कानपुर जेल में मंगलवार शाम को बंदी रवि सोनी उर्फ विक्की सोनी की तबियत बिगड़ी और उर्सला अस्पताल में दम तोड़ दिया। बंदी की मौत के बाद से कानपुर जेल में निरुद्ध बंदियों के बीच आक्रोश है। इसके देखते हुए जेल प्रशासन ने सभी बैरकों की सुरक्षा बढ़ा दी है। वहीं, परिवार के लोगों ने भी जेल अधीक्षक पर लापरवाही से मौत का आरोप लगाते हुए पूरे मामले में जांच की मांग की है। आरोप है कि बंदी को कुछ दिन पहले हार्ट अटैक पड़ा था तो उसका कॉर्डियोलॉजी में इलाज हुआ था, दोबारा सीने में दर्द होने पर उसे दिल के अस्पताल की जगह उर्सला अस्पताल ले गए। इलाज नहीं मिलने के चलते बंदी की मौत हो गई। बंदी की मौत से जेल में कैदियों का हंगामा-आक्रोश नौबस्ता मछरिया में रहने वाला 37 साल का विक्की सोनी उर्फ रवि नौबस्ता थाने से 2015 में रोहित सिंह मर्डर केस में जेल गया था। 2018 में पेशी के दौरान फरार हो गया था। इसके बाद विक्की पर 1 लाख का इनाम घोषित किया गया था। एसीएफ ने 17 मार्च 2019 में विक्की को मुठभेड़ के बाद पनकी से गिरफ्तार कर जेल भेजा था। मृतक कैदी के भाई दीपचंद्र सोनी ने बताया कि मंगलवार सुबह मुझे जेल से सुबह 11 बजे जानकारी मिली कि भाई विक्की सोनी के सीने में दर्द है। इसके बाद भतीजा दीपांकर सोनी जेल में मिलने गया था, आरोप है कि जेल में दस्तावेज पूरे नहीं होने का हवाला देकर उन्हें मिलने नहीं दिया गया। शाम को जेल प्रशासन द्वारा उनकी हालत खराब होने पर मंगलवार शाम 5:08 बजे उर्सला अस्पताल में एडमिट कराया और 5 बजकर 40 मिनट पर विक्की को डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। भाई ने बताया कि शाम को जानकारी के बाद परिवार के लोग उर्सला अस्पताल पहुंचे और फिर वहां से शव को पोस्टमॉर्टम के लिए रात 8 बजे पोस्टमॉर्टम हाउस भेज दिया। भाई ने आरोप लगाया कि जेल प्रशासन ने लगातार सीने में दर्द होने के बाद भी बीमारी को गंभीरता से नहीं लिया। हालत बिगड़ने पर विक्की को हार्ट के हॉस्पिटल कॉर्डियोलॉजी भेजने की बजाए उर्सला अस्पताल भेज दिया। इस वजह से मरीज को सही इलाज नहीं मिलने और लापरवाही के चलते मौत हुई है। जेल प्रशासन की लापरवाही से बंदी की मौत के चलते जेल में भी बंदियों के बीच माहौल बिगड़ गया। इसे देखते हुए जेल प्रशासन को सभी बैरकों की सुरक्षा व्यवस्था बढ़ानी पड़ी। जेल के सीसीटीवी फुटेज दिखाने और जांच की मांग इस पूरे मामले में मृतक बंदी के भाई दीपचंद्र सोनी ने जेल प्रशासन से सीसीटीवी फुटेज दिखाने की मांग की है। इसके साथ ही इलाज में लापरवाही पर जेल अधीक्षक समेत अन्य कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि जल्द ही डीजीपी जेल से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगे और कमेटी का गठन करके जांच की मांग करेंगे। इससे कि मौत का सच सामने आ सके। वहीं दूसरी तरफ जेल अधीक्षक राजेश कुमार पांडेय ने बताया कि बंदी विक्की सोनी ने शाम को सीने में दर्द होने की जानकारी दी। जिस पर उसे तत्काल उर्सला अस्पताल भेजा गया। जहां डॉक्टर ने उसे मृत घोषित कर दिया। प्रथम दृष्टया दिल का दौरा पड़ने से कैदी की मौत हुई है। फिलहाल पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का कारण स्पष्ट होगा। परिजन द्वारा लगाए जा रहे आरोप पूरी तरह से निराधार है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने महिला वकील का कथित रूप से पीछा करने और उत्पीड़न के आरोपी एक वकील की अंतरिम जमानत रद्द करते हुए उसे तत्काल न्यायिक हिरासत में भेजने का आदेश दिया। अदालत ने उसके आचरण को अदालत की अवमानना के समान और पूरी तरह गैर-पेशेवर बताते हुए उत्तर प्रदेश बार काउंसिल को भी उसके आचरण की जांच करने और यह तय करने का निर्देश दिया कि वह वकालत जारी रखने के योग्य है या नहीं। जस्टिस अरुण कुमार सिंह देशवाल की पीठ ने यह आदेश विजय सिंह चौहान की याचिका पर पारित किया। जानिये क्या है मामला मामले में हाईकोर्ट में प्रैक्टिस करने वाली महिला वकील ने एफआईआर दर्ज कराई। उनका आरोप है कि आरोपी वकील करीब 11 महीने से लगातार उनका पीछा कर रहा है और उन्हें परेशान कर रहा है। शिकायत के अनुसार आरोपी बार-बार उनका रास्ता रोकता था, सगाई करने के लिए दबाव बनाता था, लगातार फोन और आपत्तिजनक वॉयस संदेश भेजता था। उस पर महिला वकील की छवि खराब करने, पेशेवर जीवन में हस्तक्षेप करने, अदालत के समक्ष अपनी पहचान को लेकर भ्रामक जानकारी देने तथा मानसिक और पेशेवर उत्पीड़न करने के भी आरोप हैं। कहा था हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं करेगा अदालत ने आरोपी को 16 मार्च 2026 को अंतरिम जमानत दी थी। उस समय उसने बिना शर्त माफी मांगते हुए यह लिखित आश्वासन दिया था कि अदालत की अनुमति के बिना हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश नहीं करेगा और न ही किसी भी माध्यम से महिला वकील से संपर्क करेगा। हालांकि, मामले की सुनवाई के दौरान आरोपी ने अपने इस आश्वासन का उल्लंघन किया। पहले उसने जस्टिस के चैंबर में सीधे आवेदन भेजकर हाईकोर्ट परिसर में प्रवेश और वकालत करने की अनुमति मांगी। कोर्ट ने कड़ी नाराजगी जताई इस पर अदालत ने कड़ी नाराजगी जताते हुए कहा कि यदि किसी आदेश में संशोधन कराना हो तो विधि सम्मत तरीका रजिस्ट्री के माध्यम से आवेदन दाखिल करना है, न कि सीधे जज के चैंबर में आवेदन भेजना। अदालत ने कहा, प्रथम दृष्टया यह कृत्य मुझे प्रभावित करने का प्रयास प्रतीत होता है और यह न्याय प्रशासन में हस्तक्षेप की श्रेणी में आ सकता है। इसके अलावा सुनवाई के दिन आरोपी स्वयं अदालत में उपस्थित मिला, जबकि उसने स्पष्ट आश्वासन दिया था कि वह अदालत नहीं आएगा ताकि पीड़िता किसी प्रकार का भय महसूस न करे। इस पर अदालत ने कहा, आज अदालत यह देखकर आश्चर्यचकित है कि आरोपी अपने वकील की मौजूदगी के बावजूद स्वयं अदालत में उपस्थित है। यह उसके दिए गए आश्वासन का सीधा उल्लंघन है। इन परिस्थितियों को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने आरोपी की अंतरिम जमानत तत्काल प्रभाव से रद्द की और उसे हिरासत में लेकर संबंधित मजिस्ट्रेट के समक्ष पेश कर जेल भेजने का निर्देश दिया। अदालत ने पीड़िता की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए यह भी आदेश दिया कि मुकदमे के निष्पादन तक उन्हें उपलब्ध कराई गई व्यक्तिगत सुरक्षा जारी रखी जाए। साथ ही अदालत ने आदेश की प्रति उत्तर प्रदेश बार काउंसिल के सचिव को भेजने का निर्देश देते हुए कहा कि आरोपी वकील के आचरण की जांच की जाए और कानून के अनुसार उचित कार्रवाई की जाए।
लखनऊ के नाका क्षेत्र में डीएवी कॉलेज फ्लाईओवर पर मंगलवार रात करीब 12 बजे तेज रफ्तार बिना नंबर की थार ने बाइक सवार दो युवकों को जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर के बाद बाइक थार के अगले हिस्से में फंस गई और करीब 100 मीटर तक घिसटती चली गई। हादसे में बाइक सवार गंभीर रूप से घायल हो गया। आसपास मौजूद लोगों ने पीछाकर थार सवार दो युवकों को पकड़ लिया, जबकि एक युवती समेत तीन लोग मौके से फरार हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक थार में चार युवक और एक युवती सवार थे। तेज रफ्तार वाहन ने सामने से आ रही बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही बाइक सवार युवक उछलकर सड़क पर गिर पड़े, जबकि उसकी बाइक थार में फंस गई। कुछ दूरी तक बाइक घसीटने के बाद अचानक थार बंद हो गई। इसी दौरान आसपास के लोगों ने दौड़ाकर वाहन सवारों को पकड़ लिया और पुलिस के हवाले कर दिया। नाका थाना प्रभारी विवेक चौधरी ने बताया कि हादसे में घायल युवकों को गंभीर हालत में अस्पताल भेजा गया है। फिलहाल उसकी पहचान नहीं हो सकी है। युवक के पास मिले सामान और बाइक नंबर के आधार पर शिनाख्त का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस के अनुसार दुर्घटना में बाइक पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गई। दोनों क्षतिग्रस्त वाहनों को सड़क से हटवाकर ट्रैफिक सामान्य कराया गया। मामले में तहरीर मिलने पर मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई की जाएगी। फरार आरोपियों की तलाश भी की जा रही है।
हाईकोर्ट से सेना के जवान को सशर्त अग्रिम जमानत:बागपत का मामला, पत्नी की मौत के मामले में है आरोपी
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भारतीय सेना में सिपाही के पद पर तैनात एक जवान को उसकी पत्नी की मौत से जुड़े मामले में अग्रिम जमानत दे दी है। न्यायमूर्ति विवेक कुमार सिंह ने साजिद की अर्जी पर यह आदेश दिया। बागपत जिले के बड़ौत थाना क्षेत्र में दर्ज केस के अनुसार याची की पत्नी की मौत हुई, जिसके पीछे दहेज को कारण बताया गया। तर्क दिया कि साजिद को झूठा फंसाया गया है। वह मृतका का शौहर है और सेना में सिपाही के पद पर लेह-लद्दाख में तैनात है। पत्नी की मृत्यु की सूचना मिलने पर उसे 14 मार्च 2026 को 28 दिन की छुट्टी दी गई थी, और घटना के समय वह अपनी तैनाती के स्थान पर मौजूद था। यह भी बताया कि साजिद ने अपनी पत्नी के बैंक खाते में 4,20,000 रुपये भेजे थे, इसलिए दहेज की मांग का सवाल ही नहीं उठता। अभियोजन पक्ष का यह स्वीकृत तथ्य है कि आवेदक घटनास्थल पर मौजूद नहीं था। मृतका के गले पर फांसी के निशान के अलावा शरीर पर कोई अन्य चोट नहीं पाई गई, और मृत्यु का कारण फांसी लगने से श्वासावरोध बताया गया। यह भी बताया गया कि मृतका के ससुर और सास यानी साजिद के माता-पिता को क्रमशः 6 जुलाई और 10 जुलाई 2026 को जमानत मिल चुकी है और याची का कोई आपराधिक इतिहास नहीं है और उसने जांच व मुकदमे में सहयोग करने का वचन दिया। कोर्ट ने कहा कि गिरफ्तारी का अधिकार होने मात्र से गिरफ्तारी अनिवार्य नहीं हो जाती, और व्यक्तिगत स्वतंत्रता संवैधानिक मूल्य है। मामले की प्रकृति, आवेदक की भूमिका और सभी परिस्थितियों को देखते हुए, बिना मामले के गुण-दोष पर कोई राय व्यक्त किए, अदालत ने सशर्त अग्रिम जमानत देना उचित पाया।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक आदेश में कहा है कि राजकीय सहायता प्राप्त शिक्षण संस्थानों में सेवा दे चुके शिक्षक , ग्रेच्युटी भुगतान अधिनियम, 1972 के तहत ग्रेच्युटी पाने के हकदार हैं। सेवानिवृत्त प्रधानाचार्य एवं 3 अन्य याचिकाकर्ताओं ने अदालत का दरवाजा खटखटाया था। इनमें से सभी प्रधानाचार्य पद से सेवानिवृत्त हो चुके हैं। याचिकाकर्ताओं की ओर से अधिवक्ता ने श्रीमती मेहर जहां बनाम उत्तर प्रदेश राज्य केस का हवाला दिया। ऐसे मामले में कोर्ट पहले ही लाभ दे चुकी है। स्पष्टीकरण नहीं दिया गया राज्य की ओर से कहा गया कि याचिका बेहद देरी से दाखिल की गई है और इसके लिए कोई स्पष्टीकरण नहीं दिया गया। इसके जवाब में याचिकाकर्ताओं के वकील ने कहा कि ग्रेच्युटी से जुड़े मामलों में समयसीमा लागू नहीं होती।यह विधिक अधिकार है, भुगतान होने तक मांग की जा सकती है। ग्रेच्युटी का दावा खारिज नहीं न्यायमूर्ति सिद्धार्थ नंदन की एकल पीठ ने कहा कि अदालत पहले ही यह घोषित कर चुकी है कि सहायता प्राप्त संस्थानों के शिक्षक ग्रेच्युटी अधिनियम के तहत लाभ पाने के हकदार हैं। जिनमें कहा गया है कि सहायता प्राप्त संस्थान को राज्य सरकार के संस्थानों के समकक्ष माना गया है और सेवा में देरी के आधार पर ग्रेच्युटी के दावे को खारिज नहीं किया जा सकता। कोर्ट ने मामले को विचारणीय मानते हुए राज्य सरकार को जवाबी हलफनामा दाखिल करने के लिए चार सप्ताह का समय दिया है।
मध्यप्रदेश राज्य महिला आयोग की मंगलवार को हुई जनसुनवाई में एक ऐसा मामला सामने आया, जिसमें दो नाबालिग बच्चों ने खुद अपने पिता के खिलाफ शिकायत की। बच्चों ने आरोप लगाया कि उनके पिता का पिछले चार साल से पड़ोस में रहने वाली एक महिला से संबंध है। इसका विरोध करने पर वे मां के साथ मारपीट करते हैं। बच्चों का कहना है कि घरेलू विवाद से परेशान उनकी मां डिप्रेशन में हैं और आत्महत्या की कोशिश भी कर चुकी हैं। वहीं, एक अन्य मामले में पति की फैक्ट्री हादसे में मौत के बाद मुआवजा नहीं मिलने पर आयोग ने कंपनी को अगली सुनवाई में हर हाल में पेश होने के निर्देश दिए हैं। केस-1 पापा का चार साल से अफेयर है दोनों बच्चों ने आयोग को बताया कि उनके पिता का पड़ोस में रहने वाली एक महिला से पिछले चार साल से संबंध है। इस मामले की पहले पुलिस में भी शिकायत की गई थी। उस समय पिता ने शपथ पत्र देकर दोबारा ऐसा नहीं करने का भरोसा दिया था, लेकिन अब भी महिला से संपर्क में हैं। बच्चों का कहना है कि कई बार समझाने के बाद भी दोनों ने बातचीत बंद नहीं की। मम्मी डिप्रेशन में हैं, आत्महत्या की कोशिश की बच्चों ने आरोप लगाया कि पिता अक्सर उनकी मां के साथ मारपीट करते हैं और उन्हें भी पीटते हैं। लगातार घरेलू विवाद के कारण उनकी मां मानसिक रूप से टूट गई हैं। बच्चों के मुताबिक मां ने आत्महत्या की कोशिश भी की थी। अब उनका इलाज चल रहा है और उन्हें डिप्रेशन की दवाइयां लेनी पड़ रही हैं। जिस महिला पर आरोप, वह भी शादीशुदा बच्चों ने जिस महिला पर पिता से संबंध होने का आरोप लगाया, वह भी शादीशुदा है और उसके तीन बच्चे हैं। वह आंगनवाड़ी सहायिका के रूप में काम करती है। बच्चों का आरोप है कि महिला उनके पिता से लगातार संपर्क में है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि महिला ने उनके पिता से पैसे लिए हैं, लेकिन अब तक लौटाए नहीं हैं। केस-2 फैक्ट्री कर्मचारी की मौत, कंपनी को नोटिस एक अन्य मामले में मंडीदीप स्थित एक फैक्ट्री के वेयरहाउस में गेहूं की बोरियों के नीचे दबकर कर्मचारी की मौत के बाद उसकी पत्नी ने मुआवजा नहीं मिलने की शिकायत की। सुनवाई के दौरान कंपनी का कोई प्रतिनिधि आयोग के सामने उपस्थित नहीं हुआ। इस पर आयोग ने कंपनी को अगली सुनवाई में अनिवार्य रूप से उपस्थित होने के निर्देश दिए। अध्यक्ष रेखा यादव ने कहा कि यदि अगली तारीख पर भी कंपनी का प्रतिनिधि नहीं पहुंचता है तो उसके खिलाफ वारंट जारी करने की कार्रवाई की जाएगी। केस- 3 एक दंपती के बीच हुआ समझौता जनसुनवाई में एक पारिवारिक विवाद का भी समाधान हुआ। महिला ने अपने पति के खिलाफ शिकायत की थी। दोनों पक्षों को सुनने और समझाइश के बाद आपसी सहमति से समझौता हो गया। महिला ने कहा कि अब वह इस मामले में आगे कोई कार्रवाई नहीं चाहती, जबकि पति ने भी आपसी सामंजस्य से रहने की सहमति दी। 18 मामलों की हुई सुनवाई महिला आयोग की अध्यक्ष रेखा यादव, सदस्य साधना स्थापक और सचिव सुरेश तोमर की मौजूदगी में कुल 18 मामलों की सुनवाई हुई। इनमें घरेलू हिंसा, कार्यस्थल पर प्रताड़ना, पारिवारिक विवाद और मुआवजा से जुड़े मामलों पर दोनों पक्षों को सुनकर आवश्यक निर्देश दिए गए।
प्रयागराज के धूमनगंज में रंगदारी और आपराधिक षड्यंत्र के मामले में नामजद माफिया अतीक अहमद के शूटर रहे जुल्फिकार उर्फ तोता को जमानत मिल गई है। अदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान धनराशि के दो जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। आरोपी पिछले करीब तीन वर्ष से न्यायिक हिरासत में निरुद्ध है। क्या है पूरा मामलाधूमनगंज थाने में 2023 में दर्ज मुकदमा के अनुसार वादी मोहम्मद परवेज ने आरोप लगाया था कि 25 अप्रैल 2023 की रात वह अपनी बहन के घर से लौट रहा था। रास्ते में अकरम अली, आजम अली, असलम अली और फैजान ने उसे रोक लिया। आरोप है कि आरोपियों ने क्षेत्र में रहने और कारोबार करने के एवज में 10 लाख रुपये की रंगदारी मांगी। विरोध करने पर फैजान ने कट्टा पेट पर सटाकर जान से मारने की धमकी दी, जिसके बाद भयवश वादी ने अपनी जेब में रखे 50 हजार रुपये उन्हें दे दिए। बाकी रकम 24 घंटे के भीतर देने की धमकी भी दी गई। इस मामले की एफआईआर 6 जुलाई 2023 को दर्ज कराई गई थी।बचाव पक्ष ने क्या दलील दीजुल्फिकार उर्फ तोता की ओर से अदालत में कहा गया कि उसे रंजिशन फंसाया गया है। घटना के समय वह न्यायिक हिरासत में था, इसलिए मौके पर उसकी मौजूदगी का सवाल ही नहीं उठता। एफआईआर में उसके खिलाफ केवल इतना आरोप है कि घटना उसके कहने पर हुई, लेकिन यह स्पष्ट नहीं किया गया कि उसने क्या निर्देश दिया था। बचाव पक्ष ने यह भी कहा कि एफआईआर करीब ढाई महीने की देरी से दर्ज हुई और देरी का कोई संतोषजनक कारण नहीं बताया गया। साथ ही सहआरोपी अकरम अली को पहले ही जमानत मिल चुकी है। इन शर्तों पर मिली जमानतअदालत ने आरोपी को 50 हजार रुपये के निजी मुचलके और समान राशि के दो विश्वसनीय जमानतदार प्रस्तुत करने पर रिहा करने का आदेश दिया है। साथ ही शर्त लगाई है कि वह नियमित रूप से ट्रायल कोर्ट में उपस्थित रहेगा, किसी गवाह को प्रभावित करने या धमकाने का प्रयास नहीं करेगा, साक्ष्य के दौरान अनावश्यक स्थगन नहीं मांगेगा और अदालत की अनुमति के बिना भारत नहीं छोड़ेगा। शर्तों का उल्लंघन होने पर जमानत स्वतः निरस्त मानी जाएगी।
कानपुर में दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार को कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया। महानगर कांग्रेस ने कोतवाली चौराहे पर केन्द्र सरकार का पुतला फूंका, जबकि दक्षिण क्षेत्र में दबौली में प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को पुलिस ने हिरासत में ले लिया। शहर दक्षिण में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अन्य कांग्रेस नेताओं की गिरफ्तारी की सूचना मिलते ही मंगलवार शाम 6.30 प्रदेश महासचिव जेपी पाल और एआईसीसी सदस्य विकास अवस्थी के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। कार्यकर्ताओं नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया गया। इस दौरान गोविंद नगर पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शन कर रहे कार्यकर्ताओं को हिरासत में ले लिया। कानपुर महानगर कांग्रेस ने जिलाध्यक्ष पवन गुप्ता के नेतृत्व में कोतवाली चौराहे पर मंगलवार रात 9 बजे प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए सरकार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने दिल्ली में पेपर लीक, रोजगार और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर प्रदर्शन कर रहे युवाओं और छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की निंदा की। साथ ही राहुल गांधी, प्रियंका गांधी, उत्तर प्रदेश प्रभारी राजेंद्र पाल गौतम और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष अजय राय की गिरफ्तारी तथा उनके साथ हुई बदसलूकी का विरोध जताया। कांग्रेस नेताओं ने युवाओं पर हुए लाठीचार्ज की निष्पक्ष जांच कराने, दोषी अधिकारियों पर कार्रवाई करने की मांग की। इसके साथ ही शिक्षामंत्री के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शन में पवन गुप्ता, जेपी पाल, विकास अवस्थी, राकेश साहू, संतोष पाठक, राजेश गौतम, शीलू श्रीवास्तव, अमिताभ दत्त मिश्रा, जावेद उस्मानी, आशुतोष शुक्ला, विनोद अवस्थी, शाहिद जमील, अर्पित मिश्रा, जितेंद्र ब्रह्म, मोहित सैनी, शिवेंद्र श्रीवास्तव समेत कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
ललितपुर में मंगलवार रात जीजा-साले की कुएं में डूबने से मौत हो गई। सूचना पर पहुंची पुलिस ने रात करीब 8 बजे खेत में स्थित बिना मुंडेर वाले कुएं से दोनों के शव बाहर निकलवाकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए। मामला बानपुर थाना क्षेत्र के ग्राम तेरा का है। मृतकों की पहचान तेरा निवासी मुनीम अहिरवार (18) और नाराहट थाना क्षेत्र के गौना निवासी रविंद्र (22) के रूप में हुई है। रविंद्र रिश्ते में मुनीम का बहनोई था और खेती के काम में मदद करने के लिए गांव आया था। दोनों खेत में दवा छिड़कने गए थे, लेकिन देर रात तक घर नहीं लौटे। तलाश के दौरान परिजनों को कुएं के बाहर उनके मोबाइल फोन और चप्पलें मिलीं, जबकि दोनों के शव पानी में मिले। प्रारंभिक जांच में आशंका जताई जा रही है कि मुनीम, जो तैरना नहीं जानता था, पानी भरते समय कुएं में गिर गया। उसे बचाने के लिए रविंद्र भी कुएं में उतरा, लेकिन दोनों गहरे पानी में डूब गए। सूचना मिलने पर पुलिस और ग्रामीण मौके पर पहुंचे और शवों को बाहर निकलवाया। कचनौंदा पुलिस चौकी प्रभारी रोहित यादव ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि दोनों शव पोस्टमार्टम के लिए भेज दिए गए हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
अखिलेश यादव की गिरफ्तारी का विरोध:संभल में सपा का प्रदर्शन, शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
