जोधपुर की बासनी थाना पुलिस ने लोगों और मजदूरों के नाम पर फर्जी सिम और किराए पर बैंक खाते लेकर साइबर ठगी करने वाले एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस पिछले 18 महीने से फरार चल रहे आरोपी अभय उर्फ अवॉय को कोलकाता (पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार कर जोधपुर लेकर आई है। इसी आरोपी ने जोधपुर में साल 2024 में एक व्यक्ति के साथ 42 लाख रुपए की साइबर ठगी की थी। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि यह आरोपी देशभर में कई लोगों के साथ ठगी की वारदातों को अंजाम दे चुका है। इसे पकड़ने के लिए जोधपुर पुलिस ने लगातार तीन दिन तक उसकी रेकी की और इसके बाद उसे एक किराए के मकान से गिरफ्तार किया। पुलिस आरोपी को कोलकाता की कोर्ट में पेश कर ट्रांजिट रिमांड पर जोधपुर लेकर आई है। प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी हर ठगी के बाद अपनी लोकेशन बदल देता था, ताकि वह पुलिस की पकड़ में न आ सके। मेंबरशिप के नाम पर की थी ठगी, एक साथी पहले ही हो चुका है गिरफ्तार बासनी थानाधिकारी नितिन दवे ने बताया कि 10 जनवरी 2025 को पीड़ित ने साइबर थाने में एक रिपोर्ट दी थी। इसमें बताया गया था कि 14 नवंबर 2024 को उसके पास एक युवती का फोन आया था। आरोपी युवती ने पीड़ित को 'वीवीआईपी क्लब फ्रेंड्स फॉर एवर' से जुड़ने का झांसा देकर मेंबरशिप के नाम पर 1950 रुपए मांगे थे। इसके बाद, इस राशि को रिफंड करने और अन्य बहानों से 14 नवंबर 2024 से लेकर 29 दिसंबर 2024 तक पीड़ित से कुल 42 लाख 23 हजार 141 रुपए की साइबर ठगी कर ली गई। जब पीड़ित को अहसास हुआ कि उसके साथ साइबर ठगी हो रही है, तो उसने साइबर थाने में मामला दर्ज करवाया। मामले की जांच करते हुए जनवरी 2025 में ठग गिरोह के सरगना अजय ओझा (26) को गिरफ्तार (डिटेन) किया गया था, जो रामपुरा मोहनपुर (पुलिस थाना मोहनपुर, जिला पश्चिम मेदिनीपुर, पश्चिम बंगाल) का निवासी है। गिरफ्तारी के समय अजय के पास से मोबाइल, लैपटॉप और एक डायरी भी बरामद हुई थी। इस कार्रवाई के दौरान उसका साथी अभय फरार हो गया था, जिसकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार पश्चिम बंगाल के रामपुरा भेजी जा रही थीं। लेकिन, शातिर अभय हर बार साइबर ठगी को अंजाम देने के बाद अपने ठिकाने बदल लेता था, जिससे वह पुलिस के हाथ नहीं आ रहा था। मोबाइल नंबर और बैंक अकाउंट से चला था कोलकाता का पता आरोपी की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार उसे ट्रेस करने का प्रयास कर रही थीं। टीम ने जब बैंक अकाउंट, मोबाइल नंबर, आईपी (IP) डिटेल और डिजिटल ट्रांजैक्शन की कड़ियों को जोड़ा, तो आरोपी की लोकेशन कोलकाता की निकली। इसके बाद पुलिस कमिश्नर राजेंद्र सिंह, पुलिस उपायुक्त (पश्चिम) कमल कुमार शेखावत और अतिरिक्त पुलिस उपायुक्त (जोधपुर पश्चिम) चंचल मिश्रा के सुपरविजन में तथा बासनी थानाधिकारी नितिन दवे के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। टीम में शामिल एएसआई भूपेंद्र सिंह, कॉन्स्टेबल शंकरलाल और राजेश को कोलकाता भेजा गया, जहां उन्होंने लगातार तीन दिन तक रेकी की। इसके बाद टीम ने आरोपी अभय को नवदिगंतो कॉलोनी (पुलिस स्टेशन पांच्या सायर, कोलकाता, पश्चिम बंगाल) से गिरफ्तार कर लिया। आम लोगों और मजदूरों के खातों को लेते थे किराए पर प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी एक बड़े साइबर ठगी गिरोह से जुड़ा हुआ है। अभय आम लोगों और गरीब मजदूरों के बैंक अकाउंट किराए पर लेता था और उन्हीं के नाम पर फर्जी सिम भी एक्टिवेट करवाता था। इन्हीं मोबाइल नंबरों और बैंक खातों का इस्तेमाल करके वह ठगी की वारदातों को अंजाम देता था। थानाधिकारी ने बताया कि यह गिरोह देश के कई राज्यों में ठगी की वारदातें कर चुका है। आरोपी को जोधपुर कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया जाएगा। इस पूरी कार्रवाई में बासनी थानाधिकारी नितिन दवे, एएसआई भूपेंद्र सिंह, साइबर सेल के हेड कॉन्स्टेबल प्रेम चौधरी, कॉन्स्टेबल दलाराम, शंकरलाल, मूँगा राम और राजेश शामिल रहे।
भिलाई में साइबर ठगी का एक बड़ा मामला सामने आया है, जहां अज्ञात साइबर अपराधियों ने एक व्यक्ति के बैंक खाते से फर्जी यूपीआई लेनदेन के जरिए 2 लाख 61 हजार 825 रुपए पार कर दिए। पीड़ित को ठगी की जानकारी तब हुई जब उसने एक होटल में 60 रुपए का भुगतान करने के बाद अपने खाते का बैलेंस चेक किया। पुलिस के मुताबिक, बैकुंठ नगर कैंप-2 निवासी राजेश विश्वकर्मा (46) ने छावनी थाना में शिकायत दर्ज कराई है। उन्होंने बताया कि 14 मई से 18 मई के बीच उनके बैंक ऑफ बड़ौदा खाते से अज्ञात व्यक्ति द्वारा यूपीआई माध्यम से विभिन्न खातों में रकम ट्रांसफर की गई। होटल में भुगतान के बाद हुआ खुलासा राजेश विश्वकर्मा ने बताया कि 18 मई की शाम करीब 7 बजे उन्होंने पावर हाउस स्थित एक होटल में यूपीआई के जरिए 60 रुपए का भुगतान किया था। भुगतान के बाद जब उन्होंने खाते का बैलेंस देखा तो राशि काफी कम दिखाई दी। इसी दौरान उनके मोबाइल पर खाते से 70 हजार रुपए कटने का मैसेज भी प्राप्त हुआ। लगातार लेनदेन की जानकारी मिलने पर उन्होंने खाते की जांच की, जिसमें कुल 2 लाख 61 हजार 825 रुपए की अवैध निकासी का खुलासा हुआ। बैंक खाते से फर्जी तरीके से हुई रकम की निकासी पीड़ित के अनुसार, उनके बैंक खाते से बिना अनुमति और जानकारी के कई यूपीआई ट्रांजेक्शन किए गए। रकम अलग-अलग खातों में ट्रांसफर की गई है। ठगी का पता चलते ही उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी और लिखित शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। साइबर धोखाधड़ी का मामला दर्ज शिकायत और प्रारंभिक जांच के बाद पुलिस ने इसे साइबर फ्रॉड का मामला मानते हुए अज्ञात आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 318(4) के तहत अपराध दर्ज कर लिया है। डिजिटल रिकॉर्ड खंगाल रही पुलिस पुलिस अब उन बैंक खातों, यूपीआई आईडी और मोबाइल नंबरों की जांच कर रही है, जिनमें रकम ट्रांसफर की गई। साइबर सेल की मदद से ट्रांजेक्शन की तकनीकी जांच की जा रही है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बैंकिंग रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। मामले की विस्तृत जांच जारी है।
नगरीय प्रशासन एवं विकास विभाग के अपर संचालक और रायपुर जिले के नगरीय निकाय प्रभारी पुलक भट्टाचार्य ने शुक्रवार को रायपुर नगर निगम, बिरगांव नगर निगम समेत जिले के सभी नगरीय निकायों के अधिकारियों की समीक्षा बैठक ली। बैठक में विकास कार्यों की धीमी रफ्तार पर उन्होंने नाराजगी जताई और अधिकारियों को फटकार लगाते हुए कामों में तत्काल तेजी लाने के निर्देश दिए। समीक्षा के दौरान अपर संचालक ने प्रधानमंत्री आवास योजना, अमृत मिशन 2.0, पीएम स्वनिधि, 15वें वित्त आयोग मद, अधोसंरचना परियोजनाओं और अन्य केंद्र व राज्य प्रवर्तित योजनाओं की प्रगति की जानकारी ली। कई योजनाओं में अपेक्षित प्रगति नहीं मिलने पर उन्होंने अधिकारियों से जवाब तलब किया। भट्टाचार्य ने स्पष्ट कहा कि विकास कार्यों में लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। सभी परियोजनाओं की नियमित मॉनिटरिंग कर उन्हें तय समयसीमा के भीतर गुणवत्ता के साथ पूरा किया जाए। उन्होंने लंबित कार्यों को प्राथमिकता के आधार पर पूरा करने के निर्देश दिए। राजस्व वसूली पर भी जताई चिंता बैठक में वर्ष 2025-26 के राजस्व वसूली अभियान की समीक्षा भी की गई। अपर संचालक ने निकायों को निर्धारित लक्ष्य के अनुरूप राजस्व वसूली सुनिश्चित करने के निर्देश देते हुए कहा कि आर्थिक संसाधनों की मजबूती के बिना विकास कार्यों को गति देना संभव नहीं है। सीएम हेल्पलाइन की तैयारियों का लिया जायजा अपर संचालक ने प्रस्तावित सीएम हेल्पलाइन को लेकर प्रारंभिक प्रशासनिक तैयारियों की भी समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों से शिकायतों के त्वरित निराकरण और जन सुविधाओं को बेहतर बनाने के लिए सभी व्यवस्थाएं समय पर पूर्ण करने को कहा। बैठक में बिरगांव नगर निगम आयुक्त, रायपुर नगर निगम के अपर आयुक्त लोकेश्वर साहू, विनोद पांडेय, कृष्णा खटीक, मुख्य अभियंता संजय बागड़े, उपायुक्त डॉ. अंजलि शर्मा, स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. तृप्ति पाणिग्रही, कार्यपालन अभियंताओं सहित जिले के सभी नगरीय निकायों के मुख्य नगर पालिका अधिकारी और उप अभियंता मौजूद रहे। अपर संचालक की सख्त नाराजगी के बाद अब निगाहें इस बात पर हैं कि रायपुर जिले के नगरीय निकाय लंबित विकास कार्यों को कितनी तेजी से जमीन पर उतार पाते हैं।
राजधानी जयपुर में शनिवार शाम मौसम का मिजाज अचानक बदल गया। तेज आंधी, बारिश और खराब विजिबिलिटी के कारण जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट पर हवाई यातायात प्रभावित हो गया। खराब मौसम की वजह से कई विमानों की लैंडिंग में दिक्कतें आईं, जिससे यात्रियों को भी परेशानी का सामना करना पड़ा। दरअसल, इंडिगो की सूरत से जयपुर आने वाली फ्लाइट 6E-6852 और लखनऊ से जयपुर पहुंचने वाली फ्लाइट 6E-7027 निर्धारित समय पर जयपुर एयरपोर्ट पर लैंड नहीं कर सकीं। दोनों विमान लंबे समय तक जयपुर के आसमान में चक्कर लगाते रहे और मौसम साफ होने का इंतजार करते रहे। हालांकि मौसम में सुधार नहीं होने और सुरक्षित लैंडिंग की परिस्थितियां नहीं बनने के कारण सूरत से जयपुर आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E-6852 को आखिरकार दिल्ली एयरपोर्ट के लिए डायवर्ट कर दिया गया। विमान को जयपुर में उतारने की बजाय दिल्ली भेजा गया। ताकि पैसेंजर्स की सुरक्षा सुनिश्चित की जा सके। वहीं लखनऊ से जयपुर आ रही इंडिगो फ्लाइट 6E-7027 भी काफी देर तक होल्ड पर रही और एयर ट्रैफिक कंट्रोल की ओर से मौसम की स्थिति पर लगातार नजर रखी गई। एयरपोर्ट अधिकारियों के अनुसार खराब मौसम के कारण उड़ानों के संचालन पर लगातार असर पड़ रहा है और मौसम सामान्य होने के बाद ही नियमित लैंडिंग और टेकऑफ संभव हो पाएंगे। मौसम विभाग के अनुसार जयपुर और आसपास के क्षेत्रों में तेज हवाओं के साथ बारिश का दौर जारी है। अचानक बदले मौसम ने न केवल सड़क यातायात बल्कि हवाई सेवाओं को भी प्रभावित किया है। तेज हवाओं और कम दृश्यता के कारण पायलटों को लैंडिंग में अतिरिक्त सावधानी बरतनी पड़ रही है। जयपुर एयरपोर्ट पर मौसम की स्थिति को देखते हुए एयर ट्रैफिक कंट्रोल, एयरलाइन कंपनियां और एयरपोर्ट प्रबंधन लगातार समन्वय बनाए हुए हैं। पैसेंजर्स को भी सलाह दी गई है कि वे अपनी उड़ान की ताजा स्थिति जानने के लिए एयरलाइन से संपर्क में रहें, क्योंकि मौसम के कारण उड़ानों के समय में बदलाव या डायवर्जन की संभावना बनी हुई है।
हांसी पुलिस ने एक दुकानदार के बेटे पर हुए हमले के मामले में तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। यह हमला त्रिकोणा पार्क स्थित मशहूर दरिया गोलगप्पे वाले के बेटे हरीश पर हुआ था, जिसमें वह गंभीर रूप से घायल हो गए थे। पुलिस ने आरोपियों की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल किए गए लोहे के डंडे और एक कार भी बरामद की है। थाना शहर पुलिस ने घायल हरीश कुमार निवासी हांसी की शिकायत पर मामला दर्ज किया था। शिकायतकर्ता ने बताया कि 2 जून की रात उसकी दुकान के बाहर तीन युवकों ने लोहे के डंडों से उस पर हमला कर गंभीर रूप से घायल कर दिया था। प्राथमिक उपचार के बाद हरीश को नागरिक अस्पताल हांसी से अग्रोहा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया था। पीड़ित परिवार ने दिया था धरना इस घटना के बाद सर्व व्यापार मंडल और विभिन्न राजनीतिक दलों के लोगों ने पीड़ित परिवार के साथ मिलकर धरना भी दिया था, जिससे मामले में कार्रवाई का दबाव बढ़ा। पुलिस ने मामले की जांच के दौरान घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, गवाहों के बयान और अन्य साक्ष्यों को खंगाला। इन सबूतों के आधार पर पुलिस ने तरुण, राहुल, और अमित सभी निवासी बोगीराम कॉलोनी, हांसी को गिरफ्तार किया। पूछताछ के दौरान, तीनों आरोपियों ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की। उनकी निशानदेही पर हमले में इस्तेमाल किए गए दो लोहे के डंडे बरामद किए गए। इसके अतिरिक्त, वारदात के बाद उपयोग की गई एक कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया है।
गुरुग्राम में सरकारी अस्पताल की जर्जर हालत और चिकित्सा सुविधाओं के अभाव को लेकर स्थानीय लोगों और कांग्रेस नेताओं ने विरोध प्रदर्शन किया। कांग्रेस एससी सेल के उपाध्यक्ष अनूप धानक और कांग्रेस सेवा दल अध्यक्ष कृष्ण सैनी ने पुराने अस्पताल स्थल पर पहुंचकर हरियाणा की भाजपा सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार झूठे वादे कर रही है और पुराने अस्पताल को तोड़ने के बाद अब तक नए अस्पताल की व्यवस्था नहीं की गई है। नेताओं ने बताया कि सेक्टर-10 के अस्पताल में भी पर्याप्त सुविधाएं नहीं हैं। मरीजों को एम्स के लगाने पड़ रहे चक्कर इस कारण गुरुग्राम की विभिन्न कॉलोनियों के गरीब और बुजुर्गों को इलाज के लिए दिल्ली के एम्स (AIIMS) के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। यह स्थिति सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं की कमी को उजागर करती है। विपक्षी नेताओं ने सरकार की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए कहा कि नगर निगम में पार्षद, विधायक और सांसद सभी भाजपा के हैं, फिर भी जनता की बुनियादी समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है। उन्होंने कहा कि जब सत्ताधारी दल जनता के काम करने में विफल है, तो कांग्रेस को जनता के अधिकारों की लड़ाई के लिए आगे आना होगा। हर रविवार को होगी भूख हड़ताल अपनी मांगों को लेकर कांग्रेस नेताओं और स्थानीय नागरिकों ने अब बड़े आंदोलन का रास्ता चुना है। नेताओं ने घोषणा की कि आगामी 14 तारीख (रविवार) से वे सुबह 9 बजे से शाम 5 बजे तक बिना अन्न-जल ग्रहण किए भूख हड़ताल पर बैठेंगे। उन्होंने प्रशासन को अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि उन्हें शांतिपूर्ण तरीके से टेंट लगाकर प्रदर्शन नहीं करने दिया गया, तो वे जेल जाने को भी तैयार हैं। यह भूख हड़ताल अस्पताल बनने तक हर रविवार को जारी रहेगी।
कानपुर में 8, 9 और 10 जून को आयोजित होने वाली पुलिस भर्ती परीक्षा को लेकर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। परीक्षा को निष्पक्ष, पारदर्शी और शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए कमिश्नरेट पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ ने संयुक्त रूप से रेलवे स्टेशनों और अन्य संवेदनशील स्थानों पर व्यापक चेकिंग अभियान चलाया। परीक्षा केंद्रों के आसपास भी विशेष निगरानी रखी जा रही है। कानपुर सेंट्रल पर संयुक्त जांच अभियान डीसीपी ट्रैफिक रवींद्र कुमार, आरपीएफ के सहायक सुरक्षा आयुक्त विवेक वर्मा, जीआरपी सीओ दुष्यंत सिंह, जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह और आरपीएफ प्रभारी एस.एन. पाटीदार के नेतृत्व में संयुक्त टीम ने कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन पर सघन जांच अभियान चलाया। इस दौरान स्टेशन परिसर, प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और बाहरी क्षेत्रों में संदिग्ध व्यक्तियों एवं सामानों की गहन तलाशी ली गई। सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत बनाने के लिए डॉग स्क्वायड और बम निरोधक दस्ते की सहायता से संवेदनशील स्थानों की भी जांच की गई। रेलवे स्टेशनों पर आने-जाने वाले अभ्यर्थियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए अतिरिक्त पुलिस बल तैनात किया गया है। ट्रेनों और परीक्षा केंद्रों पर विशेष निगरानी संयुक्त टीम ने विभिन्न ट्रेनों में भी चेकिंग अभियान चलाकर यात्रियों की जांच की और संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी। वहीं कमिश्नरेट पुलिस ने परीक्षा केंद्रों के आसपास भ्रमण कर सुरक्षा इंतजामों का जायजा लिया और केंद्र प्रभारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि नकल कराने वाले गिरोह, फर्जी अभ्यर्थी, दलालों और कानून-व्यवस्था बिगाड़ने की कोशिश करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। सोशल मीडिया पर भी विशेष निगरानी रखी जा रही है ताकि अफवाहों और भ्रामक सूचनाओं पर तत्काल रोक लगाई जा सके। अभ्यर्थियों से समय पर पहुंचने की अपील पुलिस प्रशासन ने अभ्यर्थियों से परीक्षा केंद्र पर समय से पहुंचने, प्रवेश पत्र और वैध पहचान पत्र साथ रखने की अपील की है। साथ ही किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा गया है। सुरक्षा अभियान के चलते रेलवे स्टेशन, बस अड्डों और परीक्षा केंद्रों के आसपास पुलिस की सक्रिय मौजूदगी दिखाई दे रही है, जिससे अभ्यर्थियों और उनके परिजनों में भरोसा और सुरक्षा की भावना मजबूत हुई है।
धार की ऐतिहासिक भोजशाला के गर्भगृह में मां वाग्देवी की अष्टधातु की प्रतिमा शनिवार को रखी मिली। भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के अधिकारियों ने कुछ ही घंटों में इसे हटा दिया। इस घटना ने भोजशाला की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जानकारी के अनुसार, शनिवार शाम को भोजशाला के गर्भगृह में अचानक यह प्रतिमा दिखाई दी। मामला एएसआई के संज्ञान में आने के बाद अधिकारियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए प्रतिमा को उसके स्थान से हटा दिया। प्रतिमा किसने और कब रखी, इसका खुलासा अभी नहीं हो पाया है। इस घटनाक्रम के बाद भोजशाला की सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। परिसर के बाहरी हिस्से में पुलिस चौकी है और अंदर एएसआई के सुरक्षा गार्ड तैनात रहते हैं। इसके बावजूद गर्भगृह तक प्रतिमा का पहुंचना एक बड़ी सुरक्षा चूक मानी जा रही है। भोज उत्सव समिति ने इस पूरे घटनाक्रम से अपनी संलिप्तता से इनकार किया है। समिति की ओर से इस संबंध में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। उल्लेखनीय है कि मां वाग्देवी की मूल प्रतिमा वर्तमान में लंदन के संग्रहालय में है, जिसे भारत वापस लाने की मांग लंबे समय से की जा रही है। फिलहाल, भोजशाला में प्रतिमा रखने वाले लोग कौन थे और उनका उद्देश्य क्या था, यह जांच का विषय बना हुआ है। यह खबर भी पढ़ेंMP हाईकोर्ट ने धार भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने धार की भोजशाला को वाग्देवी मंदिर माना है। शुक्रवार को दिए फैसले में हाईकोर्ट ने कहा- हमने पुरातात्विक और ऐतिहासिक तथ्यों, एएसआई की सर्वे रिपोर्ट पर विचार किया है। ASI एक्ट के प्रावधानों के साथ-साथ अयोध्या मामले को भी आधार माना। पूरी खबर पढ़ें…
झांसी में 4 साल पहले व्यापारी से लूटपाट करने वाले 2 बदमाशों को कोर्ट ने 7-7 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। दोनों पर 25-25 हजार रुपए का अर्थदण्ड लगाया गया। नहीं देने पर एक माह की जेल अतिरिक्त काटनी होगी। यह फैसला शनिवार को डकैती कोर्ट के विशेष न्यायाधीश नेत्रपाल सिंह ने सुनाया है। फैसले के दिन एक बदमाश कोर्ट नहीं पहुंचा और फरार हो गया। मोठ थाने में दर्ज हुआ था केस विशेष लोक अभियोजक विपिन कुमार मिश्र ने बताया- मोठ के शाहपुर बस स्टैंड के पास रहने वाले सुख सिंह पाल ने मोठ थाने में तहरीर दी थी। जिसमें बताया था कि उसकी बाजार में परचून की दुकान है। 9 फरवरी 2022 की रात लगभग 8:35 बजे वह दुकान बंद करके दुपहिया वाहन से घर जा रहा था। जब वह घर जाने के लिए गली में मुड़ा तो पीछे से बाइक से तीन बदमाश आए। उन्होंने सुखसिंह को डंडे मारे। इससे वह नीचे गिर पड़ा। इसके बाद आरोपी बैग लूटकर भाग गए। बैग में 4 लाख रुपए कैश, दुकान की चाबी, कागजात और मोबाइल रखा था। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ केस दर्ज किया था। जांच में पता चला कि व्यापारी के साथ ललितपुर के बार थाना क्षेत्र के बटवाहा गांव निवासी पवन राजा उर्फ बड़े राजा, तालबेहट के टेकरी निवासी कन्हैया लाल यादव और तालबेहट के झरर घाट निवासी सुमित यादव ने लूटपाट की थी। तीनों चोरी के मामले में दतिया जेल में बंद हैं। 8 अप्रैल 2022 को पुलिस ने तीनों आरोपियों को दतिया जेल से पुलिस कस्टडी रिमांड पर लेकर आई। पूछताछ में बताया कि लूट के बाद उन्होंने खरिया घाट बेतवा नदी स्थित रपटा के पास पेड़ के नीचे लूट के रुपए जमीन में दबा दिए थे। उनकी निशानदेही पर 12 हजार रुपए, आधार कार्ड की छायाप्रति बरामद हुई थी। मोबाइल नदी में फेंक दिया था। बाद में पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ कोर्ट में आरोप पत्र दाखिल किया। 4 जून को जजमेंट आना था। मगर आरोपी कन्हैया लाल यादव कोर्ट नहीं पहुंचा और गैर हाजिर हो गया। बाकी दो आरोपी पवन राजा और सुमित यादव को कोर्ट ने दोषी करार दिया था। आज दोनों आरोपियों को 7-7 साल के कठोर कारावास और 25-25 हजार रुपए के अर्थदण्ड से दंडित किया है।
गोरखपुर में विकास कार्यों को रफ्तार देने के लिए 15वें वित्त आयोग के तहत 35 करोड़ 56 लाख 42 हजार रुपये खर्च किए जाएंगे। इस बजट से नगर निगम अलग-अलग वार्डों में सड़क, जलनिकासी, सुंदरीकरण और सफाई व्यवस्था से जुड़े काम कराए जाएंगे। इसके लिए शनिवार से निविदा प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। नगर निगम की ओर से 87 कार्यों के लिए 23 करोड़ 69 लाख रुपये से अधिक की निविदा निकाली गई है। इसमें मुख्य अभियंता अमित शर्मा के मुताबिक 7 करोड़ 60 लाख रुपये से 79 पार्कों के विकास और सुंदरीकरण का काम कराया जाएगा। पार्कों में जरूरी सुविधाएं बढ़ाने के साथ उन्हें बेहतर बनाया जाएगा। 39 सीसी सड़क और नाली का होगा निर्माण इसके अलावा करीब 11 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न वार्डों में 39 सीसी सड़क, जलनिकासी और सड़क पटरी से जुड़े कार्य कराए जाएंगे। इन कार्यों से लोगों को आवागमन में सुविधा मिलेगी और जलभराव की समस्या से राहत मिलेगी। सुभाष चंद्र बोस नगर में बनेगा स्टॉफ आवास वार्ड संख्या 66 सुभाष चंद्र बोस नगर में नगर निगम की खाली जमीन पर सफाई कर्मचारियों के लिए स्टॉफ आवास का निर्माण भी कराया जाएगा। इस काम के लिए 5 करोड़ 7 लाख 88 हजार रुपये से अधिक की टेंडर प्रक्रिया शुरू की गई है।
कोटा ग्रामीण पुलिस के थाना कैथून क्षेत्र के हिस्ट्रीशीटर और हार्डकोर अपराधी शांतिलाल उर्फ शांन्तिया गुर्जर की अवैध संपत्ति पर पुलिस और प्रशासन का पीला पंजा चला। कार्रवाई के दौरान कोटा विकास प्राधिकरण की करीब एक करोड़ रुपये मूल्य की ढाई बीघा भूमि पर किए गए अतिक्रमण को हटाते हुए जेसीबी से मकान और दुकानों को ध्वस्त कर दिया गया। पुलिस एसपी सुजीत शंकर ने बताया कि शांतिलाल उर्फ शांन्तिया गुर्जर के खिलाफ हत्या के प्रयास, चौथ वसूली, अवैध हथियार रखने, मारपीट और नशा तस्करी समेत करीब 36 आपराधिक प्रकरण विभिन्न थानों में दर्ज हैं। अपराधी वर्तमान में फरार चल रहा है और लगातार आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त रहने के कारण उसे जिला स्तरीय हार्डकोर अपराधी सूची में शामिल कर निगरानी रखी जा रही थी। जानकारी के अनुसार आरोपी ने अपराध से अर्जित धन के बल पर केडीए की भूमि पर अवैध कब्जा कर बाउंड्रीवाल बनाकर मकान और दो दुकानें खड़ी कर ली थीं, जिनकी कीमत करीब 35 लाख रुपये आंकी गई है। पुलिस का कहना है कि आरोपी युवाओं को नशे की दलदल में धकेलने का भी काम कर रहा था। कोटा ग्रामीण पुलिस की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत चलाए जा रहे ऑपरेशन क्रिमिनल डस्टिंग में ऐसे अपराधियों की संपत्तियों को चिन्हित कर लगातार कार्रवाई की जा रही है। आज की कार्रवाई डीवाईएसपी अनिल जोशी और कैलाश मीणा के सुपरविजन में की गई। मौके पर कैथून थानाधिकारी मनोज सिंह सिकरवार, केडीए तहसीलदार हिम्मत सिंह, कानूनगो विवेकपाल सिंह, पटवारी रुचिता यादव एवं पुलिस जाप्ता मौजूद रहा।
गोरखपुर के युवा कराटे खिलाड़ी आर्यन ने अपनी मेहनत और लगन से बड़ी उपलब्धि हासिल की है। उत्तराखंड के देहरादून में आयोजित KIO सब जूनियर, कैडेट एंड जूनियर नेशनल कराटे चैंपियनशिप 2026 में आर्यन ने शानदार प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता है। इस जीत के साथ वह नेशनल चैंपियन बन गए हैं। आर्यन की इस सफलता से गोरखपुर के साथ पूरे उत्तर प्रदेश का नाम रोशन हुआ है। आर्यन ने इस मुकाम तक पहुंचने के लिए कड़ी मेहनत की। उन्होंने सबसे पहले जिला स्तरीय कराटे प्रतियोगिता में हिस्सा लिया और बेहतर प्रदर्शन करते हुए गोल्ड मेडल जीता। इसके बाद राज्य स्तर की प्रतियोगिता में भी अपनी जीत जारी रखी। यहां भी गोल्ड मेडल हासिल करने के बाद उन्हें उत्तर प्रदेश की तरफ से राष्ट्रीय प्रतियोगिता में खेलने का मौका मिला। फाइनल जीतकर बने नेशनल चैंपियन देहरादून में आयोजित राष्ट्रीय प्रतियोगिता में देश के अलग-अलग राज्यों के खिलाड़ियों ने हिस्सा लिया था। आर्यन ने सब जूनियर वर्ग में एक के बाद एक मुकाबले जीतकर अपनी जगह मजबूत की। पहले मुकाबले में उन्होंने ओडिशा के खिलाड़ी को हराया। इसके बाद दूसरे मुकाबले में असम के खिलाड़ी को मात दी। तीसरे मुकाबले में आर्यन का सामना मध्य प्रदेश के खिलाड़ी से हुआ। यहां भी उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए जीत दर्ज की और फाइनल में अपनी जगह बनाई। फाइनल मुकाबले में आर्यन के सामने झारखंड के खिलाड़ी की चुनौती थी। इस मुकाबले में भी आर्यन ने बेहतर खेल दिखाया और जीत हासिल कर गोल्ड मेडल अपने नाम किया। लगातार चार मुकाबले जीतकर उन्होंने नेशनल चैंपियन बनने का गौरव हासिल किया। कोच के मार्गदर्शन में लगातार कर रहे थे तैयारी आर्यन की इस उपलब्धि में उनके कोच अभिषेक जायसवाल का अहम योगदान रहा। उनके मार्गदर्शन में आर्यन लंबे समय से कराटे की तैयारी कर रहे थे। नियमित अभ्यास और मेहनत की वजह से वह राष्ट्रीय स्तर पर अपनी पहचान बनाने में सफल हुए। आर्यन ने अपनी जीत का श्रेय अपने माता-पिता, कोच और सहयोग करने वाले लोगों को दिया। उनका कहना है कि आगे उनका लक्ष्य अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत की तरफ से खेलना और देश के लिए मेडल जीतना है। गोरखपुर कराटे एसोसिएशन के अध्यक्ष महेश अग्रवाल ने आर्यन को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि आर्यन ने अपनी मेहनत से जिले का मान बढ़ाया है। आने वाले समय में वह और बेहतर प्रदर्शन करेंगे। आर्यन की सफलता पर गोरखपुर कराटे एसोसिएशन और खेल प्रेमियों ने खुशी जताई है। लोगों का कहना है कि उनकी यह जीत जिले के दूसरे युवा खिलाड़ियों को भी आगे बढ़ने और मेहनत करने के लिए प्रेरित करेगी।
