के लिए TET अनिवार्य करने के सुप्रीम कोर्ट के फैसले पर मंत्री ने बताया कि उत्तर प्रदेश सरकार इस मामले में रिव्यू पिटीशन (पुनर्विचार याचिका) दाखिल कर चुकी है, ताकि शिक्षकों को राहत मिल सके। 8 साल से प्रदेश में भर्ती नहीं निकलीयूपी सरकार ने 2019 में 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती कराई थी। इनमें 5,886 अभ्यर्थियों को कोर्ट के आदेश पर 2022 में नियुक्ति दी गई है। इसके बाद से अब तक कोई भर्ती नहीं आई है। 69 हजार सहायक अध्यापक भर्ती मामला सुप्रीम कोर्ट में लंबित है। हाईकोर्ट ने भर्ती की मेरिट नए सिरे से जारी करने का आदेश दिया था। 2 से 4 जुलाई के बीच TET एग्जाम कराएगी सरकारयूपी सरकार 2-4 जुलाई को TET परीक्षा का आयोजन करने जा रही है। इससे पहले टेट 23 जनवरी, 2022 को TET परीक्षा हुई थी। यूपी टीईटी (UPTET) 2021-22 परीक्षा में कुल 6,60,592 उम्मीदवार पास हुए थे। प्राथमिक स्तर पर 4,43,598 (लगभग 38.67%) और उच्च प्राथमिक स्तर पर 2,16,994 (28.33%) परीक्षार्थी सफल हुए। कुल मिलाकर, परीक्षा में 34.53% उम्मीदवार पास हुए। यूपी में स्कूल और टीचरों की संख्या क्या है, जानिएयूपी में करीब 1.32 लाख परिषदीय विद्यालय (कक्षा- 8 तक) हैं। इनमें 4.34 लाख सहायक अध्यापक, 1.42 लाख शिक्षामित्र और 24 हजार से अधिक अनुदेशक कार्यरत हैं। वहीं, 1.49 करोड़ छात्र हैं। छात्रों की संख्या के लिहाज से प्राइमरी स्कूलों में औसत से अधिक शिक्षक हैं। इनमें शिक्षामित्र और अनुदेशकों की संख्या जोड़ने पर तो शिक्षकों की संख्या बहुत अधिक हो जाती है। मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार अधिनियम के तहत प्राथमिक और उच्च प्राथमिक स्कूलों के लिए छात्र शिक्षक औसत निर्धारित है। प्राथमिक विद्यालय में 30 स्टूडेंट पर एक टीचर और उच्च प्राथमिक विद्यालय में 35 स्टूडेंट पर एक टीचर होना चाहिए। -------------------- यह खबर भी पढ़िए:- 'टीचर TET पास करें, वरना नौकरी से बाहर होंगे':हरियाणा सरकार के आदेश के बाद यूपी के 1.86 लाख टीचर टेंशन में हरियाणा सरकार के आदेश ने यूपी के बिना TET पास 1.86 लाख शिक्षकों की टेंशन बढ़ा दी है। हरियाणा में राज्य के टीचर्स को मार्च 2027 तक शिक्षक पात्रता परीक्षा (HTET) पास करना होगा। ऐसा आदेश 16 फरवरी को वहां की सरकार ने दिया। कहा गया है कि परीक्षा पास न करने वालों को नौकरी से बाहर किया जाएगा। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 17 Feb 2026 4:25 pm

लुधियाना में शिक्षा मंत्री बैंस ने किया औचक निरीक्षण:बोले- लगातार मिल रहीं थीं शिकायतें, आध्यापकों की कमी जल्द पूरी होगी

पंजाब के लुधियाना में शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने आज माछीवाड़ा क्षेत्र के विभिन्न सरकारी स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। शिक्षा मंत्री की चेकिंग का पता चलते ही अन्य सरकारी स्कूलों में भी हड़कंप मचा रहा। उन्होंने स्कूलों में शिक्षा व्यवस्था और सुविधाओं का जायजा लिया। हरजोत मंत्री बैंस ने बताया कि माछीवाड़ा से स्कूलों को लेकर लगातार शिकायतें मिल रही थीं। मीडिया ने भी इस मुद्दे को उठाया था और कई अभिभावकों ने भी स्कूलों के निरीक्षण की मांग की थी। इन्हीं शिकायतों के मद्देनजर वे स्वयं स्थिति का आकलन करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान मंत्री बैंस ने पाया कि कुछ स्कूलों में बुनियादी ढांचे (इंफ्रास्ट्रक्चर) के मामले में अच्छा काम हुआ है। हालांकि, उन्होंने कुछ और सुधारों की आवश्यकता भी महसूस की, जिन्हें नोट कर लिया गया है। कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी सामने आई हरजोत सिंह बैंस ने कहा कि कुछ स्कूलों में शिक्षकों की कमी भी सामने आई है। मंत्री ने कहा कि 'बेट एरिया' (नदी के किनारे का क्षेत्र) होने के कारण शिक्षक यहां रहना पसंद नहीं करते और उनका तबादला हो जाता है। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस समस्या का समाधान जल्द ही किया जाएगा। मंत्री हरजोत बैंस ने माछीवाड़ा के निवासियों को भरोसा दिलाया कि क्षेत्र के स्कूलों में जल्द ही गुणात्मक सुधार देखने को मिलेगा।

दैनिक भास्कर 17 Feb 2026 4:20 pm

जर्जर स्कूल भवन के खिलाफ छात्रों का पैदल मार्च:शिक्षा के अधिकार के लिए जमुई DM को सौंपा ज्ञापन, बोले-सड़क किनारे बैठाकर होती है पढ़ाई

जमुई, सिकंदरा प्रखंड के मध्य विद्यालय धरमपुर के छात्र-छात्राओं ने सोमवार को शिक्षा के अधिकार की मांग को लेकर एक अनोखा प्रदर्शन किया। दर्जनों बच्चे अपने अभिभावकों, ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों के साथ स्कूल परिसर से पैदल मार्च पर निकले और जिला मुख्यालय पहुंचे। उन्होंने जर्जर स्कूल भवन के खिलाफ अपनी आवाज बुलंद की। लगभग सात घंटे की लंबी पदयात्रा के बाद बच्चे दोपहर करीब 1 बजे जमुई समाहरणालय स्थित डीएम कार्यालय पहुंचे। वहां उन्होंने जिलाधिकारी श्री नवीन को एक ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। मार्च के दौरान उनके हाथों में तख्तियां थीं और वे हमें ठेकेदार नहीं, हमें शिक्षा चाहिए तथा पढ़ेंगे तो तभी बढ़ेंगे जैसे नारे लगा रहे थे। 2 कमरों में 300 बच्चों की चलती है क्लास ग्रामीणों के अनुसार, विद्यालय में लगभग 300 बच्चों का नामांकन है, लेकिन भवन की स्थिति अत्यंत जर्जर है। स्कूल में कुल तीन कमरे हैं, जिनमें से एक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो चुका है और अब पढ़ाई के लायक नहीं है। शेष दो कमरों में से एक में बच्चों की कक्षाएं संचालित होती हैं, जिसकी छत और दीवारों से अक्सर कंक्रीट के टुकड़े गिरते रहते हैं। इससे हर समय किसी बड़े हादसे की आशंका बनी रहती है। तीसरा कमरा प्रधानाध्यापक के कार्यालय के रूप में उपयोग होता है, जहां महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे जाते हैं। सड़क किनारे बैठाकर होती है पढ़ाई अभिभावकों ने बताया कि बच्चों को अक्सर खुले आसमान के नीचे या सड़क किनारे बैठाकर पढ़ाई करानी पड़ती है, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। अभिभावक राकेश कुमार ने कहा कि बच्चे खुद पढ़ना चाहते हैं, लेकिन व्यवस्था उनकी राह में बाधा बन रही है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि इससे पहले भी जमुई के सांसद अरुण भारती, डीईओ और डीएम को इस संबंध में आवेदन दिए जा चुके हैं। सांसद अरुण भारती ने स्थल का निरीक्षण भी किया था और जल्द ही भवन निर्माण का आश्वासन दिया था, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। एक महीने तक बच्चों को स्कूल भेजने से रोका उसने बताया कि दिसंबर माह में ग्रामीणों ने बैठक कर एक महीने तक अपने बच्चों को स्कूल भेजने से रोक दिया था उसके बावजूद भी जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग के द्वारा कोई कार्रवाई नहीं की गई । 65 वर्षीय गुड़िया कुमारी भावुक होकर बोलीं कि वे अपने पोता-पोती के लिए सुरक्षित स्कूल चाहती हैं। गांव के लोगों ने वर्षों से जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों से गुहार लगाई, पर अब तक कोई ठोस पहल नहीं हुई। वहीं राजाराम और भूपेश कुमार ने प्रशासनिक उदासीनता पर सवाल उठाते हुए कहा कि जब जिले में मंत्री रहे हैं, तब भी बच्चों को सुरक्षित भवन न मिलना दुर्भाग्यपूर्ण है। आखिरकार बच्चों और अभिभावकों ने प्रशासन से जल्द पक्का विद्यालय भवन निर्माण की मांग की। उनका साफ संदेश है—घोषणाएं नहीं, मजबूत स्कूल और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा ही उज्ज्वल भविष्य की असली नींव है।

दैनिक भास्कर 17 Feb 2026 1:15 pm

तमिलनाडु अंतरिम बजट: शिक्षा, कल्याण और संस्कृति पर जोर

तमिलनाडु के वित्त मंत्री थंगम थेन्नारासु ने मंगलवार को फोर्ट सेंट जॉर्ज स्थित विधानसभा में राज्य का 2026-27 का अंतरिम बजट पेश किया

देशबन्धु 17 Feb 2026 1:10 pm

शिक्षा विभाग:कंप्यूटर विज्ञान विषय कक्षा 6 से 10 तक न अनिवार्य घोषित, ना ही मार्कशीट में अंक शामिल होंगे

राज्य सरकार ने सोमवार को विधानसभा में स्पष्ट किया है कि कंप्यूटर अनुदेशक कैडर में बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक एवं वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक के नवीन पदों के सृजन का फिलहाल कोई विचार नहीं है। वहीं, कंप्यूटर विज्ञान विषय को कक्षा 6 से 10 तक न तो अनिवार्य विषय घोषित किया जाएगा न ही मार्कशीट में इस विषय के अंकों को शामिल करेंगे। सीबीएसई की तर्ज पर मार्कशीट में सम्मिलित करने का कोई भी निर्णय सरकार या विभाग की ओर से नहीं लिया गया है। न ही कोई ऐसा मामला प्रक्रियाधीन है। शिक्षा विभाग ने एक सवाल के लिखित जवाब में यह जानकारी दी है। सरकार ने कहा कि वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा विभाग अंतर्गत 9862 बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक पदनाम को कंप्यूटर शिक्षक ग्रेड द्वितीय एवं 1182 वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक को व्याख्याता कंप्यूटर शिक्षा के नवीन पद सृजित कर समायोजित करने का कोई विचार नहीं है। इन पदों के पदीय दायित्व में कक्षा एक से 12 तक विद्यार्थियों को कंप्यूटर संबंधित विषयवस्तु का शिक्षण सम्मिलित है। लेकिन इस विषय का शिक्षण तकनीकी प्रकृति का है। यही वजह है कि इन्हें शिक्षक के स्थान पर अनुदेशक पदनाम दिया गया है। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि कंप्यूटर विषय में योग्यताधारी आशार्थियों को इसी कारण बीएड पाठ्यक्रम के लिए पात्र नहीं माना जाता है। माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की ओर से वर्ष 2001 से कक्षा 9 एवं 10 में कंप्यूटर विषय पढ़ाया जा रहा है। परीक्षा के बाद मार्कशीट में कंप्यूटर के अंकों को इंद्राज किया जाता है। लेकिन विद्यार्थी के श्रेणी निर्धारण में कंप्यूटर के अंकों को सम्मिलित नहीं किया है। इन दोनों कक्षाओं में यह एच्छिक विषय के रुप में संचालित है। स्टाफिंग पैटर्न के माध्यम से कैडर विस्तार राज्य सरकार ने लिखित उत्तर में बताया है कि वर्तमान में माध्यमिक शिक्षा विभाग में स्टाफिंग पैटर्न के माध्यम से कैडर विस्तार की कार्यवाही प्रक्रियाधीन है। जिसमें बेसिक कंप्यूटर अनुदेशक एवं वरिष्ठ कंप्यूटर अनुदेशक के पदीय दायित्वों का समामेश भी किया गया है। लेकिन विभाग स्तर पर कंप्यूटर अनुदेशक कैडर पुनर्गठन एवं पदोन्नति लाभ दिए जाने का कोई भी प्रस्ताव न विचाराधीन है न ही कोई प्रक्रियाधीन।

दैनिक भास्कर 17 Feb 2026 4:19 am

प्रारंभिक-माध्यमिक शिक्षा निदेशालय:वित्तीय शाखा में 30 से ज्यादा स्टाफ फिर भी शिक्षा निदेशालय में 4 रिटायर कर्मियों को सलाहकार लगाया

ये सभी सेवानिवृत्त लेखा अधिकारी उसी प्रारंभिक-माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में तय राशि में तैनात किए गए हैं, जहां पहले से सरकार ने 30 लेखा विभाग के कर्मचारियों-अधिकारियों की फौज तैनात की है। ये वही विभाग हैं, जहां करीब 41,178 स्कूल, 83,783 कक्षाएं और 16,765 शौचालय जर्जर स्थिति में हैं। 20 हजार करोड़ रुपए का बजट चाहिए, मगर सरकार के पास बजट नहीं है। बीते बजट में सिर्फ 500 करोड़ रुपए ही दिए गए। उसी निदेशालय में लेखा शाखाओं में 30 नियमित कार्मिक लगे होने के बाद भी सिर्फ सलाह लेने-देने के लिए 3 लाख 15 हजार 700 रुपए प्रति माह ऐसे अधिकारियों को दिए जा रहे हैं, जो सेवानिवृत्त हो गए हैं। हैरानी की बात ये है कि निदेशालय में ही इन सेवानिवृत्त लेखाधिकारियों के समकक्ष कार्मिक हैं, फिर भी सिर्फ सलाह लेने के लिए ये आदेश जारी किए गए। निदेशालय से लेकर जयपुर सचिवालय तक ये बात चर्चा में है कि आखिर शिक्षा विभाग ऐसा क्या काम करता है, जिसके लिए उसे इतने सलाहकारों की जरूरत है। इन लेखाधिकारियों की ताकत ऐसी कि इनके सामने यहां नियमित काम करने वाले उनके समकक्ष अधिकारी खुद को बौना समझते हैं, क्योंकि सेवानिवृत्त के बाद उनका वापस सलाहकार बनना उनका रसूख बढ़ा रहा है और उसी रसूख के आगे सारे नतमस्तक भी हो गए हैं। नियम कहते हैं कि सेवानिवृत्त कार्मिकों को पुनर्नियुक्ति देने पर आमतौर पर “अंतिम आहरित मूल वेतन में से मूल पेंशन को घटाकर” शेष राशि का भुगतान किया जाता है। कुछ मामलों में यह अंतिम मूल वेतन का लगभग 40% या समेकित पारिश्रमिक के रूप में भी निर्धारित किया जा सकता है। इन नियुक्त किए गए ज्यादातर लोगों को मूल वेतन के 50 प्रतिशत से ज्यादा राशि मिल रही है। ये हैं चार सलाहकार… ऐसे हुई इनकी नियुक्ति ओम कुमार थानवी : 2 सितंबर 2024 को आदेश जारी किया कि 25-7-2024 के क्रम में इस विभाग के समसंख्यक पत्र 23-8-2024 व एसपीपीपी पोर्टल पर प्रकाशित एकल स्रोत निविदा पर सहमति होने के बाद थानवी, सेवानिवृत्त लेखाधिकारी, को लेखा कार्यों के संपादन के लिए कार्यग्रहण की तिथि से 24 माह की अवधि तक सलाहकार के रूप में 67,500 रुपए प्रति माह की दर से लगाया जाता है। सेवानिवृत्त के समय इनका अंतिम वेतन 90,000 रुपए था। नूतन कुमार हर्ष : 2 सितंबर 2024 को आदेश जारी किया कि 25-7-2024 के क्रम में इस विभाग के समसंख्यक पत्र 23-8-2024 व एसपीपीपी पोर्टल पर प्रकाशित एकल स्रोत निविदा पर सहमति होने के बाद हर्ष, सेवानिवृत्त लेखाधिकारी, को लेखा कार्यों के संपादन के लिए कार्यग्रहण की तिथि से 24 माह की अवधि तक सलाहकार के रूप में 63,700 रुपए प्रति माह की दर से लगाया जाता है। सेवानिवृत्त के समय इनका अंतिम वेतन 84,900 रुपए था। सुरेन्द्र कुमार पुरोहित : एक ओर आदेश जारी किया कि 25-7-2024 के क्रम में इस विभाग के समसंख्यक पत्र 5-9-2024 व एसपीपीपी पोर्टल पर प्रकाशित एकल स्रोत निविदा पर सहमति होने के बाद पुरोहित, सेवानिवृत्त लेखाधिकारी, को लेखा कार्यों के संपादन के लिए कार्यग्रहण की तिथि से 24 माह की अवधि तक सलाहकार के रूप में 56,600 रुपए प्रति माह की दर से लगाया जाता है। सेवानिवृत्त के समय इनका अंतिम वेतन 75,400 रुपए था। संजय धवन : एक अलग से आदेश जारी किया कि 14-10-2025 के क्रम में इस विभाग के समसंख्यक पत्र 14-11-2025 पर सहमति प्राप्त होने के उपरांत संजय धवन, सेवानिवृत्त वित्तीय सलाहकार, को लेखा कार्यों के संपादन के लिए कार्यग्रहण की तिथि से एक वर्ष की अवधि तक सलाहकार के रूप में 1,26,900 रुपए प्रति माह की दर से लगाया जाता है। सेवानिवृत्त के समय इनका अंतिम वेतन 1 लाख 60 हजार 600 रुपए था। भास्कर इनसाइट- मंत्री-सचिव के बीच सब कुछ ठीक नहीं शिक्षा विभाग में ये चर्चा अब आम हो गई है कि शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और सचिव कृष्ण कुणाल के बीच सब कुछ ठीक नहीं है। इसके उदाहरण के रूप में लोग तर्क दे रहे हैं कि प्रिंसिपल और लेक्चरर ट्रांसफर सूची मंत्री के यहां से सीएमओ पहुंचने के बाद भी दो-दो महीने तक सूची अटकी रही। खबरनवीस बताते हैं कि 14 साल पहले जब कुणाल भरतपुर कलेक्टर थे, तब से भजनलाल शर्मा से उनके रिश्ते मजबूत हो गए थे। कहा जाता है कि हर ट्रांसफर सूची में जैसा मंत्री चाहते हैं, वह होने नहीं दिया जा रहा, क्योंकि सचिव को सीएमओ से ताकत मिली है। वही स्थिति अब संशोधन सूची में भी बन रही है। मंत्री के पास आरएसएस का दबाव है कि उनके कार्यकर्ताओं की नहीं सुनी गई, इसलिए संशोधन सूची निकाली जाए, मगर सचिव इसके पक्ष में नहीं हैं। मंत्री-सचिव के बीच सब कुछ ठीक न होने का असर डायरेक्टरेट पर भी हो रहा है। मंत्री के आदेश यहां नहीं माने जा रहे। “ये मामला गंभीर है। मैंने पहले भी इस संबंध में आदेश दिए थे। चलिए, मैं इनकी रिपोर्ट मंगाता हूं और जल्दी ही कोई निर्णय करूंगा।”-मदन दिलावर, शिक्षा मंत्री निदेशालय ने मंत्री के आदेश भी नहीं माने 11 जुलाई 2025 को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर को एक कर्मचारी संगठन की ओर से निदेशालय से जुड़ी कुछ शिकायतें की गई थीं, जिनमें हितकारी निधि समेत अन्य पदों पर लगे शैक्षिक स्टाफ को हटाकर मंत्रालय स्टाफ को लगाने जैसे मामले सामने थे। हालांकि इस शिकायत से पहले ही मंत्री मदन दिलावर ने खुद के हस्ताक्षर से 6 फरवरी 2024 को एक पत्र निदेशक माध्यमिक शिक्षा को भेजा था और कहा था कि माध्यमिक शिक्षा में नियुक्त अनुभाग में 10 अध्यापक तथा पंजीयक शिक्षा विभागीय कार्यालय में 10 अध्यापक प्रतिनियुक्ति पर हैं। इन्हें तत्काल हटाया जाए। हितकारी निधि में 16 कार्मिक कार्य कर रहे हैं, जबकि 6 की भी जरूरत नहीं है। 3 तो 65 साल से ऊपर के काम कर रहे हैं और हितकारी निधि से पैसा उठा रहे हैं। इसमें मंत्री ने 3 कार्मिकों के नाम भी हटाने के लिए दिए थे, मगर उस पर कोई एक्शन नहीं हुआ। इससे लगता है कि निदेशालय मंत्री की पहुंच से दूर है और यहां निदेशक की मनमर्जी चलती है। पांच साल से ऊपर वाले भी डायरेक्टरेट में डटे पिछले साल मंत्री मदन दिलावर बीकानेर आए थे। डायरेक्टरेट में मीटिंग ली और बाद में बयान दिया कि पांच साल से ऊपर का कोई कर्मचारी डायरेक्टरेट में नहीं रहेगा, मगर हैरानी हुई कि मंत्री के इतना कहने के बाद भी कोई नहीं हटा। मौजूदा स्टाफ में करीब 80 प्रतिशत स्टाफ ऐसा है, जो 5 साल से ऊपर का है। कुछ तो ऐसे हैं, जो पूरी नौकरी ही डायरेक्टरेट में करने वाले हैं। इससे साफ है कि मंत्री की डायरेक्टरेट में कम सुनी जा रही है, क्योंकि कुछ लोगों के सीधे तार जयपुर सचिवालय से जुड़े हैं।

