कोटा में गणतंत्र दिवस पर जिला स्तरीय मुख्य समारोह महाराव उम्मेदसिंह स्टेडियम में आयोजित किया जा रहा है, जहां शिक्षा एवं पंचायत राज मंत्री मदन दिलावर ने ध्वजारोहण किया। स्टेडियम में ध्वजारोहणकर परेड निरीक्षण किया। मार्चपास्ट की सलामी ली। इससे पहले मुख्य अतिथि ने शहीद स्मारक पहुंचकर पुष्प अर्पित किए। कार्यक्रम में अलग-अलग क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले 66 लोगों का सम्मान होगा। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने अपने उद्बोधन में कहा कि पहले प्रदेश का शिक्षा विभाग देशभर में 11वीं स्थान पर था। लेकिन 2 साल में 11वें से अब तीसरे स्थान पर आ गया है। शिक्षा का उद्देश्य केवल डिग्री हासिल करना नहीं है, बल्कि विकासशील, वैज्ञानिक और नैतिक मूल्यों से युक्त दृष्टिकोण, नवाचार, कौशल तथा राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना है। उन्होंने कहा कि उन्हें यह बताते हुए खुशी है कि प्रदेश का शिक्षा विभाग मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के मार्गदर्शन में शिक्षा में संस्कारों के समावेश और राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के चरणबद्ध क्रियान्वयन के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि आज का भारत तेज़ी से विकसित भारत की ओर अग्रसर है। चंद्रयान जैसे मिशन, रक्षा क्षेत्र में बढ़ती साख और 6G व डिजिटल आत्मनिर्भर भारत की दिशा में कदम इसका उदाहरण हैं। लेकिन यह प्रगति तभी सार्थक होगी जब हम सभी संविधान के आदर्शों पर चलेंगे। शिक्षा मंत्री ने बताया कि वंदे मातरम् के 150 वर्ष और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती का वर्ष देश के लिए गर्व और राष्ट्रभक्ति का अवसर है। उन्होंने आह्वान किया कि इस गणतंत्र दिवस पर सभी नागरिक संविधान का सम्मान करें और विकसित भारत 2047 के निर्माण में योगदान दें। सामूहिक व्यायाम, गान, नृत्य, झांकी और बैंड प्रदर्शन समारोह की विशेष आकर्षण होंगे। राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन होगा। दोपहर 1 बजे जेके पेवेलियन स्टेडियम में जिला प्रशासन और जनप्रतिनिधियों के बीच मैत्री क्रिकेट मैच खेला जाएगा। राजकीय सेवा में उत्कृष्ट कार्य के लिए -दीपक महावर उपखण्ड अधिकारी दीगोद -डॉ सचिन जोशी सह आचार्य अस्थि रोग विभाग मेडिकल कॉलेज -नरेश चौधरी अधिशाषी अभियंता एवं प्रावेधिक सहायक सानिवि वृत कोटा - सपना वर्मा डीएलआर विधि अनुभाग कलेक्ट्रेट -समय सिंह मीणा खंड विकास अधिकारी पंचायत समिति खैराबाद -डॉ प्रीतम सिंह मंडावत वरिष्ठ प्रदर्शक पैथोलॉजी विभाग मेडिकल कॉलेज कोटा -रेवती रमण पारीक असिस्टेंट प्रोफेसर राज आयु योग एवं प्राकृतिक चिकित्सा महाविद्यालय देवेंद्र कुमार देवतवाल संयुक्त निदेशक सांख्यिकी संभागीय आयुक्त कार्यालय -कृष्ण हरि पांडे रीडर कार्यालय जिला एवं सेशन न्यायाधीश - शिवकुमार गौतम सहायक प्रशासनिक अधिकारी कलेक्ट्रेट -पुरुषोत्तम राठौर नर्सिंग ऑफिसर एमबीएस - राजेश नैन, कनिष्ठ अभियंता कोटा विकास प्राधिकरण -महेंद्र सोनी सोनी टेक्नीशियन जेवीवीएनएल नयापुरा - महावीर प्रसाद सांवरिया नर्सिंग अधीक्षक एमबीएस - प्रशांत व्यास पंचायत शिक्षक रा उ मा वि खेड़ारामपुर -आनंद स्वरूप वर्मा वरिष्ठ सहायक निदेशक लोक सेवाएं प्रशासनिक सुधार एवं समन्वय विभाग -डॉ. शैलेंद्र वशिष्ठ, सहायक आचार्य प्रभारी ब्लड सेंटर मेडिकल कॉलेज - निकिता शर्मा पटवारी जाखोड़ा - बलराम बैरवा पटवारी इटावा -महेंद्र कुमार, पटवारी सांगोद - रफीक मोहम्मद भू अभिलेख निरीक्षक तहसील कार्यालय दीगोद -किशन लाल मीणा वरिष्ठ सहायक पुलिस अधीक्षक कोटा शहर -हरि नारायण वैष्णव वरिष्ठ सहायक जन सुविधा केंद्र जिला परिषद -प्रत्यूष वेद नर्सिंग ऑफिसर एमबीएस -भवानी शंकर वाहन चालक रसद विभाग स्वच्छता व सफाई के क्षेत्र में सराहनीय कार्य -सूरज,सफाई कर्मचारी नगर निगम - रोशन सफाई कर्मचारी नगर निगम कोटा -पवन सिंह और सफाई कर्मचारी नगर पालिका इटावा -अमरलाल सफाई कर्मचारी रामगंज मंडी -सत्यनारायण सफाई कर्मचारी नगर पालिका सांगोद - राजेंद्र कुमार पांचाल सफाई कर्मचारी नगर पालिका सुल्तानपुर-डॉ जीडी रामचंदानी, 500 से अधिक डायबिटीज से पीड़ित गरीब बच्चों का निशुल्क इलाज उपलब्ध करवाने के लिए -डॉ विश्वास शर्मा जोड़ प्रत्यारोपण के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए -डॉ राहुल शर्मा फिजियोथैरेपी क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए -यतेंद्र बहादुर सिंह जिला खेल अधिकारी खेल सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए -मृणाली प्रजापति, 69वीं राष्ट्रीय स्कूल गेम्स मल्लखम्भ प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त करने के लिए - हेम कंवर 69वीं राष्ट्रीय स्कूल गेम्स मल्लखम्भ प्रतियोगिता में तीसरा स्थान प्राप्त करने के लिए -नव्या शर्मा राष्ट्रीय स्तर पर वुशु सब जूनियर प्रतियोगिता में 5गोल्ड,1सिल्वर,2 कांस्य पदक जितने के लिए -भाविका खंडेलवाल कथक नृत्य में विशेष उपलब्धि राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुतियां -अहाना सिंघवी, कत्थक थक नृत्य में सारणी कार्य के लिए कुमकुम जांगिड़ रानपुर,तैराकी की में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए -हिमांशु 69वीं राष्ट्रीय स्कूल गेम्स 2025-26 बास्केटबॉल गर्ल्स अंडर-19 में पहला स्थान प्राप्त करने के लिए -गौरव राठौर टीचर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कराड़िया सिमलिया शिक्षा सेवा में उत्कर्ष कार्य -रॉकी डेनियल, 354 जहरीले सांपों को रिहायशी क्षेत्र से बचाकर जंगल में छोड़ने के लिए सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य -पुलकित मेघवाल युवा आदर्श फाउंडेशन सुमन नगर चंद्रसल रोड -राजेंद्र कुमार नागर -अजय खत्री समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए -गजानन मेवाड़ा, समाज सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए -पंकज गुप्ता, सहायक प्रशासनिक, अधिकारी राजस्व विभाग कलेक्ट्रेट राजस्व भू आवंटन प्रकरण का समय बाद तरीके से निस्तारण -विदित गौतम रक्तदान के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए-राग जोशी राष्ट्रीय अंडर बास्केटबॉल प्रतियोगिता में उत्कर्ष कार्य करने के लिए -धनराज नागर टीचर राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय बापू नगर बालिका रोड शिक्षा सेवा में उत्कृष्ट कार्य -सुनीता हरदावत प्रधानाचार्य राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय कोटडी शिक्षा सेवा में उत्कर्ष कार्य - रीमा मालव नर्सिंग अधिकारी नवीन चिकित्सालय मेडिकल कॉलेज कोटा चिकित्सा सेवा में उत्कृष्ट कार्य - सीता मीणा, वनरक्षक कार्यालय वन उपवन संरक्षक (वन्यजी मुकुंदरा राष्ट्रीय उद्यान, वन्य एवं वन्यजीवों की सुरक्षा रात्रि गश्त एवं टाइगर मॉनिटरिंग के लिए -अंकित बैरवा, अगस्त 2024 यूथ नेशनल गेम्स क्रिकेट में स्वर्ण पदक -प्रियंका अरोरा प्रतीक्षा चैरिटेबल फाउंडेशन, सामाजिक सेवा में उत्कर्ष कार्य करने हेतु -आशीष शर्मा सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए मुदित तिवारी, कार्यालय पुलिस अधीक्षक कोटा शहर, कम्युनिटी पुलिसिंग सलाहकार एवं डिजिटल मीडिया विशेषज्ञ -उनियाल श्री राम मंदिर की गली स्टेशन माला फाटक रोड, कॉमनवेल्थ जूडो चैंपियनशिप में दो गोल्ड, राष्ट्रीय सीनियर जूडो प्रतियोगिता में कांस्य पदक -अध्यक्ष/ सचिव माहेश्वरी महिला मंडल, सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने के लिए -चंदन मलेटी,,जिले के प्रथम व्यक्ति इंटरनेशनल शूंटिंग स्पोर्ट्स फेडरेशन का जज एंड जूरी लाइसेंस प्राप्त करना -अंकुर सक्सेना राज्य कर अधिकारी, कार्यालय अतिरिक्त आयुक्त राज्य कर वाणिज्य विभाग राजकीय सेवा में उत्कर्ष कार्य -दिव्यांश विजय सामाजिक सेवा में उत्कृष्ट कार्य करने हेतु
हिसार में गणतंत्र दिवस के पावन अवसर पर आज राजकीय कॉलेज के मैदान में जिला स्तरीय भव्य समारोह का आयोजन किया जा रहा है। समारोह में प्रदेश के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे और ध्वजारोहण करेंगे। ध्वजारोहण के बाद शिक्षा मंत्री परेड की सलामी लेंगे। इस बार परेड की कमान DSP संभालेंगी। परेड में जिला पुलिस की 2 प्लाटून, हरियाणा सशस्त्र पुलिस की 1 प्लाटून, हरियाणा गृह रक्षी की 1 प्लाटून के साथ-साथ NCC और स्काउट की टुकड़ियां हिस्सा लेंगी। स्कूली बच्चों द्वारा देशप्रेम से ओत-प्रोत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम भी प्रस्तुत किए जाएंगे। सुरक्षा के कड़े इंतजाम, 300 पुलिसकर्मी तैनातसमारोह की सुरक्षा व्यवस्था को चाक-चौबंद रखने के लिए प्रशासन ने 300 पुलिसकर्मियों को तैनात किया है। सुरक्षा घेरे की कमान SP और DSP स्तर के अधिकारी संभाल रहे हैं। जनता और कलाकारों के लिए पंचायत भवन के पास स्थित गेट से एंट्री की व्यवस्था की गई है। बिना सुरक्षा जांच के किसी भी व्यक्ति को परिसर में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जाएगी। ट्रैफिक व्यवस्था को सुचारू बनाए रखने के लिए DSP तरुण शर्मा को नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है।
शिक्षा, अनुशासन और संस्कार ही सशक्त भारत की नींव : आनंदीबेन पटेल
गणतंत्र दिवस की पूर्व संध्या पर जनभवन देशभक्ति, संस्कार और अनुशासन के रंग में रंगा नजर आया। राज्यपाल आनंदीबेन पटेल की गरिमामयी उपस्थिति में आयोजित सांस्कृतिक कार्यक्रमों में विद्यार्थियों ने राष्ट्रप्रेम की जीवंत झलक प्रस्तुत की, वहीं राज्यपाल ने शिक्षा, अनुशासन और कर्तव्यबोध को जीवन की मूल धुरी बताया।
अधिवेशन में शिक्षा विषयों पर चर्चा,कार्यकारिणी का गठन
धौलपुर | पुरस्कृत शिक्षक फोरम की ओर से वार्षिक अधिवेशन एवं सम्मान समारोह का आयोजन राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय में हुआ। कार्यक्रम की अध्यक्षता दयाकांत सक्सेना एवं फोरम के संरक्षक पुरुषोत्तम दास अग्रवाल ने की। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी महेश कुमार मंगल एवं विशिष्ट अतिथि के रूप में सीबीईओ धौलपुर महेश कुमार शर्मा,एडीईओ रमाकांत शर्मा रहे। राष्ट्रीय एवं राज्य स्तर पर सम्मानित एवं जिले के उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों का सम्मान किया गया । जिसमें राज्य स्तरीय शिक्षक सम्मान 2025 से सम्मानित शिक्षक उदय सिंह तथा फोरम के सदस्य परवेज खां का सम्मान किया गया। जिले के उत्कृष्ट शिक्षकों में शिक्षक रविन्द्र वर्मा,सुभाष चंद्र एवं बृज मोहन शर्मा का सम्मान किया गया। कार्यक्रम आयोजक सदस्य कोषाध्यक्ष भगवान सिंह मीना ने तिलक लगाकर, माल्यार्पण एवं पट्टा पहनाकर समस्त फोरम के सदस्यों का सम्मान किया। कार्यक्रम में संरक्षक पीड़ी अग्रवाल, सीडीईओ महेश कुमार मंगल, सीबीईओ महेश कुमार शर्मा,एडीईओ रमाकांत शर्मा,अध्यक्ष दयाकांत सक्सेना,सचिव सुरेश गोस्वामी एवं राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित सुरेंद्र सिकरवार ने शिक्षकों की गरिमा और सरकार की जनकल्याणकारी योजनाओं सहित समाज हित,पर्यावरण संरक्षण एवं अन्य सराहनीय कार्यों के लिए पुरस्कृत शिक्षक फोरम के सदस्यों की सराहना करते हुए उनकी भूमिका से अवगत कराया। फोरम के महासचिव रामेश्वर प्रसाद शर्मा के निर्देशन में बोर्ड टिप्स पुस्तिका का विमोचन किया गया एवं सरकार के नाम फोरम के निर्देशानुसार विभिन्न मांगों के संबंध में विधायकों को ज्ञापन देने की चर्चा की गई। संरक्षक पुरुषोत्तम दास अग्रवाल ने बताया कि 22 साल बाद नवीन कार्यकारिणी का गठन हुआ है जिसमें अध्यक्ष पद पर राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित शिक्षक सुरेश गोस्वामी,सचिव भगवान सिंह मीना,वरिष्ठ उपाध्यक्ष राष्ट्रपति अवॉर्ड से सम्मानित शिक्षक सुरेंद्र सिकरवार एवं राज्य पुरस्कृत शिक्षक परवेश खां को कोषाध्यक्ष पद पर सर्वसम्मति से मनोनीत किया गया है। फोरम के सदस्यों ने नवीन कार्यकारिणी का माला पहनाकर अभिनंदन किया। इस अवसर पर फोरम के सदस्य प्रधानाचार्य अजय सिंह चौधरी,राजेश उपाध्याय,अशोक कोठारी,उप प्राचार्य महाराज सिंह,शिक्षक राहुल शर्मा,रमा शर्मा,गौरव बाबू शर्मा, बृज मोहन शर्मा,बृजेंद्र सिंह,सुभाष चंद्र,रविन्द्र वर्मा,बंटी परमार सहित फोरम के अन्य सदस्य मौजूद थे।
ऑक्सफोर्ड स्कूल नई शिक्षा प्रणाली का बना प्रेरणास्रोत किया गया स्टेम रोबोटिक एंड एग्जीविशन का आयोजन
भास्कर न्यूज | गढ़वा गढ़वा शहर के नारायणपुर टंडवा स्थित ऑक्सफोर्ड पब्लिक स्कूल गढ़वा में रविवार को विद्यालय के छात्र-छात्राओं द्वारा आयोजित स्टेम रोबोटिक्स एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) एग्जीबिशन ने शिक्षा के क्षेत्र में एक नई मिसाल कायम की। इस प्रदर्शनी के माध्यम से बच्चों ने विज्ञान, तकनीक और नवाचार की दिशा में अपनी प्रतिभा का शानदार प्रदर्शन किया। कार्यक्रम का उद्घाटन गढ़वा जिला के पुलिस अधीक्षक अमन कुमार, अनुमंडल पदाधिकारी संजय कुमार, जिला शिक्षा पदाधिकारी कैसर रज़ा, रमना प्रखंड प्रमुख करुणा सोनी, विद्यालय के निदेशक अनूप सोनी, सचिव आलोक सोनी, प्रबंधन समिति सदस्य धीरज कुमार, आकाश कुमार, सोनू कुमार तथा प्रधानाचार्य माइकल उमेश खन्ना द्वारा संयुक्त रूप से दीप प्रज्वलन कर किया।इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक एवं गणमान्य अतिथि उपस्थित थे। सभी ने विद्यार्थियों द्वारा तैयार किए गए आधुनिक और तकनीकी मॉडलों का अवलोकन किया तथा बच्चों की रचनात्मकता और नवाचार क्षमता की मुक्त कंठ से सराहना की। विद्यालय द्वारा एआई और रोबोटिक्स को पारंपरिक शिक्षा से जोड़ने का प्रयास विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक मजबूत कदम है। इस प्रदर्शनी के आयोजन में बाहर से आए तकनीकी विशेषज्ञों का विशेष योगदान रहा। बीटेक बीएमएसआईटी बेंगलुरु के मणिकांत कुमार, एनएसआईटी पटना की वैष्णवी मृणाल, आईएमएस गाजियाबाद की सुकृति शर्मा तथा आरडी इंजीनियर एनआईटी जालंधर के मो. जैद के कुशल मार्गदर्शन एवं अथक परिश्रम से विद्यार्थियों ने अपनी परियोजनाओं को सफलतापूर्वक प्रस्तुत किया। प्रदर्शनी में लाइन फॉलोइंग रोबोट, ऑब्स्टेकल अवॉइडिंग रोबोट कार, वाई-फाई नियंत्रित कार, मौसम रिपोर्टिंग सिस्टम, लेज़र सुरक्षा प्रणाली, एआई चैटबॉट सिस्टम, प्रोस्थेटिक आर्म, 6-एक्सिस रोबोटिक आर्म, होम ऑटोमेशन सिस्टम, स्मार्ट सिंचाई प्रणाली, एआई आधारित एयर पेंट प्रोजेक्ट, ड्रोन शो एवं आरसी एयरप्लेन जैसी अत्याधुनिक परियोजनाएं आकर्षण का केंद्र रहीं। विद्यार्थियों ने न केवल अपने मॉडल प्रदर्शित किए। बल्कि प्रत्येक परियोजना की कार्यप्रणाली, उपयोगिता और भविष्य की संभावनाओं को भी आत्मविश्वास के साथ समझाया। कार्यक्रम के दौरान यह भी जानकारी दी गई कि विद्यालय में शैक्षणिक सत्र 2026-27 के लिए नामांकन प्रक्रिया प्रारंभ हो चुकी है। इस अवसर पर सरकारी एवं गैर-सरकारी विद्यालयों के शिक्षक, अभिभावक एवं शिक्षा से जुड़े कई गणमान्य लोग उपस्थित थे। मौके पर लोगों ने कहा कि कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों में वैज्ञानिक सोच, तकनीकी कौशल एवं नवाचार की भावना का विकास करना रहा। जिसमें विद्यालय पूरी तरह सफल रहा।
भोपाल आयुर्वेद शिक्षा:इलाज का हब बन रहा, प्रदेश के 39 में से 20 कॉलेज यहां, शोध व पंचकर्म पहचान
भोपाल अब केवल प्रशासनिक राजधानी नहीं, बल्कि आयुर्वेदिक शिक्षा, शोध और उपचार का उभरता केंद्र बन रहा है। सरकारी के साथ निजी आयुर्वेदिक मेडिकल कॉलेज और अस्पताल आयुर्वेद को नई पहचान दे रहे हैं। पंचकर्म, शिरोधरा, रसशालाएं और आधुनिक प्रयोगशालाएं भोपाल को सेंट्रल इंडिया के आयुर्वेदिक मानचित्र पर स्थापित कर रही हैं। शहर में करीब 20 आयुर्वेद महाविद्यालय संचालित हैं, जबकि प्रदेश में इनकी संख्या 39 है। अधिकांश संस्थान एनसीआईएसएम के मानकों पर खरे उतर रहे हैं। एलएन मेडिकल कॉलेज व जेके सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में निःशुल्क आयुर्वेदिक ओपीडी एलएन आयुर्वेद महाविद्यालय 2017 में स्थापित इस कॉलेज ने तेजी से अपनी पहचान बनाई है। यहां 100 स्नातक और 23 स्नातकोत्तर सीटें उपलब्ध हैं। संस्थान ने राष्ट्रीय स्तर पर प्रकृति परीक्षण कार्यक्रम में भाग लिया है और 2022 में अंतरराष्ट्रीय वन मेले में उत्कृष्ट स्टॉल का पुरस्कार जीता। नियमित रूप से स्वर्णप्राशन संस्कार, नेत्र, कर्ण, नासिका और गला रोगों का उपचार, महिला स्वास्थ्य, कैंसर जागरूकता, सुपोषण, अंगदान और पर्यावरण संरक्षण कार्यक्रम आयोजित होते हैं। एलएन मेडिकल कॉलेज और जेके सुपर स्पेशलिटी हॉस्पिटल में निःशुल्क आयुर्वेदिक ओपीडी भी है।आरडी मेमोरियल आयुर्वेदिक कॉलेज: 2002 में स्थापित इस कॉलेज को क्यूसीआई से ‘बी’ ग्रेड मिला है और यह राष्ट्रीय स्तर पर चौथे स्थान पर है। कॉलेज के अस्पताल में 75% डिलीवरी नार्मल होती हैं। पांच एकड़ के परिसर में अत्याधुनिक प्रयोगशालाएं, औषधीय उद्यान, पंचकर्म इकाई, योग और प्राकृतिक चिकित्सा विभाग हैं।आईईएस आयुर्वेदिक हॉस्पिटल आईईएस यूनिवर्सिटी द्वारा संचालित यह अस्पताल शहर और आसपास के गांवों के मरीजों को नियमित आयुर्वेदिक उपचार प्रदान करता है। प्रतिदिन 20–25 मरीजों को पंचकर्म और शिरोधरा थैरेपी दी जाती है। यहां च्यवनप्राश, त्रिफला और अर्जुन चूर्ण का निर्माण होता है।मानसरोवर आयुर्वेदिक कॉलेज में क्रियाशील अस्पताल, वाई-फाई लाइब्रेरी, हर्बल गार्डन, पंचकर्म सुविधा और उन्नत प्रयोगशालाएं हैं, जो छात्रों को व्यावहारिक प्रशिक्षण प्रदान करती हैं।
राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने लैब असिस्टेंट और जूनियर लैब असिस्टेंट की संयुक्त भर्ती-2026 निकाली है। इस भर्ती से माध्यमिक शिक्षा, कृषि, संस्कृत शिक्षा, फोरेंसिक साइंस लैब, जन स्वास्थ्य इंजीनियरिंग और कॉलेज शिक्षा विभाग में कुल 804 पद भरे जाएंगे। अभ्यर्थी 27 जनवरी से 25 फरवरी तक बोर्ड की ऑफिशियल वेबसाइट पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इनमें सबसे ज्यादा 500 पद माध्यमिक शिक्षा विभाग में लैब असिस्टेंट ग्रेड-3 के हैं। भर्ती में शामिल होने के लिए उम्मीदवार को विज्ञान विषय के साथ 12वीं या हायर सेकेंडरी पास होना चाहिए। साथ ही कंप्यूटर की बेसिक जानकारी, बेसिक हिंदी और राजस्थान की संस्कृति की जानकारी भी जरूरी है। बोर्ड के फैसले के बाद तय होगी एग्जाम डेटबोर्ड ने परीक्षा 9 और 10 मई 2026 को कराने का प्रस्ताव रखा है, लेकिन अंतिम फैसला बाद में लिया जाएगा। भर्ती प्रक्रिया में 18 से 40 साल तक की उम्र के अभ्यर्थी आवेदन कर सकते हैं। वहीं आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी को 40 साल से ज्यादा का होने पर भी भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने की छूट दी जाएगी। --- ये खबर भी पढ़ें राजस्थान में 12वीं पास के लिए निकली वैकेंसी:40 साल वाले भी कर सकते हैं अप्लाई, जानें- फॉर्म भरने की अंतिम तिथि, कब होंगे एग्जाम राजस्थान में सरकारी नौकरी की तलाश कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। राजस्थान कर्मचारी चयन बोर्ड (RSSB) ने लिपिक ग्रेड-II और कनिष्ठ सहायक के पदों पर भर्तियां निकाली हैं। जिसके तहत प्रदेश के 6 विभागों में लिपिक ग्रेड-II और कनिष्ठ सहायक के 10 हजार 644 पदों पर भर्ती की जाएगी। इसमें गैर अनुसूचित और अनुसूचित वर्गों के लिए आरक्षित पद भी शामिल हैं। (पूरी खबर पढ़ें) राजस्थान में एक लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी:एक साल में होने वाली भर्ती के बारे में पता चलेगा; जानिए कौनसी परीक्षा कब होगी राजस्थान सरकार ने सालभर में होने वाली एक लाख भर्तियों का कैलेंडर जारी किया है। इसमें पदों की संख्या और किस महीने में कौन सी भर्ती की परीक्षा होगी यह बताया गया है। भर्ती कैलेंडर जारी करते समय सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा है कि हमने युवाओं के भविष्य की योजनाओं को आकार देने के लिए आज एक लाख भर्तियों वाला सालभर का भर्ती कैलेंडर जारी किया है। (पूरी खबर पढ़ें)
