पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अंतरराष्ट्रीय मजदूर दिवस से एक दिन पहले मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा को चिट्ठी लिखकर राजस्थान में न्यूनतम मजदूरी की दरों को बढ़ाने की मांग करने के अलावा कई सवाल उठाए हैं। गहलोत ने दावा किया है कि राजस्थान में न्यूनतम मजदूरी की दरें देश के बड़े राज्यों में सबसे कम है। गहलोत ने सीएम को लिखी चिट्ठी में न्यूनतम मजदूरी बढ़ाने के साथ इससे जुड़े कई सुझाव भी दिए हैं। गहलोत ने सीएम को भेजी चिट्ठी में लिखा है कि श्रम विभाग के आंकड़ों के अनसार, मार्च 2026 तक राजस्थान न्यूनतम मजदूरी के मामले में देश के निचले स्तर के राज्यों में शामिल है, यह स्थिति अत्यंत चिंताजनक है जिसमें सुधार की आवश्यकता है। अभी राजस्थान में अकुशल श्रमिकों के लिए न्यूनतम मजदूरी केवल 7,410 रुपए प्रतिमाह और अत्यधिक कुशल श्रमिकों के लिए 9,334 रुपए प्रतिमाह है। एक दशक में मजदूरों की आय केवल 20-30 फीसदी बढ़ी गहलोत ने लिखा- पिछले एक दशक में यह मजदूरी केवल 40-50 प्रतिशत बढ़ी है, जबकि इसी अवधि में भारत का उपभोक्ता मूल्य सूचकांक (CPI) लगभग दोगुना हो चुका है। इसका सीधा अर्थ है कि श्रमिकों की वास्तविक क्रय शक्ति में केवल 20-30 प्रतिशत की वास्तविक वृद्धि हुई है और शेष वृद्धि महंगाई की भेंट चढ़ गई। बड़े राज्यों में राजस्थान पीछे गहलोत ने लिखा- तुलनात्मक रूप से केरल में 90 से 110 प्रतिशत, तमिलनाडु और दिल्ली में 80 से 90 प्रतिशत की वृद्धि हुई है। राजस्थान इन राज्यों से बहुत पीछे है जो बहुत चिंताजनक है। यहां कुछ नीतिगत परिवर्तनों की आवश्यकता है जैसे परिवर्तनीय महंगाई भत्ता (VDA) का अनियमित संशोधन मजदूरी को CPI से जोड़ा तो गया है, लेकिन संशोधन नियमित और समयबद्ध नहीं है। इससे श्रमिकों को महंगाई का पूरा बोझ उठाना पड़ता है। हर क्षेत्र के लिए अलग अलग मजदूरी की दरें तय करें गहलोत ने आगे लिखा- राजस्थान सरकार सभी असूचीबद्ध रोजगारों के लिए एक ही दर अधिसूचित करती है। कृषि, निर्माण, घरेलू कार्य, ईंट भट्टा समेत विभिन्न क्षेत्रों की परिस्थितियां अलग अलग हैं। क्षेत्र के अनुसार विशिष्ट मजदूरी दरें होनी चाहिए। परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा जैसी आवश्यक मदों को मजदूरी की गणना में अभी तक शामिल नहीं किया गया है, जबकि इनकी लागत निरंतर बढ़ रही है। ऐसे में इनको भी मजदूरी दर की गणना में शामिल करना चाहिए। न्सूनतम मजदूरी की सीमा में संशोधन करे सरकार गहलोत ने सरकार को सुझाव देते हुए लिखा- न्यूनतम मजदूरी को 12,000 से 15,000 रुपये प्रतिमाह की सीमा में तत्काल संशोधित किया जाए, जो आज की महंगाई और जीवन-यापन की वास्तविक लागत के अनुरूप हो। VDA संशोधन को हर छह माह में अनिवार्य रूप से लागू करने की व्यवस्था की जाए, ताकि श्रमिकों को महंगाई से वास्तविक सुरक्षा मिले। केरल और तमिलनाडु की तरह राजस्थान में भी क्षेत्र-विशिष्ट मजदूरी अधिसूचना प्रणाली विकसित की जाए जिससे कृषि, निर्माण, हस्तशिल्प, घरेलू सेवा आदि के लिए अलग-अलग दरें निर्धारित हो सकें। मजदूरी की गणना में परिवहन, स्वास्थ्य और शिक्षा भत्ते को भी सम्मिलित किया जाए।
सवाई मानसिंह स्टेडियम में शुक्रवार को होने वाले मुकाबले से पहले राजस्थान रॉयल्स और दिल्ली कैपिटल ने गुरुवार शाम जमकर तैयारी की। दोनों टीमों के खिलाड़ियों ने नेट प्रैक्टिस में हिस्सा लिया और मैदान पर पूरी तरह मैच मोड में नजर आए। प्रैक्टिस सेशन के दौरान युवा बल्लेबाज वैभव सूर्यवंशी लंबे-लंबे शॉट लगाते दिखे, वहीं दिल्ली कैपिटल्स के कप्तान अक्षर पटेल और रवि बिश्नोई के बीच हंसी-मजाक का माहौल भी देखने को मिला। वहीं कुलदीप यादव, रियान पराग और यशस्वी जायसवाल भी नेट्स पर पसीना बहाते नजर आए। इस दौरान मीडिया से बातचीत में राजस्थान रॉयल्स के मुख्य कोच कुमार संगकारा ने रियान पराग से जुड़े विवाद पर कहा कि इस तरह की बातें टीम की छवि पर अच्छा असर नहीं डालतीं, लेकिन इस मामले को बोर्ड ऑफ कंट्रोल फॉर क्रिकेट इन इंडिया और फ्रेंचाइजी ने संभाल लिया है। संगकारा ने माना कि पिछले मुकाबलों में फील्डिंग में उतार-चढ़ाव रहा है। उन्होंने कहा कि बल्लेबाजी और गेंदबाजी के साथ फील्डिंग भी मैच जिताने में अहम भूमिका निभाता है। आसान कैच छोड़ने से मैच का रुख बदल सकता है, इसलिए टीम फील्डिंग स्टैंडर्ड को और बेहतर करने पर काम कर रही है। दिल्ली कैपिटल्स के मुख्य कोच मुनाफ पटेल ने कहा कि टीम ने वैभव सूर्यवंशी के लिए खास रणनीति तैयार की है, कोशिश होगी कि उन्हें जल्दी आउट कर शुरुआती ओवरों में बढ़त बनाई जाए। उन्होंने मिचेल स्टार्क की वापसी को टीम के लिए बड़ा प्लस बताया और कहा कि इससे गेंदबाजों का आत्मविश्वास बढ़ा है। मुनाफ पटेल ने कहा कि भले ही मैच बल्लेबाज जिताते हैं, लेकिन टूर्नामेंट जीतने के लिए मजबूत गेंदबाजी जरूरी होती है। उन्होंने संकेत दिया कि टीम संतुलन बनाए रखते हुए मैदान में उतरेगी और प्लेइंग-11 में केवल जरूरत के हिसाब से ही बदलाव किए जाएंगे। मुकाबले से पहले दोनों टीमों की तैयारियों और कोचों के बयानों से साफ है कि सवाई मानसिंह स्टेडियम में होने वाला यह मैच हाई वोल्टेज होने वाला है। एक तरफ राजस्थान अपनी घरेलू परिस्थितियों का फायदा उठाना चाहेगी, तो वहीं दिल्ली कैपिटल्स मजबूत गेंदबाजी के दम पर जीत दर्ज करने की कोशिश करेगी। ऐसे में दर्शकों को रोमांचक मुकाबला देखने को मिलना तय है।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने राज्य सरकार पर भ्रष्टाचार और कानून व्यवस्था के मुद्दे पर गंभीर सवाल उठाए हैं। जूली ने कहा कि राजस्थान में बढ़ते जंगलराज और अराजकता का आलम यह है कि सत्तारूढ़ भाजपा विधायक भी सुरक्षित नहीं है। जूली ने कहा- श्रीगंगानगर में विधायक जयदीप बिहाणी पर RUIDP के अधिकारियों द्वारा हमला किया गया है जिससे उनके चोट लगी है। बिहाणी सत्ताधारी पार्टी के विधायक हैं, उनकी पिटाई दिनदहाड़े हो गई तो आम आदमी की तो बिसात क्या है? उसका तो सिर्फ ईश्वर ही सहारा है। मुख्यमंत्री आम आदमी की न सही कम से कम अपने विधायक की सुरक्षा तो कर लें। बिजली तंत्र सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये डकार लिए : जूली जूली ने बिजली तंत्र में भ्रष्टाचार के आरोप लगाए हैं। जूली ने कहा- बिजली विभाग ने बिजली तंत्र सुधार के नाम पर करोड़ों रुपये डकार लिए फिर भी आमजन अंधेरे में जीने को मजबूर है। जहां तार बदलने और ट्रांसफार्मर सुधारने की सख्त जरूरत थी, वहां काम तक नहीं कराया गया। 6 करोड़ रुपये खर्च करने के दावे किए गए, लेकिन हकीकत यह है कि दिन में 10–10 बार बिजली कटौती हो रही है। बिजली विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर जूली ने कहा- सामोला चौक पर बिजली का काम करते हुए संविदा कर्मी राजेश कुमार की मौत होना गंभीर मामला है। अलवर में मेंटेनेंस का काम एक कंपनी के पास है, जबकि काम किसी दूसरी कंपनी से कराया जा रहा है। दोनों कंपनियां परिवारजनों को आर्थिक सहायता देने की जिम्मेदारी एक-दूसरे पर डाल रही हैं, जो बेहद दुर्भाग्यपूर्ण है। बिजली विभाग में भ्रष्टाचार चरम पर है। इन घोटालों में कौन-कौन शामिल है? क्या इन दोषियों पर कड़ी कार्रवाई होगी?
सरगुजा के बतौली ब्लॉक में आयोजित जनगणना के प्रशिक्षण में टीचर नशे में धुत होकर पहुंचा। प्रशिक्षण के दौरान वह सीतापुर SDM से बहस करने लगा। एसडीएम के आदेश पर टीचर का मेडिकल चेकअप कराया गया, जिसमें उसके शराब पीने की पुष्टि हुई। BEO का प्रतिवेदन मिलने पर जिला शिक्षा अधिकारी ने टीचर को सस्पेंड कर दिया है। जानकारी के मुताबिक, बतौली ब्लॉक में जनगणना कार्य में ड्यूटी पर लगाए गए टीचर्स की बैठक 29 अप्रैल को स्वामी आत्मानंद स्कूल बतौली में आयोजित था। समीक्षा बैठक में भोलेंद्र पैकरा, टीचर एलबी, बिलासपुर खालपारा शराब के नशे में धुत होकर पहुंचे और सीतापुर SDM फागेश सिन्हा से बहस करने लगे। SDM ने टीचर को शराब के नशे में देखकर उनका मेडिकल चेकअप कराने का निर्देश दिया। BEO के प्रतिवेदन पर DEO ने की कार्रवाई भोलेंद्र पैकरा का CHO बतौली में मेडिकल चेकअप किया गया, जिसमें उन्हें शराब के नशे में होना बताया गया। बतौली BEO ने इसका प्रतिवेदन सरगुजा DEO को भेजा। सरगुजा DEO दिनेश झा ने मामले में टीचर के कार्य को अशोभनीय एवं अनुशासनहीनता मानते हुए उन्हें सस्पेंड कर दिया है। निलंबन अवधि में उनका मुख्यालय BEO कार्यालय उदयपुर निर्धारित किया गया है।
कानपुर में भाजपा छावनी मंडल ने गुरुवार रात महिला जन आक्रोश पदयात्रा का आयोजन किया। बरगदेश्वर मंदिर से शुरू हुई यह पदयात्रा रेलबाजार चौराहे तक निकाली गई, जिसमें बड़ी संख्या में महिलाओं और भाजपा कार्यकर्ताओं ने भाग लिया। इस दौरान नारी सम्मान और सुरक्षा को लेकर नारेबाजी की गई। पदयात्रा के रेलबाजार चौराहे पहुंचने पर भाजपा कार्यकर्ताओं ने समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव और कांग्रेस नेता राहुल गांधी का पुतला दहन किया। इस दौरान पूर्व विधायक सहित अन्य पदाधिकारियों ने भी दोनों नेताओं के खिलाफ नारे लगाए। कार्यक्रम में भाजपा जिला अध्यक्ष शिवराम सिंह, रघुनंदन सिंह भदौरिया, पूर्व विधायक राजन सिंह चौहान, कार्यक्रम संयोजक प्रस्तावना तिवारी और मंडल अध्यक्ष सुमित तिवारी सहित कई प्रमुख नेता मौजूद रहे। क्षेत्र की महिलाओं की भी इसमें बड़ी भागीदारी देखने को मिली। वक्ताओं ने बताया कि भाजपा सरकार महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा के लिए लगातार काम कर रही है। इस पदयात्रा का उद्देश्य इसी संदेश को जन-जन तक पहुंचाना था। आयोजन के दौरान पूरे क्षेत्र में सुरक्षा व्यवस्था भी चाक-चौबंद रही।
शहर की रफ्तार को नया विस्तार देने वाले कानपुर मेट्रो के कॉरिडोर-2 (सीएसए से बर्रा-8) का सपना अब हकीकत के और करीब पहुंच गया है। सीएसए परिसर में बन रहे निर्माणाधीन डिपो में अब वह हलचल शुरू हो गई है, जिसका सीधा असर भविष्य की सुगम यात्रा पर पड़ेगा। ट्रेनों के रखरखाव और उनकी तकनीकी बारीकियों को परखने के लिए डिपो के भीतर 570 मीटर लंबे विशेष 'टेस्ट ट्रैक' का निर्माण कार्य मंगलवार से शुरू कर दिया गया है। यह ट्रैक उस प्रयोगशाला की तरह काम करेगा, जहाँ से गुजरने के बाद ही कोई मेट्रो ट्रेन शहर की सड़कों के ऊपर बनी मेनलाइन पर यात्रियों को लेकर दौड़ने का सर्टिफिकेट हासिल कर सकेगी। आधुनिक सुविधाओं से लैस हो रहा है कॉरिडोर-2 डिपोसीएसए परिसर में बन रहा यह डिपो आधुनिक इंजीनियरिंग का नमूना होगा। यहां कुल 15 अलग-अलग ट्रैकों का जाल बिछाया जा रहा है, जिनमें से 4 ट्रैक ट्रेनों को खड़ा करने (स्टेबलिंग), 2 लाइनें वर्कशॉप और 2 लाइनें निरीक्षण के लिए समर्पित होंगी। वर्तमान में, कॉरिडोर-2 के लिए प्रस्तावित 10 ट्रेनों में से 5 ट्रेनें पहले ही डिपो पहुंच चुकी हैं। ट्रेनों की मरम्मत के लिए यहाँ 15 मीटर ऊंचा एक विशाल वर्कशॉप भी बनाया जा रहा है। पर्यावरण का ख्याल रखते हुए इस वर्कशॉप की छतों पर सोलर पैनल लगाए जाएंगे और वेंटिलेशन के लिए अत्याधुनिक एचवीएलएस पंखे व टर्बो वेंटिलेटर का उपयोग होगा। शहर में मेट्रो विस्तार की मौजूदा स्थितिकानपुर में फिलहाल कॉरिडोर-1 (आईआईटी से कानपुर सेंट्रल) के 16 किमी लंबे हिस्से पर यात्री सेवाएं सफलतापूर्वक चल रही हैं। अब यूपीएमआरसी का पूरा ध्यान कॉरिडोर-1 के बाकी हिस्से (कानपुर सेंट्रल से नौबस्ता) और कॉरिडोर-2 (8.60 किमी) के सिविल निर्माण को जल्द पूरा करने पर है। टेस्ट ट्रैक का काम शुरू होना इस बात का संकेत है कि आने वाले समय में कॉरिडोर-2 की राह और आसान होने वाली है।
अधर्म पर धर्म की विजय के प्रतीक भगवान नृसिंह का प्राकट्य उत्सव आज नागौर शहर में पूरी श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नृसिंह चतुर्दशी के अवसर पर शहर के बंशीवाला मंदिर और बाठाडियां चौक सहित करीब 20 प्रमुख मंदिरों में खास आयोजन हुए, जिसे देखने के लिए शहरवासी उमड़े। बंशीवाला मंदिर में आयोजित मुख्य कार्यक्रम के दौरान जब भगवान नृसिंह ने खंभ फाडकर दर्शन दिए, तो पूरा परिसर 'नृसिंह भगवान की जय' के उद्घोष से गूंज उठा। कलाकारों ने सजीव अभिनय के माध्यम से हिरण्यकश्यप वध और भक्त प्रह्लाद की रक्षा के प्रसंग को जीवंत किया। विशेष रूप से भारी मुखौटा और पारंपरिक वेशभूषा धारण किए कलाकारों की ऊर्जा और भक्ति ने श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। आयोजन समिति के अमित व्यास और बद्रीप्रसाद छंगाणी के अनुसार, इस वर्ष श्रद्धालुओं की संख्या ने पिछले कई रिकॉर्ड तोड़ दिए। नागौर की इस सांस्कृतिक परंपरा का हिस्सा बनने के लिए बडी संख्या में प्रवासी राजस्थानी भी अपने पैतृक शहर पहुंचे। सुरक्षा और व्यवस्था बनाए रखने के लिए प्रशासन और स्वयंसेवकों ने मुस्तैदी दिखाई। देर रात तक चले इन आयोजनों के साथ ही शहर में कई दिनों से चल रहा उत्सव संपन्न हुआ। नगर सेठ बंशीवाला मंदिर सहित शहर के 20 विभिन्न स्थानों पर रम्मतों का सफल समापन हुआ। मुख्य आयोजन को देखने के लिए उमडे ऐतिहासिक जनसैलाब को देखते हुए प्रशासन ने सुरक्षा, पेयजल और चिकित्सा के पुख्ता इंतजाम किए थे। पूरे दिन विशेष पूजा-अर्चना और आरती के बाद शाम को आयोजित दिव्य मंचन ने शहर के धार्मिक वातावरण को और अधिक प्रभावी बना दिया। कठिन साधना के बाद कलाकार देते हैं प्रस्तुति कई दिनों के कठिन अभ्यास के बाद कलाकारों ने नृसिंह अवतार की भूमिका को निभाया। भारी मुखौटों और पारंपरिक आभूषणों के साथ कलाकारों का शारीरिक संतुलन और विशेष गर्जना आकर्षण का केंद्र रही। परंपरा और अटूट श्रद्धा के इस संगम ने महोत्सव को बेहद यादगार बना दिया, जिसमें कलाकारों ने अपनी भाव-भंगिमाओं से उपस्थित श्रद्धालुओं को भक्तिमय कर दिया।
औद्योगिक नगरी के रूप में मशहूर कानपुर का इतिहास केवल कारखानों तक सीमित नहीं है, बल्कि यह जिला बौद्ध धर्म का एक बड़ा केंद्र रहा है। इतिहास के पन्ने पलटें तो पता चलता है कि महात्मा बुद्ध न केवल यहाँ आए थे, बल्कि उन्होंने यहां प्रवास भी किया था। प्राचीन काल में कानपुर जनपद का एक बड़ा हिस्सा 'दक्षिण पंचाल' का भाग था, जहाँ के कण-कण में बौद्ध संस्कृति के अवशेष आज भी दबे हुए हैं। अरौल में महात्मा बुद्ध का 'चातुर्मास' प्रवास कानपुर इतिहास समिति के महासचिव अनूप कुमार शुक्ला ने बताया कि, प्रसिद्ध बौद्ध विद्वान राहुल सांकृत्यायन के दस्तावेजों के मुताबिक, मकनपुर के पास स्थित अरौल को बौद्ध काल में 'अलम्बिकापुरी' के नाम से जाना जाता था। यह स्थान बौद्ध धर्म के अनुयायियों के लिए बेहद खास है क्योंकि स्वयं महात्मा गौतम बुद्ध ने यहाँ एक बार 'चातुर्मास' (वर्षा ऋतु का प्रवास) व्यतीत किया था। मकनपुर और अरौल के बीच स्थित हरपुरा गांव में मिली प्राचीन पत्थर की मूर्तियाँ इस बात को प्रमाणित करती हैं कि प्राचीन काल में यहाँ भव्य बौद्ध मठ और विहार मौजूद थे। काकूपुर जहाँ सम्राट अशोक ने बनवाया था विशाल स्तूप अनूप कुमार ने बताया कि,कानपुर का काकूपुर क्षेत्र पुरातत्व की दृष्टि से सबसे महत्वपूर्ण माना जाता है। सुप्रसिद्ध इतिहासविद् कनिंघम ने इसकी पहचान प्राचीन 'आयुतो' राज्य के रूप में की है। चीनी यात्री ह्वेनसांग ने अपनी भारत यात्रा के दौरान यहाँ 100 से ज्यादा बौद्ध विहार (संघाराम) देखे थे, जिनमें करीब 3,000 भिक्षु निवास करते थे। ह्वेनसांग के वृत्तांत बताते हैं,कि काकूपुर में गंगा के किनारे सम्राट अशोक ने एक 200 फीट ऊंचा विशाल स्तूप बनवाया था। यह स्तूप ठीक उसी स्थान पर खड़ा किया गया था जहाँ बुद्ध ने स्वयं खड़े होकर जनमानस को उपदेश दिए थे। काकूपुर को तिब्बती बौद्ध ग्रंथों में 'बागुड़' के नाम से भी संबोधित किया गया है।
अयोध्या में परिषदीय विद्यालयों की स्थिति को लेकर चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) द्वारा जारी आदेश के अनुसार जनपद के 61 प्राथमिक और उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा-1 और कक्षा-6 में नामांकन शून्य पाया गया है। जांच में सामने आया कि 113 प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा-1 में एक भी छात्र का नामांकन नहीं हुआ, जबकि 10 उच्च प्राथमिक विद्यालयों में कक्षा-6 में प्रवेश शून्य है। इसके अलावा 6 ऐसे विद्यालय भी मिले हैं, जहां दोनों कक्षाओं में एक भी छात्र नहीं है। शिक्षकों और स्टाफ की लापरवाही पर उठे सवाल BSA कार्यालय की समीक्षा में यह भी सामने आया कि संबंधित विद्यालयों के प्रधानाध्यापक और स्टाफ द्वारा नामांकन बढ़ाने के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए गए। आदेश में कहा गया है कि पूर्व में भी निर्देश दिए गए थे, लेकिन अपेक्षित सुधार नहीं दिखा। अब वेतन रोके जाने की कार्रवाई मामले को गंभीरता से लेते हुए BSA ने कड़ा रुख अपनाया है। जिन विद्यालयों में नामांकन शून्य है, वहां के प्रधानाध्यापक, शिक्षक और स्टाफ का वेतन अग्रिम आदेश तक रोकने के निर्देश दिए गए हैं। साथ ही सभी खंड शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया गया है कि वे अपने स्तर पर समीक्षा कर दो दिनों के भीतर रिपोर्ट प्रस्तुत करें और नामांकन बढ़ाने के लिए ठोस कदम उठाएं। इस कार्रवाई से साफ संकेत है कि अब शिक्षा विभाग नामांकन को लेकर किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं करेगा। आने वाले दिनों में ऐसे विद्यालयों पर और सख्त कार्रवाई हो सकती है।
महिला का शव रखकर परिजनों का हंगामा:कल्याणपुर में पुलिस पर पति को छोड़ने और कार्रवाई न करने का आरोप
कानपुर के कल्याणपुर थाना क्षेत्र स्थित पुराना शिवली रोड पर हिमांशी उर्फ मोना (25) की आत्महत्या के बाद गुरुवार को परिजनों ने हंगामा कर दिया। पोस्टमार्टम के बाद परिजन शव को काली मठिया पुराना शिवली रोड के पास सड़क पर रखकर जाम लगाकर बैठ गए। परिजनों ने पुलिस पर आरोप लगाया कि घटना के बाद हिरासत में लिए गए पति अंकित गुप्ता को कुछ ही घंटों में छोड़ दिया गया, जिससे वे नाराज होकर बीच सड़क पर शव क़ो सड़क पर रखकर हंगामा काटने लगे। कमरे में फंदे पर लटकी मिली थी महिला जानकारी के मुताबिक, बुधवार को हिमांशी उर्फ मोना अपने घर के कमरे में पंखे के सहारे फंदे पर लटकी मिली थी। पति अंकित उसे तुरंत हैलट अस्पताल लेकर पहुंचा, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद मृतका की मां रेखा गुप्ता ने पति समेत ससुराल पक्ष पर प्रताड़ना का आरोप लगाया था। गिरफ्तारी और बच्चों की सुपुर्दगी की मांग गुरुवार को प्रदर्शन के दौरान परिजनों ने मृतका के पति, सास, ससुर और देवर की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। साथ ही मृतका के बेटे और बेटी को उनके सुपुर्द किए जाने की बात भी कही। जाम के चलते इलाके में यातायात प्रभावित रहा। पुलिस से कहासुनी कार्रवाई ना करने का आरोप सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और परिजनों को समझाने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और परिजनों के बीच कहासुनी भी हुई। कई घंटे तक हंगामा जारी रहा परिजनों का आरोप था कि पुलिस ने घटना के बाद कोई कार्रवाई नहीं की ना ही बच्चों क़ो दिलवाया गया।
प्रयागराज के सिविल लाइन्स स्थित ज्वाला देवी स. वि. इ. इंटर कॉलेज में बोर्ड परीक्षा प्रतिभा अलंकरण समारोह का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में प्रदेश, जिला एवं विद्यालय स्तर की मेरिट सूची में स्थान प्राप्त करने वाले 55 मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। समारोह में मुख्य अतिथि कमिश्नर सौम्या अग्रवाल और विशिष्ट अतिथि पीडीए उपाध्यक्ष ऋषिराज, शेषधर द्विवेदी तथा विद्यालय प्रबंधक डॉ. आनंद श्रीवास्तव सहित कई गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्वलन, पुष्पार्चन एवं सरस्वती वंदना के साथ हुआ। विद्यालय के प्रधानाचार्य डॉ. राकेश सिंह ने अतिथियों का स्वागत किया और छात्रों की उपलब्धियों पर प्रसन्नता व्यक्त की। उन्होंने बताया कि विद्यालय के छात्रों ने अपने परिश्रम से प्रदेश स्तर पर 3 तथा जिला स्तर पर 4 स्थान प्राप्त कर संस्थान का नाम रोशन किया है। समारोह में प्रदेश मेरिट में स्थान पाने वाले छात्रों को ट्रॉली बैग, जबकि जिला मेरिट में आने वालों को स्मार्ट वॉच और स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। उनके अभिभावकों को भी अंगवस्त्र प्रदान किए गए। इसके अतिरिक्त, वर्ल्ड स्कूल वॉलीबॉल चैंपियनशिप में चयनित छात्र आदेश सिंह का विशेष सम्मान किया गया। मुख्य अतिथि सौम्या अग्रवाल ने अपने संबोधन में कहा कि जीवन का लक्ष्य केवल सफलता नहीं, बल्कि उसकी सार्थकता होना चाहिए। उन्होंने ऐसे सम्मान समारोहों को छात्रों का उत्साह बढ़ाने और उन्हें आगे बढ़ने की प्रेरणा देने वाला बताया। विशिष्ट अतिथि ऋषिराज ने छात्रों को संबोधित करते हुए कहा कि सफलता का कोई शॉर्टकट नहीं होता। उन्होंने जोर दिया कि यह कड़ी मेहनत, अनुशासन और निरंतर प्रयास से ही हासिल होती है। उन्होंने छात्रों को गुरुजनों का सम्मान करने और उनसे निरंतर सीखते रहने की प्रेरणा दी। कार्यक्रम के अंत में विद्यालय प्रबंधक डॉ. आनंद श्रीवास्तव ने सभी अतिथियों, अभिभावकों एवं उपस्थित लोगों के प्रति आभार व्यक्त किया। समारोह का संचालन हितिशा चावला और समृद्धि वैश्य ने किया। इस अवसर पर बड़ी संख्या में अभिभावक, शिक्षक एवं छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
