Bhiwani News: शिक्षा बोर्ड विकसित करेगा एकीकृत परीक्षण प्रबंधन प्रणाली पोर्टल
शिक्षा बोर्ड विकसित करेगा एकीकृत परीक्षण प्रबंधन प्रणाली पोर्टल
छात्रों की आत्महत्या पर शिक्षा मंत्रालय सख्त, उच्च शिक्षण संस्थानों को किया सचेत
आईआईटी दिल्ली और बॉम्बे में छात्रों की आत्महत्या की घटनाओं के बाद शिक्षा मंत्रालय ने केंद्रीय उच्च शिक्षण संस्थानों को सख्त निर्देश दिए हैं।
उत्तर प्रदेश की संगम नगरी प्रयागराज एक बार फिर प्रतियोगी छात्रों के बड़े आंदोलन का केंद्र बन गई है। प्रदेश के अशासकीय सहायता प्राप्त (Aided) माध्यमिक विद्यालयों में प्रशिक्षित स्नातक शिक्षक (TGT) और प्रवक्ता (PGT) भर्ती प्रक्रिया को लेकर अभ्यर्थियों का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया है। पत्थर गिरजाघर पर हफ्तों से चल रहे शांतिपूर्ण प्रदर्शन के बाद सैकड़ों छात्र पैदल मार्च करते हुए प्रयागराज स्थित शिक्षा निदेशालय जा पहुंचे और पूरे परिसर का घेराव कर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए। हालात की संवेदनशीलता को देखते हुए प्रशासन ने पूरे शिक्षा निदेशालय को भारी पुलिस बल और पीएसी की तैनाती के साथ पुलिस छावनी में तब्दील कर दिया है।कफन ओढ़कर परिसर में लेटे अनशनकारी, साथी की मौत के बाद भड़का आक्रोशशिक्षा निदेशालय परिसर में आंदोलन का दृश्य बेहद मार्मिक और तनावपूर्ण बना हुआ है। 5 सितंबर से आमरण अनशन पर बैठे चार अभ्यर्थी रामनामी और कफन ओढ़कर जमीन पर लेट गए हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि उन्होंने खुद को शासन की संवेदनहीनता के सामने 'जीवित मृत' मान लिया है और जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं, वे पीछे नहीं हटेंगे। आंदोलन के दौरान ही भूख हड़ताल पर बैठी अभ्यर्थी मीणा सरोज की हालत गंभीर होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराना पड़ा।इस आंदोलन में आक्रोश तब और बढ़ गया जब लंबे समय से भर्ती की तैयारी कर रहे जौनपुर निवासी अभ्यर्थी विजय बहादुर की कथित तौर पर मानसिक तनाव और ब्रेन स्ट्रोक से दुखद मौत हो गई। अभ्यर्थी हाथों में विजय की तस्वीर और कफन लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। छात्रों का आरोप है कि नियमों में अचानक बदलाव के चलते वर्षों से तैयारी कर रहे लाखों युवाओं के सामने उम्र और पात्रता का गंभीर संकट खड़ा हो गया है।क्या है पूरा विवाद? नई नियमावली से क्यों नाराज हैं अभ्यर्थी?प्रतियोगी छात्रों का विरोध मुख्य रूप से नए शिक्षा सेवा चयन आयोग द्वारा लागू किए गए नए नियमों और अर्हताओं को लेकर है। छात्रों का कहना है कि अचानक थोपे गए नए प्रावधानों से प्रदेश के लगभग 7 से 8 लाख अभ्यर्थी भर्ती प्रक्रिया से सीधे बाहर होने की कगार पर पहुंच गए हैं:स्नातक में 50% अंकों की बाध्यता: नई नियमावली में ग्रेजुएशन में न्यूनतम 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य कर दिए गए हैं। अभ्यर्थियों का तर्क है कि 10-15 साल पहले स्नातक करने वाले अधिकांश ग्रामीण और सामान्य पृष्ठभूमि के छात्रों के 50% से कम अंक होते थे, जिससे वे अब हमेशा के लिए अयोग्य हो जाएंगे।नेगेटिव मार्किंग और टीईटी का पेंच: भर्ती परीक्षा में नेगेटिव मार्किंग और अतिरिक्त पात्रता शर्तों के जुड़ने से पुराना परीक्षा पैटर्न पूरी तरह बदल गया है।विषय संयोजन (Subject Combination) में बदलाव: हिंदी, प्राविधिक कला, संस्कृत, गृह विज्ञान और संगीत जैसे विषयों में पात्रता के कड़े नियम लागू किए गए हैं, जिससे एकल विषय (Single Subject) से डिग्री लेने वाले लाखों छात्र अयोग्य घोषित हो रहे हैं।प्रवक्ता (PGT) में बीएड की अनिवार्यता: पूर्व में पीजीटी के लिए केवल संबंधित विषय में परास्नातक (PG) मान्य था, लेकिन नए मसौदे में बीएड को आवश्यक किए जाने से पुराने छात्र असमंजस में हैं।अभ्यर्थियों की प्रमुख मांगेंशिक्षा निदेशालय में डटे आंदोलनकारी छात्रों ने प्रशासन और शासन के समक्ष अपनी मांगें स्पष्ट रखी हैं:पुरानी नियमावली के तहत अवसर: सहायता प्राप्त माध्यमिक विद्यालयों में रिक्त लगभग 20,000 टीजीटी-पीजीटी पदों का विज्ञापन पुरानी नियमावली और पुराने परीक्षा पैटर्न पर ही जारी किया जाए।कम से कम दो अतिरिक्त मौके: यदि सरकार को नई नियमावली लागू करनी ही है, तो पुराने नियमों से वर्षों से तैयारी कर रहे अभ्यर्थियों को कम से कम दो विशेष अवसर दिए जाएं।विज्ञापन वर्ष 2022 की परीक्षा तिथि घोषित हो: वर्ष 2022 में विज्ञापित टीजीटी-पीजीटी भर्ती की लंबित परीक्षा तिथि तुरंत घोषित की जाए और उसमें सीटें बढ़ाई जाएं।डीएम और उच्चाधिकारियों से वार्ता: आंदोलन का नेतृत्व कर रहे छात्र नेताओं ने मांग की है कि जिलाधिकारी (DM) खुद धरनास्थल पर आकर छात्रों से सीधे संवाद करें, न कि केवल पुलिस बल के दम पर आवाज दबाई जाए।विपक्षी दलों और छात्र संगठनों का समर्थन, आंदोलन तेज करने की चेतावनीशिक्षा निदेशालय के घेराव के बाद आंदोलन को विभिन्न छात्र संगठनों जैसे आइसा (AISA), दिशा और युवा मंच का खुला समर्थन मिल चुका है। समाजवादी पार्टी के शिक्षक एमएलसी डॉ. मानसिंह यादव भी धरनास्थल पर पहुंचे और छात्रों की आवाज को शासन और विधानसभा तक मजबूती से उठाने का आश्वासन दिया। वहीं युवा मंच ने राष्ट्रपति को पत्र भेजकर नई नियमावली से उपजे संकट में हस्तक्षेप की मांग की है।प्रतियोगी छात्रों ने दो टूक चेतावनी दी है कि यह लड़ाई अब आर-पार की है। यदि शासन ने उनकी जायज मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया, तो प्रयागराज का यह घेराव पूरे उत्तर प्रदेश में एक विशाल छात्र आंदोलन का रूप ले लेगा। फिलहाल शिक्षा निदेशालय परिसर में तनावपूर्ण शांति बनी हुई है और भारी पुलिस बल हर हलचल पर नजर बनाए हुए है।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा प्रदेश भर में अनुकंपा नियुक्ति के पेंडिंग मामलों की समीक्षा किए जाने के पहले विभागों ने इसके लिए तेजी से कार्यवाही शुरू कर दी है। स्कूल शिक्षा विभाग ने तो इसके लिए सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को तलब कर अनुकम्पा नियुक्ति के पेंडिंग प्रकरणों की जानकारी लेने के बाद सहायक ग्रेड तीन के 587 पदों पर नियुक्ति के आदेश जारी करने के निर्देश दिए हैं। इसके बाद मंगलवार शाम तक 400 से अधिक पदों पर अनुकम्पा आधार पर नियुक्ति के आदेश भी जारी कर दिए गए। एक साथ यह नियुक्तियां प्रमोशन से रिक्त हुए पदों की संख्या के आधार पर की जा रही हैं। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने सभी जिला शिक्षा अधिकारियों को बुलाकर पहले नियुक्ति की पेंडेंसी की जानकारी ली और फिर इसके कारण जिला शिक्षा अधिकारियों से पूछे। बताया जाता है कि सालों से केस लटकाकर रखने वाले जिला शिक्षा अधिकारियों ने इस मामले में टालमटोल करने की कोशिश की तो आयुक्त ने सभी को मंगलवार को ही नियुक्ति आदेश जारी करने के लिए निर्देशित कर दिया। पूरी पड़ताल के बाद यह सामने आया है कि 587 मामले में अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश एक दिन में जारी हो सकते हैं। आयुक्त सिंह की सख्ती के बाद तेजी से अनुकम्पा नियुक्ति के आदेश जारी किए जा रहे हैं। 900 केस थे पेंडिंग, अब सिर्फ 313 बचेंगे ढाई लाख से अधिक के शैक्षणिक अमले वाले स्कूल शिक्षा विभाग में अनुकम्पा नियुक्ति के 900 मामले पेडिंग थे। आयुक्त अभिषेक सिंह की सख्ती के बाद अब यहां 587 मामलों में आदेश जारी होते ही पेंडिंग मामलों की संख्या 313 रह जाएगी। इनमें भी नियुक्ति के आदेश प्रमोशन से पद रिक्त होने के साथ जारी किए जाने के निर्देश दिए हैं।
नयागांव में ग्रामीण विकास पर जोर, सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने चिकित्सा-शिक्षा को बताया प्राथमिकता
नयागांव में जैन समाज ने सांसद चुन्नीलाल गरासिया और डॉक्टर कमलेश आहारी का अभिनंदन किया। सीएचसी निरीक्षण में अव्यवस्थाओं पर निर्देश दिए गए।
ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा, शिक्षा व सड़क विकास को सर्वोच्च प्राथमिकता, सांसद गरासिया का ऐलान
नयागांव में जैन समाज के अभिनंदन समारोह में सांसद चुन्नीलाल गरासिया ने ग्रामीण क्षेत्रों में चिकित्सा, शिक्षा और सड़क विकास को प्राथमिकता देने की बात कही। बाद में सीएचसी का निरीक्षण कर अव्यवस्थाओं पर नाराजगी जताई।
प्रदेशभर में सोमवार से शुरू हुई त्रैमासिक परीक्षाओं के दौरान शिक्षा विभाग की बड़ी लापरवाही सामने आई है, जहां गोपनीय प्रश्नपत्र सीलबंद लिफाफे की बजाय वाट्सएप ग्रुप्स के जरिए भेजे गए। इससे पेपर लीक होने की आशंका बढ़ गई है, जिस पर जिला शिक्षा अधिकारी ने व्यवस्था सुधारने का आश्वासन दिया है।
पंजाब सरकार के कार्यक्रमों के तहत पट्टी में भव्य ड्रोन शो हुआ। यह शो श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित था। तरनतारन जिला प्रशासन ने सोमवार शाम श्री गुरु हरिकृष्ण सीनियर सेकेंडरी स्कूल के मैदान में इसका आयोजन किया। इस ड्रोन शो में 500 ड्रोन का इस्तेमाल किया गया। डिप्टी कमिश्नर राहुल की अगुवाई में इन ड्रोन के जरिए आसमान में गुरु रविदास जी के जीवन, दर्शन और शिक्षाओं को रोशनी से दिखाया गया। बड़ी संख्या में लोग यह शो देखने पहुंचे। तकनीक और आध्यात्मिकता के इस अनोखे संगम में गुरु जी के संदेशों को अलग-अलग आकृतियों के माध्यम से दिखाया गया। इनमें समानता, भाईचारा, दया, सामाजिक न्याय और मानव सम्मान जैसे विचार शामिल थे। कार्यक्रमों के लिए 100 करोड़ रुपए का बजटइस मौके पर हलका इंचार्ज जसकंवर सिंह जसा पट्टी ने बताया कि पंजाब सरकार गुरु रविदास जी की शिक्षाओं को नई पीढ़ी तक पहुंचाने के लिए साल भर कई कार्यक्रम कर रही है। सरकार ने 650वें प्रकाश पर्व से जुड़े कार्यक्रमों के लिए 100 करोड़ रुपए का बजट रखा है। जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री दिखाई जा रहीउन्होंने बताया कि विशेष वैनों के जरिए 13 हजार गांवों में गुरु जी के जीवन पर बनी डॉक्यूमेंट्री दिखाई जा रही है। साथ ही, शिक्षण संस्थानों में सेमिनार भी करवाए जा रहे हैं। प्रदेशभर में कुल 92 ड्रोन शो आयोजित किए जा रहे हैं। कई गणमान्य लोग मौजूद रहेइस अवसर पर एसडीएम पट्टी अमनदीप सिंह और मंच सचिव लेक्चरर कुलविंदर सिंह सहित कई गणमान्य लोग मौजूद थे। इससे पहले भाई जसबीर सिंह जालंधर वालों के रागी जत्थे ने कीर्तन से संगत का मन मोह लिया।
