Confused between IPOs, SIPs, and FDs? Learn how to balance risk, tax, and liquidity for your 2026 financial goals.
सुप्रीम कोर्ट में जस्टिस अरविंद कुमार और जस्टिस विपुल एम. पंचोली की पीठ ने याचिकाकर्ता और वकील अश्विनी कुमार उपाध्याय को 14 साल तक के बच्चों को धार्मिक या धर्मनिरपेक्ष शिक्षा देने वाले सभी संस्थानों के पंजीकरण, निगरानी और नियमन से जुड़ी जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान यह टिप्पणी की। सुप्रीम कोर्ट ने उपाध्याय से कहा कि वे बार-बार नई रिट याचिका दाखिल करके अपने ही बनाए अच्छे केस को खराब न करें (Don't spoil a good case)।मामला क्या है और कोर्ट ने क्या कहा?अश्विनी उपाध्याय ने अदालत में याचिका दायर कर मांग की थी कि देश में 14 वर्ष से कम उम्र के बच्चों को शिक्षा या धार्मिक शिक्षा (जैसे मदरसें, गुरुकुल आदि) देने वाले सभी संस्थानों का सरकार द्वारा अनिवार्य पंजीकरण, मान्यता और नियमित निगरानी सुनिश्चित की जाए।कोर्ट ने याद दिलाया कि इस मामले में सुप्रीम कोर्ट पहले ही आदेश जारी कर चुका है, जिसमें संबंधित अधिकारियों (शिक्षा मंत्रालय) को उनके प्रतिनिधित्व पर दो महीने के भीतर विचार करने का निर्देश (Writ of Mandamus) दिया गया था।सुप्रीम कोर्ट की सलाह और चेतावनी:गलत प्रक्रिया से बचें: जब उपाध्याय ने बताया कि तीन महीने से अधिक का समय बीत जाने के बाद भी अधिकारियों ने उनके ज्ञापन पर फैसला नहीं लिया है, तो कोर्ट ने स्पष्ट किया कि इसके लिए दोबारा नई रिट याचिका दाखिल करना प्रक्रियात्मक रूप से सही नहीं है।अवमानना (Contempt) याचिका का रास्ता: पीठ ने कहा कि यदि सरकार कोर्ट के आदेश का पालन नहीं कर रही है, तो सही कानूनी रास्ता अवमानना याचिका (Contempt Petition) दाखिल करना है, न कि बार-बार नई रिट याचिका लगाना।'Self-Goal' न करें: न्यायमूर्ति अरविंद कुमार ने कहा, आपके पास पहले से ही अपने पक्ष में एक आदेश है। नई याचिका दाखिल कर आप खुद के खिलाफ ही 'सेल-गोल' कर रहे हैं। आप अपने हाथों से बने-बनाए अच्छे केस को खराब मत कीजिए।कोर्ट की इस सलाह के बाद वकील अश्विनी उपाध्याय ने अपनी ताजा याचिका वापस ले ली, ताकि वे आदेश का पालन न करने के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई का रास्ता चुन सकें।
Molbio Diagnostics IPO: टेमासेक (Temasek) और मोतीलाल ओसवाल ग्रुप (Motilal Oswal Group) के निवेश वाली मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक का ₹930.7 करोड़ का आईपीओ आज खुल रहा है। निवेशक इसमें 12 अगस्त तक पैसे लगा सकेंगे। आईपीओ खुलने से पहले 33 एंकर निवेशकों के जरिए इसने ₹281.45 करोड़ जुटाए हैं। इस आईपीओ के जरिए वर्ल्ड बैंक ग्रुप की प्राइवेट सेक्टर इंवेस्टमेंट आर्म इंटरनेशनल फाइनेंस कॉरपोरेशन (IFC) ने भी करीब पांच साल बाद देश के मेनबोर्ड आईपीओ मार्केट में एंकर निवेशक के तौर पर वापसी की और एंकर बुक का 7.11% हिस्सा यानी 2,47,842 शेयर ₹807 के भाव पर ₹20 करोड़ में हासिल किए। आईएफसी ने इससे पहले जून 2021 में डोडला डेयरी के एंकरबुक में ₹10 करोड़ डाले थे और मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक 2024 तक अपना निवेश बनाए रखा।मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक्स को लेकर ग्रे मार्केट में रुझानों की बात करें तो पॉजिटिव सिग्नल मिल रहे हैं। आईपीओ के अपर प्राइस बैंड से यह ₹132 यानी 16.36% की GMP (ग्रे मार्केट प्रीमियम) पर है। हालांकि मार्केट एक्सपर्ट्स के मुताबिक ग्रे मार्केट से मिले संकेतों की बजाय कंपनी के फंडामेंटल्स और फाइनेंशियल्स के आधार पर ही निवेश से जुड़ा फैसला लेना चाहिए।