शिक्षा बजट 2026-27: टेक्नोलॉजी और स्किल पर आधारित नया रोडमैप
1.39 लाख करोड़ के बजट आवंटन के साथ सरकार ने स्कूलों में एआई लैब्स, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और स्किल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की योजना पेश की है।
केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में बिहार के सरकारी शिक्षकों और विद्यालयों में भी इसका प्रभाव दिख रहा है। नई तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए मोतिहारी के डायट (DIET) भवन में टीबीटी (TBT) के माध्यम से एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा पद्धति को बच्चों के बीच प्रचारित करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल युग में मोबाइल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा का एक सशक्त माध्यम बन गया है। गूगल को 24x7 उपलब्ध एक ऐसे शिक्षक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो बच्चों को किसी भी विषय पर जानकारी और ज्ञान प्रदान कर सकता है। नई तकनीक से भी परिचित होंगे बच्चे मुख्य अतिथियों ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे भी मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन वीडियो, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, शैक्षणिक ऐप्स और डिजिटल कंटेंट का उपयोग कर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इससे बच्चों की समझ बढ़ने के साथ-साथ वे नई तकनीक से भी परिचित होंगे। महिला शिक्षिकाओं ने TBT के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने हस्तकला का भी प्रदर्शन किया। मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महिला शिक्षिकाओं ने टीबीटी के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए। इन गुलदस्तों को सम्मान व्यक्त करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसकी सभी ने सराहना की। सेमिनार में उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सेमिनार भविष्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।
पाली शहर के निकट खेतावास रोड स्थित सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम (गोल नीमड़ा शनि तीर्थ क्षेत्र) में रविवार को नट, भाट व वादी समाज की ओर से कार्यक्रम हुआ। जिसमें शनिधाम के स्वामी निज स्वरूपानंद पुरी (दाती महाराज) के सानिध्य में करीब पांच हजार लोगों ने नशामुक्ति का सामूहिक संकल्प लिया।इस मौके दाती महाराज ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, जो समाज, परिवार और विशेषकर युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है। आज का युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है। नशे के कारण न केवल समाज की प्रगति बाधित हो रही है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जब तक महिलाएं इस अभियान से नहीं जुड़ेंगी, तब तक समाज को नशामुक्त बनाना संभव नहीं है। नारी शक्ति की जागरूकता ही समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है।कार्यक्रम के दौरान समाज के महिला-पुरुषों व युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। समाज के युवाओं ने न केवल नशामुक्ति का प्रण लिया, बल्कि शिक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा समाज में व्याप्त अन्य कुरीतियों को समाप्त करने का भी संकल्प किया। रात में यहां भजन संध्या का आयोजन भी हुआ। दाती महाराज ने पाली व जोधपुर में समाज की प्रतिभाओं के लिए छात्रावास निर्माण में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में नटराज भगवान मंदिर निर्माण विकास समिति पुष्कर के अध्यक्ष कैलाशचंद राजावत, जोधपुर छात्रावास निर्माण समिति अध्यक्ष सुगनाराम ओमप्रकाश लवेरा, मदनलाल पेमावत, नृसिंह भोलेचा, बद्रीलाल माणेचा, सुखदेव माणेचा, दाती सेवा संस्थान के भेराराम, रमेश लानेरा, नेमाराम पेमावत, हनुमानराम पेमावत, मांगीलाल सहित कई जने मौजूद रहे।
शिक्षा, विज्ञान और रिसर्च में बड़ा निवेश : गिरिराज सिंह
केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आम बजट पर कहा कि भविष्य की पीढ़ी के लिए शिक्षा, विज्ञान और अनुसंधान में बड़े निवेश का संदेश लेकर आया है
निजी विद्यालयों की मान्यता के लिए जिला शिक्षा कार्यालय भ्रम उत्पन्न कर रहा है : एसएन पाठक
गढ़वा | निजी विद्यालयों की मान्यता के लिए जिला शिक्षा कार्यालय भ्रम उत्पन्न कर रहा है। यह पूरी तरह नीतिगत मामला है। उसपर सचिव स्तर पर, कैबिनेट में या न्यायालय में निर्णय होता है। जिला शिक्षा कार्यालय को उसका अनुपालन करना होता है। उसके विपरीत जिला शिक्षा कार्यालय प्रतिकूल आचरण कर रहा है। उक्त बातें प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव एसएन पाठक ने एक प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति में निजी विद्यालय संचालकों में भ्रम और आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि आरटीई कानून बनने के बाद और उसके उपरांत झारखंड सरकार की मान्यता के लिए नियमावली 2011 में बनी। इसके बाद विद्यालयों ने मान्यता के लिए आवेदन किया था। इस आलोक में कुछ विद्यालयों को मान्यता दी गई। शेष आज भी इंतजार कर रहे हैं। निरीक्षण के बाद कुछ लोगों की फाइल निदेशालय में पड़ी हुई है। करीब 16 वर्षों से विद्यालय मान्यता के इंतजार में हैं। इसी बीच पूर्ववर्ती रघुबर दास की सरकार ने 2019 में नई नियमावली लाई। उसमें कुछ प्रावधान कठिन थे। उसके खिलाफ उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उस अधियाचना में राज्य सरकार के सचिव ने शपथ देकर कहा था कि 2019 का नियम पूर्व के विद्यालयों पर लागू नहीं होगा। यह 2019 के बाद के सरकारी और निजी सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। अब इस संबंध में दो मई को आए फैसले के बाद कुछ संगठन रिव्यू पिटीशन और कुछ लोग उच्चतम न्यायालय में भी गए। उच्चतम न्यायालय ने संदर्भ में झारखंड सरकार को नोटिस भी निर्गत किया है। वहीं रिव्यू पिटीशन को सुनते हुए झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। जबतक निर्णय नहीं आता तब तक 2019 के पहले के विद्यालयों पर उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के स्टे के ऑर्डर के बाद भी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से जिले के सभी गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को एक निजी पत्र 25 नवंबर को सामूहिक पटल पर भेजा गया। उसमें मान्यता लेने का निर्देश दिया गया। मान्यता नहीं लेने पर बंद करने की धमकी थी। उसके बाद से विद्यालय संचालक ऊहापोह में हैं कि वह उच्च न्यायालय की सुनें या शिक्षा कार्यालय को। विदित हो कि टेंडर हार्ट के न्यायकर्ता ने उच्च न्यायालय में मान्यता नहीं देने के कारण रिट याचिका दाखिल किया है। उसमें उच्च न्यायालय ने सरकार को शपथ पत्र देने को कहा गया है।
राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से प्रारंभ होगी। बोर्ड ने इन परीक्षाओं की तैयारी पूरी कर ली है। इस बार बोर्ड परीक्षा में कुल 19.89 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। बोर्ड ने इन विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए प्रदेश में 6193 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों में से 20 केंद्र अति संवेदनशील और 31 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। जयपुर जिले में विद्यार्थी और परीक्षा केंद्रों की संख्या सर्वाधिक है। 500 परीक्षा केंद्रों पर 1.98 लाख विद्यार्थी परीक्षा देंगे। बारहवीं कक्षा में पिछले साल 8,85,263 विद्यार्थी रजिस्टर्ड हुए थे। इनकी संख्या बढकर इस साल 9,09,087 तक पहुंच गई। इसी तरह से दसवीं कक्षा में पिछले साल 10,92,615 विद्यार्थी थे। इनकी संख्या इस साल घटकर 10,68,078 रह गई है। संयुक्त निदेशक कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 9 फरवरी से कंट्रोल रूप प्रारंभ होगा। यह परीक्षा समाप्ति तक काम करेगा। प्रश्न पत्रों का वितरण 4 या 5 फरवरी को हो सकता है। 15 जिलों में होगी वीडियोग्राफी बोर्ड की ओर से 15 जिलों में केंद्रों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इनमें दौसा, करौली, सीकर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, फलौदी, जोधपुर, जालौर, धौलपुर, भरतपुर, डीग, बाड़मेर और बालोतरा के साथ साथ सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों की और कुछ अन्य चयनित परीक्षा केंद्रों की अलमारी से पेपर निकालने और केंद्र पर लिफाफा खोलने वितरण सहित अन्य गतिविधियों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इन केंद्रों पर सीसीटीवी द्वारा भी निगरानी रखी जाएगी।
शहर की गनी कॉलोनी स्थित नागौरी हाउस में 'ऑल इंडिया जमीतुल कुरैश' की जिला स्तरीय बैठक का आयोजन किया गया। बैठक में समाज सुधार, फिजूलखर्ची पर लगाम और शिक्षा के माध्यम से सशक्तिकरण पर विशेष मंथन किया गया। इस दौरान समाज की प्रतिभाओं को तराशने और उन्हें मंच प्रदान करने के लिए आगामी प्रदेश स्तरीय कार्यक्रम की रणनीति साझा की गई। मेहनत ही सफलता की एकमात्र कुंजी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि और प्रदेश अध्यक्ष नईमुद्दीन कुरैशी ने समाज के युवाओं को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई विकल्प नहीं है, यह केवल कड़ी मेहनत से ही हासिल की जा सकती है। उन्होंने कहा, ऑपरेशन सिंदूर में कर्नल सोफिया कुरैशी की उपलब्धि ने यह साबित कर दिया है कि हमारी बेटियां किसी भी ऊंचे मुकाम को छूने में सक्षम हैं। उन्होंने राष्ट्रीय अध्यक्ष हाजी सिराजुद्दीन कुरैशी के संदेश को दोहराते हुए अपील की कि समाज शादी-ब्याह के दिखावे और बेतहाशा खर्च को त्याग कर अपने बच्चों को उच्च गुणवत्ता वाली शिक्षा दिलाने पर ध्यान केंद्रित करे। बिरला ऑडिटोरियम जयपुर में 15 फरवरी को जुटेगा प्रदेश भर का कुरैशी समाज जिला अध्यक्ष उमर कुरैशी ने आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा प्रस्तुत करते हुए बताया कि 15 फरवरी 2026 को जयपुर के बिरला ऑडिटोरियम में राज्य स्तरीय प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित होगा। इस समारोह में न केवल प्रतिभावान छात्र-छात्राओं को पुरस्कृत किया जाएगा, बल्कि समाज के उत्थान के लिए काम करने वाली संस्थाओं का भी सम्मान होगा। बैठक में इस आयोजन को ऐतिहासिक बनाने के लिए ब्लॉक स्तर पर जिम्मेदारियां तय की गईं। आपसी मतभेद छोड़ समाज हित को दें प्राथमिकता बैठक में समाज के विकास के लिए ठोस सुझाव भी सामने आए नवलगढ़ के पार्षद खालिक लंगा ने सुझाव दिया कि समाज के उत्थान के लिए अब एक स्पष्ट रोड मैप तैयार कर संगठित तरीके से काम करने का समय आ गया है। अल कुरैश के सचिव इमरान बडगूजर ने कहा कि समाज के हित में काम करते समय व्यक्तिगत और आपसी राजनीति को पूरी तरह त्यागना होगा, तभी हम प्रगति कर पाएंगे। कार्यक्रम का शुभारंभ हाजी सफी नागौरी द्वारा कुरान-ए-तिलावत से हुआ। इसके पश्चात उपस्थित समाजबंधुओं ने अतिथियों का शॉल, साफा पहनाकर और माल्यार्पण कर गर्मजोशी से स्वागत किया। मंच का सफल संचालन मास्टर मजीद कुरैशी द्वारा किया गया। जिले भर से आए प्रतिनिधि बैठक में झुंझुनूं जिले भर प्रतिनिधि शामिल हुए, जिनमें मंडावा, बिसाऊ, चिड़ावा, नवलगढ़, मंड्रेला, सूरजगढ़, पपूरणा, केड, सुल्ताना, धनूरी, डूंडलोद और मलसीसर के सैकड़ों कार्यकर्ता और पदाधिकारी मौजूद रहे। विशिष्ट अतिथि फसीहुद्दीन कुरैशी, सचिव हाजी शफी मोहम्मद नागौरी, हाजी फारुक कुरैशी, गफ्फार पपुरना, ठेकेदार नसरुद्दीन, मास्टर अब्दुल मजीद, वाइस चेयरमैन नवाब खत्री, डॉ. जब्बार कुरैशी, एडवोकेट नवाब खत्री, यूसुफ तंवर, आरिफ कुरैशी, शोएब गौरी, और रिजवान बेहलीम सहित अन्य गणमान्य नागरिक।
शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देता है। गरीब, वंचित व शोषित वर्गों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इस बजट से समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। मंत्री मदन दिलावर ने बताया- बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है। प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की स्थापना, तीन नए आयुर्वेदिक एम्स, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए श्री मार्ट और लखपति दीदी योजना के विस्तार जैसी घोषणाएं महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देंगी। साथ ही खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से खेल क्षेत्र में रोजगार, स्किलिंग और नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। मोटर यान दुर्घटना मुआवजे को कर मुक्त किया जाना भी आमजन के लिए राहतभरा कदम है। कोटा में 22 से ज्यादा जगह एलईडी लगाकर बजट देखा गया वहीं,, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने वाला है। उन्होंने बताया- कोटा शहर में 22 से अधिक स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर आमजन ने केंद्रीय बजट का लाइव प्रसारण देखा। भाजपा जिला कार्यालय जीएमए प्लाजा के बाहर बड़ी स्क्रीन पर कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने चाय-कचोरी के साथ बजट सुना और मिठाई बांटकर खुशी जताई। राकेश जैन ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। 7 प्रतिशत ग्रोथ रेट इसका प्रमाण है। बजट में एमएसएमई, सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा, हाई-स्पीड रेल, आयुष संस्थान, मेडिकल टूरिज्म, खादी और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के प्रस्ताव देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।