हापुड़ में बाइक टक्कर से एक युवक की मौत:आंधी-बूंदाबांदी के बीच कई इलाकों की बिजली आपूर्ति ठप
हापुड़ में गुरुवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और हल्की बूंदाबांदी के कारण जनजीवन प्रभावित हुआ। इस दौरान बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि कई इलाकों में बिजली गुल हो गई। आंधी के चलते कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के पोल गिर गए। इसके परिणामस्वरूप 3 बिजली घर बंद हो गए और कई क्षेत्रों में अंधेरा छा गया। बिजली विभाग के अनुसार, 10 से अधिक बिजली के पोल क्षतिग्रस्त हुए हैं, जिनकी मरम्मत का काम जारी है। 2 बाइक आपस में टकराई सड़क हादसा बाबूगढ़ थाना क्षेत्र में वनखंडा-बीवी नगर मार्ग पर सतगुरु फार्म हाउस के पास हुआ। यहां दो मोटरसाइकिलें आमने-सामने टकरा गईं। बुलंदशहर के बीबी नगर थाना क्षेत्र के पोटा कबूलपुर निवासी दुलीचंद (50) कुचेसर चौपला की ओर जा रहे थे। वहीं, बनखंडा निवासी धीरज (30) अपनी अपाचे बाइक से घर लौट रहे थे। तेज आंधी और कम दृश्यता के कारण दोनों बाइक सवार अचानक एक-दूसरे के सामने आ गए और जोरदार टक्कर हो गई। हादसे में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों की मदद से उन्हें तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र सिखेड़ा ले जाया गया। अस्पताल ले जाते समय रास्ते में ही दुलीचंद ने दम तोड़ दिया। घायल धीरज को प्राथमिक इलाज के बाद देवनंदनी अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है।
संभल में नवजात के जन्म के बाद मां की मौत:अस्पताल संचालक और स्टाफ फरार, एक साल पहले शादी हुई थी
संभल में एक निजी अस्पताल में नवजात को जन्म देने के बाद एक महिला की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर इलाज में लापरवाही का गंभीर आरोप लगाया है। घटना के बाद अस्पताल संचालक और स्टाफ फरार हो गए हैं। पुलिस ने महिला के शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक महिला की पहचान 20 वर्षीय स्वाति पत्नी पुष्पेंद्र के रूप में हुई है। वह संभल जनपद के हजरतनगर गढ़ी थाना क्षेत्र के फतेहउल्ला गंज की मिलक गांव की निवासी थी। स्वाति का मायका संभल तहसील के नखासा थाना क्षेत्र के खग्गूपुरा गांव में है। दिलीप ने अपनी बेटी स्वाति की शादी एक साल पहले पुष्पेंद्र पुत्र सागर से की थी। गुरुवार को परिवार के सदस्यों ने स्वाति को प्रसव के लिए जनपद मुरादाबाद के मैनाठेर थाना क्षेत्र की नगर पंचायत महमूदपुर माफी कस्बा स्थित एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। गुरुवार दोपहर को स्वाति ने एक स्वस्थ बेटे को जन्म दिया। हालांकि, बेटे के जन्म के लगभग दो घंटे बाद महिला की हालत बिगड़ने लगी और उसकी मौत हो गई। इस खबर से परिवार में कोहराम मच गया और गांव के अन्य लोग भी अस्पताल पहुंच गए। महिला की मौत के बाद परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए थाना पुलिस को सूचना दी। परिजनों की मांग पर मैनाठेर पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पति पुष्पेंद्र ने बताया कि पत्नी को डिलीवरी के लिए निजी अस्पताल में भर्ती कराया गया था। पत्नी ने स्वस्थ बेटे को जन्म दिया, लेकिन उसके बाद उसकी हालत बिगड़ने लगी। उन्होंने अस्पताल स्टाफ से इसकी शिकायत की, लेकिन उन्होंने कोई ध्यान नहीं दिया, और बेटे के जन्म के लगभग डेढ़ घंटे बाद उनकी पत्नी ने दम तोड़ दिया।
जोधपुर पश्चिम पुलिस ने जब्त की करीब 1 करोड़ 45 लाख रुपए की अवैध ड्रग्स को नष्ट कर दिया। 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के तहत मादक पदार्थों के खिलाफ पुलिस ने अलग-अलग कार्रवाई में इसे जब्त किया था। पुलिस ने विभिन्न थानों में दर्ज 30 अलग-अलग मामलों में जब्त 418 किलोग्राम नशे की खेप का कानूनी प्रावधानों के तहत निपटारा किया। पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) पश्चिम कमल शेखावत ने बताया- पुलिस मुख्यालय और जोधपुर पुलिस आयुक्त के निर्देशों पर यह कार्रवाई की गई। जिले में चलाए जा रहे 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' के दौरान थानाधिकारियों ने एनडीपीएस एक्ट (मादक पदार्थ निरोधक कानून) के तहत दर्ज मामलों में जब्त अवैध मादक पदार्थों के निस्तारण के लिए प्रस्ताव भेजे थे। इसके बाद जिला ड्रग्स डिस्पोजल कमेटी की मौजूदगी में संबंधित थाना स्टाफ के साथ एनडीपीएस एक्ट की धारा 52ए के तहत नशे की खेप को नष्ट किया गया। कमेटी में डीसीपी पश्चिम शेखावत, एडीसीपी (पश्चिम) नीरज शर्मा और अपराध सहायक (पश्चिम) गणपत लाल शामिल रहे। डोडा पोस्त से लेकर एमडी और स्मैक तक शामिल डीसीपी शेखावत के अनुसार- नष्ट किए गए 418 किलोग्राम मादक पदार्थों में मुख्य रूप से डोडा पोस्त, एमडी, गांजा और स्मैक शामिल थे। पुलिस ने पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए भारी मात्रा में जब्त नशे को आग के हवाले कर दिया। नष्ट की गई इन ड्रग्स की अनुमानित कीमत करीब 1 करोड़ 45 लाख रुपए है। एक महीने में करीब पांच करोड़ का माल नष्ट जोधपुर पश्चिम पुलिस मादक पदार्थों की तस्करी रोकने और थानों के मालखानों में जब्त माल के निस्तारण को लेकर विशेष अभियान चला रही है। इस कार्रवाई से पहले 1 अप्रैल और 15 अप्रैल को भी इसी तरह का अभियान चलाया गया था। उन दोनों कार्रवाइयों में पुलिस ने करीब 3 करोड़ 40 लाख रुपए के अवैध मादक पदार्थों का नष्ट किया था।
जिला मुख्यालय स्थित बस स्टैंड से डिपो तक करीब तीन किलोमीटर तक रोड के दोनों ओर काबिज थड़ी, ठेके आदि अतिक्रमण को गुरुवार को नगर परिषद की टीम ने पुलिस बल की मौजूदगी में जेसीबी से हटाया। हालांकि अतिक्रमियों ने हल्का विरोध किया, लेकिन नगर परिषद की टीम ने उनकी बात नहीं सुनी और एक-एक करके करीब दो घंटे तक चली इस कार्रवाई रोड के दोनों ओर थड़ी-ठेले, केबिन और अस्थाई निर्माणों को ध्वस्त कर दिया। इसके बाद रोड़ काफी चौड़ा दिखाई देने लगा। अतिक्रमण हटाने से इस रोड की यातायात व्यवस्था और बेहतर सुचारू हो गई। कार्रवाई नगर परिषद आयुक्त धर्मपाल चौधरी के निर्देश पर की गई। नगर परिषद के राजस्व निरीक्षक सौरभ गर्ग ने बताया कि बस स्टैंड से डिपो तक का मुख्य मार्ग अतिक्रमण के कारण बुरी तरह प्रभावित हो रहा था। सड़क किनारे फैले कबाड़ और अवैध निर्माणों के चलते यातायात में भारी बाधा उत्पन्न हो रही थी, जिससे आमजन को रोजाना परेशानी का सामना करना पड़ रहा था। उन्होंने कहा कि यह अभियान स्वच्छ भारत मिशन के तहत चलाया जा रहा है। हाल ही में दिल्ली से आई टीम ने भी इस मार्ग की स्थिति पर नाराजगी जताई थी। इसके बाद नगर परिषद ने सख्त कदम उठाते हुए अभियान को तेज किया। नगर परिषद के अनुसार इस कार्रवाई को लेकर शहरवासियों का समर्थन मिल रहा है और लोग टोंक को स्वच्छ और सुंदर बनाने में सहयोग कर रहे हैं। प्रशासन ने कहना है कि अतिक्रमण के खिलाफ यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा, जिससे शहर के मुख्य मार्गों को अतिक्रमण मुक्त रखा जा सके। यह कार्रवाई शहर के प्रमुख क्षेत्रों कृषि मंडी, बनवारी लाल चौराहा और धन्ना तलाई मुख्य मार्ग पर केंद्रित रही, जहां सड़क किनारे किए गए अवैध कब्जों को हटाया गया। अभियान के दौरान कई थड़ी-ठेले, केबिन और अस्थायी निर्माणों को ध्वस्त किया गया, जिससे लंबे समय से बाधित यातायात को राहत मिलने की उम्मीद है।
गोरखपुर में गुरुवार को महात्मा गांधी इंटर कॉलेज के शिक्षकों और शिक्षक संघ के नेता आशुतोष दुबे, रामप्रताप राम और देवनाथ राय के नेतृत्व में मेयर डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव ,अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार सिंह, नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल और डीएम कार्यालय के वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी अतुल कुमार श्रीवास्तव को जनगणना 2027 में विसंगतियों के संबंध में ज्ञापन सौपें । शिक्षकों ने कहा कि जनगणना 2027 के कार्यों के लिए लगाई गई माध्यमिक विद्यालय के शिक्षकों की ड्यूटी में तमाम विसंगतियां है, जिसमें शिक्षकों के पद की गरिमा के विरुद्ध उनकी ड्यूटी प्रगणक के रूप में लगाई गई है। उनका कहना यह था कि जिन शिक्षकों का ग्रेड पे 4800, 5400 और 6600 है, उनको भी प्रगणक के पद पर दायित्व दिए गए हैं। वहीं अन्य शिक्षकों के आधे वेतनमान और ग्रेड पे के कर्मचारियों की ड्यूटी सुपरवाइजर के पद पर लगाई गई है, जो शिक्षकों की गरिमा के विरुद्ध और उनके अपमान की बात है। मेयर ने दिया परेशानी दूर करने का आश्वासन शिक्षकों ने नगर के मेयर डॉक्टर मंगलेश श्रीवास्तव और नगर आयुक्त गौरव सिंह सोगरवाल को ज्ञापन देते हुए अपनी बात को कहीं । मेयर ने शिक्षकों को आश्वासन दिया कि इस विसंगति को दूर करने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही सभी शिक्षकों के सम्मान का ख्याल रखा जाएगा। एक दिन पर दो जगह ड्यूटी वहीं शिक्षकों ने अपर जिलाधिकारी विनीत कुमार सिंह को ज्ञापन सौंपते हुए अपनी पीड़ा सुनाई। शिक्षकों ने बताया कि सरकार की ओर से लगातार प्रतियोगी परीक्षाएं कराई जा रही हैं। 2 तारीख को ही मेडिकल नीट की परीक्षा है, वहीं जनगणना में ट्रेनिंग के लिए भी ब्रीफिंग 2 तारीख को ही है। इस तरह से दोनों काम एक ही दिन में संभव नहीं है। अपर जिलाधिकारी ने शिक्षकों को आस्वस्थ किया कि हमारी पूरी कोशिश होगी सीनियर और जूनियर की जो भी असमानता है, उसको दूर किया जाएगा। साथ ही ज्यादा से ज्यादा शिक्षकों को रिजर्व में लगाया जाएगा। इस अवसर पर शिक्षक नेता नन्हे पटेल, मनोज शर्मा, विवेकानंद मौर्य, अमित कुमार सोनकर ,शशि भूषण श्रीवास्तव, संजय मोहन त्रिपाठी, ओमप्रकाश मिश्रा, डॉक्टर जनार्दन सिंह, भरत चौहान, जगदीश वर्मा,विजेंद्र राव, महेंद्र शर्मा, कुमारी निकिता, डॉक्टर रीना गुप्ता,डॉ रश्मि, वंदना सिंह, राजेश राय, जगदीश आनंद ,अमित चौरसिया, अंगद यादव,विनोद यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
मध्य पूर्व संकट का असर, हज 2026 हुआ महंगा:हज यात्रियों से मांगे गए अतिरिक्त 10 हजार रुपए, उठे सवाल
मध्य पूर्व में जारी संकट के चलते हज 2026 की यात्रा महंगी हो गई है, लेकिन अब इस अतिरिक्त आर्थिक बोझ को लेकर विरोध भी सामने आने लगा है। हज कमेटी ऑफ इंडिया के निर्देश के अनुसार सभी यात्रियों को हवाई किराए के अंतर के रूप में 15 मई 2026 तक 10 हजार रुपए अतिरिक्त जमा करने होंगे। इस फैसले को लेकर मध्यप्रदेश में आपत्ति दर्ज कराई गई है। मध्यप्रदेश सर्वधर्म सद्भावना मंच के सचिव हाजी मोहम्मद इमरान हारून ने इसे अनुचित बताते हुए कहा कि हज यात्रियों पर अचानक 10 हजार रुपए का अतिरिक्त बोझ डालना गलत है। उन्होंने कहा कि कई जायरीन पहले ही लाखों रुपए जमा कर हज यात्रा पर जा चुके हैं, ऐसे में अब नया सर्कुलर जारी कर अतिरिक्त राशि मांगना उन्हें आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान कर रहा है। इमरान हारून ने कहा कि मिडिल ईस्ट के हालातों का हवाला देकर यह राशि वसूली जा रही है, लेकिन जब यात्रा का पूरा खर्च पहले ही तय हो चुका था, तो ऐन वक्त पर इस तरह का निर्णय लेना सरासर नाइंसाफी है। उन्होंने केंद्रीय हज कमेटी से यह फैसला तुरंत वापस लेने की मांग की है। विदेश में फंसे जायरीन के लिए बढ़ी कशमकशइस निर्णय का सबसे ज्यादा असर उन हाजियों पर पड़ रहा है, जो पहले ही सऊदी अरब पहुंच चुके हैं। उनके सामने विदेश से ऑनलाइन भुगतान करने की चुनौती खड़ी हो गई है। कई यात्रियों के पास अंतरराष्ट्रीय बैंकिंग सुविधाएं सक्रिय नहीं हैं, वहीं सीमित समय में भुगतान करना भी उनके लिए मुश्किल बन गया है। ऐसे में वे परिजनों पर निर्भर हो रहे हैं, जिससे उनकी चिंता और बढ़ गई है। एयरफेयर बढ़ने से लिया गया फैसलाहज कमेटी के अनुसार, मध्य पूर्व संकट के कारण एविएशन टर्बाइन फ्यूल की कीमतों में बढ़ोतरी हुई है, जिससे एयरलाइंस ने बेस किराए में 400 डॉलर से अधिक वृद्धि की मांग की थी। इसी के चलते प्रति यात्री 100 अमेरिकी डॉलर अतिरिक्त लेने का निर्णय लिया गया है। हालांकि, इस फैसले ने हज यात्रियों के बीच असंतोष पैदा कर दिया है और अब यह मुद्दा तूल पकड़ता नजर आ रहा है। ऑनलाइन-ऑफलाइन दोनों सुविधायात्री हज कमेटी की वेबसाइट या हज सुविधा एप के जरिए ऑनलाइन भुगतान कर सकते हैं। इसके अलावा स्टेट बैंक ऑफ इंडिया और यूनियन बैंक ऑफ इंडिया की शाखाओं में भी निर्धारित प्रक्रिया से राशि जमा की जा सकती है। राज्य समितियों को निर्देशसभी राज्य और केंद्र शासित प्रदेश हज समितियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे संबंधित यात्रियों को तत्काल सूचना दें और तय समयसीमा में भुगतान सुनिश्चित कराएं। मध्य पूर्व के हालातों का सीधा असर हज यात्रा की लागत पर पड़ने से इस बार जायरीन को अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ेगा। ये खबर भी पढ़ें… जायरीन बोले- हज के सफर पर खौफ नहीं, वहां मौत लिखी है तो वो भी कबूल दुनिया के सबसे बड़े धार्मिक समागमों में शुमार हज यात्रा इस साल 18 अप्रैल से शुरू हो गई है, लेकिन इस बार माहौल कुछ अलग है। मध्य पूर्व में जारी तनाव, मिसाइल हमलों और अनिश्चित हालातों के बीच भी हज पर जाने वाले जायरीन के हौसले और आस्था में कोई कमी नहीं दिख रही। भोपाल से हज पर जाने की तैयारी कर रहे लोगों से बातचीत में एक बात साफ नजर आई डर से ज्यादा भरोसा है, और हालात से ज्यादा अहम है “बुलावा”। मध्य प्रदेश से इस साल हज कमेटी द्वारा 7116 लोग हज के लिए जा रहे हैं। वहीं प्राइवेट लोगों की संख्या को भी गिन लिया जाए तो प्रदेश भर से यह संख्या करीब 8 हजार के करीब होती है।पढ़ें पूरी खबर
कुरुक्षेत्र जिले के पिहोवा का युवक सुसाइड करने की वीडियो परिजनों को भेजकर लापता हो गया। शाम को उसकी बाइक ज्योतिसर गांव के पास भाखड़ा नहर के पास से बरामद हुई। परिवार ने चावल एजेंट समेत कई लोगों पर पैसे के लेन-देन, धोखाधड़ी और मानसिक दबाव के आरोप लगाए हैं। संजीव कुमार ने बताया कि उसका छोटा भाई कुलदीप सिंह शादीशुदा है। कुलदीप पिहोवा की अनाज मंडी में ट्रांसपोर्ट के काम से जुड़ा हुआ है। उसने SS रोडलाइन ट्रांसपोर्ट पर अपनी गाड़ियां लगा रखी है। वीरवार को कुलदीप ने चार वीडियो रिकॉर्ड की, उसके बाद कुलदीप बाइक लेकर चला गया, लेकिन वापस नहीं लौटा।
फतेहगढ़ साहिब के सिटी सेंटर में दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हुई। इस दौरान बेसबॉल बैट और डंडों से हमला किया गया, जिसमें तीन लोग घायल हो गए। हमलावरों ने कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की। यह विवाद कुछ दिन पहले पंजाबी यूनिवर्सिटी पटियाला में हुए झगड़े से जुड़ा है। उस समय सतनाम सिंह नामक युवक के साथ मारपीट की गई थी और उसका हाथ काट दिया गया था। इसी मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्ष फतेहगढ़ साहिब के सिटी सेंटर में इकट्ठा हुए थे।बातचीत के दौरान माहौल तनावपूर्ण हो गया और कहासुनी बढ़ने पर दोनों पक्षों के बीच हिंसक झड़प शुरू हो गई। मौके पर मची अफरा-तफरी दिनदहाड़े हुई इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई। झड़प में गांव रंगेड़ी कलां के रुपिंदर सिंह, गुरदीप सिंह और सतनाम सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। हमलावरों ने कई गाड़ियों में भी तोड़फोड़ की, जिससे काफी नुकसान हुआ। थाना फतेहगढ़ साहिब के प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर स्थिति को काबू में कर लिया है। पुलिस ने एक व्यक्ति को हिरासत में लिया है और मामले की गहराई से जांच की जा रही है। आरोपियों की पहचान कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
ललितपुर में जिलाधिकारी सत्य प्रकाश ने पेयजल योजनाओं की जमीनी हकीकत जानने के लिए शहर की गलियों का दौरा किया। उन्होंने अमृत योजना के तहत डाली जा रही पाइपलाइन और खोदी गई सड़कों का जायजा लिया। सड़कों की खराब स्थिति को देखते हुए, जिलाधिकारी ने संबंधित अधिकारियों को 10 मई तक कार्य पूरा करने और पेयजल आपूर्ति शुरू करने का अल्टीमेटम दिया। गुरुवार शाम 5 बजे जिलाधिकारी ने शहर की संकरी गलियों में भ्रमण कर स्थानीय लोगों से संवाद किया और उनकी समस्याओं को सुना। उन्होंने जल निगम नगरीय और अन्य संबंधित अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि हर हाल में 10 मई तक पाइपलाइन बिछाने का काम पूरा कर पेयजल आपूर्ति चालू की जाए और क्षतिग्रस्त सड़कों की मरम्मत भी कराई जाए। जिलाधिकारी ने नई बस्ती क्षेत्र में अमृत योजना के तहत पाइपलाइन बिछाने के कार्य की प्रगति का निरीक्षण किया। मौके पर मौजूद स्थानीय निवासियों ने बताया कि पाइपलाइन बिछा दी गई है, लेकिन सड़क का अस्थायी समतलीकरण किया गया है। कच्चा समतलीकरण होने के कारण प्रतिदिन वाहनों और आम जनता को परेशानी होती है, सड़क पर पानी भर जाता है और वाहन कीचड़ में फंस जाते हैं। इस पर जिलाधिकारी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जल्द से जल्द यहां का कार्य पूरा कर पेयजल आपूर्ति शुरू की जाए। साथ ही, नई बस्ती से गोविंद सागर बांध तक सड़क की मरम्मत कराकर आवागमन को सुचारु किया जाए। इसके बाद जिलाधिकारी नेहरूनगर स्थित जगपुरा मोहल्ले पहुंचे। उन्होंने यहां की गलियों में भ्रमण कर अमृत योजना के कार्यों का निरीक्षण किया। कई गलियों में पाइपलाइन बिछाई गई थी, जिससे सड़कें खुदी हुई थीं। स्थानीय लोगों से बातचीत के दौरान आवागमन में काफी समस्या और जाम की स्थिति सामने आई। जिलाधिकारी ने इस समस्या को गंभीरता से लेते हुए अधिकारियों को निर्देशित किया कि जल निगम के अधिकारी स्वयं वार्डों में भ्रमण कर कार्यों का जायजा लेते रहें और शेष कार्यों को त्वरित गति से पूरा कराएं। उन्होंने यह भी कहा कि यदि कार्यदायी संस्था इसमें विलंब कर रही है, तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। उन्होंने कहा कि गर्मी के मौसम में लोगों को पेयजल की समस्या नहीं होनी चाहिए, इसलिए निर्धारित समयसीमा में कार्य पूर्ण करते हुए सप्लाई चालू करें।
उज्जैन में नौका विहार महोत्सव शुरू:राधा-कृष्ण ने किया सरोवर में नौका विहार, उमड़े श्रद्धालु
धार्मिक नगरी उज्जैन के इस्कॉन मंदिर में श्री श्री राधा-कृष्ण के दिव्य नौका विहार महोत्सव का शुभारंभ हुआ। यह आयोजन भक्ति और आस्था का अद्भुत संगम प्रस्तुत कर रहा है। 30 अप्रैल से शुरू हुआ यह विशेष महोत्सव प्रतिदिन शाम 5:30 बजे से रात 8 बजे तक चलता है। इसमें भगवान श्री राधा-कृष्ण पवित्र सरोवर में नौका विहार करते हैं। लगभग 25 से 30 फीट के सरोवर में 12 फीट लंबी और 5 फीट चौड़ी सुसज्जित नौका में विराजमान भगवान के दर्शन के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंच रहे हैं। महोत्सव का शुभारंभ ए. सी. भक्तिवेदांत स्वामी प्रभुपाद के वरिष्ठ शिष्य श्रीमद लोकनाथ स्वामी महाराज के करकमलों द्वारा किया गया। इस पूरे आयोजन के दौरान श्रद्धालुओं के लिए निरंतर प्रसाद वितरण किया जा रहा है। यह महोत्सव उस प्राचीन परंपरा का प्रतीक है, जब ग्रीष्म ऋतु में राधा-कृष्ण नौका विहार किया करते थे। आयोजकों ने श्रद्धालुओं से घर से भोग बनाकर अर्पित करने और इस दिव्य उत्सव में शामिल होकर पुण्य लाभ कमाने की अपील की है। भीषण गर्मी से राहत प्रदान करने के लिए इस्कॉन मंदिर में भगवान कृष्ण और राधा को विशेष शीतलता प्रदान की जा रही है। इसके तहत मंदिर में एसी लगाए गए हैं और ओडिशा के मलय पर्वत से लाए गए चंदन का लेप भी लगाया जा रहा है। भगवान को ठंडक प्रदान करने के लिए रोजाना चार लोग चंदन का लेप तैयार करते हैं। अब तक लगभग 30 किलो चंदन का लेप भगवान को लगाया जा चुका है, जिससे उन्हें तपती गर्मी में शीतलता मिल सके।
