उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शनिवार सुबह गाजियाबाद के प्राचीन दूधेश्वर नाथ महादेव मंदिर में विधि-विधान से पूजा-अर्चना की। उन्होंने श्रावण मास के दौरान श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए की गई व्यवस्थाओं का भी जायजा लिया और मंदिर के महंत से चर्चा की। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सुबह मंदिर पहुंचे और भगवान शिव का जलाभिषेक किया। उन्होंने प्रदेश की सुख-समृद्धि और जनकल्याण की कामना करते हुए विशेष पूजा-अर्चना की। पूजा के बाद मुख्यमंत्री ने मंदिर परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने मंदिर प्रशासन और महंत से पेयजल, सुरक्षा, साफ-सफाई, यातायात, चिकित्सा सहायता सहित अन्य आवश्यक सुविधाओं की जानकारी ली। मुख्यमंत्री ने श्रावण मास में लाखों शिवभक्तों के आगमन को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं सुचारु बनाए रखने के निर्देश दिए। मुख्यमंत्री ने मंदिर के महंत से भी मुलाकात की। इस दौरान उन्होंने श्रावण मास में दर्शन-पूजन के लिए आने वाले श्रद्धालुओं की संख्या, उनकी सुविधाओं और मंदिर की धार्मिक परंपराओं पर विस्तार से बातचीत की। उन्होंने यह सुनिश्चित करने पर जोर दिया कि श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर जिला प्रशासन और पुलिस ने व्यापक सुरक्षा इंतजाम किए थे। मंदिर परिसर और आसपास के क्षेत्र में कड़े सुरक्षा प्रबंध किए गए थे, जबकि वरिष्ठ अधिकारी लगातार व्यवस्था की निगरानी कर रहे थे। प्रवेश मार्गों पर सुरक्षा जांच के साथ यातायात व्यवस्था भी सुचारु रखी गई। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शुक्रवार को गाजियाबाद के मुरादनगर पहुंचे थे। वहां उन्होंने स्थानीय विधायक के स्वर्गीय पिता राजपाल त्यागी की प्रतिमा का अनावरण किया और कलेक्ट्रेट सभागार में विकास कार्यों एवं कानून-व्यवस्था की समीक्षा बैठक की थी। रात्रि विश्राम के बाद शनिवार सुबह उन्होंने दूधेश्वर नाथ मंदिर का दौरा किया।
शिवपुरी जिले के कोलारस कस्बे में चोरों ने एक ही रात में दो दुकानों को निशाना बनाकर चोरी की वारदात को अंजाम दिया। बदमाशों ने दुकानों के ताले तोड़कर नकदी के साथ हजारों रुपये का सामान चुरा लिया। दोनों पीड़ितों ने कोलारस थाने में शिकायत दर्ज कराते हुए अज्ञात चोरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। पंचर दुकान से ट्यूब, नकदी और अन्य सामान चोरी पहली वारदात पुराने पुल के पास जगतपुर रोड स्थित एक पंचर दुकान में हुई। दुकान संचालक ईरशाद खान (40) ने बताया कि वह 17 जुलाई की शाम करीब 7 बजे दुकान बंद कर घर गए थे। शनिवार सुबह करीब 8 बजे जब वह अपने साथी रज्जाक के साथ दुकान पहुंचे तो गुमटी का ताला टूटा मिला। दुकान की जांच करने पर करीब 30 मोटरसाइकिल ट्यूब, दो पैकेट राजश्री, सिगरेट के पैकेट और लगभग 700 रुपये नकद गायब मिले। ईरशाद ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। इलेक्ट्रिक स्टॉल से पानी की मोटर और तांबे का तार ले उड़े चोर दूसरी चोरी पुराने पुल के पास स्थित एक इलेक्ट्रिक स्टॉल पर हुई। दुकान संचालक सतीश जाटव (22) ने बताया कि वह पंखे और कूलर की मरम्मत का काम करते हैं तथा ग्राहकों के उपकरण भी दुकान पर रखे रहते हैं। उन्होंने बताया कि शेरपुरा निवासी एक ग्राहक अपनी 2 एचपी की पानी की मोटर मरम्मत के लिए छोड़ गया था। शनिवार सुबह करीब 9:30 बजे दुकान खोलने पहुंचे तो एक ताला टूटा मिला। दुकान से ग्राहक की 2 एचपी की मोटर और करीब 7 किलो तांबे का तार चोरी हो चुका था। पुलिस ने शुरू की जांच दोनों पीड़ितों ने कोलारस थाना पुलिस को अलग-अलग आवेदन देकर चोरी गए सामान की बरामदगी और आरोपियों की गिरफ्तारी की मांग की है। पुलिस का कहना है कि आसपास के क्षेत्र के साक्ष्य जुटाए जा रहे हैं और अज्ञात चोरों की तलाश शुरू कर दी गई है।
विदिशा जिले के लटेरी थाना क्षेत्र में पुरानी रंजिश के चलते दो भाइयों पर धारदार हथियारों से हमला कर दिया गया। सिरोंज-बीना हाईवे स्थित ग्राम पथरिया में सिरोंज चौराहे के पास विरोधी गुट ने जमानत पर जेल से छूटकर घर लौट रहे संजय रघुवंशी और सुनील रघुवंशी को घेर लिया। आरोपियों ने दोनों भाइयों पर फरसे और कुल्हाड़ियों से हमला किया, जिसमें वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश में तीन टीमें लगाई गई हैं। घर पहुंचने से पहले किया हमला जानकारी के अनुसार, संजय रघुवंशी और सुनील रघुवंशी दो दिन पहले हुए एक हमले के मामले में जेल गए थे। शुक्रवार को दोनों भाइयों को जमानत मिली थी और वे जेल से रिहा होकर अपने घर लौट रहे थे। जैसे ही दोनों सिरोंज चौराहे के पास पहुंचे, वहां पहले से मौजूद विरोधी पक्ष के लोगों ने उन्हें रोक लिया। इसके बाद आरोपियों ने दोनों पर फरसे और कुल्हाड़ियों से हमला कर दिया। हाथ-पैरों में लगे गंभीर घाव हमले में संजय रघुवंशी और सुनील रघुवंशी के हाथ-पैरों में धारदार हथियारों के गहरे घाव आए हैं। हमले के कारण दोनों के शरीर से काफी खून बह गया, जिससे उनकी हालत गंभीर हो गई। सूचना मिलने के बाद लटेरी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को पुलिस वाहन से शासकीय अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए दोनों को विदिशा जिला अस्पताल रेफर कर दिया। पुलिस ने शुरू की आरोपियों की तलाश घटना की जानकारी मिलने के बाद पुलिस ने घायलों के बयान दर्ज किए और आरोपियों की पहचान शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, मामले में 8 से 10 संदिग्ध आरोपियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस की तीन टीमें अलग-अलग स्थानों पर दबिश दे रही हैं। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। चाय दुकान के विवाद से शुरू हुई थी रंजिश पुलिस के अनुसार, पूरा विवाद 13 जुलाई की शाम ग्राम पथरिया में चाय की दुकान के पास हुए मामूली विवाद से शुरू हुआ था। आरोप है कि उस दौरान सुनील और संजय रघुवंशी ने संदीप रघुवंशी, उसके चाचा महेंद्र रघुवंशी और हरउद्दीन खां पर कुल्हाड़ी से हमला कर दिया था। इस हमले में तीनों घायल हुए थे। पहले हमले में दोनों भाई गए थे जेल इस मामले में पुलिस ने संजय और सुनील रघुवंशी को गिरफ्तार कर एसडीएम कोर्ट में पेश किया था। जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया था। शुक्रवार को जमानत मिलने के बाद जब दोनों भाई घर लौट रहे थे, तभी विरोधी पक्ष ने उन पर हमला कर दिया। पुलिस इसे आपसी रंजिश और बदले की भावना से जुड़ा मामला मानकर जांच कर रही है। इलाके में तनाव, पुलिस कर रही निगरानी घटना के बाद ग्राम पथरिया और आसपास के क्षेत्र में तनाव का माहौल बन गया है। पुलिस ने स्थिति को देखते हुए मामले पर नजर बनाए रखी है। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
मेरठ कलेक्ट्रेट बवाल मामले में फरार चल रहे आरोपी ऋतिक जाटव उर्फ डिग्गी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस सतर्क हो गई है। पुलिस जिस आरोपी की तलाश में लगातार दबिश दे रही है, उसी के नाम से शनिवार को सोशल मीडिया पर वीडियो और अखबारों की कटिंग साझा की गई हैं। बवाल प्रकरण में नामजद ऋतिक जाटव की गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार संभावित ठिकानों पर छापेमारी कर रही है। इसी बीच, सोशल मीडिया पर यह वीडियो तेजी से फैल गया, जिसे ऋतिक से जोड़कर साझा किया जा रहा है। वीडियो के साथ-साथ उसके नाम से समाचार पत्रों की कटिंग भी पोस्ट की गई हैं। वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस अब इसकी प्रामाणिकता और स्रोत का पता लगाने में जुट गई है। जांच की जा रही है कि यह वीडियो कब और किस स्थान पर रिकॉर्ड किया गया था, तथा इसे किस सोशल मीडिया अकाउंट से अपलोड किया गया है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि वीडियो हाल का है या पुराना। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि वायरल सामग्री की तकनीकी जांच कराई जा रही है। सोशल मीडिया अकाउंट्स की भी गहन पड़ताल की जा रही है, ताकि पोस्ट करने वाले व्यक्ति और उसके स्रोत का पता लगाया जा सके। सीओ सिविल लाइन विश्व ज्योति राय ने कहा कि वायरल वीडियो की अभी तक पुष्टि नहीं हुई है। उन्होंने बताया कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। कलेक्ट्रेट बवाल मामले में फरार अन्य आरोपियों की तलाश भी लगातार जारी है।
विदेशों की स्वच्छता और व्यवस्थाओं की सराहना करने वाले भारतीय अक्सर अपनी ही सांस्कृतिक विरासत को भूल जाते हैं। भारत की मूल परंपरा कभी कचरा पैदा करने की नहीं रही। वर्ष 1970 तक देश में न डंपिंग साइट थीं और न ही कचरा प्रबंधन के लिए बड़े नियम-कायदे, क्योंकि हमारा समाज पुनः उपयोग (री-यूज) और वस्तु विनिमय (बार्टर सिस्टम) की संस्कृति पर आधारित था। यह बात फीडबैक फाउंडेशन के सीईओ अजय सिन्हा ने शनिवार को इंदौर सिटी बस ऑफिस में आयोजित ठोस अपशिष्ट प्रबंधन नियम-2026 के प्रभावी क्रियान्वयन संबंधी विशेष वर्कशॉप में कही। सुप्रीम कोर्ट के निर्देशों के तहत आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने की। सिन्हा ने कहा कि भारतीय समाज में गोबर तक का उपयोग किया जाता रहा है और कचरे को भी पवित्र तथा अपवित्र की अवधारणा से जोड़कर देखा जाता था। ऐसी समृद्ध परंपराओं को स्कूलों के पाठ्यक्रम और कक्षाओं में शामिल किया जाना चाहिए, ताकि नई पीढ़ी स्वच्छता के सांस्कृतिक मूल्यों को समझ सके। उन्होंने कहा कि केवल होर्डिंग, पोस्टर और पेंटिंग लगाने से व्यवहार परिवर्तन नहीं आता। इसके लिए समाज में प्रभावी संवाद, जनभागीदारी और प्रेरक कहानियों की जरूरत होती है। उन्होंने प्रचार-प्रसार पर होने वाले भारी खर्च की समीक्षा करने की भी बात कही। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि वर्ष 1994 में सूरत में प्लेग की घटना के बाद ही शहर ने स्वच्छता के क्षेत्र में उल्लेखनीय बदलाव देखा। अजय सिन्हा ने सुझाव दिया कि जिस तरह आईएएस, आईपीएस और अन्य सेवाओं के अलग-अलग कैडर हैं, उसी प्रकार ठोस अपशिष्ट प्रबंधन के लिए भी एक समर्पित कैडर बनाया जाना चाहिए। उन्होंने कहा कि कई बार केवल समझाइश नहीं, बल्कि कठोर निर्णय और जवाबदेही भी बदलाव के लिए जरूरी होती है। कार्यशाला के दौरान पार्षदों ने भी कचरा प्रबंधन और स्वच्छता व्यवस्था से जुड़े विभिन्न विषयों पर सवाल पूछे, सुझाव लिए और अपने अनुभव साझा किए। महापौर पुष्यमित्र भार्गव ने कहा कि इंदौर तेजी से विकसित हो रहा शहर है और यहां बड़ी संख्या में फ्लोटिंग पॉपुलेशन आती है। ऐसे लोगों के लिए भी अलग दिशा-निर्देश तैयार किए जाने चाहिए, ताकि शहर में आने वाले लोगों को स्थानीय स्वच्छता नियमों, कचरा प्रबंधन व्यवस्था और नागरिक जिम्मेदारियों की जानकारी मिल सके। उन्होंने कहा कि स्वच्छता को जनआंदोलन बनाए रखने के लिए समाज के हर वर्ग की सहभागिता जरूरी है।
नेशनल हाईवे पर कार ने ऑटो को टक्कर मारी:ऑटो पलटने से चालक सहित 6 लोग घायल, लोहिया अस्पताल में भर्ती
फर्रुखाबाद के राजेपुर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह साढ़े दस बजे एक सड़क हादसे में ऑटो चालक सहित छह लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इटावा-बरेली नेशनल हाईवे पर एक तेज रफ्तार कार ने आगे जा रहे ऑटो को पीछे से टक्कर मार दी, जिससे ऑटो अनियंत्रित होकर पलट गया। सभी घायलों को लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। यह घटना शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे हुई। शाहजहांपुर के अल्लाहगंज से यात्रियों को लेकर एक ऑटो फर्रुखाबाद के पांचाल घाट जा रहा था। जब ऑटो राजेपुर थाना क्षेत्र के अंतर्गत गांव गढ़िया के पास पहुंचा, तभी पीछे से आ रही तेज रफ्तार कार ने उसे टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि ऑटो सड़क किनारे पलट गया, जिससे मौके पर चीख-पुकार मच गई। राहगीरों ने तुरंत घटनास्थल पर पहुंचकर घायलों को ऑटो से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर एंबुलेंस मौके पर पहुंची और सभी घायलों को उपचार के लिए लोहिया अस्पताल पहुंचाया। घायलों में कमालगंज थाना क्षेत्र के बसाईकपुर निवासी सुरजीत (डीसीएम चालक, हुल्लापुर से पांचाल घाट आ रहे थे), महमदपुर निवासी 28 वर्षीय बृजेश (जमापुर मोबाइल ठीक कराने आ रहे थे), इसी गांव के 60 वर्षीय राम बहादुर (पांचाल घाट सामान खरीदने आ रहे थे), महमदपुर गढ़िया निवासी राजेश (नेकपुर 84 स्थित बुआ के घर जा रहे थे) और टीला मसेनी निवासी शिवानी (भाभी को हुल्लापुर छोड़कर वापस आ रही थीं) शामिल हैं। ऑटो चालक राजेपुर थाना क्षेत्र के सीडरपुर निवासी 28 वर्षीय अनुज भी घायल हुए हैं। बताया गया कि टक्कर के बाद कार भी अनियंत्रित हो गई और सड़क किनारे लगी रेलिंग से जा टकराई। सभी घायलों का लोहिया अस्पताल में इलाज चल रहा है। इमरजेंसी में अफरा तफरी का रहा माहौल एक साथ बड़ी संख्या में लोहिया अस्पताल की इमरजेंसी में घायल जा पहुंचे। इससे इमरजेंसी में अफरा तफरी का माहौल हो गया। हालांकि ड्यूटी पर तैनात चिकित्सक और फार्मासिस्ट ने व्यवस्था को संभाल। कहीं घायलों का तत्काल प्राथमिक उपचार शुरू किया और वार्ड में शिफ्ट करने की प्रक्रिया भी शुरू हुई।मामले में सीओ अमृतपुर आलोक कुमार सिंह ने बताया हाईवे पर कार और ऑटो की टक्कर हुई थी। घायलों को तत्काल अस्पताल में भर्ती कराया गया। दोनों वाहनों को पुलिस ने कब्जे में लिए है। मामले की जांच की जा रही है।
गोरखपुर के सांसद और एक्टर रवि किशन ने शनिवार को DDU में प्रोफेसर ऑफ प्रैक्टिस के तौर पर ज्वाइन किया। ललित कला विभाग के नादायन हॉल में सुबह 11 बजे से उन्होंने पहली क्लास लिया। इस दौरान स्टूडेंट्स का परिचय जाना। उन्होंने भोजपुरी में कहा कि हमरे क्लास में बदमाशी ना चली, बत्तमीजी ना चली, क्लास में डिसिप्लिन चाही। उन्होंने आगे कहा कि हमेशा पेन और पेपर लेकर बैठना है। मेरी क्लास में फुल अटेंडेंस चाहिए। एक भी बच्चा नहीं आएगा तो ये मुझे पसंद नहीं आएगा। मैं जो भी बोलूंगा पॉइंटर बनाकर उसे नोट करना है। ताकि अगली बार मुझे भी याद दिला सकें। उन्होंने बताया कि अपने क्लास के बच्चों को वे फिजिकल एक्सरसाइज देंगे, संगीत में जरुरी जानकारी देंगे, पेंटिंग के बताएंगे, अलग- अलग तरह के टास्क देंगे। रवि किशन बोले- मेरी क्लासेज अद्भुत होंगी ये वचन देता हूं। कड़क हूं, कड़क सिखाऊंगा। अगर कुछ बनना है तो मेरी क्लास में आओ। ऐसा तरास दूंगा कि पूरे भारत में कोई ऐसे तरास नहीं पाएगा। जिंदगी के सभी रस जो सभी स्ट्रगल है मैं आपमें झोंक दूंगा। क्लास के दौरान कुछ स्टूडेंट्स ने रवि किशन से कुछ सवाल भी पूछें। जिसका उत्तर उन्होंने दिया। एक स्टूडेंट ने पूछा कि राजनीति और फिल्म इंडस्ट्री में किस तरह का चैलेंज फेस करना पड़ा। जवाब देते हुए उन्होंने कहा कि दोनों ही फिल्ड चुनौतियों से भरा है। लेकिन मैंने कभी हार नहीं माना। एक्टर मैं अपने और परिवार के लिए बना और राजनीति लोगों की सेवा करने के लिए ज्वाइन किया।
बिजनौर में चांदपुर रेंज के गांव रुस्तमपुर चक में तेंदुए के हमले की आशंका से ग्रामीणों में दहशत फैल गई है। किसान शूरवीर सिंह सिरोही का पालतू जर्मन शेफर्ड कुत्ता शनिवार सुबह चारे के खेत में मृत मिला। शव क्षत-विक्षत हालत में मिलने के बाद किसान ने आशंका जताई कि तेंदुआ उसे घर के आंगन से उठाकर जंगल की ओर ले गया और शिकार बना लिया। घटना की सूचना मिलते ही क्षेत्र में भय का माहौल बन गया। किसान शूरवीर सिंह ने बताया कि उनका घर जंगल के समीप है और जर्मन शेफर्ड नस्ल की मादा कुत्ता हमेशा घर के आंगन में रहती थी। शुक्रवार सुबह करीब चार बजे वह अचानक लापता हो गई। परिवार ने काफी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चला। शनिवार सुबह किसान जब चारे के खेत में पहुंचे तो वहां कुत्ते का क्षत-विक्षत शव पड़ा मिला। वन विभाग से तेंदुए को पकड़ने की मांग घटना के बाद किसान ने वन विभाग को सूचना देकर तेंदुए को जल्द पकड़ने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि आबादी के करीब तेंदुए की मौजूदगी लोगों और पालतू पशुओं के लिए बड़ा खतरा बनती जा रही है। उन्होंने क्षेत्र में वन विभाग की गश्त बढ़ाने और प्रभावी कार्रवाई करने की मांग की है। रेंजर बोले- टीम भेजकर कराई जा रही जांच चांदपुर रेंज के वन रेंजर दुष्यंत सिंह ने बताया कि किसान की सूचना प्राप्त हुई है। मामले की जांच के लिए वन विभाग की टीम को मौके पर भेजा गया है। टीम घटनास्थल का निरीक्षण कर रही है और जांच के बाद आगे की आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
गोरखपुर में लगातार हुई मूसलाधार बारिश ने शनिवार को शहर के सबसे बड़े व्यावसायिक केंद्रों में शामिल राप्ती कॉम्प्लेक्स के व्यापारियों की वर्षों की मेहनत पर पानी फेर दिया। देर रात कॉम्प्लेक्स के सामने बना नाला अचानक टूट गया, जिसके बाद तेज बहाव के साथ गंदा पानी ग्राउंड फ्लोर की सभी करीब 200 दुकानों और गोदामों में घुस गया। कुछ ही देर में पूरा ग्राउंड फ्लोर कई फीट पानी में डूब गया। दुकानों में रखा कपड़ा, गिफ्ट आइटम, ज्वेलरी, इलेक्ट्रॉनिक सामान, फर्नीचर, स्टेशनरी सहित लाखों नहीं बल्कि करोड़ों रुपये का सामान पानी में डूबकर खराब हो गया। सुबह तक पूरा कॉम्प्लेक्स जलमग्न रहा और व्यापारियों में अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। 200 दुकानें पानी में डूबी राप्ती कॉम्प्लेक्स दो मंजिला व्यावसायिक परिसर है, जहां करीब 400 दुकानें और गोदाम संचालित हैं। हादसे का सबसे ज्यादा असर ग्राउंड फ्लोर पर पड़ा, जहां मौजूद सभी दुकानों में गंदा पानी भर गया। कई दुकानों के शटर खोलते ही अंदर पानी ही पानी दिखाई दिया। कहीं कपड़े पानी में तैर रहे थे तो कहीं गिफ्ट आइटम और लकड़ी के सामान पूरी तरह भीग चुके थे। कई व्यापारी सुबह से ही कमर तक गंदे पानी में उतरकर अपनी दुकानों से सामान निकालते नजर आए। पूरे दिन व्यापार ठप रहा और कॉम्प्लेक्स में केवल नुकसान का मंजर दिखाई देता रहा। नाले में कचरा बना तबाही की सबसे बड़ी वजह दुकानदारों का कहना है कि यह केवल प्राकृतिक आपदा नहीं बल्कि नगर निगम की लापरवाही का नतीजा है। उनका आरोप है कि कॉम्प्लेक्स के सामने बना नाला लंबे समय से कूड़े-कचरे से पटा हुआ था। सड़क किनारे लगने वाले सब्जी, फल और अन्य ठेला संचालक रोजाना अपना कचरा उसी नाले में फेंक देते हैं। नियमित सफाई नहीं होने से नाले में कई जगह पानी का निकास पूरी तरह बाधित हो गया था। लगातार बारिश के दौरान जब पानी का दबाव बढ़ा तो नाला टूट गया और उसका पूरा पानी सीधे कॉम्प्लेक्स के अंदर घुस गया। व्यापारियों का कहना है कि यदि समय रहते नाले की सफाई कर दी जाती और कचरा हटाया जाता तो शायद यह हादसा नहीं होता। उनका आरोप है कि इस समस्या की जानकारी नगर निगम को पहले से थी, लेकिन कोई प्रभावी कदम नहीं उठाया गया। कई बार शिकायत के बावजूद नहीं हुई कार्रवाई राप्ती कॉम्प्लेक्स व्यापार समिति के अध्यक्ष विनोद प्रताप गोविंद राव ने बताया कि कॉम्प्लेक्स के सामने बने नाले का निकास काफी समय से प्रभावित था। नाले में जमा कचरे के कारण पानी आगे नहीं बढ़ पा रहा था। लगातार बारिश के दौरान पानी का दबाव इतना बढ़ गया कि नाला टूट गया और पूरा पानी कॉम्प्लेक्स में भर गया। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों से शिकायत की गई थी और स्थायी समाधान की मांग भी की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। अगर समय रहते नाले की सफाई और मरम्मत कर दी जाती तो आज व्यापारियों को करोड़ों रुपये का नुकसान नहीं उठाना पड़ता। राखी के लिए आया नया स्टॉक भी नहीं बच पाया कपड़ा व्यापारी अभिषेक गुप्ता ने बताया कि रक्षाबंधन का त्योहार नजदीक होने के कारण उन्होंने दो दिन पहले ही 75 हजार रुपये से अधिक का नया स्टॉक मंगाया था। बारिश की संभावना को देखते हुए उन्होंने अधिकांश सामान ऊंचाई पर रखवा दिया था ताकि यदि थोड़ा बहुत पानी भर भी जाए तो नुकसान न हो। लेकिन इस बार पानी इतनी तेजी और इतनी ऊंचाई तक भर गया कि पूरा नया स्टॉक भी भीगकर खराब हो गया। उन्होंने कहा कि त्योहारी सीजन से पहले हुआ यह नुकसान उनके कारोबार पर सीधा असर डालेगा और इसकी भरपाई कर पाना आसान नहीं होगा। पेंटिंग, फ्रेम और इलेक्ट्रॉनिक गिफ्ट आइटम हुए खराब गिफ्ट शॉप संचालक राज उत्सव ने बताया कि उनकी दुकान में महंगी पेंटिंग, लकड़ी के फ्रेम और इलेक्ट्रॉनिक गिफ्ट आइटम रखे थे। पानी भरने से पेंटिंग पूरी तरह खराब हो गईं। लकड़ी के फ्रेम पानी में भीगकर फूल गए, जबकि इलेक्ट्रॉनिक सामान भी खराब हो गया। उन्होंने गंदे पानी में उतरकर किसी तरह बचा हुआ सामान बाहर निकाला। राज उत्सव के अनुसार उनकी दुकान में ही करीब 60 से 65 हजार रुपये का नुकसान हुआ है। उनका कहना है कि त्योहारी सीजन से पहले हुआ यह नुकसान छोटे व्यापारियों के लिए किसी बड़े झटके से कम नहीं है। इस बार हालात सबसे ज्यादा खराब श्याम कलेक्शन के संचालक दुर्गेश कश्यप ने बताया कि हर वर्ष भारी बारिश के दौरान कॉम्प्लेक्स में पानी भरने की समस्या रहती है, लेकिन इस बार नाला टूटने के कारण स्थिति पूरी तरह बेकाबू हो गई। कुछ ही मिनटों में पूरी दुकान पानी में डूब गई। उन्होंने कहा कि इस समस्या को लेकर कई बार नगर निगम के अधिकारियों और मेयर से मुलाकात कर शिकायत की गई, लेकिन कोई स्थायी समाधान नहीं निकाला गया। यदि पहले ही उचित व्यवस्था कर दी जाती तो व्यापारियों को इतनी बड़ी आर्थिक क्षति नहीं झेलनी पड़ती। गंदे पानी में उतरकर बचाया ज्वेलरी का सामान ज्वेलरी व्यापारी हरिओम वर्मा ने बताया कि देर रात उन्हें सूचना मिली कि नाला टूट गया है और तेजी से उनकी दुकान में पानी भर रहा है। सूचना मिलते ही वह घर से तुरंत कॉम्प्लेक्स पहुंचे। वहां पहुंचने पर दुकान के अंदर गंदा पानी भरा हुआ था। उन्होंने कर्मचारियों के साथ मिलकर पानी में उतरकर अपनी दुकान का कीमती सामान बाहर निकाला। उन्होंने कहा कि यदि थोड़ी भी देर हो जाती तो नुकसान और अधिक हो सकता था। नगर निगम ने शुरू कराया पानी निकासी का काम घटना की सूचना मिलने के बाद नगर निगम की टीम मौके पर पहुंची और मोटर लगाकर पानी निकालने का काम शुरू किया। कर्मचारियों ने बताया कि कॉम्प्लेक्स में भरे पानी को पूरी तरह निकालने में करीब छह से सात घंटे का समय लग सकता है। साथ ही नाले में जमा कचरे को हटाने का काम भी शुरू कराया गया। पूरे दिन बंद रहा राप्ती कॉम्प्लेक्स पानी भरने के कारण शनिवार को पूरा राप्ती कॉम्प्लेक्स बंद रहा। किसी भी दुकान पर कारोबार नहीं हो सका। व्यापारी अपनी दुकानों के बाहर खड़े होकर पानी निकलने का इंतजार करते रहे, जबकि कई लोग भीगा हुआ सामान बाहर निकालकर धूप में सुखाने और नुकसान का आकलन करने में जुटे रहे। पूरे परिसर में चारों ओर कीचड़, बदबू और बर्बाद सामान का ढेर दिखाई देता रहा। व्यापारियों ने प्रशासन और नगर निगम से पूरे मामले की जांच कराने, नुकसान का सर्वे कराकर उचित मुआवजा देने और कॉम्प्लेक्स के सामने बने नाले की स्थायी मरम्मत कराने की मांग की है। उनका कहना है कि यदि जल्द स्थायी समाधान नहीं किया गया तो हर बारिश में यही हालात दोहराए जाएंगे और व्यापारियों को बार-बार लाखों-करोड़ों रुपये का नुकसान उठाना पड़ेगा। उनका कहना है कि यह केवल बारिश से हुई घटना नहीं, बल्कि वर्षों से चली आ रही लापरवाही का परिणाम है, जिसकी कीमत आज सैकड़ों व्यापारियों को चुकानी पड़ रही है।
ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन के महानगर अध्यक्ष मुख्तार अहमद अंसारी के नेतृत्व में पार्टी कार्यकर्ताओं ने सोमवार को दोपहर 1 बजे जिला मुख्यालय पहुंचकर उत्तर प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से सौंपा। ज्ञापन में रामपुर स्थित मौलाना मोहम्मद अली जौहर विश्वविद्यालय के 48 भवनों को ध्वस्त किए जाने संबंधी रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा जारी नोटिस को तत्काल वापस लेने की मांग की गई। जनता के सहयोग से बना जौहर विश्वविद्यालय मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा - जौहर विश्वविद्यालय एक महत्वपूर्ण शैक्षणिक संस्थान है, जिसकी स्थापना सरकारी अनुदान और आम जनता के सहयोग से हुई है। उन्होंने कहा कि इस विश्वविद्यालय में सभी धर्मों, वर्गों और समुदायों के हजारों छात्र-छात्राएं शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं तथा बड़ी संख्या में शिक्षक और कर्मचारी कार्यरत हैं। ऐसे में विश्वविद्यालय के भवनों को अवैध बताते हुए उन्हें गिराने की कार्रवाई शिक्षा व्यवस्था पर प्रतिकूल प्रभाव डालेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि रामपुर विकास प्राधिकरण द्वारा 48 भवनों को अवैध बताकर जारी किया गया नोटिस विधिसम्मत नहीं है। उनका कहना था कि जिस समय विश्वविद्यालय की स्थापना और भवनों का निर्माण हुआ, उस समय संबंधित क्षेत्र विकास प्राधिकरण के अधिकार क्षेत्र में नहीं था। ऐसे में वर्षों बाद भवनों को अवैध बताकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई करना न्यायसंगत नहीं कहा जा सकता। राज्य सरकार से मांग की कि जौहर विश्वविद्यालय को संरक्षण प्रदान किया जाये मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा - वर्ष 1973 में उत्तर प्रदेश में विकास प्राधिकरणों की स्थापना के बाद प्रदेश में अनेक विश्वविद्यालय, महाविद्यालय और शैक्षणिक संस्थान बने हैं। यदि भवन निर्माण के लिए नक्शा अथवा अन्य स्वीकृतियां आवश्यक थीं तो सरकार को प्रदेश के सभी शैक्षणिक संस्थानों के संबंध में समान नीति अपनानी चाहिए। उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि प्रदेश के अन्य विश्वविद्यालयों और कॉलेजों के निर्माण की भी निष्पक्ष समीक्षा की जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि विश्वविद्यालय के किसी भवन के निर्माण में तकनीकी या प्रशासनिक स्तर पर कोई कमी है तो सरकार को उसे ध्वस्त करने के बजाय नियमानुसार समाधान निकालना चाहिए, क्योंकि यह शिक्षा का केंद्र है और यहां हजारों विद्यार्थियों का भविष्य जुड़ा हुआ है। उन्होंने राज्य सरकार से मांग की कि जौहर विश्वविद्यालय को संरक्षण प्रदान किया जाए तथा वहां बेहतर शैक्षणिक व्यवस्था के लिए आवश्यक सहयोग और अनुदान उपलब्ध कराया जाए। एआईएमआईएम पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को उठाएगी आगे की रणनीति के संबंध में पूछे जाने पर मुख्तार अहमद अंसारी ने कहा कि एआईएमआईएम पूरे प्रदेश में लोकतांत्रिक एवं शांतिपूर्ण तरीके से इस मुद्दे को उठाएगी। उन्होंने कहा कि पार्टी अध्यक्ष बैरिस्टर असदुद्दीन ओवैसी तथा प्रदेश नेतृत्व के निर्देशन में उत्तर प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर जनजागरण अभियान, ज्ञापन और शांतिपूर्ण धरना-प्रदर्शन आयोजित किए जाएंगे। यदि मांगों पर विचार नहीं किया गया तो संविधान और कानून द्वारा प्रदत्त लोकतांत्रिक अधिकारों के तहत आंदोलन को आगे बढ़ाया जाएगा।
फतेहपुर में सोशल मीडिया पर की गई टिप्पणी को लेकर रंजिश में एक घर पर फायरिंग करने के आरोप में दो युवकों को गिरफ्तार किया गया है। थाना कोतवाली पुलिस ने शुक्रवार-शनिवार की दरमियानी रात करीब 1 बजे इन आरोपियों को पकड़ा। पुलिस ने उनके पास से अवैध तमंचा, कारतूस और घटना में इस्तेमाल की गई स्कूटी बरामद की है। कोतवाली प्रभारी हेमंत कुमार मिश्रा ने बताया कि खलील नगर निवासी शाहिद अली (41 वर्ष) पुत्र स्व. मोहम्मद अली ने थाना कोतवाली में तहरीर दी थी। उन्होंने बताया था कि दो अज्ञात लोगों ने उनके घर की तरफ निशाना साधकर फायर किया है। इस शिकायत के आधार पर थाना कोतवाली में मु0अ0सं0 293/2026 धारा 125 BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान पुलिस ने दो अभियुक्तों, राहिल हसन (20 वर्ष) पुत्र स्व. आबिद हसन और मोहम्मद अजीम (22 वर्ष) पुत्र निहाल अहमद, दोनों निवासी 333 उत्तरी खेलदार, थाना कोतवाली को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि अर्सलान ने राहिल हसन और उसके साथियों के खिलाफ पहले एक मुकदमा दर्ज कराया था। उस मुकदमे से जुड़ी खबरें सोशल मीडिया पर वायरल हुई थीं, जिस पर अर्सलान और उसके साथी टिप्पणियां कर रहे थे। इसी बात से नाराज होकर आरोपियों ने बदले की भावना से अर्सलान और उसके साथियों में भय पैदा करने की साजिश रची। योजना के तहत, अजीम ने अरीब हसनी से स्कूटी (UP71BH4432) मांगी। इसके बाद दोनों शाहिद अली के मकान पर पहुंचे, जहां अर्सलान किराएदार के रूप में रहता है। अजीम स्कूटी चला रहा था, जबकि पीछे बैठे राहिल हसन ने तमंचे से फायर किया था। पुलिस ने आरोपियों के कब्जे से एक अवैध तमंचा 315 बोर, एक जिंदा कारतूस 315 बोर, एक खोखा कारतूस 315 बोर और घटना में प्रयुक्त स्कूटी बरामद की। बरामदगी के आधार पर मुकदमे में धारा 3/25 आर्म्स एक्ट और 27(1) आर्म्स एक्ट की बढ़ोतरी की गई है। दोनों आरोपी पहले से आपराधिक प्रवृत्ति के हैं। उनके खिलाफ थाना कोतवाली में BNS और आर्म्स एक्ट की धाराओं में पहले से भी मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्तार किए गए दोनों आरोपियों को जेल भेजने की कार्यवाही की गई है।
मेरठ में खटीक संघ ने सोनम वांगचुक के समर्थन में जिलाधिकारी कार्यालय पर प्रदर्शन किया। संघ ने दिल्ली पुलिस द्वारा सोनम वांगचुक को कथित हिरासत में लिए जाने को लोकतंत्र की हत्या बताया। उन्होंने प्रशासनिक अधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा। खटीक संघ के सदस्यों ने बताया कि सोनम वांगचुक दिल्ली के जंतर मंतर पर अपनी भूख हड़ताल के 10वें दिन कथित तौर पर दिल्ली पुलिस की हिरासत में लिए गए। संघ का आरोप है कि यह कार्रवाई लोकतंत्र की मर्यादा और अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता का हनन है। उन्होंने कहा कि धरना स्थल पर सब कुछ शांतिपूर्ण ढंग से चल रहा था, और संघ ने इसे दिल्ली पुलिस की मनमानी बताया। खटीक संघ के जिलाध्यक्ष एडवोकेट उमाशंकर के नेतृत्व में कार्यकर्ता जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचे। ज्ञापन में केंद्र सरकार से इस मामले में हस्तक्षेप करने और सोनम वांगचुक को तत्काल दिल्ली पुलिस की कथित हिरासत से मुक्त करने की मांग की गई। संघ ने सरकार से आंदोलनकारियों के साथ संवाद और वार्ता शुरू करने का भी आग्रह किया। इस दौरान जीतू सिंह नागपाल, हरप्रीत सिंह आहूजा, शुभनीश खटीक, ओम प्रकाश खटीक, रवि खटीक, सचिन खटीक, अजय, अनिल, अजय बिल्टोरिय, इमरान समेत कार्यकर्त्ता मौजूद रहे।
उन्नाव की पोनी रोड पर अतिक्रमण हटाना शुरू:सड़क चौड़ीकरण के लिए भारी पुलिस बल तैनात, काम तेज
उन्नाव के गंगाघाट क्षेत्र की पोनी रोड पर सड़क चौड़ीकरण के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शनिवार को शुरू हुई। भारी पुलिस बल की मौजूदगी में बुलडोजर की मदद से सड़क की जद में आ रहे मकानों और अन्य निर्माणों को हटाया गया। यह कार्रवाई शुक्रवार को स्थानीय लोगों के विरोध के कारण रोकनी पड़ी थी। हालांकि, शनिवार को सुरक्षा व्यवस्था के बीच लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) की टीम ने अभियान को आगे बढ़ाया। पोनी रोड के चौड़ीकरण को लेकर बीते रविवार को हुई बैठक में नौ मीटर के बजाय आठ मीटर चौड़ी सड़क बनाने पर सहमति बनी थी। इसी निर्णय के अनुपालन में शुक्रवार सुबह करीब साढ़े नौ बजे पीडब्ल्यूडी के जूनियर इंजीनियर नवीन मंत्रा जेसीबी मशीन और अन्य कर्मचारियों के साथ अतिक्रमण हटाने पहुंचे थे। जैसे ही टीम ने कार्रवाई शुरू करने की तैयारी की, बड़ी संख्या में स्थानीय लोग मौके पर पहुंच गए और विरोध प्रदर्शन करने लगे। पीडब्ल्यूडी के जेई नवीन मंत्रा ने आरोप लगाया था कि कुछ लोगों ने सरकारी कार्य में बाधा डालते हुए टीम के साथ गाली-गलौज और अभद्रता की। इसके बाद कार्रवाई स्थगित करनी पड़ी और पुलिस को घटना की सूचना दी गई। प्रशासन ने शनिवार को व्यापक सुरक्षा व्यवस्था के साथ अभियान चलाने की तैयारी की। सुबह करीब 11 बजे पीडब्ल्यूडी की टीम बुलडोजर और अन्य संसाधनों के साथ दोबारा मौके पर पहुंची। इस दौरान बड़ी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा ताकि किसी प्रकार की अप्रिय स्थिति उत्पन्न न हो। पुलिस की निगरानी में सड़क चौड़ीकरण की जद में आ रहे निर्माणों को हटाने की कार्रवाई शुरू की गई। अधिकारियों ने बताया कि सड़क चौड़ीकरण का उद्देश्य क्षेत्र में यातायात व्यवस्था को सुगम बनाना और लंबे समय से चली आ रही जाम की समस्या का समाधान करना है। कार्रवाई के दौरान राजस्व और पीडब्ल्यूडी के अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और पूरे अभियान की निगरानी करते रहे। प्रशासन ने कहा है कि यह परियोजना जनहित से जुड़ी है और इसे निर्धारित मानकों के अनुसार पूरा कराया जाएगा। वहीं, स्थानीय लोगों से भी शांति बनाए रखने और प्रशासनिक कार्रवाई में सहयोग करने की अपील की गई है। अधिकारियों के अनुसार, आवश्यकता पड़ने पर आगामी दिनों में भी अतिक्रमण हटाने का अभियान जारी रहेगा।
आगरा में व्यापारियों की बैठक, पुलिस गश्त की मांग:बाजार में साफ-सफाई, अतिक्रमण हटाने पर भी चर्चा
उत्तर प्रदेश उद्योग व्यापार प्रतिनिधि मंडल ने शनिवार सुबह अकोला के जगनेर रोड स्थित कस्बा अकोला में व्यापारियों की समस्याओं पर एक बैठक आयोजित की। यह बैठक जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा और अकोला इकाई के अध्यक्ष विष्णु अग्रवाल के नेतृत्व में हुई। इस बैठक में थाना कागारोल प्रभारी अंकुर राठी अपनी पुलिस टीम के साथ और ग्राम पंचायत अकोला के प्रधान प्रतिनिधि डॉ. गंभीर सिंह मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। बैठक के दौरान व्यापारियों ने कस्बे में नियमित पुलिस गश्त, बाजार की साफ-सफाई, प्रमुख चौराहों पर सीसीटीवी कैमरे लगाने, बंदरों के आतंक से निजात दिलाने और अतिक्रमण हटाने जैसी प्रमुख मांगें उठाईं। थाना प्रभारी अंकुर राठी ने व्यापारियों से दुकानों के बाहर सामान न रखने की अपील की। उन्होंने कहा कि सभी के सहयोग से अतिक्रमण की समस्या का समाधान संभव है। राठी ने नियमित पुलिस गश्त का भी आश्वासन दिया। प्रधान प्रतिनिधि डॉ. गंभीर सिंह ने बाजार में साफ-सफाई व्यवस्था सुधारने, दुकानों पर डस्टबिन रखने और सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगाने का आग्रह किया। उन्होंने बंदरों की समस्या के समाधान के लिए भी शीघ्र कार्रवाई का भरोसा दिलाया। मुख्य अतिथि एवं व्यापार मंडल के जिला अध्यक्ष अनिल शर्मा ने आश्वासन दिया कि व्यापारियों की सभी जायज समस्याओं का प्राथमिकता के आधार पर समाधान किया जाएगा। उन्होंने कहा कि किसी भी व्यापारी के हितों से समझौता नहीं होगा। बैठक में राजपाल सिंघल, मनीराम वैश्य, ब्रजेंद्र वर्मा, किशनलाल सिंघल, प्रवेश साहू, गर्वित सिंघल, वीरेंद्र कांत, कमलेश चौधरी, पवन कुमार, मोहित अग्रवाल, सतीश कुमार, पुष्पा शर्मा सहित व्यापार मंडल के पदाधिकारी और बड़ी संख्या में व्यापारी उपस्थित रहे।
खैरथल-तिजारा में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के अध्यक्ष एवं जिला एवं सत्र न्यायाधीश शैलेंद्र व्यास के निर्देश पर शनिवार को कृषि कॉलेज, बासकृपालनगर में एक पौधरोपण कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम का मुख्य उद्देश्य पर्यावरण संरक्षण के प्रति जन जागरूकता बढ़ाना और अधिक से अधिक पौधे लगाकर हरित एवं स्वच्छ वातावरण का संदेश देना था। पर्यावरण संरक्षण को बताया नागरिकों की जिम्मेदारी कार्यक्रम का शुभारंभ मुख्य अतिथि जिला विधिक सेवा प्राधिकरण खैरथल-तिजारा के अध्यक्ष शैलेंद्र व्यास ने पौधरोपण कर किया। उन्होंने अपने संबोधन में कहा कि वर्तमान समय में पर्यावरण संरक्षण प्रत्येक नागरिक की जिम्मेदारी है। उन्होंने बढ़ते प्रदूषण और जलवायु परिवर्तन की चुनौतियों से निपटने के लिए अधिक से अधिक वृक्ष लगाने और उनकी नियमित देखभाल करने की आवश्यकता पर जोर दिया। व्यास ने उपस्थित लोगों से केवल पौधे लगाने तक सीमित न रहकर उनके संरक्षण का भी संकल्प लेने का आह्वान किया। सुरक्षित भविष्य के लिए बताया कदम इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव एवं अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश अजीत कुड़ी ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक अभियान नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के सुरक्षित भविष्य की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। न्यायिक अधिकारियों ने पर्यावरण संरक्षण को एक सामाजिक दायित्व बताते हुए सभी से इस अभियान में सक्रिय भागीदारी निभाने की अपील की। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट सीमा कुमारी, अतिरिक्त मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट संख्या-01 डॉ. सुरभि सिंह, सिविल न्यायाधीश खुशबू कंवरिया, कृषि महाविद्यालय बास कृपाल नगर के अधिष्ठाता डॉ. एम.पी. यादव, क्षेत्रीय वन अधिकारी किशनगढ़ बास सतीश नरूका, बार एसोसिएशन अध्यक्ष राकेश तिवाड़ी, सचिव रविंद्र तक्षक, लीगल एंड डिफेंस काउंसिल के एडवोकेट रामनिवास, एडवोकेट अर्पित शर्मा तथा एडवोकेट चंद्रवीर सिंह सहित कई न्यायिक अधिकारी, अधिवक्ता, महाविद्यालय के अधिकारी-कर्मचारी और पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) उपस्थित रहे। इन सभी ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित सभी लोगों ने पौधों की नियमित देखभाल करने तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए निरंतर वृक्षारोपण करने का संकल्प लिया। यह आयोजन हरित एवं स्वच्छ पर्यावरण के निर्माण के सामूहिक संदेश के साथ संपन्न हुआ।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग (UPPSC) ने प्राविधिक शिक्षा विभाग में विभिन्न विषयों के व्याख्याता पदों पर भर्ती का परिणाम शुक्रवार शाम को जारी कर दिया है। कुल 26 रिक्त पदों के लिए आयोजित लिखित परीक्षा में 228 अभ्यर्थी शामिल हुए थे, जिनमें से 67 उम्मीदवारों को साक्षात्कार के लिए सफल घोषित किया गया है। इस भर्ती का विज्ञापन आयोग द्वारा 15 सितंबर 2021 को जारी किया गया था। इसमें व्याख्याता टेक्सटाइल केमिस्ट्री के तीन पद, टेक्सटाइल इंजीनियरिंग के छह पद, पेंट टेक्नोलॉजी के 11 पद और लेदर टेक्नोलॉजी के छह पद सहित कुल 26 पद शामिल हैं। इन पदों के लिए लिखित परीक्षा 26 नवंबर 2025 को आयोजित की गई थी, जिसके परिणाम अब घोषित किए गए हैं। आयोग के सचिव गिरिजेश कुमार त्यागी ने बताया कि 228 अभ्यर्थियों में से 67 को 26 पदों के सापेक्ष साक्षात्कार के लिए योग्य पाया गया है। साक्षात्कार कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी आयोग की आधिकारिक वेबसाइट पर जल्द ही उपलब्ध कराई जाएगी। अभ्यर्थियों को सलाह दी गई है कि वे नवीनतम अपडेट के लिए आयोग की वेबसाइट http://uppsc.up.nic.in का नियमित रूप से अवलोकन करते रहें।
यूपी टी-20 लीग मिनी ऑक्शन:24 जुलाई को आगरा में होगा, 45 नए खिलाड़ियों पर छह फ्रेंचाइजी लगाएंगी बोली
यूपी टी-20 लीग के चौथे सीजन के लिए 'मिनी ऑक्शन' का रास्ता साफ हो गया है। आगामी 24 जुलाई को आगरा के आलीशान होटल ताज में इस नीलामी का भव्य आयोजन किया जाएगा। इस ऑक्शन में प्रदेश के सभी 75 जिलों से आए उन उभरते हुए खिलाड़ियों की किस्मत का फैसला होगा, जिन्होंने ट्रायल के दौरान मैदान पर अपना सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन किया है। इस बार कुल 45 नए खिलाड़ियों को लीग में शामिल किया जाएगा, जिन पर छह बड़ी फ्रेंचाइजी टीमें करोड़ों की बोली लगाकर अपनी टीम में शामिल करेंगी। खिलाड़ियों को रिटेन करने की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब सभी फ्रेंचाइजियों की नजरें इस मिनी ऑक्शन पर टिकी हैं। कानपुर और नोएडा को सबसे ज्यादा फायदा नीलामी के इस महाकुंभ में प्रदेश की छह प्रमुख फ्रेंचाइजी टीमे कानपुर सुपरस्टार्स, नोएडा सुपर किंग्स, लखनऊ फाल्कंस, मेरठ मैवेरिक्स, काशी रुद्रास और गोरखपुर लायंस हिस्सा लेंगी। चौथे सीजन के लिए गवर्निंग काउंसिल ने प्रत्येक फ्रेंचाइजी की 'पर्स वैल्यू' 1.25 करोड़ रुपये निर्धारित की है। इस बार के समीकरणों को देखें तो कानपुर सुपरस्टार्स और नोएडा सुपर किंग्स के पास सबसे ज्यादा नए खिलाड़ी खरीदने का सुनहरा मौका रहेगा। ट्रायल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो इस बार कानपुर, नोएडा, वाराणसी, आगरा, मेरठ, लखनऊ, प्रयागराज और गाजियाबाद जैसे बड़े जिलों से सबसे अधिक खिलाड़ियों के चुने जाने की उम्मीद है। आईपीएल की तर्ज पर हाईटेक होगी नीलामी लीग के चेयरमैन डॉ. संजय कपूर ने शनिवार बताया कि इस मिनी ऑक्शन को बेहद भव्य और पेशेवर तरीके से आयोजित करने की तैयारी है। इसका पूरा ढर्रा इंडियन प्रीमियर लीग में होने वाले ऑक्शन की तरह ही हाईटेक रखा गया है। मुख्य ऑक्शन हॉल में सभी छह फ्रेंचाइजी के मालिकों और मैनेजमेंट की टीमें बैठेंगी। उनके सामने बड़ी स्क्रीन्स पर नीलामी सूची में शामिल खिलाड़ियों के पिछले प्रदर्शन और उनके आंकड़े दिखाए जाएंगे ताकि वे सही खिलाड़ी पर दांव लगा सकें। इस खास आयोजन में देश के कई पूर्व दिग्गज क्रिकेटरों के भी शामिल होने की उम्मीद है, जो फ्रेंचाइजियों को बेहतर खिलाड़ी चुनने में मदद करेंगे। 14 अगस्त से मचेगा रोमांच, लखनऊ और कानपुर करेंगे मेजबानी यह पूरी कसरत 14 अगस्त से शुरू हो रहे क्रिकेट के रोमांच को दोगुना करने के लिए की जा रही है। पहली बार इस टी-20 लीग की मेजबानी संयुक्त रूप से लखनऊ और कानपुर को मिली है। शेड्यूल के मुताबिक, टूर्नामेंट के शुरुआती 22 मुकाबले लखनऊ के इकाना स्टेडियम में खेले जाएंगे, जबकि आखिरी दौर के सबसे रोमांचक और नॉकआउट मुकाबलों सहित कुल 12 मैचों की मेजबानी कानपुर का ऐतिहासिक ग्रीन पार्क स्टेडियम करेगा। 24 जुलाई को होने वाली यह नीलामी यूपी के गली-कूचों से निकले क्रिकेटरों को सीधे बड़े मंच पर चमकने का मौका देने वाली है।
हनुमानगढ़ जिले के नव नियुक्त पुलिस अधीक्षक बी. आदित्य ने शनिवार को पदभार ग्रहण किया। पदभार संभालने के बाद उन्होंने तत्काल पुलिस अधिकारियों के साथ पहली अपराध समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। इससे पूर्व, कार्यालय पहुंचने पर उन्हें पुलिस जवानों द्वारा गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। कार्यालय परिसर में अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (मुख्यालय) अरविंद बिश्नोई, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (नोहर) गीता चौधरी, सीओ सिटी मीनाक्षी सहित अन्य पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों ने एसपी बी. आदित्य का स्वागत किया। स्वागत के उपरांत एसपी बी. आदित्य ने कार्यालय परिसर का विस्तृत निरीक्षण किया। उन्होंने क्राइम ब्रांच, परिवाद शाखा, डीएसबी शाखा, फोर्स शाखा, सीसीटीएनएस, साइबर सेल और अभय कमांड सेंटर जैसी विभिन्न शाखाओं का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक शाखा की कार्यप्रणाली को समझा और वहां तैनात अधिकारियों-कर्मचारियों से उनके दैनिक कार्यों, लंबित मामलों तथा व्यावहारिक समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की। निरीक्षण के दौरान, पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों और कर्मचारियों को आमजन से जुड़े मामलों का त्वरित, पारदर्शी और जिम्मेदारी के साथ निस्तारण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। उन्होंने पुलिस व्यवस्था को अधिक प्रभावी बनाने के लिए टीमवर्क और जवाबदेही के साथ कार्य करने पर जोर दिया। इसके पश्चात, एसपी कार्यालय के सभागार में बी. आदित्य की अध्यक्षता में जिले के सभी पुलिस अधिकारियों की पहली अपराध समीक्षा बैठक हुई। बैठक में जिले की कानून व्यवस्था, लंबित प्रकरणों की समीक्षा, वांछित अपराधियों और गैंगस्टरों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियानों, अपराध नियंत्रण की रणनीति तथा आगामी प्राथमिकताओं पर विस्तार से चर्चा की गई। पुलिस अधीक्षक ने अधिकारियों को अपराधों की रोकथाम, प्रभावी पुलिसिंग और कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने स्पष्ट किया कि अपराधियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
कोयला खदानों में अब महिलाएं भी डंपर और शॉवेल जैसी भारी मशीनें चलाती नजर आएंगी। साउथ ईस्टर्न कोलफील्ड्स लिमिटेड (एसईसीएल) ने महिला सशक्तिकरण की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाते हुए पहली बार महिला कर्मचारियों को हेवी अर्थ मूविंग मशीन (HEMM) ऑपरेटर बनाने के लिए विशेष प्रशिक्षण शुरू किया है। एसईसीएल के सीएमडी हरिश दुहन की पहल पर यह कार्यक्रम शुरू किया गया है। कंपनी के विभिन्न क्षेत्रों से चुनी गईं 19 महिला कर्मचारियों को 6 से 18 जुलाई तक गेवरा परियोजना के ओबी फेस में 12 दिवसीय प्रशिक्षण दिया जा रहा है। सुरक्षा और तकनीकी चीजों की जानकारी दी गई इस प्रशिक्षण में महिलाओं को डंपर, शॉवेल और अन्य भारी मशीनों के सुरक्षित एवं तकनीकी संचालन की बारीकियां सिखाई जा रही हैं। अनुभवी ऑपरेटर उन्हें मशीन चलाने के साथ-साथ सुरक्षा मानकों, तकनीकी दक्षता और खदान में काम के व्यावहारिक पहलुओं से भी अवगत करा रहे हैं। प्रशिक्षण पूरा होने के बाद इन महिलाओं को खदानों में नियमित रूप से मशीन संचालन की जिम्मेदारी सौंपी जाएगी। इन महिलाओं को दिया गया प्रशिक्षण प्रशिक्षण ले रही धनेश्वरी कंवर, हेमलता कंवर, करिना कंवर, सोनिका कश्यप, कमलेश यादव, पूर्णिमा कंवर, सौम्या सिंह, रोशनी देवी, आशा सोनी, अन्नपूर्णा चंद्रा, फुलकुमारी, रूपा राठिया, मेघा साहू, सुमन कुमारी, गायत्री, धरमवती और अनीता दुबे ने अपने अनुभव साझा किए। उन्होंने बताया कि जब वे पहली बार ओबी फेस पहुंचीं तो विशाल मशीनों और खदान के माहौल को देखकर घबरा गई थीं। मशीनों की तेज आवाज और सुरक्षा की जिम्मेदारी से उन्हें डर लग रहा था। एचआर मैनेजर ने किया प्रशिक्षण स्थल का दौरा कई महिलाओं के मन में यह सवाल था कि क्या वे पुरुष ऑपरेटरों की तरह मशीन चला पाएंगी। हालांकि, अनुभवी ऑपरेटरों ने तकनीकी बारीकियां सरल तरीके से समझाईं, जिससे उनका डर धीरे-धीरे खत्म हो गया। अब वे पूरे आत्मविश्वास से मशीनें सीख रही हैं। महिलाओं का कहना है कि यह उनके लिए केवल एक नई जिम्मेदारी नहीं, बल्कि अपनी क्षमता साबित करने का एक अवसर है। गेवरा क्षेत्र की एचआर मैनेजर लकिता ने प्रशिक्षण स्थल का दौरा किया। उन्होंने कहा कि एसईसीएल में यह अपनी तरह की पहली पहल है। इसका उद्देश्य महिलाओं को तकनीकी रूप से दक्ष बनाकर ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में पुरुषों के साथ कंधे से कंधा मिलाकर काम करने का अवसर प्रदान करना है।
हिसार के 12 क्वार्टर क्षेत्र में शनिवार सुबह सीवरेज ओवरफ्लो होने से गंदा पानी सड़कों पर भर गया। इस स्थिति से नाराज स्थानीय दुकानदारों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए अपनी दुकानें बंद कर दीं और नगर निगम प्रशासन के खिलाफ रोष जताया। विरोध स्वरूप दुकानदारों ने पानी के बीच विधायक सावित्री जिंदल और मेयर प्रवीण पोपली के बैनर लगाकर प्रशासन के प्रति अपनी नाराजगी व्यक्त की। सड़क पर सीवरेज का पानी जमा होने से स्थानीय दुकानदारों और राहगीरों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। पैदल चलना तक मुश्किल हो गया और दुकानों के बाहर पानी भरने से ग्राहकों की आवाजाही पूरी तरह प्रभावित हो गई। सूचना देने के बाद भी नहीं पहुंचे नगर निगम अधिकारी स्थानीय निवासी सौरभ छाबड़ा ने बताया कि सुबह अचानक सीवरेज ओवरफ्लो हो गया, जिससे पूरे 12 क्वार्टर क्षेत्र की सड़क पर गंदा पानी फैल गया। उन्होंने यह भी बताया कि समस्या की सूचना नगर निगम के संबंधित अधिकारियों और एमसी महाजन को दी गई थी, लेकिन काफी देर तक कोई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचा, जिससे लोगों में प्रशासन के प्रति नाराजगी और बढ़ गई। दुकानदारों का कहना है कि पिछले तीन-चार दिनों से बारिश नहीं हुई है, फिर भी सीवरेज व्यवस्था पूरी तरह फेल हो चुकी है। उनका आरोप है कि यदि तेज बारिश हो जाए तो पूरे क्षेत्र में हालात और भी बदतर हो जाएंगे। लोगों ने नगर निगम पर समय रहते सीवरेज व्यवस्था की मरम्मत न करने का आरोप लगाया। स्थानीय लोगों ने जताई हादसे की आशंका स्थानीय लोगों ने बताया कि, 12 क्वार्टर क्षेत्र के कई सीवरेज मैनहोल और लाइनें लंबे समय से खस्ताहाल हैं। उन्होंने आशंका जताई कि सड़क पर गंदा पानी जमा रहने से कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। लोगों ने प्रशासन से सीवरेज व्यवस्था को तुरंत दुरुस्त करने, जलभराव की समस्या का स्थायी समाधान करने और लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की।
