इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति प्रकाश पाडिया ने अवमानना केस की सुनवाई के दौरान प्रयागराज नगर आयुक्त विकास सेन द्वारा दाखिल शपथपत्र को यह कहते हुए अस्वीकार कर दिया कि उसके शपथ-खंड का एक भी पैराग्राफ नहीं भरा गया है। न्यायालय ने कहा कि इस चूक को देखकर वह अत्यंत अचंभित और हैरान है। शपथपत्र में सत्यापन के लिए निर्धारित सभी खाने खाली छोड़ दिए गए थे, जो कि विधिक दृष्टि से स्वीकार्य नहीं है। श्रीमती उमा त्रिपाठी ने आदेश की अवहेलना के आरोप में नगर आयुक्त के विरुद्ध अवमानना याचिका दायर की है। नगर आयुक्त ने व्यक्तिगत उपस्थिति से छूट का हलफनामा दाखिल किया था। याचिका की अगली सुनवाई की तिथि 12 जून 2026 नियत की है ।नगर आयुक्त की आज की उपस्थिति माफ कर दी है।
ससुर के उत्पीड़न से पीड़ित विधवा को राहत:हाईकोर्ट ने कहा- अलग से मिलेगा बिजली कनेक्शन, निर्देश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने प्रयागराज की एक विधवा को तत्काल बिजली कनेक्शन दिलाने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय तथा न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। प्रयागराज के अहियापुर स्थित मकान नंबर 96-ए में रहने वाली याची महिला अपने पति की मृत्यु के बाद से ससुराल के उत्पीड़न का शिकार थी। महिला ने घरेलू हिंसा अधिनियम 2005 के तहत मजिस्ट्रेट की अदालत में शिकायत की थी, जिस पर अपर मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट कोर्ट प्रयागराज ने 22 सितंबर 2025 को आदेश दिया था कि ससुर महिला को उसके हिस्से से बेदखल नहीं कर सकते। इस आदेश को विफल करने के लिए ससुर ने 12 मई 2026 को महिला के हिस्से की बिजली काट दी। बिजली विभाग के अधिकारियों से गुहार लगाने के बावजूद महिला को नया कनेक्शन नहीं मिला, जिसके बाद उसने हाईकोर्ट का दरवाजा खटखटाया। कोर्ट ने बिजली काटने को घरेलू हिंसा अधिनियम के तहत पारित संरक्षण आदेश का उल्लंघन मानते हुए आदेश दिया और कहा महिला 10 जून 2026 को सुबह 11 बजे तक 3,000 रूपये मीटर शुल्क जमा करे। अधिशासी अभियंता, नगरीय विद्युत वितरण खंड महिला को ऑनलाइन आवेदन में पूरी सहायता प्रदान करें 10 जून 2026 को शाम 4 बजे तक महिला के हिस्से में बिजली बहाल की जाए। कोर्ट ने कहा पुराने बकाये का बोझ महिला पर नहीं डाला जाएगा। वह देनदारी ससुर के खाते में है। कोर्ट के आदेश की प्रति उसी दिन रात 10 बजे तक यूपी पावर कॉर्पोरेशन के चेयरमैन और संबंधित अधिकारियों को ई-मेल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यम से भेजी जाए। मामले की अगली सुनवाई 11 जून 2026 को होगी।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मुजफ्फरनगर जिले के एक पत्रकार अर्जुन पवार की गिरफ्तारी पर अंतरिम रोक लगा दी। कोर्ट ने राज्य सरकार से याचिका पर जवाब मांगा है। न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति लक्ष्मी कांत शुक्ल की खंडपीठ ने यह आदेश दिया है। याची ने अपनी पेशेवर जिम्मेदारी निभाते हुए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में व्याप्त भ्रष्टाचार को उजागर करने वाले कई लेख प्रकाशित किए थे। इन लेखों से प्रभावित होकर प्रतिवादी शिकायतकर्ता ने 2 मई 2026 को थाना बुढ़ाना, जिला मुजफ्फरनगर में धारा 308(6) बी एन एस के तहत एफआईआर दर्ज कराया। याची अधिवक्ता ने तर्क दिया कि दर्ज एफआईआर पूरी तरह दुर्भावनापूर्ण है और इसका मकसद सरकारी संस्थाओं की रचनात्मक आलोचना को दबाना है। अधिवक्ता ने सर्वोच्च न्यायालय के सालिब @ शालू @ सलीम बनाम उत्तर प्रदेश राज्य के फैसले का हवाला देते हुए कोर्ट को याद दिलाया कि जब किसी एफआईआर के पीछे व्यक्तिगत दुर्भावना या बदले की भावना हो, तो अदालत का यह कर्तव्य है कि वह केवल एफआईआर की इबारत तक सीमित न रहे, बल्कि समस्त परिस्थितियों की गहराई से जांच करे। कोर्ट ने कहा शिकायतकर्ता प्रतिवादी और सरकारी अधिवक्ता चार सप्ताह के भीतर प्रति-शपथपत्र दाखिल करे। अगली सुनवाई की तारीख तक अथवा पुलिस रिपोर्ट दाखिल होने तक जो भी पहले हो याची को गिरफ्तार न किया जाय। यह मामला पत्रकारिता की स्वतंत्रता और सरकारी तंत्र की जवाबदेही के संदर्भ में महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
इंदौर में चल रहे BRICS कृषि सम्मेलन के तहत बुधवार को चीन, रूस, ब्राजील, दक्षिण अफ्रीका समेत करीब 20 देशों के प्रतिनिधियों ने ऐतिहासिक राजवाड़ा का दौरा किया। कृषि मंत्री, वरिष्ठ अधिकारियों और विशेषज्ञों ने यहां होलकरकालीन इतिहास, संस्कृति और खेती-किसानी से जुड़ी व्यवस्थाओं की जानकारी ली। इतिहासकार जफर अंसारी ने दैनिक भास्कर से बताया कि प्रतिनिधियों को होलकर रियासत के दौर में कृषि क्षेत्र में हुए विकास की जानकारी दी गई। इसके लिए उनके निजी संग्रह में मौजूद कई दुर्लभ दस्तावेज, रिकॉर्ड और ऐतिहासिक सामग्री भी दिखाई गई। इनमें होलकर स्टेट के कृषि विभाग से जुड़े दस्तावेज, गांवों की सूची और किसानों के लिए की गई व्यवस्थाओं का रिकॉर्ड शामिल था। खेती-किसानी से जुड़े दस्तावेजों में दिखाई दिलचस्पी विदेशी प्रतिनिधियों ने खास तौर पर यह जानने में रुचि दिखाई कि होलकर शासनकाल में खेती कैसे की जाती थी और किसानों के लिए क्या व्यवस्थाएं थीं। उन्होंने कृषि से जुड़े पुराने दस्तावेजों को ध्यान से देखा और कई सवाल भी पूछे। राजवाड़ा की खूबसूरती और इतिहास ने किया प्रभावित प्रतिनिधियों ने राजवाड़ा की नक्काशी, वास्तुकला और देवी अहिल्याबाई होलकर से जुड़े इतिहास में खास दिलचस्पी दिखाई। उन्हें राजवाड़ा के निर्माण, उसकी ऐतिहासिक भूमिका और होलकर रियासत में उसके महत्व के बारे में जानकारी दी गई। इंदौर की कपास और व्यापार व्यवस्था को समझा दौरे के दौरान विदेशी मेहमानों ने इंदौर के पुराने व्यापार और कपास उत्पादन के बारे में भी जानकारी ली। उन्हें बताया गया कि काली मिट्टी और अनुकूल मौसम की वजह से यहां उच्च गुणवत्ता वाली कपास पैदा होती थी। एक समय इंदौर में छह बड़ी कपास मिलें थीं, जिनका शहर के विकास में बड़ा योगदान रहा। ऑर्गेनिक कम्पोस्ट मॉडल की सराहना प्रतिनिधियों को इंदौर में विकसित ऑर्गेनिक कम्पोस्ट मॉडल के बारे में भी बताया गया। उन्हें जानकारी दी गई कि इसके उपयोग से बेहतर गुणवत्ता वाली कपास की फसल होती थी। इस मॉडल को लेकर विदेशी मेहमानों ने काफी रुचि दिखाई और विस्तार से जानकारी ली। दुर्लभ ऐतिहासिक वस्तुएं भी देखीं राजवाड़ा में प्रतिनिधियों को स्वर्ण और रजत से बनी कई ऐतिहासिक वस्तुएं भी दिखाई गईं। इन दुर्लभ धरोहरों को देखकर वे काफी प्रभावित हुए और उनके बारे में कई सवाल पूछे। इसलिए राजवाड़ा लाए गए विदेशी मेहमान जफर अंसारी के मुताबिक 1747 में बना राजवाड़ा होलकर रियासत का प्रमुख महल और प्रशासनिक केंद्र रहा है। इंदौर की संस्कृति, इतिहास और विरासत को करीब से दिखाने के लिए BRICS सम्मेलन में शामिल विदेशी प्रतिनिधियों को यहां लाया गया। राजवाड़ा आज भी इंदौर की पहचान का सबसे प्रमुख प्रतीक माना जाता है।
ज्योतिषपीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती को लेकर एक नया विवाद सामने आया है। श्री कृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं मुख्यवादी आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कुछ कथित व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और डिजिटल साक्ष्यों का हवाला देते हुए दावा किया है कि स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद और उनके शिष्य मुकुंदानंद के खिलाफ मुकदमा दर्ज कराने के प्रयास किए गए थे। उन्होंने पूरे प्रकरण की निष्पक्ष और उच्चस्तरीय जांच की मांग करते हुए प्रशासन को शिकायत भेजी है। साथ ही उपलब्ध डिजिटल साक्ष्यों की फॉरेंसिक जांच कराकर वास्तविक तथ्यों को सार्वजनिक करने की मांग भी उठाई है। आशुतोष ब्रह्मचारी ने जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य महाराज से जुड़े कथित वीडियो, ऑडियो एवं डिजिटल साक्ष्यों की उच्चस्तरीय जांच की मांग की है। इस संबंध में उन्होंने उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश के वरिष्ठ प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारियों को विस्तृत शिकायत भेजी है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का कहना है कि उनके पास स्वामी रामभद्राचार्य जी से संबंधित ऑडियो रिकॉर्डिंग एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक सामग्री उपलब्ध है, जिसे वे किसी भी सक्षम जांच एजेंसी को सौंपने के लिए तैयार हैं। उन्होंने मांग की है कि हाल ही में प्रसारित वीडियो सामग्री, उसके निर्माण की परिस्थितियों तथा उसमें शामिल व्यक्तियों, विशेष रूप से रामचंद्र दास उर्फ जय मिश्रा की भूमिका की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराई जाए। आवश्यकता पड़ने पर वीडियो एवं अन्य इलेक्ट्रॉनिक साक्ष्यों का तकनीकी और फॉरेंसिक परीक्षण भी कराया जाए। उन्होंने यह भी मांग की है कि स्वामी रामभद्राचार्य का बयान किसी भी प्रकार के बाहरी प्रभाव से मुक्त वातावरण में किसी वरिष्ठ अधिकारी द्वारा दर्ज कराया जाए। साथ ही वर्षों से उनके साथ जुड़े शिष्यों, सेवकों एवं सहयोगियों के बयान भी लिए जाएं ताकि पूरे मामले की वस्तुस्थिति सामने आ सके। व्हाट्सएप चैट और कॉल रिकॉर्ड का भी किया जिक्र आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपनी शिकायत में कुछ कथित व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड और अन्य डिजिटल साक्ष्यों का भी उल्लेख किया है। उनके अनुसार इन चैट में रामचंद्र दास उर्फ जय मिश्रा और अन्य व्यक्तियों के बीच हुई बातचीत दिखाई गई है, जिसमें कथित रूप से कुछ धार्मिक व्यक्तियों एवं संस्थाओं के खिलाफ कार्रवाई कराने, शिकायत दर्ज कराने और प्रशासनिक अधिकारियों से संपर्क कराने जैसी बातें दर्ज हैं। शिकायत के अनुसार उपलब्ध चैट में अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती एवं उनके शिष्य मुकुंदानंद के विरुद्ध पोक्सो एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कराने की चर्चा दिखाई गई है। साथ ही शिकायतकर्ता को थाना स्तर पर तहरीर देने और आगे अधिकारियों से संपर्क कराने का आश्वासन दिए जाने का भी दावा किया गया है। कथित चैट में आप केवल तहरीर दे दो, मैं फोन कराऊंगा, अवनीश अवस्थी जी से बात करता हूं और रुको जैसे संदेश होने का दावा किया गया है। शिकायतकर्ता का कहना है कि इन संदेशों की सत्यता और परिस्थितियों की निष्पक्ष जांच आवश्यक है। धार्मिक संस्थाओं में हस्तक्षेप के आरोप शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि उपलब्ध चैट में विभिन्न आश्रमों एवं धार्मिक संस्थाओं के प्रबंधन, कब्जे संबंधी विवादों तथा वहां रहने वाले संतों एवं सेवकों को हटाने को लेकर भी बातचीत दर्ज है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज का कहना है कि यदि ये डिजिटल साक्ष्य जांच में सही पाए जाते हैं तो यह धार्मिक संस्थाओं की स्वतंत्रता और न्यायिक प्रक्रिया से जुड़ा गंभीर विषय हो सकता है। निष्पक्ष जांच की मांग आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी व्यक्ति को दोषी ठहराना नहीं है, बल्कि उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर निष्पक्ष जांच कराना है। उन्होंने मांग की है कि व्हाट्सएप चैट, कॉल रिकॉर्ड, संबंधित व्यक्तियों की भूमिका और कथित प्रशासनिक संपर्कों की स्वतंत्र जांच कराई जाए, ताकि वास्तविक तथ्य सामने आ सकें। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार का षड्यंत्र, दबाव, झूठा मुकदमा दर्ज कराने का प्रयास अथवा धार्मिक संस्थाओं में अवैध हस्तक्षेप हुआ है तो उसकी सच्चाई सामने आनी चाहिए। साथ ही उन्होंने स्वामी रामभद्राचार्य की सुरक्षा, स्वतंत्रता और सम्मान सुनिश्चित किए जाने की भी मांग की है। हालांकि, समाचार लिखे जाने तक इस संबंध में आरोपित पक्ष की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। मामले की पुष्टि और आरोपों की सत्यता जांच एजेंसियों की रिपोर्ट के बाद ही स्पष्ट हो सकेगी।
विश्व हिंदू परिषद द्वारा मेरठ क्षेत्र का दस दिवसीय परिषद शिक्षा वर्ग मथुरा में आयोजित किया है। इस शिक्षा वर्ग में मेरठ, बृज और उत्तराखंड प्रांत के 200 से ज्यादा पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए हैं। इस दस दिवसीय शिक्षा वर्ग का शुभारंभ विहिप के अंतर्राष्ट्रीय संरक्षक दिनेश जी द्वारा किया गया। उदघाटन सत्र से पहले अतिथियों ने गौ माता का पूजन किया। दीप प्रज्वलन कर हुआ शुभारंभ उद्घाटन सत्र से पूर्व मुख्य अतिथि दिनेश चंद्र जी अंतरराष्ट्रीय संरक्षक विश्व हिन्दू परिषद, महंत प्रहलाद दास महाराज, जगतगुरु भैया जी महाराज, स्वामी देवस्वरूपानंद महाराज, क्षेत्र संगठन मंत्री मुकेश खांडेकर,प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल, वर्ग प्रमुख यशपाल, वर्ग पालक रविन्द्र लांबा द्वारा संयुक्त रूप से गौ पूजन एवं भारत माता का पूजन किया गया। तत्पश्चात उद्घाटन सत्र का प्रारंभ अतिथियों द्वारा राम दरबार, चक्र धारी कृष्ण एवं भारत माता के चित्रों पर माल्यार्पण करके व दीप प्रज्ज्वलित करके किया। उद्घाटन सत्र में उपस्थित संतो ने अपना आशीर्वचन दिये। यह रहे मौजूद उद्घाटन सत्र को संबोधित करते हुए विश्व हिंदू परिषद के संरक्षक दिनेश जी ने कहा कि वर्ग से कार्यकर्ताओं का निर्माण होता है और संगठन को मजबूती मिलती है। कार्यक्रम के दौरान मुकेश खांडेकर क्षेत्र संगठन मंत्री, मुकेश शुक्ला क्षेत्र सेवा प्रमुख, प्रांत अध्यक्ष कन्हैया लाल अग्रवाल प्रांत संगठन मंत्री, राजेश कुमार, प्रांत सह मंत्री, राकेश त्यागी, अभय प्रताप सिंह, महानगर अध्यक्ष गोकुलेश गौतम एडवोकेट,वत्सल भाटिया ,नितिन चौधरी, पवन शर्मा, आशीष शर्मा आदि उपस्थित रहे।
सोडाला थाना पुलिस ने नंदपुरी क्षेत्र में हुई लूट और छीनाझपटी की वारदात का खुलासा करते हुए शातिर अपराधी शिवा थनवाल उर्फ अंशु को गिरफ्तार किया है। पुलिस अन्य आरोपियों तथा लूटी गई रकम की बरामदगी के प्रयास कर रही है। डीसीपी साउथ राजर्षि राज ने बताया कि पीड़ित लक्ष्मण सिंह (35) ने सोडाला थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई थी। उसने बताया कि वह बेलदारी का काम करता है और 7 जूनकी शाम करीब 5:30 बजे काम से घर लौट रहा था। नंदपुरी की गली नंबर-7 स्थित शनि मंदिर के पास शिवा थनवाल, उसके भाई अंशु थनवाल और उनके साथी रोहित ने उसका रास्ता रोक लिया। आरोपियों ने उसके साथ मारपीट की और 3 हजार रुपये छीनकर फरार हो गए। मामले में थाना सोडाला में मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की गई। पुलिस टीम ने लगातार सूचना संकलन, तकनीकी संसाधनों का उपयोग और क्षेत्र के सीसीटीवी कैमरों की जांच की। वारदात से पहले और बाद की गतिविधियों का बारीकी से विश्लेषण कर आरोपी की पहचान की गई। इसके बाद पुलिस ने शिवा थनवाल उर्फ अंशु को हिरासत में लेकर पूछताछ की, जहां उसने वारदात करना स्वीकार कर लिया। पहले भी कई मामलों में शामिल रहा है आरोपी गिरफ्तार आरोपी शिवा थनवाल उर्फ अंशु (24) पुत्र छोटू, निवासी गली नंबर-7, नंदपुरी, सोडाला का रहने वाला है। पुलिस के अनुसार आरोपी के खिलाफ विभिन्न थानों में करीब एक दर्जन आपराधिक मामले दर्ज हैं। वह पूर्व में भी पुलिस गिरफ्तारी से बचकर फरार हो चुका है और उसके खिलाफ पुलिस हिरासत से भागने का मामला भी दर्ज है। नशे की लत पूरी करने के लिए करते थे लूटपाट पूछताछ में आरोपी ने बताया कि वह और उसके साथी स्मैक के नशे के आदी हैं। नशे की जरूरत पूरी करने के लिए वे सुनसान रास्तों और अंधेरे स्थानों पर गरीब, मजदूर और अकेले लोगों को निशाना बनाते थे। मारपीट कर उनसे नकदी छीन लेते थे और उसी रकम से नशा खरीदते थे। अन्य वारदातों के खुलासे की संभावना पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी की निशानदेही पर लूट की रकम और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। पूछताछ में आरोपी से और भी वारदातों का खुलासा होने की संभावना है।
बुलंदशहर सीएमओ मेडिकल बोर्ड गठित करें:यौन शोषण पीड़ित नाबालिग के मामले में हाईकोर्ट का आदेश
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर के मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) और जिलाधिकारी को निर्देश दिया है कि वे यौन शोषण की शिकार एक नाबालिग लड़की की चिकित्सीय जांच के लिए तत्काल मेडिकल बोर्ड का गठन करें। न्यायमूर्ति सलिल कुमार राय और न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ यह आदेश दिया। याचिका में बताया गया कि पीड़िता यौन शोषण के कारण गर्भवती हो गई है और वह गर्भ का चिकित्सीय समापन चाहती है। आरोपी के विरुद्ध एफआईआर भी दर्ज है। इसके बावजूद सीएमओ और जिलाधिकारी उसके आवेदन पर ध्यान नहीं दे रहे थे। कोर्ट ने कहा10 जून 2026 तक मेडिकल बोर्ड का गठन किया जाए। उसी दिन पीड़िता की संपूर्ण चिकित्सीय जांच पूरी की जाए। पीड़िता 10 जून को सुबह 10 बजे सीएमओ कार्यालय में उपस्थित हो। मेडिकल बोर्ड की रिपोर्ट सीलबंद लिफाफे में 11 जून को दोपहर 2 बजे न्यायालय में पेश की जाए। रजिस्ट्रार (अनुपालन) उसी दिन आदेश की प्रति ईमेल व अन्य इलेक्ट्रॉनिक माध्यमों से रात 10 बजे तक संबंधित अधिकारियों को भेजें।पीड़िता की पहचान किसी भी सरकारी दस्तावेज में उजागर न हो। अदालत ने स्पष्ट कहा कि जब कोई यौन शोषण पीड़िता गर्भ समापन के लिए आवेदन करे, तो अधिकारियों को बिना देरी के त्वरित कार्रवाई करनी चाहिए। मामले की अगली सुनवाई 11 जून 2026 को दोपहर 2 बजे होगी।
मध्यप्रदेश महिला आयोग की टीम ने भोपाल सेंट्रल जेल में ट्विशा शर्मा मौत मामले में बंद रिटायर्ड जज और सास गिरिबाला सिंह से मुलाकात की। जेल में गिरिबाला सिंह देवदत्त पटनायक की किताब 'द प्रेग्नेंट किंग' पढ़ रही थीं। टीम को देखते ही उन्होंने किताब बंद कर दी। महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव ने उनसे भोजन, स्वास्थ्य सुविधाओं और अन्य व्यवस्थाओं के बारे में जानकारी ली। गिरिबाला सिंह ने किसी तरह की शिकायत नहीं की और कहा कि उन्हें कोई परेशानी नहीं है, सब ठीक है। रेखा यादव ने बताया- गिरिबाला सिंह शांत रहीं। निरीक्षण में आयोग को ऐसा कोई संकेत नहीं मिला कि उन्हें जेल में कोई विशेष सुविधा दी जा रही है।आयोग की टीम ने महिला वार्ड, अस्पताल, रसोईघर, पुस्तकालय, आर्ट एंड क्राफ्ट सेंटर और ब्यूटी पार्लर का निरीक्षण किया। ‘द प्रेग्नेंट किंग’ में राजा युवनाश्व की कथा गिरिबाला सिंह जिस किताब को पढ़ रही थीं, वह देवदत्त पटनायक की पुस्तक 'द प्रेग्नेंट किंग' है। यह पौराणिक कथा राजा युवनाश्व से प्रेरित मानी जाती है। मान्यता के अनुसार, संतान की इच्छा में किए गए यज्ञ के बाद राजा युवनाश्व ने अनजाने में मंत्रयुक्त पेय पी लिया था, जिसके बाद वे गर्भवती हुए और समय आने पर उनके शरीर से पुत्र मांधाता का जन्म हुआ। CBI जुटा रही मेडिकल और डिजिटल सबूत ट्विशा शर्मा मौत मामले में जांच कर रही सीबीआई को दूसरी पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट मिल गई है। एजेंसी अब मेडिकल, डिजिटल और फॉरेंसिक साक्ष्यों का मिलान कर रही है। जांच में गर्भावस्था, गर्भपात, शरीर पर मिले चोटों के निशान और फांसी के फंदे से जुड़े तथ्यों पर फोकस किया जा रहा है। वहीं गिरिबाला सिंह की ओर से जिला कोर्ट में लीगल एड डिफेंस काउंसिल की रीना वर्मा और श्रेयस सक्सेना ने वकालतनामा पेश किया है। दोनों अधिवक्ता विधिक सेवा प्राधिकरण से जुड़े हैं, इसलिए कोर्ट ने स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी से अनुमति मांगी है। सीबीआई मोबाइल, लैपटॉप से मिले चैट, कॉल रिकॉर्ड, फोटो, वीडियो और डिलीट डेटा की भी जांच कर रही है, ताकि मामले की पूरी कड़ी को जोड़ा जा सके। मेडिकल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य की जांच कर रही सीबीआई एक्ट्रेस ट्विशा शर्मा डेथ केस की जांच कर रही सीबीआई मामले की कड़ियों को जोड़ने में जुटी है। मेडिकल रिकॉर्ड, डिजिटल साक्ष्य और अन्य तथ्यों को जोड़कर जांच कर रही है। सास और रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह की ओर से जबलपुर हाईकोर्ट में पेश दस्तावेज में सामने आया है कि जांच से जुड़े तथ्य पहले ही उनके पास पहुंच रहे थे। ट्विशा के परिजन के वकील अंकुर पांडे का कहना है कि इसी के चलते वह अग्रिम जमानत लेने में सफल हो गईं। मामले की प्रारंभिक जांच और रस्सी जब्त करने वाले एसआई दिनेश शर्मा से दोबारा पूछताछ की जाएगी। इन्होंने घटना के बाद सबसे पहले घटनास्थल का निरीक्षण किया और क्राइम सीन का नक्श मुआयना तैयार किया था। घटनास्थल की तस्वीरों में कमरे में दो अलग-अलग रिंग पर दो बेल्ट लटकी नजर आ रही थीं, लेकिन पुलिस ने 13 मई को केवल एक बेल्ट जब्त की। एसआई ने रस्सी जब्त की और कार में रख ली वकील अंकुर पांडे ने कहा– कटारा हिल्स थाने के एसआई दिनेश शर्मा 13 मई 2026 को सुबह करीब 9:42 बजे ट्विशा के घर पहुंचे। उन्होंने गिरिबाला और समर्थ के सामने रस्सी जब्त की, लेकिन जब्ती पत्रक में किसी को साक्षी नहीं बनाया। इसीलिए दस्तावेज में रस्सी पहचानने वाले का जिक्र नहीं किया। उन्होंने रस्सी अपनी कार में रख ली, जबकि ये तत्काल एम्स के डॉक्टरों को देना था। 13 मई को पीएम कराने भी दिनेश शर्मा ही एम्स पहुंचे थे। ट्विशा के परिजन ने इस पर 14 मई को हंगामा कर दिया। इसके बाद एसआई ने 15 मई को ये रस्सी डॉक्टरों को दी। वकील कहते हैं, ऐसे साक्ष्य जुटाते समय गवाह बनाना कानूनी रूप से जरूरी है। पुलिस को शुरुआत में ही गिरिबाला और पति समर्थ को संदिग्ध के रूप में चिह्नित करना था, लेकिन ऐसा नहीं किया। इतनी बड़ी चूक के बावजूद जिम्मेदार उन पर कोई कार्रवाई नहीं की गई। बता दें, 27 मई को हाईकोर्ट ने गिरिबाला सिंह की अग्रिम जमानत रद्द कर दी थी। एक जून को गिरफ्तारी के बाद सीबीआई की टीम गिरिबाला और समर्थ सिंह को लेकर उनके घर पहुंची थी। रस्सी की पहचान करने वाले व्यक्ति का नाम दर्ज नहीं वकील का दावा है कि प्रारंभिक जांच करने वाले एसआई दिनेश शर्मा की भूमिका संदिग्ध है। अग्रिम जमानत के लिए दिए गए आवेदन में जब्ती से जुड़े दस्तावेज में हुई गलतियों का जिक्र था। इसी आधार पर जमानत मांगी गई। इससे संकेत मिलता है कि केस डायरी से जुड़ी अहम जानकारी गिरिबाला सिंह तक पहुंच रही थी। अंकुर ने बताया कि ट्विशा के परिजन शुरू से ही पुलिस की मंशा पर सवाल उठा रहे थे। उनका आरोप था कि पुलिस जानबूझकर गंभीर त्रुटियां कर रही है, जिससे केस कमजोर हो सकता है। एम्स में परीक्षण के बाद 16 मई को रस्सी को एफएसएल जांच के लिए भेजा गया। फिलहाल सीबीआई केवल ट्विशा की मौत की जांच कर रही है। 29 मई को रिटायर्ड जज गिरिबाला सिंह और समर्थ सिंह को भोपाल की स्पेशल कोर्ट में पेश किया गया था। दो बेल्ट थे, पुलिस ने एक की जब्ती की ट्विशा मामले में घटनास्थल की तस्वीरों में कमरे में दो अलग-अलग रिंग पर दो बेल्ट लटकी नजर आ रही थीं, लेकिन पुलिस ने 13 मई को केवल एक बेल्ट जब्त की। जब्ती पंचनामा में यह स्पष्ट नहीं है कि बेल्ट किसकी निशानदेही पर मिली। इसके बावजूद पुलिस ने उसी बेल्ट को मौत में इस्तेमाल हुई लिगेचर बेल्ट मानकर जांच में शामिल किया और एम्स भोपाल भेजा। केस डायरी के दस्तावेज आरोपियों तक पहुंचने के आरोप अग्रिम जमानत खारिज कराने लगाई गई याचिका के जवाब में गिरिबाला की ओर से हाईकोर्ट में कहा गया है कि रस्सी से संबंधित जब्ती दस्तावेज केस डायरी का हिस्सा था। उस समय समर्थ और गिरिबाला आरोपी नहीं थे, इसलिए कानूनी रूप से उन्हें उस दस्तावेज तक पहुंच का अधिकार नहीं था। यह अधिकार सिर्फ पुलिस को रहता है। इसके बावजूद अग्रिम जमानत याचिका के जवाब के साथ यह दस्तावेज दाखिल किए जाने पर सवाल उठाए गए हैं। ट्विशा के परिजन के वकील का आरोप है कि इससे जांच से जुड़े दस्तावेज आरोपियों तक पहले ही पहुंच रहे थे। हालांकि, इस संबंध में जांच एजेंसियों की ओर से कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। एक ही दिन तैयार हुए अन्य जब्ती दस्तावेज गिरिबाला की ओर से हाईकोर्ट में पेश जवाब में यह भी जिक्र है कि उसी दिन (13 मई) कार्रवाई संबंधी तीन अन्य दस्तावेज भी तैयार किए गए थे। इनमें समर्थ और गिरिबाला की मौजूदगी का जिक्र है। रस्सी की जब्ती वाले दस्तावेज में इसका जिक्र नहीं है। इसे आधार बनाते हुए जांच प्रक्रिया में अंतर होने का दावा वकील अंकुर पांडे ने किया है। मामले में उठाए गए सभी बिंदु गिरिबाला की ओर से 27 मई को हाईकोर्ट में दायर अग्रिम जमानत याचिका के दौरान प्रस्तुत जवाब से जुड़े बताए जा रहे हैं। अब जांच एजेंसियां सबूतों की जब्ती, उनकी सुरक्षा और पूरी प्रक्रिया की भी समीक्षा कर रही हैं। गिरिबाला की ओर से पेश दस्तावेज की हकीकत की पड़ताल आरोपी गिरिबाला की ओर से ट्विशा को मानसिक रूप से परेशान और मनोरोग से जुड़ी समस्या होने का दावा करते हुए भोपाल कोर्ट में उसके इलाज से संबंधित कुछ दस्तावेज पेश किए गए थे। इसके बाद उनको अग्रिम जमानत मिली थी। सीबीआई टीम मेडिकल दस्तावेज की वास्तविकता की जांच कर रही है। यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि ट्विशा का इलाज हुआ था या नहीं? यदि हुआ था तो उसकी मानसिक स्थिति कैसी थी? इसी सिलसिले में मनोचिकित्सक डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी से पूछताछ की गई। ट्विशा मानसिक बीमार थी या नहीं? सीबीआई पता कर रही सीबीआई सूत्रों के मुताबिक यह भी जांच चल रही है कि ट्विशा वास्तव में किसी मानसिक बीमारी से जूझ रही थी या उसके इलाज से जुड़े दस्तावेज का इस्तेमाल किसी अन्य उद्देश्य से किया गया। डॉ. सत्यकांत त्रिवेदी ने सीबीआई पूछताछ की पुष्टि की है। भास्कर के सवाल पर डॉ. त्रिवेदी ने कहा कि मरीज की निजी जानकारी साझा करना उसके अधिकारों का उल्लंघन है। वह ट्विशा की काउंसलिंग के दौरान हुई व्यक्तिगत बातों का खुलासा नहीं कर सकते। गिरिबाला ने जिन्हें सजा सुनाई ऐसे 29 कैदी भी जेल में गिरिबाला और समर्थ को जेल में वीआईपी ट्रीटमेंट मिलने के आरोप लगे थे। इसके बाद जेल प्रबंधन ने दोनों को अस्पताल वार्ड से बैरक में शिफ्ट कर दिया है। कोर्ट के आदेश के बाद गिरिबाला की सुरक्षा को लेकर जेल प्रशासन अलर्ट है। अतिरिक्त प्रहरी तैनात किए गए हैं और सीसीटीवी कैमरों भी बढ़ाए गए हैं। सुरक्षा बढ़ाने की वजह यह बताई जा रही है कि गिरिबाला ने जज रहते हुए जिन आरोपियों को सजा सुनाई थी, उनमें से 29 इसी जेल में बंद हैं। गिरिबाला 15 जुलाई 2021 से 28 फरवरी 2023 तक भोपाल जिला कोर्ट में जज रही थीं। केस से जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें…
