बिलासपुर में नई शिक्षा नीति को जमीन पर उतारने की तैयारी, विवि ने कालेजों को दिया पाठ
बिलासपुर स्थित अटल बिहारी वाजपेयी विश्वविद्यालय में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन हेतु आयोजित कार्यशाला में प्राचार्यों व एनईपी समन्वयकों को नीति की बारीकियां सिखाई गईं।
भारतीय ज्ञान परंपरा केवल अतीत की धरोहर नहीं, बल्कि आधुनिक शिक्षा और विज्ञान को दिशा देने वाला आधार भी है। आर्यभट्ट से लेकर चरक संहिता तक भारतीय ज्ञान की परंपरा ने विश्व को नई राह दिखाई है। यह बात लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. जेपी सैनी ने विद्यांत हिंदू पीजी कॉलेज में आयोजित राष्ट्रीय संगोष्ठी में कही। कॉलेज के समाजशास्त्र विभाग और उत्तर प्रदेश स्टेट काउंसिल ऑफ हायर एजुकेशन के सहयोग में बुधवार को ‘भारतीय ज्ञान परंपरा पर सामाजिक विमर्श एवं समकालीन शिक्षा’ विषय पर एक दिवसीय राष्ट्रीय संगोष्ठी आयोजित की गई। उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता करते हुए प्रो. जेपी सैनी ने कहा कि ग्रहों की गति के अध्ययन से लेकर खगोल विज्ञान तक भारत की महत्वपूर्ण भूमिका रही है। प्राचीन भारतीय ज्ञान आज भी वैश्विक स्तर पर प्रासंगिक है और विज्ञान के क्षेत्र में नए विचारों को प्रेरित कर रहा है। दुनिया में हो रहा भारतीय ग्रंथों का अनुवाद विशिष्ट अतिथि राज्य सूचना आयुक्त डॉ . दिलीप अग्निहोत्री ने कहा कि भारतीय ग्रंथों का विभिन्न देशों में अनुवाद हो रहा है। इससे भारतीय ज्ञान परंपरा का वैश्विक विस्तार हो रहा है। मुख्य वक्ता प्रो. आरके सिन्हा ने बीज वक्तव्य में भारतीय ज्ञान परंपरा के सामाजिक पहलुओं और समकालीन शिक्षा में इसकी प्रासंगिकता पर चर्चा की। कार्यक्रम में प्राचार्य प्रो. धर्म कौर ने अतिथियों का स्वागत किया। संचालन प्रो. बृजेन्द्र पाण्डेय और धन्यवाद ज्ञापन डॉ. भूपेंद्र सचान ने किया। संगोष्ठी में संयोजक प्रो. ध्रुव त्रिपाठी, समन्वयक प्रो. अंबरीश त्रिपाठी, सहसंयोजक डॉ. भूपेंद्र सचान और डॉ. प्रीती सिंह सहित प्रो. अमित वर्धन, प्रो. श्रवण कुमार, प्रो. नरेंद्र सिंह, प्रो. आलोक भारद्वाज, प्रो. राजीव शुक्ल और प्रो. बृजेश श्रीवास्तव शामिल रहे।
बिजनौर के नजीबाबाद में बुधवार शाम 6 बजे अंबेडकर स्मृति द्वार और फव्वारे का उद्घाटन किया गया। यह निर्माण नगर पालिका परिषद नजीबाबाद ने कोटद्वार रोड पर नवीन कृषि मंडी समिति के पास कराया है। नगीना सांसद चंद्रशेखर आजाद और नगर पालिका परिषद नजीबाबाद के अध्यक्ष इंजीनियर मुअज्ज़म ने सभासदों की मौजूदगी में उद्घाटन किया। कार्यक्रम में नागरिक और पालिका कर्मचारी भी मौजूद रहे। चंद्रशेखर आजाद ने इस काम के लिए अध्यक्ष इंजीनियर मुअज्ज़म और उनकी टीम को बधाई दी। उन्होंने कहा कि अंबेडकर स्मृति द्वार समाज को समानता, शिक्षा और संविधान के मूल्यों की प्रेरणा देगा। कार्यक्रम में सांसद ने सरकार की शिक्षा नीति पर सवाल उठाए और समान शिक्षा नीति लागू करने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी सरकार बनने पर सरकारी नौकरी करने वाले लोगों, सांसदों और मंत्रियों के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ेंगे। उन्होंने कहा कि समान शिक्षा का अधिकार लागू किया जाएगा, ताकि अमीर-गरीब का भेद खत्म हो और हर बच्चे को बराबर अवसर मिले।
एसीएस राजेश यादव के दिशा-निर्देशन में सरकारी शिक्षा व्यवस्था को मिल रही नई गति
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा की मंशानुरूप गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को बढ़ावा देने की दिशा में स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव के कुशल मार्गदर्शन एवं प्रभावी...
‘हर फैसले के केंद्र में छात्र होने चाहिए’, शिक्षा क्षेत्र पर बोले मेघालय सीएम संगमा
शिलांग, 4 नवंबर . मेघालय के Chief Minister कोनराड के. संगमा ने Tuesday को कहा कि शिक्षा क्षेत्र में हर फैसले के केंद्र में छात्र होने चाहिए. उन्होंने…
'हर फैसले के केंद्र में छात्र होने चाहिए', शिक्षा क्षेत्र पर बोले मेघालय सीएम संगमा
'हर फैसले के केंद्र में छात्र होने चाहिए', शिक्षा क्षेत्र पर बोले मेघालय सीएम संगमा
जयपुर में वीणा देवरा का सम्मान, शिक्षा और सेवा के संदेश से बच्चों को किया प्रेरित
न्यू डॉन वेलफेयर फाउंडेशन द्वारा आयोजित कार्यक्रम में प्रशासनिक अधिकारी अखिलेश पारीक और संस्थापक ज्योति महाजन ने वीणा देवरा को प्रशस्ति पत्र भेंट किया।
गोपालगंज के बैकुंठपुर विधानसभा क्षेत्र के सदौवा स्थित सरस्वती विद्या निकेतन का शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जिला प्रशासन के अधिकारियों के साथ निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय की शैक्षणिक व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और विद्यार्थियों को मिलने वाली सुविधाओं का जायजा लिया। मंत्री ने कमियों को दूर कर व्यवस्था बेहतर बनाने के निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान शिक्षा मंत्री ने कक्षाओं, पुस्तकालय, प्रयोगशाला और खेल परिसर का मुआयना किया। उन्होंने शिक्षकों और विद्यालय प्रबंधन से बातचीत कर पढ़ाई की गुणवत्ता और शैक्षणिक व्यवस्था की जानकारी ली। किताबी ज्ञान के साथ व्यावहारिक शिक्षा जरूरी मंत्री ने कहा कि विद्यार्थियों को किताबी ज्ञान के साथ नैतिक और व्यावहारिक शिक्षा भी मिलनी चाहिए। इससे बच्चों का मानसिक और बौद्धिक विकास मजबूत होगा। साफ-सफाई और पेयजल व्यवस्था सुधारने के निर्देश निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी और अन्य वरिष्ठ अधिकारी भी मौजूद रहे। अधिकारियों को विद्यालय में साफ-सफाई, पेयजल आपूर्ति, बिजली व्यवस्था और खेल मैदान को बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। ग्रामीण स्कूलों में आधुनिक सुविधाएं प्राथमिकता मिथिलेश तिवारी ने कहा कि ग्रामीण और अर्ध-शहरी क्षेत्रों के विद्यालयों में भी आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है। इससे गरीब और मध्यम वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के समान अवसर मिल सकेंगे। तय समयसीमा में दूर करें सभी कमियां शिक्षा मंत्री ने कहा कि राज्य की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करना और विद्यार्थियों को बेहतर सुविधाएं देना सरकार के एजेंडे में सबसे ऊपर है। मजबूत शैक्षणिक संस्थान विकसित बिहार और उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि विकास कार्यों में लापरवाही नहीं हो और तय समयसीमा के भीतर सभी कमियों को दूर किया जाए।
मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने कहा कि झारखंड की भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता को ध्यान में रखते हुए शिक्षा नीति तैयार की जाए। यह नीति विद्यार्थियों की मातृभाषा को सम्मान देने के साथ-साथ उनके ज्ञान, कौशल और अभिव्यक्ति की क्षमता को भी मजबूत बनाए। शिक्षा का उद्देश्य केवल पाठ्यक्रम पूरा करना नहीं, बल्कि विद्यार्थियों को भविष्य की चुनौतियों के लिए सक्षम, आत्मविश्वासी और प्रतिस्पर्धी बनाना भी होना चाहिए। मुख्यमंत्री बुधवार को झारखंड मंत्रालय में स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग द्वारा 'झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति' के प्रारूप प्रस्तुतीकरण से संबंधित बैठक में अधिकारियों को निदेशित कर रहे थे। बैठक की अध्यक्षता करते हुए मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिया कि राज्य की भाषाई विविधता, विद्यार्थियों की शैक्षणिक जरूरतों, कौशल विकास, डिजिटल दक्षता और भविष्य की चुनौतियों को ध्यान में रखते हुए एक व्यावहारिक एवं दूरदर्शी शिक्षा नीति तैयार की जाए। 'झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति' की आवश्यकताउन्होंने कहा कि झारखंड में भाषाई, सांस्कृतिक और सामाजिक विविधता अत्यंत व्यापक है। राज्य के बच्चे अपने घर और समुदाय में अपनी मातृभाषा एवं विभिन्न स्थानीय भाषाओं का प्रयोग करते हैं, जबकि विद्यालयों में शिक्षण कार्य प्रायः हिंदी या अंग्रेजी माध्यम से होता है। भाषाओं के इस अंतर के कारण प्रारंभिक कक्षाओं में बच्चों की समझ, अभिव्यक्ति, सहभागिता और सीखने की गति प्रभावित नहीं होनी चाहिए। इसी उद्देश्य से 'झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति' की आवश्यकता है। मुख्यमंत्री ने कहा कि झारखंड की भाषाई विविधता राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक पहचान है। इसे शिक्षा व्यवस्था से जोड़कर ऐसी पद्धति विकसित की जाए, जिससे विद्यार्थी अपनी भाषा में सहजता से सीख सकें और शिक्षा के क्षेत्र में नए एवं अभिनव प्रयोगों का मार्ग प्रशस्त हो सके। विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल मुख्यमंत्री ने राज्य के विद्यार्थियों को कौशल आधारित शिक्षा से जोड़ने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ विद्यार्थियों की रुचि, प्रतिभा और व्यावहारिक कौशल को भी विकसित किया जाना चाहिए। कौशल आधारित शिक्षा के अंतर्गत हॉकी को भी शामिल करने पर विचार किया जाए। झारखंड के बच्चे-बच्चियां हॉकी के क्षेत्र में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। ऐसे में कौशल आधारित शिक्षा के माध्यम से उन्हें अपनी प्रतिभा निखारने और आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे। अंग्रेजी स्पोकन की कक्षाओं की व्यवस्था सुनिश्चित हो मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी स्पोकन की कक्षाएं संचालित करने पर भी बल दिया। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा, रोजगार, विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं एवं खेल प्रतियोगिताओं में भाग लेने के लिए विद्यार्थियों को देश के अलग-अलग राज्यों में जाना पड़ता है। ऐसे में अंग्रेजी बोलने और संवाद करने का आत्मविश्वास उनके लिए काफी लाभकारी साबित होगा। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिया कि 12वीं कक्षा उत्तीर्ण करने से पहले ही विद्यार्थियों के लिए अंग्रेजी स्पोकन की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाए, ताकि वे भाषाई रूप से दक्ष और आत्मविश्वासी बन सकें। इससे विद्यार्थियों को आगे बढ़ने के बेहतर अवसर मिलेंगे तथा वे संवाद कौशल के क्षेत्र में भी दक्ष बन सकेंगे। विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से भी समृद्ध बनाने की आवश्यकता पर जोर मुख्यमंत्री ने विद्यार्थियों को डिजिटल रूप से भी दक्ष एवं समृद्ध बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा नीति ऐसी होनी चाहिए, जिससे विद्यार्थियों को वर्तमान के साथ-साथ भविष्य में भी किसी प्रकार की परेशानी न हो। कक्षाओं में शिक्षण व्यवस्था से लेकर विशेष रूप से प्रतियोगी परीक्षाओं की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए शिक्षा नीति तैयार की जाए। मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी को परस्पर सहयोगी भाषा समूह के रूप में देखते हुए नीति को स्वरूप दें मुख्यमंत्री ने कहा कि शिक्षा नीति संवर्धनात्मक बहुभाषिकता के सिद्धांत पर आधारित हो। इसके अंतर्गत पहली भाषा को हटाए बिना दूसरी और तीसरी भाषा को जोड़ते हुए विद्यार्थियों को शिक्षण की व्यवस्था उपलब्ध कराई जाए। उन्होंने मातृभाषा, हिंदी और अंग्रेजी को परस्पर सहयोगी भाषा समूह के रूप में देखते हुए नीति को स्वरूप देने का निर्देश दिया। तीन शैक्षणिक चरणों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है प्रारूप बैठक में अधिकारियों ने मुख्यमंत्री को प्रस्तुतीकरण के माध्यम से अवगत कराया कि झारखंड में भाषा शिक्षा नीति तैयार करने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में भाषा शिक्षा नीति निर्माण समिति का गठन किया गया था। समिति ने झारखंड के साथ-साथ अन्य राज्यों की शिक्षा पद्धतियों का अध्ययन कर नीति का प्रारूप तैयार किया है। प्रारूप के प्रस्तुतीकरण के दौरान बताया गया कि इस शिक्षा नीति में तीन प्रमुख शैक्षणिक चरणों को शामिल किया गया है। इनमें पूर्व बाल्यावस्था शिक्षा से कक्षा 2 तक, कक्षा 3 से कक्षा 5 तक तथा कक्षा 6 से कक्षा 12 तक के चरण शामिल हैं। इन तीनों चरणों में विद्यार्थियों की मातृभाषा एवं स्थानीय भाषाओं को स्कूली शिक्षा में समाहित करने पर विशेष ध्यान दिया गया है, ताकि विद्यार्थी अपनी भाषा में सहजता से पढ़ाई कर सकें और बेहतर शैक्षणिक उपलब्धियां हासिल कर सकें। अधिकारियों ने बताया कि इस शिक्षा नीति से राज्य की स्थानीय भाषाओं का संरक्षण, संवर्धन एवं व्यापक उपयोग सुनिश्चित हो सकेगा। इससे विद्यार्थियों की सीखने की प्रक्रिया अधिक सहज और प्रभावी बनेगी तथा शिक्षा के क्षेत्र में स्थानीय भाषाओं के उपयोग को भी नई दिशा मिलेगी। बैठक में शिक्षा नीति के विभिन्न प्रावधानों एवं प्रारूप के बिंदुओं पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक में इनकी रही उपस्थिति 'झारखंड राज्य भाषा शिक्षा नीति' के प्रारूप प्रस्तुतीकरण से संबंधित बैठक में मुख्य सचिव अविनाश कुमार, स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग के सचिव श्री उमाशंकर सिंह, झारखंड शिक्षा परियोजना के राज्य परियोजना निदेशक शशि रंजन, टीआरआई के निदेशक आलोक शिकारी कच्छप, जैक के सचिव एस.डी. तिग्गा सहित अन्य वरीय अधिकारी उपस्थित रहे।
