छिंदवाड़ा: शहर में गैस सिलेंडर की आपूर्ति पर्याप्त होने के बावजूद वितरण व्यवस्था बिगड़ने से उपभोक्ताओं को भारी परेशानी का सामना करना पड़ा। खासकर परासिया रोड और शक्ति नगर क्षेत्र में समय पर सिलेंडर डिलीवरी नहीं होने से लोगों का गुस्सा फूट पड़ा और उपभोक्ताओं ने हंगामा कर दिया। गुस्साए उपभोक्ता सीधे गोदाम पहुंच गए, जहां उन्होंने एजेंसी संचालकों के खिलाफ जमकर विरोध जताया। लोगों का आरोप था कि समय पर डिलीवरी नहीं होने से उन्हें कई दिनों तक इंतजार करना पड़ रहा है, जबकि बुकिंग पहले से की जा चुकी है। मामले की जानकारी लगते ही आपूर्ति विभाग के अधिकारी सक्रिय हुए और व्यवस्था सुधारने के लिए तुरंत कदम उठाए। लंबित बुकिंग को कम करने के लिए एक ही दिन में 2600 से ज्यादा गैस सिलेंडर की डिलीवरी कराई गई। यह डिलीवरी प्रशासन और पुलिस की मौजूदगी में सुनिश्चित कराई गई, ताकि किसी तरह की अव्यवस्था न हो। अधिकारियों ने तीनों तेल कंपनियों की गैस एजेंसियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि होम डिलीवरी नियमित रूप से की जाए और डिलीवरी पॉइंट पर वाहन तय समय पर पहुंचें। आमतौर पर जहां रोजाना करीब 1500 सिलेंडर की डिलीवरी होती थी, वहीं विशेष प्रयासों के चलते 2607 सिलेंडर वितरित किए गए। प्रशासन का कहना है कि आगे ऐसी स्थिति न बने, इसके लिए लगातार मॉनिटरिंग की जाएगी और लापरवाही पाए जाने पर कार्रवाई भी की जाएगी।
जयपुर सेंट्रल जेल से सोशल मीडिया पर एक कथित फोटो वायरल होने के बाद जेल प्रशासन में हड़कंप मच गया है। दावा किया जा रहा है कि यह तस्वीर सेंट्रल जेल के अंदर की है, जिससे जेल की सुरक्षा व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। हालांकि प्रशासन ने अभी तक फोटो की आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। मामले को गंभीरता से लेते हुए जेल प्रशासन ने लालकोठी थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस अब फोटो की सत्यता, लोकेशन और अपलोड करने वाले व्यक्ति की तकनीकी जांच में जुट गई है। वायरल फोटो में दिखाई दे रहा युवक हसनपुरा निवासी मो. समीर प्रारंभिक जानकारी के अनुसार वायरल फोटो में दिखाई दे रहा युवक हसनपुरा निवासी मो. समीर बताया जा रहा है। पुलिस रिकॉर्ड के मुताबिक समीर 2021 से 2025 तक हत्या के मामले में जयपुर सेंट्रल जेल में बंद रहा था। इसके बाद जून 2025 में आर्म्स एक्ट के एक मामले में भी उसकी गिरफ्तारी हुई थी और वह 3 जुलाई 2025 तक जेल में रहा। फिलहाल समीर जेल में बंद नहीं है। बताया जा रहा है कि हाल ही में समीर ने सोशल मीडिया पर कुछ फोटो अपलोड किए, जिनमें दावा किया गया कि ये जयपुर सेंट्रल जेल के हैं। इसी के बाद जेल प्रशासन की सुरक्षा व्यवस्था एक बार फिर सवालों के घेरे में आ गई है। जयपुर में पहले भी जेल से कैदियों के वीडियो और रील वायरल होने के मामले सामने आ चुके हैं, जिनमें सुरक्षा चूक पर गंभीर बहस हुई थी। साइबर और तकनीकी टीम करेंगी जांच जेल प्रशासन का कहना है कि फोटो की लोकेशन स्पष्ट नहीं है, इसलिए बिना जांच किसी निष्कर्ष पर पहुंचना जल्दबाजी होगी। पुलिस की साइबर और तकनीकी टीम को जांच सौंपी गई है, जिसके बाद ही यह साफ हो पाएगा कि तस्वीर वास्तव में जेल परिसर की है या नहीं। फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है कि क्या जयपुर सेंट्रल जेल की सुरक्षा फिर से सवालों के घेरे में है, या यह सिर्फ सोशल मीडिया पर वायरल किया गया भ्रामक दावा है?
फर्जी आईडी से बहन को बदनाम करने का आरोप:हाथरस में दो नामजदों पर साइबर थाने में मुकदमा दर्ज
हाथरस में एक व्यक्ति ने अपनी बहन को बदनाम करने के आरोप में दो लोगों के खिलाफ साइबर थाने में मुकदमा दर्ज कराया है। शिकायतकर्ता का आरोप है कि नामजद आरोपियों ने इंटरनेट पर फर्जी आईडी बनाकर उसकी बहन को परेशान किया है। जलेसर रोड निवासी शिकायतकर्ता ने बताया कि विवेक वाष्णेय और संजय गुप्ता, निवासी गणेशगंज, उसकी बहन को बदनाम करने के लिए सोशल मीडिया पर फर्जी आईडी का इस्तेमाल कर रहे हैं। शिकायत में कहा गया है कि उसकी बहन विवाहित है और अपने ससुराल में रह रही है। इसके बावजूद, नामजद आरोपी उन्हें लगातार तंग और परेशान कर रहे हैं। पीड़िता के भाई ने यह भी बताया कि उसकी बहन गर्भवती है और डिप्रेशन में है। पुलिस कर रही मामले की जांच पड़ताल भाई ने चेतावनी दी है कि यदि उसकी बहन के साथ कोई अनहोनी होती है, तो इसके जिम्मेदार आरोपी होंगे। उसने पुलिस से आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। साइबर थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
अगर आप नियमित रूप से दुर्ग-भिलाई से रायपुर के बीच सफर करते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद जरूरी है। नेशनल हाईवे-53 पर कुम्हारी टोल के पास खारून नदी ब्रिज की मरम्मत का काम आज से शुरू हो रहा है। अगले एक महीने तक इस रूट पर ट्रैफिक 'वन-वे' रहेगा। रायपुर और दुर्ग पुलिस के आला अधिकारियों ने मौके का निरीक्षण कर नया ट्रैफिक प्लान लागू कर दिया है। इस मार्ग से रोजाना करीब डेढ़ लाख वाहन गुजरते हैं, इसलिए भारी जाम की स्थिति बन सकती है। सुरक्षा और सुगम यातायात के लिए 44 से ज्यादा पुलिसकर्मी तैनात किए गए हैं। दुर्ग से रायपुर की ओर डायवर्सन प्लान पुलिस की अपील गंतव्य तक पहुंचने अतिरिक्त समय लेकर निकले सभी वाहन चालकों से अपील है कि, परिवर्तित मार्ग का अधिक से अधिक उपयोग करें। आवश्यक कार्य जैसे एयरपोर्ट हॉस्पिटल रेलवे स्टेशन प्रतियोगी परीक्षाएं, अन्य परीक्षाएं आदि के लिए रायपुर आने वाले उक्त वाहन चालक रिपेयरिंग कार्य के दौरान अतिरिक्त समय लेकर रायपुर की तरफ आना सुनिश्चित करें।
श्रावस्ती जिले के हरदत्तनगर गिरंट थाना क्षेत्र में दिनदहाड़े हुई चोरी का पुलिस ने 24 घंटे के भीतर खुलासा कर दिया है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें चोरी का सामान खरीदने वाला एक सोनार भी शामिल है। उनके कब्जे से चोरी की नकदी और जेवरात बरामद किए गए हैं। यह घटना सोमवार को ग्राम इटहिया निवासी कमलेश कुमार के घर में हुई थी। अज्ञात चोरों ने दिनदहाड़े घर में घुसकर सोने-चांदी के जेवरात और नकदी चुरा ली थी। उस दौरान कमलेश कुमार परिवार के साथ मकई की रखवाली करने खेत गए थे वापस लौटने पर उन्हें चोरी की जानकारी हुई थी। बताया जा रहा की एक संदिग्ध व्यक्ति गांव में टहलता दिखाई दिया था जिसकी पुलिस को सूचना दी गई थी। इस खबर को दैनिक भास्कर ने प्रमुखता से प्रकाशित किया था जिसके बाद पुलिस प्रशासन भी हरकत में आया। प्रभारी निरीक्षक महिमानाथ उपाध्याय के नेतृत्व में हरदत्तनगर गिरंट थाना की एक विशेष पुलिस टीम ने जांच शुरू की। टीम ने घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की गहनता से पड़ताल की। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर एक संदिग्ध की पहचान इसाक अली उर्फ इसहाक निवासी शाहपुर अचरौरा, थाना हरदत्तनगर गिरन्ट के रूप में हुई। उसे हिरासत में लेकर पूछताछ की गई, जिसमें उसने चोरी की वारदात को स्वीकार कर लिया। आरोपी इसाक अली ने बताया कि उसने चोरी किए गए जेवरात नासिरगंज निवासी सुनार आलोक कुमार गुप्ता को बेचे थे। पुलिस ने उसकी निशानदेही पर उसके घर से ₹3500 नकद बरामद किए। शेष जेवरात नासिरगंज स्थित सर्राफा दुकान से बरामद किए गए। बरामद सामान में एक चांदी की अंगूठी, तीन जोड़ी पायल, दो जोड़ी चुटकी, एक झुमकी और एक चांदी की माला शामिल है। पुलिस ने इस मामले में सुनार आलोक कुमार गुप्ता को भी गिरफ्तार कर लिया है। दोनों आरोपियों को आवश्यक विधिक कार्रवाई के बाद न्यायालय भिनगा भेज दिया गया है। पुलिस के अनुसार, मुख्य आरोपी इसाक अली उर्फ इसहाक का आपराधिक इतिहास भी रहा है।
यमुना एक्सप्रेसवे विकास प्राधिकरण (यीडा) क्षेत्र में सभी प्रकार की संपत्तियों की आवंटन दरों में 3.58 फीसदी तक की बढ़ोतरी आज से लागू हो गई। इससे यहां मकान और दुकान खरीदना महंगा गया। नई दरें औद्योगिक श्रेणी पर भी लागू होंगी। ऐसे में प्रॉपर्टी को खरीदने के लिए आपको ज्यादा जेब ढीली करनी होगी। यीडा ने मिक्स लैंड यूज श्रेणी में औद्योगिक, संस्थागत और रिक्रियशनल में 75 फीसद, आवासीय में 12 फीसद, वाणिज्यक में आठ और संस्थागत में पांच फीसद तक की बढ़ोतरी की है। इसके अलावा यीडा ने आवासीय टाउनशिप में आवंटन दर को 39,258 से बढ़ाकर 40,670 रुपये प्रति वर्गमीटर, जबकि कॉरपोरेट ऑफिस के लिए आवंटन दर को 52,500 से बढ़ाकर 54,380 रुपये प्रति वर्गमीटर कर दिया है। बोर्ड में लिया गया था फैसलायमुना सिटी में नोएडा इंटरनेशनल एयरपोर्ट संचालन के लिए तैयार है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 28 मार्च को ही इसका उद्घाटन किया था। अब अप्रैल में अंतरराष्ट्रीय फिल्म सिटी का निर्माण शुरू हो जाएगा। यीडा ने एयरपोर्ट के उद्घाटन से पहले ही बोर्ड बैठक में शहर में सभी प्रकार की संपत्तियों की दरों में 3.58 फीसदी के इजाफा करने का निर्णय लिया था, जो आज से लागू हो जाएगा। तीन सालों में बढ़ी 40 फीसद दरयीडा क्षेत्र में पिछले तीन सालों में संपत्ति की दरें 40 फीसद तक बढ़ी हैं। आवासीय और वाणिज्यिक संपत्तियों की दरें साल 2025-2026 की तुलना में बढ़कर अब 36,000 से 87,000 रुपये प्रति वर्गमीटर हो गईं। ग्रुप हाउसिंग की दर में करीब 68 फीसदी तक उछाल आया है।