नालंदा जिला शिक्षा विभाग ने वित्तीय अनुशासनहीनता के मामले में बड़ी कार्रवाई की है। वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के तहत मिली राशि का उपयोगिता प्रमाण पत्र जमा न करने वाले 19 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को विभाग ने शोकॉज नोटिस जारी किया है। योजना एवं लेखा के जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (डीपीओ) मोहम्मद शाहनवाज ने जारी पत्र में संबंधित प्रधानाध्यापकों को 24 घंटे के अंदर संतोषजनक स्पष्टीकरण देने का निर्देश दिया है। पत्र में साफ चेतावनी दी गई है कि असंतोषजनक जवाब या जवाब न मिलने की स्थिति में वेतन स्थगन, विभागीय कार्रवाई के साथ-साथ गबन के आरोप में एफआईआर भी दर्ज कराई जा सकती है। सिलाव प्रखंड में सर्वाधिक मामले दिलचस्प बात यह है कि इन 19 विद्यालयों में सबसे अधिक पांच स्कूल सिलाव प्रखंड के हैं, जो वित्तीय प्रबंधन में गंभीर लापरवाही की ओर इशारा करता है। विभाग के अधिकारियों का कहना है कि यह महज एक-दो स्कूलों का मामला नहीं है, बल्कि व्यापक स्तर पर वित्तीय अनियमितता का संकेत है। 20-20 हजार रुपए की राशि का हिसाब गायब डीपीओ के पत्र में स्पष्ट किया गया है कि वित्तीय वर्ष 2023-24 में मुख्यमंत्री बिहार दर्शन योजना के अंतर्गत प्रत्येक विद्यालय को छात्र-छात्राओं के शैक्षणिक परिभ्रमण के लिए 20,000 रुपए की राशि उपलब्ध कराई गई थी। इस राशि का उद्देश्य बच्चों को विभिन्न ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं शैक्षणिक स्थलों का भ्रमण कराना था। इन 19 विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों ने न तो परिभ्रमण की उपयोगिता रिपोर्ट जमा की और न ही इस मामले को गंभीरता से लिया। विभाग ने इसे वित्तीय अनियमितता, स्वेच्छाचारिता, उच्च अधिकारियों के आदेश की अवहेलना तथा कर्तव्य के प्रति लापरवाही करार दिया है। विभाग का सख्त रुख जिला शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय के अनुसार, विभाग इस बार बकाया बिल और उपयोगिता प्रमाण पत्र के मामले में किसी भी तरह की ढील देने को तैयार नहीं है। लगातार शिक्षकों से जवाब-तलब किया जा रहा है और नियमित कैंप लगाकर बकाया बिलों का निपटारा कराया जा रहा है। शनिवार को डीईओ कार्यालय में आयोजित विशेष कैंप में कई प्रधानाध्यापकों ने नोटिस मिलने के बाद अपने बकाया बिल जमा कर दिए। हालांकि, अभी भी कई ऐसे विद्यालय हैं जहां से कोई जवाब नहीं आया है। इन विद्यालयों को भेजा गया नोटिस जिन विद्यालयों के प्रधानाध्यापकों को शोकॉज नोटिस जारी किया गया है, उनमें प्रमुख हैं कन्या उच्च विद्यालय ओकनावां, हाजी निसारुद्दीन उच्च विद्यालय गिरियक, उत्क्रमित उच्च विद्यालय मल्लिकपुर, कुल्ह, पांकी, बड़ाकर, खोदागंज, जियर, पुरैनी, इसुआ, बड़गांव, रेड़ी, उच्च विद्यालय सरबहदी, अमरावती, प्लस टू उच्च विद्यालय गोनावां, गुरुशरण उच्च विद्यालय कौशलपुर, कन्या उच्च विद्यालय परवलपुर, कांग्रेस उच्च विद्यालय दशरथपुर तथा उत्क्रमित उच्च विद्यालय हवेली। डीसी पत्र जमा करने की अनिवार्यता विभाग ने सभी संबंधित प्रधानाध्यापकों को निर्देश दिया है कि वे अपना डीसी (डिस्ट्रिक्ट कमेटी) पत्र भी अविलंब उपलब्ध कराएं। विफल रहने पर सख्त से सख्त कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।
नमस्कार शिक्षा मंत्रीजी फिर 'जेल' की बात छेड़ी तो पीसीसी चीफ साहब ने भी भविष्यवाणी कर दी-'जेल में आपसे मिलने आऊंगा'। उदयपुर में राजनीति विज्ञान से MA करने वाले विधायकजी से पत्रकार ने MLA की फुलफॉर्म पूछ ली। नागौर में पूर्व विधायक ने शोकसभा में गीत गाकर नेताजी को भावुक कर दिया और छोटे बच्चे ने 'मोरू' के जरिए दिया बड़ा मैसेज। राजस्थान की राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में... 1. मंत्री-PCC चीफ ने की 'जेल' वाली बात ईरान-अमेरिका की जंग का तो पता नहीं, लेकिन दिलावर और डोटासरा के बीच भयंकर शीतयुद्ध लंबे काल से चल रहा है। परिसीमन को लेकर पीसीसी चीफ ने सवाल उठाए थे। इस पर शिक्षा मंत्री दिलावर जी ने कोटा में यह भविष्यवाणी कर दी कि बहुत जल्द डोटासरा जेल में होंगे। उन्होंने कहा- उल्टा चोर कोतवाल को डांटे। कांग्रेस ने अपने राज में परिसीमन में खूब गड़बड़ की। जहां उन्हें वोट मिल सकते थे वो वार्ड छोटे कर दिए। हमारे वार्ड बड़े कर दिए ताकि हम जीत न पाएं। ये बेइमानी हम नहीं करते। हमारे राज में सिर्फ सही काम होता है। परिसीमन की बात के बीच ही मंत्रीजी ने मुद्दा एजुकेशन की तरफ मोड़ा। कहा- आपको बताऊं डोटासरा जी, आप जेल के बाहर नहीं रहने वाले। 2018 की भर्ती में आपने गड़बड़ की थी। सारी पोल खुल रही है। एसओजी आपके गुर्गे पकड़ रही है। अब वो दिन दूर नहीं जब आप जेल में होंगे। चुनाव की क्या चिंता? रिजल्ट तो आप जेल से ही सुनेंगे। आपके मित्र जिन्होंने पीएचईडी में करोड़ों का घोटाला किया, उन्हें जेल हुई। ऐसे ही आप भी जेल में रहने वाले हैं। इसके बाद बारी आई पीसीसी चीफ की। उन्होंने जवाबी हमला किया। मंत्रीजी को 'भला मानुष' कहते हुए बोले- मेरे दादाजी कहते थे कीचड़ में पत्थर मत फेंकना। छींटे तुम्हीं पर पड़ेंगे। मंत्रीजी में दम है तो चोर, पेपर माफिया, अपराधी और बेइमानों को पकड़ें। बल्कि खुद पर जो मुकदमे हैं, उनमें जमानत करा लें। क्योंकि पौने तीन साल बाद कांग्रेस की सरकार आ रही है। मदन दिलावर जी से जेल में मिलने मैं जाऊंगा। बाकी गोविंद सिंह डोटासरा यहीं रहेगा, कहीं नहीं जाएगा। 2. MLA की फुलफॉर्म जनसेवा इससे क्या फर्क पड़ता है कि आपको कितना ज्ञान है। बात तो तब है जब आप लोगों की सेवा करें। अच्छाई-नेकी करें। सद्भावना और इंसानियत दिखाएं। आर्थिक दशा खराब होने के कारण उन्होंने 15 साल की उम्र में पढ़ाई छोड़ दी थी। ऊपरवाले की मेहरबानी हुई और राजनीति में चमक गए। बेटियां बड़ी हुईं तो उन्होंने पिता को दोबारा पढ़ाई वहीं से शुरू करने के लिए प्रेरित किया जहां से पढ़ाई छूटी थी। नेताजी विधायक बन चुके थे। बेटियों की मनुहार के आगे झुक गए। 55 साल की उम्र में 10वीं का एग्जाम दिया। पास हो गए। फिर तो ऐसी अलख जगी कि हर साल एग्जाम देने लगे। 67 साल की उम्र होते-होते राजनीति विज्ञान से एमए पास कर ली। उनकी पढ़ाई की परीक्षा लेने एक पत्रकार विधायकजी के पास पहुंचीं। कहा- अब तो MA कर चुके हैं, जरा MLA की फुलफॉर्म बताइये। सवाल संदर्भ का तो था, लेकिन आउट ऑफ सिलेबस। घुमा-फिराकर विधायकजी ने सरलता से कहा- जनता की सेवा करना ही MLA के लिए सब कुछ है। कुल मिलाकर विधायकजी जनता के काम करते हैं। जनता उन्हें पसंद करती है। तीन बार विधायकी का चुनाव जिता चुकी है। इस उम्र में पढ़ाई ही नहीं, डांस भी करते हैं। क्रिकेट खेलते हैं तो शानदार शॉट्स लगाते हैं। नेताजी खुद 'फुल फॉर्म' में हैं। तो परिभाषा का क्या अचार डालना है? 3. पूर्व विधायक ने गीत गाकर दी श्रद्धांजलि पूर्व विधायकजी गाने के शौकीन हैं। गीत वही जो दिल की गहराइयों को छू ले। आदमी दुख में हो तो गीत का असर बढ़ जाता है। नागौर के दिग्गज नेता पीरू सिंह जी नहीं रहे। उनके बेटे भंवर सिंह पलाड़ा भी सीनियर नेता। भंवर सिंह को दिलासा देने कई मंत्री, दोनों डिप्टी सीएम, कई विधायक, पूर्व विधायक शोकसभा में पहुंचे और सांत्वना दी। गायकी के शौकीन पूर्व विधायकजी भी श्रद्धांजलि देने पहुंचे। शोकसभा में भंवर सिंह जी को पूर्व सांसद सुमेधानंद सरस्वती दिलासा दे रहे थे। पूर्व विधायकजी ने भी संबल दिया। कुछ देर बातें की। माहौल गमगीन था। जीवन के क्षणभंगुर होने के चर्चे चल रहे थे। इस अवसर पर पूर्व विधायकजी ने एक गीत सुनाने की बात छेड़ी। उन्होंने वहां एक थाली को उल्टा कर उसकी ढपली बनाई और गाने लगे- क्या ले के आया बंदे, क्या ले के जाएगादो दिन की जिंदगी है, दो दिन का मेलाइस जगत सराय में रहना है दो दिन का,क्यों व्यर्थ करे मरोड़ तू इस धन और जोबन कानहीं है भरोसा पल का, कल मर जाएगादो दिन की जिंदगी है दो दिन का मेला 4. बच्चे ने 'मोरू' के जरिए दिया संदेश किसी शहर के किसी पॉश एरिया में किसी पूरी तरह वातानुकूलित इमारत में किसी राष्ट्रीय स्तर की संस्था ने पर्यावरण से जुड़े किसी विषय पर देशभर के पर्यावरणविदों को बुलाया। अपने NGO को मोटी रकम मिलने का सपना देखते हुए एक सज्जन बड़ी स्क्रीन पर स्लाइड शो दिखाकर दावा करते हैं कि यही है पर्यावरण को बचाने की सही तरकीब। जिस पर समोसा-चिप्स खाते हुए बाकी के लोग बुझा सा रिएक्शन देते हैं। एक- दुनियाभर में ग्लोबल वार्मिंग की बात करता है। दूसरा- दिल्ली के AQI पर दीपावली को दोष देता है। तीसरा- नए गारे गढ़कर हर दीवार पोतने का आइडिया देता है। चौथा- सूखी नदियों के कैचमेंट एरिया में बनी गननचुंबी इमारतें ढहाने का सुझाव देता है। पांचवां- हरे पेड़ काटकर सोलर प्लांट लगाने पर रोने लगता है। छठा- पहाड़ काटकर मेगा हाईवे और सुरंगें निकालने पर छाती पीटता है। सातवें-आठवें-नौवें के बीच समोसे के आकार और प्रति प्लेट चिप्स की संख्या को लेकर बहस छिड़ी है। इसी हॉल की खिड़की से सैकड़ों किलोमीटर दूर किसी गांव की किसी ढाणी के किसी छप्परपोश घर के बाहर चबूतरे पर कोई बच्चा कटोरी में मक्का के दाने लेकर बैठा है। बच्चा भाषा की बोलियों की किसी उपबोली में मोर को प्यार से 'मोरू' कहकर बुलाता है। मोर बेझिझक आता है। बच्चे की कटोरी में भरा मक्का 'टक-टक' करके खाता है। बच्चा खुशी से झूमकर कहता है-'मोरू मेरे साथ खाना खाता है।' कटोरी खाली होने के बाद मोर पेड़ों की झुरमुट की ओर चला जाता है। उधर, शहर में मुद्दे को हल होने की कगार तक पहुंचाकर पर्यावरण संरक्षण की सेमिनार खत्म हुई। दूर से आए पर्यावरणविद यह चिंता करते हुए लंबे डग भरते हुए मुख्य कक्ष की ओर चले कि भोजन में क्या होगा? (इनपुट सहयोग- शक्ति सिंह (कोटा), अनूप पाराशर (उदयपुर)।) वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब मंगलवार को मुलाकात होगी...
शिक्षा को गरीबी, शोषण और असमानता के खिलाफ हथियार बनाना होगा : फादर जोश
भास्कर न्यूज | महुआडांड़ संत जेवियर्स महाविद्यालय में शनिवार को अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस और राष्ट्रीय बालिका दिवस का संयुक्त कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसका मुख्य उद्देश्य छात्र-छात्राओं को उनके अधिकारों, शिक्षा, स्वास्थ्य और पोषण के प्रति जागरूक करना तथा प्रत्येक अधिकार को सुरक्षित रखना था। कार्यक्रम के दौरान महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश ने कहा, हमारा मुख्य उद्देश्य बिना किसी भेदभाव के सभी के लिए समावेशी और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा सुनिश्चित करना है। शिक्षा को गरीबी, शोषण, असमानता और भेदभाव के खिलाफ हथियार बनाना होगा। इसके लिए सबसे पहले विद्यार्थियों और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक बनना जरूरी है।उन्होंने जोर देकर कहा कि विद्यार्थियों की अभिरुचि के बिना यह उद्देश्य सफल नहीं हो सकता। शिक्षा को केवल डिग्री का माध्यम न बनाकर चरित्र निर्माण और विवेक विकास का साधन बनाना चाहिए। शिक्षा गरीबी के चक्र को तोड़ने और लैंगिक समानता स्थापित करने का महत्वपूर्ण उपकरण है, जो व्यक्ति और समुदाय को सशक्त बनाती है। विशेषज्ञों और छात्रों की प्रस्तुतियांअंग्रेजी विभाग की सहायक प्रोफेसर रैचेल नाग ने पावरपॉइंट प्रेजेंटेशन के माध्यम से शिक्षा के महत्व को रेखांकित किया। उन्होंने छात्रों को सशक्त बनकर जीवन की चुनौतियों का सामना करने के लिए प्रेरित किया। रैचेल नाग ने अंतर्राष्ट्रीय शिक्षा दिवस 2026 की थीम शिक्षा के सह-निर्माण में युवाओं की शक्ति पर विस्तार से चर्चा की। यह थीम युवाओं को शांतिपूर्ण भविष्य के लिए समावेशी और समान शिक्षा निर्माण के एजेंट के रूप में देखती है। हिंदी विभाग की छात्रा अनुजा ने शिक्षा के महत्व पर एक मनमोहक गीत प्रस्तुत कर दर्शकों को मंत्रमुग्ध कर दिया। सहायक प्रोफेसर सुरभि सिन्हा ने नेल्सन मंडेला के कथन को दोहराया, शिक्षा वह शक्तिशाली हथियार है जिससे दुनिया बदली जा सकती है। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों के सहयोग के बिना कोई शिक्षक सफल नहीं हो सकता।अंग्रेजी विभाग की छात्रा नूतन तिग्गा ने मंच संचालन किया। इस अवसर पर प्राचार्य डॉ. फादर एम. के. जोश के अलावा डॉ. फादर राजीव तिर्की, सिस्टर चंद्रोदय, शिक्षक प्रतिनिधि जफर इकबाल, आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर शशि शेखर, डॉ. प्यारी कुजूर, आरिफुल हक, डॉ. मन्नू, डॉ. सिराजुल हक, शेफाली प्रकाश, रोजी सुष्मिता तिर्की, विक्रम रजत डुंगडुंग, अभय सुकुट डुंगडुंग, रोनित मार्सल खेस तथा महाविद्यालय के सभी विद्यार्थी उपस्थित थे।
सड़क सुरक्षा माह में दो तस्वीरें शनिवार को अचानक चर्चा में आ गईं। पहली तस्वीर स्कूल शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव की है जिसमें दुर्ग की सड़कों पर वे सड़क सुरक्षा का मखौल उड़ाते दिख रहे हैं। वे समर्थकों के साथ बिना हेलमेट बाइक चला रहे हैं। उन्होंने अपना वीडियो गुरुवार को खुद पोस्ट किया, जिसके बाद वीडियो वायरल हो गया। दूसरी तस्वीर में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय हेलमेट पहनकर रायपुर में सांसद बृजमोहन अग्रवाल के साथ स्कूटी चलाते दिखे। इसके जरिए उन्होंने संदेश दिया कि ट्रैफिक नियमों का पालन करने पर ही जीवन सुरक्षित रहेगा। दूसरी तरफ लोग शिक्षा मंत्री की इस हरकत पर सवाल उठा रहे हैं कि ये कैसे शिक्षा मंत्री हैं जो लोगों को सड़क सुरक्षा पर ‘गलत ज्ञान’ दे रहे हैं। सोशल मीडिया पर हो रहे कमेंट्स अपनी इस हरकत के कारण शिक्षा मंत्री गजेंद्र यादव सोशल मीडिया में काफी ट्रोल हो रहे हैं। विजय गुप्ता नामक एक युवक ने लिखा है, ‘अब अगर पुलिस चालान काटे तो ये वीडियो दिखाना है, सेव करके रख लो।’ मदनमोहन राणा ने लिखा, ‘हेलमेट लगेगा तो बाहुबली का चांद सा मुखड़ा नहीं दिखेगा न।’ शाहिद मोहम्मद ने पूछा, ‘हेलमेट कहां है साहब।’ धनेश वर्मा ने पूछा है, ‘मंत्री महोदय का हेलमेट कहां है जी? आम आदमी के तो चालान कट जातीस।’ मधुसूदन यादव ने लिखा है, ‘भैया, अभी सड़क सुरक्षा सप्ताह चल रहा है, पर आप बिना हेलमेट के हैं। चालान तो आपका भी बनता है पर आपके खिलाफ कार्रवाई करेगा कौन?’ संदीप ताम्रकर ने सवाल पूछा है, ‘ मंत्री जी नियम का पालन नहीं करेंगे तो संतरी की क्या हिम्मत है चालान काटने की।’
स्टेट एलाइड एंड हैल्थ केयर काउंसिल की ओर से सेठी कॉलोनी स्थित एसएमएस पैरामेडिकल संस्थान समेत 200 से अधिक मान्यता प्राप्त कॉलेज केन्द्र सरकार के नियमों का उल्लंघन कर रही है। पैरामेडिकल की जगह एलाइड एंड हैल्थ केयर लिखना था, लेकिन छह माह बाद भी नाम नहीं बदलने पर सवालिया निशान लग गया है। केन्द्र सरकार की मंशा है कि देशभर में शब्दावली की एकरूपता लाने और इसे नेशनल कमीशन फॉर एलाइड एंड हेल्थकेयर प्रोफेशन्स एक्ट, 2021 के अनुरूप बनाने के लिए लिया गया है। भास्कर की ओर से मौके पर जाकर हकीकत जानी। आरसीएपी के प्रदेशाध्यक्ष डॉ. संजय कुमावत का कहना है कि एलाइड एंड हैल्थ केयर काउंसिल का गठन तो कर दिया। नियमानुसार न तो चेयरपर्सन और ना ही सदस्यों की नियुक्ति हो सकी। इस वजह से संस्थानों की मॉनिटरिंग नहीं हो पा रही। डॉ. कुमावत के अनुसार स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के अधीन नेशनल कमिशन फॉर एलाइड एंड हैल्थ केयर प्रोफेशन (एनसीएएचपी) ने एक जुलाई 2025 को पैरामेडिकल शब्द को समाप्त करने का आदेश जारी किया था। राजस्थान समेत देश के सभी राज्यों को संस्थानों को नाम परिवर्तन की पालना के निर्देश दिए है। आदेश में किसी भी प्रशिक्षण कार्यक्रम, भर्ती सूचना, विज्ञापन, शैक्षणिक सामग्री या किसी भी मौखिक या लिखित संवाद में ‘पैरामेडिकल’ शब्द का प्रयोग न किया जाए। इधर, भविष्य पर संकट {पैरामेडिकल का कोर्स कर चुके छात्र-छात्राओं के भविष्य पर संकट पर मंडराता नजर आ रहा है। {राज्य के बाहर नौकरी लगने में संकट खड़ा हो गया है। बिहार में भर्ती निकली थी। डिग्रियों में पैरामेडिकल लिखा होने से मामला अटक गया है। {विश्वविद्यालयों की ओर से जारी डिग्री में पैरामेडिकल लिखकर जारी किया जा रहा है।
मधुबनी के डीआरडीए सभागार में शनिवार दोपहर राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर एक दिवसीय जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। समाज कल्याण विभाग के मंत्री मदन सहनी ने दीप प्रज्वलित कर इसका शुभारंभ किया। इस दौरान जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (आईसीडीएस) ललिता कुमारी ने राष्ट्रीय बालिका दिवस के महत्व पर विस्तार से प्रकाश डाला। मंत्री मदन सहनी ने अपने संबोधन में कहा कि राष्ट्रीय बालिका दिवस केवल एक दिन नहीं, बल्कि समाज में बालिकाओं के अधिकार, सम्मान और समान अवसर सुनिश्चित करने का संकल्प है। उन्होंने जोर दिया कि आज की बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर रही हैं। बालिकाओं को शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनायामंत्री ने बिहार सरकार की विभिन्न योजनाओं का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि साइकिल योजना ने बालिकाओं की विद्यालय तक पहुंच को मजबूत किया है, जिससे बालिका शिक्षा में वृद्धि हुई है। पोशाक योजना और कन्या उत्थान योजना के माध्यम से आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों की बालिकाओं को शिक्षा से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया गया है। योजनाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिख रहाउन्होंने आगे कहा कि सिविल सर्विसेज प्रोत्साहन योजना के तहत राज्य की बेटियां प्रशासनिक सेवाओं में चयनित होकर राज्य का मान बढ़ा रही हैं। महिलाओं को 35 प्रतिशत आरक्षण दिए जाने से पंचायत, शहरी निकायों और सरकारी सेवाओं में उनकी भागीदारी उल्लेखनीय रूप से बढ़ी है, जिससे समाज में सकारात्मक परिवर्तन आया है। मंत्री ने कहा कि इन योजनाओं का प्रभाव स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जहां बालिकाएं आत्मविश्वास से भरी हैं और प्रतियोगी परीक्षाओं में लगातार सफलता प्राप्त कर रही हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बेटियों को समान अवसर दें और उन्हें आगे बढ़ने के लिए प्रोत्साहित करें, क्योंकि शिक्षित और सशक्त बेटियां ही समाज व राज्य की प्रगति का आधार हैं। कार्यक्रम के दौरान बच्चों के लिए संगीत, पेंटिंग, नृत्य और नाटक प्रतियोगिताओं का आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न विद्यालयों की छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मंत्री ने इस सफल आयोजन के लिए जिला प्रशासन और महिला एवं बाल विकास विभाग की सराहना की।
सवाई माधोपुर के मोशन इंस्टीट्यूट में वरिष्ठ पत्रकार मदन मोहन गर्ग ने किया विशेष निरीक्षण। कोटा की फैकल्टी और अनुशासित शैक्षणिक माहौल की सराहना करते हुए उन्होंने इसे डॉक्टर व इंजीनियर बनने के इच्छुक छात्रों के लिए उत्कृष्ट बताया। संस्थान प्रबंधन ने मदन मोहन गर्ग का सम्मान किया और आधुनिक शिक्षण पद्धतियों पर प्रकाश डाला।
सुराणा के राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय में बसंत पंचमी पर माँ सरस्वती और भगवान श्री गणपति की प्रतिमाओं की प्राण प्रतिष्ठा भव्य समारोह के साथ संपन्न हुई। आचार्य प्रदीप पालीवाल के वैदिक मंत्रोच्चार और ग्रामीणों की उपस्थिति में आयोजित इस धार्मिक उत्सव ने विद्यालय में संस्कार और विद्या की नई अलख जगाई है। जानिए इस पावन आयोजन के मुख्य अंश और उपस्थित गणमान्य जनों के बारे में।
UGC's new rules:यूजीसी ने हाल ही में उच्च शिक्षण संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए प्रमोशन ऑफ इक्विटी इन हायर एजुकेशन इंस्टीट्यूशंस रेगुलेशंस, 2026 लागू किया है. इसे लेकर सड़क से लेकर सोशल मीडिया तक संग्राम मचा है. अब इसे लेकर अब सुप्रीम कोर्ट में याचिका लगाई गई है.
राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर सिरोही के पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल में पोस्टर प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। राजस्थान सरकार और जिला प्रशासन के निर्देशानुसार आयोजित इस प्रतियोगिता का मुख्य उद्देश्य बालिकाओं में शिक्षा के महत्व, आत्मविश्वास तथा 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के संदेश को सशक्त रूप से प्रस्तुत करना था। प्रधानाचार्य हीरा खत्री और पीएम श्री योजना प्रभारी गोपाल सिंह राव ने बताया कि छात्राओं ने अपने पोस्टरों के माध्यम से बालिका शिक्षा, समान अधिकार, आत्मनिर्भरता और सामाजिक जागरूकता जैसे महत्वपूर्ण संदेशों को रचनात्मक ढंग से प्रस्तुत किया। प्रतियोगिता के निर्णायक मंडल में प्रिंसिपल सुमन कुमारी, वर्षा त्रिवेदी, देवी लाल, अनीता चौहान, महेंद्र कुमार प्रजापत, व्याख्याता लता किरण बंसल और ममता कोठारी शामिल थे। निर्णायकों ने पूर्वा खत्री, जीनल रावल, बानी रावल, गुड़िया कुमारी, मंशी कुमारी, जयश्री मीणा, ममता कुमारी, लतिका कुंवर और भावना कुमारी के पोस्टरों को प्रेरणादायक और सराहनीय बताया। प्रतियोगिता की विजेता और अन्य प्रतिभागी बालिकाओं को सम्मानित किया गया। एसडीएमसी सदस्य हंसाराम रावल, प्रिंसिपल हीरा खत्री, पीएम श्री योजना प्रभारी गोपाल सिंह राव, कनिष्ठ सहायक शैवानी राठौड़ और कीर्ति सोलंकी ने उन्हें पुरस्कार और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। प्रभारी गोपाल सिंह राव ने इस अवसर पर कहा कि शिक्षित बालिका ही सशक्त समाज की आधारशिला है। उन्होंने जोर दिया कि बालिका शिक्षा के प्रति सामूहिक जागरूकता ही राष्ट्र निर्माण का सशक्त माध्यम है।
नोहर के अपाला स्कूल ऑफ एजुकेशन में आयोजित 'एजुकेशन एक्सपो 2026' में विद्यार्थियों ने विज्ञान, कॉमर्स और आर्ट्स के अद्भुत मॉडल्स पेश किए। विधायक अमित चाचाण की मौजूदगी में चंद्रयान-3 और ग्रीन एनर्जी जैसे नवाचारों ने सबका दिल जीता। जानें कैसे इस एक्सपो ने शिक्षा और रचनात्मकता के क्षेत्र में नोहर को एक नई पहचान दी है।
झाड़ोल के जे.आर. शर्मा कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना शिविर के तहत राष्ट्रीय बालिका दिवस धूमधाम से मनाया गया। प्राचार्य डॉ. एम. के. जैन और डॉ. अनिता गन्ना ने बालिका शिक्षा और सामाजिक बुराइयों पर प्रकाश डाला, जबकि स्वयंसेवकों ने स्वच्छता अभियान चलाकर परिसर को हरा-भरा बनाने का संकल्प लिया। पढ़िए झाड़ोल की यह विशेष ग्राउंड रिपोर्ट।
कोटा विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने 80 हजार से अधिक विद्यार्थियों को उपाधियां प्रदान कीं। बसंत पंचमी के अवसर पर आयोजित इस समारोह में राज्यपाल ने रटंत शिक्षा के स्थान पर सोचने वाली शिक्षा और राष्ट्र निर्माण पर बल दिया। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने युवाओं को रोजगार सृजक बनने के लिए प्रेरित किया।
डीग में आयोजित गुर्जर प्रतिभा सम्मान समारोह में राजस्थान के गृहराज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढ़म ने मेधावी छात्रों और आईएएस-आरपीएस अधिकारियों को सम्मानित किया। उन्होंने शिक्षा को समाज बदलने वाली क्रांति बताते हुए युवाओं की सफलता को समाज का गौरव बताया। इस भव्य आयोजन में हजारों की भीड़ ने शिक्षा और समाज उत्थान का संकल्प लिया।
राजकीय महात्मा गांधी विद्यालय, कांकरवा में 'निपुण मेला' और कृष्ण भोग का भव्य आयोजन। बुनियादी साक्षरता, मेगा पीटीएम और बसंत पंचमी महोत्सव के साथ विद्यार्थियों ने अपनी रचनात्मकता से सबका मन मोह लिया। पूर्व प्रधान सुभाष सिंह राणावत और प्रधानाध्यापिका कुलसुम मंसूरी की उपस्थिति में शिक्षा और विकास पर चर्चा हुई। विस्तार से पढ़ें इस प्रेरणादायक शैक्षणिक उत्सव की पूरी रिपोर्ट।
आम तौर पर सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता को लेकर अभिभावकों और समाज में संतोषजनक राय कम ही सुनने को मिलती है। लेकिन बिहार के सुपौल जिले से एक ऐसी सकारात्मक और प्रेरक तस्वीर सामने आई है, जिसने इस धारणा को बदलने का काम किया है। सुपौल जिले के किसनपुर प्रखंड स्थित प्राथमिक विद्यालय कलबुद्ध टोला कटहरा में पदस्थापित शिक्षिका ऋचा कुमारी अपने अनोखे शिक्षण तरीके को लेकर इन दिनों चर्चा में हैं। बच्चों को खेल-खेल में पढ़ाने का उनका तरीका सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है और लोग खुले दिल से उनकी सराहना कर रहे हैं। सोशल मीडिया पर वायरल तस्वीरें... संवाद के माध्यम से पढ़ाई कराती हैं ऋचावायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि शिक्षिका ऋचा कुमारी बच्चों के साथ गीत, खेल, गतिविधियों और संवाद के माध्यम से पढ़ाई कराती हैं। कठिन से कठिन विषयों को भी वह इतनी सहज और रोचक शैली में प्रस्तुत करती हैं कि बच्चे बिना किसी दबाव के सीख लेते हैं। कक्षा में न तो डर का माहौल है और न ही बोझिल पढ़ाई का, बल्कि हंसी, उत्साह और सीखने की ललक साफ झलकती है। बच्चे पढ़ाई को खेल की तरह लेते हैंस्थानीय लोगों और अभिभावकों का कहना है कि इस तरह की पढ़ाई से बच्चों की समझ तेजी से विकसित होती है। बच्चे न केवल पाठ्यक्रम को आसानी से ग्रहण कर लेते हैं, बल्कि स्कूल के प्रति उनका जुड़ाव भी बढ़ता है। यही कारण है कि इस विद्यालय के बच्चे रोजाना उत्साह के साथ स्कूल आते हैं और पढ़ाई को बोझ नहीं, बल्कि खेल की तरह लेते हैं। खास बात यह है कि ऋचा कुमारी का यह शिक्षण मॉडल अब सोशल मीडिया के माध्यम से दूर-दराज तक पहुंच रहा है। कई यूजर्स ने लिखा है कि अगर इसी तरह सभी सरकारी स्कूलों में पढ़ाई हो, तो शिक्षा की तस्वीर पूरी तरह बदल सकती है। शिक्षा विभाग से जुड़े लोगों का भी मानना है कि ऐसे नवाचार शिक्षकों को प्रेरित करते हैं और सरकारी स्कूलों में गुणवत्ता सुधार की दिशा में मील का पत्थर साबित हो सकते हैं।
झुंझुनूं में सरकारी स्कूलों में 9वीं कक्षा में पढ़ने वाली 5515 छात्राओं को अभी तक साइकिल नहीं मिल पाई। सत्र खत्म होने वाला है, वार्षिक परीक्षाएं नजदीक हैं, लेकिन घोषित योजना अब तक कागजों से बाहर नहीं आ सकी। ब्लॉकवार सूची भेजी, लेकिन आपूर्ति अटकी जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक) राजेश मील ने बताया- छात्राओं की ब्लॉकवार सूची माध्यमिक शिक्षा निदेशक को भेज दी गई है। राज्य स्तर पर टेंडर प्रक्रिया पूरी न होने के कारण साइकिलों की आपूर्ति में देरी हुई है। जैसे ही साइकिलें प्राप्त होंगी, वितरण शुरू कर दिया जाएगा। टेंडर प्रक्रिया बनी देरी की सबसे बड़ी वजह नियमों के अनुसार सत्र के शुरुआती महीनों में ही छात्राओं को साइकिल मिल जानी चाहिए, ताकि दूर-दराज के गांवों से स्कूल आने-जाने में परेशानी न हो। इस बार माध्यमिक शिक्षा निदेशालय स्तर पर टेंडर प्रक्रिया में देरी होने से पूरा सिस्टम प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं पर पड़ रहा है। मेगा पीटीएम में सिर्फ 21 छात्राओं को मिली साइकिल जिले में आयोजित मेगा पीटीएम के दौरान प्रतीकात्मक रूप से केवल 21 छात्राओं को ही साइकिल दी जा सकी, जबकि हजारों छात्राएं अब भी इंतजार में हैं। कहां कितनी छात्राएं कर रही हैं इंतजार नोडल स्कूलों पर जोड़ेंगे साइकिल के पार्ट्स इस बार भी साइकिलों का रंग भगवा रहेगा। आपूर्ति करने वाली कंपनी साइकिलें पूरी तरह तैयार अवस्था में नहीं भेजेगी। अलग-अलग पार्ट्स ब्लॉक मुख्यालयों की नोडल स्कूलों में भेजे जाएंगे, जहां मैकेनिक उन्हें जोड़कर तैयार करेंगे। इसके बाद स्कूलों को साइकिलों का आवंटन किया जाएगा। पिछले सत्र की साइकिलें भी पड़ी हैं बेकार पिछले सत्र 2024-25 की 390 साइकिलें अब भी जिले में अधिशेष के रूप में उपलब्ध हैं। इनमें से नवलगढ़ ब्लॉक में 173 साइकिलें स्टॉक में पड़ी हैं। यदि इन साइकिलों का समय पर पुनर्वितरण किया जाता, तो सैकड़ों छात्राओं को राहत मिल सकती थी। ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना भी नहीं बन सकी सहारा जिले में 9वीं में प्रवेश लेने वाली 5710 छात्राओं में से केवल 195 छात्राओं को ही ट्रांसपोर्ट वाउचर योजना का लाभ मिल रहा है। बाकी छात्राओं के लिए स्कूल पहुंचने का एकमात्र साधन सरकारी साइकिलें हैं। साइकिल न मिलने से कई छात्राएं रोजाना कई किलोमीटर पैदल चलने को मजबूर हैं।
नरसिंहपुर में गणतंत्र दिवस के मुख्य समारोह में अब प्रदेश के स्कूल शिक्षा एवं परिवहन मंत्री राव उदय प्रताप सिंह तिरंगा फहराएंगे। यह समारोह स्थानीय स्टेडियम में आयोजित किया जाएगा। मध्यप्रदेश शासन के सामान्य प्रशासन विभाग (जीएडी) मंत्रालय ने 23 जनवरी को इस संबंध में संशोधित आदेश जारी किए हैं। इन संशोधित आदेशों के अनुसार, नरसिंहपुर सहित प्रदेश के 14 जिलों में गणतंत्र दिवस पर झंडावंदन करने वाले मुख्य अतिथियों के नामों में बदलाव किया गया है। इससे पहले, 21 जनवरी को जारी आदेश में नरसिंहपुर जिले के मुख्य समारोह में कलेक्टर रजनी सिंह को झंडावंदन के लिए अधिकृत किया गया था। संशोधित निर्देशों के बाद, अब स्कूल शिक्षा मंत्री राव उदय प्रताप सिंह जिले के मुख्य अतिथि होंगे और गणतंत्र दिवस समारोह में ध्वजारोहण करेंगे।
हरियाणा शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों के माध्यम से बुनियादी खेल ढांचे को विकसित करने के लिए पोर्टल लॉन्च किया है। जिस पर सभी स्कूल मुखियाओं को अपने इस पर अपडेट करनी होगी। जिसको लेकर निर्देश जारी कर दिए गए हैं। शिक्षा विभाग ने स्कूलों में खेल अवसंरचना (Infrastructure) और गतिविधियों को डिजिटल बनाने के लिए एक नया स्पोर्ट्स डाटा पोर्टल लॉन्च किया है। इस पहल का उद्देश्य सभी सरकारी स्कूलों में खेल के मैदान, उपकरणों और शारीरिक शिक्षा शिक्षकों की उपलब्धता का ऑनलाइन आंकलन करना है। इससे खेल सुविधाओं में सुधार और बेहतर प्रतिभाओं की पहचान की जा सकेगी। स्पोर्ट्स डाटा पोर्टल की मुख्य विशेषताएं और उद्देश्य: समाधान के लिए हेल्प डेस्क भी बनायापोर्टल भरने से संबंधित किसी भी तकनीकी कठिनाई या प्रश्न के मामले में, सरकारी स्कूल educonditionaryhrycca1@gmail.com पर एक ईमेल भेज सकते हैं या सभी कार्य दिवसों पर सुबह 09:00 बजे से शाम 05:00 बजे के बीच हेल्पडेस्क 0172-5049801 पर संपर्क कर सकते हैं। स्कूलों को सलाह दी जाती है कि वे हेल्पडेस्क से संपर्क करते समय अपना स्कूल कोड संभाल कर रखें। प्रदेश के 20 स्कूलों में बनेंगे एक्सीलेंस सेंटर हरियाणा सरकार प्रदेश के खिलाड़ियों की प्रतिभा को निखारने के लिए एक बड़ी योजना पर काम कर रही है। शिक्षा विभाग ने राज्य के हर जिले में 'स्पोर्ट्स एक्सीलेंस सेंटर' खोलने की तैयारी पूरी कर ली है। इस पहल के तहत जिला स्तर पर पीएमश्री (PM SHRI) और मॉडल संस्कृति स्कूलों का चयन किया गया है, जिन्हें मॉडर्न खेल सुविधाओं से लैस किया जाएगा। प्रदेश के स्कूल शिक्षा विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार, प्रदेश के 5 स्कूलों में कुश्ती व 5 में बॉक्सिंग व 4 स्कूलों में बैडमिंटन के एक्सीलेंस सेंटर होंगे। वहीं क्रिकेट के लिए केवल सिरसा जिले को चुना गया है। वहीं फतेहाबाद के बैजलपुर स्कूल में हॉकी का एक्सीलेंस सेंटर होगा। खेल वाइज जिलों में होंगे सेंटर
उत्तर प्रदेश दिवस-2026 के मौके पर प्रदेश सरकार उन पांच विशिष्ट विभूतियों को सम्मानित करने जा रही है, जिन्होंने अंतरिक्ष विज्ञान, शिक्षा, साहित्य, महिला सशक्तिकरण और कृषि जैसे क्षेत्रों में उल्लेखनीय उपलब्धियां हासिल कर उत्तर प्रदेश का नाम देश-दुनिया में रोशन किया है। राजधानी लखनऊ के नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर होने वाले मुख्य समारोह में इन सभी को ‘उत्तर प्रदेश गौरव सम्मान 2025-26’ प्रदान किया जाएगा। तीन दिवसीय इस आयोजन का उद्घाटन केंद्रीय गृह एवं सहकारिता मंत्री अमित शाह करेंगे। क्यों खास है यूपी दिवस-2026 का समारोह? इस बार यूपी दिवस का आयोजन नवनिर्मित राष्ट्र प्रेरणा स्थल पर किया जा रहा है, जो प्रदेश की सांस्कृतिक और वैचारिक पहचान का प्रतीक बनकर उभरा है। समारोह के दौरान प्रदेश की विकास यात्रा, सांस्कृतिक विरासत और वैश्विक पहचान को दर्शाने वाले कार्यक्रमों के साथ उन व्यक्तित्वों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने अपने कार्य से उत्तर प्रदेश को नई पहचान दिलाई। अंतरिक्ष में यूपी की उड़ान: शुभांशु शुक्ला को मिलेगा सम्मान लखनऊ निवासी भारतीय वायुसेना के विंग कमांडर और अंतरिक्षयात्री शुभांशु शुक्ला यूपी गौरव सम्मान पाने वाली सबसे चर्चित शख्सियतों में शामिल हैं। 26 जून 2025 को उन्होंने नासा के कैनेडी स्पेस सेंटर से स्पेसएक्स ड्रैगन यान के जरिए अंतरराष्ट्रीय अंतरिक्ष स्टेशन पहुंचकर इतिहास रचा। वे आईएसएस पर पहुंचने वाले पहले भारतीय बने। यह उपलब्धि न केवल भारत के अंतरिक्ष कार्यक्रम के लिए मील का पत्थर है, बल्कि उत्तर प्रदेश के लिए भी गर्व का विषय मानी जा रही है। शिक्षा को सुलभ बनाने वाले अलख पांडेय प्रयागराज के अलख पांडेय को शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी योगदान के लिए यूपी गौरव सम्मान दिया जाएगा। ‘फिजिक्स वाला’ के जरिए उन्होंने देश के करोड़ों छात्रों तक सस्ती और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पहुंचाई। यूट्यूब से शुरू हुआ उनका सफर आज भारत की अग्रणी एडटेक कंपनियों में शामिल है। उनकी पहल ने प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों के लिए शिक्षा को अधिक समावेशी बनाया। साहित्य और सामाजिक चेतना की आवाज: डॉ. हरिओम पंवार बुलंदशहर जिले के बुटना गांव में जन्मे साहित्यकार डॉ. हरिओम पंवार को साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सम्मानित किया जाएगा। उनकी कविताएं लोकतंत्र, समाज और जनसरोकारों पर तीखी टिप्पणी करती हैं। खास बात यह है कि वे अपनी साहित्यिक आय का उपयोग गरीब बच्चों की शिक्षा और वंचित वर्ग के कल्याण में करते हैं, जिससे उनका योगदान केवल लेखन तक सीमित नहीं रहता। महिला सशक्तिकरण की मजबूत मिसाल: रश्मि आर्य मेरठ की रश्मि आर्य को महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए यूपी गौरव सम्मान मिलेगा। उन्होंने 2007 में श्रीमद् दयानंद आर्य कन्या गुरुकुल की स्थापना कर वैदिक परंपरा और आधुनिक शिक्षा का अनूठा संगम तैयार किया। आज यह गुरुकुल सैकड़ों जरूरतमंद बच्चियों को निःशुल्क शिक्षा देकर उन्हें आत्मनिर्भर बना रहा है। कृषि विज्ञान में वैश्विक पहचान: डॉ. सुधांशु सिंह वाराणसी निवासी कृषि वैज्ञानिक डॉ. सुधांशु सिंह को कृषि अनुसंधान में अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहचान बनाने के लिए सम्मानित किया जाएगा। फ्लड-टॉलरेंट सब-1 चावल पर उनके शोध ने जलभराव से प्रभावित किसानों के लिए नई राह खोली है। वे विश्व बैंक, बीएमजीएफ और यूएसएआईडी जैसी संस्थाओं के साथ जुड़े अंतरराष्ट्रीय प्रोजेक्ट्स का नेतृत्व कर चुके हैं। यूपी गौरव सम्मान: प्रेरणा का प्रतीक संस्कृति विभाग द्वारा दिया जाने वाला यूपी गौरव सम्मान उन व्यक्तित्वों को सम्मानित करता है, जो अपने क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य कर प्रदेश की पहचान को नई ऊंचाइयों तक ले जाते हैं। इस वर्ष चयनित पांचों विभूतियां यह संदेश देती हैं कि उत्तर प्रदेश की प्रतिभा हर क्षेत्र में देश और दुनिया में अपनी छाप छोड़ रही है।
शिक्षा विभाग:कमजोर रिजल्ट पर नोटिस-चार्जशीट फटाफट, बेहतर रिजल्ट वालों को प्रमाण-पत्र अब तक नहीं
12 वीं में 60 प्रतिशत या उससे कम, 10वीं में 50 या उससे कम और आठवीं में 50 प्रतिशत से कम रिजल्ट आने पर उसे कमजोर रिजल्ट माना गया। कमजोर रिजल्ट वालों को समय पर नोटिस और चार्जशीट जारी कर जवाब मांग लिया गया। 5वीं, 8वीं, 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षा में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक लाने वाले स्कूलों के संस्था प्रधानों को विभाग की ओर से प्रमाण पत्र दिए जाने थे। बेहतर काम करने वाले संस्था प्रधानों को अब तक प्रमाण-पत्र नहीं मिले जबकि शिडयूल के तहत 15 जनवरी तक प्रमाण-पत्र मिल जाने चाहिए थे। इसको लेकर जो परिपत्र जारी किया गया था उसमें स्पष्ट लिखा था कि पांच साल में एक बार भी कमजोर रिजल्ट रहा तो संस्था प्रधान को चेतावनी और स्थान परिवर्तन किया जा सकता है। 3 बार परिणाम कमजोर रहने पर 17सीसी का नोटिस देना था। 30 जुलाई तक कमजोर रिजल्ट वाले स्कूल चिन्हित करने थे। 10 जुलाई तक आरोप पत्र, 25 अगस्त तक जवाब, 25 सितंबर तक जवाब के आधार पर कार्रवाई, 31 अक्टूबर तक व्यक्तिगत सुनवाई और 30 नवंबर तक फाइनल नोटिस और कार्रवाई करनी थी। ठीक इसी तरह बेहतर रिजल्ट वाले स्कूल और शिक्षकों को प्रमाण पत्र भी देना था। प्रमाण पत्र देने का समय 15 जनवरी लास्ट था। हैरानी की बात ये है कि तकरीबन 215 संस्था प्रधानों को नोटिस तो समय पर दे दिए गए मगर बेहतर काम करने वाले शिक्षक अभी भी प्रमाण पत्र का इंतजार कर रहे हैं। राजस्थान शिक्षा विभागीय कर्मचारी कल्याण संघ समस्त संवर्ग के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप जोशी ने मंत्री, सचिव और डायरेक्टर को पत्र देकर मांग की कि इनको भी समय पर प्रमाण पत्र दिए जाएं। हैरानी की बात ये कि सालों ये प्रमाणपत्र नहीं दिए गए और डीईओ भी ये भूल गए। अच्छा काम करने वाले भी होते हैं दंडित शिक्षा विभाग अच्छा और कमजोर काम करने वाले शिक्षकों और संस्था प्रधानों में ज्यादा फर्क नहीं कर रहा। फर्क सिर्फ इतना है कि कमजोर काम करने वालों काे नोटिस समय पर मिल जाता है। उन्हें हटाया भी जा सकता है। मगर अच्छा काम करने वालों को भी हटाया जा रहा है। हैरानी इस बात की कि संयुक्त निदेशक सुनीता चावला को ये पता ही नहीं कि इसका सकुर्लर ही कब जारी हुआ। सूर्य सप्तमी पर स्कूलों में होगा सूर्य नमस्कारसूर्य सप्ताह 25 जनवरी को है और उस दिन राजकीय अवकाश होने के कारण प्रदेश के करीब 70 हजार सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में शनिवार को ही सूर्य नमस्कार के आयोजन होंगे। जिला शिक्षा अधिकारी गुणवत्ता एवं नवाचार डॉ.रामगोपाल शर्मा ने सभी संभागीय संयुक्त निदेशकों को पत्र लिखा है।
शिक्षा के साथ नैतिक मूल्य भी अपनाएं बच्चे
भास्कर न्यूज | बक्सर बक्सर पब्लिक स्कूल परिसर में विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती की पूजा पूरे श्रद्धा, भक्ति और उल्लास के साथ से संपन्न हुई। इस अवसर पर विद्यालय को आकर्षक ढंग से सजाया गया था। वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच विधिवत पूजा-अर्चना की गई, जिससे वातावरण भक्तिमय हो उठा। बच्चों ने पूरे उत्साह के साथ मां सरस्वती के जयकारे लगाए और देवी से ज्ञान, बुद्धि और सद्बुद्धि का आशीर्वाद मांगा। पूजन कार्यक्रम में विद्यालय के निदेशक निर्मल कुमार सिंह विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने विद्यार्थियों को संबोधित करते हुए कहा कि मां सरस्वती केवल विद्या ही नहीं, बल्कि संस्कार और अनुशासन का भी प्रतीक हैं। उन्होंने बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ नैतिक मूल्यों को अपनाने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम में शिक्षकों, छात्रों एवं अभिभावकों की सक्रिय सहभागिता रही। पूजा के उपरांत प्रसाद वितरण किया गया। संपूर्ण आयोजन भक्तिमय वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। इस अवसर विद्यालय के सभी छात्र-छात्राओं के साथ साथ विद्यालय के निदेशक निर्मल कुमार सिंह, प्राचार्य प्रीति सिंह, शिक्षक दया नंद पाण्डेय, तेजेन्द्र कुमार, रमेश सिंह, विष्णुजी सिंह, अंतिमा कुमारी, रागिनी श्रीवास्तव, सोनम चंद्रा, सत्या सिंह, अमर सिंह, रानी वर्मा, शोमा कुमारी, लक्ष्मी कुमारी और अमरनाथ जायसवाल उपस्थित थे।
बालिकाओं के भविष्य के लिए चाइल्ड केयर अनिवार्य, शिक्षा से सशक्त बनेंगी
उदयपुर| नेशनल फोरम फॉर क्रेचेस एंड चाइल्ड केयर सर्विसेस ने राजस्थान और सेवा मंदिर के सहयोग से राष्ट्रीय बालिका दिवस पर संवाद कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में चाइल्डकेयर, बालिकाओं के अधिकार और महिलाओं की कार्यबल में भागीदारी के आपसी संबंधों पर चर्चा हुई। वक्ताओं ने कहा कि चाइल्ड केयर की अनदेखी का सबसे अधिक असर हाशिए के समुदायों की बालिकाओं पर पड़ता है, जिससे उनकी शिक्षा और स्वास्थ्य प्रभावित होते हैं। राष्ट्रीय समन्वयक चिरा-श्री घोष ने कहा कि बालिका को समान अवसर, सुरक्षित वातावरण और सशक्त शिक्षा मिलना जरूरी है। सेवा मंदिर के मुख्य संचालक रौनक शाह ने प्रारम्भिक वर्षों में निवेश को सामाजिक समानता की दिशा में अहम कदम बताया। तारा ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि परिवार के सहयोग से बालिकाएं आगे बढ़ सकती हैं और उन्हें सीमाओं में नहीं बांधना चाहिए। संवाद में चाइल्ड केयर वर्कर्स की भूमिका को सामाजिक बदलाव की धुरी बताया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक चेतना भाटी ने कहा कि समाज में मौजूद भय और भेदभाव बालिकाओं के अधिकारों को प्रभावित करता है। इस अवसर पर निर्मला कुंवर को इंडिया चाइल्ड केयर चैंपियन अवॉर्ड्स 2025 के अंतर्गत मीना स्वामीनाथन स्पेशल जूरी अवॉर्ड से सम्मानित किया गया।
GSVM मेडिकल कॉलेज में वसंत पंचमी उत्सव:पैरा आर-2 टीम ने संस्कृति और शिक्षा का कार्यक्रम आयोजित किया
कानपुर स्थित जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज में वसंत पंचमी के अवसर पर एक सांस्कृतिक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह आयोजन पैरा आर-2 (Para R2) टीम के तत्वावधान में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण माँ सरस्वती की विधिवत पूजा-अर्चना और हवन था, जिसमें सभी उपस्थितजनों ने भाग लिया। कार्यक्रम स्थल को फूलों से सजाया गया था, जिससे वहां का वातावरण उत्सवपूर्ण बन गया। पूजा-हवन में कॉलेज के चिकित्सक, पैरामेडिकल स्टाफ, रेज़िडेंट्स और विद्यार्थी शामिल हुए। सभी ने माँ सरस्वती से ज्ञान, बुद्धि और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। संस्थानों में नई ऊर्जा का संचार होता है। इस कार्यक्रम का उद्देश्य भारतीय संस्कृति और परंपराओं को संरक्षित करना था। साथ ही, शैक्षणिक वातावरण में सकारात्मकता लाना भी इसका लक्ष्य था। उपस्थित लोगों ने इसे एक सार्थक आयोजन बताया। कार्यक्रम में कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. संजय कला और उनकी पत्नी डॉ. चयनिका कला मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। आचार्य डॉ. सुनीति पांडे (शरीर रचना विज्ञान विभाग), डॉ. यशवन्त राव (बाल रोग विभाग), डॉ. सीमा द्विवेदी (स्त्री रोग विभाग), डॉ. जे.एस. कुशवाह (चिकित्सा विभाग) और अन्य शिक्षकगण भी मौजूद थे। पैरा आर-2 टीम के सभी सदस्यों ने कार्यक्रम के सफल आयोजन में महत्वपूर्ण योगदान दिया। उनके समन्वय से यह कार्यक्रम सुचारु रूप से संपन्न हुआ। उपस्थितजनों ने आयोजन की सराहना की। जी.एस.वी.एम. मेडिकल कॉलेज में इस प्रकार के कार्यक्रम विद्यार्थियों और स्टाफ के बीच सहयोग की भावना को बढ़ाते हैं।
भारत की सांस्कृतिक और वैचारिक विरासत को समकालीन रंगमंच से जोड़ने वाले महाभारत समागम के आठवें दिन भारत भवन के सभी मंच जीवंत हो उठे। वीर भारत न्यास द्वारा आयोजित इस महोत्सव में यक्षगान, ओडिसी नृत्य-नाटिका द्रौपदी, जापानी रंगमंचीय प्रस्तुति महाभारत और कर्ण के जीवन पर आधारित नाटक मृत्युंजय का मंचन हुआ। दर्शकों ने भारतीय और अंतरराष्ट्रीय रंग-परंपराओं का एक साथ सशक्त अनुभव किया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार रहे। उन्होंने कहा कि वीर भारत न्यास भारतीय ज्ञान परंपरा को आगे बढ़ाने का महत्वपूर्ण कार्य कर रहा है। भारतीय ज्ञान परंपरा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि जीवन जीने की वैज्ञानिक, नैतिक और पर्यावरणीय दृष्टि भी प्रदान करती है। प्रकृति, जल, सूर्य और पर्यावरण के प्रति कृतज्ञता भारत की परंपरा का मूल है। उन्होंने कहा कि नई शिक्षा नीति में भारतीय ज्ञान परंपरा को पाठ्यक्रम का हिस्सा बनाया जाएगा और पढ़ाई के बोझ को कम किया जाएगा। 2047 के भारत के ऊर्जा संकल्प और अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा साझेदारी का भी उन्होंने उल्लेख किया। कर्ण के संघर्ष, त्याग और उदारता की प्रस्तुति मंच पर एकरंग, मुंबई द्वारा प्रस्तुत नाटक मृत्युंजय ने दर्शकों को भावनात्मक रूप से बांधे रखा। शिवाजी सावंत के चर्चित उपन्यास पर आधारित यह नाटक कर्ण के जीवन के संघर्ष, अपमान, मित्रता, कर्तव्य और उदारता को गहराई से सामने लाता है। माता कुन्ती द्वारा त्याग, सामाजिक अस्वीकृति, द्रोणाचार्य से निराशा और दुर्योधन से मित्रता, इन सबके बीच कर्ण का आत्मसंघर्ष उसे केवल योद्धा नहीं, बल्कि मानवीय मूल्यों का प्रतीक बनाता है। कुरुक्षेत्र में उसका बलिदान दर्शकों को भीतर तक झकझोर देता है। एशियाई कलाकारों की अनूठी प्रस्तुति अंतरंग सभागार में जापान की हिरोशी कोइके ब्रिज कंपनी द्वारा प्रस्तुत महाभारत ने महाकाव्य को समकालीन और अंतर-सांस्कृतिक नजरिए से देखा। नौ वर्षों की पैन-एशियन परियोजना के तहत जापान, ओकिनावा, इंडोनेशिया, मलेशिया और थाईलैंड के कलाकारों ने मिलकर यह प्रस्तुति तैयार की है। विभिन्न भाषाओं और रंगशैलियों में रची यह नाट्य-रचना शक्ति, कर्तव्य, त्याग और मानवीय सीमाओं पर नए सवाल खड़े करती है। भीष्म के जीवन पर केंद्रित प्रस्तुति शपथ और पाप में त्याग और निष्ठा की त्रासदी प्रभावशाली ढंग से उभरती है। द्रौपदी: स्त्री अस्मिता की मुखर आवाज पूर्वरंग मंच पर ओडिसी नाट्य बैले सेंटर, नई दिल्ली द्वारा प्रस्तुत नृत्य-नाटिका द्रौपदी: एक अदम्य भावना ने स्त्री अस्मिता को केंद्र में रखा। निवेदिता महापात्रा के निर्देशन में द्रौपदी को पीड़िता नहीं, बल्कि प्रश्न करने वाली और प्रतिरोध की प्रतीक स्त्री के रूप में प्रस्तुत किया गया। स्वयंवर से लेकर जुए की सभा और वनवास तक, द्रौपदी का संघर्ष आज की सामाजिक संरचना में महिलाओं की स्थिति पर गहरी टिप्पणी करता है। ओडिसी और मयूरभंज छऊ का संयोजन प्रस्तुति को कलात्मक ऊंचाई देता है। यक्षगान में अभिमन्यु का बलिदान कर्नाटक की लोकनाट्य शैली यक्षगान की प्रस्तुति ने दर्शकों को लोक परंपरा की ऊर्जा से भर दिया। पृथ्वीराज क्वायथर के निर्देशन में महाभारत युद्ध के तेरहवें दिन की कथा दिखाई गई, जहां चक्रव्यूह में फंसे अभिमन्यु का अद्वितीय साहस और बलिदान भावुक कर गया। संगीत, नृत्य और संवाद की लयात्मकता ने प्रस्तुति को प्रभावशाली बनाया।
सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय में संगोष्ठी
वन्दे मातरम् का सामूहिक वाचन अजमेर। राष्ट्रगीत वंदे मातरम् के रचनाकाल के 150 साल पूरे होने उपलक्ष्य में आयोजित कार्यक्रमों के द्वितीय चरण के अंतर्गत शुक्रवार को राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय में वन्दे मातरम् के वाचन के साथ नेताजी सुभाष चन्द्र बोस की जयंती मनाई गई। उनकी जयन्ती के अवसर पर संगोष्ठी का भी […] The post सुभाष चन्द्र बोस की जयन्ती पर माध्यमिक शिक्षा बोर्ड कार्यालय में संगोष्ठी appeared first on Sabguru News .
