बॉलीवुड अभिनेता अर्जुन रामपाल और उनकी लॉन्ग-टाइम पार्टनर गैब्रिएला डेमेट्रिएड्स (Gabriella Demetriades) ने अपने रिश्ते को आधिकारिक नाम दे दिया है। लगभग सात साल तक लिव-इन रिलेशनशिप में रहने और दो बच्चों के माता-पिता बनने के बाद इस खूबसूरत जोड़े ने बेहद सादगी भरे अंदाज में शादी कर ली है। दोनों ने गोवा में अपनी शादी को कानूनी रूप से रजिस्टर कराया है, जिसकी तस्वीरें और खबरें सामने आते ही बॉलीवुड और फैंस की तरफ से बधाइयों का तांता लग गया है।गोवा में बिना किसी तामझाम के रचाई कोर्ट मैरिजअक्सर बॉलीवुड सेलेब्स की शादियां भारी-भरकम बजट और डेस्टिनेशन वेडिंग्स के लिए चर्चा में रहती हैं, लेकिन अर्जुन और गैब्रिएला ने इसके उलट बेहद निजी और सादा रास्ता चुना।मिली जानकारी के अनुसार, दोनों ने गोवा के सब-रजिस्ट्रार ऑफिस में केवल अपने बेहद करीबी दोस्तों और परिवार के सदस्यों की मौजूदगी में शादी के कानूनी दस्तावेजों पर हस्ताक्षर किए। इस दौरान कपल बेहद कैजुअल और एलिगेंट लुक में नजर आया। दोनों लंबे समय से गोवा को अपना पसंदीदा ठिकाना मानते रहे हैं, इसलिए उन्होंने इस खास मौके के लिए इसी खूबसूरत जगह को चुना।IPL पार्टी से शुरू हुई थी पहली मुलाकात और प्यार का सिलसिलाअर्जुन रामपाल और साउथ अफ्रीकी मॉडल-फैशन डिजाइनर गैब्रिएला की प्रेम कहानी की शुरुआत साल 2018 में हुई थी। दोनों की पहली मुलाकात कॉमन दोस्तों के जरिए इंडियन प्रीमियर लीग (IPL) की एक आफ्टर-पार्टी में हुई थी।शुरुआती बातचीत के बाद दोनों के बीच खेल, फिटनेस, आर्ट और म्यूजिक को लेकर कई समानताएं सामने आईं। धीरे-धीरे यह दोस्ती प्यार में बदल गई और दोनों ने एक-दूसरे के साथ समय बिताना शुरू कर दिया। साल 2019 में अर्जुन ने पहली बार सोशल मीडिया पर गैब्रिएला की प्रेग्नेंसी की घोषणा करते हुए अपने रिश्ते को सार्वजनिक रूप से स्वीकार किया था।दो बच्चों के माता-पिता हैं अर्जुन और गैब्रिएलाअर्जुन और गैब्रिएला के दो प्यारे बेटे हैं—अरिक (Arik) जिनका जन्म 2019 में हुआ था, और अर्विन (Aravin) जो 2023 में जन्मे।कई साक्षात्कारों में दोनों ने हमेशा इस बात पर जोर दिया था कि रिश्ते की मजबूती के लिए शादी का सिर्फ एक कानूनी दस्तावेज होना अनिवार्य नहीं है, बल्कि आपसी प्यार, समझ और सम्मान सबसे ज्यादा मायने रखता है। हालांकि, अब सात साल के मजबूत रिश्ते और परिवार के पूरा होने के बाद दोनों ने कानूनी और औपचारिक तौर पर एक-दूसरे का हमसफर बनने का फैसला किया।अर्जुन रामपाल की पिछली शादी और पारिवारिक तालमेलअर्जुन रामपाल की पहली शादी पूर्व मिस इंडिया और सुपरमॉडल मेहर जेसिया (Mehr Jesia) से 1998 में हुई थी। 21 साल की शादी के बाद दोनों ने 2019 में कानूनी रूप से तलाक ले लिया था। पहली शादी से अर्जुन की दो बेटियां हैं—माहिका और मायरा।खास बात यह है कि अर्जुन की दोनों बेटियां भी अपने पिता के नए जीवन, गैब्रिएला और दोनों छोटे भाइयों के साथ एक बेहतरीन और प्यार भरा पारिवारिक बॉन्ड साझा करती हैं। सोशल मीडिया पर अक्सर पूरे परिवार की साथ में तस्वीरें सामने आती रहती हैं।फैशन और सिनेमा जगत में दोनों की अलग पहचानअर्जुन रामपाल जहां 'रॉक ऑन', 'ओम शांति ओम', 'राजनीति' और 'डॉन' जैसी फिल्मों में अपने संजीदा अभिनय के लिए जाने जाते हैं, वहीं गैब्रिएला एक सफल उद्यमी और फैशन लेबल 'Dm' की फाउंडर हैं। दोनों की शादी की खबर पर फिल्मी हस्तियों ने अपनी शुभकामनाएं भेजी हैं।
अर्जुन रामपाल ने गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रियड्स संग रचाई शादी, गोवा में कराया मैरिज रजिस्ट्रेशन
बॉलीवुड एक्टर अर्जुन रामपाल ने अपनी गर्लफ्रेंड गैब्रिएला डेमेट्रियड्स के साथ गोवा के रजिस्ट्रार ऑफिस में अपनी शादी को कानूनी तौर पर रजिस्टर कराया है।
घर बनवाना महंगा, अचानक दिल्ली से गोवा तक बढ़े Saria के दाम
Saria Price Surge: हाउस कंस्ट्रक्शन में अहम रोल निभाने वाले सरिया का भाव दिल्ली, रायपुर, गोवा से लेकर चेन्नई तक में अचानक बढ़ गया है और बिल्डिंग मैटेरियल की कीमतों में गिरावट का इंतजार कर रहे लोगों को झटका लगा है.
कर्नाटक में बड़ा सड़क हादसा: गोवा जा रही टूरिस्ट बस पलटी, तीन नर्सिंग छात्रों की मौत; कई घायल
Major road accident in Karnataka: Bus carrying Goa overturns; nursing students killed, several injured.