बांसवाड़ा में हाथी ने युवक को सूंड से उठा कर पटक दिया। इसके बाद उसकी छाती पर पैर रख दिया। हादसे में युवक गंभीर घायल हो गया और उसकी पसलियां टूट गई। फेफड़ों में खून जमा होने से ऑक्सीजन की कमी होने लगी। गंभीर हालत में उसे उदयपुर रेफर कर दिया गया है। इधर, परिजनों का आरोप है कि हाथी पर सवार बाबा ने युवक से 500 रुपए मांगे थे। युवक ने कम दिए तो हाथी से हमला करवा दिया। हालांकि पुलिस ने रुपयों के विवाद की बात से इनकार कर दिया है। मामले में 13 लोगों को डिटेन कर पूछताछ के बाद छोड़ दिया था। परिजनों ने शिकायत दी है, इसमें रुपयों का विवाद बताया है। जांच जारी है। घटना बांसवाड़ा जिले के पाटन थाना इलाके गुरुवार शाम करीब 7 बजे की है। ₹20 देने के बाद मांगे ₹500, मना करने पर भड़के बाबा घायल के भांजे कालू ने बताया कि प्रभु (50) पुत्र हकरिया, निवासी पणदा, शाम को घर से आटा पिसवाने के लिए छोटी सरवा गए थे। वहां से लौटते समय रास्ते में उनकी मुलाकात एक हाथी वाले बाबा से हुई। कालू के अनुसार श्रद्धा से प्रभु ने बाबा को 20 रुपए दिए। बाबा ने 20 रुपए तो रख लिए, लेकिन इसके बाद उनसे 500 रुपए और मांगने लगे। प्रभु ने पैसे देने से मना किया तो बात बढ़ गई। आरोप है कि इसके बाद हाथी पर बैठे बाबा ने हाथी को इशारा किया। हाथी ने अपनी सूंड से प्रभु को जमीन पर पटक दिया। इसके बाद हाथी ने उनकी छाती पर पैर रख दिया, जिससे उनकी कई पसलियां टूट गईं। घायल हालत में उन्हें पहले पास के हॉस्पिटल ले जाया गया। वहां से हालत गंभीर होने पर डॉक्टरों ने उन्हें उदयपुर रेफर कर दिया। डॉक्टर बोले- कई पसलियां टूटीं, फेफड़ों में जम रहा खून घटना के बाद बाबा अपने हाथी के साथ मौके से भाग गया। स्थानीय लोगों और परिजनों ने घायल प्रभु को तुरंत कुशलगढ़ हॉस्पिटल पहुंचाया। वहां प्राथमिक इलाज के बाद उसकी हालत गंभीर होने पर शुक्रवार शाम उसे जिला हॉस्पिटल लाया गया। देर रात डॉक्टरों ने बेहतर इलाज के लिए उसे उदयपुर रेफर कर दिया। एमजी हॉस्पिटल के उपनियंत्रक डॉ. दामोदर गोयल ने बताया कि युवक की दोनों तरफ की कई पसलियां टूट गई थीं। फेफड़ों में खून जमा होने लगा था, जिससे उसे सांस लेने और ऑक्सीजन मिलने में दिक्कत हो रही थी। युवक गंभीर हालत में कुशलगढ़ से रेफर होकर आया था, इसलिए उसे आगे के इलाज के लिए उदयपुर भेज दिया गया। पुलिस बोली- पैसों के लिए हमला करवाने की पुष्टि नहीं पाटन थानाधिकारी मोहम्मद रिजवान ने बताया कि युवक रास्ते से गुजर रहा था। इसी दौरान हाथी ने गुस्से में उसे गिरा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस ने हाथी वाले बाबा से पूछताछ की, लेकिन अब तक पैसों के लिए युवक पर हाथी से हमला करवाने की बात सामने नहीं आई है। उन्होंने बताया कि बाबा के साथ करीब 13-14 लोग भी थे। पुलिस सभी को रात में थाने लेकर आई थी। शुक्रवार सुबह पूछताछ के बाद उन्हें छोड़ दिया गया। थानाधिकारी ने बताया कि शुरुआती जानकारी में सामने आया है कि युवक बार-बार हाथी की सूंड के पास जा रहा था। पीड़ित की शिकायत ले ली गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
चूरू के दूधवाखारा थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक सड़क हादसे में युवक की मौत हो गई। गांव चलकोई के पास एक डंपर से बाइक टकराने के बाद युवक गंभीर रूप से घायल हो गया था। घायल युवक को तुरंत डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसे की सूचना मिलने पर अस्पताल चौकी पुलिस मौके पर पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। दूधवाखारा थाना के एएसआई अजीत सिंह ने बताया कि भलाउ ताल निवासी जयपाल ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार, जयपाल का बड़ा भाई रोहिताष कुमार (25) शुक्रवार रात चूरू से तारानगर होते हुए अपने गांव आ रहा था। चलकोई गांव के पास सड़क पर आगे चल रहे एक डंपर ने अचानक ब्रेक लगा दिए। इसी दौरान पीछे से आ रही रोहिताष की बाइक डंपर से टकरा गई, जिससे उसकी मौके पर ही मौत हो गई। पुलिस ने जयपाल की रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर लिया है। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया।
पीलीभीत में ट्रक ने बाइक को मारी टक्कर:पिता और 4 साल के बेटे की मौत, चालक वाहन सहित फरार
पीलीभीत में एक सड़क हादसे में मोटरसाइकिल सवार पिता और उनके चार वर्षीय बेटे की मौत हो गई। यह घटना शुक्रवार शाम दियोरिया कला थाना क्षेत्र के सखिया गांव के पास हुई। पिपरिया संजरपुर गांव के 28 वर्षीय देव स्वरूप अपने चार वर्षीय बेटे आरव के साथ मोटरसाइकिल पर बीसलपुर जा रहे थे। शाम करीब 7:00 बजे सखिया गांव के पास एक अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी मोटरसाइकिल को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि पिता-पुत्र दोनों सड़क पर गिरकर गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों और स्थानीय लोगों ने दोनों घायलों को तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची। थाना अध्यक्ष गौतम सिंह ने बताया कि पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस ने अज्ञात वाहन और उसके चालक के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है और उसकी तलाश शुरू कर दी है। टक्कर मारने के बाद चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया था।
मुरादाबाद में कांवड़ यात्रा के लिए ट्रैफिक डायवर्जन:31 जुलाई से लागू, भारी वाहनों पर प्रतिबंध
मुरादाबाद में सावन माह की कांवड़ यात्रा के लिए पुलिस प्रशासन ने विस्तृत यातायात योजना तैयार की है। कांवड़ियों की सुरक्षा और राष्ट्रीय राजमार्ग पर सुचारु यातायात बनाए रखने के उद्देश्य से 31 जुलाई से रूट डायवर्जन लागू किया जाएगा। इसके तहत प्रत्येक शुक्रवार से सोमवार तक और शिवरात्रि के अवसर पर भारी वाहनों का प्रवेश प्रतिबंधित रहेगा।पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पहला सोमवार तीन अगस्त को है, लेकिन कांवड़ियों की बढ़ती आवाजाही को देखते हुए 31 जुलाई की शाम छह बजे से ही डायवर्जन प्रभावी हो जाएगा। दिल्ली-लखनऊ राष्ट्रीय राजमार्ग और हरिद्वार मार्ग पर शुक्रवार से सोमवार तक भारी वाहनों का संचालन पूरी तरह बंद रहेगा। यातायात का दबाव बढ़ने की स्थिति में शहर के भीतर भी डायवर्जन लागू किया जा सकता है। कांवड़ यात्रा के दौरान दिल्ली रोड, कांठ रोड, रामपुर रोड और बिजनौर रोड को संवेदनशील घोषित किया गया है। इन प्रमुख मार्गों और चौराहों पर अतिरिक्त पुलिस बल तथा यातायात पुलिस तैनात की जाएगी। कांवड़ियों की संख्या में वृद्धि होने पर वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जाएगा। जारी योजना के तहत, पहला डायवर्जन 31 जुलाई की शाम छह बजे से तीन अगस्त की शाम चार बजे तक प्रभावी रहेगा। इसके अतिरिक्त, छह से 11 अगस्त, 14 से 17 अगस्त और 21 से 24 अगस्त तक भी इसी प्रकार की यातायात व्यवस्था लागू की जाएगी। डायवर्जन योजना के अंतर्गत, शाहजहांपुर, बरेली, रामपुर और मुरादाबाद से दिल्ली की ओर जाने वाले भारी वाहनों को संभल, बबराला, नरौरा, बुलंदशहर, हापुड़ और गंगा एक्सप्रेस-वे सहित अन्य वैकल्पिक मार्गों से भेजा जाएगा। इसी तरह, बिजनौर और हरिद्वार की ओर जाने वाले भारी वाहनों को ठाकुरद्वारा, जसपुर, अफजलगढ़ और धामपुर के रास्ते निकाला जाएगा। आवश्यकता पड़ने पर हल्के वाहनों के लिए भी वैकल्पिक मार्ग निर्धारित किए गए हैं। एसएसपी सतपाल अंतिल ने बताया कि सावन माह में प्रत्येक शुक्रवार से सोमवार तक डायवर्जन प्रभावी रहेगा। उन्होंने वाहन चालकों से अपील की है कि यात्रा पर निकलने से पहले रूट की जानकारी अवश्य प्राप्त कर लें और यातायात पुलिस के निर्देशों का पालन करें, ताकि कांवड़ यात्रा सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न हो सके।
स्पेस रिसर्च में कानपुर IIT का बड़ा कदम:'स्क्वायर किलोमीटर ऐरे ट्रेनिंग स्कूल' का दूसरा एडिशन पूरा
अंतरिक्ष विज्ञान और एस्ट्रोनॉमी के क्षेत्र में भारत को मजबूत बनाने की दिशा में आईआईटी कानपुर ने एक और उपलब्धि हासिल की है। आईआईटी के डिपार्टमेंट ऑफ स्पेस, प्लैनेटरी एंड एस्ट्रोनॉमिकल साइंसेज एंड इंजीनियरिंग (SPASE) में दो सप्ताह तक चला स्क्वायर किलोमीटर ऐरे इंडिया ट्रेनिंग स्कूल (SKAITS-II) सफलतापूर्वक संपन्न हो गया। इस प्रशिक्षण कार्यक्रम का उद्देश्य दुनिया की सबसे बड़ी रेडियो टेलीस्कोप परियोजना के लिए भारतीय युवा वैज्ञानिकों और शोधार्थियों को तैयार करना है। इससे देश में अंतरिक्ष अनुसंधान और रेडियो एस्ट्रोनॉमी के क्षेत्र को नई मजबूती मिलेगी। पूरे देश से जुटे टैलेंटेड छात्र और एक्सपर्ट्स इस दो हफ्ते के सघन ट्रेनिंग प्रोग्राम में हिस्सा लेने के लिए पूरे भारत से छात्र, रिसर्चर्स और अंतरिक्ष विज्ञान के एक्सपर्ट्स कानपुर पहुंचे थे। इस दौरान प्रतिभागियों को रेडियो एस्ट्रोनॉमी, एस्ट्रोनॉमिकल इंस्ट्रूमेंटेशन, साइंटिफिक कंप्यूटिंग और एडवांस्ड डेटा एनालिसिस जैसी आधुनिक तकनीकों की बारीकियां सिखाई गईं। ये सभी विधाएं आने वाले समय में अंतरिक्ष से मिलने वाले जटिल डेटा को समझने और ब्रह्मांड के रहस्यों से पर्दा उठाने में बेहद मददगार साबित होंगी। थ्योरी के साथ लैब और कंप्यूटेशनल ट्रेनिंग पर रहा जोर इस ट्रेनिंग प्रोग्राम को इस तरह डिजाइन किया गया था कि छात्रों को केवल किताबी ज्ञान न मिले। एक्सपर्ट्स के लेक्चर्स के साथ-साथ छात्रों के लिए लैबोरेटरी सेशंस और कंप्यूटेशनल ट्रेनिंग का भी आयोजन किया गया। देश के जाने-माने अंतरिक्ष वैज्ञानिकों के साथ सीधे संवाद के जरिए प्रतिभागियों ने इंटरडिसिप्लिनरी स्किल्स (अंतर-विषयक कौशल) सीखीं। यह अनुभव उन्हें एस्ट्रोनॉमिकल रिसर्च की अगली पीढ़ी के लिए पूरी तरह तैयार करेगा। इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम की शुरुआत आईआईटी कानपुर के डिप्टी डायरेक्टर प्रो. ब्रज भूषण, डीन (रिसर्च एंड डेवलपमेंट) प्रो. तरुण गुप्ता, डॉ. रोहित शर्मा और एसकेए इंडिया कंसोर्टियम के चेयर प्रो. पंकज जैन की मौजूदगी में हुई थी। इसके साथ ही उद्घाटन सत्र में NCRA-TIFR के डायरेक्टर प्रो. यशवंत गुप्ता ने भी अपने विचार साझा किए थे। ग्लोबल स्पेस प्रोजेक्ट में भारत की मजबूत दावेदारी दरअसल, भारत वैश्विक स्तर के 'स्क्वायर किलोमीटर ऐरे' (SKA) प्रोजेक्ट में एक बेहद अहम भूमिका निभा रहा है। ऐसे में आईआईटी कानपुर की यह पहल भविष्य के साइंटिफिक टैलेंट को निखारने की दिशा में बड़ा कदम है। इस प्रोग्राम को इसरो (ISRO), भारत सरकार के विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विभाग (DST), शिक्षा मंत्रालय और नेशनल सेंटर फॉर रेडियो एस्ट्रोफिजिक्स जैसे बड़े संस्थानों का सहयोग मिला, जो देश की अंतरिक्ष क्षमताओं को मजबूत करने के प्रति आईआईटी कानपुर की प्रतिबद्धता को दर्शाता है।
वार्डों में जलभराव खत्म करने को हटाई गई जाली:रामगढ़ताल में कचरा गिरने से रोकने के लिए लगाई गई थी
24 घंटे के भीतर हुई 110 मिमी से अधिक बारिश के चलते कई मोहल्लों में पानी भर गया। बेतियाहाता के पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी ने जब इसका कारण ढूंढना शुरू किया तो वह रामगढ़ताल के किनारे पहुंच गए। बेतियाहाता, रुस्तमपुर, बिलंदपुर, दाउदपुर, कालेपूर, रायगंज, तुर्कमानपुर एवं माया बाजार सहित 10 वार्डों का पानी जिस नाले के जरिए ताल में जाता है, उसके आखिरी छोर पर जाली लगी थी। जाली रामगढ़ताल में प्लास्टिक एवं अन्य ठोस गंदगी गिरने से रोकने के लिए गोरखपुर विकास प्राधिकरण (GDA) ने लगवाया था। जाली पर यह गंदगी जमी थी, जिससे बहाव धीमा हो गया था। पार्षद ने जाली को खोलवाने के लिए दबाव बनाया, जिसके बाद जाली खुली और तेजी से बहाव शुरू हो गया। मौके पर बेतियाहाता पार्षद के साथ ही मनोनित पार्षद रितेश सिंह बब्बू भी पहुंचे थे। जाली देखकर बेतियाहाता पार्षद विश्वजीत ने नगर आयुक्त एवं महापौर को फोन किया। जिसके बाद दोनों लोग मौके पर पहुंचे थे। जाली GDA ने लगवायी थी। इसलिए नगर आयुक्त ने GDA उपाध्यक्ष अभिनव गोपाल को भी मौके पर बुला लिया। पार्षद ने जाली हटवाने को कहा लेकिन GDA के अधिकारी इसके लिए तैयार नहीं थे। उनका कहना था कि इससे गंदगी रामगढ़ताल में जाएगी। हालांकि काफी देर की चर्चा के बाद लोगों के हित में जाली को हटा दिया गया। बेतियाहाता पार्षद ने कहा कि जाली हटाने से पानी तेजी से निकलने लगा। एक घंटे में मोहल्लों से पानी निकल गया। उन्होंने कहा कि पिछले 4-5 बरसात से यह देखने को मिल रहा था कि इन मोहल्लों में सड़कों पर काफी देर तक पानी रुक रहा है। जबकि पहले आधे घंटे में निकल जाता था। जब इसकी पड़ताल की गई तो जाली इसका कारण नजर आयी। अधिकारियों को मौके पर बुलाकर यह अवगत कराया गया कि जाली नहीं निकाली जाएगी तो जलभराव की स्थिति यथावत बनी रहेगी क्योंकि जाली के आगे का लेवल जाली के आगे का लेवल लगभग 4 फीट डाउन था। पार्षदों ने दी GDA के घेराव की चेतावनी पार्षद विश्वजीत त्रिपाठी व रितेश सिंह बबलू ने कहा कि यदि उनके वार्डों की जल निकासी की व्यवस्था सही नहीं की गई तो वे प्राधिकरण का घेराव करेंगे। इसके बाद नगर आयुक्त एवं GDA उपाध्यक्ष ने जाली निकलवाने का निर्णय लिया। जाली निकलने के बाद पानी तेजी से निकलने लगा और लोगों को जल जमाव से राहत मिली।
अमेठी में बिजली आपूर्ति की मांग को लेकर गौरीगंज स्थित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र में हंगामा करने के आरोप में महिला किसान नेत्री रीता सिंह और उनके समर्थकों पर मुकदमा दर्ज किया गया है। विभाग के अवर अभियंता (जेई) की तहरीर पर पुलिस ने रीता सिंह, उनके बेटे नंदन सिंह समेत 30 से 40 अज्ञात महिलाओं के खिलाफ बलवा, सरकारी कार्य में बाधा और अन्य गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। यह घटना गुरुवार रात की है, जब दर्जनों महिलाएं लाठी-डंडों के साथ गौरीगंज स्थित 132 केवी विद्युत उपकेंद्र पहुंचीं। आरोप है कि इन महिलाओं ने उपकेंद्र में घुसकर वहां तैनात कर्मचारियों के साथ अभद्रता की, हंगामा किया और उनके कार्य में बाधा डाली। इस दौरान उपकेंद्र का संचालन प्रभावित होने से लगभग एक घंटे तक पूरे अमेठी जिले की विद्युत आपूर्ति ठप रही, जिससे हजारों उपभोक्ताओं को उमस भरी गर्मी में परेशानी का सामना करना पड़ा। घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में महिला किसान नेत्री रीता सिंह कथित तौर पर विद्युत कर्मचारियों से बिजली बंद करने की बात कहती हुई दिखाई दे रही हैं। वीडियो सामने आने के बाद विद्युत विभाग और पुलिस ने मामले को गंभीरता से लिया। 132 केवी विद्युत उपकेंद्र गौरीगंज के अवर अभियंता पवन कुमार यादव की तहरीर पर गौरीगंज कोतवाली में रीता सिंह, उनके बेटे नंदन सिंह और 30 से 40 अज्ञात महिलाओं के विरुद्ध भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 191(1), 191(2), 115(2), 151(3), 121, 132, 221 और 3(5) के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया है। पुलिस का कहना है कि सरकारी कार्यालय में घुसकर कर्मचारियों से अभद्रता, सरकारी कार्य में बाधा और सार्वजनिक व्यवस्था भंग करने जैसी घटनाओं को किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। वायरल वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर सभी आरोपियों की पहचान कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। घटना के बाद विद्युत विभाग के कर्मचारियों में भी नाराजगी है और उन्होंने अपनी सुरक्षा व्यवस्था मजबूत किए जाने की मांग की है।
बागपत की सहकारी चीनी मिल में कार्यरत एक लिपिक दीपक (35) की शुक्रवार को संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। वह चीनी मिल के स्टोर विभाग में लिपिक पद पर तैनात थे। परिजनों ने इस मामले को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। दीपक अपनी पत्नी नीशू और दो बेटों के साथ चीनी मिल परिसर में बने सरकारी आवास में रहते थे। उनकी पत्नी नीशू ने पुलिस को सूचना दी कि दीपक ने कमरे में लगे लकड़ी के बीम से दुपट्टे के सहारे फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली थी। नीशू ने यह भी बताया कि उन्होंने पति को बचाने की कोशिश में स्वयं ही फंदे से उतारकर नीचे लिटा दिया था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग (फांसी लगना) बताया गया है। हालांकि, मृतक के भाई सूरज ने इस घटनाक्रम पर सवाल उठाते हुए हत्या की आशंका जताई है। उन्होंने मामले की गहन और निष्पक्ष जांच की मांग की है। कोतवाली प्रभारी मनोज कुमार चहल ने पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण हैंगिंग आने की पुष्टि की है। उन्होंने बताया कि पुलिस सभी तथ्यों को ध्यान में रखते हुए मामले की जांच कर रही है। परिजनों ने यह भी बताया कि दीपक के पिता प्रेमपाल भी इसी चीनी मिल में कर्मचारी थे, जिनका वर्ष 2024 में बीमारी के चलते निधन हो गया था। दोपहर में दीपक का अंतिम संस्कार कर दिया गया।
शाजापुर में रविवार, 19 जुलाई को अस्पताल परिसर में आवश्यक कार्य और न्यू कलेक्टर फीडर के अंतिम कार्य के चलते शहर के कई क्षेत्रों में सुबह 8 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक साढ़े चार घंटे बिजली आपूर्ति बंद रहेगी। इसकी जानकारी विद्युत वितरण कंपनी ने दी है। इन क्षेत्रों में रहेगी बिजली बंद लालघाटी उपकेंद्र से निकलने वाली 11 केवी जेल और 11 केवी इमरजेंसी फीडर से बिजली आपूर्ति प्रभावित रहेगी। इससे हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, जिला पंचायत, जिला जेल, कलेक्ट्रेट, ट्रॉमा सेंटर, डाइट कॉलेज, केंद्रीय विद्यालय, पुलिस अधीक्षक कार्यालय, विजय नगर, ज्योति नगर, राजराजेश्वरी मंदिर, डॉ. भीमराव अंबेडकर जिला अस्पताल सहित आसपास के क्षेत्रों में बिजली नहीं रहेगी। विद्युत विभाग के मुताबिक, न्यू कलेक्टर फीडर का अंतिम कार्य पूरा होने के बाद बिजली आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। यदि कार्य निर्धारित समय से पहले पूरा हो जाता है, तो बिजली आपूर्ति भी समय से पहले शुरू कर दी जाएगी। उपभोक्ताओं से सहयोग की अपील विद्युत विभाग ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि वे निर्धारित कटौती को ध्यान में रखते हुए अपने जरूरी कार्य पहले ही निपटा लें और विद्युत कटौती के दौरान सहयोग करें।
शिवबती ने तीरंदाजी में पहला स्थान जीता:संभाग स्तरीय प्रतियोगिता में जीत, राज्य स्तर के लिए क्वालिफाई
श्रवण दिव्यांग शिवबती ने संभाग स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता में पहला स्थान हासिल किया है। इस जीत के साथ उन्होंने राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए क्वालिफाई कर लिया है। शिवबती का बचपन चुनौतियों भरा रहा। बीमारी के कारण उनकी मां का निधन हो गया था, और कुछ समय बाद नक्सली हिंसा में उन्होंने अपने पिता को भी खो दिया। अनाथ होने पर उनके चाचा ने उन्हें कोण्डागांव स्थित बालिकागृह में दाखिल कराया। आईटीबीपी के ट्रेनर्स ने ट्रेंड किया बालिकागृह में सुरक्षित माहौल, शिक्षा और खेल की सुविधाएं मिलने से शिवबती की तीरंदाजी में रुचि बढ़ी। उनकी प्रतिभा को देखते हुए भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (आईटीबीपी) के प्रशिक्षकों ने उन्हें नियमित प्रशिक्षण दिया। बेहतर प्रदर्शन के आधार पर उनका चयन खेलो इंडिया स्टेट सेंटर ऑफ एक्सीलेंस, बहतराई (बिलासपुर) में हुआ, जहाँ उन्होंने एक वर्ष तक उच्च स्तरीय प्रशिक्षण प्राप्त किया। महिला एवं बाल विकास विभाग ने बाल कोष निधि से बालिकागृह की बालिकाओं के लिए इंडियन और रिकर्व तीरंदाजी के आधुनिक उपकरण उपलब्ध कराए। इन संसाधनों, प्रशिक्षकों के मार्गदर्शन और शिवबती की कड़ी मेहनत ने उनके प्रदर्शन में लगातार सुधार किया। जगदलपुर में स्कूल कांपिटिशन जीता हाल ही में जगदलपुर में आयोजित संभाग स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता में उन्होंने शानदार प्रदर्शन करते हुए पहला स्थान प्राप्त किया। इस जीत से उन्होंने राज्य स्तरीय शालेय तीरंदाजी प्रतियोगिता में अपनी जगह पक्की कर ली है। जिला प्रशासन, महिला एवं बाल विकास विभाग, छत्तीसगढ़ राज्य बाल कल्याण परिषद और बालिकागृह परिवार ने शिवबती की इस उपलब्धि पर प्रसन्नता व्यक्त की है।
मेरठ में युवक पर लाठी-डंडों से हमला:साथियों को रास्ते में रोककर पीटा, कार्रवाई की मांग
मेरठ के जानी थाना क्षेत्र के कस्बा सिवालखास में एक युवक और उसके साथियों पर बीच सड़क लाठी-डंडों से हमला कर दिया गया। घटना का वीडियो सामने आने के बाद पीड़ित पक्ष ने आरोप लगाया है कि शिकायत के बावजूद आरोपियों के खिलाफ अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है। पीड़ित कादिर ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ किसी काम से सिवालखास गया था। इसी दौरान कुछ लोगों ने उन्हें रास्ते में रोक लिया और लाठी-डंडों से हमला कर दिया। हमले में कादिर समेत कई युवक घायल हो गए। परिजनों के अनुसार, कादिर के सिर में गंभीर चोट आई है और उसका इलाज एक निजी अस्पताल में चल रहा है। डॉक्टर उसकी निगरानी कर रहे हैं। हमले में घायल हुए अन्य युवकों का भी अस्पताल में उपचार कराया गया है। पीड़ित परिवार ने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, निष्पक्ष जांच और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वहीं, जानी थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या में रामनगरी की पावन फिजाओं में शुक्रवार शाम भक्ति, संगीत और संस्कृति का अद्भुत संगम देखने को मिला। राजस्थान के विजयबाड़ा से आए 225 से अधिक उद्यमियों ने विजयबाड़ा इलेक्ट्रिकल डीलर्स एसोसिएशन (वेडा) के 'डिवाइन वाराणसी-अयोध्या टूर' के तहत शहर के एक होटल में आयोजित भजन संध्या एवं सांस्कृतिक कार्यक्रम में भाग लिया। देर रात तक चले इस आयोजन में श्रद्धालु भक्ति गीतों पर झूमते रहे और पूरा माहौल 'जय श्रीराम' के जयघोष से गूंजता रहा। कार्यक्रम की शुरुआत कवयित्री वैष्णवी शर्मा की काव्य प्रस्तुति से हुई। उन्होंने राग भैरवी में भगवान श्रीराम के आदर्श, त्याग और मर्यादा पर आधारित रचनाएं सुनाकर श्रोताओं को भावविभोर कर दिया। इसके बाद प्रसिद्ध भजन गायिका स्वाती मिश्रा ने श्रीराम भक्ति से ओतप्रोत भजनों की प्रस्तुति दी। उनके भजनों पर श्रद्धालु देर तक तालियां बजाते और भक्ति में सराबोर होकर झूमते नजर आए। कार्यक्रम के मुख्य अतिथि हनुमानगढ़ी के संत एवं अखिल भारतीय अखाड़ा परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता महंत संजय दास ने कहा कि सनातन संस्कृति को जीवंत बनाए रखने और नई पीढ़ी तक उसके संस्कार पहुंचाने के लिए ऐसे आयोजन बेहद जरूरी हैं। उन्होंने वेडा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि धार्मिक यात्राएं केवल दर्शन तक सीमित नहीं होतीं, बल्कि समाज को अपनी सांस्कृतिक जड़ों से जोड़ने का सशक्त माध्यम भी बनती हैं। इस अवसर पर निर्माणी अखाड़ा परिषद के अध्यक्ष महंत मुरलीदास भी मौजूद रहे। वेडा के अध्यक्ष रमेश जैन ने बताया कि 225 सदस्यीय दल ने सबसे पहले काशी में बाबा विश्वनाथ के दर्शन किए और गंगा आरती में शामिल हुआ। इसके बाद अयोध्या पहुंचकर श्रीरामलला और हनुमानगढ़ी में दर्शन-पूजन किया। उन्होंने कहा कि रामनगरी की आध्यात्मिक ऊर्जा और यहां का आत्मीय वातावरण सभी श्रद्धालुओं के लिए जीवनभर की अविस्मरणीय स्मृति बन गया। कार्यक्रम में वेडा के उपाध्यक्ष अशोक जैन, सचिव तमन्ना, ओमप्रकाश अग्रवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और संगठन के पदाधिकारी मौजूद रहे।
श्रावस्ती जिले के सोनवा थाना क्षेत्र के बरावा हरगुन गांव में शनिवार सुबह एक विवाहिता का शव उसके ससुराल में फंदे से लटका मिला।सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।मायके पक्ष ने विवाहिता की हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का आरोप लगाया है।पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतका की पहचान 28 वर्षीय सुषमा के रूप में हुई है, जो बरावा हरगुन निवासी 31 वर्षीय अंकित कुमार की पत्नी थी।अंकित सुषमा संग दिल्ली में रहकर मजदूरी करते थे। बताया जा रहा कि कुछ दिन पहले पति-पत्नी के बीच विवाद हुआ था, जिसके बाद अंकित पत्नी को दिल्ली में छोड़कर गांव लौट आया था।करीब तीन दिन पहले सुषमा भी दिल्ली से अपने ससुराल आ गई थी। स्थानीय लोगों के अनुसार, शुक्रवार देर रात करीब 12 बजे पति-पत्नी के बीच फिर किसी बात को लेकर विवाद हुआ। शनिवार तड़के करीब चार बजे जब घर के अन्य सदस्य जागे, तो सुषमा का शव कमरे में फंदे से लटकता मिला। घटना की सूचना मिलते ही मायके पक्ष के लोग भी मौके पर पहुंच गए और हंगामा शुरू हो गया। मृतका की मां ने गंभीर आरोप लगाते हुए बताया कि तीन वर्ष पहले उनकी बेटी की शादी अंकित से हुई थी। दंपति की छह माह की एक मासूम बेटी भी है। मां का आरोप है कि रात में बेटी के साथ मारपीट की गई थी और उसने फोन कर अपने पिता को इसकी जानकारी भी दी थी। पिता ने सुबह आने की बात कही थी, लेकिन इससे पहले ही उसकी मौत हो गई। मां ने दावा किया कि सुषमा की हत्या करने के बाद साक्ष्य छिपाने के लिए शव को फंदे से लटकाया गया है। बताया जा रहा है कि अंकित तीन भाइयों में सबसे छोटा है और घटना के समय उसके माता-पिता भी घर पर मौजूद थे। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। पुलिस आत्महत्या और हत्या समेत सभी संभावित पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है।
आगरा नगर निगम में कार्यकारिणी के 6 सदस्यों का चुनाव होना है। इसके लिए शनिवार को नगर निगम सदन की बैठक बुलाई गई। मेयर हेमलता दिवाकर कुशवाहा की मौजदूगी चुनाव प्रक्रिया सुबह 11 बजे शुरू हुई। इस दौरान भाजपा की ओर से 6 और बसपा की ओर से 3 नामांकन होने से चुनाव में पेच फंस गया है। शनिवार सुबह 11 बजे नगर निगम सदन में कार्यकारिणी चुनाव की प्रक्रिया शुरू हुई। भाजपा की ओर से प्रवीना राजावत, हेमंत प्रजापति, अतुल अवस्थी, रवि करोतिया, गुड्डू राठौर और वेद प्रकाश गोस्वामी ने नामांकन किया। बसपा की ओर से निधि सिंह, माता प्रसाद, पुष्पा कुमारी ने नामांकन किया। जबकि कार्यकारिणी के 6 सदस्य चुने जाने हैं।दोपहर में नामांकन पत्र वापसी की प्रक्रिया चल रही है।नोट: खबर अपटेड की जा रही है...
नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) ने NEET UG 2026 का रिजल्ट जारी कर दिया। बहुत से स्टूडेंट्स सफल रहे। हर स्टूडेंट्स की अपनी एक कहानी है। कहते है कि कठिन हालातों के बीच भी सपनों को पूरा करने का जज्बा हो तो मंजिल जरूर मिलती है। ऐसा कर दिखाया है बाड़मेर की फिफ्टी विलेजर्स सेवा संस्थान के बच्चों ने री-नीट यूजी 2026 में सफल होकर अपने डॉक्टर बनने के सपने को सच कर दिखाया है। यहां पढ़ने वाले स्टूडेंट का संघर्ष एक से बढ़कर एक रहा है। हर एक स्टूडेंट की संघर्ष की अलग कहानियां है। मगाराम जब 3 दिन के थे तब ही उनके पिता के सड़क हादसे में मौत हो गई थी। मगाराम को डॉक्टर बनाने के लिए उनके बड़े भाई ने अपना भविष्य तक दांव पर लगा दिया और पढ़ाई छोड़कर मजदूरी करने लगे। वहीं पोलाराम की पिता बुजुर्ग है जो की ज्यादातर बीमार ही रहते है। मां का निधन हो गया है। बड़ा भाई पढ़ाई छोड़कर होटल पर काम करना शुरू किया और पोलाराम को पढ़ाया। वहीं, लाखाराम के पिता किसान है। लाखाराम का जीवन शुरू से ही संघर्ष भरा रहा है। इसके साथ ही सवाईसिंह ने अपनी किस्मत खुद बदली है। सवाईसिंह ने 10वीं के बाद पढ़ाई छोड़ दी थी। मजदूरी करने लगा था। टीचर्स ने संस्थान के बारे में बताया और घंटों पढ़ाई कर नीट में सफलता हासिल की। पढ़िए NEET में सफल स्टूडेंट्स की कहानी… मुझे पढ़ाने के लिए भाई ने अपनी पढ़ाई छोड़ी मगाराम ने नीट में ऑल इंडिया 27279वीं रैंक हासिल की है। 564 नंबर आए है। मगाराम ने 10वीं सरकारी स्कूल पचपदरा से की। मगाराम ने बताया- मैं जब 3 दिन का था मेरे पिताजी की रोड एक्सीडेंट में डेथ हो गई थी। उसके बाद घर की सारी जिम्मेदारी मेरे मां पर आ गई थी। मां ने दिहाड़ी मजदूरी करने के साथ नरेगा में काम करके हम दोनों भाइयों को पढ़ाया। 10वीं करने के बाद बड़े भाई ने मुझे पढ़ाने के लिए अपनी पढ़ाई तक छोड़ दी। गुजरात जाकर बोरियां डालने का काम करने लगा। मगाराम ने आगे बताया- भाई को 15-20 हजार रुपए के आसपास मजदूरी मिलती थी। हम दो भाई और दो बहने है। बहनें ससुराल रहती है। डॉक्टर बनने के बाद जब भी मैं आऊंगा तो गांव में ही ड्यूटी लूंगा। गांव के लोगों की सेवा करूंगा। हमारे गांव में हेल्थ की सुविधा नहीं थी। उसको देखकर मैंने मन में ठान लिया कि मुझे डॉक्टर बनना है। मेरा सपना है कि मैं न्यूरोलॉजिस्ट बनने का सपना है। पिता बीमार रहते, मां का निधन हुआ नीट में 1041 रैंक हासिल करने वाले पोलाराम ने बताया- 10वीं मैंने गांव की सरकारी स्कूल से की थी। तब मुझे चूनाराम सर ने फिफ्टी विलेजर्स संस्थान के बारे में बताया। मैंने वहां पर फॉर्म भरा। फिर हमारे घर और आर्थिक स्थिति का वेरिफिकेशन किया गया। इसके बाद मेरा सलेक्शन हुआ। यहां पर फ्री में रहना, पढ़ना और रहना हो गया। दो साल में 11 और 12वीं की। फिर नीट की तैयारी की इस बार मेरा सलेक्शन हो गया। यहां पर तीन साल तैयारी की। दसवी 85 प्रतिशत नंबर आए थे। पोलाराम का कहना है कि मेरे पिता जी की उम्र 65 साल है। वो मजदूरी पर जा नहीं पा रहे। मां का देहांत साल 2021 में हो गया था। साल 2023 में मेरे भाई ने 12वीं की और कमाने वाला कोई नहीं था। भाई ने होटल पर मजदूरी करना शुरू की और मैं यहां पर पढ़ने के लिए यहां पर आ गया। मेरी चार बहने है तीन ससुराल जाती है और सबसे छोटी बहन घर का काम करती है। बड़े भाई ने कहा कि मैं मजदूरी पर चला जाता हूं, तूं पढ़ाई कर लें। हम दोनों ही पढ़ाई में होशियार थे। उसका सेना में जाने का सपना था और तैयारी कर रहा था। अग्निवीर दौड़ में रह गया था। फिर उसने तैयार की नहीं और घर की स्थिति खराब थी। कोचिंग जाकर हम पढ़ नहीं सकते है वहां पर लाखों रुपए लगते है। इतनी हमारी इनकम नहीं है। मैं यह नहीं सोचा कि मैं टॉप एक हजार के पास पहुंच जाऊंगा। मेरी रैक ऑल इंडिया में 1041 आई है। कैटगरी रैक 341 आई है। मेरा सपना डॉक्टर बनने के साथ अच्छा इंसान बनने का सपना था। पोलाराम ने कहा- मां की डेथ के बाद बड़ा दुख हुआ। कमाने वाला कोई नहीं था, लगा कि पढ़ाई छूट जाएगी। घर की स्थिति खराब थी। मजदूरी करने वाला बनेगा डॉक्टर लाखाराम ने नीट में ऑल इंडिया 15283 रैंक हासिल की है। ओबीसी रैंक 7120 रही। लाखाराम ने बताया- मेरी बहन के ससुराल में मैंने 5वीं तक पढ़ाई की। उसके बाद मेरे घर से 7 किलोमीटर दूर सरकारी स्कूल बोथिया जागीर स्कूल से 10वीं तक पढ़ाई की। टीचर महेश कुमार गुर्जर ने मेरा बहुत सपोर्ट किया। उन्होंने मुझे फिफ्टी विलेजर्स संस्थान के बारे में बताया। साल 2023 से अब तक 11वीं, 12वी पास की है। नीट रिजल्ट को क्रेक किया। लाखाराम ने मेरे पिता तुलसाराम जी किसान है पहले गुजरात में बोरियां डालने का काम करते थे। इसके बाद भाग्यम वेलपेड पर काम करते थे। वहां 11-12 हजार सैलेरी थी। 9 भाई बहन है। बहने ससुराल जाती है। तीन भाइयों ने घर की आर्थिक स्थिति कमजोर होने के कारण पढ़ाई छोड़ दी थी। मजदूर करते है। लाखाराम ने कहां- गर्मी की छुटिट्यों में डेढ़ माह तक कमठा मजदूरी की। उस समय मुझे 350 रुपए मिलते थे। मेरा सलेक्शन बीकानेर फिफ्टी विलेजर्स में हुआ था। एक साल रहने के बाद मेरी तबीयत बिगड़ने के बाद मुझे बाड़मेर विफ्टी विलेजर्स में आ गया। यहां पर पढ़ाई 10-12 घंटे पढ़ाई हो जाती है। मुझे जितनी उम्मीद थी उससे मेरे कम नंबर आए है। लाखाराम के 10वीं 84 प्रतिशत और 12वीं 87.80 प्रतिशत नंबर प्राप्त किए है। नीट में 586 नंबर आए है। 10वीं के बाद पढ़ाई छुटी, संस्थान ने नया जीवन दिया सवाईसिंह ने नीट में ऑल इंडिया में 15039वीं रैंक हासिल की है। EWS में 1709वीं रैंक आई है। 587 नंबर आए है। मेरे परिवार में 6 भाई बहनें है। इसमें चार बहनों की शादी हो रखी है। वहीं एक छोटी बहन है। मेरे पिता का देहांत 24 जून 2023 को गया था। इससे पहले पिता पैर से विकलांग थे। 10वीं के बाद मेरी पढ़ाई छूट गई। मैंने मजदूरी भी की, लेकिन मेरे टीचरों ने मुझे संस्थान के बारे में बताया। वहां पर मेरा एडमिशन हो गया।
गुरुग्राम में एसजीटी यूनिवर्सिटी के एक छात्र की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। धनकोट नहर से 21 वर्षीय छात्र मोहन का शव नहर से बरामद किया गया। मोहन चरखी दादरी के हिंडोल गांव का रहने वाला था और एसजीटी यूनिवर्सिटी में बीएससी नर्सिंग अंतिम वर्ष का छात्र था। परिजनों ने बताया कि, गुरुवार शाम मोहन अपने दोस्त लविश, आर्यन, तरुण और हिमांशु के साथ घर से निकला था। जानकारी के अनुसार, सभी ने शराब का सेवन किया था और इसके बाद वे धनकोट नहर के पास पहुंचे। देर रात मोहन के दोस्त वापस लौट आए, लेकिन उन्होंने परिवार को मोहन के बारे में कोई सूचना नहीं दी। पिता ने लगाया मारपीट के बाद नहर में फेंकने का आरोप पुलिस पूछताछ में मोहन के दोस्तों ने बताया कि शराब के नशे में वह नहर में नहाने उतरा था और डूब गया। हालांकि, मृतक के पिता योगेश कुमार ने दोस्तों के इस दावे को खारिज किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि मोहन के साथ मारपीट की गई और बाद में उसका शव नहर में फेंक दिया गया। परिजनों ने मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की मांग की है। मेडिकल बोर्ड द्वारा कराया जाएगा पोस्टमार्टम धनकोट चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस ने मौत के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए मेडिकल बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने का निर्णय लिया है। चौकी प्रभारी ने बताया कि यह मामला दुर्घटना का है या हत्या का, फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पुलिस मोहन के दोस्तों के बयान दर्ज कर रही है और नहर के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाल रही है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
शाजापुर के लालघाटी स्थित सरदार वल्लभभाई पटेल सांदीपनि विद्यालय में शनिवार दोपहर बसों की कमी को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) और छात्रों ने प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने विद्यालय के मुख्य गेट पर ताला जड़ दिया। सूचना पर प्रशासन और पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचे और समझाइश के बाद मामला शांत कराया। एक सप्ताह में बसें बढ़ाने की मांग प्रदर्शन के दौरान जिला पंचायत सीईओ, एसडीएम मनीषा वास्कले, तहसीलदार गौरव पोरवाल, एसडीओपी अजय मिश्रा और लालघाटी थाना प्रभारी अर्जुन सिंह मुजाल्दे सहित अन्य अधिकारी मौके पर पहुंचे। एबीवीपी कार्यकर्ताओं ने जिला शिक्षा अधिकारी दीपा किर को ज्ञापन सौंपकर एक सप्ताह के भीतर अतिरिक्त बसों की व्यवस्था करने की मांग की। ABVP के नगर मंत्री आयुष शर्मा ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर बसों की समस्या का समाधान नहीं हुआ तो परिषद उग्र आंदोलन करेगी और सड़क पर चक्का जाम किया जाएगा। इसकी जिम्मेदारी स्कूल प्रशासन और जिला शिक्षा अधिकारी की होगी। डीईओ- अतिरिक्त बसों का प्रस्ताव भेजा गया है जिला शिक्षा अधिकारी दीपा किर ने बताया कि इस साल नए प्रवेश के कारण स्कूल में विद्यार्थियों की संख्या बढ़ी है, जिससे अतिरिक्त बसों की जरूरत पड़ी है। इसके लिए कमिश्नर को प्रस्ताव भेजा जा चुका है। उन्होंने बताया कि पहले भी प्रस्ताव भेजा गया था, लेकिन अन्य जिलों से मांग नहीं आने के कारण प्रक्रिया आगे नहीं बढ़ सकी। उन्होंने कहा कि हाल ही में डीपीआई स्तर पर इस संबंध में चर्चा हुई है। सभी जिलों के प्रस्ताव एक साथ भेजे जाएंगे। वित्त विभाग से स्वीकृति मिलने के बाद अतिरिक्त बसों की व्यवस्था की जाएगी। 15 बसों से 2,800 विद्यार्थियों का आवागमन वर्तमान में विद्यालय में 15 बसें संचालित हैं, जबकि यहां करीब 2,800 विद्यार्थी अध्ययनरत हैं। विद्यार्थियों का कहना है कि बसों की कमी के कारण उन्हें हर दिन स्कूल आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ रहा है।
जन्मदिन की पार्टी से लौट रहे चार युवकों की कार राठौर फार्म हाउस के पास अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि तीन अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों का कुचामन के राजकीय चिकित्सालय में इलाज चल रहा है। घटना डीडवाना-कुचामन जिले के नावा उपखंड क्षेत्र में शुक्रवार रात 11 बजे की है। जन्मदिन समारोह से लौटते समय हुआ हादसा जानकारी के अनुसार चारों युवक नावा में एक जन्मदिन समारोह में शामिल होने के बाद अपने घर लौट रहे थे। इसी दौरान राठौर फार्म हाउस के पास उनकी कार अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसा इतना भीषण था कि कार बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई और उसमें सवार सभी युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से घायलों को अस्पताल पहुंचाया। लीचाणा निवासी युवक की मौत हादसे में लीचाणा निवासी मुरली पाराशर (26) पुत्र गिरधारीलाल की मौके पर ही मौत हो गई। शव को कुचामन राजकीय अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। परिजनों की रिपोर्ट के बाद पोस्टमार्टम कराया जाएगा। परिजनों के अनुसार मुरली भावता कस्बे में मोबाइल की दुकान चलाता था, जबकि उसके पिता गिरधारीलाल खेती करते हैं। युवक की मौत की खबर से परिवार और गांव में शोक का माहौल है। कार में सवार तीन अन्य युवक गंभीर रूप से घायल हुए हैं। उनका कुचामन के राजकीय चिकित्सालय में उपचार जारी है। डॉक्टर उनकी हालत पर नजर बनाए हुए हैं। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त कार को जब्त कर जांच शुरू कर दी है। प्रारंभिक जांच में कार के अनियंत्रित होकर पलटने से हादसा होना सामने आया है। हालांकि दुर्घटना के वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। इनपुट सहयोग : कमलेश पारीक।
हाथरस के महिला थाने में दहेज उत्पीड़न, मारपीट और छेड़छाड़ का गंभीर मामला दर्ज किया गया है। हाथरस जंक्शन कोतवाली क्षेत्र की रहने वाली एक विवाहिता ने अपने ससुराल पक्ष के छह लोगों पर दहेज की मांग पूरी न होने पर लगातार प्रताड़ित करने, मारपीट करने और अश्लील हरकतें करने का आरोप लगाया है। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने देर रात मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। पीड़िता ने पुलिस को बताया कि उसकी शादी कस्बा हाथरस जंक्शन में हुई थी। विवाह के दौरान उसके पिता ने ससुराल पक्ष की मांग के अनुसार करीब 8 लाख रुपए खर्च किए थे। इसके बावजूद विदाई के बाद से ही ससुर, सास, जेठ, जेठानी, देवर और ननद उसे कम दहेज लाने के ताने देने लगे। आरोप है कि ससुराल पक्ष ने अतिरिक्त दहेज के रूप में प्लॉट खरीदने के लिए 3 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। पीड़िता का कहना है कि उसके पति ने कई बार परिवार के लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन किसी ने उनकी बात नहीं मानी और प्रताड़ना का सिलसिला जारी रहा। बेटी और फिर बेटे के जन्म के बाद भी नहीं रुका उत्पीड़न शिकायत के मुताबिक, विवाहिता ने पहले एक बेटी और बाद में करीब छह माह के एक बेटे को जन्म दिया। इसके बावजूद ससुराल पक्ष का व्यवहार नहीं बदला। उल्टे बच्चों के जन्म के बाद मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न और बढ़ गया। पीड़िता का आरोप है कि उसे लगातार दहेज की मांग पूरी करने के लिए दबाव बनाया जाता रहा। जेठ और देवर पर अश्लील हरकतों के गंभीर आरोप विवाहिता ने अपनी तहरीर में आरोप लगाया है कि उसका जेठ उसे घर में अकेला देखकर छेड़छाड़ करता था और गलत नीयत से उसके साथ अश्लील हरकतें करता था। उसने यह भी आरोप लगाया कि पति की मृत्यु के बाद देवर और जेठ दोनों उसे अकेला पाकर अभद्र व्यवहार करने लगे। पीड़िता के अनुसार, दोनों उसके साथ अश्लील हरकतें करते थे और आपत्तिजनक टिप्पणियां करते हुए कहते थे कि अब उसका पति नहीं रहा, इसलिए वे ही उसका सहारा बनेंगे। महिला ने आरोप लगाया कि उसकी इच्छा के विरुद्ध उसके साथ अशोभनीय हरकतें की गईं। पति की मौत के बाद बढ़ा दबाव, घर से निकालने का आरोप पीड़िता ने बताया कि उसके पति की 2 मार्च 2025 को मृत्यु हो गई थी। पति की मौत के बाद कुछ समय तक रिश्तेदारों के माध्यम से मामले को शांत करने की कोशिश की गई, लेकिन बाद में ससुराल पक्ष ने दोबारा 3 लाख रुपए की मांग शुरू कर दी। महिला का आरोप है कि मांग पूरी न होने पर ससुरालियों ने उसे और उसके दोनों बच्चों को केवल पहने हुए कपड़ों में ही एक गाड़ी में बैठाकर गांव के बाहर छोड़ दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और घर से निकाल दिया गया। पुलिस ने दर्ज किया मुकदमा, जांच शुरू महिला की शिकायत के आधार पर हाथरस महिला थाने में संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच शुरू कर दी गई है। जांच के दौरान दोनों पक्षों के बयान और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी।
ललितपुर जिले की सदर तहसील में शनिवार सुबह सम्पूर्ण समाधान दिवस के दौरान एक किसान ने जमीन पर कब्जे की शिकायत को लेकर तहसील परिसर में पेड़ पर फांसी लगाने का प्रयास किया। किसान के भतीजे ने पेड़ पर चढ़कर उसकी जान बचाई। इस घटनाक्रम के दौरान किसान के बड़े भाई और मां की भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें उपचार के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। कोतवाली सदर क्षेत्र के ग्राम सिलगन निवासी 20 वर्षीय किसान काशीराम कुशवाहा अपने पिता लक्खी के नाम पर दर्ज 16 डिसमिल जमीन पर कथित कब्जे से परेशान था। वह अपने बड़े भाई रामप्रसाद, मां सखी बाई और अन्य परिजनों के साथ शनिवार सुबह 11 बजे सदर तहसील में आयोजित सम्पूर्ण समाधान दिवस में पहुंचा था। अचानक किसान काशीराम परिसर में एक पेड़ पर चढ़ गया और तौलिए से फांसी लगाकर लटकने का प्रयास किया। यह देख उसका भतीजा अखिलेश तुरंत पेड़ पर चढ़ा और काशीराम को कमर से पकड़ लिया। मौके पर मौजूद पुलिसकर्मी भी तुरंत पेड़ पर चढ़े और तौलिए को काटकर काशीराम को फंदे से नीचे उतारा। काशीराम की हालत गंभीर होने पर उसे तत्काल उपचार के लिए मेडिकल कॉलेज में भर्ती कराया गया। अपने बेटे की यह हालत देखकर मां सखी बाई की भी तबीयत बिगड़ गई, जिन्हें बाद में मेडिकल कॉलेज लाया गया। बड़े भाई रामप्रसाद को भी उपचार के लिए भर्ती कराया गया है। पीड़ित काशीराम ने बताया कि उसके पिता के नाम पर 16 डिसमिल जमीन है, जिस पर 13 जून से उसके पारिवारिक चाचा द्वारा कब्जा कर मकान बनाया जा रहा है। उसने आरोप लगाया कि एक महीने से काम रुकवाने के लिए जिलाधिकारी, पुलिस अधीक्षक और उपजिलाधिकारी को ज्ञापन दिए गए, लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई। इसी से परेशान होकर उसने यह कदम उठाया।
गोंडा में एक हैरान कर देने वाली घटना सामने आई है, जहां एक जहरीला कोबरा सांप चूहे दानी में फंस गया। परिवार ने सांप को सुरक्षित रेस्क्यू कर जंगल में छोड़ दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह मामला नगर कोतवाली क्षेत्र के आवास विकास स्थित भार्गव कॉलोनी का है। जहां आज शनिवार सुबह करीब 8 बजे संजय कुमार अपने घर में रखी चूहेदानी देखने पहुंचे। उन्होंने देखा कि चूहे की जगह उसमें एक जहरीला कोबरा सांप फंसा हुआ था। इसे देखकर परिवार में हड़कंप मच गया। संजय ने तत्काल परिवार के अन्य सदस्यों को इसकी जानकारी दी। सभी ने मिलकर सावधानीपूर्वक सांप को रेस्क्यू करने का फैसला किया। उन्होंने एक बोरी का इंतजाम किया और काफी मशक्कत के बाद कोबरा को बोरी में बंद कर दिया। चूहे पकड़ने के लिए लगाई गई थी दानी इसके बाद परिवार ने सांप को बोरी सहित घर से बाहर ले जाकर सुरक्षित स्थान पर छोड़ दिया। बताया जा रहा है कि संजय कुमार ने घर में चूहों के बढ़ते उत्पात के कारण तीन दिन पहले यह चूहेदानी रखी थी। दो दिनों तक चूहा नहीं फंसा था, लेकिन तीसरे दिन सुबह उसमें कोबरा मिला। गोंडा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टर अतुल मिश्रा बताते हैं कि जहरीला कोबरा सांप को पकड़ते समय बड़ी सावधानियां बरतनी चाहिए क्योंकि इनके काटने से तुरंत जहर फैलता है। लोगों काफी दिक्कतें होती हैं। साथ ही साथ लगातार जहरीले सांपों द्वारा लोगों को काटा भी जा रहा है। कई मामले प्रतिदिन गोंडा मेडिकल कॉलेज में आते हैं। जान जोखिम में डाल करके लोग इस तरीके से ना पड़े बल्कि सपेरे को सूचना दे, जो सुरक्षित पकड़ करके ले जाकर के कहीं छोड़ें।
सहारनपुर में एसबीडी जिला अस्पताल में तैनात एक नर्सिंग ऑफिसर के मोबाइल फोन को हैक कर साइबर ठगों ने यूपीआई के माध्यम से 96,666 रुपए निकाल लिए। पीड़ित ने राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराने के बाद जनकपुरी थाने में तहरीर दी और अज्ञात के खिलाफ शनिवार को मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस मामले में जांच कर रही है। मेरठ के ग्राम पांचली खुर्द निवासी मनोज कुमार, जो वर्तमान में सहारनपुर के एसबीडी अस्पताल परिसर में नर्सिंग ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं, ने अपनी तहरीर में बताया कि 11 जून 2026 को उनके मोबाइल पर 96,666 रुपए यूपीआई आईडी jafar07860@barodampay पर ट्रांसफर होने का मैसेज आया। उनका आरोप है कि किसी साइबर अपराधी ने उनका मोबाइल फोन हैक कर उनकी जानकारी के बिना ये लेनदेन किया। राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत की मनोज कुमार के अनुसार, मैसेज मिलते ही उन्होंने तत्काल राष्ट्रीय साइबर क्राइम हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। शिकायत दर्ज होने के बावजूद एफआईआर दर्ज नहीं होने पर उन्होंने 17 जून 2026 को जनकपुरी थाने में लिखित प्रार्थना पत्र दिया। जिसके बाद मुकदमा दर्ज हुआ है। पीड़ित ने पुलिस से मामले की निष्पक्ष जांच कर अज्ञात साइबर ठग के खिलाफ कार्रवाई कर, उनके खाते से निकाली गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस ने बताया कि शिकायत और साइबर पोर्टल पर दर्ज विवरण के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। शुरुआती जांच में संबंधित यूपीआई आईडी किसके नाम पर संचालित है, भुगतान किस माध्यम से हुआ और साइबर ठगी की पूरी प्रक्रिया का पता लगाया जाएगा।
आष्टा थाना पुलिस ने रेस्टोरेंट में तोड़फोड़, मारपीट और अड़ीबाजी करने वाले मुख्य आरोपी श्याम पटेल को गिरफ्तार कर लिया है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस ने आरोपी का सड़क पर जुलूस निकाला और उसे थाने तक लेकर गई। आरोपी पर अड़ीबाजी, बलवा, मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे 16 गंभीर मामले दर्ज हैं। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद क्षेत्र में चर्चा शुरू हो गई है। रेस्टोरेंट में मुफ्त खाना खाने और धमकाने का आरोप मामला आष्टा थाना क्षेत्र के ग्राम कोठरी का है। रेस्टोरेंट संचालक मुकेश वर्मा ने पुलिस को शिकायत में बताया कि अमलाहा गांव निवासी श्याम पटेल अक्सर उसके रेस्टोरेंट पर आता था और बिना पैसे दिए खाना खाता था। शिकायत के अनुसार, जब भी उससे खाने के पैसे मांगे जाते थे तो वह धमकी देकर विवाद करता था। इसके बाद उसने अपने साथियों के साथ रेस्टोरेंट में पहुंचकर हंगामा किया। 25 हजार रुपए मांगने के बाद की मारपीट मुकेश वर्मा के अनुसार, हाल ही में श्याम पटेल अपने पांच साथियों के साथ रेस्टोरेंट पहुंचा था। आरोप है कि उसने वहां 25 हजार रुपये की मांग की। जब रेस्टोरेंट संचालक ने रुपये देने से इनकार किया तो श्याम पटेल और उसके साथियों ने मुकेश वर्मा तथा उनके बेटे विनय के साथ गाली-गलौज शुरू कर दी। विरोध करने पर आरोपियों ने दोनों के साथ मारपीट की। रेस्टोरेंट में तोड़े कांच और एसी मारपीट के दौरान आरोपियों ने रेस्टोरेंट में तोड़फोड़ भी की। आरोप है कि उन्होंने वहां लगे कांच और एसी सहित अन्य सामान को नुकसान पहुंचाया। घटना के बाद मुकेश वर्मा ने पुलिस थाने पहुंचकर मामले की शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने शिकायत के आधार पर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई शुरू की। पुलिस ने दर्ज किया मामला, शुरू की तलाश फरियादी की रिपोर्ट पर पुलिस ने श्याम पटेल, संदीप वर्मा और चार अन्य लोगों के खिलाफ मारपीट, गाली-गलौज, तोड़फोड़, अड़ीबाजी और बलवे की धाराओं में मामला दर्ज किया। मामला दर्ज होने के बाद थाना प्रभारी गिरीश दुबे के नेतृत्व में पुलिस टीम ने आरोपियों की तलाश शुरू की। पुलिस ने श्याम पटेल के घर, खेत और अन्य संभावित ठिकानों पर दबिश दी। थार गाड़ी सहित पकड़े गए आरोपी लगातार तलाश के बाद पुलिस ने मुख्य आरोपी श्याम पटेल और उसके साथी संदीप वर्मा को ग्राम महोड़िया थाना मंडी क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया। पुलिस ने दोनों आरोपियों को थाने लाकर पूछताछ शुरू की है। आष्टा थाना प्रभारी गिरीश दुबे ने बताया कि श्याम पटेल ग्राम अमलाह का सूचीबद्ध गुंडा है। उसके खिलाफ आष्टा, मंडी और कोतवाली थानों में मारपीट और हत्या के प्रयास जैसे कुल 16 गंभीर अपराध दर्ज हैं। उन्होंने बताया कि आरोपी के खिलाफ जिलाबदर का प्रकरण भी जिला कलेक्टरेट न्यायालय में विचाराधीन है। पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बिगाड़ने वाले अपराधियों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