Molbio Diagnostics IPO: क्या है एक्सपर्ट्स की रायSBI Securities: Subscribe for long termब्रोकरेज फर्म एसबीआई सिक्योरिटीज का कहना है कि मोल्बियो डाइग्नॉस्टिक्स POC (प्वाइंट ऑफ केयर) मॉलीक्यूलर डाइग्नॉस्टिक्स की एक दिग्गज कंपनी है जिसके प्लेटफॉर्म ट्रूनैट (Truenat) को WHO से मान्यता मिली हुई है। ब्रोकरेज फर्म ने इसकी कारोबारी सेहत को मजबूत बताते हुए कहा कि आईपीओ के अपर प्राइस बैंड के हिसाब से यह वित्त वर्ष 2026 की कमाई के मुकाबले 56.5 गुना और 28.5x EV/EBITDA भाव पर है। कंपनी के ग्रोथ प्रोफाइल, प्रॉफिटेबिलिटी, रिटर्न रेश्यो और डाइग्नॉस्टिक इकोसिस्टम में मजबूत स्थिति को देखते हुए ब्रोकरेज फर्म का कहना है कि यह आईपीओ बेहतर वैल्यूएशन पर है।ब्रोकरेज फर्म के मुताबिक एसे (Assay) पोर्टफोलियो के विस्तार, मॉलिक्यूलर डाइग्नॉस्टिक्स के बढ़ते इस्तेमाल और इंटरनेशनल मार्केट में पैठ बनाने के साथ-साथ R&D (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) और मैन्युफैक्चरिंग क्षमताओं में निवेश से इसे बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। हालांकि टीबी से जुड़ी टेस्टिंग से होने वाली कमाई पर निर्भरता, कस्टमर कंसंट्रेशन और सरकारी खरीद प्रोग्राम्स जैसी बातों पर नजर रखने की ज़रूरत है। ओवरऑल इसके मजबूत टेक्नोलॉजी प्लेटफॉर्म और मार्केट में मजबूत स्थिति को देखते हुए ब्रोकरेज ने लॉन्ग टर्म के लिए इसे सब्सक्राइब करने की सलाह दी है।Master Capital Services: Long-term opportunityमास्टर कैपिटल सर्विसेज का कहना है कि मोल्बियो डायग्नॉस्टिक्स अपने खास ट्रूनेट प्लेटफॉर्म के जरिए मॉलिक्यूलर डाइग्नॉस्टिक्स की बढ़ती मांग का फायदा उठाने के लिए अच्छी स्थिति में है। ब्रोकरेज फर्म ने कंपनी की R&D क्षमताओं, ग्लोबल पेटेंट पोर्टफोलियो, रेडियोलॉजी और डिजिटल पैथोलॉजी में रणनीतिक अधिग्रहणों, छह मैन्युफैक्चरिंग यूनिट्स और 90 से ज्यादा देशों में मौजूदगी को इसकी ग्रोथ की संभावनाओं को सहारा देने वाली मुख्य खूबियों के तौर पर जिक्र किया। ब्रोकरेज फर्म ने इसमें लॉन्ग टर्म के लिए पैसे लगाने की सलाह दी है।Molbio Diagnostics IPO की डिटेल्समोल्बियो डाइग्नॉस्टिक्स के ₹940 करोड़ के आईपीओ में ₹768-₹807 के प्राइस बैंड और 18 शेयरों के लॉट में पैसे लगा सकते हैं। एंप्लॉयीज को हर शेयर पर ₹76 का डिस्काउंट मिलेगा। यह इश्यू आज 12 दिसंबर तक खुला रहेगा। इस इश्यू का 50% हिस्सा क्वालिफाइड इंस्टीट्यूशनल बायर्स (QIB) के लिए आरक्षित है जबकि 15% नॉन-इंस्टीट्यूशनल इनवेस्टर्स (NII) और 35% खुदरा निवेशकों के लिए आरक्षित है। आईपीओ की सफलता के बाद शेयरों का अलॉटमेंट 13 अगस्त को फाइनल होगा। फिर बीएसई और एनएसई पर 17 अगस्त को एंट्री होगी। इश्यू का रजिस्ट्रार केफिन टेक है।इस आईपीओ के तहत ₹200 करोड़ के नए शेयर जारी होंगे। इसके अलावा ₹1 की फेस वैल्यू वाले 91.66 लाख शेयर ऑफर फॉर सेल विंडो के तहत बिकेंगे। ऑफर फॉर सेल का पैसा तो शेयर बेचने वाले शेयरहोल्डर्स को मिलेगा। वहीं नए शेयरों के जरिए जुटाए गए पैसों में से ₹125.12 करोड़ R&D फैसिलिटी, CoI (सेंटर ऑफ एक्सीलेंस) और कनेक्टेड ऑफिस स्पेस बनाने, ₹80.81 करोड़ कुछ यूनिट्स के लिए प्लांट-मशीनरी और अन्य इक्विपमेंट्स की खरीदरी और बाकी पैसे आम कॉरपोरेट उद्देश्यों पर खर्च होंगे।Molbio Diagnostics के बारे मेंमोल्बियो डायग्नोस्टिक्स एक पॉइंट-ऑफ-केयर (POC) डायग्नोस्टिक्स कंपनी है। इसने 'Truenat' नाम से पीसीआर (PCR) प्लेटफॉर्म डेवलप किया है, जो 100 से अधिक देशों में पेटेंटेड है। यह तकनीक टीबी (TB), कोविड-19, हेपेटाइटिस B & C, एचआईवी (HIV) और एचपीवी (HPV) जैसी बीमारियों की जांच 1 घंटे के भीतर कर सकती है। प्रोग्नोसिस और ऑप्ट्रास्कैन जैसी सहायक कंपनियों के जरिए यह डिजिटल पैथोलॉजी, रेडियोलॉजी और ब्रेस्ट हेल्थ स्क्रीनिंग डिवाइस भी मुहैया कराती है। देश भर में इसके 6 मैन्युफैक्चरिंग फैसिलिटीज हैं और इसके ग्राहक 90 से अधिक देशों में हैं।