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वीएमओयू में प्रवेश की अंतिम तिथि 15 तक बढ़ी:महिलाओं-बालिकाओं को निःशुल्क शिक्षा, ऑनलाइन सामग्री पर 15% छूट

वर्धमान महावीर खुला विश्वविद्यालय (वीएमओयू), कोटा ने जनवरी 2026 सत्र के लिए प्रवेश की अंतिम तिथि 15 फरवरी तक बढ़ा दी है। पहले यह तिथि 31 जनवरी निर्धारित थी। यह जानकारी अध्ययन केंद्र राजकीय बांगड़ महाविद्यालय, डीडवाना की प्राचार्य एवं मुख्य समन्वयक डॉ. मनीषा गोदारा ने दी। डॉ. गोदारा ने बताया कि विद्यार्थियों की सुविधा को ध्यान में रखते हुए यह निर्णय लिया गया है। इच्छुक अभ्यर्थी अब विभिन्न स्नातक, स्नातकोत्तर, डिप्लोमा और सर्टिफिकेट कार्यक्रमों में प्रवेश ले सकेंगे। विश्वविद्यालय का एआईसीटीई व यूजीसी से मान्यता प्राप्त दो वर्षीय एमबीए पाठ्यक्रम भी प्रवेश के लिए उपलब्ध है। राजस्थान सरकार की दूरस्थ बालिका शिक्षा योजना के तहत छात्राओं और महिलाओं को विश्वविद्यालय के किसी भी पाठ्यक्रम में प्रवेश लेने पर शुल्क वापसी का प्रावधान है, जिससे वे निःशुल्क शिक्षा प्राप्त कर सकती हैं। इसके अतिरिक्त, एससी/एसटी वर्ग के विद्यार्थियों को समाज कल्याण विभाग की योजनाओं के माध्यम से शुल्क वापसी की सुविधा मिलेगी। विश्वविद्यालय ऑनलाइन पाठ्य सामग्री का विकल्प चुनने पर 15 प्रतिशत शुल्क छूट भी दे रहा है।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 1:35 pm

राज-सीईएस कॉलेजों में संविदा नियुक्ति प्रक्रिया रोकने की मांग की:राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर टीचर्स ने उठाए सवाल, पुनर्संरचना की मांग की

कोटपूतली में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ, राजस्थान (उच्च शिक्षा) की इकाई राजकीय एलबीएस पी.जी. कॉलेज ने राज-सीईएस महाविद्यालयों की वर्तमान संकल्पना और संचालन व्यवस्था के विरोध में प्रदर्शन किया। प्राध्यापकों ने कॉलेज के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर और प्ले-कार्ड्स के माध्यम से अपनी मांगों को उठाया। महासंघ का कहना है कि राज-सीईएस योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का मौजूदा स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 की मूल भावना के विपरीत है। इन संस्थानों में स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव, अपर्याप्त अधोसंरचना और संसाधनों की कमी है। शोध और नवाचार की संभावनाओं की कमी व संविदा एवं अस्थायी नियुक्तियों पर आधारित अध्यापन व्यवस्था राज्य की उच्च शिक्षा को गुणवत्ता, बहुविषयकता और अकादमिक निरंतरता से दूर ले जा रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति पर टीचर्स ने उठाए सवाल महासंघ ने बताया- सत्र 2020-21 से 2022-23 के बीच राज-सीईएस योजना के तहत 303 नए महाविद्यालय खोले गए थे। वर्तमान सरकार के कार्यकाल में सत्र 2023-24 और 2024-25 में 71 अतिरिक्त राज-सीईएस महाविद्यालय खोले जा चुके हैं, जिससे इनकी कुल संख्या 374 हो गई है। इनमें से लगभग 260 राज-सीईएस महाविद्यालयों में आज भी एक भी स्थायी फैकल्टी मेंबर कार्यरत नहीं है, जो राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि विधानसभा चुनाव-2023 के बाद गठित राज्य सरकार द्वारा राज-सीईएस महाविद्यालयों और विषयों के संचालन के संबंध में गठित सोडाणी समिति की सिफारिशें अब तक न तो सार्वजनिक की गई हैं और न ही लागू की गई हैं। महासंघ ने भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 के माध्यम से राज-सीईएस नियम-2023 में परिवर्तन कर पांच वर्षों के लिए 28,500 रुपए के नियत वेतन पर संविदा टीचिंग एसोसिएट और अशैक्षणिक पदों की चयन प्रक्रिया शुरू करने के प्रयास पर गंभीर आपत्ति दर्ज कराई। टीचर्स ने रखी ये मांगे महासंघ ने राज्य सरकार से मांग की है कि राज-सीईएस महाविद्यालयों के संबंध में गठित सोडाणी समिति की सिफारिशों को तुरंत लागू किया जाए। साथ ही, राज्य में संचालित सभी राज-सीईएस महाविद्यालयों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों के रूप में संचालित करने के स्पष्ट आदेश जारी किए जाएं और संविदा नियुक्तियों की प्रस्तावित चयन प्रक्रिया को तत्काल प्रभाव से रोका जाए।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 12:49 pm

BPSC कैलेंडर से क्यों गायब हुई TRE-4 की भर्ती:शिक्षा मंत्री ने समय से रिकमेंडेशन नहीं भेजा, हर बार एक ही बयान, जल्द होगी बहाली

पहले शिक्षा मंत्री सुनील कुमार 2 बयान पढ़िए… 22 सितंबर 2025- “TRE-4 में 26 हजार से ज्यादा पदों के लिए वैकेंसी निकाली जाएगी। अगले 4 से 5 दिन के भीतर रिक्तियां BPSC को भेज दी जाएंगी। इसके बाद अगर सीटें बचती हैं तो उन्हें TRE-5 में जोड़ा जाएगा।” 9 दिसंबर 2025- “हम अभ्यर्थियों को भरोसा दिलाते हैं कि जनवरी के बाद TRE की प्रक्रिया शुरू कर दी जाएगी।” यह तो मंत्री के दावे थे, लेकिन क्या ऐसा हुआ? जवाब है- नहीं..। भर्ती अभी फाइलों में ही अटकी है। अगले एक साल तक बहाली होने की गुंजाइश कम है। दो साल से टीचरों की बहाली कहां अटकी है? मंत्री क्या झूठ बोल रहे हैं? कब आएगी बहाली? भास्कर की खास रिपोर्ट में पढ़ें…। BPSC के कैलेंडर में TRE-4 का जिक्र नहीं ऐसा इसलिए क्योंकि 2 फरवरी को BPSC ने 2026 में होने वाली अपनी सभी प्रतियोगी परीक्षाओं का कैलेंडर जारी किया। इसमें TRE-4 का जिक्र तक नहीं है। भास्कर ने 4 फरवरी को शिक्षा मंत्री सुनील कुमार से बात की। हमने सीधे पूछा कि TRE-4 BPSC कैलेंडर में क्यों नहीं है? उन्होंने जवाब दिया, ‘मंगलवार की रात (3 फरवरी) TRE-4 का रोस्टर क्लियर कर सामान्य प्रशासन विभाग को रिक्तियां भेज दी हैं। जल्द बहाली होगी।’ मंत्री के दावों पर भास्कर ने सामान्य प्रशासन विभाग से संपर्क किया। नाम नहीं छापने की शर्त पर एक अफसर ने बताया, ‘शिक्षा विभाग ने अभी कोई अधियाचना (रिकमंडेशन) ही नहीं भेजी है।’ क्यों अटकी शिक्षकों की बहाली? शिक्षकों की बहाली क्यों अटक रही है? TRE- 4 की फाइल शिक्षा विभाग में कहां फंस गई है? भास्कर ने इसकी पड़ताल की। हमने बिहार लोक सेवा आयोग के सचिव सत्य प्रकाश शर्मा ने बात की। उन्होंने कहा, ‘अभी BPSC के पास बिहार सरकार की ओर से रिकमेंडेशन नहीं आई है। यही वजह है कि BPSC-2026 के कैलेंडर में इस परीक्षा की चर्चा नहीं की गई है। सरकार नोटिफिकेशन भेजती है तो इसे आयोग के परीक्षा कैलेंडर में शामिल किया जाएगा।’ अब जानिए क्या कहते हैं शिक्षा मंत्री सुनील कुमार हमने बिहार के शिक्षा मंत्री सुनील कुमार ने बात की। उन्होंने कहा, ‘नीतीश सरकार ने व्यापक स्तर पर स्कूलों में शिक्षकों की बहाली की है। TRE-1, TRE-2, TRE-3 के बाद TRE-4 की बहाली होनी है।’ मंत्री ने कहा, ‘इसके लिए सभी जिलों से वैकेंसी की डिटेल मांगी गई। बीच में सिस्टम चुनावी मोड में चला गया था। एक-दो जिलों से रोस्टर का मामला फंसा हुआ था, लेकिन वह भी क्लियर हो चुका है। रोस्टर में कुछ गड़बड़ी थी, जिसे ठीक कर लिया गया है।’ 27 हजार सीटों पर होगी बहाली अब तक की जानकारी के अनुसार, करीब 27 हजार सीटों पर TRE-4 के तहत शिक्षकों की बहाली आएगी। बिहार विधान मंडल के जॉइंट सत्र को संबोधित करते हुए राज्यपाल ने जानकारी दी थी कि कितने पदों पर शिक्षकों की बहाली हुई है। हालांकि उन्होंने TRE-4 का जिक्र नहीं किया था। राज्यपाल ने कहा था, ‘पहले शिक्षकों की काफी कमी थी। 2006 में स्थानीय निकायों के माध्यम से 3 लाख 68 हजार शिक्षकों का नियोजन किया गया था। 2023 के बाद बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा 2 लाख 58 हजार सरकारी शिक्षकों की बहाली की गई है। इनमें से 28 हजार 976 नियोजित शिक्षक BPSC के माध्यम से सरकारी शिक्षक बन गए।’ उन्होंने कहा, ‘सरकार ने तय किया कि नियोजित शिक्षकों को BPSC की परीक्षा देने की जरूरत नहीं है। उन्हें मामूली परीक्षा लेकर सरकारी शिक्षक बनाया जाए, इसके लिए 5 मौके दिए। अब तक 4 परीक्षाओं का आयोजन हो चुका है, जिसमें 2 लाख 66 हजार नियोजित शिक्षक पास हो गए हैं। अब केवल 73 हजार शिक्षक बच गए हैं, जिन्हें एक मौका और दिया जाएगा। कुल मिलाकर सरकारी शिक्षकों की संख्या 5 लाख 24 हजार हो गई है।’ 3 फरवरी को पेश किए गए बिहार बजट 2026-27 में TRE- 4 का जिक्र किया गया है। कहा गया कि चौथे चरण में सरकारी प्राइमरी और सेकेंडरी स्कूलों में शिक्षकों की नियुक्ति के लिए प्रक्रिया चल रही है। 16 फरवरी को विधानसभा का घेराव करेंगे छात्र BPSC कैलेंडर (2026 में ली जाने वाली परीक्षाओं की लिस्ट) जारी हुई, लेकिन इसमें TRE- 4 नहीं है। इससे शिक्षक भर्ती की तैयारी करने वाले युवाओं में आक्रोश है। छात्र-छात्राओं ने बड़े आंदोलन का ऐलान किया है। 16 फरवरी को विधानसभा का घेराव किया जाएगा। पटना कॉलेज से छात्रों का हुजूम निकलेगा। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा, BPSC के कैलेंडर में TRE-4 का कोई जिक्र नहीं है। इसलिए मैट्रिक व इंटर की परीक्षा के बाद आंदोलन किया जाएगा। सरकार चुनाव के पहले किए गए वादे से मुकर रही है। अभी बिहार विधानसभा का बजट सत्र चल रहा है। विपक्ष की तैयारी दोनों सदनों में शिक्षक भर्ती मामला उठाने की है। विपक्ष के नेता इसे नीतीश सरकार की चुनावी वादाखिलाफी बता रहे हैं। TRE-4 में पहली बार ऐसी व्यवस्था तीन चरणों में बिहार सरकार अब तक 2.5 लाख शिक्षकों की बहाली कर चुकी है। TRE-4 में पहली बार व्यवस्था होगी कि बिहार के युवाओं के लिए लगभग 85 फीसदी सीटें रिजर्व रहेंगी। 15 फीसदी सीटों पर दूसरे राज्य के निवासी और बिहार के वैसे लोग जिनकी मैट्रिक और इंटर की डिग्री दूसरे राज्यों की है, की भर्ती होगी। डोमिसाइल लागू होने पर बिहार के अधिक युवाओं को शिक्षक बनने का अवसर मिल सकेगा। पहले की नियुक्तियों पर आरोप लगता रहा है कि बिहार से बाहर के युवाओं ने काफी सीटें ले लीं। खास तौर से यूपी के युवाओं ने काफी सीटों पर कब्जा कर लिया। नए नियम के तहत क्लास 5 तक के लिए शिक्षक भर्ती में 50 प्रतिशत और अन्य कोटि में 35 प्रतिशत आरक्षण का लाभ सिर्फ बिहार की महिला अभ्यर्थियों को दिया जाएगा।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:59 am

सुगम महोत्सव : शिक्षा और परिश्रम से ही सफलता, नशे से दूर रहने की सीख

टोंक| निजी शिक्षण संस्था की ओर से आयोजित सुगम महोत्सव में भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने विद्यार्थियों को नशे से दूर रहकर सकारात्मक जीवन अपनाने की सीख दी। महोत्सव के दौरान बच्चों की ओर से प्रस्तुत रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रमों में भारतीय संस्कृति, हमारी मिट्टी की महक और उत्साह का अद्भुत संगम देखने को मिला। जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान ने कहा कि परिश्रम ही सफलता की कुंजी है। शिक्षा व्यक्ति के जीवन में अत्यंत महत्वपूर्ण भूमिका निभाती है और इसके माध्यम से ही मनुष्य का सर्वांगीण विकास संभव है। शिक्षा के प्रति संस्थान का समर्पण और स्टाफ की कड़ी मेहनत ही क्षेत्र के भविष्य को उज्ज्वल व सशक्त बना रही है। उन्होंने कहा कि जीवन में आगे बढ़ने और कुछ बनने के लिए शिक्षा जरुरी है। विद्यार्थियों को लक्ष्य तय कर पढ़ाई करनी चाहिए, क्योंकि बिना लक्ष्य के मंजिल हासिल नहीं होती। संस्था निदेशक जितेंद्र चौधरी, जिला उपाध्यक्ष प्रधान काबरा, मीडिया प्रभारी कमलेश यादव, कजोड़ जाजड़ा, लालचंद चौधरी सहित संस्था के अन्य स्टाफ सदस्य उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:00 am

शिक्षा विभाग का मिशन स्टार्ट; शाला दर्पण पर दर्ज होगा स्मार्ट क्लास का टाइम-टेबल

उदयपुर | प्रदेश के सरकारी स्कूलों में तकनीक आधारित पढ़ाई को प्रभावी बनाने के लिए माध्यमिक शिक्षा निदेशालय ने मिशन स्टार्ट के तहत नई गाइडलाइन जारी की है। अब डिजिटल ई-कंटेंट से कराई जा रही पढ़ाई का साप्ताहिक टाइम-टेबल शाला दर्पण पोर्टल पर दर्ज करना होगा। उद्देश्य उन विद्यालयों में शैक्षणिक निरंतरता बनाए रखना है, जहां शिक्षकों के पद रिक्त हैं या शिक्षक अनुपस्थित रहते हैं। ऐसे स्कूलों में कक्षा 9 से 12 तक के बच्चों को हार्डडिस्क और अन्य डिजिटल संसाधनों से पढ़ा रहे हैं। जहां शिक्षक हैं, वहां भी कठिन विषयों को सरल बनाने के लिए ई-कंटेंट काम लेंगे। नया मॉड्यूल: अफसरों की ऑनलाइन नजर निर्देशों के अनुसार, स्कूल अपनी आवश्यकता के अनुसार समय-सारणी तैयार करेंगे और उसका प्रिंट नोटिस बोर्ड पर लगाएंगे। यह समय-सारणी हर शुक्रवार शाला दर्पण पोर्टल पर अपडेट करनी होगी। शाला दर्पण पर इसके लिए नया मॉड्यूल बनाया गया है। स्कूल ‘विद्यालय-आईसीटी-साप्ताहिक स्मार्ट क्लास टाइम-टेबल’ पाथ से इसे अपडेट कर सकेंगे। उच्च अधिकारी मॉनिटरिंग रिपोर्ट (न्यू) सेक्शन से इसकी समीक्षा करेंगे। स्मार्ट क्लास का डेटा अब स्कूल स्तर पर जवाबदेही तय करने में भी उपयोग होगा। पोर्टल पर अपलोड किए गए टाइम-टेबल के आधार पर विभाग यह देख सकेगा कि डिजिटल कंटेंट का वास्तविक उपयोग हो रहा है या नहीं। डीईओ-माध्यमिक डॉ. लोकेश भारती ने बताया कि मुख्यमंत्री शिक्षित राजस्थान अभियान के तहत इस गतिविधि को प्राथमिकता दी है, ताकि शिक्षकों की कमी का विद्यार्थियों के परिणाम पर असर न पड़े।

दैनिक भास्कर 5 Feb 2026 4:00 am

इरम सोसाइटी का स्थापना दिवस, छात्रों का सम्मान:लखनऊ में शिक्षा, संस्कृति और साहित्य का उत्सव मनाया गया

लखनऊ में इरम एजुकेशनल सोसाइटी का स्थापना दिवस शिक्षा, संस्कृति और साहित्य के उत्सव के रूप में मनाया गया। इंदिरा नगर सी-ब्लॉक स्थित इरम कॉलेज परिसर में आयोजित इस समारोह में मेधावी छात्रों को सम्मानित किया गया और सांस्कृतिक व साहित्यिक प्रस्तुतियां दी गईं। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में शिक्षक, छात्र-छात्राएं और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। समारोह के मुख्य अतिथि उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक और विशिष्ट अतिथि अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी थे। दोनों अतिथियों ने विभिन्न पाठ्यक्रमों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले छात्रों को मेडल और प्रमाण पत्र प्रदान कर सम्मानित किया। इससे पूर्व,प्रबंधक डॉ. बाज़्मी यूनुस,निदेशक ख्वाजा फैज़ी यूनुस और सचिव सैफ़ी यूनुस ने अतिथियों का स्मृति चिन्ह और अंगवस्त्र देकर स्वागत किया। उनका उद्देश्य समाज को शिक्षित और सशक्त बनाना था उप मुख्यमंत्री बृजेश पाठक ने अपने संबोधन में इरम एजुकेशनल सोसाइटी के संस्थापक डॉ. ख्वाजा मोहम्मद यूनुस को याद किया।उन्होंने कहा कि 1970 में स्थापित इस संस्था ने शिक्षा को केवल डिग्री तक सीमित नहीं रखा,बल्कि डॉ. यूनुस ने अपना पूरा जीवन गरीब,पिछड़े और वंचित वर्ग की शिक्षा के लिए समर्पित किया। उनका उद्देश्य लाभ कमाना नहीं, बल्कि समाज को शिक्षित और सशक्त बनाना था।पाठक ने कहा कि सरकार संस्थान को हर संभव सहयोग देती रहेगी। अल्पसंख्यक समाज के लिए शिक्षा के नए रास्ते खोले अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री दानिश आज़ाद अंसारी ने कहा कि इरम संस्थान ने आम लोगों और अल्पसंख्यक समाज के लिए शिक्षा के नए रास्ते खोले हैं।उन्होंने विशेष रूप से इरम गर्ल्स डिग्री कॉलेज का उल्लेख किया,जो बेटियों को आगे बढ़ाने का एक सशक्त माध्यम बन रहा है और मजबूत समाज की नींव रख रहा है। कार्यक्रम की शुरुआत छात्राओं द्वारा प्रस्तुत सरस्वती वंदना से हुई। इसके बाद लोकनृत्य, सूफियाना कलाम और देशभक्ति गीतों सहित विभिन्न सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने माहौल को जीवंत बना दिया। छात्राओं के आत्मविश्वास और प्रतिभा की सभी उपस्थित लोगों ने सराहना की। मुशायरे का आयोजन किया गया शाम को कार्यक्रम ने साहित्यिक रूप ले लिया, जिसमें ‘एक शाम ख्वाजा यूनुस के नाम’ मुशायरे का आयोजन किया गया।इस मुशायरे में नवाज़ देवबंदी, डॉ. मंजर भोपाली, डॉ. महताब आलम और डॉ.अंजुम बाराबंकी जैसे प्रसिद्ध शायरों ने अपनी ग़ज़लों और नज़्मों से श्रोताओं का मन मोह लिया।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 11:17 pm