“बहुत से मुस्लिम स्कालर्स का मानना है कि हो सकता है श्री राम और कृष्ण जी 1 लाख 24 हजार पैगंबरों में से एक हो। इतने वर्ष गुजर जाने के बाद बहुत सी चीजें डिस्ट्रोट हो जाती है। इस बारे में मैं कोई कमेंट नहीं कर सकता। वो बहुत बड़ी हस्ती थे। उन्होंने इंसानियत को बहुत बहुत बड़े लेशन दिए हैं। जहां तक चंदा चोरी की बात है कोई गलत नीयत से नहीं देता है। चोरी तो चोरी है।” ये बातें सपा नेता एसटी हसन ने मुरादाबाद में मीडिया से बातचीत के दौरान कही। शिक्षण संस्थान को नहीं गिराना चाहिए मौलाना जौहर अली विश्वविद्यालय एक शिक्षण संस्थान है। शिक्षण संस्थान सभी का होता है। हिंदू मुसलमान सब उसमें पढ़ते हैं। मैं समझता हूं सरकार को अपने फैसले पर पुनर्विचार करना चाहिए। कोई दूसरा रास्ता निकालना चाहिए। शिक्षण संस्थान वैसे ही कम हैं। बड़ी मुश्किल से बनते हैं। जिस आजम खान ने यूनिवर्सिटी बनवाई है मैं समझता हूं 10 15 और जी लेंगे। इसके बाद तो सब चले ही जाते हैं। मैं भी नहीं रहूंगा इस दुनिया में और आप लोग भी नहीं रहेंगे। कम से कम संस्थान तो रहेगा। ये लोगों की खिदमत करता रहेगा। मेरा मुख्यमंत्री और राज्यपाल दोनों लोगों से गुजारिश है। अगर वे सहानुभूतिपूर्वक इस पर विचार करेंगे तो कोई बीच का रिश्ता जरूर निकलेगा। देश में वन नेशन वन इलेक्शन मुमकिन नहींदेश में वन नेशन वन इलेक्शन मुमकिन नहीं है। हमारे यहां सरकारें गिर भी जाती हैं अगर कोई सरकार बीच में गिर गई तो क्या करेंगे। क्या वे इलेक्शन की तारीखों का इंतजार करेंगे। या फिर राष्ट्रपति शासन लगाकर राष्ट्रपति उसको देखेगा। इससे होड़ सी मच जाएगी। जो केंद्र की सरकार होगी वो अपने क्षेत्र और प्रदेशों की सरकारों को गिराएगी। वह इनडायरेक्ट तौर पर उस पर रूल करना शुरू कर देगी। वैसे अभी तक तो हमारी सरकार से प्रधानी के चुनाव तक तो कराए नही जा रहे। वन नेशन वन इलेक्शन की बात कर रहे हैं। प्रधानी से लेकर निकाय, जिला पंचायत, विधायकी और सांसद के चुनाव एक साथ होना मैं समझता हूं मुमकिन नहीं है। इसमें टेक्निकल प्रॉब्लम बहुत ज्यादा हैं। कौन हैं डॉ. हसन ? डॉ. एसटी हसन मुरादाबाद से सपा के सांसद हैं। 60 साल के डॉ. हसन ने MBBS और MS (सर्जन) की पढ़ाई की है और वह मेडिकल प्रैक्टिस भी करते हैं। 2019 में वह पहली बार सांसद बने। इसके पहले वह लगातार मरीजों का इलाज करते थे। एसटी हसन के पिता का नाम सैयद नासिर हुसैन है। नासिर अंग्रेजों के जमाने के अधिकारी थे। एसटी हसन के राजनीतिक कॅरियर की शुरूआत 2006 में हुई थी। उन्हें सपा के कद्दावर नेता आजम खान राजनीति में ले आए थे। 2006 में वह मुरादाबाद के मेयर बने थे। इसके बाद अप्रैल 2009 में वह बसपा में शामिल हो गए, हालांकि बाद में वापस सपा में आ गए थे। ये खबर भी पढ़ें- पिता को 6 गोलियां मारने वाले से परिवार डरता था:भाई को भी मार चुका था गोली; गाजियाबाद में लड़की ने शादी से मना किया गाजियाबाद में हरिओम चौधरी (52) की गिनती इलाके के संपन्न किसानों में होती थी। 75 बीघा जमीन, मार्केट और अच्छी-खासी आमदनी...। कुल 150 करोड़ की प्रॉपर्टी। परिवार में किसी चीज की कमी नहीं थी। लेकिन, 15 जुलाई (बुधवार) की आधी रात को उसी बेटे ने पिता की हत्या कर दी, परिवार जिसकी शादी की तैयारी कर रहा था। पढ़ें पूरी खबर
बालाघाट में नाली से मिला पेंगोलिन:जंगल में छोड़ा, वन विभाग पर प्रोटोकॉल पालन न करने का आरोप
बालाघाट के हट्टा परिक्षेत्र के परासपानी गांव में एक नाली से संरक्षित वन्यजीव पेंगोलिन बरामद किया गया। यह घटना वन विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठा रही है, क्योंकि विभाग पर संरक्षित जीव को जंगल में सुरक्षित छोड़ने के प्रोटोकॉल का पालन न करने का आरोप है। जानकारी के अनुसार, परासपानी निवासी शक्तिमान चौधरी के पुत्र ऋषभ चौधरी ने रात में नाली में एक वन्यजीव को देखा, जिसे देखकर एक बिल्ली गुर्रा रही थी। ऋषभ ने इसकी सूचना अपने परिजनों को दी, जिसके बाद पुलिस को सूचित किया गया। रात्रि गश्त कर रही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और पेंगोलिन को नाली से सुरक्षित बाहर निकाला। पुलिस ने तत्काल वन विभाग को इसकी सूचना दी। लगभग डेढ़ से दो घंटे बाद डिप्टी रेंजर और एक चौकीदार मौके पर पहुंचे। पुलिस ने संरक्षित वन्यजीव को वनकर्मियों को सौंप दिया। हालांकि, संरक्षित जीव के रिहायशी क्षेत्र में मिलने के बाद उसकी सुरक्षा के लिए एक निर्धारित प्रोटोकॉल है, जिसमें उसकी चिकित्सीय जांच और सुरक्षित तरीके से जंगली क्षेत्र में छोड़ना शामिल है ताकि उसका शिकार न हो सके। तस्करी का खतरा पेंगोलिन की शल्कों की अधिक मांग के कारण उसकी तस्करी का खतरा रहता है, और बालाघाट में पहले भी ऐसे कई मामले सामने आ चुके हैं। इस गंभीरता को देखते हुए वन विभाग को प्रक्रिया का पालन कर जीव को सुरक्षित करना होता है। लेकिन, इस मामले में परिक्षेत्र अधिकारी सुरेंद्र कुमार शेंडे का बयान गैर-जिम्मेदाराना प्रतीत होता है। उन्होंने चिकित्सीय जांच की बात तो कही, लेकिन उसे सुरक्षित जंगल में छोड़ने को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं दी। फोटो वीडियो नहीं मिले जब उनसे पेंगोलिन को जंगल में छोड़ने से संबंधित वीडियो और फोटो मांगे गए, तो उन्होंने कहा कि शायद स्टाफ ने वीडियो या फोटो बनाए होंगे। इस पर संरक्षित वन्यजीव को सुरक्षित तरीके से जंगल में छोड़ने को लेकर सवाल खड़े हो गए हैं, और वन्यजीव प्रेमियों ने इस पर नाराजगी व्यक्त की है। शेड्यूल-वन का प्राणी वन्यजीव प्रेमी अभय कोचर ने चर्चा में बताया कि पेंगोलिन शेड्यूल-वन का प्राणी है, जिसको जंगल में छोड़ने को लेकर, हमें वन्यजीव के भोजन, रहवास क्षेत्र के साथ किसी बड़े जिम्मेदार अधिकारी की मौजूदगी जरूरी होती है। फिलहाल इस मामले में अब वरिष्ठ अधिकारियों को यह देखना होगा कि अधिनस्थ अमला, संरक्षित वन्यजीव को लेकर कितना गंभीर और जिम्मेदार है।
केन-बेतवा लिंक परियोजना से प्रभावित और विस्थापन तथा मुआवजे की मांग को लेकर आंदोलन कर रहे परिवारों की आवाज अब राष्ट्रीय स्तर तक पहुंच गई है। लगातार चल रहे 'चिता आंदोलन' और आमरण अनशन पर प्रधानमंत्री कार्यालय (PMO) ने संज्ञान लेते हुए मध्यप्रदेश सरकार से पूरे मामले में विस्तृत रिपोर्ट तलब की है। पीएमओ के इस कदम के बाद आंदोलन से जुड़े लोगों में न्याय मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। PMO ने मांगी विरोध प्रदर्शनों की पूरी रिपोर्ट प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्य सरकार से पूछा है कि प्रभावित परिवार आखिर किन कारणों से आंदोलन कर रहे हैं। रिपोर्ट में यह स्पष्ट करने को कहा गया है कि विरोध प्रदर्शन मुआवजे से जुड़े विवादों, विस्थापन या किसी अन्य समस्या के कारण हो रहे हैं। केंद्र सरकार यह भी जानना चाहती है कि अब तक प्रभावित परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए हैं। मुआवजा वितरण में अनियमितताओं की शिकायत पीएमओ को मिली शिकायतों में मुआवजा वितरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताओं का उल्लेख किया गया है। आरोप है कि बिचौलियों की भूमिका के कारण पात्र परिवारों को पूरा मुआवजा नहीं मिला, जबकि कई अपात्र लोगों को भी मुआवजा राशि का लाभ मिल गया। इन्हीं शिकायतों के आधार पर प्रधानमंत्री कार्यालय ने राज्य सरकार से पूरे मामले की विस्तृत जानकारी और तथ्यात्मक रिपोर्ट मांगी है। अन्य परियोजनाओं पर भी मांगा जवाब केवल केन-बेतवा लिंक परियोजना ही नहीं, बल्कि रुंझ, मझगांव और नैगुआ बांध परियोजनाओं तथा एनटीपीसी परियोजना से जुड़े मामलों पर भी पीएमओ ने जवाब तलब किया है। रिपोर्ट में आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर के आमरण अनशन का भी उल्लेख किया गया है। प्रभावित परिवारों ने लगाए गंभीर आरोप विस्थापित परिवारों का आरोप है कि उन्हें उनकी जमीन और मकानों के बदले उचित मुआवजा नहीं मिला। उनका कहना है कि वास्तविक प्रभावितों की अनदेखी की गई, जबकि कई ऐसे लोगों को मुआवजा मिल गया जो इसके पात्र नहीं थे। प्रभावितों का कहना है कि इसी कारण वे लंबे समय से आंदोलन और धरना-प्रदर्शन कर रहे हैं। PMO के हस्तक्षेप से बढ़ी उम्मीद प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा रिपोर्ट तलब किए जाने के बाद आंदोलनकारियों को उम्मीद है कि अब पूरे मामले की निष्पक्ष जांच होगी और यदि अनियमितताएं सामने आती हैं तो दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, राज्य सरकार को केंद्र के सामने अपनी अब तक की कार्रवाई और आगे की योजना भी प्रस्तुत करनी होगी। 'न्याय न मिलने तक आंदोलन जारी रहेगा' जय किसान संगठन के नेता और आंदोलन का नेतृत्व कर रहे अमित भटनागर ने कहा कि प्रधानमंत्री कार्यालय द्वारा मामले को गंभीरता से लेने से प्रभावित परिवारों में विश्वास बढ़ा है। उन्होंने कहा कि उन्हें उम्मीद है कि इस हस्तक्षेप के बाद भ्रष्टाचार और अनियमितताओं के लिए जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई होगी तथा सभी प्रभावित परिवारों को न्याय मिलेगा। उनका कहना है कि जब तक अंतिम प्रभावित व्यक्ति को न्याय नहीं मिल जाता, तब तक आंदोलन और आमरण अनशन जारी रहेगा।
धौलपुर में सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करने के लिए ट्रैफिक पुलिस 1 जुलाई से एक विशेष अभियान चला रही है। ट्रैफिक इंचार्ज बलविंदर सिंह के नेतृत्व में यह अभियान बिना नंबर प्लेट वाले और नियमों के विपरीत मॉडिफाइड वाहनों के खिलाफ केंद्रित है। इस अभियान के तहत अब तक 550 से अधिक वाहनों के चालान किए जा चुके हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाले मॉडिफाइड वाहनों को जब्त करने की कार्रवाई भी की जा रही है। इसके अतिरिक्त, सड़क दुर्घटनाओं को रोकने और रात में वाहनों की दृश्यता बढ़ाने के लिए उन पर रिफ्लेक्टर भी लगाए जा रहे हैं। ट्रैफिक पुलिस का यह विशेष अभियान 29 जुलाई तक जारी रहेगा। पुलिस अधिकारियों ने वाहन चालकों से अपील की है कि वे वैध नंबर प्लेट का उपयोग करें, यातायात नियमों का पालन करें और बिना अनुमति वाहन में कोई बदलाव न कराएं। नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई जारी रखने की बात कही गई है।
रोहतक जिले के खरकड़ा गांव के दीप्तांशु अहलावत ने नीट (NEET) परीक्षा में 315वीं रैंक हासिल की है। इस उपलब्धि से उनके परिवार में खुशी का माहौल है। दीप्तांशु का परिवार वर्तमान में रोहतक में रहता है। उनके पिता अजमेर महम के किशनगढ़ गांव के सरकारी स्कूल से मार्च माह में प्रिंसिपल पद से सेवानिवृत्त हुए हैं। माता पूनम गांव भाली आनंदपुर के सरकारी स्कूल में हिंदी पीजीटी के पद पर कार्यरत हैं। दीप्तांशु की बहन चेल्सी नोएडा में रेडियोलॉजी में स्नातकोत्तर की पढ़ाई कर रही हैं, जबकि दूसरी बहन मुस्कान सफदरजंग मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस कर रही हैं। पिता बोले- पूरे जिले का नाम रोशन किया पिता अजमेर ने बताया कि दीप्तांशु ने न केवल परिवार का नाम रोशन किया है, बल्कि पूरे हरियाणा प्रदेश, रोहतक जिला और महम चौबीसी क्षेत्र का भी नाम ऊंचा किया है। महम में यह एक रिकॉर्ड बन गया है कि एक ही घर के तीनों बच्चे डॉक्टर बन गए हैं। उन्होंने इस सफलता का श्रेय दीप्तांशु की कड़ी मेहनत को दिया। दीप्तांशु ने अपनी सफलता के लिए माता-पिता, गुरुजनों और बड़ी बहनों के मार्गदर्शन को महत्वपूर्ण बताया। सेवानिवृत्त प्रिंसिपल अजमेर सिंह ने बताया कि दीप्तांशु ने हाल ही में सीबीएसई बोर्ड से 12वीं कक्षा 91 प्रतिशत अंकों के साथ उत्तीर्ण की है। यह उनका नीट का पहला प्रयास था, जिसमें उन्होंने 315वीं रैंक हासिल की।
शाजापुर जिले के मक्सी नगर में दिनदहाड़े बाइक चोरी का वीडियो सामने आया है। घटना के 12 दिन बीत जाने के बाद भी पुलिस को चोरी हुई बाइक का कोई सुराग नहीं मिला है। जानकारी के अनुसार, नई आबादी मक्सी निवासी 18 वर्षीय विवेक लोधी पुत्र कैलाश लोधी 6 जुलाई 2024 को सुबह करीब 9 बजे अपनी पैशन प्रो मोटरसाइकिल (क्रमांक MP-12-MG-4844) से नर्मदा मार्ट पर काम करने पहुँचे थे। उन्होंने अपनी काले रंग की बाइक सड़क किनारे खड़ी की थी। दोपहर करीब 1 बजे जब विवेक काम खत्म कर बाहर आए, तो उनकी बाइक मौके से गायब थी। उन्होंने आसपास काफी तलाश की, लेकिन मोटरसाइकिल का कोई पता नहीं चला। इसके बाद उन्होंने मक्सी थाने में लिखित शिकायत दर्ज कराई। शिकायत में विवेक ने बताया कि बाइक के आगे लगे मास्क पर जय श्री महाकाल लिखा हुआ है, जिससे उसकी पहचान आसानी से की जा सकती है। उन्होंने पुलिस से सीसीटीवी फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर जल्द से जल्द बाइक बरामद करने और वाहन चोरों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है।
धौलपुर पुलिस का 'महिला सुरक्षा संकल्प:महिलाओं और बुजुर्गों को दे रही सुरक्षा का भरोसा
धौलपुर पुलिस ने महिलाओं की सुरक्षा और जागरूकता बढ़ाने के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। महिला सुरक्षा संकल्प अभियान नामक यह पहल 1 जुलाई से 29 जुलाई 2026 तक जिलेभर में संचालित की जाएगी। अभियान के तहत, सभी थाना अधिकारियों और महिला बीट अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे महिलाओं, बालिकाओं, बुजुर्ग महिलाओं और अकेले रहने वाले बुजुर्ग दंपत्तियों से संपर्क करें। उन्हें सुरक्षा संबंधी जानकारी दी जाएगी और उनकी समस्याओं को सुना जाएगा। पुलिस मुख्यालय के निर्देशों के अनुसार, इस अभियान में महिलाओं को विभिन्न सुरक्षा उपायों की जानकारी दी जाएगी। इनमें महिला हेल्पलाइन 1090, आपातकालीन सेवा 112 और साइबर हेल्पलाइन 1930 शामिल हैं। महिलाओं को सुरक्षा संबंधी 'क्या करें और क्या न करें' के बारे में भी बताया जाएगा। उन्हें यह भी प्रेरित किया जाएगा कि आवश्यकता पड़ने पर वे तुरंत पुलिस से संपर्क करें। इसी क्रम में, धौलपुर जिले के कोतवाली थाना प्रभारी रामकिशन यादव और टाउन चौकी प्रभारी लोकेंद्र सिंह ने बुजुर्ग महिलाओं और अकेले रहने वाले दंपत्तियों के घरों का दौरा किया। उन्होंने उनसे सीधा संवाद स्थापित किया। धौलपुर पुलिस के अनुसार, इस अभियान का मुख्य उद्देश्य महिलाओं में सुरक्षा का विश्वास बढ़ाना, अपराधों की रोकथाम करना और समाज में महिला सुरक्षा के प्रति जागरूकता को मजबूत करना है।
पटेरा बाजार में चार कारों पर गिरा नीम का पेड़:लोगों ने भागकर बचाई जान; प्रशासन से सुधार की मांग
दमोह जिले के पटेरा नगर परिषद के मुख्य बाजार में शुक्रवार सुबह करीब 9 बजे अग्रवाल मेडिकल के सामने एक नीम का पेड़ जड़ से उखड़कर नीचे खड़ी चार कारों पर गिर गया। हादसे में कारें क्षतिग्रस्त हो गईं। आसपास मौजूद लोगों ने भागकर अपनी जान बचाई, जिससे बड़ा हादसा टल गया। अग्रवाल मेडिकल के सामने हुआ हादसा घटना पटेरा नगर परिषद के मुख्य बाजार में अग्रवाल मेडिकल के सामने हुई। जिस समय पेड़ गिरा, उस दौरान वहां ज्यादा भीड़ नहीं थी। इससे जनहानि नहीं हुई। घटना के बाद मौके पर लोगों की भीड़ जमा हो गई। स्थानीय निवासी जगदीश नामदेव ने बताया कि जिस स्थान पर पेड़ गिरा, उसके पास एक जर्जर नाली है। उनका कहना है कि नाली की खराब स्थिति के कारण ही पेड़ जड़ से उखड़कर गिरा। प्रशासन से सुधार कार्य की मांग जगदीश नामदेव ने प्रशासन से मांग की है कि जहां भी बड़े पेड़ों के आसपास इस तरह की जर्जर नालियां हैं, वहां सुधार कार्य कराया जाए। उन्होंने कहा कि गनीमत रही कि यह घटना बाजार वाले दिन नहीं हुई, अन्यथा बड़ा हादसा हो सकता था।
गाजियाबाद स्थित सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर परिसर में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान का रजत जयंती समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान, जसोल के अध्यक्ष रावल किशन सिंह जसोल मुख्य अतिथि और भाजपा राजस्थान के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य हरिशचंद्र सिंह जसोल विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। मुख्य अतिथि किशन सिंह जसोल ने गुरुकुल शिक्षा को राष्ट्र निर्माण का सशक्त आधार बताया। विशिष्ट अतिथि हरिशचंद्र सिंह जसोल ने संस्कारयुक्त शिक्षा के विस्तार पर बल दिया। समारोह की अध्यक्षता सिद्धपीठ श्री दूधेश्वर नाथ मठ महादेव मंदिर के पीठाधीश्वर, जूना अखाड़ा के अंतरराष्ट्रीय प्रवक्ता और दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान के संस्थापक अध्यक्ष महंत नारायण गिरि महाराज ने की। इस अवसर पर देशभर से आए संत-महात्मा, धर्माचार्य, शिक्षाविद, जनप्रतिनिधि और विशिष्ट अतिथि भी मौजूद रहे। विद्यालय के 25 सालों की यात्रा दिखाईकार्यक्रम का शुभारंभ वैदिक मंत्रोच्चार, दीप प्रज्ज्वलन, मंगलाचरण, राष्ट्रगान और सरस्वती वंदना के साथ हुआ। दूधेश्वर वेद विद्यालय के छात्रों ने वैदिक परंपरा और भारतीय संस्कृति पर आधारित स्वागत गीत प्रस्तुत कर अतिथियों का अभिनंदन किया। एक चलचित्र के माध्यम से स्कूल की स्थापना से लेकर अब तक की 25 वर्षों की यात्रा, प्रमुख उपलब्धियों, वैदिक शिक्षा के क्षेत्र में किए गए कार्यों और समाजसेवा से जुड़े विभिन्न प्रकल्पों का प्रभावशाली प्रस्तुतीकरण किया गया। समारोह में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान की रजत जयंती स्मारिका का विधिवत विमोचन भी किया गया। स्मारिका में संस्थान की गौरवपूर्ण यात्रा, वैदिक शिक्षा के विविध आयाम, संतों के प्रेरक संदेश, छात्रों की उपलब्धियां और संस्थान के विकास का विस्तृत विवरण प्रकाशित किया गया है। मुख्य अतिथि किशन सिंह जसोल ने अपने उद्बोधन में कहा कि भारत की आत्मा उसकी सनातन संस्कृति, ऋषि परंपरा, वैदिक ज्ञान एवं गुरुकुल शिक्षा व्यवस्था में निहित है। संस्कारयुक्त शिक्षा से ही श्रेष्ठ नागरिक, सुदृढ़ समाज और समर्थ राष्ट्र का निर्माण संभव है। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान छात्रों को वेद, शास्त्र एवं संस्कृत के अध्ययन के साथ धर्म, अनुशासन, चरित्र, सेवा, कर्तव्यबोध और राष्ट्रभक्ति के संस्कार प्रदान कर रहा है। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज ने अपने तप, त्याग, दूरदर्शी नेतृत्व एवं सतत पुरुषार्थ से वैदिक शिक्षा के संरक्षण का जो महायज्ञ प्रारम्भ किया, वो आज विशाल स्वरूप प्राप्त कर चुका है। विद्यालय के विद्यार्थी देश-विदेश में भारतीय संस्कृति एवं सनातन परंपरा का गौरव बढ़ा रहे हैं। ऐसे गुरुकुल भारत को पुनः विश्वगुरु बनाने के संकल्प को साकार करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं। विशिष्ट अतिथि हरिशचंद्र सिंह जसोल ने कहा कि वैदिक शिक्षा भारतीय ज्ञान परंपरा, सांस्कृतिक चेतना और राष्ट्र निर्माण की आधारशिला है। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान में विद्यार्थियों का शैक्षिक, आध्यात्मिक, सांस्कृतिक एवं नैतिक विकास किया जा रहा है। यहाँ प्राप्त ज्ञान और संस्कार विद्यार्थियों को समाज एवं राष्ट्र के प्रति उत्तरदायी जीवन जीने की प्रेरणा प्रदान करते हैं। उन्होंने कहा कि परम पूज्य श्रीमहंत नारायण गिरि महाराज जैसे तपस्वी, दूरदर्शी एवं राष्ट्रचिंतक संतों के मार्गदर्शन से सनातन संस्कृति की गौरवशाली परंपराएं नई पीढ़ी तक पहुंच रही हैं। दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान ने वैदिक अध्ययन, संस्कृत संवर्धन, गुरुकुल परंपरा एवं भारतीय जीवन मूल्यों के संरक्षण में अनुकरणीय स्थान स्थापित किया है। यह संस्थान आने वाले समय में भारतीय ज्ञान परंपरा के वैश्विक विस्तार का सशक्त माध्यम बनेगा। समारोह में आचार्य महामंडलेश्वर श्री विश्वेश्वरानन्द गिरि महाराज, कल्कि पीठाधीश्वर आचार्य प्रमोद कृष्णम महाराज, महामंडलेश्वर चेतना माता, महामण्डलेश्वर स्वामी विद्याचैतन्य महाराज (अंतर्राष्ट्रीय सनातन धर्म संस्थान, नैमिषारण्य), महामंडलेश्वर श्रद्धा माता, जूना अखाड़ा के सचिव एवं दिल्ली संत महामंडल के संगठन मंत्री महंत कंचन गिरि महाराज, दिल्ली संत महामंडल के कोषाध्यक्ष महंत धीरेंद्र पुरी महाराज, सिद्धेश्वर वेद विद्यालय के संस्थापक महंत मुकेशानन्द गिरि महाराज तथा प्रख्यात आध्यात्मिक चिंतक गुरु पवन सिन्हा की गरिमामयी उपस्थिति रही। विशिष्ट अतिथियों में महर्षि सांदीपनि राष्ट्रीय वेद विद्या प्रतिष्ठान, उज्जैन के सचिव प्रो. विरूपाक्ष वी. जड्डीपाल, विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष आलोक कुमार, गाजियाबाद विधायक संजीव शर्मा, शिक्षाविद राम अवतार जिंदल एवं समाजसेवी नवरत्न सोनी सहित अनेक गणमान्यजन उपस्थित रहे। समारोह को संबोधित करते हुए संतों एवं वक्ताओं ने कहा- परम पूज्य महंत नारायण गिरि महाराज के संरक्षण एवं मार्गदर्शन में दूधेश्वर वेद विद्यालय संस्थान वैदिक शिक्षा, भारतीय संस्कृति, धर्म, संस्कार, नैतिक मूल्यों एवं राष्ट्रभावना का प्रमुख केंद्र बन चुका है। विद्यालय के विद्यार्थी अपने ज्ञान, अनुशासन, आचरण एवं संस्कारों के माध्यम से भारतीय गुरुकुल परंपरा की श्रेष्ठता का परिचय दे रहे हैं। इस अवसर पर धर्म, शिक्षा, साहित्य, मीडिया एवं समाजसेवा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले अनेक व्यक्तित्वों को प्रशस्ति-पत्र, स्मृति चिन्ह, अंगवस्त्र एवं पुष्पमालाओं से सम्मानित किया गया। इनमें श्री दूधेश्वर नाथ मठ मंदिर विकास समिति के अध्यक्ष अनुज गर्ग, विनय संकोची, अजय चोपड़ा, श्रृंगार समिति के अध्यक्ष विजय मित्तल, धर्मेंद्र चौधरी, मंदिर के सोशल मीडिया संयोजक सांवलाराम सुथार, अमित प्रकाश, मीडिया प्रभारी बी.के. शर्मा, अधिवक्ता हर्ष पाण्डेय, लेखा परीक्षक संजीव गुप्ता, नितिन कुमार तथा प्रख्यात कवि राज कौशिक शामिल रहे। समापन अवसर पर परम पूज्य महंत नारायण गिरि महाराज ने देशभर से पधारे संत-महात्माओं, अतिथियों, शिक्षाविदों, जनप्रतिनिधियों, सहयोगियों, आचार्यगण, विद्यार्थियों, मीडिया प्रतिनिधियों एवं श्रद्धालुओं के प्रति आभार व्यक्त किया। रजत जयंती समारोह का समापन वैदिक मंगलकामनाओं, संतों के आशीर्वचनों तथा भारतीय संस्कृति, वैदिक शिक्षा एवं राष्ट्र की उन्नति के सामूहिक संकल्प के साथ हुआ।
अंजड़ की महिलाओं ने बारिश के लिए निभाई परंपरा:घर-घर जाकर गाए इंद्र गीत, अन्न दान लेकर की पूजा
बड़वानी जिले के अंजड़ नगर में बारिश की कमी से चिंतित महिलाओं ने शुक्रवार देर रात एक पारंपरिक अनुष्ठान किया। उन्होंने टोलियां बनाकर घर-घर जाकर वर्षा गीत गाए, अन्न और सामग्री एकत्र की, और फिर सामूहिक पूजा-अर्चना कर अच्छी बारिश की कामना की। इस अनुष्ठान के तहत, महिलाएं पारंपरिक वेशभूषा में मोहल्लों में निकलीं और 'इंद्र राजा' को समर्पित लोक गीत गाए। इन गीतों के माध्यम से इंद्र देव की स्तुति की गई और उनसे वर्षा की प्रार्थना की गई। इस दौरान उन्होंने प्रत्येक घर से आटा, चावल, दाल और गुड़ जैसी सामग्री एकत्र की। बुजुर्ग महिलाओं ने बताया कि यह परंपरा पीढ़ियों से चली आ रही है। जब भी बारिश में देरी होती है, अंजड़ की महिलाएं इस लोक रीति का पालन करती हैं। ऐसी मान्यता है कि इस अनुष्ठान से इंद्र देव प्रसन्न होते हैं और क्षेत्र में अच्छी वर्षा होती है। इसी आस्था के साथ महिलाओं ने यह रस्म निभाई। संगीता बाई ने जानकारी दी कि दान में एकत्र सामग्री का उपयोग नगर में सामूहिक पूजा के लिए किया गया। महिलाओं ने इंद्र देव से पश्चिम निमाड़ क्षेत्र में समय पर और पर्याप्त बारिश होने की प्रार्थना की। पूजा के समापन पर प्रसाद वितरित किया गया। क्षेत्र में बारिश की कमी के कारण किसान परेशान हैं। मक्का, सोयाबीन और कपास जैसी फसलें प्रभावित हो रही हैं, और जलस्रोतों का स्तर भी नहीं बढ़ा है। इसी चिंता के चलते महिलाएं लोक आस्था के माध्यम से प्रकृति को प्रसन्न करने का प्रयास कर रही हैं। नगर की निवासी ललिता बाई ने बताया कि वर्षा न होने पर अंजड़ की महिलाएं हर साल यह परंपरा निभाती हैं। लोक मान्यता है कि ऐसे अनुष्ठान और लोक गीत गाने से इंद्र देव का प्रकोप शांत होता है। महिलाओं को उम्मीद है कि उनकी प्रार्थना से जल्द बारिश होगी और खेतों में खुशहाली आएगी।
शुजालपुर में स्मैक और एविल इंजेक्शन के अवैध कारोबार के खुलासे के बाद शुक्रवार को बड़ा जनाक्रोश देखने को मिला। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) के करीब 100 कार्यकर्ताओं ने शनिवार को एसडीओपी कार्यालय का घेराव किया। प्रदर्शनकारियों ने ड्रग इंस्पेक्टर, शुजालपुर सिटी थाना प्रभारी और शुजालपुर मंडी थाना प्रभारी समेत जिम्मेदारों को हटाने की मांग की। एसडीओपी कार्यालय के बाहर प्रदर्शनकारियों ने हनुमान चालीसा का पाठ किया। पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद, नशे के दलालों को जूते मारो जैसे नारे लगाए। सूचना मिलने पर नायब तहसीलदार और बेरछा एसडीओपी मौके पर पहुंचे। प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। दैनिक भास्कर ने किया था खुलासा मामला दैनिक भास्कर के स्टिंग ऑपरेशन के बाद सामने आया था। इसमें शुजालपुर के बकरी बाजार, नूरपुरा और कृष्णा नगर समेत विभिन्न क्षेत्रों में कथित रूप से बिना डॉक्टर पर्चे के एविल इंजेक्शन बेचे जाने और स्मैक का अवैध कारोबार संचालित होने के दृश्य दिखाए गए थे। स्टिंग के बाद गुरुवार को शुजालपुर सिटी थाना पुलिस ने नूरपुरा स्थित एक मकान पर छापा मारा। पुलिस ने ड्रम में छिपाकर रखे गए 300 एविल इंजेक्शन जब्त किए। हालांकि, पुलिस की इस कार्रवाई को असंतोषजनक बताते हुए यह आंदोलन जारी है। मंत्री ने भी जताई थी नाराजगी घटनाक्रम पर उच्च शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने भी शुजालपुर पुलिस की कार्यशैली पर नाराजगी जताई थी। उन्होंने कहा था कि ड्रग्स के कारोबार में शामिल लोगों के खिलाफ जैसी कार्रवाई होनी चाहिए थी, वैसी कार्रवाई न करते हुए पुलिस ने लीपापोती की कोशिश की है। प्रदर्शन में एबीवीपी पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि स्टिंग में चेहरे और गतिविधियां स्पष्ट दिखाई देने, 300 इंजेक्शन बरामद होने और नेटवर्क के सामने आने के बावजूद पुलिस ने समय रहते एफआईआर दर्ज नहीं की। उन्होंने कहा कि पुलिस ने कार्रवाई करने के बजाय खुद को सामान्य कार्रवाई तक सीमित रखा। प्रदर्शनकारियों ने यह भी कहा कि जब तक ड्रग इंस्पेक्टर समेत जिम्मेदार अधिकारियों पर कार्रवाई नहीं होगी और नशे के नेटवर्क को ध्वस्त नहीं किया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। इसी दौरान पुलिस थाना प्रभारी प्रवीण पाठक के मौके पर पहुंचने पर विद्यार्थी और ज्यादा भड़क गए। यह भी पढ़ें- स्मैक+एविल का कॉकटेल, इंजेक्शन से ले रहे एमडी जैसा नशा एविल इंजेक्शन को गर्म कर उसमें स्मैक मिलाकर दोबारा गर्म करते हैं। ठंडा होने के बाद इसे नस में इंजेक्ट करते हैं। इसके बाद ऐसा नशा होता है मानो हेलीकॉप्टर में उड़ रहे हों। आजकल एमडी जैसा असर भी इसी तरीके से मिल रहा है। यह दावा करते हुए नशेड़ी ने भास्कर रिपोर्टर के सामने दवा अपनी नस में इंजेक्ट कर ली। एक्सपर्ट के मुताबिक, एविल और स्मैक का यह कॉम्बिनेशन बेहद खतरनाक है। इसका ओवरडोज कुछ ही मिनटों में जानलेवा साबित हो सकता है। इसका पूरा नेटवर्क जानने के लिए रिपोर्टर ने 15 दिन तक नशेड़ियों के बीच रहकर पड़ताल की। पढ़ें पूरी खबर
