देवास शहर में बुधवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। यात्रा में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा, कलेक्टर ऋतुराज सिंह और एसपी पुनीत गेहलोत सहित बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, प्रशासनिक अधिकारी, वरिष्ठ नागरिक, सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी और शहरवासी शामिल हुए। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा खुद हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में चले। उनके साथ कलेक्टर और एसपी भी तिरंगा लेकर यात्रा का हिस्सा बने। स्कूलों से पहुंचे हजारों विद्यार्थियों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारों के साथ यात्रा में उत्साह बढ़ाया। हल्की बूंदाबांदी और फुहारों के बीच भी यात्रा का जोश बना रहा और पूरे शहर में देशभक्ति का माहौल नजर आया। उपमुख्यमंत्री ने हाथों में तिरंगा लेकर की सहभागिता तिरंगा यात्रा में उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा स्वयं हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। उनके साथ कलेक्टर ऋतुराज सिंह और एसपी पुनीत गेहलोत भी यात्रा में चलते नजर आए। प्रशासनिक अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों के साथ शहर के वरिष्ठ नागरिकों तथा सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारियों और सदस्यों ने भी तिरंगा लेकर यात्रा में भाग लिया। हजारों विद्यार्थियों ने बढ़ाया यात्रा का उत्साह तिरंगा यात्रा का सबसे प्रमुख आकर्षण स्कूलों से आए हजारों विद्यार्थी रहे। बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं हाथों में तिरंगा लेकर यात्रा में शामिल हुए। विद्यार्थी पूरे उत्साह के साथ देशभक्ति के नारे लगाते हुए आगे बढ़ रहे थे। विद्यार्थियों की बड़ी भागीदारी के कारण यात्रा का माहौल और भी उत्साहपूर्ण हो गया। भारत माता के जयकारों से गूंजा शहर यात्रा के दौरान शहर की सड़कों पर लगातार देशभक्ति के नारे गूंजते रहे। विद्यार्थियों और यात्रा में शामिल लोगों ने ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘जय हिंद’ के नारे लगाए। तिरंगे लेकर आगे बढ़ते लोगों और गूंजते जयकारों से पूरे मार्ग पर देशभक्ति का माहौल बना रहा। शहर के अलग-अलग मार्गों से गुजरी यात्रा तिरंगा यात्रा देवास शहर के विभिन्न मार्गों से होकर गुजरी। यात्रा के मार्ग में जगह-जगह शहरवासियों ने इसका स्वागत किया। सड़क के दोनों ओर खड़े लोगों ने उत्साह के साथ तिरंगा यात्रा का अभिनंदन किया और यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह बढ़ाया। बारिश की फुहारों के बीच भी नहीं थमा उत्साह यात्रा के दौरान मौसम में बदलाव देखने को मिला और हल्की बूंदाबांदी तथा फुहारें भी हुईं। इसके बावजूद यात्रा में शामिल लोगों का उत्साह कम नहीं हुआ। बारिश के बीच भी हाथों में तिरंगे लेकर लोग आगे बढ़ते रहे। तिरंगों की लहर और देशभक्ति के नारों से शहर का माहौल उत्साह से भर गया। सामाजिक संस्थाओं और वरिष्ठ नागरिकों ने भी लिया हिस्सा तिरंगा यात्रा में केवल विद्यार्थी और सरकारी अधिकारी ही शामिल नहीं हुए, बल्कि शहर के वरिष्ठ नागरिक और विभिन्न सामाजिक संस्थाओं के पदाधिकारी व सदस्य भी बड़ी संख्या में पहुंचे। सभी ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर देश की एकता और अखंडता के प्रति अपनी प्रतिबद्धता जताई। जनप्रतिनिधियों और अधिकारियों की रही भागीदारी यात्रा में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधियों और प्रशासनिक अधिकारियों ने भी हिस्सा लिया। उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा के साथ कलेक्टर ऋतुराज सिंह और एसपी पुनीत गेहलोत की मौजूदगी ने यात्रा को विशेष रूप दिया। अधिकारियों ने भी आम लोगों और विद्यार्थियों के साथ कदम से कदम मिलाकर यात्रा में सहभागिता की। देश की एकता और अखंडता का दिया संदेश तिरंगा यात्रा का मुख्य उद्देश्य देश की एकता, अखंडता और राष्ट्रप्रेम का संदेश लोगों तक पहुंचाना रहा। यात्रा में शामिल लोगों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश के प्रति प्रेम का संदेश दिया। बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी ने आयोजन को खास बना दिया। युवाओं की भागीदारी से बढ़ा आयोजन का उत्साह यात्रा में युवाओं और विद्यार्थियों की बड़ी संख्या में भागीदारी रही। हाथों में तिरंगा लेकर आगे बढ़ते विद्यार्थी लगातार देशभक्ति के नारे लगा रहे थे। उनकी उत्साहपूर्ण भागीदारी के कारण पूरे यात्रा मार्ग पर जोश और उमंग का माहौल बना रहा। तिरंगों से नजर आया देशभक्ति का रंग बारिश की फुहारों के बावजूद तिरंगे लगातार लहराते रहे। शहर के अलग-अलग हिस्सों से गुजरती यात्रा में बड़ी संख्या में लोग राष्ट्रीय ध्वज लेकर शामिल हुए। तिरंगों और देशभक्ति के नारों से देवास शहर में राष्ट्रप्रेम का माहौल नजर आया। बड़ी संख्या में युवाओं, विद्यार्थियों, जनप्रतिनिधियों, अधिकारियों और आम लोगों की मौजूदगी के साथ तिरंगा यात्रा सफलतापूर्वक संपन्न हुई।
वैष्णो देवी जाने वालों के लिए खुशखबरी! बैटरी कार मार्ग खुला, हेलीकॉप्टर सेवा पर अब भी बादलों का पहरा
मौसम में सुधार के बाद श्री माता वैष्णो देवी का महत्वपूर्ण बैटरी कार मार्ग श्रद्धालुओं के लिए फिर से खोल दिया गया है, जिससे यात्रा सुचारु हो गई है। हालांकि, त्रिकूट पर्वत पर बादलों के कारण हेलीकॉप्टर सेवा प्रभावित हो रही है।
भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य और 2.20 करोड़ रुपए के इनामी मिसिर बेसरा सहित तीन हार्डकोर नक्सलियों की 14 दिन की पुलिस रिमांड पूरी हो गई है। रिमांड अवधि समाप्त होने के बाद बुधवार को तीनों को कड़ी सुरक्षा के बीच रांची से धनबाद लाया गया। यहां सदर अस्पताल में उनकी मेडिकल जांच कराई गई, जिसके बाद उन्हें न्यायिक हिरासत में जेल भेजने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई। पुलिस रिमांड मिलने के बाद 31 जुलाई को इन तीनों नक्सलियों को कड़ी सुरक्षा के बीच रांची ले जाया गया था। वहां लगभग 11 दिनों तक विभिन्न केंद्रीय और राज्य जांच एजेंसियों ने उनसे गहन पूछताछ की। इस दौरान राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA), इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) और झारखंड पुलिस के अधिकारियों ने माओवादी संगठन के नेटवर्क, फंडिंग, हथियारों की आपूर्ति और संगठन से जुड़े सहयोगियों के संबंध में महत्वपूर्ण जानकारी जुटाने का प्रयास किया। धनबाद लाए गए नक्सलियों में भाकपा माओवादी के पोलित ब्यूरो सदस्य मिसिर बेसरा उर्फ सागर उर्फ भास्कर उर्फ सुनिर्मल शामिल है, जिस पर 2.20 करोड़ रुपए का इनाम घोषित है। इनके अलावा 15 लाख रुपए के इनामी मेहनत उर्फ मोछू उर्फ विभीषण और गौरव उर्फ वीरेंद्र हांसदा उर्फ सौरभ भी शामिल हैं। मेडिकल जांच पूरी होने और न्यायिक प्रक्रिया के बाद तीनों को जेल भेज दिया गया है। 14 दिनों की पूछताछ के दौरान जांच एजेंसियों को मिली जानकारियों के आधार पर आगे की कार्रवाई की उम्मीद है। धनबाद पुलिस इस पूरी कार्रवाई के दौरान पूरी तरह सतर्क दिखी।
प्रतापगढ़ के प्राथमिक विद्यालय पट्टी प्रथम में बुधवार सुबह संदिग्ध खाद्य पदार्थ खाने से कक्षा तीन के चार छात्रों की तबीयत बिगड़ गई। इनमें से तीन छात्रों को जिला अस्पताल रेफर किया गया है, जबकि एक का स्थानीय स्तर पर इलाज चल रहा है। घटना के बाद विद्यालय में हड़कंप मच गया। बच्चों को उल्टी और बेचैनी की शिकायत होने पर विद्यालय के शिक्षकों ने तत्काल उन्हें अस्पताल पहुंचाया। चिकित्सकों ने आर्यन, मयंक और प्रिंस की गंभीर हालत देखते हुए उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आदर्श नामक छात्र का उपचार स्थानीय अस्पताल में किया गया। बताया जा रहा है कि बुधवार सुबह पढ़ाई के दौरान एक छात्र अपने घर से कुछ खाद्य पदार्थ लेकर आया था। उसने यह पदार्थ अपने साथ पढ़ने वाले अन्य बच्चों के साथ साझा किया। इसे खाने के कुछ समय बाद ही चारों बच्चों की तबीयत अचानक खराब होने लगी। बच्चों को जिला अस्पताल भेजे जाने की सूचना मिलते ही उनके परिजन भी वहां पहुंच गए। परिजन बच्चों की हालत को लेकर चिंतित दिखे और चिकित्सकों से लगातार जानकारी लेते रहे। घटना की सूचना मिलने के बाद अधिकारियों ने मामले की जांच शुरू कर दी है। एबीएसए गुलाब ने बताया कि बच्चों द्वारा खाए गए खाद्य पदार्थ के संबंध में जानकारी जुटाई जा रही है। यह पता लगाया जा रहा है कि बच्चों की तबीयत संदिग्ध खाद्य पदार्थ खाने से बिगड़ी या इसके पीछे कोई अन्य वजह है। अधिकारी विद्यालय प्रशासन और बच्चों के परिजनों से भी जानकारी ले रहे हैं। वास्तविक कारण जांच के बाद ही स्पष्ट हो सकेगा।
जगराओं में बुधवार को गांव अखाड़ा के लोगों ने एसएसपी दफ्तर के बाहर धरना देकर पुलिस प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि शिकायतें देने के बावजूद पुलिस आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं कर रही और उन्हें समझौता करने के लिए दबाव बनाया जा रहा है। उन्होंने मामले में निष्पक्ष जांच और इंसाफ की मांग की। गांव अखाड़ा निवासी करनैल सिंह पुत्र चरण सिंह ने बताया कि 10 जून 2026 को कुछ लोगों ने लाठी-डंडों और किरपानों से उनके घर पर हमला किया था। उनका आरोप है कि हमलावरों ने उनके साथ मारपीट की और किरपान से वार भी किया। जान बचाने के लिए उन्हें वहां से भागना पड़ा और बाद में उन्होंने सरकारी अस्पताल जगराओं में उपचार करवाया। करनैल सिंह ने आरोप लगाया कि जब वह अस्पताल में भर्ती थे, तब आरोपियों ने उनके घर का गेट काटकर मकान पर कब्जा कर लिया। उन्होंने घर में रखा सामान, गेहूं और भूसा उठाने या नुकसान पहुंचाने का भी आरोप लगाया। साथ ही उनके मवेशियों के गायब होने की बात भी कही। पीड़ित बोला- कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई पीड़ित का कहना है कि उन्होंने थाना सदर जगराओं में शिकायत दर्ज कराई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। बाद में उन्हें वरिष्ठ अधिकारियों के पास भेजा गया, जहां भी कार्रवाई के बजाय समझौते का दबाव बनाया जाता रहा। उन्होंने 4 जनवरी 2025 की एक पुरानी घटना का भी जिक्र किया, जिसमें कथित तौर पर उनके साथ मारपीट और मकान पर कब्जे की कोशिश की गई थी। धरने की अगुवाई कर रहे सीटू नेता गुरप्रीत सिंह ने चेतावनी दी कि यदि 15 अगस्त तक इंसाफ नहीं मिला तो स्वतंत्रता दिवस के दिन एसएसपी दफ्तर के बाहर विशाल धरना लगाया जाएगा। वहीं, एसएसपी डॉ. अंकुर गुप्ता ने कहा कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाएगी। उन्होंने कहा कि जो भी व्यक्ति अपराध में शामिल पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वर्तमान में वह मुख्यमंत्री की ड्यूटी में व्यस्त हैं और ड्यूटी समाप्त होने के बाद स्वयं मामले की समीक्षा करेंगे।
ट्रेन में सफर कर रही एक महिला यात्री के सीट के नीचे रखा ट्रॉली बैग अज्ञात चोरों ने पार कर दिया। बैग में दो सोने की चूड़ियां और एक सोने का ब्रेसलेट (कुल वजन करीब 4 तोला) तथा कपड़े रखे हुए थे। चुराए गए 4 तोले सोने के जेवरात की बाजार में वर्तमान कीमत करीब 5.50 लाख से 6 लाख रुपये के आसपास है। हालांकि पुलिस रिकॉर्ड में फरियादिया के अनुसार इसकी अनुमानित कीमत 95 हजार रुपए दर्ज की गई है। जोधपुर जीआरपी थाने में दर्ज जीरो एफआईआर की केस डायरी डाक द्वारा प्राप्त होने के बाद जीआरपी पुलिस थाना गुना ने असल अपराध कायम कर जांच शुरू कर दी है। मिली जानकारी के अनुसार मध्य प्रदेश के शहडोल जिले की शर्मा कॉलोनी निवासी दुर्गेश नंदी पत्नी अभिषेक (27 ) बीते दिन शहडोल से ट्रेन क्रमांक 18573 (विशाखापट्टनम-भगत की कोठी एक्सप्रेस) के कोच B-2 की सीट नंबर 5 पर यात्रा कर रही थीं। ट्रेन रात करीब 10 बजे रवाना हुई थी और महिला अपना ट्रॉली बैग सीट के नीचे रखकर सो गई थीं। अगले दिन 10 जुलाई की सुबह करीब 7 बजे जब उनकी नींद खुली, तो सीट के नीचे रखा ट्रॉली बैग गायब मिला। बैग में दो तोले वजन की दो सोने की चूड़ियां, दो तोले का एक सोने का ब्रेसलेट, जींस, टी-शर्ट, लेडीज चूड़ी और क्रीम आदि सामान रखा था। गुना की सीमा में चोरी की वारदात हुई। महिला यात्री ने घटना की तुरंत ऑनलाइन शिकायत दर्ज कराई और जोधपुर जीआरपी थाने पहुंचकर रिपोर्ट दी। जीआरपी जोधपुर में प्रारंभिक जांच के बाद घटना स्थल जीआरपी थाना गुना क्षेत्र का पाए जाने पर मामला धारा 305(2) बीएनएस के तहत जीरो पर कायम कर डायरी जीआरपी गुना भेजी गई। जीआरपी थाना गुना ने मामला दर्ज कर अज्ञात चोर की तलाश शुरू कर दी है।
श्योपुर में मानपुर से सोंईकलां पहुंचा चीता भीड़ और शोर से डरकर बार-बार रास्ता बदल रहा। 3 दिन से शिकार नहीं किया।
मेरठ के टीपीनगर थाना क्षेत्र के मुल्ताननगर निवासी मन्नू नामक कांवड़िया हरिद्वार से डाक कांवड़ लेकर लौटते समय संदिग्ध परिस्थितियों में लापता हो गया है। वह 23 कांवड़ियों के जत्थे के साथ था। जल उठाने के बाद ज्वालापुर में वह अपने जत्थे से बिछड़ गया। बुधवार को परिजन उसकी तलाश में उत्तराखंड पहुंचे और ज्वालापुर थाने में गुमशुदगी की तहरीर दी। मन्नू 9 अगस्त को अपने मोहल्ले के 23 अन्य कांवड़ियों के साथ बाइक से हरिद्वार के लिए रवाना हुआ था। 10 अगस्त को सभी ने हरिद्वार से गंगाजल उठाया और डाक कांवड़ लेकर मेरठ के लिए वापसी शुरू की। परिजनों के अनुसार, मन्नू की बाइक उसके एक साथी कांवड़िए के पास थी, जबकि उसका मोबाइल साथ चल रही गाड़ी में रखा था। ज्वालापुर पहुंचने के दौरान मन्नू किसी तरह अपने जत्थे से पीछे छूट गया। जत्थे से अलग होने के बाद उसने सोनीपत के एक कांवड़िए से फोन लेकर अपने दुकान मालिक 'त्यागी ज्वेलर्स' से संपर्क करने का प्रयास किया। फोन दुकान पर मौजूद कर्मचारी ने उठाया, लेकिन मालिक के अनुपस्थित होने के कारण मन्नू उनसे बात नहीं कर सका। इसके बाद से मन्नू से कोई संपर्क नहीं हो पाया है। लगभग 24 घंटे बीत जाने के बाद भी उसका पता न चलने पर परिवार में हड़कंप मच गया। परिजन उत्तराखंड के ज्वालापुर पहुंचे और पुलिस को पूरी जानकारी देते हुए गुमशुदगी की तहरीर दी। परिवार का आरोप है कि पुलिस ने अभी तक गंभीरता से तलाश शुरू नहीं की है और आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी नहीं खंगाली गई है। परिजन लगातार मन्नू की तलाश कर रहे हैं। जत्थे के बीच से अचानक कांवड़िए के लापता होने से परिवार चिंतित है।
एटा स्थित होटल वीआर प्लाजा में 5 अगस्त को बेटी का जन्मदिन मनाने पहुंचा एक परिवार लिफ्ट में फंस गया था। घटना को लेकर परिवार और होटल प्रबंधन के दावों में बड़ा अंतर सामने आया है। परिवार के सदस्य चंचल लोधी का आरोप है कि लिफ्ट अचानक बंद होने के बाद महिलाएं और बच्चे समेत परिवार के लोग करीब आधे घंटे तक अंदर फंसे रहे। वहीं, होटल संचालिका कृतज्ञ मणि यादव ने 9 मिनट 32 सेकेंड का CCTV फुटेज जारी कर दावा किया है कि परिवार के 13 लोग करीब 7 मिनट तक लिफ्ट में रहे और गार्ड की मदद से सभी को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। होटल संचालिका का कहना है कि लिफ्ट की क्षमता सिर्फ सात लोगों की थी और इससे ज्यादा लोगों के सवार होने के बारे में गार्ड ने पहले ही समझाया था। बेटी का जन्मदिन मनाने परिवार पहुंचा था होटल एटा शहर के रेलवे रोड निवासी चंचल लोधी 5 अगस्त को अपनी बेटी का 5वां जन्मदिन मनाने परिवार और दोस्तों के साथ होटल वीआर प्लाजा पहुंचे थे। परिवार ने होटल की रूफटॉप पर पार्टी की तैयारी की थी। इसके लिए सभी ग्राउंड फ्लोर से लिफ्ट के जरिए ऊपर जाने लगे। चंचल के मुताबिक, जैसे ही लिफ्ट ऊपर जाने लगी, अचानक उसमें खराबी आ गई। उनका आरोप है कि लिफ्ट कभी ऊपर तो कभी नीचे जाने लगी और फिर अचानक बंद हो गई। इसके बाद लिफ्ट के अंदर अंधेरा हो गया। महिलाएं और बच्चे भी अंदर थे, जिससे परिवार में घबराहट फैल गई। अलार्म बजाया, चीख-पुकार मची परिवार के मुताबिक, लिफ्ट में फंसने के बाद उन्होंने इमरजेंसी अलार्म बजाया और मदद के लिए आवाज लगाई। चंचल का आरोप है कि काफी देर बाद होटल का एक बुजुर्ग गार्ड वहां पहुंचा। उसने चाबी से लिफ्ट खोलने की कोशिश की, लेकिन दरवाजा नहीं खुला। इसके बाद लिफ्ट की लाइट बंद की गई और काफी मशक्कत के बाद लोगों को बाहर निकाला जा सका। चंचल का कहना है कि इस दौरान होटल का मैनेजर या संचालक मौके पर नजर नहीं आया। परिवार ने होटल में इमरजेंसी के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं होने का भी आरोप लगाया है। परिवार के अनुसार लिफ्ट में चंचल लोधी, वेदप्रकाश, पुष्पेंद्र, दो बच्चे आयुष और श्रेया, किरण, आरती और सीमा समेत अन्य लोग मौजूद थे। होटल संचालिका ने कहा- 13 लोग थे, सिर्फ 7 मिनट फंसे मामले में अब होटल संचालिका कृतज्ञ मणि यादव का पक्ष भी सामने आया है। उन्होंने आगरा से वीडियो बयान जारी करने के साथ घटना का 9 मिनट 32 सेकेंड का CCTV फुटेज भी जारी किया है। होटल संचालिका का दावा है कि परिवार के 13 लोग लिफ्ट में सवार हुए थे, जबकि लिफ्ट की क्षमता केवल सात लोगों की है। उनका कहना है कि लिफ्ट पर क्षमता से ज्यादा लोगों के सवार होने से खतरा हो सकता है और इस संबंध में नोटिस भी लगाया गया है। संचालिका के अनुसार, मौके पर मौजूद चौकीदार ने परिवार को ज्यादा लोगों के लिफ्ट में जाने से समझाया भी था। उनका दावा है कि अधिक वजन के कारण लिफ्ट ऊपर-नीचे होने लगी और रुक गई। सूचना मिलते ही सहायता पहुंचाई गई, लिफ्ट की लाइट बंद कर लॉक खोला गया और सभी लोगों को बाहर निकाल लिया गया।
