शहर के सर्किट हाउस में कांग्रेस की बैठक सुबह 10 बजे से।
ज्ञानवापी परिसर से जुड़े वर्ष 1991 के मूल वाद में वर्ष 2019 में हुई वाद मित्र की नियुक्ति को चुनौती देने वाली रिवीजन याचिका पर सोमवार को अपर जिला जज अष्टम अमित कुमार तिवारी की अदालत में सुनवाई हुई।
Kullu News: मनाली समेत ऊझी घाटी में सेब सीजन का आगाज
नाली समेत ऊझी घाटी में सेब सीजन शुरू हो गया है।
Kullu News: मलाणा यात्रा के बाद शाशिन लौटे राजा घेपन
लाहौल के अधिष्ठाता देवता राजा घेपन 25 दिन की मलाणा यात्रा पूरी करने के बाद बुधवार को अपने निवास स्थान शाशिन में विराजमान हो गए।
Kullu News: क्रॉस कंट्री में रोहित और रोनिका ने मारी बाजी
राजकीय महाविद्यालय कुल्लू में इंट्रामुरल प्रतियोगिता के तहत क्रॉस कंट्री दौड़ का आयोजन किया गया।
Kullu News: समाहण में दो कारों से टकराई टैक्सी, चालक घायल
थाना मनाली क्षेत्र के समाहण में मंगलवार को एक सड़क हादसे में डिजायर टैक्सी का चालक घायल हो गया।
JSSC-CGL परीक्षा रद्द करने के बाद सीजीएल के सफल अभ्यर्थियों का गुरुवार को चौथे दिन भी धरना प्रोजेक्ट भवन के बाहर जारी है। उन्हें अपने भविष्य की चिंता सताने लगी है। उनका कहना है कि कल तक हम सरकारी कर्मचारी थे आज बेरोजगार हैं। उन्हें ऑफिस आने से रोक दिया गया है। दरअसल, झारखंड सरकार ने 17 अगस्त को JSSC-CGL परीक्षा रद्द कर दी थी। परीक्षा एजेंसी TDPL द्वारा ली गई सभी परीक्षाओं को कैंसिल करने की घोषणा की गई। राज्य सरकार ने ये भी ऐलान किया कि साल 2014 से अब तक हुई सभी नियुक्ति परीक्षाओं की जांच कराई जाएगी। छात्रों का आंदोलन 2 महीने के लिए स्थगित वहीं, रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र आंदोलन बुधवार को 26वें दिन दो माह के लिए स्थगित कर दी गई। प्रशासन ने धरनास्थल की मांग प्रोजेक्ट मंत्रालय के बाहर डटे सफल अभ्यर्थियों ने बुधवार को कहा-हमने प्रशासन ने धरनास्थल की मांग की है, जहां हम सभी शांतिपूर्ण आंदोलन करेंगे। जब तक JSSC-CGL रद्द करने का आदेश वापस नहीं होता, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। JSSC-CGL सफल उम्मीदवारों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए कहा कि वे अब न्याय के लिए कोर्ट जाएंगे। उन्होंने मंगलवार की शाम प्रोजेक्ट भवन से बिरसा चौक तक मोबाइल फ्लैश लाइट मार्च निकाला। वे तत्काल सरकार से फैसला को वापस लेने की मांग की। सड़क से लेकर कोर्ट तक लड़ाई लड़ने की बात कही है। फिर देर रात वे प्रोजेक्ट भवन के गेट के सामने धरने पर बैठ गए। अभ्यर्थियों ने देर रात टेंट मंगाया, लेकिन पुलिस ने उन्हें लगाने से रोक दिया। इससे अभ्यर्थी बारिश के बीच खुले में सड़क किनारे सो गए। उधर, आंदोलन को देखते हुए पुलिस ने भी सुरक्षा बढ़ा दी है। बड़ी संख्या में पुलिसकर्मियों को वहां तैनात कर दिया गया है। धुर्वा थाने की पुलिस ने भी गश्त बढ़ा दी है। CM बोले- रिटायर्ड जज की देखरेख में जांच होगी 17 अगस्त की रात कैबिनेट की विशेष बैठक के बाद मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन ने सोमवार रात परीक्षा रद्द करने की घोषणा की। कहा- SIT और CID दोनों की जांच में कई चौंकाने वाले तथ्य सामने आए हैं। चूंकि जांच चल रही है, इसलिए हर बात खुले तौर पर बताना संभव नहीं है। इसमें कई कंपनियों का एक जटिल और आपस में जुड़ा हुआ नेटवर्क शामिल है, जिन्होंने अलग-अलग समय पर यहां काम किया है। 2014 से लेकर अब तक आयोजित सभी परीक्षाओं की जांच CID से कराई जाएगी। मांगे पूरी नहीं होने पर फिर से आंदोलन वहीं, रांची में जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में छात्र आंदोलन को स्थगित करने की जानकारी देते हुए जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के रविंद्र पासवान ने कहा- छात्रों की बची हुई मांगों को पूरा करने के लिए JPSC-JSSC रिफॉर्म मंच ने राज्य सरकार को 2 महीने का समय देने का फैसला किया है और हम अपना विरोध-प्रदर्शन 2 महीने के लिए स्थगित कर रहे हैं। हमारी मांग है कि सरकार हमारी सभी मांगों को 100% पूरा करें। झारखंड में होने वाली सभी परीक्षाओं में शामिल परीक्षा माफिया का पर्दाफाश करें और उन सभी परीक्षाओं को रद्द करें जो अब तक रद्द नहीं की गई हैं। 'PGD, नगर पालिका, आबकारी, कॉन्स्टेबल या फील्ड वर्कर की परीक्षा भी रद्द हो' अगर इन दो महीनों में हमें लगा कि सरकार छात्रों के साथ नहीं है, तो दो महीने बाद फिर से विरोध-प्रदर्शन शुरू किया जाएगा और वह इस विरोध-प्रदर्शन से कहीं ज्यादा जबरदस्त होगा। उन्होंने कहा-राज्य सरकार से अपील है कि बाकी सभी परीक्षाएं रद्द कर दी जाएं - चाहे वो PGD, नगर पालिका, आबकारी, कॉन्स्टेबल या फील्ड वर्कर की परीक्षा हो। क्योंकि इन सभी परीक्षाओं में भी भ्रष्टाचार हुआ है। रवींद्र पासवान ने कहा- छात्रों के विरोध के कारण, राज्य सरकार और मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन को हमारी मांगें माननी पड़ीं। मैं झारखंड के सभी छात्रों और युवाओं को परीक्षा रद्द होने का श्रेय देना चाहता हूं। आप लोगों ने अनुशासन के साथ विरोध किया और अपनी मांगें रखीं। हमने सरकार से 22 परीक्षाएं रद्द करवाई हैं। यह हम सभी के लिए एक बड़ी जीत है। छात्र नेता कुणाल प्रताप सिंह ने कहा कि अब हम लोग जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच को रजिस्ट्रेशन भी करेंगे। कोई भी झारखंड के छात्रों का मुद्दा होगा, ये मंच उनकी आवाज बनेगी। पद्मश्री मधु मंसूरी ने तुड़वाया अनशन वहीं, पद्मश्री मधु मंसूरी ने अपने हाथों जूस पिलाकर भूख हड़ताल पर बैठे जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच के रूपेश पाल, राहुल क्रांति और सबीता का अनशन तुड़वाया। इधर, शाम में जेपीएससी-जेएसएससी रिफॉर्म मंच और छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो गुट के छात्रों ने जयपाल सिंह स्टेडिय से अभार यात्रा निकाली। आभार यात्रा अल्बर्ट एक्का चौक पर पहुंची और छात्रों ने यहां एक-दूसरे को रंग गुलाल लगाया। पटाखे भी जलाए। उन्होंने मुख्यमंत्री को धन्यवाद दिया और कहा-हम अब खुशी-खुशी अपने घर जाएंगे। छात्र नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा-हमारा 'सत्याग्रह' कई दिनों तक चला और मैंने 16 दिनों तक भूख हड़ताल की। इसका नतीजा यह हुआ कि छात्रों के विरोध-प्रदर्शन को बड़ी जीत मिली। 45 परीक्षाओं पर कार्रवाई हुई और 22 परीक्षाएं रद्द कर दी गईं। यह भ्रष्टाचार पर एक बड़ा प्रहार है। पेपर माफिया और शिक्षा माफिया को खत्म किया जा रहा है। -------------------- इसे भी पढ़िए.. झारखंड के 2434 युवाओं की नौकरी पर संकट:TDPL की 9 परीक्षाओं से 502 पदों पर होती नियुक्ति, JSSC-CGL से 1932 को मिली थी नौकरी
हम थक गए चिल्ला कर, कोई सुनने को तैयार नहीं है। हमारे भविष्य के साथ खिलवाड़ हो रहा है। हमारी तबीयत रात से खराब है, दवा खाकर आए हैं, कोई सुन नहीं रहा है। थोड़ा तो शर्म करो यार… आंखों में आंसू, गुस्सा और सुनवाई न होने का दर्द… ये पीड़ा उज्जैन की उस छात्रा की है, जो स्कूल की 300 से ज्यादा लड़कियों के साथ स्कूल शिफ्टिंग का विरोध कर रही थी।उज्जैन समेत प्रदेश के अलग-अलग जिलों से बीते कुछ दिनों में ऐसी कई तस्वीरें सामने आई हैं, जिनमें स्कूली बच्चे, खासकर लड़कियां, अपनी मांगों को लेकर मुखर नजर आईं।इसे जेन-अल्फा की मुखर होती आवाज के तौर पर देखा जा रहा है। मोटे तौर पर 2010-12 के बाद जन्मी इस पीढ़ी के बच्चे अब अपनी समस्याओं को लेकर चुप रहने के बजाय सीधे प्रशासन और सरकार के सामने तीखे सवाल रख रहे हैं।प्रदेश के छह मामले, जहां सड़कों पर उतरे जेन-अल्फा 1. भोपाल: रीजनल स्कूल के छात्र सड़क पर उतरे 18 अगस्त को भोपाल में रीजनल स्कूल के करीब 300 से 400 छात्र-छात्राएं स्कूल को केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS) में मर्ज किए जाने के प्रस्ताव के विरोध में सड़क पर उतर आए।बच्चों के हाथों में ‘सेव डीएमएस’ समेत अलग-अलग पोस्टर थे। उन्होंने मांगें नहीं माने जाने पर आंदोलन तेज करने की चेतावनी दी।इन स्कूलों की मूल अवधारणा शिक्षा में नए प्रयोग और नवाचार की रही है। यहां किए गए शैक्षणिक प्रयोगों के आधार पर देश की स्कूली शिक्षा में भी बदलाव किए जाते रहे हैं। 2. धार: आधी रात हॉस्टल से निकलीं 35 छात्राएंधार जिले के कुक्षी में आदिवासी छात्रावास की करीब 35 छात्राएं 16 अगस्त की देर रात खिड़कियों से निकलकर पीछे के रास्ते थाने की ओर पैदल चल पड़ीं। बच्चियों को रात में सड़क पर देख स्थानीय लोग और पुलिस उनके साथ हो लिए। बाद में तहसीलदार, एसडीओपी और थाना प्रभारी भी मौके पर पहुंचे।छात्राओं ने बताया कि 50 बेड वाले हॉस्टल में करीब 140 लड़कियां रह रही हैं। एक-एक बिस्तर साझा करना पड़ता है। मेन्यू के मुताबिक खाना नहीं मिलता और उसकी गुणवत्ता भी खराब है। छात्राओं का आरोप था कि शिकायत करने पर वार्डन चुप रहने की धमकी देती हैं।17 अगस्त को धार के गंधवानी विकासखंड के केसवी स्थित नेताजी सुभाष चंद्र बोस बालिका छात्रावास की छात्राओं ने भी आंदोलन किया। उन्होंने मूलभूत सुविधाओं की कमी, खराब भोजन और अन्य अव्यवस्थाओं के विरोध में एसडीएम कार्यालय का घेराव किया। 3. छतरपुर: मंत्री का काफिला रोका छतरपुर के चंदला विधानसभा क्षेत्र में 14 अगस्त को स्कूली बच्चों ने राज्य मंत्री दिलीप अहिरवार का काफिला रोक दिया। मंत्री का काफिला बसराही गांव से गुजर रहा था।बच्चों के सड़क पर आ जाने के बाद मंत्री गाड़ी से उतरे और उनकी समस्याएं सुनीं। छात्र-छात्राओं ने बताया कि स्कूल पहुंचने के लिए पक्की सड़क नहीं है।आवाजाही में परेशानी होती है। मंत्री ने बताया कि सड़क का काम निजी जमीन के विवाद के कारण रुका था, जिसे अब सुलझा लिया गया है। उन्होंने सड़क सुधार के निर्देश दिए। 4. उज्जैन: 300 से ज्यादा छात्राओं ने घेरा कलेक्ट्रेट उज्जैन के सराफा क्षेत्र के स्कूल को दाऊदखेड़ी शिफ्ट करने के प्रस्ताव के विरोध में 14 अगस्त को 300 से ज्यादा छात्राएं कलेक्ट्रेट पहुंचीं।छात्राओं ने कई घंटे प्रदर्शन किया और प्रशासन पर सुनवाई नहीं करने का आरोप लगाया। विरोध की बड़ी वजह स्कूल का शहर से करीब 12 से 15 किलोमीटर दूर हो जाना है।छात्राओं के मुताबिक इससे सुरक्षा, परिवहन, समय और अतिरिक्त खर्च की समस्या पैदा होगी। प्रदर्शन के दौरान दो छात्राएं बेहोश भी हो गईं। फिलहाल स्कूल शिफ्टिंग का फैसला टाल दिया गया है। 5. सागर: कीचड़ भरे रास्ते पर चक्काजाम 17 अगस्त को सागर जिले के खुरई तहसील के निवारी गांव में हाईस्कूल तक पक्का रास्ता नहीं होने से परेशान छात्र-छात्राओं ने चक्काजाम कर दिया। मुख्य सड़क से स्कूल तक करीब डेढ़ किलोमीटर रास्ता बारिश में कीचड़ और पानी से भर गया है। ग्रामीणों के मुताबिक स्कूल भवन तीन साल पहले बन चुका है, लेकिन वहां तक पहुंचने के लिए सड़क नहीं बनी। मौके पर पहुंचे अधिकारी भी कीचड़ के कारण स्कूल तक नहीं पहुंच सके। प्रशासन ने बारिश तक पंचायत भवन में कक्षाएं लगाने का आश्वासन दिया। 6. विदिशा: छात्राओं ने बसें रोकीं12 अगस्त को विदिशा के सिरोंज में ग्रामीण क्षेत्रों से स्कूल आने-जाने वाली छात्राओं ने निजी बसों का किराया बढ़ाए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया।छात्राओं ने बसें रोककर नारे लगाए-“बच्चों को लूटना बंद करो, हमारा किराया कम करो।”उनका कहना था कि पहले 10 से 15 रुपए किराया लगता था, जिसे अचानक बढ़ा दिया गया। गरीब परिवारों की छात्राओं के लिए रोज का अतिरिक्त किराया पढ़ाई पर सीधा असर डाल सकता है। आखिर जेन-अल्फा प्रदर्शन क्यों कर रहा? इन प्रदर्शनों में कोई बड़ी राजनीतिक मांग नहीं है। मुद्दे सीधे बच्चों की रोजमर्रा की जिंदगी और पढ़ाई से जुड़े हैं-स्कूल तक सड़क, हॉस्टल में जगह, अच्छा भोजन, सुरक्षित परिवहन और सस्ता किराया।कई मामलों में बच्चों के प्रदर्शन के बाद प्रशासन को तुरंत कदम उठाने पड़े। सागर में वैकल्पिक व्यवस्था का आश्वासन मिला, उज्जैन में स्कूल शिफ्टिंग का फैसला टला और छतरपुर में सड़क सुधार के निर्देश दिए गए।वरिष्ठ पत्रकार और विश्लेषक दिनेश गुप्ता के मुताबिक, Gen Alpha की बात करें तो यह मुख्य रूप से स्कूल-कॉलेज जाने वाली पीढ़ी है और उनकी समस्याएं भी बेहद बुनियादी हैं। स्कूलों में लड़कियों के लिए शौचालय नहीं हैं, पीने के पानी की समस्या है और रोजमर्रा की कई ऐसी दिक्कतें हैं, जिनका समाधान होना चाहिए। पॉलिटिकल कंसलटेंट और कैंपेनर विकास भारद्वाज के मुताबिक, नई पीढ़ी पुरानी पीढ़ियों की तरह चुपचाप सहने वाली नहीं है।मोबाइल, वीडियो, सोशल मीडिया और तत्काल प्रतिक्रिया की दुनिया में पली यह पीढ़ी लापरवाही और उपेक्षा को जल्दी पहचानती है और उसे सार्वजनिक करने से भी नहीं हिचकती। उनके मुताबिक, जेन-अल्फा की आवाज यह संकेत देती है कि नई पीढ़ी शिक्षा को अधिकार की तरह देख रही है, एहसान की तरह नहीं। विरोध नहीं, लोकतांत्रिक जागरूकता की पहली पाठशालाविशेषज्ञों के मुताबिक, इन प्रदर्शनों को सिर्फ बच्चों का गुस्सा मानकर खारिज नहीं किया जा सकता। जब स्कूली बच्चे खुद सड़क, सुरक्षा, हॉस्टल, भोजन और परिवहन जैसे सवाल उठाने लगें, तो यह व्यवस्था के लिए चेतावनी भी है और उम्मीद भी।इन घटनाओं से एक बात साफ है कि बच्चे अब अपनी समस्याओं के लिए सिर्फ बड़ों के भरोसे नहीं बैठना चाहते। वे सवाल पूछ रहे हैं, अपनी बात रख रहे हैं और जवाब मांग रहे हैं।
‘मंदिर में मेरे बेटे को मार दिया गया था। हम लोग घर पर थे। 6 साल बाद जो फैसला आया, उससे हम बहुत संतुष्ट हैं। हमारे सामने बहुत कठिनाइयां आईं। एक बेटे की हत्या हो गई, दूसरा बेटा कोर्ट के चक्कर लगाता रहा। हम लोगों पर समझौते का दबाव बनाया गया। कोई कहता 7 करोड़ देंगे, कोई कहता 8 करोड़ देंगे। समझौता कर लो, लेकिन औलाद से बढ़कर कोई समझौता नहीं है।’ यह कहते हुए वकील मंजुल चौबे की मां सरला चौबे की आंख में आंसू आ गए। औरैया में मंजुल और उनकी टीचर बहन सुधा चौबे की हत्या के मामले में कोर्ट ने पूर्व सपा MLC कमलेश पाठक समेत 10 लोगों को उम्रकैद की सजा सुनाई है। फैसला आने के बाद दैनिक भास्कर टीम जिला मुख्यालय से 10 किमी दूर नारायणपुर मोहल्ले में पहुंची। यहां हमने परिवार से बात की। पढ़िए रिपोर्ट… पहले जानिए पूरा मामला… औरैया में 15 जनवरी, 2020 को अधिवक्ता मंजुल चौबे और उनकी चचेरी बहन सुधा चौबे की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या की गई थी। उनके घरवालों को दौड़ा-दौड़ाकर पीटा गया था। पुलिस पर भी हमला किया गया था। बुधवार (19 अगस्त) दोपहर 2 बजे MP-MLA कोर्ट ने सपा के पूर्व MLC कमलेश पाठक, उनके दो सगे भाइयों समेत 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। कमलेश पाठक और मंजुल पहले दोस्त हुआ करते थे। मंदिर की एक बीघा जमीन को लेकर दोनों में रंजिश शुरू हुई थी। मंदिर की जमीन मनीराम बगिया के नाम से दर्ज थी। कमलेश पाठक ने गलत तरीके से बैनामा कराकर इसे अपने नाम करा लिया। इसका विरोध मंजुल के परिवार ने किया और बैनामा खारिज कर दिया। यहीं से दुश्मनी शुरू हुई। अब पढ़िए कोर्ट के फैसले पर घरवालों ने क्या कहा… नारायणपुर मोहल्ले में मंजुल चौबे का घर बना हुआ है। हम पहुंचे तो घर के बरामदे में पिता शिवकुमार चौबे, पत्नी सरला और 6 साल की नातिन आराध्या के साथ बैठे हुए थे। पिता की हत्या के समय आराध्या ढाई महीने की थी। पास में ही बहू और बेटी भी बैठी थीं। सभी के चेहरे पर फैसले को लेकर संतुष्टि थी। पूजा करने गए थे अचानक हमला हो गया पिता शिवकुमार घटना को याद करते हुए कहते हैं- हम लोग मंदिर में पूजा-पाठ करने जाते थे। उस दिन भी पूजा करने गए थे। इन लोगों को पता नहीं क्या सूझी गाली-गलौज करने लगे। कहने लगे कि तुम यहां पूजा नहीं करोगे, यह हमारी जगह है। अचानक बंदूक ले आए और गोली चलाने लगे। हमारे बेटे और भतीजी की मौत हो गई। पिता बोले- भाइयों ने हत्या का बदला लिया शिवकुमार कहते हैं- कोर्ट ने जो फैसला दिया, हम उससे संतुष्ट हैं। सरकार का धन्यवाद करते हैं। प्रशासन ने भी इसमें हमारा पूरा सहयोग किया। मैं तो कभी कोर्ट नहीं गया, लेकिन मेरे बेटे संजय और आशीष ने भरपूर पैरवी की। अपने भाई की हत्या का बदला लिया। 6 साल में पहली बार कोर्ट गए बेटे की हत्या के बाद 6 साल तक केस चला, लेकिन आज हम पहली बार कोर्ट गए थे। हमने हत्यारों की शक्ल भी नहीं देखी। उनकी शक्ल देखने की हिम्मत नहीं हुई। हमने बेटों को बताया और घर चले आए। वहां रुककर फैसला सुनने की हिम्मत हममे नहीं थी। बेटों ने ही फोन करके फैसले के बारे में जानकारी दी। ससुर बोले- बहू पागल जैसी हो गई थी शिवकुमार घटना को याद करते हुए कहते हैं- बेटे की हत्या के बाद बहू हमारी पागल जैसी हो गई थी। केवल एक टाइम खाना खाने लगी थी। हमारी पोती तो उस समय केवल ढाई महीने की थी। किस तरह से हमने परिवार को संभाला है। आज कोर्ट ने हमारे परिवार के साथ न्याय किया है। घटना को याद कर भावुक हुईं मां बेटी और बहू कैमरे पर बात करने को तैयार नहीं हुईं और घर के अंदर चली गईं। मां सरला देवी घटना को याद करते हुए भावुक हो गईं। फिर खुद को संभालते हुए बोलीं- कोर्ट के फैसले से आज बहुत संतुष्टि हुई। बहुत परेशानियां आईं। बहुत बार धमकी मिली। बहुत बार 7-8 करोड़ लेकर समझौते का दबाव बनाया गया। लेकिन, औलाद की मौत में कोई समझौता नहीं है। दो भाइयों ने मिलकर कोर्ट में पैरवी की मंजुल के परिवार में पिता शिवकुमार, मां सरला, बड़ा भाई संजय और एक बहन रश्मि के अलावा पत्नी आरती और ढाई महीने की बेटी आराध्या थे। रश्मि सरकारी टीचर हैं और उनकी उस समय शादी हो चुकी थी। वहीं, सुधा के परिवार में पिता अरविंद कुमार, मां गुड्डी देवी (अब मौत हो चुकी है), भाई आशीष चौबै और दो बहने थीं। दोनों बहनों की शादी हो गई थी। सुधा सरकारी टीचर थीं और उनकी शादी होनी थी। इस केस में पैरवी आशीष और संजय ने की। भाई बोला- मंदिर में घेरकर हमला किया कोर्ट का फैसला आने के बाद सुधा के भाई आशीष ने बताया- 15 मार्च, 2020 को मैं और मेरा पूरा परिवार पंचमुखी हनुमान मंदिर में पूजा करने गए थे। वहां कमलेश पाठक, उसके भाई संतोष पाठक, रामू पाठक, उनके साले और अन्य लोगों ने घेरकर हम पर हमला कर दिया था। इसमें हमारे भाई मंजुल और बहन सुधा की मौत हो गई थी। आज न्याय की जीत हुई है आशीष बताते हैं- हमारे बड़े भाई संजय चौबे के पैर में गोली लगी थी। मैं, मेरे पिताजी और मेरी दोनों बहनें भी घायल हुई थीं। सबसे पहले मैं प्रशासन का धन्यवाद करना चाहूंगा, जिन्होंने मेरा साथ दिया। ऐसे दुर्दांत अपराधी, जिसके खिलाफ 80-80 मुकदमे दर्ज हों और समाज में कोई कुछ कहने वाला न हो, उसके खिलाफ लड़ने की मुझे ताकत दी। मैं फैसले से संतुष्ट हूं। मुझे न्याय की उम्मीद थी और न्यायालय पर भरोसा था। आज न्याय की जीत हुई है। पढ़िए दो जिगरी दोस्त कैसे बने जानी दुश्मन कमलेश पाठक के बारे में जानिए --------------------------- यह खबर भी पढ़ें… सपा के पूर्व MLC, दो भाइयों समेत 10 को उम्रकैद, औरैया में वकील और उनकी टीचर बहन की सरेआम गोली मारकर हत्या की थी औरैया के बहुचर्चित वकील मंजुल चौबे और उनकी टीचर बहन की हत्या के मामले में 6 साल बाद फैसला आया। बुधवार दोपहर 2 बजे MP-MLA कोर्ट ने सपा के पूर्व MLC कमलेश पाठक, उनके दो सगे भाइयों समेत 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। पढ़ें पूरी खबर…
लुधियाना नगर निगम में फैले भ्रष्टाचार के खिलाफ आरटीआई एक्टिविस्ट रोहित सभ्रवाल ने लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट के चीफ विजिलेंस अफसर(CVO) को सात साल में 34 शिकायतें भेजी लेकिन सीवीओ ने उनकी एक भी शिकायत पर कार्रवाई करना तो दूर जांच तक पूरी नहीं की। रोहित सभ्रवाल का कहना है कि लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट के सीवीओ का साफ सा फंडा है शिकायत की न तो जांच करेंगे और न ही उस पर कोई एक्शन लेंगे। उनका तर्क है कि नगर निगम में फैले भ्रष्टाचार के सबूत समेत शिकायतें 2020 से लगातार सीवीओ को कर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि सीवीओ न एक भी शिकायत की जांच पूरी नहीं की। रोहित सभ्रवाल का कहना है कि सीवीओ दफ्तर ने कभी उनकी शिकायत का स्टेटस तक उन्हें नहीं बताया। आखिर में उन्होंने आरटीआई के जरिए शिकायतों का स्टेटस पूछा तो पता चला कि शकायतों की अभी जांच चल रही है। रोहित सभ्रवाल ने सीवीओ के खिलाफ अब सेक्रेटरी लोकल बॉडीज को शिकायत दी है और इस मामले की जांच करने की मांग की है। उनका कहना है कि मामले की जांच करके जिम्मेदार अफसरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। सेक्रेटरी को भेजी शिकायत में CVO के खिलाफ लिखीं 7 अहम बातें 1. 34 शिकायतों पर कोई फैसला नहीं: रोहित सभ्रवाल ने अपनी शिकायत में कहा है कि उन्होंने नगर निगम में व्याप्त भ्रष्टाचार, अवैध निर्माणों और प्रशासनिक अनियमितताओं के खिलाफ कुल 34 शिकायतें दर्ज कराई गई थीं। उच्च अधिकारियों ने इन सभी मामलों को जांच के लिए CVO कार्यालय भेजा था। पिछले 3 से 7 सालों के लंबे समय के बाद भी एक भी शिकायत पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है। शिकायतों का निपटारा न होना यह साबित करता है कि CVO कार्यालय भ्रष्टाचारियों पर लगाम कसने के अपने मूल उद्देश्य में पूरी तरह विफल रहा है। 2. 'जांच जारी है' बताकर लटकाई शिकायतें: रोहित सभ्रवाल का कहना है कि CVO कार्यालय का सिस्टम बन चुका है कि वे फाइलों पर केवल मामला जांच के अधीन है लिखकर उन्हें सालों तक दबाए रखते हैं। किसी केस के जटिल होने का मतलब यह कतई नहीं है कि उसे हमेशा के लिए अटका दिया जाए। अधिकारियों की जिम्मेदारी बनती है कि वे पेंडिंग केसों की रूटीन में समीक्षा करें, देरी के कारण दर्ज करें और जांच पूरी करने के लिए एक निश्चित समय-सीमा निर्धारित करें। 3. केवल कागजों तक सीमित रह गई जवाबदेही: रोहित सभ्रवाल का कहना है कि लोकल बॉडीज डिपार्टमेंट में पारदर्शियता और जवाबदेही तय करने के लिए सीवीओ बनाया गया। लेकिन जब शिकायतों पर सालों-साल कोई फैसला नहीं होता, तो जनता का इस सरकारी व्यवस्था से भरोसा उठने लगता है। उनका कहना है कि कानून के अनुसार शिकायतकर्ता को यह अधिकार है कि उसकी शिकायत पर या तो निष्पक्ष जांच कर ठोस कार्रवाई हो, या फिर कारण बताकर केस बंद किया जाए। फाइलों को बीच में अटकाकर रखना शिकायतकर्ताओं को उनके कानूनी अधिकारों से वंचित करना है। 4. CVO दफ्तर की जांच हो: प्रिंसिपल सेक्रेटरी को भेजी शिकायत में रोहित सभ्रवाल का कहना है कि सीवीओ दफ्तर की जांच हो और जवाब तलबी की जाए कि आखिर शिकायतों की जांच पूरी क्यों नहीं हुई और इस बारे में शिकायतकर्ता को जानकारी क्यों नहीं दी गई। इस तरह शिकायतकर्ता ने अपनी शिकायत में 10 सवाल किए हैं और उनसे सवालों के जवाब मांगे हैं। उन्होंने कहा कि सीवीओ दफतर की जांच गहनता से की जाए। 5. लेट-लतीफी से खत्म हो रहे सबूत और मुकर रहे गवाह: रोहित सभ्रवाल का कहना है कि विजिलेंस जांच में सालों की देरी केवल प्रशासनिक लापरवाही नहीं है, बल्कि यह भ्रष्टाचारियों को बचाने का एक अप्रत्यक्ष माध्यम बन चुकी है। उनका कहना है कि लंबा समय बीतने के साथ सरकारी विभागों से रिकॉर्ड और दस्तावेज गायब हो जाते हैं, गवाह अनुपलब्ध हो जाते हैं या समय के साथ उनकी याददाश्त धुंधली होने से वे बयानों से मुकर जाते हैं। इस सुस्त रवैये का सीधा फायदा दोषियों को मिलता है। 6. CVO दफ्तर का 10 सालों का रिकॉर्ड तलब हो: शिकायत में आरोप लगाया गया है कि CVO दफ्तर शिकायतों का निपटारा करने के बजाय उन्हें दबाकर खुद संदिग्ध भूमिका निभा रहा है। इससे इस दफ्तर के वजूद पर ही सवाल खड़े हो गए हैं। सरकार से मांग की गई है कि CVO कार्यालय के पिछले 10 वर्षों का वर्षवार पेंडिंग रिकॉर्ड मंगाया जाए और सीवीओ दफ्तर के ही संदिग्ध कामकाज के खिलाफ उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच बैठाई जाए। 7. राज्यपाल से लेकर मुख्यमंत्री तक पहुंची शिकायत: पत्र के अंत में प्रशासन से 4 स्पष्ट मांगें की गई हैं। उनका कहना है कि सीवीओ दफ्तर के कामकाज की जांच हो, 10 साल का पेंडिंग रिकॉर्ड तलब किया जाए, देरी के लिए जिम्मेदार अफसरों पर केस व अनुशासनात्मक कार्रवाई हो और 34 शिकायतों का तय समय-सीमा में निपटारा किया जाए। इस मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए शिकायत पत्र की प्रतियां राज्यपाल (पंजाब), मुख्यमंत्री, मुख्य सचिव और निदेशक (स्थानीय निकाय) को भी सौंपी है।
