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सीएमएस छात्रों ने इस्कॉन मंदिर का भ्रमण किया:'संस्कार शाला' कार्यक्रम में मिली आध्यात्मिक शिक्षा

लखनऊ के श्री राधारमण बिहारी मंदिर (इस्कॉन) में साप्ताहिक 'संस्कार शाला' कार्यक्रम आयोजित किया गया। सिटी मॉन्टेसरी स्कूल (सीएमएस) राजाजीपुरम कैंपस-2 के छात्रों ने इस कार्यक्रम के तहत मंदिर का विशेष भ्रमण किया। इस दौरान छात्रों ने भक्ति, संस्कार और आध्यात्मिक शिक्षा प्राप्त की। यह कार्यक्रम मंदिर अध्यक्ष अपरिमेय श्याम की धर्मपत्नी अचिन्त्य रूपिणी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। मंदिर परिसर में पहुंचने पर छात्रों ने हरिनाम संकीर्तन और तुलसी आरती में हिस्सा लिया।अचिन्त्य रूपिणी ने छात्रों को नैतिक मूल्यों, सदाचार और आध्यात्मिक जीवन के महत्व पर जानकारी दी। बच्चों ने विभिन्न गतिविधियों में भाग लिया बच्चों को अच्छे संस्कार अपनाने और जीवन में अनुशासन बनाए रखने के लिए प्रेरित किया।सीएमएस के छात्रों ने संस्कार शाला में उपस्थित अन्य बच्चों के साथ मिलकर विभिन्न गतिविधियों में सक्रिय रूप से भाग लिया। शिक्षकों ने इस पहल की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास में सहायक होते हैं। संस्कार शाला का मुख्य उद्देश्य बच्चों को आध्यात्मिक ज्ञान से जोड़ना और उनमें अच्छे संस्कार विकसित करना है। इस कार्यक्रम के माध्यम से बच्चों में करुणा, सेवा-भाव, अनुशासन और आत्मिक चेतना जैसे गुणों को बढ़ावा दिया जाता है, जिससे वे भविष्य में जिम्मेदार और सुसंस्कृत नागरिक बन सकें।कार्यक्रम के समापन पर सीएमएस के छात्रों और संस्कार शाला के अन्य बच्चों ने प्रसाद ग्रहण किया।

दैनिक भास्कर 9 Feb 2026 1:00 pm

छात्रा से छेड़छाड़ मामले में सरकारी स्कूल का हेडमास्टर सस्पेंड:वॉशरूम जाते वक्त करता था अश्लील इशारे, शिक्षा विभाग जांच में जुटा

सीकर जिले की एक सरकारी स्कूल के हेडमास्टर को छात्रा की शिकायत के बाद सस्पेंड कर दिया गया है। हेडमास्टर स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों को बेड टच करता था। इतना ही नहीं वह लड़कियों को अश्लील इशारे भी करता था। जिसकी शिकायत प्रिंसिपल को की गई, जिसके बाद उसे सस्पेंड कर दिया गया है। फिलहाल शिक्षा विभाग मामले की जांच कर रहा है। हेडमास्टर ने किया बेड टच छात्रा ने प्रिंसिपल मैडम को शिकायत देकर बताया कि 4 फरवरी को छठे पीरियड में स्कूल हेडमास्टर ने उसके साथ छेड़छाड़ की। सिर और गाल पकड़कर बेड टच किया। ऐसे में वह डर गई और फिर अगले 5 फरवरी को स्कूल की छुट्टी ले ली। छात्रा की शिकायत मिलने के बाद प्रिंसिपल मैडम ने CBEO को मामले में कार्रवाई के लिए लेटर लिखा। ऐसे में तीन लोगों की कमेटी बनाई गई। जिन्होंने जांच शुरू की। इस दौरान अन्य छात्राओं ने भी अपने बयानों में हेडमास्टर की ओर से सातवीं कक्षा की छात्रा के साथ छेड़छाड़ करने की पुष्टि की। इसके अलावा दो अन्य छात्राओं ने आरोप लगाया कि वॉशरूम जाते वक्त आरोपी उन्हें गंदे इशारे करता है। ऐसे में जांच कमेटी ने यह रिपोर्ट शिक्षा विभाग को सौंपी। अब शिक्षा विभाग ने आरोपी हेडमास्टर को सस्पेंड कर दिया है।

दैनिक भास्कर 9 Feb 2026 8:36 am

शिक्षा समिति पर कब्जे का मुख्य आरोपी अभिमन्यु गिरफ्तार, चार दिन रिमांड पर

बैंक से 18 करोड़ रुपए का लोन उठाने के बाद शिक्षा समिति के प्रबंधन में फर्जी दस्तावेजों के जरिए अवैध बदलाव करने के मामले में चित्रकूट थाना पुलिस ने मुख्य आरोपी अभिमन्यु जाखड़ को गिरफ्तार किया है। आरोपी को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे चार दिन की पुलिस रिमांड पर सौंप दिया। पुलिस रिमांड के दौरान लोन राशि के उपयोग, दस्तावेजों की कड़ियों और इस साजिश में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की जांच की जाएगी। जांच में सामने आया कि समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और उनकी पुत्री को आवेदक व गारंटर बनाकर बैंक से करीब 18 करोड़ रुपये का लोन स्वीकृत कराया गया था। लोन जारी होने के बाद ही दोनों को पद से हटाने की साजिश रची गई। पुलिस के अनुसार अध्यक्ष और उनकी पुत्री ने किसी प्रकार का इस्तीफा नहीं दिया था, बल्कि उनके नाम से तैयार इस्तीफों पर जाली हस्ताक्षर किए गए। चुनाव प्रक्रिया की पालना नहीं की, अध्यक्ष को हटाया: अध्यक्ष को हटाने के बाद आरोपी के मामा रणजीत गोदारा को समिति का अध्यक्ष बना दिया गया। जांच में इस बदलाव के लिए न तो वैध चुनाव प्रक्रिया से जुड़े दस्तावेज मिले और न ही समिति के सदस्यों की सहमति का कोई रिकॉर्ड सामने आया। फर्जी स्टांप पेपर और ऑनलाइन रिकॉर्ड में हेरफेर की एसीपी आदर्श नगर लक्ष्मी सुथार की जांच में यह भी सामने आया कि इस्तीफा और समझौता पत्रों में इस्तेमाल किए गए स्टांप पेपर सरकारी रिकॉर्ड में मौजूद ही नहीं हैं। इन फर्जी दस्तावेजों को आरोपी की लॉगिन आईडी से सहकारिता विभाग की वेबसाइट पर अपलोड कर रिकॉर्ड में अवैध बदलाव कराया गया। थानाधिकारी प्रभु सिंह ने बताया कि रिमांड अवधि के दौरान लोन राशि कहां खर्च की गई और पूरे षड्यंत्र की कड़ियों का खुलासा किया जाएगा। फिलहाल मामले की जांच जारी है।

दैनिक भास्कर 9 Feb 2026 4:00 am

नरहट में शिक्षा गुणवत्ता सुधार पर BPMU बैठक:सीआरसी बैठकों और बाल मेला पर जोर

नवादा जिले के नरहट प्रखंड के प्रखंड संसाधन केंद्र में 8 फरवरी को BPMU (प्रखंड कार्यक्रम प्रबंधन इकाई) की एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक गुणवत्ता में सुधार लाना और आगामी फरवरी माह के लिए एक प्रभावी कार्ययोजना तैयार करना था। बैठक में नरहट प्रखंड के विभिन्न विद्यालयों का भ्रमण करने वाले मास्टर ट्रेनर्स और गांधी फैलो समीक्षा पाठक ने अपने अवलोकन साझा किए। उन्होंने शिक्षण प्रक्रिया में सुधार लाने के समाधानों पर विस्तृत चर्चा की। इस बैठक की अध्यक्षता चैंपियन मास्टर ट्रेनर तबिश एजाज ने की। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी का अप्रत्यक्ष सहयोग भी इस आयोजन को प्राप्त हुआ। सीआरसी बैठकों और बाल मेला पर जोर बैठक में कई प्रमुख बिंदुओं पर एक्शन प्लान तैयार किया गया। इसमें स्पष्ट एजेंडा के साथ सीआरसी (CRC) बैठकों में सहभागिता सुनिश्चित करना शामिल है। इन बैठकों में पाठ योजना निर्माण, मूल्यांकन प्रक्रिया, पाठ टीका का प्रभावी उपयोग और एफएलएन (FLN) किट का नियमित प्रयोग जैसे विषय शामिल होंगे। इसके अतिरिक्त, जिन विद्यालयों में विशेष सुधारात्मक गतिविधियां निर्धारित की गई हैं, वहां जाकर एक्शन प्लान की समीक्षा की जाएगी। प्रधानाध्यापकों (HM) के साथ बैठक कर BPMU बैठक के निष्कर्षों की प्रस्तुति और उन्मुखीकरण भी किया जाएगा। विद्यालयों को बाल मेला के आयोजन में आवश्यक सहयोग प्रदान करने का भी निर्णय लिया गया। बैठक में मास्टर ट्रेनर्स अनिल कुमार पासवान, गोपाल कुमार, कामेश्वर प्रसाद, रविरंजन कुमार, सुमित कुमार, अदनान आतिफ और जहांगीर ख़ालिद उपस्थित रहे। पिरामल फाउंडेशन से प्रोग्राम मैनेजर सुजीत कुमार सुमन, प्रोग्राम लीडर दीपाली सिंह, प्रशांत कुमार, राहत हुसैन और फाउंडेशन के सदस्य सुलभ जी ने भी भाग लिया। सभी ने प्रखंड की शिक्षण गतिविधियों को समझा और गुणवत्ता सुधार के लिए अपने सुझाव दिए। यह बैठक नरहट प्रखंड में शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। इससे आने वाले समय में बच्चों के सीखने के स्तर में सकारात्मक बदलाव आने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 8:55 pm

सुल्तानपुर में शिक्षामित्र से मारपीट, VIDEO:युवक ने जमीन पर गिराकर लात-घूसों से पीटा, आरोपी पर मुकदमा

सुल्तानपुर में एक शिक्षा मित्र के साथ मारपीट और गाली-गलौज का वीडियो सामने आया है। यह घटना एक प्राथमिक विद्यालय की बाउंड्री के बाहर हुई। वीडियो में एक युवक शिक्षा मित्र को गालियां देते हुए धक्का-मुक्की करता दिख रहा है। स्थानीय लोगों के रोकने के बावजूद युवक ने अपनी हरकतें जारी रखीं। पुलिस ने शिक्षा मित्र की शिकायत पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। प्राथमिक विद्यालय बापूनगर (उघपुर भटपुरा), दोस्तपुर में कार्यरत शिक्षा मित्र शत्रुघ्न सिंह ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि 5 फरवरी को दोपहर बाद रामसूरत पुत्र रामअवतार निवासी उघडपुर विद्यालय आया था। रामसूरत ने शिक्षामित्र के बच्चे की पढ़ाई को लेकर सवाल उठाए। इस पर शिक्षामित्र ने जवाब दिया कि विद्यालय में पढ़ाई होती है और अभिभावकों की भी कुछ जिम्मेदारी होती है। शिक्षामित्र के इस जवाब पर रामसूरत ने गाली-गलौज शुरू कर दी और शत्रुघ्न सिंह को पटककर हाथ-पैर से पीटने लगा। विद्यालय के प्रधानाध्यापक पंकज ने बीच-बचाव कर मामले को शांत कराया। आरोप है कि आरोपी ने एफआईआर दर्ज कराने पर जान से मारने की धमकी भी दी। थाना प्रभारी अनिरुद्ध सिंह ने बताया कि शिक्षा मित्र की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर रही है। उन्होंने कहा कि इस मामले में आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 6:20 pm

भारत में न कोई 'मियां खतरे में...न बीबी':सहारनपुर में मुख्तार अब्बास नकवी का बयान, बोले-दारुल उलूम दहशतगर्दी की दीक्षा नहीं, देशभक्ति की शिक्षा दे

भाजपा के सीनियर नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने देवबंद के दारुल उलूम की जगह दारुल उसूल की जरूरत पर जोर दिया है। उन्होंने कहा कि एक समय यह इदारा बहुत अच्छा था। अब जो हो रहा है वह बहुत अफसोस की बात की है। इस तरह के संस्थान में दहशतगर्दी की दीक्षा नहीं, देशभक्ति की शिक्षा देनी चाहिए। असम के मुख्यमंत्री के मियां वाले बयान पर जवाब देते हुए कहा कि हमारे देश में न कोई मियां खतरे में है न कोई बीवी। किसी को कंफ्यूजन की जरूरत नहीं है। हमारे देश की धर्म निरपेक्षता इसलिए सुरक्षित है कि जो बहुसंख्यक है, वह हिंदू समाज है। इस समाज ने पंथ निरपेक्षता का रास्ता चुना। जिन देशों ने इस्लामिक राष्ट्र का झंडा फहराया वह आज जल्लादी जुल्म और जुर्म के जानवर बने हुए हैं। इन दहशतगर्द दरिंदों का कुंबा इंसानियत और मानवता का दुश्मन बना हुआ है। इसके उलट हमारा देश तरक्की के रास्ते पर है। देश का हर हिस्सा इसका हिस्सेदार और भागीदार है। रविवार को देवबंद में भाजपा की ओर से हुए अल्पसंख्यक स्नेह संवाद में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे पूर्व कंद्रीय मंत्री ने यह बातें कहीं। उन्होंने राहुल गांधी और अखिलेश यादव का नाम लिए बगैर कहा कि सामंती सुल्तान और समाजवादी टीपू पराजय के प्रमाण पत्र की पेटी लेकर घूम रहे हैं। बिना जनाधार के जागीरदारी नहीं होती, यह फेल हो जाएंगे। यह 2 तस्वीर देखिए… पश्चिम बंगाल, पाकिस्तान या बांग्लादेश में है क्या…? भाजपा अल्पसंख्यक मोर्चा की ओर से हुए कार्यक्रम में मुखतार अब्बास नकवी नेदारुल उलूम सहित सभी धार्मिक संस्थानों से अपील की कि वे मजहबी राजनीति से ऊपर उठकर राष्ट्र निर्माण, विकास और सामाजिक समरसता की दिशा में काम करें। कोई भी संस्थान अगर देशभक्ति की बजाय कट्टरता और नफरत की शिक्षा देगा, तो वह न देश के हित में होगा और न ही समाज के। पश्चिम बंगाल के मौलाना अजीज अंसारी के बयान पर भी तीखा हमला बोला। अंसारी ने कहा था कि उत्तर प्रदेश में मुसलमान असुरक्षित हैं और उन्हें पश्चिम बंगाल शिफ्ट हो जाना चाहिए। इस पर पलटवार करते हुए नकवी ने कहा, 'पश्चिम बंगाल कोई पाकिस्तान में है क्या? या बांग्लादेश में है क्या? वह भी भारत का ही हिस्सा है।' उन्होंने आरोप लगाया कि इस तरह के बयान देकर कुछ लोग देश में सांप्रदायिक संक्रमण फैलाना चाहते हैं। जानबूझकर डर और भ्रम का माहौल बना रहे हैं। नकवी ने इसे एक 'सांप्रदायिक सिंडिकेट' की साजिश करार दिया, जो समाज को बांटने के एजेंडे पर काम कर रहा है। राष्ट्रीय पार्टी कहने वाली पार्टी मोहल्ले की राजनीति तक सिमटीं विपक्षी दलों, खासकर कांग्रेस और सपा पर भी तीखा प्रहार किया। कहा कि दशकों तक मुसलमानों को डराकर, भड़काकर और भ्रम में रखकर उनका राजनीतिक शोषण किया गया। मुसलमानों को सिर्फ वोट बैंक की तरह इस्तेमाल किया गया और उनके सामाजिक, शैक्षणिक और आर्थिक विकास की कभी ईमानदार कोशिश नहीं की गई। तंज कसते हुए कहा कि जो पार्टियां कभी खुद को राष्ट्रीय पार्टी कहा करती थीं, आज वे मोहल्ले की राजनीति तक सिमट कर रह गई हैं। बीजेपी पर मुसलमानों के खिलाफ होने के आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि भारत में कोई खतरे में नहीं है। उनके मुताबिक भारत का हर नागरिक 100 फीसदी सुरक्षित है। कानून सबके लिए बराबर है। उन्होंने कहा कि बीजेपी ने कभी भी विकास के मामले में धर्म के आधार पर भेदभाव नहीं किया, भले ही उसे मुस्लिम वोट कम मिले हों। नकवी का दावा था कि सरकार की योजनाएं बिना किसी धार्मिक भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक पहुंच रही हैं। यूनिफाॅर्म सिविल कोड पर डर फैलाया गया यूनिफॉर्म सिविल कोड यानी यूसीसी को लेकर भी पूर्व कैबिनेट मंत्री ने विपक्ष पर जानबूझकर डर फैलाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि यूसीसी से किसी भी समाज के सामाजिक, आर्थिक, शैक्षणिक या संवैधानिक अधिकारों को कोई नुकसान नहीं होगा। इससे सभी नागरिकों के अधिकारों की 100 फीसदी सुरक्षा सुनिश्चित होगी। नकवी ने कहा कि वर्षों से भय और भ्रम का जो 'गटर' बनाया गया था, उस पर अब भरोसे और विश्वास की परत डाली जा रही है। दारुल उलूम पर तीखा बयान मौलाना अरशद मदनी ने हाल ही में कहा था कि हिंदू राष्ट्र की बात करने वाले लोग देश को नेपाल जैसा बनाना चाहते हैं। इस बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए नकवी ने कहा कि इस तरह की भाषा देश को जोड़ने की बजाय तोड़ने का काम करती है। उन्होंने बिना किसी का नाम लिए कहा कि दारुल उलूम जैसे संस्थानों में जो गतिविधियां हो रही हैं, वे चिंता पैदा करती हैं। नकवी ने कहा कि इसलिए देश को जमात-ए-इस्लामी की नहीं जमात-ए-इंसानियत की जरूरत है। ऐसे संस्थानों से आतंक और नफरत नहीं, बल्कि देशभक्ति, मानवता और संविधान के प्रति सम्मान का संदेश जाना चाहिए। नकवी के इस आक्रामक बयान के बाद सियासी गलियारों में बहस और तेज हो गई है और देवबंद एक बार फिर राष्ट्रीय राजनीति के केंद्र में आ खड़ा हुआ है। केंद्र सरकार में किसी मुस्लिम का प्रतिनिधित्व न होने पर कहा कि मैं हिंदू-मुस्लिम, सिख-इसाई की बात नहीं कर रहा, लेकिन समाज के सभी वर्ग की भागीगदारी और हिस्सेदारी होनी चाहिए। यह सकारात्मक संदेश के लिए जरूरी है। ------------------------------ ये खबर भी पढ़ेंः- मंत्री को घेरने वाले विधायक के पिता बोले-मैं धृतराष्ट्र नहीं:महोबा में कहा- स्वतंत्र देव चापलूसों से घिरे, गुड्‌डू की पीठ थपथपानी चाहिए महोबा में जलशक्ति मंत्री को बंधक बनाने के बाद चरखारी विधायक बृजभूषण राजपूत उर्फ गुड्‌डू भैया को भाजपा ने नोटिस भेजा है। इसके बाद विधायक के पिता और पूर्व सांसद गंगाचरण राजपूत भी बेटे के समर्थन में उतर आए हैं। पूरी खबर पढ़िए…

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 5:06 pm

जमीन घोटाले में नैनपुर तहसीलदार पर EOW में FIR:जबलपुर में शिक्षा विभाग की 3.5 करोड़ की जमीन पर बनाया था अस्पताल

मंडला जिले की नैनपुर तहसील में पदस्थ तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे पर जबलपुर में जमीन घोटाले के आरोप में FIR दर्ज की गई है। आर्थिक अपराध प्रकोष्ठ (ईओडब्ल्यू) जबलपुर ने यह कार्रवाई जॉय एजुकेशन सोसायटी के पूर्व चेयरमैन अखिलेश मेबन के साथ मिलकर की गई साजिश को लेकर की है। ईओडब्ल्यू के अनुसार, यह मामला वर्ष 2022 से 2024 के बीच का है। उस समय हरि सिंह धुर्वे जबलपुर जिले की अधारताल तहसील में तहसीलदार के पद पर पदस्थ थे। आरोप है कि दोनों ने मिलकर नगर निगम की ओर से शैक्षणिक कार्य के लिए रियायती दर पर लीज पर दी गई करीब 7,500 वर्गफुट सरकारी जमीन को बिना किसी वैधानिक प्रक्रिया के अपने नाम कर लिया। बिना अनुमति बनाया था अस्पताल जांच में सामने आया है कि इस जमीन की अनुमानित बाजार कीमत करीब 3 करोड़ 50 लाख रुपए है। इतना ही नहीं, नियमों को दरकिनार करते हुए नगर निगम की अनुमति के बिना इसी भूमि पर अस्पताल का निर्माण भी करा दिया गया। ईओडब्ल्यू जांच में जुटी शिकायत की जांच के बाद ईओडब्ल्यू जबलपुर ने तहसीलदार हरि सिंह धुर्वे और अखिलेश मेबन के खिलाफ IPC की धारा 420 (धोखाधड़ी), 408 (आपराधिक विश्वासघात), 120-बी (आपराधिक षड्यंत्र) और भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 2018 की धारा 7-सी के तहत मामला दर्ज किया है। ईओडब्ल्यू का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है।

