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पंजाब में दसवीं का रिजल्ट आज:शिक्षा बोर्ड की वेबसाइट पर देख सकेंगे छात्र, 12:30 बजे चेयरमैन करेंगे डिक्लेयर

पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की तरफ से 10वीं कक्षा का रिजल्ट आज घोषित किया जाएगा। यह रिजल्ट 12:30 बजे के बाद एजुकेशन बोर्ड की वेबसाइट पर मौजूद रहेगा। दोपहर 12:30 बजे पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड के चेयरमैन रिजल्ट डिक्लेयर करेंगे। इसके बाद इसे वेबसाइट पर अपलोड कर दिया जाएगा। उसके बाद छात्र अपना रोल नंबर डालकर रिजल्ट देख सकते हैं। हेल्पलाइन के जरिए भी ले सकते हैं मदद पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की तरफ से छात्रों को रिजल्ट देखने के लिए वेबसाइट पर सुविधा उपलब्ध करवाई गई है। इसमें वे अपना रोल नंबर और नाम डालकर अपना रिजल्ट देख सकते हैं। बोर्ड की आधिकारिक वेबसाइट pseb.ac.in है। अगर किसी भी छात्र को वहां रिजल्ट देखने में दिक्कत आती है तो उसके लिए हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। छात्र सीधे 9549161161 पर कॉल कर अपना रिजल्ट या उससे संबंधित कोई भी जानकारी पूछ सकते हैं। इस प्रकार देखें रिजल्ट पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की साइट पर जाएं। वहां होम पेज पर रिजल्ट के लिए लिंक दिया गया है। उसे खोलने के बाद वहां 10वीं कक्षा के रिजल्ट का चयन करना है। उस पर क्लिक करने के बाद रोल नंबर और नाम दर्ज करें। इसके बाद आपका रिजल्ट खुल जाएगा। उसको आप या तो सेव कर सकते हैं या डाउनलोड कर प्रिंट निकाल सकते हैं। ढाई लाख से अधिक छात्रों को इंतजार इस बार पंजाब स्कूल एजुकेशन बोर्ड की तरफ से आयोजित की गई 10वीं की परीक्षा में 2.84 लाख छात्र शामिल हुए थे। 10वीं की परीक्षाएं 1 मार्च से 1 अप्रैल तक हुई थीं। उन सभी छात्रों को अपने रिजल्ट का तभी से इंतजार है और आज वह इंतजार खत्म हो जाएगा।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 9:25 am

डिजी दुनिया प्रोजेक्ट से डिजिटल शिक्षा, मास्टर ट्रेनर ने शिक्षकों को दिया स्मार्ट क्लास प्रशिक्षण

बरौल | शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, सूरजपुर में डिजी दुनिया प्रोजेक्ट छत्तीसगढ़ के तहत एक दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। कार्यक्रम का उद्देश्य डिजिटल तकनीक के जरिए शिक्षण को मजबूत करना और विद्यार्थियों को आधुनिक शिक्षा से जोड़ना है। समग्र शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार यह प्रशिक्षण 4 मई से 19 मई तक जिले के सभी छह विकासखंडों में अलग-अलग मास्टर ट्रेनरों के माध्यम से चल रहा है। सूरजपुर के कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में मास्टर ट्रेनर सुखदेव राजवाड़े शिक्षकों को स्मार्ट क्लास और डिजिटल शिक्षण प्रणाली की जानकारी दे रहे हैं। प्रशिक्षण में स्मार्ट क्लास संचालन, डिजिटल कंटेंट का उपयोग, प्रोजेक्टर और इंटरैक्टिव बोर्ड की कार्यप्रणाली, ऑनलाइन शैक्षणिक सामग्री के इस्तेमाल और तकनीक आधारित पढ़ाई के तरीकों पर सत्र लिए जा रहे हैं। राजवाड़े ने बताया कि डिजिटल माध्यम से चित्र, वीडियो, एनिमेशन और प्रेजेंटेशन के जरिए पढ़ाई कराई जा सकती है। इससे कठिन विषयों को समझाना आसान होता है।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

‘हरा सोचें, हरा जियें’ के संदेश के साथ पौधारोपण का लिया संकल्प, शिविर, शिक्षा पर रहा फोकस

लॉयंस क्लब इंटरनेशनल डिस्ट्रिक्ट द्वारा रविवार को एक भव्य क्षेत्रीय सम्मेलन एकजोत 2026 का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य सेवा में एकता के संदेश को साझा करना और पिछले एक वर्ष में समाज कल्याण के लिए किए गए कार्यों का विवरण प्रस्तुत करना था। 400 से अधिक सदस्यों ने दर्ज कराई उपस्थिति इस सम्मेलन में जिले के विभिन्न क्षेत्रों से लगभग 400 सदस्यों ने हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान सभी क्षेत्रों के अध्यक्षों और पदाधिकारियों ने एकजुट होकर भविष्य की योजनाओं पर चर्चा की। आयोजन की शुरुआत में आए हुए सभी गणमान्य अतिथियों और वरिष्ठ सदस्यों का फूलों के हार और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मान किया गया। सम्मेलन में चर्चा की गई कि क्लब ने पूरे वर्ष मानवता की सेवा के लिए कई महत्वपूर्ण प्रकल्प चलाए हैं। गरीब और जरूरतमंद लोगों के लिए समय-समय पर चिकित्सा शिविर लगाए गए, जहां मरीजों की मुफ्त जांच और दवा वितरण किया गया। शिक्षा के लिए सहायता आर्थिक रूप से कमजोर बच्चों की पढ़ाई के लिए किताबें, स्टेशनरी और अन्य जरूरी सामान बांटा गया। पर्यावरण संरक्षण धरती को हरा-भरा बनाने के लिए बड़े स्तर पर पौधारोपण अभियान चलाया गया। सदस्यों ने हरा सोचें, हरा जियें के नारे के साथ प्रकृति की रक्षा का संकल्प लिया।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

दस दिन अवकाश कटौती के विरोध में शिक्षा संकुल पर किया सद‌्बुद्धि यज्ञ

जयपुर | राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) ने शिविरा पंचांग 2026–27 में ग्रीष्मावकाश व संस्था प्रधान की ओर से घोषित अवकाश में मनमानी कटौती के विरोध में शिक्षा संकुल पर सदबुद्धि यज्ञ किया। इस दौरान हनुमान चालीसा के पाठ भी किए गए। प्रदेश कार्यकारी अध्यक्ष नवीन कुमार शर्म ने कहा कि राजस्थान की भौगोलिक परिस्थितियों व भीषण गर्मी को देखते हुए जून माह में विद्यालय खोलना पूर्णतया अव्यावहारिक हैं। संगठन के न्यायाधिकरण प्रकोष्ठ अध्यक्ष मुकेश मीणा हाटवाल ने बताया कि अधिकारियों द्वारा बिना नियम के अवकाश कटौती करना अनुचित हैं। संगठन के प्रदेश प्रवक्ता मुकेश मीणा ने कहा कि अब 18 मई को शिक्षा मंत्री के विधानसभा क्षेत्र रामगंजमंडी में विरोध प्रदर्शन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

RSS से जुड़ा शिक्षक संगठन शिक्षा विभाग के विरोधमें, कहा- अधिकारियों की हठधर्मिता से शिक्षा का बंटाधार

जयपुर | शिक्षा विभाग में इन दिनों कुछ ठीक नहीं चल रहा है। आरएसएस से जुड़े शिक्षक संगठन ने अब शिक्षा विभाग के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) महासंघ का आरोप है कि वर्तमान में विभाग के अधिकारी नवाचार का चोला ओढ़कर शिक्षा, शिक्षक और शिक्षार्थी तीनों का बंटाधार करने पर तुले हुए हैं। साथ ही हर मुद्दे पर हठधर्मिता अपनाते है, जिससे शिक्षकों में आक्रोश है। रविवार को महासंघ के प्रदेशाध्यक्ष अध्यक्ष रमेश चंद्र पुष्करणा ने रविवार को प्रेसवार्ता आयोजित कर कहा कि प्रदेश की सरकार और उसके अधिकारियों की हठधर्मिता और उदासीनता के कारण सरकार के ढ़ाई वर्ष पूरे होने पर भी शिक्षकों के ज्वलंत मुद्दों का समाधान नहीं हुआ है। उनकी प्रमुख मांगों में शिविरा पंचांग में संशोधन, तृतीय श्रेणी सहित सभी संवर्गो के स्थानांतरण खोलने, तृतीय श्रेणी शिक्षकों की पदोन्नति करने, 2019 से अब तक क्रमोन्नत सभी विद्यालयों में पदों की वित्तीय स्वीकृति जारी करने एवं स्टाफिंग पैटर्न लागू करने, आरजीएचएस को सुचारू रखने, वेतन विसंगति दूर करने, अवकाश में 10 दिन की कटौती वापस लेने सहित कई मांगे हैं। जिन पर शिक्षा विभाग बात करने को तैयार नहीं है। अब आंदोलन के सिवा कोई रास्ता नहीं है। इसलिए 14 मई को खंड स्तर, 29 मई को जिला स्तर, 5 जून को बीकानेर निदेशालय पर संभाग स्तर का धरना एवं प्रदर्शन किया जाएगा। इसके बाद 10 जून जयपुर संभाग में विशाल धरना प्रदर्शन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

समर्पण संस्था; समावेशी शिक्षा के लिए शैक्षिक चैरिटी जरूरी, ‘एज्यूकेशनल एम्बेसेडर’ अभियान शुरू

जयपुर | समर्पण संस्था की ओर से दुर्गापुरा स्थित राज्य कृषि प्रबन्धन संस्थान में ‘शैक्षिक चैरिटी: समानता और समावेशी शिक्षा की दिशा में एक कदम’ विषय पर व्याख्यान आयोजित किया गया। मुख्य वक्ता संस्थापक अध्यक्ष आर्किटेक्ट डॉ. दौलत राम माल्या ने पीपीटी के जरिए बताया कि शिक्षा दान सर्वश्रेष्ठ है और संस्था द्वारा निर्धन विद्यार्थियों के लिए “एज्यूकेशनल एम्बेसेडर” अभियान चलाया जा रहा है, जिसके आवेदन 25 मई तक खुले हैं। कार्यक्रम की अध्यक्षता सेवानिवृत्त आईपीएस जी.सी. रॉय ने की। इस अवसर पर सेवानिवृत्त आईएएस ए.आर. खान, वेद प्रकाश वर्मा, डॉ. अतुल गुप्ता, डॉ. प्रकाश चन्द टेलर, और राजीव कुमार जैन सहित कई गणमान्य अतिथि उपस्थित रहे। एंकर शिवाली गुप्ता ने मंच संचालन किया। संस्था ने संपन्न वर्ग से समाज को वापस लौटाने (पे बैक टू सोसायटी) की भावना के साथ बच्चों की शिक्षा की जिम्मेदारी लेने की अपील की।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

हिंदू युवा संघ का शिक्षा सम्मान समारोह आयोजित

रांची| हिंदू युवा संघ ने इरगू टोली में शिक्षा सम्मान समारोह आयोजित किया । कार्यक्रम का उद्देश्य बच्चों में शिक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाना, संस्कारों का संवर्धन करना तथा प्रतिभाशाली विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करना था। समारोह की शुरुआत सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के साथ हुई। कार्यक्रम के तहत 150 बच्चों के बीच नोटबुक सेट एवं श्रीमद्भगवद्गीता का वितरण किया गया। इस अवसर पर अर्जुन राम, रूपम झा, आरती सिंह, अजय कुमार, शुचिता, महिमा मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

कैंब्रियन में एयर शो, कौशल शिक्षा पर जोर

रांची | कांके रोड स्थित कैंब्रियन पब्लिक स्कूल में एयर शो का आयोजन कर विद्यार्थियों को ड्रोन और विमानन की बुनियादी समझ से जोड़ा गया। विद्यालय की निदेशक सह प्राचार्या परमजीत कौर ने कहा कि कौशल विकास और व्यवहारिक ज्ञान वर्तमान राष्ट्रीय शिक्षा नीति का आधार है तथा स्कूलों की जिम्मेदारी है कि शुरुआत से ही बच्चों में व्यावहारिक शिक्षा की मजबूत नींव रखी जाए। ओरिएंटेशन सत्र में ड्रोन और विमानों की उड़ान, परिचालन व निर्माण से जुड़ी जानकारी दी गई, ताकि छात्र तकनीक को रुचि के साथ समझ सकें। विद्यालय प्रबंधन प्रमुख पंचम सिंह और मुख्य अतिथि आनंदमयी सिंह की उपस्थिति रही।

दैनिक भास्कर 11 May 2026 5:30 am

घर-घर वेद अभियान बैठक में वैदिक शिक्षा पर जोर:गुरुकुल व्यवस्था के पुनर्जागरण का शंखनाद, भारतीय ज्ञान परंपरा बचाने की अपील

सोनभद्र में घर-घर वेद अभियान को लेकर एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में आधुनिक शिक्षा के व्यवसायीकरण और भारतीय ज्ञान परंपरा से बढ़ती दूरी के बीच वैदिक शिक्षा तथा गुरुकुल व्यवस्था के पुनर्जागरण का आह्वान किया गया। वक्ताओं ने भारतीय संस्कृति, संस्कृत भाषा और सनातन ज्ञान परंपरा को बचाने के लिए वेदों को हर घर तक पहुंचाने तथा निःशुल्क गुरुकुल शिक्षा को मजबूत करने पर बल दिया। बैठक में वैदिक चेतना के व्यापक प्रसार और नई पीढ़ी को अपनी जड़ों से जोड़ने के लिए ठोस रणनीति पर विचार-विमर्श किया गया। संपूर्णानंद विश्वविद्यालय के सहायक प्रोफ़ेसर डॉ० ज्ञानेंद्र ने कहा कि भारत की प्राचीन ज्ञान परंपरा विश्व की सबसे समृद्ध धरोहरों में से एक है। गुरुकुल संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का आधार डॉ. ज्ञानेंद्र ने बताया कि वेद, उपनिषद, पुराण और अन्य शास्त्रों में जीवन के हर क्षेत्र से जुड़ा गहन ज्ञान मौजूद है। इसे केवल पुस्तकों तक सीमित रखने के बजाय समाज के प्रत्येक व्यक्ति तक पहुंचाना आवश्यक है। इसी उद्देश्य से 'सामाजिक विकास कार्यक्रम' के माध्यम से जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि गुरुकुल केवल शिक्षा का केंद्र नहीं, बल्कि संस्कार, अनुशासन और नैतिक मूल्यों का आधार होते हैं। गुरुकुल खोलने का मुख्य उद्देश्य आर्थिक लाभ अर्जित करना नहीं, बल्कि समाज को शिक्षित, संस्कारित और सांस्कृतिक रूप से जागरूक बनाना है। इस दौरान भारतीय परंपरा के अनुरूप निःशुल्क शिक्षा व्यवस्था लागू करने पर भी बल दिया गया। संस्कृत भारतीय संस्कृति और ज्ञान-विज्ञान की मूल आधारशिला संस्कृत भाषा की महत्ता पर प्रकाश डालते हुए डॉ. ज्ञानेंद्र ने कहा कि संस्कृत केवल भाषा नहीं, बल्कि भारतीय संस्कृति और ज्ञान-विज्ञान की मूल आधारशिला है। उन्होंने बताया कि संस्कृत में मौजूद ज्ञान को आज पूरा विश्व स्वीकार कर रहा है। जर्मनी और अमेरिका सहित कई देशों के विश्वविद्यालयों में संस्कृत तथा भारतीय ज्ञान परंपरा का अध्ययन कराया जा रहा है, और विदेशी विद्वान भारतीय शास्त्रों पर शोध कर रहे हैं। डॉ. ज्ञानेंद्र ने आगे बताया कि केंद्र सरकार द्वारा भारतीय ज्ञान परंपरा और संस्कृत शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए गए हैं। देश में केंद्रीय संस्कृत विश्वविद्यालयों का संचालन किया जा रहा है, तथा वैदिक शिक्षा और संस्कृत अध्ययन से जुड़े संस्थानों को सहायता प्रदान की जा रही है।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 8:57 pm

शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार बड़ौद पहुंचे:आगर मालवा में जनसंघ के पुराने साथियों से की मुलाकात

आगर-मालवा। प्रदेश के शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार रविवार को आगर जिले के बड़ौद पहुंचे। गांधी चौक पर जनसंघ के पुराने साथियों और भाजपा कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान शिक्षा मंत्री अपने पुराने मित्र गोपाल परमार के निवास पर गए। उन्होंने गोपाल परमार के स्वास्थ्य की जानकारी ली और उनके परिजनों से बात की। परमार ने मित्र के शीघ्र स्वस्थ होने की कामना की। शिक्षा मंत्री ने कहा कि पुराने संबंध हमेशा आत्मीयता और विश्वास से जुड़े रहते हैं। इस अवसर पर जनसंघ के वरिष्ठ साथियों ने उनसे क्षेत्र की सामाजिक और शैक्षणिक गतिविधियों पर चर्चा की। इस मुलाकात में पुराने राजनीतिक और सामाजिक जीवन की यादें भी ताजा हुईं। अपने प्रवास के दौरान शिक्षा मंत्री भाजपा के वरिष्ठ नेता स्वर्गीय रखबचंद जैन आडवाणी के निवास पर भी गए। वहां उनका स्वागत किया गया। इसके बाद वे अपने अगले निर्धारित कार्यक्रमों के लिए रवाना हो गए।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 7:43 pm

बदहाल शिक्षा व्यवस्था के विरोध में क्रमिक आंदोलन का शंखनाद

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ,राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) नवाचार के नाम पर शिक्षक और शिक्षार्थियों के भविष्य से खिलवाड़ जयपुर। अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान (विद्यालय शिक्षा) ने निरंतर संवाद के बाद भी आवश्यक निर्णय और शैक्षिक एवं विभागीय कार्य समय पर नहीं होने से सरकार और अधिकारियों के विरुद्ध आंदोलन का शंखनाद कर दिया। […] The post बदहाल शिक्षा व्यवस्था के विरोध में क्रमिक आंदोलन का शंखनाद appeared first on Sabguru News .

सबगुरु 10 May 2026 7:43 pm

बोर्ड रिजल्ट में गिरावट पर शिक्षा विभाग का बड़ा एक्शन:बालोद जिले के 8 प्राचार्य निलंबित, 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकी गई

बालोद जिले में 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में आई भारी गिरावट को लेकर शिक्षा विभाग ने सख्त कार्रवाई की है। हाईस्कूल एवं हायर सेकेंडरी बोर्ड परीक्षा सत्र 2024-25 और 2025-26 की तुलनात्मक समीक्षा के बाद जिला शिक्षा विभाग ने कमजोर प्रदर्शन करने वाले स्कूल के 8 प्राचार्यों को निलंबित कर दिया है, जबकि 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोक दी गई है। जिला शिक्षा विभाग की समीक्षा रिपोर्ट में कई स्कूलों के परीक्षा परिणामों में गंभीर गिरावट सामने आई। विभागीय जांच में पाया गया कि कुछ विद्यालयों में लगातार शैक्षणिक गुणवत्ता कमजोर बनी हुई है। इसी आधार पर यह कार्रवाई की गई है। विभाग ने संकेत दिए हैं कि भविष्य में भी लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों और शिक्षकों के खिलाफ कठोर कदम उठाए जाएंगे। शिक्षा गुणवत्ता से समझौता नहीं- डीईओ जिला शिक्षा अधिकारी मधुलिका तिवारी ने सभी विद्यालयों के प्राचार्यों को शिक्षा गुणवत्ता सुधारने, नियमित कक्षाएं संचालित करने तथा कमजोर विद्यार्थियों के लिए विशेष मार्गदर्शन की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि बोर्ड परीक्षा परिणामों की लगातार समीक्षा की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर आगे भी कार्रवाई जारी रहेगी। इन 8 प्राचार्यों को किया गया निलंबित शिक्षा विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार डौंडीलोहारा ब्लॉक के पीएमश्री सेजेस डौंडीलोहारा के प्राचार्य दिलीप देवहरे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय खरथुली के प्राचार्य घनाराम देशमुख, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय नाहंदा की प्राचार्य सरोज साहू, गुरूर ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल सोहपुर के प्राचार्य बालसिंह मंडावी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय भिरई के प्राचार्य पुरुषोत्तम कुमार साहू, गुंडरदेही ब्लॉक के शासकीय हाईस्कूल मोंगरी के प्राचार्य लूमन सिंह साहू, शासकीय हाईस्कूल देवरी/द की प्राचार्य निशा मून तथा डौंडी ब्लॉक के पीएमश्री सेजेस डौंडी के प्राचार्य को निलंबित किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार कई विद्यालयों में कक्षा 10वीं के परीक्षा परिणामों में 30 से 47 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। वहीं 12वीं बोर्ड के परिणाम भी पिछले वर्ष की तुलना में काफी कमजोर पाए गए। 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकी गई कमजोर परीक्षा परिणाम और अपेक्षित सुधार नहीं मिलने पर विभाग ने 14 प्राचार्यों की वेतन वृद्धि रोकने की कार्रवाई भी की है। इनमें बालोद ब्लॉक के शासकीय सेजेस लाटाबोड़ के प्राचार्य फत्तेराम कोसरिया, शासकीय हायर सेकेंडरी भें. नवागांव के प्राचार्य परदेशी राम सिन्हा, डौंडीलोहारा ब्लॉक के सेजेस अछोली के प्राचार्य रामजीलाल तारम, डौंडी ब्लॉक के शाउमावि भैसबोड़ के प्राचार्य रामसेवक रायपुरिया, शाउमावि गुजरा की प्राचार्य लीना थॉमस, सेजेस नयाबाजार के प्राचार्य महेश कुमार गोरे शासकीय हाईस्कूल मंगलतराई के प्राचार्य गुलशन कुमार बेसेकर, गुरूर ब्लॉक के सेजेस बोहारा के प्राचार्य नरेंद्र कुमार भारद्वाज, शासकीय हाईस्कूल बागतराई के प्राचार्य हलाल खोर रात्रे, शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय बालक गुरूर के प्राचार्य तपेश गौतम, गुंडरदेही ब्लॉक के शाउमा शाला डोंगीतराई की प्राचार्य श्रीदेवी प्रमोद, शाउमा शाला डुंडेरा के प्राचार्य शिवकुमार साहू, शाउमा शाला चन्दनबिरही की प्राचार्य आर. श्रीलता तथा शाउमा शाला मोहंदीपाट की प्राचार्य बिमला एक्का शामिल हैं। रिपोर्ट में बताया गया है कि कुछ विद्यालयों में कक्षा 10वीं के परिणामों में 10 से 36 प्रतिशत तथा 12वीं में 7 से 37 प्रतिशत तक गिरावट दर्ज की गई है। बालोद जिले की रैंकिंग भी गिरी इस वर्ष कक्षा 10वीं में बालोद जिला प्रदेश में 29वें और 12वीं में 30वें स्थान पर रहा। जिला शिक्षा विभाग के अनुसार सत्र 2025-26 में 10वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 10,551 विद्यार्थियों में से 10,426 परीक्षार्थी परीक्षा में शामिल हुए। इनमें 6,867 विद्यार्थी उत्तीर्ण और 2,520 विद्यार्थी अनुत्तीर्ण रहे। जिले का कुल परीक्षा परिणाम 65.94 प्रतिशत दर्ज किया गया। वहीं 12वीं बोर्ड परीक्षा में कुल 8,745 परीक्षार्थी शामिल हुए, जिनमें 6,800 विद्यार्थी उत्तीर्ण और 819 अनुत्तीर्ण रहे। जिले का कुल परिणाम 77.79 प्रतिशत रहा।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 5:59 pm