सेव गोवा और इनफ इज़ इनफ सहित नागरिक समूह 2 अक्टूबर से गोवा में भूमि अधिकारों, पर्यावरण संरक्षण और स्थानीय सामुदायिक ह
इंडियन सुपर लीग में जमशेदपुर एफसी का स्पोर्टिंग लाइसेंस चर्चिल ब्रदर्स को हस्तांतरित करने का मामला अब अंतरराष्ट्रीय खेल मध्यस्थता अदालत (CAS) पहुँच गया है।
तरुण तेजपाल को उम्रकैद हो, SC के पास पहुंची गोवा सरकार; 10 साल की सजा को बताया कम
इससे पहले तरुण तेजपाल को 2013 में गोवा में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान होटल की लिफ्ट में अपनी जूनियर सहकर्मी से बलात्कार करने का दोषी ठहराया गया था। हालांकि तेजपाल ने खुद को राजनीतिक साजिश का शिकार बताया है।
Dehradun News: सुरेऊ गांव में दिनदहाड़े बकरे को गुलदार ने बनाया निवाला, दहशत
Leopard kills goat in broad daylight in Sureu village
'फैशन' और 'लगे रहो मुन्ना भाई' जैसी सुपरहिट फिल्मों में नजर आ चुके मशहूर अभिनेता और वॉयस-ओवर आर्टिस्ट अश्विन मुशरान गोवा में एक सड़क हादसे का शिकार हो गए हैं। दक्षिण गोवा के कुशावती क्षेत्र (क्वेपेम गांव) में उनकी कार और एक स्कूटर के बीच हुई भीषण टक्कर में दो लोग गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के बाद पुलिस ने कार चालक के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने का मामला दर्ज कर लिया है। अश्विन मुशरान के साथ हुए हादसे की जानकारी पुलिस ने सोमवार को बताया कि यह हादसा शनिवार को क्वेपेम गांव में हुआ। कार के ड्राइवर, 32 वर्षीय वसंत पुत्तप्पा लमन, जो उस समय गाड़ी चला रहे थे, के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। पुलिस के एक सीनियर अधिकारी के मुताबिक, मुशरान और उनकी पत्नी कार में यात्रा कर रहे थे, तभी उनकी कार सामने से आ रहे एक स्कूटर से टकरा गई। इस टक्कर में एक पिता और पुत्र गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद, अमोल कनेकर नाम के एक स्थानीय निवासी और अन्य लोगों ने मुशरान और उनकी पत्नी से बहस की। इस ग्रुप और एक्टर व उनकी पत्नी के बीच हुई बहस का एक वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है और वायरल हो गया है। इस घटना पर टिप्पणी के लिए मुशरान उपलब्ध नहीं थे। अश्विन मुशरान का फिल्मी करियर अश्विन मुशरान भारतीय सिनेमा और टेलीविज़न का एक जाना-माना चेहरा हैं। उन्होंने वॉयस-ओवर आर्टिस्ट के तौर पर भी काम किया है। एक्टर 'लगे रहो मुन्ना भाई', 'फैशन' और 'क्विक गन मुरुगन' जैसी लोकप्रिय फिल्मों में नज़र आ चुके हैं। खबरों के मुताबिक, अश्विन मुशरान एक्टर विवेक मुशरान के कज़िन हैं। वह अपना ज़्यादातर समय गोवा में भी बिताते हैं। फिलहाल, मुशरान ने इस हादसे या पुलिस की कार्रवाई के बारे में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Box Office Collection | Awarapan 2 ने ली बढ़त, Batwara 1947 पिछड़ी, पहले सोमवार को दोनों फिल्मों की कमाई में गिरावट क्या अश्विन मुशरान अभी भी एक्टिंग करते हैं? अश्विन मुशरान ने फिल्मों, टेलीविज़न, थिएटर और वॉयस-ओवर के काम में अपना करियर बनाया है। उन्होंने कई प्लेटफॉर्म और ब्रांड्स के साथ काम किया है और नौ देशों में स्टेज पर परफॉर्म किया है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Wrap Up | Ananya Raj का 27 वर्ष की आयु में निधन, Awarapan 2का बॉक्स ऑफिस पर धमाका उन्होंने 'मनी हाइस्ट' के हिंदी वर्शन में 'द प्रोफेसर' को आवाज़ दी है और एडम सैंडलर, माइकल फासबेंडर और स्टेनली टुकी जैसे हॉलीवुड एक्टर्स के लिए डबिंग की है। हाल ही में उन्हें नेटफ्लिक्स की 'राणा नायडू' (जो 'रे डोनोवन' का भारतीय अडैप्टेशन है) में फरज़ाद सूनावाला के किरदार में भी देखा गया था। उनकी फ़िल्मों में 'लगे रहो मुन्ना भाई', नेशनल अवॉर्ड जीतने वाली 'फ़ैशन' और 'आइलैंड सिटी' शामिल हैं; 'आइलैंड सिटी' का प्रीमियर 2015 में वेनिस फ़िल्म फ़ेस्टिवल में हुआ था। उनके थिएटर के कामों में 'पुणे हाईवे', 'जिन्स ऑफ़ ईदगाह', 'पीर गिंट' और 'अ फ़्यू गुड मेन' शामिल हैं, जिनकी वजह से वे भारत और विदेशों में दर्शकों के सामने अपनी कला पेश कर पाए। हादसे का घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई हादसे का समय व स्थान: पुलिस के अनुसार, यह घटना शनिवार को दक्षिण गोवा के क्वेपेम गांव में हुई। कार में अश्विन मुशरान अपनी पत्नी के साथ यात्रा कर रहे थे। पिता-पुत्र घायल: सामने से आ रही एक स्कूटर और कार के बीच हुई टक्कर में स्कूटर सवार पिता और पुत्र दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें तुरंत इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया। ड्राइवर पर मामला दर्ज: पुलिस ने 32 वर्षीय कार ड्राइवर वसंत पुत्तप्पा लमन के खिलाफ लापरवाही से गाड़ी चलाने और दुर्घटना करने के आरोप में केस दर्ज किया है।
NEET UG Rank List : 633 वाला टॉपर, 550 से ऊपर सिर्फ 24, MBBS और BDS की एक और मेरिट लिस्ट जारी
NEET UG Merit Rank List : डायरेक्टोरेट ऑफ टेक्निकल एजुकेशन पोरवोरिम गोवा ने नीट बेस्ड कोर्स और फॉर्मेसी की मेरिट लिस्ट जारी कर दी है। अभ्यर्थी dte.goa.gov.in पर जाकर मेरिट लिस्ट की पीडीएफ फाइल चेक और डाउनलोड कर सकते हैं।