ABVP ने कॉलेज का नाम बदलने की मांग की:गोपालगंज में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को मेमोरैंडम सौंपा
गोपालगंज। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) ने विक्टोरिया मेमोरियल इंटर कॉलेज का नाम बदलकर स्वामी विवेकानंद के नाम पर करने और विद्यालय परिसर में उनकी आदमकद प्रतिमा स्थापित करने की मांग की है। इस संबंध में परिषद के कार्यकर्ताओं ने सूबे के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी को ज्ञापन सौंपा। अभाविप के प्रतिनिधिमंडल ने उठाई मांग अभाविप के जिला संयोजक हरिओम राय के नेतृत्व में छात्र पत्रिका प्रांत संयोजक अनीश कुमार, खेलो भारत प्रांत संयोजक प्रिंस सिंह, सोशल मीडिया प्रांत सह-संयोजक रोहित जायसवाल सहित परिषद के कई पूर्व एवं वरिष्ठ कार्यकर्ताओं ने इस मांग को प्रमुखता से उठाया। युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं स्वामी विवेकानंद : अभाविप परिषद कार्यकर्ताओं ने कहा कि स्वामी विवेकानंद का जीवन, उनके विचार और राष्ट्र निर्माण में उनका योगदान आज भी युवाओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। शिक्षण संस्थान का नाम उनके नाम पर रखने और परिसर में उनकी प्रतिमा स्थापित करने से विद्यार्थियों को उनके आदर्शों, राष्ट्रभक्ति, चरित्र निर्माण और शिक्षा के महत्व से प्रेरणा मिलेगी। अभाविप ने इस मांग को गोपालगंज की शैक्षणिक और सांस्कृतिक पहचान से जुड़ा महत्वपूर्ण विषय बताते हुए शिक्षा मंत्री से सकारात्मक पहल करने का आग्रह किया। परिषद कार्यकर्ताओं ने उम्मीद जताई कि राज्य सरकार इस मांग पर गंभीरता से विचार कर आवश्यक कार्रवाई करेगी। सदर विधायक ने भी किया सहयोग, अभाविप ने जताया आभार इस मांग को आगे बढ़ाने में गोपालगंज के सदर विधायक सुभाष सिंह ने भी सहयोग दिया। अभाविप के अनुसार, विधायक ने इस मांग को प्राथमिकता देते हुए शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी के समक्ष मजबूती से रखने की पहल की। इस सहयोग के लिए परिषद ने सदर विधायक के प्रति आभार व्यक्त किया।
हाईकोर्ट के जस्टिस पार्थ प्रतीम साहू और जस्टिस सुषमा सावंत ने बच्चे की कस्टडी को लेकर अहम फैसला सुनाया है। डिवीजन बेंच ने पिता अपील खारिज करते हुए कहा कि केवल शिक्षक होना और बेहतर शिक्षा देने की क्षमता रखना बच्चे की कस्टडी का आधार नहीं हो सकता। मां के साथ रह रहे बच्चे की देखभाल और पढ़ाई में कोई लापरवाही साबित नहीं होने पर उसे मौजूदा माहौल से हटाना उचित नहीं होगा। मामला बलौदाबाजार जिले का है। बलौदाबाजार निवासी टीचर पति ने पत्नी से विवाद के बाद तलाक ले लिया। फिर उसने ने दूसरी रचा ली। इधर, बचपन से पिता के प्यार से अनजान बेटे की उसने कस्टडी मांगी। फैमिली कोर्ट में सात साल के बेटे ने पिता की तरफ देखा तक नहीं। उसने पिता के साथ जाने की इच्छा भी नहीं जताई तो कोर्ट ने बेटे की कस्टडी देने से इंकार कर दिया। कस्टडी के लिए हाईकोर्ट में की थी अपील इस दंपती की शादी 28 अप्रैल 2015 को हुई थी। उनका एक बेटा है। इस दौरान पति-पत्नी में झगड़ा शुरू हुआ तो पति ने तलाक ले लिया। इसके बाद से बेटा मां के साथ रहने लगा। जिसके बाद पिता ने फैमिली कोर्ट में आवेदन देकर बेटे की कस्टडी मांगी थी। भरण-पोषण देने से बचने के लिए मांगी कस्टडी उन्होंने कहा कि वे शिक्षक हैं और संयुक्त परिवार में रहते हैं। परिवार के अन्य सदस्य भी बच्चे की देखभाल कर सकते हैं। वे बेटे को अंग्रेजी माध्यम स्कूल में बेहतर शिक्षा देना चाहते हैं। दूसरी तरफ मां ने बताया कि वह बेटे की पढ़ाई और परवरिश ठीक तरह से कर रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पिता बेटे के जन्म के बाद से उसे देखने या अपने साथ ले जाने नहीं आए और भरण-पोषण की राशि भी नहीं दे रहे हैं। भरण पोषण की राशि देने से बचने के लिए बेटे की कस्टडी मांगी जा रही है। मां ने स्कूल फीस की रसीदें पेश कीं हाईकोर्ट ने पाया कि मां ने कक्षा दूसरी में पढ़ रहे बेटे की पढ़ाई से संबंधित फीस की रसीदें पेश की थीं। इससे स्पष्ट हुआ कि बच्चा अच्छे स्कूल में पढ़ रहा है। पिता ने अपनी दूसरी शादी की बात भी क्रॉस एग्जामिनेशन में स्वीकार की थी। हाईकोर्ट ने फैसले में कहा कि बच्चे की कस्टडी तय करने में माता-पिता के अधिकारों से ज्यादा बच्चे का कल्याण महत्वपूर्ण है। जब बच्चे की शिक्षा और देखभाल ठीक से हो रही है, तो केवल पिता की आर्थिक या शैक्षणिक क्षमता के आधार पर कस्टडी नहीं बदली जा सकती। त्योहार और जन्मदिन पर मिल सकेंगे पिता हाईकोर्ट ने पिता को बेटे से मिलने का अधिकार दिया है। वे त्योहारों, बेटे के जन्मदिन और स्कूल की लंबी छुट्टियों के दौरान मिल सकेंगे। इसके लिए पिता को पहले मां को सूचना देनी होगी और मुलाकात के समय व स्थान पर सहमति लेनी होगी। मुलाकात सार्वजनिक स्थान पर होगी। हाईकोर्ट ने मां से भी कहा है कि वे बच्चे के हित को ध्यान में रखते हुए मुलाकात के अनुरोध पर सकारात्मक रूप से विचार करें। कोई निश्चित दिन या समय तय नहीं किया। माता- पिता का अधिकार नहीं, बच्चे का हित अहम बच्चे की कस्टडी का फैसला करते समय अदालतें माता-पिता के अधिकार से ज्यादा बच्चे के हित को महत्व देती है। गार्डियंस एंड वार्ड्स एक्ट, 1890 की धारा 17 के अनुसार बच्चे की उम्र, शिक्षा, देखभाल और भलाई को ध्यान में रखकर कस्टडी तय की जाती है। वहीं हिंदू माइनॉरिटी एंड गार्जियनशिप एक्ट, 1956 की धारा 13 में भी बच्चे का कल्याण सर्वोपरि माना गया है। सुप्रीम कोर्ट ने नील रतन कुंडू विरुद्ध अभिजीत कुंडू के मामले में कहा था कि बच्चे का हित माता-पिता के कानूनी अधिकारों से ऊपर है। केवल पिता के पास अधिक पैसा होना या बेहतर शिक्षा देने की क्षमता होना कस्टडी पाने का आधार नहीं बन सकता।
जीतो भीलवाड़ा चैप्टर की नई टीम घोषित, शिक्षा और व्यापार विस्तार पर रहेगा जोर
भीलवाड़ा चैप्टर की नई कार्यकारिणी का ऐलान, छोटे शहरों तक योजनाओं का लाभ पहुंचाने और बिजनेस एक्सपो आयोजित करने पर रहेगा फोकस।
मेघा मुकुल को मिली शिक्षा विषय में पीएचडी की उपाधि
देवकन्या ग्रुप कॉलेजेज की संरक्षक मेघा मुकुल ने शिक्षा विषय में पीएचडी की उपाधि प्राप्त कर संस्थान एवं जिले का नाम रोशन किया है। उन्होंने यह उपाधि श्याम यूनिवर्सिटी लालसोट से डॉ. किरण सिडाना के मार्गदर्शन में प्राप्त की।
नवादा के गोविंदपुर प्रखंड के नक्सल प्रभावित इलाके में महिलाओं को जागरूक और सशक्त बनाने के उद्देश्य से नूतन उदया फाउंडेशन की ओर से विशेष अभियान चलाया गया। भारत सरकार से मान्यता प्राप्त संस्था की संचालिका प्रगति श्रीवास्तव और सचिव संध्या सिंह के नेतृत्व में पहुंची टीम ने ग्रामीण महिलाओं से संवाद किया। इस दौरान सामाजिक कुरीतियों, महिला अधिकारों, शिक्षा और बाल विवाह जैसे मुद्दों पर जानकारी दी गई। बाल विवाह के दुष्परिणामों की दी जानकारी संस्था की सचिव संध्या सिंह और टीम के सदस्यों ने महिलाओं को बाल विवाह के दुष्परिणामों के बारे में बताया। घरेलू उत्पीड़न, मानसिक प्रताड़ना, भेदभाव और महिलाओं के सम्मान व अधिकारों से जुड़े विषयों पर भी जागरूक किया गया। टीम ने महिलाओं से अंधविश्वास से दूर रहने और अपने अधिकारों के प्रति सजग रहने की अपील की। बेटी और बहू को समान सम्मान देने का संदेश अभियान में बेटी और बहू के बीच भेदभाव खत्म करने पर विशेष जोर दिया गया। महिलाओं को बताया गया कि परिवार में बेटी और बहू दोनों को समान सम्मान, अधिकार और अवसर मिलने चाहिए। किसी भी महिला के साथ भेदभाव सामाजिक विकास में बाधा है। बच्चों की शिक्षा पर दिया विशेष जोर टीम ने बच्चों की शिक्षा को बेहतर भविष्य की मजबूत नींव बताया। अभिभावकों से बेटा और बेटी दोनों की पढ़ाई पर समान ध्यान देने की अपील की गई। कहा गया कि बच्चों को अच्छी शिक्षा मिलने से उनके भविष्य के अवसर बेहतर हो सकते हैं। ग्रामीण क्षेत्र में अभियान को बताया सराहनीय जदयू की प्रदेश नेतृत्व से जुड़ी अफरोजा खातून ने संस्था की सचिव संध्या सिंह और पूरी टीम का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि ग्रामीण और नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में महिलाओं के बीच पहुंचकर जागरूकता अभियान चलाना सराहनीय पहल है। इससे महिलाओं में अधिकारों के प्रति समझ विकसित होगी और वे सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित होंगी। सामाजिक योगदान के लिए महिलाओं को सम्मान संस्था की टीम ने महिलाओं से खुद जागरूक बनने और परिवार व समाज की अन्य महिलाओं को शिक्षा, सम्मान और अधिकारों के प्रति जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम में अफरोजा खातून ने महिलाओं का उत्साहवर्धन करते हुए उन्हें सम्मानित किया। प्रगति श्रीवास्तव, संध्या सिंह, डॉ. रितु वर्मा, सरिता गुप्ता, मंजुला गुप्ता, मंजू देवी, निशिता बर्मन और शिक्षिका रेनू कुमारी सहित कई महिलाओं को सम्मान देकर उनके सामाजिक योगदान की सराहना की गई।
कनोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर में 4 नवंबर 2026 को केंद्रीय विश्वविद्यालय, राजस्थान के साथ हुए समझौता ज्ञापन (एमओयू) के अंतर्गत ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग...
शिक्षा, स्वास्थ्य और खेती से लेकर रोजगार तक की व्यवस्था में बदलाव का वादा करते हुए पंजाब सांझीवालता दल ने अपना चुनावी एजेंडा सामने रखा है। रूपनगर विधानसभा क्षेत्र से पार्टी उम्मीदवार गौरव राणा ने कहा कि प्रदेश में उनकी पार्टी की सरकार बनने पर हर नागरिक को मुफ्त इलाज और सरकारी संस्थानों में मेडिकल व इंजीनियरिंग सहित उच्च शिक्षा निशुल्क उपलब्ध कराई जाएगी। उन्होंने किसानों को गेहूं-धान के अलावा 23 फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) देने और प्राकृतिक आपदाओं से फसल खराब होने पर 100 प्रतिशत मुआवजा देने का भी वादा किया। नूरपुर बेदी में चुनावी एजेंडे की जानकारी देते हुए गौरव राणा ने कहा कि किसानों को उनकी फसलों का उचित मूल्य दिलाने के लिए एमएसपी का दायरा बढ़ाया जाएगा। फल और सब्जियां उगाने वाले किसानों को भी इस व्यवस्था के तहत लाभ देने की बात कही। उन्होंने कहा कि बाढ़, ओलावृष्टि और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से फसल को होने वाले नुकसान की भरपाई के लिए किसानों को पूरा मुआवजा दिया जाएगा। हिमाचल प्रदेश के एंट्री टैक्स के मुद्दे समेत क्षेत्र की समस्याओं को हल कराने का दिया आश्वासन हिमाचल प्रदेश की ओर से लगाए जाने वाले एंट्री टैक्स के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि सरकार बनने के पहले महीने में ही इसके जवाब में समानांतर टैक्स लगाने का फैसला लिया जाएगा। इसके अलावा मोजोवाल से टिब्बा टपरियां तक नहर बनाने और क्षेत्र से जुड़े सात अन्य मुद्दों को प्राथमिकता के आधार पर हल करने का आश्वासन दिया। कहा- बुजुर्ग, विधवाओं व दिव्यांगों की पेशन करवाएंगे दोगुनी राणा ने कहा कि बुजुर्गों, विधवाओं, बेसहारा और दिव्यांगों को मिलने वाली पेंशन दोगुनी की जाएगी। जरूरतमंद परिवारों को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए 2500 करोड़ रुपये की योजना शुरू करने का प्रस्ताव भी एजेंडे में शामिल है। सब्सिडी पर खर्च करोड़ों रुपए से शिक्षा, स्वास्थय और कृषि को किया जाएगा मजबूत उन्होंने कहा कि वर्तमान में सब्सिडी पर खर्च किए जा रहे 26,300 करोड़ रुपये का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और कृषि क्षेत्र को मजबूत करने के लिए किया जाएगा। पार्टी ने पारदर्शी प्रशासन देने, पुलिस को राजनीतिक दबाव से मुक्त रखने और चुनाव में किए गए वादों की जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए शपथपत्र देने की बात भी कही।
बीओबी भर्ती 2026: ग्रुप हेड सहित 837 पदों पर बंपर भर्ती शुरू, जानें योग्यता और चयन प्रक्रिया
बैंकिंग सेक्टर में नौकरी तलाश रहे युवाओं के लिए एक बेहतरीन मौका सामने आया है। दरअसल, बैंक ऑफ बड़ौदा (बीओबी) ने वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज (डब्ल्यूएमएस) विभाग के लिए अनुबंध के आधार पर निश्चित अवधि के लिए पेशेवरों के विभिन्न 837 पदों पर भर्ती के लिए उम्मीदवारों से आवेदन अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर एक ऑफिशियल नोटिफिकेशन जारी करके मांगे हैं।
इंडियन बैंक में अप्रेंटिस के 1500 पदों पर भर्ती, 5 नवंबर से आवेदन शुरू; जानें योग्यता और स्टाइपेंड
सरकारी नौकरी की तैयारी कर स्नातक पास युवाओं के लिए अच्छा मौका है। इंडियन बैंक की ओर से देशभर के विभिन्न राज्यों में अप्रेंटिसशिप के 1500 रिक्त पदों को भरने के लिए भर्ती निकाली गई...