कंपनी के वित्तीय सेहत की बात करें तो यह लगातार मजबूत हो रही है। वित्त वर्ष 2024-26 में इसका शुद्ध मुनाफा सालाना 40% से अधिक की रफ्तार यानी CAGR से बढ़कर ₹164.14 करोड़ और टोटल इनकम 31% से अधिक के सीएजीआर से ₹1,455.17 करोड़ पर पहुंच गया। मार्च 2026 के आखिरी में कंपनी पर ₹412.64 करोड़ का टोटल कर्ज था जबकि रिजर्व और सरप्लस में ₹1,148.84 करोड़ पड़े थे।Milky Mist IPO: 7 बातें, ₹1533 करोड़ के इश्यू में निवेश से पहले जानना है जरूरीडिस्क्लेमर: मनीकंट्रोल.कॉम पर दिए गए सलाह या विचार एक्सपर्ट/ब्रोकरेज फर्म के अपने निजी विचार होते हैं। वेबसाइट या मैनेजमेंट इसके लिए उत्तरदायी नहीं है। यूजर्स को मनीकंट्रोल की सलाह है कि कोई भी निवेश निर्णय लेने से पहले हमेशा सर्टिफाइड एक्सपर्ट की सलाह लें।
वकीलों के अनिवार्य प्रशिक्षण के लिए गोवा में बनेगी नेशनल लीगल अकादमी
बार काउंसिल ऑफ इंडिया ने घोषणा की है कि वकीलों के अनिवार्य प्रशिक्षण के लिए नेशनल लीगल अकादमी गोवा के धरबांडोरा स्थित आईआईयूएलईआर परिसर में स्थापित की जाएगी।
India Energy Week 2027 का आयोजन गोवा के बजाय Kolkata में 28 जनवरी से होगा
नयी दिल्ली, नौ अगस्त इंडिया एनर्जी वीक (आईईडब्ल्यू) का अगला संस्करण 28 से 31 जनवरी, 2027 तक कोलकाता के न्यू टाउन स्थित बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर में आयोजित होगा। यह फैसला ऐसे समय में हुआ है, जब करीब 1,000 करोड़ रुपये की लागत से बने गोवा के नए कन्वेंशन सेंटर को आईईडब्ल्यू का स्थायी आयोजन स्थल बताया गया था। आईईडब्ल्यू के लिंक्डइन पेज पर 2027 के आयोजन की घोषणा की गई। पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने भी तैयारियों की समीक्षा की और कहा कि 2027 में वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र के प्रमुख मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ), नीति-निर्माता, निवेशक और नवोन्मेषक भारत में जुटेंगे। गोवा में 2026 का आईईडब्ल्यू नए 4,000 सीट वाले कन्वेंशन सेंटर में आयोजित हुआ था। इस परिसर में प्रदर्शनी हॉल, सम्मेलन सुविधाएं, हेलिपैड और फ्लोटिंग जेट्टी जैसी सुविधाएं भी हैं। इसे बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों के लिए विकसित किया गया था। वहीं, न्यू टाउन का बिस्वा बांग्ला कन्वेंशन सेंटर 2017 में शुरू हुआ था और इसमें करीब 3,200 सीट वाला सभागार, प्रदर्शनी केंद्र, सेमिनार कक्ष और अन्य आधुनिक सुविधाएं मौजूद हैं। पश्चिम बंगाल में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की सरकार के पहली बार सत्ता में आने के बाद यह फैसला किया गया है। उल्लेखनीय है कि गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 15 अगस्त, 2024 को स्वतंत्रता दिवस पर अपने संबोधन में कहा था कि गोवा अब इंडिया एनर्जी वीक के लिए एक स्थायी स्थल होगा।
ऑस्ट्रेलिया के पूर्व तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने क्रिकेट के महानतम खिलाड़ी यानी GOAT को लेकर अपनी पसंद बताई है।
सचिन तेंदुलकर नहीं, इस दिग्गज को ब्रेट ली ने बताया क्रिकेट का GOAT, कहां- आंकड़े झूठ नहीं बोलते
ऑस्ट्रेलिया के दिग्गज तेज गेंदबाज ब्रेट ली ने सचिन तेंदुलकर के बजाय जैक कैलिस को क्रिकेट के सर्वकालिक महान खिलाड़ी यानी GOAT चुना है।
सचिन तेंदुलकर नहीं…ब्रेट ली ने इसे बताया GOAT ऑफ क्रिकेट; जानें वजह
सचिन तेंदुलकर को क्रिकेट के भगवान के नाम से जाना जाता है। हर कोई उन्हें ही इस खेल का सबसे बड़ा खिलाड़ी बताते हैं। मगर ब्रेट ली ने उन्हें नहीं बल्कि जैक कैलिस को GOAT ऑफ क्रिकेट बताया है।
Varanasi News: विकसित भारत का लक्ष्य पूरा करने में शैक्षिक अनुसंधान जरूरी
Educational research is essential to achieving the goal of a developed India.
