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कलमंडीकलां का सूरश्याम मंदिर देव वन, मदन विलास पैलेस बनेगा शिक्षा संग्रहालय

जिले के कलमंडीकलां का सूरश्याम मंदिर देव वन के रूप में विकसित होगा। वहीं झालरापाटन के मदन विलास पैलेस को शिक्षा संग्रहालय के रूप में विकसित किया जाएगा। जिला स्तरीय पर्यटन विकास की बैठक में गुरुवार को यह निर्णय लिया गया। सूरश्याम मंदिर की प्राचीन मंदिर है। यहां के चारों तरफ के वातावरण को हरियाली से आच्छादित किया जाएगा। इसी तरह से यहां पर औषधीय पौधों की पूरी शृंखला विकसित की जाएगी। वहीं झालरापाटन के मदन विलास में इतिहास, संस्कृति सहित अन्य किताबों का संग्रह रखा जाएगा। डाइट में होने वाले शोध का भी यहां पर प्रजेंटेशन रहेगा। विभिन्न प्रसिद्ध किताबें और शिक्षा विभाग की उपलब्धियों, सफलताओं का भी यहां संग्रह होगा। बैठक की अध्यक्षता कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ ने की। बैठक में समिति के सदस्यों के साथ जिले के विभिन्न पर्यटन स्थलों के संरक्षण, संवर्द्धन और उनके प्रचार-प्रसार से संबंधित विभिन्न बिंदुओं पर गहन चर्चा की। कलेक्टर ने कहा कि जिले में प्रमुख स्थानों के रूप में मनोहरथाना में कोटड़ा का महल, झालरापाटन में गढ़ स्थित जनाना महल, डग में गंगधार का किला और खानपुर में मऊबोरदा को पहचान दिलाई जाएगी। मदन विलास पैलेस की टूटी छतरियों की मरम्मत होगी मिश्रौली स्थित स्तंभाकार बैसाल्टिक चट्टानों को जियो साइट के रूप में विकसित करने के लिए इंटेक के संयोजक राज्यपाल शर्मा और पर्यटन विभाग के सहायक निदेशक सिराज कुरैशी को आवश्यक कार्रवाई करने के निर्देश दिए। वहीं गागरोन किले के परकोटे पर बने पुराने क्षतिग्रस्त शौचालयों को तुड़वाने और निमार्णाधीन रैन बसेरा के प्रगतिरत कार्यों पर भी कलेक्टर ने चर्चा की। मदन विलास पैलेस की टूटी छतरियों और दीवारों की मरम्मत के लिए एस्टीमेट तैयार करने के आदेश पीडब्ल्यूडी के एसई को दिए।

दैनिक भास्कर 9 Jan 2026 4:00 am

कनिष्ठ सहायकों की सूची का विरोध, शिक्षा अधिकारी के सामने प्रदर्शन

जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक उदयपुर के द्वारा कनिष्ठ सहायकों की जारी अस्थाई वरिष्ठता सूची को लेकर विरोध हो रहा है। मामले में जिला शिक्षा अधिकारी मुख्यालय माध्यमिक उदयपुर लोकेश भारती के समक्ष राजस्थान शिक्षा विभागीय सयुंक्त कर्मचारी संघ संभागीय अध्यक्ष अनिल पालीवाल व महामंत्री कमल प्रकाश बाबेल के नेतृत्व मे आपत्ति प्रस्तुत करने के लिए समय मात्र तीन दिवस ही देने पर विरोध व्यक्त किया है । संभागीय महामंत्री कमल प्रकाश बाबेल ने बताया कि जारी कनिष्ठ सहायकों की जो अस्थाई वरिष्ठता सूची जारी की गई जिन पर आपत्तियों का समय है मात्र तीन दिन दिया गया जिनकी पूर्ति इतनी अल्प अवधि में होना सम्भव नही है, साथ ही स्थायीकरण एवं अन्य समस्‍याओं को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी लोकेश भारती के समक्ष विरोध व्यक्त किया । इस पर भारती ने तत्काल आपत्तियों का समय सात दिवस बढाने के लिए संबंधित को निर्देश ​दिए। वार्ता मे अश्विन पालीवाल, अनिल बारबर, पवन वैष्णव,त्रिलोक शर्मा,शुरवीर सिंह,रतन सिंह, सूर्यप्रकाश आचार्य आदि उपस्थित थे ।

दैनिक भास्कर 9 Jan 2026 4:00 am

ई शिक्षा एप के नए वर्जन पर शिक्षकों का आकस्मिक अवकाश पोर्टल पर नहीं हो रहा अपलोड, 252 शिक्षकों से पूछा शो-कॉज

प्रभारी बीईओ ने कहा- शिक्षकों को करना होगा एप को अपग्रेड,नए वर्जन में खुद से देना होगा आवेदन भास्कर न्यूज |रूपौली शिक्षा विभाग ने ई शिक्षा कोष एप पर अनुपस्थित रहने पर प्रखंड क्षेत्र के 252 शिक्षकों को शो-कॉज नोटिस जारी करते हुए 3 दिन के अंदर जवाब मांगा है। बीईओ कार्यालय से पत्र जारी होते ही शिक्षकों में हड़कंप मच गया है। दरअसल बीते ई-शिक्षा कोष एप 1 जनवरी को 54 शिक्षक, 2 जनवरी को 87 शिक्षक और 3 जनवरी को 111 शिक्षक अनुपस्थित मिले हैं।लगातार बिना किसी सूचना की अनुपस्थिति ई शिक्षा कोष पोर्टल पर देख विभाग हरकत में आ गया। सभी 252 शिक्षकों से बीईओ कार्यालय से पत्र निर्गत कर तीन दिनों के अंदर स्पष्टीकरण पूछा गया। नोटिस जारी होने के बाद से कड़ाके की ठंड में शिक्षक बीआरसी की तरफ भागदौड़ करने लगे हैं। अधिकतर शिक्षकों का कहना था कि जो लोग आकस्मिक अवकाश लिया उनका ई-शिक्षा कोष एप पर आवेदन ग्रांट ही नहीं हुआ, यूं कहें कि आकस्मिक अवकाश वाला ऑप्शन ही नहीं खुला। वैसे अवकाश लेने वाले शिक्षक विद्यालय प्रधान को लिखित आवेदन देकर स्वीकृत करवा कर छुट्टी पर चले गए, लेकिन ई-शिक्षा कोष पर बिना सूचना अनुपस्थित दिखता रहा। 25 से 30 फीसदी शिक्षकों ने नए साल में ही आकस्मिक अवकाश ले रखा था कुछ विद्यालय प्रधान जब अपने विद्यालय के शिक्षकों का स्पष्टीकरण का जबाव लेकर बीआरसी पहुंचे तो वहां शिक्षकों उपस्थिति पंजी देख कर बीआरसी कर्मी भी भौंचक रह गए। 25 से 30 फीसदी शिक्षकों ने नए साल में ही आकस्मिक अवकाश ले रखा था। वहीं कुछ शिक्षिका एसएल के साथ ही तीन-चार दिन का आकस्मिक अवकाश ले लिया था, जो कि विभागीय नियम के विरुद्ध बताया जा रहा है। वैसे शिक्षकों की परेशानी बढ़ना तय मानी जा रही है। फिलवक्त सभी अनुपस्थित शिक्षकों से स्पष्टीकरण का लिखित जबाव साक्ष्य के साथ बीआरसी कर्मी ले लिया है। प्रभारी बीईओ सह बीसीओ धनंजय कुमार बताते है कि ई शिक्षा कोष एप का नया वर्जन आ गया है ।इसके लिए सभी शिक्षक अपने मोबाइल में ई शिक्षा कोष एप को अपडेट करना होगा। या अपने मोबाइल में पूर्व से अपलोड ई शिक्षा कोष एप को डिलीट कर प्ले स्टोर से पुनः अपलोड कर उसे काम मे लाये।नए वर्जन में अवकाश लेने वाले शिक्षकों को आवेदन लिख कर उसे अपने मोबाइल के ई शिक्षा कोष एप खोल कर उसे अपलोड करना होगा। आवेदन सीधे विद्यालय प्रधान के लॉगइन में जाएगा।विद्यालय प्रधान आवेदन को देख कर यह निर्णय लेंगे की उनके विद्यालय में दस फीसदी शिक्षकों को अवकाश के दायरे में आ रहा है या नहीं। उस हिसाब से उनके द्वारा अनुशंसा किया जाएगा तब जा कर बीईओ के लॉगइन में पहुचेगा।फिर उक्त शिक्षक का अवकाश ग्रांट होगा। इससे पूर्व की व्यवस्था में सीधे शिक्षक घर बैठे अपने आईडी से ही अवकाश ले लेते थे । क्या कहते हैं प्रभारी बीईओ ^जिन शिक्षकों को शो-कॉज जारी कर जवाब मांगा गया है वैसे शिक्षक साक्ष्य के साथ लोग अपना जबाब दे रहे है। अभी सभी शिक्षकों का जवाब नहीं आया है। सभी शिक्षकों का जवाब देख कर आगे निर्णय लिया जाएगा। -धनंजय कुमार, प्रभारी बीईओ, रुपौली

दैनिक भास्कर 9 Jan 2026 4:00 am

भाजपा का ममता सरकार पर निशाना, अग्निमित्रा पॉल ने स्वास्थ्य और शिक्षा की गिनाईं नाकामियां

पश्चिम बंगाल में होने वाले आगामी विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी ने अपनी तैयारी तेज कर दी है

देशबन्धु 9 Jan 2026 3:10 am

हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को तलब किया:कोर्ट ने पूछा- अंतर्जनपदीय तबादले में याची की ग़लती नही तो क्यों न हो समायोजन

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को 21 जनवरी को इस स्पष्टीकरण के साथ तलब किया है कि अंतर्जनपदीय तबादले में याची की ग़लती नही तो उसे किस तरह से समायोजित किया जाय। सचिव ने यह कहते हुए याची प्रधानाध्यापक प्राइमरी स्कूल नगला मुकुट फर्रुखाबाद की अंतर्जनपदीय तबादले की अर्जी अस्वीकार कर दी थी कि तकनीकी खामी के चलते उसकी अर्जी पर विचार नहीं किया जा सका था, और आफ लाइन विचार किए जाने का कानूनी उपबंध नहीं है। जिसे याचिका में चुनौती दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति मंजू रानी चौहान ने असद उल्लाह खान की याचिका पर दिया है। याची के बी एस ए फर्रुखाबाद को अंतर्जनपदीय तबादले की अर्जी दी। जिस पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हो सका तो उसने बेसिक शिक्षा परिषद के सचिव को अर्जी दी।जिसे अस्वीकार कर दिया गया। कहा गया कि याची ने बी एस ए को दी गई अर्जी पर निर्णय का इंतजार करने के बजाय सचिव के पास चला गया। इसमें बी एस ए की कोई ग़लती नही है। दोनों अधिकारियों की तरफ से दी गई जानकारी को कोर्ट ने उचित नहीं माना और सचिव बेसिक शिक्षा परिषद को हाजिर होने का आदेश दिया है।

दैनिक भास्कर 9 Jan 2026 12:26 am

MP के 799 स्कूलों का चयन PM Shri Scheme में, बनेंगे आधुनिक और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा केंद्र

विद्यार्थियों को बेहतर,आधुनिक एवं गुणवत्तापूर्ण शिक्षा उपलब्ध कराने के उद्देश्य से प्रदेश सरकार द्वारा निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं। केंद्र सरकार की महत्त्वाकांक्षी पीएमश्री (प्रधानमंत्री स्कूल्स फॉर राइजिंग इंडिया) योजना के अंतर्गत मध्यप्रदेश के ...

वेब दुनिया 8 Jan 2026 11:08 pm

स्कूलों के समय आदेश में लापरवाही पर होगी कार्रवाई:जोधपुर जिला शिक्षा अधिकारी ने सुबह 10 बजे से संचालन सुनिश्चित कराने के निर्देश, मांगी रिपोर्ट

जोधपुर जिले में शीतलहर और अत्यधिक ठंड को देखते हुए विद्यालयों के संचालन का समय सुबह 10 बजे से निर्धारित किए जाने के जिला कलक्टर के आदेशों की पालना नहीं होने के मामले सामने आए हैं। इस पर शिक्षा विभाग ने सख्त रुख अपनाया है। जिला शिक्षा अधिकारी (मुख्यालय), माध्यमिक शिक्षा विभाग जोधपुर ओम सिंह राजपुरोहित ने जिले के समस्त मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों को निर्देश जारी किए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्राधिकार में संचालित सभी राजकीय एवं गैर-राजकीय विद्यालयों में आदेश की कड़ाई से पालना सुनिश्चित कराएं। साथ ही, जो विद्यालय निर्धारित समय से पहले संचालन करते पाए जाएं, उनके विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई के प्रस्ताव तत्काल इस कार्यालय को भिजवाने के निर्देश भी दिए गए हैं। आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं उल्लेखनीय है कि जिला कलक्टर द्वारा विद्यार्थियों के स्वास्थ्य एवं सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अत्यधिक ठंड और शीतलहर की स्थिति के चलते अग्रिम आदेशों तक जिले के सभी सरकारी और निजी विद्यालयों का संचालन सुबह 10 बजे से करने के आदेश जारी किए गए हैं। शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि आदेशों की अनदेखी किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

दैनिक भास्कर 8 Jan 2026 8:54 pm

अलीगढ़ में 8 शिक्षकों की सेवा समाप्त:बेसिक शिक्षा अधिकारी ने 1 से 6 साल तक गैरहाजिर रहे अध्यापकों पर की कार्रवाई

अलीगढ़ के बेसिक शिक्षा अधिकारी डॉ. राकेश कुमार सिंह ने प्राथमिक विद्यालयों में बिना सूचना लंबे समय से अनुपस्थित चल रहे शिक्षकों पर सख्त कार्रवाई की है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने अलग-अलग विकास खंडों में तैनात 8 सहायक अध्यापकों की सेवाएं तत्काल प्रभाव से समाप्त कर दी हैं। इन शिक्षकों पर विभागीय आदेशों की अवहेलना, अध्यापक तैनाती नियमावली के उल्लंघन और वर्षों तक स्कूल न आने के आरोप हैं। अनुपस्थिति की रिपोर्ट के बाद शुरू हुई कार्रवाई बीएसए ने बताया कि जिले के सभी परिषदीय विद्यालयों में कार्यरत प्रधानाध्यापक, सहायक अध्यापक व कर्मचारियों की अनुपस्थिति की रिपोर्ट मांगी गई थी। इसके बाद विभिन्न खंड शिक्षा अधिकारियों (BEO) की रिपोर्ट के आधार पर यह कार्रवाई की गई। नोटिस के बाद भी नहीं दिया जवाब BSA कार्यालय की ओर से संबंधित शिक्षकों को कई बार कारण बताओ नोटिस, अंतिम अवसर नोटिस देकर अपना पक्ष रखने का मौका दिया गया था। इसके बावजूद किसी ने संतोषजनक स्पष्टीकरण या साक्ष्य प्रस्तुत नहीं किया। इन शिक्षकों की सेवाएं की गईं समाप्त चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी की भी सेवा समाप्त विकास खंड बिजौली के उच्च प्राथमिक विद्यालय बडेसरा में तैनात चतुर्थ श्रेणी कर्मचारी अमित कुमार 23 फरवरी 2021 से बिना किसी सूचना के ही अनुपस्थित चल रहे थे। नोटिस भेजने के बाद भी कोई जवाब नहीं दिया गया। बाद में जांच आख्या के आधार पर सेवा समाप्ति का आदेश किया गया है।

दैनिक भास्कर 8 Jan 2026 6:27 pm

फलासिया (कांकरवा): राजकीय विद्यालय में रविंद्र हैरियस प्राइवेट लिमिटेड ने भेंट किया फर्नीचर, शिक्षा के क्षेत्र में बढ़ाया सहयोग का हाथ

कांकरवा के राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय फलासिया खालसा में ८ जनवरी को रविंद्र हैरियस प्राइवेट लिमिटेड उदयपुर द्वारा विद्यार्थियों के लिए ७५ टेबल-कुर्सी भेंट की गईं। प्रधानाचार्या दुर्गा रेगर की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम में कंपनी के परोपकारी कार्य की सराहना की गई, जो विद्यालय के शैक्षणिक वातावरण को नई गति प्रदान करेगा।

प्रातःकाल 8 Jan 2026 6:26 pm

बयाना: राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ की नई ब्लॉक कार्यकारिणी का शंखनाद, राजेंद्र मीणा बने अध्यक्ष

भरतपुर के बयाना ब्लॉक में राजस्थान शारीरिक शिक्षा शिक्षक संघ की नई कार्यकारिणी का गठन किया गया। राजेंद्र मीणा को ब्लॉक अध्यक्ष और वीरेश गुर्जर को महामंत्री चुना गया। प्रदेश महा मुख्यमंत्री गंभीर सिंह और जिला अध्यक्ष अजय सिंह फौजदार की उपस्थिति में आयोजित इस शपथ ग्रहण समारोह में सैकड़ों शारीरिक शिक्षकों ने भाग लेकर एकता का संदेश दिया। जानिए पूरी कार्यकारिणी और कार्यक्रम का विवरण।

प्रातःकाल 8 Jan 2026 5:58 pm

डीग में संभागीय आयुक्त का मैराथन दौरा: निष्पक्ष चुनाव और सुदृढ़ शिक्षा व्यवस्था के लिए कसी कमर

डीग जिले में संभागीय आयुक्त नलिनी कठोतिया ने मतदाता सूची पुनरीक्षण कार्यक्रम और प्रशासनिक कार्यों का औचक निरीक्षण किया। अऊ, कामां और पहाड़ी में बीएलओ को एएसडी वोटर्स के सत्यापन और त्रुटि-रहित मतदाता सूची बनाने के कड़े निर्देश दिए। शिक्षा में जन-सहयोग और प्रशासनिक दक्षता की परख करते हुए अधिकारियों की जवाबदेही तय की गई।

प्रातःकाल 8 Jan 2026 5:57 pm

सलूंबर: बच्चों की शिक्षा की कमान अब माताओं के हाथ, लसाड़िया के विद्यालयों में 'मदर्स वर्कशॉप' का शानदार आगाज

सलूंबर के लसाड़िया ब्लॉक में प्रथम एजुकेशन फाउंडेशन और बासुदेव कनोरिया सेवा संस्थान के सहयोग से राजकीय विद्यालयों में 'मदर्स वर्कशॉप' का आयोजन किया गया। कक्षा 1 से 5 के बच्चों की माताओं को शैक्षणिक गतिविधियों से जोड़कर शिक्षा के प्रति जागरूक किया गया। राधा मेघवाल, आशा कुमारी और भूपेंद्र मेघवाल के नेतृत्व में आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य बच्चों के घर पर सीखने के माहौल को सशक्त बनाना है।

प्रातःकाल 8 Jan 2026 5:33 pm

शिक्षा मंत्री ने 250 प्रतिभाशाली छात्रों को किया सम्मानित:सिरसा में सेवानिवृत्त हुए लोगों का सम्मान, पूर्व विधायक रामचंद कंबोज रहे मौजूद

सिरसा जिले के रानियां में श्री दुर्गा कीर्तन मंदिर कमेटी और हरियाणा व्यापार मंडल के संयुक्त देखरेख में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत की और शिक्षा खेल जगत से जुड़े 250 प्रतिभाशाली छात्रों को सम्मानित किया। मंत्री ढांडा ने छात्रों को मेडल और प्रशस्ति पत्र प्रदान किए। सम्मानित होने वालों में सिरसा जिले के बड़गुढ़ा, सिरसा, ऐलनाबाद, ओढ़ां, रानियां, नाथूसरी चौपटा सहित सातों खंडों से दसवीं कक्षा में खंड स्तर पर टॉप करने वाले 25 विद्यार्थी शामिल थे। प्रशस्ति पत्र देकर किया सम्मानित इसके अतिरिक्त, जिन विद्यार्थियों ने अपनी शिक्षा पूरी करने के बाद सरकारी या निजी क्षेत्र में क्लास वन अधिकारी का पद प्राप्त किया है, उन्हें भी प्रशस्ति पत्र देकर सम्मानित किया गया।रानियां खंड के सरकारी और निजी स्कूलों के उन विद्यार्थियों को भी मेडल पहनाकर सम्मानित किया गया, जिन्होंने विज्ञान, खेल, चिकित्सा या किसी अन्य क्षेत्र में विशेष मुकाम हासिल किया है। सेवानिवृत्त लोगों को भी किया गया सम्मानित समाजसेवा के क्षेत्र में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाले व्यक्तियों और सरकारी और निजी शिक्षक के पद से सेवानिवृत्त हुए लोगों को भी इस अवसर पर सम्मानित किया गया।कार्यक्रम में हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के जिलाध्यक्ष हीरा लाल शर्मा, श्री गौशाला कमेटी के प्रधान संदीप मित्तल और पूर्व विधायक रामचंद कंबोज विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। सोनू ग्रोवर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल, रानियां इकाई के प्रधान सोनू ग्रोवर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की और शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा को पगड़ी पहनाकर तथा अन्य अतिथियों का बुके और स्मृति चिन्ह भेंट कर अभिनंदन किया। बीएस स्कूल के बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। शिक्षा मंत्री का भव्य स्वागत बता दे कि इससे पूर्व, शिक्षा मंत्री के रानियां पहुंचने पर श्री दुर्गा कीर्तन मंदिर कमेटी और व्यापार मंडल के सदस्यों ने फूलमालाएं पहनाकर उनका जोरदार अभिनंदन किया। मंत्री ने रतन राइस मिल्स के संचालक संदीप मित्तल के निवास स्थान पर जलपान किया, जहां संदीप मित्तल ने उन्हें सम्मान स्वरूप शॉल भेंट की।

दैनिक भास्कर 8 Jan 2026 3:11 pm

मावली में सामुदायिक मुखियाओं के प्रशिक्षण हेतु केआरपी कार्यशाला संपन्न: शिक्षा के सुदृढ़ीकरण पर दिया जोर

मावली में समग्र शिक्षा के तहत सामुदायिक मुखियाओं के प्रशिक्षण हेतु एक दिवसीय संयुक्त केआरपी कार्यशाला का सफल आयोजन हुआ। सीबीईओ सुख लाल गुर्जर के निर्देशन में आयोजित इस प्रशिक्षण में दक्ष प्रशिक्षकों ने नामांकन, वित्तीय प्रबंधन, पीएम श्री योजना और डिजिटल नवाचारों पर प्रकाश डाला। मावली और खेमली ब्लॉक के 60 से अधिक पीईईओ और अधिकारियों ने विद्यालय विकास और सामुदायिक सहभागिता को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया।

प्रातःकाल 8 Jan 2026 1:28 pm

जयपुर: एमपीएस इंटरनेशनल में 'समावेशी शिक्षा' पर कार्यशाला, विशेष बच्चों के लिए सुगम वातावरण बनाने पर जोर

जयपुर के एमपीएस इंटरनेशनल स्कूल में रोटरी क्लब के सहयोग से 'समावेशी शिक्षा' पर एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया गया। विशेषज्ञों द्वारा ऑटिज्म और विकास संबंधी अक्षमताओं वाले बच्चों के लिए 'हेल्दी एनवायरनमेंट' बनाने हेतु शिक्षकों को विशेष प्रशिक्षण दिया गया। इस लेख में सीबीएसई गाइडलाइन, एनईपी और विशेष बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए उठाए गए महत्वपूर्ण कदमों की विस्तृत जानकारी दी गई है।

प्रातःकाल 8 Jan 2026 12:39 pm

अपार आईडी बनाने की सुस्ती पर शिक्षा विभाग सख्त:नालंदा जिले में 25 जनवरी तक पूरा करने का अल्टीमेटम, 39 फीसदी बच्चों नहीं बना कार्ड

स्कूली बच्चों की पहचान से जुड़े अहम दस्तावेज अपार आईडी को लेकर नालंदा जिले में शिक्षा विभाग की लापरवाही सामने आई है। एक साल से चल रही इस मुहिम में जिले के सवा दो लाख से अधिक बच्चे अभी भी इस सुविधा से वंचित हैं। विभाग की इस सुस्ती पर बिहार शिक्षा परियोजना परिषद के राज्य परियोजना निदेशक नवीन कुमार ने कड़ा रुख अपनाते हुए सभी जिला शिक्षा पदाधिकारियों को 25 जनवरी तक शत-प्रतिशत लक्ष्य हासिल करने का सख्त निर्देश जारी किया है। जमीनी हकीकत चौंकाने वाली विभाग के आधिकारिक आंकड़े स्थिति की गंभीरता को उजागर करते हैं। नालंदा जिले में कुल 5,77,248 नामांकित छात्रों में से अब तक महज 3,52,314 का ही अपार कार्ड बन सका है। यानी पूरे 2,24,934 बच्चों का काम अभी भी लंबित पड़ा है। यह संख्या कुल नामांकन का करीब 39 फीसदी है, जो विभाग के लिए बड़ी चुनौती बनकर खड़ी है। सबसे चिंताजनक पहलू यह है कि 1,26,132 ऐसे छात्र हैं जिनके पास आधार कार्ड उपलब्ध होने के बावजूद उनकी अपार आईडी नहीं बनाई गई है। यह आंकड़ा सीधे तौर पर प्रशासनिक उदासीनता की ओर इशारा करता है। इसके अलावा 98,802 बच्चों के पास तो आधार कार्ड ही नहीं है, जिससे समस्या और भी जटिल हो गई है। एक सप्ताह में शून्य प्रगति, विभाग में हड़कंप विभाग की ओर से जारी साप्ताहिक रिपोर्ट(30 दिसंबर 2025 से 5 जनवरी 2026) ने कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। रिपोर्ट के अनुसार, 5 जनवरी को जिले में एक भी बच्चे का अपार कार्ड जनरेट नहीं किया गया। यह शून्य प्रगति विभाग के लिए शर्मनाक स्थिति है। राज्य स्तर पर भी पूरे एक सप्ताह में महज 11,410 कार्ड ही बन पाए, जिसे राज्य परियोजना निदेशक ने अत्यंत खेदजनक और निराशाजनक करार दिया है। दो चरणों में पूरा करना होगा लक्ष्य राज्य परियोजना निदेशक ने जारी पत्र में स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि जिन बच्चों के पास आधार कार्ड मौजूद है, उनका अपार कार्ड 15 जनवरी तक प्राथमिकता के आधार पर बना लिया जाए। वहीं, जिन बच्चों के पास आधार कार्ड नहीं है, उनका पहले आधार बनवाकर फिर 25 जनवरी तक अपार आईडी की प्रक्रिया पूरी की जाए। यह समय सीमा बेहद कड़ी है और विभाग के सामने अब समय की कमी एक बड़ी चुनौती बन गई है। राज्यभर में 85 लाख बच्चे वंचित यह समस्या केवल नालंदा तक सीमित नहीं है। जारी पत्र के मुताबिक, पूरे बिहार में अभी भी लगभग 85 लाख बच्चों का अपार आईडी बनना शेष है। हालांकि, नालंदा जिले की स्थिति विशेष रूप से चिंताजनक मानी जा रही है, जहां केवल 61.05 फीसदी काम ही पूरा हो सका है। क्यों जरूरी है अपार आईडी अपार आईडी 'वन नेशन, वन स्टूडेंट आईडी' की अवधारणा पर आधारित है। यह एक डिजिटल शैक्षणिक पहचान पत्र है जिसमें छात्र की पूरी शैक्षणिक कुंडली, परीक्षा परिणाम, छात्रवृत्ति और अन्य उपलब्धियों का संपूर्ण रिकॉर्ड सुरक्षित रहता है। इस आईडी के अभाव में भविष्य में छात्रों को सरकारी योजनाओं का लाभ लेने, स्कूल ट्रांसफर और छात्रवृत्ति आवेदन में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ सकता है।