सीधी में अवैध रेत उत्खनन के खिलाफ कार्रवाई करने पहुंची सोन घड़ियाल विभाग की टीम पर रेत माफियाओं ने हमला कर दिया। मामला सिहावल जनपद क्षेत्र में सोन नदी के खुटेली घाट का है। माफियाओं ने टीम के कर्मचारियों को बंधक बनाकर पीटा और उनके ट्रैक्टर लेकर फरार हो गए। घटना मंगलवार रात करीब 3 बजे हुई। सोन घड़ियाल विभाग को अवैध उत्खनन की सूचना मिली थी, जिसके बाद टीम बहरी थाना क्षेत्र के खुटेली घाट पहुंची। मौके पर अवैध रेत खनन जारी था। अधिकारियों को देखते ही कुछ लोग अपने ट्रैक्टर छोड़कर भाग गए। माफिया ने टीम को बंधक बनाकर मारपीट की हालांकि, कुछ देर बाद रेत माफिया संगठित होकर वापस लौट आए। उन्होंने टीम को चारों तरफ से घेर लिया और कर्मचारियों को बंधक बना लिया। इस दौरान उनके साथ मारपीट की गई। घटना का एक वीडियो भी सामने आया है। हमले के बाद आरोपी अवैध उत्खनन में इस्तेमाल हो रहे ट्रैक्टर लेकर मौके से फरार हो गए। आरोपियों की तलाश जारी है मामले में बहरी थाने में लवकेश उपाध्याय, प्रभांशु पाठक, पतुलखी निवासी और एक अज्ञात आरोपी के खिलाफ विभिन्न धाराओं 126(2), 132, 296, 121, 351(3) और 3(5) के तहत मामला दर्ज किया गया है। सोन घड़ियाल विभाग के डिप्टी संजीव सोनकर और कर्मचारी एहसान मलिक की शिकायत पर पुलिस ने जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश जारी है।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में सोमवार रात अमिगोज बार संचालक के साथ मारपीट की गई है। आरोप है कि कांग्रेस नेता नाजिम खान और उसके दो साथियों ने बार बंद होने के बाद शराब नहीं देने को लेकर विवाद किया और जमकर मारपीट की। वहीं प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव नाजिम खान ने इन आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि विवाद बार के पीछे गाड़ी पार्किंग को लेकर हुआ था, जिसे शराब से जुड़े विवाद के रूप में गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। घटना तारबाहर थाना क्षेत्र की है। दरअसल सिविल लाइन के भारतीय नगर निवासी मो. तौसिफ अमिगोज बार का संचालक है। उसने पुलिस को बताया कि रात करीब 12:50 बजे टिकरापारा निवासी प्रदेश कांग्रेस कमेटी के सचिव नाजिम खान के लगातार फोन कॉल आ रहे थे। फोन उठाने पर नाजिम ने शराब की मांग की। इस पर तौसिफ ने बताया कि बार बंद हो चुका है और शराब उपलब्ध नहीं है। इस बात पर नाजिम खान ने फोन पर ही गाली-गलौज शुरू कर दी और बार में आकर तोड़फोड़ करने की धमकी दी। इसके बाद तौसिफ तत्काल अमिगोज बार पहुंचा, जहां नाजिम खान अपने दो साथियों सैय्यान बुखारी और सलमान खान के साथ पहले से मौजूद था। पैसे मांगने के बाद की मारपीट बार पहुंचने पर आरोपियों ने शराब देने के लिए कहा। तौसिफ ने मना करते हुए बार बंद होने की कही। इस पर उन्होंने कहा कि शराब पीने के लिए पैसे दे दो, हम बाहर से खरीद लेंगे। तौसिफ ने पैसे देने से इनकार किया। इस पर नाजिम उसके साथी सैय्यान बुखारी और सलमान खान भड़क गए और गाली-गलौज करते हुए जान से मारने की धमकी देने लगे। इस दौरान नाजिम ने डंडे से तौसिफ के सिर (कनपटी) पर वार किया, जबकि उसके दोनों साथी सैय्यान बुखारी और सलमान खान ने हाथ-मुक्कों से मारपीट की। पेट्रोलिंग टीम का सायरन सुनकर भागे इसी बीच पुलिस पेट्रोलिंग वाहन का सायरन सुनकर तीनों आरोपी अपनी कार छोड़कर मौके से फरार हो गए। घटना के बाद घायल तौसिफ को अस्पताल में इलाज कराना पड़ा। दूसरे दिन मंगलवार को थाने पहुंचकर उसने शिकायत दर्ज कराई, जिस पर पुलिस ने तीनों आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। नाजिम बोला- गाड़ी पार्किंग को लेकर हुआ विवाद दूसरी ओर नाजिम खान का कहना है कि अमिगोज बार में कोई विवाद नहीं हुआ। उन्होंने बताया कि बार के पीछे पार्किंग है, जहां वह अपने काम से गए थे। इस दौरान उन्होंने अपनी गाड़ी साइड में खड़ी की, जिसे बार के गार्ड ने हटाने के लिए कहा। इस पर उन्होंने तौसिफ को फोन कर वहां बुलाया। कुछ देर बाद तौसिफ भी मौके पर पहुंच गया। नाजिम के अनुसार गाड़ी खड़ी करने को लेकर तौसिफ गाली-गलौज करने लगा और मना करने पर धौंस दिखाने लगा, जिससे दोनों के बीच विवाद शुरू हो गया। उन्होंने कहा कि मामूली विवाद के बाद मामला वहीं शांत हो गया था, लेकिन अगले दिन तौसिफ खान ने उनके और उनके दोस्तों के खिलाफ झूठी रिपोर्ट दर्ज करा दी। बिना जांच के FIR इस मामले में कांग्रेस नेता ने तारबाहर पुलिस की भूमिका पर भी सवाल उठाए हैं। उनका कहना है कि जिस तरह से एफआईआर दर्ज की गई है, उसमें केस दर्ज करने से पहले पुलिस को बार के सीसीटीवी कैमरों का फुटेज देखना चाहिए था। उन्होंने बताया कि उन्होंने अपनी गाड़ी बार के पीछे कुछ दूरी पर खड़ी की थी और जिस स्थान पर गाड़ी पार्क की गई थी, वहां भी सीसीटीवी कैमरा लगा होगा। ऐसे में पुलिस को इन सभी पहलुओं की जांच करने के बाद ही एफआईआर दर्ज करनी चाहिए थी। आरोप है कि पुलिस ने बिना जांच के बार संचालक तौसिफ की बातों को सही मानते हुए मामला दर्ज कर लिया। इससे पुलिस की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं और बार संचालक के साथ मिलीभगत के आरोप भी लगाए जा रहे हैं।
गाजीपुर में मौसम बदला, बूंदाबांदी शुरू:तेज हवाओं के साथ आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी
गाजीपुर में बुधवार को मौसम ने अचानक करवट ली। आसमान में घने बादल छा गए और तेज हवाओं के साथ कई इलाकों में हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। मौसम विभाग ने सुबह 11:25 बजे तक जिले में तेज हवा, हल्की वर्षा और आकाशीय बिजली गिरने की संभावना को लेकर अलर्ट जारी किया है। लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी गई है। मौसम विभाग के अनुसार यह बदलाव पश्चिमी विक्षोभ और स्थानीय मौसमीय गतिविधियों के कारण हो रहा है। इससे अचानक बादल बनते हैं और तेज हवाओं के साथ बारिश की स्थिति बनती है। इस दौरान आकाशीय बिजली गिरने का खतरा भी बढ़ जाता है। विशेषज्ञों ने लोगों को खुले स्थानों, पेड़ों के नीचे और बिजली के खंभों के पास खड़े होने से बचने की सलाह दी है। ग्रामीण इलाकों में खेतों में काम कर रहे लोगों को विशेष सावधानी बरतने की आवश्यकता है। आपदा प्रबंधन विभाग ने आकाशीय बिजली से बचाव के लिए 'दामिनी' ऐप और आपदा चेतावनियों के लिए 'सचेत' ऐप का उपयोग करने की अपील की है। किसी भी आपात स्थिति में नागरिक 112, 1077 या 1070 नंबर पर संपर्क कर सकते हैं। प्रशासन ने इस जानकारी को अधिक से अधिक लोगों तक पहुंचाने का आग्रह किया है ताकि समय रहते सावधानी बरती जा सके।
बागपत जनपद के खेकड़ा कस्बे में दीवार निर्माण को लेकर हुए विवाद में एक परिवार पर हमला किया गया। इस घटना में परिवार के कई सदस्य घायल हो गए। पुलिस ने पीड़ित परिवार की शिकायत पर मामला दर्ज कर लिया है और आरोपियों की तलाश जारी है। पीड़ित परिवार के सदस्य राधेश्याम ने कोतवाली में शिकायत दर्ज कराते हुए बताया कि उनके पड़ोस में रहने वाले समीर ने चाकू लेकर उनके एक बच्चे पर हमला किया। इसके बाद समीर के साथ करीब 30-35 लोग उनके घर में घुस आए और मारपीट करने लगे। राधेश्याम के अनुसार, हमलावर अपने हाथों में अवैध हथियार लिए हुए थे। इस मारपीट में उनके परिवार के कई लोग घायल हुए। पीड़ित की तहरीर के आधार पर पुलिस ने समीर, जावेद, फरदीन, आबिद, इस्लाम, सावेज, शहजाद, आरिफ, बानू, शाहिद और कुछ अज्ञात लोगों के खिलाफ गंभीर धाराओं में मामला दर्ज किया है। खेकड़ा कोतवाली प्रभारी प्रभाकर केन्तुरा ने बताया कि मारपीट के इस मामले में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। आरोपियों की तलाश शुरू कर दी गई है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
गर्मी की छुट्टियों में यात्रा की योजना बना रहे लोगों के लिए उत्तर पश्चिम रेलवे ने दो बड़ी राहत दी हैं। एक और जहां जोधपुर से जम्मू जाने वाली जम्मूतवी एक्सप्रेस को 1 अप्रैल से अपने पूरे मार्ग पर फिर से संचालित करने का निर्णय लिया गया है। वहीं, दूसरी और हावड़ा रूट पर चलने वाली दो प्रमुख सुपरफास्ट एक्सप्रेस को भी बांदीकुई स्टेशन पर ठहराव की मंजूरी मिल गई है। रेलवे के इन दोनों फैसलों से लंबी दूरी के यात्रियों को सीधी कनेक्टिविटी का फायदा मिलेगा। हावड़ा रूट के यात्रियों को नई सुविधा जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया कि क्षेत्र के लोगों की सुविधा को देखते हुए ट्रेन संख्या 12308 (जोधपुर-हावड़ा सुपरफास्ट) का 1 अप्रैल से बांदीकुई स्टेशन पर ठहराव शुरू किया जा रहा है। इसी प्रकार सप्ताह में तीन दिन चलने वाली ट्रेन संख्या 22308 (बीकानेर-हावड़ा सुपरफास्ट) का ठहराव 2 अप्रैल से शुरू होगा। डीआरएम त्रिपाठी ने बताया कि दोनों ट्रेनों के बांदीकुई स्टेशन पर पहुंचने का समय सुबह 6:08 बजे और रवानगी का समय 6:10 बजे निर्धारित है। वापसी दिशा में हावड़ा-जोधपुर (ट्रेन संख्या 12307) का ठहराव 15 फरवरी से और हावड़ा-बीकानेर (ट्रेन संख्या 22307) का ठहराव 14 फरवरी से पहले ही शुरू किया जा चुका है। वापसी दिशा में इन ट्रेनों का बांदीकुई स्टेशन पर आगमन समय रात 10:20 बजे और रवानगी समय 10:22 बजे तय है। ट्रेनों का नया शेड्यूल: जोधपुर-हावड़ा (12308): 1 अप्रैल से बांदीकुई में ठहराव (सुबह 6:08 बजे)। बीकानेर-हावड़ा (22308): 2 अप्रैल से बांदीकुई में ठहराव (सुबह 6:08 बजे)। कठुआ-माधोपुर रेलखंड की मरम्मत पूरी, जम्मूतवी तक सीधी दौड़ जोधपुर मंडल के सीनियर डीसीएम हितेश यादव ने बताया कि पिछले वर्ष भारी बारिश के कारण ब्रिज संख्या-17 में तकनीकी खराबी आ गई थी। इस कारण ट्रेन संख्या 14803/14804 (भगत की कोठी-जम्मूतवी-भगत की कोठी एक्सप्रेस) को पठानकोट और जम्मूतवी रेलवे स्टेशनों के बीच आंशिक रूप से रद्द करना पड़ा था। सीनियर डीसीएम ने स्पष्ट किया कि अब कठुआ-माधोपुर रेलखंड पर मरम्मत और तकनीकी कार्य लगभग पूरा हो गया है। इसके चलते रेलवे प्रशासन ने इस ट्रेन को पुनः अपने पूरे रूट पर चलाने का आदेश जारी किया है। गर्मी की छुट्टियों में माता वैष्णो देवी जाने वाले यात्रियों के लिए इसके तहत अग्रिम आरक्षण भी शुरू कर दिया गया है। भगत की कोठी-जम्मूतवी (14803): 1 अप्रैल से पूरे मार्ग पर बहाल। जम्मूतवी-भगत की कोठी (14804): 2 अप्रैल से पूरे मार्ग पर बहाल।
कन्नौज में देर रात बदला मौसम:बारिश के साथ ओले गिरे, किसानों की बढ़ी चिंता; कई जगह बिजली गुल
