एग्जाम से पहले छात्रों को झटका! क्या वाकई कम हो गई SSC CGL की सीटें?
SSC CGL 2026 की परीक्षाओं का आयोजन 30 सितंबर से होने वाला है. लेकिन इसके पहले आयोग की ओर से उम्मीदवारों को तगड़ा झटका लगा है. पहले माना जा रहा था कि इस एग्जाम के जरिए 12 हजार पदों पर भर्ती होनी थी लेकिन अब इन टेंटेटिव वैकेंसी की संख्या कम कर दी गई है.
SIR खत्म होते ही शिक्षक लौटेंगे क्लासरूम, शिक्षा विभाग ने जारी किए सख्त निर्देश
पंजाब सरकार ने शिक्षकों को गैर-शैक्षणिक कार्यों से मुक्त कर कक्षाओं में वापस बुलाने के सख्त निर्देश दिए हैं। अब शिक्षक केवल चुनाव, जनगणना और आपदा प्रबंधन जैसे कार्यों में ही न्यूनतम संख्या में लगाए जा सकेंगे, जिससे छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए नई भर्ती और शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर जोर दिया। उन्होंने आर्थिक विकास के लिए गुणवत्तापूर्ण शिक्षा को आवश्यक बताया और स्कूलों में बच्चों में पढ़ने की आदत विकसित करने पर बल दिया।नई शिक्षक भर्तीन्यूज पेपर को पढ़ाई का हिस्सा बनाएं
Kangra News: शिक्षा बोर्ड मुख्यालय में सम्मानित हुईं राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता मंजरी महाजन
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार-2026 से सम्मानित प्रधानाचार्य मंजरी वी महाजन को हिमाचल प्रदेश स्कूल शिक्षा बोर्ड ने विशेष रूप से सम्मानित किया है।
तकनीकी शिक्षा युवाओं के लिए रोजगार के नए रास्ते खोल सकती है। इसके लिए छात्रों को डिग्री के साथ तकनीकी दक्षता भी हासिल करनी होगी। यह बातें लघु जल संसाधन मंत्री और हम सेक्युलर पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. संतोष कुमार सुमन ने शुक्रवार को गयाजी में कहीं। वे रौना चाकंद स्थित एक निजी कॉलेज में आयोजित नए इंजीनियरिंग और डिप्लोमा छात्रों के ओरिएंटेशन कार्यक्रम में शामिल हुए। उन्होंने छात्रों से नियमित पढ़ाई करने और तकनीकी क्षेत्र में अपनी क्षमता बढ़ाने की अपील की। छात्रों से तकनीकी जानकारी पर फोकस करने की अपील मंत्री ने कहा कि आज के दौर में केवल किताबी ज्ञान काफी नहीं है। छात्रों को अपनी पढ़ाई के साथ तकनीकी जानकारी और व्यावहारिक ज्ञान पर भी ध्यान देना होगा। इससे वे आगे रोजगार और करियर के बेहतर अवसर हासिल कर सकेंगे। विधायक मनोरमा देवी भी रहीं मौजूद कार्यक्रम में बेलागंज विधायक मनोरमा देवी भी शामिल हुईं। उन्होंने शिक्षा के साथ महिला सशक्तिकरण और समाज के विकास में युवाओं की भूमिका पर बात रखी। कार्यक्रम में संस्थान के चेयरमैन हरि प्रपन्न ने पॉलिटेक्निक छात्रों के लिए रोजगार को लेकर संस्थान की योजना बताई। उन्होंने कहा कि छात्र नियमित क्लास करें और पढ़ाई पर ध्यान दें। संस्थान में ही कंपनियों को बुलाकर कैंपस चयन कराया जाएगा। उन्होंने छात्रों को नौकरी की गारंटी का भरोसा भी दिया। उन्होंने बताया कि संस्थान में पॉलिटेक्निक के साथ बीसीए, बीबीए और एमबीए की पढ़ाई भी उपलब्ध है। उनका जोर प्लेग्रुप से लेकर उच्च शिक्षा तक एक ही परिसर में शिक्षा की व्यवस्था विकसित करने पर रहा। छात्रों को अनुशासन में रहना जरूरी कार्यक्रम की शुरुआत अतिथियों ने पौधारोपण और दीप प्रज्वलन से की। गयाजी कॉलेज के शिक्षा विभागाध्यक्ष डॉ. धनंजय धीरज ने गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर दिया। उन्होंने छात्रों को पढ़ाई के साथ जिम्मेदारी और अनुशासन पर ध्यान देने की बात कही। आर्श सुपर स्पेशलिटी अस्पताल की प्रबंध निदेशक डॉ. कविता निश्चल ने वैज्ञानिक सोच विकसित करने की बात कही। अस्पताल के चेयरमैन डॉ. नवनीत निश्चल ने मेहनत और समर्पण को जरूरी बताया। इस दौरान कंप्यूटर साइंस के एचओडी राहुल, सिविल के अविनाश, मैकेनिकल के उत्तम और इलेक्ट्रिकल के मनीष ने छात्रों को व्यावहारिक ज्ञान की जरूरत बताई। कार्यक्रम के अंत में छात्रों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। भगवान कृष्ण पर आधारित शास्त्रीय-फ्यूजन नृत्य, रेट्रो डांस, भजन और बॉलीवुड प्रस्तुतियां हुईं। शांति निकेतन एकेडमी की प्राचार्या पल्लवी सरकार ने धन्यवाद ज्ञापन किया।
शिक्षा व्यवस्था चरमराई, तीन बीईईओ के भरोसे 3147 स्कूल
जिले की शिक्षा व्यवस्था इन दिनों अधिकारियों की कमी से प्रभावित हो रही है। जिले में संचालित 3147 सरकारी विद्यालयों की निगरानी महज तीन प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी (बीईईओ) के भरोसे चल रही है। गिरिडीह सदर प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार जिला शिक्षा अधीक्षक के पास है। वहीं जिले के 10 प्रखंडों में बीईईओ का पद लंबे समय से रिक्त है। ऐसे में अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे अधिकारियों पर काम का दबाव बढ़ गया है।वर्तमान में बगोदर, बेंगाबाद और गांवा प्रखंड में ही बीईईओ की नियमित तैनाती है। बगोदर के बीईईओ रंजीत कुमार चौधरी को बिरनी, सरिया और धनवार का अतिरिक्त प्रभार दिया गया है। बेंगाबाद के बीईईओ अशोक कुमार को डुमरी, पीरटांड़ और गांडेय का अतिरिक्त प्रभार मिला हुआ है। वहीं गांवा के बीईईओ तितुलाल मंडल जमुआ, देवरी और तिसरी प्रखंड का अतिरिक्त प्रभार संभाल रहे हैं। गिरिडीह सदर प्रखंड का प्रभार जिला शिक्षा अधीक्षक आशीष कुमार हेम्ब्रम के पास है। निरीक्षण प्रभावित, विद्यालयों की व्यवस्था पर असर बीईईओ की कमी का सीधा असर विद्यालयों की नियमित निगरानी पर पड़ रहा है। अतिरिक्त प्रभार के कारण अधिकारी सभी प्रखंडों के विद्यालयों तक नियमित रूप से नहीं पहुंच पा रहे हैं। इससे शिक्षकों की उपस्थिति, कक्षा संचालन, पठन-पाठन की गुणवत्ता और विद्यालयों में अनुशासन की नियमित समीक्षा प्रभावित हो रही है।ग्रामीण क्षेत्रों के कई विद्यालयों में समय पर कक्षाएं संचालित नहीं होने और शैक्षणिक गतिविधियों में अपेक्षित गति नहीं होने की शिकायतें भी सामने आती रही हैं। नियमित निरीक्षण और फीडबैक का तंत्र कमजोर होने से ऐसी शिकायतों पर समय पर कार्रवाई करना चुनौतीपूर्ण हो रहा है। योजनाओं की निगरानी भी प्रभावित : बीईईओ की कमी का असर केवल शैक्षणिक व्यवस्था तक सीमित नहीं है। विद्यालयों में पेयजल, शौचालय, भवन की मरम्मत और अन्य मूलभूत सुविधाओं की स्थिति की नियमित समीक्षा भी प्रभावित हो रही है। इसके अलावा मध्याह्न भोजन, छात्रवृत्ति, पाठ्य-पुस्तक वितरण, पोशाक योजना सहित विभिन्न सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन की निगरानी में भी परेशानी हो रही है।अधिकारियों के पास कई प्रखंडों का अतिरिक्त प्रभार होने के कारण योजनाओं की प्रगति की नियमित समीक्षा और विद्यालयों से फीडबैक लेने में भी कठिनाई आ रही है। इसका असर योजनाओं के समयबद्ध क्रियान्वयन पर पड़ने की आशंका है।
शिक्षा विभाग की पहल, शाम को लाइव क्लास
प्रदेश के सरकारी स्कूलों में पढ़ने वाले कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए शिक्षा विभाग ने ‘ई-पाठशाला’ कार्यक्रम शुरू किया है। डिजिटल पार्टनर ‘मिशन ज्ञान’ के सहयोग से शुरू की गई इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों को घर बैठे ऑनलाइन कक्षाएं उपलब्ध कराना है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक ने राज्यभर के संभागीय संयुक्त निदेशकों, डीईओ और संस्था प्रधानों को इसके प्रभावी क्रियान्वयन के निर्देश जारी किए हैं। जिन स्कूलों में विषय अध्यापकों के पद रिक्त हैं, वहां संस्था प्रधानों को निर्देश दिए गए हैं कि वे स्कूल समय के दौरान स्मार्ट क्लास या आईसीटी लैब में इन्हीं रिकॉर्डेड कक्षाओं के माध्यम से विद्यार्थियों की पढ़ाई जारी रखें।
अग्रवाल शिक्षा समिति के चुनाव कल; 31 पदों के लिए 33 प्रत्याशी, 4571 मतदाता करेंगे फैसला
108 साल पुरानी श्री अग्रवाल शिक्षा समिति के त्रिवार्षिक चुनाव रविवार को अग्रवाल पीजी कॉलेज में होंगे। मुख्य चुनाव अधिकारी चानणमल अग्रवाल ने बताया कि सुबह 9 से शाम 4 बजे तक मतदान होगा। मतगणना के बाद देर शाम नतीजे घोषित होंगे। समिति के 31 शासकीय पदों के लिए नामांकन वापसी के बाद 33 प्रत्याशी मैदान में हैं। चुनाव में समाज के कुल 4571 मतदाता वोट डालेंगे, जिनमें 800 सदस्य प्रदेश के अन्य जिलों के हैं। गौरतलब है कि पिछले दो बार से सुरेश अग्रवाल निर्विरोध अध्यक्ष चुने जा रहे थे। श्री अग्रवाल शिक्षा समिति का गठन 1918 में हुआ था।
ब्रेस्ट कैंसर पर भास्कर की विशेष सीरिज के बाद अब सरकार की ओर से कैंसर की जांच से लेकर उपचार तक की सुविधाओं का दायरा बढ़ाने की तैयारी दिखाई है। इस दिशा में ब्रेस्ट कैंसर की स्क्रीनिंग गांव-ढाणियों तक जो चुनौती बनी है, उसके लिए राज्य में पहले से संचालित 8 कैंसर जांच वैन के अलावा 31 जिलों में नई कैंसर वैन संचालित की जाएगी। इस वैन में स्तन कैंसर की जांच के साथ विभिन्न प्रकार के कैंसर की भी शुरुआती पहचान हो सकेगी। इसके अलावा श्रीगंगानगर, कोटा, अजमेर, झालावाड़, बीकानेर, उदयपुर, भीलवाड़ा और भरतपुर मेडिकल कॉलेजों में लिनियर एक्सीलिरेटर मशीनें स्थापित करने की तैयारी है। इन मशीनों से कैंसर मरीजों को बेहद आधुनिक तकनीक से सटीक, सस्ता और सुलभ ईलाज मिल सकेगा। इस संबंध में चिकित्सा शिक्षा विभाग ने हाल ही में एक प्रस्ताव बनाकर फाइनेंस विभाग को भेज दिया है। दोनों सुविधाओं पर करीब 350 करोड़ रुपए के बजट का अनुमान है, जिसके लिए केंद्र से भी मदद ली जाएगी। शेष | पेज 4 संबंधित डिप्टी डायरेक्टर (हॉस्पिटल एडमिनिस्ट्रेशन) डॉ. वंदना शर्मा के मुताबिक फाइनेंस की मंजूरी के बाद टेंडर प्रक्रिया के जरिए बड़ी कंपनियों, घरानों आदि को आमंत्रित करेंगे। नई वैन में स्तन कैंसर के लिए मैमोग्राफी, गर्भाश्य ग्रीवा कैंसर के लिए वीआईए जांच, डिजिटल एक्सरे, मुंह के कैंसर की जांच आदि सुविधाएं रहेंगी। हर वैन प्रतिमाह 15 शिविर करेगी, 1.29 करोड़ मंजूर भास्कर ने अपनी रिपोर्ट में कैंसर वैन के संचालन में हो रही लापरवाही को उजागर किया था। बहरहाल मौजूदा 8 वैन के लिए 1.29 करोड़ की प्रशासनिक एवं वित्तीय मंजूरी दी है। आदेश के मुताबिक हर वैन प्रतिमाह 15 जांच शिविर (8 वैन सालभर में 1440) करेगी। हर शिविर के लिए 9 हजार रुपए मंजूर किए हैं। इसमें अब स्टाफ के बजाए वैन ड्राइवर को 1000, सहायक को 500, डीजल अन्य खर्चों पर 7500 हजार रुपए खर्च किए जा सकेंगे। हर शिविर के बाद उपयोगिता प्रमाण पत्र निदेशालय को भेजना होगा। बड़े शहरों पर निर्भरता कम होगी कैंसर उपचार के लिए फिलहाल जयपुर-जोधपुर मेडिकल कॉलेज में लिनियर एक्सीलिरेटर मशीन है। नए प्रस्ताव के मुताबिक इसे दूसरी मेडिकल कॉलेजों के लिए भी खरीदा जाना है। पारंपरिक रेडिएशन मशीनों की तुलना में लीनियर एक्सीलिरेटर से कैंसर ट्यूमर का सटीक तरीके से इलाज हो सकेगा। इलाज का पूरा खाका तैयार कैंसर की शुरुआती स्क्रीनिंग जरूरी है। दूर-दराज इलाकों तक वैन पहुंचे, जिसके लिए प्लानिंग है। सुविधाएं बढ़ाने के लिए 8 मेडिकल कॉलेजों पर पीपीपी और केंद्र की मदद से आधुनिक मशीनें उपलब्ध करानी है। एएनएम, सीएचओ की ट्रेनिंग का पूल तैयार करवा रहे हैं।-गायत्री राठौड़, प्रमुख सचिव हेल्थ
Bareilly News: दूरस्थ शिक्षा में पहली बार रुविवि का शतक पार
रुहेलखंड विश्वविद्यालय के सेंटर ऑफ डिस्टेंस ऑनलाइन एजुकेशन के तहत 110 पंजीकरण हुए हैं।
Prayagraj News: सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक देने की तैयारी
सहायक अध्यापक भर्ती में शिक्षामित्रों को भारांक देने की तैयारी
Lakhimpur Kheri News: कस्तूरबा विद्यालयों के निरीक्षण में लापरवाही बरत रहे शिक्षाधिकारी
जिले में संचालित होने वाले 16 कस्तूरबा गांधी आवासीय विद्यालय में शिक्षा व्यवस्था के साथ ही अन्य गतिविधियों पर नजर रखने के लिए निरीक्षण कराए जाते हैं।
तिगड़ाना। सरकारी स्कूलों के प्रति समाज की सोच बदलने और जनसहभागिता से शिक्षा में बदलाव की मिसाल गांव प्रेमनगर में सामने आई है। ग्राम शिक्षा समिति, ग्राम पंचायत और ग्रामीणों के आर्थिक सहयोग से राजकीय हाई स्कूल का सफल कायाकल्प किया गया है।
Agra News: कुरीतियां हों खत्म, बच्चों को दें शिक्षा और संस्कार
कुरीतियां हों खत्म, बच्चों को दें शिक्षा और संस्कार
Faridabad News: शिक्षा विभाग की टीम ने स्कूलों का किया निरीक्षण
An Education Department team inspected the schools.