दैनिक भास्कर 8 Jan 2026 7:40 am

सिरसा में आज आएंगे पीडब्ल्यूडी मंत्री रणबीर गंगवा:मनरेगा योजना के बदलाव पर करेंगे पत्रकारवार्ता, कल आए थे शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा

हरियाणा सरकार के लोक निर्माण एवं जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी मंत्री रणबीर सिंह गंगवा आज सिरसा में आएंगे। इस दौरान कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा वीरवार प्रातः 11.50 बजे डबवाली स्थित लोक निर्माण विभाग के विश्राम गृह में वीबी-जी राम जी (विकसित भारत-रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन ) के संबंध में योजना को लेकर पत्रकार वार्ता को संबोधित करेंगे। कैबिनेट मंत्री रणबीर गंगवा मनरेगा योजना के बदलाव पर जानकारी देंगे और कांग्रेस पार्टी द्वारा मनरेगा का नाम बदलाव पर जानकारी सांझा करेंगे। इसे लेकर आमजन भी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचेंगे। उनके साथ भाजपा जिलाध्यक्ष यतिंद्र सिंह व अन्य अधिकारी मौजूद रहेंगे। इससे पहले कल बुधवार को शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा सिरसा आए थे और उन्होंने मनरेगा के वीबी-जी राम जी नाम बदलकर संशोधन पर जानकारी दी। मंत्री ढांडा ने कांग्रेस पर निशाना साधा था कि कांग्रेस सिर्फ नाम के लिए राजनीति कर रही है।

दैनिक भास्कर 8 Jan 2026 5:17 am

सावित्री बाई फुले शिक्षा क्रांति की बेहतरीन मिसाल'

भास्कर न्यूज| अमृतसर पंजाब स्त्री सभा अमृतसर द्वारा एक विशेष समारोह का आयोजन कर देश की 3 महान विभूतियों सावित्री बाई फुले, फातिमा शेख और गीता मुखर्जी को श्रद्धांजलि अर्पित की गई। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला अध्यक्ष नरिंदर पाल पाली, परवीन और डॉ. इकबाल कौर सौंध ने संयुक्त रूप से की। सभा की प्रदेश अध्यक्ष राजिंदर पाल कौर ने मंच संचालन करते हुए कहा कि सावित्री बाई फुले और फातिमा शेख ने उस दौर में महिलाओं और दलितों की शिक्षा के लिए संघर्ष किया, जब इसे पाप माना जाता था। सामाजिक बहिष्कार और अपमान सहने के बावजूद उन्होंने हार नहीं मानी और लड़कियों के लिए स्कूल खोलकर महिला सशक्तिकरण की नींव रखी। वहीं, स्वतंत्रता सेनानी और सांसद गीता मुखर्जी को याद करते हुए वक्ताओं ने बताया कि उन्होंने ही 1996 में पहली बार संसद और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का बिल पेश किया था। समारोह के दौरान डॉ. इंदिरा विर्क, समित सिंह और अन्य वक्ताओं ने वर्तमान राजनीतिक और सामाजिक स्थितियों पर गहरी चिंता व्यक्त की। उन्होंने देश में बढ़ती महिला विरोधी घटनाओं, भ्रष्टाचार, शिक्षा के भगवाकरण, बेरोजगारी और अंधविश्वास के खिलाफ आवाज उठाई। साथ ही, कॉरपोरेट घरानों को जल, जंगल और जमीन सौंपने की नीतियों का पुरजोर विरोध किया गया। वक्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि हमने प्रकृति और पर्यावरण को नहीं बचाया, तो आने वाले समय में मानवीय जीवन संकट में पड़ जाएगा। इस चर्चा में प्रिंसिपल मनप्रीत कौर, सरबजीत कौर और सूरत सिंह बल ने भी हिस्सा लिया। अंत में कामरेड सुखचैन सिंह ने सभी का आभार व्यक्त करते हुए इन महान महिलाओं के क्रांतिकारी जीवन को सलाम किया। उन्होंने अपील की कि समाज में व्याप्त गैर-बराबरी और सांप्रदायिकता को खत्म करने के लिए इन महापुरुषों के विचारों को घर-घर पहुंचाना अनिवार्य है।

दैनिक भास्कर 8 Jan 2026 4:55 am

प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था बेहाल, तबादलों पर रोक:अगले माह बोर्ड परीक्षाएं, 3 महीने में 12 हजार में से 6 हजार प्रिंसिपल इधर-उधर

प्रदेश में शिक्षा व्यवस्था बेहाल है। सरकार ने तबादलों पर रोक लगा रखी है। अगले महीने माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं प्रारंभ होगी। संस्था प्रधानों पर परीक्षा की तैयारी का जिम्मा है। बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं प्रारंभ हो गई है। इसके बावजूद चहेतों को फायदा पहुंचाने के लिए ना तो बोर्ड परीक्षा की तैयारी आड़े आ रही है और ना ही तबादलों पर लगा प्रतिबंध। एक दिन पहले ही शिक्षा विभाग ने चार अलग-अलग सूचियां जारी कर 412 प्रिंसिपल के तबादले कर दिए। इतना ही नहीं पिछले 3 महीनों में शिक्षा विभाग में 6 हजार से अधिक प्रिंसिपल इधर-उधर हो चुके हैं। प्रदेश में वर्तमान में 12982 प्रिंसिपल कार्यरत है। इसके हिसाब से देखे तो 3 महीने में कार्यरत प्रिंसिपल में करीब 50 फीसदी प्रिंसिपल का तबादला किया गया है। इसमें भी कई प्रिंसिपल ऐसे है जिनका दो से तीन बार तबादला हो चुका है। मंगलवार को जारी सूची में तो ऐसे प्रिंसिपल का भी तबादला कर दिया गया जिन्होंने कोर्ट से स्टे ले रखा था। सीमा चौधरी का तीन महीने में 3 बार तबादला हो चुका है। सीमा चौधरी राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल दुर्जनियावास झोटवाड़ा जयपुर में कार्यरत थी। सबसे पहले यहां से राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल सावरदा मौजमाबाद जयपुर, फिर यहां से राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल पवालिया सांगानेर जयपुर और अब एक दिन पहले जारी सूची में यहां से राजकीय उच्च माध्यमिक स्कूल हनूतिया खुर्द माधोराजपुरा जयपुर में कर दिया गया। सीमा ने बताया मैं एक सैन्य अधिकारी की प|ी हूं। इसके बावजूद बार बार तबादला करके एक तरह से मुझे मानसिक प्रताड़ना दी जा रही है। एक महीना भी नहीं होता कि मेरा तबादला हो जाता है। ऐसे में मैं बच्चों के हित में कैसे काम कर पाऊंगी। मुझे दो बार तो तबादलों से मिलने वाला टीए-डीए भी नहीं दिया गया। प्रिंसिपल को यूं किया चक्कर घिरनी प्रिंसिपल तबादलों की शिकायत पीएम से करेगा शिक्षक संगठन प्रतिबंध के बावजूद लगातार हो रहे प्रिंसिपल तबादलों को लेकर अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) ने प्रधानमंत्री को शिकायत करने की घोषणा की है। संघ के प्रदेशाध्यक्ष रामकृष्ण अग्रवाल का कहना है कि बोर्ड की प्रायोगिक परीक्षाएं शुरू हो गई। अगले महीने बोर्ड परीक्षा है और फिर स्थानीय परीक्षाएं। स्कूलों मे कोर्स अधूरा पड़ा है। सरकार ने तबादलों पर प्रतिबंध भी लगा रखा है। इसके बावजूद विभाग में इस तरह से तबादले होना समझ से परे हैं। इसलिए इसकी शिकायत प्रधानमंत्री से की जाएगी और मांग रखी जाएगी कि तबादला नीति बनाकर तबादले ग्रीष्मकालीन अवकाश में ही किए जाएं।

दैनिक भास्कर 8 Jan 2026 4:00 am

विधायक बिनीता मेहता ने प्राचार्यों संग की बैठक:कौआकोल में शिक्षा गुणवत्ता सुधारने के निर्देश, लापरवाही पर शिक्षाकर्मियों को चेतावनी दी

नवादा जिले के कौआकोल प्रखंड के इंटर विद्यालय में बुधवार को विधायक बिनीता मेहता की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इसमें प्रखंड के सभी माध्यमिक और इंटर विद्यालयों की प्रबंधकारिणी समिति के सदस्य तथा प्राचार्य शामिल हुए। बैठक का मुख्य उद्देश्य क्षेत्र की शैक्षणिक व्यवस्था को मजबूत करना और विद्यालयों की बुनियादी सुविधाओं में सुधार लाना था। विधायक बिनीता मेहता ने दीप प्रज्वलित कर कार्यक्रम का उद्घाटन किया। उन्होंने सभी प्राचार्यों और प्रभारी प्राचार्यों से परिचय प्राप्त किया। इस दौरान उन्होंने विद्यालय प्रबंधन को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और उनकी समस्याओं को सुना। प्रभारी बीईओ सह बीसीओ अजित कुमार ने बैठक के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। बैठक में विधायक बिनीता मेहता ने स्पष्ट किया कि शिक्षा समाज की उन्नति का आधार है। उन्होंने कहा कि इसे बेहतर बनाने के लिए वे निरंतर प्रयासरत हैं। विधायक ने जोर देकर कहा कि शिक्षा की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता या लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए हरसंभव प्रयास का आश्वासन दिया। इस अवसर पर 20 सूत्री अध्यक्ष दिलीप कुशवाहा, उपाध्यक्ष अंकित विश्वकर्मा, इंटर विद्यालय कौआकोल के प्रभारी प्राचार्य श्याम कुमार वर्मा, बापू इंटर विद्यालय के अजय कुमार और गायत्री प्रोजेक्ट बालिका इंटर विद्यालय के संदीप कुमार सहित कई गणमान्य व्यक्ति और शिक्षाविद उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 9:29 pm

उदयपुर: भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में बोले राज्यपाल हरिभाऊ बागडे— शिक्षा ही गरीबी उन्मूलन का सबसे अचूक अस्त्र

उदयपुर में आयोजित भूपाल नोबल्स विश्वविद्यालय के द्वितीय दीक्षांत समारोह में राज्यपाल श्री हरिभाऊ बागडे ने 2025 विद्यार्थियों को डिग्रियां प्रदान कीं। राज्यपाल ने शिक्षा को गरीबी दूर करने का सबसे सशक्त माध्यम बताते हुए महाराणा भूपाल सिंह के योगदान और मेवाड़ के गौरवशाली इतिहास का स्मरण किया। 'विकसित भारत 2047' के संकल्प के साथ युवाओं को राष्ट्र निर्माण में योगदान देने का आह्वान किया गया।

प्रातःकाल 7 Jan 2026 7:23 pm

दौसा के स्कूलों में 8-9 जनवरी को भी छुट्टी घोषित:प्राइमरी से 8वीं क्लास तक 2 दिन की छुट्टी बढ़ाई; कड़ाके की ठंड के चलते शिक्षा विभाग का आदेश

दौसा जिले में कड़ाके की ठंड के चलते जिले में संचालित राजकीय एवं गैर राजकीय विद्यालयों में प्री-प्राइमरी कक्षा से कक्षा 8 तक अध्ययनरत विद्यार्थियों का 8 और 9 जनवरी का अवकाश घोषित किया गया है। सीडीईओ द्वारा जारी आदेश की पालना सुनिश्चित करने के लिए सभी सीबीईओ, पीईईओ और यूसीईईओ को निर्देश दिए गए हैं। इस दौरान शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक विद्यालय स्टाफ यथावत विद्यालय में उपस्थित रहकर विभागीय कार्य सम्पादित करेंगे। इससे पहले प्राइमरी से कक्षा 8 तक 6 और 7 जनवरी की भी छुट्टी घोषित की गई थी। बता दें कि जिले में कड़ाके की ठंड और शीतलहर से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। यहां न्यूनतम तापमान 5 डिग्री सेल्सियस के आसपास स्थिर बना हुआ है।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 6:58 pm

कोटा: शिक्षा सहकारी 696 को मिला दोहरा सम्मान, 'हरित योद्धा' और 'हाड़ौती गौरव' से नवाजी गई संस्था

कोटा की शिक्षा सहकारी सभा 696 को पर्यावरण संरक्षण और सामाजिक सेवा के लिए 'हरित योद्धा' एवं 'हाड़ौती गौरव' सम्मान से नवाजा गया है। प्रकाश जायसवाल के नेतृत्व में संस्था ने हजारों वृक्षारोपण और सरकारी स्कूलों के कायाकल्प में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। पढ़ें पूरी खबर और जानें कैसे इस सहकारी संस्था ने हाड़ौती क्षेत्र में सेवा की नई मिसाल पेश की है।

प्रातःकाल 7 Jan 2026 6:13 pm

लुधियाना में 395 स्कूलों ने अपलोड नहीं किया डेटा:जिला शिक्षा अधिकारी के आदेशों की अनदेखी, वेबसाइट पर अपलोड करनी थी आरटीई की NOC

लुधियाना के प्राइवेट स्कूलों को जिला शिक्षा अधिकारी (DEO) के आदेशों की परवाह नहीं है। DEO ने प्राइवेट स्कूल संचालकों को आदेश दिए थे कि चार जनवरी तक सभी राइट टू एजुकेशन एक्ट(RTE) के तहत मिली एनओसी को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड करें। 6 जनवरी तक लुधियाना जिले में 395 प्राइवेट स्कूल संचालकों ने आरटीई के तहत मिली एनओसी को विभाग की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया। जिला शिक्षा अधिकारी ने एनओसी अपलोड न करने वालों की सूची जारी की और उन्हें सख्त हिदायतें दी कि सात जनवरी तक अपलोड कर दें नहीं तो उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। विभाग के पास नहीं है एनओसी का ऑनलाइन डेटा शिक्षा विभाग की वेबसाइट पर विभाग की तरफ से प्राइवेट स्कूलों को जारी की एनओसी का कोई डेटा उपलब्ध नहीं है। एक-एक स्कूल का डेटा वेबसाइट पर अपलोड करना विभाग के लिए अपने स्तर पर संभव नहीं है। ऐसे में विभाग ने स्कूल संचालकों को अपने स्तर पर एनओसी अपलोड करने का ऑप्शन दिया। विभाग उन्हें वेरिफाई फाइनल अप्रूवल देगा। क्या है आरटीई की एनओसी? प्राइवेट स्कूल खोलने या चलाने के लिए स्कूल संचालकों को शिक्षा विभाग से नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (NOC) लेनी होती है। 2009 में आरटीई एक्ट लागू होने के बाद 2011 से एनओसी जारी करने का सिस्टम शुरू किया गया। 2011 से 2023 तक विभाग हर साल स्कूल संचालकों को टेंपरेरी एनओसी जारी करता था। 2024 में स्कूल संघ पंजाब ने इस मामले में पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट में याचिका दायर की और उसकी सुनवाई करते हुए कोर्ट ने प्राइवेट स्कूलों को परमानेंट एनओसी जारी करने के आदेश दिए। विभाग ने उस दौरान स्कूल संचालकों को नई एनओसी देने के बाद एक कॉमन लेटर जारी कर दिया और कहा कि जिनके पास टेंपरेरी एनओसी है उसे अब परमानेंट एनओसी समझा जाए। उसके बाद विभाग के पास कोई डेटा उपलब्ध नहीं था कि कितने स्कूल संचालकों के पास परमानेंट एनओसी हे। विभाग ने इसीलिए गूगल फार्म जारी कर स्कूल संचालकों को एनओसी की कॉपी अपलोड करने को कहा। एनओसी अपलोड नहीं की तो होगी कार्रवाई जिला शिक्षा अधिकारी का कहना स्कूल संचालकों को पर्याप्त समय दिया गया था। बड़ी संख्या में स्कूल संचालकों ने एनओसी अपलोड कर दी है लेकिन 395 स्कूलों ने एनओसी अपलोड नहीं की। उन्होंने कहा कि आज स्कूल संचालकों ने एनओसी अपलोड नहीं की तो उन्हें नोटिस जारी किए जाएंगे और उसके बाद सख्त एक्शन लिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 4:06 pm

आमेट: नवाचारों की गूंज के साथ संपन्न हुआ शैक्षिक शिक्षक सेमिनार, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर दिया गया जोर

आमेट में समग्र शिक्षा अभियान और अजीम प्रेमजी फाउंडेशन के तत्वावधान में ब्लॉक स्तरीय शिक्षक सेमिनार का आयोजन किया गया। पीएम श्री राउमावि में आयोजित इस कार्यक्रम में 20 पंचायतों के 44 शिक्षकों ने भाग लिया। ज्योति जीनगर और ज्ञान प्रकाश शर्मा सहित कई शिक्षकों ने प्राथमिक शिक्षा में गुणवत्ता और नवाचारों पर अपने अनुभव साझा किए, जिससे शिक्षण स्तर को सुधारने की नई राह प्रशस्त हुई।

प्रातःकाल 7 Jan 2026 3:36 pm

10th board exams 2026: 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें?

10th board exams 2026: 10वीं बोर्ड की परीक्षा आपके शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सही रणनीति और अनुशासन के साथ आप न केवल अच्छे अंक ला सकते हैं, बल्कि अपना आत्मविश्वास भी बढ़ा सकते हैं। यहीं से तय होता है छात्रों के करियर चुनने का रास्ता और ...

वेब दुनिया 7 Jan 2026 3:28 pm

श्रीराम जन्मभूमि न्यास कोषाध्यक्ष गोविंद देव झालावाड़ में:वैदिक ज्योतिष को बताया शाश्वत सत्य, नैतिक शिक्षा पर दिया जोर

राष्ट्रीय संत एवं श्रीराम जन्मभूमि न्यास के कोषाध्यक्ष गोविंद देव महाराज एक दिवसीय प्रवास पर झालावाड़ पहुंचे। उन्होंने वैदिक ज्योतिष को शाश्वत सत्य बताते हुए मानव जीवन के लिए इसकी उपयोगिता पर प्रकाश डाला। वेद मूर्ति गोविंद देव महाराज ने कहा कि वैदिक ज्योतिष वेदों का चक्षु है, जो मनुष्य को बेहतर और संतुलित जीवन शैली जीने का मार्ग दिखाता है। उन्होंने जोर दिया कि व्यक्ति के दैनिक जीवन के प्रत्येक कार्य ग्रहों को प्रभावित करते हैं, इसलिए जीवन में सत्कर्म, संयम और अनुशासन अत्यंत आवश्यक हैं। उन्होंने समझाया कि वैदिक ज्योतिष यह समझने में मदद करता है कि जीवन के किस समय विशेष सावधानियां बरतनी चाहिए। साथ ही ग्रहों की स्थिति के अनुसार शिक्षा, नौकरी और व्यापार का कौन सा क्षेत्र व्यक्ति के लिए अनुकूल रहेगा, यह जानने में भी सहायक है। इससे व्यक्ति अपने जीवन के महत्वपूर्ण निर्णय विवेकपूर्ण ढंग से ले सकता है। समाज और परिवार पर बोलते हुए गोविंद देव महाराज ने बच्चों को केवल आर्थिक मूल्यों तक सीमित न रखने की आवश्यकता पर बल दिया। उन्होंने कहा कि बच्चों को नैतिक शिक्षा, संस्कृति, संस्कार, धार्मिक, सामाजिक और व्यवहारिक शिक्षा से जोड़ा जाना चाहिए। ऐसा न होने पर भविष्य में हर मोहल्ले में वृद्धाश्रम खुलते चले जाएंगे।उन्होंने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि उन्होंने स्वयं देखा है कि आज भी वृद्धाश्रमों में किसी आम आदमी के माता-पिता नहीं हैं, जो समाज के लिए एक गंभीर चेतावनी है। उन्होंने समाज से कम उम्र में संतानों का विवाह करने तथा बहुओं को बेटी के समान सम्मान देते हुए ससुराल में उनकी शिक्षा पूर्ण करवाने का भी आह्वान किया। धर्मांतरण के विषय पर उन्होंने कहा कि समाज धन कमाने की अंधी दौड़ में इतना आगे बढ़ रहा है कि नई पीढ़ी को धर्म, संस्कृति और संस्कार नहीं दे पा रहा है। इसके कारण सामाजिक असंतुलन बढ़ रहा है, जिसे सुधारना समाज की सामूहिक जिम्मेदारी है और इसके लिए सभी को आगे आना होगा।कार्यक्रम के अंत में अंतर्राष्ट्रीय वैदिक ज्योतिषाचार्य हेमंत कासट और उनके भाई बसंत कासट ने संत श्री का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि गोविंद देव महाराज का मार्गदर्शन समाज के लिए प्रेरणादायी है।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 2:14 pm

डीग: मुढ़िया में जिला कलेक्टर की रात्रि चौपाल, अतिक्रमण और शिक्षा में लापरवाही पर कड़ा प्रहार

डीग के मुढ़िया में जिला कलेक्टर उत्सव कौशल की रात्रि चौपाल ने प्रशासनिक सतर्कता की नई मिसाल पेश की है। शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार, सरकारी रास्तों से अतिक्रमण हटाने और अंडरपास जल-भराव के स्थाई समाधान के लिए कलेक्टर ने कड़े निर्देश दिए। पूरन प्रकाश बंसल की यह रिपोर्ट सरकारी तंत्र की जवाबदेही और जन-अभाव अभियोगों के त्वरित निस्तारण की पूरी गाथा बयां करती है।

प्रातःकाल 7 Jan 2026 1:59 pm

नवादा में जन शिक्षा जागरूकता अभियान:संस्कृत के शिक्षक नहीं होने से छात्रों को परेशानी, ग्रामीणों से बच्चों की देखभाल करने की अपील

नवादा के रजौली प्रखंड मुख्यालय से लगभग 8-10 किलोमीटर दूर चितरकोली पंचायत में मंगलवार को 'भारत पढ़ेगा' बैनर तले जन शिक्षा जागरूकता अभियान चलाया गया। इलाहाबाद यूनिवर्सिटी के छात्रों द्वारा चलाए गए इस अभियान के दौरान छात्राओं ने संस्कृत शिक्षक की कमी और मनचलों से होने वाली परेशानियों को उजागर किया। यह अभियान पंचायत के छात्र-छात्राओं और उनके परिजनों को शिक्षा, स्वास्थ्य, स्वच्छता और मोबाइल के सही उपयोग के प्रति जागरूक करने के उद्देश्य से शुरू किया गया था। यूनिवर्सिटी के छात्र रौशन कुमार यादव ने बताया कि शहरी क्षेत्रों में ऐसे कार्यक्रम होते हैं, इसलिए उन्होंने छुट्टी में अपने गांव आकर पंचायत के सामाजिक स्तर को ऊपर उठाने के लिए यह पहल की है। संस्कृत के शिक्षक नहीं होने से कठिनाई छात्राओं ने शिकायत की कि चितरकोली विद्यालय में संस्कृत के शिक्षक नहीं होने से उन्हें पढ़ाई में कठिनाई हो रही है। इस संबंध में प्रधानाध्यापक पुष्कर कुमार ने बताया कि उन्होंने विभागीय पत्राचार किया है और जल्द ही संस्कृत शिक्षक की पदस्थापना होने की उम्मीद है। छात्राओं ने यह भी बताया कि गांव के मनचले बाइक से उनका पीछा करते हैं और उन पर भद्दी फब्तियां कसते हैं। सड़क किनारे स्थित यात्री शेड के पास भी मनचलों का जमावड़ा रहता है, जिसके कारण छात्राओं को अपने भविष्य संवारने में काफी कठिनाइयों का सामना करना पड़ता है। ग्रामीणों से बच्चों की देखभाल करने की अपील अभियान में शामिल यूनिवर्सिटी के छात्रों ने ग्रामीणों से अपने बच्चों की देखभाल करने की अपील की। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि आने वाले समय में इस समस्या का समाधान नहीं हुआ, तो वे स्थानीय चौकीदार और थाना को लिखित आवेदन देकर कानूनी कार्रवाई के लिए बाध्य होंगे।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 12:37 pm

जालोर में शीतलहर के चलते 5वीं तक की छुट्टियां:शीतलहर को देखते जिला-शिक्षा अधिकारी ने किए आदेश जारी; आदेश न मानने पर सख्त कार्रवाई

जालोर में लगातार पड़ रही कड़ाके की ठंड और शीतलहर को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्टूडेंट्स के स्वास्थ्य को ध्यान में रखते हुए बड़ा निर्णय लिया है। जालोर में प्रि-प्राइमरी से कक्षा पांच तक के स्टूडेंट्स के लिए सरकारी और गैर सरकारी स्कूलों में 7 से 10 जनवरी 2026 तक छुट्‌टी घोषित किया गया है। यह निर्णय ठंड से बच्चों को होने वाली संभावित स्वास्थ्य समस्याओं से बचाने के उद्देश्य से लिया गया है। जिला शिक्षा विभाग के आदेश के अनुसार यह छुट्‌टी शीतलहर के प्रभाव को देखते हुए एहतियातन दिया गया है। मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी ने जिले के सभी सीबीईओ, पीईईओ और यूसीईईओ को निर्देश दिए हैं कि वे आदेश की सख्ती से पालना सुनिश्चित कराएं। आदेश न मानने पर सख्त कार्रवाई। यह आदेश जिले के सभी सरकारी और निजी स्कूलों पर समान रूप से लागू होगा। स्टाफ को रहना होगा उपस्थित आदेश में स्पष्ट किया गया है कि छुट्‌टी केवल विद्यार्थियों के लिए रहेगा। इस दौरान विद्यालयों का समस्त शैक्षणिक और गैर शैक्षणिक स्टाफ पूर्व की तरह स्कूल में उपस्थित रहेगा और विभागीय कार्य नियमित रूप से संपादित करेगा। जिला शिक्षा अधिकारी ने बताया कि यह आदेश सक्षम स्तर से अनुमोदित है और तत्काल प्रभाव से लागू किया गया है। जिले में सर्दी का असर तेज जालोर में सर्दी का असर लगातार बना हुआ है। बुधवार सुबह वाहनों के शीशों और पेड़ पौधों की पत्तियों पर ओस की बूंदें जमी नजर आईं। सुबह करीब 10 बजे तक कोहरा छाया रहा, जिससे लोगों को वाहन चलाने में परेशानी हुई। दिन में धूप खिली, लेकिन ठंडी हवाओं के कारण लोग दिन में भी ठिठुरते नजर आए। शाम होते ही एक बार फिर सर्दी तेज हो गई और सड़कों पर आवाजाही कम रही। तापमान में उतार चढ़ाव मौसम के आंकड़ों के अनुसार मंगलवार को न्यूनतम तापमान 9.3 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 23.8 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सोमवार की तुलना में न्यूनतम तापमान में 0.9 डिग्री की बढ़ोतरी हुई, जबकि अधिकतम तापमान में 1.1 डिग्री की गिरावट दर्ज की गई। शीतलहर के चलते आने वाले दिनों में भी ठंड का असर बने रहने की संभावना है।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 10:10 am

