ग्वालियर के सदर बाजार सौदागर संतर में बुजुर्ग महिला को दान दिलाने का झांसा देकर उससे गहने ठगकर फरार हुए दो ठगों को पुलिस ने सतनवाड़ा शिवपुरी से गिरफ्तार किया है। घटना के बाद बाजार से मिले CCTV फुटेज की चेन बनाकर पुलिस ठगों के पीछे-पीछे सतनवाड़ा के टेह गांव में पहुंच गई। यहां तिराहा पर खड़े दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। दोनों से पूछताछ के बाद ठगे गए कान के बाले, मंगलसूत्र, पेंडल व 500 रुपए बरामद कर लिए हैं। पता लगा है कि यह गिरोह मूल रूप से नांदेड़ महाराष्ट्र का रहने वाला हैं और शिवपुरी में आकर बस गया है। यह वारदात के लिए ग्वालियर आता था। फिलहाल पुलिस दोनों आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। ग्वालियर एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि मुरार में हुई ठगी की वारदात के बाद पुलिस ने तत्काल छानबीन शुरू कर दी थी। टीआई मुरार मैना पटेल के नेतृत्व में घटना स्थल के आसपास लगे CCTV कैमरे चेक किए। दो आरोपियों के फुटेज मिले, जिनको पुलिस ने अपने मुखबिरों के बीच चलाया तो इसी दौरान पुलिस टीम को मुखबिर द्वारा सूचना मिली कि CCTV फुटेज में दिख रहे संदिग्धों की पहचान श्रीनिवास उर्फ कन्हैया एवं सैलानी आदिवासी निवासी टेह सतनवाड़ा शिवपुरी के रूप में हुई। ऐसे समझिए पूरी घटना शहर के मुरार थाना क्षेत्र के सांई नगर लाल टिपारा निवासी साठ वर्षीय रामवती पत्नी लख्खू कुशवाह ने थाने पहुंचकर शिकायत की थी कि बुधवार दोपहर वह सदर बाजार सौदागर संतर से पंखा खरीदकर लौट रही थीं। इसी दौरान रास्ते में दो अनजान युवक मिले। युवकों ने उन्हें रोका और बताया कि उनके सेठ के यहां पर सालों बाद लड़का हुआ है और वह गरीबों को दान बांट रहे है। साथ ही बताया कि वह उसे भी दान दिला देंगे। उनकी बातों में फंसकर बुजुर्ग महिला को लालच आ गया। दोनों युवक महिला को महेश्वरी इलेक्ट्रॉनिक्स के पास ले गए और कहा कि दान पाने के लिए गरीब दिखना पड़ेगा, इसलिए वह अपने पहने हुए जेवर उतार ले। उनकी बातों में आकर बुजुर्ग महिला ने मंगलसूत्र, कानों के बाले, एक ओम का पेंडल और पांच सौ रुपए पर्स में रख लिए। इसके बाद दोनों युवक अभी आने की कहकर पर्स लेकर गागयब हो गए थे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने हृदय रोग से ग्रसित बाहुबली उमाकांत यादव के आपरेशन के बारे में सी एम ओ लखनऊ से रिपोर्ट मांगी है और पूछा है कि याची का आपरेशन हो चुका है या नहीं और अगली सुनवाई की तिथि 20 मई नियत की है। यह आदेश न्यायमूर्ति विक्रम डी चौहान ने उमाकांत यादव की तीन जमानत अर्जियों की एक साथ सुनवाई करते हुए दिया है। याची की तरफ से अधिवक्ता ने कहा था कि उमाकांत यादव हृदय व किडनी रोग से पीड़ित हैं।जिनका इलाज सर सुंदरलाल अस्पताल बी एच यू वाराणसी में चल रहा है। कोर्ट से जमानत पर रिहाई की मांग की और यह भी कहा कि अभिरक्षा में याची के हार्ट का आपरेशन मेदांता अस्पताल लखनऊ में कराया जाय। इलाज का सारा खर्च वह स्वयं करेगा। इस पर कोर्ट ने राज्य सरकार को याची को लखनऊ मेदांता अस्पताल स्थानांतरित करने को कहा था। इलाज की मानीटरिंग की जिम्मेदारी सी एम ओ को सौंपी थी।और कहा था डाक्टर की सलाह पर वह अस्पताल में रहेंगे। उसके बाद तुरंत जेल भेज दिया जायेगा।जिस पर याची को इलाज के लिए पुलिस अभिरक्षा में लखनऊ भेजा गया है।जहां मेदांता में आपरेशन किया जाना था।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने कहा है कि पति की कृषि आय का निर्धारण हाईकोर्ट नहीं कर सकता। पत्नी को गुजारा भत्ता देने के मुद्दे पर पति के वेतन पर ही विचार किया जा सकता है। कोर्ट ने कहा कि याची पति ग्राम रोजगार सेवक है।दस हजार वेतन स्वीकृत है।ई पी एफ की कटौती के बाद उसे 7788 रूपये प्रतिमाह मिलते हैं। इसलिए परिवार अदालत द्वारा धारा 125 व धारा 12 की कार्यवाही में दो हजार व चार हजार कुल छ हजार रुपए प्रतिमाह का गुजारा भत्ता देने का आदेश उचित नहीं है। कोर्ट ने याची पति को निर्देश दिया है कि पत्नी को प्रतिमाह 2500 रूपये गुजारा भत्ता का भुगतान करें। यह आदेश न्यायमूर्ति अनिल कुमार ने आजमगढ़ के रवि प्रकाश चौहान व तीन अन्य की याचिका को निस्तारित करते हुए दिया है। क्या है केस जानिये याची का कहना था कि धारा 125 मे अदालत ने 3000 गुजारा देने का आदेश दिया।जिसे हाईकोर्ट ने दो हजार किया। इसके बाद परिवार अदालत ने धारा 12 की अर्जी पर 60 हजार एक मुश्त गुजारा देने का आदेश दिया। इसके खिलाफ अपील पर अदालत ने 4000 रूपये प्रतिमाह कर दिया। इस प्रकार 6000 रूपये प्रतिमाह देने का आदेश हुआ तो याची ने हाईकोर्ट की शरण ली। कहा कि यदि भत्ते का भुगतान किया तो उसके लिए कुछ नहीं बचेगा।वेतन का 90 फीसदी पत्नी को देना होगा।जबकि सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि पति की आय के 25 फीसदी से अधिक पत्नी को गुजारा भत्ता नहीं दिया जा सकता।पति की आय को देखते हुए गुजारा भत्ता आदेश दिया जाना चाहिए। जिस पर हाईकोर्ट ने याची पति को अपनी पत्नी रंजना चौहान को 2500 रूपये प्रतिमाह गुजारा भत्ते का भुगतान करने का आदेश दिया है।
लालकुर्ती थाना क्षेत्र के बेगमबाग में गुरुवार रात फ्लैट की तीसरी मंजिल पर आग लगने के बाद खलबली मच गई। इसी तरह अंदर मौजूद परिवार बाहर निकाल और शोर मचा दिया। सूचना पाकर दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग बुझाने में जुट गई। एक नजर डालते हैं हादसे पर बेगम बाग में गोपाल एनक्लेव है जिसकी तीसरी मंजिल पर गुरुवार देर रात आग लग गई। जैसे ही फ्लैट में मौजूद परिवार को आग का पता चला वह बाहर की ओर दौड़े। फ्लैट से बाहर आकर उन्होंने शोर मचा दिया। इसके बाद नीचे के फ्लैट में रह रहे परिवार में बाहर निकल आए। देखते ही देखते फैल गई आग परिवार ने शोर मचाकर आसपास के लोगों को इकट्ठा कर लिया। लोग कुछ कर पाते इससे पहले ही आग फैलती चली गई। इसी दौरान आग ने फ्लैट के एक कोने में रखें गैस सिलेंडर को भी चपेट में ले लिया। इसके बाद सभी परिवार नीचे उत्तर आए और फायर ब्रिगेड का इंतजार करने लगे। कपड़ा कारोबारी का रहता है परिवार जिस अपार्टमेंट के द्वितीय तल पर बने फ्लैट में आग लगी है, उसमें कपड़ा कारोबारी निमित्त जैन अपने परिवार के साथ रहते हैं। गुरुवार को वह कारोबार के सिलसिले में बाहर गए हुए थे। उनके परिवार में पत्नी इतिका के अलावा एक बेटा विराज भी है। इतिका किचन में काम कर रही थी। इसी दौरान एक कमरे में आग लग गई। आग लगने के बाद वह आनन -फानन में फ्लैट से नीचे उतर आए और शोर मचा दिया। पूरे अपार्टमेंट में काला धुआं फैल फायर ब्रिगेड की गाड़ी के अलावा लालकुर्ती थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और आग बुझाने का काम शुरू किया। करीब 1 घंटे की मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया जा सका लेकिन उसके बाद भी पूरे अपार्टमेंट में काला धुआं फैल गया। आग बुझाने के बाद भी काफी देर तक लोग फ्लैट तक नहीं पहुंच पा रहे थे। धीरे-धीरे धुआं छटने लगा और उसके बाद पीड़ित परिवार ने फ्लैट में पहुंचकर सुरक्षित सामान बाहर निकालना शुरू कर दिया।
गोरखपुर जिले के 11 थानों पर नई तैनाती दे दी गई। वहीं, गैर जनपद तबादला हो चुके सात थानेदारों को रिलीव कर दिया गया। गुरुवार की देर रात एक साथ हुए बदलाव से जिले में चर्चा शुरू हो गई है। एसएसपी डॉ. कौष्तुभ के निर्देश पर नई लिस्ट जारी की गई है। पुलिस कार्यालय के मुताबिक, पिपराइच के प्रभारी निरीक्षक अतुल कुमार श्रीवास्तव को रामगढ़ताल थाने का नया थानेदार बनाया गया है। विवेक त्रिवेदी को पुलिस लाइन से पिपराइच थानेदार, अरविंद कुमार सिंह को पुलिस लाइन से कैंपियरगंज थानेदार, प्रहलाद सिंह को पुलिस लाइन से गोला थाने का प्रभारी बनाकर भेजा गया है। इसी तरह पुलिस लाइन से राजकुमार सरोज को गगहा थानेदार, जगदीश पाल को गगहा से गुलरिहा थानेदार, संतोष कुमार अवस्थी को पुलिस लाइन से बांसगांव थानेदार, राकेश रोशन सिंह को गोला से शाहपुर थानेदार, संजय कुमार मिश्रा को पुलिस लाइन से सहजनवां थानेदार, गौरव वर्मा को राजघाट, प्रशांत पाठक को हरपुर बुदहट, विवेक कुमार मिश्रा को हरपुर बुदहट से मीडिया सेल भेजा गया है। ज्ञानेंद्र सिंह को राजघाट से पीपीगंज थानेदार बनाया गया है। गैर जिले के लिए रिलीव किए गए बांसगांव थानेदार जितेंद्र कुमार सिंह, पंकज गुप्ता राजघाट, महेश कुमार चौबे सहजनवां, अरुण कुमार सिंह पीपीगंज, इत्यानंद पांडेय गुलरिहा, चंद्रभान सिंह शाहपुर और रामगढ़ताल के प्रभारी नितिन रघुनाथ श्रीवास्तव को गैर जनपद के लिए रिलीव कर दिया गया है।
शहर में अवैध हुक्का बारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत डीएसटी जयपुर साउथ, पुलिस थाना महेश नगर और अशोक नगर थाना पुलिस ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए दो स्थानों पर छापेमारी की और बड़ी मात्रा में हुक्का सामग्री जब्त की। पुलिस उपायुक्त जयपुर दक्षिण राजर्षि राज ने बताया कि अवैध हुक्का बारों को चिन्हित कर उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं। इसी के तहत गठित टीम ने 29 अप्रैल को महेश नगर थाना क्षेत्र के स्वेज फार्म स्थित टेडी क्लब पर छापा मारकर 7 हुक्के, 41 पाइप, 6 चिलम और भारी मात्रा में हुक्का फ्लेवर जब्त किया। मौके से टेडी क्लब के मैनेजर इमरान खान को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई के दौरान हुक्का पीते पाए गए तीन युवकों पर कोटपा अधिनियम के तहत 600 रुपए का जुर्माना लगाया गया। इसी तरह अशोक नगर थाना क्षेत्र के सी-स्कीम स्थित अरालिया कैफे एंड लॉज पर भी पुलिस ने छापा मारकर 2 हुक्के, 7 पाइप, 2 चिलम और हुक्का फ्लेवर जब्त किया। यहां कैफे संचालिका को गिरफ्तार किया गया, जबकि हुक्का पी रहे तीन अन्य युवकों पर भी जुर्माना लगाया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, शहर में अवैध रूप से संचालित हुक्का बारों के खिलाफ लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। हम इसे लगातार अपडेट कर रहे हैं..
ज्योतिष्पीठाधीश्वर जगदगुरू शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती ने गुरुवार की शाम श्रीविद्यामठ में आयोजित समारोह में गौप्रहरी प्रतियोगिता के विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया। उन्हें स्मृति चिन्ह एवं प्रमाणपत्र देकर पुरस्कृत किया। उनके कार्यों और प्रयासों की सराहना की। गौ माता को राष्ट्रमाता एवं राज्यमाता का दर्जा दिलाने सहित भारत से गोकशी बंद कराकर गौमाता के संरक्षण के लिए श्रीगुरुकुलम न्यास ने गौ प्रहरी प्रतियोगिता कराई थी। वाराणसी के विद्यालयों में इसका आयोजन किया गया था। कक्षा 3 से लेकर कक्षा 12 तक के छात्र एवं छात्राएं शामिल हुए थे। शंकराचार्य ने कहा कि सनातन धर्म में गौमाता को पशु नही बल्कि धर्म,संस्कृति और सृष्टि की पोषिका व आधारशिला के रूप में देखा गया है। वैदिक परम्परा से लेकर आधुनिक समय तक गौमाता भारतीय समाज,अर्थव्यवस्था, पर्यावरण और आध्यात्मिक चेतना का केन्द्र रही हैं। भगवान श्रीराम और श्रीकृष्ण के जन्म के मूल में गौमाता ही रही हैं। गौमाता की महिमा केवल धार्मिक ग्रन्थों तक ही सीमित नहीं है अपितु उनका संरक्षण सम्पूर्ण मानवता और सृष्टि के कल्याण से जुड़ा है। सनातन संस्कृति के संरक्षण के लिए तमाम संस्थाओं का आह्वान किया। श्री गुरुकुलम के अध्यक्ष अभय शंकर तिवारी, अनिल कुमार विक्रम त्रिवेदी संजय पाण्डेय राघव दास जी, परमात्मानन्द महाराज, त्रिभुवन, बृजेश सेठ, अभिषेक सिंह, सोनू मौर्या, श्रेया श्रीवास्तव, विक्रम त्रिवेदी, उपेंद्र चौधरी, अम्बरीष कुमार राय, ब्रह्मानंद शुक्ल आदि लोग शामिल रहे।
कांची कामकोटि पीठाधीश्वर जगतगुरु शंकराचार्य स्वामी शंकर विजयेंद्र सरस्वती गुरुवार को काशी पहुंचे। वह एक मई को असि स्थित जगन्नाथ मंदिर के जीर्णोद्धार कार्य का शिलान्यास करेंगे। बनारस पहुंचने पर शाम हनुमान घाट स्थित कांची कामकोटि पीठम में पहुंचने पर ट्रस्ट श्री जगन्नाथ जी के ट्रस्टी एवं सदस्यों ने उनका स्वागत किया। हनुमान घाट स्थित मठ में कुछ देर विश्राम के बाद शंकराचार्य अन्नपूर्णा मंदिर गए। यहां महंत गोस्वामी शंकर पुरी ने उनका अभिनंदन किया। शंकराचार्य ने मां अन्नपूर्णा का षोडशोपचार पूजन किया। उन्होंने राष्ट्र के मंगल, विश्व-कल्याण और धर्म-संस्थापन की कामना की। महंत शंकर पुरी ने जगद्गुरु को मां अन्नपूर्णा की प्रतिमा एवं अंगवस्त्र भेंट किया। मठ में शंकराचार्य का स्वागत करने वालों में सुब्रमण्य मणि, सिद्धार्थ सिंह, शैलेश त्रिपाठी, अनिल केडिया, हरीश वालिया, उत्कर्ष श्रीवास्तव, ज्ञानेश्वर जायसवाल, डॉ.शिशिर मालवीय, विनय राय, डॉ.संजय गर्ग, डॉ.रितु गर्ग, डॉ.अतुल सिंह, हिमांशु सिंह, अमित सिंह आदि प्रमुख रूप से रहे।
प्रयागराज में नए यमुना पुल से बृहस्पतिवार को एक एमबीए छात्र ने नदी में छलांग लगाकर जान दे दी। सूचना मिलते ही पुलिस और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और करीब साढ़े छह घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद रात में शव बरामद किया गया। घटना के बाद परिवार में कोहराम मचा है। फिलहाल आत्महत्या की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है। सीआरपीएफ जवान का इकलौता बेटा था मृतक की पहचान 21 वर्षीय अंश प्रताप सिंह के रूप में हुई है। वह मूल रूप से प्रतापगढ़ जिले के मानधाता के गाजीपुर गांव का रहने वाला था। उसके पिता विजय प्रताप सिंह सीआरपीएफ में जवान हैं और वर्तमान में परिवार के साथ प्रयागराज के शांतिपुरम इलाके में रहते हैं। अंश परिवार का इकलौता बेटा था और एमबीए की पढ़ाई कर रहा था। घर से घूमने की बात कहकर निकला था परिजनों के मुताबिक सुबह अंश घर से यह कहकर निकला था कि वह बाइक से घूमने जा रहा है और थोड़ी देर में वापस लौट आएगा। दोपहर बाद वह नए यमुना पुल पहुंचा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार उसने पुल पर बाइक खड़ी की और फिर अचानक नदी में छलांग लगा दी। घटना देख आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया और पुलिस को सूचना दी। छह घंटे चला रेस्क्यू अभियान सूचना मिलते ही कीडगंज पुलिस और जल पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। गोताखोरों की मदद से लगातार तलाश अभियान चलाया गया। कई घंटे की मशक्कत के बाद रात करीब साढ़े आठ बजे अंश का शव नदी से बाहर निकाला गया। पुलिस कर रही मोबाइल और अन्य पहलुओं की जांच पुलिस ने मौके से छात्र की बाइक और मोबाइल फोन कब्जे में ले लिया है। शुरुआती जांच में कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। परिजन भी आत्महत्या की वजह नहीं बता सके हैं। हालांकि बताया जा रहा है कि अंश पिछले कुछ दिनों से काफी गुमसुम रहता था। क्या बोली पुलिस कीडगंज थानाध्यक्ष प्रीतम तिवारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और मोबाइल की जांच के बाद ही आगे की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
इंदौर में प्रस्तावित इंदौर–पीथमपुर इकोनॉमिक कॉरिडोर के भूमि पूजन को लेकर तैयारियां तेज हो गई हैं। करीब 20 किलोमीटर लंबे इस महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट का निर्माण नैनोद से एबी रोड तक किया जाएगा, जिससे क्षेत्र के आर्थिक विकास को नई दिशा मिलने की उम्मीद है। यह कॉरिडोर 250 फीट चौड़ा और सिक्स लेन का होगा। इस प्रोजेक्ट पर लगभग 329 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। सरकार का दावा है कि इससे उद्योग, व्यापार और रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। भूमिपूजन कार्यक्रम 3 मई को ग्राम नैनोद में आयोजित होगा, जिसमें डॉ. मोहन यादव मुख्य अतिथि के रूप में शामिल होंगे। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की बैठक कार्यक्रम की तैयारियों को लेकर गुरुवार को आयोजित बैठक में मंत्री तुलसीराम सिलावट, सांसद शंकर लालवानी, विधायक उषा ठाकुर सहित कई जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी मौजूद रहे। कलेक्टर शिवम वर्मा, जिला पंचायत सीईओ सिद्धार्थ जैन, एमपीआईडीसी के एक्जीक्यूटिव डायरेक्टर हिमांशु प्रजापति और राऊ विधायक मधु वर्मा सहित अधिकारियों ने कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान मंच, पार्किंग, यातायात व्यवस्था, सुरक्षा इंतजाम पेयजल और बिजली आपूर्ति की समीक्षा की गई। साथ ही संबंधित विभागों को समय सीमा में कार्य पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों ने आगंतुकों और जनप्रतिनिधियों की सुविधा के लिए पर्याप्त व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और प्रभावी यातायात और सुरक्षा योजना लागू करने के निर्देश दिए। आर्थिक विकास को मिलेगा बढ़ावा सरकार का मानना है कि यह इकोनॉमिक कॉरिडोर क्षेत्र में निवेश को आकर्षित करेगा और रोजगार के नए अवसर पैदा करेगा। साथ ही स्थानीय किसानों, व्यापारियों और आम नागरिकों को दीर्घकालिक लाभ मिलेगा।
सवाई मानसिंह स्टेडियम में पहले मैच की धमाकेदार शुरूआत के बाद अब शुक्रवार को होने वाले आईपीएल टी-20 मुकाबले के दौरान शहर की ट्रैफिक व्यवस्था में बड़ा बदलाव किया गया है। राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल्स के बीच होने वाला यह मैच शाम 7:30 बजे से खेला जाएगा। मैच के दौरान बड़ी संख्या में वीआईपी, अधिकारी और दर्शकों के पहुंचने की संभावना को देखते हुए यातायात पुलिस ने विशेष रूट डायवर्जन और पार्किंग व्यवस्था तय की है। मैच के दौरान शहर के कई प्रमुख मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया जाएगा। यूनिवर्सिटी गेट से यूनिवर्सिटी मोड़ टोंक रोड की ओर आने वाले सामान्य यातायात को जनता स्टोर से वैकल्पिक मार्गों पर भेजा जाएगा। टोंक रोड पर वाहनों का दबाव बढ़ने पर गांधी नगर मोड़ से गांधी सर्किल और आरबीआई कट से गणेश मंदिर की ओर यातायात डायवर्ट किया जाएगा। इसी तरह जेडीए चौराहे से रामबाग चौराहे की ओर आने वाले सामान्य वाहनों को गांधी सर्किल और त्रिमूर्ति सर्किल की ओर मोड़ा जाएगा। स्टैच्यू सर्किल से पोलो सर्किल की ओर जाने वाले यातायात को भी आवश्यकता अनुसार वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। पंकज सिंहवी मार्ग से विधानसभा तिराहे के बीच भी ट्रैफिक डायवर्जन लागू रहेगा। इन मार्गों पर रहेगा सबसे ज्यादा दबाव, वैकल्पिक रास्ता चुनेमैच के दौरान गांधी नगर मोड़ से नारायण सिंह तिराहा तक टोंक रोड, जेडीए चौराहे से रामबाग चौराहा, पोलो सर्किल से 22 गोदाम तक भवानी सिंह रोड, स्टैच्यू सर्किल से पोलो सर्किल तक भगवान दास रोड, जनपथ, पंकज सिंहवी मार्ग और कलेक्ट्री मार्ग पर यातायात का दबाव अधिक रहने की संभावना है। ट्रैफिक पुलिस ने आमजन से इन मार्गों से बचने और वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करने की अपील की है। स्टेडियम के चारों ओर रहेगा नो-पार्किंग जोनमैच के दौरान एसएमएस स्टेडियम के चारों ओर का पूरा क्षेत्र नो-पार्किंग जोन घोषित किया गया है। गांधी नगर मोड़ से नारायण सिंह तिराहा, टोंक रोड, रामबाग सर्किल से 22 गोदाम सर्किल तक भवानी सिंह रोड, स्टैच्यू सर्किल से विधानसभा तिराहा, विधानसभा तिराहे से फ्रूट मंडी कट और टोंक रोड तक पंकज सिंहवी मार्ग पर सभी प्रकार के वाहनों की पार्किंग प्रतिबंधित रहेगी। दर्शकों और वीआईपी के लिए अलग-अलग पार्किंग व्यवस्थावीआईपी वाहनों की पार्किंग स्टेडियम के अंदर साउथ ब्लॉक में की जाएगी। दक्षिणी गेट से प्रवेश करने वाले पासधारी वाहनों की पार्किंग आर्चरी ग्राउंड, तरणताल के पास और टेनिस ग्राउंड में होगी। पूर्वी गेट से आने वाले दर्शकों के वाहन सुबोध स्कूल और कॉलेज ग्राउंड रामबाग के पास पार्क किए जाएंगे। उत्तरी गेट से प्रवेश करने वाले दर्शकों के लिए हाईकोर्ट अंडरग्राउंड पार्किंग, एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउंड और अंबेडकर सर्किल के पास पार्किंग की व्यवस्था रहेगी। पश्चिमी गेट से आने वाले दर्शकों के वाहन अमरूदों के बाग में पार्क किए जाएंगे। भारी वाहनों का प्रवेश रहेगा प्रतिबंधितक्रिकेट मैच समाप्त होने तक जयपुर शहर में भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि एम्बुलेंस और आवश्यक सेवाओं से जुड़े वाहनों को निर्बाध आवागमन की अनुमति रहेगी। मैच के दौरान रोडवेज बसों का संचालन नारायण सिंह तिराहा, पृथ्वीराज टी-पॉइंट, पृथ्वीराज रोड, स्टैच्यू सर्किल, पार्क प्राइम और चौमूं हाउस चौराहे से किया जाएगा। ओला-उबर और रैपिडो के लिए तय किए गए पिकअप-पॉइंटमैच के दौरान दर्शकों की सुविधा के लिए कुछ निजी कंपनियों द्वारा वैलेट पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध रहेगी। ओला, उबर और रैपिडो के लिए अलग-अलग पिकअप और ड्रॉप पॉइंट निर्धारित किए गए हैं। वेस्ट गेट और साउथ गेट के लिए अमरूदों का बाग, ईस्ट गेट के लिए सुबोध स्कूल पार्किंग और नॉर्थ गेट के लिए एसएमएस इन्वेस्टमेंट ग्राउंड को पिकअप-पॉइंट बनाया गया है।