कन्नौज में मंगलवार देर रात मौसम अचानक बदल गया। तेज हवाओं, गरज-चमक के साथ बारिश हुई और छिबरामऊ तथा गुरसहायगंज क्षेत्रों में ओले भी गिरे। इस अप्रत्याशित मौसम बदलाव से किसान चिंतित दिखाई दिए। बीती रात करीब 10 बजे तेज हवाओं के साथ बूंदाबांदी शुरू हुई। धूल भरी आंधी के कारण लोगों ने अपनी दुकानें बंद कर दीं। गुरसहायगंज में तेज हवाओं के कारण कुछ पेड़ उखड़ गए, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हुई। कन्नौज के मकरंदनगर फीडर से भी आंधी-बारिश के चलते बिजली आपूर्ति रोक दी गई थी, जिसे रात 12 बजे के आसपास आंधी शांत होने पर बहाल कर दिया गया। हालांकि, ग्रामीण क्षेत्रों में बुधवार सुबह तक बिजली आपूर्ति सामान्य नहीं हो पाई, जिससे घरों में अंधेरा रहा और इनवर्टर व अन्य बिजली उपकरण ठप पड़ गए। आंधी, बारिश और ओलावृष्टि के कारण जिले में बुधवार सुबह न्यूनतम तापमान 20 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 3 डिग्री सेल्सियस कम था। अचानक से आंधी-पानी के कारण किसानों को नुकसान का अनुमान है। जिले में यूं तो करीब 60 हजार हेक्टेयर में गेहूं की फसल की जाती है, लेकिन बारिश और ओले के कारण 6 हजार हेक्टेयर में नुकसान का अनुमान है। इन दिनों खेतों में गेहूं की अधिकांश फसल पकी खड़ी है। जिसकी कटाई होनी है। ऐसे में मौसम की गड़बड़ी से किसानों को तगड़ा झटका लगा है। डीएम आशुतोष मोहन अग्निहोत्री ने फसलों के नुकसान का आंकलन करवाकर मुआवजा दिलाने की बात कही है।
बड़वानी में हनुमान प्रक्टोत्सव को लेकर जिलेभर में श्रद्धा और उत्साह का माहौल है। शहर और आसपास के प्रमुख हनुमान मंदिरों में भव्य धार्मिक आयोजनों की तैयारियां पूरी हो चुकी हैं, जिनमें बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की उम्मीद है। संकट मोचन तीर्थ, श्री हनुमान टेकड़ी सेगांव में हनुमान प्रक्टोत्सव के विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। मंगलवार रात 9 बजे से यहां संगीतमय सुंदरकांड पाठ संपन्न हुआ, जो देर रात करीब 1 बजे तक चला। आज पालकी यात्रा निकाली जाएगी आज बुधवार को शाम 5:30 बजे श्रीराम कृष्ण मंदिर, इंद्रभवन झंडा चौक से भव्य पालकी यात्रा निकाली जाएगी। इस यात्रा में नगरवासियों को हनुमान जी के दर्शन कराए जाएंगे। 2 अप्रैल को प्रातः 4 बजे से हनुमान जी का विशेष अभिषेक होगा। इसके बाद सुबह 8 बजे जन्मोत्सव और महाआरती की जाएगी, जबकि शाम 6 बजे से विशाल भंडारे का आयोजन रखा गया है। मंदिर में 24 घंटे का अखंड रामायण पाठ इसी क्रम में वैष्णोदेवी मंदिर के पास स्थित धोबड़िया हनुमान मंदिर में 24 घंटे का अखंड रामायण पाठ जारी है, जो 1 अप्रैल तक चलेगा। इसके बाद 2 अप्रैल को यहां भव्य हनुमान प्रक्टोत्सव मनाया जाएगा। इस अवसर पर विशेष अभिषेक, हवन और प्रसादी वितरण का आयोजन होगा। बड़ी संख्या में भक्त यहां दर्शन के लिए पहुंच रहे हैं। 'जय श्री राम' के जयकारों से गूंजा परिसर हनुमान प्रक्टोत्सव को लेकर मंदिर समितियों द्वारा व्यवस्थाओं को अंतिम रूप दिया जा चुका है। भंडारे की तैयारियां जोरों पर हैं, प्रसादी बनाने का कार्य शुरू हो गया है और सेवाभावी कार्यकर्ता पूरी श्रद्धा के साथ जुटे हुए हैं। पूरे क्षेत्र में 'जय श्री राम' और 'जय बजरंगबली' के जयकारों से वातावरण भक्तिमय हो उठा है। समस्त श्रद्धालुओं से अपील की गई है कि वे सपरिवार और इष्ट मित्रों सहित इन आयोजनों में शामिल होकर धर्मलाभ लें।
कामां में पुलिस चौकी से 100 मीटर दूर चोरी:दुकान का शटर तोड़कर नकदी और CCTV का DVR उड़ाया
डीग जिले के कामां में मंगलवार रात एक किराना स्टोर में चोरी हो गई। चोर कामां टाउन चौकी से महज 100 मीटर दूर स्थित दुकान से नकदी और अन्य सामान ले उड़े। चोर दुकान में लगे सीसीटीवी कैमरों का डिजिटल वीडियो रिकॉर्डर (DVR) भी अपने साथ ले गए। पीड़ित दुकानदार त्रिलोकचंद सबलाना ने बताया कि उन्हें सुबह पड़ोसियों से दुकान का शटर टूटा होने की सूचना मिली। मौके पर पहुंचने पर उन्होंने पाया कि गल्ले में रखी नकदी और दुकान के महत्वपूर्ण बिल वाउचर गायब थे। चोरी हुए अन्य सामान की सूची तैयार की जा रही है। हालांकि चोरों ने दुकान का DVR गायब कर दिया, लेकिन पास के एक घर में लगे सीसीटीवी कैमरे में एक संदिग्ध की तस्वीर कैद हो गई है। फुटेज में चोर चोरी के बाद एक बोरी में सामान भरकर ले जाता हुआ स्पष्ट दिखाई दे रहा है।घटना की सूचना मिलते ही कामां पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आसपास के CCTV फुटेज खंगालना शुरू कर दिया है। पुलिस का दावा है कि जल्द ही आरोपी की पहचान कर उसे गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
हरदा में जनपद सचिव अशोक जाट और विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल के बीच चल रहा विवाद अब और बढ़ता जा रहा है। मंगलवार शाम एक नया मोड़ तब आया, जब जनपद के चौकीदार अभिषेक चौहान ने सिटी कोतवाली थाने में सचिव अशोक जाट के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई। गवाही देने पर धमकी का आरोपचौकीदार अभिषेक चौहान का आरोप है कि सचिव अशोक जाट ने उन्हें गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी दी। उनका कहना है कि यह धमकी विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल और सचिव के बीच हुए विवाद में गवाही देने को लेकर दी गई है। पहले से चल रहा है दोनों के बीच विवादयह मामला कुछ दिनों पहले शुरू हुआ था, जब ग्राम पंचायत कोलीपुरा के सचिव अशोक जाट और विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल के बीच विवाद और मारपीट हुई थी। इसके बाद दोनों पक्षों ने एक-दूसरे के खिलाफ सिटी कोतवाली थाने में केस दर्ज कराए थे। सचिव संघ ने की हड़तालइस पूरे मामले को लेकर 31 मार्च से सचिव संघ ने कलमबंद हड़ताल शुरू कर दी है। संघ की मांग है कि विधायक प्रतिनिधि राहुल पटेल के खिलाफ कार्रवाई की जाए। दूसरी ओर, हरदा विधायक डॉ. आर.के. दोगने और जिले की तीनों जनपद के अध्यक्ष व सदस्य राहुल पटेल के समर्थन में सामने आए हैं। उन्होंने कलेक्टर और जिला पंचायत सीईओ से मिलकर सचिव अशोक जाट को निलंबित करने की मांग की है। सचिव ने आरोपों को बताया गलतसचिव अशोक जाट ने अपने ऊपर लगे सभी आरोपों को गलत बताया है। उनका कहना है कि वे हड़ताल की सूचना देने और गुम हुए शासकीय रिकॉर्ड की जानकारी देने जनपद कार्यालय गए थे। इसी दौरान राहुल पटेल उन्हें मारने दौड़े, जिसके बाद वे वहां से निकल गए। पुलिस का कहना है कि उन्हें शिकायत मिली है। पूरे मामले की जांच की जा रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
डूंगरपुर में बेटियां फिर रही बेटों से आगे:आट्र्स, साइंस, कॉमर्स में बेहतर रहा प्रदर्शन
डूंगरपुर जिले में 12वीं बोर्ड परीक्षा परिणाम में छात्राओं ने छात्रों से बेहतर प्रदर्शन किया है। कला (आट्र्स) और विज्ञान (साइंस) संकायों में छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों की तुलना में अधिक रहा। वाणिज्य (कॉमर्स) संकाय में भी छात्राओं का प्रदर्शन बेहतर रहा। आट्र्स में कुल 12,671 विद्यार्थियों ने परीक्षा दी, जिनमें से 12,330 उत्तीर्ण हुए। छात्रों का उत्तीर्ण प्रतिशत 96.95% रहा, जिसमें 5,800 में से 5,623 छात्र पास हुए। इनमें 3,250 फर्स्ट डिवीजन, 2,255 सेकंड डिवीजन और 118 थर्ड डिवीजन में रहे।वहीं आट्र्स में 6,871 छात्राओं में से 6,707 (97.61%) उत्तीर्ण हुईं। छात्राओं में 4,616 फर्स्ट डिवीजन, 2,003 सेकंड डिवीजन और 88 थर्ड डिवीजन में रहीं। इस प्रकार, कला संकाय में छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों से अधिक रहा। साइंस का कुल परिणाम 98.54% रहा, जिसमें 7,039 परीक्षार्थियों में से 6,936 उत्तीर्ण हुए। 3,506 छात्रों में से 3,452 (98.46%) पास हुए। इनमें 2,889 फर्स्ट डिवीजन, 561 सेकंड डिवीजन और 2 थर्ड डिवीजन में रहे।साइंस में 3,533 छात्राओं में से 3,484 (98.61%) उत्तीर्ण हुईं। छात्राओं में 3,454 फर्स्ट डिवीजन और 430 सेकंड डिवीजन में रहीं। इस संकाय में किसी भी छात्रा को थर्ड डिवीजन नहीं मिला। कॉमर्स का कुल परिणाम 88.29% रहा। कुल 222 विद्यार्थियों में से 196 उत्तीर्ण हुए। 172 छात्रों में से 149 (86.69%) पास हुए, जिनमें 110 फर्स्ट डिवीजन और 39 सेकंड डिवीजन में रहे।कॉमर्स में 50 छात्राओं में से 47 (94%) उत्तीर्ण हुईं। इनमें 43 फर्स्ट डिवीजन और 4 सेकंड डिवीजन में रहीं। इस प्रकार, वाणिज्य संकाय में भी छात्राओं का उत्तीर्ण प्रतिशत छात्रों से बेहतर रहा।
नए वित्तीय वर्ष के पहले ही दिन आम लोगों को महंगाई का एक और झटका लगा है। 31 मार्च की आधी रात से दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे समेत वेस्ट यूपी के कई हाईवे पर टोल दरों में बढ़ोतरी लागू कर दी गई है। इससे रोजाना सफर करने वाले यात्रियों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर सीधा असर पड़ेगा। दिल्ली-मेरठ एक्सप्रेसवे (DME) पर कार, जीप और हल्के वाहनों के लिए टोल ₹170 से बढ़ाकर ₹175 कर दिया गया है, जबकि बस और ट्रक जैसे भारी वाहनों पर ₹15 तक की बढ़ोतरी की गई है। मल्टी एक्सल और ओवरसाइज वाहनों के टोल में भी इजाफा हुआ है, जिससे माल ढुलाई महंगी होने के संकेत हैं। वहीं दिल्ली-देहरादून एक्सप्रेसवे पर बढ़ोतरी सबसे ज्यादा देखने को मिली है। यहां कार का टोल सीधे ₹35 से बढ़कर ₹85 हो गया है, जबकि बस और ट्रक के लिए ₹115 से ₹300 तक वसूले जाएंगे। भारी वाहनों के लिए यह बढ़ोतरी ढाई गुना तक पहुंच गई है। मेरठ-पौड़ी हाईवे के भैंसा टोल प्लाजा पर भी 5 से 25 रुपए तक टोल बढ़ाया गया है। हालांकि मेरठ-करनाल हाईवे के भूनी टोल प्लाजा पर कार चालकों को राहत देते हुए एक तरफ का किराया ₹85 ही रखा गया है, लेकिन बस और ट्रक पर ₹20 की बढ़ोतरी की गई है। भैंसा और भूनी टोल प्लाजा पर 20 किलोमीटर दायरे में रहने वाले स्थानीय निवासियों के लिए मासिक पास ₹350 में जारी रहेगा, जिससे उन्हें कुछ राहत मिलेगी। दिल्ली-देहरादून हाईवे के वेस्टर्न यूपी टोल प्लाजा पर फिलहाल कोई बढ़ोतरी नहीं की गई है। यहां जुलाई तक पुराने रेट लागू रहेंगे। टोल दरों में इस बढ़ोतरी से रोजाना दिल्ली-एनसीआर आने-जाने वाले हजारों यात्रियों का मासिक बजट प्रभावित होगा, वहीं ट्रांसपोर्ट महंगा होने से बाजार में भी असर दिख सकता है।