Varanasi News: रुचि और सोनाली के गोल से महामना इंटर कॉलेज की टीम ने जीती बच्छाव जोन की ट्रॉफी
Mahamana Inter College team wins Bachhav Zone trophy with goals from Ruchi and Sonali.
ड्रग तस्करी के खिलाफ कार्रवाई को लेकर एनसीबी और गोवा एएनटीएफ की दूसरी जेसीसी बैठक
New Delhi, 8 अगस्त . ऑर्गनाइज़्ड ड्रग तस्करी के खिलाफ मिलकर कार्रवाई को मजबूत करने के लिए एनसीबी के डीडीजी (एसडब्ल्यूआर) विशाल एम. सनाप और गोवा एएनटीएफ के आईजी के. आर. चौरसिया ने गोवा जोन के लिए 2026 की दूसरी जॉइंट कोऑर्डिनेशन कमेटी (जेसीसी) मीटिंग की सह-अध्यक्षता की. नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (एनसीबी) ने social media ... Read more
Goa में PM Vishwakarma Yojana से 18,575 पारंपरिक कारीगरों को मिला आर्थिक लाभ
गोवा के मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने शनिवार को कहा कि राज्य में पीएम विश्वकर्मा योजना से 18,575 कारीगरों को लाभ मिला है। उन्होंने कहा कि सरकार पारंपरिक कामों को बचाने और आर्थिक अवसर पैदा करने के लिए प्रयास कर रही है। हस्तशिल्प और छोटे उद्योगों से जुड़ी योजनाओं पर आयोजित एक ऑनलाइन कार्यक्रम को संबोधित करते हुए सावंत ने कहा कि 12,174 लाभार्थियों ने कौशल प्रशिक्षण लिया है, जबकि 7,442 लोगों को उनके घरों पर उपकरण किट उपलब्ध कराई गई है। इसे भी पढ़ें: Goa में Sub Registrar ऑफिस से होगी संपत्ति रजिस्ट्री, NGDRS से मिला विकल्प उन्होंने कहा कि राज्य में पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत कुल 18,575 लोगों को लाभ मिला है। साल 2023 में शुरू की गई पीएम विश्वकर्मा योजना के तहत पारंपरिक कारीगरों और शिल्पकारों को कौशल प्रशिक्षण, उपकरण किट, ऋण सहायता और अन्य मदद उपलब्ध कराई जाती है।
भारतीय शेयर बाजार में बीते पांच वर्षों के दौरान देखी गई अभूतपूर्व तेजी और घरेलू खुदरा निवेशकों की बढ़ती भागीदारी ने सिस्टमैटिक इन्वेस्टमेंट प्लान (SIP) को संपत्ति सृजन (Wealth Creation) का सबसे पसंदीदा माध्यम बना दिया है। एसोसिएशन ऑफ म्यूचुअल फंड्स इन इंडिया (AMFI) के आंकड़ों के अनुसार, स्मॉलकैप और मिडकैप श्रेणियों के इक्विटी म्यूचुअल फंड्स ने बाजार के उतार-चढ़ाव को पछाड़ते हुए निवेशकों को शानदार वार्षिक रिटर्न प्रदान किया है। यदि किसी निवेशक ने पांच साल पहले अनुशासित तरीके से इन शीर्ष प्रदर्शन करने वाली योजनाओं में मासिक एसआईपी शुरू की होती, तो उनका मूल धन आज दो से तीन गुने तक बढ़ चुका होता।बीते 5 सालों में सबसे ज्यादा SIP रिटर्न देने वाले टॉप 10 म्यूचुअल फंड्सनीचे दी गई तालिका में डायरेक्ट प्लान के आधार पर बीते 5 वर्षों में सबसे अधिक वार्षिक एसआईपी रिटर्न (CAGR/XIRR) देने वाले शीर्ष 10 म्यूचुअल फंड्स की सूची दी गई है:फंड का नाम (Scheme Name)श्रेणी (Category)5 साल का SIP वार्षिक रिटर्न (CAGR/XIRR)Motilal Oswal Midcap FundMid Cap~28.54%Bandhan Small Cap FundSmall Cap~27.33%Edelweiss Mid Cap FundMid Cap~26.17%HDFC Mid Cap Opportunities FundMid Cap~25.68%Invesco India Mid Cap FundMid Cap~25.28%Nippon India Growth Mid Cap FundMid Cap~25.28%Quant Small Cap FundSmall Cap~24.80%Motilal Oswal