कानपुर में साढ़ हत्याकांड का मुख्य आरोपी सोहेल उर्फ रानू खान के मामले में चौकाने वाले जानकारी सामने आयी है। वह अंग्रेजी के साथ-साथ रशियन, साउथ इंडियन और बुंदेलखंड की भाषा अच्छे से बोलता है। यही कारण है कि गोवा में एक विदेशी से दोस्ती गांठकर उसके पैसों से होटल में रुका, जबकि रशियन लड़की से दोस्ती कर उसके साथ घूमता फिरता रहा। फरारी के दौरान उसने 17 हजार रुपयों का इंतजाम नीम की दातून बेचकर किया। सात अगस्त की रात चचेरे भाई की हत्या की थी साढ़ के देवसढ़ गांव में सात अगस्त की रात 12 बजे चचेरे भाई वाहन चालक मुमताज की बेरहमी से हत्या के बाद मुख्य आरोपी सोहेल उर्फ रानू फरार हो गया था। हत्या अंजाम देने के बाद रानू हमीरपुर में बहन के घर पहुंचा। यहां से वह चित्रकूट गया और पहचान छिपाने को सिर के बाल कटवा लिए। एक बारगी पुलिस उस तक पहुंच गई और उसकी फोटो उसे ही दिखाकर पूछा, इसे कहीं देखा है। पुलिस पीछे लगी है, यह बात वह जानता था। इसलिए वह मानिकपुर पहुंचा और सुपर फास्ट ट्रेन में बैठकर भुसावल, मुंबई, बलसाढ़, सूरत, रत्नागिरी से भागते हुए गोवा तक पहुंच गया। रास्ते में टीटीई उससे टिकट न मांगे इसलिए नीम के पेड़ों से दातून तोड़कर उसके छोटे बंडल बनाए और ट्रेन में बेचता हुआ चला गया। पुलिस को पूछताछ में उसने बताया कि हमीरपुर से गोवा के बीच करीब 17 हजार रुपये की दातूून उसने ट्रेन में बेची। कोच्चि, मुंबई, गोवा में कर चुका बावर्ची का काम इसके चलते न तो टीटीई ने पकड़ा और कमाई भी हो गई। पुलिस को उसने बताया कि वह अंग्रेजी, रशियन, साउथ इंडियन और बुंदेलखंड भाषा अच्छे से बोलना जानता है। उसने कोच्चि, मुंबई, गोवा में बावर्ची का काम किया है। वह अच्छा खाना बनाना भी जानता है। अपनी इसी काबिलियत के बल पर उसने एक अंग्रेज से दोस्ती कर गोवा में उसके पैसों से होटल में रुका। यहां एक रशियन लड़की के साथ से भी अच्छी दोस्ती हो गई थी, वह भी मदद करती थी। पुलिस का दबाव बढ़ने पर वह सरेंडर करने कानपुर आ गया और पकड़ा गया। पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने बताया कि रानू शातिर होने के साथ-साथ कई भाषाएं जानता है। इसी के चलते फरार के दौरान वह लोगों को बेवकूफ बनाकर ठगता भी रहा।
मुमताज हत्याकांड: हत्यारोपी ने दातून बेचकर कमाए 17 हजार रुपये, गोवा में रुका; रशियन के साथ घूमा
कानपुर के मुमताज हत्याकांड का मुख्य आरोपी रानू खान पुलिस से बचने के लिए शातिराना तरीके अपनाता रहा। वारदात के बाद वह कई राज्यों में घूमता रहा और ट्रेन में दातून बेचकर करीब 17 हजार रुपये कमाए। गोवा पहुंचने के बाद एक विदेशी से दोस्ती कर उसके खर्चे पर होटल में रुका था।
बिहार की पहचान अक्सर ऐतिहासिक और धार्मिक स्थलों के साथ गंगा नदी से जोड़कर देखी जाती है। लेकिन दक्षिण बिहार के कैमूर और रोहतास की पहाड़ियों से लेकर नवादा तक कई खूबसूरत जलप्रपात हैं, जो बारिश के मौसम में बेहद आकर्षक नजर आते हैं। पहाड़ों के बीच से गिरती पानी की धार, चारों ओर हरियाली और जंगलों का शांत नजारा इन जगहों को खास बनाता है। अगर आप मानसून में बिहार में ही किसी खूबसूरत और शांत जगह पर घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो ककोलत वॉटरफॉल, तेल्हार कुंड, धुआं कुंड, मंजर कुंड, तुतला भवानी, कर्कटगढ़ और काशिश झरना आपके लिए अच्छे विकल्प हो सकते हैं। बिहार के 5 ऐसे खूबसूरत जलप्रपातों के बारे में जानिए, जहां एक बार जाने का मन जरूर करेगा… 1. ककोलत वॉटरफॉल- 160 फीट की ऊंचाई से गिरता है पानी नवादा का ककोलत वॉटरफॉल राज्य के सबसे प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में से एक है। यह बिहार-झारखंड बॉर्डर के पास ककोलत पहाड़ी पर स्थित है। नवादा से यह करीब 33 किलोमीटर दूर है। यहां झरने का पानी करीब 150 से 160 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है और तलहटी में प्राकृतिक रूप से एक वॉटरपूल बन जाता है। चारों ओर हरे-भरे जंगल और पहाड़ इसकी खूबसूरती को और बढ़ाते हैं। ककोलत की खासियत इसका ठंडा पानी है। जिला प्रशासन के अनुसार, यहां का पानी सालभर ठंडा रहता है। बारिश के मौसम में हरियाली और झरने का बहाव बढ़ने से इसकी खूबसूरती और भी बढ़ जाती है। बिहार पर्यटन विभाग के अनुसार, जून से अगस्त के बीच यहां घूमने का अच्छा समय है। यहां तक कैसे पहुंचें नवादा से सड़क मार्ग के जरिए ककोलत पहुंचा जा सकता है। जिला प्रशासन के अनुसार नवादा बस स्टैंड से फतेहपुर मोड़ और अकबरपुर होते हुए यह करीब 43 किलोमीटर की दूरी पर है। क्या है इसकी मान्यता ककोलत का पौराणिक महत्व भी है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, त्रेता युग में एक राजा को एक ऋषि के श्राप के कारण अजगर का रूप धारण करना पड़ा था। मान्यता है कि वनवास के दौरान पांडव यहां पहुंचे थे और इसी दौरान उस राजा को श्राप से मुक्ति मिली। चैत संक्रांति के अवसर पर यहां मेले का आयोजन भी किया जाता है। एक पर्यटक चंदन ने बताया, “मैं बारिश के मौसम में गया से यहां घूमने आया हूं। पहले यहां चेंजिंग रूम की सुविधा नहीं थी और खाने-पीने की भी व्यवस्था नहीं थी। यहां घूमने के लिए पैसे भी नहीं लगते थे, लेकिन जैसे-जैसे सुविधाएं बढ़ी हैं, अब शुल्क भी लिया जाने लगा है।” 2. तेलहर कुंड- पहाड़ियों के बीच गिरता झरना कैमूर में स्थित तेलहर कुंड बिहार के खूबसूरत और प्रसिद्ध पर्यटन स्थलों में शामिल है। कैमूर की पहाड़ियों और घने जंगलों के बीच स्थित यह वॉटरफॉल करीब 80 मीटर यानी लगभग 262 फीट की ऊंचाई से नीचे गिरता है। ऊंचाई से गिरते पानी की फुहारें और आसपास फैली हरियाली मानसून के दौरान यहां का नजारा बेहद शानदार बना देती हैं। तेलहर कुंड की एक खासियत यहां मौजूद प्राकृतिक जलस्रोत और कुंड है। बिहार पर्यटन के अनुसार, झरने का पानी नीचे स्थित तेलहर कुंड झील में गिरता है। यह पानी खरगड़ा (अधौरा) क्षेत्र से निकलने वाली सुवर्ण नदी और कई छोटी बरसाती पहाड़ी धाराओं से आता है। भारत के प्रसिद्ध जलप्रपातों की बात करें तो गोवा का दूधसागर, कर्नाटक का जोग फॉल्स और मेघालय का नोहकलिकाई फॉल्स अपनी ऊंचाई और विशालता के लिए मशहूर हैं। इनके मुकाबले तेलहर कुंड छोटा जरूर है, लेकिन इसकी प्राकृतिक खूबसूरती इसे बिहार के खास जलप्रपातों में जगह देती है। प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी मंदिर से पास है तेलहर कुंड तेलहर कुंड भभुआ से करीब 32KM और मोहनिया से करीब 47KM दूर है। यहां से करीब 28KM की दूरी पर प्रसिद्ध मां मुंडेश्वरी मंदिर भी है। पास में करमचट डैम होने के कारण टूरिस्ट को झरने के साथ पहाड़ी और पानी का खूबसूरत नजारा भी देखने को मिलता है। घूमने का सबसे अच्छा समय जून से अगस्त मानसून का मौसम सबसे बेस्ट समय माना जाता है। इस दौरान पहाड़ हरियाली से ढक जाते हैं और पानी की धाराएं भी बढ़ जाती है। हालांकि, पहाड़ी इलाके में जाने के दौरान फिसलन और तेज पानी से सावधानी बरतना जरूरी है। 