झाड़ोल के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में निपुण मेले, मेगा पीटीएम और कृष्ण भोग का शानदार आयोजन किया गया। विज्ञान प्रदर्शनी, सांस्कृतिक कार्यक्रमों और जनप्रतिनिधियों की उपस्थिति ने इस कार्यक्रम को ऐतिहासिक बना दिया। पूरी रिपोर्ट में जानें कैसे शिक्षा और संस्कृति के मेल ने झाड़ोल में रचा नया इतिहास।
उदयपुर के वल्लभनगर स्थित विद्या निकेतन विद्यालय में बसंत पंचमी पर भव्य उत्सव आयोजित किया गया, जहाँ 45 बच्चों का 'ओम' लिखवाकर विद्यारंभ संस्कार संपन्न हुआ। इस कार्यक्रम में 80 हजार की सेवानिधि अर्पित की गई और 65 नए छात्रों का स्वागत हुआ। मंत्रोच्चार और यज्ञ के बीच बच्चों ने शिक्षा के सफर की शुरुआत की। पूरी खबर पढ़ें।
विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने
विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more
चित्तौड़गढ़ के चौगावड़ी राजकीय विद्यालय में विधायक चंद्रभान सिंह आक्या के मुख्य आतिथ्य में भव्य मंदिर और माँ सरस्वती की मूर्ति की प्राण प्रतिष्ठा संपन्न हुई। जोशी परिवार द्वारा निर्मित इस मंदिर के उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के गणमान्य नागरिक और सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे, जिससे शिक्षा के मंदिर में भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला।
दौसा में बसंत पंचमी पर जिला स्तरीय कार्यक्रम के दौरान सरस्वती वंदन, युवा संवाद और मेगा पीटीएम का आयोजन हुआ। मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री के वर्चुअल उद्बोधन के साथ सामाजिक सुरक्षा पेंशन और बालिका शिक्षा योजनाओं के तहत डीबीटी से करोड़ों रुपए लाभार्थियों के खातों में हस्तांतरित किए गए।
बारां के अटरू में बसंत पंचमी एवं नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती पर आदर्श विद्या मंदिर में भव्य विद्यारंभ संस्कार का आयोजन हुआ। पंडित भुपेन्द्र गौत्तम के वैदिक मंत्रोच्चार और हवन-यज्ञ के बीच 11 नव-प्रवेशित बच्चों ने अक्षर लेखन कर शिक्षा के सफर का आरंभ किया। भारतीय संस्कृति और संस्कारों से सराबोर इस गौरवशाली समाचार की पूरी रिपोर्ट यहाँ पढ़ें।
जयपुर में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने 'युवा संवाद एवं मेगा पीटीएम' के दौरान 1000 करोड़ रुपये की सौगातें दीं। शिक्षा, कौशल विकास और विदेशी भाषा स्कूल की घोषणा के साथ राजस्थान के 75 लाख विद्यार्थियों ने सामूहिक सरस्वती वंदना की। सरकार ने डीबीटी के जरिए छात्राओं को साइकिल और पेंशन लाभार्थियों को करोड़ों की राशि ट्रांसफर की, जो प्रदेश के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक बड़ा कदम है।
पंचकूला के जाट भवन में शुक्रवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा दीनबंधु चौधरी छोटूराम जी की 145वीं जयंती कार्यक्रम में पहुंचे। ढांडा ने कहा कि चौधरी छोटूराम ने अंग्रेजों के समय किसानों और गरीबों के हितों की तब आवाज़ उठाई, जब उनके अधिकारों को कुचला जा रहा था। महिपाल ढांडा ने कहा कि चौधरी छोटूराम का मानना था कि शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन की सबसे बड़ी शक्ति है। उन्होंने सदैव शिक्षा को जीवन से जोड़कर देखने पर बल दिया। आज शिक्षा मंत्री के रूप में मैं गर्व से कह सकता हूं कि हरियाणा सरकार उन्हीं मूल्यों को आगे बढ़ाते हुए शिक्षा के क्षेत्र में ऐतिहासिक कार्य कर रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में प्रदेश में नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति को प्रभावी रूप से लागू किया जा रहा है। सरकारी स्कूलों की तस्वीर बदली जा रही है। आधुनिक कक्षाएं, डिजिटल सुविधाएं, स्मार्ट बोर्ड, STEM लैब और गुणवत्तापूर्ण शिक्षक प्रशिक्षण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। हमारा उद्देश्य केवल डिग्री देना नहीं, बल्कि संस्कारयुक्त, रोजगारपरक और मूल्य आधारित शिक्षा देना है। आज का युवा तभी आगे बढ़ेगा, जब वह अपनी जड़ों से जुड़ा रहेगा। चौधरी छोटूराम का जीवन हमें सिखाता है कि समाज के अंतिम पंक्ति में खड़े व्यक्ति को साथ लेकर चलना ही सच्ची प्रगति है। प्रदेश सरकार भी इसी सोच के साथ किसान, युवा और छात्र केंद्रित नीतियां बना रही है। भाखड़ा डैम पर संग्रहालय की सराहना जाट सभा के प्रधान डा. एम एस मलिक ने चौधरी छोटूराम को नमन करते हुए उनके द्वारा किसान एवं मजदूर हित में करवाए गए कार्यों को याद किया। उन्होंने भाखड़ा डैम पर चौधरी छोटूराम की प्रतिमा को संग्रहालय में रखे जाने के सरकार के निर्णय की सराहना की। पूर्व केंद्रीय मंत्री चौधरी बीरेंद्र सिंह को मौके पर प्रशंसा पत्र देकर सम्मानित भी किया। जम्मू-कश्मीर से पहुंचे 2 MLA जम्मू एवं कश्मीर के विधायक विक्रम सिंह रंधावा ने युवाओं से कहा कि वे चौधरी छोटूराम जी के विचारों को केवल स्मरण न करें, बल्कि अपने जीवन में उतारें। शिक्षा, समानता, सामाजिक न्याय और किसान कल्याण-इन्हीं मूल्यों के साथ आगे बढ़कर हम एक सशक्त, समृद्ध और आत्मनिर्भर हरियाणा का निर्माण कर सकते हैं। इस अवसर पर जम्मू के विधायक बलदेव राज शर्मा , पूर्व मंत्री योगानंद शास्त्री , प्रो एमएम जुनेजा , भाजपा के प्रदेश उपाध्यक्ष बंतो कटारिया समेत अन्य गणमान्य ने भी संबोधित किया।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में बसंत पंचमी का पर्व पूरे श्रद्धा, उल्लास और सांस्कृतिक गरिमा के साथ मनाया गया। इस पावन अवसर पर विश्वविद्यालय परिसर स्थित प्रशासनिक भवन के प्रांगण में विराजमान विद्या की अधिष्ठात्री देवी मां सरस्वती के प्राकट्योत्सव पर विधिवत पूजन-अर्चन किया गया। पूरे विश्वविद्यालय परिसर में आध्यात्मिक और सांस्कृतिक वातावरण देखने को मिला। कार्यक्रम की शुरुआत दीनदयाल शोध केंद्र के आचार्यगणों द्वारा वैदिक मंत्रोच्चार के साथ मां सरस्वती की पूजा से हुई। मंत्रों की गूंज से परिसर भक्तिमय हो उठा। इसके बाद विश्वविद्यालय के संगीत विभाग के शिक्षक एवं छात्र-छात्राओं ने सरस्वती वंदना एवं “हे शारदे मां” जैसे मधुर भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित सभी लोगों को भावविभोर कर दिया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा कि बसंत पंचमी का पर्व ज्ञान, कला और नवचेतना का प्रतीक है। यह दिन हमें शिक्षा, शोध और नवाचार के पथ पर आगे बढ़ने की प्रेरणा देता है। उन्होंने कहा कि मां सरस्वती की आराधना के माध्यम से विश्वविद्यालय परिवार ने विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास और शैक्षणिक उन्नति के लिए अपने संकल्प को दोहराया है। कुलपति ने यह भी कहा कि इस प्रकार के सांस्कृतिक और आध्यात्मिक आयोजन विश्वविद्यालय परिवार को एकजुट करते हैं और विद्यार्थियों में भारतीय संस्कृति व मूल्यों के प्रति सम्मान की भावना विकसित करते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों को बसंत पंचमी की शुभकामनाएं दीं। कार्यक्रम में प्रति कुलपति एवं दीनदयाल शोध केंद्र के निदेशक प्रो. सुधीर कुमार अवस्थी, कुलसचिव राकेश कुमार मिश्रा, कुलप्रतिष्ठा आयुर्वेदाचार्य डॉ. वंदना पाठक, वित्त अधिकारी अशोक त्रिपाठी, परीक्षा नियंत्रक राकेश कुमार, मीडिया प्रभारी डॉ. दिवाकर अवस्थी सहित विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों के शिक्षक, शोधार्थी, विद्यार्थी एवं कर्मचारी बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। पूरे कार्यक्रम के दौरान विश्वविद्यालय परिसर में भक्ति, संस्कृति और उल्लास का सुंदर समन्वय देखने को मिला। बसंत पंचमी का यह आयोजन न केवल धार्मिक आस्था का प्रतीक बना, बल्कि शिक्षा और संस्कृति के महत्व को भी रेखांकित करता नजर आया।
जहानाबाद के कोरमा में एक निजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के उद्घाटन के अवसर पर स्वास्थ्य मंत्री मंगल पांडे ने कहा कि बिहार अब शिक्षा और स्वास्थ्य का केंद्र बन रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि एक समय था जब लोग इस क्षेत्र में आने से डरते थे, लेकिन अब पूरा मगध क्षेत्र विकास की नई गाथा लिख रहा है। मंत्री पांडे ने इशारों-इशारों में विरोधियों पर कटाक्ष करते हुए कहा कि पहले मगध क्षेत्र किसी और कारण से जाना जाता था। हालांकि, मुख्यमंत्री नीतीश कुमार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस क्षेत्र ने विकास में ख्याति प्राप्त की है और अब यह शैक्षणिक हब बनता जा रहा है। उन्होंने बताया कि पहले अरवल जिले का नाम लेने से भी लोग डरते थे। ''अब राज्य विभिन्न क्षेत्रों में प्रथम स्थान पर आ रहा'' उन्होंने बिहार की प्रगति का उल्लेख करते हुए कहा कि अब राज्य विभिन्न क्षेत्रों में प्रथम स्थान पर आ रहा है। मंगल पांडे ने बताया कि कर्नाटक और तेलंगाना जैसे अन्य राज्यों के लोग अब बिहार में प्रशिक्षण लेने आ रहे हैं और अपने राज्यों में बिहार के मॉडल को लागू कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि हमारा राज्य आर्थिक रूप से कमजोर हो सकता है, लेकिन दिल से बहुत बड़ा है। ''बिहार सरकारी अस्पतालों तक दवा पहुंचाने में पहले स्थान पर'' स्वास्थ्य मंत्री ने यह भी जानकारी दी कि पिछले 13 महीनों से पूरे देश में बिहार सरकारी अस्पतालों तक दवा पहुंचाने में पहले स्थान पर है। उन्होंने कहा कि सरकारी अस्पतालों में लोगों को कई सुविधाएं प्रदान की जा रही हैं। उन्होंने पिछली सरकारों के कार्यकाल की तुलना करते हुए कहा कि उस समय बिहार की काफी बदनामी हुई थी, लेकिन अब समय बदल गया है और बिहार की पहचान पूरे देश में हो रही है। ''पूरे राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा का लगातार विकास'' उन्होंने बताया कि पूरे राज्य में स्वास्थ्य और शिक्षा का लगातार विकास हो रहा है। नए-नए अस्पतालों का निर्माण किया जा रहा है और सरकारी तथा गैर-सरकारी संस्थाओं द्वारा मेडिकल कॉलेज बनाए जा रहे हैं। मंत्री ने इस अस्पताल के संस्थापक शंकर शर्मा को बधाई दी, जिन्होंने ग्रामीण क्षेत्र में इतने बड़े अस्पताल का निर्माण कराया है। उन्होंने कहा कि इस अस्पताल के खुलने से जहानाबाद और अरवल जिले के निवासियों को काफी लाभ मिलेगा।
बसंत पंचमी के अवसर पर शुक्रवार को जिला परिषद सभागार में सरस्वती वंदन, युवा संवाद और मेगा अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) के जिला स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जो जयपुर में आयोजित राज्य स्तर के कार्यक्रम से वर्चुअली जुड़ा हुआ था। इस दौरान सामाजिक सुरक्षा पेंशन योजनाओं तथा बालिका शिक्षा प्रोत्साहन योजनाओं के तहत लाभार्थियों के खातों में डीबीटी के माध्यम से राशि हस्तांतरित की गई। इन योजनाओं में हुई करोड़ों की डीबीटी बालिकाओं को साइकिल वितरित कलेक्टर देवेन्द्र कुमार, एडीएम अरविन्द शर्मा, मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी इन्द्रा गुप्ता एवं अन्य अतिथियों ने बालिकाओं को साइकिल वितरित की गई। इस अवसर पर प्रभारी अधिकारी उप निदेशक मंजू शर्मा, निदेशालय प्रतिनिधि सौरभ, डीईओ (माध्यमिक) अशोक शर्मा, डीईओ (प्रारंभिक) शिवचरण मीणा, एडीईओ अंजुल गुप्ता सहित कई अन्य मौजूद रहे।
बसंत पंचमी और नेताजी सुभाष चंद्र बोस जयंती के अवसर पर शुक्रवार को स्थानीय किशनलाल जोशी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल में निःशुल्क साइकिल वितरण समारोह आयोजित किया गया। डीग-कुम्हेर विधायक डॉ. शैलेश सिंह मुख्य अतिथि रहे, जिन्होंने छात्राओं को साइकिलें वितरित कीं। विधायक डॉ. शैलेश सिंह ने कहा कि यह साइकिल वितरण योजना छात्राओं को सशक्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। उन्होंने बताया कि अक्सर घर से स्कूल की अधिक दूरी के कारण बेटियों को पढ़ाई छोड़नी पड़ती थी। अब इन साइकिलों से उनका आवागमन सुचारु होगा और शिक्षा में दूरी बाधा नहीं बनेगी। विधायक ने भारतीय सेना की महिला अधिकारियों के शौर्य का उदाहरण देते हुए 'ऑपरेशन सिंदूर' का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि सेना की दो महिला अधिकारियों ने इस ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देकर देश की बेटियों के सम्मान की रक्षा की, जो नारी शक्ति के साहस का प्रमाण है। केंद्र सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए डॉ. सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री ने माताओं-बहनों की समस्याओं को समझा है। उन्होंने उज्ज्वला योजना और शौचालय निर्माण जैसी योजनाओं का उल्लेख किया, जिनसे महिलाओं को सम्मान मिला है। जहां एक ओर 'स्वच्छ भारत' के तहत शौचालय बनवाकर महिलाओं को सम्मान दिया, वहीं 'उज्ज्वला योजना' के जरिए गरीब माताओं को धुएं से मुक्ति दिलाकर गैस चूल्हा उपलब्ध कराया, जिससे उनका जीवन आसान हुआ है। सीएम भजनलाल शर्मा का आभार और क्षेत्र का विकास डॉ. सिंह ने मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि उनकी पहल से आज पूरे राजस्थान में बेटियों को साइकिलें मिल रही हैं। उन्होंने डीग बायपास, जिला अस्पताल और कुम्हेर उप-जिला अस्पताल जैसे विकास कार्यों का उल्लेख किया और जानकारी दी कि 28 जनवरी से शुरू हो रहे विधानसभा बजट सत्र में क्षेत्र के लिए और भी बड़ी सौगातें मिलने की उम्मीद है। भ्रष्टाचार मुक्त भारत पूर्ववर्ती सरकार पर कटाक्ष करते हुए उन्होंने कहा कि 2014 से पहले देश भ्रष्टाचार और कॉमनवेल्थ जैसे घोटालों की गिरफ्त में था, लेकिन 2014 के बाद प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में देश ने एक नई दिशा पकड़ी है और विश्व पटल पर भारत का मान बढ़ा है। उन्होंने छात्राओं से कहा कि आपने एक 'स्वर्णिम युग' में जन्म लिया है, जहां आपके आगे बढ़ने के लिए अनंत अवसर मौजूद हैं। कार्यक्रम में स्कूल शिक्षक, स्थानीय जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में छात्राएं उपस्थित रहीं।
मध्यप्रदेश के उज्जैन स्थित प्रसिद्ध सांदीपनि आश्रम में बसंत पंचमी पर विद्यारंभ संस्कार का आयोजन किया गया। इस दौरान भगवान श्रीकृष्ण का केसर युक्त जल से अभिषेक किया गया और उन्हें पीले वस्त्र धारण कराए गए। पूजा में केसरिया भात, सरसों के पीले फूल और गुलाल अर्पित किए गए। यह वही पवित्र स्थल है, जहां भगवान श्रीकृष्ण और बलराम ने शिक्षा ग्रहण की थी। इसी ऐतिहासिक परंपरा को आगे बढ़ाते हुए, बसंत पंचमी के दिन बच्चों का पाटी (स्लेट) पूजन कर उनका विद्यारंभ संस्कार संपन्न कराया गया। देश-विदेश से पहुंचे श्रद्धालु आश्रम में देश-विदेश से आए श्रद्धालु अपने बच्चों को शिक्षा का पहला पाठ दिलाने के लिए पहुंचे। बच्चों को मंत्रोच्चार के साथ अक्षर ज्ञान कराया गया और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की गई। मां सरस्वती की विशेष पूजा आश्रम के पंडित राहुल व्यास ने बताया कि बसंत पंचमी को ज्ञान, कला और संगीत की देवी मां सरस्वती का प्रकटोत्सव माना जाता है। इस अवसर पर आश्रम में मां सरस्वती की स्थापना कर विशेष पूजा की जाती है। परंपरा के अनुसार बच्चों को सरस्वती के तीन मंत्र प्रदान किए जाते हैं, जिन्हें पाटी कहा जाता है। उन्होंने बताया कि आश्रम में बच्चों को “सांदीपनि गुरुकुल” का नाम दिया जाता है और यह पूरी प्रक्रिया पूरी तरह निःशुल्क संपन्न कराई जाती है। श्रद्धालुओं ने साझा किए अनुभव इस अवसर पर श्रद्धालुओं ने अपने अनुभव भी साझा किए। ओडिशा से आईं प्रियंका प्रधान ने बताया कि उनके क्षेत्र में विद्यारंभ को “खड़ी छुआ” कहा जाता है। भगवान श्रीकृष्ण की शिक्षास्थली होने के कारण उन्होंने अपने बच्चे का विद्यारंभ संस्कार यहीं कराया। मनीषा चौहान ने अपने बच्चे से “जय श्री कृष्णा” लिखवाकर शिक्षा का शुभारंभ कराया। वहीं ममता पाटीदार ने बताया कि पूर्वजों की मान्यता है कि सांदीपनि आश्रम में विद्यारंभ कराने से बच्चा आगे चलकर नाम रोशन करता है। आस्था और परंपरा का अनूठा संगम बसंत पंचमी पर सांदीपनि आश्रम में आयोजित यह विद्यारंभ संस्कार आस्था, संस्कृति और शिक्षा के संगम का प्रतीक बना, जहां सैकड़ों बच्चों ने मां सरस्वती और भगवान श्रीकृष्ण के आशीर्वाद के साथ अपने शैक्षणिक जीवन की शुरुआत की।
'शिक्षित समाज ही होता है उन्नति की नींव':दावत-ए-इस्लामी इंडिया ने शिक्षा और नशा मुक्ति का दिया संदेश
धौलपुर में दावत-ए-इस्लामी इंडिया ने एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया। इस कार्यक्रम में धौलपुर शहर के साथ-साथ आसपास के गांवों और सटे हुए क्षेत्रों से बड़ी संख्या में लोगों ने भाग लिया। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य समाज, विशेषकर युवाओं में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना था। वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि एक शिक्षित समाज ही उन्नति की नींव होता है। इसके अतिरिक्त, समाज में बढ़ रहे नशे और जुए जैसी बुराइयों पर चिंता व्यक्त की गई। वक्ताओं ने लोगों को इन बुराइयों से दूर रहने की प्रेरणा दी, क्योंकि ये समाज में संघर्ष और गलत गतिविधियों को बढ़ावा देती हैं। इस अवसर पर दावत-ए-इस्लामी इंडिया द्वारा किए जा रहे समाज सेवा के कार्यों की भी जानकारी दी गई। बताया गया कि संगठन का जीएनआरएफ (GNRF) विभाग नशा मुक्ति के लिए सक्रिय रूप से कार्य कर रहा है। इसके अलावा, प्राकृतिक आपदाओं और आवश्यकता के समय लोगों को हर संभव सहायता प्रदान की जाती है। 'मेहनत करके पैसा कमाना चाहिए'दावत-ए-इस्लामी के बिजनेसमैन डिपार्टमेंट के जिम्मेदार खालिद इकबाल ने बिजनेसमैन और युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि युवाओं को वैध और हलाल तरीके से मेहनत करके पैसा कमाना चाहिए। उन्होंने यह भी बताया कि दावत-ए-इस्लामी मुस्लिम समाज को शिक्षा के क्षेत्र में आगे बढ़ाने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, जो इस क्षेत्र में पीछे रह गया है। खालिद इकबाल ने कहा कि नशा आज एक फैशन बनता जा रहा है, जिससे युवा पीढ़ी प्रभावित हो रही है, और संगठन इसे रोकने के लिए निरंतर काम कर रहा है।कार्यक्रम में उपस्थित लोगों ने इस पहल को समाज के लिए सकारात्मक बताया। इस अवसर पर दावत-ए-इस्लामी के अन्य जिम्मेदार पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
पंजाब सरकार द्वारा बॉर्डर एरिया में शिक्षा विभाग में कार्यरत शिक्षकों और कर्मचारियों को एक अतिरिक्त इंक्रीमेंट देने संबंधी जारी पत्र पर शिक्षक संगठनों ने कड़ा विरोध जताया है। शिक्षकों ने सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। यह पत्र विभिन्न अदालतों में दायर रिट याचिकाओं के तहत जारी किया गया है, लेकिन इसमें जो शर्तें जोड़ी गई हैं, उन्हें गैर-वाजिब और अनुचित बताया जा रहा है। सरकारी आदेश के अनुसार, अतिरिक्त इंक्रीमेंट का लाभ लेने वाले शिक्षक या कर्मचारी को अंडरटेकिंग देनी होगी कि वह पूरी सेवा अवधि बॉर्डर एरिया में ही कार्य करेगा। यदि किसी कारणवश वह कर्मचारी तबादले के जरिए बॉर्डर क्षेत्र से बाहर जाता है, तो उसे अब तक मिले इंक्रीमेंट की राशि ब्याज समेत वापस करनी होगी। शिक्षकों का कहना है कि यह फैसला न केवल अन्यायपूर्ण है, बल्कि पहले से ही बुनियादी सुविधाओं की कमी से जूझ रहे बॉर्डर क्षेत्रों के कर्मचारियों पर अतिरिक्त दबाव डालने वाला है। बंधुआ मजदूर बनाने जैसी शर्तें – शिक्षक संगठन डेमोक्रेटिक टीचर्स फ्रंट पंजाब के प्रदेश अध्यक्ष विक्रमदेव सिंह, महासचिव महिंदर और वित्त सचिव अश्वनी अवस्थी ने कहा कि सरकार ने भले ही बॉर्डर एरिया स्कूलों के लिए अलग कैडर बना दिया हो, लेकिन वहां काम करने के लिए अनुकूल माहौल तैयार करने में पूरी तरह नाकाम रही है। उन्होंने कहा कि एक इंक्रीमेंट देने के नाम पर ऐसी शर्तें थोपना शिक्षकों को बंधुआ मजदूर बनाने जैसा है। बॉर्डर एरिया छोड़ने पर ब्याज समेत राशि वसूलने का फैसला स्कूलों की स्थिति सुधारने में किसी भी तरह सहायक नहीं होगा। टीचर होम और शहरों के बराबर HRA जरूरी डेमोक्रेटिक मुलाजिम फेडरेशन के प्रदेश अध्यक्ष जर्मनजीत सिंह और महासचिव हरदीप टोडरपुर ने कहा कि बॉर्डर क्षेत्रों में शिक्षा व्यवस्था को सुचारू रूप से चलाने के लिए अनुकूल माहौल बनाना बेहद जरूरी है। उन्होंने मांग की कि पुलिस लाइनों की तर्ज पर बॉर्डर एरिया में ‘टीचर होम’ विकसित किए जाएं, ताकि जरूरतमंद शिक्षकों को सुरक्षित आवास मिल सके। साथ ही बॉर्डर पट्टी में कार्यरत शिक्षकों और अन्य कर्मचारियों को बड़े शहरों के समान हाउस रेंट अलाउंस (HRA) दिया जाए। अन्य जिलों से भी उठा विरोध अमृतसर जिला अध्यक्ष अश्वनी अवस्थी, गुरदासपुर के हरजिंदर वडाला, तरनतारन के प्रताप सिंह, फिरोजपुर के मलकीत और फाजिल्का के गुरविंदर सिंह ने संयुक्त रूप से कहा कि यदि सरकार वास्तव में बॉर्डर एरिया की शिक्षा व्यवस्था सुधारना चाहती है, तो उसे दंडात्मक शर्तों के बजाय प्रोत्साहन देने वाले फैसले लेने होंगे। संगठनों ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस फैसले पर पुनर्विचार नहीं किया, तो आंदोलन का रास्ता अपनाया जाएगा।