रेवाड़ी में उपभोक्ता आयोग ने छात्र को भ्रमित करने वाले इंस्टीट्यूट पर 15 हजार रुपए जुर्माना लगाया है। आयोग ने छात्र की फीस 9 प्रतिशत ब्याज सहित वापस करने के भी आदेश दिए हैं। इस फैसले से भ्रमित कर बच्चों को अपने संस्थानों में दाखिला करने वालों के लिए बड़ी नसीहत मानी जा रही है। दाखिले के बाद पता चली खामियां रेवाड़ी की एम्प्लाइज कॉलोनी निवासी छात्र दीपक यादव ने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दी। जिसमें बताया कि उसने 2025-26 में शहर के डॉट इंस्टिट्यूट में दाखिला करवाया। दाखिले के समय इंस्टीट्यूट ने वादा किया कि उसके पास आईआईटीएन पास टीचर्स हैं और बेहतरीन शिक्षा उपलब्ध करा रहे हैं। एडमिशन लेने के बाद पाया कि उनके पास वादे के अनुसार आईआईटीएन टीचर्स मौजूद नहीं थे। इंस्टिट्यूट के कमरे भी बच्चों की शिक्षा के लिए उपयुक्त नहीं थे। आग लगने और किसी प्राकृतिक आपदा के समय बचाव के लिए उपकरण व सुविधा भी नहीं थी। मांगने पर भी वापस नहीं की फीस शिकायत में बताया कि इंस्टीट्यूट में शिक्षा के नियमों की अनदेखी मिली।शिकायतकर्ता ने अपने पुत्र को 10 से 15 दिन के बाद ही अपना नाम वापस ले लिया और फीस वापसी मांगी। कई बार मांगने के बाद भी जब फीस वापस नहीं की गई तो जिला उपभोक्ता आयोग में शिकायत पत्र दायर किया। जिला उपभोक्ता आयोग के सदस्य राजेंद्र प्रसाद एवं श्रीनिवास ने अपने संयुक्त निर्णय में पाया कि शिकायतकर्ता की शिकायत संस्थान को नोटिस भेजा, लेकिन वह आयोग के समक्ष पेश नहीं हुआ। जिस पर आयोग ने एकतरफा कार्रवाई करते हुए शिकायतकर्ता की जमा कराई गई ₹60000 फीस 9 फ़ीसदी ब्याज सहित वापस करने के आदेश दिए हैं। इसके साथ ही आयोग ने मानसिक क्षतिपूर्ति के लिए ₹15000 का जुर्माना अलग से लगाया है। यह जुर्माना राशि 30 दिन के भीतर अदा करनी होगी।
‘हम 3 भाई और 2 बहनें हैं। पिताजी बीएलडब्ल्यू (बनारस रेल कारखाना) में नौकरी करते थे। महीने का वेतन महज 3 हजार रुपए था। बगल में कावेरी सरकारी स्कूल था। वहां यूनिफॉर्म मिलती थी। उसको हम स्कूल पहनकर तो जाते ही थे, साथ ही शादी-ब्याह और त्योहारों पर भी वही पहनना पड़ता था। शर्म आती थी, पर कोई रास्ता नहीं था। उसी समय सोच लिया था इसे बदलना है।’ ये बातें काशी के रहने वाले मैरीकॉम के कोच मुक्केबाज छोटेलाल यादव ने कहीं। इसके बाद वह काफी देर शांत रहे और कमरे में रखे अपने मेडल्स देखते रहे। छोटेलाल यादव को भारत सरकार ने प्रतिष्ठित द्रोणाचार्य पुरस्कार के लिए चुना है। ऐसे में दैनिक भास्कर छोटेलाल यादव के घर पहुंच कर उनके संघर्ष की कहानी जानी। साथ ही मैरीकॉम और अन्य मुक्केबाजों के साथ ट्रेनिंग सेशन के बारे में जाना। पढ़िए, एक स्कूल यूनिफॉर्म से गोल्ड मेडल तक की कहानी… पैसे न होने जींस नहीं ले पाया छोटेलाल बताते हैं- पिताजी के लिए 7 लोगों के परिवार को पालना मुश्किल था। हमारे पास पहनने को कपड़े नहीं थे। जब मैं पहली बार उज्बेकिस्तान खेलने गया, तब पिताजी से पैसे मांगे। पिताजी ने पीएफ से 5 हजार रुपए निकालकर मुझे दिए। जब इंडियन आर्मी में मेरा सिलेक्शन हुआ, तो मैंने पापा से जींस दिलाने को कहा। लेकिन, पैसे न होने की वजह से वो नहीं दिला पाए। मेरे अभावों ने मुझे मजबूत बनाया है। मैंने जो कुछ किया, पहले खुद के लिए, फिर देश के लिए किया। मैं अपने दादा के साथ अखाड़े जाता था छोटेलाल ने बताया- मुझे खेलने में रुचि थी। मैं अपने दादा के साथ अखाड़े जाता था। वहां लोगों ने कहा कि कुश्ती में कुछ नहीं है, दौड़ लगाओ। मैं दौड़ भी लगाने लगा, रनिंग करने लगा। एक दिन मुझे सूचना मिली कि सिगरा में स्विमिंग का ट्रायल है। मैं वहां गया। मैं वहां दौड़कर चला गया। वहां पर फर्स्ट आया। उसके बाद फिर वहां मेरा सिलेक्शन हुआ और मैं पुणे चला गया। जब मैं पुणे गया था, तो पहले मैंने स्विमिंग की। स्टार्टिंग में 6 महीने स्विमिंग की और महाराष्ट्र डिस्ट्रिक्ट में स्विमिंग में गोल्ड जीता था। लेकिन, मेरे सीनियर ने कहा कि मेरी बॉडी स्विमिंग के लिए नहीं, बॉक्सिंग के लिए है। इस पर मुझे खुद को स्विमिंग से चेंज करके बॉक्सिंग में लगाना पड़ा। इसके बाद मैंने खुद को बॉक्सिंग में झोंक दिया। 2015 से मैरीकॉम को ट्रेनिंग दे रहा हूं छोटेलाल यादव बताते हैं- 2015 से मैं मैरीकॉम को ट्रेनिंग दे रहा हूं। 2015 में चार्ल्स एक कोच थे। उनके साथ असिस्टेंट कोच के तौर पर मैंने मैरीकॉम को ट्रेनिंग दी। 2016 से 2022 तक मैंने उसे सिंगल हैंडेड कोचिंग दी है। मैं उनका पर्सनल कोच था। मैरी के साथ-साथ मैंने बच्चों को भी ट्रेनिंग दी है। मेरे लिए चैंपियन को चैंपियन बनाए रखना एक चैलेंज मैरी के साथ सबसे चैलेंजिंग यह था कि वो पहले से चैंपियन थी। मेरे लिए चैंपियन को चैंपियन बनाए रखना एक चैलेंज था। एक एज फैक्टर भी था। ऐसे में मुझे बहुत स्मार्टली ट्रेनिंग करानी पड़ती थी। उनके जितने बच्चे थे, सब ऑपरेशन से हुए थे। इसलिए मुझे ऑपरेशन के हिसाब से ट्रेनिंग करानी पड़ती थी, जिससे उसे इंजरी न हो। यह सिर्फ उसकी नहीं, मेरी भी परीक्षा थी। अगर मैं परफॉर्मेंस नहीं देता, तो मुझे भी आउट कर देते। मैरी बॉक्सिंग की लीजेंड है छोटेलाल यादव ने बताया- वह ऐसी प्लेयर है कि ट्रेनिंग के दौरान बहुत फोकस रहती है। अपनी परफॉर्मेंस से जवाब देती है, न कि बातों से। वो बॉक्सिंग की लीजेंड है। वो ऐसी प्लेयर है, जो हारने के बाद भी ट्रेनिंग करती है और जीतने के बाद भी। 2017 में मंगोलिया में मैरी का टूर्नामेंट था। ये मेरी ट्रेनिंग में उसका पहला टूर्नामेंट था, लेकिन वो क्वार्टर फाइनल में हार गई थी। अगले दिन मुझे लगा कि वो थकी होगी और ट्रेनिंग के लिए नहीं आएगी, लेकिन वो आई। हमने साथ मिलकर बहुत काम किया। उसके 2 महीने बाद एशियन चैंपियनशिप वियतनाम में थी। उसमें जिस लड़की से वो हारी थी, उसी को हराकर एशियन चैंपियनशिप में गोल्ड जीता था। जीतने के बाद अगले दिन वो फिर ट्रेनिंग के लिए आई थी। उस समय वो सांसद भी थी। मैं अभी इंडियन आर्मी में सूबेदार हूं छोटेलाल यादव ने बताया- मैं अभी इंडियन आर्मी में सूबेदार हूं। आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, पुणे में विमेन टीम को ट्रेनिंग दे रहा हूं। मैंने और कर्नल मनोज ने 2022 में आर्मी में अपने ऑफिसर्स से बात करके विमेन टीम शुरू कराई। इसके लिए मुझे बहुत संघर्ष करना पड़ा, बहुत फाइट करनी पड़ी। हमारी विमेन टीम में 4 लड़कियां हैं, जिन्हें हवलदार के तौर पर भर्ती कराया था। ये भारतीय सेना की ओर से बॉक्सिंग करती हैं। जैस्मिन पहली लड़की है, जिसने आर्मी विमेन टीम जॉइन की थी। इसके बाद साक्षी और फिर अरुंधति ने जॉइन किया था। छोटेलाल यादव ने बताया- इस कंपनी के खुलने के बाद आर्मी से महिलाओं को खेलने का मौका मिला। आर्मी में बॉक्सिंग की विमेन टीम ही शुरू कराई थी। इसके शुरू होने के बाद से आर्मी में और कई चीजें शुरू हो गईं। अभी इंस्टीट्यूट, पुणे में गर्ल्स कंपनी खुल गई है। इसमें वेटलिफ्टिंग, बॉक्सिंग, आर्चरी ये सारी चीजों की ट्रेनिंग दी जाने लगी है। प्रेशर लेकर खेलोगे, तो अच्छा परफॉर्म नहीं होता छोटेलाल यादव बताते हैं- मैं जब छोटा था, तो बनारस के अखाड़े में दादाजी के साथ जाता था। दादाजी पहलवान थे, उनकी वजह से मैं कुश्ती करता था। लेकिन, बनारस से मैंने यही सीखा कि मस्त रहना है। जब तक आप ट्रेनिंग कर रहे हैं, पूरा फोकस रहिए। लेकिन, जब आप रिंग में लड़ रहे हैं तो मजे से लड़िए, एन्जॉय कीजिए। यह कोई बनारसी ही कर सकता है। क्योंकि जितना आप एन्जॉय करके खेलते हो, उतना ही अच्छा परफॉर्म करते हो। प्रेशर लेकर खेलोगे, तो अच्छा परफॉर्म नहीं होता। अब जानिए मैराकॉम के कोच छोटेलाल के बारे में वाराणसी के पहाड़ी गांव निवासी सुबेदार छोटेलाल यादव का जन्म 5 मई, 1988 को हुआ था। वह भारतीय सेना के आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, पुणे से जुड़े रहे हैं। बॉक्सर के रूप में राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर कई पदक जीतने के बाद उन्होंने कोचिंग की दुनिया में कदम रखा। 2014-15 में एनआईएस पटियाला से बॉक्सिंग कोचिंग डिप्लोमा किया। इसके बाद 2015 से 2022 तक मैरीकॉम के पर्सनल कोच रहे। वर्तमान में वह आर्मी स्पोर्ट्स इंस्टीट्यूट, पुणे की एलीट महिला बॉक्सिंग टीम के कोच हैं। --------------------------- ये इंटरव्यू भी पढ़ें - आजम की पत्नी बोलीं- मुझे रातों-रात डकैत बना दिया, जौहर यूनिवर्सिटी बनाने में नियम नहीं तोड़े प्रोफेसर पद से रिटायर होने के बाद जब मैंने यूनिवर्सिटी का काम देखना शुरू किया, तब रातों-रात मेरे ऊपर 60-70 मुकदमे लगा दिए। मैं चोर भी हो गई और डकैत भी। अपराधियों के जो भी काम होते हैं, सब मुझसे जोड़ दिए गए।’ ये कहते हुए सपा नेता आजम खान की पत्नी तंजीम फातिमा भावुक हो गईं। उन्होंने कहा- रहा सवाल नक्शा पास नहीं होने का, तो DM-SSP के घरों के नक्शे भी पास नहीं होते हैं। पढ़िए पूरी खबर…
नमस्कार, भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने जम्मू-कश्मीर का दौरा किया। उन्होंने सीएम उमर अब्दुल्ला से भी मुलाकात की। नीदरलैंड्स और बेल्जियम की मेजबानी में जारी हॉकी वर्ल्ड कप 2026 में भारत ने पाकिस्तान को हराया। मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ में आगे बताएंगे कि सुप्रीम कोर्ट ने बुजुर्ग माता-पिता अपने संतानों को अपनी संपत्ति से बेदखल कर सकते हैं। ⏰ आज के प्रमुख इवेंट्स, जिन पर रहेगी नजर... कल की बड़ी खबरें... 1. अमेरिकी राजदूत बोले- जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा: आर्टिकल 370 हटने के बाद अमेरिकी राजदूत का पहला दौरा, CM उमर से मिले भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर ने कहा कि जम्मू-कश्मीर भारत का अहम हिस्सा है। मैं पहली बार इस जगह का दौरा कर रहा हूं। यह खूबसूरत जगह है। उन्होंने जम्मू-कश्मीर के सीएम उमर अब्दुल्ला से मुलाकात भी की। इधर, पाकिस्तान ने गोर के जम्मू-कश्मीर को भारत का महत्वपूर्ण हिस्सा कहे जाने पर आपत्ति जताई और इस्लामाबाद में अमेरिकी राजनयिक को तलब किया। पाकिस्तानी विदेश मंत्रालय ने कहा- जम्मू-कश्मीर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर विवादित क्षेत्र है और इसका समाधान संयुक्त राष्ट्र के प्रस्तावों के तहत ही होना चाहिए। धारा 370 हटने के बाद यह पहला अमेरिकी दौरा: राज्य में 5 अगस्त 2019 को धारा-370 हटने के बाद किसी भी अमेरिकी राजदूत का यह पहला आधिकारिक दौरा है। हालांकि, इससे पहले 9 जनवरी 2020 में तत्कालीन अमेरिकी राजदूत केनेथ जस्टर 15 देशों के सरकारी डेलिगेशन के साथ कश्मीर गए थे। पूरी खबर पढ़ें... 2. हॉकी वर्ल्डकप- भारत ने पाकिस्तान को 5-3 से हराया: टीम टॉप-8 में पहुंची; कप्तान हरमनप्रीत और अभिषेक ने 2-2 गोल दागे भारत ने मेंस हॉकी वर्ल्ड कप में पाकिस्तान को 5-3 से हराया। इसी के साथ टीम टूर्नामेंट के टॉप-8 में पहुंच गई। पाकिस्तान टूर्नामेंट से बाहर हुआ। नीदरलैंड्स के वेगनर हॉकी स्टेडियम में खेले गए इस मैच में भारत की ओर से कप्तान हरमनप्रीत सिंह, अभिषेक ने 2-2 गोल किए। जबकि, हार्दिक सिंह ने एक गोल दागा। पाकिस्तान की ओर से हन्नान शाहीद ने 2 और सुफियान खान ने एक गोल किया। मैच के 8 गोल पूरी खबर पढ़ें... 3. आजम की जौहर यूनिवर्सिटी पर 14 घंटे चली ED रेड, सहारनपुर से दिल्ली तक 10 ठिकानों पर पहुंची टीम सपा नेता आजम खान की जौहर यूनिवर्सिटी और ट्रस्ट से जुड़े 10 ठिकानों पर बुधवार को प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने छापेमारी की। रामपुर में यूनिवर्सिटी परिसर में ED की टीम करीब 14 घंटे तक रही। सुबह 7 बजे शुरू हुई कार्रवाई रात करीब 9 बजे तक चली। इसके बाद करीब 15 अफसरों की टीम 6 गाड़ियों से यूनिवर्सिटी परिसर से बाहर निकली। अखिलेश बोले- भ्रष्टाचारियों पर छापा क्यों नहीं? सपा प्रमुख ने ED छापेमारी को लेकर सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने राम मंदिर चढ़ावा प्रकरण, एक्सप्रेसवे, पुल, सड़क, टंकी और स्मार्ट सिटी परियोजनाओं में कथित भ्रष्टाचार समेत कई मुद्दे गिनाए। अखिलेश ने सवाल उठाया कि इन मामलों में ED की कार्रवाई क्यों नहीं होती। पढ़ें पूरी खबर… 4. सुप्रीम कोर्ट ने कहा- बच्चों को प्रॉपर्टी से बेदखल कर सकते हैं माता-पिता, बढ़ती उम्र का मतलब अपमान-असुरक्षा नहीं सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि बुजुर्ग माता-पिता को अपने घर में सम्मान और सुरक्षा के साथ रहने का अधिकार है। अगर बेटे या बहू का घर में रहना बुजुर्ग के भरण-पोषण या सुरक्षा में बाधा बन रहा है, तो वह उन्हें अपने बच्चों को घर से बेदखल कर सकते हैं। जस्टिस पीएस नरसिम्हा और जस्टिस आलोक अराधे की बेंच ने कहा कि बढ़ती उम्र का मतलब अपमान या असुरक्षा के साथ रहना नहीं हैं। सभ्य समाज की पहचान इस बात से होती है कि वह अपने बुजुर्गों के साथ कितना सम्मान और सुरक्षा का व्यवहार करता है। सुप्रीम कोर्ट ने यह आदेश लखनऊ के रवि कांत गुप्ता से जुड़े मामले में सुनाया। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में हाईकोर्ट के उस फैसले के खिलाफ अपील की थी, जिसमे अपने बेटे और बहू को घर से निकालने के SDM और जिला मजिस्ट्रेट के आदेश को रद्द कर दिया था। पूरी खबर पढ़ें... 5. यूपी राज्यपाल पहली बार 10 दिन की छुट्टी पर, पद से हटने की अटकलें, ACS बोले- दमन दीव के दौरे पर हैं राज्यपाल आनंदीबेन पटेल अचानक छुट्टी पर चली गई हैं। वह 17 से 26 अगस्त तक छुट्टी पर हैं। राज्यपाल अपने गृह राज्य गुजरात गई हैं। अवकाश के लिए राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू से अनुमति ली है। यूपी की राज्यपाल बनने के बाद से आनंदीबेन पटेल ने पहली बार इतनी लंबी छुट्टी ली है। अचानक ली गई इस छुट्टी के बाद सियासी और प्रशासनिक गलियारों में कई तरह की चर्चा चलने लगी है। कहा जा रहा है कि यूपी को जल्द ही नया राज्यपाल मिल सकता है। हालांकि, राज्यपाल के अपर मुख्य सचिव (ACS) सुधीर बोवड़े ने पदभार मुक्त करने या बदले जाने की अटकलों को खारिज किया है। उनका कहना है, राज्यपाल सिलवासा और दमन दीव के भ्रमण पर हैं। इस दौरान उनकी वहां के राज्यपाल से मीटिंग है। पढ़ें पूरी खबर… 6. कम उम्र में हार्टअटैक के लिए सिर्फ घी-तेल जिम्मेदार नहीं: अपोलो हॉस्पिटल के चेयरमैन बोले- 300 साल पहले आए अकाल से जीन्स में बदलाव हुआ अपोलो हॉस्पिटल्स ग्रुप के फाउंडर और चेयरमैन डॉ. प्रताप सी. रेड्डी ने कहा कि दक्षिण एशियाई लोगों में कम उम्र में हार्ट अटैक का खतरा अन्य लोगों की तुलना में ज्यादा हो सकता है। 300 साल पहले एक अकाल पड़ा था, जिसने जीन्स को बदल दिया था। अकाल का असर लोगों की आने वाली पीढ़ियों के शरीर पर पड़ा। उन्होंने 1991 की घटना का जिक्र करते हुए कहा कि ड्यूटी रूम में 3 भारतीय डॉक्टरों की मौत के बाद इस मुद्दे पर काफी चर्चा हुई थी। उस समय युवाओं में हार्ट अटैक के लिए शारीरिक गतिविधियां कम होना, घी और नारियल तेल जैसी चीजों को जिम्मेदार माना गया। लेकिन रिसर्च में हार्ट अटैक का खतरा जीन और आनुवंशिक बनावट से भी जुड़ा हो सकता है। पूरी खबर पढ़ें... 7. पाकिस्तान के पूर्व PM इमरान खान से बहन और पत्नी ने मुलाकात की, सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद अडियाला जेल पहुंचीं थीं पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान से उनकी बहन नोरीन नियाजी और पत्नी बुशरा बीबी ने रावलपिंडी की अडियाला जेल में मुलाकात की। पुलिस ने तीन बहनों में से केवल एक बहन को ही मिलने दिया। इमरान की नोरीन से 15 मिनट और पत्नी से करीब 35 मिनट इमरान की मुलाकात चली। इस दौरान परिवार ने उन्हें सुप्रीम कोर्ट के उस आदेश की जानकारी भी दी, जिसमें इमरान को इलाज के लिए शिफा इंटरनेशनल अस्पताल भेजने को कहा गया है। दरअसल, 73 साल के इमरान खान अगस्त 2023 से जेल में हैं। उन्हें सबसे पहले तोशाखाना मामले में 3 साल की सजा मिलने के बाद गिरफ्तार किया गया था। इसके बाद उन पर सिफर, अल-कादिर ट्रस्ट और इद्दत निकाह समेत कई मामले दर्ज हुए। पूरी खबर पढ़ें... 8. वंदे मातरम के दो ही पैरा गाएगी कांग्रेस: CWC बैठक में फैसला, कहा- वंदे मातरम और राष्ट्रगान बीजेपी के लिए राजनीतिक मुद्दे नई दिल्ली के इंदिरा भवन में बुधवार को कांग्रेस वर्किंग कमेटी (CWC) की बैठक हुई। पार्टी ने वंदे मातरम को लेकर अपना रुख साफ करते हुए कहा कि पार्टी 1937 में हुई (CWC) की बैठक में लिए गए फैसले का पालन करेगी। इसके तहत पार्टी के कार्यक्रमों में वंदे मातरम के केवल दो अंतरे गाए जाएंगे। पार्टी महासचिव केसी वेणुगोपाल ने कहा कि वंदे मातरम और राष्ट्रगान कांग्रेस के लिए भावनात्मक मुद्दे हैं, जबकि भारतीय जनता पार्टी के लिए ये राजनीतिक मुद्दे हैं। बैठक में देश के मौजूदा राजनीतिक हालात पर चर्चा के साथ-साथ छात्रों से जुड़े मुद्दों और राम मंदिर के लिए मिले चंदे में कथित गड़बड़ी की घटना पर चर्चा हुई। पूरी खबर पढ़ें... आज का कार्टून ⚡ कुछ अहम खबरें हेडलाइन में… 1. नेशनल: मोदी सरकार रोज एक यूनिवर्सिटी भेजेगी एक केंद्रीय मंत्री:दावा- छात्रों से संवाद और योजनाओं की जानकारी देंगे; जेन-जी प्रदर्शन के बाद फैसला (पूरी खबर पढ़ें) 2. इंटरनेशनल: ट्रम्प बोले- 2020 चुनाव में 24,000 गैर-नागरिकों ने वोट डाले: चुनाव में मेरी जीत हुई थी, धांधली रोकने के लिए कानून बनाऊंगा (पूरी खबर पढ़ें) 3. तमिलनाडु: विधायकों को नई कार, ₹75 हजार भत्ता मिलेगा: महिला विधायक ने सदन में गाना गाकर धन्यवाद दिया; छात्रों के प्रदर्शन पर रोक वाला निर्देश वापस (पूरी खबर पढ़ें) 4. नेशनल: सुप्रीम कोर्ट में सरकार बोली- NEET का सिस्टम फूलप्रूफ, तोड़ना मुश्किल: SC ने कहा- टेक्नोलॉजी समझने वाले अफसर भर्ती करें, उन्हें बार-बार ट्रांसफर न करें (पूरी खबर पढ़ें) 5. इंटरनेशनल: पाकिस्तान बोला- ऑपरेशन सिंदूर पर बनी डॉक्यूमेंट्री प्रोपेगेंडा: इसमें सिर्फ भारत का पक्ष, हकीकत नहीं; 15 अगस्त को रिलीज हुई थी (पूरी खबर पढ़ें) 6. नेशनल: रुपए को गिरने से बचाने की जरूरत नहीं: PM सलाहकार बोले- मार्केट को तय करने दें करेंसी का स्तर, महंगाई-कंट्रोल करने पर ध्यान दे भारत (पूरी खबर पढ़ें) 7. नेशनल: भारत 600वें टेस्ट में जीता, श्रीलंका 165 रन से हारा: मानव सुथार ने मैच में 10 विकेट लिए; देवदत्त पडिक्कल प्लेयर ऑफ द मैच बने (पूरी खबर पढ़ें) 8. नेशनल: हैरी ब्रूक नंबर-1 टेस्ट बैटर बने, हेड चौथे पर फिसले: बुमराह 21 महीने से लगातार नंबर-1 बॉलर, गिल वनडे के टॉप बल्लेबाज (पूरी खबर पढ़ें) 9. इंटरनेशनल: बांग्लादेश बोला- भारत से गंगा जल समझौते में गारंटी मांगेंगे: जरूरत पड़ी तो अंतरराष्ट्रीय मंच पर जाएंगे; 1996 का समझौता दिसंबर में खत्म होगा (पूरी खबर पढ़ें) 10. नेशनल: कोलकाता की पांच मंजिला बिल्डिंग में आग, 9 मौतें: इनमें कुछ बांग्लादेशी नागरिक; इमारत में कई होटल, अब तक 80 का रेस्क्यू, 6 घायल (पूरी खबर पढ़ें) 11. उत्तर प्रदेश: कूनो नेशनल पार्क के फील्ड डायरेक्टर के ट्वीट पर विवाद: उत्तम शर्मा ने लिखा- हर जगह दिमागी नक्सल, मदद का दावा करने वाला जरूरी नहीं सही हो (पूरी खबर पढ़ें) 12. मध्य प्रदेश: राहुल गांधी बोले- मैं लड़ाई में आदिवासी भाई-बहनों के साथ: केन-बेतवा लिंक प्रोजेक्ट के प्रभावितों से मिले; संसद में मुद्दा उठाने का वादा किया (पूरी खबर पढ़ें) ️ बयान जो चर्चा में है... खबर हटके... एक पहिए की साइकल से 11 हजार किमी का सफर केरलम के साइक्लिस्ट सनीद एक पहिए की साइकिल से 11 हजार किमी का सफर कर रहे हैं। वे अब तक 7 हजार किमी से ज्यादा दूरी तय कर चुके हैं। उनका सफर नेपाल के एवरेस्ट बेस कैंप तक जाएगा। यह राइड ‘Say No to Drugs’ कैंपेन का हिस्सा है। पूरी खबर पढ़ें... फोटो जो खुद में खबर है भास्कर की एक्सक्लूसिव स्टोरीज, जो सबसे ज्यादा पढ़ी गईं… 1. आज का एक्सप्लेनर:16% तक महंगा हुआ मोबाइल रिचार्ज, क्या अगले 3 महीने में और बढ़ेंगे दाम; लगातार कीमतें क्यों बढ़ा रहीं कंपनियां 2. रिलेशनशिप एडवाइज: पति साइलेंट ट्रीटमेंट देते हैं:झगड़ा हो तो बात नहीं करते, जब तक मैं माफी न मांगूं, क्या ये इमोशनल एब्यूज है 3. जरूरत की खबर: चीनियों की सेहत का राज ‘ताई-ची’:योग, मेडिटेशन और मार्शल आर्ट भी, जानें इसके 10 हेल्थ बेनिफिट्स, करने का सही तरीका 4. भास्कर इंटरव्यू:'अखिलेश कभी यूपी के मुख्यमंत्री नहीं बनेंगे':केशव बोले- विधायकों के टिकट कटेंगे, लेकिन ये प्रदेश भाजपा तय नहीं करेगी 5. यूपी एक्सप्लेनर: क्या पुलिसवाले रील नहीं बना सकते:अश्लील VIDEO वाली दरोगा का क्या होगा; क्या नौकरी जाएगी 6. ग्राउंड रिपोर्ट: प्रयागराज में 6 हजार परिवार छतों पर रहने को मजबूर:बारिश में गृहस्थी बर्बाद; लोग बोले- 3 दिन से चूल्हा नहीं जला, लाई-चना खा रहे 7. क्राइम फाइल्स: कराटे प्लेयर के साथ कोच ने अश्लील वीडियो बनाया:टूर्नामेंट के बहाने मलेशिया ले जाकर कराया गंदा काम, 3 साल बाद चंगुल से छूटी 8. भास्कर एक्सक्लूसिव:7 बुजुर्गों की आंखों में मिले थे खतरनाक बैक्टीरिया:सूजन और मवाद से आंख खराब होने का भी था खतरा; इन्फेक्शन कैसे हुआ, बनी पहेली 9. भास्कर एक्सक्लूसिव: सम्राट सरकार में सबसे ताकतवर IAS हुए संजय कुमार:59 हजार करोड़ कमाकर देंगे, 4 महीने में मिले 4 विभाग, CM के भरोसेमंद अफसर को जानिए 10. ग्राउंड रिपोर्ट: अमृतसर- वह 2 फोटो, जिनकी वजह से दफनाई लाश निकाली:पानी में औंधे मुंह पड़ी मिली, सिर पर चोट; बहन को शक हुआ 11. भास्कर एक्सक्लूसिव: उत्तराखंड की जमीन का बदलता ‘न्यूट्रिएंट मैप’:गढ़वाल की 90 सेमी गहराई तक मिट्टी की जांच, गहराई बढ़ी तो बदले पोषक तत्व करेंट अफेयर्स करेंट अफेयर्स से जुड़ी अन्य जानकारी के लिए यहां क्लिक करें... ⏳आज के दिन का इतिहास बाजार का हाल ️ मौसम का मिजाज सिंह राशि वालों के बिजनेस में मुनाफे की स्थिति बनेगी। वृश्चिक राशि वालों को मनचाही जगह ट्रांसफर की खबर मिलने सकता है। जानिए आज का राशिफल... आपका दिन शुभ हो, पढ़ते रहिए दैनिक भास्कर ऐप… मॉर्निंग न्यूज ब्रीफ को और बेहतर बनाने के लिए हमें आपका फीडबैक चाहिए। इसके लिए यहां क्लिक करें...