रायपुर के हिदायतुल्लाह राष्ट्रीय विधि विश्वविद्यालय (HNLU) में 'आदिवासी समुदायों के लिए न्याय तक पहुंच' विषय पर राष्ट्रीय कार्यशाला आयोजित हुई। इसमें कानूनी हस्तियों ने आदिवासियों के संवैधानिक अधिकारों, वन अधिकार अधिनियम और ग्राम सभा की भूमिका पर चर्चा की। कुलपति प्रो. विवेकानंदन ने एआइ और लीगल हेल्थ क्लीनिक के माध्यम से आदिवासी क्षेत्रों में कानूनी जागरूकता फैलाने का सुझाव दिया। साथ ही शोध पत्रिका 'अरण्यका' का विमोचन हुआ।
शिव आराधना का प्रमुख पर्व श्रावण मास इस बार पंचांगों के अंतर के कारण अलग-अलग तिथियों से शुरू हो रहा है। जहां मेवाड़ में श्रावण मास 30 जुलाई से प्रारंभ हो चुका है, वहीं डूंगरपुर-बांसवाड़ा सहित वागड़ क्षेत्र में यह 13 अगस्त से शुरू होगा। इसका मुख्य कारण उत्तर भारत में प्रचलित पूर्णिमांत पंचांग और वागड़ सहित दक्षिण-पश्चिम भारत में प्रचलित अमावस्यांत पंचांग के अनुसार मास की गणना है, जिसके चलते दोनों परंपराओं में श्रावण के आरंभ में लगभग 15 दिन का अंतर रहता है। श्रावण मास के अवसर पर जिलेभर के प्रसिद्ध शिव मंदिरों में विशेष अनुष्ठानों का आयोजन किया जाएगा। 13 अगस्त से डूंगरपुर जिले के बेणेश्वर धाम, देवसोमनाथ महादेव मंदिर, भुवनेश्वर शिवालय और कटकेश्वर महादेव मंदिर सहित कई शिवालयों में भक्तों की भीड़ उमड़ेगी। शहर के नया महादेव मंदिर में अनुष्ठानों के साथ नाव मनोरथ का भी आयोजन किया जा रहा है। पंडित संजय पंड्या शास्त्री ने बताया कि श्रावण मास भगवान शिव का अत्यंत प्रिय मास माना गया है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार माता पार्वती ने इसी अवधि में भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। समुद्र मंथन से निकले विष को भगवान शिव ने ग्रहण कर सृष्टि की रक्षा की थी, जिसके बाद देवताओं ने उनका जल से अभिषेक किया था। इसी परंपरा के कारण श्रावण में शिवलिंग पर जल, दूध और बिल्वपत्र अर्पित करने का विशेष महत्व है। पंडित संजय पंड्या ने यह भी बताया कि श्रावण में भगवान शिव के साथ माता पार्वती, गणेश, कार्तिकेय और नंदी की पूजा का भी विधान है। सोमवार को भगवान शिव की आराधना विशेष फलदायी मानी जाती है, और श्रावण की शिवरात्रि को भी विशेष महत्व दिया जाता है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, शिव अभिषेक के लिए पंचामृत, दूध, जल, बिल्वपत्र, शमी पत्र, धतूरा, कुश और कमल आदि अर्पित करने चाहिए। पार्थिव शिवलिंग का पूजन भी श्रावण में विशेष माना गया है। जल, आकाश, अग्नि, वायु, पृथ्वी, सूर्य, चंद्रमा और यजमान से जुड़ी शिव की आठ मूर्तियों की आराधना आध्यात्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है।
विवाद में घर पर हमला, 5 लोगों पर केस दर्ज:पथराव करने और बाइक तोड़ने का लगाया आरोप, वीडियो आया सामने
श्रावस्ती के हरदत्तनगर गिरंट थाना क्षेत्र के बादलपुरवा गांव में पुराने विवाद को लेकर एक घर पर हमला, पथराव और बाइक तोड़फोड़ का मामला सामने आया है। बुधवार को 12:00 बजे के बाद पुलिस विभाग से जानकारी मिली की पीड़ित निजाम खान की शिकायत पर पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ मारपीट और धमकी सहित विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस घटना से जुड़ा मारपीट का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। निजाम खान ने पुलिस को दी अपनी तहरीर में बताया था कि बीते 3 अगस्त को सुबह करीब 11 बजे वह अपने घर के पास मौजूद थे। इसी दौरान गांव के नफीस खान, सगीर, गुलजार, शकील खान और सद्दाम खान ने उन्हें घेर लिया और गाली-गलौज की। जब निजाम खान ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ कथित तौर पर मारपीट भी की। पीड़ित निजाम खान का आरोप है कि इस घटना के बाद आरोपी उनके घर भी पहुंचे। उन्होंने घर पर पथराव किया, घर में मौजूद महिलाओं के साथ अभद्रता की और तोड़फोड़ की। निजाम खान ने यह भी बताया कि घर के बाहर खड़ी बाइक को भी क्षतिग्रस्त कर दिया गया। रंजिश के चलते किया हमला पीड़ित पक्ष के अनुसार, इस विवाद की जड़ भूमि को लेकर है, जो निजाम खान के मामा वकील और गांव निवासी गुलजार के बीच चल रहा है। कुछ दिन पहले वकील के बेटे वसीम के साथ चौराहे से लौटते समय रास्ते में खड़े कुछ लोगों से हटने को लेकर कहासुनी और गाली-गलौज हुई थी। इसके बाद वकील ने थाने में शिकायत दर्ज कराकर कार्रवाई की मांग की थी। आरोप है कि इसी पुरानी रंजिश के चलते आरोपियों ने उनके परिवार को निशाना बनाया, जबकि उनका इस विवाद से कोई सीधा संबंध नहीं था। हरदत्तनगर गिरंट पुलिस ने पुष्टि की है कि निजाम खान की तहरीर पर नफीस खान, गुलजार, सगीर, शकील खान और सद्दाम खान के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले की जांच जारी है और जांच के निष्कर्षों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
बागपत के अमीनगर सराय नगर पंचायत में बुधवार को तिरंगा यात्रा निकाली गई। नगर पंचायत अध्यक्ष सुनीता मलिक के नेतृत्व में निकली यात्रा में सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। यात्रा मुख्य बाजार से होते हुए नगर पंचायत कार्यालय पहुंची, जहां इसका समापन हुआ। विधायक योगेश धामा भी यात्रा में हुए शामिल तिरंगा यात्रा में भाजपा विधायक योगेश धामा भी शामिल हुए। यात्रा के दौरान लोगों ने हाथों में तिरंगा लेकर देशभक्ति के नारे लगाए। डीजे पर बज रहे देशभक्ति गीतों पर लोग झूमते नजर आए। पूरे रास्ते देशभक्ति का माहौल बना रहा। मुस्लिम समाज के लोगों ने भी लिया हिस्सा यात्रा में मुस्लिम समाज के लोगों की भी बड़ी संख्या में भागीदारी रही। विधायक योगेश धामा ने कहा कि अमीनगर सराय में आयोजित तिरंगा यात्रा जनपद के अलग-अलग ब्लॉक और क्षेत्रों में हो रही यात्राओं का हिस्सा है। उन्होंने कहा कि नगर पंचायत में कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। विधायक ने कहा कि यात्रा में मुस्लिम समुदाय के बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। उनके अनुसार, इनमें कई लोग भाजपा की विचारधारा से जुड़े हुए हैं। तिरंगा यात्रा में अनिल मलिक (चेयरमैन पति), शशांक मलिक, महेश शर्मा (सभासद), मुकेश प्रजापति, जितेंद्र, रियासत, आबिद, संजय पालीवाल, विकास जैन, सोनवीर पांचाल, शीलचंद शर्मा, अश्वनी गोयल, सलीम और अलाउद्दीन समेत कई लोग मौजूद रहे।
कलेक्टर और एसएसपी ने हाथों में थामा तिरंगा: देशभक्ति के नारों से गूंजी बिलासपुर की सड़कें
स्वतंत्रता दिवस से पहले बिलासपुर में कलेक्टर और एसएसपी की अगुवाई में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। पुलिस ग्राउंड से अग्रसेन चौक तक निकली इस रैली में 700 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लेकर शहरवासियों को राष्ट्रभक्ति का संदेश दिया।
उत्तर-पश्चिम बंगाल की खाड़ी में निम्न दबाव क्षेत्र बनने से ओडिशा में 17 अगस्त तक भारी बारिश का अलर्ट जारी किया गया है।
पन्ना पुलिस ने साइबर ठगी करने वाले एक अंतरराज्यीय गिरोह के दो ठगों को गिरफ्तार किया है। मामला देवेन्द्रनगर थाना क्षेत्र का है जहां एक व्यापारी से नारियल सप्लाई के नाम पर 7.50 लाख रुपए की धोखाधड़ी हुई। आरोपियों को 11 अगस्त को उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से पकड़ा गया है। नकली दस्तावेजों और फर्जी ट्रक नंबरों से फंसाया थाना प्रभारी संतोष सिंह यादव ने बताया कि यह गिरोह जस्ट डायल और व्यापारिक व्हाट्सएप ग्रुपों के माध्यम से बड़े कारोबारियों की जानकारी जुटाता था। आरोपी फर्जी फर्म बनाकर, नकली दस्तावेजों और ट्रक के फर्जी नंबरों का उपयोग करके व्यापारियों का विश्वास जीतते थे। 1,100 रुपए नकद और तीन मोबाइल फोन बरामद देवेन्द्रनगर के व्यवसायी भागवत प्रसाद विश्वकर्मा से 25 टन नारियल सप्लाई करने का सौदा किया गया था। आरोपियों ने उन्हें झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में 7.50 लाख रुपये जमा करवाए। पैसे मिलने के बाद आरोपियों ने अपने फोन बंद कर दिए। व्यापारी की शिकायत पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। साइबर सेल की मदद से तकनीकी सुरागों के आधार पर पुलिस ने पहले अमित राजपूत और राम सिंह नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनसे पूछताछ और कॉल डिटेल खंगालने के बाद गाजियाबाद के विजयनगर में और दो आरोपियों का पता लगा। इसके बाद पुलिस टीम ने दबिश देकर शिवम श्रीवास्तव और शिवोम सिंह उर्फ शिवम ठाकुर को गिरफ्तार किया। दोनों उत्तर प्रदेश के फर्रूखाबाद के निवासी है। आरोपियों के पास 1,100 रुपए नकद और ठगी में इस्तेमाल किए गए तीन मोबाइल फोन बरामद हुए हैं। इससे पहले पकड़े गए आरोपियों के पास 4.95 लाख रुपये नकद और तीन मोबाइल फोन जब्त किए गए थे।
मुख्यमंत्री सुखविन्द्र सिंह सुक्खू ने हिमाचल में पेट्रोल-डीजल पर लगाए गए सेस का उद्देश्य स्पष्ट किया है। उन्होंने बताया कि पड़ोसी राज्यों से दरें अब भी कम हैं।
खलीलाबाद कोतवाली थाना क्षेत्र के हनुमानगढ़ी स्थित सराफा मार्केट के एक ज्वेलर ने दो कारीगरों पर लगभग 300 ग्राम पक्का सोना लेकर फरार होने का आरोप लगाया है। ज्वेलर ने पुलिस से आरोपितों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई करने और सोना वापस दिलाने की मांग की है। कोतवाली में दी गई तहरीर के अनुसार, हनुमानगढ़ी सराफा मार्केट निवासी गंगालाल सोनी पुत्र नरेंद्र कुमार ने बताया कि गांधीनगर मोहल्ले के दो कारीगर पहले हनुमानगढ़ी सराफा मार्केट में दुकान चलाते थे। वर्तमान में वे अपने निजी मकान में सोने की कारीगरी का काम करते हैं। गंगालाल सोनी पिछले डेढ़ वर्ष से इन कारीगरों को जेवर बनाने के लिए पक्का सोना देते रहे हैं। दोनों के फोन बंद आ रहे कुछ दिन पहले उन्होंने इन दोनों कारीगरों को लगभग 300 ग्राम पक्का सोना जेवर बनाने के लिए दिया था। गत छह अगस्त को गंगालाल सोनी को जानकारी मिली कि ये दोनों कारीगर सोना लेकर फरार हो गए हैं। इसके बाद उन्होंने उनकी तलाश शुरू की। वह अपने परिचित के साथ उनके गांधीनगर स्थित घर पहुंचे, जहां उन्हें दो अन्य लोग मिले, जिन्होंने बताया कि वे भी इन कारीगरों की तलाश कर रहे हैं। घर के बाहर से आवाज लगाने पर एक महिला बाहर आई, जिसने कारीगरों के बारे में पूछने पर अपशब्द कहे और वहां से जाने को कहा। संपर्क करने पर दोनों कारीगरों के मोबाइल नंबर बंद मिले। इस संबंध में कोतवाल प्रभारी जय प्रकाश दुबे ने बताया कि मामला संज्ञान में आया है और इसकी जांच की जा रही है। व्यापारियों ने दिया था सोना आरोप है कि केवल गंगालाल सोनी ही नहीं, बल्कि अलग-अलग जनपदों के अन्य व्यापारियों ने भी आभूषण बनवाने के लिए अपना सोना इन कारीगरों के पास जमा किया था। इसमें गंगालाल सोनी का लगभग 250 ग्राम, सुरेश वर्मा का 50 ग्राम, रमाकांत यादव का लगभग 250 ग्राम, पंकज स्वर्णकार का 140 ग्राम और संजय स्वर्णकार का 25 ग्राम सोना शामिल था। पीड़ित के अनुसार, सभी को मिलाकर लगभग 915 ग्राम 24 कैरेट शुद्ध सोना कारीगरी की डेस्क में रखा हुआ था।
सिद्धार्थनगर में मानसून की रफ्तार अचानक थम गई है। सावन का महीना होने के बावजूद पिछले चार-पांच दिनों से बारिश नहीं हुई है। इससे धान के खेतों में जमा पानी तेजी से सूख रहा है और किसानों की चिंता बढ़ गई है। बुधवार दोपहर 12 बजे तक अधिकतम तापमान करीब 36 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। पिछले कई दिनों से तापमान 34 से 36 डिग्री के बीच बना हुआ है। तेज धूप और हवा में नमी के कारण उमस भी बढ़ी हुई है। शुरुआत में अच्छी बारिश से समय पर हुई थी धान की रोपाई मानसून की शुरुआत में अच्छी बारिश होने से किसानों ने समय पर धान की रोपाई पूरी कर ली थी। शुरुआती बारिश के बाद खेतों में पर्याप्त पानी जमा हो गया था। इससे धान की फसल को अच्छी शुरुआत मिली और किसानों को बेहतर पैदावार की उम्मीद जगी थी। हालांकि, पिछले चार-पांच दिनों से बारिश नहीं होने के कारण खेतों की नमी तेजी से कम हो रही है। निचले इलाकों को छोड़कर अधिकांश खेतों में पानी लगभग खत्म होने की स्थिति में पहुंच गया है। बारिश नहीं हुई तो पीली पड़ सकती है धान की फसल किसानों का कहना है कि यदि अगले कुछ दिनों तक अच्छी बारिश नहीं हुई तो धान के पौधे पीले पड़ने लगेंगे और उनकी बढ़वार प्रभावित होगी। इसका सीधा असर उत्पादन पर पड़ सकता है। किसानों को फसल बचाने के लिए डीजल पंप और ट्यूबवेल से सिंचाई करनी पड़ेगी, जिससे खेती की लागत बढ़ जाएगी। नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बारिश की कमी का असर जिले की नदियों के जलस्तर पर भी दिखाई दे रहा है। ड्रेनेज खंड सिद्धार्थनगर की 12 अगस्त की दैनिक गेज रिपोर्ट के अनुसार जिले की सभी प्रमुख नदियां खतरे के निशान से काफी नीचे बह रही हैं। बानगंगा बैराज पर जलस्तर खतरे के निशान से 4.22 मीटर नीचे है और नदी स्थिर है। राप्ती नदी बांसी पुल पर 3.37 मीटर, परसोहन घाट पर 5.72 मीटर, बूढ़ी राप्ती मुंहचोरवा घाट पर 4.23 मीटर और ककरही पुल पर 5.31 मीटर नीचे बह रही है। कूड़ा नदी आलमनगर पर 3.50 मीटर और उसका रेलवे पुल पर 4.83 मीटर, घोघी नदी लोटन पुल पर 3.70 मीटर, तेलार नाला 5 मीटर तथा जमुआर नाला नौगढ़ पुल पर 3.66 मीटर खतरे के निशान से नीचे है। अधिकांश गेज स्टेशनों पर जलस्तर स्थिर है या धीरे-धीरे घट रहा है। फिलहाल जिले में बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन खेती के लिए पानी की कमी किसानों के सामने बड़ी चुनौती बनती जा रही है। पिछले साल से 160 मिमी कम बारिश हुई जिले में इस मानसून सीजन में अब तक करीब 308 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि तक करीब 468 मिलीमीटर बारिश रिकॉर्ड हुई थी। यानी इस बार अब तक करीब 160 मिलीमीटर कम बारिश हुई है। धान की फसल के लिए पानी की जरूरत बढ़ने के समय बारिश का सिलसिला टूटने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। कृषि विशेषज्ञों के मुताबिक, अगले कुछ दिनों तक बारिश नहीं हुई तो धान की बढ़वार प्रभावित हो सकती है। इसका असर आगे चलकर पैदावार पर भी पड़ सकता है। छोटे किसानों के सामने सिंचाई की बड़ी चुनौती गांवों में किसान अब आसमान की ओर टकटकी लगाए बैठे हैं। जिन किसानों के पास निजी सिंचाई की व्यवस्था है, वे किसी तरह खेतों में पानी पहुंचा रहे हैं। वहीं छोटे और सीमांत किसानों के सामने डीजल और सिंचाई की बढ़ती लागत बड़ी समस्या है। लगातार सिंचाई करने से खेती की लागत बढ़ेगी और मुनाफा कम होने की आशंका है। किसान सुमेर चौधरी ने बताया कि कई दिनों से बारिश नहीं हुई है। तेज धूप और उमस के कारण खेतों का पानी सूख गया है। धान की फसल को इस समय पानी की सख्त जरूरत है। सभी किसान अब अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं। किसान सिद्धार्थ सिंह ने बताया कि इस समय धान की फसल संवेदनशील दौर में है। बारिश नहीं होने से पौधों की बढ़वार प्रभावित हो रही है। जल्द बारिश नहीं हुई तो धान की बालियां कमजोर हो सकती हैं और उत्पादन में गिरावट आने की आशंका है। मौसम विभाग को बारिश की उम्मीद मौसम विभाग के अनुसार, पूर्वी उत्तर प्रदेश में फिलहाल गर्मी और उमस का दौर बना रह सकता है। हालांकि, बंगाल की खाड़ी से नमी मिलने और मानसूनी गतिविधियों के दोबारा सक्रिय होने से आने वाले दिनों में बादल छाने, गरज-चमक के साथ हल्की से मध्यम बारिश होने की संभावना है। कुछ स्थानों पर अच्छी बारिश भी हो सकती है। यदि अगले कुछ दिनों में अच्छी बारिश होती है तो धान की फसल को राहत मिलेगी और खेतों में नमी लौट आएगी। लेकिन बारिश का इंतजार लंबा खिंचा तो किसानों की परेशानी बढ़ सकती है। फिलहाल जिले में बाढ़ का खतरा नहीं है, लेकिन धान की फसल के लिए पानी की कमी चुनौती बन गई है। आने वाले कुछ दिन खरीफ फसलों के लिए बेहद महत्वपूर्ण माने जा रहे हैं
कानपुर में चलती ट्रेन से गिरा युवक, घायल:गेट पर बैठा था, कीचड़ पार कर पुलिस ने बचाई जान
कानपुर के श्यामनगर में बुधवार दोपहर 12 एक युवक चलती ट्रेन से गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गया। वह ट्रेन में भीड़ के कारण गेट के पास बैठा था और नींद आने से संतुलन बिगड़ने के कारण नीचे गिर गया। सूचना मिलने पर पुलिस ने 500 मीटर कीचड़ और पानी भरे रास्ते से युवक को निकालकर अस्पताल पहुंचाया। घायल युवक की पहचान बिहार के मधुबनी जिले के शाहिद के रूप में हुई है, जो दिल्ली जा रहा था। हादसे के बाद होश आने पर शाहिद ने मदद के लिए चीख-पुकार की, जिसे वहां से गुजर रहे निर्भय सिंह ने सुना। निर्भय सिंह ने तत्काल डायल-112 पर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। हालांकि, घायल तक पहुंचने का रास्ता करीब 500 मीटर तक कीचड़ और पानी से भरा था। थाना प्रभारी अजय प्रकाश मिश्र के अनुसार, पुलिसकर्मी भीम प्रकाश, अनूप कुमार और पायलट ताजुद्दीन ने स्ट्रेचर की मदद से घायल युवक को इस दुर्गम रास्ते से बाहर निकाला और एंबुलेंस तक पहुंचाया। रेस्क्यू के बाद घायल शाहिद को काशीराम अस्पताल भेजा गया, जहां उसका इलाज शुरू किया गया। पुलिस ने मोबाइल फोन के जरिए घायल के दादा यूनुस को घटना की जानकारी दी। थाना प्रभारी ने बताया कि हादसे का कारण पता लगाया जा रहा है क्योंकि घायल युवक अभी बोलने की स्थिति में नहीं है।
मुंह में फंसा था टिन का डिब्बा, सेना ने बचाई जान हिमालयन भालू की जान
जम्मू-कश्मीर की गुरेज घाटी में भारतीय सेना और वन विभाग ने एक हिमालयन भालू की जान बचाई.एलओसी के पास खापुरी गांव में भालू के मुंह पर टिन का कंटेनर फंस गया था.वह करीब चार दिन से इसी हालत में भटक रहा था.सूचना मिलने के बाद जवानों ने मुश्किल पहाड़ी इलाके में सर्च ऑपरेशन चलाया और भालू को खोजकर उसके मुंह से कंटेनर निकाल दिया.