फरीदाबाद में फिल्म अभिनेता अनिल कपूर के दामाद आनन्द आहूजा की सेक्टर-28 स्थित शाही एक्सपोर्ट कंपनी के सैकड़ों कर्मचारियों ने दूसरे दिन भी अपनी मांगों को लेकर विरोध प्रदर्शन किया। कर्मचारियों ने कहा कि पहले उनके 20 प्रतिशत बोनस दिया जाता था लेकिन अब उसको घटाकर 8 प्रतिशत किया गया है। कंपनी अपने फायदे के लिए उनके पैसों की कटौती कर रही है। कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई के बीच बोनस में इस तरह की कमी उनके परिवार के बजट पर सीधा असर डाल रही है। उनका आरोप है कि कंपनी अपने आर्थिक हितों को प्राथमिकता देते हुए कर्मचारियों के अधिकारों की अनदेखी कर रही है। कर्मचारियों ने बोनस की पुरानी व्यवस्था बहाल करने की मांग दोहराई। कोरोना के बाद लगातार घट रहा बोनस कंपनी में कार्यरत महिला कर्मचारी संतोष और रचना ने बताया कि वे कई वर्षों से सिलाई विभाग में काम कर रही हैं। उनके अनुसार, कोरोना महामारी के बाद से बोनस में लगातार कटौती की जा रही है। पहले उन्हें 20 प्रतिशत बोनस मिलता था, लेकिन अब यह घटकर केवल 8 प्रतिशत रह गया है। उनका कहना है कि रोजमर्रा की जरूरतों और महंगाई में लगातार बढ़ोतरी हो रही है। प्रबंधन पर मनमानी का आरोप प्रदर्शन कर रहे कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि कंपनी के वरिष्ठ अधिकारियों के वेतन और सुविधाओं में लगातार वृद्धि हो रही है, जबकि निचले स्तर के कर्मचारियों को मिलने वाले लाभ कम किए जा रहे हैं। उनका कहना है कि बोनस घटाने का प्रस्ताव पहले भी कर्मचारियों के सामने रखा गया था, जिसका उस समय भी विरोध किया गया था, लेकिन प्रबंधन ने उनकी आपत्तियों को नजरअंदाज कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस कर्मचारियों को एकत्रित होने की सूचना मिलते ही पुलिस के कर्मचारी मौके पर पहुंच गए। जिसके बाद पुलिस ने कर्मचारियों को समझाने की कोशिश की, लेकिन कर्मचारियों ने एक बात नही सुनी। कर्मचारियों ने कहा कि जब तक उनको पुराना बोनस नही दिया जाएगा वह प्रदर्शन करते रहेंग।
चित्तौड़गढ़ के चंदेरिया में ट्रांसफार्मर से करंट लगने से 6 साल के मासूम सुमित बंजारा की मौत के बाद शनिवार को जिला हॉस्पिटल में माहौल तनावपूर्ण हो गया था। परिजन, बंजारा समाज के लोग और स्थानीय जनप्रतिनिधि बड़ी संख्या में हॉस्पिटल पहुंच गए और परिवार को उचित मुआवजा व जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। पुलिस और प्रशासन की मौजूदगी में कई दौर की बातचीत के बाद सहमति बनी। इसके बाद मासूम के शव का पोस्टमॉर्टम कराया गया। समझौते के तहत बिजली विभाग, विधायक मद और विभाग के ठेकेदार की ओर से कुल 11 लाख रुपए की आर्थिक सहायता, सरकारी योजनाओं का लाभ और मृतक के पिता को संविदा पर नौकरी देने पर सहमति बनी। खुले तारों से आया था मासूम को करंट शनिवार सुबह से जिला हॉस्पिटल में बड़ी संख्या में समाजजन और मोहल्लेवासी जमा हो गए। पार्षद दिनेश गवारिया, समाज के पदाधिकारी और अन्य जनप्रतिनिधियों ने परिवार के लिए आर्थिक सहायता और जिम्मेदार लोगों पर कार्रवाई की मांग रखी। पार्षद दिनेश गवारिया ने बताया कि वार्ड नंबर छह की गली नंबर दो में ट्रांसफार्मर के नीचे लगे बॉक्स के खुले तारों की वजह से मासूम करंट की चपेट में आया। उन्होंने कहा कि समाज और जनप्रतिनिधियों की मौजूदगी में अधिकारियों से बातचीत हुई, जिसके बाद सहमति बनी और पोस्टमार्टम कराया गया। समझौते के अनुसार बिजली विभाग की ओर से 5 लाख रुपए, विधायक मद से 2 लाख रुपए और विभाग के ठेकेदार की ओर से 4 लाख रुपए की सहायता दी जाएगी। साथ ही परिवार को अन्य सरकारी योजनाओं का लाभ दिलाने और मृतक के पिता को संविदा पर नौकरी देने पर भी सहमति बनी। इसके बाद शव को अंतिम संस्कार के लिए गांव रवाना किया गया। खेलते समय हुआ हादसा मूल रूप से जवासिया निवासी और वर्तमान में चंदेरिया के एफसीआई गोदाम के पीछे रहने वाला छह वर्षीय सुमित बंजारा शुक्रवार शाम अपने साथियों के साथ खेल रहा था। इसी दौरान वह गली नंबर-2 में लगे ट्रांसफार्मर के पास पहुंच गया और करंट की चपेट में आ गया। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार करंट का झटका इतना तेज था कि उसका पैर बुरी तरह झुलस गया। परिजन तुरंत उसे जिला सांवलियाजी हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सुमित हाउसिंग बोर्ड कॉलोनी के सरकारी स्कूल में एलकेजी का छात्र था। उसके पिता मुकेश बंजारा मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। सुमित तीन भाई-बहनों में सबसे छोटा था। उसकी मौत के बाद परिवार का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में शोक का माहौल है। पुलिस ने शुरू की जांच, लोगों ने कार्रवाई की मांग उठाई घटना की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी और चंदेरिया थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मर्ग दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। परिजनों और स्थानीय लोगों का आरोप है कि ट्रांसफार्मर के फ्यूज बॉक्स खुले थे और तार लटक रहे थे, जिससे यह हादसा हुआ। लोगों ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, जिम्मेदार अधिकारियों और कर्मचारियों पर कार्रवाई तथा परिवार को न्याय दिलाने की मांग की है। शनिवार को हॉस्पिटल में पुलिस जाब्ता भी तैनात रहा, ताकि किसी तरह की अप्रिय स्थिति न बने। बातचीत के बाद मामला शांत हुआ और पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी कराई गई।
रोहतक के लाखन माजरा में नहरी पानी चोरी रोकने पर सिंचाई विभाग के एक जूनियर इंजीनियर (जेई) पर हमला किया गया। आरोप है कि जेई को थप्पड़ मारे गए और जान से मारने की धमकी दी गई। पुलिस ने इस मामले में चार लोगों के खिलाफ केस दर्ज किया है। सिंचाई विभाग को लाखन माजरा गांव के क्षेत्र से गुजरने वाली भिवानी डिस्ट्रीब्यूटरी नहर से लगातार पानी चोरी की शिकायतें मिल रही थीं। इन घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए विभाग ने चोरों को पकड़ने का अभियान चलाया था। पाइप लगाकर की जा रही थी नहर से पानी की चोरी अभियान के तहत, सिंचाई विभाग के मदीना उपमंडल में कार्यरत जेई अमन अपनी ड्यूटी पर भिवानी सब ब्रांच आरडी 52300 (मध्य गोहाना रोड के पास) पर थे। उन्होंने लाखन माजरा गांव निवासी जयपाल और सुमित को रबड़ के 2 पाइप लगाकर नहर से पानी चोरी करते हुए देखा। जेई अमन ने जब उन्हें पाइप हटाने के लिए कहा, तो दोनों आरोपी गाली-गलौज करने लगे और अभद्र भाषा का प्रयोग किया। उन्होंने जेई को जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपियों ने फोन करके दो लोगों को बुलाया इसके बाद, जयपाल और सुमित ने लाखन माजरा निवासी अजमेर उर्फ काला और मोहित को फोन करके मौके पर बुला लिया। कुछ देर बाद वे दोनों भी वहां पहुंच गए। जेई अमन के अनुसार, अजमेर उर्फ काला ने आते ही उन्हें थप्पड़ मारा, उनके साथ मारपीट की और गाली-गलौज किया। जेई अमन ने इस मारपीट की घटना के बाद अपना मेडिकल करवाया और लाखन माजरा थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने जेई की शिकायत के आधार पर सुमित, जयपाल, अजमेर, और मोहित सभी लाखन माजरा गांव निवासी के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है।
रामगढ़ के गोला प्रखंड के सूतरी गांव में जंगली हाथियों का एक बड़ा झुंड पहुंच गया है। यह झुंड लगातार किसानों की फसलों को बर्बाद कर रहा है, जिससे ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। हाथियों ने मकई, धान और अन्य मौसमी फसलों को रौंदकर भारी नुकसान पहुंचाया है। हाथियों के इस दल ने केवल फसलों को ही नहीं, बल्कि ग्रामीणों के घरों को भी क्षतिग्रस्त किया है। कई घरों के दरवाजे तोड़कर अंदर रखे अनाज, जिनमें मिड डे मील का चावल भी शामिल है, खा जाने की घटनाएं सामने आई हैं। 20 हाथियों का झुंड रात के समय रिहायशी इलाकों और खेतों में प्रवेश करता है। इनकी लगातार मौजूदगी से गांव में भय का माहौल बना हुआ है। हाथियों के उत्पात के कारण ग्रामीण रातभर जागकर रतजगा करने को मजबूर हैं। फसल लगाने का समय होने के कारण ग्रामीण विशेष रूप से चिंतित हैं, क्योंकि फसलों के बर्बाद होने से उनके सामने आजीविका का संकट खड़ा हो जाएगा। वन विभाग की टीम लगातार गश्त कर रही है, लेकिन ग्रामीणों के अनुसार कोई सकारात्मक पहल नहीं दिख रही है। यह पहली बार नहीं है; इससे पहले भी हाथियों का झुंड गोला, छतरपुर और मकनपुर जैसे क्षेत्रों में फसलों को बर्बाद कर चुका है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मांग की है कि उन्हें रात में गश्त के लिए टॉर्च उपलब्ध कराई जाए और हाथियों को भगाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं, ताकि वे सुरक्षित रह सकें और उनकी फसलें बच सकें।
सूरजपुर जिला प्रशासन ने मानसून के दौरान संभावित बाढ़ और अन्य प्राकृतिक आपदाओं से प्रभावी ढंग से निपटने के लिए अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी क्रम में शुक्रवार को ग्राम पंचायत केनापारा स्थित पोखरी में बाढ़ बचाव एवं अग्निशमन दल द्वारा एक व्यापक मॉक ड्रिल का आयोजन किया गया। कलेक्टर रेना जमील स्वयं इस कार्यक्रम में उपस्थित रहीं। उन्होंने बचाव कार्यों का निरीक्षण किया और अधिकारियों तथा बचाव दल का उत्साहवर्धन किया। एक व्यक्ति के डूबने की सूचना पर मॉकड्रिल मॉक ड्रिल के दौरान, पोखरी में एक व्यक्ति के डूबने की काल्पनिक सूचना दी गई। इस पर राहत एवं बचाव दल ने तत्काल कार्रवाई की। टीम मोटरबोट, प्रशिक्षित गोताखोरों और आधुनिक बचाव उपकरणों के साथ घटनास्थल पर पहुंची और रेस्क्यू ऑपरेशन शुरू किया। निर्धारित मानकों के अनुरूप अभियान चलाते हुए, टीम ने कुछ ही समय में डूब रहे व्यक्ति को सुरक्षित बाहर निकाल लिया। इस दौरान बचाव कार्यों में उपयोग होने वाले उपकरणों का प्रदर्शन भी किया गया और उनकी उपयोगिता के बारे में जानकारी दी गई। गांव वालों को बताया कि कैसे बचना है विशेषज्ञों ने मॉक ड्रिल के माध्यम से उपस्थित ग्रामीणों को बताया कि आपदा की स्थिति में घर में उपलब्ध सामान्य संसाधनों का उपयोग कर प्रारंभिक बचाव कैसे किया जा सकता है। साथ ही, लोगों को घबराने के बजाय संयम बनाए रखने, प्रशासन के निर्देशों का पालन करने और समय पर सूचना देने की सलाह दी गई।
लुधियाना के सरकारी प्राइमरी स्कूल में चौथी कक्षा के छात्र की पिटाई की गई। जब अभिभावकों ने इसकी शिकायत की तो उनके साथ दुर्व्यवहार किया गया। परिजनों का आरोप है कि इस दौरान उन्हें जातिसूचक शब्द कहे गए और झूठे मामले में फंसाने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर थाना डिवीजन नंबर-4 पुलिस ने स्कूल की एक शिक्षिका के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) और जुवेनाइल जस्टिस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जांच के दौरान सामने आने वाले तथ्यों और साक्ष्यों के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। अब पढ़ें क्या हैं अभिभावकों के आरोप:- इन धाराओं के तहत दर्ज हुआ मामला शिकायत की जांच के बाद थाना डिवीजन नंबर-4 पुलिस ने शिक्षिका रिंकू रानी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 115(2) और जुवेनाइल जस्टिस (केयर एंड प्रोटेक्शन ऑफ चिल्ड्रेन) एक्ट, 2015 की धारा 75 के तहत मामला दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार, मामले की जांच जारी है। --------------------------- छात्र पिटाई से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें:- गुरदासपुर में छात्र को विकटों से पीटा:टीचर ने घर में बताने पर धमकी दी, मां ने कपड़े बदलते वक्त निशान देखे; स्कूल पहुंची गुरदासपुर में सरकारी स्कूल के टीचर ने 5वीं कक्षा के छात्र को प्लास्टिक की विकटों से पीट दिया। इसका पता तब चला जब बच्चा घर में कपड़े बदलने लगा। कपड़े बदलते वक्त मां की नजर बच्चे की पीठ पड़ी। पीठ पर निशान पड़े थे। यह भी पढ़ें:-
रायपुर में संघ लोक सेवा आयोग की ओर से आयोजित सेंट्रल आर्म्ड पुलिस फोर्स (CAPF) सहायक कमांडेंट भर्ती परीक्षा 19 जुलाई को होगी। परीक्षा जिले के 4 केंद्रों पर दो पालियों में आयोजित की जाएगी। पहली पाली सुबह 10 से 12 बजे और दूसरी पाली दोपहर 2 से शाम 5 बजे तक चलेगी। परीक्षा में कुल 1704 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा की तैयारियों की समीक्षा करते हुए कलेक्टर डॉ. गौरव सिंह ने अधिकारियों को सभी व्यवस्थाएं समय पर पूरी करने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने कहा कि परीक्षा केंद्रों पर पेयजल, बिजली, बैठने की व्यवस्था सहित सभी जरूरी सुविधाएं पहले से सुनिश्चित की जाएं और आयोग के दिशा-निर्देशों का सख्ती से पालन हो। फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य कलेक्टर ने स्पष्ट किया कि हर परीक्षार्थी की प्रवेश से पहले फ्रिस्किंग और फेस ऑथेंटिकेशन अनिवार्य रूप से किया जाएगा। परीक्षा की गोपनीय सामग्री का वितरण 19 जुलाई को जिला कोषालय से किया जाएगा। परीक्षा संचालन के लिए डिप्टी कलेक्टर नवीन ठाकुर को को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर, डिप्टी कलेक्टर उत्तम प्रसाद रजक को सहायक को-ऑर्डिनेटिंग सुपरवाइजर और रोजगार अधिकारी केदारनाथ पटेल को कंट्रोल रूम प्रभारी बनाया गया है। अभ्यर्थियों से की गयी अपील प्रशासन ने अभ्यर्थियों से अपील की है कि वे पहली पाली के लिए सुबह 9:30 बजे और दूसरी पाली के लिए दोपहर 1:30 बजे तक परीक्षा केंद्र पहुंच जाएं। समय पर पहुंचने से फ्रिस्किंग, फेस ऑथेंटिकेशन और अन्य औपचारिकताएं बिना किसी परेशानी के पूरी की जा सकेंगी।
शनिवार सुबह विजयपुर नगर के बस स्टैंड क्षेत्र में एक युवक पानी की 50 फीट ऊंची टंकी पर चढ़ गया, जिससे हड़कंप मच गया। पुलिस और स्थानीय लोगों की समझाइश के बाद उसे सुरक्षित नीचे उतार लिया गया। यह घटना करीब दो घंटे तक चली। युवक की पहचान धीरज खटीक के रूप में हुई है। स्थानीय लोगों के अनुसार, वह अपनी पत्नी के छोड़कर चले जाने से मानसिक रूप से परेशान था। इसी कारण उसने विरोध जताने के लिए यह कदम उठाया। पुलिस ने इस संबंध में अभी आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। 15 दिन पहले चली गई पत्नी टंकी पर चढ़े धीरज ने लगातार मीडिया से बात कराने की मांग की। नीचे उतरने के बाद उसने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी उसे करीब 15 दिन पहले छोड़कर चली गई थी और पुलिस उसकी शिकायत पर सुनवाई नहीं कर रही थी। इसी परेशानी के चलते उसने यह कदम उठाया। घटना की सूचना मिलते ही मौके पर बड़ी संख्या में लोग और पुलिस बल एकत्र हो गया। पुलिस और स्थानीय लोगों ने युवक को शांत कराने का प्रयास किया। आसपास काफी भीड़ जमा हो गई थी, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बना रहा। पुलिस ने युवक को सुरक्षित अपने संरक्षण में ले लिया है और उससे पूछताछ शुरू कर दी है। अधिकारियों ने बताया कि मामले की जांच की जा रही है और युवक द्वारा लगाए गए आरोपों की भी पड़ताल की जाएगी। इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई।
रोहतक की डीएलएफ कॉलोनी की रहने वाली महिला आईएएस अधिकारी के घर पर पिछले 7 दिनों में तीन बार चोरी की वारदात हुई है। रात को भी चोर मकान में घुस और सामान लेकर फरार हो गए। आरोपी पड़ोस में लगे सीसीटीवी में कैद हो गए। इस मामले में आर्य नगर थाने में संपर्क करने का प्रयास किया, लेकिन एसएचओ से बात नहीं हो पाई। महिला आईएएस अधिकारी की पोस्टिंग नूंह में एडीसी के पद पर है। उनका परिवार भी डीएलएफ स्थित मकान में नहीं रहता, जो काफी समय से बंद है। पड़ोस में रहने वाले व्यक्ति को देखरेख के लिए बोला हुआ है। कल रात को दो आरोपी मकान में घुसे और सामान चोरी कर ले गए। यहां तक कि नल की टूटी भी चोरी की गई है। लेकिन पुलिस उन्हें अभी तक पकड़ नहीं पाई। रात 2 बजे घर में घुसे आरोपी डीएलएफ स्थित महिला आईएएस अधिकारी के घर पर रात करीब 2 बजे दो चोर अंदर घुसते दिख रहे है, जो वहां लगे एक सीसीटीवी में कैद हो गए। दोनों आरोपी अंदर तो गए, लेकिन उसके बाद लाइट न होने के कारण उनके बाहर आने की फुटेज सीसीटीवी में नहीं आई। लगातार मकान में हो रही चोरी पड़ोस में रहने वाले लोगों ने बताया कि महिला आईएएस अधिकारी के घर लगातार चोरी हो रही है। पहले भी दो-तीन बार चोरी हो चुकी है। रात भी कुछ लोग घर में घुस गए थे, जिनकी आवाज आ रही थी। बाहर निकलकर देखा तो एक गाड़ी में दो पुलिसकर्मी भी मौजूद थे। जो सुबह 5 बजे यहां से गए है। चोर मकान से किस समय निकले, इसके बारे में नहीं पता। महिला अधिकारी से नहीं हो सका संपर्क घर पर चोरी के मामले में नूंह में तैनात महिला अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन नहीं उठाया। वहीं, पड़ोस में रहने वाले लोगों से भी इस मामले में बात करने की कोशिश की, लेकिन उन्होंने नाम न छापने की शर्त पर चोरी के बारे में जानकारी दी।
लखनऊ में 5 एसडीएम के ट्रांसफर:साहिल कुमार बने एसडीएम सदर, सरोजनी नगर के एसडीएम बने अभिषेक सिंह
लखनऊ डीएम विशाख जी. अय्यर ने 5 एसडीएम का ट्रांसफर किया है। दूसरे विभागों से आए अधिकारियों को भी चार्ज दिया है। एसडीएम सदर मनोज कुमार सिंह को ACM-1 बनाया गया है। लखनऊ नगर निगम से पदोन्नत होकर जिला प्रशासन पहुंचे आकाश कुमार को बीकेटी का एसडीएम बनाया गया है। अभिषेक कुमार सिंह को सरोजनी नगर भेजा गया है। अंकित शुक्ला को एसीएम-2 का चार्ज मिला है। अंकित इससे पहले सरोजनी नगर के एसडीएम थे। एसडीएम मोहनलालगंज पवन पटेल को ACM-4 और मोहनलालगंज का SDM आकाश सिंह को बनाया गया है।
शिव सेना जालोर की ओर से अमृत देवासी हत्याकांड की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की गिरफ्तारी और जांच में हुई लापरवाही के को लेकर गृह मंत्री के नाम कलेक्टर जालोर के माध्यम से ज्ञापन सौंपा गया। ज्ञापन में बताया गया कि भैंसवाड़ा निवासी अमृत देवासी की संदिग्ध परिस्थितियों में हत्या कर शव को तालाब में फेंक दिया गया था। घटना को लगभग 3 साल बीत जाने के बावजूद आज तक आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई है। पीड़ित परिवार एवं क्षेत्र वासियों में गहरा आक्रोश व्याप्त है। ज्ञापन में यह भी बताया गया कि मृतक का मोबाइल फोन बरामद होने के बावजूद उसकी फॉरेंसिक रिपोर्ट अब तक प्राप्त नहीं होना जांच प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़ा करता है। 3 साल से चक्कर काट रहा पीड़ित परिवार शिव सेना जिला प्रमुख रूपराज राज पुरोहित ने कहा कि मृतक के वृद्ध माता-पिता पिछले 3 सालों से न्याय की प्रतीक्षा में चक्कर लगा रहे हैं, लेकिन अभी तक उन्हें न्याय नहीं मिल पाया है। लगातार विलंब के कारण परिवार मानसिक, सामाजिक एवं आर्थिक पीड़ा झेल रहा है। संगठन ने मामले की निष्पक्ष जांच एवं दोषियों के खिलाफ तुरंत कार्रवाई की मांग की है। ज्ञापन में गृह मंत्री अमित शाह के नाम एसडीएम ज्ञापन देकर मांग की गई है कि अमृत देवासी हत्याकांड की उच्चस्तरीय एवं निष्पक्ष जांच करवाई जाए, प्रकरण में शामिल सभी आरोपियों को शीघ्र गिरफ्तार किया जाए, मोबाइल की फॉरेंसिक रिपोर्ट तत्काल प्राप्त कर जांच में शामिल किया जाए और जांच में हुई लापरवाही के लिए जिम्मेदार अधिकारियों एवं कर्मचारियों के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाए।
एनएच-49 पर लूट का 24 घंटे में खुलासा:दो आरोपी गिरफ्तार, चाकू-बाइक समेत लूटा सामान बरामद
सारागांव थाना पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-49 पर राहगीरों से लूट की वारदात का 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों में एक नाबालिग भी है। आरोपियों के कब्जे से लूटा गया मोबाइल, नकदी, वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और चाकू बरामद किए गए हैं। पुलिस के अनुसार, 16 जुलाई को अशोक लाठिया अपने साथी के साथ बढ़ई का काम करने सारागांव आए थे। शाम को काम खत्म होने के बाद दोनों मोटरसाइकिल से अपने घर लौट रहे थे। एनएच-49 स्थित अंजली फ्यूल्स पेट्रोल पंप पर पेट्रोल भरवाने के बाद करीब 100 मीटर आगे बिना नंबर की स्प्लेंडर मोटरसाइकिल पर सवार युवकों ने उन्हें रोक लिया। चाकू से हमला कर किया था घायल आरोपियों ने चाकू जैसे धारदार हथियार से हमला कर दोनों को घायल कर दिया। इसके बाद उनके पास से दो मोबाइल फोन और 5 हजार रुपये नकद लूट लिए। कुल मिलाकर, करीब 25 हजार रुपये की संपत्ति लूटकर आरोपी फरार हो गए थे। पुलिस अधीक्षक विजय कुमार पांडेय ने थाना प्रभारी राकेश कुमार सूर्यवंशी के नेतृत्व में एक टीम गठित की। जांच के दौरान पुलिस ने महेन्द्र कुमार धारिया निवासी डेरागढ़ (जिला सक्ती) को हिरासत में लेकर पूछताछ की। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर लूट की वारदात को अंजाम देना स्वीकार किया। 2 हजार रुपए नकद जब्त किए गए महेन्द्र कुमार धारिया के मेमोरेंडम के आधार पर पुलिस ने वारदात में प्रयुक्त मोटरसाइकिल और लूटा गया एक मोबाइल बरामद किया। वहीं, दूसरे आरोपी सूर्यकांत बरेठ के कब्जे से 2 हजार रुपये नकद जब्त किए गए। मामले में शामिल विधि विरुद्ध संघर्षरत बालक से घटना में प्रयुक्त एक्सट्रीम मोटरसाइकिल, चाकू और एक अन्य मोबाइल फोन भी बरामद किया गया है।
राजस्थान इंटरनेशनल सेंटर में आज शाम (शनिवार) 6 बजे मोटिवेशनल स्पीकर RJ कार्तिक का शो ‘कथाएं, कीर्तन और कार्तिक’ होगा। कार्यक्रम में टिकट के जरिए एंट्री मिलेगी। शो की सभी टिकट पहले ही बुक हो चुकी हैं। भजनों पर झूमेंगे लोग यह शो भजन क्लबिंग, कीर्तन और कहानियों का एक नया रूप होगा। जयपुर में पहली बार इस तरह का आयोजन हो रहा है। इसमें लोग भजनों की धुन पर झूमेंगे और एक साथ कीर्तन का आनंद लेंगे। कार्यक्रम में आरजे कार्तिक अपने खास अंदाज में सकारात्मक और प्रेरणादायक कहानियां भी सुनाएंगे। कार्तिक की कहानियों को करोड़ों लोग पसंद करते हैं RJ कार्तिक अपनी मोटिवेशनल कहानियों के लिए जाने जाते हैं। उनकी कहानियां रोजमर्रा की जिंदगी से जुड़ी होती हैं और लोगों को मुश्किल समय में उम्मीद बनाए रखने व सकारात्मक सोच के साथ आगे बढ़ने की प्रेरणा देती हैं। सोशल मीडिया पर भी उनकी प्रेरक कहानियों को देशभर के करोड़ों लोग पसंद करते हैं।
16 साल से फरार पारदी गैंग का वारंटी गिरफ्तार:2010 में 53 तोला सोना, नकदी चोरी मामले में मिली सफलता
बारां कोतवाली थाना पुलिस ने 16 साल पुराने चोरी के एक चर्चित मामले में बड़ी सफलता हासिल की है। पुलिस ने पारदी गैंग के एक स्थायी वारंटी गजराज उर्फ गजराम पारदी (65) को मध्य प्रदेश के गुना जिले से गिरफ्तार किया है। आरोपी वर्ष 2010 से फरार चल रहा था। यह मामला 13 जून 2010 को ललित कुमार गुप्ता द्वारा दर्ज कराई गई रिपोर्ट से संबंधित है। गुप्ता ने बताया था कि 12 जून 2010 की रात अज्ञात बदमाशों ने उनके कोटा रोड स्थित मकान के नीचे संचालित श्रीकृष्णा औद्योगिक प्रशिक्षण केंद्र (आईटीआई) का ताला तोड़कर प्रवेश किया। इसके बाद सीढ़ियों से मकान में घुसकर 25 हजार रुपए नकद, 53 तोला सोना और 850 ग्राम चांदी के जेवर चोरी कर लिए थे। पुलिस अधीक्षक अभिषेक अंदासु ने बताया कि फरार अपराधियों, भगोड़ों और स्थायी वारंटियों की गिरफ्तारी के लिए एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सौरभ तिवाड़ी के सुपरविजन और पुलिस उपाधीक्षक रोहिताश देवंदा के निर्देशन में कोतवाली थाना प्रभारी हीरालाल पुनियां और डीएसटी टीम ने कार्रवाई की। टीम ने मध्य प्रदेश के गुना जिले के बिलाखेड़ी क्षेत्र में दबिश देकर आरोपी गजराज उर्फ गजराम को गिरफ्तार किया। आरोपी के खिलाफ न्यायालय से स्थायी गिरफ्तारी वारंट जारी था और वह 299 सीआरपीसी के तहत फरार घोषित था। पुलिस के अनुसार, आरोपी से चोरी गए माल और उसके अन्य साथियों के संबंध में गहन पूछताछ की जा रही है। मामले में अन्य फरार आरोपियों और चोरी के माल की बरामदगी को लेकर भी जांच जारी है। पुलिस ने बताया कि आरोपी अपनी पहचान छुपाकर गुना के बिलाखेड़ी के जंगल में वेश बदलकर रह रहा था, जिसे डीएसटी टीम ने कड़ी मशक्कत के बाद पकड़ा। इस कार्रवाई में पुलिस टीम में कोतवाली सीआई हीरालाल पुनिया, एएसआई मुकुटबिहारी, डीएसटी प्रभारी राजेश मीणा, एएसआई आकाश शिंदे, हेड कांस्टेबल मनीष अवस्थी, कृष्णमुरारी और हरिप्रकाश सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल थे।