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में बढ़ा नामांकन, 'स्टार टीचर' पहल और 'शिक्षा सेतु' अभियान का असर
जुलाई 2026 तक प्रदेश के सरकारी विद्यालयों में कुल नामांकन 72.98 लाख से अधिक पहुंचा, जिसमें बालिकाओं की हिस्सेदारी 53.3 प्रतिशत दर्ज की गई।
यूपी के शिक्षा मंत्री संदीप सिंह (35 साल) की शादी तय हो गई है। 14 नवंबर को अलीगढ़ में रिंग सेरेमनी होगी। इसके कार्ड भी बांटे जा रहे हैं। सगाई का कार्ड जैसे ही सामने आया, लोगों के बीच ये चर्चा शुरू हो गई कि आखिर मंत्रीजी की दुल्हनिया बनने वाली लड़की कौन है? दैनिक भास्कर ने पता लगाया, तो लव स्टोरी सामने आई। आपको बताते हैं कि कैसे स्कूल के दिनों का प्यार अब शादी के मंडप तक पहुंचने जा रहा है... अलीगढ़ के DPS से शुरू हुई प्रेम कहानी संदीप सिंह की मंगेतर का नाम मेघना चौधरी है। दोनों की पहली मुलाकात अलीगढ़ के दिल्ली पब्लिक स्कूल (DPS) में पढ़ाई के दौरान हुई थी। तब संदीप स्कूल में सीनियर थे, मेघना उनकी जूनियर थीं। संदीप ने साल- 2012 में 12वीं पास करके स्कूल छोड़ दिया था। लेकिन, स्कूल के दिनों की यह जान-पहचान वक्त के साथ प्यार में बदल गई। आगे की पढ़ाई के लिए मेघना लॉ करने विदेश चली गईं। दूरी बढ़ी, लेकिन दोनों का कनेक्शन नहीं टूटा। फोन और मैसेज से दोनों लगातार एक-दूसरे से जुड़े रहे। 2024 में बिगड़ी बात, फिर परिवार को मनाया साल- 2024 में संदीप सिंह के परिवार को इस रिश्ते के बारे में पता चला। इसके बाद संदीप के घरवाले मेघना के परिवार से मिलने गाजियाबाद पहुंचे। सब कुछ ठीक चल रहा था। परिवार की पूरी तैयारी थी कि रिश्ता वहीं पक्का कर दिया जाए। हालांकि, संदीप सिंह के परिवार के ही एक सदस्य के विरोध के कारण बात बनते-बनते बिगड़ गई। लेकिन, संदीप सिंह ने हार नहीं मानी। वे लगातार अपने परिवार को मनाने में जुटे रहे। आखिरकार उनकी मेहनत रंग लाई और दोनों के परिवार इस शादी के लिए राजी हो गए। कौन हैं मेघना चौधरी, क्या करता है परिवार हमारी टीम जब मेघना के पैतृक गांव इगलास विधानसभा (अलीगढ़) के गोंडा ब्लॉक स्थित तारापुर पहुंची, तो वहां उनके दादा राधेश्याम और दादी सावित्री देवी मिले। मेघना का परिवार पिछले 15 साल से गाजियाबाद के लाजपत नगर में रह रहा है। उनके पिता अरुण चौधरी ठेकेदारी और जूते का बिजनेस करते हैं। गाजियाबाद में उनकी जूते की दुकान भी है। मेघना की मां का नाम विजय चौधरी है। उनका एक छोटा भाई भी है, जिसका नाम करन चौधरी है। मेघना के पिता 3 भाइयों में सबसे बड़े हैं। उनके दोनों छोटे भाइयों के नाम राकेश और अजय हैं। जब दैनिक भास्कर टीम ने मेघना की दादी सावित्री देवी को पोती की फोटो दिखाई, तो चेहरे पर खुशी की चमक आ गई। उन्होंने बताया- यह मेरी पोती है। इसकी शादी मंत्रीजी के साथ तय हुई है। अब देखिए मेघना के परिवार की तस्वीरें एक ही मंडप में होगी दोनों भाइयों की सगाई सामने आए सगाई के कार्ड के मुताबिक, सगाई की खुशी दोगुनी होने वाली है। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह के साथ उनके छोटे भाई सौरभ सिंह की भी रिंग सेरेमनी एक साथ होने जा रही है। दोनों भाइयों की सगाई का भव्य कार्यक्रम अलीगढ़ के तालानगरी में संत फिदेलिस स्कूल के पास मैदान में आयोजित किया जाएगा। शादी की डेट अभी फाइनल नहीं हुई है। लेकिन पता चला है कि शादी दिल्ली में होगी। फिलहाल, परिवार सगाई का कार्ड बांटने और फंक्शन की तैयारियों में जुटा है। --------------------------- यह खबर भी पढ़ें- मुलायम से मायावती तक बिना चुनाव लड़े CM बने, नीतीश ने MLC रहकर 10 बार गद्दी संभाली, हम मुख्यमंत्री तभी बनते हैं जब चुनाव नहीं लड़ते हैं…ऐसा कहकर अखिलेश यादव ने 2027 यूपी विधानसभा चुनाव नहीं लड़ने के संकेत दिए हैं। जबकि, उन्होंने सीएम योगी को अयोध्या से चुनाव लड़ने की चुनौती दी थी। आखिर इसके पीछे कोई रणनीति है या टोटका? अखिलेश चुनाव क्यों नहीं लड़ना चाहते? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर
Bihar E-Shikshakosh Teacher Attendance Report: ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर डिजिटल हाजिरी दर्ज न कराने वाले 48,050 शिक्षक शिक्षा विभाग के निशाने पर आ गए हैं। भागलपुर और बांका सहित राज्य भर के इन शिक्षकों पर जल्द ही अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी।
PC: ABP LIVE अगर आप सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे हैं और केवल 10वीं पास हैं, तो आपके लिए एक शानदार मौका सामने आया है। सिविल कोर्ट, गुमला (झारखंड) ने चपरासी (Peon/Orderly) के पदों पर भर्ती के लिए आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी किया है। इस भर्ती के जरिए कुल 17 रिक्त पदों को भरा जाएगा। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार ऑफ़लाइन माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। मुख्य हाइलाइट्स: योग्यता : किसी भी मान्यता प्राप्त बोर्ड से 10वीं (मैट्रिक) या इसके समकक्ष परीक्षा उत्तीर्ण। वेतनमान (Salary): चयनित उम्मीदवारों को पे-लेवल 1 के तहत ₹18,000 से ₹56,900 प्रति माह सैलरी दी जाएगी। आयु सीमा: आवेदक की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए। अधिकतम आयु सीमा सामान्य वर्ग के लिए 35 वर्ष, महिलाओं के लिए 38 वर्ष और एससी/एसटी वर्ग के उम्मीदवारों के लिए 40 वर्ष निर्धारित की गई है। आयु की गणना 15 अक्टूबर 2026 के आधार पर की जाएगी। पदों का विवरण (Category-wise Details): इस भर्ती के तहत कुल 17 पदों पर चयन किया जाएगा, जिसमें विभिन्न श्रेणियों के लिए पद आरक्षित हैं: सामान्य वर्ग (General): 7 पद अनुसूचित जनजाति (ST): 7 पद अनुसूचित जाति (SC): 1 पद आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग (EWS): 2 पद आवेदन प्रक्रिया (How to Apply): सबसे पहले गुमला सिविल कोर्ट की आधिकारिक वेबसाइट से आवेदन पत्र (Application Form) डाउनलोड करें। फॉर्म को अपनी हैंडराइटिंग में भरकर सभी जरूरी दस्तावेज (शैक्षणिक प्रमाण पत्र, जन्मतिथि प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र और पासपोर्ट साइज फोटो) संलग्न करें। आवेदन के साथ 56 रुपये का डाक टिकट लगा हुआ एक सेल्फ-एड्रेस्ड लिफाफा (25 सेमी 11 सेमी) जरूर संलग्न करें। भरे हुए आवेदन फॉर्म को रजिस्टर्ड पोस्ट के माध्यम से प्रभारी न्यायाधीश, सिविल कोर्ट, गुमला, झारखंड, पिन- 835207 के पते पर भेज दें। आवेदन भेजने की अंतिम तिथि 20 नवंबर 2026 है।
Bank of Baroda Recruitment 2026: बैंक ऑफ बड़ौदा ने वेल्थ मैनेजमेंट सर्विसेज विभाग में 837 पदों पर भर्ती निकाली है। आवेदन प्रक्रिया आज यानी 4 नवंबर से शुरू हो गई है। योग्य उम्मीदवार 24 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
राजस्थान में बालिका शिक्षा और महिला सशक्तीकरण को बढ़ावा देने के लिए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कई योजनाओं की जानकारी दी। 66 लाख विद्यार्थियों को 482 करोड़ रुपये की डीबीटी और 3.63 लाख बालिकाओं को गार्गी पुरस्कार के तहत 109 करोड़ रुपये दिए गए।
95 लाख की नेटवर्थ, न कोई कर्ज, 700 ग्राम गोल्ड, फिर भी नौकरी जाने का डर!
आईटी सेक्टर में अच्छी सैलरी होने के बावजूद कई कर्मचारियों को नौकरी की चिंता सता रही है. एआई के बढ़ते यूज और छंटनी की वजह से एक कर्मचारी ने अपनी परेशानी सोशल मीडिया पर शेयर की है. हालांकि, इस प्रोफेशनल के पास अच्छी बचत और गोल्ड हैं लेकिन फिर भी उसे डर लगा रहता है.
इंडियन बैंक ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए अप्रेंटिस के 1,500 पदों पर भर्ती का नोटिफिकेशन जारी किया है। ऑनलाइन आवेदन 5 नवंबर 2026 से शुरू होंगे। इच्छुक उम्मीदवार 25 नवंबर तक फॉर्म भर सकेंगे। आवेदकों की उम्र 20 से 28
भद्रक के स्कूल में शिक्षकों की कमी से छात्रों की शिक्षा पर संकट!
भद्रक जिले के बंटाला नोडल यूपी स्कूल में शिक्षकों की कमी ने छात्रों की शिक्षा को गंभीर रूप से प्रभावित किया है। अभिभावक इस स्थिति को लेकर चिंतित हैं और प्रशासन से तत्काल कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। स्कूल में केवल तीन शिक्षक हैं, जबकि 84 छात्रों के लिए नौ कक्षाएं हैं। इस कमी के कारण छात्रों को एक ही कमरे में पढ़ाई करनी पड़ रही है, जिससे शिक्षा की गुणवत्ता पर असर पड़ रहा है। जानें इस मुद्दे पर अभिभावकों और स्कूल प्रबंधन की क्या राय है और प्रशासन की क्या प्रतिक्रिया है।
आय से अधिक संपत्ति मामले में शिक्षा विभाग की DPO रूबी कुमारी के ठिकानों पर EOU की रेड
4 बुधवार, नवंबर: आय से अधिक संपत्ति मामले में शिक्षा विभाग की डीपीओ रूबी कुमारी के ठिकानों पर ईओयू ने छापेमारी की।
देशभर में सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए आज आवेदन का अहम दिन है। दिल्ली जिला अदालत, सीएसआईआर-एनसीएल, उत्तर प्रदेश शिक्षक भर्ती, खेल विभाग, पंजाब जिला अदालत, इंडियन ऑयल और झारखंड में
आगरा कैंट के वार्ड संख्या 4 की एक संकरी गली में लगभग 180 महिलाएँ और बेटियाँ सामाजिक नवाचारकर्ता ज्योति सिंह ‘ज्योति दीदी’ के युवा एवं महिला संवाद में शामिल हुईं। इस संवाद में बालिका शिक्षा, महिला स्वास्थ्य, मासिक धर्म स्वच्छता, सुरक्षा, कौशल विकास और आत्मनिर्भरता पर चर्चा हुई। आयुष्मान भारत, जनधन, प्रधानमंत्री आवास और सुकन्या समृद्धि योजना सहित सरकारी योजनाओं की जानकारी भी साझा की गई। ज्योति सिंह पिछले दो दशकों से क्षेत्र की बस्तियों, स्कूलों और कॉलेजों में महिलाओं, किशोरियों और युवाओं के साथ काम कर रही हैं। उनका प्रयास महिलाओं और युवाओं को जागरूक बनाने के साथ उन्हें निर्णय लेने और सामुदायिक विकास में नेतृत्वकारी भूमिका निभाने के लिए प्रेरित करना है। यह पहल अंत्योदय, सामाजिक न्याय, नारी शक्ति और जनभागीदारी की भावना को जमीनी स्तर पर आगे बढ़ाती है।
शिक्षा को व्यावहारिक जीवन में उतारना बेहद जरूरी, Shahjahanpur में बोलीं Anandiben Patel
लखनऊ, तीन नवंबर उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने मंगलवार को कहा कि स्वतंत्र भारत में प्रत्येक व्यक्ति के लिए शिक्षा बेहद जरूरी है और उससे भी अधिक आवश्यक है कि शिक्षा को व्यावहारिक जीवन में उतारा जाए। जनभवन द्वारा जारी एक आधिकारिक बयान के अनुसार, राज्यपाल एवं राज्य विश्वविद्यालयों की कुलाधिपति आनंदीबेन पटेल ने शाहजहांपुर स्थित स्वामी शुकदेवानंद विश्वविद्यालय का दौरा किया और परिसर में ब्रह्मलीन स्वामी शुकदेवानंद के मंदिर में पूजा-अर्चना कर पुष्पांजलि अर्पित की। विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए उन्होंने कहा, ‘‘स्वतंत्र भारत में प्रत्येक व्यक्ति के लिए शिक्षा नितांत आवश्यक है। शिक्षा ग्रहण करने से भी कहीं अधिक आवश्यक यह है कि शिक्षा को व्यावहारिक जीवन में भी उतारा जाए।’’नशामुक्ति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि नशे के खिलाफ व्यापक अभियान चलाना शिक्षकों के साथ-साथ विद्यार्थियों का भी दायित्व है। उन्होंने कहा कि भारत तभी स्वस्थ बन सकेगा, जब वह नशामुक्त होगा। उन्होंने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि उन्हें अंतरिक्ष की ऊंचाइयों और समुद्र की गहराइयों तक पहुंचकर शोध करना चाहिए। कक्षाओं में विद्यार्थियों की उपस्थिति पर जोर देते हुए उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी की उपस्थिति 75 प्रतिशत से अधिक होनी ही चाहिए। पटेल ने कहा कि आज के समय में स्वावलंबी होना बहुत जरूरी है। इस मौके पर उन्होंने विश्वविद्यालय को राष्ट्रीय मूल्यांकन एवं प्रत्यायन परिषद (नैक) के मूल्यांकन की तैयारी अभी से शुरू करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता में लगातार सुधार करते हुए विद्यार्थियों को रोजगार के योग्य बनाने का प्रयास किया जाना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय में छात्राओं की अधिक उपस्थिति की सराहना करते हुए कहा कि निस्संदेह छात्राएं आज अथक परिश्रम कर रही हैं। उन्होंने कहा कि प्रत्येक विद्यार्थी को कठिन से कठिन परिस्थितियों का सामना करने के लिए तैयार रहना चाहिए और सभी को उत्तर प्रदेश को उत्तम प्रदेश बनाने की भावना से काम करना चाहिए। उन्होंने विश्वविद्यालय के एक आदर्श संस्थान के रूप में विकसित होने की कामना की। राज्यपाल ने कुलपति, वित्त अधिकारी, कुलसचिव, अधिष्ठाता छात्र कल्याण, कुलानुशासक और सभी संकायाध्यक्षों के साथ समीक्षा बैठक की। उन्होंने बैठक में कहा कि विश्वविद्यालय का संचालन पूरी पारदर्शिता और स्पष्ट कार्ययोजना के अनुसार होना चाहिए। उन्होंने कहा कि प्रवेश परीक्षाएं और अन्य सभी प्रशासनिक कार्य नियमित और तय समय पर पूरे किए जाने चाहिए। राज्यपाल ने विज्ञान प्रयोगशालाओं के दौरे के दौरान विद्यार्थियों से बातचीत की और उन्हें करियर संबंधी मार्गदर्शन भी दिया। उन्होंने विद्यार्थियों को कृत्रिम मेधा (एआई) और अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी जैसे उभरते क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने प्रयोगशालाओं में उपलब्ध सुविधाओं का निरीक्षण किया और विद्यार्थियों से उनके प्रयोगों के बारे में सवाल भी पूछे। राज्यपाल ने विद्यार्थियों को स्वस्थ खानपान अपनाने की सलाह दी और सभी विभागों को विद्यार्थियों की सुविधा के लिए अपने पुस्तकालय विकसित करने का निर्देश दिया। इस अवसर पर कुलपति प्रो. पुष्पेंद्र बहादुर सिंह और डॉ. प्रवेंद्र दीक्षित की पुस्तक ‘मार्केटिंग रिसर्च’, डॉ. जे. एस. ओझा की पुस्तक ‘हिंदू लॉ’ तथा डॉ. जे. एस. ओझा, डॉ. अनिल कुमार और डॉ. प्रदीप कुमार सिंह की पुस्तक ‘न्यू क्रिमिनल लॉ रेजीम एंड ह्यूमन राइट्स इन इंडिया’ का विमोचन भी किया गया।