मंत्री एके शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से की सहभागिता:मऊ में मेधावी छात्रों को सम्मानित कर बेटियों की शिक्षा पर दिया जोर

मऊ के सुभागी देवी इंटर कॉलेज में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के नगर विकास एवं ऊर्जा मंत्री एके शर्मा ने वर्चुअल माध्यम से सहभागिता की। उन्होंने मेधावी विद्यार्थियों के उज्ज्वल भविष्य की कामना करते हुए विद्यालय प्रबंधन, शिक्षकों, अभिभावकों और छात्र-छात्राओं को शुभकामनाएं दीं। हाई स्कूल परीक्षा-2026 में प्रतीक्षा पांडेय ने 97.17 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रदेश में चौथा स्थान हासिल किया। गरिमा मौर्य ने 96.17 प्रतिशत अंकों के साथ प्रदेश में दसवां स्थान प्राप्त किया। वहीं, पूजा साहनी ने 95.66 प्रतिशत अंक हासिल कर जिले में छठवां स्थान प्राप्त किया। इंटरमीडिएट परीक्षा-2026 में अंशिका यादव ने जिले में तीसरा स्थान प्राप्त किया। दीपिका पटेल ने जिले में आठवां तथा महिमा विश्वकर्मा ने दसवां स्थान हासिल कर विद्यालय और जनपद का नाम रोशन किया। मंत्री एके शर्मा ने सभी प्रतिभाशाली छात्र-छात्राओं को बधाई देते हुए कहा कि शिक्षा व्यक्ति, समाज और राष्ट्र के विकास का सबसे मजबूत माध्यम है। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी संकल्प के साथ पढ़ाई करें और अभिभावक उनका पूरा सहयोग करें, तो वे जीवन में किसी भी ऊंचाई को प्राप्त कर सकते हैं। उन्होंने अभिभावकों से बेटियों को भी बेटों के समान शिक्षा के अवसर देने और उन्हें आगे बढ़ाने में सहयोग करने की अपील की। मंत्री ने कहा कि बेटियां आज हर क्षेत्र में सफलता का परचम लहरा रही हैं और परिवार व समाज का नाम रोशन कर रही हैं। मंत्री ने कहा कि आज का युग शिक्षा, विज्ञान और तकनीक का युग है। अच्छी शिक्षा प्राप्त कर बच्चे डॉक्टर, वैज्ञानिक, इंजीनियर, पायलट और अन्य क्षेत्रों में देश का नेतृत्व कर सकते हैं। उन्होंने कहा कि विकसित भारत का सपना शिक्षित भारत से ही साकार होगा और अभिभावकों से बच्चों की शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने का आह्वान किया।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 5:15 pm

खगड़िया में शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित:110 नवाचारी शिक्षक हुए सम्मानित, सांस्कृतिक कार्यक्रमों ने बांधा समां, शिक्षा में नवाचार बढ़ाने पर दिया गया जोर

खगड़िया में टीबीटी द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स के तत्वावधान में डायट रामगंज संसारपुर परिसर में एक शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य जिले के नवाचारी एवं उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षकों को सम्मानित कर शिक्षा के क्षेत्र में सकारात्मक ऊर्जा और प्रेरणा का संचार करना था। इस आयोजन को सफल बनाने में टीबीटी के प्रमंडलीय उपाध्यक्ष रजनी कुमारी, जिला अध्यक्ष राजेश कुमार, जिला सचिव राकेश कुमार, जिला मीडिया प्रभारी दिनेश कुमार सिंह सहित अमृता प्रीतम, मुकेश आचार्य, रेखा कुमारी, सोनी कुमारी, अमित कुमार, इंदु शर्मा, अनिल कुमार, ललिता कुमारी, रूपम, मधु विद्यार्थी और अनुभूति वर्मा जैसे सक्रिय सदस्यों का महत्वपूर्ण योगदान रहा। विशेष रूप से रजनी कुमारी, राजेश कुमार और दिनेश कुमार सिंह के प्रयासों की सराहना की गई। पदाधिकारी का स्वागत अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर कियाकार्यक्रम का उद्घाटन जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड ने दीप प्रज्वलित कर किया। इस अवसर पर डायट खगड़िया के प्राचार्य मनोज यादव और अन्य व्याख्याता भी उपस्थित रहे। जिले के प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार कन्हैया और सौरभ कुमार विनायक बिन्नी सहित अन्य शिक्षकों ने जिला शिक्षा पदाधिकारी का स्वागत अंगवस्त्र और माल्यार्पण कर किया। समारोह के दौरान लोकगीत, अभियान गीत, स्वागत गीत और लोकनृत्य सहित विभिन्न सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए गए। इन प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में उपस्थित सभी लोगों को मंत्रमुग्ध कर दिया। अपने संबोधन में जिला शिक्षा पदाधिकारी अमरेंद्र कुमार गोंड ने कहा कि शिक्षक समाज और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला होते हैं। प्रेरणादायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदमउन्होंने नवाचारी शिक्षकों को सम्मानित करने की इस पहल को शिक्षा व्यवस्था को सशक्त और प्रेरणादायी बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। उन्होंने शिक्षकों से बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर नवाचार करते रहने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिले के कुल 110 नवाचारी शिक्षकों को प्रशस्ति पत्र और मोमेंटो देकर सम्मानित किया गया। सम्मानित प्रमुख शिक्षकों में विजय कुमार निराला, मोहम्मद रियाजुद्दीन अमीन असगर, अनुभूति कुमारी, अविनाश कुमार, मधु विद्यार्थी, राकेश कुमार, अमृता प्रीतम, पूजा कुमारी, मोनी कुमारी, रोली, दीपशिखा, नव्या भारती, चंद्रमौली, नम्रता सिंह, कृष्ण कुमार, चंद्रमौली रंजन सहित अनेक शिक्षकों के नाम शामिल रहे। कार्यक्रम के सफल संचालन एवं आयोजन में टीबीटी द बिहार टीचर्स हिस्ट्री मेकर्स के सभी सक्रिय सदस्यों के साथ प्रधान शिक्षक अविनाश कुमार कन्हैया की भूमिका अत्यंत सराहनीय रही। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों, शिक्षकों एवं प्रतिभागियों के प्रति आभार व्यक्त करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में ऐसे प्रेरणादायी आयोजनों को आगे भी निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया गया।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 4:56 pm

खैरथल में दलित उत्थान समिति की बैठक:अधिकारों, शिक्षा और संगठन विस्तार पर हुई चर्चा

खैरथल में दलित उत्थान और संघर्ष सेवा समिति की एक महत्वपूर्ण बैठक रविवार को अनाज मंडी परिसर में हुई। इस बैठक में समाज के कमजोर, पिछड़े और जरूरतमंद वर्गों के उत्थान तथा अधिकारों को लेकर विस्तृत चर्चा हुई। समिति के पदाधिकारियों और सदस्यों ने सामाजिक एकजुटता, शिक्षा को बढ़ावा देने, संगठन विस्तार और गरीब व दिव्यांग लोगों के अधिकारों के लिए संघर्ष की आगामी रणनीति तय की। बैठक में वक्ताओं ने शिक्षा को बढ़ावा देने को समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया। उन्होंने कहा कि जब तक दलित, पिछड़े और आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग शिक्षित नहीं होंगे, तब तक उनका समुचित विकास संभव नहीं है। समिति ने ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा जागरूकता अभियान चलाने, जरूरतमंद छात्रों को सहयोग प्रदान करने और सामाजिक कुरीतियों के खिलाफ जन जागरण करने का निर्णय लिया। इसके अलावा, संगठन को गांव-गांव तक मजबूत बनाने और अधिक से अधिक युवाओं को इससे जोड़ने पर भी जोर दिया गया। वक्ताओं ने समाज के अधिकारों की रक्षा के लिए संगठित होने की आवश्यकता पर बल दिया। समिति ने भविष्य में सामाजिक न्याय सुनिश्चित करने, सरकारी योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पहुंचाने और उत्पीड़न के मामलों में कानूनी सहायता उपलब्ध कराने में सक्रिय भूमिका निभाने का संकल्प लिया। बैठक में समिति अध्यक्ष श्यामलाल जाजोरिया, कोर टीम सदस्य रोहिताश कुमार जाटव, खैरथल-तिजारा जिला अध्यक्ष शिवली राम, समिति संचालक नेता संतराम, दर्शन सिंह, नंदराम, यादराम, सारवान, किशन लाल, लालाराम, प्रकाश, अतर सिंह, फूल सिंह, रिंकू, रजनीश, राधेश्याम और रमेश सहित कई सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का समापन समाज हित में एकजुट होकर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 3:44 pm

महेंद्रगढ़ के सतनाली कॉलेज में MA की कक्षाएं शुरू:स्टूडेंट्स को नहीं जाना पड़ेगा बाहर, ABVP ने शिक्षा मंत्री से की थी मांग

महेंद्रगढ़ जिले के सतनाली में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) द्वारा विद्यार्थियों के हित में उठाई गई मांग पूरी हो गई है। राजकीय महाविद्यालय सतनाली में एमए हिंदी और एमए पॉलिटिकल साइंस की कक्षाएं शुरू हो गई हैं। इस बाबत एबीवीपी ने शिक्षा मंत्री के नाम प्राचार्य को ज्ञापन सौंपा था। अब सरकार द्वारा दोनों विषयों को मंजूरी दे दी है। इस निर्णय के बाद एबीवीपी कार्यकर्ताओं और विद्यार्थियों में खुशी का माहौल है। परिषद की ओर से महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर लांबा का विशेष आभार व्यक्त किया गया। साथ ही डॉ. जरनेल सिंह, डॉ. बिरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. कमला और डॉ. आशीष सहित कॉलेज स्टाफ का भी सहयोग के लिए धन्यवाद किया गया। अब दूर नहीं जाना पड़ेगा महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ. सुधीर लांबा ने कहा कि अब विद्यार्थियों को उच्च शिक्षा के लिए दूर नहीं जाना पड़ेगा, जिससे क्षेत्र के छात्रों को बड़ा लाभ मिलेगा। एबीवीपी नगर अध्यक्ष डॉ. विपिन कुमार ने कहा कि आसपास के विद्यार्थियों को अब हायर एजुकेशन का सुनहरा अवसर मिलेगा। शिक्षामंत्री का आभार जताया वहीं, विद्यार्थी परिषद के नगर मंत्री सचिन कुमार ने कहा कि विद्यार्थी परिषद हमेशा छात्रों के हितों के लिए कार्य करती रही है और आगे भी उनकी समस्याओं को प्रमुखता से उठाती रहेगी। एबीवीपी ने हरियाणा के शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा का आभार जताते हुए कहा कि उनके सहयोग से यह मांग पूरी हो सकी। स्टाफ सदस्य मौजूद रहे साथ ही महेंद्रगढ़ विधायक कंवर सिंह यादव के मार्गदर्शन और समर्थन के लिए भी धन्यवाद व्यक्त किया गया। कार्यक्रम के दौरान कॉलेज के डॉ. जरनेल सिंह, डॉ. बिरेंद्र सिंह शेखावत, डॉ. कमला, डॉ. आशीष सहित अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 12:46 pm

हरियाणा सरकार ने ग्रामीण और शहरी कॉलेजों का ब्यौरा मांगा:उच्च शिक्षा विभाग ने डीएचईओ को भेजा पत्र, प्रोफेसर की ट्रांसफर से पहली कवायद

हरियाणा उच्च शिक्षा विभाग ने प्रदेश के सरकारी कॉलेजों की ग्रामीण और शहरी स्थिति स्पष्ट करने के लिए सभी जिला उच्च शिक्षा अधिकारियों (DHEO) से रिपोर्ट तलब की है। विभाग ने दो दिन के भीतर जिलेवार सूची भेजने के निर्देश दिए हैं। डायरेक्टर जनरल हायर एजुकेशन, हरियाणा की ओर से जारी पत्र में कहा गया है कि सभी सरकारी कॉलेजों का यह विवरण दिया जाए कि वे ग्राम पंचायत, नगर पालिका, उपमंडल मुख्यालय या जिला मुख्यालय के अधिकार क्षेत्र में आते हैं या नहीं। साथ ही यह भी बताने को कहा गया है कि संबंधित कॉलेज किस तारीख से ग्रामीण या शहरी क्षेत्र की श्रेणी में माना गया है। विभाग ने इसके लिए एक निर्धारित प्रारूप भी भेजा है, जिसमें कॉलेज का नाम, ग्राम पंचायत क्षेत्र में होने की स्थिति, नगर पालिका क्षेत्र में शामिल होने की तारीख, सब-डिवीजन या जिला मुख्यालय के दायरे में आने की जानकारी और संबंधित नियमों के अनुसार ग्रामीण/शहरी दर्जे का उल्लेख करना होगा। 2013 के संशोधित नियमों का हवाला पत्र के साथ हरियाणा एजुकेशन (कॉलेज कैडर) ग्रुप-बी सर्विस (संशोधन) नियम-2013 की प्रति भी संलग्न की गई है। इन नियमों के अनुसार, शिक्षकों के लिए ग्रामीण क्षेत्र या छोटे शहरों में सेवा देना अनिवार्य किया गया था। नियमों में स्पष्ट किया गया है कि “ग्रामीण क्षेत्र” में वह उपमंडल मुख्यालय भी शामिल होगा, जहां ग्राम पंचायत मौजूद हो। वहीं “छोटा शहर” ऐसी नगर पालिका को माना गया है, जो जिला मुख्यालय या उपमंडल मुख्यालय नहीं है। शिक्षकों की ग्रामीण सेवा से जुड़ा मामला संशोधित नियमों के तहत 2002 के बाद नियुक्त कॉलेज शिक्षकों को न्यूनतम पांच वर्ष ग्रामीण या छोटे शहर में सेवा देनी होगी। इनमें से कम से कम तीन वर्ष वरिष्ठ स्केल से पहले और दो वर्ष चयन ग्रेड से पहले पूरे करना अनिवार्य है। उच्च शिक्षा विभाग के इस कदम को कॉलेजों की वास्तविक ग्रामीण-शहरी स्थिति स्पष्ट करने और सेवा नियमों को लागू करने की दिशा में अहम माना जा रहा है।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 6:30 am

शिक्षा में एआई की भूमिका पर शिक्षकों ने सीखी नई तकनीकें

अम्बाला | राजकीय स्नातकोत्तर महाविद्यालय कैंट में एक्सपीरिएंशियल पैडागॉजी एंड एआई इन क्लासरूम टीचिंग विषय पर 3 दिवसीय फैकल्टी डेवलपमेंट प्रोग्राम का आयोजन हुआ। शिक्षकों ने आधुनिक शिक्षण तकनीकों को समझा। कार्यक्रम का उद्घाटन प्राचार्य देश राज बाजवा ने किया। उन्होंने एनईपी 2020 के अनुरूप नवाचारी, छात्र-केंद्रित शिक्षण पद्धतियां अपनाने पर जोर दिया। डॉ. शब्दा बेदी, डॉ. दीपा शर्मा, सजल मिश्रा, पंकज कोहली ने अनुभवात्मक अधिगम, शिक्षा में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस की भूमिका पर विचार रखे। सजल मिश्रा ने एआई इन क्लासरूम टीचिंग पर विशेष सत्र लिया। सत्र में चैट जीपीटी, जैमिनी, क्लाउड जैसे एआई टूल्स के शैक्षणिक उपयोग पर चर्चा हुई। समापन प्रमाण-पत्र वितरण के साथ हुआ।

दैनिक भास्कर 10 May 2026 5:30 am

नीति आयोग की रिपोर्ट में मप्र के शिक्षा-व्यवस्था के हाल...:9वीं तक आते-आते 36% बच्चे ही गणित के सवाल हल कर पाते हैं

श्रीमती सावित्री देवी के पुत्र दीपक ढौंडियाल की रिपोर्ट नीति आयोग की रिपोर्ट ‘स्कूल एजुकेशन सिस्टम इन इंडिया’ में मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा की दो तस्वीरें सामने आई हैं। मप्र ने पिछले एक दशक में प्राथमिक स्तर पर ड्रॉपआउट दर 10.14% से घटाकर शून्य कर दी है। हालांकि, सबसे बड़ी समस्या बच्चों को 12वीं तक स्कूल में बनाए रखने की है। इसके तीन संकेत दिखते हैं। पहला- 9वीं-10वीं में ड्रॉपआउट दर 16.8% है। यानी हर 100 में 17 बच्चे 10वीं से पहले पढ़ाई छोड़ रहे हैं। सबसे खराब राज्यों में 8वें स्थान पर।दूसरा- 10वीं के बाद 31% बच्चे 11वीं तक नहीं पहुंच पा रहे। राज्य की ट्रांजिशन दर 68.9% है, जबकि राष्ट्रीय औसत 75.1% है। सबसे खराब राज्यें में 9वें पर।तीसरा- मप्र का जीईआर सिर्फ 45% है। यानी 11वीं-12वीं की सही उम्र वाले हर 100 बच्चों में से सिर्फ 45 बच्चे ही स्कूल में नामांकित हैं। मप्र में प्राइमरी ड्रॉपआउट जीरो, पर 12वीं तक 55% बच्चे बाहर हो रहे शिक्षकों के 52 हजार पद खाली, 7 हजार स्कूल एक ‘गुरु’ के भरोसे मप्र की शिक्षा व्यवस्था में शिक्षकों की भारी कमी सामने आई है। प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कुल 52,019 पद खाली हैं। इनमें 47,122 पद सिर्फ प्रारंभिक स्तर के हैं। यानी कुल रिक्तियों का करीब 90% हिस्सा प्राइमरी स्कूलों में है। शिक्षक रिक्तियों के मामले में बिहार (2.77 लाख), झारखंड (99,565) व पश्चिम बंगाल (77,798) के बाद मप्र चौथे स्थान पर है। प्रदेश में 7,217 स्कूल ऐसे हैं जहां पूरा स्कूल सिर्फ एक शिक्षक चला रहा है। इन स्कूलों में 2.29 लाख से ज्यादा बच्चे पढ़ रहे हैं। दूसरी तरफ 463 ऐसे स्कूल मिले जहां एक भी छात्र नहीं है, लेकिन वहां 223 शिक्षक तैनात हैं। दूसरे राज्यों की तुलना में मप्र में शिक्षक संकट ज्यादा गहरा दिखता है। महाराष्ट्र में कुल 8,979 पद खाली हैं और उच्च माध्यमिक स्तर पर सिर्फ 65 पद रिक्त हैं। हरियाणा और कर्नाटक जैसे राज्यों में भी रिक्तियां मप्र से काफी कम हैं। वहीं राजस्थान में कुल रिक्तियां कम हैं, लेकिन उच्च माध्यमिक स्तर पर 14,949 पद खाली हैं, यानी वहां विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी ज्यादा है। अपने ही विषय के टेस्ट में 60 से 70% अंक नहीं ला सके शिक्षक नीति आयोग की रिपोर्ट में मध्य प्रदेश की स्कूली शिक्षा की दो बड़ी कमजोरियां सामने आई हैं। पहली, बड़ी कक्षाओं तक पहुंचते-पहुंचते बच्चों की सीखने की क्षमता घट रही है। दूसरी, शिक्षकों की गुणवत्ता पर सवाल उठ रहे हैं। परख-2024 के मुताबिक, तीसरी कक्षा के 66% बच्चे भाषा सही तरीके से समझ पा रहे हैं, जो राष्ट्रीय औसत 64% से बेहतर है। गणित में भी बच्चों ने 62% अंक हासिल किए। लेकिन 9वीं तक आते-आते स्थिति कमजोर हो जाती है। भाषा समझने वाले बच्चों का प्रतिशत घटकर 52% रह जाता है, जबकि गणित में सिर्फ 36% बच्चे ही दक्ष पाए गए। यानी 64% बच्चे बुनियादी सवाल हल करने में कमजोर हैं। डिजिटल सुविधाओं की कमी भी बड़ी वजह है। प्रदेश के सिर्फ 45.7% स्कूलों में इंटरनेट व 19.6% स्कूलों में स्मार्ट क्लास की सुविधा है। स्मार्ट क्लास का राष्ट्रीय औसत 30.6% है। रिपोर्ट में शिक्षकों की गुणवत्ता को लेकर भी चिंता जताई गई है। साथ-ई प्रोजेक्ट में मध्य प्रदेश, झारखंड व ओडिशा के कई शिक्षक अपने ही विषयों के टेस्ट में 60-70% अंक तक नहीं ला सके। इसकी वजह शिक्षक प्रशिक्षण संस्थानों में सुविधाओं की कमी, बीएड में प्रैक्टिकल ट्रेनिंग का अभाव और नियमित ट्रेनिंग न मिलना है। 14% हिस्सा अपनी ड्यूटी का चुनाव, सर्वे, रिकॉर्ड और मिड-डे मील जैसे गैर-शैक्षणिक कामों में खर्च करते हैं शिक्षक

दैनिक भास्कर 10 May 2026 5:30 am

किसान पुत्र अमन का IFS में 27वीं रैंक:कटिहार के मानसरोवर क्षेत्र में दे रहे सेवा,प्रारंभिक शिक्षा झारखंड से हुई