3. धुआं कुंड पानी से उठता है धुएं जैसा कुहरा सासाराम से करीब 15KM दूर कैमूर की पहाड़ियों में स्थित धुआं कुंड बिहार के खूबसूरत नेचुरल टूरिस्ट स्पॉट में शामिल है। करीब 130 फीट की ऊंचाई से गिरता पानी जब चट्टानों और गहरी घाटी में पहुंचता है तो उससे उठने वाली धुंध और फुहारें दूर से धुएं जैसी दिखाई देती हैं। इसी खास नजारे के कारण इसका नाम धुआं कुंड रखा गया है। धुआं कुंड अकेला नहीं है। इसके आसपास मांझर कुंड भी स्थित है। कैमूर की पहाड़ियों से निकलने वाली जलधाराएं चट्टानों के बीच से गुजरते हुए मांझर कुंड तक पहुंचती है और आगे धुआं कुंड में गिरती हैं। दोनों झरने हरे-भरे जंगलों और पहाड़ी घाटियों से घिरे हैं, जिससे मानसून के दौरान यहां का नजारा बेहद खूबसूरत हो जाता है। यहां से खूबसूरत दिखता है सनराइज-सनसेट सनराइज और सनसेट के टाइम पानी पर पड़ती धूप की किरणें झरने को और खूबसूरत बना देती है। बिहार पर्यटन भी मानसून में यहां आने की सलाह देता है। यह जगह पिकनिक, फोटोग्राफी और नेचर लवर के लिए जरूरी है। सासाराम रेलवे स्टेशन से यहां पर आसानी से ऑटो से आ सकते हैं। सड़क से भी यह क्षेत्र जुड़ा हुआ है। धुआं कुंड के साथ मांझर कुंड और कैमूर की पहाड़ियों की प्राकृतिक खूबसूरती इसे बिहार के खास मानसूनी पर्यटन स्थलों में शामिल करती है। 4. मांझर कुंड पहाड़ और झरने के बीच पिकनिक स्पॉट मांझर कुंड की खूबसूरती को अगर सिर्फ वॉटरफॉल के रूप में नहीं, बल्कि उसके पूरे नेचुरल स्ट्रक्चर के रूप में देखें तो यह जगह काफी खास है। इसका ढांचा पहाड़ी चट्टानों, घाटियों, बहती जलधारा और हरियाली से मिलकर बना है। बिहार टूरिजम भी आसपास की घाटियों और चट्टानी फॉर्मेशन को इसकी खासियत बताता है। मांझर कुंड का स्ट्रक्चर कैसा है? मांझर कुंड कैमूर की पहाड़ियों के बीच स्थित है। पहाड़ी इलाके से आने वाली जलधारा चट्टानों के बीच से घुमावदार रास्ते में आगे बढ़ती है और कई जगहों पर छोटे-छोटे कैस्केड बनाती हुई नीचे आती है। इस कारण यहां पानी का बहाव एक सीधी धार की जगह चट्टानों के बीच सीढ़ीनुमा और घुमावदार रूप में दिखाई देता है। इसके आसपास की चट्टानी बनावट, गहरी घाटियां और घना क्षेत्र मिलकर इसे नेचुरल एम्फीथिएटर जैसा नजारा देते हैं। मानसून में जब पहाड़ों से पानी की मात्रा बढ़ती है, तो यही स्ट्रक्चर झरने को और ज्यादा सुंदर बना देता है। बिहार पर्यटन के मुताबिक मानसून में यहां गिरता हुआ पानी कैस्केडिंग रूप में बेहद आकर्षक दिखाई देता है। ये जगह फोटोग्राफी के लिए बहुत ही खूबसूरत माना जाता है। मांझर कुंड की असली खूबसूरती उसकी ऊंचाई से ज्यादा उसके नेचुरल स्ट्रक्चर में है- पहाड़, चट्टान, घाटी, हरियाली और कई स्तरों पर बहता पानी इसे बिहार के खास मानसूनी झरनों में शामिल करते हैं। 5. तुतला भवानी झरने के साथ देवी मंदिर के दर्शन रोहतास का तुतला भवानी वॉटरफॉल नेचुरल सुंदरता के साथ धार्मिक आस्था का भी केंद्र है। यह ऊंची चट्टानों और घने जंगलों के बीच स्थित है। यहां मां तुतला भवानी का फेमस मंदिर भी है। वॉटरफॉल और मंदिर का एक साथ दिखना, इस नजारे को और भी खूबसूरत बनाता है। इस जगह को दूसरे टूरिस्ट स्पॉट से अलग बनाता है। बारिश के मौसम में पहाड़ियों पर हरियाली बढ़ जाती है और वॉटरफॉल का फ्लो भी तेज हो जाता है। 800 से 1200 साल पुरानी मान्यता तुतला भवानी मंदिर को करीब 800 से 1200 साल पुराना बताया जाता है। स्थानीय मान्यता के अनुसार, प्राचीन काल में कैमूर की पहाड़ियों की कंदराओं में मां की प्रतिमा दिखाई दी थी। कहा जाता है कि तत्कालीन राजा धवल प्रताप ने 19 अप्रैल 1158 को यहां मां की प्रतिमा की प्राण प्रतिष्ठा कराई थी। इसके बाद से यहां लगातार पूजा-अर्चना की परंपरा चली आ रही है। श्रद्धालु इस स्थान को सिद्ध पीठ के रूप में मानते हैं। सालभर टपकती हैं ‘अमृत बूंदें’ मंदिर के ऊपर मौजूद चट्टान से सालभर पानी की बूंदें टपकती रहती हैं। गर्मी हो या बारिश, चट्टान से बूंदों का गिरना लगातार जारी रहता है। श्रद्धालु इसे सामान्य पानी नहीं, बल्कि मां का आशीर्वाद और ‘अमृत बूंद’ मानते हैं। मंदिर के पुजारी नुनु बाबा और स्थानीय लोगों के अनुसार, इन बूंदों को लेकर श्रद्धालुओं में गहरी आस्था है। प्रकृति और आस्था का अद्भुत संगम मधेपुरा से पहुंचीं पर्यटक अर्चना कुमारी ने बताया, जितना इस जगह के बारे में सुना था, उससे कहीं ज्यादा खूबसूरत यहां देखने को मिला। बिहार में इस तरह का वॉटरफॉल शायद ही कहीं और देखने को मिले। वहीं, एक अन्य पर्यटक रिया तिवारी ने कहा, यहां का नजारा देखकर वापस जाने का मन ही नहीं करता। प्रकृति की खूबसूरती और आस्था का ऐसा अद्भुत संगम है, जो एक बार आने के बाद बार-बार यहां आने के लिए मजबूर करता है। 