स्कूल में बच्चे की मौत पर बड़ा ऐक्शन, प्रिंसिपल, टीचर और शिक्षा मित्र तीनों को भेजा जेल
यूपी के बलिया में स्कूल में करंट की चपेट में आने से बालक की मौत के मामले में प्रिंसिपल, टीचर और शिक्षामित्र तीनों को जेल भेज दिया गया है। बिजली विभाग के जेई पर गैर इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है।
नूंह जिले का सामाजिक ताना-बाना बच्चों और उनकी शिक्षा पर हावी है।
एवी पब्लिक स्कूल में शिक्षा, अनुशासन और सह-पाठ्य गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन
भास्कर न्यूज | फाजिल्का एवी पब्लिक स्कूल के लिए यह अत्यंत गर्व का विषय है कि विद्यालय की उप-प्राचार्या सीमा शर्मा को केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएससी) सेंटर ऑफ एक्सीलेंस लुधियाना द्वारा मानसिक स्वास्थ्य एवं कल्याण को बढ़ावा देने विषय पर आयोजित एक दिवसीय क्षमता संवर्धन कार्यक्रम में रिसोर्स पर्सन नियुक्त किया गया। विवेकानंद वर्ल्ड स्कूल फिरोजपुर में आयोजित इस कार्यक्रम में उन्होंने शिक्षकों को विद्यार्थियों के भावनात्मक संतुलन और मानसिक स्वास्थ्य की आवश्यकताओं के प्रति जागरूक किया। उनकी इस उपलब्धि से विद्यालय का मान बढ़ा है और प्रबंधन समिति ने उन्हें हार्दिक बधाई दी है। विद्यार्थियों में नियमितता, अनुशासन और शैक्षणिक प्रतिबद्धता को प्रोत्साहित करने के लिए विद्यालय में अक्टूबर 2026 के दौरान शत-प्रतिशत उपस्थिति दर्ज करवाने वाले कक्षा पहली से दसवीं तक के विद्यार्थियों को परफेक्ट अटेंडेंस अवार्ड से सम्मानित किया गया। इस अवसर पर प्रधानाचार्या संगीता तिन्ना ने विद्यार्थियों को प्रेरित करते हुए कहा कि निरंतरता और अनुशासन ही सफलता की मुख्य सीढ़ियां हैं।
झारखंड के सरकारी स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की फर्जी हाजिरी के खेल पर अब पूरी तरह से रोक लगेगी। राज्य के 32,582 स्कूलों में वर्षों से इस्तेमाल हो रहे तकनीकी खामियों से घिरे फिंगर प्रिंट स्कैनर को हटाकर आधार प्रमाणित एल-1 रजिस्टर्ड बायोमेट्रिक डिवाइस लगाए जाएंगे। स्कूली शिक्षा विभाग ने इसके लिए 2026-27 से 2030-31 तक पांच साल की कार्ययोजना तैयार की है। डिवाइस की खरीद और रखरखाव पर कुल 15.60 करोड़ रुपए खर्च होंगे। मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने बतौर शिक्षा मंत्री इस प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। इस योजना का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की उपस्थिति दर्ज करने की व्यवस्था को तकनीकी रूप से अधिक सुरक्षित और विश्वसनीय बनाना है। इसके लिए पुराने मंत्र एमएफएस-100 फिंगर प्रिंट डिवाइस को चरणबद्ध तरीके से हटाए जाएंगे। एक डिवाइस की कीमत 2900 रु.एक डिवाइस की कीमत 2900 रुपए रखी गई है। इस पर 18 प्रतिशत जीएसटी लगेगा। इस योजना के तहत चालू वित्त वर्ष में 11.14 करोड़ रुपए खर्च करने का अनुमान है। वारंटी खत्म होने के बाद चार साल तक रखरखाव के लिए प्रति डिवाइस 290 रुपए देने होंगे। वह सबकुछ जो आपके लिए जानना जरूरी है क्यों पड़ी बदलाव की जरूरत: राज्य में 2017 में मंत्र एमएफएस-100 फिंगर प्रिंट डिवाइस लगाए गए थे। इसमें कई तकनीकी खामियां सामने आ रही थीं। साथ ही फर्जी फिंगर प्रिंट से भी हाजिरी बनाने की शिकायतें मिल रही थीं। इसके बाद सूचना प्रौद्योगिकी एवं ई-गवर्नेंस विभाग की सहमति पर इसमें बदलाव का फैसला लिया गया। स्कूलों का आकलन किया गया तो 32,582 डिवाइस की जरूरत सामने आई।नए डिवाइस में क्या होगा खास: नए डिवाइस जेम पोर्टल के माध्यम से खरीदे जाएंगे। डिवाइस आधार प्रमाणीकरण के लिए आधार प्रमाणित एल-1 रजिस्टर्ड होगा। इसमें ऑप्टिकल सेंसर, यूएसबी कनेक्टिविटी, विंडोज, एंड्राॅयड जैसे ऑपरेटिँग सिस्टम होंगे। इससे फर्जी फिंगर प्रिंट का इस्तेमाल नहीं हो सकेगा। नए डिवाइस की एक साल की वारंटी होगी। चार साल तक एनुअल मेंटेनेंस की व्यवस्था होगी। स्कूलों में उपस्थिति की निगरानी होगी: बायोमेट्रिक उपस्थिति व्यवस्था का उद्देश्य स्कूलों में शिक्षकों और कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करना है। नए डिवाइस से आधार आधारित प्रमाणीकरण और तकनीकी सुरक्षा बेहतर होने की उम्मीद है। विभाग का कहना है कि इससे उपस्थिति से संबंधित रिकॉर्ड को डिजिटल रूप से दर्ज करने और उसकी निगरानी करने में मदद मिलेगी।
पहल कार्यक्रम से ग्रामीण विद्यार्थियों को मिलेगी निःशुल्क शिक्षा
भास्कर न्यूज |खगड़िया ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और तकनीकी ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय, खगड़िया की ओर से पहल कार्यक्रम के तहत विद्यालयों में जागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसके तहत महाविद्यालय की पहल नोडल टीम ने आसपास के विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण कर छात्र-छात्राओं को निःशुल्क शिक्षा, उच्च शिक्षा के अवसरों और प्रतिभा खोज प्रतियोगिताओं की जानकारी दी। टीम ने विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान और तकनीकी शिक्षा के प्रति रुचि विकसित करने के लिए प्रेरित किया। महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. मणि भूषण के मार्गदर्शन में संचालित अभियान में पहल कार्यक्रम के नोडल अधिकारी ज्योति कुमार, पवन कुमार, रंजीत कुमार एवं संजीव कुमार शामिल रहे। टीम ने विद्यार्थियों से संवाद कर कार्यक्रम के तहत मिलने वाली शैक्षणिक सुविधाओं और भविष्य में उपलब्ध अवसरों की जानकारी दी। बताया गया कि पहल कार्यक्रम के अंतर्गत कक्षा 8वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को गणित, विज्ञान, अंग्रेजी एवं कंप्यूटर की निःशुल्क शिक्षा दी जाती है। इसके लिए राजकीय अभियंत्रण महाविद्यालय परिसर में प्रतिदिन शाम 4 बजे से कक्षाएं संचालित होती हैं। इनका उद्देश्य ग्रामीण एवं जरूरतमंद विद्यार्थियों की विषयगत समझ, तार्किक क्षमता और कंप्यूटर कौशल को मजबूत करना है। टीम ने विद्यार्थियों से नियमित रूप से महाविद्यालय पहुंचकर इसका लाभ उठाने की अपील की। वहीं, विद्यार्थियों को श्रीनिवास रामानुजन टैलेंट सर्च टेस्ट इन मैथमेटिक्स-2026 एवं डॉ. सीवी रमन टैलेंट सर्च टेस्ट इन साइंस-2027 की जानकारी दी गई। ये परीक्षाएं बिहार सरकार के विज्ञान, प्रावैधिकी एवं तकनीकी शिक्षा विभाग तथा बिहार काउंसिल ऑन साइंस एंड टेक्नोलॉजी (बीसीएसटी), पटना के तत्वावधान में आयोजित होंगी। इनमें कक्षा 6वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल हो सकते हैं। टीम ने बताया कि पंजीकरण की अंतिम तिथि 18 नवंबर 2026 तथा ऑनलाइन परीक्षा की संभावित तिथि 25 एवं 26 नवंबर 2026 है। विद्यार्थियों को ऑनलाइन पंजीकरण की प्रक्रिया और आधिकारिक वेबसाइट की जानकारी देते हुए समय पर आवेदन करने के लिए प्रेरित किया गया। साथ ही उन्हें महाविद्यालय परिसर का भ्रमण कर निःशुल्क कक्षाओं का लाभ उठाने के लिए आमंत्रित किया गया।
हिमाचल: केंद्रीय विश्वविद्यालय के कैंपस विवाद में शिक्षा सचिव अदालत में तलब, जानें पूरा मामला
हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट ने केंद्रीय विश्वविद्यालय के धर्मशाला (उत्तरी) कैंपस के निर्माण और फॉरेस्ट क्लीयरेंस से जुड़े मामले में कड़ा रुख अपनाया है।
बेटियों को बेटों के समान सम्मान और शिक्षा दें : आशा सिंह
गांव तलवाना में लिंगानुपात सुधारने और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच विकसित करने के लिए जागरूकता शिविर लगाया गया।
Azamgarh News: शताब्दी इजलास में उलमाओं ने दिया शिक्षा का संदेश
शताब्दी इजलास में उलमाओं ने दिया शिक्षा का संदेश
Mohali News: पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड को मिली नई सचिव, कल्पना ने संभाला कार्यभार
Punjab School Education Board gets a new Secretary; Kalpana takes charge
बेटियों को बराबरी का हक और शिक्षा मिले तो मजबूत होगा समाज : डॉ. कपिल शर्मा
कार्यक्रम में डॉ. कपिल शर्मा ने महिलाओं को संबोधित करते हुए कहा कि बेटियां परिवार पर बोझ नहीं बल्कि उसकी ताकत होती हैं।
मामले में प्रांतीय शासकीय महाविद्यालयीन प्राध्यापक संघ ने उच्च शिक्षा विभाग के अपर मुख्य सचिव अनुपम राजन को पत्र लिखकर जल्द निराकरण की मांग की है।
2047 के भारत निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम, उद्योग-शिक्षा की खाई पाटने की जरूरत: गुजरात सीएम
2047 के भारत निर्माण में युवाओं की भूमिका अहम, उद्योग-शिक्षा की खाई पाटने की जरूरत: गुजरात सीएम
गोपालगंज शहर के महिला महाविद्यालय में आयोजित ‘युवा संवाद’ कार्यक्रम में शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी शामिल हुए। उन्होंने छात्र-छात्राओं को संबोधित किया। कार्यक्रम के बाद पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी और राजद नेता तेजस्वी यादव पर निशाना साधा। साथ ही दो नवनिर्वाचित एमएलसी के भाजपा में शामिल होने के मामले पर भी अपनी बात रखी। युवाओं को राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी का बोध कराया शिक्षा मंत्री ने कहा कि विकसित भारत के निर्माण के लिए युवा जागरण जरूरी है, क्योंकि यूथ पावर ही नेशन पावर है। इसी भावना को जगाने के लिए वे छात्र-छात्राओं के बीच पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि बच्चों से एकेडमिक विषयों पर चर्चा के साथ राष्ट्र रक्षा और देश के प्रति उनकी जिम्मेदारियों को लेकर भी बातचीत की गई। संवाद के दौरान युवाओं से पूछा गया कि क्या उनके माता-पिता का नाम मतदाता सूची से कटा है। इस पर सभी ने एक स्वर में कहा कि उनके परिवार का नाम नहीं कटा है। राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर साधा निशाना मंत्री ने कहा कि देश के किसी भी वैध मतदाता का नाम नहीं काटा गया है, लेकिन विपक्ष बेवजह वोट चोरी का आरोप लगा रहा है। उन्होंने राहुल गांधी और तेजस्वी यादव पर निशाना साधते हुए कहा कि मतदाता सूची से अवैध पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों के नाम हटाए जाने पर विपक्ष को सबसे ज्यादा तकलीफ हो रही है। उन्होंने सवाल किया कि आखिर दोनों नेताओं को इस कार्रवाई से परेशानी क्यों है? क्या वे पाकिस्तानी और बांग्लादेशी नागरिकों के वोट के सहारे देश में प्रधानमंत्री या प्रदेश में मुख्यमंत्री बनने का सपना देख रहे हैं? शिक्षा मंत्री ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का विरोध करते-करते विपक्ष देश का विरोध करने लगा है। उन्होंने कहा कि राजनीतिक आंदोलनों में जनता का समर्थन नहीं मिलने पर युवा शक्ति को हथियार बनाकर छात्रों को बहकाया जा रहा है। विपक्ष केवल ‘झूठ की खेती’ कर रहा है, जबकि एनडीए सरकार विकास के रास्ते पर आगे बढ़ रही है। एमएलसी के भाजपा में शामिल होने पर दी सफाई दो नवनिर्वाचित एमएलसी के भाजपा की सदस्यता लेने के बाद उठे राजनीतिक विवाद पर शिक्षा मंत्री ने कहा कि भाजपा ने किसी के साथ जोर-जबरदस्ती नहीं की है। संविधान से मिले अधिकारों और व्यक्तिगत स्वतंत्रता के तहत जनप्रतिनिधियों ने स्वेच्छा से भाजपा को समर्थन दिया है। उन्होंने कहा कि जब समर्थन देने वाले जनप्रतिनिधि खुद असहज या परेशान नहीं हैं, तो दूसरे लोगों को परेशानी क्यों हो रही है? विपक्ष इसलिए बौखलाया हुआ है, क्योंकि वे नेता उसके पास जाने के बजाय भाजपा की नीतियों और विकास कार्यों से प्रभावित होकर पार्टी के समर्थन में आए हैं। मंत्री ने कहा कि देश और प्रदेश के हित में संविधान के दायरे में रहकर काम किया जा रहा है। एनडीए सरकार उसी रास्ते पर आगे बढ़ रही है, जिसकी संविधान इजाजत देता है।