रीवा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के रीवा दौरे के दौरान UGC को लेकर माहौल गरमा गया। बजट 2026 पर बयान देने पहुंचे पटवारी को सवर्ण समाज से जुड़े छात्रों ने घेर लिया और यूजीसी से जुड़े नए नियमों पर कांग्रेस का स्टैंड जानने की मांग की। छात्र इस मुद्दे पर जवाब लेने को लेकर अड़े रहे, जिससे कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। छात्रों के सवालों पर जीतू पटवारी ने कहा कि यूजीसी से जुड़े फैसलों पर सवाल केंद्र सरकार और राज्य सरकार से पूछे जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सोच में किसी भी तरह का विभाजन लाना किसी भी देश के हित में नहीं है। मैं कोई गोल-मोल बात नहीं करता। मैं इधर उधर की बात भी नहीं करता। पटवारी के इस बयान के बाद प्रदर्शनकारी छात्र संतुष्ट हुए और मामला शांत हुआ। UGC के विरोध में रीवा बंद, सड़कों पर उतरे छात्रUGC के खिलाफ विरोध यहीं नहीं थमा। मंगलवार को छात्रों और सामाजिक संगठनों ने रीवा बंद का आव्हान किया। बंद के दौरान बाजारों की दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि UGC के जरिए शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर लड़ा जाएगा। बजट 2026 में मध्य प्रदेश को कुछ नहीं मिला: पटवारीइस दौरान जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार के बजट 2026 पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस बजट में मध्य प्रदेश के हिस्से कुछ भी नहीं आया है। पटवारी ने कहा 12 साल पहले रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर जो बड़े वादे किए गए थे, आज हालात उनसे भी बदतर हैं।
इस बजट में सरकार ने डिजिटल अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखते हुए कई बड़े एलान किए। वित्तीय अनुशासन के साथ विकास को गति देने की रणनीति स्पष्ट दिखी।
नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया
भास्कर न्यूज| लुधियाना देवकी देवी जैन मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन किदवई नगर के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की तरफ से विकसित भारत@2047: अवसर और चुनौतियां विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी को पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के डीन कॉलेज विकास परिषद की तरफ से प्रायोजित किया गया। कॉलेज प्रबंधक समिति के अध्यक्ष नंद कुमार जैन मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने युवाओं से भ्रष्टाचार और मिलावट के विरुद्ध संघर्ष का आह्वान करते हुए विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने पर बल दिया। संगोष्ठी में कुल 135 शिक्षाविदों, शोधार्थियों और स्टूडेंट्स ने भाग लिया। लगभग 40 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें छात्र कल्याण, समावेशी शिक्षा, नवाचार तंत्र, सतत नीति निर्माण और मानव संसाधन विकास जैसे विषय शामिल रहे। उद्घाटन सत्र दीप प्रज्ज्वलन और नमोकार मंत्र के उच्चारण से आरंभ हुआ। प्राचार्या डॉ. सरिता बहल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विकसित भारत के निर्माण में शैक्षणिक संवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्तव्य डॉ. राकेश शारदा, प्रधान वैज्ञानिक (प्लास्टिकल्चर), पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने युवाओं को विकसित भारत@2047 का सबसे मजबूत स्तंभ बताते हुए डिजिटल इंडिया, पीएम गति शक्ति और नई शिक्षा नीति जैसी पहलों का उल्लेख किया तथा नवाचार और संस्थागत सहयोग पर बल दिया। तकनीकी सत्र प्रथम में डॉ. नीना सेठ पजनी प्राचार्या, गोबिंदगढ़ पब्लिक कॉलेज, खन्ना और डॉ. एसपी शर्मा, प्रोफेसर मुख्य अर्थशास्त्री एनडीआईएम एनईओ रिसर्च सेंटर ने अपने विचार रखे। डॉ. पजनी ने उच्च शिक्षा सुधार, नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया। डॉ. एसपी शर्मा ने विकसित भारत@2047 के संदर्भ में भारत की सुधार-आधारित और नवाचार-प्रेरित आर्थिक वृद्धि को रेखांकित किया। तकनीकी सत्र दूसरे में डॉ. मोहम्मद सलीम, सेवानिवृत्त प्राचार्य, कमला लोहटिया सनातन धर्म कॉलेज, लुधियाना ने विकसित भारत के लिए शिक्षा, कौशल और समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं को तकनीक आधारित नवाचार के लिए प्रेरित किया। शोध-पत्र प्रस्तुतियों के उपरांत संगीता सिन्हा को सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन शोध-पत्र प्रस्तुतकर्ता तथा डॉ. प्राची बिष्ट एवं डॉ. रश्मी उपरति को सर्वश्रेष्ठ ऑफलाइन शोध-पत्र प्रस्तुतकर्ता घोषित किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंतर ज्योति घई, एसोसिएट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रबंधक समिति ने आईक्यूएसी समन्वयकों डॉ. लोतिका गुप्ता (विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान) और डॉ. रोबिना (विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र) तथा उनकी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।
जबलपुर में मध्यप्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एमपीसीएसटी) और सेंट अलाॅयसियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने एआई के वर्तमान और भविष्य के उपयोगों पर व्याख्यान दिए, जबकि विद्यार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. रेनू पांडे ने कहा कि एआई भविष्य में रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाएगी। उन्होंने एआई के पांच फायदे और पांच नुकसान भी बताए। डॉ. पांडे ने बताया कि रोजगार के क्षेत्र में एआई कुछ पारंपरिक नौकरियों को कम कर सकता है, लेकिन साथ ही डेटा एनालिस्ट, एआई इंजीनियर, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और टेक्नोलॉजी मैनेजर जैसी नई संभावनाएं भी पैदा करेगा। ऑटोमेशन के कारण कर्मचारियों को नए कौशल सीखने की आवश्यकता होगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एआई बीमारी की प्रारंभिक पहचान, सटीक निदान, रोबोटिक सर्जरी और मरीजों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे इलाज अधिक तेज, सटीक और किफायती होगा, साथ ही टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूर-दराज़ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में एआई व्यक्तिगत सीखने को बढ़ावा देगा। छात्रों की क्षमता के अनुसार पाठ्यक्रम, ऑनलाइन ट्यूटर, वर्चुअल क्लासरूम और स्मार्ट मूल्यांकन प्रणाली से शिक्षा अधिक प्रभावी बनेगी। कांफ्रेंस में सेंट अलॉयसियस कॉलेज सदर की छात्रा शिवांगी कुररिया और हर्षा जाटव ने मधुमेह (डायबिटीज) के उपचार में एआई के उपयोग पर एक शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. राकेश बाजपेई (रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर), डॉ. जे. बेन एंटॉस रोज (प्रिंसिपल, सेंट अलॉयसियस कॉलेज सदर), डायरेक्टर फादर थंकचन जोस सैट, डॉ. रश्मि जायसवाल, डॉ. आराधना धनराज, डॉ. हरकिरात कौर सहित अन्य गणमान्य अतिथि और प्राध्यापक उपस्थित रहे।
शेखपुरा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवीं बार लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इस बजट को लेकर जिले में लोगों के साथ-साथ जमुई सांसद अरुण कुमार भारती ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी केंद्रीय बजट में बिहार को एक बड़ा सौगात मिलेगा। सांसद भारती ने शनिवार को स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की योजना तैयार की जा रही है, जिसमें बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री कृषि, शिक्षा और आधारभूत संरचना के निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में बिहार को प्राथमिकता के आधार पर नई योजनाएं लाने की घोषणा करेंगी। नीट केस CBI को सौंपने के सरकार के कदम की सराहना की इसी बातचीत के दौरान, सांसद अरुण कुमार भारती ने पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के सरकार के कदम की सराहना की। वह आकांक्षी जिला योजना के तहत संपूर्णता अभियान के द्वितीय चरण का विधिवत शुभारंभ करने शेखपुरा आए थे। 5 मानकों पर पहले भी बहुत अच्छा काम हुआ उन्होंने बताया कि सरकार ने जनता की भावनाओं को समझते हुए और उनमें विश्वास पैदा करने के लिए इस मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा CBI को देने का निर्णय लिया है। सांसद भारती ने इस कदम को सराहनीय बताया। सांसद ने आगे कहा कि सरकार लगातार जनता के हित में बड़े कदम उठा रही है, जिसका उद्देश्य जनता में विश्वास पैदा करना और उनके जीवन को हर प्रकार से आसान बनाना है। उन्होंने जिले में आकांक्षी जिला योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की और बताया कि इस योजना के तहत 5 मानकों पर पहले भी बहुत अच्छा काम हुआ है।
बिजनौर में समाजवादी पार्टी कार्यालय पर एक पीडीए पंचायत और स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मलिक समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।समारोह में समाजवादी पार्टी के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। पार्टी में शामिल होने पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मलिक का जोरदार स्वागत किया गया।सांसद हरेंद्र मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि देश का बेरोजगार नौजवान पढ़ाई से वंचित हो रहा है। उन्होंने मुफ्त दवा और मुफ्त शिक्षा की वकालत करते हुए मांग की कि यदि सरकार इसे मुफ्त नहीं कर सकती, तो कम से कम सस्ता तो कर दे। उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व में एक लंबी लड़ाई लड़ने की बात भी कही।मलिक ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारें हर मोर्चे पर विफल रही हैं। बजट के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकारें अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विभिन्न प्रकार की बातें फैलाती रहती हैं।उन्होंने नोटबंदी का भी उल्लेख किया और कहा कि पहले सरकार गरीबों के कल्याण के लिए धन का उपयोग करती थी। स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को रोके जाने के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी की कि जब धरातल पर काम नहीं होगा, तो लोग अपनी बात कहेंगे ही।सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसएआर) में निश्चित रूप से वोट काटे जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के वोटों को प्रभावित करने के लिए एक विशेष वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। मलिक ने दोहराया कि सरकार जनता को वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए नींद का इंजेक्शन दे रही है।हाई कोर्ट द्वारा हाफ एनकाउंटर पर की गई टिप्पणी के सवाल पर हरेंद्र मलिक ने कहा कि यहां जेल में या अदालत में यदि किसी व्यक्ति की हत्या हो जाए तो कोई पूछता नहीं है।
पीएमश्री विद्यालय: राजस्थान में शिक्षा की गुणवत्ता के नए मानक स्थापित
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में 639 स्कूलों का कायाकल्प, डिजिटल लाइब्रेरी और बाल वाटिकाओं के माध्यम से विद्यार्थियों का सर्वांगीण विकास सुनिश्चित होगा।
मुंबई, भारतीय सिनेमा जगत में ऐसे कई सितारे हुए, जो भले ही इस दुनिया में न हों, मगर उनका अभिनय और आवाज अमर है। ऐसी ही शख्सियत थीं मशहूर अभिनेत्री और प्लेबैक सिंगर सुरैया, जिनकी आज पुण्यतिथि है। 31 जनवरी 2004 को उनका निधन हुआ था। वह सिने प्रेमियों के दिलों खास स्थान रखती हैं।
कोटा: एम एस चौहान के रोड स्कूल से 1 लाख बच्चों को मिलेगी शिक्षा
राज भंवर वेलफेयर ट्रस्ट द्वारा संचालित रोड स्कूल अभियान के जरिए घुमंतू और वंचित बच्चों को शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ा जा रहा है।
Punjab News: जलंधर के पी.ए.पी. ग्राउंड में जहां अनुसूचित जाति (एस.सी.) वर्ग के 2.7 लाख से अधिक विद्यार्थियों को वजीफा वितरण की शुरुआत की गई. इस मौके पर मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने कहा कि ‘रंगला पंजाब’ मिशन तहत 271 करोड़ रुपये का पोस्ट-मैट्रिक वजीफा अपने बच्चों के भविष्य को बेहतर बनाने की सरकार की पहल को स्पष्ट करता है.