6. कर्कटगढ़ मगरमच्छ का रहता है जमावड़ा कैमूर के चैनपुर प्रखंड में पहाड़ियों के बीच मौजूद कर्कटगढ़ वॉटरफॉल बिहार के सबसे अनोखे टूरिस्ट स्पॉट में शामिल है। उत्तर प्रदेश बॉर्डर के पास मौजूद ये झरना घने जंगल, चट्टानी पहाड़ियों और शांत वातावरण के बीच अपनी अलग खूबसूरती बिखेरता है। ये कैमूर वाइल्डलाइफ सैंच्यूरी का हिस्सा है। कर्कटगढ़ की सबसे खास पहचान इसका वाइड वॉटरफॉल और नीचे बनने वाला नेचुरल पुल हैं। बिहार पर्यटन के अनुसार यह झरना करीब 300 फीट चौड़ा और 100 फीट ऊंचा है। कर्मनाशा नदी की जलधारा चट्टानों पर गिरते हुए नीचे एक खूबसूरत वॉटरपुल बना देती है। मौसम के साथ इस पानी का रंग और रूप भी बदलता दिखाई देता है। कभी यहां का पानी नीला तो कभी हरा हो जाता है। बता दें कि कर्कटगढ़ को बिहार के दूसरे झरनों से अलग इसकी मगरमच्छों की आबादी बनाती है। यहां कर्मनाशा नदी के आसपास मगरमच्छों का आवास है। इसी वजह से कर्कटगढ़ को मगरमच्छ संरक्षण और इको-टूरिज्म के लिहाज से भी महत्वपूर्ण माना जाता है। मुगल शासक से यहां रहता है मगरमच्छ इस जगह का इतिहास भी दिलचस्प है। कभी मुगल शासक और बाद में ब्रिटिश अधिकारी यहां मगरमच्छों के शिकार और आसपास की खूबसूरती देखने आते थे। ब्रिटिश अधिकारियों ने झरने का नजारा देखने के लिए यहां डाक बंगला भी बनवाया था। ब्रिटिश अधिकारी हेनरी रैमसे ने कर्कटगढ़ को सुंदर नेचुरल व्यू से घिरा बेहतरीन वॉटरफॉल बताया था। आज यहां वाइल्डलाइफ का शिकार बंद है। अगर ककोलत की पहचान ऊंचाई और प्राकृतिक कुंड, तेलहर की पहचान भव्य ऊंचाई, मांझर-धुआं कुंड की पहचान कैस्केड और पहाड़ी खूबसूरती है, तो कर्कटगढ़ की सबसे बड़ी पहचान है- झरना, जंगल, नदी और मगरमच्छों का अनोखा संगम… 7. कशिश वॉटरफॉल कैमूर की पहाड़ियों के बीच स्थित कशिश वॉटरफॉल राज्य के सबसे खूबसूरत और कम चर्चित झरनों में से एक है। राजधानी पटना से यह करीब 170km दूर है। काशिश की सबसे बड़ी खासियत इसकी ऊंचाई है। बिहार पर्यटन विभाग के अनुसार इसकी ऊंचाई लगभग 800 फीट है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, यहां एक ही पहाड़ी से चार अलग-अलग जलधाराएं तीन दिशाओं में गिरती हुई दिखाई देती हैं। यही नेचुरल स्ट्रक्चर काशिश को बिहार के दूसरे झरनों से अलग बनाता है। झरने का पूरा इलाका कैमूर की पहाड़ियों की गहरी घाटियों और घने जंगलों से घिरा है। बारिश के दिनों में पहाड़ों पर हरियाली बढ़ जाती है और अलग-अलग दिशाओं से आने वाली जलधाराएं चट्टानों पर गिरते हुए कई स्तरों का खूबसूरत कैस्केड तैयार करती हैं। दूर से देखने पर ऐसा लगता है जैसे पहाड़ के बीच से कई सफेद धाराएं एक साथ नीचे उतर रही हों। काशिश का कंपैरिजन अबुल फजल की आइन-ए-अकबरी से भी जोड़ा जाता है। बिहार पर्यटन के अनुसार, बारिश के मौसम में बिहार में 200 से अधिक झरना दिखाई देने का उल्लेख मिलता है और काशिश भी उन्हीं में शामिल है। यह जगह नेचर लवर्स और ट्रेकिंग पसंद करने वालों के लिए खास है। रोहतास वन विभाग के अनुसार काशिश से आगे पहाड़ों और जंगलों के रास्ते ट्रैकिंग करते हुए अकबरपुर, चौरासन मंदिर और रोहतासगढ़ किला की ओर जाया जा सकता है। बारिश में क्यों बढ़ जाती है इन झरनों की खूबसूरती? बिहार के ज्यादातर वॉटरफॉल कैमूर और रोहतास की पहाड़ी के आसपास बसे हैं। मानसून में बारिश का पानी पहाड़ियों से होकर नीचे आता है और छोटी-बड़ी वॉटर करंट में बदल जाता है। यही जलधाराएं कई जगहों पर झरने का रूप ले लेती है। बारिश के बाद पहाड़ियों पर हरियाली, चट्टानों से गिरता पानी और आसपास छाई धुंध इन जगहों को बेहद खूबसूरत बना देती है, इसलिए मानसून को इन वॉटरफॉल को देखने का सबसे आकर्षक समय माना जाता है। घूमने जाएं तो इन बातों का रखें ध्यान वॉटरफॉल जितने खूबसूरत हैं, बारिश के मौसम में उतने ही संवेदनशील और जोखिम भरे भी हो सकते हैं। अचानक पानी का बहाव बढ़ सकता है और चट्टानें फिसलन भरी हो सकती है। इसलिए झरने के तेज बहाव के बीच जाने या ऊंची चट्टानों के किनारे खड़े होकर फोटो लेने से बचना चाहिए। प्रशासन या स्थानीय लोगों की ओर से किसी क्षेत्र को प्रतिबंधित किया गया हो तो वहां जाने से बचें। बच्चों को अकेले पानी के पास न जाने दें और पहाड़ी रास्तों पर विशेष सावधानी बरतें।
राजा भोज मल्टी क्लास नेशनल सेलिंग चैंपियनशिप (रैंकिंग) के तीसरे संस्करण का समापन रविवार को भोपाल के बोट क्लब में हुआ। पुरस्कार वितरण समारोह में शामिल हुए मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि प्रदेश के सभी 230 विधानसभा क्षेत्रों में एक-एक स्टेडियम बनाने का प्रयास किया जा रहा है। स्टेडियम के साथ अलग-अलग खेल विधाओं के लिए भी जरूरी सुविधाएं विकसित की जाएंगी, ताकि प्रदेश के हर क्षेत्र की खेल प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का समान अवसर मिल सके। उन्होंने कहा कि खेल विभाग का बजट बढ़ाते हुए उन्हें सबसे ज्यादा खुशी होती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रतियोगिता में 12 क्लबों के 87 खिलाड़ियों ने 110 रेस में अपनी प्रतिभा और प्रशिक्षण का प्रदर्शन किया। प्रतियोगिता में नेशनल सेलिंग स्कूल भोपाल ने पहला, नेवी यूथ स्पोर्ट्स क्लब गोवा ने दूसरा और सिकंदराबाद ने तीसरा स्थान हासिल किया। तीन साल में 16वें-17वें से तीसरे स्थान पर पहुंचा मप्रमुख्यमंत्री ने कहा कि खेलों में मध्यप्रदेश लगातार आगे बढ़ रहा है। तीन साल पहले तक खेलों में प्रदेश की स्थिति देश में 16वें-17वें स्थान के आसपास थी, लेकिन अब मध्यप्रदेश तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। यह खिलाड़ियों की मेहनत और सरकार की खेलों के प्रति प्रतिबद्धता का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज अंतरराष्ट्रीय स्तर की स्पर्धा चाहे ओलंपिक हो या कॉमनवेल्थ, भारत की उपलब्धियों में मध्यप्रदेश के खिलाड़ियों का योगदान भी दिखाई देता है। 