सरकारी स्कूलों की चुनौतियां और बदलता शिक्षा परिदृश्य
शिक्षा किसी भी राष्ट्र की आर्थिक प्रगति, सामाजिक गतिशीलता और लोकतांत्रिक सशक्तिकरण की आधारशिला है।
नीट-यूजी परीक्षा में कथित पेपर लीक और रद्द होने के मुद्दे पर कांग्रेस ने देशभर में विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया है। इसी कड़ी में शुक्रवार शाम विदिशा में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने माधवगंज चौराहे पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन कर उनके इस्तीफे की मांग की। शुक्रवार शाम बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता विदिशा के माधवगंज चौराहे पर इकट्ठा हुए। उन्होंने नीट-यूजी परीक्षा में पेपर लीक और धांधली के आरोपों को लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया। पुलिस ने पुतले को आग लगने से रोकने का प्रयास किया, लेकिन कार्यकर्ताओं के विरोध के चलते पुतला पूरी तरह जल गया। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में लगातार पेपर लीक और भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ी के मामले सामने आ रहे हैं। इससे देश के लाखों युवाओं का भविष्य प्रभावित हो रहा है। नेताओं ने कहा कि 22 लाख से अधिक छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है, जिसकी नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। कांग्रेस नेता महेंद्र वर्मा ने बताया कि पिछले 10 वर्षों में कई बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे छात्र और युवा वर्ग में भारी आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले में बड़े कोचिंग संस्थान और प्रभावशाली लोग शामिल हैं, इसलिए छोटे लोगों के बजाय 'बड़े मगरमच्छों' पर कार्रवाई होनी चाहिए। कांग्रेस ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने इस मामले में सख्त कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
नीट पेपर लीक पर माता प्रसाद पांडे बोले, अब तक शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था
नीट पेपर लीक होने और अब दोबारा पारदर्शी तरीके से परीक्षा कराए जाने की घोषणा पर विपक्षी दलों के नेताओं का कहना है कि छात्रों की मेहनत बर्बाद करने के लिए जिम्मेदार कौन है और उस पर कार्रवाई कब होगी? सपा नेता माता प्रसाद पांडेय ने कहा कि अब तक तो शिक्षा मंत्री को इस्तीफा दे देना चाहिए था।
हांसी रेलवे स्टेशन से शुक्रवार देर शाम सचखंड श्री हुजूर साहिब नांदेड़ के लिए एक विशेष ट्रेन रवाना हुई। शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा और विधायक विनोद भयाना ने ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह ट्रेन सिरसा से चलकर हांसी पहुंची थी। मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत हांसी और जींद जिले से बड़ी संख्या में श्रद्धालु इस यात्रा पर गए हैं। रेलवे स्टेशन परिसर में श्रद्धालुओं और उनके परिजनों में भारी उत्साह देखा गया। जयकारों और शबद कीर्तन के बीच श्रद्धालु पूरी श्रद्धा के साथ ट्रेन में सवार हुए। यात्रियों ने सरकार की इस योजना की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह आर्थिक रूप से कमजोर और जरूरतमंद परिवारों के लिए एक सराहनीय पहल है। ढांडा बोले- सीएम तीर्थयात्रा योजना से लाखों श्रद्धालु हुए लाभान्वित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थयात्रा योजना से प्रदेश के लाखों श्रद्धालु लाभान्वित हो चुके हैं। इस योजना के तहत श्रद्धालु अयोध्या, प्रयागराज और श्री नांदेड़ साहिब सहित देश के कई धार्मिक स्थलों की यात्रा कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि हरियाणा सरकार की इस पहल की देशभर में सराहना हो रही है और अन्य राज्य भी इससे प्रेरणा ले रहे हैं। विधायक विनोद भयाना ने दी श्रद्धालुओं को शुभकामना विधायक विनोद भयाना ने श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह यात्रा केवल धार्मिक नहीं, बल्कि श्रद्धा, सेवा, संस्कार और आध्यात्मिक चेतना का महापर्व है। भयाना ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के नेतृत्व में सरकार समाज के अंतिम व्यक्ति तक सुविधाएं पहुंचाने के लिए प्रतिबद्ध है। विधायक ने तीर्थ यात्रियों से अनुशासन, स्वच्छता और भाईचारे का पालन करने की अपील की। उन्होंने कहा कि वे हांसी और हरियाणा की संस्कृति के प्रतिनिधि के रूप में यात्रा करें और लौटकर समाज में प्रेम, सद्भाव तथा सकारात्मक ऊर्जा का संदेश फैलाएं।
बिहार विधानसभा अध्यक्ष प्रेम कुमार ने शुक्रवार को गया जिला परिषद सभागार में जिले की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए एक समीक्षा बैठक की। इस बैठक में प्राथमिक, मध्य और उच्च विद्यालयों के प्रधानाचार्य, शिक्षा विभाग के अधिकारी तथा कई जनप्रतिनिधि शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य विद्यालयों में शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाना, डिजिटल शिक्षा को बढ़ावा देना और ग्रामीण क्षेत्रों तक आधुनिक शैक्षणिक सुविधाएं पहुंचाना था। डॉ. प्रेम कुमार ने बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि बिहार सरकार शिक्षा के क्षेत्र में लगातार बड़े बदलाव कर रही है। राज्य में विद्यालयों की संख्या बढ़ाने के साथ-साथ शिक्षकों की नियुक्ति, स्मार्ट क्लास, कंप्यूटर शिक्षा और डिजिटल लर्निंग पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वर्तमान में बिहार में लगभग 71 हजार प्राथमिक, 31 हजार मध्य, 6400 माध्यमिक और 3800 उच्च माध्यमिक विद्यालय संचालित हैं, जहाँ करोड़ों बच्चे शिक्षा प्राप्त कर रहे हैं। निपुण भारत मिशन के तहत सरकार कर रही काम उन्होंने यह भी बताया कि बच्चों की बुनियादी शिक्षा को मजबूत करने के लिए सरकार 'निपुण भारत मिशन' के तहत काम कर रही है। खेल-आधारित शिक्षण पद्धति से बच्चों को पढ़ाई से जोड़ा जा रहा है ताकि वे बेहतर ढंग से सीख सकें। छात्र-छात्राओं को विद्यालय आने के लिए प्रोत्साहित करने हेतु पोशाक, पुस्तक, मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति और साइकिल योजना जैसी सुविधाएं भी प्रदान की जा रही हैं। सरकार विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, भवन निर्माण और खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करने पर भी विशेष ध्यान दे रही है। विधानसभा अध्यक्ष डॉ. प्रेम कुमार ने जोर देकर कहा कि बदलते समय के साथ शिक्षा को तकनीकी रूप से मजबूत बनाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से मध्य विद्यालयों में कंप्यूटर शिक्षा और स्मार्ट क्लास की शुरुआत की गई है। उन्होंने बताया कि सरकार ने हजारों विद्यालयों में कंप्यूटर लैब और डिजिटल शिक्षण व्यवस्था को मंजूरी दी है, जिससे ग्रामीण क्षेत्रों के विद्यार्थियों को भी आधुनिक तकनीकी शिक्षा का लाभ मिल सकेगा। डिजिटल शिक्षा के माध्यम से गाँव के बच्चों को भी शहरों जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। स्कूलों में स्मार्ट क्लास, साइंस लाइब्रेरी की स्थापना राज्य के कई विद्यालयों में स्मार्ट क्लास, विज्ञान प्रयोगशाला और आईसीटी लैब की स्थापना की जा रही है। लगभग 789 विद्यालयों में इन सुविधाओं के विकास के लिए बड़ी राशि स्वीकृत की गई है। इससे विद्यार्थियों को विज्ञान एवं तकनीकी शिक्षा में बेहतर अवसर प्राप्त होंगे। उन्होंने कहा कि बिहार सरकार ने वर्ष 2026 के शिक्षा बजट में 68 हजार करोड़ रुपये से अधिक का प्रावधान किया है, जो राज्य सरकार की शिक्षा के प्रति गंभीरता और प्रतिबद्धता को दर्शाता है। साथ ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में लागू नई शिक्षा नीति 2020 का उल्लेख करते हुए कहा कि अब शिक्षा को रोजगारोन्मुख, तकनीकी एवं व्यवहारिक बनाया जा रहा है ताकि छात्र पढ़ाई के साथ-साथ रोजगार के लिए भी तैयार हो सकें। गयाजी जिले की विशेषताओं का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि गया केवल धार्मिक और ऐतिहासिक नगरी ही नहीं, बल्कि ज्ञान और संस्कृति की धरती भी है। यहां शिक्षा के क्षेत्र में अपार संभावनाएं हैं। उन्होंने सुझाव दिया कि ग्रामीण विद्यालयों में हाई-स्पीड इंटरनेट एवं स्मार्ट क्लास की व्यवस्था की जाए, प्रत्येक प्रखंड में आधुनिक पुस्तकालय एवं डिजिटल अध्ययन केंद्र स्थापित किए जाएं तथा प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए निःशुल्क कोचिंग सेंटर खोले जाएं। इसके अलावा छात्राओं के लिए सुरक्षित परिवहन और छात्रावास व्यवस्था तथा शिक्षकों के नियमित प्रशिक्षण पर भी जोर दिया गया। उन्होंने कहा कि जब तक गांव का गरीब बच्चा गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त नहीं करेगा, तब तक समाज में वास्तविक समानता स्थापित नहीं हो सकती। शिक्षा ही सामाजिक परिवर्तन और आत्मनिर्भर बिहार का सबसे प्रभावी माध्यम है। बैठक के अंत में उन्होंने शिक्षकों, अभिभावकों एवं समाज के लोगों से मिलकर बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में सहयोग करने का आह्वान किया। प्रेम कुमार की अपील, पेट्रोल-डीजल बचाएं और इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाएं प्रेम कुमार ने अंतरराष्ट्रीय हालात और बढ़ते वैश्विक तनाव के बीच देशवासियों से पेट्रोल-डीजल की खपत कम करने तथा इलेक्ट्रिक वाहनों को अपनाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि इजराइल, ईरान और अमेरिका के बीच बन रहे युद्ध जैसे हालात का असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है और भारत भी इससे अछूता नहीं है। ऐसे समय में देश के नागरिकों को जिम्मेदारी और संयम के साथ काम करने की जरूरत है। डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी देश की जनता से अपील की है कि पेट्रोल और डीजल का कम उपयोग करें तथा जहां तक संभव हो इलेक्ट्रिक वाहनों का इस्तेमाल बढ़ाएं। उन्होंने कहा कि वर्तमान समय में ऊर्जा संरक्षण राष्ट्रीय जिम्मेदारी बन चुकी है। यदि लोग अनावश्यक रूप से वाहनों का उपयोग कम करेंगे तो इससे देश पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी घटेगा और ईंधन संकट से निपटने में मदद मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज पूरी दुनिया आर्थिक अस्थिरता के दौर से गुजर रही है। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में उतार-चढ़ाव का सीधा असर भारत जैसे देशों पर पड़ता है। ऐसे में आम लोगों को भी अपनी भूमिका समझनी होगी। उन्होंने कहा कि जरूरत पड़ने पर ही निजी वाहनों का उपयोग करें और छोटी दूरी के लिए सार्वजनिक परिवहन या अन्य वैकल्पिक साधनों का प्रयोग करें। ‘एक साल सोना नहीं खरीदें तो देश की आर्थिक स्थिति सुधर सकती है’ विधानसभा अध्यक्ष ने सोना-चांदी की खरीदारी को लेकर भी लोगों से बड़ी अपील की। उन्होंने कहा कि यदि देश के लोग एक साल तक सोना नहीं खरीदें तो इससे देश की आर्थिक स्थिति में काफी सुधार हो सकता है। उनका कहना था कि भारत में बड़े पैमाने पर सोने का आयात होता है, जिससे विदेशी मुद्रा पर दबाव बढ़ता है। यदि लोग कुछ समय तक सोने की खरीदारी से बचें तो देश की अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी। इसके साथ ही उन्होंने विदेश यात्राओं को लेकर भी लोगों से संयम बरतने की सलाह दी। उन्होंने कहा कि केवल जरूरी कार्य होने पर ही विदेश यात्रा करें। बेवजह यात्रा करने से बचना चाहिए। उन्होंने कहा कि देश इस समय एक चुनौतीपूर्ण दौर से गुजर रहा है और ऐसे समय में हर नागरिक का दायित्व है कि वह देशहित को प्राथमिकता दे। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विदेश दौरे को लेकर पूछे गए सवाल पर डॉ. प्रेम कुमार ने कहा कि प्रधानमंत्री की विदेश यात्राएं देशहित और कूटनीतिक जरूरतों के तहत होती हैं। उन्होंने स्पष्ट किया कि प्रधानमंत्री ने केवल अनावश्यक यात्राओं से बचने की बात कही है। जरूरत हो तो यात्रा करें, लेकिन फिजूल खर्च और गैरजरूरी भ्रमण से बचना चाहिए।
अररिया में शुक्रवार को “सबका सम्मान–जीवन आसान” कार्यक्रम के तहत जनता दरबार का आयोजन किया गया। जिला पदाधिकारी विनोद दूहन की अध्यक्षता में समाहरणालय स्थित परमान सभागार में यह दरबार लगा। इसमें जिले के विभिन्न प्रखंडों से आए आम नागरिकों की 57 समस्याओं की सुनवाई की गई। जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को त्वरित, निष्पक्ष और प्रभावी निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। जनता दरबार में सर्वाधिक शिकायतें राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग से संबंधित थीं। इसके अतिरिक्त, समाज कल्याण, गृह, ग्रामीण कार्य, ग्रामीण विकास, आपूर्ति और शिक्षा विभाग से जुड़े मामले भी सामने आए। कुछ प्रमुख शिकायतों में रानीगंज प्रखंड के बसैती पंचायत निवासी अजहर अंसारी का बासगीत पर्चा वाली भूमि को अतिक्रमण मुक्त कराने का अनुरोध शामिल था। रानीगंज के परसा हाट निवासी शुभम कुमार मेहता ने मुख्य सड़क की मरम्मत की मांग रखी, जबकि नरपतगंज प्रखंड के रेवाही निवासी मो. ऐनुल ने भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत दर्ज कराई। अनुकंपा के आधार पर डीलर चयन की जांच की मांग भरगामा प्रखंड के धनेश्वरी निवासी कामेश्वर यादव ने पंचायत सचिव के सेवार्थ लाभ भुगतान से संबंधित शिकायत प्रस्तुत की। अररिया नगर परिषद निवासी जीवछलाल बहादुर और छवेलाल बहादुर ने माता विषहरी स्थान के सौंदर्यीकरण का अनुरोध किया। वहीं, रानीगंज के हसनपुर निवासी पिंकी देवी ने अनुकंपा के आधार पर डीलर चयन की जांच की मांग की। जोकीहाट निवासी अजीम उद्दीन ने विद्यालय में छात्र के नामांकन से संबंधित शिकायत दर्ज कराई, और नरपतगंज प्रखंड के भंगही पंचायत निवासी नेघु राम ने भूमि मापी के लिए आवेदन दिया। जिलाधिकारी ने सभी संबंधित विभागीय अधिकारियों को जनता दरबार में प्राप्त आवेदनों का समयबद्ध निष्पादन सुनिश्चित करने के निर्देश दोहराए।
जोधपुर में जिला शिक्षा अधिकारी ( प्रारंभिक) कमलेश कुमार त्रिपाठी को एपीओ कर दिया गया है। इस दौरान उनका मुख्यालय बारां में रहेगा। शिक्षा विभाग की तरफ से जारी आदेश में कहा गया कि जिला शिक्षा अधिकारी (मु.) प्रारंभिक शिक्षा जोधपुर कमलेश कुमार त्रिपाठी को प्रशासनिक कारणों से तत्काल प्रभाव से अगले आदेशों तक पदस्थापन आदेशों की प्रतीक्षा में रखा जाता है। इस अवधि में इनका मुख्यालय कार्यालय मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी बारां रहेगा। शिक्षकों को नोटिस देने पर हुआ था विवाद गौरतलब है कि जोधपुर में शिक्षा का अधिकार अधिनियम-2009 (RTE) के तहत हुए घोटाले को लेकर 100 शिक्षकों को त्रिपाठी ने नोटिस जारी किए थे। इसे लेकर शिक्षकों ने कहा था कि इस फर्जीवाड़ा में उनका कोई रोल नहीं है। वहीं इस खेल के मास्टरमाइंड एक बाबू को बाद में सस्पेंड कर दिया गया था। मामले को लेकर भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के नेतृत्व में शिक्षकों ने कमलेश कुमार त्रिपाठी का घेराव भी किया था। शिक्षकों को गलत नोटिस देकर मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया था। सुप्रीम कोर्ट के फैसले को लेकर राजस्थानी भाषा समर्थकों ने बांटी मिठाइयां सुप्रीम कोर्ट द्वारा हाल ही राजस्थान सरकार को सरकारी और निजी स्कूलों में राजस्थानी भाषा को विषय के रूप में पढ़ाने के निर्देश देने के बाद जोधपुर में राजस्थानी भाषा समर्थकों ने खुशी जताई। इस ऐतिहासिक फैसले के स्वागत में जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय जोधपुर के मुख्य द्वार पर राजस्थानी भाषा समर्थकों ने मिठाइयां बांटी और पटाखे फोड़कर खुशी का इजहार किया। कार्यक्रम में राजस्थानी मोटियार परिषद जोधपुर के जिला अध्यक्ष डॉ. भीवसिंह राठौड़ ने सुप्रीम कोर्ट के इस निर्णय को ऐतिहासिक बताते हुए आभार जताया। साथ ही सर्वोच्च न्यायालय में याचिका दायर करने वाले प्रोफेसर डॉ. कल्याण सिंह शेखावत का माल्यार्पण कर स्वागत किया गया। डॉ. जितेंद्र सिंह साठीका ने कहा- यह फैसला संपूर्ण राजस्थानवासियों के लिए गर्व और सम्मान का विषय है। वहीं प्रोफेसर डॉ. कल्याण सिंह शेखावत ने राजस्थान सरकार से मांग की कि प्राथमिक शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक राजस्थानी भाषा को जल्द लागू किया जाए तथा राजस्थानी को प्रदेश की राजभाषा का दर्जा दिया जाए। युवाओं के रोजगार के खुलेंगे अवसर राजस्थानी मोटियार परिषद के जगदीश मेघवाल ने कहा- भाषा को मान्यता मिलने से राजस्थान के युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर खुलेंगे। डॉ. सवाई सिंह राठौड़ ने बताया- यूपीएससी और आरपीएससी जैसी प्रतियोगी परीक्षाओं में भी राजस्थानी भाषा का प्रभाव बढ़ेगा, जिससे अधिक लोगों को रोजगार प्राप्त होगा। इस अवसर पर एबीवीपी के विभाग संयोजक ललित दाधीच ने कहा- राजस्थानी हमारी मातृभाषा है और केंद्र सरकार को इसे संविधान की आठवीं अनुसूची में शामिल करना चाहिए। इस मौके पर डॉ. अमित गहलोत, हनुमान सिंह, जयपाल सिंह, युवराज सिंह, उम्मेद सिंह, स्वरूप सिंह, प्रकाश सिंह, जसवंत सिंह, महिपाल सिंह गौतम, सुरेंद्र सिंह आदि राजस्थानी भाषा समर्थक मौजूद रहे।
एटा में स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम का आयोजन:बच्चों और अभिभावकों को शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया
एटा के जैथरा ब्लॉक स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय अहमदपुर कला में स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यालय में नामांकित बच्चों को प्रारंभिक शिक्षा के लिए तैयार करना और सीखने के प्रति उनकी रुचि विकसित करना था। इस कार्यक्रम में जिला स्तरीय अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रधानमंत्री मातृ वंदना योजना की फाइनेंशियल लिटरेसी स्पेशलिस्ट डॉ. सारिका पुंढीर, आईसीडीएस मंडल कोऑर्डिनेटर संदीप तिवारी, प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन के जनपद समन्वयक तपन वर्मा और जनपद नोडल सोबरन सिंह शाक्य शामिल थे। कार्यक्रम के दौरान विद्यालय परिसर को सजाया गया। विभिन्न शैक्षिक गतिविधियों, खेल-आधारित शिक्षण सामग्री और रचनात्मक प्रदर्शनियों के माध्यम से बच्चों को सीखने के लिए प्रेरित किया गया। विद्यालय के वातावरण को सीखने के अनुकूल और रुचिकर बनाने पर विशेष ध्यान दिया गया। डॉ. सारिका पुंढीर ने इस अवसर पर कहा कि स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम बच्चों के शैक्षिक विकास की नींव तैयार करते हैं। उन्होंने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में भी बच्चों को विषयों की समझ बढ़ाने का कार्य किया जा रहा है। उन्होंने आंगनवाड़ी और शिक्षा विभाग के सहयोग से ऐसे कार्यक्रमों को नवाचार को बढ़ावा देने वाला बताया। मंडल कोऑर्डिनेटर संदीप तिवारी ने अपने संबोधन में कहा कि स्कूल रेडिनेस कार्यक्रम बच्चों के शैक्षिक, मानसिक और सामाजिक विकास की मजबूत नींव तैयार करने का एक महत्वपूर्ण माध्यम है। उन्होंने अभिभावकों से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और घर पर सकारात्मक शैक्षिक वातावरण उपलब्ध कराने का आह्वान किया। जनपद समन्वयक तपन वर्मा ने जानकारी दी कि स्कूल रेडिनेस फेज-2 के तहत बच्चों की भाषा, गणितीय क्षमता, रचनात्मकता, संवाद कौशल और आत्मविश्वास विकसित करने के लिए विभिन्न गतिविधियां आयोजित की जाएंगी। प्रधानाचार्य विपिन ने बताया कि इस कार्यक्रम के माध्यम से विद्यालय और समुदाय के बीच समन्वय को मजबूत करने पर विशेष जोर दिया गया। इस अवसर पर ग्राम प्रधान एवं अन्य अतिथियों ने विद्यालय द्वारा किए जा रहे नवाचारों की सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के आयोजन बच्चों को विद्यालय से जोड़ने एवं शिक्षा की गुणवत्ता बढ़ाने में अत्यंत सहायक सिद्ध होंगे। समन्वय से संचालित यह कार्यक्रम बच्चों के सर्वांगीण विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रशासन द्वारा सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त किया गया तथा बच्चों के उज्ज्वल भविष्य हेतु सामूहिक सहयोग का आह्वान किया गया।इस अवसर पर उच्च प्राथमिक विद्यालय अहमद पुर के प्रधानाचार्य विपिन, शिव नाडर एजुकेशन फाऊंडेशन ग्राम प्रधान युनुस खान सीडीपीओ, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर कमलेश ,सुशीला आंगनबाड़ी रीमा यादव ,ओमप्रभा, सीमा, वीर वाला सुनीता सहित ग्राम प्रधान, आंगनवाड़ी सुपरवाइजर, जनपद एवं मंडल कोऑर्डिनेटर, विद्यालय प्रबंधन समिति एसएमसी के सदस्य, अभिभावकगण, प्रधान अध्यापक,एसआरजी विपिन शाक्य,राजीव यादव,शिक्षक गण एवं स्थानीय नागरिक व सैकड़ो अभिभावक उपस्थित थे।