भारत में वैश्विक शिक्षा का उदय: विदेशी विश्वविद्यालयों की दस्तक से बदल जाएगी कैंपस की तस्वीर
भारत में विदेशी विश्वविद्यालयों के प्रवेश से उच्च शिक्षा के क्षेत्र में बड़ी क्रांति आ गई है। यूजीसी की नई गाइडलाइंस और आईआईटी-आईआईएम के साथ बढ़ती प्रतिस्पर्धा के बीच, अब भारतीय छात्र देश में ही रहकर अंतरराष्ट्रीय डिग्री हासिल कर सकेंगे। जानिए कैसे विदेशी कैंपस का आगमन भारत को ग्लोबल एजुकेशन हब बनाने और 'ब्रेन ड्रेन' को रोकने में गेम-चेंजर साबित होगा।
राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत भारत की बोर्ड परीक्षा प्रणाली में बड़े बदलावों का आगाज हो गया है। अब छात्रों को साल में दो बार परीक्षा का विकल्प, सेमेस्टर सिस्टम और मल्टीपल एंट्री-एग्जिट जैसी सुविधाएं मिलेंगी। रटने की संस्कृति को खत्म कर कौशल आधारित मूल्यांकन पर जोर देने वाली इस नई व्यवस्था की पूरी जानकारी और इसके प्रभाव पर विशेष रिपोर्ट।
डीग जिले में सैकड़ों निजी स्कूल संचालकों ने गुरुवार को जिला शिक्षा अधिकारी मनोज खुराना के खिलाफ प्रदर्शन किया। संचालकों ने उन पर शिक्षा निदेशालय द्वारा जारी दिशा-निर्देशों की अवहेलना करने का गंभीर आरोप लगाया है।स्कूल शिक्षा परिवार भरतपुर के संभाग प्रभारी उदयभान शर्मा के नेतृत्व में बड़ी संख्या में स्कूल संचालक जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय पहुंचे। उन्होंने नारेबाजी करते हुए अपना विरोध दर्ज कराया। संचालकों ने आरोप लगाया कि जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक द्वारा शैक्षणिक सत्र 2025-26 के लिए RTE (शिक्षा का अधिकार) के तहत होने वाली शैक्षणिक सत्यापन प्रक्रिया को बार-बार गैर-नीतिगत तरीके से निरस्त किया जा रहा है।स्कूल संचालकों ने कहा कि जिला शिक्षा अधिकारी का दायित्व केवल सत्यापन दल द्वारा की गई जांच की पुष्टि करना है। इसके बावजूद, वे अपने अधिकार क्षेत्र से बाहर जाकर निर्णय ले रहे हैं। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि फीस वृद्धि का अधिकार स्कूल लेवल फीस कमेटी (SLFC) को है, न कि जिला शिक्षा अधिकारी को। संचालकों ने बताया कि शिक्षा निदेशालय के आदेशों की प्रतियां पहले ही जिला शिक्षा अधिकारी को उपलब्ध कराई जा चुकी हैं, लेकिन इसके बावजूद उन आदेशों की अनदेखी की जा रही है।जिला शिक्षा अधिकारी के कार्यालय में उपस्थित न मिलने पर निजी स्कूल संचालकों ने जिला कलेक्टर को ज्ञापन सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया। निजी विद्यालय संचालकों ने चेतावनी दी है कि यदि तीन दिनों के भीतर उनकी मांगों पर कोई कार्रवाई नहीं की गई, तो जिले के सभी निजी विद्यालयों में अवकाश रखकर व्यापक आंदोलन किया जाएगा।
रोहतक जिले में शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा ने दादा लख्मी चंद स्टेट यूनिवर्सिटी ऑफ परफॉर्मिंग एंड विजुअल आट्र्स (सुपवा) में रूफ टॉप सोलर प्लांट का उद्घाटन किया। सांग समागम में शिरकत करने से पहले उन्होंने यूनिवर्सिटी परिसर में बटन दबाकर इस प्लांट की शुरुआत की। कुलगुरु डॉ. अमित आर्य ने बताया कि यूनिवर्सिटी में 400 किलोवाट क्षमता का ऑन ग्रिड रूफ टॉप सोलर प्लांट स्थापित किया गया, इसे तैयार करने में करीब डेढ़ करोड़ रुपए की लागत आई है। डॉ. आर्य के अनुसार, यह सोलर प्लांट हर महीने लगभग 48 हजार यूनिट बिजली का उत्पादन करेगा। इससे यूनिवर्सिटी के बिजली बिल में सालाना 40 लाख रुपए की बड़ी बचत होने का अनुमान है। ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना उद्देश्य उन्होंने कहा कि यूनिवर्सिटी का मुख्य उद्देश्य ग्रीन एनर्जी को बढ़ावा देना है। ग्रीन एनर्जी के उपयोग से कार्बन डाइऑक्साइड का उत्सर्जन नहीं होता, जिससे पर्यावरण सुरक्षित रहता है और ग्लोबल वार्मिंग को कम करने में भी मदद मिलती है। समारोह में ये रहे शामिल समारोह में पूर्व मंत्री मनीष ग्रोवर, हरियाणा राज्य सूचना आयुक्त अमरजीत सिंह, महर्षि दयानंद विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. राजबीर सिंह, एनसीजेडसीसी के सदस्य अजय गुप्ता, भाजपा जिला अध्यक्ष रणबीर ढाका, एलपीएस बॉसार्ड के प्रबंध निदेशक राजेश जैन, सीबीएल यू भिवानी की कुलपति प्रो. दीप्ति धामानी, आईजीयू मीरपुर के कुलपति प्रो. असीम मिगलानी तथा आईआईएम रोहतक के निदेशक प्रो. धीरज शर्मा सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
राजस्थान के शिक्षा विभाग में शिक्षकों तथा स्कूलों की संख्या बढ़ने के बाद प्रत्येक सरकार के समय शिक्षकों के तबादलों की नीति बनाने की मांग तथा सरकारी स्तर पर केवल कार्रवाई होती रही है। अनेक स्तर पर कमेटियां बनीं, दिशा-निर्देश जारी हुए, लेकिन शिक्षकों की आज भी तबादला नीति नहीं बनी। इससे रसूखदार शिक्षक तो अपना काम निकाल रहे हैं, मगर सामान्य शिक्षक इनमें पिस रहा है। हैरानी इस बात की है कि प्रधानमंत्री से लेकर मुख्यमंत्री तक महिलाओं के हितों की बातें तो करते हैं, मगर ट्रांसफर में महिला हितों को दरकिनार किया जा रहा है। दरअसल 5 जनवरी 2024 को जयपुर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सत्ता परिवर्तन के बाद अफसरों के तबादलों को लेकर संदेश दिया था कि अधिकारी कभी किसी पार्टी के नहीं होते हैं। तबादलों में नेताओं की भागीदारी नहीं होनी चाहिए। पांच साल सत्ता में रहते हुए समय का सदुपयोग करें और बेहतर काम करें। मगर राजस्थान में शिक्षक ट्रांसफर का खेल ही अलग है। यहां राजनीति और राजनीतिक विचारधारा के आधार पर ही ट्रांसफर होते रहे हैं। पिछली सरकार ने आरएसएस विचारधारा वाले शिक्षकों को जमकर प्रताड़ित किया और अब मौजूदा सरकार उसी का बदला लेने में पीछे नहीं है। बिना नीति के तबादले राजनीतिक आधार पर होते जा रहे हैं। इस राजनीति में वे महिलाएं भी पिस रही हैं, जो किसी नेता को न तो जानती हैं और न ही उनकी विचारधारा से जुड़ी हैं। संभ्रांत परिवार की महिलाएं नेताओं के चक्कर लगाने से बेहतर ट्रांसफर को स्वीकार करना जरूरी समझती हैं। मौजूदा सरकार ने हाल ही में लेक्चरर के तबादले किए, उसमें महिलाओं को उनके ससुराल और पीहर से दूर फेंक दिया। महिला शिक्षकों का कहना है कि उनके लिए तबादला नीति अलग होनी चाहिए, क्योंकि दूर-दराज जगहों पर जाने से उन्हें शोषण होने का डर है। महिला शिक्षकों ने भास्कर को सुनाई आपबीती ये दर्द है …इधर राहत 5 कारण… जिससे नहीं हो रहे थर्ड ग्रेड शिक्षकों के तबादले इस सरकार में संघ पृष्ठभूमि की ही सुनवाई नहीं हाल ही में जारी हुई लेक्चरर ट्रांसफर सूची में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और उससे जुड़ी विचारधारा वाले शिक्षकों की ही सुनवाई नहीं हुई। भास्कर के पास पूरे प्रदेश में ऐसे एक-दो-तीन नहीं, बल्कि 40 से ज्यादा प्रमाण हैं, जो सीधे तौर पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के दायित्ववान कार्यकर्ता हैं, मगर उनके साथ उन्हें सजा जैसा सलूक किया गया। हालांकि ये नियम है कि जो महिला जहां तैनात है, वह उसी स्थान पर रहे, पर गांव में बच्चों को छोड़कर रहना मुश्किल होता है। पति-पत्नी को एक साथ रखने का भी प्रावधान है, मगर सरकारें मानती कहां हैं। मैं तो स्पष्ट स्थानांतरण नीति के पक्ष में हूं। सामान्य महिलाओं को भी पीहर-ससुराल के पास रखा जाए, बेहतर होगा। -महेंद्र पांडे, महामंत्री, राप्रामाशि संघ
रंजीत बाबू शिक्षा के माध्यम से लाखों लोगों को रोशनी दिखाई : कुलपति
भास्कर न्यूज| भेल्दी शिक्षा के क्षेत्र में अपार योगदान देने वाले शिक्षाविद् रंजीत सिंह की 107वीं जयंती के अवसर पर अमनौर प्रखण्ड के जेएम हाईस्कूल रायपुरा में एक विशेष समारोह आयोजित किया गया। समारोह में जयप्रकाश विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. डॉ. प्रमेन्द्र कुमार वाजपेई, पूर्व मंत्री व अमनौर विधायक कृष्ण कुमार उर्फ मंटू सिंह, पूर्व मंत्री व गड़खा विधायक सुरेंद्र राम, पूर्व विधायक तारकेश्वर सिंह सहित अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। कुलपति प्रो. डॉ. प्रमेन्द्र कुमार वाजपेई ने कहा कि रंजीत बाबू ने शिक्षा के माध्यम से लाखों लोगों को रोशनी दिखाई। उन्होंने बताया कि अच्छा समाज वही होता है, जो सबको साथ लेकर चलता है। रंजीत बाबू को शिक्षा के मंदिर का सच्चा पुजारी कहा गया। उन्होंने बच्चों को जीवन को एक कबड्डी के खेल की तरह समझते हुए टीम भावना विकसित करने की सलाह दी। कुलपति ने बच्चों से कहा कि सबसे खराब शब्द “कम्पेटिशन” है, वे अपने आप को बेहतर बनाने के लिए प्रयासरत रहें और शिक्षा के प्रति समर्पित रहें। पूर्व मंत्री और अमनौर के विधायक कृष्ण कुमार उर्फ मंटू सिंह ने कहा कि रंजीत बाबू को शिक्षा के प्रति गहरा प्रेम था और उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में हमेशा समर्पण दिखाया। उन्होंने कहा कि आज शिक्षा की ताकत को समझना बेहद आवश्यक है। समारोह में उन्होंने रंजीत बाबू के स्मारक स्थल के सौंदर्यीकरण की घोषणा भी की। पूर्व मंत्री और गड़खा विधायक सुरेंद्र राम ने कहा कि रंजीत बाबू अनुशासन के लिए जाने जाते थे। उन्होंने अपने पूरे जीवन में बच्चों को समुचित शिक्षा दिलाने के लिए संघर्ष किया। उन्होंने बच्चों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा में समर्पण और अनुशासन ही सफलता की कुंजी है। आज की युवा पीढ़ी अपने पूर्वजों और उनके आदर्शों को भूलती जा रही है : पूर्व विधायक पूर्व विधायक तारकेश्वर सिंह ने कहा कि आज की युवा पीढ़ी अपने पूर्वजों और उनके आदर्शों को भूलती जा रही है, जो समाज और देश के लिए चिंता का विषय है। उन्होंने बच्चों से कहा कि वे किताबों का अध्ययन करें, मोबाइल आदि से दूरी बनाकर शिक्षा के प्रति सजग रहें और अपने जीवन में ज्ञान को प्राथमिकता दें। समारोह में मुख्य रूप से सारण जिला कांग्रेस कमिटी के पूर्व जिलाध्यक्ष अनिल कुमार सिंह, अधिवक्ता अशोक कुमार सिंह, पूर्व प्राचार्य रामाकांत सिंह, पूर्व मुखिया शंभूनाथ द्विवेदी, चित्राली उपाध्याय, गुलाम गौस, पूर्व मुखिया अनिल सिंह, रमेश तिवारी, धर्मेन्द्र राय, गोविंद पाठक आदि ने अपने विचार व्यक्त किए।
शिक्षा गुणवत्ता सुधार के लिए 227 स्कूल गोद लिया
सुकमा| स्वामी विवेकानंद सभागार में डीइओ जीआर मंडावी की अध्यक्षता में बैठक आयोजित हुई। बैठक में मुख्यमंत्री शिक्षा गुणवत्ता अभियान के तहत डी ग्रेड वाले 227 स्कूलों को सुधार के लिए गोद लिया गया। इन स्कूलों की निगरानी एवं सुधार की जिम्मेदारी अधिकारियों को सौंपी गई। अपार आईडी जनरेशन व वीएसके पंजीयन तथा बच्चों के कौशल सुधार के निर्देश दिए गए।
स्थाई शिक्षा समिति की बैठक 28 को
बैतूल| जिला पंचायत स्थाई शिक्षा समिति की बैठक 28 जनवरी को दोपहर 12 बजे से जिला पंचायत कार्यालय के सभाकक्ष में आयोजित की है। सहायक आयुक्त जनजातीय कार्य विभाग विवेक कुमार पांडे ने बताया बैठक में शाला में गणवेश वितरण, मध्यान्ह भोजन, जिले में संचालित छात्रावासों की जानकारी एवं संचालन पर चर्चा की जाएगी। वहीं परीक्षा फल एवं शिक्षा गुणवत्ता और शाला के समय पर संचालन की चर्चा, शिक्षक विहीन शालाओं में शिक्षक की व्यवस्था पर चर्चा होगी। साथ ही हाईस्कूल एवं हायर सेकंडरी शालाओं में विषयवार रिक्त शिक्षकों की कमी होने पर अतिथि शिक्षकों की व्यवस्था पर चर्चा के साथ निशुल्क पाठ्य पुस्तक एवं वितरण की समीक्षा की जाएगी। इसके अलावा स्कूल चले हम अभियान, निशुल्क साइकिल वितरण की समीक्षा भी की जाएगी।
डीपीएस : बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए अभियान
उदयपुर | राष्ट्रीय बालिका दिवस के अवसर पर दिल्ली पब्लिक स्कूल में 21 से 31 जनवरी तक बालिकाओं के प्रवेश के लिए विशेष अभियान चला रहा है। इस दौरान सीमित समय और सीट पर प्रवेश लेने वाली बालिकाओं से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। यह अवसर प्री-नर्सरी से कक्षा 12वीं तक, कैंब्रिज और सीबीएसई दोनों शाखाओं में उपलब्ध है। प्रो वाइस चेयरमैन गोविंद अग्रवाल ने कहा कि बालिका शिक्षा से समाज और देश का विकास संभव है। प्राचार्य संजय नरवरिया ने समाज से अधिक से अधिक बालिकाओं को शिक्षित करने की अपील की।
एसएमएस मेडिकल कॉलेज जयपुर, जेएलएन अजमेर, एसएन जोधपुर, आरएनटी उदयपुर, एसपी बीकानेर, कोटा राजमेस से जुड़े 81 अस्पतालों में सरस कैंटीन एवं फूड कोर्ट खुलेंगे। मेडिकल शिक्षा विभाग और आरसीडीएफ के बीच 5 साल के लिए एमओयू हुआ है। मरीजों, परिजनों एवं डॉक्टर्स को स्वच्छ व क्वालिटी युक्त सरस उत्पाद जैसे दूध-जलेबी, समोसा, आइसक्रीम, दही-छाछ, पनीर पकोड़े, मिठाइयों के साथ ब्रेकफास्ट, लंच व डिनर मिल सकेगा। मसाला डोसा, इडली सांभर, खिचड़ी, दलिया और पानी की बोतल भी मिलेगी। पहले फेज में एसएमएस अस्पताल में तीन जगह फूड कोर्ट खुलेंगे। 6 माह में सभी 81 अस्पतालों में सरस कैंटीन एवं फूड कोर्ट प्रस्तावित है। आरसीडीएफ अस्पतालों में कैंटीन/फूड कोर्ट के लिए जगह 111 रुपए प्रतिमाह किराए पर देगा। सारी व्यवस्था आरसीडीएफ की होगी। चिकित्सा मंत्री की अध्यक्षता में होने वाली मीटिंग में होगा अंतिम निर्णय सरकारी मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में खुलने वाली सरस कैंटीन एवं फूड कोर्ट के लिए चिकित्सा मंत्री गजेंद्र सिंह खींवसर की अध्यक्षता में जल्द मीटिंग होगी। इसमें सस्ती दरों पर शुद्ध एवं पौष्टिक आहार उपलब्ध करवाने, बैठने की व्यवस्था, फूड सेफ्टी एक्ट, मॉनीटरिंग, खुला रखने का समय और निर्माण यूनिट आदि का निर्णय लिया जाएगा। इसमें मेडिकल शिक्षा विभाग, आरसीडीएफ के अधिकारी, मेडिकल कॉलेजों के प्राचार्य व अधीक्षक उपस्थित रहेंगे। सरकारी मेडिकल कॉलेजों से जुड़े अस्पतालों में सरस कैंटीन व फूड कोर्ट खोलने के लिए आरसीडीएफ से करार हुआ है। जगह चिह्नित की जा रही है।-नरेश कुमार गोयल, आयुक्त, मेडिकल शिक्षा
हरदोई में महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय और यूजीसी-एमएमटीटीसी, अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के संयुक्त तत्वावधान में 'नई शिक्षा नीति-2020: ओरिएंटेशन एवं सेंसिटाइजेशन' कार्यशाला का आयोजन किया गया। इसके तीसरे दिन विशेषज्ञों ने बहुविषयक शिक्षा पर विशेष जोर दिया। गूगल मीट के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 20 राज्यों से 260 से अधिक शिक्षक भाग ले रहे हैं। कार्यक्रम के विशेष अतिथि, उच्च शिक्षा के पूर्व संयुक्त निदेशक प्रो. (डॉ.) पी.के. वार्ष्णेय ने नई शिक्षा नीति को उच्च शिक्षा को समग्र और रोजगारोन्मुख बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम बताया। उन्होंने शिक्षकों से इस नीति की मूल भावना को समझकर इसे जमीनी स्तर पर लागू करने की अपील की। कार्यक्रम समन्वयक कैप्टन (डॉ.) प्रवेश कुमार ने अतिथियों का स्वागत किया और तीसरे दिन की कार्ययोजना प्रस्तुत की। मुख्य वक्ता जोधपुर विश्वविद्यालय के प्रो. राजेश दुबे ने 'समग्र एवं बहुविषयक शिक्षा' विषय पर व्याख्यान दिया। उन्होंने बताया कि नई शिक्षा नीति के तहत पाठ्यक्रम में लचीलापन, कौशल-आधारित शिक्षा और भारतीय ज्ञान परंपरा का एकीकरण छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए आवश्यक है। प्रो. दुबे ने इस बात पर जोर दिया कि यह नीति छात्रों में आलोचनात्मक चिंतन और रचनात्मकता विकसित करने में सहायक सिद्ध होगी। कार्यक्रम का संचालन और तकनीकी सहयोग डॉ. गुलशन कुमार एवं मज़हर ज़ैदी की टीम ने किया। अंत में डॉ. सुनीति लता और डॉ. सतीश ने सभी प्रतिभागियों और अतिथियों के प्रति आभार व्यक्त किया।
जोधपुर की मौलाना आजाद मुस्लिम बी एड कॉलेज में गुरुवार को इंदिरा गांधी राष्ट्रीय मुक्त विश्वविद्यालय (इग्नू) की बी.एड. द्वितीय वर्ष की 12 दिवसीय कार्यशाला का समापन हुआ। यह समारोह केवल औपचारिकता तक सीमित नहीं रहा, बल्कि यह शिक्षा व्यवस्था में गहरे पैठ जमा चुके लैंगिक भेदभाव पर चिंतन का मंच भी बना। समारोह के मुख्य अतिथि और इग्नू के रीजनल डायरेक्टर सचिन श्रीधर ने अपने संबोधन में टीचर्स से चर्चा करते हुए बुक्स के उदाहरणों के जरिए सवाल पूछे। उन्होंने कहा- बचपन से ही हम अनजाने में शिक्षा को 'जेंडर' भेद बना रहे हैं। 'अमर नमन करेगा, राधा चटाई बिछाएगी?' सचिन श्रीधर ने अपने संबोधन में सब्जेक्ट बुक्स के वाक्यों का उदाहरण देते हुए कहा- किताबों में पढ़ाया जाता है- 'अमर नमन कर', जो कि एक सम्मानजनक कार्य है। लेकिन जब 'ई' की मात्रा पढ़ाने की बारी आती है तो वाक्य होता है- 'राधा चटाई बिछा'। यह क्या बात हुई? अमर नमन करेगा और राधा चटाई बिछाएगी? उन्होंने शिक्षकों से सवाल किया कि आखिर हम बच्चों को बचपन से क्या सिखा रहे हैं? उन्होंने सरकारी दफ्तरों का उदाहरण देते हुए कहा कि हेल्प डेस्क पर अक्सर लिखा होता है- 'मैं आपकी क्या मदद कर सकता हूं?' इसमें 'सकता हूं' का इस्तेमाल यह मानकर किया जाता है कि वहां बैठने वाला व्यक्ति पुरुष ही होगा। उन्होंने भावी शिक्षकों से आह्वान किया कि ऐसी पुरानी सोच को बदलने की जिम्मेदारी आप पर है। 'तेरा सहारा' यानी 'शिक्षा का सहारा' समारोह की शुरुआत में हुई प्रार्थना 'आसरा इस जहां का मिले ना मिले, मुझे तेरा सहारा जरूर चाहिए' का जिक्र करते हुए श्रीधर ने इसे एक नया दृष्टिकोण दिया। उन्होंने कहा- इस प्रार्थना में 'तेरा' शब्द बहुत सेक्युलर है। एक शिक्षक के रूप में मैंने उस 'तेरा' को 'शिक्षा' के रूप में देखा। हमें जीवन में अपनी शिक्षा और आत्मसात किए गए ज्ञान के सहारे की ही सबसे ज्यादा जरूरत होती है, क्योंकि यही हमें सोचने की शक्ति देती है। इग्नू पर गर्व: नैक की A++ ग्रेड वाला एकमात्र संस्थान श्रीधर ने इग्नू की उपलब्धियों पर गर्व जताते हुए कहा- यह भारत का एकमात्र संस्थान है, जिसे डिस्टेंस लर्निंग में NAAC द्वारा A++ ग्रेड मिला है और एनआईआरएफ रैंकिंग में भी इसे शीर्ष स्थान प्राप्त है। उन्होंने प्रशिक्षणार्थियों से कहा, आज का यह समापन समारोह आपके लिए अंत नहीं, बल्कि एक नई शुरुआत है। यह वर्कशॉप आपके करियर में एक नया मोल्ड लाएगी, जो आपको निदेशक जैसे ऊंचे पदों तक ले जा सकती है। अनुशासन और सहभागिता की सराहना कार्यशाला में विद्यार्थियों ने शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, पाठ योजना और कक्षा प्रबंधन की बारीकियां सीखीं। समारोह के अंत में मौलाना आजाद मुस्लिम बी.एड. कॉलेज की प्राचार्य डॉ. सपना सिंह राठौड़ और महिला पीजी महाविद्यालय की प्राचार्य डॉ. श्वेता अरोड़ा ने सभी अतिथियों का आभार जताया और स्टूडेंट्स के अनुशासित रवैये की सराहना की।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा परीक्षार्थी हित में प्रमाण-पत्र के विवरणों में सुधार करने का निर्णय लिया गया है। शिक्षा बोर्ड अध्यक्ष प्रो. (डॉ.) पवन कुमार ने कहा कि अगर कोई परीक्षार्थी प्रमाण-पत्र जारी होने की तिथि से 3 वर्ष बाद अपने प्रमाण-पत्र में नाम, पिता का नाम या माता के नाम में सुधार करवाना चाहता है, उनको मौका दिया है। सुधार कराने वाले परीक्षार्थी विद्यालय रिकॉर्ड (बिना किसी कटिंग) या प्रार्थी के सार्वजनिक दस्तावेज जैसे-जन्म प्रमाण-पत्र, मूल निवास प्रमाण-पत्र, जाति प्रमाण पत्र, परिवार पहचान पत्र, पैन कार्ड, वोटर कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई भी दो सार्वजनिक मूल दस्तावेजों के साथ बोर्ड द्वारा निर्धारित प्रोफार्मा भरकर संबंधित विद्यालय जिसमें परीक्षार्थी द्वारा अंतिम पढ़ाई की हो, से सत्यापित करवाकर निर्धारित शुल्क सहित बोर्ड कार्यालय में जमा करवाएं। वहीं वांछित सुधार करवा सकता है। 2000 के बाद जारी प्रमाण-पत्रों में करा सकते है सुधार उन्होंने बताया कि अगर कोई परीक्षार्थी वर्ष 2000 के बाद जारी किए गए प्रमाण-पत्रों में जन्मतिथि में सुधार करवाना चाहता है तो वह परीक्षार्थी प्रमाण-पत्र जारी होने की तिथि से 3 वर्ष बाद विद्यालय रिकॉर्ड (बिना कटिंग) अथवा नवीनतम जन्म प्रमाण-पत्र और सार्वजनिक दस्तावेज जैसे-परिवार पहचान पत्र, पैन कार्ड या ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक दस्तावेज के साथ निर्धारित प्रोफार्मा भरकर संबंधित विद्यालय जिसमें प्रार्थी द्वारा अंतिम पढ़ाई की गई हो, से सत्यापित करवाकर निर्धारित शुल्क सहित बोर्ड कार्यालय में जमा करवाते हुए सुधार करवा सकता है। उन्होंने आगे बताया कि इसके अतिरिक्त वर्ष- 2000 से पूर्व में जारी किए गए प्रमाण-पत्र में जन्मतिथि में सुधार गुण-दोष के आधार पर सक्षम अधिकारी के आदेशों के बाद परीक्षार्थी से निर्धारित शुल्क प्राप्त होने पर ही की जाएगी।