दैनिक भास्कर 17 Feb 2026 4:02 am

निजी स्कूल प्रबंधन ने की आरटीई राशि बढ़ाने की मांग, शिक्षामंत्री को लिखा पत्र

शिक्षा के अधिकार कानून (आरटीई) के तहत निजी स्कूलों को दी जाने वाली कंपनसेशन राशि बढ़ाने की मांग शुरू हो गई है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव को पत्र लिखकर राशि बढ़ाने की मांग की है। संघ ने प्राथमिक स्कूलों में राशि को 7 हजार से बढ़ाकर 18 हजार करने और माध्यमिक स्कूलों में कंपनसेशन राशि 11,500 रुपए से बढ़ाकर 22 हजार रुपए करने की मांग की है। साथ ही हाई और हायर सेकेंडरी की अधिकतम सीमा 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए की जाए। एसोसिएशन का तर्क है कि पिछले 13 साल से कंपनसेशन राशि में कोई वृद्धि नहीं हुई है, जबकि कोर्ट ने अपने 19 सितंबर 2025 के आदेश में 6 माह के भीतर मांगों पर निर्णय लेने के लिए कहा था। एसोसिएशन का कहना है कि पिछले 13 साल में अन्य क्षेत्रों में वेतन और खर्चों में भारी वृद्धि हुई है। उदाहरण देते हुए बताया गया कि 2012 में विधायक का मासिक वेतन लगभग 45 हजार रुपए था, जो 2025-26 में बढ़कर करीब 1.60 लाख रुपए हो गया।

दैनिक भास्कर 17 Feb 2026 4:00 am

शिक्षाविद् व कांग्रेस नेता डॉ. मधुसूदन शर्मा का निधन

कोटा विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति और उदयपुर शहर जिला कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष डॉ. मधु सुदन शर्मा का सोमवार सुबह निधन हो गया। 74 वर्षीय शर्मा पिछले कुछ समय से बीमार थे। उनके निधन की सूचना मिलते ही सुबह उदयपुर के सुथारवाड़ा स्थित उनके आवास पर कांग्रेस नेता पहुंचे। उनके निधन पर कांग्रेसजनों और शिक्षाविदों ने दुख जताया। वे सुखाड़िया विश्वविद्यालय (सुविवि) में विज्ञान संकाय के डीन और जूलॉजी विभाग के विभागाध्यक्ष भी रहे। इसके साथ ही विवि के सेंट्रल लाइब्रेरी के ऑफिस इंचार्ज और सुविवि के स्पोर्ट्स बोर्ड के चेयरमैन भी रहे। उनकी अंतिम यात्रा सुथारवाड़ा स्थित उनके आवास से दोपहर 12:30 बजे अशोक नगर मोक्षधाम गई, जहां पर उनका अंतिम संस्कार किया गया। 15 अगस्त 1951 को उदयपुर में जन्मे डॉ. शर्मा ने 1973 में प्राणीशास्त्र (जूलॉजी) में लिम्नोलॉजी एवं मत्स्य विज्ञान विशेषज्ञता के साथ प्रथम श्रेणी में एमएससी की। वर्ष 1980 में उन्होंने राजस्थान के जल स्रोतों में प्लवक एवं उत्पादकता विषय पर पीएचडी प्राप्त की। डॉ. शर्मा ने 1975 में भाभा परमाणु अनुसंधान केंद्र, ट्रॉम्बे में सी-14 तकनीक द्वारा प्राथमिक उत्पादकता अध्ययन का प्रशिक्षण लिया। वे डेनमार्क, जर्मनी, नीदरलैंड्स और दक्षिण अफ्रीका में शोध एवं पर्यावरण संरक्षण गतिविधियों से जुड़े रहे और 2010 में दक्षिण अफ्रीका में हुए एसआईएल सम्मेलन में हिस्सा लिया। उन्हें 33 वर्षों का शिक्षण और 36 वर्षों का शोध अनुभव है। 10 वर्ष प्रोफेसर रहे आैर 21 पीएचडी शोधार्थियों का मार्गदर्शन किया। 2011 से 2014 तक कोटा विश्वविद्यालय के कुलपति पद पर रहते हुए शैक्षणिक विकास को नई दिशा दी। डॉ. शर्मा को एमिनेंट साइंटिस्ट अवार्ड, नेशनल फेलोशिप अवार्ड सहित कई राष्ट्रीय सम्मान प्राप्त हुए। पर्यावरण शिक्षा और जन-जागरूकता में उनके योगदान के कारण उन्हें इस क्षेत्र का अग्रणी विशेषज्ञ माना जाता था। अंतिम यात्रा में शामिल शिक्षाविद्‌ व कांग्रेसजन। डॉ. मधु सूदन।

दैनिक भास्कर 17 Feb 2026 4:00 am

एआई शिक्षा से दूर 62% सरकारी स्कूल:वजह- लैब्स और स्मार्ट क्लासरूम बनाने मिला फंड पांच साल में खर्च नहीं

मध्यप्रदेश में 62% सरकारी स्कूल एआई शिक्षा से बेहद दूर हैं। बिना इंटरनेट और आईसीटी लैब या डिजिटल क्लासरूम के एआई शिक्षा संभव नहीं है और प्रदेश का हाल ये है कि यहां लैब्स और स्मार्ट क्लासरूम बनाने के लिए मिला फंड पांच साल में भी 85 फीसदी खर्च नहीं हो सका है। केंद्र सरकार ने पिछले पांच साल में प्रदेश को 318.52 करोड़ रुपए दिए, ताकि स्कूलों को डिजिटल बनाया जा सके। लेकिन राज्य इस फंड का सिर्फ 49.15 करोड़ रुपए ही खर्च कर पाया। प्रदेश में 8,489 कंप्यूटर लैब और 12,573 स्मार्ट क्लास बनाने की मंजूरी तो मिली, लेकिन ज्यादातर आज भी फाइलों तक सीमित हैं। कक्षा 6वीं और उससे ऊपर वाले 34,152 सरकारी स्कूलों में से सिर्फ 12,933 स्कूलों तक ही इंटरनेट पहुंच पाया है। यानी हर तीन में से करीब दो स्कूल आज भी डिजिटल दुनिया से कटे हुए हैं। जहां इंटरनेट है तो वहां क्लासेस स्मार्ट नहीं प्रदेश के जिन सरकारी स्कूलों में इंटरनेट है, वहां भी तस्वीर पूरी नहीं है। इन 12,933 स्कूलों में से केवल 2,610 स्कूल ऐसे हैं, जहां कंप्यूटर लैब या स्मार्ट क्लास सही तरीके से चल रही है। परख राष्ट्रीय सर्वेक्षण 2024 यह भी संकेत देता है कि जहां इंटरनेट पहुंच भी है, वहां डिजिटल पढ़ाई की बुनियादी तैयारी पूरी नहीं है। रिपोर्ट के मुताबिक सर्वे में सिर्फ 34% छात्रों के पास घर पर लैपटॉप या टैबलेट है। विशेषज्ञों के मुताबिक डिजिटल उपकरण और नियमित उपयोग के बिना एआई जैसी शिक्षा सिर्फ नीति दस्तावेजों तक सिमट कर रह जाती है। केंद्र सरकार ने स्कूली पाठ्यक्रम में कक्षा 6वीं से 12वीं तक अलग-अलग स्तर पर एआई से जुड़े अध्याय शामिल किए हैं। कक्षा 6–8 में डिजिटल साक्षरता और एआई की बुनियादी समझ, कक्षा 9–10 में डेटा, लॉजिक और एआई एप्लिकेशन, जबकि कक्षा 11–12 में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस को वैकल्पिक विषय के रूप में पढ़ाया जा रहा है। लेकिन प्रदेश के अधिकांश स्कूलों में इंटरनेट, कंप्यूटर और लैब की कमी के कारण एआई किताबों तक सीमित रह गया है, पढ़ाई व्यवहार में नहीं उतर पा रही। इंजीनियरिंग में भी एआई : राज्यसभा में सरकार ने बताया है कि इंजीनियरिंग और तकनीकी पढ़ाई में एआई से जुड़े कौशल औपचारिक रूप से जोड़े जा रहे हैं। इसके तहत राष्ट्रीय कौशल योग्यता ढांचा (NSQF) में एआई आधारित कंटेंट क्रिएशन, प्रॉम्प्ट इंजीनियरिंग, एआई डेवलपमेंट, प्रोग्रामिंग और स्ट्रीमिंग जैसे कौशलों को मान्यता दी गई है। सरकार का कहना है कि यह ढांचा इंजीनियरिंग छात्रों को उद्योग-उपयोगी एआई स्किल्स देने के लिए बनाया गया है, ताकि पढ़ाई और रोजगार के बीच की दूरी कम हो सके। मंत्रालय के मुताबिक एआई से जुड़े इन कौशलों को शामिल किया गया है।

दैनिक भास्कर 17 Feb 2026 4:00 am

विधायक शर्मा ने उठाया मॉडल स्कूल का मामला:शिक्षा मंत्री के 'कुत्ते काट सकते हैं' बयान पर आपत्ति जताई, मांगी आर्थिक सहायता

बूंदी विधायक हरिमोहन शर्मा ने विधानसभा में स्वामी विवेकानंद मॉडल स्कूल बरूधन का मुद्दा स्थगन प्रस्ताव के माध्यम से उठाया। उन्होंने सदन को बताया कि इस घटना सहित कोटा संभाग में 480 से अधिक ऐसी घटनाएं हो चुकी हैं, जिनका शीघ्र समाधान आवश्यक है। विधायक शर्मा ने मॉडल स्कूल बरूधन की 9 वर्षीय छात्रा तृप्ति सेन को तत्काल आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने की मांग की। विधायक शर्मा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के बूंदी दौरे के दौरान दिए गए एक बयान पर चिंता व्यक्त की। मंत्री ने कहा था, डॉग्स तो किसी को भी काट सकते हैं। शर्मा ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि शिक्षा मंत्री को दुर्घटनाग्रस्त 9 वर्षीय बालिका तृप्ति सेन और उसके परिवार से मिलकर कुशलक्षेम पूछना चाहिए था और सहायता करनी चाहिए थी, न कि ऐसा वक्तव्य देना। शर्मा ने शिक्षा मंत्री से अनुरोध किया कि वे ऐसे बयान देने के बजाय परिवारजनों से मिलें, उनकी सहायता करें और इस समस्या के शीघ्र समाधान के लिए कार्य योजना बनाएं। विधायक हरिमोहन शर्मा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर द्वारा बूंदी दौरे के दौरान की गई प्रेस कॉन्फ्रेंस का भी जवाब दिया। शर्मा ने आरोप लगाया कि मंत्री ने बजट का ठीक से अध्ययन नहीं किया है। उन्होंने बताया कि बूंदी के लिए बजट में घोषित 100 करोड़ रुपए से अधिक के विकास कार्य हुडको के लोन प्लान के तहत पूर्व में बनाई गई कार्य सूची का हिस्सा हैं। ये कार्य लोन लेकर करवाए जाएंगे, जिसका कर्ज बूंदी की जनता को चुकाना होगा। शर्मा ने बूंदी की लगातार उपेक्षा का आरोप लगाते हुए कहा कि मिनी सचिवालय की स्थापना का झूठा आश्वासन दिया गया है और न तो यूआईटी की स्थापना हुई है और न ही केडीए से मुक्ति मिली है।

दैनिक भास्कर 16 Feb 2026 7:25 pm

मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने उच्च शिक्षा को रोजगारपरक बनाने पर दिया जोर

जयपुर में आयोजित अखिल भारतीय संस्थागत नेतृत्व समागम-2026 में मुख्यमंत्री ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली में तकनीक और भारतीय ज्ञान परंपरा के संगम का आह्वान किया।

प्रातःकाल 16 Feb 2026 5:46 pm

कैथल में शिक्षा मंत्री का विज को समर्थन:बोले- अधिकारी और मंत्री का काम समस्या समाधान करना, चौटाला पर तंज कसा

कैथल में रियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा कैबिनेट मंत्री अनिल विज के पक्ष में आए। ग्रीवांस कमेटी की बैठक में मंत्री विज और एसपी कैथल उपासना के बीच हुई नौकझोंक पर बालते हुए शिक्षा मंत्री ने कहा कि मंत्री को ब्यूरोक्रेसी से काम लेना है। क्या मंत्री किसी के सस्पेंशन के लिए भी न कहें। मंत्री और अधिकारी एक ही सिक्के के दो पहलू हैं। दोनों को लोगों की समस्याओ का समाधान करना है। कहा- अभियान से न जोड़ें बात शिक्षा मंत्री सोमवार को कैथल में महाराजा सूरजमल जन्मोत्सव कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे। एक एक आईपीएस से मंत्री द्वारा इस प्रकार का व्यवहार करने व बेटियों को बचाने के सवाल पर शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ अभियान को इस घटना से न जोड़ा जाए। बेटी पढ़ लिखकर आगे बढ़े। महिपाल ढांडा बोले कि मंत्री की भी एक जिम्मेदारी है अधिकारी की भी एक जिम्मेदारी है। दोनों का एक ही मकसद है कि लोगों को सेवाएं दें और कठिनाइयों को दूर करें। बाद में भी तो SP ने माना कि उनकी पॉवर नहीं है लेकिन लिखकर भेज देंगी। यही बात मंत्री कह रहे थे कि लिखकर भेजिए। शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि केंद्र की RTE नीति के तहत प्राइवेट स्कूलों को 25% सीटें गरीब बच्चों के लिए आरक्षित रखनी होंगी। उन्होंने स्कूलों को डेटा उपलब्ध कराने और जुर्माना भरने का निर्देश दिया, अन्यथा मान्यता रद्द करने की चेतावनी दी। सुप्रीम कोर्ट के फैसले का हवाला देते हुए कहा कि नियमों का पालन जरूरी है, जरूरत पड़ी तो कार्रवाई होगी। बजरंग पुनिया के खिलाड़ियों के विदेश जाने वाले बयान पर मंत्री ने कटाक्ष किया कि अगर देश में व्यवस्था खराब है तो गजब है। हर व्यक्ति की अपेक्षाएं अलग हैं, लेकिन सामूहिक निर्णय सबके हित में होते हैं। पेंशन मुद्दे पर बोले इनेलो के अभय चौटाला के पेंशन कटने वाले बयान पर ढांडा ने कहा कि पेंशन योजना में आय सीमा 10 हजार से 3 लाख तक बढ़ाई, जो ज्यादा लोगों को लाभ देगी। पुरानी सरकारों ने सीमा क्यों नहीं बढ़ाई, उंगली उठाने से पहले आईना देखें। ढांडा ने तंज कसते हुए कहा कि पहले बोलना सीखें। उनकी सरकार में 10 हजार आय सीमा थी, तब क्यों नहीं बदली। उंगली कटा कर शहीद न बनें।

दैनिक भास्कर 16 Feb 2026 5:21 pm

RTE की राशि बढ़ाने शिक्षा मंत्री को लिखा पत्र:स्कूल संघ ने प्राथमिक में 7 हजार से 18 हजार, माध्यमिक में 11,500 से 22 हजार करने की मांग

शिक्षा के अधिकार कानून (RTE) के तहत निजी स्कूलों को दी जाने वाली प्रतिपूर्ति राशि बढ़ाने की मांग तेज हो गई है। प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन ने स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव को पत्र लिखकर प्रतिपूर्ति राशि में बढ़ोतरी की मांग की है। एसोसिएशन का कहना है कि पिछले 13 वर्षों से प्रतिपूर्ति राशि में कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। इस संबंध में हाईकोर्ट बिलासपुर में दायर याचिका क्रमांक WPC 4988/2025 पर 19 सितंबर 2025 को दिए गए आदेश में कोर्ट ने छह माह के भीतर मांगों पर निर्णय लेने को कहा है। कितनी बढ़ोतरी की मांग एसोसिएशन ने मांग की है कि प्राथमिक कक्षाओं के लिए प्रति विद्यार्थी/प्रति वर्ष राशि 7,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए की जाए। माध्यमिक कक्षाओं में 11,500 रुपए से बढ़ाकर 22,000 रुपए किया जाए। हाई और हायर सेकेंडरी की अधिकतम सीमा 15,000 रुपए से बढ़ाकर 25,000 रुपए तय की जाए। साथ ही बढ़ी हुई राशि पिछले तीन वर्षों से प्रभावी करने की भी मांग की गई है। वेतन बढ़ा, RTE राशि जस की तस एसोसिएशन ने अपने पत्र में तर्क दिया है कि पिछले 13 वर्षों में अन्य क्षेत्रों में वेतन और खर्चों में भारी वृद्धि हुई है। उदाहरण देते हुए बताया गया कि 2012 में विधायक का मासिक वेतन लगभग 45 हजार रुपए था, जो 2025-26 में बढ़कर करीब 1.60 लाख रुपए हो गया। इसी तरह आईएएस और अन्य ग्रेड के अधिकारियों के वेतन में भी दोगुनी-तिगुनी वृद्धि हुई है। इसके मुकाबले RTE के तहत प्रतिपूर्ति राशि में कोई संशोधन नहीं किया गया, जिससे निजी स्कूलों पर आर्थिक दबाव बढ़ रहा है। कोर्ट के आदेश की याद दिलाई एसोसिएशन ने कहा है कि हाईकोर्ट के स्पष्ट निर्देश के बावजूद अब तक कोई निर्णय नहीं लिया गया है। इसे गरीब विद्यार्थियों की शिक्षा के प्रति संवेदनहीनता बताया गया है। पत्र में चेतावनी दी गई है कि यदि शीघ्र निर्णय नहीं लिया गया तो छत्तीसगढ़ प्राइवेट स्कूल मैनेजमेंट एसोसिएशन असहयोग आंदोलन के लिए विवश होगा।