जम्मू-कश्मीर घूमकर लौट रहे लखनऊ के एक परिवार की स्कॉर्पियो गंगा एक्सप्रेसवे पर डिवाइडर से टकराकर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। हादसे में चमड़ा कारोबारी अबू वकर (40), उनकी भाभी हिना (28) और 15 वर्षीय भांजी जुनैरा की मौत हो गई, जबकि परिवार के आठ अन्य सदस्य घायल हो गए। इनमें तीन की हालत गंभीर बताई जा रही है। प्रारंभिक जांच में हादसे की वजह चालक को आई झपकी मानी जा रही है। दुर्घटना के समय स्कॉर्पियो अबू वकर स्वयं चला रहे थे। पीछे चल रही कार के चालक ने देखा हादसा हादसा बुधवार सुबह करीब 10:30 बजे अमरोहा जिले के सैदनगली क्षेत्र में हुआ। स्कॉर्पियो के पीछे कार से आ रहे प्रत्यक्षदर्शी तौकीर ने बताया कि वाहन अचानक अनियंत्रित होकर डिवाइडर से जा टकराया। टक्कर इतनी तेज थी कि गाड़ी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। घायलों में शामिल अबू वकर के भाई मोहम्मद उमर ने बताया कि परिवार लखनऊ के चौक स्थित नक्खास इलाके की शीरमाल वाली गली का रहने वाला है। बच्चों की गर्मी की छुट्टियों में पूरा परिवार 1 जून को जम्मू-कश्मीर घूमने गया था। मंगलवार रात वापसी के लिए रवाना हुआ था, लेकिन बुधवार सुबह रास्ते में हादसा हो गया। 8 लोग घायल, कई की हालत गंभीर हादसे में अबू वकर की पत्नी कुलसुम (38), भाई मोहम्मद उमर (32), भांजी सिदरा (14), भांजी हनिया (2), हिना का बेटा मोहम्मद (4), अफ्फान, अफीफा (7) और हामना (10) घायल हुए हैं। सभी को उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। गंभीर घायलों पर चिकित्सकों की विशेष निगरानी रखी जा रही है। संभल पुलिस ने पहुंचाया अस्पताल अमरोहा जिले में हादसा होने के बावजूद घटनास्थल संभल जिले की सीमा के अधिक करीब था। सूचना मिलते ही कैलादेवी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल भिजवाया। एसपी कृष्ण कुमार बिश्नोई ने बताया कि प्रारंभिक जांच में चालक को नींद की झपकी आने की बात सामने आई है। दुर्घटना के अन्य कारणों की भी जांच की जा रही है। हादसे की खबर मिलते ही घर में मचा कोहराम लखनऊ में जैसे ही परिवार को हादसे की सूचना मिली, घर में कोहराम मच गया। परिजन और पड़ोसी बड़ी संख्या में घर पहुंच गए। मृतकों के परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल था। आसपास के लोग उन्हें सांत्वना देते रहे, लेकिन परिवार के सदस्यों के आंसू नहीं थम रहे थे। पूरे मोहल्ले में शोक का माहौल है।
नगर निगम इंदौर सीमा क्षेत्र में संचालित सभी व्यापारिक प्रतिष्ठानों, दुकानों और संस्थानों के लिए नगर निगम द्वारा जारी ट्रेड लाइसेंस प्राप्त करना अनिवार्य है। निगम प्रशासन द्वारा व्यापारियों और संस्थान संचालकों से अपील की गई है कि जिनके पास ट्रेड लाइसेंस नहीं है या जिनका लाइसेंस खत्म हो गया है, वे निर्धारित समय सीमा में नया लाइसेंस बनवाने या उसका रिन्यूअल जरूर कराएं। नगर निगम द्वारा स्पष्ट किया गया है कि बिना वैध ट्रेड लाइसेंस के व्यवसाय संचालन करना नियमों के खिलाफ है। ऐसे व्यापारिक प्रतिष्ठान, दुकानें और संस्थान जो ट्रेड लाइसेंस नहीं बनवाते है या समय पर रिन्यूअल नहीं कराते हैं, उनके खिलाफ निगम द्वारा नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। संबंधित दुकान या संस्थान को सील करने जैसी कार्रवाई भी की जा सकती है। निगम प्रशासन ने सभी व्यापारियों को सूचित किया है कि आगामी 7 दिन अपना ट्रेड लाइसेंस अनिवार्य रूप से बनवा लें या उसका नवीनीकरण करा लें। निर्धारित अवधि समाप्त होने के बाद नगर निगम द्वारा विशेष अभियान चलाकर जांच एवं कार्रवाई की जाएगी, जिसकी पूरी जिम्मेदारी संबंधित व्यवसायी एवं संस्थान संचालक की होगी। ऑनलाइन भी कर सकेंगे आवेदन व्यवसायी ट्रेड लाइसेंस के लिए नगर निगम की वेबसाइट www.mpenagarpalika.gov.in पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं या नगर पालिक निगम इंदौर के लाइसेंस विभाग में कार्यालयीन समय के दौरान संपर्क कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी कर सकते हैं। लाइसेंस के रिन्यूअल के लिए ये है जरूरी डॉक्यूमेंट्स ट्रेड लाइसेंस के रिन्यूअल के लिए केवल पिछले साल का ट्रेड लाइसेंस या उसकी रसीद पेश करना जरूरी होगा। नवीन ट्रेड लाइसेंस बनवाने के लिए जरूरी डॉक्यूमेंट्स
लखनऊ के लालबाग स्थित भोपाल हाउस परिसर में बनी महर्षि सुपंच सुदर्शन वाटिका को लेकर सवाल उठने लगे हैं। करीब 15 वर्ष पहले करोड़ों रुपए की लागत से विकसित किए गए इस पार्क को एलडीए ने पुनर्विकास के लिए तोड़ दिया है। अब इसे नए स्वरूप में तैयार करने पर लगभग 50 लाख रुपए खर्च किए जाने की तैयारी है। हजरतगंज क्षेत्र के सौंदर्यीकरण अभियान के तहत वर्ष 2010 के आसपास इस वाटिका को आधुनिक सुविधाओं के साथ विकसित किया गया था। पार्क में आकर्षक फव्वारे, लोहे की सजावटी बेंचें, मुक्ताकाशी मंच और हरित क्षेत्र तैयार किया गया था। लंबे समय तक यह क्षेत्र स्थानीय लोगों और सांस्कृतिक आयोजनों का केंद्र बना रहा। स्थानीय लोगों का कहना है कि नियमित रखरखाव की कमी से पार्क की चमक जरूर फीकी पड़ी थी, लेकिन यहां लगे अधिकांश निर्माण, टाइल्स और मंच अच्छी स्थिति में थे। इसके बावजूद एलडीए ने पूरे परिसर को जेसीबी से तोड़ना शुरू कर दिया। कई मजबूत संरचनाएं आसानी से नहीं टूटीं तो उन्हें मशीनों की मदद से ध्वस्त किया गया। पार्क को पूरी तरह खोद दिए जाने के बाद अब यहां नए सिरे से सौंदर्यीकरण की योजना बनाई जा रही है। इसे लेकर लोगों के बीच यह चर्चा है कि जब मौजूदा संरचनाएं उपयोग योग्य थीं, तो उन्हें हटाकर दोबारा निर्माण पर सरकारी धन खर्च करने की जरूरत क्यों पड़ी। एलडीए के सहायक अभियंता प्रवीन कुमार के मुताबिक, पार्क में लगा फव्वारा लंबे समय से बंद था और कई बेंचें भी क्षतिग्रस्त हो चुकी थीं। इसी वजह से पार्क का पुनर्विकास कर इसे पहले से बेहतर स्वरूप देने की योजना बनाई गई है। पार्क के पुनर्विकास को लेकर अब एलडीए की कार्यप्रणाली और सार्वजनिक धन के उपयोग पर सवाल उठ रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि नए निर्माण के साथ-साथ पुराने खर्च और रखरखाव की जिम्मेदारी की भी समीक्षा होनी चाहिए।
लखनऊ में होटल और रेस्टोरेंट की अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान के तहत बुधवार को एलडीए और अग्निशमन विभाग की संयुक्त टीम ने निराला नगर क्षेत्र में कई प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। जांच के दौरान कुछ होटलों में स्वीकृत मानचित्र के विपरीत निर्माण कार्य मिलने पर कार्रवाई की तैयारी शुरू कर दी गई है। एलडीए उपाध्यक्ष प्रथमेश कुमार के निर्देश पर गठित टीम ने दिल्ली में हाल ही में हुए होटल अग्निकांड के बाद शहर की बहुमंजिला इमारतों में सुरक्षा मानकों की पड़ताल शुरू की है। इसी क्रम में अपर सचिव सीपी त्रिपाठी के पर्यवेक्षण में प्रवर्तन जोन-4 के जोनल अधिकारी माधवेश कुमार और अग्निशमन अधिकारियों ने संयुक्त निरीक्षण किया। टीम ने होटल सैंडस्टोन, होटल रेग्नेंट, होटल गोल्डन ऑर्किड, होटल नेक्टर इन, रघुवीर पैलेस, कपूर्स डॉट इन और रेनबो गोल्ड इन की जांच की। निरीक्षण के दौरान कुछ प्रतिष्ठानों में स्वीकृत भवन मानचित्र के मुकाबले आंशिक विचलन पाया गया। ऐसे मामलों में होटल संचालकों और प्रबंधकों को नोटिस जारी किए जाएंगे। जांच के दौरान तीन होटल प्रबंधन मौके पर स्वीकृत भवन मानचित्र प्रस्तुत नहीं कर सके। टीम ने उन्हें तीन दिनों के भीतर स्वीकृत नक्शा उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। एलडीए अधिकारियों के अनुसार निर्धारित समय में दस्तावेज प्रस्तुत न करने या नियमों का उल्लंघन पाए जाने पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
बरेली में तूफान के साथ जोरदार बारिश:90 की स्पीड से चली हवा, पूरे शहर की बिजली कटी
बरेली में बुधवार देर रात अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। शहर और आसपास के इलाकों में 90 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से आए भीषण आंधी-तूफान ने जनजीवन अस्त-व्यस्त कर दिया है। तेज हवाओं के साथ हुई बारिश ने लोगों को घरों में दुबकने पर मजबूर कर दिया। आंधी इतनी तेज थी कि कई जगहों पर पेड़ और होर्डिंग्स गिर गए, जिससे जगह-जगह अफरा-तफरी का माहौल बन गया। तेज गर्जना और तूफानी हवाओं को देख लोग दहशत में आ गए। मौसम विभाग ने बरेली की स्थिति को देखते हुए गंभीर चेतावनी जारी की है। विभाग ने अगले 3 घंटे के लिए बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, लखीमपुर खीरी और हरदोई जिलों के लिए हाई अलर्ट घोषित किया है। लोगों से अपील की गई है कि वे अनावश्यक रूप से घरों से बाहर न निकलें और सुरक्षित स्थानों पर रहें। प्रशासन किसी भी स्थिति से निपटने के लिए पूरी तरह मुस्तैद है। 3 तस्वीरें देखिए- 7 से 8 घंटे तक गुल रही बिजली आपूर्ति तेज आंधी-तूफान के कारण शहर की विद्युत व्यवस्था बुरी तरह प्रभावित हुई। मुख्य अभियंता, बरेली जोन-1 ने सभी उपभोक्ताओं को सूचित किया है कि भीषण हवाओं के चलते सुरक्षा की दृष्टि से विद्युत आपूर्ति को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। क्षेत्र में पेड़ों की अधिकता के कारण विद्युत लाइनों और पोलों पर उनके गिरने का भारी खतरा बना हुआ है, जिससे बड़ी क्षति हो सकती है। बिजली विभाग की टीमें सक्रिय हैं, लेकिन आपूर्ति सामान्य होने में अभी 7 से 8 घंटे का समय लग सकता है। विभाग ने उपभोक्ताओं से इस संकट की घड़ी में धैर्य रखने और सहयोग करने की अपील की है।
बस्ती में युवक ने मां की हत्या की झूठी सूचना:पुलिस को गुमराह करने पर आरोपी गिरफ्तार, भेजा न्यायालय
बस्ती में एक युवक को अपनी मां की हत्या की झूठी सूचना देना महंगा पड़ गया। युवक ने डायल 112 और कोतवाली पुलिस को यह जानकारी दी थी। सूचना की गंभीरता को देखते हुए पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची, लेकिन जांच में यह असत्य पाई गई। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर न्यायालय भेज दिया। पुलिस के अनुसार, यह घटना बुधवार तड़के करीब 1.35 बजे की है। मालवीय रोड, बभनगांवा गांधीनगर निवासी चंद्रकांत पांडेय ने डायल 112 पर सूचना दी थी कि उसके भाई सनिकांत ने उनकी मां की हत्या कर दी है। हत्या जैसी गंभीर सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस और डायल 112 की टीम तुरंत सक्रिय हो गई। पुलिस टीमें तत्काल घटनास्थल पर पहुंचीं और जांच शुरू की। मौके पर तथ्यों की पड़ताल करने पर सूचना पूरी तरह झूठी निकली। जांच में न तो किसी हत्या की पुष्टि हुई और न ही किसी प्रकार की आपराधिक घटना सामने आई। पुलिस ने सूचना देने वाले चंद्रकांत पांडेय से पूछताछ की, जिसमें उसके द्वारा दी गई जानकारी भ्रामक और असत्य पाई गई। आवश्यक जांच और पूछताछ के बाद कोतवाली पुलिस ने आरोपी चंद्रकांत पांडेय को गिरफ्तार कर उसके विरुद्ध विधिक कार्रवाई करते हुए न्यायालय रवाना कर दिया। इस कार्रवाई में प्रभारी निरीक्षक कोतवाली मोतीचंद, गांधीनगर चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक सभा शंकर यादव, कांस्टेबल धीरज यादव तथा आरक्षी आदर्श वर्मा की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
‘बे’ बोलने पर दो पक्षों में खूनी बवाल:कानपुर में बीच सड़क 30 मिनट तक पत्थर चले, 8 लोग घायल
कानपुर के जाजमऊ के वाजिदपुर इलाके में बुधवार रात एक शब्द ने ऐसा बवाल खड़ा कर दिया कि पूरा मोहल्ला रणभूमि में तब्दील हो गया। ई-रिक्शा चालक को कथित तौर पर “बे” कहकर बुलाने पर शुरू हुई कहासुनी ने देखते ही देखते हिंसक रूप ले लिया। दोनों पक्षों के बीच जमकर मारपीट, लाठी-डंडे और पत्थरबाजी हुई। करीब 30 मिनट तक सड़क पर दहशत का माहौल रहा। घटना में दो महिलाओं समेत आठ लोग घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक रात में लोग घरों से निकलकर सड़कों पर आ गए। चीख-पुकार, गाली-गलौज और पत्थरों की आवाज से पूरा इलाका दहल उठा। हालात इतने बिगड़ गए कि राहगीरों ने रास्ता बदल लिया और आसपास के दुकानदारों ने एहतियातन दुकानें बंद कर दीं। मोमोस खाने निकला था समीर, विवाद ने लिया हिंसक रूपवाजिदपुर निवासी ई-रिक्शा चालक मोहम्मद समीर के अनुसार वह रात में फिंगर मोमोस खाने निकला था। इसी दौरान मोहसिन ने उसे कथित तौर पर “बे” कहकर बुलाया। इस बात पर दोनों के बीच बहस शुरू हो गई। पहले लोगों ने समझाने का प्रयास किया, लेकिन कुछ ही देर में दोनों पक्षों के समर्थक भी मौके पर पहुंच गए और मामला मारपीट में बदल गया। समीर का आरोप है कि विवाद के दौरान जमकर पत्थरबाजी हुई, जिसमें मोहम्मद फैज, मोहम्मद समीर, मोनू और कक्षा पांच का एक छात्र घायल हो गया। दूसरे पक्ष ने लगाया पुरानी रंजिश का आरोपवहीं दूसरे पक्ष के ट्रैक्टर चालक मोहम्मद मोहसिन का कहना है कि समीर और उसके साथी पुरानी रंजिश रखते हैं और अक्सर गाली-गलौज करते हैं। उनका आरोप है कि बुधवार रात भी विवाद के बाद समीर ने अपने साथियों को बुलाकर हमला कर दिया। मोहसिन के मुताबिक शोर सुनकर उनके परिवार के लोग बीच-बचाव करने पहुंचे, तभी दूसरे पक्ष ने पत्थरबाजी शुरू कर दी। इस दौरान उनकी पत्नी गुलफशा, मां शमशून निशा, पिता हैदर अली और चाचा अशरफ घायल हो गए। सड़क पर चलीं लाठियां, बरसे पत्थरप्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि पहले दोनों पक्षों के बीच हाथापाई हुई, फिर देखते ही देखते पत्थर चलने लगे। कई लोगों ने लाठी-डंडों और बेल्ट से भी एक-दूसरे पर हमला किया। महिलाएं झगड़ा रोकने आईं, लेकिन वे भी हिंसा की चपेट में आ गईं। वहीं वायरल वीडियो में पुलिसकर्मी के सामने मारपीट होती दिखाई दे रही है। करीब आधे घंटे तक पूरा इलाका अखाड़े में तब्दील रहा। घटना का वीडियो भी किसी ने बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसमें दोनों पक्ष एक-दूसरे पर हमला करते दिखाई दे रहे हैं। अवैध बसावट पर फिर उठे सवालघटना के बाद क्षेत्रीय लोगों ने कॉलोनी में अवैध बसावट और सत्यापन न होने का मुद्दा उठाया है। स्थानीय निवासियों का कहना है कि वाजिदपुर कॉलोनी में दर्जनों लोग अवैध रूप से रह रहे हैं। कई बार अधिकारी मौके पर आकर चेतावनी दे चुके हैं, लेकिन आज तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। लोगों का आरोप है कि प्रशासन ने कभी व्यापक सत्यापन अभियान नहीं चलाया, जिसके कारण क्षेत्र में लगातार विवाद और आपराधिक घटनाएं बढ़ रही हैं। उन्होंने केडीए और जिला प्रशासन से कॉलोनी में रहने वाले लोगों का सत्यापन कराने की मांग की है। सूचना मिलते ही जाजमऊ पुलिस मौके पर पहुंची और हालात को नियंत्रित किया। सभी घायलों को मेडिकल परीक्षण और उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। थाना प्रभारी संजय पांडेय ने बताया कि घायलों का मेडिकल कराया जा रहा है। दोनों पक्षों से तहरीर मांगी गई है। जांच के बाद विधिक कार्रवाई की जाएगी।
जांच कौन करेगा, सब बेईमान हैं:राम मंदिर चढ़ावा मामले में महंत कमलनयन दास बोले- कोई दूध का धुला नहीं
अयोध्या के श्रीरामजन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट में दान व्यवस्था को लेकर उठे विवाद पर अयोध्या के प्रमुख महंत ने बड़ा बयान दिया है। श्रीराम मंदिर ट्रस्ट के अध्यक्ष महंत नृत्य गोपाल दास के उत्तराधिकारी महंत कमल नयन दास ने पूरे प्रकरण पर गहरी नाराजगी जताई है। उन्होंने कहा कि यदि कहीं कोई गड़बड़ी हुई है, तो उसकी जांच अवश्य होनी चाहिए, लेकिन आज जांच करने वालों की निष्पक्षता पर भी सवाल खड़े हैं। महंत बोले- भगवान ही न्याय करेंगे महंत कमल नयन दास ने कहा- आज स्थिति ऐसी है कि सब एक-दूसरे पर आरोप लगा रहे हैं. जो जांच कर रहे हैं, उनकी ईमानदारी पर भी सवाल हैं। ऐसे में निष्पक्ष जांच कैसे होगी? अंततः भगवान ही सब देख रहे हैं और वही न्याय करेंगे। आज जो लोग राम मंदिर और ट्रस्ट पर सवाल उठा रहे हैं, उन्हें भी अपने आचरण का आत्ममंथन करना चाहिए। जो लोग आज दूसरों पर उंगली उठा रहे हैं, क्या उन्होंने अपने जीवन में कभी कोई गलती नहीं की? जो कभी साइकिल पर चलते थे, वे आज बड़ी-बड़ी गाड़ियों में घूम रहे हैं और आलीशान भवनों में रह रहे हैं. आखिर यह सब कैसे हुआ, इसका जवाब भी समाज को मिलना चाहिए। हमारा लक्ष्य सेवा और समाज का कल्याण राम जन्मभूमि आंदोलन को याद करते हुए महंत कमल नयन दास ने कहा- उनके लिए हमेशा राष्ट्र और राम जन्मभूमि सर्वोपरि रहे हैं। कहा- हमने राम जन्मभूमि के लिए अपना जीवन समर्पित किया, जो करना था, वह हमने कर दिया। आज भी हमारा लक्ष्य सेवा और समाज का कल्याण है। किसी व्यक्ति विशेष या राजनीतिक विवाद से हमारा कोई लेना-देना नहीं है। दान और चढ़ावे के संबंध में उन्होंने कहा कि वर्षों तक मंदिरों में आने वाले सोने-चांदी और अन्य दान का हिसाब-किताब रखा जाता रहा है। कई बार श्रद्धालुओं द्वारा बिना नाम बताए भी बड़ी मात्रा में दान दिया जाता था, जिसकी जानकारी संबंधित व्यवस्थाओं में दर्ज होती रही है। संदेह है, तो जांच होनी चाहिए हालांकि महंत कमल नयन दास ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि राम जन्मभूमि से जुड़े किसी भी मामले में संदेह है, तो उसकी जांच होनी चाहिए, लेकिन जांच पूरी तरह निष्पक्ष और पारदर्शी होनी चाहिए। अंततः हर व्यक्ति को अपने कर्मों का फल अवश्य मिलता है और भगवान के न्याय से कोई नहीं बच सकता। राम मंदिर के दान और चढ़ावे को लेकर चल रही बहस के बीच संत समाज के इस वरिष्ठ चेहरे का बयान चर्चा का विषय बन गया है। उनके वक्तव्य ने एक ओर जांच की मांग का समर्थन किया है, तो दूसरी ओर जांच एजेंसियों और व्यवस्था की विश्वसनीयता पर भी सवाल खड़े किए है।
सोनभद्र में किशोरी ने सुसाइड किया:बहन से हुआ था झगड़ा, कमरे में जाकर फांसी लगाई
सोनभद्र के चोपन थाना क्षेत्र में एक 16 वर्षीय किशोरी ने अपनी बहन से हुए मामूली विवाद के बाद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेते हुए मामले की जांच शुरू कर दी है। चोपन बैरियर स्थित कांशीराम आवास बस्ती निवासी तरबेज आलम की 16 वर्षीय पुत्री खुशी, का अपनी बहन से किसी बात पर विवाद हो गया था। विवाद के बाद खुशी अपने कमरे में चली गई और वहां फांसी लगा ली। काफी देर तक खुशी के दिखाई न देने पर परिजनों ने उसकी तलाश की। जब वे कमरे में पहुंचे, तो खुशी को फंदे से लटका पाया। परिजन उसे तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) चोपन ले गए, जहां डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। घटना की सूचना मिलने पर चोपन पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने आवश्यक जांच-पड़ताल के बाद शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। सीएचसी चोपन के डॉ. नवनीत श्रीवास्तव ने बताया कि किशोरी को अस्पताल मृत अवस्था में लाया गया था। प्राथमिक परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित किया गया। उन्होंने यह भी बताया कि प्रारंभिक जानकारी में पारिवारिक विवाद की बात सामने आई है।
दहेज हत्या के आरोप में पिता-पुत्र गिरफ्तार:बभनी पुलिस ने कोर्ट में पेश किया, जेल भेजा गया
बभनी थाना पुलिस ने बुधवार को दहेज हत्या के आरोप में फरार चल रहे पिता-पुत्र को गिरफ्तार किया है। बता दे कि मगरमाड़ गांव में एक विवाहिता की संदिग्ध मौत के मामले में पति, सास और ससुर के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। उसके बाद से ही पति और ससुर फरार चल रहे थे। बभनी थाने के प्रभारी निरीक्षक डीपी यादव ने बताया कि बीते शुक्रवार की रात मगरमाड़ गांव में अर्चना देवी का शव संदिग्ध परिस्थितियों में फंदे से लटका मिला था। मृतका के मायके पक्ष ने दहेज उत्पीड़न और दहेज हत्या का आरोप लगाते हुए पति समेत सास-ससुर के खिलाफ मामला दर्ज कराया था। मामले की जांच के दौरान पुलिस ने मुखबिर की सूचना पर बुधवार सुबह मृतका के ससुर कन्हैयालाल और पति रामसजीवन को कारीडांड आश्रम मोड़ से गिरफ्तार कर लिया। प्रभारी निरीक्षक डीपी यादव ने बताया कि दोनों आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और दहेज प्रतिषेध अधिनियम की संबंधित धाराओं में कार्रवाई की गई है। गिरफ्तारी के बाद उन्हें न्यायालय में पेश किया गया, जहां से न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि मामले की विवेचना जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में युवक फंदे से झूला:कमरे में शव लटकता मिला, पुलिस जांच में जुटी
मेरठ के लिसाड़ी गेट थाना क्षेत्र के किदवई नगर में बुधवार सुबह एक युवक का शव उसके घर के कमरे में फंदे से लटका मिला। इस घटना से परिवार और मोहल्ले में मातम छा गया। मृतक की पहचान 23 वर्षीय सुबान पुत्र इकरामुद्दीन के रूप में हुई है। परिजनों ने बताया कि सुबान कबाड़ के कारोबार से जुड़ा था। परिजनों के अनुसार, सुबान लंबे समय से नशे का आदी था। इस कारण उसका व्यवहार बदल गया था और वह अक्सर परेशान रहता था। सुबान को पंखे से लटका देखा बुधवार सुबह परिवार के सदस्य जब घर की ऊपरी मंजिल पर पहुंचे, तो उन्होंने सुबान को पंखे से लटका देखा। उसे तुरंत नीचे उतारा गया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में लोग मौके पर जमा हो गए। सूचना मिलने पर लिसाड़ी गेट थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर कानूनी प्रक्रिया पूरी की। परिजनों ने पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया। इसके बाद औपचारिक कार्रवाई पूरी कर शव परिवार को सौंप दिया गया। शव परिवार को सौंप दिया पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है। फिलहाल किसी भी पक्ष की ओर से कोई शिकायत या तहरीर नहीं दी गई है। पुलिस मामले की विस्तृत जानकारी जुटाने में लगी हुई है।
ललितपुर में आंधी-बारिश से घरों के टीन उड़े:चार लोग घायल, ग्रामीणों ने मुआवजे और राहत कार्य की मांग की
ललितपुर के ग्राम खोंखरा में 9 जून को आई बेमौसम आंधी, तेज बारिश और ओलावृष्टि से भारी नुकसान हुआ है। इस दौरान कई घरों के टीन उड़ गए और चार लोग घायल हो गए। बुधवार को ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर आर्थिक मदद और राहत कार्य की मांग की। ग्रामीणों ने बताया कि 9 जून की शाम करीब 3:30 बजे अचानक तेज आंधी-तूफान और ओलावृष्टि शुरू हो गई। तेज हवाओं के कारण कई मकानों की छतें उड़ गईं, पेड़ धराशायी हो गए और लोगों की घरेलू संपत्ति को भी भारी क्षति पहुंची। आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली की चपेट में आने से चार लोग घायल हो गए। उन्हें उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि घटना की सूचना संबंधित अधिकारियों को दी गई थी, लेकिन अब तक मौके पर कोई प्रभावी सर्वेक्षण या राहत कार्य शुरू नहीं किया गया है। इससे प्रभावित परिवारों में नाराजगी है। ज्ञापन में जिलाधिकारी से मांग की गई है कि राजस्व एवं संबंधित विभागों की टीम भेजकर नुकसान का आकलन कराया जाए। साथ ही, जिन परिवारों के मकान, पशु या अन्य संपत्ति को क्षति पहुंची है, उन्हें शासन की ओर से निर्धारित मुआवजा दिलाया जाए। ग्रामीणों ने घायलों के समुचित उपचार और आपदा राहत मद से आर्थिक सहायता प्रदान करने की भी मांग की है।