दतिया में सरकारी स्कूलों की दीवारों पर पुते प्राइवेट विज्ञापन:शिक्षा विभाग सख्त; हेडमास्टर्स को जारी होंगे निर्देश, होगी कानूनी कार्रवाई

दतिया जिले के सरकारी स्कूलों की दीवारों पर निजी संस्थाओं के विज्ञापन लिखे जाने के मामले में शिक्षा विभाग ने सख्ती दिखाई है। शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के कई स्कूलों में बिना अनुमति कोचिंग, प्राइवेट स्कूल और दुकानों के विज्ञापन पुतवा दिए गए हैं। विभाग ने इसे सरकारी संसाधनों का दुरुपयोग माना है। अब जल्द ही सभी प्रधानाध्यापकों (HM) को निर्देश जारी कर ऐसे विज्ञापन लिखवाने वालों पर कार्रवाई करने को कहा जाएगा। शहरी क्षेत्र के शासकीय कन्या उमावि हाथीखाना, तलैया मोहल्ला और मुड़ियन का कुआं स्थित स्कूलों की दीवारों पर बड़े-बड़े विज्ञापन नजर आ रहे हैं। यही हाल सेंवढ़ा, भांडेर और इंदरगढ़ क्षेत्र के स्कूलों का भी है। कई जगह तो शिक्षाप्रद संदेशों और पाठ्य सामग्री की जगह इन विज्ञापनों ने ले ली है, जिससे विद्यालय का स्वरूप बिगड़ रहा है। BRCC बोले- दीवारों पर सिर्फ शिक्षा के संदेश होंगे बीआरसीसी अखिलेश राजपूत ने कहा कि स्कूल की दीवारें केवल शिक्षा और सामाजिक संदेशों के लिए होती हैं, न कि किसी निजी व्यापार के प्रचार के लिए। विभाग सभी प्रधानाध्यापकों को पत्र जारी कर रहा है। निर्देश होंगे कि बिना अनुमति दीवार लेखन कराने वालों के खिलाफ विधि संगत कार्रवाई की जाए। भविष्य में शिकायत मिलने पर संबंधित हेडमास्टर से भी जवाब मांगा जाएगा। बच्चों की मानसिकता पर पड़ता है गलत असर नियमानुसार सरकारी इमारतों पर बिना अनुमति निजी विज्ञापन लिखना पूरी तरह गलत है। जानकारों का मानना है कि स्कूल की दीवारों पर इस तरह के व्यापारिक विज्ञापन बच्चों की मानसिकता पर नकारात्मक प्रभाव डालते हैं। इसी को देखते हुए विभाग ने तत्काल कदम उठाने का फैसला किया है।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 9:01 am

स्वास्थ्य शिक्षा में भूचाल, जम्मू-कश्मीर के MBBS कोर्स पर बड़ा एक्शन

जम्मू-कश्मीर में चिकित्सा शिक्षा को लेकर बड़ा फैसला सामने आया है, जहां कुछ मेडिकल कॉलेजों के MBBS कोर्स की मान्यता रद्द कर 50 सीटों पर रोक लगा दी गई है। यह कार्रवाई शैक्षणिक मानकों और स्वास्थ्य शिक्षा की गुणवत्ता सुनिश्चित करने की दिशा में अहम कदम मानी जा रही है।

प्रातःकाल 7 Jan 2026 7:25 am

शिक्षा मंत्री महिपाल ढांडा आज सिरसा आएंगे:प्रतिभाशाली छात्रों को करेंगे सम्मानित, पूर्व MLA रहेंगे मौजूद, नए साल में पहला दौरा

हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा आज सिरसा के रानियां पहुंचेंगे। वे यहां श्री दुर्गा कीर्तन मंदिर कमेटी और हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित प्रतिभाशाली छात्र सम्मान समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शिरकत करेंगे। यह कार्यक्रम 7 जनवरी बुधवार को दोपहर 12:15 बजे शहर के दीप पैलेस में आयोजित किया जाएगा। समारोह में शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा मुख्य अतिथि होंगे, जबकि श्री गौशाला कमेटी रानियां के प्रधान संदीप मित्तल विशिष्ट अतिथि के रूप में मौजूद रहेंगे। रानियां के पूर्व विधायक रामचंद्र कंबोज भी विशेष रूप से उपस्थित रहेंगे। कार्यक्रम की अध्यक्षता हरियाणा प्रदेश व्यापार मंडल के प्रधान सोनू ग्रोवर करेंगे। यह उनका नए साल का पहला दौरा है। श्री दुर्गा कीर्तन मंदिर कमेटी के कार्यकारी प्रधान अमित कुक्कड़, उपप्रधान संजय आहुजा और गुरमीत मान ने जानकारी देते हुए बताया कि सरकारी और निजी विद्यालयों के उन होनहार छात्रों को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने शिक्षा और खेल के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है। आर्थिक रूप से कमजोर ऐसे बच्चे जिन्होंने अपने परिश्रम से मुकाम हासिल किया है, उनके नाम भी सम्मान सूची में शामिल हैं। इसके अलावा दसवीं कक्षा में टॉप करने वाले छात्रों को भी पुरस्कृत किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 5:22 am

प्रधानाध्यापकों को शिक्षा को प्रभावी बनाने के दिए गए टिप्स

भास्कर न्यूज | प्रतापपुर प्रखंड के मध्य विद्यालय के प्रांगण में मंगलवार को गुरुगोष्ठी का आयोजन किया गया ।जिसकी अध्यक्षता प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी किशोर कुमार तथा संचालन बीपीओ अजय दास के द्वारा किया गया। बैठक में सावित्री बाई फुले,डहर सर्वे,मुख्यमंत्री सामान्य जाति छात्रवृति,पी टी एम लिंक, ई- कल्याण छात्रवृति, शिक्षक उपस्थिति, छात्र उपस्थिति , एमडीएम एसएमएस,छात्र - छात्राओं का आधार/ खाता,स्टेट रेल,विद्यालय भूमि प्रतिवेदन सहित कई मुख्य बिन्दुओं पर बारी- बारी से गहनता पूर्वक चर्चा किया गया ।वही उपर्युक्त विषयों पर कार्य को निष्ठा पूर्वक व जिम्मेवारी से कार्य को पुरा करते हुए विभाग को रिपोर्ट समर्पित करने का निर्देश संबंधित विद्यालय के प्रधानाध्यापक/ प्रभारी प्रधानाध्यापक को दिया गया ।मौके पर प्रखंड शिक्षा प्रसार पदाधिकारी किशोर कुमार ने बताया कि गैर जिम्मेवारी लोगों के ऊपर कार्रवाई किया जाएगा । मौके पर सोनु कुमार, अनिल कुमार, हेमलता कुमारी, बीरेन्द्र कुमार,चितरंजन सिंह, मंजर हसन,रंजीत दास, रामफाल प्रसाद,शंकर प्रसाद, उमेश कुमार,तैयब खान, रियाज अंसारी, प्रमोद कुमार,अनिरूद्ध दांगी,अरूण कुमार, र णविजय सिंह, कुमार,रवि कुमार, रामप्रित साहु, अर्जुन यादव, मुकेश सिंह,परशराम महतो,मैनुअल टोप्पो,अरूण कुमार, संजय यादव, सुशील कुमार,सुबोध रमन,अनिल कुमार पांडेय,ए के पाठक,अजय कुमार, सुरेश यादव, जितेन्द्र वर्मा, गणेश यादव,संतोष कुमार, समेत सभी सरकारी विद्यालय के प्रधानाध्यापक व प्रभारी प्रधानाध्यापक मौजूद थे।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 4:59 am

चतरा महाविद्यालय की एनएसएस इकाई व शिक्षा शास्त्र विभाग ने चलाया स्वच्छता अभियान

भास्कर न्यूज | चतरा चतरा महाविद्यालय के एनएसएस इकाई व शिक्षा शास्त्र विभाग के द्वारा मंगलवार को सफाई अभियान चलाया गया। अभियान के दौरान महाविद्यालय के खेल परिसर की साफ सफाई की गई। कार्यक्रम का नेतृत्व कॉलेज के प्राचार्य डॉ मुकेश कुमार झा कर रहे थे। उन्होंने कहा कि समय समय पर एनएसएस स्वयंसेवकों के द्वारा विभिन्न सामाजिक व शैक्षणिक गतिविधियों का संचालन किया जाता रहा है। वृक्षारोपण, सामाजिक व शैक्षणिक जागरूकता, वस्त्र वितरण एवं विशेष शिविरों का आयोजन भी किया जाता है। इस खेल परिसर का उपयोग, खेल-कूद कार्यक्रम विशेषकर स्थापना दिवस के अवसर पर खेल गतिविधि को आयोजित करने के लिए किया जाता रहा है। इस तरह के आयोजन में महाविद्यालय के सभी विभाग के छात्र-छात्राएं बढ़चढ़ कर भाग लेते है। एनएसएस कार्यक्रम पदाधिकारी प्रो शोभा कुजूर ने नगरवासियों से अपील किया है कि वह इस खेल परिसर को स्वच्छ एवं सुंदर बनाए रखने में कॉलेज प्रबंधन को मदद करें।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 4:59 am

शिक्षा से ही समाप्त होंगी डायन कुप्रथा : डॉ. रामेश्वर उरांव

लोहरदगा|डायन कुप्रथा और बाल विवाह जैसी सामाजिक कुरीतियों को समाप्त करने के लिए शिक्षा सबसे बड़ा हथियार है। यदि समाज का प्रत्येक व्यक्ति शिक्षित हो जाए, तो ऐसी कुरीतियां स्वतः समाप्त हो जाएंगी। उक्त बातें लोहरदगा विधानसभा क्षेत्र के विधायक डॉ. रामेश्वर उरांव ने कही। वे महिला, बाल विकास व सामाजिक सुरक्षा विभाग की ओर से आयोजित अनुमंडल स्तरीय एक दिवसीय प्रशिक्षण-सह-कार्यशा ला को संबोधित कर रहे थे। यह कार्यशाला नया नगर भवन, लोहरदगा में आयोजित की गई। विधायक डॉ. उरांव ने कहा कि आज भी बाल विवाह और डायन प्रथा जैसी सामाजिक बुराइयां समाज में मौजूद हैं और कई लोग इन्हें गलत नहीं मानते। उपायुक्त डॉ. ताराचंद ने कहा कि समाज से कुरीतियों को खत्म करने के लिए प्रत्येक व्यक्ति को जागरूक करना आवश्यक है। जिला प्रशासन द्वारा ‘पंचाइत कर गोइठ’ कार्यक्रम के माध्यम से पंचायत स्तर पर मुखिया और जमीनी स्तर पर कार्य करने वाले कर्मियों के साथ संवाद स्थापित किया जा रहा है। इस कार्यक्रम के तहत सरकारी योजनाओं की जानकारी दी जाती है और डायन कुप्रथा व बाल विवाह के उन्मूलन पर विशेष चर्चा की जाती है। कार्यशाला में डीडीसी दिलीप प्रताप सिंह शेखावत, डालसा सचिव राजेश कुमार, एसडीपीओ वेदांत शंकर, आईटीडीए परियोजना निदेशक सुषमा नीलम सोरेंग ने भी अपने विचार रखे।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 4:58 am

क्षेत्रीय-जनजातीय भाषाओं पर आज से बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव

रांची| क्षेत्रीय और जनजातीय भाषाओं को बढ़ावा देने तथा राज्य की भाषा नीति तैयार करने को लेकर बुधवार और गुरुवार को राजधानी रांची में राष्ट्रीय बहुभाषी शिक्षा कॉन्क्लेव का आयोजन होगा। कॉन्क्लेव का उद्घाटन उच्च एवं तकनीकी शिक्षा मंत्री सुदिव्य कुमार करेंगे। इसमें झारखंड, बिहार, असम, छत्तीसगढ़, राजस्थान, त्रिपुरा, हरियाणा, ओडिशा और उत्तर प्रदेश से आए प्रमुख शिक्षाविद, शिक्षक और भाषा विशेषज्ञ शामिल होंगे। कॉन्क्लेव में केंद्र सरकार के प्रतिनिधि और विभिन्न राज्यों के शिक्षाविद एक साथ मिलकर राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के अनुरूप प्रभावी भाषा नीति पर चर्चा करेंगे। कार्यशाला में जनजातीय और मातृभाषा आधारित शिक्षण से जुड़ी उपलब्धियों और चुनौतियों पर भी मंथन होगा। तकनीकी सत्रों में एनसीईआरटी की प्रो. उषा शर्मा, एलएलएफ के डॉ. धीर झिंगरन और यूनिसेफ की पारुल शर्मा शामिल होंगी। वहीं पैनल चर्चा में प्रो. रामानुजन मेघनाथन, अनुभव राजेश और डॉ. महेंद्र मिश्र तथा शिक्षक वक्ताओं में रमेनी मुंडा, दिलीप कुमार किस्कू और दमयंती बिरुआ अपने विचार रखेंगे। आयोजन में शिक्षा सचिव उमाशंकर सिंह, झारखंड शिक्षा परियोजना निदेशक शशि रंजन, प्राथमिक शिक्षा निदेशक मनोज कुमार रंजन समेत एनसीईआरटी, यूनिसेफ, लैंग्वेज लर्निंग फाउंडेशन के प्रतिनिधि, जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषाओं के विशेषज्ञ, प्रख्यात शिक्षाविद और विभिन्न राज्यों के शिक्षक शामिल होंगे।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 4:00 am

जमीन का पूरा सिस्टम होगा डिजिटल उच्च शिक्षा का बजट 50 फीसदी बढ़ा

प्रदेश के राजस्व एवं उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा ने कहा कि जमीन से जुड़े सभी सिस्टम का जल्द डिजिटलीकरण किया जाएगा। इसके तहत भू-आधार कार्ड,ऑनलाइन नामांतरण आैर ड्रोन सर्वे की महत्वपूर्ण भूमिका होगी। वहीं उच्च शिक्षा विभाग का बजट 50 फीसदी तक बढ़ाया गया है। वर्मा ने पत्रकारों से बातचीत में अपने विभाग के दो साल की उपलब्धियां गिनाते हुए यह बातें कहीं। वर्मा ने कहा कि एग्रीस्टेक के तहत प्रदेश में जियो-रिफरेंसिंग, फार्मर रजिस्ट्रेशन और डिजिटल क्रॉप सर्वे की शुरुआत हो चुकी है। इसके तहत अब हर खेत और हर भूखंड डिजिटल नक्शे से जुड़ेगा। पटवारी नक्शों के जियो-रिफरेंसिंग के लिए 25 करोड़ रुपए का प्रावधान किया गया है। भू-नक्शों को डिजिटल आधार से जोड़ते हुए प्रत्येक भूमि को यूनिक यूएल-पिन दिया जाएगा और मालिक को भू-आधार कार्ड जारी किया जाएगा। इससे फर्जी रजिस्ट्री, दोहरी बिक्री और सीमाविवाद पर प्रभावी रोक लगेगी। सरकार ने जमीन से जुड़े कामों को सरल करने के लिए स्व-नामांतरण की सुविधा शुरू की है। अब वारिस या खरीदार खुद ऑनलाइन नाम चढ़ा सकेंगे। इसी तरह भूमि व्यपवर्तन की प्रक्रिया भी ऑनलाइन करने के लिए 2 करोड़ रुपए रखे गए हैं। भू-अर्जन के मामलों में अब छोटे टुकड़े कर ज्यादा मुआवजा लेने पर रोक लगाई गई है। वर्मा ने बताया कि राजस्व मामलों के निराकरण के लिए रायपुर, बिलासपुर और दुर्ग में तहसीलदार व नायब तहसीलदार के अतिरिक्त न्यायालय बनाए जाएंगे। भास्कर इनसाइट शहरी क्षेत्रों में 5 डिसमिल से कम जमीन की बिक्री पर रोक राज्य सरकार ने शहरी क्षेत्रों में 5 डिसमिल से कम जमीनों की खरीदी बिक्री पर रोक लगा दी है। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ जन आवास योजना के तहत 2 से 10 एकड़ तक भूमि का पंजीयन कर छोटे प्लॉट बेचने की अनुमति दी गई है जबकि कॉलोनियों और अपार्टमेंट की सड़क, गार्डन और सामुदायिक भवन की जमीन अब संयुक्त नाम से दर्ज होगी। वहीं जमीन से जुड़े काम को डिजिटल करने के लिए पटवारी नक्शा जियो-रिफरेंसिंग के लिए 25 करोड़, चांदा-मुनारा व शहरी सीमांकन के लिए 16 करोड़, ऑनलाइन भूमि व्यपवर्तन के लिए 2 करोड़, नई तहसील-उप तहसील भवन के लिए 10 करोड़, तहसीलों में कंप्यूटर-प्रिंटर के लिए 115 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा प्रदेश के 80 हजार हितग्राहियों को स्वामित्व कार्ड प्रदान किया जा चुका है। प्रदेश के 9 विश्वविद्यालयों में नई शिक्षा नीति लागू उच्च शिक्षा मंत्री ने बताया कि उच्च शिक्षा को मजबूत बनाने की दिशा में सरकार ने बड़ा निवेश और संरचनात्मक सुधार शुरू किया है। दो साल में उच्च शिक्षा का बजट करीब 50 प्रतिशत की वृद्धि की गई है। प्रदेश के 9 में से 7 राजकीय विश्वविद्यालयों में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 लागू कर दी गई है। इसके तहत गार्डनिंग, मल्टीमीडिया-एनिमेशन जैसे 42 स्किल एन्हांसमेंट, 108 जेनेरिक इलेक्टिव और एबिलिटी एन्हांसमेंट कोर्स शुरू किए गए हैं। इंडस्ट्री से जुड़ाव बढ़ाने के लिए रिसर्च क्वालिटी इंडस्ट्री-एकेडमिया सेल का गठन किया गया है। 366 सहायक प्राध्यापक प्रोफेसर बने, जबकि 151 स्नातक और 7 स्नातकोत्तर प्राचार्यों को पदोन्नति दी गई।

दैनिक भास्कर 7 Jan 2026 4:00 am

शिक्षामित्रों को जल्द मिलेगी कैशलेस इलाज की सुविधा:लखनऊ में बेसिक शिक्षा मंत्री ने मानदेय को लेकर दिया भरोसा

सरकार जल्द ही शिक्षामित्रों को केशलैस इलाज और बढ़ा हुआ मानदेय देगी। उनकी लंबित मांगों को बहुत जल्द निस्तारित किया जाएगा। सरकार उनके हित से जुड़े कई अन्य जरूरी फैसले भी बहुत जल्द लेगी। यह कहना है बेसिक शिक्षामंत्री संदीप सिंह का। वो मंगलवार को लोक निर्माण विभाग के विश्वसरैया सभागार में आयोजित प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रान्तीय सम्मेलन में बोल रहे थे। इस दौरान शिक्षा मित्रों और अनुदेशकों ने बेसिक शिक्षा मंत्री का स्वागत किया। सभी ने प्रदेश सरकार के शिक्षामित्र एवं अनुदेशकों को केशलैस चिकित्सा में शामिल करने एवं शिक्षामित्र को मूल विद्यालय वापसी की कार्रवाई शुरू किए जाने पर शिक्षामंत्री का स्वागत कर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को धन्यवाद ज्ञापित किया। सम्मेलन में मौजूद एमएलसी शिक्षक क्षेत्र मेरठ सहारनपुर एवं प्रदेश संयोजक शिक्षक प्रकोष्ठ भाजपा श्रीचंद शर्मा, एमएलसी शिक्षक प्रकोष्ठ लखनऊ उमेश द्विवेदी, मएलसी प्रयागराज झांसी शिक्षक प्रकोष्ठ बाबूलाल तिवारी एवं एमएलसी आगरा अलीगढ़ स्नातक क्षेत्र के मानवेंद सिंह गुरु ने शिक्षामित्रों का समर्थन किया। 10 हजार में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल उत्तर प्रदेश प्राथमिक शिक्षामित्र संघ के प्रदेश अध्यक्ष शिव कुमार शुक्ला और प्रदेश महामंत्री सुशील कुमार यादव ने कहा कि शिक्षामित्र और अनुदेशक किसान एवं गरीब बच्चों को पढ़ा रहे हैं। सरकार शिक्षामित्रों को सिर्फ 10 हजार रुपए प्रति माह के हिसाब से 11 माह का मानदेय देती है। इसमें परिवार का खर्च चलाना काफी मुश्किल है। बहुत से शिक्षामित्र स्नातक के साथ बीटीसी उत्तीर्ण हैं। करीब 60 हजार शिक्षामित्र टीईटी और सीटीईटी उत्तीर्ण हैं। एनसीटीई के मानक पूरा करने वाले शिक्षामित्र शिक्षक बनने की योग्यता रखते हैं। इस मौके पर संगठन के प्रदेश संयोजक पुनीत चौधरी, भूपेंद सिंह,विमलेश पटेल, अनिल यादव, मुन्नू निषाद, प्रवीण श्रीवास्तव, चरण सिंह, खुर्शीद अहमद,गिरीश यादव, अमित शर्मा समेत अन्य मौजूद रहे। यह हैं प्रमुख मांगें

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 8:39 pm

आर्यभट्ट ज्ञान यूनिवर्सिटी में नेशनल लेवल लैब का होगा निर्माण:स्टेम सेल टेक्नोलॉजी और एस्ट्रोनॉमी की होगी पढ़ाई, बैठक में शिक्षा मंत्री रहे मौजूद

आर्यभट्ट ज्ञान यूनिवर्सिटी में स्कूल ऑफ स्टेम सेल टेक्नोलॉजी एवं स्कूल ऑफ एस्ट्रोनॉमी में पढ़ाई और रिसर्च को बढ़ावा देने के लिए नेशनल लेवल के लैब का निर्माण किया जाएगा। साथ ही यूनिवर्सिटी परिसर में शैक्षणिक गतिविधियों के लिए ऑडिटोरियम और छात्रावास का निर्माण किया जाएगा। ये सारे एजेंडों पर आज की बैठक में स्वीकृति मिली है। आज आर्यभट्ट ज्ञान यूनिवर्सिटी में 29वीं बैठक का आयोजन किया गया था। इसमें शिक्षा मंत्री सुनील कुमार भी मौजूद रहे। सुनील कुमार को मिला सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री का पुरस्कार इस बैठक में सुनील कुमार को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एजुकेटर्स फॉर वर्ल्ड पीस द्वारा वर्ष के सर्वश्रेष्ठ शिक्षा मंत्री के पुरस्कार से सम्मानित किया गया। मंत्री ने अपने सम्बोधन में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की अवधारणा के अनुरूप इस विश्वविद्यालय में शोध कार्य और शैक्षणिक प्रदर्शन किए जाने का परामर्श दिया गया। मंत्री द्वारा विश्वविद्यालय के आधारभूत संरचना के विकास के लिए बिहार सरकार के तरफ से हर संभव सहयोग प्रदान किए जाने का आश्वासन दिया गया। इसके साथ ही मंत्री ने कुलपति प्रो. शरद कुमार यादव के द्वारा विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों में वृद्धि के लिए सराहना की। पटना विश्वविद्यालय में NAAC मान्यता की तैयारी को लेकर हुई बैठक पटना विश्वविद्यालय में नेशनल असेसमेंट एंड एक्रेडिटेशन काउंसिल (NAAC) मान्यता की तैयारी को लेकर आज बैठक की गई। इस बैठक के एजेंडे में विश्वविद्यालय और संबद्ध कॉलेज द्वारा AQAR (एनुअल क्वालिटी एश्योरेंस रिपोर्ट) की स्थिति की समीक्षा, NAAC द्वारा प्रस्तावित नई बाइनरी और मैच्योरिटी आधारित ग्रेडिंग प्रणाली के अंतर्गत आवश्यक बिंदुओं पर प्रस्तुति दिया गया। विभागों और कॉलेज द्वारा तैयार किए जाने वाले दस्तावेजों पर भी चर्चा की गयी जिसमें NAAC द्वारा मान्यता प्राप्त करने के लिए उठाए जाने वाले आवश्यक कदम शामिल हैं।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 7:29 pm

मुक्तसर में बेटी की हत्या करने वाला पिता गिरफ्तार:उच्च शिक्षा और आगे बढ़ने की सोच से था नाराज, मां शिकायत पर कार्रवाई

पंजाब के श्री मुक्तसर साहिब के थाना कबरवाला पुलिस ने अपनी ही बेटी की निर्मम हत्या करने वाले पिता को गिरफ्तार कर लिया है। यह वारदात दो दिन पहले 4 जनवरी को गांव मिड्डा में सामने आई थी जहां पिता ने बेटी पर कस्सी से हमला कर उसकी जान ले ली। पुलिस ने बताया कि 4 जनवरी 2026 को गांव मिड्डा में चमनदीप कौर नामक युवती की उसके पिता हरपाल सिंह द्वारा कस्सी से हमला कर हत्या कर दी गई थी। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मृतका की मां जसविंदर कौर के बयान दर्ज किए गए। बयान के आधार पर आरोपी पिता के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। बेटी की सोच से था नाराज पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी हरपाल सिंह अपनी बेटी की पढ़ाई और उसकी आगे बढ़ने की सोच से नाराज था। वह बेटी की स्वतंत्र सोच और शिक्षा को बर्दाश्त नहीं कर पा रहा था, जिस कारण उसने गुस्से में आकर इस खौफनाक वारदात को अंजाम दिया। हत्या के बाद आरोपी कस्सी समेत मौके से फरार हो गया था। मां के बयान पर केस दर्ज इस मामले में थाना कबरवाला की एसएचओ हरप्रीत कौर ने बताया कि पुलिस ने मृतका की मां के बयान पर आरोपी पिता हरपाल सिंह उर्फ पाला के खिलाफ केस दर्ज किया था और अब उसे गिरफ्तार कर लिया। आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई कस्सी भी बरामद कर ली गई है। एसएचओ हरप्रीत कौर ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया जा रहा है और मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई जारी है।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 6:59 pm

प्राथमिक शिक्षा में मार्च 2026 तक रोहतक बनेगा पूर्ण निपुण:शिक्षा विभाग के अधिकारियों को दिए निर्देश, जीरो पीरियड मॉडल पूरे प्रदेश में हुआ लागू