आगरा के यमुनापार क्षेत्र में पिछले चार दिनों से गंभीर पेयजल संकट बना हुआ है। रामबाग के पास मेट्रो के दूसरे कॉरिडोर निर्माण के दौरान रविवार को जलकल विभाग की 750 एमएम मुख्य पेयजल पाइपलाइन टूट गई थी, जिसके कारण बड़े हिस्से में पानी की आपूर्ति बाधित हो गई। मंगलवार रात और बुधवार सुबह कुछ इलाकों में नाममात्र की जलापूर्ति शुरू हुई, लेकिन अधिकांश क्षेत्र बुधवार को भी पानी के लिए तरसते रहे। इस चार दिवसीय संकट ने घरेलू कामकाज से लेकर स्कूली बच्चों और नौकरीपेशा लोगों की दिनचर्या को बुरी तरह प्रभावित किया है। बुधवार सुबह कालिंदी विहार के विजय कुंज के निवासियों ने पानी के टैंकर के लिए जलकल विभाग के टोल फ्री नंबर, कंट्रोल रूम और संबंधित अवर अभियंता के मोबाइल नंबर पर संपर्क किया। हालांकि, निवासियों का आरोप है कि किसी भी नंबर पर जिम्मेदार अधिकारी ने फोन नहीं उठाया। इस जल संकट के बीच निजी टैंकर संचालकों ने लोगों की मजबूरी का फायदा उठाना शुरू कर दिया है। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार, जिस पानी के ड्रम के लिए पहले लगभग 40 रुपये लिए जाते थे, अब उसी के लिए 100 रुपये तक वसूले जा रहे हैं। लोगों को महंगे दामों पर पानी खरीदने के लिए मजबूर होना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों ने जलकल विभाग की आपातकालीन व्यवस्था पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पाइपलाइन का टूटना एक तकनीकी समस्या हो सकती है, लेकिन चार दिन तक पेयजल संकट का समाधान न होना और शिकायत नंबरों पर जवाब न मिलना गंभीर लापरवाही है। लोगों ने विभाग से प्रभावित क्षेत्रों में तत्काल टैंकरों की संख्या बढ़ाने और नियमित जलापूर्ति बहाल करने की मांग की है।
चित्तौड़गढ़ से मुंबई जाने वाले यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे ने जयपुर-बान्द्रा टर्मिनस साप्ताहिक स्पेशल के रूप में चल रही रेल सेवा को अब नियमित रेल सेवा में शामिल कर दिया है। यानी अब यह ट्रेन हर सप्ताह तय दिन पर नियमित रूप से चलेगी। इससे चित्तौड़गढ़ सहित इस पूरे रूट के यात्रियों को पहले से ज्यादा सुविधा मिलेगी। जिले से हर सप्ताह बड़ी संख्या में लोग मुंबई और गुजरात की ओर सफर करते हैं। ऐसे में इस ट्रेन का नियमित संचालन यात्रियों के लिए राहत भरा कदम माना जा रहा है। यह ट्रेन राजस्थान, मध्यप्रदेश, गुजरात और महाराष्ट्र जैसे चार राज्यों को जोड़ती है, जिससे इस पूरे रूट पर यात्रा करने वाले लोगों को सीधा लाभ मिलेगा। चित्तौड़गढ़ में दोपहर को पहुंचेगी उत्तर पश्चिम रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी अमित सुदर्शन के अनुसार, ट्रेन संख्या 19723 जयपुर-बान्द्रा टर्मिनस साप्ताहिक एक्सप्रेस 26 अगस्त से हर बुधवार सुबह 8:20 बजे जयपुर से रवाना होगी। यह किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, मांडल और भीलवाड़ा होते हुए दोपहर 1:50 बजे चित्तौड़गढ़ पहुंचेगी। यहां पांच मिनट के ठहराव के बाद दोपहर 1:55 बजे रवाना होगी और अगले दिन सुबह 5:10 बजे बान्द्रा टर्मिनस पहुंचेगी। वहीं वापसी में ट्रेन संख्या 19724 हर गुरुवार सुबह 8:35 बजे बान्द्रा टर्मिनस से रवाना होगी। यह वापी, सूरत, वडोदरा, रतलाम, मंदसौर और नीमच होते हुए रात 12:05 बजे चित्तौड़गढ़ पहुंचेगी। पांच मिनट रुकने के बाद रात 12:10 बजे रवाना होकर अगले दिन सुबह 6:45 बजे जयपुर पहुंचेगी। इस ट्रेन का ठहराव राजस्थान के किशनगढ़, अजमेर, नसीराबाद, बिजयनगर, मांडल, भीलवाड़ा और चित्तौड़गढ़ के अलावा मध्यप्रदेश के नीमच, मंदसौर, रतलाम, गुजरात के वडोदरा, सूरत तथा महाराष्ट्र के वापी, बोरीवली और बान्द्रा टर्मिनस पर रहेगा। सभी यात्रियों के लिए रहेगी व्यवस्था रेलवे ने इस ट्रेन में हर वर्ग के यात्रियों की जरूरत को ध्यान में रखते हुए कुल 20 कोच लगाए हैं। इसमें एक फर्स्ट एसी, दो सेकेंड एसी, चार थर्ड एसी, दो थर्ड एसी इकोनॉमी, पांच स्लीपर, चार जनरल और दो पावर कार कोच शामिल हैं। इससे लंबी दूरी की यात्रा करने वाले यात्रियों के साथ सामान्य श्रेणी में सफर करने वालों को भी सुविधा मिलेगी। चित्तौड़गढ़ जिले के यात्रियों के लिए यह ट्रेन मुंबई तक सीधी और नियमित रेल सेवा का विकल्प बनेगी। वहीं चार राज्यों को जोड़ने वाली इस ट्रेन से व्यापार, रोजगार, शिक्षा और पारिवारिक यात्रा करने वाले लोगों का सफर भी पहले से ज्यादा आसान और सुविधाजनक होगा।
उत्तर प्रदेश के फतेहपुर नगर क्षेत्र में सड़क किनारे और सार्वजनिक स्थलों पर छोटे-छोटे कारोबार कर परिवार का भरण-पोषण करने वाले पथ व्यापारियों ने प्रशासन और नगर पालिका से अस्थायी स्थल आवंटित किए जाने की मांग की है। इस संबंध में उद्योग व्यापार मंडल उत्तर प्रदेश से संबद्ध पथ विक्रेता संगठन ने बुधवार को 12 बजे नगर पालिका परिषद के अधिशासी अधिकारी (ईओ) को एक ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में कहा गया है कि आर्थिक रूप से कमजोर पथ व्यापारी आईटीआई रोड, पटेलनगर, पथरकटा, बिंदकी बस स्टैंड, सदर अस्पताल, पक्का तालाब, बस स्टैंड और वर्मा चौराहा सहित नगर के विभिन्न क्षेत्रों में छोटे स्तर पर व्यापार करते हैं। इन्हीं दुकानों और ठेलों से उनकी रोजी-रोटी चलती है। संगठन का आरोप है कि कई बार प्रशासन और नगर पालिका की कार्रवाई के दौरान बिना पूर्व सूचना के इन पथ व्यापारियों को हटा दिया जाता है। इससे उनका कारोबार प्रभावित होने के साथ परिवार के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो जाता है। संगठन ने मांग की है कि पथ व्यापारियों के लिए अलग-अलग स्थानों पर अस्थायी स्थल आवंटित किए जाएं, ताकि वे व्यवस्थित तरीके से अपना कारोबार कर सकें। इससे उनके परिवार का भरण-पोषण और बच्चों की पढ़ाई भी प्रभावित नहीं होगी। मांगपत्र में आईटीआई रोड स्थित खाली पड़े यूसुफ क्लब परिसर को भी अस्थायी पथ विक्रेताओं के लिए आवंटित किए जाने का सुझाव दिया गया है। संगठन के संस्थापक अध्यक्ष किशन मेहरोत्रा ने कहा कि पथ व्यापारियों को व्यवस्थित स्थान उपलब्ध कराने से उनका रोजगार सुरक्षित होगा और नगर की व्यवस्था भी बेहतर होगी। इस दौरान पथ विक्रेता संगठन अध्यक्ष सर्वेश पांडेय समेत रचित शर्मा गुड्डू, सनी, निजाम, आमिर, राकेश शर्मा, राज शमी, साहेबे आलम, दाऊद, सैफ आलम, सलमान, विनय गुप्ता, अजीत कुमार, अमन तिवारी, रमन तिवारी और अवनीश तिवारी सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
रक्षाबंधन से पहले छिंदवाड़ा में 501 मोबाइल बरामद:असली मालिकों को लौटाए; 1 करोड़ रुपए से ज्यादा कीमत
रक्षाबंधन से पहले छिंदवाड़ा पुलिस ने कई परिवारों के चेहरों पर मुस्कान लौटा दी। जिला साइबर सेल ने तकनीकी विश्लेषण और लगातार की गई जांच के जरिए जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों से गुम हुए 501 मोबाइल फोन बरामद किए हैं। इन मोबाइल की अनुमानित बाजार कीमत करीब 1 करोड़ 6 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस कंट्रोल रूम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान बरामद किए गए मोबाइल उनके वास्तविक मालिकों को सौंपे गए। मोबाइल वापस मिलने पर लोगों ने पुलिस की इस कार्रवाई की सराहना की और खुशी जाहिर की। महीनों से गुम मोबाइल की तलाश में जुटी थी साइबर सेल पिछले कुछ महीनों में जिले के अलग-अलग थाना क्षेत्रों और पुलिस अधीक्षक कार्यालय में मोबाइल फोन गुम होने की कई शिकायतें मिली थीं। पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय के आदेश और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक आशीष खरे के निर्देशन में साइबर सेल ने इन शिकायतों को गंभीरता से लिया और मोबाइल की तलाश के लिए तकनीकी जांच शुरू की। साइबर सेल की टीम ने गुम हुए मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी जुटाई। इसके बाद मोबाइल की ट्रेसिंग कर अलग-अलग स्थानों से इन्हें बरामद करने की कार्रवाई की गई। लगातार प्रयासों के बाद टीम ने 501 मोबाइल फोन बरामद किए। तकनीकी जांच और ट्रेसिंग से बरामद हुए 501 मोबाइल साइबर सेल ने मोबाइल फोन की तकनीकी जानकारी और ट्रेसिंग के आधार पर उनकी तलाश की। अलग-अलग स्थानों से बरामद किए गए मोबाइल की पहचान उनके वास्तविक मालिकों के रूप में की गई। पहचान की प्रक्रिया पूरी होने के बाद सभी मोबाइल उनके संबंधित धारकों को वापस सौंपे गए। पुलिस की इस कार्रवाई से उन लोगों को बड़ी राहत मिली, जो लंबे समय से अपने मोबाइल फोन वापस मिलने का इंतजार कर रहे थे। मोबाइल की कीमत के साथ उसमें मौजूद जरूरी संपर्क और अन्य डेटा भी लोगों के लिए महत्वपूर्ण था। पुलिस कंट्रोल रूम में मालिकों को सौंपे गए मोबाइल 501 मोबाइल फोन बरामद होने के बाद पुलिस कंट्रोल रूम में एक कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस दौरान मोबाइल के वास्तविक मालिकों को उनके फोन वापस सौंपे गए। कार्यक्रम में मोबाइल लेने के लिए बड़ी संख्या में आवेदक पहुंचे। लंबे समय बाद अपना मोबाइल वापस मिलने पर लोगों के चेहरों पर खुशी नजर आई। कई लोगों के लिए मोबाइल वापस मिलना इसलिए भी खास रहा, क्योंकि उसमें उनके जरूरी नंबर, संपर्क और अन्य महत्वपूर्ण डेटा मौजूद था। रक्षाबंधन से पहले बहनों को मिला अपना मोबाइल मोबाइल वापस पाने वालों में कई महिलाएं और बहनें भी शामिल रहीं। रक्षाबंधन से ठीक पहले अपना खोया हुआ मोबाइल वापस मिलने से उनके चेहरों पर खुशी साफ दिखाई दी। पुलिस की इस कार्रवाई से उन्हें आर्थिक नुकसान से राहत मिली, वहीं मोबाइल में मौजूद जरूरी संपर्क और डेटा भी दोबारा मिल गया। रक्षाबंधन के मौके से पहले मोबाइल वापस मिलने को लेकर कई लोगों ने पुलिस का आभार जताया। पुलिस की कार्रवाई ने उन परिवारों को भी राहत दी, जिनके लिए मोबाइल खोना आर्थिक नुकसान के साथ रोजमर्रा के काम में परेशानी का कारण बन गया था। शिक्षक से लेकर डॉक्टर और किसान तक शामिल पुलिस के अनुसार बरामद किए गए मोबाइल के मालिक अलग-अलग वर्गों से हैं। इनमें शासकीय कर्मचारी, शिक्षक, अधिवक्ता, प्राइवेट कर्मचारी, बैंक कर्मचारी, डॉक्टर, नर्स और इंजीनियर शामिल हैं। इसके अलावा सेना के जवान, व्यापारी, दुकानदार, छात्र, ऑटो और ट्रैक्टर चालक, श्रमिक, गृहिणी और किसान भी उन लोगों में शामिल हैं, जिन्हें उनके गुम हुए मोबाइल वापस मिले हैं। मोबाइल वापस मिलने से आर्थिक नुकसान से मिली राहत मोबाइल फोन आज लोगों की रोजमर्रा की जरूरत का अहम हिस्सा बन चुका है। ऐसे में मोबाइल गुम होने से लोगों को उसकी कीमत के साथ उसमें मौजूद जरूरी जानकारी और संपर्क खोने का भी डर रहता है। पुलिस द्वारा मोबाइल बरामद कर वापस किए जाने से लोगों को दोहरी राहत मिली है। मोबाइल धारकों को अपना फोन दोबारा मिलने के साथ उसमें मौजूद जरूरी डेटा और संपर्क भी वापस मिल सके। पुलिस की इस कार्रवाई को लोगों के लिए आर्थिक और व्यावहारिक दोनों तरह से राहत देने वाला कदम माना जा रहा है। छिंदवाड़ा पुलिस पहले भी बरामद कर चुकी है गुम मोबाइल छिंदवाड़ा पुलिस इससे पहले भी गुम मोबाइल फोन की शिकायतों पर कार्रवाई कर लोगों को उनके फोन वापस कर चुकी है। पुलिस का कहना है कि इस बार 501 मोबाइल की बरामदगी साइबर सेल की तकनीकी दक्षता और लगातार किए जा रहे प्रयासों का परिणाम है। साइबर सेल ने अलग-अलग शिकायतों को एक साथ लेकर तकनीकी जानकारी जुटाई और मोबाइल की ट्रेसिंग की। इसके बाद जिन मोबाइल को बरामद किया गया, उनकी पहचान कर संबंधित लोगों को वापस सौंपा गया। साइबर सेल की टीम का रहा विशेष योगदान मोबाइल बरामदगी की कार्रवाई में साइबर सेल टीम के आर. आदित्य रघुवंशी, नितिन सिंह, अभिषेक ठाकुर, राहुल डडोरे, अंकित शर्मा और मोहित चन्द्रवंशी का विशेष योगदान रहा। टीम ने गुम मोबाइल की तकनीकी जानकारी जुटाने, उनकी ट्रेसिंग करने और अलग-अलग स्थानों से उन्हें बरामद करने में लगातार काम किया। टीम के प्रयासों से 501 मोबाइल फोन उनके वास्तविक मालिकों तक वापस पहुंचाए जा सके। एसपी ने टीम को पुरस्कृत करने की घोषणा की पुलिस अधीक्षक अजय पाण्डेय ने साइबर सेल की इस कार्रवाई की सराहना की है। उन्होंने टीम के सराहनीय कार्य के लिए पुलिसकर्मियों को पुरस्कृत करने की घोषणा की है। पुलिस का कहना है कि गुम मोबाइल की शिकायतों पर तकनीकी तरीके से लगातार काम किया जा रहा है। मोबाइल की बरामदगी के लिए साइबर सेल द्वारा आगे भी इसी तरह प्रयास जारी रखे जाएंगे, ताकि लोगों को उनके खोए हुए मोबाइल वापस मिल सकें।
सतना में स्वतंत्रता दिवस से पहले सतना में 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत बुधवार को तिरंगा रैली निकाली गई। कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कलेक्ट्रेट परिसर से रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। वे स्वयं हाथ में तिरंगा लेकर रैली में शामिल हुए और अधिकारियों, कर्मचारियों व छात्र-छात्राओं का उत्साह बढ़ाया। कलेक्ट्रेट से शुरू हुई रैली तिरंगा रैली कलेक्ट्रेट परिसर से शुरू होकर सिटी कोतवाली मार्ग से होते हुए वापस कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचकर समाप्त हुई। रैली में शामिल अधिकारियों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों के हाथों में तिरंगे नजर आए। पूरे मार्ग पर देशभक्ति का माहौल बना रहा। प्रतिभागियों ने राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशप्रेम का संदेश दिया। कलेक्टर बोले- हर घर तिरंगा फहराने के लिए करें प्रेरित कलेक्टर डॉ. सतीश कुमार एस ने कहा कि 'हर घर तिरंगा' अभियान का उद्देश्य नागरिकों में राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देशभक्ति की भावना को मजबूत करना है। उन्होंने कहा कि रैली के माध्यम से लोगों को अपने घरों पर तिरंगा फहराने और स्वतंत्रता दिवस के उत्सव में सक्रिय रूप से भाग लेने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। अधिकारी-कर्मचारी और विद्यार्थियों ने लिया हिस्सा रैली में जिला प्रशासन के अधिकारियों और कर्मचारियों के साथ बड़ी संख्या में छात्र-छात्राओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस दौरान अपर कलेक्टर विकास सिंह, जिला पंचायत सीईओ शैलेंद्र सिंह, एसडीएम एलआर जांगड़े, सिटी कोतवाली टीआई राघवेंद्र द्विवेदी और सिविल सर्जन डॉ. अमर सिंह सहित कई अधिकारी-कर्मचारी मौजूद रहे। रैली के दौरान अनुशासन और यातायात व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। अधिकारियों ने रैली को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित कीं।
मध्यप्रदेश के 15 हजार चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों की पदोन्नति में बाधा बनी सीपीसीटी की डिग्री अब जरूरी नहीं होगी। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा बाधक नहीं बनेगी। उन्होंने निर्देश दिए है कि तृतीय एवं चतुर्थ श्रेणी के कर्मचारियों की पदोन्नति में सीपीसीटी परीक्षा को उत्तीर्ण करने की अनिवार्यता पर जल्द सकारात्मक निर्णय लिया जाए। यह सुनिश्चित करें कि सभी तृतीय और चतुर्थ श्रेणी के पात्र कर्मचारियों को पदोन्नति का लाभ मिले। सीपीसीटी परीक्षा के कारण कोई भी तृतीय-चतुर्थ श्रेणी का कर्मचारी पदोन्नति से वंचित या रिवर्ट नहीं हो। सीपीसीटी परीक्षा की डिग्री की अनिवार्यता लागू करने का फैसला सामान्य प्रशासन विभाग ने लेते हुए 22 जुलाई को कहा था कि जिसके पास यह डिग्री नहीं होगी, वह पदोन्नति के लिए पात्र नहीं होगा। इसके बाद जीएडी ने जुलाई में की गई अपनी ही पदोन्नति की कार्यवाही को रद्द कर प्रमोट किए गए चतुर्थ श्रेणी कर्मचारियों को रिवर्ट कर दिया था। इसके बाद मप्र राज्य कर्मचारी संघ, तृतीय वर्ग कर्मचारी संघ, लिपिक वर्गीय कर्मचारी संघ समेत अन्य कर्मचारी संगठनों ने इसका विरोध शुरू कर दिया। पिछले दिनों राज्य कर्मचारी संघ के पदाधिकारियों ने विन्ध्याचल भवन के सामने 22 जुलाई को जारी जीएडी के आदेश की होली जलाई थी और जीएडी अफसरों के मुर्दाबाद के नारे लगाए थे तथा आदेश निरस्त किए जाने की मांग की थी। अनुकंपा नियुक्ति में बाधा बनी है सीपीसीटी सामान्य प्रशासन विभाग ने अनुकम्पा नियुक्ति के मामले में भी सीपीसीटी की अनिवार्यता तय कर दी है। ऐसे में जिन कर्मचारियों की असमय मौत के बाद उनके परिजनों को अनुकम्पा नियुक्ति मिलनी थी वह अनुकंपा नियुक्ति मिलने का रास्ता बंद हो गया था। कई युवकों को अपने पिता की मौत के बाद मिली अनुकम्पा नियुक्ति के बाद नौकरी गंवाना पड़ी है। इसके विरोध में मंत्रालय के सामने तीन दिन पहले प्रदर्शन कर नौकरी गंवाने वाले युवकों ने विरोध स्वरूप मुंडन भी कराया था।
कटनी के कुठला थाना क्षेत्र के पन्ना मोड़ पर अवैध निर्माण हटाने पहुंची नगर निगम की टीम को भारी विरोध का सामना करना पड़ा। कार्रवाई के दौरान भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष मृदुल मिश्रा और स्थानीय नेताओं के विरोध किया। मिश्रा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “तुम भवन तोड़कर दिखाओ, फिर हम नगर निगम को बताएंगे कि हम क्या कर सकते हैं... 50 लड़के नगर निगम में घुसा दूंगा।” नेताओं के विरोध, तीखी बहस और कार्यकर्ताओं के जेसीबी पर चढ़ जाने के कारण स्थिति तनावपूर्ण हो गई। इसके बाद नगर निगम का अमला बिना कोई कार्रवाई किए जेसीबी लेकर लौट गया। इस पूरे घटनाक्रम मंगलवार का है। इसका वीडियो बुधवार को सामने आया है। कार्यकर्ताओं ने जेसीबी पर चढ़कर किया हंगामा जानकारी के अनुसार, पन्ना मोड़ क्षेत्र में लखन पटेल और बालीलाल पटेल द्वारा नगर निगम की अनुमति के बिना भवन का निर्माण कराया जा रहा था। मंगलवार को नगर निगम का अतिक्रमण दस्ता जेसीबी और कर्मचारियों के साथ इस अवैध निर्माण को हटाने पहुंचा था। अमले ने जैसे ही कार्रवाई की तैयारी शुरू की, भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष मृदुल मिश्रा और पार्षद शशिकांत तिवारी अपने कार्यकर्ताओं के साथ मौके पर पहुंच गए। कार्यकर्ताओं ने कार्रवाई का विरोध शुरू कर दिया। बिना कार्रवाई किए लौटा अमला विवाद बढ़ने पर कुछ युवक जेसीबी मशीन पर चढ़ गए और उसे तुरंत हटाने की धमकी दी। विवाद की सूचना पर कुठला थाना पुलिस भी मौके पर पहुंची और स्थिति शांत कराने का प्रयास किया, लेकिन नेता अपने रुख पर अड़े रहे। मौके पर अतिक्रमण निरोधक अधिकारी मानवेन्द्र सिंह और मृदुल मिश्रा के बीच तीखी नोकझोंक हुई। मिश्रा ने अमले को कार्रवाई से रोकते हुए अधिकारी से कहा कि यदि भवन तोड़ा गया तो इसके परिणाम भुगतने होंगे। मिश्रा ने अधिकारियों को चेतावनी देते हुए कहा, “तुम भवन तोड़कर दिखाओ, फिर हम नगर निगम को बताएंगे कि हम क्या कर सकते हैं... 50 लड़के नगर निगम में घुसा दूंगा। विरोध और धक्का-मुक्की के बीच पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में भी निगम का अमला बिना कोई कार्रवाई किए वापस लौट गया। पार्षद बोले- हर दुकान से दो हजार वसूलते हो कार्रवाई के दौरान वार्ड पार्षद शशिकांत तिवारी ने अतिक्रमण अधिकारी से कार्रवाई का लिखित आदेश मांगा, जिसे अधिकारी तुरंत प्रस्तुत नहीं कर सके। इस पर पार्षद तिवारी ने नगर निगम के अमले पर भ्रष्टाचार के गंभीर आरोप लगाए। पार्षद शशिकांत तिवारी ने कहा- आप लोग खुद ही ठेले-टपरे लगवाते हो और हर दुकान से दो-दो हजार रुपए की अवैध वसूली करते हो। शहर की कॉलोनियों को पास नहीं किया जा रहा है और आम जनता को परेशान किया जा रहा है। मिश्रा बोले- बिना पूर्व सूचना के सीधे बुलडोजर चलाना अनुचित पूरे मामले पर भाजयुमो प्रदेश उपाध्यक्ष मृदुल मिश्रा ने बताया कि जिस मकान पर कार्रवाई की जा रही थी, वह एक फौजी का है। पुराना मकान जर्जर होने के कारण परिवार ने सामने का हिस्सा रेनोवेट कराया है। हालांकि इसका नक्शा पास नहीं है और अनुमति नहीं ली गई है, लेकिन निगम को पहले नोटिस देकर परिवार को अपना पक्ष रखने का मौका देना चाहिए था। बिना पर्याप्त पूर्व सूचना दिए सीधे बुलडोजर चलाना अनुचित है। यदि जांच में निर्माण नियम विरुद्ध मिलता है, तो नोटिस के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाए। नगर निगम के अतिक्रमण अधिकारी मानवेन्द्र सिंह ने बताया- संबंधित भवन मालिक को निर्माण कार्य के दौरान ही चेतावनी दी गई थी, लेकिन उन्होंने निर्माण जारी रखा। कार्रवाई के दौरान युवाओं ने जानबूझकर विवाद खड़ा किया। हालांकि, अब भवन मालिक ने एक सप्ताह के भीतर स्वयं अवैध निर्माण हटाने की लिखित सहमति दी है। यदि दिए गए समय में निर्माण नहीं हटाया गया, तो नगर निगम नियमानुसार कठोर कार्रवाई करेगा।
ग्वालियर के 124 साल पुराने नगर निगम संग्रहालय का करीब 10 करोड़ रुपए की लागत से नवीनीकरण किया जा रहा है। संग्रहालय में 36 गैलरियां तैयार की जा रही हैं, जिनमें शहर का इतिहास, कला, संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और सिंधिया राजवंश से जुड़ी दुर्लभ वस्तुएं प्रदर्शित होंगी। काम की मौजूदा स्थिति को देखते हुए संग्रहालय का 15 अगस्त तक शुरू होना मुश्किल है और अब इसे अगस्त के अंत तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। 15 अगस्त की डेडलाइन छूटना तय नगर निगम आयुक्त संघ प्रिय ने निर्माणाधीन परियोजनाओं के निरीक्षण के दौरान संग्रहालय का कई बार दौरा किया है। उन्होंने अधिकारियों को 15 अगस्त से पहले काम पूरा करने के निर्देश दिए थे, लेकिन अभी कई कार्य लंबित हैं। ऐसे में स्वतंत्रता दिवस पर संग्रहालय को आम जनता के लिए खोलना मुश्किल है। विशेषज्ञों की सलाह से चल रहा काम अपर आयुक्त टी. प्रतीक राव के अनुसार, संग्रहालय को अगस्त के अंत तक पूरा करने का प्रयास किया जा रहा है। उन्होंने बताया कि ऐतिहासिक और दुर्लभ चीजों के संरक्षण के लिए विशेषज्ञों की सलाह जरूरी है। उन्होंने कहा कि संरक्षण कार्य सामान्य निर्माण से अलग होता है। इसलिए विशेषज्ञों की राय के साथ तय नियमों के अनुसार काम किया जा रहा है। 36 गैलरियां बनेंगी मुख्य आकर्षण नए स्वरूप में संग्रहालय की 36 गैलरियों में ग्वालियर के इतिहास, कला, संस्कृति, प्राकृतिक विरासत और सिंधिया राजवंश से जुड़ी खास चीजें दिखाई जाएंगी। प्राकृतिक गैलरी में वन्यजीवों, पक्षियों और प्रकृति से जुड़ी जानकारी मिलेगी। एथनिक गैलरी में जनजातीय कला और संस्कृति दिखाई जाएगी। स्पोर्ट्स गैलरी में खेलों से जुड़ी जानकारी और साइंस गैलरी में विज्ञान और नई तकनीक के बारे में बताया जाएगा। पर्यटकों के लिए बनेगा नया केंद्र नगर निगम का दावा है कि नवीनीकरण के बाद संग्रहालय ग्वालियर की ऐतिहासिक विरासत को सुरक्षित रखने के साथ देश-विदेश से आने वाले पर्यटकों के लिए नया आकर्षण बनेगा।
हरदोई शहर के मोहल्ला ऊंचा थोक में मंगलवार रात एक जेसीबी चालक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। 31 वर्षीय पारस घर में अकेला था। पड़ोसियों की सूचना पर पुलिस ने परिजनों की मदद से दरवाजा तोड़कर उसे बाहर निकाला, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। मेडिकल कॉलेज ले जाने पर डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। बुधवार दोपहर पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पत्नी बच्चों के साथ मायके गई थी, घर में अकेला था पारस मृतक की पहचान ऊंचा थोक निवासी पारस (31) के रूप में हुई है। वह पेशे से जेसीबी चालक था। पिता नन्हेंलाल ने बताया कि पारस शराब का आदी था, जिसके चलते घर में अक्सर तनाव रहता था। घटना के समय पारस की पत्नी अपने एक बेटे और एक बेटी के साथ सीतापुर के पिसावां थाना क्षेत्र स्थित अपने मायके परमल गांव गई हुई थी। मंगलवार देर शाम पारस घर पर अकेला था, जबकि उसके माता-पिता किसी काम से बाहर गए थे। पड़ोसियों ने बंद मकान से आवाजें सुनीं मंगलवार रात करीब 9 बजे पड़ोसियों को पारस के बंद मकान से कुछ असामान्य आवाजें सुनाई दीं। आशंका होने पर उन्होंने दरवाजा खटखटाया, लेकिन अंदर से कोई प्रतिक्रिया नहीं मिली। इसके बाद पड़ोसियों ने पारस के पिता नन्हेंलाल को फोन कर घटना की जानकारी दी। दरवाजा तोड़कर अंदर पहुंची पुलिस पिता के मौके पर पहुंचने के बाद भी जब दरवाजा नहीं खुला तो पुलिस को सूचना दी गई। जानकारी मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने परिजनों की मदद से दरवाजा तोड़ा और कमरे के अंदर प्रवेश किया। वहां पारस फंदे से लटका मिला। पुलिस ने उसे फंदे से नीचे उतारा और तत्काल मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट से स्पष्ट होगा मौत का कारण शहर कोतवाल संजय त्यागी ने बताया कि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा भरवाया है। शव पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया गया है। मामले की जांच की जा रही है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
गुरुग्राम जिले के मानेसर स्थित एक निजी स्कूल में बुधवार सुबह शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। स्कूल प्रबंधन और फायर ब्रिगेड की त्वरित कार्रवाई से बड़ा हादसा टल गया और सभी बच्चे सुरक्षित रहे। यह घटना सुबह करीब 8 बजे हुई। एनएसजी कैंपस के पास स्थित इस स्कूल में बच्चे प्रवेश कर रहे थे, तभी बिजली के तारों में शॉर्ट सर्किट से आग लग गई। चिंगारी तेजी से फैली और पूरे परिसर में धुआं भर गया, जिससे बच्चों और स्टाफ में अफरा-तफरी मच गई। स्कूल प्रबंधन ने तुरंत स्थिति संभाली और बच्चों को सुरक्षित बाहर निकाला। साथ ही, फायर ब्रिगेड को घटना की सूचना दी गई। स्कूल में लगभग 500 से 600 बच्चे पढ़ते हैं। फायर ब्रिगेड ने पाया काबू सूचना मिलते ही फायर बिग्रेड की गाड़ी मौके पर पहुंचीं और बचाव कार्य शुरू किया। फायर कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पा लिया, जिससे आग को फैलने से रोका जा सका। हादसे की जानकारी मिलने पर गुरुग्राम पुलिस भी मौके पर पहुंची। पुलिस ने पूरे मामले का जायजा लिया और आग लगने के कारणों की जांच शुरू कर दी है। समय पर उठाए गए कदमों के कारण इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
रीवा के सोहागी थाना क्षेत्र में एनएच-30 पर मंगलवार देर रात करीब 2 बजे सड़क हादसा हो गया। सोहागी घाटी में प्रयागराज से लौट रही तूफान गाड़ी अनियंत्रित होकर पहाड़ से करीब 70 फीट नीचे खाई में जा गिरी। हादसे में वाहन सवार सभी सात लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर चीख-पुकार मच गई। सूचना मिलते ही सोहागी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। वाहन गहरी खाई में गिरने के कारण घायलों तक पहुंचना और उन्हें बाहर निकालना चुनौतीपूर्ण था। पुलिसकर्मी गहरी खाई में उतरे, सातों को निकाला सोहागी थाना प्रभारी कमलेश साहू ने बताया कि सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। वाहन सड़क से करीब 70 फीट नीचे गिरा था। पुलिसकर्मियों ने गहरी खाई में उतरकर रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। काफी मशक्कत के बाद सभी सात घायलों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया। इसके बाद सभी घायलों को तत्काल उपचार के लिए सिविल अस्पताल भेजा गया। घायलों की पहचान की जा रही है। प्रयागराज से लौट रहे थे, सभी सतना जिले के प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल सभी सात लोग सतना जिले के उचेहरा क्षेत्र के रहने वाले हैं। वे प्रयागराज गए थे और वहां से वापस लौट रहे थे। इसी दौरान सोहागी घाटी में उनकी गाड़ी अनियंत्रित होकर पहाड़ से नीचे जा गिरी। पुलिस हादसे के कारणों की जांच कर रही है। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि वाहन अनियंत्रित होने की वजह क्या थी।
शिमला में तिब्बती समुदाय का 24 घंटे का शांतिपूर्ण अनशन, भाषा और संस्कृति के संरक्षण की उठाई आवाज
शिमला में तिब्बती समुदाय ने अपनी भाषा, संस्कृति और पहचान के संरक्षण के लिए 24 घंटे का शांतिपूर्ण अनशन और विरोध प्रदर्शन किया।
नकली पनीर, गंदे गोदाम और पान मसाला के पैकेट पर भी सवाल! क्या सुधरेगा सिस्टम या सिर्फ कागजी सख्ती?