बाल दिवस पर सीतामढ़ी पुलिस ने चार पंचायतों के स्कूलों में किशोरी संवाद कार्यक्रम किया। छात्राओं को बाल विवाह और बाल तस्करी के खतरे बताए गए। उन्हें अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहने और गलत के खिलाफ आवाज उठाने के लिए प्रेरित किया गया। बाल विवाह और बाल तस्करी रोकने से जुड़े कानूनों पर भी चर्चा कार्यक्रम डुमरा थाना क्षेत्र की मिश्रौलिया पंचायत, परिहार थाना क्षेत्र की बबूरवन और महादेवपट्टी पंचायत और भुतही थाना क्षेत्र की दोस्तियां पंचायत के अलग-अलग स्कूलों में हुआ। छात्राओं को बताया गया कि बाल विवाह से उनका शारीरिक और मानसिक विकास, पढ़ाई और आत्मनिर्भर बनने का रास्ता प्रभावित होता है। उन्हें यह भी बताया गया कि बाल तस्करी के जरिए बच्चियों का शोषण कैसे किया जाता है। अभियान 14 नवंबर तक जारी रहेगा संवाद में बाल विवाह और बाल तस्करी रोकने से जुड़े कानूनों पर भी चर्चा हुई। छात्राओं से कहा गया कि शिक्षा उन्हें अपने अधिकार समझने और आत्मनिर्भर बनने में मदद करती है। आत्मविश्वास, समानता और नेतृत्व क्षमता विकसित करने पर भी जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक अमित रंजन के निर्देशन और वरीय पुलिस उपाधीक्षक (मुख्यालय) मो. नजीब अनवर के मार्गदर्शन में सीतामढ़ी पुलिस, मानव तस्करी निरोध इकाई और अदिथी कवच परियोजना मिलकर यह अभियान चला रही है। अभियान 14 नवंबर तक जारी रहेगा। बाल विवाह और बाल तस्करी रोकना उद्देश्य कार्यक्रम में महिला थाना की एसआई सीमा कुमारी, डुमरा थाना के राजन कुमार, भुतही थाना की अंबिका शर्मा और परिहार थाना के जय मंगल सिंह ने छात्राओं को संबोधित किया। परियोजना की ओर से मनीष कुमार, अमन कुमार, प्रशांत कुमार यादव और शिव दुलारी देवी भी मौजूद रहे। अभियान का मकसद पंचायत स्तर पर लोगों की भागीदारी से बाल विवाह और बाल तस्करी रोकना है।
लुधियाना के माछीवाड़ा साहिब स्थित सरकारी कॉलेज में वित्तीय अनियमितताओं और फंड्स के दुरुपयोग को लेकर विवाद गहरा गया है। कॉलेज के जूनियर सहायक हरिंदर सिंह ने पंजाब के शिक्षा मंत्री को पत्र लिखकर पूर्व प्रिंसिपल और पांच प्रोफेसरों पर पीटीए और पीएम-ऊषा (PM-USHA) फंड्स में लाखों रुपये की धांधली के गंभीर आरोप लगाए हैं। हालांकि, इन आरोपों की पुष्टि नहीं हुई है। फर्ज़ी बिलिंग, गैर-हाज़िरी पर सैलरी और नियमों की अनदेखी के दावे शिकायतकर्ता हरिंदर सिंह का आरोप है कि सामान खरीदने के नाम पर खाली बिल लेकर अपनी मर्जी से रकमें भरी जाती हैं। पीएम-ऊषा फंड से घटिया सामान खरीदा गया। उन्होंने दावा किया कि गर्मियों की छुट्टियों में गैर-हाज़िर रहे एक रिसोर्स पर्सन टीचर की बिना हाज़िरी के 16 हजार रुपये सैलरी निकाली गई। इसके अलावा, पुलिस वेरिफिकेशन, मेडिकल और सर्टिफिकेट की जांच के बिना ही कुछ प्रोफेसरों को नियमों के खिलाफ सैलरी व एरियर जारी करने का भी आरोप है। लेबर केस में कैश भुगतान और पढ़ाई के नुकसान का मुद्दा हरिंदर सिंह ने आरोप लगाया कि एक पूर्व गेटकीपर का मामला लेबर कमिश्नर के पास पहुंचने पर कमेटी ने उसे 20 हजार रुपये कैश दिए थे। उन्होंने यह भी कहा कि छात्र जब सहायक प्रोफेसरों की पढ़ाई से असंतुष्ट होकर शिकायत करने प्रिंसिपल के पास पहुंचे तो उन्हें दफ्तर से बाहर कर दिया गया। उनका दावा है कि प्रिंसिपल मीटिंग के नाम पर प्रोफेसरों को दफ्तर में बैठाए रखती थीं, जिससे विद्यार्थियों की पढ़ाई प्रभावित हुई। मानसिक परेशानी और खुदकुशी की चेतावनी शिकायतकर्ता ने आरोप लगाया कि कॉलेज में उन्हें लगातार मानसिक रूप से प्रताड़ित और अपमानित किया जा रहा है। हरिंदर सिंह ने चेतावनी दी कि यदि इस तनाव के कारण वे खुदकुशी जैसा कोई कदम उठाते हैं, तो इसके लिए पूर्व प्रिंसिपल और पांच प्रोफेसर सीधे तौर पर जिम्मेदार होंगे। उन्होंने उच्च अधिकारियों से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग की है। प्रोफेसरों ने खारिज किए आरोप, पूर्व प्रिंसिपल ने काटा फोन आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए कॉलेज के प्रोफेसरों ने सभी दावों को बेबुनियाद और झूठा बताया है। उनका कहना है कि प्रिंसिपल 31 अक्टूबर को सेवानिवृत्त (रिटायर) हो चुकी हैं, वही विभाग को जवाब भेज चुकी हैं और अब नए प्रिंसिपल ही इस पर कुछ कह पाएंगे। वहीं, जब रिटायर प्रिंसिपल नंदनी वैद से बात की गई तो उन्होंने मामले का जिक्र सुनते ही फोन काट दिया। उच्च शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने मांगा जवाब शिक्षा मंत्री को दी गई शिकायत का संज्ञान लेते हुए उच्च शिक्षा विभाग के डिप्टी डायरेक्टर ने कॉलेज प्रशासन से जवाब तलब किया है। कॉलेज की ओर से अपना पक्ष बनाकर भेज दिया गया है। सूत्रों के मुताबिक, आने वाले दिनों में विभाग इस पूरे मामले की गहनता और बारीकी से विभागीय जांच करा सकता है।
पिंडवाड़ा के पास ग्राम पंचायत कांटल के राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी अशोकपाल सिंह मीणा और सरपंच प्रतिनिधि भवानी सिंह इंदा ने निरीक्षण किया। उन्होंने पोषाहार और पढ़ाई की व्यवस्थाएं देखीं। निरीक्षण के दौरान दोनों ने विद्यार्थियों के साथ कतार में बैठकर भोजन किया। उन्होंने बच्चों से बात कर स्कूल की व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इसके बाद उन्होंने स्कूल के पीछे बने खेल मैदान का जायजा लिया। मैदान में झाड़ियां और घास उगी थी। उन्होंने जल्द सफाई कराकर मैदान को व्यवस्थित करने के निर्देश दिए। अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी ने कहा कि मैदान तैयार कराने के लिए शिक्षा विभाग ग्राम पंचायत को हरसंभव मदद देगा। निरीक्षण के अंत में अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने स्कूल की विजिट बुक में अपने विचार लिखे। इस दौरान प्रधानाचार्य भगवाना राम मीणा, पत्रकार हडमत सिंह और स्कूल का पूरा स्टाफ मौजूद रहा।
राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल कीकावास में नवनिर्वाचित सरपंच, उपसरपंच और वार्ड पंचों का अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम में सरपंच तारा मेघवाल ने कहा कि ग्राम पंचायत कीकावास में शिक्षा और पेयजल के काम प्राथमिकता से पूरे किए जाएंगे। उन्होंने विद्यालय में जरूरी संसाधन उपलब्ध कराने के लिए काम करने की बात भी कही। इस मौके पर पंचायत प्रारंभिक शिक्षा अधिकारी भीमलाल मेघवाल, प्राचार्य कैलाश मेघवाल, प्रवीण सिंह चौहान और सरपंच प्रतिनिधि पप्पू लाल मेघवाल मौजूद रहे। कार्यक्रम में उपसरपंच पूरण डांगी, वार्ड पंच प्रकाश रावत, दिनेश रावत, रामलाल मीणा, सुरेश डांगी, हीरालाल, पप्पू लाल डांगी, नरेश गिरी गोस्वामी और बाबूलाल चौधरी सहित ग्रामीण और स्कूल स्टाफ भी शामिल हुए।
नेशनल मीन्स-कम-मेरिट स्कॉलरशिप (NMMSS 2026) के आवेदन की आखिरी तारीख अब 15 नवंबर तक बढ़ा दी गई है. सरकारी और सरकारी सहायता प्राप्त स्कूलों के जरूरतमंद छात्रों को हर साल 12,000 की आर्थिक मदद मिलेगी.
नौकरी के नाम पर धोखे से सेना में भर्ती कर भेजा यूक्रेन वॉर जोन!
विशाखापत्तनम के वामसी और चार अन्य भारतीयों ने वीडियो जारी कर दावा किया कि उन्हें धोखे से रूसी सेना में भर्ती कर मोर्चे पर भेजा जा रहा है. वामसी की मां ने केंद्र और आंध्र प्रदेश सरकार से सुरक्षित वापसी की गुहार लगाई, जबकि नारा लोकेश ने जल्द मदद का भरोसा दिया.
पावरग्रिड भर्ती 2026: इंजीनियर ट्रेनी के 319 पदों पर आवेदन शुरू, इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स के पास मौका
भारत सरकार के विद्युत मंत्रालय के अंतर्गत एक महारत्न पीएसयू पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पीजीसीआईएल) में नौकरी करने की इच्छा रखने वालों के लिए एक अच्छी खबर सामने आई है। दरअसल पीजीसीआईएल ने इलेक्ट्रिकल, सिविल और कंप्यूटर साइंस के होनहार युवा इंजीनियरिंग ग्रेजुएट्स को इंजीनियर ट्रेनी के रूप में अपने साथ जुड़ने के लिए 319 पदों पर रिक्तियों की घोषणा एक विज्ञापन प्रकाशित करके की है।
हिमाचल प्रदेश हाई कोर्ट ने धर्मशाला केंद्रीय विश्वविद्यालय कैंपस निर्माण में देरी और वन क्लीयरेंस के 30 करोड़ रुपये के विवाद पर कड़ा रुख अपनाया है।
आरएलएम युवा मोर्चा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल कुशवाहा पहुंचे पटना, कहा-जेन जी से संवाद, शिक्षा और रोजगार होगी प्राथमिकता
राष्ट्रीय साधन सह प्रावीण्य छात्रवृत्ति परीक्षा (NMMSE) 2026-27 की तारीख बदल दी गई है। अब यह परीक्षा 12 दिसंबर की जगह 3 जनवरी 2027 को आयोजित होगी। छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल ने इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी है। दरअसल, मंडल ने पहले इस परीक्षा के आयोजन के लिए 12 दिसंबर 2026 की तारीख तय की थी। इसी दिन केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (CBSE) की ओर से CTET परीक्षा भी आयोजित की जा रही थी। CTET की परीक्षा 12 और 13 दिसंबर को छत्तीसगढ़ के विभिन्न केंद्रों में होनी है। दोनों परीक्षाओं के एक ही समय पर होने से परीक्षा केंद्रों की व्यवस्था प्रभावित होने की आशंका थी। इसे देखते हुए माध्यमिक शिक्षा मंडल ने NMMSE परीक्षा की तारीख में बदलाव किया है। अब यह परीक्षा रविवार, 3 जनवरी 2027 को निर्धारित परीक्षा केंद्रों पर आयोजित की जाएगी।
job news 2026: सीनियर रेजिडेंट के पदों पर निकली हैं वैकेंसी, कर सकते हैं आप भी आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी अगर नौकरी करनी हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां बिहार संयुक्त प्रवेश प्रतियोगिता परीक्षा पर्षद की ओर से सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर फेज-3 के पदों पर भर्ती निकाली गई है। इस भर्ती के लिए आवेदन करने का मौका है। 23 नवंबर, 2026 तक आवेदन किया जा सकता है। पदों का नाम- सीनियर रेजिडेंट/ट्यूटर फेज-3 कुल पद- आधिकारिक वेबसाइट से जानकारी प्राप्त करें। आयु सीमा- उम्मीदवारों की अधिकतम आयु 37 वर्ष निर्धारित है। हालांकि आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को आयु-सीमा में छूट भी दी जाएगी। आवेदन करने की आखिरी तारीखरू 23 नवंबर, 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट देख सकते हैं pc- northyorks.gov.uk
3 नवंबर, मंगलवार: गोपालगंज के बैकुंठपुर प्रखंड स्थित डुमरिया घाट पर नारायणी महोत्सव की तैयारियों का डीएम समीर सौरभ और शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने जायजा लिया। अधिकारियों को श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा, साफ-सफाई, रोशनी और यातायात व्यवस्था दुरुस्त रखने के निर्देश दिए गए।
ईडब्ल्यूएस के आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को भी उच्च शिक्षा में मिले समान वित्तीय सहायता : संतोष सुमन