रोहतक जिला मार्च 2026 तक प्राथमिक शिक्षा में 100 प्रतिशत निपुण दर्जा हासिल कर लेगा। मार्च 2026 तक पूर्ण निपुण जिला बनकर समावेशी, परिणामोन्मुखी एवं समग्र शिक्षा का एक मानक स्थापित करेगा। डीसी सचिन गुप्ता ने निपुण जिला बनाने को लेकर शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश जारी किए। डीसी सचिन गुप्ता ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों को निर्देश दिए कि मिशन मोड में कार्य करते हुए गति बनाए रखें, ताकि कक्षा पहली से पांचवीं तक के सभी बच्चे आयु के अनुरूप पठन, लेखन एवं बुनियादी गणितीय दक्षता प्राप्त कर सकें। आधारभूत साक्षरता और संख्यात्मक ज्ञान गुणवत्तापूर्ण शिक्षा की रीढ़ है और रोहतक की यह पहल शिक्षा सुधार का एक प्रभावी मॉडल बनकर उभर रही है। निपुण रोहतक के तहत मजबूत प्रगति जिला मूल्यांकन आंकड़ों के अनुसार पिछली समीक्षा में निर्धारित लक्ष्यों को योजनाबद्ध तरीके से प्राप्त कर लिया गया है। एक माह के दौरान 1014 विद्यार्थियों ने निर्धारित समय-सीमा में दक्षता के एक स्तर से अगले उच्च स्तर तक प्रगति करते हुए निपुण मानकों को प्राप्त किया है। 1888 विद्यार्थी वर्तमान में केंद्रित सुधारात्मक शिक्षण के अंतर्गत हैं और अगले चरण में उनकी दक्षता में अपेक्षित सुधार होने की संभावना है। जीरो पीरियड - रोहतक की नवाचार पहल अब पूरे प्रदेश में लागू जीरो पीरियड पहल के अंतर्गत सभी सरकारी प्राथमिक विद्यालयों में प्रतिदिन 40 मिनट का विशेष शिक्षण समय निर्धारित किया गया है, जिसमें केवल पठन दक्षता और संख्यात्मक कौशल पर ध्यान दिया जाता है। इसकी प्रभावशीलता को देखते हुए अब रोहतक का यह मॉडल पूरे राज्य में लागू किया गया है। प्रत्येक बच्चे की शैक्षणिक प्रगति की निगरानी डिजिटल स्किल पासबुक के माध्यम से की जा रही है। शिक्षक प्रशिक्षण एवं शैक्षणिक सहयोग कार्यक्रम डीसी सचिन गुप्ता ने डाइट मदीना के सहयोग से संचालित शिक्षक प्रशिक्षण पहलों की समीक्षा की तथा प्रमुख शैक्षणिक कार्यक्रमों की प्रगति का आकलन किया। नींव कार्यक्रम के तहत कक्षा 9वीं व 10वीं के विद्यार्थियों में विज्ञान विषय की दक्षता बढ़ाने हेतु डिजिटल होमवर्क और विषय आधारित वीडियो सहायता प्रदान की जा रही है। शैक्षणिक समृद्धि एवं प्रतिभा विकास डीसी सचिन गुप्ता ने निर्देश दिए कि सुपर-40 कार्यक्रम (सुपर-100 मॉडल पर आधारित) के तहत कक्षाएं एक माह के भीतर शुरू की जाएं। इस कार्यक्रम के अंतर्गत आईआईटी-जेईई और नीट की तैयारी कर रहे विद्यार्थियों को निशुल्क कोचिंग, अध्ययन सामग्री, टेस्ट एवं मेंटरशिप उपलब्ध कराई जाएगी।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 6:39 pm

लखनऊ में बेसिक शिक्षा निदेशालय पर विरोध प्रदर्शन:शासन और निदेशालय स्तर पर मांगे पूरी न होने पर जताई नाराजगी , महाआंदोलन की दी चेतावनी

लखनऊ में मंगलवार को बेसिक शिक्षा निदेशालय पर विरोध प्रदर्शन। यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रियल ऑफिसर्स एसोसिएशनके बैनर तले बेसिक एवं माध्यमिक शिक्षा विभाग के कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर एक दिवसीय भूख हड़ताल और प्रदर्शन किया । प्रदर्शनकारीयों ने कहा कि 18 सूत्रीय मांगें शासन स्तर पर और 17 सूत्रीय मांगें निदेशालय स्तर पर लम्बे समय से लंबित है। प्रान्तीय अध्यक्ष विवेक यादव ने कहा कि अन्न और जल का त्याग कर विरोध दर्ज करवा रहे हैं। कई वर्षों से अपनी मंगों को लेकर संघर्ष कर रहे है मगर सुनवाई नहीं हो रही है। उन्होंने बताया कि आंदोलन के पहले चरण में प्रदेश के सभी जनपदों में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी, जिला विद्यालय निरीक्षक एवं जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थानों पर धरना दिया गया। दूसरे चरण में सहायक शिक्षा निदेशक बेसिक, उप शिक्षा निदेशक माध्यमिक एवं संयुक्त शिक्षा निदेशक कार्यालयों पर विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद तीसरे चरण में अपर शिक्षा निदेशक (बेसिक) प्रयागराज के कार्यालय पर धरना दिया गया । जिसकी सूचना ई-मेल और पत्रों के माध्यम से शासन और विभागीय अधिकारियों को दी गई, परंतु किसी ने संज्ञान नहीं लिया। पदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि प्रधान सहायक, प्रशासनिक अधिकारी, सहायक ग्रेड-1 और 2 के पदों पर पदोन्नतियों में जानबूझकर विलंब किया जा रहा है। क्लर्क की भारी कमी के कारण विभागीय कार्य बाधित हो रहे है। अनौपचारिक शिक्षा में कार्यरत कर्मचारियों की सेवाओं को पेंशन में न जोड़ना भी कर्मचारियों के उत्पीड़न का उदाहरण बताया गया। साथ हि पुरानी पेंशन को लागू करने कि मांग किया। कर्मचारी नेताओं ने चेतावनी दी कि अगर जल्द ही मांगों पर कोई सकारात्मक कार्रवाई नहीं हुई तो 19 जनवरी 2026 को महानिदेशक स्कूल शिक्षा कार्यालय पर आंदोलन किया जाएगा। इसके बाद भी समाधान न होने पर 28 जनवरी 2026 से अनिश्चितकालीन आंदोलन शुरू किया जाएगा ।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 6:20 pm

'शिक्षा से ही समाज की उन्नति संभव':कुरैशी महासभा ने फिजूलखर्ची रोकने और जागरूकता पर दिया बल

डीडवाना में कुरैशी महासभा संस्थान की ओर से हाल ही में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिले की सभी तहसीलों के पदाधिकारियों ने भाग लिया। इस अवसर पर सभी तहसील अध्यक्षों का माला और साफा पहनाकर अभिनंदन किया गया। कुरैशी महासभा संस्थान के जिला डीडवाना-कुचामन संघ के देहात अध्यक्ष अब्दुर्रहमान भाटी ने इस दौरान अपने संबोधन में कहा कि किसी भी समाज की उन्नति शिक्षा के बिना संभव नहीं है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा की नींव पर ही राष्ट्र की उन्नति, प्रगति, सौहार्द और सफलता का मार्ग प्रशस्त होता है। भाटी ने कार्यकारिणी के विस्तार के महत्व पर भी प्रकाश डाला। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के अंतिम पंक्ति में बैठे व्यक्ति तक पहुंच सुनिश्चित नहीं की जाती, तब तक वास्तविक सुधार संभव नहीं है।छोटी खाटू तहसील अध्यक्ष सरवर कुरैशी ने शादियों में अत्यधिक खर्च पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि गरीब तबका अमीरों की देखा-देखी कर्ज लेकर फिजूलखर्ची कर रहा है, जिसे रोकने की आवश्यकता है। परबतसर तहसील अध्यक्ष अबरार अहमद कुरैशी ने सुझाव दिया कि छोटे-छोटे सुधार कार्यक्रमों के माध्यम से समाज में बड़ा बदलाव लाया जा सकता है। समारोह में मकराना अध्यक्ष इलियास कुरैशी, कुचामन अध्यक्ष जावेद गोरी, मौलासर अध्यक्ष जाकिर खत्री और महा सभा के प्रदेश संयुक्त सचिव मोहम्मद रफीक भाटी ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर गुलाम नबी, जिकरद्दीन, खलील तंवर, फजलु भाटी, आदिल तबाक, मोहम्मद असलम भाटी, शकील कुरैशी, शाबीर भाटी, जमील कुरैशी सहित बड़ी संख्या में समाज बंधु उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 5:29 pm

बोर्ड एग्जाम से पहले सौ से ज्यादा प्रिंसिपल का ट्रांसफर:शिक्षा विभाग ने दो अलग अलग लिस्ट जारी, अधिकांश का जिला बदला

माध्यमिक शिक्षा बोर्ड अजमेर की दसवीं और बारहवीं क्लास के फाइनल एग्जाम 12 फरवरी से शुरू होने वाले है, इससे ठीक एक महीने पहले शिक्षा विभाग ने सौ से ज्यादा प्रिंसिपल के ट्रांसफर कर दिए हैं और करीब इतने ही प्रिंसिपल की लिस्ट अभी आनी शेष है। करीब दो महीने पहले हुए ट्रांसफर के बाद सिफारिश के दम पर कई शिक्षकों ने अपना तबादला कैंसिल करवा लिया है, वहीं कई प्रिंसिपल को शिकायत के आधार पर इधर-उधर किया गया है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक सीताराम जाट की ओर से जारी ये लिस्ट भी करीब एक महीने पहले ही शिक्षा निदेशालय से जयपुर सचिवालय पहुंच गई थी। इसके बाद पांच जनवरी को सचिवालय ने निदेशालय को ट्रांसफर की स्वीकृति दी। मंगलवार को निदेशक ने इस आशय की लिस्ट को जारी कर दिया। ये दो लिस्ट है। एक में 39 प्रिंसिपल के नाम है, जबकि दूसरी लिस्ट में 78 प्रिंसिपल को इधर से उधर किया गया है। हालांकि इन 117 प्रिंसिपल के बाद भी बड़ी संख्या में प्रिंसिपल अपने ट्रांसफर की कवायद में जुटे हुए हैं। एक से दूसरे जिले में ट्रांसफर इस लिस्ट की खास बात ये है कि इसमें पचास फीसदी से ज्यादा ट्रांसफर तो एक से दूसरे जिले में ही किए गए हैं। वहीं अधिकांश के ट्रांसफर उनके आवेदन पर हुए हैं, ऐसे में उन्हें टीए और डीए देय नहीं होगा। वहीं कुछ को ट्रांसफर होने पर टीए और डीए देय है, यानी उन्होंने ट्रांसफर के लिए आवेदन नहीं किया था। ऐसे में ऐसे अधिकारियों को बीच सत्र में स्कूल छोड़कर अन्यत्र जाना पड़ा है। रिटायरमेंट पोस्ट पर एडवांस ट्रांसफर जो प्रिंसिपल 31 जनवरी को रिटायर हो रहे हैं, उनकी पोस्ट पर एडवांस में ही दूसरे प्रिंसिपल का ट्रांसफर कर दिया गया है। ऐसे ट्रांसफर के आगे आदेश एक फरवरी से प्रभावी होने का रिमार्क लिखा गया है। ऐसे पांच से ज्यादा प्रिंसिपल के ट्रांसफर हैं। सारा काम जयपुर, बीकानेर में सिर्फ हस्ताक्षर ट्रांसफर का सारा काम जयपुर स्थित शिक्षा संकुल से हुआ है, जबकि बीकानेर ये फाइल सिर्फ हस्ताक्षर के लिए ही आई। निदेशालय स्तर पर सिर्फ ये देखा गया कि लिस्ट में कोई खामी तो नहीं है। इस बार भी संबंधित अनुभाग से सिर्फ लिस्ट चैक ही करवाई गई। निदेशालय ने भी आदेश में साफ लिखा है कि राज्य सरकार से मिले पत्र के आधार पर ट्रांसफर किया जा रहा है।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 2:27 pm

डॉ. पुष्पेंद्र, डॉ. सतना सिंह को शिक्षा भूषण सम्मान:राज्यपाल हरिभाऊ बागड़े ने जयपुर में किया सम्मानित

राजस्थान के राज्यपाल हरिभाऊ किशन राव बागड़े ने डॉ. पुष्पेंद्र सिंह और डॉ. सतना सिंह को 'शिक्षा भूषण सम्मान' से सम्मानित किया है। यह सम्मान उन्हें भारतीय संस्कृति, शिक्षा, साहित्य और भाषा के प्रचार-प्रसार में उनके सराहनीय योगदान के लिए दिया गया। सम्मान समारोह राजभवन राजस्थान में आयोजित एक राष्ट्रीय शोध संगोष्ठी के दौरान हुआ। बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया एवं भारतीय शिक्षण मंडल के संयुक्त तत्वावधान में आयोजित इस संगोष्ठी की अध्यक्षता राज्यपाल हरिभाऊ किशन राव बागड़े ने की। इसमें बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. राजेश शर्मा और भारतीय शिक्षण मंडल के प्रांतीय अध्यक्ष प्रोफेसर डॉ. आर.ए. शर्मा मुख्य वक्ता रहे। इस अवसर पर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह ने अपनी बेस्ट सेलर पुस्तकें 'शैक्षिक नवाचार' और 'बेटियाँ' की प्रतियां राज्यपाल को भेंट कीं। ये पुस्तकें गत वर्ष विश्व पुस्तक मेला प्रगति मैदान नई दिल्ली और कोलकाता इंटरनेशनल बुक फेस्टिवल में बेस्ट सेलर रही थीं। राज्यपाल ने इन पुस्तकों की हस्ताक्षरित प्रतियां प्राप्त कीं। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राज्यपाल हरिभाऊ किशन राव बागड़े ने कहा कि शिक्षा समाज को आगे बढ़ने का मार्ग प्रशस्त करती है। उन्होंने शिक्षकों के नवाचारों की सराहना करते हुए उनकी उत्तरोत्तर प्रगति की कामना की और नव वर्ष 2026 की शुभकामनाएं दीं। राज्यपाल के हाथों 'शिक्षा भूषण सम्मान' से अलंकृत होने पर डॉ. पुष्पेंद्र सिंह और डॉ. सतना सिंह को बेसिक एजुकेशन मूवमेंट ऑफ इंडिया के पदाधिकारियों, जिनमें डॉ. संजय यादव, डॉ. कंचन कामिनी, डॉ. राजीव कुमार, डॉ. केशव सिंह पटेल, डॉ. अमित कुमार, डॉ. विजयलक्ष्मी यादव, सुनील आनंद, शिवाली जायसवाल और कादंबरी कुशवाहा शामिल हैं, ने बधाई दी।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 2:19 pm

सवाई माधोपुर: शिक्षा के आंगन को महकाने वाले भामाशाहों का होगा अभिनंदन, 6 फरवरी को सजेगा सम्मान का मंच

सवाई माधोपुर में शिक्षा क्षेत्र की कायाकल्प करने वाले दानदाताओं के सम्मान में 6 फरवरी 2026 को चतुर्थ जिला स्तरीय भामाशाह सम्मान समारोह आयोजित होगा। भविष्य की उड़ान नवाचार के तहत 35 करोड़ का सहयोग देने वाले भामाशाहों को जिला प्रशासन और शिक्षा विभाग द्वारा सम्मानित किया जाएगा। जानें इस भव्य आयोजन और स्कूलों के विकास में सामुदायिक सहभागिता की पूरी रिपोर्ट।

प्रातःकाल 6 Jan 2026 1:24 pm

शिक्षा निदेशालय में मारपीट पर 15 कर्मचारी तलब:केंटीन के पास प्रदर्शन पर भी सवाल, आज होगी पूछताछ

बीकानेर के शिक्षा निदेशालय परिसर में सहायक प्रशासनिक अधिकारी के साथ मारपीट और सोशल मीडिया कमेंट के मामले में जांच तेज हो गई है। माध्यमिक शिक्षा निदेशक के आदेश पर संयुक्त निदेशक ने इस मामले से जुड़े 15 कर्मचारियों को नोटिस जारी कर दोपहर में तलब किया है। जांच के दौरान केंटीन के पास कर्मचारियों द्वारा किए गए प्रदर्शन भी सवाल। वहीं दूसरी ओर, इस घटना को लेकर बीछवाल थाने में दर्ज FIR की जांच भी पुलिस कर रही है। 24 दिसंबर की घटना को लेकर जांच संयुक्त निदेशक जयदीप ने प्रारम्भिक और माध्यमिक शिक्षा से जुड़े कर्मचारियों को अलग अलग नोटिस जारी किए हैं। नोटिस में 24 दिसंबर 2025 की दोपहर सहायक प्रशासनिक अधिकारी और समाज शिक्षा के अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी के बीच हुई गाली गलौच और मारपीट की घटना को लेकर जानकारी और साक्ष्य मांगे गए हैं। दोपहर 2 बजे बुलाए गए कर्मचारी सभी कर्मचारियों को दोपहर 2 बजे माध्यमिक शिक्षा निदेशालय में उपस्थित होने के निर्देश दिए गए हैं। उनसे पूछा जाएगा कि घटना के समय उन्होंने क्या देखा, क्या सुना और उनके पास क्या साक्ष्य हैं। केंटीन के पास प्रदर्शन पर भी सवाल जांच के दौरान केंटीन के पास कर्मचारियों द्वारा किए गए प्रदर्शन को भी शामिल किया गया है। ज्ञापन देने वाले कर्मचारियों से भी इस संबंध में पूछताछ की जा रही है। तलब किए गए कर्मचारियों में अधिकांश कर्मचारी नेता शामिल हैं। इन कर्मचारियों को भेजा गया नोटिस प्रारम्भिक शिक्षा में जिला शिक्षा अधिकारी राजेश गोस्वामी, सहायक प्रशासनिक अधिकारी जितेंद्र पडिहार, अनिल कुमार पुरोहित, अतिरिक्त प्रशासनिक अधिकारी उमेश आचार्य, मनीष कुमार रंगा और राजेश व्यास को नोटिस जारी कर बुलाया गया है।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 11:21 am

समकालीन शिक्षा पर आधारित द मॉडर्न एजुकेटर पुस्तक का विमोचन

भास्कर न्यूज |लुधियाना डॉ. दीपू कुमार सिंह की कृति का देश भगत यूनिवर्सिटी में भव्य विमोचन मंडी गोबिंदगढ़ स्थित देश भगत यूनिवर्सिटी द्वारा आयोजित भव्य पुस्तक विमोचन समारोह में शिक्षाविद डॉ. दीपू कुमार सिंह द्वारा लिखित पुस्तक द मॉडर्न एजुकेटर का औपचारिक विमोचन किया गया। यह पुस्तक समकालीन शिक्षा व्यवस्था की आवश्यकताओं को ध्यान में रखते हुए तैयार की गई है और वर्तमान युग के अध्यापकों के लिए एक दिशा-सूचक एवं मार्गदर्शक ग्रंथ के रूप में उभर कर सामने आई है। इस अवसर पर डॉ. दीपू कुमार सिंह ने कहा कि आज का शिक्षक केवल विषयवस्तु तक सीमित नहीं रह सकता, बल्कि उसे तकनीक, नवाचार और बदलती सामाजिक आवश्यकताओं के साथ स्वयं को निरंतर अद्यतन करना होगा। उन्होंने बताया कि द मॉडर्न एजुकेटर पुस्तक में शिक्षण-अधिगम की आधुनिक अवधारणाओं, शिक्षक की भूमिका, मूल्य आधारित शिक्षा तथा कंप्यूटर और डिजिटल तकनीक के प्रभावी उपयोग को अत्यंत सरल और व्यावहारिक ढंग से प्रस्तुत किया गया है। डॉ. सिंह ने यह भी स्पष्ट किया कि यह पुस्तक न केवल विद्यालय स्तर के शिक्षकों के लिए उपयोगी है, बल्कि महाविद्यालयों, विश्वविद्यालयों, प्रशिक्षण संस्थानों तथा शैक्षणिक प्रशासकों के लिए भी समान रूप से लाभकारी सिद्ध होगी। कार्यक्रम की अध्यक्षता देश भगत यूनिवर्सिटी के कुलपति डॉ. जोर सिंह ने की। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर, पंजाबी यूनिवर्सिटी के पूर्व वाइस चांसलर डॉ. सिंह भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। पुस्तक विमोचन समारोह का शुभारंभ पारंपरिक दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 4:44 am

शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टटेंगा में वार्षिक उत्सव मनाया गया:लोगों को शिक्षा व संस्कार देना किसी भी विद्यालय की पहचान है: विधायक

भास्कर न्यूज | देवरी बंगला शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टटेंगा में रविवार को वार्षिक उत्सव एवं स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि विधायक कुंवर सिंह निषाद थे। समारोह की अध्यक्षता शाला विकास समिति के अध्यक्ष एवं जनपद सदस्य टुमन साहू ने की। वार्षिक उत्सव में विद्यार्थियों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां, गीत, नृत्य और प्रश्नोत्तरी के माध्यम से अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इसके साथ ही खेल, शिक्षा और सांस्कृतिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को पुरस्कारों से सम्मानित किया गया। विधायक ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षा और संस्कार देना किसी भी विद्यालय की पहचान है। उन्होंने बताया कि प्रत्येक विद्यालय के वार्षिक उत्सव का उद्देश्य केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि छात्र-छात्राओं की रूचि, प्रगति और उनके प्रयासों का मूल्यांकन करना भी होता है। ऐसे आयोजन छात्रों को नई प्रेरणा और उत्साह प्रदान करते हैं। और विधायक कुंवर सिंह ने शाला परिसर में डोम शेड एवं मंच निर्माण की घोषणा की । इस अवसर पर कार्यक्रम में कोदूराम दिल्लवार, जिला कांग्रेस महामंत्री केशव शर्मा, जिला पंचायत सदस्य प्रभा नायक, किशोरी साहू, रमेश सोनवानी, सरपंच दीप्ति साहू, घनश्याम ठाकुर, सागर साहू, तरुण पारकर, सुरेश साहू, पुरुषोत्तम उर्वशा, चंद्रशेखर उर्वशा, प्राचार्य आर.के. देवांगन, शाला परिवार और ग्रामीण उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 6 Jan 2026 4:00 am

अरविंद केजरीवाल के ‘कुत्तों की गिनती’ वाले दावे पर शिक्षा मंत्री ने साधा निशाना, माफी की मांग की

दिल्ली के शिक्षा मंत्री ने मंगलवार को पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल पर आवारा कुत्तों की गणना के...

आउटलुक हिंदी 6 Jan 2026 12:00 am

अनूपपुर में स्कूलों का समय बदला:सुबह 11 बजे से लगेंगी कक्षाएं, जिला शिक्षा अधिकारी ने जारी किया आदेश

अनूपपुर जिले में कड़ाके की ठंड को देखते हुए स्कूलों के समय में बदलाव किया गया है। जिला शिक्षा अधिकारी ने इस संबंध में आदेश जारी कर दिया है, जो 5 जनवरी 2026 से लागू हो गया है। यह फैसला बच्चों को ठंड से बचाने के लिए लिया गया है। जारी आदेश के मुताबिक, जिले के सभी सरकारी और प्राइवेट स्कूलों के समय में फेरबदल किया गया है। जो स्कूल दो पालियों में लगते हैं, उनमें पहली पाली सुबह 11 बजे से दोपहर 1 बजे तक और दूसरी पाली दोपहर 1 बजे से शाम 5 बजे तक रहेगी। वहीं, एक पाली में चलने वाले स्कूल अब सुबह 11 बजे से शाम 4 बजे तक लगेंगे। कलेक्टर ने दी मंजूरी बच्चों की सेहत और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए लिए गए इस फैसले को कलेक्टर ने भी मंजूरी दे दी है। जिला शिक्षा अधिकारी तुलाराम आर्मो ने जिले के सभी स्कूल प्रमुखों को निर्देश दिए हैं कि इस नए समय का सख्ती से पालन किया जाए।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 9:45 pm

पूर्व सांसद मोहर सिंह राठौड़ को मरणोपरांत स्वामी गोपालदास पुरस्कार:शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में किया था उल्लेखनीय योगदान

चूरू में शिक्षा, चिकित्सा और समाज सेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले पूर्व सांसद एवं पूर्व विधायक मोहर सिंह राठौड़ को मरणोपरांत स्वामी गोपालदास पुरस्कार से सम्मानित किया जाएगा। यह कार्यक्रम 9 जनवरी को आयोजित होगा, जिसमें वरिष्ठ लेखक-पत्रकार त्रिभुवन मुख्य वक्ता के तौर पर शामिल होंगे। समिति के संयोजक दलीप सरावग ने बताया कि वरिष्ठ समाजसेवी हनुमानमल कोठारी की अध्यक्षता में गठित चयन समिति ने यह फैसला किया है। समिति ने वर्ष 2026 के लिए यह पुरस्कार मोहर सिंह राठौड़ को देने का निर्णय लिया, जिन्होंने स्वामी गोपालदास द्वारा प्रज्ज्वलित शिक्षा, चिकित्सा, समाज सेवा और गौ सेवा की लौ को आगे बढ़ाया। सरावग ने बताया कि यह कार्यक्रम शुक्रवार, 9 जनवरी को स्वामी गोपालदास की पुण्यतिथि पर आयोजित होगा। सुबह सवा 11 बजे गोपालदास चौक स्थित सर्वहितकारिणी भवन के सामने स्वामी गोपालदास की मूर्ति परिसर में श्रद्धांजलि सभा होगी। इसमें राजस्थान के वरिष्ठ पत्रकार त्रिभुवन मुख्य वक्ता होंगे। स्वामी गोपालदास संस्थान, चूरू के सौजन्य से यह पुरस्कार प्रदान किया जाएगा। इसमें इक्कीस हजार रुपए नकद, शॉल, श्रीफल, प्रतीक चिह्न और प्रशस्ति-पत्र शामिल हैं। उल्लेखनीय है कि यह वार्षिक पुरस्कार इससे पहले भी कई गणमान्य व्यक्तियों को दिया जा चुका है। वर्ष 2019 में इतिहासकार गोविंद अग्रवाल, 2020 में सामाजिक कार्यकर्ता एवं स्वतंत्रता सेनानी चंदनमल बहड़, 2021 में शिक्षाविद् डॉ. घासीराम वर्मा, 2022 में वंचितों के सामाजिक उत्थान के लिए रावतराम आर्य, 2023 में स्वतंत्रता सेनानी हनुमान सिंह बुढानिया, 2024 में शिक्षा में उल्लेखनीय योगदान के लिए सेठ कन्हैयालाल लोहिया और 2025 में भामाशाह बनवारी लाल सोती को यह सम्मान प्रदान किया गया था।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 6:03 pm

कैथल में दिया बेटी पढ़ाओ-बेटी बचाओ का संदेश:हेल्थ कर्मी बोले- लड़कियों को उचित शिक्षा और मार्गदर्शन जरूरी, नाम रोशन करेंगी