बीकानेर की बेटी शिक्षा सहारण ने जिले और प्रदेश का नाम रोशन किया है। 15 वर्षीय शिक्षा सहारण का चयन 10 मीटर एयर पिस्टल सब-यूथ वूमन कैटेगरी में भारतीय शूटिंग टीम में हुआ है। वर्तमान में वह 12वीं कक्षा की छात्रा हैं। शिक्षा फरवरी माह में नई दिल्ली में आयोजित एशियन शूटिंग चैंपियनशिप में भारत का प्रतिनिधित्व करेंगी। इस अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिता में वे देश के लिए पदक जीतने के इरादे से निशाने साधेंगी। महाराजा करणी सिंह शूटिंग रेंज में कर रहीं कड़ी तैयारी एशियन चैंपियनशिप को लेकर शिक्षा इन दिनों तुगलकाबाद स्थित महाराजा करणी सिंह शूटिंग रेंज में भारतीय शूटिंग दल के साथ कड़ी तैयारियों में जुटी हुई हैं। शिक्षा का कहना है कि वे देश के लिए मेडल जीतकर उसे हर उस बेटी को समर्पित करना चाहती हैं, जिसे आज भी बेटों से कम समझा जाता है। नेशनल और SGFI गेम्स में दिखा चुकी हैं दम शिक्षा सहारण इससे पहले भी अपनी प्रतिभा का लोहा मनवा चुकी हैं।पिछली नेशनल शूटिंग चैंपियनशिप में उन्होंने 1 गोल्ड, 2 ब्रॉन्ज सहित कुल 3 पदक अपने नाम किए थे। वहीं SGFI गेम्स, भोपाल में भी शिक्षा ने ब्रॉन्ज मेडल जीतकर बीकानेर का मान बढ़ाया। परिवार और कोच को किया गौरवान्वित शिक्षा के पिता मनोज सहारण बताते हैं कि इस उपलब्धि से दादा-दादी, माता-पिता, परिवारजनों और उनके शूटिंग कोच रघुवीर सिंह में खुशी का माहौल है। सभी ने शिक्षा की मेहनत और लगन की सराहना करते हुए उज्ज्वल भविष्य की कामना की है।
भंडारों में गायत्री परिवार ने चलाया शिक्षा व नशा उन्मूलन अभियान
भास्कर न्यूज |गिरिडीह जमुआ प्रखंड अंतर्गत भंडारों गांव में अखिल विश्व गायत्री परिवार के बैनर तले शिक्षा एवं नशा उन्मूलन आंदोलन के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व गायत्री परिवार के प्रखंड समन्वयक बलदेव प्रसाद ने किया।स्कूली बच्चों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी गई तथा उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।बलदेव प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि नशा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। बल्कि पढ़ाई, परिवार और समाज पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति को कमजोर कर देती है और जीवन के लक्ष्य से भटका देती है। इसलिए विद्यार्थियों को शुरू से ही नशे से दूरी बनाकर रखनी चाहिए और अच्छे संस्कारों को अपनाना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करते हुए गायत्री मंत्र के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बलदेव प्रसाद ने बताया कि गायत्री मंत्र का नियमित जप मन को शुद्ध करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मबल को मजबूत करता है।
जिपं सदस्य ने बच्चों को शिक्षा व विकास का महत्व बताया
पामगढ़ | भारतीय ज्ञान गंगा पूर्व माध्यमिक शाला हिर्री में वार्षिक उत्सव और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य संतोषी मनोज रात्रे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे और बच्चों को शिक्षा ग्रहण कर अपने भविष्य को उज्जवल बनाने की प्रेरणा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि जो विद्यार्थी विद्यालय नहीं आ रहे, उन्हें अधिक से अधिक संख्या में विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार वितरित किए गए। उन्होंने साथ ही स्कूल के शौचालय, भवन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। समारोह की अध्यक्षता उप सरपंच प्रभा देवी साहू ने की। कार्यक्रम में स्कूल संचालक विनोद खरे, रमेश खरे, मनोज ज्योति, शिक्षक-शिक्षिकाएं नेतराम खरे, नेहा लहरे, सीमा सुनहरे, निशा यादव, हेमा यादव, प्लाज्मा और सोनम खरे, माया भट्ट के साथ छात्र-छात्राओं, पालकों और ग्रामवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।
आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा के जनक शर्मा (बाबूजी) को दी श्रद्धांजलि
उदयपुर | राजस्थान बाल कल्याण समिति झाड़ोल मुख्यालय पर संस्था के संस्थापक और आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा के जनक पं. जीवतराम शर्मा (बाबूजी) की 10वीं पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, संत-महंतों, संस्था पदाधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बाबूजी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था के मुख्य प्रबंध निदेशक डॉ. गिरिजाशंकर शर्मा ने इस अवसर पर बाबूजी के जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला और उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया। इस श्रद्धांजलि सभा में संस्था के संयुक्त निदेशक डॉ. एसबी सिंह, जनरल मैनेजर हेमकर शर्मा आदि मौजूद रहे।
चिकित्सा शिक्षा आयुक्त गोयल ने नर्सिंग से जुड़े मुद्दों पर ली बैठक
राजकीय नर्सिंग कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने नर्सिंग शिक्षा एवं सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर बैठक ली। इस दौरान प्राचार्य एवं समस्त नर्सिंग फैकल्टी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग शिक्षकों एवं नर्सिंग पेशेवरों की समस्याओं को समझना तथा उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना था। बैठक में बजट आवंटन, छात्रावास एवं भवन संबंधी समस्याएं, नर्सिंग पेशेवरों के उन्नयन हेतु सीएनई/सेमिनार तथा शैक्षणिक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। राजकीय नर्सिंग कॉलेज, जयपुर के प्राचार्य डॉ. जोगेन्द्र शर्मा ने बताया कि आयुक्त ने सभी नर्सिंग शिक्षकों की समस्याओं को सुनकर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर टीएनएआई राजस्थान राज्य शाखा की ओर से पत्र के माध्यम से यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया कि राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) के अंतर्गत संचालित नर्सिंग कॉलेजों में भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) के नियमानुसार नियमित भर्ती की जाए। सभी नर्सिंग कॉलेजों में सिमुलेशन लैब की स्थापना की जाए। नर्सिंग पेशेवरों को अन्य राज्यों एवं एम्स की तर्ज पर सेमिनार में भाग लेने हेतु आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं।
शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम
नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more
महू में शनिवार शाम समस्त सवर्ण समाज के आह्वान पर यूजीसी से संबंधित नीतियों के विरोध में एक मशाल रैली निकाली गई। यह रैली हरिफाटक चौराहे से शुरू होकर गोपाल मंदिर तक गई, जिसमें युवाओं, महिलाओं और कई समाजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजकों ने यूजीसी की नीतियों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों का असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ सकता है। प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण मार्च करते हुए शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई। इस रैली में शहर के कई सामाजिक संगठनों और समाजों के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। इनमें सर्व ब्राह्मण समाज, करणी सेना, अग्रवाल समाज, खंडेलवाल समाज, विजयवर्गीय समाज, कायस्थ समाज, जैन समाज, माहेश्वरी समाज, आद्यगौड़ ब्राह्मण महापंचायत, सिंधी समाज और सिख समाज के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से शामिल थे। रैली समापन पर हनुमान चालीसा पाठ रैली का समापन गोपाल मंदिर परिसर में हुआ। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद संबंधित विषयों को लेकर गोपाल जी और हनुमानजी के चरणों में एक ज्ञापन भी समर्पित किया गया। आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी रही। रैली शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित रखा गया।
आमेट पीएम श्री विद्यालय में व्यावसायिक शिक्षा पर एक्सपर्ट टॉक आयोजित
पूर्व प्रभारी अधिकारी मोटाराम भादू ने ब्यूटी, वैलनेस और हार्डवेयर ट्रेड के विद्यार्थियों को स्वरोजगार और कौशल विकास के लिए प्रेरित किया।
डिंडौरी में शुक्रवार को जोगी टिकरिया गांव के पास वन विभाग की नर्सरी में 'अनुभूति कार्यक्रम' रखा गया। इसमें विधायक ओमकार मरकाम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार और पुलिस-वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों से बातचीत की और उन्हें प्रकृति के करीब रहने की सीख दी। नवोदय विद्यालय और मुड़की हाई स्कूल के करीब 136 छात्र-छात्राएं सुबह ही नर्सरी पहुंच गए थे। वन विभाग के ट्रेनरों ने बच्चों को अलग-अलग टोलियों में बांटा और उन्हें जंगल की सैर कराई। इस दौरान बच्चों को वन्यजीवों और पेड़-पौधों के बारे में कई दिलचस्प बातें बताई गईं। कार्यक्रम को मजेदार बनाने के लिए बच्चों से सवाल-जवाब भी किए गए। विधायक ने दी बेहतर शिक्षा और संस्कारों की सीख विधायक ओमकार मरकाम ने छात्रों को पर्यावरण बचाने का तरीका समझाया। उन्होंने कहा कि इंसान के लिए ऑक्सीजन और भोजन के साथ-साथ अच्छी शिक्षा और संस्कार भी बहुत जरूरी हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जिले में करीब डेढ़ लाख छात्र पढ़ रहे हैं, लेकिन उन्हें वह शिक्षा और संस्कार नहीं मिल पा रहे हैं जो एक विकसित भारत के लिए जरूरी हैं। ट्रैफिक नियमों और नशे से दूर रहने की अपील एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने बच्चों से खास अपील की। उन्होंने कहा कि वे अपने घर-परिवार के लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने और गाड़ी धीरे चलाने के लिए कहें। उन्होंने बच्चों को समझाया कि वे अपने बड़ों को नशे की हालत में गाड़ी न चलाने की सलाह दें, ताकि सड़क हादसों से बचा जा सके और हर कोई सुरक्षित घर पहुंचे। प्लास्टिक मुक्त रहा पूरा आयोजन रेंजर अतुल सिंह ने बताया कि इस पूरे कार्यक्रम में प्लास्टिक का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया। बच्चों को भी यही सिखाया गया कि वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक से दूरी बनाएं ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे। इस मौके पर स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।
मंदसौर में प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के आगमन के साथ ही जिले के विकास को नई गति मिलने के संकेत मिले हैं। विधायक विपिन जैन ने मुख्यमंत्री को विधानसभा क्षेत्र के विकास से जुड़ा विस्तृत और बहुआयामी मांग-पत्र सौंपते हुए आगामी बजट सत्र (16 फरवरी से प्रारंभ) में स्वीकृति देने का आग्रह किया। विधायक ने स्पष्ट किया कि यह मांग-पत्र केवल योजनाओं की सूची नहीं, बल्कि मंदसौर के भविष्य का विजन डॉक्यूमेंट है, जिसमें आस्था, कृषि, यातायात, शिक्षा और ग्रामीण विकास को केंद्र में रखा गया है। विधायक ने बताया कि पशुपतिनाथ लोक का प्रथम चरण पूर्ण हो चुका है। अब श्रद्धालुओं की सुविधा और परिसर की भव्यता को और बढ़ाने के लिए द्वितीय चरण के लिए 25 करोड़ रुपए की राशि स्वीकृत किए जाने का आग्रह मुख्यमंत्री से किया गया। 19 सड़कों का जाल, गांव-गांव तक विकास की पहुंचमंदसौर विधानसभा क्षेत्र की 19 महत्वपूर्ण सड़कों को स्वीकृत करने की मांग प्रमुखता से रखी गई। इनमें बनी-माउखेड़ी, सरसोद मगरे-भीमरुंडी, पलसोड़ा-धंधोंडा, भालोट-अचेरा, पटेला-सरसोद, जवासिया-डोराना, भंडारिया-गरोड़ा, दलोदा सगरा-लखमाखेड़ी, सिंदपन-साबाखेड़ा, धारियाखेड़ी-रलायता सहित कई प्रमुख ग्रामीण मार्ग शामिल हैं, जिनकी मांग लंबे समय से ग्रामीणों द्वारा की जा रही है। वर्ष 2019-20 की अतिवृष्टि से प्रभावित किसानों का मुद्दा भी मजबूती से उठाया गया। विधायक ने बताया कि स्वीकृत मुआवजा राशि में से अब भी 27 करोड़ 47 लाख 55 हजार 734 रुपए की राशि शेष है, जो 15,186 किसानों को मिलना बाकी है। मुख्यमंत्री से किसानों को शीघ्र भुगतान कराने का अनुरोध किया गया। दलौदा-अकोदड़ा मार्ग टू-लेन, मंडी और मंदिर दोनों को राहतदलौदा एलची होते हुए सेमलिया, अकोदड़ा और करजू तक जाने वाला मार्ग वर्तमान में सिंगल है। इस मार्ग से बड़ी संख्या में किसान मंडी आते हैं और अकोदड़ा का प्रसिद्ध माताजी मंदिर भी इसी मार्ग पर है। बढ़ते यातायात दबाव को देखते हुए इसे टू-लेन करने की मांग रखी गई। सिंहस्थ 2028 को देखते हुए पशुपतिनाथ पहुंच मार्ग चौड़ा करने की मांगमहाराणा प्रताप चौराहा से नयापुरा रोड, शुक्ला चौक, धान मंडी, प्रतापगढ़ पुलिया होते हुए पशुपतिनाथ मंदिर तक पहुंच मार्ग को सिंहस्थ मद 2028 के अंतर्गत चौड़ा कर सीसी निर्माण कराने का आग्रह किया गया। विधायक ने कहा कि सिंहस्थ में लाखों श्रद्धालु पशुपतिनाथ मंदिर पहुंचेंगे, ऐसे में यह कार्य अत्यंत आवश्यक है। राजाराम फैक्ट्री से काबरा पेट्रोल पंप तक का मार्ग, जो शहर का प्रमुख व्यापारिक और अत्यधिक यातायात वाला क्षेत्र है, आए दिन जाम से जूझता है। इसे सिक्स लेन करने की मांग भी मुख्यमंत्री के समक्ष रखी गई। रामजानकी मंदिर निम्बोद-देहरी के लिए राशि स्वीकृति का आग्रहप्राचीन और ऐतिहासिक श्री रामजानकी मंदिर निम्बोद (20.33 लाख) और देहरी (17.92 लाख) के जीर्णोद्धार हेतु प्राक्कलन तैयार कर धर्मस्व विभाग को भेजा जा चुका है। सिंहस्थ पूर्व राशि स्वीकृत करने का अनुरोध किया गया। विधानसभा क्षेत्र की 12 ग्राम पंचायतों दलौदा सगरा, आक्या, कटलार, जमालपुरा, नंदावता, बादाखेड़ी, राकोदा, लालाखेड़ा, अघोरिया, भावगढ़, एलची और अरनिया निजामुद्दीन में नवीन मांगलिक भवन स्वीकृत करने की सूची भी मुख्यमंत्री को सौंपी गई। खजुरिया सारंग और निम्बोद स्कूल होंगे हायर सेकेंडरीग्रामीण विद्यार्थियों की शिक्षा को नई दिशा देने के लिए खजुरिया सारंग और निम्बोद के हाई स्कूलों को हायर सेकेंडरी विद्यालय में उन्नयन करने की मांग भी प्रमुखता से रखी गई। विधायक विपिन जैन ने कहा कि “मंदसौर के विकास में कोई कमी नहीं छोड़ी जाएगी। किसानों का हक, श्रद्धालुओं की सुविधा और युवाओं का भविष्य तीनों हमारी प्राथमिकता हैं।”
पुस्तक विमोचन समाचार: शिक्षाविद स्व. कमला अग्रवालजी की जीवनी
इंदौर, दिनांक 20 जनवरी, 2026: पश्चिमी इंदौर में 70 और 80 के दशक में 'बड़ी दीदी' के नाम से मशहूर, बाल विनय मंदिर छत्रीबाग की पूर्व प्राचार्य स्व. श्रीमती कमला अग्रवालजी की जीवनी का विमोचन हुआ। हमारी बड़ी दीदी– एक प्रेरक व्यक्तित्व पुस्तक उनके ...