PC: jagran इंडियन रेलवे में सरकारी नौकरी पाने की चाहत रखने वाले कैंडिडेट्स के लिए एक नया रिक्रूटमेंट का मौका आने वाला है। रेलवे रिक्रूटमेंट बोर्ड (RRB) ने RRB NTPC कैटेगरी के तहत 3,477 ग्रेजुएट-लेवल पोस्ट के लिए कैंडिडेट्स की रिक्रूटमेंट के लिए एक छोटा नोटिफिकेशन जारी किया है। नोटिफिकेशन के मुताबिक, ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस 8 अक्टूबर, 2026 से शुरू होने वाला है। एलिजिबल और इंटरेस्टेड कैंडिडेट्स 6 नवंबर, 2026 तक अपने एप्लीकेशन ऑनलाइन जमा कर सकेंगे। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया इन ग्रेजुएट-लेवल पोस्ट के लिए एलिजिबल होने के लिए कैंडिडेट्स के पास इंडिया की किसी रिकॉग्नाइज्ड यूनिवर्सिटी या इंस्टीट्यूशन से ग्रेजुएशन की डिग्री होनी चाहिए। एप्लीकेंट्स की उम्र 1 जनवरी, 2027 के हिसाब से कैलकुलेट की जाएगी। कैंडिडेट्स ऑफिशियल डिटेल्ड नोटिफिकेशन जारी होने के बाद उसमें डिटेल्ड उम्र लिमिट, रिलैक्सेशन रूल्स और दूसरी एलिजिबिलिटी रिक्वायरमेंट्स देख सकेंगे। एप्लीकेशन फीस अलग-अलग कैटेगरी के कैंडिडेट्स को अपने फॉर्म जमा करते समय तय एप्लीकेशन फीस देनी होगी। जनरल, OBC और EWS कैंडिडेट: ₹500 SC, ST, PwBD और महिला कैंडिडेट: ₹250 फीस रिफंड या दूसरी लागू शर्तों के बारे में डिटेल्स के लिए कैंडिडेट ऑफिशियल नोटिफिकेशन को ध्यान से देखें। RRB NTPC रिक्रूटमेंट के लिए अप्लाई कैसे करें एप्लीकेशन विंडो खुलने के बाद, एलिजिबल कैंडिडेट इन स्टेप्स को फॉलो करके रजिस्ट्रेशन प्रोसेस पूरा कर सकते हैं: ऑफिशियल RRB एप्लीकेशन वेबसाइट, www.rrbapply.gov.in पर जाएं। होमपेज पर, RRB NTPC ग्रेजुएट रिक्रूटमेंट एप्लीकेशन लिंक ढूंढें और चुनें। एप्लीकेशन फॉर्म में ज़रूरी पर्सनल, एजुकेशनल और दूसरी डिटेल्स डालें। ज़रूरी स्कैन किए गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें और लागू एप्लीकेशन फीस पे करें। पूरा फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के रेफरेंस के लिए एक कॉपी डाउनलोड या प्रिंट करें। कैंडिडेट को सलाह दी जाती है कि एप्लीकेशन फॉर्म सबमिट करने से पहले उसमें दी गई सभी जानकारी को ध्यान से वेरिफाई कर लें। उन्हें भविष्य में इस्तेमाल के लिए अपनी रजिस्ट्रेशन डिटेल्स और एप्लीकेशन कॉपी भी सुरक्षित रखनी चाहिए।
PC: The indian express इंस्टीट्यूट ऑफ़ बैंकिंग पर्सनेल सिलेक्शन ने IBPS RRB रिक्रूटमेंट 2026 के लिए रजिस्ट्रेशन की तारीख 27 सितंबर, 2026 तक बढ़ा दी है। जो कैंडिडेट ऑफिस असिस्टेंट और ऑफिसर स्केल I, II, III पोस्ट के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वे IBPS की ऑफिशियल वेबसाइट ibps.in पर डायरेक्ट लिंक देख सकते हैं। पहले, अप्लाई करने की आखिरी तारीख 21 सितंबर थी, जिसे एक हफ़्ते के लिए बढ़ा दिया गया है। ईस्ट सेंट्रल रेलवे रिक्रूटमेंट GDCE 2026 के ज़रिए: 1465 ALP और दूसरे पोस्ट के लिए ecr.indianrailways.gov.in पर अप्लाई करें रजिस्ट्रेशन बंद होने के 2 दिन बाद करेक्शन विंडो खुलेगी, तारीख वेबसाइट पर बता दी जाएगी। प्रीलिमिनरी एग्जाम नवंबर/दिसंबर 2026 में और मेन एग्जाम दिसंबर 2026/जनवरी 2027 में होगा। ऑफिसर स्केल I, II और III के लिए इंटरव्यू जनवरी/फरवरी 2027 में होगा। इस रिक्रूटमेंट ड्राइव से ऑर्गनाइज़ेशन में 13745 वैकेंसी भरी जाएंगी, जिसमें ऑफिस असिस्टेंट के लिए 8222 पोस्ट, ऑफिसर स्केल I के लिए 4256 पोस्ट, ऑफिसर स्केल II के लिए 1047 वैकेंसी और ऑफिसर स्केल III के लिए 220 पोस्ट हैं। IBPS RRB रिक्रूटमेंट 2026: अप्लाई कैसे करें सभी इंटरेस्टेड कैंडिडेट जो इस पोस्ट के लिए अप्लाई करना चाहते हैं, वे यहां दिए गए स्टेप्स देख सकते हैं: 1. IBPS की ऑफिशियल वेबसाइट ibps.in पर जाएं। 2. होम पेज पर मौजूद IBPS RRB क्लर्क, PO रिक्रूटमेंट 2026 रजिस्ट्रेशन लिंक पर क्लिक करें। 3. एक नया पेज खुलेगा जहां कैंडिडेट को रजिस्ट्रेशन डिटेल्स डालनी होंगी। 4. रजिस्ट्रेशन हो जाने के बाद, अकाउंट में लॉगिन करें। 5. एप्लीकेशन फॉर्म भरें और एप्लीकेशन फीस का पेमेंट करें। 6. सबमिट पर क्लिक करें और पेज डाउनलोड करें। 7. आगे की ज़रूरत के लिए इसकी एक हार्ड कॉपी अपने पास रखें। SC/ST/PwBD कैंडिडेट्स के लिए एप्लीकेशन फीस ऑफिसर स्केल I, II और III और ऑफिस असिस्टेंट के लिए ₹175/- है और बाकी सभी के लिए ₹850/- है। पेमेंट डेबिट कार्ड (RuPay/ Visa/ MasterCard/ Maestro), क्रेडिट कार्ड, इंटरनेट बैंकिंग, IMPS, कैश कार्ड/ मोबाइल वॉलेट का इस्तेमाल करके स्क्रीन पर मांगी गई जानकारी देकर किया जा सकता है। एक कैंडिडेट ऑफिस असिस्टेंट (मल्टीपर्पस) के पद के लिए और ऑफिसर के पद के लिए भी अप्लाई कर सकता है। हालांकि, एक कैंडिडेट ऑफिसर कैडर में सिर्फ एक पद के लिए अप्लाई कर सकता है, यानी ऑफिसर स्केल-I या स्केल-II या स्केल III के लिए। ज़्यादा जानकारी के लिए कैंडिडेट्स IBPS की ऑफिशियल वेबसाइट देख सकते हैं।
इंटरनेट डेस्क। नौकरी का सपना देख रहे हैं तो फिर ये खबर आपके लिए काम की है। जी हां हिन्दुस्तान कॉपर लिमिटेड में जनरल मैनेजर और डिप्टी जनरल मैनेजर की ऑफिसर वैकेंसी के लिए योग्य कैंडिडेट्स से आवेदन मांगे गए है। ये दोनों पोस्ट माइनिंग, एचआर, फाइनेंस और मेटेरियल एंड कॉन्ट्रेक्ट के लिए हैं। पदों के नाम- जनरल मैनेजर और डिप्टी जनरल मैनेजर कुल पद- 10 योग्यता- पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन सैलेरी- 1 लाख 20 हजार से 2 लाख 80 हजार तक आवेदन की लास्ट डेट- 8 अक्टूबर 2026 ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट www.hindustancopper.com देख सकते हैं pc- siasat.com
संभल में 71 साल की शिक्षा मंत्री का अनोखा अंदाज, राधा-कृष्ण की प्रस्तुति पर कलाकारों के साथ किया डांस
भायंदर के तपोवन विद्यालय पर आरोप है कि टिफिन में मेथी की सब्जी लाने वाले छात्र को घर का खाना खाने से रोककर कैंटीन से भोजन दिया गया और ₹20 वसूले गए. मामले में शिक्षा विभाग ने स्कूल को नोटिस जारी किया है.
बालाघाट के सरस्वती नगर में अष्टविनायक गणेश उत्सव समिति ने इस बार शिक्षा की थीम पर गणेश पंडाल बनाया है। यहां भगवान गणेश की प्रतिमा के हाथों में किताब है, जिस पर 'ज्ञान ही शक्ति है' का संदेश लिखा है। यह पंडाल लोगों के लिए आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। 16 साल से गणेशोत्सव मना रही समिति समिति पिछले 16 सालों से गणेशोत्सव मना रही है, लेकिन इस साल की शिक्षा थीम खास तौर पर लोगों को खींच रही है। पंडाल में झांकी के जरिए युवाओं ने संदेश दिया है कि 'रोटी चाहे एक वक्त की कम खाओ, पर अपने देश के हर बच्चों को स्कूल जरूर पहुंचाओ'। साथ ही लिखा है, 'जहां ज्ञान बिकने लगे, वहां भविष्य रोने लगता है, मेहनत का सम्मान हो, प्रतिभा की पहचान हो'। पेपर लीक पर युवाओं ने उठाया सवाल पंडाल की सजावट में नीट पेपर लीक का मुद्दा भी उठाया गया है। यहां लिखा है, 'पेपर लीक-पैसों का खेल- मेहनत पर भारी, कब तक चलेगी लाचारी'। इसके ऊपर एक और संदेश है, 'मेहनत का सम्मान हो, हमारा पंडाल किसी के खिलाफ नहीं, मेहनती बच्चों के साथ है'। इसमें भगवान गणेश से हर बच्चे की मेहनत सफल करने की प्रार्थना भी की गई है। ‘हर बच्चे को स्कूल तक पहुंचाना चाहिए’ समिति के अध्यक्ष अनमोल वासु ने बताया कि 28 बाई 30 फीट के इस पंडाल में शिक्षा का संदेश देती गणेश प्रतिमा स्थापित की गई है। उन्होंने कहा कि अक्सर बच्चे किसी वजह से स्कूल नहीं जा पाते हैं। गणेश उत्सव के जरिए हमने यह संदेश दिया है कि ऐसे बच्चों की मदद कर उन्हें स्कूल तक पहुंचाना चाहिए। समिति के अध्यक्ष ने साफ किया कि पंडाल में दिया गया संदेश किसी व्यक्ति, संस्था या समाज के खिलाफ नहीं है, बल्कि यह एक सकारात्मक पहल है। उन्होंने कहा कि पेपर लीक जैसी घटना नहीं होनी चाहिए, क्योंकि विद्यार्थी अपनी पूरी जिंदगी पेपर की तैयारी में लगा देते हैं और जब पेपर लीक होता है, तो उनका जीवन बर्बाद हो जाता है। उन्होंने जोर देकर कहा कि समिति मेहनती बच्चों के साथ है। युवाओं ने कहा- हर बच्चे को मिले पूरा अवसर समिति से जुड़े अजय कुमार बारिया ने कहा कि पेपर लीक के बाद बच्चों पर पड़ने वाला असर सभी ने देखा है। कई बच्चे कर्ज लेकर पढ़ाई करते हैं। कृष्णा अग्रवाल ने कहा कि हर बच्चे को शिक्षित होने और आगे बढ़ने का अवसर मिलना चाहिए। शिक्षिका गुरदीप कौर ने भी थीम की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा पर सभी बच्चों का समान अधिकार है। दर्शनार्थियों ने भी सराहा संदेश गणेश प्रतिमा के दर्शन करने पहुंचे एमएल भाटी ने कहा कि पंडाल की थीम को लोगों को समझना चाहिए। यह केवल झांकी नहीं, बल्कि ज्ञान का संदेश है। बालाघाट में 80 से ज्यादा स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं स्थापित की गई हैं। शाम के समय बड़ी संख्या में लोग पंडालों में पहुंच रहे हैं। इनमें अष्टविनायक समिति का शिक्षा थीम वाला पंडाल खास आकर्षण बना हुआ है। बच्चों ने बनाई गणेश प्रतिमा, सोशल मीडिया पर छाई बालाघाट में गणेशोत्सव की धूम है। शहर में 80 से ज्यादा स्थानों पर गणेश प्रतिमाएं विराजित की गई हैं। कई जगह भव्य पंडाल सजाए गए हैं, तो कुछ पंडालों में शिक्षा और जागरूकता का संदेश दिया जा रहा है। वहीं जिला पंचायत और एसपी कार्यालय के बीच बच्चों ने स्वनिर्मित गणेश प्रतिमा स्थापित की है। छोटे से मंडप में विराजित यह प्रतिमा बच्चों की भगवान गणेश के प्रति भक्ति और आस्था को दर्शाती है। बच्चों की बनाई गणेश प्रतिमा सोशल मीडिया पर भी खासी वायरल हो रही है।
आईबीपीएस आरआरबी सीआरपी-XV भर्ती के लिए आवेदन की अंतिम तिथि बढ़ा दी गई है। अब उम्मीदवार 13 हजार से अधिक पदों के लिए निर्धारित नई तारीख तक आवेदन कर सकते हैं।
हिमाचल की सुक्खू सरकार 19 से 27 वर्ष के युवाओं को देगी पॉकेट मनी, सुख शिक्षा योजना के तहत मिलेगा लाभ
हिमाचल सरकार ने इंदिरा गांधी सुख शिक्षा योजना का दायरा बढ़ाकर 27 वर्ष किया है। अब 19 से 27 वर्ष की आयु तक 1,000 रुपये मासिक पॉकेट मनी मिलेगी।
एसएसी: सीजीएल टियर-1 परीक्षा के लिए सिटी स्पिल जारी, प्रवेश पत्र एग्जाम से 2-3 दिन पहले होंगे उपलब्ध
कर्मचारी चयन आयोग ने सीजीएल टियर-1 परीक्षा 2026 के लिए परीक्षा शहर की जानकारी जारी कर दी है। उम्मीदवार SSC की वेबसाइट पर लॉगिन कर अपना एग्जाम सिटी देख सकते हैं, जबकि प्रवेश पत्र परीक्षा से 2-3 दिन पहले उपलब्ध होंगे।
प्राइवेट यूनिवर्सिटीज पर सुप्रीम कोर्ट की चाबुक, शिक्षा के नाम पर मुनाफा कमाने वालों की खैर नहीं
Supreme Court Private Universities Profit: एमिटी यूनिवर्सिटी के एक मामले पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने देश की तमाम प्राइवेट यूनिवर्सिटीज को निर्देश जारी किया है, जिसमें उन्हें अपने तमाम खर्चों और बाकी चीजों का पूरा ब्योरा देना होगा.
शिक्षक भर्ती में यूपी के शिक्षा मित्रों को वेटेज देने की तैयारी! आयुसीमा में भी मिल सकती है छूट
UP Primary Teacher Bharti Shiksha Mitra Relaxation: यूपी चुनाव से पहले सरकार हजारों शिक्षा मित्रों को बड़ी राहत दे सकती है, सहायक शिक्षक भर्ती में इन शिक्षा मित्रों को वेटेज दिया जा सकता है और आयुसीमा में भी छूट मिल सकती है.
यूपी की 71 साल की शिक्षा मंत्री का अनोखा अंदाज, राधा-राधा भजन पर झूमने लगीं, जमकर बरसे फूल, VIDEO
वीडियो में देखा जा सकता है कि शिक्षा मंत्री मंच पर पहुंचीं और कलाकारों के साथ डांस करने लगीं. कलाकारों ने भी उनका हाथ पकड़ा और वे सभी एक साथ राधा-राधा गाने पर झूमने लगे.
यूपी 11508 शिक्षक भर्ती में शिक्षामित्रों को वेटेज देने की तैयारी, मिले राहत के संकेत
बेसिक शिक्षा परिषद ने उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग को पत्र लिखकर उच्चतम न्यायालय के 18 नवंबर 2020 के उस आदेश की जानकारी दी है, जिसमें शिक्षामित्रों को आगामी शिक्षक भर्ती में एक अतिरिक्त अवसर प्रदान किए जाने के आदेश पारित दिए गए थे।
मिथुन राशि वाले शिक्षा से जुड़ी सफलता करेंगे हासिल, जानें सभी राशियों का हाल
Aaj ka Rashifal 22 सितंबर 2026, Horoscope Today: यह समय अपने रिश्तों को संभालने का है. अनजान लोगों से मुलाकात हो सकती है और मन की पुरानी चिंता दूर होगी. व्यापार में सोच-समझकर ही कोई निर्णय लें.