कन्नौज में धूल भरी आंधी के बाद तेज बारिश:तापमान 6 डिग्री गिरा, बिजली गुल, पेड़ गिरने से रास्ता ब्लॉक
कन्नौज में रात के समय पहले धूल भरी हवाएं चलीं और फिर कुछ ही देर में तेज बारिश शुरू हो गई। आंधी और बारिश से बचने के लिए दुकानदारों ने शटर गिरा दिए। ठेली वालों ने इधर-उधर छिपकर खुद को भीगने से बचाया। बारिश के कारण तापमान में 6 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। यूं तो कन्नौज में गुरुवार को अधिकांश समय बादल छाए रहे। तेज हवाएं भी चलती रहीं, लेकिन रात 8 बजे करीब धूल भरी आंधी आ गई। जिसके कुछ देर बाद ही तेज बारिश शुरू हो गई। धूल भरी हवाओं से बचने के लिए दुकानदारों ने शटर गिरा दिए। ठेली वालों ने भी इधर उधर छिपकर खुद को भीगने से बचाया। अचानक से शुरू हुई बारिश के कारण ठेली दुकानदारों का नुकसान हो गया। ठंडी हवाओं और बारिश के कारण मौसम खुशगवार हो गया। यहां करीब 6 डिग्री सेल्सियस तक तापमान में गिरावट दर्ज की गई। बारिश से पहले जिले में अधिकतम 38 डिग्री सेल्सियस तापमान दर्ज किया गया, जबकि न्यूनतम तापमान 24 डिग्री सेल्सियस तक रहा, लेकिन बारिश के बाद अधिकतम तापमान 32 डिग्री और न्यूनतम तापमान 21 डिग्री सेल्सियस तक रिकार्ड किया गया। जिस कारण लोगों को गर्मी से राहत मिल गई। गुरसहायगंज में हवा के तेज झोंको के कारण पीपल का पुराना पेड़ फट कर जीटी रोड पर गिर गया। जिस कारण यातायात कुछ समय के लिए प्रभावित हो गया। बारिश होते ही चोक नालों का पानी सड़क पर भर गया। जिससे मोहल्ले के लोगों और राजगीरों को निकलने में परेशानी हुई। बारिश होते ही गुल हुई बिजली कन्नौज शहर में बारिश शुरू होते ही बिजली गुल हो गई। जिससे लोग परेशान हो गए। आकाश राठौर ने बताया कि बारिश के दौरान बिजली सबसे ज्यादा परेशान करती है। कभी-कभी फाल्ट के नाम पर पूरी रात बिजली गुल रहती है, जिससे रात में सो पाना मुश्किल हो जाता। देखें बारिश की फोटो…
महेवा में बारिश से 250 केवीए ट्रांसफार्मर जला:आधे कस्बे की बिजली गुल, नया ट्रांसफार्मर लगाया जा रहा
ब्लाक महेवा में बारिश के कारण 250 केवीए का एक विद्युत ट्रांसफार्मर जल गया। इससे कस्बे के आधे हिस्से की बिजली आपूर्ति ठप हो गई है, जिससे निवासियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। यह ट्रांसफार्मर महेवा कस्बे के अहेरीपुर मार्ग पर स्थापित था। इससे पुलिस चौकी, इंटर कॉलेज, बहेड़ा मार्ग, अहेरीपुर मार्ग और पूरी नई बस्ती सहित कई क्षेत्रों को बिजली मिलती थी। जानकारी के अनुसार, यह ट्रांसफार्मर पिछले तीन दिनों से आपूर्ति में गड़बड़ी कर रहा था। बिजली आपूर्ति बाधित होने के बाद उपभोक्ताओं ने जल्द से जल्द ट्रांसफार्मर बदलने की मांग की। बकेवर के एसडीओ संतकुमार ने बताया कि दूसरे ट्रांसफार्मर की व्यवस्था कर ली गई है। लाइनमैन टीम उसे बदलने का काम कर रही है और जल्द ही आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी।
चंडीगढ़ में 50 वर्षीय महिला छाया की मौत के बाद मामला गर्मा गया है। मृतका के परिजनों ने पुलिस पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि छाया की मौत स्वाभाविक नहीं, बल्कि मारपीट के कारण हुई है। इसको लेकर अस्पताल में हंगामा भी हुआ और परिजनों ने संबंधित पुलिसकर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।परिजनों ने मांग की है कि मामले की सच्चाई सामने लाने के लिए डॉक्टरों के पैनल द्वारा मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराया जाए। रात को कबाड़ उठाने निकली थी छायामृतका के रिश्तेदार के ताया पन्नू के अनुसार, छाया बापूधाम कॉलोनी में रहती थी। उसकी 3 बेटियां और एक बेटा है। वह रोजाना अपनी सहेलियों आशा और रीना के साथ रात में शहर के अलग-अलग सेक्टरों में कबाड़ उठाने जाती थी। घटना वाली रात भी करीब 2 बजे तीनों महिलाएं रेहड़ी लेकर निकली थीं। जैसे ही वे सेक्टर-18 चौक के पास पहुंचीं, वहां मौजूद पुलिसकर्मियों ने उन्हें रोक लिया। परिजनों का आरोप है कि पुलिस को देखकर आशा और रीना वहां से भाग गईं, लेकिन छाया को पकड़ लिया गया और उसके साथ मारपीट की गई। सुबह तक घर नहीं लौटी, अस्पताल में मिली मौत की खबरपरिजनों के मुताबिक, सुबह तक जब छाया घर नहीं लौटी तो उन्हें चिंता हुई। तलाश करने के बाद वे पुलिस स्टेशन सेक्टर-19 पहुंचे, जहां पुलिस ने बताया कि उसे सेक्टर-16 अस्पताल ले जाया गया है। मृतका की बेटी तनु जब सेक्टर-16 अस्पताल पहुंची, तो उसे बताया गया कि मां की मौत हो चुकी है। इसके बाद परिजनों और स्थानीय लोगों की बड़ी संख्या अस्पताल में जमा हो गई और पुलिस के खिलाफ नारेबाजी शुरू कर दी। नहीं की मारपीट : पुलिसवहीं चंडीगढ़ पुलिस का कहना है कि कांस्टेबल सुनील कुमार से सूचना मिली थी कि कुछ महिलाएं और एक पुरुष सेक्टर-18 स्थित बिजली कार्यालय के पास रेहड़ी में चोरी का सामान (इलेक्ट्रिक केबल, आयरन कटर, स्क्रूड्राइवर) ले जा रहे हैं। इस पर डीडीआर दर्ज की गई। पुलिस के अनुसार, मौके पर पहुंचने पर सभी लोग भाग गए। एक महिला अपनी चप्पल लेने वापस आई, जिसे पुलिस ने रोका, लेकिन उसने अपना नाम-पता नहीं बताया। पूछताछ के दौरान उसकी तबीयत अचानक बिगड़ गई। हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और अस्थमा से पीड़ित थी छाया पुलिस ने उसे तुरंत सेक्टर-16 स्थित अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। बाद में मृतका की बेटी काजल पुलिस स्टेशन पहुंची और बताया कि उसकी मां हाई ब्लड प्रेशर, शुगर और अस्थमा जैसी बीमारियों से पीड़ित थी और उसका इलाज पीजीआई चंडीगढ़ में चल रहा था। फिलहाल, मामले को लेकर जांच जारी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही मौत के असली कारण का खुलासा हो सकेगा।
कोंडागांव जिले के मयूर डोंगर में माता की पारंपरिक जत्रा का आयोजन किया गया। इस वार्षिक उत्सव में दूर-दराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु पहुंचे, जिससे पूरे क्षेत्र में भक्ति का माहौल रहा। माता के जयकारों और पारंपरिक वाद्ययंत्रों की गूंज से डोंगर गूंज उठा। इस अवसर पर वन मंत्री केदार कश्यप ने विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि और खुशहाली की कामना की। मंत्री कश्यप ने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजन हमारी संस्कृति और परंपराओं को जीवित रखते हैं, और यह समाज को एकजुट करने वाला उत्सव है। कई क्षेत्र से आई माता की डोलियां जत्रा में क्षेत्र के कई गांवों से माता की डोलियां श्रद्धापूर्वक लाई गईं। महिलाओं, युवाओं और बुजुर्गों सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने इसमें भाग लिया। भक्तों ने माता के दरबार में माथा टेककर अपनी मनोकामनाएं मांगीं। आयोजन स्थल पर भक्ति और उत्साह का संगम देखने को मिला। आयोजन नई पीढ़ियों को संस्कृति से जोड़ता है ग्रामीणों के अनुसार, मयूर डोंगर की यह जत्रा वर्षों पुरानी परंपरा है। यह आज भी उतनी ही श्रद्धा और भव्यता के साथ मनाई जाती है। यह आयोजन नई पीढ़ी को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का महत्वपूर्ण कार्य करता है।
सिंधी काउंसिल ऑफ इंडिया छत्तीसगढ़ इकाई द्वारा सिंधी एकेडमी की पहली महिला अध्यक्ष सुषमा जेठानी का स्वागत और सम्मान किया गया। यह स्वागत प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने अपने कार्यालय में किया। इस मौके पर सुषमा जेठानी ने कहा कि वे पूरे छत्तीसगढ़ में सिंधी समाज के बच्चों की शिक्षा के लिए बड़े स्तर पर काम करेंगी। प्रदेश अध्यक्ष ललित जैसिंघ ने बताया कि पहली बार महिला अध्यक्ष बनने से पूरे सिंधी समाज में खुशी का माहौल है और सभी उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना कर रहे हैं। इस अवसर पर उपाध्यक्ष धनेश मटलानी, रितेश वाधवा और सिंधु सभा के महामंत्री मुरलीधर शादीजा भी मौजूद रहे।
शहर में अब कचरा खुले डम्परों में नहीं बिखरेगा। काजरी के पास में स्थित मैकेनाइज्ड ट्रांसफर स्टेशन से शुक्रवार से ट्रायल शुरू हो रहा है। पहले चरण में 8 वार्डों के डोर-टू-डोर कचरा संग्रहण वाहन सीधे यहीं खाली होंगे। यहां से हुक लोडर व कंटेनरों में कचरा केरू पहुंचेगा। आयुक्त राहुल जैन ने बताया कि पहले कचरा एकत्र कर डम्परों में भर केरू ले जाया जाता था। इससे सड़कों पर कचरा बिखरता और लोगों को परेशानी होती थी। नई व्यवस्था से सफाई सुदृढ़ होगी। इसके पहले चरण में जोन-2 के वार्ड 11,12,20 और जोन-3 के वार्ड 10,46,47,48,50 शामिल हैं। नई व्यवस्था को लेकर संबंधित अधिकारी व सफाई निरीक्षक नई प्रक्रिया से अवगत कराए गए हैं। आयुक्त ने कहा कि ट्रायल सफल रहा तो इसे पूरे शहर में लागू किया जाएगा। इससे कचरा परिवहन व्यवस्थित व प्रदूषण मुक्त होगा।
श्योपुर देहात थाना पुलिस ने 20 साल से फरार चल रहे इनामी चरस तस्कर मुकेश नायक को गिरफ्तार किया है। आरोपी को आगे की कार्रवाई के लिए जीआरपी गंगापुर सिटी (राजस्थान) को सौंप दिया गया है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी मुकेश नायक वर्ष 2003 से एनडीपीएस एक्ट के एक मामले में फरार था। उसके खिलाफ जीआरपी थाना गंगापुर सिटी में एनडीपीएस एक्ट में केस दर्ज किया गया था। लंबे समय तक फरार रहने के कारण कोर्ट ने उसके खिलाफ स्थायी वारंट जारी किया था। 10 हजार का इनाम घोषित था इसके बाद एसपी जीआरपी अजमेर ने आरोपी की गिरफ्तारी पर 10 हजार का इनाम घोषित किया था। यह कार्रवाई श्योपुर एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल के निर्देशन में, एएसपी प्रवीण कुमार भूरिया और एसडीओपी राजीव गुप्ता के मार्गदर्शन में की गई। आरोपी को गिरफ्तार करने वाली टीम में देहात थाना प्रभारी उपनिरीक्षक राहुल रघुवंशी, सहायक उपनिरीक्षक ब्रजराज यादव, प्रधान आरक्षक प्रमोद चौरसिया, नागेन्द्र रावत, आरक्षक रामेश्वर मीणा और जीआरपी गंगापुर सिटी के आरक्षक दिलीप सिंह शामिल थे।
फतेहपुर में खागा कोतवाली क्षेत्र में मंगेतर के सामने युवती से रेप मामले में पीड़िता से मिलने जा रहे अपनी जनता पार्टी के कार्यकर्ताओं को पुलिस ने रोक लिया। गांव के पास कार्यकर्ताओं और पुलिस में नोकझोंक और धक्का-मुक्की हुई। मौके पर मौजूद महिला पुलिसकर्मियों ने आरोप लगाया कार्यकर्ताओं ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। खागा कोतवाली प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि किसी भी राजनीतिक दल के लोगों को गांव में प्रवेश की अनुमति नहीं दी जा रही है, ताकि पीड़िता और उसके परिवार पर किसी प्रकार का दबाव न बने और उनकी सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। देखें पुलिस से नोकझोंक की दो तस्वीरें… कोतवाल ने यह भी बताया कि जब पुलिस ने कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया, तो कुछ लोगों ने विरोध करते हुए महिला पुलिसकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की, जिसे कानून व्यवस्था के लिए गंभीर विषय माना गया है। राजनीतिक दलों ने पुलिस की इस कार्रवाई पर सवाल उठाए हैं। इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया है। हालांकि, प्रशासन का स्पष्ट कहना है कि फिलहाल उनकी प्राथमिकता पीड़िता की सुरक्षा और मामले की निष्पक्ष जांच है। जिले में स्थिति पर प्रशासन लगातार नजर बनाए हुए है।
बरसात में जलभराव की समस्या से निपटने के लिए नगर निगम ने सख्त रुख अपनाया है। महापौर महंत गिरीशपति त्रिपाठी ने निर्देश दिए हैं कि 31 मई तक शहर के सभी छोटे-बड़े नालों की सफाई हर हाल में पूरी कर ली जाए। वे नगर आयुक्त जयेंद्र कुमार के साथ स्वास्थ्य और निर्माण विभाग की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे। महापौर ने पार्षदों और स्थानीय नागरिकों से फीडबैक लेकर संभावित जलभराव वाले स्थानों को चिन्हित करने को कहा। जहां जरूरत हो, वहां राबिस भरने और छोटी ड्रेनेज बनाकर पानी निकासी की व्यवस्था करने के निर्देश दिए गए। साथ ही जरूरत वाले स्थानों पर पंप लगाने के लिए पहले से तैयारी करने को कहा गया। नई बीट व्यवस्था आज से लागू नगर आयुक्त ने सफाई कर्मियों की बीट तय कर रोस्टर जारी करने और उसकी नियमित समीक्षा करने के निर्देश दिए। नाला सफाई के बाद 24 घंटे के भीतर सिल्ट हटाने को भी कहा गया, ताकि दोबारा गंदगी न फैले। हैदरगंज हादसे के बाद नगर निगम ने सेफ्टी टैंक की सफाई करने वाली निजी संस्थाओं को एक सप्ताह में पंजीकरण कराने का अल्टीमेटम दिया है। तय समय में पंजीकरण न कराने पर अवैध रूप से संचालित संस्थाओं पर कार्रवाई की जाएगी। हर वार्ड में 5 चरही स्थापित होंगी पशु-पक्षियों के लिए पेयजल सुविधा बढ़ाने के तहत हर वार्ड में पांच-पांच चरही स्थापित की जाएंगी। जलकल विभाग को इन स्थानों पर पानी की आपूर्ति सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए हैं। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि बिना ट्रीटमेंट गंदा पानी नालों या सरयू में छोड़े जाने पर सख्त कार्रवाई होगी। यश पेपर मिल को चेतावनी जारी करने के निर्देश दिए गए हैं। शिकायतों के आधार पर जांच कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। बैठक में नगर निगम के वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे और स्वच्छता सर्वेक्षण को गंभीरता से लेते हुए कमियों को दूर करने पर जोर दिया गया।
बालाघाट पुलिस ने शहर के सरदार पटेल मल्टी स्पेशलिटी अस्पताल के दो डॉक्टरों डॉ. हितेश कावडे और डॉ. श्रृष्टि जैन पर बीएनएस की धारा 125(बी) के तहत केस दर्ज किया है। यह मामला इलाज में लापरवाही से जुड़ा है, जिसके कारण एक मरीज कोमा में चला गया। एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया यह पूरा मामला मरीज विवेक तिरपुड़े (36) के इलाज से संबंधित है। उनके हाथ में चोट लगने के बाद ऑपरेशन किया गया था। आरोप है कि इस दौरान उन्हें एनेस्थीसिया का ओवरडोज दिया गया, जिसके कारण विवेक तिरपुड़े पिछले दो महीने से कोमा में हैं और उनका इलाज नागपुर में चल रहा है। अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप 12 अप्रैल को परिजनों ने विवेक के ऑपरेशन के बाद कोमा में जाने पर अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाया था। इसके बाद स्वास्थ्य विभाग ने शासकीय चिकित्सकों की एक टीम बनाकर मामले की जांच कराई थी। जांच टीम में डॉ. नागोराव रंगारे, डॉ. अंकित राणा और डॉ. प्रशांत चौरे शामिल थे। जांच में गड़बड़ी मिलने पर कार्रवाई जांच टीम ने पाया कि डॉ. हितेश कावडे और एनेस्थीसिया विशेषज्ञ डॉ. श्रृष्टि जैन की लापरवाही के कारण ही मरीज तिरपुड़े कोमा की स्थिति में पहुंचे हैं। किम्स-किंग्सवे हॉस्पिटल नागपुर की एमआरआई रिपोर्ट में भी ब्रेन में ग्लोबल हायपॉक्सी इंजरी पाई गई। कोतवाली पुलिस ने बताया कि मामला दर्ज कर आगे की जांच की जा रही है।
हरियाणा के पंचकूला में सीएम नायब सैनी ने BJP मेयर प्रत्याशी श्यामलाल बंसल के समर्थन में 3 सभाओं को संबोधित किया। वीरवार शाम को सैनी बहुल रामगढ़ गांव में भी उनका कार्यक्रम रहा। बारिश के बावजूद लोग उनके कार्यक्रम में डटे रहे। हालांकि सीएम पर प्रत्याशियों ने छाता लगा दिया था। पंचकूला में वीरवार को सीएम नायब सिंह सैनी ने संबोधित करते हएु कहा कि महिलाओं के अधिकारों के मुद्दे पर कांग्रेस का रुख हमेशा नकारात्मक रहा है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा लाए गए नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम का कांग्रेस ने विरोध किया जिससे कांग्रेस की सोच स्पष्ट हो गई कि कांग्रेस महिलाओं को उनके अधिकार देने के पक्ष में नही है। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं को विकास में बराबर की भागीदारी देना चाहती है, जबकि कांग्रेस ने हमेशा इसका विरोध किया है। इन प्रत्याशियों के समर्थन में सभा पंचकूला के बीड घग्गर में मेयर प्रत्याशी श्याम लाल बंसल और वार्ड 16 से निर्मला देवी तथा वार्ड 17 सुदेश बिड़ला के समर्थन में जनसभा को संबोधित कर रहे थे। मुख्यमंत्री ने रामगढ़ में भी भाजपा प्रत्याशी वार्ड 18 पूजा रानी, वार्ड-19 मनीषा रानी, वार्ड 20 गौतम राणा के लिए जनता से वोट की अपील की। पंचकूला के विकास पर 547 करोड़ खर्चजनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले लगभग साढ़े 11 वर्षों में भाजपा सरकार ने पंचकूला के विकास के लिए 547 करोड़ रुपये खर्च किए हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा ही ऐसी सरकार है जो बिना भेदभाव के हर क्षेत्र का समान विकास करती है। पंचकूला में विकास की यात्रा को तेज गति देने के लिए आप सभी लोग हर वार्ड में कमल का फूल खिलाए और भाजपा मेयर प्रत्याशी श्याम लाल बंसल को जिताएं। सीएम ने कहा कि 10 मई को हर वार्ड में कमल खिलाकर ट्रिपल इंजन सरकार बनाएं, जिससे पंचकूला के विकास को नई दिशा और गति मिल सके।
संभल में सिलेंडर लेकर लौट रहे ग्रामीण की मौत:गांव के बाहर पड़ा मिला शव, शरीर पर चोट के निशान नहीं
संभल जिले में एक ग्रामीण का शव गांव के बाहर सड़क किनारे संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक साइकिल से एलपीजी गैस सिलेंडर लेकर घर लौट रहा था। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मौत के कारणों की जांच शुरू कर दी है। यह घटना संभल जनपद की तहसील गुन्नौर के थाना रजपुरा क्षेत्र के बबराला रोड स्थित गांव सिहावली के पास हुई। मृतक की पहचान सिहावली निवासी 51 वर्षीय ओमप्रकाश पुत्र पुन्नी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, गुरुवार शाम करीब 4 बजे ओमप्रकाश एलपीजी गैस सिलेंडर लेने गए थे। लगभग एक घंटे बाद घर लौटते समय वह गांव के बाहर मृत अवस्था में पड़े मिले। उनके शरीर पर कोई चोट के निशान नहीं थे, जिससे परिवार और पुलिस दोनों हैरान हैं, क्योंकि उनकी तबीयत भी खराब नहीं थी। अचानक हुई इस मौत से परिवार में मातम पसरा है। पुलिस बुजुर्ग ओमप्रकाश को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रजपुरा ले गई, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों ने बताया कि उनकी मौत काफी समय पहले हो चुकी थी। परिजनों ने पुलिस को बताया कि राहगीरों ने उन्हें देखकर सूचना दी थी। थाना प्रभारी संदीप चौधरी ने बताया कि मौत का सही कारण जानने के लिए शव को परिजनों की मांग पर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
रियाणा के पूर्व मुख्यमंत्री स्वर्गीय चौधरी भजनलाल और पूर्व उपमुख्यमंत्री चंद्रमोहन के खिलाफ कथित विवादित टिप्पणी करना भाजपा की राज्यसभा सांसद रेखा शर्मा को भारी पड़ रहा है। बिश्नोई समाज और कुलदीप बिश्नोई के समर्थकों ने सांसद के खिलाफ आदमपुर थाने में औपचारिक शिकायत दर्ज कराई है। समाज का आरोप है कि सांसद ने जानबूझकर राजनीतिक द्वेष के चलते अपमानजनक बयानबाजी की है। इससे उनकी भावानाओं को ठेंस पहुंची है। उन्होंने सांसद के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। आदमपुर थाना पुलिस को दी गई शिकायत में बिश्नोई समाज ने सांसद के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। इसने हरियाणा की राजनीति में एक नई बहस छेड़ दी है, क्योंकि कुलदीप बिश्नोई और रेखा शर्मा दोनों ही सत्ताधारी भाजपा से जुड़े हुए हैं। अब देखना यह है कि प्रशासन इस मामले में क्या रुख अपनाता है और भाजपा नेतृत्व इस अंदरूनी खींचतान को कैसे संभालता है। क्या था विवादित बयान, जिससे बढ़ा विवाद शिकायतकर्ताओं के अनुसार, 24 अप्रैल को पंचकूला में नगर निगम चुनाव के दौरान आयोजित एक जनसभा में सांसद रेखा शर्मा ने चौधरी भजनलाल और चंद्रमोहन पर गंभीर आरोप लगाए थे। उन्होंने कथित तौर पर कहा था कि ये नेता बदमाशी करके चुनाव जीतते रहे हैं। इस बयान के वायरल होने के बाद से ही बिश्नोई समाज और भजनलाल परिवार के समर्थकों में गहरी नाराजगी है। माफी की डेडलाइन खत्म, अब कानूनी लड़ाई मामले को लेकर हिसार में बिश्नोई सभा की एक विशेष पंचायत आयोजित की गई थी। पंचायत ने रेखा शर्मा को अपनी टिप्पणी के लिए सार्वजनिक रूप से माफी मांगने के लिए 5 दिन का समय दिया था। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि समय सीमा समाप्त होने के बावजूद सांसद की ओर से कोई स्पष्टीकरण या माफी नहीं आई, जिसके बाद अब कानूनी कार्रवाई का रास्ता अपनाया गया है। धार्मिक और सामाजिक भावनाओं को ठेस पहुँचाने का आरोप शिकायत में उल्लेख किया गया है कि चौधरी भजनलाल केवल एक राजनीतिक नेता नहीं, बल्कि 36 बिरादरी के सम्मानित जननायक रहे हैं। समाज के लोगों ने कहा उनके खिलाफ ऐसी टिप्पणी करना करोड़ों समर्थकों की राजनीतिक और सामाजिक भावनाओं को आहत करने वाला है। मर्यादा का उल्लंघन: बिश्नोई समाज के 21 नियमों के अनुसार किसी की निंदा करना धर्म विरुद्ध है, इसलिए सांसद का बयान मर्यादा के खिलाफ है। आरोप लगाया गया है कि सांसद ने अपनी राजनीतिक जमीन मजबूत करने के लिए ऐसे बेबुनियाद बयान दिए हैं।