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 12:58 pm

शिक्षा क्रांति से सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली : गुप्ता

अमृतसर| केंद्रीय विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. अजय गुप्ता ने गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल, नवाकोट के वार्षिक समारोह में बतौर मुख्यातिथि शिरकत की। इस दौरान उन्होंने स्कूल में नवनिर्मित कमरों, एलईडी और कंप्यूटर आधारित आधुनिक शिक्षा प्रणाली का निरीक्षण किया। विधायक ने कहा कि आम आदमी पार्टी की ‘शिक्षा क्रांति' का ही असर है कि आज हजारों विद्यार्थी निजी स्कूलों को छोड़कर सरकारी स्कूलों का रुख कर रहे हैं। स्कूल की प्रिंसिपल नवदीप गिल ने विधायक का धन्यवाद करते हुए कहा कि स्कूल की बेहतरी के लिए डॉ. गुप्ता हमेशा तत्पर रहते हैं। इस अवसर पर मनजीत सिंह, सुखविंदर कौर, रेखा, हरजीत कौर और स्कूल स्टाफ सहित अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 5:03 am

‘शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाना पंजाब सरकार की प्राथमिकता’

भास्कर न्यूज |अमृतसर अमृतसर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. जसबीर सिंह संधू ने गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एमिनेंस छेहर्टा और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल घनुपुर में आयोजित पेरेंट-टीचर मीट में विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा, अनुशासन और सर्वांगीण विकास को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के साथ गहन चर्चा की। डॉ. संधू ने बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट जांची और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही शिक्षा क्रांति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर रही है। नए क्लासरूम, स्मार्ट बोर्ड, बेहतरीन लाइब्रेरी और खेल के मैदानों का निर्माण इसी कड़ी का हिस्सा है, ताकि गरीब से गरीब बच्चे को भी विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके। विधायक ने शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें समाज की नींव बताया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखें और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें। इस अवसर पर स्कूल ऑफ एमिनेंस की प्रिंसिपल मनमीत कौर और घनुपुर स्कूल के प्रिंसिपल प्रदीप आनंद ने स्कूल में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर बीआरसी शिखा दुआ, चेयरमैन गुरदेव सिंह जज, पीए माधव शर्मा और बड़ी संख्या में अभिभावक व स्टाफ मौजूद था।

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 5:02 am

सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने का प्रयास

भास्कर न्यूज | लुधियाना सरकारी स्कूल जमालपुर अवाना में पेरेंट्स-टीचर्स मीटिंग का आयोजन किया गया। जिसमें कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां पहुंचे। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सरकार हर छात्र की भलाई और उज्ज्वल भविष्य को अपनी सबसे बड़ी प्राथमिकता मानती है। उन्होंने कहा कि सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को बड़े प्राइवेट संस्थानों के बराबर लाने के लिए लगातार और केंद्रित प्रयास किए गए हैं। मंत्री ने कई प्रमुख पहलों पर प्रकाश डाला जो पूरे पंजाब में स्कूली शिक्षा को नया रूप दे रहे हैं। जिसमें स्कूल्स ऑफ एमिनेंस शामिल हैं। इसमें विश्व स्तरीय बुनियादी ढांचे के साथ उत्कृष्टता केंद्रों के रूप में विकसित किया जा रहा है। इन स्कूलों में स्मार्ट क्लासरूम, अच्छी तरह से सुसज्जित कंप्यूटर और विज्ञान प्रयोगशालाएं, कई खेलों के लिए विशाल खेल के मैदान, उच्च गुणवत्ता वाली लाइब्रेरी, आधुनिक स्वच्छता सुविधाएं और सुरक्षित पीने के पानी की व्यवस्था, जैसी अन्य सुविधाएं हैं। छात्रों के ज्ञान को बढ़ाने के लिए सरकार नियमित रूप से महत्वपूर्ण संस्थानों, ऐतिहासिक स्थलों, विज्ञान केंद्रों और उद्योगों के शैक्षिक दौरे और एक्सपोजर विजिट आयोजित कर रही है। उन्होंने बताया कि पूरे पंजाब में सरकारी स्कूलों में दाखिलों में लगातार वृद्धि दर्ज की गई है, जो सरकारी स्कूलों में प्रदान की जा रही बेहतर गुणवत्ता और सुविधाओं में माता-पिता के बढ़ते विश्वास को दर्शाता है।

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 4:29 am

गोवर्धन पूजा की महिमा और अहंकार त्याग की शिक्षा दी

भास्कर न्यूज | लुधियाना वेद निकेतन धाम पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के पांचवें दिन अनूठी गंगा बही। अनंत विभूति 1008 महामंडलेश्वर स्वामी वेद भारती महाराज के सान्निध्य में कथा व्यास रविनंदन शास्त्री ने भगवान श्रीकृष्ण की दिव्य बाल लीलाओं का जीवंत वर्णन किया। कथा व्यास ने पूतना उद्धार और माखन चोरी के प्रसंगों के उपरांत गिरिराज गोवर्धन पूजा की महिमा का विस्तारपूर्वक वर्णन किया। उन्होंने बताया कि जब इंद्र देव को अपनी शक्तियों पर अहंकार हो गया था, तब भगवान कृष्ण ने अपनी छोटी उंगली पर गोवर्धन पर्वत उठाकर न केवल ब्रजवासियों की रक्षा की, बल्कि इंद्र के अभिमान को भी चूर-चूर कर दिया। शास्त्री ने जोर देकर कहा कि गोवर्धन पूजा हमें प्रकृति के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने और जीवन में अहंकार के त्याग की सबसे बड़ी शिक्षा देती है। माखन चोरी के प्रसंग के दौरान जरा चल के वृंदावन वेख, श्याम माखन चुराते दिखेंगे... भजन से श्रद्धालु झूम उठे। समारोह का शुभारंभ मुख्य यजमानों द्वारा ध्वजारोहण और गुरु गद्दी पूजन के साथ हुआ। आरती में स्वामी प्रिया भारती, अमिता भारती सहित अन्य धार्मिक विभूतियां शामिल हुईं। कार्यक्रम को सफल बनाने में सुंदर दास मोंगा, नरेश बांसल, पवन कत्याल, साहिल खुराना और अमित दुआ सहित ट्रस्ट के प्रमुख सदस्यों का विशेष योगदान रहा।

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 4:25 am

शिक्षक-पालक बैठक में नई शिक्षा नीति पर चर्चा

भाटापारा| मोपका महाविद्यालय में महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ.अभिलाषा सैनी के निर्देश में अध्यापक-अभिभावक बैठक का आयोजन किया गया। इस बैठक में बड़ी संख्या में अभिभावक उपस्थित थे। अध्यापक-अभिभावक समिति की संयोजक नेहा केरकेट्टा ने सेमेस्टर परीक्षा एवं एनईपी से संबंधित जानकारी अभिभावकों को दी,वरिष्ठ प्राध्यापक एनके धु्रव ने महाविद्यालय से संबंधित अन्य जानकारी अभिभावकों को दी। साथ ही सभी प्राध्यापकों ने अभिभावकों को उनके बच्चों का महाविद्यालय में होने वाली गतिविधियों में सहभागिता एवं विषय से संबंधित परीक्षा में प्रदर्शन के बारे में बताया। अभिभावकों ने भी महाविद्यालय के प्राध्यापकों की और महाविद्यालय के अच्छे वातावरण की प्रशंसा की, बैठक में सहायक प्राध्यापक रोहित लाल देवांगन, राजा राम धुर्वे, डॉ. प्रियंका पाटले,डॉ. अमित कुमार, युवराज दीक्षित, दुर्योधन निषाद, भारती साहू, रोशनी अग्रवाल, अभिभावक एवं छात्र -छात्राएं उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 4:00 am

अवैध तरीके से शिक्षा समि​ति पर कब्जा कर 18 करोड़ का लोन लेने वाला गिरफ्तार

जयपुर | चित्रकूट इलाके में अवैध तरीके से शिक्षा समिति पर कब्जा करने के बाद 18 करोड़ रुपए लोन लेने के आरोपी को पुलिस ने शनिवार को पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपी अभिमन्यु जाखड़ क्वींस रोड का रहने वाला है। थानाधिकारी प्रभुसिंह ने बताया कि पंजीकृत शिक्षा समिति के चेयरमैन को षड्यंत्रपूर्वक पद से हटाने के बाद अवैध तरीके से 18 करोड़ रुपए का लोन उठाया। समिति के तत्कालीन अध्यक्ष और उनकी बेटी को आवेदक/गारंटर बना दिया। उक्त मामले की जांच आदर्श नगर एसीपी ने की। जांच में आरोप प्रमाणित होने पर शनिवार को आरोपी को चित्रकूट पुलिस ने पकड़ लिया।

दैनिक भास्कर 8 Feb 2026 4:00 am

शिक्षा और संस्कृति से ही बनेगा समृद्ध उत्तराखंड : योगी आदित्यनाथ

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शुक्रवार को उत्तराखंड दौरे पर पौड़ी गढ़वाल के यमकेश्वर स्थित इंटर कॉलेज के नवनिर्मित भवन का लोकार्पण किया। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने कहा कि भौतिक विकास जीवन का अंतिम लक्ष्य नहीं होता, बल्कि वह केवल ...

वेब दुनिया 7 Feb 2026 8:00 pm

सपाक्स के मंच पर अधिवक्ता अनिल मिश्रा की एंट्री:सामान्य वर्ग के अधिकारों के लिए शक्ति प्रदर्शन; बोले- शिक्षा में वर्ग विभाजन घातक

रीवा के मानस भवन में सपाक्स पार्टी ने सामान्य वर्ग के अधिकारों को लेकर शक्ति प्रदर्शन किया। कार्यक्रम में यूजीसी (UGC) कानून और तुष्टीकरण की राजनीति के खिलाफ आवाज उठाई गई। इस दौरान ग्वालियर हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा विशेष रूप से मौजूद रहे। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि वर्तमान राजनीति वोट बैंक के लिए समाज को बांट रही है, जिसका सबसे ज्यादा नुकसान सामान्य वर्ग को उठाना पड़ रहा है। सपाक्स पार्टी के नेताओं ने कहा कि यूजीसी जैसे कानूनों के जरिए शिक्षा के क्षेत्र में भी वर्ग विभाजन को बढ़ावा दिया जा रहा है। बच्चों के भविष्य को जातियों में बांटने का प्रयास हो रहा है, जो बेहद चिंताजनक है। इसी मुद्दे पर कानूनी पक्ष रखने और आंदोलन को मजबूती देने के लिए वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा को आमंत्रित किया गया था। ब्राह्मण, क्षत्रिय और वैश्य एक मंच पर पार्टी का दावा है कि इस आंदोलन में ब्राह्मण, क्षत्रिय, वैश्य सहित तमाम सामान्य वर्ग के संगठन एक मंच पर आएंगे। वक्ताओं ने साफ कहा कि अब सामान्य वर्ग के हितों की रक्षा के लिए बड़े और संगठित आंदोलन की जरूरत है। रीवा में हुआ यह कार्यक्रम आने वाले समय में प्रदेश की राजनीति को नई दिशा दे सकता है। 'सड़क से अदालत तक लड़ेंगे' ग्वालियर हाई कोर्ट के वरिष्ठ अधिवक्ता अनिल मिश्रा ने कहा, “शिक्षा और समाज में वर्ग विभाजन लोकतंत्र के लिए घातक है। सामान्य वर्ग के अधिकारों की लड़ाई अब कानूनी और सामाजिक दोनों स्तर पर लड़ी जाएगी। अब तुष्टीकरण की राजनीति नहीं चलेगी। सामान्य वर्ग अपने हक के लिए सड़क से अदालत तक संघर्ष करेगा।”

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 6:44 pm

बेगूसराय में AISF का प्रतिरोध मार्च, आंदोलन की चेतावनी:राष्ट्रीय सचिव ने कहा- वीबीएसए बिल शिक्षा के निजीकरण और बाजारीकरण को बढ़ावा देगी

विकसित भारत शिक्षा अधिष्ठान (VBSA) विधेयक वापस लेने, एनईपी वापस लेने और बजट को शिक्षा विरोधी बताते हुए बजट का 10वां हिस्सा शिक्षा पर खर्च करने आदि मांग को लेकर ऑल इंडिया स्टूडेंट्स फेडरेशन (AISF) ने आज प्रदर्शन किया है। इस दौरान जीडी कॉलेज, श्री सीताराम राय उच्च विद्यालय रजौड़ा और निंगा हाईस्कूल गेट पर प्रतिरोध सभा किया गया। जीडी कॉलेज गेट पर आयोजित प्रतिरोध सभा को संबोधित करते हुए एआईएसएफ के राष्ट्रीय सचिव अमीन हमजा ने कहा कि नई शिक्षा नीति 2020 को सुचारू रूप से लागू करने के नाम पर सरकार वीबीएसए बिल लाई है जो शिक्षा के भविष्य के लिए काफी खतरनाक है। यह बिल राज्य के विश्वविद्यालय के स्वायत्ता और अधिकार को कमजोर करेगा। कहा कि यूजीसी और एआईसीटीई जैसे महत्वपूर्ण संस्थानों को खत्म करके यह बिल शिक्षा के व्यवसायीकरण को बढ़ावा देगी। इस बिल से कॉर्पोरेट घरानों और निजी विश्वविद्यालय को बल मिलेगा और सरकारी-छोटे महाविद्यालय-विश्वविद्यालय कमजोर होंगे। जिससे गरीब के बच्चे उच्च शिक्षा से वंचित हो जाएंगे। इस तरह का बिल लाकर सरकार शिक्षा को महंगी करने की तैयारी कर रही है। अगर सरकार इस शिक्षा विरोधी बिल को वापस नहीं लेती है तो हमारा संगठन देशभर में चरणबद्ध आंदोलन करेगा। बजट में शिक्षा को कोई महत्व नहीं दिया गया कहा कि आज तो आंदोलन की बस शुरुआत हुई है। श्री सीताराम राय उच्च विद्यालय रजौड़ा और निंगा हाईस्कूल गेट पर प्रतिरोध सभा करते हुए एआईएसएफ के जिलाध्यक्ष अमरेश कुमार और ताइक्वांडो के अंतरराष्ट्रीय खिलाड़ी कैसर रेहान ने कहा कि सरकार के पेश बजट में शिक्षा को कोई महत्व नहीं दिया गया। बेगूसराय में विश्वविद्यालय की कोई चर्चा नहीं की गई, बिहार में शिक्षा पर कोई विशेष पैकेज नहीं दी गई। सरकार का यह बजट शिक्षा विरोधी है, इसलिए हम इसकी मुखालफत करते हैं। इससे पहले छात्रों का जत्था पटेल चौक स्थित जिला कार्यालय से वीबीएसए बिल वापस लो, एनईपी वापस लो, शिक्षा विरोधी बजट नहीं चलेगा आदि नारेबाजी करते हुए जीडी कॉलेज पहुंचा। मौके पर मधुकर सिंह, विपीन, आकिब, अंकित सिंह, गौरव एवं श्याम सहित अन्य उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 6:13 pm

विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपये आवंटित:शिक्षा-स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे पर जोर, कटिहार में 'दिशा' समिति की बैठक

कटिहार में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति 'दिशा' की बैठक हाल ही में विकास भवन सभागार में सांसद तारिक अनवर की अध्यक्षता में आयोजित की गई। इस बैठक का मुख्य उद्देश्य जिले के विकासात्मक कार्यों में तेजी लाना और आमजनों तक सरकारी योजनाओं का लाभ पहुंचाना था, जिसके लिए कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। बैठक में जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी, नगर आयुक्त संतोष कुमार, सिविल सर्जन जितेंद्र नाथ, बरारी विधायक विजय सिंह निषाद, बलरामपुर विधायक संगीता देवी, प्राणपुर विधायक निशा सिंह, प्राणपुर प्रखंड अध्यक्ष अमित कुमार साह, कोढ़ा विधायक कविता पासवान, जिला परिषद अध्यक्ष रश्मि सिंह, कोढ़ा मुख्य पार्षद धीरज कुमार और मनिहारी मुख्य पार्षद लाखो यादव सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे। मनरेगा के तहत 57,27,036 जॉब कार्डधारकों को मिले कार्य सांसद तारिक अनवर ने जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच समन्वय स्थापित करने का आह्वान किया। बैठक में विभिन्न विभागों द्वारा संचालित योजनाओं की समीक्षा की गई। महात्मा गांधी ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) के तहत लगभग 57,27,036 जॉब कार्ड धारियों को कार्य आवंटित किए जाने की जानकारी दी गई। इसके अतिरिक्त, जिले में विभिन्न विकास कार्यों के लिए 100 करोड़ रुपये का बजट आवंटित किया गया है। इस बजट का उपयोग शिक्षा, स्वास्थ्य और बुनियादी ढांचे के विकास पर विशेष ध्यान देने के लिए किया जाएगा। अवैध अतिक्रमण, गंदगी और शुद्ध पेयजल की समस्या पर चर्चा बैठक में अवैध अतिक्रमण, धार्मिक स्थलों के आसपास मीट की दुकानें, गंदगी और शुद्ध पेयजल की समस्या जैसे मुद्दों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। बलरामपुर विधायक संगीता देवी ने ऑक्सीजन प्लांट में एक्सपायरी दवा के उपयोग और कुव्यवस्था जैसे गंभीर मुद्दों को उठाया। समिति ने कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए, जिनमें अवैध अतिक्रमण हटाने के लिए अभियान चलाना, धार्मिक स्थलों के आसपास मीट की दुकानों पर प्रतिबंध लगाना, शुद्ध पेयजल की व्यवस्था सुनिश्चित करना और ऑक्सीजन प्लांट में एक्सपायरी दवा के उपयोग को बंद करना शामिल है। साथ ही, आंगनबाड़ी में सेविका के रिक्त पदों पर भर्ती करने का भी निर्णय लिया गया। इन निर्णयों से जिले के लोगों को सरकारी योजनाओं का लाभ मिलेगा और विकास कार्यों में तेजी आएगी। अब यह देखना दिलचस्प होगा कि इन निर्णयों को कैसे लागू किया जाता है और जिले के विकास के लिए क्या परिणाम निकलते हैं।

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 4:59 pm

धौलपुर से जयपुर रवाना हुआ दावत-ए-इस्लामी का काफिला:दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम में मिलेगी दीनी व सामाजिक शिक्षा

धौलपुर से दावत-ए-इस्लामी का एक दल जयपुर के लिए रवाना हुआ है। यह दल जयपुर के कर्बला मैदान में आयोजित होने वाले दो दिवसीय इस्तेमा कार्यक्रम में भाग लेगा। इस कार्यक्रम का उद्देश्य युवाओं को सही मार्ग पर चलने, एक अच्छे इंसान के रूप में जीवन जीने और धार्मिक व नैतिक शिक्षा प्राप्त करने के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में प्रतिभागियों को नमाज पढ़ने का सही तरीका, रोजे रखने की विधि और दीनी तालीम के महत्वपूर्ण पहलुओं से अवगत कराया जाएगा। इसके अतिरिक्त, युवाओं में बढ़ती नशे की समस्या पर भी चर्चा की जाएगी और उन्हें नशे की लत से दूर रहकर सकारात्मक जीवन अपनाने के लिए प्रेरित किया जाएगा। इस दो दिवसीय आयोजन में बाहर से आए मौलाना भी शामिल होंगे, जो समाज को बेहतर दिशा देने वाले संदेश देंगे। कार्यक्रम में मुस्लिम समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने पर विशेष बल दिया जाएगा। आयोजन का मुख्य उद्देश्य युवाओं को नैतिकता, अनुशासन और देश के जिम्मेदार नागरिक बनने की सीख देना है। इसका लक्ष्य है कि युवा एक अच्छे इंसान के साथ-साथ एक जिम्मेदार हिंदुस्तानी बनकर समाज में सकारात्मक योगदान दें। यह कार्यक्रम सामाजिक सुधार, धार्मिक जागरूकता और युवा पीढ़ी को सही मार्गदर्शन प्रदान करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है।