औरैया के बहुचर्चित वकील मंजुल चौबे और उनकी टीचर बहन की हत्या के मामले में 6 साल बाद फैसला आया। बुधवार दोपहर 2 बजे MP-MLA कोर्ट ने सपा के पूर्व MLC कमलेश पाठक, उनके दो सगे भाइयों समेत 10 दोषियों को उम्रकैद की सजा सुनाई। VIDEO देखिए…
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यूपी में जेन-अल्फा यानी 14 साल तक के बच्चे सड़कों पर उतर रहे हैं। इनके मुद्दे छोटे-छोटे हैं। स्कूल तक सड़क नहीं है। शिक्षकों की कमी है। मेस का खाना ठीक नहीं है। 19 अगस्त (बुधवार) को एक साथ उन्नाव, हमीरपुर और महोबा शहरों में जेन-अल्फा ने प्रदर्शन किए। इससे पहले लखनऊ में छात्रों ने सड़क जाम कर दी थी। कन्नौज में मेस के घटिया खाने से नाराज होकर खुद को कमरे में बंद कर लिया था। इन प्रदर्शनों का कोई चेहरा नहीं था। अधिकारियों के सामने सिर्फ बच्चे थे। उन्हें कैसे मनाए? क्या डांटे या उन्हें भगा दें? अधिकारियों के लिए ऐसी स्थिति पहली बार बनी। इसलिए यूपी सरकार एक विशेष SOP (स्टैंडर्ड ऑपरेटिंग प्रोसिजर) तैयार कर रही है। इसके 2 मकसद हैं- पहला- स्कूली छात्रों के विरोध-प्रदर्शन में उनके मुद्दे ठीक से समझे जाएं। उनकी समस्याओं को मौके पर ही खत्म करके संतुष्ट किया जाए। दूसरा- ‘बच्चों के अधिकारों’ का खास ध्यान रखा जाए। किसी भी हाल में बच्चों पर बल प्रयोग न हो। उत्तर प्रदेश सरकार की SOP में क्या खास, पहले ये जानिए इस SOP में क्या खास है? इसके जवाब में भाजपा प्रदेश संगठन के एक पदाधिकारी कहते हैं- जंतर-मंतर की घटनाओं से भाजपा और सरकार के शीर्ष नेतृत्व ने सबक लिया है। अब नरम रवैया अपनाने का फैसला किया है। सीधे तौर पर कहे तो 'लाठी-डंडे' नहीं, अब 'संवाद' ही रास्ता होगा। इस पर केंद्रीय और राज्य संगठन की सहमति बन चुकी है। अब जहां पर जेन-जी या जेन-अल्फा सड़क पर प्रदर्शन करेंगे, उस जिले के सिर्फ युवा अफसर उनसे बातचीत करेंगे। वो भी अफसर की तरह नहीं, दोस्त की तरह। वो बातें सुनेंगे, जहां तक संभव होगा, मौके पर ही समस्या खत्म की जाएगी, जिससे बच्चों में सरकार के लिए भरोसा बने। SOP में यह भी साफ किया जा रहा कि किसी भी स्थिति में प्रदर्शन करने वाले छात्रों पर मुकदमे नहीं होंगे। जेन-जी तक सरकार की मजबूत पैठ के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने नई 'यूथ पॉलिसी' लाने का ऐलान किया है। इसमें सरकार 4 बड़े कदम उठाने जा रही है- 1. युवा आयोग बनेगा- इसमें प्रशासनिक अधिकारियों के बजाए युवाओं और छात्र प्रतिनिधियों की भागीदारी होगी। वो अपनी समस्याओं, प्राथमिकताओं और नीतियों को सीधे सरकार के सामने रख सकेंगे। 2. रोजगार बढ़ाएंगे- सभी भर्ती आयोगों (UPPSC, UPSSSC, शिक्षा सेवा चयन आयोग) को रिक्त पदों पर नियुक्ति करने और भर्ती परीक्षाओं के रिजल्ट जल्दी जारी करने के लिए कहा गया है। 3. आउटसोर्स सेवा निगम भर्तियां करेगा- आयोग अगस्त महीने से काम शुरू करने लगेगा। दिसंबर से पहले 1 लाख नई भर्तियां होनी है, जिनमें जेन-जी को सबसे ज्यादा जॉब मिलेंगी। राज्य परिवर्तन आयोग में साइबर सुरक्षा निदेशक, चीफ टेक्नोलॉजी ऑफिसर और स्टेट डेटा अथॉरिटी से जुड़े पदों पर सीधी भर्तियों तेजी से होंगी। 4. हाईटेक सेक्टर्स में जॉब - एआई, रोबोटिक्स, सेमीकंडक्टर, डेटा सेंटर और साइबर सुरक्षा जैसे क्षेत्रों में 75 हजार सीधी जॉब दी जा रही है। अब यूपी पुलिस की SOP जानिए यूपी के DGP राजीव कृष्ण बताते हैं- युवा वर्ग बहुत आगे की सोच रहा है। उनकी सीखने की क्षमता ज्यादा है। वो देश का अच्छा-बुरा समझते हैं। युवा वर्ग से जुड़ने के लिए उनके बातचीत के तौर-तरीकों को समझना होगा। इसलिए राज्य की पुलिस के लिए नए सिरे से SOP तैयार की जा रही है- जेन-जी, जेन-अल्फा संवेदनशील क्यों माने जा रहे… सड़कों पर क्यों उतरने लगे बच्चे? लोकल प्रेशर खत्म हो गया क्लिनिकल साइकोलॉजिस्ट डॉ. कृष्ण दत्त कहते हैं- पहले गांव और शहरों के सभी वर्ग के बच्चे सरकारी स्कूलों में पढ़ते थे। चाहे गरीब हो या अमीर। ऐसे में प्रभावशाली लोग इन स्कूलों की जरूरतों पर नजर रखते थे। शिक्षा के निजीकरण के बाद जो सक्षम लोग थे, उनके बच्चे प्राइवेट स्कूलों में चले गए। अब सरकारी स्कूलों में सिर्फ निम्न आय वर्ग के बच्चे पढ़ते हैं। जिससे लोकल दबाव खत्म हो गया और व्यवस्थाएं चरमरा गईं। सरकारी स्कूलों में अगर सरकारी अफसरों के बच्चे पढ़ें, तो देखिए कैसे स्कूलों की दशा बदल जाएगी। अफसरों को अभिभावक जैसा व्यवहार करना चाहिए बेसिक शिक्षा विभाग के पूर्व निदेशक सर्वेंद्र विक्रम बहादुर सिंह कहते हैं- लखनऊ और फतेहपुर में बच्चे जिस तरह से सामने आए, ये सब कुछ उन्होंने तो प्लान नहीं किया था। इन जिलों के जेन-जी भी इसके पीछे हो सकते हैं। बच्चे इस माइंडसेट में नहीं होते कि वह प्रदर्शन करें या धरना दें। यह भी देखने में आया है कि शिक्षा विभाग के अफसर जब इन स्कूलों में जाते हैं, तो वह बच्चों के साथ अभिभावकों जैसा व्यवहार नहीं करते। सिर्फ कागजों में दिखाने के लिए निरीक्षण होते हैं। लाल किले से संघ तक... युवाओं को साधने की कवायद ABVP छात्रों के साथ, जिम्मेदारी- राष्ट्रविरोधी ताकतें इस्तेमाल न कर सकें अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) की प्रदेश मंत्री अर्पण कुशवाहा कहती हैं- शिक्षा व्यवस्था में अव्यवस्थाएं हैं। अधिकार और अपने भविष्य के लिए जेन-जी, जेन-अल्फा सड़क पर उतर रहा है। छात्रों के पास सारा डेटा है। सभी सूचनाएं हैं। अपने अधिकारों के लिए सड़क पर उतरना ठीक भी है। बस तरीका न्यायपूर्ण होना चाहिए। एबीवीपी छात्रों के साथ खड़ा है। देखना होगा कि कोई राष्ट्रविरोधी ताकत उनका इस्तेमाल न कर सके। ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें - लखनऊ में जेन-अल्फा छात्राएं सड़कों पर, हाईवे जाम किया, बोलीं- टीचर नहीं, पढ़ें कैसे? 8KM पैदल चलीं लखनऊ में शिक्षकों की कमी को लेकर जेन-अल्फा ने एक बार फिर सड़कों पर उतरकर जोरदार प्रदर्शन किया। सोमवार सुबह 7 बजे बारिश के बीच करीब 250 जेन-अल्फा छात्राएं दुबग्गा-कानपुर बाईपास चौराहे पर इकट्ठा हुईं। सड़क पर बैठकर जाम लगा दिया। छात्राएं मोहान रोड स्थित जयप्रकाश नारायण सर्वोदय बालिका विद्यालय से ढाई किमी चलकर यहां तक पहुंचीं। 6वीं से 12वीं कक्षा तक के इस स्कूल को समाज कल्याण विभाग चलाता है। पढ़िए पूरी खबर...
निशुल्क एवं अनिवार्य बाल शिक्षा का अधिकार (आरटीई) अधिनियम के तहत निजी स्कूलों की 25 प्रतिशत आरक्षित सीटों पर नामांकन के लिए बुधवार को दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी हुई। समाहरणालय स्थित एनआईसी सभागार में डीडीसी संजय कुमार भगत की अध्यक्षता में लॉटरी प्रक्रिया संपन्न हुई। इसमें 224 पात्र आवेदनों में से 35 निजी स्कूलों की 183 उपलब्ध सीटों के लिए चयन किया गया। ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से 89 बच्चों का चयन हुआ। चयनित बच्चों का संबंधित स्कूलों में एक सप्ताह के भीतर नि:शुल्क नामांकन कराया जाएगा। इन बच्चों को कक्षा आठवीं तक मुफ्त शिक्षा मिलेगी। लॉटरी के दौरान जिला शिक्षा पदाधिकारी वसीम अहमद, जिला शिक्षा अधीक्षक बादल राज, सहायक जिला सूचना एवं विज्ञान पदाधिकारी रीमा कुजूर समेत शिक्षा विभाग के अधिकारी मौजूद रहे। सत्र 2026-27 के लिए आरटीई के दोनों चरणों में अब तक कुल 722 सीटों पर नामांकन सुनिश्चित किया जा चुका है। अब भी 425 सीटें रह गईं खाली शैक्षणिक सत्र 2026-27 में आरटीई के तहत जिले के 116 निजी स्कूलों की 1147 आरक्षित सीटों पर नामांकन प्रक्रिया चल रही है। पहले चरण में 555 बच्चों का नामांकन हुआ था। कुछ आवेदन स्कूल के लॉगिन में वापस भेजे गए थे। पहले चरण के बाद 592 सीटें खाली रह गई थीं। इन्हीं रिक्त सीटों के लिए दूसरे चरण की ऑनलाइन लॉटरी कराई गई। दूसरे चरण के बाद अब कुल 722 सीटों पर नामांकन सुनिश्चित हो चुका है। इसके बावजूद जिले के निजी स्कूलों में आरटीई की 425 सीटें अभी भी खाली हैं। पिछले साल भी आरटीई के तहत 1217 आरक्षित सीटें थीं। इनमें मात्र 672 बच्चों का ही नामांकन हो सका था। यानी बड़ी संख्या में सीटें खाली रह गई थीं।
अखिलेश यादव का एक बयान काफी चर्चा में है। 15 अगस्त को पार्टी दफ्तर में उन्होंने कार्यकर्ताओं से कहा- चुनाव में समय कम है। ध्यान रखना कोई ऐसा स्टेटमेंट नहीं आना चाहिए, जिसका फायदा BJP उठा ले। राजनीतिक गलियारों में इसे शिवपाल के बयान से जोड़ा गया। रामपुर दौरे पर उन्होंने कहा था- ‘सरकार बनते ही आजम खान पर हुए हर जुल्म का बदला लेंगे। उन्हें गृहमंत्री बनाया जाएगा। आजम और संभल सांसद जियाउर्रहमान के सारे मुकदमे वापस लिए जाएंगे।’ आज यूपी एक्सप्लेनर में जानेंगे कि अखिलेश ने सपा नेताओं को नसीहत क्यों दी? वे बिना किसी का नाम लिए क्या संदेश देना चाहते थे? सवाल-1: अखिलेश पार्टी नेताओं के बयानों पर कंट्रोल करने की कोशिश क्यों कर रहे? जवाब: अखिलेश को डर है कि नेताओं के बयान सपा की चुनावी रणनीति और मुद्दे भटका सकते हैं। इसे 3 पॉइंट में समझ सकते हैं… सॉफ्ट हिंदुत्व का माहौल बना रहे कोई जाति-समुदाय नाराज न हो जाए सपा के खिलाफ नैरेटिव न बने सवाल-2: सपा नेताओं के बयानों को BJP चुनावी हथियार कैसे बनाती है?जवाब: इसे 2022 के विधानसभा चुनाव में सपा नेताओं के विवादित बयानों और उसके नुकसान से समझ सकते हैं… अगस्त, 2021- स्वतंत्रता सेनानियों से तालिबान की तुलना मार्च, 2022- सरकार बनने पर अफसरों का हिसाब होगा अब्बास का पूरा बयान सुनिए… दिसंबर, 2022- बच्चा पैदा होने से पहले आजम की इजाजत मांगता है सवाल-3: 2027 से पहले सपा की सबसे बड़ी चुनौती क्या है? जवाब: राजनीतिक जानकारों का मानना है कि सपा के सामने ये दोनों ही चुनौतियां बड़ी हैं। लेकिन, राजनीतिक संदर्भ और चुनावी समय को देखें तो बयानबाजी पर कंट्रोल रखना प्राथमिक चुनौती होगी। ------------------------------------- ये एक्सप्लेनर भी पढ़ें… संसद में भगवा ड्रामा पर सपा ने यू-टर्न क्यों लिया, रामगोपाल बोले- गलत हुआ; क्या संतों के गुस्से से बैकफुट पर आए अखिलेश? विपक्षी सांसद 31 जुलाई को संसद परिसर में राम मंदिर चढ़ावा चोरी पर विरोध प्रदर्शन कर रहे थे। बिहार की पूर्णिया सीट से निर्दलीय सांसद पप्पू यादव भी वहां पहुंचे। भगवा कपड़े पहनकर साधु बने और चंदा चोरी का ड्रामा किया। इससे देशभर के साधु-संत भड़क गए। पप्पू के अलावा सबसे ज्यादा विरोध सपा और अयोध्या सांसद अवधेश प्रसाद का हुआ। सवाल ये है कि नाटक पप्पू यादव ने किया तो साधु-संत सपा से क्यों नाराज हैं? पढ़िए यूपी एक्सप्लेनर में…
राजधानी रांची समेत झारखंड के सभी जिलों में डीप डिप्रेशन का असर बरकरार है। बुधवार को रांची में दिनभर रुक-रुक कर बारिश होती रही। दिनभर में 6 मिमी वर्षा दर्ज की गई। गुरुवार को भी राजधानी में बादल छाए रहेंगे। हल्की बारिश के भी आसार हैं। पिछले 24 घंटे में रामगढ़ के पतरातू में सर्वाधिक 190 मिमी बारिश दर्ज की गई। मौसम विभाग ने गुरुवार के लिए गढ़वा, पलामू, लातेहार, लोहरदगा, गुमला और सिमडेगा में भारी बारिश का यलो अलर्ट जारी किया है। लगातार हो रही बारिश से रांची सहित सात जिलों में इस मानसून का सामान्य वर्षा कोटा पूरा हो गया है। मंगलवार तक छह जिले सामान्य वर्षा के स्तर पर पहुंच चुके थे, जबकि बुधवार को लातेहार भी इस सूची में शामिल हो गया। सामान्य से 4 प्रतिशत अधिक बारिश दर्ज की गई है। वहीं, पूरे राज्य में अब तक 633.6 एमएम बारिश हुई है जो सामान्य से 10 प्रतिशत कम है। सिस्टम कमजोर, फिर भी होगी बारिश उत्तरी झारखंड और उससे सटे दक्षिण-पश्चिम बिहार के ऊपर बना निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम की ओर बढ़ने के साथ कमजोर हुआ है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से लगातार आ रही नम हवाओं के कारण राज्य के ऊपर पर्याप्त नमी बनी हुई है। इसी वजह से गुरुवार को भी रांची समेत कई जिलों में गरज-चमक के साथ तेज से भारी बारिश होने की संभावना है। अभिषेक आनंद, मौसम वैज्ञानिक
इंदौर के अलग-अलग वार्डों से सामने आ रही जनसमस्याओं के समाधान में दैनिक भास्कर एप का 'भास्कर समाधान' सेगमेंट लगातार प्रभावी साबित हो रहा है। इस मंच के जरिए नागरिक अपनी समस्याएं सीधे जिम्मेदार अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों तक पहुंचा रहे हैं। शिकायत पोस्ट होते ही संबंधित विभाग और जनप्रतिनिधि संज्ञान लेकर कार्रवाई कर रहे हैं, जिससे लोगों को समय पर राहत मिल रही है। ( आमजन से जुड़ी जनसमस्याएं और शहर की जमीनी हकीकत पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें… ) वार्ड 57 के प्रभारी दरोगा राजेश खरे बने आज के ‘स्टार ऑफिसर’ जेल रोड, शालीमार बाग क्षेत्र में रोजाना कचरा फेंके जाने से रहवासी परेशान थे। शिकायतकर्ता मोतीलाल राय ने बताया कि सफाई नहीं होने से पूरे ग्राउंड में गंदगी फैली हुई थी और यहां आने वाले लोगों को बदबू का सामना करना पड़ रहा था। शिकायत ‘भास्कर समाधान’ पर सामने आने के बाद वार्ड 57 के प्रभारी दरोगा राजेश खरे ने मामले पर संज्ञान लिया और मौके पर सफाई करवाकर कचरा हटवाया। सफाई होने से क्षेत्रवासियों को राहत मिली। एप से लोगों को मिल रहा समाधान मोती तबेला: खराब स्ट्रीट लाइट हुई चालू मोती तबेला क्षेत्र में बीच सड़क की स्ट्रीट लाइट पिछले दो दिनों से खराब थी। शिकायतकर्ता अभिषेक सक्सेना ने बताया कि अंधेरा होने से लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी और दुर्घटना का खतरा बना हुआ था। शिकायत भास्कर समाधान पर सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने स्ट्रीट लाइट ठीक कर समस्या का समाधान किया। इसकी पुष्टि शिकायतकर्ता ने स्वयं की है। सड़क, स्ट्रीट लाइट, सीवेज और जलभराव से परेशान इंदौरवासी अहिल्यापुरी: खुदाई के बाद खराब सड़क, रहवासी परेशान विद्याधाम गोशाला के सामने 60 फीट रोड से अभिकापुरी एक्सटेंशन रोड पर खुदाई के बाद सड़क को सही तरीके से रिपेयर नहीं किए जाने की शिकायत दर्ज की गई है। शिकायतकर्ता ने लिखा कि सड़क खराब होने से बारिश के दौरान लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। तुलसी नगर: सड़क खुदी, जलभराव से बढ़ी परेशानी आरआर एवेन्यू रोड से तुलसी नगर चौराहे तक सड़क खुदी होने से वाहन चालकों को परेशानी हो रही है। शिकायतकर्ता प्रवीण त्रिवेदी ने लिखा कि बारिश का पानी सड़क पर जमा रहने से मच्छर पनप रहे हैं और बीमारियों का खतरा बना हुआ है। पलासिया: स्ट्रीट लाइट बंद, रात में अंधेरा शुभ सिटी से तेजाजी चौक और आरटीओ की ओर जाने वाली सड़क की स्ट्रीट लाइट लंबे समय से बंद होने की शिकायत मनीष सिंघल ने दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि सड़क के दोनों ओर अंधेरा रहने से रात में दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है। स्ट्रीट लाइट चालू नहीं होने से रहवासी परेशान हैं। इंदौर: ड्रेनेज का पानी सड़क पर, रहवासी परेशान इंद्रपुरी कॉलोनी में ड्रेनेज का पानी सड़क पर बहने की शिकायत हरजिंदर ने दर्ज कराई है। उन्होंने लिखा कि पिछले काफी समय से सड़क पर पानी बह रहा है। शिकायत करने के बावजूद अभी तक समस्या का समाधान नहीं हुआ है। इससे स्थानीय लोगों को आने-जाने में परेशानी हो रही है। पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा डिजिटल प्लेटफॉर्म दैनिक भास्कर एप पर भास्कर समाधान सेगमेंट देश का पहला ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी खुद अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू पोस्ट कर सकते हैं। यह पब्लिक को आवाज देने का सबसे बड़ा माध्यम बना है। एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। अधिकारी बता सकेंगे, क्या एक्शन लिया दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है, तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहें तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। यूजर बता सकते हैं, समाधान हो गया एप को यूजर्स के लिए भी काफी आसान बनाया गया है और नए फीचर्स जोड़े गए हैं। किसी समस्या का समाधान होने पर यूजर्स बता सकते हैं कि उनकी शिकायत दूर कर दी गई है। भास्कर समाधान सेगमेंट बदलाव लाने की दिशा में एक सकारात्मक पहल है। इसके पीछे भास्कर एप की सोच यही है कि शहर के हर कोने से लोगों की समस्याएं प्रशासन तक रियल टाइम पहुंचें, ताकि आमजन और प्रशासन के बीच एक सेतु बन सके। लोग सीधे अपनी बात कह सकें। ऐसे में सरकार और अधिकारियों को चाहिए कि वे इन पोस्ट को सकारात्मक रूप से लें और समाधान का रास्ता चुनें।
गोरखपुर के राजघाट इलाके के नार्मल स्थित कस्तूरबा गांधी बालिका आवासीय विद्यालय (KGBV) से मंगलवार रात करीब 8:30 बजे तीन छात्राएं हॉस्टल से भाग गईं। नाबालिग छात्राओं के लापता होने की सूचना मिलते ही ढूंढने के लिए राजघाट, कोतवाली और तिवारीपुर थानों की पांच पुलिस टीमें लगाईं गईं। 150 से अधिक सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालने के बाद पुलिस ने बुधवार शाम करीब 6 बजे तक तीनों छात्राओं को बिहार से बरामद कर लिया। तीनों छात्राओं को वन स्टॉप सेंटर में रखकर काउंसिलिंग की जा रही है। छात्राओं ने पूछताछ में बताया कि वे हाई-फाई जीवन जीना चाहती हैं। सपना है कि एक दिन उनके पास भी कार और बंगला हो। इसलिए तीनों ने बाहर जाकर नौकरी करने का प्लान बनाया था। पकड़े जाने पर छात्राएं बोलीं कि उनका सपना टूट गया। पॉकेट मनी खर्च कर बिहार पहुंच गईं तीनों छात्राओं की उम्र 13, 16 और 17 वर्ष है। पुलिस के मुताबिक, हॉस्टल से निकलते समय छात्राओं के पास उनकी पॉकेट मनी थी। पूछताछ में उन्होंने बताया कि पहले तीनों रेलवे स्टेशन और बस स्टैंड के आसपास घूमती रहीं। इसके बाद एक छात्रा के रिश्तेदार सिंघड़िया में रहते हैं, तीनों वहां चली गईं। वहां सुबह एक छात्रा रुक गई जबकि दो अन्य नंदानगर बस स्टैंड पहुंचीं। बस से बिहार के गोपालगंज चली गईं। छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद पुलिस शहर के अलग-अलग स्थानों पर लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही थी। शहर के 150 से अधिक कैमरों की जांच में दोनों छात्राएं नंदानगर के पास दिखाई दीं। इसके आधार पर पुलिस की एक टीम वहां पहुंची और पूछताछ में उनके गोपालगंज जाने की जानकारी मिली। टीम गोपालगंज पहुंची तो पता चला कि छात्राएं वहां से गोरखपुर जाने वाली बस में सवार होकर निकल चुकी हैं। इसके बाद पुलिस ने बस स्टैंड पर टीम तैनात कर दी। बुधवार शाम करीब 6 बजे दानों छात्राओं को वहीं से बरामद कर लिया गया। वहीं, एक छात्रा को सुबह ही रिश्तेदार के घर पर मिल गई थी। हॉस्टल से आजाद होना चाहती थींपुलिस की पूछताछ में छात्राओं ने बताया कि वे हॉस्टल की जिंदगी से ऊब गई थीं और बाहर घूमना चाहती थीं। उन्हें नौकरी करके जल्दी अमीर बनना था। इसी वजह से उन्होंने हॉस्टल से निकलने का फैसला किया। करीब एक दिन बाद उन्हें अपने फैसले पर पछतावा हुआ और वे वापस लौट आईं। जांच में यह भी सामने आया कि इनमें से एक छात्रा पहले भी हॉस्टल से भाग चुकी थी। इस संबंध में एसपी सिटी निमिष पाटील ने बताया कि छात्राओं के लापता होने की सूचना के बाद जांच के लिए पांच टीमें लगाई गई थीं। तीनों को बरामद कर लिया गया है। वन स्टॉप सेंटर में उनकी काउंसिलिंग की जा रही है।
मोतियाबिंद की समस्या थी। तब एक मिठाई वाले ने मंदिर के सामने से आश्रम लाकर छोड़ दिया। मैं अकेली थी और सुरक्षित ठिकाना जरूरी था। तब से यही हूं। एक बार बेटा आया था और बोला- अगले गुरुवार को आऊंगा। वह फिर कभी नहीं आया। 80 बुजुर्ग की बुजुर्ग अंजली श्रीवास्तव ये बातें कह रही थीं, तब उनकी आंखों में बेटे के लौट आने की उम्मीद उभर आती हैं। 10 साल से इंतजार में दिन काट रही बुजुर्ग से पूछा गया कि क्या उन्हें अब भी उम्मीद है कि बेटा कभी आएगा? जवाब मिला- जबसे आई हूं, कोई दिन नहीं आया, जब उसका इंतजार नहीं किया हो। दरअसल, भोपाल में संचालित 'अपना घर' वृद्धाश्रम में 4 अगस्त 2026 को एक 70 साल के बुजुर्ग की मौत हो गई थी। घटना के दो दिन बाद तक शव इस उम्मीद में रखा रहा कि शायद उनका कोई अपना आएगा। लेकिन, 2 बेटों और 2 बेटियों के होने के बाद भी कोई नहीं आया। आखिरकार पुलिस की मदद से आश्रम के लोगों ने ही अंतिम संस्कार कर दिया। इस झकझोर देने वाली घटना के बाद दैनिक भास्कर की टीम 'अपना घर' आश्रम पहुंची। वहां रह रहे बुजुर्गों से बात की। इस दौरान उन्होंने अपनों की बेरुखी का दर्द बयां किया। किसी के पास परिवार है, लेकिन साथ नहीं है। किसी ने परिवार से दूरी बना ली है और किसी की आखिरी उम्मीद अब आश्रम ही है। इन बुजुर्गों की बातों में सबसे ज्यादा दर्द उस इंतजार का है, जो खत्म ही नहीं हो रहा। कोई 10 साल से बेटे के आने का इंतजार कर रही है तो कोई मान चुका है कि अंतिम समय में भी परिवार नहीं आएगा। पढ़िए, यह रिपोर्ट… अंजली श्रीवास्तव बोलीं- अब किसी के आने की उम्मीद नहीं भोपाल की रहने वाली अंजली श्रीवास्तव को करीब 10 साल पहले परिवारजनों से विवाद के बाद उन्हें घर से निकाल दिया गया था। किसी मंदिर के सामने बेसहारा बैठीं अंजली श्रीवास्तव को मिठाई की दुकान संचालित करने वाला कोई व्यक्ति ‘अपना घर’ आश्रम पहुंचा गया था। अब 80 साल की हो चुकीं अंजली बतातीं हैं कि उन्हें आज भी अपने बेटे के उस वादे के पूरा होने का इंतजार है, जो उसने तब किया था। वह हर इंतजार करती हैं कि शायद उनका बेटा उन्हें लेने आ जाए। हाल ही में साथ रहने वाले बुजुर्ग घनश्याम की मौत को लेकर जब उनसे पूछा गया कि क्या परिवार से कोई आएगा? इसके जवाब में अंजली कहती हैं कि उन्हें अब किसी के आने की उम्मीद नहीं है। रंगमंच से पहचान बनाई, अब आश्रम ही अपना परिवार आश्रम में रह रहीं रानी चंद्र सक्सेना की जिंदगी की कहानी भी कम दिलचस्प नहीं है। वह भारत भवन की रंगकर्मी और थिएटर आर्टिस्ट रही हैं। उन्होंने वर्ष 1980 में भारत भवन जॉइन किया था। उस दौर में प्रसिद्ध रंग निर्देशक बाबा कारंत के निर्देशन में उन्होंने कई नाटकों में अभिनय किया और देश के अलग-अलग हिस्सों में थिएटर प्रस्तुतियों के लिए यात्रा की। रानी चंद्र बताती हैं कि उन्हें नाटकों के लिए सम्मान भी मिले। ‘स्कंदगुप्त’ नाटक के मंचन के दौरान उन्हें तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह से पुरस्कार मिला था। उन्होंने कन्याकुमारी तक जाकर प्रस्तुतियां दीं और लंबे समय तक रंगमंच से जुड़ी रहीं। वर्ष 1995 के आसपास बाबा कारंत के निधन के बाद परिस्थितियां बदलीं और संस्था से उनका जुड़ाव भी खत्म हो गया। इसके बाद उन्होंने ऑल इंडिया रेडियो में ऑडिशन दिया और चयनित हुईं। करीब पांच साल तक वहां काम किया। इसके बाद दूरदर्शन के प्रादेशिक समाचार में करीब एक साल तक समाचार वाचन भी किया। रानी कहती हैं कि जिंदगी में उन्होंने बहुत कुछ किया, लेकिन परिस्थितियों ने उन्हें धीरे-धीरे आश्रम तक पहुंचा दिया। पति फिशरीज विभाग में डायरेक्टर थे, बेटा विदेश में रानी चंद्र के पति देवेंद्र सक्सेना फिशरीज विभाग में डायरेक्टर थे। उनका एक बेटा है, जो विदेश में रहता है। बेटियां नहीं हैं। रानी बताती हैं कि परिवार के साथ रहने के दौरान परिस्थितियां ठीक नहीं रहीं। व्यवहार अच्छा नहीं था, इसलिए उन्होंने परिवार से अलग होकर आश्रम में रहना स्वीकार किया। वह कहती हैं, मैंने सब कुछ छोड़ दिया और यहां आ गई। मुझे यहां किसी चीज की कमी नहीं है। मैं बहुत खुश हूं। 