संभल से समाजवादी पार्टी के विधायक नवाब इकबाल महमूद ने भारतीय जनता पार्टी और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने भाजपा विधायक नंद किशोर गुर्जर के देवबंद को बंद करने संबंधी बयान को पूरी तरह राजनीतिक बताया। मध्य प्रदेश राज्यसभा चुनाव में कांग्रेस नेता मीनाक्षी नटराजन का नामांकन रद्द होने के मुद्दे पर बोलते हुए, विधायक महमूद ने चुनाव आयोग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा, चुनाव आयोग अब भाजपा का एक ऑफिस बन गया है और वहां होने वाली अधिकांश गतिविधियां भाजपा की निगरानी में संचालित होती दिखाई देती हैं। विधायक इकबाल महमूद ने बुधवार शाम 7 बजे संभल स्थित अपने आवास पर मीडिया से बात करते हुए कहा कि नंद किशोर गुर्जर का बयान अपने क्षेत्र में हिंदू-मुस्लिम ध्रुवीकरण कर राजनीतिक लाभ प्राप्त करने के उद्देश्य से दिया गया है। उन्होंने देवबंद संस्थान के गौरवशाली इतिहास का जिक्र करते हुए बताया कि यह देश की आजादी से पहले का है और इसने स्वतंत्रता आंदोलन में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया है। महमूद ने आगे कहा कि इस संस्थान से पढ़कर कई लोग देश-दुनिया में उच्च पदों पर पहुंचे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि देवबंद को बदनाम करने की कोशिश की जा रही है, जबकि वहां किसी भी राष्ट्रविरोधी गतिविधि का कोई प्रमाण नहीं मिला है। महमूद ने दावा किया कि विपक्षी दलों को आयोग से निष्पक्ष न्याय की उम्मीद कम है। उन्होंने मीनाक्षी नटराजन के नामांकन रद्द होने को आवश्यक जानकारी के अभाव के कारण हुई कार्रवाई बताया, लेकिन साथ ही आयोग की भूमिका पर संदेह व्यक्त किया। इंडिया गठबंधन को लेकर उठ रहे सवालों पर नवाब इकबाल महमूद ने स्पष्ट किया कि गठबंधन पूरी तरह एकजुट है। उन्होंने बताया कि इसकी बैठकों की अध्यक्षता कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे कर रहे हैं और कांग्रेस के नेतृत्व में गठबंधन आगे बढ़ रहा है। पश्चिम बंगाल में तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) नेताओं के पार्टी छोड़ने के सवाल पर उन्होंने संक्षिप्त टिप्पणी करते हुए कहा, बुरे वक्त में बहुत कम लोग रुकते हैं। उनके इस बयान को बंगाल की मौजूदा राजनीतिक परिस्थितियों पर एक महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है।
ज्योतिष्पीठ के शंकराचार्य स्वामी अविमुक्तेश्वरानंद सरस्वती अपनी 'गविष्टि यात्रा' के तहत बुधवार रात करीब 9 बजे सिकंदराराऊ पहुंचे। उनकी 81 दिवसीय राष्ट्रव्यापी यात्रा का उद्देश्य गौ माता को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाना और देशभर में गौ हत्या पर पूर्ण प्रतिबंध लगाने की मांग को जन-जन तक पहुंचाना है। नगर स्थित ममता फार्म हाउस में समर्थकों और श्रद्धालुओं ने शंकराचार्य का भव्य स्वागत किया। बड़ी संख्या में मौजूद लोगों ने जयघोष के साथ उनका अभिनंदन किया और आशीर्वाद प्राप्त किया। मौन व्रत के बीच श्रद्धालुओं को बांटे केले सिकंदराराऊ पहुंचने के बाद शंकराचार्य ने अपने मौन व्रत का पालन करते हुए वैनिटी वैन के द्वार पर खड़े होकर श्रद्धालुओं को प्रसाद स्वरूप केले वितरित किए। इसके बाद वे अपने विश्राम स्थल के लिए रवाना हो गए। श्रद्धालुओं ने दूर-दूर से पहुंचकर उनके दर्शन किए और यात्रा के उद्देश्य के प्रति समर्थन जताया। सपा नेताओं ने संभाली व्यवस्थाएं यात्रा और कार्यक्रम की व्यवस्थाओं में समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता सक्रिय रहे। इस दौरान ठाकुर महेंद्र सिंह सोलंकी, बबलू यादव, गीनेश यादव एडवोकेट और हरवीर तोमर समेत कई लोग मौजूद रहे। ममता फार्म हाउस में शंकराचार्य की वैनिटी वैन और उनके साथ चल रहे अन्य वाहनों के ठहरने की व्यवस्था की गई थी। सुरक्षा के रहे पुख्ता इंतजाम कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल तैनात रहा। आयोजकों ने शंकराचार्य, उनके अनुयायियों और समर्थकों के भोजन एवं विश्राम की समुचित व्यवस्था की। जानकारी के अनुसार, शंकराचार्य गुरुवार सुबह 7 बजे अपना मौन व्रत समाप्त करेंगे। इसके बाद सुबह 9 बजे तक प्रस्तावित धार्मिक कार्यक्रमों में भाग लेने के उपरांत उनका काफिला हाथरस शहर के लिए रवाना होगा।
बिजनौर: दो गैंगस्टरों को पांच-पांच साल की कैद:चोरी, लूट और जानलेवा हमले के मामले में दोषी करार
बिजनौर कोर्ट ने गैंगस्टर एक्ट के तहत दो आरोपियों को पांच-पांच साल की कैद और पांच-पांच हजार रुपये जुर्माने की सजा सुनाई है। विशेष अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अल्का चौधरी ने बदन सिंह और साबिर को गैंग बनाकर चोरी, लूट और जानलेवा हमले जैसे गंभीर अपराधों का दोषी पाया। यह सजा गैंगस्टर एक्ट के तहत सुनाई गई है। कोर्ट ने पाया कि दोनों आरोपी एक आपराधिक गिरोह का हिस्सा थे और क्षेत्र में सक्रिय थे, जिससे लोगों में भय का माहौल था। उनके खिलाफ कई गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। विशेष लोक अभियोजन अधिकारी सलीम अख्तर के अनुसार, तत्कालीन थाना अध्यक्ष चांदपुर सुरेश सिंह चौहान ने आरोपी तालिब, बदन सिंह, साबिर, यामीन और इकबाल के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत रिपोर्ट दर्ज कराई थी। आरोप था कि ये सभी आपराधिक गतिविधियों में लिप्त थे और इन्होंने एक गैंग बना रखा था। क्षेत्र के लोग इनके अपराधों के कारण दहशत में थे और इनके खिलाफ गवाही देने से डरते थे। इस मामले में आरोपी तालिब की पत्रावली पहले ही अन्य आरोपियों से अलग कर दी गई थी। न्यायाधीश अल्का चौधरी ने साक्ष्य के अभाव में आरोपी यामीन और इकबाल को बरी कर दिया।
नर्मदापुरम पुलिस विभाग में बुधवार देर रात को बड़ा फेरबदल हो गया। पुलिस अधीक्षक साईं कृष्णा थोटा ने 11 निरीक्षक, 2 उप निरीक्षक के साथ 27 पुलिस कर्मियों के तबादले हुए। एसपी ने 11 निरीक्षकों को इधर से उधर किया। जिसमें प्रमुख रूप से कोतवाली थाना टीआई कंचन सिंह ठाकुर को माखननगर थाने की जिम्मेदारी दी। इटारसी थाना प्रभारी गौरव बुंदेला को कोतवाली थाने की कमान सौंपी गई। इसी प्रकार एसआई आकाशदीप पचाया को साइबर सेल प्रभारी बनाया गया।
यूपी पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा में फर्जीवाड़े का बड़ा मामला सामने आया है। लखनऊ के कैसरबाग स्थित बाबा ठाकुरदास इंटर कॉलेज परीक्षा केंद्र पर तकनीकी जांच के दौरान एक ऐसे फर्जी परीक्षार्थी को पकड़ा गया, जिसने 8 जून को दोस्त यानी दूसरे अभ्यर्थी के नाम पर परीक्षा दी थी और 10 जून को अपने नाम से दोबारा परीक्षा देने पहुंच गया। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर मुकदमा दर्ज कर लिया है।तकनीकी जांच में खुला फर्जीवाड़ा कैसरबाग स्थित परीक्षा केंद्र संख्या-59006 पर प्रथम पाली की परीक्षा के दौरान तकनीकी टीम प्रभारी प्रदीप कुमार ने जांच में पाया कि राम अवतार पुत्र रामपाल निवासी नंगला शिशराम, मथुरा परीक्षा दे रहा है। सत्यापन के दौरान पता चला कि यही युवक 8 जून को नाका हिंडोला क्षेत्र के खालसा इंटर कॉलेज में दूसरी पाली में वीरू पुत्र राजवीर सिंह के नाम से भी परीक्षा दे चुका है। दूसरे के नाम पर दी थी परीक्षा जांच में सामने आया कि आरोपी ने कूटरचित दस्तावेजों का इस्तेमाल कर दूसरे अभ्यर्थी की जगह परीक्षा दी थी। इसके बाद वह 10 जून को अपने नाम से परीक्षा देने पहुंचा, जहां तकनीकी जांच में उसकी पहचान हो गई।बाबा ठाकुरदास इंटर कॉलेज से पकड़ा गया आरोपी केंद्र प्रभारी अरुण कुमार की सूचना और तकनीकी टीम की रिपोर्ट के आधार पर आरोपी को मौके पर ही हिरासत में ले लिया गया। इसके बाद थाना कैसरबाग पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने आरोपी राम अवतार (25) निवासी थाना मगोर्रा, जिला मथुरा के खिलाफ बीएनएस की विभिन्न धाराओं के साथ उत्तर प्रदेश सार्वजनिक परीक्षा (अनुचित साधनों की रोकथाम) अध्यादेश-2024 की धारा 8 और 13(5) के तहत मुकदमा दर्ज किया है। मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है।
खंडवा में रामनगर क्षेत्र की शिवराज मल्टी में वेश्यावृत्ति का मामला सामने आया हैं। पुलिस ने दबिश दी तो मौके पर 3 महिलाएं पैसे के लेन-देन को लेकर झगड़ रही थी, वहीं 6 पुरूष मौजूद थे। पुरूषों ने पूछताछ के दौरान खुद को ग्राहक बताया। इसी आधार पर पुलिस ने सभी को धारा 151 के तहत सिटी मजिस्ट्रेट कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया हैं। बता दें कि, प्रधानमंत्री शहरी आवास योजना के तहत जसवाड़ी रोड़ पर बनी चीराखदान मल्टी को शिवराज मल्टी का नाम दिया गया था। इस मल्टी में अनैतिक गतिविधियों की स्थिति लंबे समय से थी। यही कारण था कि शहर की झुग्गी-बस्तियों से निकाले गए सैकड़ों परिवार इस मल्टी में रहने से कतरा रहे थे। जिसके बाद जिला प्रशासन और पुलिस ने योजना बनाई और इस तरह की अनैतिक गतिविधियों में लिप्त महिलाओं को चिन्हित किया गया। ऐसी सभी महिलाओं पर सख्त कार्रवाई करने की बात कहीं। पुलिसकर्मी को ग्राहक बनाकर भेजा, प्लान लीकमामले में सिटी कोतवाली पुलिस ने कार्रवाई की हैं। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, वेश्यावृत्ति के मामले की सूचना मिलने पर एक पुलिसकर्मी को मौके पर ग्राहक बनाकर भेजा था। लेकिन प्लान लीक हो गया और महिलाओं को भनक लग गई। उनके बीच पैसे के लेन-देन का विवाद हो गया। इतनी देर में पीछे जा रही पुलिस टीम भी मौके पर पहुंच गई। जहां 6 पुरूष भी मिले, उन्होंने कबूला कि वे लोग यहां बतौर ग्राहक आए थे। हालांकि, पुलिस ने देह व्यापार का मामला दर्ज नहीं किया हैं। टीआई प्रवीण आर्य का कहना हैं कि, देह व्यापार करते हुए महिलाओं को पकड़ा नहीं जा सका। तीनों महिलाओं के बीच में विवाद की स्थिति को देखते हुए शांतिभंग की धारा में सभी को जेल भेजा गया हैं।
यूपी के 36 पीसीएस अफसरों का प्रमोशन होगा। उन्हें नई जिम्मेदारियां भी सौंपी जाएगी। प्रमोट होने वाले अफसरों में रेजिडेंट कमिश्नर, विशेष सचिव, अपर आयुक्त, एडीएम, सचिव और कई विकास प्राधिकरणों के अधिकारी शामिल हैं। 1997 बैच के हरिश चन्द्र, 1999 बैच के प्रभूनाथ, 2002 बैच की अंजू कटियार और 2004 बैच के अमर पाल सिंह का प्रमोशन पक्का हो गया है। इसके अलावा 2010, 2011, 2012 बैच के कई अधिकारियों को भी पदोन्नति का लाभ मिलेगा। प्रमोट होने वाले अधिकारियों में आलोक वर्मा, डॉ. विश्राम, पुष्पराज सिंह, विवेक श्रीवास्तव, योगानंद पांडेय, अमित कुमार, डॉ. सुनील कुमार वर्मा, गरिमा स्वरूप और संदीप कुमार समेत कई नाम शामिल हैं। इस फैसले से कई जिलों, मंडलों और विभागों में प्रशासनिक स्तर पर बदलाव होगा। प्रमोट हुए अफसरों को उनके पदों पर जल्द नई जिम्मेदारियां सौंपी जाएगी। पूरी लिस्ट देखें अंजू कटियार पेपर लीक मामले में जेल जा चुकीं साल 2002 बैच की पीसीएस अधिकारी अंजू कटियार (अंजूलता कटियार) कन्नौज की रहने वाली हैं। यूपीपीसीएस परीक्षा की टॉपर भी रह चुकी हैं। साल 2018 में वह यूपी लोक सेवा आयोग (UPPSC) में परीक्षा नियंत्रक थीं। इसी दौरान एलटी ग्रेड शिक्षक भर्ती परीक्षा का पेपर लीक होने का मामला सामने आया था। मामले में कथित संलिप्तता के आरोप में यूपी STF ने मई 2019 में उन्हें गिरफ्तार किया था। गिरफ्तारी के बाद राज्य सरकार ने उन्हें निलंबित कर दिया था। वह कई महीनों तक जेल में रहीं। करीब 8 महीने बाद साल 2020 में इलाहाबाद हाईकोर्ट से उन्हें जमानत मिली। बाद में उन्हें सेवा में बहाल कर दिया गया था। PCS राकेश कुमार पटेल का भी हुआ प्रमोशन राकेश कुमार पटेल साल 2010 बैच के पीसीएस अधिकारी हैं। पदोन्नति के बाद उन्हें भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) में शामिल किया जाएगा। हाल ही में हुए प्रमोशन में उन्हें नई जिम्मेदारी सौंपी जाएंगी। महाराजगंज के रहने वाले राकेश कुमार पटेल वर्तमान में लखनऊ मंडल में अपर आयुक्त (न्यायिक)-चतुर्थ के पद पर कार्यरत हैं। इससे पहले वह प्रतापगढ़ में मुख्य राजस्व अधिकारी (CRO) के रूप में भी सेवाएं दे चुके हैं। जुलाई 2024 से जुलाई 2025 तक वह कासगंज में अपर जिलाधिकारी (ADM) के पद पर तैनात रहे। प्रशासनिक क्षेत्र में उनके लंबे अनुभव को देखते हुए उन्हें पदोन्नति दी गई है। ………………………………. ये खबर भी पढ़ें… पंचायत चुनाव की वोटर लिस्ट में 29 लाख मतदाता बढ़े:2 करोड़ नाम काटे गए; यूपी में हर वोटर को मिला 9 अंकों का खास नंबर यूपी में पंचायत चुनाव के लिए अंतिम मतदाता सूची बुधवार को जारी कर दी गई। तमाम दावों, आपत्तियों के निस्तारण और गहन सत्यापन के बाद इस फाइनल लिस्ट को तैयार किया गया है। राज्य निर्वाचन आयोग ने इस बार एक बड़ा बदलाव करते हुए हर पंचायत मतदाता को 9 अंकों का एक यूनिक पहचान नंबर जारी किया है। हालांकि, सूची जारी होते ही कई जिलों में वोटर्स को इसे डाउनलोड करने में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। हालांकि, ऐसा तकनीकी दिक्कतों के चलते हो रहा है। पूरी खबर पढ़िए…
लखनऊ के हजरतगंज स्थित विद्या मंदिर गर्ल्स हाईस्कूल में आखिरकार बुधवार को वह पल आ ही गया। जिसका छात्राओं और शिक्षिकाओं को बेसब्री से इंतजार था। छह दिन की लंबी जद्दोजहद के बाद बुधवार दोपहर करीब डेढ़ बजे पुलिस ने स्कूल का ताला खोला गया। दो दिन से गेट खोलने के एवज में पुलिस फोर्स का शुल्क जमाने कराने वाली हजरतगंज पुलिस बुधवार को बिना शुल्क के गेट खोल दिया। भीषण गर्मी में करीब तीन बजे से स्कूल के बाहर खड़े बच्चे और शिक्षिकाओं में स्कूल का ताला खुलते ही खुशी का ठिकाना नहीं रहा। बच्चों ने मैनेजर और प्रिंसपल मैंम से कहा कि अब हमारी पढ़ाई बाधित नहीं होगी। पहली जुलाई से स्कूल खुलने पर यहीं पर पढ़ाई कर सकेंगे। स्कूल के भीतर पहुंचे बच्चों और शिक्षिकाओं ने खुले में बिखरा पड़े बच्चों व शिक्षकों के जरूरी दस्तावेज, फर्नीचर व अन्य सामान धूल से सने देख भावुक हो गए। पुलिस ने स्कूल प्रबंधन को दोबारा विद्यालय का कब्जा सौंपा। स्कूल में पढ़ने वाले 243 बच्चों को स्कूल भी मिल गया। तीन घंटे गेट पर खड़े रहे बच्चे और शिक्षिकाएं स्कूल खुलने के उत्साह में स्कूल की मैनेजर संतोष रस्तोगी, प्रधानाचार्या रश्मि यादव, शिक्षिकाएं, बच्चे और कुछ शिक्षक नेता बुधवार सुबह 10:30 बजे मुख्य द्वार पर पहुंच गए थे, लेकिन पुलिस करीब तीन घंटे बाद पहुंची। तेज धूप और गर्मी के बावजूद बच्चे और शिक्षिकाएं तीन घंटे तक गेट के बाहर डटे रहीं। डीआईओएस देवेन्द्र कुमार पाण्डेय की ओर से भेजे गए एडीआईओएस श्रीराम सुजान मिश्रा की मौजूदगी में पुलिस ने जैसे ही ताला खोला। बच्चों के चेहरों पर मुस्कान लौट आई। बच्चों एवं शिक्षकों के समर्थन में उप्र.माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश अध्यक्ष सोहनलाल वर्मा, और दूसरे शिक्षक संगठन के प्रादेशिक उपाध्यक्ष एवं उपभोक्ता डॉ.आरपी मिश्र एवं जिलाध्यक्ष अनिल शर्मा आदि मौजूद रहे। मैदान में कबाड़ की तरह पड़ा मिला सामान स्कूल के अंदर दाखिल होते स्कूल का कीमती फर्नीचर, क्लासरूम का सामान, फर्नीचर और बेहद जरूरी सरकारी व शैक्षणिक दस्तावेज खुले मैदान में खुले में पड़े थे। एक हफ्ते से बंद रहने के कारण पूरा परिसर और सामान धूल की मोटी परत से पटा हुआ था। जिसे दोबारा व्यवस्थित करना स्कूल प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती होगा। फिर भी छात्राओं और शिक्षिकाओं का कहना है कि सामान की बदहाली को वे सब मिलकर ठीक कर लेंगी। सबसे बड़ी खुशी की बच्चों की पढ़ाई और शिक्षिकोओं की सेवा सुरक्षा का रास्ता साफ हो गया है। फर्नीचर टूटा और बोर्ड उखाड़ा गेट खुलने के बाद अंदर पहुंचे स्कूल प्रबंध समिति ने सामान देखा तो होश उड़ गए। बच्चों व शिक्षिकाओं के बैठने का फर्नीचर टूटा हुआ था। कक्षाओं में लगे बोर्ड बाहर क्षतिग्रस्त हालात में पड़े थे। स्कूल की मैनेजर ने पुलिस से समान के साथ छेड़छाड़ की शिकायत की। हालांकि पुलिस ने बिना कुछ बोले चली गई। चार जून को स्कूल के जबरन खाली कराए जाने दौरान सारा सामान गैर जिम्मेदारी से मैदान में फेंक दिया था। ये है मामला वर्ष 1936 से संचालित हजरतगंज के नरही स्थित इस विद्यालय को एडीएम पूर्वी की कोर्ट ने किराएदारी के विवाद में बिना विद्यालय पक्ष को सुने 21 अप्रैल को विद्यालय परिसर खाली करने का अदेश दे दिया था। बीते 4 जून को पुलिस की मौजूदगी में स्कूल को खाली करा लिया गया। स्कूल व विद्यार्थियों के अभिलेख, फर्नीचर, पंखे, कम्प्यूटर और शैक्षिक सामग्री खुले में बाहर निकालकर फेंक दी गयी थी। इस कार्रवाई पर स्कूल की छात्राओं ने प्रदर्शन किया था और मुख्यमंत्री से स्कूल के गेट पर लगे ताले को खुलवाने की गुहार लगायी थी। सपा विधायक रविदास मेहरोत्रा, माध्यमिक शिक्षक संघ एकजुट के प्रदेश अध्यक्ष सोहन लाल वर्मा आदि ने भी स्कूल बचाने का समर्थन किया था। एडीएम कोर्ट ने सोमवार को डीआईओएस की ओर से उपलब्ध कराए गए पत्रावलियों का निरीक्षण किया व प्रार्थना पत्र को स्वीकार करते हुए अपने पूर्व के आदेश को वापस ले लिया था। उन्होंने पूर्व की भांति विद्यालय प्रबन्धन को तत्काल कब्जा दिलाने का आदेश जारी किया था।
गोंडा में सड़क हादसा, 4 की मौत:पहले 2 बाइक भिड़ीं, फिर SUV ने घायलों और बचाने वालों को रौंदा
गोंडा में बुधवार देर रात हुए सड़क हादसे में 4 लोगों की मौत हो गई, 5 गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा करनैलगंज कोतवाली क्षेत्र के गोंडा-लखनऊ हाईवे पर हुआ। संतोष ढाबा के पास पहले 2 बाइक की आमने-सामने टक्कर हो गई। इसके बाद आसपास के लोग घायलों को सड़क से हटाने में जुटे। लेकिन, तभी गोंडा की तरफ से लखनऊ जा रही एक तेज रफ्तार एसयूवी ने बाइक सवारों और बचाव में लगे लोगों को रौंद दिया। घायलों को गोंडा मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया है। हादसे की सूचना मिलते ही मौके पर भाजपा विधायक अजय सिंह और डीएम प्रियंका निरंजन अस्पताल पहुंची हैं। सूचना मिलने पर करनैलगंज कोतवाल नरेंद्र प्रताप राय पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने शवों को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। मृतकों की पहचान गुलशन (25), हसन मोहम्मद (40), इम्तियाज अली (27), संजय कुमार तिवारी के रूप में हुई है। हसन मोहम्मद और इम्तियाज अली दोनों सगे भाई हैं। दोनों का सैलून है। वहीं, घायलों में विनय प्रताप सिंह (26) पुत्र सनी सिंह, परवेज (25) पुत्र हसन अली और अंशुमान (10) पुत्र शत्रुघ्न शामिल हैं। घायलों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। मौके पर मौजूद ममता ने कहा- एक एक्सीडेंट हुआ था, वही हम लोग देख रहे थे। तभी दूसरी गाड़ी ने सभी को टक्कर मार दी। कई लोगों की जान चली गई। कई लोग घायल है। मेरा बेटा अंशुमान भी घायल है। मेरे देवर गुलशन की मौत हो गई है। डीएम ने प्रियंका निरंजन ने कहा- आज गोंडा रात करीब 10:15 बजे लखनऊ-कर्नलगंज मार्ग पर एक बेकाबू SUV ने दो बाइक सवारों को टक्कर मार दी। इसमें 4 लोगों की मौत हो गई है। 5 लोग घायल हैं। 2 लोग गंभीर रूप से घायल हैं। बाकी 3 घायलों का सीएचसी CHC में इलाज चल रहा है और वो स्टेबल हैं। ड्राइवर के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। गाड़ी का रजिस्ट्रेशन और ड्राइवर का लाइसेंस निरस्त किया जाएगा। --------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ेंः- नौकरी जॉइन करने से 2 दिन पहले पति की हत्या:5 साल का अफेयर, 4 महीने पहले शादी; पत्नी बोली- भाई मुझे भी मारना चाहता था 'शादी के बाद हम दोनों काफी खुश थे, लेकिन घर वाले नाराज थे। भाई और मामा हमें जान से मारने की धमकी दे रहे थे। इसलिए हमने घर छोड़ दिया। मुजफ्फरनगर में एक रिश्तेदार के घर रहने लगे। पति कहते थे- सब सही हो जाएगा। उसकी SSF में नौकरी लग गई थी। आज (11 जून) ज्वाइनिंग थी, लेकिन उन लोगों ने पहले ही उसकी जिंदगी छीन ली।' ये बातें पुलिस भर्ती परीक्षा देने सहारनपुर आई आकांक्षा ने रोते हुए कहीं। जिनके पति शिवकुमार की मंगलवार को परीक्षा केंद्र से 500 मीटर दूर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। आकांक्षा ने अपने भाई, पिता, मामा और रिश्तेदारों पर हत्या का आरोप लगाया है। पुलिस हर एंगल से मामले की जांच कर रही है। पढ़ें पूरी खबर…
आगरा में पत्नी-बच्चों की बीमारी में 6 लाख रुपये का कर्ज लेना सेंट जॉन्स कॉलेज के बाबू को भारी पड़ गया। सूदखोर ने 10% ब्याज पर पैसे देकर ATM कार्ड और पिन गारंटी के तौर पर ले लिया। 2022 से अब तक 25 लाख रुपये वसूल चुका है, लेकिन 2024 में 6 लाख चुकाने के बाद भी दबंग पैसे निकाल रहा है। 3 जून को मना करने पर 3-4 लोगों के साथ घर में घुसकर मारपीट की, पत्नी से बदसलूकी की और धमकी दी- कल तक पैसा नहीं मिला तो परिवार को जान से मार दूंगा। पीड़ित डेनिस लाल बैनिट की शिकायत पर पुलिस ने संजीव पारस के खिलाफ केस दर्ज किया है। इलाज के लिए मजबूरी में लिया था कर्ज पीड़ित डेनिस लाल बैनिट पुत्र मुन्ना लाल बैनिट, निवासी लयर्ड बंगला नं.-1, सेंट जॉन्स कॉलेज आगरा में बाबू के पद पर कार्यरत हैं। FIR के मुताबिक 2022 में पत्नी व बच्चों की गंभीर बीमारी के चलते संजीव पारस बाल्मीकी निवासी टीला नगला महादेव, पीर कल्याणी से 10% ब्याज पर 6 लाख रुपये लिए थे। संजीव ने गारंटी के तौर पर ATM कार्ड व पिन ले लिया था। 6 लाख के बदले वसूले 25 लाख, फिर भी नहीं छोड़ा पीछा डेनिस ने बताया कि संजीव 2022 से अब तक करीब 25 लाख रुपये वसूल चुका है। साल 2024 में पूरा 6 लाख रुपये का भुगतान भी कर दिया, लेकिन संजीव अब भी जबरदस्ती पैसे वसूल रहा है। सैलरी आते ही हर महीने 1 से 5 तारीख के बीच ATM से खुद पैसे निकाल लेता है। विरोध करने पर घर में घुसकर मारपीट करता है। 3 जून को घर में घुसकर की मारपीट, पत्नी से बदतमीजी 3 जून 2026 को डेनिस ने ATM वापस मांगा और पैसे निकालने से मना किया। आरोप है कि इसके बाद संजीव ने ATM से 20,500 रुपये निकाल लिए और 3-4 अज्ञात लोगों के साथ घर में घुस आया। गाली-गलौज करते हुए डेनिस के घर में घुसकर मारपीट की। बचाने आई पत्नी को पकड़ लिया और बदतमीजी की। धमकी दी- अगर कल तक पैसे नहीं मिले तो पूरे परिवार को जान से मार दूंगा। पुलिस ने दर्ज किया केस, जांच शुरू पीड़ित ने 4 जून 2026 को सहायक पुलिस आयुक्त सर्किल हरीपर्वत को प्रार्थना पत्र दिया। मामले में संजीव पारस बाल्मीकी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। पीड़ित का कहना है कि वह अकेला रहता है और आरोपी कभी भी गंभीर घटना कर सकता है।
मैहर वन मंडल के मुकुंदपुर रेंज अंतर्गत जिगना सर्किल की जिगना बीट में एक सांभर की नहर में गिरने से मौत हो गई। वन विभाग की टीम ने लगभग दो घंटे तक चले रेस्क्यू अभियान के बाद सांभर को बाहर निकाला, लेकिन गंभीर हालत के कारण कुछ ही देर बाद उसकी मृत्यु हो गई। यह घटना मंगलवार रात राजस्व ग्राम छिरहाई क्षेत्र में हुई। रात करीब 9 बजे रेंजर विनोद अवस्थी को सूचना मिली कि एक अवयस्क सांभर नहर में गिर गया है और बाहर निकलने के लिए संघर्ष कर रहा है। सूचना मिलते ही वन विभाग की रेस्क्यू टीम तत्काल मौके पर पहुंची और बचाव अभियान शुरू किया। करीब दो घंटे की कड़ी मेहनत के बाद, रात लगभग 11 बजे सांभर को नहर से बाहर निकाला गया। हालांकि, लंबे समय तक पानी में फंसे रहने और अत्यधिक कमजोरी के कारण, बाहर निकाले जाने के लगभग 15 मिनट बाद ही उसकी मृत्यु हो गई। बुधवार को वन विभाग ने पशु डॉक्टर की मौजूदगी में सांभर का पोस्टमार्टम कराया। इसके बाद, सीनियर अधिकारियों के निर्देश पर वन्यजीव का विधिवत अंतिम संस्कार कर दिया गया।
थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक स्थित भारतीय दूतावास में भारतीय व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल ने नवनियुक्त राजदूत पुनीत अग्रवाल से शिष्टाचार मुलाकात की। इस बैठक के दौरान थाईलैंड से जुड़े विभिन्न सामाजिक, व्यावसायिक एवं भारतीय समुदाय के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई। राजदूत अग्रवाल ने थाईलैंड में रहने और व्यापार करने वाले भारतीय समुदाय, विशेषकर राजस्थानी प्रवासियों को हरसंभव सहयोग और समर्थन देने का आश्वासन दिया। जयपुर-बैंकॉक सीधी उड़ान और वीजा नियमों का मुद्दा उठा बैठक में प्रतिनिधिमंडल के सदस्य संजय गौड़ (राजस्थान) ने जयपुर से बैंकॉक के लिए सीधी हवाई सेवा (डायरेक्ट फ्लाइट) न होने का मुद्दा प्रमुखता से उठाया। उन्होंने राजदूत को अवगत कराया कि सीधी उड़ान न होने के कारण राजस्थान के पर्यटकों और व्यापारियों को भारी असुविधा का सामना करना पड़ता है। इसके साथ ही, उन्होंने आगामी दिनों में वीजा प्रक्रिया में होने वाले संभावित बदलावों और उससे पर्यटन व्यवसाय (टूरिज्म बिजनेस) पर पड़ने वाले असर से भी राजदूत को अवगत कराया। व्यापार और निवेश बढ़ाने पर बनी सहमति बैठक के दौरान भारत और थाईलैंड के बीच व्यापार, निवेश तथा आपसी सहयोग को और मजबूत बनाने पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। दोनों पक्षों ने भारत-थाईलैंड के ऐतिहासिक, सांस्कृतिक, आर्थिक एवं जनसंपर्क संबंधों को आगे बढ़ाते हुए सतत एवं साझा विकास के लिए ठोस सहयोग पर सहमति व्यक्त की। व्यापारिक प्रतिनिधिमंडल में संजय गौड़ ( राजस्थान) , रंजीत सिंह (बिहार) के.बी. महंताजी(उड़ीसा) सुरेश राठी (हरियाणा) विकास अरोड़ा (दिल्ली), धर्मेंद्र शर्मा (हरियाणा), शांतनु जी ( उत्तर प्रदेश) एवं हिमांशु भगत (महाराष्ट्र 9) बैंकॉक स्थित थाईलैंड के भारतीय दूतावास में शामिल हुए l
मोदी सरकार के 12 साल पूरे:भाजपा मंडल चारामा ने की पूजा-अर्चना, प्रगति की कामना