Large and Mid Cap FundLarge & Mid Cap~23.95%Bandhan Large & Mid Cap FundLarge & Mid Cap~23.02%HDFC Flexi Cap FundFlexi Cap~18.73%मिडकैप और स्मॉलकैप फंड्स की रिकॉर्ड बढ़त और निवेशकों के लिए जरूरी सीखएसआईपी रिटर्न के आंकड़ों का विश्लेषण करने से स्पष्ट होता है कि बीते पांच वर्षों के चक्र में मिडकैप और स्मॉलकैप कैटेगरी का दबदबा सबसे अधिक रहा है। इन योजनाओं में फंड मैनेजरों ने उच्च विकास क्षमता (High-Growth Potential) वाली उभरती हुई कंपनियों पर दांव लगाया, जिससे लंबी अवधि में कम्पाउंडिंग का जबरदस्त फायदा मिला। उदाहरण के तौर पर, यदि किसी निवेशक ने मोतीलाल ओसवाल मिडकैप फंड या बंधन स्मॉलकैप फंड में 10,000 रुपये प्रति माह की एसआईपी 5 साल तक जारी रखी होती, तो उनका कुल ₹6,00,000 का निवेश बढ़कर लगभग ₹11.5 लाख से ₹12 लाख के स्तर पर पहुंच गया होता।हालांकि, वित्तीय विशेषज्ञों और बाजार विश्लेषकों का मानना है कि अतीत का रिटर्न भविष्य में उसी गति से दोहराए जाने की कोई गारंटी नहीं होती। स्मॉलकैप और मिडकैप फंड्स में उच्च रिटर्न के साथ-साथ बाजार की गिरावट के दौरान उच्च जोखिम भी शामिल होता है। इसलिए, किसी भी म्यूचुअल फंड में एसआईपी शुरू करने से पहले निवेशकों को केवल पिछले 5 सालों के रिटर्न को देखकर आकर्षित होने के बजाय अपने वित्तीय लक्ष्य (Financial Goals), जोखिम लेने की क्षमता (Risk Appetite) और पोर्टफोलियो के विविधीकरण (Diversification) का विशेष ध्यान रखना चाहिए। नए निवेशकों के लिए फ्लेक्सी कैप या लार्ज एंड मिडकैप श्रेणी के फंड्स से एसआईपी की शुरुआत करना तुलनात्मक रूप से अधिक संतुलित विकल्प माना जाता है।
Goa में Sub Registrar ऑफिस से होगी संपत्ति रजिस्ट्री, NGDRS से मिला विकल्प
पणजी, सात अगस्त गोवा सरकार ने हाल ही में एक सुविधा शुरू की है, जिसके तहत नागरिक अपने जिले के किसी भी उप-निबंधक (सब रजिस्ट्रार) कार्यालय में संपत्ति से जुड़े दस्तावेजों का रजिस्ट्रीकरण करा सकेंगे। राष्ट्रीय सामान्य दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण प्रणाली (एनजीडीआरएस) के तहत शुरू की गई ‘जिले के भीतर कहीं भी रजिस्ट्रीकरण’ सुविधा को लागू करने वाला गोवा देश का तीसरा राज्य बन गया है। इस पहल का उद्देश्य रजिस्ट्रीकरण सेवाओं तक लोगों की पहुंच आसान बनाना और प्रतीक्षा समय कम करना है। गोवा में दो जिले हैं, दक्षिण गोवा और उत्तर गोवा। मुख्यमंत्री प्रमोद सावंत ने 29 जुलाई को इस पहल की शुरुआत करते हुए कहा था कि यह पारदर्शी, प्रभावी और प्रौद्योगिकी आधारित शासन के प्रति सरकार की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार सार्वजनिक सेवाओं को बेहतर बनाने के लिए उप-निबंधक कार्यालयों में आधुनिक डिजिटल बुनियादी ढांचे को लगातार मजबूत करती रहेगी। जिला निबंधक (दक्षिण) सूरज वेर्णेकर ने पीटीआई-से कहा कि यह सुविधा संपत्ति रजिस्ट्रीकरण की बढ़ती संख्या को देखते हुए शुरू की गई थी (खासकर तटीय इलाकों में) जिससे बारदेज, सालसेटे और तिसवाड़ी के उप-निबंधक कार्यालय पर दबाव बढ़ गया था।
Varanasi News: सांगेय नोरबू के पांच गोल से बीए, बीएएड की टीम 10-0 से जीती
The BA/BA-B.Ed. team won 10-0, thanks to five goals from Sangey Norbu.