संभल में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार रात दिल्ली में पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। उन्होंने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग की। यह प्रदर्शन रात 9 बजे से 10:15 बजे तक चला। चंदौसी के थाना बहजोई कस्बा क्षेत्र स्थित इस्लामनगर चौराहे पर यह प्रदर्शन हुआ। सपा के जिला महासचिव कृष्ण मुरारी शंखधार और गुन्नौर विधानसभा अध्यक्ष अमित यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के बाद पूरे प्रदेश में हो रहे प्रदर्शनों को देखते हुए संभल पुलिस-प्रशासन अलर्ट पर रहा। महासचिव कृष्ण मुरारी शंखधार ने बताया कि देशभर में लगातार हो रहे पेपर लीक के विरोध में छात्र-नौजवानों ने दिल्ली में प्रदर्शन किया था। इस दौरान प्रदर्शनकारियों पर लाठीचार्ज किया गया और आंसू गैस के गोले छोड़े गए। प्रदर्शन में शामिल होने पहुंचे समाजवादी पार्टी के सांसदों को भी हिरासत में लिया गया। स्थिति बिगड़ने पर समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव भी जंतर-मंतर पहुंचे, जहां उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया गया। महासचिव ने कहा कि अखिलेश यादव छात्रों और युवाओं के दुख-दर्द को समझते हैं और उन्होंने अपने मुख्यमंत्री कार्यकाल के दौरान छात्रों के लिए कई योजनाएं चलाई थीं। प्रदर्शनकारियों ने 20 से अधिक बार पेपर लीक होने का आरोप लगाया। छात्रों ने केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर गंभीर आरोप लगाते हुए उनके इस्तीफे की मांग की। हालांकि, उनकी मांग पूरी नहीं हुई और प्रदर्शनकारियों पर आंसू गैस के गोले दागे गए तथा लाठीचार्ज किया गया। महासचिव ने यह भी कहा कि महिला प्रदर्शनकारियों के साथ कथित तौर पर बदसलूकी और कपड़े फाड़ने जैसी गंभीर शिकायतें भी सामने आईं, जिसे संविधान के लिए शर्मनाक बताया गया। उन्होंने दोहराया कि जब तक शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते, तब तक उनका संघर्ष जारी रहेगा। विधानसभा अध्यक्ष उमेश यादव, विधानसभा अध्यक्ष अमित यादव, जिलाध्यक्ष छात्र सभा सुरेंद्र यादव, प्रदेश उपाध्यक्ष एवं विधानसभा सुनील यादव, उमर सभासद जीशान, सभासद शेर मोहम्मद, सचिन यादव, पप्पू शर्मा, अशोक गुप्ता, लव यादव, चेतन गुप्ता, मुनेश यादव, अरविंद यादव, मुर्शिद खान, सद्दाम कुरेशी, हनी बाबा, शरद यादव, बिजेंद्र यादव, वीर सिंह यादव, रविंद्र यादव, शोभित कुमार, मनीष यादव, ललितेश यादव, लव यादव, पुष्पेंद्र यादव, राघव शर्मा, ललितेश यादव, उमेश दिवाकर, डॉ हंसराज सिंह, धर्मेंद्र दिवाकर, सर्वेश दिवाकर, रामबाबू दिवाकर, रामवीर यादव, भारत सिंह यादव, महेश यादव, जसवीर प्रधान आदि मौजूद रहें।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने एक न्यायिक अधिकारी की वार्षिक गोपनीय आख्या (एसीआर) में दर्ज ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा’ संबंधी प्रतिकूल टिप्पणी को निरस्त कर दिया है। कोर्ट ने कहा कि किसी न्यायिक अधिकारी के व्यवहार, कार्यशैली, प्रशासनिक निर्देशों का पालन न करने या न्यायिक आदेशों की गुणवत्ता से संबंधित आरोपों को सीधे उसकी ईमानदारी और सत्यनिष्ठा पर संदेह का आधार नहीं बनाया जा सकता। जानिये क्या है मामला न्यायमूर्ति अरिंदम सिन्हा और न्यायमूर्ति सत्यवीर सिंह की खंडपीठ ने स्मृति मंजू कुमारी की याचिका पर यह आदेश पारित किया। याची वर्ष 2019-20 के दौरान गाजियाबाद में अपर सिविल जज (सीनियर डिवीजन) के पद पर तैनात थीं। उनकी वार्षिक गोपनीय आख्या में सत्यनिष्ठा को ‘संदिग्ध’ बताया गया था। एसीआर में कहा गया था कि अधिवक्ताओं की ओर से उनके काम और आचरण को लेकर कई मौखिक शिकायतें मिली थीं। इसके अलावा, उनके व्यवहार और कथित रूखेपन को लेकर बार के सदस्यों की शिकायतों का भी उल्लेख किया गया था। याची ने इन टिप्पणियों के खिलाफ कई अभ्यावेदन दिए, लेकिन राहत नहीं मिलने पर हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की। कोर्ट ने कहा ठोस आधार क्या कोर्ट ने राज्य और हाईकोर्ट प्रशासन से यह स्पष्ट करने को कहा कि ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा’ जैसी गंभीर टिप्पणी के लिए ठोस तथ्य और न्यायिक आधार क्या है। प्रशासन की ओर से बताया गया कि संबंधित जिला जज ने अधिकारी की सत्यनिष्ठा प्रमाणित नहीं की थी और उन्हें खराब रेटिंग दी गई थी। अधिकारी के खिलाफ प्रशासनिक निर्देशों का पालन नहीं करने, कार्यप्रणाली और व्यवहार से संबंधित शिकायतों तथा कुछ प्रशासनिक घटनाओं का भी उल्लेख किया गया। सुप्रीम कोर्ट ने कहा है कि सत्यनिष्ठा का अर्थ मजबूत नैतिक सिद्धांत, ईमानदारी और भ्रष्ट प्रभावों से मुक्त चरित्र है। लापरवाही, असावधानी या अनजाने में हुई गलती अपने आप में ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा’ का आधार नहीं बन सकती। ईमानदारी पर सवाल का आधार नहीं हाईकोर्ट ने कहा कि उसके सामने रखे गए शिकायत पत्रों में ऐसा कोई आरोप नहीं मिला, जो सीधे तौर पर न्यायिक अधिकारी की ईमानदारी या नैतिक चरित्र पर सवाल उठाता हो। पीठ ने कहा कि संबंधित प्रतिकूल टिप्पणी मुख्य रूप से जिला जज की ओर से दी गई प्रतिक्रिया और निरीक्षण के दौरान मिली जानकारी पर आधारित थी। रिकॉर्ड से यह भी स्पष्ट नहीं था कि प्रतिकूल टिप्पणी दर्ज करने से पहले संबंधित उच्च अधिकारी ने न्यायिक अधिकारी से बातचीत कर उनका पक्ष जाना था। हाईकोर्ट ने एसीआर में दर्ज न्यायिक आदेशों से जुड़ी टिप्पणियों का भी परीक्षण किया। इन टिप्पणियों में अंतरिम आदेशों, निषेधाज्ञा और संपत्ति विवादों से संबंधित मामलों में न्यायिक अधिकारी द्वारा पारित आदेशों पर आपत्तियां थीं। पीठ ने कहा कि किसी न्यायिक आदेश की कानूनी या तथ्यात्मक त्रुटि का परीक्षण अपील या पुनरीक्षण में किया जा सकता है, लेकिन ऐसी त्रुटियों को न्यायिक अधिकारी की सत्यनिष्ठा से नहीं जोड़ा जा सकता। कोर्ट ने कहा कि संबंधित टिप्पणियां न्यायिक निर्णयों के गुण-दोष से जुड़ी थीं और उनका याचिकाकर्ता की ईमानदारी या सत्यनिष्ठा से कोई संबंध नहीं था। हाईकोर्ट ने न्यायिक अधिकारी के खिलाफ दर्ज ‘संदिग्ध सत्यनिष्ठा’ संबंधी प्रतिकूल टिप्पणी को निरस्त कर दिया। प्रतिकूल टिप्पणी हटाते हुए हाईकोर्ट ने याचिकाकर्ता को उसके परिणामस्वरूप मिलने वाली राहत का हकदार माना और रिट याचिका का निस्तारण कर दिया।
मेरठ के चर्चित सौरभ हत्याकांड में जिरह जारी है। मंगलवार को डिफेंस की वकील ने गवाहों से जुड़ी पुलिस कार्रवाई पर सवाल खड़े किए हैं। उनका कहना था कि पुलिस ने जिन लोगों से रेत, सीमेंट, चाकू, दवा खरीदना बताया है, उनसे जुड़ा कोई साक्ष्य अथवा सीसीटीवी कैमरे का फुटेज कोर्ट को उपलब्ध नहीं कराया है। अगली सुनवाई बुधवार को होगी। मेरठ के ब्रह्मपुरी थाना क्षेत्र में 3 मार्च, 2025 को दिल दहला देने वाली वारदात हुई। यहां मर्चेंट नेवी अफसर सौरभ राजपूत की निर्मम हत्या कर उसके शव को कई टुकड़ों में बाटकर नीले ड्रम में भरते हुए सीमेंट के घोल से जमा दिया गया। दरअसल, सौरभ लंदन में था और वह मौत से एक माह पहले ही अपनी बेटी पीहू का जन्म दिन मनाने के लिए घर लौटा था। हत्या सौरभ की पत्नी मुस्कान रस्तौगी ने अपने प्रेमी साहिल के साथ मिलकर की थी। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार किया और कोर्ट में पेश किया। कोर्ट ने दोनों को सलाखों के पीछे भेज दिया। केस में फाइनल बहस जारी सौरभ हत्याकांड में इन दिनों जिला जज की कोर्ट में फाइनल बहस चल रही है। अभी तक सौरभ की तरफ से सरकारी अधिवक्ता (फौजदारी) केके चौबे केस में जिरह करते हुए अपना पक्ष रखते आ रहे थे। उनकी प्राइमरी आर्गुमेंट पूरी हो गई। इसमें सौरभ के निजी अधिवक्ता विजय बहादुर सिंह भी जिरह कर चुके हैं। हालांकि उन्हें बचाव पक्ष की वकील रेखा जैन के बाद भी पक्ष रखने का मौका मिलेगा, जिसको लेकर वह तैयारी कर रहे हैं। उनका कहना है कि यह केस समाज के लिए नजीर बनेगा। बचाव पक्ष की वकील की जिरह शुरु अब साहिल-मुस्कान की तरफ से सरकारी वकील रेखा जैन प्राइमरी आर्गुमेंट कर रही हैं। मंगलवार को रेखा जैन ने PW7,PW8, PW9 PW10 को एक्सप्लेन किया, जिसमें सीमेंट रेत बेचने वाले अक्षय, केमिस्ट अमित जोशी और डाक्टर अरविंद शामिल रहे। उन्होंने कहा कि पुलिस ने गवाह के तौर पर सीमेंट-रेत बेचने वाले की गवाही कराई है लेकिन उससे खरीदे गए सामान का बिल कहीं नहीं दिखाया। इसी तरह की स्थिति चाकू बेचने वाले दुकानदार, दवाई लिखने वाले डाक्टर, दवाई देने वाले केमिस्ट से जुड़ी सामने आयी है। निजी अधिवक्ता बोले- फुटेज संभव नहीं सौरभ की तरफ से निजी अधिवक्ता के तौर पर केस लड़ रहे एडवोकेट विजय बहादुर सिंह ने कहा कि डिफेंस लॉयर ने सीसीटीवी कैमरे की बात की है जो संभव ही नहीं थी। घटना 3/4 की रात की थी और 18 जनवरी में पता चला था। लंबा समय बीतने के कारण फुटेज डिलीट हो गई। इसी तरह सीमेंट-रेत वाले दुकानदार रेयर ही बिल उपलब्ध कराते हैं। अब बुधवार की तारीख लगीएडवोकेट विजय बहादुर सिंह ने कहा कि कोर्ट तेजी से मामले में सुनवाई कर रही है। अगली तिथि बुधवार की लगी है, जिसमें डिफेंस लॉयर आगे की प्रक्रिया शुरु करेंगी। फिलहाल उनकी गवाहों को लेकर जिरह चल रही है। वादी पक्ष क्रॉस क्वश्चन की तैयारी कर रहा है।
दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में मंगलवार देर रात कौशांबी के मंझनपुर मुख्यालय स्थित कलश चौराहे पर बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्रित हुए। उन्होंने धरना-प्रदर्शन करते हुए सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव के नेतृत्व में सपा कार्यकर्ताओं ने यह प्रदर्शन किया। अखिलेश यादव की गिरफ्तारी की खबर मिलते ही कौशांबी में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। धरने पर बैठे जिलाध्यक्ष दयाशंकर यादव ने कहा कि सरकार विपक्ष की मजबूत आवाज को दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की ससम्मान रिहाई नहीं हो जाती, तब तक उनका यह आंदोलन और अनिश्चितकालीन धरना जारी रहेगा। अचानक शुरू हुए इस प्रदर्शन की सूचना मिलते ही स्थानीय थाना पुलिस और शहर के उच्च प्रशासनिक अधिकारी भारी पुलिस बल के साथ कलश चौराहे पर पहुंच गए। पुलिस अधिकारी प्रदर्शनकारियों को समझाने और धरना समाप्त कराकर यातायात सुचारु करने का प्रयास कर रहे हैं।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर छात्रों के प्रदर्शन के दौरान हुई पुलिस कार्रवाई और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत अन्य नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात मैनपुरी में समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। शहर के ईसन नदी गोल चक्कर पर बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता, पदाधिकारी, लोहिया वाहिनी, महिला सभा और छात्र सभा के सदस्य एकत्र हुए। हाथों में पार्टी के झंडे और सिर पर लाल टोपी लगाए कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। देर रात अचानक शुरू हुए प्रदर्शन से जिला प्रशासन भी अलर्ट मोड पर आ गया। सपा जिला अध्यक्ष आलोक शाक्य और किशनी विधायक बृजेश कठेरिया के नेतृत्व में धरना शुरू हुआ। प्रदर्शनकारियों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग करते हुए आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज को दबाया जा रहा है और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया जा रहा है। कार्यकर्ताओं ने अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग भी उठाई। धरने को संबोधित करते हुए सपा नेताओं ने कहा कि छात्रों को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन दिल्ली में उनके साथ पुलिस ने बल प्रयोग किया। उनका आरोप था कि जब छात्रों के समर्थन में अखिलेश यादव सहित विपक्षी नेता पहुंचे तो उन्हें भी हिरासत में ले लिया गया। नेताओं ने यह भी कहा कि इससे पहले मैनपुरी सांसद डिंपल यादव को भी दिल्ली में हिरासत में लिया गया था। सपा जिला अध्यक्ष आलोक शाक्य ने कहा कि जंतर-मंतर पर देशभर से छात्र-छात्राएं अपनी मांगों को लेकर कई दिनों से शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे। उन्होंने आरोप लगाया कि पहले डिंपल यादव और बाद में अखिलेश यादव को भी दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया। उन्होंने कहा कि समाजवादी पार्टी इस कार्रवाई की कड़ी निंदा करती है और जब तक अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाएगा, तब तक पार्टी कार्यकर्ता विरोध प्रदर्शन जारी रखेंगे।
अमेठी के जगदीशपुर स्थित शिव शक्ति अस्पताल में मंगलवार रात 8 बजे युवक की मौत हो गई। इसके बाद परिजनों ने अस्पताल में जमकर हंगामा किया। पुलिस के साथ-साथ आसपास के दो अन्य थानों की फोर्स भी मौके पर पहुंची। परिजनों को समझाया। युवक की पहचान हाईकोर्ट के अधिवक्ता तरुण कुमार के रूप में हुई है। वह इन्हौना थाना क्षेत्र के अंगूरी गांव के निवासी थे। परिजनों ने आरोप लगाया है कि डॉक्टर की लापरवाही के कारण युवक की मौत हुई है। वे आरोपी डॉक्टर और उसके सहयोगियों पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग कर रहे हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) ने जांच के लिए तीन सदस्यीय टीम का गठन किया है। यह घटना कमरौली थाना क्षेत्र के शिव शक्ति अस्पताल की है। इन्हौना थाना क्षेत्र के अशरफपुर अंगूरी गांव निवासी 38 वर्षीय तरुण कुमार ओझा पुत्र नंद कुमार ओझा को सोमवार दोपहर प्लेटलेट्स की कमी के चलते अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों के अनुसार, भर्ती के समय उनकी प्लेटलेट्स 37,000 थी। इलाज शुरू होने के बाद मंगलवार सुबह तरुण की प्लेटलेट्स अचानक गिरने लगी। मंगलवार शाम करीब 7:15 बजे उनकी प्लेटलेट्स घटकर मात्र 7,000 रह गई। रात 8 बजे उनकी मौत हो गई। मौत की खबर मिलते ही परिजनों के साथ बड़ी संख्या में ग्रामीण अस्पताल पहुंच गए और हंगामा शुरू कर दिया। परिजनों का आरोप है कि उन्होंने कई बार डॉक्टर से मरीज को लखनऊ रेफर करने का आग्रह किया था, ताकि बेहतर इलाज मिल सके। हालांकि, डॉक्टर ने उन्हें रेफर नहीं किया और जबरन इलाज जारी रखा, जिसके कारण तरुण की मौत हो गई। मौके पर भाले सुल्तान और जगदीशपुर थाने की पुलिस मौजूद है, जो स्थिति को नियंत्रित करने का प्रयास कर रही है। परिजन अस्पताल के डॉक्टर राजबहादुर यादव (पुत्र माता प्रसाद यादव) और सहयोगी शैलेंद्र मौर्य (पुत्र राजेश मौर्य) पर हत्या का मुकदमा दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं। फिलहाल अस्पताल परिसर में तनावपूर्ण स्थिति बनी हुई है और इसे छावनी में तब्दील कर दिया गया है।
भदोही में समाजवादी पार्टी (सपा) के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात भदोही में सपा कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट पर धरना-प्रदर्शन किया। रात करीब 10 बजे सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप यादव के नेतृत्व में शुरू हुए इस प्रदर्शन में विधायक जाहिद बेग सहित सैकड़ों जनप्रतिनिधि, पदाधिकारी और कार्यकर्ता भारी बारिश के बीच भी डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए पेपर लीक के खिलाफ आंदोलन कर रहे छात्रों के समर्थन और अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग उठाई। मौके पर एसडीएम ज्ञानपुर भान सिंह, सीओ चमन सिंह चावड़ा और कोतवाली प्रभारी राम शरीक पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। अधिकारियों के समझाने के बाद रात करीब 10:30 बजे धरना समाप्त हो गया। धरने को संबोधित करते हुए विधायक जाहिद बेग ने कहा कि जंतर-मंतर पर छात्र पिछले 22 दिनों से अपनी मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे हैं, लेकिन सरकार का कोई प्रतिनिधि उनसे बातचीत करने तक नहीं पहुंचा। उन्होंने आरोप लगाया कि पेपर लीक जैसे गंभीर मामलों में जवाबदेही तय करने के बजाय छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया और उनके समर्थन में पहुंचे सपा प्रमुख अखिलेश यादव को भी हिरासत में ले लिया गया। उन्होंने कहा कि सपा छात्रों के आंदोलन के साथ खड़ी है और यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तथा विपक्षी नेताओं के खिलाफ ऐसी कार्रवाई जारी रही, तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। विधायक ने कहा, अब आर-पार की लड़ाई होगी। जब तक छात्रों की मांगें पूरी नहीं होंगी, समाजवादी पार्टी आंदोलन जारी रखेगी।
सीएसजेएमयू से कॉपर केबल चोरी का आरोपी गिरफ्तार:दोबारा चोरी करने पहुंचा था, पुलिस ने दबोचा
कानपुर के छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) परिसर से कॉपर केबल चोरी करने वाले आरोपी को कल्याणपुर पुलिस ने मंगलवार को करीब तीन बजे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार,आरोपित पहली चोरी के बाद दोबारा वारदात को अंजाम देने के इरादे से विश्वविद्यालय परिसर पहुंचा था, लेकिन इससे पहले ही पुलिस ने उसे दबोच लिया। उसके कब्जे से चोरी में इस्तेमाल होने वाले आरी ब्लेड, प्लास और कटर बरामद किए गए हैं। 15-16 जुलाई की रात एसटीपी से हुई थी कॉपर केबल चोरी पुलिस के मुताबिक, 15 और 16 जुलाई की रात छत्रपति शाहूजी महाराज विश्वविद्यालय परिसर स्थित सीवेज ट्रीटमेंट प्लांट (एसटीपी) से कॉपर केबल चोरी कर ली गई थी। घटना के बाद विश्वविद्यालय के सहायक संपत्ति अधिकारी की तहरीर पर कल्याणपुर थाने में अज्ञात के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया था। इसके बाद पुलिस ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आरोपित की तलाश शुरू कर दी। बुद्धा पार्क के पास पुलिस के हत्थे चढ़ा आरोपित मंगलवार को पुलिस ने विश्वविद्यालय परिसर स्थित बुद्धा पार्क के पास एक संदिग्ध युवक को रोककर पूछताछ की। उसकी पहचान कल्याणपुर की राजकीय उन्नयन बस्ती निवासी श्रीपाल के रूप में हुई। पूछताछ में उसने एसटीपी से कॉपर केबल चोरी करने की बात स्वीकार कर ली। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी में इस्तेमाल किए गए आरी ब्लेड, प्लास और कटर भी बरामद किए। डीसीपी पश्चिम एसएम कासिब आबिदी ने बताया कि पूछताछ में सामने आया है कि आरोपित नशे और जुए का आदी है। अपनी लत पूरी करने के लिए उसने विश्वविद्यालय परिसर में चोरी की वारदात को अंजाम दिया था। पुलिस के अनुसार, वह दोबारा चोरी करने की योजना बनाकर परिसर में पहुंचा था। न्यायालय में पेश कर भेजा गया जेल पुलिस ने आरोपित के खिलाफ आवश्यक कानूनी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे न्यायालय में पेश किया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में जेल भेज दिया गया। पुलिस का कहना है कि आरोपित के आपराधिक इतिहास की भी जांच की जा रही है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट में कार्यरत एक न्यायाधीश ने नई कर व्यवस्था चुनने के बाद वैधानिक न्यायिक भत्तों पर आयकर छूट न मिलने को लेकर याचिका दाखिल की है। न्यायमूर्ति सौमित्र दयाल सिंह एवं न्यायमूर्ति स्वरूपमा चतुर्वेदी की खंडपीठ ने जस्टिस संदीप जैन की इस याचिका पर केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड से जवाब मांगा है और अगली सुनवाई के लिए 28 जुलाई की तारीख तय की है। न्यायमूर्ति संदीप जैन की याचिका न्यायमूर्ति संदीप जैन ने याचिका में हाईकोर्ट जज (वेतन और सेवा शर्तें) अधिनियम 1954 की धारा 22D के तहत मिलने वाले वैधानिक भत्तों की छूट को अस्वीकार किए जाने को चुनौती दी है। छूट का दावा करने की अनुमति नहीं कहा गया है कि धारा 22 डी के तहत किराए से मुक्त आधिकारिक निवास का मूल्य या उसके बदले दिया जाने वाला मकान किराया भत्ता, वाहन सुविधाएं, सत्कार भत्ता, अवकाश यात्रा रियायत को कुल आय से आयकर मुक्त रखा गया है। याचिका में कहा गया है कि वित्तीय वर्ष 2025-26 के लिए नई कर व्यवस्था के तहत आईटीआर-2 दाखिल करते समय आयकर पोर्टल ने उन्हें वैधानिक न्यायिक भत्तों के मद में 9.85 लाख रुपये की छूट का दावा करने की अनुमति नहीं दी। केंद्र/सीबीडीटी के ज्ञापन के अनुसार नई कर व्यवस्था चुनने वाले करदाता इन छूटों का दावा नहीं कर सकते, क्योंकि यह व्यवस्था पहले से ही उदार कर स्लैब, कम कर दरों और उच्च छूट प्रदान करती है। इसमें कहा गया है कि इन लाभों के अतिरिक्त वैधानिक छूटों की अनुमति देना दोहरा लाभ देने जैसा होगा।
प्रधानमंत्री आवास के बाहर कांग्रेस नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार देर शाम सोनभद्र में राजनीतिक माहौल गरमा गया। समाजवादी पार्टी और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने रॉबर्ट्सगंज के स्वर्ण जयंती चौक पर केंद्र सरकार के खिलाफ प्रदर्शन किया। समाजवादी पार्टी के जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव के नेतृत्व में सैकड़ों सपा कार्यकर्ताओं के साथ कांग्रेस जिलाध्यक्ष और पार्टी कार्यकर्ता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए मोदी तेरी तानाशाही नहीं चलेगी जैसे नारे लगाए। रुक-रुक कर हो रही बारिश के बावजूद प्रदर्शनकारी देर शाम तक धरने पर डटे रहे। प्रदर्शनकारियों ने राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और अखिलेश यादव को हिरासत में लेने की कार्रवाई को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। उन्होंने इसे तानाशाहीपूर्ण कदम करार देते हुए कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाने का हर प्रयास विफल होगा और इसका विरोध सड़क से लेकर सदन तक जारी रहेगा। जिलाध्यक्ष राम निहोर यादव ने कहा कि विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर सरकार लोकतांत्रिक व्यवस्था को कमजोर करने का प्रयास कर रही है। उन्होंने जोर दिया कि समाजवादी पार्टी और कांग्रेस लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए संयुक्त रूप से संघर्ष करती रहेंगी। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि इस तरह की कार्रवाई दोहराई गई तो आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। धरना स्थल पर काफी देर तक केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी होती रही, जिससे स्वर्ण जयंती चौक पर राजनीतिक हलचल बनी रही। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए अपर पुलिस अधीक्षक अनिल कुमार और सीओ सिटी रणधीर मिश्रा के नेतृत्व में भारी पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस पूरे समय स्थिति पर नजर बनाए रही। प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ, लेकिन कार्यकर्ताओं ने स्पष्ट किया कि लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए उनका संघर्ष आगे भी जारी रहेगा।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव और सांसद डिंपल यादव को पुलिस कस्टडी में लिए जाने के विरोध में मंगलवार को अयोध्या में सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने शहर में नारेबाजी करते हुए भाजपा सरकार और दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध जताया। सपा नेताओं ने कहा- छात्रों को अपनी मांगों के समर्थन में शांतिपूर्ण ढंग से प्रदर्शन करने का संवैधानिक अधिकार है, लेकिन सरकार युवाओं की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि विरोध की आवाज उठाने वालों पर कार्रवाई कर लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी की जा रही है। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने अखिलेश यादव और डिंपल यादव को कस्टडी में लिए जाने को गैरकानूनी और अलोकतांत्रिक करार दिया। उन्होंने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी इस मुद्दे पर चुप नहीं बैठेगी। सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाई जारी रही तो प्रदेशभर में आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा।