कांकेर जिले के चारामा में भाजपा मंडल चारामा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार के 12 साल पूरे होने पर विशेष पूजा-अर्चना का आयोजन किया। यह कार्यक्रम स्थानीय हनुमान मंदिर में हुआ, जहां देश की तरक्की, खुशहाली और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के अच्छे स्वास्थ्य व लंबी उम्र की कामना की गई। मंडल अध्यक्ष ओमप्रकाश साहू ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता, बुनियादी सुविधाओं, डिजिटल तकनीक, गरीब कल्याण और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में कई बड़ी उपलब्धियां हासिल की हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, जल जीवन मिशन, स्वच्छ भारत अभियान, डिजिटल इंडिया और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं से करोड़ों लोगों को लाभ मिला है और उनके जीवन में सकारात्मक बदलाव आया है। कार्यक्रम में महिला मोर्चा प्रदेश कार्यसमिति सदस्य उमादेवी शर्मा, जिला पंचायत सदस्य तेजेश्वरी सिन्हा, पूर्व नगर पंचायत अध्यक्ष प्यारेलाल देवांगन, संतोष नहर, जिला सोशल मीडिया प्रमुख अंकित जैन, जयश्री सिन्हा, महिला मोर्चा मंडल अध्यक्ष रजनी यादव, पार्षद संतोष ओझा, युवा मोर्चा मंडल अध्यक्ष भोजराज सोनी, दीपक सोनकर, अशोक देवांगन, मुरली सिन्हा, अमृतराज सिन्हा, सजल सिन्हा, टीकम तारम, ललित सिन्हा, वासुदेव साहू, मंडल मंत्री परमेश्वर यादव, गब्बर सिन्हा, करण निर्मलकर, धर्मेंद्र कुंजाम और अमजद खान सहित भाजपा के पदाधिकारी एवं कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
सीईओ अनुपमा चौहान बिना सूचना गायब:कलेक्टर ने जिला पंचायत और अपर कलेक्टर के प्रभार सौंपे
शाजापुर में प्रशासनिक कामकाज बिना किसी रुकावट के चलता रहे, इसके लिए कलेक्टर ऋजु बाफना ने बुधवार को एक बड़ा फैसला लेते हुए नया आदेश जारी किया है। जिला पंचायत की मुख्य कार्यपालन अधिकारी (सीईओ) अनुपमा चौहान के अचानक ड्यूटी से गायब होने की वजह से जिले के दो बड़े पदों की जिम्मेदारी दूसरे अधिकारियों को सौंपी गई है। कलेक्टर ने जिला पंचायत सीईओ और अपर कलेक्टर (एडीएम) के पदों का प्रभार नए सिरे से बांट दिया है। इन अधिकारियों को मिली नई जिम्मेदारी कलेक्टर के नए आदेश के मुताबिक, अब अगले आदेश तक जिला पंचायत के मुख्य कार्यपालन अधिकारी का पूरा जिम्मा संयुक्त कलेक्टर मनीषा वास्कले संभालेंगी। वहीं दूसरी तरफ, अपर कलेक्टर पद की पूरी जिम्मेदारी डिप्टी कलेक्टर राजकुमार हलदर को दे दी गई है। ये दोनों ही अधिकारी अपने अभी के कामकाज को देखने के साथ-साथ इन बड़े पदों की अतिरिक्त जिम्मेदारी भी संभालेंगे। इस आदेश को तुरंत लागू कर दिया गया है। बिना बताए गायब हैं जिला पंचायत सीईओ प्रशासन के गलियारों से छनकर आ रही खबरों की मानें तो जिला पंचायत सीईओ अनुपमा चौहान बीते 8 जून 2026 से दफ्तर नहीं आ रही हैं। खास बात यह है कि वे बिना किसी पूर्व सूचना या छुट्टी की मंजूरी के अपने काम से गायब हैं। उनके इस तरह अचानक अनुपस्थित होने के चलते ही कलेक्टर को प्रशासनिक व्यवस्था बनाए रखने के लिए यह इमरजेंसी कदम उठाना पड़ा है। खाली चल रहा था अपर कलेक्टर का पद जिले में अपर कलेक्टर का पद पहले से ही 9 मार्च 2026 से खाली पड़ा हुआ था। उस समय इस पद का अतिरिक्त काम भी अनुपमा चौहान को ही थमाया गया था। अब जब वे खुद ही बिना बताए गायब हो गईं, तो कलेक्टर ने तुरंत एक्शन लिया ताकि सरकारी और जनता से जुड़े काम प्रभावित न हों। अचानक हुए इस बदलाव और सीईओ के गायब होने को लेकर अब कलेक्ट्रेट में तरह-तरह की चर्चाएं शुरू हो गई हैं।
जशपुर पुलिस ने अंतरराज्यीय नशीले पदार्थ तस्करी के एक बड़े नेटवर्क का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने झारखंड से छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर ले जाए जा रहे 12,850 एमएल नशीले इंजेक्शन जब्त किए और इस मामले में पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। जब्त की गई संपत्ति का कुल मूल्य लगभग 3.98 लाख रुपए है, जिसमें इंजेक्शन, एक कार, एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और नकदी शामिल है। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में से तीन को हाथीसार (किनकेल) के जंगल से पकड़ा गया। एक फरार आरोपी को अंबिकापुर से गिरफ्तार किया गया, जबकि नशीले इंजेक्शन उपलब्ध कराने वाले मुख्य सप्लायर को झारखंड के गुमला जिले से दबोचा गया। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, यह कार्रवाई 9 जून 2026 की दरमियानी रात को शुरू हुई। सिटी कोतवाली जशपुर की टीम सारूडीह मार्ग पर नियमित गश्त कर रही थी, तभी एक संदिग्ध कार पुलिस को देखकर तेजी से जंगल की ओर भागने लगी। वाहन की संदिग्ध गतिविधियों को देखते हुए पुलिस ने उसका पीछा किया। पीछा करने पर कार सवार आरोपी वाहन को जंगल किनारे छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने तत्काल क्षेत्र में मौजूद पुलिस मितान टीम को बुलाया। हाथीसार जंगल क्षेत्र को चारों ओर से घेर लिया गया और सघन तलाशी अभियान चलाया गया। काफी मशक्कत के बाद जंगल में छिपे तीन आरोपियों दीपक लकड़ा (32 वर्ष, निवासी सिंगीटाना, थाना लखनपुर, जिला सरगुजा), अमन सिंह (30 वर्ष, निवासी विशुनपुर, अंबिकापुर) और आलोक साय (29 वर्ष, निवासी भगवानपुर चौक, गांधीनगर, अंबिकापुर) को गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस द्वारा संदिग्ध कार की तलाशी लेने पर भारी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद हुए। वाहन से रेक्सोजेसिक (ब्यूप्रेनोर्फिन इंजेक्शन) और एविल (फेनिरामाइन मैलेट इंजेक्शन) की बड़ी खेप मिली। इसके अतिरिक्त, दो मोबाइल फोन और तस्करी में प्रयुक्त मारुति सेलेरियो कार क्रमांक CG-15-CS-4605 भी जब्त की गई। नशीले इंजेक्शन सप्लाई करने वाला मुख्य आरोपी भी गिरफ्तार पुलिस पूछताछ में गिरफ्तार आरोपियों ने बताया कि वे नशीले इंजेक्शन झारखंड के गुमला जिले के तिगरा गांव निवासी मो. शमशेर खान से खरीदकर छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर ले जा रहे थे। आरोपियों की जानकारी के आधार पर पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए मो. शमशेर खान को भी गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से Avill इंजेक्शन की 750 अतिरिक्त शीशियां, इंजेक्शन बेचकर मिले 5 हजार रुप, नकद और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही एक मोटरसाइकिल बरामद की गई। नशीले इंजेक्शन तस्करी गिरोह के सभी 5 आरोपी गिरफ्तार जांच के दौरान पता चला कि इस मामले में शामिल अंबिकापुर के सुभाष नगर निवासी अरुण राम (29 वर्ष) घटना के बाद से फरार था। पुलिस ने उसकी तलाश कर उसे भी गिरफ्तार कर लिया। इसके साथ ही इस अंतरराज्यीय तस्करी गिरोह से जुड़े सभी पांच आरोपी पुलिस की गिरफ्त में आ गए। पुलिस ने आरोपियों के पास से बड़ी मात्रा में नशीले इंजेक्शन बरामद किए हैं। इनमें Rexogesic इंजेक्शन 865 एमएल और Avill इंजेक्शन की 1200 शीशियां शामिल हैं। इसके अलावा एक कार, एक मोटरसाइकिल, चार मोबाइल फोन और 6500 रुपये नकद भी जब्त किए गए हैं। जब्त नशीले पदार्थों की कीमत करीब 81 हजार रुपए है, जबकि जब्त किए गए पूरे सामान की कुल कीमत लगभग 3.98 लाख रुपए आंकी गई है। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया है और उन्हें गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। एसएसपी डॉ. लाल उमेद सिंह ने कहा कि पुलिस मितान की मदद से अंतरराज्यीय नशीले पदार्थों की तस्करी करने वाले आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने बताया कि जशपुर पुलिस जिले में नशे का कारोबार करने वालों के खिलाफ लगातार सख्त कार्रवाई कर रही है। उन्होंने कहा कि युवाओं को नशे की ओर धकेलने वाले तस्करों को किसी भी हाल में बख्शा नहीं जाएगा और ऐसे लोगों के खिलाफ आगे भी कड़ी कार्रवाई जारी रहेगी।
पाली में फैक्ट्रियों से निकलने वाले रासायनिक पानी से दूषित हो रही बांडी नदी और बर्बाद हो रहे नेहड़ा बांध की स्थिति जांचने बुधवार को जयपुर से सिविल राइट्स आईजी लवली कटियार पाली पहुंची। इस दौरान उन्होंने ट्रीटमेंट प्लांट संख्या एक-दो, चार और छह का निरीक्षण किया। और फेक्ट्रियों से निकलने वाले प्रदूषित पानी के ट्रीटमेंट प्लांट तक पहुंचने की पूरी प्रक्रिया समझी। इस दौरान उनके साथ एसपी मोनिका सैन, एएसपी (सिकाऊ) सुनील के पंवार, सीओ ग्रामीण अमरसिंह रत्नू, कोतवाल रविन्द्रसिंह खिंची और प्रदूषण नियंत्रण मंडल के आरओ अमित सोनी भी मौजूद रहे।बता दे कि प्रदूषण से दूषित हो रही बांडी नदी ओर नेहड़ा बांध की स्थिति साल दर साल बद से बदहाल हो रही है। नेहड़ा बांध के आस-पास के किसानों के खेत बर्बाद हो चुके है। लेकिन प्रदूषण नियंत्रण के जिम्मेदार अधिकारी प्रदूषण को रोकने के लिए कुछ खास नहीं कर पाए। इस पर राज्य सरकार ने रिटायर्ड जज की रिपोर्ट के बाद एसआईटी का गठन किया। इसी के तहत जयपुर से सिविल राइट्स आईजी लवली कटियार पाली के औद्योगिक क्षेत्र और ट्रीटमेंट प्लांटों का निरीक्षण के लिए पहुंची।
नरवाना में दो बाइकों की आमने-सामने टक्कर:4 युवक गंभीर रूप से घायल, स्थानीय लोगों ने पहुंचाए अस्पताल
जींद जिले नरवाना-बडनपुर मार्ग पर बडनपुर गांव के पास 2 बाइकों की आमने-सामने टक्कर हो गई। इस हादसे में 4 युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और राहगीरों की भीड़ जमा हो गई। प्राप्त जानकारी के अनुसार, हादसे में घायल हुए चारों युवक बडनपुर गांव के ही रहने वाले बताए जा रहे हैं। बताया गया है कि एक बाइक बडनपुर गांव से नरवाना की ओर आ रही थी, जबकि दूसरी बाइक नरवाना से बडनपुर की तरफ जा रही थी। रास्ते में रजबाहे के पास दोनों बाइकों की अचानक टक्कर हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि बाइक सवार युवक सड़क पर दूर जा गिरे। स्थानीय लोगों ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग मौके पर पहुंचे और घायलों की मदद की। सूचना मिलने पर पुलिस टीम भी तुरंत घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस और स्थानीय लोगों की सहायता से सभी घायलों को उपचार के लिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। घायलों की हालत गंभीर बनी हुई है। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर दुर्घटना से जुड़े साक्ष्य जुटाए हैं। साथ ही हादसे के कारणों की जांच की जा रही है। शुरुआती तौर पर यह हादसा तेज रफ्तार या लापरवाही के कारण होने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि वास्तविक कारण जांच पूरी होने के बाद ही स्पष्ट हो पाएगा। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है और घायलों के परिजनों को भी हादसे की सूचना दे दी गई है।
भोपाल से मुंबई जा रही मंगला एक्सप्रेस के जनरल कोच में मोबाइल चोरी का विरोध करने पर दो यात्रियों पर चाकू से हमला कर दिया गया। यह वारदात बुदनी के जंगल क्षेत्र में चलती ट्रेन के अंदर हुई। सात से आठ बदमाशों ने यात्रियों पर हमला किया और चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकने के बाद जंगल में भाग निकले। शाम करीब पौने सात बजे ट्रेन के इटारसी पहुंचने पर जीआरपी ने घायलों को अस्पताल पहुंचाया। 'गप्पा गेम' के नाम पर दिया जुए का लालच घायल यात्री छतरपुर निवासी विपिन राजपूत और मनोज राजपूत ने बताया कि वह अपने रिश्तेदारों के साथ मुंबई जा रहे थे। बदमाशों ने पहले उन्हें 'गप्पा गेम' के नाम पर जुए का लालच दिया। जब यात्रियों ने मना किया, तो बदमाशों ने विपिन का मोबाइल चुरा लिया। इसके बाद जब विपिन और उसके साथियों ने आरोपियों का वीडियो बनाना शुरू किया, तो बदमाश भड़क गए। चेन पुलिंग कर ट्रेन रोकी और किया हमला घायलों के मुताबिक, जब ट्रेन बुदनी के जंगल क्षेत्र में पहुंची, तो आरोपियों ने चेन पुलिंग कर उसे रोक दिया। इसके बाद मोबाइल लौटाने का झांसा देकर उन्होंने विपिन और मनोज पर चाकू से हमला कर दिया। इस हमले में विपिन के हाथ और पसली में गंभीर चोटें आई हैं, जहां कुल नौ टांके लगे हैं, जबकि मनोज के सिर में चोट लगी है। वारदात के बाद सभी आरोपी फरार हो गए। सहयात्रियों ने नहीं किया बीच-बचाव इस घटना का एक पहलू यह भी रहा कि जनरल कोच में बड़ी संख्या में मुसाफिर मौजूद थे। इसके बावजूद हमले के वक्त कोई भी यात्री बीच-बचाव करने के लिए आगे नहीं आया। घायल यात्रियों और उनके साथियों ने ही किसी तरह जूझते हुए अपनी जान बचाई। वीडियो के आधार पर आरोपियों की तलाश जारी जीआरपी थाना प्रभारी संजय चौकसे ने बताया कि चलती ट्रेन में हुई इस वारदात का मामला दर्ज कर लिया गया है। घायलों द्वारा दिए गए संदिग्धों के वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान की जा रही है और पुलिस उनकी तलाश में जुटी है।
कोरबा में बुधवार सुबह लगभग 9 बजे सर्वमंगला चौकी क्षेत्र के मुख्य मार्ग पर कोयले से भरी एक चलती ट्रेलर में आग लग गई। चालक ने कूदकर अपनी जान बचाई। इस घटना से मुख्य मार्ग पर आवाजाही बाधित हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि ट्रेलर कोयला लेकर जा रहा था। सर्वमंगला चौकी के पास पहुंचते ही अचानक केबिन से धुआं उठने लगा, और कुछ ही देर में आग ने पूरे केबिन को अपनी चपेट में ले लिया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट बताया जा रहा है। वाहन में आग बुझाने के लिए कोई सुरक्षा उपकरण मौजूद नहीं थे, जिसके कारण आग पर तत्काल काबू नहीं पाया जा सका। घटनास्थल पर बड़ी संख्या में लोग जमा हो गए। कई राहगीर अपने मोबाइल से आग का वीडियो बनाते दिखे। ट्रेलर में आग लगने के कारण सड़क के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं, जिससे आवाजाही पूरी तरह ठप हो गई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए स्थानीय लोगों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सर्वमंगला चौकी प्रभारी अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का जायजा लिया और तुरंत दमकल विभाग को सूचित किया। दमकल वाहन के पहुंचने तक पुलिस ने मोर्चा संभाला और लोगों को आग से दूर रखा। दमकल कर्मियों ने कड़ी मशक्कत के बाद आग पर काबू पाया। पुलिसकर्मियों ने सड़क पर आवाजाही बहाल करने में भी सहयोग किया। ट्रेलर चालक ने बताया कि केबिन में धुआं और आग की लपटें देखते ही उसने बिना समय गंवाए गाड़ी रोकी और कूद गया। चालक के अनुसार, कुछ सेकंड की देरी भी उसे केबिन में फंसा सकती थी। इस हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई, हालांकि ट्रेलर का केबिन पूरी तरह जलकर खाक हो गया।
जयपुर रोड स्थित 220 केवी जीएसएस पर निर्धारित मेंटिनेंस कार्य के कारण 11 जून को बीछवाल जलाशय पर विद्युत आपूर्ति बाधित रहेगी। इसके चलते बीछवाल जलाशय से जुड़े स्टेडियम हेड वर्क्स क्षेत्र की जलापूर्ति प्रभावित होगी। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग के अधिशासी अभियंता ऋतु मिशन ने बताया कि विद्युत आपूर्ति बाधित रहने के कारण करणी नगर, जय नारायण व्यास कॉलोनी तथा पवन पुरी क्षेत्र में जलापूर्ति आंशिक रूप से बाधित रहेगी। उन्होंने उपभोक्ताओं से आवश्यकतानुसार पानी का संग्रह कर सहयोग करने की अपील की है। विभाग के अनुसार विद्युत आपूर्ति बहाल होने के बाद जलापूर्ति व्यवस्था को शीघ्र सामान्य करने के प्रयास किए जाएंगे। इससे पहले शोभासर एरिया में बिजली आपूर्ति गड़बड़ होने के कारण बीकानेर के नयाशहर टंकी सहित अनेक हिस्सों में पानी की सप्लाई नहीं हो सकती थी, जिसके चलते लोगों ने नयाशहर टंकी पर प्रदर्शन किया था।
मैहर जिले के संदीपनी विद्यालय में बुधवार दोपहर को जब आंधी और झमाझम बारिश हो रही थी, तभी वहां एक बड़ा हादसा होते-होते रह गया। स्कूल में एक नई बिल्डिंग बन रही थी, जिसके एक कमरे की छत अचानक भरभरा कर गिर गई। गनीमत यह रही कि इस हादसे में कोई भी घायल नहीं हुआ और न ही किसी की जान गई, जिससे सबने राहत की सांस ली। बताया जा रहा है कि स्कूल परिसर में निर्माण का काम चल रहा था और एक जेसीबी मशीन वहां से मिट्टी हटाने में लगी हुई थी। मौके पर मौजूद लोगों का कहना है कि खुदाई करते समय जेसीबी का एक जोरदार धक्का पास की निर्माणाधीन बिल्डिंग को लग गया। आंधी-बारिश के बीच लगे इस धक्के को दीवार झेल नहीं पाई और कमरे की छत नीचे आ गिरी। इस घटना ने वहां चल रहे काम की सुरक्षा और क्वालिटी पर सवाल खड़े कर दिए हैं। शिक्षा अधिकारी को नहीं थी खबर जब इस पूरे मामले को लेकर जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) गिरीश अग्निहोत्री से बात की गई, तो उन्होंने कहा कि यह मामला अभी तक उनके ध्यान में नहीं आया था। हालांकि, उन्होंने भरोसा दिलाया है कि वे इस पूरी घटना की अच्छे से जांच करवाएंगे कि आखिर इतनी बड़ी लापरवाही कैसे हुई। कांग्रेस ने उठाए भ्रष्टाचार के सवाल दूसरी तरफ, इस घटना को लेकर राजनीति भी गरमा गई है। नगर कांग्रेस अध्यक्ष प्रभात द्विवेदी ने सरकार और ठेकेदार पर जमकर निशाना साधा है। उनका कहना है कि इस स्कूल में हजारों बच्चों का भविष्य बनना है, लेकिन यहां काम इतना घटिया हो रहा है कि हल्की सी आंधी-बारिश में ही छत गिर गई। उन्होंने इसे भ्रष्टाचार का सीधा नमूना बताते हुए सरकार के दावों पर सवाल उठाए हैं। निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग कांग्रेस नेता ने कलेक्टर से मांग की है कि इस पूरे कंस्ट्रक्शन काम की बारीकी से टेक्निकल जांच कराई जाए और दोषी ठेकेदार के खिलाफ कड़ी से कड़ी कार्रवाई हो। फिलहाल, प्रशासन की टीम मौके के हालात देखकर मामले की पूरी जानकारी जुटाने और जांच करने में जुटी है।
नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल ने राजस्थान सरकार और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा पर तीखा हमला बोला है। राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (RLP) के संयोजक बेनीवाल ने जलदाय मंत्री कन्हैया लाल चौधरी, उपमुख्यमंत्री प्रेमचंद बैरवा, मंत्री हीरालाल नागर और के.के. बिश्नोई का नाम लेते हुए कहा- यदि सरकार वास्तव में जवाबदेही की बात करती है, तो इन सभी मंत्रियों के कामकाज की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। आरएलपी सांसद ने साल 2020 के चर्चित मानेसर घटनाक्रम का जिक्र करते हुए कांग्रेस पर भी विधायकों की खरीद-फरोख्त का आरोप लगाया। उस समय कांग्रेस अपनी सरकार बचाने के लिए राजनीतिक जोड़तोड़ में व्यस्त थी। बेनीवाल ने दावा किया कि उस दौर में कांग्रेस विधायकों की बड़े पैमाने पर खरीद-फरोख्त हुई थी और कई विधायकों ने पाला बदला था। बेनीवाल ने आगे कहा-उस समय हमारी पार्टी के तीन विधायक थे और हम खुद एनडीए के साथ थे। तत्कालीन मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने अपनी सरकार बचाने के लिए हर संभव राजनीतिक जतन किए, जिसके बाद कुछ विधायक पाला बदलकर गहलोत खेमे में चले गए थे। भरतपुर रैली टली, जल्द होगी नई तारीख की घोषणा बेनीवाल ने अपनी प्रस्तावित जनसभा को लेकर भी बड़ा ऐलान किया। बेनीवाल ने कहा- 21 जून को भरतपुर में प्रस्तावित आरएलपी की रैली फिलहाल स्थगित कर दी गई है। उसी अवधि में आयोजित होने वाली नीट परीक्षा को देखते हुए पार्टी ने रैली नहीं करने का निर्णय लिया है, ताकि विद्यार्थियों और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। आरएलपी सांसद ने कहा-पार्टी जल्द ही नई तारीख तय करेगी और आगामी दिनों में भरतपुर रैली की नई तारीख की घोषणा कर दी जाएगी। रैली में बड़ी संख्या में लोगों की भागीदारी होगी और पार्टी प्रदेश के अलग-अलग मुद्दों को लेकर अपनी आवाज बुलंद करती रहेगी। बेनीवाल के इन बयानों को राजस्थान की सियासत में नए राजनीतिक हमले के रूप में देखा जा रहा है, खासकर ऐसे समय में जब राज्य में मंत्रियों के कामकाज और राजनीतिक जवाबदेही को लेकर लगातार बयानबाजी तेज होती जा रही है।
किशोरी से 6 लाख ठगने वाला आरोपी गिरफ्तार:स्नैपचैट पर दोस्ती की, प्रेम जाल में फंसाकर किया ब्लैकमेल
धार जिले के राजगढ़ में एक युवक को किशोरी को प्रेम जाल में फंसाकर छह लाख रुपये की ठगी करने और ब्लैकमेल करने के आरोप में बुधवार को गिरफ्तार किया गया। कार्रवाई राजगढ़ थाना पुलिस ने की है। आरोपी ने सोशल मीडिया के माध्यम से किशोरी से दोस्ती कर उसका विश्वास जीता था। राजगढ़ थाना प्रभारी समीर पाटीदार ने बताया कि आरोपी की पहचान कृष्णा शर्मा के रूप में हुई है। उसने स्नैपचैट के जरिए किशोरी से संपर्क किया था। बातचीत बढ़ने पर आरोपी ने प्रेम संबंध का झांसा देकर किशोरी का भरोसा जीत लिया। पुलिस के अनुसार, इसके बाद कृष्णा शर्मा ने दुर्घटना, आर्थिक परेशानी और अन्य बहाने बनाकर किशोरी से लगातार पैसों की मांग की। विश्वास में आकर किशोरी ने उसे अलग-अलग समय पर करीब छह लाख रुपये दे दिए। रुपये वापस मांगने पर शुरू की धमकी और ब्लैकमेलिंग जब पीड़िता ने अपनी रकम वापस मांगी तो आरोपी ने उसे धमकाना और ब्लैकमेल करना शुरू कर दिया। आरोपी पर किशोरी के साथ छेड़छाड़ करने का आरोप भी है। पीड़िता की शिकायत पर राजगढ़ थाना पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। आरोपी की तलाश के लिए एक टीम गठित की गई। कार्रवाई करते हुए पुलिस ने बुधवार को कृष्णा शर्मा को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस पूछताछ में आरोपी ने स्वीकार किया कि उसने किशोरी से प्राप्त राशि खर्च कर दी है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी को न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया।
छतरपुर खाद्य सुरक्षा विभाग ने उपभोक्ताओं को भ्रामक जानकारी देने के मामले में पतंजलि के एक खाद्य उत्पाद पर कार्रवाई करते हुए संबंधित छह पक्षों पर कुल 3 लाख 40 हजार रुपये का जुर्माना लगाया है। यह कार्रवाई बुधवार को की गई। विभागीय जांच में पतंजलि दलिया का नमूना निर्धारित मानकों के अनुरूप नहीं पाया गया था। 2022 में लिया गया था सैंपल जानकारी के अनुसार, 27 नवंबर 2022 को खाद्य सुरक्षा अधिकारी द्वारा नियमित निरीक्षण के दौरान सागर रोड स्थित अपना बाजार से पतंजलि दलिया का नमूना संग्रहित किया गया था। नमूने को परीक्षण के लिए अधिकृत प्रयोगशाला भेजा गया, जहां जांच के बाद उत्पाद को मिसब्रांडेड घोषित किया गया। प्रयोगशाला की रिपोर्ट में पाया गया कि उत्पाद के पैकेट पर अंकित पोषण संबंधी जानकारी निर्धारित खाद्य मानकों के अनुरूप नहीं थी। इसी आधार पर इसे खाद्य सुरक्षा एवं मानक अधिनियम के तहत मिसब्रांडेड श्रेणी में रखा गया। छह पक्षों को ठहराया गया दोषी मामले की सुनवाई के बाद सक्षम प्राधिकारी ने 5 जून 2026 को अपना फैसला सुनाया। आदेश में छतरपुर, झांसी और उत्तराखंड से जुड़े कुल छह पक्षों को दोषी माना गया। इनमें अपना बाजार के संचालक, उत्पाद के निर्माता तथा पतंजलि आयुर्वेद लिमिटेड से जुड़े जिम्मेदार पदाधिकारी शामिल हैं। कुल 3.40 लाख रुपये का लगाया गया जुर्माना निर्णय के तहत सभी आरोपियों पर कुल 3 लाख 40 हजार रुपये का आर्थिक दंड अधिरोपित किया गया है। खाद्य सुरक्षा विभाग ने कहा कि उपभोक्ताओं को उत्पादों के बारे में सही और प्रमाणिक जानकारी उपलब्ध कराना प्रत्येक खाद्य निर्माता और विक्रेता की कानूनी जिम्मेदारी है। उत्पादों पर भ्रामक, गलत या अपूर्ण जानकारी देना कानून का उल्लंघन माना जाता है। खाद्य सुरक्षा अधिकारी संतोष तिवारी ने बताया कि विभाग द्वारा खाद्य पदार्थों की गुणवत्ता, शुद्धता और लेबलिंग की नियमित निगरानी की जाती है। उन्होंने कहा कि मिलावट, गुणवत्ता संबंधी अनियमितताओं और भ्रामक ब्रांडिंग के मामलों में आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। उपभोक्ता हितों की सुरक्षा पर जोर विभाग की इस कार्रवाई को खाद्य सुरक्षा मानकों के प्रभावी क्रियान्वयन और उपभोक्ता हितों की सुरक्षा की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
इंदौर में आवासीय और गैर आवासीय जी+3 या उससे ज्यादा ऊंचाई वाले सभी शासकीय और अशासकीय बिल्डिगों और बहुमंजिला परिसरों में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संबंधी नियमों का पालन हुआ है या नहीं ये देखने के लिए विशेष निरीक्षण व सत्यापन अभियान शुरू किया गया है। नगर निगम कमिश्नर क्षितिज सिंघल ने नगर निगम के सभी उपयंत्रियों को निर्देशित किया है कि वे अपने-अपने इलाके में दौरा कर जी+3 और उससे ज्यादा ऊंचाई वाले सभी बिल्डिंग एवं संचालित बिल्डिगों का चिन्हांकन करें और अग्नि सुरक्षा और रेन वाटर हार्वेस्टिंग संबंधी व्यवस्था को चेक करें। निगम कमिश्नर ने कहा कि बढ़ते शहरीकरण और बहुमंजिला बिल्डिगों की संख्या को देखते हुए आग लगने की घटनाओं की रोकथाम और जल संरक्षण दोनों ही विषय काफी महत्वपूर्ण हैं। बिल्डिगों में स्थापित सुरक्षा व्यवस्थाओं का नियमित परीक्षण और रखरखाव लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के साथ-साथ प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है। निरीक्षण के दौरान निगम के अदिकारी यह सुनिश्चित करेंगे कि संबंधित भवनों में निर्धारित मानकों के अनुरूप फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित एवं क्रियाशील है या नहीं। इसके अंतर्गत अग्निशमन यंत्र, फायर अलार्म सिस्टम, हाइट्रेंड व्यवस्था, आपातकालीन निकाम मार्ग और अन्य आवश्यक सुरक्षा प्रावधानों की उपलब्धता एवं संचालन क्षमता का परीक्षण किया जाएगा। इ डिटेल रिपोर्ट तैयार करने को कहा निगम कमिश्नर ने निर्देश दिए है कि सभी उपयंत्री निर्धारित चेकलिस्ट के अनुसार भवनों का निरीक्षण कर फायर सेफ्टी और रेन वाटर हार्वेस्टिंग का सत्यापन करें और भवनवार विस्तृत रिपोर्ट तैयार करें। निरीक्षण के दौरान जिन बिल्डिगों में आवश्यक व्यवस्थाएं स्थापित नहीं पाई जाएंगी या उनका रखरखाव संतोषजनक नहीं होगा, उन बिल्डिंग स्वामियों को आवश्यक सुधारात्मक कार्रवाई करने और निर्धारित समयावधि में व्यवस्थाएं स्थापित करने के लिए सूचित किया जाएगा। बिल्डिंग ऑफिसर करेंगे परीक्षण निरीक्षण के बाद हर बिल्डिंग का विस्तृत प्रतिवेदन संबंधित झोन के बिल्डिंग ऑफिसर को प्रस्तुत किया जाएगा। बिल्डिंग ऑफिसर प्राप्त रिपोर्टों का परीक्षण कर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई करेंगे तथा नियमों का पालन सुनिश्चित कराने के लिए जरूरी निर्देश जारी करेंगे।