कटिहार के मनिहारी प्रखंड अंतर्गत ग्राम मुजवर टाल निवासी अमन आयुष्कर ने संघ लोक सेवा आयोग की भारतीय वन सेवा परीक्षा 2025 में देशभर में 27वीं रैंक प्राप्त कर क्षेत्र का नाम रोशन किया है। यह परिणाम 8 मई को जारी किया गया, जिसके बाद परिवार, रिश्तेदारों और मित्रों में खुशी का माहौल है।अमन के पिता ओमप्रकाश तिवारी और माता सुधा तिवारी ने कठिन आर्थिक परिस्थितियों में अपने बच्चों की परवरिश की। दादा रघुनाथ तिवारी के संस्कारों और परिवार के सहयोग से अमन ने अपनी मेहनत के बल पर यह मुकाम हासिल किया।उनकी बहन कोमल कुमारी और छोटी बहन आस्था तिवारी भी शिक्षा के क्षेत्र में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर रही हैं। आस्था तिवारी वर्तमान में इंग्लैंड के कैंब्रिज विश्वविद्यालय से पॉलिटिकल साइंस में पीजी की पढ़ाई कर रही हैं।अमन की प्रारंभिक शिक्षा झारखंड के साहेबगंज स्थित सेंट जेवियर्स स्कूल से हुई। उच्च शिक्षा के लिए वे राजस्थान के कोटा गए।वर्ष 2016 में उन्होंने पश्चिम बंगाल से बीटेक की डिग्री प्राप्त की, जिसके बाद 2017 में गेट परीक्षा उत्तीर्ण की। वर्ष 2018 में भारतीय इंजीनियरिंग सेवा में चयनित होकर वे बॉर्डर रोड ऑर्गेनाइजेशन (BRO) में कैप्टन पद पर उत्तराखंड के पिथौरागढ़ में पदस्थापित हुए। पिथौरागढ़ में उत्कृष्ट कार्य के लिए उन्हें राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित किया गया था। इसके अतिरिक्त, वर्ष 2021 में उन्हें आर्मी मेडल भी प्रदान किया गया, जो लेफ्टिनेंट योगेन्द्र ढीबरी द्वारा दिया गया था। वर्तमान में अमन कैलाश मानसरोवर क्षेत्र में अपनी सेवाएँ दे रहे हैं। इससे पूर्व, वे बिहार भवन निर्माण विभाग में छपरा में भवन निर्माण पदाधिकारी के रूप में भी कार्य कर चुके हैं।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 9:24 pm

कटिहार में आकांक्षी जिला कार्यक्रम की समीक्षा बैठक:डीएम ने जिले की रैंकिंग में सुधार लाने और स्वास्थ्य-शिक्षा की स्थिति बेहतर करने के निर्देश दिए

कटिहार, 09 मई 2026 को समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में नीति आयोग के आकांक्षी जिला/प्रखंड कार्यक्रम की समीक्षा बैठक हुई। जिला पदाधिकारी कटिहार ने इसकी अध्यक्षता की। इस बैठक में जिले के विकास से जुड़े विभिन्न प्रमुख संकेतकों पर विस्तृत चर्चा की गई। बैठक के दौरान स्वास्थ्य एवं पोषण, शिक्षा, कृषि एवं जल संसाधन, वित्तीय समावेशन तथा बुनियादी ढांचे से संबंधित प्रमुख सूचकांकों में कटिहार जिले की रैंकिंग और उपलब्धियों का गहन मूल्यांकन किया गया। जिला पदाधिकारी ने संबंधित विभागों को जिले की रैंकिंग में सुधार के लिए सभी योजनाओं का प्रभावी क्रियान्वयन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। स्वास्थ्य एवं पोषण क्षेत्र की समीक्षा करते हुए जिला पदाधिकारी ने संस्थागत प्रसव की संख्या में वृद्धि लाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने बच्चों के शत-प्रतिशत टीकाकरण को सुनिश्चित करने तथा कुपोषण की दर में कमी लाने के लिए स्वास्थ्य विभाग एवं संबंधित अधिकारियों को आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को जिले के समग्र विकास के लिए महत्वपूर्ण बताया। शिक्षा क्षेत्र की समीक्षा के क्रम में जिला पदाधिकारी ने सरकारी विद्यालयों में छात्रों की उपस्थिति बढ़ाने और लर्निंग आउटकम में सुधार लाने हेतु ठोस प्रयास करने का निर्देश दिया। उन्होंने विद्यालयों में उपलब्ध स्मार्ट क्लास की सुविधा का नियमित और प्रभावी उपयोग सुनिश्चित करने पर भी बल दिया, ताकि छात्रों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान की जा सके। जिला पदाधिकारी ने सभी विभागों के पदाधिकारियों को निर्देशित किया कि नीति आयोग के पोर्टल पर जिले की उपलब्धियों से संबंधित डेटा समय पर अद्यतन किया जाए। साथ ही, विभिन्न विभागों से जुड़ी नई परियोजनाओं के लिए शीघ्र परियोजना प्रस्ताव तैयार कर प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया। इस बैठक में उप विकास आयुक्त कटिहार, नीति आयोग के नोडल पदाधिकारी-सह-जिला योजना पदाधिकारी सहित विभिन्न विभागों के संबंधित पदाधिकारी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 7:34 pm

जहानाबाद में शिक्षकों की मटन पार्टी का VIDEO:पढ़ाई छोड़ दावत करने का आरोप; शिक्षा विभाग पर उठे सवाल

जहानाबाद में एक विद्यालय के शिक्षकों द्वारा मटन पार्टी करने का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह घटना नेहालपुर प्लस टू विद्यालय की बताई जा रही है, जिसने शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं। बताया जा रहा है कि ग्रामीणों को शिक्षकों द्वारा विद्यालय परिसर में मटन पार्टी आयोजित करने की शिकायतें लगातार मिल रही थीं। इन्हीं शिकायतों के आधार पर कुछ ग्रामीण विद्यालय पहुंचे, जहां उन्होंने कई शिक्षकों को एक मेज पर बैठकर मटन पार्टी करते हुए देखा। इसी दौरान किसी व्यक्ति ने इसका वीडियो बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। छात्र और गुरु की परंपरा समाप्त होती दिख रहीइस मामले में जिला शिक्षा पदाधिकारी (DEO) से संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनसे बात नहीं हो सकी। विद्यालय जैसे पवित्र स्थान पर शिक्षकों द्वारा इस तरह की गतिविधि से शिक्षा विभाग की छवि धूमिल हो रही है। यह घटना उस समय सामने आई है जब शिक्षकों का मुख्य कार्य बच्चों को पढ़ाना है। इस तरह के आचरण से छात्र और गुरु की परंपरा समाप्त होती दिख रही है। विद्यालय में ऐसी शिकायतें लगातार मिल रही हैं, जहां शिक्षक पढ़ाने के बजाय अन्य गतिविधियों में लिप्त पाए जा रहे हैं, जिससे शिक्षा जगत शर्मसार हो रहा है। अब देखना होगा कि शिक्षा विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 4:50 pm

वीरपुर के विद्यालयों में पीटीएम मीटिंग:बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और विकास पर चर्चा हुई

बेगूसराय जिले के वीरपुर प्रखंड के विभिन्न सरकारी विद्यालयों में शनिवार को 'हमारा बच्चा, हमारी जिम्मेदारी' थीम पर अभिभावक-शिक्षक संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इस दौरान बच्चों की शिक्षा, स्वास्थ्य, पोषण, स्वच्छता और सर्वांगीण विकास पर विस्तार से चर्चा हुई। शिक्षकों ने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों को नियमित रूप से विद्यालय भेजें। साथ ही, घर पर भी पढ़ाई के लिए अनुकूल वातावरण तैयार करें ताकि बच्चों का बेहतर विकास हो सके। प्राथमिक विद्यालय नौला मुसहरी में आयोजित कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाध्यापिका कविता कुमारी ने की। इसमें मुखिया प्रतिनिधि प्रीतम कुमार, विद्यालय के शिक्षक, अभिभावक और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। यहां बच्चों की उपस्थिति बढ़ाने, स्वच्छता अपनाने और पोषणयुक्त भोजन देने पर विशेष जोर दिया गया। इसी क्रम में प्राथमिक विद्यालय वदिया में एचएम मुकुंद कुमार सिंह ने संगोष्ठी की अध्यक्षता की। मध्य विद्यालय खरमौली में प्रभारी प्रधानाध्यापक विरेंद्र कुमार की अध्यक्षता में कार्यक्रम संपन्न हुआ। इन संगोष्ठियों में बड़ी संख्या में अभिभावकों ने भाग लिया। उन्होंने बच्चों के बेहतर भविष्य के लिए विद्यालय के साथ मिलकर कार्य करने का भरोसा दिलाया।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 3:57 pm

MCB जिला शिक्षा में लगातार दूसरे साल सबसे नीचे:10वीं-12वीं बोर्ड में 33 जिलों में आखिरी स्थान पर, DEO बोले- आगे सुधार किया जाएगा

छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल रायपुर की तरफ से घोषित 2026 के हाईस्कूल और हायर सेकेंडरी परीक्षा परिणामों में मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर (एमसीबी) जिला लगातार दूसरे साल प्रदेश में सबसे अंतिम स्थान पर रहा। 10वीं बोर्ड परीक्षा में जिले का परिणाम केवल 59.12 प्रतिशत रहा, जबकि 12वीं बोर्ड परीक्षा में यह 62.40 प्रतिशत दर्ज किया गया। इस निराशाजनक प्रदर्शन से जिले की शिक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। जहां प्रदेश के कई जिलों ने 90 प्रतिशत से अधिक सफलता दर्ज की है, वहीं एमसीबी जिले का यह प्रदर्शन शिक्षा की गुणवत्ता, विद्यार्थियों की तैयारी और स्कूलों में शैक्षणिक व्यवस्था को लेकर चिंताजनक है। लगातार दूसरे वर्ष ऐसी स्थिति बने रहने से शिक्षा विभाग के दावों पर प्रश्नचिह्न लग गया है। कमजोर शैक्षणिक तैयारी खराब परिणामों का प्रमुख कारण जिले में सरकारी स्कूलों की खराब स्थिति, शिक्षकों की कमी, नियमित मॉनिटरिंग का अभाव, दूरस्थ क्षेत्रों में शिक्षा संसाधनों की कमी और विद्यार्थियों की कमजोर शैक्षणिक तैयारी को खराब परिणामों का प्रमुख कारण बताया जा रहा है। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में विषय विशेषज्ञ शिक्षकों की कमी लंबे समय से बनी हुई है, जिसका सीधा असर परीक्षा परिणामों पर दिख रहा है। इन परिणामों के बाद अभिभावकों और सामाजिक संगठनों ने शिक्षा विभाग की जवाबदेही तय करने की मांग की है। उनका कहना है कि लगातार खराब प्रदर्शन के बावजूद सुधार के ठोस प्रयास नहीं दिख रहे हैं और शिक्षा व्यवस्था में सुधार के दावे केवल कागजों तक सीमित हैं। आगे सुधार किया जाएगा- मिरे जिला शिक्षा अधिकारी आर.पी. मिरे ने परिणामों को गंभीर बताया है। उन्होंने कहा कि कमजोर प्रदर्शन वाले स्कूलों की समीक्षा की जाएगी और आगामी सत्र में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार की जाएगी। हालांकि, जिले के लगातार खराब प्रदर्शन ने शिक्षा विभाग की कार्यशैली पर बड़ा प्रश्नचिह्न खड़ा कर दिया है।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 3:40 pm

पानी मांगा तो आंखों से बहाने लगीं JEN मैडम:शिक्षा अधिकारी बोले- BJP मतलब भारतीय झालमुड़ी पार्टी; बाइक जब्त करने पर पुलिस को लहूलुहान किया

नमस्कार झुंझुनूं के नवलगढ़ में लोगों ने JEN मैडम को पानी की समस्या बताई तो वे आंखों से पानी बहाने लगीं। हनुमानगढ़ में किरोड़ी बाबा ने SBI की ब्रांच पर धावा बोल दिया। अलवर के गोविंदगढ़ में भीड़ ने पुलिस को ‘स्टंट’ दिखा दिया और राजसमंद के शिक्षा अधिकारी की बंगाल-फतेह से बांछें खिल गईं। राजनीति और ब्यूरोक्रेसी की ऐसी ही खरी-खरी बातें पढ़िए, आज के इस एपिसोड में.. 1. रोने से घड़े नहीं भरते रोने से घड़े नहीं भरते। इसलिए JEN मैडम को रोते देखकर भी महिलाओं का दिल नहीं पसीजा। झुंझुनूं के नवलगढ़ में लोग पानी की किल्लत से परेशान हैं। बोले- कई महीने से पानी की समस्या है। विरोध-प्रदर्शन चलने लगा। गुस्साए लोगों ने सरकारी विभाग तक जाने वाला पानी बंद कर दिया। जेईएन अंतरा मीणा मौके पर पहुंचीं तो महिलाओं ने घेर लिया। खूब खरी-खोटी सुनाई। मैडम को रोना आ गया। वे कार में बैठकर रोनी लगीं। वहां भी महिलाएं पहुंच गईं और कटाक्ष करती रहीं। फोन करके मैडम किसी से कहने लगीं कि मुझ पर हाथ उठाया। इससे महिलाओं का गुस्सा बढ़ गया। एक महिला बोली- मैडम को धूप लग रही थी। इसलिए एसी कार में जाकर बैठ गईं। हम कई दिन से धूप में तपकर प्रदर्शन कर रहे हैं। हम इंसान नहीं हैं क्या? मैडम का रोना व्यर्थ गया। न जी हल्का हुआ और न जल संकट का हल निकला। 2. SBI की शाखा पर कृषि मंत्रीजी का छापा बाबा अंतर्यामी हैं। पहुंचे हुए हैं। कहीं कोई गबन कर रहा हो, मिलावट कर रहा हो, लॉकर में दस्तावेज छुपाकर बैठा हो, बाबा को पता चल जाता है। पुलिस बाद में पहुंचती है। पहले बाबा पहुंच जाते हैं। बाबा राजनीति में आने से पहले डॉक्टर थे। लेकिन उनकी टाइमिंग को देखकर लगता है कि सीबीआई में रहे होंगे। इस दफे बाबा हनुमानगढ़ पहुंच गए। वहां पल्लू में SBI की शाखा है। यह वह पल्लू नहीं है, जिसमें महिलाएं पूंजी को गांठ बांधकर रख लेती हैं। इस पल्लू में पूरे 9 करोड़ दबाने की तैयारी थी। बाबा ने पता लगाया कि प्रधानमंत्री फसल बीमा क्लेम के लिए इसी ब्रांच में फर्जी खाते चल रहे थे। सब खाते किसानों के नाम पर थे, लेकिन किसान कोई नहीं था। किसान के नाम पर क्लेम उठाने, कर्जा लेने और सब्सिडी खाने की तैयारी थी। बैंक मैनेजर भोले बन गए। उनके पास न रिकॉर्ड, न दस्तावेज। स्कीम का ID पासवर्ड मांगा तो बोले कर्मचारियों ने मेरा आईडी-पासवर्ड चोरी करके गड़बड़ी की होगी। बाबा का पारा चढ़ा। बोले- इस तरह तो कोई पूरा बैंक साफ कर सकता है। बाबा ने कहा- पटवार रिपोर्ट में जब साफ है कि इन किसानों के नाम कोई जमीन ही नहीं है तो फिर बिना जमाबंदी फसल बीमा कैसे हो गया? इस पर मैनेजर साहब जमीन खुरचने लगे। 3. ‘स्टंटबाजों’ से पिट गई गोविंदगढ़ पुलिस पुलिस की महिमा भी अजब-गजब है। कभी यह खेत में दौड़ लगाकर तस्करों को दबोच लेती है। कभी थाने में घुसे वकील को चांटे मार देती है। पुलिस के साथ कभी खुशी-कभी गम वाला सीन बनता रहता है। अलवर के गोविंदगढ़ में तो अलग ही मामला हो गया। दिल्ली नंबर की बुलेट बाइक पर फड़फड़ाते युवक निकले। क्लच दबाकर रेस दी तो साइलेंसर में पटाखा फूटा। पुलिस का पारा चढ़ा। ऐसी बाइकों के खिलाफ अभियान चल ही रहा है। तो पुलिस ने बाइक जब्त कर ली। संबंधित समाज को 'पटाखे फोड़ना' कतई गैर-कानूनी नहीं लगा। 'इतनी सी बात पर पुलिस ने बाइक पकड़ ली।' बात फैल गई। थाने के बाहर भीड़ जुट गई। लोगों ने पथराव कर दिया। पुलिस की गाड़ी के शीशे फूट गए। थाना परिसर में ईंट-भाटों की बारिश हो गई। SHO साहब के मुंह पर आकर पत्थर पड़ा। टांके लगाने पड़े। स्टंटबाजों की भीड़ ने बिना बाइक भी 'स्टंट' दिखा दिया। इसके बाद पुलिस ने 4 लोगों को पकड़ कर अंदर कर दिया। उम्मीद है बाकी के स्टंट की भी हवा जल्द निकालेगी। 4. चलते-चलते… (नोट: कृपया झालगुड़ी को झालमुड़ी पढ़ा जाए।) यूं तो कार्यक्रम स्कूल की नई इमारत के लोकार्पण का था। लेकिन मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी यानी CDEO साहब किसी और बात से उत्साहित थे। वे बड़ी बेसब्री से मंच पर बुलाए जाने का इंतजार कर रहे थे। अति उत्साह में उनका रोम-रोम पुलकित हो रहा था। उनका इंतजार समाप्त हुआ। वे मंच पर थे। उन्होंने हर्ष और गौरव जैसे शब्दों से बात की शुरुआत की। बोले- बंगाल फतेह हम सबके लिए गौरव की बात है। हर्ष का विषय है। लोग चौंके। उन्हें लगा कि नई इमारत की खूबियां गिनाएंगे। लेकिन CDEO साहब का ध्यान बंगाल में बनी नई इबारत पर था। वे सीधे पार्टी पर आ गए। चहकते हुए कहा- आज भारतीय जनता पार्टी अति प्रसन्न है। यह चुटकुला चल रहा है कि भारतीय जनता पार्टी ने अपना नाम भी बदल दिया है। लोग फिर चौंके। CDEO साहब ने खुलासा समझाया- अब बीजेपी का मतलब हो गया है- भारतीय झालगुड़ी पार्टी। भीड़ में लोगों के फुसफुसाने की आवाज आई- झालगुड़ी नहीं झालमुड़ी। लेकिन यह करेक्शन मंच तक नहीं पहुंच सका। इसके बाद उन्होंने जीत के नायक का जिक्र किया। बोले- भारत को यशस्वी लीडर मिला है, जो डिसीजन मेकर है। जिसका नेतृत्व सशक्त है। उन्हीं के कारण हिंदुस्तान का डंका विश्व में बज रहा है। उन्होंने बंगाल में 10 रुपए की झालगुड़ी ली। झालगुड़ी कमाल कर गई। दीदी का राज साफ हो गया। पूर्व में भाजपा का परचम लहरा गया। इसके बाद उन्होंने संस्कृति, सनातन और विरासत जैसे भारी-भरकम शब्दों का इस्तेमाल करते हुए बात मुकम्मल की। स्कूल की नई इमारत भी सोचती रह गई कि...हमसे का भूल हुई.. इनपुट सहयोग- दिनेश श्रोत्रिय (राजसमंद), दीपक भारद्वाज (हनुमानगढ़), अमित कुमार शर्मा (गोविंदगढ़, अलवर), राजकुमार शर्मा (नवलगढ़, झुंझुनूं)। वीडियो देखने के लिए सबसे ऊपर फोटो पर क्लिक करें। अब कल सुबह 7 बजे मुलाकात होगी।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 7:00 am

दौरे को लेकर चिकित्सा शिक्षा विभाग की तैयारियां:एनएमसी कवर्धा समेत पांच मेडिकल कॉलेजों की व्यवस्थाएं जांचेगा, सब सही तो 250 सीटें बढ़ेंगी, टीचिंग के 97 पद स्वीकृत

प्रदेश में 5 नए शासकीय मेडिकल कॉलेज शुरू करने की तैयारी तेज हो गई है। नेशनल मेडिकल कमीशन (एनएमसी) की टीम इसी महीने मनेंद्रगढ़, जशपुर, कवर्धा, जांजगीर-चांपा और दंतेवाड़ा का निरीक्षण कर सकती है। निरीक्षण में सभी व्यवस्थाएं तय मानकों के अनुरूप मिलने पर इसी सत्र से इन कॉलेजों में पढ़ाई शुरू हो जाएगी। इससे प्रदेश में एमबीबीएस की 250 नई सीटें बढ़ेंगी। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने निरीक्षण को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्रेड-3 और ग्रेड-4 कर्मचारियों की संविदा भर्ती प्रक्रिया जारी है। प्रत्येक कॉलेज में टीचिंग स्टाफ के 97 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। शुरुआत में वरिष्ठ डॉक्टरों को पदोन्नत कर इन कॉलेजों में पदस्थ किया जाएगा, जबकि शेष पदों पर वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए संविदा नियुक्तियां होंगी। इसके लिए जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा। चिकित्सा शिक्षा विभाग ने निरीक्षण को देखते हुए प्रशासनिक तैयारियां तेज कर दी हैं। ग्रेड-3 और ग्रेड-4 कर्मचारियों की संविदा भर्ती प्रक्रिया जारी है। प्रत्येक कॉलेज में टीचिंग स्टाफ के 97 पद स्वीकृत किए गए हैं, जिनमें प्रोफेसर, एसोसिएट प्रोफेसर और असिस्टेंट प्रोफेसर शामिल हैं। शुरुआत में वरिष्ठ डॉक्टरों को पदोन्नत कर इन कॉलेजों में पदस्थ किया जाएगा, जबकि शेष पदों पर वॉक-इन इंटरव्यू के जरिए संविदा नियुक्तियां होंगी। इसके लिए जल्द विज्ञापन जारी किया जाएगा। मंजूरी के बाद मेडिकल कॉलेजों की सीटें बढ़कर 1680 प्रदेश में फिलहाल 10 शासकीय मेडिकल कॉलेज संचालित हैं, जिनमें कुल 1430 एमबीबीएस सीटें हैं। नए कॉलेज शुरू होने के बाद मेडिकल कॉलेजों की संख्या बढ़कर 15 हो जाएगी। प्रत्येक नए कॉलेज में 50-50 सीटें होंगी। इस तरह 250 सीटें बढ़ने के बाद प्रदेश में एमबीबीएस सीटों की कुल संख्या 1680 तक पहुंच जाएगी।

दैनिक भास्कर 9 May 2026 5:30 am

​डोटासरा बोले- शिक्षा मंत्री की संस्था में करोड़ों का घपला:हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान में करोड़ों के हेरफेर में दिलावर की मिलीभगत

कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की अध्यक्षता वाली संस्था हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान में हुए भ्रष्टाचार को लेकर गंभीर आरोप लगाए हैं। डोटासरा ने कहा कि हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान जिसके अध्यक्ष खुद शिक्षा मंत्री मदन दिलावर हैं, संस्था में करोड़ों रुपए का भारी भ्रष्टाचार हुआ है। दस्तावेजों के साथ गंभीर आरोप लगे हैं, शिकायतें सामने हैं, फिर भाजपा सरकार जांच और कार्रवाई क्यों नहीं कर रही है? क्या शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने संरक्षण में हुए इस पूरे घोटाले पर जवाब देंगे? क्योंकि जिस संस्था के वो स्वयं अध्यक्ष हैं उसमें करोड़ों का घोटाला हुआ। क्या उनकी जानकारी और मिलीभगत के बिना ये संभव है? डोटासरा ने कहा- हिंदुस्तान स्काउट गाइड राजस्थान संस्था में करोड़ों रुपए के गबन, फर्जी बिल-वाउचर, फर्जी हस्ताक्षर से निजी खातों में पैसे ट्रांसफर, भर्ती में पद देने और अवैध वसूली के सबूत हैं। संस्था के जिला ऑर्गेनाइजर अजय कुमावत ने पूरे भ्रष्टाचार और गबन को सबूतों के साथ सरकार से शिकायत की है। डोटासरा जयपुर कांग्रेस वार रूम में मीडिया से बातचीत कर रहे थे। डोटासरा ने कहा- बिना सक्षम स्वीकृति के शिविरों में मनमानी शुल्क निर्धारित करके निजी बैंक खातों में अवैध वसूली की गई है। इस संस्था ने बोर्ड परीक्षाओं के दौरान ऐसे कैंप दिखाए गए हैं जो हुए ही नहीं, लेकिन उनके नाम पर जमकर पैसा उठाया गया। हर प्रतिभागी से 300 रुपए शुल्क लेना अनिवार्य, लेकिन संस्था के खाते में एक रुपया तक जमा नहीं हुआ। फिर वो पैसा गया कहां ? ये पैसा संस्था के राज्य सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों के निजी बैंक खातों में ट्रांसफर करवाकर गबन करने का आरोप है। 13 हजार छात्रों से फीस लेकर 39 लाख रुपए निजी खातों में किए ट्रांसफर पीसीसी चीफ डोटासरा ने कहा- डीएलएड के छात्रों को स्काउट का प्रशिक्षण अनिवार्य है। करीब 13 हजार छात्रों से 300 रुपए वार्षिक शुल्क के नाम पर करीब 39 लाख रुपए निजी खातों में वसूले गए। इन्हें प्रशिक्षण तक नहीं कराया गया और फर्जी सर्टिफिकेट बांट दिए गए। जयपुर के मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी, जो मई 2024 में रिटायर हो चुके हैं, उनके नाम से फर्जी हस्ताक्षर करके बिल पास कराए और अपने निजी खातों में पैसे ट्रांफसर करवा लिए गए। पद देने के नाम पर 30- 30 हजार की वसूली की गई डोटासरा ने कहा- CSR फंड के 60 लाख रुपए सरकारी अनुदान में फर्जी बिल-वाउचर लगाकर गबन किए गए। RTI में जानकारी तक नहीं दी गई। स्काउट गाइड दर्पण पत्रिका की कॉपियां बांटने के नाम पर 7.5 लाख रुपए, स्टीकर वितरण के नाम पर हर साल 1 लाख रुपए लिए गए। पद देने के लिए बिना विज्ञप्ति पक्षपातपूर्ण भर्ती करके निजी खातों में 30-30 हजार रुपए की अैधव वसूली की गई। संगठित लूट के तहत संस्था के जिला कार्यालयों को 30 से 40% कमीशन पर बजट आवंटन किया गया। संस्था के सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों ने करीब 23 लाख रुपए निजी बैंक खातों में ट्रांसफर कराए। शिकायतकर्ता मनोज कुमावत ने 6 लाख 94 हजार रुपए सचिव नरेंद्र औदीच्य और अन्य अधिकारियों के खातों में दिए। संगठित लूट का सबूत है डोटासरा ने कहा- मदन दिलावर और भाजपा की तरह ये केवल अनर्गल आरोप नहीं हैं, बल्कि दस्तावेजों, बिल वाउचरों, बैंक खातों में हुए ट्रांसफर के पैसों और तथ्यों के साथ संगठित लूट का सबूत है।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 9:39 pm

गर्मियों की छुट्टियों में कटौती पर शिक्षक नाराज, किया सद्बुद्धि-यज्ञ:शिक्षा मंत्री के आदेशों की आहुति दी; 71 सूत्रीय मांगों को लेकर प्रदर्शन

राजस्थान शिक्षक संघ 'सियाराम' ने अपनी 71 सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन के चतुर्थ चरण में अनोखा विरोध प्रदर्शन किया। शुक्रवार को जिला प्रारंभिक शिक्षा ऑफिस परिसर में शिक्षकों ने राज्य सरकार और शिक्षा मंत्री मदन दिलावर की 'सद्बुद्धि' के लिए यज्ञ किया। साथ ही हनुमान चालीसा और बजरंग बाण के 1008 पाठ किए। इस दौरान शिक्षकों ने शिक्षा मंत्री के आदेशों की भी आहुति भी दी। ​7 साल से तबादलों का इंतजार​यज्ञ के दौरान शिक्षकों ने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के पिछले 7 साल से ट्रांसफर न होने पर गहरा दुख जताया। जिला मंत्री महिपाल भुता ने आरोप लगाया कि टीएसपी क्षेत्र के स्कूलों में शिक्षकों के पद खाली पड़े हैं, लेकिन काउंसलिंग के समय विभाग मनमर्जी से पदों को प्रदर्शित करता है, जो विधि विरुद्ध है। शिक्षकों ने मांग की कि टीएसपी के सभी रिक्त पदों को काउंसलिंग में शामिल किया जाए। ये रही प्रमुख मांगें ​यज्ञ में बंदर के आने पर लगाया भोग​यज्ञचार्य जिलाध्यक्ष नवीन जोशी के सानिध्य में आयोजित इस धार्मिक अनुष्ठान में प्रदेश सभाध्यक्ष ललित आर. पाटीदार, अशोक शर्मा और नानूराम डामोर सहित कई दिग्गज शामिल हुए। पाठ के दौरान परिसर में अचानक बंदरों के आने पर शिक्षकों ने इसे शुभ संकेत माना और प्रसन्नता जताते हुए गुड़-चने का भोग लगाया। इस अवसर पर पंकज द्विवेदी, निलेश शाह, नारायण सिंह, भूपेश वर्मा, डायालाल यादव, महिपाल भाटिया, निलेश भट्ट सहित बड़ी संख्या में शिक्षक मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 7:32 pm

​छुट्टियों में कटौती से शिक्षक नाराज:झुंझुनूं कलेक्ट्रेट पर किया सद्बुद्धि यज्ञ, शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र में आंदोलन की चेतावनी

शिक्षा विभाग द्वारा जारी नए शिक्षा कैलेंडर में ग्रीष्मकालीन अवकाश की अवधि घटाने और प्रधानाध्यापक के स्तर पर मिलने वाले अधिकृत अवकाश में कटौती किए जाने से शिक्षकों में आक्रोश है। इस निर्णय के विरोध में आज राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के बैनर तले शिक्षकों ने कलेक्ट्रेट के बाहर धरना दिया और शिक्षा मंत्री की ‘सद्बुद्धि’ के लिए यज्ञ किया। ​छुट्टियों में कटौती से शिक्षक नाराज ​राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) के मुख्य प्रदेश महामंत्री उम्मेद डूडी ने विरोध प्रदर्शन को संबोधित किया। उन्होंने कहा कि विभाग ने ग्रीष्मकालीन अवकाश में 10 दिन की कटौती कर दी है। इसके साथ ही, प्रधानाध्यापक द्वारा अधिकृत एक अवकाश को भी समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने कहा कि सरकार का यह तानाशाहीपूर्ण रवैया शिक्षकों के अधिकारों पर कुठाराघात है, जिसे किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ​18 मई को शिक्षा मंत्री के गृह क्षेत्र में निकालेंगे महा रैली ​उम्मेद डूडी ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि शिक्षा विभाग ने जल्द ही इस कटौती के आदेश को वापस नहीं लिया, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने घोषणा की कि 18 मई को शिक्षा मंत्री मदन दिलावर के गृह क्षेत्र रामगंजमंडी में प्रदेशभर के शिक्षक एकत्रित होकर एक विशाल रैली निकालेंगे, जिसकी समस्त जिम्मेदारी राज्य सरकार और शिक्षा विभाग की होगी।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 7:06 pm

शिक्षा मंत्री की सद्बुद्धि के लिए किया गया यज्ञ:बोले- गर्मियों की छुट्टियों में की कटौती को रोके, मांग नहीं मानी तो विरोध करेंगे

भरतपुर जिला शिक्षा अधिकारी ऑफिस के बाहर शुक्रवार को टीचरों ने शिक्षा मंत्री की सद्बुद्धि के यज्ञ किया। टीचरों की मांग है कि गर्मियों की छुट्टियों की कटौती के आदेश को रोका जाए। बिना किसी संगठन की राय लिए शिक्षा सत्र को नए सिरे से शुरू कर दिया गया। अगर शिक्षा मंत्री हमारी मांगे नहीं मानेंगे तो, शिक्षा मंत्री के खिलाफ विरोध किया जाएगा। टीचरों में रोष, बोले- नए सिरे से सत्र की शुरुआत की जाए टीचर कृष्ण सिंह बैसला ने बताया कि राजस्थान शिक्षक संघ (सियाराम) का 1 महीने से अनशन चल रहा है। शिक्षकों की गर्मियों की छुट्टियों की कटौती कर दी गई हैं। साथ ही शिक्षा सत्र नए सिरे से शुरू किया गया है। इस निर्णय के लिए शिक्षक संगठनों की राय नहीं ली गई है। इससे राजस्थान के पूरे शिक्षकों में रोष व्याप्त है। सभी शिक्षकों की राजस्थान सरकार से प्रार्थना है। तुरंत ऐसी कार्रवाइयों को रोका जाए। जिससे शिक्षक वर्ग परेशान हो। इसी क्रम में आज शिक्षकों में सद्बुद्धि यज्ञ किया है। साथ ही भगवान हनुमान का पाठ किया है। इससे शिक्षा मंत्री को सद्बुद्धि मिले। वह शिक्षकों के बारे में सकारात्मक सोचें। शिक्षा मंत्री टीचरों के मान सम्मान का धयान नहीं रखते धरने पर बैठे टीचर्स का कहना है कि वे अपनी बात रखना चाहते है। अगर शिक्षा मंत्री शिक्षकों को उत्तेजित करेंगे शिक्षक सड़कों पर उतरेंगे। शिक्षा मंत्री ऐसे स्टेटमेंट देते हैं कि हमारे मान सम्मान का भी ध्यान नहीं रखा जाता। शिक्षा मंत्री आए दिन शिक्षकों को परेशान करने पर उतरे हुए हैं। शिक्षा मंत्री बिना वार्ता लेते हैं निर्णय सभी शिक्षकों का निवेदन है कि वह हमारी बात को सुनें। कोई भी निर्णय लेने से पहले शिक्षक संगठनों से वार्ता करें। बिना वार्ता के कोई भी निर्णय लेना न्यायसंगत नहीं है। अगर शिक्षकों के खिलाफ अन्याय पूर्ण कार्रवाई हुई तो, सड़कों पर उतरकर विरोध किया जाएगा। शिक्षा मंत्री का पुरजोर विरोध किया जाएगा। 18 मई से विरोध की शुरुआत विरोध की शुरुआत 18 मई को रामगंज मंडी से निकलने वाली रैली से होगी। अगर उससे भी निर्णय नहीं निकलता तो, सभी शिक्षक लामबंद होकर जयपुर में आमरण अनशन पर बैठेंगे। इसलिए शिक्षकों की प्रार्थना है कि हमें आंदोलन करने पर मजबूर न करें। शांतिपूर्ण तरीके से हमारी समस्याओं का समाधान करें।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 5:06 pm

हिन्दी भाषा का अपमान करना सही नहीं:रोहतक में शिक्षामंत्री बोले, बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों में ला रहे टैक्नोलॉजी

रोहतक में सरकारी स्कूल में निपुण वाटिका व प्राइवेट स्कूल में साइंस लैब का उद्घाटन करने पहुंचे हरियाणा के शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि हिंदी हमारी राष्ट्र भाषा है। अगर कोई राष्ट्र भाषा को लेकर टिका टिप्पणी करता है तो वह सही नहीं है। राष्ट्र भाषा का सम्मान करना चाहिए। महिपाल ढांडा ने कहा कि देश में 27-28 के करीब राष्ट्रीय भाषाए हैं, क्योंकि हर राज्य की अपनी भाषा है। सभी भाषाओं का सम्मान करना चाहिए, लेकिन हिंदी को राष्ट्र भाषा का दर्जा दिया गया है तो उसका सम्मान जरूरी है। देश की आजादी के बाद हिंदी को राष्ट्र भाषा माना गया था। सरकार समय के अनुसार बढ़ रही आगे शिक्षामंत्री महिपाल ढांडा ने कहा कि सरकार के संज्ञान में जो भी विषय आ रहे हैं, उन पर काम किया जा रहा है। समय के अनुसार ही सरकार आगे बढ़ रही है। वहीं, बच्चों को आगे बढ़ाने के लिए सरकारी स्कूलों में भी टैक्नोलॉजी को बढ़ाया जा रहा है। निपुण वाटिका इसका उदाहरण है। वहीं, प्राइवेट स्कूल में साइंस लैब भी इसका एक उदाहरण है। समाज के हाथ में होती थी शिक्षा महिपाल ढांडा ने कहा कि एक समय ऐसा था जब समाज के हाथ में ही शिक्षा होती थी। सरकार सिर्फ उनकी मददगार होती थी। उसी तर्ज पर वर्तमान समय में स्कूलों के अंदर एसएमसी भी चला रहे है। आज भी समाज के लोगों द्वारा स्कूल चलाए जा रहे हैं, जिनमें बच्चों को बेहतर शिक्षा प्रदान की जा रही है और सरकार उनकी मदद कर रही है। सरकारी स्कूलों में भी बढ़ा रहे सुविधाएंमहिपाल ढांडा ने कहा कि सरकारी स्कूलों के अंदर भी सुविधाओं को बढ़ाया जा रहा है। निपुण वाटिका एक ऐसा ही सुंदर कार्यक्रम है, जिसमें खेल-खेल में ही बच्चे सीख रहे हैं। आज आवश्यकता तो है और धीरे-धीरे सरकारी स्कूलों में साइंस लैब जैसी व्यवस्थाओं को लाया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 3:37 pm

केजीके कॉलेज प्रबंध समिति की वैधता पर विवाद गहराया:उच्च शिक्षा विभाग ने कुलपति से मांगी रिपोर्ट

मुरादाबाद के केजीके कॉलेज की प्रबंध समिति की वैधता का विवाद अब उच्च शिक्षा विभाग तक पहुंच गया है। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने गुरु जंभेश्वर विश्वविद्यालय के कुलपति से इस मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। इसके साथ ही, शिक्षकों और कर्मचारियों के वेतन भुगतान पर कोई असर न पड़े, इसके लिए शिक्षा निदेशक (उच्च शिक्षा) से भी दिशा-निर्देश मांगे गए हैं। कॉलेज के प्रबंधक विवेक खन्ना ने पूर्व में प्राचार्य के अधिकार सीमित करते हुए प्रो. विनोद पांडेय को प्रशासनिक और प्रो. उपदेश चौहान को वित्तीय अधिकार सौंपे थे। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी प्रो. डॉ. सुधीर कुमार ने इस आदेश को निरस्त कर दिया था। इसके बाद, आयोग द्वारा चयनित प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी को निलंबित करने की कार्रवाई की गई। प्राचार्य प्रो. सुनील चौधरी ने कॉलेज की प्रबंध समिति की वैधता पर सवाल उठाए थे, जिसके बाद उच्च शिक्षा विभाग ने मामले की जांच शुरू की। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी ने बताया कि अशासकीय और निजी महाविद्यालयों की प्रबंध समितियां आमतौर पर ट्रस्ट या सोसायटी के माध्यम से संचालित होती हैं। अधिकारी के अनुसार, ट्रस्ट आधारित समितियों में पदाधिकारी स्थायी होते हैं और चुनाव नहीं होते, जबकि सोसायटी के तहत संचालित संस्थाओं में संविधान के अनुसार चुनाव प्रक्रिया अपनाई जाती है। अब तक मिले दस्तावेजों के आधार पर, केजीके कॉलेज की प्रबंध समिति ट्रस्ट के अंतर्गत संचालित होती प्रतीत हो रही है। समिति की वैधानिक स्थिति स्पष्ट करने के लिए कुलपति से विस्तृत रिपोर्ट मांगी गई है। विश्वविद्यालय से जवाब प्राप्त होने के बाद ही इस मामले में आगे की कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 1:23 pm

RTE-एडमिशन पर हाईकोर्ट सख्त...387 स्कूलों में एक भी आवेदन नहीं:कहा-क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते, शिक्षा सचिव से मांगा जवाब

छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने प्रदेश में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत पहली कक्षा में एडमिशन को लेकर हैरानी जताई है। इस मामले में राज्य शासन ने कोर्ट को बताया कि प्रदेश के 387 स्कूलों में एडमिशन के लिए एक भी आवेदन नहीं आया है, जिनमें ज्यादातर बड़े स्कूल शामिल हैं। यह जानकारी सामने आने पर चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने हैरानी जताते हुए शासन से पूछा कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते। कोर्ट ने यह भी सवाल उठाया कि कहीं राज्य सरकार कुछ छिपा तो नहीं रही है। डिवीजन बेंच ने इस मामले में शिक्षा सचिव को 10 जुलाई तक शपथ पत्र के साथ जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। जनहित याचिका पर हुई सुनवाई दरअसल, शिक्षा के अधिकार कानून को लेकर हाईकोर्ट में दायर जनहित याचिका पर गुरुवार को सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से पेश शपथ पत्र को देखकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। सरकार ने अपने जवाब में बताया कि राज्य के 387 स्कूलों में एडमिशन के लिए एक भी आवेदन नहीं मिला, जबकि 366 ऐसे स्कूल हैं जहां उपलब्ध सीटों की तुलना में आवेदन काफी कम आए हैं। इनमें प्रदेश के अधिकांश बड़े स्कूल शामिल हैं। हाईकोर्ट ने पूछा- क्या बड़े स्कूलों में पढ़ना नहीं चाहते गरीब बच्चे? राज्य शासन का यह जवाब सुनकर हाईकोर्ट ने हैरानी जताई। कोर्ट ने पूछा कि क्या गरीब बच्चे बड़े स्कूलों में पढ़ना ही नहीं चाहते या फिर राज्य सरकार कुछ छिपा रही है। डिवीजन बेंच ने RTE के तहत आबंटित सीटों की जानकारी ऑनलाइन उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। साथ ही राज्य शासन को शपथ पत्र के जरिए पूरी जानकारी पेश करने को कहा गया है। सरकार को बताना होगा कि किस स्कूल में कितनी सीटें आवंटित की गईं और किन बच्चों का एडमिशन हुआ है। हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा इस मामले की सुनवाई के दौरान डिवीजन बेंच ने अधिकारियों से पूछा कि प्रवेश प्रक्रिया में लापरवाही क्यों बरती जा रही है। जब नया शैक्षणिक सत्र शुरू हो चुका है, तब गरीब बच्चों का दाखिला आखिर कब होगा। क्या प्रशासन की लापरवाही से हजारों बच्चों का भविष्य प्रभावित होगा। बता दें कि RTE से जुड़े कई अन्य मामलों की सुनवाई पहले से चल रही है। सीटों के मुकाबले आवेदन काफी कम मिले हाईकोर्ट ने राज्य सरकार के शपथ पत्र पर भी नाराजगी जताई, जिसमें बताया गया है कि प्रदेश के 387 स्कूलों में एडमिशन के लिए एक भी आवेदन नहीं आया। वहीं 366 ऐसे स्कूल हैं, जहां कुल सीटों के मुकाबले काफी कम आवेदन मिले हैं। कई स्कूलों में केवल एक या दो सीटों पर ही एडमिशन की जानकारी दी गई है। इस पर कोर्ट ने सख्त टिप्पणी करते हुए पूछा कि अगर किसी स्कूल में सिर्फ एक बच्चे का एडमिशन हुआ है, तो क्या वहां कुल चार बच्चे ही पढ़ रहे हैं। जबकि RTE के तहत स्कूलों में कुल सीटों के 25 प्रतिशत पर गरीब बच्चों को प्रवेश देना अनिवार्य है। ………………………. हाईकोर्ट से जुड़ी यह खबर भी पढ़िए… RTE एडमिशन में देरी पर हाईकोर्ट नाराज: पूछा- प्रवेश प्रक्रिया में अगस्त बीत जाएगा तो बच्चे पढ़ेंगे कब, राज्य शासन पेश करे एक्शन प्लान छत्तीसगढ़ में शिक्षा के अधिकार (RTE) के तहत गरीब बच्चों के एडमिशन में हो रही देरी पर छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट ने नाराजगी जताई है। चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने कहा कि अगर एडमिशन जुलाई-अगस्त तक चलते रहेंगे, तो बच्चे पढ़ाई कब शुरू करेंगे। पढ़ें पूरी खबर…

दैनिक भास्कर 8 May 2026 9:32 am

TRE-4 कैंडिडेट्स का महाआंदोलन:पटना कॉलेज से BPSC ऑफिस तक करेंगे मार्च, 2 साल से वैकेंसी की मांग; कल ही नए शिक्षा मंत्री ने ली है शपथ