इंदौर मेट्रो प्रोजेक्ट के प्रस्तावित मार्ग और उससे शहर की ऐतिहासिक धरोहरों पर पड़ने वाले संभावित प्रभाव को लेकर दायर आपत्तियों पर शनिवार को अवकाश के दिन विशेष सुनवाई आयोजित की गई। कलेक्टर की अध्यक्षता में हुई सुनवाई में याचिकाकर्ता किशोर कोडवानी द्वारा उठाए गए कई बिंदुओं पर मेट्रो कंपनी संतोषजनक जवाब प्रस्तुत नहीं कर सकी। इसके बाद प्रशासन ने कंपनी को आवश्यक दस्तावेज और विस्तृत प्रतिवेदन 16 जून तक प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। सुनवाई के दौरान याचिकाकर्ता ने दावा किया कि मेट्रो प्रोजेक्ट की ओर से संचालनालय पुरातत्व, अभिलेखागार एवं संग्रहालय के 7 दिसंबर 2021 के अभिमत पत्र को अनुमति के रूप में पेश किया गया, जबकि उस पत्र में कई शर्तों के साथ सीमित अनुमति का उल्लेख है। याचिकाकर्ता के अनुसार नियमों के तहत 100 मीटर क्षेत्र प्रतिबंधित और उसके आगे 200 मीटर क्षेत्र नियंत्रित माना जाता है। निर्माण कार्य के दौरान कंपन, खनन, परीक्षण और निरीक्षण से जुड़ी जानकारी पुरातत्व विभाग को देना अनिवार्य है। साथ ही तकनीकी विशेषज्ञों की रिपोर्ट और नियमित निरीक्षण भी आवश्यक शर्तों में शामिल हैं। 2 जून 2026 को जिला प्रशासन द्वारा गठित टीम ने प्रस्तावित मेट्रो मार्ग के आसपास स्थित ऐतिहासिक धरोहरों का निरीक्षण किया। इसमें पाया गया कि राजवाड़ा प्रस्तावित मार्ग से करीब 205 मीटर, कृष्णपुरा छत्रियां 188 मीटर और बोलिया छत्री लगभग 178 मीटर दूरी पर स्थित हैं। याचिकाकर्ता ने यह भी आरोप लगाया कि मेट्रो कंपनी ने कई अन्य 100 वर्ष से अधिक पुराने और पुरातात्विक महत्व के भवनों का उल्लेख अपने दस्तावेजों में नहीं किया है। सुनवाई के दौरान 74वें संविधान संशोधन का हवाला देते हुए जिला योजना समिति की भूमिका पर भी सवाल उठाए गए। याचिकाकर्ता ने दावा किया कि इस बड़े प्रोजेक्ट से जुड़े आवश्यक प्रस्ताव और दस्तावेज अब तक सार्वजनिक नहीं किए गए हैं। पर्यावरणीय मंजूरी और भूमिगत जल पर संभावित प्रभाव का मुद्दा भी सुनवाई में उठा। नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (एनजीटी) के पुराने आदेशों का हवाला देते हुए कहा गया कि बड़े निर्माण कार्यों के लिए पर्यावरण प्रभाव आकलन (ईआईए) और आवश्यक अनुमतियां जरूरी हैं। याचिकाकर्ता ने संबंधित दस्तावेज सार्वजनिक करने की मांग की। सुनवाई के बाद प्रशासन ने मेट्रो कंपनी को धरोहरों से संबंधित गजट अधिसूचनाएं, ईआईए रिपोर्ट, परियोजना प्रस्ताव की प्रतियां और एलाइनमेंट में किए गए बदलावों का विस्तृत नक्शा प्रस्तुत करने के निर्देश दिए हैं। साथ ही निरीक्षण पंचनामे और कंपनी द्वारा जमा दस्तावेजों की प्रतियां याचिकाकर्ता को उपलब्ध कराने को भी कहा गया है। मामले की अगली सुनवाई अब 16 जून को होगी। इसमें धरोहर संरक्षण, पर्यावरणीय प्रभाव और परियोजना की वैधानिक स्वीकृतियों से जुड़े मुद्दों पर आगे विचार किया जाएगा।
जगराओं में दो महीने पहले करोड़ रुपये की लागत से बनी कच्चा मलक बाईपास रोड को शनिवार देर शाम एक निजी कंपनी के कर्मचारियों ने फिर से खोद दिया। सूचना मिलने पर स्थानीय विधायक मौके पर पहुंचीं और उन्होंने काम रुकवा दिया। इस घटना से स्थानीय लोगों में प्रशासन के प्रति भारी गुस्सा है। यह वही मुख्य बाईपास रोड है जहां दिन-रात भारी ट्रैफिक गुजरता है। इससे पहले भी इसी सड़क को एक निजी कंपनी द्वारा काम के नाम पर खोदा गया था, जिससे सड़क की हालत खराब हो गई थी और जगह-जगह बड़े गड्ढे बन गए थे। तब रोजाना हादसे हो रहे थे। स्थानीय लोगों में गुस्सा जनता के भारी विरोध के बाद जनप्रतिनिधियों ने करीब दो करोड़ रुपये की विशेष ग्रांट जारी कर नई सड़क बनवाई थी। उस समय यह दावा किया गया था कि सड़क पांच साल से पहले दोबारा नहीं तोड़ी जाएगी और किसी भी निजी कंपनी को अपने काम पहले ही पूरे करने होंगे, ताकि नई बनी सड़क सुरक्षित रहे। लेकिन इन सभी दावों और आश्वासनों की धज्जियां उड़ाते हुए एक बार फिर उसी नई सड़क को बेरहमी से खोद दिया गया है। इस घटना से स्थानीय लोगों में जबरदस्त गुस्सा फूट पड़ा है। उनका कहना है कि करोड़ों रुपये की लागत से बनी सड़कें इस तरह बार-बार तोड़ी जा रही हैं, जिससे सरकारी धन की खुलेआम बर्बादी हो रही है और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं।
वाराणसी में किसान की गोली मारकर हत्या:जमीन को लेकर था विवाद, लोहे की रॉड से भी किया हमला
वाराणसी के फूलपुर थाना क्षेत्र के बरजी गांव में शनिवार शाम जमीन विवाद को लेकर हुए खूनी संघर्ष में एक किसान की मौत हो गई। आरोप है कि हमलावरों ने किसान पर हमला करने के बाद गोली मार दी और लोहे की रॉड से भी प्रहार किया। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। किसान की इलाज के दौरान मौत हो गई, जिसके बाद इलाके में तनाव का माहौल है। अब पढ़िए पूरा मामलाजानकारी के अनुसार, बरजी गांव निवासी भोतू यादव (60) शनिवार शाम गांव के बाहर स्थित अपने पंपिंग सेट पर मौजूद थे। इसी दौरान कुछ लोगों से उनका विवाद हो गया। आरोप है कि विवाद के दौरान हमलावरों ने पहले मारपीट की और फिर उनके बाएं पैर में गोली मार दी। इसके बाद लोहे की रॉड से भी हमला किया गया। गोली चलने और हमले की सूचना मिलते ही मौके पर अफरा-तफरी मच गई। ग्रामीणों की मदद से गंभीर रूप से घायल किसान को प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र पिंडरा पहुंचाया गया। वहां से चिकित्सकों ने उनकी हालत नाजुक देखते हुए पंडित दीनदयाल उपाध्याय अस्पताल रेफर कर दिया। बाद में बेहतर उपचार के लिए उन्हें बीएचयू ट्रॉमा सेंटर भेजा गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। जमीन विवाद में हुई हत्याघटना के बाद गांव और आसपास के क्षेत्रों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों के अनुसार, वारदात के पीछे पुरानी रंजिश और जमीन विवाद की आशंका जताई जा रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि कुछ माह पहले गांव में एक बारात के दौरान भी विवाद और मारपीट की घटना हुई थी, जिसके बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव बना हुआ था। आरोपियों की तलाश में जुटी पुलिस मामले को लेकर पुलिस की कार्यशैली पर भी सवाल उठे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि शुरुआती स्तर पर पुलिस घटना को केवल मारपीट और हमले का मामला बताती रही। हालांकि किसान की मौत के बाद पुलिस अब सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है और आरोपियों की तलाश में जुट गई है। फूलपुर थाना प्रभारी राजीव कुमार सिंह ने बताया- मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। अभियुक्तों की गिरफ्तारी हेतु पुलिस टीमों का गठन कर संभावित स्थानों पर दबिश दी जा रही है। शीघ्र ही अभियुक्तों की गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाएगी। प्रथम दृष्टया घटना में गोली चलने की सूचना की पुष्टि नहीं हुई है। तथ्यों की जांच कर आवश्यक विधिक कार्रवाई की जा रही है।
राजस्थान के पुलिस महानिदेशक (डीजीपी) राजीव शर्मा ने कहा- एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स (ANTF) को सक्रिय किया गया है और इसकी चौकियां कार्यशील हो चुकी हैं। इसके साथ ही जो ड्रग माफिया हैं, उनकी संपत्तियों को जब्त करने और नष्ट करने की कार्रवाई भी प्रारंभ की गई है। ये सब प्रयास लगातार किए जा रहे हैं और इन्हें आगे और बढ़ाया भी जा रहा है। ड्रग्स के खिलाफ और किस तरह से प्रभावी कार्रवाई करनी है, इस पर विशेष रूप से फोकस किया गया है। पुलिस के सामने मौजूद चुनौतियों की बात करते हुए डीजीपी ने कहा- पुलिस के समक्ष ड्रग्स एक बड़ी चुनौती है। इसके अलावा प्रदेश की अंतर्राष्ट्रीय सीमा है, तो उसकी अपनी अलग चुनौतियां हैं। सड़क दुर्घटनाओं में होने वाली मौतों को रोकना भी हमारे लिए एक बहुत बड़ी चुनौती है। अभी राज्य सरकार के निर्देश पर एक अभियान भी चल रहा है, जो लोग गलत तरीके से वाहन चलाते हैं या वाहनों में अवैध चीजें लगाते हैं, उनके खिलाफ प्रभावी कार्रवाई की जा रही है। डीजीपी राजीव शर्मा शनिवार को एक दिवसीय दौरे पर जोधपुर पहुंचे। कलेक्टरेट स्थित पुलिस महानिरीक्षक (आईजी) जोधपुर रेंज कार्यालय पहुंचकर पुलिस अधिकारियों के साथ बैठक की। साइबर क्राइम सेंटर हो रहा स्थापितडीजीपी ने कहा- इसके अलावा जो हार्ड कॉर अपराधी हैं उनको हम किस तरह से आगे अपराध करने से रोकें ये हमारे लिए एक बड़ी चुनौती है। साइबर क्राइम जो है वो जिस तरह से बढ़ा है, उसको लेकर राज्य सरकार ने मुख्यमंत्री ने पिछले साल के बजट में उससे पहले भी लगातार इसका फोकस करते हुए हमें संसाधन में उपलब्ध कराने के लिए निर्देशित किया। राजस्थान में एक साइबर क्राइम इंफोर्मेशन सेंटर भी स्थापित हो रहा है। इसके लिए भी हम लोग कोशिश में हैं कि वो जल्दी ही क्रियाशील हो। बैठक में जोधपुर संभाग के सभी जिलों के पुलिस अधीक्षक एवं वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे। इनमें जोधपुर रेंज के विभिन्न जिलों के पुलिस अधिकारी शामिल थे। डीजीपी ने संभाग की कानून व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिस कार्यप्रणाली की विस्तृत समीक्षा की। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण के लिए निरंतर निगरानी रखी जाए तथा आमजन में सुरक्षा का विश्वास बनाए रखने के लिए पुलिस की सक्रियता बढ़ाई जाए। बैठक में रात्रि 8 बजे के बाद अवैध रूप से होने वाली शराब बिक्री पर भी चर्चा हुई। डीजीपी ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि ऐसे मामलों में नियमित अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि कानून व्यवस्था बनाए रखना पुलिस की सर्वोच्च प्राथमिकता है और इसके लिए सभी अधिकारी बेहतर समन्वय के साथ कार्य करें।
श्रावस्ती जिले के गिलौला थाना क्षेत्र के बसभरिया पुरैना गांव में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है। यहां एक गाय पिछले 30 घंटे से अधिक समय से एक खेत में लगातार चक्कर लगा रही है। बिना कुछ खाए-पिए इस तरह के असामान्य व्यवहार ने ग्रामीणों में कौतूहल और चिंता पैदा कर दी है। ग्रामीणों के अनुसार, यह गाय शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे से उसी खेत में घूम रही है। समय बीतने के साथ मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई और गांव में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गईं। कुछ लोग इसे दैवी संकेत मान रहे हैं, तो कुछ का मानना है कि जिस स्थान पर गाय चक्कर लगा रही है, वहां कोई पुराना स्थल या विशेष कारण हो सकता है। इस संबंध में इकौना क्षेत्र के पशु चिकित्सक डॉ. वीरेंद्र प्रताप ने बताया कि इस तरह के लक्षण आमतौर पर 'सर्रा' बीमारी में देखने को मिलते हैं। हालांकि, उन्होंने स्पष्ट किया कि बिना जांच के किसी निष्कर्ष पर पहुंचना संभव नहीं है। डॉ. प्रताप ने बताया कि वह स्वयं टीम के साथ मौके पर पहुंचकर गाय की जांच करेंगे। गांव के समझदार लोगों ने कहा कि विशेषज्ञों या पशु चिकित्सकों की जांच के बिना किसी भी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। उनका मानना है कि यह किसी बीमारी, चोट या मानसिक तनाव का परिणाम भी हो सकता है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल मौके पर पशु चिकित्सक व विशेषज्ञों की टीम भेजने की मांग की है। उनका कहना है कि जांच से वास्तविक कारण स्पष्ट हो सकेगा और गांव में फैली आशंकाओं व चर्चाओं पर विराम लगेगा। फिलहाल, गाय का यह असामान्य व्यवहार पूरे गांव में चर्चा का केंद्र बना हुआ है और ग्रामीण प्रशासन की कार्रवाई का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं।
कानपुर के चकेरी थाना क्षेत्र की रामादेवी दूध मंडी में शनिवार को कार रिकवरी को लेकर विवाद हो गया। यह विवाद देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया, जिसमें दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हुई। मौके पर मौजूद एक पुलिसकर्मी ने बीच-बचाव का प्रयास किया, लेकिन हालात बिगड़ते चले गए। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि एक फाइनेंस कंपनी के रिकवरी एजेंट बकाया किस्तों के कारण एक कार को जब्त करने पहुंचे थे। कार चालक ने इसका विरोध किया, जिसके बाद दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। कुछ ही देर में दोनों पक्षों के समर्थक मौके पर आ गए और विवाद बढ़ गया। सड़क पर हुई मारपीट से इलाके में अफरा-तफरी मच गई। घटना के दौरान कई लोग तमाशबीन बने रहे। एक पुलिसकर्मी लगातार दोनों पक्षों को अलग करने का प्रयास करता रहा। वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी को संघर्ष के बीच स्थिति संभालने की कोशिश करते हुए देखा जा सकता है। इसके बावजूद दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते रहे, जिससे माहौल अराजक हो गया। सूचना मिलने पर अतिरिक्त पुलिस बल मौके पर पहुंचा और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने दोनों पक्षों के कई लोगों को हिरासत में लेकर थाने पहुंचाया। इस झड़प में कई लोगों को चोटें आई हैं, जिनका मेडिकल परीक्षण कराया गया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस विभाग में भी हलचल मच गई है। पुलिस अब वीडियो फुटेज के आधार पर उपद्रवियों की पहचान कर रही है। चकेरी थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। कानून-व्यवस्था भंग करने और मारपीट में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वीडियो में दिख रहे सभी लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की तैयारी की जा रही है।
सिरसा जिले के डबवाली खंड के फुल्लो गांव में एक अवैध शराब ठेके पर सीएम फ्लाइंग, सीआईडी और आबकारी एवं कराधान विभाग की संयुक्त टीम ने छापेमारी की। इस कार्रवाई में ठेके से करीब 33 पेटी अंग्रेजी शराब, देसी शराब और विभिन्न ब्रांड की बीयर बरामद की गई। पुलिस ने बरामद शराब को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, सीएम फ्लाइंग हिसार की टीम को पिछले कुछ समय से फुल्लो गांव में अवैध शराब बिक्री की शिकायतें मिल रही थीं। इन शिकायतों की गंभीरता को देखते हुए, सीएम फ्लाइंग के एसआई राजेश कुमार, आबकारी विभाग सिरसा के अधिकारी कमलदीप सिंह और सीआईडी डबवाली के अधिकारियों ने संयुक्त रूप से छापेमारी की योजना बनाई। ठेके के अंदर मिला शराब-बीयर का स्टॉक टीम ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू की तो ठेके के भीतर बड़ी मात्रा में शराब और बीयर का स्टॉक मिला। अधिकारियों ने मौके पर मौजूद एक व्यक्ति की उपस्थिति में ठेके में रखी सभी शराब की बोतलों और बीयर के कैन की गिनती करवाई। जांच के दौरान कुल 33 पेटी अंग्रेजी शराब, देसी शराब और विभिन्न ब्रांड की बीयर बरामद हुई, जिसे तुरंत जब्त कर लिया गया। कार्रवाई के दौरान मौके पर लोगों की भीड़ भी जमा हो गई। अधिकारियों ने पूरे मामले की वीडियोग्राफी और दस्तावेजी कार्रवाई पूरी की। बरामद शराब को कब्जे में लेने के बाद, विभागीय औपचारिकताएं पूरी कर पकड़ी गई शराब और संबंधित रिकॉर्ड सदर थाना पुलिस को सौंप दिया गया। शराब के स्टॉक से जुड़े दस्तावेजों की जांच सूत्रों के अनुसार, संबंधित ठेके के संचालन और शराब के स्टॉक से जुड़े दस्तावेजों की भी जांच की जा रही है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि शराब का यह स्टॉक किस आधार पर रखा गया था और इसमें कौन-कौन लोग शामिल हैं। मामले में संबंधित व्यक्तियों की भूमिका की जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। पुलिस ने केस दर्ज किया सदर थाना पुलिस ने विभाग की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि जांच के दौरान जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार सख्त कार्रवाई अमल में लाई जाएगी। इस कार्रवाई को क्षेत्र में अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ बड़ी कार्रवाई माना जा रहा है। आबकारी विभाग और सीएम फ्लाइंग के अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि अवैध शराब के कारोबार को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। क्षेत्र में अवैध शराब की बिक्री और भंडारण के खिलाफ भविष्य में भी अभियान जारी रहेगा। अधिकारियों ने लोगों से भी अपील की है कि यदि कहीं अवैध शराब की बिक्री या भंडारण की जानकारी मिले तो तुरंत संबंधित विभाग को सूचित करें, ताकि समय रहते कार्रवाई की जा सके।
वल्लभनगर में पुलिस ने काटे 19 चालान:विशेष चेकिंग अभियान में हुई कार्रवाई, संदिग्धों से पूछताछ
वल्लभनगर में जिला पुलिस अधीक्षक डॉ. अमृता दुहन के निर्देश पर शनिवार को अपराध नियंत्रण, कानून व्यवस्था बनाए रखने और संदिग्ध गतिविधियों पर अंकुश लगाने के उद्देश्य से विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। थाना प्रभारी पुनाराम गुर्जर के नेतृत्व में भोपालपुरा चौराहा और उदाखेड़ा क्षेत्र में वाहनों की सघन जांच की गई। अभियान के तहत दोपहिया और चारपहिया वाहनों के दस्तावेजों की जांच की गई और वाहन चालकों की पहचान सत्यापित की गई। पुलिस टीम ने कई वाहनों को रोककर तलाशी ली। संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखते हुए व्यक्तियों से पूछताछ भी की गई। पुलिस ने वाहनों में अवैध हथियार, नशीले पदार्थ या अन्य आपत्तिजनक सामग्री की मौजूदगी को लेकर विशेष सतर्कता बरती। इस चेकिंग अभियान में एएसआई रमेश जाट, एएसआई रामानंद, हेड कांस्टेबल सुरेंद्र सिंह, बाबूलाल डांगी, मुकेश, अंकित, शंकर सिंह और चालक दुदाराम सहित पुलिस जाब्ता मौजूद था। अभियान के दौरान बिना हेलमेट वाहन चलाने, आवश्यक दस्तावेज साथ नहीं रखने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान बनाए गए। उदाखेड़ा चौराहे पर 12 और भोपालपुरा चौराहे पर 7 वाहनों के चालान काटे गए, जिससे कुल 19 चालानों की कार्रवाई हुई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि क्षेत्र में कानून व्यवस्था बनाए रखने, अपराधियों पर प्रभावी अंकुश लगाने और आमजन में सुरक्षा की भावना मजबूत करने के लिए ऐसे विशेष चेकिंग अभियान नियमित रूप से जारी रहेंगे।
दिल्ली के एक होटल में आग लगने की घटना के बाद बालाघाट में होटलों और निजी अस्पतालों में फायर सेफ्टी (अग्निशमन व्यवस्था) की जांच की गई। शुक्रवार और शनिवार को लगातार हुई इस जांच के दौरान कई बड़ी खामियां खुलकर सामने आई हैं। जांच के दौरान शहर के दो बड़े होटलों 'होटल मिडटाउन' और 'होटल गुलमोहर' में आपातकालीन निकास (इमरजेंसी एग्जिट) की कोई व्यवस्था नहीं पाई गई। इसके अलावा इन होटलों में रखे अग्निशमन यंत्रों (फायर एक्स्टिंग्विशर) की समय सीमा (एक्सपायरी डेट) भी खत्म हो चुकी थी, यानी आपातकाल की स्थिति में ये किसी काम के नहीं थे। वहीं, लाइफ केयर हॉस्पिटल में भी फायर एग्जिट को लेकर बड़ी लापरवाही और कमियां देखने को मिलीं। संयुक्त टीम ने की औचक कार्रवाई प्रभारी तहसीलदार छवि पंत के नेतृत्व में पटवारी, राजस्व, नगर पालिका और पुलिस की एक संयुक्त टीम ने यह औचक जांच की। प्रभारी तहसीलदार ने मिली खामियों को बेहद गंभीरता से लेते हुए होटल और अस्पताल संचालकों को तुरंत इमरजेंसी एग्जिट की व्यवस्था करने और एक्सपायर हो चुके अग्निशमन यंत्रों को तत्काल बदलने के कड़े निर्देश दिए हैं। किचन की भी जांच, सुधार न करने पर होगी सख्त कार्रवाई जांच के दौरान प्रशासनिक अमले ने होटलों के किचन का भी बारीकी से निरीक्षण किया और खाद्य सामग्री की जांच के लिए सैंपल लिए। एसडीएम गोपाल सोनी ने बताया कि होटलों और अस्पतालों में फायर सेफ्टी, सुरक्षा के अन्य उपायों और बिल्डिंग कोड के नियमों की जांच के लिए दो अलग-अलग टीमें बनाई गई हैं। उन्होंने साफ किया कि संचालकों को कमियां दूर करने के निर्देश दिए जा रहे हैं, और यदि इसके बाद भी वे सुधार नहीं करते हैं, तो उनके खिलाफ नियमानुसार सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
खंडवा स्थित दादाजी धाम में करोड़ों रुपए की लागत से बनने वाले भव्य संगमरमर मंदिर के निर्माण कार्य ने गति पकड़ ली है। मंदिर निर्माण का पहला चरण शुरू हो चुका है। वर्तमान में मंदिर की नींव और प्लिंथ निर्माण का कार्य तेजी से चल रहा है। इसी क्रम में मंदिर निर्माण में उपयोग होने वाले उच्च गुणवत्ता के संगमरमर के चयन और बुकिंग के लिए मंदिर निर्माण समिति के सदस्य, इंजीनियर और आर्किटेक्ट राजस्थान के मकराना पहुंचे हैं। बता दें कि मंदिर निर्माण समिति का संकल्प हैं कि साल 2030 में दादाजी भगवान की 100वीं वर्षगांठ तक मंदिर निर्माण का कार्य पूर्ण कर लिया जाए। इसके लिए मंदिर में विशेष श्रेणी के संगमरमर पत्थरों का उपयोग किया जाएगा, जिनका चयन स्वयं समिति के सदस्य कर रहे हैं। शुक्रवार शाम दादाजी धाम में दर्शन-पूजन के बाद समिति के सदस्य बस और कारों से मकराना के लिए रवाना हुए। शनिवार सुबह लगभग 11 बजे मकराना पहुंचने के बाद सदस्यों ने विभिन्न खदानों और मार्बल इकाइयों का निरीक्षण किया। मंदिर निर्माण के लिए उपयुक्त पाए गए संगमरमर की गुणवत्ता का परीक्षण किया। पहले की तुलना में कीमतों में बड़ी गिरावटसमिति इससे पहले भी मकराना पहुंचकर संगमरमर की गुणवत्ता और दरों की जानकारी ले चुकी है। उस समय की कीमतों और वर्तमान दरों की तुलना करने पर मार्बल की कीमतों में आधे से अधिक की कमी देखने को मिली है। इससे मंदिर निर्माण की लागत पर सकारात्मक प्रभाव पड़ेगा। समिति के सदस्य रविवार को भी विभिन्न खदानों का निरीक्षण कर संगमरमर का अंतिम चयन करेंगे और आवश्यक मात्रा की बुकिंग प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके बाद सोमवार को सभी सदस्य खंडवा लौटेंगे। निर्माण समिति के सदस्य भी साथ पहुंचेमकराना दौरे में मंदिर निर्माण समिति और ट्रस्ट से जुड़े कई प्रमुख सदस्य शामिल हैं। इनमें ट्रस्टी धर्मेंद्र बजाज, सांसद ज्ञानेश्वर पाटिल, विधायक प्रतिनिधि मुकेश तनवे, कलेक्टर ऋषव गुप्ता, एसडीएम बजरंग बहादुर सिंह, तपन डोंगरे, राकेश बंसल, भरत झंवर, मदन भाऊ ठाकरे, अखिलेश गुप्ता, सतीश कोटवाले, गणेश कनाडे, हिमांशु अग्रवाल आदि शामिल हैं। श्रद्धालुओं की आस्था का बनेगा भव्य केंद्रदादाजी धाम में प्रस्तावित यह मंदिर आधुनिक वास्तुकला और पारंपरिक शिल्पकला का संगम होगा। मकराना के उच्च गुणवत्ता वाले संगमरमर से बनने वाला यह मंदिर न केवल श्रद्धालुओं की आस्था का प्रमुख केंद्र बनेगा, बल्कि क्षेत्र की धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को भी नई पहचान देगा। मंदिर निर्माण कार्य चरणबद्ध तरीके से आगे बढ़ाया जा रहा है और समिति इसे निर्धारित समयसीमा में पूरा करने के लिए लगातार प्रयासरत है।
हरियाणा के यमुनानगर जिले में बिलासपुर-साढ़ौरा मार्ग पर शनिवार को हुए सड़क हादसे में बिजली निगम के SDO की मौत हो गई। हादसा लाल बहादुर शास्त्री कॉलेज के पास उस हुआ। यहां बिजली निगम की बोलेरो और सहकारी समिति की बस आमने-सामने टक्कर हो गई। हादसे में गंभीर रूप से घायल SDO को पहले बिलासपुर के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) में भर्ती कराया गया। हालत नाजुक होने पर उन्हें यमुनानगर ट्रॉमा सेंटर रेफर किया गया, जहां इलाज के दौरान एसडीओ ने दम तोड़ दिया। मृतक की पहचान SDO विकास बंसल के रूप हुई। ओवरटेक करते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार, बस बिलासपुर से सवारियां लेकर साढ़ौरा की ओर जा रही थी। इसी दौरान सामने से आ रही बिजली निगम की बोलेरो ने आगे चल रहे व्हीकल को ओवरटेक करने की कोशिश की। ओवरटेक के दौरान बोलेरो बेकाबू हो गई और सामने से आ रही बस में उसकी टक्कर हो गई। ड्राइवर ने नीचे उतारनी चाही बस सामने से बोलेरो को आता देख ड्राइवर ने टक्कर से बचने के लिए बस को सड़क से नीचे कच्चे हिस्से में उतार लिया, लेकिन बोलेरो भी उसी दिशा में चली गई। टक्कर इतनी तेज थी कि बोलेरो का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। बोलेरो के परखच्चे सड़क पर बिखर गए। बस का अगला हिस्सा भी बुरी तरह टूट गया। बस में बच्चे भी थे सवार, कई को आई चोट हादसे के समय बस में रोजमर्रा के यात्रियों के अलावा कई बच्चे और स्टूडेंट भी सवार थे। जोरदार झटके के कारण कई यात्री और बच्चे सीटों से गिर गए, जिससे उन्हें चोटें आईं। ज्यादातर लोगों को मामूली चोटें लगी हैं। हालांकि कई लोगों को अस्पताल पहुंचाकर फर्स्ट ऐड भी दिलाई गई। कंडक्टर बोला- बस अपनी लेन में थी बस के कंडक्टर ने बताया कि बस अपनी सही लेन में चल रही थी। सामने से आ रही बोलेरो किसी वाहन को ओवरटेक करते हुए रॉन्ग साइड में आ गई। टक्कर के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने तुरंत राहत कार्य शुरू किया। कई घायल यात्रियों को बस से बाहर निकाला गया। आधे घंटे तक जाम, क्रेन से हटाए गए वाहन हादसे के कारण बिलासपुर-साढ़ौरा रोड पर ट्रैफिक प्रभावित हो गया। सड़क पर क्षतिग्रस्त हालत में खड़ी बोलेरो और बस के कारण करीब आधे घंटे तक जाम की स्थिति बनी रही। बाद में पुलिस ने क्रेन की मदद से दुर्घटनाग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाया और ट्रैफिक को सुचारू कराया। पुलिस बोली- ओवरटेकिंग बनी हादसे की वजह पुलिस की शुरुआती जांच में हादसे की मुख्य वजह ओवरटेकिंग सामने आ रही है। पुलिस घायलों और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज कर रही है। दुर्घटना के सभी पहलुओं की जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पुलिस ने SDO का शव कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है।