दैनिक भास्कर 16 Feb 2026 2:11 pm

बेतिया में एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम डॉक्टर्स का 17वां वार्षिक उत्सव:अल्पसंख्यक कल्याण अधिकारी ने बच्चियों की शिक्षा पर विशेष जोर दिया

बेतिया में एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम डॉक्टर्स के 17वें वार्षिक उत्सव में अल्पसंख्यक कल्याण पदाधिकारी अब्दुल राशीद ने मुस्लिम समुदाय में शिक्षा की कमी पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि तालीम की बुनियाद पर ही मुसलमानों की कामयाबी संभव हो सकती है। राशीद ने विशेष रूप से मुस्लिम बच्चियों में शिक्षा के निम्न स्तर को रेखांकित किया। उन्होंने उपस्थित मुस्लिम बुद्धिजीवियों से समाज में शिक्षा की अलख जगाने और बच्चियों को शिक्षा के प्रति जागरूक करने की अपील की। 'बच्चों को शिक्षा अवश्य दिलाएं' पटना से आए एसोसिएशन ऑफ मुस्लिम डॉक्टर्स के राष्ट्रीय सचिव डॉ. प्रोफेसर मो. अतहर अंसारी ने भी शिक्षा को बढ़ावा देने की सामूहिक जिम्मेदारी पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि समाज को शिक्षित बनाने के लिए एक वक्त का खाना छोड़ना पड़े, तो भी बच्चों को शिक्षा अवश्य दिलाएं। डॉ. अंसारी ने चेतावनी दी कि जब तक समाज शिक्षित नहीं होगा, तब तक वह पिछड़ा रहेगा और अपनी आवाज बुलंद नहीं कर पाएगा। उन्होंने समाज के लोगों से आगे आकर शिक्षा का अलख जगाने का आह्वान किया। सरकारी मदद पर निर्भरता की आलोचना की एम. शकील ने अपने संबोधन में सरकारी मदद पर निर्भरता की आलोचना की और जमीनी स्तर पर व्यक्तिगत प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि केवल दूसरों की शिकायत करना तरक्की की निशानी नहीं है, बल्कि हमें स्वयं काम करना होगा। शकील ने प्रत्येक व्यक्ति से अपने परिवार, रिश्तेदारों और मोहल्ले के किसी एक गरीब बच्चे या बच्ची की शिक्षा में मदद करने का आग्रह किया। उन्होंने बताया कि इस सेमिनार का विषय 'उम्मत का हाल और हमारी जिम्मेदारियां' इसी बात पर केंद्रित है कि हम शिकायत से बचते हुए एक बच्चे को भी कामयाब बनाने में मदद करें, यही हमारी असल जिम्मेदारी है।

दैनिक भास्कर 16 Feb 2026 12:09 pm

शिक्षा विभाग:स्कूलों की मरम्मत के लिए 20 हजार करोड़ के प्रस्ताव भेजे, बजट में मिले सिर्फ 500 करोड़

प्रदेश में करीब 3768 स्कूल जर्जर हैं। इनको जीर्ण-शीर्ण घोषित किया गया। इनमें से 2558 भवनों को औपचारिक रूप से जर्जर घोषित किया जा चुका है और 1210 को प्रक्रिया में रखा गया है। वैसे असुरिक्षत की श्रेणी में 5667 स्कूलों को रखा गया है। झालावाड़ घटना के बाद ठीक कराने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया गया लेकिन बुधवार को बजट में सिर्फ 500 करोड़ रुपए ही आवंटित हुए। हालांकि शिक्षा विभाग इसको लेकर वाहवाही बता रहा है लेकिन कम राशि मिलने का मतलब साफ है कि आने वाले मानसून में मरम्मत से वंचित होने वाले जर्जर स्कूलों में बच्चों को बैठना होगा। दरअसल झालावाड़ स्कूल की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में जर्जर स्कूलों का सर्वे कराया था। सामने आया कि प्रदेश में 5667 स्कूल पूरी तरह असुरक्षित हैं। एक प्रारंभिक सर्वे में पाया गया कि लगभग 5667 स्कूल इतने खराब हैं कि उन्हें पूरी तरह असुरक्षित माना गया जहां पूरी तरह भवन का उपयोग करना खतरनाक है। 86,934 कक्षाएं पूरी तरह जर्जर हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों की कुल 63018 स्कूलों में से लगभग 86934 कक्षाएं पूरी तरह असुरक्षित और जर्जर हैं। 41178 स्कूलों को छोटे से बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 41178 स्कूलों में मरम्मत की आवश्यकता है हालांकि ये पूरी तरह असुरक्षित तो नहीं पर मरम्मत जरूरी है। प्रदेश की स्कूलों में 17109 शौचालयों को जर्जर घोषित किया गया है। इसके साथ ही 29093 शौचालयों को मरम्मत की जरूरत खुद शिक्षा विभाग ने माना है। अब सवाल ये है कि शिक्षा विभाग ने जो 20 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था उसमें से सिर्फ 500 करोड़ से क्या होगा। निदेशालय का काम जर्जर स्कूल बताना है स्कूलों की मरम्मत से लेकर बजट प्रस्ताव, आवंटन, भुगतान तक का दायित्व समसा का है। समसा का काम है जर्जर, असुरक्षित या मरम्मत योग्य स्कूल भवनों की पहचान करना, प्रस्ताव और बजट, मरम्मत, पुनर्निर्माण कराना यदि भवन अत्यधिक जर्जर है, तो छात्रों की सुरक्षा के लिए अस्थायी कक्ष/वैकल्पिक व्यवस्था करना। शिक्षा निदेशालय का काम सिर्फ जर्जर स्कूल बताना है।

दैनिक भास्कर 16 Feb 2026 5:56 am

स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि व पेयजल पर फोकस, राजसमंद के लिए नहर जीर्णोद्धार, रोप-वे और सड़क परियोजनाओं की घोषणाएं

भास्कर न्यूज | राजसमंद राज्य सरकार के बजट 2026-27 को ऐतिहासिक बताते हुए विधायक दीप्ति माहेश्वरी ने शनिवार को प्रेस ब्रीफिंग कर विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने कहा कि वर्ष 2026-27 का बजट आकार 6 लाख 10 हजार 956 करोड़ रुपये है, जो 2023-24 की तुलना में 41 प्रतिशत अधिक हैं। चिकित्सा एवं स्वास्थ्य के लिए 32,526 करोड़ रुपये, शिक्षा के लिए 69 हजार करोड़ रुपये तथा कृषि क्षेत्र में 1 लाख 19 हजार 408 करोड़ रुपये का प्रावधान किया है। ग्रीन बजट में 33,476 करोड़ रुपये रखे हैं। उन्होंने बताया कि राजसमंद झील की नहर प्रणाली के जीर्णोद्धार के लिए 50 करोड़ रुपये खर्च होंगे। जिला मुख्यालय पर अन्नपूर्णा माताजी मंदिर से दयाशाह किला तक रोप-वे निर्माण और मुखर्जी चौराहे से इरिगेशन पाल होते हुए द्वारिकाधीश मंदिर तक एलिवेटेड/रिंग रोड के लिए फिजिबिलिटी अध्ययन कराया जाएगा। एसआरके कॉलेज में नए संकाय शुरू होंगे तथा जिला मुख्यालय पर मेंटल हेल्थ केयर सेल की स्थापना की जाएगी। भीम, कुंभलगढ़ और नाथद्वारा विधानसभा क्षेत्रों में सड़क, जीएसएस, खेल स्टेडियम व पुलिस चौकी जैसी विकास परियोजनाओं की घोषणाएं भी शामिल हैं। माहेश्वरी ने कहा कि पूर्व बजट घोषणाओं में 86 से 93 प्रतिशत तक क्रियान्विति हो चुकी है और सरकार का लक्ष्य सभी घोषणाओं को समयबद्ध पूरा करना है। भाजपा जिलाध्यक्ष जगदीश पालीवाल ने कहा कि सरकार अंतिम छोर तक लाभ पहुंचाने के संकल्प के साथ शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार और किसान हित में ठोस कदम उठा रही हैं। समग्र विकास और जनकल्याण ही सरकार का मूल ध्येय है। इस दौरान कलेक्टर अरुण कुमार हसीजा सहित जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 16 Feb 2026 4:11 am

समाज में शिक्षा, स्वास्थ्य, सद्भाव की अलख जगा रहा है डायोसिस : बिशप

चर्च ऑफ नॉर्थ इंडिया (सीएनआई) के आदर्श वाक्य ‘एकता, गवाही और सेवा’ को समर्पित डायोसिस ऑफ अमृतसर ने एलेक्जेंड्रा स्कूल कैंपस में 74वां स्थापना दिवस मनाया। ‘आभारी हृदय, विश्वास योग्य साक्षी’ थीम पर आधारित इस महोत्सव में आयोजित ‘फन-फेयर’ भारत की सांस्कृतिक विविधता का एक शानदार मेल रहा। इस अवसर पर राइट रेवरेंड मनोज चरन ने ऐतिहासिक महत्व पर प्रकाश डालते हुए बताया कि 1947 में विभाजन के बाद भूतपूर्व एंग्लिकन चर्च की लाहौर डायोसिस से अलग होकर यह अस्तित्व में आया और बाद में सीएनआई में सम्मिलित हुआ। बिशप चरन ने कहा कि आज यह डायोसिस पंजाब, हिमाचल प्रदेश और जम्मू-कश्मीर के क्षेत्रों में शिक्षा, स्वास्थ्य और सामुदायिक विकास के जरिए उम्मीद की किरण बना हुआ है। शांति पहल, महिला सशक्तिकरण और पर्यावरण संरक्षण जैसे कार्यों के माध्यम से यह संस्था समाज में न्याय और सद्भाव को बढ़ावा दे रही है।

दैनिक भास्कर 16 Feb 2026 4:00 am

RTE में 44 हजार से घटकर 19,466 हुईं सीटें:24 हजार सीटें कम, कांग्रेस ने कहा- गरीब बच्चों से छीना शिक्षा का अधिकार

आरटीई के तहत इस साल सीटों में बड़ी कटौती को लेकर सियासत तेज हो गई है। कांग्रेस ने भाजपा सरकार पर हमला बोलते हुए आरोप लगाया है कि भर्ती नियम बदलकर गरीब बच्चों के शिक्षा के अधिकार पर चोट की गई है। प्रदेश कांग्रेस के वरिष्ठ प्रवक्ता धनंजय सिंह ठाकुर ने कहा कि, पहले आरटीई के तहत निजी स्कूलों में नर्सरी, पीपी-वन, पीपी-टू से लेकर कक्षा पहली तक प्रवेश दिया जाता था। अब नियम बदलकर सीधे क्लास-1 में ही भर्ती अनिवार्य कर दी गई है। 24 हजार से ज्यादा सीटें खत्म उनके मुताबिक, पिछले साल 44,173 सीटों पर प्रवेश हुआ था, जबकि इस बार सिर्फ 19,466 सीटों पर ही एडमिशन होगा। यानी 24 हजार से ज्यादा सीटें खत्म कर दी गईं। कांग्रेस का दावा है कि इससे गरीब परिवारों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ पड़ेगा। उन्हें बच्चों को नर्सरी और पीपी-वन में निजी स्कूलों में दाखिला दिलाने के लिए मोटी फीस चुकानी होगी। जिसके बाद उसी स्कूल में आरटीई के तहत प्रवेश मिल सके। कांग्रेस ने कहा कि शिक्षा का अधिकार कानून बनाते समय स्पष्ट प्रावधान किया गया था कि निजी स्कूलों में नर्सरी से क्लास-1 तक प्रवेश मिलेगा। भाजपा सरकार ने 2014 में लागू अपने ही पूर्व फैसले को बदल दिया है। धनंजय सिंह ठाकुर ने सवाल उठाया कि, जब सरकारी स्कूलों की हालत खराब है, तब गरीब बच्चों को गुणवत्तापूर्ण और अंग्रेजी माध्यम की शिक्षा कैसे मिलेगी? उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार की स्वामी आत्मानंद अंग्रेजी माध्यम योजना को भी बंद कर दिया गया, जबकि कई स्कूलों में शिक्षकों को वेतन तक नहीं मिल रहा है। कांग्रेस ने मांग की है कि आरटीई के तहत नर्सरी, पीपी-वन और पीपी-टू से प्रवेश की पुरानी व्यवस्था बहाल की जाए, ताकि गरीब बच्चों का शिक्षा का अधिकार सुरक्षित रह सके।

दैनिक भास्कर 15 Feb 2026 7:03 pm

बालिका शिक्षा और नशामुक्ति का संकल्प:हरदा में बंजारा समाज ने सरकार से आरक्षण की मांग की; संत सेवालाल महाराज की जयंती मनाई

हरदा में बंजारा समाज ने रविवार को अपने आराध्य संत शिरोमणि श्री सेवालाल महाराज की 287वीं जयंती सादगीपूर्वक मनाई। इस अवसर पर बंजारा युवा संघ द्वारा आयोजित वार्षिक कार्यक्रम में समाज के उत्थान के लिए कई महत्वपूर्ण संकल्प लिए गए। समाज के अध्यक्ष कैलाश पंवार और बंजारा युवा संघ के प्रदेश मंत्री दिलीप नायक ने युवाओं को नशामुक्ति का संकल्प दिलवाया। अध्यक्ष पंवार ने अपने संबोधन में बालिका शिक्षा को विशेष महत्व देने का आह्वान किया और युवाओं को संत महापुरुषों के उपदेशों को जीवन में उतारने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में दूध डेयरी के पास स्थित संत सेवालाल महाराज की प्रतिमा का विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। इसके बाद महाआरती आयोजित की गई और उपस्थित सभी लोगों को प्रसाद वितरित किया गया। इस दौरान समाज से जुड़ी बुराइयों को दूर करने और युवाओं के लिए रोजगार के अवसर सृजित करने का भी संकल्प लिया गया। समाज के वरिष्ठ सदस्य रंजीत सिंह बंजारा और शिवानी नायक ने बताया कि जयंती महोत्सव के दौरान समाज ने संत सेवालाल महाराज के आदर्शों को दैनिक जीवन में अपनाने का संकल्प लिया है। संत सेवालाल महाराज ने संगठित रहने, अच्छे सिद्धांतों से जीवन जीने, नशे से दूर रहने और अपने अधिकारों के लिए तत्पर रहने का संदेश दिया था। इस अवसर पर समाज ने सरकार से महाराष्ट्र की तर्ज पर मध्य प्रदेश में भी 'टांडा विकास योजना' तत्काल लागू करने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उच्च शिक्षा के लिए उनकी मांगों पर विचार नहीं किया गया, तो समाज द्वारा आंदोलन की रूपरेखा तैयार की जाएगी। कार्यक्रम का संचालन वरिष्ठ रंजीत नायक और बाचुसिंह पंवार ने किया। इस मौके पर मुकेश नायक, छगन हलवाई, भारत पेंटर, सुभाष हलवाई, विमल नायक, जितेंद्र नायक, रवि पटू नायक सहित बड़ी संख्या में समाज के पुरुष, महिलाएं और युवा उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 15 Feb 2026 2:03 pm

DAVV के पूर्व कुलपति डॉ. भरत छापरवाल का निधन:कई दिनों से अस्वस्थ थे; शिक्षा और मेडिकल क्षेत्र में शोक की लहर

इंदौर के पूर्व कुलपति, वरिष्ठ शिक्षाविद् और मेडिकल काउंसिल ऑफ इंडिया के पूर्व चेयरमैन डॉ. भरत छापरवाल का रविवार को निधन हो गया। वे लंबे समय से अस्वस्थ चल रहे थे। डॉ. छापरवाल शिक्षा के क्षेत्र से लंबे समय तक जुड़े रहे और अपने कार्यकाल में उन्होंने अकादमिक गुणवत्ता, अनुशासन और प्रशासनिक पारदर्शिता को विशेष प्राथमिकता दी। डॉ. छापरवाल को एक सरल, सुलझे हुए और दूरदर्शी शिक्षाविद् के रूप में जाना जाता था। उन्होंने विश्वविद्यालयीन शिक्षा को समाज से जोड़ने और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए कई महत्वपूर्ण पहल कीं। उनके नेतृत्व में शैक्षणिक गतिविधियों को नई दिशा मिली और शोध, नवाचार तथा मूल्यपरक शिक्षा को बढ़ावा मिला। उनके निधन पर शिक्षा जगत से जुड़े कई वरिष्ठ शिक्षाविदों, सामाजिक संगठनों और पूर्व छात्रों ने गहरा शोक व्यक्त किया है।

दैनिक भास्कर 15 Feb 2026 12:49 pm

22 जिलों के डीपीओ को नोटिस, मांगा जवाब:फाइलों में कैद शिक्षा का पैसा, स्कूलों का विकास कार्य रुका

बिहार में सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए जारी बजट को खर्च करने में भारी लापरवाही सामने आई है। बिहार शिक्षा परियोजना परिषद ने बजट का 60 प्रतिशत हिस्सा भी खर्च न करने वाले नालंदा समेत 22 जिलों के डीपीओ से दो दिनों के भीतर स्पष्टीकरण मांगा है। राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने सख्त लहजे में कहा है कि तय सीमा में संतोषजनक व्यय न होना कार्यशैली पर सवाल खड़ा करता है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए वेतन मद को छोड़कर विकास कार्यों के लिए कुल ₹1044.44 करोड़ की ‘ड्रॉइंग लिमिट’ तय की गई थी। लेकिन 9 फरवरी 2026 तक गूगल ड्राइव पर मिली रिपोर्ट के मुताबिक, केवल ₹633.80 करोड़ (60.66%) ही खर्च किए जा सके हैं। कई जिलों में तो यह आंकड़ा 60% से भी नीचे है। इस कार्रवाई के बाद जिलों में हड़कंप है। नालंदा के जिला शिक्षा पदाधिकारी आनंद विजय ने सभी प्रखंडों को निर्देश दिया है कि एक सप्ताह के भीतर खर्च की गई राशि को 75 प्रतिशत तक पहुंचाएं। समय पर बजट खर्च न होने का सीधा असर स्कूलों के बुनियादी ढांचे और शैक्षणिक गतिविधियों पर पड़ रहा है। पत्र में स्पष्ट किया गया है कि राज्य स्तरीय कार्यालय द्वारा समय-समय पर पत्र, मार्गदर्शन एवं वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से निर्देश दिए गए थे। राज्य परियोजना निदेशक ने संबंधित जिलों के कार्यक्रम पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि पत्र प्राप्ति के दो दिनों के भीतर लिखित स्पष्टीकरण प्रस्तुत करें। साथ ही एक सप्ताह में उपलब्ध न्यूनतम 75 प्रतिशत व्यय सुनिश्चित करें। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है क्या है ड्राइंग लिमिट?वेतन मद की राशि को छोड़ अन्य जो भी स्कूलों के विकास मद में खर्च की जाने वाली राशि को बजटीय भाषा में ड्रॉइंग लिमिट कहा जाता है। इसमें केंद्र की भी राशि होती है, जो ड्रॉइंग लिमिट के तहत खर्च राशि के अनुसार मिलती है। इसका असर क्या?यह बजट स्कूलों की मरम्मत, पेयजल, लाइब्रेरी, और खेलकूद के सामान जैसे विकास कार्यों के लिए था। 22 जिलों में खर्च कम होने का मतलब है कि वहां के हज़ारों बच्चे आधुनिक सुविधाओं से वंचित रह गए। किन जिलों ने 60% से कम खर्च किया?पटना, नालंदा, लखीसराय, शिवहर, औरंगाबाद, मधेपुरा, मुजफ्फरपुर, सीतामढ़ी, गया, बक्सर, मधुबनी, गोपालगंज, मुंगेर, शेखपुरा, समस्तीपुर, अरवल, बांका, किशनगंज, खगड़िया, सहरसा, सीवान एवं सारण। आनन-फानन में फंड जारी होने से गुणवत्ता प्रभावित होगी सरकारी स्कूलों की व्यवस्था सुधारने के लिए जारी बजट का फरवरी के दूसरे सप्ताह तक केवल 60% खर्च होना यह बताता है कि अधिकांश जिलों में प्लानिंग की कमी थी। अब नोटिस के डर से अगले 15-20 दिनों में आनन-फानन में फंड जारी किए जाएंगे, जिससे काम की गुणवत्ता पर असर पड़ सकता है। बजट के निर्धारण में ड्रॉइंग लिमिट की भूमिका काफी अहम होती है। कम खर्च पर अगले वर्ष आवंटन में कटौती हो जाएगी। भास्कर एक्सपर्ट तय राशि से कम खर्च पर बजट में कटौती की जाएगी केंद्र सरकार द्वारा ड्राइंग लिमिट निर्धारित किया जाता है। इसी के अनुसार शिक्षकों और कर्मियों के वेतन को छोड़कर अन्य सभी मदों में खर्च करने के लिए अलग-अलग राशि आवंटित की जाती है। केंद्र सरकार पीएफएमएस पोर्टल से आवंटित राशि के खर्च पर नजर रखती है। इस साल के बजट में खर्च राशि के आधार पर ही अगले साल के बजट में अगली किश्त की राशि मिलेगी। कम राशि खर्च होने पर कटौती होती है। -रितेश वर्मा, एमआईएस प्रभारी,नालंदा किस जिले ने कितना खर्च किया... लखीसराय-47.18%, शिवहर-50.38, औरंगाबाद-51.03%, मधेपुरा-52.23%, मुज्जफरपुर-52.33%, सीतामढ़ी-52.81%, गया-53.73%, बक्सर-54.10%, मधुबनी-54.21%, नालंदा-55.24%, गोपालगंज-55.68%, मुंगेर-56.13%, शेखपुरा-56.22% ,समस्तीपुर-56.30%, अरवल-56.66%, बांका-57.44%, पटना-57.63%, किशनगंज-57.73%, खगड़िया-58.73%, सहरसा-58.76%, सीवान-59.97%, सुपौल-60.49%, जहानाबाद-60.72%, अररिया-61.05%, भागलपुर-61.25%, कैमूर-64.40%, वैशाली-65.01%, भोजपुर-66.11%, दरभंगा-66.69%, पूर्वी चम्पारण-66.77%, पूर्णिया-68.13%, कटिहार-68.72%, जमुई-68.74%, प. चम्पारण-69.05%, नवादा-72.13%,बेगूसराय-72.57%, रोहतास-80.14%