करनाल जिले के कुंजपुरा स्थित खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के सरकारी गोदाम में गेहूं गबन का मामला लगातार तूल पकड़ता जा रहा है। ताजा जांच में 9951 गेहूं के बैग गायब पाए गए हैं, जिनकी कीमत करीब 2.72 करोड़ रुपए आंकी गई है। विभागीय जांच में तत्कालीन कस्टोडियन अशोक शर्मा को इसके लिए जिम्मेदार ठहराते हुए उनके खिलाफ कुंजपुरा थाने में एक और एफआईआर दर्ज करवाई गई है। इससे पहले भी हजारों बैग कम मिलने पर उनके खिलाफ कार्रवाई हो चुकी है। जांच में बढ़ता गया घोटाले का दायरा कुंजपुरा गोदाम में गेहूं स्टॉक की जांच कई चरणों में हुई और हर बार गड़बड़ी का आंकड़ा बढ़ता गया। सबसे पहली जांच खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के मंत्री राजेश नागर के निर्देश पर कराई गई थी, जिसमें 4904 गेहूं के बैग कम पाए गए। इस पर अशोक शर्मा के खिलाफ कुंजपुरा थाने में एफआईआर दर्ज की गई और उन्हें विभाग से निलंबित कर दिया गया। इसके बाद जून माह में विजिलेंस जांच हुई, जिसमें 9585 बैग कम मिले, मामला यहीं नहीं रुका। 3 जुलाई को शिकायतकर्ता विकास शर्मा की मौजूदगी में गोदाम के स्टॉक की भौतिक जांच की गई, जिसमें करीब 1500 बैग खराब हालत में पाए गए। स्टॉक में से 327 बैग और कम मिले इसके ठीक 12 दिन बाद, यानी 15 जुलाई को निदेशक स्तर की जांच में बचे हुए स्टॉक में से 327 बैग और कम मिले। अब खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक की अंतिम जांच में यह स्पष्ट हुआ है कि पहली जांच के 4904 बैग को अलग रखते हुए दूसरी अवधि में 9951 बैग और गायब हुए हैं। इस तरह अब तक 4904 बैग पहले, 9951 बैग बाद में गायब और 1500 बैग खराब होने की पुष्टि हो चुकी है। कुल मिलाकर 16,355 बैग का नुकसान सामने आया है। 4.49 करोड़ रुपए तक पहुंचा नुकसान विभागीय आकलन के अनुसार एक गेहूं के बैग की औसत कीमत करीब 2750 रुपए मानी गई है। इस आधार पर 16,355 बैगों के नुकसान की कुल राशि लगभग 4.49 करोड़ रुपए बैठती है। यह आंकड़ा कुंजपुरा गोदाम में सामने आए अब तक के सबसे बड़े सरकारी अनाज घोटालों में शामिल हो गया है। रिकॉर्ड नहीं सौंपने पर अशोक शर्मा जिम्मेदार जांच रिपोर्ट में यह भी सामने आया है कि निलंबन और पद से हटाए जाने के बावजूद तत्कालीन कस्टोडियन अशोक शर्मा ने गोदाम का पूरा रिकॉर्ड विभाग को नहीं सौंपा। विभाग की ओर से उन्हें कई बार पत्र भेजकर रिकॉर्ड जमा कराने के निर्देश दिए गए, लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया। खाद्य एवं आपूर्ति नियंत्रक मुकेश कुमार ने अपनी रिपोर्ट में स्पष्ट किया है कि गोदाम के कस्टोडियन होने के कारण स्टॉक और रिकॉर्ड की पूरी जिम्मेदारी अशोक शर्मा की थी। रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं कराने और स्टॉक में भारी कमी मिलने के आधार पर उन्हें दोषी मानते हुए उनके खिलाफ एक और एफआईआर दर्ज करवाई गई है। नई जांच टीम को मिली क्लीन चिट मामले की जांच के लिए गठित नई टीम ने गोदाम के स्टॉक का भौतिक सत्यापन किया और इसकी पूरी वीडियोग्राफी कर जांच कमेटी को सौंपी। नियंत्रक ने वीडियो और अन्य दस्तावेजों की जांच के बाद टीम की कार्यप्रणाली को सही पाया और उसे किसी भी प्रकार की लापरवाही से मुक्त कर क्लीन चिट दे दी। जांच में यह भी सामने आया है कि गोदाम में रखे गेहूं के चट्टों के बीच से कट्टे गायब किए गए थे, ताकि बाहर से देखने पर स्टॉक पूरा दिखाई दे और गड़बड़ी पकड़ में न आए। अब होगी रिकवरी और आपराधिक जांच सूत्रों के अनुसार विभाग अब अशोक शर्मा के खिलाफ विभागीय चार्जशीट जारी कर सरकारी गेहूं की कीमत की रिकवरी की प्रक्रिया शुरू करेगा। दूसरी ओर पुलिस दर्ज एफआईआर के आधार पर मामले की आपराधिक जांच को आगे बढ़ाएगी और यह पता लगाएगी कि इस गबन में अन्य अधिकारी, कर्मचारी या बाहरी लोग भी शामिल थे या नहीं।
भिवानी शहर के स्थानीय पंचायत भवन में 20 जुलाई को दोपहर एक बजे जिला लोकसंपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की मासिक बैठक आयोजित की जाएगी। बैठक की अध्यक्षता प्रदेश के खाद्य नागरिक एवं उपभोक्ता मामले मंत्री राजेश नागर करेंगे और बैठक में रखे जाने वाले परिवादों की सुनवाई करेंगे। इस दौरान परिवादों के समाधान के लिए मौके पर मौजूद संबंधित विभागों के अधिकारियों को जरूरी निर्देश देंगे। बैठक में 13 परिवाद रखे जाएंगे नगराधीश अनिल कुमार ने जानकारी देते हुए बताया कि जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समिति की बैठक में कुल 13 परिवाद रखे जाएंगे। जिनमें तीन परिवाद पुराने और 10 परिवाद नए हैं। बैठक में सभी विभागों के अधिकारी मौजूद रहेंगे। बैठक को लेकर डीसी साहिल गुप्ता द्वारा सभी विभागों के अधिकारियों को जरूरी निर्देश दिए जा चुके हैं।
झज्जर जिला पुलिस के अवैध हथियारों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत CIA-2 बहादुरगढ़ ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक युवक को दो अवैध पिस्तौल और 27 जिंदा कारतूस सहित गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर रेलवे अंडरपास के पास की गई कार्रवाई में आरोपी को मौके से ही काबू कर लिया गया। पुलिस ने आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। पुलिस ने चलाया विशेष अभियान पुलिस कमिश्नर डॉ. राजश्री सिंह के निर्देशन और डीसीपी (क्राइम) शुभम सिंह के मार्गदर्शन में जिलेभर में अपराधियों और अवैध हथियार रखने वालों के खिलाफ विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत CIA-2 प्रभारी निरीक्षक अमित कुमार के नेतृत्व में टीम रेलवे रोड क्षेत्र में गश्त और संदिग्ध व्यक्तियों की जांच कर रही थी। इसी दौरान पुलिस को विश्वसनीय सूचना मिली कि रेलवे अंडरपास के पास अनाज मंडी के नजदीक एक युवक अवैध हथियारों के साथ मौजूद है। आरोपी को न्यायिक हिरासत में भेजा सूचना मिलते ही पुलिस टीम ने मौके पर घेराबंदी कर संदिग्ध को दबोच लिया। पूछताछ में उसकी पहचान राजेश निवासी लाइनपार, बहादुरगढ़ के रूप में हुई। तलाशी लेने पर उसके कब्जे से दो अवैध पिस्तौल और 27 जिंदा कारतूस बरामद हुए। बरामदगी के बाद आरोपी के खिलाफ थाना लाइनपार में आर्म्स एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया। पुलिस ने आरोपी को कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। अब पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपी ने हथियार कहां से खरीदे, किसे सप्लाई करने जा रहा था और उसका किसी आपराधिक गिरोह से संबंध तो नहीं है। झज्जर पुलिस की अपील पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि किसी व्यक्ति के पास अवैध हथियार होने या किसी भी संदिग्ध आपराधिक गतिविधि की जानकारी हो तो तुरंत पुलिस को सूचित करें। सूचना देने वाले की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के स्वच्छता अभियान की शुरुआत पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने पानीपत जिले में मतलौडा के गांव वैसर से की। इस अवसर पर उन्होंने स्वयं गलियों में झाड़ू लगाई, कूड़ा उठाया और नालियां साफ कर लोगों को स्वच्छता के प्रति जागरूक किया। अंबेडकर भवन में आयोजित कार्यक्रम में ग्रामीणों को संबोधित करते हुए पंचायत मंत्री कृष्ण लाल पंवार ने कहा कि प्रदेश का हर गांव स्वच्छता की दिशा में आगे बढ़ रहा है। उन्होंने बताया कि गांवों में सफाई कर्मचारी लगातार कार्य कर रहे हैं। सरकार हर महीने पंचायत को देगी 55 हजार रुपए : पंवार उन्होंने जानकारी दी कि सफाई कर्मचारियों का मानदेय बढ़ाकर लगभग 18 हजार रुपए कर दिया गया है। हरियाणा सरकार स्वच्छता अभियान के तहत बड़े गांवों को ट्रैक्टर उपलब्ध करा रही है। इसके साथ ही, ड्राइवर आदि के मासिक वेतन के लिए सरकार हर महीने 55 हजार रुपए पंचायत के खाते में भेजेगी। उन्होंने बताया कि इसराना के पास गांव जौन्धन खुर्द में 35 एकड़ से अधिक भूमि पर मिनी मॉडल सिटी के रूप में एक स्मार्ट सिटी बसाई जाएगी। इसके लिए सरकार से मंजूरी मिल चुकी है और जल्द ही इस पर काम शुरू कर दिया जाएगा। हर गांव में तालाबों का नवीनीकरण किया जा रहा इसी प्रकार, प्रत्येक गांव में सफाई पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। हर गांव में तालाबों का नवीनीकरण कर पार्क और डिजिटल जिम तैयार किए जा रहे हैं, ताकि ग्रामीणों को शहरों जैसी सुविधाएं मिल सकें। इस अवसर पर मंत्री ने बीपीएल श्रेणी के तहत आने वाले 171 परिवारों को प्लॉट की रजिस्ट्री वितरित कर उन्हें उनके हक का मालिकाना हक दिया। कार्यक्रम में बीडीपीओ सुमित कुमार, सरपंच पति जितेंद्र सिंह, गांव अलुपुर के सरपंच सतवीर सिंह उर्फ सत्ता, गांव कुराना के सरपंच रमेश और मंडल अध्यक्ष नरेश कुमार सहित कई ग्रामीण उपस्थित रहे।
कटनी में मुख्यमंत्री के दौरे और विकास के दावों के बावजूद, स्लीमनाबाद टनल परियोजना से विस्थापित हुए मोहड़ापुरा के आदिवासी परिवार बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इन परिवारों को तीन साल पहले उनके मूल स्थान से 5 किलोमीटर दूर एक ऐसे क्षेत्र में बसाया गया था, जहाँ बिजली जैसी मूलभूत सुविधाएँ भी उपलब्ध नहीं हैं। यह विस्थापन स्लीमनाबाद टनल के निर्माण के उद्देश्य से किया गया था। इन परिवारों ने अपनी पुश्तैनी जमीन, घर और सांस्कृतिक पहचान का त्याग किया। हालांकि, उन्हें जिस स्थान पर बसाया गया है, उसे प्रशासनिक दस्तावेजों में पुनर्वास स्थल बताया गया है, लेकिन वास्तविकता में यह स्थान बुनियादी सुविधाओं से रहित है। पुनर्वास बस्ती तक पहुंचने का मार्ग पत्थरों और धूल से भरा एक संकरा पगडंडी है। इसे प्रशासनिक दस्तावेजों में सड़क के रूप में दर्शाया गया है। यहाँ रहने वाले परिवारों को मूलभूत सुविधाओं के अभाव में जीवनयापन करना पड़ रहा है। सुविधाओं का सपना दिखाकर लाया गया विस्थापित सुशील कुमार कोल कहते हैं कि हमें तीन साल पहले जब मोहड़ापुरा से यहां लाया जा रहा था, तब बड़ी-बड़ी गाड़ियों में बैठकर कंपनी के अफसर और स्थानीय प्रशासन के नुमाइंदे आए थे। उन्होंने हमसे वादा किया था कि नई जगह पर आपको पक्की सड़कें, 24 घंटे बिजली और शुद्ध पीने का पानी मिलेगा। हमें लगा कि शायद हमारी तकदीर बदल रही है। लेकिन आज तीन साल बीत जाने के बाद भी हम बिजली, पानी और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाएं नहीं मिलीं। विस्थापन के शुरुआती दिनों में कंपनी द्वारा यहां बिजली का एक ट्रांसफार्मर लगाया गया था। कुछ महीनों तक घरों में रोशनी भी रही। वादों के मुताबिक बिजली का बिल जमा ही नहीं किया। नतीजा यह हुआ कि बिजली विभाग ने लाखों रुपये का बकाया होने के कारण इस पूरे विस्थापित गांव की लाइट काट दी। जंगल में लाकर फेंक दिया अंधेरा गहराने के साथ ही इस विस्थापित बस्ती की भयावहता और साफ होने लगती है। ज्योति कोल कहती हैं कि टनल बनाने वाली कंपनी ने हमें इंसानों की तरह नहीं, बल्कि कचरे की तरह यहां लाकर फेंक दिया है। न यहां बिजली की कोई व्यवस्था है और न ही पानी की। सबसे ज्यादा तकलीफ हमारे बच्चों को हो रही है। बिना बिजली के रात में वे पढ़ नहीं पाते, उनका भविष्य इसी अंधेरे में डूब रहा है। ज्योति ने आगे बताया कि विस्थापन की यह जगह पूरी तरह जंगलों से घिरी है। बारिश के दिनों में यह इलाका किसी नरक से कम नहीं होता। सड़क न होने के कारण पूरा रास्ता दलदल बन जाता है ज्योति कहती हैं, आज के जमाने में भी हम लालटेन और चिमनी जलाकर रातें काटने को मजबूर हैं। सरकार से हमारी बस इतनी ही मांग है कि जल्द से जल्द यहां लाइट की व्यवस्था की जाए, ताकि हम चैन की सांस ले सकें। जंगलों में घिरे हैं आशियाने साहिल ने कहा हमें अपने पुरखों के गांव से हटाकर इस जंगल में लावारिस छोड़ दिया गया है। यहां न सड़क है, न बिजली और न पानी। बारिश के दिनों में हमारी हालत देखने लायक होती है। साहिल ने अपने छोटे भाई-बहनों की शिक्षा को लेकर गहरी चिंता जताई। उन्होंने कहा कि बिजली के अभाव और अव्यवस्थाओं के चलते गांव के बच्चे और युवा ठीक से अध्ययन भी नहीं कर पा रहे हैं। उनकी मांग की है कि विस्थापित गांव में तुरंत सभी मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराए। राकेश ने विस्थापन के दौरान हुए मुआवजे वितरण में एक बड़े घोटाले और विसंगति की तरफ इशारा किया। राकेश का दावा है कि मुआवजे के वितरण में भारी गड़बड़ी की गई है और गरीब आदिवासियों के हक पर डाका डाला गया है।मुआवजा भी ठीक नहीं मिलाअपनी जमीन की हकीकत बताते हुए राकेश ने कहा- मूल गांव में हमारी अपनी जमीन थी, जिस पर हम दो भाइयों ने कड़ी मेहनत से दो पक्के कमरे बनाकर अपना जीवन यापन कर रहे थे। वह हमारा आशियाना था। विस्थापन के नाम पर हमें वहां से बेदखल कर दिया गया। जब मुआवजे की बारी आई, तो हम दोनों भाइयों के बीच में मात्र 2,25,000 रुपये थमा दिए गए। आज के समय में इस महंगाई में ढाई लाख रुपये से कम में क्या दो कमरे का पक्का मकान बन सकता है? यह मुआवजा हमारे साथ किया गया एक भद्दा मजाक है। क्या कहते हैं जिम्मेदार इस संबंध में स्लीमनाबाद के कनिष्ठ विद्युत अभियंता जेई सुमित सिंनहा ने बताया कि उस गांव की विद्युत आपूर्ति करीब एक वर्ष से बंद है। विभाग द्वारा वहां ट्रांसफार्मर स्थापित कराया गया था, लेकिन लगभग 15 लाख रुपये का बिजली बिल बकाया होने के कारण कनेक्शन काट दिया गया है। विद्युत आपूर्ति तभी बहाल की जाएगी, जब बकाया बिल का भुगतान कर दिया जाएगा।
डीडवाना-कुचामन में विशेष अभियान, 254 वाहनों के चालान:सड़क सुरक्षा के लिए सघन 'ए' श्रेणी की नाकाबंदी
डीडवाना-कुचामन जिले में राजस्थान पुलिस महानिदेशक, जयपुर के निर्देश पर सघन 'ए' श्रेणी की नाकाबंदी कर विशेष चेकिंग अभियान चलाया गया। पुलिस अधीक्षक डॉ. प्यारेलाल शिवरान (आईपीएस) के नेतृत्व में हुई इस कार्रवाई के दौरान यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले 254 वाहन सवारों के चालान बनाए गए। संदिग्ध व्यक्तियों, वाहनों और वस्तुओं की भी गहन जांच की गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य सड़क सुरक्षा को बढ़ावा देना, यातायात नियमों का पालन सुनिश्चित करना और आमजन के जीवन व संपत्ति की सुरक्षा करना था। पुलिस ने राष्ट्रीय एवं राज्य राजमार्गों के साथ-साथ शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों के प्रमुख मार्गों पर नाकाबंदी की। मोबाइल पुलिस टीमों ने लगातार गश्त कर संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी और नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ कार्रवाई की। यह अभियान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक हिमांशु शर्मा (डीडवाना), विमल सिंह (कुचामन) तथा भूपेन्द्र शर्मा (परबतसर) के पर्यवेक्षण में संचालित किया गया। जिले के सभी वृत्ताधिकारियों और थाना प्रभारियों ने अपने-अपने क्षेत्रों में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर इसे सफल बनाया। कुल 254 चालानों में से 54 काली फिल्म लगे वाहनों के, 50 बिना नंबर प्लेट या गलत नंबर प्लेट वाले वाहनों के, 49 बिना सीट बेल्ट के और 48 बिना हेलमेट के वाहन सवारों के खिलाफ किए गए। इसके अतिरिक्त, वाहन चलाते समय मोबाइल पर बात करते हुए पाए गए 6 सवारों पर कार्रवाई हुई, जबकि 47 चालान अन्य यातायात नियमों के उल्लंघन के लिए किए गए। पुलिस ने आमजन से यातायात नियमों का पालन करने, हेलमेट और सीट बेल्ट का अनिवार्य रूप से उपयोग करने तथा सुरक्षित ड्राइविंग अपनाने की अपील की है। पुलिस का कहना है कि ऐसे अभियानों का उद्देश्य केवल चालान करना नहीं, बल्कि लोगों में सड़क सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाकर दुर्घटनाओं को रोकना और सुरक्षित यातायात व्यवस्था सुनिश्चित करना है।
जयपुर में पड़ोसी युवक के विवाहिता से रेप करने का मामला सामने आया है। मिलने के बहाने धोखे से बुलाकर आरोपी उसका किडनैप कर ले गया। डेढ़ महीने तक बंधक बनाकर आरोपी ने महिला के साथ दरिंदगी की। पुलिस ने शिकायत पर पीड़िता का मेडिकल व बयान दर्ज किए। पुलिस ने दबिश देकर शुक्रवार शाम आरोपी को अरेस्ट किया। पुलिस ने बताया कि जयपुर की रहने वाली 20 साल की विवाहिता ने शिकायत दर्ज करवाई है। पड़ोसी होने के कारण आरोपी से उसकी बातचीत थी। उनका आपस में मिलना-जुलना भी था। डेढ़ महीने तक बंधकर बनाकर की दरिंदगी आरोप है कि मई-2026 में मिलने के बहाने धोखे से उसे बुलाया। मिलने जाने पर ब्लैकमेल कर दबाव बनाकर उसका किडनैप कर ले गया। और करीब डेढ़ महीने तक बंधक बनाकर महिला के साथ रेप किया। 20 जून को महिला किसी तरह आरोपी के चुंगल से भाग निकली। तबीयत खराब होने पर हॉस्पिटल में एडमिट पीड़िता के बयान पर पुलिस ने मामला दर्ज किया। पुलिस ने पीड़िता का मेडिकल व बयान दर्ज कर जांच की। पुलिस टीम ने शुक्रवार शाम दबिश देकर आरोपी पड़ोसी को धर-दबोचा।
कांग्रेस के सीनियर लीडर और पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह ने अपना अधिकारिक एक्स (पहले ट्विटर) अकाउंट छोड़कर ऑफिस स्टाफ के हवाले कर दिया है। यही नहीं उन्होंने अपना पर्सनल मोबाइल भी अपने सेक्रेटरी सचिन वत्स को सौंप दिया। ऑफिस के नाम हुआ एक्स हैंडल दिग्विजय सिंह का एक्स हैंडल पहले digvijaya_28 के नाम से था अब यह Ofiiceofdvs यानी ऑफिस ऑफ दिग्विजय सिंह के नाम में बदल दिया गया है। मोबाइल नंबर भी सेक्रेटरी को दिया दिग्विजय सिंह ने अपना पर्सनल मोबाइल नंबर भी अपने सेक्रेटरी को दे दिया है। दिग्विजय सिंह ने फेसबुक पर इसकी जानकारी देते हुए लिखा है- आज से मैं अपना मोबाइल नंबर उपयोग नहीं करूंगा। यह नंबर अब मेरे सचिव सचिन वत्स द्वारा उपयोग किया जाएगा। इस नंबर पर प्राप्त आपके महत्वपूर्ण संदेशों एवं जानकारियों से वे मुझे अवगत कराते रहेंगे। आपके सहयोग और विश्वास के लिए धन्यवाद। गंगा दशहरा से शुरु होगी पदयात्रा पूर्व मुख्यमंत्री दिग्विजय सिंह अयोध्या के श्री रामजन्मभूमि मंदिर में हुई चढ़ावा चोरी की घटना को लेकर उज्जैन से अयोध्या तक पदयात्रा करने जा रहे हैं। 20 अक्टूबर से यह यात्रा शुरु होगी। इस यात्रा में दिग्विजय सिंह ने सोशल मीडिया का प्रयोग न करने का भी ऐलान किया है। शुरुआत में दिग्विजय सिंह ने भोपाल में घोषणा की थी कि वह 2 अक्टूबर (गांधी जयंती) से उज्जैन के महाकाल मंदिर से अयोध्या तक की 1,000 किलोमीटर की पदयात्रा शुरू करेंगे। हालांकि, बाद में अपनी योजनाओं में संशोधन करते हुए उन्होंने इसे दशहरे (विजयदशमी) के पावन अवसर से शुरू करने का निर्णय लिया। वर्ष 2026 में दशहरा 20 अक्टूबर को पड़ रहा है, इसलिए यह यात्रा 20 अक्टूबर से शुरू होगी। दिग्विजय सिंह ने कहा, मैं 80 साल का हो गया हूं। पार्टी ने मुझे 5 बार विधायक बनाया, दो बार लोकसभा और दो बार राज्यसभा भेजा। अब मैंने पार्टी से कह दिया है कि मेरी जगह किसी और को मौका दें। अब मैं सिर्फ धर्म की रक्षा के लिए काम करूंगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि उज्जैन से अयोध्या की यह यात्रा किसी राजनीतिक दल के बैनर तले नहीं होगी। यात्रा के दौरान वे न तो कोई राजनीतिक बयान देंगे और न ही अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स (फेसबुक, एक्स) पर कोई राजनीतिक प्रतिक्रिया पोस्ट करेंगे। कारसेवक संतोष दुबे होंगे मुख्य अतिथि: दिग्विजय सिंह ने बताया था कि वे इस यात्रा में किसी बड़े राजनीतिक नेता को आमंत्रित नहीं कर रहे हैं। इसके बजाय, अयोध्या आंदोलन के दौरान 4 गोलियां खाने वाले कारसेवक संतोष दुबे को इस यात्रा का मुख्य अतिथि बनाया जाएगा। यात्रा का मुख्य एजेंडा (राम मंदिर चंदे का हिसाब): दिग्विजय सिंह ने स्वयं राम मंदिर के लिए 1.11 लाख रुपए का चंदा दिया था। उनका आरोप है कि राम मंदिर निर्माण के लिए देशभर से जुटाए गए चंदे और महाकाल मंदिर के चढ़ावे में वित्तीय अनियमितताएं (चंदा चोरी) हुई हैं। वे वकीलों से सलाह लेकर अयोध्या की अदालत में मुकदमा दायर करेंगे और चंदे का पूरा हिसाब मांगेंगे। इस यात्रा में वे उन सभी श्रद्धालुओं को आमंत्रित कर रहे हैं जिन्होंने राम मंदिर के लिए दान दिया था और वे अपनी रसीद के साथ शामिल हो सकते हैं।
स्वच्छ भारत अभियान और स्वच्छता सर्वेक्षण के तहत रीवा शहर को साफ-सुथरा बनाने के लिए नगर निगम ने लाखों रुपये खर्च कर सार्वजनिक यूरिन बॉक्स लगाए थे। लोगों को खुले में पेशाब करने से रोकने के उद्देश्य से लगाए गए यह यूरिन बॉक्स अब रखरखाव के अभाव में कबाड़ बन चुके हैं। शहर के ज्यादातर हिस्सों से यह बॉक्स गायब हो चुके हैं और जो बचे हैं, वे भी उपयोग करने की स्थिति में नहीं हैं। हालात यह हैं कि कई जगह लोग मजबूरी में खुले में पेशाब करते दिखाई दे रहे हैं। स्वच्छता अभियान की व्यवस्था हुई बदहाल कुछ साल पहले स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान रीवा नगर निगम ने शहर के प्रमुख चौराहों और सार्वजनिक स्थानों पर अस्थायी प्लास्टिक के यूरिन बॉक्स लगाए थे। इसका उद्देश्य शहर में खुले में पेशाब करने की समस्या को खत्म करना था। शुरुआत में इनका उपयोग भी हुआ, लेकिन समय बीतने के साथ नगर निगम ने इनके रखरखाव और सफाई पर ध्यान देना बंद कर दिया। पानी की व्यवस्था नहीं होने और नियमित सफाई नहीं होने के कारण इन यूरिन बॉक्स में गंदगी जमा होने लगी। धीरे-धीरे लोगों ने इनका उपयोग करना बंद कर दिया और कई बॉक्स खराब होकर शहर से गायब हो गए। नगर निगम के गोदाम में पड़े हैं खराब बॉक्स नगर निगम के गोदाम के पीछे आज भी कई यूरिन बॉक्स कबाड़ के बीच पड़े हुए हैं। लाखों रुपये खर्च कर खरीदी गई यह सुविधा अब पूरी तरह अनुपयोगी हो चुकी है। वहीं शहर में गीले और सूखे कचरे के लिए लगाए गए डस्टबिन की हालत भी खराब है। कई स्थानों पर डस्टबिन के ढक्कन टूट चुके हैं, तो कई जगह बॉक्स क्षतिग्रस्त हो गए हैं। रखरखाव नहीं होने के कारण इनका उपयोग भी लगभग बंद हो चुका है। स्थायी शौचालय की जगह लगाई गई अस्थायी व्यवस्था जानकारी के अनुसार, शहरवासियों के लिए स्थायी सार्वजनिक शौचालय बनाने की मांग कई बार उठाई गई थी। इसके बावजूद नगर निगम प्रशासन ने स्थायी व्यवस्था करने के बजाय अस्थायी प्लास्टिक यूरिन बॉक्स लगाने का निर्णय लिया। देखरेख के अभाव में यह व्यवस्था कुछ ही वर्षों में पूरी तरह खराब हो गई और नगर निगम का लाखों रुपये का खर्च बेकार साबित हुआ। इसके बाद भी उन स्थानों पर कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं बनाई गई, जिससे लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। 65 यूरिन बॉक्स पर खर्च हुए थे लाखों रुपए आंकड़ों के अनुसार, स्वच्छता सर्वेक्षण के दौरान शहर में करीब 65 सार्वजनिक यूरिन बॉक्स लगाए गए थे। प्रत्येक बॉक्स की कीमत 80 हजार रुपये से अधिक बताई जाती है। इस हिसाब से इन पर लाखों रुपये खर्च किए गए थे लेकिन तीन साल के भीतर ही अधिकांश यूरिन बॉक्स या तो खराब हो गए या गायब हो गए। इसके बाद भी नगर निगम ने इन स्थानों पर कोई नई सार्वजनिक शौच व्यवस्था विकसित नहीं की। महापौर ने रखरखाव की कमी को बताया कारण इस पूरे मामले में रीवा महापौर अजय मिश्रा ने कहा कि यूरिन बॉक्स का समय पर रखरखाव नहीं किया गया, जिसके कारण यह व्यवस्था धीरे-धीरे खत्म हो गई। उन्होंने कहा कि यह समस्या केवल यूरिन बॉक्स तक सीमित नहीं है, बल्कि कचरा बॉक्स, बस स्टॉप सहित कई सार्वजनिक सुविधाओं की स्थिति भी खराब है। महापौर ने कहा कि नगर निगम प्रशासन की लापरवाही के कारण कई सुविधाएं आम लोगों के उपयोग के योग्य नहीं बची हैं। उन्होंने सार्वजनिक व्यवस्थाओं के बेहतर रखरखाव की जरूरत बताई।
SECL ने चिरमिरी के विकास कार्यों पर आपत्ति जताई:अंबेडकर भवन के बाद अब नालंदा परिसर निर्माण पर भी रोक