फर्रुखाबाद के पांचाल घाट पर चल रहे श्री राम नगरिया मेले में प्रदेश सरकार की उच्च शिक्षा राज्य मंत्री रजनी तिवारी ने शिरकत की। इस दौरान उन्होंने संतों से आशीर्वाद लिया और गंगा को निर्मल बनाए रखने का आह्वान किया। राहुल गांधी से जुड़े एक सवाल पर उन्होंने कहा कि 'राहुल गांधी को कौन सुनता है?' राज्य मंत्री रजनी तिवारी पांचाल घाट स्थित दुर्वासा ऋषि आश्रम पहुंचीं, जहां उन्होंने संत ईश्वर दास महाराज से आशीर्वाद प्राप्त किया। इसके बाद वह गंगा किनारे कल्पवास क्षेत्र में गईं और बच्चा स्वामी बाबा के अखाड़े में भी आशीर्वाद लिया। बच्चा स्वामी बाबा के साथ रजनी तिवारी ने मां गंगा के दर्शन किए और आचमन भी किया। उन्होंने कल्पवास कर रहे कई संतों से भी आशीर्वाद लिया। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि गंगा मां का आशीर्वाद मिलना सबसे महत्वपूर्ण है। राज्य मंत्री ने गंगा को निर्मल बनाए रखने पर जोर देते हुए कहा कि हम सभी को गंगा मां से आशीर्वाद लेना चाहिए, लेकिन साथ ही उनकी स्वच्छता का ध्यान रखना भी हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है। इस दौरान बड़ी संख्या में लोग मौजूद रहे।
शिक्षा विभाग की ओर से 300 शिक्षकों को एआई ट्रेनिंग, पढ़ाई होगी स्मार्ट
लुधियाना| शिक्षा विभाग की ओर से शिक्षण प्रणाली को आधुनिक बनाने के उद्देश्य से दो दिवसीय आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) ट्रेनिंग वर्कशॉप का आयोजन किया गया। यह वर्कशॉप सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्मार्ट स्कूल पीएयू, सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल सिमेट्री रोड और सीनियर सेकेंडरी रेजिडेंशियल स्कूल फॉर मेरिटोरियस स्टूडेंट्स, लुधियाना में आयोजित हुई, जिसमें जिले के करीब 300 शिक्षकों ने भाग लिया। वर्कशॉप का मुख्य फोकस टीचिंग के तरीकों को और प्रभावी बनाना और एआई को सिलेबस का हिस्सा बनाना रहा। प्रशिक्षण के दौरान शिक्षकों को ऑटोमेटेड ग्रेडिंग, इंटरेक्टिव डिजिटल कंटेंट तैयार करने और छात्रों के लिए पर्सनलाइज्ड लर्निंग पाथ विकसित करने की जानकारी दी गई। अधिकारियों के अनुसार, इन 21वीं सदी के डिजिटल टूल्स के जरिए शिक्षकों को सशक्त बनाकर विभाग का लक्ष्य सरकारी स्कूलों में पढ़ाई की गुणवत्ता को बेहतर बनाना है। एआई आधारित शिक्षण से छात्रों को उनकी क्षमता के अनुसार सीखने का अवसर मिलेगा। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि इतने बड़े स्तर पर दी गई यह ट्रेनिंग यह सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है कि लुधियाना का पब्लिक एजुकेशन सिस्टम तकनीकी नवाचार में अग्रणी बना रहे।
किसी भी समाज के विकास के लिए शिक्षा अति आवश्यक : शिवरतन शर्मा
भास्कर न्यूज | भाटापारा विधानसभा अंतर्गत ग्राम कोदवा में निषाद समाज द्वारा आयोजित भक्त शिरोमणि गुहा निषादराज जयंती समारोह में भाजपा वरिष्ठ नेता छत्तीसगढ़ शिवरतन शर्मा सम्मिलित होकर भगवान श्रीराम जी एवं भक्त शिरोमणी गुहा निषादराज जी की पूजा-अर्चना कर आशीर्वाद प्राप्त किया। प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इस अवसर पर शिवरतन शर्मा ने कार्यक्रम को सम्बोधित कर समाज के सामाजिक, सांस्कृतिक, और शैक्षिक उत्थान का संदेश दिया। निषाद राज गुहा एक महान भक्त और संत थे, जिन्होंने अपने जीवन में भगवान की भक्ति और सेवा में समर्पित किया था। किसी भी समाज के विकास के शिक्षा बहुत ज़रूरी है शिक्षित समाज में लोग सामाजिक एकता के महत्व को समझते हैं और वे अपने समाज में एकता और सद्भावना को बढ़ावा देने व नैतिकता और मूल्यों के महत्व को समझते हैं और वे अपने जीवन में इन मूल्यों का पालन करने के लिए काम करते हैं। शिवरतन शर्मा ने कहा की भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त, त्याग, सेवा और सामाजिक समरसता के प्रतीक गुहा निषाद जी ने बिना भेदभाव के मानवता और धर्म का मार्ग दिखाया। उनका जीवन हमें बताता है कि भक्ति, कर्तव्य और समानता ही सच्ची समाज-सेवा है।
मप्र में लंबे समय से निष्क्रिय पड़ी स्टेट काउंसिल ऑफ एजुकेशन रिसर्च एंड ट्रेनिंग (एससीईआरटी) को फिर सक्रिय करने का फैसला लिया गया है। यह निर्णय नई शिक्षा नीति (एनईपी) के तहत गठित टास्क फोर्स की सिफारिशों के आधार पर हुआ है। इसके तहत 2027-28 से स्कूल सिलेबस में स्थानीय विषयों और टॉपिक्स को शामिल किया जा सकेगा। यानी पहली से आठवीं कक्षा तक का सिलेबस अपडेट होगा। अभी प्रदेश के सरकारी स्कूलों में एनसीईआरटी का सिलेबस लागू है, जिसके बाद एससीईआरटी की भूमिका सीमित हो गई थी। अब पाठ्यक्रम निर्माण, शोध और शिक्षक प्रशिक्षण को फिर मजबूती दी जाएगी। डाइट को एक्सीलेंस बनाएंगे, कोर ग्रुप बनेंगे छात्रों को मप्र का ज्ञान मिले, इसका प्रयासमप्र पाठ्यपुस्तक स्थायी समिति के अध्यक्ष प्रो. अल्केश चतुर्वेदी ने बताया, एनसीईआरटी की किताबों में पूरे भारत को कवर किया जाता है। पहली से 8वीं तक एनसीईआरटी के सिलेबस में बदलाव न कर कोर्स अपग्रेड कर रहे हैं। मप्र के लोकगायन, लोकभाषाएं बुंदेली, बघेली आदि को शामिल कर रहे हैं। कालगणना में मप्र का महत्व, पुरातत्व स्थल व नदी आदि को भी शामिल करने का प्रयास है। जैसे एनसीईआरटी में मणिपुर का कोई उदाहरण है तो उससे जुड़ा मप्र का उदाहरण जोड़ा जाए। शिक्षकों की ट्रेनिंग के लिए इंस्टीट्यूट भी बनेगा एससीईआरटी के फिर से सक्रिय होने से क्वालिटी एजुकेशन को बढ़ावा मिलेगा। एक ट्रेनिंग इंस्टीट्यूट भी बनाया जाएगा, यहां पर शिक्षकों को ट्रेनिंग दी जा सकेगी। -शीतांशु शुक्ला, अपर संचालक, राज्य शिक्षा केंद्र
कोरबा में जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत की अध्यक्षता में कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित की गई। बैठक में सांसद ने हाथी प्रभावित इलाकों में आमजनों की सुरक्षा को देखते हुए आवश्यक स्थानों पर सोलर हाई मास्ट लाइट लगाने के निर्देश दिए। सांसद ज्योत्सना महंत ने मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने, सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों, स्टाफ की नियुक्ति, आवश्यक उपकरण और दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। दूरस्थ क्षेत्रों में पोस्टमॉर्टम केंद्र, मॉर्च्युरी और एम्बुलेंस सुविधा बढ़ाने पर भी बल दिया गया। पूर्व निर्देशों के पालन की समीक्षा पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की गई। सांसद ने सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के लिए बेहतर सड़कों के निर्माण पर ध्यान देने को कहा। आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, साथ ही राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया गया। विकास कार्यों में समन्वय पर जोर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के बीच बेहतर समन्वय से विकास कार्य करने और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने की आवश्यकता बताई। जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के नए निर्माण कुणाल दुदावत ने बताया कि जर्जर स्कूलों और आंगनबाड़ी भवनों के लिए नए निर्माण की स्वीकृति दी जाएगी। स्कूलों में अतिरिक्त कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और पेयजल के लिए पानी टंकी की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी। छात्रों के लिए पोषण और निशुल्क कोचिंग उन्होंने जानकारी दी कि शैक्षणिक संस्थानों में सुबह पौष्टिक नाश्ता दिया जा रहा है। साथ ही 200 मेधावी छात्रों के लिए रायपुर में नीट (NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी के लिए निशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है। कोरबा में जिला विकास समन्वय एवं निगरानी समिति (दिशा) की बैठक लोकसभा सांसद ज्योत्सना चरणदास महंत की अध्यक्षता में आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्टोरेट सभाकक्ष में संपन्न हुई। सांसद महंत ने हाथी प्रभावित क्षेत्रों में आमजनों की सुरक्षा के लिए आवश्यक स्थानों पर सोलर हाई मास्ट लाइट लगाने के निर्देश दिए। उन्होंने मेडिकल कॉलेज सह जिला अस्पताल में मरीजों को पर्याप्त सुविधाएं उपलब्ध कराने पर जोर दिया। सांसद ने सभी स्वास्थ्य केंद्रों में चिकित्सकों और स्टाफ की नियुक्ति, आवश्यक उपकरण तथा दवाइयों की उपलब्धता सुनिश्चित करने को भी कहा। इसके अतिरिक्त, दूरस्थ इलाकों में पोस्टमार्टम केंद्र, मर्च्युरी और एंबुलेंस की पहुंच बढ़ाने के निर्देश दिए गए। सांसद महंत ने पिछली बैठक में दिए गए निर्देशों के पालन प्रतिवेदन की समीक्षा की। उन्होंने जिले में सड़क दुर्घटनाओं को रोकने के लिए बेहतर सड़कों के निर्माण, आंगनबाड़ी केंद्रों में स्वच्छता और बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, तथा राष्ट्रीय ग्रामीण आजीविका मिशन (NRLM) और स्वच्छ भारत मिशन (SBM) के तहत चल रहे कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। बैठक में जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. पवन सिंह कंवर ने विकास कार्यों में विभागीय अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों की सहभागिता को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने आपसी समन्वय से कार्य करने और स्वीकृत कार्यों को समय पर पूरा करने पर जोर दिया। इस अवसर पर कुणाल दुदावत ने जानकारी दी कि जर्जर स्कूल और आंगनबाड़ी भवनों के लिए नए निर्माण की स्वीकृति दी जाएगी। स्कूलों में आवश्यकतानुसार अतिरिक्त कक्षाएं, प्रयोगशालाएं और पेयजल आपूर्ति के लिए पानी टंकी जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। उन्होंने बताया कि शैक्षणिक संस्थाओं में सुबह पौष्टिक नाश्ता प्रदान किया जा रहा है और 200 मेधावी छात्रों के लिए रायपुर में नीट (NEET) और जेईई (JEE) की तैयारी हेतु निःशुल्क कोचिंग की व्यवस्था की गई है।
केंद्रीय राज्य मंत्री तोखन साहू बुधवार को एक दिवसीय प्रवास पर गौरेला-पेंड्रा-मरवाही पहुंचे। उन्होंने जिला विकास समन्वय और निगरानी समिति (दिशा) की बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने स्वास्थ्य, पोषण, पेयजल, शिक्षा और सड़क विकास से संबंधित अलग-अलग योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की। तोखन साहू ने अधिकारियों को गर्भवती महिलाओं का शत-प्रतिशत पंजीकरण, संस्थागत प्रसव और बच्चों का नियमित टीकाकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने कुपोषण कम करने के लिए आंगनबाड़ी केंद्रों में बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने और पूरक पोषण पर विशेष ध्यान देने को कहा। केंद्रीय राज्य मंत्री ने नल जल योजना की निगरानी बढ़ाने और शिक्षा में बोर्ड परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए स्कूलों का आकस्मिक निरीक्षण और मध्यान्ह भोजन की गुणवत्ता जांच कराने पर भी जोर दिया। मनरेगा कार्यों की समय-सीमा और गुणवत्ता पर सख्ती मनरेगा (अब वी.बी.जी रामजी) के तहत सभी स्वीकृत कार्यों और उनके भुगतान को 31 मार्च 2026 तक पूरा करने के सख्त निर्देश दिए गए। उन्होंने कलेक्टर को पीएम-जनमन योजना के तहत बन रही सड़कों की गुणवत्ता की जांच कराने और खराब सड़कों को संधारण अवधि में ठीक कराने पर बल दिया। इसके अलावा निर्माण कार्यों के शिलान्यास और लोकार्पण समारोहों में जनप्रतिनिधियों को अनिवार्य रूप से आमंत्रित करने का आदेश भी दिया गया। मशाल गौरव यात्रा वाहन को किया रवाना अपने प्रवास के दौरान तोखन साहू ने 'खेलो इंडिया नेशनल ट्राइबल गेम्स' के प्रचार के लिए 'मशाल गौरव यात्रा' वाहन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उन्होंने इस अवसर पर शुभंकर 'मोर वीर' का भी स्वागत किया। यह खेल पहली बार छत्तीसगढ़ में आयोजित हो रहे हैं।
जोधपुर विकास प्राधिकरण (जेडीए) ने अरबों रुपए की 11 बीघा सरकारी जमीन के एक हिस्से में बनी स्कूल पर कोर्ट के आदेश पर कार्रवाई की। जेडीए को 11 बीघा जमीन पर फैले अतिक्रमण को हटाना था। जेडीए ने गंगाणा रोड स्थित ग्राम चौखा में 'ब्ल्यू हेवन पब्लिक स्कूल' को बुधवार को सील की कार्रवाई की। मामले में दायर जनहित याचिका के दस्तावेजों से खुलासा हुआ कि जमीन पर स्कूल के अलावा मदरसा और हॉस्टल भी शामिल हैं, लेकिन जेडीए ने केवल स्कूल सील की। हाईकोर्ट ने हाल ही इस जमीन से अतिक्रमण हटाने के आदेश दिए थे। जेडीए कमिश्नर की कोर्ट में व्यक्तिगत पेशी की नौबत से बचने के लिए आनन-फानन में यह कार्रवाई की। वहीं इस 'ब्ल्यू हेवन पब्लिक स्कूल' मामले में एक भाजपा नेता पिछले दिनों शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से मिले थे। तब शिक्षा मंत्री मदन दिलावर का भाजपा नेता से कान पकड़ने का वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हुआ था। 11 बीघा जमीन पर मदरसा, स्कूल और चारदीवारी का अवैध कब्जायह पूरा विवाद ग्राम चौखा के खसरा संख्या 699 से जुड़ा है। राजस्व रिकॉर्ड के मुताबिक करीब 11 बीघा (1.7725 हेक्टेयर) जमीन जेडीए के स्वामित्व की है। इस जमीन पर 'डॉ. अब्दुल वहीद कोटा मेमोरियल दारूल उलूम अहले हदीस' संस्था द्वारा मदरसा, स्कूल और चारदीवारी बनाकर अवैध कब्जा किया गया था। जेडीए की ट्रिब्यूनल कोर्ट (प्राधिकृत अधिकारी) ने 18 जून 2025 को आदेश में स्पष्ट कर दिया था कि यह पूरा निर्माण अवैध है। इसे 3 दिन में हटाया जाए। अन्यथा जेडीए इसे हटाएगा। इसके बावजूद कार्रवाई केवल स्कूल भवन तक सीमित रही। शिक्षा मंत्री ने कान पकड़कर कहा था- यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहींजेडीए की कार्रवाई की जद में आया 'ब्ल्यू हेवन पब्लिक स्कूल' पिछले 10 दिनों से राजस्थान की सियासत में चर्चा का विषय बना हुआ है। शिक्षा मंत्री मदन दिलावर से भाजपा के देहात उत्तर के पूर्व जिला अध्यक्ष मनोहर पालीवाल स्कूल की मान्यता बहाल करने के लिए 11 जनवरी को जोधपुर सर्किट हाउस में पहुंचे थे। इस पर मंत्री दिलावर उनके सामने हाथ जोड़ते और कान पकड़ते नजर आए थे। उनका यह वीडियो सोशल मीडिया पर शेयर हुआ था। बाद में दोनों ने स्कूल के विवाद से पल्ला झाड़ लिया था। पालीवाल इसी स्कूल की रद्द हुई मान्यता को बहाल करवाने की सिफारिश लेकर मंत्री के पास पहुंचे थे। तब मंत्री ने कहा था कि यह मेरे अधिकार क्षेत्र में नहीं है। जानकारों का कहना है कि अदालती दबाव और 'कंटेम्प्ट' (अवमानना) से बचने के लिए जेडीए ने बुधवार को स्कूल सील करने की कार्रवाई की। जबकि मुख्य अतिक्रमण (मदरसा व हॉस्टल) पर अब भी कोई एक्शन नहीं लिया गया। कोर्ट से नहीं मिली राहत: नहीं मिला 19 जनवरी को स्टेजेडीए की कार्रवाई और शिक्षा विभाग के फैसलों के खिलाफ स्कूल संचालन संस्था को कोर्ट से भी कोई राहत नहीं मिल पाई है। मान्यता रद्द: जेडीए की कार्रवाई से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने भी इस अवैध निर्माण पर शिकंजा कस दिया था। विभाग के शासन उप सचिव राजेश दत्त माथुर द्वारा 8 जनवरी 2026 को जारी आदेश के अनुसार 'ब्ल्यू हेवन पब्लिक स्कूल' की मान्यता वापस ले ली गई। विभाग ने यह कदम 4 जनवरी 2026 को मिले जांच रिपोर्ट के आधार पर उठाया। नई याचिका पर सुनवाई: संस्था ने मान्यता रद्द करने और जेडीए की संभावित कार्रवाई के खिलाफ हाईकोर्ट में नई याचिका दायर की। इस पर 19 जनवरी 2026 को जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी की कोर्ट में सुनवाई हुई। कोर्ट ने इस पर कोई भी अंतरिम राहत (स्टे) देने के बजाय इसे जेडीए के अतिक्रमण मामले वाली पुरानी याचिका के साथ सूचीबद्ध करने का आदेश दिया। पुराना स्टे भी खारिज: इससे पहले जेडीए द्वारा 18 जून 2025 को जारी अतिक्रमण हटाने के आदेश के खिलाफ दायर स्टे याचिका को हाईकोर्ट 5 दिसंबर 2025 को ही खारिज कर चुका है। कोर्ट ने कहा था कि मामला डिवीजन बेंच की निगरानी में है, इसलिए एकलपीठ दखल नहीं देगी। सवाल अब भी बरकरारजेडीए के 18 जून 2025 के आदेश में मदरसा भवन और चारदीवारी को अतिक्रमण माना है। हाईकोर्ट में सरकार ने शपथ पत्र देकर कहा है कि वे पूरी प्रॉपर्टी को कब्जे में ले रहे हैं। लेकिन कार्रवाई में सिर्फ स्कूल पर कार्रवाई की गई।
राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने क्वालिटी एज्यूकेशन नहीं देने वाले कॉलेज, विश्चविद्यालयों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाने का फैसला किया है। वीसी कोआर्डिनेशन कमेटी की बैठक में राज्यपाल ने कहा- 'उच्च शिक्षा में सुधरो नहीं तो बंद करो' की नीति पर काम किया जाएगा। राज्य में शैक्षिक गुणवत्ता पर कहीं कोई समझौता नहीं किया जाएगा। ऐसे शिक्षण संस्थान जिनके पास शैक्षिक गुणवत्ता नहीं है, उसे बंद किया जाए। राज्यपाल ने कहा- अनुमति के बिना यदि कहीं किसी कॉलेज या शिक्षण संस्था को विश्वविद्यालय स्तर पर मान्यता दी गई है तो उस पर सख्त कार्यवाही की जाएगी। राज्य में स्कूल से उच्च शिक्षा को बेहतर बनाने के लिए ज्यादा से ज्यादा प्रयास हों। शिक्षा ही विकास की नींव है, इसलिए इसके उत्थान के लिए सभी स्तरों पर प्रयास हों। हर साल विश्वविद्यालयों की ऑडिट करवाने की हिदायतराज्यपाल ने विश्वविद्यालयों को दीक्षांत समारोह हर साल आयोजित किए जाने और उसे कम से कम खर्च में कराने के निर्देश दिए। विश्वविद्यालयों में महालेखाकार ऑडिट हर साल कराए जाने और ऑडिट टीम को सभी तरह का सहयोग किए जाने की भी हिदायत दी है। नेक रैंकिंग की बाधाओं को दूर करने के निर्देशराज्यपाल ने सभी विश्वविद्यालयों में नेक रैंकिंग (नेशनल अकेडेशन काउंसिल) के लिए टाइम बाउंड और प्रभावी कार्यवाही किए जाने के निर्देश दिए। राज्यपाल ने कहा- नेक रैंकिंग के लिए विश्वविद्यालयों में आ रही बाधाओं को दूर किया जा रहा है। विश्वविद्यालय शैक्षिक गुणवत्ता, पाठयक्रम और शिक्षण पद्धति में नवाचार से जुड़ी प्रक्रियाओं को जल्द से जल्द पूरा करें। राज्य सरकार स्तर से जुड़ी भर्ती और वित्तीय स्वीकृतियां से जुड़ी प्रक्रियाओं को भी पूरा करने का जल्द प्रयास किया जाएगा। राज्यपाल ने पुस्तकों से लुप्त महत्वपूर्ण भारतीय इतिहास, ज्ञान परंपरा, महत्वपूर्ण विषयों को विश्वविद्यालयों में दीवार पर प्रदर्शित किए जाने के भी निर्देश दिए।---ये खबर भी पढ़िए-एक धर्म के लोगों का पलायन रोकने कानून लाएगी राजस्थान-सरकार:अल्पसंख्यक इलाकों को अशांत क्षेत्र घोषित कर सकेगी, प्रॉपर्टी बेचने पर रहेगी रोक राजस्थान में एक धर्म के लोगों का पलायन रोकने के लिए भजनलाल सरकार कानून लाएगी। बुधवार को हुई कैबिनेट मीटिंग में सरकार ने डिस्टर्ब एरिया एक्ट को मंजूरी दे दी। (पढ़िए पूरी खबर)