Prayagraj News: प्रतियोगी छात्रों ने शिक्षा निदेशालय घेरा, बोले- हम लाठी खाने को तैयार
प्रतियोगी छात्रों ने शिक्षा निदेशालय घेरा, बोले- हम लाठी खाने को तैयार
Sonipat News: टेट के विरोध में कल शिक्षा मंत्री के कैंप कार्यालय पर प्रदर्शन करेंगे शिक्षक
Teachers to protest at the Education Minister's camp office tomorrow against the TET.
मिथुन राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, जानें शुभ रंग
Gemini Daily Horoscope, 22 September 2026 Aaj Ka Mithun Rashifal in Hindi: हम काम सावधानी से करने का दिन है, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, रिश्तों को संभालने का समय है, अनजान लोगों से मुलाकात होगी, मन की चिंता दूर होगी, व्यापार में सोच समझ कर निर्णय लें.
Sirmour News: विद्यार्थियों को एआई, उच्च शिक्षा, रोजगार के बदलते स्वरूप की दी जानकारी
विद्यार्थियों को एआई, उच्च शिक्षा, रोजगार के बदलते स्वरूप की दी जानकारी
पुस्तक बैंक महिलाओं को शिक्षा से जोड़ेगा : डॉ. आर्या
प्रधानमंत्री के जन्मदिन के उपलक्ष्य में हुडा सेक्टर में यज्ञ, योग और सत्संग संगोष्ठी आयोजित हुई। इस अवसर पर एक पुस्तक बैंक की भी स्थापना की गई।
Kaithal News: शिक्षा में भारतीयता विषय पर मासिक बैठक का आयोजन
Monthly meeting organized on the theme of 'Indianness in Education'
Shamli News: शिक्षा विभाग के प्रधान लिपिक निलंबित
मृतक आश्रित कोटे में दो कनिष्ठ लिपिकों की बिना पद सृजित किए और शासन की अनुमति के बिना नियुक्ति कराने के आरोप में नगर क्षेत्र शामली के प्रधान लिपिक भूमेश कुमार को निलंबित कर दिया गया है।
मुरादाबाद के जिलाधिकारी डॉ. राजेंद्र पेंसिया का सोमवार को तबादला हो गया। हरदोई के जिलाधिकारी अनुनय झा को मुरादाबाद का नया DM बनाया गया है। जबकि डॉ. राजेंद्र पैंसिया को विशेष सचिव कारागार बनाकर शासन में तैनाती दी गई है। जिलाधिकारी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया संभल से अभी 4 माह पहले ही ट्रांसफर पर मुरादाबाद के डीएम बनकर आए थे। लेकिन बेहद कम वक्त में उन्हें मुरादाबाद से स्थानांतरित कर दिया गया है। शिक्षा के क्षेत्र में सुधार करने के लिए पहचाने जाने वाले डॉ. राजेन्द्र पैंसिया ने बेहद कम वक्त में जिले के बेसिक स्कूलों में सुधार का कार्य किया। उन्होंने पीएम श्री स्कूलों को प्राइवेट स्कूलों की तर्ज पर संवारने का अभियान शुरू किया था।डॉ. राजेन्द्र पैंसिया आईएएस बनने से पहले खुद भी एक शिक्षक रहे हैं। इसलिए बेसिक स्कूलों के प्रति उन्हें गहरा लगाव है। मूल रूप से राजस्थान के रहने वाले डॉ. पैंसिया ने संभल में तैनाती के दौरान ख्याति अर्जित की। संभल में तैनाती के दौरान उन्होंने अवैध रूप से बने कई धार्मिक स्ट्रक्चर ध्वस्त कराए और हरिहर मंदिर सर्वे मामले में कड़े स्टैंड को लेकर भी डॉ. राजेन्द्र पैंसिया का नाम नेशनल लेवल पर सुर्खियों में आया।बेहद कम वक्त में उनके तबादले से लोग हैरान हैं।
दिल्ली के इस अस्पताल में सीनियर रेजिडेंट पदों पर निकली भर्ती, 24 सितंबर को वॉक-इन इंटरव्यू
मेडिकल क्षेत्र से जुड़े जो लोग नौकरी की तलाश में जुटे हैं, उनके लिए यह एक अच्छा मौका है। पंडित मदन मोहन मालवीय हॉस्पिटल (पीएमएमएमएच), नई दिल्ली ने इमरजेंसी...
Secondary Education UP:उत्तर प्रदेश शिक्षा सेवा चयन आयोग, प्रयागराज ने पूर्व में विज्ञापित रिक्त पदों के लिए चयन प्रक्रिया पूरी करने के बाद इन अभ्यर्थियों का चयन किया है।
छत्तीसगढ़ स्कूल शिक्षा विभाग में व्याख्याता के 854 पदों पर सीधी भर्ती की प्रक्रिया शुरू हो गई है। मुख्यमंत्री की घोषणा के तहत ई और टी-संवर्ग में इन पदों को भरा जाएगा। हिंदी, अंग्रेजी और संस्कृत में सबसे अधिक 120-120 पद हैं। परीक्षा का आयोजन छत्तीसगढ़ कर्मचारी चयन मंडल द्वारा संभावित है।
देवरिया में शासन के निर्देश पर परिषदीय विद्यालयों में बच्चों की शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और अभिभावकों से बेहतर समन्वय स्थापित करने के लिए सदर बिकास क्षेत्र के कमपोजिट विद्यालय असना में सोमवार को अभिभावक-शिक्षक बैठक (PTM) का आयोजन किया गया। बैठक को संबोधित करते हुए उत्तर प्रदेश बीटीसी शिक्षक संघ के प्रदेश अध्यक्ष अनिल यादव ने कहा कि बच्चों को पूरे यूनिफार्म में नियमित विद्यालय भेजें। उन्होंने कहा कि बच्चे ही आप और समाज की मूल पूंजी हैं। बच्चों का सर्वागिण उन्नति कराना हम सभी की नैतिक जिम्मेदारी है। उन्होंने कहा कि राष्ट्र निर्माण का रास्ता भारत के गांव से होकर ही जाता है। आज भी गांवों में लोग शिक्षा के प्रति पूर्ण रूप से सचेत नहीं हैं। सभी को एक मुहिम चलाकर हर बच्चे को स्कूल में लाना होगा, तभी हम सब देश के लिए एक नेक नागरिक तैयार कर सकेंगे। प्रधानाध्यापक शैलेन्द्र नाथ चौवे ने बैठक के मुख्य बिंदु और एजेंडा पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बच्चे कुम्हार के मिट्टी समान होते हैं, उन्हें शिक्षक एवं अभिभावक किसी आकार में उनके भविष्य का निर्माण कर सकते हैं। इसलिए बच्चों के प्रति आदर्श अभिभावक बने और उनके नियमित शिक्षण की निगरानी करें, जिससे बच्चे की उन्नति के बारे में जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि सभी बच्चों को ड्रेस बनवाएं, माता-पिता, सरकार ने खातों में पैसा भेज दिया है। इस दौरान राम प्रताप यादव, अवनीश कुमार, कुसुम देवी, पूनम देवी सहित बच्चों के माता-पिता उपस्थित रहे।
आंध्र प्रदेश पीएससी भर्ती 2026: 163 पदों पर नियुक्ति का सुनहरा अवसर, 6 अक्टूबर से कर सकेंगे अप्लाई
आंध्र प्रदेश लोक सेवा आयोग (एपीपीएससी) ने विभिन्न श्रेणियों के पदों के लिए ग्रुप-I सेवाओं में सीधी भर्ती के तहत नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके कुल...
लखनऊ के निगोहां में सामाजिक और राजनीतिक मुख्यधारा में अपनी सशक्त उपस्थिति दर्ज कराने के उद्देश्य से निगोहां के दुन्दपुर रोड, भगवानपुर में पसमांदा मुस्लिम समाज के विशाल कार्यकर्ता सम्मेलन का आयोजन किया गया। सम्मेलन का मुख्य संदेश रहा समान हक, समान अवसर, मजबूत समाज और शिक्षित पसमांदा, सशक्त पसमांदा, मजबूत भारत। इस आयोजन में लखनऊ, रायबरेली, प्रतापगढ़ और बहराइच समेत कई जिलों से भारी संख्या में कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। मंच से पसमांदा तबके के अधिकारों और हिस्सेदारी की पुरजोर आवाज उठाई गई। वक्ताओं ने सवाल उठाया कि 80 फीसदी से अधिक आबादी होने के बावजूद पसमांदा समाज को अब तक उसका वाजिब हक, सम्मान और प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। सबीहा सुल्ताना, शेख सलाहुद्दीन, ताहिर मंसूरी, शहजाद कुरैशी, मो. आफाक और सना परवीन ने एक स्वर में शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय को अपना बुनियादी अधिकार बताते हुए एकजुटता का आह्वान किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि, पसमांदा मुस्लिम समाज के राष्ट्रीय अध्यक्ष, सपा के राष्ट्रीय सचिव व यूपी के पूर्व मंत्री अनीस मंसूरी ने कार्यकर्ताओं में नया उत्साह भरा। उन्होंने कहा कि पसमांदा समाज को सामाजिक, आर्थिक और राजनीतिक रूप से खुद को मजबूत करना होगा। उन्होंने कार्यकर्ताओं को निर्देश दिया कि वे संगठन को बूथ स्तर तक धार दें और घर-घर जाकर लोगों को अधिकारों के प्रति जागरूक करें। कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रदेश अध्यक्ष वसीम राईनी ने की, जबकि सफल संचालन का जिम्मा मंडल मीडिया प्रभारी मो. आरिफ मंसूरी और जिला मंडल मीडिया प्रभारी मो. इश्तियाक (शेर खान) ने संभाला। मंच पर विशिष्ट अतिथियों में प्रदेश महामंत्री शेख सलाहुद्दीन, प्रदेश सचिव अबू बकर इदरीसी, समाजसेवी शहजाद कुरैशी, प्रदेश उपाध्यक्ष सबीहा सुल्ताना, राष्ट्रीय संगठन मंत्री हसनैन मंसूरी, प्रदेश महामंत्री मो. ताहिर मंसूरी, रायबरेली जिलाध्यक्ष मो. इसराईल, मो. तारिक अंसारी और बहराइच से साहिर मंसूरी मौजूद रहे। साथ ही सुरेन्द्र शुक्ला, पूर्व प्रधान निशू मिश्रा, अब्दुल्लाह, मो. इब्राहिम, मो. ताहिर, मेराज, इमरान, इरफान, सलमान, असगर अली इदरीसी, हयात मंसूरी, शमीम और शकील समेत सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ मंगलवार को इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में 3567 नए शिक्षकों और प्रधानाचार्यों को नियुक्ति पत्र देंगे।
पंजाब सरकार द्वारा श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व को समर्पित पूरे प्रदेश में विशेष ड्रोन शो का आयोजन किया जा रहा है। इसी कड़ी में सुजानपुर विधानसभा क्षेत्र के अधीन आते शाहपुरकंडी में 23 सितंबर (बुधवार) को एक भव्य और ऐतिहासिक ड्रोन शो का आयोजन होने जा रहा है। इसमें करीब 500 आधुनिक ड्रोन के जरिए श्री गुरु रविदास महाराज के जीवन, उनकी अमर शिक्षाओं और पवित्र दर्शन को आसमान में जीवंत किया जाएगा। कार्यक्रम की तैयारियों को अंतिम रूप देने के लिए शाहपुरकंडी में प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की एक विशेष समीक्षा बैठक आयोजित की गई। सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल (जुगियाल) के मैदान में शाम 6 बजे शुरू होगा शो बैठक के दौरान एसडीएम शंकर शर्मा ने कार्यक्रम के विवरण की जानकारी देते हुए बताया: सुजानपुर हलके का यह विशेष शो 23 सितंबर, बुधवार को शाम 6:00 बजे आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल, शाहपुरकंडी (जुगियाल) के विशाल खेल मैदान में होगा। 500 ड्रोन का कमाल: शो के दौरान 500 से अधिक अत्याधुनिक ड्रोन एक साथ आसमान में उड़ान भरेंगे। ये ड्रोन रोशनी के अद्भुत समन्वय से गुरु रविदास जी के जीवन-प्रसंगों, उनकी शिक्षाओं, मानव कल्याण के संदेश और धार्मिक आकृतियों को आसमान में उकेरेंगे। 4 हजार से अधिक श्रद्धालुओं व स्कूली बच्चे पहुंचेंगे प्रशासनिक अधिकारियों के अनुसार, इस अलौकिक शो को देखने के लिए करीब 4,000 स्कूली बच्चों, श्रद्धालुओं और स्थानीय निवासियों के शामिल होने की संभावना है। इलाके के लोगों में इस भव्य आयोजन को लेकर भारी उत्साह देखा जा रहा है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सुजानपुर के बाद पठानकोट और भोआ विधानसभा क्षेत्रों में भी इसी प्रकार के विशाल ड्रोन शो आयोजित किए जाएंगे। इस मौके पर सुजानपुर हलका इंचार्ज डॉ. स्वर्ण सिंह सलारिया ने समूह संगत को श्री गुरु रविदास जी के 650वें प्रकाश पर्व की बधाई दी। डॉ. सलारिया ने सुजानपुर और आसपास के सभी निवासियों से अपील की कि वे 23 सितंबर को शाम 6 बजे शाहपुरकंडी (जुगियाल) के स्कूल मैदान में पहुंचकर इस ऐतिहासिक पल के साक्षी बनें। बैठक में विभिन्न प्रशासनिक विभागों के जिला स्तरीय अधिकारी और आम आदमी पार्टी के प्रमुख पदाधिकारी व कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