धारीवाल बोले-शिक्षा-संस्थानों पर RSS से जुड़े लोगों का कब्जा:स्कूल बैग और यूनिफॉर्म की राशि घटाना छात्रों से अन्याय

राजस्थान विधानसभा में राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा के दौरान कोटा उत्तर विधायक और पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने भजनलाल सरकार पर निशाना साधा। धारीवाल ने कहा कि राज्यपाल का अभिभाषण सरकार की नीतियों और उपलब्धियों का दस्तावेज होता है, लेकिन इसमें प्रदेश के विकास का कोई स्पष्ट विजन नजर नहीं आता। धारीवाल ने कहा कि आज कॉलेज से लेकर यूनिवर्सिटी तक शिक्षा संस्थानों पर आरएसएस से जुड़े लोगों का कब्जा है। हालात यह हैं कि पूरा शैक्षणिक सत्र निकल गया है, लेकिन कई जगह छात्रों को अब तक प्रवेश नहीं मिला है। 2025-26 में निजी स्कूलों को आरटीई के तहत 996 करोड़ रुपये का भुगतान दिखाया गया, लेकिन इसमें 740 करोड़ रुपये पिछले साल का बकाया था। यानी इस साल वास्तविक भुगतान सिर्फ 256 करोड़ रुपये हुआ, इसी कारण निजी स्कूल आरटीई के तहत बच्चों को प्रवेश नहीं दे रहे हैं। उन्होंने स्कूल बैग और यूनिफॉर्म की राशि 1000 रुपये से घटाकर 800 रुपये करने को गरीब छात्रों के साथ अन्याय बताया। धारीवाल ने कहीं ये 3 बड़ी बातें… 1. महात्मा गांधी का नाम दुनिया के दिलों से नहीं हटेगाधारीवाल ने कहा- मनरेगा में ग्राम सभा को अपने क्षेत्र के काम तय करने का अधिकार था, जिसे छीनकर केंद्र सरकार ने अपने हाथ में ले लिया। नाथूराम गोडसे ने गांधी को दुनिया से हटाया, आपने गांधी के नाम हटाने की शुरुआत कर दी। लेकिन नाम हटाने से उस महात्मा का नाम दुनिया के दिलों से नहीं हटेगा। 2. कैपिटल एक्सपेंडिचर को लगातार घटाया गयाधारीवाल ने कहा- दीया कुमारी द्वारा बताए गए सड़क निर्माण के आंकड़े PWD की अपनी रिपोर्ट से मेल नहीं खाते। कैपिटल एक्सपेंडिचर को लगातार घटाया गया। ऊर्जा क्षेत्र में 3500 करोड़ खर्च होने थे, लेकिन सिर्फ 817 करोड़ ही खर्च किए गए। कई जीएसएस की घोषणाएं हुईं, लेकिन अधिकांश जमीन पर नहीं उतरीं। सैकड़ों मंदिरों के विकास की घोषणाएं की गईं, लेकिन पर्यटन विभाग की रिपोर्ट के अनुसार एक रुपया भी खर्च नहीं हुआ। 3. मंदिरों के विकास के नाम पर जीरोधारीवाल ने कहा- आपने अखबारों में अपनी फोटो और विज्ञापनों पर 100 करोड़ खर्च कर दिए, लेकिन मंदिरों के विकास के नाम पर जीरो। आप तो भगवान को भी धोखा दे रहे हो। आमेर किले में लगे अकबर-स्तुति शिलालेख का जिक्र करते हुए कहा कि अगर सरकार इतिहास बदलने की कोशिश कर रही है, तो यह हिस्सा क्यों बचा हुआ है? ऐतिहासिक चीजें सही-गलत की श्रेणी में नहीं आतीं। धारीवाल ने कहा कि यह सरकार नाम बदलने को उपलब्धि मान रही है, जबकि गरीब, युवा, किसान और मजदूर की भलाई के लिए कोई ठोस काम नहीं किया गया।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 7:36 pm

शांति धारीवाल का सरकार पर हमला: कौशल विकास और शिक्षा बजट में धांधली का आरोप

पूर्व मंत्री शांति धारीवाल ने विधानसभा में पीएम कौशल विकास योजना में घोटाले, आरटीई भुगतान में कटौती और शिक्षा बजट के कम उपयोग पर सवाल उठाए।

प्रातःकाल 4 Feb 2026 6:34 pm

नुक्कड़ नाटक से दिया बालिका शिक्षा का संदेश:चिकानी, किथूर, कोलगांव में लाडो योजना की जानकारी दी

किशनगढ़बास में महिला अधिकारिता विभाग ने ग्राम पंचायत चिकानी के सरकारी विद्यालय में नुक्कड़ नाटक का आयोजन किया। ग्राम साथिन जिन्नी कुमारी ने बताया कि यह नाटक चिकानी, किथूर, कोलगांव, जाजोर और घासोली ग्राम पंचायतों में प्रस्तुत किया गया। इसका उद्देश्य ग्रामीण और छात्रों को बालिका शिक्षा, बाल विवाह की रोकथाम और बेटियों के प्रति सकारात्मक सोच का संदेश देना था। नुक्कड़ नाटक के माध्यम से विभाग की लाडो योजना जैसी महत्वपूर्ण योजनाओं की जानकारी भी दी गई। इस दौरान बालिकाओं को 'बाल-विवाह मुक्त राजस्थान' बनाने की शपथ दिलाई गई। इस अवसर पर स्कूल की प्रिंसिपल सुनीता यादव ने भी बच्चों को 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' का संदेश दिया। कार्यक्रम में ग्राम साथिन, कार्यकर्ता, ग्राम सचिव और बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 6:34 pm

राजसमंद में संविदकर्मी नहीं लगाने को लेकर प्रदर्शन:बोले- अस्थाई नियुक्ति करने से शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा

नाथद्वारा में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ राजस्थान इकाई के आह्वान पर सेठ मथुरादास बिनानी महाविद्यालय में राज सेस (Raj-CES) महाविद्यालयों की वर्तमान संकल्पना एवं संचालन व्यवस्था के विरोध में शांतिपूर्ण तरीके से प्रदर्शन किया गया। इस दौरान शिक्षकों ने महाविद्यालय के मुख्य द्वार पर काली पट्टी बांधकर तथा मांगों से संबंधित प्ले-कार्ड हाथों में लेकर विरोध दर्ज कराया। संविदाकर्मी न लगाने की मांग संगठन के सचिव डॉ. शंकर शर्मा ने बताया कि राज सेस योजना के अंतर्गत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 की मूल भावना के विपरीत है। संविदा एवं अस्थायी नियुक्तियों पर आधारित अध्यापन व्यवस्था उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, बहुविषयकता एवं अकादमिक निरंतरता को प्रभावित कर रही है। प्रधानमंत्री के नाम सौंपा ज्ञापन उन्होंने बताया कि राज्य में 303 नवीन महाविद्यालय खोले गए, वहीं वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 71 अतिरिक्त महाविद्यालय प्रारंभ हुए हैं, जिससे कुल संख्या 374 हो गई है। इनमें से लगभग 260 महाविद्यालयों में आज भी एक भी स्थायी संकाय सदस्य कार्यरत नहीं है, जो नीति के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर प्रश्न खड़े करता है। प्रदर्शन के पश्चात संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी रक्षा पारीक के माध्यम से मुख्यमंत्री, राज्यपाल एवं प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपते हुए शीघ्र समाधान की मांग की।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 6:03 pm

जैसलमेर में संविदा नियुक्ति के खिलाफ उतरे टीचर्स:बोले- इससे शिक्षा का स्तर प्रभावित हो रहा; बड़े आंदोलन की चेतावनी दी

अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ (उच्च शिक्षा) के आह्वान पर बुधवार को जिले के प्राध्यापकों और शिक्षाविदों ने Raj-CES (राजसेस) महाविद्यालयों में संविदा नियुक्तियों के विरोध में स्वर मुखर किए। महासंघ ने राज्य सरकार द्वारा कॉलेज शिक्षा में लागू की जा रही संविदा व्यवस्था को राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP)-2020 के विरुद्ध बताते हुए तत्काल रोक लगाने की मांग की है। हाथों पर काली पट्टी बांधकर जताया विरोध विरोध प्रदर्शन के दौरान महासंघ के पदाधिकारियों और सदस्यों ने हाथों पर काली पट्टी बांधकर सरकार की नीतियों के प्रति अपना आक्रोश व्यक्त किया। जिला कलेक्टर प्रतापसिंह के माध्यम से मुख्यमंत्री एवं राज्यपाल के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान चयन प्रक्रिया न केवल युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है, बल्कि यह उच्च शिक्षा की गुणवत्ता को भी रसातल में ले जाने वाली है। बिना स्थायी ढांचे के कैसे लागू होगी NEP-2020? महासंघ के जिलाध्यक्ष डॉ. श्यामसुंदर मीणा ने बताया कि Raj-CES योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप और संचालन प्रणाली राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रावधानों के विपरीत है। इन कॉलेजों में स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव है, शोध और नवाचार की कोई संभावना नहीं है और अपर्याप्त संसाधनों के भरोसे नए विषय घोषित किए जा रहे हैं। आंकड़ों में शिक्षा का संकट: कुल Raj-CES कॉलेज: 374 (पूर्व सरकार के 303 और वर्तमान सरकार के 71)। शून्य शिक्षक वाले कॉलेज: लगभग 260 महाविद्यालयों में एक भी स्थायी संकाय सदस्य नहीं है। विवाद का कारण: भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 में 5 वर्ष के लिए 'फिक्स्ड पे' पर संविदा नियुक्तियां करना। प्रमुख मांगें और चेतावनी महासंघ ने ज्ञापन के माध्यम से मांग की है कि: सोडाणी समिति की सिफारिशों को अविलंब लागू किया जाए। सभी 374 Raj-CES महाविद्यालयों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों में तब्दील कर नियमित पद सृजित किए जाएं। भर्ती कैलेंडर-2026 में शामिल टीचिंग एसोसिएट और अशैक्षणिक संवर्गों की संविदा चयन प्रक्रिया पर तुरंत रोक लगे। डॉ. श्यामसुंदर मीणा, जिलाध्यक्ष, अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ बोले- संविदा आधारित अध्यापन व्यवस्था उच्च शिक्षा को अस्थाई बनाने का संस्थागत प्रयास है। यदि सरकार ने समय रहते सोडाणी समिति की सिफारिशों को लागू नहीं किया और संविदा भर्तियों को रद्द नहीं किया, तो प्रदेश भर में उग्र आंदोलन किया जाएगा।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 5:19 pm

शिक्षक बोले- संविदा भर्ती पर तुरंत रोक लगाई जाए:कहा- इससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता खतरे में आ जाएगी

चौधरी बल्लूराम गोदारा राजकीय कन्या महाविद्यालय, श्रीगंगानगर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की ओर से कॉलेजों में संविदा पर नियुक्तियां करने के विरोध में विरोध-प्रदर्शन किया गया। शिक्षकों ने प्रस्तावित चयन प्रक्रिया पर तत्काल रोक लगाने, सोडाणी समिति की सिफारिशों को लागू करने और सभी राज-सीईएस महाविद्यालयों को सामान्य राजकीय महाविद्यालयों की तरह संचालित करने की मांग की। बोले- उच्च शिक्षा खतरे में संगठन के प्रदेश सचिव प्रो. श्याम लाल ने कहा- राज-सीईएस योजना के तहत संचालित महाविद्यालयों का वर्तमान स्वरूप NEP-2020 की मूल भावना के खिलाफ है। यहां स्थायी अकादमिक ढांचे का अभाव है, अधोसंरचना और संसाधन अपर्याप्त हैं, शोध-नवाचार की कोई गुंजाइश नहीं और पूरी अध्यापन व्यवस्था संविदा एवं अस्थायी शिक्षकों पर टिकी है। इससे उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, बहुविषयकता और अकादमिक निरंतरता खतरे में पड़ रही है। उन्होंने कहा- सत्र 2020-21 से 2022-23 के बीच 303 नए महाविद्यालय खोले गए, जबकि वर्तमान सरकार के कार्यकाल में 2023-24 और 2024-25 में 71 अतिरिक्त जोड़े गए। अब कुल संख्या 374 पहुंच गई है। इनमें से करीब 260 महाविद्यालयों में आज भी एक भी स्थाई संकाय सदस्य नहीं है, जो NEP-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल खड़े करता है। प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन प्रदर्शन के बाद संगठन के प्रतिनिधिमंडल ने उपखंड अधिकारी को मुख्यमंत्री, राज्यपाल और प्रधानमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपे। ज्ञापन में सोडाणी समिति की सिफारिशों को तत्काल लागू करने की मांग की गई, जो विधानसभा चुनाव-2023 के बाद गठित हुई थी लेकिन अब तक सार्वजनिक नहीं की गईं। महासंघ ने भर्ती परीक्षा कैलेंडर-2026 के तहत राज-सीईएस नियम-2023 में बदलाव कर 5 साल के लिए 28,500 रुपये फिक्स वेतन पर संविदा टीचिंग एसोसिएट की भर्ती शुरू करने के प्रयास की कड़ी निंदा की। संगठन का कहना है कि यह व्यवस्था अस्थायी, असुरक्षित और नीति-विरोधी है। अधीनस्थ सेवा चयन बोर्ड को भेजी गई अभ्यर्थना को तत्काल रोका जाए। यदि समय रहते कोई फैसला नहीं लिया गया तो संगठन लोकतांत्रिक और आंदोलनात्मक कदम उठाने को मजबूर होगा, जिसकी जिम्मेदारी शासन-प्रशासन की होगी।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 4:26 pm

एक दशक में बदला देश का सामाजिक ढांचा; लिंग अनुपात और शिक्षा में दर्ज हुई ऐतिहासिक उपलब्धि

भारत में 'बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ' अभियान ने रचा इतिहास। वर्ष 2014 से 2024 के बीच राष्ट्रीय लिंग अनुपात 918 से बढ़कर 929 हुआ और माध्यमिक शिक्षा में लड़कियों का नामांकन 80.2% तक पहुंचा। राज्यसभा में केंद्रीय मंत्री अन्नपूर्णा देवी ने साझा किए खुशहाल भारत के आंकड़े। जानिए कैसे मिशन शक्ति के माध्यम से बदल रही है बेटियों की दुनिया और सामाजिक नजरिया।

प्रातःकाल 4 Feb 2026 3:53 pm

डीआईओएस-आफिस में कामकाज ठप, कर्मचारी बोले गाली नहीं सुनेंगे:संयुक्त शिक्षा निदेशक ने कराई बैठक तब वापस काम पर लौटे, सुलह हुई

डीआईओएस कार्यालय में वरिष्ठ सहायक से डीआईओएस डॉ. संतोष कुमार राय द्वारा गाली देने व जाति सूचक शब्द कहने का मामले में बुधवार को कर्मचारियों ने डीआईओएस आफिस में काम ठप कर दिया। हाथ में माइक लेकर नारेबाजी करते हुए कर्मचारियों ने कहा कि अभी तो यह अंगड़ाई है। आगे और लड़ाई है। आफिस में कामकाज रोककर सभी कर्मचारी आफिस के बाहर आकर खड़े हो गए। हालांकि, संयुक्त शिक्षा निदेशक राजेश कुमार वर्मा, डीआईओएस संतोष कुमार राय व बीएसए सुरजीत कुमार सिंह द्वारा कर्मचारियों के साथ हुई बैठक के बाद कर्मचारी कामकाज पर लौट और प्रदर्शन समाप्त हो गया है। डीआईओएस का पहली बार ऐसा रवैया नहीं अब कर्मचारियों का साफ तौर पर कहना है कि डीआईओएस का यह रवैया पहली बार नहीं है। वह यहां पर गाली सुनने के लिए नहीं आते हैं। पहले भी यह कई कर्मचारियों के साथ अभद्रता कर चुके हैं। मंगलवार को घटना के बाद कर्मचारियों ने डीआईओएस आफिस में नारेबाजी करने के बाद डीएम आफिस जाकर शिकायती पत्र सौंपा था। जो फाइल आई नहीं उसके निस्तारण का बना रहे थे दवाब यूपी एजुकेशनल मिनिस्ट्रीयल आफिसर्स एसोसिएशन के जिलाध्यक्ष संजय गौतम ने बताया कि वरिष्ठ सहायक जितेंद्र पर दवाब बनाया गया कि जो फाइल आई नहीं है उसको निस्तारित करो। क्या लालच है कि बिना कागज के फाइल को चलाना चाहते हैं। डीआईओएस द्वारा गाली गलौज की गई, इसकी हम घोर निंदा करते हैं। डीआईओएस अग्रेसिव नेचर के हैं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के मंडल महामंत्री संतोष तिवारी ने बताया कि वरिष्ठ सहायक पर बिना सौंपे गए काम करने का दवाब बनाया जा रहा था। संगठन इसकी निष्पक्ष जांच कराकर कार्रवाई की मांग करता है। डीआईओएस अग्रेसिव नेचर के हैं। पहले भी ऐसी कई घटनाएं सामने आ चुकी हैं। इस तरह का व्यवहार अच्छा नहीं है। कर्मचारी बोलना नहीं चाहते क्योंकि अधीनस्थ हैं राज्य कर्मचारी संयुक्त परिषद के क्षेत्रीय प्रभारी रजनीश प्रकाश श्रीवास्तव ने कहा कि इससे पहले भी लेखाकार अमोल कुमार के साथ डीआईओएस ने इसी तरह का व्यवहार किया था। इनको उस समय भी ऐसा व्यवहार न करने के लिए कहा गया था। कर्मचारी बोलना नहीं चाहते क्योंकि अधीनस्थ हैं लेकिन इस तरह की शिकायतें लगातार आती रहती हैं। कामकाज चल रहा मामले में डीआईओएस डॉ. संतोष कुमार राय ने बताया कि कर्मचारी से गाली गलौज नहीं कि गई है। काम न करने पर उसको सिर्फ डांटा गया है। डीआईओएस आफिस में कामकाज सुचारु रुप से चल रहा है।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 2:20 pm

उत्तराखंड में मदरसा बोर्ड खत्म, अब नई प्राधिकरण तय करेगी अल्पसंख्यक शिक्षा का सिलेबस

उत्तराखंड सरकार जुलाई 2026 से मदरसा बोर्ड खत्म करने जा रही है। नई व्यवस्था में उत्तराखंड राज्य अल्पसंख्यक शिक्षा प्राधिकरण का गठन कर दिया गया है।

वेब दुनिया 4 Feb 2026 11:55 am

बिहारशरीफ में लड़कियों की शिक्षा को मिलेगी नई उड़ान:आधुनिक सुविधाओं से लैस छात्रावास का होगा निर्माण, केंद्रीय बजट से मिलेगी मजबूती