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालितमुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश में वर्तमान में 18 खेलों की 11 खेल अकादमियां संचालित हो रही हैं। सरकार का प्रयास है कि खेल प्रतिभाओं को केवल प्रतियोगिताओं तक सीमित न रखा जाए, बल्कि उनके प्रशिक्षण, शिक्षा और भविष्य के अवसरों पर भी ध्यान दिया जाए। उन्होंने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 में खेलों को शिक्षा का हिस्सा बनाने के साथ कोच के करियर को भी आगे बढ़ाने की संभावनाएं रखी गई हैं। मध्यप्रदेश में इस दिशा में पहले ही पहल की गई है। खिलाड़ियों के साथ उनके कोच की प्रगति और भविष्य की चिंता भी जरूरी है। खेलों से जुड़ी प्रतिभाओं को हर स्तर पर अवसर देने का प्रयासमुख्यमंत्री ने कहा कि सरकार का लक्ष्य प्रदेश के हर हिस्से में खेल सुविधाओं का विस्तार करना है। अलग-अलग खेलों के लिए उपलब्ध संभावनाओं के अनुसार सुविधाएं विकसित की जाएंगी। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत खेलों में अपना सम्मान बढ़ा रहा है और मध्यप्रदेश भी इस यात्रा में कदम से कदम मिलाकर आगे बढ़ रहा है। समापन समारोह में मुख्यमंत्री ने सभी विजेता और पुरस्कृत खिलाड़ियों को बधाई देते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। उन्होंने कहा कि खेल केवल प्रतिस्पर्धा नहीं, बल्कि व्यक्तित्व निर्माण और देश-प्रदेश के गौरव से जुड़ा माध्यम भी हैं। वंदे मातरम् को लेकर कांग्रेस नेताओं को माफी मांगनी चाहिए: मुख्यमंत्रीकार्यक्रम के बाद मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मीडिया से चर्चा में कहा कि स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर पहली बार मंत्री बंकिमचंद्र चट्टोपाध्याय द्वारा रचित राष्ट्रभक्तिपूर्ण ‘वंदे मातरम्’ गीत को सम्मान मिला। लाल किले से स्वतंत्रता दिवस की परेड के दौरान भी पहली बार इस गीत को सम्मान दिए जाने से पूरा देश गौरवान्वित हुआ है। मुख्यमंत्री ने कहा कि दुर्भाग्य से कांग्रेस के नेताओं ने इसी दिन को कलंकित करने का काम किया। उन्होंने कांग्रेस नेताओं के बयान की निंदा करते हुए कहा कि उन्हें तत्काल देश से माफी मांगनी चाहिए।मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘वंदे मातरम्’ केवल एक गीत नहीं, बल्कि देश की स्वतंत्रता, राष्ट्रभक्ति और बलिदान की भावना से जुड़ा हुआ है। स्वतंत्रता आंदोलन के दौरान इस गीत ने लोगों में देशभक्ति की भावना जगाने का काम किया था। ऐसे राष्ट्रभक्तिपूर्ण गीत को स्वतंत्रता दिवस के अवसर पर सम्मान मिलना देश के लिए गौरव की बात है। सारंग बोले- बड़े तालाब का खेल और पर्यटन के लिए हो रहा सदुपयोगखेल एवं युवा कल्याण मंत्री विश्वास सारंग ने कहा कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का खेलों के प्रति जुड़ाव लगातार दिखाई दे रहा है। वे लगातार तीसरे दिन भोपाल के एक ही स्थान पर आयोजित अलग-अलग कार्यक्रमों में शामिल हुए हैं। उन्होंने कहा कि भोपाल का बड़ा तालाब भगवान का दिया हुआ खूबसूरत उपहार है और सरकार इसका खेल के साथ पर्यटन के लिए भी बेहतर उपयोग कर रही है। सारंग ने कहा कि मध्यप्रदेश तीन साल पहले खेलों में देश में 16वें-17वें स्थान पर था, लेकिन अब तीसरे स्थान पर पहुंच गया है। प्रदेश में 18 खेलों की 11 अकादमियां संचालित हो रही हैं और इनके खिलाड़ी राष्ट्रीय-अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पदक जीतकर प्रदेश और देश का नाम रोशन कर रहे हैं। भोपाल में खेल संग्रहालय बनाने की इच्छासारंग ने मुख्यमंत्री से भोपाल में खेल संग्रहालय बनाने की दिशा में पहल करने का आग्रह भी किया। उन्होंने कहा कि भोपाल और मध्यप्रदेश की खेल उपलब्धियों को एक जगह प्रदर्शित करने से खिलाड़ियों को प्रेरणा मिलेगी। उन्होंने बड़े तालाब में शिकारा संचालन को भी पर्यटन विकास से जोड़ते हुए कहा कि खेल और पर्यटन का समग्र विकास सरकार की प्राथमिकता है। खिलाड़ियों का किया सम्मानसमारोह में मुख्यमंत्री ने विभिन्न खेलों में प्रदेश का नाम रोशन करने वाले खिलाड़ियों को सम्मानित किया। इनमें जूडो में कॉमनवेल्थ गेम्स में रजत पदक जीतने वाली यामिनी मौर्य, शॉटपुट खिलाड़ी समरदीप सिंह गिल, पोल वॉल्ट के देव कुमार मीणा, कुलदीप कुमार और फेंसिंग खिलाड़ी खुशी दाबोड़े शामिल रहे। इसके अलावा 16वीं हॉकी इंडिया जूनियर चैंपियनशिप में रजत पदक जीतने वाली मध्यप्रदेश हॉकी अकादमी की टीम के खिलाड़ियों का भी सम्मान किया गया। NSS भोपाल विजेता, एनवाईएससी गोवा उपविजेताराजा भोज मल्टीक्लास नेशनल रैंकिंग सेलिंग चैंपियनशिप-2026 में एनएसएस (भोपाल) ने विजेता का खिताब हासिल किया। विजेता टीम में वायु चंद्रवंशी, माही वर्मा, तुलसी पटले, एकलव्य वायम, वंशिका शिकारवार, आर्यन पाटीदार, प्रार्थना मोई, अंकित सिसोदिया, समर पंचेश्वर और सिद्धि टंडन शामिल हैं। वहीं एनवाईएससी (गोवा) की टीम उपविजेता रही। इसमें शशांक जाधव, हृदय जोशी, मोह रिजवान, शिवम वाल्मीकि और हेमंत पपौला शामिल हैं। एनएसएस भोपाल के प्रशिक्षकों में जी.एल. यादव (मुख्य प्रशिक्षक), राम मिलन, नरेंद्र एस. राजपूत और अनिल शर्मा शामिल रहे। अपर लेक की लहरों पर दिखाया कौशल चैंपियनशिप के दौरान खिलाड़ियों ने अपर लेक की लहरों पर सेलिंग का शानदार प्रदर्शन किया। अलग-अलग वर्गों में खिलाड़ियों के बीच कड़ा मुकाबला देखने को मिला। संतुलन, गति और तकनीक के आधार पर खिलाड़ियों ने अपनी क्षमता का प्रदर्शन किया। राष्ट्रीय रैंकिंग में बेहतर स्थान हासिल करने वाले खिलाड़ियों के लिए आगे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा के अवसर मजबूत होंगे। वाटर स्पोर्ट्स का प्रमुख केंद्र बन रहा भोपाल भोपाल की प्राकृतिक झीलें सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग और केनोइंग जैसे वाटर स्पोर्ट्स के लिए अनुकूल हैं। मध्यप्रदेश राज्य जल क्रीड़ा अकादमी की स्थापना वर्ष 2007 में की गई थी। अकादमी में सेलिंग, रोइंग, कयाकिंग, केनोइंग और स्लालम की प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध हैं। अकादमी के खिलाड़ियों ने अब तक 28 अंतरराष्ट्रीय और 69 राष्ट्रीय पदक हासिल किए हैं। इसके अलावा खिलाड़ी 37 अंतरराष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में भी भारत और मध्यप्रदेश का प्रतिनिधित्व कर चुके हैं।