मेघालय: 'एमपीओडब्ल्यूईआर कार्यक्रम' के तहत 31 स्कूलों को डिजिटल शिक्षा का प्रोत्साहन
मेघालय: 'एमपीओडब्ल्यूईआर कार्यक्रम' के तहत 31 स्कूलों को डिजिटल शिक्षा का प्रोत्साहन
ओडिशा के पाठ्यपुस्तकों में 1,741 त्रुटियाँ: शिक्षा मंत्री ने दी जानकारी
ओडिशा सरकार ने हाल ही में कक्षा I से VIII तक की पाठ्यपुस्तकों में 1,741 त्रुटियों की पहचान की है, जिसमें व्याकरण, वर्तनी और तथ्यात्मक त्रुटियाँ शामिल हैं। शिक्षा मंत्री नित्यानंद गोंड ने बताया कि इन त्रुटियों को सुधारने के लिए ठोस कदम उठाए जा रहे हैं। इसके साथ ही, पाठ्यपुस्तकों के प्रकाशन में जिम्मेदारी तय की गई है। जानें इस मामले में सरकार ने क्या कार्रवाई की है और आगे क्या योजनाएँ हैं।
26 सितंबर 1820 को बंगाल के मेदिनीपुर में जन्मे ईश्वर चंद्र बंदोपाध्याय उर्फ ईश्वर चंद्र विद्यासागर सिर्फ एक विद्वान ही नहीं बल्कि एक युग-परिवर्तनकारी व्यक्तित्व थे। उन्होंने शिक्षा और समाज सुधार के जरिए भारत के भविष्य की नींव रखी।
कानोड़िया पीजी महिला महाविद्यालय में करियर एवं उच्च शिक्षा के अवसरों पर एक्सटेंशन लेक्चर आयोजित
कानोड़िया पी.जी. महिला महाविद्यालय, जयपुर के रसायन विज्ञान विभाग की ओर से 25 सितंबर 2026 को छात्राओं के लिए ‘डिस्कवर, डेवलप, डिजाइन-योर जर्नी बियॉन्ड ग्रेजुएशन’ विषय...
डी. रामकृष्ण राव, प्रो. बी. महादेवन और प्रो. एम. जगदीश कुमार को मिलेगा ‘शिक्षा भूषण’ सम्मान
हैदराबाद में 3 अक्टूबर को होगा सम्मान समारोह, तीनों शिक्षाविदों को एक-एक लाख रुपए की सम्मान राशि के साथ रजत चिन्ह और प्रशस्ति पत्र नई दिल्ली। शिक्षा, शोध और समाज निर्माण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए इस वर्ष प्रतिष्ठित ‘शिक्षा भूषण–अखिल भारतीय शिक्षक सम्मान’ डी. रामकृष्ण राव, प्रो. बी. महादेवन और प्रो. एम. […] The post डी. रामकृष्ण राव, प्रो. बी. महादेवन और प्रो. एम. जगदीश कुमार को मिलेगा ‘शिक्षा भूषण’ सम्मान appeared first on Sabguru News .
एनईपी शिक्षा में आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता को देती है अहमियत : प्रह्लाद जोशी
एनईपी शिक्षा में आलोचनात्मक सोच और रचनात्मकता को देती है अहमियत : प्रह्लाद जोशी
PC: jagran बिहार में शिक्षक बनने का सपना देख रहे युवाओं के लिए बड़ी खुशखबरी है। बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) ने BPSC TRE 4.0 भर्ती 2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया आज, 25 सितंबर से आधिकारिक रूप से शुरू कर दी है। इच्छुक और योग्य उम्मीदवार BPSC की ऑफिशियल वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाकर अपना पंजीकरण (Registration) करा सकते हैं। इस भर्ती अभियान के ज़रिए राज्य में शिक्षकों के कुल 32,388 पदों पर बहाली की जाएगी। अलग-अलग कक्षाओं (वर्गों) के अनुसार पदों का विवरण आयोग की वेबसाइट पर उपलब्ध है। आयु सीमा (Age Limit) पुरुष उम्मीदवार: अधिकतम 37 वर्ष महिला उम्मीदवार: अधिकतम 40 वर्ष कक्षा कुल पद क्लास 1 से 5 3847 पद क्लास 6 से 8 8563 पद क्लास 9 से 10 3877 पद क्लास 11 से 12 16101 पद घर बैठे ऐसे करें आवेदन सबसे पहले आधिकारिक वेबसाइट bpsc.bihar.gov.in पर जाएँ। होमपेज पर दिए गए 'New User Registration' लिंक पर क्लिक करें। रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया पूरी कर प्राप्त यूजर आईडी और पासवर्ड से लॉगिन करें। आवेदन फॉर्म में मांगी गई सभी आवश्यक जानकारियों को ध्यानपूर्वक भरें। मांगे गए सभी जरूरी शैक्षणिक और पहचान दस्तावेजों की स्कैंड कॉपी अपलोड करें। फीस का भुगतान करें, फॉर्म सबमिट करें और भविष्य के संदर्भ के लिए इसका एक प्रिंटआउट निकालकर रख लें।
job news 2026: 178 पदों पर निकली हैं भर्ती, इस तारीख तक कर सकते हैं आवेदन
इंटरनेट डेस्क। आपको भी नौकरी करनी हैं तो फिर पीएमबीआई ने फार्मा, आईटी और मीडिया समेत कई विभागों में 178 संविदा पदों पर भर्ती निकाली है। इन पदों के लिए अलग-अलग शैक्षणिक योग्यता और अनुभव मांगा गया है। आप भी इसके लिए आवेदन कर सकते है। पदों का नाम- फार्मा, आईटी और मीडिया सेक्टर में पदों की संख्या- 178 सैलेरी- 32,500 रुपये से 1.58 लाख रुपये तक योग्यता - पदों के अनुसार आवेदन- ऑनलाइन आवेदन की लास्ट डेट- 15 अक्टूबर 2026 ज्यादा जानकारी के लिए वेबसाइट देख सकते हैं pc- magnific.com
किसी बच्चे का पहली बार धाराप्रवाह पढ़ना, संख्याओं को सही तरीके से समझना, तस्वीर देखकर कहानी सुनाना या कक्षा में बिना झिझक अपनी बात रखना—बुनियादी शिक्षा के ये छोटे बदलाव उसकी आगे की पढ़ाई का आधार बनते हैं। झज्जर जिले में निपुण हरियाणा मिशन के तहत इन्हीं बुनियादी दक्षताओं को मजबूत करने पर फोकस किया जा रहा है। बच्चों को केवल पाठ याद कराने के बजाय उन्हें समझकर सीखने और अपनी बात व्यक्त करने के अवसर दिए जा रहे हैं। डीसी वर्षा खांगवाल के मार्गदर्शन में चल रहे अभियान में जिले की ओर से स्थानीय जरूरतों के अनुसार शिक्षण गतिविधियों और नवाचारों को अपनाया जा रहा है। विद्यालयों में बच्चों की सीखने की स्थिति को समझकर शिक्षकों को आवश्यक शैक्षिक सहयोग दिया जा रहा है। हर बच्चे की सीखने की क्षमता पर फोकस डीईओ रतिंद्र सिंह ने बताया कि मिशन निपुण झज्जर के तहत मूलभूत साक्षरता और संख्या ज्ञान के साथ बच्चों के भाषायी कौशल को मजबूत करने पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। विद्यालयों की जरूरत, बच्चों के सीखने के स्तर और शिक्षकों के अनुभव को ध्यान में रखते हुए शिक्षण गतिविधियों को तैयार किया जा रहा है। अभियान का फोकस इस बात पर है कि बच्चा केवल पाठ्यक्रम पूरा न करे, बल्कि जो पढ़ रहा है उसे समझे, संख्याओं का इस्तेमाल कर सके और अपनी बात प्रभावी ढंग से रख सके। शिक्षक, मेंटर और अकादमिक टीम मिलकर कर रही काम निपुण के जिला संयोजक डॉ. सुदर्शन पूनिया ने बताया कि जिले में कार्यक्रम के प्रभावी क्रियान्वयन में जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी राजबाला मलिक और डीईओ रतिंद्र सिंह के मार्गदर्शन की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने बताया कि विद्यालय प्रमुखों, शिक्षकों, ब्लॉक कांग्रेस शिक्षा अधिकारियों, मेंटर्स और अकादमिक टीमों को अभियान से जोड़ा गया है। बच्चों की सीखने की प्रगति को लगातार देखा जा रहा है और जहां जरूरत महसूस होती है, वहां शिक्षण पद्धति में बदलाव किया जाता है। कहानी, चित्र और खेल से सीखना हुआ आसान निपुण अभियान के तहत कक्षा में सीखने को रोचक बनाने के लिए चित्र, कहानी, संवाद, खेल और गतिविधि आधारित शिक्षण का इस्तेमाल किया जा रहा है। भाषा विकास के साथ संख्या ज्ञान को भी बच्चों के रोजमर्रा के अनुभवों से जोड़ने का प्रयास किया जा रहा है। इस तरीके से बच्चों को सिर्फ सही उत्तर बताने के बजाय सवाल समझने, जवाब देने, बोलने और अपने विचार व्यक्त करने का अवसर मिलता है। इससे कक्षा में बच्चों की सहभागिता बढ़ाने पर भी जोर दिया जा रहा है। लगातार मॉनिटरिंग से सामने आ रही बच्चों की वास्तविक जरूरत अभियान का एक अहम हिस्सा विद्यालयों का निरंतर अनुश्रवण है। मेंटर्स और अकादमिक टीमों के माध्यम से कक्षाओं में बच्चों की सीखने की स्थिति को समझा जा रहा है। इसके आधार पर शिक्षकों को आवश्यक मार्गदर्शन दिया जाता है। इस प्रक्रिया में बच्चों के अलग-अलग सीखने के स्तर को ध्यान में रखते हुए उन्हें आगे बढ़ाने पर जोर है। यानी एक ही तरीके से सभी बच्चों को पढ़ाने के बजाय उनकी जरूरत के अनुसार शिक्षण रणनीति अपनाने का प्रयास किया जा रहा है। झज्जर के स्थानीय प्रयोगों से मिल रहा नया अनुभव डीईओ रतिंद्र सिंह के अनुसार, जिले में किए जा रहे स्थानीय प्रयोगों से यह सामने आया है कि बच्चों की वास्तविक जरूरत को समझकर तैयार की गई गतिविधियां सीखने की प्रक्रिया को अधिक प्रभावी बना सकती हैं। निपुण हरियाणा मिशन के तहत झज्जर में किए जा रहे प्रयासों का लक्ष्य बुनियादी शिक्षा को मजबूत करना है, ताकि बच्चे आगे की कक्षाओं में जाने से पहले पढ़ने, समझने, लिखने, संख्या ज्ञान और अभिव्यक्ति जैसी जरूरी दक्षताओं में सक्षम हो सकें।
आईबीपीएस पीओ भर्ती की मुख्य परीक्षा के लिए प्रवेश पत्र जारी कर दिया गया है। प्रारंभिक परीक्षा पास कर चुके उम्मीदवार इसे आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड कर सकते हैं। मुख्य परीक्षा 4 अक्तूबर 2026 को होगी।
बेगूसराय के सरकारी स्कूल में अर्धवार्षिक परीक्षा के दौरान छात्र खुलेआम स्मार्टफोन का इस्तेमाल कर पर्चा हल करते नजर आए। इसका वीडियो भी सामने आया है। हैरानी की बात यह रही कि परीक्षा हॉल से उन्हें टोकने वाले एक भी शिक्षक या वीक्षक मौजूद नहीं थे। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद शिक्षा विभाग में हड़कंप मच गया है। पूरा मामला भगवानपुर प्रखंड स्थित उत्क्रमित माध्यमिक विद्यालय, मोख्तियारपुर का है, जहां 22 सितंबर को छात्र एग्जाम देने पहुंचे थे। छात्रों को रोकने वाला कोई नहीं था वायरल वीडियो में देखा जा सकता है कि परीक्षा हॉल में दर्जनों छात्र बेंच पर बैठे हैं। उनके सामने उत्तर पुस्तिकाएं (आंसर शीट) रखी हैं और वे अपने-अपने मोबाइल फोन की स्क्रीन पर Google या अन्य स्टडी ऐप्स खोलकर धड़ल्ले से उत्तर देखकर लिख रहे हैं। हद तो तब हो गई जब कुछ छात्र न केवल नकल कर रहे थे, बल्कि मोबाइल से परीक्षा हॉल की तस्वीरें और वीडियो भी बना रहे थे। हॉल में न तो कोई वीक्षक मुस्तैद था और न ही कोई देखने वाला। ऐसा लग रहा था मानो परीक्षा हॉल नहीं, बल्कि कोई मोबाइल इस्तेमाल करने का केंद्र बना हुआ हो। मामले की जांच की जा रही है जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) मनोज कुमार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत कार्रवाई की है। DEO मनोज कुमार ने बताया कि मोख्तियारपुर विद्यालय का वायरल वीडियो हमारे संज्ञान में आया है। प्रधानाध्यापिका (HM) को कारण बताओ नोटिस जारी किया गया है, उनका वेतन तत्काल प्रभाव से स्थगित कर दिया गया है। इस पूरे मामले की जांच कराई जा रही है। उस दिन किस-किस शिक्षक की वीक्षण कार्य (Invigilation) में ड्यूटी लगाई गई थी और इसमें किसकी लापरवाही है, उन्हें चिह्नित कर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। व्यवस्था की कमी का दिया हवाला दूसरी ओर इस गंभीर लापरवाही पर विद्यालय की प्रधानाध्यापिका (HM) लुसी कुमारी ने अपनी सफाई पेश की और व्यवस्था की कमी का हवाला देते हुए अपनी गलती भी स्वीकार की। लुसी कुमारी ने कहा कि 22 सितंबर को स्कूल में अत्यधिक भीड़ थी। 