उन्नाव में युवाओं को निःशुल्क AI शिक्षा:फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी कर रही आत्मनिर्भर बनाने की पहल
उन्नाव में युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी निःशुल्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा प्रदान कर रही है। यह पहल आधुनिक तकनीक से जुड़कर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने में सहायक है। वर्तमान में, नगर क्षेत्र में करीब 75 छात्र-छात्राएं इस केंद्र पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अकादमी का लक्ष्य उन युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा पहुंचाना है, जो आर्थिक कारणों से महंगे कोर्स नहीं कर पाते। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम टीचर दिव्या गुप्ता के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में छात्रों को एक वर्ष का AI आधारित कोर्स कराया जा रहा है। तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ, छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कम्युनिकेशन स्किल्स और इंग्लिश स्पीकिंग की विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि वे आत्मविश्वास और प्रभावी संवाद कौशल भी विकसित कर सकें। अकादमी में आधुनिक डिजिटल लर्निंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। छात्रों को प्रैक्टिकल तरीके से सीखने के लिए 10 लैपटॉप और 15 टैबलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन डिजिटल संसाधनों के माध्यम से छात्रों को रियल टाइम प्रोजेक्ट्स, ऑनलाइन टूल्स और AI से जुड़े नए प्रयोगों की जानकारी दी जाती है। फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी की कक्षाएं पुरवा नगर के मोहल्ला बेगमगंज में संचालित हो रही हैं। यहां स्थानीय युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों का कहना है कि इस कोर्स से उन्हें नई दिशा मिली है और वे भविष्य में तकनीकी क्षेत्र में बेहतर करियर की उम्मीद कर रहे हैं। अकादमी के क्षेत्रीय प्रबंधक अमित शुक्ला ने बताया कि संस्था का मुख्य लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार के योग्य बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में और अधिक छात्रों को जोड़ने तथा नए तकनीकी कोर्स शुरू करने की योजना है। फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी की यह पहल उन्नाव के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। उन्हें तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।
पूर्वोत्तर में उच्च शिक्षा का केंद्र बनकर उभर रहा त्रिपुरा: सीएम माणिक साहा
त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है, जहां सात विश्वविद्यालय, तीन इंजीनियरिंग कॉलेज, तीन मेडिकल कॉलेज और कई अन्य उच्च शिक्षा और व्यावसायिक संस्थान उच्च कुशल कार्यबल का उत्पादन कर रहे हैं।
रासा पंजाब ने आप शिक्षा विंग के पंजाब प्रधान गुलशन छाबड़ा का किया सम्मान
भास्कर न्यूज | अमृतसर रिकॉग्नाइज़्ड एंड एफिलिएटेड स्कूल एसोसिएशन (रजि.) रासा पंजाब की ओर से आप शिक्षा विंग के पंजाब प्रधान गुलशन छाबड़ा का विशेष रूप से सम्मान किया गया। इस दौैरान शिक्षा विंग के माझा जोन इंचार्ज सर्बजोत सिंह धंजल और हरपिंदर पाल सिंह संधू को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रासा पंजाब के अध्यक्ष जगतपाल महाजन, जनरल सेक्रेटरी सुजीत शर्मा बबलू, मुख्य सलाहकार जगजीत सिंह सहित रासा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के दौरान रासा के प्रतिनिधियों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों, निजी स्कूलों की समस्याओं और शिक्षा सुधारों को लेकर गुलशन छाबड़ा के साथ विस्तृत चर्चा की। गुलशन छाबड़ा ने रासा पंजाब को आश्वासन दिया कि स्कूलों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा तथा उन्हें उचित स्तर पर हल करवाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार और स्कूल प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।
मेडिकल शिक्षा विभाग; गणतंत्र दिवस पर सम्मान, अगले दिन थमाए नोटिस
मेडिकल शिक्षा विभाग की ओर से उल्लेखनीय काम करने वाले अधिकारियों को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया गया और अगले ही दिन काम में लापरवाही के कारण नोटिस जारी कर दिए। विभाग ने तीन अस्पतालों के अधीक्षकों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत भर्ती मरीजों के इलाज की एवज में उठाए जाने वाले क्लेम के रिजेक्ट होने पर नोटिस दिया है। विभाग की बनीपार्क सेटेलाइट अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीडी मीणा, सेठी कॉलोनी जयपुर के अधीक्षक डॉ. गोवर्धन मीणा, राज बहादुर मेमोरियल हॉस्पिटल भरतपुर के अधीक्षक डॉ. नगेन्द्र भदौरिया और अजमेर स्थित महिला चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. पूर्णिमा पंचौरी को सम्मानित किया गया था। गणतंत्र दिवस पर एक निजी क्षेत्र के व्यक्ति को सम्मानित करना भी चर्चा में है। मेडिकल शिक्षा विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल का कहना है कि सम्मान करना एक सामान्य प्रक्रिया है।
माध्यमिक शिक्षा में 10 साल बाद 50 हजार से अधिक पद बढ़ेंगे
सरकार 10 साल बाद माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न करने जा रही है। विभाग ने इसका खाका तैयार कर लिया है। अब सरकार को भेजेंगे। स्वीकृति मिलते ही लागू करने का काम शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि नए सत्र 2026-27 में यह लागू हो जाएगा। इससे पहले पिछली भाजपा सरकार में शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न लागू किया था। इसका मतलब है कि स्कूलों में नामांकन के हिसाब से पद देना। 10 साल पहले माध्यमिक शिक्षा में 20 लाख से अधिक नामांकन था। अब 50 लाख से अधिक है। ऐसे में शिक्षक व अन्य की संख्या में बढ़ोतरी तय है। नामांकन के हिसाब से देखा जाए तो स्कूलों में 50 हजार से अधिक पदों की बढ़ोतरी संभव है। शेष | पेज 8
मथुरा में प्रदेश सरकार की अटल आवासीय विद्यालय योजना के तहत आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह योजना श्रमिक वर्ग के बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने और उनके सुरक्षित भविष्य के निर्माण के उद्देश्य से चलाई जा रही है। सहायक श्रम आयुक्त एम.एल. पाल ने बताया कि कक्षा 5 से 8 तक के छात्र इस योजना के लिए आवेदन कर सकते हैं। योजना के अंतर्गत चयनित विद्यार्थियों को निःशुल्क शिक्षा के साथ-साथ आवास, भोजन, वस्त्र, पाठ्य सामग्री और अन्य आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। अटल आवासीय विद्यालयों में आधुनिक शैक्षिक संसाधन होंगे और बच्चों के शारीरिक, मानसिक व बौद्धिक विकास पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। अटल आवासीय विद्यालय योजना के लिए प्रवेश चयन परीक्षा 22 फरवरी 2026 को आयोजित की जाएगी। इसके लिए आवेदन पत्र 1 जनवरी से 31 जनवरी तक स्वीकार किए जाएंगे। पात्र श्रमिक अपने बच्चों के आवेदन संबंधित श्रम कार्यालय या विभाग द्वारा निर्धारित माध्यम से जमा कर सकते हैं। सहायक श्रम आयुक्त एम.एल. पाल ने श्रमिकों से इस योजना का अधिक से अधिक लाभ उठाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि यह योजना श्रमिक परिवारों के बच्चों के भविष्य को सुरक्षित और उज्ज्वल बनाने की दिशा में सरकार का एक महत्वपूर्ण प्रयास है। इससे आर्थिक कारणों से शिक्षा से वंचित रह जाने वाले बच्चों को भी उच्च गुणवत्ता की शिक्षा मिल सकेगी। श्रम विभाग का कहना है कि यह योजना श्रमिक वर्ग के बच्चों को समान अवसर प्रदान करेगी और उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मददगार साबित होगी। विभाग ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अंतिम तिथि का इंतजार किए बिना समय रहते आवेदन प्रक्रिया पूरी करें।
शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने
जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more
कोंच प्रखंड के श्री गांव में बच्चों के सर्वांगीण विकास और रचनात्मकता को बढ़ावा देने के उद्देश्य से गुरुवार को एक बाल मेले का आयोजन किया गया। श्रीगांव प्राथमिक विद्यालय में आयोजित इस मेले का उद्घाटन प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन ने दीप प्रज्वलित कर किया। यह बाल मेला गुरुवार शाम चार बजे शुरू हुआ। इस अवसर पर विद्यालय के प्रधानाध्यापक विजेंद्र यादव, शिक्षक भूपेंद्र कुमार और श्री गांव पंचायत के उप मुखिया पति लालू यादव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। विद्यालय के समस्त शिक्षक, आंगनबाड़ी सेविका, सहायिका और स्थानीय व्यक्ति मनोज वर्मा ने भी कार्यक्रम में अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। बच्चों ने किया अपनी प्रतिभाओं का प्रदर्शन बाल मेले में बच्चों ने विभिन्न स्टॉल लगाए और अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी डॉ. अभय रमन ने इस अवसर पर कहा कि ऐसे आयोजनों से बच्चों में आत्मविश्वास बढ़ता है और वे पढ़ाई के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान भी सीखते हैं। श्री गांव के ग्रामीणों और अभिभावकों ने भी मेले का भरपूर आनंद लिया और बच्चों के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने बताया कि बाल मेलों का आयोजन सरकारी निर्देशों के तहत किया जा रहा है। इस मेले ने बच्चों को खुशी देने के साथ-साथ समुदाय को विद्यालय से जोड़ने का एक सशक्त मंच भी प्रदान किया।
UGC को लेकर गाजियाबाद में आज गुरुवार को भी विरोध प्रदर्शन हुए। जहां कलेक्ट्रेट में महिलाओं ने दिन भर प्रदर्शन कर नारेबाजी की। इस मामले में डासना मंदिर के प्रमुख और जूना अखाड़े के महामंडलेश्वर यतिर नसिंहानंद ने एक बार फिर विवादित बयान दिया है। उन्होंने कहा कि यदि देश के कानून में दम होता तो जातीय नरसंहार की योजना बनाने वाले धर्मेंद्र प्रधान और उसके राजनीतिक आकाओं को फांसी की सजा दी जाती। नरसिंहानंद ने यूजीसी पर यह बयान केंद्रीय शिक्षामंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने देश को गृहयुद्ध से बचा लिया यति नरसिंहानंद गिरी ने वीडियो बयान जारी करते हुए सुप्रीम कोर्ट का बहुत बहुत धन्यवाद। सुप्रीम कोर्ट ने पूरे देश को गृहयुद्ध से बचा लिया। जो आज की टिप्पणी है, वह उनके लिए जिन्होंने यूजीसी एक्ट बनाया उनके मुंह पर थप्पड़ के समान है। जो लोग इस देश को जातीय गृहयुद्ध के लिए धकेल रहे थे, उनमें यदि शर्म होगी तो उन्हें यह टिप्पणी बहुत चुभेगी। जो भी लोग इस लड़ाई में लड़े, उनके लिए बहुत बहुत साधुवाद। मैंने तो इस कानून के बारे में जाना। इस कानून के बारे में बात करनी आरंभ की। बहुत लोग इस विनाशकारी काले कानून के बारे में जानें। वे सभी लोग जो अपने बच्चों के भविष्य के लिए सोशल मीडिया पर लड़े, जो लोग जमीन पर उतरकर लड़े उनके लिए भी बहुत बहुत साधुवाद। जो लोग इन जातियों में पैदा हुए। इन जातियों के बूते पर नेता बने, विधायक बने, सांसद बने। लेकिन अपने लोगों और बच्चों के भविष्य के बारे में एक शब्द नहीं बोल सके, लानत है। धन्य है तुम्हारी माताएं, धन्य हैं वह पिता जो ऐसे बेटों को पैदा करते हैं। अलंकार अग्निहोत्री लाख गुना अच्छा है यति नरसिंहानंद ने आगे कहा यदि तुम जैसे बेटे पैदा होते ही नपेत हो जाते तो धरती या तुम्हारे वंश का कोई नुकसान नहीं होता। क्योंकि तुम केवल कुलकलंक और कुलघातक है। तुमसे से लाख गुना अच्छा अलंकार अग्निहोत्री है, जो अपनी मेहनत से सिटी मजिस्ट्रेट बना, जिसने न झुकते हुए अपने पद से इस्तीफा दिया। मैं राकेश टिकैत और उनके जैसे बहुत सारे लोग जिनके बच्चे इस योजना से लाभान्वित होने थे। लेकिन उन्होंने फिर भी सत्य और न्याय का साथ दिया है। मेरे बहुत सारे शिष्य यादव हैं। बहुत सारे शिष्य खुलकर सामने आए और मेरे साथ खड़े हैं। धर्मेंद्र प्रधान जैसे फांसी पर टंगते यह समय है सनातन धर्म के लिए लड़ने का। हिंदुओं एक बात याद रखो, धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोग और उसके राजनीतिक आंका जिन्होंने यह कानून बनाया। अगर किसी ईमानदार देश में होते तो इन पर नरसंहार की तैयारी का आरोप लगता, और इनकी सारी जिंदगी जेल में जाती। या यह फांसी पर टंगते। भारत में यह तो कभी भी नहीं होगा, कि कोई धर्मेंद्र प्रधान या उसके राजनीतिक आकाओं से यह पूछ सके कि तुमने यह कानून बनाया क्यों। लेकिन भगवान की अदालत है, मेरी मां की अदालत है, मेरे महादेव की अदालत है। उनमें इनकी, धर्मेंद्र प्रधान जैसे लोगों की और उनके राजनीतिक आकाओं की सजा निश्चित की जायेंगी, और इन्हें सजा जरूर मिलेगी।