आजमगढ़ में भूमि प्रमाणपत्र के लिए रिश्वत लेने के मुकदमे में सुनवाई पूरी करने के बाद अदालत ने एक आरोपी को छह वर्ष के कठोर कारावास व तीस हजार रूपये अर्थदंड की सजा सुनाई। यह फैसला अपर सत्र न्यायाधीश एंटी करप्शन कोर्ट नंबर एक अजय कुमार शाही ने शनिवार को सुनाया। अभियोजन पक्ष के अनुसार भ्रष्टाचार निवारण यूनिट गोरखपुर यूनिट को सूचना मिली कि लालगंज तहसील के लेखपाल भूमि प्रमाणपत्र बनवाने के लिए रिश्वत की मांग कर रहे हैं। इस सूचना पर इंस्पेक्टर एन पी गौड़ ने 12 दिसंबर 2013 को राजस्व लेखपाल मनपूजन चौहान निवासी बड़ागाव बहादुरपुर थाना देवगाव को पांच सौ रूपये रुपया घूस लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया। यह मुकदमा बरदह थाने में दर्ज किया गया। जांच पूरी करने के बाद एंटी करप्शन टीम ने आरोपी लेखपाल के विरुद्ध चार्जशीट न्यायालय में दाखिल किया। पांच गवाहों ने दी गवाहीअभियोजन पक्ष की तरफ कुल पांच गवाहो को न्यायालय में परीक्षित कराया गया। दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने के बाद अदालत ने आरोपी मनपूजन चौहान (राजस्व लेखपाल) को छह वर्ष के कठोर कारावास व तीस हजार रूपये अर्थदण्ड की सजा सुनाई।
संतकबीर नगर के महुली में रात्रि चौपाल आयोजित:केंद्र सरकार की योजनाओं की प्रगति और प्रभाव पर की चर्चा
संतकबीरनगर के केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने के उपलक्ष्य में शनिवार को महुली में एक विशेष रात्रि चौपाल का आयोजन किया गया। इस चौपाल में सरकार द्वारा संचालित विभिन्न योजनाओं की जमीनी प्रगति की समीक्षा की गई और ग्रामीण महिलाओं के जीवन स्तर में आए बदलावों पर भी चर्चा हुई। नाथनगर ब्लॉक की ग्राम पंचायत महुली में ग्राम प्रधान शीला यादव की अध्यक्षता में यह चौपाल आयोजित हुई। एडीओ पंचायत सतीश कुशवाहा ने ग्रामीणों को स्वच्छता मिशन से जुड़ी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने घर-घर शौचालय, सार्वजनिक स्थानों पर डस्टबिन के सदुपयोग और आरआरसी भवन में कूड़े के निस्तारण के महत्व पर प्रकाश डाला। श्री कुशवाहा ने बताया कि केंद्र और प्रदेश सरकार के मार्गदर्शन में स्वच्छता, महिला सशक्तिकरण, कृषि और समाज कल्याण सहित कई क्षेत्रों में महत्वपूर्ण बदलाव आए हैं। प्रधान प्रतिनिधि महेश यादव ने कहा कि ग्राम पंचायत में शासकीय निर्देशों के तहत योजनाओं का शत-प्रतिशत क्रियान्वयन सुनिश्चित किया गया है। गांव को ओडीएफ बनाने, पंचायत भवन को हाई-टेक करने और स्वच्छता में व्यापक सुधार दिखाई दे रहा है। स्वच्छता मिशन के ब्लॉक कोऑर्डिनेटर संदीप शुक्ला ने भी ग्रामीणों को जनकल्याणकारी योजनाओं की सिलसिलेवार जानकारी दी। एडीओ समाज कल्याण अजीत कुमार, एडीओ एजी और एनआरएलएम के बीपीएम ने भी अपनी संबंधित योजनाओं को चौपाल में रेखांकित किया। ग्राम पंचायत अधिकारी धर्मेंद्र यादव ने गांव में कराए गए विकास कार्यों की विस्तृत रूपरेखा प्रस्तुत की। इस अवसर पर ग्राम पंचायत अधिकारी विश्राम यादव, बीटी अनिल कुमार, जयंत कुमार, दिलीप कुमार गौड़, अशोक कुमार, आत्मा यादव सहित सैकड़ों ग्रामीण उपस्थित रहे।
सांपला में रोहतक-दिल्ली राष्ट्रीय राजमार्ग (NH-9) स्थित रोहद टोल प्लाजा पर 1008 महामंडलेश्वर स्वामी राघवेन्द्र भारती और स्वामी शंकरानंद महाराज का श्रद्धालुओं ने स्वागत किया। इस अवसर पर सैकड़ों श्रद्धालु उपस्थित रहे और पूज्य संतों का आशीर्वाद प्राप्त किया। स्वामी जी के आगमन की सूचना मिलते ही क्षेत्र के श्रद्धालु बड़ी संख्या में रोहद टोल प्लाजा पर पहुंच गए। सांपला नगर पालिका के नवनियुक्त पार्षदों ने भी गुरुजनों का स्वागत कर उनका आशीर्वाद लिया। वार्ड नंबर 3 के पार्षद महेश कुमार बंसल ने बताया कि स्वामी जी के आगमन की खबर से श्रद्धालुओं में उत्साह था और सैकड़ों लोग उनके दर्शन एवं आशीर्वाद के लिए पहुंचे। श्रद्धालुओं ने स्वामी राघवेन्द्र भारती के साथ आए अन्य संत-महात्माओं का भी सम्मान किया। अपने आशीर्वचन में पूज्य स्वामी राघवेन्द्र भारती ने युवाओं को नशे जैसी सामाजिक बुराइयों से दूर रहने का संदेश दिया। उन्होंने युवाओं को खेल-कूद एवं सकारात्मक गतिविधियों में सक्रिय भागीदारी करने तथा प्रदेश और राष्ट्र का नाम रोशन करने के लिए प्रेरित किया। स्वामी जी ने अपने उद्बोधन में सनातन धर्म के सिद्धांतों पर चलकर जीवन को सार्थक एवं सफल बनाने का मार्ग बताया। उन्होंने समाज में नैतिक मूल्यों और आध्यात्मिक जागरूकता को बढ़ावा देने का आह्वान भी किया।
पूर्व गृह मंत्री ताम्रध्वज साहू ने दुर्ग कलेक्टर कार्यालय पहुंचकर किसानों की खाद-बीज समस्या और रिसाली की युवती दीपिका गाड़ा की मौत के मामले में प्रशासन को घेरा। उन्होंने दुर्ग शहर जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष धीरज बाकलीवाल, कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के साथ दो अलग-अलग ज्ञापन सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की। ताम्रध्वज साहू ने कहा कि खरीफ सीजन शुरू होने से पहले जिले के किसान खाद और बीज के संकट से जूझ रहे हैं। अधिकांश सहकारी समितियों में डीएपी, यूरिया, पोटाश और अन्य जरूरी उर्वरकों का पर्याप्त भंडार नहीं है। खाद-बीज के लिए भटक रहे किसान उन्होंने बताया कि कांग्रेस प्रतिनिधियों ने विभिन्न समितियों का दौरा किया, जहां किसानों ने खाद की भारी कमी की शिकायत की। कई जगह किसानों को उनकी जरूरत का आधा खाद भी नहीं मिल पा रहा है। कहीं डीएपी है तो यूरिया नहीं, तो कहीं पोटाश उपलब्ध नहीं है। इससे किसानों को अलग-अलग स्थानों से खाद जुटाने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। बीज की गुणवत्ता पर भी उठाए सवाल साहू ने आरोप लगाया कि किसानों को उनकी मांग के अनुरूप धान बीज नहीं मिल रहा है। कई समितियों में सरना धान की मांग होने के बावजूद दूसरी किस्मों के बीज दिए जा रहे हैं। साथ ही कुछ स्थानों पर बीज की गुणवत्ता खराब होने की शिकायतें भी मिली हैं। उन्होंने कहा कि कई किसानों ने अमानक बीज वापस कर दिए हैं। कांग्रेस ने प्रशासन से वैज्ञानिक अनुशंसा के अनुसार खाद उपलब्ध कराने, सभी प्रमुख उर्वरकों का पर्याप्त भंडारण सुनिश्चित करने और प्रमाणित धान बीज उपलब्ध कराने की मांग की है। दीपिका गाड़ा की मौत को लेकर सरकार पर हमला कांग्रेस ने रिसाली निवासी दीपिका गाड़ा की मौत का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया। ताम्रध्वज साहू ने आरोप लगाया कि जिला अस्पताल में समय पर रक्त उपलब्ध नहीं होने के कारण युवती की जान चली गई। उन्होंने कहा कि यदि जांच में यह साबित होता है कि अस्पताल में रक्त उपलब्ध होने के बावजूद परिजनों को डोनर लाने के लिए कहा गया, तो यह गंभीर प्रशासनिक लापरवाही का मामला होगा। 50 लाख मुआवजा और सरकारी नौकरी की मांग कांग्रेस ने दीपिका गाड़ा मामले में दोषियों पर हत्या का प्रकरण दर्ज करने, मृतका के परिवार को 50 लाख रुपए मुआवजा देने और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग की है। साहू ने कहा कि केवल जांच से न्याय नहीं मिलेगा, बल्कि दोषियों पर सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को उचित राहत भी मिलनी चाहिए। आंदोलन की चेतावनी पूर्व गृह मंत्री ने कहा कि किसानों और आम नागरिकों से जुड़े मुद्दों पर कांग्रेस का संघर्ष जारी रहेगा। यदि खाद-बीज संकट और दीपिका गाड़ा मामले में जल्द समाधान नहीं हुआ तो कांग्रेस सड़क से लेकर सदन तक आंदोलन तेज करेगी। कलेक्टर ने दोनों मामलों में आवश्यक जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
शिवपुरी जिले के दिनारा कस्बे में स्थित प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी में बी-फार्मा अंतिम वर्ष के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। दतिया निवासी संजू राजा परमार नाम का यह छात्र यूनिवर्सिटी के निर्माणाधीन भवन में फंदे से लटका मिला। परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन और तीन शिक्षकों पर मानसिक प्रताड़ना का आरोप लगाते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार, संजू राजा परमार शुक्रवार को बी-फार्मा की परीक्षा देने प्रीति ग्लोबल यूनिवर्सिटी आया था। परीक्षा समाप्त होने के बाद वह घर नहीं लौटा। चिंतित परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन से संपर्क किया, जहां उन्हें बताया गया कि छात्र दोपहर करीब 12:30 बजे परीक्षा देकर कॉलेज से चला गया था। परिजनों ने उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। रात करीब 10 बजे दिनारा पुलिस को छात्र के लापता होने की सूचना दी गई। सीढ़ी पर फंदे से लटका मिलाइसी बीच, कॉलेज परिसर में निर्माणाधीन भवन पर काम कर रहे कुछ मजदूर रात में सोने के लिए छत पर पहुंचे। उन्होंने वहां संजू को लकड़ी की सीढ़ी पर फंदे से लटका हुआ देखा। मजदूरों ने तत्काल कॉलेज स्टाफ और डायल-112 को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करैरा भेज दिया। स्टूडेंट के परिजनों ने कॉलेज प्रबंधन पर लापरवाही बरतने का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि संजू कॉलेज परिसर से बाहर गया ही नहीं था, जबकि उन्हें लगातार बताया जा रहा था कि वह परीक्षा देकर निकल चुका है। परिजनों का आरोप है कि यदि समय रहते सही जानकारी दी जाती, तो शायद छात्र की जान बचाई जा सकती थी। आरोप- तीन कर्मचारी-शिक्षकों ने परेशान कियास्टूडेंट के भाई गौरव परमार ने आरोप लगाया कि कॉलेज के तीन कर्मचारियों और शिक्षकों द्वारा संजू को मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। उन्होंने प्रवेक्षक जी. के. गुप्ता, सहायक परीक्षा केंद्र प्रभारी मनीष श्रीवास्तव और शिक्षक अवदेश यादव का नाम लिया है। गौरव का कहना है कि शिक्षक अवदेश यादव से संजू का कई बार विवाद हुआ था। तीन दिन पहले परीक्षा प्रवेश पत्र को लेकर भी दोनों के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद संजू मानसिक तनाव में रहने लगा था। बिना पोस्टमार्टम शव लेकर कॉलेज पहुंचे परिजनशनिवार को जब पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए करैरा भेजा, तब परिजन पोस्टमार्टम कराए बिना शव को वापस लेकर कॉलेज पहुंच गए। वहां उन्होंने कॉलेज प्रबंधन और संबंधित शिक्षकों के खिलाफ कार्रवाई की मांग को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। मामले की गंभीरता को देखते हुए करैरा थाना प्रभारी विनोद छवाई, दिनारा थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह कुशवाह और चौकी प्रभारी रामानंद पचौरी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और उचित कार्रवाई का आश्वासन देकर समझाइश दी, जिसके बाद स्थिति शांत हुई। दिनारा थाना प्रभारी रविन्द्र सिंह कुशवाह ने बताया कि परिजनों की शिकायत के आधार पर मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी गई है। कॉलेज परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मुजफ्फरनगर में किसानों के लिए निर्धारित सब्सिडी वाली यूरिया खाद की कालाबाजारी के मामले में पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। 'ऑपरेशन किसान प्रहरी' के तहत पुलिस ने इस नेटवर्क के मुख्य सप्लायर और मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर को गिरफ्तार किया है। इससे पहले, इस अंतरराज्यीय गिरोह के आठ अन्य सदस्य पकड़े गए थे। एसपी देहात महादिक अक्षय संजय के नेतृत्व में थाना जानसठ पुलिस और एसओजी देहात की संयुक्त टीम ने 1 जून को कार्रवाई की थी। इस दौरान 20.43 हजार किलोग्राम अनुदानित यूरिया, चार वाहन और आठ आरोपियों को पकड़ा गया था। जांच में खुलासा हुआ था कि यह गिरोह सरकारी अनुदान पर मिलने वाली यूरिया खाद को खरीदकर हरियाणा के यमुनानगर में जमा करता था और फिर ऊंचे दामों पर औद्योगिक इकाइयों व फैक्ट्रियों में बेचता था। मामले की गहन जांच के दौरान पुलिस ने नेटवर्क की फॉरवर्ड और बैकवर्ड लिंकिंग खंगाली। इसी क्रम में हरिद्वार जिले के खानपुर थाना क्षेत्र के रायसिंह गांव निवासी संजय पुत्र बचन सिंह को गिरफ्तार किया गया। पुलिस के अनुसार, संजय इस पूरे नेटवर्क का मुख्य सप्लायर है। वह मुजफ्फरनगर के कई लाइसेंसी खाद विक्रेताओं से किसानों के लिए निर्धारित यूरिया खरीदकर अवैध रूप से सप्लाई करता था। एसपी देहात महादिक अक्षय संजय ने बताया कि पुलिस ने करहेड़ा निवासी सुन्दर देव कपिल को भी गिरफ्तार किया है। सुन्दर देव कपिल एक लाइसेंसी खाद दुकान का मुख्य डिस्ट्रीब्यूटर बताया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि इन दोनों आरोपियों की गिरफ्तारी से कालाबाजारी के बड़े नेटवर्क से जुड़ी कई महत्वपूर्ण जानकारियां सामने आई हैं। जांच में यह भी सामने आया है कि पिछले छह महीनों के दौरान इस गिरोह ने लगभग 15 लाख 12 हजार किलोग्राम अनुदानित यूरिया की कालाबाजारी की। पुलिस अब इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लाइसेंस धारकों, परिवहनकर्ताओं और लाभार्थियों की भूमिका की जांच कर रही है। एसपी देहात ने स्पष्ट किया है कि किसानों के हक पर डाका डालने वाले किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा।
कन्नौज में फाल्ट सुधारते समय एक संविदा लाइनमैन की करंट लगने से मौत हो गई। आरोप है कि लिखित शटडाउन के बावजूद बिजली की लाइन चालू कर दी गई थी। यह घटना शनिवार सुबह की है। सदर कोतवाली क्षेत्र के सरायशाह मोहम्मद गांव निवासी 36 वर्षीय संविदा कर्मचारी दिलीप कुमार शनिवार सुबह करीब 7 बजे मोहल्ला अकबरपुर सरायघाघ स्थित महिला थाना के पास हाईटेंशन लाइन में फाल्ट ठीक कर रहे थे। इसी दौरान वह अचानक करंट की चपेट में आ गए और खंभे से नीचे गिर गए। सहकर्मी आनन-फानन में दिलीप को जिला अस्पताल ले गए, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें राजकीय मेडिकल कॉलेज तिर्वा रेफर कर दिया। देर शाम इलाज के दौरान दिलीप की मौत हो गई। घटना की सूचना मिलते ही परिजन और अन्य लोग मेडिकल कॉलेज पहुंच गए। परिजनों ने बिजली विभाग के अधिकारियों पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए हंगामा शुरू कर दिया। सूचना पर पुलिस और निगम के अधिकारी भी मौके पर पहुंचे। निगम के अधिकारियों ने दिलीप के परिजनों को 10 लाख रुपये मुआवजे, मानदेय की 90 प्रतिशत पेंशन और अन्य विभागीय लाभ दिए जाने का लिखित आश्वासन दिया। इसके बाद परिजन पोस्टमार्टम कराने पर सहमत हुए। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। इस घटना से दिलीप की पत्नी मधू और छह साल की बेटी चारू का रो-रोकर बुरा हाल है।
संभल पुलिस ने छह साल पहले अपहृत एक किशोरी को उसके बच्चे सहित सकुशल बरामद किया है। किशोरी को बहला-फुसलाकर ले जाने और शारीरिक शोषण करने के आरोप में मुख्य आरोपी आकाश उर्फ वेत्रपाल और उसकी बहन पूजा को गिरफ्तार किया गया है। यह घटना संभल जनपद की गुन्नौर तहसील के थाना रजपुरा क्षेत्र के गांव डुप्टाखुर्द से संबंधित है। गांव महुआ हसनगंज निवासी एक पिता ने 17 मार्च 2020 को अपनी 11 वर्षीय बेटी के अपहरण की शिकायत रजपुरा थाने में दर्ज कराई थी। उन्होंने अजय पुत्र भारत यादव निवासी ईटऊवा, थाना गुन्नौर के खिलाफ रिपोर्ट लिखाई थी। शिकायत के अनुसार, लगभग छह साल पहले एक पड़ोसी महिला किशोरी को बहला-फुसलाकर ले गई थी। बीती 01 मई को पुलिस टीम को गांव सिंघौली कल्लू में सड़क किनारे एक महिला के खड़े होने की सूचना मिली। पुलिस मौके पर पहुंची और पूछताछ में महिला ने अपना नाम बताया। पुलिस को देखते ही पास खड़ा एक लड़का भाग गया, जिसे महिला ने आकाश उर्फ वेत्रपाल बताया। पीड़िता किशोरी ने अपने बयान में बताया कि आकाश ने उसे जबरन अपनी पत्नी बनाकर रखा और उसका शारीरिक शोषण किया। आकाश की बहन पूजा ने भी इस कृत्य में उसका पूरा सहयोग किया था। पुलिस ने पीड़िता और उसके बच्चे को सकुशल बरामद कर लिया है। उन्हें सुरक्षा के लिए संभल जनपद के वन स्टॉप सेंटर बहजोई में रखा गया है। शनिवार को पुलिस टीम ने फरार चल रहे अभियुक्त आकाश उर्फ वेत्रपाल पुत्र घनश्याम निवासी डुप्टाखुर्द, थाना रजपुरा और उसकी बहन पूजा उर्फ कस्तूरी पुत्री घनश्याम को गिरफ्तार कर लिया। थाना पुलिस के अनुसार, दोनों को हरिबाबा बांध की तरफ जाने वाली सड़क पर गांव केशोपुर के पास से पकड़ा गया। इस घटनाक्रम का खुलासा एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई और एएसपी दक्षिणी मनोज कुमार रावत ने किया है। मामले की विवेचना पहले गुन्नौर सीओ को दी गई थी, और अब थाना एएचटीयू के उपनिरीक्षक बाबूराम सैनी इसकी जांच कर रहे हैं। एसपी ने बताया कि लगभग साढ़े छह साल पहले एक 11 वर्षीय नाबालिग बच्ची को पड़ोसी महिला रिश्ते की मौसी द्वारा काम के बहाने बुलाकर अपहरण कर लिया गया था। महिला ने बच्ची को अपने भाई आकाश उर्फ वेदपाल निवासी डुप्टाखुर्द, थाना रजपुरा को सौंप दिया। आरोपी भाई बच्ची को किसी अन्य स्थान पर ले गया और उसके साथ रहने लगा। इस दौरान उनके शारीरिक संबंध बने, जिससे उनका एक चार साल का बच्चा भी है। वर्तमान में उस लड़की की उम्र 17 वर्ष है। दोनों को उनके परिवार से मिला दिया गया है। मुख्य आरोपी आकाश उर्फ वेदपाल और उसकी बहन पूजा उर्फ कस्तूरी को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा रहा है।
एटा पुलिस लाइन के बहुद्देशीय हॉल में शनिवार को पुलिस परिवार के मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया। यह सम्मान समारोह पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन उत्तर प्रदेश (वामा सारथी) के तत्वावधान में आयोजित किया गया था। हाईस्कूल और इंटरमीडिएट परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया गया।ये जानकारी वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा के ऑफिसियल प्लेटफार्म के माध्यम से देर शाम 8:00 बजे दी गई है वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एटा डॉ. इलामारन और वामा सारथी अध्यक्षा डॉ. प्रगति के निर्देशन में यह कार्यक्रम संपन्न हुआ। क्षेत्राधिकारी सकीट नितीश गर्ग और वामा सारथी सदस्या श्रीमती ऋषिता गर्ग ने मेधावी छात्र-छात्राओं को सम्मानित कर उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। समारोह में हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षा में बेहतर अंक प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को सम्मानित किया गया। विशेष रूप से मेधावी छात्रा आस्था कुमारी और उनके परिजनों की उपलब्धि की सराहना की गई। इस दौरान बच्चों के चेहरों पर खुशी और आत्मविश्वास साफ झलक रहा था। वक्ताओं ने शिक्षा को बच्चों के भविष्य की सबसे बड़ी पूंजी बताया। उन्होंने कहा कि कठिन परिस्थितियों में भी मेहनत कर सफलता प्राप्त करने वाले विद्यार्थी समाज के लिए प्रेरणा बनते हैं। ऐसे सम्मान समारोह बच्चों का मनोबल बढ़ाते हैं और उन्हें आगे बढ़ने के लिए नई ऊर्जा प्रदान करते हैं। कार्यक्रम में प्रतिसार निरीक्षक किशन लाल गौतम, प्रभारी महिला थाना नंदिनी सिंह, उपनिरीक्षक आरिफउल्ला खान, महिला आरक्षी सपना सहित पुलिस परिवार के बच्चे और उनके अभिभावक उपस्थित रहे।
इंदौर के एमजीएम मेडिकल कॉलेज परिसर से सामने आया एक वीडियो स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर गंभीर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में अपने बीमार बेटे को माता-पिता भीषण गर्मी में स्ट्रेचर पर लेकर एक अस्पताल से दूसरे अस्पताल तक भटकते दिखाई दे रहे हैं। मामला शनिवार दोपहर का है। एमवाय अस्पताल में भर्ती बच्चे आदर्श को डॉक्टरों ने सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल भेजा था। उसकी रीढ़ की हड्डी में समस्या है। कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं होने पर माता-पिता स्वयं ही बेटे को स्ट्रेचर पर लेकर एमवाय अस्पताल से सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल पहुंचे हैं। मां ने धूप से बचाने चुन्नी भिगोकर बच्चे पर डालीवायरल वीडियो में तेज धूप और गर्मी से बेटे को बचाने के लिए मां ने अपनी चुन्नी को पानी से भिगोकर उसके ऊपर डाल दिया। माता-पिता अस्पताल परिसर में मदद की तलाश करते रहे, लेकिन उन्हें कोई कर्मचारी उपलब्ध नहीं हुआ। परिजनों का आरोप है कि सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल पहुंचने के बाद पता चला कि बच्चे को वहां दिखाने की आवश्यकता ही नहीं थी, बल्कि केवल उसकी मेडिकल फाइल और दस्तावेज देखने थे। इसके बाद उन्हें दोबारा बच्चे को स्ट्रेचर पर लेकर एमवाय अस्पताल लौटना पड़ा। इस पूरी प्रक्रिया में उन्होंने लगभग एक किलोमीटर तक स्ट्रेचर धकेला। 15 दिनों से चल रहा बच्चे का इलाजदरअसल, पिछले 15 दिनों से बेटे को चलने-फिरने में परेशानी हो रही है। पहले उसे न्यू चेस्ट वार्ड में भर्ती किया गया था, बाद में एमवाय अस्पताल में उपचार जारी है। उन्होंने कहा कि बीमारी से परेशान परिवार को अस्पताल की व्यवस्थागत कमियों के कारण अतिरिक्त कठिनाइयों का सामना करना पड़ा। आउटसोर्स कंपनी की भूमिका पर सवालएमजीएम मेडिकल कॉलेज से जुड़े अस्पतालों में मरीजों को वार्ड, जांच केंद्र और अन्य अस्पतालों तक पहुंचाने की जिम्मेदारी आउटसोर्स कंपनी बीवीजी के कर्मचारियों के पास है। अस्पताल प्रशासन के अनुसार कंपनी के पास बड़ी संख्या में कर्मचारी हैं, लेकिन अक्सर जरूरत के समय स्ट्रेचर या व्हीलचेयर उपलब्ध कराने वाले कर्मचारी नजर नहीं आते। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े लोगों का कहना है कि मरीजों की सुविधा के लिए हर माह कंपनी को करोड़ों रुपये का भुगतान किया जाता है, इसके बावजूद इस तरह की घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। पहले भी विवादों में रही है कंपनीबीवीजी कंपनी पहले भी विभिन्न मामलों को लेकर सवालों के घेरे में रही है। हाल ही में सुपर स्पेशिएलिटी अस्पताल परिसर में खड़ी एक कार से शराब की पेटियां मिलने के मामले में भी सुरक्षा व्यवस्था पर प्रश्नचिह्न लगे थे। इसके अलावा प्रदेश के कुछ अन्य मेडिकल कॉलेजों में कार्यप्रणाली को लेकर कंपनी की कार्यशैली पर आपत्तियां उठ चुकी हैं
महात्मा गांधी काशी विद्यापीठ में अब आठ जून से पांच दिवसीय कार्य-सप्ताह (सोमवार से शुक्रवार तक) लागू होगा।सुबह 09 बजे से सायं 06 बजे तक कार्यालय एवं कक्षाएं संचालित की जायेंगी। दोपहर दो बजे से तीन बजे तक भोजन मध्यावकाश रहेगा। कुलसचिव डॉ. सुनीता पांडेय ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के ऊर्जा बचत पर सन्देश एवं उच्च शिक्षा मंत्री वर्चुअल बैठक में दिये गये निर्देश के क्रम में कुलपति प्रो. आनन्द कुमार त्यागी के आदेशानुसार यह निर्णय लिया गया। कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय की परीक्षाएं पूर्व निर्धारित समय-सारिणी के अनुसार यथावत चलती रहेंगी। कुलसचिव ने कहा कि विश्वविद्यालय परिसर में आवासित सभी शिक्षक, अधिकारी, कर्मचारी एवं छात्र-छात्राएं कार्यालय/ कक्षाओं में पहुंचने के लिए पैदल या साइकिल का प्रयोग करेंगे। वहीं, विश्वविद्यालय परिसर के बाहर से आने वाले कार्मिक यथासम्भव वाहन को साझा करेंगे तथा ई-रिक्शा, ई-कार आदि इलेक्ट्रिक वाहनों, सार्वजनिक परिवहन के साधनों का प्रयोग करेंगे। इसके साथ ही विश्वविद्यालय में आयोजित होने वाले सभी सेमिनार व मीटिंग वर्चुअल मोड में की जायेंगी एवं सभी शैक्षिक टूर अग्रिम आदेश तक स्थगित रहेंगे। विद्युत का उपयोग कम करने के लिए एसी. आदि का उपयोग कम करेंगे।
बलिया के पावन एवं ऐतिहासिक बाबा बालखण्डी नाथ धाम में 9 से 15 जून तक भव्य शिव महापुराण कथा का आयोजन किया जाएगा। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने शनिवार शाम मीडिया को बताया कि अंतर्राष्ट्रीय कथावाचक पंडित प्रदीप मिश्रा प्रतिदिन दोपहर 1 बजे से 4 बजे तक शिव महापुराण कथा का अमृतमय प्रवचन करेंगे। इस आयोजन को लेकर तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच चुकी हैं। कार्यक्रम को लेकर क्षेत्र ही नहीं, बल्कि पूर्वांचल एवं पड़ोसी जनपदों के श्रद्धालुओं में भी विशेष उत्साह देखने को मिल रहा है। आयोजन समिति द्वारा श्रद्धालुओं की सुविधा को ध्यान में रखते हुए लगभग 50 एकड़ क्षेत्रफल में विशाल कथा पंडाल का निर्माण कराया गया है, जहां एक साथ लाखों श्रद्धालु कथा श्रवण कर सकेंगे। कथा स्थल पर प्रवेश एवं निकास को सुगम बनाने के लिए 14 अलग-अलग मार्ग बनाए गए हैं। श्रद्धालुओं के वाहनों के सुव्यवस्थित संचालन हेतु 7 बड़े पार्किंग स्थलों की व्यवस्था की गई है, जिनमें लगभग 20 हजार वाहनों के खड़े होने की क्षमता होगी। छाता, सोनवानी, हल्दी, सहतवार एवं बैरिया की दिशा से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बांसडीह रेलवे स्टेशन के समीप स्थित सती माता मंदिर के पास पार्किंग बनाई गई है। वहीं शहर एवं ब्यासी क्षेत्र की ओर से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए बभनौली और पेट्रोल पंप के मध्य तीन पार्किंग स्थल निर्धारित किए गए हैं। बांसडीह, मनियर, रेवती, बैरिया एवं सिकंदरपुर क्षेत्र से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए सहपुरवा पुल के निकट विशेष पार्किंग की व्यवस्था की गई है। कथा में पधारने वाले लगभग 1.5 लाख श्रद्धालुओं को प्रतिदिन भोजन उपलब्ध कराया जाएगा। वहीं बाबा बालखण्डी नाथ मंदिर समिति द्वारा प्रतिदिन 15 से 20 हजार श्रद्धालुओं के लिए भंडारे का आयोजन भी किया जाएगा। आयोजन समिति ने इस महाआयोजन को पर्यावरण संरक्षण से भी जोड़ा है। कथा स्थल पर प्लास्टिक के बर्तनों का प्रयोग पूर्णतः प्रतिबंधित रहेगा। यातायात की दृष्टि से भी कथा स्थल अत्यंत सुगम स्थान पर स्थित है। यह बाबा बालखण्डी नाथ धाम बांसडीहरोड रेलवे स्टेशन से मात्र 200 मीटर, बलिया रेलवे स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर तथा बलिया बस स्टेशन से लगभग 10 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है। आयोजन समिति एवं प्रशासन द्वारा सुरक्षा, यातायात प्रबंधन, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा के लिए मोबाइल संचालित मेडिकल सहायता, अग्निशमन व्यवस्था तथा अन्य आवश्यक सेवाओं को लेकर व्यापक तैयारियां की जा रही हैं।