शाजापुर पुलिस ने गांजे की तस्करी के एक पुराने मामले में पिछले 9 साल से भाग रहे एक शातिर आरोपी को बुधवार शाम को पकड़ा है। इस आरोपी पर पुलिस ने 10 हजार रुपए का इनाम भी रखा हुआ था। पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक पकड़े गए आरोपी का नाम राजेश शर्मा है, जो मोहनलाल शर्मा का बेटा है। वह मूल रूप से शाजापुर जिले के कालापीपल इलाके के चाकरोद गांव का रहने वाला है। लेकिन पुलिस से बचने के लिए वह लंबे समय से अपनी पहचान छिपाकर उज्जैन की साईबाग कॉलोनी में रह रहा था, जहां पुलिस ने घेराबंदी करके उसे पकड़ लिया। एक क्विंटल गांजे की हेराफेरी का है मामला पुलिस के बही-खातों के अनुसार राजेश शर्मा के खिलाफ सुनेरा थाने में साल 2017 में गांजा तस्करी का केस दर्ज हुआ था। यह पूरा मामला करीब एक क्विंटल यानी 100 किलो गांजे की अवैध खरीद-बिक्री से जुड़ा था। इस कार्रवाई के बाद से ही राजेश गिरफ्तारी के डर से भागा-भागा फिर रहा था, जिसके बाद पुलिस ने उस पर 10 हजार रुपए का इनाम रख दिया था। पूछताछ के लिए कोर्ट ने पुलिस को सौंपी कस्टडी पिछले करीब 9 साल से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे इस इनामी तस्कर को पकड़ने के बाद सुनेरा पुलिस ने उसे शाजापुर कोर्ट में पेश किया। पुलिस ने इस धंधे से जुड़े बाकी लोगों का पता लगाने और कड़ी पूछताछ के लिए कोर्ट से आरोपी की मांग की थी। कोर्ट ने मामले को गंभीर मानते हुए राजेश शर्मा को पूछताछ के लिए पुलिस की कस्टडी में भेज दिया है। पहले भी भारी मात्रा में गांजा तस्करी में आ चुका है नाम पुलिस की शुरुआती जांच में पता चला है कि राजेश शर्मा कोई नया आरोपी नहीं है, बल्कि वह गांजे की तस्करी का पुराना आरोपी है। उसके खिलाफ पहले भी अलग-अलग जिलों में नशे की तस्करी के केस दर्ज हैं। इससे पहले शाजापुर के कालापीपल थाने में उससे 15 किलो गांजा और नरसिंहपुर जिले के सुआतला इलाके में 1 क्विंटल 6 किलो गांजा पकड़ा जा चुका है।
नीट (NEET) पेपर लीक मामले को लेकर बुधवार को सीकर में यूथ कांग्रेस द्वारा मशाल जुलूस निकाला गया। यह जुलूस पिपराली चौराहे से शुरू होकर सीएलसी चौराहे पर पहुंचा, जिसमें यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु भी विशेष रूप से शामिल हुए। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। इस दौरान NSUI जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा,विकास मूंड,अंकित पारीक सहित कई लोग मौजूद रहे। यूथ कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष उदयभानु ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा-नीट पेपर लीक के कारण देश के लाखों युवाओं का भविष्य अंधकार में लटक गया है। इस मानसिक तनाव से आहत होकर कई युवाओं ने आत्महत्या जैसा आत्मघाती कदम तक उठा लिया। इसके बावजूद केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपने पद से इस्तीफा नहीं दे रहे हैं। उदयभानु ने मांग की कि शिक्षा मंत्री तुरंत अपने पद से इस्तीफा दें और देश के युवाओं से माफी मांगें। उन्होंने आगे कहा- गरीब परिवार अपनी जमीन बेचकर और कर्ज लेकर बच्चों को महंगी कोचिंगों में पढ़ाते हैं। लेकिन परीक्षा होने के बाद उसे रद्द कर दिया जाता है। सरकार तो परीक्षा रद्द कर अपना पल्ला झाड़ लेती है, लेकिन उन गरीब परिवारों के आर्थिक और मानसिक नुकसान की भरपाई कौन करेगा? जब तक धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं दे देते, तब तक कांग्रेस का हर कार्यकर्ता सड़कों पर संघर्ष जारी रखेगा।
पद्मश्री माता राजमोहनी देवी सेवा संस्थान की ओर से बुधवार को अंबिकापुर में नशा मुक्ति रैली निकाली गई। जन जागरण रैली माता राजमोहनी देवी भवन से शुरू होकर अंबिकापुर कलेक्ट्रेट पहुंची, जहां राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम नशाबंदी की मांग को लेकर ज्ञापन सौंपा गया। रैली में राजमोहनी देवी की उत्तराधिकारी रामबाई और संत गहिरा गुरू आश्रम के अध्यक्ष बबरू वाहन सहित समाज के लोग शामिल हुए। रैली के पूर्व राजमोहनी देवी सभा भवन में आयोजित कार्यकम को संबोधित करते हुए मुख्य अतिथि संत गहिरा गुरु सनातन संत आश्रम के अध्यक्ष बबरू वाहन ने कहा कि माता राजमोहिनी देवी और संत गहिरा गुरुजी ने समाज को मांस मदिरा त्यागने का संदेश दिया है। इसलिए हम सभी का दायित्व है कि उनके बताए मार्ग पर चलकर इन बुराईयों का त्याग करें। जनजाति गौरव समाज के प्रदेश महामंत्री राम लखन सिंह पैकरा ने कहा कि हम भाग्यशाली हैं कि माता राजमोहनी देवी और संत गहिरा गुरु जी जैसे महान संतों का आशीर्वाद, मार्गदर्शन व प्रेरणा संदेश हमें मिला है। समाज में परिवर्तन लाने के लिए हमें उनके संदेशों को याद रखना होगा। नशामुक्ति के लिए पहल करने की मांग रैली के बाद राज्यपाल और मुख्यमंत्री के नाम सौंपे गए ज्ञापन में प्रदेश में नशामुक्ति के लिए पहल करने की मांग की गई। कार्यक्रम में अमृत सिंह मराबी, त्रिभुवन सिंह, परमेश्वर सिंह मरकाम, अरुणा सिंह, सहदेव भगत, कमला प्रसाद सिंह, धर्म सिंह, संतोष दास, बिहारी लाल उरांव, दिनेश पावेल तथा कमलेश टोप्पो सहित बड़ी संख्या में संत समाज एवं माता राजमोहनी देवी के अनुयायी शामिल हुए।
रतलाम के जावरा के भीमाखेड़ी में नकली दूध तैयार करने की शंका में दूध फैक्ट्री पर पुलिस व खाद्य विभाग ने बुधवार शाम छापेमार कार्रवाई की। फैक्ट्री में बड़ी मात्रा में दूध प्रोटिन पाउडर लेक्टास मिला है। जो दूध में मिलाया जा रहा था। फैक्ट्री में गंदगी भी पाई गई। शाम को जावरा औद्योगिक थाना प्रभारी प्रकाश गडरिया को 10 हजार लीटर नकली दूध से भरे टैंकर की सूचना मिली थी। इस आधार पर भीमाखेड़ी में यश दूध डेयरी पर खाद्य विभाग के साथ छापेमार कार्रवाई की। कार्रवाई के दौरान दूध में मिलाया जाने वाला प्रोटिन पाउडर लेक्टास की 95 बोरी मिली। जो कि प्रत्येक 25 किलो की थी। इसके अलावा कास्टिक सोड़ा भी मिला है। फैक्ट्री में दूध से भरे करीब 10 हजार लीटर दूध के दो टैंकर भी खड़े थे। जो कि गुजरात के मेघनगर में अमूल दूध फैक्ट्री में जाने वाले थे। पाउडर की तय मात्रा से मिलावट की आशंका में खाद्य विभाग ने दोनों टैंकरों के दूध, प्रोटिन पाउडर व कास्टिक सोड़े का सैंपल लिया है। इसके अलावा पाउडर व अन्य सामान को जांच रिपोर्ट आने तक सील कर दिया है। संचालक को पाउडर मिलाने का नियम नहीं मालूमजांच के दौरान सामने आया है कि जो प्रोटिन पाउडर मिला है वह एफएसएसआई द्वारा रजिस्टर्ड है। लेकिन इस पाउडर की एक तय निर्धारित सीमा होती है दूध में मिलाने की। वह जानकारी डेयरी को नहीं थी। यह भी सामने आया है कि पाउडर डालने से एक लीटर दूध की मात्रा 5 लीटर बन जाती है। पाउडर को अधिक मात्रा में मिलाने की शंका के चलते खाद्य विभाग ने सैंपल लिए है। जांच रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की बात अधिकारियों ने कही है। सैंपल लिए है, जांच रिपोर्ट के बाद कार्रवाईखाद्य सुरक्षा अधिकारी ज्योति बघेल ने बताया पुलिस के द्वारा सूचना मिली थी कि लेक्टास पाउडर मिलाकर दूध के दो टैंकर मेघनगर जा है। दोनों टैंकरों में मिलाए गए मिल्क पाउडर व दूध के साथ कास्टिक सोड़े का सैंपल लिया है। जो भी पाउडर मिला है उसे दूध में मिलाने की एक निश्चित मात्रा होती है। संचालक को इस नियम के बारे में जानकारी नहीं है। दूध पाउडर एफएसएसआई नंबर मिला है। मिलावट की शंका में पाउडर, कास्टिक सोड़ा व दूध का सैंपल लिया है। जांच रिपोर्ट आने के बाद पता चलेगा। मौके से पाउडर की 95 बोरी प्रत्येक 25 किलोग्राम मिली है। जांच रिपोर्ट आने तक सील कर दिया है।
- डॉ. मोहन यादव भारत के इतिहास में नरेन्द्र मोदी का लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बनना देश के लिए एक महत्वपूर्ण उपलब्धि है। लगातार तीन बार सत्ता में वापसी उनकी कार्यशैली, सभी को साथ लेकर चलने की क्षमता, देश को सुरक्षा देने और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के संकल्प को दर्शाती है। प्रधानमंत्री मोदी की इन विशेषताओं ने नए भारत के निर्माण का एक महत्वपूर्ण अध्याय लिखा है। वर्ष 2014 में जब नरेन्द्र मोदी ने प्रधानमंत्री पद की शपथ ली थी, तब देश की जनता ने केवल एक नई सरकार नहीं चुनी थी, बल्कि शासन की नई कार्यशैली और राजनीतिक संस्कृति की अपेक्षा भी व्यक्त की थी। बारह वर्षों की इस यात्रा को केवल योजनाओं, आंकड़ों और उपलब्धियों से नहीं, बल्कि उस व्यापक दृष्टिकोण से समझना अधिक उचित होगा, जिसने शासन की सोच और दिशा को बदला। यदि इन वर्षों को तीन शब्दों में समेटना हो, तो वे होंगे — सेवा, सुशासन और संकल्प। प्रधानमंत्री मोदी की सोच में सेवा का अर्थ केवल कल्याणकारी योजनाएं चलाना नहीं, बल्कि शासन को जनता का सेवक और संरक्षक बनाना रहा है। पिछले बारह वर्षों में शासन की प्राथमिकताओं में अंतिम व्यक्ति तक पहुंचने की चिंता स्पष्ट दिखाई देती है। गरीब, किसान, महिला, युवा और वंचित वर्ग को केवल वोट बैंक नहीं, बल्कि विकास प्रक्रिया के केंद्र में रखने का प्रयास किया गया। यह सोच पंडित दीनदयाल उपाध्याय के एकात्म मानववाद के दर्शन से भी मेल खाती है। सुशासन प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व का प्रमुख आधार रहा है। सरकार को अधिक पारदर्शी, उत्तरदायी और प्रभावी बनाने की दिशा में लगातार काम हुआ। डिजिटल तकनीक को केवल आधुनिकता का प्रतीक नहीं, बल्कि सुशासन का माध्यम बनाया गया। प्रधानमंत्री मोदी संवाद को लोकतंत्र की आत्मा मानते हैं। उनका समय-समय पर विभिन्न वर्गों से संवाद करना और उन्हें मार्गदर्शन देना उनकी कार्यशैली की विशेषता है। युवाओं के लिए वे एक अभिभावक की भूमिका निभाते हैं। ‘परीक्षा पर चर्चा’ जैसे कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत करने का प्रयास हो या ‘मन की बात’ के जरिए देश से आत्मीय संवाद — यह उनकी जनसंपर्क शैली का महत्वपूर्ण हिस्सा है। इक्कीसवीं सदी के तीसरे दशक में मोदी सरकार ने ‘विकसित भारत’ को राष्ट्रीय संकल्प के रूप में प्रस्तुत किया। यह संकल्प केवल आर्थिक प्रगति तक सीमित नहीं, बल्कि आत्मनिर्भरता, आत्मविश्वास और राष्ट्रीय गौरव से भी जुड़ा है। पिछले वर्षों में देश के भीतर यह भावना मजबूत हुई है कि भारत को केवल विकासशील राष्ट्र बनकर नहीं रहना, बल्कि विश्व की अग्रणी शक्तियों में स्थान प्राप्त करना है। प्रधानमंत्री मोदी से प्रेरणा लेकर हमने भी विकसित मध्यप्रदेश का संकल्प लिया है। यह बताते हुए प्रसन्नता होती है कि उनके मार्गदर्शन, स्नेह और सहयोग से मध्यप्रदेश को अनेक महत्वपूर्ण परियोजनाएं मिलीं। केन-बेतवा और पार्वती-कालीसिंध-चंबल लिंक परियोजनाओं से लेकर पीएम मित्र पार्क जैसी योजनाओं में उनका विशेष सहयोग मिला। देश के सात राज्यों में पीएम मित्र पार्क की स्थापना का निर्णय हुआ, जिनमें मध्यप्रदेश को भी शामिल किया गया। धार में पीएम मित्र पार्क का भूमिपूजन स्वयं प्रधानमंत्री मोदी की उपस्थिति में होना प्रदेश के लिए गौरव का विषय रहा। प्रदेश में साइबर तहसील, भोपाल और इंदौर मेट्रो, एयरपोर्ट विस्तार और औद्योगिक निवेश जैसी कई उपलब्धियों के पीछे प्रधानमंत्री मोदी का मार्गदर्शन रहा है। नक्सलवाद के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई और मुख्यधारा में लौटने वालों के पुनर्वास की नीति भी उनके स्पष्ट दृष्टिकोण का परिणाम है। आज मध्यप्रदेश नक्सलवाद से लगभग मुक्त हो चुका है। मध्यप्रदेश के सभी 55 जिलों में प्रधानमंत्री कॉलेज ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना हो या अधोसंरचना विकास — हर क्षेत्र में उनका सहयोग और मार्गदर्शन मिलता रहा है। प्रधानमंत्री मोदी के कार्यकाल की एक महत्वपूर्ण विशेषता सांस्कृतिक चेतना का पुनर्जागरण भी है। भारतीयता, विरासत और सभ्यता पर गर्व का भाव पहले की तुलना में अधिक मुखर होकर सामने आया है। किसी भी राष्ट्र की शक्ति केवल उसकी अर्थव्यवस्था या सैन्य क्षमता में नहीं होती, बल्कि उसके आत्मविश्वास में भी होती है। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के 12 वर्षों को केवल योजनाओं और आंकड़ों से नहीं समझा जा सकता। इन वर्षों का वास्तविक महत्व उस सोच में है, जिसने शासन को सेवा से, प्रशासन को सुशासन से और राजनीति को संकल्प से जोड़ने का प्रयास किया। यह कालखंड भारत के आत्मविश्वास, आकांक्षाओं और राष्ट्रीय चेतना के पुनर्जागरण का कालखंड रहा है। यही नए भारत की मजबूत आधारशिला है। (लेखक मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री हैं)
12 जून से नोएडा में चलेंगे सिटी बस:सीएम वर्चुअल करेंगे उद्घाटन, नोएडा के Shilp hat से होगा उद्घाटन
बसों के चलने की शुरुआत 12 जून से होने जा रही है। मुख्यमंत्री लखनऊ से वर्चुअल रूप से बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। पहले दिन नोएडा, ग्रेनो व यमुना प्राधिकरण 10-10 बसों से शुरुआत करेंगे। नोएडा में बसों को हरी झंडी दिखाने से संबंधित कार्यक्रम सेक्टर-33ए शिल्प हॉट में रखा गया है। मुख्यमंत्री के कार्यक्रम को लेकर प्राधिकरण ने तैयारी शुरू कर दी है। बुधवार को प्राधिकरण के अधिकारी दिनभर तैयारियों में जुटे रहे। अधिकारियों ने बताया कि 12 जून की सुबह करीब साढ़े दस बजे मुख्यमंत्री बसों को हरी झंडी दिखाएंगे। प्राधिकरण के महाप्रबंधक एसपी सिंह ने बताया कि नोएडा, ग्रेनो व यमुना प्राधिकरण एक निर्धारित स्थान पर अपने-अपने क्षेत्र में 10 बसों को खड़ा कर शुरुआत करेंगे। प्राधिकरणों की ओर से निर्धारित रूट पर बसें चलाई जाएंगी। आने वाले दिनों में बसों की संख्या बढ़ाई जाएगी। इसको लेकर सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं।महाप्रबंधक ने बताया कि नोएडा से जेवर एयरपोर्ट, दिल्ली, गाजियाबाद के रैपिड मेट्रो स्टेशन समेत अन्य महत्वपूर्ण स्थानों तक बसें चलाई जाएंगी। अभी जो चार रूट बनाए गए हैं उनको अंतिम रूप दिया जा रहा है। बसों का न्यूनतम 20 और अधिकतम 50 रुपये किराया होगा।
शिवपुरी में कांग्रेस पार्षद से पैसे मांगे, धमकाया:भाई से मारपीट का आरोप, 3 आरोपियों पर केस दर्ज
शिवपुरी के फिजिकल थाना क्षेत्र में बुधवार शाम कांग्रेस पार्षद एमडी गुर्जर और उनके चचेरे भाई के साथ मारपीट और पैसे मांगने का मामला सामने आया है। शिकायत के अनुसार, तीन लोगों ने उन्हें रोककर पैसे मांगे और विरोध करने पर धमकाते हुए मारपीट की। पुलिस ने इस मामले में तीन आरोपियों के खिलाफ प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के मुताबिक, वार्ड क्रमांक 36 के कांग्रेस पार्षद एमडी गुर्जर अपने चचेरे भाई सोनेराम गुर्जर के साथ सेंट बेनेडिक्ट स्कूल के पास से गुजर रहे थे। तभी करौदी क्षेत्र के अन्नू गुर्जर, शेरू गुर्जर और वीरू गुर्जर ने उन्हें रोका। शिकायत में आरोप है कि आरोपियों ने कट्टा दिखाकर पैसे मांगे और मना करने पर विवाद शुरू कर दिया। मारपीट और धमकाने के भी आरो लगेविवाद के दौरान सोनेराम गुर्जर के साथ मारपीट की गई। आसपास लोगों के इकट्ठा होने पर आरोपी मौके से फरार हो गए। घटना के बाद पीड़ित पक्ष ने फिजिकल थाना पहुंचकर शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर तीनों आरोपियों अन्नू गुर्जर, शेरू गुर्जर और वीरू गुर्जर के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। फिलहाल, पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के निष्कर्ष के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
श्योपुर के चिलवानी से करीब दो किलोमीटर दूर करील के जंगल में एक 28 साल के युवक का शव पेड़ से फांसी के फंदे पर लटका मिला है। घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची, शव को फंदे से नीचे उतारा और पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। चिलवानी थाना पुलिस से मिली जानकारी के मुताबिक, मृतक का नाम नीरज (28 वर्ष) था, जो प्रेमदास बैरवा का बेटा था और चिलवानी गांव का ही रहने वाला था। बताया जा रहा है कि नीरज मंगलवार की शाम को यह कहकर घर से निकला था कि वह बाजार जा रहा है। लेकिन जब देर रात तक वह घर नहीं लौटा, तो घरवालों को चिंता हुई और उन्होंने उसकी खोजबीन शुरू कर दी। काफी ढूंढने के बाद भी जब नीरज का कुछ पता नहीं चला, तो घरवालों ने सोचा कि सुबह तक देख लेते हैं, इसलिए उन्होंने रात में पुलिस में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज नहीं कराई। जंगल में तलाश करते पहुंचे घरवाले बुधवार को परिजन और गांव के कुछ लोग मिलकर नीरज को ढूंढते-ढूंढते गांव से दो किलोमीटर दूर करील के जंगल की तरफ निकल गए। वहां ढूंढने के दौरान उनकी नजर एक पेड़ पर पड़ी, जहां नीरज का शव फांसी के फंदे पर झूल रहा था। यह देखते ही ग्रामीणों ने तुरंत इसकी सूचना चिलवानी थाना पुलिस को दी, जिसके बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आगे की कार्रवाई शुरू की। मौत की वजह साफ नहीं चिलवानी थाना प्रभारी जय रघुवंशी ने बताया कि युवक का शव जंगल में पेड़ से लटका मिला है। पुलिस ने मर्ग कायम कर लिया है और मामले की बारीकी से जांच की जा रही है। जांच पूरी होने के बाद ही साफ हो पाएगा कि आखिर असल वजह क्या थी।
3 जून की हिंसा के आरोपी आरोपी हाजी वसी समेत दो लोगों के खिलाफ हत्या व सबूत मिटाने के संबंध में रिपोर्ट दर्ज करने के आदेश सीजेएम प्रदीप कुमार शुक्ला ने नवाबगंज थाना प्रभारी को दिए हैं। आरोप है कि हाजी वसी ने रंजिश में वादी की बहन की हत्या करके उसे हादसे का रूप दे दिया। कोर्ट ने मामला संदिग्ध मानते हुए कार्रवाई के आदेश दिए है। चमनगंज निवासी सरफराज अहमद ने कोर्ट में दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि 25 मार्च को उसकी बहन बुशरा फातिमा के फोन से उसके दुर्घटना में घायल होने की जानकारी मिली। 29 मार्च को उसकी मौत हो गई। बहन का प्रेम प्रसंग यशोदा नगर निवासी इरफान से था और इरफान चमनगंज निवासी हाजी वसी के साथ रहता है। वसी की सरफराज के परिवार से रंजिश है, इसीलिए दोनों ने मिलकर बुशरा की हत्या करके उसे दुर्घटना का रूप दे दिया। सरफराज के अधिवक्ता शांति ओम मिश्रा ने बताया कि कोर्ट में कई तर्क रखे गए जो दुर्घटना की जगह हत्या को साबित करते थे। पुलिस ने घटनास्थल के कोई सीसीटीवी फुटेज नहीं लिए। इरफान ने दुर्घटना के तत्काल बाद पुलिस को कोई सूचना भी नहीं दी। कोर्ट ने मामला संदेहास्पद मानते हुए रिपोर्ट दर्ज कर विवेचना के आदेश दिए हैं।
अमृतसर के थाना सदर क्षेत्र के अंतर्गत आने वाली बाबा दीप सिंह कॉलोनी से लापता हुई दो सगी बहनों को पंजाब पुलिस ने महज 18 घंटे के भीतर सकुशल बरामद कर उनके माता-पिता को सौंप दिया। पुलिस की इस त्वरित कार्रवाई से खुश होकर परिवार ने थाना पहुंचकर एसएचओ और पुलिस टीम का विशेष धन्यवाद किया। पुलिस के अनुसार, दोनों बहनें अपने माता-पिता से मामूली नाराजगी के चलते लुधियाना चली गई थीं। उन्होंने वहां एक रात गुरुद्वारा साहिब में बिताई थी। थाना सदर के एसएचओ इंस्पेक्टर करनदीप सिंह ने बताया कि जैसे ही दोनों बहनों के लापता होने की सूचना मिली, वरिष्ठ अधिकारियों के दिशा-निर्देशों के तहत अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। तकनीकी विशेषज्ञों की सहायता से कॉल डिटेल्स और सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई। जांच के दौरान पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए दोनों लड़कियों को लुधियाना से सकुशल बरामद कर उनके परिवार के हवाले कर दिया। पुलिस अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि इस मामले में किसी भी प्रकार की आपराधिक घटना नहीं हुई है। पिता ने की पुलिस की सराहना लड़कियों के पिता पिंटू कुमार ने पंजाब पुलिस की कार्यप्रणाली की सराहना करते हुए कहा कि पुलिस ने दिन-रात एक कर बहुत कम समय में उनकी बेटियों को ढूंढ निकाला। उन्होंने कहा कि अक्सर लोग पंजाब पुलिस पर सवाल उठाते हैं, लेकिन उनके परिवार को पुलिस की ओर से मिला सहयोग बेहद सराहनीय है। परिवार ने थाना सदर पहुंचकर एसएचओ करनदीप सिंह और समस्त पुलिस स्टाफ को सिरोपा भेंट कर सम्मानित किया तथा मिठाई खिलाकर अपनी खुशी साझा की। प्रवासी परिवार ने कहा कि पंजाब में वे स्वयं को सुरक्षित महसूस करते हैं क्योंकि पंजाब पुलिस हर समय लोगों की सहायता के लिए तत्पर रहती है।
15 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का समापन:उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और विजय बेला ने किया आयोजन
उत्तर प्रदेश संगीत नाटक अकादमी और विजय बेला एक कदम खुशियों की ओर, लखनऊ के सहयोग में आयोजित 15 दिवसीय नाट्य कार्यशाला का समापन हो गया। यह कार्यशाला बाराबंकी स्थित बहार सुगम संगीत प्रभाग, निकट अंबे माता मंदिर में संपन्न हुई। समापन सत्र का उद्घाटन मुख्य अतिथि कवि, साहित्यकार एवं रंगकर्मी प्रदीप सारंग ने अन्य विशिष्ट अतिथियों के साथ मां सरस्वती की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर सभासद ज्ञान प्रताप सिंह 'ज्ञानू', एडवांस कार्डियोलॉजी ट्रेनिंग एंड रिसर्च सोसाइटी, लखनऊ के सचिव नवीन सेठ, शायर एवं रंगकर्मी आदर्श गुलसिया तथा बहार सुगम संगीत प्रभाग के संस्थापक प्रभात दीक्षित भी उपस्थित रहे। कार्यशाला के बारे में विस्तार से जानकारी दी कार्यशाला में लगभग 20 प्रशिक्षार्थियों ने प्रशिक्षण प्राप्त किया। उपस्थित अतिथियों ने छात्र-छात्राओं को रंगमंच और अभिनय के क्षेत्र में आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने ऐसी कार्यशालाओं को व्यक्तित्व विकास और रचनात्मक अभिव्यक्ति के लिए अत्यंत उपयोगी बताया। कार्यशाला के प्रशिक्षक चंद्रभाष ने प्रतिभागियों को नाट्य कला के महत्व, अभिनय की मूलभूत तकनीकों और कार्यशाला की रूपरेखा के बारे में विस्तार से जानकारी दी। उन्होंने बताया कि कार्यशाला के दौरान बच्चों को अभिनय, संवाद-अदायगी, मंच संचालन, शारीरिक अभिव्यक्ति एवं व्यक्तित्व विकास का प्रशिक्षण प्रदान किया गया।
टब बेचने के बहाने लाखों रुपए का गांजा लेकर ओडिशा से मध्यप्रदेश जा रहे पांच तस्करों को बालोद पुलिस ने गिरफ्तार किया है। तस्करों ने पुलिस की नजरों से बचने के लिए बाइक पर बड़े-बड़े प्लास्टिक टब लाद रखे थे, ताकि वे फेरी वाले या सामान लेकर जाने वाले सामान्य लोगों की तरह दिखाई दें। लेकिन टबों के अंदर बनाए गए सीक्रेट चैंबर में 72 किलो से अधिक गांजा छिपाकर रखा गया था। पुलिस ने डौंडीलोहारा थाना क्षेत्र के भेड़ी तिराहा के पास नाकेबंदी कर आरोपियों को दबोच लिया। पहले देखिए तस्वीरें अब जानिए पूरा मामला डौंडीलोहारा पुलिस को 9 जून को सूचना मिली थी कि चार बाइक में सवार कुछ लोग ओडिशा से गांजा लेकर मध्यप्रदेश की ओर जा रहे हैं। सूचना में यह भी बताया गया था कि गिरोह के सदस्य आगे और पीछे चलकर रास्ते की रेकी कर रहे हैं, जबकि बीच की बाइक में गांजा रखा गया है। सूचना मिलते ही पुलिस और साइबर सेल की टीम ने भेड़ी तिराहा पर नाकेबंदी कर दी। पुलिस को देखकर भागा एक आरोपी नाकेबंदी के दौरान सबसे पहले एक बाइक पहुंची। जिसे रोकने का प्रयास किया गया। इस दौरान पीछे बैठा एक युवक बाइक से कूदकर फरार हो गया, जबकि चालक पुलिस के हत्थे चढ़ गया। इसके बाद एक-एक कर अन्य संदिग्ध बाइक को भी रोक लिया गया। पूछताछ में सभी आरोपी मध्यप्रदेश के रायसेन और सागर जिले के निवासी निकले। टब के भीतर बनाया था गुप्त चैंबर जांच के दौरान पुलिस को दो बाइक में पीछे की ओर लोहे का विशेष कैरियर और उसके ऊपर रखे बड़े काले रंग के प्लास्टिक टब मिले। टबों को खोलकर देखा गया तो उनके पेंदे में सीक्रेट चैंबर बनाए गए थे। इन चैंबरों में गांजा के पैकेट छिपाकर रखे गए थे। एक बाइक से 22 और दूसरी से 28 पैकेट गांजा बरामद हुआ। 72 किलो गांजा और चार बाइक जब्त पुलिस ने जब्त गांजा का वजन कराया तो कुल 72 किलो 621 ग्राम निकला। जिसकी कीमत 36 लाख 31 हजार 50 रुपए आंकी गई। आरोपियों के कब्जे से चार मोटरसाइकिल और चार मोबाइल फोन भी जब्त किए गए हैं। जब्त सामग्री की कुल कीमत 40 लाख 52 हजार 50 रुपए बताई गई है। नाबालिग समेत पांच आरोपी गिरफ्तार एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि मामले में मध्यप्रदेश के रायसेन और सागर जिले के रहने वाले पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनमें ग्राम टपराटोला, थाना एवं जिला रायसेन निवासी 26 वर्षीय श्याम गोंड, वार्ड क्रमांक 13, राहतगढ़ जिला सागर निवासी 26 वर्षीय पवन गोंड, ग्राम टपरापठारी थाना और जिला रायसेन निवासी 20 वर्षीय प्रदीप चौहान, ग्राम टपरापठारी निवासी 20 वर्षीय संजय कुमावत को गिरफ्तार किया है। इसके अलावा एक नाबालिग बालक को भी कस्टडी में लिया गया है। एएसपी मोनिका ठाकुर ने बताया कि चारों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 20 (ख) के तहत मामला दर्ज कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया है, जबकि नाबालिग को बाल संप्रेक्षण गृह भेजा गया है। फरार आरोपी की तलाश जारी है।