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 1:20 pm

महिला टीचर से बोले प्रिंसिपल- कुत्ते की मौत मरेगी:तेरे जैसी फफूंद बहुत देखी; शिक्षा विभाग की कमेटी कर रही है मामले की जांच

स्कूल में ज्वॉइनिंग को लेकर महिला टीचर और प्रिसिंपल के बीच बहस हो गई। प्रिंसिपल ने टीचर को कहा- तेरी जैसी फफूंद को बहुत देखा है, मरेगी कुत्ते की मौत.., तेरी जगह कोई लड़का होता तो थप्पड़ मार देता, सात गट्‌टे खाता..। घटना का एक ऑडियो भी सामने आया है, जिसके बाद शिक्षा विभाग भी हरकत में आ गया है। विभाग ने एक कमेटी बनाई है, जिसने मामले की जांच शुरू कर दी है। मामला बाड़मेर जिले की एक गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल का है, जहां गुरुवार की दोपहर को यह घटना हुई। टीचर का कहना है- मैंने वॉट्सऐप पर पुलिस को लेटर भेज दिया था। थाने से पुलिस के स्टॉफ आए थे। उन्होंने थाने आने को बोला है। मैं एक घंटे तक परेशान होने के बाद मैंने रिकॉर्डर शुरू करके ऑडियो बनाया। इससे पहले 23 जनवरी को भी प्रिसिंपल ने मेरे साथ बहस की थी। वहीं प्रिसिंपल का कहना है कि महिला टीचर ने प्री प्लानिंग करके ऑडियो बनाया। ज्वॉइन का मैंने कोई मना नहीं किया। सामने रजिस्टर पड़ा है। वहां पर जाकर साइन कर दो। रिटर्न अनुमति की जरूरत नहीं है। टीचर ने कहा कि एप्लीकेशन पर लिखित में आप लिखोंगे तो ही मैं ज्वॉइन करूंगी। यह बहुत सारे सवाल-जवाब, तर्क-कुतर्क करने लगी। करीब एक घंटा तक परेशान कर दिया था। प्री-प्लानिंग के तहत उकसा कर ऑडियो बनाया। 4 मिनट 15 सेकेंड का है ऑडियो, पढ़िए- दोनों के बीच कहासुनी के अंश (आरोप है कि दोनों में कहासुनी होने लगी तो महिला टीचर ने फोन का रिकॉर्डर ऑन कर लिया) टीचर- अनुमति लेनी आई हूं।प्रिसिंपल- माथा खाने की जरूरत नहीं है। वापस वहीं स्थिति। बहसबाजी कर रही है। मरेगी कुत्ते की मौत..। प्रिसिंपल के हावी हो रही है। तेरी जैसी की फफूंद देख कर आया हूं। यू तेरी तरह डरता तो आज तक नौकरी नहीं करता। टीचर- डरती मैं भी नहीं हूं।प्रिसिंपल- आ मैदान में..। भाला, तलवार ले आ मैदान में। टीचर- मेरी तो कलम है।प्रिसिंपल- कलम चला दें, तेरी कलम मेरे से पावरफुल है। टीचर- मैंने तो कहां नहीं... आपको भाला, तलवार पता नहीं क्या-क्या याद आ रहा है। प्रिंसिपल- तेरी कलम मेरे से ज्यादा चलती है। टीचर- मैंने आपसे कार्यग्रहण की स्वीकृति मांगी है। प्रिसिंपल- माथा खाने की जरूरत नहीं है, यहां से निकल जा। मैंने कह दिया यहां से निकल जा, बच्चों को पढ़ाए तो ठीक है, घर पर जाए तो भी ठीक है। जॉइन करें तो भी ठीक है। बहसबाजी मत कर। बकवास आपकी सुनना नहीं चाहता हूं। टीचर- मैंने आपसे स्वीकृति तो मांगी है आप मेरी एप्लीकेशन स्वीकृत कर दो। प्रिसिंपल- आपकी जगह कोई जेट्स होता तो सीधी थप्पड़ मारता। टीचर- अच्छी बात है, अभी मार दो कौन मना कर रहा है। प्रिसिंपल- जेंट्स होता तो यही पर लटका देता। इतनी बकवास मैंने नहीं की है। टीचर- इतनी देर से आप ही बकवास किए जा रहे है। प्रिसिंपल- बाल तो नहीं बनाए ना। टीचर- मैंने स्वीकृति मांगी है कार्यग्रहण करवाई। प्रिसिंपल- मरेगी कुत्ते की मौत। टीचर- मैंने कार्यग्रहण की एप्लीकेशन दी है, उस पर आप बहस कर रहे हो। प्रिसिंपल- बहस तो तूने सुबह से माहौल बनाया है। डेढ़ घंटे से माथाफोड़ी कर रही है। तेरी जुबान लंबी है। अब तेरे से ट्रीट यही होगा। जैसा चाहती है, वैसा ही होगा। प्रिसिंपल को खिलौना समझ रखा है। नौकरी कर रहा हूं ना जूते की नोक पर कर रहा हूं। टीचर- हम तो अपनी आजिविका सम्मान करते है। आपके लिए होगी प्रिंसिपल- आपकी जैसी, वहां (पहले की स्कूल) पर बड़ी-बड़ी जुबान वाली उनको संभालकर आया हूं। यही पर तरीका और एटीट्यूड था। यहां पर कोई लड़का होता तो थप्पड़ मारता। सात गट्‌टे खाता। टीचर- आप स्वीकृति दे दो फिर साइन करूं, किस बात के साइन कर दूं। प्रिंसिपल- मैं थप्पड़ खाएगी। महिला होने के नाते गम खा रहा हूं, जहर पी रहा हूं, तेरे जैसी कई फफूंद देखी है। प्रिसिंपल लेवल-1 से दब जाएगा। हालांकि इस दौरान अन्य स्टाफ ने बीच-बचाव कर मामला शांत करवाया। जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाई के लिए भेजेंगे विभाग कोहालांकि मामले में जिला शिक्षा अधिकारी देवाराम चौधरी ने बताया कि यह ऑडियो जिले की एक हायर सेकेंडरी स्कूल का है। मेरे संज्ञान में आने के बाद जांच दल बैठाकर जांच करवा ली है। फाइनल जांच रिपोर्ट तैयार हो जाएगी। तथ्यात्मक रिपोर्ट के बाद ही बता पाएंगे कि दोनों कौन है।

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 9:53 am

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड:वोकेशनल कोर्स में छात्र बढ़े, सेंटर कम, तीन पेपरों की पारियां बदलीं

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने 12वीं कक्षा की चित्रकला सहित तीन विषयों की परीक्षा का समय बदल दिया है। 17 और 24 फरवरी को होने वाली परीक्षाएं अब सुबह की बजाय दोपहर को दूसरी पारी में होंगी। परीक्षा केंद्रों पर क्षमता से ज्यादा विद्यार्थियों के नामांकन सामने आने के बाद बोर्ड ने यह फैसला लिया है। 10वीं के परीक्षा कार्यक्रम में कोई बदलाव नहीं किया है। बोर्ड सचिव गजेंद्र सिंह राठौड़ ने बताया कि 12वीं के कंप्यूटर विज्ञान, इंफॉर्मेटिक्स प्रैक्टिसेस की परीक्षा 17 को सुबह 8:30 से 11:45 बजे होने थी। अब दोपहर 2 से शाम 5:15 बजे यानी दूसरी पारी में होगी। इसी तरह 24 को होने वाली चित्रकला की परीक्षा भी अब दूसरी पारी में ली जाएगी। जांच में 17 फरवरी को 140 और 24 को 450 से ज्यादा विद्यार्थी एनरोल मिलेबोर्ड सचिव ने बताया कि कुछ स्कूलों ने बढ़ी हुई विद्यार्थियों की क्षमता बताई थी। चेक करवाने पर पता चला कि 17 को 140 से ज्यादा विद्यार्थी एनरोल हैं। 24 को भी 450 से ज्यादा विद्यार्थी हो रहे थे। शिकायत पर बीकानेर शिक्षा विभाग ने भी अपनी 24 फरवरी की परीक्षा को आगे बढ़ाया।

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 5:47 am

सनातन धर्म केवल आस्था नहीं बल्कि जीवन की संपूर्ण व्यवस्था है जो राष्ट्रभक्ति की शिक्षा देता है : केशव शर्मा

भास्कर संवाददाता| बमोरी मारकीमहू खंड के धानवाड़ी मंडल पर भव्य हिंदू सम्मेलन का आयोजन श्रद्धा, उत्साह एवं गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ। सम्मेलन में क्षेत्र के धर्मप्रेमी, मातृशक्ति, युवा वर्ग एवं गणमान्य नागरिक बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ भारत माता के चित्र पर माल्यार्पण एवं गौ माता की पूजा करके किया गया। मंच पर संत राधाचरण द्विवेदी (चित्रकूट धाम) एवं धानवाड़ी हनुमान मंदिर के पुजारी विराजमान रहे। साथ ही मुख्य वक्ता के रूप में हिंदू जागरण मंच के प्रांत युवा प्रमुख केशव शर्मा उपस्थित रहे। मंचासीन संतजनों व अतिथियों का पुष्पमाला एवं श्रीफल भेंट कर सम्मान किया गया। अपने आध्यात्मिक उद्बोधन में पूज्य संत राधाचरण ने सनातन धर्म की प्राचीन परंपराओं, आध्यात्मिक शक्ति एवं भारतीय संस्कृति के मूल्यों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि सनातन धर्म विश्व को “वसुधैव कुटुंबकम” का संदेश देता है और मानवता को धर्म, सेवा एवं सदाचार की राह पर चलने की प्रेरणा देता है। उन्होंने समाज को धर्म, संस्कार एवं राष्ट्रसेवा के मार्ग पर अग्रसर रहने का आह्वान किया। मुख्य वक्ता केशव शर्मा ने बौद्धिक में सनातन धर्म की महिमा, हिंदू संस्कृति की गौरवशाली परंपरा एवं राष्ट्र निर्माण में समाज की भूमिका पर विशेष रूप से प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि सनातन धर्म केवल आस्था नहीं बल्कि जीवन की संपूर्ण व्यवस्था है, जो सत्य, अहिंसा, सेवा, कर्तव्य और राष्ट्रभक्ति की शिक्षा देता है। उन्होंने युवाओं से अपनी जड़ों, संस्कृति और इतिहास को जानने तथा समाज में एकता और संगठन को मजबूत करने का आग्रह किया। उन्होंने परिवार व्यवस्था, मातृशक्ति के सम्मान, सामाजिक समरसता एवं भारतीय संस्कृति के संरक्षण की आवश्यकता पर जोर देते हुए कहा कि वर्तमान समय में समाज को जागरूक और संगठित रहकर धर्म एवं राष्ट्र के प्रति अपने कर्तव्यों का निर्वहन करना चाहिए। उन्होंने उपस्थित जनसमूह से समाज सेवा, संस्कार निर्माण और राष्ट्रहित के कार्यों में सक्रिय भागीदारी निभाने का संकल्प लेने का आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान भजन-कीर्तन, धार्मिक उद्बोधन का भी आयोजन किया गया।

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 4:07 am

10 साल का इंतजार खत्म, भरे जाएंगे खाली पड़े पद:प्रदेश में बदहाल उच्च शिक्षा; 19 विवि में प्रोफेसरों के 2003 पदों में से 1568 खाली

मध्य प्रदेश की उच्च शिक्षा व्यवस्था वेंटिलेटर पर है। प्रदेश के 19 सरकारी विश्वविद्यालयों में स्वीकृत 2003 शैक्षणिक पदों में से 1568 खाली पड़े हैं। यानी महज 22% रेगुलर स्टाफ के भरोसे उच्च शिक्षा की नैया चल रही है। इस बदहाली पर अब सुप्रीम कोर्ट ने कड़ा रुख अपनाते हुए देशभर की यूनिवर्सिटी को अल्टीमेटम दिया है कि शिक्षकों के खाली पड़े पद शीघ्र भरे जाएं। इसके बाद प्रदेश के उच्च शिक्षा विभाग ने सभी यूनिवर्सिटी को निर्देश दिए हैं कि अगले 4 माह में प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर के 78% खाली पद अनिवार्य रूप से भरे जाएं। प्रदेश के विश्वविद्यालयों में 78% पद यानी हर चार में से तीन पद खाली हैं और 70 हजार से ज्यादा छात्रों का भविष्य संकट में है। छात्रों का कहना है कि कई विषयों में वर्षों से नियमित प्रोफेसर नहीं हैं। सिलेबस समय पर पूरा नहीं हो पाता, रिसर्च गाइड उपलब्ध नहीं होते और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी भी प्रभावित होती है। यही नहीं प्रदेश की पांच यूनिवर्सिटी का हाल तो इतना खराब है कि वहां आज तक एक भी शिक्षक कार्यरत नहीं है। हर 4 में 3 पद खाली... शिक्षकों की कमी से पढ़ाई, रिसर्च और करियर पर संकट रोस्टर व कोर्ट की पेचीदगियों के कारण अटकी थी भर्ती प्रक्रिया विशेषज्ञों के मुताबिक, भर्ती रुकने की सबसे बड़ी वजह आरक्षण रोस्टर की पेचीदगियां थीं। ओबीसी आरक्षण (14% बनाम 27%) के विवाद और प्रशासनिक ऊहापोह के कारण विज्ञापन निकलने के बाद भी मामला कोर्ट में अटक जाता था। अकेले जीवाजी यूनिवर्सिटी में पिछले 10 साल में 4 बार प्रक्रिया शुरू हुई लेकिन अंजाम तक नहीं पहुँच सकी। अब सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद यह बाधा दूर हो गई है। विभाग ने तय की 4 माह की समय सीमा उच्च शिक्षा मंत्री के निर्देशानुसार 4 महीने की समय-सीमा तय की गई है। रोस्टर को लेकर अब कोई भ्रम नहीं है। हमारा लक्ष्य छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। -अनुपम राजन, अपर मुख्य सचिव, उच्च शिक्षा विभाग कोर्ट से स्टे हटते ही मांगें जाएंगे आवेदनसमन्वय समिति की बैठक के बाद हमारी प्राथमिकता कोर्ट से स्टे हटते ही भर्ती प्रक्रिया को तेज करने की है। इससे कैंपस का अकादमिक माहौल बदलेगा। -डॉ. राजकुमार आचार्य, कुलगुरु, जेयू

दैनिक भास्कर 7 Feb 2026 4:00 am

एशियन शूटिंग में बीकानेर की शिक्षा सहारण का कमाल:दिल्ली में 10 मीटर एयर पिस्टल स्पर्धा के टीम व मिक्स डबल इवेंट में गोल्ड

बीकानेर की 15 वर्षीय निशानेबाज शिक्षा सारण ने एशियन राइफल-पिस्टल चैम्पियनशिप-2026 में गोल्ड हासिल किया है। शिक्षा ने 10 मीटर एयर पिस्टल टीम व मिक्स डबल इवेंट में अपने सधे हुए निशानों के दम पर 2 गोल्ड मेडल पर निशाना साधा। नई दिल्ली के डॉ. करनी सिंह शूटिंग रेंज में आयोजित हो रहे इस मुकाबले में बीकानेर की शिक्षा ने ये कमाल किया। शिक्षा के पिता मनोज सारण ने दैनिक भास्कर को बताया कि शिक्षा ने टीम इवेंट में प्रियांशी पूर्वा व चहक के साथ भारत का प्रतिनिधित्व करते हुए कजाकिस्तान के 1627 स्कोर को पारकर 1709 स्कोर बनाकर गोल्ड मैडल अपने नाम किया जबकि इसमें कजाकिस्तान को सिल्वर और मालद्वीप को कांस्य पदक पर धकेल दिया। वहीं मिक्स टीम मुकाबले में शिक्षा सारण व गिरीश गुप्ता की भारतीय जोड़ी ने तजाकिस्तान और कजाकिस्तान की जोड़ी को रोमांचक मुकाबले में मात देते हुए गोल्ड मैडल पर निशाना साधा जबकि तजाकिस्तान को रजत व कजाकिस्तान को कांस्य पदक से संतोष करना पड़ा। 2 गोल्ड जीतकर राजस्थान का नाम किया रोशन शिक्षा ने भारत की तरफ से खेलते हुए अपने पहले अंतराष्ट्रीय टूर्नामेंट में एक साथ 2 गोल्ड मैडल जीतकर देश के साथ साथ राजस्थान व अपने जिले बीकानेर का नाम विश्वपटल पर चमकाने का काम किया है । शिक्षा इसका श्रेय अपने दादा-दादी,नाना-नानी माता-पिता परिवारजन व अपने कोच रघुवीर सिंह को देते हुए बताया कि आने वाले समय मे ओलंपिक में देश का प्रतिनिधित्व करते हुए मैडल जीतकर अपने देश जिले व परिजनों-गुरुजनों सहित हर लड़की जिसे लड़को से कम समझा जाता है का सिर गर्व से ऊंचा कर सकूं।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 7:23 pm

शिक्षा, सेवा समाज की उन्नति का आधार: गरदेजी:देशवाल सोसायटी ने स्थापना दिवस पर अस्पताल में बांटे फल

डीडवाना में देशवाल एज्युकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी ने अपने 10वें स्थापना दिवस पर राजकीय बांगड़ अस्पताल में मरीजों को फल वितरित किए। इस अवसर पर हाफिज अशरफ गरदेजी ने कहा कि शिक्षा, संस्कार और सेवा किसी भी समाज की उन्नति का मजबूत आधार हैं। सोसायटी के स्थापना दिवस के उपलक्ष्य में आयोजित इस कार्यक्रम में अस्पताल के विभिन्न वार्डों में भर्ती मरीजों को फल बांटे गए। संस्था के सदस्यों ने इस दौरान सेवा भावना को निरंतर आगे बढ़ाने का संकल्प लिया। पदाधिकारियों ने बताया कि देशवाल एज्युकेशन एंड वेलफेयर सोसायटी वर्ष 2017 से शिक्षा के प्रसार और जरूरतमंदों की सहायता के क्षेत्र में सक्रिय है। संस्था अपने मूल उद्देश्यों को साकार करने के लिए एकजुट होकर कार्य कर रही है। कार्यक्रम में मशहूर हास्य कलाकार छोटू भाई विशेष रूप से उपस्थित रहे, जिन्होंने मरीजों का उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर असगर खुनखुना, इमरान फुटप्रिंट, हाफिज सिकंदर, मुकीम रामसाबास, शाहरुख खुनखुना, दिलशाद, मोहसिन, परवेज खिंची, साजिद, सोयल और अल्ताफ पड़िहार सहित समाज के कई गणमान्य लोग मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 6:28 pm

गयाजी में 10 डिग्री कॉलेज, नई गन्ना फैक्ट्री खुलेगी:प्रशासन ने शुरू की जमीन की तलाश, उच्च शिक्षा के लिए बाहर नहीं जाना पड़ेगा

गया जिले के लिए शिक्षा और उद्योग के क्षेत्र में बड़ी पहल की गई है। जिले में 10 नए डिग्री कॉलेज और एक गन्ना फैक्ट्री खोलने का रास्ता साफ हो गया है। राज्य सरकार ने इसे लेकर औपचारिक आदेश जारी कर दिया है। प्रशासनिक स्तर पर तैयारी शुरू हो चुकी है। जिला प्रशासन कॉलेज और गन्ना फैक्ट्री, दोनों के लिए उपयुक्त जमीन की तलाश में जुट गया है। डीएम शशांक शुभंकर ने इसकी पुष्टि करते हुए बताया कि फिलहाल सभी नए डिग्री कॉलेज निजी भवनों में संचालित किए जाएंगे। स्थायी व्यवस्था के तहत बाद में कॉलेजों को उनकी अपनी जमीन पर शिफ्ट किया जाएगा। इसके लिए अलग-अलग प्रखंडों में जमीन चिह्नित करने की प्रक्रिया चल रही है। डीएम के मुताबिक, कॉलेज खुलने से उच्च शिक्षा के लिए छात्रों को बाहर नहीं जाना पड़ेगा और जिले में शैक्षणिक माहौल मजबूत होगा। स्थानीय विवाद के कारण मिल बंद हो गई थी इसी कड़ी में जिले में एक नई गन्ना फैक्ट्री खोलने का भी निर्णय लिया गया है। डीएम ने बताया कि गुरारू में पूर्व में संचालित गन्ना मिल अब बंद हो चुकी है। उस जमीन को बियाडा को हस्तांतरित कर दिया गया है, जहां उद्योग विभाग की ओर से अन्य औद्योगिक इकाइयों की स्थापना की जा रही है। अब गन्ना फैक्ट्री के लिए जिले में नई जगह पर जमीन की तलाश की जा रही है। गौरतलब है कि गया जिले में पहले भी गन्ना मिल थी, लेकिन सरकारी अनदेखी और स्थानीय स्तर पर उत्पन्न विवादों के चलते मिल बंद हो गई थी। इसके बाद से ही किसान और स्थानीय लोग गन्ना मिल को फिर से चालू करने की मांग लगातार कर रहे थे। लंबे इंतजार के बाद सरकार ने नए सिरे से गन्ना मिल खोलने का फैसला लिया है। आसपास के लोगों को लाभ मिलेगा डीएम ने कहा कि गन्ना फैक्ट्री शुरू होने से गया और आसपास के इलाकों के किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। गन्ने की बेहतर कीमत मिलने से किसानों की आमदनी बढ़ेगी। साथ ही फैक्ट्री खुलने से स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी होंगे। शिक्षा और उद्योग से जुड़ी यह पहल जिले के समग्र विकास की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 6:15 pm