उससे कोई कुछ न कहे। गलती मेरी थी। मैंने शादी की, मैंने प्यार किया। उसकी सजा मुझे ही मिलनी चाहिए, उसे नहीं। न उसके घरवालों को कुछ कहना, न किसी और को। मेरी गलती थी कि मैंने उससे प्यार किया। मेरे मरने के बाद पत्नी को घर भेज देना। उससे कुछ मत कहना। वीडियो में ये कहकर आगरा के एक युवक ने सुसाइड कर लिया। आगरा के थाना रकाबगंज क्षेत्र के ईदगाह कुतुलुपुर में मंगलवार को एक युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सुसाइड से पहले उसने वीडियो बनाया। वीडियो में वो रोते हुए अपने घर वालों से माफी मांग रहा है। अपनी पत्नी को कुछ न कहने के लिए कह रहा है। 21 वर्षीय सोनू कुमार पुत्र धरम सिंह ने मंगलवार शाम 6 बजे अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। सूचना मिलते ही रकाबगंज थाना पुलिस मौके पर पहुंच गई और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। आत्महत्या से पहले युवक ने अपने मोबाइल फोन से वीडियो भी बनाया था। पुलिस का कहना है कि गृहक्लेश से तंग आकर युवक ने सुसाइड किया है। मरने पहले से 2 मिनट का वीडियो बनायासुसाइड से पहले बनाए गए वीडियो में सोनू कह रहा है, मैंने ड्रिंक कर रखी है। मैं बस इतना कहना चाहता हूं कि मेरी पत्नी को कोई दिक्कत न हो। वह अपने घर रहे, लेकिन मेरे पास न आए। दूसरी बात, मेरी बॉडी न मांगी जाए। मेरे जाने के बाद वह अपने घर चली जाए। वह अपनी जिंदगी में खुश रहे। उसकी अपनी जिंदगी है। मैंने उसे आजाद कर दिया है। वैसे मैं उसे आजाद नहीं कर पा रहा था, लेकिन वह मेरे साथ खुश नहीं है। जो भी है, उसकी मर्जी। मुझे उससे कोई शिकायत नहीं है। मैं अपने घरवालों से माफी मांगता हूंमैं अपने घरवालों से माफी मांगता हूं। मैंने जो भी किया, गलत किया। मुझसे अब यह सब नहीं हो रहा था। इसलिए मैंने ड्रिंक की, क्योंकि मुझमें हिम्मत नहीं बची थी। अगले जन्म में फिर लौटूंगा, एक अच्छा प्यार बनकर, एक अच्छा बेटा बनकर। मुझे माफ कर देना। लेकिन उसे कोई परेशानी नहीं होनी चाहिए। वह अपने घर जाए, अपनी जिंदगी जिए। उससे कोई कुछ न कहे। गलती मेरी थी। मैंने शादी की, मैंने प्यार किया। उसकी सजा मुझे ही मिलनी चाहिए, उसे नहीं। न उसके घरवालों को कुछ कहना, न किसी और को। बस इतना समझ लेना कि तुम्हारा बेटा गलत था। मैं जितना जी सकता था, उतना जी लिया। अब मुझसे नहीं हो रहा था। लव यू... मेरी फैमिली को... और मोटो को भी।
कौशाम्बी के कनैली गोलीकांड मामले में सराय अकिल थाना प्रभारी निरीक्षक शेर सिंह वर्मा और कनैली चौकी प्रभारी उपनिरीक्षक जितेंद्र प्रताप सिंह को तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया है। प्रयागराज परिक्षेत्र के पुलिस महानिरीक्षक ने यह कार्रवाई 19 जुलाई को कनैली चौराहे पर हुई गोलीबारी की घटना में लापरवाही बरतने के आरोप में की है। घटना में हिस्ट्रीशीटर गुलशन त्रिपाठी, रोहित त्रिपाठी और उनके भाई अंकित त्रिपाठी का नाम सामने आया था। पुलिस के अनुसार, तीनों आरोपियों ने 19 जुलाई की रात करीब 10 बजे कनैली चौराहे पर फायरिंग कर कई लोगों को घायल कर दिया था। जांच में सामने आया कि इससे पहले 6 जुलाई को भी इन्हीं आरोपियों ने कनैली निवासी सौरभ सिंह के साथ मारपीट की थी। उस मामले में मुकदमा दर्ज होने के बावजूद थाना स्तर पर आरोपियों के खिलाफ कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई। पुलिस अधीक्षक सत्यनारायण प्रजापत की जांच रिपोर्ट के आधार पर पुलिस महानिरीक्षक ने माना कि अपराधियों के विरुद्ध कठोर एवं निरोधात्मक कार्रवाई में गंभीर शिथिलता बरती गई, जिसके चलते आरोपियों ने दो सप्ताह के भीतर दोबारा गोलीबारी की वारदात को अंजाम दिया। इसी आधार पर दोनों पुलिस अधिकारियों को निलंबित कर विभागीय कार्रवाई शुरू कर दी गई।
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की दिल्ली में गिरफ्तारी के विरोध में पीलीभीत में सपा कार्यकर्ताओं ने जोरदार प्रदर्शन किया। मंगलवार रात पूर्व नगर अध्यक्ष की अगुवाई में कार्यकर्ताओं ने सड़कों पर उतरकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। मंगलवार रात करीब 9:30 बजे सपा कार्यकर्ता बीसलपुर के बारह पत्थर चौराहे पर एकत्र हुए। पूर्व नगर अध्यक्ष मुक़्तदिर हयात खान के नेतृत्व में दर्जनों कार्यकर्ताओं ने जुलूस निकाला। यह जुलूस नारेबाजी करते हुए थाना चौराहे तक पहुंचा। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर अपना विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन का नेतृत्व कर रहे पूर्व नगर अध्यक्ष मुक़्तदिर हयात खान ने केंद्र सरकार पर विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध कर रहे सपा के शीर्ष नेतृत्व को गिरफ्तार करना तानाशाही और लोकतंत्र पर हमला है। कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि ऐसी दमनकारी नीतियों से समाजवादी आंदोलन रुकने वाला नहीं है। इस विरोध प्रदर्शन में हरि पाल सिंह लोधी, विधानसभा अध्यक्ष शैलेश कुमार शर्मा, लोहिया वाहिनी के विधानसभा अध्यक्ष दुष्यंत, छात्र सभा के जिलाध्यक्ष अभिषेक गंगवार, लोहिया वाहिनी के पूर्व जिलाध्यक्ष राम प्रताप गंगवार, मीनाक्षी गंगवार, अकील खान और दानिश अल्वी सहित बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता व पदाधिकारी शामिल रहे। सपा कार्यकर्ताओं ने चेतावनी दी कि यदि विपक्ष के नेताओं को निशाना बनाना बंद नहीं किया गया, तो पार्टी पूरे जिले में व्यापक आंदोलन करेगी। प्रदर्शन के दौरान मौके पर पुलिस बल तैनात रहा, जिससे सुरक्षा व्यवस्था बनी रही। प्रदर्शन समाप्त होने के बाद ही यातायात सामान्य हो सका।
दिल्ली में राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार शाम मैहर जिले के अमरपाटन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में प्रदर्शन किया। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। अमरपाटन में सड़कों पर उतरे कांग्रेस कार्यकर्ता ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष दीपक मिश्रा के नेतृत्व में कार्यकर्ता सड़कों पर उतरे और विरोध जताया। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तस्वीर फूंकी और नारेबाजी करते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। तानाशाही का आरोप और गिरफ्तारी की चेतावनी कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार लोकतांत्रिक संस्थाओं का दुरुपयोग कर विपक्ष और युवाओं की आवाज दबा रही है। नेताओं ने कहा कि राहुल गांधी युवाओं के अधिकारों की लड़ाई लड़ रहे हैं और पार्टी कार्यकर्ता उनके समर्थन में गिरफ्तारी देने के लिए भी तैयार हैं। सुरक्षा के लिए पुलिस बल तैनात प्रदर्शन के दौरान गांधी प्रतिमा स्थल पर युवक कांग्रेस जिलाध्यक्ष सौरभ शर्मा सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे। एहतियात के तौर पर मौके पर पुलिस बल तैनात रहा और स्थिति शांतिपूर्ण बनी रही।
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार रात कटनी में कांग्रेस, युवा कांग्रेस और एनएसयूआई के कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट कार्यालय के सामने अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। कलेक्ट्रेट परिसर के बाहर जमा हुए कार्यकर्ता दिल्ली में नीट पेपर लीक और छात्रों पर लाठीचार्ज के विरोध में धरना दे रहे राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने की खबर मिलते ही मंगलवार रात करीब 8:30 बजे कार्यकर्ता कटनी कलेक्ट्रेट के सामने एकत्र हुए। कार्यकर्ताओं ने केंद्र और राज्य सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। भाजपा सरकार पर तानाशाही का आरोप कांग्रेस पदाधिकारियों ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों और युवाओं की आवाज दबाने के लिए पुलिस बल का इस्तेमाल कर रही है। उन्होंने राहुल गांधी की हिरासत को तानाशाही कदम बताते हुए कहा कि जब तक मांगें पूरी नहीं होतीं, धरना जारी रहेगा। कलेक्ट्रेट मुख्य द्वार पर पुलिस बल तैनात कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा अनिश्चितकालीन धरने की घोषणा के बाद स्थानीय प्रशासन सतर्क हो गया है। कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य द्वार पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए भारी पुलिस बल तैनात किया गया है।
बलिया में समाजवादी पार्टी (सपा) के नेता और कार्यकर्ता मंगलवार रात जिला मुख्यालय स्थित डीएम कार्यालय पर धरने पर बैठ गये। सपा नेता व कार्यकर्ता सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की रिहाई की मांग कर रहे हैं। सपा जिलाध्यक्ष एवं विधायक संग्राम सिंह यादव के नेतृत्व में बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी और कार्यकर्ता रात करीब 9:25 बजे धरने पर बैठे। प्रदर्शनकारियों ने अखिलेश यादव को रिहा करो और अखिलेश यादव जिंदाबाद के नारे लगाए। सपा जिलाध्यक्ष संग्राम सिंह यादव ने बताया कि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले को लेकर छात्र शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे थे, जिन पर लाठीचार्ज किया गया। देखें, 3 तस्वीरें… उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों की आवाज उठाने के लिए संसद से प्रधानमंत्री से मिलने जा रहे समाजवादी पार्टी के सांसदों को भी रास्ते में रोककर पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। यादव ने इसे लोकतांत्रिक विरोध दर्ज कराने वालों पर अलोकतांत्रिक कार्रवाई बताया। विधायक संग्राम सिंह यादव ने अखिलेश यादव सहित गिरफ्तार सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की। उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की भी मांग की। यादव ने कहा कि जब तक उनके नेता को रिहा नहीं किया जाता, तब तक धरना जारी रहेगा। धरने के दौरान डीएम कार्यालय परिसर में पुलिस बल तैनात रहा। देर रात तक समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों पर डटे रहे। सपा सुप्रीमों की रिहाई की खबर मिलने तथा लखनऊ सपा कार्यालय से इसकी पुष्टि के बाद सपा नेताओं तथा कार्यकर्ताओं ने जेल का फाटक टूट गया, हमारा नेता छूट गया के नारे के साथ रात 10.20 बजे धरना समाप्त किया।
सीकर में अनुसूचित जाति व अनुसूचित जनजाति (SC-ST) अत्याचार निवारण प्रकरण के विशिष्ट जज अशोक सैन ने लॉ के छात्र को आत्महत्या के लिए मजबूर करने के आरोपी को 10 साल की जेल की सजा सुनाई है। LLB कर रहे छात्र पवन को आरोपी नमक एडवोकेट सुनील गैस पेपर के रुपए नहीं देने पर मारने की धमकियां दे रहा था। पवन ने परेशान होकर सुसाइड नोट लिखकर पानी की होद में कूदकर सुसाइड कर लिया था। कोर्ट ने फैसले में इलेक्ट्रॉनिक एविडेंस (मोबाइल की ऑडियो रिकॉर्डिंग ) और मृतक के सुसाइड नोट को अहम सबूत माना है। प्रोसिक्यूशन असिस्टेंट डायरेक्टर रामलाल सैनी ने बताया- परिवादी मोहनलाल ने सीकर के उद्योग नगर थाना में मामला दर्ज करवाया था। परिवादी ने बताया कि उसका भांजा पवन कुमार सीकर शहर में रहकर L.L.B. कर रहा था। वह राधाकिशनपुरा में फाटक संख्या-2 में एक मकान में किराए पर रहता था। एक दिन भांजे पवन ने छोटे भाई रमेश कुमार को मोबाइल पर बताया कि सुनील कुमार उर्फ जेंटर पुत्र दुलीचंद निवासी वार्ड 6 सादुलशहर श्रीगंगानगर वाले ने उसे बहुत टॉर्चर किया और उसे मारने की धमकी दी कि वह 16 तारीख को एग्जाम देने जाएगा तो उसे मार देगा। सुनील श्रीगंगागर उसे बार-बार धमकी दे रहा है कि उसकी लाइफ बर्बाद कर देगा। उसकी मौत का जिम्मेदार सुनील कुमार श्रीगंगानगर वाला है। कमरे में सुसाइड नोट-मोबाइल में ऑडियो क्लिप मिली परिवादी मोहनलाल ने बताया- मेरे भांजे पवन कुमार को अभियुक्त सुनील कुमार उर्फ जेंटर ने बिना वजह तंग और परेशान किया है। इसके कारण उसे सुसाइड करने को मजबूर होना पड़ा। जब वह उद्योग नगर थाना पुलिस के साथ भांजे के किराए के मकान में पहुंचा तो पानी के होद के बाहर चप्पल पड़ी थी। पानी के अंदर देखा तो भांजा पवन कुमार मृत अवस्था में पाया। चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक छात्र पवन के कमरे से पुलिस को सुसाइड नोट भी मिला था। वहीं मृतक ने अभियुक्त सुनील की धमकी देने की ऑडियो क्लिप भी रिकॉर्ड कर रखी थी। पुलिस और वकील की ओर से 16 गवाह पेश किए और 41 डॉक्यूमेंट्स एविडेंस के रूप में कोर्ट के सामने पेश किए। आरोपी पर 5000 रुपए का जुर्माना भी लगाया गया है।
कानपुर में समाजवादी पार्टी ने मंगलवार शाम को राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में शहर के अलग-अलग हिस्सों में प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने छात्रों पर हुए पुलिस बल प्रयोग का भी विरोध जताया बर्रा के सचान चौराहे पर शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंककर इस्तीफे की मांग की। रात करीब 8:30 बजे बर्रा के सचान चौराहे पर सपा नेता बंटी यादव और अर्पित यादव के नेतृत्व कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव की रिहाई की मांग की। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का विरोध जताया और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का पुतला फूंक दिया। इसी तरह नवीन मार्केट स्थित मेट्रो स्टेशन के पास जिलाध्यक्ष फजल महमूद के नेतृत्व में भी सपा कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। यहां कार्यकर्ताओं ने दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव को तत्काल रिहा करने की मांग उठाई। साथ ही छात्रों पर हुए लाठीचार्ज की भी निंदा की। वहीं, कैंट विधानसभा क्षेत्र से सपा विधायक हसन रूमी मंगलवार रात करीब 9 बजे बाकरगंज चौराहे पर धरने पर बैठ गए। उनके साथ बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ता भी धरने में शामिल हुए और अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में नारेबाजी की। धरने की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंच गई। पुलिस ने सड़क से भीड़ हटाने का प्रयास किया, जिसको लेकर कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच नोकझोंक हुई। इसी दौरान पुलिस ने विधायक हसन रूमी को अपनी जीप में बैठाकर मौके से रवाना कर दिया। घटना के दौरान पुलिस ने विधायक हसन रूमी को जीप से ही ले जाकर जाजमऊ स्थित उनके आवास पर छोड़ दिया। कानपुर कचहरी गेट पर समजावादी पार्टी के विधायक अमिताभ बाजपेई रात 10 बजे धरने पर बैठ गए। उनके साथ उनकी पत्नी पूर्व मेयर प्रत्याशी वंदना बाजपेई भी धरने में बैठ गईं। अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने का विरोध किया। सपा कार्यकर्ताओं ने नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव की रिहाई की मांग की। इस दौरान कचहरी गेट पर सैंकड़ों कार्यकर्ता भी मौजूद रहे। मौके पर पुलिस भी सूचना के बाद पहुंच गई।
दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में सीकर शहर में कांग्रेस पार्टी ने मंगलवार को विरोध जताया। इन्होंने शाम करीब 7 बजे कल्याण सर्किल पर केंद्र सरकार का पुतला फूंका। इसके बाद कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला सहित दर्जनों कांग्रेस पार्टी के कार्यकर्ता कल्याण सर्किल पर धरने पर बैठ गए। रात करीब 9 बजे तक धरने पर बैठे रहे। धरने पर बैठे लोगों ने कहा कि राहुल गांधी गिरफ्तार हुए हैं या तो उनको रिहा किया जाए या फिर हमारी भी गिरफ्तारी हो। प्रदर्शन को देखते हुए मौके पर कार्यवाहक सीओ सिटी राजेश ढाका, कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ सहित RAC का जाब्ता और पुलिस के जवान मौजूद रहे। करीब 9 बजे कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला, जगदीश दानोदिया पुलिस की 112 गाड़ी में बैठ गए और कुछ दूरी पर उतर गए। चौकी पहुंचकर गेट पर बैठ गए जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला के नेतृत्व में कांग्रेसी कल्याण सर्किल से रवाना होकर कल्याण सर्किल चौकी पहुंचे और वहां गेट के अंदर बैठ गए। इसके बाद शहर कोतवाल सुनील कुमार जांगिड़ मौके पर पहुंचे। जिन्होंने वहां पर बैठे लोगों को हटवाया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गिठाला ने कहा- दिल्ली में राहुल गांधी शांतिपूर्वक धरना देने के लिए बैठे थे। सरकार के इशारे पर पुलिस ने तानाशाही करते हुए उन्हें गिरफ्तार किया। इससे पहले 20 जुलाई को स्टूडेंट्स पर भी लाठीचार्ज किया था।
बालोद पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत दर्ज 17 मामलों में जब्त करीब 29.52 लाख रुपए के गांजा और नशीले पदार्थ नष्ट किए। यह कार्रवाई जिला स्तरीय औषधि निपटान समिति की निगरानी में भिलाई स्टील प्लांट के एसएमएस-3 यूनिट में की गई। पुलिस मुख्यालय के निर्देश पर एसपी किरण गंगाराम चव्हाण के मार्गदर्शन में मंगलवार को कार्रवाई हुई। इस दौरान 227.155 किलो गांजा, 12 हजार नशीली टैबलेट और 2,880 नशीले कैप्सूल नष्ट किए गए। इनकी कुल कीमत 29 लाख 52 हजार 275 रुपए बताई गई है। भिलाई स्टील प्लांट में जलाकर किया नष्ट जब्त मादक पदार्थों को दुर्ग जिले के भिलाई भट्टी थाना क्षेत्र स्थित भिलाई इस्पात संयंत्र के एसएमएस-3 यूनिट में भरमीकरण यंत्र के जरिए जलाकर नष्ट किया गया। पूरी प्रक्रिया कानूनी नियमों के अनुसार और समिति की निगरानी में पूरी की गई। ये अधिकारी रहे मौजूद कार्रवाई के दौरान समिति के अध्यक्ष और बालोद एसपी किरण गंगाराम चव्हाण, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक मोनिका ठाकुर, जिला आबकारी अधिकारी पलक नंद, समिति के अन्य सदस्य और पंच मौजूद रहे। पुलिस ने बताया कि पूरी कार्रवाई पारदर्शी तरीके से की गई। नशे के खिलाफ अभियान रहेगा जारी एसपी चव्हाण ने कहा कि जिले में मादक पदार्थों की तस्करी और अवैध कारोबार के खिलाफ कार्रवाई लगातार जारी रहेगी। उन्होंने लोगों से अपील की कि नशे से जुड़ी किसी भी अवैध गतिविधि की जानकारी तुरंत पुलिस को दें।
सावन मेले में उमड़ने वाली श्रद्धालुओं की भीड़ को देखते हुए उत्तर रेलवे, लखनऊ मंडल ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मंडल रेल प्रबंधक (डीआरएम) सुनील कुमार वर्मा ने मंगलवार को लखनऊ से अयोध्या धाम तक विंडो ट्रेलिंग निरीक्षण कर रेल पथ की संरक्षा, यात्री सुविधाओं और सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। डीआरएम ने रौजागांव और रुदौली रेलवे स्टेशनों पर स्टेशन मास्टर कक्ष, परिचालन व्यवस्था, यात्री सुविधाओं और स्वच्छता का निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को व्यवस्थाओं में सुधार और संचालन को और बेहतर बनाने के निर्देश दिए। डीआरएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया रुदौली स्टेशन पर विधायक रामचंद्र यादव से भी मुलाकात कर यात्री सुविधाओं के विस्तार और विकास कार्यों पर चर्चा की। निरीक्षण के दौरान उत्तर रेलवे के डीआरएम सुनील कुमार सिंह से विधायक रामचंद्र यादव ने प्लेटफॉर्म-2 की ओर आवागमन मार्ग खोलने की मांग की। जनप्रतिनिधियों ने टिकट विंडो, अंडरपास, ट्रेनों के ठहराव, सफाई, पेयजल और पार्किंग शुल्क की शिकायतें भी उठाईं, जिस पर डीआरएम ने कार्रवाई का आश्वासन दिया। अयोध्या धाम स्टेशन पर तैयारियों की समीक्षा अयोध्या कैंट और अयोध्या धाम स्टेशन पर डीआरएम ने सर्कुलेटिंग एरिया, सीसीटीवी कंट्रोल रूम, सुरक्षा व्यवस्था और भीड़ प्रबंधन की तैयारियों का निरीक्षण किया। प्लेटफॉर्म नंबर-3 पर चल रहे सिग्नल कार्य को समयबद्ध तरीके से पूरा करने के निर्देश भी दिए। इसी दौरान आंध्र प्रदेश के अनाकापल्ली से लगभग 1,500 श्रद्धालुओं को लेकर पहुंची आध्यात्मिक विशेष ट्रेन का अयोध्या धाम स्टेशन पर पुष्पवर्षा के साथ स्वागत किया गया। डीआरएम ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सावन मेले के दौरान यात्रियों को सुरक्षित, सुगम और सुविधाजनक यात्रा उपलब्ध कराने के लिए सुरक्षा, स्वच्छता और भीड़ प्रबंधन की सभी व्यवस्थाएं उच्च स्तर पर सुनिश्चित की जाएं।
शाजापुर में मंगलवार शाम जिला कांग्रेस के कार्यकर्ताओं ने लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में बस स्टैंड स्थित पार्टी कार्यालय के सामने प्रदर्शन किया। रात 8:30 बजे से 10 बजे तक चले इस प्रदर्शन में कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ नारेबाजी की। ट्रैफिक प्वाइंट पर बैठकर जताया विरोध प्रदर्शनकारी बस स्टैंड से निकलकर शहरी हाईवे स्थित ट्रैफिक प्वाइंट पहुंचे, जहां उन्होंने सड़क पर बैठकर विरोध जताया और चक्काजाम करने की कोशिश की। कुछ कार्यकर्ताओं ने सड़क पर दंडवत होकर आंदोलनरत छात्रों पर लाठीचार्ज न करने और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तुरंत इस्तीफे की मांग की। भारी पुलिस बल रहा तैनात विरोध प्रदर्शन की सूचना मिलते ही एसडीएम, तहसीलदार और भारी संख्या में पुलिस बल मौके पर पहुंच गया। पुलिस की मौजूदगी में कार्यकर्ताओं ने बस स्टैंड कार्यालय पहुंचकर प्रदर्शन समाप्त किया। उग्र आंदोलन की चेतावनी जिला कांग्रेस अध्यक्ष नरेश्वर सिंह प्रताप ने कहा कि दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे राहुल गांधी को गिरफ्तार किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान अपना इस्तीफा नहीं देते हैं, तो कांग्रेस आने वाले दिनों में और उग्र आंदोलन करेगी। देखें तस्वीरें…
लखनऊ गोमतीनगर स्थित इंदिरा गांधी प्रतिष्ठान में विशेष अभिवाचन कार्यक्रम 'प्रिय केलकर जी' आयोजित किया । यह आयोजन अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद, अवध प्रांत की ओर से प्रो. यशवंतराव केलकर के जन्मशती वर्ष के उपलक्ष्य में किया गया। कार्यक्रम में प्रदेश भर से पहुंचे सैकड़ों पूर्व और वर्तमान कार्यकर्ताओं ने हिस्सा लिया। आयोजन के दौरान केलकर के व्यक्तित्व, संगठन निर्माण की कार्यशैली और विद्यार्थी परिषद की वैचारिक यात्रा पर विस्तार से चर्चा हुई। मुख्य वक्ता मनोज कांत ने कहा कि प्रो. यशवंतराव केलकर ने विद्यार्थी परिषद को केवल छात्र संगठन नहीं, बल्कि राष्ट्र निर्माण के लिए कार्यकर्ता तैयार करने वाला मंच बनाया। उनका सपना ऐसे युवाओं का निर्माण करना था, जो देश के किसी भी क्षेत्र में रहते हुए अपने विचार, आचरण और कार्य से भारत का प्रतिनिधित्व करें। उन्होंने कहा कि आज अभाविप का देशभर में विस्तार उसी कार्यकर्ता निर्माण की परंपरा का परिणाम है, जिसने शिक्षा, प्रशासन, न्यायपालिका, उद्योग, सामाजिक सेवा और सार्वजनिक जीवन सहित अनेक क्षेत्रों में राष्ट्रनिष्ठ नेतृत्व तैयार किया है। संगठन ने देश को नया नेतृत्व दिया है परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह ने अपने विद्यार्थी परिषद के दिनों को याद करते हुए कहा कि परिषद ने उन्हें जीवन की दिशा दी। उन्होंने कहा कि यदि विद्यार्थी परिषद न होती तो वह न विधायक बनते और न मंत्री। उनकी पहचान सबसे पहले विद्यार्थी परिषद के कार्यकर्ता के रूप में बनी। उन्होंने कहा कि संगठन ने देश को नया नेतृत्व दिया है और आज विभिन्न क्षेत्रों में सक्रिय अनेक प्रमुख नेता इसी परंपरा से निकले हैं। चुनाव के दौरान उन पर गंभीर मुकदमा दर्ज गया था दयाशंकर सिंह ने अपने छात्र जीवन का एक प्रसंग साझा करते हुए बताया कि विश्वविद्यालय चुनाव के दौरान उन पर गंभीर मुकदमा दर्ज होने से उनका नामांकन संकट में पड़ गया था। उस समय संगठन के वरिष्ठ कार्यकर्ताओं के प्रयास और सीबीसीआईडी जांच के बाद उन्हें चुनाव लड़ने का अवसर मिला। उन्होंने कहा कि आज उनके जीवन में जो भी संस्कार और पहचान है, वह विद्यार्थी परिषद की देन है और वह जीवनभर संगठन के ऋणी रहेंगे। केलकर ने व्यक्ति निर्माण की कार्यपद्धति विकसित की मुख्य अतिथि स्वांत रंजन ने कहा कि संगठन की सबसे बड़ी ताकत उसके कार्यकर्ताओं के बीच आत्मीय संबंध और परिवार जैसा वातावरण होता है। उन्होंने कहा कि केलकर ने सामूहिकता, अनामिकता, अनौपचारिकता और व्यक्ति निर्माण की कार्यपद्धति विकसित की। उनका मानना था कि केवल भाषण देने से नहीं, बल्कि अपने आचरण से समाज को दिशा दी जा सकती है। यही विचार आज भी विद्यार्थी परिषद की कार्यशैली का आधार है। ये लोग मौजूद रहे कार्यक्रम में राष्ट्रीय कार्यकारी परिषद के विशेष आमंत्रित सदस्य प्रो. राजशरण शाही, क्षेत्रीय संगठन मंत्री घनश्याम शाही, पूर्व महामंत्री शिवम सिंह, संगठन मंत्री अभिलाष, सह संगठन मंत्री ज्ञानेंद्र, सामाजिक कार्यकर्ता आदित्य सिंह, युवा उद्यमी अरुण रावत, प्रांत उपाध्यक्ष प्रो. मंजुला उपाध्याय, प्रांत मंत्री अर्पण कुशवाहा, महानगर मंत्री सरिता पांडेय सहित बड़ी संख्या में पदाधिकारी मौजूद रहे। जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह, एमएलसी इंजीनियर अवनीश सिंह, राज्य मंत्री दानिश आजाद अंसारी, भाजपा के पूर्व महामंत्री अनूप गुप्ता, प्रदेश मंत्री राहुल वाल्मीकि, भाजपा युवा मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष रोहित मिश्र, शिक्षाविद प्रो. जे.पी सिंह समेत सैकड़ों लोगों ने कार्यक्रम में भाग लिया।