यूपी में माध्यमिक और प्राइमरी स्कूलों के टीचर्स और कर्मचारी अब 5 लाख रुपए तक कैशलेस इलाज करा पाएंगे। इससे करीब 10 लाख से अधिक कर्मचारियों को फायदा मिलेगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग के एडेड और सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षकों को कैशलेस इलाज मिलेगा। यह नियम बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों भी लागू होगा। बेसिक शिक्षा विभाग से फाइनेंस और सेल्फ फाइनेंस स्कूलों के शिक्षक, शिक्षा मित्रों, विशेष शिक्षक, अनुदेशक, कस्तूरबा गांधी विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक, अंशकालिक शिक्षकों और प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकार कैशलेस इलाज की सुविधा देगी। इसके अलावा, मेरठ के मवाना गोसाईं में 107 बांग्लादेशी विस्थापित हिंदू परिवार को विस्थापित और सीएम फेलोशिप वालों को सरकारी नौकरी में अधिकतम आयु सीमा में तीन साल की छूट देने को मंजूरी दी गई। एक साल फेलोशिप वालों को लिखित परीक्षा में 1.5 अंक, दो साल वालों को 3 अंक और तीन साल वालों को 4.5 बोनस अंक दिए जाएंगे। इससे पहले, सीएम योगी की अध्यक्षता में गुरुवार को कैबिनेट बैठक में कुल 29 प्रस्ताव पास हुए। वित्त मंत्री सुरेश खन्ना ने बताया कि कैबिनेट में 32 प्रस्ताव पर चर्चा हुई। 3 प्रस्ताव आउट ऑफ एजेंडा थे। यह भी बताया गया कि विधानसभा का बजट सत्र 9 फरवरी से होगा। 9 फरवरी को राज्यपाल का अभिभाषण होगा। 10 फरवरी को दो विधायकों के निधन पर शोक प्रस्ताव के बाद सदन स्थगित कर दिया जाएगा। इसके अगले दिन यानी 11 फरवरी को बजट पेश किया जाएगा। अब अन्य प्रस्तावों को जानिए… नोएडा में बनेगा मेट्रोपोलेटन कारपोरेशन बरेली में विज्ञान पार्क बनाया जाएगा बांग्लादेशी हिंदू बंगाली परिवारों को बसाएगी सरकार ------------- यह खबर भी पढ़िए:- बरेली सिटी मजिस्ट्रेट का कनपटी पर बंदूक रखने का इशारा:पहले विक्ट्री साइन दिखाई, फिर जान को खतरा जताया; समर्थक पुलिसवालों से भिड़े अविमुक्तेश्वरानंद के अपमान के विरोध में इस्तीफा देने वाले बरेली के सिटी मजिस्ट्रेट अलंकार अग्निहोत्री को पुलिस उनके आवास से लेकर गई। गेट पर मजिस्ट्रेट के 400 समर्थक जुट गए। जैसे ही तीन गाड़ियां बाहर निकलीं, समर्थक गाड़ियों के सामने लेट गए। वे नारेबाजी करने लगे और कुछ लोग कारों पर चढ़ गए। इस दौरान उनकी पुलिस से धक्का-मुक्की भी हुई। एक इंस्पेक्टर के ऊपर अलंकार का समर्थक गिर पड़ा। दोनों सड़क पर औंधे मुंह गिर गए। इंस्पेक्टर ने वर्दी पर हाथ डालने और स्टार नोचने का आरोप लगाया। हाथापाई की नौबत आ गई। लोगों ने बीच-बचाव कराया। पढ़ें पूरी खबर…
अयोध्या जिला जेल से दो कैदी दीवार तोड़कर फरार हो गए। दोनों स्पेशल सेल में बंद थे। दोनों ने रातभर में सेल की पीछे की दीवार की 25-30 ईंटें उखाड़ीं। भागकर जेल की बाउंड्री वॉल तक गए। फिर कंबल और मफलर से रस्सी बनाकर 20 फीट ऊंची दीवार फांद गए। कैदियों के भागने की खबर लगते ही हड़कंप मच गया। आला अधिकारी मौके पर पहुंचे। फरार कैदियों की पहचान गोलू अग्रहरि उर्फ सूरज और शेर अली उर्फ रफीक अली के रूप में हुई है। गोलू अमेठी और रफीक सुलतानपुर का रहने वाला है। दोनों हत्या और रेप के आरोप में बंद थे। डीजी जेल पीसी मीणा ने बड़ी कार्रवाई करते हुए जेल के वरिष्ठ अधीक्षक यूपी मिश्रा, जेलर जेके यादव, डिप्टी जेलर मयंक त्रिपाठी, एक हेड वार्डर और तीन वार्डर को सस्पेंड कर दिया। विभागीय जांच के आदेश भी दिए। डीएम निखिल टीकाराम फुंडे और एसएसपी डॉक्टर गौरव ग्रोवर जिला जेल पहुंचे। जेल का निरीक्षण किया और अधिकारियों से मामले की जानकारी ली। पहले सिलसिलेवार तरीके से पूरा मामला समझ लीजिए... जेल की दीवार तोड़कर भागेपुलिस के मुताबिक, दोनों कैदी जेल की स्पेशल सेल नंबर-एक की 4 नंबर कोठरी में बंद थे। बुधवार की शाम 6 बजे बैरक को बंद किया गया। उस वक्त तक दोनों कैदी बैरक में ही थे। आज सुबह यानी गुरुवार सुबह 6 बजे कैदियों की गिनती शुरू हुई। इसमें कैदियों को नाम बुलाया गया तो दोनों कैदी नहीं मिले। इसके बाद टीम ने अंदर जाकर देखा तो जेल के पीछे की दीवार पर लगे जंगले से कुछ ईटें निकली दिखाई पड़ी। यानी दोनों दीवार तोड़कर भाग गए। टीम पहुंची तो जंगले की लगभग 25 से 30 ईंटें निकली पाई गईं। जेल में जगह-जगह सर्च किया गया। सीसीटीवी चेक किया गया, लेकिन कुछ पता नहीं चल पाया। पुलिस का मानना है कि कोठरी के पीछे की दीवार पर लगे जंगले से जिस तरह से ईंटें निकाली गई हैं और कंबल-मफलर के सहारे रस्सी बनाई गई है, उससे लग रहा है कि दोनों लंबे समय से जेल ब्रेक करने की तैयारी कर रहे थे। अब 4 AI तस्वीरों की मदद से पूरी वारदात देखिए... अब कैदियों के बारे में जानिए कैदी शेर अली पुत्र रफीक अली, निवासी अमरे मऊ, सुलतानपुर और गोलू अग्रहरि पुत्र साधूराम, निवासी मुसाफिर खाना, अमेठी के रहने वाले हैं। गोलू पर अमेठी और अयोध्या में पॉक्सो समेत कई मामले दर्ज हैं। शेर अली पर अयोध्या, जौनपुर, सुलतानपुर में हत्या समेत 11 मामले दर्ज हैं। उसकी हिस्ट्रीशीट नंबर HS 24A है। सीओ कादीपुर ने बताया- पत्नी ने उसे छोड़ रखा है, रिश्तेदारी में पुलिस टीम दबिश दे रही है। ---------------------- ये खबर भी पढ़िए दरोगा की पिस्टल छिनकर भाग रहा बदमाश अरबाज मारा गया:सीने में गोली लगी, आगरा में पुलिस तमंचा बरामद कराने ले गई थी आगरा में राज चौहान मर्डर केस में गिरफ्तार अरबाज खान उर्फ मंसूरी को पुलिस ने एनकाउंटर में ढेर कर दिया। पुलिस अरबाज को मर्डर में इस्तेमाल तमंचे की बरामदगी के लिए रात 2 बजे ले गई थी। डीसीपी सिटी सैय्यद अली अब्बास ने बताया- अरबाज को जीप से उतारकर 6 पुलिसकर्मी ले जा रहे थे, तभी अचानक उनसे दरोगा को धक्का देकर उनकी सरकारी पिस्टल छीन ली। पूरी खबर पढ़िए
हाईकोर्ट ने विशेष शिक्षा सहायक आचार्य नियुक्ति में आरक्षण मामले में मांगा जवाब
झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को विशेष शिक्षा सहायक आचार्य संवर्ग नियुक्ति में आरक्षण को लेकर दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। चीफ जस्टिस एमएस सोनक और जस्टिस राजेश शंकर की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद राज्य सरकार और जेएसएससी से जवाब मांगा है। अदालत ने कहा है कि इस मामले में कोर्ट के अंतिम आदेश से नियुक्ति प्रक्रिया प्रभावित होगी। इससे पूर्व प्रार्थी जाहिद इकबाल एवं अन्य की ओर से अदालत को बताया गया कि उक्त विशेष शिक्षकों के लिए केंद्र की नियमावली में आरक्षित कोटा के अभ्यर्थियों को शैक्षणिक योग्यता (मार्क्स) में 5% छूट दिए जाने का नियम है। लेकिन राज्य सरकार की ओर से जारी विज्ञापन में उक्त शर्त को नहीं रखा गया है। ऐसे में आरक्षित श्रेणी के अभ्यर्थी आवेदन नहीं कर पा रहे हैं। इस नियुक्ति के लिए पांच फरवरी अंतिम तिथि है। जेएसएससी की ओर से अधिवक्ता संजय पिपरवाल एवं प्रिंस कुमार सिंह ने कोर्ट को बताया कि नियुक्ति नियमावली बनाने का अधिकार राज्य सरकार को है। मामले की अगली सुनवाई 6 सप्ताह बाद होगी। नवीन केडिया की जमानत पर फैसला सुरक्षित झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को छत्तीसगढ़ के शराब कारोबारी नवीन केडिया की जमानत याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस एसके द्विवेदी की अदालत ने दलील सुनने के बाद फैसला सुरक्षित रख लिया। मालूत हो कि नवीन केडिया के फरार होने के बाद उसके विरुद्ध लुक आउट नोटिस जारी किया गया है। आईएलएस छात्रों की याचिका पर 4 हफ्ते में आरयू प्रशासन को जवाब देने का निर्देश झारखंड हाईकोर्ट में बुधवार को आरयू के अंतर्गत संचालित इंस्टीच्युट ऑफ लीगल स्टडीज (आईएलएस) के छात्रों की ओर से दाखिल याचिका पर सुनवाई हुई। जस्टिस राजेश कुमार की अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद आरयू प्रशासन को चार सप्ताह के अंदर जवाब दाखिल करने का निर्देश दिया है। मालूम हो कि आईएलएस के छात्र अंबेश चौबे, आर्यन देव, तुषार दुबे और देवेश नंद तिवारी सहित अन्य छात्रों की ओर से यह याचिका दाखिल की है। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय की ओर से उन्हें नियमों के खिलाफ गलत डिग्रियां दी जा रही हैं। लंबे समय से उठाई जा रही उनकी समस्याओं और मांगों को विश्वविद्यालय प्रशासन लगातार नजरअंदाज करता रहा है।
प्रदेश में माध्यमिक शिक्षा विभाग के सहायता प्राप्त विद्यालयों के शिक्षकों और स्ववित्तपोषित माध्यमिक विद्यालयों के शिक्षकों को भी कैशलेस चिकित्सा सुविधा दी जाएगी। वहीं बेसिक शिक्षा परिषद के स्कूलों, परिषद से मान्यता प्राप्त अनुदानित और स्ववित्त पोषित शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, विशेष शिक्षक, अनुदेशकों, कस्तूरबागांधी विद्यालयों की वार्डेन, पूर्णकालिक, अंशकालिक शिक्षकों और प्रधानमंत्री पोषण योजना के रसोइयों और उनके आश्रित परिवार के सदस्यों को सरकार कैशलेस चिकित्सा सुविधा देगी। विधानसभा चुनाव से पहले यह योगी सरकार का मास्टर स्ट्रोक होगा। माध्यमिक शिक्षा विभाग और बेसिक शिक्षा परिषद के करीब दस लाख से अधिक शिक्षकों, शिक्षा मित्रों, अनुदेशकों को इसका लाभ मिलेगा। सीएम योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बृहस्तपतिवार को होने वाली कैबिनेट बैठक में यह दोनों प्रस्ताव सहित कुल 29 प्रस्ताव पर चर्चा होगी। मुख्य सचिव एसपी गोयल ने लोक भवन में होने वाली कैबिनेट बैठक का एजेंडा जारी किया है। नोएडा में बनेगा मेट्रोपोलेटन कारपोरेशन अवस्थापना एवं औद्योगिक विकास विभाग की ओर से उच्चतम न्यायालय, नई दिल्ली में योजित Special Leave to Appeal (Crl.) No (s).1251/2023 VIRENDRA SINGH NAGAR VS STATE OF UTTAR PRADESH ANR के तहत सुप्रीम कोर्ट के आदेश से नोएडा में मेट्रोपोलेटन कारपोरेशन बनाया जाएगा। अटल नवीकरण और शहरी रुपांतरण मिशन 2.0 (अमृत2.0) योजना के तहत गोरखपुर नगर निगम में सीवरेज योजना जोन ए-3 से संबंधित परियोजना के लिए 721 करोड़ 40 लाख 41 हजार रुपए के व्यय का अनुमोदन किया जाएगा। अटल नवीकरण और शहरी रुपांतरण मिशन 2.0 (अमृत2.0) योजना के तहत वाराणसी में नगर निगम में सीवरेज से 18 अत्यधिक प्रभावित वार्डों में से दुर्गाकुंड, नरिया सरायनंदन, जोल्हा, उत्तरी, भेलूपुर वार्ड में सीवरेज लाइन बिछाने और गृह संयोजन के लिए 266 करोड़ 49 लाख 44 हजार रुपए के व्यय का अनुमोदन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश नगर निगम (आकाश चिन्ह और विज्ञापनों का विनियमन ) नियमावली 2026 को मंजूरी मिल सकती है। उत्तर प्रदेश शहरी पुनर्विकास नीति 2026 लागू करने का प्रस्ताव। शहरी