नीमच शहर के केंद्रीय विद्यालय के पास स्थित विश्व हिंदू परिषद की ओर से संचालित श्री गौधाम बालाजी मंदिर में हनुमान प्रक्टोत्सव धूमधाम से मनाया जा रहा है। इस अवसर पर मंगलवार को बालाजी महाराज का भव्य श्रृंगार किया गया, जिसे देखने के लिए दिनभर श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। उत्सव के तहत मंगलवार रात को भजन संध्या का आयोजन किया गया। इसमें प्रतापगढ़ के प्रसिद्ध गायक नवीन वैष्णव ने मधुर भजनों की प्रस्तुतियां दीं। इन भक्तिमय धुनों पर श्रद्धालु देर रात तक झूमते रहे। कार्यक्रम में शहर और ग्रामीण क्षेत्रों से बड़ी संख्या में भक्तों ने भाग लिया, जिससे पूरा वातावरण बजरंगबली के जयकारों से गूंज उठा। आज सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ होगा आयोजन के अगले चरण में आज मंदिर परिसर में सुंदरकांड और हनुमान चालीसा का पाठ होगा। इसके बाद सुबह 9:15 बजे वैदिक मंत्रोच्चार के साथ बालाजी महाराज का विशेष अभिषेक संपन्न किया जाएगा। दोपहर 12:15 बजे से अष्टोत्तर शत श्री राम रक्षा स्त्रोत यज्ञ का आयोजन किया जाएगा। आयोजकों ने बताया कि उत्सव का यह क्रम 2 अप्रैल तक जारी रहेगा, जिसमें सुबह से ही विभिन्न धार्मिक अनुष्ठान आयोजित किए जाएंगे। वर्तमान में उमड़ रही भीड़ को देखते हुए मंदिर में भक्ति का माहौल चरम पर है।
रेवाड़ी शहर में रोहतक हाईवे के पास गांव गंगायचा जाट में एक खेत में महिंद्रा थार गाड़ी रहस्यमय परिस्थितियों में मिली है। गाड़ी के शीशे टूटे हुए थे और उस पर खून के निशान भी देखे गए। इस घटना से स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया, जिसके बाद उन्होंने तुरंत डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। पुलिस के अनुसार, ड्राइवर ने किसी अनहोनी से बचने के लिए गाड़ी को खेत में उतार दिया था। गाड़ी तेजी से खेत की तार वाली फेंसिंग को तोड़ती हुई अंदर घुसी और धंस गई। इसके बाद ड्राइवर गाड़ी को वहीं छोड़कर फरार हो गया। सुबह खेतों में काम करने गए स्थानीय लोगों ने इस थार गाड़ी को देखा और तत्काल पुलिस को सूचित किया। सूचना मिलते ही रेवाड़ी सदर थाने और रोहड़ाई थाने की पुलिस टीमें मौके पर पहुंची। पुलिस ने गाड़ी को अपने कब्जे में लेकर थाने पहुंचा दिया है। कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई रेवाड़ी सदर थाने के एसएचओ राजेंद्र ने बताया कि अभी तक घटना के बारे में कोई ठोस जानकारी नहीं मिल पाई है। बिना नंबर प्लेट की थार गाड़ी है। गाड़ी का मालिक, ड्राइवर या घटना का कारण क्या था, इसकी जांच जारी है। पुलिस फिंगरप्रिंट, खून के सैंपल और आसपास के सीसीटीवी फुटेज की मदद से मामले की गहन छानबीन कर रही है। इलाकों में पूछताछ में जुटी पुलिस घटना रेवाड़ी-रोहतक हाईवे के निकट हुई है, जिससे सड़क सुरक्षा और हिट एंड रन जैसे मामलों पर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने आसपास के इलाकों में पूछताछ तेज कर दी है और जल्द ही मामले में कोई ठोस सुराग मिलने की उम्मीद जताई है।
गोंडा जिले के नगर कोतवाली क्षेत्र अंतर्गत रोडवेज पुलिस चौकी के पास देर रात दो गुटों के युवकों के बीच जमकर मारपीट हुई। यह घटना भैया राघव राम मार्केट में आपसी कहासुनी को लेकर हुई, जिसमें लात-घूसों और बेल्ट का इस्तेमाल किया गया। यह मारपीट रोडवेज पुलिस चौकी से चंद कदमों की दूरी पर हुई। मौके पर मौजूद कुछ लोगों ने झगड़ा शांत कराने के बजाय अपने मोबाइल फोन में घटना का वीडियो बनाते रहे। मारपीट की सूचना पर कुछ देर बाद स्थानीय चौकी के पुलिसकर्मी मौके पर पहुंचे। पुलिस को देखते ही कई युवक फरार हो गए, हालांकि रोडवेज चौकी पुलिस ने कुछ युवकों को दौड़ाकर हिरासत में लिया और उन्हें नगर कोतवाली ले जाया गया है। आरोपियों से पूछताछ की जा रही है। बताया जा रहा है कि यह मारपीट आपसी वर्चस्व को लेकर हुई थी। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद गोंडा नगर कोतवाली और रोडवेज चौकी पुलिस ने इसका संज्ञान लिया है। नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि मारपीट की घटना पर देर रात पुलिसकर्मियों को भेजा गया था। उन्होंने पुष्टि की कि युवकों को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है और इस मामले में कड़ी कार्रवाई की जाएगी। रोडवेज चौकी प्रभारी को भी सख्स निर्देश दिया गया है कि ऐसे मामलों में तत्काल प्रभाव से कठोर कार्रवाई किया जाए फिर भी पुनः निर्देश दिया जा रहा है।
धौलपुर में कल निकलेगी भव्य शोभायात्रा:रास्ता किया जा रहा ठीक, हनुमान जयंती को लेकर तैयारियां तेज
धौलपुर में हनुमान जन्मोत्सव के अवसर पर पारंपरिक हनुमान शोभायात्रा का आयोजन गुरुवार को किया जाएगा। यह भव्य शोभायात्रा शहर की मुख्य सड़कों से होकर गुजरेगी, जिसे देखने के लिए हर साल बड़ी संख्या में श्रद्धालु उमड़ते हैं। शोभायात्रा के रास्ते को ठीक किया जा रहा है। शोभायात्रा के सफल आयोजन को लेकर प्रशासन और नगर परिषद ने तैयारियां तेज कर दी हैं। श्रद्धालुओं की सुविधा सुनिश्चित करने के लिए शहर की सड़कों और नालियों को दुरुस्त करने का काम युद्धस्तर पर जारी है।नगर परिषद द्वारा शहर के गड्ढों में डस्ट और छोटी गिट्टी डाली जा रही है। इसके अलावा जनाना अस्पताल के पास नाले की खुदाई कर उसकी मरम्मत की जा रही है। मुख्य मार्गों की साफ-सफाई और सजावट का कार्य भी तेजी से किया जा रहा है। धौलपुर की यह शोभायात्रा अपनी भव्यता और आकर्षक झांकियों के लिए प्रसिद्ध है। इसमें शामिल होने और दर्शन करने के लिए राजस्थान के साथ-साथ पड़ोसी राज्यों से भी बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं।प्रशासन द्वारा आयोजन को शांतिपूर्ण और व्यवस्थित तरीके से संपन्न कराने के लिए सुरक्षा और यातायात व्यवस्था के विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं।
नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही आज एक अप्रैल से कई बदलाव लागू होंगे जिनका असर आमजन पर देखा जाएगा।इनमे सबसे बड़ा असर टोल दरों में बढ़ोतरी के रूप में दिखाई देगा।नेशनल हाईवे अथॉरिटी ने टोल शुल्क में वृद्धि की है,जिससे प्राईवेट और कॉमर्शियल वाहनों से सफर महंगा होगा। स्कूल का समय बदला शिक्षा विभाग ने भी स्कूलों के समय में बदलाव किया है। अब सरकारी स्कूलों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। आंगनवाड़ी दो बजे तक चलेगी आंगनबाड़ी केंद्रों का समय भी बदला गया है, जहां सुबह 8 से दोपहर 2 बजे तक संचालन होगा। सरकारी अस्पताल का टाइम चेंज सरकारी अस्पतालों की ओपीडी टाइमिंग में भी परिवर्तन किया गया है। अब ओपीडी सुबह 8 बजे से दोपहर 2 बजे तक चलेगी। कोर्ट दोपहर एक बजे तक कोर्ट के टाइम में भी 13 अप्रैल से बदलाव लागू होगा। इसके तहत अदालतों का समय सुबह 7:30 बजे से दोपहर 1 बजे तक रहेगा। जयपुर दिल्ली के मिली दो रोडवेज की एसी बस आज से भीलवाड़ा से जयपुर ओर भीलवाड़ा- जयपुर-दिल्ली के लिए दो नई एसी बसों का संचालन किया जाएगा।
संभल में बेमौसम बारिश ने किसानों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। 20 मार्च को हुई बारिश से गेहूं, मसूर और लेटा की फसलों को भारी नुकसान हुआ है। वहीं, जिले में तेज धूप के साथ तपन बढ़ गई है, हालांकि शाम को तेज हवाएं चलने से मौसम सुहावना हो रहा है। किसानों के अनुसार, खेतों में तैयार खड़ी गेहूं की फसल का लगभग 60 प्रतिशत हिस्सा खराब हो गया है। यदि दो-तीन दिन और बारिश न होती, तो किसान अपनी फसल काट लेते। तहसील चंदौसी के गांव रचैटा निवासी मेहमद हसन ने बताया कि इस बार फसल अच्छी हुई थी, लेकिन बारिश के कारण गेहूं की उपज आधी रह गई और मसूर तो बिल्कुल भी हाथ नहीं लगी। उन्होंने कहा कि एक बीघा खेत में जहां 2 क्विंटल गेहूं की फसल निकलनी थी, वहां अब मुश्किल से एक से सवा क्विंटल ही निकलेगी। लेटा की फसल को भी नुकसान पहुंचा है। बुधवार सुबह 8 बजे संभल का तापमान 24 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि दिन में इसके 38 डिग्री सेल्सियस तक पहुंचने की संभावना है। जिले का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) 134 रहा। दोपहर 12 बजे से देर रात तक बादल छाए रहने और शाम को तेज हवा के साथ बारिश होने की भी संभावना है। मंगलवार शाम को भी तेज हवा चली और हल्की बूंदाबांदी हुई थी, लेकिन दिन में तेज धूप से तपन बढ़ गई। बार-बार बदल रहे मौसम का असर लोगों के स्वास्थ्य पर भी पड़ रहा है। सरकारी और निजी अस्पतालों में बुखार से पीड़ित छोटे बच्चे भर्ती हैं। इसके अलावा, खांसी, जुकाम और बुखार से अन्य लोग भी परेशान हैं। चंदौसी जंक्शन से लखनऊ जाने वाली सभी ट्रेनें और बरेली-अलीगढ़ पैसेंजर ट्रेनें अपने निर्धारित समय पर चल रही हैं। रोडवेज बसों में भी यात्रियों की आवाजाही सामान्य दिख रही है।
डीग में साइबर ठग गैंग का पर्दाफाश:4 बदमाश दबोचे, हनीट्रैप और पुराने सिक्कों के नाम पर करते थे वारदात
डीग जिले की जुरहरा थाना पुलिस ने साइबर ठगी के एक गिरोह का पर्दाफाश किया है। पुलिस ने हनीट्रैप और पुराने सिक्कों के नाम पर ठगी करने वाले 4 बदमाशों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 4 एंड्रॉइड फोन और 8 फर्जी सिम कार्ड जब्त किए गए हैं। थाना अधिकारी गिर्राज ने बताया कि मुखबिर की सूचना पर जुरहरा पुलिस ने अहलवाडी रोड पर नई प्लॉटिंग क्षेत्र में दबिश दी। पुलिस को देखते ही वहां मोबाइल चला रहे 6 युवकों में भगदड़ मच गई। पुलिस ने घेराबंदी कर मुस्तकीम, आसिप, जनरेल सिंह और तालिम नामक 4 आरोपियों को मौके से गिरफ्तार कर लिया। हालांकि, अंधेरे का फायदा उठाकर 2 आरोपी भागने में सफल रहे। लड़कियों की फर्जी आईडी बनाकर फंसाते थेपुलिस के अनुसार, ये ठग लड़कियों की फर्जी आईडी बनाकर लोगों को वीडियो कॉल के जरिए अपने जाल में फंसाते थे। इसके बाद अश्लील वीडियो वायरल करने की धमकी देकर उनसे पैसे वसूलते थे। पूछताछ में यह भी सामने आया है कि ये अपराधी अन्य ठगों को भी ऊंचे दामों पर फर्जी सिम कार्ड उपलब्ध कराते थे। पुलिस पकड़े गए सभी साइबर ठगों से गहनता से पूछताछ कर रही है। इस मामले में और भी खुलासे होने की संभावना है।
मुरादाबाद में ड्रग तस्कर गिरफ्तार:पुलिस के रोकने पर फायरिंग की, जवाबी कार्रवाई में पैर में लगी गोली