मध्यप्रदेश सरकार ने 20 हजार करोड़ रुपए का अब तक का सबसे बड़ा कर्ज लेने के लिए 22 साल का बांड जारी किया है। वित्तीय आवश्यकताओं की पूर्ति के लिए गवर्नमेंट सिक्योरिटीज के माध्यम से यह राशि जुटाने के लिए मंगलवार को भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) के मुंबई कार्यालय में नीलामी आयोजित की गई है। इसके अलावा सरकार तीन अन्य कर्ज भी 4400 करोड़ के ले रही है। 4400 करोड़ रुपए की कर्ज की राशि का भुगतान सरकार को बुधवार को होने वाला है। वित्त विभाग द्वारा जारी नोटिफिकेशन के अनुसार 20 हजार करोड़ का बांड जारी करने की कार्यवाही में निवेशकों 10,000 रुपये तथा उसके बाद 10,000 रुपये के गुणकों में निवेश करने की शर्त तय की गई। बोली प्रक्रिया मंगलवार को आरबीआई के ई-कुबेर (e-Kuber) प्लेटफॉर्म के माध्यम से संचालित की गई। सरकार के अनुसार इसके लिए जारी सिक्योरिटीज पर 7.83 प्रतिशत वार्षिक ब्याज मिलेगा। इस 20 हजार करोड़ के कर्ज के लिए बांड जारी करने के बाद सरकार को इसका रिजल्ट बुधवार को मिलेगा। इसके बदले ब्याज का भुगतान हर वर्ष 29 अक्टूबर और 29 अप्रैल को किया जाएगा। 31 मार्च 2026 की स्थिति में मध्य प्रदेश सरकार पर कुल 4,88,714.17 करोड़ रुपये का ऋण दर्ज किया गया है। इसमें बाजार ऋण, केंद्र सरकार से प्राप्त ऋण, वित्तीय संस्थानों से लिए गए ऋण तथा अन्य देनदारियां शामिल हैं। तीन अलग-अलग किस्तों में लिए 4400 करोड़ उधर मंगलवार को राज्य सरकार ने तीन अलग-अलग किस्तों में 1000 करोड़, 1400 करोड़ और 2000 करोड़ रुपए के कर्ज भी लिए हैं। 1000 करोड़ का मंगलवार को उठाया गया पहला कर्ज 8 साल के लिए है जबकि 1400 करोड़ का दूसरा कर्ज 12 साल के लिए है और 2000 करोड़ रुपए का तीसरा कर्ज 22 साल की अवधि के लिए लिया गया है। इन तीनों ही कर्ज राशि का भुगतान 22 जुलाई यानी बुधवार को राज्य सरकार को होने वाला है। पहले से सरकार पर है 5.6114 लाख करोड़ का कर्ज इसके 14 दिन पहले मध्यप्रदेश की डॉ. मोहन यादव सरकार ने मंगलवार को बाजार से 3,600 करोड़ रुपए का नया कर्ज उठाया था। इसके चलते इस अवधि तक चालू वित्त वर्ष में राज्य सरकार द्वारा लिया गया कुल कर्ज 17,400 करोड़ रुपए हो गया, जबकि प्रदेश पर कुल देनदारी बढ़कर करीब 5.6114 लाख करोड़ रुपए पहुंच गई थी। 21 जुलाई को लिए जा रहे 4400 करोड़ के तीन कर्ज और 20 हजार करोड़ के अकेले एक कर्ज के बाद चालू वित्त वर्ष में कर्ज का आंकड़ा 41800 करोड़ हो जाएगा। वहीं सरकार पर कुल कर्ज 5 लाख 30 हजार 514 करोड़ रुपए तक हो जाएगा।
झाबुआ जिले के पेटलावद में मंगलवार रात 9 बजे से कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने तहसील कार्यालय के बाहर अनिश्चितकालीन धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन नीट पेपर लीक मामले में दिल्ली में आंदोलन के दौरान लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में किया जा रहा है। जिला पंचायत उपाध्यक्ष के नेतृत्व में प्रदर्शन जिला पंचायत उपाध्यक्ष अकमालसिंह मालू के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कांग्रेसी कार्यकर्ता सड़क पर बैठ गए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जब तक राहुल गांधी की रिहाई नहीं हो जाती, वे तहसील कार्यालय के बाहर डटे रहेंगे। विरोध दर्ज कराने के दौरान कार्यकर्ताओं ने शांतिपूर्ण तरीके से 'रघुपति राघव राजा राम' भजन भी गाया। लोकतांत्रिक आवाज दबाने का लगाया आरोप कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों और युवाओं के मुद्दे उठाने पर विपक्ष के नेता के खिलाफ की गई कार्रवाई पूरी तरह असंवैधानिक और तानाशाही रवैये को दर्शाती है। उन्होंने इसे लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास बताया। मौके पर तैनात रहा पुलिस बल प्रदर्शन के दौरान शांति और सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। इस अवसर पर ब्लॉक कांग्रेस अध्यक्ष सलीम शेख, उपाध्यक्ष भरत मुलेवा, युवक कांग्रेस अध्यक्ष आकाश डामर सहित कई वरिष्ठ पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बड़वानी के कारंजा चौराहा और पुराने कलेक्ट्रेट क्षेत्र में मंगलवार रात कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी और आंदोलनरत छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में जोरदार प्रदर्शन किया। प्रदर्शन में कांग्रेस नेताओं, कार्यकर्ताओं और छात्र संगठनों ने बड़ी संख्या में भाग लिया। प्रतीकात्मक अर्थी निकालकर जताया आक्रोश धरने के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का मुख्य आकर्षण प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की फोटो लगी प्रतीकात्मक अर्थी रही, जिसे सजाकर कार्यकर्ताओं ने राम नाम सत्य है के नारों के साथ अर्थी यात्रा निकाली और केंद्र सरकार की नीतियों का विरोध जताया। 'विपक्ष और छात्रों की आवाज दबा रही सरकार' जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष नानेश चौधरी ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार पुलिस बल के दम पर विपक्ष की आवाज दबाने और छात्रों पर बल प्रयोग करने का काम कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो आने वाले दिनों में आंदोलन को और व्यापक रूप दिया जाएगा। सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए प्रदर्शन को देखते हुए कोतवाली थाना प्रभारी बलजीत सिंह बिसेन के नेतृत्व में पुलिस बल मौके पर तैनात रहा। इस अवसर पर दीपक गेहलोत, राकेश जाधव, सुनील यादव, नासिर खान और मनीष पुरोहित सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव समेत विपक्षी नेताओं को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार देर रात आजमगढ़ में सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने कलेक्ट्रेट स्थित अंबेडकर पार्क के मुख्य गेट पर धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शन की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासन हरकत में आ गया और मौके पर भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। नीट अभ्यर्थियों को न्याय दिलाने की उठाई मांग सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट-2026 अभ्यर्थियों के आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस ने बल प्रयोग किया और विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन किया गया। प्रदर्शनकारियों ने सरकार से छात्रों की मांगों पर गंभीरता से विचार करने और विपक्ष के खिलाफ कार्रवाई बंद करने की मांग की। जिलाध्यक्ष बोले- सरकार तानाशाही कर रही है धरने का नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष हवलदार यादव ने किया। उन्होंने कहा कि सरकार लोकतांत्रिक आवाज को दबाने का काम कर रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों और विपक्ष की आवाज को कुचलने की कोशिश की जा रही है। धरने में पूर्व मंत्री व विधायक दुर्गा प्रसाद यादव, विधायक संग्राम यादव, विधायक अखिलेश यादव, विधायक नफीस अहमद, युवजन सभा के पूर्व अध्यक्ष शिशुपाल सिंह, सपा प्रवक्ता विवेक सिंह समेत बड़ी संख्या में पार्टी पदाधिकारी, जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता मौजूद रहे। कलेक्ट्रेट बना पुलिस छावनी कलेक्ट्रेट परिसर में बड़ी संख्या में सपा कार्यकर्ताओं के पहुंचने की सूचना मिलते ही पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों में हलचल मच गई। सुरक्षा के मद्देनजर पूरे क्षेत्र में भारी पुलिस बल तैनात कर दिया गया। अधिकारियों ने पूरे घटनाक्रम पर लगातार नजर बनाए रखी। रिहाई की खबर मिलते ही खत्म किया धरना रात करीब 10 बजे अखिलेश यादव के रिहा किए जाने की सूचना मिलने के बाद सपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने अपना धरना समाप्त कर दिया। इसके बाद प्रदर्शनकारी शांतिपूर्वक मौके से लौट गए।
उफनते नाले में बहा युवक, 12 घंटे बाद मिला शव:कोरबा में घर लौटते समय हुआ हादसा, साथी ने बचाई जान
कोरबा जिले के लेमरू थाना क्षेत्र के ग्राम नकिया में उफनते सांचर नाले को पार करते समय एक 28 वर्षीय युवक बाइक समेत बह गया। युवक का शव 12 घंटे बाद मंगलवार सुबह घटनास्थल से लगभग 3 किलोमीटर दूर बरामद किया गया। इस हादसे में युवक का साथी अपनी जान बचाने में सफल रहा। जानकारी के अनुसार, नकिया निवासी राहुल कुमार मंझवार सोमवार को अपने साथी बुधराम मंझवार के साथ घरेलू काम से कोरबा शहर गए थे। देर शाम दोनों बाइक से गांव लौट रहे थे। लगातार बारिश के कारण गांव से लगभग 3 किलोमीटर पहले स्थित सांचर नाला उफान पर था। ग्रामीणों के अनुसार, नाले में पानी का बहाव बहुत तेज था। इसके बावजूद राहुल ने बाइक से नाला पार करने का प्रयास किया। इसी दौरान बुधराम ने खतरा महसूस कर बाइक से छलांग लगा दी और किनारे पहुंच गया। बाइक समेत तेज बहाव में बहा राहुल, साथी ने बचाई जान राहुल जैसे ही बाइक लेकर नाले में उतरा, पानी के तेज बहाव में वह बाइक समेत बह गया और कुछ ही पलों में आंखों से ओझल हो गया। घटना के बाद बुधराम ने किसी तरह अपनी जान बचाई। पानी का स्तर थोड़ा कम होने पर वह गांव पहुंचा और परिजनों, पुलिस को सूचना दी। सुबह चला सर्च ऑपरेशन, 3 किलोमीटर दूर मिला शव अंधेरा और तेज बहाव के कारण सोमवार रात सर्च ऑपरेशन शुरू नहीं किया जा सका। मंगलवार सुबह लेमरू पुलिस, स्थानीय ग्रामीणों और बचाव दल ने संयुक्त रूप से सर्च अभियान चलाया। कई घंटे की मशक्कत के बाद राहुल का शव घटनास्थल से लगभग 3 किलोमीटर दूर नाले में फंसा मिला। उफनते नदी-नालों से सावधान रहने की अपील शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। बता दें कि जिले में लगातार बारिश के कारण कई नदी-नाले और पुल-पुलिया उफान पर हैं। इसके बावजूद लोग जान जोखिम में डालकर आवागमन कर रहे हैं। लेमरू पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है।
दिल्ली में राहुल गांधी और सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने का कार्यकर्ताओं ने विरोध किया। ललितपुर में मंगलवार रात सपा और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने संयुक्त रूप से प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने शहर के घंटाघर मैदान से तुवन चौराहे तक पैदल मार्च निकालकर केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ नारेबाजी की। करीब दो घंटे तक चले प्रदर्शन के दौरान नेताओं की रिहाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई गई। रात करीब आठ बजे दोनों दलों के कार्यकर्ता घंटाघर मैदान पर एकत्र हुए और वहां से पैदल मार्च करते हुए तुवन चौराहे स्थित रानी लक्ष्मीबाई की प्रतिमा के सामने पहुंचे, जहां धरना-प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। मौके पर पहुंची पुलिस ने कार्यकर्ताओं को उनकी मांगें शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि यदि उनके नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया तो बुधवार को आंदोलन और तेज किया जाएगा। इस दौरान सपा जिलाध्यक्ष नेपाल सिंह यादव, कांग्रेस नगर अध्यक्ष रामनरेश दुबे, प्रदेश सचिव गीता मिश्रा, लक्ष्मीनारायण विश्वकर्मा, शत्रुघन यादव, अरशद मंसूरी, अंकित कुशवाहा समेत बड़ी संख्या में दोनों दलों के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद रहे।
दिल्ली में मंगलवार को विरोध प्रदर्शन करते हुए कांग्रेस नेता राहुल गांधी सहित अन्य नेताओं को पुलिस जबरन उठा ले गई। इसके बाद रात करीब 9 बजे अलवर में कांग्रेस नेताओं ने नंगली सर्किल पर विरोध प्रदर्शन किया। पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह और राजस्थान विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के नेतृत्व में सैकड़ों कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने नंगली सर्किल पर एकत्र होकर केंद्र सरकार का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। युवाओं और किसानों के हक की आवाज उठाई। लाखों मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में: भंवर जितेंद्र सिंह पूर्व केंद्रीय मंत्री भंवर जितेंद्र सिंह ने कहा- देशभर में नीट परीक्षा का पेपर लीक होना लाखों छात्रों के भविष्य के साथ सरासर खिलवाड़ है। “केंद्र सरकार युवाओं के सपनों को कुचलने का काम कर रही है। नीट जैसी राष्ट्रीय स्तर की प्रतिष्ठित परीक्षा में धांधली से मेहनती छात्रों का भविष्य अंधकार में चला गया है। इस अन्याय के खिलाफ लड़ रहे युवाओं को दिल्ली में दौड़ा-दौड़ा कर पीटा है। विरोध कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी से बदसलूकी की। यह सब जनता बर्दाश्त नहीं करेगी। दिल्ली में हिटलर जैसा राज है। हर मोर्चे पर विफल साबित हुई भाजपा सरकार: टीकाराम जूली नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली ने केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि भाजपा सरकार आज हर मोर्चे पर पूरी तरह फेल हो चुकी है। बढ़ती बेरोजगारी, महंगाई और लगातार होते पेपर लीक से जनता में भारी आक्रोश है। “जनता के असली मुद्दों से ध्यान भटकाने के लिए सरकार तरह-तरह के हथकंडे अपना रही है। आज का यह पुतला दहन उसी जनाक्रोश का प्रतीक है। अगर नीट पेपर लीक मामले के दोषियों पर सख्त कार्रवाई नहीं हुई और छात्रों को न्याय नहीं मिला तो आने वाले दिनों में इस आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
जोधपुर के बासनी थाने में एक लड़की को भगाकर ले जाने के मामले में मंगलवार देर रात को समाज के लोग इकट्ठा हो गए। उन्होंने थाने में पहुंचकर विरोध जताया। सूचना मिलने के बाद ACP दीपक कुमार भी मौके पर पहुंचे ओर आक्रोशित लोगों से समझाइश के प्रयास शुरू किए। लोग युवती को ढूंढकर नहीं लाने तक थाने में ही धरना देने की बात पर अड़ गए। बता दें कि 23 वर्षीय युवती को एक युवक अपने साथ भगाकर ले गया था। इसको लेकर युवती के परिजनों की ओर से बासनी थाने में गुमशुदगी भी दर्ज करवाई गई थी। युवती के नहीं मिलने पर आज(मंगलवार) परिजनों के साथ ही अलग-अलग संगठनों से जुड़े कार्यकर्ता भी थाने पहुंच गए और मौके पर विरोध जताने लगे। वे युवती को भगा कर ले जाने वाले युवक को पकड़ने की मांग पर अड़ गए। देर रात तक पुलिस उनसे समझाइश के प्रयासों में जुटी हुई थी।
टीकमगढ़ के गांधी चौराहे पर मंगलवार रात करीब 8:30 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। दिल्ली में राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में आयोजित इस प्रदर्शन के दौरान कांग्रेसी कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। नीट पेपर लीक मामले में सरकार पर हमला कांग्रेस नगर अध्यक्ष गौरव शर्मा और ब्लॉक अध्यक्ष अनीस अहमद ने केंद्र सरकार पर लोकतंत्र की हत्या और युवाओं की आवाज दबाने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि नीट परीक्षा पेपर लीक मामले में लाखों युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया गया है। धर्मेंद्र प्रधान से इस्तीफे की मांग जिला महासचिव संजय नायक ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी को गलत ठहराते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिकता के आधार पर इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार पुलिस के बल पर जनता और विपक्ष का आंदोलन कुचलने का प्रयास कर रही है। नारेबाजी में शामिल रहे कई दिग्गज धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृहमंत्री अमित शाह और शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ विरोध दर्ज कराया। प्रदर्शन में यूथ कांग्रेस अध्यक्ष पार्थ सिंह, भगतराम यादव, राजीव जैन और सुनील भाईजी सहित कई स्थानीय नेता मौजूद रहे।
हांसी क्षेत्र में 13 वर्षीय छात्रा को स्कूल समय के बाद कथित रूप से रोके जाने के मामले में जिला प्रशासन ने सख्त कार्रवाई की है। डीसी राहुल नरवाल के निर्देश पर मामले की निष्पक्ष जांच के लिए एक स्थानीय शिकायत समिति (LCC) का गठन किया गया है। समिति को 7 दिन के भीतर रिपोर्ट सौंपने के निर्देश दिए गए हैं। यह जांच POSH अधिनियम-2013 के प्रावधानों के तहत की जाएगी। छात्रा के परिजनों ने डीसी से निष्पक्ष जांच की मांग की थी, जिसके बाद सीटीएम हिमांशु चौहान को जांच की जिम्मेदारी सौंपी गई। उन्होंने ही एलसीसी का गठन कर जांच प्रक्रिया शुरू कराई है। सीसीटीवी फुटेज और उपस्थिति रिकॉर्ड की निगरानी होगी जांच के दौरान स्कूल की सीसीटीवी फुटेज, परिवहन व्यवस्था, उपस्थिति रिकॉर्ड और छुट्टी के समय की निगरानी की जाएगी। संबंधित कर्मचारियों की भूमिका और छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े प्रावधानों की भी गहनता से जांच होगी। इस मामले में छात्रा सहित अन्य छात्राओं और कर्मचारियों के बयान भी दर्ज किए जाएंगे। समिति यह भी जांच करेगी कि छुट्टी के बाद छात्रा स्कूल में कैसे रह गई और उसके अभिभावकों को समय पर सूचना क्यों नहीं दी गई। फोरेंसिक जांच कराने की मांग परिजनों ने डीवीआर/एनवीआर, हार्ड डिस्क और अन्य डिजिटल रिकॉर्ड की स्वतंत्र फोरेंसिक जांच कराने की मांग भी उठाई है। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जांच में लापरवाही पाए जाने पर संबंधित लोगों के खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
श्योपुर में मंगलवार रात दिल्ली में नीट पेपर लीक प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी पर हुई कार्रवाई के विरोध में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने जय स्तंभ पर धरना दिया। प्रदेश कांग्रेस कमेटी के आह्वान पर आयोजित इस प्रदर्शन में जिला कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। विपक्ष की आवाज दबाने का आरोप धरने के दौरान कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार नीट पेपर लीक जैसे गंभीर मुद्दे से ध्यान भटकाने के लिए विपक्ष की आवाज दबा रही है। उन्होंने राहुल गांधी के साथ हुई अभद्रता को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया और चेतावनी दी कि यदि ऐसी कार्रवाई बंद नहीं हुई तो आंदोलन उग्र किया जाएगा। पुलिस बल रहा तैनात प्रदर्शन में कांग्रेस जिलाध्यक्ष मांगीलाल फौजी, युवा कांग्रेस जिलाध्यक्ष रामभरत मीणा सहित कई जनप्रतिनिधि और कार्यकर्ता शामिल हुए। सुरक्षा व्यवस्था को ध्यान में रखते हुए प्रदर्शन स्थल पर एहतियात के तौर पर पुलिस बल तैनात रहा।
मऊगंज कलेक्ट्रेट कार्यालय के मुख्य गेट पर मंगलवार रात 8:30 बजे कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी को हिरासत में लिए जाने के विरोध में प्रदर्शन किया। पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना के मार्गदर्शन में आयोजित इस धरने में जिला कांग्रेस और युवक कांग्रेस के पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। दिल्ली पुलिस की कार्रवाई का विरोध युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष आशुतोष तिवारी ने आरोप लगाया कि जवानों और किसानों से जुड़े मुद्दों पर शांतिपूर्ण धरना दे रहे राहुल गांधी को पुलिस ने जबरन हिरासत में लिया। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र और संविधान पर हमला बताते हुए तीखा विरोध जताया। लाठीचार्ज और आंसू गैस की निंदा प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में युवाओं, विद्यार्थियों और महिलाओं पर हुए कथित लाठीचार्ज और आंसू गैस के इस्तेमाल की कड़ी निंदा की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष हरिलाल कोल समेत अन्य नेताओं ने कहा कि संवैधानिक अधिकारों और लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहेगा।
जालोर के बहुचर्चित दोहरे हत्याकांड में राजस्थान हाईकोर्ट ने दोषी ठहराए दो भाइयों को बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट की ओर से सुनाई गई मौत की सजा को उम्रकैद में बदला है। हाईकोर्ट ने कहा- मामला गंभीर और जघन्य होने के बावजूद रेयरेस्ट ऑफ रेयर की कसौटी पर खरा नहीं उतरता। जस्टिस विनीत कुमार माथुर व जस्टिस चंद्रशेखर शर्मा की डिवीजन बेंच ने यह फैसला दिया। हालांकि दोनों आरोपियों की दोषसिद्धि को बरकरार रखा है। 9 दिसंबर 2025 को सुनाई थी सजा अपीलार्थी की ओर से बताया- मामले के अनुसार जालोर जिले के रामसीन थाना क्षेत्र में आटा-साटा विवाह को लेकर हुए विवाद के बाद पहाड़ सिंह और डूंगर सिंह ने इंद्रा कंवर और हरि सिंह पर कुल्हाड़ी से हमला किया था। हमले में दोनों की मौत हो गई थी। इसके बाद आरोपियों ने मौके पर मौजूद अन्य लोगों पर भी हमला किया था। पुलिस के हस्तक्षेप के दौरान एक पुलिस अधिकारी को भी निशाना बनाया गया था। इस मामले में अतिरिक्त सत्र न्यायालय भीनमाल ने 9 दिसंबर 2025 को दोनों आरोपियों को हत्या सहित विभिन्न धाराओं में दोषी ठहराते हुए हत्या के मामले में मौत की सजा सुनाई थी। मौत की सजा की पुष्टि के लिए मामला हाईकोर्ट भेजा गया था, जबकि आरोपियों ने भी फैसले को चुनौती दी थी। हाईकोर्ट ने कहा कि अभियोजन पक्ष ने प्रत्यक्षदर्शियों के बयान, मेडिकल और वैज्ञानिक सबूतों के आधार पर अपराध साबित किया है। हालांकि मृत्युदंड के लिए रेयरेस्ट ऑफ रेयर सिद्धांत को देखते हुए कोर्ट ने फांसी की सजा को उम्रकैद में बदल दिया। ये था मामला जानकारी के अनुसार- पीड़ित परिवार की ओर से पैरवी करने वाले एडवोकेट पृथ्वीसिंह चौहान ने बताया- 3 मार्च 2023 को मोदरा पुलिस चौकी क्षेत्र के रहने वाले डूंगरसिंह पुत्र परबतसिंह, पहाड़सिंह पुत्र परबतसिंह गांव में खेती करते थे। दोनों की शादी नहीं हुई थी। इनकी बहन की शादी भाभी के पीहर में हुई थी। खुद की शादी के लिए भाई की लड़की को आटा-साटा में देने की जिद करने लगे। बड़ा भाई रतन सिंह देशावर में बिजनेस कर रहा था। रतन सिंह की पत्नी इंद्रा कंवर ने खुद की बेटी आटा-साटा में देने से मना कर दिया। इस पर भाभी इंद्रा और देवर डूंगरसिंह व पहाड़सिंह के बीच बहस हो गई। झगड़ा करने के दौरान इंदिरा कंवर पर दोनों भाइयों पहाड़ सिंह और डूंगरसिंह ने मिलकर कुल्हाड़ी से वार किया था, जिससे उसकी मौका स्थल पर मौत हो गई। बच्चों को भी मारने करने का प्रयास किया। इस दौरान पड़ोसी हरिसिंह बीच-बचाव करने आए। उन पर भी आरोपियों ने कुल्हाड़ी से वार किया। इससे उसकी भी मौत हो गई। चिल्लाने की आवाज सुनकर पास में मौजूद पुलिस चौकी से सहायक पुलिस निरीक्षक सुरेंद्रसिंह राव मौके पर पहुंचे। उन्होंने बच्चों को बचाया और दोनों आरोपियों को पकड़ा था।