कौशांबी में 15 मई को अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) के कार्यकर्ताओं ने शैक्षिक भ्रष्टाचार और निजी स्कूलों की मनमानी फीस के खिलाफ प्रदर्शन किया। उन्होंने जिलाधिकारी कार्यालय पर धरना दिया और मुख्यमंत्री के नाम संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी कौशांबी को सौंपा। इस प्रदर्शन में जिले भर से कार्यकर्ताओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। महंगी फीस और किताबों को लेकर आंदोलन जिला संयोजक शिवांशु शुक्ला ने बताया कि पिछले महीने भी ABVP ने निजी स्कूलों द्वारा महंगी फीस और किताबों को लेकर आंदोलन किया था। एक महीने का समय बीतने के बावजूद बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। ज्ञापन में कई प्रमुख मांगें उठाई गईं। इनमें निजी स्कूलों द्वारा शिक्षा के बाजारीकरण पर रोक लगाना और प्रवेश शुल्क केवल एक बार लेना शामिल है। ABVP ने मांग की कि LKG छात्रों से 13,000 रुपये से अधिक लिए गए प्रवेश शुल्क को वापस कराया जाए। फीस वृद्धि रोकने के लिए नियम बनाने की अपील परिषद ने प्रशासन से निजी स्कूलों के लिए शुल्क निर्धारित करने और फीस वृद्धि रोकने के लिए कठोर नियम बनाने की अपील की। उन्होंने यह भी मांग की कि सभी स्कूलों में एनसीईआरटी की पुस्तकें चलाई जाएं, क्योंकि निजी स्कूल अक्सर अपनी प्रकाशन की महंगी किताबें चलाते हैं। इसके अतिरिक्त, राइट टू एजुकेशन (RTE) के तहत निजी स्कूलों में गरीब और वंचित बच्चों के लिए आरक्षित 25% सीटों की जांच की मांग की गई, ताकि उन्हें उनका अधिकार मिल सके। एडेड इंटर कॉलेजों में कक्षा 6 से 8 तक के बच्चों के लिए निःशुल्क शिक्षा के प्रावधान के बावजूद अवैध वसूली के मामलों पर भी चिंता व्यक्त की गई। कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि BSA द्वारा केवल दो-तीन स्कूलों की जांच करके खानापूर्ति की गई और स्कूल प्रबंधन को क्लीन चिट दे दी गई। ये रहे मौजूद इस दौरान जिला संगठन मंत्री अश्वनी सिंह, प्रांत सह मंत्री शिव बाबू चौधरी, प्रांत एसएफडी संयोजक सुशील सोनकर, सिराथू तहसील संयोजक आनंद सिंह पटेल, पवन भट्ट, मंझनपुर नगर मंत्री दीपक राजपूत, प्रदेश कार्यकारिणी सदस्य गौरव मिश्रा, मंझनपुर तहसील संयोजक बंश केसरवानी, चायल तहसील संयोजक प्रशांत मणि पांडेय सहित बड़ी संख्या में छात्र और विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
धौलपुर में बुधवार को एनएसयूआई ने नीट परीक्षा पेपरलीक मामले को लेकर जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। छात्रों में बढ़ते आक्रोश के बीच, एनएसयूआई के ज़िलाध्यक्ष सचिन कसाना और यूथ कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष उज्ज्वल शर्मा के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की अर्थी निकालकर उनका पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान, कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। एनएसयूआई पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण लाखों छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हुआ है। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे, नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भंग करने और पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग उठाई। एनएसयूआई नेताओं ने कहा कि लगातार सामने आ रहे पेपरलीक मामलों से देश का युवा खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल रही है और छात्रों के भविष्य को लेकर गंभीर नहीं है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इस प्रदर्शन में भूरा मानपुर, जितेंद्र सिंह, परमहंस, हेमंत शर्मा, अमित लोधा, देशराज कसाना, दीपक चंदेला, अजय परमार, शैलेंद्र परमार, सूरज परमार, शिवा सहित बड़ी संख्या में एनएसयूआई कार्यकर्ता और छात्र मौजूद रहे।
पटना के रवीन्द्र भवन के सभागार में 17 मई को प्राइवेट स्कूल्स एंड चिल्ड्रेन वेलफेयर एसोसिएशन (PSACWA) के 15वें स्थापना दिवस समारोह का आयोजन किया जाएगा। बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। एसोसिएशन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सैयद शमायल अहमद ने शुक्रवार को जानकारी देते हुए बताया कि उन्होंने हाल ही में शिक्षा मंत्री से उनके सरकारी कार्यालय में शिष्टाचार मुलाकात कर उन्हें इस कार्यक्रम में शामिल होने का आमंत्रण दिया, जिसे मंत्री ने सहर्ष स्वीकार कर लिया। यह समारोह एसोसिएशन की स्थापना (2011–2026) के 15 वर्षों की उपलब्धियों को समर्पित होगा। इस अवसर पर बिहार बोर्ड, CBSE एवं ICSE के कक्षा 10वीं और 12वीं के मेधावी छात्रों को सम्मानित किया जाएगा। साथ ही राज्य के सभी 38 जिलों से जुड़े लगभग 1500 चयनित विद्यालयों के संचालकों को भी मंच पर सम्मान प्रदान किया जाएगा। आयोजकों के अनुसार, यह कार्यक्रम शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले विद्यार्थियों और संस्थानों को प्रोत्साहित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल साबित होगा।
डूंगरपुर में राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) की जिला कमेटी ने शिक्षकों और विद्यार्थियों की समस्याओं को लेकर सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। शुक्रवार को संगठन के पदाधिकारियों ने कलेक्ट्रेट पर शिक्षा मंत्री का पुतला फूंका और अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री को ज्ञापन सौंपकर ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती को तुरंत वापस लेने और अन्य लंबित मांगों को पूरा करने की मांग की। राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत) के प्रदेश उपाध्यक्ष हेमंत खराड़ी ने बताया कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों के कारण जून माह में तापमान अक्सर 50 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है। ऐसे में ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती और संस्था प्रधानों के विवेकाधीन अवकाश में कमी करना तर्कहीन है। उन्होंने कहा कि स्कूलों में पीने के पानी और गर्मी से बचाव के पर्याप्त साधन नहीं हैं, जिससे जून में स्कूल चलाना विद्यार्थियों और शिक्षकों के स्वास्थ्य के लिए जोखिम भरा है। ज्ञापन में संगठन ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में की गई कटौती को निरस्त कर पूर्ववत व्यवस्था लागू करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, पोषाहार (MDM) और ट्रांसपोर्ट वाउचर का लंबे समय से रुका हुआ भुगतान तुरंत करने, सभी विद्यालयों में पर्याप्त स्टाफ लगाने, बिजली-पानी और कमरों की व्यवस्था सुनिश्चित करने, तथा शिक्षकों के लिए स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने सहित अन्य मांगों को भी उठाया गया। शिक्षकों ने चेतावनी दी है कि यदि इन मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो संगठन एक बड़े और तीव्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा। उन्होंने कहा कि इसकी समस्त जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी। शिक्षक पिछले काफी समय से ब्लॉक और जिला मुख्यालयों पर प्रदर्शन कर अपना विरोध दर्ज करा रहे हैं।
झांसी में शुक्रवार को शादी की रस्में पूरी होने के अगले ही दिन एक नवविवाहिता दुल्हन लाल जोड़ा पहनकर राजकीय महाविद्यालय में परीक्षा देने पहुंची। हाथों में मेहंदी, मांग में सिंदूर और शादी का जोड़ा पहने दुल्हन को परीक्षा केंद्र पर देखकर छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी उत्सुक नजर आए। खास बात यह रही कि दूल्हा खुद अपनी पत्नी को परीक्षा दिलाने कॉलेज लेकर पहुंचा और उसका उत्साह बढ़ाया। देखिए दो तस्वीरें… समथर कस्बे की नवविवाहिता लाली कुमारी की शादी 14 मई को थी। शादी के अगले ही दिन लाली कुमारी लाल जोड़ा पहनकर परीक्षा देने राजकीय महाविद्यालय पहुंचीं। हाथों में मेहंदी, मांग में सिंदूर और विवाह का जोड़ा पहने दुल्हन को परीक्षा केंद्र पर देखकर छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी उत्सुक नजर आए। सबसे खास बात यह रही कि दूल्हा खुद चार पहिया वाहन चलाकर अपनी पत्नी को परीक्षा दिलाने लेकर पहुंचा। नवदंपति का यह कदम क्षेत्र में चर्चा का विषय बना हुआ है। विदाई से पहले परीक्षा को दी प्राथमिकता समथर कस्बे के ग्राम छेंवटा निवासी लाली कुमारी बीए तृतीय वर्ष की छात्रा हैं। उनकी शादी मोठ तहसील के ग्राम सिमरिया निवासी रविंद्र कुमार के साथ 14 मई को संपन्न हुई। विवाह की सभी रस्में पूरी होने के बाद अगले दिन छठवें सेमेस्टर के राजनीतिक विज्ञान विषय की परीक्षा थी। ऐसे में लाली ने विदाई से पहले परीक्षा देने का निर्णय लिया। दूल्हा खुद लेकर पहुंचा परीक्षा केंद्र शुक्रवार सुबह रविंद्र कुमार स्वयं कार चलाकर अपनी नवविवाहिता पत्नी को परीक्षा केंद्र लेकर पहुंचे। कॉलेज परिसर में जब लाल जोड़े में दुल्हन पहुंची तो वहां मौजूद छात्र-छात्राएं और शिक्षक भी हैरान रह गए। लोगों ने शिक्षा के प्रति लाली के समर्पण और दूल्हे के सहयोगात्मक व्यवहार की सराहना की। दुल्हन लाली कुमारी ने कहा - शिक्षा उनके जीवन का अहम हिस्सा है और वह शादी के बाद भी अपनी पढ़ाई को लगातार जारी रखना चाहती हैं। उन्होंने बताया कि परीक्षा छोड़ना उन्हें उचित नहीं लगा, इसलिए विवाह की व्यस्तताओं के बावजूद उन्होंने पहले परीक्षा देने का फैसला किया। लाली ने कहा कि यदि परिवार का सहयोग मिले तो बेटियां हर जिम्मेदारी के साथ अपनी शिक्षा भी पूरी कर सकती हैं। दूल्हे रविंद्र कुमार ने कहा - महिलाओं और बेटियों की शिक्षा समाज के विकास के लिए बेहद जरूरी है। उन्होंने कहा कि शादी के बाद भी लड़कियों को अपने सपनों और पढ़ाई को जारी रखने का पूरा अवसर मिलना चाहिए। रविंद्र ने बताया कि उन्होंने सिर्फ अपने परिवार का ही नहीं, बल्कि समाज को भी एक सकारात्मक संदेश देने का प्रयास किया है कि शिक्षा किसी भी परिस्थिति में नहीं रुकनी चाहिए। नवदंपति की इस पहल की महाविद्यालय परिसर में मौजूद लोगों ने सराहना की। क्षेत्र में यह घटना शिक्षा और महिला सशक्तिकरण की प्रेरणादायक मिसाल के रूप में चर्चा का विषय बनी हुई है।
जहानाबाद में शुक्रवार को जिला पदाधिकारी अलंकृता पाण्डेय की अध्यक्षता में जनता दरबार का आयोजन किया गया। समाहरणालय स्थित इस दरबार में कुल 41 आवेदनों की सुनवाई हुई, जिसमें डीएम ने आम लोगों की समस्याओं के त्वरित और समयबद्ध समाधान का आश्वासन दिया। जिला प्रशासन के अनुसार, विभागीय निर्देशों के तहत तकनीकी और गैर-तकनीकी विभागों में नियमित रूप से जनता दरबार आयोजित किए जा रहे हैं। इसका मुख्य उद्देश्य आम नागरिकों की शिकायतों का शीघ्र निवारण सुनिश्चित करना है। जनता दरबार में अपर समाहर्ता सह जिला लोक शिकायत निवारण पदाधिकारी राजीव कुमार सहित अन्य अधिकारियों ने समाहरणालय के ग्राम प्लेक्स भवन में लोगों की शिकायतें सुनीं। सुनवाई के दौरान विभिन्न विभागों से संबंधित मामले सामने आए। इनमें शिक्षा विभाग से जुड़े विद्यालय नामांकन के 8, स्वास्थ्य विभाग के 2, अतिक्रमण के 7, परिमार्जन के 2, इंदिरा आवास योजना का 1, नाली-गली से जुड़े 2 और राशन कार्ड से संबंधित 1 आवेदन शामिल था। इसके अतिरिक्त, बिजली, जलजमाव और अन्य विभागों से जुड़ी शिकायतें भी प्राप्त हुईं। जिलाधिकारी ने भूमि विवाद और अतिक्रमण से संबंधित मामलों को प्राथमिकता देते हुए संबंधित अंचल अधिकारियों को तत्काल कार्रवाई करने का निर्देश दिया। इसी तरह, विद्यालय नामांकन से जुड़े मामलों के समाधान के लिए जिला शिक्षा पदाधिकारी को आवश्यक कदम उठाने को कहा गया। इस अवसर पर विनय कुमार सिंह, रोहित कुमार मिश्रा, होमा इरफान, पूनम कुमारी, विजेता रंजन, संजय कुमार सहित कई अन्य जिलास्तरीय पदाधिकारी उपस्थित थे।
देवघर में नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक मामले को लेकर छात्रों और झारखंड छात्र मोर्चा के कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया। शहर के स्थानीय टावर चौक पर बड़ी संख्या में जुटे छात्रों और संगठन के सदस्यों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ नारेबाजी करते हुए उनका पुतला दहन किया। इस दौरान पूरे इलाके में काफी देर तक राजनीतिक और छात्र संगठनों की गतिविधियां तेज रहीं। इस प्रदर्शन में झारखंड छात्र मोर्चा के अलावा कई सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ता भी शामिल हुए। झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय शर्मा, वरिष्ठ नेता सुरेश शाह और छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजा कुमार सहित कई कार्यकर्ताओं ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि नीट जैसी महत्वपूर्ण परीक्षा में पेपर लीक की घटनाएं देश के लाखों मेहनती छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। छात्र मोर्चा के जिला अध्यक्ष राजा कुमार ने कहा कि छात्र दिन-रात मेहनत कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। उनके अभिभावक भी बच्चों की पढ़ाई के लिए हर संभव प्रयास करते हैं, लेकिन जब परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ी सामने आती है तो छात्रों का मनोबल टूट जाता है। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए इस मामले में जवाबदेही तय करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने पेपर लीक मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। साथ ही, केंद्रीय शिक्षा मंत्री से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी उठाई गई। झारखंड मुक्ति मोर्चा के जिला अध्यक्ष संजय शर्मा ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के बजाय लगातार अनियमितताओं की खबरें सामने आ रही हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि समय रहते इस पर रोक नहीं लगी तो युवाओं का भरोसा परीक्षा प्रणाली से उठ सकता है। छात्रों ने सरकार को चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो आंदोलन और तेज किया जाएगा।
PM मोदी की अपील के बाद बिहार में आज सरकार नो व्हीकल डे मना रही है। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी CM हाउस से 50 मीटर की दूरी तय कर सचिवालय तक पैदल गए। RLM सुप्रीमो उपेन्द्र कुशवाहा के बेटे और बिहार सरकार में मंत्री दीपक प्रकाश भी अपने सरकारी आवास से सचिवालय पैदल चले। उन्होंने लगभग 1 KM की दूरी तय की। शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी आज ई रिक्शा से सचिवाल पहुंचे। उन्होंने इस दौरान अपने समर्थकों के साथ भारत माता जय के नारे भी लगाए। खगड़िया में DM-SP के साथ बाकी अधिकारी भी साइकिल से अपने दफ्तार पहुंचे। इनके साथ सुरक्षाकर्मी भी साइकिल पर ही दिखाई दिए। गयाजी रेलवे स्टेशन के बाहर RPF जवान भी साइकिल से गश्ती करते नजर आए। CM की पहल के बाद भी सचिवालय परिसर में 1700 बाइक और करीब 250 कार पार्क की गई हैं। सरकार के नो व्हीकल डे की तस्वीरें देखिए… मंत्रियों के बाद अफसर भी साइकिल पर उतरे CM बोले- प्राइवेट और सरकारी ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम लागू हो गुरुवार को पटना से दरभंगा जाने के दौरान CM 3 गाड़ियों से एयरपोर्ट पहुंचे थे। इससे पहले उनके कारकेड में 19 गाड़ियां होती थीं। दरभंगा के कार्यक्रम में उन्होंने लोगों से अपील की थी कि, लोग पब्लिक ट्रांसपोर्ट का इस्तेमाल करें। प्राइवेट और सरकारी ऑफिस में वर्क फ्रॉम होम लागू किया जाए। मंत्री और जनप्रतिनिधि अपनी गाड़ियों को कम करें। सप्ताह में एक दिन नो व्हीकल डे रखा जाए। ------------------------- ये खबर भी पढ़िए… बिहार में 3 रुपए प्रति लीटर महंगा हुआ पेट्रोल-डीजल:अब पेट्रोल 108 रुपए, डीजल 94 रुपए हुआ, कारोबारी बोले- इतनी बढ़ोतरी की उम्मीद नहीं थी अमेरिका और ईरान की जंग के बीच देश में पेट्रोल-डीजल की कीमतें बढ़ा दी गई है। पेट्रोल और डीजल 3-3 रुपए प्रति लीटर महंगा हो गया है। शुक्रवार 15 मई, 2026 को पेट्रोलियम कंपनियों ने डीजल पेट्रोल के दाम बढ़ा दिए। नए दाम आज 15 मई से लागू हो गए हैं। बिहार में अब पेट्रोल की कीमत पटना में 108.67 रुपए प्रति लीटर हो गई है। गुरुवार तक पटना में पेट्रोल की कीमत 105.37 रुपए प्रति लीटर थी। वहीं डीजल के दाम भी बढ़े हैं अब पटना में डीजल की कीमत 94.65 रुपए प्रति लीटर हो गया है, जबकि कल तक डीजल की कीमत 91.65 रुपए प्रति लीटर थी। पेट्रोल और डीजल की कीमतों के साथ प्रमुख शहरों में CNG भी ₹2 प्रति किलो तक महंगी हो गई हैं। पूरी खबर पढ़िए
नीट पेपर लीक : मांगा शिक्षा मंत्री का इस्तीफा
महासमुंद| नीट पेपर लीक मामले को लेकर आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष भूपेंद्र चंद्राकर ने केंद्र सरकार पर कड़ा प्रहार किया है। चंद्राकर ने कहा कि 23 लाख छात्रों का भविष्य राजनीतिक संरक्षण और मिलीभगत की भेंट चढ़ गया है। 2017 से 2026 तक बार-बार होते पेपर लीक तंत्र की नाकामी हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि परीक्षा से 42 घंटे पहले प्रश्नपत्र व्हाट्सएप पर बिक रहे थे, फिर भी सिस्टम सोया रहा। आप ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, छात्रों को मुआवजे और तत्काल जेपीसी गठन की मांग की है।
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान स्कूल शिक्षा की ओर से शिक्षकों की लंबित मांगों के समाधान को लेकर आंदोलन के प्रथम चरण में प्रदेशभर के खंड मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन हुआ। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा, शिक्षामंत्री मदन दिलावर के नाम ज्ञापन सौंपे गए। गिड़ा खंड में बड़ी संख्या में शिक्षक तहसील कार्यालय पहुंचे। तहसीलदार के माध्यम से सरकार को ज्ञापन भेजा। प्रदर्शन गिड़ा खंड महामंत्री नरपतराम जांगिड़, कोषाध्यक्ष रामसिंह सिसोदिया के नेतृत्व में हुआ। शिक्षक नेता प्रेमसिंह भाटी पांचला ने बताया कि कई बार वार्ता, निवेदन के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं हुआ। शिक्षकों में रोष है। ज्ञापन में ग्रीष्मावकाश सहित सभी अवकाश यथावत रखने की मांग रखी गई। सत्र 2026-27 के शिक्षण कैलेंडर में संशोधन की मांग उठाई गई। तृतीय वेतन श्रृंखला सहित विभिन्न संवर्गों की वेतन विसंगतियां दूर करने की मांग रखी गई। तृतीय श्रेणी सहित सभी शिक्षकों के स्थानांतरण करने की मांग उठाई गई। वर्षों से लंबित पदोन्नतियां करने की मांग रखी गई। ज्ञापन में वर्ष 2019 से उन्नयनित विद्यालयों में पद सृजित कर स्थानांतरण करने की मांग भी शामिल रही। शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त रखने की मांग रखी गई। ओल्ड पेंशन स्कीम संबंधी चुनावी वादा पूरा करने की मांग उठाई गई। संविदा शिक्षकों को नियमित करने की मांग भी रखी गई। इस दौरान प्रधानाचार्य गुणेश कुमार हुड्डा, बलीराम मीणा, व्याख्याता अचलाराम, मूलाराम, अनवर खां, भूराराम, सोनाराम सारण, मनोहरसिंह, खुमाराम सारण, तेजाराम सारण, किशनपुरी गोस्वामी, पारसराम भील, जेठाराम गौड़, हनुमानराम सारण, ताराचंद मेघवाल, राजेंद्र मीणा आदि मौजूद रहे।
आज की शिक्षा पद्धति ढोंग, प्राचीन भारत का ज्ञान तंत्र समृद्ध : कृष्णचंद्र ठाकुर
उदयपुरकोटा | कॉमर्स कॉलेज में आयोजित भागवत कथा के छठे दिन कृष्णचंद्र ठाकुर ने आधुनिक शिक्षा प्रणाली पर तीखा प्रहार किया। उन्होंने कहा कि आज की शिक्षा पद्धति केवल ढोंग बनकर रह गई है, जबकि प्राचीन भारत का ज्ञान तंत्र अत्यंत समृद्ध था। परमात्मा एक और सर्वव्यापक है। कथा में शिव-पार्वती विवाह का प्रसंग सुनाया गया। हर-हर महादेव के जयघोष के बीच कन्यादान और पाणिग्रहण संस्कार हुए। श्रीकृष्ण-रुक्मणि विवाह की मनमोहक झांकी सजाई गई। मेवाड़ की वीरता का भी वर्णन हुआ। महंत अशोक तिवारी ने बताया कि आयोजन में पूर्व राजपरिवार के सदस्य लक्ष्यराज सिंह, पूर्व मंत्री श्रीचंद कृपलानी, सुरेंद्र विजय आदि शामिल हुए। गोपी-उद्धव संवाद सुनकर श्रद्धालु भावुक हो गए और भजनों पर जमकर झूमे।
पिंजरापोल गोशाला सांगानेर में संचालित वेद विद्यालय के नए भवन निर्माण का गुरुवार को शिलान्यास हुआ। श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र न्यास अयोध्या के कोषाध्यक्ष स्वामी गोविन्ददेव गिरि महाराज के सान्निध्य में विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ शिलान्यास कार्यक्रम किया गया। भवन निर्माण कार्य अगले 18 महीनों में पूरा कर दिया जाएगा, जिस पर करीब 4 करोड़ रुपए खर्चे होंगे। विद्यालय भवन दो चरणों में तैयार किया जाएगा, जिसमें लगभग 200 विद्यार्थियों के अध्ययन और आवास की व्यवस्था होगी। पहले चरण में करीब 100 विद्यार्थियों के लिए भवन निर्माण किया जाएगा। विद्यालय में विद्यार्थियों को चारों वेदों का अध्ययन कराया जाएगा। इसके साथ ही आधुनिक विषयों में अंग्रेजी, कंप्यूटर, सामाजिक विज्ञान, विज्ञान और संस्कृत व्याकरण की शिक्षा भी दी जाएगी। विद्यार्थियों को श्रीमद्भगवद्गीता, भागवत पुराण सहित भारतीय संस्कृति और धर्मग्रंथों का ज्ञान भी कराया जाएगा। इस दौरान पिंजरापोल गोशाला के अध्यक्ष नारायण लाल अग्रवाल, महामंत्री शिवरतन चितलांगिया, संयुक्त सचिव विवेक लड्ढा, भामाशाह कैलाश कानोडिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे। महर्षि वेदव्यास प्रतिष्ठान पुणे के देशभर में 50 वेद विद्यालय संचालित, जयपुर में पहला होगा महर्षि वेद व्यास प्रतिष्ठान के तत्वावधान में देशभर में 50 वेद विद्यालय संचालित हो रहे हैं। इस सहित राजस्थान में भी पांच विद्यालय संचालित हैं। पिंजरापोल गोशाला में पिछले दो साल से 20 विद्यार्थियों के साथ वेद विद्यालय संचालित किया जा रहा है। अब विद्यार्थियों की संख्या और सुविधाओं को बढ़ाने के लिए नए भवन का निर्माण कराया जाएगा। 5 बीघा जमीन में बनेगा। 16 कमरें, रसोई, मंदिर, लाइब्रेरी। एक कमरें में 14 बच्चे रहेंगे। वेद विद्यालय में आमजनों के लिए भी गीता व श्रीमद भागवत कथा, रामायण व महाभारत का अध्ययन करवाया जाएगा।