हाल के दिनों में देशभर में फूड सेफ्टी को लेकर बड़े एक्शन हुए हैं. बेंगलुरु में जोमैटो और जेप्टो के गोदामों में गंदगी मिली, मुंबई में ब्लिंकइट का लाइसेंस सस्पेंड हुआ. महाराष्ट्र ने एनालॉग पनीर पर एक साल का बैन लगाया, मध्य प्रदेश भी बैन की तैयारी में है. FSSAI ने पान मसाले की पैकिंग से प्लास्टिक, फॉयल और मेटलाइज्ड लेयर हटाने का नया नियम लागू किया है. दिल्ली में रेस्टोरेंट के लिए A से D हाइजीन ग्रेडिंग शुरू हुई और स्कूल मेन्यू में इडली सांबर जुड़ा. हरियाणा मोबाइल लैब से सस्ती खाद्य जांच शुरू कर रहा है. कुल मिलाकर यह पूरा मामला भारत में खानपान को लेकर बढ़ती जागरूकता की तस्वीर दिखाता है.
मोबाइल फोन गुम होने के बाद उन्हें वापस पाने की उम्मीद छोड़ चुके दर्जनों लोगों के चेहरे पर बुधवार को उस समय फिर से मुस्कान लौट आई, जब पानीपत पुलिस ने साइबर सेल की मदद से 55 ट्रेस किए गए मोबाइल फोन उनके असली मालिकों को सुपुर्द कर दिए। पानीपत के SP भूपेंद्र सिंह के मार्गदर्शन में चलाए जा रहे विशेष ऑपरेशन मोबाइल के तहत यह कामयाबी हासिल हुई है। बरामद किए गए इन स्मार्टफोन्स की कुल कीमत लाखों रुपए बताई जा रही है। सालों पहले खोए फोन पाकर खिले चेहरे लघु सचिवालय स्थित एसपी कार्यालय में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान एसपी भूपेंद्र सिंह ने स्वयं नागरिकों को उनके गुम हुए फोन सौंपे। बरामद मोबाइलों में कई फोन ऐसे भी थे जो 2 से 3 साल पहले गुम हुए थे और उनके मालिक उन्हें पूरी तरह भूल चुके थे। अचानक पुलिस द्वारा फोन मिलने की सूचना मिलने पर लोगों की खुशी का ठिकाना न रहा। फोन प्राप्त करने पहुंचे नागरिकों ने पानीपत पुलिस और साइबर टीम की तत्परता की सराहना करते हुए एसपी भूपेंद्र सिंह का धन्यवाद व्यक्त किया। साइबर टीम हर महीने चला रही रिकवरी अभियान मामले की जानकारी देते हुए एसपी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जिला पुलिस की साइबर क्राइम टीम CEIR (सेंट्रल इक्विपमेंट आइडेंटिटी रजिस्टर) पोर्टल और आधुनिक ट्रैकिंग तकनीक की मदद से लगातार गुमशुदा मोबाइलों को ट्रेस करने में जुटी हुई है। एसपी ने कहा कि पुलिस का उद्देश्य केवल डिवाइस बरामद करना नहीं है, बल्कि आमजन की गाढ़ी कमाई से खरीदी गई संपत्ति को सुरक्षित उन तक पहुंचाना और कानून व्यवस्था के प्रति नागरिकों का विश्वास मजबूत करना है। एसपी की अपील: फोन गुम होते ही तुरंत दें सूचना एसपी भूपेंद्र सिंह ने आम जनता से अपील की कि यदि किसी व्यक्ति का मोबाइल फोन गुम या चोरी होता है, तो वह बिना किसी देरी के तुरंत नजदीकी थाने या ऑनलाइन पोर्टल पर इसकी शिकायत दर्ज कराए। उन्होंने चेतावनी दी कि असामाजिक या आपराधिक तत्व गुम हुए मोबाइल का गलत इस्तेमाल किसी भी गैर-कानूनी गतिविधि में कर सकते हैं। समय रहते शिकायत दर्ज होने से पुलिस न केवल फोन का दुरुपयोग रोक पाती है, बल्कि उसे जल्द से जल्द ट्रेस करने में भी सफलता हासिल करती है।
पुल से कूदने जा रहे युवक को पुलिस ने बचाया:पारिवारिक कलह से परेशान था, परिजनों को सौंपा
जालौन-औरैया सीमा पर यमुना पुल से नदी में छलांग लगाने की कोशिश कर रहे 19 साल के युवक को पुलिस ने समय रहते बचा लिया। युवक पारिवारिक कलह से परेशान था और अपनी जान देने की कोशिश कर रहा था। पुलिस की तत्परता से उसकी जान बच गई। मोटरसाइकिल से उतरकर पुल पर पहुंचा था युवक घटना 11 और 12 अगस्त की मध्यरात्रि सनगढ़ बैरियर, औरैया बॉर्डर पर हुई। कुठौंद पुलिस को ड्यूटी चेकिंग के दौरान सूचना मिली कि एक युवक मोटरसाइकिल से उतरकर यमुना पुल पर पहुंचा है और नदी में छलांग लगाने की कोशिश कर रहा है। सूचना मिलते ही शंकरपुर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक रामवीर सिंह कांस्टेबल अमित कटियार के साथ तत्काल मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने यमुना पुल पर युवक की तलाश शुरू कर दी। छलांग लगाने से पहले पुलिस ने पकड़ा तलाश के दौरान पुलिस को युवक यमुना नदी में छलांग लगाने की तैयारी करता दिखाई दिया। पुलिसकर्मियों ने तत्परता दिखाते हुए उसे पकड़ लिया और सुरक्षित स्थान पर ले आए। इसके बाद पुलिस ने उससे पूछताछ की। पारिवारिक कलह से था परेशान पूछताछ में युवक ने अपनी पहचान सुखदेव पुत्र ध्यान सिंह, उम्र 19 वर्ष, निवासी शाला मंदिर, औरैया के रूप में बताई। उसने पुलिस को बताया कि वह पारिवारिक कलह के कारण काफी परेशान था। इसी वजह से वह आत्महत्या करने के इरादे से यमुना पुल पर पहुंचा था। भाई को दी सूचना, पुलिस ने परिजनों को सौंपा पुलिस ने युवक को उसकी हीरो स्प्लेंडर मोटरसाइकिल सहित तत्काल देवकली पुलिस के सुपुर्द कर दिया। साथ ही उसके भाई आकाश को भी घटना की जानकारी दी गई। पुलिस की समय पर कार्रवाई से युवक की जान बच गई। पुलिस की इस तत्परता की स्थानीय स्तर पर सराहना की जा रही है। घटना ने यह भी दिखाया कि समय पर मिली सूचना और पुलिस की त्वरित कार्रवाई से एक बड़ी अनहोनी को टाला जा सकता है।
कानपुर के वार्ड-76 हरबंश मोहाल में नयागंज मेट्रो स्टेशन के पास हो रहे निर्माण कार्य को लेकर नगर निगम की राजनीति गरमा गई है। बुधवार को पार्षद कौशिक रजत बाजपेई समेत कई पार्षदों ने अपर नगर आयुक्त जगदीश यादव को ज्ञापन सौंपकर निर्माण कार्य की वैधता की जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई की मांग की। वहीं अपर नगर आयुक्त ने ज्ञापन लेकर मामले की जांच कराने का आश्वासन दिया है। ज्ञापन में आरोप लगाया गया कि पूर्व प्रधानमंत्री स्व. इंदिरा गांधी की प्रतिमा के सामने कराए जा रहे निर्माण कार्य के संबंध में न तो स्पष्ट अनुमति की जानकारी उपलब्ध कराई गई है और न ही कार्यदायी संस्था और स्वीकृत कार्ययोजना का विवरण सार्वजनिक किया गया है। पार्षद कौशिक रजत बाजपेई ने बताया कि इस मामले में उन्होंने पहले ही जिलाधिकारी को पत्र लिखकर शिकायत दर्ज कराई है। पार्षद पर कब्जा करने का आरोप उन्होंने आरोप लगाया कि वार्ड-79 चटाई मोहाल के पार्षद विकास जायसवाल द्वारा वार्ड-76 की सीमा में निर्माण कार्य कराया जा रहा है। उनके अनुसार नरौना चौराहा से कैनाल रोड होते हुए दालमंडी केसा हाउस तक का क्षेत्र वार्ड-76 का हिस्सा है, लेकिन बदनियती से दूसरे वार्ड के नाम पर फाइल तैयार कर कार्य कराए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि सरकारी केडीए की भूमि पर दूसरे क्षेत्र के पार्षद द्वारा कब्जे की कोशिश की जा रही है। उन्होंने नगर निगम के आधिकारिक नक्शे के साथ ज्ञापन सौंपकर सीमांकन के आधार पर जांच कराने की मांग की। नगर निगम के प्रस्ताव पर कराया काम- विकास जायसवाल वहीं पार्षद विकास जायसवाल ने कहा कि संबंधित निर्माण कार्य पूरी प्रक्रिया के तहत नगर निगम के प्रस्ताव के आधार पर कराया जा रहा है। उन्होंने कहा कि जिस बारातशाला को लेकर विवाद खड़ा किया जा रहा है, वह किसी निजी संस्था की नहीं बल्कि सार्वजनिक संपत्ति है और नगर निगम के संपत्ति विभाग के अधीन है। नगर निगम कार्यकारिणी की स्वीकृति से भूमि आवंटित विकास जायसवाल ने बताया कि साल 2003 में केडीए द्वारा तैयार लेआउट प्लान के तहत इस क्षेत्र को विकसित कर नगर निगम को हस्तांतरित किया गया था। पहले प्रस्तावित स्थान पर आपत्ति आने के बाद बारातशाला को पास स्थित पुराने ट्यूबवेल की भूमि पर बनाया गया। उन्होंने कहा कि इस संबंध में केडीए के उपाध्यक्ष, नगर आयुक्त और संबंधित अभियंताओं के हस्ताक्षरयुक्त दस्तावेज उपलब्ध हैं। उन्होंने यह भी बताया कि जायसवाल मित्र सभा को समाज सेवा के उद्देश्य से ई-एंबुलेंस, डीप फ्रीजर, शव वाहन और ऑक्सीजन सिलेंडर रखने के लिए नगर निगम कार्यकारिणी की स्वीकृति से भूमि आवंटित की गई थी। उनके अनुसार कार्यकारिणी की बैठक में प्रस्ताव संख्या-243 के तहत यह निर्णय लिया गया था और कार्यपालक अभियंता की रिपोर्ट में भूमि को रिक्त बताया गया था। पार्षद विकास जायसवाल ने कहा कि उनका वार्ड कार्यालय भी विधिवत स्वीकृत है और उसके संबंध में सभी अभिलेख उपलब्ध हैं।
BHU में छात्रों का उपवास:झारखंड में लाठीचार्ज के विरोध में देशव्यापी आंदोलन की चेतावनी
झारखंड में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में काशी हिंदू विश्वविद्यालय के छात्रों ने मोर्चा खोल दिया है। छात्रों ने BHU परिसर में एक दिवसीय उपवास रखकर झारखंड के आंदोलनरत विद्यार्थियों के समर्थन में आवाज बुलंद की। छात्रों ने झारखंड सरकार से विद्यार्थियों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और पूरे मामले का उचित समाधान निकालने की मांग की है। BHU के छात्रों का कहना है कि झारखंड में अपने अधिकारों और परीक्षाओं से जुड़े मुद्दों को लेकर आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों पर जिस तरह से लाठीचार्ज किया गया, वह लोकतांत्रिक व्यवस्था में उचित नहीं है। छात्रों ने लाठीचार्ज की कड़े शब्दों में निंदा करते हुए घायल और चोटिल विद्यार्थियों के प्रति एकजुटता जताई। एक दिन के उपवास से बड़े आंदोलन का संकेत BHU के छात्रों ने स्पष्ट किया कि यह उपवास केवल सांकेतिक विरोध नहीं है, बल्कि आगे होने वाले बड़े आंदोलन की शुरुआत है। छात्रों ने कहा कि झारखंड में चल रहा छात्र आंदोलन अब केवल एक राज्य तक सीमित नहीं रह गया है। देश के अलग-अलग विश्वविद्यालयों और छात्र संगठनों तक इसकी आवाज पहुंच रही है। छात्र नेता अभय सिंह ने कहा कि झारखंड के विद्यार्थियों की मांगों के समर्थन में BHU के छात्र एक दिन के उपवास पर बैठे हैं। उन्होंने सरकार को संदेश देते हुए कहा कि विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से सुना जाए और उनके साथ संवाद के माध्यम से समाधान निकाला जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि छात्रों की मांगों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई तो BHU के छात्र वाराणसी की सड़कों पर उतरने के साथ-साथ झारखंड जाने का भी निर्णय ले सकते हैं। किन मांगों को लेकर चल रहा है विरोध? BHU छात्रों के मुताबिक झारखंड में आंदोलन कर रहे विद्यार्थियों की प्रमुख मांगों में परीक्षाओं से जुड़े विवादों का समाधान, कथित परीक्षा धांधली की जांच और संबंधित परीक्षाओं को रद्द करने की मांग शामिल है। छात्रों ने विशेष रूप से JPSC की 14वीं परीक्षा को रद्द करने, JSSC परीक्षा में कथित धांधली के मामले में कार्रवाई और पूरे प्रकरण की CBI जांच की मांग का समर्थन किया है। BHU के छात्रों का कहना है कि विद्यार्थियों के भविष्य से जुड़े इन सवालों का समाधान राजनीतिक दृष्टिकोण से नहीं, बल्कि छात्रों के हित और निष्पक्ष जांच के आधार पर होना चाहिए। झारखंड सरकार को छात्रों की चेतावनी BHU के छात्रों ने झारखंड सरकार को चेतावनी देते हुए कहा कि सरकार आंदोलनरत विद्यार्थियों की मांगों को गंभीरता से ले। छात्रों से बातचीत कर उचित समाधान निकाला जाए, ताकि आंदोलन को आगे बढ़ने से रोका जा सके। छात्रों का कहना है कि यदि सरकार उनकी मांगों पर अमल नहीं करती है और संवाद के जरिए समस्या का समाधान नहीं निकालती है, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। छात्रों ने कहा कि जरूरत पड़ने पर वे वाराणसी की सड़कों से लेकर झारखंड और दिल्ली तक आंदोलन करने से पीछे नहीं हटेंगे। जंतर-मंतर आंदोलन का भी दिया हवाला छात्रों ने अपने बयान में दिल्ली के जंतर-मंतर पर हुए पूर्व छात्र आंदोलनों का हवाला देते हुए कहा कि BHU के विद्यार्थियों ने पहले भी छात्र हित के मुद्दों पर मजबूती से आवाज उठाई है। उनका कहना है कि यदि झारखंड के विद्यार्थियों की समस्याओं का समाधान नहीं हुआ तो देशभर के छात्र संगठनों को एक मंच पर लाने का प्रयास किया जाएगा। छात्रों ने देश के दूसरे विश्वविद्यालयों से भी झारखंड के विद्यार्थियों के समर्थन में आगे आने की अपील की। विपक्ष की चुप्पी पर भी उठाए सवाल BHU के छात्रों ने झारखंड में छात्रों के मुद्दे पर विपक्षी दलों की कथित चुप्पी पर भी सवाल उठाए। छात्रों का कहना है कि विद्यार्थियों के मुद्दे को राजनीतिक दलों के फायदे-नुकसान के नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। छात्रों ने कहा कि सत्ता पक्ष हो या विपक्ष, सभी राजनीतिक दलों को छात्र हित के मुद्दे पर एकजुट होकर विद्यार्थियों की समस्याओं के समाधान की दिशा में काम करना चाहिए। उनका कहना है कि छात्रों पर लाठीचार्ज और उनके घायल होने की घटनाओं को किसी राजनीतिक एजेंडे से जोड़कर नहीं देखा जाना चाहिए।
संयुक्त किसान मोर्चा (SKM) के आह्वान पर देशभर में 'जेल भरो' और अन्य विरोध प्रदर्शन आयोजित किए गए। भारत छोड़ो दिवस की 84वीं वर्षगांठ के अवसर पर किसानों, कृषि श्रमिकों और मजदूरों ने अपनी विभिन्न मांगों को लेकर राष्ट्रपति के नाम एक मांग पत्र जिलाधिकारी/उपजिलाधिकारी के माध्यम से भेजा। इस ज्ञापन में केंद्र सरकार से कृषि और श्रमिकों से जुड़े मुद्दों पर तत्काल कार्रवाई की मांग की गई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने राष्ट्रपति को भेजे अपने मांग पत्र में कहा कि 9 दिसंबर 2021 को दिल्ली की सीमाओं पर हुए किसान आंदोलन के बाद केंद्र सरकार ने MSP, कर्जमाफी, बिजली के निजीकरण और किसानों पर दर्ज मामलों को वापस लेने के संबंध में लिखित आश्वासन दिए थे। संगठन ने नाराजगी जताते हुए कहा कि इन आश्वासनों को अभी तक लागू नहीं किया गया है और राष्ट्रपति से केंद्र सरकार के स्तर पर हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में भारत-अमेरिका मुक्त व्यापार समझौते का विरोध किया गया है। किसानों ने संसद में बिना चर्चा के अपनाए गए मौजूदा मुक्त व्यापार समझौतों को रद्द करने की मांग की। संगठन का कहना है कि ऐसे समझौतों का भारतीय कृषि, उद्योग और श्रमिकों पर प्रतिकूल प्रभाव पड़ सकता है। इसके साथ ही कृषि उपज के मुक्त आयात पर रोक लगाने की मांग भी उठाई गई है। किसानों से जुड़े प्रमुख मुद्दों में सभी फसलों के लिए C2+50 प्रतिशत के आधार पर न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) की कानूनी गारंटी और सुनिश्चित सरकारी खरीद का कानून बनाने की मांग शामिल है। इसके अलावा, ग्रामीण ऋणग्रस्तता को समाप्त करने के लिए किसानों और दिहाड़ी मजदूरों की व्यापक कर्जमाफी लागू करने की मांग भी की गई है। संयुक्त किसान मोर्चा ने किसान आत्महत्या के मामलों में पीड़ित परिवारों को 25 लाख रुपये मुआवजा देने और उनके पूर्ण पुनर्वास की जिम्मेदारी तय करने की मांग भी रखी। संगठन ने कृषि विपणन के लिए राष्ट्रीय नीति ढांचे के कार्यान्वयन को तत्काल रोकने की मांग करते हुए इसे निरस्त कृषि कानूनों की कथित 'बैकडोर एंट्री' बताया। श्रमिकों से जुड़ी मांगों में चारों श्रम संहिताओं को रद्द करने और सभी श्रमिकों के लिए 42 हजार रुपये प्रतिमाह के वैधानिक न्यूनतम वेतन की मांग की गई। वहीं मनरेगा को बहाल और मजबूत करते हुए साल में 200 दिनों के रोजगार की गारंटी देने की मांग भी ज्ञापन में शामिल है।संयुक्त किसान मोर्चा ने कहा कि देश में किसानों, कृषि मजदूरों, औद्योगिक श्रमिकों, ग्रामीण मजदूरों, आदिवासियों, कर्मचारियों, युवाओं और महिलाओं समेत मेहनतकश तबकों के सामने गंभीर आर्थिक और सामाजिक संकट है। संगठन ने राष्ट्रपति से मांगों पर केंद्र सरकार को तत्काल कार्रवाई के निर्देश देने की अपील की।
जमशेदपुर में दो बाइकों की भीषण टक्कर, ड्यूटी से लौट रहे टाटा मोटर्स कर्मी की मौत; 3 युवक गंभीर
जमशेदपुर के निर्मल चौक पर दो बाइकों की जोरदार टक्कर में टाटा मोटर्स के ठेका कर्मी राकेश महतो की मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए।
चेंजिंग रूम में पेशाब की बोतलें... कांवड़ियों के जाने के बाद हरिद्वार का हाल बेहाल
पेशाब की बोतलें मिलने के दावे का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल है. मेले में नगर निगम ने 1000 अतिरिक्त कर्मचारियों, 80 से अधिक वाहनों और ड्रोन निगरानी के साथ सफाई अभियान चलाया था. इस दौरान हजारों टन कूड़ा भी इकट्ठा किया गया.