मध्यप्रदेश में अब व्यापारियों के माल से भरे वाहनों को मनमाने ढंग से रोकना आसान नहीं होगा। कमर्शियल टैक्स विभाग ने नया सर्कुलर जारी कर स्पष्ट किया है कि जीएसटी एक्ट के तहत कार्रवाई का अधिकार मुख्य रूप से उसी विभाग के पास रहेगा। अब यदि पुलिस या कोई अन्य विभाग किसी वाहन को रोकता है, तो उसे पूरी प्रक्रिया का रिकॉर्ड रखना होगा। केवल गाड़ी का नंबर, ड्राइवर का नाम या अधूरी जानकारी के आधार पर कार्रवाई नहीं की जा सकेगी। संबंधित अधिकारी को यह स्पष्ट करना होगा कि वाहन को किस सूचना के आधार पर, कब और क्यों रोका गया। साथ ही, पहले की तरह वाहन रोककर बाद में कमर्शियल टैक्स विभाग को सूचना देकर कार्रवाई करने का दबाव बनाने की प्रक्रिया भी अब खत्म कर दी गई है। इनफार्मर पर भी सख्तीनई व्यवस्था में सूचना देने वाले (इनफार्मर) की जवाबदेही भी तय की गई है। यदि जांच में सूचना गलत पाई जाती है, तो संबंधित व्यक्ति को दस्तावेजों के साथ बुलाया जा सकता है। इससे विभाग को उम्मीद है कि झूठी या अपुष्ट सूचनाओं में कमी आएगी। कारोबारियों को राहतअब टैक्स चोरी की सूचना पर छापा या जब्ती की कार्रवाई करने से पहले संबंधित सर्किल प्रभारी को वेब पोर्टल पर इसकी जानकारी दर्ज करनी होगी। इस व्यवस्था से पारदर्शिता बढ़ेगी और व्यापारियों को अनावश्यक परेशानियों से राहत मिलेगी।
फर्जी डिग्री के मामले में हाईकोर्ट ने आरोपियों की गिरफ्तारी को ही कठघरे में खड़ा कर दिया। गिरफ्तारी को अवैधानिक बताते हुए हाईकोर्ट ने पुलिस के गिरफ्तारी मेमो और मजिस्ट्रेट के न्यायिक रिमांड को तत्काल प्रभाव से क्वैस्ड (रद्द) कर दिया। हाईकोर्ट ने तत्काल आरोपियों को रिहा करने के आदेश दिए थे। इस आदेश के बाद गुरुवार को मुख्य आरोपी समेत चार आरोपियों को रिहा कर दिया गया। मामले में एक आरोपी जोगेन्द्र की ओर से हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की गई थी। जिस पर सुनवाई करते हुए 28 अप्रैल को यह आदेश जारी किया गया। यह था पूरा मामला… किदवई नगर पुलिस ने बीते 18 फरवरी को गौशाला चौराहा स्थित शैल ग्रुप ऑफ एजुकेशन में छापा मारकर साकेत नगर निवासी शैलेंद्र ओझा, कौशांबी का नागेंद्र मणि त्रिपाठी, दिल्ली रोहिणी का जोगेंद्र और शुक्लागंज उन्नाव के अश्वनी कुमार सिंह को गिरफ्तार कर जेल भेजा था। पुलिस के मुताबिक इनके पास से 9 राज्यों के 14 विश्वविद्यालयों की 900 से ज्यादा डिग्रियां, माइग्रेशन प्रमाण पत्र व अंकपत्र मिले थे। इतनी बड़ी तादात में दस्तावेज मिलने पर पुलिस कमिश्नर रघुबीर लाल ने जांच के लिए SIT गठित की थी। मामले की जांच अभी भी चल रही है। मामले में वरिष्ठ अधिवक्ता व पूर्व डीजीसी पीयूष शुक्ला और अधिवक्ता संपूर्णानंद राहुल भट्ट ने बताया कि इस मामले में पुलिस की गिरफ्तारी को चुनौती देते हुए हाईकोर्ट में बंदी प्रत्यक्षीकरण के तहत याचिका दाखिल की गई थी। सुप्रीम कोर्ट की रूलिंग का दिया हवाला तर्क दिया गया कि पुलिस ने आरोपियों की गिरफ्तारी के दौरान सुप्रीम कोर्ट की रुलिंग मिहिर राजेश बनाम महाराष्ट्र राज्य व अन्य के मामले में दिए गए प्रावधानों को पालन नहीं किया है। पूर्व डीजीसी ने बताया कि हाईकोर्ट की दो सदस्यीय खंडपीठ बचाव पक्ष के तर्कों से सहमत थी, जिसके बाद तत्काल प्रभाव से आरोपियों को छोड़ने के आदेश हाईकोर्ट की डबल बेंच ने दिए। हाईकोर्ट के इस आदेश पर अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन)/अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट स्वतंत्र सिंह रावत ने जेल अधीक्षक को आदेश दिए, चूंकि 19 फरवरी को जोगेन्द्र के साथ ही तीन अन्य आरोपी शैलेंद्र कुमार ओझा, नागेन्द्र मणि त्रिपाठी और अश्वनी कुमार सिंह का भी रिमांड स्वीकृत किया गया था, लिहाजा चारों को रिहा किया जाए। जेल अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि चारों आरोपियों को रिहा कर दिया गया है।
ग्वालियर में 26 साल की युवती से रेप का मामला सामने आया है। सहेली के भाई ने शादी का झांसा देकर दुष्कर्म किया। इसके बाद युवती की शादी हो गई। शादी के बाद भी ब्लैकमेल कर आरोपी उसका शोषण करता रहा। जब युवती ने एक दो बार आने से मना किया तो आरोपी ने अपने संबंध की बात उसके पति को बता दी। यकीन दिलाने के लिए कुछ अश्लील फोटो-वीडियो भेज दिए। सच्चाई सामने आने पर पति ने युवती को छोड़ दिया। इसके बाद फिर आरोपी उससे शारीरिक संबंध बनाने लगा। जब युवती ने शादी के लिए कहा तो आरोपी मुकर गया। घटना जनवरी 2025 से अप्रैल 2026 के बीच की है। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। महिला थाना पुलिस ने बताया कि 26 वर्षीय महिला ने थाने आकर शिकायत की है कि उसकी दोस्ती वर्ष 2025 में मुश्फिक हुसैन, निवासी तेली की बजरिया, से हुई थी। मुश्फिक हुसैन उसकी सहेली का भाई है। दोस्ती होने के बाद मुश्फिक ने उससे प्यार का इजहार किया। प्यार के जाल में फंसाकर उसके साथ अवैध तरीके से शारीरिक संबंध बनाए। इसके बाद वह उसका शोषण करता रहा। इसी बीच घरवालों ने युवती की शादी कर दी। शादी के बाद भी आरोपी उसे मिलने के लिए बुलाता रहा और ब्लैकमेल कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाता था। पति को बताया अवैध संबंध की बात, दिखाए फोटोजब महिला ने मुश्फिक के बुलाने पर विरोध किया तो इसके बाद मुश्फिक ने उसके पति को उसके और अपने संबंधों की जानकारी दी। साथ ही, यकीन दिलाने के लिए उसके पति के मोबाइल पर अश्लील फोटो व वीडियो भेज दिए। जिसके बाद पति ने उसे छोड़ दिया और वह मायके में रहने लगी। शादी का वादा कर किया गलत काम, अब मुकरापति के छोड़ने के बाद आरोपी मुश्फिक ने युवती से फिर नजदीकियां बढ़ाकर उसके साथ शादी का वादा का संबंध स्थापित किए। अब जब युवती ने शादी के लिए कहा तो वह मुकर गया। विरोध करने पर युवती व उसके भाई को जान से मारने की धमकी देने लगा। परेशान होकर पीड़िता ने मामले की शिकायत महिला थाना में की है। जिस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है। महिला थाना प्रभारी रश्मि भदौरिया ने बताया- एक युवती की शिकायत पर उसके पूर्व दोस्त पर दुष्कर्म का मामला दर्ज किया गया है। आरोपी को गिरफ्तार कर उससे पूछताछ की जा रही है।
नेशनल ग्रीन ट्रूब्नल (एनजीटी) के आदेश के बाद जिला प्रशासन ने भोपाल के बड़े तालाब के एफटीएल (फुल टैंक लेवल) से 50 मीटर के दायरे में अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई तेज कर दी है। गुरुवार को सैवनिया गौंड इलाके में 11 अवैध निर्माण हटाए गए। आज शुक्रवार को भी यह कार्रवाई चलेगी। कार्रवाई से पहले संबंधित लोगों को सुनवाई का अवसर दिया गया था। इसके बाद मौके पर पहुंची टीम ने बाउंड्री वॉल, टीन शेड और कच्ची-पक्की फेंसिंग को हटाया। साथ ही तालाब की सीमा में बने स्विमिंग पूल को भी ध्वस्त किया गया। इस अभियान में आरटीओ के पूर्व कॉन्स्टेबल सौरभ शर्मा की सास रेखा तिवारी का फार्म हाउस भी शामिल रहा। सीमांकन के दौरान फार्महाउस का बड़ा हिस्सा 50 मीटर के प्रतिबंधित दायरे में पाया गया, जहां बने स्विमिंग पूल पर बुलडोजर चलाया गया। अब तक यह कार्रवाईप्रशासन के अनुसार, 2026 के सर्वे में कुल 302 अतिक्रमण चिन्हित किए गए थे। जिनमें से अब तक 49 से अधिक हटाए जा चुके हैं। एसडीएम अर्चना शर्मा ने बताया कि यह कार्रवाई आगे भी चरणबद्ध तरीके से जारी रहेगी। इन बड़े अतिक्रमण पर अब तक कार्रवाई नहीं हुई बड़ा तालाब की हद जानने इनका सीमांकन भीसूत्रों के अनुसार, वन विहार रोड स्थित होटल रंजीत, होटल टोरकस, अन्नतास गार्डन, लेक हाउस का कुछ हिस्सा आ रहा है। वहीं, मैथलीशरण गुप्ता, कीर्ति जैन, पीएस भटनागर, मोहिनी देवी, बसंत कौर, सौम्या श्रीवास्तव, प्रकाश चंदेल, मुकेश शर्मा आदि के निर्माण भी जद में आ रहे हैं। इसके अलावा बैरागढ़ तहसील क्षेत्र में शामिल बड़ा तालाब का काफी हिस्सा भी जद में है। भास्कर पड़ताल में देखिए, तालाब की हद में बने आलिशान घरदैनिक भास्कर ने 200 फीट की ऊंचाई से भोपाल की लाइफ लाइन से खिलवाड़ करने वाले अतिक्रमण को ड्रोन कैमरे में कैद किया। करीब 9 महीने पहले ही एफटीएल से जुड़कर ही एक 2 मंजिला मकान बना दिया गया। इसी में स्वीमिंग पूल भी है। इसे टीटी नगर एसडीएम वृत की टीम ने लिस्टेड किया है। इन अतिक्रमण की जद में रसूखदारों के साथ-साथ होटल जहांनुमा, सायाजी, वन विहार समेत नगर निगम के सरकारी निर्माण भी हैं। बावजूद अब तक इन्हें नहीं हटाया गया है। प्राइवेट के साथ सरकारी अतिक्रमण भीबता दें कि पिछले महीने हुए सर्वे में प्राइवेट के साथ सरकारी अतिक्रमण भी सामने आए हैं। एफटीएल के 50 मीटर के दायरे में सैर सपाटा, बोट क्लब, विंड एंड वेव्स होटल और वन विहार का कुछ हिस्सा भी आ रहा है। इन जगहों पर ज्यादा अतिक्रमणबैरागढ़ सर्किल में 220 अतिक्रमण हैं। टीटी नगर में 127 अतिक्रमण चिह्नित कर नोटिस जारी किए जा चुके हैं। इनमें 59 निजी और 78 सरकारी शामिल हैं। प्रशासन ने सेवनिया गोंड, प्रेमपुरा सहित अन्य क्षेत्रों में भी सीमांकन किया था। वन विहार के पास जॉक रेस्टोरेंट, लहर रेस्टोरेंट, विंड्स एंड वेब, होटल रंजीत लेकव्यू, फूड जोन की 26 दुकानें, गेम जोन, कचरा कैफे, सुलभ कॉम्प्लेक्स और लहर जिम सहित अन्य निर्माण शामिल हैं।एक्सपर्ट राशिद नूर ने बताया, शहरी सीमा में 50 मीटर और ग्रामीण सीमा में 250 मीटर के दायरे में कोई निर्माण नहीं होना चाहिए, लेकिन एफटीएल मुनार से सटकर ही पक्के निर्माण बना दिए गए हैं। सिलसिलेवार जानिए, अब तक क्या हुआ... पहला सर्वे: साल 2016 में डीजीपीएस सर्वे, पर रिपोर्ट सामने नहीं आईसाल 2016 में नगर निगम ने डीजीपीएस (डिफरेंशियल ग्लोबल पोजिशनिंग सिस्टम) सर्वे कराया था। यह जमीन का सटीक माप करने की तकनीक है, जो जीपीएस की तुलना में ज्यादा जानकारी सामने लाती है। जमीन की सीमा, आकार का सटीक डेटा इकट्ठा करती है। इस सर्वे में बड़ा तालाब का क्षेत्र 38.72 वर्ग किमी बताया गया था, जबकि पहले यह एरिया 32 वर्ग किमी माना जाता था। इसकी रिपोर्ट में तालाब के एफटीएल के को-ऑर्डिनेट्स दर्ज हैं। इन को-ऑर्डिनेट्स के आधार पर धरातल पर भी सीमाएं तय की जा सकती हैं। तालाब की सीमा में आ रही निजी जमीन के मालिकाना हक का भी निर्धारण हो सकता है, लेकिन यह रिपोर्ट निगम की फाइलों में दबकर रह गई। रिपोर्ट का आज तक खुलासा नहीं हो सका। दूसरा सर्वे: 141 मुनारें ही गायब हो गईंइसी साल एनजीटी ने बड़े तालाब का सर्वे करने के निर्देश दिए थे। इसमें 943 में से 802 मुनारें ही मिली थीं। इसमें भी 337 मुनारें पानी के भीतर डूबी हुईं थीं, यानी उन्हें एफटीएल से पहले ही लगाया गया था। 141 मुनारें मौके से गायब थीं, लेकिन इसके बाद मुनारें दोबारा लगाने और अतिक्रमण रोकने की कोई ठोस पहल नहीं हुई। तीसरा सर्वे: सुप्रीम कोर्ट के निर्देश पर सर्वे हुआ, रिपोर्ट का अता-पता नहींइस साल सुप्रीम कोर्ट के निर्देश के बाद सर्वे किया गया। जिला प्रशासन ने मप्र झील संरक्षण प्राधिकरण के साथ मिलकर सर्वे किया, लेकिन इसकी रिपोर्ट का कोई अता-पता नहीं है। ये रिपोर्ट अब तक सामने नहीं आई है। न ही सरकार के किसी दस्तावेज में यह जिक्र आया है कि इस सर्वे का क्या हुआ? एक मोबाइल ऐप पर इसकी रिपोर्ट दर्ज होने की बात कही जाती है। जब तक यह दस्तावेज में नहीं आएगा तब तक धरातल पर सीमांकन नहीं हो सकता। 6 महीने पहले CM दे चुके निर्देश, सांसद ने कहा-मास्टर प्लान बनेबड़ा तालाब को लेकर सरकार तो गंभीर है, लेकिन जिम्मेदार अधिकारियों की लापरवाही सामने आ रही है। करीब छह महीने पहले सीएम डॉ. मोहन यादव ने तालाब के आसपास के अतिक्रमण का नए सिरे से सर्वे करने के निर्देश नगरीय आवास एवं विकास विभाग की बैठक में दिए थे। वहीं, कुछ समय पहले भोपाल सांसद आलोक शर्मा ने बड़ा तालाब का मास्टर प्लान बनाने की पैरवी की थी। कहा था कि मास्टर प्लान बनने से तालाब को सुरक्षित किया जा सकेगा। बड़ा तालाब के 50 मीटर के दायरे में 1300 से ज्यादा अतिक्रमण सामने आया था। 10 साल में सिर्फ 1 बड़ी कार्रवाई, महीनों तक विस्थापन नहींकरीब दो साल पहले भदभदा झुग्गी बस्ती से कुल 386 घरों को हटाया गया था। एनजीटी ने कार्रवाई के आदेश दिए थे। बड़ा तालाब के कैचमेंट एरिया में अतिक्रमण की 10 साल में यही बड़ी कार्रवाई थी। इसके बाद प्लान बने, लेकिन जमीन पर नहीं आए।
प्रदेश में फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र के आधार पर ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी का खुलासा हुआ है। बीमा कंपनियों से हुई इस ठगी के मामले में पुलिस ने ग्वालियर, मुरैना, रतलाम समेत प्रदेश के अन्य जिलों में चल रहे संगठित गिरोह के जुड़े होने का राजफाश किया है। फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र मामले में खुलासा हुआ है कि आरोपियों ने अनेक व्यक्तियों की जानकारी के बिना ही उनके नाम से बीमा पॉलिसियां जारी कराईं। इसके बाद एक वर्ष के भीतर ही ऐसे व्यक्तियों को मृत बताकर नगरीय निकायों से फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्र तैयार कराए गए और उनके आधार पर बीमा क्लेम प्राप्त कर लिया गया। विशेष पुलिस महानिदेशक, अपराध अनुसंधान विभाग (सीआईडी) पंकज श्रीवास्तव ने बताया कि प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना (PMJJBY) के अंतर्गत संगठित अपराधियों के एक गिरोह द्वारा फर्जी मृत्यु प्रमाण पत्रों के आधार पर ठगी किए जाने का खुलासा किया गया है। इनके द्वारा बीमा कंपनियों से लगभग ढाई करोड़ रुपए की धोखाधड़ी किए जाने का मामला सामने आया है। यह संगठित अपराध ग्वालियर, मुरैना, रतलाम सहित प्रदेश के अन्य जिलों में सुनियोजित तरीके से संचालित किया जा रहा था। प्रारंभिक जांच में यह बात सामने आई है कि गिरोह के सदस्यों द्वारा विभिन्न बैंकों में फर्जी नामों से सैकड़ों संदिग्ध बैंक खाते खोले गए तथा इन्हीं खातों के माध्यम से बड़ी संख्या में बीमा पॉलिसियां ली गईं। इस तरह से किया गया फर्जीवाड़ा इस तरह से राशि निकाली गई क्या है जीवन ज्योति बीमा योजना “प्रधानमंत्री जीवन ज्योति बीमा योजना” एक केंद्रीय सामाजिक सुरक्षा योजना है, जिसका उद्देश्य आर्थिक रूप से कमजोर वर्ग को जीवन बीमा कवर प्रदान करना है। 18 से 50 वर्ष आयु वर्ग के हितग्राहियों को 436 रुपये वार्षिक प्रीमियम पर 2 लाख रुपए का बीमा कवर उपलब्ध कराया जाता है, जिसकी राशि मृत्यु की स्थिति में नामित व्यक्ति को प्रदान की जाती है। इस मामले में कई ऐसे उदाहरण सामने आए हैं, जहां एक ही परिवार के दो या तीन सदस्यों की मृत्यु एक ही सप्ताह या एक माह के भीतर दर्शाकर बीमा दावा प्राप्त किया गया, जबकि लगभग सभी मामलों में मृत्यु का कारण ‘प्राकृतिक’ बताया गया है। दूसरे राज्यों में फैले नेटवर्क की जुटा रहे जानकारी मध्यप्रदेश पुलिस द्वारा इस संगठित अपराध के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है। गिरोह में शामिल आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी, बैंकिंग एवं बीमा नेटवर्क की विस्तृत जांच तथा अन्य राज्यों में फैले नेटवर्क का भी पता लगाया जा रहा है। इस मामले में अभी और खुलासे होने की संभावना है।
गोरखपुर के रहने वाले अवनीश शर्मा ने दैनिक भास्कर ऐप पर आयोजित क्विज़ कॉन्टेस्ट में सभी सवालों के सही जवाब देकर ऑटोमैटिक वॉशिंग मशीन अपने नाम की है। इनाम मिलने के बाद उनके घर में खुशी का माहौल है। अवनीश ने कहा कि यह उनके लिए बड़ा सरप्राइज था और उन्हें इसकी उम्मीद नहीं थी। दैनिक भास्कर से बातचीत में अवनीश शर्मा ने बताया कि वह पिछले 2 साल से ऐप का रेगुलर इस्तेमाल कर रहे हैं। उन्होंने कहा, “मैं रोज ऐप पर न्यूज पढ़ता हूं, लेकिन मुझे इसमें शेयर बाजार की लाइव अपडेट और बिजनेस से जुड़ी खबरें सबसे ज्यादा पसंद हैं। बाजार की जानकारी तुरंत मिल जाती है, जो हमारे जैसे लोगों के लिए काफी काम की होती है।” जानिए कौन हैं अवनीश शर्मा?अवनीश शर्मा गोरखपुर के गोरखनाथ इलाके के रहने वाले हैं और पिछले 2 साल से दैनिक भास्कर ऐप के रेगुलर यूजर हैं। वह रोज न्यूज पढ़ते हैं और खुद को अपडेट रखते हैं। इसी आदत ने उन्हें इस कॉन्टेस्ट का विजेता बना दिया। उन्होंने बताया, “ऐप पर क्विज़ कॉन्टेस्ट चल रहा था। मैंने सोचा ट्राय करता हूं। मैंने सभी सवालों के सही जवाब दिए और बाद में पता चला कि मेरा नाम इनाम के लिए चुना गया है। वॉशिंग मशीन मिलना मेरे लिए बड़ी खुशी की बात है।” बिजनेस न्यूज की मिलती है सटीक जानकारी अवनीश ने बताया कि ऐप पर करंट अफेयर्स के साथ-साथ बिजनेस न्यूज लगातार अपडेट होती रहती है। वह बोले यह ऐप खासकर व्यापारियों के लिए काफी फायदेमंद है। शेयर बाजार और बिजनेस की जानकारी समय पर मिलती है, जिससे काम में मदद मिलती है और फैसले लेना आसान होता है। उन्होंने कहा, “गोरखपुर की लोकल न्यूज से लेकर नेशनल और इंटरनेशनल अपडेट तक सब कुछ एक ही जगह मिल जाता है। अलग-अलग प्लेटफॉर्म पर जाने की जरूरत नहीं पड़ती, जिससे समय भी बचता है और मैं हमेशा अपडेट रहता हूं। साथ ही, नोटिफिकेशन फीचर से बड़ी खबरों की जानकारी तुरंत मिल जाती है। कोई भी जरूरी न्यूज मिस नहीं होती।”
गोमतीनगर स्थित माहेश्वरी सत्संग भवन में गुरुवार को माहेश्वरी सेवा ट्रस्ट की नई कार्यकारिणी के चुनाव शांतिपूर्ण माहौल में सम्पन्न हुए। कार्यक्रम में समाज के प्रमुख लोगों की मौजूदगी रही और सर्वसम्मति से नई टीम का गठन किया गया। पूरे आयोजन में उत्साह और एकजुटता का माहौल देखने को मिला। चुनाव प्रक्रिया के दौरान सभी पदों पर सहमति से चयन किया गया। बनवारी लाल सोमानी को सभापति चुना गया, जबकि दीपक माहेश्वरी उप सभापति बने। मंत्री पद की जिम्मेदारी संजीव माहेश्वरी को सौंपी गई और अनुराग माहेश्वरी को कोषाध्यक्ष बनाया गया। वहीं संजय माहेश्वरी को उप मंत्री की जिम्मेदारी दी गई। कार्यकारिणी में रतन चंद्र गुप्ता, रवींद्र गांधी, संजय चोला, स्वर्णिम माहेश्वरी, विजय माहेश्वरी और विनय राठी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत भगवान महेश के समक्ष दीप प्रज्ज्वलन और महेश वंदना के साथ हुई। धार्मिक माहौल में आयोजित इस कार्यक्रम ने सामाजिक एकता का संदेश दिया। अंत में निवर्तमान सभापति गिरधारी लाल सोमानी के जन्मदिन के अवसर पर केक काटकर खुशियां साझा की गईं। इस दौरान उपस्थित लोगों ने उन्हें शुभकामनाएं दीं और उनके कार्यकाल की सराहना की।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने सहायक अभियोजन अधिकारी (APO) परीक्षा 2025 की प्रारंभिक परीक्षा का परिणाम जारी कर दिया है। आयोग द्वारा 30 अप्रैल 2026 को जारी विज्ञप्ति के अनुसार, यह परीक्षा 22 मार्च 2026 को आयोजित की गई थी। आयोग ने बताया कि इस भर्ती के लिए कुल 93,419 अभ्यर्थियों ने ऑनलाइन आवेदन किया था, जिनमें से 50,795 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए। परीक्षा में कुल 182 पद निर्धारित हैं। प्रारंभिक परीक्षा के आधार पर 2,856 अभ्यर्थियों को मुख्य परीक्षा के लिए अस्थायी रूप से सफल घोषित किया गया है। अभ्यर्थी अपना परिणाम आयोग की आधिकारिक वेबसाइट https://uppsc.up.nic.inपर जाकर देख सकते हैं। आयोग ने स्पष्ट किया है कि यह परिणाम पूर्णतः अस्थायी (प्रोविजनल) है। मुख्य परीक्षा के कार्यक्रम और उसके लिए ऑनलाइन आवेदन से संबंधित जानकारी अलग से जारी की जाएगी। साथ ही, अभ्यर्थियों के प्राप्तांक और कट-ऑफ से जुड़ी जानकारी अंतिम चयन परिणाम घोषित होने के बाद ही वेबसाइट पर उपलब्ध कराई जाएगी। आयोग ने यह भी कहा है कि इस संबंध में सूचना का अधिकार (RTI) अधिनियम 2005 के तहत कोई भी आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। अब आगे क्या?मुख्य परीक्षा में चयनित अभ्यर्थियों को अगली अधिसूचना का इंतजार करना होगा, जिसमें परीक्षा तिथि और आवेदन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी जाएगी।