मुंगेली कलेक्टर ने स्कूलों की समीक्षा बैठक ली:कमजोर प्रदर्शन पर वेतन रोका, शिक्षा गुणवत्ता में लापरवाही बर्दाश्त नहीं, नवाचार पर जोर

मुंगेली जिले में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत मिशन 90 प्लस परीक्षा परिणाम उन्नयन कार्यक्रम शुरू किया गया है। इसका उद्देश्य शासकीय हाई एवं हायर सेकेंडरी स्कूलों में कक्षा 10वीं और 12वीं के विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना तथा बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार लाना है। कलेक्टर कुन्दन कुमार ने इस अभियान की प्रगति की समीक्षा के लिए जिला पंचायत सभाकक्ष में प्राचार्यों और शिक्षा अधिकारियों की बैठक ली। बैठक में कलेक्टर ने कमजोर प्रदर्शन वाले विद्यालयों की समीक्षा की। मनोहरपुर स्कूल की प्रगति पर नाराजगी व्यक्त करते हुए प्राचार्य संजीव निर्मलकर को संतोषजनक जवाब न देने पर नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। निरीक्षण में लापरवाही और प्रगति पत्रक संधारित न करने के कारण सभी बीईओ एवं एबीईओ का वेतन रोकने का आदेश दिया गया। वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश इसके अलावा शिक्षा गुणवत्ता में सुधार न लाने पर लालपुर, मनोहरपुर, लगरा, देवरहट, डोंगरिया, राम्हेपुर, बैगाकापा और गोड़खाम्ही स्कूलों के प्राचार्यों की वेतन वृद्धि असंचयी प्रभाव से रोकने के निर्देश दिए गए। कलेक्टर ने राम्हेपुर विद्यालय की प्राचार्य मरियम एक्का से आगामी परीक्षा में बेहतर परिणाम लाने पर चर्चा की। उन्होंने लालपुर थाना स्कूल के प्राचार्य सहित अन्य विद्यालयों को सर्वोत्तम प्रथाएं (बेस्ट प्रैक्टिस) अपनाकर परीक्षा परिणाम सुधारने के लिए प्रेरित किया। कलेक्टर ने सभी स्कूलों को अपने नवाचार साझा करने के स्पष्ट निर्देश दिए, ताकि जिले के सभी विद्यार्थी लाभान्वित हो सकें। जिला शिक्षा अधिकारी को जिले के सभी विद्यालयों की सर्वोत्तम प्रथाओं का संकलित प्रतिवेदन तैयार करने का निर्देश दिया गया। स्कूलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने कहा सभी बीईओ और बीआरसी को स्कूलों का नियमित निरीक्षण सुनिश्चित करने के लिए कहा गया। कलेक्टर ने 10वीं बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम सुनिश्चित करने हेतु तैयार कार्ययोजना की समीक्षा की और अनसॉल्व्ड पेपर तथा मॉडल पेपर की तैयारी गंभीरता से कराने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि शिक्षा गुणवत्ता बच्चों के उज्ज्वल भविष्य की नींव है और इसमें किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कलेक्टर ने विद्यालय में उत्कृष्ट कार्य करने वाली प्राचार्य शकुंतला के प्रयासों की सराहना भी की। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक भोजराम पटेल ने कहा कि परीक्षा पूर्व का समय अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। इस अवधि में शिक्षकों को स्मार्ट टीचर की भूमिका निभाते हुए नवाचार के माध्यम से विद्यार्थियों की सोच विकसित करने और उन्हें निरंतर प्रेरित करने की आवश्यकता है। जिला पंचायत सीईओ प्रभाकर पाण्डेय ने कहा कि सभी शिक्षक अपनी जिम्मेदारी का निष्ठापूर्वक निर्वहन करते हुए स्कूलों में शिक्षा गुणवत्ता बढ़ाने के लिए बेहतर कार्य करें। समीक्षा के दौरान बेहतर कार्य करने वाले विद्यालयों के प्राचार्यों ने अपने अनुभव साझा किए। इस अवसर पर जिला शिक्षा अधिकारी एल.पी. डाहिरे, डीएमसी अशोक कश्यप् सहित सभी बीईओ, एबीईओ और स्कूलों के प्राचार्य मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 5:30 pm

सेना के जवानों और परिवारों को मिलेगी शिक्षा में सहायता:ट्यूशन फीस में 20 प्रतिशत छूट मिलेगी, स्कॉलरशिप घटाने के बाद लागू होगी; पढ़ें जयपुर की प्रमुख खबरें

आकाश एजुकेशनल सर्विसेज लिमिटेड (एईएसएल) ने भारतीय सेना के साथ एक महत्वपूर्ण समझौता (एमओयू) किया है। इस साझेदारी का उद्देश्य वर्तमान में सेवा दे रहे सैनिकों, पूर्व सैनिकों और उनके परिवारों को शैक्षणिक सहायता और कल्याणकारी लाभ प्रदान करना है। इस एमओयू के तहत एईएसएल देशभर में स्थित अपने सभी केंद्रों पर भारतीय सेना से जुड़े विद्यार्थियों को विशेष छात्रवृत्तियाँ और सुविधाएं प्रदान करेगा। इसमें सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के साथ-साथ वीरता पुरस्कार विजेता, दिव्यांग सैनिक और ड्यूटी के दौरान शहीद हुए जवानों के परिवार शामिल हैं। यह समझौता भारतीय सेना की ओर से कर्नल, सेरेमोनियल एंड वेलफेयर 34 और एईएसएल की ओर से डॉ. यश पाल, चीफ अकैडमिक एंड बिजनेस हेड, दिल्ली-एनसीआर की ओर से हस्ताक्षरित किया गया। एमओयू के अंतर्गत ड्यूटी के दौरान शहीद हुए सैनिकों के बच्चों को केवल रजिस्ट्रेशन फीस देनी होगी, जबकि बाकी पूरी फीस में 100 प्रतिशत छूट दी जाएगी। वहीं, 20 प्रतिशत से अधिक विकलांगता वाले सैनिकों और वीरता पुरस्कार प्राप्त कर्मियों के बच्चों को भी 100 प्रतिशत ट्यूशन फीस माफ की जाएगी। इसके अलावा, सेवारत और सेवानिवृत्त सैनिकों के बच्चों को 20 प्रतिशत ट्यूशन फीस में छूट मिलेगी, जो अन्य स्कॉलरशिप घटाने के बाद लागू होगी। एईएसएल की मौजूदा स्कॉलरशिप योजनाएं भी पहले की तरह जारी रहेंगी। एईएसएल के एमडी और सीईओ चंद्र शेखर गरिसा रेड्डी ने कहा कि हमारा मानना है कि शिक्षा उज्ज्वल भविष्य की सबसे मजबूत नींव है। भारतीय सेना के साथ यह साझेदारी हमारे बहादुर सैनिकों के बलिदान को सम्मान देने का एक प्रयास है। स्कॉलरशिप, मेंटरिंग और काउंसलिंग के जरिए हम यह सुनिश्चित करना चाहते हैं कि सैनिकों के बच्चे अपनी पूरी क्षमता तक पहुंच सकें और भविष्य में नेतृत्व की भूमिका निभा सकें।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 3:24 pm

सरकारी टीचर ने बिना दहेज लिए की शादी:कहा- बच्चों को सिखाना मेरा दायित्व, पहले वही शिक्षा अपने जीवन में उतारनी होगी

जयपुर के रामनगर सोडाला के रहने वाले आशीष कुमार बैरवा ने दहेज प्रथा के खिलाफ खड़े होकर समाज को एक नई दिशा दिखाई है। तृतीय श्रेणी शिक्षक पद पर चयनित होने के बावजूद आशीष ने साफ शब्दों में तय कर लिया था कि वे दहेज मुक्त विवाह करेंगे। दहेज के नाम पर एक रुपया भी स्वीकार नहीं करेंगे। आशीष का मानना है कि जब वे स्वयं शिक्षक हैं और बच्चों को शिक्षा देना उनका दायित्व है तो पहले उन्हें वही शिक्षा अपने जीवन में उतारनी होगी। आए दिन दहेज को लेकर हो रही घटनाओं और समाचारों ने उन्हें भीतर तक झकझोर दिया, जिसके बाद उन्होंने निश्चय किया कि वे केवल कन्या और कलश के पारंपरिक रिवाज के साथ ही विवाह करेंगे। साधारण परिवार, लेकिन असाधारण सोच आशीष के पिता चिरंजी लाल बैरवा पेशे से इलेक्ट्रीशियन हैं, जबकि माता गीता देवी गृहिणी हैं। दादा मोतीलाल बैरवा राजमिस्त्री रहे हैं और दादी गुलाब देवी गृहिणी। आर्थिक रूप से सामान्य परिवार होने के बावजूद, पूरे परिवार ने आशीष के इस निर्णय पर सहमति जताई, जो अपने आप में एक बड़ी बात है।सरकारी नौकरी लगने के बाद आशीष के लिए कई ऐसे रिश्ते भी आए, जिनमें कार और भारी दहेज की सीधी पेशकश की गई, लेकिन आशीष ने पहले ही दिन यह स्पष्ट कर दिया कि वे केवल सवा रुपया शगुन के रूप में लेंगे, उससे अधिक कुछ भी स्वीकार नहीं करेंगे। ससुराल पक्ष की भी सराहनीय भूमिका जब आशीष को लड़की पसंद आई तो ससुराल पक्ष के किसान और राजमिस्त्री गोपाल बैरवा और उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी ने अपनी श्रद्धा के अनुसार दहेज देने की बात कही। इस पर आशीष और उनके परिजनों ने विनम्रता लेकिन दृढ़ता से दहेज लेने से इनकार कर दिया। शुरुआत में ससुराल पक्ष को लगा कि कहीं उन्हें आर्थिक रूप से कमजोर समझकर दहेज मना तो नहीं किया जा रहा, लेकिन बातचीत के बाद जब उन्हें बताया गया कि यह आशीष का पहले से लिया गया निर्णय है तो उन्होंने भी इस सोच का सम्मान किया। बिना दहेज, सादगी से हुआ विवाह 4 फरवरी 2025 को वह शुभ दिन आया, जब आशीष ने आशा के साथ बिना किसी दहेज के विवाह कर समाज में एक सशक्त संदेश दिया कि ‘बिना दहेज के भी विवाह संभव है।’ दहेज लेना और देना दोनों ही कानूनन अपराध हैं, लेकिन इसके बावजूद आज भी बेटियों के पिता कर्ज के बोझ तले दब जाते हैं। आशीष का यह कदम न सिर्फ एक परिवार, बल्कि कई परिवारों के लिए प्रेरणा बन गया है। बहन न होने के बावजूद भी दहेज से इनकार आशीष दो भाइयों में से एक हैं और उनकी कोई बहन नहीं है। यानी यह तर्क भी नहीं दिया जा सकता कि उन्हें भविष्य में बहन की शादी के लिए दहेज देना पड़ेगा। इसके बावजूद उन्होंने दहेज के पूरी तरह विरोध का रास्ता चुना। यह दिखाता है कि दहेज विरोध सिर्फ मजबूरी नहीं, बल्कि सोच और संस्कार का विषय है। समाज में मिली सराहना आशीष, उनके माता-पिता और पूरे परिवार के इस निर्णय की समाज के सभी वर्गों ने खुले दिल से सराहना की है। लोगों का कहना है कि यदि हर सरकारी कर्मचारी और शिक्षित युवा ऐसा संकल्प ले, तो दहेज जैसी कुप्रथा अपने आप समाप्त हो सकती है। आज जब लोग सरकारी नौकरी को दहेज कमाने का साधन बना चुके हैं, ऐसे समय में आशीष कुमार बैरवा ने सिर्फ सवा रुपये में विवाह कर यह साबित कर दिया कि बदलाव की शुरुआत एक व्यक्ति से भी हो सकती है।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 1:03 pm

नालंदा के 5 निजी कॉलेजों पर शिकंजा:स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में गड़बड़ी की आशंका; शिक्षा विभाग ने 10 फरवरी तक मांगा जांच रिपोर्ट

बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी की आशंका के बाद शिक्षा विभाग ने 13 जिलों के 60 निजी कॉलेजों की जन्मकुंडली खंगालने का फैसला किया है। नालंदा जिले के पांच संस्थान भी इस जांच के दायरे में हैं। अप्रत्याशित रूप से बढ़ते आवेदनों और डाटा अपलोड में अनियमितता ने विभाग को चौकन्ना कर दिया है। 10 फरवरी तक रिपोर्ट देने का अल्टीमेटम जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) आनंद विजय ने बताया कि लेखा डीपीओ की अगुआई में पांच सदस्यीय जांच टीम गठित की जाएगी, जो संस्थानों की धरातलीय हकीकत से लेकर कागजी जांच तक सूक्ष्मता से करेगी। हर हाल में 10 फरवरी तक जांच प्रतिवेदन योजना के राज्य प्रभारी पदाधिकारी मोहम्मद नसीम अहमद को सौंपना अनिवार्य किया गया है। विभाग ने स्पष्ट कर दिया है कि जांच में सहयोग न करने या रिपोर्ट देरी से देने पर संबंधित संस्थानों के आवेदक छात्र-छात्राओं को योजना के लाभ से वंचित कर दिया जाएगा। इतना ही नहीं, ऐसे संस्थानों की मान्यता पर भी खतरा मंडरा सकता है। लक्ष्य से 121 फीसदी आवेदन, लेकिन कुछ संस्थानों में संदिग्ध बढ़ोतरी डीईओ आनंद विजय ने बताया कि बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत जिला निबंधन सह परामर्श केंद्रों पर शैक्षणिक सत्र 2024-25 में वार्षिक लक्ष्य से 117 प्रतिशत, जबकि सत्र 2025-26 में 121 प्रतिशत आवेदन प्राप्त हुए हैं। यह आंकड़ा सकारात्मक लग सकता है, लेकिन चिंता की बात यह है कि कुछ चिह्नित संस्थानों में आवेदकों की संख्या अप्रत्याशित और संदिग्ध रूप से बढ़ी है। इससे यह आशंका पैदा हुई है कि कुछ निजी संस्थान योजना का बेजा इस्तेमाल कर रहे हैं या फर्जी आवेदन दाखिल करवा रहे हैं। यह योजना उच्च और तकनीकी शिक्षा ग्रहण करने वाले छात्रों को आर्थिक सहायता देने के उद्देश्य से शुरू की गई थी, ताकि धन की कमी शिक्षा में बाधा न बने। लेकिन अब इसमें गड़बड़ी की आशंका ने विभाग को कड़ी कार्रवाई के लिए मजबूर कर दिया है। पांच सदस्यीय टीम करेगी जांच जांच के लिए जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (लेखा) की अध्यक्षता में विशेष समिति गठित की गई है। इस समिति में डीआरसीसी (जिला निबंधन सह परामर्श केंद्र) के प्रबंधक, सहायक प्रबंधक और बिहार राज्य वित्त निगम के अधिकारी सदस्य के रूप में शामिल होंगे। जांच टीम निम्नलिखित बिंदुओं पर विशेष ध्यान देगी भौतिक सत्यापन: संस्थान वास्तव में संचालित है या केवल कागजों पर मौजूद है? वैधानिक अनुमति: राज्य सरकार से एनओसी (अनापत्ति प्रमाण पत्र) मिला है या नहीं। पाठ्यक्रम और नामांकन: सत्रवार पाठ्यक्रम, कुल आवंटित सीटें और वास्तविक नामांकन की स्थिति। संबद्धता दस्तावेज: विश्वविद्यालय से संबद्धता संबंधी सभी कागजात की जांच। शुल्क संरचना: शैक्षणिक शुल्क की पारदर्शिता। बुनियादी ढांचा: कक्षा, पुस्तकालय, प्रयोगशाला, कंप्यूटर लैब, सेमिनार हॉल, प्रशासनिक भवन की विस्तृत जानकारी। उपस्थिति रिकॉर्ड: छात्रों की नियमित उपस्थिति का सत्यापन। शिक्षक योग्यता: स्थायी और अस्थायी शिक्षकों की योग्यता और संख्या। गैर-शैक्षणिक स्टाफ: कर्मचारियों की वास्तविक संख्या। जियो-टैगिंग: भवन, कक्षाओं, कैंटीन की जियो टैग तस्वीरें लेना। छात्र प्रतिक्रिया: छात्रों का सीधा फीडबैक लेना। वेबसाइट: संस्थान की वेबसाइट की कार्यशील स्थिति। किन जिलों के कितने संस्थान जांच के दायरे में पटना में सबसे ज्यादा 28 संस्थानों की जांच होगी। नालंदा के 5, मुजफ्फरपुर, गया और वैशाली के 4-4, पूर्वी चंपारण और औरंगाबाद के 4-4, बेगूसराय के 2, तथा अररिया, सीवान, जमुई, पूर्णिया और सीतामढ़ी के 1-1 संस्थान जांच के दायरे में आए हैं। जांच के दायरे में नालंदा के ये 5 संस्थान निभा इंस्टीट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल साइंस गौतम इंस्टीट्यूट ऑफ नर्सिंग एंड पैरामेडिक्स आरएल पॉलिटेक्निक कॉलेज केके विश्वविद्यालय डीपी सिंह इंस्टीट्यूट ऑफ एजुकेशन

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 9:31 am

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड की प्राइवेट स्कूल्स को सख्त चेतावनी:इंटरप्रन्योर प्रोजेक्ट के तहत आईडिया सब्मिट नहीं किया तो रुकेगा बोर्ड रिजल्ट

पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड (PSEB) से एफिलएिटेड व एसोसिसएटेड स्कूल प्रिंसिपलों ने पंजाब सरकार के इंटरप्रन्यौर प्रोजेक्ट को गंभीरता से नहीं लिया। ज्यादातर स्कूल प्रिंसिपलों ने प्रोजेक्ट के तहत अपने बिजनेस आइडिया विभाग को नहीं भेजे। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के सेक्रेटरी ने प्राइवेट स्कूल प्रिंसिपलों को नोटिस जारी कर सख्त चेतावनी दी है। बोर्ड स्कूल प्रिंसिपलों को साफ कह दिया कि जिसने बिजनेस आइडिया सब्मिट नहीं किए उन स्कूलों के स्टूडेंट्स का बोर्ड रिजल्ट रोक दिया जाएगा। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इंटरप्रन्योर प्रोजेक्ट के तहत सभी स्कूल प्रिंसिपल से बिजनेस आइडिया मांगे थे ताकि उन आइडियाज को स्टूडेंट्स के साथ शेयर करके उन्हें इंटरप्रन्योर बनने के लिए प्रेरित किया जा सके। स्कूल प्रिंसिपल को दिया लास्ट चांस पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने एफिलिएटेड व एसाेसिएटेड स्कूल प्रिंसिप्लस को कहा है कि 9 फरवरी तक सभी स्कूल्स प्रिंसिपल्स से स्टूडेंट्स से बिजनेस आईडिया बोर्ड को भेज दें। रजिस्ट्रेशन की प्रक्रिया और निर्देश बोर्ड ने तकनीकी सुविधा के लिए एक व्हाट्सएप नंबर जारी किया है। स्कूलों को निर्देश दिया गया है कि वे व्हाट्सएप नंबर +91 9513477756 पर संदेश भेजकर खुद को रजिस्टर करें। प्रत्येक संस्थान के लिए कम से कम एक आइडिया सबमिट करना अनिवार्य है। स्कूल प्रिंसिपलों को ऑनलाइन ही सारी जानकारी देनी होगी। क्यों लिया गया यह कड़ा फैसला? पंजाब सरकार और शिक्षा बोर्ड का मुख्य उद्देश्य छात्रों में इंटरप्रन्योर यानी बिजनेस माइंडसेट विकसित करना है। बोर्ड का मानना है कि केवल किताबी ज्ञान पर्याप्त नहीं है, छात्रों को भविष्य की चुनौतियों के लिए तैयार करने हेतु इस प्रोजेक्ट में उनकी भागीदारी अनिवार्य है। इस आदेश को गंभीरता से लें स्कूल प्रिंसिपल पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने स्कूल प्रिसंपल को नोटिस में स्पष्ट कहा गया है कि स्कूलों की लापरवाही का सीधा असर स्टूडेंट्स के शैक्षणिक भविष्य पर पड़ेगा, इसलिए इसे 'अति जरूरी' श्रेणी में रखा गया है। प्रशासनिक कार्रवाई की तैयारी नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों पर केवल रिजल्ट रोकने तक ही कार्रवाई सीमित नहीं रहेगी। बोर्ड ने संकेत दिया है कि निर्देशों की अवहेलना करने वाले स्कूलों के खिलाफ सख्त प्रशासनिक कार्रवाई भी की जा सकती है। महत्वपूर्ण बिंदु अंतिम तिथि: 09 फरवरी 2026 अनिवार्यता: कम से कम 1 बिजनेस आइडिया संपर्क माध्यम: व्हाट्सएप (+91 9513477756) कार्रवाई : 10वीं और 12वीं का रिजल्ट रुक सकता है और प्रशासनिक कार्रवाई हो सकती है। चेयरमैन करेंगे स्कूलों के साथ ऑनलाइन मीटिंग पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन अमरजीत सिंह हर जिले के स्कूल प्रिंसिपलों के साथ ऑनलाइन मीटिंग करेंगे। लुधियाना जिले के प्रिंसिपलों के साथ आज मीटिंग होगी मीटिंग में ग्यारहवीं क्लास के इंटरप्रन्योर सब्जेक्ट से संबंधित दिशा निर्देश दिए जाएंगे। अब नौकरी मांगने वाले नहीं, नौकरी देने वाले बनेंगे छात्र पंजाब सरकार ने प्रदेश के युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने की दिशा में एक बड़ी पहल करते हुए सरकारी स्कूलों में ‘इंटरप्रन्योरशिप’ को एक मुख्य विषय के रूप में शामिल किया है। मुख्यमंत्री भगवंत मान की अगुवाई में शुरू हुए इस प्रोजेक्ट का उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक रटंत विद्या से बाहर निकालकर उन्हें “बिजनेस माइंडसेट देना है। कैसे काम करता है यह प्रोजेक्ट? स्कूलों में 11 वीं 12 वीं के स्टूडेंट्स की टीमें बनाई जाती हैं। प्रत्येक टीम को एक यूनिक बिजनेस आइडिया सोचना होता है। सरकार इन छात्रों को प्रति छात्र 2,000 रुपये की 'सीड मनी' देती है ताकि वे अपना छोटा स्टार्टअप शुरू कर सकें। टीचर यहां 'बिजनेस कोच' की भूमिका निभाते हैं, जो छात्रों को बाजार के उतार-चढ़ाव और प्रबंधन की शिक्षा देते हैं। बिना परीक्षा का तनाव, प्रैक्टिकल पर जोर इस विषय की सबसे बड़ी खासियत यह है कि इसमें कोई पारंपरिक लिखित परीक्षा नहीं होती। छात्रों का मूल्यांकन उनके प्रोजेक्ट, टीम वर्क और उनके द्वारा बनाए गए मॉडल या प्रोटोटाइप के आधार पर किया जाता है। इसमें छात्र खुद का मूल्यांकन और अपने साथियों का मूल्यांकन भी करते हैं, जिससे उनमें नेतृत्व और निर्णय लेने की क्षमता विकसित होती है। इस प्रोजेक्ट की मुख्य विशेषताएं: जॉब क्रिएटर मानसिकता: इसका उद्देश्य बच्चों को केवल नौकरी ढूंढने वाला नहीं, बल्कि नौकरी देने वाला बनाना है। सीड मनी : सरकार हर छात्र को अपना छोटा बिजनेस आइडिया शुरू करने के लिए 2,000 रुपये की शुरुआती राशि देती है। व्यावहारिक अनुभव: यह किताबी पढ़ाई से अलग है। इसमें छात्र खुद ग्रुप बनाते हैं, मार्केट रिसर्च करते हैं और अपना प्रोडक्ट या सर्विस बेचकर मुनाफा कमाना सीखते हैं। परीक्षा का कोई बोझ नहीं: इस विषय की कोई लिखित परीक्षा नहीं होती। छात्रों को उनके प्रोजेक्ट के प्रदर्शन और उनकी सीखने की प्रक्रिया के आधार पर ग्रेड दिए जाते हैं। कौशल विकास: इस प्रोजेक्ट के जरिए छात्र टीम वर्क, रिस्क लेना, बजट बनाना और पब्लिक स्पीकिंग जैसे जरूरी जीवन कौशल सीखते हैं।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 5:34 am

समग्र सेवा संस्था: बालिकाओं की शिक्षा के लिए करेगी कार्य

बांका | समग्र सेवा संस्था बिहार राज्य के अलग अलग जिलों के सुदूर क्षेत्रों में विगत 25 वर्षों से शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, कृषि, आजीविका, बाल संरक्षण के विभिन्न मुद्दों पर जन जागरूकता पर समाज के साथ मिलकर कार्य करते हुए आ रही है। इस कड़ी को आगे बढ़ाते हुए समग्र सेवा बांका जिला में बालिका शिक्षा पर कार्य करने जा रही है, जिसके अंतर्गत जिला के सात प्रखंड क्रमशः बांका सदर, कटोरिया, चांदन, बौसी, धोरैया, फुल्लीडुमर एवं शंभूगंज को चयनित किया गया है। इन क्षेत्रों में फील्ड कोऑर्डिनेटर को चयनित कर दो दिवसीय प्रशिक्षण दी गई है, जिनका मुख्य उद्देश्य 6 से 14 वर्ष की अनामांकित एवं ड्रापआउट बालिकाओं को चिह्नित कर विद्यालय में नामांकन और उनका ठहराव सुनिश्चित करना है।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 4:04 am

योग और पंचमुखी शिक्षा से बच्चों को शिक्षित कर उन्हें राष्ट्र उपयोगी बनाना उद्देश्य: जैन

भास्कर संवाददाता|गुना एकल अभियान मध्य भारत संभाग चंबल भाग केंद्र की समीक्षा बैठक गुरुवार को अंचल कार्यालय गुना पर संपन्न हुई। इसमें डबरा, मुरैना, श्योपुर, शिवपुरी, गुना एवं बरेली (रायसेन) से अंचल अभियान प्रमुख एवं अंचल कार्यालय प्रमुख उपस्थित रहे। बैठक में मुख्य अतिथि एकल अभियान प्रभाग पी 7जागरण शिक्षा प्रभारी विकास जैन नखराली, महिला भाग समिति अध्यक्ष आशा रघुवंशी, चंबल भाग अभियान प्रमुख धर्मवीर सिंह गुर्जर, चंबल भाग प्रशिक्षण प्रमुख विजय सिंह आदिवासी, चंबल भाग गतिविधि प्रमुख नारायण सिंह मीणा, चंबल भाग कार्यालय प्रमुख विजय सिंह सहरिया मंचासीन रहे ओर उन्होंने कार्यकर्ताओं का मार्गदर्शन कर संगठन विस्तार के मंत्र दिए। बैठक में जनवरी माह के कार्यों की समीक्षा की गई एवं आगामी कार्यक्रमों पर विस्तृत चर्चा हुई। जागरण शिक्षा प्रभारी जैन ने कहा कि एकल अभियान के कार्य विस्तार के लिए सभी अंचल समिति एवं संच समिति सहित हमारे आचार्य पूर्ण रूप से एकल का कार्य पूर्ण समर्पण भाव से करते हुए पंचमुखी शिक्षा को गांव गांव में पहुंचाकर ग्रामीणों को इसके लाभ से अवगत कराना है। प्रतिदिन नियमित विद्यालय लगे ओर हमारे कार्यकर्ताओं का अधिक से अधिक प्रवास हो। साथ ही विद्यालय पर की जाने वाली गतिविधि जिसमें खेल प्रतियोगिताएं, योग ओर पंचमुखी शिक्षा से बच्चों को शिक्षित कर उन्हें राष्ट्र उपयोगी बनाते हुए बच्चों का सर्वांगीण विकास करना ही एकल का उद्देश्य है।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 4:02 am

शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 65 वर्ष करें, संघ की सीएम-शिक्षा मंत्री से मांग

छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने शिक्षकों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 65 वर्ष किए जाने की मांग की है। एसोसिएशन ने इस संबंध में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय और शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव को पत्र लिखा है। प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि शिक्षक रचनात्मक, बौद्धिक और निरंतर अध्ययनशील रहते हैं। इसलिए उनकी सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा बढ़ाना आवश्यक है। पहले जब शासकीय कर्मियों की सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 60 वर्ष थी, तब शिक्षकों की सेवानिवृत्ति आयु 62 वर्ष थी। अब शासकीय कर्मचारियों की भी सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा 62 वर्ष हो गई है। ऐसे में शिक्षकों को 65 वर्ष तक सेवा में रहने का अवसर मिलना चाहिए। शर्मा ने कहा कि एलबी संवर्ग के कई शिक्षक पेंशन से वंचित रह जाते हैं। सेवानिवृत्ति की उम्र सीमा बढ़ाने से इस समस्या का समाधान हो जाएगा। दूसरी ओर शिक्षकों के अनुभव का लाभ विद्यार्थियों को मिलेगा।

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 4:00 am

यातायात-शिक्षा में समृद्ध पतासंग में नल जल व सिंचाई का संकट

रहुई प्रखंड के उस पंचायत की जहां की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर आश्रित है। यातायात सुविधाओं के मामले में पतासंग पंचायत समृद्ध है। पंचायत के गांव से एनएच 20, एसएच 78 और रेल लाइन होकर गुजरी है। सभी गांव में पक्की सड़क की सुविधा है। थोड़ी बहुत समस्या सिर्फ खेतों की सिंचाई और घरों तक नल जल का जल नहीं पहुंचने की है। 9 गांव वाले पंचायत में कुल 13 वार्ड है। पंचायत के 9 गांव में पतासंग, डिहरा, बड़की गोवरिया, कादीबीघा, धमासंग, अमरपुर, बंडोह, शाहपुर और छोटकी शामिल गोवरिया है। राजस्व गांव डिहरा, पतासंग, कादीबीघा, गोवरिया है। जबकि छोटकी गोवरिया, शाहपुर, अमरपुर, धमासंग प्रमुख टोले हैं। शिक्षा की दृष्टिकोण से भी पंचायत में सुविधाओं की कमी नहीं है। यहां एक प्लस-2 विद्यालय, एक मध्य विद्यालय और सात प्राथमिक विद्यालय है। सभी विद्यालयों तक पहुंचने के लिए आवागमन की समुचित व्यवस्था है। सभी 13 वार्डों में आंगनबाड़ी केन्द्र है। जिसमें एक निजी मकान में संचालित हो रहा है। डिहरा गांव में पंचायत सरकार भवन निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। मार्च 2026 के बाद पंचायत सरकार भवन में कार्य शुरू होने की संभावना है। सिंचाई की सरकारी सुविधा नहीं, बंद है पांच ट्यूबवेल : ग्रामीण सह पैक्स अध्यक्ष संतोष कुमार बताते हैं कि पंचायत की 70 प्रतिशत आबादी कृषि पर आश्रित है। बावजूद इसके सरकारी स्तर पर सिंचाई की सुविधा नहीं है। पंचायत के डिहरा गांव में 2, कादीबीघा में 1, बंडोह में 2 सरकारी ट्यूबवेल है। वर्तमान में सभी बंद पड़ा है। किसान निजी संसाधन से खेतों की सिंचाई करते हैं। हालांकि पंचाने नदी में डिहरा गांव के पास बराज का निर्माण कार्य अंतिम चरण में है। बराज में शटर लग जाने के बाद कुछ हद तक सिंचाई की समस्या खत्म हो जाएगी। { कनेक्टिविटी- सड़क मार्ग से बाइक, बस, ऑटो सहित सभी तरह के वाहन, ट्रेन। { धार्मिक स्थल- कादीबीघा में काली मंदिर और तालाब जिला मुख्यालय से दूरी- 10 किलोमीटर

दैनिक भास्कर 6 Feb 2026 4:00 am

विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम किए प्रस्तुत:शिक्षा और खेलकूद गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले स्टूडेंट सम्मानित

पोसालिया कस्बे के गवर्नमेंट हायर सेकेंडरी स्कूल परिसर में 'स्पंदना 2025-26' वार्षिकोत्सव एवं विदाई समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि रविंद्र सिंह और विशिष्ट अतिथि शिवगंज के मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जबर सिंह राव थे। इस अवसर पर ग्राम पंचायत पोसालिया की उपसरपंच अंशी देवी, वीरेंद्र मीणा, प्रताप राम गर्ग और प्रवीण सिंह राव भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ सरस्वती पूजन और अतिथियों के माल्यार्पण से हुआ। वार्षिकोत्सव के दौरान विद्यार्थियों ने रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। शैक्षिक, सहशैक्षिक और खेलकूद गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कार देकर प्रोत्साहित किया गया। मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी जबर सिंह राव ने बोर्ड परीक्षार्थियों को परीक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए मार्गदर्शन दिया। प्रधानाचार्य शशि चौरडिया ने भी बोर्ड परीक्षा में अच्छे अंक प्राप्त करने के तरीके बताए। इस दौरान कक्षा 12 के विद्यार्थियों ने अपने अनुभव साझा किए। प्रधानाचार्य ने विद्यालय में श्रेष्ठ कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। इस अवसर पर अभिभावक, पूर्व विद्यार्थी और विद्यालय के उप प्रधानाचार्य जैसाराम मीणा, कांतिलाल माली, वार्षिकोत्सव प्रभारी मनोज कुमार मीणा, मंच संचालक भरत सिंह, नरेन्द्र सिंह जोधा, प्रदीप कुमार, चंद्रकांत दवे, हरीश कुमार, जितेंद्र सिंह, कन्हैयालाल मीणा, रामदेव, मंजू गोस्वामी, स्वाति साहू, मुक्त वैष्णव, मंजू मीणा, जगराम कुम्हार, भगवान राम मेघवाल, गणेश राम मीणा, नरेंद्र सिंह चौहान, पारसमल, कुसुम और रामलाल सहित ग्रामीण उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 7:39 pm

आगरा कॉलेज में लगा रोजगार मेला:1400 छात्रों को मिला काम, हजारों छात्रों ने लिया भाग, उच्च शिक्षा मंत्री ने किया उद्घाटन

क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय और आगरा कॉलेज के संयुक्त आयोजन में नवनिर्मित आचार्य गंगाधर शास्त्री मंडपम परिसर में आयोजित एक दिवसीय मंडल स्तरीय वृहद रोजगार मेले में लगभग 1400 छात्रों को रोजगार मिलने की खुशखबरी मिली। इस निःशुल्क रोजगार मेले में आगरा मंडल के विभिन्न जिलों से हजारों छात्र-छात्राओं ने भाग लिया और निजी क्षेत्र की 40 से अधिक प्रतिष्ठित कंपनियों के माध्यम से सीधे साक्षात्कार दिए गए। रोजगार मेले में कुल लगभग 3200 खाली पदों के लिए चयन प्रक्रिया आयोजित की गई। मेले में छात्र-छात्राओं के लिए ₹8,000 से ₹40,500 तक मासिक वेतन वाले रोजगार अवसर उपलब्ध कराए गए। कार्यक्रम का उद्घाटन उत्तर प्रदेश सरकार के उच्च शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने फीता काटकर और मां सरस्वती के चित्र के समक्ष दीप प्रज्वलन कर किया। NCC कैडेट्स ने उन्हें सलामी दी। कार्यक्रम की अध्यक्षता आगरा कॉलेज के प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने की, जबकि संचालन प्रो. शेफाली चतुर्वेदी ने किया। सेवायोजन विभाग के सहायक निदेशक चंद्रचूड़ दुबे ने बताया कि वर्ष 2020 से रोजगार मिशन के अंतर्गत इस प्रकार के रोजगार मेलों का आयोजन किया जा रहा है और अभ्यर्थियों से किसी भी प्रकार का शुल्क नहीं लिया जाता। राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के प्रांत प्रचारक दिनेश जी ने युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि केंद्र और राज्य सरकार के प्रयासों से रोजगार सृजन की मजबूत व्यवस्था बनी है, जिससे युवाओं को रोजगार के साथ स्वरोजगार के अवसर भी मिल रहे हैं। मुख्य अतिथि मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने कहा कि शिक्षा के साथ रोजगार उपलब्ध कराना सरकार की प्राथमिकता है और प्रदेश सरकार “हर हाथ को रोजगार” के संकल्प के साथ लगातार कार्य कर रही है। उन्होंने छात्रों से अपील की कि वे इस अवसर का अधिकतम लाभ उठाएं और अपने उज्ज्वल भविष्य की दिशा में कदम बढ़ाएं। कार्यक्रम के समापन पर अतिथियों को स्मृति-चिह्न प्रदान किए गए। प्राचार्य प्रो. सी. के. गौतम ने कहा कि ऐसे आयोजन युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने में मददगार हैं। इस अवसर पर समाजसेवी हितेश लवानिया ने आगरा कॉलेज को 5000 पौधे भेंट किए, जिनका वृक्षारोपण कॉलेज परिसर में शुरू कर दिया गया है। रोजगार मेले में सेवायोजन विभाग के अधिकारी, विभिन्न जिलों के रोजगार अधिकारी, आगरा कॉलेज के उप-प्राचार्य, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:41 pm

रामानुजगंज शिक्षा कार्यालय में कर्मचारियों की अनुपस्थिति पर उठे सवाल:26 में से 4-5 कर्मचारी उपस्थित, अधिकांश अनुपस्थित, दूरदराज से आने वाले परेशान

रामानुजगंज में जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वर्ष 1976 से संचालित इस कार्यालय में कुल 26 कर्मचारी पदस्थ हैं, लेकिन ग्रामीणों का आरोप है कि रोजाना केवल चार से पांच कर्मचारी ही उपस्थित रहते हैं। अधिकांश कर्मचारियों की अनुपस्थिति के कारण विभागीय कार्य बुरी तरह प्रभावित हो रहे हैं। कार्यालय की लगभग सभी शाखाओं की कुर्सियां खाली पड़ी रहती हैं। दूर-दराज से आने वाले शिक्षक, अभिभावक और आम नागरिक अपनी समस्याओं के समाधान के लिए घंटों इंतजार करते हैं, लेकिन संबंधित कर्मचारी के न मिलने पर उन्हें निराश होकर लौटना पड़ता है। समाजसेवी विकाश दुबे ने बताया कि इस गंभीर स्थिति को लेकर जनप्रतिनिधियों ने कई बार कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने की मांग की है। मौखिक और लिखित शिकायतें भी की गईं, लेकिन इसका कोई ठोस असर नहीं हुआ। पूर्व में कर्मचारियों की मनमानी और अनुपस्थिति के खिलाफ आंदोलन भी किए गए थे, परंतु कार्यालय की स्थिति में कोई खास सुधार नहीं हो सका। स्थानीय लोगों का कहना है कि समय पर फाइलों का निपटारा न होना, नियुक्ति, वेतन, स्थानांतरण और शैक्षणिक योजनाओं से जुड़े कार्य लंबित पड़े रहना अब आम बात हो गई है। लोग अब केवल आश्वासन नहीं, बल्कि ठोस कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। प्रशासन से आग्रह किया गया है कि कर्मचारियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित की जाए और लापरवाही बरतने वालों पर सख्त कदम उठाए जां, ताकि जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय अपनी जिम्मेदारियों का सही तरीके से निर्वहन कर सके।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 6:40 pm

यूनुस खान ने राज्यपाल अभिभाषण पर सरकार को घेरा:रोजगार, शिक्षा, निष्क्रान्त भूमि और पेयजल संकट पर उठाए सवाल