लखनऊ के रहीमाबाद थाना क्षेत्र स्थित ग्राम अहिंडर में बुधवार को एक हृदयविदारक घटना सामने आई। यहां एक 24 वर्षीय नवविवाहिता का शव संदिग्ध परिस्थितियों में अपने ही घर की कोठरी में फांसी के फंदे से झूलता मिला। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर आगे की वैधानिक कार्रवाई शुरू कर दी। शादी के महज छह महीने बाद हुई इस घटना से इलाके में हड़कंप मच गया है। प्राप्त जानकारी के अनुसार, ग्राम अहिंडर निवासी सीताराम उर्फ गोलू की 24 वर्षीय पत्नी नीलम अपने घर में मौजूद थीं। जब काफी देर तक वह कोठरी से बाहर नहीं निकलीं, तो उनकी सास को अनहोनी की आशंका हुई। सास ने जब कोठरी के भीतर जाकर देखा तो उनके होश उड़ गए—नीलम साड़ी के फंदे से लटक रही थीं। यह खौफनाक मंजर देखते ही सास ने तुरंत शोर मचाया और मामले की सूचना अपने बेटे गोलू तथा स्थानीय रहीमाबाद थाना पुलिस को दी। 6 महीने पहले हुई थी शादी, पति पुणे में कार्यरत घटना की जानकारी मिलने पर रहीमाबाद पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को फंदे से नीचे उतरवाया, घटनास्थल का निरीक्षण किया और शव का पंचनामा भरकर उसे पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। मृतका के पति सीताराम उर्फ गोलू ने बताया कि नीलम से उनकी शादी करीब छह महीने पहले ही अतरौली थाना क्षेत्र के सुआगढ़ गांव से हुई थी। गोलू महाराष्ट्र के पुणे स्थित एक होटल में कारीगर का काम करते हैं और घटना के वक्त वह वहीं मौजूद थे। पति के मुताबिक, मंगलवार शाम को ही उनकी फोन पर नीलम से सामान्य बातचीत हुई थी और उनके बीच किसी भी तरह का कोई विवाद या मनमुटाव नहीं था। पुलिस जांच में जुटी आखिर शादी के छह महीने बाद ही नवविवाहिता ने यह आत्मघाती कदम क्यों उठाया, इसका स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आ सका है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की छानबीन कर रही है। इस संबंध में रहीमाबाद थाना प्रभारी (इंस्पेक्टर) अरुण कुमार त्रिगुणनायक ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों और मायके पक्ष के बयानों के साथ-साथ पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के सही कारणों का पता चल सकेगा, जिसके आधार पर अग्रिम कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फतेहाबाद जिले में सीआईए रतिया पुलिस ने नशा तस्करों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत एक युवक को अफीम के साथ गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रतिया कस्बे में की गई। आरोपी युवक की पहचान गांव घोटड़ू निवासी आकाशदीप सिंह के रूप में हुई है। तलाशी के दौरान युवक के कब्जे से 605 ग्राम अफीम बरामद हुई है। सीआईए रतिया प्रभारी उपनिरीक्षक प्रदीप कुमार ने बताया कि पुलिस टीम गश्त पर थी। उन्हें सूचना मिली कि आकाशदीप सिंह पंजाब से अफीम लाकर रतिया में बेचता है और वह टोहाना चुंगी, रतिया के पास अफीम लेकर आने वाला है। नाकाबंदी करके पकड़ा गया आरोपी सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने जिंगो हेयर सैलून के पास नाकाबंदी की और आरोपी को पकड़ लिया। नियमानुसार तलाशी लेने पर उसके काले रंग के पिट्ठू बैग से 605 ग्राम अफीम, एक छोटा इलेक्ट्रॉनिक कांटा और 20 खाली पारदर्शी पाउच बरामद हुए। इस संबंध में थाना शहर रतिया में एनडीपीएस एक्ट की धारा 18C/61/85 के तहत केस दर्ज किया गया है। आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा और मामले में आगे की जांच जारी है।
बोकारो के चास में 53वें वार्षिक श्रावणी महोत्सव के दौरान एक शोभायात्रा में अजगर सांप के साथ करतब दिखाए जा रहे थे। वन विभाग ने सूचना मिलने पर अजगर को रेस्क्यू कर सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया। यह घटना मंगलवार देर रात श्री श्री शनि ठाकुर बाड़ी में हुई। मंदिर प्रांगण से भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जिसमें उज्जैन और जमशेदपुर से आए कलाकारों ने विभिन्न कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इसी दौरान कलाकारों की एक टीम अजगर सांप के साथ करतब दिखा रही थी, जिसे देखने के लिए भारी भीड़ जमा हो गई। लोगों की भीड़ और सांप के प्रदर्शन की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने अजगर को अपने कब्जे में लेकर सुरक्षित रेस्क्यू किया। प्रभारी डीएफओ नीतीश कुमार ने बताया कि वन्यजीवों को पकड़कर रखना और उनसे प्रदर्शन कराना कानूनन प्रतिबंधित है। उन्होंने स्पष्ट किया कि सूचना मिलने के बाद वन विभाग ने हस्तक्षेप करते हुए सांप को रेस्क्यू किया। नीतीश कुमार ने आगे बताया कि रेस्क्यू किया गया अजगर पाइथन समूह का है और संरक्षित वन्यजीव की श्रेणी में आता है। ऐसे वन्यजीवों को न तो पालतू बनाया जा सकता है और न ही उनसे किसी प्रकार का करतब कराया जा सकता है। वन विभाग ने लोगों से अपील की है कि किसी भी जंगली जानवर या सांप को पकड़कर रखने के बजाय इसकी सूचना तत्काल वन विभाग को दें। विभाग ने यह भी स्पष्ट किया कि यह कार्रवाई वन्यजीवों की सुरक्षा के साथ-साथ आम लोगों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए की गई। अजगर को बाद में सुरक्षित वन क्षेत्र में छोड़ दिया गया।
रायबरेली के सुल्तानपुर आइमा गांव में सरकार द्वारा कराए जा रहे रिंग रोड के निर्माण के कारण ग्रामीणों के सामने आवागमन की गंभीर समस्या उत्पन्न हो गई है। रिंग रोड निर्माण के दौरान गांव को नहर से जोड़ने वाले पुराने खड़ंजे को ध्वस्त कर दिया गया है, जिससे ग्रामीणों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है। गांव के निवासी नवल किशोर पाण्डेय और अन्य ग्रामीणों ने सदर विधायक अदिति सिंह को एक मांग पत्र सौंपकर अपनी समस्याओं से अवगत कराया है। प्रार्थना पत्र में बताया गया है कि ग्राम प्रधान द्वारा गांव से नहर तक एक खड़ंजा मार्ग का निर्माण कराया गया था, जिसका उपयोग ग्रामवासी आवाजाही के लिए करते थे। ग्रामीणों के अनुसार, रिंग रोड के निर्माण कार्य के दौरान कर्मचारियों द्वारा इस मार्ग को तोड़ दिया गया है और इसके स्थान पर नाले व दीवार का निर्माण किया जा रहा है। निर्माण कर्मचारियों ने स्पष्ट किया है कि उक्त स्थान पर ग्रामीणों के लिए कोई सर्विस लेन या वैकल्पिक मार्ग प्रस्तावित नहीं है। इससे भविष्य में, विशेषकर बरसात के दिनों में, गांव वालों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ेगा। समस्या के स्थायी समाधान के लिए ग्रामीणों ने पांसापुर से सुल्तानपुर आइमा होते हुए नहर तक एक सर्विस लेन के निर्माण की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि यदि यह सर्विस लेन नहीं बनाई गई तो उनका अपने गंतव्य तक पहुंचना अत्यंत कठिन हो जाएगा। इस दौरान आशुतोष त्रिवेदी, अंकुर त्रिवेदी, सुशील त्रिवेदी, राम किशोर त्रिवेदी, विवेक पाण्डेय, शुभम पाण्डेय और सुभाष चंद्र सहित कई ग्रामीण मौजूद रहे।
मंदसौर जिले में सुस्त पड़ा मानसून एक बार फिर सक्रिय हो गया है। सोमवार से शुरू हुआ बारिश का दौर बुधवार को भी जारी रहा। मंदसौर शहर समेत जिले के अधिकांश हिस्सों में हल्की से तेज बारिश हुई। लगातार बारिश से शहर के कई इलाकों में जलभराव की स्थिति बनी, वहीं तापमान गिरने से लोगों को गर्मी और उमस से राहत मिली। पिछले 24 घंटे में जिले में 1.82 इंच बारिश दर्ज की गई है। वहीं बीते 48 घंटे में कुल 3.38 इंच वर्षा हुई। मंदसौर के अलावा दलौदा, अफजलपुर, सीतामऊ, नाहरगढ़, भानपुरा, गरोठ, सुवासरा, शामगढ़, मल्हारगढ़, पिपलियामंडी, नारायणगढ़, डिगांव और बरखेड़ा समेत अधिकांश क्षेत्रों में बारिश का दौर जारी है। इस मानसूनी सीजन में जिले में अब तक 19.18 इंच बारिश दर्ज हो चुकी है। पिछले साल इसी अवधि तक 19.76 इंच बारिश हुई थी। इस लिहाज से इस साल अब तक 0.58 इंच कम बारिश दर्ज हुई है। कलाभाटा डैम के गेट खोले, पशुपतिनाथ मंदिर की पुलिया डूबी लगातार बारिश के कारण नदी-नालों का जलस्तर बढ़ गया है। कलाभाटा डैम में पानी की आवक बढ़ने के बाद मंगलवार को दो छोटे गेट करीब तीन-तीन फीट खोले गए थे। बुधवार को भी एक गेट करीब तीन फीट तक खोला गया। डैम से पानी की आवक बढ़ने के कारण पशुपतिनाथ मंदिर की छोटी पुलिया जलमग्न हो गई। एहतियात के तौर पर पुलिया से आवागमन बंद कर दिया गया है। पुलिसकर्मी मौके पर तैनात हैं और लोगों को पुलिया पार करने से रोक रहे हैं। नाहरगढ़-बिल्लोद मार्ग पर भी पुलिया डूबी लगातार बारिश के कारण नाहरगढ़-बिल्लोद मार्ग पर शिवना नदी की पुलिया पर भी पानी आ गया है। इसके बाद यहां यातायात रोक दिया गया। नाहरगढ़ पुलिस मौके पर तैनात है और पुलिया के दोनों ओर लोगों को पानी के बीच से निकलने से रोक रही है। प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि पानी का बहाव कम होने तक किसी भी पुलिया को पार करने का प्रयास न करें। आवागमन के लिए सुरक्षित वैकल्पिक मार्गों का ही इस्तेमाल करें। 12 से 15 अगस्त तक ज्यादा सक्रिय रहेगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार 12 से 15 अगस्त के बीच मंदसौर जिले में बारिश की गतिविधियां ज्यादा सक्रिय रहने की संभावना है। इस दौरान कई इलाकों में मध्यम से तेज बारिश के दौर देखने को मिल सकते हैं। 16 अगस्त के बाद बारिश की तीव्रता में कुछ कमी आने का अनुमान है, हालांकि मानसून की गतिविधियां पूरी तरह खत्म नहीं होंगी।
रायबरेली में मौसम के लगातार बदलते मिजाज का असर अब लोगों के स्वास्थ्य पर दिखाई दे रहा है। अचानक हुए मौसमी बदलाव के कारण लोग तेजी से बीमारियों की चपेट में आ रहे हैं। इसका सबसे बड़ा प्रभाव अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (AIIMS), रायबरेली की ओपीडी में देखने को मिल रहा है। जहां इन दिनों मरीजों की संख्या में उल्लेखनीय वृद्धि दर्ज की गई है। एम्स रायबरेली के मेडिसिन और बाल रोग विभाग की ओपीडी में सुबह से ही मरीजों की लंबी कतारें देखी जा रही हैं। डॉक्टरों के अनुसार, अस्पताल में आने वाले अधिकांश मरीज तेज बुखार, शरीर और जोड़ों में दर्द, उल्टी-दस्त, सर्दी-जुकाम और सांस की तकलीफ जैसी समस्याओं से पीड़ित हैं। इस बदलते मौसम से वयस्क, छोटे बच्चे और बुजुर्ग सभी प्रभावित हो रहे हैं। एम्स के चिकित्सक डॉ. नीरज श्रीवास्तव और आयुर्वेदिक चिकित्सक डॉ. हरिकिशन पारीक ने बताया कि मौसम में अचानक आई नमी और तापमान में उतार-चढ़ाव के कारण बैक्टीरिया और वायरस अधिक सक्रिय हो जाते हैं। उन्होंने सलाह दी कि इस दौरान खान-पान और पहनावे पर विशेष ध्यान देना चाहिए। बासी भोजन, दूषित पानी और अचानक ठंड-गर्मी के संपर्क में आने से बचना महत्वपूर्ण है, क्योंकि जरा सी लापरवाही भी स्वास्थ्य पर भारी पड़ सकती है।चिकित्सकों ने बचाव के लिए कुछ महत्वपूर्ण उपाय भी सुझाए हैं। दूषित पानी से होने वाले दस्त और पेट के संक्रमण से बचने के लिए पानी उबालकर पीने की सलाह दी गई है। इसके अतिरिक्त, बाहर के खुले, बासी या कटे हुए फल और भोजन से परहेज करना चाहिए। सुबह और रात के समय होने वाली हल्की ठंड या नमी से बचाव करें। उन्होंने यह भी चेतावनी दी कि बुखार या दस्त होने पर मेडिकल स्टोर से अपनी मर्जी से एंटीबायोटिक लेने के बजाय तुरंत किसी नजदीकी डॉक्टर से परामर्श लेना चाहिए।
देवरिया में युवक ने किशोरी से रेप किया:स्कूल जाते समय बहलाकर ले गया, सहेली के घर छोड़कर फरार हुआ
देवरिया के महुआडीह थाना क्षेत्र में एक किशोरी से कथित दुष्कर्म का मामला सामने आया है। पुलिस ने एक युवक के खिलाफ बहला-फुसलाकर ले जाने और दुष्कर्म का मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस आरोपी की तलाश शुरू कर दी गई है। पीड़िता की मां ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी स्कूल जा रही थी। इसी दौरान आरोपी युवक उसे बहला-फुसलाकर अपने साथ ले गया। आरोप है कि युवक ने किशोरी के साथ दुष्कर्म किया। दुष्कर्म के बाद युवक किशोरी को उसकी सहेली के घर छोड़कर फरार हो गया। घटना की जानकारी मिलने पर परिजन किशोरी को लेकर पुलिस के पास पहुंचे और आरोपी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। महुआडीह थानाध्यक्ष अमित कुमार राय ने बताया कि मामले में आरोपी के खिलाफ संबंधित धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कर ली गई है। आरोपी की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीम गठित की गई है और उसकी तलाश की जा रही है। पुलिस मामले से जुड़े अन्य तथ्यों की भी जांच कर रही है।
आगरा पुलिस ने निकाली तिरंगा रैली, 'हर घर तिरंगा' अभियान को दिया बढ़ावा
आगरा पुलिस ने 'हर घर तिरंगा' अभियान के तहत पुलिस लाइन से एक तिरंगा रैली निकाली। इस दौरान पुलिस ने लोगों से अभियान से जुड़कर घरों पर तिरंगा फहराने और राष्ट्र गौरव बढ़ाने की अपील की।
रायबरेली के लालगंज क्षेत्र में पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए दो कंटेनरों से करीब 60 भैंसें बरामद की हैं। पुलिस ने इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। ये भैंसें अवैध रूप से वध के लिए ले जाई जा रही थीं। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि फतेहपुर से कानपुर की ओर दो कंटेनरों में भैंसों का अवैध परिवहन किया जा रहा है। सूचना मिलते ही लालगंज पुलिस ने बाबा पुरवा के पास दोनों कंटेनरों को रोका और उनकी तलाशी शुरू की। सीओ लालगंज ने बताया कि पुलिस ने मौके पर पहुंचकर अवैध रूप से भैंसों को ले जा रहे दो टैंकरों को कब्जे में लिया। इन टैंकरों से कुल 60 भैंसें बरामद की गईं और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस पशुओं को ले जाने से संबंधित दस्तावेजों और अन्य पहलुओं की गहन जांच कर रही है। मामले में आगे की कार्रवाई जांच पूरी होने के बाद की जाएगी।
अलीगंज अग्निकांड का SC ने लिया संज्ञान, इसी महीने लखनऊ आकर अवैध भवनों की जांच करेंगे न्याय मित्र
सुप्रीम कोर्ट ने अलीगंज अग्निकांड का संज्ञान लेते हुए लखनऊ में अवैध भवनों के निरीक्षण का निर्देश दिया है।
प्रदेश के पौने दो लाख विद्यार्थियों की दसवीं और बारहवीं कक्षा की परीक्षा आवेदन में भारत सरकार की APAAR (ऑटोमेटेड परमानेंट एकेडमिक अकाउंट रजिस्ट्री) आईडी व्यवस्था बाधक बन सकती है। इसे देखते हुए चालू शिक्षा सत्र से इस आईडी की अनिवार्यता खत्म करने की मांग स्कूल शिक्षा विभाग ने माध्यमिक शिक्षा मंडल से की है। दरअसल कक्षा 9वीं से 12वीं के विद्यार्थियों के लिए APAAR ID बनाने के लिए तय समय सीमा में यह आईडी नहीं बन पा रही है। इसके बाद लोक शिक्षण संचालनालय ने माध्यमिक शिक्षा मंडल को इसकी समय सीमा बढ़ाने के लिए कहा है। लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं के नामांकन तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षा आवेदन प्रक्रिया में APAAR ID को वैकल्पिक ID के रूप में स्वीकार करने और आवेदन की अंतिम तिथि 16 अगस्त 2026 तक बढ़ाने को भी कहा है। लोक शिक्षण संचालनालय समग्र शिक्षा (सेकेंडरी एजुकेशन) की ओर से सचिव माध्यमिक शिक्षा मंडल को लिखे पत्र में कहा गया है कि माध्यमिक शिक्षा मंडल द्वारा कक्षा 10वीं एवं 12वीं की परीक्षाओं के आवेदन तथा कक्षा 9वीं के नए विद्यार्थियों के नामांकन आवेदन में UDISE पोर्टल पर आधारित APAAR ID को अनिवार्य जानकारी के रूप में मांगा गया है। वर्तमान शैक्षणिक सत्र में कक्षा 9वीं से 12वीं तक करीब 80 प्रतिशत विद्यार्थियों की APAAR ID बन चुकी है, जबकि लगभग 20 प्रतिशत विद्यार्थियों की APAAR ID बनना अभी बाकी है। संचालनालय ने आशंका जताई है कि यदि APAAR ID को अनिवार्य रखा गया तो जिन विद्यार्थियों की ID अभी नहीं बनी है, वे कक्षा 9वीं के नामांकन और कक्षा 10वीं और 12वीं के परीक्षा आवेदन से वंचित हो सकते हैं। इससे विद्यार्थियों के वार्षिक परीक्षा में शामिल होने में भी परेशानी उत्पन्न हो सकती है। यहां बता दें कि प्रदेश में करीब नौ लाख विद्यार्थी हाईस्कूल परीक्षा देने वाले हैं। APAAR ID की जगह ऑप्शनल ID की मांग विद्यार्थियों की परेशानी को देखते हुए लोक शिक्षण संचालनालय ने शैक्षणिक सत्र 2026-27 में कक्षा 9वीं के नामांकन आवेदन तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा आवेदनों में APAAR ID को फिलहाल वैकल्पिक ID के रूप में स्वीकार करने का अनुरोध किया है। साथ ही आवेदन की अंतिम तिथि 16 अगस्त 2026 तक बढ़ाने की मांग की गई है, ताकि सभी विद्यार्थी आसानी से अपने नामांकन एवं परीक्षा आवेदन जमा कर सकें। 2027-28 से APAAR ID अनिवार्य करने का प्रस्ताव संचालनालय ने स्पष्ट किया है कि आगामी शैक्षणिक सत्र 2027-28 के परीक्षा आवेदनों में APAAR ID को अनिवार्य ID के रूप में रखा जा सकता है। इससे विद्यार्थियों को पर्याप्त समय में APAAR ID बनवाने का अवसर मिल जाएगा और भविष्य में परीक्षा आवेदन प्रक्रिया के दौरान किसी विद्यार्थी को परेशानी का सामना नहीं करना पड़ेगा।