बेसिक शिक्षा निदेशक 18 मई को स्पष्टीकरण सहित तलब:हाईकोर्ट आधी-अधूरी जानकारी उपलब्ध कराने पर नाराज
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बेसिक शिक्षा निदेशक उप्र लखनऊ को स्पष्टीकरण के साथ 18 मई को तलब किया है । यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने सुशील कुमार सिंह की याचिका पर दिया है। कोर्ट ने कहा कि याची को बीएसए मऊ की तरफ से अनुभव प्रमाणपत्र जारी किया गया। प्रमाणपत्र की सत्यता को लेकर सवाल उठा। हाईकोर्ट ने निदेशक से जानकारी मांगी तो उन्होंने बताया कि डिस्पैच रजिस्टर में दर्ज नहीं है जारी प्रमाणपत्र और बी एस ए का कहना है कि उनके हस्ताक्षर नहीं है। देखना चाहिये कि क्या उचित है कोर्ट ने इस जानकारी को बिना विवेक का इस्तेमाल किए दिया गया माना कहा स्थापित कानून हैं कि डिस्पैच रजिस्टर में दर्ज न होने के आधार पर किसी के दावे को अस्वीकार नहीं किया जा सकता। सुप्रीम कोर्ट के सुबोध कुमार प्रसाद केस का हवाला दिया।कहा निदेशक की दी गई जानकारी सही नहीं है। उस बी एस ए का नाम नहीं लिखा जिसने हस्ताक्षर किए थे और जिससे पूछताछ की गई थी। कोर्ट ने कहा निदेशक को जानकारी उपलब्ध कराने के पहले खुद देखना चाहिए कि जानकारी उचित है या नहीं। कोर्ट ने कहा ऐसे उच्च अधिकारी से उम्मीद की जाती है कि वह तथ्यों की गहन जांच करके आगे बढाये ।जिस पर कोर्ट ने अपने आचरण के स्पष्टीकरण के साथ बेसिक शिक्षा निदेशक को हाजिर होने का निर्देश दिया है।
कोंडागांव के अबुझमाड़ क्षेत्र में कभी नक्सल प्रभाव के कारण दहशत में रहने वाले दूरस्थ गांवों में अब बदलाव की तस्वीर दिखाई देने लगी है। भारत-तिब्बत सीमा पुलिस बल (ITBP) सुरक्षा अभियान के साथ-साथ ग्रामीणों तक शिक्षा, स्वास्थ्य, खेल और बुनियादी सुविधाएं पहुंचाने का काम भी कर रहा है। 41वीं वाहिनी ITBP ने नारायणपुर जिले के अतिसंवेदनशील गांव नेलांगुर, पदमकोट और बेडमाकोटी में “स्पेशल CAP प्रोजेक्ट 2025-26” के तहत विशेष सिविक एक्शन कार्यक्रम आयोजित किया। कार्यक्रम का उद्देश्य ग्रामीणों को मुख्यधारा से जोड़ना और उनके साथ आत्मीय संबंध स्थापित करना था। ग्रामीणों को दिए सिन्टेक्स वाटर टैंक कार्यक्रम के दौरान 41वीं वाहिनी के कमांडेंट बेनुधर नायक ने ग्रामीणों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराने के लिए सिन्टेक्स वाटर टैंक वितरित किए। लंबे समय से पेयजल समस्या से जूझ रहे ग्रामीणों ने इस पहल का स्वागत किया। ग्रामीणों ने कहा कि स्वच्छ पानी की सुविधा मिलने से अब उन्हें काफी राहत मिलेगी और दैनिक जीवन आसान होगा। युवाओं को दिया नशामुक्ति का संदेश कार्यक्रम में युवाओं और ग्रामीणों के लिए नशा मुक्ति जागरूकता सत्र भी आयोजित किया गया। कमांडेंट बेनुधर नायक ने नशे के दुष्प्रभावों और समाज पर पड़ने वाले उसके नकारात्मक असर की जानकारी दी। उन्होंने युवाओं से नशे से दूर रहकर शिक्षा, खेल और सकारात्मक जीवनशैली अपनाने की अपील की। बच्चों संग खेलते नजर आए ITBP जवान कार्यक्रम का भावुक दृश्य तब देखने को मिला, जब ITBP जवानों ने नेलांगुर और पदमकोट कैंप में पढ़ने वाले बच्चों के साथ समय बिताया। जवानों ने बच्चों से पढ़ाई, सपनों और भविष्य को लेकर बातचीत की। इस दौरान बच्चों को स्टेशनरी सामग्री और खेलकूद के सामान भी वितरित किए गए। उपहार पाकर बच्चों के चेहरे खुशी से खिल उठे। जवानों ने बच्चों के साथ खेलकर उनका उत्साह और आत्मविश्वास भी बढ़ाया। सिर्फ सुरक्षा नहीं, विकास भी प्राथमिकता: कमांडेंट कमांडेंट बेनुधर नायक ने कहा कि ITBP केवल सुरक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि समाज के हर वर्ग के विकास और खुशहाली के लिए भी प्रतिबद्ध है। उन्होंने कहा कि शिक्षा, अनुशासन और सकारात्मक सोच ही बच्चों और युवाओं को उज्ज्वल भविष्य की ओर ले जा सकती है।
किशनगंज जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन ने ई-शिक्षाकोष पोर्टल पर अत्यधिक दूरी से उपस्थिति दर्ज करने के मामले को गंभीरता से लिया है। इस संबंध में 07 शिक्षकों और शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने बताया कि 14 मई को ई-शिक्षाकोष पोर्टल की समीक्षा के दौरान यह पाया गया कि कुछ शिक्षकों द्वारा 100 किलोमीटर से अधिक दूरी से उपस्थिति दर्ज की जा रही थी। पोर्टल के आंकड़ों से यह स्पष्ट हुआ कि संबंधित शिक्षक और शिक्षिकाएं किशनगंज जिले से बाहर रहते हुए अपनी 'मार्क ऑन ड्यूटी' बना रहे थे। दो दिनों के भीतर मांगा जवाब इस प्रकार की गतिविधि को विभागीय नियमों के विरुद्ध बताते हुए, जिला शिक्षा पदाधिकारी ने इसे फर्जीवाड़ा, अनुशासनहीनता और कार्य के प्रति लापरवाही का द्योतक करार दिया है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, सभी संबंधित शिक्षकों को दो दिनों के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश दिया गया है। जिन शिक्षकों और शिक्षिकाओं से स्पष्टीकरण मांगा गया है, उनमें प्रोजेक्ट बालिका उच्च विद्यालय, पोठिया के विद्यालय अध्यापक सहादत हुसैन अंसारी; म०वि० भोगडाबर, ठाकुरगंज के विशिष्ट शिक्षक मो० नाहिद रजा; उ०म०वि० डांगीबस्ती, ठाकुरगंज की विद्यालय अध्यापिका सोनम राय; न०प्रा०वि० गिधिन गोला पासवान टोला, ठाकुरगंज के विशिष्ट शिक्षक प्रवीण कुमार; उ०म०वि० दुराघाटी, ठाकुरगंज के प्रधानाध्यापक महबूब आलम; उच्च माध्यमिक विद्यालय बरचौंदी, ठाकुरगंज के विद्यालय अध्यापक लोकेश कुमार; और म०वि० बनगामा, बहादुरगंज, जिला-किशनगंज के प्रखंड शिक्षक असगर बेलाल शामिल हैं। शिक्षकों-शिक्षिकाओं को पत्र जारी कर निर्देश जिला शिक्षा पदाधिकारी नासिर हुसैन ने स्पष्ट किया कि संतोषजनक जवाब नहीं मिलने की स्थिति में संबंधित शिक्षकों के विरुद्ध विभागीय आरोप पत्र गठित कर अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू की जाएगी। इस संबंध में संबंधित विद्यालयों के शिक्षकों और शिक्षिकाओं को पत्र जारी कर आवश्यक निर्देश दिए गए हैं।
नीट पेपर लीक पर NSUI ने सरकार को घेरा:जिलाध्यक्ष ने की केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
झाबुआ में नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक मामले पर एनएसयूआई ने केंद्र सरकार पर निशाना साधा है। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष नरवेश अमलियार ने एक प्रेसवार्ता में भाजपा सरकार और परीक्षा प्रणाली की आलोचना करते हुए 'नीट 2026 न्याय अभियान' शुरू करने की घोषणा की। अमलियार ने कहा कि लाखों छात्र सुनहरे भविष्य की उम्मीद में इस परीक्षा में शामिल होते हैं, लेकिन वर्तमान व्यवस्था ने उनकी मेहनत और आकांक्षाओं को प्रभावित किया है। उन्होंने सरकारी लापरवाही और भ्रष्टाचार पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्ष 2015 से अब तक कई बार पेपर लीक की घटनाएं हुई हैं, जिससे छात्रों का विश्वास टूटा है। अमलियार ने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को तत्काल भंग करने और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। एनएसयूआई ने सुप्रीम कोर्ट की निगरानी में सीबीआई जांच की मांग की। इसके साथ ही, प्रभावित छात्रों को मुफ्त मानसिक स्वास्थ्य सहायता, कानूनी सहायता और आर्थिक मुआवजा प्रदान करने की भी मांग की गई ताकि वे तनाव से उबर सकें। अमलियार ने यह भी कहा कि नई परीक्षा के आयोजन की स्थिति में सरकार को छात्रों के लिए मुफ्त परिवहन, ठहरने और भोजन जैसी बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध करानी चाहिए। उन्होंने प्रभावित छात्रों से इस कथित भ्रष्ट तंत्र के खिलाफ आवाज उठाने का आग्रह किया और कहा कि एनएसयूआई न्याय मिलने तक अपनी लड़ाई जारी रखेगी।
NEET-2026 परीक्षा में पेपर लीक मामले को लेकर गुरुवार शाम दतिया में कांग्रेस सड़कों पर उतर आई। जिला कांग्रेस कमेटी ने किला चौक पर प्रदर्शन कर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और परीक्षा व्यवस्था को लेकर केंद्र पर जमकर निशाना साधा। जिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा के नेतृत्व में हुए प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए आरोप लगाया कि लगातार हो रहे पेपर लीक से युवाओं का भविष्य अंधकार में जा रहा है और प्रतियोगी परीक्षाओं की विश्वसनीयता खत्म होती जा रही है। पूर्व विधायक घनश्याम सिंह ने कहा कि NEET पेपर लीक ने शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। लाखों छात्र वर्षों तक मेहनत करते हैं, लेकिन पेपर लीक जैसी घटनाएं उनकी मेहनत और सपनों पर पानी फेर देती हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा माफियाओं पर सख्त कार्रवाई नहीं होने से युवाओं में नाराजगी बढ़ रही है। जिलाध्यक्ष बोले- युवाओं का भरोसा कमजोर हुआजिला कांग्रेस अध्यक्ष अशोक दांगी बगदा ने कहा कि अभिभावक बच्चों की पढ़ाई के लिए कर्ज तक लेते हैं और परिवार अपनी जमा पूंजी खर्च कर देता है, लेकिन परीक्षाओं की निष्पक्षता लगातार सवालों के घेरे में है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले कुछ वर्षों में कई भर्ती और प्रवेश परीक्षाओं में पेपर लीक के मामले सामने आए हैं, जिससे युवाओं का भरोसा कमजोर हुआ है। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की। किला चौक पर कुछ देर तक प्रदर्शन और नारेबाजी का माहौल बना रहा।
जैसलमेर जिले के शिक्षकों ने अपनी लंबित मांगों को लेकर गुरुवार को कलेक्ट्रेट परिसर में प्रदर्शन किया और जमकर नारेबाजी की। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ के बैनर तले बड़ी संख्या में शिक्षक कलेक्ट्री परिसर में जुटे थे। शिक्षकों ने राजस्थान सरकार की नीतियों और नौकरशाही के रवैये पर कड़ा एतराज जताते हुए मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के नाम जिला प्रशासन को ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने ग्रीष्मकालीन अवकाश को पहले की तरह 45 दिन का करने की मांग की। साथ ही उन्होंने शिक्षा विभाग में ऑनलाइन काम का बोझ हटाने, संविदा पर कार्यरत शिक्षकों को नियमित करने, RGHS (स्वास्थ्य सुविधा) में आ रही बाधाओं को दूर करने की भी मांग उठाई। मांगें नहीं मानने पर आंदोलन की भी चेतावनी दी। कलेक्ट्रेट परिसर में की नारेबाजी शिक्षक संघ के जिलाध्यक्ष अनोप सिंह सोनू ने कहा-हम लंबे समय से अपनी जायज मांगों को लेकर शांतिपूर्ण तरीके से संवाद कर रहे हैं, लेकिन प्रशासन और विभाग की ओर से केवल उदासीनता मिल रही है। यदि समय रहते समस्याओं का समाधान नहीं हुआ, तो शिक्षक पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन करने को मजबूर होंगे। इन मांगों पर अड़े शिक्षक ग्रीष्मकालीन अवकाश शिक्षकों का अधिकार है, जिसे 'शिविरा कैलेंडर' में बदलाव कर प्रभावित करने की कोशिश की जा रही है। इसके अलावा, ऑनलाइन रिपोर्टिंग और अन्य गैर-शैक्षणिक कार्यों के कारण शिक्षकों का ध्यान मूल शिक्षण कार्य से हटकर केवल कागजी कार्रवाई में उलझ गया है। उग्र आंदोलन की चेतावनी दी प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार शिक्षकों के धैर्य की परीक्षा न ले। वर्तमान में राजस्थान के लाखों शिक्षकों में आक्रोश व्याप्त है। यदि सरकार ने सकारात्मक कदम नहीं उठाए, तो आने वाले दिनों में सड़कों पर उतरकर बड़ा आंदोलन शुरू किया जाएगा।
जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता ने गुरुवार को विराटनगर क्षेत्र का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने शिक्षा, स्वास्थ्य और स्वच्छता से जुड़ी विभिन्न व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने पीएम श्री राजकीय माध्यमिक स्कूल, उप जिला अस्पताल, मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी और फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का अवलोकन किया। शैक्षणिक गतिविधियों और परिसर का जायजा लियास्कूल में कलेक्टर ने शैक्षणिक गतिविधियों, आधारभूत सुविधाओं और परिसर की व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करने तथा विद्यालय परिसर को स्वच्छ एवं प्रेरणादायी बनाए रखने के निर्देश दिए। हॉस्पिटल में स्वास्थ्य सेवाओं की समीक्षा कीउप जिला अस्पताल विराटनगर के निरीक्षण के दौरान, उन्होंने स्वास्थ्य सेवाओं की विस्तृत समीक्षा की। कलेक्टर ने अस्पताल में भर्ती मरीजों और उनके परिजनों से संवाद कर चिकित्सा सुविधाओं पर प्रतिक्रिया ली। उन्होंने अस्पताल परिसर में साफ-सफाई व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने के निर्देश दिए। उन्होंने लू तापघात वार्ड, जनरल वार्ड सहित अन्य वार्डों का भी निरीक्षण किया। मरीजों को समय पर उपचार, दवाइयां और आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध कराने के निर्देश दिए गए। चिकित्सा अधिकारियों से कहा गया कि भीषण गर्मी के मौसम को देखते हुए अस्पतालों में विशेष सतर्कता बरती जाए तथा आमजन को त्वरित एवं प्रभावी स्वास्थ्य सेवाएं मिलें। दौरे के दौरान, जिला कलेक्टर ने नगर पालिका द्वारा संचालित मेटेरियल रिकवरी फैसिलिटी का निरीक्षण किया। उन्होंने ठोस कचरा प्रबंधन और कचरे के पृथक्करण की व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा स्वच्छता कार्यों को अधिक व्यवस्थित एवं प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। इसके अलावा, उन्होंने फीकल स्लज ट्रीटमेंट प्लांट का भी निरीक्षण कर उसके संचालन की जानकारी ली और आवश्यक निर्देश दिए। जिला कलेक्टर ने कहा कि राज्य सरकार आमजन को बेहतर शिक्षा, स्वास्थ्य एवं स्वच्छता सुविधाएं प्रदान करने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने सभी विभागों को समन्वय के साथ कार्य करते हुए योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने को कहा। इस अवसर पर एसडीएम कपिल कुमार उपाध्याय, तहसीलदार लालाराम यादव, अधिशासी अधिकारी फतेह सिंह सहित संबंधित विभागीय अधिकारी उपस्थित रहे।
रामानुजगंज में एनएसयूआई ने नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया गया। यह प्रदर्शन को लरंगसाय चौक पर हुआ। एनएसयूआई के राष्ट्रीय अध्यक्ष विनोद जाखड़ के निर्देश और राष्ट्रीय सचिव प्रतीक सिंह के मार्गदर्शन में यह विरोध प्रदर्शन जिला उपाध्यक्ष निशांत चौबे के नेतृत्व में आयोजित किया गया था। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी भी की। पेपर लीक से लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा में लगातार हो रही अनियमितताओं और पेपर लीक की घटनाओं से देश के लाखों छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने मांग की कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाए तथा छात्रों के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित की जाए। छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं जिला उपाध्यक्ष निशांत चौबे ने कहा कि केंद्र सरकार शिक्षा व्यवस्था को संभालने में पूरी तरह विफल रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और एनएसयूआई छात्रों की आवाज उठाती रहेगी। प्रदर्शन में एनएसयूआई के इंतखाब अंसारी, सन्नी सिंह, क्षितिज गुप्ता, हदीश अंसारी, अभिषेक केशरी, मुर्तुजा, आकाश तिवारी, अविनाश गुप्ता सहित कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित थे।
निदेशालय माध्यमिक शिक्षा राजस्थान, बीकानेर के सहायक निदेशक रामनिवास ने पीएमश्री राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल दुर्गापुरा का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने स्कूल की शैक्षणिक एवं प्रशासनिक व्यवस्थाओं का गहन अवलोकन किया। निरीक्षण में स्कूल के 20 में से 18 लोक सेवक उपस्थित पाए गए, जबकि व्याख्याता प्रहलाद गौतम परिवर्तित अवकाश पर और वरिष्ठ सहायक जय कुमार राठौर आकस्मिक अवकाश पर थे। स्कूल में अध्ययनरत कुल 576 विद्यार्थियों में से 343 उपस्थित मिले। सहायक निदेशक ने विभिन्न कक्षाओं का निरीक्षण कर विद्यार्थियों की उपस्थिति एवं अध्ययन व्यवस्था की समीक्षा की। कक्षा 2 में 13 में से 7, कक्षा 7 में 40 में से 20 तथा कक्षा 11 में 41 में से 28 विद्यार्थी उपस्थित पाए गए। निरीक्षण के दौरान स्कूल पुस्तकालय का भी अवलोकन किया गया। बताया गया कि इस माह लाइब्रेरी में उपलब्ध 2045 पुस्तकों में से 210 पुस्तकें विद्यार्थियों को अध्ययन के लिए वितरित की गई हैं। प्रधानमंत्री पोषण योजना के तहत विद्यार्थियों को मध्यान्ह भोजन अक्षय पात्र फाउंडेशन के माध्यम से निर्धारित मीनू के अनुसार उपलब्ध कराया जा रहा है। स्कूल प्रशासन ने जानकारी दी कि अब तक 62 विद्यार्थियों का ऑनलाइन नवप्रवेश किया जा चुका है। प्रार्थना सभा में सहायक निदेशक ने विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने और नामांकन वृद्धि के निर्देश दिए। उन्होंने संस्था प्रधान डॉ. हेमन्त कुमार शर्मा को नियमानुसार समय विभाग चक्र तैयार करने, विद्यार्थियों को पर्याप्त मात्रा में गृहकार्य देने तथा विषयाध्यापकों को दिनांक सहित हस्ताक्षर कर सप्ताह में चार से पांच बार गृहकार्य जांचने के निर्देश दिए। इसके साथ ही, संस्था प्रधान को भी सप्ताह में कम से कम एक बार गृहकार्य की जांच कर मुद्रा सहित हस्ताक्षर करने के निर्देश दिए गए, ताकि शैक्षणिक गुणवत्ता में सतत सुधार सुनिश्चित किया जा सके। निरीक्षण के दौरान अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक बालचंद कारपेंटर भी मौजूद रहे।
जहानाबाद जिले के काको प्रखंड स्थित सैदाबाद गांव की पिंकी देवी ने संघर्ष, मेहनत और आत्मविश्वास की मिसाल पेश की है। पति के निधन के बाद उन्होंने परिवार की पूरी जिम्मेदारी संभाली और विपरीत परिस्थितियों का सामना करते हुए सफलता हासिल की। लगभग 12 साल पहले पिंकी देवी के पति ववन साव का निधन हो गया था। पति की मृत्यु के बाद चार छोटे बच्चों के पालन-पोषण और घर-खर्च की पूरी जिम्मेदारी उन पर आ गई। आर्थिक तंगी और बिना किसी पैतृक संपत्ति या सहारे के, शुरुआती दिनों में दो वक्त की रोटी जुटाना भी उनके लिए एक बड़ी चुनौती थी। स्कूटी पर सवार होकर बनी सशक्त नारी पिंकी देवी ने हार मानने के बजाय संघर्ष का रास्ता चुना। उन्होंने पति द्वारा बचाई गई थोड़ी पूंजी से गांव में एक छोटी किराने की दुकान खोली। उनकी मेहनत रंग लाई और धीरे-धीरे दुकान का कारोबार बढ़ने लगा। कारोबार में वृद्धि होने पर उन्होंने एक स्कूटी खरीदी। अब वह खुद स्कूटी चलाकर जहानाबाद से दुकान का सामान लाती हैं और उसे लादकर गांव लौटती हैं। जिन लोगों ने कभी उनके संघर्ष का मजाक उड़ाया था, वे आज उनकी मेहनत और हिम्मत की सराहना करते हैं। पिंकी देवी अपने चारों बच्चों को सीबीएसई विद्यालय में पढ़ा रही हैं। उनका मानना है कि अगर वह टूट जातीं, तो बच्चों का भविष्य अंधकारमय हो जाता। पिंकी देवी आज नारी सशक्तिकरण और आत्मनिर्भरता का एक जीवंत उदाहरण हैं।
शिक्षकों ने विभाग पर हठधर्मिता का लगाया आरोप:कहा- शिक्षा व्यवस्था और भविष्य प्रभावित हो रहा
अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (विद्यालय शिक्षा) खंड जवाजा एवं ब्यावर नगर के शिक्षकों ने गुरुवार को ब्यावर में उपखंड अधिकारी के माध्यम से मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री राजस्थान सरकार के नाम एक ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने शिक्षा विभाग की मनमानी और उदासीन रवैये के खिलाफ अपनी लंबित मांगों को उठाया। कार्यक्रम का नेतृत्व खंड अध्यक्ष गोपाल सिंह रावत एवं मुकेश प्रजापति ने किया। शिक्षकों ने आरोप लगाया कि विभाग की हठधर्मिता के कारण शिक्षा व्यवस्था प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि नवाचार के नाम पर शिक्षा व्यवस्था को अव्यवस्थित किया जा रहा है, जिससे शिक्षकों और विद्यार्थियों दोनों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। एसडीएम को सौंपा ज्ञापनमहासंघ के मंत्री हेमराज कोटड़ा ने बताया कि शिक्षक प्रशासनिक विसंगतियों और उपेक्षा का सामना कर रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि राजस्थान सेवा नियमों की अनदेखी कर शिक्षकों के अवकाश में कटौती की जा रही है। इसके अलावा तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति प्रक्रिया वर्षों से लंबित है और पिछले 8 सालों से तबादले नहीं किए गए हैं। ज्ञापन में 33 हजार संविदा शिक्षकों के नियमितीकरण, पदोन्नत कार्मिकों की पारदर्शी काउंसलिंग, रिक्त पदों को उचित रूप से भरने, RGHS सुविधा पुनः बहाल करने, कंप्यूटर अनुदेशक कैडर में सुधार करने तथा शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों एवं अनावश्यक ऑनलाइन प्रोजेक्ट्स से मुक्त करने की मांग की गई। जिलाध्यक्ष रघुवीर सिंह चौहान ने कहा कि संगठन द्वारा कई बार सरकार एवं विभागीय अधिकारियों के समक्ष मांगें रखी गईं, लेकिन लगातार अनदेखी के कारण शिक्षकों को आंदोलन का रास्ता अपनाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन करेगा।