लखनऊ गोमतीनगर स्थित भारतेन्दु नाट्य अकादमी में गुरुवार को रंगमंच का एक यादगार नज़ारा देखने को मिला। विश्वप्रसिद्ध नाटककार विलियम शाकेस्पेरे की कालजयी रचना ‘किंग लियर’ का मंचन हुआ, जिसने दर्शकों को भावनाओं के गहरे सागर में डुबो दिया। नाटक ने सत्ता, अहंकार और रिश्तों के टूटने की पीड़ा को बेहद प्रभावशाली ढंग से प्रस्तुत किया। मंच पर जैसे ही कहानी आगे बढ़ी, कलाकारों के सशक्त अभिनय ने हर दृश्य को जीवंत बना दिया। कर्तुम तेरैया ने ‘किंग लियर’ की भूमिका में सत्ता के घमंड से लेकर पतन तक की यात्रा को इतनी गहराई से निभाया कि दर्शक भावुक हो उठे। कोर्डिलिया के रूप में सूरज्जान खातून की सादगी और संवेदनशीलता ने दिल छू लिया। वहीं, गोनेरिल के किरदार में आशीष मिश्रा और रीगन के रूप में मानसी रावत ने अपने अभिनय से कहानी में तीव्रता भर दी। 16वीं शताब्दी के यूरोप के माहौल में पहुंचा दिया इस प्रस्तुति का निर्देशन अमृतसर के एक प्रख्यात रंगमंच निर्देशक ने किया, जिनकी सूक्ष्म दृष्टि हर दृश्य में नजर आई। मंच सज्जा में कपड़ों यानी फैब्रिक के रचनात्मक उपयोग ने दर्शकों को सीधे 16वीं शताब्दी के यूरोप के माहौल में पहुंचा दिया। हर दृश्य में दृश्यात्मक सुंदरता और भावनात्मक गहराई का संतुलन देखने को मिला। कलाकारों ने दृश्यों में भावनाओं को उभारा संगीत ने नाटक को और प्रभावशाली बना दिया। ‘वॉयस ऑफ पंजाब सीजन-11’ के विजेता कुशाग्र की आवाज़ ने कई दृश्यों में भावनाओं को और उभार दिया। वहीं, साजन सिंह (कोहिनूर) की लाइट डिजाइनिंग ने मंच पर उजाले और अंधेरे के प्रतीकात्मक संघर्ष को बेहद खूबसूरती से उकेरा।सहायक निर्देशक और अनुवादक के रूप में प्रीतपाल रूपाना का योगदान भी सराहनीय रहा।
भातखण्डे संस्कृति विश्वविद्यालय और भातखण्डे एलुमनी एसोसिएशन के सहयोग में शताब्दी वर्ष समारोह के तहत संगीत संध्या का आयोजन किया। यह आयोजन गुरुवार को राय उमानाथबली प्रेक्षागृह में किया गया। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रों तुषार सहाय और शुभम भारती ने तबला युगलबंदी की मनमोहक प्रस्तुति दी, जिसने उपस्थित श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। कार्यक्रम की शुरुआत पारंपरिक शैली में हुई, जिसमें दोनों कलाकारों ने ताल तीनताल (16 मात्रा) में बनारस और लखनऊ घराने की विशिष्ट रचनाओं को प्रस्तुत किया। तुषार सहाय ने अपने गुरु डॉ. मनोज कुमार मिश्रा से प्राप्त बनारस घराने की बंदिशें पेश कीं, जबकि शुभम भारती ने लखनऊ घराने की रचनाओं से समां बांधा। उठान, पेशकार, कायदा, रेला, मध्यलय और द्रुत लय की विविध प्रस्तुतियों ने संगीत प्रेमियों को खूब प्रभावित किया। बनारस घराने की शैली में प्रस्तुत की गई इस तबला युगलबंदी में हारमोनियम पर आरिफ खान ने संगत दी, जिससे प्रस्तुति की भव्यता और बढ़ गई। विशेष रूप से मध्यलय की तिहाइयां, टुकड़े और द्रुत लय की चक्रदार गत व परन ने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। बनारस घराने की शैली में प्रस्तुत की गई रचनाओं को दर्शकों ने विशेष रूप से सराहा। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि कुलपति प्रो. मांडवी सिंह और विशिष्ट अतिथि कुलसचिव डॉ. सृष्टि धवन थीं। इस अवसर पर विश्वविद्यालय के विभागाध्यक्षों और एलुमनी एसोसिएशन के सदस्यों की गरिमामयी उपस्थिति ने आयोजन को और भी महत्वपूर्ण बना दिया। लघु स्मारिका का विमोचन का किया गया इस संगीत संध्या का एक अन्य आकर्षण एलुमनी एसोसिएशन द्वारा विगत वर्ष की गतिविधियों पर आधारित एक लघु स्मारिका का विमोचन और आजीवन सदस्यों को परिचय पत्र प्रदान करना रहा। यह पहल संस्था की सक्रियता और सदस्यों के जुड़ाव को दर्शाती है।कार्यक्रम का संचालन गिरीश चंद्र बहुगुणा ने कुशलतापूर्वक किया, जबकि डॉ. सीमा भारद्वाज ने धन्यवाद ज्ञापन के साथ संध्या का समापन किया। यह पूरा आयोजन संगीत, परंपरा और ताल के एक सुंदर संगम का प्रतीक बन गया।
हैप्पी लॉटर लाइफ क्लब की वर्षगांठ मनाया:कार्यक्रम में खुशहाल जीवन का संदेश दिया गया
हैप्पी लॉटर लाइफ क्लब की वर्षगांठ पर एक कार्यक्रम का आयोजन किया गया। यह कार्यक्रम उत्साह और उमंग से भरपूर रहा, जिसमें शहर के कई समाजसेवी, शिक्षाविद और क्लब सदस्य बड़ी संख्या में शामिल हुए। पूरे आयोजन का माहौल सकारात्मक ऊर्जा और खुशी से सराबोर रहा। कार्यक्रम का शुभारंभ दीप प्रज्ज्वलन से हुईं । इसमें ओम अग्रवाल, डॉ. वंदना लिखारी, विनीता त्रिपाठी, संदीप बंसल और रीता शर्मा जैसे गणमान्य अतिथि शामिल हुए। इस अवसर पर क्लब के सदस्यों ने एकजुट होकर खुशहाल और स्वस्थ जीवन का संदेश दिया। सभी ने मिलकर हंसी-खुशी के महत्व पर जोर दिया। सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को आगे बढ़ने की शक्ति मंच से क्लब की गतिविधियों और उपलब्धियों को भी साझा किया गया। वक्ताओं ने बताया कि आज के तनावपूर्ण जीवन में हंसी और सकारात्मक सोच ही व्यक्ति को आगे बढ़ने की शक्ति देती है। क्लब इसी उद्देश्य के साथ लोगों को एकजुट करने का कार्य कर रहा है।मुख्य संरक्षक ओम अग्रवाल ने सभी सहयोगियों का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम को सफल बनाने में सभी का समर्पण सराहनीय रहा। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में गीता शर्मा, अनीता इस्सर, जसवंत कौर, हरपाल कौर, मधु जैन, हेमा गुप्ता, ज्योत्सना शास्त्री, अंजलि सिंह, अंजलि भारती, अखिलेश निगम, नरेंद्र श्रीवास्तव और मीना श्रीवास्तव सहित कई सदस्यों ने सक्रिय भूमिका निभाई। हरप्रीत कौर, ज्योति गुप्ता, पायल गर्ग, अंशू अग्रवाल, सुनीता अग्रवाल और अन्य सहयोगियों ने आयोजन को सफल बनाने में महत्वपूर्ण योगदान दिया।
लखनऊ में बुद्ध पूर्णिमा की पूर्व संध्या पर गुरुवार को गोमती नगर स्थित संगीत भवन परिसर आध्यात्मिक ऊर्जा से सराबोर नजर आया। सम्भावना नाट्य मंच की ओर से आयोजित कार्यक्रम में भगवान बुद्ध के जीवन से जुड़े संदेशों को मंच के जरिए जीवंत किया गया। शांति, करुणा और आत्मजागरण के भाव ने पूरे माहौल को खास बना दिया। कार्यक्रम की शुरुआत डॉ. मनीषा के परिचयात्मक उद्बोधन से हुई। उन्होंने बुद्ध के जीवन-दर्शन को आज के समय में बेहद प्रासंगिक बताते हुए कहा कि भागदौड़ भरी जिंदगी में शांति का मार्ग भीतर से ही निकलता है। उनके विचारों ने उपस्थित लोगों को गहराई से सोचने पर मजबूर किया। दस मिनट का विपश्यना ध्यान सत्र आयोजित किया इसके बाद गुरु सत्यनारायण गोयनका के मार्गदर्शन में दस मिनट का विपश्यना ध्यान सत्र आयोजित किया गया। मौन साधना के इस सत्र में लोगों ने आंखें बंद कर अपने भीतर झांकने का प्रयास किया और आत्मिक शांति का अनुभव किया। ध्यान के बाद माहौल और भी शांत और सकारात्मक हो गया। भजन 'सबका मंगल, सबका मंगल होये रे' की सामूहिक प्रस्तुति ने वातावरण को भक्ति रस से भर दिया। प्रवीण गौर, सुनीता वीर, सौम्या गोयल, विनीता मिश्रा, दीपिका मॉरिसन समेत अन्य कलाकारों की स्वर लहरियों ने श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। बुद्ध की भूमिका निभाकर सभी का दिल जीत लिया कार्यक्रम का मुख्य आकर्षण बच्चों की नाट्य प्रस्तुतियां रहीं। 'भगवान होते हैं' नाटक में भूमि ने बुद्ध की भूमिका निभाकर सभी का दिल जीत लिया, जबकि आस्था, महक और अन्य बच्चों ने शिष्यों की भूमिका को जीवंत किया। ' बुद्ध कहते हैं सफल होने के लिए' शीर्षक से प्रस्तुत लघु नाटिका में भी कलाकारों ने प्रभावी अभिनय से संदेश को सशक्त ढंग से पहुंचाया। सफेद परिधान और नारंगी दुपट्टे के ड्रेस कोड ने पूरे आयोजन को प्रतीकात्मक रूप से पवित्रता और ज्ञान से जोड़ दिया। कार्यक्रम के अंत में उपस्थित लोगों ने समाज में शांति, सह-अस्तित्व और सकारात्मकता फैलाने का संकल्प लिया।
मेरठ के कंकरखेड़ा थाना क्षेत्र में गुरुवार रात एक झोपड़ी में आग लगने से ढाई साल के बच्चे की मौत हो गई। यह घटना खिर्वा रोड स्थित जेवरी नाले के पास बनी झोपड़ियों में हुई। पुलिस के अनुसार, पश्चिम बंगाल निवासी मजदूर युसूफ अली अपनी पत्नी जरीना और बेटे इब्राहिम के साथ झोपड़ी में रहते थे। गुरुवार रात जरीना अपने ढाई साल के बेटे इब्राहिम को सुलाकर कूलर के ऊपर जलती मोमबत्ती छोड़कर पास ही अपने पिता के घर चली गई थीं। 2 तस्वीरें देखिए… इसी दौरान मोमबत्ती असंतुलित होकर गिर गई, जिससे झोपड़ी में आग लग गई। आग इतनी तेजी से फैली कि मासूम इब्राहिम को संभलने का मौका नहीं मिला और वह झोपड़ी के अंदर ही जिंदा जल गया। आसपास के लोगों ने आग बुझाने का प्रयास किया, लेकिन तब तक आग विकराल रूप ले चुकी थी। आग की चपेट में पास की एक और झोपड़ी भी आ गई, जिसमें रखा सारा सामान जलकर राख हो गया। घटना की सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन तब तक दोनों झोपड़ियां पूरी तरह जल चुकी थीं। पुलिस भी घटनास्थल पर पहुंची और स्थिति का जायजा लिया। सीओ दौराला चंद्र प्रकाश अग्रवाल ने बताया कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है। मृतक बच्चे के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है और घटना की जांच शुरू कर दी गई है। इस बच्चे की मां जरीना बच्चों को झुग्गी में सुलाकर अपने पिता की झुग्गी में चली गई थी। मोमबत्ती कूलर पर लगी हुई थी। मोमबत्ती किसी तरह कूलर से नीचे गिर गई और आग लग गई बच्चे की जिंदा जलकर मौत हो गई है।
ललितपुर में गुरुवार देर शाम आई तेज आंधी और बारिश ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। आंधी के कारण जहां एक शादी समारोह का पंडाल उड़ गया, वहीं ललितपुर-महरौनी मार्ग पर महुआ का विशाल पेड़ गिरने से यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। जानकारी के अनुसार, शाम करीब 7:30 बजे रोड़ा गांव में तेज आंधी के बीच एक शादी समारोह में लगा पंडाल हवा में उड़ गया। पंडाल के पाइप लोगों ने किसी तरह पकड़े रखे, जबकि कुर्सियां इधर-उधर बिखर गईं। इस दौरान अफरा-तफरी का माहौल बन गया। इसी दौरान रात करीब 8 बजे ग्राम छपरट के पास एक पेट्रोल पंप के निकट तेज आंधी के चलते महुआ का बड़ा पेड़ उखड़कर सड़क पर गिर गया। इससे ललितपुर-महरौनी मार्ग पूरी तरह बंद हो गया और दोनों ओर करीब दो किलोमीटर लंबा जाम लग गया। जाम में बारात लेकर जा रही एक बस भी फंस गई, जिससे लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। पेड़ गिरने की सूचना पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची, लेकिन रात 11 बजे तक भी पेड़ को हटाया नहीं जा सका था। इसके चलते मार्ग लंबे समय तक बाधित रहा और वाहनों की लंबी कतारें लगी रहीं।
हाथरस में तेज आंधी-बारिश के कारण दीवार और पेड़ गिरने से दो मासूम बच्चों समेत 3 लोगों की मौत हो गई है। इस दौरान 10 बकरियां भी मारी गईं। यह घटना सादाबाद और मुरसान क्षेत्रों में हुई। राजस्व विभाग की टीम ने मौके पर पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई है। सादाबाद क्षेत्र के गांव बिलारा में गुरुवार की देर शाम तेज आंधी और बारिश के दौरान एक निर्माणाधीन मकान की पुरानी दीवार ढह गई। यह मकान किसान जयप्रकाश उर्फ लल्लू पुत्र एदल सिंह का था। दीवार गिरने से उसके मलबे में दबकर जयप्रकाश की 10 वर्षीय बेटी नेहा और पड़ोसी जितेंद्र के नौ वर्षीय बेटे मनीष की मौत हो गई। नेहा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि मनीष ने अस्पताल ले जाते समय रास्ते में दम तोड़ दिया। एसडीएम मनीष चौधरी ने बताया कि राजस्व टीम को मौके पर भेजकर जांच कराई गई है। पीड़ित परिवारों को नियमानुसार सहायता प्रदान की जाएगी। मुरसान क्षेत्र के गांव बर्द्धवारी में एक अन्य घटना में, 52 वर्षीय खजान सिंह खेत में बकरियां चरा रहे थे। तेज आंधी के कारण एक पेड़ उन पर गिर गया, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। इस हादसे में 10 बकरियां भी मारी गईं। क्रिकेट मैच खेल रहे युवक घायल इसी तरह, मुरसान क्षेत्र के गांव नगला बाबू में क्रिकेट खेल रहे विवेक (24), रोहित (22), मंजीत (22), काके (25) और वहां बैठे महाराज सिंह (45) भी आंधी के मलबे की चपेट में आकर घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
15 हजार रिश्वत लेते कानूनगो और सहयोगी गिरफ्तार:कानपुर से आई एंटी करप्शन टीम ने दो दिन रेकी कर पकड़ा
फर्रुखाबाद में एंटी करप्शन टीम ने गुरुवार शाम को तहसील सदर क्षेत्र के राजस्व निरीक्षक (कानूनगो) विमल श्रीवास्तव और उनके सहयोगी को 15 हजार रुपये रिश्वत लेते गिरफ्तार किया। यह गिरफ्तारी शहर के मोहल्ला बजरिया स्थित उनके किराए के मकान से हुई। टीम दोनों को फतेहगढ़ कोतवाली ले गई, जहां देर रात तक कागजी कार्रवाई जारी रही। नवाबगंज थाना क्षेत्र के वीरपुर नादी गांव निवासी किसान सर्वेश शाक्य ने अपनी सात बीघा खेत की पैमाइश के लिए शिकायत की थी। उनका आरोप था कि खेत की पैमाइश कराने के नाम पर कानूनगो विमल श्रीवास्तव ने अपने सहयोगीके माध्यम से 40 हजार रुपये की रिश्वत मांगी थी। सर्वेश कई महीनों से इस कार्य के लिए कानूनगो के चक्कर लगा रहे थे। किसान सर्वेश शाक्य ने इतनी बड़ी रकम देने में असमर्थता जताई, लेकिन कानूनगो अपनी मांग पर अड़े रहे। तीस हजार रुपए में बात फाइनल हुईं थी।इससे परेशान होकर सर्वेश ने कानपुर स्थित एंटी करप्शन टीम से शिकायत की। शिकायत के बाद टीम ने कानूनगो को रंगे हाथों पकड़ने की योजना बनाई। गुरुवार सुबह ही एंटी करप्शन टीम दो गाड़ियों से फर्रुखाबाद पहुंची और बजरिया क्षेत्र में रेकी शुरू कर दी। देर शाम, सर्वेश शाक्य एक अन्य व्यक्ति के साथ कानूनगो विमल श्रीवास्तव के बजरिया स्थित किराए के मकान पर 15 हजार रुपये रिश्वत देने पहुंचे। सर्वेश ने पैसे कानूनगो की ओर बढ़ाए, जिस पर कानूनगो ने साथ आए व्यक्ति को पैसे लेकर थैले में रखने को कहा। जैसे ही पैसे थैले में रखे गए, पहले से मौजूद एंटी करप्शन टीम ने कानूनगो और उनके सहयोगी को मौके पर ही दबोच लिया। इसके बाद दोनों को फतेहगढ़ कोतवाली ले जाया गया। जहां देर रात तक लिखा पड़ी का कार्य चलता रहा।
हरदोई में गुरुवार शाम करीब 8:30 बजे मौसम ने अचानक करवट ली। कई दिनों से 45 डिग्री सेल्सियस तापमान और भीषण गर्मी से जूझ रहे लोगों को इससे बड़ी राहत मिली। तज हवाएं चलने लगीं और देखते ही देखते करीब 80 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आंधी ने पूरे जिले को अपनी चपेट में ले लिया। इस आंधी के कारण शहर और कस्बों में धूल का गुबार छा गया। कई स्थानों पर कुछ देर के लिए दृश्यता प्रभावित हुई, जिससे राहगीरों को सुरक्षित स्थानों की ओर जाना पड़ा। बाजारों में दुकानदारों ने आनन-फानन में अपनी दुकानें बंद कर दीं। सड़कों पर वाहन चालकों को भी आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। आंधी के तुरंत बाद तेज बारिश शुरू हो गई, जो घंटों तक रुक-रुक कर जारी रही। इस बारिश से तापमान में गिरावट आई, जिससे कई दिनों से गर्मी से परेशान लोगों को राहत मिली। हालांकि, इस बदले मौसम ने कई लोगों के लिए मुश्किलें भी खड़ी कीं। जिले के कई इलाकों में पेड़ गिरने की खबरें मिलीं। कुछ स्थानों पर बिजली के खंभे झुक गए और तार लटकने लगे, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो गई। कई मोहल्लों में देर रात तक अंधेरा छाया रहा। जिले में चल रहे वैवाहिक कार्यक्रमों पर भी मौसम का असर पड़ा। अचानक आई तेज आंधी से कई स्थानों पर लगाए गए टेंट उड़ गए या क्षतिग्रस्त हो गए। सजावट का सामान बिखर गया, जिससे आयोजकों को व्यवस्थाएं संभालने में भारी परेशानी हुई। मौसम वेधशाला के प्रेक्षक आरसी वर्मा ने जानकारी दी कि अगले दो दिनों तक मौसम का ऐसा ही मिजाज बने रहने की संभावना है। तेज आंधी के साथ बारिश के प्रबल आसार हैं। उन्होंने लोगों को सतर्क रहने और खराब मौसम के दौरान अनावश्यक रूप से बाहर निकलने से बचने की सलाह दी।
उन्नाव में गुरुवार रात करीब 10 बजे एक भीषण सड़क हादसे में दो लोगों की मौत हो गई, जबकि एक युवक गंभीर रूप से घायल हो गया। हादसा मौरावां थाना क्षेत्र के असरेन्दा-कालूखेड़ा मार्ग पर तिसंधा गांव के पास हुआ। जानकारी के अनुसार, चिलौली गांव निवासी अखिलेश कुमार शुक्ला (55) सुदौली गांव से छत की शटरिंग का काम करवाकर साइकिल से घर लौट रहे थे। इसी दौरान बछरावां थाना क्षेत्र के रामपुर सुदौली गांव निवासी शिवा रावत (24) तेज रफ्तार बाइक चला रहा था, जिसके पीछे सुजीत लोधी बैठा था। तेज गति से आ रही बाइक ने साइकिल सवार अखिलेश को पीछे से जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि तीनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों ने सभी घायलों को अस्पताल पहुंचाया। अखिलेश को परिजन कालूखेड़ा के एक निजी अस्पताल ले गए, जबकि शिवा को सौ बेड अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां डॉक्टरों ने दोनों को मृत घोषित कर दिया। वहीं, गंभीर रूप से घायल सुजीत लोधी को प्राथमिक इलाज के बाद लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर किया गया है। जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। इंस्पेक्टर कुंवर बहादुर सिंह के अनुसार, मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है और जांच जारी है।
मध्यप्रदेश के जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज तेज आंधी में पलट गया। अब तक 6 लोगों के शव मिल गए हैं। 19 को सुरक्षित बचा लिया गया है। 15 से ज्यादा अब भी लापता हैं। पुलिस के मुताबिक MP टूरिज्म के क्रूज में 40 से 45 लोग सवार थे। एक प्रत्यक्षदर्शी के मुताबिक इनमें से 11 लोग बिना टिकट सवार थे और किसी ने भी लाइफ जैकेट नहीं पहना था। इस हादसे में ऑर्डिनेंस फैक्ट्री खमरिया के कर्मचारी कामराज का पूरा परिवार सवार था। कामराज की भाभी और माता-पिता तमिलनाडु से घूमने के लिए जबलपुर आई थीं। कामराज के साथ काम करने वाले अन्ना दुराई ने बताया कि कामराज उनकी पत्नी, भाभी और तीन बच्चे जिनकी उम्र 9, 7 और 5 साल हैं, क्रूज में सवार थे। बुजुर्ग होने के चलते माता-पिता क्रूज में सवार नहीं हुए थे। अन्ना के मुताबिक माता-पिता ने उसे फोन लगाकर क्रूज डूबने की जानकारी दी। जबलपुर का सोनी परिवार बाल-बाल बचा जबलपुर के पूर्वा गढ़ा में रहने वाले राजेश सोनी का परिवार हादसे में सकुशल बच गया है। हालांकि, उनकी 12 साल की बेटी आराध्या घायल है। राजेश, पत्नी अनामिका, 18 साल की बेटी समृद्धि और आराध्या के साथ घूमने गए थे। नसोनी परिवार के मुताबिक अचानक तेज हवाएं चलना शुरू हुई और क्रूज डगमगाने लगा। पर्यटकों ने चालक को कहा कि क्रूज को वापस किनारे पर ले चले, लेकिन स्टाफ ने एक नहीं सुनी। जब तेज आंधी चलने लगी तो क्रूज स्टाफ ने पर्यटकों को लाइफ जैकेट पहनने के लिए दी, लेकिन कई लोग इसे पहन ही नहीं सके। पायलट का दावा: लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिला’ क्रूज के पायलट महेश ने बताया कि वह 10 साल से क्रूज चला रहा है और पूरी तरह प्रशिक्षित व लाइसेंसधारी है। उनके मुताबिक क्रूज में सभी सुरक्षा इंतजाम और पर्याप्त लाइफ जैकेट मौजूद थे, लेकिन तूफान इतनी तेजी से आया कि यात्रियों को लाइफ जैकेट पहनने का मौका नहीं मिल सका। अब देखिए हादसे की 10 तस्वीरें… कलेक्टर ऑफिस में कंट्रोल रूम बना घटना के संबंध में सूचनाओं के आदान-प्रदान के लिए कलेक्टर कार्यालय में कंट्रोल रूम बनाया गया है। किसी भी जानकारी के लिए फोन नंबर 0761-2624355 पर कॉल किया जा सकता है। कंट्रोल रूम का इंचार्ज वीरेन्द्र सिंह को बनाया गया है और यह रातभर चालू रहेगा। मिसिंग व्यक्तियों के बारे में या अन्य महत्वपूर्ण जानकारियों के लिए बात की जा सकती है। ये खबर भी पढ़ें… MP के जबलपुर में क्रूज डूबा, 6 शव मिले:15 से ज्यादा लापता, 19 को बचाया मध्यप्रदेश के जबलपुर में नर्मदा नदी पर बने बरगी डैम में गुरुवार शाम पर्यटकों से भरा क्रूज डूब गया। पुलिस के मुताबिक, 6 शव बरामद किए गए हैं। 19 को सुरक्षित बचा लिया गया। 15 से ज्यादा अब भी लापता हैं। हादसा डैम के किनारे से 300 मीटर आगे हुआ। पढ़ें पूरी खबर...