मिर्जापुर। पुलिस परिवारों के मेधावी बच्चों को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य से शनिवार को पुलिस लाइन स्थित माँ विंध्यवासिनी सभागार में एक सम्मान समारोह आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम वामा सारथी पुलिस फैमिली वेलफेयर एसोसिएशन के तत्वावधान में पुलिस अधीक्षक अपर्णा रजत कौशिक के निर्देशन में संपन्न हुआ। समारोह में उन छात्र-छात्राओं को सम्मानित किया गया जिन्होंने हाईस्कूल एवं इंटरमीडिएट परीक्षाओं में 90 प्रतिशत या उससे अधिक अंक प्राप्त कर उत्कृष्ट प्रदर्शन किया था। क्षेत्राधिकारी लाइन/यातायात गायत्री यादव ने इन मेधावी विद्यार्थियों को प्रशस्ति पत्र और पुरस्कार प्रदान कर उनका उत्साहवर्धन किया। इसी अवसर पर वामा इको चैंप्स कार्यक्रम के तहत बच्चों को पर्यावरण संरक्षण, वृक्षारोपण और स्वच्छता की शपथ दिलाई गई। इस पहल का उद्देश्य विद्यार्थियों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी की भावना विकसित करना और प्रकृति संरक्षण में उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित करना था। बच्चों ने हरित घर, स्वच्छ परिवेश और बेहतर भविष्य के संकल्प के साथ स्वच्छ एवं हरित भारत के निर्माण में योगदान देने का वचन दिया। अपने संबोधन में अधिकारियों ने कहा कि कठिन परिश्रम, अनुशासन और समर्पण से प्राप्त सफलता न केवल विद्यार्थियों बल्कि उनके परिवार और पुलिस विभाग के लिए भी गर्व का विषय है। उन्होंने विद्यार्थियों को भविष्य में भी उत्कृष्ट प्रदर्शन जारी रखने तथा राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। कार्यक्रम में प्रतिसार निरीक्षक पुलिस लाइन सहित अन्य अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे। हाईस्कूल वर्ग में सत्यम पाठक (पुत्र निरीक्षक नीरज पाठक), नमन मौर्या (पुत्र आरक्षी चालक शिवाजीत मौर्या, 39वीं वाहिनी पीएसी) और नूरीन फातिमा (पुत्री निरीक्षक लेखा अबुलैश अहमद, सशस्त्र पुलिस प्रशिक्षण विद्यालय, चुनार) को सम्मानित किया गया। इंटरमीडिएट वर्ग में आयशा खान (पुत्री उर्दू अनुवादक मुशकील खाँ), साक्षी सरोज (पुत्री मुख्य आरक्षी जयलाल सरोज) और निशू पासवान (पुत्री उपनिरीक्षक पप्पू पासवान) शामिल रहे। इस दौरान मेधावी विद्यार्थियों की उपलब्धियों की सराहना करते हुए उन्हें शिक्षा, सामाजिक जिम्मेदारी और पर्यावरण संरक्षण के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया गया।
लोर्डिया में बीजेएस की पहल, तालाब पुनर्जीवन पर बनी सहमति:भारतीय जैन संघटना ने जल संरक्षण हेतु पहल की
लोर्डिया गांव में भारतीय जैन संघटना (बीजेएस) के प्रतिनिधिमंडल ने दौरा कर तालाब पुनर्जीवन की दिशा में महत्वपूर्ण पहल की है। इस दौरान गांव के एक तालाब को पायलट परियोजना के तहत पुनर्जीवित करने का निर्णय लिया गया। दौरे के दौरान टीम ने क्षेत्र की जल उपलब्धता, जल संकट, कृषि स्थिति और ग्रामीण आजीविका से जुड़ी वर्तमान परिस्थितियों का अध्ययन किया। प्रतिनिधिमंडल ने ग्रामीणों और स्थानीय प्रतिनिधियों से संवाद कर वर्षा जल संचयन और भविष्य की जल संरक्षण संभावनाओं पर चर्चा की। एसडीएम की मौजूदगी में हुई चर्चा इस अवसर पर पूजा चौधरी भी मौजूद रहीं। उन्होंने बीजेएस द्वारा किए जा रहे जल संरक्षण कार्यों की सराहना करते हुए जिला प्रशासन की ओर से आवश्यक सहयोग का आश्वासन दिया। दौरे के दौरान आगामी वर्षा ऋतु को ध्यान में रखते हुए संभावित जल संरक्षण परियोजनाओं के लिए प्रारंभिक सर्वेक्षण और तकनीकी अध्ययन की रूपरेखा तैयार की गई। इसके तहत चयनित तालाब के पुनरुद्धार कार्य को पायलट आधार पर शुरू करने की सहमति बनी। जल संरक्षण के मॉडल गांव की उम्मीद प्रतिनिधिमंडल ने विश्वास जताया कि प्रशासन, सामाजिक संगठनों और ग्रामीण समुदाय के संयुक्त प्रयासों से लोर्डिया गांव जल संरक्षण का एक प्रेरणादायक मॉडल बन सकता है, जिससे क्षेत्र में दीर्घकालिक जल सुरक्षा और ग्रामीण समृद्धि को बढ़ावा मिलेगा। ग्रामीण और सामाजिक संगठनों की भागीदारी इस अवसर पर शोभित दुबे, मुकेश कोठारी, महावीर भंसाली और अरुण गोलछा सहित संगठन के प्रतिनिधि मौजूद रहे। वहीं गांव की ओर से वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता हरदेव कल्ला और मेघराज कल्ला सहित अन्य ग्रामीणों ने भी भाग लिया।
उदयपुर में जबरन धर्म परिवर्तन का मामला सामने आया है। ऋषभदेव थाना इलाके के कानूवाड़ा बिलखाई गांव में प्रार्थना सभा की आड़ में 100 से ज्यादा आदिवासी परिवारों का हिंदू धर्म से ईसाई धर्म में जबरन धर्मांतरण करवाया जा रहा था। भनक लगते ही पुलिस ने छापेमारी करके 11 लोगों को हिरासत में लिया है। पुलिस फिलहाल सभी से पूछताछ कर रही है। जानकारी के अनुसार, ऋषभदेव के बाद ऐसी ही एक बड़ी प्रार्थना सभा आने वाले दिनों में फलासिया में भी होने वाली थी ऋषभदेव थानाधिकारी हेमंत अहारी ने बताया- यह पूरा मामला शनिवार सुबह करीब 11 बजे का है। गांव के ही रहने वाले बाबूलाल के नेतृत्व में पिछले 2 दिनों से यह कार्यक्रम चल रहा था। गांव के ही नानालाल ने पुलिस में इसकी शिकायत दर्ज कराई थी। पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया। मौके पर पहुंचकर 11 लोगों को हिरासत में लिया। छत्तीसगढ़ और झारखंड के 3 पादरी भी शामिल हैं, जबकि बाकी 8 आरोपी उदयपुर के ही रहने वाले हैं। गांव में पिछले 2 दिनों से चल रही प्रार्थना सभा में आसपास के 12 से ज्यादा गांवों के लोगों को बुलाया गया था। पुलिस ने जब मौके पर दबिश दी, तब भी वहां 200 से ज्यादा लोग मौजूद थे। इन लोगों को हिंदू धर्म छोड़कर ईसाई धर्म अपनाने के लिए प्रेरित किया जा रहा था। शिकायतकर्ता नानालाल ने पुलिस को बताया- गरीब आदिवासियों को टारगेट कर पिछले कई दिनों से यहां जबरन धर्म परिवर्तन का माहौल बनाया जा रहा था। मुझे भी शुक्रवार को इस सभा में बुलाया गया था, जहां उन्हें पूरे परिवार समेत धर्म बदलने का लालच दिया गया। अब देखिए, सभा से जुड़ी PHOTOS… हिंदू धर्म छोड़ दो, तुम्हारी सारी बीमारियां दूर हो जाएंगी शिकायतकर्ता ने बताया- सभा में मौजूद पादरियों ने कहा हिंदू धर्म छोड़ दो, तुम्हारी सारी बीमारियां दूर हो जाएंगी और हर तरीके से आर्थिक लाभ भी मिलेगा। आदिवासियों को झांसे में लेने के लिए उनके खेतों में कुआं और ट्यूबवेल खुदवाने तक का ऑफर दिया गया था, ताकि गरीब लोग अपनी आर्थिक मजबूरी के कारण ईसाई धर्म अपना लें। हिंदू धर्म छोड़ने से मना करने पर धमकी दी शिकायतकर्ता ने बताया- जब मैंने हिंदू धर्म छोड़ने से साफ मना कर दिया, तो आरोपियों ने मुझे जान से मारने की धमकी दी। शनिवार सुबह भी ईसाई धर्म स्वीकार नहीं करने पर स्थानीय आयोजकों ने उन्हें डराया-धमकाया। इसके बाद नानालाल ने हिम्मत दिखाई और सीधे थाने पहुंचकर आरोपियों के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज करवा दी। आयोजक इन 2 दिनों में करीब 200 स्थानीय परिवारों को पैसों का लालच देकर धर्म परिवर्तन करवाने की पूरी तैयारी में थे। लेकिन पुलिस ने ऐन वक्त पर पहुंचकर उनकी इस साजिश को नाकाम कर दिया। इस कार्यक्रम में कुछ ऐसे परिवार भी शामिल हुए थे, जिन्होंने कुछ समय पहले ही हिंदू धर्म छोड़ दिया था। --- यह खबर भी पढ़िए… भीड़ ने पादरी को पीटा, कपड़े फाड़े:बोला-15 लोगों का धर्मांतरण करवा चुका हूं, घर में प्रार्थना करवाते विहिप ने पकड़ा अलवर में धर्मपरिवर्तन के आरोप में भीड़ ने पादरी को पीट दिया। एक मकान में ईसा मसीह की प्रार्थना चल रही थी। सूचना पर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के कार्यकर्ता पहुंचे और पादरी को घर से बाहर निकाला। इस पर बाहर खड़ी भीड़ ने पादरी की पिटाई शुरू कर दी, कपड़े भी फाड़ दिए। (पढ़ें पूरी खबर)
सीकर में कृषि विभाग के कर्मचारियों के साथ मारपीट का मामले में कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष और कृषि मंत्री आमने-सामने हो गए हैं। गोविंद सिंह डोटासरा ने X पर लिखा- अगर कृषि विभाग की छापेमारी टीम के सदस्य ही कमीशनखोरी का खेल खेलेंगे तो फिर कार्रवाई का क्या मतलब रह जाएगा? इस पर कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने पलटवार करते हुए X लिखा- डोटासरा जी, आप सीकर की इस घटना में भ्रष्टाचार के आरोप मेरे ऊपर सिद्ध कर दीजिए तो मैं मंत्री पद से इस्तीफा दे दूंगा। मैं भ्रष्टाचार के सख्त खिलाफ हूं और इसके लिए जीवनभर लड़ता रहा हूं। आप मुझसे दुर्भावना रखते हैं, इसीलिए किसी के बहकावे में आकर मेरे ऊपर मनगढ़ंत और तथ्यहीन आरोप लगा रहे हैं। मैं यह बताना चाहता हूं कि सीकर जितना आपका है, उतना ही मेरा भी है। हमला डिकॉय टीम पर नहीं, बल्कि सरकार पर हुआ है। कृपया आप हमलावरों का साथ न दें तो उचित रहेगा, जिससे किसानों के हितों को सुरक्षित रखा जा सके। कमीशनखोरी का खेल खेलेंगे तो फिर कार्रवाई का क्या मतलब कृषि विभाग से कर्मचारियों से मारपीट मामले पर डोटासरा ने लिखा - पहले छापा और फिर सेटिंग... आखिर यह कैसी व्यवस्था है जहां कार्रवाई के नाम पर डर दिखाओ और फिर सौदेबाजी कर मोटी रकम वसूलने निकल पड़ो? कृषि मंत्री जी, जनता जवाब चाहती है। इस भ्रष्टाचार पर न आपका बयान आया और न ही ब्लैकमेलिंग-उगाही करने वाले इस अधिकारी पर कोई कार्रवाई हुई? आखिर क्यों? किरोड़ी बोले- फंगस लगे मूंगफली के नकली बीज जब्त किए थे डोटासरा पर पलटवार करते हुए कृषि मंत्री किरोड़ी लाल मीणा ने लिखा - मेरे द्वारा ऑपरेशन डिकॉय के तहत 26 मई 2026 को सीकर और गोविंदगढ़ के रीको (RIICO) एरिया में बालाजी एग्रो इंडस्ट्रीज पर औचक निरीक्षण किया गया। जहां भारी मात्रा में फंगस लगे मूंगफली के नकली बीज जब्त किए गए, साथ ही सेल स्टॉप (सेल बैन) की कार्रवाई करते हुए मुकदमा भी दर्ज करवाया गया था। कार्रवाई के बाद डिकॉय टीम के सदस्य संदीप और रजनीश किसान बनकर अन्य जानकारियां जुटाने में लग गए। व्यापारी ने साजिश के तहत टीम को बुलाया किरोड़ी लाल मीणा ने लिखा- बीज व्यापारी को शक होने पर उसने साजिश के तहत टीम को एक लोकेशन पर बुलाया और वहां पैसे मांगने का झूठा आरोप लगाकर 20 से 25 लोगों के साथ मिलकर डिकॉय टीम के साथ मारपीट की। इसके बाद सीकर के सदर थाना, एडिशनल एसपी सीकर और एडिशनल एसपी एंटी करप्शन ब्यूरो सीकर द्वारा घंटों जांच की गई। जांच में बीज व्यापारी के सभी आरोप पूरी तरह झूठे और तथ्यहीन पाए गए। टीम के साथ साजिश के तहत मारपीट करने पर टीम के द्वारा सदर थाने में मुकदमा भी दर्ज करवाया गया। घटिया बीज की किसानों को आपूर्ति न हो, इसके लिए टीम ने पूरी निष्ठा से काम किया।अब 3 पॉइंट में जानिए पूरा विवाद … कर्मचारियों से मारपीट से जुड़ी ये खबर भी पढ़िए.. इनपुट लेने आए कृषि विभाग के कर्मचारियों से मारपीट, किडनैप करने की कोशिश की, संचालक का आरोप- रेड नहीं करने के नाम पर 20 लाख मांगे सीकर के सदर थाना इलाके में बीज का इनपुट जुटाने के लिए आए कृषि विभाग के दो कर्मचारियों के साथ मारपीट की गई। इतना ही नहीं उन्हें किडनैप करने की भी कोशिश की गई। पढ़ें पूरी खबर
OT टेक्नीशियन की छात्रा ने फंदा लगाकर जान दी:फोन नहीं उठाने पर रिश्तेदार पहुंचे, गेट खोलकर शव उतारा
लखनऊ के मड़ियांव इलाके में ओटी टेक्नीशियन का डिप्लोमा कर रही 19 साल की छात्रा ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। पिता बेटी को कॉल कर रहे थे, रिसीव न होने पर रिश्तेदार को घर भेजा। इसके बाद घटना की जानकारी हुई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने कमरे का दरवाजा तोड़कर शव को नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। लखीमपुर खीरी निवासी सेजल वर्मा (19) पुत्री संदीप वर्मा सेवा अस्पताल में ओटी टेक्नीशियन के प्रथम वर्ष की छात्रा थी। पिता गन्ना मिल में बाबू हैं। सेजल मड़ियांव के छठे मील इलाके में किराए के कमरे में रहकर पढ़ाई कर रही थी। शुक्रवार शाम संदीप ने बेटी को कई बार फोन किया, लेकिन उसने कॉल रिसीव नहीं की। जवाब न मिलने पर उन्होंने अपने साढ़ू के बेटे निखिल को कमरे पर जाकर देखने के लिए कहा। अंदर से बंद था कमरा निखिल जब कमरे पर पहुंचा तो दरवाजा अंदर से बंद मिला। काफी खटखटाने के बाद भी कोई प्रतिक्रिया नहीं हुई। इसके बाद उसने परिजनों के साथ पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची मड़ियांव पुलिस ने दरवाजा तोड़कर कमरे में प्रवेश किया। अंदर सेजल पंखे से दुपट्टे के सहारे फंदे पर लटकी मिली। पुलिस ने तत्काल फोरेंसिक टीम को बुलाकर जांच कराई। मोबाइल फोन कब्जे में लेकर जांच शुरू फोरेंसिक टीम ने मौके से साक्ष्य जुटाए और छात्रा के मोबाइल फोन को कब्जे में ले लिया। इसके बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया। मड़ियांव इंस्पेक्टर ने बताया कि परिजनों की ओर से किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया है। छात्रा के मोबाइल और अन्य पहलुओं की जांच की जा रही है। आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस सभी बिंदुओं पर पड़ताल कर रही है।
ब्रिक्स देशों के प्रतिनिधिमंडल ने शनिवार को वाराणसी की सांस्कृतिक, आध्यात्मिक और शिल्प परंपराओं का करीब से अनुभव किया। द्वितीय संस्कृति कार्य समूह की बैठक में भाग लेने आए प्रतिनिधियों ने सारनाथ, श्री काशी विश्वनाथ धाम तथा बड़ा लालपुर स्थित ट्रेड फैसिलिटेशन सेंटर (टीएफसी) म्यूजियम का भ्रमण कर भारत की समृद्ध विरासत की सराहना की। सारनाथ का किया भ्रमणप्रतिनिधियों ने भगवान बुद्ध की प्रथम उपदेश स्थली सारनाथ में ऐतिहासिक धरोहरों का अवलोकन किया और वहां के पुरातात्विक एवं सांस्कृतिक महत्व की जानकारी प्राप्त की। इसके बाद उन्होंने विश्व प्रसिद्ध श्री काशी विश्वनाथ मंदिर में दर्शन-पूजन कर भारत की आध्यात्मिक परंपरा और धार्मिक आस्था को निकट से महसूस किया। प्रतिनिधियों ने काशी की सांस्कृतिक एवं आध्यात्मिक विरासत को अद्वितीय बताया। ODOP प्रोडेक्ट को देखासुबह बड़ा लालपुर स्थित टीएफसी म्यूजियम पहुंचने पर प्रतिनिधिमंडल का पुष्पवर्षा एवं ओडीओपी उत्पाद भेंट कर भव्य स्वागत किया गया। यहां उन्होंने बनारसी ब्रोकेड, बनारसी साड़ी, हथकरघा, कालीन एवं अन्य पारंपरिक हस्तशिल्प की बारीकियों को समझा। म्यूजियम के इमेजिंग जोन में गंगा घाटों, विश्वप्रसिद्ध गंगा आरती, बनारसी व्यंजनों और स्थानीय संस्कृति से जुड़ी श्रव्य-दृश्य प्रस्तुति ने प्रतिनिधियों को विशेष रूप से प्रभावित किया। म्यूजियम में प्रदर्शित बनारस की काष्ठ कला और पारंपरिक शिल्पकृतियों ने भी विदेशी मेहमानों का ध्यान आकर्षित किया। कई प्रतिनिधियों ने इन कलाकृतियों की तस्वीरें अपने मोबाइल फोन में कैद कीं। इस दौरान ईरान के एक प्रतिनिधि ने गुलाबी मीनाकारी से निर्मित एक आकर्षक ईयर रिंग खरीदकर स्थानीय शिल्प के प्रति अपनी रुचि प्रदर्शित की। GI टैग प्रोडेक्ट को देखा प्रतिनिधिमंडल ने संग्रहालय की जीआई दीर्घा का भी अवलोकन किया, जहां भारत के विभिन्न राज्यों के जीआई टैग प्राप्त उत्पादों को प्रदर्शित किया गया है। अधिकारियों ने उन्हें जीआई टैग के महत्व एवं स्थानीय उत्पादों की विशिष्ट पहचान के बारे में विस्तार से जानकारी दी। प्रतिनिधियों ने कालीन बुनाई का लाइव प्रदर्शन भी देखा और बुनकरों से संवाद कर इस पारंपरिक कला की तकनीकी बारीकियों को समझा।
समालखा में सैनी सेवा ट्रस्ट ने शिक्षा को बढ़ावा देने और जरूरतमंद बच्चों के उज्ज्वल भविष्य के लिए एक सम्मान समारोह आयोजित किया। जिसमें क्षेत्र के 45 बच्चों को कॉपी, किताबें, पेन और अन्य शैक्षणिक सामग्री वितरित की गई। इस अवसर पर सैनी सेवा ट्रस्ट की चेयरपर्सन माया देवी ने कहा कि शिक्षा ही समाज में सकारात्मक परिवर्तन लाने की शक्ति रखती है। उन्होंने कहा कि, किताबों में ही बुलंदियों की उड़ान छुपी है। माया देवी ने बच्चों को बेहतर शिक्षा और संसाधन उपलब्ध कराने के लिए निरंतर प्रयास करते रहने की आवश्यकता पर बल दिया। कार्यक्रम के दौरान ट्रस्ट ने जरूरतमंद परिवारों को दैनिक जीवन में उपयोग आने वाली आवश्यक वस्तुएं भी वितरित कीं। इसके अतिरिक्त, एक दिव्यांग व्यक्ति को व्हीलचेयर भेंट कर मानवीय सेवा का संदेश दिया गया। क्षेत्रवासियों ने ट्रस्ट के इन प्रयासों की सराहना की और इसे समाज के लिए प्रेरणादायक पहल बताया। हर जरुरतमंद को मिलना चाहिए सम्मान : मोहन लाल मोहन लाल ने इस मौके पर कहा कि समाज की वास्तविक प्रगति तभी संभव है जब हर बच्चा शिक्षा से जुड़े और हर जरूरतमंद व्यक्ति को सम्मान के साथ सहायता मिले। उन्होंने बताया कि सैनी सेवा ट्रस्ट का उद्देश्य केवल सहायता प्रदान करना नहीं, बल्कि लोगों में आत्मविश्वास और आगे बढ़ने की प्रेरणा जगाना भी है। बच्चों ने कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया। ट्रस्ट के सदस्यों ने शिक्षा के महत्व और सामाजिक सेवा के प्रति लोगों को जागरूक किया। उपस्थित सभी लोगों ने भविष्य में भी ऐसे जनहितकारी कार्यों को निरंतर जारी रखने का संकल्प लिया। इस अवसर पर मोहन लाल, नितीश, निशा, करण सिंह सैनी, अनिल सैनी, ममता, तमन्ना सहित ट्रस्ट के अनेक सदस्य, गणमान्य व्यक्ति और क्षेत्रवासी उपस्थित रहे।
मध्य प्रदेश के कूनो नेशनल पार्क में शनिवार शाम भारतीय मूल की 27 माह की मादा चीता KGP11 की इलाज के दौरान मौत हो गई। वह पिछले पांच दिनों से पालपुर स्थित पशु चिकित्सा केंद्र में भर्ती थी। इसके साथ ही कूनो में चीतों की संख्या घटकर 49 रह गई है, जबकि देशभर में कुल 52 चीते बचे हैं। कूनो राष्ट्रीय उद्यान प्रबंधन के अनुसार, मादा चीता KGP11 एक जून को मुरैना जिले के पहाड़गढ़ क्षेत्र में घायल अवस्था में मिली थी। सूचना मिलने पर वन विभाग और विशेषज्ञ चिकित्सकों की टीम ने उसका रेस्क्यू किया और बेहतर इलाज के लिए पालपुर स्थित वेटरनरी सुविधा केंद्र पहुंचाया। शनिवार शाम इलाज के दौरान मौत पार्क प्रबंधन के मुताबिक, चीता की लगातार चिकित्सकीय निगरानी की जा रही थी। विशेषज्ञ डॉक्टरों और फील्ड स्टाफ ने इलाज के लिए आवश्यक प्रयास किए, लेकिन उसके स्वास्थ्य में अपेक्षित सुधार नहीं हुआ। शनिवार शाम इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से चलेगी मौत की वजह कूनो प्रबंधन ने बताया कि मादा चीता का पोस्टमॉर्टम कराया जाएगा। इसके बाद उसकी मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत की परिस्थितियां स्पष्ट होंगी। कूनो नेशनल पार्क में चीतों की निगरानी और स्वास्थ्य प्रबंधन पर लगातार काम किया जा रहा है। KGP11 की मौत के बाद वन विभाग और पार्क प्रबंधन आगे की जांच और आवश्यक कार्रवाई में जुट गया है। 12 मई को 4 शावकों की गई थी जान 12 मई को श्योपुर कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता KGP12 के चार शावकों की मौत हो गई थी। मॉनिटरिंग टीम को डेन साइट (मांद) के पास चारों शावकों के शव मिले थे। वन विभाग के मुताबिक शव आंशिक रूप से खाए हुए थे, जिससे किसी जंगली जानवर के शिकार की आशंका जताई थी। शावकों का जन्म 11 अप्रैल 2026 को हुआ था। वे करीब एक महीने के थे। टीम ने उन्हें 11 मई की शाम आखिरी बार जीवित देखा था। कूनो और गांधीसागर को मिलाकर बचे 52 चीते KGP11 की मौत के बाद कूनो नेशनल पार्क में अब 49 चीते बचे हैं, जिनमें भारतीय मूल के 32 चीते शामिल हैं। इनमें से 19 चीते खुले जंगल में घूम रहे हैं और बाकी बाड़ों में हैं। पार्क प्रबंधन के मुताबिक, शेष सभी चीते पूरी तरह स्वस्थ हैं। कूनो के 49 और गांधीसागर अभयारण्य के 3 चीतों को मिलाकर देश में अब कुल 52 चीते ही शेष हैं। जानिए, कब-कैसे और कितने चीतों की मौत हुई...? 26 मार्च 2023: साशा की किडनी इन्फेक्शन से मौत नामीबिया से लाई गई 4 साल की मादा चीता साशा की किडनी इन्फेक्शन से मौत हुई थी। वन विभाग के मुताबिक, 15 अगस्त 2022 को नामीबिया में साशा का ब्लड टेस्ट किया गया था, जिसमें क्रिएटिनिन का स्तर 400 से ज्यादा था। इससे ये पुष्टि होती है कि साशा को किडनी की बीमारी भारत में लाने से पहले ही थी। साशा की मौत के बाद चीतों की संख्या घटकर 19 रह गई। 27 मार्च 2023: ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया साशा की मौत के अगले ही दिन मादा चीता ज्वाला ने चार शावकों को जन्म दिया। ज्वाला को नामीबिया से यहां लाया गया था। कूनो नेशनल पार्क में इन शावकों को मिलाकर चीतों की कुल संख्या 23 हो गई। 23 अप्रैल 2023: उदय की दिल के दौरे से मौत साउथ अफ्रीका से लाए गए नर चीते उदय की मौत हुई। शॉर्ट पीएम रिपोर्ट में बताया गया कि उदय की मौत कार्डियक आर्टरी फेल होने से हुई। मध्य प्रदेश के चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस चौहान ने बताया कि हृदय धमनी में रक्त संचार रुकने के कारण चीते की मौत हुई। यह भी एक तरह का हार्ट अटैक है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 22 रह गई। 9 मई 2023: दक्षा की मेटिंग के दौरान मौत दक्षा को दक्षिण अफ्रीका से कूनो लाया गया था। चीफ वाइल्ड लाइफ वार्डन जेएस चौहान ने बताया कि मेल चीते को दक्षा के बाड़े में मेटिंग के लिए भेजा गया था। मेटिंग के दौरान ही दोनों में हिंसक इंटरेक्शन हो गया। मेल चीते ने पंजा मारकर दक्षा को घायल कर दिया था। बाद में उसकी मौत हो गई। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 21 रह गई। 23 मई 2023: ज्वाला के एक शावक की मौत ज्वाला के एक शावक की मौत हुई थी। जेएस चौहान ने बताया कि ये शावक जंगली परिस्थितियों में रह रहे थे। 23 मई को श्योपुर में भीषण गर्मी थी। तापमान 46-47 डिग्री सेल्सियस था। दिनभर गर्म हवा और लू चलती रही। ऐसे में ज्यादा गर्मी, डिहाइड्रेशन और कमजोरी इनकी मौत की वजह हो सकती है। इसके बाद कूनो में शावकों सहित चीतों की संख्या 20 रह गई। 25 मई 2023: ज्वाला के दो और शावकों की मौत पहले शावक की मौत के बाद तीन अन्य शावकों को चिकित्सकों की देखरेख में रखा गया था। इनमें से दो और शावकों की मौत हो गई। अधिक तापमान होने और लू के चलते इनकी तबीयत खराब होने की बात सामने आई थी। इसके बाद कूनो में एक शावक सहित 18 चीते बचे। 11 जुलाई 2023: मेल चीता तेजस की मौत चीता तेजस की गर्दन पर घाव था, जिसे देखकर अनुमान लगाया गया कि चीतों के आपसी संघर्ष में उसकी जान गई है। इस मौत के बाद कूनो में 17 चीते बचे थे। 14 जुलाई 2023: मेल चीता सूरज की मौत चीते सूरज की गर्दन पर भी घाव मिला था। कूनो प्रबंधन का अनुमान है कि चीतों के आपसी संघर्ष में ही सूरज की भी जान गई है। इससे नेशनल पार्क में चीतों की संख्या घटकर 16 रह गई थी। 2 अगस्त 2023: मादा चीता धात्री की मौत कूनो परिसर में ही मादा चीता धात्री का शव मिला था। पोस्टमॉर्टम में इन्फेक्शन से मौत की वजह सामने आई थी। धात्री की मौत के बाद चीतों की संख्या 15 रह गई थी। 3 जनवरी 2024: आशा ने तीन शावक जन्मे 03 जनवरी 2024 को श्योपुर जिले के कूनो नेशनल पार्क से बड़ी खुशखबरी आई। मादा चीता आशा ने तीन शावकों को जन्म दिया। कूनो में अब 4 शावक समेत कुल 18 चीते हो गए थे। नामीबिया से कूनो नेशनल पार्क लाई गई मादा चीता आशा को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने यह नाम दिया था। 16 जनवरी 2024: नर चीते शौर्य की मौत नामीबिया से 17 सितंबर 2022 को कूनो नेशनल पार्क लाए गए नर चीते शौर्य ने दम तोड़ा। तब यहां 4 शावक समेत 17 चीते बचे थे। 5 अगस्त 2024: गामिनी के एक और शावक की मौत कूनो के वन अमले को गश्त के दौरान मादा चीता गामिनी का शावक घिसटते हुए दिखा। इसके बाद टीम ने उसे रेस्क्यू कर इलाज शुरू किया था। रीढ़ की हड्डी में फ्रैक्चर होने की वजह से शावक गंभीर रूप से घायल हो गया था। 7 दिन चले इलाज के बाद उसने दम तोड़ दिया। 27 अगस्त 2024: नर चीते पवन की हुई थी मौत, नाले में मिला था शव कूनो नेशनल पार्क में पवन नाम के चीता की मौत हो गई थी। नामीबिया से लाए गए इस चीता का शव झाड़ियों के बीच नाले में मिला था। चीते का सिर और आधा शरीर पानी में डूबा हुआ था। 28 नवंबर 2024: चीता निर्वा से जन्मे 2 शावकों की मौत जन्म के पांच दिन बाद चीता निर्वा से जन्मे 2 शावकों की मौत हो गई थी। दोनों के शव क्षत-विक्षत हालत में मिले थे। यह खबरें भी पढ़ें …………………………………. यह खबर भी पढ़ें… कूनो में 4 चीता शावकों की मौत, शव खाए मिले श्योपुर कूनो नेशनल पार्क में मादा चीता KGP12 के चार शावकों की मौत हो गई। मॉनिटरिंग टीम को डेन साइट (मांद) के पास चारों शावकों के शव मिले। वन विभाग के मुताबिक शव आंशिक रूप से खाए हुए थे, जिससे किसी जंगली जानवर के शिकार की आशंका जताई जा रही है। पढें पूरी खबर…