जालौन के विकासखंड रामपुरा की ग्राम पंचायत कंझारी में आयोजित जन चौपाल उस समय भावनाओं से भर उठा। जब 8 वर्षीय मासूम राधिका कांपती आवाज में मंच पर बोली- मेरी मां मर गई है और पापा मुझे छोड़कर चले गए… लेकिन मैं पढ़-लिखकर बड़ी अफसर बनना चाहती हूं। ”राधिका के ये शब्द सुनते ही मंच पर मौजूद अधिकारी, कर्मचारी और ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। शासन की मंशा के अनुरूप जालौन जिला प्रशासन द्वारा जन चौपालों के माध्यम से पात्र लोगों को सरकारी योजनाओं से जोड़ने का कार्य किया जा रहा है। इसी क्रम में आयोजित जन चौपाल के दौरान राधिका मंच पर पहुंची और अधिकारियों के सामने अपनी पीड़ा साझा की। उसने बताया कि मां के निधन और पिता के छोड़ देने के बाद वह असहाय स्थिति में जीवन यापन कर रही है, लेकिन उसके सपने अब भी जिंदा हैं। जिला प्रशासन उठाएगा पूरी जिम्मेदारी मासूम की बात सुनकर जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय और पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार भावुक हो उठे। दोनों अधिकारियों ने राधिका को मंच पर अपने पास बैठाया और उसे ढांढस बंधाया। जिलाधिकारी ने मौके पर ही सार्वजनिक रूप से घोषणा की कि राधिका की शिक्षा और आवश्यक जरूरतों की पूरी जिम्मेदारी जिला प्रशासन उठाएगा। डीएम राजेश कुमार पाण्डेय ने कहा कि यह केवल एक बच्ची नहीं, बल्कि जिले का भविष्य है। उसके सपनों को पूरा करना हम सबकी सामूहिक जिम्मेदारी है। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि राधिका को बाल सेवा योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित सभी पात्र सरकारी योजनाओं का लाभ तत्काल दिलाया जाए। ताकि उसकी पढ़ाई में कोई बाधा न आए। बच्चों के खेलने के लिए कोई खेल मैदान नहीं जन चौपाल के बाद जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने गांव का पैदल भ्रमण कर सरकारी योजनाओं की जमीनी हकीकत परखी। आवास, पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना और स्वच्छ भारत मिशन के तहत किए गए कार्यों का सत्यापन किया गया। जहां भी कमियां पाई गईं, वहां तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि गांव में बच्चों के खेलने के लिए कोई खेल मैदान नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने कड़े निर्देश देते हुए 31 मार्च 2026 तक खेल मैदान का निर्माण पूर्ण कराने का आदेश दिया। साथ ही गांव के तालाब के सौंदर्यीकरण, पाथवे निर्माण और व्यापक वृक्षारोपण कराने के निर्देश भी दिए गए, ताकि ग्रामीणों को बेहतर वातावरण और सुविधाएं मिल सकें। राधिका की यह कहानी सिर्फ एक अनाथ बच्ची की सहायता तक सीमित नहीं रही, बल्कि यह संवेदनशील प्रशासन, सुशासन और मानवीय दृष्टिकोण की एक जीवंत मिसाल बन गई। यह घटना साबित करती है कि जब प्रशासन जनता से सीधे संवाद करता है और उनकी पीड़ा को समझता है, तो सरकारी योजनाएं कागजों से निकलकर इंसानियत का रूप ले लेती हैं।राधिका की हिम्मत और जज्बे ने न केवल प्रशासन को झकझोरा, बल्कि पूरे गांव के विकास को भी नई दिशा दे दी।
कैथल जिले के राजौंद में खंड शिक्षा अधिकारी संदीप नैन ने कार्यालय में अपना कार्यभार ग्रहण किया। इस अवसर पर एक स्वागत समारोह आयोजित किया गया। जिसमें खंड के सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाचार्य, प्रधानाध्यापक और निजी स्कूल यूनियन के पदाधिकारी उपस्थित रहे। समारोह में वक्ताओं ने संदीप नैन के पिछले कार्यकाल की जानकारी दी। इससे पहले, संदीप नैन सांपला के संस्कृति मॉडल स्कूल में प्रधानाचार्य के रूप में सेवाएं दे रहे थे। उनके कुशल मार्गदर्शन में, संस्कृति मॉडल स्कूल में बच्चों के दाखिले प्रवेश परीक्षा के माध्यम से होते थे। वक्ताओं ने जानकारी की सांझा वक्ताओं ने बताया कि जहां एक ओर सरकारी स्कूलों में बच्चों की कमी रहती है, वहीं संस्कृति मॉडल स्कूल सांपला में प्रवेश के लिए सिफारिश लगती थी और कई बार दाखिला प्रक्रिया बंद करनी पड़ती थी। संदीप नैन ने अपने अनुभव से सांपला के सरकारी स्कूल को एक उदाहरण बनाया है। शिक्षा सुधार की मुहिम में देंगे योगदान अब उम्मीद है कि राजौंद खंड के स्कूलों को भी उनका मार्गदर्शन मिलेगा और शिक्षा के क्षेत्र में पिछड़ा यह खंड नई ऊंचाइयों को छूएगा। इस दौरान, सभी सरकारी और निजी स्कूलों के प्रधानाध्यापकों और प्रधानाचार्यों ने नव नियुक्त खंड शिक्षा अधिकारी संदीप नैन को विश्वास दिलाया कि वे उनकी शिक्षा सुधार की मुहिम को सफल बनाने में हर संभव योगदान देंगे।
मानव शक्ति पार्टी ने उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री को प्राथमिक शिक्षा में सुधार के लिए एक ज्ञापन सौंपा है। यह ज्ञापन मैनपुरी के जिलाधिकारी के माध्यम से भेजा गया है, जिसमें प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों के 1 लाख से अधिक रिक्त पदों को भरने सहित कई महत्वपूर्ण मांगें शामिल हैं। पार्टी ने अपने ज्ञापन में कहा है कि बच्चे देश का भविष्य हैं और उन्हें गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना सरकार का परम दायित्व है। वर्तमान में प्राथमिक शिक्षा की स्थिति लगातार खराब हो रही है, जिसे गंभीर और विचारणीय विषय बताया गया है। ज्ञापन में कहा गया है कि वर्ष 2018 के बाद से प्रदेश में प्राथमिक शिक्षकों की भर्ती नहीं हुई है, जिससे वर्तमान में लगभग 1,01,276 पद रिक्त हैं। पार्टी ने इन पदों को अभियान चलाकर अतिशीघ्र भरने की मांग की है। इसके अलावा, न्यायालयों में लंबित प्राथमिक शिक्षक भर्ती के मामलों के समाधान के लिए सरकार से पहल करने का आग्रह किया गया है। मानव शक्ति पार्टी ने प्राथमिक शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, शिक्षकों से केवल शिक्षण कार्य कराने और प्राथमिक स्तर पर नई तकनीक से शिक्षा प्रदान करने पर जोर दिया है। उन्होंने मिड-डे-मील योजना की जिम्मेदारी किसी अन्य संस्था को देने का भी सुझाव दिया है। ज्ञापन में प्राथमिक विद्यालयों में छात्रों की सुरक्षा सुनिश्चित करने, विद्यालय भवनों में सुधार करने और ग्रामीण अंचलों के प्राथमिक विद्यालयों को पक्की सड़कों से जोड़ने की मांग भी की गई है। पार्टी ने प्राथमिक स्तर से ही कंप्यूटर शिक्षा प्रदान करने की आवश्यकता पर भी बल दिया है। यह ज्ञापन मानव शक्ति पार्टी के बल अध्यक्ष मैनपुरी (एड०) यादव द्वारा 21 जनवरी, 2026 को जारी किया गया था।
राजस्थान हाईकोर्ट ने शैक्षणिक सत्र के बीच में बड़े पैमाने पर अध्यापकों के ट्रांसफर करने पर हैरानी जताई है। जस्टिस समीर जैन की अदालत ने इसे लेकर सरकार से पूछा है कि वह किस पॉलिसी के तहत मिड-सेशन में इतनी बड़ी संख्या में ट्रांसफर कर रही हैं। अदालत ने इसका स्पष्टीकरण देने के लिए मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास और प्रमुख शिक्षा सचिव (शासन सचिव, स्कूल शिक्षा) कृष्ण कुणाल को 23 जनवरी को हाईकोर्ट में उपस्थित रहने के निर्देश दिए हैं। बैंच ने यह आदेश मैना गढ़वाल,महेश कुमार और अन्य की याचिका पर सुनवाई करते हुए दिए। इनके एडवोकेट संदीप कलवानियां ने बताया कि सरकारी स्कूलों में 1 जुलाई से ट्रांसफर शुरू होते हैं। सरकार ने 3 अगस्त से लेकर अब तक करीब 12 हजार से ज्यादा वरिष्ठ अध्यापक, स्कूल व्याख्याता और प्रिंसिपल के ट्रांसफर कर दिए। हमने कोर्ट को बताया कि प्रदेश में ट्रांसफर बैन हैं, लेकिन सरकार बिना पॉलिसी के सरकार से विशेष परमिशन लेकर बड़े पैमाने पर ट्रांसफर कर रही है। वहीं 12 फरवरी से बोर्ड परीक्षाएं शुरू होने वाली हैं। ऐसे में इतने बड़े पैमाने में ट्रांसफर होने से टीचर्स के साथ स्कूलों के विद्यार्थियों पर भी विपरीत असर पड़ रहा हैं। उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। याचिकाकर्ता मैना गढ़वाल और महेश कुमार सीकर में लेक्चरर के पद पर पोस्टेड थे, मैना का ट्रांसफर चूरू जबकि महेश कुमार का ट्रांसफर बीकानेर कर दिया गया था। इससे पहले भी राजस्थान हाईकोर्ट ने एक रिपोर्टेबल ऑर्डर देते हुए प्रदेश में ट्रांसफर पॉलिसी नहीं होने, शैक्षणिक सत्र के बीच टीचर्स के सामूहिक तबादले करने और राजस्थान सिविल सर्विस अपीलेट ट्रिब्यूनल (रेट) की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए थे। अदालत ने कहा था देश के अधिकांश राज्यों में न तो कोई व्यापक ट्रांसफर पॉलिसी है न ही शिक्षक सहित कर्मचारियों के ट्रांसफर को नियंत्रित करने का कोई विशेष नियम है। राज्य से संवैधानिक प्रावधानों के अनुसार शासन को बढ़ावा देने की अपेक्षा की जाती है। --- ये खबर भी पढ़ें देश के ज्यादातर राज्यों में न ट्रांसफर-पॉलिसी, न कोई नियम:हाईकोर्ट ने कहा-शैक्षणिक सत्र के बीच टीचर्स के ट्रांसफर गलत, रेट की कार्यशैली पर उठाए सवाल राजस्थान हाईकोर्ट ने एक रिपोर्टेबल ऑर्डर देते हुए प्रदेश में ट्रांसफर पॉलिसी नहीं होने, शैक्षणिक सत्र के बीच टीचर्स के सामूहिक तबादले करने और राजस्थान सिविल सर्विस अपीलेट ट्रिब्यूनल (रेट) की कार्यशैली पर कई गंभीर सवाल खड़े किए हैं।जस्टिस अशोक जैन की अदालत ने प्रिंसिपल हरगोविंद मीणा के ट्रांसफर आदेश पर अंतरिम रोक लगाते हुए यह फैसला दिया। (पूरी खबर पढ़ें) स्टूडेंट के सामने हाथ जोड़कर घुटनों पर बैठे लेक्चरर:बोले- स्कूल जाओ, ये ही सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा, पैरों से लिपट फूट-फूटकर रोने लगी छात्रा झुंझुनूं में लेक्चरर के ट्रांसफर से नाराज बच्चे पिछले 6 दिनों से धरने पर बैठे थे। लेक्चरर अनिल कुमार धरना स्थल पर पहुंचे तो उन्हें देख बच्चे फूट-फूटकर रोने लगे। बच्चों को मनाने के लिए खुद लेक्चरर स्टूडेंट के सामने हाथ जोड़कर घुटनों पर बैठ गए। बोले- तुम स्कूल में जाकर पढ़ो, ये ही मेरे लिए सबसे बड़ी गुरु दक्षिणा होगी। (पूरी खबर पढ़ें)
भोपाल जिला पंचायत की साधारण सभा की मीटिंग बुधवार को होगी। इसमें स्वास्थ्य, शिक्षा, पीएचई, कृषि, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला एवं बाल विकास विभागों की योजनाओं की समीक्षा की जाएगी। इससे पहले सामान्य प्रशासन समिति की मीटिंग में भी होगी। इसमें अध्यक्ष, उपाध्यक्ष या सदस्यों के प्रतिनिधियों की एंट्री नहीं हो सकेगी। न ही साधारण सभा में वे शामिल हो सकेंगे। मीटिंग का एजेंडा भी जारी कर दिया है। शिक्षा, स्वास्थ्य, पीएचई, उद्यानिकी, आरईएस, पीडब्ल्यूडी, आदिम जाति, वन, महिला एवं बाल विकास, मत्स्योद्योग, पशु चिकित्सा, बिजली कंपनी समेत अन्य विभागों के कामों की समीक्षा की जाएगी। बता दें, गांवों में स्कूल शिक्षा, जर्जर सड़कों को लेकर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी पहले से देखने को मिल रही है। ऐसे में इस बैठक में भी हंगामा हो सकता है। अध्यक्ष रामकुंवर गुर्जर की अध्यक्षता में यह बैठक होगी। इसलिए जरूरी है मीटिंगजानकारी के अनुसार, मीटिंग ही एक ऐसा प्लेटफार्म होता है, जब सभी विभागों के अफसरों से जिला पंचायत अध्यक्ष, उपाध्यक्ष और सदस्य रूबरू होते हैं। पिछली बैठकों में तो उपाध्यक्ष और सदस्यों की अधिकारियों पर भड़ास भी निकली थी। इसके बाद कामों में थोड़ी तेजी आई। पहले सामान्य प्रशासन की बैठकबैठक बरखेड़ीकलां स्थित क्षेत्रीय ग्रामीण विकास एवं पंचायत राज प्रशिक्षण केंद्र में होगी। जिला पंचायत के मीटिंग हॉल का रिनोवेशन होने की वजह से बैठक यहां की जा रही है। दोपहर 1.30 बजे सामान्य प्रशासन समिति की बैठक होगी। इसके बाद साधारण सभा की मीटिंग आयोजित की जाएगी। दोनों में ही प्रतिनिधि मान्य नहीं होंगे। बैठक के एजेंडे में यह स्पष्ट लिखा है।
प्रशिक्षण में समग्र शिक्षा से आमजनों को जोड़ा जाएगा
भास्कर न्यूज | सिमगा सिमगा विकासखंड के तीन जोनों में सामुदायिक सहभागिता विषय पर एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य समग्र शिक्षा की योजनाओं को जमीनी स्तर पर लागू करना और आमजनों को शिक्षा के महत्व से अवगत कराना था। प्रशिक्षण बीईओ ढाल सिंह ठाकुर और बीआरसी किरण वर्मा के मार्गदर्शन में हुआ। हथबंद, दामाखेड़ा और सुहेला जोन में आयोजित कार्यक्रम में 260 संस्था प्रमुखों और प्रभारियों ने भाग लिया। प्रशिक्षण का मुख्य उद्देश्य समग्र शिक्षा की योजनाओं को स्कूलों और समुदायों के बीच समन्वय स्थापित करके शिक्षा के स्तर को ऊंचा उठाना था। बीईओ ढाल सिंह ठाकुर और बीआरसी किरण वर्मा ने शिक्षकों को प्रेरित किया कि वे अपने क्षेत्रों में समुदाय के साथ मिलकर बच्चों के शैक्षणिक स्तर को बेहतर बनाने के लिए काम करें। कार्यक्रम में 107 प्रभारियों ने प्रशिक्षण लिया हथबंद जोन सहायक विकास खंड शिक्षा अधिकारी सीएस ध्रुव की उपस्थिति में 107 प्रभारियों ने प्रशिक्षण लिया। इस दौरान मास्टर ट्रेनर किशोर वर्मा ने शासन की योजनाओं पर विस्तृत चर्चा की। दामाखेड़ा जोन बीईओ ढाल सिंह ठाकुर ने 69 संस्था प्रमुखों का मार्गदर्शन किया। मास्टर ट्रेनर नेमीचंद विश्वकर्मा और प्रभारी रेशम लाल वाडकर ने सामुदायिक सहयोग से स्कूलों को लाभान्वित करने की रणनीति साझा की। प्रशिक्षण के बाद अधिकारियों ने यह निर्देश दिया कि फरवरी माह के पहले सप्ताह में प्रत्येक विद्यालय स्तर पर सामुदायिक सहभागिता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। कार्यक्रमों में ग्राम के पंच, सरपंच, माता-पिता और स्थानीय नागरिकों को आमंत्रित किया जाएगा ताकि उन्हें शिक्षा विभाग की महत्वाकांक्षी योजनाओं से जोड़ा जा सके और स्कूलों के विकास में उनका सहयोग प्राप्त किया जा सके। प्रशिक्षण कार्यक्रम का समापन जोन प्रभारियों द्वारा आभार प्रदर्शन के साथ किया गया।
मछुआरा समाज शिक्षा, राजनीति और रोजगार के क्षेत्र में अब आगे बढ़ रहा
भास्कर न्यूज | धमतरी धमतरी शहर निषाद समाज की ओर से गुहा निषादराज जयंती 18 जनवरी को मनाई गई। यह कार्यक्रम दानीटोला निषाद समाज छात्रावास में हुआ। प्रारंभ में रामायण पाठ, कलश यात्रा निकाली गई। सांस्कृतिक कार्यक्रम, महिलाओं के लिए कुर्सी दौड़, मटका फोड़ प्रतियोगिता हुई। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राज्य पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष नेहरू निषाद थे। उन्होंने कहा कि आज मछुआरा समाज शिक्षा के क्षेत्र में हो या राजनीति, रोजगार के क्षेत्र में काफी आगे बढ़ रहा है। अध्यक्षता छत्तीसगढ़ मछुआ महासंघ के जिला महासचिव सुनील निषाद ने की। विशिष्ट अतिथि देवाआनंद निषाद ने कहा कि बच्चे-बड़े सभी को नशापान से बचाना है। नशापान से दूर रहे, क्योंकि नशा नाश का जड़ है। नंदकिशोर निषाद ने कहा कि हम सभी को पर्यावरण का संतुलन को बनाए रखने के लिए पौधरोपण जरूर करना चाहिए। कार्यक्रम में कर्मचारी प्रकोष्ठ के शहर अध्यक्ष अजय ग्वाल, रमेश निषाद, झाडूराम निषाद, शिव शंकर निषाद, केशव निषाद, ईश्वर निषाद, दौवाराम निषाद, शंभूराम निषाद, ओमशंकर निषाद,श्यामदेव निषाद, कुमार निषाद,देवेश्वर निषाद, विजय निषाद, कीर्तन निषाद, कमलेश निषाद, ईश्वर निषाद, मातु निषाद, लोकेश निषाद, रत्नेश निषाद, श्यामलाल निषाद, राजकुमार निषाद, सीताराम निषाद, केशव निषाद आदि उपस्थित रहे।
कम संसाधन में बच्चों को बेहतर शिक्षा का संकल्प
भास्कर न्यूज |खगड़िया अलौली प्रखंड के चातर गांव में स्थित प्राथमिक विद्यालय राहुल नगर शिक्षकों के लिए मिशाल बन चुका है। यहां की प्रधानाध्यापिका विनीता विन्नी के नेतृत्व में इस सरकारी स्कूल की तस्वीर पूरी तरह बदल गई है। जहां पहले कार्यालय एक छोटे-से स्टोर रूम में संचालित होता था, वहीं अब यह चकाचौंध वाला, सुव्यवस्थित और आकर्षक कार्यालय बन चुका है। पहली नजर में यह किसी विद्यालय नहीं बल्कि किसी अधिकारी का कार्यालय लगता है। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गौंड ने भी इसकी खुलकर प्रशंसा की है और कहा कि प्रधानाध्यापिका ने बेहतरीन काम किया है। कार्यालय की सुंदरता देखकर सभी प्रभावित हैं। अन्य प्रधानाध्यापकों को भी इसी तरह स्कूल को व्यवस्थित करना चाहिए। इस स्कूल में वर्तमान में 140 छात्र नामांकित हैं, जिनमें औसतन 100 बच्चे नियमित रूप से उपस्थित रहते हैं। कक्षा 1 से 5 तक की पढ़ाई यहां होती है, जहां प्रधानाध्यापिका सहित कुल पांच शिक्षक बच्चों को बेहतर शिक्षा देने में जुटे हैं। संसाधनों की कमी के बावजूद स्कूल में स्मार्ट क्लास जैसी व्यवस्था है। खेल का मैदान न होने की कमी को दीवारों पर रंग-बिरंगे चित्रों और शैक्षिक पेंटिंग्स से पूरा किया गया है। ये दीवारें अब एक जीवंत शिक्षा केंद्र बन गई हैं, जहां बच्चे खेल-खेल में सौर मंडल, महान व्यक्तित्वों, ऐतिहासिक स्थलों और पर्यावरण जैसे विषय सीखते हैं। प्रधानाध्यापिका का पूरा परिवार शिक्षा से जुड़ा हुआ है। उनके पिता, माता, भाई, चाचा और बुआ सभी सरकारी शिक्षक हैं। इसी पारिवारिक प्रेरणा से वे स्कूल को बेहतर बनाने में लगी हैं। वे कहती हैं, शिक्षा ही लोगों का जीवन बदल सकती है। इस विद्यालय में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चे दलित समाज से हैं, जहां शिक्षा अभी भी सीमित है। अगर हम इन्हें बेहतर शिक्षा दे सकें, तो उनके जीवन में बड़ा परिवर्तन आएगा।
भास्कर न्यूज|मधेपुर जयदेव सल्हैता प्लस टू उच्च विद्यालय बरियड़बा के संस्थापक प्रधानाध्यापक साहित्य के उद्भट विद्वान कामेश्वर प्रसाद सल्हैता उर्फ कमल सल्हैता की 87 वीं जयंती मंगलवार को उत्साहपूर्ण माहौल में श्रद्धापूर्वक मनाई गई। विद्यालय प्रांगण स्थित कमल बाबू के प्रतिमा पर शिक्षकों एवं समाज के गणमान्य लोगों ने श्रद्धा सुमन अर्पित कर उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर चर्चा की। डारह पंचायत के पूर्व मुखिया सह उच्च विद्यालय के सचिव नागेश्वर प्रसाद सल्हैता ने कहा कि कमल बाबू जीवनपर्यंत समाजसेवा से जुड़े रहे। उनके विचार समाज के युवाओं के लिए अनुकरणीय है। वे हिंदी एवं अंग्रेजी भाषा के मूर्धन्य विद्वान और प्रखर वक्ता के साथ ही महान समाजसेवी, मृदुभाषी और विद्वान अधिवक्ता भी थे। कोसी दियारा क्षेत्र के बच्चों के लिए कमल बाबू ने शिक्षा की नींव रखी। उनके ही अथक प्रयास का परिणाम है कि आज एक ही परिसर में पहली से बारहवीं तक की पढ़ाई होती है। उनके ज्येष्ठ पुत्र सेवानिवृत्त प्रधानाध्यापक चंद्र किशोर सल्हैता ने कहा कि कोसी के सुदूरवर्ती क्षेत्र बरियड़बा में 20 जनवरी 1939 को कमल बाबू का जन्म हुआ था। उन दिनों यातायात का एकमात्र साधन नाव ही हुआ करता था। कामेश्वर प्रसाद सल्हैता जवाहर उच्च विद्यालय मधेपुर से मैट्रिक, आर. के. कॉलेज मधुबनी से स्नातक, बाबा साहेब भीमराव अंबेडकर बिहार विश्वविद्यालय मुजफ्फरपुर से एम. ए. की पढ़ाई पूरी करने के बाद लंगट सिंह कॉलेज से वकालत की डिग्री ली थी। शिक्षा पूर्ण करने के बाद वे लालेश्वर नाथ उच्च विद्यालय मरौना में बतौर प्रधानाध्यापक अपनी सेवा दी। कुछ दिनों बाद त्यागपत्र देकर पटना उच्च न्यायालय में वकालत करने चले गए। घर पर उनके पिता जयदेव सल्हैता और बड़े भाई कौशिक सल्हैता की हत्या हो जाने पर वे गांव में रहने लगे। वे ग्राम पंचायत राज डारह के मुखिया निर्वाचित हुए। 1976 में उन्होंने जयदेव सल्हैता उच्च विद्यालय बरियड़बा की स्थापना की। वे जीवन के अंतिम समय तक प्रधानाध्यापक के पद पर बने रहे। समारोह को सुमित कुमार, मो. असलम हुसैन, बिनोद साफी, मो. वकील, जय किशोर सल्हैता, राज किशोर सल्हैता, सुमित सल्हैता, संजय यादव सहित अन्य ने संबोधित किया।
राज्यपाल मंगुभाई पटेल ने कहा है कि शिक्षा ही बदलाव की सशक्त बुनियाद है और यह परिवार, समाज तथा देश के विकास का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने मंगलवार को सीहोर जिले के भैरूंदा तहसील के ग्राम मोगराखेड़ा में आयोजित जनजातीय विकास सशक्तिकरण सम्मेलन में यह बात कही। सम्मेलन में राज्यपाल का परंपरागत जनजातीय रीति-रिवाजों और लोक परंपराओं के अनुरूप आत्मीय स्वागत किया गया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने सांस्कृतिक कार्यक्रमों की प्रस्तुति दी। राज्यपाल ने जोर दिया कि देश के प्रत्येक बच्चे, चाहे वह बालक हो या बालिका, को शिक्षा के समान अवसर मिलने चाहिए, क्योंकि शिक्षित बच्चे ही एक मजबूत और आत्मनिर्भर भारत की नींव रखते हैं। राज्यपाल ने जनजातीय समुदाय के नागरिकों को प्रेरित करते हुए कहा कि शिक्षा के साथ-साथ हमें अपनी संस्कृति, परंपराओं और संस्कारों का संरक्षण करते हुए आगे बढ़ना होगा। उन्होंने स्वामी विवेकानंद के प्रेरक कथन उठो, जागो और तब तक मत रुको, जब तक लक्ष्य प्राप्त न हो जाए का उल्लेख करते हुए सभी से सतत प्रयास और आत्मविश्वास के साथ आगे बढ़ने का आह्वान किया। नशे को समाज के लिए घातक बतायाराज्यपाल पटेल ने नशे को व्यक्ति, परिवार और समाज के लिए घातक बताया। उन्होंने कहा कि नशा व्यक्ति को आर्थिक और सामाजिक रूप से खोखला कर देता है, साथ ही देश के विकास में भी बाधक बनता है। उन्होंने नागरिकों से नशा त्याग कर स्वस्थ, सक्षम और समृद्ध राष्ट्र के निर्माण में सहभागी बनने की अपील की। सम्मेलन के बाद राज्यपाल ने ग्राम मोगराखेड़ा में नवनिर्मित पंचायत भवन का अवलोकन किया। उन्होंने सभाकक्ष में महिला पंचों के साथ गांव की विकास गतिविधियों पर चर्चा की और ग्राम पंचायत के समग्र विकास के लिए सामूहिक प्रयासों पर बल दिया। उन्हें बताया गया कि यह पंचायत पूर्णतः महिला प्रतिनिधित्व वाली है, जहां सरपंच सहित सभी पंच महिलाएं हैं और सभी निर्विरोध निर्वाचित हुई हैं। राज्यपाल ने इसे महिला सशक्तिकरण का उत्कृष्ट उदाहरण बताते हुए महिलाओं की सक्रिय भागीदारी की सराहना की।
झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद भी जर्जर भवनों में स्कूलों के संचालन को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस महेंद्र गोयल और जस्टिस अशोक जैन की अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- विभाग के अधिकारी आग से नहीं खेलें। कोर्ट ने कहा- हमने जर्जर भवन में क्लासेज संचालित करने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। इसके बाद भी बूंदी के भैंसखेड़ा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत गिरने की घटना हो गई। अदालत ने घटना पर संज्ञान लेते हुए शिक्षा सचिव सहित प्रारंभिक और माध्यमिक शिक्षा निदेशक को 2 फरवरी को व्यक्तिगत रूप से कोर्ट में उपस्थित रहने के निर्देश दिए। अदालत ने कहा- जुलाई 2025 में झालावाड़ जिले में स्कूल भवन गिरने से सात स्टूडेंट्स की मृत्यु हो गई थी। कोर्ट के आदेश के बाद भी हालात नहीं सुधरे हैं। मामले में न्यायमित्र तन्मय ढंढ ने अदालत को बूंदी स्कूल हादसे की जानकारी दी थी। टेक्निकल सर्वे के बाद भी संचालन क्यों?हाईकोर्ट ने कहा- झालावाड़ हादसे के बाद सरकार ने प्रदेश के सभी सरकारी स्कूलों का प्रारंभिक सर्वे करवाकर कहा था कि पूरे प्रदेश में करीब 86 हजार क्लासरूम जर्जर हालात में हैं। उसी दिन हाईकोर्ट ने इन क्लासरूम में क्लासेज लगाने पर रोक लगा दी थी। इसके बाद विभाग ने टेक्निकल सर्वे भी करवाया था। ऐसे में विभाग बताए कि बूंदी के जिस स्कूल की छत गिरी है, उस स्कूल की क्लासेज को किस श्रेणी में रखा गया था। क्या जर्जर क्लासेज की श्रेणी के बावजूद वहां कक्षाएं संचालित की जा रही थी? वहीं इतने माह बाद भी जर्जर क्लासेज को ठीक करने के लिए सरकार ने क्या किया? इन तमाम बातों का जवाब देने के लिए अधिकारी कोर्ट में उपस्थित रहें। दरअसल, 25 जुलाई को झालावाड़ के मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी सरकारी स्कूल की छत गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई थी। 21 बच्चे घायल हुए थे। वहीं 13 जनवरी को बूंदी में सरकारी स्कूल के बरामदे की करीब 50 फीट लंबी छत अचानक गिर गई। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई स्टूडेंट बैठा हुआ नहीं था। बच्चे वहां से करीब 50 फीट दूर धूप में बैठकर पढ़ रहे थे। ...... ये खबर भी पढ़ें... 'आरोपियों को फर्श पर बैठाना, कपड़े उतरवाना मानवाधिकार उल्लंघन':हाईकोर्ट का पुलिस को अल्टीमेटम- 24 घंटे में ऐसी फोटो हटवाएं राजस्थान हाईकोर्ट ने पुलिस द्वारा आरोपियों को गिरफ्तार करने के बाद उनकी तस्वीरें आधे कपड़ों यानी अंडरगारमेंट्स (कच्छा-बनियान) में खींचकर सोशल मीडिया में शेयर करने की 'फोटो-ऑप संस्कृति' पर सख्त रुख अपनाया है। जोधपुर मुख्य पीठ के जस्टिस फरजंद अली ने महत्वपूर्ण फैसले में कहा- एक आरोपी केवल आरोपी होता है, दोषी नहीं। (पूरी खबर पढ़ें) सरकारी स्कूल का 50 फीट लंबा बरामदा गिरा:सर्दी के कारण ग्राउंड में धूप में बैठे थे बच्चे, 15 मिनट पहले ही निकले थे बूंदी में सरकारी स्कूल के बरामदे की करीब 50 फीट लंबी छत अचानक गिर गई। गनीमत रही कि उस समय वहां कोई स्टूडेंट बैठा हुआ नहीं था। घटना गेंडोली थाना इलाके में भैंस खेड़ा गांव में राजकीय उच्च प्राथमिक स्कूल की 13 जनवरी सुबह 10:45 बजे की है। (पूरी खबर पढ़ें) राजस्थान के झालावाड़ में स्कूल बिल्डिंग गिरी,7 बच्चों की मौत:9 की हालत गंभीर; 5 टीचर सस्पेंड; शिक्षा मंत्री बोले- जिम्मेदार तो मैं ही हूं झालावाड़ में सरकारी स्कूल की बिल्डिंग का हिस्सा गिरने से 7 बच्चों की मौत हो गई, वहीं 9 गंभीर घायल हो गए। मनोहरथाना ब्लॉक के पिपलोदी सरकारी स्कूल में यह हादसा हुआ था। (पूरी खबर पढ़ें)
प्रदेश सरकार की मंशा के अनुरूप जनकल्याणकारी योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने के उद्देश्य से जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय एवं पुलिस अधीक्षक डॉ. दुर्गेश कुमार ने विकास खण्ड रामपुरा के ग्राम बिजुआपुर एवं ग्राम बावली का स्थलीय भ्रमण किया। इस दौरान दोनों अधिकारियों ने गांव की गलियों में पैदल भ्रमण कर केंद्र व उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जमीनी हकीकत का जायजा लिया और ग्रामीणों से सीधे संवाद किया। वहीं भ्रमण के दौरान अधिकारियों ने ग्रामीणों से आवास, वृद्धावस्था व विधवा पेंशन, राशन कार्ड, आयुष्मान भारत योजना, स्वच्छ भारत मिशन, उज्ज्वला योजना, मुख्यमंत्री आवास योजना, मुख्यमंत्री कन्या सुमंगला योजना सहित अन्य योजनाओं के क्रियान्वयन की जानकारी प्राप्त की। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि किसी भी पात्र व्यक्ति को योजनाओं से वंचित न रखा जाए और लाभ वितरण में पारदर्शिता सुनिश्चित की जाए। इसके उपरांत ग्राम पंचायत कंझारी में आयोजित जनचौपाल में जिलाधिकारी ने ग्राम में कराए गए विकास कार्यों का सत्यापन किया तथा ग्रामीणों की समस्याएं गंभीरतापूर्वक सुनीं। उन्होंने स्पष्ट कहा कि शासन की मंशा के अनुरूप योजनाओं का लाभ शत-प्रतिशत पात्र लाभार्थियों तक पहुंचाना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। निरीक्षण के दौरान यह भी सामने आया कि ग्राम में खेल मैदान की सुविधा उपलब्ध नहीं है। इस पर जिलाधिकारी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को निर्देश दिए कि 31 मार्च 2026 तक खेल मैदान का निर्माण सुनिश्चित किया जाए, ताकि युवाओं और बच्चों को खेलों से जोड़ा जा सके। साथ ही ग्राम में स्थित तालाब के सौंदर्यीकरण, चारों ओर पाथवे निर्माण एवं वृक्षारोपण कराए जाने के निर्देश दिए गए, जिससे गांव की पहचान सुदृढ़ हो और प्राकृतिक सौंदर्य विकसित हो सके। जनचौपाल के दौरान एक भावुक क्षण उस समय देखने को मिला जब 8 वर्षीय बच्ची राधिका मंच पर आई और अपनी पीड़ा साझा की। बालिका ने बताया कि उसकी मां का देहांत हो चुका है और पिता ने उसे छोड़ दिया है। लेकिन वह पढ़-लिखकर बड़ी अफसर बनना चाहती है। बच्ची की बात सुनकर जिलाधिकारी एवं पुलिस अधीक्षक ने उसे अपने पास बैठाया और मंच से घोषणा की कि उसकी शिक्षा सहित समस्त खर्च जिला प्रशासन द्वारा वहन किया जाएगा। साथ ही बाल सेवा योजना सहित अन्य कल्याणकारी योजनाओं से उसे तत्काल लाभान्वित करने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि प्रदेश सरकार बेटियों की शिक्षा, सुरक्षा और भविष्य को लेकर पूरी तरह संवेदनशील है और कोई भी जरूरतमंद बच्चा अकेला नहीं छोड़ा जाएगा। इस अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी, जिला विकास अधिकारी निशान्त पाण्डेय, डीसी मनरेगा रामेन्द्र सिंह सहित अन्य अधिकारी, ग्राम प्रधान एवं बड़ी संख्या में ग्रामीण उपस्थित रहे।
बागपत जनपद में शासन द्वारा नामित नोडल अधिकारी और उत्तर प्रदेश शासन के आयुष विभाग के प्रमुख सचिव रंजन कुमार ने अपने दौरे के दूसरे दिन विकास, स्वास्थ्य और शिक्षा से संबंधित संस्थानों का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता है कि योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचे। इसके लिए सभी अधिकारियों को संवेदनशीलता और जवाबदेही के साथ कार्य करना होगा।नोडल अधिकारी ने सर्वप्रथम खेकड़ा विकास खंड के सांकरौद गांव में स्थित 50 शैय्या वाले आयुष चिकित्सालय का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान अस्पताल की साफ-सफाई, ओपीडी, वार्ड, औषधि वितरण कक्ष और उपचार व्यवस्था संतोषजनक पाई गई। सभी चिकित्सक और कर्मचारी उपस्थित मिले। प्रमुख सचिव ने कहा कि आयुष चिकित्सा पद्धतियाँ जनस्वास्थ्य की महत्वपूर्ण रीढ़ हैं और इन्हें जन-जन तक पहुँचाना शासन की प्राथमिकता है। उन्होंने आयुष सुविधाओं के व्यापक प्रचार-प्रसार के निर्देश भी दिए।इसके उपरांत, नोडल अधिकारी ने पिलाना विकास खंड के कंपोजिट विद्यालय हिसावदा का निरीक्षण किया। उन्होंने कक्षाओं में जाकर बच्चों से बातचीत की और शिक्षा की गुणवत्ता का आकलन किया। छात्रों की उपस्थिति संतोषजनक पाई गई, हालांकि उन्होंने शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। मिड डे मील की गुणवत्ता की भी जाँच की गई, जो मानकों के अनुरूप पाई गई। उन्होंने स्मार्ट क्लास और आंगनवाड़ी केंद्र का भी निरीक्षण किया।निरीक्षण के इसी क्रम में प्रमुख सचिव ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरूरपुर का दौरा किया। यहाँ उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं, दवा वितरण और साफ-सफाई व्यवस्था की समीक्षा की। इसके अतिरिक्त, उन्होंने सरूरपुर गौशाला का भी निरीक्षण किया, जहाँ गोवंश के रखरखाव, चारा-पानी और स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। निरीक्षण के समापन पर नोडल अधिकारी ने जोर दिया कि योजनाओं का उद्देश्य केवल कागजों तक सीमित नहीं रहना चाहिए, बल्कि वे आमजन के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाएँ। इसके लिए उन्होंने सभी विभागों को आपसी समन्वय से कार्य करने के निर्देश दिए।
NEP-2020 पर 8 दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम:हरदोई में 20 राज्यों के 270 से अधिक शिक्षाविद् शामिल
महाराणा प्रताप राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय, हरदोई और अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के यूजीसी–मदन मोहन मालवीय टीचर ट्रेनिंग सेंटर (MMTTC) के संयुक्त तत्वावधान में मंगलवार को आठ दिवसीय ऑनलाइन प्रशिक्षण कार्यक्रम का शुभारंभ हुआ। यह कार्यक्रम नई शिक्षा नीति-2020: ओरियंटेशन एवं सेंसिटाइजेशन विषय पर केंद्रित है। इसमें देश के 20 राज्यों के 160 उच्च शिक्षण संस्थानों से 270 से अधिक शिक्षाविद् भाग ले रहे हैं। उत्तर प्रदेश के उच्च शिक्षा निदेशक, प्रो. (डॉ.) बी.एल. शर्मा ने उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए कहा कि नई शिक्षा नीति-2020 भारतीय शिक्षा प्रणाली को समग्र, कौशल-आधारित और शोध-उन्मुख बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। कार्यक्रम निदेशक प्रो. फैज़ा अब्बासी (निदेशक, MMTTC, AMU) ने इस बात पर जोर दिया कि यह नीति शिक्षकों को विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षण के लिए सशक्त बनाती है। महाविद्यालय के प्राचार्य प्रो. निखिलेश शरण ने अतिथियों का स्वागत करते हुए बताया कि गूगल मीट के माध्यम से आयोजित इस कार्यक्रम में देश के 55 विश्वविद्यालयों के प्रोफेसर और शोधार्थी एक साझा अकादमिक मंच पर जुड़े हैं। आईक्यूएसी समन्वयक डॉ. जय भगवान सिंह ने इसे उच्च शिक्षा में गुणवत्ता संवर्धन की दिशा में एक मील का पत्थर बताया। कार्यक्रम समन्वयक कैप्टन (डॉ.) प्रवेश कुमार ने जानकारी दी कि पहले दिन दो महत्वपूर्ण सत्र आयोजित किए गए। प्रथम सत्र में लखनऊ विश्वविद्यालय के प्रो. मसूद सिद्दीकी ने 'अनुसंधान कार्यप्रणाली' और शोध समस्या की वैज्ञानिक विधियों पर चर्चा की। द्वितीय सत्र में एएमयू के प्रो. ए.आर. किदवई ने 'शैक्षणिक नेतृत्व' और नैतिक मूल्यों के महत्व पर प्रकाश डाला। कार्यक्रम के सफल संचालन में डॉ. गुलशन कुमार, मज़हर ज़ैदी और ज़ुल्फ़ेकार की तकनीकी टीम का विशेष सहयोग रहा। अंत में डॉ. दिलप्रीत कौर ने सभी उपस्थित लोगों के प्रति धन्यवाद ज्ञापित किया।
रायपुर जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय आगजनी को लेकर कांग्रेस ने न्यायिक जांच कराने की मांग की है। कांग्रेस का कहना है कि सरकार विभागीय जांच के जरिए मामले को दबाने की कोशिश कर रही है, जबकि अग्निकांड की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच जरूरी है। कांग्रेस ने दावा किया है कि इस घटना में शिक्षा विभाग से जुड़ी कई महत्वपूर्ण फाइलें जल गई है। इनमें मिड-डे मील योजना, निजी स्कूलों को दिए जाने वाले अनुदान, मदरसों के अनुदान, विभागीय पदोन्नति और विभिन्न निर्माण कार्यों से संबंधित दस्तावेज शामिल बताए जा रहे हैं। कांग्रेस का कहना है कि इतनी अहम फाइलों का एक साथ जलना गंभीर सवाल खड़े करता है। आरोप लगाया कि आगजनी कथित भ्रष्टाचार को छिपाने के लिए कराई गई हो सकती है। पार्टी का कहना है कि भाजपा सरकार बनने के बाद शिक्षा विभाग भ्रष्टाचार का केंद्र बन गया है और डीईओ कार्यालय की आगजनी उसी की कड़ी हो सकती है। न्यायाधीश की निगरानी में जांच की मांग कांग्रेस ने इस मामले की जांच हाईकोर्ट के वर्तमान न्यायाधीश की निगरानी में कराने की मांग की है। पार्टी ने पिछली घटनाओं का हवाला देते हुए कहा कि इससे पहले भी सबूत मिटाने के आरोपों के बीच सीएसईबी कार्यालय में आगजनी की घटना हुई थी, लेकिन उस मामले की जांच रिपोर्ट आज तक सार्वजनिक नहीं की गई। पार्टी ने यह भी कहा कि साल 2018 में भाजपा सरकार के कार्यकाल के अंतिम दिनों में अवंती विहार और बीटीआई मैदान में बड़ी संख्या में सरकारी फाइलें जलाए जाने के आरोप लगे थे। उस दौरान तत्कालीन मंत्रियों के आवासों में भी फाइलें जलने की घटनाएं सामने आई थीं। कांग्रेस का आरोप है कि आगजनी के जरिए भ्रष्टाचार छिपाने का यह भाजपा का पुराना तरीका रहा है। यदि सरकार के पास छिपाने के लिए कुछ नहीं है, तो उसे न्यायिक जांच से पीछे नहीं हटना चाहिए। प्रशासन की जांच जारी फिलहाल, डीईओ कार्यालय आगजनी मामले में प्रशासन की ओर से जांच प्रक्रिया जारी है। कांग्रेस के आरोपों के बाद इस मामले पर राजनीतिक बयानबाजी और तेज होने की संभावना जताई जा रही है।
विक्रांत मैसी ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से की मुलाकात, शिक्षा को समृद्ध बनाने पर हुई बातचीत
अभिनेता विक्रांत मैसी को '12वीं फेल' फिल्म के लिए नेशनल अवॉर्ड मिला था, और फिल्म ने लगभग 70 करोड़ रुपए कमाए थे।
हरियाणा की जेलों को केवल सजा का केंद्र न बनाकर सुधार, प्रशिक्षण और पुनर्वास का मंच बनाने की दिशा में एक अहम कदम उठाया जा रहा है। इसी कड़ी में हरियाणा विधानसभा की युवा एवं युवा मामले कमेटी आज पानीपत जिला जेल का निरीक्षण करेगी। इस दौरान युवाओं को उपलब्ध सुविधाओं, उनके कौशल विकास और भविष्य की संभावनाओं की गहन पड़ताल की जाएगी। इससे पहले कमेटी की बैठक पानीपत स्थित पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित की जाएगी, जिसकी अध्यक्षता कमेटी के चेयरमैन एवं समालखा विधायक मनमोहन भड़ाना करेंगे। बैठक में कमेटी के सभी सदस्य भी शामिल होंगे। कौशल विकास पर रहेगा खास फोकस विधायकों के अलावा जेल विभाग की अतिरिक्त मुख्य सचिव और महानिदेशक को भी आमंत्रित किया गया है। बैठक में पूर्व निर्धारित एजेंडे के तहत जेलों में युवाओं से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा होगी। इसके बाद कमेटी दोपहर में सीधे पानीपत जिला जेल पहुंचेगी। इस दौरान कैदियों और बंदियों को उपलब्ध आवासीय व्यवस्था, स्वास्थ्य सुविधाएं, भोजन, सुरक्षा, शिक्षा और प्रशिक्षण से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया जाएगा। विशेष रूप से युवा कैदियों और विचाराधीन बंदियों के जीवन सुधार और पुनर्वास से जुड़े पहलुओं पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा।
पटेल समाज बगौद राज की बैठक में शिक्षा और संस्कार पर दिया गया जोर
डाही | कोसरिया मरार पटेल समाज बगौद राज का वार्षिक कार्यकारिणी बैठक 18 जनवरी को बगौद कुरूद में हुई। इसमें विभिन्न प्रकरणों का निराकरण किया गया। बैठक में सामाजिक आचार संहिता व नियमावली को लेकर चर्चा हुई। सामाजिक एकता, संगठन, शिक्षा व वार्षिक अधिवेशन के संबंध में विचार किया। बगौद राज अध्यक्ष सियाराम पटेल ने कहा कि समाज के पूर्ण विकास में महिलाओं की भागीदारी व योगदान जरूरी है। शिक्षा व संस्कार से समाज को एक नई दिशा दे सकते हैं। इस अवसर पर संरक्षक नोहर सिंह पटेल, प्रदेश कोषाध्यक्ष लिलार सिंह पटेल, तुकाराम पटेल, वासुदेव पटेल, घासूराम पटेल, अर्जुन पटेल, विमल प्रकाश पटेल, दूजराम पटेल, हुलास पटेल, हिच्छाराम पटेल, किशोर पटेल, भुवन पटेल, देवचरण पटेल, महिला प्रकोष्ठ अध्यक्ष लता पटेल, युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष नारायण पटेल, हेम पटेल, महेंद्र पटेल समेत सभी 28 गांवों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे।
स्कूल शिक्षा सचिव ने लीअधिकारियों की बैठक
जयपुर | कॉमर्स कॉलेज में 23 जनवरी को राज्य स्तरीय मेगा पीटीएम एवं निपुण मेले को लेकर डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा संकुल सभागार में समन्वय बैठक हुई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा नि:शुल्क साइकिल वितरण, 4 लाख बालिकाओं को डीबीटी राशि तथा 6 लाख बच्चों को ट्रांसपोर्टेशन वाउचर राशि ट्रांसफर करेंगे। प्रदेश के सभी राजकीय स्कूल जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ऑनलाइन जुड़ेंगे। सीएम लाभान्वित विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल बताया कि विभागों के अधिकारियों को पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने एवं कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। राज्य के समस्त राजकीय विद्यालयों में मेगा पीटीएम होगी। प्रदेश के सभी पीईईओ/यूसीईईओ विद्यालयों में निपुण मेले का आयोजन करेंगे।
स्कूल शिक्षा सचिव ने ली अधिकारियों की बैठक
जयपुर | कॉमर्स कॉलेज में 23 जनवरी को राज्य स्तरीय मेगा पीटीएम एवं निपुण मेले को लेकर डॉ. राधाकृष्णन शिक्षा संकुल सभागार में समन्वय बैठक हुई। कार्यक्रम में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा नि:शुल्क साइकिल वितरण, 4 लाख बालिकाओं को डीबीटी राशि तथा 6 लाख बच्चों को ट्रांसपोर्टेशन वाउचर राशि ट्रांसफर करेंगे। प्रदेश के सभी राजकीय स्कूल जिला एवं ब्लॉक स्तर पर ऑनलाइन जुड़ेंगे। सीएम लाभान्वित विद्यार्थियों से संवाद करेंगे। स्कूल शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल बताया कि विभागों के अधिकारियों को पुख्ता इंतजाम सुनिश्चित करने एवं कार्यक्रम को सुव्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के निर्देश दिए। राज्य के समस्त राजकीय विद्यालयों में मेगा पीटीएम होगी। प्रदेश के सभी पीईईओ/यूसीईईओ विद्यालयों में निपुण मेले का आयोजन करेंगे।
शिक्षा विभाग:70 हजार स्कूलों में 23 जनवरी को मेगा PTM, 65 लाख जुटेंगे
प्रदेश के करीब 70 हजार स्कूलों में 23 जनवरी को मेगा पीटीएम आयोजित होगी। इसमें लगभग 65 लाख छात्र और अभिभावकों को जोड़ने की तैयारी है। इससे पहले अक्टूबर में हुई पीटीएम में करीब 46 लाख छात्र-अभिभावक शामिल हुए थे, जबकि साल की पहली पीटीएम में यह संख्या करीब 21 लाख रही थी। मुख्यमंत्री जिस कार्यक्रम में शामिल होंगे, उसमें 500 साइकिलें वितरित की जाएंगी।शिक्षा विभाग साल में तीन से चार बार पीटीएम आयोजित करता है। इस बार सभी स्कूलों को पीटीएम कराने के आदेश जारी किए गए हैं। जिला मुख्यालय पर 9वीं कक्षा में अध्ययनरत छात्राओं को साइकिलें दी जाएंगी। जिला स्तर पर तकनीकी समिति वेरिफिकेशन कर प्रमाण पत्र देगी, इसके बाद 3 लाख 34 हजार 278 साइकिलों वितरित की जाएगी। मुख्यमंत्री जयपुर के किसी स्कूल से इसकी शुरुआत करेंगे और हर जिला मुख्यालय पर न्यूनतम 21 साइकिलें पहुंचाई जाएंगी।मेगा पीटीएम में स्कूल प्रशासन अभिभावकों से बच्चों की पढ़ाई, सुधार और सुझावों पर चर्चा करेगा।