राजस्थान वरिष्ठ शिक्षक संघ (रेस्टा) का दो दिवसीय जिला स्तरीय सम्मेलन रावतसर की ब्राह्मण धर्मशाला में आयोजित हुआ। सम्मेलन में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने, शिक्षकों की समस्याओं के समाधान, 7वें वेतन आयोग की कमियां दूर करने, 8वें वेतन आयोग में वरिष्ठ अध्यापकों को लाभ दिलाने और नए स्कूलों में पद सृजित करने समेत संगठन से जुड़े कई मुद्दों पर चर्चा हुई। वरिष्ठ अध्यापकों की डीपीसी जल्द कराने और स्टाफिंग पैटर्न में वरिष्ठ अध्यापकों के छह पद रखने की मांग को भी प्रमुखता से उठाया गया। खुले सत्र में संगठन को मजबूत करने पर जोर सम्मेलन में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ओमप्रकाश सुथार, अतिरिक्त ब्लॉक शिक्षा अधिकारी हरीश बेनीवाल और आरपी संजीव शिक्षाविद के रूप में मुख्य वक्ता रहे। उद्घाटन सत्र के बाद आयोजित खुले सत्र में हरीश बेनीवाल ने वरिष्ठ अध्यापकों से संघ को मजबूत करने और संगठनात्मक गतिविधियों को तेज करने की अपील की। वेतन आयोग से लेकर बोर्ड परीक्षा तक के मुद्दे सम्मेलन में संघ के एजेंडे से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर विस्तार से विचार-विमर्श हुआ। इसमें सातवें वेतन आयोग की कमियां दूर करने, आठवें वेतन आयोग में वरिष्ठ अध्यापकों को लाभ दिलाने, नए बने स्कूलों में नए पद सृजित करने तथा बोर्ड परीक्षा परिणाम में सत्रांक के अलावा 40 प्रतिशत की अनिवार्यता लागू नहीं करने की मांग शामिल रही। इसके साथ वरिष्ठ अध्यापकों की डीपीसी जल्द करने और स्टाफिंग पैटर्न में वरिष्ठ अध्यापकों के छह पद रखने पर भी चर्चा हुई। नए स्कूलों में व्याख्याता पद बनाने का प्रस्ताव सम्मेलन में एक प्रस्ताव पारित कर नए बने स्कूलों और प्रत्येक सरकारी उच्च माध्यमिक विद्यालय में जरूरी विषयों के व्याख्याता पद सृजित करने की मांग रखी गई। जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने वरिष्ठ अध्यापकों से संघ को मजबूत बनाने के लिए सक्रिय रूप से जुड़ने का आह्वान किया। सदस्यता अभियान तेज करने और दूसरे ब्लॉकों में कार्यकारिणी गठित करने का प्रस्ताव भी पारित किया गया। शिक्षक कल्याण और सेवा संबंधी समस्याओं पर भी चर्चा जिलाध्यक्ष गोपाल शर्मा ने कहा कि संगठन का मुख्य मकसद शिक्षा की गुणवत्ता बेहतर करना, शिक्षकों की समस्याओं का समाधान करना और छात्रों के संपूर्ण विकास के लिए शिक्षकों को सक्षम बनाना है। जिला उपाध्यक्ष शिवप्रकाश बिश्नोई ने कहा कि आने वाले समय में रेस्टा जिले में शिक्षकों के बीच तालमेल, संवाद और सहयोग को मजबूत करेगा। संगठन शिक्षकों की जायज मांगों को सरकार और प्रशासन के सामने मजबूती से रखेगा और उन्हें पूरा करवाने के लिए लगातार प्रयास करेगा। वक्ताओं ने शिक्षक कल्याण, पेंशन, मेडिकल सुविधाओं और सेवा से जुड़ी समस्याओं पर भी गंभीरता से काम करने की बात कही। संगठन विस्तार और आगामी योजनाओं पर मंथन सम्मेलन में संगठन विस्तार, आगामी योजनाओं और शिक्षक संवाद कार्यक्रमों को लेकर भी चर्चा हुई। मंच संचालन प्रवक्ता गुरजंट सिंह ने किया। सम्मेलन में जिला महामंत्री सुभाष गोदारा, जिला कार्यकारिणी सदस्य आशा शर्मा, रामकुमार, गुरप्रीत सिंह, रविशंकर पारीक, सुरेंद्र शर्मा, रावतसर ब्लॉक अध्यक्ष जय नारायण मटोरिया, ब्लॉक महामंत्री पवन शर्मा, महिला मंत्री आशा शर्मा, सुमित्रा चौधरी, सुशीला चौधरी, अनूप सुथार, राकेश जांगिड़, राकेश बसर, संगरिया ब्लॉक अध्यक्ष सहित विभिन्न ब्लॉकों के कार्यकारिणी सदस्य और वरिष्ठ अध्यापक मौजूद रहे।
उमरिया में कन्या शिक्षा परिसर की छात्राओं का प्रदर्शन, कलेक्टर से मिलने की मांग पर अड़ीं
21 सितंबर, सोमवार: उमरिया के बिरसिंहपुर पाली स्थित कन्या शिक्षा परिसर में छात्राएं समस्याओं को लेकर मुख्य गेट पर बैठ गईं। उन्होंने कलेक्टर से मुलाकात की मांग की। पाली एसडीएम और तहसीलदार ने मौके पर पहुंचकर बातचीत की, जिसके बाद छात्राओं ने विरोध समाप्त कर दिया।
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में शिक्षा ढांचे पर 12,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे, 73 लाख पार हुआ नामांकन
राजस्थान के सरकारी स्कूलों में अगले 3 वर्षों में 12,500 करोड़ रुपये खर्च होंगे। 9 हजार स्मार्ट क्लास, 7 हजार आईसीटी लैब, 80 हजार टैबलेट और 3,587 नए विद्यालय भवनों की योजना के साथ नामांकन 73 लाख पार हुआ।
शामली पहुंची साध्वी निरंजन ज्योति:पिछड़ा वर्ग संगठन के कार्यक्रम में शिक्षा और नशामुक्ति पर जोर दिया
शामली के बधेव कन्नूखेड़ा गांव में पिछड़ा वर्ग संगठन ने महर्षि कालू राम बाबा का जन्मोत्सव मनाया। यह कार्यक्रम सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक चला। इसमें भारत सरकार के पिछड़ा वर्ग आयोग की अध्यक्ष महामंडलेश्वर साध्वी निरंजन ज्योति मुख्य अतिथि थीं। एमएलसी सुरेश कश्यप, समाज के जनप्रतिनिधि और कई गणमान्य लोग भी मौजूद रहे। कार्यक्रम में पिछड़ा वर्ग के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण के साथ युवाओं को शिक्षा, कौशल और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर चर्चा हुई। साध्वी निरंजन ज्योति ने कहा कि समाज में पीछे रहने का आरोप दूसरों पर लगाने से पहले हर व्यक्ति को खुद में झांकना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि अगर आगे बढ़ना है, तो शिक्षा और मेहनत के रास्ते पर चलना होगा। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहने की अपील की। साध्वी ने कहा कि नशा किसी भी समाज के लिए अच्छा नहीं है। अगर युवा नशे के शिकार होंगे, तो उनका भविष्य खराब होगा और वे शिक्षा व रोजगार में आगे नहीं बढ़ पाएंगे। संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं साध्वी ने यह भी कहा कि महापुरुषों की जयंती मनाने का मकसद सिर्फ कार्यक्रम करना नहीं, बल्कि उनके आदर्शों को जीवन में अपनाना है। उन्होंने समाज को आगे बढ़ाने के लिए बच्चों की शिक्षा पर खास ध्यान देने को कहा। साध्वी ने कहा कि सम्मान मांगने से नहीं मिलता, बल्कि अपने कामों से कमाया जाता है। उन्होंने अपने जीवन का उदाहरण देते हुए कहा कि वह सामान्य परिवार से निकलकर यहां तक पहुंची हैं। उनके पिता मजदूरी करते थे और उस समय गांव में रोजगार के अवसर भी सीमित थे। उन्होंने कहा कि संघर्ष के बाद उन्होंने तीन बार विधानसभा और तीन बार लोकसभा का चुनाव लड़ा तथा संगठन में विभिन्न जिम्मेदारियां निभाईं। उन्होंने युवाओं से कहा कि परिस्थितियां चाहे जैसी हों, मेहनत और शिक्षा के बल पर आगे बढ़ने का प्रयास करना चाहिए। ‘इतिहास भूलने वाला समाज कमजोर हो जाता है’ उन्होंने समाज के लोगों से अपने इतिहास को पढ़ने और बच्चों को भी महापुरुषों के बारे में बताने की अपील की। उन्होंने वेदव्यास जी का उदाहरण देते हुए कहा कि समाज का गौरवशाली इतिहास रहा है। अपने इतिहास और महापुरुषों को भूलने वाला समाज अपनी पहचान खो सकता है। इसलिए नई पीढ़ी को अपने इतिहास और महापुरुषों से जोड़ना जरूरी है। कार्यक्रम में समाज के सामाजिक, शैक्षिक और आर्थिक सशक्तिकरण तथा संवैधानिक अधिकारों के प्रति जागरूकता बढ़ाने पर भी चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि समाज की सक्रिय सहभागिता और जागरूकता के माध्यम से समावेशी विकास को गति दी जा सकती है। युवाओं को शिक्षा, कौशल विकास और रोजगार के अवसरों से जोड़ने पर भी जोर दिया गया। ‘दूरियों की सियासत छोड़कर साथ चलें’ कार्यक्रम में वक्ताओं ने सामाजिक एकता और भाईचारे का संदेश भी दिया। कहा गया कि आपस में सभी भाई-भाई हैं। समाज में दूरी पैदा करने वाली राजनीति से ऊपर उठकर एकजुट होकर आगे बढ़ने की जरूरत है। वक्ताओं ने कहा—“हो जाएगा सफर आसान, आओ साथ चलकर देखें। कुछ तुम बदलकर देखो और कुछ हम बदलकर देखें।” महर्षि कालू राम बाबा के जन्मोत्सव और प्रकटोत्सव को लेकर अलग-अलग मान्यताओं का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने कहा कि महापुरुषों के प्रति श्रद्धा और भावनाएं महत्वपूर्ण हैं। कार्यक्रम में साध्वी निरंजन ज्योति का तालियों की गड़गड़ाहट से स्वागत किया गया। कार्यक्रम में सुरेश कश्यप, रंजीत कश्यप, रमेश कश्यप, मुकुल कश्यप, कृष्णपाल कश्यप, टुन्नू शर्मा, अक्षय देशवाल, सतेंद्र देशवाल, डॉ. विकास पंवार, धर्मेंद्र कुमार, सुनील प्रधान, नीरज कश्यप, राममेहर कश्यप, मुकेश फौजी, विक्की कश्यप, प्रदीप, विनीत, ईशु, निक्की सहित बड़ी संख्या में क्षेत्रवासी और गणमान्य लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम संयोजक डॉ. सुदीप कश्यप सहित आयोजकों ने अतिथियों और उपस्थित लोगों का आभार जताया।
मधुबनी में केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर के पहले शैक्षणिक सत्र की शुरुआत सोमवार, 21 सितंबर से हो गई। विद्यालय के शुभारंभ के मौके पर जिला पदाधिकारी समेत स्थानीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे। फिलहाल विद्यालय का संचालन झंझारपुर नगर स्थित प्लस टू केजरीवाल हाई स्कूल परिसर से किया जा रहा है। विद्यालय संचालन के लिए जरूरी सुविधाएं और फर्नीचर तैयार कर लिए गए हैं। बालवाटिका-1 से पांचवीं तक शुरू हुई पढ़ाई पहले सत्र में बालवाटिका-1 से लेकर कक्षा पांच तक की पढ़ाई शुरू की गई है। इन कक्षाओं में कुल 320 बच्चों का नामांकन हुआ है। प्रत्येक कक्षा में 40-40 बच्चों को प्रवेश दिया गया है। विद्यालय शुरू होने से झंझारपुर अनुमंडल क्षेत्र के बच्चों और अभिभावकों में उत्साह है। अस्थायी परिसर में फिलहाल होगी पढ़ाई केंद्रीय विद्यालय का संचालन अभी प्लस टू केजरीवाल हाई स्कूल परिसर से किया जा रहा है। यहां विद्यार्थियों की कक्षाओं के संचालन के लिए आवश्यक फर्नीचर और अन्य बुनियादी व्यवस्थाएं तैयार कर ली गई हैं। स्थायी भवन तैयार होने तक इसी परिसर से विद्यालय का संचालन होगा। बेहट मौजा में बनेगा स्थायी परिसर केंद्रीय विद्यालय के स्थायी भवन के निर्माण के लिए लखनौर अंचल के बेहट मौजा स्थित अदलपुर/परतापुर में जमीन उपलब्ध कराई जा चुकी है। इसी जमीन पर विद्यालय का स्थायी परिसर बनाया जाएगा। अधिकारियों के अनुसार, स्थायी भवन के निर्माण की प्रक्रिया जल्द शुरू होने की संभावना है। दरभंगा जाने की जरूरत होगी कम केंद्रीय विद्यालय शुरू होने से झंझारपुर अनुमंडल क्षेत्र के बच्चों को बेहतर शिक्षा के लिए दरभंगा समेत दूसरे बड़े शहरों का रुख कम करना पड़ेगा। स्थानीय स्तर पर केंद्रीय विद्यालय की सुविधा मिलने से बच्चों को बेहतर शैक्षणिक माहौल मिलेगा। वहीं, अभिभावकों को भी बच्चों की पढ़ाई के लिए बाहर भेजने की परेशानी से राहत मिलने की उम्मीद है। स्थायी भवन बनने के बाद बढ़ेंगी सुविधाएं स्थायी परिसर का निर्माण पूरा होने के बाद विद्यार्थियों को विद्यालय की निर्धारित आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध होने की संभावना है। इससे आने वाले वर्षों में केंद्रीय विद्यालय झंझारपुर में शैक्षणिक गतिविधियों के विस्तार का रास्ता भी खुलेगा।
हिमाचल शिक्षा विभाग ने मंडी जिले में 91 चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को पदोन्नति का तोहफा दिया है। इनमें 76 कर्मचारी प्रयोगशाला सहायक बनेंगे और 15 पार्ट टाइम कर्मी नियमित किए जाएंगे, जिनकी प्रक्रिया शुरू हो गई है।
सीपीआरआई भर्ती 2026: इंजीनियरिंग ऑफिसर सहित 110 पदों पर आवेदन जारी, 12 अक्टूबर तक करें आवेदन
भारत सरकार के बिजली मंत्रालय के तहत एक स्वायत्त संस्था, केंद्रीय विद्युत अनुसंधान संस्थान (सीपीआरआई), जो बिजली आपूर्ति प्रणालियों के उत्पादन, ट्रांसमिशन, वितरण और संचालन के क्षेत्रों में अनुसंधान और विकास का काम करती है, ने सीधी भर्ती अभियान के तहत इंजीनियरिंग ऑफिसर सहित विभिन्न 110 पदों पर योग्य उम्मीदवारों की नियुक्ति के लिए एक आधिकारिक अधिसूचना जारी करके रिक्तियों की घोषणा की है।
कौन हैं IIT-B के वो प्रोफेसर, जिन पर है सुसाइड केस में 'संगीन' आरोप?
आईआईटी बॉम्बे में छात्र के आत्महत्या के बाद से माहौल गरमा गया है. छात्र की मौत और उसके बाद से शुरू हुआ विरोध प्रदर्शन कई सवाल खड़े कर रहा है. साहिल के मौत में जिस प्रोफेसर के खिलाफ आरोप लगे हैं उनका नाम सूर्यनारायण डूला हैं. इलेक्ट्रिकल इंजीनियरिंग से बीटेक, आईआईटी बॉम्बे से एमटेक और आईआईटी दिल्ली से पीएचडी करने वाले डूला लंबे समय से पढ़ाई, रिसर्च और संस्थान की प्रशासनिक जिम्मेदारियों में अपनी भूमिका निभा रहे हैं.