15 साल से आश्रम में रह रहीं रानी अब आश्रम को ही अपना परिवार मानती हैं। हाल की घटना के बारे में उनसे पूछा गया कि अगर उनकी मौत हो जाए तो अंतिम संस्कार कौन करेगा? रानी का जवाब बिल्कुल स्पष्ट था- माधुरी मिश्रा जी करेंगी। किसी को बुलाने की जरूरत नहीं है। मेरा बेटा विदेश से यहां आएगा, यह संभव नहीं है। मुझे यहीं मरना है और इन्हीं के हाथों मुझे जाना है। जो कुछ है, अब यही मेरा है। 'परिवार से कोई नहीं आता, फिर भी मैं खुश हूं' रानी कहती हैं कि उन्होंने जिंदगी में बहुत काम किया। भारत भवन में थिएटर किया, देशभर में मंचन किए, आकाशवाणी और दूरदर्शन में काम किया। लेकिन आज उनका सबसे बड़ा सहारा आश्रम है। वह कहती हैं, यहां मुझे 15 साल हो गए। बहुत लोगों को यहां से जाते देखा है। किसी के परिवार वाले आते हैं, किसी के नहीं आते। मेरे लिए तो यही लोग हैं। उनकी बात में शिकायत कम और स्वीकार्यता ज्यादा है। वह कहती हैं कि अब उन्हें परिवार से कोई उम्मीद नहीं है। सुधीर बोले- 'ऐसी घटनाएं देखते-देखते अब चिंता होने लगी है' आश्रम में रहने वाले सुधीर भी लंबे समय से यहां हैं। उन्होंने बताया कि वह अपनी मां-पिता और दो बहनों के साथ रहते थे। पारिवारिक परिस्थितियों के कारण उन्हें आश्रम आना पड़ा। उनके पिता गैस एंड पावर प्लांट में सुपरवाइजर थे। सुधीर बताते हैं कि उनके साथ भी ऐसी परिस्थितियां बनीं कि आखिरकार उन्हें यहां आना पड़ा। हाल की घटना के बारे में उनका कहना है कि आश्रम में बुजुर्गों के आने-जाने और उनके परिवारों के नहीं पहुंचने की घटनाएं वे लंबे समय से देख रहे हैं। आए दिन ऐसी घटना घटती रहती है। फिर हम लोगों को भी चिंता होने लगती है कि हमारा क्या होगा? किस-किस की टेंशन लेकर बैठें? हम जहां हैं, खुश हैं। कोई मां-बाप अपनी मर्जी से घर नहीं छोड़ता' 'अपना घर' वृद्धाश्रम की संचालिका माधुरी मिश्रा पिछले करीब 30 वर्षों से बुजुर्गों की सेवा कर रही हैं। उनके मुताबिक आश्रम में आने वाला कोई भी माता-पिता अपनी इच्छा से घर छोड़कर नहीं आता। जब मां-बाप घर की दहलीज लांघते हैं तो वे एक जिंदा लाश की तरह जीवन जीते हैं। कौन अपनी चारदीवारी छोड़ना चाहता है? हमारा प्रयास रहता है कि आश्रम में आने वाले बुजुर्ग उन्हें परिवार का हिस्सा मानें। किसी बुजुर्ग की मौत के बाद जब परिवार नहीं आता तो उसका असर सिर्फ उस बुजुर्ग की मौत तक सीमित नहीं रहता। आश्रम में रह रहे बाकी बुजुर्ग भी डर जाते हैं। वे देखते हैं कि मैं परेशान हूं, फोन कर रही हूं, लोगों को बुला रही हूं। उनके मन में सवाल आता है कि क्या हमारा भी ऐसा होगा? हम भी अकेले पड़ जाएंगे? विदेश तो छोड़ो, लोकल वाले भी नहीं आते माधुरी मिश्रा बतातीं हैं कि यह समस्या केवल उन परिवारों तक सीमित नहीं है जो दूसरे शहर या विदेश में रहते हैं। कई बार स्थानीय परिजन भी अंतिम समय में नहीं आते हैं। कई बार लोकल के रहने वाले परिजन भी ऐन मौके पर नहीं पहुंच पाते हैं। जबकि उन्हें ले जाने की व्यवस्था हो जाती है। आज जो परिस्थितियां हैं, वे बहुत दुखद हैं। एक बुजुर्ग का घर से चले जाना पूरे परिवार के लिए भावनात्मक घटना होनी चाहिए, लेकिन कई परिवारों में बुजुर्गों को ही बोझ समझ लिया जाता है। यह खबर भी पढ़ें… कारोबारी की मौत पर चेहरा देखने तक नहीं आए बेटे-बेटियां एक पिता ने जिंदगी भर मेहनत कर अपने चार बच्चों को पाला। जो कुछ कमाया, उनके बीच बांट दिया। जिंदगी के आखिरी पड़ाव पर उसी पिता को अपनों से दूर वृद्धाश्रम में रहना पड़ा। मौत के बाद बच्चे उनका चेहरा देखने तक नहीं पहुंचे। पूरी खबर यहां पढ़ें... बेटों ने छोड़ा, बहुओं ने ठुकराया मां…सिर्फ एक शब्द नहीं, पूरा संसार है। मां जीवन का आधार है, लेकिन वक्त का सबसे दर्दनाक सच यह है कि जिस मां ने बच्चों को उंगली पकड़कर चलना सिखाया, आज वही मां उम्र के आखिरी पड़ाव पर सहारे की मोहताज है। बेटों ने घर से निकाल दिया, बहुओं ने साथ छोड़ दिया। फिर भी इन माताओं की जुबान पर शिकायत नहीं, सिर्फ बच्चों के लिए दुआ है। पढ़ें पूरी खबर…
जामताड़ा में बरनवाल महिला समिति ने धूमधाम से मनाया सावन महोत्सव
गायछांद मोहल्ले में बुधवार को बरनवाल महिला समिति की ओर से सावन महोत्सव का आयोजन हर्षोल्लास के साथ किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व समिति की अध्यक्ष रीता बरनवाल ने किया। सावन महोत्सव में बरनवाल समाज की महिलाओं ने बड़ी संख्या में भाग लिया। कार्यक्रम उत्सवमय हो गया। इस अवसर पर महिलाएं हरे रंग की साड़ी, हरी चूड़ियां, और हाथों में मेहंदी लगाकर पारंपरिक अंदाज में शामिल हुईं। पूरे आयोजन स्थल पर सावन की हरियाली और उत्साह का माहौल दिखा। महिलाओं ने एक-दूसरे को सावन की शुभकामनाएं दीं। उन्होंने मिल-जुलकर महोत्सव का आनंद लिया। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं के बीच आपसी मेलजोल और सामाजिक एकजुटता भी दिखी। वहीं बरनवाल महिला समिति की अध्यक्ष रीता बरनवाल ने कहा कि सावन महोत्सव हमारी संस्कृति, परंपरा, और आपसी भाईचारे से जुड़ा पर्व है। ऐसे आयोजनों का उद्देश्य महिलाओं को एक मंच पर लाना है। आपसी प्रेम और सामाजिक एकता को मजबूत करना है। महोत्सव में महिलाओं ने हरे परिधानों और पारंपरिक शृंगार के साथ सावन की खुशियां साझा कीं। कार्यक्रम के सफल आयोजन को लेकर समिति की सदस्यों में काफी उत्साह दिखा। आयोजन के दौरान महिलाओं ने मिलकर सावन के पारंपरिक उल्लास को जीवंत कर दिया। मौके पर बरनवाल महिला समिति के सदस्य नीतू बरनवाल, ज्योति बरनवाल, ममता बरनवाल, अंजना बरनवाल, स्नेहा बरनवाल, स्मिता बरनवाल, बुलबुल बरनवाल, रेखा बरनवाल, सुनीता बरनवाल, के साथ बच्चे-बच्चियों ने भी इस श्रावण महोत्सव को एकजुट होकर मनाया।
घर में चल रहा था अवैध शराब का कारोबार, पुलिस ने 69 बीयर के साथ एक को दबोचा
बाबूपुर में घर से कथित रूप से चल रहे अवैध शराब कारोबार के खिलाफ तीनपहाड़ पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई की। गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने बाबूपुर निवासी मेघनाथ नोनिया के घर पर छापेमारी की। छापेमारी में अलग-अलग ब्रांड की कुल 69 बोतल शराब और बीयर बरामद की गई। पुलिस ने मौके से आरोपी मेघनाथ नोनिया को गिरफ्तार कर लिया। तीनपहाड़ थाना परिसर में राजमहल पुलिस निरीक्षक राजीव रंजन ने बताया कि पुलिस को सूचना मिली थी कि बाबूपुर निवासी मेघनाथ नोनिया, पिता स्व. रामहरत नोनिया, अपने घर से अवैध रूप से शराब बेच रहा है। सूचना का सत्यापन करने के बाद पुलिस टीम ने उसके घर पर दबिश दी। तलाशी के दौरान शराब और बीयर बरामद हुई। इसके बाद आरोपी को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, बरामद शराब में रॉयल स्टैग व्हिस्की 180 एमएल की 7 बोतल, गॉडफादर बीयर 500 एमएल की 34 बोतल, किंगफिशर बीयर 500 एमएल की 21 बोतल तथा कार्ल्सबर्ग एलीफेंट बीयर 500 एमएल की 7 बोतल शामिल हैं। कुल 69 बोतल शराब-बीयर जब्त की गई हैं। पुलिस के स्वलिखित बयान के आधार पर तीनपहाड़ थाना में मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने प्राथमिकी अभियुक्त मेघनाथ नोनिया को विधिवत गिरफ्तार किया। प्रभारी गौरव भगत ने कहा कि थाना क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और कारोबार के खिलाफ पुलिस का अभियान लगातार जारी रहेगा। पुलिस की कार्रवाई के बाद क्षेत्र में अवैध शराब कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मचा हुआ है।
बरहरवा स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के दौरान यात्री गिरकर घायल
मालदा डिवीजन के बरहरवा जंक्शन रेलवे स्टेशन पर बुधवार अहले सुबह साप्ताहिक मुंबई एलटीडी एक्सप्रेस में चढ़ने के दौरान एक यात्री गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। घायल की पहचान प्रखंड क्षेत्र के हरिहरा निवासी 40 वर्षीय ताहिदुर शेख, पिता अब्दुल हादी, के रूप में हुई है। घटना के बाद मौके पर मौजूद आरपीएफ, जीआरपी के जवानों एवं यात्रियों की मदद से घायल ताहिदुर शेख को बरहरवा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया। वहां चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. अभय चौधरी ने प्रारंभिक उपचार के बाद एक्स-रे कराने की सलाह दी। परिजनों के अनुसार ताहिदुर शेख दिव्यांग हैं और मुंबई में मजदूरी का काम करते हैं। वह घर से मुंबई जाने की बात कहकर निकले थे। इसी दौरान बरहरवा स्टेशन पर ट्रेन में चढ़ने के क्रम में उनका पैर फिसल गया और वह प्लेटफार्म व ट्रेन के बीच गिर गए, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। घटना के बाद यात्रियों और रेलकर्मियों की मदद से उन्हें तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। उनकी स्थिति की गंभीरता को देखते हुए चिकित्सकों ने आगे की जांच कराने की सलाह दी है।
अवैध शराब के खिलाफ छापेमारी, 33 बोतल विदेशी शराब बरामद
श्रीकुंड बाजार में अवैध शराब के खिलाफ पुलिस ने छापेमारी अभियान चलाकर 33 बोतल विदेशी शराब बरामद की है। कार्रवाई कोटालपोखर थाना प्रभारी पवन कुमार के नेतृत्व में की गई। पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि श्रीकुंड बाजार में एक व्यक्ति के घर से अवैध शराब का कारोबार किया जा रहा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मंगलवार को अभियान शुरू किया और संबंधित घर में छापेमारी की। तलाशी के दौरान घर से कुल 33 बोतल विदेशी शराब बरामद हुई। पुलिस के अनुसार, बरामद शराब श्रीकुंड बाजार निवासी स्वरूप रविदास, पिता स्व. कार्तिक रविदास, के घर से मिली है। घर का मालिक मौके से फरार हो गया। थाना प्रभारी पवन कुमार ने बताया कि मामले में कोटालपोखर थाना सुसंगत धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है।
बंगाल-झारखंड सीमा पर एक करोड़ का ब्राउन शुगर बरामद
बंगाल-झारखंड सीमा पर मादक पदार्थों की तस्करी के खिलाफ सलानपुर थाना पुलिस और रूपनारायणपुर पुलिस फाड़ी को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर धनगुड़ी के काशीडांगा इलाके में कार्रवाई करते हुए करीब 510 ग्राम ब्राउन शुगर (हेरोइन) बरामद की। पुलिस के अनुसार, बरामद नशीले पदार्थ की काले बाजार में कीमत करीब एक करोड़ रुपये आंकी गई है। मामले में दो लोगों को गिरफ्तार किया गया है। सलानपुर थाना प्रभारी विश्वजीत मंडल को सूचना मिली थी कि बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ की खेप बंगाल से झारखंड की ओर ले जाई जाने वाली है। सूचना के आधार पर उनके नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। रूपनारायणपुर पुलिस फाड़ी प्रभारी सुमंगल सरकार के सहयोग से धनगुड़ी स्थित काशीडांगा इलाके में सुबह से निगरानी और घेराबंदी शुरू की गई। पुलिस को मिली थी संदिग्ध पिकअप वाहन की जानाकरी पुलिस को एक संदिग्ध पिकअप वाहन के बारे में जानकारी मिली थी। बताया गया कि वाहन बंगाल सीमा पार कर झारखंड के मिहिजाम की ओर जाने का प्रयास कर रहा था। इसी दौरान धनगुड़ी चौक के पास पुलिस ने वाहन को रोककर तलाशी ली। पहली नजर में वाहन में सिर्फ सिगरेट के पैकेट दिखाई दिए। संदेह होने पर पुलिस ने सिगरेट के पैकेट हटाकर वाहन की गहन तलाशी ली। इसी दौरान पैकेटों के बीच छिपाकर रखी करीब 510 ग्राम ब्राउन शुगर बरामद हुई।
हंसडीहा में रफ्तार का कहर: दो अलग-अलग सड़क दुर्घटनाओं में 2 लोगों की मौत,जाम
हंसडीहा थाना क्षेत्र में मंगलवार की शाम और देर रात हुए दो अलग-अलग सड़क हादसों में दो लोगों की मौत हो गई। दोनों घटनाओं के बाद इलाके में शोक और आक्रोश का माहौल है। पहला हादसा हंसडीहा-गोड्डा एनएच-133 पर बारीडीह गांव के समीप हुआ। दूसरा हादसा हंसडीहा-दुमका मुख्य मार्ग पर डाक बंगला के समीप हुआ। बारीडीह निवासी जितेंद्र महतो मंगलवार देर रात हंसडीहा से हटिया कर साइकिल से अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान गोड्डा की ओर से तेज रफ्तार में आ रही एक स्कॉर्पियो ने उनकी साइकिल में जोरदार टक्कर मार दी। हादसा इतना भीषण था कि जितेंद्र महतो की मौके पर ही मौत हो गई। दुर्घटना के बाद स्कॉर्पियो चालक वाहन लेकर फरार हो गया। घटना की सूचना मिलते ही हंसडीहा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। स्वजनों और ग्रामीणों ने मुआवजे व फरार वाहन चालक की गिरफ्तारी की मांग को लेकर एनएच-133 जाम कर दिया। जितेंद्र महतो परिवार के एकमात्र कमाऊ सदस्य थे। उनकी मौत से पत्नी और बच्चों के सामने भरण-पोषण का गंभीर संकट खड़ा हो गया है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मृतक के आश्रितों को उचित मुआवजा और सरकारी सहायता देने की मांग की। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर स्वजनों को सौंप दिया। वहीं दूसरी घटना हंसडीहा-दुमका मुख्य मार्ग पर डाक बंगला के समीप मंगलवार देर शाम हुई। सड़क किनारे जा रहे करीब 80 वर्षीय शिवपूजन जायसवाल को एक अज्ञात बाइक सवार ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद बाइक सवार फरार हो गया। सूचना मिलने पर हंसडीहा थाना के सहायक अवर निरीक्षक राजेंद्र राम पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घायल को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सरैयाहाट पहुंचाया। इलाज के दौरान शिवपूजन जायसवाल की मौत हो गई। लगातार हो रहे सड़क हादसों को लेकर ग्रामीणों में नाराजगी है। ग्रामीणों का कहना है कि हंसडीहा बाजार के सभी मुख्य सड़कों का अतिक्रमण जबतक सही तरीके से नहीं हटाया जाएगा। हादसे होते रहेंगे। क्योंकि सड़क का काफी हिस्सा दुकानदारों द्वारा कब्जा कर लिया गया है। हाइवे पर गुजरने वाले वाहन कई बार अतिक्रमण के कारण अनियंत्रित हो जाती है। बोरियो/साहिबगंज | बोरियो-बोआरीजोर मुख्य पथ पर दनवार मोड़ स्थित हिमालियन स्कूल के समीप बुधवार को तेज रफ्तार बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में बाइक सवार चालक समेत दो युवक घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, थाना क्षेत्र के गोरोंडा निवासी 25 वर्षीय सुशील मुर्मू अपाचे बाइक से बोरियो की ओर जा रहे थे। इसी दौरान दनवार मोड़ के समीप तेज रफ्तार होने के कारण बाइक अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे गड्ढे में जा गिरी। हादसे में सुशील मुर्मू समेत बाइक पर सवार दूसरा युवक घायल हो गया। बोरियो थाना के एएसआई सुधीर कुमार तिवारी पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने राहगीरों की मदद से दोनों घायलों को बोरियो सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) पहुंचाया। वहां चिकित्सक डॉ. सुदामा कुमार ने घायलों का इलाज किया। मामले की छानबीन शुरू कर दी है।
पशुपालन व मत्स्य योजनाओं में पारदर्शिता पर जोर, लापरवाही पर होगी कार्रवाई
उपायुक्त आलोक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को कार्यालय प्रकोष्ठ में पशुपालन एवं मत्स्य विभाग की मासिक समीक्षा बैठक हुई। बैठक में विभाग की विभिन्न योजनाओं की प्रगति, वार्षिक लक्ष्य, प्राप्त आवेदनों और लाभुकों के चयन की प्रक्रिया की समीक्षा की गई। उपायुक्त ने अधिकारियों को योजनाओं का लाभ पात्र लोगों तक पारदर्शी तरीके से पहुंचाने तथा विभागीय दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। पशुपालन विभाग की समीक्षा के दौरान सुकर विकास, बकरा विकास, कुक्कुट पालन और ब्रायलर कुक्कुट पालन समेत अन्य योजनाओं की जानकारी ली गई। उपायुक्त ने कहा कि लाभुकों का चयन निर्धारित मापदंड के आधार पर पूरी पारदर्शिता के साथ किया जाए। प्रखंड स्तर तक योजनाओं की जानकारी पहुंचाने के लिए जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश भी दिया गया, ताकि अधिक से अधिक योग्य लोग योजनाओं का लाभ लेने के लिए आवेदन कर सकें। उन्होंने कहा कि लाभुकों को वितरित किए जाने वाले पशुधन की स्वास्थ्य जांच अनिवार्य रूप से कराई जाए। केवल स्वस्थ पशुओं का ही वितरण सुनिश्चित किया जाए। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर शिथिलता या लापरवाही पाए जाने पर संबंधित कर्मी के खिलाफ कार्रवाई की चेतावनी दी गई ।बैठक में मत्स्य विभाग की योजनाओं की भी समीक्षा की गई। उपायुक्त ने वेद व्यास आवास योजना, पिकअप वैन, विपणन किट, मत्स्य बीज उत्पादन एवं वितरण, सरकारी तालाबों की बंदोबस्ती और तालाबों के जीर्णोद्धार की स्थिति की जानकारी ली। समीक्षा के दौरान बताया गया कि जिले में करीब 50 प्रतिशत सरकारी तालाबों की बंदोबस्ती हो चुकी है। उपायुक्त ने शेष तालाबों की बंदोबस्ती जल्द कराने के लिए व्यापक जागरूकता अभियान चलाने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि सरकारी तालाबों की बंदोबस्ती से मत्स्य उत्पादन को बढ़ावा मिलेगा और सरकारी राजस्व में भी वृद्धि होगी। बैठक में जिला पशुपालन पदाधिकारी डॉ. शैलेंद्र प्रसाद, जिला मत्स्य पदाधिकारी रितु रंजन समेत अन्य अधिकारी मौजूद थे।
राष्ट्रीय सलाहकार की टीम ने स्वास्थ्य कार्यक्रमों का किया निरीक्षण, दिए कई अहम दिशा - निर्देश
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय, भारत सरकार के क्षेत्रीय कार्यालय, पटना से आई राष्ट्रीय सलाहकार की दो सदस्यीय टीम ने बुधवार को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र, बोरियो में संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों का निरीक्षण किया। टीम में रिया भारती और अंशु प्रिया शामिल थीं। निरीक्षण के दौरान टीम ने सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन के तहत संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों से संबंधित रजिस्टर, प्रतिवेदन और दस्तावेजों का अवलोकन किया। वीबीडी कक्ष में मलेरिया, फाइलेरिया, डेंगू और चिकनगुनिया से संबंधित रिपोर्ट की जानकारी ली गई। टीम ने प्रयोगशाला कक्ष, टीकाकरण कक्ष, एनसीडी कक्ष, दवा वितरण कक्ष, आरकेएसके के तहत संचालित युवा मैत्री केंद्र, परिवार नियोजन कक्ष का भी निरीक्षण किया। निरीक्षण टीम ने प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र, बांझी और आयुष्मान आरोग्य मंदिर, रामपुर का भी निरीक्षण किया। वहां संचालित विभिन्न स्वास्थ्य कार्यक्रमों की जानकारी ली गई। मौके पर प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. पंकज कुमार, जिला वीबीडी सलाहकार डॉ. सत्तीबाबू डाबडा आदि थे।
जिले के 1136 गांवों के 12.08 लाख प्लॉटों का होगा सर्वे, कर्मियों को दिया गया ट्रेनिंग
जिला कृषि कार्यालय सभागार में बुधवार को डिजिटल क्रॉप सर्वे को लेकर प्रशिक्षण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का नेतृत्व जिला कृषि पदाधिकारी अनूप कुमार हेंब्रम ने किया। प्रशिक्षण में जिले के सभी प्रखंडों के प्रखंड कृषि पदाधिकारी, प्रखंड तकनीकी प्रबंधक, सहायक तकनीकी प्रबंधक, जनसेवक, सीएससी संचालक, कृषक मित्र एवं डिजिटल क्रॉप सर्वे से जुड़े सर्वेयर शामिल हुए। प्रशिक्षण के दौरान डिजिटल क्रॉप सर्वे की आवश्यकता, इसकी उपयोगिता, सर्वे करने की प्रक्रिया और तकनीकी पहलुओं की विस्तार से जानकारी दी गई। मास्टर ट्रेनरों ने प्रतिभागियों को मोबाइल एप के माध्यम से फसल संबंधी आंकड़ों को सही तरीके से दर्ज करने की प्रक्रिया समझाई। अधिकारियों ने बताया कि डिजिटल क्रॉप सर्वे का उद्देश्य खेतों एवं फसलों से संबंधित वास्तविक और अद्यतन आंकड़े जुटाना है, जिससे कृषि योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन में सहायता मिलेगी। जिले में डिजिटल क्रॉप सर्वे के तहत कुल 12,08,836 का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए जिले के 1136 गांवों में सर्वे किया जाना है। प्रखंडवार लक्ष्य के तहत जामताड़ा में 2,32,344, फतेहपुर में 1,94,331, करमाटांड़ में 1,10,654, कुंडहित में 1,98,028, नाला में 2,70,498 तथा नारायणपुर में 2,02,981 का लक्ष्य निर्धारित है। मौके पर उप परियोजना निदेशक आत्मा संजय कुमार सिंह, कृषि निरीक्षक इन्दु शेखर पोद्दार, मास्टर ट्रेनर सोमेन, सीएससी डिस्ट्रिक्ट कोऑर्डिनेटर उत्पल दे, जिला मास्टर ट्रेनर सुजीत कुमार सिंह एवं विजय कुमार सहित अन्य कर्मी मौजूद रहे। जिला कृषि पदाधिकारी अनूप कुमार हेंब्रम ने कहा कि डिजिटल क्रॉप सर्वे कृषि क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण पहल है। इसके माध्यम से खेतों और फसलों से संबंधित सही एवं अद्यतन जानकारी डिजिटल रूप से उपलब्ध होगी। उन्होंने सभी संबंधित कर्मियों को निर्देश दिया कि सर्वे का कार्य पूरी सावधानी और पारदर्शिता के साथ करें तथा निर्धारित लक्ष्य को समय पर पूरा करने में सहयोग करें।
सीआरएमसी प्रतिनिधिमंडल ने जीएम से की मुलाकात, उठा कर्मचारी हित की मांगें
सीआरएमसी के उच्चस्तरीय प्रतिनिधिमंडल ने सोमवार को चित्तरंजन रेल इंजन कारखाना (चिरेका) के महाप्रबंधक से मुलाकात कर कर्मचारी हित से जुड़े विभिन्न मुद्दों पर चर्चा की। प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे बोर्ड के दिशा-निर्देशों के तहत आरसीएफ, आरडब्ल्यूएफ और डीएमडब्ल्यू की तर्ज पर चिरेका में ग्रुप इंसेंटिव स्कीम लागू करने की मांग की। साथ ही इस योजना का लाभ चिरेका-डानकुनी के डीएलडब्ल्यू स्टाफ तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया। चित्तरंजन टाउनशिप में बार-बार बिजली गुल होने और लोड शेडिंग पर भी प्रतिनिधिमंडल ने चिंता जताई। प्रशासन से वर्कशॉप के लिए हाई-पावर जनरेटर उपलब्ध कराने की मांग की गई, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित होने की स्थिति में उत्पादन कार्य प्रभावित न हो। प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे नियमों के तहत योग्य सेवानिवृत्त कर्मचारियों, दुकानदारों, एक्ट अप्रेंटिस और चिरेका हित में कार्यरत अनुबंधित कर्मियों के लिए खाली रेलवे क्वार्टर आवंटित करने की स्पष्ट और व्यावहारिक नीति बनाने का आग्रह किया। प्रतिनिधिमंडल ने उम्मीद जताई कि प्रशासन कर्मचारी हित से जुड़े इन मामलों पर ठोस और समयबद्ध कार्रवाई करेगा। मौके पर सीआरएमसी चिरेका के महासचिव इंद्रजीत सिंह, नेपाल चक्रवर्ती, पशुपति शर्मा और एसके साही मौजूद थे। प्रतिनिधिमंडल ने 23 जुलाई 2026 को ड्यूटी के दौरान असामयिक मौत के शिकार हुए सीनियर टेक्नीशियन नीलाद्री दास रॉय का मामला भी उठाया। यूनियन ने घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए शोकाकुल परिवार को सभी कानूनी और सर्विस सेटलमेंट लाभ तत्काल उपलब्ध कराने पर जोर दिया। सिविल इंजीनियरिंग और स्टोर्स विभाग के सुपरवाइजरी स्टाफ के खिलाफ जारी निलंबन आदेश को सहानुभूतिपूर्वक वापस लेने का आग्रह भी किया गया। इसके अलावा चिरेका और डानकुनी में कार्यरत महिला कर्मचारियों के लिए सुरक्षित पेयजल, लेडीज कॉमन रूम समेत अन्य बुनियादी सुविधाएं तत्काल उपलब्ध कराने की मांग रखी गई।
कुंडहित में बैंकर्स बैठक, अगले माह तक लंबित ऋण निपटाने पर चर्चा
कुंडहित प्रखण्ड सभागार में ब्लॉक स्तरीय बैंकर्स समिति की बैठक हुई। अध्यक्षता बीएओ मनोरंजन मिर्धा ने की। बैठक में सरकार की कल्याणकारी योजनाओं के तहत ऋण वितरण की समीक्षा हुई। केसी, मुद्रा लोन, पीएम स्वनिधि, जेएसएलपीएस समूहों को ऋण, बैंक खातों में डीबीटी की स्थिति पर चर्चा हुई। बीएओ मनोरंजन मिर्धा ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता है। हर पात्र व्यक्ति को समय पर बैंकिंग सुविधा मिले। समय पर ऋण मिले। उन्होंने निर्देश दिया कि किसानों का केसी नवीकरण हो। महिला स्वयं सहायता समूहों को समय पर ऋण मिले। सामाजिक सुरक्षा पेंशन का भुगतान प्राथमिकता से हो। लोगों के खाते जल्द खोले जाएं। बैठक में साइबर फ्रॉड से बचाव पर चर्चा हुई।