इंडियन डेंटल एसोसिएशन गोरखपुर ब्रांच की ओर से गुरुवार को मजदूर दिवस के अवसर पर मजदूरों के लिए ओरल स्क्रीनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। जिसमें लगभग 600 मजदूरों का फ्री डेंटल चेकअप किया गया और जरूरत की दवाइयां दी गईं। इस अवसर पर डॉक्टरों ने दांतों की साफ-सफाई करने के तरीके बताएं और हेल्दी टीथ के जरुरी टिप्स दिए। वहीं गर्मी को देखते हुए उन्हें ORS भी दिया गया। इस कार्यक्रम में प्रमुख रूप से ब्रांच के अध्यक्ष डॉ. अनुराग श्रीवास्तव, सेक्रेटरी डॉक्टर ए एन शर्मा, वीमेन सेल की चेयरपर्सन डॉ. प्रियंका वर्मा, को-चेयरपर्सन डॉ. अंकित जायसवाल के साथ-साथ ब्रांच के पदाधिकारी डॉक्टर शुभम श्रीवास्तव, डॉक्टर सुगंध श्रीवास्तव डॉ. शिव आशीष गुप्ता डॉक्टर स्नेहा गुप्ता डॉक्टर अरविंद यादव उपस्थित रहे।
राजगढ़ जिले में गुरुवार को मौसम ने अचानक करवट ली। दिनभर 40.5 डिग्री की झुलसाती गर्मी झेलने के बाद शाम होते-होते तेज धूलभरी आंधी और तूफान ने हालात बदल दिए। करीब 5 बजे आसमान में काले बादल छाने लगे और कुछ ही देर में तेज हवाओं का दौर शुरू हो गया। करीब 5:30 बजे के आसपास खिलचीपुर, राजगढ़, नरसिंहगढ़ और जीरापुर क्षेत्रों में तेज आंधी-तूफान के साथ धूलभरी हवाएं चलने लगीं। करीब आधे घंटे तक चली इस आंधी ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया। सड़कों पर धूल का गुबार छा गया, पेड़ जोर-जोर से हिलते नजर आए और कई जगह उनकी डालियां टूटकर गिर गईं। मेला ग्राउंड में टेंट गिरा, लोगों ने संभाला ढांचा खिलचीपुर नगर के बड़े मेला ग्राउंड में सौंधिया समाज के सम्मेलन के लिए लगाया गया टेंट तेज हवा के कारण गिर गया। मौके पर मौजूद सम्मेलन समिति के लोग बड़े पांडाल के लोहे के पाइपों को गिरने से बचाने के लिए पकड़कर खड़े नजर आए, ताकि बाकी ढांचा सुरक्षित रह सके। वहीं नगर के बस स्टैंड के पास फूल माली समाज का सम्मेलन प्रस्तावित है। यहां आयोजन समिति ने आंधी के दौरान एहतियात बरतते हुए तंबू के अंदर लगे पार्टिशन पर्दों को खोल दिया, ताकि हवा का दबाव कम किया जा सके और टेंट को नुकसान से बचाया जा सके। पेड़ों की टहनियां गिरीं आंधी के दौरान तेज हवाओं की रफ्तार का अंदाजा इसी से लगाया जा सकता है कि सड़क किनारे पड़ी पॉलिथीन और हल्का सामान हवा में उड़ता नजर आया। कई जगह पेड़ों की डालियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं। हालांकि, इस दौरान किसी के हताहत होने की सूचना नहीं मिली है। मौसम विभाग के अनुसार, जिले में गुरुवार को न्यूनतम तापमान 23.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। दिनभर की भीषण गर्मी के बाद आई इस आंधी ने लोगों को राहत तो दी, लेकिन अचानक बदले मौसम ने सतर्क रहने की जरूरत भी बता दी।
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र के जपेली गांव में एक 20 वर्षीय युवक का शव संदिग्ध परिस्थितियों में पेड़ से लटका मिला। युवक बुधवार रात एक शादी समारोह में शामिल होने गया था। गुरुवार दोपहर ग्रामीणों ने शव देखा, जिसके बाद पुलिस को सूचना दी गई। मृतक की पहचान जपेली निवासी उदय महंत (20) के रूप में हुई है, जो पेशे से ड्राइवर था। परिजनों के अनुसार, उदय महंत बुधवार रात गांव में ही एक शादी कार्यक्रम में गया था। देर रात तक घर नहीं लौटने पर परिवार ने उसकी तलाश शुरू की। रातभर खोजबीन के बाद भी उसका पता नहीं चला। गुरुवार दोपहर जब ग्रामीण खेत की ओर गए, तो उन्हें गांव से लगे एक पेड़ पर गमछे से लटका हुआ युवक का शव दिखाई दिया। शव पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेजा ग्रामीणों की सूचना पर उरगा पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाया और पंचनामा की कार्रवाई की। तलाशी के दौरान मृतक की जेब से एक मोबाइल फोन, बीड़ी, सिगरेट और माचिस बरामद हुई। शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया है। जांच में जुटी है पुलिस उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और परिजनों के बयान दर्ज किए गए हैं। यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, लेकिन मौत का वास्तविक कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस आत्महत्या और हत्या सहित सभी संभावित पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। पुलिस ने मर्ग कायम कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
नरसिंह जयंती के मौके पर इंदौर के नरसिंह मंदिर में भव्य आयोजन हुआ। यहां सुबह प्रभातफेरी निकाली गई, वहीं शाम को शोभायात्रा का आयोजन हुआ। पूरा क्षेत्र जय नरसिंह के जयकारों से गूंज उठा। बड़ी संख्या में भक्त यहां भगवान के दर्शन करने पहुंचे, जिन्होंने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद भी किया। मंदिर में सुबह विद्वान ब्राह्मणों ने दूध-दही, शहद सहित पंचामृत आदि से अभिषेक किया। भक्तों ने आचार्य मोहित शर्मा के सान्निध्य में अभिषेक का लाभ लिया। सुबह प्रभातफेरी निकाली गई, जो विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। शाम को डाकन, मारकंडा, गरुड़ जी, ब्रह्मा, विष्णु, गणेश जी आदि देवी-देवताओं की सवारी निकली। इसके बाद महाराजा हिरण्यकश्यप की सवारी निकली और फिर भगवान नरसिंह के दिव्य स्वरूप के दर्शन भक्तों को हुए। भगवान नरसिंह खंभा फाड़कर प्रकट हुए। इस अद्भुत नजारे को देखने के लिए बड़ी संख्या में भक्त पहुंचे। मंदिर परिसर में फूल बंगला सजाया गया, जिसमें भगवान के दिव्य दर्शन हुए। मंदिर के पुजारी पंडित छोटेलाल शर्मा ने बताया कि नरसिंह जयंती के मौके पर मंदिर परिसर में आकर्षक सजावट के साथ ही लाइटिंग भी की गई थी। दूर-दूर से भक्त यहां दर्शन करने पहुंचे। यह सिलसिला देर रात तक जारी रहेगा। भक्तों की सुविधा के लिए उचित व्यवस्था की गई है।
छत्तीसगढ़ शासन के स्कूल शिक्षा विभाग एवं लोक शिक्षण संचालनालय के निर्देशानुसार कक्षा 5वीं और 8वीं की केंद्रीकृत परीक्षा वर्ष 2026 का परिणाम गुरुवार को जारी कर दिया गया। परिणाम की घोषणा दोपहर 12 बजे की गई। शिक्षा विभाग द्वारा जारी निर्देश के अनुसार विद्यार्थी अपना परीक्षा परिणाम संबंधित विद्यालय से प्राप्त कर सकते हैं। शिक्षा विभाग के अधिकारियों ने बताया कि परीक्षा परिणाम तैयार करने की प्रक्रिया पूरी पारदर्शिता के साथ संपन्न की गई है। विद्यार्थियों को सलाह दी गई है कि वे किसी भी प्रकार की त्रुटि होने पर अपने स्कूल प्रबंधन से संपर्क करें। फेल होने पर पूरक परीक्षा का मौका मिलेगा, लेकिन अगली कक्षा में प्रवेश मिल जाएगा। मूल्यांकन 15 अप्रैल तक पूरा हुआ था। यह पहला या शुरुआती वर्ष है, जब 5वीं-8वीं की बोर्ड पैटर्न वाली केंद्रीकृत परीक्षाएं पूर्ण रूप से लागू हुईं (कैबिनेट फैसले के बाद)।
छत्तीसगढ़ के परिवहन विभाग में बड़ा बदलाव किया गया है। गुरुवार देर शाम मंत्रालय महानदी भवन से 20 जिलों के आरटीओ अफसरों के तबादले के आदेश जारी किए गए हैं। जारी आदेश के अनुसार, विवेक सिन्हा (RTO) को कोरबा/पेंड्रा से ट्रांसफर कर जांजगीर-चांपा का जिला परिवहन अधिकारी बनाया गया है। वहीं धमतरी के एआरटीओ अब्दुल मुजाहिद, कांकेर के एआरटीओ ऋषभ नायडू और बलौदाबाजार के चुन्नुलाल देवांगन को परिवहन मुख्यालय, नवा रायपुर भेजा गया है। यहां देखिए ट्रांसफर की लिस्ट
लखनऊ विकास प्राधिकरण (एलडीए) ने गुरुवार को शहर के अलग-अलग इलाकों में अवैध निर्माण के खिलाफ सख्त अभियान चलाया। बीकेटी क्षेत्र में करीब 25 बीघा जमीन पर की जा रही 5 अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया, जबकि शहर के चार इलाकों में 5 अवैध निर्माणों को सील किया। प्रवर्तन जोन-5 की जोनल अधिकारी वंदना पांडेय के मुताबिक, बीकेटी के ग्राम डिगोई, भैसामऊ और मामपुर बाना में कार्रवाई की गई। यहां कन्हैया, धीरेन्द्र प्रताप सिंह, इरफान, शमशुद्दीन और संतोष कुमार शुक्ला समेत अन्य लोगों द्वारा अवैध रूप से प्लाटिंग की जा रही थी। एलडीए की टीम ने मौके पर पहुंचकर इन सभी अवैध प्लाटिंग को ध्वस्त कर दिया। इंदिरा नगर-चिनहट में रो-हाउस सील इंदिरा नगर के तकरोही और चिनहट के गणेशपुर रहमानपुर में अभिषेक गुप्ता, संग्राम यादव व अन्य द्वारा बनाए जा रहे रो-हाउस भवनों को भी सील कर दिया। ये निर्माण बिना मानचित्र स्वीकृति के कराए जा रहे थे। वजीरगंज-कैसरबाग में भी कार्रवाई प्रवर्तन जोन-6 के जोनल अधिकारी प्रभाकर सिंह ने बताया कि वजीरगंज में हाथी पार्क के सामने 160 वर्गमीटर के भूखंड पर बन रहे आवासीय भवन और कैसरबाग के नजीराबाद रोड पर 100 वर्गमीटर में बन रहे व्यावसायिक भवन को भी सील कर दिया गया। दोनों ही निर्माण बिना एलडीए की मंजूरी के किए जा रहे थे।
अयोध्या में लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के निर्माण खंड-चार में बड़ा घोटाला सामने आया है। यहां बंधक रखी गई करीब 17 लाख रुपए की धरोहर राशि जालसाजी के जरिए निकाल ली गई। मामले में कोतवाली नगर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। कैशियर संतोष कुमार की तहरीर के अनुसार, मेसर्स मीरा एसोसिएट बिल्डर्स एंड ट्रेडर्स, मजनावां ने सड़क निर्माण कार्य के लिए 11.84 लाख और 5.92 लाख रुपए की दो एफडीआर जमा की थीं। ये अधीक्षण अभियंता, अयोध्या-अंबेडकरनगर वृत्त के नाम बंधक थीं। 20 फरवरी को ले गया एफडीआर, फिर खेल कर गया आरोप है कि 20 फरवरी को करुणाकर पाण्डेय उर्फ बब्बू पाण्डेय निवासी कुडौली, मजनांवा दोनों एफडीआर अपने साथ ले गया। इसके बाद अधिशासी अभियंता की फर्जी मोहर, हस्ताक्षर और पत्रांक बनाकर बैंक से पूरी रकम निकलवा ली। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ धोखाधड़ी समेत अन्य धाराओं में केस दर्ज कर लिया है। अब बैंक रिकॉर्ड और विभागीय दस्तावेजों की जांच की जा रही है, ताकि फर्जीवाड़े की पूरी कड़ी सामने आ सके।
कानपुर में स्मार्ट मीटर और बिजली संकट को लेकर समाजवादी पार्टी ने गुरुवार को केस्को मुख्यालय पहुंच कर विरोध जताया। सपा नेताओं ने केस्को एमडी से मुलाकात कर ज्ञापन सौंपा और शहर में बिजली की समस्याओं के समाधान की मांग की। सपा नेताओं का आरोप है कि स्मार्ट मीटर के नाम पर जनता से अवैध वसूली की जा रही है। उनका कहना है कि मीटर की तेज रीडिंग और बार-बार रिचार्ज खत्म होने की समस्या ने आम लोगों, खासकर गरीब वर्ग की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। प्रीपेड मीटर रिचार्ज कराने के बाद भी कई बार बिजली काट दी जाती है, इससे जनता परेशान है। पार्टी ने स्मार्ट सिटी परियोजना पर भी सवाल उठाए। नेताओं ने कहा कि हजारो करोड़ रुपये खर्च होने के बावजूद जमीनी स्तर पर कोई खास सुधार नजर नहीं आ रहा, केवल दिखावा किया गया है।बढ़ती गर्मी के बीच बिजली कटौती को लेकर भी सपा ने चिंता जताई। सपा जिलाध्यक्ष फजल महमूद ने कहा कि रात के समय कई घंटे की अघोषित बिजली कटौती कर दी जाती है, जिससे शहरवासी परेशान हैं। फजल महमूद ने बताया कि बातचीत के बाद केस्को एमडी ने समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया, लेकिन सपा नेताओं ने कहा कि अगर जनता की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो सड़क पर आंदोलन किया जायेगा।
पाली के प्राचीन सोमनाथ और गोपीनाथ मंदिर में 151 सालों से भगवान नृसिंह का अवतरण दिवस मनाने की परंपरा गुरुवार को भी निभाई गई। नृसिंह जयंती महोत्सव के मौके पर नृसिंह अवतार के बाद मलूका मेला आयोजित किया गया। इसमें काले कपड़े पहन मलूका(हिरण्यकश्यप) बने युवक ने शहरवासियों पर सोटे बरसाए। युवा बचने के लिए इधर-उधर भागते दिखाई दिए। मेले को देखने आए सैकड़ों शहरवासियों ने इस नजारे को अपने मोबाइल में कैद किया। दरअसल, जिले के प्राचीन सोमनाथ मंदिर और गोपीनाथ मंदिर में नृसिंह जयंती महोत्सव का आयोजन किया गया। इसके बाद मलूका मेला भी आयोजित किया गया। इस मौके पर मलूका ने लोगों पर सोटे से वार किए, तो बचने के लिए शहरवासियों ने उसे रुपए भी दिए। आयोजकों ने बताया कि करीब 151 सालों से इस परंपरा को निभाया जा रहा है। आयोजन में शामिल होने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी पहुंचे और भगवान के जयकारे भी लगाए। 151 साल से चली आ रही परंपरासोमनाथ मंदिर के पुजारी ललित दवे ने बताया- प्राचीन सोमनाथ मंदिर में 151 सालों से भगवान नृसिंह का अवतरण दिवस मनाया जा रहा है। हिरण्यकश्यप रूपी मलुका के अत्याचारों का स्वांग शुरू होगा। मलूका के वेश धरे युवा मंदिर के बाहर प्रदर्शन करते है। सूर्यास्त से पूर्व भगवान सोमनाथ की महाआरती होती है। इसके बाद ठीक सूर्यास्त के समय मंदिर के गर्भगृह से भगवान नृसिंह के अवतरण, भक्त प्रहलाद को बचाने और हिरण्यकश्यप रूपी मलूका के मर्दन(मारने) की जीवंत झांकी का प्रदर्शन किया जाता है। उन्होंने बताया- भक्त प्रहलाद को बचाने के लिए और ब्रह्मदेव से मिले वरदान के अभिमान में अत्याचारों की पराकाष्ठा पर उतर आए। दैत्यराज हिरण्यकश्यप के वध के लिए भगवान विष्णु ने नृसिंह अवतार धारण किया था। नरसिंह जयंती के अवसर पर सोमनाथ मंदिर में इसी प्रसंग को जीवंत किया जाता है। भगवान नरसिंह द्वारा दैत्यराज हिरण्यकश्यप रूपी मलूका के मर्दन की जीवंत झांकी का प्रदर्शन किया गया।
जशपुर जिले में शिक्षा और प्रतिभा को बढ़ावा देने के उद्देश्य से जशपुर पुलिस ने पुलिस अधीक्षक कार्यालय में सम्मान समारोह आयोजित किया। कार्यक्रम में प्रदेश की प्राविण्य सूची (टॉप-10) में स्थान पाने वाले विद्यार्थियों के साथ पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों के मेधावी बच्चों को सम्मानित किया गया। समारोह में पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने विद्यार्थियों को सम्मान पत्र और मेमेंटो देकर सम्मानित किया। वहीं अभिभावकों को शॉल और श्रीफल भेंट कर उनका भी सम्मान किया गया। विद्यार्थियों से की सीधी बातचीत एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने विद्यार्थियों और उनके माता-पिता से व्यक्तिगत चर्चा की। उन्होंने करियर चयन, प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी और लक्ष्य तय करने जैसे विषयों पर मार्गदर्शन दिया। उन्होंने कहा कि सफलता के लिए अनुशासन, कड़ी मेहनत, सही दिशा में लगातार प्रयास, आत्मविश्वास और धैर्य जरूरी है। कक्षा 12वीं में प्रदेश मेरिट लिस्ट में शामिल विद्यार्थी कक्षा 10वीं में प्रदेश मेरिट लिस्ट में शामिल विद्यार्थी पुलिस कर्मियों के मेधावी बच्चों को भी सम्मान कक्षा 10वीं (CGBSE) कक्षा 12वीं (CGBSE) अधिकारी और अभिभावक रहे मौजूद कार्यक्रम में अपर कलेक्टर प्रदीप साहू, एएसपी राकेश पटनवार, रक्षित निरीक्षक अमरजीत खुंटे, रीडर मुकेश झा, पत्रकारगण और विद्यार्थियों के परिजन मौजूद रहे। सभी ने छात्रों की उपलब्धियों की सराहना की। आगे भी होंगे ऐसे कार्यक्रम अंत में एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि जशपुर पुलिस विद्यार्थियों को लगातार प्रेरित करती रहेगी और भविष्य में भी ऐसे प्रोत्साहन कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि जिले के युवा शिक्षा के क्षेत्र में नई ऊंचाइयां छू सकें।
मध्य प्रदेश हाईकोर्ट की ग्वालियर बेंच में एक अनोखा मामला सामने आया, जिसने कोर्ट रूम से लेकर आम लोगों तक को चौंका दिया। अपहरण के आरोप से शुरू हुआ मामला सुनवाई के दौरान एक पारिवारिक विवाद में बदल गया, जिसमें दो सगी बहनों ने अपने पतियों की अदला-बदली की इच्छा जाहिर कर दी। मामले की शुरुआत दतिया निवासी गिरिजा शंकर द्वारा दायर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका से हुई। याचिका में आरोप लगाया गया कि मायाराम नामक व्यक्ति ने उसकी पत्नी और बेटी को बंधक बना रखा है। इस पर हाईकोर्ट ने पुलिस को महिला को पेश करने के निर्देश दिए। सुनवाई के दौरान महिला को कोर्ट में पेश किया गया तो पूरे मामले ने मोड़ ले लिया। महिला ने कहा कि उसका अपहरण नहीं हुआ है, बल्कि वह अपनी मर्जी से मायाराम के साथ रह रही है, जो उसका सगा दामाद (छोटी बहन का पति) है। वह अपने पति से अलग होने के लिए पहले ही तलाक की अर्जी दाखिल कर चुकी है। छोटी बहन ने जीजा के साथ रहने पर दी सहमति मामले में तब और चौंकाने वाला मोड़ आया जब मायाराम की पत्नी ने आपत्ति नहीं जताई। उल्टा उसने कोर्ट में कहा कि अगर बड़ी बहन उसके पति के साथ रहना चाहती है, तो उसे कोई आपत्ति नहीं है। उसने भी अपने जीजा (बड़ी बहन के पति) के साथ रहने की इच्छा जाहिर कर दी। दोनों बहनों ने कहा- वैवाहिक जीवन से संतुष्ट नहीं दोनों बहनों ने अदालत के सामने कहा कि वे अपने वर्तमान वैवाहिक जीवन से संतुष्ट नहीं हैं। आपसी सहमति से एक-दूसरे के पति के साथ नया जीवन शुरू करना चाहती हैं। खास बात यह है कि दोनों महिलाओं के बच्चे भी हैं। हाईकोर्ट ने कहा- बालिग महिलाओं की सहमति, अपहरण का मामला नहीं पूरे घटनाक्रम को देखते हुए हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि चूंकि दोनों महिलाएं बालिग हैं और अपनी इच्छा से निर्णय ले रही हैं, इसलिए इसे अपहरण का मामला नहीं माना जा सकता। अदालत ने कहा कि यह परिवार के भीतर का आपसी विवाद है, न कि आपराधिक मामला। इसी आधार पर बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका को खारिज कर दिया गया। सरकारी पक्ष की ओर से एडिशनल गवर्नमेंट एडवोकेट डीके शर्मा ने बताया कि महिला ने कोर्ट में साफ कहा कि वह स्वेच्छा से अपने बहनोई के साथ रह रही है और आगे भी वहीं रहना चाहती है।
सीएम फ्लाइंग (CM Flying) की टीम ने स्वास्थ्य विभाग और स्थानीय पुलिस के साथ मिलकर भाटिया कॉलोनी में चल रहे एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र का पर्दाफाश किया है। यह केंद्र बिना किसी लाइसेंस के 'योग एवं मेडिटेशन सेंटर' के नाम पर अवैध रूप से संचालित किया जा रहा था। यहां दवाओं के नाम पर मोटी वसूली हो रही थी। पुलिस ने संचालक को गिरफ्तार कर लिया है। सीएम फ्लाइंग के इंस्पेक्टर भगत सिंह को सूचना मिली थी कि भाटिया कॉलोनी स्थित फौजी कैंटीन के पास एक अवैध नशा मुक्ति केंद्र चलाया जा रहा है। सूचना मिलते ही सीएम फ्लाइंग, स्वास्थ्य विभाग के मेडिकल ऑफिसर डॉ. राकेश, जिला समाज कल्याण विभाग और बडोली के बीडीपीओ नरेश कुमार की एक संयुक्त टीम गठित कर केंद्र पर छापेमारी की गई। न तो लासेंस था न हीं सुविधाएं छापेमारी के दौरान बल्लभगढ़ के बुखारपुर निवासी गुरवेंद्र केंद्र पर संचालक के रूप में मौजूद मिला। जब टीम ने उससे केंद्र चलाने से संबंधित वैध दस्तावेज या लाइसेंस मांगा, तो वह कोई भी कागजात पेश नहीं कर सका। जांच में सामने आया कि केंद्र पूरी तरह गैर-कानूनी तरीके से चलाया जा रहा था। यहां पर मानक के अनुसार किसी प्रकार की सुविधा नहीं थी। नशा छुड़ाने के नाम पर वसूली और मिलीं अंग्रेजी दवाइयां केंद्र में कुल 24 व्यक्ति भर्ती मिले। पूछताछ में मरीजों ने बताया कि उन्हें 160 दिनों तक रखने का वादा किया गया था और इसके बदले उनसे 4 से 5 हजार रुपये प्रतिमाह फीस वसूली जा रही थी। टीम को वहां से भारी मात्रा में दर्द निवारक अंग्रेजी दवाइयां और एंटीसेप्टिक सॉल्यूशन बरामद हुए हैं, जिन्हें कब्जे में लेकर सील कर दिया गया है। 84 मरीजों की फाइलें बरामद तलाशी के दौरान केंद्र के कार्यालय से 84 मरीजों की फाइलें और उनके परिजनों के सहमति पत्र भी बरामद हुए हैं। इससे स्पष्ट होता है कि यहां बड़े पैमाने पर अवैध गतिविधि चल रही थी। कैंप थाना पुलिस ने डॉ. राकेश की शिकायत पर आरोपी गुरवेंद्र के खिलाफ विभिन्न कानूनी धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