पेंशनर मेघवाल समाज की बैठक में शिक्षा और सामाजिक मुद्दों पर एकजुटता का निर्णय
खेरवाड़ा में पेंशनर मेघवाल समाज की बैठक में शिक्षा, नशाखोरी रोकने, सामाजिक कुरीतियों पर अंकुश और 52 गांवों के मुद्दों पर चर्चा हुई।
OPSC recruitment 2026: असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पदों के लिए आवेदन आमंत्रित, जानें डिटेल्स
PC: kalingatv ओडिशा पब्लिक सर्विस कमीशन (OPSC) असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पद के लिए योग्य उम्मीदवारों से एप्लीकेशन ले रहा है। OPSC वेबसाइट पर जारी ऑफिशियल नोटिफिकेशन एडवरटाइजमेंट नंबर 09 of 2026-27 (नोटिस नंबर 4696/PSC, तारीख 20.08.2026) के अनुसार, होम डिपार्टमेंट, ओडिशा सरकार के तहत ओडिशा स्टेट प्रॉसिक्यूशन सर्विस के ग्रुप-B में असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर के पदों के लिए कुल 172 वैकेंसी भरी जाएंगी। इंटरैक्टिव मैप्स डाउनलोड करें ऑनलाइन एप्लीकेशन प्रोसेस 28 अगस्त 2026 से शुरू हुआ और 28 सितंबर 2026 (शाम 5:00 बजे) तक एक्टिव रहेगा। योग्य उम्मीदवार ऑफिशियल वेबसाइट opsc.gov.in के ज़रिए अप्लाई कर सकते हैं। एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एजुकेशनल क्वालिफिकेशन कैंडिडेट्स को 20.08.2026 के नोटिफिकेशन के अनुसार, नीचे दी गई OPSC असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर क्वालिफिकेशन की ज़रूरतों को पूरा करना होगा: एक प्रैक्टिसिंग एडवोकेट के तौर पर कम से कम 2 (दो) साल का अनुभव, जिसके साथ संबंधित डिस्ट्रिक्ट और सेशंस जज का सर्टिफिकेट हो, जो Annexure-B में दिए गए फॉर्मेट में हो। 1 जनवरी 2026 को उम्र की लिमिट कम से कम उम्र: 21 साल ज़्यादा से ज़्यादा उम्र : 42 साल कैंडिडेट्स का जन्म 2 जनवरी 1984 से पहले और 1 जनवरी 2005 के बाद नहीं होना चाहिए। SEBC, SC, ST, महिलाओं और एक्स-सर्विसमैन कैंडिडेट्स के लिए उम्र में 5 साल की छूट। जिन दिव्यांग लोगों की परमानेंट डिसेबिलिटी 40% या उससे ज़्यादा है, उनके लिए उम्र में 10 साल की छूट। SEBC/SC/ST कैटेगरी के दिव्यांग लोगों के लिए कुल उम्र में 15 साल की छूट। OPSC असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर सैलरी डिटेल्स OPSC असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर पोस्ट के लिए चुने गए कैंडिडेट्स को ORSP रूल्स, 2017 के तहत पे मैट्रिक्स के लेवल 10 में Rs. 44,900/- के स्केल पर सैलरी मिलेगी, साथ ही ओडिशा सरकार द्वारा मंज़ूर किए गए सामान्य महंगाई और दूसरे अलाउंस भी मिलेंगे। इंटरैक्टिव मैप्स डाउनलोड करें एप्लिकेशन फीस कैंडिडेट्स को अपनी एप्लीकेशन सक्सेसफुली सबमिट करने के लिए Rs 700 की एप्लीकेशन फीस देनी होगी। हालांकि, SC / ST / PwD कैंडिडेट्स को इस रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए फीस देने से छूट दी गई है। सिलेक्शन प्रोसेस प्रीलिमिनरी एग्जामिनेशन मेन एग्जामिनेशन (रिटन एग्जामिनेशन (सब्जेक्टिव और डिस्क्रिप्टिव) इंटरव्यू / पर्सनैलिटी टेस्ट रिक्रूटमेंट ड्राइव के लिए अप्लाई कैसे करें OPSC की ऑफिशियल वेबसाइट https://www.opsc.gov.in पर जाएं रजिस्टर/लॉग इन करें और ऑनलाइन एप्लीकेशन भरें डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें लागू होने वाली एग्जामिनेशन फीस पे करें फॉर्म सबमिट करें आगे के रेफरेंस के लिए फाइनली सबमिट किए गए एप्लीकेशन फॉर्म का प्रिंट आउट ले लें। OPSC ऑनलाइन पोर्टल के अलावा किसी और तरीके से मिले एप्लीकेशन एक्सेप्ट नहीं किए जाएंगे और उन्हें सरसरी तौर पर रिजेक्ट कर दिया जाएगा।
RITES recruitment 2026: मैनेजर पदों पर निकली भर्ती, इस तरह करें आवेदन
PC: kalingatv रेल इंडिया टेक्निकल एंड इकोनॉमिक सर्विस (RITES) ने अपनी ऑफिशियल वेबसाइट पर मैनेजर पोस्ट की भर्ती के लिए एक नोटिफिकेशन जारी किया है। पोस्ट के लिए वैकेंसी की संख्या 1 है। पोस्ट के लिए अप्लाई करने की आखिरी तारीख 4 अक्टूबर है। कैंडिडेट को 8 अक्टूबर को वॉक-इन इंटरव्यू देना होगा। भर्ती और वॉक-इन इंटरव्यू के बारे में डिटेल्ड जानकारी पाने के लिए, कैंडिडेट ऑफिशियल वेबसाइट पर जाकर उसे पढ़ें। ज़रूरी जानकारी: पोस्ट का नाम: मैनेजर-PAPIS पोस्ट की संख्या: 1 एप्लीकेशन प्रोसेस शुरू होने की तारीख: 14 सितंबर एप्लीकेशन प्रोसेस खत्म होने की तारीख: 4 अक्टूबर वॉक-इन इंटरव्यू की तारीख: 8 अक्टूबर एडमिट कार्ड जारी होने की तारीख: 5 अक्टूबर एप्लीकेशन मोड: ऑनलाइन जॉब टाइप: कॉन्ट्रैक्ट-बेस्ड एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया: कैंडिडेट के पास मैकेनिकल, इलेक्ट्रिकल, इलेक्ट्रॉनिक्स, इलेक्ट्रॉनिक्स और टेलीकम्युनिकेशन, या इसके बराबर के सब्जेक्ट में डिप्लोमा/B.E./B. Tech की डिग्री होनी चाहिए। इस पोस्ट के लिए उम्र ज़्यादा से ज़्यादा 40 साल है। डिप्लोमा पास कैंडिडेट के पास क्वालिफिकेशन के बाद कम से कम 10 साल का अनुभव होना चाहिए, जिसमें मेट्रो रोलिंग स्टॉक PAPIS सिस्टम के इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग/मेंटेनेंस/सुपरविज़न में कम से कम 2 साल का अनुभव हो। डिग्री पास कैंडिडेट के पास क्वालिफिकेशन के बाद कम से कम 4 साल का अनुभव होना चाहिए, जिसमें मेट्रो रोलिंग स्टॉक PAPIS सिस्टम के इंस्टॉलेशन और कमीशनिंग/मेंटेनेंस/सुपरविज़न में कम से कम 2 साल का अनुभव हो। एप्लीकेशन फीस: रिक्रूटमेंट एडवर्टाइजमेंट के ऑफिशियल नोटिफिकेशन में एप्लीकेशन फीस का ज़िक्र नहीं है। उम्र में छूट: SC/ST कैटेगरी: 5 साल OBC-NCL कैटेगरी: 3 साल बेंचमार्क डिसेबिलिटी वाले लोग (PwBD): 10 साल सैलरी: पे स्केल: INR 50,000-1,60,000 अलाउंस: बेसिक पे और DA, बेसिक पे का 23% फिक्स्ड/वेरिएबल अलाउंस, HRA/लीज़, PF में कंट्रीब्यूशन, पेमेंट ऑफ़ ग्रेच्युटी एक्ट के अनुसार ग्रेच्युटी। सिलेक्शन प्रोसेस: डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन इंटरव्यू अप्लाई कैसे करें: कैंडिडेट्स को डेडलाइन से पहले एप्लीकेशन फॉर्म जमा करना होगा। ऑफिशियल वेबसाइट पर जाएं। रिक्रूटमेंट नोटिफिकेशन ढूंढें। एप्लीकेशन फॉर्म को सही डिटेल्स के साथ भरें। एप्लीकेशन फॉर्म में मांगे गए डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें। एप्लीकेशन फीस (अगर लागू हो) पे करें। सबमिट बटन पर क्लिक करने से पहले एक बार फिर सभी डिटेल्स चेक कर लें। आगे के लिए एप्लीकेशन फॉर्म का स्क्रीनशॉट लें या डाउनलोड करें।
शहडोल जिला प्रशासन और पुलिस विभाग ने सोमवार को सरकारी कामकाज में लापरवाही और अनुशासनहीनता के मामलों में निलंबन की कार्रवाई की है। कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने सोहागपुर के शासकीय एकीकृत माध्यमिक विद्यालय पटासी के प्रधानाध्यापक सौरभ कुमार गुप्ता को निलंबित किया है। वहीं, पुलिस अधीक्षक डॉ. संजय अग्रवाल ने नव आरक्षक नीलेश पटारिया (क्रमांक 247) को निलंबित किया है। स्कूल में कम उपस्थिति और पढ़ाई के स्तर पर कार्रवाई ग्राम पंचायत पटासी में मुख्यमंत्री जन विश्वास शिविर के दौरान ग्रामीणों और जनप्रतिनिधियों ने शिकायत की थी कि शिक्षक समय पर स्कूल नहीं आते और पढ़ाई का स्तर कम है। शिकायत के बाद कलेक्टर ने स्कूल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान छात्रों की उपस्थिति कम मिली। प्रशासन के अनुसार, पढ़ाई के स्तर में भी कमी पाई गई। निलंबन आदेश में कहा गया है कि प्रधानाध्यापक स्कूल के संचालन और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए आवश्यक प्रयास नहीं कर रहे थे। इसके बाद कलेक्टर ने सौरभ कुमार गुप्ता को तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, गोहपारू निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा। लगातार गैरहाजिरी पर नव आरक्षक निलंबित पुलिस विभाग के अनुसार, नव आरक्षक नीलेश पटारिया 19 दिसंबर 2025 से लगातार बिना सूचना के अनुपस्थित थे। 18 सितंबर 2026 को पुलिस लाइन शहडोल पहुंचने पर उनकी वर्दी और वेशभूषा निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाई गई। विभाग के अनुसार, नीलेश पटारिया को बुनियादी प्रशिक्षण के लिए पुलिस ट्रेनिंग शाला, तिगरा, जिला ग्वालियर भेजा जाना था, लेकिन वे प्रशिक्षण में भी शामिल नहीं हुए और बिना सूचना के गैरहाजिर रहे। पुलिस के अनुसार, लगातार गैरहाजिरी और निर्धारित प्रशिक्षण में शामिल नहीं होने की कार्रवाई पुलिस रेग्युलेशन के पैरा 64(2) और (4) के तहत अनुशासनहीनता के दायरे में आती है। इसके बाद एसपी डॉ. संजय अग्रवाल ने निलंबन की कार्रवाई की।
बांग्लादेश आईसीटी ने शिक्षाविद जफर इकबाल समेत 8 के खिलाफ आरोपों को किया स्वीकार
ढाका, 21 सितंबर . बांग्लादेश के इंटरनेशनल क्राइम्स ट्रिब्यूनल (आईसीटी) ने जुलाई 2024 के प्रदर्शनों से जुड़े कथित मानवता-विरोधी अपराधों के मामले में प्रमुख शिक्षाविद मोहम्मद जफर इकबाल, ढाका विश्वविद्यालय के पूर्व कुलपति एएसएम मकसूद कमाल और पूर्व Supreme Court न्यायाधीश एएचएम शम्सुद्दीन चौधरी माणिक समेत आठ लोगों के खिलाफ आरोपों को औपचारिक रूप से ... Read more
बेगूसराय में शिक्षा संवाद-सह-शिक्षक समागम, प्रशांत किशोर ने शिक्षा सुधार पर रखी बात
21 सितंबर, सोमवार: बेगूसराय में शिक्षा संवाद-सह-शिक्षक समागम में जन सुराज संस्थापक प्रशांत किशोर पहुंचे। कार्यक्रम में शिक्षकों ने उनका स्वागत किया। उन्होंने शिक्षा सुधार और शिक्षकों के वेतनमान से जुड़े मुद्दों पर अपनी बात रखी।
RRB NTPC Graduate Recruitment 2026: रेलवे भर्ती बोर्ड की ओर से एनटीपीसी ग्रेजुएट लेवल भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया 8 अक्तूबर 2026 को शुरू की जाएगी। इस भर्ती अभियान के तहत स्नातक स्तर के 3477 संभावित पद भरे जाएंगे।
उमरिया के मानपुर विकासखंड के धमोखर स्थित सरकारी हाईस्कूल परिसर में जेसीबी से बड़े पैमाने पर मिट्टी निकालने का मामला सामने आया है। आरोप है कि स्कूल परिसर से सैकड़ों ट्रॉली मिट्टी निकालकर एक रिसोर्ट में भेजी गई। अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू करने की बात कही है। बाउंड्रीवॉल और गेट होने के बावजूद मिट्टी निकाली स्कूल परिसर में बाउंड्रीवॉल और गेट होने के बावजूद बड़े हिस्से से मिट्टी निकाली गई। स्कूल के गेट की चाबी स्कूल प्रबंधन के पास रहती है। हालांकि, मिट्टी कितनी मात्रा में निकाली गई और इसे किसकी अनुमति से निकाला गया, यह जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। मामला सामने आने के बाद शिक्षा विभाग और जनपद पंचायत के अधिकारियों ने जानकारी जुटाना शुरू किया है। अधिकारियों के मुताबिक जांच के बाद यह स्पष्ट होगा कि मिट्टी निकालने की अनुमति किसने दी थी और इसमें नियमों का पालन हुआ या नहीं। जिला शिक्षा अधिकारी बोले- मामला राजस्व विभाग का उमरिया के जिला शिक्षा अधिकारी भूपेंद्र बरकड़े ने कहा कि यह मामला राजस्व विभाग से जुड़ा है। हालांकि, अगर स्कूल परिसर से मिट्टी निकाली गई है तो वे इसे दिखवाएंगे। मानपुर CEO ने सचिव से जानकारी लेने की बात कही मानपुर के सीईओ अंकित सिरोठिया ने बताया कि वे धमोखर के सचिव से बात कर जानकारी लेंगे। इसके बाद मामले में कार्रवाई की जाएगी। खनिज अधिकारी विद्याकांत तिवारी ने बताया कि उत्खनन स्कूल परिसर में हुआ है। इसलिए वे पहले कलेक्टर को इसकी जानकारी देंगे। इसके बाद जांच कराई जाएगी।
PISA 2025 Results: गणित में एशियाई देशों का दबदबा, अमेरिका का स्कोर 463; जानें दुनिया की शिक्षा का हाल
IBPS RRB Recruitment 2026: आईबीपीएस आरआरबी भर्ती के लिए आवेदन की आज 21 सितंबर को आखिरी तारीख है। भर्ती में कुल 13,745 पद हैं। ऑफिस असिस्टेंट की वैकेंसी 8,183 से बढ़कर 8,222 हो गई है। आवेदन शुल्क और प्रक्रिया की पूरी जानकारी यहां देखें।