9वीं, 10वीं, 11वीं और 12वीं (प्लस टू) की परीक्षाएं एक साथ आयोजित की जा रही थी। हमारे प्लस टू विद्यालय में केवल 3 शिक्षक ही कार्यरत हैं, जबकि 4 कक्षाओं की परीक्षाएं संचालित हो रही थी। शिक्षक अटेंडेंस बनाने या अन्य कागजी काम में व्यस्त हो गए होंगे। इसी बीच बच्चों ने मौका देखकर मोबाइल निकाल लिया होगा। मोबाइल लेकर परीक्षा देना पूरी तरह से गलत है। हम इस नाकामी के लिए स्कूल की अव्यवस्था को दोषी मानते हैं, आगे से ऐसी पुनरावृत्ति नहीं होगी। स्थानीय लोगों में जताई चिंता HM का यह दावा शिक्षा विभाग के उस दावे की पोल खोलता है, जिसमें हर स्कूल में पर्याप्त शिक्षक होने की बात कही जाती है। लेकिन छात्रों की चेकिंग और तलाशी क्यों नहीं हुई। परीक्षा हॉल में प्रवेश करने से पहले छात्रों के बैग और मोबाइल जमा क्यों नहीं करवाए गए। जब शिक्षकों को पता था कि परीक्षा चल रही है, तो वे ड्यूटी छोड़कर कागजी कामों में क्यों उलझे रहे। बिहार में बोर्ड परीक्षाओं से लेकर प्रतियोगी परीक्षाओं तक में धांधली और पेपर लीक के मामले समय-समय पर सुर्खियां बनते रहे हैं। ऐसे माहौल में जब खुद स्कूल स्तर की अर्धवार्षिक परीक्षाओं में छात्र खुलेआम तकनीक का सहारा लेकर धोखाधड़ी कर रहे हों, तो यह राज्य के शैक्षणिक भविष्य पर बड़ा प्रश्नचिह्न लगाता है। स्थानीय अभिभावकों और ग्रामीणों में इस घटना को लेकर गहरा असंतोष है। लोगों का कहना है कि अगर गृह परीक्षाओं में ही इस प्रकार की छूट दी जाएगी, तो छात्र मुख्य बोर्ड परीक्षाओं में कभी अच्छा प्रदर्शन नहीं कर पाएंगे। अब सभी की निगाहें जिला शिक्षा विभाग की जांच रिपोर्ट और दोषियों पर होने वाली प्रशासनिक कार्रवाई पर टिकी है।
सहरसा। भाजपा व्यापार प्रकोष्ठ के प्रदेश सह संयोजक डॉ. संजीव कुमार पोद्दार शुक्रवार को सहरसा पहुंचे। उन्होंने देव पैलेस में प्रेसवार्ता कर कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ने की घोषणा की। उन्होंने बताया कि 29 सितंबर को नामांकन पत्र दाखिल करने की तैयारी है। कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र में चुनाव को लेकर अलग-अलग दावेदारों की गतिविधियां पहले से जारी हैं। शिक्षा और युवाओं से जुड़े मुद्दों को बताया प्राथमिकता डॉ. पोद्दार ने कहा कि वे छात्र जीवन से ही छात्र नेतृत्व से जुड़े रहे हैं। बिहार की शिक्षा व्यवस्था और शिक्षित युवाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर वे चुनाव मैदान में उतर रहे हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि बिहार को शिक्षा के क्षेत्र में राजस्थान के कोटा जैसी पहचान कब मिलेगी। उन्होंने कहा कि आज भी बिहार के विद्यार्थी उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए दूसरे राज्यों में जा रहे हैं। उनके अनुसार, कोसी स्नातक क्षेत्र से चुने जाने वाले एमएलसी को सदन में इन मुद्दों को प्रमुखता से उठाना चाहिए। शिक्षक, आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों की समस्याएं भी उठाईं डॉ. पोद्दार ने शिक्षकों, अनुकंपा आश्रितों, अधिवक्ताओं, आशा कार्यकर्ताओं, आंगनबाड़ी सेविका-सहायिकाओं और रात्रि प्रहरियों की समस्याओं को भी प्रमुख मुद्दा बताया। उन्होंने कहा कि वित्तरहित शिक्षकों की स्थिति लंबे समय से खराब है और अनुकंपा आश्रितों की नियुक्ति में भी देरी होती है। उन्होंने वकीलों के चैंबर की स्थिति सुधारने, आशा और आंगनबाड़ी कर्मियों का मानदेय बढ़ाने तथा रात्रि प्रहरियों को उचित वेतन दिलाने के लिए सदन में आवाज उठाने की बात कही। विधान परिषद उम्मीदवारों की योग्यता पर भी उठाया सवाल डॉ. पोद्दार ने कहा कि बिहार विधान परिषद के चुनाव में उम्मीदवारों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता इंटरमीडिएट होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि कोसी स्नातक निर्वाचन क्षेत्र पढ़े-लिखे मतदाताओं का क्षेत्र है और प्रतिनिधियों को उनके सवालों का जवाब देना चाहिए। उन्होंने कहा कि चुनाव जीतने के बाद उनकी प्राथमिकता क्षेत्र की समस्याओं को सदन में उठाना होगी। उन्होंने कहा, मैं जीत का माला नहीं, बल्कि समस्याओं का माला पहनूंगा। जरूरत पड़ी तो इन मुद्दों के लिए लाठी भी खानी पड़ेगी। हर पंचायत में एंबुलेंस और जरूरी दवाओं की मांग डॉ. पोद्दार ने प्रत्येक पंचायत में एंबुलेंस की व्यवस्था करने की मांग की। उन्होंने सांप-बिच्छू के काटने वाले मरीजों के लिए जरूरी दवाओं की उपलब्धता सुनिश्चित करने की भी बात कही। उन्होंने स्नातक मतदाताओं और युवाओं से अपील की कि वे अपने प्रतिनिधियों से क्षेत्र की समस्याओं के समाधान को लेकर सवाल करें। डॉक्टरों की हड़ताल पर सरकार से हस्तक्षेप की मांग प्रेसवार्ता में उन्होंने पत्रकार और डॉक्टर के बीच हुए विवाद के बाद दो डॉक्टरों के तबादले के विरोध में चल रही डॉक्टरों की हड़ताल का मुद्दा भी उठाया। उन्होंने कहा कि हड़ताल के कारण सहरसा में स्वास्थ्य व्यवस्था प्रभावित हो रही है और आम लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने राज्य सरकार से मामले में तत्काल संज्ञान लेकर समाधान निकालने की मांग की। डॉ. पोद्दार ने कहा कि अगर विवाद किसी एक व्यक्ति के साथ हुआ है तो उसका असर आम लोगों की स्वास्थ्य सेवाओं पर नहीं पड़ना चाहिए।
शिक्षा: हिंदू कॉलेज में कारण बताओ नोटिस पर विवाद, कॉलेज प्रशासन और कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन आमने-सामने
दिल्ली के हिंदू कॉलेज में कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने को लेकर विवाद बढ़ गया है। इस मामले में कॉलेज प्रशासन और कॉलेज स्टाफ एसोसिएशन के बीच मतभेद सामने आए हैं।
पीलीभीत में सितंबर में ही रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा। इसमें करीब 2500 से अधिक पदों पर नौकरी के अवसर मिलेंगे। इच्छुक उम्मीदवार रोजगार संगम पोर्टल पर निशुल्क पंजीकरण कर सकते हैं।
बिहार तकनीकी सेवा आयोग ने टूरिंग पशु चिकित्सा अधिकारी और समकक्ष पदों के 787 रिक्त पदों पर भर्ती के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू कर दी है।
कोटा जिले की 6 पंचायत समितियों के तहत आने वाली 210 ग्राम पंचायत में से 51 एससी, 37 एसटी, ओबीसी के लिए 19 ग्राम व 103 अनारक्षित पंचायतें शामिल हैं। एससी के लिए सबसे ज्यादा ऊर्जा मंत्री के क्षेत्र सांगोद व सुल्तानपुर में 11-11 व कांग्रेस विधायक चेतन पटेल के क्षेत्र इटावा व सुल्तानपुर में एसटी के लिए 11-11 रिजर्व रखी हैं। सांगोद में 23 व इटावा 21 अनारक्षित पंचायतें शामिल हैं। ओबीसी के लिए सांगोद में सवसे ज्यादा 8 व सबसे कम इटावा व खैराबाद में 1-1 पंचायत शामिल हैं। ऊर्जा मंत्री की विधानसभा में बनेंगे सबसे ज्यादा सरपंच ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के विधानसभा क्षेत्र सांगोद से सबसे ज्यादा सरपंच चुने जाएंगे। क्योंकि सांगोद विधानसभा की करीब 20 से ग्राम पंचायत सुल्तानपुर पंचायत समिति में शामिल है। ग्राम पंचायत की संख्या के हिसाब से जिले की सांगोद पंचायत समिति सबसे बड़ी है। यहां 48 ग्राम पंचायत है। ये पंचायत समिति ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर के विधानसभा क्षेत्र में सांगोद में आती है। लॉटरी में 48 ग्राम पंचायतों वाली सांगोद पंचायत समिति की एससी 11, एसटी 5, ओबीसी 8 अनारक्षित 23 पंचायतें शामिल हैं। जबकि 44 ग्राम पंचायतों वाली सुल्तानपुर पंचायत समिति में एससी 11, एसटी 11, ओबीसी 2, अनारक्षित 20 पंचायतें शामिल हैं। खैराबाद पंचायत समिति में सबसे कम पंचायतें शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के विधानसभा क्षेत्र में रामगंज मंडी में खैराबाद व चेचट पंचायत समिति है। खैराबाद पंचायत समिति में सबसे कम 23 ग्राम पंचायतें हैं। खैराबाद पंचायत समिति में एससी 8, एसटी 2, ओबीसी 1, अनारक्षित 12 पंचायतें शामिल हैं। जबकि 24 ग्राम पंचायतों वाली चेचट पंचायत समिति में एससी 6, एसटी 3, ओबीसी 3, अनारक्षित 12 पंचायतें शामिल हैं। 42 ग्राम पंचायतों वाली इटावा पंचायत समिति पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में आती है। यहां से कांग्रेस के चेतन पटेल विधायक हैं। लॉटरी में यहां एससी10, एसटी 11, ओबीसी 1, अनारक्षित 21 पंचायतें शामिल हैं। 29 ग्राम पंचायतों वाली लाडपुरा पंचायत समिति में एससी 5, एसटी 5, ओबीसी 4, अनारक्षित 15 पंचायतें शामिल हैं। लाडपुरा विधानसभा क्षेत्र से भाजपा की कल्पना देवी विधायक हैं। पंचायतीराज चुनाव से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… लाडपुरा, चेचट, इटावा, सुल्तानपुर में आरक्षण की लॉटरी निकली:जानिए सरपंचों का कहां-किसका आरक्षण हुआ; देखें पंचायत समितियों की लिस्ट कोटा- सांगोद का प्रधान पद सभी वर्ग के लिए ओपन:सुल्तानपुर सीट एसटी और इटावा एससी के लिए रिजर्व, जानिए कहां-किसकी सीट आई
यूपी में अशासकीय सहायता प्राप्त (एडेड) माध्यमिक स्कूलों में प्रवक्ताओं (पीजीटी) के 2615 पदों पर भर्ती के लिए बीएड व परास्नातक (पीजी) में 50 प्रतिशत अंक अनिवार्य किए जाने से छूट मांगी गई है।