झाबुआ जिला प्रशासन ने अवैध खनिज उत्खनन और परिवहन करते 7 ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को जब्त किया है। कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की टीम ने यह कार्रवाई की। जब्त किए गए वाहनों में रेत और गिट्टी का अवैध परिवहन किया जा रहा था। खनिज विभाग ने घेराबंदी कर पकड़े वाहन जिला खनिज अधिकारी जेएस भिड़े ने बताया कि खनिज अमले ने औचक निरीक्षण के दौरान अवैध रूप से खनिज ले जा रहे वाहनों को रोका। जांच में 5 ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध रेत और 2 ट्रैक्टर-ट्रॉली गिट्टी से भरी पाई गईं। वाहन चालक परिवहन से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके, जिसके बाद वाहनों को जब्त कर लिया गया। अवैध खनन नियमों के तहत केस खनिज विभाग ने संबंधित वाहन चालकों और मालिकों पर 'मध्यप्रदेश अवैध खनन, परिवहन तथा भण्डारण निवारण नियम 2022' की धारा 19 में केस दर्ज किया है। नियमानुसार कार्रवाई करते हुए इन सभी मामलों को अर्थदंड लगाने के लिए अपर कलेक्टर को भेजा है। जिले में खनिज परिवहन पर रहेगी निगरानी अधिकारियों ने बताया कि जिले में अवैध उत्खनन और परिवहन को रोकने विभाग निरंतर निगरानी कर रहा है। नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहनों पर आगे भी इसी तरह की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ प्रशासन के चीफ सेक्रेटरी एच. राजेश प्रसाद ने सभी विभागों के सचिवों के साथ रिव्यू मीटिंग की। बैठक में शहर के विकास प्रोजेक्ट्स, खाली पड़े सरकारी मकान, भर्ती प्रक्रिया और बजट लैप्स होने से बचाने को लेकर चर्चा हुई। मीटिंग में तय हुआ कि सेक्टर-34 में आयुष अस्पताल को जल्द शुरू किया जाएगा। वहीं चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड एक हफ्ते के भीतर 79 कमर्शियल बूथ की लीजहोल्ड आधार पर नीलामी करेगा। इसके अलावा 14 रिहायशी यूनिट्स की फ्रीहोल्ड आधार पर भी नीलामी की जाएगी। बैठक में होम सेक्रेटरी मंदीप सिंह बराड़, फाइनेंस सेक्रेटरी दिप्रवा लाकड़ा, इंजीनियरिंग सेक्रेटरी प्रेरणा पुरी, डिप्टी कमिश्नर निशांत यादव, CHB के CEO डी. कार्तिकेयन समेत कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। अब मीटिंग में हुए फैसलों को 6 प्वाइंट में जानिए - 1. खाली पद भरेंगे, डीपीसी कर प्रमोशन होगी चीफ सेक्रेटरी ने सभी विभागों को कहा कि प्रमोशन वाले पद जल्द भरे जाएं। इसके लिए विभागीय प्रमोशन कमेटी (DPC) की बैठकें जल्दी कराने के निर्देश दिए गए। साथ ही खाली पदों पर भर्ती प्रक्रिया भी तेज करने को कहा गया। 2. फंड लैप्स होने से रोका जाए बैठक में इंजीनियरिंग विभाग को अलग से निर्देश दिए गए कि विभिन्न प्रोजेक्ट्स की टेंडर प्रक्रिया तय समय में पूरी की जाए। चीफ सेक्रेटरी ने कहा कि विभागों को मिला बजट समय पर और सही तरीके से खर्च होना चाहिए ताकि वित्त वर्ष के आखिर में फंड लैप्स न हो। 3. खाली पड़े सरकारी मकान रेनोवेट होंगे मीटिंग में यह भी सामने आया कि शहर में कई सरकारी मकान लंबे समय से खाली पड़े हैं और उनकी हालत खराब हो चुकी है। इस पर चीफ सेक्रेटरी ने इंजीनियरिंग विभाग को ऐसे मकानों की पूरी सूची तैयार करने और उनके बेहतर इस्तेमाल की योजना बनाने को कहा। 4. आयुष अस्पताल जल्द होगा शुरू चीफ सेक्रेटरी ने आयुष विभाग को सेक्टर-34 स्थित आयुष अस्पताल को जल्द चालू करने के निर्देश भी दिए। प्रशासन चाहता है कि लोगों को जल्द से जल्द वहां स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें। 5. बोर्ड और सोसायटी के खातों की नियमित मॉनिटरिंग होगी बैठक में यह भी तय हुआ कि प्रशासन के अधीन आने वाले बोर्ड, कॉरपोरेशन और सोसायटी के खातों की नियमित निगरानी की जाएगी। साथ ही बोर्ड ऑफ गवर्नर्स की बैठकें तय नियमों के मुताबिक कराने और सालाना रिपोर्ट समय पर जमा करने के निर्देश दिए गए। 6. हफ्ते में 79 कमर्शियल बूथ की नीलामी चंडीगढ़ हाउसिंग बोर्ड (CHB) के सचिव ने जानकारी दी कि एक हफ्ते के भीतर 79 कमर्शियल बूथ की लीजहोल्ड आधार पर नीलामी की जाएगी। इसके अलावा 14 रिहायशी यूनिट्स की फ्रीहोल्ड आधार पर भी नीलामी होगी।
आगर मालवा जिले में सरकारी गेहूं खरीदी में अनियमितता का मामला सामने आया है। गुरुवार को ग्राम खजुरी में कार्यपालक मजिस्ट्रेट अरुण चंद्रवंशी ने एक कथित अवैध खरीदी केंद्र पर छापा मारा। यहां गायत्री स्व सहायता समूह द्वारा नियमों का उल्लंघन कर एक निजी मकान के बाहर गेहूं खरीदा जा रहा था। छापेमारी के दौरान मौके से 500 से अधिक सरकारी गेहूं से भरे बोरे और 250 से ज्यादा खाली सरकारी बारदान बरामद हुए। इसके अतिरिक्त, 3 से 4 ट्रैक्टर गेहूं से लदे हुए मिले, जो बड़े पैमाने पर खरीदी का संकेत देते हैं। प्रारंभिक जांच में यह भी सामने आया कि समूह के पास खजुरी में गेहूं खरीदी की कोई वैध अनुमति नहीं थी। जानकारी के मुताबिक, संबंधित संस्था को सुसनेर में गेहूं खरीदी की अनुमति मिली थी। लेकिन, सुसनेर में स्लॉट बुक कराकर लगभग 7 किलोमीटर दूर खजुरी में एक समानांतर केंद्र चलाया जा रहा था। यह भी पता चला है कि सुसनेर के निजी वेयरहाउस में कम खरीदी दिखाकर प्रशासन को गुमराह करने की कोशिश की जा रही थी। इस केंद्र पर गेहूं की गुणवत्ता जांच बिना किसी अधिकृत सर्वेयर के किसके द्वारा की जा रही थी, यह भी जांच का विषय है। इसके साथ ही, जिन किसानों ने यहां गेहूं बेचा है, उनके भुगतान और खरीदे गए गेहूं के आगे के उपयोग को लेकर भी अनिश्चितता बनी हुई है। इस मामले में जिला खाद्य अधिकारी एमएल मालवीय ने बताया कि संबंधित संस्था सुसनेर वेयरहाउस से संबद्ध है। उन्होंने स्पष्ट किया कि वेयरहाउस भर जाने के बाद समिति स्तर पर खरीदी की प्रक्रिया जारी रहती है। मालवीय ने दावा किया कि यह कार्य शासन की नीति के तहत किया जा रहा है और किसानों के भुगतान में कोई समस्या नहीं आएगी। फिलहाल, कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी की जांच रिपोर्ट का इंतजार है। प्रशासन ने यह भी स्पष्ट किया है कि यदि किसी प्रकार की अनियमितता या नीति का उल्लंघन पाया जाता है, तो संबंधित व्यक्तियों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
अमेठी में बुधवार दोपहर आए आंधी-तूफान से दो लोगों की मौत हो गई। जिला प्रशासन ने इस घटना पर त्वरित कार्रवाई करते हुए 24 घंटे के भीतर प्रभावित परिवारों को आर्थिक सहायता प्रदान करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। जिलाधिकारी संजय चौहान के निर्देश पर जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय राहत कार्य में जुटा है। जानकारी के अनुसार, तहसील गौरीगंज क्षेत्र में मृतक अंबिका प्रसाद की पत्नी को नियमानुसार चार लाख रुपये की आर्थिक सहायता सीधे उनके खाते में अंतरित कर दी गई है। वहीं, तहसील तिलोई क्षेत्र में मृतक मोहित पुत्र गिरजा शंकर के मामले में परिजनों द्वारा शुरुआत में पोस्टमार्टम न कराए जाने और बाद में सहमति देने में देरी के कारण प्रक्रिया में विलंब हुआ। पोस्टमार्टम की कार्रवाई देर शाम लगभग 5 बजे तक चली। पोस्टमार्टम के तत्काल बाद भुगतान की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी गई। इस कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के लिए जिला आपदा प्रबंधन कार्यालय और कोषागार विभाग देर रात तक खुले रहे, ताकि सहायता राशि का भुगतान शीघ्र सुनिश्चित किया जा सके। मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुरूप, सभी प्रभावितों को 24 घंटे के भीतर आर्थिक सहायता उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्धता के साथ कार्य किया जा रहा है। इसके तहत नियमानुसार सभी पीड़ितों को सहायता प्रदान कर दी गई है।
गुरुवार को CISCE की ओर से क्लास 10th और 12th का रिजल्ट जारी किया। जिसमें गोरखपुर के तमाम स्टूडेंट्स ने शानदार प्रदर्शन किया। इसी बीच सेंट पॉल्स स्कूल में 12th के ऐश्वर्य श्रीवास्तव ने 97.75 परसेंट और क्लास 10th की गरिमा तिवारी ने 97.80 परसेंट के साथ स्कूल टॉप किया। इसके साथ ही लगभग 15 स्टूडेंट्स ने 90 परसेंट से अधिक मार्क्स लाकर शानदार सफलता हासिल की है। जिससे शहर भर में स्कूल का नाम और ऊंचा हुआ है। रिजल्ट आने के बाद पैरेंट्स, टीचर्स और बच्चों में खुशियों का माहौल है। स्कूल प्रशासन की ओर से सभी टॉपर्स का धूमधाम से स्वागत किया गया। मिठाई खिलाकर उन्हें बधाईयां दी गई। क्लास 12th के टॉप 10 सेंट पॉल्स स्कूल के ऐश्वर्य श्रीवास्तव ने साइंस स्ट्रीम से 97.75 परसेंट हासिल कर स्कूल टॉप किया। जबकि ह्यूमैनिटीज स्ट्रीम की आयुषी श्रीवास्तव 97.50 के साथ दूसरे नंबर पर रहीं। वहीं साइंस स्ट्रीम से ही मोहम्मद इर्तजा ने 96.50 परसेंट लाकर तीसरा स्थान हासिल किया। इनके अलावा 95.75 परसेंट के साथ उत्कर्ष मिश्रा(साइंस) चौथे नंबर पर रहे। जबकि विदिप छाबरा (साइंस) 95.50 परसेंट के साथ पांचवें, अनुश्री श्रीवास्तव (ह्यूमैनिटीज) 95 परसेंट लाकर छठवें, याशिका त्रिपाठी(कॉमर्स) 94. 75 परसेंट के साथ सातवें, साक्षी जोशुवा (ह्यूमैनिटीज) 93 परसेंट के साथ आठवें, आशीष मणि (कॉमर्स) 90 परसेंट के लाकर नौवें और 89.25 परसेंट के साथ आर्यमन जालान( कॉमर्स) 10 वें स्थान पर रहें। क्लास 10th के टॉपर्स वहीं क्लास 10th में साइंस स्ट्रीम की गरिमा तिवारी 97.80 परसेंट के साथ पहले स्थान पर रहीं। वहीं केशव झाझरियां(साइंस) 97.60 के साथ दूसरे, कीर्तिमान भारत(साइंस) 97.20 परसेंट लाकर तीसरे स्थान पर रहें। इसके अलावा कॉमर्स की प्रकृति सिंह ने 92 परसेंट के साथ चौथे, हरलीन कौर 91. 20 परसेंट के साथ पांचवें और 89. 60 परसेंट के साथ अनन्या यादव ने छठवां स्थान हासिल किया। डायरेक्टर और प्रिंसिपल ने दी बधाई सभी स्टूडेंट्स को रेव. गिरीश चंद्र और निर्मला मैरियन चंद्र (संस्थापक निदेशक, सेंट पॉल्स स्कूल), सुदर्शन चौधरी (प्रधानाचार्य, सेंट पॉल्स स्कूल), और डॉ. अमरीश चंद्र (कार्यकारी प्रधानाचार्य, सेंट पॉल्स स्कूल) ने ICSE और ISC 2026 परीक्षाओं में 100% सफलता दर हासिल करने पर बधाई दी है। उनका कहना है कि हमारे होनहार छात्रों और समर्पित शिक्षकों को उनके शानदार और प्रेरणादायक प्रदर्शन के लिए हार्दिक बधाई। आपकी कड़ी मेहनत और लगन सचमुच रंग लाई है। हम अपने छात्रों के सभी शैक्षणिक प्रयासों में निरंतर सफलता की कामना करते हैं।
लखनऊ में LDA का निलंबित कर्मी बर्खास्त:यूजर आईडी से किया खेल, परिवार के सदस्यों को पहुंचाया था फायदा
लखनऊ विकास प्राधिकरण (LDA) में फर्जीवाड़े के एक बड़े मामले में निलंबित कनिष्ठ लिपिक धीरज कुमार श्रीवास्तव को बर्खास्त कर दिया गया। आरोपी कर्मी ने फर्जीवाड़ा करके अपनी आधिकारिक यूजर आईडी से एक भूखंड को फर्जी तरीके से आवंटित कर प्राधिकरण के पोर्टल पर चढ़ा दिया था। इसके साथ ही मूल पत्रावली को भी गायब कर दिया था। इस मामले में करीब तीन साल से जांच चल रही थी। वही इस मामले को लेकर गोमती नगर थाने में मुकदमा भी दर्ज करवाया गया था। जिसके बाद बुधवार को उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार ने कर्मी को बर्खास्त कर दिया। ऐसे खुला फर्जीवाड़ा गोमती नगर योजना के विनम्र खंड स्थित संपत्ति संख्या 3/222-ए को प्राधिकरण के पोर्टल पर संदिग्ध तरीके से दर्ज किया गया। इस मामले को लेकर शिकायत हुई थी। शिकायत के बाद प्रारंभिक जांच में ही अनियमितता सामने आने पर यूजर आईडी की जांच कराई गई थी। कंप्यूटर अनुभाग द्वारा किए गए दस्तावेज में सामने आया कि ये एंट्री यूजर आईडी कोड-3014 से की गई थी, जो धीरज श्रीवास्तव के नाम पर जारी थी। यहीं से पूरे फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। दूसरी योजना में भी किया फर्जीवाड़ा बर्खास्त कर्मी ने प्रियदर्शिनी योजना के भवन संख्या 1/67 में भी गड़बड़ी की थी। फर्जी तरीके से दस्तावेज तैयार कर फर्जी निबंधन करवा दिया था। इसके साथ ही अपने परिजनों को भूखंडों का फर्जी तरीके से आवंटन भी करवाया था। एलडीए ने तीन साल पहले 3 दिसंबर को इस मामले को लेकर गोमती नगर थाने में मुकदमा दर्ज करवाया था। 17 दिसंबर को निलंबित किया गया था। मार्च 2023 आरोप पत्र जारी किया गया था। नवंबर 2025 में जांच पूरी हुई थी। जिसके बाद आगे की कार्यवाही के लिए शासन को पत्र भेज दिया गया था।
रेवाड़ी और धारूहेड़ा में 10 मई को निकाय चुनाव होंगे। जिला निर्वाचन आयोग ने धारूहेड़ा के 18 वार्डों के पार्षद और चेयरमैन के लिए होने वाले मतदान के लिए अलग-अलग पोलिंग बूथ बनाए हैं। सेक्टर-6 में वार्ड-1, वार्ड-2 और वार्ड-18 के लिए पोलिंग बूथ बनाए गए हैं। रिटर्निंग अधिकारियों और आब्जर्वरों ने उम्मीदवारों को चुनावी आचार संहिता का पाठ पढ़ाया। जानिये कहां किस वार्ड का मतदान रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम सुरेश कुमार ने बताया कि धारूहेड़ा नगर पालिका क्षेत्र में मतदान केंद्रों की सूची जारी की गई है। वार्ड नंबर-1 में राजकीय प्राथमिक स्कूल सेक्टर 6 दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड नंबर-2 में सामुदायिक भवन सेक्टर 6 दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड नंबर -3 में जैन स्कूल नजदीक तहसील कार्यालय दायां कक्ष व बायां कक्ष वार्ड नंबर-4 में जांगिड़ धर्मशाला सोहना रोड में वोट पडेंगे। वार्ड-5 में राकवमावि मैन बाजार दायां कक्ष बायां कक्ष, वार्ड नंबर-6 में हरिजन चौपाल सोहना रोड धारूहेड़ा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड-7 में सैनी पब्लिक स्कूल फिरनी रोड धारूहेड़ा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड-8 में पब्लिक हेल्थ कार्यालय नंदरामपुर बास रोड दायां कक्ष, वार्ड नंबर-9 में बाल भवन धारूहेड़ा, वार्ड नंबर-10 में पब्लिक हेल्थ कार्यालय नंदरामपुर बास रोड बायां कक्ष, वार्ड नंबर-11 में विवेकानंद प्राथमिक स्कूल बास रोड दायां कक्ष में मतदान होगा। वार्ड नंबर-12 में विवेकानंद प्राथमिक स्कूल बास रोड बायां कक्ष, वार्ड नंबर-13 में विवेकानंद वरिष्ठ माध्यमिक विधालय बांस रोड धारूहेडा, वार्ड नंबर-14 में राजकीय प्राथमिक स्कूल हरिनगर धारूहेडा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड नंबर-15 में के.डी.एम पब्लिक स्कूल आजाद नगर धारूहेडा दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड नंबर-16 में आरडीएस पब्लिक स्कूल नजदीक तहसील कार्यालय दायां कक्ष व बायां कक्ष, वार्ड नंबर-17 में जैन वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय नजदीक तहसील कार्यालय, वार्ड नंबर-18 में राजकीय प्राथमिक स्कूल, सेक्टर 6 धारूहेड़ा मतदान केंद्र बनाए गए हैं। भड़काऊ भाषण, आरोप-प्रत्यारोपों से बचें ऑब्जर्वर तरुण कुमार पावरियां ने खरखड़ा कॉलेज में धारूहेड़ा नगर पालिका उम्मीदवारों के साथ मीटिंग की। जिसमें नगर पालिका चुनाव को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं पारदर्शी ढंग से संपन्न करवाने हेतु आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि पहला चरण सफलता पूर्वक पूरा हो चुका है। अब प्रत्याशियों की बारी है। उम्मीदवार आचार संहिता का पालन करें और भड़काऊ भाषण देने व व्यक्तिगत आरोप प्रत्यारोप लगाने से बचें। आचार संहिता का उल्घंन्न करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। अब उम्मीदवारों की जिम्मेदारी रेवाड़ी नगर परिषद के रिटर्निंग अधिकारी एवं एसडीएम राहुल मोदी ने जिला सचिवालय के सभागार में चेयरपर्सन और वार्डों के पार्षद पदों के प्रत्याशियों के साथ बैठक की। अब प्रत्याशियों को कहा कि अब चुनाव प्रचार के दौरान जिम्मेदारी और अनुशासन का विशेष ध्यान रखना आवश्यक है। आदर्श आचार संहिता का पालन करना प्रत्येक प्रत्याशी की जिम्मेदारी है। चार सामग्री का उपयोग निर्धारित नियमों के अनुसार ही किया जाए तथा सार्वजनिक संपत्ति को किसी प्रकार का नुकसान न पहुंचाया जाए।
नूंह पिनगवां खंड के गांव सटकपुरी स्थित 'फेयर एक्सपोर्ट मीट फैक्ट्री' में गुरुवार दोपहर अचानक भीषण आग लग गई। आग की लपटें इतनी ऊंची थीं कि उठते हुए काले धुएं को कई किलोमीटर दूर से देखा जा सकता था। इस घटना के बाद फैक्ट्री परिसर और आसपास के ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। जानकारी के अनुसार, आग फैक्ट्री के उस हिस्से में लगी जहां पैकिंग के लिए बड़ी मात्रा में गत्ते के कार्टून रखे हुए थे। माना जा रहा है कि शॉर्ट सर्किट की वजह से उठी चिंगारी ने इन कार्टूनों को अपनी चपेट में ले लिया, जिससे आग ने देखते ही देखते विकराल रूप धारण कर लिया। राहत की बात यह रही कि ड्यूटी पर मौजूद सभी कर्मचारियों ने समय रहते बाहर निकलकर अपनी जान बचाई। दमकल विभाग की कड़ी मशक्कत सूचना मिलने के तुरंत बाद पिनगवां थाना प्रभारी राजेश कुमार पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल की दो गाड़ियों ने मौके पर पहुंचकर घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। हालांकि, तब तक फैक्ट्री के भीतर रखा काफी कीमती सामान और पैकिंग मटेरियल जलकर राख हो चुका था। प्रदूषण और सुरक्षा को लेकर ग्रामीणों में रोष इस घटना के बाद सटकपुरी और आसपास के ग्रामीणों ने मीट फैक्ट्रियों के संचालन पर गंभीर सवाल उठाए हैं। ग्रामीण जाकिर हुसैन, अब्दुल मन्नान और शौकत अली ने बताया कि आग के कारण फैले घने और जहरीले धुएं से लोगों का सांस लेना दूभर हो गया था। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि ये फैक्ट्रियां न केवल प्रदूषण फैला रही हैं, बल्कि यहां सुरक्षा मानकों की भी अनदेखी की जा रही है। प्रशासन से जांच की मांग स्थानीय लोगों ने जिला प्रशासन और प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड से मांग की है कि क्षेत्र में चल रही मीट फैक्ट्रियों की सुरक्षा व्यवस्था और उनके संचालन की गहन जांच की जाए। थाना प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि फिलहाल स्थिति नियंत्रण में है, लेकिन आग लगने के सटीक कारणों और हुए कुल नुकसान का आकलन जांच के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा।
दुर्ग जिले में पुलिस ने ऑनलाइन आईपीएल सट्टा चलाने वाले गिरोह पर कार्रवाई करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई थाना उतई और एसीसीयू की संयुक्त टीम ने की है। पुलिस ने आरोपियों के पास से मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें सट्टे से जुड़े कई स्क्रीनशॉट और इलेक्ट्रॉनिक सबूत मिले हैं। एक दिन पहले भी पुलिस ने 2 आरोपी को गिरफ्तार किया था। पुलिस के मुताबिक 30 अप्रैल को सूचना मिली थी कि उतई थाना क्षेत्र के ग्राम सेलूद में कुछ लोग मोबाइल के जरिए आईपीएल मैचों पर पैसे का दांव लगा रहे हैं। सूचना मिलते ही टीम ने मौके पर दबिश दी और चारों आरोपियों को पकड़ लिया। जांच में सामने आया कि ये लोग मोबाइल के जरिए लोगों से पैसे लगवाकर हार-जीत का खेल चला रहे थे। सेलूद के रहने वाले हैं सभी आरोपीगिरफ्तार आरोपियों के नाम रजनीकांत साहू (29 वर्ष), तामसेम साहू (30 वर्ष), यमन साहू (20 वर्ष) और जिज्ञासु बंछोर (24 वर्ष) हैं। सभी आरोपी ग्राम सेलूद के अलग-अलग मोहल्लों के रहने वाले हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 4 एंड्रॉइड मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनकी कुल कीमत करीब 37 हजार रुपए बताई जा रही है। स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल मेटा मोबाइल की जांच में ऑनलाइन सट्टे से जुड़े कई स्क्रीनशॉट और अन्य डिजिटल डेटा मिले हैं, जिन्हें पुलिस ने सुरक्षित कर लिया है। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। इस मामले में छत्तीसगढ़ जुआ प्रतिषेध अधिनियम की धारा 6 और 7 के तहत अपराध दर्ज किया गया है। पुलिस का कहना है कि आरोपी अवैध तरीके से पैसा कमाने के लिए लंबे समय से यह काम कर रहे थे। चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। एक दिन पहले भी दो आरोपी हुए थे गिरफ्तारएक दिन पहले भी उतई थाना क्षेत्र में पुलिस ने ग्राम ढोर में राजस्थान और पंजाब के बीच चल रहे मैच पर मोबाइल के जरिए सट्टा खिलाने के मामले में 2 आरोपी को गिरफ्तार किया था। आरोपी मोबाइल के जरिए लोगों से संपर्क कर हार-जीत पर पैसे लगवा रहे थे। पूछताछ में उन्होंने ऑनलाइन ग्रुप बनाकर सट्टा संचालन करना स्वीकार किया। पुलिस ने आरोपियों के पास से 4 मोबाइल फोन, सट्टा पर्ची और नगदी जब्त की है। कुल जब्ती 64,600 रुपए बताई गई है। मामले में जुआ प्रतिषेध अधिनियम के तहत केस दर्ज कर दोनों को कोर्ट में पेश कर जेल भेज दिया गया है। पुलिस अब यह भी पता लगाने की कोशिश कर रही है कि इस सट्टा नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं और इसका दायरा कितना बड़ा है।