नालंदा जिले की छात्राओं के लिए नए अवसरों के द्वार खुलने जा रहे हैं। केंद्रीय बजट में प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास खोलने के निर्णय के साथ ही बिहार सरकार ने भी वंचित वर्ग की छात्राओं के लिए विशेष हॉस्टल निर्माण की योजना को मंजूरी दे दी है। सावित्रीबाई फुले छात्रावास जिला मुख्यालय बिहारशरीफ में अनुसूचित जाति और अनुसूचित जनजाति वर्ग की छात्राओं के लिए पांच करोड़ रुपए की लागत से 100 छात्राओं की क्षमता वाले सावित्रीबाई फुले बालिका छात्रावास का निर्माण कराया जाएगा। इस महत्वाकांक्षी परियोजना के लिए शहर के करगिल चौक के निकट एक एकड़ भूमि की पहचान कर ली गई है। जिला कल्याण पदाधिकारी योगेंद्र कुमार सिंह ने बताया कि कैबिनेट से छात्रावास निर्माण की स्वीकृति मिल चुकी है। बिहारशरीफ सर्कल ऑफिसर की ओर से भूमि का अनापत्ति प्रमाण पत्र विभाग को उपलब्ध करा दिया गया है। अब टेंडर प्रक्रिया पूरी होने के बाद तीन मंजिला भवन का निर्माण कार्य शुरू किया जाएगा। आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा छात्रावास छात्रावास में छात्राओं को सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी। खेलकूद के लिए खेल मैदान, सुसज्जित पुस्तकालय और आधुनिक अध्ययन कक्षों की व्यवस्था की जाएगी। निशुल्क आवास सुविधा के साथ-साथ अनाज और अनुदान राशि भी प्रदान की जाएगी। सुरक्षा के मद्देनजर छात्रावास में पुख्ता व्यवस्था रहेगी। गेट पर ही आगंतुकों का पूरा ब्योरा दर्ज किया जाएगा। जिले का पहला बालिका छात्रावास नालंदा जिले में अभी तक छात्राओं के लिए एक भी छात्रावास नहीं था। यह जिले का पहला बालिका छात्रावास होगा, जो वंचित वर्ग की बेटियों के लिए उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी का मार्ग प्रशस्त करेगा। हालांकि, राजगीर में डॉ. भीमराव आंबेडकर आवासीय विद्यालय में अनुसूचित जाति और जनजाति की 600 छात्राएं पहली से बारहवीं कक्षा तक की पढ़ाई कर रही हैं, लेकिन उच्च शिक्षा और प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए अब तक कोई छात्रावास सुविधा नहीं थी। केंद्रीय बजट से मिलेगी और मजबूती केंद्रीय बजट में बिहार के प्रत्येक जिले में एक बालिका छात्रावास खोलने के निर्णय से इस दिशा में और गति आएगी। इस छात्रावास की खास बात यह होगी कि इसमें सभी समाज और वर्ग की बालिकाएं एक साथ रहकर नीट, इंजीनियरिंग और अन्य प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर सकेंगी। इसके लिए भूमि चिह्नित करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। शिक्षा में समानता की दिशा में महत्वपूर्ण कदम जिला कल्याण पदाधिकारी योगेंद्र कुमार सिंह ने इसे बेहद सराहनीय कदम बताते हुए कहा कि दोनों छात्रावासों के निर्माण से न केवल वंचित वर्ग की छात्राओं को लाभ मिलेगा, बल्कि जिले की सभी वर्गों की बालिकाएं उच्च शिक्षा और बेहतर भविष्य की ओर अग्रसर हो सकेंगी।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 7:25 am

शिक्षा सचिव का निर्देश... बोर्ड परीक्षा में एक भी बच्चा फेल न हो, इनोवेटिव एप्रोच पर जोर दें

स्कूली शिक्षा एवं साक्षरता सचिव उमाशंकर सिंह ने मंगलवार को सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में बोर्ड परीक्षाओं की तैयारियों की गहन समीक्षा की। उन्होंने स्पष्ट निर्देश दिया बोर्ड परीक्षाओं में एक भी बच्चा फेल न हो, इसके लिए स्कूलों में इनोवेटिव एप्रोच अपनाते हुए छात्रों को परीक्षा की तैयारी कराएं। इससे छात्र-छात्राएं पूर्ण आत्मविश्वास के साथ परीक्षा में शामिल होंगे। जिसका बेहतर और सकारात्मक परिणाम उनके रिजल्ट में भी साफ तौर पर देखने को मिलेगा। उन्होंने सभी सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस में निरंतर और प्रभावी रेमेडियल कक्षाएं संचालित करने का भी निर्देश दिया।जिन विद्यालयों का परीक्षा परिणाम शत-प्रतिशत रहेगा, उनके प्रधानाचार्यों एवं शिक्षकों को राज्यस्तरीय कार्यक्रम में सम्मानित किया जाएगा। इस दौरान राज्य में संचालित सभी पीएमश्री विद्यालयों में बजटीय गतिविधियों के क्रियान्वयन की समीक्षा की गई। जिसमें लापरवाही पर खूंटी जिले के जिला शिक्षा पदाधिकारी (डीईओ) एवं सहायक जिला कार्यक्रम पदाधिकारी (एडीपीओ) को शो-कॉज जारी करने का निर्देश दिया गया। राज्य के 363 पीएमश्री स्कूलों का निरीक्षण करेगी टीम सचिव उमाशंकर सिंह ने निर्देश देते हुए कहा कि 17 फरवरी से पूर्व सीएम स्कूल ऑफ एक्सीलेंस का कोई भी शिक्षक गैर-शैक्षणिक कार्यों में संलग्न नहीं होगा। उन्होंने सभी जिलों के जिला शिक्षा पदाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे राज्य के 363 पीएमश्री विद्यालयों की संतृप्ति हेतु निर्धारित 21 संकेतकों का अनिवार्य रूप से स्थलीय निरीक्षण करें। उन्होंने यह भी कहा कि एक सप्ताह के भीतर राज्यस्तरीय टीम पीएमश्री विद्यालयों का भ्रमण करेगी। फरवरी के अंतिम सप्ताह अथवा मार्च में केंद्रीय टीम द्वारा पीएमश्री विद्यालयों का निरीक्षण प्रस्तावित है।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 4:00 am

बिना बजट के शिक्षा विभाग:10 जिलों में हाई स्कूल शिक्षकों को 6 माह से वेतन नहीं, 161 शिक्षकों-कर्मचारियों के वेतन के 6.18 करोड़ रुपए बकाया

झारखंड का शिक्षा विभाग गंभीर वित्तीय संकट से गुजर रहा है। विभाग के पास शिक्षकों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं। 10 जिलों के 68 उत्क्रमित (अपग्रेडेड) हाई स्कूलों के 161 शिक्षकों और कर्मचारियों को पिछले छह महीने से वेतन नहीं मिला है। इनके 6.18 करोड़ रुपए बकाया वेतन का भुगतान कब तक होगा, अधिकारी स्पष्ट रूप से यह भी नहीं बता पा रहे हैं। फंड की कमी का असर सिर्फ वेतन पर ही नहीं पड़ा रहा है। पैसों की कमी के कारण बच्चों की पोशाक योजना और स्कूल किट योजना भी प्रभावित हुई है। सत्र बीतने वाला है, लेकिन बच्चों को ड्रेस नहीं मिली है। कई स्कूलों में तो हैंड वॉश और सफाई जैसी सुविधाएं भी नहीं मिल रही हैं। 2016-17 में अपग्रेड हुए थे 189 स्कूल वित्तीय वर्ष 2016-17 में राज्य सरकार ने ग्रामीण और दूरदराज के क्षेत्रों में माध्यमिक शिक्षा का दायरा बढ़ाने के लिए 189 स्कूलों को अपग्रेड किया था। इसके बाद 2022-23 में इन स्कूलों में पदों का सृजन कर शिक्षकों को पदस्थापित किया गया। लेकिन इनके वेतन भुगतान की स्थाई व्यवस्था नहीं की गई। वर्ष 2025-26 में योजना मद के लिए पर्याप्त आवंटन नहीं मिला और अनुपूरक बजट में भी राशि स्वीकृत नहीं हुई। इसी कारण वेतन का भुगतान अटक गया। ये योजनाएं भी बेपटरी... पोशाक योजना: प्राथमिक और मध्य विद्यालयों के बच्चों के लिए पोशाक योजना चल रही है। लेकिन चालू वितीय वर्ष में कई जिलों को इसकी राशि नहीं मिली। नतीजा यह है कि हजारों बच्चों को बिना ​ड्रेस या पुरानी ड्रेस में स्कूल आना पड़ता है। या फिर अभिभावकों को अपनी जेब से ड्रेस पर खर्च करना पड़ता है। शिक्षकों का कहना है कि इससे बच्चों की उपस्थिति और आत्मविश्वास, दोनों प्रभावित हो रहे हैं। स्कूल किट: सरकारी स्कूलों के बच्चों के लिए लागू स्कूल किट योजना भी अधूरी है। योजना के तहत बच्चों को कॉपी, पेन, पेंसिल समेत अन्य शैक्षणिक सामग्री दी जानी थी। लेकिन बच्चों को अब तक यह किट नहीं मिली। इसके बिना पढ़ाई कराना शिक्षकों के लिए चुनौती बन गया है। इससे बच्चों की सीखने की प्रक्रिया बाधित हो रही है। विकास अनुदान: विद्यालयों के रोजमर्रा संचालन के लिए मिलने वाला अनुदान भी लंबे समय से नहीं मिला है। इसी राशि से हैंडवॉश, साबुन, साफ-सफाई, पेयजल और छोटे रखरखाव के कार्य होते हैं। इस मद में अनुदान नहीं मिलने से स्कूलों में स्वच्छता व्यवस्था चरमरा गई है। इससे स्कूली बच्चों के बीमार पड़ने का खतरा बढ़ गया है।

दैनिक भास्कर 4 Feb 2026 4:00 am

लखनऊ में 'पठन संस्कृति उत्सव':शिक्षा विभाग और नेशनल बुक ट्रस्ट ने किया आयोजन

लखनऊ के राजकीय जुबिली इंटर कॉलेज में सोमवार को 'पठन संस्कृति उत्सव' का आयोजन किया गया। इस उत्सव ने विद्यालय परिसर को शिक्षा, साहित्य और कला के केंद्र में बदल दिया। यह आयोजन उत्तर प्रदेश माध्यमिक शिक्षा विभाग और नेशनल बुक ट्रस्ट, नई दिल्ली के सहयोग से संपन्न हुआ। कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और शिक्षकों में पठन, चिंतन तथा रचनात्मकता की संस्कृति को बढ़ावा देना था। अपर मुख्य सचिव, माध्यमिक एवं बेसिक शिक्षा, पार्थ सारथी सेन शर्मा के मार्गदर्शन में यह उत्सव आयोजित हुआ। उन्होंने पठन संस्कृति को शिक्षा की आत्मा बताते हुए इसे केवल एक औपचारिक आयोजन के बजाय विचार और संवाद के उत्सव के रूप में प्रस्तुत किया। पठन संस्कृति एक सतत प्रक्रिया है पार्थ सारथी सेन शर्मा ने दीप प्रज्ज्वलन कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उनका तथा उपस्थित रचनाकारों, लेखकों और साहित्यकारों का सम्मान किया गया। पुस्तकालय प्रकोष्ठ की विशेष कार्याधिकारी सांत्वना तिवारी ने कहा कि पठन संस्कृति एक सतत प्रक्रिया है, जिसे विद्यालय, शिक्षक और पुस्तकालय मिलकर ही सकारात्मक रूप दे सकते हैं। संयुक्त शिक्षा निदेशक प्रदीप कुमार सिंह ने बताया कि पुस्तकें विद्यार्थियों को कक्षा की सीमाओं से परे व्यापक ज्ञान से जोड़ती हैं। उप शिक्षा निदेशक रेखा दिवाकर ने पठन को व्यक्तित्व विकास की आधारशिला बताया। जिला विद्यालय निरीक्षक राकेश कुमार ने इस बात पर जोर दिया कि विद्यालय को पुस्तक, कला और संवाद का केंद्र बनना चाहिए। विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया उत्सव के प्रथम सत्र में पार्थ सारथी सेन शर्मा ने पठन संस्कृति और वर्तमान शिक्षा सुधारों पर अपने विचार साझा किए।द्वितीय सत्र में राष्ट्रीय कला उत्सव और स्कूल बैंड प्रतियोगिता के विजेता विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। इस दौरान वायलिन वादन, कथक और लोकनृत्य की मनमोहक प्रस्तुतियां हुईं। कथावाचक हिमांशु बाजपेई और वैष्णवी की प्रस्तुतियों ने कार्यक्रम में भावनात्मक गहराई जोड़ी। मीडिया कोऑर्डिनेटर दिनेश कुमार ने बताया कि यह उत्सव इस संदेश के साथ संपन्न हुआ कि पुस्तकें समाज की चेतना और विवेक का आधार हैं।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 11:52 pm

किसान यूनियन का धरना, शिक्षा व्यवस्था पर उठाए सवाल:एक देश-एक शिक्षा प्रणाली की मांग, धार के राजगढ़ में राष्ट्रपति के नाम सौंपा ज्ञापन

धार जिले के राजगढ़ में भारतीय किसान यूनियन ने मंगलवार को एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। किसान मजदूर जागरूकता अभियान के तहत बस स्टैंड पर आयोजित इस धरने के बाद नायब तहसीलदार के.एस. वास्केल को राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। धरने में क्षेत्र के कई किसान और यूनियन के पदाधिकारी मौजूद रहे। ज्ञापन में देश में लागू तीन प्रकार की शिक्षा प्रणाली पर आपत्ति जताई गई। यूनियन ने कहा कि गरीबों के लिए हिंदी माध्यम, मध्यम वर्ग के लिए अंग्रेजी माध्यम और धनवान परिवारों के बच्चों के लिए सीबीएसई शिक्षा प्रणाली लागू है, जो भेदभावपूर्ण है। इसे स्वीकार नहीं किया जाएगा। ‘मजदूर किसानों के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा’भारतीय किसान यूनियन ने 'एक देश, एक किताब, एक समान शिक्षा प्रणाली' लागू करने की मांग की। उनका तर्क है कि वर्तमान शिक्षा नीतियों से गरीब मजदूर किसानों के बच्चों के साथ अन्याय हो रहा है। यदि सरकार यह लागू नहीं कर सकती, तो सभी नेताओं और सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों के परिवारों के लिए सरकारी शिक्षा और सरकारी अस्पतालों में इलाज अनिवार्य किया जाए। ज्ञापन में किसान व मजदूरों के हित में कई अन्य मांगें भी शामिल थीं। भारतीय किसान यूनियन के जिलाध्यक्ष राकेश सोलंकी ने बताया कि यह 'किसान मजदूर जागरूकता अभियान' धार जिले की पांच तहसीलों में चलाया जा रहा है। इसके तहत शिक्षा, स्वास्थ्य और किसान हित के मुद्दों को लेकर धरना प्रदर्शन कर ज्ञापन सौंपे जाएंगे। उन्होंने जोर देकर कहा कि देश में सभी वर्गों को एक समान शिक्षा मिलनी चाहिए और तीन प्रकार की शिक्षा अब बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस दौरान यूनियन के पदाधिकारी और अन्य सदस्य उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 7:37 pm

वृंदावन आश्रम में युवक ने फंदे से लटककर जान दी:भागवत की शिक्षा ग्रहण कर रहा था, व्हाट्सएप स्टेटस लगाने के बाद फोन बंद कर लिया

मथुरा के वृंदावन स्थित एक आश्रम में एक युवक ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। युवक का शव उसके कमरे में फंदे से लटका मिला। यह घटना उसके व्हाट्सएप स्टेटस अपडेट करने के बाद सामने आई। मृतक की पहचान उत्तर प्रदेश के भदोही जिले के रहने वाले सागर पांडे के रूप में हुई है। वह पिछले 7-8 महीनों से सियाराम दास महाराज के आश्रम में रहकर भागवत की शिक्षा ग्रहण कर रहा था। पुलिस के अनुसार, घटना की शुरुआत सागर द्वारा लगाए गए एक व्हाट्सएप स्टेटस से हुई। स्टेटस अपडेट करने के कुछ समय बाद उसने अपना मोबाइल फोन बंद कर दिया था। सागर का फोन बंद होने पर उसकी मां चिंतित हो गईं। उन्होंने सागर के एक मित्र को फोन कर स्थिति की जानकारी लेने को कहा। मित्र ने तुरंत आश्रम में संपर्क किया और सागर के कमरे तक पहुंचा। कमरे का दरवाजा अंदर से बंद होने पर खिड़की से झांककर देखा गया, जहां सागर का शव फंदे से लटका हुआ मिला। घटना की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही वृंदावन कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। वृंदावन कोतवाल संजय कुमार पांडे ने बताया कि प्रारंभिक जांच में घटना का कारण पारिवारिक विवाद प्रतीत हो रहा है। पुलिस मृतक के मोबाइल फोन की जांच कर रही है ताकि आत्महत्या के पीछे की वास्तविक वजह का पता चल सके।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 6:09 pm

आमेट: मुख्य ब्लॉक शिक्षा अधिकारी ने बार एसोसिएशन पदाधिकारियों का किया स्वागत

सीबीईओ श्री नारायण सिंह राव और बार एसोसिएशन के बीच शैक्षिक एवं विधिक सहयोग के लिए बैठक आयोजित, संस्मरण साझा कर भविष्य की योजनाओं पर हुई चर्चा।

प्रातःकाल 3 Feb 2026 4:41 pm

भीलवाड़ा: सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी राम सहाय सैनी का गंगापुर में सम्मान

शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त जिला शिक्षा अधिकारी राम सहाय सैनी को माली सैनी समाज द्वारा सम्मानित किया गया और उन्होंने समाज सेवा का संकल्प लिया।

प्रातःकाल 3 Feb 2026 12:59 pm

शिक्षा का अधिकार कानून:राज्य सरकार ने फिर से मांगे प्रस्ताव,निजी स्कूलों में आरटीई के प्रवेश में इस बार भी विलंब

प्रदेश के लगभग 36 हजार निजी स्कूलों में आरटीई के तहत 1 अप्रैल से निशुल्क विद्यार्थियों को प्रवेश में संशय की स्थिति बन रही है। राज्य सरकार इस बार नया शिक्षा सत्र 2026-27 एक अप्रैल से शुरू करने जा रही है। जिसके तहत शिक्षा का अधिकार कानून के तहत निजी स्कूलों में 25 फीसदी निशुल्क सीटों पर होने वाले प्रवेश के लिए भी इस बार ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया 10 जनवरी से शुरू होनी थी। फरवरी माह शुरू हो गया है मगर राज्य सरकार ने अभी तक निशुल्क प्रवेश का टाइम फ्रेम घोषित नहीं किया है। छात्र-छात्राएं पिछले एक माह से ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया शुरू होने का इंतजार कर रहे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय में दिसंबर माह में राज्य सरकार को निशुल्क प्रवेश के प्रस्ताव भिजवाए थे। लेकिन राज्य सरकार ने उन प्रस्तावों पर मंजूरी नहीं देते हुए शिक्षा विभाग से दोबारा प्रस्ताव मांगे हैं। प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय ने दोबारा प्रस्ताव बना कर भेज दिए हैं। अब राज्य सरकार से हरी झंडी का इंतजार है। राज्य सरकार की मंजूरी के बाद प्रारंभिक शिक्षा निदेशालय की ओर से आरटीई टाइम फ्रेम घोषित किया जाएगा। उसी के मुताबिक ऑनलाइन आवेदन और लॉटरी की तिथि निर्धारित की जाएगी। पिछले साल 9 अप्रैल को निकली लॉटरी पिछले साल 9 अप्रैल को ऑनलाइन लॉटरी के जरिए निजी स्कूलों में निशुल्क प्रवेश के लिए आवेदन करने वाले विद्यार्थियों का वरीयता क्रम निर्धारण किया गया। आरटीई के तहत सशुल्क बालकों के प्रवेश के आधार पर वरीयता में चयनित निशुल्क प्रवेश के अंतिम चरण का आवंटन 31 अगस्त को किया गया। जिसमें सामने आया कि 308064 अभ्यर्थियों में से 237407 को प्रदेश के 31720 स्कूलों में निशुल्क प्रवेश मिला है। “इस बार प्रवेश प्रक्रिया जनवरी के पहले या दूसरे सप्ताह से शुरू होने की जानकारी सामने आई थी। लेकिन एक महीना बीत जाने के बाद भी प्रक्रिया शुरू नहीं होने से पूरी व्यवस्था प्रभावित होगी और प्रवेश में भी विलंब होगा। -गिरिराज खैरीवाल, प्रदेश समन्वयक, प्राइवेट एजुकेशनल इंस्टीट्यूट्स प्रोसपैरिटी एलायंस “आरटीई के तहत निशुल्क प्रवेश को लेकर राज्य सरकार की मंजूरी के बाद आरटीई टाइम फ्रेम घोषित किया जाएगा। इस संबंध में तैयारियां चल रही है।-चंद्र किरण पंवार, आरटीई प्रभारी, प्रारंभिक शिक्षा