बारां नगरपरिषद में सभापति पद के लिए आज सुबह 10 बजे से मतदान शुरू हो गया है। यह मतदान दोपहर 2 बजे तक चलेगा। इस चुनाव में सिर्फ चुने हुए पार्षद ही वोट डाल सकेंगे।रिटर्निंग अधिकारी और SDM रामावतार मीणा की देखरेख में यह प्रक्रिया हो रही है। इधर भाजपाई पार्षद इस चुनाव में मतदान नहीं करेंगे। बीजेपी जिलाध्यक्ष नरेश सिकरवार ने यह घोषणा की है। सिकरवार का कहना है कि बारां नगरपरिषद में सभापति पद के लिए पार्टी के पार्षद मतदान नहीं करेंगे। पार्टी आलाकमान के आदेश पर यह फैसला लिया गया है। मतदाताओं का जनादेश भाजपा के पक्ष में नहीं आने के कारण पार्टी ने यह फैसला लिया है। इसके साथ ही अब बारां में कांग्रेस की मिनाक्षी भारद्वाज और आम आदमी पार्टी की शीतल राठौर में है सीधा मुकाबला है। आप के पास 31 पार्षद के साथ बहुमत है, वहीं कांग्रेस के 18 पार्षद जीतकर नगरपरिषद गए है। फोटोज में देखिए मतदान की झलकियां और विजेता…
उन्नाव के शुक्लागंज में सविता महासभा की ओर से शुक्लागंज में परिवार मिलन एवं प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में सविता समाज की सामाजिक, शैक्षिक और राजनीतिक भागीदारी बढ़ाने पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि रामचंद्र प्रधान ने समाज को उसकी आबादी के अनुरूप चार प्रतिशत भागीदारी दिए जाने की मांग उठाई। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र सरकार में सविता समाज को जनसंख्या के अनुपात में प्रतिनिधित्व मिलना चाहिए। रामचंद्र प्रधान ने समाज के लोगों से शिक्षा, संगठन और सामाजिक सहभागिता को मजबूत करने का आह्वान किया। कार्यक्रम में विभिन्न क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले प्रतिभाशाली बच्चों को मेडल देकर सम्मानित किया गया। आयोजकों ने बताया कि कार्यक्रम का उद्देश्य समाज के परिवारों को एक मंच पर लाना और बच्चों को शिक्षा सहित अन्य क्षेत्रों में आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करना है। इस दौरान भाजपा नेता हिमांशु शर्मा नंदवंशी ने सविता महासभा की ओर से रामचंद्र प्रधान को ज्ञापन सौंपकर कानपुर महानगर में भारत रत्न एवं जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा स्थापित करने और उनके नाम पर सड़क मार्ग का नामकरण किए जाने की मांग की। हिमांशु शर्मा ने कहा कि जननायक कर्पूरी ठाकुर सविता, सैन और नंदवंशी समाज के गौरव हैं। उन्होंने बताया कि इस मांग को लेकर वर्ष 2020 में भी कानपुर महानगर में जिलाधिकारी समेत संबंधित अधिकारियों को कई बार ज्ञापन दिया गया था, लेकिन अभी तक मांग पूरी नहीं हुई है। उन्होंने वर्ष 2018 में लखनऊ के लोक निर्माण विभाग गेस्ट हाउस में आयोजित सविता समाज के कार्यक्रम का भी उल्लेख किया, जिसमें तत्कालीन उपमुख्यमंत्री केशव प्रसाद मौर्य की मौजूदगी में प्रदेश के प्रत्येक जिले में जननायक कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा तथा एक प्रमुख सड़क का नाम उनके नाम पर किए जाने की घोषणा का हवाला दिया गया। हिमांशु शर्मा ने कहा कि कानपुर जैसे औद्योगिक महानगर में कर्पूरी ठाकुर की प्रतिमा और सड़क मार्ग का नामकरण समाज के लिए गौरव का विषय होगा। रामचंद्र प्रधान ने इसे समाज के विकास से जुड़ा मुद्दा बताते हुए मांग को आगे बढ़ाने का भरोसा दिया।
केंद्रीय सांख्यिकी संगठन की रिपोर्ट के अनुसार, रांची देश के सबसे अधिक आबादी वाले 100 जिलों में शिक्षा, रोजगार या प्रशिक्षण से वंचित (NEET) युवाओं की सबसे कम दर वाले जिलों में शामिल है। 15-29 आयु वर्ग के केवल 16.5% युवा NEET श्रेणी में हैं।
टीईटी और एसटीईटी पर भर्ती शिक्षकों के सत्यापित प्रमाणपत्र शिक्षा विभाग को देने होंगे
साल 2015 तक टीईटी और एसटीईटी पर नियुक्त शिक्षकों का सत्यापित प्रमाणपत्र शिक्षा विभाग को देना होगा। निगरानी की टीम ने इन शिक्षकों का प्रमाणपत्र जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) से मांगा है।
परंपरा और सभ्यता को बचाने के साथ शिक्षा को बनाएं विकास का आधार: डीसी
भास्कर न्यूज|लोहरदगा लोहरदगा, आदिवासी समाज की पहचान उसकी संस्कृति, परंपरा और प्रकृति से जुड़ी जीवनशैली में है। इस विरासत को अगली पीढ़ी तक पहुंचाने के साथ युवाओं को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाना समय की जरूरत है। यह संदेश आदिवासी कर्मचारी समिति, लोहरदगा के तत्वावधान में न्यू नगर भवन में आयोजित करम पूर्व संध्या कार्यक्रम में प्रमुखता से सामने आया। कार्यक्रम में आदिवासी संस्कृति के संरक्षण, शिक्षा के प्रसार, पर्यावरण संरक्षण और नशामुक्त समाज निर्माण पर विशेष जोर दिया गया। कार्यक्रम की शुरुआत प्रार्थना व कड़सा दीप प्रज्वलित कर की गई। मुख्य अतिथि उपायुक्त संदीप कुमार मीणा ने कहा कि आदिवासी समाज को अपनी संस्कृति और सभ्यता के संरक्षण के लिए निरंतर प्रयास करना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज की समृद्ध परंपराओं को केवल पर्व-त्योहारों तक सीमित न रखते हुए नई पीढ़ी को इसके महत्व से अवगत कराना जरूरी है। उन्होंने युवाओं से खूब पढ़ने-लिखने और शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ने की अपील की। साथ ही नशापान से दूर रहकर समाज और जिले के विकास में सकारात्मक भूमिका निभाने का संदेश दिया। विशिष्ट अतिथि डीडीसी राज महेश्वरम ने कहा कि आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति और पर्यावरण के संरक्षण की परंपरा को आगे बढ़ाता आया है। करम पर्व भी प्रकृति, सामाजिक एकजुटता और सांस्कृतिक परंपराओं से गहराई से जुड़ा पर्व है। उन्होंने प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण के साथ समाज की पारंपरिक व्यवस्थाओं और सांस्कृतिक मूल्यों को सुरक्षित रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम में सामाजिक व सांस्कृतिक संगठनों की सक्रिय भागीदारी रही। सुषमा नीलम सोरेन, आईटीडीए के प्रतिनिधि, सेन्हा अंचल अधिकारी, पेशरार प्रखंड विकास पदाधिकारी और लोहरदगा अंचल अधिकारी सहित विभिन्न सामाजिक एवं सांस्कृतिक समूहों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। खोड़हा दल, बीएस कॉलेज छात्रावास, बीर बुद्ध लुरकुड़िया, मेरले, हरमू और फूलकुमारी ग्रुप के सदस्यों ने भी कार्यक्रम में सहभागिता की। मौके पर समिति के सभा सदस्य किशोर उरांव, बिनोद कुमार उरांव, सुधीर उरांव, सुनील मिंज, बीफई उरांव, अंजू कुजूर, रेखा उरांव, प्रीति पल्लवी तिग्गा, बालेश्वर भगत, श्रीवास्तव भगत, लक्ष्मी नारायण भगत, जगरनाथ भगत और सत्यदेव भगत सहित बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम में करम पर्व की सांस्कृतिक भावना के साथ समाज को शिक्षा, संस्कृति और प्रकृति संरक्षण से जोड़ने का संदेश दिया गया।
Hathras News: नवभारत साक्षरता मिशन के तहत 5222 शिक्षार्थियों ने दी परीक्षा
परीक्षा में कुल 5,222 शिक्षार्थियों ने भाग लिया, जिनमें महिलाएं और पुरुष दोनों शामिल थे
Moradabad News: टीईटी पास शिक्षामित्रों को समायोजन किया जाए
टीईटी पास शिक्षामित्रों को समायोजन किया जाए
कन्या राशि वालों को आज शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, करें ये उपाय
Virgo Daily Horoscope, 21 September 2026 Aaj Ka Kanya Rashifal in Hindi: धन लाभ का योग है, योजना बना कर काम को आगे बढ़ाएंगे, मन की परेशानियां दूर होंगी, रिश्ते मजबूत होंगे, शिक्षा के क्षेत्र में सफलता मिलेगी, व्यापार में तेजी आएगी.
Shahjahanpur News: बालगृह में बच्चों को अधिकारों और शिक्षा के प्रति किया जागरूक
शाहजहांपुर। जनपद न्यायाधीश एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष धर्मेंद्र कुमार पांडेय के निर्देश पर शनिवार को राजकीय बालगृह बालक, नवादा इंदेपुर में विधिक साक्षरता एवं जागरूकता शिविर आयोजित किया गया।
घुमारवीं में शिक्षा, खेल और आधारभूत ढांचे का हो रहा विस्तार : धर्माणी
घुमारवीं (बिलासपुर)। तकनीकी शिक्षा मंत्री राजेश धर्माणी ने कहा कि प्रदेश सरकार के कार्यकाल में घुमारवीं
Maharajganj News: विद्यालयों की एकजुटता से शिक्षा जगत को मिलेगा मजबूत आधार
The solidarity of schools will provide a strong foundation for the education sector.
शिक्षा व्यवस्था में एमसीक्यू, एआई और कोचिंग के बढ़ते दखल पर दिल्ली विश्वविद्यालय की शिक्षाविद् प्रो. अनीता रामपाल ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शिक्षा सामाजिक प्रक्रिया है, जिसमें शिक्षक और विद्यार्थी मिलकर ज्ञान अर्जित करते हैं। सबसे घातक एमसीक्यू प्रणाली है, जिसमें मूल्यांकन मशीन कर रही है। भविष्य के शिक्षक को मशीन नहीं बनने देना है। निशातगंज स्थित कैफी आजमी अकादमी सभागार, में रविवार को जन विचार मंच की ओर से विचारक अशोक गर्ग और केके चतुर्वेदी की स्मृति में ‘हमारी शिक्षा : हम सभी का भविष्य’ विषय पर संगोष्ठी हुई। भोपाल की नीना ने फैज की नज्म ‘हम देखेंगे’ से कार्यक्रम की शुरुआत की। नीट, पेपर लीक और कोचिंग पर उठाए सवाल प्रो. रामपाल ने नीट परीक्षा, पेपर लीक, एआई और कोचिंग उद्योग के बढ़ते दखल पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि आज बच्चे पढ़ना, लिखना और सोचना नहीं कर पा रहे हैं। वस्तुनिष्ठ सवाल सीमित होने चाहिए। विद्यार्थियों द्वारा परीक्षाओं के विरोध को उन्होंने उचित बताया। कहा कि ह्यूमन प्रोफेशनल्स को मशीन से रिप्लेस नहीं किया जा सकता। उन्होंने स्वीडन, नॉर्वे और फिनलैंड के शिक्षा मॉडल का उदाहरण देते हुए कहा कि भविष्य की शिक्षा में आलोचनात्मक सोच और दृष्टि विकसित करना जरूरी है। उनके मुताबिक स्वीडन ने डिजिटलाइजेशन कम कर पाठ्य पुस्तकों की ओर वापसी शुरू की है। शिक्षा व्यवस्था शीर्षासन की तरह पलट गई अध्यक्षीय वक्तव्य में लखनऊ विश्वविद्यालय की पूर्व कुलपति प्रो. रूपरेखा वर्मा ने कहा कि शिक्षा में लंबे समय से गड़बड़ियां चली आ रही हैं। आज शिक्षा व्यवस्था शीर्षासन की तरह पूरी तरह पलट गई है। उन्होंने विश्वविद्यालयों में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस रखने की भी आलोचना की। विज्ञान को पौराणिक संदर्भों से जोड़ना तर्कसंगत नहीं विषय प्रवर्तन करते हुए मानवशास्त्री प्रो. नदीम हसनैन ने कहा कि शिक्षा मानवता को आजाद करने और ताकत देने वाली होनी चाहिए। इसमें विद्यार्थी और शिक्षक सह-विवेचक की भूमिका में हों। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालयों में शिक्षकों के चयन का तरीका बदला है और इसका असर प्राथमिक शिक्षा में भी दिखाई दे रहा है। विज्ञान को सीधे पौराणिक संदर्भों से जोड़ना तर्कसंगत नहीं है।
गोंडा के जोतिया गांव में स्थापित भगवान गणेश का पंडाल इन दिनों आकर्षण का केंद्र बना हुआ है। नवयुवक मित्र मंडल सार्वजनिक गणेश उत्सव समिति की ओर से सजाए गए इस पंडाल में पूजा-अर्चना के साथ सामाजिक जागरूकता के संदेश भी दिए जा रहे हैं। रविवार शाम 7 बजे पंडाल में श्रद्धालुओं की आवाजाही के बीच गणपति बप्पा के हाथों में लगे पोस्टर लोगों का ध्यान खींच रहे हैं। इनमें बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ और पर्यावरण संरक्षण की अपील की गई है। प्रतिमा के नीचे रखे गमले में ‘एक पेड़ मां के नाम’ और ‘सांस हो रही कम, आओ पेड़ लगाएं हम’ जैसे संदेशों वाले पोस्टर लगाए गए हैं। बच्चों ने खुद तैयार किए जागरूकता पोस्टर पंडाल के दोनों ओर रखे गमलों में सर्व शिक्षा अभियान, प्लास्टिक मुक्त अभियान, मिशन शक्ति, जल संरक्षण और पर्यावरण स्वच्छता से जुड़े पोस्टर लगाए गए हैं। खास बात यह है कि इन पोस्टरों को गांव के बच्चों ने खुद तैयार किया है। छात्रा गुंजन, आकांक्षा, पप्पी, प्रज्ञा, अनामिका और छात्र अंश, हर्षित, आयूष, अथर्व, अनुराग व आचार्य दीपक तिवारी ने मिलकर पोस्टर बनाए और उन्हें गमलों में लगाया। श्रद्धालु बच्चों की इस पहल की सराहना कर रहे हैं। चौथे वर्ष आयोजित हो रहा गणेश महोत्सव नवयुवक मित्र मंडल हर साल जोतिया गांव में श्रीगणेश पूजन महोत्सव आयोजित करता है। इस वर्ष आयोजन का चौथा वर्ष है। पंडाल में भगवान गणेश की भव्य प्रतिमा स्थापित की गई है। समिति के मुताबिक, पंडाल में सजावट के लिए फूल मुंबई से मंगाए जाते हैं और महोत्सव का पूरा खर्च गांव के लोग मिलकर उठाते हैं। 11 दिवसीय आयोजन में आसपास के गांवों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। पूजा के साथ जागरूकता का प्रयास समिति अध्यक्ष उमानाथ तिवारी ने बताया कि शिक्षा, सुरक्षा और पर्यावरण जैसे मुद्दों पर सरकार लगातार जागरूकता अभियान चलाती है। इसी सोच के साथ गणेश पंडाल में सामाजिक सरोकारों से जुड़े पोस्टर लगाने का निर्णय लिया गया, ताकि दर्शन के लिए आने वाले लोगों तक भी ये संदेश पहुंचें। उन्होंने बच्चों को पोस्टर बनाने के लिए प्रेरित किया। समिति के अनुसार, प्रतिमा विसर्जन तक पंडाल के माध्यम से अलग-अलग सामाजिक संदेश दिए जाते रहेंगे।