कैथल जिले के राजौंद क्षेत्र के गांव कुकरकंडा में ‘बेटी बचाओ, बेटी पढ़ाओ’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में सीएचओ अनीश खान, एएनएम पूजा, एएनएम मंजू, सुमन, गुरप्रीत, मीना, सेवापति संतोष, आशा कार्यकर्ता सौरभ और प्रदीप ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। बेटियों की शिक्षा और सशक्तिकरण पर बलकार्यक्रम के दौरान ग्रामीणों को संबोधित करते हुए एएनएम मंजू और सीएचओ अनीश खान ने कहा कि आज के समय में महिलाएं और बेटियां किसी भी क्षेत्र में कमजोर नहीं हैं। वे हर क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर अपनी सफलता का परचम लहरा रही हैं। संकीर्ण सोच से बाहर आने की अपीलवक्ताओं ने कहा कि समाज में आज भी कुछ लोग संकीर्ण मानसिकता रखते हैं, जिसके कारण बेटियां उचित शिक्षा और मार्गदर्शन से वंचित रह जाती हैं। उन्होंने कहा कि बेटियों को शिक्षा और समान अवसर देना समाज की प्रगति के लिए आवश्यक है। हर क्षेत्र में बेटियों की भागीदारीविशेषज्ञों ने बताया कि आज गांव हो या शहर, हर जगह बेटियां अपनी मेहनत और योग्यता से सफलता हासिल कर रही हैं। चाहे सेना हो, अर्धसैनिक बल हों या अन्य क्षेत्र, बेटियां हर जगह अपनी जिम्मेदारी बखूबी निभा रही हैं। ग्रामीणों की सक्रिय भागीदारीकार्यक्रम में बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने भाग लिया और बेटियों की शिक्षा व सुरक्षा को लेकर जागरूकता का संकल्प लिया। आयोजकों ने कहा कि ऐसे कार्यक्रम समाज में सकारात्मक बदलाव लाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 4:13 pm

शिक्षा विहार परिवार ने मनाया नववर्ष, नई कार्यकारिणी चुनी

जयपुर | जगतपुरा स्थित शिक्षा विहार कॉलोनी में पौषबड़ा और नववर्ष महोत्सव मनाया गया। समारोह में सांस्कृतिक कार्यक्रम भी आयोजित हुए। महिलाओं ने कृष्ण भजनों की प्रस्तुति दी। रामनगरिया थानाधिकारी चंद्रभान सिंह भी कार्यक्रम में शामिल हुए और कॉलोनीवासियों को शुभकामनाएं दीं। डॉ. पारीक बने कॉलोनी के निर्विरोध अध्यक्ष : इस मौके पर शिक्षा विहार कॉलोनी के निर्विरोध चुनाव भी संपन्न हुए। इसमें डॉ. शंकर सहाय पारीक को अध्यक्ष, बाबूलाल शर्मा को उपाध्यक्ष, चरणजीत सचिव, हर्षा शर्मा को संयुक्त सचिव, अनिल शर्मा कोषाध्यक्ष, राकेश गुप्ता सह कोषाध्यक्ष, नीतू मीणा सांस्कृतिक सचिव और सीमा शर्मा को संयुक्त सांस्कृतिक सचिव चुना गया। इसके साथ ही अनिल भार्गव व गोपाल शर्मा को कॉलोनी के विभिन्न कार्यक्रमों के आयोजनों की जिम्मेदारी दी गई। नव निर्वाचित कार्यकारिणी ने कॉलोनी में विभिन्न कार्यक्रम आयोजित करने का निर्णय लिया है।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 4:22 am

प्रदेश में 2540 वनवासी ग्रामों में चल रहे एकल विद्यालय, 75 हजार बच्चे ले रहे शिक्षा

वनबन्धु परिषद जयपुर चैप्टर की ओर से रविवार को महाराणा प्रताप सभागार में वार्षिकोत्सव एवं दानदाता सम्मान समारोह हुआ। इस दौरान ‘भारत के रंग-एकल के संग’ कार्यक्रम ने ग्रामीण एवं आदिवासी भारत के उत्थान को समर्पित राष्ट्रसेवा की प्रेरक मिसाल प्रस्तुत की। मुख्य अतिथि अर्जुन दास सेतिया रहे। कार्यक्रम में फ्रेंड्स ऑफ ट्राइबल सोसायटी, जयपुर चैप्टर के सदस्यों, दानदाताओं एवं जनसमूह सहित 500 से अधिक लोगों की सहभागिता रही। विद्यालय संचालन में सहयोग करने वाले 150 दानदाताओं को सम्मानित किया। कलाकार करुणा ठाकुर की टीम ने श्रीरामचरितमानस पर आधारित नृत्य-नाटिका पेश की। जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश, उत्तरप्रदेश, ओडिशा सहित अन्य राज्यों के आदिवासी क्षेत्रों के युवा कलाकार शामिल थे। चैप्टर के अध्यक्ष प्रदीप बाहेती ने बताया कि एकल अभियान का ध्येय आओ जलाएं दीप वहां, जहां अब भी अंधेरा है के मंत्र के साथ ग्रामीण भारत के अंतिम छोर तक शिक्षा, स्वास्थ्य, कौशल विकास एवं सांस्कृतिक जागृति की रोशनी पहुंचाना है। एकल अभियान का उद्देश्य दूरस्थ ग्रामीण व आदिवासी क्षेत्रों में समग्र ग्राम विकास और आत्मनिर्भरता लाना है, जिससे वंचित बच्चों को घर-द्वार पर शिक्षा मिल सके और वे मुख्यधारा से जुड़ सकें। संयोजक मनमोहन महिपाल एवं संगीता गुप्ता, सचिव पुष्पेन्द्र चौधरी, वनबन्धु परिषद के संरक्षक विमल चन्द सुराणा, आरडी बाहेती, सुरेश पोद्दार, राजेन्द्र सेतिया सहित अन्य लोग मौजूद रहे। { एकल अभियान द्वारा संपूर्ण भारत में एक गांव, एक शिक्षक, एक विद्यालय, 30 हजार रुपए प्रति वर्ष प्रति विद्यालय दान के माध्यम से राजस्थान में 2540 वनवासी ग्रामों में एकल विद्यालय पंचमुखी शिक्षा के माध्यम से कार्य कर रहा है। { राजस्थान में 75,900 बच्चे प्राथमिक शिक्षा ले रहे हैं। { संस्था के द्वारा देश में 24 लाख से अधिक छात्र-छात्राओं को प्राथमिक शिक्षा दी जा रही है। 8 हजार से अधिक ग्रामीण कार्यकर्ताओं, 90 हजार शिक्षकों को रोजगार उपलब्ध कराया जा रहा है। श्रीरामचरितमानस पर आधारित नृत्य-नाटिका पेश करते कलाकार।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 4:20 am

शिक्षा विभाग ने तैयार किया एप:9वीं-12वीं के छात्रों के लिए बनाया ‘माय कॅरियर एडवाइजर’ एप, 1500 से अधिक कॅरियर विकल्प

विद्यार्थियों को भविष्य के लिए बेहतर तैयारी करने और सही कॅरियर चुनने में मदद के लिए शिक्षा विभाग ने ‘माय कॅरियर एडवाइजर‘ मोबाइल एप लॉन्च किया है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार यह एप विद्यार्थियों के लिए कॅरियर की जागरूकता बढ़ाने और बेहतर योजना बनाने में मददगार साबित होगा। इसका सबसे अधिक फायदा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थियों को होगा। साथ ही शिक्षक और काउंसलर्स के लिए भी यह एप उपयोगी साबित होगा। विद्यार्थी तीन प्रमुख मूल्यांकनों के माध्यम से अपना सेल्फ-रिव्यू कर सकते हैं। एप्टीट्यूड टेस्ट (20 मिनट), इंटरेस्ट टेस्ट (12 मिनट) व वैल्यूज टेस्ट (14 मिनट) के माध्यम से विद्यार्थियों का परीक्षण हो सकेगा। एप पर छात्रों को 1500 से अधिक करियर विकल्पों और जॉब रोल्स की जानकारी दी गई है। एंड्रॉयड और आईओएस दोनों पर उपलब्ध; इस एप को एंड्रॉयड प्ले स्टोर पर https://play.google.com/store/apps/details?id=com.wadhwani.careerhl=en_IN व आईओएस एप स्टोर पर https://apps.apple.com/in/app/my-career-advisor-by-moe/id6738484430 लिंक से डाउनलोड किया जा सकता है। बिना डिग्री जॉब विकल्प इस एप में कॉलेज डिग्री के साथ-साथ बिना डिग्री के जॉब ऑप्शन भी उपलब्ध रहेंगे। इससे हर प्रकार के विद्यार्थी को मार्गदर्शन मिल सके। विद्यार्थी प्रोफाइल तैयार कर सकते हैं। अपनी सेल्फ-रिव्यू रिपोर्ट, मैच्ड रोल्स और फेवरिट्स को अभिभावकों, शिक्षकों और सलाहकारों के साथ साझा भी कर सकते हैं, जिससे कॅरियर संबंधी निर्णय और प्रभावी हो जाता है।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 4:12 am

+2 में अपग्रेड होंगे 10वीं तक के 1711 हाई स्कूल:खर्च होंगे 2000 करोड़ रूपए, शैक्षणिक सत्र 2026-27 में  स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता  विभाग केंद्र को भेजेगा प्रस्ताव

इंटर की पढ़ाई के लिए बन रहा हाई स्कूलों के अपग्रेडेशन का प्रस्ताव राज्य में 10वीं तक के 1711 हाई स्कूल अब प्लस टू में अपग्रेड होंगे। इस पर लगभग 2000 करोड़ रुपए से अधिक खर्च होंगे। इन स्कूलों में विज्ञान प्रयोगशालाएं, पुस्तकालय, शौचालय और अतिरिक्त कक्षाओं का निर्माण किया जाएगा। नए शिक्षकों की नियुक्तियां भी होंगी। राज्य के विभिन्न जिलों में अभी 1158 प्लस टू स्कूल चल रहे हैं। ऐसे में 10वीं तक के 1711 हाई स्कूलों के अपग्रेड होने के बाद राज्य में प्लस टू स्कूलों की संख्या 2869 हो जाएगी। स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता विभाग यह प्रस्ताव बना रहा है। शैक्षणिक वर्ष 2026-27 में राज्य सरकार की ओर से केंद्र को यह प्रस्ताव भेजा जाएगा। अपग्रेडेड प्लस टू स्कूलों में विज्ञान, कला और कॉमर्स तीनों संकाय की पढ़ाई होगी। उल्लेखनीय है कि पूर्व शिक्षा मंत्री रामदास सोरेन ने पूर्व में केंद्र सरकार को झारखंड के हर जिले के 15 हाईस्कूलों को प्लस टू में अपग्रेड करने का प्रस्ताव भेजा था। एनईपी में नौंवीं से 12वीं तक की पढ़ाई एक साथ होनी है नई राष्ट्रीय शिक्षा नीति (एनईपी) में स्पष्ट उल्लेख है कि नौंवीं से 12वीं तक की पढ़ाई एक साथ होगी। चूंकि डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद हो चुकी है। ऐसे में 10वीं पास करने वाले बच्चे 12वीं तक उसी स्कूल में पढ़ाई करें, इसके लिए हाई स्कूलों का अपग्रेडेशन जरूरी है। इन अपग्रेडेशन का मुख्य उद्देश्य छात्रों को अपने ही इलाके में उच्च शिक्षा जारी रखने का अवसर देना, स्कूल छोड़ने की दर को कम करना और ग्रामीण क्षेत्रों में शिक्षा की पहुंच को बढ़ाना भी है। माध्यमिक आचार्य की योग्यता एमए/एमएससी बीएड होगी प्लस टू स्कूलों में 20-22 शिक्षकों की नियुक्ति होती है। पूर्व से हाई स्कूलों में जितने शिक्षक हैं, उनके अलावा जितने शिक्षकों की आवश्यकता हो, उन सबकी नियुक्ति करनी होगी। झारखंड में माध्यमिक आचार्य बनने के लिए, संबंधित विषय में स्नातकोत्तर की डिग्री (कम से कम 45-50% अंकों के साथ) और बीएड की डिग्री भी होनी चाहिए। झारखंड शिक्षक पात्रता परीक्षा पास होना भी आवश्यक है। यह योग्यताएं माध्यमिक (कक्षा 9-12) शिक्षकों के लिए है। 40 स्कूलों को तय सीटों से अधिक एडमिशन लेना पड़ा डिग्री कॉलेजों में इंटर की पढ़ाई बंद कर दी गई है। ऐसे में इंटर के छात्रों को इस बार एडमिशन और फिर रजिस्ट्रेशन के लिए काफी चक्कर लगाना पड़ा। राज्य के 40 वित्त रहित स्कूलों में इस बार निर्धारित सीट से अधिक एडमिशन लेना पड़ा। जैक से अनुमति नहीं मिलने के कारण इनका रजिस्ट्रेशन नहीं हो रहा था। भारी दबाव के बाद सीट में वृद्धि करने की अनुमति दी गई है। हाई स्कूलों के प्लस टू में अपग्रेडेशन के बाद यह समस्या समाप्त हो जाएगी। पांच साल में तैयार होंगे सभी अपग्रेडेड प्लस टू स्कूल यदि इन सभी 1711 हाईस्कूलों को अपग्रेड करने की स्वीकृति मिलती है, तो भी इसे तैयार होने में कम से कम पांच साल लगेंगे। अगर समय पर पैसे उपलब्ध नहीं हुए, तो फिर अवधि और आगे बढ़ सकती है। अपग्रेडेड प्लस टू स्कूलों में कम से कम 6 और अधिकतम 10 वर्ग कक्षों का और निर्माण किया जाएगा। प्रयोगशाला, पुस्तकालय और शौचालय का निर्माण भी कराया जाएगा। इसके अलावा हर क्लास के लिए बेंच-डेस्क की भी आवश्यकता होगी।

दैनिक भास्कर 5 Jan 2026 4:00 am

पूर्व लिपिक स्वयंप्रकाश शुक्ला पर गैंगस्टर एक्ट का मुकदमा दर्ज:पुलिस ने बताया गैंग लीडर, शिक्षा विभाग में नौकरी के नाम पर लाखों की ठगी

गोंडा जिले के एडेड कॉलेज में तैनात रहे पूर्व लिपिक स्वयं प्रकाश शुक्ला और उनके सहयोगी अवधेश शुक्ला पर जिला प्रशासन और पुलिस ने शिकंजा कस दिया है। नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी की शिकायत पर नगर कोतवाली में दोनों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस के अनुसार, स्वयं प्रकाश शुक्ला शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी करने वाले एक संगठित गिरोह का सरगना है। उसके खिलाफ गोंडा जिले के इटियाथोक, कटरा बाजार और नगर कोतवाली थानों में नौकरी दिलाने के नाम पर ठगी के कुल छह मुकदमे पहले से दर्ज हैं। आर्थिक लाभ के लिए लोगों को नौकरी का झांसा नगर कोतवाल विवेक त्रिवेदी ने बताया कि स्वयं प्रकाश शुक्ला (निवासी- बेंदुली, थाना इटियाथोक, वर्तमान पता- रघुकुल हॉस्टल के सामने, सिविल लाइन) और अवधेश कुमार शुक्ला (निवासी- पूरे शुक्ल चरहुवा, थाना परसपुर, वर्तमान पता- सिविल लाइन) ने मिलकर एक संगठित गिरोह बनाया था। यह गिरोह अंतरजनपदीय स्तर पर सक्रिय रहकर शिक्षा विभाग में नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से मोटी रकम वसूल करता था। पुलिस के अनुसार, गिरोह के सदस्य अभ्यस्त अपराधी हैं और लंबे समय से इस तरह की ठगी में लिप्त थे। 10 लाख की ठगी, सिर्फ 4 लाख लौटाए पुलिस के मुताबिक, रमेश कुमार मौर्य ने 2 सितंबर 2025 को शिकायत दर्ज कराई थी कि आरोपियों ने नौकरी दिलाने के नाम पर उनसे 10 लाख रुपये मांगे। इसमें से 6 लाख रुपये आरोपी के ड्राइवर उमाशंकर के सामने नकद दिए गए, जबकि 4 लाख रुपये RTGS के माध्यम से ट्रांसफर किए गए। नौकरी न लगने पर दबाव बनाने पर आरोपियों ने केवल 4 लाख रुपये लौटाए और शेष 6 लाख रुपये हड़प लिए। इस मामले में थाना नगर कोतवाली में मु०अ०सं० 679/25 धारा 420 IPC के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। शिक्षक भर्ती के नाम पर 16 लाख की वसूली एक अन्य मामले में दीपक कुमार ने 1 जुलाई 2025 को पुलिस को सूचना दी कि आरोपियों ने शिक्षक की नौकरी दिलाने के नाम पर नकद और चेक के माध्यम से कुल 16 लाख रुपये लिए थे। नौकरी न मिलने पर जब दीपक ने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इस संबंध में थाना नगर कोतवाली में मु०अ०सं० 519/25 धारा 420/406/506 IPC के तहत मुकदमा दर्ज है। गैंगस्टर एक्ट में कार्रवाई, डीएम ने किया गैंग चार्ट अनुमोदित पुलिस विवेचना में यह स्पष्ट हुआ कि गिरोह आर्थिक और भौतिक लाभ के लिए लोगों को ठगने का अभ्यस्त है। समाज में इनके भय और आपराधिक गतिविधियों को देखते हुए इनके विरुद्ध उत्तर प्रदेश गिरोहबंद एवं समाज विरोधी क्रियाकलाप निवारण अधिनियम 1986 (गैंगस्टर एक्ट) की धारा 3(1) के तहत कार्रवाई की गई है। जिलाधिकारी गोंडा ने 2 जनवरी 2026 को गिरोह के खिलाफ गैंग चार्ट को अनुमोदन दिया। वर्तमान में पुलिस कई मामलों में आरोप पत्र न्यायालय में प्रेषित कर चुकी है और आगे की कानूनी प्रक्रिया जारी है। एसपी बोले— जिलेभर के मामलों की हो रही समीक्षा गोंडा के पुलिस अधीक्षक विनीत जायसवाल ने बताया कि नगर कोतवाल की तहरीर पर दोनों आरोपियों के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज किया गया है। उन्होंने कहा कि आरोपी गिरोह बनाकर नौकरी दिलाने के नाम पर लोगों से ठगी कर रहे थे। जिला मजिस्ट्रेट के अनुमोदन के बाद यह कार्रवाई की गई है। जिले के विभिन्न थानों में दर्ज अन्य मुकदमों की भी समीक्षा कर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 9:51 pm

खंडेलवाल शिक्षा समिति के चुनाव में नारायण बाजरगान बने अध्यक्ष:13 सदस्यों का परिणाम आना बाकी, कहा- शिक्षा पर रहेगा फोकस

अलवर में खंडेलवाल शिक्षा समिति के चुनाव में अध्यक्ष पद पर नारायण बाजरगान ने जीत दर्ज की। अध्यक्ष पद के लिए हुए मुकाबले में नारायण बाजरगान ने रिषिकांत को 143 वोटों के अंतर से पराजित किया। अध्यक्ष पद के लिए कुल दो उम्मीदवार मैदान में थे। इससे पहले समिति के अध्यक्ष योगेश बड़ाया थे, जिन्होंने इस बार चुनाव नहीं लड़ा। चुनाव प्रक्रिया खंडेलवाल स्कूल परिसर में सुबह से शुरू हुई थी। शाम 5 बजे के बाद अध्यक्ष पद की मतगणना हुई। इसमें नारायण बाजरगान की जीत की पुष्टि हुई। अध्यक्ष पद के परिणाम घोषित होने के बाद अब समिति के 13 सदस्यों के चुनाव की मतगणना जारी है, जिनके परिणाम आना अभी बाकी हैं। अध्यक्ष बोले- शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा फोकस अध्यक्ष पद पर विजयी रहे नारायण बाजरगान ने पदभार संभालने के बाद शिक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने की बात कही। उन्होंने कहा- समिति का अध्यक्ष बनने के बाद अब उनका पूरा फोकस शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने पर रहेगा। पिछले कार्यकाल में जो भी कमियां रह गई थीं, उन्हें चिह्नित कर उन पर गंभीरता से काम किया जाएगा, ताकि खंडेलवाल शिक्षा समिति को और अधिक प्रगतिशील बनाया जा सके। नारायण बाजरगान ने कहा- विद्यार्थियों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण, अनुशासन और सुविधाएं उपलब्ध कराना उनकी प्राथमिकता रहेगी। साथ ही शिक्षकों और अभिभावकों के सहयोग से शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाने का प्रयास किया जाएगा। उन्होंने विश्वास दिलाया कि समिति के सभी निर्णय पारदर्शिता और सामूहिक सहमति से लिए जाएंगे। नारायण बाजरगान अलवर की अनाज मंडी में चावल के प्रमुख व्यापारी हैं और वर्तमान में वहां उपाध्यक्ष पद पर भी कार्यरत हैं।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 8:40 pm

वाराणसी में 6 जनवरी तक बंद हुए स्कूल:जिलाधिकारी के निर्देश पर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने दिया आदेश, कक्षा 8 तक स्कूल बंद

वाराणसी में अत्यधिक ठंड, कोहरे और शीतलहर को देखते हुए डीएम के निर्देश पर 6 जनवरी तक कक्षा-8 तक के सभी स्कूल बंद कर दिए गए हैं। इस बारे में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी अनुराग श्रीवास्तव ने जानकारी दी है। सभी बोर्डों के स्कूलों के लिए यह नियम मान्य होगा। बीएसए अनुराग श्रीवास्तव ने बताया- जिले में अत्यधिक ठंड को देखते हुए डीएम सत्येंद्र कुमार ने जिले के सभी कक्षा-8 तक के स्कूलों को बंद रखने का निर्देश दिया था। ऐसे में ठंड को देखते हुए और आने वाले दिनों में बढ़ी ठंड के मद्देनजर जिले के कक्षा 8 तक के सभी स्कूलों को 5 और 6 जनवरी को बंद कर दिया गया है। सभी बोर्ड के स्कूल रहेंगे बंद जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी ने बताया। जिले के सभी स्कूल/ राजकीय/ अशासकीय सहायता प्राप्त/ निजी मान्यता प्राप्त/ सीबीएससी/ आईसीएससी/ संस्कृत और मदरसा बोर्ड के स्कूल बंद रहेंगे। इस अवधि में यदि कोई भी स्कूल खुला पाया गया तो उसके विरुद्ध विधि सम्मत कार्रवाई की जाएगी। इस अवधि में अध्यापकों को पूर्व की भांति स्कूल आना होगा और दिए गए कार्य सम्पादित करने होंगे।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 6:33 pm

टोंक में कोली समाज की 100 प्रतिभाएं सम्मानित:बालिका शिक्षा और मेधावी छात्रों का सम्मान गर्व का विषय

जिला मुख्यालय पर रविवार को अखिल भारतीय कोली समाज टोंक के तत्वावधान में प्रतिभा सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि राजस्थान निर्वाचन आयोग, जयपुर के सचिव (आईएएस) राजेश महावर रहे। उन्होंने बालिका शिक्षा एवं उन्नत प्रतिभाओं को सम्मानित करने को गौरव का विषय बताते हुए कहा कि समाज की महिलाओं का राज्य की सेवाओं में अमूल्य योगदान रहा है, जो प्रेरणादायी है। विशिष्ट अतिथि प्रो. डॉ. सुनील कुमार महावर ने स्वास्थ्य को अमूल्य निधि बताते हुए संतुलित एवं प्रोटीनयुक्त आहार अपनाने पर जोर दिया। सुश्री तपस्या कोली, प्रदेश अध्यक्ष महिला विंग ने मंच से महिलाओं के योगदान की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए मील का पत्थर बताया। प्रदेश अध्यक्ष डॉ. पप्पूराम कोली ने कहा कि प्रतिभाएं समाज का गौरव हैं, जिन्होंने कठिन परिस्थितियों में शिक्षा प्राप्त कर माता-पिता व समाज का नाम रोशन किया। डॉ. धनराज कोली ने मानव मन व शरीर के संतुलन तथा नियमित स्वास्थ्य देखभाल पर प्रकाश डाला। वक्ताओं ने समाज की कुरीतियों व अशिक्षा को दूर करने के सतत प्रयासों की आवश्यकता पर बल दिया। 100 स्टूडेंट्स को किया सम्मानित समारोह में जयपुर स्थित छात्रावास की उपलब्धियों का उल्लेख करते हुए बताया गया कि समाज से 6 आरएएस में चयन हुआ है। कार्यक्रम में कक्षा 10वीं-12वीं, खेलकूद, विभिन्न प्रोफेशन एवं राजकीय सेवा में चयनित लगभग 100 विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस अवसर पर लेखराज महावर, दिनेश बुंदेल, पंकज महावर, पूर्व पार्षद राजेंद्र महावर, प्रवीण महावर (अधिवक्ता), हीरालाल महावर, लालचंद महावर, महावीर गजेंद्र महावर, जसवंत महावर, सत्यनारायण महावर, चौथमल महावर, रमेश महावर (पूर्व पार्षद), कमल महावर सहित महिला विंग से संगीता महावर, शीलू बुंदेल, सीमा, सीता बुंदेल आदि उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 6:24 pm

कुम्हार प्रजापति समिति के गिरियक प्रखंड में निर्विरोध चुनाव:संगठन को मजबूत करने का आह्वान, कहा- शिक्षा-जागरूकता समाज को ले जाएगा आगे

नालंदा के ऐतिहासिक पावापुरी जल मंदिर के पास आज बिहार कुम्हार प्रजापति समन्वय समिति का प्रखंड स्तरीय अधिवेशन और चुनाव हुआ। लोकतांत्रिक परंपरा का निर्वाह करते हुए गिरियक प्रखंड के लिए नए पदाधिकारियों का निर्विरोध चुनाव किया गया। समिति के जिला अध्यक्ष सुबोध पंडित और जिला सचिव संजीव कुमार बिट्टू की देखरेख में संपन्न हुई इस चुनाव प्रक्रिया में राज कुमार पंडित को प्रखंड अध्यक्ष, सुरेंद्र पंडित को सचिव और प्रदीप कुमार बिंदु को कोषाध्यक्ष चुना गया। इसके अलावा दुखन पंडित उपाध्यक्ष, मित्तू देवी महिला अध्यक्ष, पूनम देवी महिला सचिव और रानी देवी महिला कोषाध्यक्ष के पद पर निर्वाचित हुईं। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि डॉ. अमन राज ने नवनिर्वाचित पदाधिकारियों को बधाई देते हुए समाज के उत्थान के लिए सामूहिक प्रयास की आवश्यकता पर बल दिया। एकजुटता और शिक्षा पर जोर अधिवेशन को संबोधित करते हुए जिला सचिव संजीव कुमार बिट्टू ने प्रजापति समाज के सदस्यों से एकजुट रहने, शिक्षित होने और सामाजिक चेतना जगाए रखने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि समाज की सच्ची ताकत उसकी एकजुटता में निहित है। हमें नियमित बैठकों में भागीदारी सुनिश्चित करनी चाहिए और सामूहिक निर्णयों का पालन करना चाहिए। शिक्षा और जागरूकता ही हमारे समाज को आगे ले जा सकती है। जिला अध्यक्ष सुबोध पंडित ने संगठन की महत्ता को रेखांकित करते हुए कहा कि संगठन ही हमारी सबसे बड़ी ताकत है। समाज को इसे हमेशा बनाए रखना चाहिए। बिखरे हुए लोग कभी भी अपने अधिकारों के लिए प्रभावी ढंग से आवाज नहीं उठा सकते। उत्पीड़न के खिलाफ खुद लड़नी होगी लड़ाई जिला युवा सचिव प्रवेश पंडित ने एक महत्वपूर्ण मुद्दा उठाते हुए कहा कि प्रजापति समाज पर लगातार उत्पीड़न हो रहा है, लेकिन शासन-प्रशासन से अपेक्षित न्याय नहीं मिल पा रहा है। उन्होंने कहा कि परिस्थितियां यह बताती हैं कि हमें अपनी लड़ाई स्वयं लड़नी होगी। इसके लिए हमारा संगठित रहना अत्यंत आवश्यक है। केवल मजबूत संगठन ही समाज के हितों की रक्षा कर सकता है।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 5:13 pm