PC: JAGRAN सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) की तरफ से एक बेहतरीन मौका सामने आया है। आरआरबी ने आइसोलेटेड कैटेगरी (CEN-09/26) के तहत विभिन्न पदों पर बंपर भर्तियों के लिए शॉर्ट नोटिस जारी कर दिया है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार निर्धारित तिथियों के भीतर ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। महत्वपूर्ण तिथियां ऑनलाइन आवेदन शुरू होने की तिथि: 5 नवंबर 2026 आवेदन करने की अंतिम तिथि: 4 दिसंबर 2026 योग्यता और आयु सीमा शैक्षणिक योग्यता: इस भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने के लिए उम्मीदवारों की योग्यता पदों के अनुसार अलग-अलग तय की गई है। अभ्यर्थी का पदानुसार 12वीं कक्षा पास से लेकर पोस्ट ग्रेजुएट (Post Graduate) होना अनिवार्य है। आयु सीमा (Age Limit): उम्मीदवारों की न्यूनतम आयु 18 वर्ष होनी चाहिए, जबकि अधिकतम आयु पदानुसार 30, 32, 33, 35 या 40 वर्ष तक हो सकती है। आयु में छूट: आरक्षित वर्ग के उम्मीदवारों को सरकार के नियमानुसार ऊपरी आयु सीमा में छूट दी जाएगी। आयु की गणना 1 जनवरी 2027 को आधार मानकर की जाएगी। विस्तृत जानकारी डिटेल्ड नोटिफिकेशन आने पर स्पष्ट होगी। कुल पद और वेतनमान: इस भर्ती अभियान के जरिए कुल 195 रिक्त पदों पर नियुक्तियां की जाएंगी। सैलरी (Pay Scale): चयनित होने वाले युवाओं को सातवें वेतन आयोग के तहत पद के अनुसार लेवल 2 से लेकर लेवल 7 तक का आकर्षक वेतनमान प्रदान किया जाएगा। चयन प्रक्रिया: उम्मीदवारों का चयन कई चरणों की परीक्षा के आधार पर किया जाएगा: CBT परीक्षा: सबसे पहले उम्मीदवारों को कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) में शामिल होना होगा। अगले चरण: सीबीटी में निर्धारित कटऑफ अंक प्राप्त करने वाले अभ्यर्थियों को पदानुसार स्टेनोग्राफी स्किल टेस्ट (SST), परफॉर्मेंस टेस्ट, टीचिंग स्किल टेस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जामिनेशन के लिए बुलाया जाएगा। सभी चरणों को पूरा करने के बाद अंतिम मेरिट लिस्ट तैयार की जाएगी। आवेदन प्रक्रिया और फीस: कैसे करें आवेदन: इस भर्ती के लिए आवेदन केवल ऑनलाइन माध्यम से आधिकारिक पोर्टल rrbapply.gov.in पर ही स्वीकार किए जाएंगे। अन्य किसी भी माध्यम से भेजे गए फॉर्म मान्य नहीं होंगे। आवेदन शुल्क: जनरल, ओबीसी एवं ईडब्ल्यूएस (EWS): ₹500 एससी, एसटी एवं महिला/अन्य आरक्षित वर्ग: ₹250 शुल्क का भुगतान डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए किया जा सकेगा। फीस रिफंड नियम: सीबीटी (CBT) परीक्षा में शामिल होने के बाद जनरल, ओबीसी और ईडब्ल्यूएस वर्ग के उम्मीदवारों को ₹400 रिफंड कर दिए जाएंगे, जबकि एससी, एसटी और अन्य पात्र वर्गों के उम्मीदवारों की पूरी ₹250 फीस वापस कर दी जाएगी।
RRB recruitment 2026: 1215 स्टेशन मास्टर पदों पर निकली भर्ती, चेक करें आवेदन का तरीका
PC: kalingatv रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने सेंट्रलाइज्ड एम्प्लॉयमेंट नोटिस (CEN) नंबर 08/2026 के तहत इंडियन रेलवे में स्टेशन मास्टर की 1,215 वैकेंसी के लिए ऑनलाइन एप्लीकेशन मंगाए हैं। एलिजिबल कैंडिडेट ऑफिशियल एप्लीकेशन पोर्टल, rrbapply.gov.in के जरिए रजिस्टर कर सकते हैं। रजिस्ट्रेशन प्रोसेस 27 अक्टूबर को शुरू हुआ था और 25 नवंबर को बंद हो जाएगा। एलिजिबलिटी क्राइटेरिया: जो भी कैंडिडेट इस पोस्ट के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, उनके पास किसी मान्यता प्राप्त यूनिवर्सिटी से इसके बराबर की ग्रेजुएशन डिग्री होनी चाहिए। जो कैंडिडेट इस पोस्ट के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, उनकी उम्र 18 से 33 साल के बीच होनी चाहिए। सिलेक्शन प्रोसेस: कंप्यूटर बेस्ड टेस्ट (CBT) कंप्यूटर बेस्ड एप्टीट्यूड टेस्ट (CBAT) डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन (DV) मेडिकल एग्जामिनेशन एग्जाम फीस: सभी कैंडिडेट: Rs 500 महिला/ट्रांसजेंडर/SC/ST/माइनॉरिटी/EBC/सर्विसमैन: Rs 250 अप्लाई कैसे करें: RRB अप्लाई की ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। होम पेज पर मौजूद स्टेशन मास्टर रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। एक नया पेज खुलेगा जहां कैंडिडेट को खुद को रजिस्टर करना होगा। रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद, एप्लीकेशन फॉर्म भरें। एप्लीकेशन फीस का पेमेंट करें। सबमिट पर क्लिक करें और कन्फर्मेशन पेज डाउनलोड करें। आगे की जरूरत के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें।
job news 2026: रेलवे में निकली हैं अप्रेंटिस के पदों के लिए भर्ती, कर सकते हैं आप भी इसके लिए आवेदन
इंटरनेट डेस्क। सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे युवाओं के लिए एक अच्छी खबर है। देश के अलग-अलग सरकारी विभागों में कई पदों पर भर्ती निकली है। इन भर्तियों में अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता वाले उम्मीदवार आवेदन कर सकते हैं। तो जानते हैं रेलवे में भर्ती के बारे में। पद का नाम- अप्रेंटिस पद की संख्या- 2008 आवेदन शुरू होने की तारीख- 23 अक्टूबर, 2026 आवेदन की लास्ट डेट- 22 नवंबर, 2026 क्वालिफिकेशन- 10वीं पास के साथ आईटीआई की डिग्री एज लिमिट- अधिकतम 24 साल सिलेक्शन प्रोसेस- मेरिट लिस्ट, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के साथ मेडिकल एग्जाम सैलरी- रेलवे अप्रेंटिस नियमों के मुताबिक ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट www. rrcjaipur.in देख सकते हैं pc- fryandbrown.com
HPRCA Teacher Recruitment 2026: हिमाचल प्रदेश राज्य चयन आयोग ने 2,423 शिक्षक पदों पर भर्ती का विज्ञापन जारी किया है। आवेदन 10 नवंबर से 5 दिसंबर 2026 तक किए जा सकेंगे। उम्मीदवारों की उम्र 18 से 45 वर्ष होनी चाहिए।
3200+ सरकारी नौकरियां: इन छह भर्तियों की अंतिम तिथि आज; जल्द भर दें अपनी पसंद की नौकरी का फॉर्म
आज यानी 3 नवंबर 2026 को आरबीआई, बीपीएससी, आईएलबीएस, भारतीय तटरक्षक बल और पावर फाउंडेशन ऑफ इंडिया की कई भर्तियों के लिए आवेदन की आखिरी तारीख है। इन भर्तियों में कुल 32,426 पद शामिल हैं। एआईईएसएल
ईओयू की स्पेशल टीम मंगलवार की सुबह ही किशनगंज पहुंची थी। टीम ने यहां सर्व शिक्षा अभियान की जिला कार्यक्रम पदाधिकारी रूबी कुमारी के ठिकानों पर ताबड़तोड़ छापेमारी शुरू की। इस रेड से सनसनी फैल गई।
ओडिशा अधीनस्थ कर्मचारी चयन आयोग ने नेत्र अधिकारी के 238 पदों पर भर्ती का संक्षिप्त नोटिस जारी किया है। इसके लिए ऑनलाइन पंजीकरण 5 नवंबर 2026 से शुरू होगा। उम्मीदवार 29 नवंबर तक पंजीकरण कर सकेंगे, जबकि अंतिम
पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह मंगलवार को अयोध्या के महर्षि वाल्मीकि इंटरनेशनल एयरपोर्ट पहुंचे। यहां उन्होंने आज से शुरू हो रही छात्र संसद को लेकर कहा कि पहले इसका आयोजन वाराणसी में होना था, लेकिन जगह की समस्या के कारण आयोजक उनसे मिले। इसके बाद उन्होंने छात्र संसद अयोध्या में कराने का सुझाव दिया। बृजभूषण सिंह ने कहा कि इससे उनके क्षेत्र के बच्चों को भी आने और कुछ सीखने का मौका मिलेगा। छात्र संसद का विषय नई शिक्षा नीति है। उन्होंने नई शिक्षा नीति पर सवाल उठाते हुए कहा कि शहरों में इसका क्या असर पड़ा है, यह उन्हें नहीं पता, लेकिन ग्रामीण इलाकों में शिक्षा पर इसका बुरा प्रभाव पड़ा है। स्कूल खुले हैं, शिक्षक भी हैं, लेकिन पढ़ने वाले बच्चे गायब हैं। 2027 के विधानसभा चुनाव को लेकर पूछे गए सवाल पर बृजभूषण सिंह ने कहा कि चुनाव बहुत अच्छा होगा। चुनाव की तैयारियों के सवाल पर उन्होंने कहा, 'हम लोग तो साधारण कार्यकर्ता हैं। सामान्य आदमी हैं। तैयारी तो बड़े लोग करेंगे।'
भारतीय सेना की नॉर्दर्न कमांड ने 2026-27 के लिए 75 दिनों की इंटर्नशिप शुरू की है। इसमें आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, साइबर सुरक्षा, ड्रोन, रोबोटिक्स, मीडिया और कई दूसरे क्षेत्रों में सीखने का मौका मिलेगा। चयनित उम्मीदवारों को
सशस्त्र सीमा बल (SSB) ने हेड कांस्टेबल मिनिस्ट्रियल भर्ती 2020 की कंप्यूटर आधारित परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। परीक्षा में शामिल उम्मीदवार अब आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर अपना परिणाम देख सकते हैं। चयनित
रेलवे मंत्रालय के अधीन राइट्स लिमिटेड ने सीनियर टेक्निकल असिस्टेंट के 31 पदों पर भर्ती निकाली है। सिविल इंजीनियरिंग में डिप्लोमा और दो साल का अनुभव रखने वाले उम्मीदवार 22 नवंबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
ऊपर Video पर क्लिक करें और देखें... आज यूपी की राजनीति और सरकारी विभागों की कौन सी बात खरी है… -------------- सोमवार, 1 नवंबर का ''बात खरी है'' भी देखें- बृजभूषण ने विधायक मैडम को जैसे-तैसे कुर्सी पर बैठाया:आजम के पोस्टर पर चिपकाया फिलिस्तीन झंडा, नेताजी ने जूते सिर पर रख लिए शनिवार, 31 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- शादी से पहले शिक्षा मंत्री का करवा चौथ मना:इकरा हसन को गुस्सा आया, अखिलेश की CID 'चच्चू के चेले' को खोज रही -----------शुक्रवार, 30 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- अखिलेश के लिए 'राजा' ने रखा करवा चौथ:MLC चुनाव में हार पर रविकिशन बोले- बम-बम होगा; लेट-लेटकर अफसरों तक पहुंची महिला----------- गुरुवार, 29 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- भाजपा ने बढ़ाई चुनाव आयोग की टेंशन:रो-रोकर जीते MLC कब मुस्लिम बनेंगे, दिव्या मित्तल को नहीं चाहिए नेता ------------- बुधवार, 28 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- अखिलेश मुस्कुराते हुए बोले- यहां सिर्फ गुलदस्ता दे रहे हो:मंत्रीजी 'कुछ दिन के मेहमान' कहकर टांग खींची, विकास बोल नहीं पाए MLC------------मंगलवार, 27 अक्टूबर का ''बात खरी है'' भी देखें- अखिलेश के ऑफिस में 'भगदड़' जैसा माहौल:पूर्व BJP विधायक की दिलजले वाली शायरी, इश्क में फरार इंस्पेक्टर-सिपाही -------- - कल सुबह 6 बजे फिर होगी खरी बात… बने रहिए दैनिक भास्कर एप के साथ…
राजिंदर पाहड़ा | अमृतसर पंजाब सरकार द्वारा एचडीएफसी बैंक को पैनल से बाहर करने के फैसले के बाद अब वित्त विभाग ने निर्देश जारी किए हैं कि सभी विभागों के एचडीएफसी बैंक में चल रहे सभी खाते 15 नवंबर तक हर हाल में बंद किए जाएं। साथ ही चेतावनी दी गई है कि निर्देशों का पालन न होने पर जिम्मेदार संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई होगी। बैंक के साथ सैलरी अकाउंट को लेकर हुए सभी एग्रीमेंट रद्द करने के निर्देश भी दिए गए हैं। जिले के 16 हजार से अधिक सरकारी मुलाजिमों में से करीब 22 प्रतिशत के सैलरी खाते एचडीएफसी में हैं। इन सभी मुलाजिमों को अब अपने सैलरी खाते दूसरे पैनल वाले बैंकों में शिफ्ट करने होंगे। वहीं राज्य स्तर पर देखें तो करीब 3.5 लाख सरकारी मुलाजिमों में से लगभग 20% के सैलरी खाते एचडीएफसी में हैं। सरकार ने 24 पैनल्ड बैंकों की सूची जारी की है, जिनमें मुलाजिम अपने सैलरी खाते शिफ्ट करवा सकते हैं। आदेश में कहा गया है कि सरकार ने एचडीएफसी को सरकारी बैंकों की सूची से डी-पैनल कर दिया है। विभागों के अधीन एचडीएफसी में चल रहे खातों को तुरंत किसी अन्य पैनल वाले बैंक में ट्रांसफर करें। एसबीआई, पीएनबी, बैंक ऑफ बड़ौदा, केनरा बैंक, पंजाब एंड सिंध बैंक, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया, बैंक ऑफ इंडिया, यूको बैंक, इंडियन बैंक, इंडियन ओवरसीज बैंक, बैंक ऑफ महाराष्ट्र, आईसीआईसीआई बैंक, एक्सिस बैंक, कोटक महिंद्रा बैंक, इंडसइंड बैंक, आईडीबीआई बैंक, यस बैंक, फेडरल बैंक, पंजाब ग्रामीण बैंक, कैपिटल स्मॉल फाइनेंस बैंक, एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक, पंजाब स्टेट को-ऑपरेटिव बैंक और आईडीएफसी फर्स्ट बैंक। सरकारी विभागों के आदेश में सिर्फ करंट और सेविंग अकाउंट ही नहीं बल्कि एफडी भी शामिल है। वित्त विभाग के जारी आदेश में साफ है कि एचडीएफसी में पड़ी सभी सरकारी फिक्स्ड डिपॉजिट (एफडी) भी 15 नवंबर तक तोड़नी होंगी। शिक्षा विभाग में कई स्कूलों और डीडीओज ने समग्र शिक्षा, मिड-डे मील और अन्य ग्रांट का पैसा एचडीएफसी में एफडी के रूप में जमा करा रखा है। अब ये सभी एफडी समय से पहले बंद कर पैसा किसी अन्य पैनल बैंक में शिफ्ट करना होगा। एफडी तोड़ने पर होने वाले ब्याज के नुकसान की जिम्मेदारी भी संबंधित विभाग की नहीं होगी, क्योंकि ये सरकारी आदेश पर हो रहा है। हालांकि विभागों के अधिकारियों से बात करने पर पता चला है कि अधिकांश विभागों ने पिछले साल जून के बाद ही एचडीएफसी में लेन-देन बंद कर दिया था जब इसे पैनल से बाहर कर दिया था। हालांकि सैलरी अकाउंट ट्रांसफर करने का कार्य मुलाजिमों को करना पड़ेगा। सरकार ने एचडीएफसी बैंक द्वारा सरकारी एजेंसियों को हुए वित्तीय नुकसान की भरपाई न करने के कारण पैनल से बाहर किया है।