शाजापुर जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय मुल्लाखेड़ी में महिला शिक्षिका की जगह उसके पति द्वारा बच्चों को पढ़ाने के मामले में शिक्षा विभाग ने कार्रवाई की है। जिला शिक्षा अधिकारी शाजापुर ने स्कूल में पदस्थ सहायक शिक्षक यास्मीन सुल्ताना और प्रधानाध्यापक फरकुन्दा बी को निलंबित कर दिया है। दोनों के खिलाफ विभागीय जांच के बाद यह कार्रवाई की गई। 11 सितंबर को मांगा था जवाब मामला सामने आने के बाद जिला शिक्षा केंद्र शाजापुर ने 11 सितंबर को संबंधित शिक्षकों से जवाब मांगा था। यास्मीन सुल्ताना पर आरोप था कि वे अपनी जगह अपने पति से लगातार बच्चों को पढ़वा रही थीं। विभाग की जांच में उनका लिखित जवाब संतोषजनक नहीं पाया गया। प्रधानाध्यापक पर भी लगे थे आरोप प्रधानाध्यापक फरकुन्दा बी पर स्कूल में बाहरी व्यक्ति से शिक्षण कार्य करवाने सहित कई अन्य गड़बड़ियों के आरोप लगे थे। जिला शिक्षा केंद्र ने शुरुआती जांच के बाद मामला विकासखंड स्रोत समन्वयक, जनपद केंद्र शाजापुर को जांच के लिए भेजा था। 22 सितंबर को मिली जांच रिपोर्ट में प्रधानाध्यापक के खिलाफ लगाए गए आरोप क्रमांक 1 से 3 सही पाए गए। जांच के दौरान उनका जवाब भी संतोषजनक नहीं माना गया। सिविल सेवा आचरण नियमों का उल्लंघन जिला शिक्षा अधिकारी के आदेश के अनुसार, दोनों शिक्षकों का यह कृत्य मध्यप्रदेश सिविल सेवा आचरण नियम 1965 के नियम-3 के प्रावधानों के खिलाफ है। इसे गलत आचरण माना गया है। इसके चलते मध्यप्रदेश सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण तथा अपील) नियम 1966 के नियम-9 के तहत दोनों को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया। निलंबन के दौरान यहां रहेगा मुख्यालय निलंबन अवधि में यास्मीन सुल्ताना और फरकुन्दा बी का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, विकासखंड शाजापुर तय किया गया है। आदेश में कहा गया है कि निलंबन अवधि के दौरान दोनों को नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता दिया जाएगा।
Lucknow News: समान शिक्षा के लिए जनसमर्थन जुटाएगा पारख महासंघ
समान शिक्षा के लिए जनसमर्थन जुटाएगा पारख महासंघ
Kushinagar News: मीना के जन्मदिन पर गूंजा बालिका अधिकार व शिक्षा का संदेश
पीएम श्री उच्च प्राथमिक विद्यालय दुर्गवलिया में बृहस्पतिवार को मीना का जन्मदिन उत्साह और जागरूकता के साथ मनाया गया।
Moradabad News: मंडल में शिक्षा से जुड़े 13 हजार एनजीओ...फिर भी 29 फीसदी बच्चे ही गए प्री स्कूल
मंडल में 44734 स्वयंसेवी संस्थाएं (एनजीओ) हैं। इनमें 13 हजार से ज्यादा एनजीओ शैक्षणिक कार्यों के नाम पर पंजीकृत हैं।
गुणात्मक शिक्षा से ही स्कूलों की बदल सकती है दशा : नैंसी
Quality education alone can transform the state of schools:
शैक्षणिक स्वायत्तता से बनेगी विद्यार्थी-केंद्रित शिक्षा : डॉ. नागेंद्र
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय के यूजीसी-मालवीय मिशन शिक्षक प्रशिक्षण केंद्र की ओर से आयोजित 40वें राष्ट्रीय शिक्षा नीति
Fatehpur News: टीएलएम के जरिये शिक्षा को आसान बनाने का संदेश
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डायट) में बृहस्पतिवार को जिला स्तरीय सप्तम कला, क्राफ्ट एवं पपेट्री प्रतियोगिता हुई।
Sitapur News: मीना के जन्मदिन पर बालिका शिक्षा और समानता का संदेश
मीना के जन्मदिन पर बालिका शिक्षा और समानता का संदेश
Yamuna Nagar News: शिक्षा विभाग विद्यार्थियों की कल्पना को देगा मंच
विद्यार्थियों के मन में आने वाला कोई नया विचार सिर्फ कल्पना बनकर न रह जाए, बल्कि वह किसी सामाजिक या रोजमर्रा की समस्या का समाधान करने वाला उपयोगी नवाचार बने, इसके लिए इंस्पायर मानक अवॉर्ड विद्यार्थियों को बड़ा मंच उपलब्ध करवा रहा है।
Udhampur News: रामलीला की रिहर्सल में नए कलाकार ले रहे शिक्षा
रामलीला की रिहर्सल में नए कलाकार ले रहे शिक्षा
Gemini Aaj Ka Rashifal: शिक्षा और यात्रा पर बढ़ सकता है खर्च, बजट संभालकर चलें
Gemini Horoscope Today 25 September 2026, Mithun Rashifal: कामकाज में सीखने और आगे बढ़ने का अवसर मिलेगा. आर्थिक मामलों में शिक्षा, यात्रा या किसी महत्वपूर्ण दस्तावेज से जुड़ा खर्च संभव है.
भोपाल जिला पंचायत की शिक्षा समिति की मीटिंग गुरुवार को हुई। इसमें डीपीसी, बीईओ, बीआरसी और जनशिक्षक तो आए थे, लेकिन डीईओ अभिनव आर्य नहीं पहुंचे। इस पर शिक्षा समिति अध्यक्ष मोहन सिंह जाट, सदस्य विक्रम भालेश्वर नाराज हो गए। कुछ देर तक बैठक की और फिर उसे कैंसिल कर दी। दोपहर में जिपं सभाकक्ष में बैठक हुई थी। शुरुआत होते ही जब अध्यक्ष जाट ने जिला शिक्षा अधिकारी अभिनव आर्य के नहीं आने की वजह से पूछी तो डीपीसी जैन ने कहा कि वे मेडिकल लीव पर है। अचानक छुट्टी पर जाने पर जनप्रतिनिधियों की नाराजगी देखने को मिली। जाट ने कहा कि एक दिन पहले ही डीईओ से बात हुई थी। उन्होंने आने का कहा था, लेकिन अब वे बीमार हो गए। हालांकि, डीईओ की अनुपस्थिति में डीपीसी जैन ने बैठक शुरू की। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने गांवों में स्कूलों से जुड़ी समस्याएं बताना शुरू कर दी। कुछ स्कूलों में शिक्षकों की आपसी खींचतान, ट्रांसफर होने के बावजूद कर्मचारियों के रिलीव नहीं करने, निरीक्षण के दौरान शराब पीकर आए शिक्षक पर कोई कार्रवाई नहीं होने के मुद्दे उठे। समिति अध्यक्ष और जिपं उपाध्यक्ष जाट ने कहा कि साधारण सभा के दौरान भी यह विषय उठाया था, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई। शिक्षिका की शिकायत लेकर बैठक में पहुंच गए बच्चेबैठक के दौरान ही शासकीय माध्यमिक शाला अलवरिया की कई छात्राएं अपने अभिभावकों के साथ पहुंच गईं। उन्होंने स्कूल की शिक्षिका रानी मेहरा के व्यवहार को लेकर लिखित में शिकायत की। साथ ही मांग की कि शिक्षिका का यहां से अन्य स्कूल में ट्रांसफर कर दिया जाए। इस पर उपाध्यक्ष जाट ने कहा कि स्कूलों में कई अव्यवस्थाएं हैं। यदि जिम्मेदार लगातार निरीक्षण करेंगे तो बच्चों को इस तरह शिकायत करने यहां आना नहीं पड़ेगा। डीपीसी जैन ने जांच कर कार्रवाई का भरोसा दिलाया। डीईओ से जुड़े कई मुद्दे, कैंसिल की बैठककरीब आधे घंटे बाद जनप्रतिनिधियों ने बैठक को कैंसिल कर दिया। उन्होंने कहा कि डीईओ से जुड़े कई मामले हैं, जो उन्हीं से हल होने हैं। उनके बीमार होने से समस्याएं किसे बताएं? इसलिए बैठक आगामी दिनों में की जाएगी।
पटना के वेटनरी ग्राउंड में आयोजित 'Youth BOLE TO' कार्यक्रम में युवाओं ने चिराग पासवान के सामने शिक्षा, रोजगार और प्रतियोगी परीक्षाओं में पेपर लीक जैसे महत्वपूर्ण मुद्दे उठाए। चिराग पासवान ने युवाओं की चिंताओं को सुना और उन्हें बड़े भाई के रूप में संबोधित करते हुए समस्याओं को खुलकर रखने का अवसर दिया।
संविदा सफाई कर्मचारी पदों के लिए ऑनलाइन आवेदन की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर तक बढ़ाई
स्वायत्त शासन विभाग द्वारा जारी शुद्धि पत्र के अनुसार, उक्त पदों के लिए पूर्व में 15 अगस्त से 28 सितम्बर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन आमंत्रित किए गए थे। अब अभ्यर्थी 13 अक्टूबर 2026 तक ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे।
हिमाचल हाई कोर्ट के आदेशों का पालन न करने पर चंबा के उप शिक्षा निदेशक कार्यालय के अधिकारियों को नोटिस जारी किया गया है। शिक्षा निदेशालय ने मौद्रिक लाभ जारी करने में देरी को गंभीरता से लेते हुए जवाब तलब किया है।
BSA कार्यालय में रक्तदान शिविर:बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित 15 लोगों ने किया महादान
सेवा संकल्प पखवाड़ा' के अंतर्गत गुरुवार को बेसिक शिक्षा विभाग और इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में बीएसए कार्यालय परिसर में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) धीरेंद्र त्रिपाठी ने सबसे पहले अपना रक्त दान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनके साथ रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव विशाल जायसवाल सहित कुल 15 लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। रक्तदान के उपरांत बीएसए धीरेंद्र त्रिपाठी ने इसे 'महादान' बताते हुए हर नागरिक से इस पुनीत कार्य में हिस्सा लेने की अपील की। वहीं, रेडक्रॉस सोसायटी के सभापति शिवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि 18 से 60 आयु वर्ग के स्वस्थ नागरिकों को मानव हित में रक्तदान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने बेसिक शिक्षा के शिक्षकों द्वारा रक्तदान कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की भी सराहना की। शिविर के सफल आयोजन में उपसभापति डॉ. दिनेश मणि त्रिपाठी, रक्तदान समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र ओझा, डॉ. संतोष नायक, डॉ. पूर्णिमा जायसवाल और जिला अस्पताल की टीम सहित कई गणमान्य लोगों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
70वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में श्री महेश शिक्षा सदन के खिलाड़ियों ने जीते कई पदक
70वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताओं में श्री महेश शिक्षा सदन के विद्यार्थियों ने कुश्ती, वुशु, राइफल शूटिंग और तैराकी में स्वर्ण, रजत व कांस्य पदक जीतकर विद्यालय का नाम रोशन किया।