जलापूर्ति में लापरवाही पर एजेंसियों को नोटिस निष्क्रिय जल सहियाओं को हटाने का निर्देश
जिले में पेयजलापूर्ति व्यवस्था को बेहतर बनाने और स्वच्छता योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर उपायुक्त सह जिला दंडाधिकारी आलोक कुमार की अध्यक्षता में बुधवार को समाहरणालय सभागार में जिला जल एवं स्वच्छता मिशन समिति (डीडब्ल्यूएससी) की बैठक हुई। बैठक में पीएचईडी की विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं, चापाकलों की स्थिति, हर घर जल योजना और स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 की प्रगति की विस्तृत समीक्षा की गई। उपायुक्त ने कार्य में रुचि नहीं लेने वाली एजेंसियों को चिह्नित कर नोटिस जारी करने का निर्देश दिया। उन्होंने स्पष्ट कहा कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी तरह की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। योजनाओं की नियमित निगरानी के लिए सहायक अभियंता, कनीय अभियंता और प्रखंड समन्वयकों को क्षेत्र में जाकर कार्यों का पर्यवेक्षण करने का निर्देश दिया। स्वच्छ भारत मिशन ग्रामीण फेज-2 के तहत वित्तीय वर्ष 2026-27 में ग्राम स्तर पर ठोस एवं तरल अपशिष्ट प्रबंधन के कार्यों को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश दिया गया। ओडीएफ स्थायित्व, ठोस एवं तरल कचरा प्रबंधन, माहवारी स्वच्छता, प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन, गोबरधन और जनजागरूकता अभियान को गति देने पर जोर दिया गया। ग्राम पंचायतों में नाडेप, वर्मी कंपोस्ट, कंपोस्ट पीट, सोक पीट, नाली, भस्मीकरण इकाई, प्लास्टिक संग्रहण संरचना और प्लास्टिक अपशिष्ट प्रबंधन इकाई विकसित करने के निर्देश दिए गए। व्यक्तिगत, क्लस्टर और सामुदायिक स्तर पर गोबर गैस प्लांट को भी बढ़ावा देने को कहा गया। उपायुक्त ने शौचालय सुविधा से वंचित योग्य एवं जरूरतमंद परिवारों को चिह्नित कर योजना का लाभ दिलाने का निर्देश दिया। विभिन्न जलापूर्ति योजनाओं की समीक्षा के दौरान उपायुक्त ने संबंधित अधिकारियों को नियमित जलापूर्ति सुनिश्चित करने को कहा। उन्होंने कहा कि लोगों को समय पर पानी मिले, ताकि उन्हें जलकर के रूप में निर्धारित राशि के भुगतान में परेशानी नहीं हो। जलापूर्ति योजनाओं के रखरखाव पर विशेष ध्यान देने और खराब व्यवस्था को तत्काल दुरुस्त करने का निर्देश दिया गया। चापाकल खराब होने से संबंधित शिकायतों का भी अविलंब समाधान करने को कहा गया। उपायुक्त ने कार्यपालक अभियंता पीएचईडी को योजनाओं के क्रियान्वयन की समीक्षा कर रिपोर्ट उपलब्ध कराने का निर्देश दिया। बैठक में उप विकास आयुक्त असीम किस्पोट्टा, कार्यपालक अभियंता पीएचईडी राम प्रवेश राम, सहायक अभियंता, जिला समन्वयक, कनीय अभियंता, प्रखंड समन्वयक समेत संबंधित अधिकारी मौजूद थे।
झारखंड के मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने जामताड़ा में एसआईआर प्रगति की समीक्षा की
मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी, झारखंड के. रवि कुमार की अध्यक्षता में मंगलवार को परिसदन सभागार में बैठक हुई। इसमें विधानसभा क्षेत्र 08 नाला और 09 जामताड़ा के ईआरओ एवं एईआरओ शामिल हुए। बैठक में मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (एसआईआर)-2026 की प्रगति की समीक्षा की गई। जिला निर्वाचन पदाधिकारी सह उपायुक्त आलोक कुमार भी बैठक में मौजूद रहे। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने अधिकारियों को भारत निर्वाचन आयोग के दिशा-निर्देशों का अक्षरशः पालन सुनिश्चित करने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता, निष्पक्षता और संवेदनशीलता के साथ कार्य किया जाए। दावा एवं आपत्ति के मामलों में संबंधित लोगों को समय पर नोटिस तामिला कराने और निर्धारित प्रक्रिया के तहत सुनवाई करने पर विशेष जोर दिया। मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी ने कहा कि एसआईआर का उद्देश्य शुद्ध, त्रुटिरहित और समावेशी मतदाता सूची तैयार करना है। इसके लिए नजरी नक्शे का सही सत्यापन ईआरओ की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है। नजरी नक्शे के साथ गृह संख्या और नोशनल नंबर का भी सावधानीपूर्वक सत्यापन कर सही तरीके से अंकित कराया जाए। उन्होंने यह भी सुनिश्चित करने को कहा कि एक ही परिवार के सदस्य अलग-अलग मतदान केंद्रों की मतदाता सूची में विभाजित न हों। उन्होंने कहा कि प्रत्येक आवेदन, दावा-आपत्ति, नोटिस और प्रस्तुत दस्तावेजों की नियमों के अनुरूप गहन जांच की जाए। मतदाता सूची से जुड़ी किसी भी समस्या का निपटारा तथ्यों और दस्तावेजों के सत्यापन के बाद ही किया जाए। आदेश स्पष्ट और सकारण होना चाहिए। सुनवाई के दौरान संबंधित मतदाता को अपना पक्ष रखने तथा आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने का पूरा अवसर दिया जाए। के. रवि कुमार ने अधिकारियों से कहा कि एसआईआर को लेकर मतदाताओं तक सही और स्पष्ट जानकारी पहुंचाई जाए। मतदाताओं की ओर से किसी तरह की शिकायत या समस्या सामने आने पर उसका त्वरित निष्पादन सुनिश्चित किया जाए। बैठक में ईआरओ 08 नाला सह अपर समाहर्ता पूनम कच्छप, ईआरओ 09 जामताड़ा सह अनुमंडल पदाधिकारी अनंत कुमार, जिला भू-अर्जन पदाधिकारी सत्यप्रकाश, जिला पंचायत राज पदाधिकारी पंकज कुमार रवि, उप निर्वाचन पदाधिकारी कयूम अंसारी, भूमि संरक्षण पदाधिकारी सुशांत कण्डुलना, श्रम अधीक्षक देव कुमार मिश्र समेत सभी प्रखंडों के एईआरओ उपस्थित थे। अपात्र का नाम हटे, पात्र मतदाता का नाम नहीं छूटे के. रवि कुमार ने ईआरओ को निर्देश दिया कि मतदाता सूची में शामिल प्रत्येक मतदाता की पात्रता का नियमानुसार सत्यापन सुनिश्चित करें। मतदाता भारत का नागरिक हो, उसकी आयु 18 वर्ष या उससे अधिक हो और वह संबंधित मतदान केंद्र क्षेत्र का निवासी हो। उन्होंने स्पष्ट कहा कि एक भी पात्र भारतीय नागरिक का नाम मतदाता सूची से नहीं छूटना चाहिए और किसी भी विदेशी नागरिक का नाम सूची में शामिल नहीं होना चाहिए।
गुमानी स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो का अधूरा निर्माण जल्द पूरा कराने की मांग
हावड़ा डिविजन अंतर्गत बरहड़वा-पाकुड़ रेलखंड पर स्थित गुमानी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या दो पर अधूरे पड़े निर्माण कार्य को जल्द पूरा कराने की मांग को लेकर बुधवार को नवझारखंड जनएकता संगठन, गुमानी ने स्टेशन प्रबंधन को मांग पत्र सौंपा। संगठन के अध्यक्ष फारोग अहसान के नेतृत्व में प्रतिनिधिमंडल ने गुमानी स्टेशन प्रबंधक को अनुभाग अभियंता, रामपुरहाट के नाम मांग पत्र सौंपा। इसकी प्रतिलिपि सहायक मंडल अभियंता, रामपुरहाट को भी भेजी गई है। संगठ की ओर से दिए गए आवेदन में कहा गया है कि प्लेटफार्म संख्या दो पर संवेदक ने मरम्मत कार्य अधूरा छोड़ दिया है। निर्माण कार्य पूरा नहीं होने के कारण प्लेटफार्म के एक हिस्से की ऊंचाई अधिक है। दूसरा हिस्सा अपेक्षाकृत नीचा है। प्लेटफार्म की ऊंचाई में असमानता के कारण यात्रियों को ट्रेन में चढ़ने और उतरने के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। संगठन ने कहा कि प्लेटफार्म की मौजूदा स्थिति बुजुर्गों, बच्चों, महिलाओं और दिव्यांग यात्रियों के लिए विशेष रूप से जोखिमपूर्ण है। ऐसे में यात्रियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अधूरे निर्माण कार्य को अविलंब पूरा कराया जाना जरूरी है। प्रतिनिधिमंडल ने रेलवे अधिकारियों से मांग की कि प्लेटफार्म की ऊंचाई को मानक के अनुरूप करते हुए लंबित कार्य को जल्द पूरा कराया जाए। इससे यात्रियों को किसी प्रकार की परेशानी न हो। संभावित दुर्घटनाओं को रोका जा सके। मौके पर संगठन के फाउंडर अंसार अली उर्फ मिंटू, संगठन प्रभारी अब्दुल मालिक, सचिव अनिकुल इस्लाम, कोषाध्यक्ष सरफराज अहमद, तबरेज अंसारी, मसूद आलम, वसीम अख्तर, आबू बक्कार सहित मौजूद थे।
मेरा विद्यालय निपुण, मैं भी निपुण के तहत दो दिवसीय प्रशिक्षण शुरू
जिला शिक्षा एवं प्रशिक्षण संस्थान (डाइट) में बुधवार को मेरा विद्यालय निपुण, मैं भी निपुण कार्यक्रम के तहत दो दिवसीय गैर-आवासीय प्रशिक्षण शुरू हुआ। प्रशिक्षण का आयोजन जिला शिक्षा पदाधिकारी मिथिलेश केरकेट्टा की अध्यक्षता में किया गया। इस दौरान सहायक कार्यक्रम पदाधिकारी (गुणवत्ता) आदित्य राज भी मौजूद रहे। प्रशिक्षण में जिले से चयनित सभी मूल्यांकनकर्ताओं को प्रशिक्षण दिया गया। इसका उद्देश्य जिले के सभी सरकारी विद्यालयों में आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान स्तर के बच्चों का प्रभावी एवं गुणवत्तापूर्ण आकलन सुनिश्चित करना है। इसका लक्ष्य निपुण भारत मिशन के उद्देश्यों को धरातल पर प्रभावी ढंग से लागू करना है। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को निपुण भारत मिशन के विभिन्न आयामों, आधारभूत साक्षरता एवं संख्यात्मक ज्ञान, गुणवत्तापूर्ण शिक्षण-अधिगम प्रक्रिया, तथा बच्चों के सीखने के स्तर के आकलन से संबंधित जानकारी दी गई। विद्यालयों में बच्चों का किस प्रकार, और किन गतिविधियों के माध्यम से, आकलन किया जाना है, इसकी व्यावहारिक जानकारी भी दी गई। इस अवसर पर जिला कार्यक्रम प्रबंधन इकाई के केशव तिवारी उपस्थित रहे। जिले से चयनित मार्गदर्शक प्रशिक्षक अभिषेक रंजन, भ्रमदत्त नायक, सुमित सिन्हा एवं सुमंत चंद्र महतो भी मौजूद रहे। विभिन्न विद्यालयों से चयनित मूल्यांकनकर्ताओं की सक्रिय सहभागिता रही। प्रशिक्षण के दौरान प्रतिभागियों को आवश्यक मार्गदर्शन एवं दिशा-निर्देश दिए गए। बच्चों के सीखने के स्तर का सटीक, निष्पक्ष एवं प्रभावी आकलन करने पर जोर दिया गया। अधिकारियों ने कहा कि बच्चों के सीखने के स्तर का सही आकलन करना महत्वपूर्ण है। उनकी शैक्षणिक जरूरतों के अनुरूप सुधारात्मक कदम उठाना भी जरूरी है। यह निपुण भारत मिशन की सफलता के लिए महत्वपूर्ण है।
एसपी ने साइबर अपराध के लंबित मामलों के त्वरित निष्पादन की समीक्षा की
सिमडेगा पुलिस अधीक्षक श्रीकांत एस खोटरे ने बुधवार को अपने कार्यालय स्थित सभागार में साइबर अपराध और आईटी एक्ट से संबंधित लंबित मामलों की विस्तृत समीक्षा बैठक की। बैठक में जिले में दर्ज साइबर अपराध के मामलों की वर्तमान स्थिति, जांच की प्रगति, आरोपियों की पहचान एवं गिरफ्तारी, तथा साइबर ठगी के पीड़ितों को उनकी राशि वापस दिलाने की कार्रवाई की समीक्षा की गई। समीक्षा के दौरान पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराध से जुड़े मामलों के त्वरित निष्पादन को प्राथमिकता देने का निर्देश दिया। उन्होंने कहा कि आईटी एक्ट से संबंधित सभी लंबित मामलों की जांच में तेजी लाई जाए। आवश्यक साक्ष्यों का संकलन किया जाए। जांच पूरी होने के बाद प्राथमिकता के आधार पर न्यायालय में चार्जशीट दाखिल की जाए। तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर गिरफ्तारी पर जोर पुलिस अधीक्षक ने साइबर अपराधियों की पहचान और गिरफ्तारी के लिए उपलब्ध तकनीकी साक्ष्यों का प्रभावी उपयोग करने का निर्देश दिया। उन्होंने चिन्हित आरोपियों के खिलाफ शीघ्र कार्रवाई करने को कहा। उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित करने को कहा। साइबर अपराध के मामलों में मोबाइल नंबर, बैंक खातों, डिजिटल लेनदेन, और अन्य तकनीकी साक्ष्यों की जांच को महत्वपूर्ण बताया गया। कार्रवाई में तेजी लाने पर जोर दिया गया। बैठक में साइबर ठगी के पीड़ितों को राहत पहुंचाने पर विशेष ध्यान दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने निर्देश दिया कि साइबर ठगी की शिकायत मिलने के बाद जिन खातों में राशि होल्ड या फ्रीज कराई गई है, उनकी कानूनी प्रक्रिया जल्द पूरी कराई जाए। अधिकतम राशि पीड़ितों को वापस दिलाने की दिशा में कार्रवाई की जाए। उन्होंने संबंधित पदाधिकारियों को मामलों की नियमित निगरानी करने का निर्देश दिया। लंबित कार्रवाई जल्द पूरी करने का निर्देश दिया। ताकि साइबर ठगी के पीड़ितों को समय पर राहत मिल सके। बैठक में पुलिस निरीक्षक सिमडेगा, कुरडेग, ठेठईटांगर एवं मुफ्फसिल थाना प्रभारी, साइबर सेल के पदाधिकारी, सहित जिले के अन्य पुलिस पदाधिकारी एवं कर्मी उपस्थित रहे। पुलिस अधीक्षक ने सभी संबंधित पदाधिकारियों को साइबर अपराध के मामलों में गंभीरता और तत्परता के साथ कार्रवाई करने के निर्देश दिए। आरोपियों की गिरफ्तारी से लेकर पीड़ितों की राशि वापसी तक प्रत्येक स्तर पर प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
एमएमडीआर 2026 के विरोध में आदिवासी मोर्चा का प्रदर्शन, पीएम का पुतला फूंका
सिमडेगा खान और खनिज (विकास एवं विनियमन) अधिनियम 2026 के विरोध में बुधवार को संयुक्त आदिवासी मोर्चा के तत्वावधान में सिमडेगा में विरोध प्रदर्शन किया गया। बड़ी संख्या में आदिवासी समाज के लोगों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और समर्थकों ने केंद्र सरकार की नीतियों के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन के अंत में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर बिल के प्रति विरोध दर्ज कराया गया।प्रदर्शन के दौरान वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी समुदायों का जीवन सदियों से जल, जंगल, जमीन और प्राकृतिक संसाधनों से जुड़ा रहा है। ऐसे में खनिज संसाधनों से संबंधित कानूनों में बदलाव का सीधा प्रभाव आदिवासी और मूलवासी समाज के अधिकारों तथा आजीविका पर पड़ सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि एमएमडीआर 2026 के प्रावधान पारंपरिक अधिकारों को प्रभावित करने वाले हैं।वक्ताओं ने कहा कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में जमीन, जंगल और खनिज संसाधनों से जुड़े निर्णयों में स्थानीय समुदायों की भागीदारी और उनके संवैधानिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित किया जाना चाहिए। उन्होंने केंद्र सरकार से कानून के प्रावधानों पर पुनर्विचार करने तथा आदिवासी समुदायों के हितों और संवैधानिक संरक्षण को प्राथमिकता देने की मांग की।प्रदर्शनकारियों ने कहा कि आदिवासी समाज विकास का विरोधी नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर पारंपरिक अधिकारों, प्राकृतिक संसाधनों और आजीविका से समझौता स्वीकार नहीं किया जाएगा।
सिमडेगा रक्षाबंधन पर्व को ग्रामीण महिलाओं ने स्वरोजगार और आजीविका के नए अवसर के रूप में लिया है। जिले में जलडेगा एवं सदर प्रखंड की महिला समूहों की दीदियां आकर्षक राखियां बनाने में व्यस्त हैं। महिलाएं पारंपरिक हस्तकला एवं स्थानीय स्तर पर उपलब्ध संसाधनों का उपयोग करते हुए राखी तैयार करने कर रही हैं। दीदियां विभिन्न रंगों, मोतियों, रेशमी धागों, सजावटी सामग्री एवं अन्य आकर्षक सामग्रियों का उपयोग कर सुंदर एवं बाजार की मांग के अनुरूप राखियां बना रही हैं।इस पहल का मुख्य उद्देश्य महिलाओं को केवल मौसमी त्योहार के लिए उत्पाद निर्माण तक सीमित रखना नहीं, बल्कि राखी निर्माण को आय सृजन एवं सूक्ष्म उद्यम के रूप में विकसित करना है। इसके माध्यम से ग्रामीण महिलाओं में उत्पादन, डिजाइनिंग, गुणवत्ता, फिनिशिंग, पैकेजिंग तथा विपणन से संबंधित व्यावहारिक समझ भी विकसित हो रही है।रक्षाबंधन के अवसर पर राखियों की बाजार में बढ़ती मांग को देखते हुए जलडेगा एवं सदर प्रखंड की दीदियों द्वारा निर्धारित समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण राखियों के निर्माण पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है।राखी निर्माण इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल है, जिसके माध्यम से स्थानीय उत्पादन स्थानीय बाजार महिलाओं की आय की अवधारणा को मजबूत किया जा रहा है। महिलाओं के लिए वर्षभर आय सृजन के अवसर विकसित करने की दिशा में भी कार्य किया जा रहा है। इससे ग्रामीण एवं जनजातीय महिलाओं के छोटे-छोटे उद्यमों को स्थायी स्वरूप प्रदान करने में सहायता मिल रही है। तैयार राखियों की बिक्री के लिए स्थानीय बाजारों के साथ-साथ सामुदायिक संस्थाओं एवं संबंधित विपणन माध्यमों का उपयोग किया जाएगा, जिससे उत्पादों को बेहतर बाजार उपलब्ध हो सके और महिलाओं को उनके श्रम का उचित मूल्य प्राप्त हो। इस पहल से महिलाओं को घर के नजदीक रहकर रोजगार एवं अतिरिक्त आय का अवसर मिल रहा है। साथ ही, स्थानीय स्तर पर तैयार उत्पादों को बाजार से जोड़ने से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने और महिला उद्यमिता को बढ़ावा देने में भी मदद मिलेगी। कहा गया कि सिमडेगा जिले में स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं द्वारा विभिन्न गैर-कृषि गतिविधियों को अपनाकर आजीविका के नए साधन विकसित किए जा रहे हैं।
प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत रामतोल्या पंचायत मुख्यालय से गांव केनालोया होते हुए खूंटी-सिमडेगा मुख्य पथ को जोड़ने वाली मार्ग की स्थिति बारिश के कारण काफी बदतर हो चुकी है। वहीं चितापीड़ी गाढ़ा में बना पुल की जर्जर स्थित और भी दयनीय हो गई है। ग्रामीणों ने बताया कि लगातार बारिश के कारण सड़क पूरी तरह से कीचड़ में तब्दील हो गई है। जिसके कारण उक्त कीचड़युक्त मार्ग पर साइकिल तक चलाना मुश्किल हो गया है। इससे क्षेत्र के करीब दो हजार ग्रामीणों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। इसके अलावा चितापीड़ी गाढ़ा के पास बना पुलिया के किनारे का हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो गया है। उक्त पुलिया के एक ओर की संरचना में दरार और टूट-फूट साफ दिखाई दे रही है। बरसात के कारण नदी में पानी का बहाव तेज हो गया है, जिससे पुल की स्थिति और भी खतरनाक बन गई है। ग्रामीणों के अनुसार उक्त पुलिया का गार्डवाल करीब एक वर्ष पहले टूट गया था, लेकिन अब तक इसकी मरम्मत नहीं कराई गई है। पुल का एक किनारा पूरी तरह क्षतिग्रस्त होकर नदी की ओर झुक गया है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते इसकी मरम्मत नहीं कराई गई तो कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। इसी के साथ गांव रामतोलया-केनालोया का संपर्क नजदीक खूंटी-सिमडेगा मुख्य से पथ कट जाएगा। इस पुल से प्रतिदिन ग्रामीणों के अलावा छोटे-बड़े वाहनों का आवागमन होता है। खासकर स्कूल जाने वाले बच्चों और बाजार आने-जाने वाले लोगों को सबसे अधिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। फिलहाल उक्त मार्ग पर भारी वाहनों का आवागमन पूरी तरह से बंद है, उन्हें अतिरिक्त चार किलोमीटर दूर जाकर घूमना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन और संबंधित विभाग से पुल का तत्काल निरीक्षण कर टूटे हुए गार्डवाल की मरम्मत कराने व सुरक्षित आवागमन की व्यवस्था बहाल करने की मांग की है। इधर लगातार बारिश से गांव की सड़क की स्थिति भी खराब हो गई है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें पानी भर जाने से पूरी सड़क कीचड़ में बदल गई है। साइकिल और दोपहिया वाहन चालकों को फिसलने का डर बना रहता है। पैदल चलने वाले राहगीरों को भी काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। ग्रामीणों का कहना है कि सड़क की खराब स्थिति के कारण रोजमर्रा के काम प्रभावित हो रहे हैं। ग्रामीणों ने जिला प्रशासन व संबंधित विभाग से सड़क की जल्द मरम्मत कराने, गड्ढों को भरने और जल निकासी की उचित व्यवस्था करने की मांग की है, ताकि बरसात के दिनों में लोगों को राहत मिल सके।
मुरुमकेला चिड़ियाटोली में हाथी ने मकान को क्षतिग्रस्त किया
प्रखंड क्षेत्र के अंतर्गत गांव मुरूमकेला चिड़िया टोली में बीती रात एक हाथी ने लक्ष्मण गोप के घर को तोड़ दिया। हाथी ने घर की दीवार क्षतिग्रस्त करने के साथ वहां रखा अनाज और घरेलू सामान भी नष्ट कर दिया। घटना के बाद ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। लक्ष्मण गोप ने बताया कि रात करीब 1 से 2 बजे के बीच वन विभाग की गाड़ी के जाने के बाद अचानक एक हाथी गांव में पहुंच गया। उस समय परिवार के सभी सदस्य गहरी नींद में सो रहे थे। इसी दौरान घर के एक हिस्से के टूटने की तेज आवाज सुनाई दी। हाथी ने उस स्थान की दीवार तोड़नी शुरू कर दी, जहां अनाज रखा हुआ था। आवाज सुनकर परिवार के लोगों ने आसपास के ग्रामीणों को जगाया और हाथी को भगाने का प्रयास किया। ग्रामीणों के पास पटाखे कम होने के कारण हाथी कुछ दूर जाने के बाद दोबारा लौट आया और घर के दूसरे हिस्से को भी क्षतिग्रस्त कर दिया। इस घटना में घर में रखा अनाज और कई घरेलू सामान नष्ट हो गए। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग के वनपाल शेखर सिंह मौके पर पहुंचे। उन्होंने पीड़ित लक्ष्मण गोप को टॉर्च और पटाखे उपलब्ध कराए व हाथी से बचाव के लिए सावधानी बरतने की सलाह दी। वनपाल ने पीड़ित को नुकसान के मुआवजे के लिए आवेदन फार्म दिया और विभाग में आवेदन देने को कहा। ग्रामीणों ने वन विभाग से हाथियों के गांव में प्रवेश को रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाने और प्रभावित परिवार को जल्द मुआवजा दिलाने की मांग की है।
ब्राउन शुगर की खरीद-बिक्री और उपयोग के आरोप में युवक धराया
गुमला पुलिस ने ब्राउन शुगर व मादक पदार्थ की खरीद-बिक्री और सेवन के आरोप में 21 वर्षीय युवक निखिल लकड़ा को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ गुमला थाना कांड संख्या 318/26, 18 अगस्त 2026 को एनडीपीएस एक्ट की धारा 21(बी), 22(बी) और 29 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपी निखिल लकड़ा पुग्गु चंपा नगर का रहने वाला है। उसके पिता का नाम स्व. नीरज राजेश लकड़ा बताया गया है। पुलिस को आरोपी के मादक पदार्थ से जुड़े होने की जानकारी मिली थी। इसके बाद कार्रवाई करते हुए उसे गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ खरीद-बिक्री के साथ मादक पदार्थ के सेवन का भी आरोप लगाया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी की चिकित्सीय जांच कराई। इसके बाद उसे न्यायालय में पेश करने के लिए अग्रसारित किया जा रहा है। पुलिस ने न्यायालय से आरोपी को कम से कम एक पखवाड़े तक न्यायिक अभिरक्षा में रखने का अनुरोध किया है। पुलिस का कहना है कि जिले में मादक पदार्थों की खरीद-बिक्री और सेवन पर रोक लगाने के लिए लगातार कार्रवाई की जा रही है। एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज इस मामले में पुलिस आगे की जांच कर रही है। जांच के दौरान मादक पदार्थ की उपलब्धता के स्रोत और इससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी जानकारी जुटाई जा रही है।
विकास अनुदान व मध्याह्न भोजन का पैसा रुका, वेतन से स्कूल खर्च चला रहे प्राचार्य