दैनिक भास्कर 15 Feb 2026 4:00 am

बेतिया में प्राइवेट स्कूल एसोसिएशन ने 13वां साल मनाया:डॉ. एन.एन. शाही व गरिमा देवी मुख्य अतिथि, अभिषेक रंजन ने शिक्षा में राजनीति से बचने की बात कही

बिहार के बेतिया में प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन ने अपना 13वां वर्षगांठ समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्वलित कर किया गया। इसमें जेडीयू के वरिष्ठ नेता डॉ. एन.एन. शाही, बेतिया की महापौर गरिमा देवी शिकारिया, चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन और प्रदेश अध्यक्ष मोहम्मद समायल अहमद मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थे। समारोह को संबोधित करते हुए चनपटिया विधायक अभिषेक रंजन ने कहा कि वे भले ही विपक्ष के विधायक हों, लेकिन सबसे पहले जनता के प्रतिनिधि हैं। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा के क्षेत्र में किसी भी प्रकार की राजनीति नहीं होनी चाहिए। आज सरकारी स्कूल कई समस्याओं से जूझ रहेविधायक रंजन ने सरकारी विद्यालयों की वर्तमान स्थिति पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज सरकारी स्कूल कई समस्याओं से जूझ रहे हैं, लेकिन सरकार इन समस्याओं के समाधान के लिए कोई सकारात्मक या प्रगतिशील नीति नहीं अपना रही है। उन्होंने सदन की स्थिति पर भी चिंता जताई, यह कहते हुए कि विपक्ष कमजोर है और सत्ता पक्ष के विधायक भी शिक्षा की वास्तविक समस्याओं को प्रभावी ढंग से नहीं उठा पा रहे हैं। विधायक ने सरकारी विद्यालयों में कक्षाओं, शिक्षकों और अन्य संसाधनों की कमी का मुद्दा उठाया और सरकार से इस दिशा में ठोस पहल करने की मांग की।

दैनिक भास्कर 14 Feb 2026 9:38 pm

अयोध्या को शैक्षिक उत्कृष्टता का केंद्र बनाने पर जोर:आध्यात्मिक नगरी से शैक्षिक उत्कृष्टता की ओर, संवाद, संस्कार और शिक्षा का संगम

अयोध्या को शैक्षिक रूप से विशिष्ट पहचान दिलाने के उद्देश्य से “वाणी और व्यवहार” विषय पर प्रभावी शिक्षक प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का संयोजन हर्षवर्धन सिंह (संस्थापक, रामराज्य अयोध्या फाउंडेशन एवं प्रदेश महामंत्री, भारतीय जनता युवा मोर्चा) के नेतृत्व में हुआ। कार्यशाला झुनझुनवाला ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट परिसर स्थित झुनझुनवाला ऑडिटोरियम में सम्पन्न हुई। मुख्य अतिथि नरेंद्र भदौरिया (निदेशक, विश्व संवाद केंद्र लखनऊ) ने शिक्षकों के चरित्र, आदर्श आचरण और विद्यार्थियों के व्यक्तित्व निर्माण में उनके व्यवहार की निर्णायक भूमिका पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि प्रभावी संप्रेषण और सकारात्मक दृष्टिकोण से कक्षा का वातावरण प्रेरक बनता है, जिससे सीखने की गुणवत्ता स्वतः बढ़ती है। अपने संबोधन में हर्षवर्धन सिंह ने कहा कि अयोध्या को आध्यात्मिक नगरी के साथ-साथ शैक्षिक उत्कृष्टता के केंद्र के रूप में स्थापित करना समय की आवश्यकता है। यदि शिक्षण प्रक्रिया में संवाद-कौशल, संस्कार और नैतिक मूल्यों का समावेश किया जाए, तो अयोध्या देश के लिए आदर्श शैक्षिक मॉडल बन सकती है। कार्यक्रम के दौरान डॉ. शालिनी अग्रवाल ने संवाद-कौशल आधारित सहभागिता कार्यशाला का संचालन किया। इसमें शिक्षकों ने व्यवहारिक गतिविधियों के माध्यम से प्रभावी संप्रेषण, सकारात्मक भाषा प्रयोग और विद्यार्थियों से संवेदनशील संवाद के व्यावहारिक तरीके सीखे। कार्यशाला में टाइनी टॉस स्कूल, जीडी गोयनका पब्लिक स्कूल तथा झुनझुनवाला ग्रुप ऑफ़ इंस्टीट्यूट के प्राचार्यों और शिक्षकों ने सक्रिय सहभागिता की। प्रतिभागियों ने इस पहल को अत्यंत उपयोगी बताते हुए ऐसे प्रशिक्षण कार्यक्रमों के नियमित आयोजन की अपेक्षा जताई। आयोजकों ने बताया कि भविष्य में भी शिक्षकों के कौशल विकास के लिए निरंतर प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाएंगे।

दैनिक भास्कर 14 Feb 2026 9:26 pm

केंद्रीय अधिकारी ने जैथरा, अवागढ़ विकास कार्यों की समीक्षा की:स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण और इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार के निर्देश दिए

भारत सरकार के आवास एवं शहरी मामले निदेशक तथा केंद्रीय प्रभारी अधिकारी सुनील कुमार यादव की अध्यक्षता में विकास भवन स्थित शताक्षी सभागार में एक समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आकांक्षात्मक विकास खण्ड जैथरा और अवागढ़ में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं और कार्यक्रमों की अद्यतन स्थिति एवं प्रगति का विस्तृत जायजा लिया गया। दो दिवसीय जनपद भ्रमण के तहत आयोजित इस बैठक में निदेशक ने स्वास्थ्य, बाल विकास एवं पुष्टाहार विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए। उन्होंने जोर दिया कि स्वास्थ्य सेवाएँ अंतिम व्यक्ति तक सहजता से पहुँचें और कोई भी बच्चा कुपोषित न रहे। विद्यालयों से ड्रॉप आउट हो रहे बच्चों की पहचान कर अभिभावकों के साथ बैठकें आयोजित करने और उन्हें पुनः शिक्षा से जोड़ने के लिए प्रेरित करने को कहा गया। यादव ने विकास खण्डों में सामाजिक एवं आर्थिक अवसंरचना को सुदृढ़ करने पर बल दिया। उन्होंने आशा, एएनएम और अन्य स्वास्थ्य कर्मियों के रिक्त पदों को शीघ्र भरने के निर्देश दिए। साथ ही, प्रधानमंत्री आवास योजना के पात्र लाभार्थियों को चिन्हित कर उन्हें आवास उपलब्ध कराने और भारत नेट की व्यवस्था जल्द सुनिश्चित करने पर भी जोर दिया। समीक्षा के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण, टीकाकरण, आयुष्मान कार्ड, आईसीडीएस, प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि योजना, राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन, ग्रामीण पेयजल योजना, कौशल विकास, भारत नेट, बेसिक शिक्षा, कृषि, पंचायती राज और सोशल डेवलपमेंट सहित विभिन्न संकेतकों पर विस्तृत चर्चा हुई। कुछ योजनाओं में ऑनलाइन डेटा फीडिंग और वास्तविक प्रगति में अंतर पाए जाने पर सुधार के निर्देश दिए गए। शिक्षा एवं स्वास्थ्य के संकेतकों में अपेक्षित प्रगति न होने पर विशेष सुधारात्मक कार्यवाही सुनिश्चित करने को कहा गया। राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन के तहत स्वयं सहायता समूहों के गठन की प्रक्रिया में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जरूरतमंद महिलाओं को इन समूहों से जोड़कर उनकी आजीविका में वृद्धि करने और उन्हें जन जागरूकता कार्यक्रमों से जोड़ने पर भी बल दिया गया। मुख्य विकास अधिकारी डॉ. नागेंद्र नारायण मिश्र ने केंद्रीय प्रभारी अधिकारी को आश्वस्त किया कि उनके निर्देशों का प्रभावी अनुपालन सुनिश्चित किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आकांक्षात्मक विकास खण्डों में विकास कार्यों में तेजी लाई जाएगी। बैठक में परियोजना निदेशक सुरेंद्र कुमार गुप्ता, मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. राजेंद्र प्रसाद, उपायुक्त एनआरएलएम प्रतिमा निमेष, जिला अर्थ एवं संख्याधिकारी प्रदीप कुमार, उप कृषि निदेशक समित कुमार, जिला कृषि अधिकारी डॉ. मनवीर सिंह, एलडीएम, जिला पंचायत राज अधिकारी मो. राशिद, बेसिक शिक्षा अधिकारी दिनेश कुमार, जिला प्रोबेशन अधिकारी अजयपाल सिंह, जिला कार्यक्रम अधिकारी संजय कुमार सिंह, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी आर.पी. शर्मा, अधिशासी अभियंता जल निगम ग्रामीण, खंड विकास अधिकारी जैथरा अजीत सिंह, खंड विकास अधिकारी अवागढ़ पी.एस. आनंद, खंड शिक्षा अधिकारी अनिल कुमार, एमओआईसी अवागढ़ डॉ. ब्रजेश कुमार, एमओआईसी जैथरा डॉ. राहुल चतुर्वेदी, अपर जिला सांख्यिकी अधिकारी डॉ. मुनीश कुमार, वरिष्ठ सहायक श्रवण कुमार सहित संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे है।

दैनिक भास्कर 14 Feb 2026 6:15 pm

मां बाड़ी शिक्षा सहयोगियों ने केंद्रों पर ताला लगाया:सलूंबर में सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन, मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा

सलूंबर में मां बाड़ी शिक्षा सहयोगियों ने अपनी मांगों को लेकर जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। विरोध स्वरूप उन्होंने अपने-अपने केंद्रों पर ताला लगा दिया और सलूंबर पहुंचे। सरकार के खिलाफ जताया विरोध जिले के सभी मां बाड़ी डे केयर के शिक्षा सहयोगियों ने प्रदेश सरकार के प्रति विरोध जताते हुए यह कदम उठाया। उन्होंने जिला कलेक्टर अवधेश मीणा को ज्ञापन देकर अपनी स्थिति स्पष्ट की। ज्ञापन में बताया गया कि टीएसपी, टाडा माडा और सहरिया क्षेत्रों में टीएडी विभाग, राजस्थान सरकार द्वारा 3006 मां बाड़ी डे केयर योजनाएं संचालित की जा रही हैं। वर्तमान में ये योजनाएं स्वच्छ परियोजना के तहत चल रही हैं, जिनमें लगभग 4600 शिक्षा सहयोगी कार्यरत हैं। ये है मुख्य मांगें शिक्षा सहयोगियों की मुख्य मांग है कि उन्हें जनजाति ग्राम विकास समिति से हटाकर वरिष्ठता के आधार पर कैडर निर्धारण किया जाए। साथ ही, सभी को राजस्थान कॉन्ट्रेक्चुअल हायरिंग टू सिविल पोस्ट रूल्स 2022 में शामिल किया जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर बजट एप्रोप्रिएशन बिल में उनकी यह मांग पूरी नहीं होती है, तो मां बाड़ी डे केयर केंद्र पूरी तरह बंद रहेंगे। इसके अलावा, सभी शिक्षा सहयोगी पेन डाउन स्ट्राइक पर रहेंगे। इन्होंने सौंपा ज्ञापन ज्ञापन सौंपते समय संगठन के जिलाध्यक्ष उदय लाल मीणा, थावरचंद, रामलाल, केशव लाल, दिनेश मीणा, रमेश मीणा, लक्ष्मण और नाथू लाल सहित बड़ी संख्या में शिक्षा सहयोगी मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 14 Feb 2026 4:51 pm

'शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा'-DEO:जहानाबाद में शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर 'गुरु गोष्ठी',कहा- होमवर्क जांच अनिवार्य

जहानाबाद में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए जिला शिक्षा विभाग ने 'गुरु गोष्ठी' कार्यक्रम का आयोजन किया। इस दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) सरस्वती कुमारी ने प्रधानाचार्यों के साथ बैठक कर भविष्य का रोडमैप तैयार किया और कई कड़े निर्देश दिए। इस पहल का उद्देश्य सरकारी विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता को बढ़ाना और शिक्षण गतिविधियों की समीक्षा करना है। यह कार्यक्रम जहानाबाद, मखदुमपुर, मोदनगंज, घोसी, काको और हुलासगंज प्रखंडों में आयोजित किया गया, जहां शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने प्रधानाचार्यों से सीधा संवाद किया। मखदुमपुर प्रखंड के कन्या मध्य विद्यालय में आयोजित मुख्य गोष्ठी को संबोधित करते हुए DEO सरस्वती कुमारी ने स्पष्ट किया कि अब शिक्षा की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। उन्होंने लगभग 200 विद्यालयों के प्रधानाचार्यों और प्रधानशिक्षकों को बच्चों को नियमित होमवर्क देने और शिक्षकों द्वारा उसकी प्रतिदिन जांच अनिवार्य रूप से करने का निर्देश दिया। विद्यालय का वातावरण ऐसा हो, कि बच्चे स्वयं आकर्षित हों DEO ने इस बात पर भी जोर दिया कि विद्यालय का वातावरण ऐसा होना चाहिए जिससे बच्चे स्वयं आकर्षित हों। इसके लिए उन्होंने साफ-सफाई की उचित व्यवस्था, बच्चों का अनिवार्य रूप से यूनिफॉर्म में आना और वर्ग-सापेक्ष शिक्षण पद्धतियों का कड़ाई से पालन सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने अनुशासन और प्रेरणादायक माहौल को बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने का सबसे सशक्त माध्यम बताया। प्रधानाध्यापकों ने विद्यालयों की समस्याएं बताईं जिले के अन्य प्रखंडों में जिला कार्यक्रम पदाधिकारी सुष्मिता भारद्वाज और गोविंद कुमार ने भी प्रधानाध्यापकों के साथ विस्तृत चर्चा की। गोष्ठी के दौरान प्रधानाध्यापकों ने अपने विद्यालयों की समस्याओं, संसाधनों की कमी और नवाचारी सुझाव अधिकारियों के समक्ष रखे। DEO सरस्वती कुमारी ने कई प्रधानाचार्यों द्वारा प्रस्तुत किए गए रचनात्मक कार्यों और नवाचारपूर्ण शिक्षण विधियों की सराहना की और उन्हें अन्य विद्यालयों के लिए रोल मॉडल बताया।

दैनिक भास्कर 14 Feb 2026 4:19 pm

श्रावस्ती की दो पंचायतों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा:आगा खान फाउंडेशन, टाटा मोटर्स ने शुरू की ऑनलाइन क्लास; बढ़ रही बच्चों की उपस्थित

श्रावस्ती जनपद की अचरौरा शाहपुर और खलीफतपुर ग्राम पंचायतों में डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए एक नई पहल शुरू की गई है। आगा खान फाउंडेशन ने टाटा मोटर्स के सहयोग से इन पंचायतों में ऑनलाइन एलसीडी टीवी के माध्यम से कक्षाएं संचालित की हैं। लगभग एक माह पहले शुरू हुई इस पहल के सकारात्मक परिणाम अब सामने आ रहे हैं। पहले विद्यालयों में बच्चों का नामांकन तो पर्याप्त था, लेकिन उनकी उपस्थिति कम रहती थी। ऑनलाइन टीवी क्लास शुरू होने के बाद बच्चों में पढ़ाई के प्रति उत्साह और रुचि बढ़ी है। डिजिटल माध्यम से शिक्षा मिलने के कारण बच्चे अब नियमित रूप से विद्यालय आ रहे हैं, जिससे उपस्थिति दर में उल्लेखनीय वृद्धि हुई है और शिक्षण व्यवस्था में भी सुधार हुआ है। इन कक्षाओं में हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान सहित अन्य विषय पढ़ाए जा रहे हैं। एलसीडी स्क्रीन के माध्यम से दृश्य-श्रव्य पाठ बच्चों को आसानी से समझ आ रहे हैं। आधुनिक तकनीक का उपयोग जटिल विषयों को सरल बनाने में मदद कर रहा है, जिससे बच्चों की शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार हो रहा है। इस पहल को ग्रामीण अभिभावकों और स्थानीय समुदाय का भी समर्थन मिल रहा है। अभिभावक बच्चों की बढ़ती रुचि और नियमित उपस्थिति से संतुष्ट हैं। आगा खान फाउंडेशन से जुड़े सुशील यादव ने बताया कि टाटा मोटर्स के सहयोग से अचरौरा शाहपुर और खलीफतपुर में ऑनलाइन कक्षाएं संचालित की जा रही हैं। उन्होंने कहा कि पहले नामांकन अधिक था, लेकिन उपस्थिति कम रहती थी। ऑनलाइन एलसीडी से पढ़ाई शुरू होने के बाद बच्चों का आकर्षण बढ़ा है और वे रुचि के साथ विद्यालय आ रहे हैं। यादव ने बताया कि संस्था हिंदी, अंग्रेजी, गणित और विज्ञान की शिक्षा प्रदान कर रही है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा का स्तर मजबूत हो रहा है। इस पहल को ग्रामीण शिक्षा के क्षेत्र में एक सकारात्मक और प्रेरणादायक कदम माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 14 Feb 2026 2:17 pm

योगी शिक्षा मंत्री की कहानी सुनाकर खिलखिलाकर हंसे:महाना ने गुस्से में हेडफोन फेंका; VIDEO में देखिए विधानसभा का 5वां दिन कैसा रहा?