मुरादाबाद में नशे के कारोबार के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत पुलिस और एक ड्रग तस्कर के बीच मुठभेड़ हुई। सिविल लाइंस थाना क्षेत्र के सोनकपुर पुल के नीचे हुई इस कार्रवाई में बदमाश मोना उर्फ अमरदीप के पैर में गोली लगने के बाद उसे गिरफ्तार कर लिया गया। पुलिस के अनुसार, आरोपी मोना उर्फ अमरदीप भारी मात्रा में नशीला पदार्थ लेकर कॉल पर ड्रग्स की सप्लाई देने जा रहा था। पुलिस को उसकी गतिविधियों की सूचना मिली, जिसके बाद घेराबंदी कर उसे रोकने का प्रयास किया गया। खुद को पुलिस से घिरा देख आरोपी ने पकड़े जाने के डर से पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी। पुलिस ने भी आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें अमरदीप के पैर में गोली लग गई। मुठभेड़ के बाद पुलिस ने आरोपी को मौके से गिरफ्तार कर तुरंत जिला अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पुलिस ने उसके कब्जे से भारी मात्रा में ड्रग्स और एक अवैध तमंचा भी बरामद किया है। बताया जा रहा है कि मोना उर्फ अमरदीप पर जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में पहले से ही 21 से अधिक गंभीर धाराओं में मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस रिकॉर्ड के अनुसार, वह लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में सक्रिय था। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल द्वारा चलाए जा रहे लक्ष्य ऐप अभियान के तहत जिले के अपराधियों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है। इसी क्रम में यह गिरफ्तारी पुलिस के लिए एक बड़ी सफलता मानी जा रही है। फिलहाल पुलिस आरोपी से पूछताछ कर रही है और उसके नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में जुटी हुई है।
एसटीआर से बाहर निकले बाघ का तीसरे दिन रेस्क्यू:पिंजरा और जाल फेल; टीम ने बेहोश कर पकड़ा
सतपुड़ा टाइगर रिजर्व के कॉलर आईडी लगे बाघ को वन विभाग की टीम ने बुधवार सुबह तवा डैम के बेकवॉटर किनारे मांदीखोह इलाके से ट्रेंकुलाइज कर रेस्क्यू किया। यह बाघ पिछले डेढ़ महीने से एसटीआर के बाहर इटारसी और सुखतवा रेंज के जंगलों में घूम रहा था और गांव के पास मूवमेंट होने व मवेशी का शिकार करने के कारण उसे पकड़कर चूरना के कोर क्षेत्र में छोड़ने का निर्णय लिया गया। तीन दिन से चल रहा था रेस्क्यू ऑपरेशन वन विभाग की टीम पिछले तीन दिनों से लगातार इस बाघ को पकड़ने के प्रयास में जुटी हुई थी। अलग-अलग तरीके अपनाए गए, लेकिन बाघ हर बार टीम को चकमा देकर झाड़ियों में छिप जाता था। बुधवार को टीम को बाघ की लोकेशन तवा डैम के बेकवॉटर के पास मांदीखोह क्षेत्र में मिली। इसके बाद एसटीआर रेस्क्यू दल, चूरना और टेरिटोरियल के इटारसी व सुखतवा रेंज के अमले ने घेराबंदी कर कार्रवाई शुरू की। पहले दो दिन नाकाम रही कोशिश सोमवार को सुबह 6 बजे से फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा, डिप्टी डायरेक्टर ऋषभा नेताम, डीएफओ गौरव शर्मा, सहायक संचालक विनोद वर्मा और वन्यप्राणी विशेषज्ञ डॉक्टर गुरुदत्त टीम के साथ मौके पर पहुंचे। ट्रेंकुलाइज करने की कोशिश की गई, लेकिन बाघ झाड़ियों में भाग गया। मंगलवार को भी प्रयास किया गया, लेकिन सफलता नहीं मिली। पिंजरे और जाल भी रहे बेअसर बाघ को पकड़ने के लिए विभाग ने मंगलवार दोपहर में तीन अलग-अलग पिंजरे लगाए, जिनमें बकरियों को रखा गया ताकि बाघ लालच में आए। इसके साथ जाल लगाने की भी तैयारी की गई, लेकिन बाघ न पिंजरे में आया और न जाल में फंसा। लगातार कोशिशों के बाद बुधवार सुबह टीम ने बाघ को ट्रेंकुलाइज कर बेहोश कर दिया। इसके बाद उसे सुरक्षित पिंजरे में रखा गया और वाहन से चूरना के जंगल की ओर रवाना किया गया। चूरना के कोर क्षेत्र में छोड़ा जाएगा टीम बाघ को चूरना के घने कोर क्षेत्र में छोड़ने की तैयारी कर रही है, ताकि वह फिर से जंगल के अंदर अपनी टेरिटरी बना सके और आबादी से दूर रह सके। वन विभाग के अनुसार, 2 जनवरी को मालनी बाड़े से दो बाघों को चूरना के जंगल में छोड़ा गया था। दोनों को कॉलर आईडी लगाकर उनकी निगरानी की जा रही थी ताकि उनकी मूवमेंट पर नजर रखी जा सके। दोनों बाघ जंगल से बाहर निकल गए इनमें से एक बाघ 17 फरवरी को एसटीआर से निकलकर इटारसी रेंज में पहुंच गया, जबकि दूसरा बाघ 7 मार्च को बाहर निकलकर तवा डैम के आसपास घूमने लगा। इसके बाद से वन विभाग लगातार उनकी निगरानी कर रहा था। जिस बाघ को रेस्क्यू किया गया है, उसने कुछ दिन पहले गांव के पास एक मवेशी का शिकार किया था। इसके बाद उसका मूवमेंट लगातार आबादी वाले इलाकों के पास बना हुआ था, जिससे खतरे की स्थिति बन गई थी। ग्रामीणों से सतर्क रहने की अपील एसटीआर फील्ड डायरेक्टर राखी नंदा ने बताया कि दोनों बाघों पर लगातार नजर रखी जा रही है। एक बाघ को रेस्क्यू कर कोर क्षेत्र में छोड़ा जा रहा है। उन्होंने ग्रामीणों से अपील की है कि अगर कहीं बाघ दिखाई दे तो घबराएं नहीं और तुरंत वन विभाग को सूचना दें। टीम लगातार बाघों की लोकेशन पर नजर बनाए हुए है।
राजस्थान सरकार द्वारा किए गए प्रशासनिक फेरबदल के तहत सलूम्बर जिले को नया कलेक्टर मिल गया है। 2018 बैच के आईएएस अधिकारी मुहम्मद जुनैद पी.पी. को सलूम्बर का जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। इससे पहले, वे जयपुर में जलसंभर विकास एवं मृदा संरक्षण विभाग (ग्रामीण विकास एवं पंचायती राज विभाग) में निदेशक एवं पदेन संयुक्त शासन सचिव के पद पर कार्यरत थे। मुहम्मद जुनैद पी.पी. अपने प्रशासनिक अनुभव और कार्यशैली के लिए जाने जाते हैं। उन्होंने विभिन्न महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां निभाते हुए अपनी नेतृत्व क्षमता का प्रदर्शन किया है। उनके सलूम्बर में पदभार संभालने से जिले के विकास कार्यों को नई गति मिलने की उम्मीद है। मुहम्मद जुनैद पी.पी. का जन्म 20 अक्टूबर 1991 को हुआ था। उन्होंने केरल विश्वविद्यालय, तिरुवनंतपुरम से इलेक्ट्रॉनिक्स एवं संचार (बी.टेक) की डिग्री प्राप्त की है। वे सिविल सेवा परीक्षा 2017 में अखिल भारतीय स्तर पर 200वीं रैंक के साथ चयनित हुए थे।
1 अप्रैल 2026 से नया वित्तीय वर्ष शुरू होते ही देशभर में कई बड़े बदलाव लागू हो गए हैं, जिनका सीधा असर आम लोगों की जेब और रोजमर्रा की जिंदगी पर पड़ेगा। नए टैक्स सिस्टम के लागू होने से टैक्स प्रक्रिया बदली है, वहीं हाईवे पर सफर करना अब महंगा हो गया है, क्योंकि टोल दरों में बढ़ोतरी की गई है। इस बीच छत्तीसगढ़ में भी राहत और बदलाव दोनों साथ नजर आ रहे हैं। राज्य में प्रॉपर्टी की रजिस्ट्री सस्ती हो गई है। राशन दुकानों में अब तीन महीने का चावल एक साथ मिलेगा और नई आबकारी नीति के तहत शराब अब प्लास्टिक बोतलों में बिकेगी। टैक्स सिस्टम में बड़ा बदलाव 1 अप्रैल यानी आज से देश में नया इनकम टैक्स एक्ट 2025 लागू होगा, जो 1961 के पुराने आयकर अधिनियम की जगह लेगा। इस नए कानून के तहत टैक्स सिस्टम को सरल बनाने की कोशिश की गई है। गैर-ऑडिट करदाताओं के लिए ITR-3 और ITR-4 दाखिल करने की आखिरी तारीख बढ़ाकर 31 अगस्त कर दी गई है, जिससे टैक्सपेयर्स को राहत मिलेगी। अब तक लागू व्यवस्था में वित्तीय वर्ष और आकलन वर्ष अलग-अलग होते थे, जिससे अक्सर भ्रम की स्थिति बनती थी। नए प्रावधान में इस व्यवस्था को खत्म कर सिर्फ ‘टैक्स वर्ष’ लागू किया गया है। यानी 1 अप्रैल 2026 से 31 मार्च 2027 तक की अवधि को टैक्स वर्ष 2026-27 कहा जाएगा, जिससे टैक्स प्रक्रिया को आसान और स्पष्ट बनाने की कोशिश की गई है। हाईवे पर सफर महंगा: टोल टैक्स और एनुअल पास बढ़ा आज से छत्तीसगढ़ में टोल टैक्स की नई दरें लागू हो गई हैं। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की ओर से जारी नोटिफिकेशन के अनुसार प्रदेश के प्रमुख टोल प्लाजा पर वाहनों को अब 5 से 20 रुपए तक अतिरिक्त शुल्क देना होगा। इसका असर बिलासपुर समेत रोजाना हाईवे पर सफर करने वाले लाखों यात्रियों पर पड़ेगा। भिलाई, आरंग, बिलासपुर-रायपुर, कोरबा, अंबिकापुर, रायगढ़ और जगदलपुर रूट पर स्थित कुम्हारी, भोजपुरी, मुढ़ीपार, पाराघाट और बगदेवा सहित कई टोल प्लाजा की दरों में बढ़ोतरी की गई है। वहीं FASTag अनिवार्य रहने के साथ एनुअल पास भी महंगा होकर 3,075 रुपए का हो गया है, जिससे नेशनल हाईवे पर सफर करना अब और खर्चीला हो गया है। NHAI की तरफ से जारी नोटिफिकेशन में 5 से 10% शुल्क में बढ़ोतरी की गई है। अलग-अलग टोल मैनेजमेंट और एनएचएआई से जारी नोटिफिकेशन के मुताबिक ये बढ़ोतरी 5 से लेकर 20 रुपए तक की है। रिंग रोड पर प्राइवेट के अलावा हल्के कॉमर्शियल वाहनों के लिए बढ़ोतरी नहीं की गई है। यहां केवल भारी कॉमर्शियल गाड़ियों के लिए टोल रेटों में 5 से लेकर 20 रुपए तक बढ़ोतरी की गई है। टोल पर नो-कैश: सिर्फ FASTag और UPI से भुगतान 1 अप्रैल से देशभर के टोल प्लाजा पर कैश ट्रांजेक्शन पूरी तरह बंद कर दिया गया है। अब टोल टैक्स का भुगतान केवल FASTag या UPI जैसे डिजिटल माध्यमों से ही किया जा सकेगा, जिससे टोल सिस्टम को पूरी तरह कैशलेस बनाने की दिशा में कदम बढ़ाया गया है। इस बदलाव के बाद बिना FASTag या पर्याप्त बैलेंस के यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। ऐसे में UPI ही एकमात्र विकल्प बचेगा, क्योंकि कैश भुगतान की सुविधा पूरी तरह खत्म कर दी गई है। PAN-KYC नियम सख्त: पहचान सत्यापन अनिवार्य नए वित्तीय वर्ष से PAN और KYC से जुड़े नियमों को और सख्त किया गया है। बैंक खाते, निवेश और टैक्स से जुड़े सभी लेनदेन में पहचान सत्यापन अनिवार्य रहेगा, जिससे बिना वैरिफिकेशन के ट्रांजैक्शन पर रोक लगेगी। इस कदम का मकसद फर्जी खातों पर नियंत्रण और टैक्स चोरी पर लगाम कसना है। PAN कार्ड के लिए केवल आधार ही नहीं बल्कि बर्थ सर्टिफिकेट या 10वीं कक्षा की मार्कशीट भी लगेगी। रेल टिकट नियम सख्त: अब 8 घंटे पहले तक ही मिलेगा रिफंड 1 अप्रैल से ट्रेन टिकट कैंसिलेशन के नियमों में बदलाव किया गया है। अब यात्रियों को ट्रेन छूटने से कम से