बिहार सरकार के 32 मंत्रियों ने गुरुवार को शपथ ली है। शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी बीजेपी कोटे से मंत्री मिथिलेश तिवारी को दी गई है। इसी बीच आज पटना में BPSC TRE 4 की वैकेंसी जारी करने की मांग को लेकर अभ्यर्थियों का बड़ा प्रदर्शन होगा। छात्र नेता दिलीप ने महाआंदोलन का ऐलान किया है। आंदोलन की शुरुआत पटना कॉलेज कैंपस से 11.30 से होगी, जहां हजारों अभ्यर्थियों के जुटने की संभावना है। अभ्यर्थियों का मार्च पटना कॉलेज से निकलकर अशोक राजपथ, बिखना पहाड़ी, मछुआ टोली, खेतान मार्केट, बाकरगंज और गांधी मैदान होते हुए BPSC कार्यालय तक जाएगा। TRE 4 विज्ञापन में लगातार हो रही देरी को लेकर छात्रों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। तीन-चार दिनों में विज्ञापन आने की बात कही गई थी छात्र नेता दिलीप ने कहा कि BPSC परीक्षा नियंत्रक ने 16 अप्रैल को एक पॉडकास्ट में दावा किया था कि TRE 4 का विज्ञापन तीन-चार दिनों में जारी कर दिया जाएगा और 25-26 अप्रैल से आवेदन प्रक्रिया शुरू हो जाएगी। लेकिन अब 8 मई हो चुका है और अभी तक विज्ञापन जारी नहीं किया गया है। उन्होंने आरोप लगाया कि पिछले दो वर्षों से शिक्षा विभाग और BPSC लाखों अभ्यर्थियों को सिर्फ आश्वासन दे रहे हैं। नए शिक्षा मंत्री के सामने पहली बड़ी चुनौती मिथिलेश तिवारी को शिक्षा विभाग की जिम्मेदारी सौंपी गई है। ऐसे में TRE 4 अभ्यर्थियों का यह प्रदर्शन नए शिक्षा मंत्री के सामने पहली बड़ी चुनौती माना जा रहा है। अभ्यर्थियों का कहना है कि राज्य के करीब 13 लाख छात्र भर्ती प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। अब सरकार और BPSC को जल्द फैसला लेना चाहिए। 46,595 पदों पर आएगा नोटिफिकेशन TRE-4 के तहत कुल 46,595 पदों पर भर्ती की जाएगी। बिहार लोक सेवा आयोग को इसके लिए अधियाचना पिछले फरवरी महीने में ही मिल चुकी थी। जिसे शिक्षा विभाग की ओर से वापस ले लिया गया और इसे वार्षिक कैलेंडर में भी शामिल कर लिया गया है। संभावित कार्यक्रम के अनुसार परीक्षा 22 सितंबर से 27 सितंबर 2026 के बीच आयोजित की जाएगी, जबकि परिणाम नवंबर 2026 में जारी होने की संभावना है। हालांकि अब तक आधिकारिक नोटिफिकेशन जारी नहीं होने से अभ्यर्थियों में नाराजगी बनी हुई है। पहली बार लागू होगी डोमिसाइल नीति TRE-4 भर्ती में पहली बार डोमिसाइल नीति लागू की जाएगी। कक्षा 1 से 12 तक शिक्षकों की नियुक्ति के साथ-साथ SC-ST और पिछड़ा-अति पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग में भी शिक्षक और प्रधानाध्यापक पदों पर भर्ती होगी। सभी पदों के लिए आयोग जल्द संयुक्त विज्ञापन जारी करेगा, जिसके बाद अभ्यर्थी ऑनलाइन आवेदन कर सकेंगे। राज्य में शिक्षकों की वर्तमान स्थिति फिलहाल बिहार में करीब 6 लाख शिक्षक कार्यरत हैं। पिछले दो वर्षों में TRE-1, TRE-2 और TRE-3 के माध्यम से लगभग 2.27 लाख शिक्षकों की भर्ती की जा चुकी है। इसके अलावा करीब 3 लाख नियोजित शिक्षक सक्षमता परीक्षा पास कर राज्यकर्मी बन चुके हैं।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 6:00 am

शिक्षा केंद्र में रुपए देने के मैसेज मामले में होगी जांच

भास्कर संवाददाता | उज्जैन जिला शिक्षा केंद्र में लड्डू-मिठाई के नाम पर इंजीनियरों को मैसेज भेजकर रुपए देने के मामले में कलेक्टर रौशनकुमार सिंह ने जांच की बात कही है। संबंधित अधिकारियों को नोटिस जारी कर जवाब भी तलब किया गया है। जिला शिक्षा केंद्र में इंजीनियरों के वाट्सएप ग्रुप (जेडएसके इंजीनियर सूचना ग्रुप) पर इंजीनियरों के बीच हुई चैटिंग में यह खुलासा हुआ था। भास्कर ने 4 मई के अंक में मामले का वाट्सएप ग्रुप पर हुई चैटिंग के प्रमाण सहित खुलासा किया था। इंजीनियर संदीप जैन ने ग्रुप पर डीपीसी के नाम पर दीपावली पर मिठाई के पैकेट वितरित करने, रुपए देने के लिए यूपीआई स्कैनर की फोटो भेजने और एक ही दिन में मान्यता की 200 फाइलें साइन करने जैसे कई अन्य मैसेज भेजे थे। वहीं इंजीनियर वल्लभसिंह राठौर ने भी ग्रुप पर मैसेज भेजा था कि डीपीसी सर द्वारा भोपाल से प्राप्त निर्देशानुसार 500-500 ग्राम के महाकाल लड्डू प्रसादी के पैकेट भेजने का मैसेज भेजा था। मामले में कलेक्टर सिंह का कहना है कि इस मामले में संबंधितों को नोटिस जारी कर जवाब तलब किए हैं। मामले की जांच भी की जाएगी। जांच में जो भी दोषी सिद्ध होगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 5:50 am

टैगोर के साहित्य और शिक्षा योगदान को किया याद

एचवीएम ग्लोबल स्कूल, सेक्टर 32 में रवीन्द्रनाथ टैगोर जयंती हर्षोल्लास के साथ मनाई गई। स्कूल में आयोजित विशेष प्रातःकालीन सभा की शुरुआत रवीन्द्रनाथ टैगोर के जीवन और उपलब्धियों पर आधारित प्रश्नोत्तरी से हुई। इसके बाद छात्रों के सामने उनके जीवन, दर्शन तथा साहित्य और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान पर भाषण प्रस्तुत किया गया। सभा में छात्रों ने गुरुदेव के रचित गीत भी प्रस्तुत किए, जिससे वातावरण संगीतमय बना रहा।कार्यक्रम के तहत कक्षा गतिविधियां भी कराई गईं। कक्षा 3 से 5 के छात्रों ने रवीन्द्रनाथ टैगोर का जीवन परिचय लिखा। कक्षा 6 से 8 के छात्रों ने कवि के चित्र और रेखाचित्र बनाकर अपनी रचनात्मकता प्रदर्शित की।

दैनिक भास्कर 8 May 2026 5:30 am

दैनिक भास्कर के शिक्षा महोत्सव में हजारों स्टूडेंट्स पहुंचे:करियर मार्गदर्शन फेयर का अंतिम दिन कल, 70% से अधिक प्राप्तांक वाले स्टूडेंट्स का होगा सम्मान

दैनिक भास्कर के पिपराली रोड स्थित मिलन मैरिज गार्डन में 2 दिवसीय आयोजित एजुकेशन एंड करियर फेयर 2026 गुरुवार से शुरू हुआ। पहले दिन विद्यार्थियों और अभिभावकों का उत्साह देखने को मिला। सुबह से ही विद्यार्थियों का जनसैलाब उमड़ पड़ा। पहले दिन 900 से अधिक विद्यार्थियों ने फेयर में देश की नामी यूनिवर्सिटी एवं करियर एक्सपर्ट से करियर संबंधी जानकारी प्राप्त की। कार्यक्रम की शुरुआत मोदी यूनिवर्सिटी ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी के कुलपति एवं प्रेसिडेंट प्रोफेसर आशुतोष भारद्वाज, पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल हेड सुधांशु भूषण झा, जेजे यूनिवर्सिटी के कुलपति मधु गुप्ता, पीएनबी के सर्कल हैड सुधांशु भूषण झा व एसबीआई के एडीएम संदीप कुमार ने किया। इस मौके पर दैनिक भास्कर की सेल्स टीम से क्लस्टर हैड अयाज खान, यूनिट हेड भीम नागदा, झुंझुनूं यूनिट हेड तय्यब अली गौरी, सीकर सिटी डिप्टी मैनेजर अमित शर्मा, सैटेलाइट हेड नरेंद्र सिंह सहित शहर के कई लोग उपस्थित रहे। फेयर में विद्यार्थियों ने विभिन्न यूनिवर्सिटी एवं संस्थानों के प्रतिनिधियों से सीधे संवाद कर कोर्स, एडमिशन प्रक्रिया, फीस, स्कॉलरशिप एवं प्लेसमेंट से जुड़ी जानकारियां प्राप्त की। वहीं करियर एक्सपर्ट ने विद्यार्थियों को बदलते दौर के नए करियर विकल्पों और भविष्य की संभावनाओं को लेकर मार्गदर्शन दिया। इन कोर्स में दिखा स्टूडेंट्स का उत्साह, मिले गिफ्ट फेयर में विद्यार्थियों के बीच एमबीए, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई), इंजीनियरिंग, मेडिकल, आईएएस, डिफेंस एवं स्टडी अब्रॉड को लेकर सबसे अधिक उत्साह देखने को मिला। अभिभावकों ने भी इस आयोजन को विद्यार्थियों के भविष्य के लिए बेहद उपयोगी और मार्गदर्शक बताया। फेयर में रजिस्ट्रेशन करवाने वाले विद्यार्थियों को आकर्षक उपहार व बैग वितरित किए गए। साथ ही विद्यार्थियों को कोल्ड ड्रिंक एवं पिज्जा भी दिया गया। 20 यूनिवर्सिटी ने लिया हिस्सा इस शिक्षा महाकुंभ में देश की 20 से अधिक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी एवं संस्थानों ने हिस्सा लिया। इनमें मोदी यूनिवर्सिटी लक्ष्मणगढ़, पारुल यूनिवर्सिटी वडोदरा, वीआईटी वेल्लोर, एमिटी यूनिवर्सिटी जयपुर, आईआईएस यूनिवर्सिटी जयपुर, पं. दीनदयाल एनर्जी यूनिवर्सिटी, शेखावाटी ग्रुप ऑफ इंस्टीट्यूशंस सीकर, एसजेआई यूनिवर्सिटी जयपुर, जेजेटी यूनिवर्सिटी झुंझुनूं, आर्या कॉलेज जयपुर, सुरेश ज्ञान विहार जयपुर, एमआईटी वर्ल्ड पीस यूनिवर्सिटी पुणे, एसआरएम यूनिवर्सिटी, प्रेस्टीज यूनिवर्सिटी इंदौर, पिंपरी चिंचवड यूनिवर्सिटी पुणे, ग्राफिक एरा यूनिवर्सिटी देहरादून, विश्वकर्मा यूनिवर्सिटी, आईटीएम यूनिवर्सिटी, आईसीएफएआई यूनिवर्सिटी जयपुर, इंटरमोस्ट स्टडी अब्रॉड, जेके लक्ष्मीपत यूनिवर्सिटी, निरवान यूनिवर्सिटी जयपुर सहित कई अन्य प्रमुख संस्थान शामिल हैं। कल फेयर का अंतिम दिन फेयर का अंतिम दिन शुक्रवार को रहेगा। इस दौरान 70 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों का विशेष सम्मान किया जाएगा। साथ ही करियर एवं सफलता से जुड़े विशेष सेमिनार आयोजित होंगे, जिनमें पंजाब नेशनल बैंक के सर्किल हैड सुधांशु भूषण झा, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया सीकर रीजनल ऑफिस के एडीएम संदीप कुमार, शिक्षा क्षेत्र के शिक्षाविद एवं प्रशासनिक अधिकारी विद्यार्थियों को सफलता के मंत्र देंगे। इसमें लीडरशिप कोच शंकर मूरलीधरण विद्यार्थियों को सेमिनार से एआई सिम्यूलेशन में कौन से करियर देंगे। साथ ही अल्क सर मेडिकल की पढ़ाई के लिए विशेष सेमिनार में विद्यार्थियों को जानकारी देंगे। कल भी मिलेंगे गिफ्ट शुक्रवार को भी पहले रजिस्ट्रेशन करवाने वाले हाल ही 12वीं पास विद्यार्थियों को पिज्जा एवं कोल्ड ड्रिंक दी जाएगी। साथ ही आकर्षक उपहार एवं बैग भी वितरित किए जाएंगे। विद्यार्थियों के लिए प्रवेश निशुल्क है। इस शिक्षा महोत्सव में एजुकेशन लोन पार्टनर पंजाब नेशनल बैंक एवं एसबीआई बैंक, नॉलेज पार्टनर प्रिंस एजुहब एवं मैट्रिक्स जेईई एकेडमी, रेडियो पार्टनर एफएम सीकर 89.6, स्टे पार्टनर लोहिया रिजॉर्ट एवं बी पब्लिकेशंस जुड़े हैं। वहीं राइड पार्टनर राइडस्लो द्वारा विद्यार्थियों की सुविधा के लिए शहर के प्रमुख स्थानों से इवेंट स्थल तक निशुल्क परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जा रही है, ताकि अधिक से अधिक विद्यार्थी इस शिक्षा महाकुंभ का लाभ उठा सकें। अधिक जानकारी के लिए 9772801234 पर संपर्क किया जा सकता है।

दैनिक भास्कर 7 May 2026 10:41 pm

ढाई साल का हिसाब मांगने 45 सूत्रीय एजेंडा:समीक्षा बैठक में शिक्षा, स्वास्थ्य से लेकर हवाई सेवाओं पर होगा डिस्कसन

मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ढाई साल का कार्यकाल पूरा होने पर मंत्रियों और विभागों के अपर मुख्य सचिव, प्रमुख सचिव से काम का हिसाब लेने वाले हैं। इसे लेकर मुख्यमंत्री सचिवालय ने 45 सूत्रीय एजेंडा तय कर दिया है और विभागों को इसकी जानकारी दी गई है। अब सरकार की प्राथमिकता को लेकर बैठकों के माध्यम से विभागवार चर्चा की जाएगी। पहले ये बैठक 8 मई से होना था, लेकिन ऐन मौके पर इसे स्थगित कर दिया गया। अब बैठक की तारीख अलग से जारी की जाएगी। ऐसे होगी विभागवार समीक्षा और अगली प्लानिंग पट्टा वितरण और नर्मदा मिशन मुख्यमंत्री राजस्व एवं ग्रामीण विकास विभाग के मंत्रियों और अफसरों से 'स्वामित्व योजना' की प्रगति का हिसाब लेंगे। योजना में ग्रामीण क्षेत्र में निशुल्क रजिस्ट्री महिलाओं के नाम पर करने और प्रधानमंत्री के माध्यम से 50 लाख पट्टों का सिंगल क्लिक वितरण करने का बड़ा निर्णय लिया जाना है। इसके अलावा अभियान चलाकर ग्राम पंचायतों में नई आबादी भूमि का चिन्हांकन किया जाएगा और उसे आबादी भूमि घोषित किया जाएगा। आरजीपीवी और मेडिकल यूनिवर्सिटी को तीन भागों में बांटने की तैयारी तकनीकी शिक्षा और कौशल विभाग की ओर से शिक्षा के क्षेत्र में बड़ा प्रशासनिक बदलाव करने की तैयारी है। इसके लिए RGPV को तीन विश्वविद्यालयों में विभाजित किया जाएगा। यह भोपाल, उज्जैन और जबलपुर में संचालित किए जाने की तैयारी है। इसी तरह मेडिकल यूनिवर्सिटी को भी तीन भागों में विभाजित करने की प्लानिंग सरकार ने की है। यह विश्वविद्यालय भोपाल, उज्जैन, जबलपुर में खोले जाएंगे। इसके अलावा, सांदीपनि विद्यालयों के भवनों का उपयोग दोपहर की शिफ्ट में महाविद्यालयों के संचालन के रूप में होगा। इसके लिए स्कूल शिक्षा और उच्च शिक्षा विभाग समन्वय करेंगे। साथ ही इन विद्यालय भवनों का उपयोग कोचिंग और स्किल सेंटर के रूप में करने की कार्ययोजना पर सीएम रिपोर्ट लेंगे। नगरीय प्रशासन एवं स्वास्थ्य शहरी क्षेत्रों में पेयजल व्यवस्था की समीक्षा के साथ-साथ सरकार नई फायर सेफ्टी नीति और एनओसी की प्रक्रिया को सरल बनाने पर निर्णय लेगी। शहरी इलाकों की निकायवार पेयजल समीक्षा की जाएगी। साथ ही महानगरों में पानी और सीवेज के प्रबंधन के लिए पीएचई विभाग के थोक अमले को प्रतिनियुक्ति पर शहरी निकायों में शिफ्ट करने की नीति बनाने पर भी काम किया जाएगा। प्रदेश में कैंसर अस्पतालों को बढ़ावा देने के लिए स्वास्थ्य विभाग में लाई जाएगी जिसके लिए समय सीमा तय की जाएगी। DBT योजनाओं का एकीकरण और सुरक्षा वित्त विभाग को निर्देश दिए गए हैं कि वह लाडली बहना और किसान सम्मान जैसी DBT योजनाओं को स्थायी रोजगार से जोड़ने का मॉडल तैयार करे। 50 करोड़ रुए से अधिक की सामग्री खरीदी की सभी प्रक्रिया को स्टेट फाइनेंस कमेटी और ईएफसी से सैद्धांतिक स्वीकृति दिलाने का निर्णय भी विभाग की ओर से प्रस्तावित है। ग्लोबल इन्वेस्टर समिट 2027' की तैयारी अगले ढाई साल की सबसे बड़ी प्लानिंग जनवरी 2027 में होने वाली ग्लोबल इन्वेस्टर समिट है। इसके लिए औद्योगिक निवेश और प्रोत्साहन विभाग को अभी से फोकस एरिया और नीतिगत एप्रोच तय करने को कहा गया है। भोपाल में 'आईटी नॉलेज सिटी' और उज्जैन में 'डीप टेक पार्क' के निर्माण के साथ-साथ AI और डेटा सेंटर जैसे निवेश आकर्षित करने का रोडमैप सीएम के सामने पेश करना होगा। सीएम यादव ने आईटी सेक्टर में बड़े निवेश पर फोकस किया है। पर्यटन के क्षेत्र में राम वन पथ गमन और कृष्ण पाथेय परियोजना सरकार की प्राथमिकताओं में पर्यटन के क्षेत्र में राम वन पथ गमन और कृष्ण पाथेय परियोजनाओं की समय-सीमा तय की जाएगी। इसके लिए हवाई पट्‌टी से हवाई अड्‌डे तक की सुविधाओं का विस्तार करने का काम किया जा रहा है। साथ ही विमानन विभाग को उज्जैन के दताना मताना में नवीन हवाई अड्डे के निर्माण हेतु भूमि अधिग्रहण और पीपीपी मॉडल पर तत्काल कार्रवाई शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। गृह विभाग से पुलिस भर्ती बोर्ड के गठन और महाकालेश्वर मंदिर की तर्ज पर प्रदेश के अन्य प्रमुख मंदिरों में होमगार्ड के पदों के सृजन पर जवाब मांगा जाएगा। शहरों के बीच स्थित जेलों और मंडियों को शिफ्ट कर उस जमीन के 'री-डेंसिफिकेशन' की प्लानिंग भी बैठक का हिस्सा है। बैठकों में इन मुद्दों पर भी रहेगा सरकार का फोकस समीक्षा बैठकों में कई महत्वपूर्ण विषयों पर चर्चा की जाएगी। सरकार आगामी ढाई साल के रोडमैप के तहत प्रशासनिक सुधार, कृषि, शिक्षा, रोजगार, शहरी विकास और बुनियादी सुविधाओं को लेकर बड़े निर्णयों की तैयारी कर रही है।

दैनिक भास्कर 7 May 2026 6:34 pm

शिक्षा विभाग डिपार्टमेंटल प्रतियोगिता में गुना का दबदबा:टेबल टेनिस में कई शिक्षकों ने जीते गोल्ड, सिल्वर; बैडमिटन में भी शिक्षक रहे विजेता

छतरपुर में लोक शिक्षण संचालनालय के आदेशानुसार आयोजित 12वीं राज्य स्तरीय डिपार्टमेंटल टेबल टेनिस और बैडमिंटन प्रतियोगिता 2025-26 में गुना जिले के अधिकारी-कर्मचारी खिलाड़ियों ने शानदार प्रदर्शन कर जिले का नाम रोशन किया है। खिलाडिय़ों की इस उपलब्धि पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेश गोयल और सहायक संचालक प्रेरणा गुप्ता सहित समस्त कार्यालय स्टाफ ने हर्ष व्यक्त करते हुए सभी विजेता खिलाड़ियों को बधाई दी और सम्मानित किया। प्रतियोगिता के टीम इवेंट में 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की टेबल टेनिस स्पर्धा में ग्वालियर संभाग की टीम ने उत्कृष्ट खेल का प्रदर्शन करते हुए उपविजेता का खिताब अपने नाम किया। वहीं डबल्स मुकाबले में टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीता। ग्वालियर संभाग की इस सफल टीम का प्रतिनिधित्व गुना जिले के विश्वास कुमार बाजपेई, मुख्य लिपिक ने किया। टीम में उनके साथ शैलेन्द्र श्रीवास्तव, उच्च श्रेणी शिक्षक एवं योगेश तिवारी, डीवीसी शामिल रहे। तीनों खिलाडिय़ों के समन्वय और खेल कौशल ने संभाग को गौरव दिलाया। महिला वर्ग में स्वर्णिम सफलता महिला 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग की टेबल टेनिस स्पर्धा में भी गुना ने अपनी छाप छोड़ी। डबल्स मुकाबले में अल्का त्रिपाठी, दतिया और ममता सोनी, धरनावदा गुना की जोड़ी ने शानदार खेल दिखाते हुए विजेता का खिताब जीतकर स्वर्ण पदक पर कब्जा जमाया। सिंगल्स में भी अल्का त्रिपाठी ने प्रथम स्थान प्राप्त कर स्वर्ण पदक जीता, जबकि ममता सोनी ने तृतीय स्थान हासिल कर कांस्य पदक अपने नाम किया। बैडमिंटन में भी चमके गुना के खिलाड़ी बैडमिंटन स्पर्धा में भी जिले के खिलाडिय़ों ने पदक तालिका में अपना नाम दर्ज कराया। महिला 50 वर्ष से अधिक आयु वर्ग के डबल्स मुकाबले में ममता सोनी और अभिलाषा तिवारी की जोड़ी ने तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक जीता। वहीं पुरुष वर्ग के 50 वर्ष से कम आयु वर्ग में संजू रघुवंशी, गुना और अशोक कुमार गुप्ता, शिवपुरी की जोड़ी ने डबल्स स्पर्धा में उत्कृष्ट खेल दिखाते हुए तृतीय स्थान प्राप्त कर कांस्य पदक पर कब्जा जमाया। डीईओ ने दी बधाई, बढ़ाया हौसला अधिकारी-कर्मचारियों की इस शानदार सफलता पर जिला शिक्षा अधिकारी राजेश गोयल ने कहा कि खेल न केवल शारीरिक स्वास्थ्य के लिए जरूरी है, बल्कि यह अनुशासन, टीम भावना और नेतृत्व क्षमता भी विकसित करता है। उन्होंने सभी पदक विजेता खिलाडिय़ों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। सहायक संचालक प्रेरणा गुप्ता ने कहा कि जिले के कर्मचारी खेलों में भी अग्रणी भूमिका निभा रहे हैं, यह पूरे विभाग के लिए गर्व की बात है।

दैनिक भास्कर 7 May 2026 7:13 am

भाजपा ने शिक्षामित्र-अनुदेशकों से 17 लाख वोटरों को साधा:43 विधानसभा सीटों पर बदल सकता है समीकरण; क्या 18 हजार मानदेय से बनेगी बात?