लखनऊ, 20 सितम्बर। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में शिक्षा की पहुंच को समाज के प्रत्येक वर्ग तक विस्तार देने के प्रयासों के क्रम में उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत रविवार को मूलभूत साक्षरता परीक्षा आयोजित की गई। प्रदेश के सभी 75 जनपदों में एक साथ आयोजित इस परीक्षा में लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों ने प्रतिभाग किया। परिषदीय विद्यालयों के साथ कारागारों और बाल सुधार गृहों में भी परीक्षा केंद्र बनाए गए, जिससे साक्षरता अभियान को समाज के विविध वर्गों तक पहुंचाया जा सके।ज्ञात हो कि उल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम का उद्देश्य 15 वर्ष एवं उससे अधिक आयु वर्ग के असाक्षरों को मूलभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान उपलब्ध कराना है। रविवार को हुई परीक्षा के साथ प्रदेश के सभी 75 जनपदों में साक्षरता की इस प्रक्रिया का महत्वपूर्ण चरण पूरा हुआ। विद्यालयों, कारागारों और बाल सुधार गृहों तक पहुंचे इस अभियान के माध्यम से पढ़ने-लिखने की बुनियादी क्षमता को जीवन के आवश्यक कौशल से जोड़ने की दिशा में प्रयास आगे बढ़ाया गया है।75 जिलों में एक साथ परखी गई साक्षरताउल्लास-नव भारत साक्षरता कार्यक्रम के अंतर्गत आयोजित परीक्षा में शिक्षार्थियों के मूलभूत पढ़ने-लिखने तथा संख्यात्मक ज्ञान का आकलन किया गया। प्रदेश के सभी जनपदों में निर्धारित केंद्रों पर आवश्यक व्यवस्थाओं के साथ परीक्षा संपन्न कराई गई। लगभग 5.10 लाख शिक्षार्थियों की सहभागिता ने प्रदेश में संचालित वयस्क साक्षरता अभियान के व्यापक दायरे को रेखांकित किया।विद्यालय से कारागार तक पहुंचा साक्षरता का संदेशइस परीक्षा की विशेषता यह रही कि साक्षरता का अवसर परिषदीय विद्यालयों तक सीमित न रहकर कारागारों एवं बाल सुधार गृहों तक भी पहुंचा। अलग-अलग सामाजिक परिस्थितियों से आने वाले शिक्षार्थियों को मूलभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान से जोड़ने के उद्देश्य से इन स्थानों पर भी परीक्षा आयोजित की गई।चंदौली और जौनपुर में भारत सरकार की टीम ने किया निरीक्षणपरीक्षा के निरीक्षण एवं निगरानी के लिए भारत सरकार की टीम जनपद चंदौली एवं जौनपुर में उपस्थित रही। टीम द्वारा निर्धारित परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण कर परीक्षा संचालन एवं व्यवस्थाओं का जायजा लिया गया।राज्य मुख्यालय से तीन जिलों में पहुंची निगरानी टीमप्रदेश स्तर पर साक्षरता एवं वैकल्पिक शिक्षा निदेशालय/राज्य साक्षरता मिशन प्राधिकरण, उत्तर प्रदेश, लखनऊ से भी अधिकारियों ने विभिन्न जनपदों में पहुंचकर परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। श्री अनिल भूषण चतुर्वेदी, शिक्षा निदेशक बेसिक/साक्षरता ने जनपद लखनऊ, श्रीमती नीलम, उप निदेशक, साक्षरता ने जनपद प्रतापगढ़ तथा श्रीमती प्रतिमा मिश्रा, सहायक निदेशक, साक्षरता ने जनपद सोनभद्र में परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया।
हिमाचल प्रदेश स्कूल लेक्चरर एसोसिएशन ने प्रिंसिपल पदोन्नति में 50-50 के बजाय 95-5 अनुपात लागू करने की मांग की है। संघ ने मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री से रिक्त प्रिंसिपल पदों को भरने, महंगाई भत्ता जारी करने और कंप्यूटर साइंस फीस हटाने का भी आग्रह किया।
कोटा में जहां शिक्षा व्यवस्था और प्रतियोगी परीक्षाओं का दबाव केंद्र में था, देहरादून में पेपर लीक और परीक्षा व्यवस्था, प्रयागराज में प्रतियोगी छात्रों और रोजगार तथा पुणे में जोन-जी, लोकतंत्र और संविधान जैसे विषय प्रमुख रहे, वहीं इंदौर में इन मुद्दों का दायरा बढ़कर सीधे ‘सिस्टम’ तक पहुंच गया। यानी अभियान की दिशा छात्रों की समस्या से व्यवस्था पर सवाल की ओर बढ़ती दिखी।
रेशा वीपी का जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन संपन्न, शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर हुआ मंथन
राजस्थान शिक्षा सेवा परिषद (रेशा वीपी) का दो दिवसीय जिला स्तरीय शैक्षिक सम्मेलन कोठीनातमाम टोंक में संपन्न हुआ। सम्मेलन की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष हेमराज मीणा ने की...
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने इंदौर में लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे ‘झूठ की गूंज’ बताया। उन्होंने कहा कि बच्चों, युवाओं और शिक्षा जैसे महत्वपूर्ण विषयों पर संवाद हो रहा है तो तथ्यों और आंकड़ों को सामने रखना चाहिए। कार्यक्रम में तथ्यों के बजाय भ्रम फैलाने का प्रयास दिखाई दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि मध्य प्रदेश में स्कूल शिक्षा के क्षेत्र में लगातार काम हुआ है। सांदीपनि विद्यालयों सहित विभिन्न योजनाओं और पहलों के परिणामस्वरूप ड्रॉपआउट दर को शून्य तक लाने की दिशा में महत्वपूर्ण प्रगति हुई है। वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में ड्रॉपआउट दर करीब 16% थी। उस समय स्कूल शिक्षा का बजट करीब 2 हजार करोड़ रुपए था, जो अब बढ़कर 38,658 करोड़ रुपए हो गया है। शिक्षा के साथ सुविधाओं पर भी जोर डॉ. यादव ने कहा कि कांग्रेस के शासनकाल में क्या बच्चों को गणवेश, आवागमन के लिए साइकिल, मेधावी विद्यार्थियों को लैपटॉप और स्कूटी जैसी सुविधाएं मिलती थीं? आज मध्यप्रदेश सरकार विद्यार्थियों की शिक्षा, सुविधाओं और उनके उज्ज्वल भविष्य के लिए लगातार काम कर रही है। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य शिक्षा के क्षेत्र में भी मध्यप्रदेश ने प्रगति की है। वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रदेश में केवल 5 मेडिकल कॉलेज थे। अटल जी की सरकार के समय प्रदेश को एक और मेडिकल कॉलेज मिला। मुख्यमंत्री ने कहा… आज प्रदेश में 33 मेडिकल कॉलेज संचालित हैं। मेडिकल कॉलेजों में करीब 680 सीटें थीं, जो अब बढ़कर 7 हजार से अधिक हो गई हैं। प्रति व्यक्ति आय और बिजली उत्पादन भी बढ़ा मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश की प्रति व्यक्ति आय में भी वृद्धि हुई है। वर्ष 1956 से 2002-03 तक प्रति व्यक्ति आय करीब 11 हजार रुपए थी, जो अब बढ़कर 1.59 लाख रुपए हो गई है। इसी तरह वर्ष 2002-03 तक प्रदेश में करीब 5 हजार मेगावाट बिजली उत्पादन की क्षमता थी, जो अब करीब 32 हजार मेगावाट हो गई है। स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार भर्तियां डॉ. यादव ने कहा कि स्कूल शिक्षा विभाग में 10 हजार भर्तियां की जा रही हैं और 7 हजार प्राध्यापकों की भर्ती की गई है। सरकार ने एक लाख से अधिक पदों पर प्रमोशन किए हैं और हर वर्ष एक लाख पदों के सृजन की दिशा में आगे बढ़ रही है। मुख्यमंत्री ने कहा कि नेता प्रतिपक्ष यदि मध्यप्रदेश की जनता से संवाद करना चाहते हैं तो उन्हें प्रदेश के विकास से जुड़े विषयों पर तथ्यों और आंकड़ों के साथ बात करनी चाहिए। मध्यप्रदेश ने शिक्षा, स्वास्थ्य, बिजली, आय और रोजगार सहित विभिन्न क्षेत्रों में महत्वपूर्ण प्रगति की है। जनता के बीच भ्रम के बजाय विकास और उपलब्धियों पर तथ्यपरक संवाद होना चाहिए।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शिक्षाविद संगोष्ठी का आयोजन
संगोष्ठी का मुख्य बिंदु: – भारतीय शिक्षा पद्धति, संस्कृति और संस्कार पर हुआ मंथन। – ‘पंच परिवर्तन’ के माध्यम से सामाजिक जीवन में सकारात्मक बदलाव […] The post राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ का शिक्षाविद संगोष्ठी का आयोजन first appeared on नवसंचार समाचार .कॉम .
मधेपुरा में कांग्रेस कमेटी ने रविवार को आलमनगर से संविधान बचाओ पदयात्रा शुरू की। सुबह 10 बजे प्रखंड कांग्रेस कार्यालय से शुरू हुई पदयात्रा का नेतृत्व जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सौरभ ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नशामुक्ति, शिक्षा, बेरोजगारी, भ्रष्टाचार, महंगाई और किसानों की समस्याओं को मुद्दा बनाया। गांव-पंचायत तक पहुंचकर लोगों से संवाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष संतोष कुमार सौरभ ने कहा कि संविधान देश के हर नागरिक को समानता, स्वतंत्रता और न्याय का अधिकार देता है। संवैधानिक अधिकारों और मूल्यों के बारे में लोगों को जागरूक करने के लिए जनता के बीच जाकर संवाद करना जरूरी है। उन्होंने बताया कि पदयात्रा के दौरान गांव और पंचायत स्तर पर लोगों से उनकी समस्याएं सुनी जाएंगी। नशे के कारोबार पर चिंता जताई सौरभ ने नशे के बढ़ते कारोबार पर चिंता जताते हुए कहा कि इसका असर सबसे ज्यादा युवाओं पर पड़ रहा है। इससे कई परिवार प्रभावित हो रहे हैं। उन्होंने सरकार और प्रशासन से अवैध नशे के कारोबार और सप्लाई नेटवर्क पर कार्रवाई करने की मांग की। उन्होंने कहा कि युवाओं के लिए शिक्षा, रोजगार, खेल और दूसरे अवसर बढ़ाने की जरूरत है। नशामुक्त समाज के लिए परिवार, समाज, प्रशासन, शिक्षण संस्थानों और युवाओं को मिलकर प्रयास करना होगा। शिक्षा और रोजगार का मुद्दा भी उठाया पदयात्रा के दौरान शिक्षा व्यवस्था और युवाओं के रोजगार का मुद्दा भी उठाया गया। संतोष सौरभ ने कहा कि देश और समाज का भविष्य अच्छी शिक्षा पर निर्भर करता है। गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के बच्चों को बेहतर शिक्षा और समान अवसर मिलना चाहिए। उन्होंने प्रतियोगी परीक्षाओं से जुड़े विवाद, भर्ती में देरी और रोजगार के अवसरों की कमी का मुद्दा उठाते हुए सरकार से इन पर जवाब मांगा। महंगाई और किसानों की समस्याओं पर भी चर्चा सौरभ ने कहा कि महंगाई का असर गरीब, मजदूर, किसान, छोटे दुकानदार और मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ रहा है। उन्होंने सरकारी योजनाओं का लाभ जरूरतमंदों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने की बात कही। साथ ही भ्रष्टाचार से जुड़ी शिकायतों की निष्पक्ष जांच की मांग की। अलग-अलग प्रखंडों और पंचायतों में जाएगी पदयात्रा कांग्रेस नेताओं के मुताबिक, पदयात्रा जिले के अलग-अलग प्रखंडों, पंचायतों और गांवों से होकर आगे बढ़ेगी। इस दौरान लोगों की समस्याओं को सुना जाएगा और संबंधित मुद्दों को लोकतांत्रिक तरीके से उठाया जाएगा। पदयात्रा में संविधान की प्रस्तावना और न्याय, स्वतंत्रता, समानता व बंधुता जैसे संवैधानिक मूल्यों के प्रति लोगों को जागरूक करने पर भी जोर दिया गया। संतोष कुमार सौरभ ने कार्यकर्ताओं से शांतिपूर्ण जनसंवाद, अनुशासन और लोकतांत्रिक मर्यादा बनाए रखने की अपील की।
नवादा शहर के बुद्ध रीजेंसी में गणपति महोत्सव के मौके पर वैवाहिक परिचय सम्मेलन हुआ। इसमें बिहार सरकार के मंत्री, विधान पार्षद और समाज के कई बड़े लोग शामिल हुए। कार्यक्रम की शुरुआत गणपति पूजन के साथ हुई। हलवाई समाज की सामाजिक एकजुटता और हर क्षेत्र में उनकी भागीदारी पर खास चर्चा की गई। इस पूरे कार्यक्रम की व्यवस्था वीरेंद्र कुमार ने संभाली। संगठन को मजबूत और बड़ा बनाने पर बात महिला वैश्य महासभा की राष्ट्रीय अध्यक्ष प्रो. डॉ. ऋचा योगमयी ने पत्रकारों से बात करते हुए बताया कि समाज को जागरूक करना इस कार्यक्रम का मुख्य मकसद है। उन्होंने कहा कि समाज के लोगों के लिए शिक्षा, सुरक्षा और राजनीतिक भागीदारी के बारे में जागरूकता जरूरी है। राजनीतिक जागरूकता बढ़ाने के लिए संगठन खास कार्यक्रम भी चला रहा है। साथ ही संगठन को मजबूत और बड़ा बनाने पर भी बात हुई। निचले पायदान पर खड़े लोगों पर ध्यान देने की जरुरत प्रदेश महासचिव मुकुल मोहन ने कहा कि इस कार्यक्रम का मकसद समाज को जागरूक करने के साथ-साथ युवाओं को सामाजिक कामों से जोड़ना है। युवाओं को एकजुट होकर सामाजिक और राजनीतिक भागीदारी पक्की करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि समाज के सबसे निचले पायदान पर खड़े लोगों के विकास पर भी खास ध्यान देने की जरूरत है। गरीब परिवारों की मदद और उनके विकास को लेकर भी कार्यक्रम में बातचीत हुई। जदयू के प्रदेश सचिव कन्हैया प्रसाद ने कहा कि समाज को एकजुट होकर अपनी अलग पहचान बनानी चाहिए। शिक्षा और राजनीतिक समेत सभी क्षेत्रों में समाज के लोगों को आगे आकर अपनी भागीदारी पक्की करनी चाहिए। इस सम्मेलन में 38 जिलों से लोग पहुंचे और अपने विचार रखे। इस दौरान अलग-अलग क्षेत्रों में अच्छा काम करने वाले लोगों को सम्मानित भी किया गया। बड़ी संख्या में लोगों की मौजूदगी से कार्यक्रम सफल रहा।