पटना में युवाओं को लेकर संवाद कार्यक्रम चल रहा है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान वेटनरी कॉलेज मैदान में ‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम में युवाओं से सीधे संवाद करेंगे। कार्यक्रम में बिहार के अलग-अलग जिलों से बड़ी संख्या में छात्र और युवा शामिल हुए हैं। बारिश के बावजूद काफी लोगों की भीड़ आई है। पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र विवेक के मुताबिक, कार्यक्रम में युवाओं की भागीदारी को सबसे ज्यादा महत्व दिया जाएगा। मंच को गोलाकार यानी सर्कुलर ओपन-स्टेज के रूप में तैयार किया गया है, जहां चिराग पासवान सीधे युवाओं के बीच मौजूद रहेंगे। कार्यक्रम की टैगलाइन “युवाओं की आवाज, जब Youth बोलेंगे तो Chirag सुनेंगे” रखी गई है। यानी कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य युवाओं को अपनी बात खुलकर रखने का अवसर देना है। देखें कार्यक्रम की कुछ तस्वीरें… शिक्षा और रोजगार पर युवाओं के सवालों पर फोकस कार्यक्रम में युवाओं की ओर से शिक्षा और रोजगार से जुड़े मुद्दे प्रमुखता से उठाए जाने की संभावना है। खास तौर पर बिहार के युवाओं के सामने मौजूद रोजगार के अवसर, उच्च शिक्षा, तकनीकी प्रशिक्षण और राज्य में ही नौकरी के अवसर उपलब्ध कराने जैसे मुद्दों पर चर्चा हो सकती है। युवा यह सवाल भी उठा सकते हैं कि बदलती तकनीक के दौर में बिहार के छात्रों को किस तरह तैयार किया जाए, ताकि वे देश और दुनिया में रोजगार के नए अवसरों का लाभ उठा सकें। AI और कोडिंग जैसे नए क्षेत्रों पर भी होगी चर्चा डिजिटल दौर में रोजगार के बदलते स्वरूप को देखते हुए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI), कोडिंग और डिजिटल स्किल जैसे विषय भी कार्यक्रम में चर्चा के प्रमुख मुद्दे हो सकते हैं। युवाओं की ओर से नई तकनीकों की ट्रेनिंग और बिहार में डिजिटल क्षेत्र में रोजगार के अवसर बढ़ाने को लेकर सवाल रखे जाने की उम्मीद है। बिहार से पलायन का मुद्दा भी उठ सकता है बिहार के युवाओं के लिए रोजगार और उच्च शिक्षा के लिए दूसरे राज्यों में जाना लंबे समय से एक बड़ा मुद्दा रहा है। ऐसे में ‘Youth BOLE TO’ कार्यक्रम में राज्य से होने वाले युवा पलायन का मुद्दा भी उठ सकता है। कार्यक्रम में युवा उद्यमियों और स्टार्टअप से जुड़े युवाओं की भी भागीदारी होगी। ऐसे में बिहार में स्टार्टअप शुरू करने के लिए सरकारी मदद, आर्थिक सहायता, प्रशिक्षण और कारोबार के लिए बेहतर माहौल जैसे मुद्दे भी चर्चा में आ सकते हैं। चिराग पासवान रखेंगे युवाओं को लेकर अपनी बात कार्यक्रम के दौरान चिराग पासवान युवाओं के सवाल सुनेंगे और उनके मुद्दों पर अपनी बात रखेंगे। चिराग पासवान पहले भी युवा वर्ग को बिहार के भविष्य से जोड़कर अपनी बात रखते रहे हैं। ऐसे में आज के कार्यक्रम में युवाओं के लिए रोजगार, कौशल विकास और नए अवसरों को लेकर उनकी ओर से क्या संदेश दिया जाता है, इस पर भी नजर रहेगी। बिहार के बाद यूपी में भी पहुंचेगा ‘Youth BOLE TO’ लोजपा (रामविलास) की योजना ‘Youth BOLE TO’ अभियान को केवल पटना तक सीमित रखने की नहीं है। पार्टी के मुताबिक, बिहार के बाद इस अभियान को उत्तर प्रदेश में भी ले जाया जाएगा। इसकी शुरुआत प्रयागराज के परेड ग्राउंड से किए जाने की तैयारी है। इस अभियान के जरिए पार्टी युवाओं और खासकर कॉलेज छात्रों तथा पहली बार मतदान करने वाले युवाओं तक पहुंच बनाने की कोशिश करेगी। पटना का कार्यक्रम इस अभियान का पहला बड़ा पड़ाव होगा, जहां युवाओं की बात सुनने और उनसे सीधे संवाद करने पर जोर रहेगा।
मध्य प्रदेश पुलिस में 655 पदों पर भर्ती, ASI और सूबेदार के लिए आवेदन शुरू
पुलिस में नौकरी करने के लिए तैयारी कर रहे युवाओं के लिए अच्छी खबर है। मध्य प्रदेश में असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) एवं सूबेदार (Stenographer) पदों भर्ती निकाली गई है...
माकड़ौन में ABVP के नेतृत्व में छात्रों का प्रदर्शन, शिक्षा से जुड़ी मांगों को लेकर धरना
24 सितंबर, गुरुवार: उज्जैन के माकड़ौन में छात्र हित की मांगों को लेकर ABVP के नेतृत्व में विद्यार्थियों ने प्रदर्शन किया। छात्रों ने सड़क पर धरना देकर नए कॉलेज में 12वीं की व्यवस्था और रवींद्र स्कूल को CM Rise स्कूल का दर्जा देने समेत अन्य मांगें उठाईं।
रोज 15 मिनट नैतिक शिक्षा के लिए होते हैं, जहां ईमानदारी, अनुशासन, बड़ों का सम्मान, छोटों से प्यार, सहयोग, स्वच्छता और सामाजिक जिम्मेदारी जैसे संस्कारों पर चर्चा होती है।
Chamba Education Department Notice: चंबा शिक्षा विभाग में हाईकोर्ट के आदेशों की अनुपालना में देरी पर निदेशालय ने संबंधित अधिकारी/अधिकारियों से जवाब मांगा है। 25 सितंबर को व्यक्तिगत रूप से पेश होने के निर्देश दिए गए हैं।
गुना के आरोन में शिक्षा विभाग के स्टोर रूम से सरकारी पाठ्यपुस्तकें चोरी करने का मामला सामने आया है। कार्यालय के कर्मचारियों ने सजगता दिखाते हुए एक युवक को चोरी की किताबों से भरे कट्टे के साथ पकड़ लिया, जबकि उसका साथी मौके से भागने में सफल रहा। विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय आरोन में पदस्थ सहायक ग्रेड-3 अजय शर्मा ने पुलिस को दिए आवेदन में बताया कि पुराने अस्पताल की बिल्डिंग के एक कमरे में मध्य प्रदेश पाठ्य पुस्तक निगम की कक्षा 9वीं से 12वीं तक की किताबें रखी हैं। इसी दौरान राजीव मेडिकल स्टोर के संचालक ने सूचना दी कि स्टोर रूम में कोई संदिग्ध व्यक्ति घुसा हुआ है। पीछे के गेट से किताबें लेकर भाग रहे थे आरोपी सूचना मिलते ही अजय शर्मा, कार्यालय कर्मचारी खिलन चिढ़ार और विकास बिजौले मौके पर पहुंचे। कर्मचारियों ने देखा कि दो युवक पीछे के चैनल गेट से सफेद प्लास्टिक का कट्टा लेकर भाग रहे थे। उन्होंने घेराबंदी कर एक युवक को पकड़ लिया। पकड़े गए आरोपी की पहचान रघुनंदन पुत्र रामपाल यादव (19) निवासी ककरयाई, हाल निवासी शिवशक्ति नगर आरोन के रूप में हुई। उसके पास मिले कट्टे में कक्षा 10वीं की गणित की सरकारी किताबें रखी थीं। पूछताछ में साथी का नाम बताया पुलिस के अनुसार, पूछताछ में रघुनंदन ने अपने साथ भागे युवक का नाम संजू श्रीवास्तव निवासी बरबटपुरा, आरोन बताया। इसके बाद कर्मचारी पवन शर्मा, खिलन चिढ़ार और विकास बिजौले आरोपी को चोरी की किताबों सहित आरोन थाने लेकर पहुंचे। आरोन थाना पुलिस ने आवेदन के आधार पर दोनों आरोपियों के खिलाफ बीएनएस की धारा 331(3) और 305(ए) के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस फरार आरोपी की तलाश कर रही है।
गोपालगंज के बरौली प्रखंड स्थित बघैची उच्च माध्यमिक विद्यालय में प्रधानाध्यापक के साथ मारपीट और अभद्र व्यवहार का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग ने मामले का संज्ञान लिया है। जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने पूरे मामले की जांच का निर्देश दिया है। स्कूल परिसर में हुई हाथापाई और गाली-गलौज बताया जा रहा है कि कुछ दिन पहले विद्यालय परिसर में कुछ लोगों ने प्रधानाध्यापक के साथ हाथापाई और धक्का-मुक्की की। इस दौरान उनके साथ गाली-गलौज भी की गई। किसी व्यक्ति ने पूरी घटना का वीडियो मोबाइल में रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षक संघ और स्थानीय प्रशासन के स्तर पर भी मामले को लेकर हलचल बढ़ गई है। BEO-cum-BDO को जांच की जिम्मेदारी वीडियो वायरल होने के बाद जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार पांडेय ने मामले को गंभीरता से लेते हुए प्रखंड शिक्षा पदाधिकारी-सह-प्रखंड विकास पदाधिकारी को जांच का निर्देश दिया है। जांच अधिकारी को घटना से जुड़े सभी साक्ष्यों की जांच कर 24 घंटे के अंदर रिपोर्ट सौंपने को कहा गया है। विभाग के अनुसार, जांच रिपोर्ट के आधार पर ही दोषियों के खिलाफ कानूनी और प्रशासनिक कार्रवाई की जाएगी। प्रधानाध्यापक पर छात्रों से गलत व्यवहार का भी आरोप स्थानीय लोगों के अनुसार, प्रधानाध्यापक पर पहले छात्रों के साथ गलत व्यवहार करने के आरोप भी लगाए गए हैं। हालांकि, इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है। जिला शिक्षा पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि किसी विवाद को लेकर मारपीट करना या कानून हाथ में लेना स्वीकार नहीं किया जाएगा। घटना की वास्तविक वजह और पूरे मामले की स्थिति जांच रिपोर्ट आने के बाद स्पष्ट होगी। इसके आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
दिल्ली पुलिस हेड कांस्टेबल एडब्ल्यूओ/टीपीओ भर्ती के लिए पीई और एमटी और डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन 30 सितंबर 2026 से शुरू होगा। शॉर्टलिस्ट उम्मीदवार अपना ई-एडमिट कार्ड डाउनलोड कर सकते हैं।
एसएससी स्टेनोग्राफर परीक्षा की प्रोविजनल आंसर-की और रिस्पॉन्स शीट वेबसाइट पर डाउनलोड के लिए उपलब्ध हैं। उम्मीदवार अपने लॉगिन विवरण की मदद से इन्हें देख सकते हैं और निर्धारित समय-सीमा के भीतर आंसर-की पर आपत्ति भी दर्ज कर सकते हैं।
दरभंगा स्नातक सीट से चुनाव लड़ेंगे शिक्षाविद डॉ. धर्माश रंजन, निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में किया ऐलान
केंद्रीय जेल ग्वालियर में बंदियों के शैक्षणिक, सामाजिक और सकारात्मक पुनर्वास में अब जीवाजी विश्वविद्यालय भी सहयोग करेगा। विश्वविद्यालय की ओर से जेल में शिक्षा, नशामुक्ति जागरूकता और प्रशिक्षण आधारित गतिविधियां शुरू की जाएंगी। इनका उद्देश्य बंदियों को शिक्षा से जोड़ने के साथ उनके कौशल विकास और सामाजिक पुनर्वास में मदद करना है। इसी सिलसिले में केंद्रीय जेल ग्वालियर के वरिष्ठ जेल अधीक्षक राकेश भांगरे ने जीवाजी विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत से मुलाकात की। बैठक में जेल में चलाए जाने वाले संभावित शैक्षणिक और प्रशिक्षण कार्यक्रमों को लेकर चर्चा हुई। शिक्षा और कौशल से जोड़ने की योजना जेल प्रशासन का मानना है कि बंदियों को केवल सजा तक सीमित रखने के बजाय शिक्षा, कौशल और सामाजिक गतिविधियों से जोड़ना उनके पुनर्वास में मददगार हो सकता है। विश्वविद्यालय के सहयोग से जेल में ऐसे कार्यक्रम चलाने की योजना है, जिनमें बंदियों को सीखने और अपनी क्षमताओं को विकसित करने का अवसर मिलेगा। कुलगुरु प्रो. दिवाकर सिंह राजपूत ने बताया कि जीवाजी विश्वविद्यालय जेल सुधार और बंदियों के शैक्षणिक एवं सामाजिक पुनर्वास के लिए अपने संसाधनों से सहयोग करेगा। उन्होंने कहा कि शिक्षा व्यक्ति में सकारात्मक बदलाव लाने का महत्वपूर्ण माध्यम है। बंदियों की जरूरत के अनुसार शैक्षणिक और प्रशिक्षण गतिविधियां संचालित करने की दिशा में विश्वविद्यालय मदद करेगा। नशामुक्ति जागरूकता और प्रशिक्षण भी होंगे प्रस्तावित कार्यक्रमों में नशाबंदी और नशे से दूर रहने को लेकर जागरूकता कार्यक्रम भी शामिल होंगे। इसके अलावा बंदियों को अलग-अलग प्रशिक्षण गतिविधियों से जोड़ने पर जोर दिया जाएगा। इसका उद्देश्य उनमें सकारात्मक सोच विकसित करने के साथ उन्हें समाज की मुख्यधारा में लौटने के लिए तैयार करना है। विश्वविद्यालय के पीआरओ डॉ. विमलेंद्र राठौर ने बताया कि यह पहल बंदियों को समाज की मुख्यधारा से जोड़ने में मददगार होगी। इससे उन्हें शिक्षा के साथ रोजगार से जुड़ी आवश्यक क्षमताएं विकसित करने का अवसर भी मिल सकेगा। कार्यक्रमों की रूपरेखा बाद में तय होगी जेल प्रशासन और विश्वविद्यालय के बीच हुई प्रारंभिक चर्चा के बाद अब कार्यक्रमों की विस्तृत रूपरेखा तैयार की जाएगी। इसमें शिक्षा, नशामुक्ति और प्रशिक्षण को शामिल करते हुए बंदियों के पुनर्वास पर काम किया जाएगा।