यूपी विधानमंडल बजट सत्र के 5वें दिन विधानसभा स्पीकर सतीश महाना भाजपा विधायक केतकी सिंह पर भड़क उठे। उन्होंने हेडफोन निकालकर फेंक दिया। सीएम योगी ने सपा के शिक्षा मंत्री की कहानी सुनाई। फिर खिलखिलाकर हंसे तो भाजपा तो क्या सपा के भी विधायक ठहाके मारकर हंस पड़े। VIDEO देखिए…

दैनिक भास्कर 14 Feb 2026 5:42 am

नई नीति बनने तक ग्रेड थर्ड शिक्षकों के तबादले नहीं हो सकेंगे : शिक्षामंत्री

विधानसभा में प्रश्नकाल के दौरान थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादलों को लेकर हंगामा हुआ। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर और नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के बीच तीखी नोकझोंक हुई। जूली ने कहा कि सरकार थर्ड ग्रेड शिक्षकों को गुमराह कर रही है। भाजपा ने घोषणा पत्र में तबादला नीति बनाने की बात कही थी, लेकिन आधा कार्यकाल बीत चुका है। नीति कब बनेगी और तबादले कब होंगे? अभी तक स्पष्ट नहीं है। इस पर पलटवार करते हुए दिलावर ने कहा कि भाजपा सरकार के समय 2200 से अधिक तबादले किए गए थे, जबकि कांग्रेस शासन में एक भी तबादला नहीं किया गया। उन्होंने कहा, ‘आप लोग तब कहां थे?’ शिक्षा मंत्री ने बताया कि नई तबादला नीति प्रक्रियाधीन है। इसके अंतिम रूप लेने के बाद ही तबादलों पर विचार किया जाएगा। विधायकों की अभद्र भाषा और गलत इशारों का मुद्दा उठा कोर्ट में मामला : जेजेएम घोटाले वाले इलाकों में पेयजल योजनाओं के काम बंद जल जीवन मिशन घोटाले का मामला प्रश्नकाल और शून्यकाल दोनों में उठा। जलदाय मंत्री कन्हैयालाल चौधरी ने बताया कि जेजेएम में फर्जी प्रमाण पत्रों पर काम लेने वाली फर्म मैसर्स श्री श्याम ट्यूबवेल और गणपति ट्यूबवेल को ब्लैकलिस्ट किया गया था। दोनों फर्में अदालत से अन्य ठेकेदारों को काम आवंटित नहीं करने का आदेश ले आईं। विभाग ने हाईकोर्ट में अपील की है, लेकिन मामला डेढ़ साल से लंबित है। फर्जी डिग्रियों पर सख्ती; निजी विविके लिए बनेगा नियामक आयोग प्रश्नकाल में निजी विश्वविद्यालयों में भर्तियों में अनियमितता और बैकडेट में फर्जी डिग्रियां जारी करने का मुद्दा उठा। उच्च शिक्षा मंत्री प्रेमचंद बैरवा ने बताया कि 10 विश्वविद्यालयों की जांच के आदेश दिए हैं। विधायक कालीचरण सराफ ने पूछा कि क्या अन्य राज्यों की तर्ज पर निजी विश्वविद्यालयों के नियंत्रण के लिए नियामक आयोग गठित किया जाएगा? मंत्री ने कहा कि प्रारूप तैयार है। विधि विभाग को भेजने के बाद कैबिनेट में रखा जाएगा। शून्यकाल में अभद्र भाषा के इस्तेमाल और आपत्तिजनक इशारे करने वाले विधायकों की सदस्यता समाप्त करने की मांग उठी। स्पीकर वासुदेव देवनानी ने कहा कि मामला गंभीर है और सोशल मीडिया पर प्रदेश की आठ करोड़ जनता विधानसभा की कार्यवाही देखती है। भाजपा विधायक श्रीचंद कृपलानी ने व्यवस्था का प्रश्न उठाते हुए कहा कि पहले धारीवाल ने दो बार गालियां दीं, फिर राजाखेड़ा से विधायक रोहित बोहरा ने आपत्तिजनक व्यवहार किया। भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित सदस्यों के खिलाफ कार्रवाई की जानी चाहिए। इस पर संसदीय मंत्री जोगाराम पटेल ने स्पीकर से कहा कि ऐसे सदस्यों को सदन में रहने का अधिकार नहीं है। वहीं, कांग्रेस विधायक रफीक खान ने कहा कि मामला इतना गंभीर नहीं है। स्पीकर ने पूरे मामले को गंभीर बताते हुए कहा कि वे वीडियो देखने के बाद उचित कार्रवाई करेंगे। दिलावर : हमने 2200 तबादले किए, आपने एक भी नहीं किए जूली : 2 साल में भी तबादला नीति नहीं

दैनिक भास्कर 14 Feb 2026 4:00 am

नेतृत्व शिखर सम्मेलन 16 सेदेशभर के शिक्षाविद् जुटेंगे, 28 सत्र में परंपरा से AI तक मंथन

जयपुर | राजस्थान विश्वविद्यालय, राज्य सरकार एवं विद्या भारतीय उच्च शिक्षा संस्थान के संयुक्त तत्वावधान में झालाना स्थित आरआईसी में राष्ट्रीय संस्थागत नेतृत्व शिखर सम्मेलन-2026 सोमवार को आयोजित होगा। इसमें देशभर के केन्द्रीय एवं डीम्ड विवि के कुलपति, आईआईटी, आईआईएम संस्थानों के निदेशक समेत शिक्षाविद् शामिल होंगे। आरयू की कुलगुरु प्रो. अल्पना कटेजा, आयुक्त (उच्च शिक्षा) डॉ. ओ.पी.बैरवा ने शुक्रवार को मीडिया को बताया कि दो दिन में विभिन्न विषयों पर 28 सत्र होंगे। इसमें भारतीय ज्ञान परंपरा, एआई, भारतीय भाषा परिवार, शिक्षक-शिक्षा में भविष्य जैसे अनेक मुद्दों पर मंथन किया जाएगा। विद्या भारती उच्च शिक्षा संस्थान के क्षेत्रीय संयोजक डॉ.संजय शर्मा के अनुसार इसकी रिपोर्ट तैयार कर राज्यपाल हरिभाऊ किशन राव बागड़े को सौंपी जाएगी। इसके बाद में केन्द्र सरकार को भेजी जाएगी। उद्घाटन समारोह में डिप्टी सीएम डॉ.प्रेमचंद बैरवा, एनसीटीई के चेयरमैन प्रो.पंकज अरोड़ा मौजूद रहेंगे। दूसरे दिन समापन सत्र में राज्यपाल और विधानसभा के अध्यक्ष वासुदेव देवनानी उपस्थित रहेंगे। ये प्रमुख वक्ता सम्मेलन में अनुभव करेंगे साझा प्रो.राजीव आहूजा ( निदेशक, आईआईटी रोपड़), प्रो. धनंजय सिंह (सदस्य सचिव, आईसीएसएसआर), प्रो.गांती.एस.मूर्ति (राष्ट्रीय समन्वयक, आईकेएस प्रभाग), चामू कृष्ण शास्त्री (अध्यक्ष, भारतीय भाषा समिति), प्रो. अरुण मोहन शैरी (निदेशक, आईआईटी लखनऊ), प्रो.जगदीश कुमार (पूर्व अध्यक्ष, यूजीसी), प्रो.श्रीनिवास वरखेड़ी (कुलगुरु, केन्द्रीय संस्कृत विवि) अपने अनुभव साझा करेंगे।

दैनिक भास्कर 14 Feb 2026 4:00 am

कॉलेज शिक्षा:असिस्टेंट प्रोफेसर व मंत्रालयिक कर्मचारियों की संविदा भर्ती पर संकट, चयन बोर्ड ने कहा-हमारे दायरे से बाहर

सरकारी कॉलेजों के लिए होने वाली असिस्टेंट प्रोफेसर और मंत्रालयिक कर्मचारियों (अशैक्षणिक) की संविदा भर्तियों पर संकट खड़ा हो गया है। उच्च शिक्षा विभाग ने इन पदों पर भर्ती के लिए राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड को अभ्यर्थना भेजी है। बोर्ड अभ्यर्थनाओं का परीक्षण करा रहा है। इसमें सामने आ रहा है कि असिस्टेंट प्रोफेसर के पदों पर भर्ती बोर्ड के अधिकार में नहीं है। इस पद पर भर्ती राजस्थान लोक सेवा आयोग करता है। साथ ही मंत्रालयिक कर्मचारियों की भर्ती को लेकर भी बोर्ड असमंजस में है। उधर, संविदा पर भर्ती का विरोध भी शुरू हो गया है। शिक्षकों ने इसके विरोध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री को ज्ञापन भेजकर कहा है कि इस तरह से होने वाली भर्ती को नई शिक्षा नीति-2020 के अनुकूल नहीं है। सरकार को नियमित भर्ती करनी चाहिए। उच्च शिक्षा विभाग ने पिछले दिनों चयन बोर्ड को असिस्टेंट प्रोफेसर के 3540 पदों पर और मंत्रालयिक कर्मचारियों के 1184 पदों पर संविदा भर्ती की अभ्यर्थना भेजी थी। बोर्ड ने अभी भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ नहीं की है। बोर्ड इन अभ्यर्थियों का परीक्षण करा है कि यह भर्तियों उसके अधिकार क्षेत्र में है या नहीं। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती के मामले में पिछले दिनों बोर्ड ने उच्च शिक्षा विभाग से यह मार्गदर्शन मांगा था कि यह पद राजपत्रित है या नहीं। इसको लेकर विभाग ने बोर्ड को कहा था कि यह ना तो राजपत्रित है और ना ही अराजपत्रित। क्योंकि यह संविदा भर्ती है। हालांकि चयन बोर्ड भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ करने से पहले अभी विभाग से ग्रेड पे व अन्य मामलों को लेकर स्पष्टीकरण चाह रहा है। इसके बाद ही बोर्ड भर्ती की प्रक्रिया प्रारंभ करने पर निर्णय लेगा। संविदा भर्ती करना राष्ट्रीय शिक्षा नीति के अनुरूप नहीं राजसेस महाविद्यालयों में संविदा आधारित नियुक्तियों और अस्थायी अकादमिक ढांचे का मॉडल राष्ट्रीय शिक्षा नीति–2020 की अवधारणा के अनुरूप नहीं है। यह व्यवस्था अस्थायी, असुरक्षित और नीति विरोधी है। संगठन इस तरह की भर्ती का विरोध करता है। काली पट्टी बांधकर शिक्षक इस पर विरोध जता चुके है। साथ ही प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री, राज्यपाल के नाम जिलों के प्रभारी मंत्री, जिला कलेक्टरों और उपखंड अधिकारियों को भी ज्ञापन सौंपा है। सभी राजसेस महाविद्यालयों को नियमित राजकीय महाविद्यालयों के रूप में परिवर्तित कर नियमित भर्ती की जाए। असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की अभ्यर्थना मिली है“चयन बोर्ड को संविदा पर असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती की अभ्यर्थना मिली है। बोर्ड इसका परीक्षण करा रहा है। इस पद पर भर्ती वैसे तो चयन बोर्ड नहीं कराता है। लेकिन फिर भी इस मामले पर सरकार के निर्देशों का इंतजार करेंगे। सरकार अगर हमें अनुमति देगी तो भर्ती को लेकर आगे की कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी।” -आलोक राज, अध्यक्ष, राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड

दैनिक भास्कर 14 Feb 2026 4:00 am

कानपुर के GSVM में हुआ वैज्ञानिक संवाद:फार्मेसी शिक्षा में नैतिकता पर जोर, नैनो टेक्नोलॉजी और क्लीनिकल रिसर्च पर हुई चर्चा

गणेश शंकर विध्यार्थी मेडिकल कॉलेज के फार्मेसी विभाग की ओर से 13 फरवरी 2026 को महाविद्यालय परिसर में एक दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन में देश के विभिन्न विश्वविद्यालयों, अनुसंधान संस्थानों और चिकित्सा महाविद्यालयों से आए हुए वैज्ञानिकों, शिक्षाविदों, शोधकर्ताओं, चिकित्सकों और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने भाग लिया। सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य औषधि विज्ञान, क्लीनिकल रिसर्च, फार्माकोलॉजी, फार्मास्युटिक्स और औषधीय प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में हो रहे नवीन शोध कार्यों, उभरती तकनीकों, नैतिक शोध पद्धतियों तथा रोगी सुरक्षा से जुड़े मुद्दों पर विस्तृत चर्चा की गई। साथ ही एकेडमिक, उद्योग और अनुसंधान संस्थानों के बीच समन्वय को मजबूत बनाने पर विशेष जोर दिया गया। दीप प्रज्ज्वलन से शुरुआत, राष्ट्रगान के साथ समापन कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती वंदना और दीप प्रज्ज्वलन से हुआ। स्वागत भाषण प्रो. अमिता तिलक ने दिया और कार्यक्रम का संचालन भी किया। GSVM के प्राचार्य डॉ. संजय काला ने कहा कि ऐसे राष्ट्रीय सम्मेलन छात्रों को शोध के नए आयामों से जोड़ते हैं और संस्थान की शैक्षणिक प्रतिष्ठा को सुदृढ़ करते हैं। इस कार्यक्रम में राज्य मंत्री मयंकेश्वर शरण सिंह विधानसभा सत्र के कारण उपस्थित नहीं हो सके, लेकिन उन्होंने संदेश भेजकर सम्मेलन की सफलता की शुभकामनाएं दीं और औषधि शिक्षा को राष्ट्रीय स्वास्थ्य नीति का महत्वपूर्ण हिस्सा बताया। पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों में दिखा छात्रों का उत्साह सम्मेलन के दौरान शोधार्थियों ने नैनो-प्रौद्योगिकी, क्लीनिकल फार्मेसी, हर्बल दवाओं और दवा सुरक्षा से संबंधित शोध कार्य पोस्टर और मौखिक प्रस्तुतियों के माध्यम से प्रस्तुत किए। विशेषज्ञ समिति द्वारा सभी शोध सारों का मूल्यांकन किया गया और उत्कृष्ट प्रस्तुतियों को प्रमाण पत्र व स्मृति चिह्न देकर सम्मानित किया गया। समापन अवसर पर आयोजन सचिव डॉ. सुधीर सिंह गंगवार ने सभी अतिथियों, वक्ताओं, प्रतिभागियों और आयोजन समिति के सदस्यों का आभार व्यक्त किया। फार्मेसी के विभागाध्यक्ष ने कहा कि भविष्य में भी ऐसे शोधोन्मुख और शैक्षणिक कार्यक्रम आयोजित किए जाते रहेंगे, ताकि विद्यार्थियों में नवाचार, वैज्ञानिक सोच और व्यावसायिक नैतिकता को बढ़ावा मिल सके।

दैनिक भास्कर 13 Feb 2026 6:16 pm

जीविका दीदियों ने बेटियों की शिक्षा को लिया संकल्प:बांका में बाल विवाह मुक्त भारत अभियान पर कार्यक्रम, सशक्तिकरण पर जोर

बांका में जिला पदाधिकारी नवदीप शुक्ला के निर्देश पर महिला एवं बाल विकास निगम ने जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया। यह कार्यक्रम ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना और ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ के तहत चांदन प्रखंड के नावाडीह स्थित संगम जीविका महिला विकास स्वाबलंबी सहकारी समिति लिमिटेड में हुआ। इसका मुख्य उद्देश्य महिलाओं और बालिकाओं को उनके अधिकारों, शिक्षा और सुरक्षा के प्रति जागरूक करना था। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला हब फॉर एंपावरमेंट ऑफ वीमेन (DHEW) के लैंगिक विशेषज्ञ और वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान महिलाओं को बेटियों के महत्व, समान अधिकार, ‘बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ’ योजना, वन स्टॉप सेंटर, 181 महिला हेल्पलाइन, जिला महिला सशक्तिकरण केंद्र (DHEW) और ‘बाल विवाह मुक्त भारत अभियान’ सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई। DHEW के लैंगिक विशेषज्ञ मो.महबूब आलम ने कार्यक्रम का संचालन करते हुए महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त बनने, सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। वित्तीय साक्षरता विशेषज्ञ शेखर कुमार दास ने बचत, बैंकिंग, डिजिटल लेनदेन, बाल विवाह रोकथाम और दहेज उन्मूलन जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर जानकारी प्रदान की। लैंगिक विशेषज्ञ श्रीकांत कुमार ने उपस्थित जीविका दीदियों को बेटियों की शिक्षा सुनिश्चित करने और लैंगिक समानता को बढ़ावा देने का संकल्प दिलाया। कार्यक्रम के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि बेटियाँ समाज की शक्ति हैं और उनके संरक्षण, शिक्षा तथा सशक्तिकरण से ही एक सशक्त राष्ट्र का निर्माण संभव है। इस अवसर पर जीविका समूह की अध्यक्ष सावित्री देवी, बुक कीपर श्रीमती मंजू पांडेय सहित कई सदस्य मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 13 Feb 2026 5:31 pm

हाजरी बनाकर गायब रहने वाले शिक्षक को ग्रामीणों ने रोका:सवाल करने पर बोले-काम से जा रहे घर;वीडियो वायरल, शिक्षा विभाग ने जांच की शुरू

बेतिया जिले के मैनाटांड प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय बेलवाटोला में हाजिरी बनाकर घर जा रहे एक शिक्षक को ग्रामीणों ने रास्ते में रोककर पूछताछ की। पूछताछ के दौरान शिक्षक ने स्वीकार किया कि वे किसी जरूरी कार्य से घर जा रहे थे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसके बाद शिक्षा विभाग ने जांच शुरू कर दी है। ग्रामीणों का आरोप है कि यह कोई पहली घटना नहीं है। उनके अनुसार, संबंधित शिक्षक प्रतिदिन सुबह हाजिरी बनाकर विद्यालय से चले जाते हैं और शाम में लौटकर चेक आउट करते हैं, जिससे बच्चों की पढ़ाई बाधित हो रही है। शौचालय पर हमेशा लगा रहता है ताला ग्रामीणों ने अन्य शिक्षकों पर भी गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका कहना है कि विद्यालय का शौचालय हमेशा ताला बंद रहता है, जिससे बच्चों को खुले में शौच करने के लिए मजबूर होना पड़ता है। यह बच्चों की सुरक्षा और स्वच्छता दोनों के लिए चिंता का विषय है। इसके अलावा ग्रामीणों का आरोप है कि मध्याह्न भोजन के बाद बच्चों से ही उनकी थालियां साफ कराई जाती हैं, जो नियमों के विरुद्ध है। अभिभावकों ने इसे बच्चों के अधिकारों का उल्लंघन बताया है। ग्रामीणों ने शिक्षा विभाग से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। शिक्षा पदाधिकारी ने कार्रवाई का दिया आश्वासन इस मामले में प्रभारी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी नीरज कुमार ने बताया कि उन्हें शिकायत मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच कराई जाएगी। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय कार्रवाई की जाएगी। दैनिक भास्कर इस वायरल वीडियो की पुष्टि नहीं करता है।

दैनिक भास्कर 13 Feb 2026 11:53 am

बजट सत्र का आज नौवां दिन:दोनों सदनों में कई मुद्दों पर घेरेगा विपक्ष; शिक्षा, स्वास्थ्य सहित कई विभाग के सवालों पर सरकार देगी जवाब