राजस्थान हाईकोर्ट ने फार्मेसी कॉलेज को अनापत्ति प्रमाण पत्र जारी करने में हो रही देरी को लेकर राज्य सरकार से जवाब तलब किया है। कोर्ट ने मेडिकल शिक्षा विभाग के सचिव को 28 जुलाई को दोपहर 2 बजे वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिए पेश होकर स्थिति स्पष्ट करने के निर्देश दिए हैं। मामला पाली जिले के खुडाला फालना स्थित एडवेंट कॉलेज ऑफ फार्मेसी से जुड़ा है। कॉलेज की ओर से दायर याचिका पर सुनवाई करते हुए न्यायाधीश मुकेश राजपुरोहित ने सचिव को व्यक्तिगत रूप से वीसी के जरिए पेश होने का आदेश दिया है। याचिकाकर्ता के अधिवक्ता श्रेयांश मरर्डिया ने कोर्ट को बताया कि हाईकोर्ट ने 30 अक्टूबर 2025 को पूर्व में दिए आदेश में ग्लोबल फार्मेसी कॉलेज बनाम राजस्थान सरकार एवं अन्य मामले के फैसले के आधार पर याचिका का निस्तारण किया था। इसके बावजूद राज्य सरकार ने अब तक कॉलेज को एनओसी जारी नहीं किया है। इस पर कोर्ट ने मेडिकल शिक्षा विभाग के सचिव को अगली सुनवाई में एनओसी की स्थिति से अवगत कराने को कहा है। मामले की अगली सुनवाई 28 जुलाई को होगी।
घरौंडा पीआर गोदाम में अनाज चोरी का प्रयास:2 आरोपी गिरफ्तार, एक फरार; मौके से बाइक-अनाज बरामद
करनाल जिले के घरौंडा क्षेत्र में स्थित पीआर गोदाम में सरकारी अनाज चोरी करने का मामला सामने आया है। गोदाम परिसर में गश्त के दौरान 3 संदिग्ध व्यक्ति अनाज की बोरियां लेकर भागने की कोशिश करते पकड़े गए। मौके पर 2 आरोपियों को रंगे हाथों काबू कर लिया गया, जबकि एक आरोपी फरार हो गया। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से दोनों को जेल भेज दिया गया है। घरौंडा खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर शिकायतकर्ता राजेश सिंह ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि 20 जुलाई को दोपहर करीब 2:10 बजे वह अपने सुरक्षाकर्मियों के साथ पीआर गोदाम परिसर में गश्त कर रहे थे। इसी दौरान 3 अज्ञात व्यक्ति गोदाम के अंदर सरकारी अनाज की बोरियां चोरी कर भागने का प्रयास करते दिखाई दिए। उन्होंने तुरंत घेराबंदी कर 2 व्यक्तियों को मौके पर ही पकड़ लिया, जबकि तीसरा आरोपी मौके से फरार हो गया। पकड़े गए आरोपियों के पास से चोरी किया गया अनाज और एक बाइक बरामद हुई। पहले भी चोरी में पकड़े जा चुके हैं आरोपी राजेश सिंह ने बताया कि पकड़े गए आरोपी पहले भी गोदाम में चोरी करते हुए पकड़े जा चुके हैं और इस तरह की वारदात के आदी हैं। दोनों आरोपियों को गोदाम परिसर में सुरक्षित रखा गया और पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने दर्ज किया मामला खाद्य एवं आपूर्ति विभाग के इंस्पेक्टर की शिकायत के आधार पर घरौंडा थाना पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया है। मामले की जांच एएसआई रोहताश को सौंपी गई है। पुलिस ने आरोपियों को हिरासत में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जबकि फरार आरोपी की तलाश जारी है। मामले की जांच जारी है और बरामद अनाज व वाहन को कब्जे में लिया गया है। घरौंडा थाना प्रभारी दीपक कुमार ने बताया कि दोनों आरोपियों को आज कोर्ट में पेश किया गया है, जहां से दोनों को जेल भेज दिया है। तीसरे आरोपी की भी तलाश की जा रही है।
धार में नीट परीक्षा में कथित पेपर लीक के विरोध में मंगलवार रात बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं सड़कों पर उतर आए। छात्रों ने घोड़ा चौपाटी चौराहे से त्रिमूर्ति नगर तक कैंडल मार्च निकालकर निष्पक्ष जांच, दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था लागू करने की मांग की। मार्च के दौरान छात्र हाथों में तिरंगा और मोमबत्तियां लेकर शांतिपूर्ण तरीके से विरोध जताते रहे। प्रदर्शन कर रहे छात्रों ने कहा कि पेपर लीक जैसी घटनाएं लाखों मेहनती विद्यार्थियों के भविष्य के साथ अन्याय हैं। उनका कहना था कि वर्षों की मेहनत के बाद भी यदि परीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठते हैं, तो युवाओं का परीक्षा प्रणाली से विश्वास कमजोर होता है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की। अंबेडकर प्रतिमा पर जलाए दीप, जताई एकजुटता कैंडल मार्च त्रिमूर्ति नगर पहुंचकर समाप्त हुआ। यहां छात्रों ने डॉ. भीमराव अंबेडकर की प्रतिमा पर मोमबत्तियां जलाकर श्रद्धांजलि अर्पित की और नीट पेपर लीक से प्रभावित अभ्यर्थियों के प्रति एकजुटता जताई। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे अभ्यर्थियों पर हुई पुलिस कार्रवाई का भी विरोध जताया। उनका कहना था कि शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने वाले विद्यार्थियों की आवाज सुनी जानी चाहिए। छात्रों ने मांग की कि भविष्य में सभी प्रतियोगी परीक्षाओं की प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी, निष्पक्ष और सुरक्षित बनाई जाए, ताकि किसी भी अभ्यर्थी के भविष्य के साथ अन्याय न हो और चयन केवल प्रतिभा के आधार पर सुनिश्चित हो सके।
जोधपुर में आचार्य भगवंत श्रीमद् विजय चिदानंद सुरीश्वर महाराज के 24 जुलाई को गुलाब नगर में चातुर्मास प्रवेश की निमंत्रण पत्रिका का विमोचन किया गया। सरकारी विद्यालयों को सर्वश्रेष्ठ बनाने की जोधपुर शहर विधायक अतुल भंसाली की 'विधायक शिक्षा का साथी' योजना के द्वितीय सत्र का शुभारम्भ मंगलवार को राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक विद्यालय सरदारपुरा जोधपुर में किया गया। वहीं, स्वास्थ्य और परिवार कल्याण राज्य अनुप्रिया पटेल रविवार को जोधपुर आएंगी। लाइव ब्लॉग में पढ़ें शहर की प्रमुख खबरें…
डबवाली में आसमानी बिजली गिरने से कमरा ढहा:एक भैंस घायल; घरेलू सामान दबा; चार सदस्य सुरक्षित
सिरसा जिले के ओढ़ां क्षेत्र के छतरियां गांव में मंगलवार सुबह तेज बारिश के दौरान आसमानी बिजली गिरने से पशुओं का कमरा ढह गया। इस हादसे में एक भैंस घायल हो गई। जबकि वहां रखे गेहूं, खाद और चक्की सहित घरेलू सामान मलबे में दब गया। गनीमत रही कि घटना के समय घर में मौजूद 4 सदस्यों में से किसी को कोई चोट नहीं आई। किसान मान सिंह ने बताया कि मंगलवार सुबह करीब 7 बजे जब बारिश शुरू हुई, तब वह खेत में पानी लगाने गए थे। घर पर उनकी पत्नी, बेटी और माता-पिता मौजूद थे। उनके पिता पशुओं के कमरे की छत पर पानी की निकासी देखने के लिए सीढ़ी पर चढ़े ही थे कि अचानक तेज गर्जना के साथ बिजली आ गिरी। जोरदार धमाके के साथ कमरे की छत भरभराकर ढह गई। मलबे में फंसी घायल भैंस को बाहर निकाला परिवार के सदस्य तुरंत मौके पर पहुंचे और मलबे में फंसी घायल भैंस को बाहर निकाला। मान सिंह ने बताया कि कुछ माह पहले ही पशुओं और कृषि सामान के लिए यह नया कमरा बनवाया गया था, जो पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया है। हादसे की सूचना मिलते ही आसपास के गांवों नागोकी, भंगू, बड़ागुढ़ा और ढाबां से डेरा सच्चा सौदा के सेवादार तुरंत मौके पर पहुंचे। बरसात के बीच उन्होंने राहत कार्य शुरू किया और मलबे में दबे सामान को बाहर निकालने में परिवार की मदद की। परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित रोडी ब्लॉक के प्रेमी सेवक पवन इन्सां और नंबरदार सर्वजीत सिंह भंगू ने बताया कि सूचना मिलते ही विभिन्न गांवों के सेवादार राहत कार्य के लिए पहुंच गए थे। उन्होंने कहा कि सबसे राहत की बात यह रही कि परिवार के सभी सदस्य सुरक्षित हैं। मान सिंह ने समय पर मदद के लिए डेरा सच्चा सौदा के सेवादारों का आभार व्यक्त करते हुए प्रशासन से आर्थिक सहायता देने की मांग की है।
लखनऊ के डॉ.राम मनोहर लोहिया आयुर्विज्ञान संस्थान में खाने की नली के ऑपरेशन के मामले में पीड़ित परिवार ने अब मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत मिलने के बाद सीएमओ कार्यालय ने मामले की जांच के लिए लोहिया संस्थान के निदेशक को पत्र लिखा है। ये था पूरा मामला फिरोजाबाद निवासी अंकित राठौर की मां पुष्प देवी ने सीएमओ को दिए शिकायती पत्र में बताया कि अंकित को 2 जून को खाने की नली के ऑपरेशन के लिए लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया था। 8 जून को उसका ऑपरेशन हुआ। परिवार का आरोप है कि ऑपरेशन के बाद अंकित का बायां हाथ धीरे-धीरे निष्क्रिय होने लगा और उसकी हालत बिगड़ती चली गई। 24 जून को दोबारा किया गया था भर्ती SGPGI और KGMU से रेफर होकर दोबारा लोहिया में भर्तीपरिजनों के अनुसार, 19 जून को लोहिया संस्थान ने प्लास्टिक सर्जरी और वैस्कुलर सर्जरी की सुविधा उपलब्ध नहीं होने का हवाला देते हुए अंकित को SGPGI और KGMU रेफर कर दिया। आरोप है कि दोनों संस्थानों में भर्ती नहीं मिलने के बाद 24 जून को उसे दोबारा लोहिया संस्थान में भर्ती कराया गया। जांच के दौरान अंकित के हाथ में गंभीर संक्रमण पाया गया। इसके बाद डॉक्टरों को उसका बायां हाथ काटना पड़ा। परिवार का आरोप है कि खाने की नली के ऑपरेशन के दौरान हाथ में लगाए गए इंजेक्शन के कारण संक्रमण फैला, जिससे यह स्थिति बनी। दो बार सर्जरी, तीसरी बार फिर ऑपरेशन की बात परिजनों का कहना है कि अब तक अंकित के हाथ की दो बार सर्जरी की जा चुकी है और उसका हाथ काटना पड़ा है। डॉक्टर अब तीसरी बार भी ऑपरेशन की बात कह रहे हैं। परिवार ने पूरे मामले को चिकित्सा लापरवाही का गंभीर मामला बताते हुए दोषी डॉक्टरों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित परिवार ने मामले की निष्पक्ष जांच, दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई, अंकित को सरकारी नौकरी और उचित मुआवजा देने की मांग की है। परिवार का कहना है कि इससे पहले वह मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और उपमुख्यमंत्री ब्रजेश पाठक से भी शिकायत कर न्याय की गुहार लगा चुका है।
जोधपुर में एक प्रसूता को उम्मेद हॉस्पिटल में गलत ब्लड चढ़ाने के मामले में कमेटी ने मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल को रिपोर्ट सौंप दी है। इस रिपोर्ट में दो रेजिडेंट डॉक्टर समेत चार लोगों को दोषी माना है। हालांकि अब ये रिपोर्ट अनुशासन कमेटी को दी गई है। ये कमेटी तय करेगी कि किस पर क्या एक्शन होगा। इससे पहले कमेटी की ओर से सौंपी रिपोर्ट में नाम नहीं थे। ओ पॉजिटिव की जगह चढ़ा दिया था बी-पॉजिटिव ब्लड दरअसल, मामला 13 जुलाई का है। धापू नाम की महिला की 11 जुलाई को बावड़ी में नॉर्मल डिलीवरी हुई थी। खून की कमी के चलते उसे उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। यहां 11 जुलाई को उसे O-पॉजिटिव ब्लड चढ़ाया गया, लेकिन 12 जुलाई को जब दोबारा ब्लड चढ़ाया तो वह O पॉजिटिव की जगह बी पॉजिटिव चढ़ा दिया था। इसकी वजह से उसकी तबीयत बिगड़ने लगी और यूरिन बंद हो गया। इसके बाद किडनी में इन्फेक्शन हो गया। इस पर उसे 13 जुलाई को महात्मा गांधी हॉस्पिटल रेफर किया गया, जहां अब भी उसका डायलिसिस चल रहा है। उम्मेद हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन मकवाना ने बताया- हमने रिपोर्ट सौंप दी है। इसमें रेजिडेंट डॉक्टर, नर्सिंगकर्मी और लैब टेक्नीशियन के नाम है। कमेटी जो भी एक्शन लेने के लिए कहेगी, वह हम लेंगे। मामला सामने आने के बाद बनाई थी कमेटी, माना- बिना जांच किए खून चढ़ाया इधर, ये मामला सामने आने के बाद उम्मेद हॉस्पिटल के सुपरिटेंडेंट डॉ. मोहन मकवाना की ओर से पांच डॉक्टर्स की टीम बनाई गई थी। इस टीम में डॉ. रिजवाना शाहीन, डॉ. नीलम मीणा, डॉ. हरगोविंद मीणा, डॉ. सुरेंद्र सिंह राठौड़ और डॉ. गोविंद पटेल शामिल थे। इसके बाद टीम ने शुक्रवार को ही ये रिपोर्ट डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज प्रिंसिपल डॉ. बीएस जोधा को सौंप दी थी। कमेटी ने माना था- बिना जांच किए गलत खून चढ़ाया गया। इसमें माना कि बिना क्रॉस चेक किए खून चढ़ाया गया, लेकिन, इस रिपोर्ट में किसी का नाम नहीं होने की वजह से डॉ. बीएस जोधा ने इस लापरवाही में शामिल रेजिडेंट डॉक्टर, लैब टेक्नीशियन और नर्सिंग स्टाफ के नाम मांगे थे। इस पर दोबारा मंगलवार को इन नाम के साथ ये रिपोर्ट सौंपी गई। अब ये रिपोर्ट मेडिकल कॉलेज की अनुशासन कमेटी को सौंपी गई है। अनुशासन कमेटी तय करेगी कि किस पर क्या एक्शन होगा। एक ही नाम की दो महिला होने की वजह से हुई गफलत प्रांरभिक जांच में सामने आया कि जिस दिन ये घटनाक्रम हुआ, उस दिन धापू नाम की दो महिलाएं हॉस्पिटल में एडमिट थी। इतना ही नहीं इनके पति के नाम भी एक ही थे। ऐसे में धापू जिसे B पॉजिटिव खून चढ़ाना था। उसके बदले बावड़ी से आई धापू को ये गलत खून चढ़ा दिया और तबीयत बिगड़ गई। ये खबर भी पढ़ें… गलत ब्लड से यूरिन बंद हुआ,प्रसूता की किडनी में इन्फेक्शन:उम्मेद हॉस्पिटल में O+ की जगह B+ ब्लड चढ़ाया; परिजन बोले-खून चढ़ाते ही कंपकपी छूटने लगी जोधपुर के उम्मेद अस्पताल में एक प्रसूता को गलत ब्लड चढ़ाने का मामला सामने आया है। जोधपुर जिले के डावरा बावड़ी निवासी धापू भील (24) को सामान्य प्रसव के बाद एनीमिया व अन्य कारणों से उम्मेद अस्पताल रेफर किया गया था। (यहां पढ़ें पूरी खबर) दो दिन में पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ी,एक वेंटिलेटर पर:3 प्रसूता आईसीयू में; कमेटी ने माना- बिना जांचें गलत खून चढ़ाया था प्रसूता को जोधपुर में एक बार फिर से प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने का मामला सामने आया है। उम्मेद हॉस्पिटल में दो दिन में पांच प्रसूताओं की तबीयत बिगड़ने पर भर्ती करवाया गया है। इनमें 3 प्रसूता आईसीयू में है और एक वेंटिलेटर पर। (यहां पढ़ें पूरी खबर)
राजस्थान हाईकोर्ट ने विधवा महिला की फैमिली पेंशन से जुड़े मामले की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के अधिकारियों के रवैये पर कड़ी नाराजगी जताई। अदालत ने कहा कि जिस तरीके से विभाग का अधिकारी बिना तैयारी के कोर्ट में पेश हुआ, उससे साफ लगता है कि राज्य के अधिकारी न्यायालय की कार्यवाही को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। यह टिप्पणी जस्टिस गणेश राम मीणा की अदालत ने गंगा देवी की याचिका पर सुनवाई करते हुए की। दरअसल, शनिवार को वकीलों के कार्य बहिष्कार के कारण सरकारी वकील की अनुपस्थिति में पेंशन एवं पेंशन कल्याण विभाग के एएओ और मामले के ऑफिसर इन चार्ज (OIC) हमीर सिंह कोर्ट में पेश हुए। सुनवाई के दौरान जब कोर्ट ने उनसे विभाग की ओर से दाखिल जवाब और याचिकाकर्ता के दावे से जुड़े सरकारी आदेशों, अधिसूचनाओं के बारे में पूछा तो उन्होंने कहा कि उनके पास इनमें से कोई भी दस्तावेज उपलब्ध नहीं है। कोर्ट ने इसके बाद अधिकारी से पूछा कि क्या उन्होंने OIC के कर्तव्यों और राज्य सरकार की लिटिगेशन पॉलिसी पढ़ी है। इस पर अधिकारी ने स्वीकार किया कि उन्होंने कभी लिटिगेशन पॉलिसी नहीं देखी। इस पर अदालत ने टिप्पणी करते हुए कहा कि यह विभागीय लापरवाही का स्पष्ट उदाहरण है। कोर्ट ने कहा- यह स्थिति स्वीकार्य नहीं हाईकोर्ट ने कहा कि यह मामला किसी सामान्य विवाद का नहीं, बल्कि एक विधवा की फैमिली पेंशन का है। ऐसे संवेदनशील मामले में भी विभाग का अधिकारी बिना आवश्यक रिकॉर्ड और जानकारी के अदालत में उपस्थित हुआ, जो स्वीकार्य नहीं है। अदालत ने कहा कि यदि किसी कारण से सरकारी वकील अदालत में मौजूद नहीं हों, तो संबंधित OIC को पूरी केस फाइल, सभी आवश्यक आदेश, अधिसूचनाएं और मामले के तथ्यों की पूरी जानकारी के साथ उपस्थित होना चाहिए। साथ ही जवाब समय पर दाखिल किया जाना चाहिए, ताकि न्यायिक प्रक्रिया में अनावश्यक देरी न हो। मुख्य सचिव और विभाग को भेजा आदेश हाईकोर्ट ने कहा कि मुख्य सचिव, प्रमुख शासन सचिव और निदेशक, पेंशन और पेंशन कल्याण विभाग को आदेश की कॉपी भेजने के निर्देश देते हुए कहा कि सरकार सभी विभागों के OIC को उनकी जिम्मेदारियों के संबंध में आवश्यक निर्देश जारी किए जाएं, ताकि भविष्य में इस तरह की लापरवाही दोबारा न हो। मामले की अगली सुनवाई 4 अगस्त 2026 को होगी।
नूंह पुलिस ने धारूहेड़ा से अगवा किए गए एक व्यक्ति को सकुशल छुड़ा लिया है। तावडू थाना सदर पुलिस की त्वरित कार्रवाई से अपहरण की वारदात को विफल कर दिया गया। हालांकि, पुलिस के पहुंचने से पहले अपहरणकर्ता मौके से फरार होने में सफल रहे, जिनकी तलाश जारी है। मंगलवार सुबह पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना मिली थी कि कुछ लोग मारुति स्विफ्ट कार में धारूहेड़ा से एक व्यक्ति का अपहरण कर उसे तावडू क्षेत्र की ओर ले जा रहे हैं। सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ने थाना सदर तावडू की ईआरवी (इमरजेंसी रिस्पांस व्हीकल) और एसएचओ मोबाइल को तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए। पुलिस टीम ने तुरंत संदिग्ध वाहन का पीछा करना शुरू किया और संभावित रास्तों पर नाकाबंदी कर दी। पुलिस की घेराबंदी देख वाहन छोड़कर भागे अपहरणकर्ता लगातार पीछा करने के बाद पुलिस ने गांव शीलको के पास संदिग्ध स्विफ्ट कार को घेर लिया। पुलिस की घेराबंदी देख अपहरणकर्ता वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गए। पुलिस ने कार से अपहृत व्यक्ति खेमचंद पुत्र रामकिशन निवासी बहरोड़, राजस्थान को सुरक्षित बरामद कर लिया। बाद में पीड़ित और अपहरण में प्रयुक्त स्विफ्ट कार को आगे की कानूनी कार्रवाई के लिए धारूहेड़ा पुलिस को सौंप दिया गया। व्यक्ति और स्विफ्ट कार को धारूहेड़ा पुलिस को सौंपा थाना सदर तावडू प्रभारी राजेश कुमार ने बताया कि मंगलवार सुबह कंट्रोल रूम से धारूहेड़ा से अपहरण की सूचना मिली थी। ईआरवी टीम और एसएचओ मोबाइल ने तुरंत कार्रवाई करते हुए वाहन का पीछा किया। गांव शीलको के पास कार को रोककर अपहृत व्यक्ति को सकुशल बरामद कर लिया गया। उन्होंने पुष्टि की कि अपहरणकर्ता मौके से फरार हो गए और बरामद व्यक्ति और स्विफ्ट कार को धारूहेड़ा पुलिस को सौंप दिया गया है।
नरसिंहपुर कलेक्टर कार्यालय के बाहर मंगलवार रात 9 बजे कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन शुरू कर दिया। यह प्रदर्शन नीट धांधली और छात्रों की मांगों को लेकर आंदोलन कर रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में किया जा रहा है। लोकतांत्रिक अधिकारों के हनन का आरोप कांग्रेस नेताओं ने आरोप लगाया कि छात्रों की समस्याओं और जायज मांगों को उठाने पर राहुल गांधी के खिलाफ की गई कार्रवाई लोकतांत्रिक सिद्धांतों के खिलाफ है। पार्टी पदाधिकारियों ने कहा कि केंद्र सरकार पुलिस बल के दम पर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। पूर्व विधायक जायसवाल ने साधा निशाना धरना स्थल पर पूर्व विधायक सुनील जायसवाल ने कहा कि देश में 100 से अधिक बार परीक्षाएं रद्द हो चुकी हैं और युवा रोजगार के लिए भटक रहे हैं। उन्होंने जंतर-मंतर से सोनम वांगचुक को हटाए जाने का जिक्र करते हुए शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के रवैये पर सवाल खड़े किए। आंदोलन तेज करने की दी चेतावनी प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी, युवा कांग्रेस, एनएसयूआई और विभिन्न प्रकोष्ठों के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में मौजूद रहे। कांग्रेस नेताओं ने चेतावनी दी है कि यदि छात्रों की मांगें जल्द पूरी नहीं हुईं और विपक्ष पर कार्रवाई बंद नहीं हुई, तो आंदोलन को और उग्र किया जाएगा।
सरगुजा के पीजी कॉलेज ऑडिटोरियम में जिला स्तरीय शाला प्रवेश उत्सव का आयोजन पर्यटन-संस्कृति मंत्री राजेश अग्रवाल के मुख्य आतिथ्य में किया गया। इस अवसर पर मंत्री और अन्य अतिथियों ने नवप्रवेशी बच्चों का तिलक लगाकर, पुष्पमाला पहनाकर और मिठाई खिलाकर स्वागत किया। राजेश अग्रवाल ने कहा कि शिक्षा ही समाज में कौशल, आत्मविश्वास और समृद्धि का आधार है। उन्होंने कहा कि शासन विभिन्न योजनाओं के माध्यम से यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहा है कि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित न रहे और कोई भी विद्यार्थी ड्रॉपआउट न हो। उन्होंने कहा कि शिक्षा आज के समय में सफलता का मूल मंत्र है और इसके लिए सभी को मिलकर काम करना होगा। जनजातीय क्षेत्रों में शिक्षा का विशेष महत्व राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरगुजा जैसे जनजातीय बहुल जिले में शिक्षा का महत्व और भी अधिक है। उन्होंने बताया कि पहाड़ी कोरवा समुदाय के बच्चों को दोबारा शिक्षा की मुख्यधारा से जोड़ने के लिए विशेष प्रयास किए जा रहे हैं। नियमित उपस्थिति और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा पर जोर राजेश अग्रवाल ने कहा कि सरकार का उद्देश्य केवल बच्चों का स्कूल में नामांकन कराना नहीं, बल्कि यह भी सुनिश्चित करना है कि प्रत्येक बच्चा नियमित रूप से विद्यालय आए, गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्राप्त करे और अपने सपनों को साकार करे। उन्होंने सभी से बच्चों की नियमित उपस्थिति सुनिश्चित करने में सहयोग करने की अपील की। अतिथियों ने बच्चों को दी शुभकामनाएं छत्तीसगढ़ राज्य युवा आयोग के अध्यक्ष विश्व विजय सिंह तोमर ने बच्चों को मन लगाकर पढ़ाई करने और आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया। वहीं, छत्तीसगढ़ गृह निर्माण मंडल के अध्यक्ष अनुराग सिंह देव ने कहा कि शासन स्कूलों में बेहतर शैक्षणिक सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए लगातार कार्य कर रहा है। भारत सिंह सिसोदिया ने शिक्षकों से बच्चों को शिक्षा के साथ अच्छे संस्कार देने की अपील की। शिक्षकों की कमी दूर करने अतिथि व्याख्याताओं की होगी नियुक्ति कलेक्टर अजीत वसंत ने बताया कि जिले के भवनविहीन विद्यालयों के लिए नए भवनों की स्वीकृति दी गई है। बच्चों के जाति प्रमाणपत्र बनाए गए हैं और पीवीटीजी समुदाय के बच्चों का अगली कक्षा में प्रवेश सुनिश्चित किया गया है। मेडिकल और इंजीनियरिंग की तैयारी के लिए विद्यार्थियों का रायपुर के निजी कोचिंग संस्थानों में प्रवेश भी कराया गया है। उन्होंने कहा कि जिले में शिक्षकों की कमी दूर करने के लिए अतिथि व्याख्याताओं की नियुक्ति की जा रही है। कलेक्टर ने प्राथमिक विद्यालय के शिक्षकों को बच्चों की शिक्षा पर विशेष ध्यान देने की अपील करते हुए कहा कि यही उनके उज्ज्वल भविष्य की मजबूत नींव है। छात्राओं को साइकिल, बच्चों को अध्ययन सामग्री वितरित शाला प्रवेश उत्सव के दौरान कक्षा पहली, छठवीं और नवमी में प्रवेश लेने वाले नवप्रवेशी विद्यार्थियों को गणवेश, पाठ्यपुस्तकें, कॉपियां, स्कूल बैग और अन्य अध्ययन सामग्री वितरित की गई। वहीं साइकिल वितरण योजना के तहत 21 पात्र छात्राओं को साइकिल देकर सम्मानित किया गया। उत्कृष्ट शिक्षकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों का सम्मान कार्यक्रम में शिक्षा दूत पुरस्कार 2025-26 प्राप्त करने वाले 21 तथा ज्ञान दीप पुरस्कार 2025-26 से सम्मानित 3 शिक्षकों को शॉल और श्रीफल भेंट कर सम्मानित किया गया। इसके साथ ही शिक्षा विभाग से सेवानिवृत्त हुए शिक्षकों और कर्मचारियों का भी शॉल-श्रीफल देकर सम्मान किया गया। बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और छात्र रहे मौजूद कार्यक्रम में नगर निगम महापौर मंजूषा भगत, जिला पंचायत अध्यक्ष निरूपा सिंह, उपाध्यक्ष देवनारायण यादव, नगर निगम सभापति हरमिंदर सिंह टिन्नी, पार्षदगण, स्थानीय जनप्रतिनिधि, संयुक्त संचालक (शिक्षा) संजय गुप्ता, जिला शिक्षा अधिकारी दिनेश झा, डीएमसी सर्वजीत पाठक, अन्य अधिकारी-कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।