सिरसा जिले से बलजीत सिंह जत्थेदार दादूवाल ने मीडिया को जारी बयान में गुरसिमरन मंड के खिलाफ गुरुपर्व के महान समागम को साजिश के तहत शरारती तरीके से खराब करने और श्रद्धालु सिखों को घायल करने के मामले में पुलिस प्रशासन को गुरसिमरन मंड के खिलाफ तुरंत मामला दर्ज करना चाहिए। दादूवाल बोले, गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब आठवें पातशाह बाला प्रीतम श्री गुरु हरिकृष्ण साहिब जी का पावन एवं प्रसिद्ध धार्मिक स्थान है, जहां 5, 6 और 7 अगस्त को बाला प्रीतम जी का पावन प्रकाश दिवस हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी द्वारा संगतों के सहयोग से चढ़दी कला में मनाया गया। लेकिन एक सोची-समझी साजिश के तहत लुधियाना के एक विवादित व्यक्ति गुरसिमरन मंड द्वारा गुरुपर्व वाले दिन पंजोखरा साहिब पहुंचकर बंद रास्ते की ओर से सेवादारों के साथ जबरदस्ती अपनी गाड़ी अंदर ले जाकर गुरुपर्व समारोह का माहौल खराब किया गया तथा लापरवाही से कई श्रद्धालुओं, सेवादारों और संगत पर कार चढ़ाकर उन्हें घायल कर दिया। इस घटना के कारण श्रद्धालु संगत द्वारा मंड का विरोध भी किया। गुरसिमनर मंड विवादित है : दादूवाल हरियाणा सिख गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी से धर्म प्रचार चेयरमैन बलजीत सिंह दादूवाल बोले ने मीडिया को जारी बयान में कहा, इस दुखद घटना के बारे में पता चला है। आरोप में कहा कि गुरसिमरन मंड एक विवादित व्यक्ति है और हमेशा ही सोशल मीडिया पर हिंदू-सिख भाईचारे में दरार पैदा करने तथा दोनों समुदायों को लड़ाने वाली बयानबाजी करता रहता है। इसी कारण सिख संगतों के मन में गुरसिमरन मंड के प्रति भारी रोष है। उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए : बलजीत बलजीत दादूवाल बोले, 7 अगस्त को गुरुद्वारा पंजोखरा साहिब में गुरुपर्व के समय, जब लाखों की संख्या में संगत दर्शन और स्नान करने के लिए एकत्रित हुई थी, वहां मंड का पहुंचकर इस तरह की कार्रवाई को अंजाम देना किसी साजिश के तहत की गई कार्रवाई लगती है। इसलिए पुलिस प्रशासन को चाहिए कि गुरसिमरन मंड के खिलाफ बनती कानूनी कार्रवाई के तहत मामला दर्ज करके उसे तुरंत गिरफ्तार किया जाए और उससे पूछताछ की जाए कि उसने ऐसा क्यों किया। उसे रिहा करने से ही सिख संगतों के आहत हृदय शांत हो सकते हैं।
कौशांबी के विकास खंड कड़ा स्थित प्राथमिक विद्यालय हिसामपुर परसखी में बुधवार को शिक्षकों और छात्र-छात्राओं ने तिरंगा यात्रा निकाली। इस यात्रा का उद्देश्य ग्रामीणों को 'हर घर तिरंगा' अभियान के प्रति जागरूक करना था। बच्चों ने हाथों में तिरंगा लेकर गांव की गलियों में मार्च किया और ग्रामीणों से अपने घरों पर राष्ट्रीय ध्वज फहराने की अपील की। यात्रा के दौरान बच्चों ने विभिन्न देशभक्ति नारे लगाए, जिनमें घर-घर तिरंगा फहराएगा, हमें आजादी की याद दिलाएगा, भारत की है शान तिरंगा, भारत की है पहचान तिरंगा और तीन रंग का प्यारा झंडा, हर घर में लहराए तिरंगा प्रमुख थे। इन नारों के माध्यम से उन्होंने ग्रामीणों में राष्ट्रप्रेम की भावना जगाई। शिक्षा मित्र बीरेंद्र कुमार ने बच्चों के साथ मिलकर प्रसिद्ध कवि श्यामलाल गुप्त 'पार्षद' का झंडा गीत झंडा ऊंचा रहे हमारा और विजयी विश्व तिरंगा प्यारा प्रस्तुत किया। इन देशभक्ति गीतों की गूंज से विद्यालय और गांव का वातावरण राष्ट्रभक्ति से भर गया। बच्चों और ग्रामीणों ने भी उत्साहपूर्वक इन गीतों में भाग लिया। यह तिरंगा यात्रा विद्यालय से शुरू होकर गांव के विभिन्न मार्गों से गुजरी और वापस विद्यालय परिसर में समाप्त हुई। यात्रा के दौरान शिक्षकों ने ग्रामीणों को राष्ट्रीय ध्वज के सम्मान, स्वतंत्रता संग्राम के इतिहास और राष्ट्रीय पर्वों के महत्व के बारे में जानकारी दी। प्रधानाध्यापक रामकृष्ण साहू ने बताया कि ऐसे आयोजन बच्चों में देशभक्ति, राष्ट्रीय एकता और सामाजिक जिम्मेदारी की भावना को सुदृढ़ करते हैं। इस तिरंगा यात्रा में ग्राम प्रधान शिवप्रताप सिंह, प्रधानाध्यापक रामकृष्ण साहू, सहायक अध्यापिका रिया सेठी, शिक्षा मित्र बीरेंद्र कुमार, संध्या देवी पटेल, प्रशिक्षु अंजली देवी और वालंटियर रोहिणी देवी सहित विद्यालय के छात्र-छात्राएं शामिल थे। ग्रामीणों ने बच्चों के इस प्रयास की सराहना की और 'हर घर तिरंगा' अभियान में पूर्ण सहयोग का आश्वासन दिया।
बिजनौर जिले में गुलदार की गतिविधियां लगातार जारी हैं। हल्दौर क्षेत्र के करणपुर में रात के समय एक गुलदार सड़क पर बाइक के पीछे दौड़ता हुआ दिखाई दिया। राहगीरों ने इस घटना का वीडियो अपने मोबाइल में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। ग्रामीणों ने वन विभाग से जल्द पिंजरा लगाकर गुलदार को पकड़ने की मांग की है। जिले में गुलदार लगातार राहगीरों और किसानों को दिख रहे हैं। यह इंसानों और जानवरों पर भी हमला कर रहे हैं, जिससे स्थानीय लोगों में दहशत का माहौल है। आबादी क्षेत्रों में गुलदार के लगातार दिखने के कारण किसान अकेले खेतों में जाने से भी कतरा रहे हैं। गुलदार के हमलों में अब तक तीन दर्जन से अधिक लोगों की मौत हो चुकी है, जबकि सैकड़ों लोग घायल हुए हैं। इसके अलावा, गुलदार सैकड़ों जानवरों का भी शिकार कर चुका है, जिससे पशुपालकों को भी भारी नुकसान हुआ है। वन विभाग गुलदार को पकड़ने के लिए लगातार प्रयास कर रहा है। जिले में अब तक 120 से अधिक पिंजरे लगाए जा चुके हैं। विभाग द्वारा जागरूकता अभियान भी चलाया जा रहा है। पिछले कई दिनों से पीलीभीत टाइगर रिजर्व की टीम भी बिजनौर के गुलदार प्रभावित क्षेत्रों में नुक्कड़ नाटक के माध्यम से लोगों को जागरूक कर रही है। हाल ही में मंगलवार रात को कोतवाली देहात थाना क्षेत्र के ग्राम इस्लामपुर बेगा में भी एक गुलदार देखा गया, जो सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गया। सुबह करीब 3 बजे इसी गांव के सुरेंद्र चौधरी के घर में भी गुलदार घुस गया और एक कुत्ते पर हमला कर उसे घायल कर दिया। इन घटनाओं के बाद से ग्रामीणों में दहशत और बढ़ गई है।
कासगंज GRP ने निकाली तिरंगा यात्रा:हर घर तिरंगा अभियान का संदेश दिया, स्टेशन पर किया मार्च
कासगंज जीआरपी ने बुधवार को रेलवे स्टेशन कासगंज जंक्शन पर 'हर घर तिरंगा अभियान-2026' के तहत एक तिरंगा यात्रा का आयोजन किया। यह यात्रा पुलिस अधीक्षक रेलवे आगरा के निर्देश पर थानाध्यक्ष जीआरपी कासगंज कोमल कुंतल के नेतृत्व में निकाली गई। यात्रा जीआरपी थाना कासगंज से शुरू होकर रेलवे स्टेशन के विभिन्न प्लेटफॉर्मों और सर्कुलेटिंग एरिया से गुजरी। इस दौरान जीआरपी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने हाथों में राष्ट्रीय ध्वज लेकर पैदल मार्च किया। पुलिसकर्मियों ने इस अवसर पर लोगों को राष्ट्रीय एकता, अखंडता और देशभक्ति का संदेश दिया। यात्रा का उद्देश्य रेलवे स्टेशन पर मौजूद यात्रियों और आमजन के बीच देशप्रेम की भावना को मजबूत करना था। थानाध्यक्ष कोमल कुंतल ने बताया कि 'हर घर तिरंगा अभियान' का मुख्य उद्देश्य लोगों को राष्ट्रीय ध्वज के प्रति सम्मान और देश की एकता एवं अखंडता के प्रति जागरूक करना है। कार्यक्रम का समापन राष्ट्रभक्ति के जयघोष के साथ हुआ, जिसमें जीआरपी पुलिसकर्मियों ने खासा उत्साह दिखाया।
फतेहाबाद के उपायुक्त (डीसी) डॉ. विवेक भारती ने बुधवार को नागरिक अस्पताल का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने अस्पताल के विभिन्न विभागों का जायजा लिया और अधिकारियों व कर्मचारियों से बातचीत कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के बाद डीसी डॉ. विवेक भारती ने बताया कि अस्पताल में चल रहे नवीनीकरण कार्य को जल्द से जल्द पूरा करने के निर्देश दिए गए हैं। गायनी वार्ड और लैब का कार्य प्रगति पर है, जिसे अगले 15 दिनों में पूरा करने का आश्वासन अधिकारियों द्वारा दिया गया है। इसके अलावा, स्वास्थ्य सेवाओं और सार्वजनिक सुविधाओं से जुड़े अन्य मुद्दों के समाधान के लिए एस्टीमेट बनाकर भेजने को कहा गया है, जिस पर काम जारी है। जल्द पूरा होगा निर्माण कार्य : डीसी अस्पताल में चल रहे निर्माण कार्य के कारण आ रही व्यावहारिक दिक्कतों पर उपायुक्त ने कहा कि चालू अस्पताल में नवीनीकरण का काम होने से पूरी जगह एकदम से खाली नहीं मिल पाती, इसलिए थोड़ा समय लगता है। हालांकि, इसे पूरी प्लानिंग के साथ जल्द से जल्द पूरा किया जाएगा। अस्पताल की व्यवस्थाओं और कमियों पर प्रतिक्रिया देते हुए उन्होंने बताया कि स्टाफ अपना काम ठीक ढंग से कर रहा है। वेटिंग एरिया में नवीनीकरण के कारण जो अतिरिक्त सामान पड़ा है, उसे तुरंत हटवाने के निर्देश दिए गए हैं ताकि मरीजों और उनके तीमारदारों के बैठने की उचित व्यवस्था हो सके। समस्याओं के समाधान के लिए दिए निर्देश इसके अलावा, वार्डों में शीशों के कारण बन रही उमस की समस्या के समाधान के लिए भी संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं। डीसी ने स्पष्ट किया कि उनका मुख्य उद्देश्य यही है कि अस्पताल में व्यवस्थाएं पूरी तरह दुरुस्त रहें। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के अनुसार, अस्पतालों से आम जनता को बेहतर और सुचारू स्वास्थ्य सुविधाएं मिलें, यही जिला प्रशासन का लगातार प्रयास है।
छतरपुर के चंदला क्षेत्र में बंसिया रोड से जुड़गुड़ू-विहारगंज मार्ग पर उमरी नाले में बन रहा पुल पहली तेज बारिश में ही पानी के बहाव का दबाव नहीं झेल सका। नाले में आए तेज बहाव से पुल का करीब आधा हिस्सा बह गया। करीब 3.67 करोड़ रुपए की लागत से बन रहे इस मार्ग और पुल के क्षतिग्रस्त होने से जुड़गुड़ू, बल्दूपुरा, बिहारगंज, गोविंदपुर, मकारी, सिमरिया और गुलौरा सहित सात से अधिक गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों ने निर्माण में गुणवत्ता मानकों की अनदेखी और घटिया सामग्री के इस्तेमाल का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुल में पर्याप्त सरिया नहीं लगाया गया था और पिलर खड़े करने में मिट्टी भरने के साथ कुछ सरियों और रिंगों का ही इस्तेमाल किया गया। ग्रामीणों का दावा है कि इसी वजह से पुल पहली तेज बारिश में ही पानी के बहाव का दबाव नहीं झेल सका। हालांकि, निर्माण में निर्धारित तकनीकी मानकों का पालन हुआ था या नहीं, यह तकनीकी जांच के बाद ही स्पष्ट होगा। 3.40 किमी सड़क, लागत 366.94 लाख; छह माह से चल रहा था काम लोक निर्माण विभाग संभाग छतरपुर ने बंसिया रोड से जुड़गुड़ू-विहारगंज मार्ग का निर्माण स्वीकृत किया है। 3.40 किलोमीटर लंबे मार्ग की अनुमानित लागत 366.94 लाख रुपए है। निर्माण का ठेका मेसर्स कृष्णा कंस्ट्रक्शन एजेंसी को दिया गया है। ग्रामीणों के अनुसार, निर्माण कार्य करीब छह महीने से चल रहा था। सड़क और पुल का काम अभी पूरा भी नहीं हुआ था कि पहली तेज बारिश में पुल का बड़ा हिस्सा बह गया। देखिए तीन तस्वीरें… पुल बहने के बाद मलबा हटाने का आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि पुल का हिस्सा बहने के बाद ठेकेदार ने रातों-रात मौके से मलबा हटवा दिया। निर्माण में लगी लेबर और सामान भी वहां से हटा लिया गया। घटना का वीडियो बनाकर ग्रामीणों ने सोशल मीडिया पर वायरल किया है। ग्रामीणों का कहना है कि घटना के पांच दिन बाद भी संबंधित विभाग के अधिकारी मौके पर जांच के लिए नहीं पहुंचे हैं। जुड़गुड़ू, बिहारगंज और बल्दूपुरा सहित आसपास के ग्रामीणों ने पुल निर्माण की गुणवत्ता पर सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि पुल में पर्याप्त सरिया नहीं लगाया गया। पिलर में मिट्टी भरकर उसे खड़ा किया गया और कुछ सरियों व रिंगों के सहारे निर्माण किया जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, इसी कमजोर निर्माण के कारण पुल पहली बारिश में ही बह गया। बच्चों को पानी पार कर स्कूल जाना पड़ रहा पुल का हिस्सा बहने के बाद आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, स्कूली बच्चों को पानी के बीच से होकर स्कूल जाना पड़ रहा है। किसी व्यक्ति के बीमार होने पर उसे खाट पर रखकर नाला पार कराने की स्थिति बन गई है। ग्रामीणों का कहना है कि नाले के दूसरी ओर करीब तीन किलोमीटर तक वाहन नहीं पहुंच पा रहे हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण के दौरान ठेकेदार ने लोगों के आवागमन के लिए वैकल्पिक रास्ते की व्यवस्था नहीं की थी। अब पुल का हिस्सा बहने के बाद परेशानी और बढ़ गई है। सात से अधिक गांवों के लोगों को आवागमन में दिक्कत हो रही है। करीब 100 ग्रामीणों ने जांच की मांग की रामप्रकाश पाल, रामप्रकाश पटेल, रमेश पटेल, मनोज विश्वकर्मा, मंगल सिंह पटेल, पवन पटेल, बल्दा अनुरागी, राजकरन पटेल, कल्लू राय, पप्पू पटेल, प्रेमनारायण पटेल, धीरज विश्वकर्मा, अभिषेक पटेल, अर्जुन पटेल, रामआसरे पटेल और दिनेश पाल सहित करीब एक सैकड़ा ग्रामीणों ने प्रशासन और लोक निर्माण विभाग से पुल निर्माण की तकनीकी जांच कराने की मांग की है। ग्रामीणों ने कहा कि जांच में यदि निर्माण में लापरवाही, घटिया सामग्री या तकनीकी मानकों की अनदेखी सामने आती है तो निर्माण एजेंसी, ठेकेदार और जिम्मेदार अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की जाए। पहली बारिश में ही निर्माणाधीन पुल का बड़ा हिस्सा बहने से निर्माण एजेंसी के साथ-साथ विभागीय निगरानी पर भी सवाल खड़े हो गए हैं।
कोटपूतली नगर परिषद क्षेत्र में पिछले 14 दिनों से जारी सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण शहर की सफाई व्यवस्था प्रभावित हुई है। इसी के मद्देनजर, स्वच्छता सेवा दल के संयोजक और भाजयुमो जिला उपाध्यक्ष प्रवीण कुमार बंसल के नेतृत्व में वार्ड नंबर 37 में मेरा मोहल्ला, स्वच्छ मोहल्ला अभियान चलाया गया। नालियों और सड़कों की सफाई कीइस अभियान के तहत श्री अवध बिहारी जी मंदिर के आसपास की नालियों और सड़कों की सफाई की गई। टीम ने नालियों में जमा गंदगी को हटाया और सड़कों पर फैले कचरे का भी निस्तारण किया। इस दौरान क्षेत्रवासियों को स्वच्छता के प्रति जागरूक भी किया गया। बंसल ने बताया कि सफाईकर्मियों की हड़ताल के कारण शहर के कई इलाकों में कचरे के ढेर लग गए हैं और नालियों में गंदा पानी भरा हुआ है, जिससे आम जनता को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। उन्होंने जोर दिया कि केवल प्रशासन ही नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक का भी यह दायित्व है कि वह अपने आसपास की स्वच्छता बनाए रखने में सक्रिय सहयोग करे। बंसल ने सभी नागरिकों से मेरा मोहल्ला, स्वच्छ मोहल्ला अभियान से जुड़कर अपने-अपने क्षेत्र की स्वच्छता की जिम्मेदारी स्वयं निभाने की अपील की। उन्होंने कहा कि सामूहिक जनभागीदारी से ही स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ कोटपूतली का निर्माण संभव है। देखें अभियान से जुड़े PHOTOS
हल्द्वानी: स्कूटी सवार दोस्तों को कार ने रौंदा, एक की मौत और दूसरे की हालत गंभीर
रुद्रपुर से लौट रहे दो स्कूटी सवार दोस्तों को हल्द्वानी के बेलबाबा के पास एक तेज रफ्तार कार ने टक्कर मार दी।
हिमाचल प्रदेश में पेट्रोल और डीजल 60 पैसे प्रति लीटर महंगा हो गया है, जिस पर लोगों ने कड़ी नाराजगी जताई है। सरकार ने अनाथ एवं विधवा सेस लगाया है।
डूंगरपुर के जवाहर नवोदय विद्यालय ठाकरड़ा में मंगलवार शाम तीरंदाजी अभ्यास के दौरान 8वीं कक्षा के एक छात्र के सीने में तीर घुस गया। तलैया, बिछीवाड़ा निवासी छात्र विकास ननोमा तीरंदाजी कोर्ट में अभ्यास कर रहे बच्चों के बीच अचानक पहुंच गया था, तभी यह हादसा हुआ। तीर लगने के बाद विकास ने उसे तुरंत हाथ से निकाल लिया, लेकिन उसका आगे का नुकीला लोहे का टुकड़ा सीने में ही फंसा रह गया। स्कूल स्टाफ ने तुरंत घायल छात्र को सागवाड़ा सरकारी अस्पताल पहुंचाया। घटना की जानकारी छात्र के परिजनों और जिला प्रशासन को भी दी गई। AI जनरेटेड इन फोटोज से समझिए पूरा मामला घायल छात्र को किया उदयपुर रेफरसागवाड़ा अस्पताल से छात्र को एक निजी अस्पताल रेफर किया गया, लेकिन वहां इलाज संभव नहीं हो सका। इसके बाद उसे मंगलवार रात में ही उदयपुर के आरएनटी मेडिकल कॉलेज ले जाया गया। डूंगरपुर जिला प्रशासन ने उदयपुर प्रशासन को पहले ही सूचित कर दिया था, जिससे अस्पताल में डॉक्टरों की टीम तैयार थी। रात 2 बजे ऑपरेशन कर निकाला नुकीला टुकड़ाछात्र के अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने इलाज शुरू कर दिया। रात करीब 2 बजे डॉक्टरों ने ऑपरेशन कर विकास के सीने से तीर का नुकीला लोहे का टुकड़ा सफलतापूर्वक निकाल दिया। ऑपरेशन के बाद छात्र की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है और वह होश में है। परिजन भी उदयपुर पहुंच गए हैं। ऑपरेशन के छात्र की हालत में सुधारजवाहर नवोदय विद्यालय के प्रिंसिपल अमिल मीणा ने बताया कि अगले महीने से तीरंदाजी की राष्ट्रीय प्रतियोगिताएं होनी हैं, जिसके लिए छात्र तैयारी कर रहे थे। इसी दौरान विकास बीच में आ गया और उसे तीर लग गया। उन्होंने पुष्टि की कि उदयपुर आरएनटी में ऑपरेशन के बाद विकास की तबीयत ठीक है और उसमें सुधार हो रहा है।
नागपुर में तेज रफ्तार कार खड़े ट्रक से टकराई, दो युवकों की मौत
महाराष्ट्र के नागपुर में बुधवार तड़के एक तेज रफ्तार कार सड़क किनारे खड़े ट्रक से जा टकराई. हादसा इतना भीषण था कि कार सवार दो युवकों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया. तीनों युवक अपने दोस्त की जन्मदिन की पार्टी में शामिल होने जा रहे थे.