ब्यावर में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में गुरुवार को नीट-2026 परीक्षा के पेपर लीक और इसे रद्द करने के विरोध में प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने मुख्य राजमार्ग पर मानव शृंखला बनाकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका। यह प्रदर्शन पहले जिला कलेक्टर कार्यालय के बाहर होना था, लेकिन जिला कलेक्टर के पिता के आकस्मिक निधन के कारण कांग्रेस ने प्रदर्शन स्थल को मुख्य राजमार्ग पर स्थानांतरित कर दिया। प्रदर्शन शुरू होने से पहले जिलाध्यक्ष किशोर चौधरी की उपस्थिति में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर के पिता के निधन पर दो मिनट का मौन रखा। इसके बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राजमार्ग पर मानव शृंखला बनाकर रास्ता जाम किया और भाजपा सरकार के प्रति अपना विरोध दर्ज कराया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र, अभिभावक और आमजन भी शामिल हुए। जिलाध्यक्ष किशोर चौधरी ने नीट परीक्षा के पेपर लीक को केंद्र सरकार की बड़ी विफलता बताया। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा नेताओं की मिलीभगत से परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हुआ, जिससे लाखों विद्यार्थियों का भविष्य प्रभावित हुआ है। चौधरी ने दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। वरिष्ठ कांग्रेस नेता पारस पंच ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक यह आंदोलन जारी रहेगा। खनन प्रकोष्ठ के प्रदेशाध्यक्ष आशीषपाल पदावत ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक आधार पर इस्तीफे की मांग की।
धौलपुर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन मुख्यमंत्री और शिक्षा मंत्री के नाम उपखंड अधिकारी को दिया गया। संगठन ने आरोप लगाया है कि प्रदेश सरकार लंबे समय से लंबित शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं कर रही है, जिससे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। महासंघ का कहना है कि कई बार सरकार का ध्यान आकर्षित करने के बावजूद इन समस्याओं का निराकरण नहीं हो सका है। महासंघ ने मांग की है कि शिक्षकों को मिलने वाले ग्रीष्मावकाश सहित सभी अवकाश यथावत रखे जाएं और ग्रीष्मावकाश में किसी प्रकार की कटौती न की जाए। इसके अतिरिक्त द्वितीय वेतन श्रृंखला सहित सभी वेतन विसंगतियों को दूर करने, शिक्षकों के बिना बाधा स्थानांतरण करने और रिक्त पदों पर भर्ती प्रक्रिया पूरी करने की भी मांग की गई। ज्ञापन में गैर शैक्षणिक कार्यों से शिक्षकों को मुक्त करने, संविदा शिक्षकों को नियमित करने और वेतन विसंगतियों को दूर करने की भी मांग उठाई गई है। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का शीघ्र समाधान नहीं हुआ, तो प्रदेशभर में आंदोलन किया जाएगा। इस दौरान संगठन के पदाधिकारी और कई शिक्षक मौजूद रहे।
छत्तीसगढ़ के धमतरी में नेशनल स्टूडेंट्स यूनियन ऑफ इंडिया (NSUI) ने गुरुवार को NEET परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया और उनके इस्तीफे की मांग की। यह प्रदर्शन गांधी मैदान में आयोजित किया गया। NSUI कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए पुतला जलाया। इस दौरान पुलिस और प्रदर्शनकारियों के बीच हल्की झड़प भी हुई। NSUI ने आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के कार्यकाल में NEET पेपर लीक जैसी गंभीर घटना सामने आई है। उच्चस्तरीय जांच और कड़ी कार्रवाई की मांग उन्होंने इस मामले में उच्चस्तरीय जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की। NSUI जिलाध्यक्ष राजा देवांगन ने कहा कि नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की ओर से आयोजित NEET परीक्षा में यह 90वीं बार पेपर लीक का मामला सामने आया है। NEET पेपर लीक पर केंद्र सरकार को घेरा उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर इस गंभीर मुद्दे पर चुप्पी साधने का आरोप लगाया। देवांगन ने दावा किया कि पेपर लीक के तार अक्सर राजस्थान और भाजपा के केंद्रीय नेताओं से जुड़े होते हैं, लेकिन कोई प्रभावी जांच नहीं होती या उसके परिणाम सार्वजनिक नहीं किए जाते। उन्होंने सरकार पर छोटे लोगों पर कार्रवाई करने और 'बड़े मगरमच्छों' को बचाने का आरोप लगाया, जिससे छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे और NTA को बर्खास्त करने की मांग राष्ट्रीय सह-संयोजक ओमप्रकाश मानिकपुरी ने कहा कि नैतिकता के आधार पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री को तत्काल इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) को भी बर्खास्त करने की मांग की।
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड द्वारा 14 मई को रिजल्ट जारी किया जाएगा। इसकी पुष्टि हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड के चेयरमैन डॉ. पवन कुमार ने दैनिक भास्कर से बातचीत करते हुए की। उन्होंने कहा कि शिक्षा बोर्ड का पूरा स्टाफ लगा हुआ है। वहीं 14 मई तक रिजल्ट घोषित कर दिया जाएगा। 12वीं कक्षा रिजल्ट पहले घोषित करने का कारण यही था कि 12वीं के बाद बच्चों को दूसरे कॉलेज, यूनिवर्सिटी आदि जगह एडमिशन लेकर अपने भविष्य के लिए फैसला करना होगा। इसलिए पहले 12वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी किया गया है। वहीं बाद में 10वीं कक्षा का परीक्षा परिणाम जारी किया जाएगा। इस बार 10वीं कक्षा में 2 लाख 78 हजार 334 विद्यार्थी परीक्षा में बैठे थे। पिछली बार 92.49 फीसदी रहा था रिजल्टहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड ने पिछली बार 17 मई 2025 को 10वीं कक्षा का रिजल्ट जारी किया था। उस दौरान सेकेंडरी (शैक्षिक) नियमित परीक्षार्थियों का परीक्षा परिणाम 92.49 फीसदी तथा स्वयंपाठी परीक्षार्थियों का परिणाम 73.08 फीसदी रहा है। 10वीं (शैक्षिक) नियमित परीक्षा में 271499 परीक्षार्थी प्रविष्ठ हुए थे, जिनमें से 251110 उत्तीर्ण हुए तथा 5737 परीक्षार्थियों का परिणाम (E.R.) एसेंशियल रिपीट रहा था। 129249 प्रविष्ठ छात्राओं में से 121566 पास हुई, इनकी पास प्रतिशतता 94.06 रही, जबकि 142250 छात्रों में से 129544 पास हुए, इनकी पास प्रतिशतता 91.07 रही थी। राजकीय विद्यालयों की पास प्रतिशतता 89.30 तथा प्राईवेट विद्यालयों की पास प्रतिशतता 96.28 रही थी। ग्रामीण क्षेत्र के विद्यार्थियों की पास प्रतिशतता 92.35, जबकि शहरी क्षेत्र के विद्यार्थियों की पास प्रतिशतता 92.83 रही थी। 12वीं का रिजल्ट 84.67% रहाहरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड (HBSE) ने मंगलवार (12 मई) को 12वीं कक्षा का रिजल्ट जारी कर दिया। इस बार पास प्रतिशत 84.67% रहा। स्टेट टॉपर्स के पहले तीन स्थानों पर चार लड़कियों ने कब्जा जमाया। इस साल 12वीं की परीक्षा में कुल 2 लाख 42 हजार 856 छात्र बैठे। जिनमें से 2 लाख 5 हजार 618 पास हुए। 10 हजार 498 छात्र फेल हो गए। इस रिजल्ट में लड़कियों का पास % लड़कों से 6.52% अधिक रहा। लड़कियां का पास प्रतिशत 87.97% और लड़कों का पास प्रतिशत 81.45% रहा।
गोंडा में राष्ट्रीय छात्र पंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष शिवम पांडेय को गुरुवार को उनके इटियाथोक स्थित आवास पर नजरबंद कर लिया गया। वे नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ लखनऊ में होने वाले विरोध प्रदर्शन में शामिल होने जा रहे थे। पुलिस ने उन्हें लखनऊ जाने से रोका है। इसके विरोध में शिवम पांडेय अपने घर के पास ही 'धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो' की तख्ती लेकर धरने पर बैठ गए हैं। वे शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रहे हैं। मौके पर इटियाथोक कोतवाल भी पहुंचे। पांडेय ने बुधवार को एक वीडियो जारी कर NTA के खिलाफ लखनऊ में होने वाले प्रदर्शन में शामिल होने का आह्वान किया था। उनका आरोप है कि लगातार पेपर रद्द होने से छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है और उन्हें काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। शिवम पांडेय ने बताया कि उन्हें रात से ही पुलिस ने नजरबंद कर रखा है। उन्होंने कहा, NTA द्वारा बार-बार पेपर रद्द करके बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। मैं पुलिस प्रशासन से मांग करता हूं कि बच्चों के भविष्य को देखते हुए मुझे इस प्रदर्शन में शामिल होने की अनुमति दी जाए। उनके बच्चे भी परीक्षा की तैयारी कर रहे हैं, मैं उनकी लड़ाई लड़ने के लिए लखनऊ जा रहा हूं। उनके आवास पर भारी संख्या में पुलिस बल तैनात किया गया है। पुलिस को आगे करके मुझे लखनऊ जाने से रोका जा रहा है जबकि मैं बच्चों की आवाज उठाने के लिए जा रहा हूं कोई और काम करने के नहीं जा रहा हूं मैं लगातार प्रशासन के लोगों से मांग कर रहा हूं लेकिन कोई हमारी सुनने को तैयार नहीं है।
कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सरकार परीक्षा व्यवस्था को सुरक्षित और पारदर्शी बनाए रखने में पूरी तरह विफल रही है। पार्टी ने यह भी कहा कि दोषियों के खिलाफ केवल औपचारिक कार्रवाई नहीं, बल्कि कठोर कानूनी कदम उठाए जाने चाहिए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
बगोदर में नीट पेपर लीक के खिलाफ आइसा का प्रतिवाद मार्च, शिक्षा मंत्री से इस्तीफा देने की मांग
बगोदर| आल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (आइसा) ने बुधवार को बगोदर में नीट यूजी पेपर लीक मामले को लेकर जोरदार प्रतिवाद मार्च निकाला। कार्यकर्ता सरिया रोड किसान भवन से मार्च निकालते हुए बस स्टैंड पहुंचे, जहां यह नुक्कड़ सभा में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने दोषी एजेंसी नेशनल टेस्टिंग एजेंसी को भंग करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। सभा को संबोधित करते हुए आइसा की प्रदेश अध्यक्ष पुष्प विभा दीप ने केंद्र सरकार और एनटीए पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा में लगातार अनियमितताओं से छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि हालिया जांच में परीक्षा से पहले गेस पेपर बाजार में मिलने की बात सामने आई है, जो गंभीर लापरवाही को दर्शाता है। वक्ताओं ने बताया कि पिछले कुछ वर्षों में देशभर में कई पेपर लीक के मामले सामने आ चुके हैं, लेकिन अब तक ठोस कार्रवाई नहीं की गई है। आइसा नेताओं ने मांग की कि सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पारदर्शी व्यवस्था के तहत कराई जाएं और निजी कोचिंग माफिया की भूमिका की जांच की जाए। सभा में आशीष कुमार मंडल, सृष्टि श्रेया, महक रानी, खुशबू कुमारी, बबीता कुमारी, करीना कुमारी, सपना कुमारी, पूजा कुमारी, दीपिका कुमारी, रानी कुमारी, निशा कुमारी, पिंकी कुमारी, मौसम कुमारी, विनीता कुमारी, नीरू कुमारी और अर्जुन महतो सहित कई छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
बड़वानी जिला मुख्यालय के कारंज चौराहे पर बुधवार शाम युवक कांग्रेस और एनएसयूआई ने नीट परीक्षा में हुई धांधली के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाया। प्रदर्शनकारियों ने परीक्षा में बड़े पैमाने पर गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए शिक्षा मंत्री से तत्काल इस्तीफे की मांग की है। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग युवक कांग्रेस विधानसभा अध्यक्ष सचिन यादव ने कहा कि केंद्र सरकार ने स्वयं परीक्षा में गड़बड़ी की बात स्वीकार की है, इसलिए शिक्षा मंत्री को पद पर रहने का नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने तर्क दिया कि जब तक धर्मेंद्र प्रधान अपने पद पर बने रहेंगे, तब तक मामले की निष्पक्ष जांच संभव नहीं है। सीबीआई जांच और महानिदेशक को हटाने पर सवाल सचिन यादव ने आरोप लगाया कि शिक्षा मंत्री ने पहले नीट के महानिदेशक का बचाव किया था, लेकिन बाद में उन्हें पद से हटा दिया गया। उन्होंने कहा कि सीबीआई जांच की सिफारिश स्वयं इस बात का प्रमाण है कि धांधली बड़े स्तर पर हुई है। सचिन यादव ने प्रधानमंत्री से अपील की है कि वे छात्रों के भविष्य को ध्यान में रखते हुए शिक्षा मंत्री का इस्तीफा स्वीकार करें। कारंज चौराहे पर जुटे कार्यकर्ता शाम 6:30 बजे हुए इस प्रदर्शन में विधायक प्रतिनिधि विष्णु बनड़े, नेता प्रतिपक्ष राकेश सिंह जाधव और एनएसयूआई अध्यक्ष असरफ मंसूरी सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही छात्रों को न्याय नहीं मिला, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
भीलवाड़ा में विद्या भारती शिक्षा संस्थान के लेखा सहायक (अकाउंट असिस्टेंट) को गबन के आरोप में गिरफ्तार किया गया है। आरोप है कि अकाउंटेंट असिस्टेंट ने डिजिटल साइन का दुरुपयोग कर 12.81 लाख रुपए पर्सनल खाते में ट्रांसफर कर दिए। ऑडिट के दौरान मामला खुल गया। बता दें कि शहर के शास्त्रीनगर स्थित आदर्श विद्या मंदिर परिसर में संस्थान संचालित होता है। लाखों का गबन सामने आने के बाद संस्थान के पदाधिकारियों ने आरोपी के खिलाफ कोतवाली थाने में मामला दर्ज कराया था। यह था मामला शहर कोतवाल हनुमान सिंह ने बताया- संस्थान के सचिव देवराज सिंह राणावत ने आरोपी के खिलाफ FIR दर्ज करवाई थी। इसमें बताया कि जनवरी 2019 में नया पटेलनगर निवासी विजय बहादुर सिंह पुत्र बोदू सिंह सोलंकी को अकाउंट्स के काम के लिए नियुक्त किया था। डिजिटल साइन का गलत इस्तेमाल किया अप्रैल 2022 से मार्च 2025 के बीच भविष्य निधि (PF) से संबंधित सभी लेन-देन की जिम्मेदारी विजय बहादुर सिंह पर ही थी। हाल ही में जब अधिकारियों ने ऑडिट किया तो पता चला कि विजय बहादुर सिंह ने अधिकारियों के विश्वास का फायदा उठाकर और डिजिटल हस्ताक्षरों का गलत इस्तेमाल किया और संस्थान के पीडी खाते से राशि निकाल ली। अपने अकाउंट में ट्रांसफर किए रुपए आरोपी ने अलग-अलग फर्जी बिलों के कुल 12 लाख 81 हजार 591 रुपए स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (इंडस्ट्रियल स्टेट शाखा, भीलवाड़ा) स्थित अपने निजी अकाउंट में ट्रांसफर कर लिए। पुलिस ने संस्थान की रिपोर्ट पर विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू करते हुए आरोपी को गिरफ्तार कर लिया।
जबलपुर लोकायुक्त टीम ने सिवनी जिले के धनौरा विकासखंड शिक्षा कार्यालय में सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कुमरे को 10 हजार रुपये की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई बुधवार को योगेश देशमुख के निर्देश और मनोज सिंह के मार्गदर्शन में की गई, जिससे शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया। लोकायुक्त से मिली जानकारी के अनुसार, शिकायतकर्ता देवेंद्र कुमार सिरसाम (43) निवासी ग्राम छुई, जिला सिवनी, वर्तमान में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय सुनवारा, विकासखंड धनौरा में भृत्य के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वे शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भीमगढ़, विकासखंड छपारा में पदस्थ थे, जहां उन्हें निलंबित कर दिया गया था। बहाली के बाद उनकी पदस्थापना सुनवारा विद्यालय में हुई थी। देवेंद्र सिरसाम की 14 माह की निलंबन अवधि का लगभग 1 लाख 65 हजार रुपए का जीवन निर्वाह भत्ता लंबित था। इस राशि के भुगतान के लिए उन्होंने विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय धनौरा में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अरुण कुमार कुमरे से संपर्क किया। आरोप है कि कुमरे ने फाइल आगे बढ़ाने और भुगतान कराने के एवज में 32 हजार रुपए रिश्वत की मांग की थी। सिरसाम ने इसकी शिकायत पुलिस अधीक्षक लोकायुक्त जबलपुर से की। शिकायत के सत्यापन के दौरान आरोपी कर्मचारी 25 हजार रुपये रिश्वत लेने पर सहमत हो गया। तय योजना के तहत, बुधवार 13 मई 2026 को लोकायुक्त टीम ने धनौरा विकासखंड अधिकारी कार्यालय में कुमरे को आवेदक से 10 हजार रुपये लेते हुए रंगे हाथ पकड़ा। लोकायुक्त पुलिस ने आरोपी अरुण कुमार कुमरे के खिलाफ भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम 1988 (संशोधित 2018) की धारा 7, 13(1)(बी) एवं 13(2) के तहत प्रकरण दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है। इस ट्रैप दल में निरीक्षक जितेंद्र यादव, निरीक्षक बृजमोहन नरवरिया सहित जबलपुर लोकायुक्त की विशेष टीम शामिल थी।
युवा कांग्रेस ने शिक्षा मंत्री का इस्तीफा मांगा:नीट धांधली के विरोध में झाबुआ में प्रदर्शन
नीट परीक्षा में कथित धांधली और पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से झाबुआ के आदिवासी अंचल के छात्र और अभिभावक परेशान हैं। इसी के विरोध में आज झाबुआ जिला युवक कांग्रेस ने राजगढ़ नाके पर प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष नटवर डोडियार के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। युवा कांग्रेस के जिला प्रभारी प्रताप पटेल ने इस चूक के लिए केंद्र सरकार को जिम्मेदार ठहराते हुए शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। कांग्रेस नेताओं का आरोप है कि सरकार की गलती ने हजारों परिवारों के बच्चों के भविष्य के सपनों को प्रभावित किया है, जिन्होंने अपने बच्चों के लिए काफी त्याग किया था। झाबुआ जैसे पिछड़े और आदिवासी बहुल जिले में यह केवल एक परीक्षा रद्द होना नहीं है, बल्कि उन छात्रों के सपनों का टूटना है जिन्होंने गरीबी से बाहर निकलने के लिए डॉक्टर बनने का मार्ग चुना था। जिले के कई किसान और मजदूर परिवारों ने अपनी मेहनत की कमाई और जमीनें गिरवी रखकर या कर्ज लेकर अपने बच्चों को बड़े शहरों में कोचिंग के लिए भेजा था। विशेष रूप से उन मेधावी आदिवासी विद्यार्थियों में भारी निराशा है, जिन्हें सरकारी स्तर पर पीएम श्री गर्ल्स स्कूल में विशेष कोचिंग दी गई थी। विज्ञान विषय की शिक्षक श्रद्धा परसाई के मार्गदर्शन में 30 अप्रैल तक चली इस कोचिंग में 20 से अधिक छात्र-छात्राएं शामिल हुए थे। इनमें से कई छात्र अपनी मेहनत के दम पर सफलता के करीब थे, लेकिन वर्तमान अनिश्चितता ने उनकी मेहनत पर पानी फेर दिया है। स्कूल से मिली पठन सामग्री और शिक्षकों के सहयोग से डॉक्टर बनने का सपना देखने वाले ये गरीब बच्चे अब व्यवस्था की खामियों के कारण ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं।
अररिया में जन जागरण शक्ति संगठन की युवा टीम ने बुधवार को 'बराबरी का बसंत' अभियान शुरू किया। आर्थिक-सामाजिक बराबरी की मांग को लेकर युवाओं ने बस स्टैंड से समाहरणालय परिसर तक रैली निकाली, जो बाद में सभा में बदल गई। इस रैली में सैकड़ों युवा शामिल हुए। रैली के दौरान युवाओं ने बराबरी, शिक्षा व्यवस्था में सुधार और अमीरों पर वेल्थ टैक्स लगाने की मांग को लेकर नारे लगाए। वक्ताओं ने देश में व्याप्त आर्थिक और सामाजिक असमानता पर चिंता व्यक्त की। संगठन के नेता सुनील कुमार ने रैली को संबोधित करते हुए कहा कि बाबा साहेब और शहीद भगत सिंह के सपनों वाले भारत में आर्थिक और सामाजिक बराबरी महत्वपूर्ण थी। उन्होंने आरोप लगाया कि आज मुट्ठी भर धन कुबेर देश के संसाधनों का बड़ा हिस्सा अपने कब्जे में रखे हुए हैं, जो लोकतंत्र के लिए खतरा है। उन्होंने सरकार से अमीरों पर वेल्थ टैक्स लगाकर संसाधनों का न्यायपूर्ण वितरण सुनिश्चित करने की मांग की। भेदभाव रोकने को लेकर सरकार गंभीर नहीं युवा नेत्री जयमंती ने विश्वविद्यालयों में व्याप्त भेदभाव पर चिंता जताई। उन्होंने कहा कि उच्च शिक्षा के लिए विश्वविद्यालयों में भी जाति, वर्ग और लिंग के आधार पर गैर-बराबरी का सामना करना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि यूजीसी के भेदभाव रोकने वाले नियमों को लागू करने में सरकार गंभीर नहीं है, क्योंकि उसने कोर्ट में कोई ठोस दलील पेश नहीं की। प्रियंका ने शिक्षा व्यवस्था की बदहाली पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा एक बार फिर रद्द हो गई है, लेकिन इसकी कोई जवाबदेही तय नहीं की जा रही है। उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री से तुरंत इस्तीफा देने की मांग करते हुए कहा कि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है। सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर जन जागरण रैली को जन जागरण शक्ति संगठन के महासचिव जितेंद्र पासवान, सचिव आशीष रंजन, सब्यसाची सेन, सुलोचना और अन्य कार्यकर्ताओं ने भी संबोधित किया। फुलेश्वर, दीपक, गोविंद, रंजय, प्रियंका और आरती सहित कई युवाओं ने रैली को सफल बनाने में सक्रिय भूमिका निभाई। संगठन के युवा कार्यकर्ताओं ने बताया कि 'बराबरी का बसंत' अभियान पूरे जिले में चलाया जाएगा। इस दौरान शिक्षा, रोजगार और सामाजिक न्याय से जुड़े मुद्दों पर लगातार जन जागरण किया जाएगा।