पंजाब के लोगों को पैरासेलिंग और वाटर स्पोर्टस के लिए गोवा जाने की जरूरत नहीं है। पंजाब के प्रमुख टूरिस्ट डेस्टिनेशन के रूप में पहचान बना चुके पठानकोट के रंजीत सागर बांध की झील में ये सारी सुविधाएं मिलेंगी। इसकी शुरूआत आज यानि रविवार से होने जा रही है। दरअसल, आरएसडी झील किनारे स्थित मिनी गोवा के तौर पर जाने जाते चमरोड़ और नए बने शाहपुरकंडी बैराज झील को अंतरराष्ट्रीय स्तर का टूरिज्म हब बनाने के लिए वन विभाग और प्रशासन ने बड़ा कदम उठाया है। बता दें, 10 दिन पहले ही शाहपुरकंडी बैराज झील में पैरासेलिंग का ट्रायल पूरी तरह सफल रहा। खास बात यह है कि इससे पहले पूरे पंजाब में कहीं भी पैरासेलिंग की सुविधा उपलब्ध नहीं थी। अब पहली बार पंजाब वासियों और पर्यटकों को यह रोमांचक सुविधा मिलने जा रही है। हालांकि, स्पीड बोट, क्रूज और जेट स्की गतिविधियों के लिए कुछ दिन और इंतजार करना पड़ेगा। अधिकारियों का कहना है कि अगस्त अंत तक सारी सुविधाएं आम जनता के लिए शुरू कर दी जाएंगी। पंजाब में पहली बार पैरासेलिंग शाहपुरकंडी बैराज झील में भारत सरकार के सर्टिफाइड इंस्ट्रक्टर की देखरेख में पैरासेलिंग का ट्रायल किया गया, जो पूरी तरह सफल रहा। कंपनी के मालिक पुनीत सैनी (पिंटा) ने बताया कि अब तक पंजाब के लोगों को पैरासेलिंग और जेट स्की जैसी एडवेंचर गतिविधियों के लिए गोवा या विदेशों का रुख करना पड़ता था, लेकिन रविवार से यह सुविधा पठानकोट के मिनी गोवा में शुरू हो रही है। पैरासेलिंग और अन्य वाटर स्पोर्ट्स गतिविधियां भारत सरकार के सुरक्षा मानकों के अनुसार ही करवाई जाएंगी। पर्यटकों के लिए मजबूत रोप, लाइफ सेविंग जैकेट और इंश्योरेंस तक की व्यवस्था रहेगी। स्पीड बोट, क्रूज और जेट स्की गतिविधियों को इसी महीने के अंत तक पूर्ण रूप से पर्यटकों के लिए शुरू कर दिया जाएगा। क्रूज सवारी के दौरान टूरिस्टों को लंच व फूड किट्स और टॉयलेट की बेहतर सुविधा भी मिलेगी। शाहपुरकंडी बैराज से मुक्तेश्वर धाम तक बोटिंग मिनी गोवा में बढ़ेगा इंफ्रास्ट्रक्चर: इको हट्स, जिप लाइन और गजीबो की सुविधा क्यों पर्यटकों को लुभा रहा मिनी गोवा पठानकोट के मिनी गोवा (चमरोड़ पतन) को रंजीत सागर बांध झील के किनारे एक प्रमुख एडवेंचर और टूरिस्ट हब के रूप में विकसित किया गया है। वॉटर स्पोर्ट्स के अलावा यहाँ पर्यटकों के आकर्षण और मनोरंजन के लिए कई अन्य प्रमुख सुविधाएं उपलब्ध हैं।
GBSHSE Exam 2027: गोवा बोर्ड की 10वीं और 12वीं परीक्षाओं का शेड्यूल जारी, आठ फरवरी से होंगे एग्जाम
GBSHSE Exam 2027 OUT: गोवा माध्यमिक एवं उच्च माध्यमिक शिक्षा बोर्ड ने कक्षा 10वीं और 12वीं की बोर्ड परीक्षाओं का शेड्यूल जारी कर दिया है। बोर्ड के अनुसार, 12वीं की परीक्षाएं 8 फरवरी 2027 से शुरू होंगी।
डॉक्टरों के साथ मारपीट करने वाले शिवसेना पार्षद को गोवा के रिसॉर्ट में रहना होगा
महाराष्ट्र के केडीएमसी के अस्पताल में ड्यूटी पर तैनात डॉक्टरों से मारपीट के आरोपों का सामना कर रहे शिवसेना (एकनाथ शिंदे) के पार्षद रमेश म्हात्रे ट्रायल शुरू होने तक गोवा के एक रिसॉर्ट में रहेंगे.
Smart Tips to Maintain Fitness: बिना थके लगातार फिटनेस बनाए रखने के 5 स्मार्ट टिप्स
फिटनेस की शुरुआत करना आसान है लेकिन उसे लम्बे समय तक जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कई लोग कुछ हफ़्तों तक पूरे जोश के साथ वर्कआउट (workout) करते हैं, फिर थकान, व्यस्त दिनचर्या या मोटिवेशन (motivation) की कमी के कारण अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाते। अपने स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती के लिए के लिए आपको हर दिन खुद को पूरी तरह थकाने की ज़रूरत नहीं है। कुछ छोटे और स्मार्ट बदलाव आपकी यात्रा को आसान और टिकाऊ बना सकते हैं। ऐसे पांच टिप्स हमने यहाँ सूचीबद्ध किए हैं: 1. हर दिन 100% देने की बजाय नियमित रहें क्या आप सोचते हैं कि हर वर्कआउट का लक्ष्य (workout goal) खुद को पूरी तरह थका देना होता है? तो, यह बिलकुल गलत है। कुछ दिन आपकी एनर्जी (energy) कम होगी और यह बिलकुल सामान्य है। ऐसे दिनों में हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग या छोटी वॉक भी काफी होती है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि आपकी आदत बनी रहे। यदि आपको लंबे समय तक अच्छे नतीजे चाहिए तो नियमित रहना आवश्यक है न कि सिर्फ कुछ दिनों तक बहुत ज़यादा मेहनत करना। इसे भी पढ़ें: Monsoon के मौसम में तेजी से बढ़ रहा Viral Fever; जानिए Symptoms और बचाव के असरदार तरीके 2. रिकवरी को भी प्राथमिकता दें अगर आपके शरीर को आराम नहीं मिलेगा, तो प्रदर्शन भी धीरे-धीरे गिरने लगेगा। अच्छी नींद, पर्याप्त पानी और संतुलित आहार आपकी रिकवरी को बेहतर बनाते हैं। अगर आप नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (strength training) करते हैं, तो अपने आहार में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने की कोशिश करें। ज़रूरत के अनुसार आप whey protein powder का इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि रोज़ाना की प्रोटीन (protein) ज़रूरत पूरी करने में आसानी हो सके। हालांकि, यह संतुलित भोजन का विकल्प नहीं बल्कि एक सुविधाजनक पूरक है। 3. छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं अगर आपका लक्ष्य सिर्फ 10 किलो वज़न कम करना या सिक्स पैक बनाना है, तो इसमें समय लग सकता है। इसकी बजाय छोटे लक्ष्य तय करें, जैसे इस हफ्ते चार दिन वर्कआउट करना, रोज़ 8,000 कदम चलना या पहले से थोड़ा ज़्यादा वज़न उठाना। छोटे-छोटे लक्ष्य पूरे होने पर आत्मविश्वास बढ़ता है और फिटनेस का सफर ज़्यादा मज़ेदार लगता है। 