राजस्थान विधानसभा के 16वीं विधानसभा के पंचम सत्र में राज्यपाल के अभिभाषण पर हुई चर्चा के दौरान डीडवाना विधायक यूनुस खान ने प्रदेश के युवाओं के रोजगार, शिक्षा व्यवस्था, कस्टोडियन (निष्क्रान्त) भूमि और पेयजल-सीवरेज जैसी ज्वलंत समस्याओं को प्रमुखता से उठाया। उन्होंने इन मुद्दों पर सरकार को कटघरे में खड़ा किया। सदन में बोलते हुए विधायक खान ने कहा कि राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े के अभिभाषण में प्रस्तुत आंकड़े यदि विभागीय समन्वय और गहन अध्ययन के साथ तैयार किए जाते तो वे अधिक स्पष्ट और विश्वसनीय होते। उन्होंने 31 जनवरी 2025 और 28 जनवरी 2026 के अभिभाषणों का तुलनात्मक अध्ययन प्रस्तुत करते हुए रोजगार सृजन, भर्तियों, विभागीय रिपोर्टों और विधानसभा में दिए गए उत्तरों के आंकड़ों में विसंगतियों की ओर ध्यान दिलाया। उन्होंने सरकार के सकारात्मक प्रयासों का स्वागत करते हुए तथ्यों की प्रस्तुति में पारदर्शिता और सटीकता की आवश्यकता पर जोर दिया। शिक्षा पर चर्चा करते हुए विधायक ने राजस्थान की साक्षरता दर को चिंताजनक बताया। उन्होंने सरकारी और निजी विद्यालयों के विद्यार्थियों के आंकड़ों में भारी असमानता का मुद्दा उठाया और मांग की कि निजी विद्यालयों में पढ़ने वाले विद्यार्थियों को भी सरकारी योजनाओं का समान लाभ मिलना चाहिए। उच्च शिक्षा क्षेत्र में शिक्षकों की कमी, विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों से जुड़े आंकड़ों में असंगति तथा युवाओं के लिए स्पष्ट रोजगार नीति के अभाव पर भी उन्होंने चिंता व्यक्त की। चर्चा के दौरान यूनुस खान ने कस्टोडियन (निष्क्रान्त) भूमि के लंबे समय से लंबित मुद्दे को भी प्रमुखता से उठाया। उन्होंने बताया कि 2008 में संबंधित कानून निरस्त होने के बाद यह भूमि सिवायचक घोषित हो गई थी, जिस पर वर्षों से गरीब परिवार निवास और खेती कर रहे हैं। उन्होंने सरकार से नया कानून लाकर ऐसे परिवारों को विधिसम्मत भूमि आवंटन कर स्थायित्व प्रदान करने की मांग की। पेयजल संकट पर बोलते हुए विधायक खान ने कहा कि जल जीवन मिशन के अंतर्गत फेस-2, सीडीएस-03 योजना में शामिल 240 ढाणियों और 34 गांवों के टेंडर पर 2022 से निर्णय लंबित है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों में पानी की समस्या बनी हुई है। उन्होंने यह भी बताया कि डीडवाना शहर के लिए अमृत 2.0 योजना का कार्य आदेश भी लंबित है। इसके अलावा, सीवरेज व्यवस्था खराब होने से शहर में जलभराव और रिवर्स फ्लो जैसी समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं। अंत में विधायक ने सरकार से इन सभी जनहित के मुद्दों पर शीघ्र और ठोस कार्रवाई करने की मांग की, ताकि ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के लोगों को राहत मिल सके।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 5:55 pm

वीएमओयू में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 तक बढ़ी:महिलाओं-बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा, ऑनलाइन सामग्री पर 15% छूट

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू), कोटा ने जनवरी 2026 सत्र के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक बढ़ा दी है। पहले यह तिथि 31 जनवरी निर्धारित थी। यह जानकारी अध्ययन केंद्र राजकीय बांगड़ महाविद्यालय, डीडवाना की प्राचार्य एवं मुख्य समन्वयक डॉ. मनीषा गोदारा ने दी। डॉ. गोदारा ने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी अब विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कार्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे। विश्वविद्यालय का एआईसीटीई व यूजीसी से मान्यता प्राप्त दो वर्षीय एमबीए पाठ्यक्रम भी प्रवेश के लिए उपलब्ध है। राजस्थान सरकार की दूरस्थ बालिका शिक्षा योजना के तहत छात्राओं और महिलाओं को विश्वविद्यालय के किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर शुल्क वापसी का प्रावधान है, जिससे वे निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, एससी/एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के माध्यम से शुल्क वापसी की सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय ऑनलाइन पाठ्य सामग्री का विकल्प चुनने पर 15 प्रतिशत शुल्क छूट भी दे रहा है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 1:35 pm

राज-सीईएस कॉलेजों में संविदा नियुक्ति प्रक्रिया रोकने की मांग की:राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर टीचर्स ने उठाए सवाल, पुनर्संरचना की मांग की

कोटपूतली में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (उच्च शिक्षा) की इकाई राजकीय एलबीएस पी.जी. कॉलेज ने राज-सीईएस महाविद्यालयों की वर्तमान संकल्पना और संचालन व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया। प्राध्यापकों ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर और प्ले-कार्ड्स के माध्यम से अपनी मांगों को उठाया। महासंघ का कहना है कि राज-सीईएस योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का मौजूदा स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के विपरीत है। इन संस्थानों में स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव, अपर्याप्त अधोसंरचना और संसाधनों की कमी है। शोध और नवाचार की संभावनाओं की कमी व संविदा एवं अस्थायी नियुक्तियों पर आधारित अध्यापन व्यवस्था राज्य की उच्च शिक्षा को गुणवत्ता, बहुविषयकता और अकादमिक निरंतरता से दूर ले जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर टीचर्स ने उठाए सवाल महासंघ ने बताया- सत्र 2020-21 से 2022-23 के बीच राज-सीईएस योजना के तहत 303 नए महाविद्यालय खोले गए थे। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सत्र 2023-24 और 2024-25 में 71 अतिरिक्त राज-सीईएस महाविद्यालय खोले जा चुके हैं, जिससे इनकी कुल संख्या 374 हो गई है। इनमें से लगभग 260 राज-सीईएस महाविद्यालयों में आज भी एक भी स्थायी फैकल्टी मेंबर कार्यरत नहीं है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विधानसभा चुनाव-2023 के बाद गठित राज्य सरकार द्वारा राज-सीईएस महाविद्यालयों और विषयों के संचालन के संबंध में गठित सोडाणी समिति की सिफारिशें अब तक न तो सार्वजनिक की गई हैं और न ही लागू की गई हैं। महासंघ ने भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 के माध्यम से राज-सीईएस नियम-2023 में परिवर्तन कर पांच वर्षों के लिए 28,500 रुपए के नियत वेतन पर संविदा टीचिंग एसोसिएट और अशैक्षणिक पदों की चयन प्रक्रिया शुरू करने के प्रयास पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। टीचर्स ने रखी ये मांगे महासंघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि राज-सीईएस महाविद्यालयों के संबंध में गठित सोडाणी समिति की सिफारिशों को तुरंत लागू किया जाए। साथ ही, राज्य में संचालित सभी राज-सीईएस महाविद्यालयों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों के रूप में संचालित करने के स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं और संविदा नियुक्तियों की प्रस्तावित चयन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 12:49 pm

BPSC कैलेंडर से क्यों गायब हुई TRE-4 की भर्ती:शिक्षा मंत्री ने समय से रिकमेंडेशन नहीं भेजा, हर बार एक ही बयान, जल्द होगी बहाली

पहले शिक्षा मंत्री सुनील कुमार 2 बयान पढ़िए… 22 सितंबर 2025- “TRE-4 में 26 हजार से ज्यादा पदों के लिए वैकेंसी निकाली जाएगी। अगले 4 से 5 दिन के भीतर रिक्तियां BPSC को भेज दी जाएंगी। इसके बाद अगर सीटें बचती हैं तो उन्हें TRE-5 में जोड़ा जाएगा।” 9 दिसंबर 2025- “हम अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाते हैं कि जनवरी के बाद TRE की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।” यह तो मंत्री के दावे थे, लेकिन क्या ऐसा हुआ? जवाब है- नहीं..। भर्ती अभी फाइलों में ही अटकी है। अगले एक साल तक बहाली होने की गुंजाइश कम है। दो साल से टीचरों की बहाली कहां अटकी है? मंत्री क्या झूठ बोल रहे हैं? कब आएगी बहाली? भास्कर की खास रिपोर्ट में पढ़ें…। BPSC के कैलेंडर में TRE-4 का जिक्र नहीं ऐसा इसलिए क्योंकि 2 फरवरी को BPSC ने 2026 में होने वाली अपनी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया। इसमें TRE-4 का जिक्र तक नहीं है। भास्कर ने 4 फरवरी को शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से बात की। हमने सीधे पूछा कि TRE-4 BPSC कैलेंडर में क्यों नहीं है? उन्होंने जवाब दिया, ‘मंगलवार की रात (3 फरवरी) TRE-4 का रोस्टर क्लियर कर सामान्य प्रशासन विभाग को रिक्तियां भेज दी हैं। जल्द बहाली होगी।’ मंत्री के दावों पर भास्कर ने सामान्य प्रशासन विभाग से संपर्क किया। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अफसर ने बताया, ‘शिक्षा विभाग ने अभी कोई अधियाचना (रिकमंडेशन) ही नहीं भेजी है।’ क्यों अटकी शिक्षकों की बहाली? शिक्षकों की बहाली क्यों अटक रही है? TRE- 4 की फाइल शिक्षा विभाग में कहां फंस गई है? भास्कर ने इसकी पड़ताल की। हमने बिहार लोक सेवा आयोग के सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने बात की। उन्होंने कहा, ‘अभी BPSC के पास बिहार सरकार की ओर से रिकमेंडेशन नहीं आई है। यही वजह है कि BPSC-2026 के कैलेंडर में इस परीक्षा की चर्चा नहीं की गई है। सरकार नोटिफिकेशन भेजती है तो इसे आयोग के परीक्षा कैलेंडर में शामिल किया जाएगा।’ अब जानिए क्या कहते हैं शिक्षा मंत्री सुनील कुमार हमने बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बात की। उन्होंने कहा, ‘नीतीश सरकार ने व्यापक स्तर पर स्कूलों में शिक्षकों की बहाली की है। TRE-1, TRE-2, TRE-3 के बाद TRE-4 की बहाली होनी है।’ मंत्री ने कहा, ‘इसके लिए सभी जिलों से वैकेंसी की डिटेल मांगी गई। बीच में सिस्टम चुनावी मोड में चला गया था। एक-दो जिलों से रोस्टर का मामला फंसा हुआ था, लेकिन वह भी क्लियर हो चुका है। रोस्टर में कुछ गड़बड़ी थी, जिसे ठीक कर लिया गया है।’ 27 हजार सीटों पर होगी बहाली अब तक की जानकारी के अनुसार, करीब 27 हजार सीटों पर TRE-4 के तहत शिक्षकों की बहाली आएगी। बिहार विधान मंडल के जॉइंट सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने जानकारी दी थी कि कितने पदों पर शिक्षकों की बहाली हुई है। हालांकि उन्होंने TRE-4 का जिक्र नहीं किया था। राज्यपाल ने कहा था, ‘पहले शिक्षकों की काफी कमी थी। 2006 में स्थानीय निकायों के माध्यम से 3 लाख 68 हजार शिक्षकों का नियोजन किया गया था। 2023 के बाद बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की गई है। इनमें से 28 हजार 976 नियोजित शिक्षक BPSC के माध्यम से सरकारी शिक्षक बन गए।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने तय किया कि नियोजित शिक्षकों को BPSC की परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। उन्हें मामूली परीक्षा लेकर सरकारी शिक्षक बनाया जाए, इसके लिए 5 मौके दिए। अब तक 4 परीक्षाओं का आयोजन हो चुका है, जिसमें 2 लाख 66 हजार नियोजित शिक्षक पास हो गए हैं। अब केवल 73 हजार शिक्षक बच गए हैं, जिन्हें एक मौका और दिया जाएगा। कुल मिलाकर सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार हो गई है।’ 3 फरवरी को पेश किए गए बिहार बजट 2026-27 में TRE- 4 का जिक्र किया गया है। कहा गया कि चौथे चरण में सरकारी प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है। 16 फरवरी को विधानसभा का घेराव करेंगे छात्र BPSC कैलेंडर (2026 में ली जाने वाली परीक्षाओं की लिस्ट) जारी हुई, लेकिन इसमें TRE- 4 नहीं है। इससे शिक्षक भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं में आक्रोश है। छात्र-छात्राओं ने बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। 16 फरवरी को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। पटना कॉलेज से छात्रों का हुजूम निकलेगा। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, BPSC के कैलेंडर में TRE-4 का कोई जिक्र नहीं है। इसलिए मैट्रिक व इंटर की परीक्षा के बाद आंदोलन किया जाएगा। सरकार चुनाव के पहले किए गए वादे से मुकर रही है। अभी बिहार विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। विपक्ष की तैयारी दोनों सदनों में शिक्षक भर्ती मामला उठाने की है। विपक्ष के नेता इसे नीतीश सरकार की चुनावी वादाखिलाफी बता रहे हैं। TRE-4 में पहली बार ऐसी व्यवस्था तीन चरणों में बिहार सरकार अब तक 2.5 लाख शिक्षकों की बहाली कर चुकी है। TRE-4 में पहली बार व्यवस्था होगी कि बिहार के युवाओं के लिए लगभग 85 फीसदी सीटें रिजर्व रहेंगी। 15 फीसदी सीटों पर दूसरे राज्य के निवासी और बिहार के वैसे लोग जिनकी मैट्रिक और इंटर की डिग्री दूसरे राज्यों की है, की भर्ती होगी। डोमिसाइल लागू होने पर बिहार के अधिक युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिल सकेगा। पहले की नियुक्तियों पर आरोप लगता रहा है कि बिहार से बाहर के युवाओं ने काफी सीटें ले लीं। खास तौर से यूपी के युवाओं ने काफी सीटों पर कब्जा कर लिया। नए नियम के तहत क्लास 5 तक के लिए शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत और अन्य कोटि में 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सिर्फ बिहार की महिला अभ्यर्थियों को दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:59 am

सुगम महोत्सव : शिक्षा और परिश्रम से ही सफलता, नशे से दूर रहने की सीख

टोंक| निजी शिक्षण संस्था की ओर से आयोजित सुगम महोत्सव में भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर सकारात्मक जीवन अपनाने की सीख दी। महोत्सव के दौरान बच्चों की ओर से प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारतीय संस्कृति, हमारी मिट्टी की महक और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने कहा कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। शिक्षा व्यक्ति के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसके माध्यम से ही मनुष्य का सर्वांगीण विकास संभव है। शिक्षा के प्रति संस्थान का समर्पण और स्टाफ की कड़ी मेहनत ही क्षेत्र के भविष्य को उज्ज्वल व सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने और कुछ बनने के लिए शिक्षा जरुरी है। विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर पढ़ाई करनी चाहिए, क्योंकि बिना लक्ष्य के मंजिल हासिल नहीं होती। संस्था निदेशक जितेंद्र चौधरी, जिला उपाध्यक्ष प्रधान काबरा, मीडिया प्रभारी कमलेश यादव, कजोड़ जाजड़ा, लालचंद चौधरी सहित संस्था के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:00 am

शिक्षा विभाग का मिशन स्टार्ट; शाला दर्पण पर दर्ज होगा स्मार्ट क्लास का टाइम-टेबल

उदयपुर | प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तकनीक आधारित पढ़ाई को प्रभावी बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने मिशन स्टार्ट के तहत नई गाइडलाइन जारी की है। अब डिजिटल ई-कंटेंट से कराई जा रही पढ़ाई का साप्ताहिक टाइम-टेबल शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज करना होगा। उद्देश्य उन विद्यालयों में शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखना है, जहां शिक्षकों के पद रिक्त हैं या शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं। ऐसे स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को हार्डडिस्क और अन्य डिजिटल संसाधनों से पढ़ा रहे हैं। जहां शिक्षक हैं, वहां भी कठिन विषयों को सरल बनाने के लिए ई-कंटेंट काम लेंगे। नया मॉड्यूल: अफसरों की ऑनलाइन नजर निर्देशों के अनुसार, स्कूल अपनी आवश्यकता के अनुसार समय-सारणी तैयार करेंगे और उसका प्रिंट नोटिस बोर्ड पर लगाएंगे। यह समय-सारणी हर शुक्रवार शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। शाला दर्पण पर इसके लिए नया मॉड्यूल बनाया गया है। स्कूल ‘विद्यालय-आईसीटी-साप्ताहिक स्मार्ट क्लास टाइम-टेबल’ पाथ से इसे अपडेट कर सकेंगे। उच्च अधिकारी मॉनिटरिंग रिपोर्ट (न्यू) सेक्शन से इसकी समीक्षा करेंगे। स्मार्ट क्लास का डेटा अब स्कूल स्तर पर जवाबदेही तय करने में भी उपयोग होगा। पोर्टल पर अपलोड किए गए टाइम-टेबल के आधार पर विभाग यह देख सकेगा कि डिजिटल कंटेंट का वास्तविक उपयोग हो रहा है या नहीं। डीईओ-माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत इस गतिविधि को प्राथमिकता दी है, ताकि शिक्षकों की कमी का विद्यार्थियों के परिणाम पर असर न पड़े।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:00 am

इरम सोसाइटी का स्थापना दिवस, छात्रों का सम्मान:लखनऊ में शिक्षा, संस्कृति और साहित्य का उत्सव मनाया गया

लखनऊ में इरम एजुकेशनल सोसाइटी का स्थापना दिवस शिक्षा, संस्कृति और साहित्य के उत्सव के रूप में मनाया गया। इंदिरा नगर सी-ब्लॉक स्थित इरम कॉलेज परिसर में आयोजित इस समारोह में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया और सांस्कृतिक व साहित्यिक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और विशिष्ट अतिथि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी थे। दोनों अतिथियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इससे पूर्व,प्रबंधक डॉ. बाज़्मी यूनुस,निदेशक ख्वाजा फैज़ी यूनुस और सचिव सैफ़ी यूनुस ने अतिथियों का स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। उनका उद्देश्य समाज को शिक्षित और सशक्त बनाना था उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने संबोधन में इरम एजुकेशनल सोसाइटी के संस्थापक डॉ. ख्वाजा मोहम्मद यूनुस को याद किया।उन्होंने कहा कि 1970 में स्थापित इस संस्था ने शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा,बल्कि डॉ. यूनुस ने अपना पूरा जीवन गरीब,पिछड़े और वंचित वर्ग की शिक्षा के लिए समर्पित किया। उनका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि समाज को शिक्षित और सशक्त बनाना था।पाठक ने कहा कि सरकार संस्थान को हर संभव सहयोग देती रहेगी। अल्पसंख्यक समाज के लिए शिक्षा के नए रास्ते खोले अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि इरम संस्थान ने आम लोगों और अल्पसंख्यक समाज के लिए शिक्षा के नए रास्ते खोले हैं।उन्होंने विशेष रूप से इरम गर्ल्स डिग्री कॉलेज का उल्लेख किया,जो बेटियों को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है और मजबूत समाज की नींव रख रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद लोकनृत्य, सूफियाना कलाम और देशभक्ति गीतों सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बना दिया। छात्राओं के आत्मविश्वास और प्रतिभा की सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। मुशायरे का आयोजन किया गया शाम को कार्यक्रम ने साहित्यिक रूप ले लिया, जिसमें ‘एक शाम ख्वाजा यूनुस के नाम’ मुशायरे का आयोजन किया गया।इस मुशायरे में नवाज़ देवबंदी, डॉ. मंजर भोपाली, डॉ. महताब आलम और डॉ.अंजुम बाराबंकी जैसे प्रसिद्ध शायरों ने अपनी ग़ज़लों और नज़्मों से श्रोताओं का मन मोह लिया।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 11:17 pm

सीकर लॉ कॉलेज में काली पट्टी बांधकर प्रदर्शन:शिक्षकों ने दी आंदोलन की चेतावनी, कहा- राष्ट्रीय शिक्षा नीति के विपरीत चल रही Raj-CES योजना