हरियाणा के कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक स्थाणु महादेव मंदिर और पिहोवा के कार्तिकेय मंदिर को बम और IED हमले से उड़ाने की धमकी मिलने के बाद मंदिर प्रशासन ने सुरक्षा बढ़ाने की मांग की है। मंदिर के महंत दीपक गिरी ने हरियाणा के गृह मंत्री, डीआईजी, पुलिस अधीक्षक कुरुक्षेत्र समेत कई अधिकारियों को शिकायत भेजी है। दरअसल 4 जून को कुरुक्षेत्र के DC को धमकी भरी ई-मेल मिली थी। ई-मेल की शुरुआत ही हरियाणा बनेगा खालिस्तान शब्दों से की गई थी। मेल भेजने वाले ने खुद को खालिस्तान नेशनल आर्मी का मेंबर बताते हुए हरियाणा के कई हिंदू मंदिरों और सरकारी संस्थानों को निशाना बनाने की धमकी दी थी। कुरुक्षेत्र के 2 प्रमुख मंदिरों के नाम धमकी धमकी भरे ई-मेल में कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक स्थाणु महादेव मंदिर और पिहोवा स्थित कार्तिकेय मंदिर का नाम लेकर उड़ाने की चेतावनी दी गई। दोनों मंदिरों में प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचते हैं। मेल में यह भी दावा किया गया कि 5 और 6 जून को चंडीगढ़, अंबाला और दिल्ली के बीच रेलवे ट्रैक पर आईईडी विस्फोट किए जाएंगे। महंत बोले- श्रद्धालुओं की सुरक्षा बड़ी जिम्मेदारी कार्तिकेय मंदिर के महंत दीपक गिरि ने बताया कि धमकी भरे संदेशों में मंदिर का नाम सामने आने के बाद श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन में चिंता का माहौल है। कार्तिकेय मंदिर उत्तर भारत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है, जहां रोजाना बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं। ऐसे में सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होना जरूरी है। बोले- पुलिस ने नहीं ली मंदिर परिसर में 24 घंटे पुलिस सुरक्षा तैनात करने, पुलिस गश्त बढ़ाने, बम निरोधक दस्ते से जांच कराने, सुरक्षा ऑडिट रवाने और सीसीटीवी निगरानी व्यवस्था मजबूत करने की मांग की है। साथ ही धमकी देने वालों की पहचान कर उनके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए। सभी मंदिरों और धार्मिक स्थलों पर सुरक्षा व्यवस्था मजबूत होनी चाहिए। महंत ने आरोप लगाया कि इस मामले में सिटी थाना पुलिस को शिकायत देने की कोशिश की गई, लेकिन उनकी शिकायत नहीं ली गई। DSP पिहोवा को भी सौंपी शिकायत इसके बाद उन्होंने उच्च अधिकारियों को ई-मेल के माध्यम से विस्तृत शिकायत भेजी। इस संबंध में DSP पिहोवा रणधीर सिंह को भी शिकायत सौंपी है। डीएसपी की ओर से मंदिर की सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने का आश्वासन दिया है। थाना प्रभारी बोले- मंदिर को सीधे कोई मेल नहीं आई उधर, शहरी थाना प्रभारी सुनील वत्स ने बताया कि कार्तिकेय मंदिर को सीधे तौर पर कोई धमकी भरी ई-मेल प्राप्त नहीं हुई है। जिस संस्थान या स्थान को ई-मेल प्राप्त हुई है, वहां नियमानुसार कार्रवाई की जा रही है। मंदिर प्रबंधन की ओर से लिखित शिकायत नहीं पहुंची। बावजूद इसके एहतियात के तौर पर मंदिर परिसर में पुलिस सुरक्षा उपलब्ध करवा दी गई है। सोमवार को स्थाणु मंदिर में सीएम का कार्यक्रम उधर, कुरुक्षेत्र के ऐतिहासिक स्थाणु महादेव मंदिर में सोमवार को धार्मिक कार्यक्रम होना है। इस कार्यक्रम में सीएम नायब सैनी मुख्यातिथि रहेंगे। वहीं मंदिर के महंत बंसीपुर ने बताया कि उनकी ओर से पुलिस को कोई शिकायत नहीं दी गई। हालांकि सीएम के कार्यक्रम को लेकर अब तक उनके पास कोई सूचना नहीं आई।
मेरठ के थाना मेडिकल क्षेत्र स्थित जागृति विहार सेक्टर-2 में शनिवार को बिजलीघर के पीछे अचानक आग लगने से क्षेत्र में अफरा-तफरी मच गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बिजली फाल्ट के कारण आग लगी, जिसके बाद आसपास के लोगों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना मिलते ही छात्र नेता विनीत चपराना मौके पर पहुंचे और तत्काल फायर ब्रिगेड, बिजली विभाग तथा नगर निगम को सूचना दी। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड की टीम घटनास्थल पर पहुंची और आग बुझाने का अभियान शुरू किया। बिजली विभाग के कर्मचारियों ने भी राहत एवं बचाव कार्य में सहयोग किया। फायर कर्मियों की तत्परता और स्थानीय लोगों के सहयोग से आग पर समय रहते काबू पा लिया गया, जिससे किसी बड़े हादसे और नुकसान को टाल दिया गया। घटना के दौरान बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर मौजूद रहे और राहत कार्य में सहयोग करते रहे। मौके से ही विनीत चपराना ने नगरायुक्त सौरभ गंगवार से फोन पर वार्ता कर क्षेत्र में नाले के आसपास फैली गंदगी और सफाई व्यवस्था का मुद्दा उठाया। उन्होंने जागृति विहार सेक्टर-2 में जल्द सफाई अभियान चलाने की मांग भी की। साथ ही उन्होंने नगर आयुक्त से भी अपील करते हुए कहा कि जहां इस प्रकार के अन्य भी जगह हैं वहां भी समय रहते आसपास में सफाई कराई जाए ताकि ऐसा हादसा न हो।
उचाना के कसूहन चाणक्य इंटरनेशनल स्कूल में भाजपा की एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक विशेष संक्षिप्त पुनरीक्षण (एसआईआर) अभियान को सफल बनाने पर केंद्रित थी। इसमें विधायक देवेंद्र अत्री, पूर्व जिलाध्यक्ष सुशील राणा और जिलाध्यक्ष तेजेंद्र ढुल सहित कई प्रमुख नेता उपस्थित रहे। कार्यक्रम का संचालन कसूहन मंडल अध्यक्ष संजय चहल ने किया, जबकि बीएलए-1 रमेश काकड़ोद की अगुवाई में यह आयोजित हुआ। बैठक की शुरुआत वंदे मातरम गीत से हुई और अंत में पौधरोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने एसआईआर अभियान पर विस्तार से चर्चा की और बीएलए-2 को जिम्मेदारियां सौंपी गईं। विधायक देवेंद्र चतुर्भुज अत्री ने कहा कि निर्वाचन आयोग द्वारा चलाए जाने वाले पुनरीक्षण अभियानों का मुख्य उद्देश्य मतदाता सूची को त्रुटिरहित बनाना है। उन्होंने नागरिकों से अपील की कि वे अपने दस्तावेजों की जांच कर आवश्यक संशोधन, नाम जोडऩे या अन्य संबंधित कार्य निर्धारित समय-सीमा में पूरे करें। अत्री ने जोर दिया कि मतदाता सूची का शुद्धीकरण निष्पक्ष और पारदर्शी चुनाव प्रक्रिया का आधार है। प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम होना चाहिए दर्ज : विधायक विधायक ने कहा कि प्रत्येक पात्र नागरिक का नाम मतदाता सूची में दर्ज होना चाहिए और किसी भी त्रुटि को समय रहते ठीक करवाना आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपने परिवार और आसपास के लोगों को भी मतदाता सूची की जांच करवाने के लिए प्रेरित करने का आग्रह किया। अत्री ने युवाओं से विशेष रूप से आह्वान किया कि जो निर्धारित आयु पूर्ण कर चुके हैं, वे अपना नाम मतदाता सूची में दर्ज करवाएं और लोकतांत्रिक प्रक्रिया में सक्रिय भागीदारी निभाएं। उन्होंने मतदान को केवल अधिकार ही नहीं, बल्कि एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी भी बताया।
कानपुर में समाजवादी युवजन सभा ने शनिवार शाम बिजली कटौती और बिजली बिलों में लगाए जा रहे फ्यूल सरचार्ज के विरोध में मोबाइल टॉर्च जलाकर प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने परेड चौराहे से बिजलीघर तक पैदल मार्च निकालते हुए सरकार और बिजली विभाग के खिलाफ नारेबाजी की तथा फ्यूल सरचार्ज को स्थायी रूप से समाप्त करने की मांग उठाई। शनिवार शाम करीब 7:30 बजे युवजन सभा के जिलाध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता परेड चौराहे पर एकत्र हुए। यहां सभी ने अपने मोबाइल फोन की लाइट जलाकर प्रतीकात्मक विरोध प्रदर्शन शुरू किया। हाथों में पोस्टर लिए कार्यकर्ता पीपीएन मार्केट होते हुए बिजलीघर तक पहुंचे। प्रदर्शन के दौरान बिजली कटौती बंद करो और फ्यूल सरचार्ज समाप्त करो जैसे नारे लगाए गए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि भीषण गर्मी के बीच लगातार हो रही बिजली कटौती से आम जनता परेशान है और ऐसे समय में अतिरिक्त शुल्क लगाना उपभोक्ताओं पर दोहरी मार है। आयोग के नाम सौंपा ज्ञापन सपा जिलाध्यक्ष फजल महमूद ने बताया कि उत्तर प्रदेश विद्युत नियामक आयोग के अध्यक्ष को संबोधित ज्ञापन सौंपा गया है। ज्ञापन में मांग की गई है कि बिजली बिलों पर प्रस्तावित 10 प्रतिशत फ्यूल सरचार्ज पर जून माह के लिए लगाई गई रोक को स्थायी रूप से लागू किया जाए। उन्होंने कहा कि महंगाई के दौर में जनता पहले से आर्थिक दबाव झेल रही है। ऐसे में बिजली उपभोक्ताओं पर अतिरिक्त शुल्क का बोझ डालना उचित नहीं है। आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि यदि फ्यूल सरचार्ज को स्थायी रूप से समाप्त नहीं किया गया और बिजली कटौती की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शन में युवजन सभा के जिलाध्यक्ष अर्पित त्रिवेदी, जिला उपाध्यक्ष शैलेन्द्र यादव उर्फ मिंटू, एहसान उर्फ बॉबी समेत बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
रीवा में अब रात 10 बजे के बाद बिना किसी जरूरी काम के शहर की सड़कों पर तफरी काटना लोगों को महंगा पड़ सकता है। रीवा पुलिस ने असामाजिक तत्वों, शराबखोरी और देर रात संदिग्ध रूप से घूमने वालों पर शिकंजा कसने के लिए विशेष अभियान शुरू कर दिया है। शनिवार शाम से शुरू हुए इस अभियान के तहत शहर के विभिन्न इलाकों में पुलिस ने देर रात तक चेकिंग और पूछताछ की। पुलिस का मानना है कि देर रात सड़कों पर बेवजह घूमने वाले कई लोग चोरी, मारपीट और अन्य आपराधिक गतिविधियों में संलिप्त पाए जाते हैं या फिर अपराधियों को मदद पहुंचाते हैं। यही वजह है कि अब रात 10 बजे के बाद बिना उचित कारण घूमते मिलने वाले लोगों से पूछताछ की जाएगी। संतोषजनक जवाब नहीं मिलने पर उनकी पूरी जानकारी जुटाई जाएगी। अभियान का नेतृत्व सीएसपी राजीव पाठक ने किया। इस दौरान थाना प्रभारी सामान विजय सिंह बघेल सहित पुलिस बल शहर के प्रमुख चौराहों, बाजारों और संवेदनशील क्षेत्रों में तैनात रहा। पुलिस ने वाहनों की जांच की, संदिग्ध व्यक्तियों से पूछताछ की और नियमों का उल्लंघन करने वालों पर कार्रवाई की। सीएसपी राजीव पाठक ने बताया कि शहर में लगातार बढ़ रही चोरी और मारपीट की घटनाओं को देखते हुए यह अभियान शुरू किया गया है। शुक्रवार को भी विशेष चेकिंग की गई थी और अब यह अभियान प्रतिदिन चलाया जाएगा। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थानों पर शराब पीकर माहौल खराब करने वालों और असामाजिक गतिविधियों में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि अभियान का उद्देश्य आम नागरिकों को परेशान करना नहीं, बल्कि शहर में सुरक्षा का माहौल बनाना और अपराधियों में पुलिस का भय कायम करना है। आने वाले दिनों में शहर के सभी थाना क्षेत्रों में इसी तरह की कार्रवाई जारी रहेगी। पुलिस ने नागरिकों से सहयोग की अपील करते हुए किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल पुलिस को देने को कहा है।
उकलाना में साइबर अपराधों के बढ़ते मामलों के बीच हिसार पुलिस की सक्रियता एक बार फिर लोगों के लिए राहत बनकर सामने आई है। साइबर डेस्क उकलाना ने त्वरित कार्रवाई कर साइबर ठगी का शिकार हुए एक व्यक्ति को उसकी 30 हजार रुपए की ठगी गई राशि वापस दिलाने में सफलता हासिल की है। शिकायतकर्ता ने साइबर ठगी का शिकार होने के बाद मामले की शिकायत साइबर पोर्टल पर दर्ज करवाई थी। शिकायत प्राप्त होते ही साइबर डेस्क उकलाना ने मामले को गंभीरता से लेते हुए जांच शुरू की। शिकायत पर कार्रवाई करते हुए साइबर डेस्क में तैनात पीएसआई सौरव ने संबंधित बैंक और वित्तीय संस्थाओं के साथ लगातार समन्वय स्थापित किया तथा आवश्यक कानूनी प्रक्रिया पूरी की। शिकायतकर्ता ने जताया पुलिस का आभार साइबर टीम के सतत प्रयासों और समयबद्ध कार्रवाई के परिणामस्वरूप शिकायतकर्ता के खाते में 30 हजार रुपए की पूरी राशि सफलतापूर्वक रिफंड करवा दी गई। राशि वापस मिलने पर शिकायतकर्ता ने हरियाणा पुलिस, साइबर डेस्क उकलाना तथा हिसार पुलिस प्रशासन का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यदि पुलिस समय पर कार्रवाई नहीं करती तो उसकी मेहनत की कमाई वापस मिलना मुश्किल हो सकता था। तुरंत शिकायत करने से वापस मिल सकती है रकम पुलिस अधिकारियों ने बताया कि साइबर अपराध के मामलों में शुरुआती कुछ घंटे बेहद महत्वपूर्ण होते हैं। यदि पीड़ित व्यक्ति तुरंत शिकायत दर्ज करवाता है तो ठगी गई राशि को फ्रीज कर वापस दिलाने की संभावना काफी बढ़ जाती है। इसी कारण साइबर डेस्क लगातार लोगों को जागरूक करने का कार्य भी कर रही है। पुलिस ने आमजन से अपील करते हुए कहा है कि किसी भी प्रकार की साइबर ठगी, फर्जी कॉल, ओटीपी धोखाधड़ी, यूपीआई फ्रॉड, ऑनलाइन निवेश के नाम पर ठगी, सोशल मीडिया हैकिंग या संदिग्ध लिंक से जुड़ी घटना होने पर तुरंत राष्ट्रीय साइबर हेल्पलाइन 1930 पर संपर्क करें अथवा साइबर पोर्टल पर शिकायत दर्ज करवाएं। पुलिस का कहना है कि समय पर दी गई सूचना ही साइबर ठगी के मामलों में रकम वापस दिलाने की सबसे बड़ी कुंजी है। पुलिस साइबर अपराधियों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है और नागरिकों की सुरक्षा के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।
एमपी लीग 2026: इंदौर में क्रिकेट का रोमांच:इंदौर पिंक पैंथर्स और जबलपुर रॉयल लायंस की टीम आमने-सामने
इंदौर के होलकर स्टेडियम में आयोजित मध्य प्रदेश लीग (एमपीएल) 2026 में शनिवार को दो महत्वपूर्ण मुकाबले खेले जाने हैं। दिन का पहला मैच बुंदेलखंड बुल्स और रीवा जगुआर्स के बीच खेला गया, जबकि शाम 7:30 बजे इंदौर पिंक पैंथर्स और जबलपुर रॉयल लायंस आमने-सामने होंगे। टूर्नामेंट में शुरुआती मुकाबलों से ही रोमांच देखने को मिल रहा है। गत चैंपियन भोपाल लेपर्ड्स ने अपने अभियान की शानदार शुरुआत की, वहीं ग्वालियर चीता्स ने वापसी करते हुए भोपाल लेपर्ड्स को 12 रन से हराकर सीजन की पहली जीत दर्ज की। इस मैच में पार्थ साहनी ने टूर्नामेंट का पहला शतक जमाकर सुर्खियां बटोरीं। उज्जैन फाल्कन्स भी जीत की लय में दिखाई दे रही है। टीम ने उद्घाटन मुकाबले में ग्वालियर चीता्स को हराकर अपने इरादे जाहिर कर दिए थे। वहीं मालवा स्टैलियंस, इंदौर पिंक पैंथर्स और जबलपुर रॉयल लायंस जैसी टीमें भी अंक तालिका में मजबूत स्थिति बनाने के लिए संघर्ष कर रही हैं। एमपी लीग 2026 का आयोजन पहली बार इंदौर में हो रहा है। टूर्नामेंट 26 जून तक चलेगा और इसमें प्रदेश की 10 फ्रेंचाइजी टीमें हिस्सा ले रही हैं। मैचों को लेकर खास रीवा जगुआर्स की दमदार शुरुआत, बुंदेलखंड बुल्स को 5 विकेट से हराया इसके पूर्व आज रीवा जगुआर्स ने बुंदेलखंड बुल्स को 5 विकेट से हरा दिया। रीवा ने लक्ष्य का सफल पीछा करते हुए टूर्नामेंट में विजयी शुरुआत की और अंक तालिका में महत्वपूर्ण अंक हासिल किए।
अशोकनगर के तुलसी सरोवर में मिला बुजुर्ग का शव:पैर में पट्टी बंधी थी; पत्नी के इलाज के लिए आए थे
अशोकनगर के तुलसी सरोवर तालाब में एक बुजुर्ग का शव मिला है। लवकुश मंदिर के पीछे की ओर पानी में शव उतरता देख स्थानीय लोगों ने पुलिस को सूचना दी। देहात थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। एसडीआरएफ की टीम की मदद से शव को पानी से बाहर निकाला गया। बुजुर्ग धोती-कुर्ता पहने हुए है और उनके एक पैर में पट्टी बंधी हुई थी। सिर पर हल्की खरोंच के निशान भी थे। कुछ ही देर में मृतक की पहचान 65 वर्षीय खुमान पुत्र घसीटा अहिरवार, निवासी अमनचार थाना सहराई के रूप में हुई है। किसी व्यक्ति ने शव की शिनाख्त की थी, जिसके बाद पुलिस ने फोटो के आधार पर गांव में पता किया। ग्रामीणों ने पुलिस को बताया कि खुमान अहिरवार अपनी पत्नी का इलाज कराने के लिए जिला अस्पताल आरा था, क्योंकि उनकी पत्नी की तबीयत खराब थी। उनके कोई बच्चे नहीं हैं। शव को जिला अस्पताल के पोस्टमार्टम गृह में रखवा दिया गया है। पैर में पट्टी बंधी होने के कारण यह संदेह जताया जा रहा है कि वह इलाज के सिलसिले में ही अस्पताल आए था।
सरगुजा के मैनपाट इलाके में पीलिया से पांच लोगों की मौत की खबर के बाद शनिवार को सीएमएचओ सहित स्वास्थ्य विभाग का अमला मैनपाट पहुंचा। सीएमएचओ ने पीलिया से तीन लोगों की मौत की पुष्टि की है। एक की मौत सिकलसेल के साथ पीलिया पीड़ित होने के कारण व एक अन्य की मौत दूसरे कारणों से होना बताया गया है। मैनपाट में फिलहाल पांच पीलिया पीड़ित हैं। जानकारी के अनुसार, मैनपाट के नर्मदापुर, कुनिया और बरिमा इलाके में पिछले एक महीने से कई लोग पीलिया से पीड़ित हुए। प्रभावित लोगों ने पिछले एक महीने में पीलिया से करीब पांच लोगों की मौत का दावा किया था। शनिवार को स्वास्थ्य विभाग ने मैनपाट के गांवों में कैंप लगाया। CMHO बोले-तीन मौतें पीलिया से, पांच अन्य पीड़ित सरगुजा सीएमएचओ डा. पीएस मार्को ने कहा कि मैनपाट के अलग-अलग गांवों में पीलिया के मामले आए हैं। दो की मौत अलग बीमारियों से होने का पता चला है। फिलहाल पांच लोग पीलिया से पीड़ित हैं। तीन का इलाज अंबिकापुर एवं रायपुर में चल रहा है। दो मैनपाट में ही हैं और खतरे से बाहर हैं। सीएमएचओ ने कहा कि पीलिया से जिन तीन की मौत हुई है, उनमें से सिर्फ एक मृतक के भाई को पीलिया हुआ था। परिवार के अन्य सदस्य पीड़ित नहीं हुए हैं। इनकी हुई मौत1. विकास यादव (16 वर्ष)ग्राम बरिमा, मृत्यु दिनांक-5 जून 2026 2. भगवती यादव (46 वर्ष)ग्राम नर्मदापुर, मृत्यु दिनांक- 25 मई 2026 3. जितेंद्र यादव (31 वर्ष)ग्राम कुनिया, मृत्यु दिनांक- 19 मई 2026 मृतकों में कुनिया के जितेंद्र यादव को क्रोनिक लीवर डिजीज भी था। दो अन्य मृतकों में विकास यादव (23 वर्ष) की मौत 26 अप्रैल को हुई है। विकास यादव सिकलसेल पीड़ित था। सीएमएचओ डा.मार्को ने बताया कि सिकलसेल पीड़ित होने के कारण विकास यादव का ब्लड कम हो गया था। उसे हल्का पीलिया था। एक अन्य पीड़ित की मौत दूसरे कारणों से हुई है। बाहर से खाने के कारण हो सकता है पीलियासीएमएचओ ने कहा कि जिन घरों में पीलिया पीड़ित पाए गए हैैं, वे सभी बोर का पानी पीते हैं। इलाके से बोर, कुएं और हैंडपंप का पानी सैंपल लिया गया है। कहीं भी बड़े पैमाने पर एक साथ पीलिया के मरीज नहीं मिले हैं। सीएमएचओ ने कहा कि पीलिया फैलने का कारण पानी होने की संभावना कम है। बाहर से खाने-पीने के कारण पीलिया फैलने की आशंका है। ऐहतियातन क्षेत्र में संभावित पीड़ितों की जांच की जा रही है।
छावनी में सड़क चौड़ीकरण की कार्रवाई को लेकर कांग्रेस ने शनिवार को जन अधिकार यात्रा निकालकर राज्य सरकार और नगर निगम के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। यात्रा में स्थानीय रहवासी, व्यापारी और कांग्रेस कार्यकर्ता बड़ी संख्या में शामिल हुए। कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि सड़क चौड़ीकरण के नाम पर प्रभावित परिवारों और व्यापारियों के साथ अन्याय किया गया है। परिवारों और व्यापारियों के सामने आजीविका का संकट शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने कहा कि प्रशासन और जनप्रतिनिधियों द्वारा क्षेत्रवासियों को 60 फीट सड़क निर्माण का आश्वासन दिया गया था, लेकिन कार्रवाई के दौरान कई स्थानों पर 80 फीट तक तोड़फोड़ की गई। बिना पर्याप्त संवाद और पुनर्वास व्यवस्था के की गई कार्रवाई से अनेक परिवारों और व्यापारियों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। चौकसे ने कहा कि कांग्रेस सड़क विकास के खिलाफ नहीं है, लेकिन विकास के नाम पर लोगों के घर और व्यवसाय उजाड़ना उचित नहीं माना जा सकता। प्रभावित लोगों को उनकी क्षति के अनुरूप उचित मुआवजा और राहत मिलनी चाहिए। रहवासियों की आवाज को दबा नहीं सकते जन अधिकार यात्रा में शामिल कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव सत्यनारायण पटेल ने कहा कि छावनी क्षेत्र के रहवासियों और व्यापारियों की आवाज को दबाया नहीं जा सकता। कांग्रेस प्रभावित नागरिकों के साथ मजबूती से खड़ी है और उनके अधिकारों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी। उन्होंने मांग की कि सड़क चौड़ीकरण से प्रभावित परिवारों को उचित मुआवजा दिया जाए। साथ ही भविष्य में क्षेत्र में भवन निर्माण और विकास कार्यों के लिए 60 फीट सड़क सीमा को ही आधार बनाकर नक्शों की स्वीकृति दी जाए। कांग्रेस नेताओं ने प्रशासन पर लोगों की आपत्तियों और सुझावों को नजरअंदाज करने का आरोप भी लगाया। पार्टी ने चेतावनी दी कि यदि प्रभावित नागरिकों को न्याय नहीं मिला तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। जन अधिकार यात्रा के दौरान कांग्रेस नेताओं ने प्रभावित परिवारों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं और हर संभव सहयोग का भरोसा दिलाया।
मोहला-मानपुर-अंबागढ़ चौकी जिले की मानपुर पुलिस ने अवैध शराब तस्करी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए मध्य प्रदेश से महाराष्ट्र ले जाई जा रही करीब 800 पेटी अंग्रेजी शराब से भरा एक ट्रक जब्त किया है। पुलिस ने मौके से ट्रक चालक को गिरफ्तार कर लिया है। जब्त शराब की कीमत 50.28 लाख रुपये आंकी गई है, जबकि ट्रक समेत कुल बरामदगी 75.28 लाख रुपये की बताई जा रही है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक वाई.पी. सिंह के निर्देशन और एसडीओपी विनोद कुमार मिंज के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत मानपुर पुलिस को 6 जून को मुखबिर से सूचना मिली थी कि अंबिकापुर पासिंग का एक ट्रक भारी मात्रा में अवैध शराब लेकर महाराष्ट्र की ओर जा रहा है। पुलिस ने घेराबंदी कर ड्राइवर को पकड़ा सूचना के बाद पुलिस ने एसडीएम कार्यालय मानपुर के पास मोबाइल चेक पोस्ट लगाकर वाहनों की जांच शुरू की। इसी दौरान संदिग्ध ट्रक (CG 15 DZ 4515) को रोकने का प्रयास किया गया। ड्राइवर ने भागने की कोशिश की, लेकिन पुलिस ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। ट्रक से मिली 800 पेटी शराब पुलिस की तलाशी में ट्रक से अलग-अलग ब्रांड की कुल 800 पेटी अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इनमें 100 पेटी रॉयल स्टेज, 300 पेटी बीयर और 400 पेटी गोवा व्हिस्की शामिल है। जब्त शराब की कुल कीमत 50 लाख 28 हजार रुपये आंकी गई है। इसके अलावा ट्रक की कीमत करीब 25 लाख रुपये बताई गई है। इस तरह कुल जब्त सामग्री की कीमत 75 लाख 28 हजार रुपये पहुंच गई। गढ़चिरौली बॉर्डर तक पहुंचानी थी खेप पूछताछ में गिरफ्तार चालक बलराम सिंह ने बताया कि शराब की खेप मध्य प्रदेश के बैतूल जिले के मुलताई क्षेत्र से लोड की गई थी। इसे राजनांदगांव, अंबागढ़ चौकी और मानपुर होते हुए महाराष्ट्र पहुंचाया जाना था। आरोपी के अनुसार महाराष्ट्र के गढ़चिरौली जिले के सीमावर्ती गांवों में इस शराब को खपाने की तैयारी थी। उसने बताया कि महाराष्ट्र में शैलेश नामक व्यक्ति पूरे नेटवर्क का संचालन कर रहा था और उसी के निर्देश पर खेप पहुंचाई जा रही थी। अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच शुरू मानपुर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे जेल भेज दिया गया। पुलिस अब इस तस्करी से जुड़े मुख्य सरगनाओं और पूरे अंतरराज्यीय नेटवर्क की जांच में जुटी हुई है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि मामले में आगे और गिरफ्तारियां हो सकती हैं तथा शराब तस्करी के पूरे रैकेट का खुलासा करने के लिए जांच तेज कर दी गई है।
टोंक में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ जयपुर प्रान्त के संघ शिक्षा वर्ग-2026 का शनिवार को समापन हुआ। कार्यक्रम में धन्ना पीठाधीश्वर श्रीश्री 1008 बजरंगदेवाचार्य महाराज, पूज्य संत कोमलराम महाराज रामद्वारा टोंक के सान्निध्य एवं रिटायर्ड सहायक कस्टम कमिश्नर राजेन्द्र महावर उपस्थित रहे। समापन समारोह के मुख्य वक्ता राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री थे। भारत सीना तानकर खड़ा है मुख्यवक्ता जसवंत खत्री ने दुनिया के वर्तमान हालातों की चर्चा करते हुए कहा- भारत अपनी ताकत के बल से दुनिया के सामने विपरीत परिस्थितियों में भी सीना तानकर खड़ा है। भारत न सिर्फ राजनीतिक दृष्टि से बल्कि आर्थिक, सामाजिक एवं सैन्य दृष्टि से बड़ी मजबूती से दुनिया की बड़ी शक्तियों में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका में है। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि विश्व युद्ध के हालातों में दुनिया भारत की तरफ निहार रही है। खत्री ने अराष्ट्रवादी शक्तियों को आड़े हाथों लेते हुए कहा- कुछेक ऐसी ताकते हैं जो भारत को तोड़ना चाहती हैं जिनसे सावधान होना पड़ेगा। भारतीयों को ऐसी ताकतों से सावधान होना पड़ेगा। समय-समय पर ऐसे कार्यक्रम होने चाहिए संघ शिक्षा वर्ग सर्वाधिकारी अशोक कुमार मित्तल ने संघ शिक्षा वर्ग का प्रतिवेदन देते हुए कहा- श्रीमद् भगवद्गीता में भगवान श्रीकृष्ण ने सात्विककर्ता के लक्षण बताते हुए स्वयं कहा है कि जो कर्ता अनुराग से रहित अहंकार शून्य धैर्य एवं उत्साह से युक्त होता है तथा सफलता एवं असफलता में निर्विकार रहता है। वही सात्विककर्ता है। कार्यकर्ताओं में ऐसे उत्कृष्ट गुणों का विकास करने के लिए राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ प्रतिवर्ष समय-समय पर प्रशिक्षण वर्गों का आयोजन करता है। देश समाज का कार्य करने के लिए राष्ट्रीय चिंतन और आचरण वाले ध्येय समर्पित कार्यकर्ताओं की सहज निर्मिति के लिए संघ शिक्षा वर्गों की महती भूमिका है। तीन वर्ग आयोजित हुए वर्ग प्रमुख ने बताया- जयपुर प्रान्त में तीन वर्ग आयोजित किए गए हैं। जिनमें पहला विद्यालय विद्यार्थी वर्ग टोंक में जिसमें 10वीं, 11वीं, 12वीं की परीक्षा में प्रविष्ट विद्यार्थियों का, दूसरा महाविद्यालय विद्यार्थी व तरूण व्यवसायी वर्ग का जामडोली जयपुर में ,तीसरा प्रौढ व्यवसायी वर्ग राजापार्क जयपुर 40 से 65 वर्ष तक के व्यवसायियों का किया है। टोंक में चल रहे संघ शिक्षा वर्ग का जिक्र करते हुए बताया- टोंक में 22 मई को वर्ग का उद्घाटन डीएसपी मृत्यूंजय मिश्रा व सह प्रांत प्रचारक विशाल ने किया। 123 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया इस वर्ग में जयपुर प्रान्त के 24 जिलों के 123 शिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया है। इनमें मुख्य शिक्षक व शाखा कार्यवाह एवं ऊपर के दायित्ववान कार्यकर्ताओं की सहभागिता भी रही। वर्ग में 21 शिक्षक एवं 20 प्रबंधकों तथा 10 जिला प्रमुख ने पूरा समय रहकर वर्ग के सुचारू रूप से संचालन में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। इस 15 दिवसीय वर्ग में अखिल भारतीय सम्पर्क प्रमुख रामलाल का 4 दिन पावन सानिध्य प्राप्त हुआ। प्रान्तीय अधिकारियों के अतिरिक्त क्षेत्र कार्यवाह जसवंत खत्री, क्षेत्र प्रचारक निम्बाराम , प्रांत सह संघचालक हेमन्त सेठिया, प्रांत कार्यवाह रमेश पारीक, प्रांत प्रचारक बाबूलाल,सह प्रांत प्रचारक विशाल कुमार का सानिध्य भी वर्ग में मिला। समारोह में जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी,मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, भाजपा जिलाध्यक्ष चंद्रवीर सिंह चौहान, पंडित सुरेश दुबे,सेंट सोल्जर शिक्षा समिति टोंक के निदेशक बाबूलाल शर्मा, सहित काफी संख्या में महिला, पुरुष मौजूद थे।