4. फिटनेस को आदत बनाएं अपनी फिटनेस के लिए ऐसी गतिविधियां चुनें जिनमें आपको मज़ा आता हो, चाहे वह जिम (gym) हो, योग (yoga), साइक्लिंग (cycling), डांस (dance) या तेज़ चलना। जब फिटनेस आपकी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाती है, तो उसे जारी रखना आपके लिए आसान हो जाता है। 5. अपने शरीर की सुनें हर दिन एक जैसा नहीं होता। अगर लगातार थकान महसूस हो रही है या मांसपेशियों (muscles) में दर्द बना हुआ है, तो आपका शरीर शायद आराम मांग रहा है। ज़रूरत से ज़्यादा ट्रेनिंग करने की बजाय आप रिकवरी (recovery) पर ध्यान दें। कुछ लोग अपने फिटनेस प्लान के अनुसार liquid carnitine जैसे सप्लीमेंट्स को शामिल करते हैं, लेकिन याद रखें कि किसी भी सप्लीमेंट लेने के साथ नियमित ट्रेनिंग, सही खानपान और पर्याप्त आराम का पूरा ध्यान रखें। निष्कर्ष फिटनेस कोई 30 दिन का चैलेंज नहीं, बल्कि लंबे समय की आदत है। खुद को हर दिन थकाने की बजाय समझदारी से ट्रेनिंग करें, शरीर को पर्याप्त आराम दें और छोटे-छोटे कदमों पर ध्यान रखें। धीरे-धीरे यही छोटी आदतें बड़े बदलाव लेकर आती हैं। याद रखें, सबसे सफल फिटनेस जर्नी वही होती है जो लंबे समय तक बिना रुके चलती है।
गोविंदा के बालों का खुला राज! पत्नी Sunita Ahuja बोलीं- हां, Hair Patch लगाते हैं, इसमें बुरा क्या?
गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा पर्दे के पीछे रहकर अपने पति का करियर संभालने में बिताया है। लेकिन अब वे सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए अपनी खुद की एक अलग पहचान बना रही हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में सुनीता ने बड़े ही मजाकिया अंदाज में बताया कि एक बार जब उनसे पूछा गया कि क्या गोविंदा 'GOAT' हैं, तो उन्हें इस शॉर्ट फॉर्म का मतलब ही नहीं पता था। उन्हें लगा कि सचमुच 'बकरी' की बात हो रही है। सुनीता ने हंसते हुए कहा, मैंने तो बोल दिया कि मेरे पति बकरी नहीं हैं, मैं तो उन्हें शेर कहने वाली थी! अगर मुझे इसका असली मतलब पता होता, तो मैं तुरंत मान जाती क्योंकि गोविंदा से बेहतर कोई कलाकार नहीं है। इसे भी पढ़ें: मेरे प्रिय कॉकरोचों, पलट मत जाना... Abhijeet Dipke के बेहोश होने पर Shekhar Suman ने ली चुटकी हां, गोविंदा हेयर पैच लगाते हैं इंटरव्यू के दौरान सुनीता ने गोविंदा के लुक्स और उनके बालों को लेकर भी एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बेहद कूल अंदाज में कहा कि गोविंदा आज भी बहुत हैंडसम लगते हैं, लेकिन पहले उनके असली बाल थे और अब वे 'हेयर पैच' का इस्तेमाल करते हैं। सुनीता ने कहा, इसमें छुपाने जैसी कोई बात नहीं है। आजकल फिल्म इंडस्ट्री में चाहे पुरुष हों या महिलाएं, लगभग सभी एक्टर्स अपने बालों के लिए कुछ न कुछ ऐसा करवाते ही हैं। सुनीता ने अपनी लव स्टोरी शेयर करते हुए बताया कि उन्हें 15 साल की उम्र में गोविंदा से प्यार हुआ था और आज वे दोनों पिछले 43 सालों से साथ हैं। इसे भी पढ़ें: Mithun Chakraborty की लाडली Dishani ने की सगाई, Hollywood से है मंगेतर Miles का कनेक्शन 'बिग बॉस' को लेकर सुनीता का कड़ा रुख जब सुनीता से सलमान खान या अनिल कपूर के रियलिटी शो 'बिग बॉस' में जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ मना कर दिया। उन्होंने गुस्से में कहा, मेकर्स मुझे पिछले चार सालों से 'बिग बॉस' का ऑफर दे रहे हैं, लेकिन क्या आपको लगता है कि हम किसी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं? क्या कोई शाहरुख खान की पत्नी से ऐसा सवाल पूछेगा? मैं तो यह शो देखती तक नहीं। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें किसी शो में कंटेस्टेंट बनने के बजाय जज बनने में ज्यादा दिलचस्पी है। वर्कफ्रंट की बात करें तो सुनीता जल्द ही नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो 'लॉक अप' सीजन 2 में नजर आने वाली हैं और फिलहाल वे शिल्पा शेट्टी के शो 'मां है ना' में दिखाई दे रही हैं।
आयुष्मान खुराना भी हुए 'धुरंधर 2' के मुरीद, रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस को बताया GOAT
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' को दुनियाभर में जबरदस्त प्यार मिल रहा है। फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिलीज के महज कुछ ही दिनों के भीतर इसने बॉक्स ऑफिस के बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया ...
'अनुपमा' में आया बड़ा लीप, गोवा में नई शुरुआत को लेकर रूपाली गांगुली का खुलासा
स्टार प्लस का सबसे पॉपुलर शो 'अनुपमा' अपनी जबरदस्त कहानी के साथ टीवी पर राज कर रहा है, जो लगातार आने वाले ट्विस्ट, ड्रामा और इमोशनल उतार-चढ़ाव से दर्शकों को बांधे रखता है। यही वजह है कि लोग इतने लंबे समय से इस शो से जुड़े हुए हैं। अब कहानी में एक ...
टॉक्सिक मूवी प्रिव्यू: यश का डबल रोल, गोवा के अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्म 19 मार्च 2026 को होगी रिलीज
यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी यह पीरियड गैंगस्टर ड्रामा गोवा के ड्रग कार्टेल की अंधेरी दुनिया को दिखाती है। फिल्म में यश डबल रोल में हैं। कियारा आडवाणी, नयनतारा और ...
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Film Go Goa Gone: राज और डी.के. द्वारा निर्देशित फिल्म गो गोवा गॉन ने अपनी रिलीज़ के 11 साल पूरे कर लिए हैं। दिलचस्प बात यह है कि ज़ॉम्बी एक्शन कॉमेडी ने न केवल अपनी मज़ेदार और आकर्षक कहानी से, बल्कि अपने बेहतरीन अभिनय और संवादों से भी दर्शकों का ...
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