एमसीबी जिले में निगम और एसईसीएल के बीच विकास कार्यों को लेकर विवादित स्थिति बन रही है। एसईसीएल तकनीकी कारणों से कुछ निर्माणों पर आपत्ति जता रहा है, तो स्थानीय नेता एसईसीएल के इस रवैये को लेकर आपत्ति जता रहे हैं।कोयला उद्योग पर आधारित यह शहर एसईसीएल की लीज भूमि पर बसा है, जहाँ विकास कार्यों में लगातार आ रही बाधाओं ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है। शहरवासियों के लिए मांगलिक भवन पर आपत्ति क्यों बताया गया है कि लगभग 2 करोड़ 75 लाख रुपये की लागत से बनने वाले सर्व मांगलिक अंबेडकर भवन के निर्माण कार्य पर भी एसईसीएल ने आपत्ति जताई थी। यह भवन शहरवासियों को विवाह, सामाजिक और सांस्कृतिक आयोजनों के लिए एक महत्वपूर्ण सुविधा प्रदान करने वाला था। अब, करीब 4 करोड़ 59 लाख रुपये की लागत से प्रस्तावित नालंदा परिसर के निर्माण पर भी एसईसीएल प्रबंधन ने आपत्ति दर्ज कराई है। इस संबंध में नगर पालिका निगम और स्थानीय प्रशासन को पत्र भेजा गया है। राज्य सरकार की इस महत्वाकांक्षी योजना का उद्देश्य विद्यार्थियों को आधुनिक अध्ययन और प्रतियोगी परीक्षाओं की बेहतर तैयारी के लिए सुविधाएं उपलब्ध कराना है।
सीहोर जिले में पिछले दस दिनों से बारिश नहीं होने और उमस भरी गर्मी के बाद अब राहत मिलने की उम्मीद बढ़ गई है। मौसम विभाग ने जिले में मानसून के दोबारा सक्रिय होने का अनुमान जताया है। विभाग के अनुसार, 19 जुलाई से जिले में हल्की से मध्यम बारिश का दौर शुरू हो सकता है, जबकि 20 से 23 जुलाई के बीच कई क्षेत्रों में तेज बारिश होने की संभावना है। 10 दिन बाद फिर सक्रिय होगा मानसून मौसम विभाग के अनुसार, सीहोर जिले में 10 दिन पहले हुई भारी बारिश के बाद मानसून गतिविधियां कमजोर पड़ गई थीं। उस दौरान नदी-नाले उफान पर आ गए थे, लेकिन इसके बाद लगातार दस दिनों तक बारिश नहीं होने से जिले में सूखे जैसे हालात बनने लगे। अब मानसून के दोबारा सक्रिय होने से किसानों और आम लोगों को राहत मिलने की उम्मीद है। आने वाली बारिश से खेतों में नमी बढ़ेगी और जलस्तर में भी सुधार होने की संभावना है। 19 से 23 जुलाई तक बारिश के आसार मौसम विभाग ने बताया कि 19 जुलाई से सीहोर सहित आसपास के क्षेत्रों में मौसम में बदलाव देखने को मिलेगा। इस दौरान हल्की से मध्यम बारिश की संभावना है। इसके बाद 20 से 23 जुलाई के बीच जिले में झमाझम और मूसलाधार बारिश होने का अनुमान जताया गया है। इससे लंबे समय से बारिश का इंतजार कर रहे किसानों को बड़ी राहत मिल सकती है। जिले में अब तक हुई 13.97 इंच बारिश सरकारी आंकड़ों के अनुसार, सीहोर जिले में 1 जून से अब तक कुल औसत वर्षा 13.97 इंच दर्ज की गई है। जबकि पिछले वर्ष इसी अवधि तक जिले में 17.51 इंच औसत बारिश हुई थी। इस तरह इस वर्ष अब तक पिछले साल की तुलना में करीब 3.54 इंच कम बारिश दर्ज की गई है। 18 जुलाई को जिले के किसी भी वर्षामापी केंद्र पर नई बारिश दर्ज नहीं हुई और मौसम पूरी तरह शुष्क रहा। आष्टा में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज सरकारी वर्षामापी केंद्रों के आंकड़ों के अनुसार, जिले में सबसे ज्यादा बारिश आष्टा क्षेत्र में दर्ज की गई है। यहां अब तक 19.29 इंच बारिश हो चुकी है। इसके अलावा जावर में 16.89 इंच, भैरूंदा में 15.31 इंच, इछावर में 14.69 इंच और रेहटी में 13.67 इंच बारिश दर्ज की गई है। सीहोर शहर में पिछले साल से कम बारिश जिला मुख्यालय सीहोर में अब तक 12.94 इंच बारिश दर्ज की गई है। यह पिछले वर्ष इसी अवधि में हुई 16.22 इंच बारिश से कम है। वहीं बुधनी क्षेत्र में 11.44 इंच और श्यामापुर क्षेत्र में सबसे कम 7.73 इंच बारिश दर्ज की गई है। किसानों को अच्छी बारिश का इंतजार लगातार कई दिनों से बारिश नहीं होने के कारण किसानों को फसलों को लेकर चिंता बढ़ने लगी थी। अब मौसम विभाग के पूर्वानुमान के बाद किसानों को उम्मीद है कि आने वाले दिनों में अच्छी बारिश होगी। मौसम विभाग के अनुसार, अगले कुछ दिनों में होने वाली मानसूनी बारिश जिले के कृषि क्षेत्र और जल संसाधनों के लिए काफी महत्वपूर्ण साबित होगी।
पांढुर्णा-परसोडी हाईवे पर शनिवार सुबह करीब 10:30 बजे चलती बाइक पर सवार युवक की जेब में रखा मोबाइल अचानक फट गया। धमाके के बाद मोबाइल में आग लग गई, जिससे बाइक अनियंत्रित होकर सड़क पर फिसल गई। हादसे में संदीप परतेती नाम का युवक करीब 12 फीट तक घसीटता चला गया और झुलस गया। टेमनी कला निवासी संदीप परतेती ड्राइटेक कंपनी में काम करता है। ड्यूटी खत्म होने के बाद वह पांढुर्णा से बाइक से अपने गांव लौट रहा था। परसोडी हाईवे पर अचानक ये हादसा हुआ। पैंट में भी आग लगी, बाइक का संतुलन बिगड़ा मोबाइल फटते ही संदीप की पैंट में भी आग लग गई और बाइक का संतुलन बिगड़ गया। बाइक सड़क पर फिसल गई और वह घसीटता चला गया। बाइक पर पीछे बैठे विजय परतेती ने बताया कि लपटें देखकर उन्होंने तुरंत आग बुझाई। बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया आसपास मौजूद लोगों की मदद से संदीप को पांढुर्णा जिला अस्पताल पहुंचाया गया। जिला अस्पताल के डॉक्टर निलेश धाड़से ने बताया कि हादसे में उसके पैर और प्राइवेट पार्ट भी प्रभावित हुए हैं। जांच में पैर की हड्डी टूटने की पुष्टि हुई है। हालत को देखते हुए उसे बेहतर इलाज के लिए नागपुर रेफर किया गया। ये खबर भी पढ़ें… चलती स्कूटी पर जेब में ब्लास्ट हुआ रेडमी का मोबाइल पन्ना जिले में चलती स्कूटी पर सवार युवक की जेब में रखा मोबाइल फोन अचानक ब्लास्ट हो गया। मोबाइल की बैटरी फटते ही युवक के कपड़ों में आग लग गई। युवक का पैर झुलस गया है। चमड़ी छिल गई। युवक ने कूदकर अपनी जान बचाई। पढ़ें पूरी खबर…
आजमगढ़ के पवई थाना क्षेत्र में एकतरफा प्रेम में महिला पर धारदार हथियार से हमला करने वाले आरोपी को पुलिस ने शनिवार तड़के मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। पुलिस की जवाबी कार्रवाई में आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया। आरोपी पर आरोप है कि उसने घर में घुसकर महिला के गाल पर धारदार हथियार से हमला किया था और फरार हो गया था। पुलिस के मुताबिक, चेकिंग के दौरान घेराबंदी किए जाने पर उसने पुलिस टीम पर फायरिंग की, जिसके बाद जवाबी कार्रवाई में उसे दबोच लिया गया। पढ़ें पूरी खबर…. मथुरा में RTI कार्यकर्ता पर जानलेवा हमला, 3 किमी तक पीछा कर बाइक में मारी टक्कर, लाठी-डंडों से पीटा मथुरा के फरह में RTI कार्यकर्ता पर शुक्रवार रात जानलेवा हमला कर दिया गया। स्विफ्ट कार सवार हमलावरों ने करीब तीन किलोमीटर तक पीछा कर उनकी बाइक में टक्कर मारी और सड़क पर गिराने के बाद लाठी-डंडों से बेरहमी से पीटा। मृत समझकर छोड़ने के बाद आरोपी फरार हो गए। गंभीर रूप से घायल पत्रकार ने किसी तरह परिजनों और साथियों को फोन कर घटना की जानकारी दी। उनका आरोप है कि अवैध खनन के वायरल वीडियो को लेकर रंजिश में हमला किया गया, जबकि पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर आरोपियों की तलाश तेज कर दी है। पढ़ें पूरी खबर…
बाराबंकी के सतरिख थाना क्षेत्र में हरख फील्ड के पास शुक्रवार देर रात पिकअप सवार अज्ञात हमलावरों ने दो युवकों को पीटकर घायल कर दिया। वारदात को अंजाम देने के बाद हमलावर मौके से फरार हो गए। इस घटना में सनी और उसका दोस्त विकास गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों घायलों को तत्काल सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र भेजा। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें जिला अस्पताल रेफर कर दिया। आरोपियों की तलाश शुरू घायल युवक सनी ने पुलिस को तहरीर दी है, जिसमें उसने आरोपियों के नाम बताए हैं। पुलिस ने मामले में आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। पुलिस के अनुसार, घटना के कारणों की जांच की जा रही है। सीसीटीवी फुटेज और प्रत्यक्षदर्शियों के बयानों के आधार पर जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
कांकेर में 3 किलो IED बरामद:मर्रापी के जंगल में नक्सलियों ने प्लांट किया था, मौके पर नष्ट
कांकेर में सुरक्षाबलों ने जिला मुख्यालय से 12 किलोमीटर दूर मर्रापी के जंगल से 3 किलोग्राम का प्रेशर आईईडी बरामद किया है। सर्चिंग अभियान के दौरान मिले इस विस्फोटक को बम निरोधक दस्ते (बीडीएस) की टीम ने मौके पर ही निष्क्रिय कर दिया। यह घटना कोतवाली थाना क्षेत्र की है। जानकारी के अनुसार, शुक्रवार सुबह डीआरजी (DRG) और बीडीएस की संयुक्त टीम कांकेर कोतवाली थाना क्षेत्र के ग्राम मर्रापी के जंगलों में तलाशी अभियान पर निकली थी। इसी दौरान उन्हें यह 3 किलोग्राम का प्रेशर कुकर आईईडी मिला, जिसे सुरक्षापूर्वक मौके पर ही नष्ट कर दिया गया। कांकेर पुलिस द्वारा नक्सल प्रभावित क्षेत्रों में कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए लगातार सर्चिंग अभियान चलाए जा रहे हैं। इस साल मार्च से अब तक कांकेर जिले के नक्सल प्रभावित इलाकों से 40 से अधिक आईईडी बरामद कर उन्हें सुरक्षित निष्क्रिय किया जा चुका है। इसके अतिरिक्त, भारी मात्रा में हथियार, गोला-बारूद और नक्सलियों द्वारा डंप की गई अन्य सामग्री भी बरामद की गई है।
सतना में नगर निगम कार्यालय के घेराव और प्रदर्शन के दौरान कथित रूप से अमर्यादित भाषा और धमकी भरे व्यवहार को लेकर कार्रवाई की तैयारी शुरू हो गई है। नगर निगम आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक को पत्र लिखकर विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स से जुड़े हरिओम गुप्ता और विपिन त्रिपाठी के खिलाफ वैधानिक कार्रवाई करने का अनुरोध किया है। शिकायत के साथ प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो की पेन ड्राइव भी पुलिस को सौंपी गई है। प्रदर्शन के दौरान मुख्य द्वार घेरने का आरोप नगर निगम आयुक्त ने पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में बताया कि 14 जुलाई को विंध्य चैंबर ऑफ कॉमर्स की ओर से नगर निगम कार्यालय के घेराव और प्रदर्शन की सूचना पुलिस को पहले ही दी गई थी। प्रदर्शन को देखते हुए पुलिस से यह भी अनुरोध किया गया था कि निगम कार्यालय का कामकाज प्रभावित न हो और आम नागरिकों की आवाजाही सुचारू बनी रहे। इसके बावजूद प्रदर्शनकारियों ने निगम के मुख्य द्वार को घेर लिया और प्रवेश मार्ग को अवरुद्ध कर दिया। जनसुनवाई प्रभावित होने की शिकायत आयुक्त ने पत्र में उल्लेख किया कि मंगलवार को नगर निगम में आयोजित होने वाली साप्ताहिक जनसुनवाई भी प्रदर्शन के कारण प्रभावित हुई। मुख्य द्वार बंद रहने से अपनी समस्याएं लेकर पहुंचे कई नागरिक निगम कार्यालय के अंदर प्रवेश नहीं कर सके। इसके कारण उनकी शिकायतों का समय पर निराकरण नहीं हो पाया और निगम का नियमित कामकाज भी प्रभावित हुआ। वीडियो के आधार पर कार्रवाई की मांग निगम आयुक्त ने शिकायत में बताया कि प्रदर्शन के दौरान बनाए गए वीडियो सोशल मीडिया पर भी सामने आए हैं। इन वीडियो में हरिओम गुप्ता द्वारा निगम आयुक्त के प्रति कथित रूप से अभद्र भाषा का इस्तेमाल करने और विपिन त्रिपाठी द्वारा शासकीय अधिकारियों को धमकाने का आरोप लगाया गया है। आयुक्त ने कहा कि इस तरह के व्यवहार से सरकारी कर्मचारियों में भय का वातावरण बना और कार्यालयीन व्यवस्था प्रभावित हुई। पुलिस को सौंपे वीडियो साक्ष्य नगर निगम की ओर से पुलिस को शिकायत के साथ प्रदर्शन के वीडियो की पेन ड्राइव भी उपलब्ध कराई गई है। निगम प्रशासन का कहना है कि वीडियो और अन्य साक्ष्यों के आधार पर मामले की जांच कर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाए। पुलिस कार्रवाई का इंतजार फिलहाल मामले में पुलिस से वैधानिक कार्रवाई की मांग की गई है। शिकायत मिलने के बाद आगे की प्रक्रिया पुलिस जांच के आधार पर तय की जाएगी। नगर निगम प्रशासन ने सरकारी कार्यालयों में अनुशासन और व्यवस्था बनाए रखने को जरूरी बताया है।
बिलासपुर में लगातार हो रही रिमझिम बारिश के बीच शनिवार को लोगों का गुस्सा फूट पड़ा। सैकड़ों ग्रामीणों, महिलाओं और स्थानीय लोगों ने राष्ट्रीय राजमार्ग-49 (NH-49) पर चक्का जाम कर दिया। प्रदर्शन के चलते दोनों ओर वाहनों की लंबी कतार लग गई और यातायात घंटों तक प्रभावित रहा। लोगों का आरोप है कि राष्ट्रीय राजमार्ग निर्माण के दौरान पानी निकासी की समुचित व्यवस्था नहीं की गई। तोरवा क्षेत्र के धूमाधाम ग्राम पंचायत के लोगों ने बताया कि, पुल और ड्रेनेज निर्माण अधूरा छोड़ दिए जाने के कारण बारिश का पानी गांव में भर रहा है। इससे 150 से अधिक घर जलमग्न हो गए हैं और लोगों का जनजीवन पूरी तरह अस्त-व्यस्त हो गया है। भारी बारिश से घरों में भरा पानी प्रदर्शन कर रहे ग्रामीणों ने बताया कि, घरों में पानी भरने से घरेलू सामान खराब हो गया है। कई परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर जाने की नौबत आ गई है। बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को सबसे ज्यादा परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने NHAI के अधिकारियों और निर्माण एजेंसी पर मनमानी तथा लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि कई बार शिकायत के बावजूद समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। बारिश के बीच सड़क पर उतरी महिलाओं ने भी प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। मुआवजा, राहत सहायता की मांग प्रदर्शनकारियों ने प्रभावित परिवारों को तत्काल मुआवजा, राहत सहायता और पानी निकासी के लिए स्थायी पुल एवं ड्रेनेज निर्माण की मांग की। उनका कहना है कि जब तक समस्या का ठोस समाधान नहीं होगा, आंदोलन जारी रहेगा। चक्का जाम की सूचना मिलते ही प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। अधिकारियों ने ग्रामीणों से बातचीत कर समस्या के जल्द समाधान का आश्वासन दिया। हालांकि, ग्रामीण लिखित आश्वासन और ठोस कार्रवाई की मांग पर अड़े रहे। वहीं, प्रदर्शन के कारण NH-49 पर दोनों ओर भारी वाहनों और यात्री वाहनों की लंबी कतार लग गई, जिससे राहगीरों को काफी परेशानी उठानी पड़ी।
आपसी रंजिश में झगड़ा, एक की मौत:परिजन शव लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे, प्रदर्शन कर कार्रवाई मांगी
करौली सदर थाना क्षेत्र के फूले की झोपड़ी (चौरण्डापुरा) में आपसी रंजिश के चलते हुए खूनी संघर्ष में गंभीर रूप से घायल अशोक गुर्जर की जयपुर में इलाज के दौरान मौत हो गई। इसके बाद परिजन शव लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन करते हुए आरोपियों की शीघ्र गिरफ्तारी, परिवार की सुरक्षा तथा निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। अधिकारियों के आश्वासन के बाद प्रदर्शन समाप्त हुआ। छह लोग हुए थे घायल अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश मीणा ने बताया कि फूले की झोपड़ी क्षेत्र में दो पक्षों के बीच हिंसक झगड़ा हुआ था। इस संघर्ष में कुल छह लोग घायल हुए। गंभीर रूप से घायल अशोक गुर्जर और भूर सिंह को जयपुर रेफर किया गया था। इलाज के दौरान अशोक गुर्जर पुत्र कदम गुर्जर की मौत हो गई, जबकि भूर सिंह का इलाज जारी है। एफआईआर में लगाए गंभीर आरोप मृतक के पिता कदम गुर्जर की ओर से दर्ज एफआईआर के अनुसार, 16 जुलाई को अशोक गुर्जर को रास्ते में घेरकर लाठी, सरियों और धारदार हथियारों से हमला किया गया। बीच-बचाव करने पहुंचे परिजनों पर भी जानलेवा हमला किया गया, जिससे कई लोग घायल हुए। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि हमलावर घरों में घुस गए और महिलाओं सहित अन्य परिजनों के साथ मारपीट की। प्रदर्शन के बाद प्रशासन का आश्वासन अशोक की मौत के बाद परिजन शव लेकर जिला कलेक्ट्रेट पहुंचे और ग्रामीणों के साथ प्रदर्शन किया। उन्होंने आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी, परिवार की सुरक्षा और निष्पक्ष जांच की मांग उठाई। मौके पर पहुंचे अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक महेश मीणा और डीएसपी अनुज शुभम ने निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई का भरोसा दिलाया, जिसके बाद परिजन शव लेकर गांव रवाना हो गए। आरोपियों की तलाश जारी पुलिस ने मामले में कुछ संदिग्धों को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए लगातार दबिश दी जा रही है। सदर थाना पुलिस पूरे मामले की जांच में जुटी हुई है।
भिंड जिले में मानसून की रफ्तार थमने से लोगों की परेशानी बढ़ गई है। पिछले करीब एक सप्ताह से अच्छी बारिश नहीं होने के कारण तेज धूप और उमस ने जनजीवन को प्रभावित कर दिया है। खेत तैयार होने के बावजूद किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं, वहीं लगातार बदल रहे मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी दिखाई देने लगा है। बादल आते हैं, लेकिन बिना बरसे लौट रहे भिंड शहर और आसपास के इलाकों में पिछले कई दिनों से आसमान में बादल छा रहे हैं, लेकिन पर्याप्त बारिश नहीं हो रही। बादल बिना बरसे आगे बढ़ जाने से लोगों को उमस और गर्मी से राहत नहीं मिल पा रही है। तेज धूप और नमी भरे मौसम के कारण दिन के समय घरों से बाहर निकलना मुश्किल हो गया है। उमस बढ़ने से लोगों को चिपचिपी गर्मी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश का इंतजार कर रहे किसान अच्छी बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता लगातार बढ़ रही है। अधिकांश किसानों ने खरीफ सीजन की तैयारी पूरी कर ली है। खेतों की जुताई हो चुकी है और कई स्थानों पर बुआई की तैयारी भी पूरी है, लेकिन पर्याप्त नमी नहीं मिलने के कारण किसान बीज नहीं डाल पा रहे हैं। किसानों का कहना है कि एक-दो अच्छी बारिश होते ही सोयाबीन, उड़द, मूंग और अन्य खरीफ फसलों की बुआई शुरू कर दी जाएगी। मौसम का असर स्वास्थ्य पर भी लगातार उमस और गर्मी के कारण लोगों को थकान, बेचैनी और अन्य मौसमी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। चिकित्सकों का कहना है कि ऐसे मौसम में पर्याप्त पानी पीने और धूप से बचाव की आवश्यकता है। 38 डिग्री तक पहुंच रहा तापमान मौसम विभाग के अनुसार जिले में दिन का अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और रात का तापमान लगभग 29 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया जा रहा है। हवा की गति कभी पूरी तरह थम जाती है तो कभी 5 से 10 किलोमीटर प्रति घंटे तक रहती है, जिससे उमस और अधिक महसूस होती है। अच्छी बारिश का इंतजार मौसम विशेषज्ञों के अनुसार आने वाले दिनों में मानसून की गतिविधियों में बदलाव की संभावना है। फिलहाल किसान और आम लोग अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं, क्योंकि समय पर वर्षा होने से जहां खेती को गति मिलेगी, वहीं लोगों को उमस और गर्मी से भी राहत मिलेगी।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में खनिज विभाग ने अवैध रेत, गिट्टी और मिट्टी/मुरूम के परिवहन पर बड़ी कार्रवाई की है। कलेक्टर विजय दयाराम के. के निर्देश पर जिला खनिज उड़नदस्ता दल ने एक टिप्पर सहित तीन ट्रैक्टर जब्त किए हैं। जब्त किए गए वाहनों में शिलपहरी क्षेत्र से खनिज रेत के दो ट्रैक्टर, सधवानी से खनिज गिट्टी का एक ट्रैक्टर और भदौरा से खनिज मिट्टी/मुरूम का एक टिप्पर शामिल है। इस कार्रवाई में कुल चार वाहन जब्त किए गए। कलेक्टर ने दिए जांच के आदेश यह कार्रवाई जिले में रेत, मिट्टी और मुरूम के अवैध परिवहन की लगातार मिल रही शिकायतों के बाद की गई। कलेक्टर ने इन शिकायतों का संज्ञान लेते हुए खनिज विभाग को तत्काल जांच के आदेश दिए थे, जिसके बाद विभाग ने त्वरित कार्रवाई की। सभी वाहन मालिकों के खिलाफ खान और खनिज (विकास और विनियमन) अधिनियम 1957 की धारा 21(1), (5) और 23(क) के तहत कार्रवाई की जा रही है। वाहनों को तभी छोड़ा जाएगा जब निर्धारित अर्थदंड या समझौते की राशि खनिज मद में जमा कर दी जाएगी। कलेक्टर विजय दयाराम के. ने स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि सीएम हेल्पलाइन और आम जनता से प्राप्त शिकायतों का गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित किया जाए। इस कार्रवाई में सहायक खनि अधिकारी श्री आदित्य मानकर, खनि निरीक्षक श्री सुजीत कंवर, खनिज सिपाही शिवकुमार लहरे और नगर सैनिक सतीश साहू शामिल थे।
बलरामपुर जिले के रेवतीपुर में शुक्रवार रात हाथी के हमले में ग्रामीण की मौत हो गई। घर के बाकी सदस्यों ने भाग कर जान बचाई। दल से अलग होकर पहुंचा हाथी ग्रामीण का घर तोड़ रहा था, भागने के दौरान हाथी ने उसे कुचल दिया। मामला राजपुर वन परिक्षेत्र का है। जानकारी के मुताबिक, रात करीब 9 बजे 4 हाथी विचरण करते हुए रेवतपुर पहुंचे। इसमें से एक हाथी ने नावापारा निवासी बालम साय के घर को पीछे से तोड़ना शुरू कर दिया। आवाज़ आने पर बालम साय देखने के लिए गया। हाथी को देखकर उसने शोर मचाया और निकलकर भागने की कोशिश की। भागने के दौरान हाथी ने दौड़ाकर कुचला घर से निकलकर भागने के दौरान हाथी ने उसे दौड़ाकर सूंढ़ से पकड़ लिया और पटककर कुचल दिया। बालम साय की मौके पर ही मौत हो गई। परिजनों के अनुसार बालम साय को कुछ कम दिखाई देता था। घर के अन्य सदस्य हाथी को देखकर भाग निकले और अपनी जान बचाई। घटना के बाद से पूरे गांव में दहशत का माहौल है। सूचना मिलने पर वनविभाग के अधिकारी और हाथी मित्र दल के सदस्य गांव में पहुंचे और लोगों को सतर्क किया। 4 हाथियों का दल अभी भी रेवतपुर के पास ही मौजूद है, जिससे ग्रामीण सहमे हुए हैं। महुआ व कटहल के कारण गांव में आ रहे हाथी वन विभाग ने लोगों को सतर्क रहने की अपील की है। अधिकारियों के अनुसार 4 हाथी कई दिनों से रेवतपुर के आसपास विचरण कर रहे हैं। हाथी पके कटहल, आम और महुआ के कारण गांवों में आ रहे हैं। बालम साय के घर में भी महुआ रखा हुआ था, जिसकी महक आने के बाद हाथी उसके घर को तोड़ रहा था।
रायसेन जिले में इस बार मानसून की कमजोर स्थिति ने किसानों की चिंता बढ़ा दी है। जुलाई का आधा महीना बीतने के बाद भी जिले के कई नदी-नाले और छोटी नदियां सूखी पड़ी हैं। आमतौर पर इस समय तक जलस्रोतों में पानी भर जाता था, लेकिन इस बार बारिश की कमी के कारण हालात अलग हैं। धान के खेतों में नमी कम होने से दरारें दिखाई देने लगी हैं और किसानों को फसल बचाने के लिए अतिरिक्त प्रयास करने पड़ रहे हैं। 18 दिन से अच्छी बारिश का इंतजार जिले में पिछले करीब 18 दिनों से अच्छी बारिश नहीं हुई है। इसका सीधा असर खरीफ फसलों पर पड़ रहा है। किसानों के अनुसार, इस बार खरीफ फसलों की बोवनी करीब 15 दिन तक पिछड़ गई है। कई खेत अभी भी खाली पड़े हुए हैं और किसान बारिश का इंतजार कर रहे हैं। बारिश नहीं होने के कारण तापमान में भी बढ़ोतरी हुई है। लोगों को अप्रैल जैसी गर्मी का एहसास हो रहा है। उमस और गर्मी के बीच खेतों में नमी बनाए रखना किसानों के लिए बड़ी चुनौती बन गया है। ट्यूबवेल के सहारे धान बचाने की कोशिश जिन किसानों ने समय पर धान की रोपाई कर दी है, वे अब ट्यूबवेल और बोरवेल के सहारे खेतों में पानी पहुंचा रहे हैं। किसान लगातार सिंचाई कर फसल को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। हालांकि, बारिश की कमी और लगातार भूजल के उपयोग के कारण जलस्तर तेजी से नीचे जा रहा है। कई क्षेत्रों में बोरवेल का पानी भी कम होने लगा है, जिससे आने वाले दिनों में सिंचाई को लेकर चिंता बढ़ गई है। 60 प्रतिशत क्षेत्र में हो चुकी धान की रोपाई कृषि वैज्ञानिक स्वप्निल दुबे ने बताया कि जिले में लगभग 60 प्रतिशत क्षेत्र में धान की रोपाई पूरी हो चुकी है। उन्होंने कहा कि वर्तमान मौसम धान की फसल के लिए अनुकूल नहीं है। उन्होंने किसानों को सलाह दी है कि जिन किसानों ने धान की रोपाई कर ली है, वे फसल की विशेष निगरानी करें और पानी की उपलब्धता के अनुसार सिंचाई करते रहें। रोपाई नहीं करने वाले किसान बारिश का कर रहे इंतजार कृषि वैज्ञानिकों ने उन किसानों को अभी इंतजार करने की सलाह दी है, जिन्होंने धान की रोपाई नहीं की है। किसानों को पर्याप्त बारिश होने और खेतों में नमी आने के बाद ही रोपाई करने को कहा गया है। वहीं, जिन किसानों के पास सिंचाई की सुविधा उपलब्ध है, उन्हें रात के समय खेतों में 2 से 3 इंच तक पानी बनाए रखने की सलाह दी गई है। अगले दिनों में बारिश की उम्मीद मौसम की मौजूदा स्थिति के बीच किसानों को अगले दो से तीन दिनों में अच्छी बारिश की उम्मीद है। कृषि विशेषज्ञों का कहना है कि यदि जल्द बारिश होती है तो धान समेत खरीफ फसलों को राहत मिल सकती है। फिलहाल जिले के किसान आसमान की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं और अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे हैं।