बंगाल और असम में प्रचंड जीत के बाद अब भाजपा का पूरा फोकस यूपी पर है। 2027 के चुनाव से पहले भाजपाऔर सपा के बीच नैरेटिव बदलने और बनाए रखने की जंग तेज हो गई है। योगी सरकार की तरफ सेबंगाल- सुवेंदु अधिकारी के पीए की हत्या, रिजल्ट के बाद 5वां मर्डर; तमिलनाडु CM पर संशय; आतंकी साजिश रच रहे 2 संदिग्ध यूपी से गिरफ्तार शिक्षामित्रों और अनुदेशकों का बढ़ा हुआ मानदेय देने के लिए ‘शिक्षामित्र सम्मान समारोह’ करना इसी रणनीति का हिस्सा है। राजनीतिक जानकारों का मानना है कि एक शिक्षामित्र यूपी में 10 वोटरों पर असर डालता है। इस तरह 1.68 लाख शिक्षामित्रों और अनुदेशकों से भाजपा करीब 17 लाख वोटर्स को अपने पाले में करने की कोशिश कर रही है। इतना ही नहीं, भाजपा की कोशिश सरकारी स्कूलों के मर्जर पर उठ रहे सवालों की काट खोजने की है। वहीं, राजनीतिक जोखिम को भांपते हुए सपा इसके खिलाफ नैरेटिव सेट करने में जुटी है। 43 विधानसभा सीटों पर समीकरण बदलने की क्षमता शिक्षामित्र अपने परिवार और सामाजिक नेटवर्क के सहारे प्रदेश की 43 से ज्यादा सीटों पर निर्णायक असर रखते हैं। यूपी में शिक्षामित्र और अनुदेशकों की संख्या करीब 1.68 लाख है। पॉलिटिकल एक्सपर्ट्स के मुताबिक, एक शिक्षामित्र अपने परिवार, रिश्तेदार और आस-पड़ोस के समेत 10 वोटर्स पर असर रखता है। इस हिसाब से शिक्षामित्र और अनुदेशकों का असर 16.80 लाख वोटर्स पर है। मतलब, हर विधानसभा सीट पर औसतन 4 हजार वोटर्स इनके प्रभाव वाले हैं। 2022 विधानसभा चुनाव में करीब 43 ऐसी सीटें थी, जहां जीत-हार का मार्जिन 4 हजार से कम था। इनमें से 25 सीटों पर भाजपा, तो 18 पर सपा ने जीत दर्ज की थी। शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को बढ़ा हुआ मानदेय, बीमा और कैशलेश इलाज की सुविधा देकर भाजपा ने चुनाव से पहले ऐसी टक्कर वाली सीटों पर समीकरण दुरुस्त करने की कोशिश कर रही है। अब शिक्षामित्रों से जुड़ी राजनीति समझिए… सपा समर्थक माने जाते हैं शिक्षामित्र-अनुदेशक सपा सरकार ने शिक्षामित्रों को सरकारी स्कूलों में समायोजित करके सहायक शिक्षक बनाने का फैसला किया था। जून, 2014 में 58 हजार और अप्रैल, 2015 में 91 हजार शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाया गया था। इसके चलते सभी का वेतन 35 से 40 हजार रुपए हो गया था। हालांकि, पहले हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट ने सरकार का फैसला खारिज कर दिया। भाजपा सरकार आने पर शिक्षामित्रों को राहत मिलने की उम्मीद थी। लेकिन, मानदेय 3500 से बढ़कर 10 हजार रुपए होने के अलावा कोई सुविधा नहीं मिली। इससे शिक्षामित्रों में संदेश गया कि भाजपा सरकार उनका हित नहीं चाहती। इसके चलते 2019 लोकसभा और 2022 विधानसभा चुनाव में शिक्षामित्रों ने खुलकर सपा का साथ दिया। उन्हें भरोसा था कि सपा सरकार बनने पर वे सहायक शिक्षक के पद पर बहाल किए जाएंगे। 2022 में भाजपा ने शिक्षामित्रों को पोलिंग एजेंट नहीं बनने दिया था सपा की तरफ झुकाव को देखते हुए ही भाजपा ने 2022 विधानसभा चुनाव में शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को पोलिंग एजेंट नहीं बनने दिया था। भाजपा की जीत के बाद स्थितियां कुछ बदलीं। शिक्षामित्र संगठनों और सरकार के बीच बैठकों से संदेश गया कि सरकार उनकी समस्याओं को लेकर गंभीर है। सीएम योगी ने 'स्कूल चलो अभियान' के दौरान इनसे सीधी बात की। इससे उम्मीद जगी कि आने वाले समय में नियमितीकरण और 12 महीने के मानदेय जैसी मांगों पर भी विचार हो सकता है। इसके बाद शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को सरकार के विरोध का रवैया छोड़ना पड़ा। वहीं, सरकार ने इनका मानदेय बढ़ाने का फैसला किया। इस साल के बजट में शिक्षकों और अनुदेशकों का मानदेय बढ़ाने की घोषणा की और अप्रैल से लागू कर दिया। सपा शिक्षामित्रों में भाजपा का विरोध खत्म नहीं होने देना चाहती मानदेय बढ़ने के बावजूद सपा यह कहकर आलोचना कर रही है कि उसने शिक्षामित्रों को सहायक शिक्षक बनाकर 40 हजार रुपए वेतन दिया था। सरकार बनने पर इसे फिर से लागू किया जाएगा। इसके अलावा सपा सरकारी स्कूलों के मर्जर के मुद्दे पर ‘PDA पाठशाला’ के सहारे सरकार के खिलाफ माहौल बनाने की कोशिश कर रही है। अखिलेश यादव सोशल मीडिया X पर शिक्षामित्रों के नाम चिट्ठी लिखकर याद दिलाने की कोशिश कर रहे हैं कि सपा सरकार ने उन्हें शिक्षक बनाया था। कुल मिलाकर सपा की रणनीति शिक्षामित्रों में सरकार को लेकर असंतोष खत्म नहीं होने देने की है। इसके लिए सपा शिक्षक सभा को भी सक्रिय किया गया है। संदेश दिया जा रहा है कि केवल सपा सरकार ही शिक्षामित्रों की समस्याएं खत्म कर सकती है। सपा के ‘षड्यंत्र’ से बचने की नसीहत दे रहे सीएम योगी सीएम योगी जानते हैं कि सपा शिक्षामित्रों और अनुदेशकों को भड़काने में कोर-कसर नहीं छोड़ेगी। इसी वजह से 5 मई को गोरखपुर में शिक्षामित्र सम्मान समारोह में उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों ने बिना किसी प्रावधान के मनमाने ढंग से शिक्षक बना दिया था। सुप्रीम कोर्ट ने इसे निरस्त कर दिया। इसके बावजूद हमने शिक्षामित्रों को बनाए रखा। साल-2017 में मानदेय 10 हजार रुपए किया। लेकिन, आपके बीच कुछ चंदा वसूलीबाज आ गए, जिन्होंने आपका शोषण किया और विपक्षी दलों के षड्यंत्र में फंसाया। जब आपको समझ आया, तब सरकार आपके साथ खड़ी हुई। अब 18 हजार रुपए मानदेय लागू कर दिया गया है। ट्रिपल कवर की घोषणा से साधा 2027 का चुनाव 1. म्यूचुअल ट्रांसफर की व्यवस्था मिलेगी। 2. बीमा से कवर कराने के लिए एक ही बैंक में खाते खोले जाएंगे। 3. शिक्षामित्र और अनुदेशकों को परिवार समेत 5 लाख रुपए तक कैशलेश इलाज की सुविधा मिलेगी। मानदेय बढ़ाने से सरकार पर 1457 करोड़ का भार बढ़ा यूपी में 1.29 लाख शिक्षामित्रों का मानदेय केंद्र सरकार के समग्र शिक्षा अभियान के तहत 60:40 के रेशियो में मिलता है। वहीं, 13,597 शिक्षामित्र ऐसे हैं, जिनका पूरा भुगतान यूपी सरकार करती है। अब मानदेय बढ़ने से यूपी सरकार पर कुल 1257.77 करोड़ रुपए का भार पड़ा। वहीं, उच्च प्राथमिक विद्यालयों में काम कर रहे 24,717 अनुदेशकों का मानदेय बढ़ने से 217.50 करोड़ रुपए का बोझ पड़ा। इस तरह सरकार पर सालाना 1475.27 करोड़ रुपए का भार पड़ा है। ------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बंगाल जीतने के बाद BJP यूपी में जोर लगाएगी, संगठन-मंत्रिमंडल विस्तार में महिलाओं को साधेगी; निशाने पर रहेगी सपा दिन था पश्चिम बंगाल के ऐतिहासिक जीत के जश्न मनाने का। लेकिन, इस दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सपा का नाम लेकर यह जता दिया कि अगला मिशन यूपी ही है। मोदी ने संकेत दे दिया है कि अब भाजपा पूरी तरह यूपी पर फोकस करेगी। पूरी खबर पढ़ें…

दैनिक भास्कर 7 May 2026 5:51 am

किशोरी ग्रुप की बैठक में शिक्षा से जोड़ने का संकल्प

बाड़मेर. इंडारा गांव में आयोजित बैठक में भाग लेती बालिकाएं। भास्कर न्यूज | बाड़मेर महिला संगठन बाड़मेर की ओर से मेरी उड़ान कार्यक्रम के दौरान इंडारा गांव में खुशी किशोरी बालिका ग्रुप की मीटिंग हुई। महिला संगठन अध्यक्ष अनीता सोनी ने कहा कि महिला आत्मनिर्भर बने। इसके लिए शिक्षा को हथियार बनाए। असली ताकत शिक्षा में है। इसे जीवन में उतारें। अपने परिवार को यह तोहफा दें। परिवार मजबूत बने। मीटिंग की अध्यक्षता करते हुए सुआ ने कहा कि नया शिक्षा सत्र शुरू हुआ है। खुशी बालिका ग्रुप अपने आसपास सर्वे करेगा। शिक्षा से वंचित बच्चों की पहचान करेगा। बच्चों को विद्यालय से जोड़ने का काम करेगा। यह काम 1 अप्रैल से शुरू कर दिया है। उद्देश्य यह है कि आसपास कोई बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे। बच्चों का स्कूल में दाखिला हो। बच्चे नियमित स्कूल जाएं। इसकी जिम्मेदारी ग्रुप की रहेगी। सूरज कुमारी ने कहा कि यह काम सब मिलकर करेंगे। वर्षा, जस्सू, अंतु देवी ने जिम्मेदारी ली कि जिन बच्चों के आधार कार्ड नहीं हैं, उनके आधार कार्ड बनवाने में मदद करेंगे। मां-बाप को समझाएंगे। बच्चों को स्कूल से जोड़ेंगे। सेलू व मगी ने गीत गाकर शिक्षा का संदेश दिया। मीटिंग का संचालन सुआ कुमारी ने किया।

दैनिक भास्कर 7 May 2026 5:30 am

शिक्षा विभाग में डेपुटेशन की पुरानी समस्या: आदेशों की अनदेखी कर अफसर रसूखदारों को फायदा पहुंचा रहे, माध्यमिक में 135, प्रारंभिक में 50 कार्मिक नियुक्त

भास्कर एक्सपर्ट शिक्षा विभाग में डेपुटेशन (प्रतिनियुक्ति) एक ऐसा असाध्य रोग बन चुका है जिसे विभाग के आला अधिकारी खुद ही पाल रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि एक तरफ माध्यमिक और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय डेपुटेशन के विरोध में कड़े आदेश जारी करता है, तो दूसरी तरफ रसूखदार शिक्षकों को मलाईदार जगह व्यवस्थार्थ बिठाने के नाम पर खुद ही नियमों को ताक पर रख देता है। हालिया मामला उदयपुर और बीकानेर निदेशालय से जुड़ा है, जहां टीएडी (जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग) के नाम पर शिक्षकों की बड़ी फौज को मूल स्कूलों से हटाकर हॉस्टलों में लगा दिया गया है। उदयपुर में डेपुटेशन का जाल: 185 से ज्यादा कार्मिक इधर-उधर सूत्रों और विभागीय दस्तावेजों के अनुसार, केवल उदयपुर जिले की स्थिति ही चौंकाने वाली है: माध्यमिक शिक्षा विभाग में करीब 135 शिक्षक व कार्मिक अपने मूल पदस्थापन को छोड़कर अन्य स्थानों पर डेपुटेशन का आनंद ले रहे हैं, तो प्रारंभिक शिक्षा विभाग में करीब 50 शिक्षक व कार्मिक प्रतिनियुक्ति पर लगे हुए हैं। इन कार्मिकों की मूल स्कूलों में कमी के चलते छात्र-छात्राओं की पढ़ाई बाधित हो रही है, लेकिन विभागीय अधिकारी ऊपर के दबाव या रसूख के आगे नतमस्तक हैं। निदेशक के विरोधाभासी आदेश: खुद की रोक, खुद ही ने किया उल्लंघन प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय, बीकानेर द्वारा जारी ताजा आदेशों ने विभाग के दोहरे मापदंडों की पोल खोल दी है। निदेशक सीताराम जाट द्वारा जारी सूची में राज्य के विभिन्न जिलों से करीब 250 से अधिक शिक्षकों को जनजाति क्षेत्रीय विकास विभाग के आवासीय बालक/बालिका आश्रम छात्रावासों में प्रतिनियुक्ति पर भेज दिया गया है। यह आदेश तब आए हैं जब विभाग लगातार शिक्षकों को स्कूलों में पढ़ाने और प्रतिनियुक्ति समाप्त करने के दावे करता रहा है। 27 फरवरी 2026 में जारी इस आदेशों के तहत टीएडी में हुए इस प्रतिनियुक्ति के खेल में लेवल-1 के शिक्षकों को अधीक्षक और अधीक्षिका के पदों पर प्रतिनियुक्ति दी गई है। दूसरी आेर निदेशक जाट ने ही 30 अप्रैल को आदेश जारी कर शिक्षकों की विस्तार से जानकारी मांगी है। साथ ही चेताया है कि जो सूची दी जाती है, उसके अतिरिक्त कोई भी कार्मिक यदि डेपुटेशन पर पाया जाता है, तो उसके लिए विभागीय अधिकारी जिम्मेदार होंगे। इस आदेश में स्पष्ट किया गया है कि जनगणना, एसआईआर व बीएलओ कार्य में लगे कार्मिक इसमें शामिल नहीं होंगे। शेरसिंह चौहान, प्रदेशाध्यक्ष पंचायती राज व माध्यमिक शिक्षक संघ } शिक्षा विभाग में शिक्षकों का मूल काम पढ़ाना है, न कि छात्रावासों का प्रबंधन देखना। एक तरफ स्कूलों में पद खाली हैं, दूसरी तरफ निदेशालय खुद ही सैकड़ों शिक्षकों को शिक्षण कार्य से हटाकर प्रशासनिक कार्यों में लगा रहे हैं। यह विरोधाभास समझ से परे है। साथ ही स्थानीय उदयपुर में भी कई शिक्षकों व कार्मिकों को यहां-वहां पदस्थापित कर व्यवस्थाओं को बिगाड़ने का कार्य विभाग खुद ही कर रहा है, जिसे साफ तौर पर रोकना चाहिए, इससे बच्चों की पढ़ाई प्रभावित हो रही है। } जिला शिक्षा अधिकारी माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती व प्रारंभिक चन्द्रशेखर जोशी ने बताया कि सूचियां तैयार की जा रही है, अंतिम रूप देकर उसे निदेशालय भेजा जाएगा।

दैनिक भास्कर 7 May 2026 5:30 am

शिक्षा निदेशालय:राज्य कर्मचारियों के पे फिक्सेशन की फिर से होगी गहन जांच, गलत भुगतान मिला तो अधिकारियों से करेंगे वसूली

उदयपुर सहित प्रदेशभर के सरकारी विभागों में गलत तरीके से वेतन ले रहे कर्मचारियों और गलत फिक्सेशन करने वाले अधिकारियों पर अब गाज गिरना तय है। वित्त विभाग और प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने प्रदेश के समस्त सेवारत राज्य कर्मचारियों के वेतन निर्धारण (पे-फिक्सेशन) की फिर से जांच के कड़े आदेश जारी किए हैं। उदयपुर जिले के शिक्षा विभाग में इसे लेकर हलचल तेज हो गई है, क्योंकि यहां बड़ी संख्या में तृतीय श्रेणी से लेकर द्वितीय श्रेणी के शिक्षकों के हाल ही पदोन्नति और एसीपी के मामले निस्तारित हुए हैं। सरकार ने दो टूक कहा है कि यदि भविष्य में नियम विरुद्ध भुगतान का कोई भी मामला सामने आता है तो जांच में लापरवाही बरतने वाले संबंधित अधिकारियों और कर्मचारियों से न केवल उस राशि की वसूली की जाएगी, बल्कि उनके विरुद्ध कठोर अनुशासनात्मक कार्रवाई भी अमल में लाई जाएगी। वरिष्ठतम लेखाधिकारी से सत्यापन अनिवार्य विभागीय परिपत्र के अनुसार सभी आहरण वितरण अधिकारियों (डीडीओ) को अपने कर्मचारियों के पुनरीक्षित वेतनमान, पदोन्नति, एसीपी और एमएसीपी के आधार पर किए गए वेतन निर्धारण की गहनता से पड़ताल करनी होगी। इस जांच को विभाग के वरिष्ठतम लेखाधिकारी से सत्यापित कराना अनिवार्य होगा। जुलाई-2026 के वेतन बिलों में डीडीओ को यह प्रमाण-पत्र देना होगा कि सभी कार्मिकों के वेतन की जांच कर ली गई है और इसमें कोई विसंगति नहीं है। बता दें कि प्रशासनिक दस्तावेजों के अनुसार वर्ष 2017 और 2025 में भी ऐसी जांच के आदेश दिए गए थे। इसके बावजूद नियमों की अनदेखी और गलत वेतन निर्धारण के मामले थम नहीं रहे हैं। समीक्षा मांगी, हम काम शुरू कर चुके“इससे यदि किसी ने जानबूझकर या गलती से गलत फिक्सेशन करवाया या किया है तो स्पष्ट हो जाएगा। सरकार ने विस्तृत समीक्षा मांगी है। हमने उदयपुर जिले में काम शुरू कर दिया है।”-डॉ. लोकेश भारती, जिला शिक्षा अधिकारी (माध्यमिक), उदयपुर ऑडिट में सामने आ जाएंगी गड़बड़ियां “वर्षभर में वेतन संबंधी जो भी शिकायतें आती हैं, उनमें यदि कोई बड़ी गड़बड़ी होगी तो इस विशेष ऑडिट में वह सामने आ जाएगी।” -चंद्रशेखर जोशी, जिला शिक्षा अधिकारी (प्रारंभिक), उदयपुर

दैनिक भास्कर 7 May 2026 5:30 am

उत्तर प्रदेश: गुणवत्ता, शोध और नवाचार पर सख्त रुख, राज्यपाल ने उच्च शिक्षा संस्थानों को समयबद्ध सुधार के दिए निर्देश

उत्तर प्रदेश की राज्यपाल आनंदीबेन पटेल ने उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, शोध और नवाचार को लेकर सख्त रुख अपनाते हुए महाविद्यालयों को समयबद्ध सुधार के निर्देश दिए हैं

देशबन्धु 6 May 2026 11:49 pm

9 देशों के शिक्षाविदों ने किया सरकारी विद्यालयों का दौरा:NEP को बताया प्रभावशाली; ब्रिटिश काउंसिल के डिप्टी डायरेक्टर भी सोनीपत पहुंचे

हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था अब केवल देश तक सीमित नहीं रही, बल्कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी अपनी पहचान बना रही है। केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति 2020 और राज्य सरकार के निपुण हरियाणा मिशन की सफलता को परखने के लिए विभिन्न 9 देशों के प्रतिनिधियों का दल सोनीपत सहित प्रदेश के 4 जिलों के शैक्षणिक दौरे पर पहुंचा। इस दौरान विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने न केवल सरकारी स्कूलों में चल रही शैक्षणिक गतिविधियों का गहन निरीक्षण किया, बल्कि शिक्षकों की कार्यशैली, बच्चों के सीखने के स्तर और तकनीकी उपयोग को भी करीब से समझा। यह दौरा इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा का शिक्षा मॉडल अब वैश्विक स्तर पर चर्चा का विषय बन रहा है और आने वाले समय में अन्य देश भी इसे अपनाने की दिशा में कदम बढ़ा सकते हैं। विदेशी प्रतिनिधिमंडल ने किया शैक्षणिक दौरामंगलवार को 9 देशों के प्रतिनिधियों का दल सोनीपत, गुरुग्राम, झज्जर और रोहतक के सरकारी विद्यालयों के शैक्षणिक भ्रमण पर पहुंचा। सोनीपत में पहली बार इस तरह का अंतरराष्ट्रीय दौरा आयोजित किया गया, जिसमें राजकीय मॉडल संस्कृति प्राथमिक विद्यालय, कबीरपुर और बंदेपुर को चयनित किया गया। यह चयन अपने आप में इस बात का संकेत है कि इन विद्यालयों में शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय कार्य किए जा रहे हैं। निपुण भारत और निपुण हरियाणा मिशन की सफलता को परखाइस भ्रमण का मुख्य उद्देश्य राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के तहत शुरू किए गए निपुण भारत मिशन और उसके राज्य स्तरीय विस्तार निपुण हरियाणा मिशन की प्रभावशीलता का आकलन करना था। वर्ष 2021 में प्रधानमंत्री द्वारा शुरू किए गए इस मिशन का लक्ष्य बुनियादी साक्षरता और संख्या ज्ञान को मजबूत करना है। विदेशी प्रतिनिधियों ने कक्षाओं में बच्चों की सीखने की क्षमता और शिक्षण पद्धति को बारीकी से परखा। ब्रिटिश काउंसिल के नेतृत्व में पहुंचे प्रतिनिधिइस अंतरराष्ट्रीय प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व ब्रिटिश काउंसिल के डिप्टी डायरेक्टर साइमन स्टीपन कर रहे थे। दल में तंजानिया, दक्षिण अफ्रीका, नेपाल, केन्या और घाना सहित विभिन्न देशों के शिक्षाविद् शामिल थे। प्रतिनिधियों में आयशा अबोला, फेरिस सुलेमान, लॉरेंस जॉन संगा सहित कई शिक्षा विशेषज्ञों ने सक्रिय भागीदारी निभाई और भारतीय शिक्षा प्रणाली को करीब से समझा। स्कूलों में 3 घंटे से अधिक समय, आधुनिक तकनीक का लिया अनुभवविदेशी प्रतिनिधियों ने दोनों विद्यालयों में 3 घंटे से अधिक समय बिताया। इस दौरान उन्होंने शिक्षकों द्वारा अपनाई जा रही आधुनिक शिक्षण तकनीकों का लाइव डेमो देखा। कक्षा कक्ष में बच्चों की भागीदारी, गतिविधि आधारित शिक्षण और डिजिटल माध्यमों के उपयोग ने प्रतिनिधियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। मेंटर्स ऐप के जरिए लाइव ऑब्जरवेशन प्रक्रिया की सराहनानिपुण हरियाणा मिशन के तहत मेंटर्स द्वारा की जाने वाली कक्षा कक्ष ऑब्जरवेशन प्रक्रिया को भी विदेशी प्रतिनिधियों ने लाइव देखा। यह पूरी प्रक्रिया निपुण हरियाणा मेंटर्स ऐप के माध्यम से संचालित होती है, जिससे शिक्षण की गुणवत्ता पर लगातार निगरानी रखी जाती है। इस तकनीकी नवाचार की प्रतिनिधियों ने खुलकर सराहना की। शिक्षा अधिकारियों से संवाद, कई अहम सवाल-जवाबभ्रमण के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा भी की। ज्वाइंट डायरेक्टर जितेंद्र जोशी, जिला मौलिक शिक्षा अधिकारी रचना बाना, जिला समन्वयक मनोज वर्मा और अन्य अधिकारियों से विभिन्न विषयों पर सवाल-जवाब किए गए। इसमें शिक्षा नीति के क्रियान्वयन, चुनौतियों और भविष्य की योजनाओं पर चर्चा हुई। विदेशों में भी गूंजेगी हरियाणा की शिक्षा नीतिविदेशी प्रतिनिधियों ने हरियाणा की शिक्षा व्यवस्था और निपुण मिशन की सराहना करते हुए कहा कि वे अपने-अपने देशों में इस मॉडल को लागू करने की सिफारिश करेंगे। इससे न केवल भारत की शिक्षा नीति को वैश्विक पहचान मिलेगी, बल्कि हरियाणा का नाम भी अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोशन होगा।