हांसी के गांव चैनत में पेयजल समस्या को लेकर चल रहे धरने के 22वें दिन विधायक विनोद भयाना ने सरकार का पक्ष रखा। उन्होंने बताया कि मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने चैनत के वाटर वर्क्स के नवीनीकरण के लिए 7 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। विधायक ने ग्रामीणों से किसी के बहकावे में न आने और बातचीत से समाधान निकालने की अपील की। विधायक भयाना ने पीडब्ल्यूडी रेस्ट हाउस में आयोजित प्रेस वार्ता के दौरान कहा कि, उन्होंने ग्रामीणों के सामने भाखड़ा पाइपलाइन से 10 इंच की अलग लाइन, विशेष बिजली कनेक्शन, अतिरिक्त मोटर और जनरेटर की व्यवस्था का प्रस्ताव रखा था। यह व्यवस्था गांव को पानी की आपूर्ति में बाधा न आने देने के लिए थी, लेकिन ग्रामीणों ने इस प्रस्ताव को स्वीकार नहीं किया। किसी के बहकावे में ना आएं ग्रामीण : विधायक उन्होंने जोर देकर कहा कि सरकार की प्राथमिकता गांव को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध करवाना है। विधायक ने ग्रामीणों को किसी भी बहकावे में न आने की सलाह दी और बताया कि 10 हॉर्स पावर की मोटर भी गांव में पहुंच चुकी है। विनोद भयाना ने आरोप लगाया कि कुछ राजनीतिक लोग धरने पर पहुंचकर इस मुद्दे का राजनीतिकरण कर रहे हैं। उन्होंने यह भी बताया कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की गई है और संबंधित एसडीओ को निलंबित कर दिया गया है। भयाना बोले- संवाद के माध्यम से निकालें समाधान विधायक ने स्पष्ट किया कि ग्रामीण जिस पाइपलाइन से कनेक्शन की मांग कर रहे हैं, वह अमृत-2 योजना के तहत शहर के लिए स्वीकृत है। गांवों के लिए जल जीवन मिशन योजना अलग से संचालित की जा रही है। उन्होंने कहा कि वह स्वयं ग्रामीणों से बातचीत के लिए तैयार हैं और संवाद के माध्यम से ही समाधान निकाला जा सकता है। साथ ही, उन्होंने चेतावनी दी कि कानून हाथ में लेने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
छतरपुर के गांव में एक ही रात में दो चोरी:घरों से सोने-चांदी के जेवर, दस्तावेज समेट ले गए बदमाश
छतरपुर जिले के हरपालपुर थाना क्षेत्र की काकुनपुरा चौकी अंतर्गत गुढो गांव में एक ही रात में दो अलग-अलग मकानों में चोरी की वारदातें हुईं। चोर लाखों रुपए के सोने-चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और आसपास के क्षेत्रों में नाकाबंदी कर संदिग्धों की तलाश शुरू की। हालांकि, काफी प्रयासों के बावजूद पुलिस को अब तक कोई सफलता नहीं मिली। पुलिस अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ा रही है। अलमारी का सामान बिखरा पड़ा मिलापुलिस के अनुसार, गुढो निवासी हरिसिंह यादव (45), पिता भान प्रताप यादव ने मामला दर्ज कराया है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार देर रात लगभग 11:30 बजे वे अपने परिवार के साथ खाना खाकर सो गए थे। सुबह करीब 5 बजे जागने पर उन्होंने देखा कि कमरे में रखी अलमारी का सामान बिखरा पड़ा था। हरिसिंह ने अपने भाई जय सिंह यादव को जगाकर अलमारी की जांच की, तो पाया कि सोने-चांदी के जेवरात, कुछ नकदी, बैंक की पासबुक, आधार कार्ड और अन्य सामान गायब थे। अज्ञात चोरों ने उनके घर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज भी ले गएइसके बाद, अज्ञात बदमाशों ने गांव निवासी सुरेंद्र यादव (45), पिता ग्याप्रसाद यादव के मकान को निशाना बनाया। शिकायत के अनुसार, चोर उनके घर के कमरे में रखी अलमारी से बड़ी मात्रा में सोने और चांदी के आभूषण लेकर फरार हो गए। चोरी हुए सामान में सोने-चांदी के गहनों के साथ बैंक पासबुक और अन्य दस्तावेज भी शामिल थे। पुलिस ने दोनों मामलों में चोरी का प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चौकी प्रभारी राजेंद्र बागरी का कहना कि घटनास्थल से मिले सुराग और स्थानीय जानकारी के आधार पर आरोपियों तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है। वारदात के साक्ष्यों को एकत्रित करने फिंगरप्रिंट स्पर्ट टीम, सागर से पीएचएनटी डाटा एकत्रित करने टीम को बुलाया गया। जल्द हो इन चोरी की वारदातों का खुलासा किया जाएगा पुलिस इसी प्रयास में लगी हैं। वहीं लगातार हुई इन घटनाओं से गांव के लोगों में सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।
राजनांदगांव के ममता नगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित अनाज गोदाम में हुई लाखों रुपए की चोरी के मामले में राजनांदगांव पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। पुलिस ने चोरी का अनाज खरीदने वाले दो व्यापारियों को गिरफ्तार कर उनके कब्जे से 2.43 लाख रुपए से अधिक की नगदी और अनाज जब्त किया है। इस मामले में चोरी करने वाले दो मुख्य आरोपियों को पुलिस पहले ही गिरफ्तार कर जेल भेज चुकी है। पुलिस के अनुसार, मार्च 2026 में ममता नगर औद्योगिक क्षेत्र स्थित एक अनाज गोदाम से करीब 4.50 लाख रुपए मूल्य का चना खंडा, सोयाबीन और मसूर चोरी हो गया था। मामले में शिकायत मिलने के बाद सिटी कोतवाली थाना में अपराध क्रमांक 286/2026 के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई थी। सीसीटीवी और मुखबिर की सूचना से खुला मामला पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा के निर्देश और नगर पुलिस अधीक्षक अलेक्जेण्डर किरों के मार्गदर्शन में कोतवाली थाना प्रभारी उपेन्द्र कुमार शाह के नेतृत्व में विशेष टीम गठित की गई। टीम ने घटनास्थल और आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की जांच की तथा मुखबिरों से जानकारी जुटाई। जांच के दौरान पुलिस ने पहले मुख्य आरोपी राहुल कुर्रे और दिनेश साहू को गिरफ्तार किया था। आरोपियों के कब्जे से चोरी के अनाज की बिक्री से प्राप्त 7,900 रुपए बरामद किए गए थे। दोनों आरोपियों को न्यायिक रिमांड पर जेल भेजा जा चुका है। पूछताछ में सामने आए व्यापारियों के नाम जेल भेजे गए आरोपियों से पूछताछ के दौरान यह खुलासा हुआ कि चोरी का अनाज स्थानीय व्यापारियों को बेचा गया था। इसके बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो व्यापारियों को गिरफ्तार किया। गिरफ्तार आरोपियों में देवेन्द्र साहू (35), निवासी ग्राम बरगाही तथा जयंत कुमार अग्रवाल (50), निवासी शांति नगर ढाबा रोड शामिल हैं। 2.43 लाख रुपए नकद और अनाज जब्त पुलिस ने दोनों आरोपियों के कब्जे से 29 किलो सोयाबीन, 5 किलो चना और 2 लाख 42 हजार 500 रुपए नगद बरामद किए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत 2 लाख 43 हजार 960 रुपए बताई गई है। चोरी के नेटवर्क की जांच जारी पुलिस का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है। चोरी के माल की खरीद-फरोख्त में शामिल अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई कर उन्हें न्यायालय में पेश किया है।
राजसमंद में कांकरोली के द्वारकाधीश प्रभु मोती बंगले और जलमहल में विराजे। शनिवार को ज्येष्ठ कृष्ण पक्ष की छठ पर मंदिर में विशेष आयोजन हुआ। पुरुषोत्तम मास के तहत मनोरथों की श्रृंखला में राजभोग दर्शन में प्रभु को मोती बंगले में विराजित किया गया। जानकारी के अनुसार- शयन दर्शन में भगवान का जलमहल मनोरथ सजाया गया। पुरुषोत्तम मास के इक्कीसवें दिन मंदिर परिसर में भक्तिमय वातावरण बना रहा। द्वारकाधीश का मनोहारी श्रृंगार श्रृंगार में प्रभु के मस्तक पर सफेद पाग, मोती का लूम तुर्रा, सफेद आड़बंद और मोती के आभूषण और मालाएं धारण कराई गईं। राजभोग दर्शन में अहमदाबाद, बड़ोदा और मेहसाणा सहित प्रदेशभर से पहुंचे सैकड़ों श्रद्धालुओं ने दर्शन लाभ लिया। उत्थापन दर्शन शाम 4.30 बजे और भोग-आरती दर्शन शाम करीब 5.45 बजे खुले। इसके बाद रतन चैक में आकर्षक जलमहल मनोरथ सजाया गया। पूरे चैक में यमुना जल का स्वरूप तैयार किया गया। इसमें चांदी की दो छतरियों के नीचे दो गोपियों को स्थापित किया गया। प्रभु के सम्मुख आठ गोपियां लकड़ी के सिंहासनों पर विराजमान की गईं। जलमहल में इत्र मिश्रित जल, कमल, गुलाब और मोगरे के फूलों से विशेष सजावट की गई। विभिन्न स्थानों पर जल फव्वारे लगाए गए। शयन आरती गोस्वामी संजीव कुमार जी महाराजश्री ने संपन्न कराई। मंदिर मुखिया, सहायक मुखिया, भीतरिया, कीर्तनकार और पखावज वादकों ने अपनी सेवाएं अर्पित कीं।
दुर्ग में पुरानी कार बेचने के नाम पर कथित धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। एक परिवार ने अपनी कार बिक्री के लिए मोटर कारोबारी को सौंपी थी, लेकिन ढाई साल तक वाहन का कोई स्पष्ट हिसाब नहीं मिला। बाद में जांच-पड़ताल में सामने आया कि जिस कार को स्क्रैप में दिए जाने की बात कही गई थी, उसे कथित रूप से किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। न्यायालय के निर्देश पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। बिक्री के लिए दी थी कार, नहीं मिला कोई जवाब पदमनाभपुर निवासी हितेश दुलानी ने न्यायालय में दायर परिवाद में बताया कि उनके भाई पंकज दुलानी के नाम पर पंजीकृत कार क्रमांक CG-10 BC-1345 को रायपुर स्थित शिवाय मोटर्स के संचालक संजय पटेल बिक्री के लिए ले गए थे। वाहन पूरी तरह चालू हालत में था और उसके सभी दस्तावेज भी उपलब्ध थे। परिवार को उम्मीद थी कि वाहन बिकने के बाद राशि मिल जाएगी, लेकिन लंबे समय तक उन्हें न तो कोई भुगतान मिला और न ही वाहन की स्थिति की जानकारी दी गई। लगातार टालता रहा कारोबारी शिकायतकर्ता के अनुसार, जब भी वाहन के बारे में जानकारी मांगी गई, उन्हें यही बताया गया कि अभी ग्राहक नहीं मिला है। आरोप है कि कारोबारी लगातार आश्वासन देकर मामले को टालता रहा। कई महीने गुजर जाने के बाद भी वाहन न तो वापस मिला और न ही उसके संबंध में कोई दस्तावेज उपलब्ध कराए गए। स्क्रैप की जानकारी ने बढ़ाया संदेह हितेश दुलानी ने बताया कि बाद में उन्हें पता चला कि जुलाई 2023 में वाहन को CAR24 के माध्यम से करीब 25,230 रुपये में स्क्रैप के लिए दिया गया था। हालांकि वाहन का स्क्रैप प्रमाण पत्र, चेसिस प्लेट और अन्य जरूरी दस्तावेज परिवार को नहीं दिए गए। इसके बाद उन्होंने CAR24 के अधिकारियों और कर्मचारियों से फोन, व्हाट्सएप, ई-मेल और कार्यालय पहुंचकर संपर्क किया। पूछताछ में सामने आया नया खुलासा शिकायतकर्ता का आरोप है कि रायपुर स्थित कार्यालय में पूछताछ के दौरान एक कर्मचारी ने बताया कि संबंधित वाहन को किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया है। यह जानकारी सामने आने के बाद परिवार ने गंभीर आपत्ति जताई, क्योंकि वाहन स्वामी की ओर से किसी भी विक्रय अनुबंध, सहमति पत्र या फॉर्म-29 पर हस्ताक्षर नहीं किए गए थे। वाहन के दुरुपयोग की जताई आशंका परिवार का कहना है कि वाहन आज भी मूल स्वामी के नाम पर दर्ज हो सकता है। ऐसे में यदि वाहन का उपयोग किसी दुर्घटना, आपराधिक गतिविधि या अन्य अवैध कार्य में होता है तो उसकी कानूनी जिम्मेदारी वाहन मालिक पर आ सकती है। शिकायतकर्ता ने न्यायालय में इस संबंध में गंभीर आशंका भी व्यक्त की है। पुलिस कार्रवाई नहीं होने पर पहुंचे कोर्ट हितेश दुलानी ने बताया कि उन्होंने पहले पदमनाभपुर थाना और बाद में पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दी थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। इसके बाद उन्होंने न्यायालय में भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता की धारा 175(3) के तहत आवेदन प्रस्तुत किया। कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ मामला सुनवाई के दौरान न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी दुर्ग ने शिकायत और दस्तावेजों का परीक्षण कर प्रथम दृष्टया धोखाधड़ी का मामला पाया। इसके बाद पुलिस को अपराध दर्ज कर जांच करने के निर्देश दिए गए। न्यायालय के आदेश के बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता की संबंधित धाराओं के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना शुरू कर दी है। कई पहलुओं की होगी जांच पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि वाहन वास्तव में स्क्रैप किया गया था या किसी अन्य व्यक्ति को बेच दिया गया। साथ ही स्वामित्व हस्तांतरण, दस्तावेजों की वैधता और कथित लेन-देन से जुड़े सभी पहलुओं की जांच की जा रही है।
बालाघाट जिला अस्पताल के प्रसूति वार्ड से जेवर चोरी के मामले में कोतवाली पुलिस ने अपनी जांच तेज कर दी है। हालांकि, संदिग्ध महिला की पहचान अभी तक नहीं हो सकी है। पुलिस के सामने सीसीटीवी फुटेज की खराब क्वालिटी एक बड़ी चुनौती बनी हुई है। यह घटना शुक्रवार को हुई थी। ग्रामीण इलाके से अपने बेटे का जन्म प्रमाण पत्र बनवाने और इलाज कराने आई कौशल बांगरे नाम की महिला के साथ यह वारदात हुई। संदिग्ध महिला गुरुवार रात से शुक्रवार सुबह तक कौशल बांगरे के साथ रही और उसने पीड़िता का भरोसा जीत लिया। इसके बाद वह उसके बैग से मंगलसूत्र का पेंडल, गले की चेन, कान के झुमके और 500 रुपए नकद चुराकर रफूचक्कर हो गई। धुंधली तस्वीरों के कारण पहचान मुश्किल पुलिस ने वार्ड में भर्ती मरीजों से भी सीसीटीवी फुटेज में दिख रही महिला के बारे में पूछताछ की, लेकिन किसी ने भी उसे नहीं पहचाना। पुलिस अब यह सवाल भी उठा रही है कि अगर वह किसी मरीज की अटेंडेंट नहीं थी, तो उसने प्रसूति वार्ड में पूरी रात क्यों बिताई। सीसीटीवी फुटेज को जूम करने पर महिला की तस्वीर धुंधली हो जाती है, जिससे उसका चेहरा साफ दिखाई नहीं दे रहा है। पानी लाने का बहाना बनाकर हुई फरार पीड़िता कौशल बांगरे ने बताया था कि वह गुरूवार को अस्पताल पहुंची थी और रात में यहीं रुकी थी। इसी दौरान एक महिला से उसकी बातचीत शुरू हुई। उस महिला ने बताया कि उसकी बहन और जीजा यहां भर्ती हैं। शुक्रवार सुबह मुंह-हाथ धोने के बाद वह महिला कौशल से 'पानी लेकर आती हूं' कहकर चली गई। इसके बाद जब कौशल अपने बैग के पास पहुंची, तो पता चला कि बैग में रखे छोटे पर्स से जेवरात और नगद 500 रुपए गायब हैं। सुरक्षा व्यवस्था पर उठे सवाल कौशल बांगरे ने इस चोरी की शिकायत अस्पताल प्रबंधन, अस्पताल चौकी पुलिस और कोतवाली थाने में दर्ज कराई थी। शिकायत को गंभीरता से लेते हुए कोतवाली पुलिस की एक महिला प्रधान आरक्षक ने पीड़िता के साथ अस्पताल पहुंचकर सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जिला अस्पताल में चोरी का यह पहला मामला नहीं है, इससे पहले भी यहां मोबाइल और नकदी चोरी की कई वारदातें सामने आ चुकी हैं, जिससे अस्पताल में मरीजों और उनके परिजन की सुरक्षा पर सवाल खड़े हो गए हैं। मामले को लेकर कोतवाली थाना प्रभारी संजय किरार ने बताया कि पुलिस हर एंगल से जांच कर रही है और जल्द ही आरोपी महिला का पता लगा लिया जाएगा।
छत्तीसगढ़ प्राचार्य फेडरेशन की बैठक में स्कूल शिक्षा से जुड़े कई महत्वपूर्ण मुद्दों पर चर्चा हुई। बैठक में शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और विद्यालयों की प्रशासनिक समस्याओं के समाधान के लिए 8 महत्वपूर्ण प्रस्ताव सर्वसम्मति से पारित किए गए। प्रांतीय कोषाध्यक्ष चमेली वर्मा की अध्यक्षता में आयोजित बैठक में प्राचार्यों ने कक्षा 5वीं और 8वीं में लागू नो-डिटेंशन पॉलिसी समाप्त करने की मांग उठाई। उनका कहना था कि बिना अनुत्तीर्ण नीति का असर विद्यार्थियों की शैक्षणिक गुणवत्ता पर पड़ रहा है। बैठक में स्कूलों में छात्र संख्या के अनुरूप स्टाफ सेटअप के पुनरीक्षण की मांग भी प्रमुखता से उठी। प्राचार्यों ने कहा कि वर्ष 2008 के बाद से स्टाफ संरचना में कोई बड़ा संशोधन नहीं हुआ है, जबकि विद्यार्थियों की संख्या और शैक्षणिक आवश्यकताएं लगातार बढ़ी हैं। फेडरेशन ने RMSA विद्यालयों में लिपिक, भृत्य, चौकीदार और स्वीपर के पद स्वीकृत करने का प्रस्ताव भी पारित किया। वहीं स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट विद्यालयों में प्राचार्यों को पूर्व की तरह आकस्मिक मद से 20 हजार रुपए तक खर्च करने की अनुमति बहाल करने की मांग की गई। प्राचार्यों को फिर मिले परीक्षा आयोजन का अधिकार बैठक में तिमाही, छमाही और स्थानीय परीक्षाओं के आयोजन का अधिकार पुनः प्राचार्यों को देने की मांग की गई। साथ ही मिशन उत्कर्ष की समीक्षा बैठकों में अधिकारियों से सहयोगात्मक रवैया अपनाने और समस्याओं के समाधान पर ध्यान देने का आग्रह किया गया। फेडरेशन ने सभी स्वामी आत्मानंद विद्यालयों में विज्ञान के साथ-साथ कला और वाणिज्य संकाय शुरू करने का भी प्रस्ताव रखा, ताकि विद्यार्थियों को अपने क्षेत्र में ही विषय चयन की सुविधा मिल सके। सेवानिवृत्ति के दिन ही मिले PPO और भुगतान बैठक में सबसे महत्वपूर्ण मांग कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति से जुड़ी रही। फेडरेशन ने मांग की कि कर्मचारियों को सेवानिवृत्ति के दिन ही सभी देयकों का भुगतान किया जाए और उसी दिन PPO (पेंशन भुगतान आदेश) जारी किया जाए। फेडरेशन का कहना है कि सेवानिवृत्त कर्मचारियों को महीनों तक भुगतान और दस्तावेजों के लिए भटकना पड़ता है, जिसे समाप्त किया जाना चाहिए। हाल के महीनों में भी प्राचार्य फेडरेशन विभिन्न मंचों पर इस मांग को उठाता रहा है। बैठक में जिला अध्यक्ष डॉ. भारती अग्रवाल, प्रमुख सलाहकार अनुराग ओझा, संयुक्त सचिव आई.जे. विंद, सरिता यासरे, रविशंकर होता, डॉ. वंदना अग्रवाल, शीला तुलानी, फाखरा खानम दानी, पापिया बनर्जी, रजनी मिंज, रोमिला एक्का और हीरालाल वैष्णव सहित बड़ी संख्या में प्राचार्य मौजूद रहे। फेडरेशन ने शिक्षा विभाग और राज्य सरकार से मांगों पर शीघ्र निर्णय लेने का आग्रह करते हुए कहा कि इससे विद्यालयों का संचालन बेहतर होगा और शिक्षा की गुणवत्ता में सुधार आएगा।
हिसार से कांग्रेस सांसद जयप्रकाश शनिवार को जींद जिले के उचाना पीडब्ल्यूडी विश्राम गृह पहुंचे, जहां कार्यकर्ताओं ने उनका स्वागत किया। इस दौरान उन्होंने कार्यकर्ताओं की समस्याएं सुनीं और उनके समाधान का आश्वासन दिया। सांसद ने पत्रकार वार्ता में विभिन्न मुद्दों पर केंद्र और राज्य सरकार को घेरा। सांसद जयप्रकाश ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के बयान का हवाला दिया। उन्होंने कहा कि ट्रंप ने स्वयं स्वीकार किया है कि पूर्ववर्ती सरकारों के दौरान भारत ने अमेरिका से काफी लाभ कमाया था, लेकिन अब अमेरिका भारत से मुनाफा कमाएगा। उन्होंने याद दिलाया कि भाजपा से पहले केंद्र में डॉ. मनमोहन सिंह के नेतृत्व वाली यूपीए सरकार थी। सांसद ने यह भी कहा कि एसआईआर के नाम पर उनके कार्यकर्ता पश्चिम बंगाल की तरह ठगी नहीं होने देंगे। पीएम मनमोहन के कार्यकाल को याद कर रही देश की जनता : जयप्रकाश जयप्रकाश ने आगे कहा कि 2014 में भाजपा सरकार बनने पर डॉ. मनमोहन सिंह ने भविष्यवाणी की थी कि एक समय देश की जनता कांग्रेस और यूपीए सरकार को याद करेगी। उन्होंने दावा किया कि आज देश की जनता पूर्व प्रधानमंत्री डॉ. मनमोहन सिंह के कार्यकाल को याद कर रही है। सांसद ने आरोप लगाया कि मनमोहन सिंह के प्रधानमंत्री रहते हुए भारत ने अमेरिका को घुटनों पर ला दिया था, जबकि आज भारत अमेरिका के सामने घुटने टेक रहा है। भाजपा की ईंधन बचाओ अपील पर टिप्पणी करते हुए सांसद ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री साइकिल पर सैर करने निकले, लेकिन एक घंटे बाद हेलीकॉप्टर से सिरसा पहुंचे, साथ ही गाड़ियों का काफिला भी था। उन्होंने विकास कार्यों में गुणवत्ता लाने की मांग की ताकि बार-बार पैसा खर्च न हो। सांसद ने पेपर लीक मामलों पर भी सरकार को घेरा। उन्होंने कहा कि पेपर लीक 'खर्ची' की चीज है। उन्होंने भाजपा के 'बिना पर्ची-बिना खर्ची' के नारे को याद दिलाते हुए कहा कि अब वे यह कहना भूल गए हैं। जयप्रकाश ने आरोप लगाया कि भाजपा के शासन में 'पर्ची भी चलती है और खर्ची भी'। नौजवान स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रहा दिल्ली में 'कॉकरोज जनता पार्टी' के प्रदर्शन पर सांसद ने कहा कि देश का नौजवान अपने स्वाभिमान की लड़ाई लड़ रहा है और यह लड़नी भी चाहिए। उन्होंने इस प्रदर्शन को अपना समर्थन दिया। जयप्रकाश ने पेपर लीक मामले को आज का नहीं बताया और कहा कि केंद्र में भाजपा सरकार आने पर मध्य प्रदेश में व्यापम घोटाला भी हुआ था। व्यापम घोटाला से अब तक कितने बच्चे आत्महत्या कर चुके है। अब देश के नौजवानों के सामने आ चुका है इसलिए वो सड़कों पर आ गए । दिल्ली में यूथ कांग्रेस के युवा, कुरूक्षेत्र में दीपेंद्र हुड्डा की अगुवाई में प्रदर्शन किया गया। पेपर लीक सरकार करती है पानी की बौछारे हमारे युवाओं, नेताओं, कार्यकर्ता पर करते है। पेपर लीक करें रुपए जनता से लूट रहे है। न्याय की मांग करते है युवा उनको मारा जा रहा है। एसआईआर पर कांग्रेस सांसद ने कहा कि पश्चिमी बंगाल की तरह हमारा कार्यकर्ता हरियाणा में ठगी नहीं होने देगा। कार्यकर्ताओं से मिला था। हमारे पास रिपोर्ट आई है। हिसार लोकसभा में 75 प्रतिशत मैचिंग हो चुकी है।
अनियंत्रित होकर पलटा ट्रैक्टर, दो युवक गंभीर घायल:खेत पर काम करने जा रहे थे, एक को उदयपुर रेफर किया
बांसवाड़ा में दानपुर थाना क्षेत्र के घोड़ी तेजपुर गांव में शनिवार दोपहर में हादसा हो गया। अचानक ट्रैक्टर पलटने से दो युवक गंभीर घायल हो गए। हादसा इतना भीषण था कि दोनों युवक ट्रैक्टर के भारी मलबे के नीचे ही दब गए। दुर्घटना के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। जिसे सुनकर आस-पास के खेतों में काम कर रहे ग्रामीण दौड़े और भारी मशक्कत के बाद दोनों युवकों को ट्रैक्टर के नीचे से निकाला। एक युवक उदयपुर रेफर ग्रामीणों ने तत्परता दिखाते हुए दोनों लहूलुहान युवकों को तुरंत स्थानीय घोड़ी तेजपुर अस्पताल पहुंचाया। जहां चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए प्राथमिक उपचार के बाद तत्काल महात्मा गांधी (एमजी) जिला अस्पताल, बांसवाड़ा के लिए रेफर कर दिया। जानकारी के मुताबिक हादसे में घायल महिपाल पुत्र मांगीलाल, निवासी घोड़ी तेजपुर को एमजी अस्पताल के सामान्य वार्ड में भर्ती कर उसका उपचार शुरू कर दिया गया है। वहीं, दुर्घटना में गंभीर रूप से चोटिल हुए दूसरे युवक नाकुराम पुत्र लक्ष्मण, निवासी घोड़ी तेजपुर की नाजुक हालत को देखते हुए चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार के बाद उसे बेहतर इलाज के लिए उदयपुर रेफर कर दिया है। खेत पर काम करने जा रहे थे पीड़ितों के परिजनों ने बताया- महिपाल और नाकुराम दोनों दोपहर के समय ट्रैक्टर लेकर अपने खेतों पर काम के सिलसिले में जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में अचानक ड्राइवर का संतुलन बिगड़ गया और ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। अचानक हुए इस हादसे में दोनों युवकों को संभलने का मौका तक नहीं मिला और वे नीचे दब गए।
पानीपत जिले में इसराना की मेट्रो गली में चोरों ने एक घर में सेंध लगाकर अलमारी से 50 हजार रुपए चुरा लिए। यह घटना बीती रात करीब 2 बजे हुई। पीड़ित सुरेंद्र सिंह ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। इसराना निवासी सुरेंद्र सिंह ने पुलिस को बताया कि उनका परिवार रात को खाना खाकर सो रहा था। देर रात करीब 2 बजे जब उनकी आंख खुली और वे पानी पीने के लिए उठे, तो उन्होंने देखा कि अलमारी का ताला टूटा हुआ था और अलमारी खुली पड़ी थी। अलमारी से गायब मिले रुपए सुरेंद्र सिंह ने तुरंत परिवार के अन्य सदस्यों को जगाया। अलमारी की जांच करने पर उसमें रखे 50 हजार रुपए गायब मिले। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने सुरेंद्र सिंह के बयान दर्ज कर अज्ञात चोरों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और आगे की जांच शुरू कर दी है।
कोटपूतली-बहरोड़ क्षेत्र में प्री-मानसून गतिविधियां सक्रिय हो गई हैं। इसके चलते मौसम में अचानक बदलाव आया है, जिससे भीषण गर्मी और उमस से लोगों को बड़ी राहत मिली है। तापमान में गिरावट दर्ज की गई है। ठंडी हवाओं के साथ कई इलाकों में झमाझम बारिश हुई, जिससे मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विभाग के अनुसार, आगामी दिनों में राज्य के कई हिस्सों में बादल छाए रहने और हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। इससे आने वाले दिनों में भी लोगों को चिलचिलाती धूप से राहत मिलती रहेगी। प्री-मानसून की ये बारिश किसानों के लिए वरदान साबित हो रही है। ये कृषि लागत को कम करने में सहायक है और खरीफ फसलों की बुवाई के लिए सही समय निर्धारित करती है। ये बारिश बुवाई से लेकर फसलों के शुरुआती विकास तक महत्वपूर्ण नमी प्रदान करती है, जो अच्छी पैदावार के लिए आवश्यक है।
बिजली विभाग ने प्रदेश के 3.73 करोड़ उपभोक्ताओं के 300 करोड़ रुपये दबाए हुए हैं। इस राशि को उपभोक्ताओं के बिल में एडजस्ट करना था, लेकिन अभी तक नहीं किया गया। जबकि नियामक आयोग की नोटिस के बावजूद फ्यूल कॉस्ट के नाम पर 10% ज्यादा रकम वसूल की जा रही है। बिजली विभाग के इस दोहरे मापदंड को लेकर उपभोक्ता परिषद ने सवाल उठाए हैं। उपभोक्ता परिषद के अध्यक्ष अवधेश वर्मा ने बताया कि वित्त वर्ष 2025-26 में प्रदेश के बिजली उपभोक्ताओं की लगभग 4,616 करोड़ रुपये जमानत राशि के रूप में जमा है। मौजूदा 6.50 प्रतिशत बैंक दर जोड़ें तो ब्याज के रूप में 300 करोड़ रुपए बनते हैं। विद्युत अधिनियम-2003 की धारा 47 और विद्युत वितरण संहिता-2005 की धारा 4.20 के अंतर्गत जमानत राशि पर हर वर्ष 1 अप्रैल को ब्याज देना उपभोक्ताओं का अधिकार है। बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव की मांग बिजली विभाग ने अब तक यह ब्याज नहीं दिया है। ब्याज की राशि को बिल में एडजस्ट करना था, लेकिन अभी तक बिजली कंपनियों के बिलिंग सॉफ्टवेयर में बदलाव नहीं किया गया। परिषद ने पावर कॉर्पोरेशन प्रबंधन एवं राज्य सरकार से तत्काल उपभोक्ताओं को ब्याज की राशि देने की मांग की है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक आंगनबाड़ी केंद्र की छत पर एक युवक का शव मिला है। यह घटना अर्जुनी थाना क्षेत्र के ग्राम हरफतराई में हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। जानकारी के अनुसार, ग्रामीणों ने युवक को दोपहर में आंगनबाड़ी की छत पर चढ़ते देखा था। शाम तक जब वह नीचे नहीं उतरा, तो लोगों को संदेह हुआ। ऊपर जाकर देखने पर युवक मृत अवस्था में पड़ा मिला। 112 की टीम मौके पर पहुंची तत्काल इसकी सूचना पुलिस को दी गई। 112 की टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लिया। एंबुलेंस के माध्यम से शव को जिला अस्पताल के मरचूरी में पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पोस्टमार्टम के बाद होगी मौत के कारण की पुष्टि सीएससी अभिषेक चतुर्वेदी ने बताया कि शुक्रवार शाम उन्हें फोन पर घटना की जानकारी मिली थी। मौके पर पहुंची पुलिस टीम ने युवक की पहचान सोनू यादव (24-25) के रूप में की है, जो उसी गांव का निवासी था। प्रारंभिक पंचनामे में शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं। पुलिस के अनुसार, सोनू यादव अक्सर आंगनबाड़ी की छत पर रहता था। फिलहाल, मौत का सही कारण पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