25 जुलाई को जालौन आएंगे सीएम योगी:1200 करोड़ की परियोजनाओं का करेंगे लोकार्पण-शिलान्यास
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ 25 जुलाई को जालौन के दौरे पर आएंगे। इस दौरान वह करीब 1200 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का लोकार्पण और शिलान्यास करेंगे। साथ ही लंबे समय से प्रतीक्षित नई तहसील उरई भवन का भी लोकार्पण करेंगे। मुख्यमंत्री की जनसभा कालपी रोड स्थित नवीन गल्ला मंडी परिसर में प्रस्तावित है, जिसके मद्देनजर जिला प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। मुख्यमंत्री के प्रस्तावित दौरे को लेकर मंगलवार को जिलाधिकारी राजेश कुमार पांडेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह तथा कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने नवीन गल्ला मंडी पहुंचकर कार्यक्रम स्थल का निरीक्षण किया। अधिकारियों ने मंच निर्माण, बैरिकेडिंग, पार्किंग, पेयजल, विद्युत आपूर्ति, साफ-सफाई, चिकित्सा सुविधा और सुरक्षा व्यवस्था सहित सभी व्यवस्थाओं का जायजा लिया तथा संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने स्पष्ट किया कि कार्यक्रम में आने वाले लोगों की सुविधा और सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता रहेगी। सभी विभागों को समयबद्ध तरीके से तैयारियां पूरी करने के निर्देश दिए गए हैं। प्रशासनिक और पुलिस अधिकारियों के साथ विभिन्न विभागों के कर्मचारी भी तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। मुख्यमंत्री के इस दौरे को जिले के विकास के लिए महत्वपूर्ण माना जा रहा है। करीब 1200 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के लोकार्पण और शिलान्यास से सड़क, भवन, आधारभूत संरचना और अन्य विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। वहीं नई तहसील उरई भवन शुरू होने से क्षेत्र के हजारों लोगों को राजस्व संबंधी सेवाएं पहले से अधिक सुगमता से मिल सकेंगी। मुख्यमंत्री के आगमन को लेकर सुरक्षा के व्यापक इंतजाम किए जा रहे हैं। पुलिस और प्रशासन के अधिकारी लगातार कार्यक्रम स्थल तथा आसपास के क्षेत्रों का निरीक्षण कर रहे हैं, ताकि मुख्यमंत्री का दौरा शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराया जा सके।
गोहाना में जुआ खेलते 15 व्यक्ति काबू:2.46 लाख रुपए बरामद, ताश के पत्ते भी मिले, 8 पानीपत के शामिल
सोनीपत जिले के गोहाना में जुआ खेलते हुए 15 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने नई कोर्ट के पीछे स्थित एक मकान में छापेमारी कर यह कार्रवाई की। पुलिस ने मौके से 2 लाख 46 हजार 20 रुपए नकद और ताश की 2 गड्डी बरामद की है। यह कार्रवाई थाना शहर गोहाना की पुलिस टीम ने रात्रि गश्त के दौरान मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर की। पुलिस को सूचना मिली थी कि बस अड्डा गोहाना क्षेत्र के पास नई कोर्ट के पीछे एक मकान में कुछ लोग भारी रकम दांव पर लगाकर जुआ खेल रहे हैं। मकान में बैठकर खेल रहे थे जुआ सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर दबिश दी। छापेमारी के दौरान मकान के अंदर एक बड़ी मेज के चारों ओर बैठकर जुआ खेल रहे सभी 15 व्यक्तियों को मौके पर ही पकड़ लिया गया। पुलिस ने सभी आरोपियों के खिलाफ हरियाणा जुआ निवारण अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत थाना शहर गोहाना में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। आरोपियों में पानीपत के भी शामिल गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान अनिल (रोहतक गेट, गोहाना), सुनील (वाल्मीकि बस्ती, गोहाना), रिंकू (गांव बनवासा, सोनीपत), सविन (गांव बड़ौता, सोनीपत), राजेश (वाल्मीकि बस्ती, गोहाना), टिंकू उर्फ कुनाल (कलंदर पीर दरगाह, पानीपत), सुरेन्द्र (अशोक नगर, पानीपत), राकेश (आठ मरला कॉलोनी, पानीपत), पवन (दत्त वाली गली, पानीपत), दीपक (बरोदा रोड, गोहाना), सलमान (देसराज कॉलोनी, पानीपत), हीरालाल (रमेश नगर, पानीपत), सोनू (हनुमान कॉलोनी, पानीपत), तरुण (हलवाई हट्टा, पानीपत) और बिजेन्द्र (गांव ईशापुर खेड़ी, गोहाना) के रूप में हुई है।
खरगोन में जिला कांग्रेस कमेटी ने राहुल गांधी और अन्य प्रमुख कांग्रेस नेताओं को दिल्ली में पुलिस हिरासत में लिए जाने का कड़ा विरोध किया। यह कार्रवाई पेपर लीक मामले के विरोध में किए गए आंदोलन के दौरान हुई थी। मंगलवार रात 9 बजे जिला कांग्रेस अध्यक्ष रवि नाईक के नेतृत्व में किसान कांग्रेस, भारतीय राष्ट्रीय छात्र संगठन (NSUI) और अजा युवक कांग्रेस के कार्यकर्ता व पदाधिकारी श्रीकृष्ण टॉकीज चौराहा पर एकत्र हुए। उन्होंने दिल्ली पुलिस और प्रधानमंत्री के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। इस विरोध प्रदर्शन में किसान कांग्रेस के जिलाध्यक्ष परशुराम पाटीदार, NSUI के जिलाध्यक्ष निलेश सागर, कांग्रेस अजा अध्यक्ष अमित भालसे, कादर बेग और प्रवक्ता राजेश मंडलोई सहित कई पदाधिकारी व कार्यकर्ता मौजूद थे। सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई जिलाध्यक्ष रवि नाईक ने कहा कि पेपर लीक मामले में सरकार ने कोई संवेदनशीलता नहीं दिखाई। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं के भविष्य को लेकर चिंता जताने वाले विपक्षी नेताओं को पुलिस हिरासत में ले लिया गया। कांग्रेस केंद्रीय मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग कर रही थी। नाईक ने बताया कि मंगलवार रात को सांकेतिक प्रदर्शन किया गया है। उन्होंने चेतावनी दी कि बुधवार को इसी स्थान पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के इस्तीफे की मांग को लेकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा।
इटावा में समाजवादी पार्टी (सपा) कार्यकर्ताओं ने मंगलवार रात 8 बजे शास्त्री चौराहा पर प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष और पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव की जंतर-मंतर पर हुई गिरफ्तारी के विरोध में किया गया। कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और इस गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। प्रदेश सचिव गोपाल यादव और सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए। प्रदर्शन के दौरान सपाइयों ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर केंद्र सरकार के विरोध में नारे लगाए। कार्यकर्ताओं का कहना था कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज दबाने का प्रयास किया जा रहा है, जो संविधान की भावना के विपरीत है। उन्होंने जोर दिया कि शांतिपूर्ण विरोध-प्रदर्शन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है और किसी भी विपक्षी नेता की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं है। प्रदेश सचिव गोपाल यादव ने आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। उन्होंने कहा कि सरकार विपक्ष की आवाज दबाने के लिए दमनात्मक कार्रवाई कर रही है। उनका मत था कि लोकतंत्र में असहमति की आवाज का सम्मान होना चाहिए, न कि उसे बलपूर्वक दबाया जाए। सपा जिलाध्यक्ष प्रदीप शाक्य ने अखिलेश यादव की गिरफ्तारी को राजनीतिक प्रतिशोध की कार्रवाई बताया। उन्होंने अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई और लोकतांत्रिक अधिकारों के सम्मान की मांग की। शाक्य ने चेतावनी दी कि यदि विपक्षी नेताओं और कार्यकर्ताओं का उत्पीड़न जारी रहा, तो समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना आंदोलन और तेज करेगी। प्रदर्शन स्थल पर पुलिस बल तैनात रहा और पूरे घटनाक्रम पर नजर रखी गई। यह प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई। कार्यक्रम में समाजवादी पार्टी के कई पदाधिकारी, कार्यकर्ता और समर्थक मौजूद थे।
बागपत पुलिस ने 5 पशु तस्करों को पकड़ा:दो कैंटर से 28 पशु बरामद, गाजियाबाद ले जा रहे थे
बागपत शहर कोतवाली पुलिस ने बुधवार शाम चेकिंग अभियान के दौरान बड़ी कार्रवाई करते हुए पांच पशु तस्करों को गिरफ्तार किया। पुलिस ने दो कैंटरों से क्रूरतापूर्वक भरे गए 28 पशु बरामद किए हैं। मामले में आरोपियों के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, मुखबिर से सूचना मिली थी कि पशुओं को तस्करी के लिए बागपत से गाजियाबाद ले जाया जा रहा है। सूचना मिलते ही शहर कोतवाली पुलिस ने मवीकला गांव के पास घेराबंदी कर दो संदिग्ध कैंटरों को रोकने का प्रयास किया। पुलिस को देखकर दोनों वाहनों के चालक भागने की कोशिश करने लगे, लेकिन पुलिस टीम ने पीछा कर उन्हें पकड़ लिया। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रखवीर पुत्र मदनलाल निवासी हरियाणा तथा जावेद, वजीर, आरिफ और अनस निवासी जनपद बागपत के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से दो कैंटर और 28 पशु बरामद किए हैं, जिन्हें कथित तौर पर तस्करी के लिए ले जाया जा रहा था। शहर कोतवाली प्रभारी मनोज चहल ने बताया कि चेकिंग अभियान के दौरान पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। बरामद पशुओं को सुरक्षित कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने बताया कि आरोपियों से पूछताछ की जा रही है और यह भी पता लगाया जा रहा है कि पशुओं की तस्करी के इस नेटवर्क में और कौन-कौन लोग शामिल हैं। पुलिस का कहना है कि मामले की गहन जांच जारी है और जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
सीधी शहर के गांधी चौक पर मंगलवार रात करीब 8 बजे जिला कांग्रेस अध्यक्ष ज्ञान सिंह के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन किया। डेढ़ घंटे चले इस प्रदर्शन में कांग्रेसियों ने मुख्य मार्ग पर धरना देकर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। ट्रैफिक हुआ प्रभावित, लोग हुए परेशान गांधी चौक पर धरना देने से पुराने बस स्टैंड, नए बस स्टैंड, सब्जी मंडी और अस्पताल चौक को जोड़ने वाले मुख्य मार्ग पर यातायात बुरी तरह प्रभावित रहा। सड़क पर जाम लगने के कारण वाहन चालकों और आम राहगीरों को वैकल्पिक रास्तों से गुजरना पड़ा। केंद्र सरकार और गृह मंत्री पर बोला हमला जिला अध्यक्ष ज्ञान सिंह ने नीट पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के आंदोलन को दबाने के लिए पुलिस बल का प्रयोग किया गया। उन्होंने देश की घटनाओं के लिए प्रधानमंत्री और गृह मंत्री को जिम्मेदार ठहराया। बिना अनुमति के हुआ प्रदर्शन, पुलिस रही तैनात मामले में पुलिस अधीक्षक संतोष कोरी ने बताया कि इस धरना-प्रदर्शन की पूर्व अनुमति नहीं ली गई थी। स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस बल तैनात रहा। पुलिस पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए हुए है ताकि कानून-व्यवस्था की स्थिति बनी रहे।
हरदा में दिल्ली के जंतर-मंतर पर नीट पेपर लीक के विरोध में प्रदर्शन कर रहे छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार देर शाम कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने घंटाघर चौक पर प्रधानमंत्री का पुतला दहन किया। इसके बाद कार्यकर्ता कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। प्रदर्शन के दौरान राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और मल्लिकार्जुन खड़गे को हिरासत में लिए जाने का भी विरोध किया गया। कांग्रेस जिलाध्यक्ष मोहन साई ने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक के विरोध में देशभर के छात्र जंतर-मंतर पर एकत्र हुए थे, लेकिन केंद्र सरकार ने उनके आंदोलन को बलपूर्वक दबाने का प्रयास किया। उन्होंने दावा किया कि प्रदर्शन के दौरान छात्रों पर लाठीचार्ज किया गया, आंसू गैस के गोले छोड़े गए और सुरक्षा बलों ने बल प्रयोग किया। मोहन साई ने आरोप लगाया कि छात्रों की मांगों पर ध्यान देने के बजाय सरकार ने आंदोलन को खत्म करने की कोशिश की। उन्होंने इसे लोकतांत्रिक अधिकारों का दमन बताया और कहा कि छात्रों की आवाज सुनी जानी चाहिए। पेपर लीक से युवाओं के सपने टूट रहे: कांग्रेस ब्लॉक अध्यक्ष गोविंद व्यास ने कहा कि लाखों छात्र डॉक्टर बनने के लिए वर्षों मेहनत करते हैं और उनके परिवार कोचिंग के लिए भारी खर्च उठाते हैं। उनका आरोप था कि बार-बार पेपर लीक होने से गरीब और मध्यमवर्गीय परिवारों के सपने टूट रहे हैं। उन्होंने छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज की निंदा करते हुए पारदर्शी परीक्षा व्यवस्था की मांग की। कांग्रेस नेताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे, पेपर लीक मामलों की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग दोहराई। एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सिद्धार्थ पटेल ने कहा कि राहुल गांधी की गिरफ्तारी लोकतंत्र की आवाज दबाने का प्रयास है। उन्होंने चेतावनी दी कि राहुल गांधी की रिहाई और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक आंदोलन जारी रहेगा।
राजस्थान स्टेट साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन गोल्ड ट्रेडिंग के नाम पर 12 करोड़ 9 लाख 65 हजार 512 रुपए की साइबर ठगी का खुलासा किया है। मामले में पुलिस ने एक फर्जी फाइनेंस कंपनी गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को मुंबई से गिरफ्तार किया है। जांच में सामने आया है कि फर्जी गोल्ड ट्रेडिंग प्लेटफॉर्म के लिए यूज किए जा रहे वर्चुअल मर्चेंट खातों के संचालन में कंपनी की अहम भूमिका थी। मामले में मुख्य आरोपी जयंता रॉय सहित अन्य आरोपियों की तलाश जारी है। वहीं पुलिस ठगी के शिकार हुए अन्य राज्यों के पीड़ित लोगों की भी तलाश कर रही है। भारी मुनाफे का झांसा देकर कराया निवेश एडीजी साइबर क्राइम संजय अग्रवाल ने बताया कि स्टेट साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर में 9 दिसंबर 2025 को दर्ज मामले में परिवादी ने शिकायत दी थी कि उसे वाट्सएप के माध्यम से गोल्ड ट्रेडिंग में भारी मुनाफे का लालच देकर फर्जी वेबसाइट पर निवेश कराया गया। इसके बाद विभिन्न बैंक खातों और वर्चुअल मर्चेंट खातों में 12.09 करोड़ रुपए से ज्यादा जमा करवाकर उसके साथ धोखाधड़ी की गई। करोड़ों रुपए लेने के बाद भी नहीं लौटाई निवेश की राशि एडीजी ने बताया कि जब पीड़ित ने अपनी रकम निकालने का प्रयास किया तो आयकर, प्रोसेसिंग फीस, अकाउंट अनफ्रीज शुल्क और अन्य चार्ज के नाम पर पीड़ित को बार-बार अतिरिक्त रकम जमा करानी पड़ी। करोड़ों रुपए लेने के बावजूद न तो निवेश की राशि लौटाई गई और न ही निकासी की अनुमति दी गई। वित्तीय जांच में खुला बड़ा साइबर नेटवर्क स्टेट साइबर क्राइम पुलिस थाना जयपुर की टीम ने तकनीकी और वित्तीय साक्ष्यों की गहन जांच की। जांच में सामने आया कि साइबर ठगी में यूज किया गया वर्चुअल मर्चेंट खाता प्राइम इनफॉरमेशन टेक्नोलॉजी प्राइवेट लिमिटेड को उपलब्ध कराया गया था, जिसका संचालन गोल्डन लीजेंड लीजिंग एंड फाइनेंस लिमिटेड (GLLFL) के माध्यम से किया जा रहा था। पुलिस जांच में ऑनबोर्डिंग, केवाईसी, ड्यू डिलिजेंस, रिस्क मॉनिटरिंग और फ्रॉड डिटेक्शन प्रक्रिया में गंभीर अनियमितताएं मिलीं। साथ ही इन खातों के खिलाफ राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (1930) पर देश के विभिन्न राज्यों से बड़ी संख्या में शिकायतें दर्ज होने की पुष्टि भी हुई। मुंबई से महिला निदेशक गिरफ्तार मामले में पहले आरोपी इकबाल अहमद के खिलाफ जांच पूरी कर कोर्ट में आरोप पत्र पेश किया जा चुका है। आगे की जांच में GLLFL के निदेशकों की भूमिका सामने आने पर साइबर थाना जयपुर की टीम ने मुंबई पहुंचकर कंपनी की निदेशक दिव्या सिंह कुशवाहा को गिरफ्तार किया। पुलिस ने कोर्ट के जरिए आरोपी महिला को 5 दिन के रिमांड पर लिया है। इस दौरान मनी ट्रेल, फरार आरोपियों की भूमिका, डिजिटल सबूतों और साइबर नेटवर्क से जुड़े अन्य सदस्यों के बारे में पूछताछ की जा रही है। अन्य राज्यों के पीड़ितों की भी तलाश राजस्थान पुलिस अब इस साइबर नेटवर्क में यूज किए गए बैंक खातों, मोबाइल नंबरों और अन्य डिजिटल सबूतों का विश्लेषण कर गिरोह के अन्य सदस्यों की पहचान में जुटी है। साथ ही राजस्थान सहित अन्य राज्यों में इस गिरोह से ठगी के शिकार हुए पीड़ित लोगों की भी पहचान की जा रही है। इन अधिकारियों की रही अहम भूमिका थानाधिकारी गजेन्द्र शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम में अनुसंधान अधिकारी पुलिस निरीक्षक अमृता सिंह, उप निरीक्षक मुकेश कुमार और कॉन्स्टेबल बोदूराम की विशेष भूमिका रही। डीजीपी राजीव कुमार शर्मा के निर्देश पर साइबर अपराधियों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई।
राजगढ़ जिला पंचायत अध्यक्ष एवं कांग्रेस नेता चंदर सिंह सौंधिया मंगलवार रात कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर धरने पर बैठ गए। उन्होंने दिल्ली में छात्रों पर हुए कथित लाठीचार्ज और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी की गिरफ्तारी के विरोध में प्रदर्शन शुरू किया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए राहुल गांधी की रिहाई और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग उठाई। धरने पर बैठे चंदर सिंह सौंधिया ने कहा कि दिल्ली में प्रदर्शन के दौरान छात्रों के साथ अन्याय हुआ और कई छात्रों को गंभीर चोटें आईं। उनका आरोप था कि कुछ छात्रों के हाथ-पैर टूटे, जबकि कई के सिर में चोट लगी। उन्होंने इस कार्रवाई को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए केंद्र सरकार की आलोचना की। राहुल छात्रों की आवाज उठा रहे थे: सौंधिया सौंधिया ने कहा कि राहुल गांधी छात्रों के साथ हुए कथित अन्याय के खिलाफ आवाज उठा रहे थे। उनका कहना था कि राहुल गांधी ने छात्रों को न्याय दिलाने और पूरे मामले की जिम्मेदारी तय करने की मांग की थी। साथ ही केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग भी की थी। जिला पंचायत अध्यक्ष ने कहा कि कांग्रेस राहुल गांधी की गिरफ्तारी का विरोध करती है। उन्होंने राहुल गांधी को तत्काल रिहा करने, छात्रों के साथ हुई घटना की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। साथ ही कांग्रेस कार्यकर्ताओं से बड़ी संख्या में कलेक्ट्रेट पहुंचकर आंदोलन में शामिल होने की अपील की। मंगलवार देर रात तक कलेक्ट्रेट के मुख्य गेट पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं का जमावड़ा लगा रहा। इस दौरान केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि जब तक छात्रों को न्याय नहीं मिलता और राहुल गांधी रिहा नहीं होते, तब तक उनका विरोध जारी रहेगा।
कटनी के कुठला थाना क्षेत्र में बायपास पर चाकू की नोक पर ऑटो यात्रियों से लूटपाट करने वाले तीन नाबालिगों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने उनके कब्जे से लूटी नकदी, घटना में प्रयुक्त दो चाकू और बिना नंबर की स्कूटी जब्त की है। चाका ब्रिज के पास की वारदात पुलिस के अनुसार, पन्ना जिले के सुडौरा निवासी दुर्गेश चौधरी 19 जुलाई की रात अपनी भाभी और भतीजी के साथ ऑटो से बायपास जा रहे थे। चाका ब्रिज के आगे बिना नंबर की स्कूटी सवार तीन नाबालिगों ने ऑटो रुकवाया और चाकू अड़ाकर दुर्गेश से 6,000 रुपए और ऑटो चालक से 300 रुपए लूट लिए। हाथ पर बने टैटू से मिले सुराग वारदात के दौरान पीड़ित दुर्गेश ने आरोपियों के हाथों पर बने टैटू देख लिए थे, जिन पर 'मनु', 'ॐ' और 'यादव जी' लिखा था। पीड़ित की शिकायत पर धारा 309(6) BNS के तहत मामला दर्ज कर कुठला पुलिस ने टैटू और स्कूटी के हुलिए के आधार पर जांच करते हुए तीनों नाबालिगों को धर दबोचा। जबलपुर बाल संप्रेक्षण गृह भेजे आरोपी पूछताछ में नाबालिगों ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया। इसके बाद कुठला थाना पुलिस ने तीनों विधि का उल्लंघन करने वाले बालकों को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष प्रस्तुत किया, जहां से न्यायालय के आदेश पर उन्हें बाल संप्रेक्षण गृह, जबलपुर भेज दिया गया।
दिल्ली में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में गाजीपुर में सपा कार्यकर्ताओं ने धरना प्रदर्शन किया। मंगलवार रात करीब 9 बजे जिलाधिकारी कार्यालय के सामने यह धरना शुरू हुआ, जिसका नेतृत्व सपा जिलाध्यक्ष गोपाल यादव ने किया। बड़ी संख्या में जुटे कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और अखिलेश यादव की हिरासत को लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन बताया। सपा नेताओं ने बताया कि मंगलवार को नई दिल्ली में प्रधानमंत्री आवास के पास प्रदर्शन के दौरान अखिलेश यादव, राहुल गांधी और प्रियंका गांधी सहित कई विपक्षी नेताओं को दिल्ली पुलिस ने हिरासत में लिया था। विपक्षी दल कथित तौर पर छात्रों के आंदोलन पर पुलिस कार्रवाई और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन कर रहे थे। पुलिस ने सुरक्षा कारणों और निषेधाज्ञा का हवाला देते हुए प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिया। गाजीपुर में धरने के दौरान सपा नेताओं ने आरोप लगाया कि विपक्षी नेताओं को जनता की आवाज उठाने से रोका जा रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए हिरासत में लिए गए सभी नेताओं को तत्काल रिहा करने की मांग की। धरनास्थल पर सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर पुलिस बल तैनात किया गया था।