बिलासपुर में कांग्रेस के छत्तीसगढ़ सह प्रभारी विजय जांगिड़ ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ रणनीति बैठक की। कांग्रेस भवन में हुई बैठक में सड़क, शिक्षा, किसान, धान खरीदी, खाद-बीज और कानून व्यवस्था के मुद्दों पर राज्य सरकार को घेरने की रणनीति बनाई गई। वहीं, भाजपा की ओर से स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ प्रभारी बनाए जाने के सवाल पर जांगिड़ ने कहा कि जब स्मृति ईरानी गैस सिलेंडर लेकर प्रदर्शन करती थीं, तब सिलेंडर की कीमत कितनी थी और आज कितनी है, यह सवाल छत्तीसगढ़ की महिलाएं उनसे जरूर पूछेंगी। इसके अलावा छत्तीसगढ़ सह प्रभारी विजय जांगिड़ ने कानून व्यवस्था, धान खरीदी, किसानों की समस्याओं, खाद-बीज, खराब सड़कों और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि इन मुद्दों को लेकर कांग्रेस लगातार आवाज उठाएगी। चुनावी वादों को लेकर सरकार को घेरने की तैयारी बैठक के बाद मीडिया से बातचीत में जांगिड़ ने राज्य सरकार पर चुनावी वादे पूरे नहीं करने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि भाजपा ने चुनाव से पहले जनता से कई बड़े वादे किए थे, लेकिन उन पर उम्मीद के मुताबिक काम नहीं हुआ। कांग्रेस इन मुद्दों को लेकर सरकार से जवाब मांगेगी और जनता के बीच जाएगी। वहीं, बैठक में संगठन को मजबूत करने और सरकार की नीतियों व चुनावी वादों को लेकर जनता के बीच जाने पर भी चर्चा हुई। स्मृति ईरानी की नियुक्ति पर कांग्रेस का हमला भाजपा ने स्मृति ईरानी को छत्तीसगढ़ का प्रदेश प्रभारी बनाया है। इस पर जांगिड़ ने कहा कि यह भाजपा का अंदरूनी मामला है। पार्टी ने अपनी पसंद से नियुक्ति की है। हालांकि, उन्होंने स्मृति ईरानी के छत्तीसगढ़ दौरे को लेकर कांग्रेस की ओर से सवाल उठाए। स्मृति की प्रदेश में स्वीकार्यता बताए भाजपा विजय जांगिड़ ने स्मृति ईरानी की छत्तीसगढ़ में स्वीकार्यता पर भी सवाल उठाया। उन्होंने कहा कि छत्तीसगढ़ में यहां के नेताओं की अपनी स्वीकार्यता है और कांग्रेस नेताओं की भी। स्मृति ईरानी की छत्तीसगढ़ में कितनी स्वीकार्यता है, यह भाजपा को बताना चाहिए। भूपेश बघेल के काफिले पर हमले पर भी उठाए सवाल असम में पूर्व मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के काफिले पर हुए पथराव को लेकर भी जांगिड़ ने सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि जेड प्लस सुरक्षा प्राप्त नेता के काफिले पर हमला गंभीर मामला है। इसकी जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। गुटबाजी और मुख्यमंत्री चेहरे को लेकर पूछे गए सवाल पर जांगिड़ ने कहा कि कांग्रेस एकजुट होकर चुनाव लड़ेगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से संगठन को मजबूत करने और आगामी चुनाव के लिए जनता के बीच सक्रिय रहने की अपील की।
संयुक्त निदेशक ने शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर ग्रामीणों से संवाद किया
दूधवामीठा गांव के राउमावि में आयोजित रात्रि चौपाल में शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने ग्रामीणों व शिक्षकों के साथ सीधा संवाद कर शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी जानकारी ली व चर्चा की। संयुक्त निदेशक स्कूल शिक्षा चूरू अनुसुईया ने ग्रामीणों की समस्याओं को ध्यानपूर्वक सुना और संबंधित अधिकारियों व संस्था प्रधानों को त्वरित समाधान के आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि छात्र-छात्राओं को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देने के साथ-साथ स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक माहौल और जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराना विभाग की सर्वोच्च प्राथमिकता है। एडीईओ जीवन सैनी ने विभागीय योजनाओं, विद्यार्थियों की नियमित उपस्थिति और इसमें अभिभावकों की जिम्मेदारी पर विचार व्यक्त किए। सीबीईओ गिरधारी सिंह शेखावत ने अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा के प्रति सजग रहने के लिए प्रेरित किया। इस दौरान ग्रामीणों ने पीएमश्री योजना में शामिल करने, लॉन टेनिस कोर्ट व अटल पुस्तकालय खुलवाने की मांग को लेकर ज्ञापन दिया। इस मौके पर एडीईओ शारीरिक शिक्षा कमल कुमार, पीईईओ जसरासर हनुमान सिंह राठौड़ सहित ग्रामीण उपस्थित थे। पीईईओ दूधवामीठा मो. फारूक ने आभार जताया।
शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार और सरकारी योजनाओं की जमीनी क्रियान्विति सुनिश्चित करने के लिए शिक्षा विभाग ने जिला प्रभारियों की नियुक्ति की है। शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव निदेशालय और स्कूल शिक्षा परिषद में कार्यरत आरएएस और शिक्षा अधिकारियों को 41 जिलों में प्रभारी की जिम्मेदारी सौंपी है। यह अधिकारी स्कूलों का निरीक्षण कर विभागीय योजनाओं की प्रगति करेंगे। साथ ही शिक्षा व्यवस्था, नामांकन और जर्जर स्कूल भवन व कक्षा-कक्षों की रिपोर्ट तैयार करेंगे। अगर भवन व कक्षा-कक्ष जर्जर मिला तो वहां ताला लगाकर लाल रंग से क्रास का निशान लगाएंगे। साथ ही ऐसे भवनों को जमीदोंज करने को लेकर कार्रवाई शुरू करेंगे। अधिकारियों को पीएम श्री स्कूल, आवासीय स्कूलों सहित विभाग के सभी प्रकार के स्कूलों का निरीक्षण करना होगा। स्थानीय स्तर पर दूर की जा सकने वाली कमियों का मौके पर निस्तारण कराएंगे। वरिष्ठ उप सचिव कानाराम को जयपुर का प्रभारी लगाया गया है। भवन, बालिका सुरक्षा और शौचालयों की जांच स्कूल भवनों की भौतिक स्थिति और सुरक्षा निरीक्षण का महत्वपूर्ण हिस्सा है। निरीक्षण के दौरान बालिकाओं की सुरक्षा, सीसीटीवी, भवन एवं शौचालयों की स्थिति की समीक्षा की जाएगी। असुरक्षित या जर्जर सरकारी स्कूल भवनों और कक्षा-कक्षों की पहचान कर दरवाजों पर लाल रंग से क्रॉस का निशान लगाया जाएगा। यदि आंगनबाड़ी केंद्र स्कूल परिसर में ही संचालित है, तो उसके भवन की भौतिक स्थिति और सुरक्षा की भी समीक्षा की जाएगी। इससे स्कूल परिसर में संचालित संबंधित व्यवस्थाओं की सुरक्षा पर निगरानी रखने का उद्देश्य है। दौरे के दौरान यह देखेंगे अधिकारी प्रमुख जिलों में इन अधिकारियों को जिम्मेदारी राजस्थान राज्य शैक्षिक अनुसंधान परिषद की निदेशक श्वेता फगेडिया को उदयपुर, अतिरिक्त निदेशक माध्यमिक शिक्षा शैलेंद्र देवडा को डीडवाना, राज्य शैक्षिक प्रबंधन व प्रशिक्षण संस्थान गोनेर डॉ. नरेंद्र चौधरी को बीकानेर, अतिरिक्त राज्य परियोजना निदेशक सीमा शर्मा प्रथम को अजमेर, वित्तीय सलाहकार कृष्णपाल को जोधपुर, राजस्थान स्टेट ओपन स्कूल की सचिव अरूणा शर्मा को कोटा का प्रभारी लगाया गया है। नामांकन लक्ष्य, स्कूलों की व्यवस्थाएं पीएम श्री विद्यालयों और कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालयों (केजीबीवी) में निर्धारित क्षमता एवं लक्ष्य के अनुरूप नामांकन की समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को नामांकन लक्ष्य की शत-प्रतिशत पूर्ति के लिए किए गए प्रयासों की जानकारी लेनी होगी। स्कूल प्रबंधन और शिक्षकों की ओर से किए गए नवाचारों का विवरण भी निरीक्षण में शामिल रहेगा।
Taurus Tarot Card Horoscope 24 September: Temperance की ऊर्जा जीवन में सकारात्मक से आगे बढ़ाने की कोशिश, समय और परिस्थिति के अनुसार बदलाव लाने की आवश्यकता और परिवार के बड़े बुजुर्ग लोगों की जरूरतें और सेहत को लेकर लापरवाही न करने की बात लेकर आ सकती है.आइए जानते हैं, वृषभ राशि वाले जातकों के जीवन, रिश्तो, आर्थिक स्थिति का स्वास्थ्य के बारे में.
विश्वविद्यालयों में विद्यार्थियों को केवल एकतरफा शिक्षा न दी जाए : कुलपति
Students in universities should not be imparted only one-sided education: Vice-Chancellor
शिक्षा ही राष्ट्र के सशक्तीकरण का आधार : कुलपति
Education is the basis of a nation's empowerment: Vice-Chancellor
शिक्षा, संविधान, लोकतंत्र विरोधी सरकार से बदला लेने की जरूरत : श्यामलाल
सपा के प्रदेश अध्यक्ष श्यामलाल पाल ने भाजपा पर हमला बोला। कहा कि शिक्षा, संविधान, लोकतंत्र विरोधी इस सरकार से बदला लेने की जरूरत है।
एमपी के स्कूल शिक्षा विभाग ने 2 दिन में दीं 600 अनुकंपा नियुक्ति, 30 और अनुकंपा आदेश जारी किए जाएंगे
लंबे समय से अनुकंपा नियुक्ति की प्रतीक्षा कर रहे स्कूल शिक्षा विभाग के कर्मचारियों के स्वजन को आखिरकार अनुकंपा नियुक्तियां मिल ही गईं। विभाग ने 2 दिन में 600 अनुकंपा नियुक्ति आदेश जारी किए हैं।
शिक्षा तभी सार्थक होगी जब उससे देश और समाज को लाभ पहुंचेगा: राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु
वडोदरा, 23 सितंबर . India की President द्रौपदी मुर्मु Wednesday को वड़ोदरा, Gujarat में महाराजा सयाजीराव विश्वविद्यालय के 75वें वार्षिक दीक्षांत समारोह में शामिल हुईं. इस अवसर पर President ने अपने संबोधन में कहा कि पिछले 75 वर्षों से यह विश्वविद्यालय ज्ञान की अनेक धाराओं को एक साथ लेकर आगे बढ़ रहा है. President ने ... Read more
मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव के नेतृत्व में स्कूल शिक्षा विभाग ने शानदार पहल की है। यह पहल स्कूल शिक्षा विभाग में लंबे समय से लंबित अनुकंपा नियुक्ति के प्रकरणों से संबंधित है। स्कूल शिक्षा मंत्री उदय प्रताप सिंह के मुताबिक मुख्यमंत्री डॉ. ...
बिहार विद्या साथी ऐप से जुड़े 3 लाख से अधिक विद्यार्थी, इनमें 73 प्रतिशत ग्रामीण: शिक्षा मंत्री
Patna, 23 सितंबर . शिक्षा मंत्री मिथिलेश तिवारी ने कहा कि बिहार विद्या साथी ऐप से वर्तमान में 3 लाख से अधिक विद्यार्थी जुड़ चुके हैं. इनमें लगभग 73 प्रतिशत विद्यार्थी ग्रामीण क्षेत्रों के हैं. ऐप की शुरुआत के एक माह के भीतर यह आंकड़ा उत्साहवर्धक है. तिवारी की अध्यक्षता में Wednesday को बिहार विद्यालय ... Read more
राज्य सरकार के ग्रामीण क्षेत्रों के त्वरित, समावेशी और सर्वांगीण विकास के संकल्प को आगे बढ़ाते हुए बुधवार को शासन सचिवालय में ग्रामीण विकास विभाग के शासन सचिव कृष्ण...