सीकर के लॉ कॉलेज में आज अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) की इकाई ने विरोध प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन राजस्थान कॉलेज एजुकेशन सोसाइटी (राजसेस) के अंतर्गत संचालित कॉलेजों के वर्तमान रेगुलेशन स्ट्रक्चर के विरोध में था। लॉ कॉलेज के शिक्षकों ने मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर विरोध दर्ज करवाया। महासंघ इकाई सचिव विजय गठाला ने कहा कि राजसेस योजना के अंतर्गत संचालित कॉलेजों की वर्तमान व्यवस्था राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के विपरीत है। इन कॉलेजों में स्थाई एकेडमिक स्ट्रक्चर का अभाव है, और संविदा व अस्थाई शिक्षकों से अध्यापन की वजह से उच्च शिक्षा की क्वालिटी और एकेडमिक रेगुलरटी को नुकसान हुआ है। महासंघ के इकाई सचिव विजय गठाला ने कहा कि सत्र 2020-21 से 2022-23 के दौरान राजसेस योजना के अंतर्गत 303 नए कॉलेज खोले गए तथा वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सत्र 2023-24 व 2024-25 में 71 नए राजसेस कॉलेज खोले गए हैं, जिससे इनकी कुल संख्या 374 हो गई है। इनमें से लगभग 260 राजसेस कॉलेजों में एक भी स्थाई स्टाफ कार्यरत नहीं है। विरोध प्रदर्शन के दौरान महासंघ के प्रतिनिधिमंडल ने ADM को मुख्यमंत्री व राज्यपाल के नाम ज्ञापन सौंपा। महासंघ पदाधिकारियों ने कहा कि यदि जल्दी ही संविदा भर्तियों पर रोक नहीं लगी तो महासंघ लोकतांत्रिक तरीके से आंदोलन करेगा।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 8:06 pm

धारीवाल बोले-शिक्षा-संस्थानों पर RSS से जुड़े लोगों का कब्जा:स्कूल बैग और यूनिफॉर्म की राशि घटाना छात्रों से अन्याय

राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कोटा उत्तर विधायक और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधा। धारीवाल ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का दस्तावेज होता है, लेकिन इसमें प्रदेश के विकास का कोई स्पष्ट विजन नजर नहीं आता। धारीवाल ने कहा कि आज कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक शिक्षा संस्थानों पर आरएसएस से जुड़े लोगों का कब्जा है। हालात यह हैं कि पूरा शैक्षणिक सत्र निकल गया है, लेकिन कई जगह छात्रों को अब तक प्रवेश नहीं मिला है। 2025-26 में निजी स्कूलों को आरटीई के तहत 996 करोड़ रुपये का भुगतान दिखाया गया, लेकिन इसमें 740 करोड़ रुपये पिछले साल का बकाया था। यानी इस साल वास्तविक भुगतान सिर्फ 256 करोड़ रुपये हुआ, इसी कारण निजी स्कूल आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं। उन्होंने स्कूल बैग और यूनिफॉर्म की राशि 1000 रुपये से घटाकर 800 रुपये करने को गरीब छात्रों के साथ अन्याय बताया। धारीवाल ने कहीं ये 3 बड़ी बातें… 1. महात्मा गांधी का नाम दुनिया के दिलों से नहीं हटेगाधारीवाल ने कहा- मनरेगा में ग्राम सभा को अपने क्षेत्र के काम तय करने का अधिकार था, जिसे छीनकर केंद्र सरकार ने अपने हाथ में ले लिया। नाथूराम गोडसे ने गांधी को दुनिया से हटाया, आपने गांधी के नाम हटाने की शुरुआत कर दी। लेकिन नाम हटाने से उस महात्मा का नाम दुनिया के दिलों से नहीं हटेगा। 2. कैपिटल एक्सपेंडिचर को लगातार घटाया गयाधारीवाल ने कहा- दीया कुमारी द्वारा बताए गए सड़क निर्माण के आंकड़े PWD की अपनी रिपोर्ट से मेल नहीं खाते। कैपिटल एक्सपेंडिचर को लगातार घटाया गया। ऊर्जा क्षेत्र में 3500 करोड़ खर्च होने थे, लेकिन सिर्फ 817 करोड़ ही खर्च किए गए। कई जीएसएस की घोषणाएं हुईं, लेकिन अधिकांश जमीन पर नहीं उतरीं। सैकड़ों मंदिरों के विकास की घोषणाएं की गईं, लेकिन पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ। 3. मंदिरों के विकास के नाम पर जीरोधारीवाल ने कहा- आपने अखबारों में अपनी फोटो और विज्ञापनों पर 100 करोड़ खर्च कर दिए, लेकिन मंदिरों के विकास के नाम पर जीरो। आप तो भगवान को भी धोखा दे रहे हो। आमेर किले में लगे अकबर-स्तुति शिलालेख का जिक्र करते हुए कहा कि अगर सरकार इतिहास बदलने की कोशिश कर रही है, तो यह हिस्सा क्यों बचा हुआ है? ऐतिहासिक चीजें सही-गलत की श्रेणी में नहीं आतीं। धारीवाल ने कहा कि यह सरकार नाम बदलने को उपलब्धि मान रही है, जबकि गरीब, युवा, किसान और मजदूर की भलाई के लिए कोई ठोस काम नहीं किया गया।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 7:36 pm

राजसमंद में संविदकर्मी नहीं लगाने को लेकर प्रदर्शन:बोले- अस्थाई नियुक्ति करने से शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा

नाथद्वारा में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान इकाई के आह्वान पर सेठ मथुरादास बिनानी महाविद्यालय में राज सेस (Raj-CES) महाविद्यालयों की वर्तमान संकल्पना एवं संचालन व्यवस्था के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर तथा मांगों से संबंधित प्ले-कार्ड हाथों में लेकर विरोध दर्ज कराया। संविदाकर्मी न लगाने की मांग संगठन के सचिव डॉ. शंकर शर्मा ने बताया कि राज सेस योजना के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना के विपरीत है। संविदा एवं अस्थायी नियुक्तियों पर आधारित अध्यापन व्यवस्था उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, बहुविषयकता एवं अकादमिक निरंतरता को प्रभावित कर रही है। प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन उन्होंने बताया कि राज्य में 303 नवीन महाविद्यालय खोले गए, वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 71 अतिरिक्त महाविद्यालय प्रारंभ हुए हैं, जिससे कुल संख्या 374 हो गई है। इनमें से लगभग 260 महाविद्यालयों में आज भी एक भी स्थायी संकाय सदस्य कार्यरत नहीं है, जो नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। प्रदर्शन के पश्चात संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी रक्षा पारीक के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 6:03 pm

जैसलमेर में संविदा नियुक्ति के खिलाफ उतरे टीचर्स:बोले- इससे शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा; बड़े आंदोलन की चेतावनी दी

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) के आह्वान पर बुधवार को जिले के प्राध्यापकों और शिक्षाविदों ने Raj-CES (राजसेस) महाविद्यालयों में संविदा नियुक्तियों के विरोध में स्वर मुखर किए। महासंघ ने राज्य सरकार द्वारा कॉलेज शिक्षा में लागू की जा रही संविदा व्यवस्था को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के विरुद्ध बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। हाथों पर काली पट्टी बांधकर जताया विरोध विरोध प्रदर्शन के दौरान महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर सरकार की नीतियों के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। जिला कलेक्टर प्रतापसिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान चयन प्रक्रिया न केवल युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को भी रसातल में ले जाने वाली है। बिना स्थायी ढांचे के कैसे लागू होगी NEP-2020? महासंघ के जिलाध्यक्ष डॉ. श्यामसुंदर मीणा ने बताया कि Raj-CES योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप और संचालन प्रणाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के विपरीत है। इन कॉलेजों में स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव है, शोध और नवाचार की कोई संभावना नहीं है और अपर्याप्त संसाधनों के भरोसे नए विषय घोषित किए जा रहे हैं। आंकड़ों में शिक्षा का संकट: कुल Raj-CES कॉलेज: 374 (पूर्व सरकार के 303 और वर्तमान सरकार के 71)। शून्य शिक्षक वाले कॉलेज: लगभग 260 महाविद्यालयों में एक भी स्थायी संकाय सदस्य नहीं है। विवाद का कारण: भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 में 5 वर्ष के लिए 'फिक्स्ड पे' पर संविदा नियुक्तियां करना। प्रमुख मांगें और चेतावनी महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि: सोडाणी समिति की सिफारिशों को अविलंब लागू किया जाए। सभी 374 Raj-CES महाविद्यालयों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों में तब्दील कर नियमित पद सृजित किए जाएं। भर्ती कैलेंडर-2026 में शामिल टीचिंग एसोसिएट और अशैक्षणिक संवर्गों की संविदा चयन प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगे। डॉ. श्यामसुंदर मीणा, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ बोले- संविदा आधारित अध्यापन व्यवस्था उच्च शिक्षा को अस्थाई बनाने का संस्थागत प्रयास है। यदि सरकार ने समय रहते सोडाणी समिति की सिफारिशों को लागू नहीं किया और संविदा भर्तियों को रद्द नहीं किया, तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 5:19 pm

शिक्षक बोले- संविदा भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए:कहा- इससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता खतरे में आ जाएगी

चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय, श्रीगंगानगर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से कॉलेजों में संविदा पर नियुक्तियां करने के विरोध में विरोध-प्रदर्शन किया गया। शिक्षकों ने प्रस्तावित चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने, सोडाणी समिति की सिफारिशों को लागू करने और सभी राज-सीईएस महाविद्यालयों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों की तरह संचालित करने की मांग की। बोले- उच्च शिक्षा खतरे में संगठन के प्रदेश सचिव प्रो. श्याम लाल ने कहा- राज-सीईएस योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप NEP-2020 की मूल भावना के खिलाफ है। यहां स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव है, अधोसंरचना और संसाधन अपर्याप्त हैं, शोध-नवाचार की कोई गुंजाइश नहीं और पूरी अध्यापन व्यवस्था संविदा एवं अस्थायी शिक्षकों पर टिकी है। इससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, बहुविषयकता और अकादमिक निरंतरता खतरे में पड़ रही है। उन्होंने कहा- सत्र 2020-21 से 2022-23 के बीच 303 नए महाविद्यालय खोले गए, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 2023-24 और 2024-25 में 71 अतिरिक्त जोड़े गए। अब कुल संख्या 374 पहुंच गई है। इनमें से करीब 260 महाविद्यालयों में आज भी एक भी स्थाई संकाय सदस्य नहीं है, जो NEP-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में सोडाणी समिति की सिफारिशों को तत्काल लागू करने की मांग की गई, जो विधानसभा चुनाव-2023 के बाद गठित हुई थी लेकिन अब तक सार्वजनिक नहीं की गईं। महासंघ ने भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 के तहत राज-सीईएस नियम-2023 में बदलाव कर 5 साल के लिए 28,500 रुपये फिक्स वेतन पर संविदा टीचिंग एसोसिएट की भर्ती शुरू करने के प्रयास की कड़ी निंदा की। संगठन का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी, असुरक्षित और नीति-विरोधी है। अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को भेजी गई अभ्यर्थना को तत्काल रोका जाए। यदि समय रहते कोई फैसला नहीं लिया गया तो संगठन लोकतांत्रिक और आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 4:26 pm

डीआईओएस-आफिस में कामकाज ठप, कर्मचारी बोले गाली नहीं सुनेंगे:संयुक्त शिक्षा निदेशक ने कराई बैठक तब वापस काम पर लौटे, सुलह हुई

डीआईओएस कार्यालय में वरिष्ठ सहायक से डीआईओएस डॉ. संतोष कुमार राय द्वारा गाली देने व जाति सूचक शब्द कहने का मामले में बुधवार को कर्मचारियों ने डीआईओएस आफिस में काम ठप कर दिया। हाथ में माइक लेकर नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि अभी तो यह अंगड़ाई है। आगे और लड़ाई है। आफिस में कामकाज रोककर सभी कर्मचारी आफिस के बाहर आकर खड़े हो गए। हालांकि, संयुक्त शिक्षा निदेशक राजेश कुमार वर्मा, डीआईओएस संतोष कुमार राय व बीएसए सुरजीत कुमार सिंह द्वारा कर्मचारियों के साथ हुई बैठक के बाद कर्मचारी कामकाज पर लौट और प्रदर्शन समाप्त हो गया है। डीआईओएस का पहली बार ऐसा रवैया नहीं अब कर्मचारियों का साफ तौर पर कहना है कि डीआईओएस का यह रवैया पहली बार नहीं है। वह यहां पर गाली सुनने के लिए नहीं आते हैं। पहले भी यह कई कर्मचारियों के साथ अभद्रता कर चुके हैं। मंगलवार को घटना के बाद कर्मचारियों ने डीआईओएस आफिस में नारेबाजी करने के बाद डीएम आफिस जाकर शिकायती पत्र सौंपा था। जो फाइल आई नहीं उसके निस्तारण का बना रहे थे दवाब यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संजय गौतम ने बताया कि वरिष्ठ सहायक जितेंद्र पर दवाब बनाया गया कि जो फाइल आई नहीं है उसको निस्तारित करो। क्या लालच है कि बिना कागज के फाइल को चलाना चाहते हैं। डीआईओएस द्वारा गाली गलौज की गई, इसकी हम घोर निंदा करते हैं। डीआईओएस अग्रेसिव नेचर के हैं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंडल महामंत्री संतोष तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ सहायक पर बिना सौंपे गए काम करने का दवाब बनाया जा रहा था। संगठन इसकी निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग करता है। डीआईओएस अग्रेसिव नेचर के हैं। पहले भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस तरह का व्यवहार अच्छा नहीं है। कर्मचारी बोलना नहीं चाहते क्योंकि अधीनस्थ हैं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के क्षेत्रीय प्रभारी रजनीश प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि इससे पहले भी लेखाकार अमोल कुमार के साथ डीआईओएस ने इसी तरह का व्यवहार किया था। इनको उस समय भी ऐसा व्यवहार न करने के लिए कहा गया था। कर्मचारी बोलना नहीं चाहते क्योंकि अधीनस्थ हैं लेकिन इस तरह की शिकायतें लगातार आती रहती हैं। कामकाज चल रहा मामले में डीआईओएस डॉ. संतोष कुमार राय ने बताया कि कर्मचारी से गाली गलौज नहीं कि गई है। काम न करने पर उसको सिर्फ डांटा गया है। डीआईओएस आफिस में कामकाज सुचारु रुप से चल रहा है।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 2:20 pm

Raj-CES कॉलेजों में संविदा नियुक्तियों पर रोक की मांग:राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप पुनर्संरचना की उठी आवाज

डीडवाना में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (उच्च शिक्षा) की राजकीय बांगड़ महाविद्यालय इकाई ने राज-सेस (Raj-CES) महाविद्यालयों की मौजूदा व्यवस्था के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। प्राध्यापकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर और प्ले-कार्ड्स के माध्यम से अपनी आपत्ति दर्ज कराई। महासंघ का कहना है कि राज-सेस योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के सिद्धांतों के विपरीत है। इन संस्थानों में स्थायी अकादमिक ढांचे की कमी, अपर्याप्त बुनियादी ढांचा, शोध एवं नवाचार के सीमित अवसर तथा संविदा पर आधारित शिक्षण व्यवस्था उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और अकादमिक निरंतरता को प्रभावित कर रही है। महासंघ ने बताया कि सत्र 2020-21 से 2022-23 के दौरान राज-सेस योजना के अंतर्गत 303 नए महाविद्यालय खोले गए थे। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सत्र 2023-24 और 2024-25 में 71 अतिरिक्त राज-सेस महाविद्यालय शुरू किए गए, जिससे इनकी कुल संख्या 374 हो गई है। इनमें से लगभग 260 महाविद्यालयों में अब तक एक भी स्थायी संकाय सदस्य कार्यरत नहीं है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रदर्शन के बाद, संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी/जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री को अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर तत्काल समाधान की मांग की। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विधानसभा चुनाव-2023 के बाद गठित राज्य सरकार द्वारा राज-सेस महाविद्यालयों के संचालन को लेकर बनाई गई सोडाणी समिति की सिफारिशें अभी तक न तो सार्वजनिक की गई हैं और न ही उन्हें लागू किया गया है। महासंघ ने भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 के जरिए राज-सेस नियम-2023 में बदलाव कर संविदा पर नियुक्तियां शुरू करने के प्रयास पर भी कड़ी आपत्ति जताई है। इस प्रक्रिया के तहत 28,500 रुपए के नियत वेतन पर पांच वर्षों के लिए संविदा टीचिंग एसोसिएट और अशैक्षणिक पदों पर चयन की योजना है। महासंघ के अनुसार, यह व्यवस्था अस्थायी, असुरक्षित और नीति-विरोधी है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के विपरीत है।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 1:38 pm

बिहारशरीफ में लड़कियों की शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान:आधुनिक सुविधाओं से लैस छात्रावास का होगा निर्माण, केंद्रीय बजट से मिलेगी मजबूती

नालंदा जिले की छात्राओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुलने जा रहे हैं। केंद्रीय बजट में प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास खोलने के निर्णय के साथ ही बिहार सरकार ने भी वंचित वर्ग की छात्राओं के लिए विशेष हॉस्टल निर्माण की योजना को मंजूरी दे दी है। सावित्रीबाई फुले छात्रावास जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्राओं के लिए पांच करोड़ रुपए की लागत से 100 छात्राओं की क्षमता वाले सावित्रीबाई फुले बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए शहर के करगिल चौक के निकट एक एकड़ भूमि की पहचान कर ली गई है। जिला कल्याण पदाधिकारी योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कैबिनेट से छात्रावास निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। बिहारशरीफ सर्कल ऑफिसर की ओर से भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन मंजिला भवन का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा छात्रावास छात्रावास में छात्राओं को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खेलकूद के लिए खेल मैदान, सुसज्जित पुस्तकालय और आधुनिक अध्ययन कक्षों की व्यवस्था की जाएगी। निशुल्क आवास सुविधा के साथ-साथ अनाज और अनुदान राशि भी प्रदान की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर छात्रावास में पुख्ता व्यवस्था रहेगी। गेट पर ही आगंतुकों का पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। जिले का पहला बालिका छात्रावास नालंदा जिले में अभी तक छात्राओं के लिए एक भी छात्रावास नहीं था। यह जिले का पहला बालिका छात्रावास होगा, जो वंचित वर्ग की बेटियों के लिए उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मार्ग प्रशस्त करेगा। हालांकि, राजगीर में डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय में अनुसूचित जाति और जनजाति की 600 छात्राएं पहली से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई कर रही हैं, लेकिन उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब तक कोई छात्रावास सुविधा नहीं थी। केंद्रीय बजट से मिलेगी और मजबूती केंद्रीय बजट में बिहार के प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास खोलने के निर्णय से इस दिशा में और गति आएगी। इस छात्रावास की खास बात यह होगी कि इसमें सभी समाज और वर्ग की बालिकाएं एक साथ रहकर नीट, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगी। इसके लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा में समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम जिला कल्याण पदाधिकारी योगेंद्र कुमार सिंह ने इसे बेहद सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि दोनों छात्रावासों के निर्माण से न केवल वंचित वर्ग की छात्राओं को लाभ मिलेगा, बल्कि जिले की सभी वर्गों की बालिकाएं उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सकेंगी।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 7:25 am

शिक्षा सचिव का निर्देश... बोर्ड परीक्षा में एक भी बच्चा फेल न हो, इनोवेटिव एप्रोच पर जोर दें

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव उमाशंकर सिंह ने मंगलवार को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया बोर्ड परीक्षाओं में एक भी बच्चा फेल न हो, इसके लिए स्कूलों में इनोवेटिव एप्रोच अपनाते हुए छात्रों को परीक्षा की तैयारी कराएं। इससे छात्र-छात्राएं पूर्ण आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होंगे। जिसका बेहतर और सकारात्मक परिणाम उनके रिजल्ट में भी साफ तौर पर देखने को मिलेगा। उन्होंने सभी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में निरंतर और प्रभावी रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने का भी निर्देश दिया।जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहेगा, उनके प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान राज्य में संचालित सभी पीएमश्री विद्यालयों में बजटीय गतिविधियों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। जिसमें लापरवाही पर खूंटी जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) एवं सहायक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एडीपीओ) को शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया गया। राज्य के 363 पीएमश्री स्कूलों का निरीक्षण करेगी टीम सचिव उमाशंकर सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि 17 फरवरी से पूर्व सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का कोई भी शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न नहीं होगा। उन्होंने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के 363 पीएमश्री विद्यालयों की संतृप्ति हेतु निर्धारित 21 संकेतकों का अनिवार्य रूप से स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी कहा कि एक सप्ताह के भीतर राज्यस्तरीय टीम पीएमश्री विद्यालयों का भ्रमण करेगी। फरवरी के अंतिम सप्ताह अथवा मार्च में केंद्रीय टीम द्वारा पीएमश्री विद्यालयों का निरीक्षण प्रस्तावित है।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 4:00 am

बिना बजट के शिक्षा विभाग:10 जिलों में हाई स्कूल शिक्षकों को 6 माह से वेतन नहीं, 161 शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन के 6.18 करोड़ रुपए बकाया