कम 8 घंटे पहले टिकट रद्द करने पर ही रिफंड मिलेगा, जबकि पहले यह सीमा 4 घंटे थी। वहीं यात्री ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक बोर्डिंग स्टेशन बदल सकेंगे। इस बदलाव का सीधा असर यात्रियों की जेब पर पड़ेगा, क्योंकि समय पर टिकट कैंसिल नहीं करने पर रिफंड नहीं मिलेगा। हालांकि नियम सख्त होने से फर्जी बुकिंग पर रोक लगेगी और कंफर्म टिकट मिलने की संभावना बढ़ेगी। कॉमर्शियल गैस महंगी: चाय-नाश्ता और कैटरिंग पर असर आज से तेल कंपनियों ने कॉमर्शियल एलपीजी गैस सिलेंडर के दाम ₹218 तक बढ़ा दिए हैं, जिसके बाद चेन्नई में इसकी कीमत ₹2246.50 और दिल्ली में ₹2078.50 हो गई है। सिलेंडर महंगा होने से होटल, रेस्टोरेंट और ढाबा संचालकों का खर्च बढ़ेगा, जिसका असर सीधे आम लोगों पर पड़ेगा। चाय, नाश्ता और थाली की कीमतें बढ़ सकती हैं, वहीं शादी-ब्याह और कैटरिंग सेवाएं भी महंगी हो सकती हैं। घरेलू सिलेंडर के दामों में बदलाव नहीं सैलरी स्ट्रक्चर में बदलाव: बेसिक पे कम से कम 50% जरूरी 1 अप्रैल से लागू नए वेतन नियमों के तहत कर्मचारियों की बेसिक सैलरी अब उनके कुल CTC का कम से कम 50% रखना अनिवार्य होगा। कंपनियां भत्तों का हिस्सा 50% से ज्यादा नहीं रख सकेंगी, जिससे सैलरी स्ट्रक्चर में बड़ा बदलाव आएगा। इसका सीधा असर कर्मचारियों की इन-हैंड सैलरी पर पड़ सकता है, क्योंकि बेसिक पे बढ़ने से EPF और ग्रेच्युटी में कटौती का हिस्सा भी बढ़ेगा। हालांकि लंबे समय में इसका फायदा यह होगा कि कर्मचारियों का रिटायरमेंट फंड और ग्रेच्युटी पहले से ज्यादा मजबूत होगी। छत्तीसगढ़ में होने वाले बदलाव छत्तीसगढ़ में सस्ती रजिस्ट्री: स्टाम्प ड्यूटी पर सरचार्ज खत्म आज से अप्रैल से राज्य में जमीन, मकान और दुकानों की रजिस्ट्री सस्ती हो जाएगी। सरकार ने स्टाम्प ड्यूटी पर लगने वाले 12% सरचार्ज को खत्म कर दिया है, जिससे प्रॉपर्टी खरीदने वालों को सीधा आर्थिक लाभ मिलेगा। राशन वितरण में बदलाव: एक साथ 3 महीने का चावल नए वित्तीय वर्ष की शुरुआत के साथ ही सरकारी राशन दुकानों से हितग्राहियों को अप्रैल, मई और जून महीने का चावल एक साथ दिया जाएगा। इससे लोगों को बार-बार राशन दुकान जाने की जरूरत नहीं होगी। प्लास्टिक की बोतल में मिलेगी शराब छत्तीसगढ़ में 1 अप्रैल 2026 से नई आबकारी नीति लागू हो रही है, जिसके तहत सरकारी शराब दुकानों में कांच की जगह प्लास्टिक (PET) बोतलों में शराब बेची जाएगी। नई नीति के तहत ड्यूटी बढ़ने से देशी, विदेशी और बियर महंगी हो जाएंगी। महंगी शराब पर ज्यादा टैक्स का स्लैब तय किया गया है। हालांकि देसी शराब की कीमतें पहले की ही तरह रहेंगी।
सतना शासकीय हायर सेकेंडरी स्कूल सज्जनपुर में मंगलवार को लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए एक शिक्षक को रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ लिया। आरोपी शिक्षक महेंद्र पांडेय 1200 रुपये लेते हुए गिरफ्तार हुआ। खास बात यह है कि वह शिक्षक होने के बावजूद नियमों के खिलाफ लिपिकीय काम भी कर रहा था। जानकारी के अनुसार, महेंद्र पांडेय मूल रूप से गणित के शिक्षक हैं और माध्यमिक शाला अतरहरा में पदस्थ हैं। इसके बावजूद वे सज्जनपुर संकुल केंद्र में जन शिक्षक का काम भी देख रहे थे। यही नहीं, वे उसी स्कूल में वित्त और स्थापना से जुड़े लिपिकीय काम भी संभाल रहे थे, जबकि नियमों के अनुसार शिक्षक से ऐसा काम नहीं लिया जा सकता। रिश्वत लेते हुए लोकायुक्त ने पकड़ाइसी लिपिकीय काम के दौरान लेनदेन की शिकायत सामने आई थी। जांच के बाद लोकायुक्त टीम ने कार्रवाई करते हुए महेंद्र पांडेय को 1200 रुपये रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया। बताया जा रहा है कि वर्ष 2022 में तत्कालीन प्राचार्य राजीव लोचन अग्निहोत्री ने नियमों को दरकिनार करते हुए महेंद्र पांडेय को जन शिक्षक बना दिया था। जबकि शासन के स्पष्ट निर्देश हैं कि गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के शिक्षक को जन शिक्षक नहीं बनाया जा सकता। चार साल से संभाल रहा था वित्त का कामजानकारों के मुताबिक, महेंद्र पांडेय पिछले करीब चार साल से स्कूल में वित्त और स्थापना से जुड़े लेनदेन का काम देख रहे थे। जबकि अक्टूबर 2025 में विवेक शर्मा को लेखापाल नियुक्त किया गया था, फिर भी लिपिकीय काम महेंद्र पांडेय ही करते रहे। इस मामले में शिकायत के बाद 2 जनवरी को जिला शिक्षा अधिकारी (डीईओ) ने स्कूल प्राचार्य विभा शुक्ला को निर्देश दिए थे कि लिपिकीय प्रभार लेखापाल को सौंपा जाए। लेकिन इसके बावजूद महेंद्र पांडेय से काम नहीं हटाया गया। अधिकारियों ने भी मानी गड़बड़ीजिला परियोजना समन्वयक (डीपीसी) विष्णु त्रिपाठी ने साफ कहा कि महेंद्र पांडेय की जन शिक्षक के पद पर नियुक्ति जिला स्तर से नहीं हुई थी और यह नियमों के खिलाफ है। उन्होंने यह भी बताया कि किसी शिक्षक से लिपिकीय कार्य लेना पूरी तरह गैरकानूनी है। इस कार्रवाई के बाद न सिर्फ शिक्षक, बल्कि स्कूल की पूरी व्यवस्था सवालों के घेरे में आ गई है। अब देखना होगा कि इस मामले में आगे और किन-किन जिम्मेदारों पर कार्रवाई होती है।
दो बाइकों की भिड़ंत में एक युवक की मौत:सिवनी में तीन घायल, अस्पताल में भर्ती; तेज रफ्तार से हादसा
सिवनी मंगलवार रात सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना घंसौर थाना क्षेत्र अंतर्गत निचली गांव का है। हादसे में तीन अन्य लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा दो बाइकों की आमने-सामने हुई जोरदार टक्कर के कारण हुआ। जानकारी के अनुसार, मानेगांव पिपरिया निवासी युवराज राहंगडाले अपनी बाइक से घंसौर की ओर जा रहे थे। निचली ग्राम के पास सामने से आ रही दूसरी बाइक से उनकी जोरदार भिड़ंत हो गई। टक्कर इतनी भीषण थी कि युवराज राहंगडाले ने घटनास्थल पर ही दम तोड़ दिया। दूसरी बाइक सवार तीन लोग घायल हादसे में दूसरी बाइक पर सवार तीन लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। इनमें मानेगांव पिपरिया निवासी संध्या परते (35) पति मनोज परते, भानमती बाई (38) पति बेनीराम और पंकज (34) पिता सरदार शामिल हैं। घटना की सूचना मिलते ही एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को तत्काल प्राथमिक इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र घंसौर ले जाया गया, जहां उनका इलाज जारी है। डॉक्टरों के अनुसार, घायलों की स्थिति गंभीर बनी हुई है। दो बाइकों की टक्कर से हादसा दुर्घटना के बाद मौके पर स्थानीय लोगों की भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए यातायात भी प्रभावित हुआ। पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर स्थिति को नियंत्रित किया और यातायात को सामान्य कराया। घंसौर थाना प्रभारी लक्ष्मण सिंह झारिया ने बताया कि दो बाइकों की टक्कर से दुर्घटना की सूचना मिली थी। मृतक के शव का पंचनामा तैयार कर मर्ग कायम कर लिया गया है और मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस हादसे के कारणों का पता लगाने में जुटी है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और लापरवाही को दुर्घटना का संभावित कारण माना जा रहा है। पुलिस ने लोगों से सड़क पर सावधानीपूर्वक वाहन चलाने की अपील की है, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं से बचा जा सके।
हरदोई जिले में जनगणना 2027 के तहत गृह सूचीकरण (हाउस लिस्टिंग) कार्य आज से औपचारिक रूप से शुरू हो गया है। यह अभियान 30 सितंबर तक चलेगा, जिसके पहले दिन से ही प्रगणक घर-घर जाकर परिवारों का विवरण एकत्र कर रहे हैं। जिला प्रशासन के अनुसार, इस चरण में प्रत्येक मकान, परिवार, उपलब्ध सुविधाओं और बुनियादी ढांचे से संबंधित विस्तृत जानकारी जुटाई जाएगी। इसके लिए प्रशिक्षित प्रगणकों की टीमें विभिन्न क्षेत्रों में तैनात की गई हैं, जो निर्धारित समय-सीमा में सर्वेक्षण कार्य पूरा करेंगी। इस बार की जनगणना को डिजिटल स्वरूप दिया गया है। प्रगणकों को टैबलेट और अन्य डिजिटल उपकरण उपलब्ध कराए गए हैं, जिससे आंकड़ों का संकलन तेजी से और त्रुटिरहित तरीके से हो सके। नागरिकों को स्व-गणना (सेल्फ एन्यूमरेशन) की सुविधा भी प्रदान की गई है। इसके तहत, लोग 7 मई से 21 मई 2026 तक अपनी जानकारी ऑनलाइन भर सकते हैं और प्राप्त यूनिक कोड को प्रगणक के साथ साझा कर सकते हैं। जिलाधिकारी अनुनय झा ने आमजन से अपील की है कि वे प्रगणकों को सही और पूरी जानकारी उपलब्ध कराएं, ताकि जनगणना के आंकड़े सटीक हों। उन्होंने बताया कि जनगणना से प्राप्त डेटा भविष्य की योजनाओं, सरकारी संसाधनों के वितरण और विकास कार्यों की रूपरेखा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
आगरा में अप्रैल की शुरुआत तेज गर्मी के साथ हुई है। सुबह हल्के बादल छाए रहे, लेकिन 8 बजे के बाद आसमान साफ हो गया। सप्ताह के बीच में हल्की बारिश से राहत मिलने के संकेत हैं। सुबह करीब 8 बजे आगरा में तापमान 24C से 25C के बीच दर्ज किया गया। शुरुआती घंटों में हल्के बादल छाए रहे, लेकिन इसके बाद आसमान साफ हो गया और धूप तेज हो गई। IMD के अनुसार 1 अप्रैल को अधिकतम तापमान 38C और न्यूनतम 21C के आसपास रहने का अनुमान है। दिन चढ़ने के साथ गर्मी का असर बढ़ेगा और दोपहर में तेज धूप लोगों को परेशान कर सकती है। आने वाले 7 दिनों का मौसम आने वाले 7 दिनों में तापमान 35 से 38 डिग्री के बीच बना रहेगा। 3 और 4 अप्रैल को हल्की बारिश और बादल छाए रहने की संभावना है, जिससे लोगों को गर्मी से थोड़ी राहत मिल सकती है। इसके बाद मौसम फिर साफ हो जाएगा और गर्मी का असर जारी रहेगा। पिछले दिनों का मौसम पिछले एक सप्ताह में आगरा में तापमान लगातार बढ़ता गया और मार्च के अंत तक गर्मी तेज हो गई। अधिकतम तापमान 37 डिग्री तक पहुंच गया, जबकि कुछ दिनों में हल्के बादल और बूंदाबांदी भी देखने को मिली। कुल मिलाकर मौसम गर्म और शुष्क बना रहा।
डीग नगर परिषद ने फर्जी आवासी पट्टा किया रद्द:सरकारी जमीन पर नगर परिषद का बोर्ड लगाया