उदयपुर में शिक्षाविद, समाजसेवी एवं महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय अजमेर के पूर्व कुलपति प्रो. विजय श्रीमाली की आठवीं पुण्यतिथि पर मंगलवार को टाईगर हिल स्थित संस्कार भवन में प्रो. विजय श्रीमाली फाउंडेशन की ओर से रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में युवाओं, महिलाओं और समाज के विभिन्न वर्गों के लोगों ने उत्साहपूर्वक भाग लेते हुए 178 यूनिट रक्तदान किया। इसके साथ ही 201 पौधे लगाकर पर्यावरण संरक्षण का संदेश भी दिया गया। शिविर में आरएनटी मेडिकल कॉलेज की रक्तदान इकाई की टीम ने रक्त संग्रह किया। रक्तदान करने वाले सभी रक्तवीरों को प्रशस्ति प्रमाण-पत्र देकर उनका सम्मान और हौसला बढ़ाया गया। संस्कार भवन ट्रस्ट के अध्यक्ष रविंद्र श्रीमाली ने कहा कि प्रो. विजय श्रीमाली ने अपना पूरा जीवन शिक्षा, विद्यार्थियों के मार्गदर्शन और समाजसेवा के लिए समर्पित किया। उन्होंने सुखाड़िया विश्वविद्यालय में प्राध्यापक से लेकर अजमेर स्थित महर्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय के कुलपति तक का गौरवपूर्ण सफर तय किया। उनका व्यक्तित्व शिक्षा और समाज सेवा के क्षेत्र में आज भी प्रेरणा का स्रोत है। प्रो. विजय श्रीमाली फाउंडेशन के अध्यक्ष जतिन श्रीमाली ने कहा कि अस्पतालों में रक्त की कमी एक गंभीर चुनौती बनी हुई है। ऐसे में रक्तदान शिविर जरूरतमंद मरीजों के लिए जीवनदायिनी साबित होते हैं। उन्होंने कहा कि पुण्यतिथि पर आयोजित यह शिविर प्रो. विजय श्रीमाली को सच्ची श्रद्धांजलि देने के साथ मानव सेवा की भावना को आगे बढ़ाने का माध्यम बना। आयोजन के तहत संस्कार भवन और नटराज किड्स प्लैनेट स्कूल परिसर में 201 पौधों का रोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। वक्ताओं ने रक्तदान को महादान बताते हुए कहा कि किसी जरूरतमंद को जीवनदान देने से बड़ी सेवा कोई नहीं हो सकती। इस अवसर पर विधायक ताराचंद जैन, विधायक दीप्ति माहेश्वरी, भाजपा जिलाध्यक्ष गजपाल सिंह राठौड़, प्रेमशंकर बोहरा, ओमशंकर श्रीमाली, रामकृपा शर्मा, दीपक शर्मा, प्रो. कैलाश सोडाणी, आई.वी. त्रिवेदी, अतुल चंडालिया, पृथ्वी सिंह चौहान, वसीम खान, पंकज शर्मा आदि मौजूद रहे।
आबकारी विभाग ने रायपुर-आरंग मार्ग पर कार्रवाई करते हुए 30 पेटी अवैध शराब जब्त की है। शराब तालाब किनारे गड्ढे में छिपाकर रखी गई थी। टीम को देखकर तस्कर वाहन सहित अंधेरे का फायदा उठाकर फरार हो गए। जब्त शराब की कीमत करीब 1.72 लाख रुपए बताई गई है। मामले में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत केस दर्ज कर जांच की जा रही है। आबकारी विभाग को मुखबिर से सूचना मिली थी कि क्षेत्र में बड़ी मात्रा में अवैध शराब खपाने की तैयारी की जा रही है। इसके बाद टीम ने लगातार 5 दिनों तक गश्त और तलाश अभियान चलाया। 20 और 21 जुलाई की दरमियानी रात आबकारी टीम ने रायपुर-आरंग मार्ग पर नाकेबंदी की। इसी दौरान सूचना मिली कि ग्राम गोढ़ी के पास तालाब किनारे शराब छिपाई गई है। टीम ने मौके पर दबिश दी। टीम को देखकर तस्कर भाग निकले आबकारी टीम के पहुंचते ही तस्कर वाहन सहित मौके से फरार हो गए। तलाशी लेने पर तालाब किनारे गड्ढे से शराब बरामद हुई। टीम ने रॉयल गोवा व्हिस्की की 30 पेटी जब्त की। इनमें 1,440 प्लास्टिक पाव (180-180 मिलीलीटर) शराब थी। कुल 259.20 बल्क लीटर शराब जब्त की गई। यह शराब केवल गोवा राज्य में बिक्री के लिए थी। जब्त शराब की अनुमानित कीमत 1 लाख 72 हजार 800 रुपए है। आबकारी विभाग ने शराब को जब्त कर लिया है। अज्ञात आरोपियों पर केस दर्ज आबकारी विभाग ने अज्ञात तस्करों के खिलाफ आबकारी अधिनियम की धारा 34(2), 36 और 59(क) के तहत मामला दर्ज किया है। आरोपियों की तलाश जारी है। यह कार्रवाई आबकारी सचिव रीना बाबासाहेब कंगाले, आबकारी आयुक्त पदुम सिंह एल्मा, कलेक्टर गौरव सिंह और प्रभारी उपायुक्त आबकारी डॉ. प्रवीण वर्मा के निर्देशन में की गई। आबकारी विभाग का अभियान जारी आबकारी विभाग ने बताया कि रायपुर जिले में अवैध शराब की तस्करी, भंडारण और बिक्री के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है। दूसरे राज्यों से आने वाली अवैध शराब पर भी कड़ी नजर रखी जा रही है। विभाग ने लोगों से अपील की है कि अवैध शराब की जानकारी या शिकायत आबकारी नियंत्रण कक्ष रायपुर के फोन नंबर 0771-2428201 पर दी जा सकती है।
दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर प्रदर्शन के दौरान समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार देर शाम उरई स्थित गांधी चबूतरे पर सपा कार्यकर्ताओं ने धरना-प्रदर्शन किया। जिलाध्यक्ष दीपराज सिंह गुर्जर के नेतृत्व में बड़ी संख्या में कार्यकर्ता एकत्र हुए और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग की। धरने के दौरान कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के विरोध में जमकर नारे लगाए और आरोप लगाया कि विपक्ष की आवाज को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। प्रदर्शनकारियों का कहना था कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण विरोध और अपनी बात रखने का अधिकार सभी नागरिकों को है, लेकिन विपक्षी नेताओं को हिरासत में लेकर लोकतांत्रिक मूल्यों का हनन किया जा रहा है। सपा जिलाध्यक्ष दीपराज सिंह गुर्जर ने कहा कि समाजवादी पार्टी लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज करा रही है। उन्होंने कहा कि जब तक राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, तब तक पार्टी कार्यकर्ता गांधी चबूतरे पर धरना जारी रखेंगे। आवश्यकता पड़ने पर पूरी रात भी धरने पर बैठे रहने से पीछे नहीं हटेंगे। धरने के दौरान सपा कार्यकर्ताओं ने हाथों में पार्टी के झंडे लेकर नारेबाजी की और केंद्र सरकार के खिलाफ अपना विरोध जताया। कार्यक्रम के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी मौके पर तैनात रहा। हालांकि पूरा प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ और किसी अप्रिय घटना की सूचना नहीं मिली। सपा नेताओं ने कहा कि लोकतंत्र में विपक्ष की आवाज को दबाने के प्रयास स्वीकार नहीं किए जाएंगे। उन्होंने अखिलेश यादव की तत्काल रिहाई की मांग करते हुए लोकतांत्रिक अधिकारों का सम्मान सुनिश्चित करने की बात कही। देर शाम तक गांधी चबूतरे पर कार्यकर्ताओं का धरना जारी रहा।
लखीमपुर खीरी में मंगलवार शाम 5 बजे एक घर में आग लग गई। कुछ ही देर में आग ने विकराल रूप ले लिया। देखते ही देखते पास के अन्य दो घर चपेट में आ गए। तीनों घरों में रखा गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। पीड़ितों के मुताबिक तीनों घरों को मिलाकर लाखों का नुकसान हुआ है। आग भड़कते ही दमकल विभाग को सूचना दे दी गई। कुछ ही देर में आग की लपटें ऊपर उठने लगी। गांव के बाहर तक धुएं का गुबार दिखाई दिया। आसपास के लोगों ने पानी से बुझाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंचे दमकलकर्मियों ने 1 घंटे बाद आग पर काबू पाया। पढ़िए पूरी घटना… यह घटना जिला मुख्यालय से करीब 60 किलोमीटर दूर मझगई थाना क्षेत्र के धर्मापुर गांव में हुई। विकास धर्मापुर के रहने वाले है। शाम 5 बजे उनके घर में खाना बन रहा था। उसी दौरान अचानक से आग पास रखे घरेलू सामान तक पहुंच गई। जब तक खाना बना रही विकास की मां कुछ समझ पाती। तब तक आग ने पूरे कमरे को अपनी जद में ले लिया था। आग फैलते ही गांव के लोगों में अफरा-तफरी मच गई। लोगों ने दमकल विभाग को सूचना दी। कुछ ही देर में आग ने पास बने और दो घरों तक फैल गई। वाटर कैनन से पानी की बौछारें अन्य दो घर छप्पर के बने हुए थे। आग पकड़ते ही लपटे आसमान में ऊंचाई तक उठ गई। गांव के बाहर से ही धुएं का गुबार दिखने लगा। आसपास के लोगों ने आग को पानी से बुझाने का प्रयास किया। सूचना पर पहुंची दमकल की टीम ने वाटर कैनन से पानी की बौछारे मारी। करीब 1 घंटे बाद आग पर दमकल की टीम ने काबू पा लिया। इस अग्निकांड में तीन घर जल गए। घरों में रखा गृहस्थी का सामान जलकर राख हो गया। हालांकि इस अग्निकांड में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई है। अग्निकांड पीड़ित ने बताया कि सालों की मेहनत से घर बनाया था। पीड़ितों के लिए आर्थिक संकट सब जलकर राख हो गया। इस महंगाई में हमारे लिए आर्थिक संकट खड़ा हो गया। पीड़ितों ने प्रशासन से मुआवजे की मांग की है। दमकल कर्मी हसन अली ने बताया कि आग से तीन घर जले हैं। उन्होंने पुष्टि की कि आग पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है और इस घटना में कोई जनहानि नहीं हुई है।
दिल्ली में छात्रों के समर्थन में धरना दे रहे कांग्रेस नेता राहुल गांधी और सपा प्रमुख अखिलेश यादव की गिरफ्तारी के विरोध में अमेठी में कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता सड़कों पर उतर आए। दोनों दलों ने अलग-अलग स्थानों पर प्रदर्शन शुरू कर दिया है और अपने नेताओं की तत्काल रिहाई की मांग कर रहे हैं। जिला मुख्यालय पर समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता एसपी कार्यालय के बाहर मंगलवार रात साढ़े आठ बजे धरने पर बैठे। इन दौरान सपा जिलाध्यक्ष राम उदित यादव के नेतृत्व में कार्यकर्ताओं ने जमकर नारेबाजी की। उन्होंने नेताओं की गिरफ्तारी को लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ और लोकतंत्र का गला घोंटने जैसा बताया। अमेठी कस्बे के अंबेडकर तिराहे पर कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने अंबेडकर प्रतिमा के नीचे धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। इस धरने में कांग्रेस नेता अरविंद चतुर्वेदी, आसिफ उर्फ छोटू, विनय मिश्र, देवमणि तिवारी, धर्मेंद्र शुक्ल और कुद्दुस खान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता शामिल हुए। प्रदर्शनकारियों ने चेतावनी दी कि जब तक राहुल गांधी और अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, तब तक उनका धरना जारी रहेगा। दोनों दलों के नेताओं ने केंद्र सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाते हुए कहा कि छात्रों की आवाज दबाने के लिए विपक्षी नेताओं को निशाना बनाया जा रहा है। स्थिति को देखते हुए मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है। प्रशासन पूरी स्थिति पर कड़ी नजर बनाए हुए है। नेताओं ने यह भी चेतावनी दी कि यदि गिरफ्तारी वापस नहीं ली गई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा।
झांसी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव के समर्थन में मंगलवार शाम समाजवादी पार्टी के नेता और कार्यकर्ता सड़क पर उतर आए। इलाइट चौराहे पर भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी कर रहे कार्यकर्ताओं को नवाबाद पुलिस ने हिरासत में ले लिया है। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष महेश कश्यप, समाजवादी छात्र सभा के जिलाध्यक्ष विश्वप्रताप सिंह समेत कई नेताओं और कार्यकर्ताओं को पुलिस ने मौके से हिरासत में लेकर नवाबाद थाने पहुंचाया है। फिलहाल सभी को थाने में बैठाया गया है। बताया जा रहा है कि सपा कार्यकर्ता अचानक इलाइट चौराहे पर एकत्र हुए और अखिलेश यादव के समर्थन में नारे लगाने लगे। इसके साथ ही उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर प्रदर्शन किया। सूचना मिलते ही नवाबाद थाना पुलिस मौके पर पहुंची और प्रदर्शनकारियों को हटाने का प्रयास किया। नारेबाजी जारी रहने पर पुलिस ने उन्हें हिरासत में ले लिया।हिरासत के दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच हल्की नोकझोंक भी देखने को मिली। हालांकि किसी तरह की हिंसा या अप्रिय घटना की सूचना नहीं है। इलाइट चौराहे पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है और यातायात को सामान्य बनाए रखने का प्रयास किया जा रहा है।सपा नेताओं का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से विरोध दर्ज करा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना वजह कार्रवाई की। वहीं पुलिस अधिकारियों का कहना है कि बिना अनुमति प्रदर्शन किए जाने और कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए एहतियातन कार्रवाई की गई है। यहां सूचना मिलते ही सपा के महानगर अध्यक्ष तनवीर आलम नवाबाद थाने पहुंच गए हैं।
राजकीय बाल गृह का किशोर स्कूल से लापता:देवरिया में पीएम श्री इंटर कॉलेज से गायब, पुलिस जांच में जुटी
देवरिया में पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज से मंगलवार दोपहर 12:30 बजे राजकीय बाल गृह का 15 वर्षीय किशोर लापता हो गया। घटना की सूचना मिलते ही बाल गृह प्रशासन, शिक्षा विभाग और पुलिस महकमे में सक्रियता बढ़ गई। सदर कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बाल गृह में रहने वाला यह किशोर प्रतिदिन की तरह सुबह पढ़ाई के लिए पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज गया था। सुबह करीब सात बजे एक होमगार्ड उसे विद्यालय छोड़कर आया था। दोपहर लगभग 12:30 बजे छुट्टी के बाद जब होमगार्ड उसे वापस लेने स्कूल पहुंचा, तो किशोर वहां नहीं मिला। पहले स्कूल परिसर में उसकी तलाश की गई, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। होमगार्ड ने इसकी सूचना विद्यालय के प्रधानाचार्य को दी। इसके बाद शिक्षकों और कर्मचारियों ने सभी कक्षाओं, परिसर और अन्य स्थानों पर खोजबीन की, लेकिन किशोर का कोई सुराग नहीं मिला। मामले की जानकारी तत्काल राजकीय बाल गृह के प्रबंधक को दी गई। सूचना मिलने पर बाल गृह प्रशासन ने सदर कोतवाली पुलिस को सूचित किया। प्रभारी निरीक्षक राकेश राय पुलिस टीम के साथ पहले राजकीय बाल गृह पहुंचे और आवश्यक जानकारी ली। इसके बाद वे पीएम श्री राजकीय इंटर कॉलेज पहुंचे। पुलिस ने विद्यालय में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है। साथ ही स्कूल परिसर और आसपास मौजूद लोगों से भी पूछताछ की जा रही है। कोतवाल राकेश राय ने बताया कि किशोर की तलाश के लिए संभावित स्थानों पर खोजबीन की जा रही है। सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है। देर शाम तक किशोर का कोई सुराग नहीं मिल सका था। पुलिस ने जल्द ही किशोर का पता लगाने का दावा किया है।
दिल्ली में छात्रों के प्रदर्शन के समर्थन में मंगलवार को सपा विधायक नसीम सोलंकी और पूर्व विधायक इरफान सोलंकी जंतर-मंतर पहुंचे। दोनों नेताओं ने प्रदर्शनकारी छात्रों से मुलाकात की और अभिजीत दीपके से भी बातचीत की। इस दौरान उन्होंने छात्रों पर हुए पुलिस लाठीचार्ज का विरोध जताया। नसीम सोलंकी ने कहा कि सोमवार को छात्रों पर जिस तरह लाठीचार्ज किया गया, वह गलत था। उन्होंने कहा, हमारे भी बच्चे हैं, उनका भी भविष्य है। छात्रों की इस लड़ाई में हम भी उनके साथ हैं। उन्होंने कहा कि सोशल मीडिया और मीडिया में सामने आईं छात्रों पर लाठियां चलने की तस्वीरें चिंताजनक हैं और ऐसी कार्रवाई नहीं होनी चाहिए थी। पूर्व विधायक इरफान सोलंकी ने कहा कि छात्रों पर पुलिस की बर्बरता की तस्वीरें देखने के बाद वह जंतर-मंतर पहुंचे। उन्होंने प्रदर्शनकारी छात्रों की बातें सुनीं और भरोसा दिलाया कि समाजवादी पार्टी उनके साथ खड़ी है। इरफान ने कहा कि पार्टी की सांसद डिंपल यादव भी सोमवार को छात्रों के समर्थन में पहुंची थीं, इसलिए वह भी छात्रों के समर्थन में आए हैं। वहीं, मंगलवार को कानपुर-बुंदेलखंड कांग्रेस महिला मोर्चा की अध्यक्ष करिश्मा ठाकुर भी जंतर-मंतर पहुंचीं। उन्होंने महिला आरक्षण लागू करने की मांग को लेकर प्रदर्शन किया। इससे पहले उन्होंने सोशल मीडिया पर एक वीडियो जारी कर कहा था कि महिला कांग्रेस 33% आरक्षण की लड़ाई लड़ने के लिए दिल्ली पहुंच रही है और अगर कोई रोक सके तो रोक ले। मंगलवार शाम को करिश्मा ठाकुर ने केंद्र सरकार से महिलाओं के लिए 33% आरक्षण का प्रावधान किया जाए।
दमोह जिले के जबेरा ब्लॉक अंतर्गत सिंग्रामपुर-भैंसाघाट मार्ग पर 18 घंटे से ठप आवागमन मंगलवार रात करीब साढ़े आठ बजे बहाल हो गया। भैंसाघाट पहाड़ी पर एक 18 चक्का ट्राला फंस जाने से इस मार्ग पर वाहनों की आवाजाही पूरी तरह बंद हो गई थी। शॉर्टकट के चक्कर में फंसा भारी वाहन सोमवार रात दो बजे चालक शॉर्टकट के फेर में 18 चक्का ट्राले को संकरे और चढ़ाई वाले भैंसाघाट पहाड़ी मार्ग पर ले गया, जहां वाहन फंस गया। सूचना मिलते ही सिंग्रामपुर चौकी प्रभारी विकास सिंह चौहान पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और सुरक्षा व्यवस्था संभाली। बड़ी क्रेन की मदद से हटाया गया ट्राला शुरुआत में छोटी क्रेन से ट्राला हटाने का प्रयास विफल रहने पर बड़ी क्रेन मंगवाई गई। मंगलवार रात साढ़े आठ बजे क्रेन की मदद से ट्राले को सड़क किनारे कर यातायात फिर से चालू कराया गया। इस दौरान छोटे वाहनों को एहतियातन निकाला गया, जबकि भारी वाहन रुके रहे। मार्ग पर सांकेतिक बोर्ड लगाने की मांग घटना के दौरान पुलिस और वन विभाग की टीम मौके पर तैनात रही। स्थानीय निवासियों ने बताया कि यह पहाड़ी रास्ता भारी वाहनों के लायक नहीं है। उन्होंने भविष्य में हादसों से बचाव के लिए मार्ग पर स्पष्ट चेतावनी और प्रतिबंधात्मक बोर्ड लगाने की मांग की है।
समाजवादी पार्टी (सपा) के नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सुल्तानपुर में केंद्र सरकार और दिल्ली पुलिस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। मंगलवार शाम को जंतर-मंतर पर सपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष की गिरफ्तारी और प्रदर्शनकारी युवाओं पर लाठीचार्ज के विरोध में यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान पुलिस-प्रशासन और सपा कार्यकर्ताओं के बीच नोकझोंक भी हुई। सपा के पूर्व जिलाध्यक्ष पृथ्वी पाल यादव ने मीडिया से बात करते हुए आरोप लगाया कि सरकार ने पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को जबरन हिरासत में लिया है। इसी के विरोध में सपा कार्यकर्ता सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन कर रहे हैं। यादव ने भाजपा सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि प्रदेश में भाजपा सरकार बनने के बाद से 90 से अधिक परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ किया जा रहा है और नियुक्तियों में धांधली हो रही है। उन्होंने जंतर-मंतर पर हुए लाठीचार्ज को लोकतंत्र पर हमला बताते हुए सरकार पर तानाशाही का आरोप लगाया। सपा नेताओं ने चेतावनी दी कि वे इस तानाशाही रवैये के खिलाफ एकजुट होकर संघर्ष करेंगे। उन्होंने कहा कि वर्ष 2027 के विधानसभा चुनाव में उत्तर प्रदेश से भाजपा सरकार का सफाया किया जाएगा। सपा प्रदेश सचिव तेजिंदर सिंह (बग्गा) ने कहा कि लोकतंत्र में शांतिपूर्ण धरना और अनशन करना प्रत्येक नागरिक का संवैधानिक अधिकार है। उन्होंने आरोप लगाया कि युवाओं की आवाज उठाने पहुंचे उनके राष्ट्रीय अध्यक्ष को जंतर-मंतर से जबरन गिरफ्तार किया गया, जो तानाशाही है। सपा प्रदेश सचिव ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर सीधा हमला बोलते हुए कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक और युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ के लिए सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार युवाओं की जायज मांगों को सुनने के बजाय उन पर लाठीचार्ज करवा रही है और सादी वर्दी में भाजपा कार्यकर्ताओं व बिना नेमप्लेट वाले पुलिसकर्मियों से हमला करवा रही है।
केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर मंगलवार को राजस्थान में कांग्रेस ने प्रदेशव्यापी विरोध प्रदर्शन किया। पार्टी कार्यकर्ताओं ने सभी जिला मुख्यालयों पर धरना-प्रदर्शन कर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और शिक्षा व्यवस्था समेत अलग - अलग मुद्दों को लेकर केंद्र सरकार को घेरा। राजधानी जयपुर में अंबेडकर सर्किल पर आयोजित प्रदर्शन में पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत और प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा भी शामिल हुए। जयपुर के अंबेडकर सर्किल पर बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, विधायक, पूर्व विधायक, विभिन्न प्रकोष्ठों के प्रतिनिधि और कार्यकर्ता एकत्रित हुए। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ नारे लगाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देने की मांग की। नेताओं ने आरोप लगाया कि शिक्षा से जुड़े विभिन्न मामलों में केंद्र सरकार जवाबदेही निभाने में विफल रही है। प्रदर्शन को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत ने कहा कि देश की शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर केंद्र सरकार का रवैया निराशाजनक रहा है। उनका कहना था कि छात्रों और युवाओं से जुड़े मामलों में लगातार विवाद सामने आने के बावजूद सरकार प्रभावी कदम उठाने में असफल रही है। कांग्रेस ने आरोप लगाया कि शिक्षा व्यवस्था में पारदर्शिता और जवाबदेही सुनिश्चित करने के बजाय केंद्र सरकार विपक्ष के सवालों से बच रही है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने कहा कि जब तक छात्रों और युवाओं से जुड़े मुद्दों पर जवाबदेही तय नहीं होती और केंद्रीय शिक्षा मंत्री अपने पद से इस्तीफा नहीं देते, तब तक पार्टी लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेगी। वहीं, प्रदर्शन के दौरान सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस बल भी तैनात रहा। इसके बाद बड़ी संख्या में एक कांग्रेसी कार्यकर्ता अंबेडकर सर्किल पर ही धरने पर बैठ गए। जहां लगभग 40 मिनट के धरने के बाद पुलिस प्रशासन ने पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा समेत दो दर्जन से ज्यादा कांग्रेसी नेताओं को हिरासत में ले लिया। इस दौरान कांग्रेसी नेता पुलिस की बस के सामने आ गए और कांग्रेस के सीनियर नेताओं की गिरफ्तारी का विरोध करने लगे। इस दौरान पुलिस ने हल्का बल प्रयोग कर कांग्रेसी नेताओं को खदेड़ा और कांग्रेसी नेताओं को लेकर थाने पहुंची। बता दें कि कांग्रेस की ओर से यह विरोध केवल जयपुर तक सीमित नहीं रहा। कांग्रेस ने प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर एक साथ धरना-प्रदर्शन आयोजित किए, जहां स्थानीय नेताओं और कार्यकर्ताओं ने ज्ञापन सौंपकर केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई।