Ghazipur News: घर में बंधी बकरी खोलने गई किशोरी पर गिरी कच्ची दीवार, मौत
Teenager dies after mud wall collapses on her while she went to untie a goat at home.
Smart Tips to Maintain Fitness: बिना थके लगातार फिटनेस बनाए रखने के 5 स्मार्ट टिप्स
फिटनेस की शुरुआत करना आसान है लेकिन उसे लम्बे समय तक जारी रखना चुनौतीपूर्ण हो सकता है। कई लोग कुछ हफ़्तों तक पूरे जोश के साथ वर्कआउट (workout) करते हैं, फिर थकान, व्यस्त दिनचर्या या मोटिवेशन (motivation) की कमी के कारण अपना लक्ष्य पूरा नहीं कर पाते। अपने स्वास्थ्य और तंदुरुस्ती के लिए के लिए आपको हर दिन खुद को पूरी तरह थकाने की ज़रूरत नहीं है। कुछ छोटे और स्मार्ट बदलाव आपकी यात्रा को आसान और टिकाऊ बना सकते हैं। ऐसे पांच टिप्स हमने यहाँ सूचीबद्ध किए हैं: 1. हर दिन 100% देने की बजाय नियमित रहें क्या आप सोचते हैं कि हर वर्कआउट का लक्ष्य (workout goal) खुद को पूरी तरह थका देना होता है? तो, यह बिलकुल गलत है। कुछ दिन आपकी एनर्जी (energy) कम होगी और यह बिलकुल सामान्य है। ऐसे दिनों में हल्की एक्सरसाइज, स्ट्रेचिंग या छोटी वॉक भी काफी होती है। सबसे ज़रूरी बात यह है कि आपकी आदत बनी रहे। यदि आपको लंबे समय तक अच्छे नतीजे चाहिए तो नियमित रहना आवश्यक है न कि सिर्फ कुछ दिनों तक बहुत ज़यादा मेहनत करना। इसे भी पढ़ें: Monsoon के मौसम में तेजी से बढ़ रहा Viral Fever; जानिए Symptoms और बचाव के असरदार तरीके 2. रिकवरी को भी प्राथमिकता दें अगर आपके शरीर को आराम नहीं मिलेगा, तो प्रदर्शन भी धीरे-धीरे गिरने लगेगा। अच्छी नींद, पर्याप्त पानी और संतुलित आहार आपकी रिकवरी को बेहतर बनाते हैं। अगर आप नियमित रूप से स्ट्रेंथ ट्रेनिंग (strength training) करते हैं, तो अपने आहार में पर्याप्त प्रोटीन शामिल करने की कोशिश करें। ज़रूरत के अनुसार आप whey protein powder का इस्तेमाल कर सकते हैं ताकि रोज़ाना की प्रोटीन (protein) ज़रूरत पूरी करने में आसानी हो सके। हालांकि, यह संतुलित भोजन का विकल्प नहीं बल्कि एक सुविधाजनक पूरक है। 3. छोटे-छोटे लक्ष्य बनाएं अगर आपका लक्ष्य सिर्फ 10 किलो वज़न कम करना या सिक्स पैक बनाना है, तो इसमें समय लग सकता है। इसकी बजाय छोटे लक्ष्य तय करें, जैसे इस हफ्ते चार दिन वर्कआउट करना, रोज़ 8,000 कदम चलना या पहले से थोड़ा ज़्यादा वज़न उठाना। छोटे-छोटे लक्ष्य पूरे होने पर आत्मविश्वास बढ़ता है और फिटनेस का सफर ज़्यादा मज़ेदार लगता है। 4. फिटनेस को आदत बनाएं अपनी फिटनेस के लिए ऐसी गतिविधियां चुनें जिनमें आपको मज़ा आता हो, चाहे वह जिम (gym) हो, योग (yoga), साइक्लिंग (cycling), डांस (dance) या तेज़ चलना। जब फिटनेस आपकी लाइफस्टाइल का हिस्सा बन जाती है, तो उसे जारी रखना आपके लिए आसान हो जाता है। 5. अपने शरीर की सुनें हर दिन एक जैसा नहीं होता। अगर लगातार थकान महसूस हो रही है या मांसपेशियों (muscles) में दर्द बना हुआ है, तो आपका शरीर शायद आराम मांग रहा है। ज़रूरत से ज़्यादा ट्रेनिंग करने की बजाय आप रिकवरी (recovery) पर ध्यान दें। कुछ लोग अपने फिटनेस प्लान के अनुसार liquid carnitine जैसे सप्लीमेंट्स को शामिल करते हैं, लेकिन याद रखें कि किसी भी सप्लीमेंट लेने के साथ नियमित ट्रेनिंग, सही खानपान और पर्याप्त आराम का पूरा ध्यान रखें। निष्कर्ष फिटनेस कोई 30 दिन का चैलेंज नहीं, बल्कि लंबे समय की आदत है। खुद को हर दिन थकाने की बजाय समझदारी से ट्रेनिंग करें, शरीर को पर्याप्त आराम दें और छोटे-छोटे कदमों पर ध्यान रखें। धीरे-धीरे यही छोटी आदतें बड़े बदलाव लेकर आती हैं। याद रखें, सबसे सफल फिटनेस जर्नी वही होती है जो लंबे समय तक बिना रुके चलती है।
गोविंदा के बालों का खुला राज! पत्नी Sunita Ahuja बोलीं- हां, Hair Patch लगाते हैं, इसमें बुरा क्या?