बिहार विधानसभा में बजट सत्र के 9वें दिन शुक्रवार को संदीप सौरभ, अख्तरुल ईमान समेत 6 सदस्यों से स्वास्थ्य विभाग से जुड़ी ध्यानाकर्षण सूचना पर सरकार का जवाब होगा। विधान मंडल के दोनों ही सदनों विधान सभा और विधान परिषद में विपक्ष सरकार को घेरेगा। विधानसभा में शिक्षा विभाग से जुड़े आलोक कुमार मेहता, भाई वीरेन्द्र और अन्य तीन सदस्यों से प्राप्त ध्यानाकर्षण पर सरकार का जवाब होगा। नगर आवास विभाग और पंचायती राज विभाग की ओर से राजू तिवारी, विनय कुमार और अन्य सात सदस्यों के सवालों का जवाब दिया जाएगा। इसके अलावा प्रश्नोत्तर काल के तहत अल्प सूचित और तारांकित प्रश्नों के उत्तर होंगे। वहीं, सामान्य प्रशासन विभाग के प्रभारी मंत्री बिहार सरकारी सेवक संशोधन नियमावली 2025, बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि नियमावली 2024, बिहार सरकारी सेवक की परिवीक्षा अवधि संशोधन नियमावली 2025 और बिहार प्रशासनिक सेवा भर्ती और सेवा शर्त नियमावली 2025 की प्रति सदन की मेज पर रखेंगे। विधान परिषद में ध्यानाकर्षण बिहार विधान परिषद की कार्यवाही में प्रश्न काल के अलावा नॉर्थ बिहार पावर डिस्ट्रीब्यूशन कंपनी लिमिटेड पटना के वित्तीय वर्ष 2021-22 और 2022-23 का वार्षिक प्रतिवेदन की प्रति सदन की मेज पर रखी जानी है। ध्यानाकर्षण के तहत डॉ. मदन मोहन झा, वंशीधर ब्रजवासी, प्रो. वीरेन्द्र नारायण यादव, नवल किशोर यादव, डॉ. संजीव कुमार सिंह के सवाल हैं। कल सीएम और राजद विधायक में हुई थी नोकझोंक बजट सत्र के आठवें दिन गुरुवार को नीतीश कुमार और राजद विधायक भाई वीरेंद्र में नोक-झोंक हुई थी। दरअसल, राजद विधायक पानी में आर्सेनिक का मुद्दा उठा रहे थे, इसी बीच मुख्यमंत्री ने उनके स्वेटर को देख कर कहा- ‘इतने कपड़े क्यों पहने हो।’ इस पर भाई वीरेंद्र ने कहा- ‘आपने ही तो दिया है, छोटे भाई को भूल जाते हैं। इसलिए कहते हैं समय पर दवा खाया कीजिए।’ जिसके बाद डिप्टी सीएम सम्राट चौधरी सीएम को डिफेंड करने उठे और कहा, ‘सीएम की चिंता है कि इतना कपड़ा क्यों पहने हैं, इतनी तो ठंढ नहीं है।’ काली पट्टी बांधकर पहुंचे थे विपक्ष के नेता सदन की कार्यवाही से पहले कांग्रेस विधायक अभिषेक रंजन मुंह पर काली पट्टी बांधकर विधानसभा पहुंचे। उन्होंने कहा, ‘सरकार भी अपराध पर बोलने से ऐसे ही बच रही है।’ वहीं पोर्टिको में राजद विधायकों ने बैनर-पोस्टर लेकर प्रदर्शन किया। बैनर पर लिखा था- ‘मोदी-नीतीश से बिहार को बचाओ।’ ‘बिहार अपराध-बेरोजगारी में नंबर वन है।’

दैनिक भास्कर 13 Feb 2026 8:27 am

शिक्षा विभाग का सर्वे:स्कूलों की मरम्मत के लिए 20 हजार करोड़ के प्रस्ताव, बजट में मात्र 500 करोड़, जर्जर भवनों में कैसे पढ़ेंगे भयाक्रांत बच्चे

प्रदेश में करीब 3768 स्कूल जर्जर हैं। इनको जीर्ण-शीर्ण घोषित किया गया। इनमें से 2558 भवनों को औपचारिक रूप से जर्जर घोषित किया जा चुका है और 1210 को प्रक्रिया में रखा गया है। वैसे असुरक्षित की श्रेणी में 5667 स्कूलों को रखा गया है। झालावाड़ घटना के बाद ठीक कराने के लिए 20 हजार करोड़ रुपए का प्रस्ताव बनाया गया, मगर बुधवार को बजट में सिर्फ 500 करोड़ रुपए ही आवंटित हुए। हालांकि शिक्षा विभाग इसको लेकर वाहवाही बता रहा है, मगर कम राशि मिलने का मतलब साफ है कि आने वाले मानसून में मरम्मत से वंचित होने वाले जर्जर स्कूलों में बच्चों को बैठना होगा। दरअसल, झालावाड़ स्कूल की घटना के बाद शिक्षा विभाग ने पूरे प्रदेश में जर्जर स्कूलों का सर्वे कराया था। सामने आया कि प्रदेश में 5667 स्कूल पूरी तरह असुरक्षित हैं। एक प्रारंभिक सर्वे में पाया गया कि लगभग 5667 स्कूल इतने खराब हैं कि उन्हें पूरी तरह असुरक्षित माना गया, जहां पूरी तरह भवन का उपयोग करना खतरनाक है। 86,934 कक्षाएं पूरी तरह जर्जर हैं। राज्य के सरकारी स्कूलों की कुल 63,018 स्कूलों में से लगभग 86,934 कक्षाएं पूरी तरह असुरक्षित और जर्जर हैं। 41,178 स्कूलों को छोटे से बड़े स्तर पर मरम्मत की आवश्यकता है। सरकारी आंकड़ों के अनुसार 41,178 स्कूलों में मरम्मत की आवश्यकता है, हालांकि ये पूरी तरह असुरक्षित तो नहीं, पर मरम्मत जरूरी है। प्रदेश के स्कूलों में 17,109 शौचालयों को जर्जर घोषित किया गया है। इसके साथ ही 29,093 शौचालयों को मरम्मत की जरूरत खुद शिक्षा विभाग ने माना है। अब सवाल ये है कि शिक्षा विभाग ने जो 20 हजार करोड़ का प्रस्ताव भेजा था, उसमें से सिर्फ 500 करोड़ से क्या होगा। एक हजार करोड़ से तो शौचालयों की ही मरम्मत हो सकेगी, क्योंकि हाल ही में न्यायालय में सुनवाई हुई थी, जिसमें अधिकारियों से सवाल-जवाब हुए थे। “स्कूलों के लिए जो बजट आवंटित हुआ है, उसके अलावा विधायक निधि, डीएमएफटी, सांसद कोटा समेत भामाशाहों से भी मदद ली जाएगी। बच्चों की सुरक्षा को लेकर सरकार चिंतित है और इसके लिए कदम उठाएगी।”-रामलाल शर्मा,भाजपा प्रवक्ता ने बजट पर सफाई दी

दैनिक भास्कर 13 Feb 2026 6:01 am

हरियाणा शिक्षा विभाग में प्रोग्रामर रेग्यूलर करने पर विवाद:असिस्टेंट डायरेक्टर ने सरकार को भेजी शिकायत, लिखा- होनी चाहिए सभी प्रोग्रामरों की डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन

हरियाणा के शिक्षा विभाग में 2014 की रेगुलराइजेशन पॉलिसी के तहत नियमित किए गए प्रोग्रामर पर विवाद खड़ा हो गया है। जिसका खुलासा शिक्षा विभाग की सीनियर अधिकारी और सहायक निदेशक द्वारा हरियाणा सरकार को लिखे गए पत्र से हुआ है। विभाग की असिस्टेंट डायरेक्टर ने सरकार को भेजे लेटर में लिखा है कि साल 2014 की रेगुलराइजेशन नीति के तहत शिक्षा विभाग में प्रोग्रामर को नियमित करते हुए बहुत सारी अनियमितता बरती गई हैं। जिसमें वरूण अग्रवाल प्रोग्रामर के मामले में विभाग ने नियमों और जरूरी शर्तों व क्राइटेरिया को दरकिनार करते हुए नियमित किया गया पाया गया। पत्र में आगे लिखा गया है कि जिन कर्मचारी/अधिकारियों द्वारा ये अनियमितताएं की गई है उन पर सख्त अनुशासनिक कार्यवाही होनी चाहिए। ऐसे प्रोग्रामर जिनको 3 वर्ष के अनुभव और बिना शैक्षणिक योग्यता पूर्ण करते हुए नियमित किया गया है, को तुरंत प्रभाव से रिवर्ट किया जाना बनता है ताकि हरियाणा सरकार पर जो वर्ष 2014 से अब तक वित्तीय हानि हुई है उससे बचा जा सके। यह स्पष्ट करना आवश्यक है कि ये नियम वर्ष 2014 से पहले लागू थे और कानूनी रूप से अनिवार्य हैं। इन नियमों में 'या समकक्ष शब्द नहीं है। इसलिए इनके अलावा किसी अन्य योग्यता को मान्य नहीं माना जा सकता। 3 पॉइंट में समझिए 2 केसों का उदाहरण.. तीन बिंदुओं पर जांच की मांग…

दैनिक भास्कर 13 Feb 2026 5:00 am

गुरुवार को ही क्यों आरंभ होती हैं शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं?

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की परीक्षाएं गुरुवार 12 फरवरी 2026 से राज्यभर में आरंभ हो गईं। क्या आपको पता है कि सालों से बोर्ड की परीक्षाएं हर बार गुरुवार से ही क्यों आरंभ होती हैं? हालांकि परीक्षाएँ अक्सर गुरुवार से शुरू होने के पीछे कोई एक आधिकारिक, लिखित “धार्मिक नियम” नहीं है, बल्कि यह परंपरा, ... Read more

अजमेरनामा 13 Feb 2026 4:33 am

उच्च शिक्षा विभाग ने दोनों पक्षों को तलब किया

लुधियाना| श्री आत्म वल्लभ जैन कॉलेज से कथित रूप से गैर-कानूनी तरीके से निकाले गए कर्मचारी कुलभूषण शर्मा का दिन-रात का धरना 25वें दिन भी जारी है। कुलभूषण शर्मा ने बताया कि उनकी शिकायत पर उच्च शिक्षा विभाग (डीएचई) के डायरेक्टर ने दोनों पक्षों को अपने कार्यालय में तलब किया है। शर्मा ने कहा कि एयूसीटी जत्थेबंदी के प्रधान प्रो. घई और उनके सहयोगियों की मेहनत से अब मामले की सुनवाई शुरू हो गई है और उन्हें जल्द न्याय मिलने की उम्मीद जगी है। उन्होंने बताया कि पंजाब यूनिवर्सिटी के वाइस चांसलर द्वारा भी मामले की जांच के लिए कमेटी गठित की जाएगी। धरने के साथ-साथ कुलभूषण शर्मा और उनके परिवार का भूख हड़ताल भी जारी है, जो 9वें दिन में प्रवेश कर गई। धरने में संजय किमोठी, वेद प्रकाश, गुरदेव सिंह, दिनेश गौड़, राहुल गौड़, परवीन, वोहरा, जगत सिंह, हेमराज सैनी, अजीत, राकेश तिवारी, मनी वर्मा, गुरमीत सिंह और विनीत सहित कई समर्थक शामिल हुए।

दैनिक भास्कर 13 Feb 2026 4:00 am

प्रॉक्सी शिक्षकों पर सख्ती के निर्देश, शिक्षा विभाग ने गठित की जांच समितियां और फ्लाइंग स्क्वॉड

उदयपुर| अब यदि कोई शिक्षक अपनी जगह किसी अन्य व्यक्ति (प्रॉक्सी) को स्कूल में पढ़ाने के लिए भेजता है, तो उसे भारी नुकसान उठाना पड़ सकता है। सरकार ऐसे शिक्षकों को सीधे सेवा से अलग कर सकती है। दरअसल, कई जिलों में जनप्रतिनिधियों से लेकर आमजन तक की ओर से प्रॉक्सी शिक्षकों से संबंधित शिकायतें प्राप्त हो रही हैं। इसी को गंभीरता से लेते हुए प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने कड़ा रुख अपनाया है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्र के विद्यालयों में आकस्मिक निरीक्षण के लिए फ्लाइंग स्क्वॉड गठित करें। इसके साथ ही संपर्क पोर्टल पर प्राप्त प्रॉक्सी शिक्षकों से संबंधित शिकायतों की भी गहन जांच की जाएगी। निदेशालय ने इस प्रकरण को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए सभी अधिकारियों को निर्देशित किया है कि की गई कार्रवाई की रिपोर्ट दो दिन के भीतर अनिवार्य रूप से कार्यालय को भेजी जाए। जांच रिपोर्ट ईमेल आईडी samparkpor tal.ele@gm ail.com पर प्रेषित करने के निर्देश दिए गए हैं। निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी इन आदेशों का उद्देश्य शिक्षण व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करना तथा फर्जी तरीके से कार्यरत शिक्षकों पर रोक लगाना है। उच्चाधिकारियों ने सभी जिलों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि विशेष रूप से ग्रामीण और दूरदराज क्षेत्रों के विद्यालयों पर फोकस किया जाए। उच्च न्यायालय द्वारा मंजू गर्ग बनाम राजस्थान राज्य याचिका में दिए गए आदेशों की पालना में निदेशक, प्रारंभिक शिक्षा ने राज्य के सभी जिलों में जांच समितियों और फ्लाइंग स्क्वॉड के गठन के निर्देश जारी किए हैं। न्यायालय ने 31 जुलाई 2024 और 28 अक्टूबर 2025 की सुनवाई के दौरान स्कूलों में प्रॉक्सी शिक्षकों की उपस्थिति पर चिंता व्यक्त की थी। अदालत ने विभाग को आवश्यक कार्रवाई कर पालना रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए थे। इसी क्रम में निदेशालय ने जिला स्तर पर विशेष निगरानी टीमें तैनात करने का निर्णय लिया है। तीन सदस्यीय जांच समिति का स्वरूप : प्रॉक्सी शिक्षकों की पहचान और जांच के लिए प्रत्येक जिले में एक उच्च स्तरीय समिति गठित की जाएगी। इसमें अध्यक्ष: मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी (सीडीईओ), सदस्य: जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय, प्रारंभिक शिक्षा) और सदस्य के रूप में संबंधित ब्लॉक के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी (सीबीईओ) को शामिल करना है।

दैनिक भास्कर 13 Feb 2026 4:00 am

शिक्षा सेवकों की मांगों के लिए केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी को सौंपा जाएगा ज्ञापन

सिटी रिपोर्टर|रजौली रजौली प्रखंड क्षेत्र के उत्क्रमित उच्च माध्यमिक विद्यालय बलिया में शिक्षा व्यवस्था और प्रशासनिक दायित्वों के बीच टकराव की स्थिति उत्पन्न हो गई है। विद्यालय के एकमात्र विज्ञान शिक्षक शन्नी कुमार को मतदान केंद्र संख्या-360 बलिया पश्चिम भाग के लिए बीएलओ (बूथ लेवल ऑफिसर) नियुक्त किए जाने के बाद पठन-पाठन प्रभावित होने की आशंका गहरा गई है। प्रधानाध्यापक सतीश कुमार ने बताया कि शन्नी कुमार कक्षा 9वीं, 10वीं, 11वीं एवं 12वीं के विद्यार्थियों को विज्ञान विषय की पढ़ाई कराते हैं। ऐसे में उनकी बीएलओ ड्यूटी लगने से विद्यालय की शैक्षणिक गतिविधियों पर सीधा असर पड़ेगा। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए प्रधानाध्यापक ने सहायक निर्वाचक निबंधन पदाधिकारी सह प्रखंड विकास पदाधिकारी को पत्र लिखकर शिक्षक को चुनावी कार्य से मुक्त करने की मांग की है। नवादा|बिहार मुसहर भुईंया शिक्षा सेवक महासंघ के प्रदेश सचिव सह जिला अध्यक्ष मुकेश मांझी ने बताया कि सोमवार को केंद्रीय मंत्री जीतनराम मांझी एक दिवसीय दौरे पर जिले के कौआकोल प्रखंड के महुडर गांव पहुंचेंगे। इस दौरान उनके साथ बिहार सरकार के मंत्री संतोष मांझी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों के भी आने की संभावना है। कार्यक्रम के क्रम में वे हिन्दुस्तानी आवाम मोर्चा सेकुलर के जिला अध्यक्ष अशोक मांझी की माता के श्राद्धकर्म में शामिल होंगे। इस अवसर पर शिक्षा सेवक महासंघ का एक शिष्टमंडल अपनी विभिन्न मांगों के समर्थन में केंद्रीय मंत्री को ज्ञापन सौंपेगा। पठन-पाठन पर पड़ेगा प्रतिकूल प्रभाव प्रधानाध्यापक ने अपने आवेदन में स्पष्ट किया है कि वर्तमान में विद्यालय में विज्ञान विषय के लिए शन्नी कुमार ही एकमात्र शिक्षक हैं। वे न केवल उच्च कक्षाओं की नियमित पढ़ाई संचालित करते हैं, बल्कि विज्ञान प्रयोगशाला (लैब) से संबंधित सभी कार्यों की जिम्मेदारी भी उन्हीं पर है। यदि वे बीएलओ कार्य में व्यस्त रहते हैं, तो कक्षा 9 से 12 तक की विज्ञान कक्षाएं बाधित हो जाएंगी। इससे विशेषकर बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी प्रभावित हो सकती है, जो छात्रों के भविष्य के लिए चिंताजनक है। इस संबंध में बीडीओ संजीव झा ने बताया कि वे फिलहाल इंटरमीडिएट परीक्षा की तैयारियों में व्यस्त हैं। उन्होंने कहा कि प्राप्त आवेदनों की जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 13 Feb 2026 4:00 am

भिवानी में शिक्षा बोर्ड का लेटर वायरल:चेयरमैन पर गाड़ी के गलत इस्तेमाल का आरोप, डॉ. पवन बोले- अब एडिशनल चार्ज

भिवानी स्थित हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (BSEH) के चेयरमैन की गाड़ी एवं गनमैन को लेकर विवादास्पद टिप्पणी के साथ एक लेटर सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। जिसमें डॉ. पवन कुमार शर्मा पर पद छोड़ने के बाद सरकारी गाड़ी और गनमैन रखने के आरोप लगे हैं। जबकि डॉ. पवन कुमार ने इन आरोपों को नकारते हुए कहा कि अब उनके पास बोर्ड चेयरमैन का एडिशनल चार्ज है। वायरल हो रहा लेटर 2 फरवरी को जारी किया गया है। जिसमें लिखा है कि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पवन कुमार द्वारा आदेश क्रमांक KW/5/6-2010 सै०शि० (5) दिनांक 6 जनवरी की अनुपालना में 31 जनवरी (अपराह) से बोर्ड कार्यालय के अध्यक्ष पद का कार्यभार छोड़ दिया गया है। अतः सभी शाखाध्यक्षों से अनुरोध है कि इसके संबंध में अपनी-अपनी शाखा से संबंधित लेय/देय राशि बारे बे-बाकी प्रमाण-पत्र इस परिपत्र के जारी होने की तिथि से तीन दिनों के अंदर-2 प्रशासन शाखा को भिजवाना सुनिश्चित करें। यदि निर्धारित अवधि तक किसी शाखा से वांछित प्रमाण-पत्र प्राप्त नहीं होता है तो यह माना जाएगा कि उस शाखा का उनसे कुछ भी लेय/देय नहीं है। आरोपों को बताया निराधार डॉ. पवन कुमार शर्मा का कहना है कि उनके पास 28 फरवरी तक अध्यक्ष एडिशनल चार्ज है। जब 31 जनवरी को पद छोड़ा तो उन्होंने किसी भी सरकारी गाड़ी का इस्तेमाल नहीं किया था। वे खुद की गाड़ी में ही आए थे। लेकिन 6 फरवरी से उन्हें एडिशनल चार्ज दिया है। इसके बाद में गाड़ी इस्तेमाल कर रहे हैं।

दैनिक भास्कर 12 Feb 2026 4:56 pm

सहरसा में स्कूल के बरामदे पर सोए मिले शिक्षक, VIDEO:शिक्षा विभाग ने प्रधानाध्यापक से मांगा स्पष्टीकरण, संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर होगी कार्रवाई