डीग नगर परिषद ने फर्जी दस्तावेजों के आधार पर जारी एक आवासीय पट्टा रद्द कर दिया है। परिषद ने मौके पर संपत्ति नगर परिषद डीग का बोर्ड लगाकर सरकारी भूमि पर अपना मालिकाना हक जताया है। इस कार्रवाई को सरकारी जमीन की सुरक्षा के लिए एक सख्त कदम माना जा रहा है। नगर परिषद की टीम ने मंगलवार को मौके पर यह बोर्ड लगाया। इस पर स्पष्ट रूप से संपत्ति नगर परिषद डीग लिखा है। परिषद के इस कदम से न केवल अपनी जमीन पर अधिकार जताया गया है, बल्कि भविष्य में किसी भी अतिक्रमण या फर्जीवाड़े पर रोक लगाने का भी संकेत दिया गया है। यह मामला एक शिकायत के बाद सामने आया। गोवर्धन मोड़ निवासी बलवीर पुत्र चुन्नीलाल को प्रशासन शहरों के संग अभियान-2012 के तहत 10 अप्रैल 2013 को पट्टा क्रमांक 121 जारी किया गया था। बाद में कॉलोनीवासियों ने शिकायत की थी कि यह पट्टा गलत दस्तावेजों के आधार पर सरकारी जमीन पर लिया गया है।नगर परिषद द्वारा 13 फरवरी 2026 को गठित एक कमेटी की जांच में यह खुलासा हुआ कि संबंधित भूखंड मौके पर खाली पड़ा था। वहां कोई स्थायी निर्माण या निवास नहीं पाया गया। नियमानुसार 30 प्रतिशत से अधिक निर्माण भी नहीं था, जिससे पट्टा नियमों के विपरीत पाया गया। जांच में यह भी पुष्टि हुई कि यह भूमि नगर परिषद के स्वामित्व वाली सरकारी जमीन है। वर्ष 2014-15 में इस स्थान पर बाउंड्री वॉल निर्माण के लिए भुगतान भी किया जा चुका था। इन तथ्यों से स्पष्ट हुआ कि पट्टा गलत तरीके से प्राप्त किया गया था।आयुक्त कुलदीप सिंह ने सोमवार को पट्टा क्रमांक 121 (दिनांक 10.04.2013) को तत्काल प्रभाव से निरस्त कर दिया। इसके साथ ही दानपत्र, रिलीज डीड और वयनामा को भी रद्द करने के निर्देश दिए गए हैं। कोतवाली डीग थानाधिकारी को संबंधित व्यक्ति के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई करने के भी निर्देश दिए गए हैं।
सहारनपुर में 12 बदमाश जिला बदर:6 महीने तक जिले के बाहर रहेंगे, मारपीट और समेत अन्य केस हैं दर्ज
सहारनपुर प्रशासन ने अपराध और असामाजिक गतिविधियों पर अंकुश लगाने के लिए बड़ा कदम उठाया है। जिले के 12 शातिर अपराधियों को छह माह के लिए जिला बदर कर दिया गया है। जिला मजिस्ट्रेट और अपर जिला मजिस्ट्रेट (न्यायिक/प्रशासन) ने उत्तर प्रदेश गुंडा एक्ट के तहत इन सभी को दोषी मानते हुए यह आदेश जारी किए हैं। प्रशासन के अनुसार, ये सभी अपराधी लंबे समय से आपराधिक गतिविधियों में शामिल थे और कानून-व्यवस्था के लिए गंभीर चुनौती बने हुए थे। बार-बार चेतावनी और निगरानी के बावजूद इनके व्यवहार में कोई सुधार नहीं हुआ, जिसके बाद यह कार्रवाई आवश्यक मानी गई। आदेश में स्पष्ट किया गया है कि निर्धारित अवधि के दौरान यदि कोई भी अभियुक्त जनपद की सीमा में पाया जाता है, तो उसके खिलाफ तत्काल गिरफ्तारी सहित कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिला बदर किए गए अभियुक्तों में आशीष शर्मा उर्फ गागू थाना कोतवाली नगर , रहमान पुत्र कुर्बान थाना मंडी , जावेद पुत्र अल्लादिया थाना मंडी , साकिब उर्फ मुन्ना थाना मंडी , फरमान पुत्र हाजी शाहनूर व इनाम पुत्र जफर थाना कुतुबशेर , हुसैन हैदर अली पुत्र अजादार हुसैन व वैभव गर्ग उर्फ ऐली पुत्र नीरज गर्ग थाना सदर बाजार , इमरान पुत्र अख्तर थाना चिलकाना , गुड्डू पुत्र बुद्ध उर्फ तासीन थाना देवबंद , गुरमीत पुत्र बिजेन्द्र थाना सरसावा और जनाब अली उर्फ लाल पुत्र याकूब थाना गंगोह शामिल हैं। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि यह कार्रवाई जनपद में शांति व्यवस्था बनाए रखने और आम नागरिकों को सुरक्षित माहौल प्रदान करने के उद्देश्य से की गई है। प्रशासन ने यह स्पष्ट संदेश दिया है कि अपराधियों के लिए जिले में कोई जगह नहीं है और कानून से खिलवाड़ करने वालों से सख्ती से निपटा जाएगा। सहारनपुर पुलिस ने आमजन से अपील की है कि यदि कोई जिला बदर घोषित अभियुक्त क्षेत्र में नजर आता है, तो तत्काल पुलिस को सूचित करें। इससे उसके खिलाफ तुरंत कार्रवाई सुनिश्चित की जा सकेगी। सूचना देने वाले का नाम गोपनीय रखा जाएगा।
पानीपत कोर्ट का सख्त एक्शन:4 चेक बाउंस मामलों में आरोपियों पर FIR के आदेश, संपत्ति कुर्की की चेतावनी
पानीपत में स्थानीय अदालत ने चेक बाउंस के मामलों में कानूनी प्रक्रिया का मजाक बनाने वाले आरोपियों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाया है। ज्यूडिशियल मजिस्ट्रेट फर्स्ट क्लास (JMIC) की अदालत ने चार अलग-अलग मामलों में आरोपियों द्वारा जमानत का दुरुपयोग करने और कोर्ट में पेश न होने पर उनके खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 269 के तहत नई FIR दर्ज करने के आदेश दिए हैं। केस दर केस: कोर्ट की कार्रवाई का विवरण कोर्ट की तल्ख टिप्पणी- पुलिस नहीं पकड़ पा रही आरोपी सुनवाई के दौरान शिकायतकर्ताओं के वकीलों ने दलील दी कि ये मामले कई सालों से लंबित हैं। आरोपियों ने पहले कोर्ट में पेश होकर जमानत ली, लेकिन ट्रायल शुरू होते ही वे फरार हो गए। उनकी जमानत रद्द कर दी गई और बेल बॉन्ड भी जब्त कर लिए गए, लेकिन पुलिस उन्हें गिरफ्तार करने में नाकाम रही। शिकायतकर्ताओं को मानसिक और आर्थिक परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। कोर्ट ने अपने आदेश में कहा कि चूंकि आरोपियों ने 1 जुलाई 2024 के बाद (नए कानूनों के लागू होने के बाद) अदालती आदेशों का उल्लंघन किया है, इसलिए उनके खिलाफ BNS की धारा 269 (अदालत की अवहेलना) के तहत मुकदमा दर्ज किया जाए। कोर्ट ने SHO सिटी को निर्देश दिया है कि वह FIR दर्ज कर अनुपालन रिपोर्ट पेश करें। भगोड़ा (PO) घोषित करने की प्रक्रिया शुरू अदालत ने यह भी पाया कि आरोपियों को केस की पूरी जानकारी है, फिर भी वे जानबूझकर छिप रहे हैं। इसके चलते कोर्ट ने धारा 82/83 Cr.PC के तहत उद्घोषणा जारी करने के आदेश दिए हैं। यदि 30 अप्रैल 2026 तक आरोपी पेश नहीं होते हैं, तो उन्हें आधिकारिक तौर पर भगोड़ा घोषित कर दिया जाएगा और उनकी संपत्ति कुर्क की जा सकेगी।
एलपीजी सिलेंडरों की किल्ल्त के बीच कल देर रात पेट्रोलियम कंपनियों ने एलपीजी गैस की कीमतों का रिव्यू किया। जिसके बाद कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। कंपनियों ने 195 रुपए तक महंगा कर दिया है। इस साल में लगातार पांचवा मौका है जब कंपनियों ने कॉमर्शियल सिलेंडर की कीमतों में बढ़ोतरी की है। राजस्थान एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के प्रदेशाध्यक्ष दीपक गहलोत ने बताया कि कंपनियों की ओर से जारी रेट लिस्ट के मुताबिक राजस्थान में आज से 19 किलोग्राम वाले कॉमर्शियल गैस सिलेंडर पर 195 रुपए बढ़ने के बाद 1911 रुपए की जगह 2106 रुपए में मिलेगा। जबकि पिछले महीने मार्च में कंपनियों ने कॉमर्शियल गैस सिलेंडर पर 27.50 रुपए और 114 प्रति सिलेंडर की बढ़ोतरी की थी। जबकि इससे पहले इस साल जनवरी में कंपनियों ने 111 रुपए और फरवरी में 49.50 प्रति सिलेंडर बढ़ाए थे। इस तरह इस साल कॉमर्शियल सिलेंडर पर अब तक 497 रुपए तक बढ़ चुके है। किल्लत अब भी बरकरार ईरान-इजरायल युद्ध के चलते मार्च से शुरू हुई रसोई गैस की किल्लत अब भी बरकरार है। आमजन को आज भी घरेलु और कॉमर्शियल उपयोग के सिलेंडर लेने में दिक्कत आ रही है। बाजार में आज भी कई कॉमर्शियल उपभोक्ताओं को सिलेंडर ब्लैक में खरीदना पड़ रहा है। जबकि तेल कंपनियों और सरकार की तरफ से अब भी कॉमर्शियल गैस की सप्लाई सीमित कर रखी है। घरेलू सिलेंडर दाम में कोई बदलाव नहीं कंपनियों ने घरेलू उपयोग के लिए होने वाले सिलेंडर की कीमतों में कोई बदलाव नहीं किया है। वर्तमान में बाजार में घरेलू उपयोग का सिलेंडर 916.50 रुपए में ही मिलेगा। हालांकि पिछले महीने एलपीजी किल्लत के चलते कंपनियों ने घरेलु सिलेंडर पर भी 60 रुपए की बढ़ोतरी की थी।
बाराबंकी में बस-ट्रक-कार की टक्कर:लखनऊ से गोंडा जा रही थी, 4 यात्री गंभीर रूप से घायल
बाराबंकी में बुधवार को लखनऊ-अयोध्या हाईवे पर एक बड़ा सड़क हादसा हुआ। नगर कोतवाली क्षेत्र के धरसानिया मोड़ के पास लखनऊ से गोंडा जा रही एक बस सड़क किनारे खड़े मौरंग लदे ट्रक से टकरा गई। इस दुर्घटना में बस में सवार चार यात्री गंभीर रूप से घायल हो गए। टक्कर इतनी भीषण थी कि बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। हादसे के तुरंत बाद पीछे से आ रही एक कार भी बस से जा टकराई। इस घटना से मौके पर अफरा-तफरी मच गई और हाईवे पर यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलते ही UP 112 पुलिस टीम घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने तत्काल सभी घायल यात्रियों को अस्पताल पहुंचाया, जहां उनका इलाज जारी है। पुलिस ने क्षतिग्रस्त वाहनों को हाईवे से हटवाकर यातायात को सामान्य किया। अन्य यात्रियों को सुरक्षित रूप से दूसरी बसों के माध्यम से उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया। पुलिस फिलहाल मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है।
धौलपुर में अवैध गांजा के साथ युवक गिरफ्तार:घेराबंदी कर दबोचा, बाइक और नकदी भी की बरामद
धौलपुर में कोतवाली थाना पुलिस ने एक युवक को 149 ग्राम गांजा के साथ गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी के कब्जे से एक बाइक और 7050 रुपए नकद भी बरामद किए है। थानाधिकारी बीरेन्द्र सिंह मीना के नेतृत्व में पुलिस टीम मंगलवार रात गश्त कर रही थी। हरदेव नगर, वाटर वर्क्स, मचकुंड रोड और हाउसिंग बोर्ड से होते हुए टीम मौरोली मोड़ पहुंची, जहां नाकाबंदी की गई। इस दौरान एक संदिग्ध व्यक्ति बाइक पर आता दिखा, जो पुलिस को देखकर वापस मुड़ने लगा। पुलिस ने घेराबंदी कर उसे रोक लिया। पूछताछ में आरोपी ने अपनी पहचान राजकिशोर सिंह (31) निवासी बरैलापुरा मौरोली के रूप में बताई। तलाशी के दौरान उसकी बाइक की डिग्गी से काले रंग की पॉलिथीन में रखा गांजा बरामद हुआ। जिसका वजन 149 ग्राम निकला।आरोपी की तलाशी में 7050 रुपए नकद भी मिले, जिसे उसने गांजा बेचने से मिली रकम बताया। पुलिस ने गांजा, नकदी और बाइक को जब्त कर लिया है।