गोविंदा की पत्नी सुनीता आहूजा ने अपनी जिंदगी का एक बड़ा हिस्सा पर्दे के पीछे रहकर अपने पति का करियर संभालने में बिताया है। लेकिन अब वे सोशल मीडिया और यूट्यूब के जरिए अपनी खुद की एक अलग पहचान बना रही हैं। हाल ही में एक इंटरव्यू में सुनीता ने बड़े ही मजाकिया अंदाज में बताया कि एक बार जब उनसे पूछा गया कि क्या गोविंदा 'GOAT' हैं, तो उन्हें इस शॉर्ट फॉर्म का मतलब ही नहीं पता था। उन्हें लगा कि सचमुच 'बकरी' की बात हो रही है। सुनीता ने हंसते हुए कहा, मैंने तो बोल दिया कि मेरे पति बकरी नहीं हैं, मैं तो उन्हें शेर कहने वाली थी! अगर मुझे इसका असली मतलब पता होता, तो मैं तुरंत मान जाती क्योंकि गोविंदा से बेहतर कोई कलाकार नहीं है। इसे भी पढ़ें: मेरे प्रिय कॉकरोचों, पलट मत जाना... Abhijeet Dipke के बेहोश होने पर Shekhar Suman ने ली चुटकी हां, गोविंदा हेयर पैच लगाते हैं इंटरव्यू के दौरान सुनीता ने गोविंदा के लुक्स और उनके बालों को लेकर भी एक बड़ा खुलासा किया। उन्होंने बेहद कूल अंदाज में कहा कि गोविंदा आज भी बहुत हैंडसम लगते हैं, लेकिन पहले उनके असली बाल थे और अब वे 'हेयर पैच' का इस्तेमाल करते हैं। सुनीता ने कहा, इसमें छुपाने जैसी कोई बात नहीं है। आजकल फिल्म इंडस्ट्री में चाहे पुरुष हों या महिलाएं, लगभग सभी एक्टर्स अपने बालों के लिए कुछ न कुछ ऐसा करवाते ही हैं। सुनीता ने अपनी लव स्टोरी शेयर करते हुए बताया कि उन्हें 15 साल की उम्र में गोविंदा से प्यार हुआ था और आज वे दोनों पिछले 43 सालों से साथ हैं। इसे भी पढ़ें: Mithun Chakraborty की लाडली Dishani ने की सगाई, Hollywood से है मंगेतर Miles का कनेक्शन 'बिग बॉस' को लेकर सुनीता का कड़ा रुख जब सुनीता से सलमान खान या अनिल कपूर के रियलिटी शो 'बिग बॉस' में जाने को लेकर सवाल किया गया, तो उन्होंने साफ मना कर दिया। उन्होंने गुस्से में कहा, मेकर्स मुझे पिछले चार सालों से 'बिग बॉस' का ऑफर दे रहे हैं, लेकिन क्या आपको लगता है कि हम किसी आर्थिक तंगी से गुजर रहे हैं? क्या कोई शाहरुख खान की पत्नी से ऐसा सवाल पूछेगा? मैं तो यह शो देखती तक नहीं। उन्होंने आगे कहा कि उन्हें किसी शो में कंटेस्टेंट बनने के बजाय जज बनने में ज्यादा दिलचस्पी है। वर्कफ्रंट की बात करें तो सुनीता जल्द ही नेटफ्लिक्स के रियलिटी शो 'लॉक अप' सीजन 2 में नजर आने वाली हैं और फिलहाल वे शिल्पा शेट्टी के शो 'मां है ना' में दिखाई दे रही हैं।
आयुष्मान खुराना भी हुए 'धुरंधर 2' के मुरीद, रणवीर सिंह की परफॉर्मेंस को बताया GOAT
बॉलीवुड एक्टर रणवीर सिंह की फिल्म 'धुरंधर: द रिवेंज' को दुनियाभर में जबरदस्त प्यार मिल रहा है। फिल्म की सफलता का अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि रिलीज के महज कुछ ही दिनों के भीतर इसने बॉक्स ऑफिस के बड़े-बड़े दिग्गजों को पीछे छोड़ दिया ...