जींद जिले में जुलाना कस्बे के तहसील कार्यालय परिसर में बुधवार को आंगनबाड़ी वर्करों और हेल्परों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर एक दिवसीय धरना दिया। धरने के दौरान कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और अपना रोष प्रकट किया। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार उनकी मांगों की लगातार अनदेखी कर रही है। आंगनबाड़ी वर्कर एवं हेल्पर यूनियन की प्रदेश सचिव राजबाला ने कहा कि आंगनबाड़ी कर्मचारी वर्षों से बच्चों और महिलाओं के स्वास्थ्य व पोषण से जुड़ी सेवाएं ईमानदारी से दे रहे हैं, लेकिन इसके बावजूद उन्हें उचित अधिकार नहीं मिल रहा है। आंगनबाड़ी केंद्रों पर प्ले स्कूल की तर्ज पर दी जा रही शिक्षा राजबाला ने मांग की कि सरकार आंगनबाड़ी वर्करों को सरकारी कर्मचारी का दर्जा दे। उन्होंने तर्क दिया कि आंगनबाड़ी केंद्रों में प्ले स्कूल की तर्ज पर बच्चों को शिक्षा दी जा रही है, इसलिए वर्करों को अध्यापक का दर्जा भी मिलना चाहिए। इसके अतिरिक्त, कर्मचारियों ने महंगाई भत्ता, कैशलेस चिकित्सा सुविधा और अन्य सरकारी कर्मचारियों की तरह सभी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग की। उन्होंने चेतावनी दी कि सरकार कर्मचारियों की समस्याओं का समाधान करने के बजाय उन्हें नजरअंदाज कर रही है, जिसे किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
सलूम्बर में बुधवार को इंडियन नेशनल कांग्रेस ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन प्रदेशव्यापी आह्वान पर सलूम्बर जिला मुख्यालय पर आयोजित किया गया था। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नीट परीक्षा पेपर लीक प्रकरण और जिले में जारी अघोषित बिजली कटौती के विरोध में केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया और जमकर नारेबाजी की। केंद्र सरकार के खिलाफ किया प्रदर्शन प्रदर्शन का नेतृत्व जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष परमानंद मेहता ने किया। जिलेभर से आए कांग्रेस कार्यकर्ता पहले जिला कांग्रेस कार्यालय पर एकत्रित हुए, जहां से वे रैली के रूप में आशीर्वाद गार्डन प्लस चौराहे तक पहुंचे। यहां कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन करते हुए केंद्र सरकार के खिलाफ विरोध जताया। पेपर लीक को लेकर घेरा कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि लगातार सामने आ रहे पेपर लीक मामलों ने युवाओं के भविष्य को अंधकार में डाल दिया है। उन्होंने कहा कि इससे मेहनत करने वाले छात्रों का परीक्षा व्यवस्था से भरोसा उठ रहा है। वहीं, जिले में जारी अघोषित बिजली कटौती से किसान, व्यापारी और आमजन भीषण गर्मी में परेशान हैं। धरने को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष परमानंद मेहता ने कहा कि कांग्रेस युवाओं और आमजन के मुद्दों को लेकर लगातार संघर्ष करती रहेगी। इस प्रदर्शन में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में समर्थक मौजूद रहे।
चित्तौड़गढ़ में बुधवार को NEET-2026 परीक्षा में कथित पेपर लीक और धांधली के मामले को लेकर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर जिला कांग्रेस कमेटी ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता, छात्र और युवा स्थानीय कांग्रेस कार्यालय से जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कई कार्यकर्ताओं के हाथों में तख्तियां थीं, जिन पर छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ बंद करने और निष्पक्ष परीक्षा कराने की मांग लिखी हुई थी। उन्होंने कहा कि धांधली से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। प्रदर्शन के दौरान जिला कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला भी फूंका गया। कार्यकर्ता ‘धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा दो’ और ‘पेपर लीक बंद करो’ जैसे नारे लगा रहे थे। पूरे प्रदर्शन के दौरान माहौल काफी गरमाया रहा और कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। मेहनती छात्रों के सपने टूटे, सरकार जिम्मेदार प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस जिलाध्यक्ष प्रमोद सिसोदिया ने कहा कि लाखों स्टूडेंट्स मेहनत करके NEET परीक्षा की तैयारी की थी। कई परिवारों ने अपने बच्चों को डॉक्टर बनाने के लिए कर्ज लिया, जमीन गिरवी रखी और गहने तक बेच दिए, लेकिन पेपर लीक की घटनाओं ने मेहनती छात्रों के सपनों को तोड़ दिया। उन्होंने आरोप लगाया कि लगातार तीसरी बार NEET परीक्षा में पेपर लीक और धांधली की शिकायतें सामने आई हैं, जिससे पूरे देश की शिक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। सिसोदिया ने कहा कि यह केवल एक गलती नहीं बल्कि शिक्षा व्यवस्था में फैले भ्रष्टाचार का बड़ा उदाहरण है। उन्होंने मांग की कि पेपर लीक मामले में शामिल सभी आरोपियों को तुरंत गिरफ्तार किया जाए और राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी को भंग किया जाए। साथ ही उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलेगा और परीक्षा व्यवस्था पूरी तरह पारदर्शी नहीं बनाई जाएगी, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। युवाओं और छात्राओं ने भी जताई नाराजगी प्रदर्शन में बड़ी संख्या में छात्र और छात्राएं भी शामिल हुए। सेगवा निवासी कृष्णा जाट ने कहा कि बार-बार होने वाले पेपर लीक से युवाओं का भविष्य खराब हो रहा है। छात्र महीनों और सालों तक मेहनत करके प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं, लेकिन जब परीक्षा से पहले ही पेपर लीक हो जाता है तो उनकी मेहनत बेकार चली जाती है। उन्होंने कहा कि छात्रों को केवल निष्पक्ष परीक्षा चाहिए, जिससे मेहनत करने वाले स्टूडेंट्स को उनका हक मिल सके। प्रदर्शन में शामिल अन्य युवाओं ने भी कहा कि देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा में धांधली की खबरें आने से छात्रों का भरोसा टूट रहा है। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि सरकार को केवल बयान देने के बजाय सख्त कार्रवाई करनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाएं दोबारा न हों। प्रदर्शन के बाद कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की।
हनुमानगढ़ में बुधवार को कलेक्ट्रेट पर कांग्रेस ने केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। नीट परीक्षा रद्द होने के विरोध में जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और परीक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल उठाए। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि नीट परीक्षा की तैयारी में लाखों विद्यार्थियों ने दिन-रात मेहनत की थी, लेकिन परीक्षा रद्द होने से उनका पूरा एक साल बर्बाद हो गया। कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार पर शिक्षा व्यवस्था को अव्यवस्थित करने का आरोप लगाया। 'स्टूडेंट्स को हुआ सबसे ज्यादा नुकसान'कांग्रेस जिलाध्यक्ष मनीष मक्कासर ने कहा कि नीट परीक्षा से जुड़े विवाद और इसके रद्द होने से सबसे ज्यादा नुकसान उन मेहनती विद्यार्थियों को हुआ है, जिन्होंने लंबे समय से तैयारी की थी। उन्होंने बताया कि कई छात्रों ने कोचिंग और पढ़ाई पर भारी खर्च किया, लेकिन सरकार की लापरवाही के कारण उनका भविष्य अनिश्चित हो गया है। मक्कासर ने यह भी कहा कि कांग्रेस शासनकाल में पेपर लीक पर शोर मचाने वाले लोग अब चुप बैठे हैं। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और सुरक्षित बनाने की मांग की, ताकि विद्यार्थियों का भरोसा कायम रह सके। केंद्र सरकार पर जमकर साधा निशानापीलीबंगा विधायक विनोद गोठवाल ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि शिक्षा, रोजगार और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि लगातार पेपर लीक और परीक्षा विवाद सामने आने से युवाओं में निराशा बढ़ रही है। गोठवाल ने केंद्र सरकार की अन्य नीतियों की भी आलोचना की। उन्होंने कहा कि महंगाई, बेरोजगारी और शिक्षा व्यवस्था की बदहाली से आमजन परेशान है। परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांगप्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और परीक्षा प्रणाली में तत्काल सुधार की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि विद्यार्थियों के हितों की अनदेखी जारी रही तो पार्टी आगे भी आंदोलन करेगी। इस मौके पर कांग्रेस पदाधिकारी, युवा कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में छात्र मौजूद रहे।
करौली में बुधवार को कांग्रेस ने NEET 2026 पेपर लीक मामले को लेकर जिला कलेक्ट्रेट के सामने विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंका और केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस नेताओं ने सरकार पर परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बनाए रखने में विफल रहने और छात्रों के भविष्य से खिलवाड़ करने का आरोप लगाया। यह विरोध प्रदर्शन प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित किया गया था, जिसमें बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने कहा कि NEET 2026 पेपर लीक प्रकरण ने लाखों विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों का भरोसा तोड़ा है। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांगकांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नकल और पेपर लीक जैसी घटनाओं को रोकने में पूरी तरह विफल रही है। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि बार-बार हो रहे पेपर लीक से छात्रों का भविष्य अंधकारमय हो रहा है और युवाओं में निराशा बढ़ रही है। विरोध प्रदर्शन के तहत, जिला कांग्रेस कार्यालय से एक रैली निकाली गई जो जिला कलेक्ट्रेट तक पहुंची। कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री का पुतला दहन किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए गए।इस प्रदर्शन में पीसीसी सचिव भूपेंद्र भारद्वाज, कांग्रेस जिला अध्यक्ष, टोडाभीम विधायक घनश्याम महर सहित कई कांग्रेस पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
सुपौल जिले के प्रतापगंज प्रखंड क्षेत्र स्थित मध्य विद्यालय सुखानगर में सातवीं कक्षा के छात्र की कथित अमानवीय पिटाई के मामले में 48 घंटे बीत जाने के बाद भी प्रशासनिक कार्रवाई नहीं होने से परिजनों, ग्रामीणों और शिक्षाविदों में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। पीड़ित परिवार ने शिक्षा विभाग और पुलिस प्रशासन पर मामले को गंभीरता से नहीं लेने का आरोप लगाया है। जानकारी के अनुसार सोमवार को विद्यालय के प्रधानाध्यापक मुरली प्रसाद सिंह पर छात्र की बेरहमी से पिटाई करने का आरोप लगा था। घटना के बाद छात्र के परिजनों ने प्रतापगंज थाना एवं प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी कार्यालय में लिखित आवेदन देकर कार्रवाई की मांग की थी। परिजनों का कहना है कि घटना के बाद छात्र काफी डरा-सहमा हुआ है। ''जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा'' पीड़ित छात्र के पिता ने बताया कि दो दिन बीत जाने के बावजूद अब तक न तो आरोपी प्रधानाध्यापक पर विभागीय कार्रवाई हुई है और न ही पुलिस स्तर पर कोई ठोस पहल दिखाई दी है। उन्होंने कहा कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो ग्रामीणों के साथ आंदोलन किया जाएगा। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रधानाध्यापक द्वारा दिए गए सफाई बयान में भी पिटाई की बात अप्रत्यक्ष रूप से स्वीकार की गई है, बावजूद इसके शिक्षा विभाग अब तक चुप्पी साधे हुए है। गांव के लोगों का कहना है कि स्कूल में बच्चों के साथ इस प्रकार का व्यवहार अस्वीकार्य है और इससे शिक्षा व्यवस्था की छवि धूमिल हो रही है। प्रधानाध्यापक के अमर्यादित व्यवहार और गाली-गलौज से परेशान रहते स्थानीय लोगों ने यह भी आरोप लगाया कि विद्यालय के कई शिक्षक-शिक्षिकाएं भी प्रधानाध्यापक के अमर्यादित व्यवहार और गाली-गलौज से परेशान रहते हैं। यहां तक कि विद्यालय की रसोइयों में भी भय का माहौल बना हुआ है। हालांकि कोई खुलकर सामने आने को तैयार नहीं है। इधर, प्रभारी बीईओ सितेश झा ने बताया कि मामले की जांच पूरी कर ली गई है और रिपोर्ट वरीय अधिकारियों को भेज दी गई है। अब सभी की नजर विभागीय कार्रवाई पर टिकी हुई है।
सीकर में बुधवार को नीट (NEET-UG) परीक्षा का पेपर रद्द होने पर कांग्रेस ने विरोध-प्रदर्शन किया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला के नेतृत्व में शहर कांग्रेस कमेटी के पदाधिकारियों और कार्यकर्त्ताओं ने केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कलेक्ट्रेट पर केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला दहन किया। इस मौके पर धोद प्रत्याशी जगदीश दानोदिया और शहर कांग्रेस अध्यक्ष राजेश सैनी भी मौजूद रहे। 22 लाख परिवारों के अरमान टूटे हैं जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला ने कहा- 22 लाख स्टूडेंट्स ही नहीं 22 लाख परिवारों के अरमान टूटे हैं। परीक्षा से पहले पेपर बाजार में आ गया, ये केंद्र सरकार की उदासीनता का प्रमाण है। बच्चे और उनके पेरेंट्स NEET एग्जाम की तैयारी को एक तपस्या की तरह करते हैं। पेपर लीक होने के कारण बच्चों की मेहनत बर्बाद हो गई। संबंधित केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस पर बोलने से बच रहे हैं। शिक्षा नगरी सीकर की छवि को नुकसान हुआ निवर्तमान सभापति जीवण खां ने कहा कि NEET पेपर लीक की वजह से शिक्षा नगरी सीकर की छवि को नुकसान हुआ है। केंद्र सरकार की गलतियों की वजह से आज लोग सीकर के एज्युकेशन सिस्टम को संदेह की नजरों से देख रहे हैं। ऐसे में अब इस पेपर लीक की निष्पक्ष जांच होना जरूरी है, ताकि सीकर में फिर से स्टूडेंट्स बिना किसी डर के तैयारी कर सकें। भजनलाल सरकार बार-बार दावा करती है कि पेपरलीक के आरोपियों को पकड़ा है तो इस पेपरलीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। पुलिस ने कलेक्ट्रेट में घुसने से रोका कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान कोतवाली सब इंस्पेक्टर प्रदीप शर्मा मय जाब्ता मौजूद रहे। कांग्रेसजनों ने इस मामले में कलेक्टर से बात करने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने कलेक्ट्रेट में घुसने नहीं दिया। सीकर वर्तमान में कोटा के बाद देश का दूसरा सबसे बड़ा कोचिंग हब है। यहां हर साल लगभग 2.5 लाख स्टूडेंट्स NEET-JEE की तैयारी करते हैं।
NEET-2026 पेपर लीक और परीक्षा रद्द होने के विरोध में बुधवार को अजमेर में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। किशनगढ़ विधायक एवं अजमेर देहात कांग्रेस अध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर जिला कलेक्ट्रेट का घेराव किया। प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला जलाया गया। कार्यकर्ताओं ने बैरिकेड्स पर चढ़कर केंद्र सरकार और NTA के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन के दौरान “पेपर लीक बंद करो”, “NTA खत्म करो”, “युवा विरोधी सरकार जवाब दो” और “22 लाख छात्रों को न्याय दो” जैसे नारों से पूरा कलेक्ट्रेट क्षेत्र गूंज उठा। युवाओं की मेहनत, भरोसे और सपनों की हत्या हुई मीडिया से बातचीत में विधायक डॉ. विकास चौधरी ने कहा कि NEET-2026 में हुआ पेपर लीक केवल परीक्षा में गड़बड़ी नहीं, बल्कि देश के लाखों युवाओं की मेहनत, सपनों और भरोसे की हत्या है। उन्होंने कहा कि छात्र वर्षों तक कठिन मेहनत और मानसिक दबाव झेलकर परीक्षा की तैयारी करते हैं, लेकिन केंद्र सरकार और नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की विफलता ने पूरी परीक्षा व्यवस्था को मजाक बनाकर रख दिया है। माफिया युवाओं का भविष्य बेच रहे उन्होंने आरोप लगाया कि 2024 में भी NEET परीक्षा पेपर लीक और धांधली के आरोपों में घिरी थी, लेकिन केंद्र सरकार ने कोई सबक नहीं लिया। चौधरी ने कहा कि जिन एजेंसियों और अधिकारियों पर पहले सवाल उठे थे, उन्हें ब्लैकलिस्ट क्यों नहीं किया गया? आखिर किसके संरक्षण में शिक्षा माफिया देश के युवाओं का भविष्य बेच रहे हैं? सरकार रोजगार देने में विफल कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि भाजपा शासन में लगभग हर बड़ी भर्ती और प्रतियोगी परीक्षा विवादों में रही है। रेलवे भर्ती, पुलिस भर्ती, शिक्षक भर्ती और अब मेडिकल प्रवेश परीक्षा तक में पेपर लीक और भ्रष्टाचार के मामले सामने आ चुके हैं। उन्होंने कहा कि सरकार रोजगार देने में विफल रही है और अब युवाओं की परीक्षाएं भी सुरक्षित नहीं रख पा रही। कांग्रेस ने रखीं ये प्रमुख मांगें
शैक्षिक महासंघ ने किया आंदोलन का शंखनाद:शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर उठाए सवाल
डीडवाना में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली, अधिकारियों की उदासीनता और लंबित मांगों के विरोध में चरणबद्ध आंदोलन की घोषणा की है। महासंघ का आरोप है कि लगातार संवाद के बावजूद शिक्षकों की समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा, जिससे प्रदेशभर के शिक्षकों में आक्रोश है। जिलाध्यक्ष कैलाश सोलंकी ने बताया कि प्रदेश संगठन के आह्वान पर यह आंदोलन 14 मई से शुरू होगा। उन्होंने कहा कि नई सरकार के गठन के बाद संगठन ने नियमित वार्ताओं के माध्यम से शिक्षकों की विभिन्न समस्याओं को सुलझाने का प्रयास किया, लेकिन सरकार और अधिकारियों की हठधर्मिता के कारण अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं लिया जा सका है। मांगों को लेकर की चर्चाजिला मंत्री पवन कुमार जोशी के अनुसार, संगठन ने शिविरा पंचांग में संशोधन, ग्रीष्मकालीन अवकाश में वृद्धि, तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्गों के स्थानांतरण, पदोन्नति, क्रमोन्नत विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति, स्टाफिंग पैटर्न लागू करने, आरजीएचएस (RGHS) व्यवस्था को सुचारू रखने, वेतन विसंगति दूर करने और संविदा शिक्षकों को नियमित करने जैसी मांगों पर लगातार चर्चा की। हालांकि इन वार्ताओं के सकारात्मक परिणाम नहीं मिले। आंदोलन चरणबद्ध रूप से चलेगाजिला संगठन मंत्री भगवान सिंह राठौड़ ने आंदोलन के चरणबद्ध कार्यक्रम की जानकारी दी। इसके तहत 14 मई को खंड स्तर पर, 29 मई को जिला स्तर पर और 5 जून को बीकानेर निदेशालय पर संभाग स्तरीय धरना-प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 10 जून को जयपुर में प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपा जाएगा। 18 जून से प्रदेश स्तरीय क्रमिक धरना शुरू होगा और मानसून सत्र में विधानसभा घेराव भी किया जाएगा। महासंघ ने शिक्षा विभाग पर नवाचार के नाम पर शिक्षा व्यवस्था को नुकसान पहुंचाने का आरोप लगाया है। संगठन का कहना है कि वर्तमान नीतियां शिक्षक और विद्यार्थी दोनों को प्रभावित कर रही हैं। महासंघ ने चेतावनी दी है कि यदि विभाग ने शीघ्र मांगों पर पुनर्विचार नहीं किया, तो प्रदेशव्यापी उग्र आंदोलन किया जाएगा।
उन्नाव में माध्यमिक शिक्षा विभाग में शिक्षकों के हक और सरकारी धन के दुरुपयोग के मामलों को गंभीरता से लिया गया है। अब डीआईओएस कार्यालय से निकलने वाले वेतन सहित सभी बिलों की गहन जांच कराई जाएगी। शिक्षा निदेशक माध्यमिक ने मंडलीय संयुक्त शिक्षा निदेशक को इस संबंध में निर्देश जारी किए हैं। दरअसल, पीलीभीत के बाद उन्नाव में भी शिक्षकों के एनपीएस, एरियर, बोनस और अन्य सरकारी मदों में बड़े पैमाने पर धांधली सामने आई है। आरोप है कि एडेड विद्यालयों के शिक्षकों के साथ-साथ चपरासी और चौकीदारों के खातों में विभागीय बाबुओं द्वारा लाखों रुपये भेजे गए और बाद में नकद वापस लेकर उनका बंदरबांट किया गया। 4 तस्वीरें देखिए… यह मामला तब और गंभीर हो गया जब पुरवा स्थित एमआरएस इंटर कॉलेज के एक शिक्षक से जुड़े भुगतान में अनियमितता की शिकायत उच्चाधिकारियों तक पहुंची। इसके बाद जिलाधिकारी ने परियोजना निदेशक तेजवंत सिंह, वरिष्ठ कोषाधिकारी कौशलेन्द्र सिंह और बेसिक शिक्षा अधिकारी को शामिल करते हुए एक जांच समिति गठित की। इससे पहले जिला विद्यालय निरीक्षक स्तर पर भी तीन सदस्यीय जांच टीम बनाई जा चुकी है। इन जांचों के दौरान कई संदिग्ध भुगतान और वित्तीय अनियमितताओं के संकेत मिले हैं। सूत्रों के अनुसार, प्रकरण उजागर होने के बाद हेरफेर में शामिल बाबुओं ने अब तक लगभग 40 लाख रुपये की धनराशि कोषागार में वापस जमा कर दी है। इससे यह अंदेशा जताया जा रहा है कि विभाग में लंबे समय से वित्तीय अनियमितताओं का खेल चल रहा था। शासन स्तर पर इस पूरे मामले को लेकर गंभीरता दिखाई जा रही है। शिक्षा निदेशक माध्यमिक की ओर से स्पष्ट किया गया है कि वेतन, एरियर, बोनस, एनपीएस और अन्य भुगतान से संबंधित बिलों के आहरण से पहले सभी दस्तावेजों और खातों का सत्यापन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। यदि किसी स्तर पर गड़बड़ी पाई जाती है तो संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
नवीन पटनायक ने नीट पेपर लीक की कड़ी निंदा की, बीजद ने शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा
ओडिशा में विपक्ष के नेता और बीजू जनता दल (बीजद) के प्रमुख नवीन पटनायक ने नीट-यूजी 2026 के प्रश्नपत्र लीक होने की खबरों के बाद इसे रद्द किए जाने को देश की परीक्षा प्रणाली में छात्रों के अटूट विश्वास पर एक बड़ा आघात बताया है
एक शिक्षक...4 विषय...4 जिले: शिक्षा विभाग की डीपीसी ने बढ़ाया असमंजस