क्षेत्रों में अवस्थापना सुविधाओं के विकास के लिए वित्त पोषण के रूप में विकास शुल्क की संशोधित प्रणाली लागू करने और उत्तर प्रदेश नगर योजना और विकास (विकास शुल्क निर्धारण, उद्हरण एवं संग्रहण) नियमावली 2014 में संशोधन का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। राजस्व में अभिवृद्धि एवं परिवहन विभाग के कर ढांचे में परिवर्तन किये जाने के प्रयोजनार्थ उत्तर प्रदेश मोटरयान कराधान अधिनियम, 1997 (यथा संशोधित, 2025) की धारा-4 की उपधारा (1-क) एवं उपधारा (2) के अन्तर्गत निर्गत एवं समय समय पर यथासंशोधित अधिसूचनाओं को अवक्रमित करते हुए नवीन अधिसूचनाएं निर्गत किये जाने के सम्बन्ध में। (2) उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रिक वाहन विनिर्माण एवं गतिशीलता नीति, 2022 (यथासंशोधित, 2025) के क्रम में शुद्ध इलेक्ट्रिक वाहनों को पंजीकरण शुल्क में छूट दिए जाने सम्बन्धी निर्गत अधिसूचना के प्रख्यापन पर कार्योत्तर अनुमोदन प्राप्त किये जाने के सम्बन्ध में। (3) परिवहन विभाग के अंर्तगत फेसलेस सेवाएं उपलब्ध कराने हेतु उत्तर प्रदेश मोटर यान नियमावली, 1998 में परिवहन विभाग की 04 सेवाओं-ड्राइविंग लाइसेंस में जन्मतिथि बदलना, पहाड़ी क्षेत्र में वाहन को चलाने की अनुमति, पंजीकरण संख्या का प्रतिधारण (रिटेंशन) एवं गैर उपयोग सूचना परमिट सम्बन्धी उपबंध किये जाने के संबंध में। उत्तर प्रदेश परिवहन सेवा (सप्तम संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिल सकती है। प्रदेश में सहायक मोटर यान निरीक्षक के नवस्जित 351 पद के लिए उपबंध करने के लिए उत्तर प्रदेश परिवहन (अधीनस्थ) प्राविधिक सेवा (षष्टम संशोधन) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिल सकती है। बरेली में विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला की स्थापना कराने के लिए बरेली विकास प्राधिकरण, बरेली, उत्तर प्रदेश को कार्यदायी संस्था नामित किया जाएगा। मुरादाबाद में विज्ञान पार्क एवं नक्षत्रशाला की स्थापना किए जाने के लिए मुरादाबाद विकास प्राधिकरण, मुरादाबाद, उत्तर प्रदेश को कार्यदायी संस्था नामित करने का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। उत्तर प्रदेश लोक सेवाओं (प्रतियोगी परीक्षा के लिए मुख्यमंत्री अध्येतावृति के अनुसंधानविदो के लिए आयु सीमा एवं अधिमान का शिथिलीकरण) नियमावली, 2026 को मंजूरी मिल सकती है। उत्तर प्रदेश सिविल सेवा (कार्यकारी शाखा) नियमावली, 1982 में संशोधन का प्रस्ताव। उत्तर प्रदेश न्यायिक सेवा नियमावली, 2001 में सप्तम संशोधन का प्रस्ताव। 16- दि गंगा किसान सहकारी चीनी मिल लि. मोरना, जनपद-मुजफ्फरनगर की पेराई क्षमता विस्तार, तकनीकी अपग्रेडेशन एवं आधुनिकीकरण करते हुए नई चीनी मिल स्थापना करने का प्रस्ताव। सहकारी चीनी मिल्स संघ लि. को आगामी पेराई सत्र 2025-2026 में गन्ना मूल्य भुगतान हेतु उत्तर प्रदेश राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम द्वारा उपलब्ध कराए जाने वाले ऋण की व्यवस्था के लिए शासकीय गारण्टी प्रदान करने एवं उक्त शासकीय गारण्टी पर देय गारण्टी शुल्क को माफ करने का प्रस्ताव। नॉएडा इन्टरनेशनल एयरपोर्ट, जेवर के भविष्य में विस्तारीकरण (स्टेज-2/ फेज-1) एवं (स्टेज-2/फेज-2 व स्टेज-2/फेज-3) के लिए भूमि अधिग्रहण का प्रस्ताव। निदेशक, सहकारी समितियां एवं पंचायत लेखा परीक्षा, निदेशालय लखनऊ का त्रिस्तरीय पंचायती राज संस्थाओं का वार्षिक प्रतिवेदन वर्ष 2020-21 (भाग 1 से 9 तक) को राज्य विधान मण्डल के समक्ष प्रस्तुत करने का प्रस्ताव मंजूर हो सकता है। लखनऊ-हरदोई में प्रस्तावित पी०एम० मित्रा टेक्सटाइल पार्क के लिए औद्योगिक जलापूर्ति के लिए 16 एम०एल०डी० टी.टी.पी. के निर्माण, स्वच्छ जलापूर्ति (गोमती नदी से) के लिए 8.25 एम.एल. डी. इन्टेकवेल एवं राइजिंग मेन तथा स्वच्छ जलापूर्ति (भू-गर्भ जल से) के लिये 4.50 एम.एल. डी. ट्यूबवेल, पम्प हाउस एवं राइजिंग मेन से सम्बन्धित प्रायोजना के लिए 458 करोड़ 50 लाख 11 हजार रुपए का अनुमोदन हो सकता है। -उत्तर प्रदेश ईंट भट्ठा (स्थापना हेतु स्थल मापदण्ड) (प्रथम संशोधन), नियमावली, 2026 को मंजूर मिल सकती है। उत्तर प्रदेश इलेक्ट्रानिक्स विनिर्माण नीति-2020 में संशोधन करने का प्रस्ताव। वाराणसी/चन्दौली में मोहनसराय उपाध्याय नगर चकिया मार्ग (राज्य मार्ग सं0-120) के चैनेज 21.000 से चैनेज 32.235 तक 04/06 लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण (लम्बाई 11.235 कि0मी0) कार्य की पुनरीक्षित प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल सकती है। देवरिया में देवरिया कसया मार्ग (राज्य मार्ग संख्या-79) के चैनेज 1.600 से चैनेज 33.100 तक (लम्बाई 31.500 कि0मी0) 4 लेन में चौड़ीकरण एवं सुदृढ़ीकरण कार्य की प्रशासकीय एवं वित्तीय स्वीकृति मिल सकती है। उत्तर प्रदेश राज्य में उप निबन्धक कार्यालयों में पंजीकृत विलेखों का डिजिटाइज़ेशन किया जाएगा। प्रदेश के उप खनिजों के स्वामित्व (रायल्टी) की दर एवं वार्षिक अपरिहार्य भाटक (डेडरेन्ट) की दरों में संशोधन किये जाने हेतु उत्तर प्रदेश उप खनिज (परिहार) नियमावली, 2021 में द्वितीय संशोधन किया जाएगा। राजस्व ग्राम भरधापुर, ग्राम पंचायत आम्बा, परगना, धर्मापुर, तहसील मिहींपुरवा (मोतीपुर) जनपद बहराइच में आपदा प्रभावित परिवारों को विस्थापित कर पुनर्वासित करने के लिए अपेक्षित भूमि की व्यवस्था एवं उक्त भूमि को आपदा प्रभावित परिवारों को आवंटित करते हुए उस पर अवस्थापना संबंधी अन्य विविध सुविधाएं दी जाएंगी। पूर्वी पाकिस्तान (बांग्लादेश) से विस्थापित हिन्दू बंगाली परिवारों के पुनर्वासन की व्यवस्था सरकार करेगी।
UGC द्वारा लागू की जा रही नई नीतियों के विरोध में सर्वण समाज, आगरा की ओर से मंगलवार को शांतिपूर्ण कैंडल मार्च का आयोजन किया गया। यह मार्च शाम 5 बजे शहीद स्मारक, संजय पैलेस से शुरू हुआ, जिसमें शिक्षकों, छात्रों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और बड़ी संख्या में जागरूक नागरिकों ने भाग लिया। आयोजकों का कहना है कि UGC की नई नीतियां शिक्षा के मूल सिद्धांतों, समानता के अधिकार और संविधान की भावना के खिलाफ हैं। उनका आरोप है कि इन प्रावधानों से समाज में विभाजन बढ़ेगा और इसका सीधा असर छात्रों, शिक्षकों तथा शैक्षणिक संस्थानों के अधिकारों पर पड़ेगा। कैंडल मार्च के दौरान प्रतिभागियों ने हाथों में मोमबत्तियां लेकर शिक्षा व्यवस्था में किसी भी प्रकार के भेदभाव और मनमानी का विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शनकारियों ने स्पष्ट किया कि यह आंदोलन किसी एक वर्ग तक सीमित नहीं है, बल्कि देश की शिक्षा व्यवस्था, लोकतांत्रिक मूल्यों और आने वाली पीढ़ी के भविष्य से जुड़ा हुआ है। सर्वण समाज, आगरा ने शहर के शिक्षकों, छात्रों, अभिभावकों और सामाजिक संगठनों से अपील की कि वे इस शांतिपूर्ण जनांदोलन में बढ़-चढ़कर समर्थन दें। कैंडल मार्च में कपिल बाजपेई, डॉ. मदन मोहन शर्मा, दिलीप बंसल, डॉ. मुनेश्वर गुप्ता सहित कई प्रमुख सामाजिक लोग मौजूद रहे।
सीडीओ ने शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की:मैनपुरी में 4909 छात्रों को नहीं मिली धनराशि, जताया असंतोष
मुख्य विकास अधिकारी नेहा बंधु ने जिला शिक्षा एवं अनुश्रवण समिति की बैठक में शिक्षा व्यवस्था की समीक्षा की। उन्होंने जिला बेसिक शिक्षाधिकारी, खंड शिक्षाधिकारियों और जिला समन्वयक को विद्यालयों का मानक के अनुसार निरीक्षण करने तथा शिक्षकों व छात्रों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान मुख्य विकास अधिकारी ने असंतोष व्यक्त किया कि जनपद के 4909 छात्रों के खातों में अभी तक धनराशि नहीं भेजी जा सकी है। सर्वाधिक छात्र करहल और जागीर खंड शिक्षा क्षेत्र में 14-14 प्रतिशत तथा किशनी में 07 प्रतिशत शेष हैं। उन्होंने संबंधित खंड अधिकारियों को छात्रों के अभिभावकों की आधार सीडिंग कराकर धनराशि खातों में भेजने के निर्देश दिए। ऑपरेशन कायाकल्प की समीक्षा में पाया गया कि जनपद के अधिकांश विद्यालय 19 पैरामीटर पर संतृप्त हो चुके हैं। हालांकि, 129 विद्यालयों में दिव्यांग शौचालय, 36 में टाइलीकरण, 51 में किचन सेट और कुछ विद्यालयों में बालक व बालिका यूरिनल का कार्य शेष है। नगर क्षेत्र के नगला सेवारामपुर, गणेशपुरा, नगला खीजा, नगला मूले और नगरिया देहात के कुछ विद्यालयों में बाउंड्रीवॉल का कार्य भी अधूरा है। सीडीओ ने इन पांचों विद्यालयों की बाउंड्रीवॉल का आकलन तैयार कर प्रस्तुत करने के निर्देश दिए। उन्होंने बेसिक शिक्षा विभाग के अधिकारियों को 06 फरवरी तक होने वाली निपुण आकलन परीक्षा की तैयारी पर विशेष ध्यान देने को कहा। कक्षा-01 और 02 के छात्रों का आकलन डायट द्वारा निर्धारित ऐप के माध्यम से किया जाएगा। खंड शिक्षाधिकारियों को बच्चों में परीक्षा का भय न पैदा होने देने और निरंतर रिवीजन व अभ्यास कराने के निर्देश दिए गए। मध्याह्न भोजन योजना के तहत बच्चों को समय पर भोजन, मौसमी फल और दूध उपलब्ध कराने के साथ ही मसाले व तेल की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान देने के निर्देश भी दिए गए। बैठक में मुख्य चिकित्साधिकारी डॉ. आर.सी. गुप्ता, जिला विद्यालय निरीक्षक सतीश कुमार, जिला बेसिक शिक्षाधिकारी दीपिका गुप्ता, जिला पूर्ति अधिकारी रमन मिश्रा, जिला प्रोबेशन अधिकारी राजनाथ राम, प्राचार्य डायट मनमोहन शर्मा और समस्त खंड शिक्षा अधिकारी उपस्थित रहे।
शिक्षक भर्ती 2023 में सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर नियुक्ति की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे डीएड-बीएड संघ के अभ्यर्थियों ने आज शिक्षा मंत्री के बंगले का घेराव किया। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे एक डीएड अभ्यर्थी की अचानक तबीयत बिगड़ गई और वह बेहोश होकर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोगों ने उसे तत्काल अस्पताल पहुंचाया। 24 दिसंबर से जारी है आंदोलन डीएड-बीएड संघ के अभ्यर्थी 24 दिसंबर से लगातार अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। अभ्यर्थियों का कहना है कि शिक्षक भर्ती 2023 में सहायक शिक्षक के सैकड़ों पद खाली हैं, लेकिन अब तक नियुक्ति प्रक्रिया शुरू नहीं की गई है। इसी मांग को लेकर वे पहले अनिश्चितकालीन अनशन और अब मौन व्रत पर बैठे हैं। हाईकोर्ट के आदेश के बाद भी कार्रवाई नहीं छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन ने भी शिक्षा विभाग से हस्तक्षेप की मांग की है। संगठन के पदाधिकारियों ने बताया कि याचिका क्रमांक WPS 3052/2025, 3999/2025 और 3946/2025 में हाईकोर्ट ने 26 सितंबर 2025 को सहायक शिक्षक के रिक्त पदों पर जल्द नियुक्ति प्रक्रिया शुरू करने के आदेश दिए थे। इसके बावजूद अब तक कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया, जिससे अभ्यर्थियों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। विधानसभा में भी उठ चुका है मामला 17 दिसंबर को विधानसभा सत्र के दौरान भाजपा विधायक रिकेश सेन ने शिक्षा मंत्री से पूछा था कि सुप्रीम कोर्ट और हाईकोर्ट के आदेश के बाद कितने बीएड सहायक शिक्षकों को हटाया गया और उनके स्थान पर कितने डीएड अभ्यर्थियों को नियुक्ति दी गई। इस पर शिक्षा मंत्री ने जवाब दिया था कि 2621 बीएड सहायक शिक्षकों को बर्खास्त किया गया है। इनमें से 1319 पदों पर डीएड अभ्यर्थियों की नियुक्ति हो चुकी है, जबकि 1302 पद अब भी रिक्त हैं। हालांकि, इन पदों पर भर्ती की समय-सीमा को लेकर मंत्री स्पष्ट जवाब नहीं दे सके। 1:3 के अनुपात में भर्ती की मांग शिक्षा मंत्री के जवाब से असंतुष्ट डीएड अभ्यर्थी 24 दिसंबर से रायपुर के तूता धरना स्थल पर आमरण अनशन पर बैठे हैं। छत्तीसगढ़ टीचर्स एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष संजय शर्मा सहित अन्य पदाधिकारियों ने मांग की है कि हाईकोर्ट के आदेशों का तत्काल पालन किया जाए शिक्षक भर्ती 2023 के सभी 2300 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाए 1:3 के अनुपात में भर्ती प्रक्रिया तुरंत शुरू की जाए अभ्यर्थियों का कहना है कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, उनका आंदोलन जारी रहेगा।