आदिवासी-विकास-परिषद ने जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई की मांग:कोरबा में परिषद ने शिक्षा और बस्तर राज्य सहित अन्य मुद्दों पर भी चर्चा की

कोरबा आदिवासी विकास परिषद के अध्यक्ष केआर शाह ने प्रदेश की अलग-अलग जेलों में बंद आदिवासियों को रिहा करने की मांग की है। उन्होंने कहा कि परिषद ऐसे आदिवासियों की सूची तैयार करेगी, जो जानकारी के अभाव, आर्थिक तंगी या बेवजह अपराध से अधिक सजा काट रहे हैं। शाह ने बताया कि परिषद इन आदिवासियों की रिहाई के लिए कानूनी सहायता प्रदान करेगी, जिसमें वकीलों का पूरा खर्च भी शामिल होगा। इसका मुख्य उद्देश्य उन्हें समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। मीडिया से चर्चा करते हुए शाह ने शिक्षा के क्षेत्र में भी महत्वपूर्ण मांग रखी। उन्होंने सभी आदिवासी क्षेत्रों में डीपीएस (दिल्ली पब्लिक स्कूल) की तर्ज पर हाई स्कूल खोलने की वकालत की, ताकि हर वर्ग के लोगों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा का लाभ मिल सके। बस्तर को अलग राज्य बनाने पर सहमति जताई इसके अलावा शाह ने बस्तर को अलग राज्य बनाने पर भी अपनी सहमति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि छोटे राज्यों के गठन से क्षेत्र का विकास होता है, इसमें कोई संदेह नहीं है। केआर शाह कोरबा में जयपाल सिंह मुंडा की जयंती की तैयारियों के सिलसिले में पहुंचे थे। उन्होंने बताया कि जेल में बंद आदिवासियों की रिहाई परिषद की छह प्रमुख मांगों में से एक है।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 12:16 pm

भगवंत सिंह मान ने शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को सौंपे नियुक्ति पत्र

‘मिशन रोज़गार’ के तहत आज मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान की ओर से शिक्षा विभाग के 606 उम्मीदवारों को नियुक्ति पत्र देने के साथ पंजाब में पहली बार चार सालों में युवाओं को 61,000 से अधिक सरकारी नौकरियां मिलने का नया रिकॉर्ड स्थापित हुआ

देशबन्धु 4 Jan 2026 11:55 am

उदयपुर में ओबीसी समाज महापंचायत ने मनाई सावित्रीबाई फुले जयंती:200 प्रतिभावान छात्रा-महिला सम्मानित, MLA बोले- नारी शिक्षा से ही समाज का विकास संभव

भारत की प्रथम शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती उदयपुर में सर्व ओबीसी समाज महापंचायत ट्रस्ट और ज्योतिबा फुले टीटी कॉलेज के संयुक्त तत्वावधान में मनाई गई। इस अवसर पर माली कॉलोनी स्थित द फॉर्च्यून पार्क होटल गार्डन में आयोजित कार्यक्रम में 200 प्रतिभावान छात्राओं और समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में उदयपुर जिले के ओंगणा, झाड़ोल, सलूंबर सहित कई गांवों से आईं 200 प्रतिभावान छात्राओं और समाज में उत्कृष्ट कार्य करने वाली महिलाओं को अतिथियों द्वारा उपरणा, प्रशंसा पत्र और स्मृति चिन्ह भेंटकर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम की अध्यक्षता लोकेश चौधरी ने की। वल्लभनगर विधायक उदयलाल डांगी मुख्य अतिथि रहे, जबकि जिला शिक्षा अधिकारी प्रतिभा गुप्ता भी मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित थीं। सेवानिवृत्त एसडीएम शंकरलाल मालवीय, मोटिवेशनल स्पीकर नवनीत नागर और दिनेश चौधरी विशिष्ट अतिथि थे। जनार्दन राय नागर राजस्थान विद्यापीठ के कुलाधिपति भंवरलाल गुर्जर मुख्य वक्ता थे। सभी अतिथियों का स्वागत पगड़ी, उपरणा और स्मृति चिन्ह भेंटकर अध्यक्ष लोकेश चौधरी ने किया। संस्थापक दिनेश माली ने अपने संबोधन में बताया कि महात्मा ज्योतिबा फुले की प्रेरणा से सावित्रीबाई फुले ने 17 वर्ष की आयु में 1 जनवरी 1848 को पुणे के भिड़ेवाड़ा में भारत का पहला बालिका विद्यालय खोला। शुरुआत में इसमें केवल 9 लड़कियां पढ़ने को तैयार हुई थीं। उन्होंने 1851 तक तीन और बालिका विद्यालय खोले। ज्योतिबा फुले का उद्देश्य महिलाओं की दशा सुधारना और उन्हें समाज में पहचान दिलाना था। विधायक उदयलाल डांगी ने अपने उद्बोधन में कहा कि नारी शिक्षा से ही समाज का विकास संभव है। मोटिवेशनल स्पीकर नवनीत नागर ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि स्कूल शिक्षा में अच्छे अंक नौकरी में सफलता की गारंटी नहीं होते। प्रतियोगी परीक्षाओं में सफलता निरंतर और धैर्य के साथ तैयारी करने से मिलती है। इस अवसर पर संस्थापक दिनेश माली, प्रदेश महिला प्रदेश अध्यक्ष मणि बहन पटेल, कोषाध्यक्ष गंगा देवी माली, अध्यक्ष लोकेश चौधरी, महामंत्री सूर्य प्रकाश सुहालका, प्रवक्ता नरेश पूर्बिया, संयोजक भेरुलाल कलाल, युवा प्रदेश अध्यक्ष दिवाकर माली, महिला प्रदेश महामंत्री शर्मिला माली, पीएस पटेल, बालकृष्ण सुहालका, डीपी लक्ष्कार, दिनेश कुमार माली, पूजा टेलर, जयमाला टेलर, मंजू माली (आईटी सेल) सहित 22 समाजों के अध्यक्ष व पदाधिकारी, कलावती पूर्बिया, कोमल पूर्बिया और ललिता पूर्बिया जैसे कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 8:27 am

वित्त विभाग:शिक्षा विभाग-वित्त विभाग के बीच फंसे 5 हजार शिक्षक, 100 करोड़ वसूली होगी

प्रदेश के 5 हजार से अधिक शिक्षक वित्त विभाग के एक आदेश को लेकर असमंजस में हैं। शिक्षा विभाग ने इन शिक्षकों को बिना पद सृजित किए ही शहर के स्कूलों में पोस्टिंग दे दी। वेतन ग्रामीण क्षेत्र के स्कूलों के खाली पड़े पदों से दिया गया। अब वित्त विभाग ने इन शिक्षकों को दिए गए शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता तथा शहरी क्षतिपूर्ति को गलत बताते हुए वसूली के आदेश जारी किए हैं। आदेश के बाद 5 हजार शिक्षकों से करीब 100 करोड़ रुपए वसूल करने की तैयारी है। अब शिक्षक परेशान है कि उनको शिक्षा विभाग ने पोस्टिंग दी थी। वेतन की जिम्मेदारी भी शिक्षा विभाग की थी। इसमें उनकी क्या गलती है। वित्त विभाग के आदेश के कारण इन शिक्षकों का 3 माह से वेतन भी अटका हुआ है। वित्त विभाग के आदेश के अनुसार ग्रामीण इलाके के खाली पदों से उठाए गए वेतन के साथ शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता तथा शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता शामिल नहीं होगा। अगर किसी शिक्षक को भुगतान किया गया है तो उनसे वसूली की जाएगी। विभाग ने अप्रैल 2023 के बाद दिए गए भत्ते की वसूली के आदेश जारी किए हैं। प्रत्येक शिक्षक से 1.75 लाख से लेकर 2 लाख तक की वसूली हो सकती है। यह आंकड़ा 100 करोड़ रुपए के करीब है। राजस्थान शिक्षक संघ राष्ट्रीय ने शिक्षकों की यह समस्या शिक्षा सचिव तक पहुंचाई है। प्रदेश महामंत्री महेंद्र लखारा और अतिरिक्त महामंत्री बसंत जिंदल का कहना है कि वित्त विभाग के आदेश से शिक्षकों में रोष है। यह है मामला : पिछली सरकार में इन शिक्षकों को चयन के बाद काउंसलिंग के लिए महात्मा गांधी स्कूलों में स्थायी पोस्टिंग दी गई थी। तब विभाग की ओर से कहा गया था कि इन स्कूलों में पद सृजित करेंगे। अभी तक शिक्षकों के पद सृजित नहीं हुए हैं। इन शिक्षकों का वेतन दूसरे स्कूलों से ही उठ रहा है। अब वित्त विभाग के आदेश ने इन शिक्षकों की नींद उड़ा दी है। पद सृजित करने का काम शिक्षा विभाग का है। हम शहरी क्षेत्र में काम कर रहे हैं तो हमें शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता तथा शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता मिला है। वेतन देना विभाग का काम है। इनका कहना है...शहरी क्षेत्र में काम करने पर शिक्षक शहरी क्षेत्र का मकान किराया भत्ता व शहरी क्षतिपूर्ति भत्ता लेने के हकदार है। वित्त विभाग इनसे वसूली नहीं कर सकता। पद सृजित करने को लेकर अधिकारियों की लापरवाही की सजा शिक्षकों को नहीं भुगतने देंगे। वित्त विभाग आदेश वापस लें। -रामकृष्ण अग्रवाल, प्रदेशाध्यक्ष, अखिल राजस्थान विद्यालय शिक्षक संघ (अरस्तु) शिक्षकों को वेतन नहीं मिलने और पूरे मामले की मुझे अभी जानकारी नहीं है। पता कर उचित कार्रवाई की जाएगी। -सीताराम जाट, निदेशक, माध्यमिक शिक्षा

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 5:07 am

अमृतसर रासा यूनिट की बैठक में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने पर मंथन

अमृतसर रासा यूनिट की एक महत्वपूर्ण बैठक अजन्ता सीनियर सेकेंडरी स्कूल ढाब खटीकां में आयोजित की गई। बैठक के दौरान स्कूलों से जुड़े विभिन्न अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की गई तथा शिक्षा की गुणवत्ता को और अधिक सुदृढ़ और प्रभावी बनाने को लेकर विचार-विमर्श किया गया। बैठक में उपस्थित सदस्यों ने शिक्षा के क्षेत्र में आ रही चुनौतियों, विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास, शिक्षण पद्धतियों में सुधार तथा स्कूल प्रबंधन से संबंधित विषयों पर अपने-अपने सुझाव रखे। सभी सदस्यों ने इस बात पर जोर दिया कि सामूहिक प्रयासों से ही शिक्षा के स्तर को नई ऊंचाइयों तक पहुंचाया जा सकता है। बैठक में शामिल सभी सदस्यों ने अमृतसर के समस्त निवासियों को नववर्ष की हार्दिक शुभकामनाएं दीं और आने वाले नए साल को सुख-समृद्धि व खुशहाली से भरपूर बनाने की कामना की। बैठक में विनोद कपूर, जगजीत सिंह, सुजीत शर्मा बबलू, दविंदर पिपलानी, सुशील अग्रवाल, अरुण मंसोतरा, मयंक कपूर, समीर भाटिया, पुनीत गुप्ता, सुमित पुरी, कुनाल कपूर, नरेंद्रपाल सिंह, यादविंदर, दिनेश कपूर, गौरव अरोड़ा, कुलविंदर सिंह तथा जगजीत उपस्थित रहे। बैठक आपसी सहमति, भाईचारे और सकारात्मक वातावरण में सफलतापूर्वक संपन्न हुई, जिसमें भविष्य में भी इसी तरह मिलकर शिक्षा सुधार के लिए कार्य करने का संकल्प लिया गया।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 4:00 am

दुमका में राज्यपाल से कई शिक्षाविदों ने मिलकर नववर्ष की शुभकामनाएं दीं

दुमका | लोक भवन में राज्यपाल संतोष गंगवार से शिक्षाविदों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने शिष्टाचार भेंट की और उन्हें नव वर्ष की शुभकामनाएं दी । राज्यपाल से मिलने वालों में प्रमुख रूप से राष्ट्रपति पुरस्कार से सम्मानित समाजसेवी जतिन कुमार, यंग उड़ान सोशल वेलफेयर फाउंडेशन के सचिव एवं सामाजिक कार्यकर्ता अभिषेक रंजन, सिदो कान्हू मुर्मू विश्वविद्यालय के पीजी हिंदी विभागाध्यक्ष डॉ. विनय सिन्हा तथा एस.पी. महिला कॉलेज के अंग्रेजी विभागाध्यक्ष डा हनीफ प्रमुख रूप से उपस्थित रहे। मुलाकात के दौरान जतिन कुमार सहित प्रतिनिधियों ने शिक्षा के विस्तार, सामाजिक सहभागिता, युवाओं की सक्रिय भूमिका तथा संथाल परगना क्षेत्र की उन्नति जैसे महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार साझा किए। राज्यपाल ने सभी के योगदान की उच्च सराहना की तथा समाज के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास जारी रखने की प्रेरणा प्रदान की।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 4:00 am

69वें नेशनल स्कूल गेम्स का शिक्षा मंत्री बैंस करेंगे उद्घाटन

एजुकेशन डिपार्टमेंट की तरफ से छह जनवरी से 11 जनवरी तक लुधियाना में 69वें नेशनल स्कूल गेम्स करवाए जा रहे हैं। इसका उद्घाटन शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस गुरु नानक स्टेडियम लुधियाना में सुबह 11:30 बजे करेंगे जिसमें अलग-अलग राज्यों के 937 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। इस महाकुंभ में लुधियाना के अलग-अलग खेल के मैदानों में जूडो, ताइक्वांडो और गतका के रोमांचक मुकाबले करवाए जाएंगे। इन गेम्स की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। ये जानकारी डिप्टी डायरेक्टर स्पोर्ट्स सुनील कुमार, डीईओ सेकेंडरी डिंपल मदान, डिप्टी डीईओ अमनदीप सिंह, जिला स्पोर्ट्स कोऑर्डिनेटर कुलवीर सिंह और कोच अजीतपाल सिंह ने सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीएयू लुधियाना में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में दी। उन्होंने कहा कि नेशनल स्कूल गेम्स की तैयारियों के लिए प्रिंसिपलों और स्कूल प्रमुखों की अलग-अलग कमेटियां बनाई गई हैं और ड्यूटी लगाई गई हैं। इसके अलावा खेलों को सफलतापूर्वक आयोजित करने के लिए पूरे पंजाब से 300 खेल शिक्षकों की ड्यूटी लगाई गई हैं। इन खेलों में देशभर के 937 स्कूली खिलाड़ियों के साथ लगभग 150 अधिकारी और कोच भी पहुंच रहे हैं। जूडो अंडर-14 लड़के और लड़कियों के मुकाबले बीसीएम आर्य स्कूल शास्त्री नगर लुधियाना में होंगे, ताइक्वांडो अंडर-14 लड़कियों के मुकाबले सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल पीएयू लुधियाना में होंगे। गतका अंडर-19 लड़के और लड़कियों के मुकाबले ओपन थियेटर पीएयू लुधियाना में होंगे। उन्होंने आगे कहा कि लुधियाना के 36 स्कूलों में खिलाड़ियों के रहने का इंतजाम किया गया है। इसके अलावा, रेलवे और बस स्टैंड लुधियाना से खिलाड़ियों को स्कूल लाने के लिए बसों का इंतजाम किया गया है। उन्होंने कहा कि खिलाड़ियों की सुविधा के लिए पीएयू स्कूल लुधियाना में एक कंट्रोल रूम बनाया गया है। ताकि खिलाड़ियों को कोई दिक्कत न हो। उन्होंने आगे कहा कि खिलाड़ियों को पीएयू स्कूल में लाने और छोड़ने, खाने-पीने के लिए ट्रांसपोर्ट की सुविधा दी गई है। उन्होंने कहा कि खेल मुकाबलों के दौरान वीडियोग्राफी का भी इंतजाम किया गया है और मैचों के दौरान खेल की टेक्निकल टीम भी मौजूद रहेगी। जरूरत पड़ने पर खिलाड़ियों के लिए मेडिकल टीमों का भी इंतजाम किया गया है। 6 जनवरी को उद्घाटन समारोह के दौरान, अलग-अलग स्कूलों के स्टूडेंट्स कल्चरल प्रोग्राम पेश करेंगे। इस मौके पर प्रिंसिपल कंवलजोत कौर, प्रिंसिपल विश्वकीरत कौर, प्रिंसिपल करमजीत कौर, प्रिंसिपल डॉ. प्रदीप कुमार मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 4:00 am

तरियानी : महिलाओं को शिक्षा का हक दिलाया

भास्कर न्यूज| सीतामढ़ी प्रथम महिला शिक्षिका सावित्रीबाई फुले की जयंती पर अलग-अलग जगहों पर कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस क्रम में जननायक कर्पूरी ठाकुर अत्यंत पिछड़ा वर्ग छात्रावास, सीतामढ़ी के सभागार में राष्ट्रमाता माता सावित्री बाई फूले की जयंती बिनोद बिहारी मंडल, छात्रावास अधीक्षक की अध्यक्षता में धूमधाम से मनाया गया। समारोह में उपस्थित सभी लोगों ने उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित कर श्रद्धांजलि दी। समारोह के मुख्य अतिथि फूले अम्बेडकरी विचारधारा के प्रमुख स्तंभ प्रो. शशिभूषण प्रसाद सिंह ने कहा कि आधुनिक भारत की पहली महिला शिक्षिका माता सावित्री बाई फूले ने अपने पति महात्मा ज्योतिबा राव फूले से प्रेरणा लेकर सदियों से शिक्षा एवं मौलिक अधिकारों से वंचित कमजोर वर्गों के लिए बालिका विद्यालय की स्थापना कर शिक्षा का द्वार सबके लिए खोला। उन्होंने समाज में व्याप्त कुरीतियां अंधविश्वास, पाखंड, रूढ़िवादिता, छुआछूत, के खिलाफ सत्य शोधक समाज की स्थापना कर लोगों को जागृत किया। विधवा विवाह को प्रोत्साहित किया। जीवन पर्यन्त रोगियों की सेवा करती रही। उनके जीवन संघर्ष को आत्मसात करना ही उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि होगी। कृषि सहायक संजय पासवान ने कहा कि भारत में सबके लिए शिक्षा का द्वार खोलने के लिए तत्कालीन अंग्रेजी सरकार से 1848 ई. चार्टर एक्ट के माध्यम से कानून बनवाया। पुणे में पहला आवासीय बालिका विद्यालय की स्थापना की। छात्रावास अधीक्षक बिनोद बिहारी मंडल ने कहा कि जो देश एवं समाज अपने महापुरुषों के इतिहास एवं बलिदान को भूल जाता है, वह गुलाम हो जाता हैं। उन्होंने माता सावित्री बाई फूले के द्वारा समाज सुधार के लिए चलाए गए आंदोलन को आगे बढ़ाने की अपील की। जयंती समारोह को नागेंद्र पासवान, कमल किशोर, धनंजय साहनी, राजकपूर, साजन कुमार, राजीव कुमार, सुनील सहनी, पिंकू मंडल, शैलेन्द्र कुमार, सुधीर कुमार, अनीश कुमार, संजीत कुमार, गोविंद कुमार, नंदकिशोर कुमार, हरिश्चंद्र कुमार, नीरज कुमार, सिद्धांत कुमार, सुबोध कुमार, रौशन कुमार सहित दर्जनों छात्र एवं अभिभावक उपस्थित थे। तरियानी|सावित्रीबाई फुले की याद में कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस दौरान वक्ताओं ने कहा कि वो भारत की पहली महिला शिक्षिका, समाज सुधारक और कवयित्री थीं। उनका जन्म 3 जनवरी 1831 को महाराष्ट्र के सतारा जिले के नायगांव में हुआ था। उनके पिता का नाम खंदोजी नैवेसे और माता का नाम लक्ष्मीबाई था। सावित्रीबाई ने अपने पति महात्मा ज्योतिबा फुले के साथ मिलकर 1848 में बालिकाओं के लिए एक विद्यालय की स्थापना की सावित्रीबाई फुले ने महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया और उन्हें शिक्षा का हक दिलाया। उन्होंने विधवाओं के लिए एक आश्रय स्थल की स्थापना की और बाल विवाह के खिलाफ अभियान चलाया। सावित्रीबाई फुले ने अपने जीवन में कई चुनौतियों का सामना किया, लेकिन उन्होंने कभी हार नहीं मानी। पुरनहिया| नेचर फाउंडेशन के तत्वावधान में मध्य विद्यालय अशोगी में जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उनके जीवन संघर्ष और महिलाओं को शिक्षा से जोड़ने में उनके योगदान पर चर्चा की गई। बताया गया कि उन्होंने अनेक चुनौतियों का सामना करते हुए महिलाओं के अधिकारों के लिए संघर्ष किया। बाल विवाह का शिकार होने के बावजूद उन्होंने शिक्षा प्राप्त करने का संकल्प लिया और महिलाओं को शिक्षित करने के उद्देश्य से स्कूल खोले। इस जयंती समारोह में स्कूल के शिक्षक और शिक्षिकाएं उपस्थित रहे। नेचर फाउंडेशन के अध्यक्ष रंजीत कुमार, सचिव कुणाल कंचन, सदस्य यतेन्द्र भगत, रामदयाल भगत, निरंजन राय आदि थे।

दैनिक भास्कर 4 Jan 2026 4:00 am

शिक्षक जितेंद्र उपाध्याय ने शिक्षा को आजीवन सेवा बताया:सीवान के राजकीय प्राथमिक विद्यालय गणेश मेमोरियल में विदाई समारोह

सीवान शहर के कसेरा टोली स्थित राजकीय प्राथमिक विद्यालय गणेश स्मारक में शनिवार को विशिष्ट शिक्षक जितेंद्र कुमार उपाध्याय के सेवानिवृत्ति सह विदाई समारोह का भव्य आयोजन किया गया। समारोह में विद्यालय परिवार के साथ-साथ आसपास के शिक्षकों ने भी शिरकत कर उनके लंबे, समर्पित और प्रेरणादायी सेवाकाल को याद किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता विद्यालय की प्राचार्य प्रीति कुमारी ने की, जबकि मंच संचालन राजकीय मध्य विद्यालय नगर पालिका स्कूल के शिक्षक संजय पर्वत ने किया। समारोह की शुरुआत दीप प्रज्वलन एवं स्वागत संबोधन के साथ हुई। इस अवसर पर प्राचार्य प्रीति कुमारी ने अपने संबोधन में कहा कि शिक्षक जितेंद्र कुमार उपाध्याय का कार्यकाल विद्यालय के शैक्षणिक विकास के लिए मील का पत्थर रहा है। उन्होंने न सिर्फ शिक्षा की गुणवत्ता पर ध्यान दिया, बल्कि अनुशासन, संस्कार और छात्रों के सर्वांगीण विकास को भी नई दिशा दी। समारोह में उपस्थित अन्य शिक्षकों ने भी अपने-अपने वक्तव्य में उनके योगदान की सराहना की। शिक्षकों ने कहा कि जितेंद्र कुमार उपाध्याय विद्यार्थियों के बीच एक आदर्श शिक्षक के रूप में हमेशा याद किए जाएंगे। उनका व्यवहार, शिक्षण शैली और मार्गदर्शन छात्रों के साथ-साथ सहकर्मी शिक्षकों के लिए भी प्रेरणास्रोत रहा। अपने विदाई संबोधन में सेवानिवृत्त शिक्षक जितेंद्र कुमार उपाध्याय ने भावुक शब्दों में कहा कि किसी भी क्षेत्र में कार्य की एक निश्चित समय-सीमा होती है, लेकिन शिक्षक की भूमिका जीवनभर बनी रहती है। उन्होंने कहा कि सरकारी सेवा से सेवानिवृत्ति केवल एक औपचारिक प्रक्रिया है, जबकि शिक्षक अपने ज्ञान, अनुभव और संस्कारों के माध्यम से समाज में सदैव जीवित रहता है। उन्होंने विद्यालय परिवार से मिले मान-सम्मान और सहयोग के लिए सभी शिक्षकों एवं कर्मियों के प्रति आभार व्यक्त किया। उन्होंने अपने सहकर्मी शिक्षकों से अपील की कि वे बच्चों को बेहतर और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा दें, ताकि छात्र अपने जीवन में सफलता प्राप्त कर सकें और अपने शिक्षकों का नाम रोशन करें। उन्होंने कहा कि शिक्षक की सबसे बड़ी उपलब्धि यही है कि उसके द्वारा पढ़ाए गए छात्र समाज में अच्छा मुकाम हासिल करें।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 9:40 pm

रामानुजगंज में सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती:माली मालाकार मोर्चा ने शिक्षा जागरूकता पर किया कार्यक्रम, बच्चों ने नृत्य और नाटक से दी श्रद्धांजलि