भास्कर न्यूज | नागौर तीन साल के इंतजार के बाद शिक्षा विभाग ने व्याख्याताओं की डीपीसी सूची तो जारी कर दी, लेकिन इसके साथ ही एक विभाग की पूरी प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए। कार्यालय माध्यमिक शिक्षा निदेशक की ओर से हिंदी, राजनीति विज्ञान, इतिहास, राजस्थानी, उर्दू सहित कई विषयों की डीपीसी सूची जारी की गई है। 2023-24, 2024-25 और 2025-26 की लंबित डीपीसी के तहत शिक्षकों को व्याख्याता पद पर पदोन्नत कर 16 मई तक जॉइनिंग के निर्देश दिए गए हैं। लेकिन नागौर के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में कार्यरत शिक्षक बालकिशन भाटी के लिए यह पदोन्नति खुशी के साथ उलझन भी लेकर आई। विभाग ने उन्हें एक नहीं, दो नहीं बल्कि चार अलग-अलग विषयों में चार जिलों में पोस्टिंग दे दी। डीपीसी सूची के मुताबिक भाटी को हिंदी विषय में अजमेर, राजनीति विज्ञान में जालोर, राजस्थानी भाषा में बालोतरा और इतिहास विषय में जोधपुर में पदस्थापन दिया गया है।
प्री-पैब: समग्र शिक्षा अभियान के लिए झारखंड ने केंद्र से मांगे
पॉलिटिकल रिपोर्टर | रांची स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग ने वर्तमान वित्तीय वर्ष में समग्र शिक्षा अभियान (एसएसए) के लिए 2400 करोड़ रुपए का प्रस्ताव केंद्र सरकार को दिया है। इसमें रेकरिंग और नॉन-रेकरिंग दोनों तरह के खर्च शामिल हैं। दिल्ली में मंगलवार को आयोजित प्री-पैब (प्री-प्राजेक्ट एप्रूवल बोर्ड) की बैठक में झारखंड के शिक्षा अधिकारियों ने यह प्रस्ताव दिया। इस प्रस्ताव में पूर्व की चल रही योजनाओं के लिए 600 करोड़ रुपए, जबकि वर्तमान वित्तीय वर्ष के लिए 1800 करोड़ रुपए की मांग की गई है। प्री-पैब की बैठक में स्कूलों के लिए बुनियादी ढांचे दुरुस्त करने, स्मार्ट क्लास और आधुनिक लैब के लिए अतिरिक्त फंड की मांग की गई है। इस बार अब तक कोई नई योजना शामिल नहीं हुई है। हालांकि, झारखंड के शिक्षा अधिकारी इस बात पर जोर दे रहे हैं कि 14 मई को होनेवाली पैब की बैठक में कोई न कोई नई योजना को मंजूरी दी जाए। पिछली बार स्कूल ग्रांट नहीं मिली थी, पर अधिकारियों ने उम्मीद जताई है कि इस बार स्कूल ग्रांट के लिए 120 करोड़ रुपए मिलेंगे। एसएसए में केंद्र और राज्य की 60:40 की हिस्सेदारी होती है। ‘प्री-पैब' की बैठक में राज्य के प्रस्तावों की तकनीकी समीक्षा की गई। अब पैब' की बैठक में अंतिम निर्णय होगा। इस सत्र में कक्षा 1 और 2 की पुस्तकों के लिए आवश्यक फंड की मांग झारखंड ने कक्षा 1 और 2 के लिए अपना नया राज्य आधारित पाठ्यक्रम और पाठ्य पुस्तकें तैयार की हैं। इस सत्र (2026-27) में इनके वितरण और इसके लिए आवश्यक फंड की मांग की गई है, जो इस प्री-पैब की बैठक में एक बड़ा तकनीकी बिंदु रहा। इन क्षेत्रों पर फोकस : स्मार्ट क्लास, व्यावसायिक शिक्षा, शिक्षक प्रशिक्षण, लैब सुदृढ़ीकरण व ड्रॉप-आउट रेट कम करना। एसएसए के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड काफी निर्णायक समग्र शिक्षा अभियान के प्रभावी क्रियान्वयन में प्रोजेक्ट एप्रूवल बोर्ड की भूमिका केंद्रीय और निर्णायक होती है। यह बोर्ड केंद्रीय शिक्षा मंत्रालय के स्तर पर काम करने वाली सर्वोच्च संस्था है, जो राज्यों की योजनाओं को अंतिम रूप देती है। प्रत्येक राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हर साल अपनी वार्षिक कार्ययोजना और बजट तैयार करते हैं। पैब इन प्रस्तावों की समीक्षा करता है और यह तय करता है कि किस मद में कितनी राशि आवंटित की जाएगी। वित्तीय वर्ष स्वीकृत राशि 2023-24 2279.16 करोड़ 2024-25 2331.36 करोड़ 2025-26 2485.40 करोड़ समग्र शिक्षा अभियान में राशि लैप्स नहीं होती है, बल्कि वह अगले वर्ष भी खर्च की जा सकती है। मंगलवार की बैठक में पिछले वर्ष खर्च नहीं हो सकी 600 करोड़ की राशि के समायोजन पर केंद्र और राज्य के बीच तकनीकी सहमति बनाने का प्रयास हुआ।
सम्राट सरकार के शिक्षा मंत्री और फायर ब्रांड नेता मिथिलेश तिवारी कुर्सी संभालते ही विवादों में घिर गए हैं। 11 साल पहले उनके ऊपर दर्ज भ्रष्टाचार की फाइल खुल गई है। मंत्री पर धोखाधड़ी, सरकारी पैसे हड़पने और घोटाला जैसे गंभीर आरोप लगे हैं। मिथिलेश तिवारी के खिलाफ मुजफ्फरपुर के निगरानी कोर्ट में केस चल रहा है। दोषी पाए जाने पर उन्हें उम्रकैद तक की सजा हो सकती है। मामले की अगली सुनवाई 14 जुलाई को होने वाली है। भास्कर की स्पेशल रिपोर्ट में जानिए, शिक्षा मंत्री पर लगे भ्रष्टाचार के आरोप का A टू Z. मिथिलेश तिवारी पर है क्या आरोप? मिथिलेश तिवारी के मंत्री बनने के बाद बिहार विद्यालय परीक्षा समिति का पत्र सामने आया है। सचिव के साइन से जारी पत्र 20 मार्च 2017 को लिखा गया है। इसमें बताया गया है कि मिथिलेश तिवारी पंडित दीन दयाल उपाध्याय इंटर महाविद्यालय खजुरिया, बरौली, गोपालगंज के तत्कालीन अध्यक्ष हैं। समिति के सचिव ने मिथिलेश तिवारी पर मुकदमा चलाने की अनुमति दी है। मिथिलेश तिवारी पर लगे आरोप इसी कॉलेज से जुड़ा है। वह कॉलेज के प्रबंधन समिति के अध्यक्ष थे। आरोप है कि इन्होंने सरकार से मिले 50 लाख रुपए की हेराफेरी की। पैसा कॉलेज के कर्मियों के वेतन के लिए था। आरोप है कि मिथिलेश ने फर्जी दस्तावेज लगाकर पैसे खुद हड़प लिए। मिथिलेश तिवारी ने चुनावी हलफनामे में भी निगरानी केस की जानकारी सार्वजनिक की है। चुनावी हलफनामे के मुताबिक, विजिलेंस पुलिस थाने में 34/2015 केस पेंडिंग है। स्पेशल जज विजिलेंस कोर्ट मुजफ्फरपुर में केस की सुनवाई चल रही है। मिथिलेश पर फर्जी दस्तावेज देने और बेईमानी करने के अलावा प्रिवेंशन ऑफ करप्शन की धाराएं लगी हैं। मिथिलेश तिवारी पर 420 की धारा मिथिलेश तिवारी के खिलाफ 7 मई 2015 को निगरानी एसपी ने एफआईआर दर्ज कराई थी। FIR No 034/2015 है। मंत्री के खिलाफ लगी धाराएं.. कोर्ट में केस की स्थिति जानिए अब तिवारी पर लगी धाराओं को आसान भाषा में समझते हैं PC ACT की 13(2) और 13, (1)(d): भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम, 1988 की धारा 13(2) और धारा 13(1)(घ) तब लगाई जाती है जब लोक सेवक (सरकारी कर्मी) अपने पद का दुरुपयोग कर अनुचित लाभ यानी घोटाला करता है। ऐसे क्राइम के लिए 1-7 साल का जेल हो सकता है। साल 2018 के संशोधन में धारा 13(1)(घ) के जगह पर आपराधिक कदाचार की नई परिभाषाएं लागू की गईं, जो अवैध तरीके से धन अर्जन किया जाना है। IPC की 409(420), 467/477(A) और 120(B): ये धाराएं आमतौर पर बैंक धोखाधड़ी, सरकारी पैसे के घोटाले और वित्तीय हेरफेर के मामलों में एक साथ लगाई जाती हैं। इसका सीधा मतलब है कि आरोपियों ने मिलकर लूट यानी घोटाला की योजना बनाई। सरकारी या सार्वजनिक धन का गबन किया है। उन पैसे और को छिपाने के लिए फर्जी दस्तावेज और खाते तैयार किए हैं। मंत्री बोले-राजनीतिक साजिश के तहत आरोप लगे इस मामले में मिथिलेश तिवारी का पक्ष जानने के लिए हमने उनसे फोन पर बात की। उन्होंने कहा, 'यह काफी पुराना मामला है। मेरे स्थानीय विरोधी ने राजनीतिक साजिश के तहत आरोप लगाया था। मामले को लेकर मैं पटना हाईकोर्ट गया था। हाईकोर्ट ने सारी सुनवाई पर रोक लगा दी थी। सरकार से पक्ष मांगा गया था, लेकिन सरकार की तरफ से कोई जानकारी नहीं दी गई।' हमने (भास्कर ने) जब मुजफ्फरपुर के निगरानी कोर्ट में चल रही सुनवाई को लेकर कहा तो मंत्री ने जवाब दिया, 'मेरे वकील मेरा पक्ष रख रहे हैं।' क्या सीएम सम्राट नीतीश कुमार के फैसले को दोहराएंगे बिहार के तत्कालीन शिक्षा मंत्री डॉ. मेवालाल चौधरी ने 19 नवंबर 2020 को पदभार ग्रहण करने के मात्र दो घंटे के भीतर इस्तीफा दे दिया था। वह पूर्व सीएम नीतीश कुमार की कैबिनेट में शामिल हुए थे। उन पर भ्रष्टाचार के आरोप लगे थे। मेवालाल 2017 में भागलपुर के सबौर कृषि विश्वविद्यालय के कुलपति थे। इस पद पर रहते हुए उन्होंने 161 सहायक प्रोफेसरों और जूनियर वैज्ञानिकों की भर्ती की थी। इस भर्ती में धांधली और भ्रष्टाचार करने के गंभीर आरोप लगे थे। यह असिस्टेंट प्रोफेसर भर्ती घोटाला के नाम से जाना जाता है। मेवालाल चौधरी के खिलाफ एफआईआर दर्ज की गई थी। शिक्षा मंत्री बनने से पहले जेडीयू ने 2017 में उन्हें पार्टी से निलंबित भी किया था। बाद में अग्रिम जमानत मिल गई थी। इसके बाद वह चुनाव लड़े थे। विपक्ष ने मेवालाल पर लगे आरोपों को मुद्दा बनाया। तेजस्वी यादव ने सरकार को घेरा। ऐसे में नीतीश कुमार ने 19 नवंबर 2020 की दोपहर को मेवालाल चौधरी को तलब किया। इसके बाद मेवालाल ने अपना इस्तीफा राजभवन को भेज दिया था। अप्रैल 2021 में कोरोना संक्रमण के कारण डॉ. मेवालाल चौधरी का निधन हो गया।
हान चेंग ने 'विश्व डिजिटल शिक्षा सम्मेलन- 2026' के उद्घाटन समारोह में भाग लिया
चीन के चच्यांग प्रांत की राजधानी हांगचो में आयोजित 2026 विश्व डिजिटल शिक्षा सम्मेलन के उद्घाटन समारोह में चीनी उपराष्ट्रपति हान चेंग ने भाग लिया और संबोधन दिया।
शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी मंत्री बनने के बाद पहली बार अपने गृह जिले गोपालगंज पहुंचे। इस दौरान कार्यकर्ताओं और स्थानीय जनता ने उनका जोरदार स्वागत किया। मंत्री ने पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव के एक बयान पर पलटवार करते हुए निशाना साधा। बेटियों को 'एजिटेशन' करने की जरूरत नहीं जिले की सीमाओं में प्रवेश करते ही 'जय श्री राम' और 'मिथिलेश तिवारी जिंदाबाद' के नारे लगाए गए। समर्थकों ने कई स्थानों पर जेसीबी से उन पर पुष्प वर्षा भी की। स्वागत समारोहों के दौरान मिथिलेश तिवारी ने तेजस्वी यादव के हालिया बयान पर प्रतिक्रिया दी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उनके 'एजिटेशन' (आंदोलन) शब्द का गलत अर्थ निकाला गया। मंत्री ने कहा कि उन्होंने बिहार की बेटियों को 'एजिटेशन' करने की जरूरत नहीं है, यह बात कही थी, जिसे तेजस्वी यादव ने 'एजुकेशन' समझ लिया। मंत्री ने तेजस्वी यादव पर तंज कसते हुए कहा कि उन्हें सुनने, देखने या समझने में समस्या है। उन्होंने कहा, तेजस्वी जी का या तो कान खराब है, या उनकी आंखों में दिक्कत है, और अगर ये दोनों सही हैं तो उनकी बुद्धि खराब है। मिथिलेश तिवारी ने तेजस्वी को एनडीए सरकार के सरकारी अस्पताल में मुफ्त और बेहतर इलाज कराने का निमंत्रण भी दिया, ताकि भविष्य में ऐसी गलतियां न हों। अपने संबोधन में मिथिलेश तिवारी ने बिहार की शिक्षा व्यवस्था के साथ-साथ सांस्कृतिक मूल्यों पर भी बात की। उन्होंने कहा कि भारत की पहचान विदेशी आक्रांताओं से नहीं, बल्कि अपनी जड़ों से है। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश की संस्कृति अकबर या बाबर की नहीं, बल्कि भगवान राम और श्री कृष्ण के आदर्शों पर आधारित है। उन्होंने इस गौरवशाली विरासत को संजोने को सभी का दायित्व बताया। इस लिए इन तीनों तंत्रों का इलाज हम भारतीय जनता पार्टी एनडीए की सरकार के सरकारी अस्पताल में कराने के लिए आमंत्रित करते हैं कि वो एक बार आए ताकि उनसे गलती ना हो। एजिटेशन मतलब आन्दोल होता है और एजुकेशन मतलब शिक्षा होता होता है।तेजस्वी जी ने कभी शिक्षा लिया नहीं और कभी आंदोलन किया नहीं उनको लगता है कि ये दोनों एक ही चीज है। तेजस्वी यादव जी को अभी और पढ़ने को जरूरत है।उन्होंने प्रथम दिन से गलत बयानी कर रहे है झूठ बोल रहे हैं और अफवाह फैला रहे हैं उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि आपको बिहार की जनता माफ नहीं करेगी। साथ ही उन्होंने झाड़फूल वाले वायरल वीडियो के दर्शन की बड़ी महिमा है और मैं वही गया था और वहां झाड़ लगाया जाता है। लेकिन इन लोगों को समझ में नहीं आता है कि वहां की वह पद्धति है। और उस पद्धति से बिहार की सुख और समृद्धि बिहार की शिक्षा के विकास के लिए आशीर्वाद लिया।
Fact Check: क्या बिहार के शिक्षा मंत्री ने कहा लड़कियों को शिक्षा की जरूरत नहीं? सच जानिए
बूम ने पाया कि बिहार के शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने Agitation शब्द का इस्तेमाल किया था जिसे एजुकेशन समझकर गलत दावा किया जा रहा है.
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय कुमारगंज में कृषि शिक्षा और प्रसार कार्य संबद्धीकरण के कारण प्रभावित हो रहा है। कृषि महाविद्यालयों और कृषि ज्ञान केंद्रों के लिए नियुक्त वैज्ञानिक और शिक्षक कई वर्षों से विश्वविद्यालय मुख्यालय से संबद्ध हैं। दर्जनों शिक्षकों का अपने मूल तैनाती स्थलों से मोहभंग हो गया है। इसके अतिरिक्त, डीन, डायरेक्टर और विभागाध्यक्ष जैसे महत्वपूर्ण पदों पर भी विश्वविद्यालय के कर्मचारी वर्षों से जमे हुए हैं। विश्वविद्यालय प्रशासन संबद्ध शिक्षकों को उनके मूल तैनाती स्थलों पर वापस भेजने के संबंध में निष्क्रिय बना हुआ है। दावों के बावजूद, इस मामले में कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई है, जिससे अवैध रूप से संबद्ध शिक्षकों को अप्रत्यक्ष रूप से बढ़ावा मिल रहा है। सह प्राध्यापक और सहायक प्राध्यापक संबद्धीकरण के नाम पर वेतन तो अपने मूल कृषि महाविद्यालयों से ले रहे हैं, लेकिन अध्यापन के बजाय विश्वविद्यालय के विभिन्न संकायों में कार्य कर रहे हैं। उदाहरण के लिए, आजमगढ़ के कोटवा कृषि महाविद्यालय में 400 छात्र-छात्राएं नामांकित हैं और दो दर्जन शिक्षकों की नियुक्ति है, पर पढ़ाई कुछ ही शिक्षकों के भरोसे चल रही है। कीट विज्ञान में डॉ. समीर कुमार, मृदा विज्ञान में डॉ. राबिन चौधरी, उद्यान एवं वानिकी में डॉ. यश्मिता, क्रॉप फिजियोलॉजी में डॉ. आलोक सिंह तथा कृषि प्रसार में डॉ. एन.आर. मीणा व डॉ. पीयूषा सिंह जैसे शिक्षक प्रभावी रूप से कुमारगंज विश्वविद्यालय से संबद्ध हैं, जबकि वे कोटवा से वेतन प्राप्त कर रहे हैं। अधिष्ठाता डॉ. धीरेंद्र कुमार सिंह लगातार संबद्धीकरण निरस्त कर शिक्षकों को वापस भेजने के लिए पत्राचार कर रहे हैं, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई है। विश्वविद्यालय में रिक्त पदों पर नियुक्तियां हो चुकी हैं, ऐसे में संबद्ध शिक्षकों के लिए कोई पद उपलब्ध नहीं है। यही स्थिति कृषि ज्ञान केंद्रों की भी है, जहां कई कर्मचारी 20 वर्षों से विश्वविद्यालय मुख्यालय से संबद्ध हैं और उन्होंने अपने केंद्रों का दौरा तक नहीं किया है। इसके अलावा, वरिष्ठता को दरकिनार कर कनिष्ठों को विभागाध्यक्ष और अधिष्ठाता बना दिया गया है।
पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड द्वारा एक दिन पहले घोषित 10वीं कक्षा के परिणामों पर सीएम भगवंत सिंह मान ने टॉपर विद्यार्थियों को बधाई दी। इस दौरान उन्होंने कहा कि इन नतीजों ने साबित कर दिया है कि पंजाब के बच्चों में प्रतिभा की कोई कमी नहीं है। मंगलवार को सीएम माने ने विशेष रूप से पंजाब टॉपर फरीदकोट के सरस्वती सीनियर सेकेंडरी स्कूल जैतो की छात्रा हरलीन शर्मा के अलावा दूसरे और तीसरे स्थान पर रहे रूपनगर के मनीमहेश शर्मा और होशियारपुर की रिया रानी को चंडीगढ़ बुलाकर सम्मानित किया, और उन्हें उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। इस दौरान पंजाब टॉपर हरलीन शर्मा को 50 हजार का नकद पुरस्कार देकर नवाजा गया। सीएम भगवंत मान ने कहा कि इन होनहार विद्यार्थियों की मेहनत, उनके माता-पिता की दुआओं और अध्यापकों के सही मार्गदर्शन के कारण पूरे पंजाब का सिर गर्व से ऊंचा हुआ है। शिक्षा के बुनियादी ढांचे को मजबूत कर रही है पंजाब सरकार- सीएम सीएम भगवंत मान ने कहा कि पंजाब सरकार शिक्षा के बुनियादी ढांचे को और मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास कर रही है, ताकि गांवों और शहरों के हर बच्चे को आगे बढ़ने और ऊंची उड़ान भरने के समान अवसर मिल सकें। सीएम ने सभी सफल विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए उम्मीद जताई कि वे आगे भी इसी तरह मेहनत कर देश और दुनिया में पंजाब का नाम रोशन करेंगे।
मोतिहारी शिक्षा विभाग एक बार फिर सवालों के घेरे में है। इस बार मामला सरकारी स्कूलों में बच्चों के लिए खरीदी गई खेल सामग्री की गुणवत्ता और खरीद में अनियमितता से जुड़ा है। इसका खुलासा माध्यमिक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (DPO) नित्यम कुमार गौरव द्वारा किए गए निरीक्षण में हुआ। यह जांच जिलाधिकारी सौरभ जोरवाल के निर्देश पर की गई थी। अरेराज, चिरैया, रामगढ़वा, तुरकौलिया और हरसिद्धि सहित एक दर्जन से अधिक स्कूलों को पायलट प्रोजेक्ट के तहत जांचा गया। निरीक्षण के दौरान लगभग सभी स्कूलों में खेल सामग्री की गुणवत्ता खराब पाई गई और कई जगहों पर सामग्री की संख्या भी निर्धारित मानकों से कम मिली। चेतावनी के बावजूद 31 मार्च तक आवंटित राशि निकाल ली थी डीपीओ नित्यम कुमार गौरव ने बताया कि अभिभावकों से लगातार शिकायतें मिल रही थीं, जिसके बाद उन्होंने स्कूलों का औचक निरीक्षण किया। जांच में यह भी सामने आया कि कई स्कूलों ने पूर्व में चेतावनी के बावजूद 31 मार्च तक आवंटित राशि निकाल ली थी, लेकिन उसके अनुरूप खेल सामग्री की खरीद नहीं की गई। विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए बिहार सरकार ने बच्चों के शारीरिक और मानसिक विकास के लिए हाई स्कूलों को 25 हजार रुपये, मिडिल स्कूलों को 10 हजार रुपये और प्राथमिक विद्यालयों को 5 हजार रुपये की राशि खेल सामग्री खरीदने के लिए उपलब्ध कराई थी। इस राशि के उपयोग में सामने आई अनियमितता ने विभाग की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। इस पूरे मामले के सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की किरकिरी हो रही है। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पर क्या कार्रवाई करता है और दोषी अधिकारियों व कर्मियों के खिलाफ क्या कदम उठाए जाते हैं।
गुरुगोष्ठी में शिक्षा व्यवस्था को बेहतर बनाने पर की गई चर्चा
भरनो|प्रखंड मुख्यालय स्थित राजकीय कृत बालिका मध्य विद्यालय भरनो के सभागार में सोमवार को विशेष गुरुगोष्ठी कार्यक्रम का आयोजन किया गया। जिसकी अध्यक्षता बीआरसी के लेखापाल राजदीप गुप्ता ने की। गुरुगोष्ठी में प्रखंड के सभी सरकारी विद्यालयों के सचिव आवश्यक प्रतिवेदन के साथ उपस्थित हुए। जहां शिक्षा विभाग से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तारपूर्वक चर्चा की गई। इसमें एनआइएलपी रजिस्ट्रेशन, अपार आईडी निर्माण, यू-डाइस अपडेट, प्रोग्रेशन रिपोर्ट, चाइल्ड प्रोफाइल तैयार करने, पोशाक वितरण की उपयोगिता, बच्चों के बैंक खाते खोलने, एनसीपीआई मैपिंग, मध्याह्न भोजन संचालन व उसके एसएमएस रिपोर्टिंग जैसे विषय प्रमुख रूप से शामिल रहे। मौके पर शिक्षकों को विभागीय कार्यों में पारदर्शिता और समयबद्धता बनाए रखने का निर्देश दिया गया। साथ ही आगामी 12, 13 व 14 मई को आयोजित होने वाली शिक्षकों की टीएनए परीक्षा को लेकर भी विस्तार से जानकारी दी गई। अधिकारियों ने परीक्षा प्रक्रिया, आवश्यक तैयारी तथा ऑनलाइन संबंधित प्रक्रियाओं को सरल तरीके से समझाया। गुरुगोष्ठी का उद्देश्य विद्यालयों में शैक्षणिक व प्रशासनिक कार्यों को सुचारू रूप से संचालित करना व विभागीय योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी लाना।
तकनीकी शिक्षा प्रत्येक विद्यार्थी के लिए जरूरी
बड़वानी | शासकीय कन्या महाविद्यालय में सोमवार को राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी दिवस पर विशेषज्ञ व्याख्यान व तकनीकी क्विज स्पर्धा हुई। कार्यक्रम प्राचार्य डॉ. कविता भदौरिया के मार्गदर्शन में विज्ञान संकाय के रसायन विभाग द्वारा आयोजित हुआ। मुख्य वक्ता प्रो. कपिल शाह ने छात्राओं को कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई), साइबर सुरक्षा, डिजिटल तकनीक व आधुनिक नवाचारों की जानकारी दी। उन्होंने कहा तकनीक और नवाचार के इस दौर में युवाओं की भूमिका अहम है। कार्यक्रम में तकनीकी से विकास, नवाचार से आत्मनिर्भर भारत विषय पर क्विज स्पर्धा हुई, प्राचार्य डॉ. भदौरिया ने कहा कि वर्तमान समय में तकनीकी शिक्षा और डिजिटल ज्ञान प्रत्येक विद्यार्थी के लिए जरूरी हो गया है। प्रशासनिक अधिकारी डॉ. एनएल गुप्ता ने पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के व्यक्तित्व पर प्रकाश डालते हुए छात्राओं को उनके आदर्शों से प्रेरणा लेने की बात कही। डॉ. दिनेश सोलंकी ने बताया ऐसे आयोजन छात्राओं में वैज्ञानिक चेतना व नवाचार की भावना विकसित करने में सहायक होते हैं। संचालन प्रो. आयुषी व्यास व आभार प्रो. सुमन चौहान ने माना।
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ग्वालियर में न्यायालयीन प्रकरण में गंभीर लापरवाही बरतने के आरोप में प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी को निलंबित कर दिया गया है। लोक शिक्षण संचालनालय ने यह कार्रवाई करते हुए उन्हें तत्काल प्रभाव से निलंबित किया। आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह ने सोमवार को निलंबन आदेश जारी किए। यह मामला न्यायालयीन प्रकरण अनंत पुंढीर बनाम मध्यप्रदेश शासन से संबंधित है। इस प्रकरण में न्यायालय ने 5 जुलाई 2023 को निर्णय पारित किया था। आरोप है कि निर्णय के लगभग दो वर्ष बाद प्रभारी जिला शिक्षा अधिकारी हरिओम चतुर्वेदी ने रिट अपील दायर करने का प्रस्ताव विभाग को भेजा। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने 16 फरवरी 2026 को आवश्यक अनुमति प्रदान की थी। विभागीय निर्देशों के अनुसार, इस मामले में रिव्यू याचिका दायर की जानी थी। हालांकि, हरिओम चतुर्वेदी ने अपेक्षित कार्रवाई नहीं की और शासकीय अधिवक्ता से अभिमत लेकर मामला विभाग को भेज दिया। इस लापरवाही के कारण अवमानना प्रकरण क्रमांक 2678/2024 उत्पन्न हो गया। लोक शिक्षण संचालनालय ने इसे शासकीय कार्य के प्रति उदासीनता और गंभीर प्रशासनिक लापरवाही माना है। अधिकारी से निर्देश मिलने पर भी नहीं की कार्रवाई निलंबन आदेश में स्पष्ट किया है कि सक्षम निर्देश मिलने के बावजूद अधिकारी ने समय पर आवश्यक कार्रवाई नहीं की। इस आचरण को मप्र सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम 3(1), 3(2) और 3(3) का उल्लंघन माना है। विभाग ने इसे गंभीर कदाचार मानते हुए मप्र सिविल सेवा नियम 1966 के नियम 9(1) के तहत निलंबन की कार्रवाई की है। निलंबन अवधि के दौरान हरिओम चतुर्वेदी का मुख्यालय डाइट ग्वालियर निर्धारित किया गया है। इस विभागीय कार्रवाई के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप की स्थिति बनी हुई है।