जिला कांग्रेस कमेटी की ओर से मंगलवार शाम कांग्रेस कार्यालय के सामने नीट पेपर लीक मामले को लेकर विरोध प्रदर्शन किया गया। शाम 7 बजे हुए इस प्रदर्शन में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन किया। प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। उन्होंने आरोप लगाया कि नीट पेपर लीक होने से लाखों मेधावी छात्रों का भविष्य प्रभावित हुआ है। बोले- छात्रों के भविष्य के साथ हुआ खिलवाड़ प्रदर्शनकारियों ने कहा कि पेपर लीक के बाद परीक्षा रद्द होने से देशभर के छात्रों में भारी नाराजगी है। वक्ताओं ने आरोप लगाया कि कई राज्यों में छात्र निराश होकर आत्महत्या जैसे कदम उठाने को मजबूर हुए हैं, लेकिन केंद्र सरकार और शिक्षा मंत्रालय इस मामले को गंभीरता से नहीं ले रहे हैं। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने कहा कि शिक्षा मंत्री को नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए तत्काल पद से इस्तीफा देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार की लापरवाही के कारण देश की सबसे बड़ी मेडिकल प्रवेश परीक्षा की विश्वसनीयता पर सवाल खड़े हुए हैं। उच्च स्तरीय जांच की मांग कांग्रेस नेताओं ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से नीट पेपर लीक मामले की उच्च स्तरीय जांच करवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। उन्होंने कहा कि छात्रों को न्याय दिलाने के लिए पारदर्शी जांच जरूरी है। बड़ी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद प्रदर्शन में जिला कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष मोहम्मद सलीम नागौरी, मोहन मेघवाल, भैराराम मकवाना, रामलाल बिश्नोई, गिरिराज, डॉ. नवल किशोर जोशी, लीलाधर कनौजिया, यश जोशी, बबलू व्यास, गोरधन जयपाल, मोहम्मद अली, गोपाल गोगलु, अशोक मेघवाल, प्रकाश सैन, अब्दुल मजीद एडवोकेट और ओम प्रकाश सहित बड़ी संख्या में यूथ कांग्रेस कार्यकर्ता मौजूद रहे।
उत्तर प्रदेश राज्य स्थानीय ग्रामीण निकाय समर्पित पिछड़ा वर्ग आयोग के अध्यक्ष न्यायमूर्ति रामौतार सिंह और सदस्यों ने संभल जनपद का दौरा किया। कलेक्ट्रेट परिसर में आयोग के अध्यक्ष को गार्ड ऑफ ऑनर दिया गया। बैठक मंगलवार शाम 5:30 बजे संभल जिला मुख्यालय के सभागार में शुरू हुई और रात 8 बजे समाप्त हुई। मुख्य विकास अधिकारी (सीडीओ) गोरखनाथ भट्ट ने पुष्पगुच्छ और भगवान श्रीगणेश की प्रतिमा भेंट कर आयोग अध्यक्ष का स्वागत किया। इस अवसर पर आयोग के सदस्य बृजेश कुमार (सेवानिवृत्त जिला न्यायाधीश), संतोष कुमार विश्वकर्मा (सेवानिवृत्त अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश) और एसपी सिंह (सेवानिवृत्त आईएएस) भी मौजूद थे। जिला विकास अधिकारी रामआशीष ने आयोग को जनपद की कुल जनसंख्या 17,31,335 बताई। इसमें अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की जनसंख्या 9,70,492 और अनुसूचित जाति की जनसंख्या 3,87,025 है। आयोग के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) मोहम्मद अंसारी ने आयोग की कार्यप्रणाली, रूपरेखा और जनपद भ्रमण के उद्देश्य की जानकारी दी। जनसुनवाई के दौरान, आयोग ने विकासखंडवार पंचायतों में आगामी चुनावों के संदर्भ में पिछड़ा वर्ग के राजनीतिक आरक्षण पर चर्चा की। अध्यक्ष और सदस्यों ने जिला पंचायत सदस्यों, ब्लॉक प्रमुखों, ग्राम प्रधानों तथा उपस्थित नागरिकों से गांवों में पिछड़ा वर्ग की स्थिति, आरक्षण, शिक्षा, स्वास्थ्य, रोजगार, आर्थिक स्थिति पर सुझाव और आपत्तियां प्राप्त कीं। इसके साथ ही, सामान्य एवं अनुसूचित जाति वर्ग की सामाजिक-आर्थिक परिस्थितियों पर भी जानकारी ली गई। आयोग ने स्पष्ट किया कि नगरीय निकाय और पंचायत चुनावों से पहले राजनीतिक आरक्षण की वर्तमान स्थिति और पिछड़ेपन के वास्तविक स्वरूप का आकलन करना आवश्यक है। इस अवसर पर एडीएम (वित्त एवं राजस्व) सत्यप्रिय सिंह, एएसपी मनोज कुमार रावत, अपर मुख्य अधिकारी जिला पंचायत आशीष सिंह, अपर जिला पंचायती राज अधिकारी चेतेन्द्र पाल सिंह सहित समस्त ब्लॉक प्रमुख, जिला पंचायत सदस्य, ग्राम प्रधान और संबंधित अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे।
पाली शहर के सूरजपोल चौराहे पर मंगलवार शाम को कांग्रेस की ओर से प्रदर्शन किया गया और प्रधानमंत्री, शिक्षा मंत्री का पूतला फूंका। इस दौरान उन्होंने दोनों के इस्तीफे की मांग की। साथ ही केंद्र की भाजपा सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कांग्रेस जिला अध्यक्ष शिशुपालसिंह राजपुरोहित ने कहा कि पेपर लीक मामले में दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रही युवाओं पर सरकार लाठियां बरसा रही है। उनके सिर फोड़ रही है, लेकिन युवाओं की मांग पूरी नहीं कर रही हैं। उन्होंने कहा कि मामले में नैतिकता के तौर पर शिक्षा मंत्री धर्मेंन्द्र प्रधान को इस्तीफा दे देना चाहिए था। वहां प्रदर्शन करने वाले युवा भी यही मांग कर रहे हैं। लेकिन केंद्र सरकार उनके खिलाफ दमनकारी नीति अपना रही हैं, जो गलत है। युवा देश का भविष्य है और उनके साथ ही सरकार बर्बरता पूर्ण व्यवहार कर रही है।
शाहजहांपुर में 8वीं कक्षा की एक छात्रा ने गांव के ही एक युवक पर कई बार छेड़छाड़ का आरोप लगाया है। छात्रा के परिजनों ने पुलिस पर आरोपी से समझौता कराने का भी आरोप लगाया है। डर के कारण छात्रा कई दिनों से स्कूल नहीं जा रही है। मंगलवार दोपहर तीन बजे पीड़िता के पिता ने थाने में तहरीर दी। यह घटना थाना मदनापुर क्षेत्र के एक गांव की है। परिजनों के अनुसार, पहली घटना 16 जुलाई की रात को हुई थी, जब आरोपी घर में घुस आया और छात्रा से छेड़छाड़ की। अगले दिन उसने रास्ते में भी छात्रा को रोका और उसे उठा ले जाने की धमकी दी। परिजनों का आरोप है कि पुलिस ने इस मामले में सख्त कार्रवाई करने के बजाय दोनों पक्षों के बीच समझौता करा दिया था। इसके बाद युवक ने फिर से छात्रा को परेशान करना शुरू कर दिया। पीड़िता ने बताया कि गांव का युवक उसे लगातार परेशान कर रहा है। समझौते के बाद भी उसने फिर से छेड़छाड़ शुरू कर दी और अब उसे उठा ले जाने की धमकी दे रहा है। इसी डर से वह पढ़ाई के लिए स्कूल भी नहीं जा पा रही है। छात्रा के पिता ने आरोप लगाया कि युवक उनकी बेटी को लगातार परेशान कर रहा है और तीन बार छेड़छाड़ कर चुका है। थाने में शिकायत करने पर पुलिस ने आरोपी को पकड़ा था, लेकिन बाद में राजीनामा करा दिया। सोमवार शाम को जब बेटी खेत पर जा रही थी, तो आरोपी ने उसे घेर लिया और शिकायत करने के परिणाम भुगतने की धमकी दी। पीड़िता की मां ने बताया कि एक रात आरोपी उनके घर में घुस आया था। जब उन्होंने उसे भगाया, तो वह फिर से आ गया। मां और बेटी एक साथ सो रही थीं, तभी आरोपी ने बेटी के पैर पकड़े, जिस पर वह चिल्लाई। मां ने डंडे से हमला किया, जिससे उनकी चारपाई भी टूट गई। इस मामले में थाना प्रभारी सत्य प्रकाश का कहना है कि उन्हें समझौते की कोई जानकारी नहीं है। उन्होंने बताया कि प्रकरण की जांच कराई जा रही है और उचित कार्रवाई की जाएगी।
दतिया के बम-बम महादेव चौराहे पर मंगलवार शाम छात्रों और युवाओं ने शिक्षा व्यवस्था के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर शिक्षा प्रणाली में सुधार तथा लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा की मांग उठाई। प्रदर्शन के दौरान चौराहे पर राहगीरों और वाहन चालकों की भीड़ जुटने से कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित रहा। प्रदर्शन में शामिल छात्र 'We Stand With Sonam Sir', 'Save Democracy' और 'Please Support Save Education System' लिखी तख्तियां लेकर पहुंचे। कुछ पोस्टरों पर सरकार की नीतियों पर सवाल उठाने वाले संदेश भी लिखे थे, जो लोगों के बीच चर्चा का विषय बने रहे। मांगें नहीं मानीं तो आंदोलन तेज करने की चेतावनी प्रदर्शनकारियों ने कहा कि शिक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और छात्रों के हितों की रक्षा के लिए प्रभावी कदम उठाए जाने चाहिए। उनका कहना था कि यदि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार नहीं किया गया तो आंदोलन को और व्यापक किया जाएगा। प्रदर्शन के दौरान पुलिस बल मौके पर मौजूद रहा और स्थिति पर लगातार नजर रखी। पूरे कार्यक्रम के दौरान किसी प्रकार की अप्रिय घटना सामने नहीं आई।
गोंडा में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव को दिल्ली में हिरासत में लिए जाने के विरोध में मंगलवार शाम 7 बजे कलेक्ट्रेट गेट पर सपा कार्यकर्ताओं ने दो घंटे तक धरना-प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। बाद में पुलिस ने प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लेकर नगर कोतवाली पहुंचा दिया। प्रदर्शन का नेतृत्व सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव लाल चंद्र गौतम और सपा के जिला प्रवक्ता जावेद अख्तर उर्फ मंटू कर रहे थे। सूचना मिलने पर एसडीएम सदर जितेंद्र गौतम और सीओ नगर योगेंद्र सिंह मौके पर पहुंचे और प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन वे नहीं माने। इसके बाद नगर कोतवाली पुलिस ने सपा कार्यकर्ताओं और पदाधिकारियों को हिरासत में लेकर कोतवाली भेज दिया।हिरासत में लिए गए नेताओं में मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप उर्फ दीपू यादव, समाजवादी छात्र सभा के जिला अध्यक्ष सिद्धार्थ सिंह, मेराज अहमद सहित कई सपा कार्यकर्ता शामिल रहे। सपा नेताओं ने लगाए सरकार पर आरोप सपा लोहिया वाहिनी के प्रदेश सचिव लाल चंद्र गौतम ने कहा कि जब समाजवादी पार्टी युवाओं, किसानों और महिलाओं के मुद्दे उठाती है तो उसके राष्ट्रीय अध्यक्ष को हिरासत में लेकर परेशान किया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश और देश में लोकतंत्र नहीं बचा है और अखिलेश यादव को तत्काल रिहा किया जाना चाहिए। सपा के जिला प्रवक्ता जावेद अख्तर उर्फ मंटू ने कहा कि लगातार हो रहे पेपर लीक के मुद्दे पर सरकार से इस्तीफे की मांग करने गए अखिलेश यादव को हिरासत में लेना लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। उन्होंने कहा कि उन्हें बस में बैठाकर ले जाया गया, यदि उनके साथ कोई अप्रिय घटना होती है तो इसकी जिम्मेदारी सरकार की होगी। मुलायम सिंह यादव यूथ ब्रिगेड के जिला अध्यक्ष देवेंद्र प्रताप उर्फ दीपू यादव ने कहा कि सपा कार्यकर्ता आंदोलन जारी रखेंगे। उन्होंने कहा कि जब तक अखिलेश यादव को रिहा नहीं किया जाता, तब तक विरोध प्रदर्शन जारी रहेगा।
बालाघाट के बहुचर्चित 600 करोड़ रुपए के डबलमनी घोटाले के मुख्य आरोपी सोमेंद्र कंकरायने समेत आठ आरोपियों को मंगलवार शाम बालाघाट कोर्ट में पेश किया गया। न्यायाधीश दीपनारायण सिंह की अदालत ने सभी आरोपियों को 27 मई तक पुलिस रिमांड पर सौंप दिया है। हरिद्वार से पकड़ा गया मुख्य आरोपी पुलिस ने सोमेंद्र कंकरायने और उसके साथियों को हरिद्वार से गिरफ्तार किया है। आरोपी फरारी के दौरान टेलीग्राम के जरिए लोगों के संपर्क में थे। जमीन की पावर ऑफ अटॉर्नी पंजीकरण की सूचना मिलने के बाद पुलिस ने दबिश देकर यह सफलता हासिल की। 60 से अधिक आपराधिक मामले दर्ज आरोपियों के खिलाफ लांजी, किरनापुर और बालाघाट कोतवाली में 60 से अधिक आपराधिक केस दर्ज हैं। वर्ष 2022 में बड्स एक्ट के तहत गिरफ्तारी के बाद जमानत मिलते ही आरोपी फरार हो गए थे। रिमांड के दौरान वित्तीय लेनदेन की होगी पूछताछ पुलिस रिमांड के दौरान आरोपियों से फरारी के समय मिले सहयोगियों और इस अवधि में हुए वित्तीय लेनदेन के संबंध में पूछताछ करेगी। इसके साथ ही डबलमनी नेटवर्क से जुड़ी अन्य जानकारियों की भी पड़ताल की जाएगी।
पंचायत-निकाय चुनाव से पहले सरकार प्रदेश के युवाओं को साधने के लिए खेलों का सहारा लेने जा रही है। इसे लेकर सीएम भजनलाल शर्मा ने मंगलवार को युवा सुयोग कार्यक्रम लॉन्च किया। कार्यक्रम के तहत वार्ड और पंचायत स्तर पर क्रिकेट, वॉलीबॉल, कबड्डी और फुटबॉल जैसे खेलों का आयोजन होगा। खेलों में भाग लेने के लिए युवाओं को युवा सुयोग प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन कराना होगा। सीएमआर मे लॉचिंग के मौके पर सीएम भजनलाल शर्मा ने कहा कि हम युवाओं पर नीतियां सौपेंगे नहीं, बल्कि उनके खेल के आधार पर खेल की नीतियं तैयार करेंगे। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रदेश के युवाओं की शक्ति को सामर्थ्य में बदलने के लिए युवा सुयोग प्लेटफॉर्म एक सही दिशा, सही अवसर और सही मंच उपलब्ध कराएगा। उन्होने कहा कि शहर में वार्ड और गांवों में पंचायत स्तर पर खेलों का आयोजन होगा। वहीं इसमें विजेता रहने वाली टीमें विधानसभा क्षेत्र स्तर पर अपना हुनर दिखाएंगी और युवाओं को आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। जिला स्तर पर बनेंगे क्लबयुवा सुयोग कार्यक्रम के तहत सरकार प्रदेश के हर गांव, हर वार्ड के युवाओं की टैकिंग करेगी। जिला स्तर पर सुयोग युवा क्लब स्थापित किए जाएंगे, जिनमें सुयोग प्लेटफॉर्म पर रजिस्ट्रेशन करने वाला प्रत्येक युवा सदस्य होगा। ये जिला क्लब ग्रामीण क्षेत्रों में पंचायत स्तर और शहरी क्षेत्रों में वार्ड स्तर के युवा क्लबों से जुड़ेंगे। आज बगरू विधानसभा क्षेत्र और बारां जिले से पायलट प्रोजेक्ट के रूप में इसकी शुरूआत की गई। सीएम ने कहा कि इसके लिए स्कूल, कॉलेज तथा पंचायत और वार्ड के खेल मैदानों की डिजिटल पहचान भी की जाएगी। युवाओं के सुझावों को बजट मे शामिल कियासीएम ने कहा कि युवाओं को खेलने का मौका मिलता रहे और उनकी रूचि विकसित हो, इसके लिए राज्य सरकार संकल्पित होकर कार्य कर रही है। गांव से लेकर कस्बों तक खेल सुविधाओं एवं सेवाओं का निरंतर विस्तार किया जा रहा है। हमारी सरकार युवाओं से विभिन्न विषयों पर संवाद कर उनके सुझावों को बजट में शामिल कर रही है। उन्होंने कहा कि राज्य सरकार प्रदेश में हर क्षेत्र में कार्य करते हुए युवाओं को सफलता की पहली से लेकर अंतिम सीढ़ी तक की यात्रा में पूर्ण सहयोग कर रही है।
दिल्ली में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में मंगलवार शाम मंदसौर एनएसयूआई कार्यकर्ता गांधी चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह का पुतला दहन करने की तैयारी कर रहे थे। इसकी सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और गांधी चौराहे को छावनी में तब्दील कर दिया। पुलिस ने कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सिटी कोतवाली थाना पहुंचा दिया। इसके विरोध में कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने थाने के बाहर करीब दो घंटे तक प्रदर्शन कर नारेबाजी की। बाद में सभी कार्यकर्ताओं को रिहा कर दिया गया। गांधी चौराहे पर प्रदर्शन की तैयारी के दौरान पुलिस ने एनएसयूआई कार्यकर्ताओं को रोकने का प्रयास किया। इस दौरान पुलिस और कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की भी हुई। पुलिस ने पूर्व जिलाध्यक्ष ऋतिक पटेल, वर्तमान जिलाध्यक्ष मंथन धनोतिया, आदर्श जोशी, अमन टेलर, राहुल सिंह, राघव शक्तावत, दुर्गाशंकर धाकड़, ओमप्रकाश ररोतिया, अरबाज मंसूरी, समीर मंसूरी और निहाल डाया सहित कई कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेकर सिटी कोतवाली थाना पहुंचाया। कोतवाली के बाहर दो घंटे तक प्रदर्शन कार्यकर्ताओं को हिरासत में लेने की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में कांग्रेस नेता और कार्यकर्ता सिटी कोतवाली पहुंचे। उन्होंने करीब दो घंटे तक पुलिस प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की और कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग की। इस दौरान जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है और पुलिस प्रशासन मुर्दाबाद जैसे नारे लगाए गए। मौके पर पहुंचे सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने नेताओं से चर्चा कर स्थिति शांत कराने का प्रयास किया। रिहाई के बाद फिर गांधी चौराहे पर सत्याग्रह सभी कार्यकर्ताओं की रिहाई के बाद राहुल गांधी की गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर कांग्रेस कार्यकर्ता दोबारा गांधी चौराहे पर एकत्र हुए। जिला कांग्रेस कमेटी के नेतृत्व में सत्याग्रह किया गया और केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की गई। कांग्रेस नेता मनजीत सिंह मनी ने आरोप लगाया कि एनएसयूआई कार्यकर्ता लोकतांत्रिक तरीके से विरोध प्रदर्शन करने जा रहे थे, लेकिन पुलिस ने बिना किसी आधार के उन्हें हिरासत में ले लिया। उन्होंने कहा कि छात्र आत्महत्या जैसे गंभीर मुद्दों पर केंद्र सरकार संवेदनशील नहीं है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को इस्तीफा देना चाहिए। पुलिस बोली- बिना अनुमति नहीं दी जा सकती थी इजाजत सीएसपी जितेंद्र कुमार भास्कर ने बताया कि सोशल मीडिया के माध्यम से गांधी चौराहे पर पुतला दहन की सूचना मिली थी। चूंकि गांधी चौराहा शहर का सबसे व्यस्त चौराहा है, इसलिए वहां बिना अनुमति प्रदर्शन और पुतला दहन की अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने बताया कि कार्यकर्ताओं को समझाइश देने के बाद आश्वासन मिलने पर सभी को रिहा कर दिया गया। साथ ही स्पष्ट किया कि भविष्य में किसी भी संगठन को सार्वजनिक स्थान पर प्रदर्शन के लिए निर्धारित प्रक्रिया और अनुमति का पालन करना होगा।
नीट पेपर लीक मामले को लेकर दिल्ली में प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर हुए लाठीचार्ज के विरोध में प्रतापगढ़ में कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। कार्यकर्ताओं ने सूरजपोल चौराहे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का पुतला दहन कर केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने किया। इस दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग उठाई। कार्यकर्ताओं ने दिल्ली में राहुल गांधी, प्रियंका गांधी और कांग्रेस सांसदों की ओर से प्रधानमंत्री आवास के बाहर किए जा रहे धरने का भी समर्थन किया। सरकार पर लगाए दमनकारी नीतियां अपनाने के आरोप पूर्व विधायक रामलाल मीणा ने कहा कि नीट पेपर मामले को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्रों और युवाओं पर पुलिस द्वारा किया गया लाठीचार्ज निंदनीय है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपनी नाकामियों को छिपाने के लिए दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है। उन्होंने कहा कि नीट पेपर लीक मामले की जिम्मेदारी लेते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को तत्काल अपने पद से इस्तीफा देना चाहिए। मीणा ने आरोप लगाया कि सरकार छात्रों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है और लोकतांत्रिक मूल्यों की अनदेखी कर रही है। कार्रवाई की मांग को लेकर की नारेबाजी प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने केंद्र सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। कार्यकर्ताओं ने नीट पेपर लीक मामले में दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने और छात्रों को न्याय दिलाने की मांग की। मैंने इसे दैनिक भास्कर डिजिटल की लोकल न्यूज स्टाइल में क्लिकेबल हेडलाइन, लोकेशन इंट्रो, सबहेडिंग और छोटे पैराग्राफ के साथ तैयार किया है।
मुजफ्फरनगर में मंगलवार शाम करीब 6 बजे पचेंडा रोड स्थित एक बैंक्वेट हॉल में राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) का 'सर्व समाज संवाद' कार्यक्रम हुआ। कार्यक्रम में उत्तर प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे मुख्य अतिथि रहे। उनके साथ प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिल देव अग्रवाल, कैबिनेट मंत्री अनिल कुमार समेत भाजपा-रालोद गठबंधन के कई नेता और बड़ी संख्या में साधु-संत और विभिन्न समाजों के प्रतिनिधि मौजूद रहे। कैबिनेट मंत्री मनोज पांडे ने विपक्ष पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नेतृत्व में प्रदेश में एक बार फिर प्रचंड बहुमत की सरकार बनेगी। उन्होंने कहा कि जिन लोगों ने अतीत में भगवान श्रीराम के अस्तित्व, रामचरितमानस और सनातन पर सवाल उठाए, वही आज श्रीराम का नाम ले रहे हैं। उन्होंने कहा कि मुंह पर राम, बगल में छुरी वाली राजनीति अब देश और समाज स्वीकार नहीं करेगा। दिल्ली के जंतर-मंतर पर चल रहे आंदोलन और पुलिस की कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री मनोज पांडे ने कहा कि लोकतंत्र में हर व्यक्ति को अपनी बात रखने और शांतिपूर्ण विरोध करने का अधिकार है, लेकिन आंदोलन के नाम पर कानून-व्यवस्था बिगाड़ना स्वीकार्य नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन के दौरान एक एंबुलेंस को रोक दिया गया, जिसमें बीमार बेटी को अस्पताल ले जाया जा रहा था। समय पर उपचार नहीं मिलने से उसकी मौत हो गई। उन्होंने कहा कि यदि आंदोलनकारी पुलिस पर पथराव करें, सरकारी वाहनों में तोड़फोड़ करें और आम नागरिकों की जान जोखिम में डालें, तो कानून-व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस को कार्रवाई करनी ही पड़ती है। अयोध्या के राम मंदिर में हुई चोरी की घटना पर मंत्री ने कहा कि सरकार ने तत्काल संज्ञान लेते हुए दोषियों के खिलाफ कार्रवाई की है। उन्होंने कहा कि किसी व्यक्ति के अपराध के लिए पूरी व्यवस्था या संस्था को कटघरे में खड़ा करना उचित नहीं है। उन्होंने कहा कि जैसे किसी प्रतिष्ठान में विश्वास के आधार पर कर्मचारी रखा जाता है और यदि वही अपराध कर दे तो उसके खिलाफ कानून कार्रवाई करता है, उसी तरह इस मामले में भी दोषियों पर कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने विपक्ष पर निशाना साधते हुए कहा कि जिन लोगों ने रामभक्तों पर गोलियां चलवाईं, उनसे भाजपा को किसी प्रकार के सुझाव की आवश्यकता नहीं है। मनोज पांडे ने कहा कि समाज को जातियों और वर्गों में बांटने की कोशिशों से सतर्क रहने की आवश्यकता है। उन्होंने उपस्थित लोगों से सामाजिक समरसता बनाए रखने, सनातन मूल्यों को मजबूत करने और भाजपा-रालोद गठबंधन को समर्थन देने की अपील की। उन्होंने दावा किया कि आगामी विधानसभा चुनाव में प्रदेश की जनता एक बार फिर भाजपा के नेतृत्व में सरकार बनाएगी।