नर्मदापुरम में गुरुवार शाम को अचानक से मौसम ने करवट ली। तेज हवाओं के साथ काले बादल छा गए। शाम 6.30 बजे से पांच मिनट तक तेज बूंदाबादी भी हुई। जिससे लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। मौसम में बदलाव के चलते दिन के तापमान में भी 2 डिग्री की गिरावट हुई। बारिश के चलते नर्मदापुरम अनाज मंडी में समर्थन मूल्य केंद्रों पर किसानों में अफरा तरफा मची। गेहूं भरकर खड़े ट्रैक्टर ट्रालियों को किसानों ने टीनशेड में खड़े किया गया। ताकि गेहूं गीला न हो जाएं। वहीं जिलेभर में खुले में और वेयरहाउस परिसर में बने केंद्रों पर गेहूं बेचने आएं किसानों की चिंता बढ़ गई है। तीन दिन ऐसा ही मौसम रह सकता हैफसल को भीगने से बचाने के लिए किसान तिरपाल से ढांक रहे। मौसम विभाग के मुताबिक अगले दो, तीन दिन हवा, बिजली, बारिश का मौसम बन रहेगा। गेहूं चना खरीदी केंद्रों के प्रभारियों को केंद्र पर तिरपाल समेत बारिश से फसलों को बचाने के इंतजाम करने के निर्देश दिए गए है।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में बढ़ते तापमान की आशंका को देखते हुए, कलेक्टर एवं जिला दण्डाधिकारी लीना कमलेश मंडावी ने एक महत्वपूर्ण आदेश जारी किया है। इसके तहत, भार वाहक पशुओं पर सामग्री या सवारी परिवहन पर 30 जून तक दोपहर 12 बजे से 3 बजे तक प्रतिबंध लगा दिया गया है। जारी आदेश में बताया गया है कि मई और जून के महीनों में प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से दोपहर 3 बजे तक वातावरण का तापमान 37 डिग्री सेल्सियस से अधिक रहने की संभावना है। इस अवधि में भार वाहक पशुओं का उपयोग करने से उनके बीमार होने या मृत्यु का जोखिम बढ़ जाता है। यह रोक 30 जून तक प्रभावी रहेगी यह प्रतिबंध परिवहन तथा कृषि पशुओं पर क्रूरता निवारण नियम 6 (तीन) के तहत लगाया गया है। गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले की सीमा के भीतर पशुओं की सहायता से चलने वाले सभी साधन, जिनमें भारवाहन या सवारी परिवहन का कार्य किया जाता है, इस आदेश के दायरे में आएंगे। यह रोक 30 जून तक प्रभावी रहेगी।
जनगणना को लेकर कभी ट्रेनिंग में अव्यवस्था तो कभी ड्यूटी लगाने पर सवाल खड़े हो रहे हैं। माध्यमिक शिक्षकों ने जनगणना में ड्यूटी लगाने के तरीके का विरोध किया है। उन्होंने गुरुवार को DM आफिस पर प्रदर्शन किया। उनका कहना है कि माध्यमिक विद्यालयों में कार्यरत शिक्षकों का ग्रेड पे 4600 से 6600 तक है और उन्हें प्रगणक के रूप में ड्यूटी दी जा रही है। जबकि उनसे काफी कम ग्रेड पे वाले लेखपाल एवं बाबुओं को सुपरवाइजर बनाया जा रहा है। शिक्षकों ने कहा कि इस अनियमितता को दूर किया जाए। वह इस व्यवस्था को नहीं मानेंगे। जिस दिन से माध्यमिक शिक्षकों की ड्यूटी लगनी शुरू हुई है, उनकी ओर से विरोध के स्वर भी मुखर होने लगे हैं। उनका कहना है कि 1900, 2000 एवं 2800 ग्रेड पे वाले कर्मचारियों के अधीन उन्हें काम करने को मजबूर किया जा रहा है। ऐसे एक-एक कर्मचारी के नीचे कम से कम 5 से 6 शिक्षक काम करेंगे। उनका कहना है कि उनकी वरिष्ठता के अनुसार यह उचित नहीं है। उनके ग्रेड पे के अनुसार उन्हें ड्यूटी मिलनी चाहिए। शिक्षकों का कहना है कि जब तक ड्यूटी में संशोधन नहीं किया गया, वे काम नहीं करेंगे। कई शिक्षकों को फोन किया गया तो उन्होंने मना कर दिया। उन्होंने जिला प्रशासन को इस संबंध में ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने अपनी मंशा भी स्पष्ट कर दी है। शिक्षकों ने कहा कि जैसी उनकी वरिष्ठता है, उसी अनुसार उन्हें ड्यूटी दी जाए। हालांकि यह संभावना कम लग रही है कि ड्यूटी में कोई परिवर्तन होगा। जनगणना कार्य से जुड़े अधिकारियों का कहना है कि सुपरवाइजर में जिनकी ड्यूटी लगी है, उन्हें ट्रेनिंग दी जा चुकी है और उनका लॉगिन भी बनाया जा चुका है। माध्यमिक शिक्षकों की ट्रेनिंग 2 मई से शुरू होगी।
जसोलधाम में वैशाख शुक्ल पक्ष चतुर्दशी के अवसर पर बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़े। सुबह मंगला आरती से ही मंदिर परिसर में भक्तों की लंबी कतारें देखी गईं। भीषण गर्मी और तेज धूप के बावजूद श्रद्धालुओं की आस्था और समर्पण स्पष्ट दिखाई दिया। श्रद्धालुओं ने श्री राणीसा भटियाणीसा, श्री बायोसा, श्री सवाईसिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला गौरा भैरूजी सहित मंदिर प्रांगण में स्थित सभी देवी-देवताओं के दर्शन किए। भक्तों ने विधिवत पूजा-अर्चना कर अपने और परिवार के सुख-समृद्धि, स्वास्थ्य तथा कल्याण की कामना की। इस अवसर पर नवविवाहित दंपतियों की भी उल्लेखनीय उपस्थिति रही। उन्होंने अपने दाम्पत्य जीवन की सुख-समृद्धि और मंगलमय भविष्य के लिए श्रद्धापूर्वक पूजन किया। यह आयोजन पारिवारिक और सांस्कृतिक मूल्यों का सुंदर संगम भी रहा। भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम्) और छप्पन भोग के लाभार्थी संजय पी. लुनिया, उनकी पत्नी नीता एस. लुनिया और पुत्र यश एस. लुनिया थे। ये परिवार मूल रूप से फलोदी (राजस्थान) का निवासी है और वर्तमान में कोयंबटूर (तमिलनाडु) में रहता है। लाभार्थी परिवार ने श्रद्धापूर्वक मंदिर प्रांगण के सभी मंदिरों में भोग अर्पित किया और श्रद्धालुओं में प्रसादी का वितरण किया। इससे भक्तों में विशेष उत्साह और संतोष का माहौल देखा गया। इस अवसर पर लाभार्थी परिवार ने परंपरानुसार कन्या-पूजन किया गया। कन्याओं का विधिवत पूजन कर उन्हें प्रसाद एवं उपहार प्रदान किए गए, जिससे धार्मिक आस्था एवं सांस्कृतिक परंपराओं का उदाहरण प्रस्तुत हुआ। इस अवसर पर भोजन प्रसादी (अन्नपूर्णा प्रसादम्) एवं छप्पन भोग तथा कन्या-पूजन श्री नर्बदेश्वर महादेव मंदिर, जसोल के महंत गणेशपुरी महाराज के पावन सानिध्य में संपन्न हुए। मंदिर संस्थान द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधार्थ व्यापक एवं सुव्यवस्थित व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गईं। इनमें शुद्ध पेयजल की उपलब्धता, छायादार विश्राम स्थल, सुव्यवस्थित दर्शन व्यवस्था, भोजन प्रसादी वितरण, सार्वजनिक उद्घोषणा प्रणाली, सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था, स्वच्छता प्रबंधन तथा अन्य आवश्यक सेवाएं सुचारु रूप से संचालित की गईं। इन उत्कृष्ट व्यवस्थाओं के फलस्वरूप श्रद्धालुओं ने दर्शन एवं पूजन का कार्य अत्यंत सहज, सुगम एवं सुव्यवस्थित रूप से संपन्न किया। संपूर्ण आयोजन अत्यंत सुव्यवस्थित, अनुशासित एवं सफलतापूर्वक संपन्न हुआ, जो मंदिर संस्थान की सुदृढ़ व्यवस्था एवं सेवा-भाव का परिचायक रहा। देखें PHOTOS
लुधियाना के थाना डिवीजन नंबर 3 के अंतर्गत आते नीला झंडा गुरुद्वारा रोड न्यू शिवाजी नगर इलाके में उस वक्त दहशत फैल गई जब करीब 10 हमलावरों ने दो युवकों पर सरेआम जानलेवा हमला कर दिया। हमलावर अपने हाथों में ट्यूबलाइट और तेजधार हथियार लिए हुए थे। पूरी वारदात पास ही लगे एक सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है फैक्ट्री में घुसने की कोशिश, गाड़ी के शीशे तोड़े फैक्ट्री मालिक राहुल ने आपबीती सुनाते हुए बताया कि वह अपनी फैक्ट्री के भीतर मौजूद थे तभी अचानक गलियों में शोर-शराबे और चीखने-चिल्लाने की आवाजें सुनाई दीं। जब उन्होंने बाहर आकर देखा तो मंजर खौफनाक था। लगभग 10 युवक 2 लड़कों को बुरी तरह घेरकर पीट रहे थे। हमलावरों के पास तेजधार हथियार और ट्यूबलाइट्स थीं,जिनसे वे युवकों पर ताबड़तोड़ वार कर रहे थे। राहुल ने बताया कि अगर वे समय रहते अंदर न होते, तो हमलावर फैक्ट्री के भीतर घुसकर भी बड़ी वारदात को अंजाम दे सकते थे। इस दौरान हमलावरों ने राहुल की गाड़ी को भी निशाना बनाया और उसे काफी नुकसान पहुँचाया। पुलिस को देख बाइक छोड़ भागे हमलावर वारदात की सूचना तुरंत पुलिस को दी गई। जैसे ही पुलिस की पीसीआर गाड़ी मौके पर पहुँची हमलावर घबरा गए। वे पकड़े जाने के डर से अपनी मोटरसाइकिलें वहीं छोड़कर तंग गलियों से फरार हो गए। पुलिस ने मौके से हमलावरों की बाइक बरामद कर ली है। क्या कहती है पुलिस? मामले की जांच कर रहे जांच अधिकारी अमरजीत सिंह ने बताया हमें सूचना मिली थी कि दो गुटों के बीच हिंसक झड़प हो रही है। जब पुलिस टीम मौके पर पहुँची तो आरोपी वहां से भाग निकले। हमने घटनास्थल से एक लावारिस मोटरसाइकिल बरामद की है। गाड़ी के नंबर के जरिए आरोपियों की पहचान की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज को कब्जे में ले लिया गया है और जल्द ही सभी आरोपी सलाखों के पीछे होंगे।
सिवनी जिले के छपारा थाना क्षेत्र में नेशलन हाईवे पर गुरुवार शाम एक यात्री बस बेकाबू होकर सड़क किनारे पहाड़ी से टकरा गई। यह हादसा बंजारी माता मंदिर के पास शाम करीब 6:30 बजे हुा। गनीमत रही कि बस पलटी नहीं, और उसमें सभी यात्री सुरक्षित हैं। बेकाबू होकर सीधे पहाड़ी में घुसी बस जानकारी के अनुसार, यात्री बस सिवनी से जबलपुर की ओर जा रही थी। इस दौरान बंजारी घाटी के मोड़ पर चालक ने अचानक नियंत्रण खो दिया, जिससे बस सीधे पहाड़ी से जा टकराई। टक्कर के कारण बस के अगले हिस्से को काफी नुकसान पहुंचा। स्थानीय लोगों ने सुरक्षित बाहर निकाला हादसे के तुरंत बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई, लेकिन स्थानीय लोगों ने तत्काल सक्रियता दिखाते हुए बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकाला। यात्रियों के अनुसार बस की रफ्तार सामान्य थी, परंतु मोड़ पर तकनीकी कारण या संतुलन बिगड़ने से यह हादसा हुआ। छपारा पुलिस ने संभाला ट्रैफिक घटना की सूचना मिलते ही छपारा थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी खेमेन्द्र जेतवार ने बताया कि सभी यात्री सुरक्षित हैं और उन्हें दूसरी बस के माध्यम से गंतव्य की ओर रवाना किया गया है। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बस को हटवाकर हाईवे पर यातायात बहाल कराया। संवेदनशील मार्ग पर सुरक्षा की मांग बंजारी घाटी क्षेत्र व्यस्त और दुर्घटना संभावित माना जाता है। स्थानीय नागरिकों ने प्रशासन से मांग की है कि इस संवेदनशील मार्ग पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम और संकेतक लगाए जाएं ताकि भविष्य में गंभीर हादसों को रोका जा सके। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
कोंडागांव में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा 29 अप्रैल को घोषित 10वीं और 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणामों में शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय गिरोला के विद्यार्थियों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। विद्यालय के छात्रों ने अपने क्षेत्र का नाम रोशन किया। कक्षा 10वीं में कुमकुम पांडे ने 94.5 प्रतिशत अंक प्राप्त कर प्रथम स्थान हासिल किया। मुस्कान नेताम ने 89.33 प्रतिशत और कृतिका दीवान ने 87.6 प्रतिशत अंक प्राप्त कर क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त किया। प्राचार्य संजय कुमार राठौर ने बताया कि कुमकुम पांडे ने सामाजिक विज्ञान में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। 12वीं के मेधावी बच्चे इसी प्रकार, कक्षा 12वीं में लाकेश दीवान ने 93.8 प्रतिशत अंक प्राप्त कर विद्यालय में पहला स्थान प्राप्त किया। नंदनी पांडे ने 82.6 प्रतिशत और प्रेम प्रकाश बघेल ने 77 प्रतिशत अंक अर्जित कर क्रमशः द्वितीय और तृतीय स्थान हासिल किया। लाकेश दीवान ने रसायन विज्ञान में 100 में से 100 अंक प्राप्त किए हैं। प्राचार्य ने बच्चों की सफलता में ख़ुशी जाहिर की विद्यालय के प्राचार्य संजय कुमार राठौर ने विद्यार्थियों को उनकी सफलता पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि यह उपलब्धि विद्यार्थियों की कड़ी मेहनत, अनुशासन और शिक्षकों के मार्गदर्शन का परिणाम है। 30 अप्रैल को विद्यालय में 9वीं और 11वीं के परीक्षा परिणामों की घोषणा के साथ ही 10वीं और 12वीं के टॉपर विद्यार्थियों का सम्मान किया गया। 9वीं-12वीं कक्षा तक के टॉपरों को प्रोत्साहन राशि:पंचायत इस अवसर पर सरपंच भुनेश्वरी सोरी ने विद्यार्थियों को प्रोत्साहित करते हुए कहा कि शिक्षा ही सफलता की कुंजी है। उन्होंने ऐसे प्रतिभाशाली विद्यार्थियों पर पूरे गांव को गर्व व्यक्त किया।ग्राम पंचायत गिरोला द्वारा 9वीं से 12वीं कक्षा तक के टॉपर विद्यार्थियों के लिए प्रोत्साहन राशि प्रदान करने की घोषणा भी की गई, जिससे अन्य विद्यार्थियों को भी बेहतर प्रदर्शन के लिए प्रेरणा मिलेगी। इस कार्यक्रम में दिलीप दीवान, रामेश्वर सेठिया, विद्यालय के शिक्षकगण, अभिभावक और ग्रामवासी उपस्थित रहे।
देवास कलेक्टर की कल पीपरी गांव में रात्रि चौपाल:ग्रामीणजनों से रूबरू होकर खुद सुनेंगे समस्याएं
जनसेवा और नागरिकों की समस्याओं के त्वरित निराकरण के उद्देश्य से देवास कलेक्टर ऋतुराज सिंह कल (1 मई) तहसील उदयनगर की ग्राम पंचायत पीपरी में विकासखंड स्तरीय शिविर एवं रात्रि ग्राम चौपाल का आयोजन करेंगे। ग्राम पंचायत पीपरी में दोपहर को विकासखंड स्तरीय शिविर आयोजित होगा। इसमें सभी विभागों के जिला प्रमुख उपस्थित रहेंगे और आवेदकों से सीधे आवेदन प्राप्त करेंगे। मौके पर ही दस्तावेजों का परीक्षण कर समस्याओं का तत्काल निराकरण किया जाएगा। शिविर के बाद शाम 7 बजे से ग्राम चौपाल का आयोजन होगा। चौपाल में कलेक्टर ऋतुराज सिंह उपस्थित जनसमूह और आवेदकों से रूबरू होंगे। कलेक्टर सिंह व्यक्तिगत रूप से आवेदकों की बात सुनकर उनकी समस्याओं का निराकरण करेंगे। ग्रामीण अपनी समस्याएं सीधे कलेक्टर को बता सकेंगे। शिविर एवं ग्राम चौपाल में समस्त जिला अधिकारी उपस्थित रहेंगे। शासन की मंशा के अनुरूप, प्रशासन को जनता के द्वार तक ले जाने के लिए सभी अधिकारी रात्रि भोजन के पश्चात ग्राम पीपरी में ही रात्रि विश्राम भी करेंगे।
छत्तीसगढ़ के बालोद जिले में एक पुलिस कांस्टेबल ने अपने क्वार्टर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान ग्राम हथौद (सुरेगांव) निवासी 35 वर्षीय लीवन भुआर्य के रूप में हुई है। जो पुलिस लाइन बालोद में पदस्थ था। बताया जा रहा है कि वह करीब चार महीने पहले ही जिला अस्पताल के सामने स्थित पुलिस कॉलोनी में अपने परिवार के साथ शिफ्ट हुआ था। कोतवाली पुलिस के अनुसार घटना के समय कांस्टेबल की पत्नी और बच्चे एक शादी समारोह में गए हुए थे, जबकि वह घर पर अकेला था। गुरुवार सुबह नाइट ड्यूटी से लौटने के बाद वह अपने क्वार्टर में था। लेकिन काफी देर तक पत्नी का फोन रिसीव नहीं किया। इस पर पत्नी ने पड़ोसियों को सूचना दी। दरवाजा नहीं खुला तो बच्चों को भेजा पड़ोसियों ने पुलिस लाइन में खेल रहे बच्चों को कांस्टेबल को आवाज देने के लिए उसके घर भेजा। काफी देर तक आवाज देने के बावजूद कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। तब बच्चों ने दरवाजे में बने छेद से अंदर झांककर देखा, तो कांस्टेबल को फांसी के फंदे पर लटका पाया। यह देखकर वे घबरा गए और तुरंत आसपास के लोगों को जानकारी दी। सुसाइड नोट नहीं मिला, जांच जारी - टीआई सूचना मिलते ही बालोद कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और पंचनामा कार्रवाई के बाद शव को जिला अस्पताल के मर्च्युरी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। थाना प्रभारी शिशुपाल सिन्हा ने बताया कि कांस्टेबल ने क्वार्टर में पलंग के सहारे फंखे पर स्कार्फ से फांसी लगाई थी। मौके से कोई सुसाइड नोट नहीं मिला है। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच जारी है।
फरीदाबाद में शहर के व्यस्ततम बीके चौक पर गुरुवार सुबह उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब एक 19 वर्षीय युवती ने ट्रैफिक चालान से बचने के लिए अपनी थार गाड़ी को खतरनाक तरीके से करीब 200 मीटर तक रिवर्स में दौड़ा दिया। इस लापरवाही के कारण सड़क पर चल रहे कई वाहन और बाइक सवार बड़ी दुर्घटना का शिकार होने से बाल-बाल बच गए। जानकारी के अनुसार, सुबह करीब सवा 11 बजे जेडटीओ इंद्रजीत और एएसआई नानक चंद की टीम बीके चौक पर तैनात थी। इसी दौरान मेट्रो मोड़ की तरफ से आ रही एक काले रंग की थार (HR नंबर) को रोका गया क्योंकि उसके शीशों पर प्रतिबंधित ब्लैक फिल्म लगी थी। जैसे ही पुलिसकर्मी ने रुकने का इशारा किया, युवती ने गाड़ी रोकने के बजाय अचानक रिवर्स गियर डाल दिया। 200 मीटर तक मचाया हड़कंप, बाल-बाल बचीं जानें युवती ने व्यस्त सड़क पर ही तेजी से गाड़ी पीछे दौड़ानी शुरू कर दी। अचानक हुई इस हरकत से मेट्रो मोड़ की तरफ से आ रहे चालकों को इमरजेंसी ब्रेक लगाने पड़े। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, दो से तीन बाइक सवार थार की चपेट में आने से बाल-बाल बचे। पुलिस टीम ने तुरंत घेराबंदी की और काफी मशक्कत के बाद गाड़ी को रुकवाया। 10,500 रुपये का चालान, रोने लगी युवती ट्रैफिक विभाग के जेडटीओ इंद्रजीत ने बताया कि गाड़ी से मौके पर ही ब्लैक फिल्म उतरवाई गई और मोटर व्हीकल एक्ट के उल्लंघन में 10,500 रुपये का चालान काटा गया। युवती एनआईटी-1 की रहने वाली है। हालांकि, पकड़े जाने के बाद युवती रोने लगी, जिसे देख पुलिस ने 'डेंजरस ड्राइविंग' का अतिरिक्त चालान करने के बजाय उसे सख्त हिदायत देकर छोड़ दिया। शहरवासियों ने जताई नाराजगी इतनी गंभीर लापरवाही के बावजूद पुलिस की नरमी पर शहरवासियों ने सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि व्यस्त सड़क पर इस तरह की हरकत किसी की जान ले सकती थी। नागरिकों ने मांग की है कि ट्रैफिक नियमों का पालन सभी के लिए समान होना चाहिए और ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जानी चाहिए ताकि उदाहरण पेश किया जा सके।
बैतूल जिले के भैंसदेही में पारिवारिक विवाद के दौरान भतीजे ने अपने चाचा की हत्या कर दी। पुलिस ने आरोपी को 12 घंटे के अंदर गिरफ्तार कर लिया। घटना 29 अप्रैल 2026 की है। भैंसदेही के उप स्वास्थ्य केंद्र से मिली सूचना के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। मृतक की पहचान अनिल डिकारे के रूप में हुई। शुरुआत में मामला साफ नहीं था, लेकिन बाद में हत्या की बात सामने आई। पत्नी के बयान से खुला राज मृतक की पत्नी जसमु डिकारे ने बताया कि घटना को भतीजे संदीप डिकारे ने अंजाम दिया। इसके बाद पुलिस ने तुरंत केस दर्ज कर कार्रवाई तेज कर दी। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में सामने आया कि सिर में गंभीर चोट और अंदरूनी चोट के कारण मौत हुई। जांच में पता चला कि घटना के समय मृतक शराब के नशे में था और घर में हंगामा कर रहा था। भतीजा उसे समझाने की कोशिश कर रहा था, लेकिन दोनों में झगड़ा हो गया। आरोप है कि पहले मृतक ने भतीजे के साथ मारपीट की। गुस्से में पटकने से हुई मौत इसके बाद गुस्से में भतीजे ने चाचा को जोर से पटक दिया, जिससे उनके सिर में गंभीर चोट आई और उनकी मौत हो गई। 30 अप्रैल को पुलिस ने संदीप को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जिसमें उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश कर दिया है। इस पूरे मामले में भैंसदेही थाना पुलिस ने तेजी से कार्रवाई की। थाना प्रभारी उप निरीक्षक आशीष कुमरे के नेतृत्व में एएसआई श्रीकांत वर्मा, प्रधान आरक्षक परसराम, आरक्षक सोनू शर्मा, तनवीर, नारायण जाट, सोनू काजले, नरेंद्र ढोके और सुनील ऊईके की टीम ने आरोपी को पकड़ा। टीआई राजेश सातनकर के अनुसार, यह घटना पारिवारिक झगड़े से शुरू हुई, लेकिन गुस्से में उठाया गया कदम जानलेवा साबित हुआ।
कोटपूतली-बहरोड़ जिले में पुलिस ने NDPS के 13 मामलों में जब्त लगभग 6 किलोग्राम मादक पदार्थ नष्ट किए। यह कार्रवाई जिला स्तरीय कमेटी की देखरेख में अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री, मोहनपुरा-जोधपुरा में की गई। पुलिस मुख्यालय और जयपुर रेंज आईजी राहुल प्रकाश द्वारा चलाए जा रहे अभियान के तहत यह कदम उठाया गया। एसपी सतबीर सिंह की अध्यक्षता में जिला स्तरीय कमेटी ने कानूनी प्रक्रिया का पालन करते हुए इन पदार्थों को नष्ट किया। मादक पदार्थों को अल्ट्राटेक सीमेंट फैक्ट्री के किलन (भट्ठी) में जलाया गया। इस प्रक्रिया में फैक्ट्री के अधिकारियों, कर्मचारियों, थानों के मालखाना इंचार्ज और ड्यूटी पर तैनात पुलिसकर्मियों का सहयोग लिया गया। इस दौरान जिला एसपी सतवीर सिंह, एएसपी नीमराना सुरेश खिंची, वृत्ताधिकारी कोटपूतली राजेंद्र बुरड़क (आरपीएस) सहित कई पुलिस अधिकारी मौजूद रहे। इनमें थानाधिकारी कोटपूतली राजेश कुमार शर्मा, थानाधिकारी सरुंड यशपाल सिंह और थानाधिकारी माढन किरण यादव भी शामिल थे।