जहानाबाद जिले में शिक्षकों की अनियमित प्रतिनियुक्ति पर जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) सरस्वती कुमारी ने कड़ा रुख अपनाया है। डीईओ ने सभी प्रतिनियुक्त शिक्षकों को 24 घंटे के भीतर अपने मूल विद्यालय में योगदान सुनिश्चित करने का स्पष्ट आदेश जारी किया है। यह कदम सोशल मीडिया सहित विभिन्न माध्यमों से लगातार मिल रही शिकायतों के बाद उठाया गया है। जारी आदेश में बताया गया है कि जिले के विभिन्न प्रखंडों में लंबे समय से नियमों के विरुद्ध शिक्षकों की प्रतिनियुक्ति की जा रही थी। इस अनियमितता का सीधा असर मूल विद्यालयों की शैक्षणिक व्यवस्था पर पड़ रहा था। इससे छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही थी और विद्यालयों का नियमित संचालन प्रभावित हो रहा था। स्वीकृति के बिना कार्यालयों में कार्यरत पाए गए शिक्षक जिला शिक्षा पदाधिकारी सरस्वती कुमारी ने स्पष्ट किया है कि विभागीय दिशा-निर्देशों के अनुसार, केवल विशेष परिस्थितियों में ही प्रतिनियुक्ति की अनुमति दी जाती है। हालांकि, कई मामलों में सक्षम प्राधिकार की स्वीकृति के बिना ही शिक्षक अन्य विद्यालयों अथवा कार्यालयों में कार्यरत पाए गए हैं। ऐसे सभी शिक्षकों को आदेश जारी होने के 24 घंटे के भीतर अपने मूल विद्यालय में योगदान देना अनिवार्य होगा। आदेश में यह भी चेतावनी दी गई है कि यदि किसी शिक्षक द्वारा इस निर्देश का अनुपालन नहीं किया जाता है और वे बिना अनुमति अन्यत्र कार्यरत पाए जाते हैं, तो इसकी जवाबदेही संबंधित प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी, प्रधानाध्यापक और संबंधित शिक्षक की होगी। ऐसे मामलों में शिक्षा विभाग द्वारा वेतन भुगतान की जिम्मेदारी नहीं ली जाएगी। विद्यालयों का औचक निरीक्षण करने का निर्देश डीईओ ने सभी प्रखंड शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया है कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में विद्यालयों का औचक निरीक्षण कर यह सुनिश्चित करें कि कोई भी शिक्षक अनधिकृत रूप से प्रतिनियुक्त नहीं है। शिक्षा विभाग के इस कदम को जिले में शैक्षणिक व्यवस्था को दुरुस्त करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल माना जा रहा है।
हरियाणा के भिवानी के रहने वाले ओलिंपिक पदक विजेता बॉक्सर विजेंदर सिंह अब विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) के नए एक्ट के विरोध में उतर आए हैं। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर अपनी पोस्ट के जरिए इस फैसले पर नाराजगी जताई है। विजेंदर सिंह का कहना है कि शिक्षा समान अवसर का माध्यम होनी चाहिए, न कि समाज को बांटने का। कक्षा में बैठा युवा ही देश का भविष्य विजेंदर सिंह ने अपनी पोस्ट में लिखा, शिक्षा समान अवसर का माध्यम है, जातिगत विभाजन का नहीं। UGC का छात्रों को वर्गों में बांटने वाला यह निर्णय देश के भविष्य के लिए चिंताजनक है। कक्षा में बैठा युवा ही देश का भविष्य है, कृपया इसे जातिगत वर्गीकरण में मत बांटिए। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा का मूल उद्देश्य अवसर प्रदान करना है और उन्होंने UGC से इस फैसले पर पुनर्विचार कर इसे वापस लेने का निवेदन किया है। राहुल गांधी और डोनाल्ड ट्रंप पर भी कस चुके हैं तंज यह पहली बार नहीं है जब बॉक्सर विजेंदर सिंह ने किसी मुद्दे पर बेबाकी से अपनी राय रखी हो। इससे पहले वे कांग्रेसी नेता राहुल गांधी और अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर भी चुटकी ले चुके हैं। 13 अगस्त को एक पोस्ट में उन्होंने राहुल गांधी द्वारा 'वोट चोरी' के मुद्दे पर उठाए गए सवालों पर हरियाणवी अंदाज में तंज कसा था। उन्होंने लिखा था— मैं बोल्या ताऊ त: ताऊ तनै के लाग्या वोट चोरी हुई है? ताऊ बोल्या: नाच न जाने आंगन टेढ़ा। डोनाल्ड ट्रंप पर टिप्पणी: ट्रंप के विवादों को लेकर उन्होंने लिखा था— मैं बोल्या ताऊ त: ताऊ, Trump बात नहीं मान रहा। ताऊ बोल्या: गांव ऐसे ही बसते रहते हैं और ये सरपंच चार-पांच साल में बदलते रहते हैं। रही बात Trump की, इस तरह वाले जल्दी सस्पेंड होते रहते हैं। पिछली योजना में बाल-बाल बच गया था (महाभियोग)।
स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बच्चों के सुरक्षित भविष्य की नींव हैं : दीपिका सिंह
झारखंड के स्कूलों में बच्चों को सुरक्षित, संवेदनशील व समावेशी माहौल देने की दिशा में ठोस कदम उठाए गए हैं। राज्यस्तरीय समेकन कार्यक्रम में ग्रामीण विकास मंत्री दीपिका पांडेय सिंह ने ये बातें कहीं। कहा कि स्कूल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि बच्चों के सुरक्षित भविष्य की नींव होते हैं। मौके पर बाल संरक्षण विशेषज्ञ डॉ. बलराम, प्रतिज्ञा के सचिव अजय कुमार, अध्यक्ष रश्मि लाल व अन्य लोग मौजूद थे।
सितंबर 2025 में 4527, अगस्त में 508 और जनवरी में 117 प्रिंसिपल की तबादला सूची जारी होने के बाद अब एक और सूची आने की स्थिति बनने लगी है। उसकी मुख्य वजह है कि प्रदेश भर में करीब 150 पिंसिंपल ऐसे हैं जिन्होंने सरकार की तबादली सूची पर न्यायालय से स्टे ले लिया है। अब तमाम स्कूल ऐसे हैं जिसमें एक ही स्कूल में दो-दो प्रिंसिपल हो गए। एक तबादला सूची के आधार पर और एक स्टे के आधार पर। ऐसे में आने वाले समय में एक ही स्कूल से दो-दो प्रिंसिपल का वेतन कैसे बनेगा। दरअसल तबादला सूची आने के बाद ऐसा माना जा रहा था कि रिक्त पदों को पहले भरा जाएगा मगर सरकार ने प्रिंसिपल को हटाकर दूसरे लगा दिए। कुछ तो ऐसे है जिनको अगस्त-सितंबर में लगाया और बाद में जनवरी में उन्हें उस जगह से हटा दिया। लोगों ने सरकार के आदेश के खिलाफ न्यायालय का सहारा लिया। न्यायालय से कुछ को स्टे मिल गया तो कुछ को अभ्यावेदन निस्तारण के तहत राहत दी गई। अभ्यावेदन निस्तारण में विभाग को उनकी सुनवाई करके ही फैसला लेना है कि उनको जहां पहले भेजा गया वहां भेजें या नई जगह। शिक्षा विभाग में ऐसे 150 के करीब प्रकरण पहुंच गए। इतना ही नहीं, हाल ही में जारी हुई फर्स्ट ग्रेड शिक्षकों की भी सूची जारी हुई। उसमें भी अब तक करीब 50 के करीब शिक्षक भी स्टे लेकर आ गए। सबके पास अपने-अपने कारण हैं। अब महकमा ये तय नहीं कर पा रहा कि इनका क्या करें। खासकर वहां बहुत अजीब स्थिति बन गई जहां एक ही जगह पर दो-दो प्रिंसिपल पहुंच गए। बीकानेर के उदासर स्कूल में ऐसी ही स्थिति बन गई। एक न्यायालय से और एक ट्रांसफर सूची के आधार पर प्रिंसिपल बने बैठे हैं। सेकंड ग्रेड पर लंबा काम, इसलिए इंतजार सेकंड ग्रेड शिक्षकों की तादाद फर्स्ट ग्रेड से ज्यादा है इसलिए उसकी सूची भी लंबी होगी। वैसे इस वर्ग की भी सूची पर दिसंबर में एक दौर का काम हो चुका था और जनवरी में भी होना था मगर एसआईआर के कारण एक बार इसे रोक दिया गया मगर माना जा रहा है कि एसआईआर और पंचायती चुनाव के बाद सबसे ज्यादा काम इसी सूची पर होगा। हालांकि सरकार ने एक आर्डर जारी कर 14 फरवरी तक ट्रांसफर पर वैन लगा दिया है। संभावना क्या शिक्षा विभाग एक पद पर दो-दो प्रिंसिपल होने से असहज है। इसलिए माना जा रहा कि प्रिंसिपल की एक और सूची आने की संभावना है। भले ही वो छोटी हो मगर आएगी। कुछ ऐसे प्रिंसिपल की शिकायतें शिक्षा मंत्री के पास पहुंची है जो परंपरागत कांग्रेस पृष्ठभूमि के हैं और अब इस सरकार में भी मनचाही जगह आ गए। बीकानेर में ही ऐसे 7 प्रिंसिपल बताए जा रहे हैं। इस वजह से संघनिष्ठ शिक्षकों में नाराजगी है। सूची फर्स्ट ग्रेड की भी संशोधित होगी मगर कब तक होगी इस पर स्थिति स्पष्ट नहीं है। क्योंकि संघ पृष्ठ भूमि के तमाम कार्यकर्ताओं की पहली सूची में ज्यादा सुनवाई नहीं हुई इसलिए दूसरी सूची आने के आसार हैं। एक पक्ष का तर्क है कि ये सूची 21 से 28 फरवरी के बीच आ सकती है क्योंकि एसआईआर का काम खत्म होने और पंचायती राज चुनाव की आचार संहिता के बीच यही समय बाकी है। दूसरे पक्ष का तर्क है कि संशोधन सूचियां तैयार होने लगी हैं और कुछ ही दिनों में सीएमओ पहुंच जाएंगी। सीएमओ से मंजूरी के बाद उन्हें कभी भी जारी किया जा सकता है।
भाजपा नेता और सामाजिक कार्यकर्ता प्रवीण कुमार शुक्ल ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को एक विस्तृत पत्र भेजा है। इस पत्र में उन्होंने उच्च शिक्षा संस्थानों में लागू किए गए यूजीसी (UGC) के नए एक्ट को लेकर समाज के विभिन्न वर्गों में उत्पन्न हो रही भ्रांतियों, आशंकाओं और मानसिक असुरक्षा को दूर करने की मांग की है। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को भयमुक्त, निष्पक्ष और सामाजिक समरसता से युक्त बनाए रखने पर जोर दिया है। अपने पत्र में उल्लेख किया है कि केंद्र सरकार का उद्देश्य शिक्षा क्षेत्र में समान अवसर, योग्यता आधारित चयन और सामाजिक समरसता को मजबूत करना है। हालांकि, यूजीसी की ओर से हाल ही में लागू किए गए जाति-आधारित भेदभाव निरोधक प्रावधानों की भाषा और प्रक्रियाओं को लेकर छात्रों, अभिभावकों और शिक्षकों के बीच भ्रम और असमंजस की स्थिति बन रही है। इससे शिक्षा परिसरों में मानसिक दबाव और अनिश्चितता का माहौल पैदा हो रहा है। उन्होंने आगे कहा कि भेदभाव के विरुद्ध संघर्ष प्रत्येक नागरिक का साझा दायित्व है। लेकिन, वर्तमान स्वरूप में इस एक्ट के कुछ प्रावधान ऐसे प्रतीत होते हैं, जिनसे व्यवहार-आधारित निष्पक्षता के बजाय जातिगत पहचान को अधिक महत्व मिलने की आशंका है। इससे आपसी विश्वास के स्थान पर अविश्वास का माहौल बनने की संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता। प्रवीण कुमार शुक्ल ने यह भी बताया कि राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवक देशभर में जात-पात की करो विदाई, हम सब हिन्दू भाई-भाई जैसे संदेशों के माध्यम से सामाजिक एकता और समरसता को मजबूत करने का प्रयास कर रहे हैं। ऐसे में, इन प्रावधानों को लेकर उत्पन्न संशय सामाजिक सौहार्द के इन प्रयासों के विपरीत प्रतीत होता है। पत्र के अंत में, शुक्ल ने विश्वास व्यक्त किया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में इस विषय पर आवश्यक स्पष्टीकरण और संतुलित सुधार किए जाएंगे। इससे शिक्षा का वातावरण भयमुक्त, विश्वासपूर्ण और राष्ट्र निर्माण के अनुरूप बन सकेगा।