मध्य प्रदेश स्कूल शिक्षा 600 अनुकंपा नियुक्ति की लिस्ट जारी, PDF डाउनलोड करें
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झालावाड़ के राजकीय हरिश्चंद्र सार्वजनिक जिला पुस्तकालय के नए भवन की बाउंड्री निर्माण कार्य का बुधवार दोपहर बाद भूमिपूजन किया गया। पुस्तकालय के नए भवन के विकास की दिशा में इसे अहम कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ पुस्तकालय विकास समिति के सदस्य और कर्मचारी मौजूद रहे। बाउंड्री निर्माण शुरू होने के बाद नए भवन के निर्माण कार्य में भी तेजी आने की उम्मीद है। अधिकारियों की मौजूदगी में हुआ भूमिपूजन भूमिपूजन कार्यक्रम में मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी प्रकाश चंद्र सोनी, जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक नरेंद्र कुमार गहलोत, जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक हेमराज पारेता मौजूद रहे। इनके अलावा समग्र शिक्षा के अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक कल्याण मल वर्मा, अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी प्रारंभिक सीताराम मीणा और अतिरिक्त जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक बालचंद कारपेंटर भी कार्यक्रम में शामिल हुए। सहायक परियोजना समन्वयक हरिओम शर्मा और सहायक लेखाधिकारी प्रथम सालिगराम दांगी भी मौजूद रहे। पुस्तकालय विकास समिति के सदस्य भी रहे शामिल कार्यक्रम में पुस्तकालय विकास कमेटी के सदस्य राज्यपाल शर्मा, पुस्तकालय अध्यक्ष कैलाश चंद्र राव, कनिष्ठ सहायक अंजलि मीणा, परामर्शदाता किरण सच्चर और आजीवन सदस्य विश्वनाथ सच्चर शामिल हुए। सहायक कर्मचारी सतीश पाटीदार भी इस मौके पर मौजूद रहे। नए भवन से बढ़ेंगी सुविधाएं मौजूद अधिकारियों और पुस्तकालय विकास समिति के सदस्यों ने बाउंड्री निर्माण को पुस्तकालय के विकास की दिशा में महत्वपूर्ण पहल बताया। नए भवन से पुस्तकालय को बेहतर और व्यवस्थित रूप मिलने की उम्मीद है। इससे छात्रों, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करने वाले युवाओं और नियमित पाठकों को अध्ययन के लिए बेहतर माहौल उपलब्ध हो सकेगा। लंबे समय से ज्ञान का केंद्र रहा है पुस्तकालय राजकीय हरिश्चंद्र सार्वजनिक जिला पुस्तकालय लंबे समय से छात्रों और पाठकों के लिए ज्ञान का अहम केंद्र रहा है। नए भवन के बनने से पुस्तकालय में उपलब्ध सुविधाओं के विस्तार की उम्मीद है। बाउंड्री निर्माण कार्य शुरू होने के साथ भवन निर्माण प्रक्रिया को भी गति मिलने की संभावना है। गुणवत्ता के साथ काम पूरा करने पर जोर भूमिपूजन के दौरान अधिकारियों और पुस्तकालय विकास समिति के सदस्यों ने निर्माण कार्य को तय प्रक्रिया के अनुसार पूरा करने और गुणवत्ता का विशेष ध्यान रखने पर जोर दिया। कार्यक्रम में शिक्षा विभाग के अधिकारी-कर्मचारी और पुस्तकालय से जुड़े अन्य लोग भी मौजूद रहे।
कटिहार में जिला कृषि पदाधिकारी राजीव कुमार ने सरस्वती शिक्षा निकेतन (मॉडल स्कूल) यू.एच.एस. परबेली, कदवा में नौवीं कक्षा के छात्रों को रसायन विज्ञान पढ़ाया। बुधवार, 23 सितंबर 2026 को उन्होंने करीब डेढ़ घंटे का विशेष सेशन लिया। इस दौरान उन्होंने 'पदार्थ एवं पदार्थ का वर्गीकरण' अध्याय की जानकारी दी। कुमार ने जटिल वैज्ञानिक बातों को आसान भाषा और रोजमर्रा के उदाहरणों से समझाया। उन्होंने शुद्ध पदार्थ, मिश्रण, उसके प्रकार, कोलायड, यौगिक, टिंडल प्रभाव और तत्व, मिश्रण व यौगिक के अंतर जैसे विषयों पर बात की। पढ़ाई के दौरान बच्चों में काफी उत्सुकता दिखी। छात्रों ने कई सवाल पूछे, जिनका उन्होंने आसान तरीके से जवाब दिया। कुमार ने छात्रों को 12वीं के बाद करियर के अवसरों के बारे में भी बताया। उन्होंने मेडिकल, इंजीनियरिंग, कृषि विज्ञान, अनुसंधान, कंप्यूटर एवं आईटी, फार्मेसी, जैव प्रौद्योगिकी, कानून, सिविल सेवा, रक्षा, बैंकिंग, शिक्षण और प्रबंधन जैसे कई क्षेत्रों की जानकारी दी। उन्होंने छात्रों से अपनी रुचि और क्षमता पहचानकर लक्ष्य तय करने और रोज पढ़ाई करने की अपील की। क्लास खत्म होने पर छात्रों को पढ़ाए गए अध्याय के लिखित नोट्स भी दिए गए। इससे वे घर पर उसका अभ्यास कर सकेंगे। कुमार ने बच्चों को रटने की बजाय समझकर पढ़ने और सवाल पूछने की आदत डालने के लिए प्रेरित किया। शिक्षण सत्र के बाद जिला कृषि पदाधिकारी ने स्कूल की सुविधाओं का भी जायजा लिया। उन्होंने मध्याह्न भोजन, शौचालय और प्रयोगशाला जैसी सुविधाओं की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि बच्चों के अच्छे विकास के लिए अच्छी शिक्षा के साथ बेहतर सुविधाएं और पढ़ाई का अच्छा माहौल भी जरूरी है। यह पहल जिला पदाधिकारी आशुतोष द्विवेदी के मार्गदर्शन में प्रशासनिक अधिकारियों द्वारा विद्यालयों में शिक्षण एवं करियर मार्गदर्शन को बढ़ावा देने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम है। इससे विद्यार्थियों को पाठ्यक्रम के साथ व्यावहारिक ज्ञान, आत्मविश्वास और भविष्य के अवसरों की समझ विकसित करने में मदद मिल रही है।
शिक्षा और कौशल विकास से होगा विकसित भारत का संकल्प पूर्ण : राज्यपाल बागडे
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे ने कहा कि शिक्षा और कौशल विकास से ही विकसित भारत का संकल्प तेजी से पूरा हो सकता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा ऐसी हो, जिससे बच्चों की बौद्धिक...
ओडिशा में शिक्षा व्यवस्था पर बवाल, गलत किताबों पर शिक्षा मंत्री से मांगा इस्तीफा
ओडिशा में भारतीय जनता पार्टी (बीजेपी) की सरकार बनने के बाद शिक्षा व्यवस्था को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हो गया है. विरोध कर रहे लोगों का आरोप है कि राज्य में पिछले सात महीनों से बच्चे गलत किताबें पढ़ रहे हैं. जल्द ही बच्चों की अर्धवार्षिक परीक्षाएं होने वाली हैं, लेकिन सरकारी स्कूलों के छात्रों के पास न तो सही किताबें हैं और न ही उचित अध्ययन सामग्री. लोगों का कहना है कि सरकार शिक्षा के नाम पर केवल राजनीति कर रही है और नई शिक्षा नीति के तहत बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है.
राज्यपाल हरिभाऊ बागडे बोले: शिक्षा और स्किल से पूरा होगा विकसित भारत का संकल्प
एजुस्किल्स समिट में नई शिक्षा नीति और गुरुकुल परंपरा का जिक्र कर राज्यपाल ने युवाओं को नौकरी देने वाला बनने के लिए प्रेरित किया।
हरिद्वार में गुरुकुल शिक्षा का नया अध्याय
हरिद्वार , 23 सितंबर 2026 । उत्तराखंड के हरिद्वार में भारतीय ज्ञान परंपरा, योग और आयुर्वेद को आधुनिक शिक्षा से जोड़ने की दिशा में एक नई पहल शुरू हुई है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बुधवार, 23 सितंबर 2026 को ग्राम औरंगाबाद स्थित पतंजलि वेलनेस योगग्राम में प्रथम पतंजलि आयुर्वेद गुरुकुलम् का शुभारंभ किया। कार्यक्रम […] The post हरिद्वार में गुरुकुल शिक्षा का नया अध्याय appeared first on Rashtriya Ujala .
नागौर जिले के लाड़नूं स्थित जैन विश्व भारती में अखिल भारतीय तेरापंथ महिला मंडल के 51वें वार्षिक अधिवेशन का आयोजन किया गया। इसमें उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने शिरकत की। इस अवसर पर सामाजिक उत्थान, बालिका शिक्षा एवं जनकल्याण के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान के लिए दीया कुमारी को आचार्य तुलसी कर्तृत्व पुरस्कार से सम्मानित किया गया। समारोह के दौरान उपमुख्यमंत्री दीया कुमारी ने परमपूज्य आचार्य महाश्रमण से आशीर्वाद प्राप्त किया। कार्यक्रम में देशभर से पहुंचीं तेरापंथ महिला मंडल की सदस्यों ने उनका स्वागत किया और स्वागत गीत प्रस्तुत किए। अधिवेशन के दौरान पूरे परिसर में धार्मिक एवं आध्यात्मिक वातावरण बना रहा। कार्यक्रम में तेरापंथ समाज से जुड़े लोगों के साथ बड़ी संख्या में महिला मंडल की सदस्याएं एवं श्रद्धालु उपस्थित रहे। देश के विभिन्न हिस्सों से आई महिलाओं की मौजूदगी ने कार्यक्रम की गरिमा बढ़ाई। आयोजन के दौरान सामाजिक सरोकार, महिला सशक्तिकरण, बालिका शिक्षा और जनकल्याण जैसे विषयों पर भी विशेष जोर देखने को मिला।
एक ही जॉब में लंबे वक्त तक क्यों नहीं टिकता Gen Z?
Gen Z के लिए नौकरी अब सिर्फ सैलरी और पद का खेल नहीं है. अगर जॉब में कुछ नया सीखने को नहीं मिल रहा या वर्क-लाइफ बैलेंस बिगड़ रहा है, तो वे नौकरी बदलने करने से पीछे नहीं हटते. 'नौकरी' की रिपोर्ट बताती है कि आज के यंगस्टर्स के लिए तरक्की, सीखना और मेंटल हेल्थ का ठीक रहना नौकरी में टिके रहने की बड़ी वजह बन रहे हैं.