फरीदाबाद के सेक्टर-86 स्थित ओमेक्स हाइट्स में करीब 100 कर्मचारियों ने वेतन बढ़ाने की मांग को लेकर करीब चार घंटे तक काम बंद रखा। कर्मचारियों ने सरकार के निर्धारित वेतनमान को लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। हड़ताल की सूचना मिलने पर भूपानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और कर्मचारियों से बातचीत की। 15 दिन में वेतनमान लागू कराने का आश्वासन पुलिस की मौजूदगी में कर्मचारियों को उनकी मांग पर संबंधित अधिकारियों से बातचीत कर 15 दिन के अंदर हरियाणा सरकार का वेतनमान लागू कराने का आश्वासन दिया गया। इसके बाद कर्मचारियों ने अपनी हड़ताल खत्म कर दी और सभी कर्मचारी वापस काम पर लौट गए। कई साल से काम, फिर भी 10 से 11 हजार वेतन हड़ताल कर रहे कर्मचारी बिहारी ने बताया कि वह और अन्य कर्मचारी कई वर्षों से ओमेक्स हाइट्स में काम कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें अभी भी काफी कम वेतन दिया जा रहा है। कर्मचारियों के अनुसार सफाईकर्मी, सिक्योरिटी गार्ड और अन्य काम करने वाले कर्मचारियों को करीब 10 से 11 हजार रुपये मासिक वेतन मिल रहा है। सरकार का वेतनमान लागू करने की मांग कर्मचारियों का कहना है कि वे कई बार हरियाणा सरकार की ओर से निर्धारित वेतनमान लागू करने की मांग कर चुके हैं। उनका कहना है कि बढ़ती महंगाई के दौर में मौजूदा वेतन में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो रहा है। इसी मांग को लेकर उन्होंने काम बंद कर प्रदर्शन किया। 15,200 रुपये वेतन की मांग ओमेक्स कंपनी की ओर से नियुक्त शिफ्ट इंचार्ज जितेंद्र ने बताया कि कंपनी की तरफ से कर्मचारियों के वेतन में बढ़ोतरी की गई है। हालांकि कर्मचारी अब 15,200 रुपये वेतन की मांग कर रहे हैं। इस मांग को लेकर आरडब्ल्यूए सदस्यों के साथ बातचीत चल रही है। पुलिस ने कर्मचारियों से लिया मांग पत्र हड़ताल की सूचना मिलते ही भूपानी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। थाना प्रभारी कुलदीप ने बताया कि कर्मचारियों की ओर से एक मांग पत्र लिया गया है, जिसे संबंधित अधिकारियों तक पहुंचाया गया है। कर्मचारियों की मुख्य मांग वेतन बढ़ाने और निर्धारित वेतनमान लागू करने की है। आश्वासन के बाद कर्मचारियों ने हड़ताल समाप्त कर दी।
एक युवक ने दरभंगा में विदेश में नौकरी दिलाने वाली कंपनी पर शर्तों में हेराफेरी और पासपोर्ट न लौटाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। पुलिस ने हस्तक्षेप कर युवक का पासपोर्ट वापस दिलवाया और कंपनी के दस्तावेजों की जांच शुरू की, जिसमें अनियमितताएं सामने आईं।
आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के सितारा महमूदपुर गांव में मजदूरी का पैसा मांगने गई दलित महिलाओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार 11 अगस्त की बताई जा रही है। इस घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक और विवाद होता दिखाई दे रहा है। पीड़ित महिलाओं और उनके परिजनों का आरोप है कि खेत में मजदूरी करने के बाद वे अपना बकाया मजदूरी मांगने के लिए तब्बू पुत्र कैश के घर गई थीं। आरोप है कि मजदूरी मांगने पर तब्बू और उसके परिजन भड़क गए तथा गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। विरोध करने पर महिलाओं के साथ मारपीट की गई। पीड़िताओं उषा पुत्री ओमप्रकाश, रेनू पुत्री जयप्रकाश और करीना पुत्री संतोष द्वारा दी गई तहरीर के अनुसार, तब्बू के ललकारने पर अब्दुल हलीम, इब्राहिम, अफान पुत्र अबूबकर समेत अन्य लोगों ने भी उनके साथ मारपीट की। इसके बाद जब पीड़िताएं घर पहुंचीं और अपने माता-पिता को घटना की जानकारी दी तो परिवार के लोग मौके पर पहुंचे, जहां उनके साथ भी मारपीट की गई। मामले की छानबीन में जुटी पुलिसघटना की सूचना डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के बावजूद उनका मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिया गया।पीड़ित परिवार का यह भी आरोप है कि जब वे शिकायत लेकर देर शाम दीदारगंज थाने पहुंचे तो उन्हें काफी देर तक दूसरे पक्ष के आने का इंतजार कराया गया। इसके बाद दूसरे पक्ष के पहुंचते ही उन्हें थाने से भगा दिया गया। पीड़ितों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग करते हुए उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। वहीं मामले की जानकारी के बाद पुलिस जांच में जुट गई है। आजमगढ़ जिले के दीदारगंज थाना क्षेत्र के सितारा महमूदपुर गांव में मजदूरी का बकाया पैसा मांगने गई दलित महिलाओं के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। घटना मंगलवार, 11 अगस्त की बताई जा रही है। विवाद का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें दोनों पक्षों के बीच तीखी नोकझोंक दिखाई दे रही है। पीड़ित महिलाओं और उनके परिजनों का आरोप है कि उन्होंने खेत में मजदूरी की थी। काम पूरा होने के बाद वे अपना बकाया भुगतान मांगने के लिए तब्बू पुत्र कैश के घर गई थीं। आरोप है कि मजदूरी मांगने पर तब्बू और उसके परिजन भड़क गए तथा गाली-गलौज करते हुए जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किया। विरोध करने पर महिलाओं के साथ मारपीट की गई। तहरीर में कई लोगों पर मारपीट का आरोप पीड़िताओं उषा पुत्री ओमप्रकाश, रेनू पुत्री जयप्रकाश और करीना पुत्री संतोष ने दीदारगंज थाने में दी गई तहरीर में आरोप लगाया है कि तब्बू के ललकारने पर अब्दुल हलीम, इब्राहिम, अफान पुत्र अबूबकर समेत अन्य लोगों ने भी उनके साथ मारपीट की। परिजनों के अनुसार, घायल महिलाएं जब घर पहुंचीं और घटना की जानकारी दी, तब परिवार के लोग मौके पर पहुंचे। आरोप है कि वहां उनके साथ भी मारपीट की गई। डायल 112 पर दी गई सूचना घटना की सूचना डायल 112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पीड़ित पक्ष का आरोप है कि पुलिस की मौजूदगी के दौरान उनका मोबाइल फोन तोड़कर फेंक दिया गया। पीड़ित परिवार ने यह भी आरोप लगाया कि देर शाम जब वे शिकायत लेकर दीदारगंज थाने पहुंचे तो उन्हें काफी देर तक दूसरे पक्ष के आने का इंतजार कराया गया। उनका कहना है कि दूसरे पक्ष के पहुंचने के बाद उन्हें थाने से भगा दिया गया। निष्पक्ष जांच की मांग पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने उच्च अधिकारियों से न्याय की गुहार लगाई है। उधर, पुलिस का कहना है कि तहरीर के आधार पर मामले की जांच की जा रही है। वायरल वीडियो की भी जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी में मिशन इक्वेलिटी स्टूडेंट्स ऑर्गेनाइजेशन के सदस्यों ने 10 प्रतिशत फीस बढ़ोतरी सहित अन्य मांगों को लेकर धरना दिया। साथ ही एमडीयू प्रशासन को चेतावनी दी कि अगर उनकी मांग पूरी नहीं की तो वीसी ऑफिस का घेराव किया जाएगा, जिसकी जिम्मेदारी स्वयं एमडीयू प्रशासन की होगी। प्रदर्शन पर बैठे छात्र संगठन के जनरल सेक्रेटरी नकुल ने कहा कि धरने पर बैठे हुए आज तीसरा दिन हो गया, लेकिन अभी तक एमडीयू प्रशासन की तरफ से उन्हें बातचीत के लिए नहीं बुलाया गया। छात्रों की तीन मांगों को लेकर धरना चल रहा है, जिसमें अन्य छात्रों का समर्थन भी मिल रहा है। 10 प्रतिशत फीस में हुई बढ़ोतरी नकुल ने बताया कि एमडीयू में 2022 में ईसी की मीटिंग के दौरान एक प्रस्ताव पास किया, जिसमें हर साल 10 प्रतिशत फीस बढ़ाई जाएगी, इस नियम को रद्द किया जाए। क्योंकि अगर किसी कोर्स की फीस सालाना 50 हजार या 70 हजार है तो उसकी अगले साल फीस 10 प्रतिशत बढ़कर 55 हजार या 77 हजार हो जाएगी। नकुल ने कहा कि यूनिवर्सिटी को फाइनेंस कंपनी की तरह चलाया जा रहा है, जिसमें हर साल ब्याज को बढ़ाया जाता है। इसका बोझ विद्यार्थियों पर ही पड़ता है। आर्थिक रूप से कमजो छात्र कैसे अपनी शिक्षा को पूरा कर पाएंगे। बीपीएल परिवार के छात्रों को हॉस्टल फीस में दी जाए छूट नकुल ने कहा कि बीपीएल परिवार के छात्रों को कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी की तर्ज पर हॉस्टल फीस में 50 प्रतिशत की छूट दी जानी चाहिए। साथ ही एमडीयू में 22 जुलाई को भर्तियां निकाली गई, जिसमें यह नहीं बताया गया कि किस विभाग में कितने शिक्षकों की जरूरत है। प्रोफेसर भर्ती में आरक्षण नियम को लागू नहीं किया जा रहा। एमडीयू की 135 करोड़ की ग्रांट, सैलरी दे रह 250 करोड़नकुल ने बताया कि कल एमडीयू में फाइनेंस ऑफिसर के साथ मीटिंग थी तो पता चला कि सरकारी ग्रांट 135 करोड़ है, जबकि सैलरी 250 करोड़ देते है। सैलरी कहां जा रही है, जब विभागों में शिक्षक ही नहीं है। भाजपा सरकार का शिक्षा व स्वास्थ्य पर हमला लगातार देख रहे है। धर्म व जाति के मुद्दों पर उलझाकर रखा हुआ है। छात्रों के हकों की लड़ाई के लिए जंतर मंतर पर हुआ प्रदर्शन छात्र संगठन के उपप्रधान ईश्वर ने बताया कि जंतर मंतर पर जो प्रदर्शन हुआ, वो छात्रों के हक के लिए था। अभी झारखंड में प्रदर्शन चल रहा है। जिसके चलते सरकार ने पेपर रद्द किए, अब सरकार को झुकना पड़ेगा। सेंटर व स्टेट में भाजपा सरकार है, लेकिन शिक्षा व्यवस्था पर कोई ध्यान नहीं है। सरकार को यूनिवर्सिटियों की ग्रांट देनी चाहिए, लेकिन सरकार सेल्फ फाइनेंस की तरफ धकेल रही है।
अम्बेडकरनगर में बिना मान्यता वाले स्कूलों पर कार्रवाई:बेसिक शिक्षा विभाग 1 लाख तक का जुर्माना लगाएगा
अम्बेडकरनगर में बिना मान्यता संचालित हो रहे विद्यालयों और मान्यता से अधिक कक्षाएं चलाने वाले स्कूलों पर बेसिक शिक्षा विभाग सख्त कार्रवाई की तैयारी में है। विभाग ने ऐसे विद्यालयों को चिह्नित कर नियमानुसार कार्रवाई करने का निर्णय लिया है। नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर संबंधित विद्यालय पर एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाया जा सकता है। बीएसए डॉ. पूनम मिश्रा ने सभी बीईओ को अपने-अपने क्षेत्रों में संचालित गैर सहायता प्राप्त प्राथमिक एवं उच्च प्राथमिक विद्यालयों का निरीक्षण करने के निर्देश दिए हैं। इस निरीक्षण का उद्देश्य विद्यालय की मान्यता, संचालित कक्षाओं और विभागीय मानकों की जांच करना है। अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना होगा कि कोई भी विद्यालय बिना मान्यता के संचालित न हो। साथ ही, मान्यता प्राप्त स्तर से अधिक कक्षाएं न चलाई जाएं। यह जांच शिक्षा की गुणवत्ता और नियमों के पालन को सुनिश्चित करने के लिए महत्वपूर्ण है। जांच के दौरान यदि कोई विद्यालय बिना मान्यता के संचालित होता पाया जाता है या स्वीकृत कक्षाओं से अधिक स्तर की पढ़ाई कराता है, तो उसे तत्काल नोटिस जारी किया जाएगा। इसके साथ ही, अवैध कक्षाओं का संचालन तुरंत बंद कराया जाएगा। यदि नोटिस के बावजूद नियमों का पालन नहीं किया जाता है, तो संबंधित विद्यालय पर एक लाख रुपये तक का अर्थदंड लगाने का प्रस्ताव बीएसए कार्यालय को भेजा जाएगा। बीएसए ने यह भी स्पष्ट किया है कि निरीक्षण कार्य में लापरवाही बरतने वाले खंड शिक्षा अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी और उनके खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
स्वतंत्रता दिवस से पहले फिरोजपुर कोर्ट को बम से उड़ाने की धमकी, मचा हड़कंप
पंजाब के फिरोजपुर जिला कोर्ट को स्वतंत्रता दिवस से पहले बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी मिलने से हड़कंप मच गया. पुलिस ने कोर्ट परिसर खाली कराकर बम निरोधक दस्ते और डॉग स्क्वायड की मदद से तलाशी अभियान चलाया. एहतियातन कोर्ट की कार्यवाही दोपहर 1 बजे तक स्थगित कर दी गई. हालांकि अभी तक कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है.
छत्तीसगढ़ को गवर्नमेंट ई-मार्केटप्लेस (GeM) के 10वें स्थापना दिवस समारोह में ‘GeM सस्टेनेबल प्रोक्योरमेंट अवार्ड’ से सम्मानित किया गया। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में केंद्रीय वाणिज्य एवं उद्योग मंत्री पीयूष गोयल की मौजूदगी में यह सम्मान दिया गया। समारोह की थीम ‘GeM 10: A Decade of Exponential Possibilities’ रही। राज्य सरकारों के लिए निर्धारित ‘प्रीमियर अवार्ड्स-स्टेट गवर्नमेंट फेलिसिटेशन’ श्रेणी में छत्तीसगढ़ को यह पुरस्कार मिला है। GeM के प्रभावी उपयोग और इसके जरिए सरकारी खरीदी के मूल्य और मात्रा में बढ़ोतरी के लिए राज्य को सम्मानित किया गया। खुली प्रतिस्पर्धा से 130 करोड़ रुपए की बचत GeM की पारदर्शी और प्रतिस्पर्धी निविदा प्रक्रिया से वित्तीय वर्ष 2025-26 में छत्तीसगढ़ सरकार को 130 करोड़ रुपए की बचत हुई। यह बचत अनुमानित लागत और प्रतिस्पर्धी बोली के बाद मिले वास्तविक बाजार मूल्य के अंतर से हुई है। तीन साल में 235 करोड़ बचाए GeM की खुली बोली, तय मानकों और डिजिटल रिकॉर्ड के कारण सरकारी खरीदी में पारदर्शिता बढ़ी है। पिछले तीन वित्तीय वर्षों में प्रतिस्पर्धी खरीदी के जरिए राज्य सरकार को कुल 235 करोड़ रुपए की बचत हुई है। GeM से खरीदी 113% बढ़ी छत्तीसगढ़ में GeM के जरिए सरकारी खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में बढ़कर 3,935 करोड़ रुपए पहुंच गई। यह पिछले वित्तीय वर्ष की तुलना में 113 प्रतिशत अधिक है। विभागों, निगमों और स्थानीय निकायों की खरीदी को एक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर लाने से यह बढ़ोतरी हुई। छोटे उद्यमियों से 1,800 करोड़ की खरीदी वित्तीय वर्ष 2025-26 में सूक्ष्म और लघु उद्यमों (MSEs) से खरीदी 61 प्रतिशत बढ़कर 1,800 करोड़ रुपए हो गई। यह 25 प्रतिशत के निर्धारित MSE खरीद लक्ष्य से काफी अधिक है। महिला और ST-SC उद्यमियों की भागीदारी बढ़ी महिला उद्यमियों से खरीदी में 97 प्रतिशत और अनुसूचित जाति-जनजाति वर्ग के उद्यमियों से खरीदी में 108 प्रतिशत की वृद्धि हुई। वहीं स्टार्टअप से सरकारी खरीदी में सबसे ज्यादा 178 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। ‘GeM ने उद्यमियों के लिए खोले सरकारी बाजार के दरवाजे’ मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने इस उपलब्धि पर खुशी जताई। उन्होंने कहा कि GeM ने छत्तीसगढ़ के उद्यमियों को बिना किसी मध्यस्थ के सीधे सरकारी मांग और बाजार से जुड़ने का अवसर दिया है। महिला उद्यमियों, SC-ST वर्ग और स्टार्टअप की बढ़ती भागीदारी इस व्यवस्था की सफलता को दिखाती है। पारदर्शी खरीदी से स्थानीय उद्यमिता को बढ़ावा मुख्यमंत्री साय ने कहा कि खुला और पारदर्शी डिजिटल मार्केटप्लेस सभी उद्यमियों को समान अवसर देता है। सरकार का प्रयास है कि इसका लाभ ज्यादा से ज्यादा छोटे उद्यमियों, महिला उद्यमियों, SC-ST वर्ग और स्टार्टअप को मिले। इससे पारदर्शी सरकारी खरीदी के साथ स्थानीय उद्यमिता को भी बढ़ावा मिलेगा।
मऊ में दर्जनभर गांवों को जोड़ने वाली सड़क बदहाल:स्कूली छात्र और स्थानीय लोगों ने मरम्मत की मांग की
मऊ में करहा बाजार से घुटमा होते हुए अरेला और आसपास के करीब एक दर्जन गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क की स्थिति इन दिनों बेहद खराब है। सड़क पर जगह-जगह बड़े-बड़े गड्ढे बन गए हैं, जिनमें बरसात के मौसम में पानी भर जाता है। इससे राहगीरों और स्कूली छात्र-छात्राओं को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। इस मार्ग पर तीन से चार स्कूल भी स्थित हैं, जिसके चलते प्रतिदिन बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं इसी सड़क से होकर स्कूल आते-जाते हैं। छात्राओं प्रिया कुमारी और गरिमा भारती ने सड़क की बदहाली पर चिंता जताते हुए कहा कि गड्ढों के कारण स्कूल आने-जाने में काफी परेशानी होती है। बारिश के बाद गड्ढों में पानी भर जाने से उनकी गहराई का पता नहीं चलता, जिससे कई बार छात्र-छात्राएं गिरकर घायल हो जाते हैं और उनकी स्कूल ड्रेस भी खराब हो जाती है। छात्राओं ने मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से सड़क के जल्द निर्माण या मरम्मत की गुहार लगाई है। उन्होंने कहा कि सड़क की खराब स्थिति के कारण उनकी पढ़ाई भी प्रभावित हो रही है। स्थानीय निवासी अश्वनी सरोज और मोहम्मद कौसर आजमी ने बताया कि पूर्वांचल एक्सप्रेसवे के निर्माण के दौरान इस मार्ग से प्रतिदिन भारी वाहनों द्वारा मिट्टी ढोई जाती थी। भारी वाहनों के लगातार आवागमन के कारण सड़क खराब हो गई और तब से इसकी स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। ग्रामीणों के अनुसार, यह सड़क कई गांवों को जोड़ने वाला प्रमुख मार्ग है और यहां से प्रतिदिन सैकड़ों वाहन गुजरते हैं। बारिश के दिनों में जलभराव के कारण राहगीरों को गड्ढों का अंदाजा नहीं लग पाता, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा बढ़ जाता है। सोनू हाशमी और साहब गौतम ने बताया कि सड़क कई वर्षों से गड्ढों में तब्दील है। स्थानीय जनप्रतिनिधियों और संबंधित अधिकारियों से कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक सड़क की मरम्मत नहीं कराई गई। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से जल्द सड़क निर्माण या मरम्मत कराने की मांग की है, ताकि स्कूली बच्चों सहित राहगीरों को राहत मिल सके और आए दिन होने वाली दुर्घटनाओं पर रोक लगाई जा सके।
15 अगस्त पर लखनऊ में गूंजेगा राष्ट्रप्रेम का जयघोष:जानकीपुरम में सजने लगी तिरंगा यात्रा की तैयारियां
लखनऊ में स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। जानकीपुरम स्थित जन उद्घोष व्यापार मंडल के जिला कार्यालय में जिलाध्यक्ष नवीन सिंह की अध्यक्षता में एक महत्वपूर्ण बैठक आयोजित की गई। इस बैठक में 15 अगस्त को होने वाले झंडारोहण और विशाल तिरंगा रैली की रूपरेखा पर चर्चा की गई। बैठक में तिरंगा यात्रा को सफल बनाने के लिए रणनीति तैयार की गई। जिलाध्यक्ष नवीन सिंह ने बताया कि स्वतंत्रता दिवस राष्ट्रीय एकता और स्वाभिमान का प्रतीक है। इस यात्रा का मुख्य उद्देश्य आम जनता तक देशभक्ति का संदेश पहुंचाना है। पदाधिकारियों ने व्यापारियों और स्थानीय निवासियों से इस आयोजन में बड़ी संख्या में शामिल होने का आग्रह किया। बैठक के दौरान रैली के मार्ग, सुरक्षा व्यवस्था और कार्यकर्ताओं के दायित्वों का निर्धारण किया गया। इस अवसर पर संगठन के कई वरिष्ठ पदाधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रदेश अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप सिंह, प्रदेश महामंत्री विनोद कुमार सिंह, वरिष्ठ उपाध्यक्ष सुशील कुमार सिंह और प्रदेश कोषाध्यक्ष मंगल प्रसाद वर्मा प्रमुख थे। सभी नेताओं ने कार्यकर्ताओं को एकजुट होकर कार्यक्रम को सफल बनाने के निर्देश दिए।
पायलटों के डोप टेस्ट नियमों में होगा बदलाव? नया प्रोटोकॉल लाने की तैयारी में DGCA
फुकेट दिल्ली एअर इंडिया फ्लाइट के पायलट का डोप टेस्ट पॉजिटिव आने के बाद नागर विमानन मंत्रालय ने DGCA को पायलटों के डोप टेस्ट ढांचे की समीक्षा करने और वैश्विक प्रोटोकॉल का अध्ययन कर नए नियम बनाने के निर्देश दिए हैं.