सरकारी विद्यालयों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा और बेहतर आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने के सरकारी दावों के बीच जिले के 756 प्राथमिक व 461 मध्य विद्यालय गंभीर वित्तीय संकट से जूझ रहे हैं। स्थिति यह है कि कई विद्यालयों में चाक-डस्टर खरीदने तक के लिए राशि उपलब्ध नहीं है, जबकि विद्यालय विकास, खेल गतिविधियों, पीटीएम और मध्याह्न भोजन जैसी योजनाओं के लिए मिलने वाली राशि लंबे समय से लंबित है। परिणामस्वरूप विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और शिक्षक अपने निजी वेतन से खर्च कर व्यवस्था को किसी तरह बनाए हुए हैं। जानकारी के अनुसार पिछले शैक्षणिक सत्र 2025-26 में विद्यालय विकास अनुदान, खेलो झारखंड योजना की राशि तथा अभिभावक-शिक्षक बैठक (पीटीएम) के लिए मिलने वाली राशि अधिकांश विद्यालयों को प्राप्त नहीं हुई। इसके बावजूद विद्यालयों के संचालन, रखरखाव और आवश्यक व्यवस्थाओं को बनाए रखने के लिए प्रधानाध्यापकों ने अपने स्तर से खर्च किया। विद्यालयों में रंग-रोगन, छोटे-मोटे मरम्मत कार्य, रजिस्टर व पंजियों की खरीद, चाक-डस्टर, स्टेशनरी सामग्री, साफ-सफाई और अन्य आवश्यक कार्यों का खर्च शिक्षकों को अपनी जेब से वहन करना पड़ा। शिक्षकों का कहना है कि विद्यालयों में उपयोग होने वाले कई आवश्यक सामान स्थानीय दुकानों से उधार लेकर खरीदे गए हैं। समय बीतने के साथ दुकानदार भी बकाया भुगतान के लिए दबाव बना रहे हैं। ऐसे में कई प्रधानाध्यापक आर्थिक और मानसिक तनाव का सामना कर रहे हैं। उनका कहना है कि शिक्षा विभाग की योजनाओं का क्रियान्वयन तो विद्यालय स्तर पर पूरी जिम्मेदारी के साथ कराया जा रहा है, लेकिन इसके लिए आवश्यक वित्तीय सहयोग नहीं मिल रहा है। जिला शिक्षा अधीक्षक नूर खान ने बताया कि विद्यालय विकास अनुदान की राशि केंद्र सरकार की ओर से उपलब्ध कराई जाती थी। पिछले वित्तीय वर्ष में यह राशि प्राप्त नहीं हुई थी। इस वर्ष राशि प्राप्त होगी या नहीं, इसकी स्थिति बाद में स्पष्ट हो सकेगी। उन्होंने कहा कि पिछले वित्तीय वर्ष में पीटीएम की राशि नहीं मिली थी, इस साल उम्मीद है कि अगस्त तक मिल जाएगी। डीएसई नूर खान ने कहा कि मध्याह्न भोजन योजना का पैसा दिसंबर तक दिया जा चुका है। वित्तीय संकट का सबसे बड़ा असर मध्यान्ह भोजन योजना पर दिखाई दे रहा है। विभागीय निर्देशों के अनुसार सभी विद्यालयों में मध्यान्ह भोजन का नियमित संचालन अनिवार्य है, लेकिन चालू सत्र में इस मद में भी विद्यालयों को राशि प्राप्त नहीं हुई है। इसके बावजूद बच्चों का भोजन बाधित न हो, इसके लिए सरस्वती वाहिनी माता समिति, प्रधानाध्यापक और शिक्षक स्वयं पैसे लगाकर या उधार लेकर खाद्यान्न एवं अन्य आवश्यक सामग्री की व्यवस्था कर रहे हैं। विद्यालय प्रबंधन से जुड़े लोगों का कहना है कि कई स्थानों पर दुकानदारों ने उधार देना भी सीमित कर दिया है, जिससे आने वाले दिनों में मध्याह्न भोजन योजना के संचालन पर संकट गहरा सकता है। यदि समय पर राशि नहीं मिली तो विद्यालयों के लिए योजना को नियमित रूप से चलाना कठिन हो जाएगा।
पर्यावरण शुद्धि के लिए जामताड़ा में गूंजेंगे वैदिक मंत्र, आर्ट ऑफ लिविंग कराएगा महारुद्राभिषेक
विश्व शांति, पर्यावरण शुद्धि, समाज कल्याण के उद्देश्य से जामताड़ा आर्ट ऑफ लिविंग परिवार सामूहिक महा रुद्राभिषेक कराएगा। आयोजन 21 अगस्त को न्यू टाउन में होगा। अनुष्ठान वैदिक रीति-रिवाजों से संपन्न होगा। सैकड़ों श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना है। आयोजन का मुख्य आकर्षण बेंगलुरु स्थित आर्ट ऑफ लिविंग इंटरनेशनल आश्रम से स्वामी अरुण जी का जामताड़ा आगमन रहेगा। प्रख्यात वेदाचार्य भी आएंगे। उनके सान्निध्य में वैदिक मंत्रोच्चार के बीच सामूहिक रुद्राभिषेक कराया जाएगा। आयोजकों के अनुसार श्रद्धालु श्रद्धा, ध्यान के साथ अनुष्ठान में शामिल होंगे। आर्ट ऑफ लिविंग जामताड़ा के जिला मीडिया कोऑर्डिनेटर विजय भगत ने बताया कि हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी महा रुद्राभिषेक व्यापक स्तर पर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि रुद्रपूजा का उद्देश्य केवल व्यक्तिगत लाभ नहीं है। परिवार, समाज, पर्यावरण में सकारात्मकता का संचार भी लक्ष्य है। श्रद्धालुओं के लिए पूजा मंत्रों का अर्थ पूरी तरह समझना जरूरी नहीं है। श्रद्धा, ध्यान के साथ शामिल होना ही प्रमुख भाव है। विजय भगत ने बताया कि रुद्रपूजा में गणपति, शिव, विष्णु, सूर्य, शक्ति, गुरुतत्व सहित छह दिव्य शक्तियों का पूजन होता है। आयोजकों के अनुसार रुद्राभिषेक से पितृ दोष, ग्रह दोष, वास्तु दोष, कर्म दोष के प्रभाव कम होने की मान्यता है।
बोर्ड परीक्षा की तैयारी शुरू, मॉडल प्रश्न पत्र से विशेष परीक्षा, मॉक टेस्ट होंगे आयोजित
आगामी वार्षिक माध्यमिक एवं इंटरमीडिएट बोर्ड परीक्षा 2027 में जिले के विद्यार्थियों के बेहतर प्रदर्शन को लेकर जिला शिक्षा पदाधिकारी कविता खलखो की अध्यक्षता में डायट गुमला में जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। बैठक में बोर्ड परीक्षा की तैयारियों को लेकर विस्तृत कार्ययोजना तय करते हुए परीक्षा तैयारी को मिशन मोड में संचालित करने का निर्देश दिया गया। ज्ञात हो कि इस वर्ष राज्य स्तरीय रैंकिंग में गुमला जिला मैट्रिक में प्रथम, इंटर आर्ट्स में प्रथम, विज्ञान में द्वितीय एवं वाणिज्य में तृतीय स्थान पर रहा था और अगले वर्ष भी जिले के इस श्रेष्ठ प्रदर्शन को बनाए रखने हेतु उपायुक्त गुमला के निर्देश अनुसार कार्य आरंभ किए जा रहे हैं। इस बैठक में एडीपीओ ज्योति खलखो, कार्यक्रम पदाधिकारी दिलदार सिंह, राष्ट्रपति पुरस्कार प्राप्त शिक्षक अमृत मेटे, डायट संकाय सदस्य सुन्दरम भारद्वाज, जिला टास्क फोर्स समिति के सदस्य डॉ. कृष्ण कुमार, प्रमोद कुजूर, जयंत पांडे, दीपक राम, सुमित कुमार नंद सहित विषयवार शैक्षणिक कोर समिति के सभी चयनित शिक्षक एवं जिले के सभी सरकारी, अल्पसंख्यक, स्थापना स्वीकृति प्राप्त एवं अन्य माध्यमिक एवं उच्चतर माध्यमिक विद्यालयों के प्रधानाध्यापक उपस्थित रहे। बैठक में जिला स्तरीय शैक्षणिक कोर समिति का आवश्यकतानुसार पुनर्गठन करते हुए सभी शिक्षक सदस्यों को बोर्ड परीक्षार्थियों की तैयारी के लिए अभी से ही सक्रिय भूमिका निभाने का निर्देश दिया गया। कोर टीम को कक्षा 10 एवं 12 के लिए विषयवार एवं वर्गवार नोट्स, अभ्यास सामग्री और मॉडल प्रश्नपत्र तैयार कर नियमित रूप से विद्यालयों तक उपलब्ध कराने तथा सभी विद्यालय द्वारा विद्यार्थियों को उसका दैनिक अभ्यास कराने को कहा गया। बोर्ड परीक्षा की तैयारी को मजबूत करने के लिए आगामी सितंबर माह में अर्धवार्षिक परीक्षा आयोजित करने का निर्णय लिया गया। इसके माध्यम से विद्यार्थियों की तैयारी एवं विषयवार कमजोरियों का आकलन कर आवश्यक सुधारात्मक कक्षाएं एवं अभ्यास कराया जाएगा। सभी विद्यालयों को निर्देश दिया गया कि आगामी नवंबर माह तक बोर्ड परीक्षार्थियों का पूरा पाठ्यक्रम अनिवार्य रूप से पूरा कर लिया जाए, ताकि इसके बाद प्री-बोर्ड परीक्षा एवं संपूर्ण पाठ्यक्रम के रिवीजन के लिए पर्याप्त समय मिल सके। विद्यालयों में जैक पैटर्न आधारित प्रश्नों के नियमित अभ्यास, प्रतिदिन गृहकार्य, प्रत्येक शनिवार छोटे-छोटे टेस्ट तथा साप्ताहिक रिवीजन की व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया। साथ ही बोर्ड परीक्षार्थियों के लिए अपडेटेड टाइम टेबल के अनुसार नियमित कक्षाएं संचालित करने का निर्देश दिया गया। डीईओ कविता खलखो ने कहा, “बोर्ड परीक्षा में बेहतर परिणाम अंतिम समय की तैयारी से नहीं, बल्कि नियमित और योजनाबद्ध अभ्यास से प्राप्त होता है। प्रत्येक विद्यालय में दैनिक अभ्यास, साप्ताहिक टेस्ट और रिवीजन की व्यवस्था सुनिश्चित हो तथा कमजोर विद्यार्थियों को अतिरिक्त सहयोग मिले। हमारा प्रयास है कि प्रत्येक विद्यार्थी अपनी क्षमता के अनुरूप बेहतर प्रदर्शन करे। उन्होंने कहा कि विद्यार्थियों की प्रगति की जानकारी अभिभावकों तक पहुंचाने के लिए पीटीएम एवं विद्यालय प्रबंधन समिति की बैठकें नियमित रूप से आयोजित की जाएं और बच्चों को घर पर स्वाध्याय के लिए भी प्रेरित किया जाए।
डीएवी पिब्लक स्कूल गुमला में तुलसीदास जयंती पर रामचरितमानस पाठ व विचार गोष्ठी आयोजित
गुमला के डीएवी पब्लिक स्कूल में गोस्वामी तुलसीदास की जयंती पर कार्यक्रम आयोजित किया गया। आयोजन का उद्देश्य विद्यार्थियों को तुलसीदास के जीवन, साहित्य और नैतिक मूल्यों से परिचित कराना रहा। कार्यक्रम की शुरुआत तुलसीदास के चित्र के सामने दीप प्रज्वलन और पुष्पार्चन से हुई। इसके बाद विद्यार्थियों ने तुलसीदास के जीवन और साहित्यिक योगदान पर वक्तव्य दिए। रामचरितमानस के प्रसंगों का वाचन किया गया। भक्ति गीतों की प्रस्तुति भी हुई। कार्यक्रम का संचालन संस्कृत शिक्षक दुर्गेश कुमार पाठक ने किया। उन्होंने तुलसीदास के व्यक्तित्व और कृतित्व से जुड़े प्रसंगों के जरिए कार्यक्रम को आगे बढ़ाया। संस्कृत शिक्षक रमाकांत त्रिपाठी ने कहा कि तुलसीदास भारतीय संस्कृति और भक्ति परंपरा के प्रमुख संवाहक रहे। उन्होंने रामचरितमानस के माध्यम से राम के आदर्श चरित्र को जन-जन तक पहुंचाया। उन्होंने बताया कि तुलसीदास की रचनाओं में धर्म, कर्तव्य, मर्यादा, करुणा, त्याग और लोकमंगल का समन्वय मिलता है। दुर्गेश कुमार पाठक ने अपने संबोधन में कहा कि तुलसीदास का साहित्य भारतीय ज्ञान-परंपरा की महत्वपूर्ण धरोहर है। उन्होंने कहा कि भाषा की सरलता के साथ इसमें जीवन-दर्शन भी है। उनके अनुसार तुलसीदास ने साहित्य को समाज के नैतिक और सांस्कृतिक उत्थान का माध्यम बनाया। हिंदी शिक्षक मिथिलेश कुमार दुबे ने कहा कि हिंदी साहित्य के विकास में तुलसीदास का स्थान महत्वपूर्ण है। उन्होंने बताया कि रामचरितमानस ने लोकभाषा के जरिए साहित्य को जनसामान्य से जोड़ा। उन्होंने विद्यार्थियों से सत्य, सदाचार, विनम्रता, प्रेम, सेवा और कर्तव्यनिष्ठा जैसे मूल्यों को अपनाने की बात कही। विद्यालय की प्राचार्या ने कहा कि विद्यार्थियों को भारतीय संस्कृति और साहित्य की प्रमुख विभूतियों के जीवन-दर्शन से जोड़ना शिक्षा की जिम्मेदारी है। उन्होंने तुलसीदास साहित्य को चरित्र-निर्माण और नैतिक विकास के लिए उपयोगी बताया। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने तुलसीदास की प्रमुख रचनाओं और जीवन-दर्शन से जुड़े तथ्य भी प्रस्तुत किए।
बिल की गड़बड़ी पर उपभोक्ताओं ने जताई नाराजगी
झारखंड बिजली वितरण निगम लिमिटेड के तत्वावधान में विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण फोरम रांची द्वारा जिला विधिक सेवा प्राधिकार के सहयोग से नगर भवन में कानूनी जागरूकता सह विद्युत उपभोक्ता शिकायत निवारण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में बिजली विभाग के पदाधिकारियों के अलावा जिला विधिक सेवा प्राधिकार एवं विद्युत आपूर्ति प्रमंडल गुमला के अधिकारी मौजूद रहे। शिविर का उद्देश्य उपभोक्ताओं की बिजली संबंधी समस्याओं का त्वरित, पारदर्शी एवं मौके पर समाधान करना था ताकि उन्हें छोटी-छोटी शिकायतों के लिए विद्युत कार्यालयों के बार-बार चक्कर न लगाने पड़ें। विद्युत अधीक्षण अभियंता ने बताया कि उपभोक्ताओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए विभिन्न विद्युत आपूर्ति अवर प्रमंडलों में इस तरह के शिविर आयोजित किए जा रहे हैं। शिविर में मुख्य रूप से बिजली बिल में त्रुटि, खराब मीटर बदलने, मीटर रीडिंग से संबंधित शिकायत, उपभोक्ता खाते में मोबाइल नंबर दर्ज या संशोधित करने सहित विद्युत सेवा से जुड़ी विभिन्न समस्याओं पर सुनवाई की गई। कई उपभोक्ताओं ने बिजली बिल में गड़बड़ी और विभागीय कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी भी जताई। पदाधिकारियों ने उपभोक्ताओं की शिकायतें सुनकर उनके सवालों का जवाब दिया तथा समाधान का भरोसा दिलाया। बताया गया कि जिन उपभोक्ताओं को विद्युत विपत्र प्राप्त नहीं हो रहा है वे व्हाट्सऐप नंबर 9431135503 पर संपर्क कर बिजली बिल प्राप्त कर सकते हैं। वहीं स्मार्ट मीटर लगाने को लेकर किसी प्रकार की आशंका या झिझक रखने वाले उपभोक्ताओं को विभाग की ओर से स्मार्ट मीटर की टेस्टिंग की सुविधा के संबंध में भी जानकारी दी गई। केंद्रीय सहायता केंद्र से ले सकते हैं मदद: विद्युत समस्या के समाधान के लिए उपभोक्ता विद्युत आपूर्ति अंचल गुमला के केंद्रीय सहायता केंद्र के मोबाइल नंबर 06524-299902 पर संपर्क कर सकते हैं। अधिकारियों ने कहा कि ट्रांसफार्मर लगाने, खराब ट्रांसफार्मर बदलने, शहरी क्षेत्र में छूटे हुए घरों तक बिजली पहुंचाने समेत अन्य समस्याओं के लिए उपभोक्ता सीधे विद्युत विभाग से संपर्क करें।अधिकारियों ने बताया कि जरूरत के अनुसार ट्रांसफार्मर विभाग की ओर से निःशुल्क उपलब्ध कराया जाता है। कार्यक्रम में विद्युत मित्र, विधिक सेवा प्राधिकार के प्रतिनिधि तथा शहर के आम नागरिक उपस्थित रहे।
पीएलएफआई सुप्रीमो अमृत होरो को तीन साल की सजा, पुलिस पर फायरिंग का था मामला
एडीजे तीन भूपेश कुमार की अदालत ने बुधवार को एक महत्वपूर्ण फैसले में पुलिस पर फायरिंग करने के आरोपित पीएलएफआई के सुप्रीमो अमृत होरो उर्फ मेचो को तीन साल की सजा सुनाई है। इसके साथ ही अदालत ने दोषी पर 30 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। यह पूरा मामला 13 जून 2015 का है। उस दिन कामडारा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि वांछित नक्सली अमृत होरो अपने सहयोगियों के साथ थाना क्षेत्र के गरई गांव में मौजूद है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने त्वरित कार्रवाई करते हुए गरई में घेराबंदी की। जैसे ही उसने पुलिस को अपनी तरफ आते देखा, अमृत होरो ने पुलिस दल पर ताबड़तोड़ फायरिंग शुरू कर दी और वहां से भागने की कोशिश करने लगा। पुलिस से बचने की भागदौड़ के दौरान वह अचानक एक कुएं में जा गिरा। इसके बाद सतर्क पुलिसकर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद उसे कुएं से सुरक्षित बाहर निकाला और मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। इस घटना के बाद पुलिस द्वारा स्थानीय थाने में प्राथमिकी दर्ज कर कानूनी कार्रवाई को आगे बढ़ाया गया था। अदालत में चले लंबे विचार और गवाहों के बयानों के आधार पर बुधवार को यह फैसला सुनाया गया।
भरनो में एनएच पर अवैध रूप से खड़े ऑटो हटाए गए
भरनो प्रखंड मुख्यालय के स्कूल चौक के समीप राष्ट्रीय राजमार्ग पर अवैध रूप से ऑटो खड़ा कर यात्रियों का इंतजार कर रहे चालकों के खिलाफ बुधवार को पुलिस ने कड़ी कार्रवाई की। स्कूल चौक के पास ऑटो चालक सड़क पर ही वाहन खड़ा कर गायब हो जाते हैं। कट से मुख्यालय चौक जाने वाले वाहनों को एनएच के बीच से गुजरना पड़ता है। इससे सामने से आने वाले तेज रफ्तार वाहनों के कारण लगातार दुर्घटना की आशंका बनी रहती थी। स्थानीय लोगों और राहगीरों ने कई बार मना किया। इसके बावजूद ऑटो चालकों की मनमानी जारी रही। ग्रामीणों ने थाना प्रभारी को सूचना दी। सूचना मिलते ही थाना प्रभारी संतोष कुमार ने त्वरित संज्ञान लिया। उन्होंने पुलिस बल को मौके पर भेजा। पुलिस ने एनएच पर कब्जा जमाए सभी ऑटो को खदेड़ दिया। प्रशासन ने सख्त चेतावनी दी है। कहा है कि यदि भविष्य में किसी भी चालक ने एनएच या चौक के समीप अवैध रूप से ऑटो खड़ा किया, तो उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। वाहन जब्त किए जाएंगे।
छत्तीसगढ़ तक था इनामी कमांडर काका का आतंक, तीसरी के बाद छोड़ दी थी पढ़ाई
गुमला में जेजेएमपी के पैर पसारने की कोशिशों को पुलिस ने नाकाम कर दिया है। संगठन को दोबारा सक्रिय करने की फिराक में जुटे इनामी सब-जोनल कमांडर रामदेव लोहरा उर्फ काका को पुलिस ने उसके एरिया कमांडर और दो अन्य साथियों के साथ धर दबोचा। रामदेव का आतंक सिर्फ गुमला, लोहरदगा और लातेहार तक ही सीमित नहीं था बल्कि छत्तीसगढ़ में भी उसने दहशत फैला रखी थी। छत्तीसगढ़ में उस पर दर्जनों मामले दर्ज हैं। जिनमें वह जमानत पर चल रहा था। यहां भी उस पर पुलिस मुठभेड़, बम से जवानों को उड़ाने, लेवी, डकैती और हत्या जैसे 21 संगीन मामले दर्ज हैं। लातेहार के बिंगड़ा निवासी रामदेव महज तीसरी कक्षा तक पढ़ने के बाद स्कूल छोड़ दिया और जब वह 17 साल का था। तभी उसकी शादी गुमला के डुमरी जैरागी की रहने वाली के देवी से कर दी गई। इसके बाद साल 2002 में वह भाकपा माओवादी में शामिल हुआ। शुरू से ही आक्रामक स्वभाव का होने के कारण कई हिंसक वारदातों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेता था। इस बीच छत्तीसगढ़ के कुसमी, शंकरगढ़, बलरामपुर, रामानुजपुर थाना और छत्तीसगढ़ में उसके विरूद्ध कई कांड दर्ज हुए। जेल जाने के बाद 2014 में छुटा और उग्रवाद का रास्ता छोड़ डुमरी के जैरागी स्थित अपने ससुराल में रहने लगा था। लेकिन इसी दौरान जेजेएमपी के शीर्ष उग्रवादी पप्पू लोहरा ने उसे डराया-धमकाया और जबरन अपने संगठन में शामिल कर लिया। जेजेएमपी में आते ही रामदेव संगठन के शीर्ष नेताओं पप्पू लोहरा, लवलेश गंझू, गुड्डू, मिथुन और कर्मवीर के दस्ते का मुख्य हिस्सा बन गया और हिंसक घटनाओं में शामिल हो गया। दस्ते के टूटने और साथियों के मारे जाने अथवा पकड़ाने के बाद कुछ समय से गुमला और आस-पास के जिलों में जेजेएमपी संगठन को फिर से मजबूत करने और किसी बड़ी हिंसक वारदात को अंजाम देने की साजिश रच रहा था। हालांकि पुलिस की मुस्तैदी के कारण वह अपने मंसूबों में कामयाब नहीं हो सका और पुलिस ने उसे दो दिन पहले उसके साथियों के साथ गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। 12 साल तक जेजेएमपी में रहते उसने अपनी मजबूत पैठ बनाई थी।
नियमों की अनदेखी: चलती टोटो से सड़क पर गिरी छात्रा, बची जान
शहर में स्कूली बच्चों की सुरक्षित आवाजाही को लेकर लापरवाही का मामला सामने आया है। बुधवार सुबह करीब 9 बजे संत पत्रिक स्कूल के गेट के पास बच्चों को लेकर जा रही चलती टोटो से एक छात्रा सड़क पर गिर गई। इसी दौरान टोटो का पिछला पहिया छात्रा के शरीर पर चढ़ने से बाल-बाल बच गया। हादसे में छात्रा के कपड़े गंदे हो गए, लेकिन उसकी जान बच गई। घटना के बाद स्कूली बच्चों की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं। शहर में कई स्कूलों के बच्चों को टोटो और अन्य छोटे वाहनों से स्कूल लाने-ले जाने का काम किया जा रहा है। स्थानीय लोगों के अनुसार, कई वाहनों में बच्चों की सुरक्षा के लिए जरूरी जाली और अन्य इंतजाम नहीं हैं। कई बार क्षमता से अधिक बच्चों को बैठाकर वाहन चलाए जाने की भी शिकायत है। इसके बावजूद संबंधित विभाग की ओर से नियमित जांच नहीं होने से वाहन चालक नियमों की अनदेखी कर रहे हैं। अभिभावकों का कहना है कि बच्चों को लेकर चलने वाले वाहनों की गति और क्षमता की नियमित जांच जरूरी है। थोड़ी सी लापरवाही कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। लोगों ने परिवहन विभाग से स्कूलों के आसपास विशेष जांच अभियान चलाने की मांग की है। बताया गया कि पूर्व जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्कूली वाहनों की सुरक्षा को लेकर दिशा-निर्देश जारी किए थे। हालांकि, उनके स्थानांतरण के बाद स्कूली वाहनों के खिलाफ प्रभावी जांच अभियान नहीं चलने की बात कही जा रही है। इससे नियमों की अनदेखी करने वाले चालकों के हौसले बढ़ रहे हैं। अभिभावकों और स्थानीय लोगों ने कहा कि बच्चों की सुरक्षा के मामले में किसी बड़े हादसे का इंतजार नहीं किया जाना चाहिए। विभाग को वाहनों की फिटनेस, चालक के दस्तावेज, क्षमता के अनुसार बच्चों की संख्या और सुरक्षा उपकरणों की जांच करनी चाहिए।
वित्तीय संकट से जूझ रहे सार्वजनिक क्षेत्र के उपक्रम एचईसी के पुनरुद्धार (रिवाइवल) की कवायद अब निर्णायक मोड़ पर पहुंचती दिख रही है। मामले को लेकर सांसद तिरुचि शिवा की अध्यक्षता में केंद्रीय संसदीय समिति की छह सदस्यीय टीम बुधवार को रांची पहुंची। टीम में सांसद मल्लू रवि, चंदन चौहान, सुलता देव और हंसमुख भाई पटेल शामिल हैं। एचईसी के सीएमडी केएस मूर्ति भी बुधवार दोपहर रांची पहुंच गए। गुरुवार को समिति एचईसी प्रबंधन के साथ बैठक कर कंपनी की वित्तीय और उत्पादन स्थिति की समीक्षा करेगी। इस दौरान करीब 500 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। संसदीय समिति के एचईसी मुख्यालय पहुंचने पर सुबह उन्हें गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाएगा। इसके बाद टीम एफएफपी, एचएमबीपी और एचएमटीपी प्लांटों का निरीक्षण करेगी तथा विभिन्न शॉप्स में जाकर मशीनरी, उत्पादन क्षमता और कर्मचारियों के हालात का जायजा लेगी। ट्रेड यूनियनों से भी होगी सीधी बातचीत प्लांट निरीक्षण के बाद एचईसी मुख्यालय में संसदीय समिति और एचईसी की ट्रेड यूनियनों के बीच महत्वपूर्ण बैठक होगी। इस बैठक में एचईसी प्रबंधन की मौजूदगी भी रहेगी। बैठक में एचईसी श्रमिक संघ, जनता मजदूर यूनियन, एचईसी लिमिटेड श्रमिक कर्मचारी यूनियन, हटिया प्रोजेक्ट वर्कर्स यूनियन, एचईसी मजदूर संघ, हटिया कामगार यूनियन, हटिया लोकमंच, हटिया मजदूर यूनियन और ऑफिसर्स एसोसिएशन के प्रतिनिधि शामिल होंगे। यूनियन प्रतिनिधि समिति के सामने एचईसी की जमीनी हकीकत, कर्मचारियों की समस्याओं, कंपनी की वित्तीय स्थिति और उत्पादन को फिर से पटरी पर लाने के उपायों को रखेंगे। 2017 से बैंक गारंटी की सुविधा बंद यूनियनों ने केंद्र सरकार के सामने एचईसी के लिए तत्काल रिवाइवल पैकेज की मांग रखी है। इसके साथ ही करीब 500 करोड़ रुपए की बैंक गारंटी उपलब्ध कराने की मांग भी प्रमुखता से उठाई जाएगी। यूनियनों का कहना है कि वर्ष 2017 से एचईसी के लिए बैंक गारंटी की सुविधा बंद है, जिसका सीधा असर कंपनी के कामकाज और नए ऑर्डर हासिल करने की क्षमता पर पड़ा है। उनका तर्क है कि एचईसी जैसी रणनीतिक और भारी इंजीनियरिंग कंपनी को सिर्फ पुरानी देनदारियां चुकाने के लिए सहायता देने से उसका पुनरुद्धार संभव नहीं होगा। एचईसी के पास वर्किंग कैपिटल का संकट एचईसी मजदूर संघ के महामंत्री रमाशंकर प्रसाद ने कहा कि एचईसी का रिवाइवल जरूरी है। मजदूरों के हितों के मुद्दे उठाएंगे। एचईसी श्रमिक संघ के अध्यक्ष शनि सिंह ने कहा कि एचईसी के पास क्षमता और विशेषज्ञता आज भी है, लेकिन कच्चा माल खरीदने, उत्पादन चक्र चलाने और बड़े ऑर्डर समय पर पूरा करने के लिए जरूरी कार्यशील पूंजी का संकट बना हुआ है। वहीं हटिया प्रोजेक्ट यूनियन के महामंत्री लीलाधर सिंह ने कहा कि एचईसी में कार्यरत कर्मियों के हितों को देखते हुए एचईसी का रिवाइवल जरूरी है। 500 एकड़ जमीन पर राज्य सरकार से चर्चा संसदीय समिति राज्य सरकार के कैबिनेट सचिव से भी वार्ता कर सकती है। इसमें एचईसी की करीब 500 एकड़ जमीन राज्य सरकार को ट्रांसफर करने और मंत्रालय से तत्काल राहत पैकेज दिलाने पर मंथन होगा। इसके अलावा यूनियनें कंपनी की जमीनी स्थिति, कर्मचारियों की समस्याओं, वित्तीय संकट और उत्पादन बढ़ाने के उपायों से समिति को अवगत कराएंगी।
रांची के कई इलाकों में गुरुवार को बिजली आपूर्ति बाधित रहेगी। टाटीसिलवे-हेसल फीडर से टाटी बस्ती, मिश्राटोली, मासू, हेसल, मिलन चौक, संजीवनी कॉलोनी, गेल इंडिया, उलातु, बहाया, जमुआरी, मनकीधिपा, मंझलाटोली, टाटी भागलपुर आदि में सुबह 10 से दोपहर 1 बजे तक बिजली बंद रहेगी। बड़गाईं फीडर से टीवीएस शोरूम, विश्वकर्मा कॉलोनी और बड़गाईं में सुबह 10 से शाम 4 बजे तक आपूर्ति बाधित रहेगी। न्यू मोरहाबादी फीडर के पार्क/प्राइम होटल के पास, गली नंबर 1, 2, 3 और 5 में 10 से 4 बजे तक बिजली नहीं रहेगी। इसी तरह आरके मिशन फीडर के विशाल मेगा मार्ट, बरियातू और पावर हाउस फीडर के लालपुर मौलाना आजाद कॉलोनी की गली नंबर 10, 11 व 12 में 10 से 4 बजे तक कटौती होगी। कृष्णापुरी और राम मंदिर फीडर में क्रमश: 10 से 4:30 बजे तक बिजली बाधित रहेगी। अयोध्यापुरी फीडर में 11 केवी लाइन सुबह 10 से 11 बजे और एलटी लाइन/ट्रांसफार्मर सुबह 10 से शाम 4 बजे तक बंद रहेगा। ओरमांझी-1 फीडर के हरचंदा, टोयोटा व बीएमडब्ल्यू एजेंसी, पंचरत्न और इरबा आई हॉस्पिटल में 10:30 से दोपहर 3 बजे तक तथा न्यू शाहदेव नगर के कटहल मोड़ में सुबह 11 से दोपहर 3 बजे तक बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी।