सोशल मीडिया पर इन दिनों एक ऑटो ड्राइवर की कहानी सोशल मीडिया पर काफी वायरल हो रहा है। इस वीडियो में ऑटो ड्राइवर ने अपनी 75 हजार रुपये की मासिक कमाई और घर के खर्चों के बारे में जानकारी दी है। ड्राइवर ने बताया वह अपनी कमाई का बड़ा हिस्सा अपनी बेटी की पढ़ाई पर खर्च करता है। वह अपनी बेटी की पढ़ाई पर हर साल करीब 1.4 लाख रुपये खर्च करता है। घर के बाकी खर्च पूरे करने के बाद उसके पास बचत के लिए पैसे नहीं बचते और कई बार उसे जरूरत के लिए कर्ज भी लेना पड़ता है।इसके बावजूद वह अपनी बेटी को अच्छी पढ़ाई और बेहतर भविष्य देने की कोशिश कर रहा है। उसकी इस मेहनत और बेटी के लिए किए जा रहे त्याग की लोग तारीफ कर रहे हैं। वहीं, कुछ लोगों ने उसे खर्च के साथ भविष्य के लिए थोड़ी बचत करने की सलाह भी दी है।महिने में 75 हजार कमाता है ऑटो ड्राइवरएक वीडियो में एक व्यक्ति ऑटो ड्राइवर से उसकी कमाई और खर्चों के बारे में बात करता नजर आता है। बातचीत के दौरान वह पूछता है, “आपकी महीने की औसत कमाई कितनी है?” इस पर ऑटो ड्राइवर बताता है कि वह हर महीने करीब 75 हजार रुपये कमाता है। इसके बाद वह अपने अलग-अलग खर्चों के बारे में बताता है, जिसमें गैस, गाड़ी की EMI और घर का रोजमर्रा का खर्च शामिल है। इस बातचीत का वीडियो एक फाइनेंशियल सर्विस कंपनी ने अपने इंस्टाग्राम पेज पर शेयर किया है।बेटी की पढ़ाई में खर्च होते हैं लाखों रुपएइसके बाद होस्ट उससे उसके बच्चों के बारे में पूछता है। ऑटो ड्राइवर बताता है कि उसकी एक बेटी है। वह कहता है, “मैं ज्यादा पढ़ा-लिखा नहीं हूं, लेकिन मैंने अपनी बेटी को अच्छे स्कूल में पढ़ने के लिए दाखिला दिलाया है।” इसके बाद वह बताता है कि बेटी की पढ़ाई पर वह हर साल करीब 1.4 लाख रुपये खर्च करता है। बेटी की पढ़ाई और घर के बाकी खर्चों में पूरी कमाई चले जाने के कारण ऑटो ड्राइवर के पास महीने के आखिर में बचत के लिए कुछ नहीं बचता। कई बार जरूरतें पूरी करने के लिए उसे दूसरों से पैसे उधार भी लेने पड़ते हैं। View this post on Instagram A post shared by Rayi | Goalhive Financial Services Pvt Ltd | ARN Reg No - 307650 (@rayi.app) लोगें ने दिया रिएक्शनइस पोस्ट के बाद सोशल मीडिया पर लोगों ने अलग-अलग तरह की रिएक्शन दिए है। एक यूजर ने कमेंट में कहा, जब ऑटो ड्राइवर ने बताया कि उसकी सिर्फ एक बेटी है और वह उसके बेहतर भविष्य के लिए अपनी क्षमता के अनुसार हर संभव कोशिश कर रहा है, यह बात मुझे पिघला देती है। एक यूजर ने सुझाव दिया कि, स्कूल की फीस में कुछ कटौती करके हर महीने 5 से 10 हजार रुपये बेटी के भविष्य के लिए निवेश किए जा सकते हैं, ताकि आगे कॉलेज की पढ़ाई के लिए कर्ज लेने की जरूरत न पड़े। यूजर ने उम्मीद जताई कि इस पिता को आगे भी लोगों से खूब प्यार और सम्मान मिले।Dating Fraud: 65 साल की महिला AI की मदद से बनी खूबसूरत डॉक्टर, युवक को प्यार के जाल में फंसाकर ठगे ₹21 लाख
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा अनुकंपा नियुक्ति के पेंडिंग मामलों की समीक्षा से पहले स्कूल शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग ने एक दिन में 618 कर्मचारियों की मृत्यु के बाद उनके परिजन को अनुकंपा नियुक्ति देने के आदेश जारी किए हैं। इनमें प्रदेश के अलग-अलग संभागों में रिक्त 587 और लोक शिक्षण संचालनालय में रिक्त 31 पद शामिल हैं। सभी नियुक्तियां सहायक ग्रेड-3 (लिपिक) के पद पर की गई हैं। यह प्रक्रिया 22 और 23 सितंबर के बीच पूरी की गई। नियुक्ति आदेश जारी होने के बाद संबंधित अभ्यर्थियों को जल्द से जल्द जॉइनिंग लेने के निर्देश दिए गए हैं। CM की समीक्षा से पहले जुटाई रिक्त पदों की जानकारी मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव प्रदेशभर में अनुकंपा नियुक्ति के पेंडिंग मामलों की समीक्षा करने वाले हैं। इससे पहले आयुक्त लोक शिक्षण अभिषेक सिंह ने विभाग के संयुक्त संचालकों को भोपाल बुलाकर संभागवार रिक्त पदों की जानकारी ली। इनमें वे पद शामिल थे, जो सहायक ग्रेड-3 के कर्मचारियों के सहायक ग्रेड-2 पद पर प्रमोशन के बाद रिक्त हुए थे। जानकारी में प्रदेशभर के संभागों में 587 और लोक शिक्षण संचालनालय में 31 पद रिक्त मिले। इसके बाद आयुक्त ने संयुक्त संचालकों को निर्देश दिए कि इन पदों पर वर्षों से पेंडिंग अनुकंपा नियुक्ति के आवेदनों की पात्रता की जांच कर नियुक्ति आदेश जारी किए जाएं। मंगलवार शाम से आधी रात तक चली प्रक्रिया बताया गया है कि कुछ अधिकारियों की ओर से मामले में टालमटोल की कोशिश की गई। इसके बाद आयुक्त ने 22 सितंबर को ही नियुक्ति आदेश जारी करने के निर्देश दिए। उनकी सख्ती के बाद मंगलवार शाम से देर रात तक दस्तावेजों की छानबीन और नियुक्ति आदेश जारी करने की प्रक्रिया चलती रही। इसके बाद 618 पात्र आवेदकों को सहायक ग्रेड-3 के पद पर अनुकंपा नियुक्ति देने के आदेश जारी किए गए। इनमें लंबे समय से नियुक्ति का इंतजार कर रहे कर्मचारियों के परिजन शामिल हैं।
CRPF में स्पोर्ट्स कोटा से 521 पदों पर भर्ती, 12 अक्टूबर से शुरू होंगे आवेदन
सीआरपीएफ की ओर से हेड कांस्टेबल जीडी और कांस्टेबल जीडी के रिक्त पदों पर भर्ती निकली है। सेंट्रल रिजर्व पुलिस फोर्स के मुताबिक यह भर्ती स्पोर्ट्स कोटा के अंतर्गत होगी...
NCERT का उच्च शिक्षा में प्रवेश: नए पाठ्यक्रम 2027-28 से शुरू होंगे
NCERT अब उच्च शिक्षा क्षेत्र में कदम रखने की तैयारी कर रहा है, जिसमें 2027-28 से नए पाठ्यक्रमों की शुरुआत होगी। BA-BEd, BSc-BEd, और BCom-BEd जैसे पाठ्यक्रमों पर ध्यान केंद्रित किया जाएगा। इन पाठ्यक्रमों का उद्देश्य आधुनिक शिक्षण तकनीकों और एआई के उपयोग को बढ़ावा देना है। NCERT के क्षेत्रीय केंद्रों को कॉलेजों में परिवर्तित किया जाएगा, जिससे छात्रों को बेहतर शिक्षा मिल सके। जानें इस नई पहल के बारे में और अधिक जानकारी।
जनगणना-2027 के दूसरे चरण को लेकर चंडीगढ़ मुख्यालय से जनगणना कार्य निदेशक आईएएस ललित कुमार जैन ने भिवानी के चार्ज अधिकारियों के साथ वीसी के माध्यम से बैठक की। उन्होंने निर्देश देते हुए बताया कि जनगणना का दूसरा चरण फरवरी 2027 में शुरू होगा। पहले चरण में मकानों की गणना हो चुकी है। ललित कुमार जैन ने कहा कि जनगणना कार्य को सफल बनाने के लिए शिक्षा विभाग से अध्यापकों की ड्यूटी लगाई जाएगी। साथ ही आमजन को जागरूक करने के लिए रेलवे स्टेशन, बस स्टैंड सहित सार्वजनिक स्थलों पर होर्डिंग लगाकर व्यापक प्रचार-प्रसार करने के निर्देश दिए गए, ताकि लोग जनगणना में बढ़-चढ़कर भाग लें। दूसरे चरण की तैयारी शुरू इस अवसर पर सहायक जिला सांख्यिकी अधिकारी रणबीर सिंह ने बताया कि जिला में जनगणना के लिए नोडल अधिकारी नगराधीश अनिल कुमार हैं। उन्होंने बताया कि जनगणना कार्य के दूसरे चरण की तैयारी की जा रही है। सभी संबंधित विभागों के साथ समन्वय स्थापित किया जा रहा है। वीसी के दौरान डिप्टी डीईओ राजबाला, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी विनय जिंदल सहित संबंधित अधिकारी मौजूद रहे।
UGC का नया नियम: स्वास्थ्य शिक्षा में डिग्री के लिए विशेषीकरण का नाम शामिल होगा
भारतीय विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (UGC) ने स्वास्थ्य और संबद्ध शिक्षा में डिग्री के लिए नए नियमों की घोषणा की है। 2026-27 शैक्षणिक सत्र से लागू होने वाले इस नियम के तहत, M.PT और M.OT डिग्रियों पर विशेषीकरण का नाम स्पष्ट रूप से लिखा जाएगा। इसके अलावा, M.OT और M.PT कार्यक्रमों में विभिन्न विशेषीकरणों का समावेश किया जाएगा। यह बदलाव छात्रों के लिए उनके विशेषज्ञता क्षेत्र को स्पष्ट रूप से दर्शाने का अवसर प्रदान करेगा। जानें इस नए नियम के अन्य महत्वपूर्ण पहलुओं के बारे में।
PC: JAGRAN मध्य प्रदेश कर्मचारी चयन मंडल (MP ESB) ने पुलिस विभाग में सूबेदार (स्टेनोग्राफर) और असिस्टेंट सब-इंस्पेक्टर (ASI) के 655 पदों पर भर्ती निकाली है। इच्छुक उम्मीदवार 24 सितंबर से esb.mp.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। आवेदन की अंतिम तिथि 8 अक्टूबर और संशोधन की अंतिम तिथि 13 अक्टूबर 2026 तय की गई है। मुख्य विवरण: पद और संख्या: कुल 655 पद (ASI - 520, सूबेदार - 135) योग्यता : 12वीं पास होने के साथ पदानुसार CPCT/कंप्यूटर डिप्लोमा/डिग्री (BCA/MCA/IT)/पॉलीटैक्निक या संबंधित शैक्षणिक योग्यता होना अनिवार्य है। आयु सीमा: अधिकतम 33 से 38 वर्ष (आरक्षित वर्गों को नियमानुसार छूट)। आयु की गणना 8 अक्टूबर 2026 से होगी। आवेदन शुल्क: सामान्य/अन्य राज्य के अभ्यर्थियों के लिए ₹500, जबकि SC/ST/OBC के लिए ₹250 (पोर्टल शुल्क अलग से देय होगा)। चयन प्रक्रिया व वेतन: चयन लिखित परीक्षा, प्रैक्टिकल टेस्ट और दस्तावेज सत्यापन के आधार पर होगा। सूबेदार को ₹36,200 - ₹1,14,800 और ASI को ₹19,500 - ₹62,000 प्रति माह वेतन मिलेगा। आवेदन कैसे करें? आधिकारिक वेबसाइट पर जाकर 'Online Form' लिंक पर क्लिक करें, रजिस्ट्रेशन पूरा करें, शुल्क जमा करें और फॉर्म का प्रिंटआउट निकालकर रख लें।
PC: ABP NEWS मध्य प्रदेश एम्प्लॉई सिलेक्शन बोर्ड (MPESB) ने पुलिस कांस्टेबल (जनरल ड्यूटी) की भर्ती के लिए ऑफिशियली ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन ड्राइव शुरू कर दी है। ऑफिशियल नोटिफिकेशन के मुताबिक, इस भर्ती ड्राइव का मकसद पुलिस हेडक्वार्टर, होम (पुलिस) डिपार्टमेंट, मध्य प्रदेश के तहत स्पेशल आर्म्ड फोर्स, SAF, और नॉन-SAF कैडर दोनों में 7,500 वैकेंसी भरना है। योग्य और इच्छुक उम्मीदवार 22 सितंबर, 2026 से 6 अक्टूबर, 2026 तक ऑफिशियल वेबसाइट के ज़रिए वैकेंसी के लिए अप्लाई कर सकते हैं। बोर्ड ने 22 सितंबर, 2026 से 11 अक्टूबर, 2026 तक एप्लीकेशन फॉर्म करेक्शन विंडो भी शेड्यूल की है, जबकि कंप्यूटर-बेस्ड लिखित परीक्षा 19 नवंबर, 2026 से शुरू होगी। ज़रूरी तारीखें ऑनलाइन एप्लीकेशन शुरू होने की तारीख: 22 सितंबर, 2026 ऑनलाइन एप्लीकेशन की आखिरी तारीख: 6 अक्टूबर, 2026 एप्लीकेशन फॉर्म करेक्शन विंडो: 22 सितंबर, 2026 से 11 अक्टूबर, 2026 लिखित परीक्षा की तारीख: 19 नवंबर, 2026 से आगे एलिजिबिलिटी क्राइटेरिया एप्लीकेंट 10वीं पास होना चाहिए, हालांकि मध्य प्रदेश के ST उम्मीदवारों के लिए 8वीं पास भी मान्य है। कैंडिडेट्स के लिए उम्र की लिमिट 6 अक्टूबर, 2026 तक 18 से 33 साल के बीच है। राज्य के नियमों के हिसाब से उम्र में छूट भी मिलेगी। एप्लीकेशन फीस अनरिजर्व्ड कैंडिडेट्स को 700 रुपये (500 रुपये ESB फीस प्लस 200 रुपये डिपार्टमेंट फीस) की एप्लीकेशन फीस देनी होगी। वहीं, SC, ST, OBC, और EWS कैंडिडेट्स को 350 रुपये (250 रुपये ESB फीस प्लस 100 रुपये डिपार्टमेंट फीस) की फीस देनी होगी। MPOnline कियोस्क के लिए एडिशनल पोर्टल फीस 60 रुपये और रजिस्टर्ड सिटीजन यूजर्स के लिए 20 रुपये है। सिलेक्शन प्रोसेस कैंडिडेट्स का सिलेक्शन इन तरीकों से किया जाएगा: लिखा हुआ कंप्यूटर-बेस्ड टेस्ट फिजिकल एफिशिएंसी टेस्ट (PET) फिजिकल मेजरमेंट टेस्ट (PMT) डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन मेडिकल एग्जामिनेशन MP पुलिस कांस्टेबल भर्ती 2026 के लिए अप्लाई कैसे करें स्टेप 1: MPESB पोर्टल esb.mp.gov.in पर जाएं। स्टेप 2: ज़रूरी आधार और बायोमेट्रिक सेटअप के साथ प्रोफ़ाइल रजिस्ट्रेशन पूरा करें। स्टेप 3: “पुलिस कांस्टेबल रिक्रूटमेंट टेस्ट – 2026” लिंक पर क्लिक करें। स्टेप 4: डिटेल्स भरें, डॉक्यूमेंट्स अपलोड करें, और ऑनलाइन फीस पे करें।