झांसी में यूजीसी के नए कानून को लेकर भाजपा के भीतर से ही विरोध के स्वर तेज हो गए हैं। उत्तर प्रदेश के पूर्व शिक्षा मंत्री और झांसी से चार बार विधायक रहे डॉ. रविन्द्र शुक्ल ने भाजपा सरकार के खिलाफ खुलकर मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर लगातार पोस्ट करते हुए चेतावनी दी है कि अगर यह कानून वापस नहीं लिया गया तो वे भाजपा से त्यागपत्र दे देंगे। हिंदी साहित्य भारती के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष और उत्तर प्रदेश सरकार में पूर्व बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री रह चुके रविन्द्र शुक्ल ने यूजीसी के नए प्रावधानों को जातीय संघर्ष को बढ़ावा देने वाला कानून बताया है। उन्होंने भाजपा सरकार को कटघरे में खड़ा करते हुए प्रधानमंत्री से सीधे हस्तक्षेप की मांग की है। एक दिन में तीन पोस्ट, सीधे इस्तीफे की चेतावनी मंगलवार को रविन्द्र शुक्ल ने अपने फेसबुक अकाउंट से एक घंटे के भीतर तीन अलग-अलग पोस्ट कर नाराजगी जाहिर की। पहली पोस्ट में उन्होंने लिखा कि वे यूजीसी के प्राविधानों का खुला विरोध करते हैं और जन-जन के प्रिय प्रधानमंत्री से इसे वापस कराने का निवेदन करते हैं। उन्होंने लिखा, मैं 15 वर्ष की उम्र से संघ को जी रहा हूं, लेकिन अब धैर्य जवाब दे रहा है। दूसरी पोस्ट में उन्होंने यूजीसी कानून को घातक बताते हुए कहा कि यह समाज में जातीय संघर्ष को बढ़ावा देगा। उन्होंने साफ शब्दों में लिखा कि यदि यह कानून वापस नहीं किया गया तो वे भाजपा से इस्तीफा दे देंगे। पहले वंदे मातरम, अब सनातन समाज के लिए बलिदान तीसरी पोस्ट में पूर्व मंत्री रविन्द्र शुक्ल ने अपने पुराने विवाद का जिक्र करते हुए लिखा कि उन्होंने एक बार वंदे मातरम का सम्मान बचाने के लिए बलिदान दिया था और अब सनातन समाज को जातीय संघर्ष से बचाने के लिए भी बलिदान देने को तैयार हैं। पहले भी टकराव में रहे हैं रविन्द्र शुक्ल झांसी सदर विधानसभा से लगातार चार बार विधायक रहे रविन्द्र शुक्ल कल्याण सिंह सरकार में बेसिक शिक्षा राज्य मंत्री थे। उनके कार्यकाल में प्रदेश के सभी स्कूलों में वंदे मातरम गाना अनिवार्य किया गया था। इस फैसले के बाद विवाद खड़ा हो गया और चौतरफा विरोध शुरू हुआ। लंबी बहस के बाद 4 दिसंबर 1998 को उन्हें मंत्री पद से बर्खास्त कर दिया गया था।अब एक बार फिर रविन्द्र शुक्ल के तीखे तेवरों ने भाजपा की अंदरूनी राजनीति में हलचल मचा दी है। यूजीसी कानून को लेकर उनका यह खुला विरोध आने वाले दिनों में सियासी रूप से अहम साबित हो सकता है।
झज्जर डीसी स्वप्निल रविंद्र पाटिल ने स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ एडवांस्ड स्टडीज इन टीचर एजुकेशन का दौरा कर संस्थान में उपलब्ध शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत ढांचा तथा प्रशासनिक व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया। इस दौरान डीसी ने संस्थान में संचालित विभिन्न पाठ्यक्रमों, कक्षाओं, पुस्तकालय, आईसीटी लैब, छात्रावास एवं अन्य सुविधाओं का बारीकी से अवलोकन किया। डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए। डीसी ने कहा कि शिक्षक प्रशिक्षुओं को आधुनिक शिक्षण पद्धतियों, तकनीकी दक्षता एवं नवाचार आधारित शिक्षा से जोड़ना समय की आवश्यकता है। निरीक्षण के दौरान डीसी ने शैक्षणिक संसाधनों के प्रभावी उपयोग, साफ-सफाई, अनुशासन तथा विद्यार्थियों की सुविधाओं को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। DC ने संस्थान में शैक्षणिक वातावरण को और अधिक सुदृढ़ करने के लिए आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाने पर भी बल दिया। डीसी ने कहा कि शिक्षण संस्थान का माहौल स्वच्छ और सुंदर होना भी जरूरी है। उन्होंने कहा कि भवन के रिपेयर की जरूरत है। मौके पर ही लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सुमित कुमार को रिपेयर एस्टीमेट तैयार के निर्देश डीसी ने दिए। परीक्षा से पहले टीचर कराएं अभ्यासडीसी ने इस उपरांत केंद्रीय विद्यालय झज्जर का दौरा करते हुए स्कूल की शैक्षणिक गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता पर फोकस करें। छात्रों को तनाव रहित परीक्षा के लिए तैयार करें। परीक्षा से पहले छात्रों की कक्षा में परीक्षा का अभ्यास करवाएं ताकि छात्रों पर परीक्षा का अनावश्यक दबाव न बनें। शिक्षा के साथ खेल गतिविधियां जरूरी : डीसीउन्होंने कहा कि शिक्षा के साथ छात्रों के मानसिक और शारीरिक विकास के लिए खेल जैसी गतिविधियां निरंतर होते रहनी चाहिए। केंद्रीय स्कूल प्रबंधन को भी स्कूल की रिपेयर के लिए एस्टीमेट तैयार कराने के निर्देश दिए। इस अवसर लोक निर्माण विभाग के कार्यकारी अभियंता सुमित कुमार सहित संस्थान के अधिकारी, शिक्षकगण एवं स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
योगी सरकार 2.0 का 5वां बजट फरवरी में पेश होगा। विधानसभा चुनाव 2027 को देखते हुए सरकार ने बजट में एक करोड़ से अधिक महिलाओं को सौगात देने की तैयारी की है। सरकार वृद्धावस्था पेंशन, निराश्रित महिला पेंशन, विधवा पेंशन, आशा कार्यकर्ता और शिक्षामित्रों के मानदेय में बढ़ोतरी करने जा रही है। एक्सपर्ट्स का मानना है कि ये विधानसभा चुनाव से पहले वोटबैंक साधने की तैयारी है। ये ऐसा वोटबैंक है जो न केवल बढ़ चढ़कर मतदान करता है, बल्कि गांव-गांव और गली-गली में माहौल भी बनाता है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट... पहले 2 दिन के घटनाक्रम पर नजर डालिएकेंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने यूपी दिवस कार्यक्रम के मंच से विधानसभा चुनाव का शंखनाद किया। वहीं, भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने रविवार को श्रीकृष्ण जन्मभूमि (मथुरा) में कार्यकर्ताओं को 2027 के लिए कमर कसने का आह्वान किया। दो दिन के घटनाक्रम से साफ है कि बड़ा मकसद 2027 चुनाव के लिए वोटबैंक साधना है। सीएम योगी के सामने 2027 में लगातार तीसरी बार कमल खिलाना सबसे बड़ी चुनौती है। 2017, 2019 और 2022 में भाजपा की जीत में महिला वोटबैंक का बड़ा योगदान रहा है। उधर, भाजपा के शीर्ष नेतृत्व ने भी हरियाणा, महाराष्ट्र, दिल्ली और बिहार में महिला वोटबैंक को सौगात देकर सरकार बनाई है। ऐसे में अब नजर यूपी में महिला वोटर और योजनाओं के लाभार्थियों पर है। सूत्रों के मुताबिक, सीएम योगी, वित्तमंत्री सुरेश खन्ना, वित्त विभाग के अपर मुख्य सचिव दीपक कुमार के बीच वृद्धावस्था, निराश्रित महिला, दिव्यांग पेंशन बढ़ाने पर मंथन हुआ है। साथ ही आशा कार्यकर्ताओं की प्रोत्साहन राशि और शिक्षामित्रों का मानदेय भी बढ़ाने पर सैद्धांतिक सहमति बनी है। उसके बाद वित्त विभाग में पेंशन राशि बढ़ाने को लेकर बजट की तैयारी भी शुरू हुई है। 1.47 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ेगासरकार करीब 9 साल बाद शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने पर भी मंथन कर रही है। 1.47 लाख शिक्षामित्रों और 28 हजार से अधिक अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने पर सैद्धांतिक सहमति बन गई है। अब बजट के लिहाज से राशि पर विचार चल रहा है। मानदेय में 2000 रुपए महीने की बढ़ोतरी की जाए या इससे अधिक राशि बढ़ाई जाए। भाजपा ने 2017 के विधानसभा चुनाव के संकल्प पत्र में शिक्षामित्रों की समस्या का विधिक समाधान करने का वादा किया था। उसके बाद सुप्रीम कोर्ट के आदेश से शिक्षामित्रों का सहायक अध्यापक पद से समायोजन रद्द हो गया था। उस दौरान सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय 3500 से बढ़ाकर 10 हजार रुपए महीने किया था। लेकिन, उसके बाद मानदेय में एक भी रुपए की वृद्धि नहीं की गई है। जबकि सत्ता पक्ष और विपक्ष दोनों के विधायक शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने की मांग उठाते हैं। पिछले दिनों बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने भी शिक्षक संघ के एक कार्यक्रम में शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाने के संकेत दिए थे। 67.50 लाख बुजुर्गों की पेंशन बढ़ेगीप्रदेश सरकार की ओर से वृद्धावस्था पेंशन में 60 साल या इससे अधिक आयु के ऐसे बुजुर्गों को हर महीने 1000 रुपए पेंशन दी जाती है, जिनकी ग्रामीण इलाकों में पारिवारिक वार्षिक आय 46,080 और शहरी इलाकों में 56,460 रुपए से अधिक नहीं हो। 67 लाख 50 हजार बुजुर्गों को त्रैमासिक आधार पर एक हजार रुपए प्रति महीने की दर से 3000 रुपए पेंशन दी जाती है। वित्त विभाग में पेंशन राशि को 1000 से बढ़ाकर 1500 रुपए महीने करने पर मंथन चल रहा है। अगर ऐसा होता है तो योगी सरकार में तीसरी बार पेंशन बढ़ाई जाएगी। योगी सरकार ने 2019 में पेंशन 300 से बढ़ाकर 500 रुपए की थी। उसके बाद 2022 में पेंशन 500 से बढ़ाकर 1000 रुपए महीने की गई थी। 38 लाख महिलाओं को मददनिराश्रित महिला पेंशन के तहत पति की मृत्यु के बाद 18 साल या इससे अधिक आयु की महिलाओं को पेंशन दी जाती है। ऐसी महिलाएं जिनकी वार्षिक आय 2 लाख रुपए से अधिक नहीं हो। यूपी में ऐसी 38 लाख 58 हजार 922 महिलाओं को हर महीने 1000 रुपए पेंशन दी जाती है। इस पेंशन को भी बढ़ाकर 1500 रुपए किया जाएगा। 12 लाख दिव्यांगों की पेंशन भी बढ़ेगीदिव्यांग पेंशन योजना के तहत 40 प्रतिशत या उससे अधिक दिव्यांगता वाले दृष्टिबाधित, मूक-बधिर, मानसिक या शारीरिक रूप से दिव्यांग लोगों को पेंशन दी जाती है। उनके जीवन यापन का कोई साधन नहीं होना चाहिए और न ही वह किसी प्रकार का परिश्रम करते हो। उनकी पारिवारिक वार्षिक आय ग्रामीण इलाकों में 46,080 और शहरी इलाकों में 56,460 रुपए से अधिक नहीं होनी चाहिए। यूपी में 11 लाख 98 हजार 274 दिव्यांगों को हर महीने एक हजार रुपए महीने पेंशन दी जाती है। इस पेंशन को भी बढ़ाकर 1500 रुपए महीने करने की तैयारी है। आशा कार्यकर्ता : प्रोत्साहन राशि बढ़ेगीआशा कार्यकर्ता को यूपी में स्वास्थ्य विभाग की रीढ़ माना जाता है। प्रदेश में करीब 1.70 लाख आशा कार्यकर्ता हैं। एक हजार की आबादी पर एक आशा कार्यकर्ता नियुक्त होती है। आशा कार्यकर्ताओं को गर्भवती महिलाओं को सरकारी अस्पताल में ले जाकर उनका प्रसव कराने सहित अन्य सेवाओं के लिए प्रोत्साहन राशि दी जाती है। यह प्रोत्साहन राशि 2500 से 3500 रुपए महीने तक होती है। इस राशि में भी बढ़ोतरी करने का प्रस्ताव है। कुष्ठ रोगियों की पेंशन भी बढ़ेगीप्रदेश में 13,395 कुष्ठ रोगियों को भी हर महीने 3 हजार रुपए पेंशन दी जाती है। इस पेंशन को भी बढ़ाकर 3500 से 4000 रुपए तक करने की तैयारी है। एक करोड़ महिलाओं को साधने की कोशिशवृद्धावस्था पेंशन में 67.50 लाख में से करीब 40 लाख महिलाएं हैं। वहीं, निराश्रित महिला पेंशन योजना में भी 38.58 लाख महिलाएं हैं। 12 लाख दिव्यांग पेंशन लाभार्थियों में से भी 5 लाख महिलाएं हैं। वहीं, 1.60 लाख से अधिक आशा कार्यकर्ता हैं। वरिष्ठ पत्रकार और राजनीतिक विश्लेषक वीरेंद्र नाथ भट्ट कहते हैं- प्रदेश में वृद्धावस्था, दिव्यांग, निराश्रित महिला पेंशन में सबसे बड़ी संख्या महिलाओं की ही है। सरकार महंगाई के हिसाब से पेंशन बढ़ाती है। इसमें राजनीतिक कारण भी होते हैं। सरकार और भाजपा ने चुनावी तैयारी शुरू कर दी है। ऐसे में आगामी बजट में हर वर्ग के लिए लोक लुभावन घोषणाएं होंगी। इनमें सरकार वृद्धावस्था, दिव्यांग, निराश्रित महिला पेंशन बढ़ा सकती है। वहीं, शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ने की भी प्रबल संभावना है। इन वर्गों को संतुष्ट कर सरकार वोटबैंक को मजबूत करने का प्रयास करेगी। पूर्व अपर मुख्य सचिव वित्त संजीव मित्तल का कहना है कि सरकार को जीएसटी, वैट, आबकारी, परिवहन और स्टांप एवं पंजीयन विभाग से अच्छी आय हो रही है। जब सरकार की आय अच्छी होती है, तो वह गरीब कल्याण की योजनाओं पर खर्च करती है। इसका राजनीतिक फायदा भी होता है। ----------------------- ये खबर भी पढ़ें... 9 दिन से शिविर नहीं गए, वैनिटी-वैन शंकराचार्य का घर:लग्जरी सुविधाओं से लैस, वॉशरूम से लेकर बेड तक प्रयागराज माघ मेले में शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और प्रशासन के बीच विवाद जारी है। पिछले 9 दिनों से शंकराचार्य ने अपने शिविर में प्रवेश नहीं किया है। उनका कहना है कि जब तक प्रशासन उनसे माफी नहीं मांगता, ससम्मान मौनी अमावस्या वाला स्नान नहीं करवाता, तब तक वह 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दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा
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