अशोकनगर में जैन मुनि मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज के खिलाफ सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक टिप्पणियों को लेकर जैन समाज में गहरा आक्रोश है। शनिवार शाम जैन समाज के प्रतिनिधियों ने पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मामले में शामिल सभी आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में बताया गया कि पिछले कई दिनों से विभिन्न सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म पर दिगंबर जैन साधुओं, विशेष रूप से मुनिपुंगव सुधासागर जी महाराज के संबंध में अमर्यादित और आपत्तिजनक टिप्पणियां प्रसारित की जा रही हैं। समाज के अनुसार, हाल ही में एक संदेश देशभर के जैन समूहों में वायरल हुआ था। इसमें मुनिश्री के प्रति अत्यंत आपत्तिजनक भाषा का प्रयोग किया गया, जिससे जैन समाज की धार्मिक भावनाएं आहत हुई हैं। अशोकनगर में दर्ज हो चुकी एफआईआरइस मामले की गंभीरता को देखते हुए, श्री दिगंबर जैन पंचायत कमेटी अशोकनगर के अध्यक्ष राकेश कांसल और अन्य पदाधिकारियों ने 3 जून को अशोकनगर कोतवाली थाने में अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई थी। पुलिस और साइबर सेल की जांच के दौरान कुछ संदिग्ध नाम सामने आए हैं। ज्ञापन में मांग की गई कि जांच को निष्पक्ष और प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाकर सभी दोषियों की पहचान कर उनके विरुद्ध कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। एसपी बोले- जल्द होगी कार्रवाईजैन समाज ने स्पष्ट किया कि वह सदैव देव, शास्त्र और गुरु परंपरा के प्रति समर्पित रहा है। समाज अपने आराध्य संतों का अपमान किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं करेगा। उन्होंने पुलिस प्रशासन से मामले को गंभीरता से लेते हुए दोषियों को कानून के दायरे में लाने की मांग दोहराई। इस संबंध में पुलिस अधीक्षक राजीव कुमार मिश्रा ने बताया कि मुनि सुधासागर जी महाराज पर की गई आपत्तिजनक टिप्पणी के मामले में एफआईआर दर्ज कर ली गई है। उन्होंने कहा कि कुछ संदिग्ध लोगों तक पहुंचे हैं, जिनकी जांच जारी है। पुलिस मामले में आवश्यक साक्ष्य जुटा रही है और जल्द ही उचित कार्रवाई की जाएगी।
बालोतरा में अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (अभाविप) की नगर इकाई का नगर अभ्यास वर्ग सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस दौरान संगठनात्मक विषयों, छात्र हित और आगामी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा की गई। कार्यक्रम में अभाविप के राष्ट्रीय कार्यकारिणी सदस्य और बाड़मेर जालोर विभाग संगठन मंत्री पवन ऐचरा और बालोतरा जिला संयोजक हनुमान चौधरी विशेष रूप से उपस्थित रहे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संगठन की कार्यपद्धति, राष्ट्र निर्माण में युवाओं की भूमिका और विद्यार्थी परिषद के उद्देश्यों के बारे में मार्गदर्शन दिया। अभ्यास वर्ग के दौरान बालोतरा नगर इकाई की नई नगर कार्यकारिणी की घोषणा भी की गई। इसमें दयाराम राठौड़ को नगर अध्यक्ष और नितिन वैष्णव को नगर मंत्री का दायित्व सौंपा गया है। इस अवसर पर उपस्थित कार्यकर्ताओं ने नए पदाधिकारियों का स्वागत किया और उन्हें शुभकामनाएं दीं। प्रांत कार्यसमिति सदस्य दिलीप सिंह चांदेसरा, विभाग छात्रा सहप्रमुख फूल कंवर, रतन चौधरी, लक्षित सिंह, दिनेशपालसिंह, कंवराज सिंह, लक्षिता चौधरी, गजेंद्र सिंह वरिया, रेणुका जाटोल, खुशी दवे, ईशा चौधरी, श्याम सोलंकी, सुमेर सिंह, करीना वैष्णव, चंचल मालिया, डॉली गौतम सहित अन्य कार्यकर्ता भी मौजूद रहे।
पंचकूला पुलिस ने ट्रैफिक नियमों का उल्लंघन करने वाले एक स्कॉर्पियो ड्राइवर का 10 हजार 500 रुपए का चालान काटा है। यह कार्रवाई रामगढ़ से पुराना पंचकूला तक पीछा करने के बाद की गई, जहां वाहन को रोककर उसके शीशों पर लगी प्रतिबंधित ब्लैक फिल्म को मौके पर ही उतरवाया गया। इसके अलावा एक बाइक सवार पर 32 हजार 500 का जुर्माना लगाया गया है। बीते दिन सिटी ट्रैफिक एसएचओ वरिंद्र कुमार को रामगढ़ के पास एक स्कॉर्पियो दिखाई दी, जिसके शीशों पर ब्लैक फिल्म लगी थी। एसएचओ ने चालक को रुकने का इशारा किया, लेकिन उसने रफ्तार बढ़ा दी और भागने का प्रयास किया। इसके बाद एसएचओ ने गाड़ी का पीछा करना शुरू कर दिया। कड़ी मशक्कत के बार घेर कर रोका कड़ी मशक्कत के बाद, पुलिस ने पुराना पंचकूला के पास स्कॉर्पियो को घेरकर रोक लिया। नियमों के उल्लंघन और आदेशों की अवहेलना के लिए ड्राइवर का 10 हजार 500 रुपए का चालान किया गया। साथ ही, पुलिसकर्मियों ने मौके पर ही गाड़ी से ब्लैक फिल्म हटवाई। जिला पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सड़कों पर किसी भी तरह की अवैध गतिविधियों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने वाहन ड्राइवरों को चेतावनी देते हुए कहा कि ब्लैक फिल्म लगे वाहनों पर पुलिस की पैनी नजर है और ऐसे किसी भी वाहन को बख्शा नहीं जाएगा। बाइक सवार का 32 हजार 500 का कटा चालान पंचकूला-शिमला राष्ट्रीय राजमार्ग पर अमरावती क्षेत्र के पास ट्रैफिक पुलिस ने एक संदिग्ध बाइक चालक को रोका। जांच के बाद कई गंभीर नियम उल्लंघन सामने आए, जिसके बाद पुलिस ने 32,500 रुपये का चालान काटा और बाइक को जब्त कर लिया। सुरजपुर ट्रैफिक एसएचओ अभिषेक के नेतृत्व में पुलिस टीम हाईवे पर नियमित वाहन जांच अभियान चला रही थी। इसी दौरान, पुलिस की नजर एक बाइक पर पड़ी जिसकी नंबर प्लेट पर सफेद टेप लगाकर वाहन की पहचान छुपाने का प्रयास किया गया था। संदेह होने पर पुलिस टीम ने वाहन को रोककर चालक से पूछताछ की और दस्तावेजों की जांच की। जांच के दौरान यह भी सामने आया कि चालक के पास वाहन से संबंधित अन्य आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध नहीं थे। नंबर प्लेट के साथ छेड़छाड़ और दस्तावेजों की कमी को गंभीर यातायात उल्लंघन मानते हुए, पुलिस ने तत्काल कार्रवाई की। वाहन चालकों पर रखी जा रही नजर : डीसीपी इस संबंध में, डीसीपी क्राइम एंड ट्रैफिक अमरिंदर सिंह ने बताया कि पुलिस ऐसे वाहन चालकों पर लगातार नजर रख रही है जो नंबर प्लेट पर टेप लगाकर, नंबर छुपाकर या अन्य तरीकों से कानून से बचने का प्रयास करते हैं। उन्होंने कहा कि इस प्रकार की गतिविधियां न केवल यातायात नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि किसी भी अपराध की स्थिति में वाहन की पहचान में भी बाधा उत्पन्न करती हैं। डीसीपी अमरिंदर सिंह ने आम नागरिकों से अपील की कि सभी वाहन चालक अपने वाहन के दस्तावेज पूरे रखें, नंबर प्लेट के साथ किसी प्रकार की छेड़छाड़ न करें और यातायात नियमों का पालन करें। उन्होंने स्पष्ट किया कि भविष्य में भी ऐसे उल्लंघनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
लखनऊ विश्वविद्यालय में बढ़ी फीस, वित्तीय अनियमितताओं और छात्रों के निष्कासन के विरोध में लगातार पांचवें दिन आंदोलन जारी रहा। अयोध्या से सपा सांसद अवधेश प्रसाद और पूर्व सांसद कांग्रेस नेता पीएल पुनिया भी इसमें शामिल हुए। उन्होंने धरना स्थल पर छात्रों से मुलाकात कर उनकी समस्याएं सुनीं। विश्वविद्यालय प्रशासन द्वारा दर्ज FIR एवं निष्कासन की कार्रवाई पर गंभीर चिंता व्यक्त की। अवधेश बोले लोक तांत्रिक तरीके से बात कहना अपराध नहीं अवधेश प्रसाद ने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखना अपराध नहीं है। छात्रों पर दंडात्मक कार्रवाई के बजाय संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाना चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि विश्वविद्यालयों को भय का नहीं। बल्कि विचार-विमर्श और लोकतांत्रिक मूल्यों का केंद्र होना चाहिए। छात्रों द्वारा प्रस्तुत किए गए मुद्दों फीस वृद्धि, पारदर्शिता की कमी और निष्कासन पर नेताओं ने आश्वासन दिया कि इन मामलों को संबंधित उच्च स्तरों तक उठाया जाएगा। अवधेश प्रसाद ने कहा कि यदि विश्वविद्यालय प्रशासन छात्रों की बात नहीं सुनता है तो वे इस मुद्दे को राज्यपाल तक ले जाएंगे और आवश्यकता पड़ने पर संसद में भी उठाया जाएगा। FIR दर्ज करना गंभीर सवाल खड़े करता है उन्होंने यह भी कहा कि छात्रों को शिक्षा प्राप्त करने के लिए विश्वविद्यालय में आना चाहिए, न कि उन्हें अपराधी बनाकर प्रस्तुत किया जाए। उनके अनुसार FIR दर्ज कर छात्रों को अनावश्यक रूप से दबाव में लाया जा रहा है, जो उचित नहीं है। पूर्व सांसद पीएल पुनिया ने कहा कि जब छात्र फीस पारदर्शिता जैसे महत्वपूर्ण सवाल उठा रहे हैं। उनके जवाब देने के बजाय उन्हें निष्कासित करना और FIR दर्ज करना गंभीर प्रश्न खड़े करता है। उन्होंने कहा कि शिक्षा एक मौलिक अधिकार है और इसे सभी के लिए सुलभ एवं किफायती होना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि वर्तमान कार्रवाई विश्वविद्यालय प्रशासन की मंशा पर सवाल उठाती है और यह सोचने पर मजबूर करती है कि कहीं शिक्षा को केवल राजस्व का साधन तो नहीं बनाया जा रहा। छात्र नेता बोले आंदोलन को समर्थन दिया पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष रमेश श्रीवास्तव ने भी आंदोलन को समर्थन दिया और धरना स्थल पर बैठकर छात्रों के साथ एकजुटता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय का दृष्टिकोण ऐसा प्रतीत होता है, जिसमें उच्च शिक्षा केवल उन्हीं के लिए सुलभ होती जा रही है जो आर्थिक रूप से सक्षम हैं, जबकि कमजोर वर्ग के छात्रों के लिए अवसर सीमित होते जा रहे हैं। यह स्थिति समान अवसर की अवधारणा के विरुद्ध है।छात्रों ने बताया कि वे लंबे समय से शांतिपूर्ण और लोकतांत्रिक तरीके से अपनी मांगें उठा रहे हैं, लेकिन संवाद के बजाय उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जा रही है। इस अवसर पर छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय प्रशासन की कार्रवाई अन्यायपूर्ण और दमनकारी है तथा जब तक उनकी मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं होती, आंदोलन शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।
करौली जिले में स्वास्थ्य विभाग झोलाछाप और नीम हकीमों के खिलाफ लगातार कार्रवाई कर रहा है। इसी कड़ी में सपोटरा क्षेत्र में एक संयुक्त अभियान चलाकर तीन अवैध क्लिनिक सीज किए गए। इस दौरान आठ झोलाछापों के ठिकानों पर नोटिस चस्पा किए गए और दो मेडिकल स्टोर संचालकों को दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस जारी किए गए। इस कार्रवाई से क्षेत्र में अवैध रूप से चिकित्सा कार्य कर रहे लोगों में हड़कंप मच गया। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (CMHO) डॉ. सतीश चंद मीणा ने बताया कि सपोटरा में यह कार्रवाई ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी (BCMO) डॉ. मनोज कुमार मीणा, तहसीलदार दिलीप अग्रवाल, आयुर्वेद अधिकारी ज्योत्सना और पुलिस बल की संयुक्त टीम ने की। टीम ने बगीदा क्षेत्र में संचालित फतेह सिंह क्लिनिक, अडूदा स्थित ऋषिकेश क्लिनिक और हाडोती के छोटू क्लिनिक को सीज किया। अभियान के तहत टीम ने आठ अन्य झोलाछाप और नीम हकीमों के ठिकानों पर भी नोटिस चस्पा किए। इसके अतिरिक्त दो मेडिकल स्टोर संचालकों को उनके रजिस्ट्रेशन और अन्य आवश्यक दस्तावेज प्रस्तुत करने के लिए नोटिस दिए गए हैं। सीएमएचओ डॉ. मीणा ने आगे बताया कि जिले में अपंजीकृत अस्पतालों और अवैध लैब के खिलाफ भी जल्द ही एक विशेष अभियान चलाकर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
टौरिया मोहल्ला बवाल के 4 आरोपी जेल भेजे गए:छतरपुर पुलिस ने शहर में जुलूस निकालकर कोर्ट में पेश किया
छतरपुर में टौरिया मोहल्ला बवाल के चार आरोपियों को पुलिस ने शनिवार को शहर में जुलूस निकालकर जेल भेज दिया। इन आरोपियों में निसार खान, उसके पिता हुसैन खान, निज्जू उर्फ निजाम खान और छोटू उर्फ यूनिस खान शामिल हैं। सिटी कोतवाली पुलिस ने उन्हें कड़ी सुरक्षा के बीच कोर्ट में पेश किया। यह घटना गुरुवार रात महोबा रोड पर गुरुद्वारा के पास हुई थी। एक बाइक और स्कूटी की टक्कर के बाद आरोपियों ने इलाज कराने की बात पर स्कूटी सवार पुरुष और महिला से मारपीट की। उन्होंने उनकी दो साल की बेटी को छीनकर चलती सड़क पर पटक दिया था। इस वारदात के बाद जब कोतवाली पुलिस आरोपियों के घर टौरिया मोहल्ले पहुंची, तो उन पर पथराव किया गया और झूमाझटकी हुई। घटना को कवर कर रहे पत्रकारों पर भी हमला किया गया। इस बवाल के कारण इलाके में तनाव फैल गया और पूरी रात भारी पुलिस बल तैनात रहा। शुक्रवार और शनिवार को भी पुलिस निगरानी करती रही। पुलिस ने 13 आरोपियों पर केस दर्ज कियापुलिस ने इस मामले में हत्या के प्रयास, शासकीय कार्य में बाधा डालने, सरकारी कर्मचारी से मारपीट और एससी-एसटी एक्ट सहित कई धाराओं के तहत कुल 13 लोगों को नामजद किया है। इसके अलावा, अन्य अज्ञात लोगों के खिलाफ तीन अलग-अलग एफआईआर दर्ज की गई हैं। पुलिस ने तत्काल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया था। गिरफ्तार किए गए चारों आरोपियों को शनिवार को मेडिकल परीक्षण के बाद कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। जुलूस के दौरान आरोपी कैमरों से बचने के लिए अपने चेहरे छिपाते दिखे। पुलिस अन्य आरोपियों की तलाश में उनके संभावित ठिकानों पर लगातार दबिश दे रही है।
छत्तीसगढ़ के धमतरी जिले में एक नाबालिग से दुष्कर्म और लैंगिक शोषण के आरोपी को पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी के खिलाफ पॉक्सो एक्ट के तहत कार्रवाई की गई है और उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। जानकारी के अनुसार, आरोपी पर नाबालिग को प्रेम और विवाह का झांसा देकर उसका शारीरिक शोषण करने का आरोप है। आरोपी पर इन धाराओं के तहत मामला दर्ज यह कार्रवाई रूद्री थाना क्षेत्र के अंतर्गत की गई। शिकायत मिलने पर थाना रूद्री में भारतीय न्याय संहिता (BNS) और पॉक्सो एक्ट की धारा 4 एवं 6 के तहत तत्काल अपराध दर्ज कर जांच शुरू की गई। आरोपी को भेजा गया जेल जांच के दौरान पीड़िता का बयान दर्ज किया गया, चिकित्सीय परीक्षण कराया गया और अन्य आवश्यक वैधानिक कार्रवाई पूरी की गई। पुलिस ने आरोपी हरिशंकर सेन को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया।
दुर्ग पुलिस ने ऑनलाइन सट्टे के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए अंतर्राज्यीय ऑनलाइन बेटिंग गिरोह का खुलासा किया है। इस मामले में पुलिस ने मुख्य आरोपी समेत कुल 9 लोगों को गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि यह गिरोह महाराष्ट्र के नागपुर से ऑनलाइन क्रिकेट सट्टा चला रहा था और हर महीने करीब डेढ़ करोड़ रुपए का लेन-देन किया जा रहा था। पुलिस के मुताबिक थाना छावनी क्षेत्र के गणेश चौक, कैप-02 भिलाई निवासी 29 वर्षीय निशांत कुमार गुप्ता लंबे समय से अलग-अलग राज्यों में ठिकाने बदलकर ऑनलाइन सट्टे का कारोबार चला रहा था। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की। मोबाइल और डिजिटल उपकरणों की शुरुआती जांच में ऑनलाइन सट्टे के संचालन की पुष्टि हुई। ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर चल रही थी आईडीपूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह “C-B. Cricket Buzz Betting App” और “RubyBet” प्लेटफॉर्म की आईडी चलाता था। पुलिस से बचने के लिए उसने अपने साथियों को नागपुर में किराये के मकान में रखकर वहां से पूरा नेटवर्क संचालित कर रखा था। इसके बाद दुर्ग पुलिस की टीम नागपुर पहुंची और किराये के मकान में दबिश दी। वहां 8 लोगों को ऑनलाइन सट्टा चलाते हुए पकड़ा गया। हर महीने सैलरी पर रखे थे कर्मचारीपूछताछ में आरोपियों ने बताया कि उनका काम आईडी मैनेज करना, पैसे जमा और निकासी कराना, अकाउंट संभालना और तकनीकी काम देखना था। इसके बदले उन्हें हर महीने 20 से 25 हजार रुपए वेतन दिया जाता था। जांच में सामने आया कि गिरोह रोजाना करीब 4 से 5 लाख रुपए का ऑनलाइन ट्रांजेक्शन करता था। सट्टे के पैसे के लिए बड़ी संख्या में बैंक खाते, एटीएम कार्ड और सिम कार्ड इस्तेमाल किए जा रहे थे। पुलिस को शक है कि इनमें से कई खाते और सिम गलत तरीके से हासिल किए गए थे और इन्हीं के जरिए रकम को अलग-अलग खातों में भेजकर उसका स्रोत छिपाया जाता था। 26 मोबाइल, 45 सिम कार्ड और 85 एटीएम कार्ड बरामदकार्रवाई के दौरान पुलिस ने 26 मोबाइल, 3 लैपटॉप, 2 आईपैड, 85 एटीएम कार्ड, 18 बैंक पासबुक, 45 सिम कार्ड, नकद 1.54 लाख रुपए, कई दस्तावेज और हिसाब-किताब से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए हैं। विवेचना में यह भी सामने आया कि ऑनलाइन सट्टे से कमाए गए पैसों से आरोपी ने महंगे गहने खरीदे थे। पुलिस ने भिलाई के एक ज्वेलर्स में गिरवी रखे गए करीब 23 लाख रुपए कीमत के 15 तोला सोने और डायमंड के गहने भी जब्त किए हैं। इन्हें किया गया गिरफ्तार1. मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता उम्र 29 वर्ष, निवासी गणेश चौक, कैप-02, थाना छावनी, (आई.डी. संचालक)2. अखिलेश यादव 22 वर्ष, निवासी खुड़ापार, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.)।3. पंकज यादव 22 वर्ष, निवासी खुड़ापार, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.)।4. आशीष जायसवाल 20 वर्ष, निवासी खेरी कोठा, थाना मधुवन, जिला मऊ (उ.प्र.)।5. विशाल पटेल 29 वर्ष, निवासी बरवा विद्यापति, थाना महाराजगंज, जिला महाराजगंज (उ.प्र.)।6. शिवम चौहान 23 वर्ष, निवासी झउवा, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.)।7. जयहिंद यादव 22 वर्ष, निवासी कुढ़ापार, थाना मेहनगर, जिला आजमगढ़ (उ.प्र.)।8. वेचन मुखिया 24 वर्ष, निवासी बेनीपुर, थाना बहेड़ा, जिला दरभंगा (बिहार)।9. भागीरथ राम 35 वर्ष, निवासी नयागांव, थाना रेयाम, जिला दरभंगा (बिहार)।दूसरे राज्यों के हैं आरोपीडीएसपी क्राइम यदुमणि सिदार ने बताया कि निशांत कुमार गुप्ता, जो छावनी क्षेत्र का रहने वाला है, वह ऑनलाइन सट्टा बेटिंग ऐप का संचालन कर रहा था। पुलिस ने उसको पकड़कर जब उसके खिलाफ में कार्रवाई की और तकनीकी जांच किया और पूछताछ किया, तो उसने बताया कि इसका जो आईडी है, यह नारा क्षेत्र जो नागपुर क्षेत्र में एक मकान किराए में रहकर, लेकर वहां पर संचालन किया जा रहा था। मुख्य आरोपी निशांत कुमार गुप्ता ने बताया कि जो लड़के इनके, इनके पूर्व में आजमगढ़, जो उत्तर प्रदेश में आता है, विशाखापट्टनम में और इंदौर इलाका में पूर्व संपर्क के लड़के थे, उन्हें ₹20,000 - ₹25,000 प्रतिमाह वेतन देने के झांसा देकर इनसे काम करवाया जा रहा था। इसके द्वारा यह भी बताया गया है कि इसके द्वारा सट्टे की जो अवैध कमाई से सोना और डायमंड का खरीदी की गई थी और उसे भी पुलिस ने बरामद किया है। महावीर ज्वेलर्स से वहाँ पर लोन में रखा हुआ था। चूँकि विवेचना में साक्ष्य के तौर पे यह पाया गया है कि इसके द्वारा सट्टा संचालन के माध्यम से ही धन अर्जन किया गया था, इसलिए पुलिस ने सोने और डायमंड को बरामद किया है।
भिवानी शहर में बाजार गई महिला का पर्स चोरी करने के मामले में 2 महिला आरोपियों को लोगों ने मौके पर ही पकड़ा लिया। सूचना मिलते ही सिटी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच में जुट गई। दोनों पुलिस के सौंप दिया। महिलाओं पर आरोप है कि उन्होंने पीड़ित महिला के बैग से पर्स चोरी किया था। सिटी थाना प्रभारी जरनैल सिंह ने बताया कि उन्हें पुलिस कंट्रोल रूम से सूचना मिली थी कि बाजार के अंदर 2 महिला चोरी करती हुई लोगों द्वारा पकड़ी गई हैं। इस सूचना पर पुलिस टीम मौके पर पहुंची और दोनों महिलाओं को काबू किया गया है। कोंट रोड निवासी सुमन की पीड़ित द्वारा शिकायत प्राप्त की गई है। जो भी उचित कार्रवाई होगी, वह की जाएगी। इन दोनों महिलाओं पर आरोप है कि पीड़िता का पर्स चोरी किया है, जिसमें करीब 2800 रुपए थे। ये रुपए बरामद किए जाने हैं। दोनों बलियाली गांव की रहने वाली उन्होंने बताया कि दोनों महिलाएं गांव बलियाली की रहने वाली हैं। इनका नाम कुसुम व मोहिनी है। वहीं, इनकी पुरानी हिस्ट्री पता करने का प्रयास किया जा रहा है। रिकॉर्ड के आधार पर कार्रवाई की जाएगी। आरोपी महिलाओं की उम्र करीब 22-23 बताई जा रही है। महिला को निशाना बनाकर करती हैं चोरी उन्होंने बताया कि आरोपी महिलाओं का तरीका यही है कि ये अन्य महिलाओं के साथ घुलमिल जाती हैं। इसके बाद बातचीत करना शुरू कर देती हैं। चोरी की वारदात करने के लिए वह टारगेट ऑटो में बैठ जाती हैं। इसके बाद चुपके से पर्स या बैग चोरी कर लेती हैं। उसके बाद आराम से उतर कर चली जाती हैं। काफी दिनों से ऐसी चोरी की शिकायतें आ रही थीं।
लखनऊ में चल रही नौ दिवसीय संगीतमय श्रीराम कथा के छठवें दिन पद्मविभूषण तुलसीपीठाधीश्वर जगद्गुरु स्वामी रामभद्राचार्य महाराज ने भगवान श्रीराम के वनवास और चित्रकूट प्रवास का भावपूर्ण वर्णन किया। इस दौरान उन्होंने लखनऊ के लक्ष्मण टीला पर भगवान लक्ष्मण का भव्य मंदिर बनाने का संकल्प दोहराया। उन्होंने कि न्यायालय का सम्मान करते हैं और आवश्यकता पड़ने पर वह स्वयं अदालत में उपस्थित होकर अपना पक्ष रखने के लिए तैयार हैं। चित्रकूट को बताया रामभक्ति और तपस्या की भूमि सीतापुर रोड स्थित बृज की रसोई परिसर में आयोजित श्रीराम कथा में रामभद्राचार्य ने कहा कि चित्रकूट केवल एक तीर्थस्थल नहीं, बल्कि त्याग, तपस्या और लोकमंगल की पवित्र भूमि है। भगवान श्रीराम के वनवास काल की अनेक महत्वपूर्ण घटनाएं चित्रकूट से जुड़ी हुई हैं, इसलिए यह स्थान भारतीय संस्कृति और आध्यात्मिक चेतना का प्रमुख केंद्र है। एकश्लोकी रामायण को लेकर रखे विचार कथा के दौरान उन्होंने कहा कि यह धारणा सही नहीं है कि किसी एक प्रचलित श्लोक में संपूर्ण रामायण समाहित है। उन्होंने बताया कि हनुमानजी के आग्रह पर गोस्वामी तुलसीदास ने अयोध्याकांड के तृतीय मंगलाचरण नीलाम्बुजश्यामलकोमलांगम् की रचना की थी, जिसमें संपूर्ण रामकथा का सार निहित है। उन्होंने श्लोक की विस्तृत व्याख्या भी की। बोले- लखनऊ वास्तव में लक्ष्मण नगरी रामभद्राचार्य ने कहा कि लखनऊ वास्तव में लक्ष्मण नगरी है और गोमती तट पर आज भी भगवान लक्ष्मण का सान्निध्य अनुभव किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि लक्ष्मण टीला पर भगवान लक्ष्मण का भव्यतम मंदिर बनकर रहेगा और उन्हें विश्वास है कि न्यायालय का निर्णय हिंदुओं के पक्ष में आएगा। उन्होंने कहा कि यदि अदालत चाहेगी तो वह स्वयं उपस्थित होकर अपना पक्ष रखेंगे। इस अवसर पर उन्होंने जाग रहा गोमती तट उर्मिला बिहारी भजन सुनाया, जिसे सुनकर श्रद्धालु भावविभोर हो गए। कथा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने व्यासपीठ का आशीर्वाद प्राप्त किया और आरती में सहभागिता की।कई प्रमुख हस्तियां हुईं शामिल कथा में नैमिषारण्य के पीठाधीश्वर स्वामी उपेन्द्रानंद सरस्वती, राज्यसभा सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री डॉ. दिनेश शर्मा, पूर्व सांसद अशोक बाजपेयी, विधायक डॉ. नीरज बोरा, हास्य कवि सर्वेश अस्थाना, समाजसेविका बिंदू बोरा और वरिष्ठ अधिवक्ता श्रीरामजी दास समेत कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। मीडिया प्रभारी डॉ. एस.के. गोपाल ने बताया कि रविवार को श्रीराम कथा के सातवें दिवस उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के शामिल होने की संभावना है। कथा प्रतिदिन शाम पांच बजे से आयोजित की जा रही है।
सागर के बिलहरा चौकी पुलिस ने हत्या के मामले में शनिवार को आरोपी को गिरफ्तार किया है। गिरफ्तार आरोपी मृतक का पिता है। मृतक बेटे आए दिन शराब के नशे में विवाद करता था। इसी विवाद में मारपीट कर पिता ने अपने ही बेटे की हत्या कर दी थी। पूछताछ में आरोपी ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। पुलिस के अनुसार, 4 जून को फरियादी जमना पिता नन्ना अहिरवार उम्र 55 वर्ष निवासी खिरका मोहल्ला बिलहरा ने पुलिस चौकी में सूचना दी थी कि उसका बड़ा बेटे सोनू अहिरवार उम्र 25 वर्ष घर के आंगन में बनी ढलान पर मृत अवस्था में पड़ा है। उसके सिर और माथे से खून निकल रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। शव का पंचनामा बनाकर जांच शुरू की। शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और प्रारंभिक जांच में हत्या की पुष्टि हुई। जिस पर आधार पर हत्या का मामला दर्ज कर आरोपी की तलाश शुरू की गई। जांच करते हुए आरोपी पिता जमना अहिरवार को हिरासत में लिया गया। कपड़ा धोने की मोगरी से मारपीट कर हत्या की थीपूछताछ में आरोपी ने बताया कि उसका बेटा सोनू अहिरवार आए दिन शराब के नशे में घर आता था और परिवार के सदस्यों के साथ गाली-गलौज व मारपीट करता था। बेटे की इन हरकतों से वह लंबे समय से परेशान था। इसी बात से परेशान होकर 3 जून की रात कपड़े धोने की मोंगरी (लकड़ी के डंडे) से वार कर बेटे की हत्या कर दी। बिलहरा चौकी प्रभारी सत्यव्रत धाकड़ ने बताया कि हत्या के मामले में पिता को गिरफ्तार किया है। बेटा आए दिन शराब के नशे में विवाद करता था। इस बात को लेकर पिता परेशान था। इसी के चलते उसने बेटे की हत्या कर दी। आरोपी को गिरफ्तार कर पूछताछ की गई। पूछताछ के बाद आरोपी को कोर्ट में पेश किया है।