मुरैना जिले के सिविल लाइन थाना क्षेत्र अंतर्गत डोमपुरा इलाके के लोरीपुरा में गुरुवार शाम निर्माणाधीन मकान की दीवार गिरने से बड़ा हादसा हो गया। मलबे के नीचे कुल 9 लोग दब गए, जिनमें बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। जानकारी के अनुसार, लोरीपुरा में महेंद्र सिंह के मकान का निर्माण कार्य चल रहा था। इसी दौरान दूसरी मंजिल की दीवार खड़ी की जा रही थी। शाम के समय अचानक तेज हवा, बारिश और ओलावृष्टि के कारण दीवार भरभराकर नीचे गिर गई। इसी दौरान मकान के पास और दरवाजे के आसपास कुछ बच्चे और स्थानीय लोग बैठे और खेल रहे थे, जो दीवार के मलबे की चपेट में आ गए। हादसे में कुल 9 लोग घायल हुए हैं। घायलों में बच्चे भी शामिलघायलों में भोल (12), खुशबू (14), करुआ (11), नैंसी (11), नव्या (13), अंजलि (18), राजवीर (35), सपना (38) और आशीष (20) शामिल हैं। सभी का जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। थाना प्रभारी बोले- जांच करेंगेसिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव ने बताया कि लोरीपुरा में निर्माणाधीन मकान की दीवार आंधी-तूफान के कारण गिर गई। हादसे में 9 लोग घायल हुए हैं, जिनमें कुछ बच्चे भी शामिल हैं। सभी घायलों का जिला अस्पताल में इलाज किया जा रहा है और उनकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। घटना की आवश्यक जांच की जाएगी।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि प्रदेश में विकसित होने वाले मेट्रोपॉलिटन क्षेत्रों और विभिन्न औद्योगिक संस्थानों के परिसर में हेलीपैड निर्माण को प्राथमिकता दी जाए। हेली सेवाओं के विस्तार के लिए हेलीपैड निर्माण में निजी क्षेत्र का सहयोग प्राप्त किया जाए। मध्यप्रदेश से बनारस और पटना जैसे बड़े नगरों के लिए विमान सेवा प्रारंभ करने का प्रयास किया जाए ताकि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिले। विमानन विभाग के अधिकारियों को मुख्यमंत्री डॉ.यादव ने निर्देश दिए कि उज्जैन एयरपोर्ट के विकास के लिए संचालित कार्यों को समय सीमा में पूरा करें। अधिकारियों ने बैठक में बताया कि उज्जैन एयरपोर्ट में एयरफील्ड का कुल क्षेत्रफल 95 एकड़ है। राज्य सरकार के निर्णय के अनुसार उज्जैन एयरपोर्ट 2700 मीटर लंबाई के रनवे के साथ कुल 4 हजार 100 मीटर लंबाई में विकसित होगा। इसके लिए अधिग्रहीत की जाने वाली भूमि के लिए 590 करोड़ रुपए की मुआवजा राशि स्वीकृत की जा चुकी है। सिंहस्थ-2028 के मद्देनजर श्रद्धालुओं के आवागमन के लिए एयरपोर्ट उपयोगी होगा। मुख्यमंत्री ने निर्देशित किया कि एयरपोर्ट के विकास के सभी कार्यों को प्राथमिकता से पूर्ण किया जाए। बैठक में पीएमश्री हेली पर्यटन सेवा के संचालन के संबंध में भी चर्चा हुई। एविएशन पाठ्यक्रम का लाभ युवाओं को दिलाएं मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि प्रदेश में विमानन सेवाओं के विस्तार के साथ दक्ष पायलट और अन्य प्रशिक्षित अमले की आवश्यकता होगी। नई शिक्षा नीति में एविएशन पाठ्यक्रम को रोजगारपरक शिक्षा की श्रेणी में शामिल किया गया है। उन्होंने प्रदेश के उच्च शिक्षा संस्थानों द्वारा एविएशन कोर्स का लाभ युवाओं को दिलवाने के लिये प्रयास करने के निर्देश दिए। रीवा से 24 हजार यात्रियों ने उठाया हवाई सेवा का लाभ मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 फरवरी 2025 में जारी की गई थी। नीति में विमानन क्षेत्र की समग्र वैल्यू चैन के लिए कई तरह के प्रोत्साहन का प्रावधान किया गया है। मध्यप्रदेश से बनारस और पटना जैसे बड़े नगरों के लिए विमान सेवा प्रारंभ करने का प्रयास किया जाए ताकि धार्मिक पर्यटन को प्रोत्साहन मिले। प्रदेश की विमानन नीति की सफलता में नए आयाम जोड़ें। मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने विमानन नीति की सफलता के लिए विभाग के अधिकारियों को बधाई दी। बैठक में बताया गया कि प्रदेश के एयरपोर्ट से नए गंतव्यों को हवाई मार्ग से जोड़ने के लिए वित्तीय सहायता भी शेड्यूल्ड ऑपरेटर्स को दी जा रही है। मध्यप्रदेश नागरिक विमानन नीति-2025 की सफलता का ही यह प्रमाण है कि छह माह में रीवा से 24 हजार यात्रियों ने हवाई सेवा का लाभ उठाया है। रीवा से दिल्ली, रीवा से रायपुर सप्ताह में तीन दिन और रीवा से इंदौर प्रतिदिन फ्लाइट उपलब्ध है। पिछले चार माह में रीवा से इंदौर की ऑक्यूपेंसी 85 प्रतिशत और पिछले डेढ़ माह में रीवा से रायपुर की ऑक्यूपेंसी 80 प्रतिशत से अधिक है। रीवा- नई दिल्ली फ्लाइट की ऑक्यूपेंसी भी 70 प्रतिशत से अधिक है। बैठक में अपर मुख्य सचिव विमानन विभाग संजय कुमार शुक्ला, मुख्यमंत्री के सचिव आलोक कुमार सिंह, सचिव वित्त लोकेश जाटव सहित अन्य संबंधित अधिकारी उपस्थित थे।
सतना जिले में कुपोषण से हुई मौतों की जांच के लिए गठित पांच सदस्यीय राज्यस्तरीय टीम ने गुरुवार को मैहर सिविल अस्पताल का जायजा लिया। वरिष्ठ उप संचालक डॉ. राकेश बोहरे और उप संचालक डॉ. हिमानी यादव के नेतृत्व में आई टीम ने चाइल्ड हेल्थ सेवाओं और पोषण पुनर्वास केंद्र (NRC) की समीक्षा की। टीम ने स्पष्ट किया कि बच्चों के स्वास्थ्य से जुड़े मुद्दों पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी। पोषण पुनर्वास केंद्र की सेवाओं पर जताई संतुष्टि जांच टीम ने सबसे पहले अस्पताल के एनआरसी वार्ड का निरीक्षण किया, जहाँ चिकित्सकीय सुविधाएं बेहतर पाई गईं। आशा कार्यकर्ताओं द्वारा कुपोषित बच्चों को समय पर भर्ती कराने के प्रयासों की टीम ने सराहना की। इस दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने आशा कार्यकर्ताओं से सीधा संवाद किया और जरियारी गांव के एक कुपोषित बच्चे की विस्तृत केस स्टडी तैयार करने के निर्देश दिए। एमएनसीयू के विस्तार और ओटी मरम्मत के निर्देश डिप्टी डायरेक्टर चाइल्ड हेल्थ ने सिविल अस्पताल में सुविधाओं के विस्तार हेतु 6 बेड का एमएनसीयू (MNCU) संचालित करने के निर्देश जारी किए। वहीं, नवनिर्मित मॉड्यूलर ओटी के निरीक्षण में लेबर रूम के स्ट्रक्चर में कुछ तकनीकी गड़बड़ियां पाई गईं। टीम ने सुधार होने तक इसे हैंडओवर न करने की हिदायत दी है और इंजीनियर के माध्यम से तकनीकी खामियां ठीक कराने को कहा है। आशा कार्यकर्ताओं की ड्रेस और फील्ड मॉनिटरिंग पर सुझाव निरीक्षण के दौरान रिकॉर्ड संधारण और फील्ड मॉनिटरिंग की भी जांच की गई। टीम ने प्रशासनिक सुधार के तहत आशा कार्यकर्ताओं की साड़ी का रंग बदलकर बैंगनी करने का सुझाव दिया। इस दौरान राज्य सलाहकार डॉ. आरती पांडेय, डॉ. अमित द्विवेदी, डॉ. भरत जैन सहित जिला स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी उपस्थित रहे।
झाबुआ जिले के थांदला-पेटलावद मार्ग पर गुरुवार देर शाम ईंटों से भरे एक ट्रैक्टर और अर्टिगा कार के बीच जोरदार टक्कर हुई। होटल अनमोल के पास हुई यह भिड़ंत इतनी तेज थी कि कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि कार के एयरबैग समय पर खुलने से सवारों की जान बच गई। भिड़ंत के बाद सड़क पर बिखरी ईंटें जानकारी के अनुसार, ईंटों से भरी ट्रैक्टर-ट्रॉली और कार (MP13ZP1781) की आमने-सामने की टक्कर के बाद ट्रॉली में लदी ईंटें सड़क पर फैल गईं। इस वजह से मार्ग पर कुछ समय के लिए आवागमन बाधित रहा। सूचना मिलते ही डायल 112 की टीम मौके पर पहुंची और राहत कार्य शुरू किया। एक व्यक्ति घायल, इलाज जारी हादसे में एक व्यक्ति घायल हुआ है, जिसे तत्काल उपचार के लिए थांदला के शासकीय अस्पताल भेजा गया। बीएमओ डॉ. भुवनसिंह डावर ने पुष्टि की है कि केवल एक व्यक्ति को चोटें आई हैं और उसका इलाज जारी है। गनीमत रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। थांदला टीआई अशोक कनेश ने बताया मौके पर पहुंचकर स्थिति का जायजा लिया है और हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। मार्ग को सुचारु बनाने के लिए सड़क पर बिखरी ईंटों को हटाया गया। वाहनों को किनारे कर यातायात बहाल कर दिया गया है।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर मंडल के नौ रेलवे स्टेशनों को पर्यावरण अनुकूल कार्यप्रणाली के लिए अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप आईएसओ 14001:2015 प्रमाण पत्र प्रदान किया गया है। रेल प्रशासन के अनुसार, यह उपलब्धि भारतीय रेलवे की 'स्वच्छ रेल, स्वच्छ भारत' परिकल्पना को साकार करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। जिन स्टेशनों को यह आईएसओ प्रमाण पत्र मिला है, उनमें बिलासपुर, चांपा, रायगढ़, कोरबा, अनूपपुर, पेंड्रारोड, शहडोल, उमरिया और अंबिकापुर शामिल हैं। यह प्रमाण पत्र उनकी पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली की उत्कृष्टता को दर्शाता है। यह प्रतिष्ठित प्रमाण पत्र एक सघन और चुनौतीपूर्ण ऑडिट प्रक्रिया के बाद दिया गया है। इस ऑडिट में स्टेशनों की स्वच्छता, अपशिष्ट प्रबंधन, जल संरक्षण, ऊर्जा दक्षता और पर्यावरण जागरूकता जैसे विभिन्न पहलुओं का गहन मूल्यांकन किया गया। रेल प्रशासन ने बताया कि यह उपलब्धि मंडल रेल प्रबंधक राकेश रंजन के कुशल मार्गदर्शन और वरिष्ठ मंडल यांत्रिक अभियंता (EnHM), वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक तथा मंडल यांत्रिक अभियंता (EnHM) के प्रभावी नेतृत्व में संभव हुई है। कचरा प्रबंधन और जल संरक्षण में मिली सफलता मंडल पर्यावरण एवं हाउसकीपिंग प्रबंधन (EnHM) और वाणिज्य विभाग ने सभी विभागों के साथ मिलकर इन स्टेशनों पर बेहतर काम किया। इनके द्वारा कचरा प्रबंधन, पानी की बचत, ऊर्जा की बचत और प्रदूषण नियंत्रण के लिए अच्छे स्तर पर व्यवस्था की गई। यह काम बहुत कम समय में पूरा किया गया। इन प्रयासों के कारण अंतरराष्ट्रीय प्रमाणन एजेंसी ने इन स्टेशनों को प्रमाणन दिया है। जानिए क्या है आईएसओ 14001:2015 आईएसओ 14001:2015 एक अंतरराष्ट्रीय स्तर का मानक है, जो पर्यावरण प्रबंधन प्रणाली (EMS) के लिए बनाया गया है। यह इसका तीसरा संस्करण है। इस मानक में बताया गया है कि किसी संस्था को पर्यावरण की देखभाल के लिए अपनी व्यवस्था कैसे बनानी चाहिए, उसे कैसे लागू और बेहतर करना चाहिए। इसका मुख्य उद्देश्य संस्थाओं को अपनी पर्यावरण संबंधी जिम्मेदारियों को सही तरीके से समझकर, व्यवस्थित और प्रभावी ढंग से पूरा करने में मदद करना है। स्वच्छता और विकास में बिलासपुर मंडल आगे रेल प्रशासन का कहना है कि मंडल के 9 स्टेशनों को आईएसओ 14001:2015 प्रमाणन मिलना इस बात का सबूत है कि बिलासपुर मंडल सिर्फ बेहतर रेल संचालन ही नहीं कर रहा, बल्कि पर्यावरण की सुरक्षा, स्वच्छता और सतत विकास पर भी पूरी गंभीरता से काम कर रहा है।
सोनीपत के बहालगढ़ क्षेत्र स्थित कुमासपुर में गुरुवार सुबह एक तेज रफ्तार कंटेनर ने बिजली के खंभे को टक्कर मार दी। इस हादसे में 63KVA का ट्रांसफार्मर जमीन पर गिर गया, जिससे क्षेत्र की बिजली आपूर्ति ठप हो गई। बिजली निगम को लाखों रुपये का नुकसान हुआ है। यह घटना सुबह करीब 8 बजे जीटी रोड पर ब्लिंकिट स्टोर के पास हुई। कंटेनर संख्या UP-16-MT-1366 का चालक सोनू सिंह लापरवाही से गाड़ी चला रहा था, तभी उसने नियंत्रण खो दिया और सीधे बिजली के स्ट्रक्चर में जा टकराया। टक्कर इतनी भीषण थी कि ट्रांसफार्मर धमाके के साथ नीचे आ गिरा। गनीमत रही कि उस समय घटनास्थल पर कोई व्यक्ति मौजूद नहीं था, जिससे बड़ा हादसा टल गया। सूचना मिलते ही बहालगढ़ थाना पुलिस और बिजली निगम (UHBVN) मुरथल के अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस जांच अधिकारी मंजीत सिंह ने बताया कि घटना की पूरी वीडियो आधुनिक तकनीक E-Sakshya ऐप का उपयोग करके बनाई गई और साक्ष्य जुटाए गए। बिजली विभाग के एएलएम प्रदीप और जेई बलजीत सिंह ने मौके का मुआयना कर नुकसान का आकलन किया। मुरथल सब-डिवीजन के एसडीओ रूपेश गहलावत की शिकायत पर बहालगढ़ पुलिस ने कंटेनर चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की है। पुलिस ने चालक सोनू सिंह के विरुद्ध सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धारा 3 PDP Act 1985 और बिजली उपकरणों को नुकसान पहुंचाने से संबंधित धारा 139 Electricity Act 2003 के तहत मुकदमा नंबर 120 दर्ज किया है।
नीमच के घंटाघर स्थित अग्रवाल समाज के नृसिंह मंदिर में गुरुवार को भगवान नरसिंह जयंती उत्साह के साथ मनाई गई। प्रातः अभिषेक से शुरू हुए इस उत्सव में शाम को भव्य नरसिंह लीला का मंचन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने मंदिर पहुंचकर दर्शन लाभ लिए और धार्मिक अनुष्ठानों में भाग लिया। 56 भोग और भजनों से भक्तिमय हुआ वातावरण उत्सव के तहत सुबह 8:30 बजे भगवान का वैदिक मंत्रोच्चार के साथ अभिषेक किया गया। दोपहर में नृसिंह परिवार महिला मंडल द्वारा भगवान को 56 भोग अर्पित किए गए। इस अवसर पर आयोजित भजन-कीर्तन में महिला श्रद्धालुओं ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया, जिससे मंदिर परिसर दिनभर भक्तिमय बना रहा। जीवंत लीला: खंभ फाड़कर प्रकट हुए भगवान शाम 7:15 बजे गोधूलि बेला में नरसिंह लीला का मुख्य आकर्षण शुरू हुआ। कलाकारों ने हिरण्यकश्यप वध और भक्त प्रह्लाद की रक्षा के प्रसंग का जीवंत मंचन किया। जैसे ही भगवान नरसिंह खंभ फाड़कर प्रकट हुए, पूरा परिसर जयकारों से गूंज उठा। पौराणिक मान्यताओं के अनुसार इसी बेला में भगवान ने धर्म की स्थापना की थी। आरती के साथ उत्सव का समापन अग्रवाल समाज के अध्यक्ष ओम प्रकाश बंसल ने बताया कि यह उत्सव प्रतिवर्ष परंपरागत रूप से मनाया जाता है। लीला मंचन के पश्चात रात्रि में भगवान की भव्य महाआरती की गई, जिसमें सैकड़ों भक्त शामिल हुए। कार्यक्रम के अंत में सभी उपस्थित श्रद्धालुओं को विशेष प्रसाद का वितरण किया गया।
दमोह जिले के जबेरा में गुरुवार रात भगवान नरसिंह प्रगटोत्सव पर शोभायात्रा निकाली गई। प्राचीन सिद्ध पीठ नरसिंह देवालय से शुरू हुई इस यात्रा में पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी, स्वामी रंजीतानंद सरस्वती महाराज सहित अनेक संत और आचार्य शामिल हुए। नगर भ्रमण के दौरान श्रद्धालुओं ने जगह-जगह पुष्प वर्षा कर यात्रा का स्वागत किया। बरगी डैम हादसे की सूचना पर रवाना हुए मंत्री शोभायात्रा के बाद कार्यक्रमों के दौरान पर्यटन मंत्री धर्मेंद्र सिंह लोधी को जबलपुर के बरगी डैम में क्रूज डूबने और जनहानि की सूचना मिली। इस बड़ी दुर्घटना की जानकारी मिलते ही मंत्री कार्यक्रम को बीच में छोड़कर तत्काल जबलपुर के लिए रवाना हो गए। अखाड़ों का शौर्य प्रदर्शन और धार्मिक अनुष्ठान शोभायात्रा के दौरान अखाड़ों के कलाकारों ने पारंपरिक लाठी कला और शौर्य का प्रदर्शन किया। प्रतिवर्ष आयोजित होने वाले इस प्रगटोत्सव के उपलक्ष्य में प्राचीन नरसिंह मंदिर में विशेष धार्मिक अनुष्ठान और विद्वान आचार्यों के सानिध्य में पूजन कार्यक्रम संपन्न हुए। संतों की उपस्थिति में हुआ विधिवत समापन मंत्री के प्रस्थान के बाद आनंद धाम के पीठाधीश्वर स्वामी रंजीतानंद सरस्वती और दंडी स्वामी की उपस्थिति में शोभायात्रा का विधिवत समापन किया गया। इस धार्मिक आयोजन में बड़ी संख्या में स्थानीय श्रद्धालु और क्षेत्रीय जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
राजधानी रायपुर में नशे के कारोबार पर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए उत्तरप्रदेश के दो अंतर्राज्यीय आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों के कब्जे से 5 किलोग्राम गांजा जब्त किया गया है, जिसकी बाजार कीमत करीब 2.50 लाख रुपए बताई जा रही है। यह कार्रवाई एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट, एंटी नारकोटिक्स टॉस्क फोर्स (ANTF) और गंज थाना पुलिस की संयुक्त टीम ने की। आरोपियों का नाम पुलिस ने इटावा निवासी विवेक पाल और गाजियाबाद निवासी मंजीत पांडेय बताया है। अब पढ़ें क्या है पूरा मामला रायपुर कमिश्नरेट के अधिकारियों के अनुसार 29 अप्रैल 2026 को टीम को मुखबिर से सूचना मिली थी कि गंज थाना क्षेत्र के रेलवे स्टेशन एक्सप्रेस-वे रोड स्थित पानी टंकी के पास दो युवक बैग में गांजा रखे हुए हैं और उसे बेचने की फिराक में हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए पुलिस उपायुक्त (क्राइम एवं साइबर) स्मृतिक राजनाला और पुलिस उपायुक्त (मध्य क्षेत्र) उमेश प्रसाद गुप्ता ने तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। अधिकारियों के निर्देशन में संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर संदिग्धों की घेराबंदी की। पुलिस को देखते ही दोनों युवक भागने लगे, लेकिन टीम ने तत्परता दिखाते हुए उन्हें पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपने नाम विवेक पाल (22) निवासी इटावा और मंजीत पांडेय (25) निवासी गाजियाबाद, उत्तरप्रदेश बताया। तलाशी लेने पर आरोपियों के बैग से कुल 5 किलोग्राम गांजा बरामद हुआ। आरोपियों पर नारकोटिक एक्ट के तहत पुलिस ने कार्रवाई की है। गांजा लाने का ठिकाना तलाश रहे अफसर पुलिस अधिकारियों का कहना है कि गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ कर उनके नेटवर्क की जानकारी जुटाई जा रही है। फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकेज के आधार पर इस गिरोह से जुड़े अन्य लोगों की तलाश की जा रही है। जल्द ही इस मामले में और खुलासे होने की संभावना है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार इस तरह की कार्रवाई आगे भी जारी रहेगी।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार विकास और आस्था को एक साथ जोड़कर प्रदेश की तस्वीर बदल रही है। इसी कड़ी में पर्यटन विभाग ने प्रदेश के तीन जिलों—बुलंदशहर, चंदौली और चित्रकूट के लिए करीब 997 लाख रुपये का बजट जारी किया है। इस भारी-भरकम राशि से कुल 17 धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों का सुंदरीकरण किया जाएगा। सरकार का लक्ष्य उन छोटे और कम मशहूर मंदिरों व तीर्थों को विकसित करना है, जहां बुनियादी सुविधाओं की कमी के कारण पर्यटक नहीं पहुंच पाते थे। बुलंदशहर: काल भैरव और मां आशवर देवी मंदिर संवरेंगे बुलंदशहर में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए 315 लाख रुपये की 5 परियोजनाओं को मंजूरी मिली है। इसमें ऊंचागांव के प्रसिद्ध सिद्ध बाबा (काल भैरव) मंदिर के लिए 52 लाख और खुर्जा के बौद्ध संस्थान के लिए 88 लाख रुपये खर्च किए जाएंगे। इसके अलावा डिबाई, शिकारपुर और अनूपशहर के ऐतिहासिक मंदिरों में भी श्रद्धालुओं के लिए नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी, जिससे पश्चिमी यूपी में पर्यटन की रफ्तार बढ़ेगी। चंदौली और चित्रकूट: ग्रामीण और धार्मिक पर्यटन का संगम चंदौली जिले के लिए सरकार ने सबसे ज्यादा 476 लाख रुपये का बजट तय किया है। यहां मुगलसराय के शंकर मंदिर और सैयदराजा के काली मंदिर सहित 6 स्थलों का विकास होगा। खास बात यह है कि चकिया के औरवाटांड में ग्रामीण पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए भी अलग से बजट दिया गया है। वहीं, भगवान राम की तपोस्थली चित्रकूट में 206 लाख रुपये से वाल्मीकि घाट और आश्रम परिक्रमा पथ जैसे 6 महत्वपूर्ण कार्य किए जाएंगे। विरासत को सहेजना सरकार की प्राथमिकता पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में सरकार का जोर 'विरासत के साथ विकास' पर है। उन्होंने बताया कि इन परियोजनाओं से न केवल तीर्थयात्रियों को सुखद अनुभव मिलेगा, बल्कि स्थानीय लोगों के लिए व्यापार और रोजगार के नए रास्ते भी खुलेंगे। सरकार का संकल्प है कि उत्तर प्रदेश की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को पूरी दुनिया के सामने मजबूती से रखा जाए।
उत्तर प्रदेश की योगी सरकार अन्य पिछड़ा वर्ग (OBC) के गरीब परिवारों के लिए संकटमोचक बनकर उभरी है। आर्थिक तंगी की वजह से जो परिवार अपनी बेटियों की शादी को लेकर चिंतित रहते थे, उनके लिए 'शादी अनुदान योजना' वरदान साबित हो रही है। वित्तीय वर्ष 2025-26 के दौरान सरकार ने 1,16,000 से अधिक बेटियों की शादी के लिए आर्थिक सहायता प्रदान की है। इस मद में सरकार ने कुल 232 करोड़ रुपये खर्च किए हैं, जो दर्शाता है कि योजना का लाभ बड़े पैमाने पर जरूरतमंदों तक पहुंच रहा है। सालाना 1 लाख तक की आय वाले परिवार हैं पात्र इस योजना का लाभ उन परिवारों को दिया जा रहा है जिनकी वार्षिक आय 1 लाख रुपये तक है। सरकार प्रत्येक बेटी की शादी के लिए 20,000 रुपये की आर्थिक मदद देती है। पारदर्शिता बनाए रखने के लिए यह राशि सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में भेजी जाती है। योजना के नियमों के अनुसार, शादी के समय लड़की की उम्र कम से कम 18 वर्ष और लड़के की उम्र 21 वर्ष होना अनिवार्य है। इससे न केवल गरीब परिवारों को सहारा मिल रहा है, बल्कि बाल विवाह जैसी कुप्रथा पर भी रोक लग रही है। विकलांग और विधवा परिवारों को वरीयता योगी सरकार ने इस योजना में समाज के सबसे संवेदनशील वर्गों का विशेष ध्यान रखा है। आवेदन करने वालों में अगर कोई विकलांग है, विधवा है, भूमिहीन है या किसी दैवीय आपदा का शिकार हुआ है, तो उसे प्राथमिकता दी जाती है। योजना की पूरी प्रक्रिया ऑनलाइन है। शादी की तारीख से 90 दिन पहले या 90 दिन बाद तक पोर्टल पर आवेदन किया जा सकता है। ग्रामीण इलाकों में बीडीओ और शहरी क्षेत्रों में एसडीएम स्तर पर आवेदनों का सत्यापन किया जाता है। आधार और पीएफएमएस से बिचौलियों का खेल खत्म योजना में धांधली रोकने के लिए सरकार ने कड़े इंतजाम किए हैं। साल 2023-24 से आवेदक और बेटी दोनों का आधार प्रमाणीकरण अनिवार्य कर दिया गया है, जिससे केवल असली पात्रों को ही लाभ मिल पा रहा है। भुगतान के लिए पीएफएमएस (PFMS) सिस्टम का इस्तेमाल होता है, जिससे पैसा बिना किसी बिचौलिए के सीधे खाते में पहुंचता है। पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग के निदेशक उमेश प्रताप सिंह ने बताया कि जिलाधिकारी की अध्यक्षता वाली कमेटी लाभार्थियों का चयन करती है, जिसमें स्थानीय सांसदों और विधायकों के प्रतिनिधि भी शामिल होते हैं।
नरवाना में सुनार की दुकान में लाखों की चोरी:डेढ़ किलो चांदी और सोना ले गए; गांव के 3 युवक पहचाने गए