सम्राट सरकार ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 1991 बैच के तेजतर्रार IAS अधिकारी सीके अनिल को शिक्षा विभाग का नया अपर मुख्य सचिव (ACS) नियुक्त किया है। कड़क मिजाज और सख्त प्रशासनिक फैसलों के लिए पहचाने जाने वाले सीके अनिल की नियुक्ति के साथ ही शिक्षा विभाग में एक बार फिर पाठक मॉडल की चर्चा शुरू हो गई है। सवाल उठ रहा है कि क्या IAS केके पाठक के बाद अब उसी तेवर वाले अफसर के जरिए शिक्षा विभाग को चलाने की तैयारी है? इस नियुक्ति के सियासी मायने भी निकाले जा रहे हैं। पूछा जा रहा है कि क्या मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने शिक्षा मंत्री पर प्रशासनिक नियंत्रण मजबूत करने के लिए यह दांव खेला है? क्या विधान परिषद शिक्षक चुनाव के नतीजों के बाद शिक्षा विभाग में यह बड़ा बदलाव किया गया है? या फिर विभाग की कार्यशैली सुधारने की कोशिश है? दैनिक भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, शिक्षा विभाग में सख्त मिजाज वाले IAS अफसर की जरूरत क्यों पड़ी? सीके अनिल से सरकार की क्या अपेक्षाएं हैं? पहले जानिए, शिक्षा विभाग में पद संभालते ही सीके अनिल ने क्या चेतावनी दी सीके अनिल ने 30 अक्टूबर को पदभार संभाला। शिक्षा विभाग के अधिकारियों-कर्मचारियों के साथ पहली ही मीटिंग में दो टूक चेतावनी देते हुए कहा, ‘भ्रष्टाचार किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सीधे डिसमिस करूंगा। मेरी सेवा अब एक साल की है। देखता हूं, आप सबके साथ कितने दिन तक रहता हूं।’ टीचर ट्रांसफर में देर, 23 नवंबर से खुलेगा पोर्टल शिक्षा विभाग में फेरबदल का असर शिक्षकों के तबादले पर पड़ता दिख रहा है। सूत्रों के अनुसार शिक्षकों को अब नए साल में ही नए स्कूल में पोस्टिंग मिलने की उम्मीद है। सामान्य ट्रांसफर के लिए पोर्टल 23 नवंबर से खुलने के आसार हैं। इससे पहले बचे हुए सरप्लस शिक्षकों की पोस्टिंग प्रक्रिया पूरी की जाएगी। फिलहाल 14 जिलों में इंट्रा-डिस्ट्रिक्ट पोस्टिंग बाकी है। इसके बाद प्रमंडल स्तर पर इंटर-डिस्ट्रिक्ट पोस्टिंग की प्रक्रिया पूरी होगी। राज्य स्तर पर पोस्टिंग की प्रक्रिया खत्म होने के बाद सामान्य ट्रांसफर के लिए आवेदन लिए जाएंगे। शिक्षा विभाग में 167 दिनों बाद सीनियर आईएएस अफसर तैनात शिक्षा विभाग को 167 दिनों बाद अपर मुख्य सचिव (ACS) मिले हैं। सम्राट सरकार ने 15 मई 2026 को तत्कालीन ACS डॉ. बी. राजेंद्र को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त किया था। इसके बाद 29 अक्टूबर को 1991 बैच के आईएएस अधिकारी सीके अनिल को विभाग का नया ACS बनाया। इस दौरान विभाग की कमान 2007 बैच के विनोद सिंह गुंजियाल और 2010 बैच के राजीव रौशन के पास रही। 3 अधिकारियों के जरिए समझिए पूरा घटनाक्रम 15 मई: गुंजियाल को मिली जिम्मेदारी सम्राट सरकार ने 15 मई को डॉ. बी. राजेंद्र को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी से मुक्त किया। उनकी जगह विनोद सिंह गुंजियाल को शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया। गुंजियाल ने 16 मई को शिक्षा एवं खेल विभाग के सचिव का कार्यभार संभाला। 22 मई को सम्राट चौधरी ने शिक्षा विभाग की समीक्षा बैठक की। वह सचिव के रूप में शामिल हुए। 18 अगस्त: राजीव रौशन को सौंपी गई कमान 18 अगस्त को सरकार ने फिर प्रशासनिक फेरबदल किया। इसमें 2010 बैच के आईएएस अधिकारी राजीव रौशन को शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया। इससे पहले वे उच्च शिक्षा विभाग के सचिव थे। वहीं, 2007 बैच के विनोद सिंह गुंजियाल को शिक्षा विभाग के प्रभार से मुक्त कर समाज कल्याण विभाग की जिम्मेदारी दी गई। 29 अक्टूबर: सीके अनिल बने ACS 29 अक्टूबर को सरकार ने 1991 बैच के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीके अनिल को शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया। वे इससे पहले बिहार राज्य योजना पर्षद में परामर्शी के पद पर तैनात थे। सीके अनिल को क्यों बनाया गया शिक्षा विभाग का ACS सीके अनिल को सख्त प्रशासनिक कार्यशैली के लिए जाना जाता है। उनकी नियुक्ति ऐसे समय हुई है, जब विभाग में HRMS पोर्टल से वेतन घोटाले, फर्जी शिक्षकों के नाम पर भुगतान, अधिकारियों की लापरवाही और शिक्षक संगठनों की मांगों को लेकर कई मोर्चों पर सवाल उठ रहे हैं। दरअसल, सीनियर IAS अधिकारी केके पाठक जून 2023 से 13 जून 2024 तक शिक्षा विभाग में ACS थे। उन्होंने सरकारी स्कूलों में अनुशासन सख्ती के साथ लागू किया था। तय किया था कि शिक्षक समय पर स्कूल आएं। अब ACS सीके अनिल को लेकर कहा जा रहा है कि वह भी के.के. पाठक की तरह शिक्षा विभाग में सुधार के लिए कड़े फैसले ले सकते हैं। शिक्षा अधिकारियों पर कार्रवाई विभाग में सिर्फ वेतन घोटाला ही नहीं, प्रशासनिक लापरवाही भी बड़ी समस्या है। अक्टूबर में 60 से अधिक शिक्षा अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई शुरू किए जाने की जानकारी सामने आई। सरकारी योजनाओं को जमीन पर उतारने में लापरवाही, मिड डे मील स्कीम में गड़बड़ी और ई-शिक्षा कोष पोर्टल पर शिक्षकों की हाजिरी व प्रोफाइल अपडेट करने में देरी जैसे मामले सामने आए हैं। शिक्षक संगठनों के आंदोलन शिक्षा विभाग में शिक्षक संगठनों की मांगें और आंदोलन भी लगातार सरकार के सामने चुनौती रहे हैं। सातवें वेतनमान की मांग, सेवा संबंधी समस्याएं, तबादला और अन्य सुविधाओं को लेकर अलग-अलग शिक्षक संगठन सरकार पर दबाव बना रहे हैं। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने शिक्षकों की समस्याएं दूर करने और सातवें वेतनमान की मांग पर समिति बनाने की बात कही थी। ऐसे में सीके अनिल को शिक्षक संगठनों की जायज मांगों पर अमल और विभाग के काम में बाधा डालने वाली गतिविधियों पर रोक लगाने के लिए तैनात किया गया है। मंत्री और सचिव के बीच बेहतर तालमेल की परीक्षा शिक्षा विभाग में मंत्री और अपर मुख्य सचिव के बीच बेहतर तालमेल भी महत्वपूर्ण होगा। विभाग में नीतिगत फैसले मंत्री के नेतृत्व में होते हैं, जबकि उन्हें लागू करना प्रशासनिक अधिकारियों के जिम्मे रहता है। सीके अनिल की नियुक्ति से विभाग में प्रशासनिक निगरानी और फैसलों के अमल में तेजी आने की उम्मीद की जा रही है। सीनियर अधिकारी के रूप में उनका अनुभव विभागीय कामकाज को अधिक अनुशासित बनाने में अहम हो सकता है। विभागीय मंत्री मिथिलेश तिवारी को खुली छूट है। वह खुलकर काम करते और फैसले लेते रहे हैं। एमएलसी चुनाव के दौरान उन्होंने कई घोषणाएं की। मिथिलेश तिवारी पर कितने भारी पड़ेंगे सीके अनिल सीके अनिल के तेवर राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग में भी देखने को मिले थे। उनके कार्यकाल में जमीन से जुड़े काम में लापरवाही, अधिकारियों की जवाबदेही और विभागीय व्यवस्था को लेकर सख्ती बरती गई। सीके अनिल ने अंचलाधिकारी सस्पेंड किए थे। इसके बाद विभागीय मंत्री से उनकी ठन गई थी। चर्चा सामने आई थी कि अधिकारी मंत्री की बात नहीं सुन रहे हैं। अंचल और राजस्व अधिकारियों की हड़ताल के दौरान विभाग ने कई कड़े कदम उठाए थे। हड़ताल पर गए अधिकारियों को सरकारी गाड़ी, लैपटॉप और विभागीय रिकॉर्ड से जुड़ी चाबियां वापस करने का निर्देश दिया गया था। हड़ताल अवधि के लिए काम नहीं तो वेतन नहीं का आदेश भी जारी हुआ था। दूसरी ओर सरकार का तर्क था कि प्रशासनिक व्यवस्था में सुधार के लिए नया स्ट्रक्चर जरूरी है। इस टकराव के कारण अंचल और राजस्व कार्यालयों का काम प्रभावित हुआ। सीके अनिल को राजस्व विभाग से हटाकर बिहार राज्य योजना पर्षद में परामर्शी बना दिया गया। विभाग की जिम्मेदारी सचिव जय सिंह को दी गई थी। शिक्षा विभाग में 6 महीने में छठे आईएएस की एंट्री बिहार के शिक्षा विभाग में बदलाव पर बदलाव देखे गए। छह महीने में 6 आईएएस का आना-जाना हो गया है। 1. डॉ. बी. राजेंद्र (IAS 2005 बैच): 30 अगस्त 2025 से 15 मई 2026 तक ACS 30 अगस्त 2025 को एस. सिद्धार्थ की जगह शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया। 1 सितंबर 2025 को पदभार संभाला। करीब साढ़े आठ महीने तक विभाग की जिम्मेदारी संभाली। स्कूलों और शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक कामकाज की निगरानी की। 15 मई 2026 को शिक्षा विभाग से हटा दिए गए। 2. विनोद सिंह गुंजियाल (IAS 2007 बैच): 15 मई 2026 से जुलाई 2026 तक शिक्षा सचिव 15 मई 2026 को शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया। विभाग के प्रशासनिक कामकाज और सरकारी योजनाओं को लागू कराने की जिम्मेदारी मिली। करीब दो महीने तक इस पद पर रहे। जुलाई 2026 में उनकी जगह राजीव रौशन को शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया। 3. राजीव रौशन (IAS 2010 बैच): जुलाई 2026 से आगे जुलाई 2026 में शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया। इससे पहले वे उच्च शिक्षा विभाग के सचिव थे। विभाग के प्रशासनिक कामकाज और अलग-अलग योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाली। 4. विक्रम विरकर (IAS 2019 बैच): दिसंबर 2025 से 18 जून 2026 तक प्राथमिक शिक्षा निदेशक दिसंबर 2025 में प्राथमिक शिक्षा निदेशक बनाए गए। प्राथमिक स्कूलों, शिक्षकों और विभागीय योजनाओं से जुड़े कामकाज की जिम्मेदारी संभाली। 18 जून 2026 को उनका तबादला कर दिया गया। उन्हें खगड़िया का जिलाधिकारी बनाया गया। 5. सज्जन राजशेखर (IAS 2015 बैच): 8 अक्टूबर 2025 से 28 अगस्त 2026 तक माध्यमिक शिक्षा निदेशक 8 अक्टूबर 2025 को माध्यमिक शिक्षा निदेशक बनाए गए। स्कूल शिक्षा, शिक्षकों से जुड़े प्रशासनिक मामलों और योजनाओं के क्रियान्वयन की जिम्मेदारी संभाली। 28 अगस्त 2026 को पद से हटा दिए गए। 6. सीके अनिल (IAS 1991 बैच): 29 अक्टूबर 2026 से ACS 29 अक्टूबर 2026 को शिक्षा विभाग का नया अपर मुख्य सचिव बनाया गया। इससे पहले बिहार राज्य योजना पर्षद में परामर्शी के पद पर तैनात थे। राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग के प्रधान सचिव की जिम्मेदारी भी संभाल चुके हैं। अब जानिए IAS सीके अनिल से जुड़ी टॉप 4 कंट्रोवर्सी कैबिनेट सचिव अफजल अमानुल्लाह से विवाद और डिमोशन की कार्रवाई बात 2011 की है। सीके अनिल मंत्रिमंडल सचिवालय विभाग के जन शिकायत कोषांग में सचिव थे। उन्होंने बिहार कैबिनेट के प्रधान सचिव अफजल अमानुल्लाह पर सरकारी गाड़ी और टेलीफोन के दुरुपयोग के आरोप लगाए थे। अमानुल्लाह ने इसे अनुशासनहीनता मानते हुए केंद्रीय कार्मिक विभाग से उनके खिलाफ कार्रवाई की अनुशंसा की थी। इसके बाद विभाग ने सीके अनिल से कई बार स्पष्टीकरण मांगा, लेकिन उन्होंने जवाब नहीं दिया। विभाग ने उन्हें अंतिम नोटिस जारी कर दो सप्ताह के भीतर जवाब देने का निर्देश दिया था। चेतावनी दी गई थी कि तय समय में जवाब नहीं मिलने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। इसके बाद सीके अनिल को डिमोट करते हुए एक साल के लिए निचले वेतनमान में विशेष सचिव बनाया गया था। 2. BSSC पेपर लीक केस में भूमिका पर उठे सवाल बिहार कर्मचारी चयन आयोग (BSSC) के पेपर लीक मामले में भी सीके अनिल का नाम चर्चा में आया था। उस समय वे आयोग में OSD के पद पर थे। मामले में तत्कालीन आयोग अध्यक्ष परमेश्वर राम की छुट्टी के आवेदन पर सीके अनिल के साइन होने की बात सामने आई थी। बाद में उन्होंने स्वीकार किया था कि आईएएस सुधीर कुमार के आवेदन पर उनके साइन फर्जी तरीके से बनाए गए थे। पेपर लीक मामले की जांच कर रही एसआईटी उनसे पूछताछ करना चाहती थी, लेकिन वे जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए। इस दौरान उनके बिना छुट्टी लिए ऑफिस नहीं आने का मामला भी उठा था। राज्य सरकार ने उन्हें कई बार नोटिस भेजकर योगदान देने का निर्देश दिया। अप्रैल में उन्होंने स्वास्थ्य कारणों से तीन महीने की छुट्टी मांगी थी। सरकार ने छुट्टी मंजूर नहीं की और एक सप्ताह के भीतर ऑफिस आने का निर्देश दिया। इसके बाद भी वह ऑफिस नहीं आए। इसके बाद सीके अनिल ने मुंबई से एक पत्र जारी कर पूरे मामले की सीबीआई जांच की मांग की थी। उन्होंने आरोप लगाया था कि आईएएस अधिकारियों के अनधिकृत प्रमोशन पर सवाल उठाने और व्हिसलब्लोअर बनने की वजह से उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। 3. बिस्कोमान विवाद और गैर-जमानती वारंट (2013) 2013 में बिस्कोमान के प्रबंध निदेशक (MD) रहते हुए सीके अनिल एक विवाद में घिर गए थे। पटना की एक कोर्ट ने उनके खिलाफ गैर-जमानती वारंट जारी किया था। बिस्कोमान के तत्कालीन अध्यक्ष सुनील कुमार सिंह ने आरोप लगाया था कि उनके विदेश दौरे पर रहने के दौरान सीके अनिल के इशारे पर अध्यक्ष कक्ष से कंप्यूटर और कई महत्वपूर्ण डॉक्यूमेंट हटा दिए गए थे। 4. शहाबुद्दीन के खिलाफ कार्रवाई से मिली थी पहचान 2004 में वह सीवान के DM थे शहाबुद्दीन के प्रतापपुर स्थित घर पर पुलिस बल के साथ छापेमारी की थी। इस कार्रवाई में शहाबुद्दीन के घर से बड़ी मात्रा में अवैध हथियार बरामद किए गए थे। इस घटना के बाद सीके अनिल की पहचान अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने वाले अधिकारी के रूप में बनी।