धार कलेक्टर राजीव रंजन मीना ने सोमवार को कलेक्टर कार्यालय सभाकक्ष में विभिन्न विभागों के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने गेहूं उपार्जन केंद्रों की व्यवस्थाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण और जल संरक्षण सहित कई मुद्दों पर अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए। कलेक्टर ने गेहूं उपार्जन केंद्रों की समीक्षा करते हुए किसानों को अनावश्यक इंतजार से बचाने के निर्देश दिए। उन्होंने पर्याप्त तोल कांटे उपलब्ध कराने और प्रतिदिन निगरानी रखने को कहा। डेहरी, बिड़वाल और कानवन केंद्रों पर समस्याओं के कारण अधिकारियों को दैनिक रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए। जिन केंद्रों पर 80 प्रतिशत से कम खरीदी हुई है, उन पर विशेष ध्यान देने को कहा गया। बैठक से तहसीलदार दीपाली जाधव के अनुपस्थित रहने पर कलेक्टर ने नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने जाधव को कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। बच्चों को स्कूल से जोड़ने पर जोरशिक्षा और जनजातीय कार्य विभागों की समीक्षा में स्कूलों में नए पंजीयन बढ़ाने और शाला त्यागी बच्चों को शिक्षा से पुनः जोड़ने पर जोर दिया गया। छात्रावासों के निरीक्षण तथा समग्र आईडी व आधार संबंधी समस्याओं के समाधान के भी निर्देश दिए गए। महिला एवं बाल विकास विभाग को पोषण ट्रैकर ऐप पर बच्चों का शत-प्रतिशत पंजीयन सुनिश्चित करने तथा आंगनवाड़ी केंद्रों पर पोषण आहार उपलब्ध कराने के निर्देश मिले। स्वास्थ्य विभाग को मातृ मृत्यु दर की साप्ताहिक समीक्षा, गंभीर एनीमिया के मामलों की पहचान और कुपोषित बच्चों के उपचार के लिए घर-घर सर्वेक्षण कराने के निर्देश दिए गए। जल गंगा संवर्धन अभियान के तहत लंबित मामलों का शीघ्र निराकरण और पानी की गुणवत्ता की नियमित जांच के निर्देश दिए गए। राजस्व विभाग को नामांतरण, बंटवारा और सीमांकन के मामलों को समय-सीमा में निपटाने को कहा गया। बैठक में जिला पंचायत सीईओ अभिषेक चौधरी और अपर कलेक्टर संजीव केशव पाण्डेय सहित कई अधिकारी उपस्थित रहे।
कांति कपूर कॉलेज में स्मार्ट क्लास शुरू:इनर व्हील क्लब ने छात्राओं को दी डिजिटल शिक्षा की सुविधा
बरेली के कांति कपूर गर्ल्स कॉलेज में छात्राओं के लिए स्मार्ट क्लास की सुविधा शुरू की गई है। इनर व्हील क्लब ऑफ बरेली साउथ ने शिक्षा को तकनीक से जोड़ने की दिशा में यह पहल की है। क्लब ने कॉलेज में एक एंड्रॉयड डिजिटल एलईडी बोर्ड स्थापित किया है। इससे छात्राओं को अब आधुनिक और इंटरैक्टिव तरीके से पढ़ाई करने का अवसर मिलेगा। सोमवार को एक कार्यक्रम में स्मार्ट क्लास का औपचारिक शुभारंभ किया गया। इस अवसर पर एलईडी बोर्ड के माध्यम से कई शैक्षणिक प्रतियोगिताओं का भी आयोजन हुआ, जिसमें छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। डिजिटल माध्यम से पढ़ाई और प्रतियोगिताओं का अनुभव पाकर छात्राओं में काफी उत्साह देखा गया। क्लब अध्यक्षा ने बताया कि विद्यालय में लंबे समय से स्मार्ट क्लास की आवश्यकता महसूस की जा रही थी। क्लब ने इस कमी को दूर करने का प्रयास किया है, ताकि छात्राएं आधुनिक तकनीक के साथ बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकें। उन्होंने आगे कहा कि बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण क्लब की प्राथमिकताओं में शामिल है। तकनीक आधारित शिक्षा से छात्राओं की सीखने की क्षमता और आत्मविश्वास दोनों में वृद्धि होगी, जिससे वे डिजिटल युग की जरूरतों के अनुरूप खुद को तैयार कर सकेंगी। कार्यक्रम में क्लब की सचिव, कोषाध्यक्ष और कई अन्य सदस्य उपस्थित रहे। सभी ने छात्राओं को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की इस पहल को समाज के लिए एक सकारात्मक कदम बताया।
जहानाबाद में बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत आर्थिक रूप से कमजोर विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है। राज्य सरकार की इस पहल का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि आर्थिक अभाव के कारण किसी भी छात्र-छात्रा की पढ़ाई बाधित न हो। जिला निबंधन एवं परामर्श केंद्र (डीआरसीसी) जहानाबाद के माध्यम से यह शिक्षा ऋण सरल प्रक्रिया से उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रुति कुमारी को मिला 2 लाख रुपए की राशि इस योजना से लाभान्वित होने वालों में श्रुति कुमारी भी शामिल हैं, जिन्हें पटना स्थित जे.डी. विमेन्स कॉलेज में बी.सी.ए. पाठ्यक्रम की पढ़ाई के लिए 2,07,500 रुपए की राशि मिली है। श्रुति कुमारी ने इस सहायता के लिए बिहार सरकार और जिला प्रशासन जहानाबाद का आभार व्यक्त किया। इसी कड़ी में विकाश कुमार भी इस योजना के लाभार्थी हैं, जो गवर्नमेंट मेडिकल कॉलेज में एम.बी.बी.एस. पाठ्यक्रम की पढ़ाई कर रहे हैं। उन्हें अपने पाठ्यक्रम के लिए डीआरसीसी केंद्र जहानाबाद द्वारा स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत ₹2,14,600 का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया गया है। विकाश कुमार ने भी सरकार और जिला पदाधिकारी के प्रति आभार व्यक्त किया। जिले के कई अन्य छात्र-छात्राओं को भी देश के विभिन्न शिक्षण संस्थानों में उच्च शिक्षा प्राप्त करने हेतु इस योजना के अंतर्गत सहायता प्रदान की गई है। विद्यार्थियों को 4 लाख तक का ऋण कराया जाता है उपलब्ध बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड योजना के तहत विद्यार्थियों को 4 लाख रुपए तक का शिक्षा ऋण उपलब्ध कराया जाता है। इस राशि का उपयोग कॉलेज शुल्क, पुस्तकें, लैपटॉप और अन्य शैक्षणिक आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए किया जा सकता है। ऋण की अदायगी पढ़ाई पूरी होने और रोजगार प्राप्त होने के बाद ही शुरू होती है, जिससे विद्यार्थियों और उनके अभिभावकों पर तत्काल आर्थिक दबाव नहीं पड़ता।
डिजी दुनिया प्रोजेक्ट से डिजिटल शिक्षा, मास्टर ट्रेनर ने शिक्षकों को दिया स्मार्ट क्लास प्रशिक्षण
बरौल | शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर में डिजी दुनिया प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के जरिए शिक्षण को मजबूत करना और विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है। समग्र शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार यह प्रशिक्षण 4 मई से 19 मई तक जिले के सभी छह विकासखंडों में अलग-अलग मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से चल रहा है। सूरजपुर के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मास्टर ट्रेनर सुखदेव राजवाड़े शिक्षकों को स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षण प्रणाली की जानकारी दे रहे हैं। प्रशिक्षण में स्मार्ट क्लास संचालन, डिजिटल कंटेंट का उपयोग, प्रोजेक्टर और इंटरैक्टिव बोर्ड की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री के इस्तेमाल और तकनीक आधारित पढ़ाई के तरीकों पर सत्र लिए जा रहे हैं। राजवाड़े ने बताया कि डिजिटल माध्यम से चित्र, वीडियो, एनिमेशन और प्रेजेंटेशन के जरिए पढ़ाई कराई जा सकती है। इससे कठिन विषयों को समझाना आसान होता है।
‘हरा सोचें, हरा जियें’ के संदेश के साथ पौधारोपण का लिया संकल्प, शिविर, शिक्षा पर रहा फोकस
लॉयंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट द्वारा रविवार को एक भव्य क्षेत्रीय सम्मेलन एकजोत 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेवा में एकता के संदेश को साझा करना और पिछले एक वर्ष में समाज कल्याण के लिए किए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत करना था। 400 से अधिक सदस्यों ने दर्ज कराई उपस्थिति इस सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 400 सदस्यों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी क्षेत्रों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। आयोजन की शुरुआत में आए हुए सभी गणमान्य अतिथियों और वरिष्ठ सदस्यों का फूलों के हार और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। सम्मेलन में चर्चा की गई कि क्लब ने पूरे वर्ष मानवता की सेवा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रकल्प चलाए हैं। गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए समय-समय पर चिकित्सा शिविर लगाए गए, जहां मरीजों की मुफ्त जांच और दवा वितरण किया गया। शिक्षा के लिए सहायता आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई के लिए किताबें, स्टेशनरी और अन्य जरूरी सामान बांटा गया। पर्यावरण संरक्षण धरती को हरा-भरा बनाने के लिए बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। सदस्यों ने हरा सोचें, हरा जियें के नारे के साथ प्रकृति की रक्षा का संकल्प लिया।
दस दिन अवकाश कटौती के विरोध में शिक्षा संकुल पर किया सद्बुद्धि यज्ञ
जयपुर | राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने शिविरा पंचांग 2026–27 में ग्रीष्मावकाश व संस्था प्रधान की ओर से घोषित अवकाश में मनमानी कटौती के विरोध में शिक्षा संकुल पर सदबुद्धि यज्ञ किया। इस दौरान हनुमान चालीसा के पाठ भी किए गए। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्म ने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों व भीषण गर्मी को देखते हुए जून माह में विद्यालय खोलना पूर्णतया अव्यावहारिक हैं। संगठन के न्यायाधिकरण प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुकेश मीणा हाटवाल ने बताया कि अधिकारियों द्वारा बिना नियम के अवकाश कटौती करना अनुचित हैं। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने कहा कि अब 18 मई को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।
जयपुर | शिक्षा विभाग में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है। आरएसएस से जुड़े शिक्षक संगठन ने अब शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) महासंघ का आरोप है कि वर्तमान में विभाग के अधिकारी नवाचार का चोला ओढ़कर शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी तीनों का बंटाधार करने पर तुले हुए हैं। साथ ही हर मुद्दे पर हठधर्मिता अपनाते है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश है। रविवार को महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने रविवार को प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा कि प्रदेश की सरकार और उसके अधिकारियों की हठधर्मिता और उदासीनता के कारण सरकार के ढ़ाई वर्ष पूरे होने पर भी शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों का समाधान नहीं हुआ है। उनकी प्रमुख मांगों में शिविरा पंचांग में संशोधन, तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्गो के स्थानांतरण खोलने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति करने, 2019 से अब तक क्रमोन्नत सभी विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी करने एवं स्टाफिंग पैटर्न लागू करने, आरजीएचएस को सुचारू रखने, वेतन विसंगति दूर करने, अवकाश में 10 दिन की कटौती वापस लेने सहित कई मांगे हैं। जिन पर शिक्षा विभाग बात करने को तैयार नहीं है। अब आंदोलन के सिवा कोई रास्ता नहीं है। इसलिए 14 मई को खंड स्तर, 29 मई को जिला स्तर, 5 जून को बीकानेर निदेशालय पर संभाग स्तर का धरना एवं प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 10 जून जयपुर संभाग में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।
समर्पण संस्था; समावेशी शिक्षा के लिए शैक्षिक चैरिटी जरूरी, ‘एज्यूकेशनल एम्बेसेडर’ अभियान शुरू
जयपुर | समर्पण संस्था की ओर से दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबन्धन संस्थान में ‘शैक्षिक चैरिटी: समानता और समावेशी शिक्षा की दिशा में एक कदम’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने पीपीटी के जरिए बताया कि शिक्षा दान सर्वश्रेष्ठ है और संस्था द्वारा निर्धन विद्यार्थियों के लिए “एज्यूकेशनल एम्बेसेडर” अभियान चलाया जा रहा है, जिसके आवेदन 25 मई तक खुले हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईपीएस जी.सी. रॉय ने की। इस अवसर पर सेवानिवृत्त आईएएस ए.आर. खान, वेद प्रकाश वर्मा, डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. प्रकाश चन्द टेलर, और राजीव कुमार जैन सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। एंकर शिवाली गुप्ता ने मंच संचालन किया। संस्था ने संपन्न वर्ग से समाज को वापस लौटाने (पे बैक टू सोसायटी) की भावना के साथ बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की अपील की।
हेल्थ, शिक्षा और ईवी तक में बदलाव केप्रोजेक्ट, 26 इनोवेटिव मॉडल होंगे प्रदर्शित
आज टेक्नोलॉजी सिर्फ बड़े शहरों या मशीनों तक सीमित नहीं रह गई है। यह खेती, पानी, स्वास्थ्य और आम लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी को आसान बनाने का मजबूत जरिया बन रही है। नेशनल टेक्नोलॉजी डे पर इस बार की थीम ‘रेस्पोंसिबल इनोवेशन फॉर इंक्लूसिव ग्रोथ’ रखी गई है। यानी ऐसी तकनीक, जो हर वर्ग तक पहुंचे और समाज के लिए उपयोगी साबित हो। इसी सोच के साथ सोमवार को बिड़ला ऑडिटोरियम में साइंस एंड टेक्नोलॉजी विभाग की ओर से राज्य स्तरीय कार्यक्रम होगा। इसमें 1200 से ज्यादा स्टूडेंट्स, वैज्ञानिक, स्टार्टअप्स और इनोवेटर्स जुटेंगे। यहां 26 इनोवेटिव मॉडल प्रदर्शित किए जाएंगे, जो खेती, जल संरक्षण, मेडिकल सुविधाओं और रेस्क्यू सिस्टम जैसे क्षेत्रों में बदलाव ला रहे हैं। सिटी भास्कर में पढ़िए ऐसे ही इनोवेशन की कहानियां... छात्रों ने स्क्रैप से बनाई ई-बाइक जयपुर के रामचंद्र खेतान पॉलिटेक्निक कॉलेज के छात्रों नवीन, सौरभ, अवधेश प्रजापत और सारांश यादव ने हर्ष प्रणमी के निर्देशन में स्क्रैप से इलेक्ट्रिक बाइक तैयार की है। ‘स्क्रैप टू इलेक्ट्रिक बाइक : ए सस्टेनेबल फ्यूचर’ प्रोजेक्ट के तहत बनी इस बाइक की लागत करीब 30 हजार रुपए है, जबकि बाजार में इसकी कीमत 1 से 1.5 लाख रुपए तक है। यह बाइक एक बार चार्ज में 70 से 75 किमी तक चलती है और 80 से 90 किमी प्रति घंटा की स्पीड देती है। इसमें 48 वोल्ट लिथियम आयन बैटरी लगी है, जो करीब साढ़े चार घंटे में चार्ज हो जाती है। छात्रों का कहना है कि कम लागत में तैयार यह मॉडल सस्टेनेबल और किफायती ट्रांसपोर्ट का विकल्प बन सकता है। इमरान बने एजुकेशन इनोवेटर सरकारी शिक्षक और ऐप डेवलपर इमरान खान डिजिटल शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे हैं। उन्होंने खुद प्रोग्रामिंग सीखकर 80 से ज्यादा शैक्षणिक ऐप और 100 से अधिक वेबसाइट बनाई हैं। उनके ‘दिशारी’, ‘देववाणी’, ‘डिजिटल मेवात’, ‘गीर्वाणी’ और ‘प्रशस्त’ प्लेटफॉर्म का उपयोग भारत समेत कई देशों के 3 करोड़ से ज्यादा विद्यार्थी कर रहे हैं। इमरान ने अपने सभी ऐप भारत सरकार को निःशुल्क समर्पित किए हैं। उन्हें राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार, राष्ट्रीय आईसीटी अवॉर्ड, फुलब्राइट फेलोशिप, जमनालाल बजाज पुरस्कार और ग्लोबल टीचर प्राइज 2025 सहित कई सम्मान मिल चुके हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आने वाले इमरान अब डिजिटल एजुकेशन के बड़े इनोवेटर के रूप में पहचान बना चुके हैं। पोखरण-2 के बाद शुरू हुआ था टेक्नोलॉजी डे भारत में हर साल 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे मनाया जाता है। इसका उद्देश्य विज्ञान और तकनीक के क्षेत्र में देश की उपलब्धियों को सम्मान देना और युवाओं को इनोवेशन के लिए प्रेरित करना है। यह दिन 11 मई 1998 को राजस्थान के पोखरण में हुए सफल परमाणु परीक्षण ‘पोखरण-2’ की याद में मनाया जाता है। तत्कालीन प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी ने 11 मई को नेशनल टेक्नोलॉजी डे घोषित किया था। 18 साल की उम्र में किसानों के लिए बनाया ‘एग्रोबोट’ युवा इनोवेटर और आंत्रप्रिन्योर आर्यन सिंह किसान परिवार से हैं। वे आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, रोबोटिक्स और स्मार्ट ऑटोमेशन के जरिए खेती को आधुनिक बनाने पर काम कर रहे हैं। कोविड लॉकडाउन के दौरान उन्होंने अपने गैरेज को लैब में बदल दिया और तीन साल की रिसर्च के बाद ‘एग्रोबोट’ तैयार किया। यह एआई और आईओटी आधारित मल्टीफंक्शनल रोबोटिक सिस्टम है, जो बुवाई, स्प्रेइंग, स्मार्ट इरिगेशन, फसल मॉनिटरिंग, ड्रोन मैपिंग और एआई एनालिसिस जैसे काम कर सकता है। आर्यन को 2024 में प्रधानमंत्री राष्ट्रीय बाल पुरस्कार मिला। हाल ही में दुबई की कंपनी से उन्हें एग्रोबोट के 500 से ज्यादा यूनिट्स का करीब 13 करोड़ रुपए का वर्क ऑर्डर मिला है। cb नॉलेज
हिंदू युवा संघ का शिक्षा सम्मान समारोह आयोजित
रांची| हिंदू युवा संघ ने इरगू टोली में शिक्षा सम्मान समारोह आयोजित किया । कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संस्कारों का संवर्धन करना तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना था। समारोह की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुई। कार्यक्रम के तहत 150 बच्चों के बीच नोटबुक सेट एवं श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण किया गया। इस अवसर पर अर्जुन राम, रूपम झा, आरती सिंह, अजय कुमार, शुचिता, महिमा मौजूद थे।
कैंब्रियन में एयर शो, कौशल शिक्षा पर जोर
रांची | कांके रोड स्थित कैंब्रियन पब्लिक स्कूल में एयर शो का आयोजन कर विद्यार्थियों को ड्रोन और विमानन की बुनियादी समझ से जोड़ा गया। विद्यालय की निदेशक सह प्राचार्या परमजीत कौर ने कहा कि कौशल विकास और व्यवहारिक ज्ञान वर्तमान राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आधार है तथा स्कूलों की जिम्मेदारी है कि शुरुआत से ही बच्चों में व्यावहारिक शिक्षा की मजबूत नींव रखी जाए। ओरिएंटेशन सत्र में ड्रोन और विमानों की उड़ान, परिचालन व निर्माण से जुड़ी जानकारी दी गई, ताकि छात्र तकनीक को रुचि के साथ समझ सकें। विद्यालय प्रबंधन प्रमुख पंचम सिंह और मुख्य अतिथि आनंदमयी सिंह की उपस्थिति रही।
शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार बड़ौद पहुंचे:आगर मालवा में जनसंघ के पुराने साथियों से की मुलाकात
आगर-मालवा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार रविवार को आगर जिले के बड़ौद पहुंचे। गांधी चौक पर जनसंघ के पुराने साथियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री अपने पुराने मित्र गोपाल परमार के निवास पर गए। उन्होंने गोपाल परमार के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके परिजनों से बात की। परमार ने मित्र के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पुराने संबंध हमेशा आत्मीयता और विश्वास से जुड़े रहते हैं। इस अवसर पर जनसंघ के वरिष्ठ साथियों ने उनसे क्षेत्र की सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर चर्चा की। इस मुलाकात में पुराने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की यादें भी ताजा हुईं। अपने प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय रखबचंद जैन आडवाणी के निवास पर भी गए। वहां उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे अपने अगले निर्धारित कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गए।