जींद जिले के गांव बेलरखां में एक सुनार की दुकान में चोरी हो गई। चोरों ने दुकान से करीब डेढ़ किलो चांदी के आभूषण और 10 ग्राम सोने के कोके, बालियां व तिल्ली चुरा लिए। इस घटना में गांव के ही तीन युवकों की पहचान सीसीटीवी फुटेज के आधार पर की गई है। चोरों ने दुकान का शटर उखाड़कर और शीशा तोड़कर अंदर प्रवेश किया। यह घटना 28 अप्रैल की रात को हुई, जब दुकान मालिक दीपक सोनी शाम को दुकान बंद कर घर गए थे। पीड़ित दीपक सोनी, जो पिछले दो साल से गांव में सोने-चांदी की दुकान चला रहे हैं, ने बताया कि अगली सुबह उन्हें चोरी की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने देखा कि दुकान का सेंटर लॉक टूटा हुआ था और सामान बिखरा पड़ा था। काउंटर के बक्से से लगभग 1500 ग्राम पुरानी चांदी और आभूषण, साथ ही 10 ग्राम सोने के कोके, बालियां व तिल्ली गायब थे। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने पर तीन युवक हाथ में डंडे और चोरी का सामान लेकर भागते हुए दिखाई दिए। जांच में सामने आया कि चोरी करने वाले कोई बाहरी नहीं, बल्कि गांव बेलरखां के ही निवासी हैं। पहचाने गए आरोपियों में बेलरखां निवासी अंकुश पुत्र बजिन्द्र, फतिया पुत्र मुखत्यार और कैथल निवासी मानी शामिल हैं। सदर थाना नरवाना पुलिस ने दीपक सोनी की शिकायत पर त्वरित कार्रवाई करते हुए भारतीय न्याय संहिता (BNS) की नई धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ धारा 305 (चोरी) और 331(4) (रात में घर/दुकान में सेंधमारी) BNS के तहत मुकदमा नंबर 101 दर्ज किया है। पुलिस अब इन नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी कर रही है।
उत्तर प्रदेश विधानसभा के एक दिवसीय विशेष सत्र में गुरुवार को भारी गहमागहमी देखने को मिली। महिला सशक्तीकरण और 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' पर हुई लंबी चर्चा के बाद सदन ने विपक्षी दलों, खासकर समाजवादी पार्टी के खिलाफ निंदा प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने विपक्ष पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि सपा ने महिला आरक्षण की राह में मजहबी आरक्षण का रोड़ा अटकाकर देश के साथ द्रोह किया है। सत्र की समाप्ति के बाद सदन को अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। मजहबी आरक्षण की आड़ में महिलाओं का हक मारा मुख्यमंत्री ने सदन में कहा कि भाजपा हमेशा से अनुसूचित जाति, जनजाति और पिछड़ा वर्ग के आरक्षण की पक्षधर रही है, लेकिन धर्म के आधार पर आरक्षण का विरोध करती आई है और आगे भी करेगी। उन्होंने सपा को निशाने पर लेते हुए कहा, आप लोग मुस्लिम आबादी के नाम पर आरक्षण मांगकर महिलाओं को उनके राजनीतिक अधिकारों से वंचित करना चाहते हैं। मजहबी आधार पर देश का विभाजन 1947 में हो चुका है, वैसी त्रासदी दोबारा न हो, यह सुनिश्चित करना हमारा राष्ट्रीय कर्तव्य है। संविधान की मूल भावना के खिलाफ है विपक्ष का आचरण सीएम योगी ने सदन में प्रस्ताव रखते हुए कहा कि भारतीय संविधान लैंगिक समानता की बात करता है। मोदी सरकार ने महिलाओं को आर्थिक और सामाजिक रूप से मजबूत किया है, लेकिन नीति-निर्धारण (संसद और विधानसभा) में अभी भी उन्हें उचित प्रतिनिधित्व की जरूरत है। उन्होंने कहा कि 'नारी शक्ति वंदन अधिनियम' इसी खाई को पाटने के लिए लाया गया है, लेकिन विपक्ष इसमें बाधाएं खड़ी कर रहा है। मुख्यमंत्री ने दो टूक कहा कि इस कृत्य की जितनी निंदा की जाए, वह कम है। दिनभर चली चर्चा, गूंजा सुरक्षा और सम्मान का मुद्दा विशेष सत्र के दौरान सत्ता पक्ष और विपक्ष के कई सदस्यों ने महिला सुरक्षा, शिक्षा और राजनीति में भागीदारी पर अपने विचार रखे। सदन में मौजूद सदस्यों ने माना कि महिलाओं को निर्णय लेने वाली प्रक्रियाओं में शामिल करना अनिवार्य है। अंत में, मुख्यमंत्री द्वारा लाए गए निंदा प्रस्ताव पर सदन ने अपनी मुहर लगाई। सत्र की कार्यवाही राष्ट्रगान के साथ संपन्न हुई, जिसमें महिला सशक्तीकरण की दिशा में एकजुटता का संदेश देने की कोशिश की गई।
नीमच शहर की यातायात व्यवस्था को सुगम बनाने और सड़क दुर्घटनाओं को रोकने कलेक्टर हिमांशु चन्द्रा ने सख्त कदम उठाया है। उन्होंने गुरुवार को आदेश जारी कर शहर के प्रमुख व्यस्त मार्गों पर भारी वाहनों के प्रवेश को प्रतिबंधित कर दिया है। यह प्रतिबंध 15 जून तक प्रभावी रहेगा। सुबह 9 से रात 10 बजे तक भारी वाहनों पर रोक प्रशासनिक आदेश के अनुसार, शहर के संवेदनशील और व्यस्त क्षेत्रों में सुबह 9 बजे से रात 10 बजे तक ट्रकों और अन्य भारी वाहनों का प्रवेश पूरी तरह वर्जित रहेगा। इंदौर में बीते वर्ष भारी वाहनों से हुए हादसों से सबक लेते हुए यह निर्णय लिया गया है। इस दौरान हिंगोरिया रेलवे फाटक, जावद फन्टा, टैगोर मार्ग और विजय टॉकीज से दशहरा मैदान जैसे प्रमुख रास्तों पर भारी वाहन नहीं चल सकेंगे। इन धाराओं में हो सकती है कार्रवाई यदि कोई वाहन चालक 'नो एंट्री' के नियमों का उल्लंघन करता पाया जाता है, तो उसके विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता की धारा 223 के तहत एफआईआर दर्ज कर कड़ी वैधानिक कार्यवाही की जाएगी। इन प्रमुख मार्गों को 'नो एंट्री जोन' में किया शामिल प्रतिबंध के दायरे में शहर के लगभग सभी प्रवेश द्वार और मुख्य मार्ग शामिल किए गए हैं। प्रवेश पॉइंट: हिंगोरिया रेलवे फाटक, भरभड़िया फन्टा, जावद फन्टा और नाका नंबर 7। मुख्य मार्ग: फव्वारा चौक, अंबेडकर रोड, मूलचंद मार्ग, पंचवटी कॉलोनी रोड और चमड़ा कारखाना मार्ग। संवेदनशील क्षेत्र: टैगोर मार्ग और विजय टॉकीज से दशहरा मैदान तक का पूरा हिस्सा।
खंडवा जिले के हनुवंतिया बैकवॉटर में गुरुवार शाम 40 वर्षीय व्यक्ति की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान बसंत पिता मेहताब कोठारे, निवासी शाहपुरा, भोपाल के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार बसंत अपने भाई-भाभी और अन्य रिश्तेदारों के साथ खंडवा जिले के बीड़ क्षेत्र स्थित कौड़ियां खदान में एक पारिवारिक कार्यक्रम (तेरहवीं) में शामिल होने आया था। कार्यक्रम के बाद सभी लोग घूमने के लिए हनुवंतिया पहुंचे थे। इसी दौरान शाम करीब 5 बजे बसंत बैकवॉटर में नहाने उतरा और अचानक गहरे पानी में चला गया। परिजनों ने तुरंत उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। बीड़ पुलिस चौकी प्रभारी राधेश्याम मालवीय के मुताबिक, मृतक भोपाल में मजदूरी कर अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए मूंदी अस्पताल भेज दिया है। शुक्रवार सुबह पोस्टमार्टम किया जाएगा। पुलिस मामले की जांच में जुटी है।
सोनीपत पुलिस लाइन में गुरुवार को एक सम्मान एवं विदाई समारोह आयोजित किया गया। इसमें पुलिस आयुक्त सोनीपत ममता सिंह, आईपीएस, एडीजीपी ने सेवानिवृत्त हुए 11 पुलिस कर्मचारियों को भावभीनी विदाई दी। समारोह के दौरान ऑनरी निरीक्षक सतीश कुमार, शमशेर सिंह, लाजपत राय, पवन सिंह, रोहताश, सतबीर सिंह, मंजीत सिंह, उप निरीक्षक रमेश कुमार, अनिल कुमार, सहायक उप निरीक्षक बनबीर और सिपाही प्रताप सिंह को सम्मानित किया गया। उन्हें पुलिस विभाग में उनकी दीर्घकालीन और सराहनीय सेवाओं के लिए पहचान मिली। इस अवसर पर पुलिस आयुक्त ममता सिंह ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों के समर्पण, अनुशासन और कर्तव्यनिष्ठा की सराहना की। उन्होंने उनके उत्तम स्वास्थ्य, सुखद और उज्ज्वल भविष्य की कामना की। पुलिस आयुक्त ने कहा कि पुलिस विभाग में उनकी सेवाएं सदैव प्रेरणास्रोत रहेंगी। उन्होंने उम्मीद जताई कि समाज के प्रति उनकी सकारात्मक भूमिका आगे भी बनी रहेगी। उन्होंने यह भी बताया कि सभी सेवानिवृत्त कर्मचारियों ने विभाग को उत्कृष्ट सेवाएं प्रदान की हैं, और उनके योगदान को हमेशा सम्मानपूर्वक याद रखा जाएगा। समारोह में संयुक्त पुलिस आयुक्त सोनीपत राजेंद्र कुमार मीणा, आईपीएस, पुलिस उपायुक्त मुख्यालय सोनाक्षी सिंह, आईपीएस, सहायक पुलिस आयुक्त मुख्यालय अजीत सिंह और सहायक पुलिस आयुक्त अमित धनखड़ सहित अन्य अधिकारी एवं पुलिस कर्मचारी उपस्थित रहे। अंत में, पुलिस आयुक्त सोनीपत और अन्य अधिकारियों ने सेवानिवृत्त कर्मचारियों को सम्मान चिन्ह और उपहार भेंट कर सम्मानित किया। उन्हें स्वस्थ और सुखमय जीवन की शुभकामनाएं दी गईं।
अंबाला के गोबिंद नगर स्थित श्री बांके बिहारी मंदिर में श्रीमद्भागवत कथा के दौरान चार महिलाओं की सोने की चेन चोरी हो गई। चोरों ने श्रद्धालुओं की भारी भीड़ का फायदा उठाकर इस वारदात को अंजाम दिया। घटना के बाद मंदिर परिसर में हड़कंप मच गया और तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। यह घटना बुधवार शाम करीब 7 बजे हुई, जब मंदिर का हॉल श्रद्धालुओं से खचाखच भरा था। चोरों ने इसी भीड़ का लाभ उठाया। पीड़ित महिलाओं में गोबिंद नगर की राज कुमारी चावला और प्रिया, दुर्गा नगर की मीना, तथा तृप्ता शामिल हैं। पीड़ित राज कुमारी चावला ने बताया कि अत्यधिक भीड़ के कारण उन्हें तुरंत चोरी का पता नहीं चला। जब उनकी चेन का लॉकेट कपड़ों में उलझ गया, तब उन्हें महसूस हुआ कि उनकी सोने की चेन गायब है। उनके शोर मचाने और अन्य महिलाओं से बात करने पर पता चला कि तीन अन्य महिलाओं की चेन भी चोरी हुई है। सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और मंदिर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज की जांच की। फुटेज में तीन संदिग्ध महिलाएं और एक व्यक्ति इस वारदात को अंजाम देते हुए स्पष्ट रूप से दिखाई दे रहे हैं। पुलिस का अनुमान है कि यह एक बाहरी गिरोह हो सकता है जो भीड़भाड़ वाले धार्मिक आयोजनों को निशाना बनाता है। महेश नगर थाना पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ प्राथमिकी (FIR) दर्ज कर ली है। पुलिस सीसीटीवी फुटेज के आधार पर संदिग्धों की पहचान कर रही है और उनकी गिरफ्तारी के लिए विभिन्न स्थानों पर दबिश दे रही है।
हादसे में 16 मजदूरों की मौत से चेता धार प्रशासन:हाईवे पर अभियान चलाकर ओवरलोड वाहनों पर कार्रवाई
धार शहर के चिकलिया फाटे पर बुधवार रात हुए एक सड़क हादसे में 16 मजदूरों की मौत हो गई। इस दुर्घटना में 30 से अधिक मजदूर घायल हुए हैं, जिनका विभिन्न अस्पतालों में इलाज जारी है। हादसे के बाद आज (गुरुवार) सभी मृतकों का अंतिम संस्कार किया गया। घटना के बाद प्रशासन सक्रिय हुआ। धार शहर के जेतपुरा स्थित इंदौर-अहमदाबाद नेशनल हाईवे पर पुलिस ने वाहन चालकों के खिलाफ अभियान चलाया। इस दौरान कई वाहनों पर जुर्माना लगाया गया और कुछ को जब्त भी किया गया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक विजय डावर भी मौके पर मौजूद रहे। पुलिस की कार्रवाई के दौरान ऐसे कई वाहन मिले, जिनमें मजदूरों को क्षमता से अधिक संख्या में ले जाया जा रहा था। अक्सर ओवरलोडिंग ही बड़े सड़क हादसों का कारण बनती है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति आक्रोश है। उनका कहना है कि यदि समय रहते ओवरलोडिंग और नियमों के उल्लंघन पर अंकुश लगाया जाता, तो शायद इतनी बड़ी दुर्घटना टाली जा सकती थी।
उज्जैन के राजीव नगर (चिमनगंज क्षेत्र) में एक शादी समारोह हिंसक झड़प में बदल गया। मामूली विवाद ने बड़ा रूप ले लिया। यह घटना 27 अप्रैल की है। एक वैवाहिक कार्यक्रम के दौरान, फोटोग्राफर ने कैमरे के सामने आ रही एक महिला को हटने के लिए कहा। इस बात पर महिला नाराज हो गई और दोनों के बीच कहासुनी शुरू हो गई। देखते ही देखते यह बहस दोनों पक्षों के बीच बड़े झगड़े में बदल गई। रात 1 बजे बढ़ा विवाद रात करीब एक बजे विवाद इतना बढ़ गया कि मेहमानों ने एक-दूसरे पर कुर्सियां, बर्तन, पानी के कैन और अन्य सामान फेंकना शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, जिसे जो वस्तु हाथ लगी, उसी से हमला किया गया। इस अचानक हुए बवाल से गली-मोहल्ले के लोग भी घबरा गए। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें कुछ लोग आपस में मारपीट करते और कुछ बीच-बचाव करते दिख रहे हैं। यह झगड़ा रिसेप्शन स्थल के सामने रसोई क्षेत्र तक भी फैल गया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी तक कोई आधिकारिक शिकायत दर्ज नहीं की गई है। शिकायत मिलने पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। देखिए शादी में मारपीट की तस्वीरें…
गुरुवार को ग्वालियर-झांसी हाईवे पर स्थित के ओएसिस हॉल, इंपीरियल गोल्फ एंड रिसॉर्ट में क्रिकेट प्रेमियों के लिए यादगार दिन साबित हुआ। यहां मध्य प्रदेश प्रीमियम लीग (MPL) की वुमन टीमों के खिलाड़ियों का ड्राफ्ट आयोजित किया गया। इसमें प्रदेश और देशभर की प्रतिभाशाली महिला क्रिकेटरों ने हिस्सा लिया। इस खास मौके पर एमपीएल के संस्थापक एवं एमपीसीए अध्यक्ष महानआर्यमन सिंधिया, भारतीय टीम के पूर्व बल्लेबाज शिखर धवन, पूर्व क्रिकेटर सबा करीम और सोफी धवन मौजूद रहीं। कार्यक्रम में MPL की पांच महिला टीमें 2026 सीजन के लिए अपनी-अपनी टीमों को मजबूत बनाने के उद्देश्य से खिलाड़ियों का चयन कर रही हैं। यह ड्राफ्ट प्रदेश में महिला क्रिकेट को नई पहचान देने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है।इस अवसर पर महानआर्यमन सिंधिया ने बताया कि शिखर धवन का “द वन हाई परफॉर्मेंस सेंटर” सबसे पहले ग्वालियर में शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि यह सेंटर युवा खिलाड़ियों के लिए अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस होगा, जिससे उन्हें उच्चस्तरीय प्रशिक्षण मिलेगा और वे राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रदेश का नाम रोशन कर सकेंगे। सिंधिया ने धवन के सामने डालीं 3 गेंदें इस पूरे आयोजन का सबसे खास और आकर्षक क्षण तब देखने को मिला जब मंच से उतरकर मैदान में क्रिकेट का रोमांच जीवंत हो उठा। एक ओर शिखर धवन हाथ में बल्ला थामे तैयार खड़े थे, वहीं दूसरी ओर महानआर्यमन सिंधिया ने गेंदबाजी की कमान संभाली। सिंधिया ने लगातार तीन गेंदें डालीं, जिन पर धवन ने शानदार तकनीक के साथ डिफेंस खेला। दोनों के बीच यह हल्का-फुल्का क्रिकेट सत्र दर्शकों के लिए बेहद रोमांचक और यादगार बन गया। इससे पहले “दा वन हाई परफॉर्मेंस ट्रेनिंग सेंटर” का औपचारिक उद्घाटन भी किया गया। इस सेंटर का उद्देश्य उभरते खिलाड़ियों को आधुनिक तकनीक, फिटनेस और प्रोफेशनल ट्रेनिंग के माध्यम से तैयार करना है। उद्घाटन के दौरान खिलाड़ियों ने अपने कौशल का प्रदर्शन भी किया, जिससे कार्यक्रम का उत्साह और बढ़ गया। 30 हजार सीटें बढ़ाने का काम आगामी MPL सीजन को ध्यान में रखते हुए शंकरपुर स्थित अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट स्टेडियम में करीब 30 हजार नई सीटें बढ़ाने का काम भी किया जा रहा है, ताकि बड़ी संख्या में आने वाले दर्शकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। ग्रामीण क्षेत्रों में भी क्रिकेट प्रतिभाओं को आगे लाने पर विशेष फोकस किया जा रहा है। इस पहल के तहत गांव-गांव से युवा खिलाड़ियों को पहचान कर उन्हें मंच देने की योजना बनाई गई है।कुल मिलाकर, ग्वालियर में आयोजित यह कार्यक्रम न सिर्फ MPL के लिए महत्वपूर्ण रहा, बल्कि प्रदेश में क्रिकेट के विकास, नई प्रतिभाओं के उभार और आधुनिक प्रशिक्षण सुविधाओं के विस्तार की दिशा में एक मजबूत कदम साबित हुआ।
रायसेन जिला जेल में गुरुवार शाम एक महिला कैदी ने आत्महत्या कर ली। घटना शाम करीब 6:30 बजे हुई। महिला ने अपनी साड़ी का फंदा बनाकर बैरक की खिड़की के वेंटिलेशन से लटककर जान दे दी। जेल कर्मचारियों ने महिला को फंदे पर लटका देखा तो उसे तत्काल नीचे उतारा और जिला अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। तीन महीने पहले हुई सजाघटना की सूचना मिलने पर थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल अपनी टीम के साथ जिला अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी जुटाई। पुलिस ने मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मृतका की पहचान 36 वर्षीय देवकी बंजारा के रूप में हुई है। वह अपनी देवरानी की आत्महत्या के मामले में जेल में सजा काट रही थी। महिला को तीन महीने पहले ही आत्महत्या के लिए उकसाने और दहेज प्रताड़ना के मामले में सजा हुई। पुलिस ने बताया कि शुक्रवार सुबह मजिस्ट्रियल जांच के उपरांत महिला का पोस्टमार्टम कराया जाएगा। मामले की जांच जारी है।
पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस से एक दिन पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चिट्ठी लिखकर राजस्थान में न्यूनतम मजदूरी की दरों को बढ़ाने की मांग करने के अलावा कई सवाल उठाए हैं। गहलोत ने दावा किया है कि राजस्थान में न्यूनतम मजदूरी की दरें देश के बड़े राज्यों में सबसे कम है। गहलोत ने सीएम को लिखी चिट्ठी में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के साथ इससे जुड़े कई सुझाव भी दिए हैं। गहलोत ने सीएम को भेजी चिट्ठी में लिखा है कि श्रम विभाग के आंकड़ों के अनसार, मार्च 2026 तक राजस्थान न्यूनतम मजदूरी के मामले में देश के निचले स्तर के राज्यों में शामिल है, यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है जिसमें सुधार की आवश्यकता है। अभी राजस्थान में अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी केवल 7,410 रुपए प्रतिमाह और अत्यधिक कुशल श्रमिकों के लिए 9,334 रुपए प्रतिमाह है। एक दशक में मजदूरों की आय केवल 20-30 फीसदी बढ़ी गहलोत ने लिखा- पिछले एक दशक में यह मजदूरी केवल 40-50 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि इसी अवधि में भारत का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) लगभग दोगुना हो चुका है। इसका सीधा अर्थ है कि श्रमिकों की वास्तविक क्रय शक्ति में केवल 20-30 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि हुई है और शेष वृद्धि महंगाई की भेंट चढ़ गई। बड़े राज्यों में राजस्थान पीछे गहलोत ने लिखा- तुलनात्मक रूप से केरल में 90 से 110 प्रतिशत, तमिलनाडु और दिल्ली में 80 से 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राजस्थान इन राज्यों से बहुत पीछे है जो बहुत चिंताजनक है। यहां कुछ नीतिगत परिवर्तनों की आवश्यकता है जैसे परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) का अनियमित संशोधन मजदूरी को CPI से जोड़ा तो गया है, लेकिन संशोधन नियमित और समयबद्ध नहीं है। इससे श्रमिकों को महंगाई का पूरा बोझ उठाना पड़ता है। हर क्षेत्र के लिए अलग अलग मजदूरी की दरें तय करें गहलोत ने आगे लिखा- राजस्थान सरकार सभी असूचीबद्ध रोजगारों के लिए एक ही दर अधिसूचित करती है। कृषि, निर्माण, घरेलू कार्य, ईंट भट्टा समेत विभिन्न क्षेत्रों की परिस्थितियां अलग अलग हैं। क्षेत्र के अनुसार विशिष्ट मजदूरी दरें होनी चाहिए। परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी आवश्यक मदों को मजदूरी की गणना में अभी तक शामिल नहीं किया गया है, जबकि इनकी लागत निरंतर बढ़ रही है। ऐसे में इनको भी मजदूरी दर की गणना में शामिल करना चाहिए। न्सूनतम मजदूरी की सीमा में संशोधन करे सरकार गहलोत ने सरकार को सुझाव देते हुए लिखा- न्यूनतम मजदूरी को 12,000 से 15,000 रुपये प्रतिमाह की सीमा में तत्काल संशोधित किया जाए, जो आज की महंगाई और जीवन-यापन की वास्तविक लागत के अनुरूप हो। VDA संशोधन को हर छह माह में अनिवार्य रूप से लागू करने की व्यवस्था की जाए, ताकि श्रमिकों को महंगाई से वास्तविक सुरक्षा मिले। केरल और तमिलनाडु की तरह राजस्थान में भी क्षेत्र-विशिष्ट मजदूरी अधिसूचना प्रणाली विकसित की जाए जिससे कृषि, निर्माण, हस्तशिल्प, घरेलू सेवा आदि के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित हो सकें। मजदूरी की गणना में परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा भत्ते को भी सम्मिलित किया जाए।
सवाई मानसिंह स्टेडियम में शुक्रवार को होने वाले मुकाबले से पहले राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल ने गुरुवार शाम जमकर तैयारी की। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने नेट प्रैक्टिस में हिस्सा लिया और मैदान पर पूरी तरह मैच मोड में नजर आए। प्रैक्टिस सेशन के दौरान युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लंबे-लंबे शॉट लगाते दिखे, वहीं दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल और रवि बिश्नोई के बीच हंसी-मजाक का माहौल भी देखने को मिला। वहीं कुलदीप यादव, रियान पराग और यशस्वी जायसवाल भी नेट्स पर पसीना बहाते नजर आए। इस दौरान मीडिया से बातचीत में राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने रियान पराग से जुड़े विवाद पर कहा कि इस तरह की बातें टीम की छवि पर अच्छा असर नहीं डालतीं, लेकिन इस मामले को बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया और फ्रेंचाइजी ने संभाल लिया है। संगकारा ने माना कि पिछले मुकाबलों में फील्डिंग में उतार-चढ़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ फील्डिंग भी मैच जिताने में अहम भूमिका निभाता है। आसान कैच छोड़ने से मैच का रुख बदल सकता है, इसलिए टीम फील्डिंग स्टैंडर्ड को और बेहतर करने पर काम कर रही है। दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच मुनाफ पटेल ने कहा कि टीम ने वैभव सूर्यवंशी के लिए खास रणनीति तैयार की है, कोशिश होगी कि उन्हें जल्दी आउट कर शुरुआती ओवरों में बढ़त बनाई जाए। उन्होंने मिचेल स्टार्क की वापसी को टीम के लिए बड़ा प्लस बताया और कहा कि इससे गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ा है। मुनाफ पटेल ने कहा कि भले ही मैच बल्लेबाज जिताते हैं, लेकिन टूर्नामेंट जीतने के लिए मजबूत गेंदबाजी जरूरी होती है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम संतुलन बनाए रखते हुए मैदान में उतरेगी और प्लेइंग-11 में केवल जरूरत के हिसाब से ही बदलाव किए जाएंगे। मुकाबले से पहले दोनों टीमों की तैयारियों और कोचों के बयानों से साफ है कि सवाई मानसिंह स्टेडियम में होने वाला यह मैच हाई वोल्टेज होने वाला है। एक तरफ राजस्थान अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहेगी, तो वहीं दिल्ली कैपिटल्स मजबूत गेंदबाजी के दम पर जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी। ऐसे में दर्शकों को रोमांचक मुकाबला देखने को मिलना तय है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जूली ने कहा कि राजस्थान में बढ़ते जंगलराज और अराजकता का आलम यह है कि सत्तारूढ़ भाजपा विधायक भी सुरक्षित नहीं है। जूली ने कहा- श्रीगंगानगर में विधायक जयदीप बिहाणी पर RUIDP के अधिकारियों द्वारा हमला किया गया है जिससे उनके चोट लगी है। बिहाणी सत्ताधारी पार्टी के विधायक हैं, उनकी पिटाई दिनदहाड़े हो गई तो आम आदमी की तो बिसात क्या है? उसका तो सिर्फ ईश्वर ही सहारा है। मुख्यमंत्री आम आदमी की न सही कम से कम अपने विधायक की सुरक्षा तो कर लें। बिजली तंत्र सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये डकार लिए : जूली जूली ने बिजली तंत्र में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। जूली ने कहा- बिजली विभाग ने बिजली तंत्र सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये डकार लिए फिर भी आमजन अंधेरे में जीने को मजबूर है। जहां तार बदलने और ट्रांसफार्मर सुधारने की सख्त जरूरत थी, वहां काम तक नहीं कराया गया। 6 करोड़ रुपये खर्च करने के दावे किए गए, लेकिन हकीकत यह है कि दिन में 10–10 बार बिजली कटौती हो रही है। बिजली विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर जूली ने कहा- सामोला चौक पर बिजली का काम करते हुए संविदा कर्मी राजेश कुमार की मौत होना गंभीर मामला है। अलवर में मेंटेनेंस का काम एक कंपनी के पास है, जबकि काम किसी दूसरी कंपनी से कराया जा रहा है। दोनों कंपनियां परिवारजनों को आर्थिक सहायता देने की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बिजली विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। इन घोटालों में कौन-कौन शामिल है? क्या इन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी?