मथुरा में शिक्षा, तकनीक और नवाचार के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम बढ़ाते हुए जीएलए विश्वविद्यालय ने माइक्रोसॉफ्ट और गूगल क्लाउड जैसी विश्व की अग्रणी तकनीकी कंपनियों के साथ महत्वपूर्ण वैश्विक सहयोग स्थापित किया है। यह उपलब्धि विश्वविद्यालय को आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षण, शोध और डिजिटल परिवर्तन के क्षेत्र में देश के अग्रणी संस्थानों की श्रेणी में स्थापित करेगी। जीएलए विश्वविद्यालय अब देश का पहला माइक्रोसॉफ्ट जेनएआई कैंपस बनने जा रहा है, जबकि उत्तर भारत का पहला गूगल क्लाउड एजेंटिक कैंपस बनने की दिशा में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। इन सहयोगों के माध्यम से विश्वविद्यालय परिसर में शिक्षा, शोध, प्रशासन और नवाचार की पूरी व्यवस्था को अत्याधुनिक एआई तकनीकों से जोड़ा जाएगा। मशीन लर्निंग-डिजिटल इनोवेशन का वातावरण विश्वविद्यालय प्रशासन के अनुसार, यह पहल केवल तकनीकी उन्नयन तक सीमित नहीं है, बल्कि भविष्य की उस शिक्षा व्यवस्था की नींव है, जहां वित्तार्थी पारंपरिक पढ़ाई के साथ-साथ वास्तविक उद्योग आधारित एआई तकनीकों, ऑटोमेशन, मशीन लर्निंग और डिजिटल इनोवेशन के वातावरण में सीख सकेंगे। माइक्रोसॉफ्ट के सहयोग से विश्वविद्यालय में बीटेक कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग विद स्पेशलाइजेशन इन आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस एंड मशीन लर्निंग कार्यक्रम को नई तकनीकी दिशा मिलेगी। वित्तार्थियों को जेनरेटिव एआई, मशीन लर्निंग, डेटा इंटेलिजेंस और आधुनिक कंप्यूटिंग तकनीकों का उत्द्योग आधारित प्रशिक्षण उपलब्ध कराया जाएगा। इससे विद्यार्थी केवल अकादमिक रूप से ही नहीं, बल्कि वैश्विक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप भी तैयार होंगे। वैश्विक उद्योगों की आवश्यकताओं के अनुरूप तैयार होंगे स्टूडेंट्स वहीं गूगल क्लाउड के सहयोग से विश्वविद्यालय परिसर में एआई एजेंट्स, लो-कोड और नो-कोड तकनीकों, स्मार्ट ऑटोमेशन और डिजिटल उत्पादकता आधारित कार्यप्रणालियों को बढ़ावा मिलेगा। विश्वविद्यालय समुदाय के हजारों विद्यार्थियों, शिक्षकों और कर्मचारियों को गूगल जेमिनी एंटरप्राइज और गूगल वर्कस्पेस फॉर एजुकेशन जैसी अत्याधुनिक सुविधाओं का लाभ मिलेगा। इसके माध्यम से शिक्षण, शोध, प्रोजेक्ट डेवलपमेंट, डिजिटल सहयोग और प्रशासनिक कार्य अधिक स्मार्ट, सुरक्षित और प्रभावी बनेंगे। विश्वविद्यालय में डिजिटल लर्निंग को मजबूत बनाने के लिए उन्नत वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग, लाइव स्ट्रीमिंग, क्लाउड स्टोरेज, वर्चुअल सहयोग, डिजिटल डॉक्यूमेंटेशन और डेटा एनालिटिक्स जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। इससे विद्यार्थी और शिक्षक वैश्विक स्तर की डिजिटल शिक्षा प्रणाली का अनुभव प्राप्त कर सकेंगे। इन वैश्विक सहयोगों के अंतर्गत जीएलए विश्वविद्यालय परिसर में माइक्रोसॉफ्ट और गूगल के सहयोग से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित अत्याधुनिक 'सेंटर ऑफ एक्सीलेंस स्थापित किए जा रहे हैं। इन केंद्रों में विद्यार्थियों और शोधकर्ताओं को एआई, हाई परफॉर्मेंस कंप्यूटिंग, स्मार्ट ऑटोमेशन, डेटा प्रोसेसिंग और उद्योग आधारित नवाचारों पर कार्य करने का अवसर मिलेगा। नवाचारों पर कार्य करने का अवसर मिलेगा विश्वविद्यालय प्रशासन का मानना है कि माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसे वैश्विक तकनीकी साझेदारों के सहयोग से विकसित हो रहा यह एआई इकोसिस्टम विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकी चुनौतियों और वैश्विक कॉम्पटीशन के लिए तैयार करेगा। जीएलए के कुलाधिपति नारायण दास अग्रवाल ने इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि जीएलए विश्वविद्यालय हमेशा से विद्यार्थियों को भविष्य उन्मुख और रोजगारपरक शिक्षा प्रदान करने के लिए प्रतिबन्ध रहा है। माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसी वैश्विक तकनीकी कंपनियों के साथ यह सहयोग विश्वविद्यालय को नवाचार, शोध और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस आधारित शिक्षा के क्षेत्र में नई पहचान देगा। कुलपति बोले-वैश्विक स्तर की तकनीकी दक्षता और नए अवसर मिलेंगे उन्होंने कहा कि आने वाले समय में एआई तकनीक हर क्षेत्र की कार्यप्रणाली को बदलने वाली है और जीएलए विश्वविद्यालय अपने विद्यार्थियों को उसी भविष्य के लिए तैयार कर रहा है। यह साझेदारी विद्यार्थियों को वैश्विक स्तर की तकनीकी दक्षता और नए अवसर प्रदान करने में मील का पत्थर साबित होगी। जीएलए विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. अनूप कुमार गुप्ता ने कहा कि यह उपलब्धि केवल विश्वविद्यालय की नहीं, बल्कि पूरे जीएलए परिवार के सामूहिक प्रयासों और दूरदर्शी सोच का परिणाम है। उन्होंने कहा कि आज दुनिया तेजी से एआई आधारित भविष्य की ओर बढ़ रही है और ऐसे समय में शिक्षा संस्थानों की जिम्मेदारी है कि वे विद्यार्थियों को भविष्य की तकनीकों के अनुरूप तैयार करें। प्रो. गुप्ता ने कहा कि विश्वविद्यालय का लक्ष्य केवल तकनीकी संसाधन उपलब्ध कराना नहीं, बल्कि ऐसा समग्र शैक्षणिक वातावरण तैयार करना है, जहां तकनीक शिक्षण, शोध, नवाचार और व्यक्तित्व विकास का सक्रिय माध्यम बने। माइक्रोसॉफ्ट और गूगल जैसे वैश्विक तकनीकी साझेदारों के साथ यह सहयोग विद्यार्थियों को नई संभावनाएं, वैश्विक अवसर और भविष्य उन्मुख शिक्षा प्रदान करेगा। तकनीक और शोध को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाएंगे आइईटी डीन प्रो. अशोक भंसाली ने सभी विभागाध्यक्षों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों से इन डिजिटल प्लेटफॉर्मस और एआई आधारित संसाधनों का अधिकतम उपयोग करने का आह्वान करते हुए कहा कि आने वाला समय उन संस्थानों का होगा जो नवाचार, तकनीक और शोध को शिक्षा का अभिन्न हिस्सा बनाएंगे। जीएलए विश्वविद्यालय की यह उपलब्धि न केवल मथुरा और उत्तर प्रदेश के लिए गर्व का विषय है, बल्कि देश के उच्च शिक्षा क्षेत्र में डिजिटल परिवर्तन और एआई आधारित शिक्षा के नए युग की शुरुआत के रूप में भी देखी जा रही है।
इलाहाबाद यूनिवर्सिटी PGAT परीक्षा 15 जून से:29008 अभ्यर्थी देंगे एग्जाम, डेट-वाइज शेड्यूल देखिए
इलाहाबाद विश्वविद्यालय की पीजीएटी परीक्षा 15 जून से शुरू हो रही है। जो 18 जून तक चलेगी। परीक्षाओं में कुल 29,008 अभ्यर्थी शामिल होंगे। कुल 15,344 अभ्यर्थी ऑनलाइन मोड में और 13,664 अभ्यर्थी ऑफलाइन में परीक्षा देंगे। पहले दिन, 15 जून को पीजीएटी-2 और आईपीएस (ऑनलाइन) के लिए 1985 अभ्यर्थी पंजीकृत हैं। दूसरे दिन, 16 जून को पीजीएटी-II ऑनलाइन मोड में 1988 उम्मीदवार परीक्षा देंगे। तीसरे दिन, 17 जून को एलएलबी (ऑनर्स) और एलएलएम दोनों कार्यक्रमों की परीक्षाएं आयोजित होंगी। जिसमें ऑनलाइन मोड में 6330 तथा ऑफलाइन मोड में 8283 अभ्यर्थी शामिल होंगे। चौथे और अंतिम दिन, 18 जून को पीजीएटी-1 और एमकॉम की परीक्षा होगी। ऑनलाइन 5341 तथा ऑफलाइन 5081 अभ्यर्थी उपस्थित होंगे। विश्वविद्यालय परीक्षा नियंत्रक कार्यालय ने कहा है कि सभी केन्द्रों पर सुरक्षा-सम्बन्धी आवश्यक निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा। अभ्यर्थियों से अनुरोध है कि वे परीक्षा के दिन अपना प्रवेश-पत्र, फोटो पहचान साथ लाएं साथ ही निर्धारित समय का पालन करें। किसी भी प्रकार की शंका या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर और यूनिवर्सिटी पोर्टल पर आवश्यक जानकारी उपलब्ध है। परीक्षा व्यवस्था और अनुशासन सुनिश्चित करने के लिए अतिरिक्त स्टाफ तैनात किया गया है ताकि परिक्षार्थियों को बिना किसी अड़चन के परीक्षा देने का अवसर मिल सके।
भास्कर गाइड:गर्मियों की 'गहरी जुताई' ही कीटनाशकों का खर्च घटाने का सबसे सस्ता फॉर्मूला
प्रदेश के कई क्षेत्रों में खरीफ की बुआई की तैयारियां शुरू हो चुकी हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि मानसून आने से पहले जून की यह तपती धूप आपके खेत के लिए किसी वरदान से कम नहीं है? अक्सर किसान फसल कटने के बाद खेत को ऐसे ही छोड़ देते हैं और सीधे मानसून आने पर ही जुताई करते हैं। कृषि वैज्ञानिक इसे एक बड़ी रणनीतिक चूक मानते हैं। जून की तपती धूप का इस्तेमाल अगर 'गहरी जुताई' के लिए सही तरह से किया जाए, तो फसल में लगने वाली 50% बीमारियों और कीटों को शुरुआती दौर में ही रोका जा सकता है। बहुत से किसान शुरुआत में गहरी जुताई की लागत से बचते हैं, जिसका खामियाजा उन्हें बाद में महंगी कीटनाशक दवाओं और लेबर खर्च के रूप में भुगतना पड़ता है। विशेषज्ञ मानते हैं कि गर्मियों में गहरी जुताई से मिट्टी के भीतर छिपे कीटों के अंडे, लार्वा और रोगाणु तेज धूप के संपर्क में आकर नष्ट हो जाते हैं। साथ ही मिट्टी की सख्त परत टूटने से जड़ों का विकास बेहतर होता है और बारिश का पानी अधिक मात्रा में जमीन में समा पाता है। सही तरीके से की गई गहरी जुताई से फसल उत्पादन में 15 से 30% तक बढ़ोतरी संभव है। गर्मियों में गहरी जुताई क्यों जरूरी... गहरी जुताई के लिए स्मार्ट टिप्स... सूखे के खिलाफ 'इंश्योरेंस' है यह जुताई मध्य प्रदेश में मानसून की अनिश्चितता एक बड़ी समस्या है। गहरी जुताई के बाद मिट्टी में मिट्टी के ढेले बनते हैं, जिससे वर्षा जल जमीन में तेजी से समाता है। मानसून के बीच सूखे जैसी स्थिति बनने पर यही नमी फसल को बचाती है। इससे मिट्टी की जल धारण क्षमता इतनी बढ़ जाती है कि अगर मानसून के बीच में 15-20 दिनों का सूखा भी पड़े, तो मिट्टी की गहराई में जमा नमी फसल को मुरझाने नहीं देती। यह एक तरह से कुदरती 'फसल बीमा' की तरह काम करता है। ये काम करेंगे तो मिलेगा ज्यादा फायदा गहरी जुताई के बाद ज्यादातर किसान खेत को ऐसे ही खुला छोड़ देते हैं, जबकि यही समय मिट्टी को अगली फसल के लिए सबसे बेहतर बनाने का होता है। जुताई के तुरंत बाद खेत में गोबर खाद, फसल अवशेष या अन्य कार्बनिक पदार्थ मिला दिए जाएं, तो मिट्टी की जैविक गुणवत्ता तेजी से सुधरती है। तेज धूप और खुली मिट्टी के कारण ये पदार्थ अच्छी तरह सड़कर मिट्टी में मिल जाते हैं। इससे अगली फसल को पोषक तत्व जल्दी मिलते हैं और रासायनिक खादों पर निर्भरता कम होती है। हालांकि गहरी जुताई का सबसे ज्यादा फायदा तब मिलता है, जब जुताई के बाद खेत को कम से कम 10 से 15 दिन तक खुली धूप मिले। इसी दौरान सूर्य की तेज गर्मी मिट्टी के भीतर मौजूद कीटों के अंडे, लार्वा और फफूंद को खत्म करती है। निंदाई-गुड़ाई और कीटनाशकों का खर्च ऐसे होगा कम गर्मी की गहरी जुताई से किसान का सबसे बड़ा खर्च 'निंदाई-गुड़ाई' और 'कीटनाशकों' पर कम होता है। जब जून की गर्मी में मिट्टी पलट दी जाती है, तो खरपतवारों (जैसे हिरनखुरी, वायासूरी) के बीज और जड़ें जलकर खत्म हो जाती हैं। इसका सीधा लाभ मानसून के समय मिलता है; जब अन्य खेतों में खरपतवार तेजी से बढ़ते हैं, गहरी जुताई वाले खेत साफ रहते हैं। इससे लेबर का खर्च 30% तक घट जाता है। इसके अलावा, फसलों में लगने वाले भूमिगत रोग जैसे 'उखटा' और 'जड़गलन' के रोगाणु सूर्य की किरणों से स्वयं ही नष्ट हो जाते हैं। सब्जियों की जड़ों में गांठ बनाने वाले 'सूत्रकर्मी' (नेमाटोड्स) भी इस प्रक्रिया में खत्म हो जाते हैं, जिससे बाद में महंगी फफूंदनाशक दवाओं की जरूरत नहीं पड़ती। एक्सपर्ट- डॉ. अनसिंह निनामा, सहायक प्राध्यापक, सस्य विज्ञान, पवारखेड़ा ने बताया- हर सीजन दवाओं पर हजारों खर्च करने से बेहतर है 2-3 साल में एक बार 9 से 12 इंच गहरी जुताई करें; खरपतवार, जड़ गलन और भूमिगत कीटों से भी राहत मिलेगी। जून की धूप में खेत पलटिए, आधे कीट-रोग यहीं खत्म होंगे; गहरी जुताई से 15-30% तक उत्पादन बढ़ सकता है।
बिजनौर की कोर्ट संख्या-1 के अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश प्रशांत मित्तल ने अवैध डोडा पोस्त रखने के मामले में आरोपी छोटे उर्फ जुल्फिकार उर्फ दिल्फकार को दोषी करार देते हुए चार वर्ष के कारावास की सजा सुनाई है। अदालत ने आरोपी पर 10 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता (एडीजीसी) रितेश चौहान ने बताया कि मामला 29 जून 2019 का है। थाना शिवाला कला में तैनात तत्कालीन सब इंस्पेक्टर दीपक पंवार पुलिस टीम के साथ क्षेत्र में शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए गश्त कर रहे थे। जब पुलिस टीम नूरपुर-धनौरा तिराहे पर पहुंची तो एक व्यक्ति पुलिस को देखकर घबरा गया और वहां से भागने का प्रयास करने लगा। शक होने पर पुलिसकर्मियों ने उसे पकड़ लिया। तलाशी में मिला 2 किलो डोडा पोस्त पूछताछ में आरोपी ने अपना नाम छोटे उर्फ जुल्फिकार उर्फ दिल्फकार पुत्र रशीद निवासी मुस्तफाबाद, थाना शिवाला कला बताया। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से 2 किलो अवैध डोडा पोस्त चूर्ण बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया। बरामद पदार्थ का नमूना जांच के लिए फॉरेंसिक साइंस लैब भेजा गया था। सुनवाई के बाद सुनाई सजा मामले की सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने साक्ष्य और गवाह अदालत के समक्ष प्रस्तुत किए। साक्ष्यों के आधार पर अदालत ने आरोपी को दोषी मानते हुए चार वर्ष के कठोर कारावास और 10 हजार रुपये के अर्थदंड की सजा सुनाई। अदालत ने जुर्माना अदा न करने की स्थिति में अतिरिक्त कारावास भुगतने का भी आदेश दिया है।
कोलकाता एयरपोर्ट पर बुधवार को अचानक मौसम खराब हो गया। मौसम खराब होने के चलते हवाई यातायात प्रभावित हुआ। इस दौरान बागडोगरा एयरपोर्ट से यात्रियों को लेकर कोलकाता पहुंचे स्पाइसजेट एयरलाइंस के विमान को उतारने की अनुमति नहीं मिली। विमान काफी देर तक हवा में चक्कर लगाता रहा। उसके बाद मौसम सामान्य ना होने पर विमान को वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतर्राष्ट्रीय हवाई अड्डे पर उतरने के लिए डायवर्ट कर दिया गया। डायवर्ट होने के बाद सायंकाल विमान वाराणसी एयरपोर्ट पर पहुंचा, जहां उसकी सुरक्षित लैंडिंग हुई। विमान से सवार थे 182 यात्रीअधिकारियों द्वारा बताया गया कि स्पाइसजेट एयरलाइंस का विमान बुधवार शाम 3:30 बागडोगरा एयरपोर्ट से 182 यात्रियों को लेकर उड़ान भरा था। विमान कोलकाता हवाई क्षेत्र में पहुंचा लेकिन मौसम खराब होने के जल्दी उतरने की अनुमति नहीं मिली। उसके बाद विमान को वाराणसी एयरपोर्ट पर उतरने के लिए डायवर्ट कर दिया गया। शाम 5:00 बजे वाराणसी एयरपोर्ट पर विमान की सुरक्षित लैंडिंग कराई गई। उसके बाद करीब 2 घंटे तक विमान वाराणसी एयरपोर्ट के एप्रन पर ही रुका रहा। इस दौरान विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल उसी में बैठे रहे। हालांकि एयरलाइन प्रबंधन द्वारा यात्रियों को आवश्यक सुविधाएं विमान में ही उपलब्ध कराई गई। करीब 2 घंटे तक वाराणसी एयरपोर्ट तो रुके रहने के बाद जब कोलकाता में मौसम सामान्य हुआ तो एयर ट्रैफिक कंट्रोल द्वारा पायलट को सूचना दी गई। सूचना मिलने के बाद शाम 7:00 बजे विमान वाराणसी एयरपोर्ट से कोलकाता के लिए प्रस्थान किया।
लखीमपुर खीरी में दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने वन्यजीवों की सुरक्षा को देखते हुए दुधवा-गौरीफंटा मार्ग पर रात्रिकालीन यातायात बंद करने का निर्णय लिया है। नई व्यवस्था के तहत दुधवा बैरियर से डिगनिया तिराहे तक करीब 25 किलोमीटर लंबे जंगल मार्ग पर प्रतिदिन शाम 6 बजे से सुबह 6 बजे तक वाहनों का आवागमन पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू कर दिया गया है। दुधवा टाइगर रिजर्व के उपनिदेशक जगदीश आर द्वारा जारी निर्देश में कहा गया है कि रात के समय जंगल क्षेत्र से गुजरने वाले वाहनों के कारण वन्यजीवों की सुरक्षा पर खतरा बढ़ जाता है। तेज रफ्तार वाहनों की चपेट में आकर कई वन्यजीव घायल हो जाते हैं या उनकी मौत हो जाती है। वन विभाग का मानना है कि रात्रिकालीन यातायात पर रोक लगाकर वन्यजीवों के प्राकृतिक आवास और उनकी सुरक्षित आवाजाही को बेहतर बनाया जा सकेगा। वैकल्पिक मार्ग से करना होगा सफर प्रतिबंध के दौरान गौरीफंटा से पलिया जाने वाले वाहनों को डिगनिया तिराहे से चंदन चौकी होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचना होगा। वहीं, पलिया से गौरीफंटा जाने वाले वाहन दुधवा बैरियर से चंदन चौकी मार्ग का उपयोग करेंगे। इस नई व्यवस्था के चलते यात्रियों को लगभग 20 किलोमीटर अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ेगी। नेपाल सीमा से आने-जाने वालों पर भी असर दुधवा-गौरीफंटा मार्ग नेपाल सीमा से जुड़े आवागमन का महत्वपूर्ण रास्ता माना जाता है। ऐसे में इस निर्णय का असर नेपाल सीमा से आने-जाने वाले यात्रियों, स्थानीय व्यापारियों और क्षेत्रीय निवासियों पर भी पड़ेगा। रात के समय यात्रा करने वाले लोगों को अब अपनी यात्रा की योजना नई व्यवस्था के अनुसार बनानी होगी। लोगों ने जताई मिश्रित प्रतिक्रिया स्थानीय लोगों ने वन्यजीव संरक्षण के लिए उठाए गए कदम का स्वागत किया है। हालांकि, उनका कहना है कि वैकल्पिक मार्ग लंबा होने से यात्रियों का समय अधिक लगेगा और ईंधन की अतिरिक्त खपत भी होगी। वहीं, दुधवा टाइगर रिजर्व प्रशासन ने लोगों से सहयोग की अपील की है। अधिकारियों का कहना है कि दुधवा जैसे संवेदनशील वन क्षेत्र में जैव विविधता और वन्यजीवों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है, इसलिए सभी को निर्धारित नियमों का पालन करना चाहिए।
राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन (RCA) और राजस्थान राज्य खेल परिषद (RSSC) के बीच एक नया विवाद सामने आया है। RCA की एडहॉक कमेटी ने राजस्थान राज्य खेल परिषद को पत्र लिखकर RCA अकादमी ग्राउंड में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान शराब और बीयर परोसे जाने पर गंभीर आपत्ति जताई है। एडहॉक कमेटी ने इसे खेल परिसर की गरिमा और नियमों के खिलाफ बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप और कार्रवाई की मांग की है। RCA एडहॉक कमेटी के संयोजक डॉ. मोहित जसवंत यादव की ओर से राजस्थान राज्य खेल परिषद के सचिव को भेजे गए लेटर में कहा गया है कि खेल परिषद ने 9 जून से 11 जून 2026 तक आयोजित होने वाले KPL सीजन के लिए RCA अकादमी ग्राउंड एक निजी आयोजनकर्ता को उपलब्ध कराया है।कार्यक्रम के दौरान शराब परोसने का आरोप यादव के अनुसार 10 जून को कार्यक्रम के दौरान यह देखा गया कि आयोजनकर्ता ग्राउंड परिसर के भीतर शराब और बीयर परोस रहे थे। RCA ने इस पर कड़ी आपत्ति जताते हुए कहा है कि स्टेडियम और खेल परिसरों के भीतर इस प्रकार की गतिविधियां पूरी तरह प्रतिबंधित हैं और खेल सुविधाओं के उपयोग से जुड़े नियमों और मानकों के विपरीत हैं। एडहॉक कमेटी का कहना है कि खेल परिसरों का उपयोग खिलाड़ियों के प्रशिक्षण, प्रतियोगिताओं और खेल गतिविधियों के लिए किया जाता है। ऐसे में वहां शराब परोसे जाने जैसी गतिविधियां खेल संस्कृति और अनुशासन के खिलाफ हैं। RCA ने जताई छवि खराब होने की चिंता लेटर में कहा गया है कि संबंधित ग्राउंड का रखरखाव राजस्थान क्रिकेट एसोसिएशन द्वारा किया जा रहा है। ऐसे में खेल परिसर में प्रतिबंधित गतिविधियां संचालित होती हैं। तो इससे न केवल राजस्थान राज्य खेल परिषद बल्कि RCA की छवि और प्रतिष्ठा पर भी प्रतिकूल प्रभाव पड़ता है। एडहॉक कमेटी ने कहा कि खेल स्थल के भीतर शराब परोसने जैसी गतिविधियों की अनुमति दिए जाने से खिलाड़ियों, अभिभावकों और खेल प्रेमियों के बीच गलत संदेश जाता है और खेल के वातावरण की पवित्रता प्रभावित होती है। तत्काल कार्रवाई की मांग RCA ने राजस्थान राज्य खेल परिषद से मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच और आवश्यक कार्रवाई करने का आग्रह किया है। लेटर में कहा गया है कि यह सुनिश्चित किया जाए कि खेल परिसरों में भविष्य में इस प्रकार की गतिविधियां न हों और कार्यक्रमों के आयोजन के दौरान सभी निर्धारित नियमों और शर्तों का पालन किया जाए। एडहॉक कमेटी ने खेल परिषद से अपेक्षा जताई है कि वह मामले में त्वरित हस्तक्षेप कर आवश्यक कदम उठाएगी, ताकि खेल स्थलों की गरिमा और अनुशासन बरकरार रखा जा सके। KPL आयोजन को लेकर बढ़ा विवाद KPL सीजन के दौरान सामने आए इस विवाद ने राजस्थान के खेल और क्रिकेट जगत में चर्चा तेज कर दी है। अब सभी की निगाहें राजस्थान राज्य खेल परिषद की प्रतिक्रिया और संभावित कार्रवाई पर टिकी हैं। ऐसे में अगर आरोप सही पाए जाते हैं। तो आयोजनकर्ताओं के खिलाफ कार्रवाई की संभावना भी बन सकती है।
औरैया में प्लाट विवाद से जुड़े एक मामले में शिकायतकर्ता के साथ कथित दुर्व्यवहार करने वाले उपनिरीक्षक के खिलाफ कार्रवाई की गई है। पुलिस अधीक्षक औरैया ने साहर थाने में तैनात उपनिरीक्षक रामकरण को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। यह कार्रवाई क्षेत्राधिकारी बिधूना की प्रारंभिक जांच रिपोर्ट के आधार पर की गई। साहर थाना क्षेत्र के हरवंशपुर निवासी अजय कश्यप पुत्र आनंद कुमार कश्यप ने आरोप लगाया था कि प्लाट विवाद को लेकर उनके साथ मारपीट की गई थी। घटना की शिकायत दर्ज कराने के लिए जब वह थाने पहुंचे तो वहां मौजूद उपनिरीक्षक रामकरण ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया। पीड़ित का आरोप है कि शिकायत सुनने के बजाय उन्हें थाने में बंद कर दिया गया और उनके साथ अनुचित व्यवहार किया गया। जांच में सही पाए गए आरोप मामला सामने आने के बाद पुलिस प्रशासन ने इसे गंभीरता से लिया। पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी बिधूना से मामले की प्रारंभिक जांच कराई गई। जांच के दौरान शिकायतकर्ता द्वारा लगाए गए आरोप प्रथम दृष्टया सही पाए गए। इसके बाद पुलिस अधीक्षक औरैया ने उपनिरीक्षक रामकरण को तत्काल प्रभाव से निलंबित करने का आदेश जारी कर दिया। आगे भी होगी विभागीय कार्रवाई पुलिस विभाग के अनुसार मामले की जांच अभी जारी है। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की विभागीय और विधिक कार्रवाई भी की जाएगी। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि शिकायतों के निस्तारण में किसी भी प्रकार की लापरवाही या दुर्व्यवहार बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फिलहाल क्षेत्र में कानून-व्यवस्था की स्थिति सामान्य बनी हुई है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में महम स्थित शीतला पुरी मंदिर में हवन-यज्ञ का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में भाजपा पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने राष्ट्र की उन्नति, समृद्धि तथा विकसित भारत के निर्माण के लि आहुति दी। इस अवसर पर पूर्व राज्यसभा सांसद रामचंद्र जांगड़ा और महम मंडल अध्यक्ष मुकेश खत्री सहित कई भाजपा पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे। पूर्व सांसद रामचंद्र जांगड़ा ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के सेवा, सुरक्षा, सुशासन और गरीब कल्याण को समर्पित 12 वर्ष पूरे हो गए हैं। पीएम ने दी राष्ट्र सेवा को प्राथमिकता : जांगड़ा जांगड़ा ने बताया कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ऐसे पहले नेता हैं जिन्होंने राष्ट्र सेवा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। उन्होंने बिना किसी अवकाश के त्याग, तप और समर्पण के साथ लगातार कार्य किया है, जिससे विकसित भारत के संकल्प अभियान को नई गति मिली है। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ने विकास, राष्ट्रीय सुरक्षा, गरीब कल्याण, आधारभूत संरचना, डिजिटल क्रांति और वैश्विक प्रतिष्ठा के क्षेत्र में अभूतपूर्व उपलब्धियां हासिल की हैं। आज भारत विश्व मंच पर एक सशक्त और आत्मविश्वासी राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। यह लोग रहे उपस्थित कार्यक्रम में भाजपा नेता अजीत अहलावत, जिला आईटी प्रमुख प्रवीण खत्री, मंडल महामंत्री अशोक कौशिक, संदीप तुंदवाल, जोगिंदर गिरोत्रा, समाजसेवी राकेश भारद्वाज, कृष्णा प्रजापत, विकास राजलीवाल, अशोक बल्हारा, मुकेश दुग्गल, सोनू खत्री, अनुराग जांगड़ा और वीर सिंह सैनी सहित अनेक भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे। हवन-यज्ञ के माध्यम से राष्ट्र की प्रगति, किसानों की समृद्धि, युवाओं के उज्ज्वल भविष्य एवं समाज में सुख-शांति की कामना की गई। कार्यक्रम का समापन विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय योगदान देने के संकल्प के साथ हुआ।