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 5:59 am

धर्म सम्मेलन में गुरु महाराज की शिक्षाएं याद कीं

भास्कर न्यूज | जालंधर धर्म सम्मेलन आयोजन समिति की ओर से गुरु गोबिंद सिंह एवेन्यू में विशाल धर्म सम्मेलन का आयोजन श्रद्धापूर्वक किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के अवसर पर उनकी शिक्षाओं को स्मरण करते हुए की गई। गुरु तेग बहादर जी के 350वें बलिदान दिवस को समर्पित इस आयोजन में मुख्य वक्ता पद्मश्री डॉ. हरमोहिंदर सिंह बेदी ने संबोधित किया। उन्होंने गुरु तेग बहादर जी के जीवन प्रसंगों पर प्रकाश डालते हुए बताया कि किस प्रकार गुरु जी ने अपने 22 हुक्मनामों के माध्यम से आत्मनिर्भर भारत की भावना को प्रोत्साहित किया। उन्होंने कहा कि गुरु जी का बलिदान भारत की सभ्यता और संस्कृति की रक्षा के लिए था। अन्याय के विरुद्ध अहिंसक रहते हुए भी धर्म पर अडिग रहना गुरु जी की महान शिक्षाओं में से एक है। कार्यक्रम की अध्यक्षता करते हुए बंसी दास महाराज ने कहा कि सशक्त और समर्थ समाज के निर्माण के लिए ऐसे धर्म सम्मेलनों का आयोजन आवश्यक है। उन्होंने देश की एकता और अखंडता पर बल देते हुए कहा कि जातिगत विभाजन के कारण ही देश को विभाजन का दर्द सहना पड़ा। अक्षरधाम मंदिर युवा मंडल की ओर से प्रस्तुत लघु नाटिका ‘फ्रीडम का मोह’ में दो पीढ़ियों के बीच सोच के अंतर को दर्शाते हुए संयुक्त परिवार की स्वीकार्यता और आवश्यकता पर जोर दिया गया। मुख्य अतिथि स्वामी जय तीर्थ ने उदाहरणों के माध्यम से बताया कि परिवार के सभी सदस्यों का एक साथ रहना परिवार को सुखी और समृद्ध बनाता है। संघ की 100 वर्ष की यात्रा का संक्षिप्त वर्णन करते हुए प्रचारक चंद्रकांत ने कहा कि अनेक कठिनाइयों के बावजूद संघ के स्वयंसेवक समाज के हर क्षेत्र में कार्य करने के लिए सदैव तत्पर रहे हैं। उन्होंने आह्वान किया कि समाज और भारत माता के प्रति समर्पित होकर देश को परम वैभव तक पहुंचाने के लिए सभी को सक्रिय भूमिका निभानी चाहिए। विभाग प्रचारक नवदीप ने भी अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम में पंच परिवर्तन- ‘परिवार प्रबोधन, सामाजिक समरसता, स्वदेशी, पर्यावरण संरक्षण और नागरिक कर्तव्य’ विषयों को जनमानस के समक्ष रखा गया। प्रसिद्ध भजन गायक केवल खन्ना ने संकीर्तन के माध्यम से संगत को निहाल किया तथा गुरु तेग बहादर जी को समर्पित शबद गायन किया। इस अवसर पर श्रीराम मंदिर प्रबंधक कमेटी, श्री अयप्पा मंदिर, अक्षरधाम मंदिर, दुर्गा मंदिर सहित विभिन्न धार्मिक संस्थाओं और क्षेत्र की सोसाइटियों के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। आयोजन समिति की ओर से सभी प्रबंधक कमेटियों को सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 5:42 am

गुरु जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज की तरक्की में योगदान का संकल्प लिया

भास्कर न्यूज | जालंधर श्री गुरु रविदास जी के प्रकाश पर्व के मौके पर सिविल सर्जन कार्यालय में धार्मिक कार्यक्रम करवाया गया। इस मौके सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग के नेतृत्व में सभी अधिकारियों और कर्मचारियों ने गुरु रविदास जी की तस्वीर के आगे माथा टेका और उन्हें नमन किया। कार्यक्रम में जिला परिवार कल्याण अधिकारी डॉ. रमन गुप्ता, जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. राकेश चोपड़ा, सहायक स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. मीरा, जिला डेंटल स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. बलजीत कौर रूबी, अधीक्षक योगराज, अधीक्षक गुरपिंदर कौर और कार्यालय के अन्य स्टाफ ने हिस्सा लिया। सभी ने गुरु रविदास जी की शिक्षाओं से प्रेरणा लेकर समाज की तरक्की में सहयोग देने का संकल्प लिया। इस मौके सिविल सर्जन डॉ. राजेश गर्ग ने सभी को प्रकाश पर्व की बधाई दी और स्वस्थ समाज की कामना की। उन्होंने स्टाफ को संबोधित करते हुए कहा कि गुरु रविदास जी ने हमें जात-पात और ऊंच-नीच के भेदभाव से ऊपर उठकर मिल-जुलकर रहने का संदेश दिया है। हमें एक-दूसरे का सम्मान करना चाहिए। हमें बच्चों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित करना चाहिए और उन्हें अच्छी शिक्षा देनी चाहिए, ताकि वे बड़े होकर देश की तरक्की में अपना कीमती योगदान दे सकें।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 5:41 am

गुरुद्वारा छठी पातशाही बस्ती शेख में कवि दरबार करवाया, संगत को गुरु महाराज की शिक्षाओं से जोड़ा

जालंधर | गुरुद्वारा छठी पातशाही बस्ती शेख में गुरु रविदास महाराज के प्रकाश पर्व को समर्पित विशेष दीवान सजाए गए। गुरु रविदास जी के जीवन को समर्पित पंजाबी लेखक सभा द्वारा कवि दरबार का आयोजन भी किया। कवि दरबार में मास्टर महिंदर सिंह अनेजा, कुलविंदर सिंह गाखल, उर्मिलजीत सिंह वालिया, बीबी कुलजीत कौर, गुरदीप सिंह उजाला, हरजिंदर सिंह जिंदी, सतपाल सिंह अलग, नगीना सिंह तथा सारंगी वादक सोहन सिंह ने अपनी रचनाओं के माध्यम से संगत को निहाल किया। इसके उपरांत चल रही सहज पाठों की शृंखला के तहत महिंदर सिंह धालीवाल और अजीत सिंह के परिवारों द्वारा सहज पाठों के भोग संपन्न करवाए। गुरु घर द्वारा दोनों परिवारों को सम्मानित किया गया। मासिक पूर्णिमा को समर्पित दोपहर तक दीवान सजाए गए, जिसमें कथा विचारों के माध्यम से गुरु जी के संघर्षपूर्ण जीवन से संगतों को अवगत करवाया। बीबी रजिंदर कौर और भाई मनसंजम सिंह के जत्थे ने कीर्तन द्वारा संगत को निहाल किया। स्टेज की सेवा जनरल सेक्रेटरी गुरमीत सिंह ने निभाई। इस अवसर पर वरिष्ठ उपाध्यक्ष कुलवंतबीर सिंह कालड़ा, अमरीक सिंह, सेक्रेटरी इंदरपाल सिंह, जगजीत सिंह खजांची, चरणजीत सिंह लुबाणा, सुरिंदर सिंह सियाल, हरबंस सिंह, गुरजीत सिंह पोपली, गुरदीप सिंह बवेजा, बिशन सिंह, जसबीर सिंह सेठी मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 5:40 am

शहर-जिले में विस्तार, शिक्षा-चिकित्सा पर जोर

पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी की वार्षिक योजना बैठक प्रधान कार्यालय, पिछोली में हुई। अध्यक्षता समाज अध्यक्ष यशवंत पालीवाल ने की। महामंत्री सुरेंद्र पालीवाल ने बताया कि इसमें वर्षभर के कार्यक्रम तय कर उन्हें अंतिम रूप दिया गया। बैठक में उदयपुर शहर को छह खंडों- पुराना शहर, हिरण मगरी, सुंदरवास, कालका माता रोड, शोभागपुरा मीरा नगर और बड़गांव बेदला में विभाजित किया गया। इसमें जिले के बाहर रहने वाले समाज बंधुओं को जोड़ने का भी निर्णय लिया गया। चिकित्सा क्षेत्र में हर माह दो निशुल्क परामर्श एवं जांच शिविर आयोजित होंगे। शिक्षा क्षेत्र में कोचिंग सेंटर प्रारंभ करने, संस्कारयुक्त शिक्षा पर संगोष्ठियां और परीक्षा अवधि में निशुल्क कोचिंग की योजना बनाई गई। वर्षभर के सामाजिक आयोजन के तहत मार्च में होली मिलन और नव संवत्सर स्वागत, अप्रैल में परशुराम जयंती, सितंबर में झल झूलनी एकादशी पर रामरेवाड़ी कार्यक्रम, अक्टूबर में नवरात्रि गरबा और कन्या पूजन, नवंबर में दीपावली स्नेह सम्मेलन तथा दिसंबर में संभाग स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी। इसमें समाज पत्रिका शुरू करने, सदस्यता और विज्ञापन संबंधी निर्णय लिए गए। रियायती दर पर भूमि लेकर छात्रावास, कौशल विकास केंद्र, वरिष्ठ नागरिक, महिला और बाल केंद्र स्थापित करने की योजना को अंतिम रूप दिया गया। प्रचार प्रमुख महेश जोशी ने बताया कि बैठक में निशुल्क चिकित्सा शिविर के बैनर-पोस्टर का विमोचन हुआ। इस मौके पर समाज कार्यकारिणी और संरक्षक मंडल के सदस्य उपस्थित रहे। बैठक में निशुल्क चिकित्सा शिविर के बैनर-पोस्टर का विमोचन करते पदाधिकारी व सदस्य।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 4:00 am

पालीवाल ब्राह्मण समाज की वार्षिक योजना बैठक संपन्न, शहर और जिले में विस्तार, शिक्षा-चिकित्सा पर फोकस

उदयपुर | पालीवाल ब्राह्मण समाज 44 श्रेणी की वार्षिक योजना बैठक प्रधान कार्यालय, पिछोली में हुई। अध्यक्षता समाज अध्यक्ष यशवंत पालीवाल ने की। महामंत्री सुरेंद्र पालीवाल ने बताया कि इसमें वर्षभर के कार्यक्रम तय कर उन्हें अंतिम रूप दिया गया। बैठक में उदयपुर शहर को छह खंडों- पुराना शहर, हिरण मगरी, सुंदरवास, कालका माता रोड, शोभागपुरा मीरा नगर और बड़गांव बेदला में विभाजित किया गया। इसमें जिले के बाहर रहने वाले समाज बंधुओं को जोड़ने का भी निर्णय लिया गया। शिक्षा क्षेत्र में कोचिंग सेंटर प्रारंभ करने, संस्कारयुक्त शिक्षा पर संगोष्ठियां और परीक्षा अवधि में निशुल्क कोचिंग की योजना बनाई गई। वर्षभर के सामाजिक आयोजन के तहत मार्च में होली मिलन और नव संवत्सर स्वागत, अप्रैल में परशुराम जयंती, सितंबर में झल झूलनी एकादशी पर रामरेवाड़ी कार्यक्रम, अक्टूबर में नवरात्रि गरबा और कन्या पूजन, नवंबर में दीपावली स्नेह सम्मेलन तथा दिसंबर में संभाग स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिताएं आयोजित होंगी।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 4:00 am

आदेश की पालना करें, अन्यथा माध्यमिक शिक्षा निदेशक आगामी सुनवाई पर हाजिर हों

जयपुर | हाईकोर्ट ने रिटायर स्कूल प्रिंसिपल के मामले में आदेश की पालना नहीं करने पर नाराजगी जताई है। वहीं आगामी सुनवाई तक आदेश की पालना नहीं होने पर माध्यमिक शिक्षा निदेशक को अदालत में हाजिर होने के लिए कहा है। अदालत ने कहा है कि वे बताएं कि उन्होंने आदेश की पालना क्यों नहीं की। अदालत ने यह निर्देश महेन्द्र तिवाड़ी की अवमानना याचिका पर दिया। मामले से जुड़े अधिवक्ता विजय पाठक ने बताया कि प्रार्थी जयपुर जिले के राजकीय सीनियर सेकंडरी स्कूल, राम नगर कोटखावदा से प्रिंसिपल पद से सितंबर 2022 में रिटायर हुआ था। इससे पहले शैक्षणिक सत्र 2018-19 का परीक्षा परिणाम तय मापदंड से कम होने पर उसे 2021 में नोटिस दिया।

दैनिक भास्कर 3 Feb 2026 4:00 am

गुलाबगंज में रविदास जयंती पर मंत्री अहिरवार शामिल:शिक्षा, नशामुक्ति और सामाजिक एकजुटता का दिया संदेश

विदिशा जिले के गुलाबगंज में संत शिरोमणि रविदास जी की जयंती पर एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश के वन एवं पर्यावरण राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बड़ी संख्या में समाज के लोगों ने भाग लिया और संत रविदास जी के विचारों को आत्मसात करने का संकल्प लिया। अपने संबोधन में मंत्री अहिरवार ने संत रविदास के जीवन, विचारों और समाज सुधार के संदेशों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जल संकट से संबंधित एक प्रेरक प्रसंग सुनाया, जिसमें संतों के मार्गदर्शन से पत्थर हटाने पर जलधारा फूट पड़ी थी। मंत्री ने इस कथा के माध्यम से बताया कि सही दिशा, मार्गदर्शन और सामूहिक प्रयासों से बड़ी समस्याओं का समाधान संभव है। मंत्री ने प्रधानमंत्री के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि संत रविदास जयंती पर जालंधर में आयोजित कार्यक्रम में भी संत को सम्मानित किया गया और समाज के हित में महत्वपूर्ण घोषणाएं की गईं। उन्होंने जोर दिया कि सरकार समाज के हर वर्ग के उत्थान, सम्मान और विकास के लिए लगातार काम कर रही है। मंत्री बोले- नशामुक्त समाज की आवश्यकताअहिरवार ने संविधान निर्माता डॉ. भीमराव अंबेडकर के योगदान को भी याद किया। उन्होंने कहा कि डॉ. अंबेडकर ने समाज के अंतिम व्यक्ति तक अधिकार पहुंचाने का कार्य किया और आजादी के बाद उन्हें भारत रत्न से सम्मानित किया जाना उनके महान योगदान का प्रतीक है। मंत्री ने शिक्षा को सामाजिक सम्मान और आत्मगौरव का सबसे बड़ा माध्यम बताया, इसलिए बच्चों, विशेषकर बालिकाओं की शिक्षा, कोचिंग और मार्गदर्शन पर विशेष ध्यान देने की आवश्यकता पर बल दिया। राज्य मंत्री ने नशामुक्त समाज की आवश्यकता पर भी जोर दिया। उन्होंने कहा कि सरकार इस दिशा में लगातार प्रयास कर रही है, लेकिन समाज की भागीदारी के बिना यह लक्ष्य हासिल नहीं किया जा सकता। उन्होंने राज्य सरकार द्वारा बालिकाओं के लिए चलाई जा रही विभिन्न योजनाओं और सुविधाओं की भी जानकारी दी। कार्यक्रम के अंत में सामाजिक, शैक्षणिक और जनहित के क्षेत्र में उत्कृष्ट योगदान देने वाले व्यक्तियों को मेडल और प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया।

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 8:11 pm

68 हजार प्राइवेट स्कूलों में मुफ्त एडमिशन! 6 लाख बच्चों को मिलने जा रही है मुफ्त शिक्षा, यहाँ है आवेदन की सीधी लिंक

उत्तर प्रदेश में RTE Act 2009 के तहत निजी स्कूलों की 25% आरक्षित सीटों पर निशुल्क प्रवेश प्रक्रिया 2 फरवरी 2026 से शुरू हो गई है। लगभग 6 लाख सीटों पर होने वाले इस दाखिले के लिए गरीब और वंचित वर्ग के अभिभावक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। जानिए तीन चरणों वाली आवेदन प्रक्रिया, पात्रता नियम और आवश्यक दस्तावेजों की पूरी जानकारी इस विस्तृत रिपोर्ट में, जो आपके बच्चे के भविष्य को बदल सकती है।

प्रातःकाल 2 Feb 2026 7:13 pm

बक्सर के पूर्व विधायक ने बजट को बताया बिहार-विरोधी:शिक्षा-नौकरी पर चुप्पी, किसानों को राहत नहीं, युवाओं-उद्योगों में गहरी निराशा

बक्सर विधानसभा के पूर्व विधायक संजय तिवारी उर्फ मुन्ना तिवारी ने केंद्र सरकार द्वारा प्रस्तुत बजट को बिहार विरोधी और जनविरोधी बताया है। उन्होंने कहा कि इस बजट से आम जनता को निराशा हाथ लगी है, क्योंकि यह न तो बक्सर की जरूरतों को समझता है और न ही बिहार की समस्याओं को। तिवारी ने आरोप लगाया कि बिहार की शिक्षा और रोजगार के साथ एक बार फिर गंभीर अन्याय हुआ है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि वर्षों से पटना विश्वविद्यालय को केंद्रीय विश्वविद्यालय का दर्जा देने की मांग लंबित है, जिसे बजट में नजरअंदाज कर दिया गया। यह दर्शाता है कि सरकार बिहार के छात्रों के प्रति गंभीर नहीं है। शिक्षा मजबूत होगी तो समाज मजबूत होगापूर्व विधायक ने अपने पुराने बयान को दोहराते हुए कहा कि “शिक्षा मजबूत होगी तभी समाज और प्रदेश मजबूत होगा।” उन्होंने चिंता व्यक्त की कि इस बजट में शिक्षा को पूरी तरह से नजरअंदाज किया गया है और उच्च शैक्षणिक संस्थाओं पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला गया है। किसानों के लिए इस बजट को पूरी तरह खोखला बताते हुए मुन्ना तिवारी ने कहा कि इसमें सिंचाई की स्थायी व्यवस्था, फसलों के वाजिब दाम की गारंटी और खाद, बीज व डीजल के बढ़ते खर्च से राहत देने का कोई ठोस प्रावधान नहीं है। बक्सर सहित पूरे बिहार के किसान खुद को ठगा हुआ महसूस कर रहे हैं। बजट में नौकरी देने की योजना नहींयुवाओं के संबंध में, तिवारी ने कहा कि बजट में केवल भाषण और घोषणाएं हैं, जबकि जमीन पर नौकरी देने की कोई ठोस योजना नहीं है। उन्होंने बेरोजगारी के रिकॉर्ड स्तर पर होने के बावजूद सरकार को युवाओं के भविष्य के प्रति असंवेदनशील बताया और कहा कि यह बजट युवाओं के सपनों पर चोट करने वाला है। पूर्व विधायक ने यह भी कहा कि यह बजट आम आदमी का नहीं, बल्कि कुछ चुनिंदा लोगों का है। उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी जनसंघर्ष की विचारधारा पर चलते हुए ऐसे जनविरोधी बजट का पुरजोर विरोध करती है और जनता की आवाज सड़क से लेकर सदन तक पूरी ताकत से उठाती रहेगी। मझोले उद्योग बर्बादी के कगार परसाथ ही उन्होंने कहा कि बजट पेश करने के दौरान निवेशकों के 8 लाख करोड़ रुपए डूब जाना ये स्पष्ट करता है कि केंद्रीय नेतृत्व पर आम निवेशकों को भरोसा नहीं है। सोने चांदी के थोक मूल्य में लगातार महंगाई और बजट से पूर्व बिकवाली ने भी लगन के वक्त आम लोगों को अतिरिक्त बोझ में डाला। देश को पूरी तरीके से इस सरकार ने अस्थिर कर दिया है और छोटे और मझोले उद्योग पूरी तरीके से बर्बादी के कगार पर है। कपड़ा सिलाई और निर्माण उद्योग को अतिरिक्त मदद की आवश्यकता को भी इस बजट में दरकिनार किया गया।

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 6:54 pm

केन्द्रीय बजट 2026: शिक्षा बजट में 8.27% की वृद्धि और रोजगार पर फोकस

बजट में 5 यूनिवर्सिटी टाउनशिप, 3 आयुर्वेद एम्स और 15 हजार स्कूलों में कंटेंट क्रिएटर लैब की स्थापना सहित शिक्षा क्षेत्र के लिए कई महत्वपूर्ण घोषणाएं की गई हैं।

प्रातःकाल 2 Feb 2026 6:35 pm

राजसमंद: निजी स्कूलों की समस्याओं और आरटीई भुगतान पर शिक्षा विभाग की बैठक

मुख्य जिला शिक्षा अधिकारी रामेश्वर लाल बाल्दी की अध्यक्षता में आरटीई बजट और लंबित समस्याओं के त्वरित निराकरण हेतु अधिकारियों एवं संगठन पदाधिकारियों के साथ चर्चा।

प्रातःकाल 2 Feb 2026 5:45 pm

गोहाना में मोहनलाल बड़ौली ने बताई बजट की उपलब्धियां:विपक्ष को दी नसीहत; बोले- बजट में शिक्षा-स्वास्थ्य और कृषि को प्राथमिकता

सोनीपत जिले के गोहाना में केंद्र सरकार द्वारा पेश किए गए आम बजट को भाजपा के प्रदेश अध्यक्ष मोहन लाल बड़ौली ने देश की आम जनता, किसानों, महिलाओं, युवाओं और मध्यम वर्ग के लिए राहत देने वाला बजट बताया है। गोहाना में मीडिया से बातचीत करते हुए बड़ौली ने कहा कि यह बजट “सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास” की भावना के अनुरूप है और इसमें समाज के किसी भी वर्ग की अनदेखी नहीं की गई है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट विकसित भारत के लक्ष्य को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है, जिसमें शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, सेना, उद्योग और बुनियादी ढांचे को प्राथमिकता दी गई है। विकसित भारत की दिशा में मजबूत कदम मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि यह बजट देश की अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में एक ठोस कदम है। उन्होंने दावा किया कि बजट में शिक्षा, कृषि, स्वास्थ्य, रक्षा और औद्योगिक क्षेत्र के लिए आवंटन बढ़ाया गया है, जिससे रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे और आम लोगों की जरूरतें पूरी होगी। रेल, तीर्थ और पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा प्रदेश अध्यक्ष ने बताया कि बजट में सात नए रेल कॉरिडोर शुरू करने का प्रावधान किया गया है। इन कॉरिडोरों के माध्यम से तेज गति की ट्रेनों द्वारा राजधानी को प्रमुख पर्यटन और धार्मिक स्थलों से जोड़ा जाएगा। इससे तीर्थ यात्रियों और पर्यटकों को सुगम यात्रा सुविधा मिलेगी और पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्वास्थ्य सेवाओं का विस्तार, आयुष्मान योजना मजबूत स्वास्थ्य क्षेत्र पर बोलते हुए बड़ौली ने कहा कि आयुष्मान भारत योजना का दायरा बढ़ाया गया है, ताकि अधिक से अधिक जरूरतमंद लोगों को मुफ्त इलाज की सुविधा मिल सके। साथ ही आयुर्वेद को बढ़ावा देने के लिए तीन नए आयुर्वेद कॉलेज खोलने का प्रावधान किया गया है, जिन्हें एम्स की तर्ज पर विकसित किया जाएगा। महिला सशक्तिकरण और शिक्षा पर विशेष जोर उन्होंने महिला सशक्तिकरण को लेकर कहा कि सरकार शिक्षा के क्षेत्र में महिलाओं को आगे बढ़ाने के लिए प्रत्येक जिले में महिला छात्रावास खोलने की योजना लेकर आई है। इससे दूर-दराज और ग्रामीण क्षेत्रों की छात्राओं को पढ़ाई में सुविधा मिलेगी और उनका आत्मविश्वास बढ़ेगा। किसानों के लिए आधुनिक खेती की योजना कृषि क्षेत्र को लेकर बडौली ने कहा कि सरकार सिंचाई व्यवस्था को मजबूत करने के लिए 500 आधुनिक तालाबों के निर्माण की योजना लाई है। इनमें वर्षा जल संग्रहण और पुनः उपयोग की व्यवस्था होगी। इससे गन्ना, नारियल और अन्य फसलों की उन्नत खेती करने वाले किसानों को सीधा लाभ मिलेगा। उद्योग, AI और रोजगार पर फोकस उन्होंने कहा कि बजट में औद्योगिक विकास और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) तकनीक के उपयोग को बढ़ावा दिया गया है। युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के लिए सोनीपत के IMT क्षेत्र को विकसित किया जाएगा। साथ ही हरियाणा के ऐतिहासिक स्थल राखीगढ़ी के विकास के लिए 500 करोड़ रुपये दिए जाने का भी उल्लेख किया। बुनियादी ढांचे के विकास को मिलेगी रफ्तार मोहन लाल बड़ौली ने कहा कि बजट में नई सड़कें, शैक्षणिक संस्थान और औद्योगिक परियोजनाएं हरियाणा से जोड़ी जाएगी। गुरुग्राम और फरीदाबाद के बाद सोनीपत को भी मेट्रो सिटी के रूप में विकसित करने की दिशा में काम किया जाएगा। हिसार में एयरपोर्ट शुरू होने के बाद अंबाला में भी जल्द एयरपोर्ट सुविधा मिलने की उम्मीद जताई गई है। टैक्स स्लैब और विपक्ष पर जवाब टैक्स स्लैब में बड़ी छूट न मिलने के सवाल पर बड़ौली ने कहा कि सरकार पहले ही जीएसटी सुधारों के माध्यम से आम जनता को राहत दे चुकी है। उन्होंने विपक्ष की आलोचना पर पलटवार करते हुए कहा कि विपक्ष के पास बजट के खिलाफ ठोस मुद्दे नहीं हैं, इसलिए वे केवल नकारात्मक बयानबाजी कर रहे हैं। प्रदेश अध्यक्ष ने विश्वास जताया कि आने वाला हरियाणा का राज्य बजट भी प्रदेश की जनता, किसानों, युवाओं और महिलाओं के लिए लाभकारी सिद्ध होगा और विकास की रफ्तार को और तेज करेगा।

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 4:54 pm

मुंगेर में शिक्षकों ने मनाया कर्तव्य बोध दिवस:शिक्षा, शिक्षक और समाज की समरसता पर दिया जोर

मुंगेर में अखिल भारतीय राष्ट्रीय शैक्षिक महासंघ की जिला इकाई ने 'कर्तव्य बोध दिवस' का आयोजन किया। यह कार्यक्रम नगर क्षेत्र स्थित एक विवाह भवन में संपन्न हुआ। कार्यक्रम का शुभारंभ प्रदेश महामंत्री ज्ञानेंद्र नाथ सिंह, प्रदेश संगठन मंत्री संजय कुमार आजाद और प्रदेश सचिव अभय नाथ कुमार ने दीप प्रज्वलित कर तथा मां सरस्वती के चित्र पर पुष्प अर्पित कर किया। इस अवसर पर सभी अतिथियों का अंगवस्त्र और स्मृति चिन्ह भेंट कर स्वागत किया गया। कार्यक्रम का आयोजन राज्य, जिला, प्रखंड स्तर पर किया जाता प्रदेश महामंत्री ज्ञानेंद्र नाथ सिंह ने अपने संबोधन में बताया कि 'कर्तव्य बोध दिवस' महासंघ का एक केंद्रीय कार्यक्रम है। इसका आयोजन देश के प्रत्येक राज्य, जिला, प्रखंड और संकुल स्तर पर किया जाता है। उन्होंने कहा कि इसका मुख्य उद्देश्य शिक्षकों और समाज में कर्तव्य भावना को जागृत करना है। सिंह ने स्वीकार किया कि शिक्षक वर्तमान में कई चुनौतियों का सामना कर रहे हैं और अपने अधिकारों के लिए संघर्षरत हैं, लेकिन वे अपने कर्तव्यों से विमुख नहीं हुए हैं। महासंघ का मानना है कि अधिकार और कर्तव्य दोनों साथ-साथ चलने चाहिए। संगठन 'राष्ट्रहित, शिक्षा और शिक्षकों के हित में काम करता प्रदेश संगठन मंत्री संजय कुमार आजाद ने महासंघ के उद्देश्यों पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि संगठन 'राष्ट्रहित में शिक्षा, शिक्षा हित में शिक्षक और शिक्षक हित में समाज' की भावना से कार्य करता है। आजाद ने कहा कि यह केवल शिक्षकों का संगठन नहीं, बल्कि एक समग्र शैक्षिक संगठन है जो शिक्षा व्यवस्था के सभी पहलुओं पर विचार करता है। प्रदेश सचिव अभय नाथ कुमार ने महासंघ की व्यापकता बताते हुए कहा कि यह केजी से पीजी तक के शिक्षकों को एक मंच पर लाने वाला संगठन है। कार्यक्रम की अध्यक्षता जिला सह मंत्री कृष्णकांत सिंह ने की, जबकि संचालन संयोजक अजय कुमार पाण्डेय ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में शिक्षक-शिक्षिकाएं उपस्थित रहीं।

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 4:32 pm

हाईकोर्ट ने कहा- छात्राओं के लिए स्कूलों में टॉयलेट नहीं:वे पानी नहीं पी पाती; शिक्षा सचिव से कहा- हम बच्चों को जवाब नहीं दे पा रहे

राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश के सरकारी स्कूलों की जर्जर इमारतों और क्लासरूम को लेकर कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस महेंद्र गोयल और जस्टिस अशोक कुमार जैन की अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल से कहा- आप स्वच्छ भारत मिशन की बात करते हो, लेकिन आप स्कूल में बच्चियों के लिए टॉयलेट की व्यवस्था भी नहीं कर पा रहे हैं। टॉयलेट की समुचित व्यवस्था नहीं होने से बच्चियां स्कूल में पानी भी नहीं पीती, क्योंकि उन्हें बार-बार टॉयलेट जाना पड़ता है। हम बच्चों और समाज को जवाब नहीं दे पा रहे हैं। कोर्ट में सोमवार को झालावाड़ स्कूल हादसे को लेकर स्वप्रेरणा से दर्ज जनहित याचिका पर सुनवाई थी। कोर्ट ने शिक्षा सचिव को निर्देश दिया कि वह मुख्य सचिव और वित्त सचिव से मिलकर बजट में इस फंड का प्रावधान करवाएं। कोर्ट ने कहा- यहां पेड़ भी गवाही देने आते हैं सुनवाई के दौरान शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल और निदेशक सीताराम जाट मौजूद रहे। शिक्षा सचिव ने कहा- हम इस मुद्दे पर चिंतित है। फिलहाल हम पेड़ों के नीचे और निजी भवनों में बच्चों की पढ़ाई की वैकल्पिक व्यवस्था कर रहे हैं। इस पर कोर्ट ने कहा- आप 7 महीने से क्या चिंता कर रहे हैं, वो दिख रहा है। सितंबर से आप यही जवाब देते आ रहे हैं। कई स्थानों पर तो पेड़ ही नहीं है, वहां आपने क्या व्यवस्था कर रखी है। कोर्ट ने कहा- आज समय पहले जैसा नहीं रहा है। वास्तविक स्थिति जानने के लिए इस तरह की तकनीक आ गई है कि यहां पेड़ भी गवाही देने आते हैं। शिक्षा सचिव बोले- केंद्र सरकार बजट नहीं दे रही शिक्षा सचिव कृष्ण कुणाल ने कहा- सभी सरकारी स्कूलों के जर्जर भवनों की मरम्मत और नई बिल्डिंग के निर्माण के लिए 20 हजार करोड़ रुपए की आवश्यकता है। केंद्र सरकार हमें बजट नहीं दे रही है। राज्य सरकार अपने स्तर पर सीएसआर फंड से बजट जुटा रही है। हमने एमपी-एमएलए फंड से भी 20 प्रतिशत राशि स्कूलों में देने का आदेश दिया है। इस पर कोर्ट ने कहा- फिर भी आप लोग फंड की व्यवस्था नहीं कर पाए। राजनेता सिर्फ ट्रांसफर पर ध्यान रखते हैं कोर्ट ने कहा- रातभर में सड़क तैयार हो जाती है, लेकिन आप बच्चों के लिए व्यवस्था नहीं कर पा रहे हैं। अधिकारियों से कहा- आप राजनेताओं की बात मत करो। राजनेता तो सिर्फ ट्रांसफरों पर ध्यान रखते हैं। ………… यह खबर भी पढ़ें... हाईकोर्ट ने कहा- अधिकारी आग से नहीं खेलें:झालावाड़ हादसे के बाद भी जर्जर भवन में चल रहे स्कूल, शिक्षा सचिव और निदेशक तलब झालावाड़ स्कूल हादसे के बाद भी जर्जर भवनों में स्कूलों के संचालन को लेकर हाईकोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई। जस्टिस महेंद्र गोयल और जस्टिस अशोक जैन की अदालत ने मामले में मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा- विभाग के अधिकारी आग से नहीं खेलें। कोर्ट ने कहा- हमने जर्जर भवन में क्लासेज संचालित करने पर पूरी तरह से रोक लगा रखी है। इसके बाद भी बूंदी के भैंसखेड़ा स्थित राजकीय उच्च प्राथमिक विद्यालय की छत गिरने की घटना हो गई। (पूरी खबर पढ़ें)

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 4:23 pm

पलवल में लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने किया UGC का समर्थन:कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल को भेजा पत्र; शिक्षा में भेदभाव होगा खत्म

लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने सोमवार को पलवल जिले के लघु सचिवालय में विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) के नए नियम के समर्थन में राज्यपाल को एक ज्ञापन सौंपा। पार्टी के कार्यकर्ता प्रदर्शन करते हुए लघु सचिवालय पहुंचे और उपायुक्त (डीसी) के माध्यम से यह ज्ञापन दिया। ज्ञापन देने वालों में मुख्य रूप से देवीदयाल सैनी, राधेश्याम सैनी और प्रहलाद पांचाल सहित कई सदस्य मौजूद थे। शिक्षा के भेदभाव को रोकना उद्देश्य ज्ञापन में बताया गया कि यूजीसी ने 'समता के संवर्द्धन से संबंधित विनियम, 2026' नामक एक नया नियम लागू किया है। यह नियम भारत के सभी विश्वविद्यालयों और महाविद्यालयों पर लागू होता है। इसका मुख्य उद्देश्य उच्च शिक्षा संस्थानों में जाति आधारित और अन्य प्रकार के भेदभाव को रोकना है। सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर उठाए सवाल ज्ञापन में कहा गया कि पिछले वर्षों में विश्वविद्यालयों और कॉलेजों में अनुसूचित जाति (SC) और अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) समुदाय के छात्रों के साथ भेदभाव, उत्पीड़न और असमान अवसरों के मामलों में वृद्धि देखी गई है। इन घटनाओं ने न केवल छात्रों के मानसिक स्वास्थ्य को प्रभावित किया, बल्कि उच्च शिक्षा की गुणवत्ता और सामाजिक न्याय के मूल सिद्धांतों पर भी सवाल उठाए। इन्हीं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, यूजीसी ने 2026 में यह नया कानून लागू किया, जिसे भारत की उच्च शिक्षा व्यवस्था में समानता, समावेशन और भेदभाव मुक्त वातावरण सुनिश्चित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। पार्टी ने इस कदम का दृढ़ समर्थन किया। भ्रामक प्रचार कर रहे स्वर्ण समाज के लोग लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने ज्ञापन में कहा कि स्वर्ण समाज के लोग इस कानून का विरोध कर रहे हैं। यह कमेटी ओबीसी और एससी समाज के छात्रों के लिए नौकरी और पदोन्नति में भेदभाव रोकने के लिए बनाई जा रही है। पार्टी ने आरोप लगाया कि स्वर्ण समाज के लोग यह भ्रामक प्रचार कर रहे हैं कि इस कमेटी से ओबीसी समाज के लोग स्वर्ण समाज के लोगों को एससी एक्ट की तरह इस्तेमाल करेंगे। निजी शिकायतों का कोई प्रावधान नहीं ज्ञापन में स्पष्ट किया गया कि वर्तमान में यूजीसी कमेटी में निजी शिकायतों का कोई प्रावधान नहीं है। पार्टी ने कहा कि स्वर्ण समाज के लोग इसी कारण यूजीसी कमेटी को रद्द करने का प्रयास कर रहे हैं। लोकतंत्र सुरक्षा पार्टी ने इस यूजीसी कमेटी की सुरक्षा के लिए अपना पूर्ण समर्थन व्यक्त किया।

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 3:34 pm

शिक्षा बजट 2026-27: टेक्नोलॉजी और स्किल पर आधारित नया रोडमैप

1.39 लाख करोड़ के बजट आवंटन के साथ सरकार ने स्कूलों में एआई लैब्स, यूनिवर्सिटी टाउनशिप और स्किल आधारित शिक्षा को बढ़ावा देने की योजना पेश की है।

प्रातःकाल 2 Feb 2026 1:40 pm

मोतिहारी में 'मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा' सेमिनार:नई शिक्षा नीति के तहत टीचरों को टेक्नोलॉजी से जोड़ा जा रहा

केंद्र सरकार की नई शिक्षा नीति के तहत शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के प्रयास जारी हैं। इसी क्रम में बिहार के सरकारी शिक्षकों और विद्यालयों में भी इसका प्रभाव दिख रहा है। नई तकनीक आधारित शिक्षण पद्धतियों को बढ़ावा देने के लिए मोतिहारी के डायट (DIET) भवन में टीबीटी (TBT) के माध्यम से एक दिवसीय सेमिनार आयोजित किया गया। सेमिनार में मुख्य अतिथियों और शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा पद्धति को बच्चों के बीच प्रचारित करने पर जोर दिया। वक्ताओं ने बताया कि डिजिटल युग में मोबाइल केवल मनोरंजन का साधन नहीं, बल्कि शिक्षा का एक सशक्त माध्यम बन गया है। गूगल को 24x7 उपलब्ध एक ऐसे शिक्षक के रूप में प्रस्तुत किया गया, जो बच्चों को किसी भी विषय पर जानकारी और ज्ञान प्रदान कर सकता है। नई तकनीक से भी परिचित होंगे बच्चे मुख्य अतिथियों ने कहा कि सरकारी विद्यालयों के बच्चे भी मोबाइल के माध्यम से ऑनलाइन वीडियो, ई-लर्निंग प्लेटफॉर्म, शैक्षणिक ऐप्स और डिजिटल कंटेंट का उपयोग कर बेहतर शिक्षा प्राप्त कर सकते हैं। इससे बच्चों की समझ बढ़ने के साथ-साथ वे नई तकनीक से भी परिचित होंगे। महिला शिक्षिकाओं ने TBT के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने हस्तकला का भी प्रदर्शन किया। मेरा मोबाइल मेरी शिक्षा को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से महिला शिक्षिकाओं ने टीबीटी के तहत सुंदर गुलदस्ते बनाए। इन गुलदस्तों को सम्मान व्यक्त करने के लिए डिजाइन किया गया था, जिसकी सभी ने सराहना की। सेमिनार में उपस्थित शिक्षकों ने अपने अनुभव साझा करते हुए कहा कि तकनीक आधारित शिक्षा से बच्चों में सीखने की रुचि बढ़ रही है। आयोजकों ने विश्वास व्यक्त किया कि ऐसे सेमिनार भविष्य में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे।

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 11:53 am

पाली में पांच हजार लोगों ने लिया नशामुक्ति का संकल्प:बोले- नशा नाश का कारण, समाज उत्थान के लिए देंगे शिक्षा पर जोर

पाली शहर के निकट खेतावास रोड स्थित सिद्ध शक्ति पीठ शनिधाम (गोल नीमड़ा शनि तीर्थ क्षेत्र) में रविवार को नट, भाट व वादी समाज की ओर से कार्यक्रम हुआ। जिसमें शनिधाम के स्वामी निज स्वरूपानंद पुरी (दाती महाराज) के सानिध्य में करीब पांच हजार लोगों ने नशामुक्ति का सामूहिक संकल्प लिया।इस मौके दाती महाराज ने कहा कि नशा नाश की जड़ है, जो समाज, परिवार और विशेषकर युवाओं के भविष्य को अंधकार की ओर धकेल रहा है। आज का युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहा है, जो अत्यंत चिंताजनक है। नशे के कारण न केवल समाज की प्रगति बाधित हो रही है। उन्होंने नशामुक्त समाज के निर्माण में नारी शक्ति की भूमिका को अत्यंत महत्वपूर्ण बताते हुए कहा कि जब तक महिलाएं इस अभियान से नहीं जुड़ेंगी, तब तक समाज को नशामुक्त बनाना संभव नहीं है। नारी शक्ति की जागरूकता ही समाज और राष्ट्र की प्रगति का आधार है।कार्यक्रम के दौरान समाज के महिला-पुरुषों व युवाओं ने बढ़-चढ़कर भाग लिया। समाज के युवाओं ने न केवल नशामुक्ति का प्रण लिया, बल्कि शिक्षा के व्यापक प्रचार-प्रसार, स्वरोजगार को बढ़ावा देने तथा समाज में व्याप्त अन्य कुरीतियों को समाप्त करने का भी संकल्प किया। रात में यहां भजन संध्या का आयोजन भी हुआ। दाती महाराज ने पाली व जोधपुर में समाज की प्रतिभाओं के लिए छात्रावास निर्माण में हरसंभव सहयोग का आश्वासन दिया। कार्यक्रम में नटराज भगवान मंदिर निर्माण विकास समिति पुष्कर के अध्यक्ष कैलाशचंद राजावत, जोधपुर छात्रावास निर्माण समिति अध्यक्ष सुगनाराम ओमप्रकाश लवेरा, मदनलाल पेमावत, नृसिंह भोलेचा, बद्रीलाल माणेचा, सुखदेव माणेचा, दाती सेवा संस्थान के भेराराम, रमेश लानेरा, नेमाराम पेमावत, हनुमानराम पेमावत, मांगीलाल सहित कई जने मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 9:28 am

शिक्षा, विज्ञान और रिसर्च में बड़ा निवेश : गिरिराज सिंह

केंद्रीय मंत्री गिरिराज सिंह ने आम बजट पर कहा कि भविष्य की पीढ़ी के लिए शिक्षा, विज्ञान और अनुसंधान में बड़े निवेश का संदेश लेकर आया है

देशबन्धु 2 Feb 2026 7:30 am

निजी विद्यालयों की मान्यता के लिए जिला शिक्षा कार्यालय भ्रम उत्पन्न कर रहा है : एसएन पाठक

गढ़वा | निजी विद्यालयों की मान्यता के लिए जिला शिक्षा कार्यालय भ्रम उत्पन्न कर रहा है। यह पूरी तरह नीतिगत मामला है। उसपर सचिव स्तर पर, कैबिनेट में या न्यायालय में निर्णय होता है। जिला शिक्षा कार्यालय को उसका अनुपालन करना होता है। उसके विपरीत जिला शिक्षा कार्यालय प्रतिकूल आचरण कर रहा है। उक्त बातें प्राइवेट स्कूल एंड चिल्ड्रन वेलफेयर एसोसिएशन के महासचिव एसएन पाठक ने एक प्रेसवार्ता में कही। उन्होंने कहा कि पूरी स्थिति में निजी विद्यालय संचालकों में भ्रम और आक्रोश उत्पन्न हो रहा है। उन्होंने कहा कि आरटीई कानून बनने के बाद और उसके उपरांत झारखंड सरकार की मान्यता के लिए नियमावली 2011 में बनी। इसके बाद विद्यालयों ने मान्यता के लिए आवेदन किया था। इस आलोक में कुछ विद्यालयों को मान्यता दी गई। शेष आज भी इंतजार कर रहे हैं। निरीक्षण के बाद कुछ लोगों की फाइल निदेशालय में पड़ी हुई है। करीब 16 वर्षों से विद्यालय मान्यता के इंतजार में हैं। इसी बीच पूर्ववर्ती रघुबर दास की सरकार ने 2019 में नई नियमावली लाई। उसमें कुछ प्रावधान कठिन थे। उसके खिलाफ उच्च न्यायालय में चुनौती दी गई थी। उस अधियाचना में राज्य सरकार के सचिव ने शपथ देकर कहा था कि 2019 का नियम पूर्व के विद्यालयों पर लागू नहीं होगा। यह 2019 के बाद के सरकारी और निजी सभी विद्यालयों पर समान रूप से लागू होगा। अब इस संबंध में दो मई को आए फैसले के बाद कुछ संगठन रिव्यू पिटीशन और कुछ लोग उच्चतम न्यायालय में भी गए। उच्चतम न्यायालय ने संदर्भ में झारखंड सरकार को नोटिस भी निर्गत किया है। वहीं रिव्यू पिटीशन को सुनते हुए झारखंड उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश जस्टिस तरलोक सिंह चौहान ने कहा कि मामला उच्चतम न्यायालय में विचाराधीन है। जबतक निर्णय नहीं आता तब तक 2019 के पहले के विद्यालयों पर उच्च न्यायालय के फैसले पर रोक रहेगी। उन्होंने कहा कि उच्च न्यायालय के स्टे के ऑर्डर के बाद भी जिला शिक्षा अधीक्षक कार्यालय से जिले के सभी गैर मान्यता प्राप्त विद्यालयों को एक निजी पत्र 25 नवंबर को सामूहिक पटल पर भेजा गया। उसमें मान्यता लेने का निर्देश दिया गया। मान्यता नहीं लेने पर बंद करने की धमकी थी। उसके बाद से विद्यालय संचालक ऊहापोह में हैं कि वह उच्च न्यायालय की सुनें या शिक्षा कार्यालय को। विदित हो कि टेंडर हार्ट के न्यायकर्ता ने उच्च न्यायालय में मान्यता नहीं देने के कारण रिट याचिका दाखिल किया है। उसमें उच्च न्यायालय ने सरकार को शपथ पत्र देने को कहा गया है।

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 5:26 am

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड:10वीं कक्षा में विद्यार्थियों की संख्या 24,537 घटी, 12वीं में 23,824 बढ़ी, जयपुर में 500 केंद्रों पर 1.98 लाख परीक्षा देंगे

राजस्थान माध्यमिक शिक्षा बोर्ड की 10वीं और 12वीं की परीक्षाएं 12 फरवरी से प्रारंभ होगी। बोर्ड ने इन परीक्षाओं की तैयारी पूरी कर ली है। इस बार बोर्ड परीक्षा में कुल 19.89 लाख विद्यार्थी शामिल होंगे। बोर्ड ने इन विद्यार्थियों की परीक्षा के लिए प्रदेश में 6193 परीक्षा केंद्र बनाए हैं। इन केंद्रों में से 20 केंद्र अति संवेदनशील और 31 केंद्रों को संवेदनशील घोषित किया गया है। जयपुर जिले में विद्यार्थी और परीक्षा केंद्रों की संख्या सर्वाधिक है। 500 परीक्षा केंद्रों पर 1.98 लाख विद्यार्थी परीक्षा देंगे। बारहवीं कक्षा में पिछले साल 8,85,263 विद्यार्थी रजिस्टर्ड हुए थे। इनकी संख्या बढकर इस साल 9,09,087 तक पहुंच गई। इसी तरह से दसवीं कक्षा में पिछले साल 10,92,615 विद्यार्थी थे। इनकी संख्या इस साल घटकर 10,68,078 रह गई है। संयुक्त निदेशक कार्यालय और जिला शिक्षा अधिकारी कार्यालय में 9 फरवरी से कंट्रोल रूप प्रारंभ होगा। यह परीक्षा समाप्ति तक काम करेगा। प्रश्न पत्रों का वितरण 4 या 5 फरवरी को हो सकता है। 15 जिलों में होगी वीडियोग्राफी बोर्ड की ओर से 15 जिलों में केंद्रों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इनमें दौसा, करौली, सीकर, नागौर, डीडवाना-कुचामन, झुंझुनूं, सवाई माधोपुर, फलौदी, जोधपुर, जालौर, धौलपुर, भरतपुर, डीग, बाड़मेर और बालोतरा के साथ साथ सभी संवेदनशील और अतिसंवेदनशील केंद्रों की और कुछ अन्य चयनित परीक्षा केंद्रों की अलमारी से पेपर निकालने और केंद्र पर लिफाफा खोलने वितरण सहित अन्य गतिविधियों की वीडियोग्राफी कराई जाएगी। इन केंद्रों पर सीसीटीवी द्वारा भी निगरानी रखी जाएगी।

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 4:06 am

श्री गुरु रविदास जी की शिक्षाओं का संदेश लेकर निकला नगर कीर्तन

श्री गुरु रविदास सामाजिक सुधार सभा की ओर से मुस्तफाबाद में श्री गुरु रविदास जी महाराज का नगर कीर्तन निकाला गया। यह नगर कीर्तन मुस्तफाबाद के विभिन्न बाजारों व इलाकों से होकर निकला। नगर कीर्तन में क्षेत्र की समस्त संगत ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और फूलों की वर्षा से नगर कीर्तन का स्वागत किया। इस अवसर पर मुख्य सेवादार बाबा काशी राम उपस्थित रहे। निशान साहिब की सेवा सुखविंदर सिंह द्वारा निभाई गई। कार्यक्रम में प्रधान सिम्पल, चेयरमैन जोगिंदर पाल, सेक्रेटरी हंस राज, जगदीश सिंह, हरजीत लाल, नेका, करमजीत सिंह रिंटू, प्रधान विक्की, अमरजीत सिंह, विक्की, मनी, सूरज कुमार, रिंकू, रोबल, जगप्रीत सिंह, पवित्र, मोनू, पिंकी, पवन, सुषमा, रेशमा सहित बड़ी संख्या में संगत मौजूद रही।

दैनिक भास्कर 2 Feb 2026 4:00 am

बजट पर शिक्षा मंत्री बोले- रोजगार के अवसर बढ़ेंगे:महिला, किसान, युवा और एमएसएमई को ताकत देने वाला है केंद्रीय बजट

शिक्षा एवं पंचायती राज मंत्री मदन दिलावर ने केंद्रीय बजट पर प्रतिक्रिया देते हुए इसे विकसित भारत के निर्माण की दिशा में ऐतिहासिक बजट बताया है। उन्होंने कहा- वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण द्वारा प्रस्तुत बजट आत्मनिर्भर भारत के लक्ष्य को मजबूती देता है। गरीब, वंचित व शोषित वर्गों को केंद्र में रखकर तैयार किया गया है। इस बजट से समाज के हर वर्ग को लाभ मिलेगा। मंत्री मदन दिलावर ने बताया- बजट में महिलाओं के सशक्तिकरण पर विशेष फोकस किया गया है। प्रत्येक जिले में गर्ल्स हॉस्टल की स्थापना, तीन नए आयुर्वेदिक एम्स, स्वयं सहायता समूह की महिलाओं के लिए श्री मार्ट और लखपति दीदी योजना के विस्तार जैसी घोषणाएं महिला सशक्तिकरण को नई दिशा देंगी। साथ ही खेलो इंडिया मिशन के माध्यम से खेल क्षेत्र में रोजगार, स्किलिंग और नौकरी के अवसर बढ़ेंगे। मोटर यान दुर्घटना मुआवजे को कर मुक्त किया जाना भी आमजन के लिए राहतभरा कदम है। कोटा में 22 से ज्यादा जगह एलईडी लगाकर बजट देखा गया वहीं,, भाजपा जिलाध्यक्ष राकेश जैन ने कहा कि यह बजट आत्मनिर्भर और विकसित भारत 2047 के संकल्प को साकार करने वाला है। उन्होंने बताया- कोटा शहर में 22 से अधिक स्थानों पर एलईडी स्क्रीन लगाकर आमजन ने केंद्रीय बजट का लाइव प्रसारण देखा। भाजपा जिला कार्यालय जीएमए प्लाजा के बाहर बड़ी स्क्रीन पर कार्यकर्ताओं और नागरिकों ने चाय-कचोरी के साथ बजट सुना और मिठाई बांटकर खुशी जताई। राकेश जैन ने कहा कि मोदी सरकार के नेतृत्व में देश की अर्थव्यवस्था मजबूत हुई है। 7 प्रतिशत ग्रोथ रेट इसका प्रमाण है। बजट में एमएसएमई, सेमीकंडक्टर, बायोफार्मा, हाई-स्पीड रेल, आयुष संस्थान, मेडिकल टूरिज्म, खादी और हस्तशिल्प को बढ़ावा देने के प्रस्ताव देश को आर्थिक रूप से सशक्त बनाएंगे। कार्यक्रम में जनप्रतिनिधि, भाजपा पदाधिकारी, कार्यकर्ता और बड़ी संख्या में आमजन उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 1 Feb 2026 4:58 pm

बजट पर पटवारी बोले- एमपी के लिए कुछ नहीं:रीवा में छात्रों ने घेरकर यूजीसी पर जबाव मांगा; जीतू ने कहा- शिक्षा में विभाजन देशहित में नहीं

रीवा में कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी के रीवा दौरे के दौरान UGC को लेकर माहौल गरमा गया। बजट 2026 पर बयान देने पहुंचे पटवारी को सवर्ण समाज से जुड़े छात्रों ने घेर लिया और यूजीसी से जुड़े नए नियमों पर कांग्रेस का स्टैंड जानने की मांग की। छात्र इस मुद्दे पर जवाब लेने को लेकर अड़े रहे, जिससे कुछ देर तक स्थिति तनावपूर्ण बनी रही। छात्रों के सवालों पर जीतू पटवारी ने कहा कि यूजीसी से जुड़े फैसलों पर सवाल केंद्र सरकार और राज्य सरकार से पूछे जाने चाहिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि छात्रों की सोच में किसी भी तरह का विभाजन लाना किसी भी देश के हित में नहीं है। मैं कोई गोल-मोल बात नहीं करता। मैं इधर उधर की बात भी नहीं करता। पटवारी के इस बयान के बाद प्रदर्शनकारी छात्र संतुष्ट हुए और मामला शांत हुआ। UGC के विरोध में रीवा बंद, सड़कों पर उतरे छात्रUGC के खिलाफ विरोध यहीं नहीं थमा। मंगलवार को छात्रों और सामाजिक संगठनों ने रीवा बंद का आव्हान किया। बंद के दौरान बाजारों की दुकानें बंद रहीं और सड़कों पर जमकर नारेबाजी की गई। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना था कि UGC के जरिए शिक्षा व्यवस्था को कमजोर करने की कोशिश की जा रही है, जिसे किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यह आंदोलन आने वाले दिनों में और बड़े स्तर पर लड़ा जाएगा। बजट 2026 में मध्य प्रदेश को कुछ नहीं मिला: पटवारीइस दौरान जीतू पटवारी ने केंद्र सरकार के बजट 2026 पर भी तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि इस बजट में मध्य प्रदेश के हिस्से कुछ भी नहीं आया है। पटवारी ने कहा 12 साल पहले रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और ग्रामीण अर्थव्यवस्था को लेकर जो बड़े वादे किए गए थे, आज हालात उनसे भी बदतर हैं।

दैनिक भास्कर 1 Feb 2026 4:36 pm

Budget 2026-27: बजट में डिजिटल अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा और सामाजिक कल्याण पर फोकस

इस बजट में सरकार ने डिजिटल अर्थव्यवस्था, विनिर्माण, कृषि, स्वास्थ्य, शिक्षा, पर्यटन और सामाजिक कल्याण को केंद्र में रखते हुए कई बड़े एलान किए। वित्तीय अनुशासन के साथ विकास को गति देने की रणनीति स्पष्ट दिखी।

देशबन्धु 1 Feb 2026 1:13 pm

नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया

भास्कर न्यूज| लुधियाना देवकी देवी जैन मेमोरियल कॉलेज फॉर वुमन किदवई नगर के आंतरिक गुणवत्ता आश्वासन प्रकोष्ठ की तरफ से विकसित भारत@2047: अवसर और चुनौतियां विषय पर एक राष्ट्रीय संगोष्ठी का आयोजन किया। इस संगोष्ठी को पंजाब यूनिवर्सिटी, चंडीगढ़ के डीन कॉलेज विकास परिषद की तरफ से प्रायोजित किया गया। कॉलेज प्रबंधक समिति के अध्यक्ष नंद कुमार जैन मुख्य अतिथि रहे। उन्होंने युवाओं से भ्रष्टाचार और मिलावट के विरुद्ध संघर्ष का आह्वान करते हुए विकसित भारत@2047 के लक्ष्य को साकार करने पर बल दिया। संगोष्ठी में कुल 135 शिक्षाविदों, शोधार्थियों और स्टूडेंट्स ने भाग लिया। लगभग 40 शोध-पत्र प्रस्तुत किए गए, जिनमें छात्र कल्याण, समावेशी शिक्षा, नवाचार तंत्र, सतत नीति निर्माण और मानव संसाधन विकास जैसे विषय शामिल रहे। उद्घाटन सत्र दीप प्रज्ज्वलन और नमोकार मंत्र के उच्चारण से आरंभ हुआ। प्राचार्या डॉ. सरिता बहल ने सभी अतिथियों और प्रतिभागियों का स्वागत करते हुए विकसित भारत के निर्माण में शैक्षणिक संवाद की भूमिका पर प्रकाश डाला। मुख्य वक्तव्य डॉ. राकेश शारदा, प्रधान वैज्ञानिक (प्लास्टिकल्चर), पंजाब कृषि विश्वविद्यालय, लुधियाना द्वारा प्रस्तुत किया गया। उन्होंने युवाओं को विकसित भारत@2047 का सबसे मजबूत स्तंभ बताते हुए डिजिटल इंडिया, पीएम गति शक्ति और नई शिक्षा नीति जैसी पहलों का उल्लेख किया तथा नवाचार और संस्थागत सहयोग पर बल दिया। तकनीकी सत्र प्रथम में डॉ. नीना सेठ पजनी प्राचार्या, गोबिंदगढ़ पब्लिक कॉलेज, खन्ना और डॉ. एसपी शर्मा, प्रोफेसर मुख्य अर्थशास्त्री एनडीआईएम एनईओ रिसर्च सेंटर ने अपने विचार रखे। डॉ. पजनी ने उच्च शिक्षा सुधार, नई शिक्षा नीति, डिजिटल शिक्षा और कौशल विकास पर जोर दिया। डॉ. एसपी शर्मा ने विकसित भारत@2047 के संदर्भ में भारत की सुधार-आधारित और नवाचार-प्रेरित आर्थिक वृद्धि को रेखांकित किया। तकनीकी सत्र दूसरे में डॉ. मोहम्मद सलीम, सेवानिवृत्त प्राचार्य, कमला लोहटिया सनातन धर्म कॉलेज, लुधियाना ने विकसित भारत के लिए शिक्षा, कौशल और समावेशी विकास की आवश्यकता पर बल दिया और युवाओं को तकनीक आधारित नवाचार के लिए प्रेरित किया। शोध-पत्र प्रस्तुतियों के उपरांत संगीता सिन्हा को सर्वश्रेष्ठ ऑनलाइन शोध-पत्र प्रस्तुतकर्ता तथा डॉ. प्राची बिष्ट एवं डॉ. रश्मी उपरति को सर्वश्रेष्ठ ऑफलाइन शोध-पत्र प्रस्तुतकर्ता घोषित किया गया। अंत में धन्यवाद ज्ञापन डॉ. अंतर ज्योति घई, एसोसिएट प्रोफेसर, राजनीति विज्ञान विभाग द्वारा प्रस्तुत किया गया। प्रबंधक समिति ने आईक्यूएसी समन्वयकों डॉ. लोतिका गुप्ता (विभागाध्यक्ष, गृह विज्ञान) और डॉ. रोबिना (विभागाध्यक्ष, अर्थशास्त्र) तथा उनकी टीम को सफल आयोजन के लिए बधाई दी। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रगान के साथ हुआ।

दैनिक भास्कर 1 Feb 2026 4:00 am

जबलपुर में दो दिवसीय एआई कॉन्फ्रेंस:प्रिंसिपल ने कहा- एआई से रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में आएगा व्यापक बदलाव

जबलपुर में मध्यप्रदेश काउंसिल ऑफ साइंस एंड टेक्नोलॉजी (एमपीसीएसटी) और सेंट अलाॅयसियस इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी के संयुक्त तत्वावधान में आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) पर दो दिवसीय अंतरराष्ट्रीय कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया गया। इस दौरान विशेषज्ञों ने एआई के वर्तमान और भविष्य के उपयोगों पर व्याख्यान दिए, जबकि विद्यार्थियों ने शोध पत्र प्रस्तुत किए। महाविद्यालय की प्रिंसिपल डॉ. रेनू पांडे ने कहा कि एआई भविष्य में रोजगार, स्वास्थ्य और शिक्षा के क्षेत्रों में व्यापक बदलाव लाएगी। उन्होंने एआई के पांच फायदे और पांच नुकसान भी बताए। डॉ. पांडे ने बताया कि रोजगार के क्षेत्र में एआई कुछ पारंपरिक नौकरियों को कम कर सकता है, लेकिन साथ ही डेटा एनालिस्ट, एआई इंजीनियर, साइबर सुरक्षा विशेषज्ञ और टेक्नोलॉजी मैनेजर जैसी नई संभावनाएं भी पैदा करेगा। ऑटोमेशन के कारण कर्मचारियों को नए कौशल सीखने की आवश्यकता होगी। स्वास्थ्य के क्षेत्र में एआई बीमारी की प्रारंभिक पहचान, सटीक निदान, रोबोटिक सर्जरी और मरीजों की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। इससे इलाज अधिक तेज, सटीक और किफायती होगा, साथ ही टेलीमेडिसिन के माध्यम से दूर-दराज़ क्षेत्रों तक बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं पहुंच सकेंगी। शिक्षा के क्षेत्र में एआई व्यक्तिगत सीखने को बढ़ावा देगा। छात्रों की क्षमता के अनुसार पाठ्यक्रम, ऑनलाइन ट्यूटर, वर्चुअल क्लासरूम और स्मार्ट मूल्यांकन प्रणाली से शिक्षा अधिक प्रभावी बनेगी। कांफ्रेंस में सेंट अलॉयसियस कॉलेज सदर की छात्रा शिवांगी कुररिया और हर्षा जाटव ने मधुमेह (डायबिटीज) के उपचार में एआई के उपयोग पर एक शोध पत्र प्रस्तुत किया। इस अवसर पर प्रोफेसर डॉ. राकेश बाजपेई (रानी दुर्गावती विश्वविद्यालय, जबलपुर), डॉ. जे. बेन एंटॉस रोज (प्रिंसिपल, सेंट अलॉयसियस कॉलेज सदर), डायरेक्टर फादर थंकचन जोस सैट, डॉ. रश्मि जायसवाल, डॉ. आराधना धनराज, डॉ. हरकिरात कौर सहित अन्य गणमान्य अतिथि और प्राध्यापक उपस्थित रहे।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 9:29 pm

'केंद्रीय बजट में बिहार को मिलेगा बड़ा सौगात':शेखपुरा में सांसद अरुण भारती ने कृषि, शिक्षा, इंफ्रास्ट्रक्चर में नई योजनाओं की उम्मीद जताई

शेखपुरा में केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण नौवीं बार लोकसभा में बजट पेश करेंगी। इस बजट को लेकर जिले में लोगों के साथ-साथ जमुई सांसद अरुण कुमार भारती ने भी सकारात्मक प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने उम्मीद जताई है कि आगामी केंद्रीय बजट में बिहार को एक बड़ा सौगात मिलेगा। सांसद भारती ने शनिवार को स्थानीय पत्रकारों से बातचीत में बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत की योजना तैयार की जा रही है, जिसमें बिहार की महत्वपूर्ण भूमिका है। उन्होंने कहा कि केंद्रीय वित्त मंत्री कृषि, शिक्षा और आधारभूत संरचना के निर्माण सहित अन्य क्षेत्रों में बिहार को प्राथमिकता के आधार पर नई योजनाएं लाने की घोषणा करेंगी। नीट केस CBI को सौंपने के सरकार के कदम की सराहना की इसी बातचीत के दौरान, सांसद अरुण कुमार भारती ने पटना में नीट की तैयारी कर रही छात्रा की हत्या के मामले की जांच सीबीआई को सौंपने के सरकार के कदम की सराहना की। वह आकांक्षी जिला योजना के तहत संपूर्णता अभियान के द्वितीय चरण का विधिवत शुभारंभ करने शेखपुरा आए थे। 5 मानकों पर पहले भी बहुत अच्छा काम हुआ उन्होंने बताया कि सरकार ने जनता की भावनाओं को समझते हुए और उनमें विश्वास पैदा करने के लिए इस मामले की विस्तृत जांच का जिम्मा CBI को देने का निर्णय लिया है। सांसद भारती ने इस कदम को सराहनीय बताया। सांसद ने आगे कहा कि सरकार लगातार जनता के हित में बड़े कदम उठा रही है, जिसका उद्देश्य जनता में विश्वास पैदा करना और उनके जीवन को हर प्रकार से आसान बनाना है। उन्होंने जिले में आकांक्षी जिला योजना के तहत किए जा रहे कार्यों की भी प्रशंसा की और बताया कि इस योजना के तहत 5 मानकों पर पहले भी बहुत अच्छा काम हुआ है।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 7:14 pm

पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मलिक सपा में शामिल:बिजनौर में सांसद हरेंद्र मलिक ने सरकार को घेरा, मुफ्त शिक्षा-दवा की मांग

बिजनौर में समाजवादी पार्टी कार्यालय पर एक पीडीए पंचायत और स्वागत समारोह का आयोजन किया गया। इस अवसर पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मलिक समाजवादी पार्टी में शामिल हुए। कार्यक्रम में मुजफ्फरनगर के सांसद हरेंद्र मलिक मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे, जिन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार पर निशाना साधा।समारोह में समाजवादी पार्टी के जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और सैकड़ों कार्यकर्ता मौजूद थे। पार्टी में शामिल होने पर पूर्व ब्लॉक प्रमुख अनुज मलिक का जोरदार स्वागत किया गया।सांसद हरेंद्र मलिक ने अपने संबोधन में कहा कि देश का बेरोजगार नौजवान पढ़ाई से वंचित हो रहा है। उन्होंने मुफ्त दवा और मुफ्त शिक्षा की वकालत करते हुए मांग की कि यदि सरकार इसे मुफ्त नहीं कर सकती, तो कम से कम सस्ता तो कर दे। उन्होंने अखिलेश यादव के नेतृत्व में एक लंबी लड़ाई लड़ने की बात भी कही।मलिक ने आरोप लगाया कि केंद्र और प्रदेश दोनों सरकारें हर मोर्चे पर विफल रही हैं। बजट के संबंध में उन्होंने कहा कि सरकारें अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए विभिन्न प्रकार की बातें फैलाती रहती हैं।उन्होंने नोटबंदी का भी उल्लेख किया और कहा कि पहले सरकार गरीबों के कल्याण के लिए धन का उपयोग करती थी। स्वतंत्र देव सिंह के काफिले को रोके जाने के सवाल पर उन्होंने टिप्पणी की कि जब धरातल पर काम नहीं होगा, तो लोग अपनी बात कहेंगे ही।सांसद ने यह भी आरोप लगाया कि विशेष मतदाता सूची पुनरीक्षण (एसएआर) में निश्चित रूप से वोट काटे जाएंगे। उन्होंने दावा किया कि समाजवादी पार्टी के वोटों को प्रभावित करने के लिए एक विशेष वर्ग को निशाना बनाया जा रहा है। मलिक ने दोहराया कि सरकार जनता को वास्तविक मुद्दों से भटकाने के लिए नींद का इंजेक्शन दे रही है।हाई कोर्ट द्वारा हाफ एनकाउंटर पर की गई टिप्पणी के सवाल पर हरेंद्र मलिक ने कहा कि यहां जेल में या अदालत में यदि किसी व्यक्ति की हत्या हो जाए तो कोई पूछता नहीं है।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 6:34 pm

शिक्षा मंत्री मदन दिलावर ने डोटासरा पर साधा निशाना:भ्रष्टाचारी मगरमच्छों के लिए तैयार है जेल, मिड-डे मील के 2 हजार करोड़ के घोटाले की होगी जांच

बगड़ नगर पालिका में आयोजित समारोह में क्षेत्र के विकास कार्यों का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश के शिक्षा मंत्री मदन दिलावर, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ और भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकेश दाधीच बतौर अतिथि शामिल हुए। नगर पालिका अध्यक्ष गोविंद सिंह राठौड़ ने सभी अतिथियों का साफा पहनाकर और स्मृति चिन्ह भेंट कर गर्मजोशी से स्वागत किया। शिक्षा मंत्री के निशाने पर डोटासरा: “जेल तो भ्रष्टाचारी ही जाएंगे” कार्यक्रम के दौरान शिक्षा मंत्री मदन दिलावर अपने आक्रामक अंदाज में नजर आए। पूर्व शिक्षा मंत्री गोविंद सिंह डोटासरा पर सीधा हमला बोलते हुए उन्होंने कहा कि मिड-डे मील योजना में करीब 2 हजार करोड़ रुपये का घोटाला हुआ है। उन्होंने चेतावनी दी कि जांच की आंच उन मगरमच्छों तक जरूर पहुंचेगी जिन्होंने जनता की कमाई पर डाका डाला है। डोटासरा के 'जेल में मिलने' वाले बयान पर पलटवार करते हुए दिलावर ने कहा, मैं उनका स्वागत करता हूँ। अगर मैं जेल गया भी तो सुपरविजन (निरीक्षण) के लिए जाऊँगा, क्योंकि मैंने न तो पेपर लीक में पैसे खाए हैं और न ही तबादलों में। डोटासरा चिंता न करें, भ्रष्टाचारियों को पकड़ने के लिए जाल बिछा दिया गया है। कांग्रेस सरकार पर प्रहार: उन्होंने पूर्ववर्ती सरकार को 'गूंगी और बहरी' बताते हुए कहा कि उनके समय शिक्षकों ने खुद मुख्यमंत्री के सामने तबादलों में पैसे लेने की बात स्वीकार की थी। शिक्षा व्यवस्था में सुधार: 600 करोड़ का बजट और नई भर्तियाँ प्रदेश की जर्जर स्कूलों की स्थिति पर बोलते हुए शिक्षा मंत्री ने अपनी सरकार का रोडमैप साझा किया। स्कूलों की मरम्मत और नए भवनों के लिए राज्य सरकार 600 करोड़ रुपये खर्च करने जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा स्वीकृत 1000 करोड़ रुपये भी जल्द मिलने वाले हैं, जिससे चरणबद्ध तरीके से स्कूलों का कायाकल्प होगा। शिक्षक भर्ती: दिलावर ने बताया कि कांग्रेस ने बिना पद सृजित किए स्कूलों पर अंग्रेजी माध्यम के बोर्ड टांग दिए थे। हमारी सरकार ने 20 हजार पद भर दिए हैं और शेष रिक्तियों के लिए चयन बोर्ड को फाइलें भेज दी गई हैं। संगठन की मजबूती पर प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ का जोर भाजपा प्रदेश अध्यक्ष मदन राठौड़ ने अपने झुंझुनूं दौरे के दौरान कार्यकर्ताओं में जोश भरा। पत्रकारों से बातचीत में उन्होंने अंता से प्रत्याशी रहे मोरपाल सुमन के वायरल पत्र पर भी प्रतिक्रिया दी। हार की समीक्षा एक सतत प्रक्रिया है। कौन क्या कह रहा है और किन कारणों से चुनाव प्रभावित हुए, इसकी गहन विवेचना संगठन स्तर पर की जा रही है। प्रत्येक कार्यकर्ता की बात सुनी जाएगी और निष्पक्ष विश्लेषण के आधार पर भविष्य की रणनीति तैयार होगी। कार्यकर्ताओं ने किया स्वागत जिले के विभिन्न स्थानों पर भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश अध्यक्ष और शिक्षा मंत्री का भव्य स्वागत किया। कार्यक्रम में स्थानीय जनप्रतिनिधि, भाजपा कार्यकर्ता और भारी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 6:11 pm

भंडारों में गायत्री परिवार ने चलाया शिक्षा व नशा उन्मूलन अभियान

भास्कर न्यूज |गिरिडीह जमुआ प्रखंड अंतर्गत भंडारों गांव में अखिल विश्व गायत्री परिवार के बैनर तले शिक्षा एवं नशा उन्मूलन आंदोलन के तहत एक जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व गायत्री परिवार के प्रखंड समन्वयक बलदेव प्रसाद ने किया।स्कूली बच्चों को नशे से होने वाले शारीरिक, मानसिक और सामाजिक दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी गई तथा उन्हें नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित किया गया।बलदेव प्रसाद ने अपने संबोधन में कहा कि नशा युवाओं के उज्ज्वल भविष्य के लिए सबसे बड़ा खतरा है। बल्कि पढ़ाई, परिवार और समाज पर भी नकारात्मक असर पड़ता है। उन्होंने बच्चों को समझाया कि नशे की लत व्यक्ति की सोचने-समझने की शक्ति को कमजोर कर देती है और जीवन के लक्ष्य से भटका देती है। इसलिए विद्यार्थियों को शुरू से ही नशे से दूरी बनाकर रखनी चाहिए और अच्छे संस्कारों को अपनाना चाहिए।कार्यक्रम के दौरान बच्चों को सकारात्मक जीवन मूल्यों की ओर प्रेरित करते हुए गायत्री मंत्र के महत्व पर भी प्रकाश डाला गया। बलदेव प्रसाद ने बताया कि गायत्री मंत्र का नियमित जप मन को शुद्ध करता है, एकाग्रता बढ़ाता है और आत्मबल को मजबूत करता है।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 4:47 am

जिपं सदस्य ने बच्चों को शिक्षा व विकास का महत्व बताया

पामगढ़ | भारतीय ज्ञान गंगा पूर्व माध्यमिक शाला हिर्री में वार्षिक उत्सव और सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। मुख्य अतिथि जिला पंचायत सदस्य संतोषी मनोज रात्रे ने कार्यक्रम को संबोधित करते हुए कहा कि राज्य सरकार द्वारा चलाई जा रही योजनाओं का लाभ आम जनता तक पहुंचे और बच्चों को शिक्षा ग्रहण कर अपने भविष्य को उज्जवल बनाने की प्रेरणा मिले। उन्होंने यह भी कहा कि जो विद्यार्थी विद्यालय नहीं आ रहे, उन्हें अधिक से अधिक संख्या में विद्यालय में प्रवेश दिलाया जाएगा। कार्यक्रम के दौरान बच्चों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार वितरित किए गए। उन्होंने साथ ही स्कूल के शौचालय, भवन और अन्य आवश्यक सुविधाओं को पूर्ण करने का आश्वासन दिया। समारोह की अध्यक्षता उप सरपंच प्रभा देवी साहू ने की। कार्यक्रम में स्कूल संचालक विनोद खरे, रमेश खरे, मनोज ज्योति, शिक्षक-शिक्षिकाएं नेतराम खरे, नेहा लहरे, सीमा सुनहरे, निशा यादव, हेमा यादव, प्लाज्मा और सोनम खरे, माया भट्ट के साथ छात्र-छात्राओं, पालकों और ग्रामवासियों की बड़ी संख्या में उपस्थिति रही।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 4:00 am

आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा के जनक शर्मा (बाबूजी) को दी श्रद्धांजलि

उदयपुर | राजस्थान बाल कल्याण समिति झाड़ोल मुख्यालय पर संस्था के संस्थापक और आदिवासी क्षेत्र में शिक्षा के जनक पं. जीवतराम शर्मा (बाबूजी) की 10वीं पुण्यतिथि पर एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में गणमान्य नागरिकों, संत-महंतों, संस्था पदाधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों ने बाबूजी के चरणों में श्रद्धांजलि अर्पित की। संस्था के मुख्य प्रबंध निदेशक डॉ. गिरिजाशंकर शर्मा ने इस अवसर पर बाबूजी के जीवन और शिक्षा के क्षेत्र में उनके अमूल्य योगदान पर प्रकाश डाला और उनके सपनों को साकार करने का संकल्प लिया। इस श्रद्धांजलि सभा में संस्था के संयुक्त निदेशक डॉ. एसबी सिंह, जनरल मैनेजर हेमकर शर्मा आदि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 4:00 am

पूर्वी राजस्थान के दस जिलों के क्षत्रियों का खेड़लीमें कल महासमागम, शिक्षा-रोजगार पर होगा मंथन

सामाजिक एकता मंच के तत्वावधान में पहली बार खेड़ली में रविवार को पूर्वी राजस्थान के दस जिलों के क्षत्रिय समाज का पूर्वी राजस्थान क्षत्रिय महासमागम का आयोजन होगा। महासमागम में प्रदेशभर से हजारों की संख्या में क्षत्रिय समाज के लोग खेड़ली स्थित कृषि उपज मंडी मैदान पहुंचेंगे। समाजबंधुओं के स्वागत के लिए हेलीकॉप्टर से पुष्पवर्षा की जाएगी। पिछले एक माह से सामाजिक एकता मंच के ध्वजवाहकों की ओर से गांव-गांव जाकर समाजबंधुओं को पीले चावल वितरित कर जनसंपर्क अभियान चलाया जा रहा है। मंच के मुख्य ध्वजवाहक शक्ति सिंह बांदीकुई ने बताया कि जनसंपर्क के दौरान समाज ने सामाजिक एकता के बल पर लोकतंत्र में अपनी मजबूत उपस्थिति और सामूहिक ताकत प्रदर्शित करने का संकल्प लिया। इस आयोजन में पूर्वी राजस्थान से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर विचार और मांगें रखी जाएगी।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 4:00 am

चिकित्सा शिक्षा आयुक्त गोयल ने नर्सिंग से जुड़े मुद्‌दों पर ली बैठक

राजकीय नर्सिंग कॉलेज में चिकित्सा शिक्षा आयुक्त नरेश कुमार गोयल ने नर्सिंग शिक्षा एवं सेवाओं से जुड़े मुद्दों पर बैठक ली। इस दौरान प्राचार्य एवं समस्त नर्सिंग फैकल्टी मौजूद रहे। बैठक का मुख्य उद्देश्य नर्सिंग शिक्षकों एवं नर्सिंग पेशेवरों की समस्याओं को समझना तथा उनके समाधान के लिए ठोस कार्ययोजना तैयार करना था। बैठक में बजट आवंटन, छात्रावास एवं भवन संबंधी समस्याएं, नर्सिंग पेशेवरों के उन्नयन हेतु सीएनई/सेमिनार तथा शैक्षणिक संसाधनों के सुदृढ़ीकरण जैसे विषयों पर विस्तृत चर्चा की गई। राजकीय नर्सिंग कॉलेज, जयपुर के प्राचार्य डॉ. जोगेन्द्र शर्मा ने बताया कि आयुक्त ने सभी नर्सिंग शिक्षकों की समस्याओं को सुनकर शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। इस अवसर पर टीएनएआई राजस्थान राज्य शाखा की ओर से पत्र के माध्यम से यह प्रस्ताव प्रस्तुत किया गया कि राजस्थान मेडिकल एजुकेशन सोसायटी (राजमेस) के अंतर्गत संचालित नर्सिंग कॉलेजों में भारतीय नर्सिंग परिषद (INC) के नियमानुसार नियमित भर्ती की जाए। सभी नर्सिंग कॉलेजों में सिमुलेशन लैब की स्थापना की जाए। नर्सिंग पेशेवरों को अन्य राज्यों एवं एम्स की तर्ज पर सेमिनार में भाग लेने हेतु आवश्यक सुविधाएं प्रदान की जाएं।

दैनिक भास्कर 31 Jan 2026 4:00 am

शिक्षा में समता या नई असमानताः यूजीसी नियमों पर न्यायिक विराम

नरेंद्र मोदी सरकार द्वारा विश्वविद्यालय अनुदान आयोग के माध्यम से उच्च शिक्षण संस्थानों में समानता के नाम पर लागू किए गए नए नियमों ने देश के शैक्षिक और सामाजिक परिदृश्य में एक बार फिर गहरी हलचल पैदा कर दी है। जिस नीति को ‘समता’, ‘समान अवसर’ और ‘समावेशी शिक्षा’ की भावना से जोड़कर प्रस्तुत किया ... Read more

अजमेरनामा 30 Jan 2026 9:05 pm

महू में यूजीसी नीतियों के विरोध में मशाल रैली:सवर्ण समाज ने शिक्षा व्यवस्था में बदलावों पर जताई चिंता

महू में शनिवार शाम समस्त सवर्ण समाज के आह्वान पर यूजीसी से संबंधित नीतियों के विरोध में एक मशाल रैली निकाली गई। यह रैली हरिफाटक चौराहे से शुरू होकर गोपाल मंदिर तक गई, जिसमें युवाओं, महिलाओं और कई समाजों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। आयोजकों ने यूजीसी की नीतियों पर असंतोष व्यक्त करते हुए कहा कि शिक्षा व्यवस्था में हो रहे बदलावों का असर विद्यार्थियों के भविष्य पर पड़ सकता है। प्रतिभागियों ने शांतिपूर्ण मार्च करते हुए शिक्षा से जुड़े मुद्दों पर अपनी आवाज उठाई। इस रैली में शहर के कई सामाजिक संगठनों और समाजों के पदाधिकारियों ने सहभागिता की। इनमें सर्व ब्राह्मण समाज, करणी सेना, अग्रवाल समाज, खंडेलवाल समाज, विजयवर्गीय समाज, कायस्थ समाज, जैन समाज, माहेश्वरी समाज, आद्यगौड़ ब्राह्मण महापंचायत, सिंधी समाज और सिख समाज के प्रतिनिधि प्रमुख रूप से शामिल थे। रैली समापन पर हनुमान चालीसा पाठ रैली का समापन गोपाल मंदिर परिसर में हुआ। यहां बड़ी संख्या में लोगों ने सामूहिक हनुमान चालीसा का पाठ किया। इसके बाद संबंधित विषयों को लेकर गोपाल जी और हनुमानजी के चरणों में एक ज्ञापन भी समर्पित किया गया। आयोजन के दौरान पुलिस और प्रशासन की कड़ी निगरानी रही। रैली शांतिपूर्ण तरीके से संपन्न हुई और यातायात व्यवस्था को भी नियंत्रित रखा गया।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 7:59 pm

स्टूडेंट्स ने जंगल घूमा, पेड़-पौधों के बारे में जाना:विधायक मरकाम बोले- ऑक्सीजन-भोजन के साथ-साथ अच्छी शिक्षा और संस्कार भी जरूरी

डिंडौरी में शुक्रवार को जोगी टिकरिया गांव के पास वन विभाग की नर्सरी में 'अनुभूति कार्यक्रम' रखा गया। इसमें विधायक ओमकार मरकाम, जिला पंचायत उपाध्यक्ष अंजू ब्यौहार और पुलिस-वन विभाग के अधिकारियों ने बच्चों से बातचीत की और उन्हें प्रकृति के करीब रहने की सीख दी। नवोदय विद्यालय और मुड़की हाई स्कूल के करीब 136 छात्र-छात्राएं सुबह ही नर्सरी पहुंच गए थे। वन विभाग के ट्रेनरों ने बच्चों को अलग-अलग टोलियों में बांटा और उन्हें जंगल की सैर कराई। इस दौरान बच्चों को वन्यजीवों और पेड़-पौधों के बारे में कई दिलचस्प बातें बताई गईं। कार्यक्रम को मजेदार बनाने के लिए बच्चों से सवाल-जवाब भी किए गए। विधायक ने दी बेहतर शिक्षा और संस्कारों की सीख विधायक ओमकार मरकाम ने छात्रों को पर्यावरण बचाने का तरीका समझाया। उन्होंने कहा कि इंसान के लिए ऑक्सीजन और भोजन के साथ-साथ अच्छी शिक्षा और संस्कार भी बहुत जरूरी हैं। उन्होंने चिंता जताते हुए कहा कि जिले में करीब डेढ़ लाख छात्र पढ़ रहे हैं, लेकिन उन्हें वह शिक्षा और संस्कार नहीं मिल पा रहे हैं जो एक विकसित भारत के लिए जरूरी हैं। ट्रैफिक नियमों और नशे से दूर रहने की अपील एसडीओपी सतीश द्विवेदी ने बच्चों से खास अपील की। उन्होंने कहा कि वे अपने घर-परिवार के लोगों को ट्रैफिक नियमों का पालन करने और गाड़ी धीरे चलाने के लिए कहें। उन्होंने बच्चों को समझाया कि वे अपने बड़ों को नशे की हालत में गाड़ी न चलाने की सलाह दें, ताकि सड़क हादसों से बचा जा सके और हर कोई सुरक्षित घर पहुंचे। प्लास्टिक मुक्त रहा पूरा आयोजन रेंजर अतुल सिंह ने बताया कि इस पूरे कार्यक्रम में प्लास्टिक का बिल्कुल भी इस्तेमाल नहीं किया गया। बच्चों को भी यही सिखाया गया कि वे अपनी रोजमर्रा की जिंदगी में प्लास्टिक से दूरी बनाएं ताकि पर्यावरण सुरक्षित रहे। इस मौके पर स्कूलों के शिक्षक और कर्मचारी भी बड़ी संख्या में मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 5:25 pm

उन्नाव में युवाओं को निःशुल्क AI शिक्षा:फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी कर रही आत्मनिर्भर बनाने की पहल

उन्नाव में युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगारोन्मुखी बनाने के उद्देश्य से फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी निःशुल्क आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) शिक्षा प्रदान कर रही है। यह पहल आधुनिक तकनीक से जुड़कर युवाओं को भविष्य के लिए तैयार करने में सहायक है। वर्तमान में, नगर क्षेत्र में करीब 75 छात्र-छात्राएं इस केंद्र पर प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे हैं। अकादमी का लक्ष्य उन युवाओं तक गुणवत्तापूर्ण तकनीकी शिक्षा पहुंचाना है, जो आर्थिक कारणों से महंगे कोर्स नहीं कर पाते। यह प्रशिक्षण कार्यक्रम टीचर दिव्या गुप्ता के नेतृत्व में संचालित किया जा रहा है। उनके मार्गदर्शन में छात्रों को एक वर्ष का AI आधारित कोर्स कराया जा रहा है। तकनीकी ज्ञान के साथ-साथ, छात्रों के सर्वांगीण विकास के लिए कम्युनिकेशन स्किल्स और इंग्लिश स्पीकिंग की विशेष ट्रेनिंग भी दी जा रही है, ताकि वे आत्मविश्वास और प्रभावी संवाद कौशल भी विकसित कर सकें। अकादमी में आधुनिक डिजिटल लर्निंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है। छात्रों को प्रैक्टिकल तरीके से सीखने के लिए 10 लैपटॉप और 15 टैबलेट जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन डिजिटल संसाधनों के माध्यम से छात्रों को रियल टाइम प्रोजेक्ट्स, ऑनलाइन टूल्स और AI से जुड़े नए प्रयोगों की जानकारी दी जाती है। फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी की कक्षाएं पुरवा नगर के मोहल्ला बेगमगंज में संचालित हो रही हैं। यहां स्थानीय युवाओं की भागीदारी लगातार बढ़ रही है। प्रशिक्षण प्राप्त कर रहे छात्रों का कहना है कि इस कोर्स से उन्हें नई दिशा मिली है और वे भविष्य में तकनीकी क्षेत्र में बेहतर करियर की उम्मीद कर रहे हैं। अकादमी के क्षेत्रीय प्रबंधक अमित शुक्ला ने बताया कि संस्था का मुख्य लक्ष्य युवाओं को आत्मनिर्भर और रोजगार के योग्य बनाना है। उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में और अधिक छात्रों को जोड़ने तथा नए तकनीकी कोर्स शुरू करने की योजना है। फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी अकादमी की यह पहल उन्नाव के युवाओं के लिए एक नई उम्मीद बनकर सामने आ रही है। उन्हें तकनीक के साथ कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ने का अवसर दे रही है।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 10:23 am

गाजीपुर के 24 स्कूलों में किचन गार्डन तैयार:तीन साल बाद 'सेहत के साथ शिक्षा' योजना हुई साकार, उगाई जा रहीं हरी जैविक सब्जियां

गाजीपुर जिले के रेवतीपुर शिक्षा क्षेत्र में शासन की महत्वाकांक्षी योजना 'शिक्षा के साथ सेहत' अब धरातल पर साकार हो रही है।लगभग तीन वर्षों के इंतजार के बाद परिषदीय विद्यालयों में बच्चों को पढ़ाई के साथ पौष्टिक आहार उपलब्ध कराने की दिशा में ठोस पहल शुरू की गई है। इस योजना के तहत कम्पोजिट विद्यालय विसुनपुरा परिसर में लगभग दो बिस्वा क्षेत्रफल में किचन गार्डन विकसित किया गया है।इसमें आधा दर्जन से अधिक किस्म की हरी सब्जियों की खेती की जा रही है,जिसका सीधा लाभ अब बच्चों को मध्याह्न भोजन में मिल रहा है। उन्हें मौसम के अनुसार ताज़ी,हरी और गर्मागर्म सब्जियां परोसी जा रही हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार, रेवतीपुर ब्लॉक के अंतर्गत अब तक 24 परिषदीय विद्यालयों में किचन गार्डन पूरी तरह तैयार हो चुके हैं।इन गार्डनों में उगाई जा रही सब्जियों को मध्याह्न भोजन में शामिल किया जा रहा है,जिससे छात्रों को पोषणयुक्त और संतुलित आहार मिल रहा है। अधिकारियों का कहना है कि रेवतीपुर शिक्षा क्षेत्र का यह प्रयास अब गाजीपुर जिले के अन्य परिषदीय विद्यालयों के लिए एक मॉडल बन गया है। खास बात यह है कि किचन गार्डन में उगाई जा रही सभी सब्जियां रासायनिक खाद से मुक्त हैं। इन्हें पूरी तरह जैविक और कम्पोस्ट खाद के माध्यम से तैयार किया जा रहा है, जो बच्चों के स्वास्थ्य के लिए लाभदायक हैं। इन किचन गार्डनों में प्रमुख रूप से सरपुतिया, तरोई, बोड़ा, भिंडी, बैंगन, हरी मिर्च, पत्ता गोभी, फूल गोभी, खीरा, लहसुन, धनिया, टमाटर, मूली, पालक, गाजर, सोया, मेथी और सौंफ जैसी पौष्टिक सब्जियां उगाई जा रही हैं। आंकड़ों के अनुसार, कम्पोजिट विद्यालय विसुनपुरा में 72 छात्र-छात्राएं अध्ययनरत हैं। रेवतीपुर शिक्षा क्षेत्र में कुल 104 विद्यालय हैं, जहाँ लगभग 10,000 छात्र-छात्राएं पंजीकृत हैं। विसुनपुरा कम्पोजिट विद्यालय में प्रधानाध्यापक संत कुमार गुप्ता, मंगलदीप सिंह, धर्मेंद्र कुमार सिंह, अरशद हसन और धर्मेंद्र कनौजिया जैसे शिक्षक कार्यरत हैं। खंड शिक्षा अधिकारी अशोक कुमार गौतम ने बताया, किचन गार्डन योजना अब रेवतीपुर शिक्षा क्षेत्र में मूर्त रूप ले चुकी है। यहां उगाई जा रही जैविक सब्जियों को मध्याह्न भोजन में शामिल किया जा रहा है, जिससे बच्चों को पौष्टिक और स्वास्थ्यवर्धक आहार मिल रहा है।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 9:37 am

पूर्वोत्तर में उच्च शिक्षा का केंद्र बनकर उभर रहा त्रिपुरा: सीएम माणिक साहा

त्रिपुरा के मुख्यमंत्री माणिक साहा ने कहा कि राज्य पूर्वोत्तर क्षेत्र में उच्च शिक्षा के एक प्रमुख केंद्र के रूप में उभरा है, जहां सात विश्वविद्यालय, तीन इंजीनियरिंग कॉलेज, तीन मेडिकल कॉलेज और कई अन्य उच्च शिक्षा और व्यावसायिक संस्थान उच्च कुशल कार्यबल का उत्पादन कर रहे हैं।

देशबन्धु 30 Jan 2026 8:15 am

रासा पंजाब ने आप शिक्षा विंग के पंजाब प्रधान गुलशन छाबड़ा का किया सम्मान

भास्कर न्यूज | अमृतसर रिकॉग्नाइज़्ड एंड एफिलिएटेड स्कूल एसोसिएशन (रजि.) रासा पंजाब की ओर से आप शिक्षा विंग के पंजाब प्रधान गुलशन छाबड़ा का विशेष रूप से सम्मान किया गया। इस दौैरान शिक्षा विंग के माझा जोन इंचार्ज सर्बजोत सिंह धंजल और हरपिंदर पाल सिंह संधू को भी सम्मानित किया गया। कार्यक्रम में रासा पंजाब के अध्यक्ष जगतपाल महाजन, जनरल सेक्रेटरी सुजीत शर्मा बबलू, मुख्य सलाहकार जगजीत सिंह सहित रासा के कई वरिष्ठ पदाधिकारी और सदस्य उपस्थित रहे। बैठक के दौरान रासा के प्रतिनिधियों ने शिक्षा क्षेत्र से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण मुद्दों, निजी स्कूलों की समस्याओं और शिक्षा सुधारों को लेकर गुलशन छाबड़ा के साथ विस्तृत चर्चा की। गुलशन छाबड़ा ने रासा पंजाब को आश्वासन दिया कि स्कूलों से जुड़ी समस्याओं और मांगों को प्राथमिकता के आधार पर सुना जाएगा तथा उन्हें उचित स्तर पर हल करवाने का हरसंभव प्रयास किया जाएगा। उन्होंने शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए सरकार और स्कूल प्रबंधन के बीच बेहतर समन्वय की आवश्यकता पर भी बल दिया।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 4:23 am

मेडिकल शिक्षा विभाग; गणतंत्र दिवस पर सम्मान, अगले दिन थमाए नोटिस

मेडिकल शिक्षा विभाग की ओर से उल्लेखनीय काम करने वाले अधिकारियों को गणतंत्र दिवस पर सम्मानित किया गया और अगले ही दिन काम में लापरवाही के कारण नोटिस जारी कर दिए। विभाग ने तीन अस्पतालों के अधीक्षकों को मुख्यमंत्री आयुष्मान आरोग्य योजना के तहत भर्ती मरीजों के इलाज की एवज में उठाए जाने वाले क्लेम के रिजेक्ट होने पर नोटिस दिया है। विभाग की बनीपार्क सेटेलाइट अस्पताल अधीक्षक डॉ. पीडी मीणा, सेठी कॉलोनी जयपुर के अधीक्षक डॉ. गोवर्धन मीणा, राज बहादुर मेमोरियल हॉस्पिटल भरतपुर के अधीक्षक डॉ. नगेन्द्र भदौरिया और अजमेर स्थित महिला चिकित्सालय की अधीक्षक डॉ. पूर्णिमा पंचौरी को सम्मानित किया गया था। गणतंत्र दिवस पर एक निजी क्षेत्र के व्यक्ति को सम्मानित करना भी चर्चा में है। मेडिकल शिक्षा विभाग के आयुक्त नरेश कुमार गोयल का कहना है कि सम्मान करना एक सामान्य प्रक्रिया है।

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 4:00 am

माध्यमिक शिक्षा में 10 साल बाद 50 हजार से अधिक पद बढ़ेंगे

सरकार 10 साल बाद माध्यमिक शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न करने जा रही है। विभाग ने इसका खाका तैयार कर लिया है। अब सरकार को भेजेंगे। स्वीकृति मिलते ही लागू करने का काम शुरू हो जाएगा। माना जा रहा है कि नए सत्र 2026-27 में यह लागू हो जाएगा। इससे पहले पिछली भाजपा सरकार में शिक्षा में स्टाफिंग पैटर्न लागू किया था। इसका मतलब है कि स्कूलों में नामांकन के हिसाब से पद देना। 10 साल पहले माध्यमिक शिक्षा में 20 लाख से अधिक नामांकन था। अब 50 लाख से अधिक है। ऐसे में शिक्षक व अन्य की संख्या में बढ़ोतरी तय है। नामांकन के हिसाब से देखा जाए तो स्कूलों में 50 हजार से अधिक पदों की बढ़ोतरी संभव है। शेष | पेज 8

दैनिक भास्कर 30 Jan 2026 4:00 am

शिक्षा खौफनाक नहीं, बल्कि स्नेह एवं हौसलों का माध्यम बने

जीवन को दिशा देने वाली शिक्षा यदि भय, हिंसा और दमन का पर्याय बन जाए तो वह सभ्यता की सबसे बड़ी विडंबना कही जाएगी। हाल के वर्षों में पढ़ाई के नाम पर बच्चों पर बढ़ते दबाव, घर और स्कूल में हिंसक व्यवहार तथा प्रतिस्पर्धा की अंधी दौड़ ने शिक्षा की आत्मा पर गहरा आघात किया ... Read more

अजमेरनामा 29 Jan 2026 8:00 pm

विश्व शिक्षा दिवसः 24 जनवरी 2026 ? शिक्षा रोजगार का टिकट नहीं, जीवन का दर्शन बने

विश्व शिक्षा दिवस कोरा उत्सव नहीं, बल्कि आत्ममंथन का अवसर है, यह सोचने का क्षण कि शिक्षा क्या है, किसके लिए है और किस दिशा में समाज को ले जा रही है। भारत इस संदर्भ में केवल एक देश नहीं, बल्कि एक जीवित सभ्यता है, जिसने शिक्षा को कभी भी मात्र रोजगार या सूचना का ... Read more

अजमेरनामा 23 Jan 2026 8:11 pm

10th board exams 2026: 10वीं बोर्ड परीक्षा की तैयारी कैसे करें?

10th board exams 2026: 10वीं बोर्ड की परीक्षा आपके शैक्षणिक जीवन का एक महत्वपूर्ण पड़ाव है। सही रणनीति और अनुशासन के साथ आप न केवल अच्छे अंक ला सकते हैं, बल्कि अपना आत्मविश्वास भी बढ़ा सकते हैं। यहीं से तय होता है छात्रों के करियर चुनने का रास्ता और ...

वेब दुनिया 7 Jan 2026 3:28 pm

सावित्रीबाई फुलेः शिक्षा से सामाजिक क्रांति तक

-बाबूलाल नागा 3 जनवरी भारतीय सामाजिक इतिहास का वह महत्वपूर्ण दिन है, जो शिक्षा, समानता और महिला सशक्तिकरण के संघर्ष की प्रतीक सावित्रीबाई फुले की जयंती के रूप में मनाया जाता है। सावित्रीबाई फुले केवल पहली महिला शिक्षिका ही नहीं थीं, बल्कि वे उस सामाजिक क्रांति की धुरी थीं, जिसने सदियों से जकड़ी रूढ़ियों, जातिवाद ... Read more

अजमेरनामा 2 Jan 2026 9:55 pm

4 साल की उम्र में श्रेया घोषाल ने ली संगीत की शिक्षा, अमेरिका में मनाया जाता है 'श्रेया घोषाल दिवस'

बॉलीवुड की फेमस सिंगर श्रेया घोषाल 12 मार्च को अपना बर्थडे सेलिब्रेट कर रही हैं। अपनी सुरीली आवाज से लाखों लोगों को दिवाना बनाने वाली श्रेया का जन्म 1984 में पश्चिम बंगाल के मुर्शिदाबाद में हुआ था। उन्होंने बेहद कम समय में अपनी सुरीली आवाज से बड़ी ...

वेब दुनिया 12 Mar 2025 10:31 am

लोग पिता से कहते थे, 'झुग्गी में रहते हो, चाय बेचकर अपनी बेटी को शिक्षा नहीं दे पाओगे', अब बेटी बन गई CA

दिल्ली में झुग्गी में रहने वाले एक पिता ने, जो चाय बेचते हैं, उन्होंने अपनी बेटी को आखिरकार CA बना दिया। जहां एक ओर लोगों ने कहा, क्यों अपनी बेटी को जरूरत से ज्यादा पढ़ा रहे हो, इसकी शादी करवा देनी चा

लाइव हिन्दुस्तान 21 Jul 2024 1:32 pm

NEET UG रिजल्ट को लेकर अभी भी जारी है गुस्सा, छात्रों ने शिक्षा मंत्रालय के पास किया विरोध प्रदर्शन

नीट-यूजी परीक्षा में गड़बड़ी की आशंका जताते हुए छात्रों ने सोमवार को शिक्षा मंत्रालय के पास विरोध प्रदर्शन किया और परीक्षा परिणाम में कथित अनियमितताओं की जांच की मांग की। आइए जानते हैं, क्या है पूरा म

लाइव हिन्दुस्तान 10 Jun 2024 5:33 pm

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का 10 फीसदी भी डाटा नहीं हुआ अपलोड

ई-शिक्षा कोष पर छात्रों का डाटा अपलोड करने में जिले के कई स्कूल ढील दे रहे हैं, वे 10 फीसदी छात्रों का भी डाटा अभी तक अपलोड नहीं कर पाए हैं। डाटा अपलोड करने में आधार कार्ड की अनिवार्यता के बाद से छ

लाइव हिन्दुस्तान 4 Jun 2024 11:24 am

बेसिक शिक्षा : दो महीने बाद भी 1.38 लाख छात्रों का डेटा नहीं हुआ अपडेट

बेसिक शिक्षा विभाग के यू डायस पोर्टल पर डेटा अपडेट करने का कार्य बहुत धीमी गति से चल रहा है। हाल ये है कि दो महीने में महज 1.38 लाख छात्रों डेटा भी अपडेट नहीं हुआ। विभाग ने अब 5 जून तक इसे पूरा करने क

लाइव हिन्दुस्तान 3 Jun 2024 10:59 am

स्कूलों में कैसे पढ़ा रहे हैं शिक्षक, वीडियो में देखेगा शिक्षा विभाग, होगी रिकॉर्डिंग

शिक्षा विभाग वीडियो के जरिए देखेगा कि परिषदीय स्कूलों के शिक्षक छात्रों को कैसे पढ़ाते हैं। बता दें. छात्रों को पढ़ाते हुए शिक्षकों की वीडियो रिकॉर्डिंग की जाएगी। आइए जानते हैं विस्तार से।

लाइव हिन्दुस्तान 28 May 2024 9:24 pm

बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है 7000 युवा

बॉलीवुड का ये सुपरस्टार युवाओं को IAS बनाने के लिए मुफ्त में देगा शिक्षा, योजना से अबतक जुड़ चुके है7000 युवा

मनोरंजन नामा 13 Apr 2024 1:01 pm

राम बनने के लिए धनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर के आर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

राम बनने के लिएधनुष-बाण चलाने की शिक्षा ले रहे है Ranbir Kapoor, एक्टर केआर्चरी ट्रेनर ने शेयर की तस्वीरें

मनोरंजन नामा 26 Mar 2024 5:33 pm