रामानुजगंज में माली मालाकार कल्याण संघर्ष मोर्चा इंडिया फाउंडेशन ने सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती मनाई। शनिवार, 3 जनवरी को आमंत्रण धर्मशाला परिसर में आयोजित इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य शिक्षा, सामाजिक जागरूकता और सेवा भावना को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में एसडीओपी रामानुजगंज बाजीलाल सिंह मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। विशिष्ट अतिथियों में सहायक खंड शिक्षा अधिकारी अनिल तिवारी, ओमप्रकाश गुप्ता, सुरेंद्र मालाकार, राजेंद्र मालाकार (जिला पलामू), रंजीत मालाकार, अवधेश मालाकार (जिला गढ़वा) और सर्व रवि समाज के जिला अध्यक्ष सत्य प्रकाश रवि शामिल थे। कार्यक्रम का शुभारंभ सावित्रीबाई फुले के छायाचित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पण के साथ हुआ। इसके बाद बच्चों ने सांस्कृतिक प्रस्तुतियां दीं। न्यू स्मार्ट पब्लिक स्कूल के विद्यार्थियों ने शिक्षा जागरूकता पर आधारित नृत्य और नाट्य प्रस्तुतियां देकर दर्शकों को प्रेरित किया। 84 जरूरतमंद बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर बढ़ाया उत्साह इस अवसर पर 84 जरूरतमंद छात्र-छात्राओं को गर्म कपड़े वितरित किए गए। मुख्य अतिथि बाजीलाल सिंह ने स्वयं बच्चों को गर्म कपड़े पहनाकर उनका उत्साहवर्धन किया। समाज और शिक्षा के क्षेत्र में योगदान के लिए सेवानिवृत्त शिक्षकों लाल बिहारी चौबे, लक्ष्मण ठाकुर, शिवकुमार यादव, अनिरुद्ध दास, वेद प्रकाश केसरी, प्रहलाद सोनी, लालमन सोनी और शिक्षिका शीला गुप्ता को शॉल भेंट कर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट कार्य के लिए शिक्षिका बिंदी सिंह और निजी विद्यालयों के अन्य शिक्षक-शिक्षिकाओं को भी सम्मानित किया गया। पत्रकारों को परंपरागत रूप से डायरी और कलम भेंट कर सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का मंच संचालन शिक्षक लक्ष्मी सोनी और मंटू ठाकुर ने किया। इस कार्यक्रम का सफल संचालन प्रकाश मालाकार के नेतृत्व में हुआ, जिसमें सर्व रवि दास समाज जनकल्याण ब्लॉक रामानुजगंज का पूर्ण सहयोग रहा। विनोद भगत, सतीश मालाकार, राजेंद्र मालाकार, सुरेंद्र मालाकार, रंजीत मालाकार, पिंटू मालाकार, देव शंकर मालाकार, संजय गुप्ता, शीला मालाकार, मीना गुप्ता और विक्रांत मालाकार ने कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम के माध्यम से सावित्रीबाई फुले के शिक्षा और सामाजिक समानता के विचारों को आत्मसात करने का संदेश दिया गया।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 9:18 pm

सैकड़ों महिलाओं-बच्चों ने शिक्षा के लिए संकल्प लिया:कटिहार में सावित्री बाई फुले जयंती पर जन-जागरूकता रैली

कटिहार के हसनगंज प्रखंड में शनिवार को सावित्री बाई फुले जयंती मनाई गई। इस अवसर पर जन जागरण शक्ति संगठन ने एक जन-जागरूकता रैली और कार्यक्रम का आयोजन किया। रैली बलुआ पंचायत भवन से शुरू हुई और छोटकी रटनी, डीह रटनी तथा बड़की रटनी गांवों से होते हुए छोटकी रटनी गांव में एक सभा में परिवर्तित हो गई। इस रैली में शहरपुरा, पनसेरवा, बरुवा टोला, भतौरिया, छोटकी रटनी, बड़की रटनी और डीह रटनी सहित कई गांवों से युवा क्लबों के सैकड़ों बच्चों और महिलाओं ने भाग लिया। पदयात्रा के दौरान प्रतिभागियों ने गीत-संगीत और नारों के जरिए शिक्षा तथा सामाजिक जागरूकता का संदेश दिया। सावित्री बाई फुले थीं देश की पहली महिला शिक्षिका सभा को संबोधित करते हुए फूलकुमारी दीदी ने सावित्री बाई फुले के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने बताया कि सावित्री बाई फुले देश की पहली महिला शिक्षिका और महान समाज सुधारक थीं, जिन्होंने भारत में महिलाओं के लिए पहला स्कूल खोलकर शिक्षा की नींव रखी। उनके प्रयासों के कारण ही आज देश की बेटियां डॉक्टर, इंजीनियर और पायलट जैसे विभिन्न क्षेत्रों में सफलता प्राप्त कर रही हैं। शिक्षा ही महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती उषा दीदी ने अपने संबोधन में कहा कि महिलाओं के लिए शिक्षा का मार्ग प्रशस्त होने से समाज की आधी आबादी को आगे बढ़ने का अवसर मिला है। उन्होंने जोर दिया कि शिक्षा ही महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाती है। उषा दीदी ने एक गीत के माध्यम से सभी से पढ़ने और जीवन में आगे बढ़ने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान युवा टीम ने हम लोग हैं दीवाने और हम होंगे कामयाब जैसे प्रेरक गीत प्रस्तुत किए। कार्यक्रम का समापन राष्ट्र और समाज के प्रति समर्पण की भावना के साथ हुआ। इस अवसर पर स्थानीय कार्यकर्ता फूलकुमारी, उषा दीदी, लक्ष्मीकांत प्रसाद और साहिल सहित युवा टीम के सदस्य आरती, प्रियंका, सुनील, चाँद, माला, सबरी, योगिता, ज्योति, खुशबू तथा सैकड़ों अन्य बच्चे और महिलाएं उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 8:50 pm

कौशांबी में सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई:सांसद ने कहा- उनकी प्रारंभिक शिक्षा कठिनाइयों भरी थी

कौशांबी के नगर पालिका परिषद भरवारी के गिरसा चौराहे पर शनिवार शाम को शिक्षा की देवी माता सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर पार्टी नेताओं ने उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर उन्हें नमन किया। कौशांबी सांसद पुष्पेन्द्र सरोज ने भी प्रतिमा पर माल्यार्पण किया। उन्होंने माता सावित्रीबाई फुले अमर रहें के नारे लगाए और उपस्थित लोगों को जयंती की बधाई दी। सांसद सरोज ने माता सावित्रीबाई फुले के जीवन पर प्रकाश डालते हुए बताया कि उनका जन्म 1831 में महाराष्ट्र के सतारा जिले के नयागांव में हुआ था। उनकी प्रारंभिक शिक्षा अत्यंत कठिनाइयों भरी थी। उन्होंने नारी शिक्षा के लिए अथक प्रयास किए। सावित्रीबाई फुले ने गाँव-गाँव जाकर नारी शिक्षा और बालिका शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाई और कई बालिका विद्यालय खोले। सांसद ने कहा कि नारी शिक्षा के लिए उनके द्वारा किए गए कार्य हमेशा याद रखे जाएंगे। कार्यक्रम में आयोजक लव कुश मौर्य, अंजनी कुशवाहा, सभासद विक्रम सिंह एडवोकेट, अरुण कुमार, सीताराम कुशवाहा, शंकर लाल केशरवानी, संतोष कुमार केसरवानी, सपा नेता गुलाम हुसैन और भारत सिंह लोधी सहित सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 6:31 pm

सावित्रीबाई फुले जयंती: आम आदमी पार्टी ने दी श्रद्धांजलि:शिक्षा और सामाजिक न्याय पर उनके विचारों पर हुई चर्चा

देश की पहली महिला शिक्षिका, महान समाज सुधारक और नारी मुक्ति आंदोलन की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती के अवसर पर शनिवार को आम आदमी पार्टी (आप) ने प्रदेश के सभी जिलों में श्रद्धांजलि सभा एवं विचार संगोष्ठी का आयोजन किया गया। इसी क्रम में मेरठ दक्षिण विधानसभा के गुर्जर चौक, गाँव लिसाड़ी नूर नगर में भी कार्यक्रम आयोजित हुआ। इस कार्यक्रम में पार्टी पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। उन्होंने सावित्रीबाई फुले के संघर्ष, शिक्षा-दृष्टि और सामाजिक समानता के विचारों पर विस्तार से चर्चा की। श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए जिलाध्यक्ष अंकुश चौधरी ने कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में लड़कियों की शिक्षा की अलख जगाई, जब समाज का बड़ा हिस्सा महिलाओं को पढ़ने-लिखने का अधिकार देने के खिलाफ था। उन्होंने जोर दिया कि सावित्रीबाई फुले का जीवन इस बात का प्रमाण है कि शिक्षा ही सामाजिक बदलाव का सबसे मजबूत हथियार है। चौधरी ने आगे कहा कि आज भी जब बेटियों की पढ़ाई, दलित-पिछड़ों के अधिकार और सामाजिक न्याय पर हमले हो रहे हैं, तब फुले के विचार पहले से कहीं अधिक प्रासंगिक हो गए हैं। उन्होंने बताया कि सावित्रीबाई फुले ने न केवल शिक्षा के क्षेत्र में क्रांतिकारी कार्य किया, बल्कि जाति और लिंग आधारित भेदभाव के खिलाफ भी निर्भीक संघर्ष किया। अंकुश चौधरी ने सरकारों से अपील की कि वे सिर्फ जयंती मनाने तक सीमित न रहें, बल्कि शिक्षा, महिला सशक्तिकरण और सामाजिक न्याय को लेकर सावित्रीबाई फुले की सोच को नीतियों में उतारें। उन्होंने कहा कि महिलाओं, गरीबों और वंचितों को समान अवसर दिलाना ही सावित्रीबाई फुले को सच्ची श्रद्धांजलि होगी। उन्होंने यह भी कहा कि आज जब शिक्षा महंगी और असमान होती जा रही है, तब फुले के विचार हमें एक समान, गुणवत्तापूर्ण और सुलभ शिक्षा व्यवस्था की दिशा में आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 6:19 pm

कन्नौज में सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई:मंत्री असीम अरुण ने कहा- कोई बच्ची शिक्षा से वंचित न रहे, हाईस्कूल तक पढ़ाई जरूरी

कन्नौज जिले में नारी शिक्षा की प्रणेता सावित्रीबाई फुले की जयंती मनाई गई। इस अवसर पर उत्तर प्रदेश सरकार के समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण ने एक कार्यक्रम में उन्हें श्रद्धा-सुमन अर्पित किए। सावित्रीबाई फुले की जयंती के उपलक्ष्य में भुलभुलियापुर और भुन्ना गांवों में महात्मा ज्योतिबा फुले शिक्षा जागृति कार्यक्रम आयोजित किए गए। इन कार्यक्रमों में वंचितों और पिछड़ों के सशक्तीकरण तथा महिला शिक्षा के लिए सावित्रीबाई फुले के अद्वितीय योगदान को याद किया गया। कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित समाज कल्याण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) असीम अरुण ने कहा कि माता सावित्रीबाई फुले का जीवन आज भी समाज को समानता, सम्मान और आत्मनिर्भरता का मार्ग दिखाता है। उन्होंने जोर दिया कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में बालिका शिक्षा की मशाल जलाई, जब समाज में इसके लिए संघर्ष करना पड़ता था। मंत्री अरुण ने उपस्थित लोगों से संकल्प लेने का आह्वान किया कि कन्नौज जनपद में कोई भी बच्ची विद्यालय जाने से वंचित न रहे। उन्होंने यह भी कहा कि यदि किसी कारणवश कोई बालिका पढ़ाई से छूट गई हो, तो उसे कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में अनिवार्य रूप से प्रवेश दिलाया जाए, ताकि हर बच्ची कम से कम हाईस्कूल तक की शिक्षा अवश्य प्राप्त कर सके। इस अवसर पर स्थानीय लोगों और युवाओं को शिक्षा के महत्व, सामाजिक जागरूकता और आत्मनिर्भरता के संदेश दिए गए। कार्यक्रम में रामकली दोहरे, भाजपा जिलाध्यक्ष वीरसिंह भदौरिया, अरुण कठेरिया, राजन अवस्थी, संजय कटियार (प्रधान), रामानंद दोहरे (पूर्व प्रधान) और विकास त्रिपाठी सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 6:18 pm

जगदीशपुर में सावित्रीबाई फुले जयंती मनाई गई:महिला शिक्षा और सामाजिक सुधार में योगदान को याद किया गया

महिला शिक्षा, लैंगिक समानता और सामाजिक सुधार की अग्रदूत सावित्रीबाई फुले की जयंती कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय और मध्य विद्यालय जगदीशपुर में सम्मानपूर्वक मनाई गई। कार्यक्रम की शुरुआत सावित्रीबाई फुले के चित्र पर माल्यार्पण और पुष्प अर्पित कर की गई। इस अवसर पर शिक्षिकाओं को सम्मानित भी किया गया। प्रधानाध्यापक आशुतोष चंद्र मिश्र ने सावित्रीबाई फुले के योगदान पर प्रकाश डालते हुए कहा कि उन्होंने बालिका शिक्षा के लिए कठिन संघर्ष किया और समाज को नई दिशा दी। उन्होंने बताया कि मध्य विद्यालय जगदीशपुर बालिका शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए समर्पित है और इससे संबद्ध कस्तूरबा गांधी बालिका विद्यालय में प्रखंड की लगभग सौ छात्राएं अध्ययनरत हैं। यह विद्यालय सावित्रीबाई फुले के विचारों को व्यवहार में उतारने का जीवंत उदाहरण है। उन्होंने यह भी बताया कि विद्यालय की छात्राएं शैक्षणिक और सह-शैक्षणिक गतिविधियों में उत्कृष्ट प्रदर्शन कर राज्य स्तर पर पहचान बना रही हैं। कार्यक्रम में वार्डेन सपना कुमारी, शिक्षिकाएं फूल कुमारी, वीणा कुमारी, प्रतिमा मिश्रा, पुष्पलता कुमारी, वीवी नाहिदा, भारती कुमारी और मीनाक्षी कुमारी सहित कई शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं। विद्यालय कर्मियों और बड़ी संख्या में छात्राओं ने भी कार्यक्रम में भाग लिया। कार्यक्रम के माध्यम से छात्राओं को महिला शिक्षा के महत्व, आत्मनिर्भरता और सामाजिक समानता का संदेश दिया गया।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 6:17 pm

भिवानी में सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती मनाई:शिक्षा, समानता व महिला उत्थान के लिए काम करने का लिया संकल्प

भिवानी जिले के लोहारू स्थित स्वर्ण जयंती पार्क में भारत की प्रथम महिला शिक्षिका और महान समाज सुधारक सावित्रीबाई फुले की 195वीं जयंती उत्साहपूर्वक मनाई गई। इस अवसर पर समाज के विभिन्न वर्गों के गणमान्य व्यक्तियों, जनप्रतिनिधियों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने भाग लेकर उनके महिला सशक्तिकरण और समानता के संदेश को याद किया। इस मौके पर लोगों ने शिक्षा और समानता के लिए काम करने का संकल्प लिया। इसके साथ महिला उत्थान की दिशा में काम करने की बात कही। उनका कहना है कि यह सावित्री बाई फूले की प्रेरणा है। चेयरमैन प्रदीप बंटी कार्यक्रम के मुख्य अतिथि नगर पालिका चेयरमैन प्रदीप बंटी तायल ने अपने संबोधन में कहा कि सावित्रीबाई फुले ने उस दौर में शिक्षा की मशाल थामी, जब महिलाओं का पढ़ना सामाजिक अपराध माना जाता था। उन्होंने भारी विरोध और विषम परिस्थितियों के बावजूद वंचित वर्गों और बालिकाओं के लिए शिक्षा के द्वार खोले। आज के युग में उनके विचार और भी अधिक प्रासंगिक हैं। आयोजक रामसिंह सैनी की बड़ी पहल कार्यक्रम के आयोजक रामसिंह सैनी ने इस मौके पर एक अनुकरणीय घोषणा की। उन्होंने सावित्रीबाई फुले के जीवन से प्रेरणा लेते हुए अपने निजी शिक्षण केंद्र में जरूरतमंद बच्चों को निःशुल्क शिक्षा देने का निर्णय लिया। उन्होंने इसके लिए बाकायदा सहमति पत्र भी प्रस्तुत किया, जिसकी उपस्थित लोगों ने मुक्तकंठ से सराहना की। प्रेरणादायी रहा संबोधन कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे पूर्व पार्षद कन्हैयालाल सैनी ने कहा कि सावित्रीबाई का जीवन संघर्ष और साहस का प्रतीक है। वहीं, राजीव वत्स ने नारी शिक्षा के क्षेत्र में उनके क्रांतिकारी कार्यों को आने वाली पीढ़ियों के लिए मार्गदर्शक बताया। इस अवसर पर उपप्रधान प्रतिनिधि विपिन सैनी, पवन स्वामी और कई गणमान्य लोग मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 2:18 pm

फर्जी आदेश से सरकारी नौकरी पाने वाले 4 कर्मचारी बर्खास्त:खैरागढ़ में शिक्षा विभाग की बड़ी कार्रवाई; स्पष्टीकरण मांगा गया

खैरागढ़ गंडई छुईखदान जिले में फर्जी नियुक्ति प्रकरण में शिक्षा विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। राज्य शिक्षा आयोग के नाम से जारी फर्जी आदेशों के सहारे सरकारी नौकरी हासिल करने के मामले में 4 कर्मचारियों को सेवा से बर्खास्त कर दिया गया है। बर्खास्त किए गए कर्मचारियों में टीकमचंद साहू, फगेंद्र सिंहा, रजिया अहमद और अजहर अहमद शामिल हैं। विभागीय जांच में यह सामने आया कि साल 2021 में सहायक ग्रेड-3 और संबंधित पदों पर इनकी नियुक्तियां जिन आदेशों के आधार पर हुई थीं, वे आधिकारिक रूप से जारी ही नहीं किए गए थे। दस्तावेजों की सत्यता जांचने पर पता चला कि पत्र क्रमांक और हस्ताक्षर विभागीय अभिलेखों से मेल नहीं खाते थे। इससे स्पष्ट हुआ कि नियुक्ति आदेश फर्जी थे। मामले का खुलासा होने के बाद सभी संबंधित कर्मचारियों से स्पष्टीकरण मांगा गया था। हालांकि, उनके द्वारा प्रस्तुत किए गए स्पष्टीकरण और दस्तावेज अपनी नियुक्ति को वैध साबित नहीं कर सके। इसके बाद, शिक्षा विभाग ने छत्तीसगढ़ सिविल सेवा नियमों के प्रावधानों के तहत कार्रवाई करते हुए चारों कर्मचारियों को सेवा से पृथक करने का आदेश जारी किया। इस प्रकरण के सामने आने से विभागीय नियुक्ति प्रक्रिया की पारदर्शिता और सत्यापन व्यवस्था पर भी सवाल उठ गए हैं।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 11:20 am

नूंह में यूनिवर्सिटी की स्थापना की मांग:गांव के लोग बोले-उनके गांव में बने विश्वविद्यालय, शिक्षा-रोजगार के खुलेंगे नये अवसर

हरियाणा के नूंह जिले में प्रस्तावित विश्वविद्यालय की स्थापना को लेकर नगीना खंड के गांव नांगल मुबारिकपुर को चुने जाने की मांग एक बार फिर तेज हो गई है। गांव के सैकड़ों पंच-सरपंचों, जिला पार्षदों, ब्लॉक समिति सदस्यों और गोत्र पाल के चौधरियों ने कहा कि ग्राम पंचायत नांगल मुबारिकपुर के पास लगभग 800 एकड़ पंचायत भूमि उपलब्ध है। फरवरी 2019 में पंचायत द्वारा विश्वविद्यालय की स्थापना के लिए 180 एकड़ भूमि निशुल्क देने का प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किया जा चुका है। गांव का एक प्रतिनिधिमंडल ने नूंह जिला उपायुक्त अखिल पिलानी से मुलाकात कर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंप चुका है। पंचायत प्रतिनिधियों ने भरोसा दिलाया कि यदि भविष्य में विश्वविद्यालय के विस्तार के लिए और भूमि की आवश्यकता पड़ी तो पंचायत पूरा सहयोग करेगी। गांव नांगल मुबारिकपुर के सरपंच अजहरुद्दीन, बिलाल अहमद, अजीज हुसैन और राजूद्दीन ने बताया कि यह गांव मेवात नूंह जिले के बिल्कुल मध्य में स्थित है। उन्होंने कहा कि जिले के तीनों प्रमुख क्षेत्रों नूंह, पुन्हाना और फिरोजपुर झिरका से इसकी दूरी लगभग समान है, जिससे विश्वविद्यालय तक सभी विद्यार्थियों की पहुंच आसान होगी। दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे से 3 किलोमीटर रहेगी गांव की दूरी प्रतिनिधियों ने बताया कि नांगल मुबारिकपुर नगीना बड़कली चौक के नजदीक है और जिला नागरिक अस्पताल मांडीखेड़ा से मात्र 3 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। यहां मीठे पानी की उपलब्धता, शुद्ध हवा और दोनों ओर अरावली की हरियाली मौजूद है, जो किसी भी शैक्षणिक संस्थान के लिए अनुकूल वातावरण प्रदान करती है। प्रतिनिधियों ने बताया कि गांव दिल्ली-अलवर हाईवे 248-ए से करीब 3 किलोमीटर, नगीना कस्बे के पास, नगीना-तिजारा रोड से 4 किलोमीटर तथा दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे के मरोड़ा कट से लगभग 9 किलोमीटर दूर स्थित है। पूरे जिले के लिए सुविधाजनक रहेगी यूनिवर्सिटी इसके साथ ही पिनगवां से 15 किलोमीटर और पुन्हाना, नूंह, फिरोजपुर झिरका व तावडू से 20 से 45 किलोमीटर के दायरे में होने के कारण यह स्थान पूरे जिले के लिए सुविधाजनक है। डीसी ने यह स्वीकार किया कि नांगल मुबारिकपुर जिले के बीचों-बीच स्थित है, जो स्थल चयन के लिए एक अहम बिंदु है। इस अवसर पर चौधरी आस मोहम्मद जमादार ने जिलेवासियों और सभी जनप्रतिनिधियों से नांगल मुबारिकपुर में विश्वविद्यालय स्थापना के लिए सहयोग की अपील की। उन्होंने कहा कि नगीना क्षेत्र मेवात का केंद्र है और यहां विश्वविद्यालय बनने से शिक्षा, रोजगार और विकास के नए अवसर खुलेंगे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 7:48 am

पुलिस को नागरिकता प्रमाण पत्र चाहिए:पासपोर्ट रिन्यू कराने 59 वर्षीय मीना क्षेत्री को फिर साबित करनी होगी नागरिकता, जबकि जन्म-शिक्षा-विवाह सब ग्वालियर में

59 वर्षीय मीना क्षेत्री ने 2016 में पासपोर्ट बनवाया था। अब उसे रिन्यू कराना है, लेकिन तमाम प्रयासों के बाद भी वे सफल नहीं हो पा रहीं। खुद को भारतीय नागरिक बताने के लिए उन्होंने आधार कार्ड, पैन कार्ड, समग्र आईडी, वोटर कार्ड, एसआईआर की जानकारी, नई मतदाता सूची में अपना नाम... ये सभी जानकारी पुलिस को दे दी है। पर पुलिस का कहना है कि जब तक नागरिकता प्रमाण पत्र पेश नहीं किया जाएगा, तब तक पासपोर्ट रिन्यू करने की प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ पाएगी। ये स्थिति तब है जब मीना का जन्म ग्वालियर में हुआ। पूरी शिक्षा यहीं से ली और विवाह भी ग्वालियर में हुआ। पिता बटालियन में आरक्षक और पति सूबेदार रहे... 26 जुलाई 1967 को ग्वालियर में जन्मी मीना क्षेत्री के पिता शेर बहादुर ठकुरी ग्वालियर में विशेष सशस्त्र बल की 13वीं बटालियन में आरक्षक थे। 11 फरवरी 1985 को नौकरी के दौरान उनके पिता का निधन हो गया। मीना का विवाह भीम बहादुर क्षेत्री से हुआ, जो पीटीएस तिघरा से 31 जनवरी 2025 को सूबेदार के पद से रिटायर हुए थे। जुलाई 2016 में मीना का पासपोर्ट बना, जिसमें मीना को भारतीय नागरिक बताया गया है। इनसे जुड़े ‌सभी दस्तावेज वे पुलिस को दे चुकी हैं। पुलिस के अधिकारी इस मामले में जवाब देने से कतराते नजर आए। 1987 से पहले जन्म हुआ तो प्रमाण पत्र जरूरी नहीं एडवोकेट अंकुश जैन ने बताया कि नागरिक भारतीय संहिता 1955 के अनुसार, जिन भी नागरिक का जन्म 1987 से पूर्व भारत में हुआ है। उन्हें नागरिकता प्रमाण पत्र बनवाने की जरूरत नहीं है। वे सभी लोग भारत के ही नागरिक माने जाएंगे। महिला के बयान दर्ज कर एसपी ऑफिस भेज दिए हैं गुरुवार को मीना क्षेत्री के कथन दर्ज किए गए उसकी रिपोर्ट बनाकर एसपी ऑफिस फॉरवर्ड कर दी गई है। मामले की जानकारी टीआई के संज्ञान में है। मीना क्षेत्री मूलरूप से नेपाल की हैं। - दीवान सुल्तान सिंह लहारिया, पुलिस थाना गिरवाई क्या मेरी कोई शिकायत हुई है, जो वर्जन क्यों दूं इस मामले में जब गिरवाई थाना प्रभारी सुरेंद्र नाथ यादव से बात की गई तो उनका कहना था कि क्या मेरी कोई शिकायत हुई है। जो मैं इस मामले में वर्जन दूं।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 6:00 am

रायपुर को किस चीज की जरूरत और कमियां क्या...:ट्रैफिक, हेल्थ-शिक्षा•, इंफ्रास्ट्रक्चर में सुधार से बदलेगा रायपुर का भविष्य