वेस्ट यूपी में बदला घर खरीदारों का ट्रेंड:रियल स्टेट सेक्टर में बदलाव पर बिल्डर्स ने की चर्चा
वेस्ट यूपी सहित पूरे दिल्ली-एनसीआर में रियल स्टेट बाजार की तस्वीर तेजी से बदल रहे हैं। मेरठ, गुरुग्राम से लेकर नोएडा में हालात बदल रहे हैं। रियल स्टेट सेगमेंट में हो रहे बदलावों पर बिल्डर्स ने विचार विमर्श किया। रियल स्टेट डेस्टिनेशन बन रहा पश्चिमी यूपीरेनॉक्स ग्रुप के चेयरमैन शैलेन्द्र शर्मा ने कहा कि नोएडा-ग्रेटर नोएडा में इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट जिस गति और स्तर से हो रहा है, वह इसे एनसीआर का सबसे उभरता रियल एस्टेट डेस्टिनेशन बना रहा है। आरजी ग्रुप के डायरेक्टर हिमांशु गर्ग ने कहा कि प्रोजेक्ट्स के नए फेज आज खरीदारों के लिए ज्यादा व्यावहारिक विकल्प बन रहे हैं। विज़न बिजनेस पार्क के को-फाउंडर अतुल विक्रम सिंह ने बताया कि नोएडा का सेक्टर आधारित विकास और मजबूत इंफ्रास्ट्रक्चर इसे एक संतुलित और भविष्य के लिए तैयार शहर बनाता है। आईटी प्रोजेक्ट्स हो रहे विकसितएक्सोटिका ग्रुप के सीएमडी दिनेश जैन ने बताया कि नोएडा में कमर्शियल और आईटी प्रोजेक्ट्स तेजी से विकसित हो रहे हैं, जिसका मुख्य कारण बेहतर कनेक्टिविटी है। एक्सप्रेसवे नेटवर्क और निर्माणाधीन एयरपोर्ट इसे बड़ा बिजनेस हब बना रहे हैं। डिलिजेंट बिल्डर्स के सीओओ लेफ्टिनेंट कर्नल (रिटा.) अश्विनी नागपाल के अनुसार “गुरुग्राम में जहां इंफ्रास्ट्रक्चर पर दबाव साफ दिखता है वहीं नोएडा में अभी भी विस्तार की गुंजाइश है। श्री केबी ग्रुप के फाउंडर राकेश सिंघल के अनुसार गुरुग्राम में प्रॉपर्टी की कीमतें पहले ही ऊंचे स्तर पर पहुंच चुकी हैं, जबकि नोएडा अभी ग्रोथ के फेज में है। निराला वर्ल्ड के सीएमडी सुरेश गर्ग ने बताया कि वेस्ट यूपी सहित नोएडा एक संतुलित रियल एस्टेट मार्केट के रूप में उभर रहा है, जहां किफायती कीमतों के साथ बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर का लाभ मिल रहा है।
मैहर में बारिश ने ठंडे किए गर्मी के तेवर:सुबह और रात में बारिश, दिनभर उमस और धूप ने किया परेशान
मैहर जिले में गुरुवार देर शाम मौसम ने अचानक करवट ली। तेज आंधी और बादलों की गर्जना के साथ बारिश का दौर शुरू हो गया। दिन की शुरुआत में तेज बारिश हुई थी, जिसके बाद दोपहर में धूप खिली रही। शाम होते-होते मौसम फिर बदल गया। मौसम के इस बदलाव से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली। हालांकि, तेज आंधी के कारण कुछ स्थानों पर जनजीवन प्रभावित हुआ। कई जगह धूल का गुबार छा गया, जिससे लोगों को घरों में रुकना पड़ा। सड़कों पर वाहन चालकों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। तस्वीरें देखिए…. गर्मी से मिली राहत पिछले कुछ दिनों से जिले में लगातार बढ़ती गर्मी और उमस से लोग परेशान थे। मौसम में आए इस बदलाव से तापमान में गिरावट दर्ज की गई, जिससे लोगों को राहत मिली। हालांकि, बार-बार बदलते मौसम से स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं का खतरा भी बढ़ गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आने वाले दिनों में भी मौसम का मिजाज इसी तरह उतार-चढ़ाव भरा रह सकता है।
राजस्थान हाईकोर्ट की जोधपुर मुख्यपीठ ने निकायों में अधिकारियों को प्रशासक बनाने के आदेश पर रोक लगा दी है। स्वायत्त शासन विभाग (DLB) ने 7 फरवरी को आदेश जारी कर प्रदेश के नगर निकायों में नए बोर्ड के गठन तक महापौर, सभापति और अध्यक्ष की शक्तियां आयुक्त और अधिशासी अधिकारी (ईओ) को सौंप दी थी। कोर्ट ने डीएलबी के इस आदेश के क्रियान्वयन पर रोक लगा दी है। जस्टिस सुदेश बंसल की एकलपीठ ने गुरुवार को राज्य सरकार द्वारा जवाब पेश नहीं करने और वकीलों की गैरमौजूदगी पर नाराजगी जताते हुए यह महत्वपूर्ण अंतरिम आदेश पारित किया। खुडाला-फालना के पूर्व पार्षद ने दी चुनौतीपाली जिले के खुडाला-फालना के पूर्व पार्षद भरत कुमार चौधरी ने अपने एडवोकेट दिविक माथुर के जरिए यह याचिका दायर की थी। याचिका में स्वायत्त शासन विभाग के आयुक्त और शासन सचिव की ओर से 7 फरवरी 2026 को जारी आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में राजस्थान नगरपालिका अधिनियम-2009 की धारा 326 का प्रयोग करते हुए नगर निगम, परिषद और पालिकाओं में महापौर, सभापति, अध्यक्ष और वित्त समिति की शक्तियों के प्रयोग के लिए नए बोर्ड के गठन तक आयुक्त या अधिशासी अधिकारी को अधिकृत किया गया था। याचिकाकर्ता का तर्क था कि सरकार का यह कदम नियम के खिलाफ है, क्योंकि इससे 'नगरपालिका लेखा नियम 1963' और 'नगरपालिका क्रय एवं संविदा नियम 1974' के तहत अध्यक्ष व वित्त समिति को मिले अधिकार सीधे ईओ के पास चले गए। इससे निकायों में भ्रष्टाचार और निरंकुशता को बढ़ावा मिलने की आशंका थी। सरकार को दिया गया था जवाब का अवसरकोर्ट ने पूर्व में हुई सुनवाइयों के दौरान स्वायत्त शासन विभाग और राज्य सरकार को अपना पक्ष रखने का मौका दिया था। 6 मार्च को हुई सुनवाई में जस्टिस नूपुर भाटी की कोर्ट ने याचिकाकर्ता के वकील से वे डॉक्युमेंट भी रिकॉर्ड पर रखने को कहा था, जिनसे साबित हो कि 7 फरवरी के आदेश के तहत प्रशासक की शक्तियां अधिशासी अधिकारी को दे दी गई है। इसके बाद 6 अप्रैल को हुई सुनवाई में सरकार की ओर से वकील उपस्थित हुए थे। कोर्ट ने उन्हें जवाब दाखिल करने का समय दिया था। जस्टिस सुदेश बंसल की कोर्ट में 29 अप्रैल 2026 को मामले की दोबारा सुनवाई हुई। इस दौरान राज्य सरकार की ओर से न कोई वकील उपस्थित हुआ और न ही कोई जवाब पेश किया गया। कोर्ट ने अपने आदेश में स्पष्ट और सख्त टिप्पणी करते हुए कहा- कोर्ट ने जताई नाराजगी, आदेश किया स्थगितकोर्ट ने सरकार की लापरवाही पर नाराजगी जताते हुए स्वायत्त शासन विभाग के 7 फरवरी के आदेश के संचालन को आगामी आदेशों तक के लिए स्थगित कर दिया। ‘ईओ को अधिकार देने से भ्रष्टाचार और निरंकुशता को मिलता बढ़ावा’याचिकाकर्ता और खुडाला-फालना के पूर्व पार्षद भरत चौधरी ने हाईकोर्ट के फैसले का स्वागत किया। उन्होंने कहा- राज्य सरकार ने 7 फरवरी के आदेश के जरिए नगरपालिका अध्यक्ष और वित्त समिति के जो अधिकार अधिशासी अधिकारियों (ईओ) को सौंपे थे, जो गलत था। हाईकोर्ट द्वारा इस आदेश पर रोक लगाने का हम स्वागत करते हैं। इनपुट: सुजाराम चौधरी, फालना
राजसमंद के देलवाड़ा थाना सर्कल में आगरा के सर्राफा व्यापारी से लूट की वारदात का पुलिस ने खुलासा करते हुए 4 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। 24 अप्रैल को नेगड़िया स्थित प्रेमरतन होटल के पीछे सुनसान रास्ते पर बदमाशों ने उत्तर प्रदेश के आगरा निवासी सर्राफा व्यापारी गिरीश चन्द्र सैनी और उनके पुत्र को 4 किलो चांदी के पायल लेकर नाथद्वारा बुलाया था। जहां पर उसको नाश्ता करने के बहाने कार में बैठाकर नेगड़िया के पास सुनसान इलाके में लेकर गए। जहां चारों ने सर्राफा व्यापारी को डराया-धमकाया और चांदी की पायल से भरा बैग छीनकर फरार हो गए। जयपुर से आरोपियों को पकड़ा था घटना की सूचना मिलते ही पुलिस अधीक्षक हेमंत कलाल के निर्देशन में टीम गठित कर नाकाबंदी की गई। सीसीटीवी फुटेज, टोल नाकों और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जयपुर से गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में सामने आया कि आरोपी राहुल धाकड़ और उसके साथियों ने सर्राफा व्यापारी बनकर संपर्क किया और नाथद्वारा में दुकान होने का झांसा देकर चांदी के सैंपल मंगवाए। बाद में सुनसान जगह पर वारदात को अंजाम दिया। माल जब्त किया पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से करीब 4 किलो चांदी की 30 पायल और वारदात में प्रयुक्त कार बरामद कर ली है। सभी आरोपियों को न्यायालय में पेश कर न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। ये आरोपी पकड़े- राहुल (32) निवासी नाई की मंडी आगरा (यूपी), रविन्द्र (23) जिला करौली, मोहित (21) निवासी करौली, सागर 25 करौली।
आगरा में 12वीं फेल बनी असिस्टेंट प्रोफेसर:14 साल तक कॉलेज में नौकरी कर ली सैलरी, FIR के आदेश
आगरा के सेंट जॉन्स कॉलेज में बड़ा फर्जीवाड़ा सामने आया है। यहां असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर 14 साल से नौकरी कर रहीं डॉ. विधु ग्रेस नोएल की 12वीं की मार्कशीट फर्जी निकली है। कॉलेज प्रबंधन ने जांच के बाद 24 अप्रैल 2025 को उन्हें सेवा से बर्खास्त कर दिया। अब क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी के निर्देश पर DCP नगर से FIR दर्ज कराने की मांग की गई है। 2011 में की थी जॉइनिंगडॉ. विधु ग्रेस नोएल ने 19 फरवरी 2011 को सेंट जॉन्स कॉलेज में असिस्टेंट प्रोफेसर के पद पर जॉइन किया था। विजय कुमार नाम के व्यक्ति ने शिकायत की कि डॉ. नोएल ने नियुक्ति के समय जो 12वीं की मार्कशीट लगाई थी, वह कूटरचित है। आरोप है कि वह 12वीं में फेल थीं, लेकिन फर्जी अंकतालिका लगाकर नौकरी हासिल कर ली। जांच में दोषी पाई गईंशिकायत के बाद कॉलेज प्रबंधन ने नियमानुसार जांच कमेटी गठित की। जांच में आरोप सही पाए गए। रिपोर्ट के आधार पर कॉलेज की प्रबंध समिति ने डॉ. नोएल को टर्मिनेट करने का फैसला लिया। प्राचार्य/सचिव ने 24 अप्रैल 2025 को उनकी सेवाएं समाप्त कर दीं। उच्च शिक्षा अधिकारी ने दिए FIR के निर्देशमामला यहीं खत्म नहीं हुआ। क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, आगरा ने अपने पत्र संख्या 4650-51 दिनांक 13 मार्च 2026 के जरिए कॉलेज प्रबंधन को FIR दर्ज कराने के निर्देश दिए। पत्र में साफ कहा गया कि फर्जी दस्तावेजों से नौकरी पाना गंभीर अपराध है। इसके लिए वैधानिक कार्रवाई जरूरी है। DCP नगर को भेजा पत्रउच्च शिक्षा अधिकारी के निर्देश के अनुपालन में कॉलेज प्रबंधन ने अब DCP नगर, आगरा कमिश्नरेट को पत्र भेजा है। पत्र के साथ जांच रिपोर्ट, उच्च शिक्षा अधिकारी का पत्र और अनुस्मारक की कॉपी भी लगाई गई है। कॉलेज ने पुलिस से तत्काल FIR दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। 14 साल तक लेती रहीं वेतनसबसे चौंकाने वाली बात ये है कि डॉ. नोएल 2011 से 2025 तक यानी करीब 14 साल तक कॉलेज में पढ़ाती रहीं। इस दौरान सरकारी वेतनमान के हिसाब से लाखों रुपए वेतन भी लिया। अब सवाल उठ रहा है कि नियुक्ति के समय दस्तावेजों की जांच क्यों नहीं हुई? फर्जीवाड़ा इतने साल तक कैसे छिपा रहा?
मेरठ में CBI की रेड पड़ी है। यह रेड सूरजकुंड स्थित सेंट्रल गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम के तहत चलने वाली एक डिस्पेंसरी में मारी गई है। फिलहाल सीबीआई की टीम ने यहां स्थित एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ को हिरासत में लिया हुआ है जिनसे पूछताछ की जा रही है। एक निजी अस्पताल की शिकायत पर यह रेड डाली गई है। एक नजर डालते हैं पूरे मामले पर नौचंदी थाना क्षेत्र के सूरजकुंड पर CGHS की डिस्पेंसरी है। इसी परिसर में एडिशनल डायरेक्टर हेल्थ का भी दफ्तर बना हुआ है। गुरुवार शाम सफेद रंग की दो गाड़ियों ने डिस्पेंसरी के मुख्य दरवाजे से डिस्पेंसरी में प्रवेश किया। अंदर पहुंचते ही गाड़ी से उतरे लोगों ने एडिशनल डायरेक्टर के दफ्तर का रुख किया और डिस्पेंसरी का मुख्य दरवाजा भी अंदर से बंद कर लिया। सीबीआई की मौजूदगी से मची खलबली कुछ देर तक तो डिस्पेंसरी में मौजूद लोग कुछ समझ नहीं पाए लेकिन जैसे ही टीम को एडिशनल डायरेक्टर के दफ्तर में जाते देखा, वहां खलबली मच गई। किसी को समझने में देर नहीं लगी। पता चला सीबीआई की रेड पड़ी है। इसके बाद पूरे दफ्तर को सीबीआई की टीम ने अपने कब्जे में ले लिया। अपर निदेशक स्वास्थ्य से पूछताछ शुरू कर दी। अगस्त, 2025 में भी डाली गई थी रेड महज 9 महीने के अंदर CGHS की डिस्पेंसरी में CBI की यह दूसरी रेड है। 12 अगस्त 2025 की रात इसी तरह सीबीआई ने रेड डाली थी और तत्कालीन एडिशनल डायरेक्टर अजय कुमार व कार्यालय अधीक्षक लवेश सोलंकी को हिरासत में ले लिया था। उन पर भी भ्रष्टाचार निवारण अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की गई थी। उन पर 5 लाख रूपए की रिश्वत मांगने का आरोप लगा था। अंदर पहुंचते ही टीम ने रोक लिया स्टाफ सीबीआई की टीम शाम को जैसे ही डिस्पेंसरी में पहुंची वहां खलबली मच गई। इसका पता चलते ही वहां अन्य विभागों में मौजूद स्टाफ के लोग बाहर निकलने का प्रयास करने लगे। तभी टीम ने उन्हें रोक लिया और सहयोग करने की अपील की। नतीजा यह हुआ की कई घंटे तक स्टाफ को डिस्पेंसरी में रोका गया। कई कर्मचारियों के परिजन तो ढूंढते हुए उन्हें डिस्पेंसरी तक पहुंच गए। एडिशनल डायरेक्टर को लेकर निकली टीम CBI की एक टीम एडिशनल डायरेक्टर जोकि एक महिला है, उनको लेकर उनके गंगानगर स्थित आवास के लिए रवाना हुई है। पिछली कार्रवाई के दौरान भी सीबीआई ने इसी तरह का एक्शन किया था और तत्कालीन एडिशनल डायरेक्टर के घर को भी खंगाला था। माना जा रहा है कि इस बार भी टीम महिला अफसर को लेकर उनके घर ही निकली है। खबर अपडेट हो रही है…
बांसवाड़ा में जिला एवं सेशन कोर्ट में पेशी पर आया आरोपी पुलिसकर्मियों को धक्का देकर भाग गया। आरोपी पर करीब 3 साल पहले एक लड़की को भगा ले जाने का मामला दर्ज हुआ था। इस मामले में वह जेल भी जा चुका था और फिलहाल जमानत पर बाहर था। आरोपी को दानपुर थाना पुलिस गिरफ्तार कर पेशी के लिए लाई थी, लेकिन न्यायालय के भीतर कदम रखने से पहले ही वह चकमा देकर भाग निकला। दानपुर थानाधिकारी लक्ष्मीचंद ने बताया कि फरार आरोपी राकेश (22) है। आरोपी के खिलाफ फरवरी माह से स्थाई वारंट जारी था। इसी वारंट की तामील में पुलिस ने बुधवार रात आरोपी के घर दबिश देकर उसे हिरासत में लिया था। गुरुवार दोपहर करीब 12 बजे हेड कॉन्स्टेबल लक्ष्मण और कॉन्स्टेबल दिनेशचंद्र उसे बाइक पर बैठाकर दानपुर से बांसवाड़ा सेशन कोर्ट लेकर पहुंचे थे। जैसे ही पुलिसकर्मी आरोपी को लेकर कोर्ट परिसर पहुंचे तो राकेश ने अचानक जवानों को धक्का दिया और भाग गया। पुलिसकर्मियों ने उसका पीछा भी किया, लेकिन वह हाथ नहीं आया। थानाधिकारी ने बताया कि पुलिस की अलग-अलग टीमें उसकी तलाश में जुट गई हैं और जल्द ही उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा। हालांकि पुलिसकर्मियों के बीच से आरोपी के भाग जाने का वरिष्ठ पुलिस अफसरों ने गंभीरता से लिया है और मामले में एक्शन लेने की कार्रवाई भी की जा रही है।
नरसिंहपुर जिले में गुरुवार दोपहर बाद अचानक बदले मौसम ने किसानों और आमजन की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। तेज आंधी के साथ हुई बारिश और ओलावृष्टि के कारण खेतों में खड़ी मूंग की फसल जमीन पर बिछ गई है। वहीं, मंडियों में खुले में रखा हजारों क्विंटल अनाज भी नमी की चपेट में आ गया है, जिससे उसकी गुणवत्ता प्रभावित होने की आशंका है। आंधी और ओलावृष्टि से फसलों को नुकसान राजमार्ग चौराहा के पास ग्राम गुड़वारा, रीछई और कुम्हरोड़ा हार क्षेत्र में मौसम का सबसे ज्यादा असर देखा गया। किसान सत्यपाल पटेल ने बताया कि शाम को आई तेज आंधी के कारण मूंग की फसल पूरी तरह आड़ी हो गई। इसके साथ ही गिरे ओलों ने उत्पादन की उम्मीदों को बड़ा झटका दिया है। किसानों का कहना है कि खेतों की मौजूदा स्थिति देखते हुए अब उपज मिलने की संभावना बेहद कम है। बिजली के खंभे गिरे, क्षेत्र में छाया अंधेरा तेज आंधी की रफ्तार इतनी अधिक थी कि कई स्थानों पर पेड़ और बिजली के खंभे धराशायी हो गए। किसान संदीप पटेल और हेमंत लोधी ने बताया कि बिजली की लाइनें टूटने से पूरे क्षेत्र की बिजली स्प्लाई बाधित हो गई है। तापमान में गिरावट के बावजूद बिजली गुल होने से उमस और बढ़ गई है, जिससे लोग परेशान हैं। मंडी में रखे अनाज पर मंडराया खतरा समर्थन मूल्य पर खरीदा गया हजारों क्विंटल अनाज नरसिंहपुर मंडी में खुले आसमान के नीचे रखा है। दोपहर बाद हुई बूंदाबांदी से इस अनाज में नमी आने का खतरा बढ़ गया है। हालांकि बारिश की तीव्रता बहुत अधिक नहीं थी, लेकिन समय रहते अनाज को सुरक्षित न किए जाने पर बड़े नुकसान की आशंका जताई जा रही है। किसानों ने सर्वे और मुआवजे की मांग की फसलों के बड़े पैमाने पर नुकसान को देखते हुए किसानों ने शासन-प्रशासन से गुहार लगाई है। पीड़ित किसानों ने मांग की है कि प्रभावित क्षेत्रों का तत्काल राजस्व सर्वे कराया जाए और फसल बीमा व राहत राशि के माध्यम से उचित मुआवजा प्रदान किया जाए। तापमान का हाल: अधिकतम तापमान: 36.6C न्यूनतम तापमान: 25.2C
मंदसौर जिले के शामगढ़ थाना क्षेत्र में गुरुवार को एक सड़क हादसे में दंपती घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, ग्राम देवरी डोरी (तहसील शामगढ़) निवासी 45 वर्षीय गोपाल मेघवाल अपनी 35 वर्षीय पत्नी पवित्रा के साथ बाइक से शामगढ़ से अपने गांव लौट रहे थे। इसी दौरान माकड़ी माता मंदिर के पास एक अज्ञात बाइक सवार ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि गोपाल गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि उनकी पत्नी पवित्रा को भी चोटें आईं। घटना के बाद दोनों घायलों को तत्काल शामगढ़ अस्पताल पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मंदसौर जिला चिकित्सालय रेफर किया गया। डॉक्टरों के अनुसार, गोपाल के पैर, सिर और हाथ में गंभीर चोटें आई हैं, जिसमें पैर में दो फ्रैक्चर बताए जा रहे हैं। वहीं, पवित्रा के हाथ और चेहरे पर भी चोटें लगी हैं। फिलहाल दोनों का इलाज मंदसौर जिला चिकित्सालय में जारी है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और अज्ञात बाइक चालक की तलाश की जा रही है।
अजमेर के नया बाजार में गुरुवार को 350 साल पुरानी परंपरा के तहत प्रसिद्ध लाल्या-काल्या मेले का आयोजन हुआ। मेले में आस्था और परंपरा का अनोखा संग देखने को मिला। यहां श्रद्धालु भगवान विष्णु के वराह और नृसिंह अवतार की लीलाओं के साक्षी बने। मेले की सबसे खास बात यह रही कि यहां श्रद्धालु लाल्या (वराह अवतार) के सोटे का प्रहार प्रसाद के रूप में ग्रहण करते नजर आए। वहीं, काल्या (हिरण्याक्ष) के सोटे से बचते दिखे। मान्यता है कि लाल्या का सोटा पड़ने से बिगड़े काम बनने लगते हैं। भाग्य साथ देने लगता है, वहीं काल्या के प्रहार को अशुभ माना जाता है। गुरुवार को नया बाजार में 5 बजे शहनाई की गूंज के साथ मेला शुरू हआ। शहरवासी नृसिंह चतुर्दशी पर भरने वाला लाल्या-काल्या का मेला देखने पहुंचे। बाजार की हर दुकान, मकान, चबूतरा और छत शहरवासियों से भर गई। बाजार में 5:11 बजे काल्या (हिरणकश्यप) पहुंचते ही जमकर सोटे बरसाए गए। युवाओं की टोली काल्या के आगे पीछे चिढ़ाते हुए दौड़ी। इसी बीच लाल्या (वराह अवतार) भी मंदिर से सोटे बरसाते हुए निकले। शहवासी इनके सोटे प्रसाद के रूप में खाते दिखाई दिए। हर 10-15 मिनट के अंतराल में बाजार की ही दुकानों में काल्या-लाल्या को विश्राम कराया गया। हाथ-पैर दबाए गए। शाम 5.51 बजे नकटी (होलिका) बाजार में आई, खूब उत्पात मचाया। युवा इसके आगे-पीछे... नकटी-नकटी और बुआजी चिढ़ाते हुए दौड़े। उधर नृसिंह नोहरे के बाहर राजा (हिरणकश्यप) आ पहुंचे, तलवार घुमाते हुए आतंक मचाया, मूंछों पर ताव दीया। ब्रह्माजी, नारदजी के समझाने के बाद भी भक्त प्रहलाद को ठुकरा दीया गया। धीरे-धीरे जय-जय नृसिंह के जयकारों का घोष बढ़ने लगे। पात्रों को मंदिर में ले जाया गया। खंभे के कागज को संभालकर रखते हैं लोग शाम को 6:52 बजे भगवान नृसिंह खंभा फाड़कर प्रकट होते हैं। प्रहलाद को दुलारते हैं। अंत में भगवान नृसिंह मंदिर की छत पर भगवान नृसिंह भक्त प्रहलाद को दुलारते हैं। भक्त नृसिंह की पूंछ के फटकारों और कागज से बने खंभ के टुकड़ों को प्रसाद के रूप में लेते हैं। श्रद्धालु उसे अपनी तिजोरी में संभाल कर रखते हैं। मान्यता है कि इससे व्यापार में वृद्धि और घर में सुख समृद्धि आती है। मेला संयोजक साकेत बंसल ने बताया कि इससे पहले सुबह प्राकट्य आरती हुई, फूल बंगला सजाया गया था। हर उम्र के लोग बने मेले का हिस्सा मेले में महिलाएं, पुरुष, बुजुर्ग और बच्चे बड़ी संख्या में शामिल हुए। आसपास की इमारतों की छतों से भी लोगों ने इस अनूठे आयोजन का नजारा देखा। शहर ही नहीं, बल्कि आसपास के क्षेत्रों से भी श्रद्धालु यहां पहुंचे।
धमतरी में आंगनबाड़ी निर्माण पर रोक:जांच टीम को गुणवत्ता पर संदेह, सैंपल लिए; ठेकेदार पर सवाल