Almora News: समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए भगोत को डॉक्टरेट की उपाधि
ग्राम सभा ऊंचावाहन निवासी सामाजिक कार्यकर्ता भगोत सिंह बिष्ट को समाजसेवा और शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दिल्ली में डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया गया।
शिक्षा से ही समाज और युवाओं का भविष्य होगा मजबूत : सज्जन राणा
उन्होंने कहा कि वाल्मीकि समाज के युवाओं को शिक्षा के प्रति प्रेरित करने के लिए निरंतर प्रयास किए जाएंगे। उ
बाल संरक्षण गृह में हो रही काउंसलिंग, शिक्षा विभाग रिपोर्ट के बाद करेगा विचार
योगी सरकार का शिक्षा सुधार पर बड़ा कदम, तीन माह के KPI से तय होंगे स्कूलों के लक्ष्य और जवाबदेही
लखनऊ, 02 नवम्बर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाने के लिए नवंबर-दिसंबर 2026 तथा जनवरी 2027 की कार्ययोजना निर्धारित की गई है। महानिदेशक, स्कूल शिक्षा एवं राज्य परियोजना निदेशक मोनिका रानी द्वारा जारी निर्देशों में की परफॉर्मेंस इंडिकेटर (केपीआईज) के माध्यम से शैक्षिक […]
मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने नगला तराई में आधुनिक सुविधाओं से सुसज्जित मॉडल प्राथमिक विद्यालय का लोकार्पण किया। उन्होंने बच्चों से बातचीत की और सीमांत क्षेत्रों में आधुनिक शिक्षा के महत्व पर जोर दिया, साथ ही सरकार की विभिन्न शिक्षा योजनाओं की जानकारी दी।
पंजाब के सामाजिक सुरक्षा, महिला एवं बाल विकास विभाग के दिशा-निर्देशों के तहत तरनतारन में आयोजित एक विशेष समारोह के दौरान 2 नवंबर को ‘मिशन आरंभ’ के अंतर्गत उत्कृष्ट कार्य करने वाली 16 आंगनवाड़ी वर्करों को प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य आंगनवाड़ी केंद्रों के कामकाज को सुदृढ़ बनाना और छोटे बच्चों की शुरुआती शिक्षा व समग्र विकास को बढ़ावा देना है। समारोह के दौरान जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) अनुप्रिया सिंह ने जिले के आठों ब्लॉकों से चुनी गई दो-दो (कुल 16) आंगनवाड़ी वर्करों को उनके बेहतरीन योगदान के लिए प्रशंसा पत्र सौंपे। इन वर्करों का चयन बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा, पोषण और आंगनवाड़ी केंद्रों के सुचारू संचालन में उत्कृष्ट प्रदर्शन के आधार पर किया गया। इस अवसर पर 'मिशन आरंभ' पंजाब टीम के हेड नमन नाहर, प्रोग्राम मैनेजर जतिंदरजीत कौर और जिला कोऑर्डिनेटर धनवीर सिंह मानी भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने सम्मानित वर्करों के प्रयासों की सराहना की और उन्हें भविष्य में भी इसी निष्ठा के साथ कार्य करने के लिए प्रेरित किया। बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव हैं आंगनवाड़ी वर्कर जिला कार्यक्रम अधिकारी अनुप्रिया सिंह ने कहा कि ‘मिशन आरंभ’ का मूल उद्देश्य नन्हे-मुन्नों के सर्वांगीण विकास के साथ-साथ उन्हें गुणवत्तापूर्ण प्रारंभिक शिक्षा प्रदान करना है। उन्होंने जोर देकर कहा कि आंगनवाड़ी वर्कर बच्चों के शुरुआती विकास और नींव को मजबूत करने में सबसे महत्वपूर्ण भूमिका निभाती हैं। इस प्रकार का सम्मान मिलने से न केवल वर्करों का मनोबल बढ़ता है, बल्कि अन्य कर्मचारियों को भी बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है।
यूपी : स्कूल शिक्षा को परिणामोन्मुख बनाने की पहल, तीन माह के केपीआई से तय होंगे लक्ष्य और जवाबदेही
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश की स्कूल शिक्षा व्यवस्था को अधिक गुणवत्तापूर्ण, परिणामोन्मुख और जवाबदेह बनाने के लिए नवंबर-दिसंबर 2026 तथा जनवरी 2027 की कार्ययोजना निर्धारित की गई है।
शिक्षा निदेशालय की ओर से दिल्ली के सभी स्कूलों को सर्दियों में वायु प्रदूषण से निपटने के लिए विंटर एक्शन प्लान 2026-27 लागू करने का निर्देश दिया गया है। जिसके तहत वायु प्रदूषण से निपटने के तरीके पर जोर दिया जाएगा।
अयोध्या पहुंचे बृजभूषण शरण सिंह, नई शिक्षा नीति और इंडिया ब्लॉक की रैली पर दिया बयान
Lucknow, 2 नवंबर . पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह Monday को उत्तर प्रदेश के अयोध्या में स्थित महर्षि वाल्मीकि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पहुंचे. इस दौरान उन्होंने समाचार एजेंसी…
यूपी में कल इन शिक्षकों को विशेष अवकाश, बेसिक शिक्षा विभाग का आदेश
यूपी में तीन नवंबर को विशेष टीईटी है। विशेष टीईटी देने वाले शिक्षकों को विशेष अवकाश दिया गया है। इस संबंध बेसिक शिक्षा विभाग ने विशेष अवकाश दिए जाने का आदेश जारी कर दिया गया है।
इंटरनेट डेस्क। आपको भी सरकारी नौकरी करनी हैं तो आर्म्ड फोर्स मेडिकल सर्विस की ओर से एसएससी मेडिकल ऑफिसर के पदों पर भर्ती निकाली गई है। कुल 120 पदों की इस भर्ती के लिए उम्मीदवारों के पास 09 नवंबर से आवेदन करने का मौका होगा। 18 नवंबर, 2026 आवेदन करने की लास्ट तारीख तय की गई है। भर्ती का विवरण इस प्रकार है पदों का नाम- एसएससी मेडिकल ऑफिसर कुल पद- 120 आयु सीमा- न्यूनतम आयु 31 दिसंबर, 2026 के आधार पर 30 वर्ष से कम होनी चाहिए। आवेदन करने की आखिरी तारीख- 18 नवंबर, 2026 सैलेरी- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट देख सकते हैं pc- didlake.org
ONGC में अप्रेंटिसशिप के 3,047 पदों पर भर्ती, 20 नवंबर तक करें आवेदन
ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉरपोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने अप्रेंटिसशिप के 3,047 रिक्त पदों पर भर्ती निकाली है। इस भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि 20 नवंबर 2026 निर्धारित की गई है...
जबलपुर के रादुवि को ए ग्रेड, समय का ध्यान रखें तो महत्वपूर्ण साबित हो सकती है दूरस्थ शिक्षा
महाकोशल क्षेत्र के विद्यार्थियों को घर बैठे उच्च शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से वर्ष 2025 में दूरस्थ शिक्षा शुरू करने की कवायद की गई थी
शिक्षा मंत्री के निज आवास पर हुई मुलाकात में शिक्षकों की लंबित समस्याओं और प्रमुख मांगों पर चर्चा कर समाधान का आश्वासन मिला।
बिहार के वरिष्ठ आईएएस अधिकारी सीके अनिल को शिक्षा विभाग का अपर मुख्य सचिव बनाया गया है। 2005 में सीवान में बाहुबली शहाबुद्दीन के खिलाफ कार्रवाई से चर्चा में आए अनिल अब राज्य की शिक्षा व्यवस्था सुधारने की चुनौती का सामना करेंगे।
PC: KALINGATV ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन लिमिटेड (ONGC) ने भारत में 24 वर्क सेंटर्स पर 3,047 अप्रेंटिस वैकेंसी के लिए एप्लीकेशन मंगाए हैं। BuyMaps ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस 29 अक्टूबर, 2026 को शुरू हुआ था, और एलिजिबल कैंडिडेट 20 नवंबर तक अप्लाई कर सकते हैं। यह रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट नंबर ONGC/APPR/1/2026 के तहत अनाउंस की गई है, और यह टेक्निकल, वोकेशनल और ग्रेजुएट-लेवल सब्जेक्ट्स में मौके देती है। जिन कैंडिडेट्स ने क्लास 10, क्लास 12, ITI, डिप्लोमा या रिलेवेंट अंडरग्रेजुएट डिग्री पूरी की है, वे अपनी एजुकेशनल क्वालिफिकेशन से मैच करती पोस्ट के लिए अप्लाई कर सकते हैं। एप्लीकेंट की उम्र 29 नवंबर, 2026 तक 18 से 24 साल के बीच होनी चाहिए, सरकारी नियमों के अनुसार रिज़र्व्ड कैटेगरी के लिए उम्र में छूट लागू है। कैंडिडेट्स को अपने पसंदीदा वर्क सेंटर की खास एलिजिबिलिटी और ज्योग्राफिकल ज़रूरतों को भी पूरा करना होगा। सिलेक्शन प्रोसेस एकेडमिक मेरिट पर बेस्ड होगा, जिसमें कोई अलग से रिटन एग्जाम नहीं होगा। शॉर्टलिस्ट किए गए कैंडिडेट्स को डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के लिए बुलाया जाएगा। अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग 12 महीने तक चलेगी। ग्रेजुएट अप्रेंटिस को उनकी क्वालिफिकेशन के आधार पर 12,300 रुपये, डिप्लोमा अप्रेंटिस को 10,900 रुपये, जबकि ट्रेड अप्रेंटिस को 8,200 रुपये से 10,560 रुपये के बीच हर महीने स्टाइपेंड मिलेगा। इंटरेस्टेड कैंडिडेट्स को पोस्ट के आधार पर नेशनल अप्रेंटिसशिप प्रमोशन स्कीम (NAPS) पोर्टल या नेशनल अप्रेंटिसशिप ट्रेनिंग स्कीम (NATS) पोर्टल के ज़रिए रजिस्टर करना होगा। सिलेक्शन रिजल्ट 15 दिसंबर को अनाउंस किए जाने हैं। कैंडिडेट्स डिटेल्ड नोटिफिकेशन और रिक्रूटमेंट अपडेट्स के लिए ONGC की ऑफिशियल वेबसाइट ongcindia.com पर जा सकते हैं। अप्रेंटिसशिप प्रोग्राम ऑर्गनाइज़ेशन में परमानेंट एम्प्लॉयमेंट की गारंटी नहीं देता है।
job news 2026: टीजीटी के 17 हजार से ज्यादा पदों पर निकली भर्ती के लिए कर सकते हैं आप आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आप भी सरकारी नौकरी की तैयारी कर रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग की और से भर्ती निकाली गई है। यह भर्ती टीजीटी पदों के लिए हो रही है। आप योग्य हैं तो आवेदन कर सकते है। पद का नाम- टीजीटी पद की संख्या- 17,735 आवेदन की लास्ट डेट- 23 नवंबर, 2026 योग्यता- ग्रेजुएशन, बीएड, यूपी टीईटी या सीटीईटी सर्टिफिकेट एज लिमिट- 21 से 62 साल सिलेक्शन प्रोसेस- लिखित परीक्षा, डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन और मेडिकल एग्जाम सैलरी- 44,900 से लेकर 1,42,400 रुपये आवेदन- ऑनलाइन ज्यादा जानकारी के लिए आप वेबसाइट upessc.up.gov.in देख सकते हैं pc- peoplematters.in
JRBT recruitment 2026: 414 पदों पर निकली भर्ती, चेक करें डिटेल्स और करें आवेदन
PC: Erekrut त्रिपुरा के जॉइंट रिक्रूटमेंट बोर्ड (JRBT) ने 414 पोस्ट के लिए रिक्रूटमेंट प्रोसेस और इंटरव्यू से जुड़ी जानकारी जारी की है। ग्रुप-C पोस्ट की तीन कैटेगरी में 414 वैकेंसी 15 दिसंबर, 2026 से शुरू होंगी। 28 अक्टूबर, 2026 का यह नोटिफिकेशन, त्रिपुरा हाई कोर्ट द्वारा रिक्रूटमेंट से जुड़े मामलों के संबंध में पास किए गए कई ऑर्डर के पालन में जारी किया गया है। इस रिक्रूटमेंट में लोअर डिवीज़न क्लर्क (LDC), जूनियर ऑपरेटर (पंप) और जूनियर मल्टी-टास्किंग ऑपरेटर (अनकॉमन) जैसे पोस्ट शामिल हैं। इस नोटिफिकेशन में नए एप्लीकेशन नहीं मंगाए गए हैं। यह पहले के JRBT ग्रुप-C भर्ती प्रोसेस को जारी रखने से जुड़ा है, जिसके लिए 22 अगस्त, 2021 को लिखित परीक्षा हुई थी। खाली पदों की संख्या: लोअर डिवीज़न क्लर्क (LDC): 31 जूनियर ऑपरेटर (पंप): 185 जूनियर मल्टी-टास्किंग ऑपरेटर (असामान्य): 198 कैटेगरी के हिसाब से खाली पद: अनारक्षित (UR): 187 अनुसूचित जाति (SC): 69 अनुसूचित जनजाति (ST): 158 LDC कैटेगरी में 31 खाली पद हैं, जिसमें एक SC और 30 ST पद शामिल हैं, जबकि इस कैटेगरी में कोई अनारक्षित खाली पद नहीं है। जूनियर ऑपरेटर (पंप) में 87 UR, 34 SC और 64 ST खाली पद हैं। जूनियर मल्टी-टास्किंग ऑपरेटर में 100 UR, 34 SC और 64 ST खाली पद हैं। उम्र सीमा: 18 से 41 साल SC/ST, दिव्यांग लोगों और सरकारी कर्मचारियों को संबंधित नियमों के तहत उम्र में छूट है। लिखित परीक्षा: 170 मार्क्स के दो पेपर पेपर 1: 70 मार्क्स पेपर 2: 100 मार्क्स इस प्रोसेस में योग्य उम्मीदवारों को तय 1:3 के अनुपात में इंटरव्यू के लिए बुलाना भी शामिल है, जो लागू योग्यता और आरक्षण के नियमों के अधीन है। बोर्ड ने अभी तक उम्मीदवारों के लिए अलग-अलग इंटरव्यू की तारीखें, जगह या रिपोर्टिंग समय की घोषणा नहीं की है। डिटेल्ड प्रोग्राम, प्रोविजनल कॉल लेटर/एडमिशन सर्टिफिकेट और अन्य संबंधित निर्देश सही समय पर उपलब्ध कराए जाएंगे। उम्मीदवारों को सलाह दी जाती है कि वे आगे की घोषणाओं और अपडेट के लिए JRBT की ऑफिशियल वेबसाइट, www.jrbtripura.com, और डायरेक्टरेट ऑफ़ एम्प्लॉयमेंट सर्विसेज़ एंड मैनपावर प्लानिंग वेबसाइट, www.employment.tripura.gov.in, रेगुलर देखते रहें।
AICTE ने तकनीकी शिक्षा में सुधार के लिए चार नई योजनाओं की घोषणा की
AICTE ने देशभर के इंजीनियरिंग और तकनीकी शिक्षा संस्थानों की गुणवत्ता में सुधार के लिए चार नई योजनाओं की घोषणा की है। ये योजनाएं 2026-27 शैक्षणिक सत्र के लिए लागू होंगी और तकनीकी संस्थानों के इंफ्रास्ट्रक्चर को मजबूत करने, आधुनिक सुविधाएं उपलब्ध कराने और छात्रों को व्यावहारिक शिक्षा के बेहतर अवसर प्रदान करने का लक्ष्य रखती हैं। कार्यक्रम का शुभारंभ नई दिल्ली में AICTE के अध्यक्ष प्रो. योगेश सिंह द्वारा किया गया। जानें इन योजनाओं के बारे में विस्तार से।