'अनुपमा' में आया बड़ा लीप, गोवा में नई शुरुआत को लेकर रूपाली गांगुली का खुलासा
स्टार प्लस का सबसे पॉपुलर शो 'अनुपमा' अपनी जबरदस्त कहानी के साथ टीवी पर राज कर रहा है, जो लगातार आने वाले ट्विस्ट, ड्रामा और इमोशनल उतार-चढ़ाव से दर्शकों को बांधे रखता है। यही वजह है कि लोग इतने लंबे समय से इस शो से जुड़े हुए हैं। अब कहानी में एक ...
टॉक्सिक मूवी प्रिव्यू: यश का डबल रोल, गोवा के अंडरवर्ल्ड पर आधारित फिल्म 19 मार्च 2026 को होगी रिलीज
यश की बहुप्रतीक्षित फिल्म ‘टॉक्सिक’ 19 मार्च 2026 को सिनेमाघरों में रिलीज होगी। गीतू मोहनदास के निर्देशन में बनी यह पीरियड गैंगस्टर ड्रामा गोवा के ड्रग कार्टेल की अंधेरी दुनिया को दिखाती है। फिल्म में यश डबल रोल में हैं। कियारा आडवाणी, नयनतारा और ...
Goa Board HSSC: कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा कल से होगी शुरू, यहां देखें डिटेल्स
गोवा बोर्ड एचएसएससी यानी कक्षा 12वीं की सप्लीमेंट्री परीक्षा 27 मई से शुरू होगी। परीक्षा का आयोजन उत्तरी गोवा, मापुसा केंद्र, डी.एम.एस पीवीसी एसएम, कुशे हायर सेकेंडरी स्कूल, असगाओ, बर्देज गोवा, साउथ
गो गोवा गॉन की रिलीज को 11 साल हुए पूरे, कुणाल खेमू बोले- मुझे बहुत खुशी और गर्व का कराती है एहसास
Film Go Goa Gone: राज और डी.के. द्वारा निर्देशित फिल्म गो गोवा गॉन ने अपनी रिलीज़ के 11 साल पूरे कर लिए हैं। दिलचस्प बात यह है कि ज़ॉम्बी एक्शन कॉमेडी ने न केवल अपनी मज़ेदार और आकर्षक कहानी से, बल्कि अपने बेहतरीन अभिनय और संवादों से भी दर्शकों का ...
मंगलवार को करीना, कृति और तब्बू की फिल्म का हुआ बुरा हाल, जाने The Goat Life और Family Star का कैसा है हाल
दूसरे हफ्ते में The Goat Life ने Crew को चटाई धूल, 'द फैमिली स्टार' के खाते में आए इतने करोड़
दूसरे हफ्ते में The Goat Life ने Crew को चटाई धूल, 'द फैमिली स्टार' के खाते में आए इतने करोड़
जल्द ही माँ बनने की खुशखबरी सुनाएंगी The Goat Life फेम एक्ट्रेसAmala Paul, एक्ट्रेस ने शेयर कीगोदभराई की तस्वीरों
लोगों के सिर चढ़कर बोल रहाThe Goat Life का क्रेज, हाफ सेंचुरी मारने से बस चंद कदम दूर है Prithviraj Sukumaran की फिल्म
पृथ्वीराज सुकुमारन कीThe Goat Life ने तोड़ा साउथ की इस फिल्म का रिकॉर्ड, हफ्तेभर में 40 करोड़ के पार पहुंची फिल्म
बॉक्स ऑफिस पर छठे दिन ही धडाम हुई पृथ्वीराज सुकुमारन कीThe Goat Life,मंगलवार को फिल्म के खाते में आये बस इतने रूपए
मंडे को पृथ्वीराज सुकुमारन कीThe Goat Life ने करीना, कृति और तब्बू की फिल्म को दिया धोबी पछाड़, 5 वें दिन कमाए ओतने करोड़
वीकेंड पर रॉकेट बनी पृथ्वीराज सुकुमारन की AadujeevithamThe Goat Life,तूफानी रफ़्तार से चौथे दिन फिल्म ने कमा डाले इतने करोड़
The Goat Life Review: पृथ्वीराज सुकुमारन की दमदार एक्टिंग बनी फिल्म की जान, दिल दहलाने वाली हैनजीब की कहानी