फर्रुखाबाद में वरिष्ठ चिकित्सक एवं भाजपा नेत्री डॉ. रजनी सरीन के निधन पर आयोजित शांति पाठ एवं श्रद्धांजलि सभा में बुधवार को उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना शामिल हुए। उन्होंने डॉ. सरीन के आवास पहुंचकर उनके चित्र पर पुष्पांजलि अर्पित की और परिजनों से मिलकर संवेदना व्यक्त की। डॉ. रजनी सरीन का निधन 7 जून को हुआ था। उनका अंतिम संस्कार 8 जून को पांचाल घाट गंगा तट पर किया गया था। बुधवार को उनके आवास पर शांति पाठ कार्यक्रम का आयोजन किया गया, जिसमें विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना समेत भाजपा के कई पदाधिकारी और कार्यकर्ता शामिल हुए। पूरी भाजपा में शोक की लहर श्रद्धांजलि सभा को संबोधित करते हुए सतीश महाना ने कहा कि डॉ. रजनी सरीन के निधन से सिर्फ फर्रुखाबाद ही नहीं, बल्कि पूरी भारतीय जनता पार्टी में शोक की लहर है। उन्होंने कहा, मेरे लिए वह बड़ी बहन और मां के समान थीं। उनकी ममता, स्नेह और चिंता का अनुभव मैंने स्वयं किया है। महाना ने कहा कि डॉ. सरीन सामाजिक सेवा के क्षेत्र में समर्पित भाव से कार्य करती थीं और एक चिकित्सक के रूप में पूरे फर्रुखाबाद में उनकी अलग पहचान थी। उन्होंने हजारों बच्चों की डिलीवरी कराई थी और चिकित्सा सेवा को हमेशा मिशन की तरह लिया। पार्टी से कभी नहीं रखा कोई स्वार्थ विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि डॉ. रजनी सरीन भाजपा की समर्पित कार्यकर्ता थीं। उन्होंने कभी पद या लाभ की अपेक्षा नहीं की। उनके राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर तक व्यापक संपर्क थे, लेकिन उनका पूरा ध्यान समाज, संगठन और प्रदेश के विकास पर केंद्रित रहता था। उन्होंने कहा कि डॉ. सरीन का बौद्धिक स्तर बेहद उच्च था और पार्टी तथा समाज से जुड़े विभिन्न विषयों पर उनकी राय महत्वपूर्ण मानी जाती थी। करीब 75 वर्ष की आयु में भी वह शारीरिक और मानसिक रूप से पूरी तरह सक्रिय थीं। हालांकि दो माह पहले उनका स्वास्थ्य बिगड़ा, जिससे वह उबर नहीं सकीं। 35-36 साल पुराना था संबंध एक सवाल के जवाब में सतीश महाना ने बताया कि उनका डॉ. रजनी सरीन से करीब 35-36 वर्षों पुराना संबंध था। उन्होंने कहा, 1991 में जब मैं पहली बार विधायक बना था, तभी उनसे संपर्क हुआ था। फर्रुखाबाद का हर व्यक्ति उन्हें अपने परिवार का सदस्य मानता था। उनका विशाल हृदय और ममता सभी के लिए समान रूप से थी। उन्होंने कहा कि डॉ. सरीन के निधन से उनके परिवार के साथ-साथ उन तमाम लोगों को भी गहरा आघात पहुंचा है, जो किसी न किसी रूप में उनसे जुड़े रहे। उन्होंने कहा कि जीवन और मृत्यु ईश्वर के हाथ में है और हमें उसकी इच्छा को स्वीकार करना चाहिए। आत्मा की शांति के लिए की प्रार्थना महाना ने कहा कि वह व्यक्तिगत रूप से श्रद्धांजलि अर्पित करने आए हैं और विधानसभा अध्यक्ष होने के नाते भी अपनी संवेदनाएं परिवार के प्रति व्यक्त करते हैं। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को अपने श्रीचरणों में स्थान दें तथा परिवार को इस दुख को सहन करने की शक्ति प्रदान करें। इस दौरान सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष फतेहचंद वर्मा, जिला मीडिया प्रभारी शिवांग रस्तोगी, भाजपा उपाध्यक्ष जितेंद्र सिंह, वरिष्ठ भाजपा नेता वीरेंद्र सिंह राठौर सहित कई भाजपा पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूर्ण होने के अवसर पर भाजपा प्रयागराज महानगर की ओर से शहर के प्रमुख मंदिरों में दिव्य एवं भव्य पूजन कार्यक्रम आयोजित किए गए। इस दौरान पार्टी पदाधिकारियों, जनप्रतिनिधियों और कार्यकर्ताओं ने हनुमान चालीसा पाठ, सुंदरकांड तथा एक पेड़ मां के नाम अभियान के माध्यम से प्रधानमंत्री के नेतृत्व में सरकार के 12 वर्ष पूरे होने का उत्सव मनाया।हनुमत निकेतन में विशेष पूजनभाजपा प्रयागराज महानगर अध्यक्ष संजय गुप्ता के नेतृत्व में सिविल लाइंस स्थित हनुमत निकेतन में विशेष पूजन एवं हनुमान चालीसा पाठ का आयोजन किया गया। धार्मिक अनुष्ठान के बाद श्रद्धालुओं और कार्यकर्ताओं के बीच प्रसाद वितरित किया गया। इस मौके पर महानगर अध्यक्ष ने कहा कि 4399 दिनों की सतत राष्ट्रसेवा, 140 करोड़ देशवासियों के अटूट विश्वास तथा सेवा, सुशासन और संकल्प के स्वर्णिम अध्याय के लिए महानगर के कार्यकर्ताओं की ओर से प्रधानमंत्री का हार्दिक अभिनंदन और शुभकामनाएं हैं। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री करोड़ों देशवासियों की आशाओं, आकांक्षाओं और विश्वास के प्रतीक बन चुके हैं।विकास और आत्मनिर्भरता की चर्चाउन्होंने कहा कि राष्ट्र प्रथम के संकल्प को जीवन का उद्देश्य बनाकर पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन, आत्मनिर्भरता और वैश्विक सम्मान की नई ऊंचाइयों को प्राप्त किया है। विकसित भारत का संकल्प अब और अधिक मजबूती के साथ साकार होने की दिशा में आगे बढ़ रहा है।मिठाई बांटकर मनाई खुशीकार्यक्रम के दौरान कार्यकर्ताओं ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर केंद्र सरकार के बारह वर्ष पूरे होने की खुशी साझा की और प्रधानमंत्री के दीर्घ एवं सफल नेतृत्व की कामना की।सभी मंडलों में हुए आयोजनभाजपा महानगर के विश्वविद्यालय, राजरूपपुर, प्रीतमनगर, शिवकुटी, भरद्वाज, वेणी माधव, सिविल लाइंस, कीडगंज, मुट्ठीगंज, नैनी, सदर यमुना पट्टी, गंगा पट्टी और खुल्दाबाद समेत सभी 15 मंडलों में पूजन एवं धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए।बड़ी संख्या में जुटे पदाधिकारी और कार्यकर्ताकार्यक्रम में महापौर गणेश केसरवानी, रमेश पासी, डॉ. शैलेश पांडेय, आनंद श्रीवास्तव, मुरारीलाल अग्रवाल, कृतिका अग्रवाल, वंदना सिंह, शिखा रस्तोगी, विक्रम भदौरिया, वरुण केसरवानी, विजय श्रीवास्तव, अजय सिंह, अरुण पटेल, विजय द्विवेदी, दीप द्विवेदी, विवेक मिश्रा, मोहित गुप्ता, मनोज श्रीवास्तव, शोभिता श्रीवास्तव, किरन जायसवाल, विश्वास श्रीवास्तव, प्रवीण भारती, मयंक दुबे, राजेश गोंड, नवाब खान, मोहम्मद शरीफ, बिलाल अहमद सहित बड़ी संख्या में भाजपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उमरिया जिला अस्पताल के सिविल सर्जन डॉ. के.सी. सोनी पर एक युवक ने यौन शोषण का आरोप लगाया है और इसी बीच उनके साथ बीच सड़क पर मारपीट किए जाने का एक मामला सामने आया है। इस पूरी घटना का एक वीडियो बुधवार को सोशल मीडिया पर तेजी से शेयर हो रहा है, जो करीब दो दिन पुराना बताया जा रहा है। वीडियो सामने आने के बाद से पूरे स्वास्थ्य विभाग में खलबली मची है। वीडियो में कुछ लड़के डॉ. सोनी को घेरकर खड़े हैं। वे डॉक्टर के साथ न सिर्फ गाली-गलौज कर रहे हैं, बल्कि उनके साथ मारपीट करते हुए भी नजर आ रहे हैं। इस घटना के बाद दोनों ही पक्षों ने कोतवाली थाने पहुंचकर एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई है। डॉक्टर बोले- यह मुझे बदनाम करने की साजिश डॉ. के.सी. सोनी ने पुलिस को बताया कि यह घटना रात के करीब 11:30 बजे की है, जब वह अपनी स्कूटी से कहीं जा रहे थे। रास्ते में सड़क किनारे बैठे एक लड़के ने उन्हें हाथ देकर रोका और उनका नाम पूछा। जैसे ही डॉक्टर ने अपना नाम बताया, उस लड़के ने तुरंत किसी को फोन लगा दिया। इसके कुछ ही देर बाद दो बाइकों पर सवार होकर कुछ और लड़के वहां पहुंचे और बिना कुछ सोचे-समझे डॉक्टर के साथ मारपीट शुरू कर दी। डॉक्टर सोनी का साफ कहना है कि उन पर जो भी यौन शोषण के आरोप लगाए जा रहे हैं, वे सब पूरी तरह से झूठे और बेबुनियाद हैं। उन्हें एक सोची-समझी साजिश के तहत फंसाने और बदनाम करने की कोशिश की जा रही है। पुलिस का क्या कहना है? अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (ASP) आलोक शर्मा ने बताया कि पुलिस को दोनों पक्षों की तरफ से शिकायत मिली है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और जो भी सच सामने आएगा, उसी के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। इसके साथ ही पुलिस वीडियो की सच्चाई का भी पता लगा रही है।
पंजाब के मोहाली में जीनगर समाज की बेटी डिंपल खत्री की हत्या के मामले को लेकर चित्तौड़गढ़ में समाज के लोगों ने गहरा रोष जताया है। समाज के प्रतिनिधियों ने इस घटना को बहुत दुखद बताते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पीड़ित परिवार को हर संभव सहायता देने की मांग उठाई। समाज के लोगों का कहना है कि एक कामकाजी युवती की दिनदहाड़े इस तरह हत्या होना केवल एक परिवार की नहीं, बल्कि पूरे समाज की सुरक्षा और कानून व्यवस्था से जुड़ा गंभीर मामला है। इसी को लेकर चित्तौड़गढ़ में समाज के लोगों ने एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद की और राष्ट्रपति तक अपनी मांग पहुंचाने की पहल की। घटना ने पूरे समाज को झकझोर दिया जीनगर समाज के सचिव नवरतन जीनगर ने बताया कि पटियाला निवासी 29 वर्षीय डिंपल खत्री मोहाली की एक निजी कंपनी में काम करती थीं। 4 जून को कंपनी परिसर में ही उनके एक सहकर्मी द्वारा उन पर हमला कर हत्या कर दी गई। इस घटना के बाद से परिवार के साथ-साथ समाज के लोगों में भी गहरा दुख और आक्रोश है। समाज के प्रतिनिधियों का कहना है कि डिंपल मेहनत करने वाली और अपने परिवार का सहारा बनने वाली युवती थीं। उनकी अचानक हुई मौत ने पूरे परिवार को तोड़ दिया है। समाज का मानना है कि इस तरह की घटनाओं पर सख्त कार्रवाई होना जरूरी है, ताकि भविष्य में किसी बेटी को ऐसी परिस्थितियों का सामना न करना पड़े। परिवार पर टूटा दुखों का पहाड़ समाज के लोगों ने बताया कि डिंपल के परिवार में माता-पिता और दो भाई हैं, जो पारंपरिक रूप से हस्तनिर्मित पंजाबी जुत्ती बनाने का काम करते हैं। बेटी की मौत के बाद परिवार मानसिक, सामाजिक और आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ऐसे में सिर्फ कानूनी कार्रवाई ही नहीं, बल्कि परिवार को आर्थिक सहारा भी मिलना चाहिए। समाज ने मांग की कि परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी दी जाए ताकि भविष्य में उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा न हो। साथ ही सरकार पीड़ित परिवार को विशेष आर्थिक सहायता भी उपलब्ध कराए। दोषियों को कड़ी सजा देने की मांग समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि इस मामले में दोषियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की जाए और उन्हें ऐसी सजा मिले जो समाज में एक मजबूत संदेश दे। उनका कहना है कि बेटियों की सुरक्षा से जुड़े मामलों में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं होनी चाहिए। इस दौरान समाज के अध्यक्ष राजेश जीनगर, संरक्षक छगनलाल जीनगर, कोषाध्यक्ष अंबालाल चितारा, सचिव नवरतन जीनगर सहित बड़ी संख्या में समाजजन मौजूद रहे। सभी ने कहा कि वे पीड़ित परिवार के साथ खड़े हैं और उन्हें न्याय मिलने तक अपनी मांग उठाते रहेंगे।
किसान की बाइक पर चढ़ा रोड रोलर, मौत:ताऊ और चार साल का भतीजा घायल, हाईवे पर चल रहा था मरम्मत का काम
हरदा में बुधवार शाम किसान की बाइक पर रोड रोलर चढ़ गया जिससे उसकी मौत हो गई। वहीं ताऊ और भतीजा घायल हुए हैं। हादसा छीपाबड़ थाना क्षेत्र के ग्राम मुहाल के पास निर्माणाधीन हरदा-खंडवा हाईवे पर हुआ, जहां एक रोड रोलर ने बैंक से लौट रहे बाइक सवारों को कुचल दिया। मृतक की पहचान सक्तापुर निवासी 55 वर्षीय दिनेश चौधरी के रूप में हुई है। हादसे में उनकी मौके पर ही मौत हो गई। वहीं 40 वर्षीय संजय गुर्जर और उनके चार वर्षीय भतीजे शिवांश गुर्जर गंभीर रूप से घायल हो गए। शिवांश को अंदरूनी चोटें आने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर किया गया है। गेहूं बिक्री की राशि लेकर लौट रहे थे जानकारी के अनुसार, संजय गुर्जर खिरकिया में अपनी गेहूं की फसल बेचने के बाद बैंक से रुपए निकालकर गांव लौट रहे थे। उनके साथ बाइक पर दिनेश चौधरी और बालक शिवांश भी सवार थे। तीनों निर्माणाधीन हरदा-खंडवा हाईवे पर सुर्योदय स्कूल के पास पहुंचे, जहां सड़क मरम्मत का कार्य चल रहा था। पीछे खड़ी बाइक पर चढ़ा दिया रोलर बताया जा रहा है कि सड़क निर्माण कार्य के चलते उन्होंने अपनी बाइक सड़क किनारे रोक दी थी। इसी दौरान रोड रोलर चालक ने बिना पीछे देखे वाहन चलाया और पीछे खड़ी बाइक पर रोलर चढ़ा दिया। हादसा इतना भीषण था कि दिनेश चौधरी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई, जबकि संजय और शिवांश गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद रोड रोलर चालक फरार हो गया घटना की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। पुलिस ने रोड रोलर को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। हादसे के बाद रोलर चालक मौके से फरार हो गया, जिसकी तलाश की जा रही है। दिनेश चौधरी पेशे से किसान थे। उनके परिवार में एक बेटा है। बताया गया है कि वह अपने गांव के संजय गुर्जर के साथ किसी काम से खिरकिया गए थे और लौटते समय यह हादसा हो गया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और फरार चालक की तलाश में जुटी है।
हरियाणा के हांसी जिले की CIA टीम की कस्टडी में युवक की मौत पर हंगामा हो गया है। CIA की टीम हांसी की जगदीश कॉलोनी में रेड करने गई थी। यहां कुलदीप नाम के युवक ने पुलिस को देखते ही जहरीला पदार्थ निगल लिया। अस्पताल पहुंचने से पहले ही उसकी मौत हो गई। इसके बाद परिजनों को सूचित किया गया। मौत की खबर सुनकर युवक के परिजन बिफर गए और उन्होंने हिसार के शांति मिशन अस्पताल के बाहर हंगामा करना शुरू कर दिया। हंगामे की सूचना मिलते ही अर्बन एस्टेट चौकी पुलिस मौके पर पहुंच गई। मृत्तक युवक कुलदीप के परिजनों का कहना है कि हांसी पुलिस की प्रताड़ना से ही उनके बेटे की मौत हुई है। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
कानपुर कैंट स्थित लल्लू प्रसाद इंटर कॉलेज में पुलिस भर्ती परीक्षा देने आए अभ्यर्थी को जन्मतिथि में फेरबदल करने पर पुलिस ने पकड़ लिया। ओवरएज होने की आशंका के चलते पुलिस ने पूछताछ की तो वह टूट गया, उसने बताया कि 2007 में हाईस्कूल परीक्षा में फेल होने पर जन्मतिथि बदल कर 2015 में दोबारा परीक्षा दी। कैंट पुलिस ने अभ्यथी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर गिरफ्तार कर लिया। लल्लू प्रसाद इंटर कॉलेज में परीक्षा देने आया था आरक्षी नागरिक पुलिस व समकक्ष पदों पर सीधी भर्ती परीक्षा के आखिरी दिन बुधवार को कैंट स्थित लल्लू प्रसाद इंटर कालेज में अभ्यर्थी जौनपुर काजीपुर दरगाह नेवडिया निवासी नागेश कुमार पुत्र रामप्रसाद परीक्षा देने के लिए आया था। कक्षा में प्रवेश किया तो अभ्यर्थी की उम्र अधिक होने का कक्ष निरीक्षकों को संदेह हुआ। इस पर अभ्यर्थी को परीक्षा कक्ष से बाहर बुलाकर उससे पूछताछ की गई, तो वह टालमटोल करने लगा। कड़ाई बरतने पर उसने बताया कि 2007 में उसने हाईस्कूल की परीक्षा दी थी, जिसमें वह फेल हो गया था। उस समय जन्मतिथि 15 अगस्त 1993 थी, जो उसकी वास्तविक जन्मतिथि है। अभ्यर्थी ने बतााय कि 2015 में उसने जन्मतिथि में फेरबदल कर 26 जनवरी 1997 करा लिया और इसके बाद दोबारा हाईस्कूल की परीक्षा देकर पास किया। क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर ने दर्ज कराई FIRअभ्यर्थी के आवेरएज और जन्मतिथि से छेड़छाड़ का पता चलने पर केंद्र प्रभारी ने पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंचे क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर विजय कुमार सरोज मौके पर पहुंचे। कैंट थाना प्रभारी अरविंद कुमार राय ने बताया कि क्राइम ब्रांच इंस्पेक्टर की तहरीर पर आरोपी अभ्यर्थी नागेश कुमार के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर लिया गया है।
आगरा के थाना एकता क्षेत्र में सवारी बनकर लूटपाट करने वाले गिरोह का पुलिस ने पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से वारदात में प्रयुक्त वैगनआर कार और लूटी गई रकम में से 420 रुपये बरामद किए हैं। पीड़ित ने थाना एकता में दर्ज कराई रिपोर्ट में बताया कि 7 जून 2026 को वह बिजलीघर चौराहे पर अपने घर जाने के लिए ऑटो का इंतजार कर रहा था। इसी दौरान एक वैगनआर कार वहां पहुंची, जिसमें पहले से तीन लोग सवार थे। घर जाने की जल्दी में वह भी कार में बैठ गया। आरोप है कि रास्ते में चालक ने फतेहाबाद रोड पर जाम होने का बहाना बनाकर वाहन को शमशाबाद की ओर वैकल्पिक मार्ग पर मोड़ लिया। जब कार रजरई क्षेत्र के पास पहुंची तो चालक और उसके साथियों ने मिलकर उसका बैग छीन लिया। इसके बाद पीड़ित को कार से नीचे उतारकर मौके से फरार हो गए। पीड़ित के बैग में 2,900 रुपये नकद, मोबाइल फोन, आधार कार्ड तथा अन्य महत्वपूर्ण दस्तावेज रखे हुए थे। घटना की सूचना मिलने पर थाना एकता पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने सीसीटीवी फुटेज, वाहन नंबर और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों की पहचान की। इसके बाद गठित पुलिस टीम ने 9 जून को मुखबिर की सूचना पर गुतला पुल से बगदा पुल जाने वाले मार्ग के पास से चारों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ में मुख्य आरोपी करन सिंह ने बताया कि वह वैगनआर कार को किराये पर चलाता है। उसने अपने साथियों के साथ मिलकर बिजलीघर के पास खड़े व्यक्ति को योजनाबद्ध तरीके से कार में बैठाया और सुनसान रास्ते पर ले जाकर उससे नकदी व सामान लूट लिया। पुलिस ने करन सिंह पुत्र राजू, निवासी नया बांस, शमशाबाद, हाल पता मीरा विहार, कहरई, सौरभ पुत्र मान सिंह, निवासी घांस सहवास, सदर बाजार हाल पता- प्रीति विहार, कहरई मोड़, रामबरन पुत्र स्व. गीतराम, निवासी गड़ाइच, धौलपुर, राजस्थान (हाल पता- वंशी विहार कॉलोनी, कहरई और सौरभ स्वरूप पुत्र मोतीलाल, निवासी सिकंदरपुर महमूद, फर्रुखाबाद, हाल पता- नालंदा टाउन, रजरई को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी करन सिंह के खिलाफ पूर्व में भी लूट, अवैध हथियार और अन्य गंभीर धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। वहीं गिरफ्तार अन्य तीन आरोपियों का नाम भी इसी लूटकांड से संबंधित मुकदमे में सामने आया है। पुलिस टीम में थानाध्यक्ष सौरभ सिंह के नेतृत्व में उपनिरीक्षक विकास सिवाच, मनीष चौधरी, सुमित राठी, विमलेश कुमार, आदित्य चौधरी तथा कांस्टेबल सनी राय और हैप्पी कुमार की टीम ने कार्रवाई को अंजाम दिया।
कर्नाटक की ऐतिहासिक संदूर रियासत के शाही घोरपड़े मराठा राजवंश के राजकुमार श्रीमंत कार्तिकेय राजे मुरारीराव घोरपड़े का निधन हो गया है। उनके निधन पर पूर्व मंत्री नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने गहरा शोक व्यक्त किया है। उन्होंने दिवंगत आत्मा की शांति और शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं प्रकट कीं। राजकुमार श्रीमंत कार्तिकेय राजे मुरारीराव घोरपड़े का निधन 9 जून 2026 को प्रातः लगभग 5:30 बजे बेंगलुरु में हुआ। उनके निधन की सूचना मिलते ही शाही परिवारों और उनके परिचितों में शोक व्याप्त हो गया। नवेद मियां ने राजकुमार की पत्नी श्रीमती अंबिका घोरपड़े तथा पुत्री कृतिका घोरपड़े भंसाली के प्रति गहरी सहानुभूति व्यक्त की। उन्होंने कहा कि यह क्षति केवल परिवार की ही नहीं, बल्कि एक गौरवशाली ऐतिहासिक विरासत के लिए भी महत्वपूर्ण है। भारतीय इतिहास में विशेष स्थान रहा नवेद मियां ने बताया कि राजकुमार कार्तिकेय राजे महान मराठा सेनापति संताजी घोरपड़े के वंशज थे। उनका परिवार कर्नाटक के बेल्लारी जिले स्थित ऐतिहासिक संदूर रियासत और संदूर पैलेस की समृद्ध परंपराओं से जुड़ा रहा है। उन्होंने आगे कहा कि घोरपड़े राजवंश का भारतीय इतिहास में विशेष स्थान है। इस परिवार ने अपनी सांस्कृतिक विरासत को सहेजने में महत्वपूर्ण योगदान दिया है। संदूर रियासत की स्थापना और उसके विकास में राजकुमार के पूर्वज मुरारी राव घोरपड़े की अहम भूमिका रही थी, जिन्हें 18वीं शताब्दी के पराक्रमी मराठा सेनापति और कुशल रणनीतिकार के रूप में जाना जाता है। नवेद मियां के अनुसार, आधुनिक समय में भी घोरपड़े परिवार अपने शाही रीति-रिवाजों, सांस्कृतिक परंपराओं और सामाजिक गतिविधियों के संरक्षण के लिए प्रसिद्ध है। उन्होंने ईश्वर से प्रार्थना की कि दिवंगत आत्मा को शांति प्रदान करें और शोकाकुल परिवार को इस कठिन समय में धैर्य व संबल दें।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के पूर्वी उत्तर प्रदेश क्षेत्र द्वारा आयोजित 20 दिवसीय कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम का बुधवार को लखनऊ के निराला नगर स्थित सरस्वती कुंज में समापन हुआ। सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि चरित्रवान, संगठित और राष्ट्रनिष्ठ हिंदू समाज के निर्माण के माध्यम से ही भारत को वैभवशाली बनाया जा सकता है। कार्यक्रम में पद्मश्री किसान रामसरन वर्मा मुख्य अतिथि रहे। तस्वीर में देखिए कार्यक्रम… जज 2026 चार ऐतिहासिक वर्षगांठों का वर्ष : रामदत्त चक्रधर सह सरकार्यवाह रामदत्त चक्रधर ने कहा कि वर्ष 2026 कई दृष्टियों से महत्वपूर्ण है। यह बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती, गुरु तेगबहादुर के बलिदान की 350वीं वर्षगांठ, वंदेमातरम् के 150 वर्ष और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के 100 वर्ष पूरे होने का वर्ष है। उन्होंने कहा कि संघ हर साल 15 से 20 हजार कार्यकर्ताओं को प्रशिक्षण देता है और वर्तमान में देशभर में 83 हजार से अधिक शाखाएं संचालित हो रही हैं। भारत हिंदू राष्ट्र है, डॉ. हेडगेवार का यही दृष्टिकोण था उन्होंने कहा कि संघ के संस्थापक डॉ. केशव बलिराम हेडगेवार ने भारत को हिंदू राष्ट्र के रूप में देखा था। उनका मानना था कि समाज को आत्मकेंद्रित नहीं बल्कि समाजकेंद्रित बनाने की जरूरत है और इसके लिए शाखा पद्धति विकसित की गई। देश केवल उद्योगों से नहीं, सद्गुणों से आगे बढ़ता है रामदत्त चक्रधर ने कहा कि राष्ट्र निर्माण केवल कारखानों और आर्थिक विकास से नहीं होता, बल्कि समाज में सद्गुणों, चरित्र और राष्ट्रीय चेतना के विकास से होता है। उन्होंने कहा कि हिंदू समाज मजबूत होगा तो राष्ट्र भी मजबूत होगा। कोरोना से लेकर युद्धकाल तक स्वयंसेवकों ने निभाई जिम्मेदारी उन्होंने कहा कि विभाजन के समय स्वयंसेवकों ने हजारों लोगों की रक्षा की। चीन युद्ध के दौरान सेना की सहायता और रक्तदान किया। कोरोना काल में भी स्वयंसेवकों ने सेवा कार्यों में बढ़-चढ़कर भाग लिया। मतांतरण और परिवार व्यवस्था पर भी जताई चिंता चक्रधर ने कहा कि समाज में परिवार व्यवस्था कमजोर हो रही है। योजनाबद्ध तरीके से मतांतरण की घटनाएं भी चिंता का विषय हैं। उन्होंने सामाजिक समरसता, परिवार प्रबोधन और सभी वर्गों को साथ लेकर चलने पर जोर दिया। पर्यावरण संरक्षण भारतीय जीवन शैली का हिस्सा उन्होंने कहा कि पर्यावरण संरक्षण भारतीय संस्कृति का मूल तत्व है। पौधों और प्रकृति की रक्षा मानव जीवन के लिए आवश्यक है। भारतीय जीवन मूल्यों के अनुरूप जीवनशैली अपनाने की जरूरत है। यह समापन नहीं, राष्ट्र निर्माण यज्ञ की आहुति है : पद्मश्री रामसरन वर्मा मुख्य अतिथि पद्मश्री रामसरन वर्मा ने कहा कि यह केवल प्रशिक्षण वर्ग का समापन नहीं बल्कि राष्ट्र निर्माण के महायज्ञ में एक नई आहुति है। उन्होंने कहा कि स्वयंसेवकों का दायित्व है कि समाज में जहां भी विभाजन या अलगाव दिखाई दे, वहां एकता और समरसता स्थापित करें। 289 स्वयंसेवकों ने लिया 20 दिन का प्रशिक्षण कार्यकर्ता विकास वर्ग-प्रथम में अवध, कानपुर, काशी और गोरखपुर प्रांतों से आए 289 स्वयंसेवकों ने भाग लिया। प्रशिक्षण में शारीरिक, बौद्धिक, सेवा, संपर्क, प्रचार और संगठनात्मक विषयों की शिक्षा दी गई। सात जून को आयोजित कुटुंब सहभोज कार्यक्रम में करीब 200 परिवारों ने भागीदारी की। पूर्व आईएएस अवनीश अवस्थी समेत कई प्रमुख हस्तियां रहीं मौजूद समापन समारोह में संघ के वरिष्ठ पदाधिकारियों के अलावा पूर्व आईएएस अवनीश अवस्थी, एमएलसी महेंद्र सिंह, भाजपा नेता नीरज सिंह, अपर महाधिवक्ता कुलदीप त्रिपाठी, लखनऊ विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. जे.पी. सैनी, बीबीएयू के कुलपति आर.के. मित्तल, एनबीआरआई के निदेशक अजीत शासने, आईएएस अनीता भटनागर जैन, पूर्व सांसद डॉ. अशोक बाजपेई सहित विभिन्न क्षेत्रों के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।
मुजफ्फरनगर में उत्तर प्रदेश पुलिस आरक्षी भर्ती परीक्षा बुधवार को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हो गई। तीन दिवसीय इस परीक्षा में कुल 49,392 अभ्यर्थियों में से 39,142 उपस्थित हुए, जबकि 10,345 अभ्यर्थियों ने परीक्षा छोड़ दी। जनपद के 17 परीक्षा केंद्रों पर आयोजित इस भर्ती परीक्षा में कुल 49,392 अभ्यर्थियों को शामिल होना था। इनमें से 39,142 अभ्यर्थी ही परीक्षा केंद्रों तक पहुंचे, जिसका अर्थ है कि लगभग 21 प्रतिशत (10,345) अभ्यर्थियों ने परीक्षा में भाग नहीं लिया। पुलिस ने परीक्षा को सकुशल संपन्न कराया परीक्षा के तीसरे और अंतिम दिन, पहली पाली में 8,232 में से 6,535 अभ्यर्थी उपस्थित रहे, जबकि 1,697 अनुपस्थित थे। दूसरी पाली में भी 8,232 अभ्यर्थियों में से 6,584 ने परीक्षा दी और 1,648 अभ्यर्थी गैरहाजिर रहे। इस प्रकार अंतिम दिन कुल 16,464 अभ्यर्थियों में से 13,119 अभ्यर्थी परीक्षा में शामिल हुए, जबकि 3,345 अभ्यर्थी अनुपस्थित रहे। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के निर्देशन में मुज़फ्फरनगर पुलिस ने परीक्षा को सकुशल संपन्न कराया। परीक्षा के दौरान सुरक्षा और निगरानी के कड़े इंतजाम किए गए थे। इसमें सीसीटीवी निगरानी, सघन चेकिंग, तथा सेक्टर और जोनल अधिकारियों की तैनाती शामिल थी, जिससे परीक्षा पूरी पारदर्शिता और शुचिता के साथ संपन्न हुई।