सहरसा के नवहट्टा प्रखंड स्थित एक सरकारी स्कूल में शिक्षक के बरामदे पर सोते हुए का वीडियो वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। विभाग ने इस मामले में विद्यालय के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा है। यह घटना नवहट्टा प्रखंड के उर्दू प्राथमिक विद्यालय महुआ से संबंधित है। बताया जा रहा है कि बीते शनिवार, 7 फरवरी को दोपहर करीब 2 बजे विद्यालय के सभी बच्चों को छुट्टी दे दी गई थी। इसके बाद एक शिक्षक, अब्दुल गफ्फार, स्कूल के बरामदे पर चटाई बिछाकर मोबाइल देखते-देखते सो गए। 6 शिक्षकों में से 2 ही थे मौजूद विद्यालय में कुल छह शिक्षक पदस्थापित हैं, लेकिन घटना वाले दिन केवल दो शिक्षक ही मौजूद थे। उर्दू प्राथमिक विद्यालय महुआ की प्रधानाध्यापक रहमत जहां ने बताया कि तीन शिक्षक - शबनम कुमारी, संजू और हयात अली - अक्सर छुट्टी से पहले ही 'घर देर हो जाएगी' कहकर चले जाते हैं। इसी विद्यालय के साथ नवसृजित प्राथमिक विद्यालय शाहपुर चाही भी टैग है। वायरल वीडियो के अनुसार, इस टैग किए गए स्कूल में न तो कोई शिक्षक और न ही प्रधानाध्यापक मौजूद थे, और न ही कोई बच्चा दिख रहा था। स्कूल के 'आउट एरिया' में होने के कारण अधिकारियों को यहां तक पहुंचने में कठिनाई होती है। प्रधानाध्यापक की गैर मौजूदगी में सो रहे थे शिक्षक स्कूल के एक अन्य शिक्षक राजेंद्र राम ने पुष्टि की कि अब्दुल गफ्फार नामक शिक्षक सो रहे थे। उन्होंने बताया कि प्रधानाध्यापक शायद कहीं नीचे गए हुए थे। वीडियो में जब सो रहे शिक्षक से बच्चों के बारे में पूछा गया तो उन्होंने कहा कि बच्चे अभी स्कूल में ही थे और अब घर चले गए हैं। उन्होंने अपना नाम मो. अब्दुल गफ्फार रहमानी बताया। सहरसा के जिला शिक्षा पदाधिकारी हेमचंद्र ने इस मामले पर संज्ञान लिया है। उन्होंने बताया कि सोशल मीडिया पर सरकारी स्कूल के शिक्षक के सोने का वीडियो सामने आने के बाद संबंधित स्कूल के प्रधानाध्यापक से स्पष्टीकरण मांगा गया है। यदि जवाब संतोषजनक नहीं पाया जाता है, तो उनके विरुद्ध कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 12 Feb 2026 12:07 pm

नालंदा में 336 प्राइवेट स्कूलों की उदासीनता:आरटीई पोर्टल पर नामांकन क्षमता तक अपलोड नहीं, शिक्षा विभाग ने 24 घंटे का दिया अल्टीमेटम

नालंदा जिले के सैकड़ों निजी स्कूल गरीब और कमजोर वर्ग के बच्चों को प्रवेश देने से कतरा रहे हैं। जिले के 801 पंजीकृत निजी विद्यालयों में से 336 स्कूलों ने आरटीई पोर्टल पर अपनी नामांकन क्षमता तक अपलोड नहीं की है। जो स्पष्ट रूप से इन संस्थानों की मंशा पर सवाल खड़े करता है। कानून का खुला उल्लंघन शिक्षा के अधिकार के तहत प्रत्येक निजी विद्यालय को अपनी कुल क्षमता का 25 प्रतिशत सीटें कमजोर और वंचित वर्ग के बच्चों के लिए आरक्षित रखना अनिवार्य है। यह प्रावधान केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि समाज में शैक्षणिक समानता स्थापित करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। लेकिन जिले के 336 स्कूल इस संवैधानिक प्रावधान को दरकिनार कर रहे हैं। समग्र शिक्षा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) मोहम्मद शाहनवाज ने बताया कि ज्ञानदीप पोर्टल पर पहली कक्षा में नामांकन के लिए ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया चल रही है, लेकिन तमाम स्कूलों के प्राचार्यों ने अपनी नामांकन क्षमता (इंटेक कैपेसिटी) ही पोर्टल पर अपलोड नहीं की है। विभाग की सख्ती: 24 घंटे का अल्टीमेटम मामले की गंभीरता को देखते हुए डीपीओ ने संबंधित स्कूलों के प्राचार्यों को 24 घंटे का अल्टीमेटम दिया है। उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर निर्धारित समय में नामांकन क्षमता पोर्टल पर अपलोड नहीं की गई, तो स्कूलों की मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू कर दी जाएगी। यह कदम निश्चित रूप से स्वागत योग्य है, लेकिन सवाल यह भी उठता है कि क्या इससे पहले विभाग ने पर्याप्त सतर्कता बरती। क्या केवल धमकी देने से स्कूलों की मानसिकता बदल जाएगी। बार-बार की अनदेखी की गई डीपीओ की ओर से प्राचार्यों को भेजे गए पत्र में कहा गया है कि नामांकन क्षमता अपलोड करने के लिए मोबाइल समेत कई माध्यमों से बार-बार सूचित किया गया है। लेकिन इसके बावजूद स्कूल प्रशासन ने विभागीय आदेश की अनदेखी की है। पत्र में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि नामांकन क्षमता अपलोड न करना आपकी मनमानी और विभागीय आदेश की अवहेलना है। साथ ही, यह दर्शाता है कि आप कमजोर और वंचित वर्ग के छात्र-छात्राओं को अपने विद्यालय में नामांकन देने को इच्छुक नहीं हैं, जो मान्यता के पूर्व निर्धारित मानदंडों की अवहेलना है।

दैनिक भास्कर 12 Feb 2026 7:15 am

बेटियों की शिक्षा समाज व देश की प्रगति का मार्ग: शिवरतन

भास्कर न्यूज | भाटापारा विधानसभा क्षेत्र के जनप्रिय नेता शिवरतन शर्मा ने सोमवार को दत्तरेंगी एवं कोटमी में आयोजित साईकिल वितरण कार्यक्रम में सम्मिलित हुए। उन्होंने शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, दत्तरेंगी व कोटमी में निःशुल्क सरस्वती साइकिल वितरण योजना के तहत कक्षा 9वीं की छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। इस अवसर पर उन्होंने छात्राओं को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं और कहा कि बेटियों की शिक्षा ही समाज और राष्ट्र की सच्ची प्रगति का मार्ग है। शिवरतन शर्मा ने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में डबल इंजन की भाजपा सरकार महिलाओं और बेटियों को शिक्षित, सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने के लिए लगातार कार्य कर रही है। शिवरतन शर्मा ने कहा बेटियों को शिक्षित करना समाज को नई दिशा देना है, और हम इसी सोच के साथ काम कर रहे हैं। शिवरतन शर्मा ने कहा कि साइकिल मिलने से अब छात्राओं को स्कूल आने-जाने में आसानी होगी।

दैनिक भास्कर 12 Feb 2026 4:00 am

दिल्ली के शिक्षा अधिकारियों ने किया पीएम श्री स्कूल सुखेर का भ्रमण; नवाचारों को सराहा

उदयपुर | स्कूल शिक्षा परिषद, जयपुर के निर्देशानुसार बुधवार को दिल्ली के 25 सदस्यीय ब्लॉक स्तरीय शिक्षा अधिकारियों के दल ने बड़गांव ब्लॉक स्थित पीएम श्री राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय, सुखेर का ‘एक्सपोजर विजिट’ किया। इस दल का नेतृत्व समग्र शिक्षा उदयपुर की कार्यक्रम अधिकारी विमलेश यादव एवं नई दिल्ली की जिला शिक्षा अधिकारी डॉ. अंजु गौड़ ने किया। भ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने विद्यालय की बाल वाटिका, स्मार्ट क्लासरूम, आधुनिक पुस्तकालय, विज्ञान प्रयोगशाला और कंप्यूटर कक्ष का बारीकी से अवलोकन किया। अधिकारियों ने विद्यालय के सुव्यवस्थित खेल मैदान, स्वच्छता प्रबंधन (शौचालय) और मिड-डे मील की गुणवत्ता के साथ-साथ एसएमसी व एसडीएमसी के दस्तावेजों का भी निरीक्षण किया। प्रधानाचार्य माया जाटव और डॉ. अंजु गौड़ के बीच शैक्षिक उन्नयन और नए नवाचारों को लागू करने पर चर्चा हुई।

दैनिक भास्कर 12 Feb 2026 4:00 am

पुराने शिक्षकों का TET अनिवार्यता को लेकर विरोध किया:फतेहपुर में केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी का पुतला फूंका, आदेश वापसी की मांग

उत्तर प्रदेश के फतेहपुर जिले में सैकड़ों शिक्षकों ने केंद्रीय शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी का पुतला दहन कर विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए भी टीईटी (शिक्षक पात्रता परीक्षा) अनिवार्य किए जाने के विरोध में किया गया। उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षक संघ के बैनर तले यह प्रदर्शन कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित किया गया। जिला अध्यक्ष राजेंद्र सिंह के नेतृत्व में 13 ब्लॉकों के शिक्षक इसमें शामिल हुए। जिलाध्यक्ष राजेंद्र सिंह ने बताया कि केंद्रीय राज्य शिक्षा मंत्री जयंत चौधरी ने लोकसभा में टीईटी की अनिवार्यता को लेकर शिक्षक विरोधी बयान दिया था, जिससे पूरे देश के शिक्षक नाराज हैं। महामंत्री विजय त्रिपाठी ने कहा कि 2010 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए टीईटी अनिवार्य करना अनैतिक है। उन्होंने तर्क दिया कि इन शिक्षकों की भर्ती उस समय सरकार द्वारा निर्धारित सभी योग्यताओं को पूरा करने के बाद हुई थी। शिक्षकों ने कहा कि नई शिक्षक प्रणाली केवल नए शिक्षकों पर लागू होनी चाहिए, न कि उन शिक्षकों पर जो दशकों से सेवा दे रहे हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि यह आदेश वापस नहीं लिया गया तो आने वाले समय में पूरे देश में शिक्षक एक बड़ा धरना प्रदर्शन करेंगे। इस दौरान राजेंद्र सिंह, विजय त्रिपाठी, अनिल वर्मा, लाल देवेंद्र प्रताप सिंह, शैलेंद्र उमराव, आकाश कुमार सहित सैकड़ों शिक्षक मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:35 pm

10वें बजट में श्रावस्ती के विकास, शिक्षा-स्वास्थ्य पर खास ध्यान:बाढ़ शरणालय निर्माण, बलरामपुर श्रावस्ती बौद्ध सर्किट से जुड़ेगा, 53.47 लाख रुपए स्वीकृत

उत्तर प्रदेश सरकार ने अपना 10वां बजट सदन में पेश किया। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना द्वारा प्रस्तुत इस बजट में प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ श्रावस्ती जनपद को विशेष प्राथमिकता दी गई है। इसमें बाढ़ नियंत्रण, प्रशासनिक ढांचे के सुदृढ़ीकरण और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण प्रावधान किए गए हैं। बजट में श्रावस्ती में बाढ़ शमन योजनाओं के लिए विशेष प्रावधान किया गया है, जिसका उद्देश्य हर वर्ष आने वाली बाढ़ की समस्या से राहत दिलाना है। इसके अलावा, बलरामपुर-श्रावस्ती को बौद्ध सर्किट से जोड़ने पर भी विशेष ध्यान दिया गया है, जिससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय रोजगार के अवसर बढ़ेंगे। प्रशासनिक भवन एवं अन्य निर्माणाधीन संरचनाओं का कार्य भी प्रगति पर है। परिवहन पर विशेष जोरइस वर्ष प्रस्तुत 53.47 लाख करोड़ रुपये का यह बजट 'मेक इन इंडिया' और 'आत्मनिर्भर भारत' जैसी योजनाओं को गति देने की महत्वाकांक्षी रूपरेखा के रूप में देखा जा रहा है। वर्ष 2047 तक विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचे और परिवहन नेटवर्क पर विशेष जोर दिया गया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, रक्षा, कृषि एवं किसान कल्याण, ग्रामीण विकास, सड़क एवं राजमार्ग, गृह तथा रेलवे सहित विभिन्न क्षेत्रों के लिए प्राथमिकताएं तय की गई हैं। श्रावस्ती को रेल लाइन से जोड़ने की दिशा में भी बजट में ध्यान दिया गया है। इसके अलावा, प्रत्येक जिले में कामकाजी महिलाओं के लिए वर्किंग वूमेन हॉस्टल स्थापित करने तथा प्रमुख एवं छोटे तीर्थ स्थलों के विकास की योजनाएं भी इसमें शामिल हैं। कैंसर की दवाओं को सस्ता करने के लिए भी प्रावधान किए गएबजट में सेमीकंडक्टर क्षेत्र को वैश्विक केंद्र बनाने, कैंसर की दवाओं को सस्ता करने, बायो-फार्मा योजना की शुरुआत, उद्योगों को प्रोत्साहन, पूंजीगत व्यय में वृद्धि, 'लखपति दीदी' और 'गांव की दीदी' जैसी योजनाओं के विस्तार पर भी जोर दिया गया है। साथ ही, माध्यमिक विद्यालयों और महाविद्यालयों में सुविधाओं के विस्तार, गरीबी उन्मूलन, पशुपालन, बागवानी और मत्स्य पालन को बढ़ावा देने के लिए भी विशेष प्रावधान किए गए हैं। कुल मिलाकर, यह बजट प्रदेश के समग्र विकास के साथ-साथ श्रावस्ती जैसे पिछड़े जनपदों को मुख्यधारा में लाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:27 pm

प्रभारी सचिव ने विभागीय योजनाओं की समीक्षा की:शिक्षा गुणवत्ता, टीकाकरण, जल संरक्षण पर दिया जोर, स्वास्थ्य, पशु पालन सहित कई मुद्दों पर चर्चा

लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी विभाग के सचिव और जीपीएम जिले के प्रभारी सचिव मोहम्मद कैसर अब्दुल हक ने आज कलेक्ट्रेट के अरपा सभा कक्ष में जिला अधिकारियों की बैठक ली। उन्होंने कलेक्टर श्रीमती लीना कमलेश मंडावी के साथ विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन की प्रगति की समीक्षा की। बैठक के दौरान, प्रभारी सचिव ने विभागवार योजनाओं और उनकी उपलब्धियों की जानकारी ली। उन्होंने योजनाओं के क्रियान्वयन में आने वाली समस्याओं, स्टाफ की कमी और अधोसंरचना से संबंधित मुद्दों पर भी चर्चा की। उन्होंने अधिकारियों को लंबित प्रकरणों को तत्काल अपने स्तर पर निपटाने और यदि संभव न हो तो वरिष्ठ कार्यालय से समाधान कराने के निर्देश दिए। प्रभारी सचिव ने शिक्षा, टीकाकरण और जल संरक्षण पर दिया जोर प्रभारी सचिव ने शिक्षा की गुणवत्ता, टीकाकरण और पानी बचाने पर खास ध्यान दिया। उन्होंने जिले के स्कूलों और वहां पढ़ रहे बच्चों की संख्या की जानकारी ली। बच्चों को अच्छी शिक्षा देने और आने वाली बोर्ड परीक्षाओं में अच्छे अंक लाने के लिए उन्होंने सभी बच्चों की नियमित उपस्थिति और माता-पिता-शिक्षक की नियमित बैठकों पर जोर दिया। साथ ही, महतारी वंदन योजना में एक ही नाम के दोहराव की समस्या को सुलझाने के लिए संबंधित अधिकारी को निर्देश दिए गए। बैठक में स्वास्थ्य, पशु पालन, जल और परिवहन सहित कई मुद्दों पर चर्चा बैठक में स्वास्थ्य सुविधाओं, पशु संगणना, पशु टीकाकरण, भू-जल संवर्धन, वाटर रिचार्ज, पेयजल योजनाओं, खनिजों-खदानों और परिवहन सहित विभिन्न महत्वपूर्ण विषयों पर भी चर्चा हुई। कलेक्टर लीना कमलेश मंडावी ने प्रभारी सचिव द्वारा दिए गए दिशा-निर्देशों के तहत योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाने और लक्ष्य के अनुरूप उपलब्धि हासिल करने का आश्वासन दिया। इस बैठक में डीएफओ ग्रीष्मी चांद, जिला पंचायत सीईओ मुकेश रावटे, संयुक्त कलेक्टर दिलेराम डाहिरे और लोक स्वास्थ्य यांत्रिकी बिलासपुर परिक्षेत्र के मुख्य अभियंता संजय सिंह सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 6:14 pm

स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक संघ की चेतावनी:शिक्षा मंत्री से नियमितीकरण और वार्षिक वेतन बढ़ाने की मांग, पूरी न होने पर आंदोलन की चेतावनी

स्वामी आत्मानंद संविदा शिक्षक और कर्मचारी संघ के प्रतिनिधिमंडल ने रायपुर संभाग अध्यक्ष सूरज वर्मा के नेतृत्व में शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव से मुलाकात कर अपनी कई मांगों को रखा। इस दौरान शिक्षकों और कर्मचारियों के नियमितीकरण और वार्षिक वेतन वृद्धि जैसे अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। संघ की ओर से बताया गया कि शिक्षा मंत्री ने उनकी प्रमुख मांगों को गंभीरता से सुना और जल्द निराकरण का आश्वासन दिया। मंत्री ने कहा कि सरकार संविदा शिक्षकों की समस्याओं के समाधान को लेकर सकारात्मक रुख अपनाएगी। आंदोलन की चेतावनी संघ के प्रदेश अध्यक्ष ने स्पष्ट किया कि, यदि सरकार ने मांगों को लेकर सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो संघ आगामी शिक्षा सत्र से ‘कलम बंद, काम बंद’ हड़ताल और आंदोलन के लिए मजबूर होगा।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 2:03 pm

राजस्थान बजट 2026:झुंझुनूं की झोली में गिरेंगे सौगात के मोती? शिक्षा, स्वास्थ्य और यमुना जल पर टिकीं नजरें

राजस्थान विधानसभा में आज पेश होने वाले बजट को लेकर झुंझुनूं जिले की जनता में भारी उत्साह और उम्मीदें हैं। शेखावाटी का हृदय कहे जाने वाले इस जिले को इस बार आधारभूत ढांचे, बेहतर चिकित्सा सुविधाओं और वर्षों से लंबित 'यमुना जल समझौते' के क्रियान्वयन को लेकर बड़ी घोषणाओं की प्रतीक्षा है। प्रमुख मुद्दे जो बजट के केंद्र में रह सकते हैं यमुना जल समझौता: जिले की प्यास बुझाने के लिए यमुना के पानी को लेकर पाइपलाइन प्रोजेक्ट के बजट आवंटन पर सबकी नजरें टिकी हैं। यह मुद्दा जिले की राजनीति और कृषि दोनों के लिए जीवन रेखा समान है। शिक्षा और खेल: 'सैनिकों की खान' कहे जाने वाले इस जिले में खेल यूनिवर्सिटी की सुविधाओं के विस्तार और नए स्किल सेंटर की स्थापना की मांग प्रमुखता से उठ रही है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 9:55 am

प्रतापगढ़ में सरकार के तीसरे बजट से जनता की उम्मीदें:सड़क और शिक्षा सुविधाओं में बढ़ोतरी की मांग, घंटों बिजली कटौती से चाहिए निजात