कानपुर में भाजपा छावनी मंडल ने गुरुवार रात महिला जन आक्रोश पदयात्रा का आयोजन किया। बरगदेश्वर मंदिर से शुरू हुई यह पदयात्रा रेलबाजार चौराहे तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान नारी सम्मान और सुरक्षा को लेकर नारेबाजी की गई। पदयात्रा के रेलबाजार चौराहे पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया। इस दौरान पूर्व विधायक सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी दोनों नेताओं के खिलाफ नारे लगाए। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह, रघुनंदन सिंह भदौरिया, पूर्व विधायक राजन सिंह चौहान, कार्यक्रम संयोजक प्रस्तावना तिवारी और मंडल अध्यक्ष सुमित तिवारी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। क्षेत्र की महिलाओं की भी इसमें बड़ी भागीदारी देखने को मिली। वक्ताओं ने बताया कि भाजपा सरकार महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। इस पदयात्रा का उद्देश्य इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही।
शहर की रफ्तार को नया विस्तार देने वाले कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) का सपना अब हकीकत के और करीब पहुंच गया है। सीएसए परिसर में बन रहे निर्माणाधीन डिपो में अब वह हलचल शुरू हो गई है, जिसका सीधा असर भविष्य की सुगम यात्रा पर पड़ेगा। ट्रेनों के रखरखाव और उनकी तकनीकी बारीकियों को परखने के लिए डिपो के भीतर 570 मीटर लंबे विशेष 'टेस्ट ट्रैक' का निर्माण कार्य मंगलवार से शुरू कर दिया गया है। यह ट्रैक उस प्रयोगशाला की तरह काम करेगा, जहाँ से गुजरने के बाद ही कोई मेट्रो ट्रेन शहर की सड़कों के ऊपर बनी मेनलाइन पर यात्रियों को लेकर दौड़ने का सर्टिफिकेट हासिल कर सकेगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहा है कॉरिडोर-2 डिपोसीएसए परिसर में बन रहा यह डिपो आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना होगा। यहां कुल 15 अलग-अलग ट्रैकों का जाल बिछाया जा रहा है, जिनमें से 4 ट्रैक ट्रेनों को खड़ा करने (स्टेबलिंग), 2 लाइनें वर्कशॉप और 2 लाइनें निरीक्षण के लिए समर्पित होंगी। वर्तमान में, कॉरिडोर-2 के लिए प्रस्तावित 10 ट्रेनों में से 5 ट्रेनें पहले ही डिपो पहुंच चुकी हैं। ट्रेनों की मरम्मत के लिए यहाँ 15 मीटर ऊंचा एक विशाल वर्कशॉप भी बनाया जा रहा है। पर्यावरण का ख्याल रखते हुए इस वर्कशॉप की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे और वेंटिलेशन के लिए अत्याधुनिक एचवीएलएस पंखे व टर्बो वेंटिलेटर का उपयोग होगा। शहर में मेट्रो विस्तार की मौजूदा स्थितिकानपुर में फिलहाल कॉरिडोर-1 (आईआईटी से कानपुर सेंट्रल) के 16 किमी लंबे हिस्से पर यात्री सेवाएं सफलतापूर्वक चल रही हैं। अब यूपीएमआरसी का पूरा ध्यान कॉरिडोर-1 के बाकी हिस्से (कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता) और कॉरिडोर-2 (8.60 किमी) के सिविल निर्माण को जल्द पूरा करने पर है। टेस्ट ट्रैक का काम शुरू होना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में कॉरिडोर-2 की राह और आसान होने वाली है।
शहर में नरसिंह चतुर्दशी का पर्व इस वर्ष पूरे भक्तिभाव और उल्लास के साथ मनाया गया। श्रीजगन्नाथ मंदिर (इस्कॉन) में आयोजित नरसिंह चतुर्दशी महामहोत्सव में सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने लगी। मंदिर परिसर को सुगंधित पुष्पों और आकर्षक सजावट से सजाया गया, जिससे पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। महामहोत्सव के दौरान भगवान नरसिंह का विशेष अभिषेक पाणकम (गुड़ और द्रव्य के रस) से किया गया, जो इस पर्व का प्रमुख आकर्षण रहा। इसके साथ ही बारह प्रकार के अनाजों को जल में भिगोकर उनके जल से भी अभिषेक किया गया। शालिग्राम जी का अभिषेक पंचगव्य और पंचामृत से विधि-विधान के साथ सम्पन्न हुआ। अभिषेक के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और भजनों की गूंज से पूरा मंदिर परिसर गूंज उठा। मंदिर में भगवान नरसिंह और भक्त प्रह्लाद की आकर्षक झांकी सजाई गई, जिसके दर्शन के लिए श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला। झांकी के दर्शन कर कई श्रद्धालु भाव-विभोर हो गए। भगवान के उग्र स्वरूप को शांत करने के लिए फूलों से विशेष श्रृंगार किया गया और माता लक्ष्मी के साथ उनकी पूजा-अर्चना की गई। कार्यक्रम के तहत हवन का भी आयोजन किया गया, जिसमें बीज मंत्रों के साथ आहुतियां दी गईं। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने हवन में भाग लेकर पुण्य लाभ अर्जित किया। इसके अलावा मंदिर के बच्चों और भक्तों द्वारा नाटिका प्रस्तुत की गई, जिसमें भक्त प्रह्लाद की जन्म से लेकर भगवान नरसिंह से साक्षात्कार तक की कथा का जीवंत मंचन किया गया। इस नाटिका को दर्शकों ने खूब सराहा। इस्कॉन मंदिर आगरा के अध्यक्ष अरविंद प्रभु ने अपने संबोधन में कहा कि भक्त प्रह्लाद की अटूट भक्ति ही थी, जिसके कारण भगवान को स्वयं प्रकट होकर उसकी रक्षा करनी पड़ी। उन्होंने कहा कि जो भक्त सच्चे मन से भगवान की शरण में रहता है, उसकी हर परिस्थिति में रक्षा होती है। उन्होंने भक्तों से जीवन में विश्वास और भक्ति बनाए रखने का संदेश भी दिया। महामहोत्सव के अंत में महाआरती का आयोजन किया गया, जिसमें सैकड़ों श्रद्धालु शामिल हुए। आरती के बाद सभी भक्तों को प्रसाद वितरण किया गया। पूरे आयोजन के दौरान अनुशासन और भक्ति का सुंदर संगम देखने को मिला। इस अवसर पर नितेश अग्रवाल, सुशील अग्रवाल, शैलेन्द्र अग्रवाल, संजीव बंसल, शैलेश बंसल, संजीव मित्तल, राजेश उपाध्याय, ओमप्रकाश अग्रवाल तथा अतिथि गौरांगी सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव आज नागौर शहर में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नृसिंह चतुर्दशी के अवसर पर शहर के बंशीवाला मंदिर और बाठाडियां चौक सहित करीब 20 प्रमुख मंदिरों में खास आयोजन हुए, जिसे देखने के लिए शहरवासी उमड़े। बंशीवाला मंदिर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान जब भगवान नृसिंह ने खंभ फाडकर दर्शन दिए, तो पूरा परिसर 'नृसिंह भगवान की जय' के उद्घोष से गूंज उठा। कलाकारों ने सजीव अभिनय के माध्यम से हिरण्यकश्यप वध और भक्त प्रह्लाद की रक्षा के प्रसंग को जीवंत किया। विशेष रूप से भारी मुखौटा और पारंपरिक वेशभूषा धारण किए कलाकारों की ऊर्जा और भक्ति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन समिति के अमित व्यास और बद्रीप्रसाद छंगाणी के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नागौर की इस सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बनने के लिए बडी संख्या में प्रवासी राजस्थानी भी अपने पैतृक शहर पहुंचे। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और स्वयंसेवकों ने मुस्तैदी दिखाई। देर रात तक चले इन आयोजनों के साथ ही शहर में कई दिनों से चल रहा उत्सव संपन्न हुआ। नगर सेठ बंशीवाला मंदिर सहित शहर के 20 विभिन्न स्थानों पर रम्मतों का सफल समापन हुआ। मुख्य आयोजन को देखने के लिए उमडे ऐतिहासिक जनसैलाब को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, पेयजल और चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पूरे दिन विशेष पूजा-अर्चना और आरती के बाद शाम को आयोजित दिव्य मंचन ने शहर के धार्मिक वातावरण को और अधिक प्रभावी बना दिया। कठिन साधना के बाद कलाकार देते हैं प्रस्तुति कई दिनों के कठिन अभ्यास के बाद कलाकारों ने नृसिंह अवतार की भूमिका को निभाया। भारी मुखौटों और पारंपरिक आभूषणों के साथ कलाकारों का शारीरिक संतुलन और विशेष गर्जना आकर्षण का केंद्र रही। परंपरा और अटूट श्रद्धा के इस संगम ने महोत्सव को बेहद यादगार बना दिया, जिसमें कलाकारों ने अपनी भाव-भंगिमाओं से उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्तिमय कर दिया।
औद्योगिक नगरी के रूप में मशहूर कानपुर का इतिहास केवल कारखानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिला बौद्ध धर्म का एक बड़ा केंद्र रहा है। इतिहास के पन्ने पलटें तो पता चलता है कि महात्मा बुद्ध न केवल यहाँ आए थे, बल्कि उन्होंने यहां प्रवास भी किया था। प्राचीन काल में कानपुर जनपद का एक बड़ा हिस्सा 'दक्षिण पंचाल' का भाग था, जहाँ के कण-कण में बौद्ध संस्कृति के अवशेष आज भी दबे हुए हैं। अरौल में महात्मा बुद्ध का 'चातुर्मास' प्रवास कानपुर इतिहास समिति के महासचिव अनूप कुमार शुक्ला ने बताया कि, प्रसिद्ध बौद्ध विद्वान राहुल सांकृत्यायन के दस्तावेजों के मुताबिक, मकनपुर के पास स्थित अरौल को बौद्ध काल में 'अलम्बिकापुरी' के नाम से जाना जाता था। यह स्थान बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बेहद खास है क्योंकि स्वयं महात्मा गौतम बुद्ध ने यहाँ एक बार 'चातुर्मास' (वर्षा ऋतु का प्रवास) व्यतीत किया था। मकनपुर और अरौल के बीच स्थित हरपुरा गांव में मिली प्राचीन पत्थर की मूर्तियाँ इस बात को प्रमाणित करती हैं कि प्राचीन काल में यहाँ भव्य बौद्ध मठ और विहार मौजूद थे। काकूपुर जहाँ सम्राट अशोक ने बनवाया था विशाल स्तूप अनूप कुमार ने बताया कि,कानपुर का काकूपुर क्षेत्र पुरातत्व की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। सुप्रसिद्ध इतिहासविद् कनिंघम ने इसकी पहचान प्राचीन 'आयुतो' राज्य के रूप में की है। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपनी भारत यात्रा के दौरान यहाँ 100 से ज्यादा बौद्ध विहार (संघाराम) देखे थे, जिनमें करीब 3,000 भिक्षु निवास करते थे। ह्वेनसांग के वृत्तांत बताते हैं,कि काकूपुर में गंगा के किनारे सम्राट अशोक ने एक 200 फीट ऊंचा विशाल स्तूप बनवाया था। यह स्तूप ठीक उसी स्थान पर खड़ा किया गया था जहाँ बुद्ध ने स्वयं खड़े होकर जनमानस को उपदेश दिए थे। काकूपुर को तिब्बती बौद्ध ग्रंथों में 'बागुड़' के नाम से भी संबोधित किया गया है।
अयोध्या में परिषदीय विद्यालयों की स्थिति को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनपद के 61 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा-1 और कक्षा-6 में नामांकन शून्य पाया गया है। जांच में सामने आया कि 113 प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा-1 में एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ, जबकि 10 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा-6 में प्रवेश शून्य है। इसके अलावा 6 ऐसे विद्यालय भी मिले हैं, जहां दोनों कक्षाओं में एक भी छात्र नहीं है। शिक्षकों और स्टाफ की लापरवाही पर उठे सवाल BSA कार्यालय की समीक्षा में यह भी सामने आया कि संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और स्टाफ द्वारा नामांकन बढ़ाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। आदेश में कहा गया है कि पूर्व में भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। अब वेतन रोके जाने की कार्रवाई मामले को गंभीरता से लेते हुए BSA ने कड़ा रुख अपनाया है। जिन विद्यालयों में नामांकन शून्य है, वहां के प्रधानाध्यापक, शिक्षक और स्टाफ का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर समीक्षा कर दो दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें और नामांकन बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएं। इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि अब शिक्षा विभाग नामांकन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। आने वाले दिनों में ऐसे विद्यालयों पर और सख्त कार्रवाई हो सकती है।
महिला का शव रखकर परिजनों का हंगामा:कल्याणपुर में पुलिस पर पति को छोड़ने और कार्रवाई न करने का आरोप
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र स्थित पुराना शिवली रोड पर हिमांशी उर्फ मोना (25) की आत्महत्या के बाद गुरुवार को परिजनों ने हंगामा कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को काली मठिया पुराना शिवली रोड के पास सड़क पर रखकर जाम लगाकर बैठ गए। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि घटना के बाद हिरासत में लिए गए पति अंकित गुप्ता को कुछ ही घंटों में छोड़ दिया गया, जिससे वे नाराज होकर बीच सड़क पर शव क़ो सड़क पर रखकर हंगामा काटने लगे। कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी महिला जानकारी के मुताबिक, बुधवार को हिमांशी उर्फ मोना अपने घर के कमरे में पंखे के सहारे फंदे पर लटकी मिली थी। पति अंकित उसे तुरंत हैलट अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतका की मां रेखा गुप्ता ने पति समेत ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। गिरफ्तारी और बच्चों की सुपुर्दगी की मांग गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने मृतका के पति, सास, ससुर और देवर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही मृतका के बेटे और बेटी को उनके सुपुर्द किए जाने की बात भी कही। जाम के चलते इलाके में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस से कहासुनी कार्रवाई ना करने का आरोप सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी भी हुई। कई घंटे तक हंगामा जारी रहा परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने घटना के बाद कोई कार्रवाई नहीं की ना ही बच्चों क़ो दिलवाया गया।
प्रयागराज के सिविल लाइन्स स्थित ज्वाला देवी स. वि. इ. इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा प्रतिभा अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश, जिला एवं विद्यालय स्तर की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 55 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि कमिश्नर सौम्या अग्रवाल और विशिष्ट अतिथि पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज, शेषधर द्विवेदी तथा विद्यालय प्रबंधक डॉ. आनंद श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राकेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और छात्रों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विद्यालय के छात्रों ने अपने परिश्रम से प्रदेश स्तर पर 3 तथा जिला स्तर पर 4 स्थान प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है। समारोह में प्रदेश मेरिट में स्थान पाने वाले छात्रों को ट्रॉली बैग, जबकि जिला मेरिट में आने वालों को स्मार्ट वॉच और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके अभिभावकों को भी अंगवस्त्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में चयनित छात्र आदेश सिंह का विशेष सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि सौम्या अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन का लक्ष्य केवल सफलता नहीं, बल्कि उसकी सार्थकता होना चाहिए। उन्होंने ऐसे सम्मान समारोहों को छात्रों का उत्साह बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला बताया। विशिष्ट अतिथि ऋषिराज ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने जोर दिया कि यह कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास से ही हासिल होती है। उन्होंने छात्रों को गुरुजनों का सम्मान करने और उनसे निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधक डॉ. आनंद श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह का संचालन हितिशा चावला और समृद्धि वैश्य ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
संभल में नवजात के जन्म के बाद मां की मौत:अस्पताल संचालक और स्टाफ फरार, एक साल पहले शादी हुई थी
संभल में एक निजी अस्पताल में नवजात को जन्म देने के बाद एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल संचालक और स्टाफ फरार हो गए हैं। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक महिला की पहचान 20 वर्षीय स्वाति पत्नी पुष्पेंद्र के रूप में हुई है। वह संभल जनपद के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के फतेहउल्ला गंज की मिलक गांव की निवासी थी। स्वाति का मायका संभल तहसील के नखासा थाना क्षेत्र के खग्गूपुरा गांव में है। दिलीप ने अपनी बेटी स्वाति की शादी एक साल पहले पुष्पेंद्र पुत्र सागर से की थी। गुरुवार को परिवार के सदस्यों ने स्वाति को प्रसव के लिए जनपद मुरादाबाद के मैनाठेर थाना क्षेत्र की नगर पंचायत महमूदपुर माफी कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। गुरुवार दोपहर को स्वाति ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। हालांकि, बेटे के जन्म के लगभग दो घंटे बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया और गांव के अन्य लोग भी अस्पताल पहुंच गए। महिला की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाना पुलिस को सूचना दी। परिजनों की मांग पर मैनाठेर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पति पुष्पेंद्र ने बताया कि पत्नी को डिलीवरी के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पत्नी ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया, लेकिन उसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। उन्होंने अस्पताल स्टाफ से इसकी शिकायत की, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया, और बेटे के जन्म के लगभग डेढ़ घंटे बाद उनकी पत्नी ने दम तोड़ दिया।
जोधपुर पश्चिम पुलिस ने जब्त की करीब 1 करोड़ 45 लाख रुपए की अवैध ड्रग्स को नष्ट कर दिया। 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में इसे जब्त किया था। पुलिस ने विभिन्न थानों में दर्ज 30 अलग-अलग मामलों में जब्त 418 किलोग्राम नशे की खेप का कानूनी प्रावधानों के तहत निपटारा किया। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पश्चिम कमल शेखावत ने बताया- पुलिस मुख्यालय और जोधपुर पुलिस आयुक्त के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई। जिले में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के दौरान थानाधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट (मादक पदार्थ निरोधक कानून) के तहत दर्ज मामलों में जब्त अवैध मादक पदार्थों के निस्तारण के लिए प्रस्ताव भेजे थे। इसके बाद जिला ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में संबंधित थाना स्टाफ के साथ एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए के तहत नशे की खेप को नष्ट किया गया। कमेटी में डीसीपी पश्चिम शेखावत, एडीसीपी (पश्चिम) नीरज शर्मा और अपराध सहायक (पश्चिम) गणपत लाल शामिल रहे। डोडा पोस्त से लेकर एमडी और स्मैक तक शामिल डीसीपी शेखावत के अनुसार- नष्ट किए गए 418 किलोग्राम मादक पदार्थों में मुख्य रूप से डोडा पोस्त, एमडी, गांजा और स्मैक शामिल थे। पुलिस ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए भारी मात्रा में जब्त नशे को आग के हवाले कर दिया। नष्ट की गई इन ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 45 लाख रुपए है। एक महीने में करीब पांच करोड़ का माल नष्ट जोधपुर पश्चिम पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और थानों के मालखानों में जब्त माल के निस्तारण को लेकर विशेष अभियान चला रही है। इस कार्रवाई से पहले 1 अप्रैल और 15 अप्रैल को भी इसी तरह का अभियान चलाया गया था। उन दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने करीब 3 करोड़ 40 लाख रुपए के अवैध मादक पदार्थों का नष्ट किया था।