बस में मिला रीनू उर्फ डांसर का शव:जिला अस्पताल में परिजनों का हंगामा, पुलिस से तीखी नोकझोंक
बागपत के सिसाना गांव में एक बस के अंदर रीनू उर्फ डांसर का शव मिलने के बाद हड़कंप मच गया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मृतका की मौत की खबर मिलते ही बड़ी संख्या में परिजन जिला अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने जमकर हंगामा और प्रदर्शन शुरू कर दिया। परिजनों ने पुलिस पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की। जिला अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण माहौल को देखते हुए भारी पुलिस बल तैनात किया गया। क्षेत्राधिकारी (सीओ) विजय चौधरी ने मौके पर पहुंचकर प्रदर्शनकारियों को शांत कराने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिसकर्मियों और परिजनों के बीच तीखी नोकझोंक भी हुई। पुलिस अधिकारियों ने परिजनों को निष्पक्ष जांच और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी का आश्वासन दिया। मृतका के परिजनों की तहरीर के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया है। मामले के खुलासे और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। रीनू की मौत के सही कारणों का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चलेगा। शहर कोतवाली प्रभारी बृजेश कुमार ने बताया कि मुकदमा दर्ज कर सभी पहलुओं पर जांच की जा रही है। उन्होंने आश्वासन दिया कि पुलिस जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार करेगी।
हाथरस में जिला पंचायत अध्यक्ष सीमा उपाध्याय घायल हो गईं। वह गांव तुरतीपुर में शोक संवेदना व्यक्त कर लौटते समय गाड़ी में बैठते हुए गिर गईं, जिससे उनके हाथ में चोट आई। उन्हें तत्काल सिकंद्राराऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) ले जाया गया, जहां उनका उपचार शुरू किया गया। जानकारी के अनुसार, सीमा उपाध्याय आज सिकंद्राराऊ के गांव तुरतीपुर में रामेश्वर यादव पहलवान के ताऊ जी के निधन पर शोक व्यक्त करने पहुंची थीं। आज शाम वापसी में गाड़ी में बैठते समय उनका पैर ऊंची-नीची जगह पर पड़ गया, जिससे वह असंतुलित होकर गिर गईं। इस घटना में उनके हाथ में तेज दर्द होने लगा। घटना के तुरंत बाद उनके समर्थक उन्हें सीएचसी सिकंद्राराऊ लेकर पहुंचे। अस्पताल को पहले ही सूचना दे दी गई थी, जिसके कारण चिकित्सकों की टीम तैयार थी। अस्पताल पहुंचते ही उनका एक्स-रे कराया गया और डॉक्टरों ने चोट का आकलन कर प्राथमिक उपचार शुरू कर दिया। अस्पताल से किया आगरा रेफर डॉक्टरों के मुताबिक, प्राथमिक उपचार के बाद उनकी स्थिति सामान्य और स्थिर है। सीमा उपाध्याय ने आगे का उपचार आगरा में कराने की इच्छा व्यक्त की, जिसके बाद उन्हें आगरा के लिए रेफर कर दिया गया। चिकित्सकों का कहना है कि उनकी हालत में लगातार सुधार हो रहा है। उपचार के दौरान डॉक्टर पवन राजपूत और डॉक्टर आर.के. वर्मा सहित अन्य चिकित्साकर्मी मौजूद रहे।
पानीपत में SBI के मुख्य प्रबंधक हर्षद कुमार की लूटपाट और हत्या के मामले में 10वें दिन पुलिस की 2 बदमाशों के साथ मुठभेड़ हुई। इस दौरान दोनों बदमाश गोली लगने से घायल हो गए। इसके साथ ही पुलिस ने उन्हें मौके से गिरफ्तार किया। मुठभेड़ में घायल 2 बदमाशों को पुलिस सिविल अस्पताल लेकर पहुंची। जहां वे उपचाराधीन है। पुलिस के मुताबिक बुधवार रात को 2 बदमाशों से मुठभेड़ हुई है। पुलिस ने बुधवार को दिन के समय 1 आरोपी को गिरफ्तार किया था। उसकी निशानदेही पर 2 और बदमाशों को पुलिस पकड़ने गई थी। इस दौरान बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग कर दी। जवाबी कार्रवाई में दोनों बदमाशों को गोलियां लगी है। बता दें कि गत 1 जून की रात करीब 11:30 बजे हर्षद कुमार पर हमला हुआ था। यह घटना पानीपत के चांदनीबाग थाना क्षेत्र में सेक्टर-25 स्थित मित्तल मॉल के पीछे हुई। बाइक सवार 3 बदमाशों ने उन्हें लूटा था। बदमाशों ने उनकी सोने की चेन, अंगूठी और पर्स छीन लिया था। उनके हमले से घायल हर्षद को दिल्ली के एक अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां शुक्रवार को उनकी मौत हो गई। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
पीएम नरेंद्र मोदी ने बुधवार को बंगाल की फेमस झालमुड़ी का एक बार फिर स्वाद लिया। दिल्ली के भारत मंडपम में बंगाल के सीएम शुभेंदु अधिकारी ने खुद पीएम को झालमुड़ी बनाकर खिलाई। इस कार्यक्रम में यूपी के सीएम योगी आदित्यनाथ, डिप्टी सीएम ब्रजेश पाठक, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी के अलावा NDA में सहयोगी मंत्री ओम प्रकाश राजभर और संजय निषाद भी पहुंचे थे। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पीएम मोदी झालमुड़ी स्टॉल पर खड़े थे। एक व्यक्ति नेताओं को झालमुड़ी दे रहा था। मोदी के बगल खड़े संजय निषाद ने झालमुड़ी लेने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन आगे बढ़कर पीएम ने दोना पकड़ लिया और उसे पार्टी अध्यक्ष नितिन नवीन को थमा दिया। मौके को भांपते हुए संजय निषाद ने तुरंत अपना हाथ पीछे कर लिया। वहीं, अपना दल की अध्यक्ष अनुप्रिया पटेल भी हाथों में दोना लेकर झालमुड़ी के लिए इंतजार करती दिखीं। फिलहाल, पीएम मोदी ने NDA नेताओं के साथ हंसी-मजाक का माहौल भी बनाया, जिसका वीडियो खुद उन्होंने जारी किया है। पीएम मोदी ने लिखा, आज एनडीए बैठक में सभी नेताओं के साथ झालमुड़ी साझा की। 2 फोटो देखिए… पीएम मोदी के 12 साल पूरे होने पर योगी ने लिखा पत्र दरअसल, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भारत के सबसे लंबे समय तक लगातार सेवा देने वाले निर्वाचित प्रधानमंत्री बन गए हैं। उनके कार्यकाल के 4,399 दिन पूरे होने पर भारत मंडपम में आयोजित NDA बैठक में उनका सम्मान किया गया। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पीएम मोदी को उनके 12 साल के कार्यकाल पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि मोदी के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश आस्था और अर्थव्यवस्था का बड़ा केंद्र बनकर उभरा है। योगी ने पत्र में लिखा कि अयोध्या में राम मंदिर, काशी विश्वनाथ धाम के पुनर्विकास और केंद्र की जनकल्याणकारी योजनाओं से प्रदेश को बड़ा लाभ मिला है। स्वच्छ भारत मिशन, पीएम आवास योजना, आयुष्मान भारत, उज्ज्वला योजना, किसान सम्मान निधि और मुफ्त राशन जैसी योजनाओं का फायदा करोड़ों लोगों तक पहुंचा है। सीएम ने कहा कि यूपी में 9 लाख से ज्यादा युवाओं को सरकारी नौकरी मिली है, जबकि 25 लाख युवाओं को कौशल प्रशिक्षण दिया गया। निवेश, एमएसएमई, ओडीओपी और स्टार्टअप योजनाओं से करोड़ों रोजगार के अवसर बने हैं। उन्होंने कहा कि एक्सप्रेस-वे, मेट्रो, एयरपोर्ट, आरआरटीएस और फ्रेट कॉरिडोर जैसी परियोजनाओं ने यूपी को देश के अग्रणी राज्यों में शामिल किया है। योगी ने दावा किया कि बेहतर कानून-व्यवस्था और निवेश माहौल की वजह से प्रदेश की अर्थव्यवस्था 2017 के मुकाबले करीब तीन गुना हो गई है। उन्होंने भरोसा जताया कि यूपी, मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत और विकसित उत्तर प्रदेश के लक्ष्य को हासिल करने में अहम भूमिका निभाता रहेगा। पंकज चौधरी बोले- 2027 में और बड़े बहुमत से सत्ता में लौटेगी भाजपायूपी के भाजपा अध्यक्ष पंकज चौधरी ने कहा, मैं पिछले तीन दिनों से लगातार बुंदेलखंड क्षेत्र के दौरे पर हूं। पार्टी कार्यकर्ताओं का उत्साह और उनका ऊंचा मनोबल मुझे पूरा विश्वास दिलाता है कि 2027 में भारतीय जनता पार्टी पहले से भी बड़े बहुमत के साथ सत्ता में वापसी करेगी। उन्होंने कहा, 2024 अब बीती बात हो चुकी है। उस समय जो माहौल बनाया गया था और जिस तरह लोगों को गुमराह किया गया था, आज देश की जनता सच्चाई समझ चुकी है। 2024 के बाद हुए चुनावों पर नजर डालें तो हरियाणा, दिल्ली, महाराष्ट्र, बिहार और हाल ही में पश्चिम बंगाल के चुनावों में यह रुझान साफ दिखाई देता है। पंकज चौधरी ने कहा, “पश्चिम बंगाल में अराजकता, गुंडागर्दी, भ्रष्टाचार और वंशवादी राजनीति थी। वहां की जनता ने किसी न किसी रूप में इसके जिम्मेदार लोगों को सबक सिखाया है। इसी तरह उत्तर प्रदेश में भी लोगों ने पहले ही जातिवादी राजनीति और माफिया राज को खत्म कर दिया था।” अब कैबिनेट और NDA बैठक की 3 तस्वीरें… मोदी देश के सबसे ज्यादा कार्यकाल वाले इलेक्टेड पीएमभारत में सबसे लंबे समय तक प्रधानमंत्री रहने का रिकॉर्ड जवाहरलाल नेहरू के नाम है। वे 15 अगस्त 1947 से 27 मई 1964 तक, यानी करीब 16 साल 286 दिन प्रधानमंत्री रहे। आजादी के बाद जवाहरलाल नेहरू 15 अगस्त 1947 से 13 मई 1952 तक नियुक्त प्रधानमंत्री थे। 1952 के पहले आम चुनाव के बाद वे 13 मई 1952 से 27 मई 1964 तक लगातार निर्वाचित प्रधानमंत्री रहे। इस तरह निर्वाचित प्रधानमंत्री के तौर पर नेहरू का कार्यकाल 4,398 दिनों का था, जिसे नरेंद्र मोदी ने 4,399 दिन पूरे कर पीछे छोड़ दिया। ---------------- यह खबर भी पढ़िए:- सपा सांसद बोले-अखिलेश की बेटी पर गंदे पोस्ट किए गए:पूर्व मंत्री ने कहा- परिवार को निशाना बनाना घटिया राजनीति अखिलेश यादव की 23 साल की बड़ी बेटी अदिति यादव पर सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट से सपाई नाराज हैं। मऊ में घोसी सीट से सपा सांसद राजीव राय ने बुधवार को भाजपा और यूपी पुलिस को घेरा। उन्होंने कहा, राजनीति का सबसे घटिया स्तर और मानसिक विक्षिप्तता की पराकाष्ठा है। पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की बेटी के बारे में सोशल मीडिया पर भद्दे और गंदे पोस्ट किए जा रहे हैं। यूपी पुलिस ने अभी तक कोई कार्रवाई नहीं की है। क्योंकि वो किसी भाजपा नेता की बेटी नहीं है? शर्म करो। पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ के हजरतगंज क्षेत्र में ड्यूटी के दौरान एक महिला सिपाही से अभद्रता और गाली-गलौज का मामला सामने आया है। महिला सिपाही ने PAC के एक जवान पर अपशब्द कहने और धमकाने का आरोप लगाते हुए हजरतगंज थाने में शिकायत दी है। मामले की जांच विशाखा समिति को सौंपी गई है। जानकारी के अनुसार, हजरतगंज कोतवाली में तैनात महिला सिपाही की ड्यूटी मुख्यमंत्री की शांति एवं सुरक्षा व्यवस्था के तहत शिव मंदिर कट के पास लगाई गई थी। वहां PAC का एक जवान भी तैनात था। महिला सिपाही का आरोप है कि तबीयत खराब होने के कारण वह वहां रखी खाली कुर्सी पर बैठ गई। इसी बात को लेकर PAC जवान नाराज हो गया और उसने गाली-गलौज शुरू कर दी। 'भाई दरोगा है जो करना है कर लो' पीड़िता का का आरोप है कि विरोध करने पर जवान ने अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। धौंस देते हुए कहा कि उसका भाई दरोगा है, जो करना है कर लो। आरोप है कि इसके बाद भी वह लगातार अपमानजनक बातें करता रहा। घटना के बाद महिला सिपाही ने हजरतगंज थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। हजरतगंज पुलिस का कहना है कि मामले की जांच विशाखा समिति द्वारा की जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर जिले में नेशनल हाईवे-52 स्थित नैनावद घाटी पर बुधवार शाम तेज रफ्तार अर्टिगा कार और लोडिंग ऑटो रिक्शा के बीच टक्कर हो गई। इस दुर्घटना में ऑटो रिक्शा में सवार दो लोग घायल हो गए। घायलों की पहचान दिनेश पिता गिरधारीलाल और अर्जुन उम्मट के रूप में हुई है, जो दोनों ग्राम गोलवा के निवासी हैं। बताया गया कि वे अपने लोडिंग ऑटो रिक्शा में खाद संबंधी सामग्री लेकर आगर जिले के कानड़ क्षेत्र से अपने गांव गोलवा लौट रहे थे, तभी नैनावद घाटी के पास यह हादसा हुआ। घायलों को अस्पताल भेजा दुर्घटना की सूचना मिलते ही नैनावद पुलिस चौकी का दल तुरंत मौके पर पहुंचा। पुलिस ने घायलों को तत्काल उपचार के लिए जिला अस्पताल शाजापुर भिजवाया। इसके साथ ही, क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क किनारे कर यातायात व्यवस्था को भी सुचारु किया गया। टक्कर इतनी भीषण थी कि अर्टिगा कार का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, जबकि ऑटो रिक्शा को भी नुकसान पहुंचा है। हालांकि, राहत की बात यह रही कि हादसे में कोई जनहानि नहीं हुई। नैनावद पुलिस चौकी ने केस दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है। पुलिस प्रत्यक्षदर्शियों के बयान और वाहन चालकों से पूछताछ के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है।
हिसार की थाना बरवाला पुलिस ने रास्ता रोककर मारपीट, गाली-गलौज करने तथा जान से मारने की धमकी देने के मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी की निशानदेही पर वारदात में इस्तेमाल की गई लोहे का पाइप भी बरामद किया है। थाना बरवाला पुलिस के अनुसार, गांव बयाणाखेड़ा निवासी रामप्रसाद ने 5 जून 2026 को शिकायत दर्ज करवाई थी कि कुछ व्यक्तियों ने उसका रास्ता रोक लिया, उसके साथ अभद्र व्यवहार करते हुए गाली-गलौज की और लोहे की पाइप से हमला कर मारपीट की। आरोपियों ने उसे गंभीर परिणाम भुगतने तथा जान से मारने की धमकी भी दी थी। शिकायत के आधार पर थाना बरवाला में संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। अन्य आरोपियों की भूमिका की जा रही जांच मामले की जांच के दौरान पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों और गुप्त सूचनाओं के आधार पर कार्रवाई करते हुए अशोक निवासी भ्याणा खेड़ा को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने वारदात में अपनी संलिप्तता स्वीकार की, जिसके बाद उसकी निशानदेही पर झगड़े में प्रयुक्त लोहे का पाइप बरामद किया है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि आरोपी को कोर्ट में पेश किया जाएगा। साथ ही मामले में शामिल अन्य पहलुओं और संभावित आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि कानून व्यवस्था भंग करने और आम नागरिकों के साथ हिंसक घटनाओं को अंजाम देने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) के सरसंघचालक मोहन भागवत के शहर आगमन एवं सभा कार्यक्रम को देखते हुए 11 जून को दोपहर 12 बजे से शाम 6 बजे तक यातायात व्यवस्था लागू रहेगी। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में प्रतिभागियों एवं भीड़ के आने की संभावना को देखते हुए ट्रैफिक पुलिस ने कई प्रमुख मार्गों पर डायवर्जन लागू किया है। ये रहेगा ट्रैफिक डायवर्जनकर्बला चौराहा से कंपनीबाग चौराहा की ओर किसी भी वाहन का प्रवेश नहीं होगा। ऐसे वाहन मछुआ रोड और मैनावती मार्ग से होकर अपने गंतव्य तक पहुंच सकेंगे।कंपनीबाग चौराहा से कर्बला चौराहा की ओर वाहनों का आवागमन प्रतिबंधित रहेगा। वाहन चालक रावतपुर, नवाबगंज थाना क्षेत्र एवं चिड़ियाघर मार्ग का उपयोग कर सकेंगे।गंगा बैराज से कर्बला चौराहा की तरफ जाने वाले वाहनों को अनुमति नहीं होगी। ऐसे वाहन एनआरआई सिटी, बनियापुरवा, यश कोठारी एवं मैनावती मार्ग से होकर अपने गंतव्य तक जा सकेंगे।पुलिस ने नागरिकों से की अपीलयातायात पुलिस ने नागरिकों से अपील की है कि वे निर्धारित डायवर्जन व्यवस्था का पालन करें और यात्रा से पहले वैकल्पिक मार्गों की जानकारी अवश्य लें। किसी भी प्रकार की असुविधा या सहायता के लिए हेल्पलाइन नंबर जारी किए गए हैं।महत्वपूर्ण हेल्पलाइन नंबरट्रैफिक कंट्रोल रूम : 9305104340ग्रीन कॉरिडोर सेल : 9454402413लोगो से अपील एम्बुलेंस को दें प्राथमिकतापुलिस प्रशासन ने सभी वाहन चालकों से अनुरोध किया है कि सड़क पर चल रही एम्बुलेंस को प्राथमिकता देते हुए तत्काल रास्ता दें। आपकी सतर्कता, संवेदनशीलता और त्वरित प्रतिक्रिया किसी जरूरतमंद की जान बचाने में अहम भूमिका निभा सकती है।
रायपुर ग्रामीण पुलिस ने अवैध शराब कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे 'ऑपरेशन निश्चय' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। खरोरा थाना क्षेत्र के भैंसा और भंडारपुरी गांवों में की गई छापेमारी में पुलिस ने कुल 100 पौवा देशी मसाला शराब जब्त की है। जब्त शराब की अनुमानित कीमत करीब 10 हजार रुपए बताई गई है। पुलिस को सूचना मिली थी कि ग्राम भैंसा और भंडारपुरी में कुछ लोग अवैध रूप से शराब का संग्रहण कर उसकी बिक्री कर रहे हैं। सूचना को गंभीरता से लेते हुए खरोरा थाना पुलिस ने अलग-अलग स्थानों पर घेराबंदी कर दबिश दी। छापेमारी के दौरान पुलिस को तीन अलग-अलग आरोपियों के कब्जे से बड़ी मात्रा में देशी मसाला शराब मिली। तीन आरोपियों के पास से मिली 100 पौवा शराब पुलिस के अनुसार, भंडारपुरी निवासी प्रेम सागर मनहरे (22) के कब्जे से 32 पौवा, दशरू राम धीवर (39) के पास से 35 पौवा और भैंसा निवासी विजय कुमार सेन (33) के पास से 33 पौवा देशी मसाला शराब बरामद की गई। तीनों आरोपियों के पास से जब्त कुल शराब की मात्रा लगभग 18 लीटर है। दस्तावेज नहीं दिखा सके आरोपी कार्रवाई के दौरान पुलिस ने आरोपियों से शराब रखने और परिवहन करने से संबंधित वैध दस्तावेज प्रस्तुत करने को कहा, लेकिन वे कोई भी वैधानिक कागजात नहीं दिखा सके। इसके बाद पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2) के तहत अपराध दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया। वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में हुई कार्रवाई यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक (ग्रामीण) श्वेता श्रीवास्तव सिन्हा के निर्देश पर की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक प्रशांत शुक्ला के मार्गदर्शन तथा एसडीओपी (विधानसभा) वीरेन्द्र चतुर्वेदी के पर्यवेक्षण में खरोरा थाना पुलिस ने पूरी कार्रवाई को अंजाम दिया। न्यायालय में किया गया पेश गिरफ्तारी के बाद तीनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया गया। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि अवैध शराब के कारोबार के खिलाफ अभियान लगातार जारी रहेगा और इस तरह की गतिविधियों में शामिल लोगों पर सख्त कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ में यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा के आखिरी दिन एक प्रॉक्सी कैंडिडेट दबोचा गया। वह मूल कैंडिडेट के स्थान पर परीक्षा देने आया था। इससे पहले कि वह परीक्षा कक्ष तक पहुंच पाता, उसे दबोच लिया गया। पुलिस की मानें तो आरोपी ने मूल कैंडिडेट के दस्तावेजों में फेरबदल किया हुआ था। मुकदमा दर्ज कराया जा रहा है। यूपी पुलिस कांस्टेबल भर्ती परीक्षा का बुधवार को आखिरी दिन था। गढ़ रोड स्थित राम सहाय इंटर कॉलेज में दूसरी पाली की परीक्षा की तैयारी थी। निर्धारित समय पर कैंडिडेट प्रवेश करने लगे, इसी दौरान एक अभ्यर्थी को शक होने पर रोक लिया गया। उसके दस्तावेजों की जांच कराई गई तो पता चला कि वह किसी अन्य के स्थान पर परीक्षा देने आया था। इसके लिए उसके द्वारा कागजातों में फेरबदल किया गया था। प्रॉक्सी कैंडिडेट के रूप में आयायुवक से पूछताछ की गई तो वह बचने का प्रयास करने लगा। इसके बाद वहां से उसे सीधे नौचंदी थाने भेज दिया गया। यहां पूछताछ में युवक के प्रॉक्सी कैंडिडेट होने का राज खुल गया। उसने अपना नाम संतोष कुमार पुत्र अर्जुन बिंद निवासी गन्नीपुर थाना हिल्सा जनपद नालंदा बिहार बताया। यह भी खुलासा किया कि वह यूपी के जनपद ऐटा में थाना जलेसर के ग्राम बहादुरपुर कासिमपुर निवासी मूल कैंडिडेट चन्द्रपाल सिंह पुत्र विजयवीर सिंह की जगह परीक्षा देने आया था। आधार व एडमिट कार्ड में किया बदलाव छानबीन के दौरान संतोष के सारे दस्तावेज चेक किए गए तो पता चला कि उसने चंद्रपाल के स्थान पर आधार कार्ड और एडमिट कार्ड में फोटो व पता बदलकर परीक्षा देने का प्रयास किया है। उसके सभी दस्तावेज जब्त कर लिए गए। साथ ही उच्चाधिकारियों को अवगत कराया गया। भर्ती बोर्ड को भी भेजी गई सूचनाप्रॉक्सी कैंडिडेट के पकड़े जाने के बाद चेकिंग और सख्त कर दी गई। कुछ ही देर में पुलिस भर्ती परीक्षा के नोडल अधिकारी भी नौचंदी थाने पहुंच गए। उन्होंने आरोपी संतोष से पूछताछ की और उसका पूरा विवरण जुटाकर तत्काल पुलिस भर्ती बोर्ड को उपलब्ध कराया। फ्लाइट से दिल्ली एयरपोर्ट पर उतरा संतोष पुलिस की छानबीन में सामने आया है कि संतोष कुमार बिहार से फ्लाइट की मदद से पहले दिल्ली पहुंचा था। यहां से उसने मेट्रो ली और फिर सराय काले खां से वह रेपिड में सवार हुआ। अपना सेंटर तलाशने के बाद वह गढ़ रोड के एक होटल में ही रुक गया। वहीं से वह परीक्षा देने के लिए केंद्र पर पहुंचा था। 50 हजार रुपये में हुई थी डील अफसरों की मानें तो अभी संतोष कुमार से पूछताछ की जा रही है। शुरुआती छानबीन में पता चला है कि संतोष का डायरेक्ट कैंडिडेट से कोई लिंक नहीं था। कैंडिडेट किसी गिरोह के संपर्क में था। उसी गिरोह ने 50 हजार रुपये में संतोष को चंद्रपाल सिंह की जगह परीक्षा देने के लिए तैयार किया था। अन्य प्रॉक्सी कैंडिडेट की तलाश शुरुपुलिस अधिकारी फिलहाल इस मामले में कुछ ज्यादा बोलने को तैयार नहीं हैं। संभावना जताई जा रही है कि मेरठ या आस पास के केंद्रों पर संतोष के कुछ और साथी भी छिपे हो सकते हैं जो चेकिंग में पकड़ में नहीं आ सके। संतोष को इंटरोगेट किया जा रहा है। कई टीमों को लगाया गया है। गुरुवार को पुलिस इस पूरे मामले का खुलासा करने का दावा कर रही है।
लटियाल मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना:विधायक विश्नोई, एसडीएम चौधरी ने प्रदेश की खुशहाली की कामना की
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कार्यकाल के 12 वर्ष पूरे होने के उपलक्ष्य में, राज्य सरकार के '12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण के' कार्यक्रम के तहत लटियाल माता मंदिर में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान विधायक पब्बाराम विश्नोई और एसडीएम पूजा चौधरी ने विधि-विधान से पूजा कर प्रदेश में सुख, शांति, समृद्धि और आमजन के कल्याण की कामना की। मंदिर के पुजारी भगवती लाल शर्मा और पंडित ताराचंद ने पूजा संपन्न कराई। जिले के विभिन्न मंदिरों में भी इसी तरह के विशेष आयोजन हुए, जहां अतिथियों ने देश और प्रदेश की खुशहाली के लिए प्रार्थना की। इन कार्यक्रमों में अधिकारी, कर्मचारी और आमजन ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। मजन के उत्तम स्वास्थ्य और लोक कल्याण की कामना देवस्थान विभाग द्वारा प्रबंधित और नियंत्रित मंदिरों में बुधवार को विशेष आयोजन किए गए। इस दौरान, अतिथियों ने पूजा-अर्चना करते हुए आमजन के उत्तम स्वास्थ्य और लोक कल्याण की कामना की। इस अवसर पर विधायक पब्बाराम विश्नोई ने केंद्र और राज्य सरकार की जनकल्याणकारी उपलब्धियों का जिक्र किया। उन्होंने आमजन और प्रदेश की खुशहाली की कामना दोहराई। पूरे आयोजन के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार के साथ पूजा-अर्चना और आरती संपन्न हुई।
कुरुक्षेत्र जिले के इस्माइलाबाद में पुरानी रंजिश को लेकर एक युवक पर फायरिंग कर दी। गोली युवक की पीठ में लगी, जिसके बाद उसे गंभीर हालत में प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया। घायल युवक ने करीब 8 महीने पहले हुए पुराने झगड़े में गोली मारने का आरोप लगाया है। घायल की पहचान खेड़ी शहीदां निवासी गुलशन कुमार के रूप में हुई है। गुलशन पिहोवा में डंपर चलाता है। गुलशन का परिवार उसे इलाज के लिए पिहोवा के एक प्राइवेट अस्पताल में लेकर आए। जहां से इलाज के लिए PGI चंडीगढ रेफर कर दिया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी। घटना के बाद आरोपी युवक मौके से फरार हो गया। बस स्टैंड के पास हुई फायरिंग गुलशन ने बताया कि घटना इस्माईलाबाद बस स्टैंड के पास हुई। मैं आज अपना डंपर लेकर पिहोवा से इस्माइलाबाद अपने घर आ रहा था। रास्ते में बस स्टैंड के पास उसने बर्गर खाने के लिए डंपर रोका था। मैं रेहड़ी पर बर्गर खा ही रहा था कि उसके डंपर के पास एक गाड़ी आकर रुकी। उसमें से उतरे मनिंद्र ने उस पर फायरिंग कर दी। पिछले साल हुआ था झगड़ा गुलशन ने बताया कि उसका पिछले साल अक्टूबर में मनिंद्र सिंह के साथ झगड़ा हुआ था। उस विवाद के बाद दोनों पक्षों के बीच तनाव लगातार बना हुआ था। इस मामले में उस पर केस हो गया था, जिसमें उसने करीब 3 महीने तक जेल काटी थी। तभी से आरोपी पक्ष उसे और उसके परिवार को बदला लेने की धमकी दे रहा था। पीठ में लगी गोली आरोपी मनिंद्र पास के ही गांव ठसका मीरांजी का रहने वाला है। फिलहाल इस्माइलाबाद में रह रहा है। घटना के बाद आरोपी अपनी कार में साथियों के साथ फरार हो गया। गुलशन के परिवार का कहना है कि वे पुराने झगढ़े में मनिंद्र सिंह और उसके परिवार से समझौता करने की कोशिश करते रहे, लेकिन आरोपी रंजिश पाले हुए थे। पुलिस जुटी जांच में घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके का निरीक्षण किया और आसपास के लोगों से पूछताछ की। साथ ही घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुटी है।