बालोद जिले में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में आई भारी गिरावट को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा सत्र 2024-25 और 2025-26 की तुलनात्मक समीक्षा के बाद जिला शिक्षा विभाग ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूल के 8 प्राचार्यों को निलंबित कर दिया है, जबकि 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा रिपोर्ट में कई स्कूलों के परीक्षा परिणामों में गंभीर गिरावट सामने आई। विभागीय जांच में पाया गया कि कुछ विद्यालयों में लगातार शैक्षणिक गुणवत्ता कमजोर बनी हुई है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और शिक्षकों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा गुणवत्ता से समझौता नहीं- डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने सभी विद्यालयों के प्राचार्यों को शिक्षा गुणवत्ता सुधारने, नियमित कक्षाएं संचालित करने तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणामों की लगातार समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इन 8 प्राचार्यों को किया गया निलंबित शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार डौंडीलोहारा ब्लॉक के पीएमश्री सेजेस डौंडीलोहारा के प्राचार्य दिलीप देवहरे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरथुली के प्राचार्य घनाराम देशमुख, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाहंदा की प्राचार्य सरोज साहू, गुरूर ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल सोहपुर के प्राचार्य बालसिंह मंडावी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भिरई के प्राचार्य पुरुषोत्तम कुमार साहू, गुंडरदेही ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल मोंगरी के प्राचार्य लूमन सिंह साहू, शासकीय हाईस्कूल देवरी/द की प्राचार्य निशा मून तथा डौंडी ब्लॉक के पीएमश्री सेजेस डौंडी के प्राचार्य को निलंबित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कई विद्यालयों में कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों में 30 से 47 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। वहीं 12वीं बोर्ड के परिणाम भी पिछले वर्ष की तुलना में काफी कमजोर पाए गए। 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकी गई कमजोर परीक्षा परिणाम और अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर विभाग ने 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की है। इनमें बालोद ब्लॉक के शासकीय सेजेस लाटाबोड़ के प्राचार्य फत्तेराम कोसरिया, शासकीय हायर सेकेंडरी भें. नवागांव के प्राचार्य परदेशी राम सिन्हा, डौंडीलोहारा ब्लॉक के सेजेस अछोली के प्राचार्य रामजीलाल तारम, डौंडी ब्लॉक के शाउमावि भैसबोड़ के प्राचार्य रामसेवक रायपुरिया, शाउमावि गुजरा की प्राचार्य लीना थॉमस, सेजेस नयाबाजार के प्राचार्य महेश कुमार गोरे शासकीय हाईस्कूल मंगलतराई के प्राचार्य गुलशन कुमार बेसेकर, गुरूर ब्लॉक के सेजेस बोहारा के प्राचार्य नरेंद्र कुमार भारद्वाज, शासकीय हाईस्कूल बागतराई के प्राचार्य हलाल खोर रात्रे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक गुरूर के प्राचार्य तपेश गौतम, गुंडरदेही ब्लॉक के शाउमा शाला डोंगीतराई की प्राचार्य श्रीदेवी प्रमोद, शाउमा शाला डुंडेरा के प्राचार्य शिवकुमार साहू, शाउमा शाला चन्दनबिरही की प्राचार्य आर. श्रीलता तथा शाउमा शाला मोहंदीपाट की प्राचार्य बिमला एक्का शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ विद्यालयों में कक्षा 10वीं के परिणामों में 10 से 36 प्रतिशत तथा 12वीं में 7 से 37 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। बालोद जिले की रैंकिंग भी गिरी इस वर्ष कक्षा 10वीं में बालोद जिला प्रदेश में 29वें और 12वीं में 30वें स्थान पर रहा। जिला शिक्षा विभाग के अनुसार सत्र 2025-26 में 10वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 10,551 विद्यार्थियों में से 10,426 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 6,867 विद्यार्थी उत्तीर्ण और 2,520 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 65.94 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 8,745 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 6,800 विद्यार्थी उत्तीर्ण और 819 अनुत्तीर्ण रहे। जिले का कुल परिणाम 77.79 प्रतिशत रहा।
मऊ के सुभागी देवी इंटर कॉलेज में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। हाई स्कूल परीक्षा-2026 में प्रतीक्षा पांडेय ने 97.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया। गरिमा मौर्य ने 96.17 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया। वहीं, पूजा साहनी ने 95.66 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में छठवां स्थान प्राप्त किया। इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में अंशिका यादव ने जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। दीपिका पटेल ने जिले में आठवां तथा महिमा विश्वकर्मा ने दसवां स्थान हासिल कर विद्यालय और जनपद का नाम रोशन किया। मंत्री एके शर्मा ने सभी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी संकल्प के साथ पढ़ाई करें और अभिभावक उनका पूरा सहयोग करें, तो वे जीवन में किसी भी ऊंचाई को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा के अवसर देने और उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की। मंत्री ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही हैं और परिवार व समाज का नाम रोशन कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि आज का युग शिक्षा, विज्ञान और तकनीक का युग है। अच्छी शिक्षा प्राप्त कर बच्चे डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर, पायलट और अन्य क्षेत्रों में देश का नेतृत्व कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना शिक्षित भारत से ही साकार होगा और अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।
खगड़िया में टीबीटी द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स के तत्वावधान में डायट रामगंज संसारपुर परिसर में एक शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के नवाचारी एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित कर शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करना था। इस आयोजन को सफल बनाने में टीबीटी के प्रमंडलीय उपाध्यक्ष रजनी कुमारी, जिला अध्यक्ष राजेश कुमार, जिला सचिव राकेश कुमार, जिला मीडिया प्रभारी दिनेश कुमार सिंह सहित अमृता प्रीतम, मुकेश आचार्य, रेखा कुमारी, सोनी कुमारी, अमित कुमार, इंदु शर्मा, अनिल कुमार, ललिता कुमारी, रूपम, मधु विद्यार्थी और अनुभूति वर्मा जैसे सक्रिय सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से रजनी कुमारी, राजेश कुमार और दिनेश कुमार सिंह के प्रयासों की सराहना की गई। पदाधिकारी का स्वागत अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर कियाकार्यक्रम का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डायट खगड़िया के प्राचार्य मनोज यादव और अन्य व्याख्याता भी उपस्थित रहे। जिले के प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार कन्हैया और सौरभ कुमार विनायक बिन्नी सहित अन्य शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी का स्वागत अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर किया। समारोह के दौरान लोकगीत, अभियान गीत, स्वागत गीत और लोकनृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने संबोधन में जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं। प्रेरणादायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदमउन्होंने नवाचारी शिक्षकों को सम्मानित करने की इस पहल को शिक्षा व्यवस्था को सशक्त और प्रेरणादायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर नवाचार करते रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिले के कुल 110 नवाचारी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रमुख शिक्षकों में विजय कुमार निराला, मोहम्मद रियाजुद्दीन अमीन असगर, अनुभूति कुमारी, अविनाश कुमार, मधु विद्यार्थी, राकेश कुमार, अमृता प्रीतम, पूजा कुमारी, मोनी कुमारी, रोली, दीपशिखा, नव्या भारती, चंद्रमौली, नम्रता सिंह, कृष्ण कुमार, चंद्रमौली रंजन सहित अनेक शिक्षकों के नाम शामिल रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में टीबीटी द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स के सभी सक्रिय सदस्यों के साथ प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार कन्हैया की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।
दौसा जिले के कैलाई स्थित देवनारायण मंदिर पर रविवार को प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित किया गया। अखिल भारतीय गुर्जर महासभा के बैनर तले आयोजित हुए कार्यक्रम में सरकारी सेवा में चयनित और बोर्ड परीक्षाओं के टॉपर्स समेत 300 प्रतिभाओं को स्मृति चिन्ह व प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया। कांग्रेस प्रदेश उपाध्यक्ष व पूर्व विधायक जीआर खटाना ने कहा कि शिक्षा समाज के विकास की मुख्य धुरी है। ऐसे में समाज के लोगों को बच्चों की गुणवत्तायुक्त व रोजगारपरक शिक्षा पर फोकस करना चाहिए। गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय संगठन महासचिव बच्चू सिंह बैंसला ने कहा कि वर्तमान परिदृश्य में समाज का संगठन बेहद जरूरी हो गया है। इसके शिक्षा को बढ़ावा देते हुए समाज में व्याप्त कुरीतियों को दूर करना होगा। शिक्षा से दूर होगा अंधकार यूनिवर्सल ग्रुप ऑफ कॉलेज के निदेशक डॉ. कुलदीप सिंह महुवा ने कहा कि शिक्षा रूपी ज्योति से ही समाज में व्याप्त अशिक्षा का अंधकार दूर हो सकता है। इसके लिए सभी को मिलकर प्रयास करने होंगे। महासभा के प्रदेश अध्यक्ष रामप्रसाद धाभाई ने समाज के संगठन पर जोड़ दिया। इसके साथ ही कई अन्य वक्ताओं ने राज्य सरकार से एमबीसी आरक्षण की खामियों को दूर कर समाज को पूरा हक देने की मांग उठाई। ये भी रहे मौजूद गुर्जर महासभा के राष्ट्रीय सचिव रामावतार बड़िया, प्रदेश उपाध्यक्ष रामविलास मरियाडा, जिलाध्यक्ष माधोसिंह कसाना, प्रदेश शिक्षा प्रकोष्ठ रामफूल भेड़ी, प्रदेश महामंत्री सुमेर श्यालावास, जिला शिक्षा प्रकोष्ठ उपाध्यक्ष दयाराम खटाना, जिला महामंत्री बच्चूसिंह तूंगड़, प्रेमसिंह विद्युडी, प्रमोद पटेल, जिला प्रवक्ता नरसी डोई, जिला कोषाध्यक्ष राजेश विद्युडी सुमेल, जिला कोषाध्यक्ष विश्राम सिंह खूंटला, जिला कार्यकारणी सदस्य जयसिंह पटेल, सुबेसिंह कैलाई, जिला सलाहकार सरदार सिंह, तहसील अध्यक्ष लालसोट सुरज्ञान खींची, तहसील अध्यक्ष सिकराय सुमेर पांचोली, हरेत झींझण, मीडिया प्रभारी मक्खन लीलोज, बसवा अध्यक्ष ओमप्रकाश लांगडी, पूर्व जिलाध्यक्ष रामचन्द्र खूंटला, जिला परिषद सदस्य नीलम गुर्जर, पवन बासड़ा, राजाराम भजाक, जयसिंह रलावता, मानसिंह बुर्जा, सूबेसिंह कैलाई समेत बड़ी संख्या में समाज के लोग मौजूद रहे। कार्यक्रम के बाद महिला प्रकोष्ठ जिलाध्यक्ष बलेश पटेल पोषवाल ने अतिथियों से पौधरोपण कराया।
खैरथल में दलित उत्थान समिति की बैठक:अधिकारों, शिक्षा और संगठन विस्तार पर हुई चर्चा
खैरथल में दलित उत्थान और संघर्ष सेवा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को अनाज मंडी परिसर में हुई। इस बैठक में समाज के कमजोर, पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान तथा अधिकारों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सामाजिक एकजुटता, शिक्षा को बढ़ावा देने, संगठन विस्तार और गरीब व दिव्यांग लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष की आगामी रणनीति तय की। बैठक में वक्ताओं ने शिक्षा को बढ़ावा देने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि जब तक दलित, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग शिक्षित नहीं होंगे, तब तक उनका समुचित विकास संभव नहीं है। समिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा जागरूकता अभियान चलाने, जरूरतमंद छात्रों को सहयोग प्रदान करने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन जागरण करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने और अधिक से अधिक युवाओं को इससे जोड़ने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होने की आवश्यकता पर बल दिया। समिति ने भविष्य में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और उत्पीड़न के मामलों में कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। बैठक में समिति अध्यक्ष श्यामलाल जाजोरिया, कोर टीम सदस्य रोहिताश कुमार जाटव, खैरथल-तिजारा जिला अध्यक्ष शिवली राम, समिति संचालक नेता संतराम, दर्शन सिंह, नंदराम, यादराम, सारवान, किशन लाल, लालाराम, प्रकाश, अतर सिंह, फूल सिंह, रिंकू, रजनीश, राधेश्याम और रमेश सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का समापन समाज हित में एकजुट होकर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।
महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा विद्यार्थियों के हित में उठाई गई मांग पूरी हो गई है। राजकीय महाविद्यालय सतनाली में एमए हिंदी और एमए पॉलिटिकल साइंस की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। इस बाबत एबीवीपी ने शिक्षा मंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा था। अब सरकार द्वारा दोनों विषयों को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है। परिषद की ओर से महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर लांबा का विशेष आभार व्यक्त किया गया। साथ ही डॉ. जरनेल सिंह, डॉ. बिरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. कमला और डॉ. आशीष सहित कॉलेज स्टाफ का भी सहयोग के लिए धन्यवाद किया गया। अब दूर नहीं जाना पड़ेगा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर लांबा ने कहा कि अब विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे क्षेत्र के छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। एबीवीपी नगर अध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार ने कहा कि आसपास के विद्यार्थियों को अब हायर एजुकेशन का सुनहरा अवसर मिलेगा। शिक्षामंत्री का आभार जताया वहीं, विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री सचिन कुमार ने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्रों के हितों के लिए कार्य करती रही है और आगे भी उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाती रहेगी। एबीवीपी ने हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह मांग पूरी हो सकी। स्टाफ सदस्य मौजूद रहे साथ ही महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव के मार्गदर्शन और समर्थन के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के डॉ. जरनेल सिंह, डॉ. बिरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. कमला, डॉ. आशीष सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।
हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी कॉलेजों की ग्रामीण और शहरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए सभी जिला उच्च शिक्षा अधिकारियों (DHEO) से रिपोर्ट तलब की है। विभाग ने दो दिन के भीतर जिलेवार सूची भेजने के निर्देश दिए हैं। डायरेक्टर जनरल हायर एजुकेशन, हरियाणा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी सरकारी कॉलेजों का यह विवरण दिया जाए कि वे ग्राम पंचायत, नगर पालिका, उपमंडल मुख्यालय या जिला मुख्यालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं या नहीं। साथ ही यह भी बताने को कहा गया है कि संबंधित कॉलेज किस तारीख से ग्रामीण या शहरी क्षेत्र की श्रेणी में माना गया है। विभाग ने इसके लिए एक निर्धारित प्रारूप भी भेजा है, जिसमें कॉलेज का नाम, ग्राम पंचायत क्षेत्र में होने की स्थिति, नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने की तारीख, सब-डिवीजन या जिला मुख्यालय के दायरे में आने की जानकारी और संबंधित नियमों के अनुसार ग्रामीण/शहरी दर्जे का उल्लेख करना होगा। 2013 के संशोधित नियमों का हवाला पत्र के साथ हरियाणा एजुकेशन (कॉलेज कैडर) ग्रुप-बी सर्विस (संशोधन) नियम-2013 की प्रति भी संलग्न की गई है। इन नियमों के अनुसार, शिक्षकों के लिए ग्रामीण क्षेत्र या छोटे शहरों में सेवा देना अनिवार्य किया गया था। नियमों में स्पष्ट किया गया है कि “ग्रामीण क्षेत्र” में वह उपमंडल मुख्यालय भी शामिल होगा, जहां ग्राम पंचायत मौजूद हो। वहीं “छोटा शहर” ऐसी नगर पालिका को माना गया है, जो जिला मुख्यालय या उपमंडल मुख्यालय नहीं है। शिक्षकों की ग्रामीण सेवा से जुड़ा मामला संशोधित नियमों के तहत 2002 के बाद नियुक्त कॉलेज शिक्षकों को न्यूनतम पांच वर्ष ग्रामीण या छोटे शहर में सेवा देनी होगी। इनमें से कम से कम तीन वर्ष वरिष्ठ स्केल से पहले और दो वर्ष चयन ग्रेड से पहले पूरे करना अनिवार्य है। उच्च शिक्षा विभाग के इस कदम को कॉलेजों की वास्तविक ग्रामीण-शहरी स्थिति स्पष्ट करने और सेवा नियमों को लागू करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।
शिक्षा में एआई की भूमिका पर शिक्षकों ने सीखी नई तकनीकें
अम्बाला | राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कैंट में एक्सपीरिएंशियल पैडागॉजी एंड एआई इन क्लासरूम टीचिंग विषय पर 3 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन हुआ। शिक्षकों ने आधुनिक शिक्षण तकनीकों को समझा। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य देश राज बाजवा ने किया। उन्होंने एनईपी 2020 के अनुरूप नवाचारी, छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियां अपनाने पर जोर दिया। डॉ. शब्दा बेदी, डॉ. दीपा शर्मा, सजल मिश्रा, पंकज कोहली ने अनुभवात्मक अधिगम, शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर विचार रखे। सजल मिश्रा ने एआई इन क्लासरूम टीचिंग पर विशेष सत्र लिया। सत्र में चैट जीपीटी, जैमिनी, क्लाउड जैसे एआई टूल्स के शैक्षणिक उपयोग पर चर्चा हुई। समापन प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ।
श्रीमती सावित्री देवी के पुत्र दीपक ढौंडियाल की रिपोर्ट नीति आयोग की रिपोर्ट ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया’ में मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा की दो तस्वीरें सामने आई हैं। मप्र ने पिछले एक दशक में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 10.14% से घटाकर शून्य कर दी है। हालांकि, सबसे बड़ी समस्या बच्चों को 12वीं तक स्कूल में बनाए रखने की है। इसके तीन संकेत दिखते हैं। पहला- 9वीं-10वीं में ड्रॉपआउट दर 16.8% है। यानी हर 100 में 17 बच्चे 10वीं से पहले पढ़ाई छोड़ रहे हैं। सबसे खराब राज्यों में 8वें स्थान पर।दूसरा- 10वीं के बाद 31% बच्चे 11वीं तक नहीं पहुंच पा रहे। राज्य की ट्रांजिशन दर 68.9% है, जबकि राष्ट्रीय औसत 75.1% है। सबसे खराब राज्यें में 9वें पर।तीसरा- मप्र का जीईआर सिर्फ 45% है। यानी 11वीं-12वीं की सही उम्र वाले हर 100 बच्चों में से सिर्फ 45 बच्चे ही स्कूल में नामांकित हैं। मप्र में प्राइमरी ड्रॉपआउट जीरो, पर 12वीं तक 55% बच्चे बाहर हो रहे शिक्षकों के 52 हजार पद खाली, 7 हजार स्कूल एक ‘गुरु’ के भरोसे मप्र की शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भारी कमी सामने आई है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कुल 52,019 पद खाली हैं। इनमें 47,122 पद सिर्फ प्रारंभिक स्तर के हैं। यानी कुल रिक्तियों का करीब 90% हिस्सा प्राइमरी स्कूलों में है। शिक्षक रिक्तियों के मामले में बिहार (2.77 लाख), झारखंड (99,565) व पश्चिम बंगाल (77,798) के बाद मप्र चौथे स्थान पर है। प्रदेश में 7,217 स्कूल ऐसे हैं जहां पूरा स्कूल सिर्फ एक शिक्षक चला रहा है। इन स्कूलों में 2.29 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। दूसरी तरफ 463 ऐसे स्कूल मिले जहां एक भी छात्र नहीं है, लेकिन वहां 223 शिक्षक तैनात हैं। दूसरे राज्यों की तुलना में मप्र में शिक्षक संकट ज्यादा गहरा दिखता है। महाराष्ट्र में कुल 8,979 पद खाली हैं और उच्च माध्यमिक स्तर पर सिर्फ 65 पद रिक्त हैं। हरियाणा और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी रिक्तियां मप्र से काफी कम हैं। वहीं राजस्थान में कुल रिक्तियां कम हैं, लेकिन उच्च माध्यमिक स्तर पर 14,949 पद खाली हैं, यानी वहां विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी ज्यादा है। अपने ही विषय के टेस्ट में 60 से 70% अंक नहीं ला सके शिक्षक नीति आयोग की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा की दो बड़ी कमजोरियां सामने आई हैं। पहली, बड़ी कक्षाओं तक पहुंचते-पहुंचते बच्चों की सीखने की क्षमता घट रही है। दूसरी, शिक्षकों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। परख-2024 के मुताबिक, तीसरी कक्षा के 66% बच्चे भाषा सही तरीके से समझ पा रहे हैं, जो राष्ट्रीय औसत 64% से बेहतर है। गणित में भी बच्चों ने 62% अंक हासिल किए। लेकिन 9वीं तक आते-आते स्थिति कमजोर हो जाती है। भाषा समझने वाले बच्चों का प्रतिशत घटकर 52% रह जाता है, जबकि गणित में सिर्फ 36% बच्चे ही दक्ष पाए गए। यानी 64% बच्चे बुनियादी सवाल हल करने में कमजोर हैं। डिजिटल सुविधाओं की कमी भी बड़ी वजह है। प्रदेश के सिर्फ 45.7% स्कूलों में इंटरनेट व 19.6% स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा है। स्मार्ट क्लास का राष्ट्रीय औसत 30.6% है। रिपोर्ट में शिक्षकों की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई गई है। साथ-ई प्रोजेक्ट में मध्य प्रदेश, झारखंड व ओडिशा के कई शिक्षक अपने ही विषयों के टेस्ट में 60-70% अंक तक नहीं ला सके। इसकी वजह शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में सुविधाओं की कमी, बीएड में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का अभाव और नियमित ट्रेनिंग न मिलना है। 14% हिस्सा अपनी ड्यूटी का चुनाव, सर्वे, रिकॉर्ड और मिड-डे मील जैसे गैर-शैक्षणिक कामों में खर्च करते हैं शिक्षक
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