फतेहपुर में 11 आंगनबाड़ी केंद्रों पर चयन की आमसभा तिथि तय
प्रखंड में रिक्त आंगनबाड़ी सेविका और सहायिका के पदों पर चयन प्रक्रिया शुरू हो गई है। बाल विकास परियोजना पदाधिकारी, फतेहपुर के अनुसार अलग-अलग पंचायतों के 11 आंगनबाड़ी केंद्रों पर रिक्त पदों के लिए आमसभा होगी। कार्यक्रम के अनुसार 20 अगस्त को जामजोड़ी पंचायत के सारसबाद आंगनबाड़ी केंद्र में सुबह 11 बजे लघु सहायिका चयन की आमसभा होगी। महुलबोना आंगनबाड़ी केंद्र में लघु सहायिका के लिए आमसभा होगी। 21 अगस्त को सिमलाडंगाल पंचायत के ताराबाद आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका पद के लिए आमसभा होगी। पांचकेठिया आंगनबाड़ी केंद्र में सहायिका पद के लिए आमसभा होगी। इसी दिन धसनिया पंचायत के डुमरिया आंगनबाड़ी केंद्र में लघु सहायिका के चयन की आमसभा तय है। 24 अगस्त को वानरनाचा पंचायत के बामनबांधी आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका पद के लिए आमसभा होगी। 25 अगस्त को बनुडीह पंचायत के खट्टोजोरी आंगनबाड़ी केंद्र में सेविका पद के लिए आमसभा होगी।
फतेहपुर प्रखंड के गांवों में मां मनसा देवी की पूजा
फतेहपुर प्रखंड क्षेत्र के विभिन्न गांवों में मां मनसा देवी की पूजा-अर्चना श्रद्धा और भक्तिभाव से हुई। पूजा के बाद बुधवार को अलग-अलग पूजा स्थलों पर पारंपरिक पन्ना कार्यक्रम हुआ। श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। पूरा इलाका भक्तिमय माहौल में रहा। बेलबोराई गांव में फकीर चंद्र मंडल के घर मां मनसा देवी की प्रतिमा स्थापित की गई। विधिवत पूजा हुई। ग्रामीणों के अनुसार यहां करीब 100 वर्षों से प्रतिमा स्थापित कर पूजा की परंपरा है। हर साल श्रावण माह में विधि-विधान से पूजा होती है। लकड़टंगा गांव में पारंपरिक बारी पूजा का आयोजन हुआ। डीगलग्राम, आरई, तलपोखरिया और जोरडीहा गांव में भी मां मनसा देवी की प्रतिमा स्थापित की गई। श्रद्धालुओं ने पूजा-अर्चना की।
इटावा पालिका में 9 सितंबर को मतदान, 19,599 वोटर
भास्कर न्यूज| इटावा प्रदेश में नगरीय निकाय चुनाव दो चरणों में होंगे। पहले चरण में 9 सितंबर और दूसरे चरण में 11 सितंबर को मतदान कराया जाएगा, जबकि 14 सितंबर को मतगणना के बाद चुनाव परिणाम घोषित किए जाएंगे। राज्य में पहली बार सभी नगरीय निकायों में एक साथ चुनाव होने जा रहे हैं। इटावा नगर पालिका में पहले चरण के तहत 9 सितंबर को मतदान होगा। नगर पालिका क्षेत्र में कुल 35 वार्ड हैं और मतदान के लिए 35 बूथ बनाए गए हैं। यहां कुल 19,599 मतदाता अपने वोट देंगे। इनमें 10,091 पुरुष और 9,508 महिला मतदाता शामिल हैं। राज्य निर्वाचन आयुक्त राजेश्वर सिंह के अनुसार नगर पालिका अध्यक्ष सहित निकाय प्रमुखों का चुनाव 21 सितंबर को होगा। वहीं, उपाध्यक्ष का चुनाव 22 सितंबर को कराया जाएगा। इसी दिन नगर निगम, नगर परिषद एवं नगरपालिकाओं की साधारण सभा की बैठक में डिप्टी मेयर, उपसभापति और नगरपालिका उपाध्यक्ष का चुनाव होगा। चुनाव कार्यक्रम घोषित होने के साथ ही इटावा नगर पालिका क्षेत्र में राजनीतिक सरगर्मियां तेज हो गई हैं। इटावा में पालिका अध्यक्ष सामान्य महिला के लिए आवंटित हुई है। अब संभावित प्रत्याशी और राजनीतिक दल अब वार्डवार समीकरण साधने में जुटेंगे। इसे राज्य का महत्वपूर्ण नगरीय चुनाव माना जा रहा है।
रेल कनेक्टिविटी से इटावा को जल्द जोड़ा जाएगा : बिरला
इटावा| लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने रक्षाबंधन के अवसर पर कार्यक्रम में माताओं-बहनों और क्षेत्रवासियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने इटावा नगर में विभिन्न विकास कार्यों का शिलान्यास किया। बिरला ने कहा कि बहनों का स्नेह, आशीर्वाद और विश्वास उन्हें जनसेवा के लिए निरंतर प्रेरित करता है। बिरला ने कहा कि पिछले ढाई वर्षों में पीपल्दा क्षेत्र में 1634 करोड़ रुपए के 774 विकास कार्यों का शिलान्यास, लोकार्पण हुआ है। निर्माण कार्य प्रगति पर है। चंबल नदी पर ढीपरी चंबल-गोठड़ा पुलिया का 256 करोड़ रुपए की लागत से निर्माण शुरू हो चुका है। झरेल के बालाजी की पुलिया का कार्य भी प्रगति पर है। सितंबर-अक्टूबर में 75 करोड़ रुपए की लागत से शहनावदा पुलिया का कार्य शुरू होगा। 5 हजार करोड़ रुपए से अधिक की विभिन्न परियोजनाएं पीपल्दा विधानसभा क्षेत्र में प्रगति पर हैं। लोकसभा अध्यक्ष ने कहा कि इटावा के सभी गांवों को सड़क कनेक्टिविटी से जोड़ने का लक्ष्य है। इन सड़कों को दिल्ली-मुंबई एक्सप्रेसवे और अटल एक्सप्रेसवे से जोड़ा जाएगा। रेल कनेक्टिविटी का कार्य भी आगे बढ़ रहा है। करीब छह माह बाद इसका विधिवत शिलान्यास किया जाएगा। नोनेरा बांध से कोटा-बूंदी के 700 से अधिक गांवों और छह कस्बों में घर-घर पेयजल पहुंचाने का कार्य जारी है। इटावा के उप जिला चिकित्सालय को बड़े चिकित्सा केंद्र के रूप में विकसित किया जाएगा। खातोली सीएचसी को भी बेहतर सुविधाओं से सुसज्जित किया जाएगा। करीब छह करोड़ रुपए की लागत से कन्वेंशन सेंटर का निर्माण किया जाएगा। इटावा में राष्ट्रीय स्तर का 400 मीटर सिंथेटिक ट्रैक विकसित किया गया है। क्रिकेट मैदान भी विकसित किया गया है। करीब चार करोड़ रुपए की लागत से इंडोर स्टेडियम भी विकसित किया गया है। क्षेत्र में बेटियों के लिए 50 लाख रुपए की लागत से डिजिटल क्लासरूम विकसित किए जाएंगे। ऑनलाइन कोचिंग की सुविधा भी दी जाएगी। डिजिटल लाइब्रेरी विकसित की जाएगी। इस दौरान जिलाध्यक्ष प्रेम गोचर, पूर्व मंत्री रामगोपाल बैरवा, पूर्व विधायक प्रभूलाल वर्मा, इटावा प्रभारी कृष्ण कुमार सोनी, जिला उपाध्यक्ष पवन हाड़ा, निवर्तमान चेयरमेन रजनी सोनी, प्रधान रिंकू मीणा, मंडल अध्यक्ष पुष्पेंद्र सिंह, मार्केटिंग अध्यक्ष अर्जुनलाल मीणा, पूर्व प्रधान विजय शंकर नागर व मानवेन्द्र सिंह मौजूद रहे।
ओवरब्रिज पर गड्ढा: बारिश में नहीं दिखती गहराई, बढ़ा हादसे का खतरा
जांजगीर | चांपा मार्ग पर खोखसा ओवरब्रिज चढ़ते ही सड़क के बीचों-बीच बना यह बड़ा गड्ढा हादसों को न्योता दे रहा है। बारिश का पानी लबालब भरने के कारण दोपहिया वाहन चालकों को गड्ढे की गहराई का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे रोजाना राहगीर गिरकर चोटिल हो रहे हैं। मुख्य मार्ग होने के बाद भी जिम्मेदार विभाग मरम्मत कराने की जहमत नहीं उठा रहा, जिससे रात के समय यहां जानलेवा स्थिति बनी हुई है।
आज वित्त मंत्री चौधरी लेंगे विभागवार समीक्षा बैठक
जांजगीर | जिले के प्रभारी मंत्री, वित्त मंत्री ओपी चौधरी 20 अगस्त को जांजगीर-चांपा पहुंचेंगे। जिला प्रशासन के मुताबिक वे सुबह 11.30 बजे कलेक्टोरेट के सभाकक्ष में जिला स्तरीय अधिकारियों के साथ सभी विभागों की समीक्षा बैठक लेंगे। बैठक में केंद्र, राज्य की अहम योजनाओं की प्रगति की समीक्षा होगी। विभागवार उपलब्धियों पर चर्चा होगी। लंबित प्रकरणों की स्थिति देखी जाएगी। विकास, निर्माण कार्यों की प्रगति की भी विस्तृत समीक्षा होने की संभावना है। लंबे अंतराल के बाद प्रभारी मंत्री स्तर पर यह विभागीय समीक्षा बैठक हो रही है। प्रशासनिक नजरिए से इसे अहम माना जा रहा है। जिले में कई बड़ी योजनाएं, परियोजनाएं चल रही हैं। योजनाओं के क्रियान्वयन, लक्ष्य पूर्ति, जमीनी स्तर पर लाभ पहुंचने की स्थिति पर भी फोकस रहेगा।
तुलसी साहित्य में जीवन-मूल्यों की है सीख, शिक्षकों ने बताई प्रासंगिकता
भास्कर न्यूज | कोसला कमलादेवी उच्चतर माध्यमिक विद्यालय, कोसला में गोस्वामी तुलसीदास जयंती मनाई गई। कार्यक्रम में शिक्षकों ने तुलसीदास के जीवन, साहित्य और वर्तमान समय में उनकी प्रासंगिकता पर विचार रखे। प्राचार्य सहित सभी शिक्षक मौजूद रहे। शिक्षकों ने कहा कि तुलसीदास केवल भक्त कवि नहीं, बल्कि भारतीय लोकजीवन, संस्कृति और मानवीय मूल्यों के प्रभावशाली व्याख्याकार थे। उन्होंने भगवान राम के चरित्र के माध्यम से सत्य, मर्यादा, करुणा, त्याग, कर्तव्य और लोकमंगल की भावना को स्थापित किया। उनके साहित्य में दिए गए ये संदेश आज भी समाज को दिशा देते हैं। शिक्षकों ने कहा कि बदलते सामाजिक माहौल में तुलसीदास की प्रासंगिकता और बढ़ जाती है। वर्तमान में मूल्य-संकट, सामाजिक तनाव और पारिवारिक विघटन जैसी चुनौतियां दिखाई देती हैं। ऐसे समय में तुलसी साहित्य से मर्यादा, संयम, कर्तव्य, करुणा और समन्वय की प्रेरणा मिलती है। उनका साहित्य केवल पूजा तक सीमित नहीं है, बल्कि बेहतर आचरण और जीवन-मूल्यों को अपनाने की सीख देता है। प्राचार्य ने तुलसीदास के साहित्य को भारतीय संस्कृति की अमूल्य धरोहर बताया। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि तुलसी की रचनाओं को केवल परीक्षा की दृष्टि से न पढ़ें, बल्कि उनमें निहित जीवन-मूल्यों को समझने का प्रयास करें। कार्यक्रम में रामभक्ति और तुलसीदास के साहित्यिक योगदान को याद किया गया।
स्मार्ट मीटर के खिलाफ घर-घर आवेदन भरवाएगी कांग्रेस
जांजगीर | जिला कांग्रेस कमेटी जांजगीर-चांपा की मासिक बैठक चांपा के सिवनी में हुई। बैठक में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के नियुक्त प्रभारी आशीष सिंह ठाकुर मौजूद रहे। जिला कांग्रेस अध्यक्ष राजेश अग्रवाल ने बैठक का एजेंडा रखा। इसमें स्मार्ट मीटर और धान खरीदी केंद्रों को लेकर रणनीति बनाई गई।कांग्रेस ने स्मार्ट मीटर से लोगों को हो रही परेशानी के समाधान के लिए घर-घर जाकर मीटर हटाने के आवेदन भरवाने का निर्णय लिया। वहीं, जिले में धान खरीदी शुरू होने से पहले धान संग्रहण और उपार्जन केंद्रों का भौतिक निरीक्षण किया जाएगा। इसकी वस्तुस्थिति की रिपोर्ट तैयार कर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को भेजी जाएगी। आशीष सिंह ठाकुर ने कहा कि बिजली बिल हाफ योजना की बहाली, स्मार्ट मीटर की वापसी और बिजली दरों में वृद्धि के मुद्दे को जन आंदोलन बनाना है। साय सरकार के दौरान गरीब और मजदूर की जेब पर पड़ रहे भार को रोकना कांग्रेस का लक्ष्य है। राजेश अग्रवाल ने दोनों मुद्दों पर कांग्रेसजनों को दिशा-निर्देश दिए। बैठक का संचालन रफीक सिद्दकी ने किया। आभार नागेंद्र गुप्ता ने माना। इस दौरान धीरेंद्र बाजपेयी, मनोज तिवारी, कन्हैया राठौर, भागवत साहू, ऋषिकेश उपाध्याय, किशन सोनी, रामराज्य पांडेय, गौतम राठौर और प्रिंस शर्मा सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
खरौद में द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन को उमड़ी भीड़
भास्कर न्यूज | खरौद/रिगनी प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय के खरौद स्थित ओम शांति भवन सेवाकेंद्र में सावन के तीसरे सोमवार पर सावन सोमवार महोत्सव एवं नशा मुक्त भारत अभियान का आयोजन किया गया। सुबह से ही द्वादश ज्योतिर्लिंग के दर्शन के लिए श्रद्धालुओं की भीड़ जुटने लगी, जो देर शाम तक जारी रही। कार्यक्रम का शुभारंभ अतिथियों और सेवाकेंद्र के वरिष्ठ प्रभारियों ने दीप प्रज्वलित कर किया। सेवाकेंद्र पहुंचे श्रद्धालुओं को ज्ञान प्रदर्शनी के माध्यम से परमपिता परमात्मा शिव का संदेश दिया गया। ब्रह्माकुमारी बहनों ने मानव जीवन में सुख, शांति, पवित्रता और समृद्धि प्राप्त करने के आध्यात्मिक मार्ग की जानकारी दी। समारोह में नशा मुक्त भारत अभियान के उद्देश्यों और इसकी रूपरेखा की जानकारी दी गई। सेवाकेंद्र की संचालिका मंजू ने श्रद्धालुओं और नागरिकों को जीवनभर नशे से दूर रहने तथा समाज को नशामुक्त बनाने की प्रतिज्ञा कराई। उन्होंने कहा कि संस्था की ओर से क्षेत्र में नशामुक्ति को लेकर जागरूकता अभियान चलाया जाएगा। इसके तहत विभिन्न स्कूलों और कॉलेजों में छात्रों व युवाओं को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देकर नशा छोड़ने और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने की शपथ दिलाई जाएगी। कार्यक्रम में माध्यमिक शिक्षा मंडल बोर्ड के सदस्य चंद्रकांत तिवारी, वंदे मातरम् स्कूल के संचालक शंकर लाल आदित्य, प्राचार्य बीपी कश्यप, आध्यात्मिक परिषद के अध्यक्ष शिवरात्रि यादव, सरस्वती शिशु मंदिर के प्राचार्य रामकुमार साहू, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला खरौद के प्राचार्य आरके गोस्वामी, शासकीय उच्चतर माध्यमिक शाला शिवरीनारायण के प्राचार्य बसंत देवांगन और लेक्चरर कोमल साहू सहित अन्य लोग मौजूद रहे। आयोजन को सफल बनाने में सेवाकेंद्र के भाई-बहनों और स्थानीय ग्रामीणों का सहयोग रहा। कार्यक्रम में मौजूद अतिथियों ने ब्रह्माकुमारी संस्थान के सामाजिक और आध्यात्मिक अभियान की सराहना की। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की लत से बचाना समाज की बड़ी जरूरत है। इस दिशा में संस्थान को हरसंभव सहयोग देने का भरोसा दिलाया। ब्रह्माकुमारी चंद्रकांता ने भी आध्यात्मिक विचार रखे।
अग्रवाल सम्मेलन: मनोज जिलाध्यक्ष तो पंकज बने सचिव
जांजगीर | अंतरराष्ट्रीय अग्रवाल सम्मेलन ने नैला निवासी मनोज कुमार अग्रवाल (कालू) को जांजगीर-चांपा जिला इकाई का नया अध्यक्ष मनोनीत किया है। वहीं, पंकज अग्रवाल को सचिव का दायित्व सौंपा गया है। यह नियुक्ति राष्ट्रीय चेयरमैन जगदीश प्रसाद अग्रवाल और प्रदेश अध्यक्ष अधिवक्ता बाबूलाल अग्रवाल की अनुशंसा पर परिपत्र जारी कर की गई। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अग्र समाज को एक मंच पर लाने के लिए कार्यरत इस संगठन ने मनोज अग्रवाल के सामाजिक अनुभव और निष्ठा पर भरोसा जताया है।
विभाजन की त्रासदी पर पीजी कॉलेज में कार्यक्रम किया गया
धमतरी| शासकीय बाबू छोटेलाल श्रीवास्तव पीजी कॉलेज में राष्ट्रीय सेवा योजना के तहत कई कार्यक्रम हुए। प्राचार्य डॉ. विनोद कुमार पाठक ने कहा कि स्वतंत्र भारत की शुरुआत हिंसक विभाजन से हुई। इसने लाखों लोगों पर अमिट छाप छोड़ी। विभाजन से इतिहास का सबसे बड़ा और सबसे दुखद मानव पलायन शुरू हुआ। इसके साथ सांप्रदायिक दंगे हुए। अंतर-धार्मिक संघर्ष भी हुए। परिचर्चा में वरिष्ठ स्वयंसेवक संदीप, दिव्या सोनकर ने आम नागरिकों की कठिनाइयों पर बात रखी। विस्थापन और पुनर्वास पर चर्चा हुई। मानवीय पीड़ा के पहलू सामने रखे गए। वक्ताओं ने कहा कि इतिहास सिर्फ अतीत जानने का माध्यम नहीं है। यह भविष्य बेहतर बनाने की सीख देता है। भारत विभाजन के इतिहास और उससे जुड़े तथ्यों पर प्रश्नोत्तरी हुई। स्वयंसेवकों ने उत्साह से भाग लिया। ऐतिहासिक जानकारी, सामान्य ज्ञान का प्रदर्शन किया। इसमें डिगेश्वरी ध्रुव, रूपाली नेताम, दीक्षा गणवीर, खुशबू साहू, चमेली नेताम, याश्नी मरकाम, हेमपुष्पा मरकाम, हिमेश कुमार सिन्हा, कविना, नेहल यादव, पूजा, प्रवीण यादव, धनेश्वरी सिन्हा सहित अन्य स्वयंसेवक शामिल रहे। प्रश्नोत्तरी का संचालन संकेत कुमार साहू ने किया। इस अवसर पर सिद्धांत कुमार दुबे, नरेंद्र कुमार, संजय प्रिंस, लिलेश, ओम मरकाम, दिव्या महार, झरना यादव, लीलम पोमिन, दिव्या सोनकर, चुनेश्वरी, आशीष व अन्य रहे।
डेयरी के व्यवसाय से बढ़ी आय, आत्मनिर्भर बने रैनू
नारायणपुर| ग्राम रेगांवड निवासी रैनू राम सलाम ने डेयरी उद्यमिता विकास योजना का लाभ लेकर आय बढ़ाई है। उन्हें दो दुधारू गायों की डेयरी इकाई के लिए 93 हजार 240 रुपए अनुदान मिला। विभागीय मार्गदर्शन से अब उनकी इकाई में चार गायें हैं, जिनसे रोज 20 से 25 लीटर दूध उत्पादन हो रहा है। दूध के साथ दही-पनीर बेचकर उनकी मासिक आय 10 हजार से बढ़कर करीब 25 हजार रुपए हो गई है। कलेक्टर नम्रता जैन ने डेयरी और पशुपालन को ग्रामीण आय का मजबूत माध्यम बताया।
नई शिक्षा नीति पर डीएवी पॉलिटेक्निक में विशेष सत्र
दंतेवाड़ा | एनएमडीसी डीएवी पॉलिटेक्निक में राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के प्रभावी क्रियान्वयन पर विशेष सत्र हुआ। मॉडल कॉलेज जावंगा के विशेषज्ञ सुरेंद्र कुमार महला और सुरेश कुमार यादव ने विद्यार्थियों, शिक्षकों को नीति की प्रमुख बातें बताईं। सत्र में बहु-विषयक शिक्षा, कौशल विकास, छात्र-केंद्रित शिक्षण, मल्टीपल एंट्री-एग्जिट, शोध, नवाचार पर चर्चा हुई। विशेषज्ञों ने रटंत पढ़ाई छोड़कर प्रायोगिक, कौशल आधारित अध्ययन अपनाने के लिए प्रेरित किया। प्रश्नोत्तर सत्र में विद्यार्थियों ने पाठ्यक्रम, करियर से जुड़े सवाल पूछे। विशेषज्ञों ने जवाब दिए। विशेषज्ञ सुरेंद्र कुमार महला ने एनईपी-2020 की मूल अवधारणाएं बताईं। उन्होंने कहा, नई शिक्षा नीति का उद्देश्य शिक्षा को व्यावहारिक, कौशल आधारित बनाना है। उन्होंने तकनीकी क्षेत्र में नए अवसरों की जानकारी दी। उन्होंने कहा, विद्यार्थी अपनी प्रतिभा, कौशल विकसित करने पर ध्यान दें। सुरेश कुमार यादव ने मल्टीपल एंट्री, एग्जिट व्यवस्था समझाई। उन्होंने बताया, नई शिक्षा नीति विद्यार्थियों को रुचि, परिस्थितियों के अनुसार शिक्षा की दिशा तय करने का अवसर देती है।
दंतेवाड़ा: 400 छात्राओं को विज्ञान समझाया
दंतेवाड़ा | राष्ट्रीय अंतरिक्ष सप्ताह के तहत जिला विज्ञान केंद्र दंतेवाड़ा ने मंगलवार को शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय में विशेष विज्ञान जागरूकता कार्यक्रम किया। इसमें 400 से अधिक छात्राओं ने हिस्सा लिया। सजीव प्रयोगों, कम लागत की विज्ञान किट, कबाड़ से जुगाड़ मॉडल से विज्ञान के कठिन सिद्धांत आसान तरीके से समझाए गए। जिला विज्ञान केंद्र के केंद्र प्रमुख उपेंद्र गौतम, साइंस कम्युनिकेटर्स दीकेश यादव, मंगलू पोडियाम की टीम ने कई प्रयोग दिखाए। वायुमंडलीय दबाव, गति के नियम, प्रकाश, ध्वनि, गुरुत्व केंद्र जैसे विषय खिलौनों, रोजमर्रा की वस्तुओं से समझाए गए। प्रयोग देखकर छात्राओं में उत्साह दिखा। परिसर तालियों से गूंज उठा। कार्यक्रम में अंतरिक्ष विज्ञान, खगोलशास्त्र, सामान्य विज्ञान पर क्विज प्रतियोगिता भी हुई। 400 से अधिक छात्राओं के बीच मुकाबले में छाया ने प्रथम स्थान हासिल किया। विजेता छात्रा को 23 अगस्त को जिला विज्ञान केंद्र में होने वाले राष्ट्रीय अंतरिक्ष दिवस समारोह में पुरस्कृत, सम्मानित किया जाएगा।
दंतेश्वरी मंदिर बंद, द्वार पर ही चढ़ावा छोड़ गए भक्त
भास्कर न्यूज | दंतेवाड़ा दंतेश्वरी माता मंदिर में बुधवार को अचानक दर्शन बंद होने से श्रद्धालुओं को निराश होकर लौटना पड़ा। मंगलवार देर रात मंदिर के पुजारी के घर शोक हो जाने के कारण बुधवार को पूरे दिन मंदिर के पट बंद रहे। सुबह से ही मंदिर पहुंच रहे भक्तों को मुख्य द्वार से ही वापस लौटना पड़ा। कई श्रद्धालुओं ने मंदिर के दरवाजे पर ही चढ़ावा चढ़ाकर माता से आशीर्वाद मांगा। वे दर्शन किए बिना लौट गए। मंदिर में अब गुरुवार से नियमित रूप से दर्शन शुरू होने की बात कही गई है। इन दिनों दंतेवाड़ा में पर्यटकों और श्रद्धालुओं की संख्या लगातार बढ़ रही है। प्रदेश के अलग-अलग जिलों के साथ ही दूसरे राज्यों से भी बड़ी संख्या में लोग दंतेवाड़ा पहुंच रहे हैं। दंतेश्वरी माता मंदिर में दर्शन करने के बाद पर्यटक जिले के प्रमुख पर्यटन स्थलों का रुख कर रहे हैं। ऐसे में बुधवार को मंदिर के कपाट बंद होने से बाहर से आए लोगों को काफी परेशानी हुई। बुधवार सुबह मंदिर खुलने की उम्मीद में श्रद्धालु दंतेश्वरी माता के मंदिर पहुंचे। मंदिर के पट बंद देखकर लोगों ने पहले जानकारी ली। इसके बाद उन्हें बताया गया कि पुजारी के परिवार में शोक होने के कारण मंदिर में बुधवार को पूजा-दर्शन की व्यवस्था बंद रहेगी। दूर-दराज से आए श्रद्धालुओं ने मंदिर के बाहर से ही माता को प्रणाम किया। कुछ लोगों ने मुख्य द्वार पर ही नारियल, फूल और अन्य चढ़ावा अर्पित किया। आज से कर पाएंगे दर्शन बुधवार को दिनभर सूतक रहा। गुरुवार सुबह मंदिर नियमित समय से फिर खुलेगा। दन्तेश्वरी माता का मंदिर ग्रहण के समय बंद किया जाता है। राज परिवार या पुजारी के परिवार में शोक होने पर भी मंदिर बंद किया जाता है।
स्मार्ट मीटर के विरोध में आंदोलन को बूथ तक ले जाने की योजना तैयार की
भास्कर न्यूज | बेनूर जिला कांग्रेस कमेटी नारायणपुर के अध्यक्ष राजेश दीवान के निर्देश पर ब्लॉक, शहर, महिला कांग्रेस, मंडल, बूथ अध्यक्षों की जिला स्तरीय समीक्षा बैठक हुई। नारायणपुर जिले के प्रभारी बीरेश ठाकुर ने संगठन की गतिविधियों की समीक्षा की। आगामी कार्यक्रमों पर चर्चा हुई। क्षेत्रवार संगठन की स्थिति पर बात हुई। बूथ स्तर पर कार्यकर्ताओं को ज्यादा सक्रिय करने पर जोर दिया गया। बीरेश ठाकुर ने मंडल, बूथ अध्यक्षों से उनके क्षेत्रों की संगठन गतिविधियों की जानकारी ली। उन्होंने कहा कि संगठन की मजबूती की नींव बूथ स्तर के कार्यकर्ता हैं। हर बूथ पर सक्रियता बढ़ानी होगी। आम लोगों से लगातार संपर्क रखना होगा। आगामी जनहित के कार्यक्रम एकजुटता से चलाने के निर्देश दिए। बैठक में स्मार्ट मीटर के विरोध में चल रहे जनआंदोलन पर भी चर्चा हुई। प्रभारी ने कार्यकर्ताओं से आम नागरिकों के बीच पहुंचकर जनजागरूकता अभियान चलाने को कहा। लोगों की समस्याएं समझने की बात कही। आंदोलन को मंडल, बूथ स्तर तक प्रभावी बनाने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में पदाधिकारियों, कार्यकर्ताओं ने संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने का संकल्प लिया। स्मार्ट मीटर विरोध सहित आगामी जनहित के आंदोलनों को संगठित तरीके से चलाने पर सहमति बनी। बैठक में राजेश दीवान, प्रदेश पदाधिकारी रजनू नेताम, देवनाथ उसेंडी, शिव कुमार पांडे, विशेल नाग, जिला कोषाध्यक्ष वीपी शुक्ला, संजय राय, तौहीद खान, रवि देवांगन, अमित भद्र, रघु मानिकपुरी सहित ब्लॉक, मंडल, महिला कांग्रेस, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, अन्य प्रकोष्ठों के पदाधिकारी, कार्यकर्ता मौजूद रहे।
क्षय से सुरक्षित कार्यक्रम में 122 बंदियों की जांच की
नारायणपुर| जिला क्षय उन्मूलन कार्यक्रम के तहत चल रहे टीबी मुक्त भारत अभियान और एड्स नियंत्रण कार्यक्रम के संयुक्त तत्वावधान में क्षय से सुरक्षित ब्लॉक कार्यक्रम के तहत विचाराधीन बंदियों की टीबी स्क्रीनिंग की गई। अभियान में कुल 122 विचाराधीन बंदियों की जांच हुई। स्क्रीनिंग के दौरान टीबी के लक्षण मिलने पर 5 संदेहास्पद लोगों के बलगम के नमूने जांच के लिए लिए गए। नमूनों को तय जांच प्रक्रिया के तहत परीक्षण के लिए भेजा गया। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि टीबी के संभावित मरीजों की जल्दी पहचान, जांच, इलाज सुनिश्चित करने के लिए जिले में ऐसे स्क्रीनिंग और जागरूकता कार्यक्रम नियमित किए जा रहे हैं। विभाग ने लोगों से अपील की है कि दो सप्ताह या उससे ज्यादा समय से खांसी, बुखार, वजन कम होना, रात में पसीना आना, भूख कम लगना जैसे लक्षण हों तो तुरंत नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र में जांच कराएं।
80 मिनट नॉन-स्टॉप स्केटिंग, खेलो भारत बुक रिकॉर्ड में दर्ज किया गया