हम अतिथि विद्वान हैं... बस कुछ दिन के मेहमान हैं। लाखों डॉक्टर, इंजीनियर हमने बनाए... आज हम ही फटे हाल में हैं। गिटार की धुन पर अतिथि शिक्षकों का यह गाना रविवार को भोपाल के नीलम पार्क में गूंज रहा है। नियमितीकरण और फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने की मांग को लेकर पिछले 5 दिनों से धरने पर बैठे अतिथि शिक्षक अब गाने के जरिए अपनी मांग और नौकरी की अनिश्चितता बता रहे हैं। उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बंगले के बाहर से पुलिस द्वारा हटाए जाने के बाद अतिथि शिक्षक नीलम पार्क में धरने पर बैठे हैं। रविवार दोपहर बाद करीब पौने तीन बजे उच्च शिक्षा आयुक्त प्रबल सिपाहा भी धरना स्थल पर पहुंचे और अतिथि शिक्षकों से मुलाकात की। शिक्षक फॉलन आउट प्रक्रिया रोकने की मांग पर अड़े हैं। पहले मंत्री के बंगले के बाहर दिया धरना इससे पहले मंगलवार को सैकड़ों अतिथि शिक्षक उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार के बंगले के बाहर अनिश्चितकालीन धरने पर बैठ गए थे। वे नियमितीकरण और स्थायित्व के लिए नीति बनाने की समय-सीमा तय करने और फॉलन आउट प्रक्रिया बंद करने की मांग कर रहे थे। मंत्री इंदर सिंह परमार ने अतिथि शिक्षकों के 4 प्रतिनिधियों को चर्चा के लिए बुलाया था। बातचीत बेनतीजा रही। मंत्री ने फॉलन आउट की प्रक्रिया बंद करने से इनकार कर दिया। इसके बाद पुलिस ने बंगले के बाहर डटे अतिथि शिक्षकों को हटाकर नीलम पार्क भेज दिया। शिवराज का काफिला रोककर याद दिलाया था आश्वासन बुधवार सुबह करीब 200 अतिथि शिक्षकों ने वहां से गुजर रहे केंद्रीय कृषि मंत्री और पूर्व मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का काफिला रोक लिया था। महिलाओं और शिक्षकों ने शिवराज को 11 सितंबर 2023 की महापंचायत का आश्वासन याद दिलाया था। इसमें उन्होंने फॉलन आउट न होने देने की बात कही थी। अतिथि शिक्षकों ने कहा था, सर, सरकार तो आपकी ही है। कल 12 बजे से महिलाएं यहां बैठी हैं, रातभर खुले में पड़े रहे। मंत्री जी अंदर ही हैं, लेकिन पानी तक नहीं दिया जा रहा। इस पर शिवराज सिंह चौहान ने कहा था, एक मुख्यमंत्री की घोषणा दूसरे मुख्यमंत्री को पूरी करनी चाहिए। मैं आपकी बात (सीएम तक) पहुंचाऊंगा, प्रयत्न करता हूं। बातचीत के दौरान कुछ लोग मोबाइल से वीडियो बनाने लगे तो शिवराज ने वीडियो बनाने से मना कर दिया। दो प्रमुख मांगों पर अड़े अतिथि शिक्षकों की मुख्य मांगें हैं— अतिथि शिक्षकों का कहना है कि 10 जुलाई 2026 को रविंद्र भवन सम्मेलन में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और उच्च शिक्षा मंत्री ने हरियाणा मॉडल से बेहतर नीति बनाने का आश्वासन दिया था। 28 अगस्त 2026 को रक्षाबंधन पर उज्जैन पहुंची अतिथि शिक्षकों की बहनों ने सीएम को राखी भी बांधी थी। उस दौरान भी प्रक्रिया रोकने की बात कही गई थी। अतिथि शिक्षकों के मुताबिक अब तक कोई ठोस नीति नहीं बनी है। क्या है फॉलन आउट प्रक्रिया सरकारी कॉलेजों में नियमित प्राध्यापकों की नियुक्ति या स्थानांतरण होने पर वहां पहले से पढ़ा रहे अतिथि शिक्षकों की सेवा समाप्त हो जाती है। इसी प्रक्रिया को फॉलन आउट कहा जाता है। वर्षों से सेवा दे रहे अतिथि शिक्षक इसी व्यवस्था के विरोध में धरने पर हैं।
हरियाणा में फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों पर भर्ती, 28 सितंबर से शुरू होंगे आवेदन
हरियाणा लोक सेवा आयोग (HPSC) ने फूड सेफ्टी ऑफिसर के पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू करने की तैयारी कर ली है। इन पदों पर नौकरी के इच्छुक एवं योग्य...
‘800 दिन बचे हैं...’ जीतू पटवारी ने CM मोहन यादव से कहा- अब शिक्षा पर काम कीजिए
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने सस्ती शिक्षा को लेकर मुख्यमंत्री मोहन यादव से काम करने की अपील की। उन्होंने हर जिले में छात्रों और अभिभावकों के कार्यक्रम की घोषणा की।
यूपी बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग ने गाया भावुक गाना
यूपी बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के आवास पर प्रदर्शन करने वाले दिव्यांग ने गाया भावुक गाना
राहुल गांधी के इंदौर में हुए कार्यक्रम ‘छात्रों की गूंज’ पर विवाद हो गया है। BJP ने आरोप लगाया है कि कार्यक्रम में पीएम मोदी की मां का अपमान किया गया। केंद्रीय मंत्री किरेन रिजिजू ने रविवार को X पर पोस्ट में लिखा- कांग्रेस पार्टी कॉमेडियंस और जोकर्स की पार्टी बन गई है। वे हमेशा के लिए बाहर हो गए हैं… रेस्ट इन पीस। शिक्षा मंत्री प्रल्हाद जोशी ने कहा- राहुल और कांग्रेस पार्टी नैतिक दिवालियापन के सबसे निचले स्तर पर पहुंच गए हैं। छात्र संवाद का इस्तेमाल PM मोदी की दिवंगत मां का मजाक उड़ाने और उनका अपमान करने के लिए करना बुनियादी मानवीय संवेदना और राजनीतिक संस्कृति की चौंकाने वाली कमी दिखाता है। दूसरी तरफ कांग्रेस ने BJP और RSS पर शिक्षा व्यवस्था को खोखला और भ्रष्ट करने का आरोप लगाया। पार्टी महासचिव जयराम रमेश ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ खड़े हैं, जो सवाल पूछ रहे हैं और जवाबदेही मांग रहे हैं। राहुल ने छात्रों से शिक्षा-रोजगार जैसे मुद्दों पर बात की राहुल गांधी ने शनिवार को इंदौर में ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम के पांचवें एडिशन में हिस्सा लिया। इसका विषय ‘सिस्टम बनाम स्टूडेंट्स’ था। यह कार्यक्रम इससे पहले कोटा, देहरादून, प्रयागराज और पुणे में भी हो चुका है। इंदौर में छात्रों ने शिक्षा, भर्ती, परीक्षा, आरक्षण, हॉस्टल और रोजगार से जुड़े मुद्दे उठाए। एक छात्रा ने सरकारी परीक्षाएं पास करने के बावजूद OBC आरक्षण से जुड़ी कानूनी प्रक्रिया के कारण रुकी नियुक्तियों का मुद्दा उठाया। एक छात्र ने MPPSC में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ आवाज उठाने पर खुद और अन्य लोगों पर कार्रवाई होने की बात कही। आदिवासी छात्रों ने हॉस्टल और दूसरी सुविधाओं की कमी का मुद्दा उठाया। शिक्षक भर्ती अभ्यर्थियों के प्रदर्शन का मुद्दा भी कार्यक्रम में उठा, जिस पर राहुल ने उनके आंदोलन में शामिल होने की पेशकश की। राहुल ने कहा कि शिक्षा बच्चों का अधिकार है, कोई एहसान या सुविधा नहीं। कार्यक्रम में कॉमेडियन ने राहुल के साथ PM मोदी की नकल की कार्यक्रम में स्टैंडअप कॉमेडियन पुलकित मणि ने PM मोदी के अंदाज से मिलते-जुलते हाव-भाव और संवाद किए। राहुल गांधी भी उनके साथ हंसते नजर आए। राहुल ने पुलकित से कहा- हाउ आर यू मोदी जी। नाइस टू मीट यू। और बताइए थोड़ा। पुलकित ने इस दौरान कई डायलॉग्स बोले, जिन्हें प्रधानमंत्री की नकल के तौर पर देखा गया। कार्यक्रम का वीडियो कांग्रेस के X हैंडल पर शेयर किया गया। वीडियो सामने आने के बाद BJP नेताओं ने इस पर आपत्ति जताई। राहुल बोले- सिस्टम छात्रों के सवालों से डरता है राहुल ने कहा कि छात्र जिज्ञासु होते हैं और संस्थानों के कामकाज, भर्ती, परीक्षाओं और रोजगार के अवसरों पर सवाल पूछते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देश में एक ऐसा सिस्टम बन गया है, जो छात्रों के सवालों से डरता है और सवाल पूछने वाले छात्रों के बजाय अंधभक्त चाहता है। उन्होंने इस सिस्टम की अलग-अलग परतों का जिक्र करते हुए PM मोदी, गृह मंत्री अमित शाह, NSA अजित डोभाल, RSS प्रमुख मोहन भागवत और उद्योगपतियों गौतम अडाणी और मुकेश अंबानी के नाम लिए। राहुल ने आरोप लगाया कि इनका देश के राजनीतिक, संस्थागत और आर्थिक क्षेत्रों के अलग-अलग हिस्सों पर प्रभाव है। -------------------------- यह खबर भी पढ़ें… राहुल बोले- महिलाओं के खिलाफ 3 तरह से हिंसा, पहली- पैदा होते ही हत्या, दूसरी- शारीरिक अत्याचार, तीसरी- आर्थिक बंदिशें पुणे के ऑल इंडिया श्री शिवाजी मेमोरियल सोसायटी कॉलेज ग्राउंड में राहुल गांधी ने छात्राओं से बात की। राहुल ने छात्रों की गूंज इवेंट में छात्रों से एक घंटा 16 मिनट बात की। उन्होंने मनुस्मृति का जिक्र करते हुए महिलाओं को पिता, पति और बच्चों की संपत्ति मानने वाली सोच को शर्मनाक बताया। पढ़ें पूरी खबर…
यूपी बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के अलीगढ़ आवास पर धरना-प्रदर्शन जारी
यूपी बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री संदीप सिंह के अलीगढ़ आवास पर धरना-प्रदर्शन जारी
शिक्षक सम्मान समारोह: अमर उजाला के मंच पर सम्मानित होंगे 114 अध्यापक, शिक्षा मंत्री करेंगी सम्मानित
अमर उजाला और जिज्ञासा हॉस्पिटल की ओर से हो रहे शिक्षक सम्मान-2026 के तहत रविवार को शिक्षकों को सम्मानित किया जाएगा। पंचायत भवन सभागार में होने वाले कार्यक्रम मे जिले के 114 विजेता शिक्षक सम्मानित होंगे।
Bihar:गोपालगंज के बलथरी में नवनिर्मित प्रवेश द्वार का शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने किया उद्घाटन
20 सितंबर, रविवार: गोपालगंज के बलथरी में शिक्षा मंत्री मिथिलेश कुमार तिवारी ने प्रवेश द्वार का उद्घाटन किया।
जम्मू-कश्मीर में लागू होगा 5-डे स्कूल वीक? शनिवार-रविवार की छुट्टी पर विचार कर रहा शिक्षा विभाग
जम्मू-कश्मीर में स्कूली छात्रों के लिए पांच दिवसीय कार्य सप्ताह लागू करने के प्रस्ताव पर शिक्षा विभाग विचार कर रहा है, जिसमें शनिवार और रविवार को छुट्टी रहेगी।
एचआईटीईएस ने इंजीनियरिंग क्षेत्र में 21 पदों पर भर्ती के लिए आवेदन आमंत्रित किए हैं। इनमें सीनियर ऑपरेशन मैनेजर, ऑपरेशन मैनेजर और चीफ मैनेजर के पद शामिल हैं। योग्य उम्मीदवार 10 अक्तूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं।
महाराष्ट्र के राजनीतिक परिवार से ताल्लुक रखने वाली नीला विखे पाटिल स्वीडन की संसद के लिए चुनी गई हैं, जो स्टॉकहोम निर्वाचन क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करेंगी।
राजगीर स्थित नालंदा विश्वविद्यालय में 21 और 22 सितंबर को ‘विकसित भारत के निर्माण में भारतीय ज्ञान परंपरा की भूमिका’ विषय पर राष्ट्रीय परिसंवाद आयोजित होगा। उद्घाटन राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल (सेवानिवृत्त) सैय्यद अता हसनैन करेंगे।
विश्वकर्मा जयंती पर विद्यार्थियों को कौशल व तकनीकी शिक्षा का संदेश
भास्कर न्यूज | राहौद भारती प्राइवेट आईटीआई, पकरिया रोड राहौद में भगवान विश्वकर्मा जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में 500 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए। शिक्षक, स्टाफ भी मौजूद रहा। परिसर में धार्मिक माहौल दिखा। अनुशासन भी रहा। संचालक संतोष गुप्ता मौजूद और उनके बड़े पुत्र सुदीप गुप्ता भी मौजूद रहे। संतोष गुप्ता ने भगवान विश्वकर्मा की पूजा की। उन्होंने शिल्प, तकनीक, निर्माण क्षेत्र में भगवान विश्वकर्मा के योगदान की बात कही। विद्यार्थियों को मेहनत, कौशल, तकनीकी शिक्षा से आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में जीवराखन लाल देवांगन, कुमुद चंदेल, सज्जन लाल देवांगन, पुतुलुलू पटेल, बिसहुवा केवट मौजूद रहे। अन्य लोग भी पहुंचे। अतिथियों ने पूजा-अर्चना की। विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा में बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में उर्मिला सांडे, प्रभारी प्राचार्य फार्मेसी, आकांक्षा साहू, प्रभारी प्राचार्य भारती प्राइवेट आईटीआई, ज्योति राठौर, शिवा बंजारे, विकास कुमार गुप्ता, सिद्धेश्वरी साहू, मनीषा बंजारे, कौशल प्रसाद देवांगन, मानसिंह वर्मा, रामदुलार यादव, बाबूलाल केवट, कुसुम चौहान सहित स्टाफ मौजूद रहा। पूजा के बाद संस्थान परिसर में महाप्रसाद बांटा गया। छात्र-छात्राएं, अतिथि, स्टाफ ने हिस्सा लिया।