दैनिक भास्कर 6 May 2026 10:00 pm

फर्जी पिता के नाम पर नौकरी, प्रधान पाठक सस्पेंड:बलरामपुर में शिकायत के बाद जांच में हुआ खुलासा, जिला शिक्षा अधिकारी ने की कार्रवाई

छत्तीसगढ़ के बलरामपुर-रामानुजगंज जिले में फर्जी दस्तावेजों के आधार पर नौकरी पाने वाले एक प्रधान पाठक को निलंबित कर दिया गया है। यह कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी द्वारा की गई जांच के बाद सामने आई, जिसमें शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हुआ के प्रधान पाठक पर फर्जी पिता के नाम से नौकरी हासिल करने का आरोप सही पाया गया। ग्राम कुशफर निवासी सत्यनारायण ने 11 अप्रैल 2025 को कलेक्टर के समक्ष इस संबंध में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत में आरोप लगाया गया था कि ग्राम पंचायत कुशफर के सरपंच और एक शासकीय शिक्षक ने एक ही पिता का नाम इस्तेमाल कर धोखाधड़ी की है। शिकायत की गंभीरता को देखते हुए जिला शिक्षा अधिकारी ने जांच के आदेश दिए थे। दूसरे के नाम पर प्रधान पाठक ने की नौकरी जांच के दौरान दस्तावेजों की गहन पड़ताल की गई और ग्रामीणों के बयान दर्ज किए गए। जांच प्रतिवेदन में शिकायत को सही पाया गया। रिपोर्ट के अनुसार, शासकीय प्राथमिक शाला कोल्हुआ के प्रधान पाठक का वास्तविक नाम रामदुलार (पिता जीतू) है, लेकिन उन्होंने लालमन सिंह (पिता रामवृक्ष) के नाम से सरकारी नौकरी प्राप्त की थी। इस कृत्य को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम 1965 के नियम-3 का उल्लंघन माना गया है। इसके परिणामस्वरूप, संबंधित प्रधान पाठक को छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम 1966 के नियम-9(1)(क) के तहत तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। निलंबन अवधि के दौरान प्रधान पाठक का मुख्यालय विकासखंड शिक्षा अधिकारी कार्यालय, रामचंद्रपुर निर्धारित किया गया है। उन्हें नियमानुसार जीवन निर्वाह भत्ता भी प्रदान किया जाएगा। जिला शिक्षा अधिकारी मनी राम यादव ने बताया कि इस मामले में नियमित विभागीय जांच की प्रक्रिया भी शुरू की जा रही है। आगे की कार्रवाई नियमानुसार की जाएगी।

दैनिक भास्कर 6 May 2026 3:55 pm

हरियाणा शिक्षा सदन घेरने पंचकूला पहुंचे लैब सहायक:जॉब सिक्योरिटी और वेतन वृद्धि की मांग, बातचीत के लिए पहुंचे अधिकारी

हरियाणा के सरकारी स्कूलों में सेवारत 4400 कंप्यूटर टीचरों और लैब सहायक शिक्षा सदन का घेराव करने के लिए पंचकूला पहुंचे हैं। टीचरों और लैब सहायक जॉब सिक्योरिटी में शामिल करने की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे हैं। संघ के प्रदेश अध्यक्ष सुरेंद्र प्योंत और प्रदेश महासचिव सुनील राणा ने कहा कि मुख्यमंत्री द्वारा कच्चे कर्मचारियों को 58 वर्ष तक नौकरी सुरक्षा देने की घोषणा केवल कागजों तक सीमित रह गई है। प्रदेश सरकार द्वारा शुरू किए गए पोर्टल पर हजारों कर्मचारियों ने उम्मीद के साथ आवेदन किया था और आवेदन की अंतिम तिथि को तीन बार बढ़ाया गया। इसके बावजूद शिक्षा विभाग के अधिकारियों की लापरवाही और उदासीन रवैये के चलते कंप्यूटर लैब अटेंडेंट कर्मचारियों का पंजीकरण ही नहीं किया गया, जिससे वे नौकरी सुरक्षा के अधिकार से वंचित रह गए। 5 साल से नहीं बढ़ा वेतन संघ नेताओं ने आरोप लगाया कि पिछले पांच वर्षों से कर्मचारियों के वेतनमान में कोई वृद्धि नहीं की गई है, जबकि महंगाई लगातार बढ़ रही है। ऐसे में बिना वेतन वृद्धि के काम करना कर्मचारियों के लिए बेहद कठिन हो गया है और उनकी आर्थिक स्थिति लगातार बिगड़ती जा रही है। उन्होंने कहा कि कंप्यूटर लैब अटेंडेंट शिक्षा व्यवस्था का अहम हिस्सा हैं और विद्यार्थियों को तकनीकी शिक्षा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इसके बावजूद उनके साथ हो रहा भेदभाव और उपेक्षा बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। 4 साल पहले वार्ता में मांगें मानी कंप्यूटर टीचर वेलफेयर एसोसिएशन के प्रदेश अध्यक्ष बलराम धीमान और कंप्यूटर अध्यापक कल्याण समिति के प्रदेश अध्यक्ष सोनू नरवाल ने कहा कि उनकी चार साल पहले शिक्षा मंत्री कंवर पाल के साथ हुई थी। महिला कर्मचारियों को मातृत्व अवकाश, ईएसआई मेडिकल सुविधा का लाभ, भविष्य निधि लागू करने, कंप्यूटर लैब के लिए बजट आवंटन और 12 वार्षिक छुटियां देने की मांग को भी शिक्षा मंत्री और अधिकारियों ने मान लिया था। वहीं सेवा नियमों में कंप्यूटर शिक्षकों, लैब सहायकों की शैक्षणिक योग्यता, कार्य पद्घति व पदनाम तय करने की बात कही थी, लेकिन उस पर अभी तक काम नहीं हुआ है।

दैनिक भास्कर 6 May 2026 12:57 pm

प्रश्न की गलत जांच, कोर्ट ने शिक्षा सचिव से मांगा जवाब

स्कूल व्याख्याता भर्ती- 2024 के एक प्रश्न की गलत जांच करने से जुड़े मामले में हाईकोर्ट ने प्रमुख शिक्षा सचिव व आरपीएससी सचिव से जवाब देने के लिए कहा है। वहीं भूगोल विषय के व्याख्याता पद पर दी जाने वाली नियुक्तियों को याचिका के निर्णय के अधीन रुखा है। जस्टिस आनंद शर्मा ने यह आदेश जसवंत सिंह की याचिका पर दिया। अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया कि आरपीएससी की भूगोल विषय की स्कूल व्याख्याता भर्ती-2024 की जून माह में हुई लिखित परीक्षा में प्रार्थी भी शामिल हुआ था। आयोग की ओर से मॉडल उत्तर कुंजी जारी कर प्रश्नों पर आपत्तियां मांगी। जिसमें उसने भी आपत्ति दर्ज कराते हुए कहा कि प्रश्न संख्या 71 का जवाब आयोग ने विकल्प संख्या 2 को सही माना है, जबकि मान्यता प्राप्त पुस्तकों में इस सवाल का जो जवाब बताया है, वह विकल्प संख्या 1 का है। लेकिन फिर भी आयोग की अंतिम उत्तर कुंजी में विकल्प संख्या 2 के जवाब को ही सही माना। इसे हाईकोर्ट में चुनौती देते हुए कहा कि इसी सवाल को आयोग ने साल 2022 की स्कूल व्याख्याता भर्ती में पूछा था और उस समय आयोग ने विकल्प संख्या 1 के जवाब को सही माना था। दो साल में आयोग ने अपनी ओर से तय जवाब ही बदल दिया। याचिका में कहा कि माइनस मार्किंग की इस परीक्षा में प्रार्थी केवल 0.66 अंक से कट ऑफ से बाहर हुआ है। यदि इस सवाल का विकल्प संख्या 1 में बताए जवाब को सही मानें तो उसका चयन हो जाएगा। स्कूल व्याख्याता भर्ती- 2024

दैनिक भास्कर 6 May 2026 5:30 am

राजौंद के गरीब बच्चों को दी जा रही फ्री शिक्षा:अपनी गाड़ी से लाता है स्कूल स्टाफ, 23 बच्चों का कराया दाखिला

कैथल जिले में राजौंद के राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रोहेड़ा ईंट भट्ठे पर काम करने वाले गरीब मजदूरों के बच्चों के लिए वरदान साबित हो रहा है। जिन बच्चों ने कभी स्कूल जाने का सपना भी नहीं देखा था, उन्हें यह विद्यालय शिक्षा प्रदान कर रहा है। प्रधानाचार्य वीरेंद्र दयोल ने बताया कि विद्यालय में प्रतिदिन ईंट भट्ठा मजदूरों के बच्चों को पढ़ाया जाता है। कुल 23 लड़के-लड़कियों ने अपना दाखिला करवाया है। इन सभी बच्चों को सुबह भट्ठे से विद्यालय लाने और छुट्टी के बाद वापस छोड़ने का काम प्रधानाचार्य वीरेंद्र दयोल और डीपीई कृष्ण सिंगरोह अपनी निजी गाड़ी से करते हैं। कॉपियां और पेंसिलें भी खरीद कर दी विद्यालय में इन बच्चों की प्रतिदिन पढ़ाई करवाई जाती है। कला अध्यापक राजेश कुमार विशेष रुचि के साथ इन्हें पढ़ाते हैं। इन बच्चों को पढ़ने के लिए कॉपियां और पेंसिलें भी खरीद कर दी गई हैं। दोपहर का भोजन वे मिड-डे मील में करते हैं, और इसके अतिरिक्त उन्हें चॉकलेट और बिस्कुट भी दिए जाते हैं। पैंट-शर्ट और जूते भी उपलब्ध कराए पिछले एक महीने से इन बच्चों को प्रतिदिन विद्यालय लाया जा रहा है, और इस दौरान वे काफी पढ़ना-लिखना सीख गए हैं। इसके अलावा, विद्यालय स्टाफ द्वारा इन बच्चों को पैंट-शर्ट और जूते भी उपलब्ध कराए जाते हैं। विद्यालय स्टाफ सदस्य सिकंदर सिंह, बलजीत सिंह, राजबीर सिंह और रामबिलास शास्त्री का भी इस पहल में विशेष योगदान है।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 9:45 pm

गाजियाबाद में 451 शिक्षामित्रों को बढ़ा मानदेय मिला:सम्मान समारोह में मेधावी छात्राओं को लैपटॉप देने की घोषणा

गाजियाबाद के लोहिया नगर स्थित हिंदी भवन में शिक्षामित्रों के सम्मान और बढ़े हुए मानदेय वितरण का कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी और शिक्षा विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। कार्यक्रम में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा, महापौर सुनीता दयाल, शहर विधायक संजीव शर्मा और लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर उपस्थित रहे। जिलाधिकारी रविन्द्र कुमार मांदड़ ने अतिथियों का स्वागत पौधा और गणेश प्रतिमा भेंट कर किया। अपने संबोधन में कैबिनेट मंत्री सुनील शर्मा ने शिक्षामित्रों को शिक्षा व्यवस्था की मजबूत नींव बताया और सरकार द्वारा उनके हितों के लिए किए जा रहे कार्यों पर प्रकाश डाला। महापौर सुनीता दयाल ने शिक्षामित्रों को बच्चों के भविष्य का निर्माता कहा। शहर विधायक संजीव शर्मा ने प्रदेश सरकार के शिक्षा सुधार प्रयासों का उल्लेख किया, जबकि लोनी विधायक नंद किशोर गुर्जर ने शिक्षामित्रों की मेहनत और समर्पण की सराहना की। जिलाधिकारी ने भी शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार के लिए शिक्षामित्रों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया। कार्यक्रम के दौरान मुख्यमंत्री और बेसिक शिक्षा मंत्री का ऑनलाइन संबोधन भी प्रदर्शित किया गया। इस अवसर पर गाजियाबाद के लोनी, रजापुर, मुरादनगर, भोजपुर और नगर क्षेत्र के 451 शिक्षामित्रों को उनके खातों में बढ़ा हुआ मानदेय वितरित किया गया। यह भी बताया गया कि प्रदेश भर में कुल 1.43 लाख शिक्षामित्रों को इस योजना का लाभ मिला है। बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां भी दीं, जिनमें सरस्वती वंदना, हरियाणवी नृत्य और कजरी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, तीन मेधावी छात्राओं गुलाफ्शा खातून, तानिया और बुशरा को उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन के लिए सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी ने उन्हें लैपटॉप देने की घोषणा की।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 9:28 pm

बागपत कलेक्ट्रेट में शिक्षामित्रों का सम्मान:मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपए किया, राज्यमंत्री कृष्ण पाल मलिक शिक्षकों को सौंपा चेक

बागपत कलेक्ट्रेट में शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि के उपलक्ष्य में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री कृष्ण पाल मलिक ने शिक्षामित्रों को सांकेतिक चेक प्रदान किए और उनके योगदान की सराहना की। कार्यक्रम के दौरान मंत्री मलिक ने एक महत्वपूर्ण सामाजिक मुद्दे पर भी चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई बच्चे घरों से मोबाइल फोन छिपाकर स्कूल ले जाते हैं और वहां अनुचित सामग्री देखते हैं। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने बच्चों की गतिविधियों पर नजर रखें और उनकी शिक्षा व संस्कारों पर विशेष ध्यान दें। शिक्षामित्रों के मानदेय में की गई वृद्धि को एक बड़ा कदम माना जा रहा है। पहले उन्हें ₹3500 मानदेय मिलता था, जिसे वर्ष 2017 में बढ़ाकर ₹10,000 किया गया था। अब इसे बढ़ाकर ₹18,000 प्रति माह कर दिया गया है। यह वृद्धि न केवल आर्थिक सहायता है, बल्कि वर्षों से शिक्षा के क्षेत्र में कार्यरत शिक्षामित्रों के समर्पण का सम्मान भी है। मंत्री कृष्ण पाल मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि गुरुओं का सम्मान और बड़ों का आशीर्वाद एक मजबूत राष्ट्र की नींव रखते हैं। उन्होंने शिक्षकों को समाज को सही दिशा देने वाली महत्वपूर्ण शक्ति बताते हुए उनसे बच्चों को शिक्षा के साथ-साथ अच्छे संस्कार देने का आग्रह किया। इस कार्यक्रम में कुल 376 शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया, जिनके खातों में बढ़ा हुआ मानदेय भेजा गया। सांकेतिक चेक प्राप्त करते समय कई शिक्षामित्र भावुक हो उठे और उनके चेहरों पर खुशी और गर्व साफ दिखाई दिया। सभी सम्मानित शिक्षामित्रों ने सरकार के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह सम्मान उनके लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगा।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 9:16 pm

लखीमपुर में 3,191 शिक्षामित्रों को बढ़ा मानदेय मिला:राज्यमंत्री सुरेश राही ने खातों में राशि ट्रांसफर कर सम्मानित किया

लखीमपुर में मंगलवार को शिक्षामित्रों के लिए 'शिक्षामित्र सम्मान एवं बढ़े हुए मानदेय वितरण' कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें कारागार राज्यमंत्री सुरेश राही ने 3191 शिक्षामित्रों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय ट्रांसफर किया और उत्कृष्ट कार्य करने वालों को सम्मानित किया। यह कार्यक्रम बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा रॉयल पैराडाइज में आयोजित हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ राज्यमंत्री सुरेश राही ने विधायक योगेश वर्मा, विनोद शंकर अवस्थी, जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह और सीडीओ अभिषेक कुमार के साथ दीप प्रज्वलन कर किया। इस अवसर पर गोरखपुर से मुख्यमंत्री के राज्य स्तरीय कार्यक्रम का सीधा प्रसारण भी दिखाया गया। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों के लिए मानदेय वृद्धि, 5 लाख रुपये तक की कैशलेस मेडिकल सुविधा और जीवन बीमा सुरक्षा की घोषणा की, जिसका सभागार में मौजूद लोगों ने तालियों से स्वागत किया। जिले के कुल 3191 शिक्षामित्रों के खातों में बढ़ा हुआ मानदेय सीधे अंतरित किया गया। इसके अतिरिक्त, उत्कृष्ट कार्य करने वाले शिक्षामित्रों को प्रमाण पत्र और शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। मंच से कई शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये मानदेय के प्रतीकात्मक चेक भी प्रदान किए गए। राज्यमंत्री सुरेश राही ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षामित्र शिक्षा व्यवस्था के मजबूत स्तंभ हैं। उन्होंने विपरीत परिस्थितियों में भी शिक्षण कार्य को संभाले रखा है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि बढ़ा हुआ मानदेय शिक्षामित्रों को आर्थिक रूप से सशक्त करेगा और वे और अधिक उत्साह के साथ शिक्षण कार्य कर सकेंगे। विधायक विनोद शंकर अवस्थी और योगेश वर्मा ने भी शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि सरकार उनके भविष्य को सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने इस निर्णय को शिक्षामित्रों के जीवन में नई ऊर्जा भरने वाला बताया। कार्यक्रम के अंत में शिक्षामित्रों ने राज्यमंत्री को पुष्पगुच्छ भेंट कर आभार व्यक्त किया। इस दौरान आयोजित टीएलएम (टीचिंग लर्निंग मटेरियल) प्रदर्शनी में शिक्षकों और शिक्षामित्रों की रचनात्मकता की भी सराहना की गई।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 8:56 pm

दिव्यांग राइडर्स ने शुरू की 616 किमी की यात्रा:धमतरी पहुंचे, शिक्षा जागरूकता और आत्मविश्वास बढ़ाने का है उद्देश्य

धमतरी में दिव्यांग राइडर्स का एक समूह पहुंचा है। ये राइडर्स रायपुर से 616 किलोमीटर लंबी जागरूकता यात्रा पर निकले हैं। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य शिक्षा के माध्यम से दिव्यांगजनों के व्यक्तित्व विकास और आत्मविश्वास को बढ़ावा देना है। यह यात्रा छत्तीसगढ़ ईगल स्पेशली एबल्ड राइडर्स द्वारा रविवार को रायपुर के घड़ी चौक से शुरू की गई थी। यह जगदलपुर स्थित दंतेश्वरी मंदिर तक जाएगी और फिर रायपुर लौटेगी। कुल 616 किलोमीटर की यह यात्रा 3 मई से 5 मई तक पूरी की जाएगी। विभिन्न जिलों से लगभग 35 दिव्यांगजन भाग ले रहे हैं इस अभियान में राज्य के विभिन्न जिलों से लगभग 35 दिव्यांगजन भाग ले रहे हैं, जो बाइक और स्कूटी के माध्यम से यात्रा कर रहे हैं। राइड कॉआर्डिनेटर संदीप कुमार और ऋषि मिश्रा ने बताया कि प्रतिभागी इस यात्रा के जरिए यह संदेश दे रहे हैं कि साहस और आत्मविश्वास के साथ जीवन में कुछ भी असंभव नहीं है। प्रमुख लक्ष्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना आयोजकों के अनुसार, यह सुलभ जागरूकता यात्रा छत्तीसगढ़ ईगल स्पेशली एबल्ड राइडर्स की पहली पहल है, जो समाज में सकारात्मक संदेश देने का कार्य कर रही है। इसका प्रमुख लक्ष्य समाज में शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना भी है। धमतरी शहर पहुंचने पर एक्ज़ेक्ट फाउंडेशन द्वारा जागरूकता यात्रा का स्वागत किया गया। सभी दिव्यांगों को रुद्री स्थित आवासीय विद्यालय में भोजन भी कराया गया। संस्था की अध्यक्ष लक्ष्मी सोनी और उपाध्यक्ष देवश्री जोशी ने कहा कि तपती धूप में दिव्यांगों द्वारा निकाली गई यह यात्रा साहस और आत्मविश्वास को बढ़ाएगी और इसके बेहतर परिणाम सामने आएंगे।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 7:28 pm

शिक्षामित्रों के बढ़े मानदेय और सम्मान कार्यक्रम का आयोजन:मुजफ्फरनगर में राज्यमंत्री ने 10 शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक देकर किए सम्मानित

मुजफ्फरनगर में शिक्षामित्रों के बढ़े हुए मानदेय के भुगतान और सम्मान के लिए राज्य स्तरीय कार्यक्रम का आयोजन किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में बाबा गंभीरनाथ प्रेक्षागृह से हुए इस कार्यक्रम का सीधा प्रसारण जनपद के लाला जगदीश प्रसाद सरस्वती विद्या मंदिर इंटर कॉलेज में एलईडी स्क्रीन पर दिखाया गया। स्थानीय कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिल देव अग्रवाल ने किया। इस दौरान जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, जिलाधिकारी उमेश मिश्रा और अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। इस अवसर पर स्कूली बच्चों ने सरस्वती वंदना, स्वागत गीत और सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। जिले के विभिन्न विकासखंडों से लगभग 1000 शिक्षामित्रों ने इस कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम में 10 चयनित शिक्षामित्रों को 18,000 रुपए की धनराशि के प्रतीकात्मक चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। सरकार ने शिक्षामित्रों का मासिक मानदेय 10,000 रुपए से बढ़ाकर 18,000 रुपए कर दिया है। यह बढ़ा हुआ मानदेय 1 अप्रैल 2026 से प्रभावी होगा। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने संबोधन में शिक्षामित्रों को बधाई दी। उन्होंने कहा कि शिक्षामित्र केवल शिक्षक नहीं, बल्कि समाज में शिक्षा के प्रहरी हैं। मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों के लिए कैशलेस चिकित्सा सुविधा और सोशल सिक्योरिटी की भी घोषणा की। बेसिक शिक्षा मंत्री संदीप सिंह ने कहा कि शिक्षामित्र गांव-गांव में शिक्षा की अलख जगा रहे हैं और नई पीढ़ी के निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। उन्होंने स्कूल चलो अभियान को सफल बनाने का भी आह्वान किया। कार्यक्रम के दौरान वक्ताओं ने ऑपरेशन कायाकल्प, डिजिटल लाइब्रेरी, आईसीटी लैब और ड्रॉपआउट दर को कम करने के प्रयासों पर भी प्रकाश डाला। अंत में सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का आभार व्यक्त करते हुए कार्यक्रम का समापन हुआ।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:21 pm