राजधानी रायपुर के भविष्य को लेकर विभिन्न क्षेत्रों के विशेषज्ञों की राय एक साझा दिशा की ओर इशारा करती है। ट्रैफिक, अधोसंरचना, स्वास्थ्य, शिक्षा और शहरी नियोजन... हर मोर्चे पर ठोस और दीर्घकालीन योजना की जरूरत बताई जा रही है। रोड इंजीनियरिंग से लेकर मेट्रो, इंडस्ट्री, आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं, गुणवत्ता आधारित शिक्षा और सस्टेनेबल शहरी विकास तक, विशेषज्ञ मानते हैं कि समन्वित प्रयासों के बिना रायपुर स्मार्ट और रहने योग्य शहर नहीं बन सकता। संसाधनों के सही उपयोग, मजबूत पब्लिक सिस्टम और पर्यावरण संतुलन के साथ ही राजधानी का भविष्य सुरक्षित किया जा सकता है। सुरेंद्र कुमार जैन, इन्फ्रास्ट्रक्चर एक्सपर्टअब हमारे रायपुर को चाहिए मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर, तभी बनेगा स्मार्ट शहर राजधानी के सर्वांगीण विकास में अधोसंरचना की भूमिका बेहद अहम मानी जा रही है। किसी भी शहर या राज्य की प्रगति उसके संसाधनों के सही उपयोग और दीर्घकालीन योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन पर निर्भर करती है। हालांकि, वर्तमान में एक बड़ी चुनौती यह है कि राज्य के अधिकांश संसाधन मुफ्त योजनाओं और वेतन-भत्तों पर खर्च हो रहे हैं, जिससे अधोसंरचना परियोजनाओं के लिए पर्याप्त वित्तीय संसाधन उपलब्ध नहीं हो पा रहे हैं। नवा रायपुर का समग्र विकास, रायपुर-विशाखापट्टनम इकोनॉमिक कॉरिडोर, मेट्रो या मोनोरेल परियोजना, एयरपोर्ट कनेक्टिविटी और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों का विस्तार, औद्योगिक हब और आईटी पार्क का निर्माण प्रमुख हैं। इसके साथ ही शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं का व्यापक विस्तार भी जनहित में आवश्यक बताया गया है। इन परियोजनाओं के सफल क्रियान्वयन के लिए विभागों के बीच बेहतर समन्वय को अनिवार्य बताया गया है। वित्तीय निरंतरता को भी एक बड़ी चुनौती माना जा रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी द्वारा शुरू की गई प्रधानमंत्री ग्रामीण सड़क योजना को इसका सकारात्मक उदाहरण बताया गया है, जो आज भी निरंतर रूप से संचालित हो रही है। वहीं, पर्यावरणीय स्वीकृति, प्रदूषण की समस्या और गिरते भूजल स्तर जैसी बाधाएं भी अधोसंरचना विकास में चुनौती बनी हैं। रायपुर को लॉजिस्टिक और रिटेल पावरहाउस के रूप में विकसित कर सार्वजनिक-निजी निवेश को बढ़ावा मिलेगा, जिससे विकास को नई दिशा मिलेगी। बाधा या बदलाव - स्काईवॉक ने रोका फ्लाईओवर का रास्ता, गार्डन से आगे बनेगा राजधानी रायपुर में पीडब्ल्यूडी स्काईवॉक का निर्माण कर रहा है। इसके साथ ही यहां फ्लाईओवर के निर्माण का रास्ता हमेशा के लिए बंद हो गया है। राज्य सरकार ने हाल ही में गांधी उद्यान (गुरु तेगबहादुर उद्यान) से तेलीबांधा (नेताजी सुभाष चौक/गुरुनानक चौक) तक 173 करोड़ रुपए की लागत से 4-लेन फ्लाईओवर को मंजूरी दी है। स्काईवॉक का ढांचा नहीं होता तो यह फ्लाईओवर फाफाडीह चौक, देवेंद्र नगर, शास्त्री चौक और घड़ी चौक को जोड़कर बनाया जा सकता था। समर पाटनी, रोड इंजीनियरिंग एक्सपर्टट्रैफिक नियमों के पालन से ही जाम से राहत, बायपास सड़क की भी जरूरत राजधानी में बढ़ते ट्रैफिक दबाव के पीछे लोगों में ट्रैफिक सेंस की कमी बड़ी वजह है। यदि वाहन चालक ट्रैफिक नियमों का पालन करें, तो कई जगहों पर जाम की स्थिति ही पैदा न हो। इसके साथ ही स्मार्ट ट्रैफिक व्यवस्था के लिए बड़े पैमाने पर निर्माण कार्य और नई सड़कों की भी आवश्यकता है। शहर के भीतर एक बायपास सड़क की जरूरत बताई गई है, जिससे ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सके। मोवा-सड्डू क्षेत्र की ओर नई सड़क या लंबा ओवरब्रिज बनाया जाना चाहिए, क्योंकि शहर का विस्तार इसी दिशा में तेजी से हो रहा है। टाटीबंध से जोरा तक एक्सेस कंट्रोल हाईवे बनाने की आवश्यकता पर भी जोर दिया गया है। इस मार्ग पर दोनों ओर सर्विस रोड और अंडरपास का निर्माण किया जाना चाहिए। नया एक्सप्रेसवे बनाकर बिलासपुर रोड को सीधे एयरपोर्ट से जोड़ा जाए, ताकि बाहरी क्षेत्रों से आने-जाने वाले वाहनों का समय बचे। वहीं, नवा रायपुर के प्रमुख जंक्शनों का सर्वे कर उन्हें सिग्नल फ्री जंक्शन में बदले जाने की जरूरत है, जिसके लिए अभी से योजना और तैयारी शुरू करनी होगी। शहर में निजी वाहनों का दबाव कम करने के लिए पब्लिक ट्रांसपोर्ट सिस्टम को मजबूत करना भी जरूरी है। इसके तहत एसी बसें चलाई जाएं और हर रूट पर सिटी बस सेवा उपलब्ध कराई जाए। इसके अलावा सिलतरा बायपास को बिलासपुर रोड से जोड़ने के लिए नई एक्सेस कंट्रोल सड़क बनाई जाए, जिससे दुर्ग और रायपुर के बीच ट्रैफिक दबाव कम हो सके। मनीष पिल्लीवार, टाउन प्लानर एंड आर्किटेक्टटिकाऊ, समावेशी व जल-संवेदनशील शहर हो वर्ष 2026 तक रायपुर को सस्टेनेबल (टिकाऊ), समावेशी और जल-संवेदनशील शहर के रूप में विकसित करने की जरूरत बताई जा रही है। इसके लिए शहर में वॉक-फ्रेंडली सड़कें, चौड़े फुटपाथ और साइकिल ट्रैक को अनिवार्य रूप से विकसित किया जाना चाहिए। इससे निजी वाहनों की संख्या घटेगी, जाम की समस्या कम होगी और ध्वनि व वायु प्रदूषण में भी कमी आएगी। पब्लिक ट्रांसपोर्ट को प्राथमिकता देना जरूरी है। इसके तहत अधिक से अधिक ई-बसों की सुविधा विकसित की जानी चाहिए, ताकि लोग निजी वाहनों की बजाय सार्वजनिक परिवहन को अपनाएं। इसके साथ ही नई इमारतों में रेन-वॉटर हार्वेस्टिंग, सोलर रूफ और नेचुरल वेंटिलेशन जैसी व्यवस्थाओं को सख्ती से लागू किया जाना चाहिए। शहर के तालाब, नाले और हरित कॉरिडोर को शहरी डिजाइन का अभिन्न हिस्सा बनाया जाना चाहिए, जिससे पर्यावरण संतुलन बना रहे। मिश्रित भूमि उपयोग को बढ़ावा देने से ट्रैफिक का दबाव कम किया जा सकता है। वहीं, पब्लिक स्पेस, बस-स्टॉप और बाजारों को मानव-केंद्रित डिजाइन के तहत विकसित करने पर जोर दिया जा रहा है। यही भविष्य का रायपुर होगा-एक स्वच्छ, सुरक्षित और रहने योग्य शहर। डॉ. जवाहर सूरी सेट्‌टी, वरिष्ठ शिक्षाविद्डिग्री पर नहीं, बल्कि शिक्षा पर हो फोकस समय तेजी से बदल रहा है और तकनीक लगातार नई दिशा ले रही है। यह आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का दौर है, जिसमें केवल डिग्री हासिल करना पर्याप्त नहीं रह गया है। ऐसे में प्रदेश में अब शिक्षा व्यवस्था का फोकस डिग्री के बजाय गुणवत्ता आधारित शिक्षा पर होना चाहिए। स्कूली स्तर पर कौशल विकास और समानांतर शिक्षा को प्रभावी रूप से वर्ष 2026 से लागू किया जाना आवश्यक है। प्रदेश में आईआईटी, ट्रिपल आईटी और आईआईएम जैसे प्रतिष्ठित संस्थान मौजूद हैं, लेकिन इनमें प्रदेश के महज एक प्रतिशत विद्यार्थी ही प्रवेश पा रहे हैं। इसे देखते हुए जरूरी है कि प्रदेश के निजी और सरकारी दोनों तरह के शैक्षणिक संस्थानों को कम से कम एनआईटी स्तर की गुणवत्ता के साथ विकसित किया जाए, ताकि अधिक संख्या में छात्रों को बेहतर शिक्षा का अवसर मिल सके। इसके साथ ही बच्चों के बौद्धिक विकास के साथ-साथ शारीरिक विकास पर भी समान रूप से ध्यान देने की जरूरत बताई जा रही है। तकनीकी युग में बच्चों की आउटडोर गतिविधियां लगातार कम होती जा रही हैं, जिससे शारीरिक समस्याओं का खतरा बढ़ रहा है। ऐसे में प्रदेश में पर्याप्त खेलकूद के संसाधन विकसित कर अनुकूल माहौल बनाना जरूरी होगा। ताकि बच्चों को स्वस्थ और संतुलित विकास का अवसर मिले। डॉ विवेक चौधरी, कैंसर विशेषज्ञ व डीन मेडिकल कॉलेज, रायपुरमेकाहारा से उम्मीद, पर पुरानी मशीनें बनीं चुनौती डॉ. भीमराव अंबेडकर अपस्ताल केवल राजधानी रायपुर ही नहीं, बल्कि पूरे प्रदेश के मरीजों की उम्मीदों का केंद्र है। यहां एक्स-रे से लेकर सोनोग्राफी, सीटी स्कैन, एमआरआई और कैंसर इलाज तक की सुविधाएं निःशुल्क उपलब्ध हैं। हालांकि, अस्पताल में लगी अधिकांश जांच और उपचार से जुड़ी मशीनें पुरानी हो चुकी हैं या अपनी निर्धारित उम्र पूरी करने के करीब हैं, जिसके चलते मरीजों को कई तरह की परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। पुरानी मशीनों को तत्काल बदले जाने की जरूरत है, ताकि जांच और इलाज की गुणवत्ता में सुधार हो सके। इसके अलावा जिला अस्पताल और हमर क्लीनिकों में विशेषज्ञ डॉक्टरों की भारी कमी बनी हुई है। यदि विशेषज्ञों की नियमित पोस्टिंग हो जाए, तो सरकारी अस्पतालों की स्वास्थ्य व्यवस्था काफी हद तक पटरी पर आ सकती है। इसका सीधा असर अंबेडकर अस्पताल पर भी पड़ेगा, जहां मरीजों की भीड़ कम होगी और इलाज के स्तर में सुधार संभव होगा। राजधानी के निजी अस्पतालों में वर्तमान में अंग प्रत्यारोपण की सुविधाएं उपलब्ध हैं। किडनी के साथ-साथ लीवर ट्रांसप्लांट के मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी हो रही है। वहीं, शहर के बीच स्थित डॉ. खूबचंद बघेल (डीकेएस) सुपर स्पेशलिटी अस्पताल में अंग प्रत्यारोपण शुरू करने के लिए आवश्यक संसाधन मौजूद बताए जा रहे हैं।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 5:37 am

नीतीश के करीबी अशोक चौधरी की जॉइनिंग क्यों रोकी गई:शिक्षामंत्री ने जांच के लिए भेजा, आयोग बोला-हमारे पास शिकायत नहीं; क्या JDU के भीतर क्लैश?

बयान-1 ‘अशोक चौधरी के असिस्टेंट प्रोफेसर की नियुक्ति से जुड़े कागजात विश्वविद्यालय आयोग को भेजे गए हैं। प्रमाण पत्रों में कुछ कमियां थीं।’- सुनील कुमार, मंत्री शिक्षा विभाग बयान-2 ‘अशोक चौधरी से जुड़ी शिकायत मेरे पास नहीं आई है। आयोग की ओर से चयन करने के बाद की सूची शिक्षा विभाग को भेजी गई। वह लौट कर नहीं आई है।- गिरिश कुमार चौधरी, अध्यक्ष विश्वविद्यालय सेवा आयोग बिहार के शिक्षा विभाग से जुड़े दो आला अधिकारियों का एक मंत्री पर दिए दो अलग-अलग बयान के बाद दो तरह के सवाल उठ रहे हैं? इस पूरे विवाद को समझने के लिए हमने बिहार के शिक्षा विभाग के मंत्री, विश्वविद्यालय चयन आयोग और एक्सपर्ट से मामले को समझा। दैनिक भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरी में पढ़िए आखिर विवाद कहां से शुरू हुआ, क्यों हुआ और आगे क्या कार्रवाई हो सकती है? पहले बात नियुक्ति और डिग्री पर विवाद की विश्वविद्यालय सेवा आयोग ने 2020 में 52 विषयों में असिस्टेंट प्रोफेसर की बहाली के लिए विज्ञापन निकाला था। 57 साल के मंत्री ने पॉलिटिकल साइंस विषय के लिए आवेदन भरा था। इस विषय के लिए 17 जून से 22 जून 2025 तक इंटरव्यू चला। रिजल्ट 24 जून 2025 को जारी हुआ। 280 पदों के लिए भर्ती होनी थी। 274 के लिए अभ्यर्थियों के नाम चुनकर सिफारिश की गई। SC वर्ग में 10वें स्थान पर अशोक चौधरी का नाम था। अनुभव प्रमाण पत्र की जांच पूरी नहीं होने के चलते बाकी अनारक्षित कैटेगरी के 2 अभ्यर्थियों को वेटिंग में रखा गया। बाद में आरोप लगे कि अशोक चौधरी के सर्टिफिकेट में कमियां हैं। इस मामले में शिक्षा विभाग के अधिकारी कैमरे के सामने बोलने से बच रहे हैं। 29 दिसंबर को जब शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से अशोक चौधरी की नियुक्ति रोकने के संबंध में सवाल पूछा गया तो, उन्होंने कहा, ‘कुछ कमियां मिली हैं। हमने मामले को विश्वविद्यालय सेवा आयोग को भेजा है। हर बात को गहराई से देख रहे हैं।’ अब आयोग के अध्यक्ष से समझिए पूरा मामला भास्कर ने विश्वविद्यालय सेवा आयोग के चेयरमैन डॉ. गिरीश कुमार चौधरी से बात की। उन्होंने कहा, ‘हमने शिक्षा विभाग को सभी अभ्यर्थियों से जुड़े कागजात भेज दिए हैं। हमसे किसी ने अशोक चौधरी से जुड़ी शिकायत नहीं की है।’ गिरीश कुमार ने कहा, ‘शिकायत मिलने पर जांच कराते हैं। गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई होती है और उस अभ्यर्थी का चयन आयोग के स्तर से रद्द कर दिया जाता है। पॉलिटिकल साइंस विषय से जुड़े अभ्यर्थियों की लिस्ट नियम के अनुसार चयन कर शिक्षा विभाग को भेजी जा चुकी है।’ अब आगे क्या होगा? मामला शिक्षा विभाग और विश्वविद्यालय सेवा आयोग के बीच फंसा हुआ है। काफी किच-किच होने के बाद मामले को ठंडे बस्ते में डाला जा सकता है। अशोक चौधरी से जुड़े कागजात पूरे पाए जाएंगे और कोई गड़बड़ी नहीं मिलेगी तो नियुक्ति भी संभव है। चौधरी का नाम और पीएचडी दोनों सही अशोक चौधरी की नियुक्ति रोकने के पीछे दो तरह की बात कही जा रही है। पहला उनके दो नाम और दूसरा पीएचडी में गड़बड़ी। भास्कर ने दोनों मुद्दों की पड़ताल की। ये सच है कि अशोक चौधरी के दो नाम हैं, लेकिन सभी डॉक्यूमेंट पर यही लिखा हुआ है। भास्कर को मिली जानकारी के मुताबिक, अशोक चौधरी के पासपोर्ट में अशोक कुमार उर्फ अशोक चौधरी लिखा है। SDO के स्तर से जारी किए गए उनके जाति प्रमाण पत्र में भी उनका नाम अशोक कुमार उर्फ अशोक चौधरी लिखा है। इसके बाद हमने मगध यूनिवर्सिटी के कुलपति प्रोफेसर शशि प्रताप शाही से बात की। चौधरी इन्हीं के अंडर में पीएचडी की डिग्री ली है। इनकी पीएचडी का विषय था- ‘बिहार विधानसभा में दलित महिलाओं की भूमिका’। शाही ने कहा, ‘पीएचडी का विषय समाज में महिलाओं की भूमिका में बदलाव से जुड़ा है। यह साफ है कि पीएचडी से जुड़ा कोई मामला नहीं है।’ नियुक्ति से पहले डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन की प्रक्रिया नियुक्ति से पहले विश्वविद्यालय सेवा आयोग की एक्सपर्ट कमेटी अभ्यर्थियों की ओर से दिए गए कागजातों की जांच करती है। इसके बाद अभ्यर्थी को अंक दिए जाते हैं। इसके आधार पर अभ्यर्थी को इंटरव्यू के लिए बुलाया जाता है। इंटरव्यू के बाद आयोग अभ्यर्थी की नियुक्ति के लिए सिफारिश करता है। इस पूरी प्रक्रिया के बाद रिजल्ट में अशोक चौधरी का नाम था। ये था ऑफिशियल अब पॉलिटिकल विवाद समझिए… क्यों अशोक चौधरी की बहाली पर हुआ विवाद? 2 पॉइंट मामला केवल एकेडमिक तक सीमित नहीं है। सूत्रों की मानें तो अशोक चौधरी की बहाली को लेकर हो रहे विवाद में राजनीति भी है। इसे 2 पॉइंट में समझिए… अशोक चौधरी के मामले में हो रही छीछालेदर को जेडीयू की इंटरनल पॉलिटिक्स का हिस्सा भी माना जा रहा है। अशोक चौधरी का कद दलित नेता के रूप में उभरा है। उनकी एक बेटी शांभवी चौधरी लोकसभा सांसद हैं। दूसरी बेटी की शादी एक बड़े नेता के बेटे से होने की बात चल रही है। इस सब को देखते हुए सूत्र बता रहे हैं दूसरी बेटी की शादी के बाद अशोक चौधरी की धाक जेडीयू में और बढ़ सकती है। ऐसे में कइयों को दिक्कत हो सकती है। इसलिए दलित पॉलिटिक्स के चलते भी उनकी ज्वॉइनिंग में रोड़ा अटकाया जा रहा हो। राजनीतिक जानकार मानते हैं कि जेडीयू में अशोक चौधरी के बढ़ते कद के चलते कुछ नेताओं में असुरक्षा की भावना बनी रहती है। बिहार विश्वविद्यालय सेवा आयोग की इस बार की वैकेंसी में बाहरी की जगह बिहारी को ज्यादा प्राथमिकता दी गई है। पहले इंटरव्यू बोर्ड में ज्यादातर एक्सपर्ट बाहर के होते थे। इस बार कई एक्सपर्ट बिहार के थे। नतीजा बाहर के लोगों की भौंहे आयोग पर तनी हुई हैं। छोटी-छोटी गलतियों पर आलोचना हो रही है। ये लोग साबित करने की कोशिश कर रहे हैं कि बहाली नीट एंड क्लीन नहीं है। जानकारी है कि एक बाहरी लॉबी इस काम में लगी है। क्या हैं जेडीयू की इंटरनल पॉलिटिक्स के मायने? जेडीयू में अशोक चौधरी की गिनती नीतीश कुमार के करीबी नेताओं में होती है। कुछ दिनों से अशोक चौधरी के परिवार और नीतीश कुमार के बेटे निशांत के बीच करीबी ज्यादा दिख रही है। 28 दिसंबर को सीएम हाउस में श्रीमद भागवत कथा का आयोजन किया गया था। उसमें अशोक चौधरी की बेटी और दामाद भी पहुंचे थे। निशांत के साथ तस्वीर सामने आई थी। यह सब एक तरफ और दूसरी तरफ इसकी चर्चा खूब है कि निशांत बिहार की राजनीति में कब एक्टिव होंगे। जेडीयू के राष्ट्रीय कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने कहा था, ‘पार्टी के लोग और समर्थक चाहते हैं कि निशांत पार्टी में आकर काम करें। यह फैसला उनको लेना है कि कब पार्टी में कामकाज शुरू करते हैं।’ अशोक चौधरी कह चुके हैं कि ‘जिस दिन नीतीश कुमार और निशांत चाहेंगे, उस दिन से निशांत पार्टी में एक्टिव हो जाएंगे।’ जेडीयू में ये खास नेता दलित वर्ग से आते हैं श्याम रजक: जेडीयू में श्याम रजक की पहचान बड़े दलित नेता के रूप में है। वह आरजेडी में जाकर वापस आए हैं। फुलवारीशरीफ विधानसभा से विधायक हैं। नई सरकार में मंत्री नहीं बनाए गए हैं। खरमास के बाद मंत्रिमंडल विस्तार में श्याम रजक को शामिल किया जा सकता है। रजक कई बार मंत्री बने। सुनील कुमार: शिक्षा मंत्री और पूर्व आईपीएस सुनील कुमार पिछली नीतीश सरकार में भी शिक्षा मंत्री थे। एक दिन पहले सुनील कुमार को इंटरनेशनल एसोसिएशन ऑफ एजुकेटर्स फॉर वर्ल्ड पीस की तरफ से बेस्ट एजुकेशन मिनिस्टर ऑफ द ईयर अवॉर्ड दिया गया है। अशोक चौधरी: श्याम रजक जब जेडीयू छोड़कर आरजेडी में गए तब बतौर दलित नेता अशोक चौधरी का कद जेडीयू में बढ़ा। अब दोनों जेडीयू में हैं। अशोक चौधरी के पास अभी ग्रामीण कार्य विभाग है। नीतीश कुमार पर बेटी शांभवी के साथ मिलकर एक किताब लिख चुके हैं। डॉ. आलोक कुमार सुमन: गोपालगंज से लोकसभा सांसद हैं। 2019 और 2024 में भी उन्होंने लोकसभा का चुनाव जीता था। महेश्वर हजारी: समस्तीपुर के कल्याणपुर से जेडीयू के विधायक हैं। बिहार सरकार मंत्री रह चुके हैं। नई सरकार में मंत्री पद नहीं मिला है। रत्नेश सदा: सहरसा के सोनवर्षा से जेडीयू विधायक हैं। पहले मंत्री रह चुके हैं, लेकिन इस बार मंत्री पद नहीं मिला है। अशोक राम: लंबे समय तक कांग्रेस के नेता रहे। छह बार विधान सभा का चुनाव जीते। मंंत्री भी रहे। अगस्त 2025 में कांग्रेस छोड़ जेडीयू में शामिल हो गए। नीतीश कुमार ने दलित कार्ड खेलने के लिए अशोक राम के लिए जेडीयू का दरवाजा खोला था। इन्होंने दरभंगा के कुशेश्वर स्थान से अपने बेटे अतिरेक कुमार को जेडीयू का टिकट दिलवाया। वह चुनाव जीत गए हैं। राजद की मांग- मंत्री पद से इस्तीफा दें अशोक चौधरी राजद ने राजभवन को पत्र लिखा है। मांग की है कि अशोक चौधरी मंत्री पद से इस्तीफा दें। निष्पक्ष जांच के लिए उनका इस्तीफा जरूरी है। आरजेडी ने मुख्य रूप से अशोक चौधरी के नाम और पीएचडी की डिग्री पर सवाल उठाया है। राज्यपाल को पत्र लिखने वाले आरजेडी के राष्ट्रीय प्रवक्ता प्रो. नवल किशोर यादव से भास्कर ने बात की। पूछा कि आपने अशोक चौधरी की पीएचडी डिग्री की जांच की मांग की है। क्या आधार है? नवल किशोर ने कहा, ‘मैंने नहीं देखा है कि उनके किस डॉक्यूमेंट में गड़बड़ी है। शिक्षा मंत्री ने कहा है कि कागजात में कमियां पाई गई हैं।’ अशोक चौधरी ने साधी चुप्पी, टाल दी प्रेस कॉन्फ्रेंस अशोक चौधरी ने इस मामले में चुप्पी साध ली है। वह वोकल नेता रहे हैं। चुप बैठने वालों में उनकी गिनती नहीं होती। अशोक चौधरी मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करने वाले थे, लेकिन ऐसा नहीं किया। कांग्रेस के प्रदेश प्रवक्ता असित नाथ तिवारी ने कहा, ‘मंत्री अशोक चौधरी जवाब दें कि उनकी डिग्री फर्जी नहीं है। पीएचडी पूर्णकालिक डिग्री है। अशोक चौधरी ने कब इसके लिए क्लास किया?’ पिता का सपना पूरा करना चाहते हैं अशोक चौधरी अशोक चौधरी पॉलिटिक्स में काफी समय से एक्टिव हैं। बिहार कांग्रेस अध्यक्ष रह चुके हैं। ऐसे में लोगों के मन में सवाल है कि वह बिहार सरकार के मंत्री रहने के बाद भी असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर क्यों बहाल होना चाहते हैं? यह मामला अशोक चौधरी के सेंटिमेंट से जुड़ा है। उनके करीबी बताते हैं कि अशोक चौधरी के पिता महावीर चौधरी पॉलिटिकल साइंस से एमए थे। पॉलिटिक्स की अनिश्चितता से वे वाकिफ थे। उन्होंने बेटे से कहा था कि प्रोफेसर की नौकरी के लिए प्रयास करें। असिस्टेंट प्रोफेसर बनना अशोक चौधरी के लिए पिता का सपना पूरा करने जैसा है। नोट- भास्कर रिपोर्ट ने अशोक चौधरी को फोन किया। जवाब मिला कि एक दिन बाद उनसे बात हो सकती है। उनका पक्ष आने पर अपडेट किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 5:29 am

बाल विवाह की कुप्रथा को समाप्त कर बालिकाओं की शिक्षा पर ध्यान देना होगा

भास्कर न्यूज | जेवरतला रोड महिला एवं बाल विकास विभाग के बाल विवाह मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों की पूर्ति के लिए शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय टटेंगा में शपथ ली। नुक्कड़ नाटक का मंचन किया गया। कक्षा 11वीं वाणिज्य की छात्राएं पल्लवी, पायल, साधना, देविका, दिव्या, हिमानी, ललिता, लीलम एवं निधि ने संदेशपरक नुक्कड़ नाटक प्रस्तुत किया। प्रभारी प्राचार्य टीएल देवांगन ने कहा कि यदि देश को विकसित राष्ट्र की श्रेणी में शामिल कराना है तो बाल विवाह जैसी कुप्रथा को समाप्त कर बालिकाओं के स्वास्थ्य एवं शिक्षा पर विशेष ध्यान देना होगा। वरिष्ठ व्याख्याता रेशमी साहू ने बाल विवाह को एक गंभीर सामाजिक बुराई बताया। उन्होंने कहा कि कानूनी प्रतिबंध के बावजूद प्रतिवर्ष लाखों बच्चों का बाल विवाह हो रहा है। जिसके गंभीर दुष्परिणाम सामने आते हैं। इसे समाप्त करने के लिए जन जागरूकता अत्यंत आवश्यक है। व्याख्याता पवन सिन्हा एवं हेपशीबा एंथोनी ने कहा कि देश और प्रदेश की उन्नति के लिए बाल विवाह को जड़ से समाप्त करना होगा, जिसके लिए गांव, पंचायत, कस्बों के साथ-साथ धर्मगुरुओं एवं सामाजिक कार्यकर्ताओं का सहयोग आवश्यक है। व्याख्याता अजय पाठक ने बताया कि इस अभियान का मुख्य उद्देश्य वर्ष 2030 तक देश से बाल विवाह को पूर्णतः समाप्त करना है। इस अवसर पर शिक्षक भागवत साहू, महेश रावटे, रवि देवांगन सहित विद्यार्थी उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 3 Jan 2026 4:00 am

सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक

-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more

अजमेरनामा 2 Jan 2026 9:55 pm

उच्च शिक्षा के लिए भारतीय छात्रों की कौन सा देश है पहली पसंद, नीति आयोग ने जारी की रिपोर्ट

नीति आयोग की उच्च शिक्षा का अंतरराष्ट्रीयकरण शीर्षक से जारी रिपोर्ट के अनुसार, साल 2024 में कनाडा 4,27,000 भारतीय छात्रों के साथ शीर्ष अंतरराष्ट्रीय उच्च शिक्षा गंतव्य रहा।

देशबन्धु 23 Dec 2025 4:19 am

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm