Goa Nightclub Fire: Bombay High Court ने रद्द की 3 आरोपियों की जमानत, 2 हफ्ते में सरेंडर का आदेश
मुंबई उच्च न्यायालय ने गोवा नाइटक्लब अग्निकांड मामले में तीन आरोपियों को दी गई जमानत यह कहते हुए रद्द कर दी अधीनस्थ अदालत जांच के दौरान जुटाई गई सामग्री पर ठीक से विचार नहीं कर पाई और उसकी यह टिप्पणी गलत थी कि यह अपराध हत्या या डकैती जितना जघन्य नहीं था। उच्च न्यायालय ने यह भी कहा कि रिकॉर्ड पर मौजूद सामग्री से प्रथम दृष्टया संकेत मिलता है कि रेस्तरां बिना लाइसेंस के संचालित किया जा रहा था और उसका ढांचा अनधिकृत था। साथ ही, आरोपी और उसके साझेदार कथित तौर पर पर्याप्त सुरक्षा उपायों के बिना परिसर में आतिशबाजी करने के जोखिमों से परिचित थे। मुंबई उच्च न्यायालय की गोवा पीठ की न्यायमूर्ति डॉ. नीला गोखले ने अधीनस्थ अदालत द्वारा आरोपियों को दी गई जमानत को चुनौती देने वाली याचिकाओं पर सुनवाई करते हुए 18 अगस्त को यह आदेश पारित किया। उन्होंने तीनों आरोपियों को अधीनस्थ अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने के लिए दो सप्ताह का समय दिया। छह दिसंबर, 2025 को अर्पोरा स्थित ‘बर्च बाय रोमियो लेन’ नाइटक्लब में लगी भीषण आग में 25 लोगों की मौत हो गई थी, जबकि 50 अन्य घायल हुए थे। सौरभ लूथरा और गौरव लूथरा भाई हैं। वे अपने व्यावसायिक साझेदार अजय गुप्ता के साथ ‘मैसर्स बीइंग जीएस हॉस्पिटैलिटी अर्पोरा एलएलपी’ में साझेदार थे, जो इस नाइटक्लब का संचालन करती थी। तीनों आरोपियों को इस साल अप्रैल में अधीनस्थ अदालत ने जमानत दी थी। अपने आदेश में उच्च न्यायालय ने तीनों आरोपियों को दो सप्ताह के भीतर सत्र अदालत के समक्ष आत्मसमर्पण करने का निर्देश दिया। हालांकि, अदालत ने उन्हें आत्मसमर्पण के बाद नए सिरे से जमानत याचिका दायर करने की अनुमति दी। अदालत राज्य सरकार द्वारा दायर उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें आरोपियों को जमानत देने के सत्र अदालत के आदेश को चुनौती दी गई थी। राज्य सरकार ने दलील दी कि सत्र अदालत अपराध की गंभीरता को समझ नहीं पाई। राज्य के अनुसार, कथित आपराधिक लापरवाही, लापरवाह आचरण और वैधानिक अग्नि सुरक्षा मानकों के उल्लंघन के कारण 25 लोगों की मौत हुई। उच्च न्यायालय ने कहा कि जमानत के लिए दायर याचिका आरोपियों की दूसरी याचिका थी और उनकी पहली याचिका महज दो महीने पहले खारिज की गई थी। अदालत ने कहा कि सत्र अदालत ने जमानत देने को उचित ठहराने के लिए आरोपपत्र दाखिल होने के अलावा किसी अन्य बदली परिस्थिति का उल्लेख नहीं किया था। उच्च न्यायालय ने इस निष्कर्ष को भी खारिज कर दिया कि आरोपी के फरार होने का कोई खतरा नहीं है। अदालत ने कहा कि जिस दिन प्राथमिकी दर्ज हुई, उसी दिन आरोपी देश छोड़कर फरार हो गया था और बाद में उसे भगोड़ा घोषित किया गया। अदालत ने कहा कि आरोपपत्र दाखिल होने से आरोपों की गंभीरता कम नहीं हो जाती और न ही इससे आरोपी को जमानत पाने का कोई अधिकार मिल जाता है। उच्च न्यायालय ने कहा कि सत्र अदालत की यह टिप्पणी गलत थी कि अपराध हत्या या डकैती जितना जघन्य नहीं था। उसने इस बात पर बल दिया कि कथित अपराध की गंभीरता को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
तरुण तेजपाल को उम्रकैद हो, SC के पास पहुंची गोवा सरकार; 10 साल की सजा को बताया कम
इससे पहले तरुण तेजपाल को 2013 में गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में अपनी जूनियर सहकर्मी से बलात्कार करने का दोषी ठहराया गया था। हालांकि तेजपाल ने खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताया है।
Dehradun News: सुरेऊ गांव में दिनदहाड़े बकरे को गुलदार ने बनाया निवाला, दहशत
Leopard kills goat in broad daylight in Sureu village
गोवा सरकार ने पत्रकार तरुण तेजपाल की 2013 के यौन उत्पीड़न मामले में सजा बढ़ाने के लिए सुप्रीम कोर्ट का रुख किया है।
तरुण तेजपाल को उम्रकैद देने की मांग, सजा बढ़ाने के लिए SC पहुंची गोवा सरकार
गोवा सरकार ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर पत्रकार तरुण तेजपाल की सजा बढ़ाने या उन्हें उम्रकैद देने की मांग की है. सरकार का तर्क है कि हाईकोर्ट की ओर से दी गई न्यूनतम सजा अपराध की गंभीरता के मुकाबले बेहद कम है और दोनों घटनाओं के लिए अलग-अलग सजा होनी चाहिए.
'नई दिल्ली के बाद गोवा में भी वंदे मातरम् का अपमान', बीजेपी का कांग्रेस पर हमला
भाजपा ने कांग्रेस पर दिल्ली और गोवा दोनों जगह 'वंदे मातरम्' का अपमान करने का आरोप लगाया है।
रेप केस में तरुण तेजपाल को मिले उम्रकैद की सजा, HC के फैसले के खिलाफ SC पहुंची गोवा सरकार
बॉम्बे हाई कोर्ट की गोवा पीठ ने 6 अगस्त, 2026 को 2013 के बलात्कार मामले में उन्हें 2021 में बरी किए जाने के फैसले को पलट दिया था.
तरुण तेजपाल मामले में Supreme Court पहुंची गोवा सरकार, सजा बढ़ाने की मांग
New Delhi, 18 अगस्त . पूर्व तहलका संपादक तरुण तेजपाल को दुष्कर्म मामले में बॉम्बे हाईकोर्ट द्वारा 10 वर्ष के कठोर कारावास की सजा दिए जाने के बाद अब गोवा Government ने Supreme Court का रुख किया है. गोवा Government ने शीर्ष अदालत में याचिका दाखिल कर तेजपाल की सजा बढ़ाने की मांग की है. ... Read more
तरुण तेजपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची गोवा सरकार, सजा बढ़ाने की मांग
तरुण तेजपाल मामले में सुप्रीम कोर्ट पहुंची गोवा सरकार, सजा बढ़ाने की मांग
'फैशन' और 'लगे रहो मुन्ना भाई' जैसी सुपरहिट फिल्मों में नजर आ चुके मशहूर अभिनेता और वॉयस-ओवर आर्टिस्ट अश्विन मुशरान गोवा में एक सड़क हादसे का शिकार हो गए हैं। दक्षिण गोवा के कुशावती क्षेत्र (क्वेपेम गांव) में उनकी कार और एक स्कूटर के बीच हुई भीषण टक्कर में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद पुलिस ने कार चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज कर लिया है। अश्विन मुशरान के साथ हुए हादसे की जानकारी पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह हादसा शनिवार को क्वेपेम गांव में हुआ। कार के ड्राइवर, 32 वर्षीय वसंत पुत्तप्पा लमन, जो उस समय गाड़ी चला रहे थे, के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, मुशरान और उनकी पत्नी कार में यात्रा कर रहे थे, तभी उनकी कार सामने से आ रहे एक स्कूटर से टकरा गई। इस टक्कर में एक पिता और पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद, अमोल कनेकर नाम के एक स्थानीय निवासी और अन्य लोगों ने मुशरान और उनकी पत्नी से बहस की। इस ग्रुप और एक्टर व उनकी पत्नी के बीच हुई बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है और वायरल हो गया है। इस घटना पर टिप्पणी के लिए मुशरान उपलब्ध नहीं थे। अश्विन मुशरान का फिल्मी करियर अश्विन मुशरान भारतीय सिनेमा और टेलीविज़न का एक जाना-माना चेहरा हैं। उन्होंने वॉयस-ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। एक्टर 'लगे रहो मुन्ना भाई', 'फैशन' और 'क्विक गन मुरुगन' जैसी लोकप्रिय फिल्मों में नज़र आ चुके हैं। खबरों के मुताबिक, अश्विन मुशरान एक्टर विवेक मुशरान के कज़िन हैं। वह अपना ज़्यादातर समय गोवा में भी बिताते हैं। फिलहाल, मुशरान ने इस हादसे या पुलिस की कार्रवाई के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Box Office Collection | Awarapan 2 ने ली बढ़त, Batwara 1947 पिछड़ी, पहले सोमवार को दोनों फिल्मों की कमाई में गिरावट क्या अश्विन मुशरान अभी भी एक्टिंग करते हैं? अश्विन मुशरान ने फिल्मों, टेलीविज़न, थिएटर और वॉयस-ओवर के काम में अपना करियर बनाया है। उन्होंने कई प्लेटफॉर्म और ब्रांड्स के साथ काम किया है और नौ देशों में स्टेज पर परफॉर्म किया है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | Ananya Raj का 27 वर्ष की आयु में निधन, Awarapan 2का बॉक्स ऑफिस पर धमाका उन्होंने 'मनी हाइस्ट' के हिंदी वर्शन में 'द प्रोफेसर' को आवाज़ दी है और एडम सैंडलर, माइकल फासबेंडर और स्टेनली टुकी जैसे हॉलीवुड एक्टर्स के लिए डबिंग की है। हाल ही में उन्हें नेटफ्लिक्स की 'राणा नायडू' (जो 'रे डोनोवन' का भारतीय अडैप्टेशन है) में फरज़ाद सूनावाला के किरदार में भी देखा गया था। उनकी फ़िल्मों में 'लगे रहो मुन्ना भाई', नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली 'फ़ैशन' और 'आइलैंड सिटी' शामिल हैं; 'आइलैंड सिटी' का प्रीमियर 2015 में वेनिस फ़िल्म फ़ेस्टिवल में हुआ था। उनके थिएटर के कामों में 'पुणे हाईवे', 'जिन्स ऑफ़ ईदगाह', 'पीर गिंट' और 'अ फ़्यू गुड मेन' शामिल हैं, जिनकी वजह से वे भारत और विदेशों में दर्शकों के सामने अपनी कला पेश कर पाए। हादसे का घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई हादसे का समय व स्थान: पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार को दक्षिण गोवा के क्वेपेम गांव में हुई। कार में अश्विन मुशरान अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे थे। पिता-पुत्र घायल: सामने से आ रही एक स्कूटर और कार के बीच हुई टक्कर में स्कूटर सवार पिता और पुत्र दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। ड्राइवर पर मामला दर्ज: पुलिस ने 32 वर्षीय कार ड्राइवर वसंत पुत्तप्पा लमन के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और दुर्घटना करने के आरोप में केस दर्ज किया है।
NEET UG Rank List : 633 वाला टॉपर, 550 से ऊपर सिर्फ 24, MBBS और BDS की एक और मेरिट लिस्ट जारी
NEET UG Merit Rank List : डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन पोरवोरिम गोवा ने नीट बेस्ड कोर्स और फॉर्मेसी की मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। अभ्यर्थी dte.goa.gov.in पर जाकर मेरिट लिस्ट की पीडीएफ फाइल चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।
कानपुर में साढ़ हत्याकांड का मुख्य आरोपी सोहेल उर्फ रानू खान के मामले में चौकाने वाले जानकारी सामने आयी है। वह अंग्रेजी के साथ-साथ रशियन, साउथ इंडियन और बुंदेलखंड की भाषा अच्छे से बोलता है। यही कारण है कि गोवा में एक विदेशी से दोस्ती गांठकर उसके पैसों से होटल में रुका, जबकि रशियन लड़की से दोस्ती कर उसके साथ घूमता फिरता रहा। फरारी के दौरान उसने 17 हजार रुपयों का इंतजाम नीम की दातून बेचकर किया। सात अगस्त की रात चचेरे भाई की हत्या की थी साढ़ के देवसढ़ गांव में सात अगस्त की रात 12 बजे चचेरे भाई वाहन चालक मुमताज की बेरहमी से हत्या के बाद मुख्य आरोपी सोहेल उर्फ रानू फरार हो गया था। हत्या अंजाम देने के बाद रानू हमीरपुर में बहन के घर पहुंचा। यहां से वह चित्रकूट गया और पहचान छिपाने को सिर के बाल कटवा लिए। एक बारगी पुलिस उस तक पहुंच गई और उसकी फोटो उसे ही दिखाकर पूछा, इसे कहीं देखा है। पुलिस पीछे लगी है, यह बात वह जानता था। इसलिए वह मानिकपुर पहुंचा और सुपर फास्ट ट्रेन में बैठकर भुसावल, मुंबई, बलसाढ़, सूरत, रत्नागिरी से भागते हुए गोवा तक पहुंच गया। रास्ते में टीटीई उससे टिकट न मांगे इसलिए नीम के पेड़ों से दातून तोड़कर उसके छोटे बंडल बनाए और ट्रेन में बेचता हुआ चला गया। पुलिस को पूछताछ में उसने बताया कि हमीरपुर से गोवा के बीच करीब 17 हजार रुपये की दातूून उसने ट्रेन में बेची। कोच्चि, मुंबई, गोवा में कर चुका बावर्ची का काम इसके चलते न तो टीटीई ने पकड़ा और कमाई भी हो गई। पुलिस को उसने बताया कि वह अंग्रेजी, रशियन, साउथ इंडियन और बुंदेलखंड भाषा अच्छे से बोलना जानता है। उसने कोच्चि, मुंबई, गोवा में बावर्ची का काम किया है। वह अच्छा खाना बनाना भी जानता है। अपनी इसी काबिलियत के बल पर उसने एक अंग्रेज से दोस्ती कर गोवा में उसके पैसों से होटल में रुका। यहां एक रशियन लड़की के साथ से भी अच्छी दोस्ती हो गई थी, वह भी मदद करती थी। पुलिस का दबाव बढ़ने पर वह सरेंडर करने कानपुर आ गया और पकड़ा गया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि रानू शातिर होने के साथ-साथ कई भाषाएं जानता है। इसी के चलते फरार के दौरान वह लोगों को बेवकूफ बनाकर ठगता भी रहा।
मुमताज हत्याकांड: हत्यारोपी ने दातून बेचकर कमाए 17 हजार रुपये, गोवा में रुका; रशियन के साथ घूमा
कानपुर के मुमताज हत्याकांड का मुख्य आरोपी रानू खान पुलिस से बचने के लिए शातिराना तरीके अपनाता रहा। वारदात के बाद वह कई राज्यों में घूमता रहा और ट्रेन में दातून बेचकर करीब 17 हजार रुपये कमाए। गोवा पहुंचने के बाद एक विदेशी से दोस्ती कर उसके खर्चे पर होटल में रुका था।
Mallikarjun Kharge ने BJP को धर्म-विरोधी बताया, गोवा रैली में उत्तराखंड के अनुष्ठान पर बोला हमला
कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने सोमवार को उत्तराखंड में उनके भाषण के बाद कथित ‘शुद्धीकरण’ अनुष्ठान का हवाला देते हुए भारतीय जनता पार्टी को “धर्म-विरोधी” करार दिया और सत्ताधारी पार्टी द्वारा “धार्मिक मूल्यों की चुनिंदा व्याख्या” पर सवाल उठाए। दक्षिण गोवा में एक जनसभा को संबोधित करते हुए, खरगे ने देशभक्ति के दावों को लेकर भाजपा पर निशाना साधा और पार्टी नेतृत्व को चुनौती दी कि वे उन पार्टी सदस्यों की पहचान करें, जिन्होंने भारत की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी थी। गोवा में सत्ताधारी भाजपा और कांग्रेस के बीच देशभक्ति, धर्म, दल-बदल, जमीन के मालिकाना हक और हाल ही में वंदे मातरम को लेकर हुए विवाद जैसे मुद्दों पर लगातार हो रहे हमलों के बीच कांग्रेस प्रमुख की ये टिप्पणी आई है। उन्होंने कहा, “आप (भाजपा) धर्म-विरोधी हैं, क्योंकि जब मेरे जैसा कोई व्यक्ति उत्तराखंड जाकर लाखों लोगों के सामने भाषण देता है, तो उसके दो दिन बाद आप उस इमारत में शुद्धीकरण का कार्यक्रम करते हैं।”यह कथित “शुद्धीकरण” उत्तराखंड के रामलीला मैदान में हुआ, जहां खरगे ने आठ अगस्त को भाषण दिया था। उन्होंने आरोप लगाया, “क्या आपका धर्म यह सिखाता है? क्या आपके लोग यह सिखाते हैं? क्या आपके गुरु आपको ऐसा करने के लिए कहते हैं?”उन्होंने कहा कि धर्म को ऐसी गतिविधियों तक सीमित नहीं किया जाना चाहिए और साथ ही धार्मिक मूल्यों की “चुनिंदा व्याख्या” को लेकर भाजपा पर सवाल उठाए। उन्होंने आरोप लगाया, “हमारे लोगों ने देश की आजादी के लिए लड़ाई लड़ी। क्या आपने भी लड़ाई लड़ी? मुझे बताइए, भाजपा का कौन सा व्यक्ति इस देश की आजादी के लिए लड़ा? आरएसएस का कौन सा व्यक्ति इस देश की आजादी के लिए लड़ा? और आप हमें देशभक्ति का पाठ पढ़ाते हैं?”खरगे ने आरोप लगाया कि भाजपा के पास कांग्रेस नेताओं की देशभक्ति पर सवाल उठाने का कोई नैतिक अधिकार नहीं है। उन्होंने कहा, “ये लोग देश-विरोधी हैं। आप भारत-विरोधी हैं।”उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह ने अक्सर कांग्रेस की पूर्व अध्यक्ष सोनिया गांधी और गांधी परिवार की आलोचना की है। अपने लंबे राजनीतिक करियर का जिक्र करते हुए खरगे ने कहा, “जब मैं विधायक बना था, तब अमित शाह का नाम भी नहीं हुआ करता था। उस समय उनका राजनीतिक भविष्य क्या था?”उन्होंने कहा, “मैं जनता का प्रतिनिधि हूं। और जनता के प्रतिनिधि के तौर पर मैं यात्रा करता रहूंगा, बोलता रहूंगा, लड़ता रहूंगा और इन लोगों की पोल खोलता रहूंगा तथा उन्हें हराता रहूंगा।”गोवा में भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए खरगे ने कहा कि राज्य के 12 मंत्रियों में से 10 कांग्रेस के पूर्व नेता हैं, जिन्होंने पार्टी छोड़ दी थी। उन्होंने कहा, ‘‘गोवा में हमारे लोग भारी अंतर से जीते थे, लेकिन दल बदलने वाले कुछ लोग छोड़कर चले गए और आज 12 मंत्रियों में से 10 कांग्रेस से हैं।’’उन्होंने पाला बदलने वालों को “गद्दार” बताया और आरोप लगाया कि उनके पाला बदलने से गोवा की नैतिकता और आत्म-सम्मान को ठेस पहुंची है। खरगे ने मतदाताओं से गोवा की रक्षा के लिए कांग्रेस का समर्थन करने की अपील करते हुए कहा, “गद्दारों को वोट न दें। अगर आप उन्हें वोट देंगे, तो आप भी गद्दार बन जाएंगे।”उन्होंने जमीन के मालिकाना हक का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि मेट्रो शहरों के अमीर लोगों ने गोवा में जमीन खरीदी है।
Molbio IPO Listing: गोवा की पहली यूनिकॉर्न, ₹980 पर लिस्ट ₹807 का शेयर, 70 गुना भरा था आईपीओ
Molbio IPO Listing: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक के शेयरों की आज घरेलू मार्केट में धांसू एंट्री हुई। इसके आईपीओ को ओवरऑल 70 गुना से अधिक बोली मिली थी। आईपीओ के तहत ₹807 के भाव पर शेयर जारी हुए हैं। आज BSE पर इसकी ₹980.00 और NSE पर भी ₹980.00 पर एंट्री हुई है यानी कि आईपीओ निवेशकों को 21% से अधिक लिस्टिंग गेन (Molbio Listing Gain) मिला। हालांकि आईपीओ निवेशकों की खुशी थोड़ी ही देर में फीकी हो गई जब शेयर टूट गए। टूटकर BSE पर यह ₹946.80 (Molbio Share Price) पर आ गया यानी कि आईपीओ निवेशक अब 946.80% मुनाफे में हैं।Molbio Diagnostics IPO के पैसे कैसे होंगे खर्चमोब्लियो डाइग्नॉस्टिक्स न का ₹940 करोड़ का आईपीओ 10-12 अगस्त तक खुला था। इसे हर कैटेगरी के निवेशकों का अच्छा रिस्पांस मिला और ओवरऑल यह 70.27 गुना सब्सक्राइब हुआ था। इसमें क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित हिस्सा 186.39 गुना, नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) का हिस्सा 49.80 गुना और खुदरा निवेशकों का हिस्सा 12.97 गुना और एंप्लॉयीज का हिस्सा 13.28 गुना भरा था।इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी हुए हैं। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयरों की ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिक्री हुई है। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिला है। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹105.54 करोड़ आरएंडडी फैसिलिटी, सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹72.28 करोड़ गोवा यूनिट 1, गोवा यूनिट 2 और विशाखापत्तनम यूनिट के लिए प्लांट, मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट की खरीदारी, ₹59.54 करोड़ आईपीओ से जुड़े खर्चों को भरने और ₹9.47 करोड़ आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।Molbio Diagnostics के बारे मेंमोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने 'Truenat' नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम करीब 32% के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 तिमाही के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।Dhoot Transmission की धांसू एंट्री, IPO को 75 गुना बोली, फिर 37% प्रीमियम पर ₹871 का शेयर लिस्टडिस्क्लेमर: यहां मुहैया जानकारी सिर्फ सूचना के लिए दी जा रही है। यहां बताना जरूरी है कि मार्केट में निवेश बाजार जोखिमों के अधीन है। निवेशक के तौर पर पैसा लगाने से पहले हमेशा एक्सपर्ट से सलाह लें। मनीकंट्रोल की तरफ से किसी को भी पैसा लगाने की यहां कभी भी सलाह नहीं दी जाती है।
बिहार की पहचान अक्सर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के साथ गंगा नदी से जोड़कर देखी जाती है। लेकिन दक्षिण बिहार के कैमूर और रोहतास की पहाड़ियों से लेकर नवादा तक कई खूबसूरत जलप्रपात हैं, जो बारिश के मौसम में बेहद आकर्षक नजर आते हैं। पहाड़ों के बीच से गिरती पानी की धार, चारों ओर हरियाली और जंगलों का शांत नजारा इन जगहों को खास बनाता है। अगर आप मानसून में बिहार में ही किसी खूबसूरत और शांत जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ककोलत वॉटरफॉल, तेल्हार कुंड, धुआं कुंड, मंजर कुंड, तुतला भवानी, कर्कटगढ़ और काशिश झरना आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं। बिहार के 5 ऐसे खूबसूरत जलप्रपातों के बारे में जानिए, जहां एक बार जाने का मन जरूर करेगा… 1. ककोलत वॉटरफॉल- 160 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी नवादा का ककोलत वॉटरफॉल राज्य के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यह बिहार-झारखंड बॉर्डर के पास ककोलत पहाड़ी पर स्थित है। नवादा से यह करीब 33 किलोमीटर दूर है। यहां झरने का पानी करीब 150 से 160 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है और तलहटी में प्राकृतिक रूप से एक वॉटरपूल बन जाता है। चारों ओर हरे-भरे जंगल और पहाड़ इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। ककोलत की खासियत इसका ठंडा पानी है। जिला प्रशासन के अनुसार, यहां का पानी सालभर ठंडा रहता है। बारिश के मौसम में हरियाली और झरने का बहाव बढ़ने से इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। बिहार पर्यटन विभाग के अनुसार, जून से अगस्त के बीच यहां घूमने का अच्छा समय है। यहां तक कैसे पहुंचें नवादा से सड़क मार्ग के जरिए ककोलत पहुंचा जा सकता है। जिला प्रशासन के अनुसार नवादा बस स्टैंड से फतेहपुर मोड़ और अकबरपुर होते हुए यह करीब 43 किलोमीटर की दूरी पर है। क्या है इसकी मान्यता ककोलत का पौराणिक महत्व भी है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, त्रेता युग में एक राजा को एक ऋषि के श्राप के कारण अजगर का रूप धारण करना पड़ा था। मान्यता है कि वनवास के दौरान पांडव यहां पहुंचे थे और इसी दौरान उस राजा को श्राप से मुक्ति मिली। चैत संक्रांति के अवसर पर यहां मेले का आयोजन भी किया जाता है। एक पर्यटक चंदन ने बताया, “मैं बारिश के मौसम में गया से यहां घूमने आया हूं। पहले यहां चेंजिंग रूम की सुविधा नहीं थी और खाने-पीने की भी व्यवस्था नहीं थी। यहां घूमने के लिए पैसे भी नहीं लगते थे, लेकिन जैसे-जैसे सुविधाएं बढ़ी हैं, अब शुल्क भी लिया जाने लगा है।” 2. तेलहर कुंड- पहाड़ियों के बीच गिरता झरना कैमूर में स्थित तेलहर कुंड बिहार के खूबसूरत और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में शामिल है। कैमूर की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित यह वॉटरफॉल करीब 80 मीटर यानी लगभग 262 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। ऊंचाई से गिरते पानी की फुहारें और आसपास फैली हरियाली मानसून के दौरान यहां का नजारा बेहद शानदार बना देती हैं। तेलहर कुंड की एक खासियत यहां मौजूद प्राकृतिक जलस्रोत और कुंड है। बिहार पर्यटन के अनुसार, झरने का पानी नीचे स्थित तेलहर कुंड झील में गिरता है। यह पानी खरगड़ा (अधौरा) क्षेत्र से निकलने वाली सुवर्ण नदी और कई छोटी बरसाती पहाड़ी धाराओं से आता है। भारत के प्रसिद्ध जलप्रपातों की बात करें तो गोवा का दूधसागर, कर्नाटक का जोग फॉल्स और मेघालय का नोहकलिकाई फॉल्स अपनी ऊंचाई और विशालता के लिए मशहूर हैं। इनके मुकाबले तेलहर कुंड छोटा जरूर है, लेकिन इसकी प्राकृतिक खूबसूरती इसे बिहार के खास जलप्रपातों में जगह देती है। प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी मंदिर से पास है तेलहर कुंड तेलहर कुंड भभुआ से करीब 32KM और मोहनिया से करीब 47KM दूर है। यहां से करीब 28KM की दूरी पर प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी मंदिर भी है। पास में करमचट डैम होने के कारण टूरिस्ट को झरने के साथ पहाड़ी और पानी का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलता है। घूमने का सबसे अच्छा समय जून से अगस्त मानसून का मौसम सबसे बेस्ट समय माना जाता है। इस दौरान पहाड़ हरियाली से ढक जाते हैं और पानी की धाराएं भी बढ़ जाती है। हालांकि, पहाड़ी इलाके में जाने के दौरान फिसलन और तेज पानी से सावधानी बरतना जरूरी है। 3. धुआं कुंड पानी से उठता है धुएं जैसा कुहरा सासाराम से करीब 15KM दूर कैमूर की पहाड़ियों में स्थित धुआं कुंड बिहार के खूबसूरत नेचुरल टूरिस्ट स्पॉट में शामिल है। करीब 130 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी जब चट्टानों और गहरी घाटी में पहुंचता है तो उससे उठने वाली धुंध और फुहारें दूर से धुएं जैसी दिखाई देती हैं। इसी खास नजारे के कारण इसका नाम धुआं कुंड रखा गया है। धुआं कुंड अकेला नहीं है। इसके आसपास मांझर कुंड भी स्थित है। कैमूर की पहाड़ियों से निकलने वाली जलधाराएं चट्टानों के बीच से गुजरते हुए मांझर कुंड तक पहुंचती है और आगे धुआं कुंड में गिरती हैं। दोनों झरने हरे-भरे जंगलों और पहाड़ी घाटियों से घिरे हैं, जिससे मानसून के दौरान यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है। यहां से खूबसूरत दिखता है सनराइज-सनसेट सनराइज और सनसेट के टाइम पानी पर पड़ती धूप की किरणें झरने को और खूबसूरत बना देती है। बिहार पर्यटन भी मानसून में यहां आने की सलाह देता है। यह जगह पिकनिक, फोटोग्राफी और नेचर लवर के लिए जरूरी है। सासाराम रेलवे स्टेशन से यहां पर आसानी से ऑटो से आ सकते हैं। सड़क से भी यह क्षेत्र जुड़ा हुआ है। धुआं कुंड के साथ मांझर कुंड और कैमूर की पहाड़ियों की प्राकृतिक खूबसूरती इसे बिहार के खास मानसूनी पर्यटन स्थलों में शामिल करती है। 4. मांझर कुंड पहाड़ और झरने के बीच पिकनिक स्पॉट मांझर कुंड की खूबसूरती को अगर सिर्फ वॉटरफॉल के रूप में नहीं, बल्कि उसके पूरे नेचुरल स्ट्रक्चर के रूप में देखें तो यह जगह काफी खास है। इसका ढांचा पहाड़ी चट्टानों, घाटियों, बहती जलधारा और हरियाली से मिलकर बना है। बिहार टूरिजम भी आसपास की घाटियों और चट्टानी फॉर्मेशन को इसकी खासियत बताता है। मांझर कुंड का स्ट्रक्चर कैसा है? मांझर कुंड कैमूर की पहाड़ियों के बीच स्थित है। पहाड़ी इलाके से आने वाली जलधारा चट्टानों के बीच से घुमावदार रास्ते में आगे बढ़ती है और कई जगहों पर छोटे-छोटे कैस्केड बनाती हुई नीचे आती है। इस कारण यहां पानी का बहाव एक सीधी धार की जगह चट्टानों के बीच सीढ़ीनुमा और घुमावदार रूप में दिखाई देता है। इसके आसपास की चट्टानी बनावट, गहरी घाटियां और घना क्षेत्र मिलकर इसे नेचुरल एम्फीथिएटर जैसा नजारा देते हैं। मानसून में जब पहाड़ों से पानी की मात्रा बढ़ती है, तो यही स्ट्रक्चर झरने को और ज्यादा सुंदर बना देता है। बिहार पर्यटन के मुताबिक मानसून में यहां गिरता हुआ पानी कैस्केडिंग रूप में बेहद आकर्षक दिखाई देता है। ये जगह फोटोग्राफी के लिए बहुत ही खूबसूरत माना जाता है। मांझर कुंड की असली खूबसूरती उसकी ऊंचाई से ज्यादा उसके नेचुरल स्ट्रक्चर में है- पहाड़, चट्टान, घाटी, हरियाली और कई स्तरों पर बहता पानी इसे बिहार के खास मानसूनी झरनों में शामिल करते हैं। 5. तुतला भवानी झरने के साथ देवी मंदिर के दर्शन रोहतास का तुतला भवानी वॉटरफॉल नेचुरल सुंदरता के साथ धार्मिक आस्था का भी केंद्र है। यह ऊंची चट्टानों और घने जंगलों के बीच स्थित है। यहां मां तुतला भवानी का फेमस मंदिर भी है। वॉटरफॉल और मंदिर का एक साथ दिखना, इस नजारे को और भी खूबसूरत बनाता है। इस जगह को दूसरे टूरिस्ट स्पॉट से अलग बनाता है। बारिश के मौसम में पहाड़ियों पर हरियाली बढ़ जाती है और वॉटरफॉल का फ्लो भी तेज हो जाता है। 800 से 1200 साल पुरानी मान्यता तुतला भवानी मंदिर को करीब 800 से 1200 साल पुराना बताया जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, प्राचीन काल में कैमूर की पहाड़ियों की कंदराओं में मां की प्रतिमा दिखाई दी थी। कहा जाता है कि तत्कालीन राजा धवल प्रताप ने 19 अप्रैल 1158 को यहां मां की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई थी। इसके बाद से यहां लगातार पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। श्रद्धालु इस स्थान को सिद्ध पीठ के रूप में मानते हैं। सालभर टपकती हैं ‘अमृत बूंदें’ मंदिर के ऊपर मौजूद चट्टान से सालभर पानी की बूंदें टपकती रहती हैं। गर्मी हो या बारिश, चट्टान से बूंदों का गिरना लगातार जारी रहता है। श्रद्धालु इसे सामान्य पानी नहीं, बल्कि मां का आशीर्वाद और ‘अमृत बूंद’ मानते हैं। मंदिर के पुजारी नुनु बाबा और स्थानीय लोगों के अनुसार, इन बूंदों को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम मधेपुरा से पहुंचीं पर्यटक अर्चना कुमारी ने बताया, जितना इस जगह के बारे में सुना था, उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत यहां देखने को मिला। बिहार में इस तरह का वॉटरफॉल शायद ही कहीं और देखने को मिले। वहीं, एक अन्य पर्यटक रिया तिवारी ने कहा, यहां का नजारा देखकर वापस जाने का मन ही नहीं करता। प्रकृति की खूबसूरती और आस्था का ऐसा अद्भुत संगम है, जो एक बार आने के बाद बार-बार यहां आने के लिए मजबूर करता है। 6. कर्कटगढ़ मगरमच्छ का रहता है जमावड़ा कैमूर के चैनपुर प्रखंड में पहाड़ियों के बीच मौजूद कर्कटगढ़ वॉटरफॉल बिहार के सबसे अनोखे टूरिस्ट स्पॉट में शामिल है। उत्तर प्रदेश बॉर्डर के पास मौजूद ये झरना घने जंगल, चट्टानी पहाड़ियों और शांत वातावरण के बीच अपनी अलग खूबसूरती बिखेरता है। ये कैमूर वाइल्डलाइफ सैंच्यूरी का हिस्सा है। कर्कटगढ़ की सबसे खास पहचान इसका वाइड वॉटरफॉल और नीचे बनने वाला नेचुरल पुल हैं। बिहार पर्यटन के अनुसार यह झरना करीब 300 फीट चौड़ा और 100 फीट ऊंचा है। कर्मनाशा नदी की जलधारा चट्टानों पर गिरते हुए नीचे एक खूबसूरत वॉटरपुल बना देती है। मौसम के साथ इस पानी का रंग और रूप भी बदलता दिखाई देता है। कभी यहां का पानी नीला तो कभी हरा हो जाता है। बता दें कि कर्कटगढ़ को बिहार के दूसरे झरनों से अलग इसकी मगरमच्छों की आबादी बनाती है। यहां कर्मनाशा नदी के आसपास मगरमच्छों का आवास है। इसी वजह से कर्कटगढ़ को मगरमच्छ संरक्षण और इको-टूरिज्म के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मुगल शासक से यहां रहता है मगरमच्छ इस जगह का इतिहास भी दिलचस्प है। कभी मुगल शासक और बाद में ब्रिटिश अधिकारी यहां मगरमच्छों के शिकार और आसपास की खूबसूरती देखने आते थे। ब्रिटिश अधिकारियों ने झरने का नजारा देखने के लिए यहां डाक बंगला भी बनवाया था। ब्रिटिश अधिकारी हेनरी रैमसे ने कर्कटगढ़ को सुंदर नेचुरल व्यू से घिरा बेहतरीन वॉटरफॉल बताया था। आज यहां वाइल्डलाइफ का शिकार बंद है। अगर ककोलत की पहचान ऊंचाई और प्राकृतिक कुंड, तेलहर की पहचान भव्य ऊंचाई, मांझर-धुआं कुंड की पहचान कैस्केड और पहाड़ी खूबसूरती है, तो कर्कटगढ़ की सबसे बड़ी पहचान है- झरना, जंगल, नदी और मगरमच्छों का अनोखा संगम… 7. कशिश वॉटरफॉल कैमूर की पहाड़ियों के बीच स्थित कशिश वॉटरफॉल राज्य के सबसे खूबसूरत और कम चर्चित झरनों में से एक है। राजधानी पटना से यह करीब 170km दूर है। काशिश की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऊंचाई है। बिहार पर्यटन विभाग के अनुसार इसकी ऊंचाई लगभग 800 फीट है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां एक ही पहाड़ी से चार अलग-अलग जलधाराएं तीन दिशाओं में गिरती हुई दिखाई देती हैं। यही नेचुरल स्ट्रक्चर काशिश को बिहार के दूसरे झरनों से अलग बनाता है। झरने का पूरा इलाका कैमूर की पहाड़ियों की गहरी घाटियों और घने जंगलों से घिरा है। बारिश के दिनों में पहाड़ों पर हरियाली बढ़ जाती है और अलग-अलग दिशाओं से आने वाली जलधाराएं चट्टानों पर गिरते हुए कई स्तरों का खूबसूरत कैस्केड तैयार करती हैं। दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे पहाड़ के बीच से कई सफेद धाराएं एक साथ नीचे उतर रही हों। काशिश का कंपैरिजन अबुल फजल की आइन-ए-अकबरी से भी जोड़ा जाता है। बिहार पर्यटन के अनुसार, बारिश के मौसम में बिहार में 200 से अधिक झरना दिखाई देने का उल्लेख मिलता है और काशिश भी उन्हीं में शामिल है। यह जगह नेचर लवर्स और ट्रेकिंग पसंद करने वालों के लिए खास है। रोहतास वन विभाग के अनुसार काशिश से आगे पहाड़ों और जंगलों के रास्ते ट्रैकिंग करते हुए अकबरपुर, चौरासन मंदिर और रोहतासगढ़ किला की ओर जाया जा सकता है। बारिश में क्यों बढ़ जाती है इन झरनों की खूबसूरती? बिहार के ज्यादातर वॉटरफॉल कैमूर और रोहतास की पहाड़ी के आसपास बसे हैं। मानसून में बारिश का पानी पहाड़ियों से होकर नीचे आता है और छोटी-बड़ी वॉटर करंट में बदल जाता है। यही जलधाराएं कई जगहों पर झरने का रूप ले लेती है। बारिश के बाद पहाड़ियों पर हरियाली, चट्टानों से गिरता पानी और आसपास छाई धुंध इन जगहों को बेहद खूबसूरत बना देती है, इसलिए मानसून को इन वॉटरफॉल को देखने का सबसे आकर्षक समय माना जाता है। घूमने जाएं तो इन बातों का रखें ध्यान वॉटरफॉल जितने खूबसूरत हैं, बारिश के मौसम में उतने ही संवेदनशील और जोखिम भरे भी हो सकते हैं। अचानक पानी का बहाव बढ़ सकता है और चट्टानें फिसलन भरी हो सकती है। इसलिए झरने के तेज बहाव के बीच जाने या ऊंची चट्टानों के किनारे खड़े होकर फोटो लेने से बचना चाहिए। प्रशासन या स्थानीय लोगों की ओर से किसी क्षेत्र को प्रतिबंधित किया गया हो तो वहां जाने से बचें। बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और पहाड़ी रास्तों पर विशेष सावधानी बरतें।
राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) के तीसरे संस्करण का समापन रविवार को भोपाल के बोट क्लब में हुआ। पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्टेडियम के साथ अलग-अलग खेल विधाओं के लिए भी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि प्रदेश के हर क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि खेल विभाग का बजट बढ़ाते हुए उन्हें सबसे ज्यादा खुशी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में 12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने 110 रेस में अपनी प्रतिभा और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नेशनल सेलिंग स्कूल भोपाल ने पहला, नेवी यूथ स्पोर्ट्स क्लब गोवा ने दूसरा और सिकंदराबाद ने तीसरा स्थान हासिल किया। तीन साल में 16वें-17वें से तीसरे स्थान पर पहुंचा मप्रमुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। तीन साल पहले तक खेलों में प्रदेश की स्थिति देश में 16वें-17वें स्थान के आसपास थी, लेकिन अब मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा चाहे ओलंपिक हो या कॉमनवेल्थ, भारत की उपलब्धियों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का योगदान भी दिखाई देता है। 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालितमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित हो रही हैं। सरकार का प्रयास है कि खेल प्रतिभाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके प्रशिक्षण, शिक्षा और भविष्य के अवसरों पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में खेलों को शिक्षा का हिस्सा बनाने के साथ कोच के करियर को भी आगे बढ़ाने की संभावनाएं रखी गई हैं। मध्यप्रदेश में इस दिशा में पहले ही पहल की गई है। खिलाड़ियों के साथ उनके कोच की प्रगति और भविष्य की चिंता भी जरूरी है। खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को हर स्तर पर अवसर देने का प्रयासमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर हिस्से में खेल सुविधाओं का विस्तार करना है। अलग-अलग खेलों के लिए उपलब्ध संभावनाओं के अनुसार सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों में अपना सम्मान बढ़ा रहा है और मध्यप्रदेश भी इस यात्रा में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने सभी विजेता और पुरस्कृत खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और देश-प्रदेश के गौरव से जुड़ा माध्यम भी हैं। वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस नेताओं को माफी मांगनी चाहिए: मुख्यमंत्रीकार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार मंत्री बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रभक्तिपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ गीत को सम्मान मिला। लाल किले से स्वतंत्रता दिवस की परेड के दौरान भी पहली बार इस गीत को सम्मान दिए जाने से पूरा देश गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से कांग्रेस के नेताओं ने इसी दिन को कलंकित करने का काम किया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें तत्काल देश से माफी मांगनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना से जुड़ा हुआ है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने का काम किया था। ऐसे राष्ट्रभक्तिपूर्ण गीत को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मान मिलना देश के लिए गौरव की बात है। सारंग बोले- बड़े तालाब का खेल और पर्यटन के लिए हो रहा सदुपयोगखेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का खेलों के प्रति जुड़ाव लगातार दिखाई दे रहा है। वे लगातार तीसरे दिन भोपाल के एक ही स्थान पर आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब भगवान का दिया हुआ खूबसूरत उपहार है और सरकार इसका खेल के साथ पर्यटन के लिए भी बेहतर उपयोग कर रही है। सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश तीन साल पहले खेलों में देश में 16वें-17वें स्थान पर था, लेकिन अब तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित हो रही हैं और इनके खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। भोपाल में खेल संग्रहालय बनाने की इच्छासारंग ने मुख्यमंत्री से भोपाल में खेल संग्रहालय बनाने की दिशा में पहल करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि भोपाल और मध्यप्रदेश की खेल उपलब्धियों को एक जगह प्रदर्शित करने से खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बड़े तालाब में शिकारा संचालन को भी पर्यटन विकास से जोड़ते हुए कहा कि खेल और पर्यटन का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। खिलाड़ियों का किया सम्मानसमारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें जूडो में कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली यामिनी मौर्य, शॉटपुट खिलाड़ी समरदीप सिंह गिल, पोल वॉल्ट के देव कुमार मीणा, कुलदीप कुमार और फेंसिंग खिलाड़ी खुशी दाबोड़े शामिल रहे। इसके अलावा 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की टीम के खिलाड़ियों का भी सम्मान किया गया। NSS भोपाल विजेता, एनवाईएससी गोवा उपविजेताराजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप-2026 में एनएसएस (भोपाल) ने विजेता का खिताब हासिल किया। विजेता टीम में वायु चंद्रवंशी, माही वर्मा, तुलसी पटले, एकलव्य वायम, वंशिका शिकारवार, आर्यन पाटीदार, प्रार्थना मोई, अंकित सिसोदिया, समर पंचेश्वर और सिद्धि टंडन शामिल हैं। वहीं एनवाईएससी (गोवा) की टीम उपविजेता रही। इसमें शशांक जाधव, हृदय जोशी, मोह रिजवान, शिवम वाल्मीकि और हेमंत पपौला शामिल हैं। एनएसएस भोपाल के प्रशिक्षकों में जी.एल. यादव (मुख्य प्रशिक्षक), राम मिलन, नरेंद्र एस. राजपूत और अनिल शर्मा शामिल रहे। अपर लेक की लहरों पर दिखाया कौशल चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों ने अपर लेक की लहरों पर सेलिंग का शानदार प्रदर्शन किया। अलग-अलग वर्गों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। संतुलन, गति और तकनीक के आधार पर खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अवसर मजबूत होंगे। वाटर स्पोर्ट्स का प्रमुख केंद्र बन रहा भोपाल भोपाल की प्राकृतिक झीलें सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना वर्ष 2007 में की गई थी। अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा खिलाड़ी 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
हॉकी की नेशनल चैंपियनशिप में बिहार की बेटियों का कमाल, गोवा को 6-0 से हराया
पुणे में आयोजित 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर महिला राष्ट्रीय चैंपियनशिप में बिहार की टीम ने गोवा को 6-0 से करारी शिकस्त दी है। टीम का चयन राजगीर खेल अकादमी में राष्ट्रीय स्तर के प्रशिक्षक गविन फेरेरा के मार्गदर्शन में हुआ था।
पंजाब के लोगों को पैरासेलिंग और वाटर स्पोर्टस के लिए गोवा जाने की जरूरत नहीं है। पंजाब के प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना चुके पठानकोट के रंजीत सागर बांध की झील में ये सारी सुविधाएं मिलेंगी। इसकी शुरूआत आज यानि रविवार से होने जा रही है। दरअसल, आरएसडी झील किनारे स्थित मिनी गोवा के तौर पर जाने जाते चमरोड़ और नए बने शाहपुरकंडी बैराज झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर का टूरिज्म हब बनाने के लिए वन विभाग और प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बता दें, 10 दिन पहले ही शाहपुरकंडी बैराज झील में पैरासेलिंग का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। खास बात यह है कि इससे पहले पूरे पंजाब में कहीं भी पैरासेलिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अब पहली बार पंजाब वासियों और पर्यटकों को यह रोमांचक सुविधा मिलने जा रही है। हालांकि, स्पीड बोट, क्रूज और जेट स्की गतिविधियों के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि अगस्त अंत तक सारी सुविधाएं आम जनता के लिए शुरू कर दी जाएंगी। पंजाब में पहली बार पैरासेलिंग शाहपुरकंडी बैराज झील में भारत सरकार के सर्टिफाइड इंस्ट्रक्टर की देखरेख में पैरासेलिंग का ट्रायल किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। कंपनी के मालिक पुनीत सैनी (पिंटा) ने बताया कि अब तक पंजाब के लोगों को पैरासेलिंग और जेट स्की जैसी एडवेंचर गतिविधियों के लिए गोवा या विदेशों का रुख करना पड़ता था, लेकिन रविवार से यह सुविधा पठानकोट के मिनी गोवा में शुरू हो रही है। पैरासेलिंग और अन्य वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां भारत सरकार के सुरक्षा मानकों के अनुसार ही करवाई जाएंगी। पर्यटकों के लिए मजबूत रोप, लाइफ सेविंग जैकेट और इंश्योरेंस तक की व्यवस्था रहेगी। स्पीड बोट, क्रूज और जेट स्की गतिविधियों को इसी महीने के अंत तक पूर्ण रूप से पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। क्रूज सवारी के दौरान टूरिस्टों को लंच व फूड किट्स और टॉयलेट की बेहतर सुविधा भी मिलेगी। शाहपुरकंडी बैराज से मुक्तेश्वर धाम तक बोटिंग मिनी गोवा में बढ़ेगा इंफ्रास्ट्रक्चर: इको हट्स, जिप लाइन और गजीबो की सुविधा क्यों पर्यटकों को लुभा रहा मिनी गोवा पठानकोट के मिनी गोवा (चमरोड़ पतन) को रंजीत सागर बांध झील के किनारे एक प्रमुख एडवेंचर और टूरिस्ट हब के रूप में विकसित किया गया है। वॉटर स्पोर्ट्स के अलावा यहाँ पर्यटकों के आकर्षण और मनोरंजन के लिए कई अन्य प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध हैं।
कानपुर में भीतरगांव के साढ़ थाना क्षेत्र के देवसढ़ गांव में छह दिन पहले वैन चालक मुमताज की हत्या का मुख्य आरोपी शोयल उर्फ रानू अब कोर्ट में सरेंडर की फिराक में है। साढ़ पुलिस की मानें, तो वह हमीरपुर से गोवा तक भागने के बाद अब कानपुर लौट आया है।
GBSHSE Exam 2027: गोवा बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं का शेड्यूल जारी, आठ फरवरी से होंगे एग्जाम
GBSHSE Exam 2027 OUT: गोवा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। बोर्ड के अनुसार, 12वीं की परीक्षाएं 8 फरवरी 2027 से शुरू होंगी।
डॉक्टरों के साथ मारपीट करने वाले शिवसेना पार्षद को गोवा के रिसॉर्ट में रहना होगा
महाराष्ट्र के केडीएमसी के अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से मारपीट के आरोपों का सामना कर रहे शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के पार्षद रमेश म्हात्रे ट्रायल शुरू होने तक गोवा के एक रिसॉर्ट में रहेंगे.
गोविंदा के बालों का खुला राज! पत्नी Sunita Ahuja बोलीं- हां, Hair Patch लगाते हैं, इसमें बुरा क्या?
गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा पर्दे के पीछे रहकर अपने पति का करियर संभालने में बिताया है। लेकिन अब वे सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए अपनी खुद की एक अलग पहचान बना रही हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में सुनीता ने बड़े ही मजाकिया अंदाज में बताया कि एक बार जब उनसे पूछा गया कि क्या गोविंदा 'GOAT' हैं, तो उन्हें इस शॉर्ट फॉर्म का मतलब ही नहीं पता था। उन्हें लगा कि सचमुच 'बकरी' की बात हो रही है। सुनीता ने हंसते हुए कहा, मैंने तो बोल दिया कि मेरे पति बकरी नहीं हैं, मैं तो उन्हें शेर कहने वाली थी! अगर मुझे इसका असली मतलब पता होता, तो मैं तुरंत मान जाती क्योंकि गोविंदा से बेहतर कोई कलाकार नहीं है। इसे भी पढ़ें: मेरे प्रिय कॉकरोचों, पलट मत जाना... Abhijeet Dipke के बेहोश होने पर Shekhar Suman ने ली चुटकी हां, गोविंदा हेयर पैच लगाते हैं इंटरव्यू के दौरान सुनीता ने गोविंदा के लुक्स और उनके बालों को लेकर भी एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बेहद कूल अंदाज में कहा कि गोविंदा आज भी बहुत हैंडसम लगते हैं, लेकिन पहले उनके असली बाल थे और अब वे 'हेयर पैच' का इस्तेमाल करते हैं। सुनीता ने कहा, इसमें छुपाने जैसी कोई बात नहीं है। आजकल फिल्म इंडस्ट्री में चाहे पुरुष हों या महिलाएं, लगभग सभी एक्टर्स अपने बालों के लिए कुछ न कुछ ऐसा करवाते ही हैं। सुनीता ने अपनी लव स्टोरी शेयर करते हुए बताया कि उन्हें 15 साल की उम्र में गोविंदा से प्यार हुआ था और आज वे दोनों पिछले 43 सालों से साथ हैं। इसे भी पढ़ें: Mithun Chakraborty की लाडली Dishani ने की सगाई, Hollywood से है मंगेतर Miles का कनेक्शन 'बिग बॉस' को लेकर सुनीता का कड़ा रुख जब सुनीता से सलमान खान या अनिल कपूर के रियलिटी शो 'बिग बॉस' में जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ मना कर दिया। उन्होंने गुस्से में कहा, मेकर्स मुझे पिछले चार सालों से 'बिग बॉस' का ऑफर दे रहे हैं, लेकिन क्या आपको लगता है कि हम किसी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं? क्या कोई शाहरुख खान की पत्नी से ऐसा सवाल पूछेगा? मैं तो यह शो देखती तक नहीं। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें किसी शो में कंटेस्टेंट बनने के बजाय जज बनने में ज्यादा दिलचस्पी है। वर्कफ्रंट की बात करें तो सुनीता जल्द ही नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो 'लॉक अप' सीजन 2 में नजर आने वाली हैं और फिलहाल वे शिल्पा शेट्टी के शो 'मां है ना' में दिखाई दे रही हैं।
आयुष्मान खुराना भी हुए 'धुरंधर 2' के मुरीद, रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस को बताया GOAT
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' को दुनियाभर में जबरदस्त प्यार मिल रहा है। फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिलीज के महज कुछ ही दिनों के भीतर इसने बॉक्स ऑफिस के बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया ...
'अनुपमा' में आया बड़ा लीप, गोवा में नई शुरुआत को लेकर रूपाली गांगुली का खुलासा
स्टार प्लस का सबसे पॉपुलर शो 'अनुपमा' अपनी जबरदस्त कहानी के साथ टीवी पर राज कर रहा है, जो लगातार आने वाले ट्विस्ट, ड्रामा और इमोशनल उतार-चढ़ाव से दर्शकों को बांधे रखता है। यही वजह है कि लोग इतने लंबे समय से इस शो से जुड़े हुए हैं। अब कहानी में एक ...
टॉक्सिक मूवी प्रिव्यू: यश का डबल रोल, गोवा के अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्म 19 मार्च 2026 को होगी रिलीज
यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी यह पीरियड गैंगस्टर ड्रामा गोवा के ड्रग कार्टेल की अंधेरी दुनिया को दिखाती है। फिल्म में यश डबल रोल में हैं। कियारा आडवाणी, नयनतारा और ...
Goa Board HSSC: कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा कल से होगी शुरू, यहां देखें डिटेल्स
गोवा बोर्ड एचएसएससी यानी कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 27 मई से शुरू होगी। परीक्षा का आयोजन उत्तरी गोवा, मापुसा केंद्र, डी.एम.एस पीवीसी एसएम, कुशे हायर सेकेंडरी स्कूल, असगाओ, बर्देज गोवा, साउथ
महाराष्ट्र पुलिस और गोवा के बाद Singham Again में इस राज्य के पुलिस ऑफिसर बनेंगे Ajay Devgan, जाने लेटेस्ट अपडेट
गो गोवा गॉन की रिलीज को 11 साल हुए पूरे, कुणाल खेमू बोले- मुझे बहुत खुशी और गर्व का कराती है एहसास
Film Go Goa Gone: राज और डी.के. द्वारा निर्देशित फिल्म गो गोवा गॉन ने अपनी रिलीज़ के 11 साल पूरे कर लिए हैं। दिलचस्प बात यह है कि ज़ॉम्बी एक्शन कॉमेडी ने न केवल अपनी मज़ेदार और आकर्षक कहानी से, बल्कि अपने बेहतरीन अभिनय और संवादों से भी दर्शकों का ...
मंगलवार को करीना, कृति और तब्बू की फिल्म का हुआ बुरा हाल, जाने The Goat Life और Family Star का कैसा है हाल
जल्द ही माँ बनने की खुशखबरी सुनाएंगी The Goat Life फेम एक्ट्रेसAmala Paul, एक्ट्रेस ने शेयर कीगोदभराई की तस्वीरों
लोगों के सिर चढ़कर बोल रहाThe Goat Life का क्रेज, हाफ सेंचुरी मारने से बस चंद कदम दूर है Prithviraj Sukumaran की फिल्म
पृथ्वीराज सुकुमारन कीThe Goat Life ने तोड़ा साउथ की इस फिल्म का रिकॉर्ड, हफ्तेभर में 40 करोड़ के पार पहुंची फिल्म
बॉक्स ऑफिस पर छठे दिन ही धडाम हुई पृथ्वीराज सुकुमारन कीThe Goat Life,मंगलवार को फिल्म के खाते में आये बस इतने रूपए
मंडे को पृथ्वीराज सुकुमारन कीThe Goat Life ने करीना, कृति और तब्बू की फिल्म को दिया धोबी पछाड़, 5 वें दिन कमाए ओतने करोड़
पृथ्वीराज सुकुमारन की द गोट लाइफ का बॉक्स ऑफिस पर तूफान, तोड़े कई रिकॉर्ड
The Goat Life Box Office Collection: साउथ सुपरस्टार पृथ्वीराज सुकुमारन की मलयालम फिल्म 'द गोट लाइफ' ने रिलीज होते ही बॉक्स ऑफिस पर तहलका मचा दिया है। सच्ची घटनाओं पर आधारित यह फिल्म बेन्यामिन के नॉवेल 'आदु जीविथम' पर आधारित है। इस फिल्म में ...
वीकेंड पर रॉकेट बनी पृथ्वीराज सुकुमारन की AadujeevithamThe Goat Life,तूफानी रफ़्तार से चौथे दिन फिल्म ने कमा डाले इतने करोड़
The Goat Life Review: पृथ्वीराज सुकुमारन की दमदार एक्टिंग बनी फिल्म की जान, दिल दहलाने वाली हैनजीब की कहानी