शाहजहांपुर में मानदेय वृद्धि सम्मान समारोह में पहुंचे वित्तमंत्री:300 शिक्षा मित्रों के साथ देखा मुख्यमंत्री का कार्यक्रम, बोले-आगे भी वृद्धि होती रहेगी

शाहजहांपुर में शिक्षा मित्रों के मानदेय वृद्धि को लेकर गन्ना शोध संस्थान में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में वित्त मंत्री सुरेश खन्ना जिले के विधायकों के साथ उपस्थित रहे। वित्त मंत्री ने 300 शिक्षा मित्रों के साथ मुख्यमंत्री का लाइव कार्यक्रम देखा। उन्होंने घोषणा की कि उत्तर प्रदेश सरकार शिक्षा मित्रों को 18 हजार रुपये और अनुदेशकों को 17 हजार रुपये मानदेय देगी। शिक्षा मित्रों ने मुख्यमंत्री और वित्त मंत्री का आभार व्यक्त किया। शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि अभिभावक जिस अटूट विश्वास के साथ अपने बच्चों को उनके पास भेजते हैं, उन बच्चों के भविष्य को संवारने और उन्हें आदर्श नागरिक बनाने की जिम्मेदारी शिक्षामित्रों पर है। उन्होंने बताया कि प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों को उनके निकट के विद्यालय में कार्य करने का अवसर देने का निर्णय लिया है। इसके अतिरिक्त, उनके लिए 5 लाख रुपये तक के कैशलेस इलाज की व्यवस्था भी की गई है। वित्त एवं संसदीय कार्य मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने अपने संबोधन में शिक्षकों के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि शिक्षक समाज को सही दिशा में आगे बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने सभी शिक्षकों से कर्तव्यनिष्ठा के साथ अपने कार्यों को करने का आग्रह किया और अच्छी आदतें अपनाने की सलाह दी, ताकि बच्चे भी उनसे प्रेरित हों। मंत्री ने पुनः दोहराया कि उत्तर प्रदेश सरकार ने शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाकर 18,000 रुपये और अनुदेशकों का 17,000 रुपये कर दिया है, और भविष्य में भी इसमें वृद्धि जारी रहेगी। इस अवसर पर वित्त मंत्री सुरेश कुमार खन्ना ने शिक्षामित्रों को मानदेय वृद्धि का प्रतीकात्मक चेक भी सौंपा। कार्यक्रम में जिले के विभिन्न विधानसभाओं के विधायक और जिलाधिकारी सहित अन्य अधिकारी भी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:17 pm

शिक्षकों और शिक्षामित्रों के प्रति संवेदनशील है सरकार:विधायक बोले- मानदेय वृद्धि परिश्रम का सम्मान, गांव-गांव में शिक्षा की रोशनी फैला रहे

बहराइच में शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि को लेकर एक शिक्षक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गोरखपुर में हुए शिक्षामित्र सम्मान समारोह का सजीव प्रसारण भी दिखाया गया। प्रदेश सरकार ने शिक्षा मित्रों का मानदेय 10 हजार से बढ़ाकर 18 हजार रुपये करने का निर्णय लिया है। यह कार्यक्रम नगर के कपूरथला परिसर स्थित उत्थान ऑडिटोरियम में हुआ। इसका शुभारंभ विधान परिषद सदस्य डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी, पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी, बलहा विधायक सरोज सोनकर और नानपारा विधायक राम निवास वर्मा ने किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी, मुख्य विकास अधिकारी सुनील कुमार धनवंता और जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष कुमार सिंह भी उपस्थित रहे। अतिथियों ने दीप प्रज्ज्वलन और मां सरस्वती के चित्र पर माल्यार्पण कर कार्यक्रम की शुरुआत की। समारोह में मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में गोरखपुर में आयोजित शिक्षामित्र सम्मान समारोह का सीधा प्रसारण किया गया। इस प्रसारण को उपस्थित जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और बड़ी संख्या में शिक्षा मित्रों ने देखा और सुना। बलहा विधायक सरोज सोनकर ने अपने संबोधन में कहा कि उत्तर प्रदेश सरकार हमेशा शिक्षकों और शिक्षामित्रों के सम्मान तथा हितों के प्रति संवेदनशील रही है। उन्होंने मानदेय वृद्धि के निर्णय को शिक्षा मित्रों के परिश्रम का सम्मान बताया और कहा कि शिक्षा मित्र गांव-गांव में शिक्षा की रोशनी फैला रहे हैं। पयागपुर विधायक सुभाष त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मित्र केवल शिक्षक नहीं, बल्कि समाज निर्माण के शिल्पी हैं। उन्होंने बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के निर्माण में उनकी भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताया। विधायक त्रिपाठी ने विश्वास व्यक्त किया कि मानदेय वृद्धि से शिक्षा मित्रों में नई ऊर्जा का संचार होगा। एमएलसी डॉ. प्रज्ञा त्रिपाठी ने कहा कि प्रदेश सरकार शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। शिक्षा मित्रों का सम्मान और उनके जीवन स्तर में सुधार सरकार की प्राथमिकता है। उन्होंने सभी शिक्षा मित्रों को बधाई देते हुए कहा कि यह निर्णय उनके धैर्य और सेवा भावना की जीत है। जिलाधिकारी अक्षय त्रिपाठी ने कहा कि शिक्षा मित्र जनपद की शिक्षा व्यवस्था की महत्वपूर्ण कड़ी हैं। विशेष रूप से ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने में उनका योगदान है। मुख्य विकास अधिकारी धनवंता ने कहा कि शिक्षा मित्र राष्ट्र निर्माण की आधारशिला हैं। उनके योगदान से ही समाज में जागरूकता और प्रगति का मार्ग प्रशस्त होता है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी आशीष सिंह ने कहा कि शिक्षा मित्रों का समर्पण और अनुशासन सदैव प्रेरणादायक रहा है। सरकार के इस निर्णय से उनमें उत्साह बढ़ेगा और विद्यालयों में बेहतर शैक्षिक वातावरण बनेगा। सम्मान समारोह कार्यक्रम के दौरान 10 चयनित शिक्षा मित्रों को प्रतीकात्मक रूप से डेमो चेक प्रदान कर सम्मानित किया गया। इस अवसर पर खण्ड शिक्षा अधिकारी, शिक्षा मित्र संघ के विभिन्न पदाधिकारी तथा बड़ी संख्या में शिक्षा मित्र मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 5:11 pm

उन्नाव में शिक्षामित्र सम्मान समारोह:मानदेय बढ़ने पर1300 शिक्षामित्रों को जिलाधिकारी ने किया सम्मानित

उन्नाव शहर के निराला प्रेक्षागृह में शिक्षामित्र सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में जिले भर से आए शिक्षामित्रों को सम्मानित किया गया। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस अवसर पर जनप्रतिनिधि, शिक्षकगण और बड़ी संख्या में शिक्षामित्र मौजूद रहे। कार्यक्रम की शुरुआत दीप प्रज्वलन और अतिथि स्वागत के साथ हुई। जिलाधिकारी घनश्याम मीणा ने अपने संबोधन में बताया कि प्रदेश स्तर पर मुख्यमंत्री ने गोरखपुर से इस कार्यक्रम की शुरुआत की थी, जिसके क्रम में यह आयोजन जिला स्तर पर किया गया है। उन्होंने जानकारी दी कि जिले में लगभग 1300 शिक्षामित्र कार्यरत हैं, जिन्हें इस अवसर पर सम्मानित किया गया। यह कार्यक्रम राज्य सरकार द्वारा शिक्षामित्रों के मानदेय में की गई वृद्धि के उपलक्ष्य में आयोजित किया गया था। समारोह के दौरान कुछ चयनित शिक्षामित्रों को मंच पर बुलाकर सम्मानित किया गया और उन्हें प्रतीकात्मक रूप से डेमो चेक भी प्रदान किए गए। इस अवसर पर मौजूद विधायक और एमएलसी सहित अन्य जनप्रतिनिधियों ने भी अपने विचार व्यक्त किए। उन्होंने शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना करते हुए कहा कि वे शिक्षा व्यवस्था की मजबूत कड़ी हैं और उनके प्रयासों से प्राथमिक शिक्षा को मजबूती मिल रही है। जिलाधिकारी ने कहा कि ऐसे आयोजनों से शिक्षामित्रों का मनोबल बढ़ता है और उन्हें बेहतर कार्य करने की प्रेरणा मिलती है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि इस कार्यक्रम से सकारात्मक संदेश जाएगा और जिले की शिक्षा व्यवस्था को और सुदृढ़ बनाने में मदद मिलेगी। कार्यक्रम के अंत में सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया गया। आयोजन के दौरान शिक्षामित्रों में उत्साह देखने को मिला और उन्होंने सरकार के इस कदम की सराहना की। यह कार्यक्रम शिक्षामित्रों के सम्मान और प्रोत्साहन के लिए एक महत्वपूर्ण पहल साबित हुआ।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 1:30 pm

गोंडा में शिक्षामित्र सम्मान समारोह कार्यक्रम:2834 शिक्षामित्रों को प्रतीकात्मक चेक, बच्चों के सांस्कृतिक कार्यक्रम

गोंडा जिले के जिला पंचायत सभागार में आज मंगलवार को शिक्षामित्र सम्मान समारोह आयोजित किया गया था जहां इस कार्यक्रम में जिले के 2834 शिक्षामित्रों को बढ़े हुए मानदेय का प्रतीकात्मक चेक देकर सम्मानित किया गया है जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन और विभिन्न जनप्रतिनिधियों ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। कार्यक्रम के दौरान परिषदीय विद्यालयों की छात्राओं ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा लगाए गए विभिन्न स्टालों का निरीक्षण किया। उन्होंने विभाग द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी ली और उनकी सराहना की है। उत्तर प्रदेश सरकार द्वारा शिक्षामित्रों का मानदेय बढ़ाए जाने के बाद, उन्हें 18,000 रुपये का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया गया। जिला पंचायत अध्यक्ष घनश्याम मिश्रा, गोंडा सांसद प्रतिनिधि राजेश सिंह, कैसरगंज सांसद प्रतिनिधि संजीव सिंह और प्रभारी मुख्य विकास अधिकारी सुशील कुमार श्रीवास्तव ने शिक्षामित्रों को ये चेक सौंपकर सम्मानित किया। इस अवसर पर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने शिक्षामित्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार ने उन्हें एक बड़ी सौगात दी है। उन्होंने शिक्षामित्रों द्वारा बच्चों को उच्च स्तरीय शिक्षा प्रदान करने में निभाई जा रही महत्वपूर्ण भूमिका की सराहना की। डीएम ने बताया कि बेसिक शिक्षा विभाग द्वारा एक प्रदर्शनी भी लगाई गई थी। इसमें विभिन्न कक्षाओं के बच्चों के लिए शिक्षण सामग्री (टीचर लर्निंग मटेरियल) और उन्हें बेहतर शिक्षा देने की तकनीकों का प्रदर्शन किया गया। इसका उद्देश्य बच्चों को अच्छी शिक्षा और नई तकनीकों की जानकारी देना था। गोंडा प्राथमिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष अवधेश मणि मिश्रा ने सरकार को धन्यवाद दिया और इस पहल की सराहना की है।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 1:26 pm

CM ने शिक्षामित्र सम्मान समारोह को संबोधित किया:बुलंदशहर में जनप्रतिनिधि रहे मौजूद, शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना

उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शिक्षामित्र सम्मान कार्यक्रम के तहत बुलंदशहर में एक समारोह आयोजित किया गया। मुख्यमंत्री ने इस कार्यक्रम को वर्चुअल माध्यम से संबोधित किया। बुलंदशहर के विकास भवन सभागार में आयोजित इस समारोह में राज्यमंत्री सोमेंद्र तोमर उपस्थित रहे। उनके साथ जिलाधिकारी कुमार हर्ष, बेसिक शिक्षा अधिकारी लक्ष्मीकांत पांडेय, डिबाई विधायक चंद्रपाल सिंह लोधी, विधायक लक्ष्मीराज सिंह, विधायक मीनाक्षी सिंह, बुलंदशहर नगर पालिका अध्यक्ष दीप्ति मित्तल, जिला पंचायत अध्यक्ष अतुल तेवतिया और भारतीय जनता पार्टी के जिला अध्यक्ष विकास चौहान सहित कई जनप्रतिनिधि और अधिकारी मौजूद थे। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अपने ऑनलाइन संबोधन में शिक्षामित्रों के योगदान की सराहना की। उन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उनके समर्पण और परिश्रम को महत्वपूर्ण बताया। इस कार्यक्रम का उद्देश्य शिक्षामित्रों के समर्पण और शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को सम्मानित करना था।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 1:25 pm

बहादुरगढ़ के स्कूल में छात्राओं से उतरवाए भारी ड्यूल डेस्क:सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल, पेरेंट्स नाराज; शिक्षा विभाग पर कार्रवाई का दबाव

झज्जर जिले के बहादुरगढ़ में पीएम श्री राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। जिसमें स्कूली छात्राओं से लकड़ी के ड्यूल डेस्क से भरी गाड़ी अनलोड कराई जाती दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद शिक्षा विभाग की कार्यप्रणाली और स्कूल प्रबंधन पर सवाल खड़े हो गए हैं। जानकारी के अनुसार, विद्यालय परिसर में फर्नीचर से भरी गाड़ी पहुंचने के बाद मजदूरों की बजाय छात्राओं से ही डेस्क उतारने का काम कराया गया। इस दौरान कई छात्राएं भारी फर्नीचर उठाती नजर आई। मामला सामने आते ही अभिभावकों और स्थानीय लोगों में नाराजगी देखने को मिली। शिक्षा विभाग पर कार्रवाई का दबाव लोगों का कहना है कि स्कूल शिक्षा का मंदिर है, जहां छात्राओं से पढ़ाई के बजाय इस तरह का श्रम कराना न केवल नियमों के खिलाफ है, बल्कि उनकी सुरक्षा के साथ भी खिलवाड़ है। यदि किसी छात्रा को चोट लगती, तो जिम्मेदारी किसकी होती। वीडियो वायरल होने के बाद अब शिक्षा विभाग पर कार्रवाई का दबाव बढ़ गया है। अभिभावकों ने मामले की जांच कर जिम्मेदार अधिकारियों व कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग की है। अब देखना होगा कि विभाग इस मामले को कितनी गंभीरता से लेता है और क्या जिम्मेदारों पर कोई कार्रवाई होती है या नहीं। प्रशासन से जवाब मांग रही जनता हालांकि मामले के सामने आने के बाद अब तक न तो स्कूल प्रशासन की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया दी गई है और न ही शिक्षा विभाग के किसी अधिकारी ने इस पर खुलकर बयान दिया है। वीडियो वायरल होने के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों की चुप्पी कई सवाल खड़े कर रही है और लोग प्रशासन से जवाब की मांग कर रहे हैं। स्कूल प्रशासन को देंगे नोटिस- अधिकारी डीसी स्वप्निल रविन्द्र पाटिल ने तुरंत संज्ञान लेते हुए जिला शिक्षा अधिकारी को कार्रवाई के निर्देश दिए। वहीं जिला शिक्षा अधिकारी रतेंद्र सिंह ने दैनिक भास्कर से बातचीत में कहा कि आज स्कूल प्रशासन को नोटिस जारी किया जाएगा और जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 10:22 am

वाराणसी के 1536 शिक्षामित्रों को 18 हजार मानदेय:गोरखपुर में आज CM करेंगे बढ़े भुगतान का शुभारंभ, काशी में होगा लाइव प्रसारण

पिछले दिनों मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश भर के शिक्षामित्रों को 18 हजार रुपये प्रतिमाह मानदेय दिए जाने की घोषणा की थी। आज मंगलवार को वह मानदेय भुगतान का शुभारंभ गोरखपुर से करेंगे। यहां वह शिक्षामित्रों को सम्मानित करेंगे और प्रतीकात्मक चेक भी देंगे। इसी कार्यक्रम की तरह ही वाराणसी में यह आयोजन हो रहा है। चौका घाट स्थित गिरिजा देवी संकुल में यह कार्यक्रम होना है। यहां मुख्यमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण होगा। जनपद के 1536 शिक्षामित्रों की सहभागिता हो रही है। यहां जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में कुछ शिक्षामित्रों का प्रतीकात्मक चेक प्रदान किया जाएगा। इसके साथ ही सांस्कृतिक कार्यक्रमों का भी आयोजन किया जाएगा। BSA अनुराग श्रीवास्तव ने बताया कि जनपद के शिक्षकों व शिक्षामित्रों की मौजूदगी में यह कार्यक्रम हो रहा है। सबसे ज्यादा शिक्षामित्र आराजीलाइन विकासखंड में जनपद में कुल 1536 शिक्षामित्र परिषदीय विद्यालयाें में तैनात हैं। इसमें सबसे ज्यादा 166 शिक्षामित्र आराजीलाइन विकासखंड में हैं। हरहुआ में 162, काशी विद्यापीठ व बड़ागांव में 143-143, चिरईगांव में 140, चोलापुर में 134, नगर क्षेत्र में 148, पिंडरा में 156 व सेवापुरी विकासखंड में कुल 144 शिक्षामित्र कार्यरत हैं। इन सभी को अब 10 हजार रुपये के बजाय साल में 11 महीने 18 हजार रुपये प्रतिमाह दिया जाएगा। इसी उद्देश्य से आज इसकी शुरूआत हो रही है।

दैनिक भास्कर 5 May 2026 9:18 am

छत्तीसगढ़ बोर्ड ने जारी किया 10वीं और 12वीं का रिजल्ट, जानिए कितने फीसदी विद्यार्थी हुए उत्‍तीर्ण?

Chhattisgarh Board Exam Result 2026 : छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल (CGBSE) ने आज कक्षा 10वीं और 12वीं के परिणाम घोषित कर दिए हैं। छात्र अपना परीक्षा परिणाम आधिकारिक वेबसाइट cgbse.nic.in और डिजीलॉकर के माध्यम से देख और डाउनलोड कर सकते हैं। ...

वेब दुनिया 29 Apr 2026 5:21 pm

इंजीनियरिंग के लिए यदि जेईई की परीक्षा नहीं देंगे तो क्या होगा?

अगर आप JEE (Joint Entrance Examination) की परीक्षा नहीं देने का फैसला करते हैं, तो इसका मतलब यह बिल्कुल नहीं है कि आपके करियर के रास्ते बंद हो गए हैं। हाँ, कुछ खास दरवाजे जरूर बंद हो जाते हैं, लेकिन कई नए विकल्प भी खुलते हैं। यहाँ विस्तार से बताया ...

वेब दुनिया 23 Apr 2026 12:02 pm

शिक्षाप्रद कहानी: बालक राम से 'परशुराम' बनने की गाथा

बहुत पुरानी बात है, महर्षि जमदग्नि और माता रेणुका के एक बहुत ही आज्ञाकारी पुत्र थे, जिनका नाम था 'राम'। राम बचपन से ही बहुत शांत, बुद्धिमान और बलवान थे। वे अपने माता-पिता की सेवा करना अपना सबसे बड़ा धर्म मानते थे।

वेब दुनिया 15 Apr 2026 2:59 pm

समानता और शिक्षा की क्रांतिकारी मशाल: सावित्रीबाई फुले

10मार्च सावित्रीबाई फुले महापरिनिर्वाण दिवस भारतीय समाज में जब भी शिक्षा,समानता और सामाजिक न्याय की बात उठती है,तो एक नाम इतिहास के पन्नों से निकलकर हमारे सामने खड़ा हो जाता है—सावित्रीबाई फुले।10मार्च को उनका महापरिनिर्वाण दिवस केवल श्रद्धांजलि देने का दिन नहीं है,बल्कि यह दिन उस सामाजिक चेतना को याद करने का अवसर है,जिसने सदियों ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 6:42 pm

आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं

महिला दिवस पर विशेष:- अजमेर राजस्थान आधुनिकी ओर शिक्षा के दौर में नित नई ऊंचाइयों पर पहुँचने के बाद भी हिंसा की शिकार होती महिलाएं:- देश-प्रदेश में महिलाओं के प्रति बढ़ते अपराध ओर इन अपराधों में पिछले वर्षो में अपराध की दर तीव्र ही हुई है ओर “भारत मे अपराध ” नामक रिपोर्ट बताती है ... Read more

अजमेरनामा 9 Mar 2026 1:16 pm

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के सहारे भारत बना रहा वैश्विक एआई महाशक्ति, 2027 तक एआई बाजार में तेज वृद्धि की उम्मीद

राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के समर्थन से भारत शिक्षा के सभी स्तरों पर एआई शिक्षण और रिसर्च को एकीकृत करके खुद को एक वैश्विक एआई महाशक्ति के रूप में स्थापित कर रहा है

देशबन्धु 5 Mar 2026 10:04 am

शिक्षा को हिंसक नहीं, संवेदनशील बनाना होगा

देश में इन दिनों बोर्ड परीक्षाएं चल रही हैं और सामान्य परीक्षाएं भी शुरू होने वाली हैं। हर साल की तरह इस बार भी परीक्षा का मौसम केवल प्रश्नपत्रों और परिणामों का नहीं, बल्कि मानसिक दबाव, चिंता और असुरक्षा का मौसम बनता जा रहा है। छात्रों के चेहरों पर भविष्य की चिंता साफ पढ़ी जा ... Read more

अजमेरनामा 28 Feb 2026 5:00 am

गला घोटिया शिक्षा का विश्वगुरु बन चुका देश

पिछले 12 सालों से देश को विश्वगुरु बनाने का जो झूठ फैलाया जा रहा था, अब उसका गुबार ऐसा फूटा है कि दुनिया भर में शर्मिंदगी का सबब बन गया है।

देशबन्धु 19 Feb 2026 2:50 am

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

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NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

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ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

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बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

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मनोरंजन नामा 13 Apr 2024 1:01 pm

राम बनने के लिए धनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर के आर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

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मनोरंजन नामा 26 Mar 2024 5:33 pm