नारायणपुर| स्केटिंग अब बड़े शहरों तक सीमित नहीं रही। अबूझमाड़ के बच्चों ने भी खेल के मैदान में अपनी प्रतिभा दिखाई। नारायणपुर के विश्व दीप्ति स्कूल में 16 अगस्त को 80 मिनट नॉन-स्टॉप स्केटिंग इवेंट हुआ। 25 खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया। खेलो भारत बुक रिकॉर्ड के तहत बुक रिकॉर्ड बना। यह कार्यक्रम नारायणपुर में पहली बार हुआ। कोच आर. बलराम पुरी ने बताया, आयोजन में कक्षा 4 तक के बच्चे भी शामिल रहे। सभी खिलाड़ियों ने रिकॉर्ड के लिए करीब एक महीने तक रोज अभ्यास किया। प्रशिक्षण के दौरान कुछ बच्चों को चोट लगी। बच्चों ने हिम्मत नहीं छोड़ी। आयोजन में उतरकर जज्बा दिखाया। 80 मिनट तक लगातार स्केटिंग बच्चों के लिए चुनौती रही। रिकॉर्ड बनाने वाले खिलाड़ियों में सुशांत कुमार, झरना ठाकुर, चित्रांश सिंह, युवांश साहू, तनिष्क उसेंडी, भव्या उसेंडी, मो सलमान, मयंक देवांगन, अद्विक राठौर, शौर्य साहू, हेल्ली लकड़ा आदि शामिल थे।
एसपी अचानक थाना पहुंचे ई-मालखाना, ई-साक्ष्य देखे
भास्कर न्यूज | बेनूर पुलिसिंग व्यवस्था को अधिक प्रभावी, पारदर्शी, तकनीक आधारित बनाने के उद्देश्य से एसपी संदीप पटेल ने 18 अगस्त को थाना बेनूर का औचक निरीक्षण किया। उन्होंने थाने की कार्यप्रणाली, अभिलेखों, डिजिटल रिकॉर्ड के संधारण की विस्तार से समीक्षा की। एसपी ने कहा कि डिजिटल माध्यमों पर दर्ज सभी जानकारी समय-सीमा में अपडेट हो। जानकारी त्रुटिरहित रहे। निरीक्षण के दौरान ई-मालखाना 2.0, ई-साक्ष्य, आईआरएडी, मेडलीपआर समेत विभिन्न डिजिटल प्लेटफॉर्म पर दर्ज रिकॉर्ड की स्थिति जांची गई। ई-मालखाना में जब्त सामग्री, मालखाना संबंधी रिकॉर्ड देखे गए। ई-साक्ष्य में साक्ष्यों के डिजिटल अभिलेखीकरण की जांच हुई। आईआरएडी में सड़क दुर्घटनाओं के रिकॉर्ड देखे गए। मेडलीपआर में चिकित्सकीय, विधि संबंधी प्रकरणों के रिकॉर्ड का भी जायजा लिया गया। एसपी ने अधिकारियों, कर्मचारियों से रिकॉर्ड के नियमित अपडेट की जानकारी ली। लंबित प्रविष्टियां तय समय में पूरी करने के निर्देश दिए। एसपी ने थाना परिसर, कार्यालय, मालखाना, हवालात, विभिन्न अभिलेखों का भी निरीक्षण किया। लंबित अपराध, शिकायतों, विवेचनाओं की स्थिति की समीक्षा की। प्रकरणों का त्वरित, गुणवत्तापूर्ण निराकरण करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि डिजिटल तकनीक के बेहतर उपयोग से पुलिस व्यवस्था में पारदर्शिता बढ़ती है। जवाबदेही बढ़ती है। कार्यकुशलता बढ़ती है। एसपी ने थाना क्षेत्र की कानून-व्यवस्था, सुरक्षा व्यवस्था की भी समीक्षा की। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सतर्क मौजूदगी बनाए रखने के निर्देश दिए। आम लोगों से लगातार संवाद करने के निर्देश दिए। शिकायतों पर संवेदनशीलता के साथ तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए।
अटल उत्कृष्ट योजना में 5 बच्चों का चयन
सुकमा| जिले के पांच प्रतिभावान बच्चों का वर्ष 2025-26 के लिए अटल उत्कृष्ट शिक्षा योजना में मेरिट के आधार पर चयन हुआ है। चयनित विद्यार्थियों ने शुक्रवार को कलेक्टर अमित कुमार से मुलाकात की। कलेक्टर ने बच्चों से बात की। सफलता पर खुशी जताई। उज्ज्वल भविष्य के लिए शुभकामनाएं दीं। निरंतर मेहनत, अनुशासन, लगन से आगे बढ़ने की प्रेरणा दी। योजना का उद्देश्य श्रमिक परिवारों के मेधावी बच्चों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा देना है। चयनित विद्यार्थियों को कक्षा 6वीं से 12वीं तक निजी शिक्षण संस्थानों में निशुल्क आवासीय शिक्षा मिलेगी। इससे आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के बच्चों को बेहतर शैक्षणिक वातावरण मिलेगा। चयनित विद्यार्थियों में ग्राम बुडदी की करुणा बघेल, गांधी नगर के सिद्धार्थ दास, ग्राम हमीरगढ़ के प्रमोद नाग, गांधी नगर के अमन दास, ग्राम पाकेला की सुष्मिता यादव शामिल हैं। इन्हें संस्कार द गुरुकुल स्कूल बस्तर और हम अकादमी जगदलपुर में पढ़ाई का अवसर मिलेगा।
रक्षाबंधन: मिठाई दुकानों की जांच करने 7 दिन मुहिम
सुकमा| रक्षाबंधन पर्व को देखते हुए खाद्य एवं औषधि प्रशासन विभाग ने खाबो, बने रहीबो अभियान के तहत जिलेभर में मिठाई दुकानों और खाद्य प्रतिष्ठानों की जांच शुरू की है। कलेक्टर अमित कुमार के निर्देश पर सात दिवसीय विशेष अभियान चल रहा है। उद्देश्य त्योहार के दौरान लोगों को सुरक्षित, गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री उपलब्ध कराना है। अभियान में मिठाई दुकानों की स्वच्छता की जांच हो रही है। खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता देखी जा रही है। मिलावट की स्थिति की भी जांच की जा रही है। खाद्य अधिकारी अजय सिंह ने मिष्ठान्न विक्रेताओं को मिठाइयों के निर्माण की तिथि साफ तौर पर लिखने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने दूध से बनी मिठाइयों की गुणवत्ता बनाए रखने पर जोर दिया। तय अवधि में ही उपयोग करने को कहा। अधिकारियों ने दुकानदारों को खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता मानकों का अनिवार्य पालन करने के निर्देश दिए। विभाग ने कहा है कि रक्षाबंधन तक जांच अभियान जारी रहेगा।
एआई, जलवायु परिवर्तन जैसे नए मुद्दों पर शिक्षाविदों ने रखे विचार
महासमुंद| छुरा स्थित आईएसबीएम विश्वविद्यालय में भारत की विदेश नीति पर दो दिवसीय राष्ट्रीय सम्मेलन हुआ। आयोजन बदलती वैश्विक व्यवस्था के संदर्भ में हुआ। फोकस नई चुनौतियों पर रहा। आयोजन विश्वविद्यालय के कला व मानविकी विभाग ने किया। इंडियन काउंसिल ऑफ वर्ल्ड अफेयर्स का संयुक्त सहयोग रहा। मुख्य विषय बदलते वैश्विक दौर में भारत के पड़ोसी देशों के साथ संबंधों की नई सोच रहा। देशभर के शिक्षाविद शामिल हुए। कुलपति आनंद महलवार ने कहा, मजबूत पड़ोसी संबंध भारत को जिम्मेदार वैश्विक शक्ति बनाएंगे। इससे प्रभावशाली भूमिका को आधार मिलेगा। आईसीडब्ल्यूए की प्रतिनिधि अन्वेषा घोष ने कहा, कूटनीति की दिशा बदलनी होगी। सुरक्षा से सहयोग की ओर बढ़ना होगा। सहयोग से साझा विकास की ओर जाना होगा। कुलसचिव बी.पी. भोल ने रूस-यूक्रेन संघर्ष का उल्लेख किया। अमेरिका-चीन प्रतिस्पर्धा का संदर्भ दिया। पड़ोसी प्रथम नीति को क्षेत्रीय विकास के लिए अहम बताया। इसे राष्ट्रीय सुरक्षा के लिए जरूरी रणनीति बताया। सम्मेलन पारंपरिक कूटनीति तक सीमित नहीं रहा। तकनीकी सत्रों में अमन झा ने विदेश नीति में कृत्रिम बुद्धिमत्ता की भूमिका रखी।
मंदिर में पूर्व सैनिकों और मेधावियों का सम्मान
भास्कर न्यूज | गोबरा नवापारा भामाशाह साहू सद्भाव समिति ने गायत्री मंदिर सभागार में पूर्व सैनिकों और प्रतिभाशाली विद्यार्थियों का सम्मान समारोह किया। देश की रक्षा में योगदान देने वाले पूर्व सैनिकों को मेडल, प्रशस्ति पत्र, मोमेंटो, श्रीफल देकर सम्मानित किया गया। अलग-अलग क्षेत्रों में बेहतर प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों को भी यही सम्मान दिया गया। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि अपर कलेक्टर राकेश गोलछा रहे। विशेष अतिथि थाना प्रभारी जितेंद्र दुबे रहे। पूर्व कृषि विस्तार अधिकारी चंपू साहू मौजूद रहे। पूर्व पंचायत इंस्पेक्टर नूतन साहू भी शामिल हुए। अध्यक्षता मोहनलाल साहू ने की। शुरुआत कर्मा माता, भामाशाह, वेद माता गायत्री, भारत माता के तैलचित्र पर चंदन-वंदन, माल्यार्पण से हुई। इसके बाद सम्मान किया गया। सम्मानित पूर्व सैनिकों में हवलदार नूतन कुमार साहू कुंडल करेली, नायक दुष्यंत कुमार तारक गोबरा नवापारा, एएसआई राजेंद्र राव ननवरे भेंडरी, हवलदार चूड़ामणि साहू रायपुर शामिल रहे। प्रतिभा सम्मान में रविशंकर विश्वविद्यालय रायपुर में रसायन शास्त्र के टॉपर भूकांक्षी साहू को सम्मान मिला। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय कौंदकेरा की टॉपर कुमारी तनीषा साहू को सम्मानित किया गया। पीयूष साहू, ईरा साहू, गीतांजलि साहू को भी सम्मान मिला। शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय हसदा नंबर-2 के टॉपर विद्यार्थियों को भी सम्मानित किया गया। समारोह में पूर्व सैनिकों ने सेवा के अनुभव बताए। संघर्ष साझा किए। युवाओं को देशसेवा, अनुशासन, कर्तव्यनिष्ठा के लिए प्रेरित किया। राकेश गोलछा ने कहा कि सीमाओं पर तैनात सैनिकों की वजह से देश सुरक्षित है। पूर्व सैनिकों का सम्मान गौरव की बात है। विद्यार्थियों से मेहनत, लगन से आगे बढ़ने की बात कही। समिति के उपाध्यक्ष रोमन लाल साहू ने संस्था की गतिविधियां, उद्देश्य बताए। मोहनलाल साहू ने सम्मानित पूर्व सैनिकों, विद्यार्थियों को बधाई दी। आयोजन को समाज के लिए प्रेरणास्रोत बताया। आयोजन में घनश्याम साहू, मानिक राम साहू, रविशंकर साहू, दिनेश साहू, गुरु चरण साहू, पूर्णेन्द्र साहू, डेरहूराम साहू, खियाराम साहू, पूर्व इंजीनियर यशवंत साहू, रमेश कुमार सोनी, कस्तूरी साहू, डॉ. गजानन साहू, नेहरू साहू, भागवत पटेल का सहयोग रहा। संचालन के.एस. साहू ने किया। डॉ. रमेश कुमार सोनसायटी ने आभार जताया। समापन की घोषणा की।
उत्तराबाई करेंगी नेत्रदान बेटे पंकज ने लिया फैसला
महासमुंद| राष्ट्रीय अंधत्व व अल्पदृष्टि नियंत्रण कार्यक्रम के तहत महासमुंद विकासखंड के ग्राम पीढ़ी, लहंगर निवासी स्व. उत्तराबाई चंद्राकर 65 का नेत्रदान किया गया। निधन के बाद पुत्र पंकज चंद्राकर ने नेत्रदान का निर्णय लिया। इससे दो जरूरतमंद लोगों के जीवन में रोशनी आने की उम्मीद है। सिटी नर्सिंग होम व आई केयर महासमुंद की नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. रितू बजाज ने नेत्रदान की सूचना नेत्र विभाग को दी। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. आई. नागेश्वर राव के निर्देशन में प्रक्रिया पूरी हुई। डॉ. बसंत महेश्वरी के सहयोग से काम आगे बढ़ा। नेत्रदान अधिकारी व नेत्ररोग विशेषज्ञ डॉ. अनिल कुमार गोरियार के नेतृत्व में मंगलवार को सिटी नर्सिंग होम में नेत्रदान प्राप्त किया गया। इस मौके पर दाता परिवार को अभिनंदन प्रमाण-पत्र देकर सम्मानित किया गया। नेत्रदान दल में अवधेश कुमार यादव, उमेश कुमार गोतमारे शामिल रहे। वाहन चालक यशवंत निर्मलकर रहे। स्वास्थ्य विभाग ने बताया कि मृत्यु के छह घंटे के भीतर नेत्रदान कराया जा सकता है। इसमें पूरी आंख नहीं निकाली जाती। जरूरी नेत्र ऊतक कॉर्निया का संग्रहण किया जाता है। आमजन से नेत्रदान के लिए आगे आने की अपील की।
रामलला दर्शन: महासमुंद से 146 भक्त अयोध्या गए
भास्कर न्यूज | महासमुंद छत्तीसगढ़ शासन की रामलला दर्शन योजना के तहत महासमुंद जिले के 146 श्रद्धालु बुधवार को अयोध्या धाम के लिए रवाना हुए। यात्रा 19 से 22 अगस्त तक तय है। जिले के पांचों विकासखंडों और नगरीय निकायों से चयनित श्रद्धालु रायपुर रेलवे स्टेशन पहुंचे। यहां वरिष्ठ कैबिनेट मंत्री राम विचार नेताम और टंकराम वर्मा ने स्वागत किया। विशेष ट्रेन को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। उप संचालक समाज कल्याण संगीता सिंह ने बताया कि दल में 92 पुरुष हैं। 54 महिलाएं हैं। छह अनुरक्षक भी साथ हैं। जनपद पंचायत महासमुंद से 23 श्रद्धालु गए। बागबाहरा से 23 गए। पिथौरा से 26 गए। बसना से 20 गए। सरायपाली से 25 गए। नगरपालिका महासमुंद से 12 श्रद्धालु शामिल हैं। बागबाहरा से 5 हैं। सरायपाली से 6 हैं। नगर पंचायत पिथौरा से 2 हैं। बसना से 4 हैं। यात्रा के दौरान आवागमन की निशुल्क व्यवस्था की गई है। ठहरने की व्यवस्था निशुल्क है। भोजन की व्यवस्था भी निशुल्क है। सुविधा और सुरक्षा के लिए सुरक्षा कर्मी साथ रहेंगे। चिकित्सक दल रहेगा। टूर एस्कॉर्ट भी साथ रहेगा। अयोध्या पहुंचकर श्रद्धालु भगवान श्रीराम के दर्शन करेंगे।
नाबालिग ने दिया बच्चे को जन्म, आरोपी पकड़ा गया
महासमुंद| तुमगांव थाना क्षेत्र में 15 वर्षीय नाबालिग से कथित तौर पर बार-बार दुष्कर्म का मामला सामने आया है। नाबालिग के प्रसव के बाद अस्पताल से मिली सूचना के आधार पर पुलिस ने जांच शुरू की। ग्राम खैरझिटी निवासी 25 वर्षीय युवक ज्ञानेश्वर गेंड्रे को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी को 15 अगस्त को ही गिरफ्तार किया गया। तुमगांव पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक नाबालिग को प्रसव के लिए 12 अगस्त को जिला अस्पताल महासमुंद में भर्ती कराया गया था। वहां उसने बच्चे को जन्म दिया। अस्पताल प्रबंधन की सूचना के बाद पुलिस ने मामले को गंभीरता से लेते हुए कार्रवाई शुरू की। महासमुंद थाने में जीरो पर रिपोर्ट दर्ज कर मामला तुमगांव थाना भेजा गया। वहां 15 अगस्त को एफआईआर दर्ज की गई। पुलिस ने आरोपी को उसी दिन उसके घर से गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। पुलिस के अनुसार आरोपी मूल रूप से ग्राम खैरझिटी का रहने वाला है। वह काम के सिलसिले में रायपुर में रहता था। इसी दौरान उसका नाबालिग से परिचय हुआ। पुलिस का कहना है कि दोनों साथ रह रहे थे। इसी दौरान नाबालिग गर्भवती हुई। प्रसव के लिए युवक उसे अपने गांव लेकर आया था। मामले में पुलिस ने कई धाराओं में अपराध दर्ज किया है।
40 साल पुराना भवन अब जर्जर इसकी जगह नई बिल्डिंग बनाएं
महासमुंद| ग्रामीणों ने करीब 40 साल पुराने भवन को जल्द हटाने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि भवन की हालत बेहद जर्जर हो चुकी है। कभी भी गिरने की आशंका बनी हुई है। ग्रामीणों ने बताया कि बरसात के दिनों में परिसर में कीचड़ जमा हो जाता है। आसपास गंदगी रहती है। दुर्गंध फैलती है। मोहल्लेवासी परेशान हैं। ग्रामीणों ने कहा कि जर्जर भवन के कारण हादसे की आशंका बनी रहती है। ग्रामीणों ने संबंधित विभाग से भवन की स्थिति का निरीक्षण करने की मांग की है। पुराने भवन की जगह जल्द नया भवन बनाने की मांग की है। लोगों को परेशानी से राहत मिले। संभावित दुर्घटना से भी बचाव हो सके।
मेरा बूथ सबसे मजबूत: ब्लॉक अध्यक्ष अन्नू ने बांटी जिम्मेदारी
महासमुंद ग्रामीण ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के तत्वावधान में मेरा बूथ सबसे मजबूत कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में वरिष्ठ कांग्रेस नेताओं ने भाग लिया। ब्लॉक अध्यक्ष अन्नू चंद्राकर ने सभी बूथ अध्यक्षों का शॉल-श्रीफल से सम्मान किया। इसके बाद अन्नू चंद्राकर ने बूथ अध्यक्षों को स्मार्ट मीटर के खिलाफ घर-घर अभियान की जिम्मेदारी दी। उन्होंने कहा कि स्मार्ट मीटर को लेकर उपभोक्ताओं में असंतोष है। बूथ अध्यक्ष अपने-अपने क्षेत्र में जाएंगे। उपभोक्ताओं से सहमति पत्र पर हस्ताक्षर कराएंगे। स्मार्ट मीटर हटाने की मांग को मजबूत करेंगे। पुराने मीटर फिर से लगाने की मांग उठाएंगे। कार्यक्रम में कांग्रेस नेताओं ने केंद्र और राज्य सरकार की नीतियों पर निशाना साधा। वक्ताओं ने किसानों को खाद की किल्लत का मुद्दा उठाया। बढ़ती महंगाई का जिक्र किया। अन्य जनसमस्याओं को लेकर सरकारों की आलोचना की। नीतियों को किसान और जनविरोधी बताया। कार्यक्रम में प्रभारी महामंत्री लक्ष्मण पटेल, शहर कांग्रेस अध्यक्ष गुरमीत चावला, शहर मंडल अध्यक्ष खेलावन बघेल, मंडल अध्यक्ष राजू यादव मौजूद रहे।
प्रमोशन में TET की बाध्यता खत्म की जाए, मांग
भास्कर न्यूज| महासमुंद विभागीय पदोन्नति में टीईटी की बाध्यता खत्म करने को लेकर शिक्षक संघ ने मोर्चा खोल दिया है। संघ ने कहा कि 2019 से 2025 के बीच सहायक शिक्षक से प्रधान पाठक प्राथमिक शाला, शिक्षक, प्रधान पाठक, व्याख्याता के पदों पर हुई पदोन्नतियों में गैर-टीईटी उत्तीर्ण शिक्षकों को भी नियमित पदोन्नति दी गई थी। संघ का कहना है कि पहले कभी भी सीधी भर्ती के नियमों को पदोन्नति पर इतनी कठोरता से लागू नहीं किया गया। संघ ने कहा कि अभी जिला और संभाग स्तर पर चल रही विभागीय पदोन्नतियों में अग्रेत्तर पद की सीधी भर्ती की अर्हताओं को अनिवार्य किया जा रहा है। इसे संघ ने न्यायसंगत नहीं बताया। संघ के मुताबिक इससे हजारों अनुभवी शिक्षक पदोन्नति के लाभ से वंचित हो रहे हैं। संघ ने भारत के राजपत्र में प्रकाशित राष्ट्रीय अध्यापक शिक्षा परिषद की 23 अगस्त 2010 की अधिसूचना की कंडिका-4 का हवाला दिया। संघ ने कहा कि इस तारीख से पहले नियुक्त कक्षा 1 से 8 तक के अध्यापकों को न्यूनतम अर्हता के रूप में टीईटी हासिल करने से छूट है। संघ ने कहा कि संविधान की सातवीं अनुसूची में शिक्षा समवर्ती सूची का विषय है। राज्य शासन को जनहित और शिक्षक हित में विशेष प्रावधान बनाने का संवैधानिक अधिकार है। संघ ने यह भी कहा कि पहले अनुसूचित क्षेत्रों और विशेष पिछड़ी जनजाति के लिए टीईटी, डीएड, बीएड की बाध्यता में छूट दी जाती रही है। शिक्षक संघ के प्रतिनिधिमंडल ने कार्यकारी प्रांताध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी, रायपुर जिलाध्यक्ष मनीष देवांगन के जरिए संचालक को ज्ञापन सौंपा। संघ ने शिक्षकीय पदों की विभागीय पदोन्नति प्रक्रिया में शिक्षक पात्रता परीक्षा की अनिवार्य शर्त तत्काल शिथिल करने की मांग की है। शिक्षकों पर अचानक सीधी भर्ती नियम थोपना गलत अनुचित कार्यकारी प्रांताध्यक्ष उमेश भारती गोस्वामी ने कहा कि विभागीय पदोन्नति शिक्षकों का स्वाभाविक अधिकार है। वर्षों से सेवारत शिक्षकों पर अचानक सीधी भर्ती के नियम थोपना अनुचित है। छत्तीसगढ़ शिक्षक संघ मांग करता है कि राज्य सरकार अपने संवैधानिक अधिकारों का प्रयोग करते हुए पुरानी पारदर्शी व्यवस्था के तहत ही शीघ्र पदोन्नति संपन्न कराए।
शहतूत व टसर कीट का पालन करने के लिए 37 किसानों को ट्रेनिंग दी गई
भास्कर न्यूज| महासमुंद जिले के ग्राम नरतोरी में मेरा रेशम मेरा अभिमान 2.0 अभियान के तहत शहतूत और टसर कीट पालन को बढ़ावा देने के लिए विशेष जागरूकता कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में क्षेत्र के 37 किसानों ने हिस्सा लिया। सीटीएसएसएस करगी रोड कोटा के वैज्ञानिक केंचप्पा एन.एम. सहित रेशम और टसर विभाग के प्रमुख केंद्र प्रभारियों ने तकनीकी सत्र लिए। विशेषज्ञों ने किसानों को शहतूत और टसर की फसलों में लगने वाले कीटों और रोगों की समय पर पहचान के तरीके बताए। रोकथाम के उपाय समझाए। फसल को नुकसान से बचाने के लिए सांस्कृतिक, यांत्रिक, जैविक नियंत्रण विधियों के विवेकपूर्ण उपयोग पर जोर दिया। पत्तियों की गुणवत्ता बढ़ाने की बात कही। उत्पादकता बढ़ाने के तरीके बताए। कार्यक्रम में खुली चर्चा हुई। किसानों ने खेती से जुड़ी समस्याएं रखीं। विशेषज्ञों ने मौके पर व्यावहारिक समाधान दिए। कार्यशाला से किसानों को कीट प्रबंधन की आधुनिक तकनीकों की जानकारी मिली। इससे वे आगे रेशम उत्पादन की गुणवत्ता बेहतर कर सकेंगे।
स्कूल में नाग पंचमी पर कुश्ती स्पर्धा के दौरान निकला धामन सांप, जंगल में छोड़ा
भास्कर न्यूज | कोंडागांव शासकीय प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक शाला डोंगरीपारा में 17 अगस्त को नाग पंचमी पारंपरिक उत्साह के साथ मनाई गई। विद्यार्थियों के लिए शक्ति और शारीरिक सामर्थ्य के प्रतीक पारंपरिक खेल कुश्ती प्रतियोगिता हुई। बच्चों ने उत्साह से हिस्सा लिया। प्रथम, द्वितीय, तृतीय स्थान पाने वाले प्रतिभागियों को प्रधानाध्यापक पवन कुमार साहू ने स्मृति चिन्ह देकर सम्मानित किया। कार्यक्रम के दौरान दोपहर में स्कूल कार्यालय के सामने धामन सांप दिखा। सांप देखते ही शिक्षकों ने विद्यार्थियों को दूर रखा। सतर्कता बरती। इसके बाद सांप पकड़ने वाले खान को बुलाया गया। उन्होंने सुरक्षित तरीके से धामन को पकड़ा। बाद में उसे उसके प्राकृतिक आवास में छोड़ दिया। नाग पंचमी पर स्कूल में जीव संरक्षण का संदेश भी सामने आया। प्रधानाध्यापक पवन कुमार साहू ने विद्यार्थियों को नाग पंचमी का धार्मिक और सांस्कृतिक महत्व बताया। कहा, सांप पर्यावरण संतुलन में अहम भूमिका निभाते हैं। किसी भी सांप या वन्यजीव को नुकसान नहीं पहुंचाना चाहिए। डर की जगह जागरूकता जरूरी है। संरक्षण की भावना जरूरी है। विद्यार्थियों को नाग पंचमी से जुड़ी पौराणिक कथाएं भी बताई गईं। भगवान कृष्ण द्वारा कालिया नाग के अहंकार का मर्दन, भगवान शिव के आभूषण के रूप में नाग, राजा जनमेजय के सर्प यज्ञ को आस्तिक मुनि द्वारा रोकने की कथा का उल्लेख किया गया। खेल, संस्कृति, प्रकृति संरक्षण से जुड़ा यह आयोजन बच्चों के लिए सीख और जागरूकता का माध्यम बना।
सोशल मीडिया पर गलत फोटो शेयर कर अजय चंद्राकर के खिलाफ भ्रम फैलाने की शिकायत
भास्कर न्यूज | कोंडागांव कांग्रेस शहर अध्यक्ष नरेंद्र देवांगन के खिलाफ कथित भ्रामक और तथ्यविहीन सोशल मीडिया पोस्ट प्रसारित करने का आरोप लगाते हुए भाजपा ने पुलिस से शिकायत की है। भाजपा जिलाध्यक्ष सेवक राम नेताम ने 19 अगस्त को थाना प्रभारी को शिकायत सौंपकर जांच और कार्रवाई की मांग की। शिकायत के मुताबिक 15 अगस्त को नरेंद्र देवांगन के फेसबुक पेज से एक पोस्ट प्रसारित की गई थी। पोस्ट बाद में डिलीट कर दी गई। भाजपा का आरोप है कि पोस्ट में वरिष्ठ नेता अजय चंद्राकर की 22 मार्च को कुरूद में आयोजित भाजपा प्रशिक्षण वर्ग के दौरान पार्टी ध्वज फहराते हुए तस्वीर का इस्तेमाल किया गया। इस तस्वीर को स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम से जोड़कर सोशल मीडिया पर प्रसारित किया गया। भाजपा ने कहा कि 15 अगस्त को अजय चंद्राकर धमतरी में आयोजित शासकीय स्वतंत्रता दिवस समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए थे। पार्टी का आरोप है कि पुरानी तस्वीर को गलत संदर्भ में प्रसारित कर जनता को भ्रमित करने, तिरंगे के अपमान, भाजपा और अजय चंद्राकर की छवि धूमिल करने का प्रयास किया गया। भाजपा ने सोशल मीडिया पोस्ट की जांच कर कांग्रेस शहर अध्यक्ष के खिलाफ विधि-सम्मत कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के साथ फेसबुक पोस्ट के स्क्रीनशॉट लगाए गए हैं। इसकी प्रतिलिपि एसपी को भी दी गई है।
कोंडागांव| शासकीय गुण्डाधुर स्नातकोत्तर महाविद्यालय में नशामुक्ति अभियान के तहत मंगलवार को शपथ कार्यक्रम आयोजित किया गया। इसमें महाविद्यालय के स्टाफ और विद्यार्थियों ने नशे से दूर रहने तथा नशामुक्त समाज के निर्माण में योगदान देने का संकल्प लिया। प्राचार्य डॉ. सरला आत्राम ने विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों की जानकारी देते हुए इससे दूर रहने और अन्य लोगों को भी जागरूक करने की अपील की। कार्यक्रम राष्ट्रीय सेवा योजना (एनएसएस) के कार्यक्रम अधिकारी समलेश पोटाई के नेतृत्व में हुआ। इसमें डॉ. किरण नुरुटी, डॉ. पुरोहित कुमार सोरी, शोभा राम यादव सहित स्टाफ और विद्यार्थी मौजूद रहे।
कमेला स्कूल के बच्चों ने मां के नाम पर पौधे लगाए
कोंडागांव| एक पेड़ मां के नाम अभियान का असर अब स्कूली बच्चों में भी दिखने लगा है। कोंडागांव के कमेला से आई तस्वीर लोगों का ध्यान खींच रही है। यहां स्कूल के छोटे-छोटे बच्चे अपनी मां के नाम पेड़ लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दे रहे हैं। कमेला स्कूल में कार्यरत मिलन पांडे की बेटी ने अपनी मां के नाम एक पौधा लगाने की इच्छा जताई। मां-बेटी ने मिलकर पौधा लगाया। दोनों ने उसकी देखभाल करने का संकल्प लिया। नन्ही बच्ची की पहल पौधरोपण तक सीमित नहीं रही। इसमें मां के प्रति सम्मान दिखा। प्रकृति के प्रति प्रेम का संदेश भी मिला। यह पौधा आने वाले वर्षों में बड़ा पेड़ बनेगा। पर्यावरण को स्वच्छ रखने में योगदान देगा। एक पेड़ मां के नाम जैसे अभियान बच्चों को प्रकृति से जोड़ रहे हैं। बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना भी पैदा हो रही है।