मैहर पुलिस का बंद पड़ी बर्फ फैक्ट्री में छापा:78 हजार 64 लीटर अंग्रेजी शराब मिली, दो तस्कर गिरफ्तार
मैहर कोतवाली पुलिस ने अवैध शराब के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। पुलिस ने शनिवार की दोपहर 64 लीटर अंग्रेजी शराब के साथ दो तस्करों को गिरफ्तार किया। जब्त की गई विभिन्न ब्रांड की शराब की अनुमानित कीमत करीब 78 हजार रुपए बताई जा रही है। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक अवधेश प्रताप सिंह के निर्देश पर थाना प्रभारी निरीक्षक अनिमेष द्विवेदी के नेतृत्व में की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि वार्ड क्रमांक 15 स्थित एक बंद पड़ी बर्फ फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में अवैध शराब बिक्री के लिए छिपाकर रखी गई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने तत्काल मौके पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस ने दो संदिग्ध व्यक्तियों को फैक्ट्री से पकड़ा। तलाशी लेने पर फैक्ट्री के अंदर कई खाली और भरे हुए कार्टन मिले, जिनमें अंग्रेजी शराब रखी हुई थी। पुलिस द्वारा कार्टनों की जांच करने पर कुल 11 पेटियों में 64 लीटर अंग्रेजी शराब बरामद हुई। इसमें आरएस, रॉयल स्टेज, ऑफिसर च्वाइस, मैकडॉवेल, बैगपाइपर और गोवा व्हिस्की जैसे विभिन्न ब्रांड शामिल थे। पुलिस ने इस मामले में मुकेश सचदेव उर्फ मुक्कु (41 वर्ष) और दिलीप साहनी (52 वर्ष) को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी सिंधी कॉलोनी, मैहर के निवासी हैं। उनके खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत मामला दर्ज कर न्यायालय में पेश किया गया। इस कार्रवाई में एएसआई अरविंद द्विवेदी, प्रधान आरक्षक रविंद्र अवस्थी, जय बागरी, राजेंद्र सिंह, सोमेश सिंह, हिमांशु कुमार और मोहित वैष्णव की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस अधीक्षक ने बताया कि जिले में अवैध शराब के निर्माण, परिवहन और बिक्री में शामिल लोगों के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा। ऐसे कारोबारियों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
लखनऊ के आशियाना क्षेत्र स्थित GVK एंबुलेंस के हेड ऑफिस परिसर में 108 और 102 एंबुलेंस सेवाओं से जुड़े कर्मचारियों की दोबारा भर्ती प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। भर्ती में शामिल होने पहुंचे कर्मचारियों ने बताया कि लगभग दो वर्ष पहले सेवा से हटा दिया गया था। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देशों के बाद पुनः आदेश जारी होने पर अब पूर्व में हटाए गए कर्मचारियों को दोबारा भर्ती किए जाने की प्रक्रिया शुरू हुई है। भर्ती प्रक्रिया में पूर्व कर्मचारी शामिल हो रहे हैं। कर्मचारियों का कहना है कि लंबे समय से वे अपनी बहाली की मांग कर रहे थे। अब पुनर्भर्ती की प्रक्रिया शुरू होने से उनमें खुशी और राहत का माहौल है। उनका मानना है कि इससे न केवल उन्हें रोजगार मिलेगा बल्कि एंबुलेंस सेवाओं को भी अनुभवी मानव संसाधन उपलब्ध होगा। 108 और 102 एंबुलेंस सेवाएं प्रदेश में आपातकालीन स्वास्थ्य सेवाओं की महत्वपूर्ण कड़ी हैं और इनसे जुड़े कर्मियों की भूमिका मरीजों तक समय पर सहायता पहुंचाने में अहम मानी जाती है। भर्ती प्रक्रिया में शामिल होने आए अजय ने कहा कि दोबारा भर्ती में कुछ चीजों को लेकर आपत्ति है। उन्होंने कहा कि सबसे पहली चीज की इसमें पुराने साथियों को प्राथमिकता दी जानी चाहिए , मगर ऐसा नहीं है। उन्होंने कहा कि पुराने जितने भी कर्मचारी हैं उन्होंने हमेशा मुश्किल घड़ी में पूरी ईमानदारी से काम किया है। सबसे बड़ी बात यह है कि कोरोना के समय हम लोगों ने जान की बाजी लगाकर दिन-रात काम किया मरीजों की सेवा किया। उसके बाद हमें नौकरी से निकाल दिया गया था मगर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ का आभार व्यक्त करते हैं उनकी वजह से दोबारा नौकरी मिल रही है।
7वें बाघ में कैनाइन डिस्टेंपर वायरस मिला:रेस्क्यू कर क्वारेंटाइन सेंटर भेजा, वायरस से अब तक 6 की मौत
मंडला में कान्हा टाइगर रिजर्व के किसली रेंज अंतर्गत संदुकखोल क्षेत्र में एक बाघ को अजीब और असामान्य व्यवहार करते हुए देखा गया है। इसके बाद पार्क प्रबंधन ने मुस्तैदी दिखाते हुए उसे रेस्क्यू कर लिया और मुक्की रेंज स्थित क्वारेंटाइन सेंटर में इलाज और निगरानी के लिए रखा है। शनिवार को बाघ में सीडीवी पाया गया है। बाघ के खून के सैंपल जांच के लिए लैब भेजे गए हैं, क्योंकि कैनाइन डिस्टेंपर वायरस (सीडीवी) की आशंका के चलते प्रबंधन कोई ढिलाई नहीं बरतना चाहता। जानकारी के मुताबिक, मंगलवार को संदुकखोल पर्यटन क्षेत्र में घूमने आए पर्यटकों ने इस बाघ को अजीब हरकतें करते देखा था। इसकी खबर तुरंत कान्हा प्रबंधन को दी गई, जिसके बाद से ही बाघ पर लगातार नजर रखी जा रही थी। वन्यजीव विशेषज्ञों और अधिकारियों की टीम ने मौके पर जाकर बाघ के हालात का जायजा लिया। लगातार निगरानी के बाद गुरुवार शाम को बाघ को सुरक्षित तरीके से पकड़कर मुक्की रेंज के क्वारेंटाइन सेंटर शिफ्ट कर दिया गया। 2 महीने में 8 बाघों की मौत से अलर्ट पर प्रबंधन क्वारेंटाइन सेंटर में बाघ का इलाज चल रहा है और उसकी सेहत से जुड़ी हर गतिविधि पर नजर रखी जा रही है। अगर जांच रिपोर्ट सही आती है और बाघ पूरी तरह ठीक हो जाता है, तो उसे वापस जंगल में आजाद छोड़ दिया जाएगा। कान्हा टाइगर रिजर्व में पिछले कुछ महीनों में सीडीवी (CDV) संक्रमण की वजह से 6 बाघों की मौत हो चुकी है। इनमें अमही बाघिन और उसके 4 शावक, साथ ही महावीर मेल बाघ भी शामिल है। पिछले करीब दो महीनों में कान्हा में कुल 8 बाघों की मौत दर्ज की गई है, जिसकी वजह से वन विभाग और पार्क प्रबंधन बेहद सतर्क है। शुरुआती जांच में न्यूरो की समस्या, बाद में आया सीडीवी कान्हा के उपसंचालक (कोर) पीके वर्मा ने बताया कि बाघ के शुरुआती लक्षण सीडीवी जैसे नहीं लग रहे थे, बल्कि न्यूरो से जुड़ी समस्या लग रही थी, इसी वजह से उसका रेस्क्यू किया गया। शुरुआती टेस्ट में सीडीवी नेगेटिव आया था, लेकिन बाद की जांच में यह पॉजिटिव निकला है। फिलहाल उसे अलग (आइसोलेट) रखकर मुक्की क्वारेंटाइन सेंटर में इलाज दिया जा रहा है। सीडीवी के खतरे को देखते हुए प्रशासन किसी भी बीमार या अजीब व्यवहार करने वाले बाघ की सूचना मिलते ही तुरंत एक्शन ले रहा है। पार्क प्रबंधन इससे पहले भी दो बाघों का कामयाब इलाज कर उन्हें वापस जंगल में छोड़ चुका है। फिलहाल, इस बाघ का इलाज और डॉक्टर्स की देखरेख जारी है।
गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों में होने वाली यात्रियों की भारी भीड़ और लंबी वेटिंग लिस्ट को देखते हुए उत्तर रेलवे के जम्मू रेल मंडल ने यात्रियों को एक बड़ी सौगात दी है। रेलवे प्रशासन द्वारा जम्मू तवी से मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस के बीच एक विशेष सुपरफास्ट समर स्पेशल ट्रेन संख्या 04602 चलाने का फैसला किया गया है। इस ट्रेन के चलने से जम्मू-कश्मीर से पंजाब, दिल्ली और मध्य प्रदेश होते हुए महाराष्ट्र जाने वाले यात्रियों को आसानी से कन्फर्म सीट मिल सकेगी। गाड़ी संख्या 04602 जम्मू तवी स्टेशन से 07 जून को रात साढ़े 12 बजे मध्यरात्रि मुंबई के लिए रवाना होगी और अगले दिन दोपहर 3 बजे मुंबई छत्रपति शिवाजी महाराज टर्मिनस पहुंचेगी। पूरी तरह से आरक्षित है ये ट्रेनयह पूरी तरह से एक आरक्षित सुपरफास्ट स्पेशल ट्रेन है। इसमें बिना कन्फर्म आरक्षित टिकट के यात्रा करने की अनुमति नहीं होगी। यात्रियों से अनुरोध है कि सफर पर निकलने से पहले रेलवे की समय सारणी और अपनी सीट की स्थिति की पुष्टि जरूर कर लें। यात्रियों के आरामदायक सफर के लिए इस स्पेशल ट्रेन में कुल 21 आधुनिक कोच लगाए गए हैं। जिनमें फर्स्ट एसी कम्पोजिट के 2 कोच, थर्ड एसी के 12 कोच, सेकंड एसी स्लीपर का 1 कोच और दिव्यांग अनुकूल 2 कोच शामिल हैं। इन प्रमुख स्टेशनों पर होगा ठहराव यह ट्रेन अपनी लंबी दूरी के सफर के दौरान देश के कई प्रमुख रेलवे स्टेशनों से होकर गुजरेगी। मार्ग में ये ट्रेन पठानकोट जंक्शन, जालंधर कैंट, लुधियाना जंक्शन, अंबाला कैंट, दिल्ली सफदरजंग, मथुरा जंक्शन, आगरा कैंट, वीरांगना लक्ष्मीबाई झांसी जंक्शन, बीना जंक्शन, भोपाल जंक्शन, इटारसी जंक्शन, भुसावल जंक्शन, मनमाड जंक्शन, नासिक रोड, कल्याण जंक्शन तथा दादर में रुकेगी। इसके अलावा, यात्रियों की सहूलियत के लिए लुधियाना, अंबाला कैंट, आगरा कैंट, झांसी, भोपाल, इटारसी और भुसावल स्टेशनों पर ट्रेन की सीटीएस यानि सफाई व्यवस्था और पानी भरने के विशेष इंतजाम किए गए हैं ताकि सफर में पानी या सफाई की कोई किल्लत न हो। भीड़ को कम करने के किए लिया फैसलाइस समर स्पेशल ट्रेन के संचालन को लेकर जम्मू मंडल के वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक उचित सिंघल ने कहा कि गर्मियों के मौसम में उत्तर भारत से महाराष्ट्र की तरफ जाने वाले मुसाफिरों की तादाद काफी बढ़ जाती है। यात्रियों की इसी अतिरिक्त भीड़ को कम करने और उन्हें कन्फर्म बर्थ (सीट) उपलब्ध कराने के उद्देश्य से इस ट्रेन की शुरुआत की जा रही है। यात्री सुरक्षा और उनकी सुविधा हमारी सर्वोच्च प्राथमिकता है। इस ट्रेन की जानकारी ज्यादा से ज्यादा लोगों तक पहुंचाने के लिए सभी स्टेशनों पर सूचना पट्ट, लाउडस्पीकर उद्घोषणा प्रणाली और मीडिया का सहारा लिया जा रहा है। जम्मू मंडल भविष्य में भी यात्रियों की मांग और जरूरत के अनुसार ऐसी स्पेशल ट्रेनों का संचालन करता रहेगा।
लखनऊ के नाका थाना क्षेत्र स्थित गामा दुग्ध भंडार में मिठाई पर चूहा लगने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन विभाग हरकत में आ गया। शनिवार को विभागीय टीम ने दुकान पर छापेमारी कर खाद्य पदार्थों के नमूने लिए और जांच के लिए प्रयोगशाला भेज दिए। प्रतिष्ठान के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई शुरू कर दी गई है। सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था वीडियो शनिवार सुबह गामा दुग्ध भंडार का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हुआ। वीडियो में एक चूहा दुकान में रखी मिठाई को मुंह लगाता दिखाई दे रहा था। वीडियो सामने आने के बाद उपभोक्ताओं में नाराजगी देखने को मिली और मामले ने तूल पकड़ लिया। फूड विभाग की टीम ने की छापेमारी वीडियो वायरल होने के बाद खाद्य सुरक्षा विभाग की टीम तत्काल मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने दुकान का निरीक्षण किया और वहां रखे खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता की जांच के लिए नमूने एकत्र किए। इन सैंपलों को परीक्षण के लिए प्रयोगशाला भेजा गया है।दुकान का चालान, आगे की कार्रवाई शुरू निरीक्षण के दौरान विभागीय अधिकारियों ने प्रतिष्ठान के खिलाफ चालान की कार्रवाई की। अधिकारियों का कहना है कि जांच रिपोर्ट आने के बाद खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर में शनिवार को वरिष्ठ कांग्रेस नेता के इकलौते इंजीनियर बेटे का शव होटल में फंदे से लटका मिला। स्टाफ की सूचना पर पुलिस और फोरेंसिक टीम मौके पर पहुंची। जांच के दौरान कमरे से सिगरेट के फिल्टर और शराब की बोतल मिली। साथ ही सामने आया कि बुर्का पहने किसी लड़की के साथ होटल में आया था, लेकिन बाद में वह चली गई थी। पुलिस अब लड़की के आधार कार्ड और मोबाइल नंबर से उसकी तलाश कर रही है। उससे पूछताछ करके पूरे मामले की सच्चाई का पता लगा सकेगा। वहीं, कांग्रेस नेता के घरवालों ने हत्या का आरोप लगाते हुए पूरे मामले की जांच की मांग की है। घटना साकेत नगर स्थित अमन पैराडाइज होटल की है। बुर्के में पहुंची युवती की तलाश में जुटी पुलिस कर्नलगंज थाना क्षेत्र के तलाक महल इलाके में रहने वाले हाजी मोहम्मद फजल खान कांग्रेस नेता हैं। वह करीब 20 साल से पार्टी से जुड़े हैं, लेकिन कभी पद नहीं लिया। सीसामऊ विधानसभा सीट से राजनीति करते हैं। उनकी कांग्रेस के वरिष्ठ नेता अहमद पटेल के नजदीकी रही है। कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं के साथ लगातार संपर्क में रहे। उनके परिवार में पत्नी शाहदाब, शादीशुदा बेटी अंबर और बेटा गयाश खान (32) थे। गयाश की अभी शादी नहीं हुई। वह पुणे से बीटेक करने के बाद दिल्ली की एक प्राइवेट कंपनी में लाखों के पैकेज पर नौकरी कर रहे थे। लेकिन, पिछले 6 महीने से वह वर्क फ्रॉम होम के चलते घर पर ही थे। गयाश दोस्तों के साथ शुक्रवार को घूमने निकले थे। उन्होंने घरवालों से कहा कि रात में घर नहीं आएंगे। इसके बाद घरवाले भी निश्चिंत हो गए थे। लेकिन, शनिवार को बेटे की मौत की खबर मिलते ही परिवार में कोहराम मच गया। घरवाले होटल मैनेजमेंट की सूचना पर पहुंचे और शव की पहचान की। रात में लड़की को छोड़कर दोबारा होटल आए थे होटल अमन पैराडाइज के मैनेजर सौरभ कुमार ने बताया- गयाश शुक्रवार को एक लड़की के साथ होटल पहुंचे थे। रात करीब 7.30 बजे लड़की को छोड़ने के लिए होटल से निकले थे। कुछ देर बाद वापस आकर अपने कमरे में चले गए। उन्होंने ऑनलाइन डिनर भी मंगाया था। शनिवार सुबह 11.30 बजे उनके कमरे का दरवाजा नहीं खुला, तो हम लोगों ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस की मौजूदगी में मास्टर-की से कमरा खुलवाया, तो गयाश का शव चादर के सहारे पंखे से लटका मिला। घरवाले बोले- बेड पर पैर मुड़ा था, ये सुसाइड नहीं हत्या है किदवई नगर थाने की पुलिस और फोरेसिंक टीम को जांच के दौरान कमरे से शराब की बोतल और सिगरेट के फिल्टर मिले हैं। घरवालों ने बताया कि जिस कंपनी की सिगरेट के फिल्टर मिले हैं, वह उसकी सिगरेट नहीं पीता था। इतना ही नहीं, ये भी आरोप लगाया कि शव चादर के सहारे पंखे से बेड के ऊपर लटक रहा था। शव के दोनों पैर मुड़े थे। इस तरह से सुसाइड करना संभव नहीं है। घरवालों ने हत्या का आरोप लगाकर मामले की जांच करने की मांग की है। घरवालों का कहना है कि जिस लड़की के साथ होटल पहुंचा था, उसे भी बुलाकर पूछताछ की जानी चाहिए। डीसीपी साउथ दीपेंद्र नाथ चौधरी ने बताया- जांच-पड़ताल के बाद शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। शुरुआती जांच में मामला सुसाइड का लग रहा है। फिर भी परिजनों के आरोप के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। बाकी होटल में आने वालों की एंट्री, सीसीटीवी फुटेज से जांच की जा रही है। गयाश के साथ होटल पहुंची लड़की से भी पूछताछ की जाएगी। ----------------------- ये खबर भी पढ़िए- पत्नी की हत्याकर जान देने वाले ने 2 लव-मैरिज की: फुफेरी बहन के बाद गर्लफ्रेंड से शादी की, नाराज हुई तो पहली पत्नी को मारी गोली “मेरे बेटे ने 5 साल पहले अपनी सगी बुआ की बेटी (फुफेरी बहन) पुख्खन से लव-मैरिज कर ली थी। दोनों को समझाया था, लेकिन वे नहीं माने। तब मंदिर में शादी करा दी थी। सबकुछ ठीक चल रहा था। कुछ दिन बाद बेटे ने दूसरी लड़की से चोरी छिपे लव-मैरिज कर ली। इससे पुख्खन नाराज हो गई और केस कर दिया। चौकी में पंचायत हुई। बेटे ने दूसरी पत्नी से नाता तोड़ दिया। फिर भी पुख्खन साथ रहने को तैयार नहीं थी। गुरुवार दोपहर को बेटा झांसी से निकला। रात को पता चला कि उसने पुख्खन को गोली मार दी और खुद भी आत्महत्या कर ली।” ये कहना है प्रेमवती का। पढ़ें पूरी खबर…
झालावाड़ पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए एक अपहृत युवक को मात्र तीन घंटे में सकुशल मुक्त करा लिया। आरोपियों ने युवक को छोड़ने के एवज में 4 लाख रुपए की फिरौती मांगी थी और उससे 1 लाख 65 हजार रुपए का स्टाम्प भी लिखवा लिया था। इस मामले में एक आरोपी को हिरासत में लिया गया है, जबकि दो अन्य फरार हैं। पुलिस अधीक्षक अमित कुमार बुडानिया ने बताया कि शनिवार को घाटोली थाना पर छोटूलाल लोधा निवासी घाटोली ने सूचना दी। उन्होंने बताया कि उनके पुत्र रामबिलास लोधा (25) का गोरधन पुत्र प्रभूलाल गुर्जर निवासी आसलपुर ने कथित तौर पर अपहरण कर लिया है। गोरधन उसे जबरन बाइक पर बैठाकर ले गया था। सूचना मिलते ही घाटोली थानाधिकारी अजय कुमार शर्मा के नेतृत्व में एक विशेष टीम का गठन किया गया। पुलिस ने संभावित ठिकानों पर दबिश दी और मुखबिर तंत्र व तकनीकी सहायता का उपयोग करते हुए तलाश शुरू की। कार्रवाई के दौरान, पुलिस ने रेलवे ब्रिज, आसलपुर क्षेत्र से रामबिलास लोधा को सकुशल बरामद कर लिया। पुलिस ने मौके से मुख्य आरोपी गोरधन को हिरासत में ले लिया और वारदात में इस्तेमाल की गई बाइक भी जब्त कर ली। पुलिस के अनुसार आरोपी के दो अन्य साथी संतराम और ईश्वर भी इस वारदात में शामिल थे, लेकिन पुलिस की भनक लगते ही वे मौके से फरार हो गए। पीड़ित रामबिलास लोधा ने अपनी रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि आरोपियों ने उसे डरा-धमकाकर 1 लाख 65 हजार रुपए का स्टाम्प पेपर भी जबरन लिखवा लिया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। फरार आरोपियों संतराम और ईश्वर की तलाश के लिए पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही है।
मंदसौर गोलीकांड की बरसी पर शनिवार को मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र में विभिन्न स्थानों पर श्रद्धांजलि सभाएं आयोजित की गईं। 6 जून 2017 को हुए किसान आंदोलन के दौरान गोलीकांड में मारे गए किसानों को नमन किया गया। इस अवसर पर दोषियों पर कार्रवाई, एमएसपी कानून और किसान हितों से जुड़े मुद्दों पर मांगें उठाई गईं। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बरखेड़ापंथ में किसान अभिषेक पाटीदार की प्रतिमा पर पुष्पांजलि अर्पित की और दो मिनट का मौन रखा। कांग्रेस ने इस दिन को काला दिवस के रूप में मनाया। कहा- बलिदान व्यर्थ नहीं जाने देंगेब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष विजेश मालेचा ने कहा कि किसान अपनी उपज के वाजिब दाम और अन्य मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे थे, जिसे तत्कालीन सरकार ने कुचलने का प्रयास किया। इसके परिणामस्वरूप छह किसानों की जान चली गई और दो किसान गंभीर रूप से घायल हुए। जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष अजहर हयात मेव ने कहा कि किसानों का बलिदान व्यर्थ नहीं जाने दिया जाएगा। पूर्व ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष अनिल शर्मा ने आरोप लगाया कि घटना की निष्पक्ष जांच नहीं हुई और दोषियों के खिलाफ कोई ठोस कार्रवाई नहीं की गई। चौपाटी पर श्रद्धांजलि सभा आयोजितवहीं, संयुक्त किसान मोर्चा ने बही पार्श्वनाथ चौपाटी पर श्रद्धांजलि सभा आयोजित की। इसमें वर्ष 2017 के किसान आंदोलन में मारे गए अभिषेक, पूनमचंद, चेनराम, सत्यनारायण, कन्हैयालाल और घनश्याम को श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। बड़ी संख्या में किसानों ने एकत्र होकर किसानों की तस्वीरों पर माल्यार्पण कर उन्हें श्रद्धांजलि दी। किसान नेता महेश व्यास ने कहा कि छह किसानों की मौत के मामले में आज तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि घटना की जांच के लिए गठित जैन आयोग की रिपोर्ट भी सार्वजनिक नहीं की गई। व्यास ने कहा कि भाजपा और कांग्रेस दोनों सरकारों के कार्यकाल में भी पीड़ित किसानों को न्याय नहीं मिल सका है। दोषियों के नाम सार्वजनिक करने की मांगश्रद्धांजलि सभा के दौरान किसानों ने राज्य और केंद्र सरकार से गोलीकांड के दोषियों के नाम सार्वजनिक कर उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की। साथ ही किसानों की विभिन्न समस्याओं और कृषि क्षेत्र से जुड़े मुद्दों पर भी चर्चा की गई। किसानों ने मांग रखी कि सभी फसलों पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) को कानूनी दर्जा दिया जाए तथा एमएसपी से कम मूल्य पर खरीद करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। इसके अलावा कर्जमाफी योजना से वंचित किसानों का कर्ज माफ करने, बकाया ऋण को शून्य घोषित कर पुनः ऋण उपलब्ध कराने, कृषि उपज मंडियों में आधार आधारित पहचान व्यवस्था लागू करने तथा नकली खाद और कृषि दवाओं की बिक्री पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई।
दौलतपुरा में ईंटों से टकराई तेज रफ्तार स्कॉर्पियो:एयरबैग खुलने से सवार सुरक्षित, बड़ा हादसा टला
डीडवाना के दौलतपुरा गांव के पास एक तेज रफ्तार स्कॉर्पियो बेकाबू होकर सड़क किनारे रखे ईंटों के ढेर से टकरा गई। इस हादसे में वाहन का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि, समय पर एयरबैग खुलने से गाड़ी में सवार लोगों की जान बच गई और कोई जनहानि नहीं हुई। जानकारी के अनुसार, स्कॉर्पियो सीकर से डीडवाना की ओर आ रही थी। दौलतपुरा गांव के समीप पहुंचते ही ड्राइवर ने वाहन पर नियंत्रण खो दिया, जिसके कारण स्कॉर्पियो सड़क किनारे रखी ईंटों से जा टकराई। टक्कर इतनी भीषण थी कि वाहन का अगला हिस्सा पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के समय वाहन में तीन से चार लोग सवार थे। टक्कर लगते ही स्कॉर्पियो के एयरबैग खुल गए, जिससे सवारों को गंभीर चोटें नहीं आईं। सभी लोग सुरक्षित रूप से वाहन से बाहर निकल आए। हादसे की तेज आवाज सुनकर आसपास के ग्रामीण और राहगीर तुरंत मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों ने तत्परता दिखाते हुए वाहन में सवार लोगों की मदद की और उन्हें सुरक्षित बाहर निकालने में सहायता की। प्रारंभिक जानकारी के मुताबिक, वाहन की गति काफी तेज थी, जिसके कारण ड्राइवर ने संतुलन खो दिया और यह दुर्घटना हुई। गनीमत रही कि इस हादसे में कोई हताहत नहीं हुआ। घटना के बाद मौके पर कुछ समय के लिए लोगों की भीड़ जमा रही। स्थानीय स्तर पर हादसे की जानकारी जुटाई गई है और दुर्घटना के कारणों की जांच की जा रही है। ग्रामीणों ने इस मार्ग पर वाहनों की तेज रफ्तार पर चिंता व्यक्त करते हुए ड्राइवरों से सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है।
गश्त पर पुलिस को देख कच्चे रूट पर उतारी कार:पीछा कर पकड़ा तो अफीम-पिस्टल हुई बरामद; 3 आरोपी गिरफ्तार
चित्तौड़गढ़ की मंगलवाड़ थाना पुलिस ने एक कार से 89.24 ग्राम अफीम, एक देसी पिस्टल और कारतूस बरामद किया। पुलिस को देख कार सवार भाग खड़े हुए। पुलिस ने पीछा कर 3 आरोपियों को पकड़ लिया। जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया- नशे के खिलाफ ऑपरेशन त्रिनेत्र चलाया जा रहा है। इसके तहत नशे की तस्करी या सप्लाई करने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। मंगलवाड़ थाना पुलिस शुक्रवार को क्षेत्र में गश्त कर रही थी। पुलिस की गाड़ी देख बदला रूट थाना इंचार्ज एसआई गोकुल लाल डांगी अपनी टीम के साथ डूंगला रोड पर मंगलवाड़ तालाब के पास मौजूद थे। इसी दौरान डूंगला की तरफ से नीले रंग की मारुति सुजुकी कार आती दिखाई दी। कार सवार लोगों ने सामने पुलिस की गाड़ी देखी तो उन्हें पकड़े जाने का डर लगा। वे मुख्य सड़क छोड़ मिर्चाखेड़ी की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर मुड़ गए। शक के आधार पर पुलिस टीम ने उनका पीछा करना शुरू किया। कुछ दूरी तक पीछा करने के बाद पुलिस ने घेराबंदी कर कार को रोक लिया। पूछताछ में ड्राइवर ने अपना नाम राकेश कुमार गोदारा (निवासी जालोर) बताया। उसके साथ कार में हितेश सालवी (निवासी भदेसर) और भोमाराम जाट (निवासी बालोतरा) थे। कार की तलाशी में निकला नशा-हथियार टीम ने कार की तलाशी ली तो 89.24 ग्राम अवैध अफीम बरामद हुई। इसके अलावा एक देशी पिस्टल और एक जिंदा कारतूस भी मिला। पुलिस ने मौके पर ही अफीम, हथियार और कार को जब्त कर लिया। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि आरोपी अफीम की तस्करी कर रहे थे। हथियार मिलने से मामला और गंभीर हो गया। पुलिस अब यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि अफीम कहां से लाई गई और इसे कहां पहुंचाया जाना था। तीनों आरोपियों को मौके पर ही गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ जारी है। कार्रवाई अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मुकुल शर्मा और डीएसपी देशराज कुलदीप के सुपरविजन में हुई।
सागर की मोतीनगर थाना पुलिस ने 16.45 ग्राम एमडी ड्रग्स के साथ दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक महिला शामिल है। थाने लाकर आरोपियों से ड्रग्स के संबंध में पूछताछ की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि एक व्यक्ति भोपाल रोड बस स्टैंड के पास अवैध एमडी ड्रग्स की बिक्री करने की फिराक में खड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गठित कर कार्रवाई के लिए रवाना की गई। पुलिस टीम ने घेराबंदी कर संदिग्ध व्यक्ति को पकड़ लिया। पूछताछ में उसने अपना नाम सौरभ उर्फ रॉबिन पिता ओमकार पांडेय उम्र 30 वर्ष निवासी तिरूपतिपुरम कॉलोनी सागर का होना बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 13.61 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स (मेफेड्रोन) बरामद की गई। जिसकी अनुमानित कीमत 60 हजार रुपए है। आरोपी सौरभ उर्फ रॉबिन पांडेय को गिरफ्तार कर थाने लाया गया। जहां आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच में लिया। ड्रग्स सप्लाई में शामिल एक आरोपी फरार पूछताछ के दौरान आरोपी से ड्रग्स के स्त्रोत की जानकारी निकाली गई। जिसमें उसने एक महिला का नाम बताया। जांच में मिले साक्ष्यों के आधार पर पुलिस ने शैलजा सोनी को पकड़ा। उसको प्रकरण में आरोपी बनाया है। महिला के कब्जे से 2.84 ग्राम अवैध एमडी ड्रग्स बरामद की गई। जिसकी अनुमानित कीमत 15 हजार रुपए है। मोतीनगर थाना प्रभारी जसवंत सिंह ने बताया कि प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि अवैध मादक पदार्थ की आपूर्ति और वितरण में अन्य व्यक्तियों की भी संलिप्तता है। प्रकरण का एक अन्य आरोपी फरार है। जिसकी तलाश के लिए पुलिस की विशेष टीम लगाई गई है। ड्रग्स का स्रोत, सप्लाई चैन, खरीद-बिक्री में शामिल व्यक्तियों और नेटवर्क की जांच की जा रही है।