मैनपुरी में गुरुवार रात तेज आंधी और बारिश ने दस्तक दी। इससे दिनभर की गर्मी से लोगों को राहत मिली, लेकिन कई इलाकों में भारी नुकसान भी हुआ। शाम होते ही आसमान में काले बादल छा गए और तेज हवाएं चलने लगीं। वहीं देखते ही देखते आंधी ने तूफान का रूप ले लिया, जिसके बाद मूसलाधार बारिश शुरू हो गई। तेज हवाओं के कारण कई स्थानों पर पेड़ उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। पेड़ गिरने से कई जगह रास्ता बंद कुरावली-मैनपुरी मार्ग पर पेड़ गिरने से कई जगह रास्ता बंद हो गया। आंधी के कारण बिजली के पोल और हाई टेंशन लाइनें भी क्षतिग्रस्त हो गईं। इससे शहरी और ग्रामीण दोनों इलाकों में बिजली आपूर्ति ठप हो गई, और रातभर कई क्षेत्रों में अंधेरा छाया रहा। मौसम में आए इस बदलाव का असर तापमान पर भी दिखा। दिन में 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचा पारा आंधी और बारिश के बाद करीब 10 डिग्री गिरकर 28 डिग्री सेल्सियस पर आ गया। तापमान में गिरावट से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली और मौसम सुहाना हो गया। इस घटना से प्रशासन की तैयारियों पर भी सवाल उठे, क्योंकि कई जगह घंटों तक सड़कें बाधित रहीं और बिजली आपूर्ति बहाल नहीं हो पाई। बिजली विभाग के अनुसार, कर्मचारी पेट्रोलिंग कर रहे हैं और कई जगह बड़ी संख्या में बिजली के पोल टूटे हैं। आपूर्ति सुचारू होने में अभी कुछ घंटे लगने की संभावना है।
जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से डिपो तक करीब तीन किलोमीटर तक रोड के दोनों ओर काबिज थड़ी, ठेके आदि अतिक्रमण को गुरुवार को नगर परिषद की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से हटाया। हालांकि अतिक्रमियों ने हल्का विरोध किया, लेकिन नगर परिषद की टीम ने उनकी बात नहीं सुनी और एक-एक करके करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई रोड के दोनों ओर थड़ी-ठेले, केबिन और अस्थाई निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद रोड़ काफी चौड़ा दिखाई देने लगा। अतिक्रमण हटाने से इस रोड की यातायात व्यवस्था और बेहतर सुचारू हो गई। कार्रवाई नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल चौधरी के निर्देश पर की गई। नगर परिषद के राजस्व निरीक्षक सौरभ गर्ग ने बताया कि बस स्टैंड से डिपो तक का मुख्य मार्ग अतिक्रमण के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। सड़क किनारे फैले कबाड़ और अवैध निर्माणों के चलते यातायात में भारी बाधा उत्पन्न हो रही थी, जिससे आमजन को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाया जा रहा है। हाल ही में दिल्ली से आई टीम ने भी इस मार्ग की स्थिति पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद नगर परिषद ने सख्त कदम उठाते हुए अभियान को तेज किया। नगर परिषद के अनुसार इस कार्रवाई को लेकर शहरवासियों का समर्थन मिल रहा है और लोग टोंक को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, जिससे शहर के मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखा जा सके। यह कार्रवाई शहर के प्रमुख क्षेत्रों कृषि मंडी, बनवारी लाल चौराहा और धन्ना तलाई मुख्य मार्ग पर केंद्रित रही, जहां सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। अभियान के दौरान कई थड़ी-ठेले, केबिन और अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जिससे लंबे समय से बाधित यातायात को राहत मिलने की उम्मीद है।
गोरखपुर में गुरुवार को महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के शिक्षकों और शिक्षक संघ के नेता आशुतोष दुबे, रामप्रताप राम और देवनाथ राय के नेतृत्व में मेयर डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव ,अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार सिंह, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल और डीएम कार्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अतुल कुमार श्रीवास्तव को जनगणना 2027 में विसंगतियों के संबंध में ज्ञापन सौपें । शिक्षकों ने कहा कि जनगणना 2027 के कार्यों के लिए लगाई गई माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों की ड्यूटी में तमाम विसंगतियां है, जिसमें शिक्षकों के पद की गरिमा के विरुद्ध उनकी ड्यूटी प्रगणक के रूप में लगाई गई है। उनका कहना यह था कि जिन शिक्षकों का ग्रेड पे 4800, 5400 और 6600 है, उनको भी प्रगणक के पद पर दायित्व दिए गए हैं। वहीं अन्य शिक्षकों के आधे वेतनमान और ग्रेड पे के कर्मचारियों की ड्यूटी सुपरवाइजर के पद पर लगाई गई है, जो शिक्षकों की गरिमा के विरुद्ध और उनके अपमान की बात है। मेयर ने दिया परेशानी दूर करने का आश्वासन शिक्षकों ने नगर के मेयर डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल को ज्ञापन देते हुए अपनी बात को कहीं । मेयर ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि इस विसंगति को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही सभी शिक्षकों के सम्मान का ख्याल रखा जाएगा। एक दिन पर दो जगह ड्यूटी वहीं शिक्षकों ने अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी पीड़ा सुनाई। शिक्षकों ने बताया कि सरकार की ओर से लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं कराई जा रही हैं। 2 तारीख को ही मेडिकल नीट की परीक्षा है, वहीं जनगणना में ट्रेनिंग के लिए भी ब्रीफिंग 2 तारीख को ही है। इस तरह से दोनों काम एक ही दिन में संभव नहीं है। अपर जिलाधिकारी ने शिक्षकों को आस्वस्थ किया कि हमारी पूरी कोशिश होगी सीनियर और जूनियर की जो भी असमानता है, उसको दूर किया जाएगा। साथ ही ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों को रिजर्व में लगाया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षक नेता नन्हे पटेल, मनोज शर्मा, विवेकानंद मौर्य, अमित कुमार सोनकर ,शशि भूषण श्रीवास्तव, संजय मोहन त्रिपाठी, ओमप्रकाश मिश्रा, डॉक्टर जनार्दन सिंह, भरत चौहान, जगदीश वर्मा,विजेंद्र राव, महेंद्र शर्मा, कुमारी निकिता, डॉक्टर रीना गुप्ता,डॉ रश्मि, वंदना सिंह, राजेश राय, जगदीश आनंद ,अमित चौरसिया, अंगद यादव,विनोद यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
मध्य पूर्व संकट का असर, हज 2026 हुआ महंगा:हज यात्रियों से मांगे गए अतिरिक्त 10 हजार रुपए, उठे सवाल
मध्य पूर्व में जारी संकट के चलते हज 2026 की यात्रा महंगी हो गई है, लेकिन अब इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर विरोध भी सामने आने लगा है। हज कमेटी ऑफ इंडिया के निर्देश के अनुसार सभी यात्रियों को हवाई किराए के अंतर के रूप में 15 मई 2026 तक 10 हजार रुपए अतिरिक्त जमा करने होंगे। इस फैसले को लेकर मध्यप्रदेश में आपत्ति दर्ज कराई गई है। मध्यप्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच के सचिव हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि हज यात्रियों पर अचानक 10 हजार रुपए का अतिरिक्त बोझ डालना गलत है। उन्होंने कहा कि कई जायरीन पहले ही लाखों रुपए जमा कर हज यात्रा पर जा चुके हैं, ऐसे में अब नया सर्कुलर जारी कर अतिरिक्त राशि मांगना उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। इमरान हारून ने कहा कि मिडिल ईस्ट के हालातों का हवाला देकर यह राशि वसूली जा रही है, लेकिन जब यात्रा का पूरा खर्च पहले ही तय हो चुका था, तो ऐन वक्त पर इस तरह का निर्णय लेना सरासर नाइंसाफी है। उन्होंने केंद्रीय हज कमेटी से यह फैसला तुरंत वापस लेने की मांग की है। विदेश में फंसे जायरीन के लिए बढ़ी कशमकशइस निर्णय का सबसे ज्यादा असर उन हाजियों पर पड़ रहा है, जो पहले ही सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। उनके सामने विदेश से ऑनलाइन भुगतान करने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई यात्रियों के पास अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सुविधाएं सक्रिय नहीं हैं, वहीं सीमित समय में भुगतान करना भी उनके लिए मुश्किल बन गया है। ऐसे में वे परिजनों पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। एयरफेयर बढ़ने से लिया गया फैसलाहज कमेटी के अनुसार, मध्य पूर्व संकट के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइंस ने बेस किराए में 400 डॉलर से अधिक वृद्धि की मांग की थी। इसी के चलते प्रति यात्री 100 अमेरिकी डॉलर अतिरिक्त लेने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस फैसले ने हज यात्रियों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है और अब यह मुद्दा तूल पकड़ता नजर आ रहा है। ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों सुविधायात्री हज कमेटी की वेबसाइट या हज सुविधा एप के जरिए ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में भी निर्धारित प्रक्रिया से राशि जमा की जा सकती है। राज्य समितियों को निर्देशसभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हज समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित यात्रियों को तत्काल सूचना दें और तय समयसीमा में भुगतान सुनिश्चित कराएं। मध्य पूर्व के हालातों का सीधा असर हज यात्रा की लागत पर पड़ने से इस बार जायरीन को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। ये खबर भी पढ़ें… जायरीन बोले- हज के सफर पर खौफ नहीं, वहां मौत लिखी है तो वो भी कबूल दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागमों में शुमार हज यात्रा इस साल 18 अप्रैल से शुरू हो गई है, लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग है। मध्य पूर्व में जारी तनाव, मिसाइल हमलों और अनिश्चित हालातों के बीच भी हज पर जाने वाले जायरीन के हौसले और आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही। भोपाल से हज पर जाने की तैयारी कर रहे लोगों से बातचीत में एक बात साफ नजर आई डर से ज्यादा भरोसा है, और हालात से ज्यादा अहम है “बुलावा”। मध्य प्रदेश से इस साल हज कमेटी द्वारा 7116 लोग हज के लिए जा रहे हैं। वहीं प्राइवेट लोगों की संख्या को भी गिन लिया जाए तो प्रदेश भर से यह संख्या करीब 8 हजार के करीब होती है।पढ़ें पूरी खबर
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा का युवक सुसाइड करने की वीडियो परिजनों को भेजकर लापता हो गया। शाम को उसकी बाइक ज्योतिसर गांव के पास भाखड़ा नहर के पास से बरामद हुई। परिवार ने चावल एजेंट समेत कई लोगों पर पैसे के लेन-देन, धोखाधड़ी और मानसिक दबाव के आरोप लगाए हैं। संजीव कुमार ने बताया कि उसका छोटा भाई कुलदीप सिंह शादीशुदा है। कुलदीप पिहोवा की अनाज मंडी में ट्रांसपोर्ट के काम से जुड़ा हुआ है। उसने SS रोडलाइन ट्रांसपोर्ट पर अपनी गाड़ियां लगा रखी है। वीरवार को कुलदीप ने चार वीडियो रिकॉर्ड की, उसके बाद कुलदीप बाइक लेकर चला गया, लेकिन वापस नहीं लौटा।
फतेहगढ़ साहिब के सिटी सेंटर में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान बेसबॉल बैट और डंडों से हमला किया गया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। हमलावरों ने कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। यह विवाद कुछ दिन पहले पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में हुए झगड़े से जुड़ा है। उस समय सतनाम सिंह नामक युवक के साथ मारपीट की गई थी और उसका हाथ काट दिया गया था। इसी मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष फतेहगढ़ साहिब के सिटी सेंटर में इकट्ठा हुए थे।बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और कहासुनी बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। मौके पर मची अफरा-तफरी दिनदहाड़े हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। झड़प में गांव रंगेड़ी कलां के रुपिंदर सिंह, गुरदीप सिंह और सतनाम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमलावरों ने कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की, जिससे काफी नुकसान हुआ। थाना फतेहगढ़ साहिब के प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में कर लिया है। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
उज्जैन में नौका विहार महोत्सव शुरू:राधा-कृष्ण ने किया सरोवर में नौका विहार, उमड़े श्रद्धालु
धार्मिक नगरी उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में श्री श्री राधा-कृष्ण के दिव्य नौका विहार महोत्सव का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा है। 30 अप्रैल से शुरू हुआ यह विशेष महोत्सव प्रतिदिन शाम 5:30 बजे से रात 8 बजे तक चलता है। इसमें भगवान श्री राधा-कृष्ण पवित्र सरोवर में नौका विहार करते हैं। लगभग 25 से 30 फीट के सरोवर में 12 फीट लंबी और 5 फीट चौड़ी सुसज्जित नौका में विराजमान भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महोत्सव का शुभारंभ ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के वरिष्ठ शिष्य श्रीमद लोकनाथ स्वामी महाराज के करकमलों द्वारा किया गया। इस पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए निरंतर प्रसाद वितरण किया जा रहा है। यह महोत्सव उस प्राचीन परंपरा का प्रतीक है, जब ग्रीष्म ऋतु में राधा-कृष्ण नौका विहार किया करते थे। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से घर से भोग बनाकर अर्पित करने और इस दिव्य उत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है। भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए इस्कॉन मंदिर में भगवान कृष्ण और राधा को विशेष शीतलता प्रदान की जा रही है। इसके तहत मंदिर में एसी लगाए गए हैं और ओडिशा के मलय पर्वत से लाए गए चंदन का लेप भी लगाया जा रहा है। भगवान को ठंडक प्रदान करने के लिए रोजाना चार लोग चंदन का लेप तैयार करते हैं। अब तक लगभग 30 किलो चंदन का लेप भगवान को लगाया जा चुका है, जिससे उन्हें तपती गर्मी में शीतलता मिल सके।
कन्नौज में धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश:तापमान 6 डिग्री गिरा, बिजली गुल, पेड़ गिरने से रास्ता ब्लॉक
कन्नौज में रात के समय पहले धूल भरी हवाएं चलीं और फिर कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई। आंधी और बारिश से बचने के लिए दुकानदारों ने शटर गिरा दिए। ठेली वालों ने इधर-उधर छिपकर खुद को भीगने से बचाया। बारिश के कारण तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। यूं तो कन्नौज में गुरुवार को अधिकांश समय बादल छाए रहे। तेज हवाएं भी चलती रहीं, लेकिन रात 8 बजे करीब धूल भरी आंधी आ गई। जिसके कुछ देर बाद ही तेज बारिश शुरू हो गई। धूल भरी हवाओं से बचने के लिए दुकानदारों ने शटर गिरा दिए। ठेली वालों ने भी इधर उधर छिपकर खुद को भीगने से बचाया। अचानक से शुरू हुई बारिश के कारण ठेली दुकानदारों का नुकसान हो गया। ठंडी हवाओं और बारिश के कारण मौसम खुशगवार हो गया। यहां करीब 6 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश से पहले जिले में अधिकतम 38 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक रहा, लेकिन बारिश के बाद अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक रिकार्ड किया गया। जिस कारण लोगों को गर्मी से राहत मिल गई। गुरसहायगंज में हवा के तेज झोंको के कारण पीपल का पुराना पेड़ फट कर जीटी रोड पर गिर गया। जिस कारण यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हो गया। बारिश होते ही चोक नालों का पानी सड़क पर भर गया। जिससे मोहल्ले के लोगों और राजगीरों को निकलने में परेशानी हुई। बारिश होते ही गुल हुई बिजली कन्नौज शहर में बारिश शुरू होते ही बिजली गुल हो गई। जिससे लोग परेशान हो गए। आकाश राठौर ने बताया कि बारिश के दौरान बिजली सबसे ज्यादा परेशान करती है। कभी-कभी फाल्ट के नाम पर पूरी रात बिजली गुल रहती है, जिससे रात में सो पाना मुश्किल हो जाता। देखें बारिश की फोटो…
उन्नाव में मौसम बदला, तापमान में गिरावट:दिनभर धूप-उमस के बाद रात में हुई तेज बारिश से मिली राहत
उन्नाव में गुरुवार को मौसम ने कई बार करवट ली। दिनभर की उठापटक के बाद रात में हुई तेज बारिश से तापमान में करीब 10 डिग्री सेल्सियस की गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को भीषण गर्मी और उमस से राहत मिली। हालांकि, बदलते मौसम ने जनजीवन को भी प्रभावित किया। दिन की शुरुआत हल्की बारिश के साथ हुई, लेकिन दोपहर करीब 12 बजे तेज धूप निकल आई। आसमान साफ होने के बाद उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान किया। दिन में अधिकतम तापमान 36 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया था। शाम होते-होते मौसम ने एक बार फिर रुख बदला। शाम करीब 7 बजे तेज हवाएं चलने लगीं, जिससे वातावरण में ठंडक घुलने लगी। रात करीब 9 बजे जिले में तेज बारिश शुरू हो गई, जिसके कारण सड़कों पर पानी भर गया और आवागमन में लोगों को दिक्कतों का सामना करना पड़ा। बारिश के बाद रात में तापमान गिरकर लगभग 26 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच गया। दिन के 36 डिग्री सेल्सियस से रात के 26 डिग्री सेल्सियस तक की यह गिरावट लोगों के लिए सुखद रही, खासकर पिछले कुछ दिनों से पड़ रही तेज धूप और गर्म हवाओं से परेशान लोगों को बड़ी राहत मिली। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम परिवर्तनशील बना रह सकता है। विभाग ने तापमान में और गिरावट तथा बीच-बीच में बारिश की संभावना जताई है। तेज हवाओं और गरज-चमक के साथ वर्षा होने के आसार हैं। बदलते मौसम को देखते हुए प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग ने लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। अचानक मौसम बदलने से सर्दी-जुकाम और बुखार जैसी समस्याएं बढ़ सकती हैं। लोगों से भीगने से बचने और जरूरी एहतियात बरतने की अपील की गई है। यह बारिश किसानों के लिए भी फायदेमंद मानी जा रही है, क्योंकि इससे खेतों में नमी बनी रहेगी और फसलों को लाभ मिलेगा।
महेवा में बारिश से 250 केवीए ट्रांसफार्मर जला:आधे कस्बे की बिजली गुल, नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा
ब्लाक महेवा में बारिश के कारण 250 केवीए का एक विद्युत ट्रांसफार्मर जल गया। इससे कस्बे के आधे हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह ट्रांसफार्मर महेवा कस्बे के अहेरीपुर मार्ग पर स्थापित था। इससे पुलिस चौकी, इंटर कॉलेज, बहेड़ा मार्ग, अहेरीपुर मार्ग और पूरी नई बस्ती सहित कई क्षेत्रों को बिजली मिलती थी। जानकारी के अनुसार, यह ट्रांसफार्मर पिछले तीन दिनों से आपूर्ति में गड़बड़ी कर रहा था। बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद उपभोक्ताओं ने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की। बकेवर के एसडीओ संतकुमार ने बताया कि दूसरे ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कर ली गई है। लाइनमैन टीम उसे बदलने का काम कर रही है और जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
चंडीगढ़ में 50 वर्षीय महिला छाया की मौत के बाद मामला गर्मा गया है। मृतका के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि छाया की मौत स्वाभाविक नहीं, बल्कि मारपीट के कारण हुई है। इसको लेकर अस्पताल में हंगामा भी हुआ और परिजनों ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।परिजनों ने मांग की है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए डॉक्टरों के पैनल द्वारा मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाए। रात को कबाड़ उठाने निकली थी छायामृतका के रिश्तेदार के ताया पन्नू के अनुसार, छाया बापूधाम कॉलोनी में रहती थी। उसकी 3 बेटियां और एक बेटा है। वह रोजाना अपनी सहेलियों आशा और रीना के साथ रात में शहर के अलग-अलग सेक्टरों में कबाड़ उठाने जाती थी। घटना वाली रात भी करीब 2 बजे तीनों महिलाएं रेहड़ी लेकर निकली थीं। जैसे ही वे सेक्टर-18 चौक के पास पहुंचीं, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस को देखकर आशा और रीना वहां से भाग गईं, लेकिन छाया को पकड़ लिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। सुबह तक घर नहीं लौटी, अस्पताल में मिली मौत की खबरपरिजनों के मुताबिक, सुबह तक जब छाया घर नहीं लौटी तो उन्हें चिंता हुई। तलाश करने के बाद वे पुलिस स्टेशन सेक्टर-19 पहुंचे, जहां पुलिस ने बताया कि उसे सेक्टर-16 अस्पताल ले जाया गया है। मृतका की बेटी तनु जब सेक्टर-16 अस्पताल पहुंची, तो उसे बताया गया कि मां की मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या अस्पताल में जमा हो गई और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। नहीं की मारपीट : पुलिसवहीं चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि कांस्टेबल सुनील कुमार से सूचना मिली थी कि कुछ महिलाएं और एक पुरुष सेक्टर-18 स्थित बिजली कार्यालय के पास रेहड़ी में चोरी का सामान (इलेक्ट्रिक केबल, आयरन कटर, स्क्रूड्राइवर) ले जा रहे हैं। इस पर डीडीआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, मौके पर पहुंचने पर सभी लोग भाग गए। एक महिला अपनी चप्पल लेने वापस आई, जिसे पुलिस ने रोका, लेकिन उसने अपना नाम-पता नहीं बताया। पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और अस्थमा से पीड़ित थी छाया पुलिस ने उसे तुरंत सेक्टर-16 स्थित अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में मृतका की बेटी काजल पुलिस स्टेशन पहुंची और बताया कि उसकी मां हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और अस्थमा जैसी बीमारियों से पीड़ित थी और उसका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था। फिलहाल, मामले को लेकर जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारण का खुलासा हो सकेगा।
कोंडागांव जिले के मयूर डोंगर में माता की पारंपरिक जत्रा का आयोजन किया गया। इस वार्षिक उत्सव में दूर-दराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल रहा। माता के जयकारों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से डोंगर गूंज उठा। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंत्री कश्यप ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखते हैं, और यह समाज को एकजुट करने वाला उत्सव है। कई क्षेत्र से आई माता की डोलियां जत्रा में क्षेत्र के कई गांवों से माता की डोलियां श्रद्धापूर्वक लाई गईं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लिया। भक्तों ने माता के दरबार में माथा टेककर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। आयोजन स्थल पर भक्ति और उत्साह का संगम देखने को मिला। आयोजन नई पीढ़ियों को संस्कृति से जोड़ता है ग्रामीणों के अनुसार, मयूर डोंगर की यह जत्रा वर्षों पुरानी परंपरा है। यह आज भी उतनी ही श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई जाती है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करता है।
सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा सिंधी एकेडमी की पहली महिला अध्यक्ष सुषमा जेठानी का स्वागत और सम्मान किया गया। यह स्वागत प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने अपने कार्यालय में किया। इस मौके पर सुषमा जेठानी ने कहा कि वे पूरे छत्तीसगढ़ में सिंधी समाज के बच्चों की शिक्षा के लिए बड़े स्तर पर काम करेंगी। प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने बताया कि पहली बार महिला अध्यक्ष बनने से पूरे सिंधी समाज में खुशी का माहौल है और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। इस अवसर पर उपाध्यक्ष धनेश मटलानी, रितेश वाधवा और सिंधु सभा के महामंत्री मुरलीधर शादीजा भी मौजूद रहे।
शहर में अब कचरा खुले डम्परों में नहीं बिखरेगा। काजरी के पास में स्थित मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन से शुक्रवार से ट्रायल शुरू हो रहा है। पहले चरण में 8 वार्डों के डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन सीधे यहीं खाली होंगे। यहां से हुक लोडर व कंटेनरों में कचरा केरू पहुंचेगा। आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि पहले कचरा एकत्र कर डम्परों में भर केरू ले जाया जाता था। इससे सड़कों पर कचरा बिखरता और लोगों को परेशानी होती थी। नई व्यवस्था से सफाई सुदृढ़ होगी। इसके पहले चरण में जोन-2 के वार्ड 11,12,20 और जोन-3 के वार्ड 10,46,47,48,50 शामिल हैं। नई व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारी व सफाई निरीक्षक नई प्रक्रिया से अवगत कराए गए हैं। आयुक्त ने कहा कि ट्रायल सफल रहा तो इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा। इससे कचरा परिवहन व्यवस्थित व प्रदूषण मुक्त होगा।
फतेहपुर में खागा कोतवाली क्षेत्र में मंगेतर के सामने युवती से रेप मामले में पीड़िता से मिलने जा रहे अपनी जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया। गांव के पास कार्यकर्ताओं और पुलिस में नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने आरोप लगाया कार्यकर्ताओं ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। खागा कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि किसी भी राजनीतिक दल के लोगों को गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है, ताकि पीड़िता और उसके परिवार पर किसी प्रकार का दबाव न बने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। देखें पुलिस से नोकझोंक की दो तस्वीरें… कोतवाल ने यह भी बताया कि जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, तो कुछ लोगों ने विरोध करते हुए महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, जिसे कानून व्यवस्था के लिए गंभीर विषय माना गया है। राजनीतिक दलों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। हालांकि, प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता पीड़िता की सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच है। जिले में स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
बरसात में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने निर्देश दिए हैं कि 31 मई तक शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई हर हाल में पूरी कर ली जाए। वे नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के साथ स्वास्थ्य और निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। महापौर ने पार्षदों और स्थानीय नागरिकों से फीडबैक लेकर संभावित जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित करने को कहा। जहां जरूरत हो, वहां राबिस भरने और छोटी ड्रेनेज बनाकर पानी निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जरूरत वाले स्थानों पर पंप लगाने के लिए पहले से तैयारी करने को कहा गया। नई बीट व्यवस्था आज से लागू नगर आयुक्त ने सफाई कर्मियों की बीट तय कर रोस्टर जारी करने और उसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। नाला सफाई के बाद 24 घंटे के भीतर सिल्ट हटाने को भी कहा गया, ताकि दोबारा गंदगी न फैले। हैदरगंज हादसे के बाद नगर निगम ने सेफ्टी टैंक की सफाई करने वाली निजी संस्थाओं को एक सप्ताह में पंजीकरण कराने का अल्टीमेटम दिया है। तय समय में पंजीकरण न कराने पर अवैध रूप से संचालित संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी। हर वार्ड में 5 चरही स्थापित होंगी पशु-पक्षियों के लिए पेयजल सुविधा बढ़ाने के तहत हर वार्ड में पांच-पांच चरही स्थापित की जाएंगी। जलकल विभाग को इन स्थानों पर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बिना ट्रीटमेंट गंदा पानी नालों या सरयू में छोड़े जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। यश पेपर मिल को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतों के आधार पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और स्वच्छता सर्वेक्षण को गंभीरता से लेते हुए कमियों को दूर करने पर जोर दिया गया।
भारत की जनगणना 2027 के तहत 1 मई से शुरू हो रहे मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना की स्व-गणना प्रक्रिया को लेकर उदयपुर के प्रशासनिक अधिकारियों ने तैयारियां पूरी कर ली है। जिला कलक्टर एवं प्रमुख जनगणना अधिकारी गौरव अग्रवाल ने बताया कि जनगणना के माध्यम से देश के प्रत्येक नागरिक से संबंधित सामाजिक, आर्थिक एवं जनसांख्यिकीय जानकारी एकत्रित की जाती है। इन आंकड़ों के आधार पर केंद्र एवं राज्य सरकारे विभिन्न विकास योजनाओं, आधारभूत सुविधाओं, शिक्षा, स्वास्थ्य, आवास, रोजगार, सामाजिक सुरक्षा तथा अन्य जनकल्याणकारी कार्यक्रमों की योजना बनाती है। उन्होंने बताया कि जनगणना के तहत मकान सूचीकरण एवं मकानों की गणना के स्व- गणना का कार्य 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक तथा फील्ड कार्य 16 मई 2026 से 14 जून 2026 तक किया जाएगा। कलेक्ट्रेट में इस दौरान जिला जनगणना अधिकारी एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़, उप जिला जनगणना अधिकारी एवं संयुक्त निदेशक सांख्यिकी पुनीत शर्मा उपस्थित रहे। पूरी तरह डिजिटल और तकनीक आधारितजिला कलक्टर ने बताया कि इस बार जनगणना 2027 पूर्णः डिजिटल आधारित होगी। इसके लिए एक समर्पित मोबाइल अनुप्रयोग (एचएलओ एप्लीकेशन) का उपयोग किया जाएगा। इसके अतिरिक्त, आम नागरिकों के लिए स्व-गणना की सुविधा में 1 मई 2026 से 15 मई 2026 तक एक समर्पित वेब पोर्टल https://se.census.gov.in के माध्यम से उपलब्ध कराई जाएगी। अब समझे इस प्रकिया को जिला परिषद में विशेष कैम्प शुक्रवार कोजिले के सभी सरकारी अधिकारी और कर्मचारी सबसे पहले अपने परिवार की स्व-गणना करेंगे। प्रशासन की यह पहल आमजन के लिए प्रेरणा बनेगी और जनभागीदारी बढ़ाने में मदद करेगी। एडीएम प्रशासन दीपेंद्रसिंह राठौड़ ने बताया कि 1 मई को जिला परिषद सभागार में विशेष कैम्प लगाया जाएगा। इसमें कलक्ट्रेट तथा जिला परिषद स्टाफ स्वगणना करेंगे। इसी प्रकार ब्लॉक स्तर पर विशेष कैंप भी लगाए जाएंगे। सिर्फ अधिकृत पोर्टल का ही करें उपयोगजिला कलक्टर ने आमजन को साइबर ठगी से सावधान रहने की अपील करते हुए कहा कि स्व-गणना केवल अधिकृत पोर्टल के माध्यम से ही करें। उन्होंने चेताया कि किसी भी फर्जी लिंक या कॉल के झांसे में न आएं और अपनी व्यक्तिगत जानकारी साझा करने में सतर्क रहें।
बालाघाट पुलिस ने शहर के सरदार पटेल मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के दो डॉक्टरों डॉ. हितेश कावडे और डॉ. श्रृष्टि जैन पर बीएनएस की धारा 125(बी) के तहत केस दर्ज किया है। यह मामला इलाज में लापरवाही से जुड़ा है, जिसके कारण एक मरीज कोमा में चला गया। एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया यह पूरा मामला मरीज विवेक तिरपुड़े (36) के इलाज से संबंधित है। उनके हाथ में चोट लगने के बाद ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि इस दौरान उन्हें एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया गया, जिसके कारण विवेक तिरपुड़े पिछले दो महीने से कोमा में हैं और उनका इलाज नागपुर में चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप 12 अप्रैल को परिजनों ने विवेक के ऑपरेशन के बाद कोमा में जाने पर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय चिकित्सकों की एक टीम बनाकर मामले की जांच कराई थी। जांच टीम में डॉ. नागोराव रंगारे, डॉ. अंकित राणा और डॉ. प्रशांत चौरे शामिल थे। जांच में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई जांच टीम ने पाया कि डॉ. हितेश कावडे और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. श्रृष्टि जैन की लापरवाही के कारण ही मरीज तिरपुड़े कोमा की स्थिति में पहुंचे हैं। किम्स-किंग्सवे हॉस्पिटल नागपुर की एमआरआई रिपोर्ट में भी ब्रेन में ग्लोबल हायपॉक्सी इंजरी पाई गई। कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
हरियाणा के पंचकूला में सीएम नायब सैनी ने BJP मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल के समर्थन में 3 सभाओं को संबोधित किया। वीरवार शाम को सैनी बहुल रामगढ़ गांव में भी उनका कार्यक्रम रहा। बारिश के बावजूद लोग उनके कार्यक्रम में डटे रहे। हालांकि सीएम पर प्रत्याशियों ने छाता लगा दिया था। पंचकूला में वीरवार को सीएम नायब सिंह सैनी ने संबोधित करते हएु कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख हमेशा नकारात्मक रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम का कांग्रेस ने विरोध किया जिससे कांग्रेस की सोच स्पष्ट हो गई कि कांग्रेस महिलाओं को उनके अधिकार देने के पक्ष में नही है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को विकास में बराबर की भागीदारी देना चाहती है, जबकि कांग्रेस ने हमेशा इसका विरोध किया है। इन प्रत्याशियों के समर्थन में सभा पंचकूला के बीड घग्गर में मेयर प्रत्याशी श्याम लाल बंसल और वार्ड 16 से निर्मला देवी तथा वार्ड 17 सुदेश बिड़ला के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ में भी भाजपा प्रत्याशी वार्ड 18 पूजा रानी, वार्ड-19 मनीषा रानी, वार्ड 20 गौतम राणा के लिए जनता से वोट की अपील की। पंचकूला के विकास पर 547 करोड़ खर्चजनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग साढ़े 11 वर्षों में भाजपा सरकार ने पंचकूला के विकास के लिए 547 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ही ऐसी सरकार है जो बिना भेदभाव के हर क्षेत्र का समान विकास करती है। पंचकूला में विकास की यात्रा को तेज गति देने के लिए आप सभी लोग हर वार्ड में कमल का फूल खिलाए और भाजपा मेयर प्रत्याशी श्याम लाल बंसल को जिताएं। सीएम ने कहा कि 10 मई को हर वार्ड में कमल खिलाकर ट्रिपल इंजन सरकार बनाएं, जिससे पंचकूला के विकास को नई दिशा और गति मिल सके।
संभल में सिलेंडर लेकर लौट रहे ग्रामीण की मौत:गांव के बाहर पड़ा मिला शव, शरीर पर चोट के निशान नहीं
संभल जिले में एक ग्रामीण का शव गांव के बाहर सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक साइकिल से एलपीजी गैस सिलेंडर लेकर घर लौट रहा था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह घटना संभल जनपद की तहसील गुन्नौर के थाना रजपुरा क्षेत्र के बबराला रोड स्थित गांव सिहावली के पास हुई। मृतक की पहचान सिहावली निवासी 51 वर्षीय ओमप्रकाश पुत्र पुन्नी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 4 बजे ओमप्रकाश एलपीजी गैस सिलेंडर लेने गए थे। लगभग एक घंटे बाद घर लौटते समय वह गांव के बाहर मृत अवस्था में पड़े मिले। उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे, जिससे परिवार और पुलिस दोनों हैरान हैं, क्योंकि उनकी तबीयत भी खराब नहीं थी। अचानक हुई इस मौत से परिवार में मातम पसरा है। पुलिस बुजुर्ग ओमप्रकाश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रजपुरा ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मौत काफी समय पहले हो चुकी थी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि राहगीरों ने उन्हें देखकर सूचना दी थी। थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि मौत का सही कारण जानने के लिए शव को परिजनों की मांग पर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
रियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन के खिलाफ कथित विवादित टिप्पणी करना भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा को भारी पड़ रहा है। बिश्नोई समाज और कुलदीप बिश्नोई के समर्थकों ने सांसद के खिलाफ आदमपुर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। समाज का आरोप है कि सांसद ने जानबूझकर राजनीतिक द्वेष के चलते अपमानजनक बयानबाजी की है। इससे उनकी भावानाओं को ठेंस पहुंची है। उन्होंने सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आदमपुर थाना पुलिस को दी गई शिकायत में बिश्नोई समाज ने सांसद के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसने हरियाणा की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि कुलदीप बिश्नोई और रेखा शर्मा दोनों ही सत्ताधारी भाजपा से जुड़े हुए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और भाजपा नेतृत्व इस अंदरूनी खींचतान को कैसे संभालता है। क्या था विवादित बयान, जिससे बढ़ा विवाद शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 24 अप्रैल को पंचकूला में नगर निगम चुनाव के दौरान आयोजित एक जनसभा में सांसद रेखा शर्मा ने चौधरी भजनलाल और चंद्रमोहन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि ये नेता बदमाशी करके चुनाव जीतते रहे हैं। इस बयान के वायरल होने के बाद से ही बिश्नोई समाज और भजनलाल परिवार के समर्थकों में गहरी नाराजगी है। माफी की डेडलाइन खत्म, अब कानूनी लड़ाई मामले को लेकर हिसार में बिश्नोई सभा की एक विशेष पंचायत आयोजित की गई थी। पंचायत ने रेखा शर्मा को अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए 5 दिन का समय दिया था। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि समय सीमा समाप्त होने के बावजूद सांसद की ओर से कोई स्पष्टीकरण या माफी नहीं आई, जिसके बाद अब कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया गया है। धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप शिकायत में उल्लेख किया गया है कि चौधरी भजनलाल केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि 36 बिरादरी के सम्मानित जननायक रहे हैं। समाज के लोगों ने कहा उनके खिलाफ ऐसी टिप्पणी करना करोड़ों समर्थकों की राजनीतिक और सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाला है। मर्यादा का उल्लंघन: बिश्नोई समाज के 21 नियमों के अनुसार किसी की निंदा करना धर्म विरुद्ध है, इसलिए सांसद का बयान मर्यादा के खिलाफ है। आरोप लगाया गया है कि सांसद ने अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए ऐसे बेबुनियाद बयान दिए हैं।
इंडियन डेंटल एसोसिएशन गोरखपुर ब्रांच की ओर से गुरुवार को मजदूर दिवस के अवसर पर मजदूरों के लिए ओरल स्क्रीनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 600 मजदूरों का फ्री डेंटल चेकअप किया गया और जरूरत की दवाइयां दी गईं। इस अवसर पर डॉक्टरों ने दांतों की साफ-सफाई करने के तरीके बताएं और हेल्दी टीथ के जरुरी टिप्स दिए। वहीं गर्मी को देखते हुए उन्हें ORS भी दिया गया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ब्रांच के अध्यक्ष डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, सेक्रेटरी डॉक्टर ए एन शर्मा, वीमेन सेल की चेयरपर्सन डॉ. प्रियंका वर्मा, को-चेयरपर्सन डॉ. अंकित जायसवाल के साथ-साथ ब्रांच के पदाधिकारी डॉक्टर शुभम श्रीवास्तव, डॉक्टर सुगंध श्रीवास्तव डॉ. शिव आशीष गुप्ता डॉक्टर स्नेहा गुप्ता डॉक्टर अरविंद यादव उपस्थित रहे।
राजगढ़ जिले में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर 40.5 डिग्री की झुलसाती गर्मी झेलने के बाद शाम होते-होते तेज धूलभरी आंधी और तूफान ने हालात बदल दिए। करीब 5 बजे आसमान में काले बादल छाने लगे और कुछ ही देर में तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया। करीब 5:30 बजे के आसपास खिलचीपुर, राजगढ़, नरसिंहगढ़ और जीरापुर क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के साथ धूलभरी हवाएं चलने लगीं। करीब आधे घंटे तक चली इस आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, पेड़ जोर-जोर से हिलते नजर आए और कई जगह उनकी डालियां टूटकर गिर गईं। मेला ग्राउंड में टेंट गिरा, लोगों ने संभाला ढांचा खिलचीपुर नगर के बड़े मेला ग्राउंड में सौंधिया समाज के सम्मेलन के लिए लगाया गया टेंट तेज हवा के कारण गिर गया। मौके पर मौजूद सम्मेलन समिति के लोग बड़े पांडाल के लोहे के पाइपों को गिरने से बचाने के लिए पकड़कर खड़े नजर आए, ताकि बाकी ढांचा सुरक्षित रह सके। वहीं नगर के बस स्टैंड के पास फूल माली समाज का सम्मेलन प्रस्तावित है। यहां आयोजन समिति ने आंधी के दौरान एहतियात बरतते हुए तंबू के अंदर लगे पार्टिशन पर्दों को खोल दिया, ताकि हवा का दबाव कम किया जा सके और टेंट को नुकसान से बचाया जा सके। पेड़ों की टहनियां गिरीं आंधी के दौरान तेज हवाओं की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क किनारे पड़ी पॉलिथीन और हल्का सामान हवा में उड़ता नजर आया। कई जगह पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। हालांकि, इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर की भीषण गर्मी के बाद आई इस आंधी ने लोगों को राहत तो दी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने सतर्क रहने की जरूरत भी बता दी।
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के जपेली गांव में एक 20 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। युवक बुधवार रात एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। गुरुवार दोपहर ग्रामीणों ने शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मृतक की पहचान जपेली निवासी उदय महंत (20) के रूप में हुई है, जो पेशे से ड्राइवर था। परिजनों के अनुसार, उदय महंत बुधवार रात गांव में ही एक शादी कार्यक्रम में गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। गुरुवार दोपहर जब ग्रामीण खेत की ओर गए, तो उन्हें गांव से लगे एक पेड़ पर गमछे से लटका हुआ युवक का शव दिखाई दिया। शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेजा ग्रामीणों की सूचना पर उरगा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और पंचनामा की कार्रवाई की। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन, बीड़ी, सिगरेट और माचिस बरामद हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। जांच में जुटी है पुलिस उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस आत्महत्या और हत्या सहित सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
नरसिंह जयंती के मौके पर इंदौर के नरसिंह मंदिर में भव्य आयोजन हुआ। यहां सुबह प्रभातफेरी निकाली गई, वहीं शाम को शोभायात्रा का आयोजन हुआ। पूरा क्षेत्र जय नरसिंह के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में भक्त यहां भगवान के दर्शन करने पहुंचे, जिन्होंने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद भी किया। मंदिर में सुबह विद्वान ब्राह्मणों ने दूध-दही, शहद सहित पंचामृत आदि से अभिषेक किया। भक्तों ने आचार्य मोहित शर्मा के सान्निध्य में अभिषेक का लाभ लिया। सुबह प्रभातफेरी निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। शाम को डाकन, मारकंडा, गरुड़ जी, ब्रह्मा, विष्णु, गणेश जी आदि देवी-देवताओं की सवारी निकली। इसके बाद महाराजा हिरण्यकश्यप की सवारी निकली और फिर भगवान नरसिंह के दिव्य स्वरूप के दर्शन भक्तों को हुए। भगवान नरसिंह खंभा फाड़कर प्रकट हुए। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। मंदिर परिसर में फूल बंगला सजाया गया, जिसमें भगवान के दिव्य दर्शन हुए। मंदिर के पुजारी पंडित छोटेलाल शर्मा ने बताया कि नरसिंह जयंती के मौके पर मंदिर परिसर में आकर्षक सजावट के साथ ही लाइटिंग भी की गई थी। दूर-दूर से भक्त यहां दर्शन करने पहुंचे। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहेगा। भक्तों की सुविधा के लिए उचित व्यवस्था की गई है।
गाजीपुर में आंधी-तूफान से 3 लोगों की मौत:डीएम ने परिजनों से मिलकर सरकारी मदद का आश्वासन दिया
गाजीपुर जिले में आए तेज आंधी-तूफान ने जनजीवन को प्रभावित किया है। इस दौरान हुए अलग-अलग हादसों में तीन लोगों की मौत हो गई, जिससे जिले में शोक का माहौल है। मृतकों में दो लोग सदर तहसील से थे, जबकि एक महिला ने मुहम्मदाबाद तहसील में अपनी जान गंवाई। तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे उखड़कर सड़कों पर गिर गए, जिससे यातायात बुरी तरह बाधित हुआ। घटना की सूचना मिलते ही जिला प्रशासन सक्रिय हो गया। जिलाधिकारी (डीएम) अनुपम शुक्ला और उप-जिलाधिकारी (एसडीएम) ने मृतकों के परिजनों से मुलाकात की और उन्हें सांत्वना दी। डीएम ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता का आश्वासन देते हुए कहा कि आपदा राहत राशि शीघ्र उपलब्ध कराई जाएगी। तूफान के बाद बिगड़ी व्यवस्थाओं को बहाल करने के लिए जिला प्रशासन ने संबंधित विभागों को अलर्ट कर दिया है। बिजली आपूर्ति सुचारु करने, सड़कों से गिरे पेड़ों को हटाने और सामान्य जनजीवन को पटरी पर लाने के लिए तेजी से कार्य किया जा रहा है। प्रशासन ने राहत एवं बचाव कार्यों में कोई लापरवाही न बरतने के निर्देश दिए हैं।