सावन माह के अवसर पर गिरिडीह में सरस्वती शिशु विद्या मंदिर के करीब 300 बच्चों ने कांवड़ यात्रा निकाली। बच्चे बोलबम के जयकारे लगाते हुए बरगंडा स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। यहां सभी ने भगवान भोलेनाथ का विधि-विधान से जलाभिषेक कर पूजा-अर्चना की। कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों में उत्साह और भक्ति का माहौल देखने को मिला। बोलबम के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो गया। बच्चे उत्साह के साथ यात्रा में शामिल हुए। विद्यालय के शिक्षक-शिक्षिकाएं भी बच्चों के साथ मौजूद रहे और यात्रा को व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने में सहयोग किया। यात्रा के दौरान बच्चों की सुरक्षा और व्यवस्था का भी विशेष ध्यान रखा गया। तस्वीरों में देखें बाल कांवर यात्रा… विश्वनाथ मंदिर में भोलेनाथ का जलाभिषेक बरगंडा स्थित विश्वनाथ मंदिर पहुंचने के बाद बच्चों ने भगवान शिव का जलाभिषेक किया और पूजा-अर्चना की। इस दौरान बच्चों ने भगवान भोलेनाथ से सुख, शांति और समृद्धि की कामना की। मंदिर परिसर में बच्चों की धार्मिक आस्था और उत्साह स्पष्ट रूप से दिखाई दिया। कांवड़ यात्रा के दौरान बच्चों के साथ शिक्षक-शिक्षिकाएं भी लगातार मौजूद रहे। बच्चों के बोलबम के जयकारों से मंदिर परिसर भी भक्तिमय हो गया। सावन के पवित्र महीने में आयोजित इस धार्मिक कार्यक्रम को लेकर विद्यालय के विद्यार्थियों में खासा उत्साह था। बच्चों ने पूरे श्रद्धाभाव से पूजा-अर्चना में हिस्सा लिया। कार्यक्रम के दौरान शिक्षकों ने भी बच्चों को धार्मिक परंपराओं और पूजा-पद्धति की जानकारी दी। भारतीय संस्कृति और संस्कारों से जोड़ना कांवड़ यात्रा का उद्देश्य विद्यालय प्रबंधन ने बताया कि कांवड़ यात्रा आयोजित करने का मुख्य उद्देश्य बच्चों में भारतीय संस्कृति, धार्मिक परंपराओं और संस्कारों के प्रति जागरूकता पैदा करना है। बच्चों को कम उम्र से ही अपनी संस्कृति और विरासत से जोड़ने के साथ उनमें श्रद्धा, संस्कार और सामाजिक भावना विकसित करने के लिए इस तरह के कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। विद्यालय प्रबंधन आनंद कमल ने कहा कि बच्चों को केवल शैक्षणिक ज्ञान तक सीमित रखना पर्याप्त नहीं है। उन्हें भारतीय संस्कृति और परंपराओं से परिचित कराना भी जरूरी है। इसी उद्देश्य से सावन के पवित्र महीने में कांवड़ यात्रा का आयोजन किया गया। कार्यक्रम के सफल आयोजन से बच्चों के साथ शिक्षक और अभिभावक भी उत्साहित दिखे।
बंगाल में ISI का एक और मोहरा गिरफ्तार, जाली पहचान-पत्र के साथ STF ने पकड़ा पाकिस्तानी जासूस
एसटीएफ ने उत्तर 24 परगना के बनगांव से एक पाकिस्तानी आईएसआई एजेंट राणा राउफ उर्फ वहाब को गिरफ्तार किया है, जो फर्जी पहचान-पत्र के साथ बांग्लादेश भागने की फिराक में था।
कांवड़ यात्रा संपन्न होते ही पुलिस ने अपराधियों के खिलाफ कार्रवाई तेज कर दी है। बुधवार दोपहर करीब 12 बजे नई मंडी कोतवाली क्षेत्र के नसीरपुर गांव के जंगल में पुलिस और गोकशी के आरोपियों के बीच मुठभेड़ हुई। मुठभेड़ में दो आरोपी फरमान और जीशान उर्फ कल्लू निवासीगण इमरान कॉलोनी, थाना सिविल लाइन गोली लगने से घायल हो गए। एक आरोपी मुजम्मिल अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गया। पुलिस के अनुसार घायल दोनों आरोपियों को इलाज के लिए अस्पताल भेजा गया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से कथित गोमांस और अवैध असलहा बरामद करने का दावा किया है। फरार आरोपी की तलाश में जंगल में कांबिंग की जा रही है। यह कार्रवाई उस मुठभेड़ के करीब 12 घंटे के भीतर हुई है, जो देर रात सिविल लाइन थाना क्षेत्र में बामनहेड़ी रेलवे स्टेशन के पास हुई थी। वहां पुलिस की कथित गोकशी के आरोपियों से मुठभेड़ में जावेद उर्फ लालू और रियासत गोली लगने से घायल हुए थे। वहीं आस मोहम्मद उर्फ पप्पू नसीर को कांबिंग के दौरान गिरफ्तार किया गया था। पुलिस के मुताबिक सिविल लाइन क्षेत्र की मुठभेड़ के बाद फरार हुए आरोपियों की तलाश की जा रही थी। इसी दौरान नई मंडी क्षेत्र में पुलिस की टीम का आरोपियों से फिर सामना हुआ और मुठभेड़ हो गई। इस तरह करीब 12 घंटे में मुज़फ़्फ़रनगर में गोकशी के आरोपियों के खिलाफ दो पुलिस मुठभेड़ हो चुकी हैं। दोनों कार्रवाई में कुल चार आरोपी गोली लगने से घायल हुए हैं और पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की कार्रवाई जारी है।
कानपुर में ‘हर घर तिरंगा’ अभियान के तहत स्वतंत्रता दिवस से पहले देशभक्ति का माहौल लगातार मजबूत हो रहा है। बुधवार को कल्याणपुर विधानसभा क्षेत्र में विधायक नीलिमा कटियार के नेतृत्व में भव्य तिरंगा यात्रा निकाली गई। पुराना शिवली रोड से शुरू हुई यात्रा आवास विकास नंबर-3 स्थित शहीद संदीप चौहान की प्रतिमा तक पहुंची, जहां श्रद्धांजलि अर्पित कर कार्यक्रम का समापन किया गया। यात्रा में स्कूली छात्र-छात्राओं, एनसीसी कैडेट्स, सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधियों, जनप्रतिनिधियों और बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों ने भाग लिया। हाथों में तिरंगा लिए प्रतिभागी ‘भारत माता की जय’, ‘वंदे मातरम्’ और ‘हर घर तिरंगा’ के जयघोष करते हुए आगे बढ़े। यात्रा के दौरान कई स्थानों पर स्थानीय लोगों ने पुष्पवर्षा कर स्वागत किया। छात्रों और एनसीसी कैडेट्स ने बढ़ाया उत्साह तिरंगा यात्रा में विभिन्न स्कूलों के छात्र-छात्राओं और एनसीसी कैडेट्स ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। इसके अलावा सामाजिक संगठनों के प्रतिनिधि, क्षेत्र के कई वार्डों के पार्षद और बड़ी संख्या में नागरिक भी यात्रा में शामिल हुए। पूरे मार्ग पर देशभक्ति का माहौल देखने को मिला। शहीद संदीप चौहान को दी श्रद्धांजलि यात्रा पुराना शिवली रोड से विभिन्न मार्गों से गुजरते हुए आवास विकास नंबर-3 स्थित शहीद संदीप चौहान की प्रतिमा पर पहुंची। यहां विधायक नीलिमा कटियार सहित सभी प्रतिभागियों ने शहीद को श्रद्धांजलि अर्पित कर उनके बलिदान को नमन किया। 'हर घर में तिरंगा लहराना हमारा उद्देश्य' विधायक नीलिमा कटियार ने कहा कि तिरंगा केवल राष्ट्रीय ध्वज नहीं, बल्कि देश की एकता, अखंडता और गौरव का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि ‘हर घर तिरंगा’ अभियान का उद्देश्य प्रत्येक नागरिक को राष्ट्रध्वज के सम्मान और देशभक्ति की भावना से जोड़ना है। उन्होंने लोगों से स्वतंत्रता दिवस पर अपने-अपने घरों पर तिरंगा फहराने की अपील करते हुए कहा कि हर घर में तिरंगा और हर दिल में देशभक्ति की भावना जागृत होना ही इस अभियान का लक्ष्य है। जनप्रतिनिधि और नागरिक रहे मौजूद कार्यक्रम में पार्षद आनंद शुक्ला, दिनेश पासवान, रामनारायण गौतम, कौशल मिश्रा, सतेन्द्र पाण्डेय, कमल धमालिया, विक्की दीक्षित, मुरारी मिश्रा, निर्भय रेजा, कानपुर उद्योग व्यापार मंडल के अध्यक्ष राहुल शुक्ला समेत बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि, सामाजिक कार्यकर्ता और क्षेत्रीय नागरिक मौजूद रहे। यात्रा के दौरान लोगों में खासा उत्साह देखने को मिला।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर किया HIV/एड्स जागरूकता अभियान का शुभारंभ
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने अंतरराष्ट्रीय युवा दिवस पर किया HIV/एड्स जागरूकता अभियान का शुभारंभ
पानीपत जिल के मतलौड़ा में बुधवार को हर घर तिरंगा अभियान यात्रा निकाली गई। हरियाणा के पंचायत एवं खनन मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने यात्रा का नेतृत्व किया। यात्रा इसराना हलके के मतलौड़ा अनाज मंडी से शुरू होकर बस अड्डे से होते हुए गांव भालसी स्थित भाजपा कार्यालय तक निकाली गई। इस अवसर पर भाजपा जिला अध्यक्ष दुष्यंत भट्ट भी मंत्री के साथ मौजूद रहे। इस दौरान आयोजित कार्यक्रम को संबोधित करते हुए पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि देश में भाजपा सरकार ने शहीदों को वह सम्मान दिया है, जो पहले किसी भी सरकार में नहीं मिलता था। उन्होंने बताया कि भाजपा सरकार अब किसी भी शहीद के परिवार को करोड़ों रुपए की सहायता प्रदान करती है। सीएम सैनी ने बढ़ाई रकम : पंवार मंत्री ने बताया कि रिटायर फौजियों के निधन पर उनके परिवार को पहले सरकार द्वारा 10 हजार रुपए मासिक दिए जाते थे। नायब सिंह सैनी सरकार ने अब इस राशि को बढ़ाकर 20 हजार रुपए प्रति माह कर दिया है। पंवार ने कहा कि हम शहीदों के बलिदान के कारण ही आज खुली हवा में सांस ले रहे हैं, जिनके त्याग ने हमें उज्ज्वल भविष्य दिया है। उन्होंने यह भी बताया कि हरियाणा सरकार हर साल शहीदों के सम्मान को याद करती है और 15 अगस्त के दौरान विभिन्न स्थानों पर कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। खिलाड़ियों को बेहतर सुविधा देने के प्रयास मंत्री ने हरियाणा में हुए विकास कार्यों का भी उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि तालाबों का सौंदर्यीकरण किया गया है और गांव-गांव में स्टेडियम बनवाकर खिलाड़ियों को सम्मानित किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा आज पूरे देश में खेलों के स्तर पर सबसे आगे है, क्योंकि कॉमनवेल्थ गेम्स में भारत को मिले 17 स्वर्ण पदकों में से 7 अकेले हरियाणा के खिलाड़ियों ने जीते हैं। हरियाणा सरकार खिलाड़ियों को बेहतर सुविधाएं देने का लगातार प्रयास कर रही है।
बिलासपुर में बीजेपी महिला मोर्चा की ओर से करबला स्थित भाजपा कार्यालय में सावन उत्सव का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में महिला मोर्चा की पदाधिकारी और कार्यकर्ताओं ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया। सावन की परंपराओं और सांस्कृतिक रंगों के बीच महिलाओं ने पारंपरिक गीत-संगीत और विभिन्न मनोरंजक गतिविधियों में भाग लिया। इस दौरान पीएम मोदी और सीएम साय सरकार की योजनाओं के साथ ही महिला सशक्तीकरण को लेकर चर्चा की गई। वहीं, पदाधिकारियों ने कहा कि संगठनात्मक एकजुटता बढ़ाने के लिए यह कार्यक्रम एक माध्यम है। इस बहाने पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं के बीच भेंट-मुलाकात होती है और संगठन को मजबूत बनाने के लिए सार्थक चर्चा भी करते हैं। कार्यक्रम के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे को सावन पर्व की शुभकामनाएं दीं। पारंपरिक गीत-संगीत और सांस्कृतिक गतिविधियों के चलते पूरे कार्यक्रम में उत्सव का माहौल रहा। महिला मोर्चा की पदाधिकारियों ने कहा कि ऐसे आयोजन महिलाओं को एक-दूसरे से जोड़ने के साथ भारतीय संस्कृति और परंपराओं से जुड़े रहने का अवसर देते हैं। मोदी सरकार के कामों पर हुई चर्चासावन उत्सव के साथ आयोजित चर्चा में केंद्र सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर भी जानकारी साझा की गई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में महिला सशक्तिकरण, गरीब कल्याण, आत्मनिर्भर भारत और जनहित से जुड़े कार्यों पर चर्चा हुई। साथ ही यह भी कहा गया कि मोर्चा की कार्यकर्ताएं इन योजनाओं की जानकारी हर महिलाओं तक पहुंचाएं। हर्षिता पांडेय बोलीं- महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बना रही सरकार भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय ने कहा कि केंद्र सरकार महिलाओं को आत्मनिर्भर और सशक्त बनाने के लिए कई योजनाएं चला रही है। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय के नेतृत्व में छत्तीसगढ़ सरकार सुशासन, विकास और जनकल्याण को प्राथमिकता देते हुए योजनाओं का क्रियान्वयन कर रही है। इस दौरान महिलाओं ने भी सरकार की योजनाओं और विकास कार्यों को लेकर अपने विचार रखे। संगठन से ज्यादा महिलाओं को जोड़ने पर जोरमहिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री फूलेश्वरी सिंह पैकरा ने कहा कि सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजन महिलाओं के बीच संवाद, सहभागिता और संगठनात्मक एकजुटता बढ़ाने का माध्यम हैं। उन्होंने सावन उत्सव को भारतीय संस्कृति, परंपरा और नारी शक्ति के उत्साह का प्रतीक बताया। महापौर पूजा विधानी ने महिला मोर्चा की कार्यकर्ताओं से अधिक से अधिक महिलाओं से संपर्क करने और उन्हें पार्टी की रीति-नीति एवं सिद्धांतों से अवगत कराने की बात कही। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं का लाभ अधिक से अधिक महिलाओं तक पहुंचे, इसके लिए भी कार्यकर्ताओं को सक्रियता से काम करना चाहिए। महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष स्नेहलता शर्मा ने कार्यक्रम में पहुंचे अतिथियों का परिचय कराया। इसके बाद पुष्पगुच्छ और चुनरी भेंट कर उनका स्वागत किया गया। कार्यक्रम में भाजपा प्रदेश मंत्री हर्षिता पाण्डेय, महिला मोर्चा प्रदेश महामंत्री फूलेश्वरी सिंह पैकरा, महापौर पूजा विधानी सहित पुनिता डहरिया, धर्मवति राजवाड़े, ज्योति पाण्डेय, वंदना सिंह, नंदनी क्षत्री, चंदना गोस्वामी, अनिता श्याम कार्तिक, शिप्रा सेमुएल, सुधा गुप्ता, नीरजा सिन्हा, संध्या सिंह, विभा राव, विभा गौरहा, मंजुला सिंह, सपना श्रीवास्तव, दीपशिखा यादव, सोनम साहू, अनिता वर्मा, लता कश्यप, रजनी देवांगन सहित बड़ी संख्या में महिला मोर्चा की कार्यकर्ता मौजूद रहीं।
Uttarakhand: पॉलीटेक्निक में एससी-एसटी छात्रों का बनेगा छात्रावास, शासन से 9.5 करोड़ का बजट मंजूर
काशीपुर स्थित राजकीय पॉलीटेक्निक में अनुसूचित जाति-जनजाति के छात्रों के लिए अलग छात्रावास का निर्माण होगा। इस परियोजना के लिए शासन ने 9.5 करोड़ रुपये का बजट स्वीकृत कर दिया है।
चित्तौड़गढ़ पुलिस ने 16 साल से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी मध्यप्रदेश के नीमच जिले की कनावटी जिला जेल से लोहे के सरिये तोड़कर फरार हुआ था। एनडीपीएस एक्ट के मामले में जेल में बंद सोहन जाट इतने सालों तक पुलिस की नजरों से बचता रहा। उसने महाराष्ट्र के वापी में ट्रैक्टर चलाकर अपनी नई जिंदगी शुरू कर दी थी। वहीं मकान बनाया और परिवार के साथ रहने लगा। गांव में बहुत कम आता था, इसलिए पुलिस के लिए उसे पकड़ना आसान नहीं था। आरोपी एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने अपने गांव हथियाना आया था। पुलिस को पहले ही इसके आने की सूचना मिल गई थी। ऐसे में जैसे ही वह अपने गांव पहुंचा। वहां पर इंतजार कर रही जिला विशेष टीम (डीएसटी) ने उसे घेरकर पकड़ लिया। पुलिस को मुखबिर ने सूचना दी थी जिला पुलिस अधीक्षक धर्मेंद्र सिंह ने बताया- एएसआई सूरज कुमार को मुखबिर से सूचना मिली कि 1 जनवरी 2010 को जिला जेल कनावटी, नीमच से फरार हुए पांच आरोपियों में शामिल सोहन जाट अपने गांव हथियाना आने वाला है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम गांव पहुंच गई। पूरे दिन निगरानी करती रही। शाम को अंधेरा होने के बाद जैसे ही सोहन जाट गांव में दाखिल हुआ, मुखबिर ने उसकी पहचान कर दी। पुलिस को देखते ही उसने भागने की कोशिश की, लेकिन टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया और डिटेन कर लिया। जिले के ईनामी और वांछित आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए डीएसटी प्रभारी एएसआई सूरज कुमार के नेतृत्व में विशेष टीम बनाई गई थी। टीम में एएसआई राज कुमार (साइबर सेल), कांस्टेबल जगदीश, देवेंद्र, सुरेश सुंडा, अरविंद, अशोक, कृष्णकांत, वीरेंद्र और रामकेश शामिल थे। जेल से भागने के बाद महाराष्ट्र में छिपकर रह रहा था पुलिस पूछताछ में सामने आया कि जेल से फरार होने के बाद सोहन जाट महाराष्ट्र के वापी में जाकर रहने लगा था। वहां वह ट्रैक्टर चलाने का काम करता था। उसने वहीं मकान भी बना लिया था। परिवार के साथ रह रहा था। पुलिस से बचने के लिए वह अपने गांव बहुत कम आता था। इसी वजह से वह करीब 16 साल तक गिरफ्तारी से बचा रहा। इस बार गांव आने की सूचना मिलते ही डीएसटी ने बिना देर किए कार्रवाई की और उसे पकड़ लिया। आरोपी थाना जीरन, जिला नीमच (मध्यप्रदेश) के एनडीपीएस एक्ट के मामले में वांछित था। नीमच (मध्यप्रदेश) पुलिस को आरोपी सौंपा आरोपी को पकड़ने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई के लिए थाना जीरन, जिला नीमच (मध्यप्रदेश) पुलिस के हवाले कर दिया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार आरोपी की गिरफ्तारी से 16 साल पुराने फरारी के मामले में बड़ी सफलता मिली है। इस पूरी कार्रवाई में डीएसटी के साथ थाना भदेसर के कांस्टेबल सुरेन्द्र पाल की भी अहम भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि जिले में लंबे समय से फरार चल रहे आरोपियों की तलाश लगातार जारी है। ऐसे अपराधियों के खिलाफ आगे भी इसी तरह की कार्रवाई की जाएगी।
चंडीगढ़ सेक्टर 11 पीजीजीजीसी में स्टूडेंट्स ने किया प्रोटेस्ट
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VIDEO: दीक्षांत समारोह: दबदबा था... दबदबा है... दबदबा बना रहेगा..., राज्यपाल के आदेश पर बच्चों ने गाने पर किया परफॉर्म
कोटपूतली में डांगावास हत्याकांड के सभी 40 आरोपियों को बरी किए जाने के फैसले के खिलाफ कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। जिला कांग्रेस कमेटी (अनुसूचित जाति विभाग) के जिलाध्यक्ष तारा पूतली के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल के नाम जिला कलेक्टर अपर्णा गुप्ता को ज्ञापन सौंपा। यह मामला 14 मई 2015 को नागौर जिले के डांगावास गांव में भूमि विवाद को लेकर 05 दलितों सहित 06 लोगों की हत्या से जुड़ा है। प्रदेश सरकार, सीबीआई पर उठाए सवाल ज्ञापन में बताया- 11 साल की लंबी सीबीआई जांच और न्यायिक प्रक्रिया के बाद हाल ही में मेड़ता स्थित एससी/एसटी विशिष्ठ न्यायालय ने इस मामले में सभी 40 आरोपियों को बरी कर दिया है। कोर्ट के इस फैसले के बाद दलित समाज और कांग्रेस के अनुसूचित जाति विभाग में भारी आक्रोश देखा जा रहा है। ज्ञापन सौंपने के बाद कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार और सीबीआई की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि यदि अदालत की नजर में कोई दोषी नहीं है और सभी 40 आरोपी बरी हो चुके हैं, तो डांगावास में 05 दलितों सहित 06 बेकसूर लोगों की हत्या किसने की? नेताओं ने सवाल किया कि क्या दलितों के खून का कोई मोल नहीं है कि 11 साल बाद सिर्फ फाइलें बंद कर दी जाएं। राज्यपाल से हस्तक्षेप की मांग की कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राज्यपाल से इस गंभीर मामले में व्यक्तिगत हस्तक्षेप की मांग की। उन्होंने अपील की कि राज्य सरकार और सीबीआई को निर्देशित किया जाए कि वे इस फैसले के विधिक पहलुओं की गहन जांच कर तुरंत उच्च न्यायालय में पुनर्विचार याचिका या सक्षम अपील दायर करें। इसके साथ ही, जांच की कमियों की समीक्षा के लिए एक उच्च स्तरीय जांच कमेटी गठित करने और पीड़ित परिवारों को पूर्ण सुरक्षा व उचित वित्तीय मुआवजा सुनिश्चित कराने की भी मांग की गई। ये रहे मौजूद इस दौरान भूपसिंह पूतली, देशराज आर्य, नवीन आर्य, मनीष आर्य, आकाश वर्मा चतरपुरा, विकास मेहरा और हेमराज मेहरा सहित अनेक कार्यकर्ता मौजूद रहे।
Chamba Landslide: चंबा-साहो मार्ग पर भूस्खलन से यातायात ठप, एंबुलेंस फंसी; आधे घंटे में बहाल हुआ रास्ता
आठ साल के गर्थ और नौ साल के वोरा की देखरेख और उनके खानपान की जिम्मेदारी दो हैंडलर और एक सहायक को सौंपी गई है।
कानपुर में मूल रूप से हमीरपुर जिले की रहने वाली एक युवती ने सरसौल स्थित आईटीबीपी में तैनात सिपाही पर तीन साल तक शारीरिक शोषण करने का गंभीर आरोप लगाया है।
कानपुर के अरमापुर स्थित ऑर्डिनेंस फैक्ट्री में कार्यरत प्राइवेट वर्करों ने बुधवार को वेतन में कथित कटौती के विरोध में फैक्ट्री के मुख्य गेट पर प्रदर्शन किया। सुबह से ही बड़ी संख्या में मजदूर फैक्ट्री के बाहर एकत्र हुए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि पिछले कुछ समय से बिना स्पष्ट जानकारी दिए उनके वेतन में कटौती की जा रही है, जिससे आर्थिक परेशानियां बढ़ गई हैं। वर्करों ने चेतावनी दी है कि मांगें पूरी नहीं होने पर आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान फैक्ट्री गेट के बाहर काफी देर तक हलचल रही। सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए अतिरिक्त सुरक्षाकर्मियों की तैनाती की गई। कुछ समय के लिए आसपास के क्षेत्र में यातायात भी प्रभावित रहा। वेतन और भत्तों में कटौती का आरोप प्रदर्शन कर रहे वर्करों का कहना है कि वे लंबे समय से फैक्ट्री में कठिन परिस्थितियों में काम कर रहे हैं, लेकिन तय मानदेय के अनुरूप भुगतान नहीं किया जा रहा। उनका आरोप है कि वेतन के साथ-साथ ओवरटाइम और अन्य भत्तों का भी पूरा भुगतान नहीं किया जा रहा है। मजदूरों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच वेतन में कटौती उनके परिवारों के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ बन गई है। 'मेहनत का पूरा हिसाब चाहिए' प्रदर्शन के दौरान मजदूरों ने 'मेहनत का पूरा हिसाब चाहिए', 'वेतन में कटौती बंद करो' और 'शोषण नहीं सहेंगे' जैसे नारे लगाए। एक प्रदर्शनकारी ने कहा कि दिन-रात मेहनत करने के बावजूद वेतन से कटौती की जा रही है। उनका सवाल है कि उनकी मेहनत की कमाई आखिर किस आधार पर काटी जा रही है और इसकी पूरी जानकारी कर्मचारियों को दी जानी चाहिए। प्रबंधन से पारदर्शिता और भुगतान की मांग वर्करों ने मांग की कि वेतन कटौती का पूरा विवरण सार्वजनिक किया जाए और काटी गई राशि का भुगतान जल्द किया जाए। मजदूर प्रतिनिधियों ने बताया कि इस संबंध में संबंधित अधिकारियों और श्रम विभाग को ज्ञापन सौंपा जाएगा। उन्होंने कहा कि जब तक वेतन कटौती वापस नहीं ली जाती और भुगतान की प्रक्रिया स्पष्ट नहीं होती, तब तक विरोध जारी रहेगा। प्रबंधन के बयान का इंतजार घटना के बाद औद्योगिक क्षेत्र में इस मुद्दे की चर्चा तेज हो गई है। फिलहाल फैक्ट्री प्रबंधन की ओर से इस मामले में कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। वहीं, मजदूरों का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आंदोलन का दायरा और बढ़ाया जाएगा।
सोशल मीडिया पर रील बनाने का क्रेज अब सड़क सुरक्षा पर भी भारी पड़ता नजर आ रहा है। आगरा के सिकंदरा क्षेत्र में मथुरा-आगरा हाईवे की बताई जा रही एक रील सोशल मीडिया पर वायरल हो रही है। इसमें पारंपरिक मराठी परिधान पहने एक महिला बुलेट बाइक चलाते हुए नजर आ रही है। रील में महिला बिना हेलमेट के बाइक चलाने के साथ एक हाथ छोड़कर अलग-अलग अंदाज में इशारे करती दिखाई देती है। हाईवे पर वाहनों के बीच बनाई गई रील वायरल वीडियो में दिखाई दे रहे दृश्यों के अनुसार महिला बाइक पर एक पैर लेगगार्ड पर रखकर भी इशारे करती नजर आती है। इस दौरान उसके पीछे से दूसरे वाहन गुजरते दिखाई दे रहे हैं। ऐसे में बाइक का संतुलन बिगड़ने पर महिला के साथ दूसरे वाहन चालक भी हादसे की चपेट में आ सकते हैं। वीडियो में महिला ने काला चश्मा और भारी ज्वेलरी पहन रखी है। बाइक की आगे की नंबर प्लेट वाली जगह पर पुलिस चिन्ह जैसे रंग में पेंट दिखाई देता है और बीच में अशोक स्तंभ बना नजर आ रहा है। वीडियो में नंबर स्पष्ट दिखाई नहीं देता है। PRXYA.JADON अकाउंट से पोस्ट होने का दावा बताया जा रहा है कि यह रील PRXYA.JADON नाम के इंस्टाग्राम अकाउंट से पोस्ट की गई है। हालांकि, उपलब्ध जानकारी के आधार पर वीडियो की तारीख, महिला की पहचान और बाइक के रजिस्ट्रेशन की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। इसी वजह से इन तथ्यों को लेकर किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। रील के लिए सड़क पर स्टंट पड़ सकता है भारी हाईवे पर बाइक चलाते समय हेलमेट न पहनना और एक हाथ छोड़कर बाइक चलाना गंभीर जोखिम पैदा कर सकता है। मथुरा-आगरा हाईवे पर पहले भी दोपहिया वाहनों से जुड़े हादसे सामने आ चुके हैं। रील के कुछ सेकंड के वीडियो के लिए सड़क पर इस तरह का जोखिम उठाना बाइक सवार के साथ-साथ आसपास चल रहे वाहन चालकों के लिए भी खतरनाक हो सकता है। वायरल वीडियो सामने आने के बाद अब यह देखना होगा कि संबंधित यातायात या पुलिस विभाग इस मामले में कोई कार्रवाई करता है या नहीं।