राजस्थान की भजनलाल सरकार आज अपना तीसरा बजट पेश कर रही है। प्रदेश की डिप्टी सीएम और वित्त मंत्री दिया कुमारी बुधवार को सुबह सवा 11 बजे सदन में डिजिटल बजट प्रस्तुत करेंगी। यह बजट प्रदेश के विकास की दिशा तय करेगा। बजट से पहले सीएम ने विधायकों से की मुलाकातइस बजट से प्रतापगढ़ जिले के लोगों को काफी उम्मीदें हैं। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने बजट से पहले सभी भाजपा विधायकों और विधानसभा प्रत्याशियों से मुलाकात कर उनकी राय जानी थी। सड़कों को लेकर जनता की उम्मीदप्रतापगढ़ जिले के ग्रामीण क्षेत्रों में सड़कों की हालत दयनीय है। बारिश के मौसम में ग्रामीणों, खासकर छात्रों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है। पुलों पर पानी आ जाने से रास्ते बंद हो जाते हैं और कई गांवों में तो अभी तक सड़कें बनी ही नहीं हैं। ग्रामीणों की मांग है कि इस बजट में सड़कों का निर्माण हो, जिससे जिला मुख्यालय तक पहुंच आसान हो सके। जिले के कई गांवों में घंटों गुल रहती है बिजलीजिले के धरियावद क्षेत्र में बिजली की समस्या गंभीर है। गर्मी के दिनों में कई घंटों तक बिजली गुल रहती है। ग्रामीण क्षेत्रों में दिन के समय बिजली बंद रहती है और रात में आपूर्ति होती है, जिससे किसानों को कृषि कार्यों में दिक्कतें आती हैं। किसानों और स्थानीय लोगों का कहना है कि इस बजट में बिजली समस्या का समाधान होने से बड़ी राहत मिलेगी। शिक्षा सुविधाओं में बढ़ोतरी की उम्मीदप्रतापगढ़ जिले में शिक्षा सुविधाओं की कमी भी एक बड़ी चुनौती है। यहां के युवाओं को उच्च शिक्षा के लिए कोटा, जयपुर, जोधपुर और उदयपुर जैसे बड़े शहरों में जाना पड़ता है। युवाओं को उम्मीद है कि इस बजट में जिले में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी, जिससे उन्हें बाहर न जाना पड़े।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 8:27 am

शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल-मुख्याध्यापक मजबूत कड़ी: खन्ना

भास्कर न्यूज | अमृतसर जिले के सीनियर सेकेंडरी स्कूलों के प्रिंसिपलों एवं हाई स्कूलों के मुख्याध्यापकों की मिशन समर्थ 4.0 एवं बोर्ड परीक्षाओं को लेकर प्रशिक्षण सह बैठक का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम माधव विद्या निकेतन सीनियर सेकेंडरी स्कूल, रणजीत एवेन्यू ए-ब्लॉक में आयोजित हुआ। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम में जिले के कुल 15 ब्लॉकों से आए 226 प्रिंसिपल व मुख्याध्यापक शामिल हुए। इस सत्र में मिशन समर्थ को स्कूलों में प्रभावी ढंग से लागू करने तथा पंजाबी, अंग्रेजी और गणित विषयों में विद्यार्थियों की शैक्षणिक उपलब्धि को बेहतर बनाने पर विस्तृत चर्चा की गई। उप जिला शिक्षा अधिकारी राजेश खन्ना ने कहा कि शिक्षा विभाग में प्रिंसिपल और मुख्याध्यापक एक मजबूत कड़ी हैं, जो विभागीय योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करने में अहम भूमिका निभाते हैं। उन्होंने बोर्ड परीक्षाओं में स्कूल प्रमुखों की जिम्मेदारियों पर भी विस्तार से प्रकाश डाला। डिस्ट्रिक्ट रिसोर्स कोऑर्डिनेटर (डीआरसी) डॉ. राजन ने मिशन समर्थ 4.0 को प्रभावी रूप से लागू करने को लेकर स्कूल प्रमुखों को विस्तृत मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि इस मिशन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों की बुनियादी शैक्षणिक समझ को मजबूत करना है, ताकि वे पंजाबी, अंग्रेजी और गणित विषयों में बेहतर प्रदर्शन कर सकें। उन्होंने शिक्षक मैनुअल, खेल पिटारा आधारित गतिविधियों, मिशन समर्थ की समय-सारिणी तथा गतिविधियों के रिकॉर्ड को सही तरीके से संधारित करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि नियमित मॉनिटरिंग और योजनाबद्ध शिक्षण से ही मिशन समर्थ के लक्ष्य पूरे किए जा सकते हैं।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:00 am

शिक्षा, सभ्यता और संस्कृति से ही समाज का उत्थान : विधायक साहू

भास्कर न्यूज | नवापारा-राजिम सोनकर समाज के अधिवेशन में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक इंद्र कुमार साहू ने कहा कि समाज का एक अलग महत्व है। यदि शिक्षा, सभ्यता और संस्कृति को बचाकर रखा जाए, तो समाज को आगे बढ़ने से कोई नहीं रोक सकता। समाज के समग्र विकास के लिए इन तीनों मूल्यों पर चिंतन और अमल आवश्यक है। विधायक साहू ने कहा कि सोनकर समाज मेहनतकश समाज है जो परिश्रम के बल पर निरंतर प्रगति कर रहा है। उन्होंने समाज में बिन्नी बाई को दानदाता के रूप में स्मरण करते हुए कहा कि ऐसी महान विभूतियां पूरे समाज के लिए गौरव का विषय हैं और आने वाली पीढ़ियों को प्रेरणा देती है। विधायक साहू ने कहा कि बेटियां आज शिक्षा के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रही है। कहा कि समाज को हम क्या दे रहे हैं? इस पर भी चिंता करें। समाज संगठित रहेगा तो सारे काम संभव होगा। साहू ने समाज के लोगों से नशापान का त्याग करने की अपील करते हुए कहा कि नशा समाज की जड़ों को कमजोर करता है। स्वस्थ, शिक्षित और जागरूक समाज ही विकास की राह पर तेजी से आगे बढ़ सकता है। उन्होंने भरोसा दिलाया कि समाज के हर सुख-दुख में वे सदैव साथ खड़े रहेंगे। इस अवसर पर विधायक इंद्रकुमार साहू एवं विधायक रोहित साहू ने 20 लाख रूपए की लागत से बनने वाले सामाजिक भवन का भूमिपूजन किया। नारी सशक्तिकरण के क्षेत्र में अर्जुन्दा के प्रभा सोनकर, कक्षा दसवीं की बोर्ड परीक्षा में टॉप टेन प्रावीण्य सूची में स्थान प्राप्त करने वाली भावना सोनकर, समाज के एमबीबीएस, एमडी डॉ रेशमा सोनकर, डॉ टिकेन्द्र सोनकर, डॉ बलराम सोनकर, डॉ मयंक सोनकर, डॉ प्रियंका सोनकर, डॉ आकाश सोनकर एवं समाज के एएसआई सोनकर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन चेतन सोनकर ने किया। श्रीराम जानकी मंदिर परिसर में आयोजित सोनकर समाज के अधिवेशन में विशेष अतिथि के रूप में पहुंचे विधायक रोहित साहू ने समाज की एकता, आस्था और सहभागिता पर जोर देते हुए कहा कि समाज है तभी हमारी पहचान है। प्रत्येक व्यक्ति के भीतर समाज के प्रति विश्वास और निष्ठा होना आवश्यक है। समाज के लिए समय निकालना केवल औपचारिकता नहीं, बल्कि हमारी जिम्मेदारी है। जब भी समाज का कोई आयोजन, उत्सव या कार्यक्रम हो, उसमें पूरे परिवार के साथ अनिवार्य रूप से सहभागिता करनी चाहिए। इससे सामाजिक जुड़ाव मजबूत होता है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:00 am

शिक्षा कोर्स तक सीमित न रहे: डॉ. राठौर

भास्कर न्यूज | जांजगीर डीबीएम कॉलेज ऑफ फार्मेसी में वार्षिक उत्सव आयोजन हुआ। मुख्य अतिथि संचालक और कलेश्वर नाथ पब्लिक ट्रस्ट के अध्यक्ष रमेश कुमार राठौर ने कार्यक्रम की शोभा बढ़ाई। कार्यक्रम की अध्यक्षता ट्रस्ट की सचिव और राठौर क्षत्रीय समाज महिला सभा की प्रांतीय अध्यक्ष ममता राठौर ने की। मुख्य अतिथि रमेश कुमार राठौर ने कहा कि शिक्षा केवल पाठ्यक्रम तक सीमित नहीं होनी चाहिए। उसका उद्देश्य समाज, राष्ट्र और मानवता के निर्माण में योगदान देना है। उन्होंने कहा कि वार्षिक उत्सव विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और प्रतिभा को सामने लाने का मंच है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए ममता राठौर ने कहा कि यह आयोजन केवल शैक्षणिक उपलब्धियों का उत्सव नहीं, बल्कि समाज के प्रति हमारी जिम्मेदारी को भी दर्शाता है। उन्होंने कहा कि वार्षिक उत्सव शिक्षकों के मार्गदर्शन और विद्यार्थियों की मेहनत का प्रतिफल है, जहां प्रतिभा और आत्मविश्वास एक मंच पर दिखाई देता है। कार्यक्रम में प्रतिभावान विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। रमेश कुमार राठौर ने कहा कि विद्यार्थी किसी भी संस्था की सबसे बड़ी पूंजी होते हैं। फार्मेसी जैसे जिम्मेदारी वाले क्षेत्र में पढ़ रहे विद्यार्थी भविष्य में स्वास्थ्य सेवा के मजबूत स्तंभ बनेंगे। कॉलेज में वर्षभर आयोजित गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम में मनोज सिंह, संजय राठौर, राजेश क्षत्रीय और अमरिस राठौर को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में वसुधा सिंह, रोहित कोरी, ऋतु सूर्यवंशी, टिकेश्वरी पटेल, रिशि नायक, हिमानी विश्वकर्मा, कल्पना, विकास, अकील, कृष्णा, विमला और उमा मौजूद रहे। संचालन हिमानी, नुती और नागेश सर ने किया।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:00 am

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड:एडमिट कार्ड के साथ स्कूल आईडी या आधार भी साथ रखना होगा...इसके बिना परीक्षा में नहीं बैठ सकेंगे

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं क्लास की परीक्षा के साथ 12 फरवरी से परीक्षाओं का दौर शुरू हो जाएगा। इस बार सभी कक्षाओं की परीक्षा मार्च माह में पूरी हो जाएगी। उधर, शिक्षा विभाग ने भी परीक्षा की तैयारी को अंतिम रूप दे दिया है। बीकानेर जिले से 42553 अभ्यर्थी 10वीं बोर्ड परीक्षा में शामिल होंगे। जिले में कुल 215 परीक्षा केंद्र गठित किए गए हैं, जहां सुबह 8.30 बजे से 11.45 बजे तक परीक्षा होगी। बोर्ड के दिशा निर्देशानुसार बिना प्रवेश पत्र किसी भी छात्र-छात्रा को परीक्षा केंद्र में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। प्रवेश पत्र के साथ ही अभ्यर्थियों को स्कूल आईडी या आधार कार्ड साथ लाना होगा। 10वीं कक्षा की परीक्षा की शुरुआत अंग्रेजी के पेपर से होगी। 12 फरवरी को पहले दिन अंग्रेजी विषय की परीक्षा होगी। उधर, बोर्ड परीक्षाओं को देखते हुए डीईओ कार्यालय में कंट्रोल रूम भी गठित कर दिया गया है। बोर्ड ने सभी स्कूलों और विद्यार्थियों को निर्देश दिए हैं कि वे समय पर प्रवेश पत्र प्राप्त करें और परीक्षा से जुड़ी सभी तैयारियां निर्धारित समय सीमा में पूरी कर लें। परीक्षा केंद्रों पर सुरक्षा, गोपनीयता और अनुशासन को लेकर सख्त दिशा-निर्देश जारी किए गए हैं। सुरक्षा एवं पारदर्शिता को ध्यान में रखते हुए ब्लॉक और जिला स्तर पर उड़नदस्तों की नियुक्ति की गई है। बोर्ड ने स्पष्ट किया है कि किसी भी स्थानीय अवकाश का बोर्ड सहित अन्य परीक्षाओं पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा। सभी विद्यार्थियों को परीक्षा से पहले अपना प्रवेश पत्र अनिवार्य रूप से प्राप्त करना होगा। बिना प्रवेश पत्र के किसी भी छात्र को परीक्षा केंद्र में प्रवेश नहीं दिया जाएगा। विद्यार्थी समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचें। अन्य कक्षाओं की परीक्षा 8वीं बोर्ड 19 फरवरी से 5वीं कक्षा 20 फरवरी से 9वीं -11वी 7 मार्च से जिले में मनोविज्ञान विषय नहीं, 12वीं की परीक्षा 13 से 12वीं कक्षा की बोर्ड परीक्षा भी 12 फरवरी से ही शुरू होगी। पहले दिन मनोविज्ञान विषय का पेपर होगा। लेकिन बीकानेर जिले के स्कूलों में मनोविज्ञान विषय नहीं होने के कारण 13 फरवरी को अनिवार्य अंग्रेजी विषय के साथ परीक्षा की शुरुआत होगी। 12वीं कक्षा में जिले से 35209 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। “12 फरवरी को पहले दिन 10वीं की बोर्ड परीक्षा के तहत अंग्रेजी विषय का पेपर होगा। बीकानेर जिले में 10वीं बोर्ड परीक्षा में 42553 पंजीकृत हैं। अभ्यर्थियों को प्रवेश पत्र के साथ स्कूल आईडी या आधार कार्ड साथ लाना होगा।”-किशन दान चारण, डीईओ, माध्यमिक

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:00 am

राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का समापन, बच्चों को सड़क सुरक्षा की दी महत्वपूर्ण शिक्षा

उदयपुर| नीलिमा ज्वेल्स सुखाड़िया सर्कल में 11, 12 और 13 फरवरी को तीन दिवसीय आभूषण प्रदर्शनी का आयोजन किया जाएगा। प्रदर्शनी में प्राकृतिक हीरों से बनी एक्सक्लूसिव और डिज़ाइनर ज्वेलरी का शानदार संग्रह प्रस्तुत किया जाएगा। यह प्रदर्शनी परंपरा और आधुनिकता का बेहतरीन मिश्रण होगी। इंटर स्कूल स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिता आयोजित उदयपुर| द विजन एकेडमी स्कूल में इंटर स्कूल स्टोरी टेलिंग प्रतियोगिता का आयोजन किया। प्रतिभागियों को प्रथम और द्वितीय पुरस्कार दिए गए। कार्यक्रम का सफल संचालन विद्यालय की प्राचार्या डॉ. प्रतिमा सामर और उप प्राचार्य श्रीमती मानसी टिक्कू के निर्देशन में हुआ। युवाओं को लोकतंत्र की ताकत पहचानने का दिया संदेश उदयपुर| सेंट्रल पब्लिक सीनियर सेकेंडरी स्कूल न्यू भूपालपुरा में इलेक्टोरल लिटरेसी फेस्टिवल 2026 का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि डॉ. देवीलाल गर्ग , डॉ. अक्षय राज और विद्यालय की चेयरपर्सन अलका शर्मा ने कार्यक्रम में विशेष रूप से भाग लिया। मुख्य अतिथियों ने अपने अभिभाषणों में वोट की अहमियत पर जोर दिया और युवाओं को लोकतंत्र की ताकत को पहचानने का संदेश दिया। उदयपुर| गीतांजली मेडिकल कॉलेज एवं हॉस्पिटल उदयपुर के सक्रिय सहयोग में मंगलवार को स्व. नर्मदा देवी ऑडिटोरियम में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह 2026 का समापन समारोह आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना था। मुख्य अतिथि प्रादेशिक परिवहन अधिकारी ज्ञान देव विश्वकर्मा थे, जबकि विशिष्ट अतिथियों में गीतांजली मेडिकल कॉलेज एंड हॉस्पिटल के सीईओ ऋषि कपूर, मार्केटिंग हेड कल्पेश चन्द रजबार और अन्य गणमान्य लोग उपस्थित रहे। कार्यक्रम में सीईओ ऋषि कपूर ने अपने संबोधन में कहा बच्चों को सड़क सुरक्षा और सिविक सेंस के प्रति जागरूक करना आज की सबसे बड़ी जरूरत है। समारोह के दौरान मोहलक्षिका कुमारी मेवाड़ (महाराणा मेवाड़ विद्या मंदिर), मायरा राज्यलक्ष्मी चन्द (रॉकवुड्स स्कूल), ज्यांशु जाट (सीपीएस स्कूल) को रोड सेफ्टी ब्रांड एंबेसडर के रूप में नियुक्त किया गया, जो पूरे वर्ष भर अपने-अपने विद्यालयों में सड़क सुरक्षा और जीवन रक्षा के महत्व को फैलाएंगे।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:00 am

लोगों को क्रिया योग के माध्यम से देंगे योग साधना की मूल शिक्षा; 15 को होगा क्रिया दीक्षा समारोह

योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया (YSS) की ओर से शुक्रवार से जयपुर में तीन दिवसीय संन्यासी कार्यक्रम एवं सत्संग का आयोजन किया जा रहा है। इसके लिए सोसायटी के वरिष्ठ संन्यासी स्वामी अच्युतानंद जयपुर आए हैं। वे यहां 13 से 15 फरवरी तक लोगों को क्रिया योग के माध्यम से योग साधना की मूल शिक्षा देंगे। यह कार्यक्रम गोपालपुरा हिम्मत नगर ईस्ट लेन-1 के प्लाट नंबर-4 स्थित योगदा सत्संग ध्यान केंद्र में रखा गया है। कार्यक्रम में सत्संग, ध्यान सत्र और आध्यात्मिक प्रवचन होंगे। इस दौरान 15 फरवरी को क्रिया दीक्षा समारोह रखा गया है, जिसमें साधकों को क्रिया योग की दीक्षा प्रदान की जाएगी। स्वामी अच्युतानंद आधुनिक जीवन में ध्यान की प्रासंगिकता, परमहंस योगानंद की सार्वभौमिक शिक्षाओं और आंतरिक शांति प्राप्त करने के व्यावहारिक मार्गों पर मार्गदर्शन प्रदान करेंगे। गौरतलब है कि योगदा सत्संग सोसायटी ऑफ इंडिया की स्थापना 1917 में परमहंस योगानंद ने की थी। सोसायटी का मुख्यालय रांची में है। परमहंस योगानंद ने अपने जीवन को आत्म-साक्षात्कार करते हुए क्रिया योग ध्यान के प्राचीन विज्ञान को पुनर्जीवित करने के लिए समर्पित किया। सोसायटी का उद्देश्य क्रिया योग के माध्यम से सभी धर्मों के लोगों को योग की मूल शिक्षा प्रदान करना है। क्रिया योग आत्म-साक्षात्कार का विज्ञान क्रिया योग एक प्राचीन ध्यान तकनीक है जो आत्मिक विकास को तीव्र करती है और साधक को ईश्वर की गहरी जागरूकता की ओर ले जाती है। श्रीमद् भगवद‌्गीता में भगवान कृष्ण ने इसे एक आध्यात्मिक मार्ग के लिए चुना था। भगवद‌्गीता के अध्याय 4, श्लोक 29 में कहा गया है: “अपाने जुह्वति प्राणं प्राणेऽपानं तथापरे। प्राणापानगती रुद्ध्वा प्राणायामपरायणाः॥ यह श्लोक क्रिया योग की श्वास नियंत्रण की वैज्ञानिक तकनीक का संकेत देता है, जो चेतना को ऊपर उठाने और आत्म-साक्षात्कार प्राप्त करने में सहायता करती है।

दैनिक भास्कर 11 Feb 2026 4:00 am

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक

-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more

अजमेरनामा 2 Jan 2026 9:55 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

लाइव हिन्दुस्तान 28 May 2024 9:24 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान

यूपी बोर्ड से जुड़े 27 हजार से अधिक स्कूलों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) 2020 लागू करने के लिए स्कूल स्तर पर योजना बनाई जाएगी। एनईपी 2020 के विषय में विद्यालयों में कार्यशाला का आयोजन किया जाएगा।

लाइव हिन्दुस्तान 16 Apr 2024 7:23 am

राम बनने के लिए धनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर के आर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

मनोरंजन नामा 26 Mar 2024 5:33 pm