झारखंड का शिक्षा विभाग गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। विभाग के पास शिक्षकों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं। 10 जिलों के 68 उत्क्रमित (अपग्रेडेड) हाई स्कूलों के 161 शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इनके 6.18 करोड़ रुपए बकाया वेतन का भुगतान कब तक होगा, अधिकारी स्पष्ट रूप से यह भी नहीं बता पा रहे हैं। फंड की कमी का असर सिर्फ वेतन पर ही नहीं पड़ा रहा है। पैसों की कमी के कारण बच्चों की पोशाक योजना और स्कूल किट योजना भी प्रभावित हुई है। सत्र बीतने वाला है, लेकिन बच्चों को ड्रेस नहीं मिली है। कई स्कूलों में तो हैंड वॉश और सफाई जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। 2016-17 में अपग्रेड हुए थे 189 स्कूल वित्तीय वर्ष 2016-17 में राज्य सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में माध्यमिक शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए 189 स्कूलों को अपग्रेड किया था। इसके बाद 2022-23 में इन स्कूलों में पदों का सृजन कर शिक्षकों को पदस्थापित किया गया। लेकिन इनके वेतन भुगतान की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई। वर्ष 2025-26 में योजना मद के लिए पर्याप्त आवंटन नहीं मिला और अनुपूरक बजट में भी राशि स्वीकृत नहीं हुई। इसी कारण वेतन का भुगतान अटक गया। ये योजनाएं भी बेपटरी... पोशाक योजना: प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के बच्चों के लिए पोशाक योजना चल रही है। लेकिन चालू वितीय वर्ष में कई जिलों को इसकी राशि नहीं मिली। नतीजा यह है कि हजारों बच्चों को बिना ​ड्रेस या पुरानी ड्रेस में स्कूल आना पड़ता है। या फिर अभिभावकों को अपनी जेब से ड्रेस पर खर्च करना पड़ता है। शिक्षकों का कहना है कि इससे बच्चों की उपस्थिति और आत्मविश्वास, दोनों प्रभावित हो रहे हैं। स्कूल किट: सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए लागू स्कूल किट योजना भी अधूरी है। योजना के तहत बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल समेत अन्य शैक्षणिक सामग्री दी जानी थी। लेकिन बच्चों को अब तक यह किट नहीं मिली। इसके बिना पढ़ाई कराना शिक्षकों के लिए चुनौती बन गया है। इससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया बाधित हो रही है। विकास अनुदान: विद्यालयों के रोजमर्रा संचालन के लिए मिलने वाला अनुदान भी लंबे समय से नहीं मिला है। इसी राशि से हैंडवॉश, साबुन, साफ-सफाई, पेयजल और छोटे रखरखाव के कार्य होते हैं। इस मद में अनुदान नहीं मिलने से स्कूलों में स्वच्छता व्यवस्था चरमरा गई है। इससे स्कूली बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 4:00 am

किसान यूनियन का धरना, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल:एक देश-एक शिक्षा प्रणाली की मांग, धार के राजगढ़ में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

धार जिले के राजगढ़ में भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। किसान मजदूर जागरूकता अभियान के तहत बस स्टैंड पर आयोजित इस धरने के बाद नायब तहसीलदार के.एस. वास्केल को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। धरने में क्षेत्र के कई किसान और यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे। ज्ञापन में देश में लागू तीन प्रकार की शिक्षा प्रणाली पर आपत्ति जताई गई। यूनियन ने कहा कि गरीबों के लिए हिंदी माध्यम, मध्यम वर्ग के लिए अंग्रेजी माध्यम और धनवान परिवारों के बच्चों के लिए सीबीएसई शिक्षा प्रणाली लागू है, जो भेदभावपूर्ण है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। ‘मजदूर किसानों के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा’भारतीय किसान यूनियन ने 'एक देश, एक किताब, एक समान शिक्षा प्रणाली' लागू करने की मांग की। उनका तर्क है कि वर्तमान शिक्षा नीतियों से गरीब मजदूर किसानों के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है। यदि सरकार यह लागू नहीं कर सकती, तो सभी नेताओं और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के परिवारों के लिए सरकारी शिक्षा और सरकारी अस्पतालों में इलाज अनिवार्य किया जाए। ज्ञापन में किसान व मजदूरों के हित में कई अन्य मांगें भी शामिल थीं। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि यह 'किसान मजदूर जागरूकता अभियान' धार जिले की पांच तहसीलों में चलाया जा रहा है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और किसान हित के मुद्दों को लेकर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में सभी वर्गों को एक समान शिक्षा मिलनी चाहिए और तीन प्रकार की शिक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारी और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 7:37 pm

वृंदावन आश्रम में युवक ने फंदे से लटककर जान दी:भागवत की शिक्षा ग्रहण कर रहा था, व्हाट्सएप स्टेटस लगाने के बाद फोन बंद कर लिया

मथुरा के वृंदावन स्थित एक आश्रम में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। यह घटना उसके व्हाट्सएप स्टेटस अपडेट करने के बाद सामने आई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले सागर पांडे के रूप में हुई है। वह पिछले 7-8 महीनों से सियाराम दास महाराज के आश्रम में रहकर भागवत की शिक्षा ग्रहण कर रहा था। पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत सागर द्वारा लगाए गए एक व्हाट्सएप स्टेटस से हुई। स्टेटस अपडेट करने के कुछ समय बाद उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। सागर का फोन बंद होने पर उसकी मां चिंतित हो गईं। उन्होंने सागर के एक मित्र को फोन कर स्थिति की जानकारी लेने को कहा। मित्र ने तुरंत आश्रम में संपर्क किया और सागर के कमरे तक पहुंचा। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने पर खिड़की से झांककर देखा गया, जहां सागर का शव फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही वृंदावन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वृंदावन कोतवाल संजय कुमार पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना का कारण पारिवारिक विवाद प्रतीत हो रहा है। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता चल सके।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 6:09 pm

नंगल-कीरतपुर हाईवे परियोजना को मिली मंजूरी:शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस बोले- पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा, 2 महीने में मिलेगा किसानों को मुआवजा

पंजाब के शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने नंगल से कीरतपुर साहिब तक राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजना को मंजूरी दिलाई है। श्री आनंदपुर साहिब विधानसभा क्षेत्र के विधायक हरजोत सिंह बैंस ने बताया कि इस परियोजना की वर्षों पुरानी मांग अब पूरी होने जा रही है। इसके जल्द शुरू होने से क्षेत्र में यातायात व्यवस्था और सुरक्षा में सुधार की उम्मीद है। यह मार्ग पंजाब और हिमाचल प्रदेश की सीमा को जोड़ता है। यह माता बगलामुखी, बाबा बालक नाथ और माता चिंतपूर्णी जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों पर जाने वाले लाखों श्रद्धालुओं के लिए महत्वपूर्ण है। लगातार सड़क हादसों के कारण स्थानीय लोग इसे 'किलर रोड' भी कहते रहे हैं। परियोजना पूरी होने के बाद सड़क दुर्घटनाओं में कमी आने की संभावना है। 2022 में हुआ था सड़क का सर्वे मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जानकारी दी कि जुलाई 2022 में इस सड़क परियोजना का सर्वे कराया गया था। इसके उपरांत केंद्रीय सड़क परिवहन मंत्रालय और राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) को सड़क की गंभीर स्थिति से अवगत कराया गया। वर्ष 2023 में परियोजना की विस्तृत परियोजना रिपोर्ट (DPR) तैयार की गई, जिसके बाद सभी आवश्यक तकनीकी और प्रशासनिक स्वीकृतियां प्राप्त की गईं। उन्होंने बताया कि 21 जनवरी को उन्होंने दिल्ली में मंत्रालय के वरिष्ठ अधिकारियों से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने भूमि अधिग्रहण प्रक्रिया को शीघ्र पूरा करने का आग्रह किया। अब रिकॉर्ड समय में भूमि अधिग्रहण किया जाएगा और अगले दो महीनों के भीतर किसानों के खातों में मुआवजे की राशि जमा करा दी जाएगी। इसके तुरंत बाद निर्माण कार्य शुरू कर दिया जाएगा। मंत्री बोले- पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मंत्री बैंस ने कहा कि इस परियोजना से क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार के अवसर मिलेंगे और आसपास के 100 से 150 गांवों की अर्थव्यवस्था को सीधा लाभ होगा। उन्होंने यह भी बताया कि क्षेत्र में अन्य विकास कार्य भी तेजी से जारी हैं।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 3:10 pm

शिक्षा का अधिकार कानून:राज्य सरकार ने फिर से मांगे प्रस्ताव,निजी स्कूलों में आरटीई के प्रवेश में इस बार भी विलंब

प्रदेश के लगभग 36 हजार निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1 अप्रैल से निशुल्क विद्यार्थियों को प्रवेश में संशय की स्थिति बन रही है। राज्य सरकार इस बार नया शिक्षा सत्र 2026-27 एक अप्रैल से शुरू करने जा रही है। जिसके तहत शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी निशुल्क सीटों पर होने वाले प्रवेश के लिए भी इस बार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होनी थी। फरवरी माह शुरू हो गया है मगर राज्य सरकार ने अभी तक निशुल्क प्रवेश का टाइम फ्रेम घोषित नहीं किया है। छात्र-छात्राएं पिछले एक माह से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में दिसंबर माह में राज्य सरकार को निशुल्क प्रवेश के प्रस्ताव भिजवाए थे। लेकिन राज्य सरकार ने उन प्रस्तावों पर मंजूरी नहीं देते हुए शिक्षा विभाग से दोबारा प्रस्ताव मांगे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने दोबारा प्रस्ताव बना कर भेज दिए हैं। अब राज्य सरकार से हरी झंडी का इंतजार है। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से आरटीई टाइम फ्रेम घोषित किया जाएगा। उसी के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी की तिथि निर्धारित की जाएगी। पिछले साल 9 अप्रैल को निकली लॉटरी पिछले साल 9 अप्रैल को ऑनलाइन लॉटरी के जरिए निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों का वरीयता क्रम निर्धारण किया गया। आरटीई के तहत सशुल्क बालकों के प्रवेश के आधार पर वरीयता में चयनित निशुल्क प्रवेश के अंतिम चरण का आवंटन 31 अगस्त को किया गया। जिसमें सामने आया कि 308064 अभ्यर्थियों में से 237407 को प्रदेश के 31720 स्कूलों में निशुल्क प्रवेश मिला है। “इस बार प्रवेश प्रक्रिया जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह से शुरू होने की जानकारी सामने आई थी। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया शुरू नहीं होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित होगी और प्रवेश में भी विलंब होगा। -गिरिराज खैरीवाल, प्रदेश समन्वयक, प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस “आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश को लेकर राज्य सरकार की मंजूरी के बाद आरटीई टाइम फ्रेम घोषित किया जाएगा। इस संबंध में तैयारियां चल रही है।-चंद्र किरण पंवार, आरटीई प्रभारी, प्रारंभिक शिक्षा

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 5:59 am

धर्म सम्मेलन में गुरु महाराज की शिक्षाएं याद कीं

भास्कर न्यूज | जालंधर धर्म सम्मेलन आयोजन समिति की ओर से गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू में विशाल धर्म सम्मेलन का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर उनकी शिक्षाओं को स्मरण करते हुए की गई। गुरु तेग बहादर जी के 350वें बलिदान दिवस को समर्पित इस आयोजन में मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. हरमोहिंदर सिंह बेदी ने संबोधित किया। उन्होंने गुरु तेग बहादर जी के जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार गुरु जी ने अपने 22 हुक्मनामों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की भावना को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि गुरु जी का बलिदान भारत की सभ्यता और संस्कृति की रक्षा के लिए था। अन्याय के विरुद्ध अहिंसक रहते हुए भी धर्म पर अडिग रहना गुरु जी की महान शिक्षाओं में से एक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बंसी दास महाराज ने कहा कि सशक्त और समर्थ समाज के निर्माण के लिए ऐसे धर्म सम्मेलनों का आयोजन आवश्यक है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता पर बल देते हुए कहा कि जातिगत विभाजन के कारण ही देश को विभाजन का दर्द सहना पड़ा। अक्षरधाम मंदिर युवा मंडल की ओर से प्रस्तुत लघु नाटिका ‘फ्रीडम का मोह’ में दो पीढ़ियों के बीच सोच के अंतर को दर्शाते हुए संयुक्त परिवार की स्वीकार्यता और आवश्यकता पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि स्वामी जय तीर्थ ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ रहना परिवार को सुखी और समृद्ध बनाता है। संघ की 100 वर्ष की यात्रा का संक्षिप्त वर्णन करते हुए प्रचारक चंद्रकांत ने कहा कि अनेक कठिनाइयों के बावजूद संघ के स्वयंसेवक समाज के हर क्षेत्र में कार्य करने के लिए सदैव तत्पर रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि समाज और भारत माता के प्रति समर्पित होकर देश को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। विभाग प्रचारक नवदीप ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में पंच परिवर्तन- ‘परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य’ विषयों को जनमानस के समक्ष रखा गया। प्रसिद्ध भजन गायक केवल खन्ना ने संकीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया तथा गुरु तेग बहादर जी को समर्पित शबद गायन किया। इस अवसर पर श्रीराम मंदिर प्रबंधक कमेटी, श्री अयप्पा मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक संस्थाओं और क्षेत्र की सोसाइटियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन समिति की ओर से सभी प्रबंधक कमेटियों को सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 5:42 am

गुरु जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज की तरक्की में योगदान का संकल्प लिया

भास्कर न्यूज | जालंधर श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के मौके पर सिविल सर्जन कार्यालय में धार्मिक कार्यक्रम करवाया गया। इस मौके सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग के नेतृत्व में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने गुरु रविदास जी की तस्वीर के आगे माथा टेका और उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रमन गुप्ता, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. राकेश चोपड़ा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा, जिला डेंटल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलजीत कौर रूबी, अधीक्षक योगराज, अधीक्षक गुरपिंदर कौर और कार्यालय के अन्य स्टाफ ने हिस्सा लिया। सभी ने गुरु रविदास जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज की तरक्की में सहयोग देने का संकल्प लिया। इस मौके सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने सभी को प्रकाश पर्व की बधाई दी और स्वस्थ समाज की कामना की। उन्होंने स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी ने हमें जात-पात और ऊंच-नीच के भेदभाव से ऊपर उठकर मिल-जुलकर रहने का संदेश दिया है। हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। हमें बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए और उन्हें अच्छी शिक्षा देनी चाहिए, ताकि वे बड़े होकर देश की तरक्की में अपना कीमती योगदान दे सकें।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 5:41 am

गुरुद्वारा छठी पातशाही बस्ती शेख में कवि दरबार करवाया, संगत को गुरु महाराज की शिक्षाओं से जोड़ा

जालंधर | गुरुद्वारा छठी पातशाही बस्ती शेख में गुरु रविदास महाराज के प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष दीवान सजाए गए। गुरु रविदास जी के जीवन को समर्पित पंजाबी लेखक सभा द्वारा कवि दरबार का आयोजन भी किया। कवि दरबार में मास्टर महिंदर सिंह अनेजा, कुलविंदर सिंह गाखल, उर्मिलजीत सिंह वालिया, बीबी कुलजीत कौर, गुरदीप सिंह उजाला, हरजिंदर सिंह जिंदी, सतपाल सिंह अलग, नगीना सिंह तथा सारंगी वादक सोहन सिंह ने अपनी रचनाओं के माध्यम से संगत को निहाल किया। इसके उपरांत चल रही सहज पाठों की शृंखला के तहत महिंदर सिंह धालीवाल और अजीत सिंह के परिवारों द्वारा सहज पाठों के भोग संपन्न करवाए। गुरु घर द्वारा दोनों परिवारों को सम्मानित किया गया। मासिक पूर्णिमा को समर्पित दोपहर तक दीवान सजाए गए, जिसमें कथा विचारों के माध्यम से गुरु जी के संघर्षपूर्ण जीवन से संगतों को अवगत करवाया। बीबी रजिंदर कौर और भाई मनसंजम सिंह के जत्थे ने कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया। स्टेज की सेवा जनरल सेक्रेटरी गुरमीत सिंह ने निभाई। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलवंतबीर सिंह कालड़ा, अमरीक सिंह, सेक्रेटरी इंदरपाल सिंह, जगजीत सिंह खजांची, चरणजीत सिंह लुबाणा, सुरिंदर सिंह सियाल, हरबंस सिंह, गुरजीत सिंह पोपली, गुरदीप सिंह बवेजा, बिशन सिंह, जसबीर सिंह सेठी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 5:40 am

शहर-जिले में विस्तार, शिक्षा-चिकित्सा पर जोर

पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी की वार्षिक योजना बैठक प्रधान कार्यालय, पिछोली में हुई। अध्यक्षता समाज अध्यक्ष यशवंत पालीवाल ने की। महामंत्री सुरेंद्र पालीवाल ने बताया कि इसमें वर्षभर के कार्यक्रम तय कर उन्हें अंतिम रूप दिया गया। बैठक में उदयपुर शहर को छह खंडों- पुराना शहर, हिरण मगरी, सुंदरवास, कालका माता रोड, शोभागपुरा मीरा नगर और बड़गांव बेदला में विभाजित किया गया। इसमें जिले के बाहर रहने वाले समाज बंधुओं को जोड़ने का भी निर्णय लिया गया। चिकित्सा क्षेत्र में हर माह दो निशुल्क परामर्श एवं जांच शिविर आयोजित होंगे। शिक्षा क्षेत्र में कोचिंग सेंटर प्रारंभ करने, संस्कारयुक्त शिक्षा पर संगोष्ठियां और परीक्षा अवधि में निशुल्क कोचिंग की योजना बनाई गई। वर्षभर के सामाजिक आयोजन के तहत मार्च में होली मिलन और नव संवत्सर स्वागत, अप्रैल में परशुराम जयंती, सितंबर में झल झूलनी एकादशी पर रामरेवाड़ी कार्यक्रम, अक्टूबर में नवरात्रि गरबा और कन्या पूजन, नवंबर में दीपावली स्नेह सम्मेलन तथा दिसंबर में संभाग स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसमें समाज पत्रिका शुरू करने, सदस्यता और विज्ञापन संबंधी निर्णय लिए गए। रियायती दर पर भूमि लेकर छात्रावास, कौशल विकास केंद्र, वरिष्ठ नागरिक, महिला और बाल केंद्र स्थापित करने की योजना को अंतिम रूप दिया गया। प्रचार प्रमुख महेश जोशी ने बताया कि बैठक में निशुल्क चिकित्सा शिविर के बैनर-पोस्टर का विमोचन हुआ। इस मौके पर समाज कार्यकारिणी और संरक्षक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में निशुल्क चिकित्सा शिविर के बैनर-पोस्टर का विमोचन करते पदाधिकारी व सदस्य।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 4:00 am

आदेश की पालना करें, अन्यथा माध्यमिक शिक्षा निदेशक आगामी सुनवाई पर हाजिर हों

जयपुर | हाईकोर्ट ने रिटायर स्कूल प्रिंसिपल के मामले में आदेश की पालना नहीं करने पर नाराजगी जताई है। वहीं आगामी सुनवाई तक आदेश की पालना नहीं होने पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक को अदालत में हाजिर होने के लिए कहा है। अदालत ने कहा है कि वे बताएं कि उन्होंने आदेश की पालना क्यों नहीं की। अदालत ने यह निर्देश महेन्द्र तिवाड़ी की अवमानना याचिका पर दिया। मामले से जुड़े अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया कि प्रार्थी जयपुर जिले के राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल, राम नगर कोटखावदा से प्रिंसिपल पद से सितंबर 2022 में रिटायर हुआ था। इससे पहले शैक्षणिक सत्र 2018-19 का परीक्षा परिणाम तय मापदंड से कम होने पर उसे 2021 में नोटिस दिया।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 4:00 am

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड के नाम पर साइबर ठगी से रहें सावधान

Madhya Pradesh News : प्रदेश में राज्य ओपन स्कूल शिक्षा बोर्ड के परीक्षार्थियों के अभिभावकों से साइबर ठगों द्वारा ठगी किए जाने का मामला सामने आया है। ठगों द्वारा स्वयं को बोर्ड से संबंधित बताकर परीक्षार्थियों को पास कराने के नाम पर धनराशि मांगी जा ...

वेब दुनिया 11 Jan 2026 10:16 pm

सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक

-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more

अजमेरनामा 2 Jan 2026 9:55 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

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राष्ट्रीय शिक्षा नीति : यूपी बोर्ड ने दिए निर्देश, एनईपी लागू करने को स्कूल बनाएंगे प्लान

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