धमतरी में बन रहे एक आंगनबाड़ी भवन के निर्माण कार्य पर नगर निगम ने रोक लगा दी है। गुणवत्ता पर संदेह के चलते यह कार्रवाई की गई है। वार्डवासियों और युवा कांग्रेस के विरोध प्रदर्शन के बाद निगम ने यह कदम उठाया। यह मामला धमतरी नगर पालिक निगम के लाल बगीचा वार्ड का है, जहां जिला खनिज न्यास (डीएमएफ) मद से आंगनबाड़ी भवन का निर्माण हो रहा था। युवा कांग्रेस और स्थानीय वार्डवासियों ने निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठाते हुए नगर निगम कार्यालय के बाहर प्रदर्शन किया था। उन्होंने निगम के खिलाफ नारेबाजी भी की। निगम आयुक्त ने कार्रवाई का आश्वासन दिया प्रदर्शन के बाद, निगम आयुक्त प्रिया गोयल ने नियमानुसार कार्रवाई का आश्वासन दिया था। उनके निर्देश पर एक संयुक्त जांच टीम का गठन किया गया। इस टीम में नगर निगम धमतरी और लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) के अनुभवी अधिकारी शामिल थे। टीम ने मौके से जांच सैंपल लिए जांच टीम ने मौके पर पहुंचकर निर्माण स्थल का बारीकी से निरीक्षण किया। टीम ने उपयोग की जा रही सामग्री, कार्य की प्रगति और गुणवत्ता मानकों का सूक्ष्म परीक्षण किया। अवलोकन में ही गुणवत्ता को लेकर संदेह उत्पन्न हुआ, जिसके बाद तकनीकी जांच के लिए निर्माण सामग्रियों के सैंपल लिए गए। जांच रिपोर्ट आने तक निर्माण कार्य बंद के निर्देश निगम प्रशासन ने संबंधित ठेकेदार को तत्काल प्रभाव से निर्माण कार्य स्थगित करने के निर्देश दिए हैं। निगम ने स्पष्ट किया है कि जब तक परीक्षण रिपोर्ट प्राप्त नहीं हो जाती, तब तक निर्माण कार्य पूरी तरह से बंद रहेगा। नगर निगम ने यह भी कहा है कि प्राप्त होने वाली टेस्ट रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी। यदि गुणवत्ता में किसी प्रकार की कमी पाई जाती है, तो संबंधित एजेंसी या ठेकेदार के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी और सुधारात्मक कदम भी उठाए जाएंगे।
पन्ना में तेज हवाओं से उखड़ गए पेड़:पन्ना-अमानगंज मार्ग हुआ बंद, कई गांवों में बिजली गुल
मध्य प्रदेश के पन्ना जिले में गुरुवार 30 अप्रैल की शाम को तेज आंधी और बेमौसम बारिश ने भारी तबाही मचाई। इस प्राकृतिक आपदा से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया और पन्ना-अमानगंज मार्ग मुख्य रूप से प्रभावित हुआ। पिपरवाह निवासी ध्रुव अवस्थी ने बताया कि द्वारी और पिपरवाह के बीच दर्जनों बिजली के खंभे और विशालकाय पेड़ गिर गए। इससे पन्ना-अमानगंज मुख्य मार्ग पूरी तरह बंद हो गया, जिससे सड़क के दोनों ओर लगभग 5 किलोमीटर लंबा जाम लग गया और यात्री फंसे रहे। ओम प्रकाश विश्वकर्मा के अनुसार, बिजली के खंभे गिरने से पिपरवाह सहित दर्जनों गांवों की विद्युत आपूर्ति ठप हो गई। तूफान की तीव्रता इतनी अधिक थी कि कई ग्रामीणों के घरों की छतें (छप्पर और खपरैल) उड़ गईं। जगह-जगह गिरे पेड़ों ने रास्तों को अवरुद्ध कर दिया है, जिससे राहत कार्यों में बाधा आ रही है। तूफान के बाद हुई मूसलाधार बारिश ने मलबे और बिजली के तारों को हटाने के काम को और भी मुश्किल बना दिया। स्थानीय ग्रामीणों और राहगीरों ने जिला प्रशासन से तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है ताकि जल्द से जल्द मार्ग से मलबा हटाकर यातायात सुचारू किया जा सके और क्षतिग्रस्त खंभों को ठीक कर बिजली बहाल की जा सके।
रीवा में 12 केंद्रों पर NEET UG परीक्षा:3 मई को एग्जाम, नकल रोकने के लिए कड़ी निगरानी होगी
रीवा शहर में 3 मई को होने वाली NEET UG 2026 परीक्षा को लेकर प्रशासन पूरी तरह तैयार है। जिले में इस बार परीक्षा 12 केंद्रों पर आयोजित की जाएगी। परीक्षा शांतिपूर्ण और निष्पक्ष तरीके से हो, इसके लिए प्रशासन अलर्ट मोड में है। गुरुवार को कलेक्टर नरेंद्र कुमार सूर्यवंशी और पुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान ने अलग-अलग परीक्षा केंद्रों का निरीक्षण किया। उन्होंने वहां की व्यवस्थाएं देखीं और केंद्र प्रभारियों से तैयारियों की जानकारी ली। साथ ही जरूरी निर्देश भी दिए। नकल रोकने के लिए कड़ी निगरानी परीक्षा के दौरान नकल रोकने के लिए विशेष इंतजाम किए गए हैं। सभी केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तैनात रहेगा और सुरक्षा व्यवस्था पर खास नजर रखी जाएगी। निरीक्षण के दौरान अपर कलेक्टर सपना त्रिपाठी सहित अन्य प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद रहे। प्रशासन ने छात्रों से समय से पहले परीक्षा केंद्र पहुंचने, एडमिट कार्ड और जरूरी दस्तावेज साथ रखने और नियमों का पालन करने की अपील की है, ताकि परीक्षा बिना किसी परेशानी के संपन्न हो सके। व्यवस्थाओं को लेकर दिए निर्देश निरीक्षण के दौरान कलेक्टर ने कहा कि परीक्षार्थियों को किसी भी तरह की परेशानी नहीं होनी चाहिए। सभी केंद्रों पर पेयजल, शौचालय, बैठने की व्यवस्था, बिजली, सीसीटीवी कैमरे और जैमर जैसी सुविधाएं पूरी तरह ठीक रखी जाएं।
हरियाणा के हांसी में एक निजी बस के अंदर से लगभग 20 किलोग्राम चांदी चोरी होने का एक हैरान करने वाला मामला सामने आया है। शातिर चोरों ने इस वारदात को इतनी सफाई से अंजाम दिया कि उन्होंने बैग को अपनी जगह से हिलाया तक नहीं, लेकिन उसके अंदर रखा चांदी से भरा पॉलिथीन गायब कर दिया। फतेहाबाद निवासी व्यापारी दीपक सोनी के अनुसार, उनका कारीगर नवीन 30 अप्रैल की सुबह मथुरा से चांदी लेकर निजी ट्रेवल्स की बस द्वारा फतेहाबाद के लिए निकला था। नवीन ने सुरक्षा के लिहाज से करीब 20 किलो चांदी को एक पॉलिथीन में लपेटकर अपने बैग के अंदर रखा हुआ था। ढाबे पर नास्ते के लिए रुकी बस, इस दौरान वारदात घटना सुबह करीब 5:40 बजे की है, जब बस हांसी के पास एक पेट्रोल पंप (हवेली ढाबे के नजदीक) पर रुकी। बस स्टाफ द्वारा 15-20 मिनट के ब्रेक की घोषणा के बाद नवीन बस से नीचे उतरा। जब वह वापस अपनी सीट पर लौटा, तो बैग अपनी जगह पर सुरक्षित था, लेकिन चेन खोलने पर उसके होश उड़ गए। अंदर से चांदी का पॉलिथीन नदारद था। बस स्टाफ के व्यवहार पर उठे सवाल पीड़ित नवीन का आरोप है कि जब उसने इस चोरी के बारे में बस चालक और स्टाफ को बताया, तो उन्होंने सहयोग करने के बजाय उसके साथ अभद्र व्यवहार किया। इस संदिग्ध रवैये के कारण पुलिस और पीड़ित पक्ष का शक बस स्टाफ पर भी गहरा गया है। सूचना मिलते ही मालिक दीपक सोनी मौके पर पहुंचे और काफी खोजबीन की, लेकिन सफलता नहीं मिली। पुलिस खंगार रही सीसीटीवी फुटेज थाना सदर हांसी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस ने बताया कि भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 305 के तहत केस दर्ज किया गया है। पेट्रोल पंप और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली जा रही है बस स्टाफ और बस में सवार अन्य यात्रियों से भी गहन पूछताछ की जा रही है।
पुलिस के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताते हुए चंडीगढ़ कोर्ट ने जांच अधिकारी के खिलाफ अवमानना कार्रवाई के आदेश दिए हैं। मामला एक महिला से बदसलूकी, धमकी और रंगदारी मांगने से जुड़ा है, जिसमें पुलिस ने कोर्ट के आदेश के बावजूद दो साल तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं की। अदालत ने कहा कि पुलिस का रवैया बेहद लापरवाह है और यह न्यायिक प्रक्रिया का स्पष्ट दुरुपयोग है। कोर्ट ने साफ किया कि 13 अप्रैल 2024 को दिए गए आदेशों का पालन नहीं किया गया तो संबंधित आईओ के खिलाफ अवमानना की कार्रवाई की जाएगी। जानिए क्या है पूरा मामलायह मामला पंजाब की एक म्यूजिक कंपनी के मालिक की पत्नी से जुड़ा है। सेक्टर-36 थाना पुलिस ने साल 2021 में हरियाणा निवासी गायक गुनदीप सिंह के खिलाफ एफआईआर दर्ज की थी। आरोप था कि उसने महिला से बदसलूकी की, धमकियां दीं और पैसे की मांग की। हालांकि, पुलिस ने 2023 में इस मामले में कैंसिलेशन रिपोर्ट दाखिल कर दी, जिसका पीड़ित महिला ने विरोध किया। इसके बाद अदालत ने 13 अप्रैल 2024 को मामले की दोबारा जांच के आदेश दिए थे और स्पष्ट कहा था कि जांच किसी महिला पुलिस अधिकारी से कराई जाए। कोर्ट के आदेशों की अनदेखीपीड़ित पक्ष के वकील दीक्षित अरोड़ा के अनुसार, पुलिस ने जानबूझकर मामले में देरी की और आरोपी को बचाने की कोशिश की। अदालत के आदेश के बावजूद दो साल तक न तो दोबारा जांच पूरी की गई और न ही महिला पुलिस अधिकारी को जांच सौंपी गई। अदालत ने कहा कि पुलिस का रवैया लापरवाह है और ऐसा लगता है कि उसे कोर्ट के आदेशों की कोई परवाह नहीं है। परफॉर्मेंस ठीक न होने पर विवाद शिकायत के मुताबिक, अगस्त 2017 में गायक गुनदीप सिंह महिला के पास गाना रिकॉर्ड कराने आया था। परफॉर्मेंस ठीक न होने पर विवाद हो गया। इसके बाद आरोपी ने महिला को धमकाना शुरू कर दिया और बदनाम करने की धमकी देकर पैसे मांगे। महिला के पति ने करीब 1.80 लाख रुपए भी दिए, लेकिन आरोपी नहीं माना और सोशल मीडिया पर बदनाम करने लगा। 2 जनवरी 2021 को उसने लाइव आकर महिला के खिलाफ अपशब्द कहे और धमकियां दीं। इसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आरोपी को गिरफ्तार किया था, हालांकि बाद में उसे जमानत मिल गई।
नृसिंह जयंती पर गुरुवार को पुरानी धानमंडी में रायजी मोडा की गली स्थित प्राचीन नृसिंह मंदिर में नृसिंह लीला हुई। संध्या समय पर भगवान नृसिंह खंभ फाड़कर प्रकट हुए और हिरण्यकश्यप से भक्त प्रहलाद की रक्षा की। भगवान सिंह की यह लीला देखने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। इस मौके पर लोगों ने भक्त प्रहलात और नृसिंह भगवान के जयकारे लगाए। मंदिर कमेटी के अनुसार यह आयोजन बीते 200 सालों से किया जा रहा है। ढोल की थाप पर किया गुणगान रायजी मोड़ा की गली स्थित नृसिंह मंदिर पर भगवान नृसिंह का प्राकट्योत्सव मनाया गया। शाम को ढोल की थाप पर श्रद्धालुओं ने भगवान का गुणगान किया। ढोल की थाप व जयकारों के बीच हिरण्यकश्यप ने दौड़-दौड़ कर भक्त प्रहलाद की ओर जाने के साथ ही उसे डराने की कोशिश की। सूर्यास्त होते ही भगवान नृसिंह खंभ फाड़ प्रकट हुए और प्रहलाद की रक्षा की। छतों और मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे भगवान की इस लीला को देखने के लिए मंदिर के पास की गलियों, मकानों की छतों व मंदिर के बाहर बड़ी संख्या में श्रद्धालु जमा हुए और भगवान के जयकारे लगे। हिरण्यकश्यप वध के बाद महाआरती हुई और भक्तों को प्रसाद बांटा गया। इस मंदिर में यह आयोजन पिछले 100 सालों से किया जा रहा है।
ग्वालियर में वार्ड 21 से बीजेपी पार्षद बृजेश श्रीवास के नेतृत्व में स्थानीय निवासियों ने नगर निगम मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सीवर, सड़क और पेयजल जैसी बुनियादी समस्याओं को लेकर किया गया। प्रदर्शनकारियों ने धरना दिया और ढोलक बजाकर 'सीताराम-राधेश्याम' की धुन पर विरोध जताते हुए प्रशासन का ध्यान आकर्षित करने का प्रयास किया। वार्ड में पिछले कई दिनों से स्थिति गंभीर बनी हुई है। सड़कों की खुदाई के बाद उन्हें ठीक नहीं किया गया है, जिससे आवागमन में बाधा आ रही है। सीवर लाइन की समस्या के कारण गंदा पानी सड़कों पर बह रहा है, जिससे बदबू फैल रही है और बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। इसके अतिरिक्त, पेयजल संकट भी गहराया हुआ है, और कई घरों में पानी की आपूर्ति बाधित है। चार घंटे तक नहीं पहुंचे अधिकारी पार्षद बृजेश श्रीवास ने बताया कि उन्होंने इन समस्याओं के संबंध में नगर निगम अधिकारियों से कई बार शिकायत की थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लगातार अनदेखी के कारण उन्हें और रहवासियों को मजबूरन नगर निगम मुख्यालय पर धरना देना पड़ा। उन्होंने आरोप लगाया कि जिम्मेदार अधिकारी जनता की समस्याओं के प्रति गंभीर नहीं हैं। धरना शुरू होने के बाद लगभग चार घंटे तक नगर निगम का कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे प्रदर्शनकारियों में नाराजगी बढ़ गई। बाद में, नगर निगम के अपर आयुक्त घटनास्थल पर पहुंचे और आंदोलनकारियों से बातचीत की। उन्होंने समस्याओं के शीघ्र समाधान का आश्वासन दिया। अपर आयुक्त के आश्वासन के बाद पार्षद और निवासियों ने अपना प्रदर्शन समाप्त कर दिया। हालांकि, उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि समस्याओं का जल्द समाधान नहीं किया गया, तो वे फिर से उग्र आंदोलन करने को विवश होंगे।
झोटवाड़ा विधानसभा क्षेत्र में लंबित विकास कार्यों को गति देने के लिए कैबिनेट मंत्री और विधायक कर्नल राज्यवर्धन सिंह राठौड़ ने गुरुवार को उच्चस्तरीय समन्वय बैठक आयोजित की। बैठक में जयपुर विकास प्राधिकरण, राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण, लोक निर्माण विभाग, जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग, जयपुर विद्युत वितरण निगम लिमिटेड, राजस्थान विद्युत प्रसारण निगम लिमिटेड और नगर निगम सहित कई विभागों के वरिष्ठ अधिकारी शामिल हुए। बैठक में राठौड़ ने स्पष्ट कहा- हर काम निर्धारित समय सीमा और गुणवत्ता के साथ पूरा होना चाहिए। उन्होंने जनसंवाद से मिली समस्याओं और सुझावों को तुरंत एक्शन मोड में लागू करने के निर्देश दिए। सड़कों और इंफ्रास्ट्रक्चर पर विशेष फोकस सड़क परियोजनाओं की समीक्षा करते हुए सिरसी-हाथोज लिंक रोड, महाराणा प्रताप रोड (रंगोली गार्डन तक), कालवाड़ रोड, खिरणी फाटक से कनकपुरा मार्ग और बिंदायका क्षेत्र की सड़कों को तय समय में पूरा करने के निर्देश दिए गए। वार्ड 47, 48, 51 और 53 में सीवरेज व ड्रेनेज कार्यों की प्रगति की समीक्षा की गई। सिरसी रोड से मुंडियारामसर तक ड्रेनेज व्यवस्था, गोकुलपुरा और गिरधारीपुरा में जलभराव की समस्या के स्थायी समाधान पर जोर दिया गया। आगामी मानसून को देखते हुए प्री-मानसून तैयारियां सुनिश्चित करने के निर्देश भी दिए गए। रेलवे ओवरब्रिज और अंडरपास परियोजनाओं की समीक्षा नगर निगम को 206 बीघा डंपिंग यार्ड और कचरा निस्तारण की व्यवस्था सुधारने के निर्देश दिए गए। वैशाली नगर और बालाजी विहार सहित सभी कॉलोनियों में साफ-सफाई बेहतर करने पर जोर दिया गया। सिरसी-हाथोज ROB, बिंदायका रेलवे स्टेशन RUB और धानक्या क्षेत्र की परियोजनाओं को तेजी से आगे बढ़ाने और विभागीय समन्वय मजबूत करने के निर्देश दिए गए। पेयजल और बिजली व्यवस्था पर प्राथमिकता ट्यूबवेल, OHSR और बीसलपुर जल परियोजना से जुड़े लंबित कार्यों की समीक्षा करते हुए पानी की समस्या वाले क्षेत्रों में प्राथमिकता से समाधान के निर्देश दिए गए।बिजली व्यवस्था के तहत 11 केवी और 132 केवी लाइनों को भूमिगत करने से जुड़े सुरक्षा मुद्दों को तत्काल सुलझाने को कहा गया। जनसंवाद से समाधान तक स्पष्ट विजन राठौड़ ने कहा कि “जनसंवाद से समाधान तक का सफर तभी पूरा होगा, जब सभी विभाग मिलकर काम करेंगे और जनता को वास्तविक बदलाव दिखेगा।” उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग और समयबद्ध कार्य प्रणाली पर जोर दिया।
विदिशा के करारिया थाना क्षेत्र में गुरुवार को हुए एक सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल युवक की इलाज के दौरान मौत हो गई। इस दुर्घटना में उसकी पत्नी और एक वर्षीय बेटा भी घायल हुए हैं, जिनका जिला अस्पताल में उपचार चल रहा है। जानकारी के अनुसार, 30 वर्षीय आकाश धाकड़ अपनी पत्नी आरती धाकड़ और एक वर्षीय बच्चे के साथ शमशाबाद के डगर बाड़ा जा रहे थे। शमशाबाद रोड पर सुलतानिया मोड़ के पास उनकी कार दुर्घटनाग्रस्त हो गई, जिससे तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों को तत्काल जिला अस्पताल ले जाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद आकाश की गंभीर हालत को देखते हुए उसे भोपाल रेफर किया गया था। हालांकि, भोपाल ले जाते समय रास्ते में ही आकाश ने दम तोड़ दिया। इसके बाद शव को वापस जिला अस्पताल लाकर पोस्टमार्टम कराया गया। हादसे में घायल आरती धाकड़ और उनका एक वर्षीय बेटा जिला अस्पताल में भर्ती हैं और उनका उपचार जारी है। बताया गया है कि आरती धाकड़ इसी अस्पताल में नर्सिंग स्टाफ के रूप में कार्यरत हैं। पुलिस ने इस मामले में केस दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
धार भोजशाला मामले में गुरुवार को मध्य प्रदेश हाईकोर्ट इंदौर बेंच में अहम सुनवाई हुई, जो करीब ढाई घंटे तक चली। सुनवाई के दौरान कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी पक्ष ने कई ऐतिहासिक और कानूनी तर्क प्रस्तुत किए। कमाल मौलाना वेलफेयर सोसायटी की ओर से एडवोकेट तौसिफ वारसी ने दलील दी कि हिंदू पक्ष द्वारा कोर्ट में ऐतिहासिक तथ्यों को लेकर भ्रामक प्रस्तुतीकरण किया गया है। उन्होंने कहा कि ब्रिटिश म्यूजियम में रखी मूर्ति मां सरस्वती की नहीं, बल्कि जैन धर्म की देवी अंबिका की है। ब्रिटिश उच्चायोग के पत्र का हवाला वारसी ने अपने तर्कों के समर्थन में ब्रिटिश उच्चायोग के अधिकारी सर रॉब यंग द्वारा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह को लिखे गए पत्र का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक दस्तावेजों और साहित्य में भी भोजशाला में सरस्वती प्रतिमा होने का उल्लेख नहीं मिलता। भोजशाला शुरू से मस्जिद एडवोकेट वारसी ने दावा किया कि भोजशाला शुरू से ही कमाल मौलाना मस्जिद रही है और इसे लेकर गलत धारणाएं प्रस्तुत की जा रही हैं। ASI और सरकार के रुख पर सवाल वारसी ने भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) और सरकार के रुख पर भी सवाल उठाए। उनका कहना था कि एएसआई ने दोनों याचिकाओं में अलग-अलग जवाब प्रस्तुत किए हैं, जबकि सरकार को निष्पक्ष भूमिका निभानी चाहिए। अगली सुनवाई 4 मई को मामले की अगली सुनवाई 4 मईको होगी। इसमें सीनियर एडवोकेट सलमान खुर्शीद एएसआई द्वारा प्रस्तुत वीडियोग्राफी को लेकर अपने तर्क रखेंगे।
सवाई माधोपुर में बदला मौसम, जमूलखेड़ा में गिरे ओले:आंधी के बाद हुई बारिश; भीषण गर्मी से मिली राहत
सवाई माधोपुर में गुरुवार शाम को अचानक मौसम बदल गया। दोपहर बाद करीब 4 बजे तेज आंधी चली, जिससे जनजीवन प्रभावित हो गया। आंधी के साथ आसमान में घने काले बादल छा गए और कुछ ही देर में बारिश का दौर शुरू हो गया। तेज हवाओं के कारण कई जगह धूलभरी आंधी भी चली, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। अचानक बदला मौसम शहर के पुराने इलाके में हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई। इससे उमस भरी गर्मी से राहत मिली। ग्रामीण क्षेत्रों में मौसम का असर और अधिक देखने को मिला। सवाई माधोपुर के नजदीकी जमूलखेड़ा और कुतलपुरा गांव में तेज ओलावृष्टि हुई। करीब 15-20 मिनट तक चने के आकार के ओले गिरे, जिससे खेतों और खुले स्थानों पर सफेद चादर बिछ गई। अचानक हुई इस ओलावृष्टि से किसानों को नुकसान की आशंका भी जताई जा रही है। हालांकि अभी तक किसी बड़े नुकसान की जानकारी सामने नहीं आई है। मौसम में आए इस बदलाव के बाद तापमान में गिरावट दर्ज की गई और ठंडक महसूस की गई। लोगों ने इसे गर्मी से राहत के रूप में लिया, वहीं मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में मौसम में ऐसे ही बदलाव की संभावना बनी रह सकती है।
महू के मेन स्ट्रीट स्थित नरसिंह मंदिर और गोपाल मंदिर में गुरुवार को नृसिंह प्रकट महोत्सव श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया। इस धार्मिक अवसर पर विशेष पूजा-अर्चना और भव्य शोभायात्रा का आयोजन किया गया, जिसमें बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिकों और श्रद्धालुओं ने सहभागिता की। दोपहर 12 बजे हुआ नृसिंह स्वरूप का श्रृंगार उत्सव के दौरान दोपहर 12 बजे भगवान गोपालकृष्ण का नृसिंह स्वरूप में विशेष श्रृंगार किया गया। मंदिर के पट खुलते ही भक्तों ने जयघोष के साथ दर्शन किए। आरती के बाद आयोजित धार्मिक कथा में श्रद्धालुओं ने भगवान नृसिंह के अवतार की महिमा सुनी, जिसके बाद प्रसाद वितरण किया गया। गोपाल मंदिर से लक्ष्मी नारायण मंदिर तक शोभायात्रा शाम 7 बजे गोपाल मंदिर से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो लक्ष्मी नारायण मंदिर पर संपन्न हुई। सांघी स्ट्रीट और मेन स्ट्रीट के प्रमुख मार्गों से गुजरी इस यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बना। शोभायात्रा के मार्ग पर जगह-जगह पुष्पवर्षा कर स्वागत किया गया। शहर में बना रहा भक्तिमय माहौल मेन स्ट्रीट स्थित प्राचीन नरसिंह मंदिर में भी प्रकट उत्सव के उपलक्ष्य में विभिन्न अनुष्ठान आयोजित किए गए। इन आयोजनों के चलते पूरे महू शहर में दिनभर भक्ति का वातावरण बना रहा। प्रशासन और आयोजकों द्वारा भीड़ को देखते हुए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे।