राजस्थान सरकार ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया। 65 IAS अफसरों के तबादले किए गए हैं। इसमें उदयपुर जिला कलेक्टर से लेकर कई अफसर बदले गए है। UPSC टॉपर जोधपुर कलेक्टर गौरव अग्रवाल अब उदयपुर के नए कलेक्टर होंगे। जारी सूची में उदयपुर कलेक्टर नमित मेहता को आबकारी आयुक्त बनाया गया है, वे उदयपुर में ही रहेंगे और पूरे प्रदेश के आबकारी विभाग के मुखिया होंगे। जनजाति क्षेत्रीय विकास (टीएडी) आयुक्त कन्हैयालाल स्वामी का तबादला जोधपुर के संभागीय आयुक्त के पद पर किया गया है। आबकारी आयुक्त नकाते शिवप्रसाद मदन का तबादला अक्षय उर्जा निगम के एमडी के पद पर किया गया है। उदयपुर जिला परिषद सीईओ टीना डाबी की बहन रीया डाबी को मुख्यमंत्री के ओएसडी के पद पर लगाया है। यूडीए कमिश्नर राहुल जैन को जोधपुर नगर निगम आयुक्त लगाया लेकिन इस सूची में यूडीए कमिश्नर के पद पर अभी किसी को नहीं लगाया है। सूची में एल.एन. मंत्री लंबे समय बाद अब उदयपुर लौट रहे है, अभी वे पाली कलेक्टर है। अब जानिए नए कलेक्टर गौरव अग्रवाल के बारे में IAS गौरव अग्रवाल जोधपुर कलेक्टर के पद है और वहां से अब उदयपुर कलेक्टर लगे है। अग्रवाल 2014 के IAS केडर है। वे 2014 के UPSC परीक्षा में प्रथम स्थान पर रह चुके हैं। ट्रेनिंग के बाद उनकी पहली पोस्टिंग असिस्टेंट कलेक्टर झालावाड़ में 25 जून 2015 को हुई। IAS गौरव अग्रवाल ने सिर्फ 16 साल की उम्र में उन्होंने IIT-JEE की परीक्षा में 45वां स्थान प्राप्त किया था। इसके बाद उन्होंने IIT कानपुर से कंप्यूटर साइंस में बीटेक की पढ़ाई की। इसके बाद 21 साल की उम्र में उन्होंने कैट की परीक्षा में 99.94 प्रतिशत प्राप्त किए और IIM लखनऊ से एमबीए की पढ़ाई की, जहां पर वह गोल्ड मेडलिस्ट रहे। अग्रवाल UPSC की पहली कोशिश में ही IPS बने। इसके बाद लगभग 4 सालों बाद फिर से UPSC की परीक्षा दी, जिसमें वह टॉपर बने। उन्होंने हांगकांग में इन्वेस्टमेंट बैंकर के रूप में 40 महीने भी काम किया था। अब अग्रवाल प्रशासनिक सेवाओं में कार्यरत है। तबादला सूची में उदयपुर-सलूंबर के अफसर
घर में सो रहे युवक की धारदार हथियार से हत्या:सीतापुर में खून से लथपथ मिला शव, पुलिस जांच में जुटी
सीतापुर के रेउसा थाना क्षेत्र में मंगलवार देर रात एक सनसनीखेज हत्या का मामला सामने आया है। यहां ग्राम खरहुवा में 30 वर्षीय युवक हसीन पुत्र बसीर का शव उसके घर के अंदर खून से लथपथ हालत में मिलने से इलाके में हड़कंप मच गया। घटना की जानकारी मिलते ही गांव में लोगों की भीड़ जुट गई और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। बताया जा रहा है कि हसीन रात में अपने घर में सो रहा था, उसी दौरान अज्ञात हमलावरों ने उस पर हमला कर दिया। देर रात जब परिजनों की नजर उस पर पड़ी तो उसका शव कमरे में पड़ा मिला। मृतक के गले और शरीर पर गंभीर चोटों के निशान पाए गए हैं, जिससे आशंका जताई जा रही है कि उसकी हत्या धारदार हथियार से की गई है। हैरानी की बात यह है कि वारदात के समय घर में परिवार के अन्य सदस्य भी मौजूद थे, लेकिन उन्हें घटना की भनक तक नहीं लगी। इस बात को लेकर पुलिस भी जांच में कई बिंदुओं पर गंभीरता से पड़ताल कर रही है। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने मौके पर फॉरेंसिक टीम को बुलाकर साक्ष्य जुटाए हैं। घर के अंदर और आसपास के इलाके की गहन जांच की जा रही है ताकि हमलावरों के बारे में कोई सुराग मिल सके। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि प्रथम दृष्टया मामला हत्या का प्रतीत हो रहा है और अज्ञात आरोपियों के खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया है। फिलहाल पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। गांव में इस घटना के बाद दहशत का माहौल है और लोग आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की मांग कर रहे हैं।
नीमच में महावीर जयंती के अवसर पर मांस-मछली की बिक्री पर प्रतिबंध के बावजूद, मूलचंद मार्ग स्थित 'दिल्ली दरबार' होटल पर मंगलवार रात नगरपालिका ने छापा मारा। टीम ने मौके से मांस जब्त कर चालानी कार्रवाई की। नगरपालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया को सूचना मिली थी कि 'दिल्ली दरबार' दुकान पर खुलेआम मांस बेचा जा रहा है। इस सूचना पर सीएमओ के निर्देश पर नपा कर्मचारी हेमंत कलोसिया और राहुल नरवाले की टीम ने रात करीब 9:30 बजे दुकान पर दबिश दी। नपा कर्मियों ने मांस को जब्त कर चालान काटा टीम को देखते ही दुकान पर हड़कंप मच गया। नपा कर्मियों ने तत्काल कार्रवाई करते हुए वहां मौजूद मांस को जब्त किया और दुकानदार का चालान काटा। इसके अतिरिक्त, टीम ने आसपास की अन्य दुकानों पर भी जांच-पड़ताल की। नगरपालिका टीम ने स्पष्ट किया कि महावीर जयंती जैसे पवित्र पर्व पर धार्मिक भावनाओं और सरकारी आदेशों का सम्मान करना अनिवार्य है। टीम ने दुकानदार को सख्त हिदायत दी कि यदि भविष्य में प्रतिबंध का उल्लंघन किया गया या नियमों की अवहेलना की गई, तो न केवल भारी जुर्माना लगाया जाएगा, बल्कि दुकान को सील करने जैसी कठोर वैधानिक कार्रवाई भी की जाएगी। सीएमओ बोले-नियमों का उल्लंघन बर्दाश्त नहीं नगरपालिका सीएमओ दुर्गा बामनिया ने बताया कि उन्हें प्रतिबंध के बावजूद दुकान संचालित होने की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर मांस जब्त किया गया और चालान बनाया गया है। उन्होंने दोहराया कि नियमों का उल्लंघन किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
डूंगरपुर कलेक्टर अंकित कुमार सिंह का ट्रांसफर:67वें कलेक्टर के रूप में देशलदान को लगाया
राज्य सरकार ने मंगलवार देर शाम प्रदेश के 65 भारतीय प्रशासनिक सेवा (IAS) अधिकारियों के तबादले किए हैं। इन तबादलों में डूंगरपुर कलेक्टर अंकित कुमार सिंह का भी ट्रांसफर कर दिया गया है। उनकी जगह अजमेर नगर निगम आयुक्त आईएएस देशलदान को डूंगरपुर का नया कलेक्टर नियुक्त किया गया है। आईएएस अंकित कुमार सिंह को डूंगरपुर से स्थानांतरित कर फलौदी जिले का कलेक्टर बनाया गया है। वे 8 जनवरी 2024 से डूंगरपुर कलेक्टर के पद पर कार्यरत थे।तबादला सूची में आईएएस देशलदान को डूंगरपुर कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे डूंगरपुर के 67वें कलेक्टर होंगे। इससे पहले वे अजमेर नगर निगम में आयुक्त के पद पर कार्यरत थे।कलेक्टर के इस तबादले के बाद जिले के प्रशासनिक महकमे में भी बड़े बदलाव देखने को मिल सकता है।
जयपुर शहर में सीवर, जलभराव और सफाई व्यवस्था से जुड़ी समस्याएं लगातार लोगों की परेशानी बढ़ा रही हैं। कहीं सीवर चैम्बर ओवरफ्लो हो रहा है तो कहीं बारिश का पानी सड़कों पर भरने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। वहीं जाम नालों और खाली प्लॉट में जमा कचरा भी गंदगी का कारण बना हुआ है। इन समस्याओं को नागरिकों ने भास्कर समाधान सेगमेंट के जरिए उठाया, जिसके बाद संबंधित विभागों तक मामला पहुंचा और कुछ स्थानों पर समाधान कर राहत भी दिलाई गई। आमजन से जुड़ी जनसमस्या और शहर की जमीनी हकीकत को पोस्ट करने के लिए यहां क्लिक करें। द्रव्यवती नदी के पास ओवरफ्लो हुआ चैम्बरगणपति विहार से लोकेश ने पोस्ट कर बताया कि द्रव्यवती नदी के पास सीवर चैम्बर ओवरफ्लो हो गया है। पिछले करीब 10 दिनों से गंदा पानी बाहर बह रहा है, जिससे आसपास गंदगी फैल रही है। लक्ष्मी नगर में बारिश का पानी भरने से परेशानीझोटवाड़ा स्थित लक्ष्मी नगर से भवानी सिंह राठौड़ ने पोस्ट किया कि उनकी कॉलोनी में बारिश का पानी जमा हो जाता है। जलभराव के कारण लोगों को आने-जाने में दिक्कत का सामना करना पड़ता है। देवनगर क्षेत्र में जाम नाला, गंदगी और मच्छरों का खतरारामपुरा रोड, देवनगर के पास से मनोज ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र का नाला ब्लॉक हो गया है। नाले के जाम होने से गंदगी फैल रही है और मच्छरों की समस्या भी बढ़ गई है। केशोपूरा में खाली प्लॉट बना कचरा घरकेशोपूरा के सेक्टर रोड से शांति कोठारी ने पोस्ट किया कि उनके क्षेत्र के एक खाली प्लॉट में पिछले 6–8 महीनों से कचरा जमा हो रहा है। इससे बदबू और गंदगी से लोग परेशान हैं। जहां हुआ समाधान रामगढ़ मोड़ पर नाले की टूटी पट्टियां बदली गईंजयपुर मॉल के पास रामगढ़ मोड़ से एक नागरिक ने पोस्ट किया था कि जैन मंदिर के पास सड़क किनारे नाले पर लगी पत्थर की पट्टियां पिछले करीब एक महीने से टूटी हुई थीं। इससे राहगीरों को खतरा बना हुआ था। शिकायत सामने आने के बाद संबंधित विभाग ने कार्रवाई कर टूटी पट्टियों को दुरुस्त करवा दिया, जिससे रास्ता सुरक्षित हो गया और लोगों को राहत मिली। सुमेर नगर में आवारा कुत्तों से मिली राहत सुमेर नगर, जयपुर से गौरव जैन ने पोस्ट किया था कि सरस्वती एन्क्लेव क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या काफी बढ़ गई थी। इसके कारण रहवासियों, खासकर बच्चों और बुजुर्गों को आने-जाने में परेशानी हो रही थी और डर का माहौल बना हुआ था। मामला सामने आने के बाद संबंधित टीम को मौके पर भेजा गया। कार्रवाई करते हुए आवारा कुत्तों को पकड़ा गया। आज के ‘पब्लिक के स्टार’ बने हरेंद्र सिंह सुमेर नगर, जयपुर से गौरव जैन ने पोस्ट किया था कि सरस्वती एन्क्लेव क्षेत्र में आवारा कुत्तों की संख्या काफी बढ़ गई थी। आवारा कुत्तों की समस्या के समाधान में हरेंद्र सिंह ने सक्रिय भूमिका निभाई। शिकायत मिलते ही उन्होंने टीम को मौके पर भेजकर त्वरित कार्रवाई करवाई और क्षेत्रवासियों को राहत दिलाई। पब्लिक की आवाज बन रहा “भास्कर समाधान” ‘भास्कर समाधान’ सेगमेंट देशभर में इकलौता ऐसा डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां शहरवासी सीधे अपने इलाके से जुड़े सिविक इश्यू खुद पोस्ट कर सकते हैं। ये सेगमेंट जनता को अपने गली-मोहल्ले की परेशानियां सामने रखने के लिए मदद कर रहा है। लोगों से मिले शानदार रिस्पॉन्स के बाद अब इसे और अधिक प्रभावी, सरल और यूजर-फ्रेंडली बनाया गया है। अधिकारियों को सीधे मिल रही समस्याएं दैनिक भास्कर के इस सेगमेंट में अधिकारी भी अपना एक्शन बता सकेंगे। शिकायत जिस विभाग से संबंधित है, वह अब सीधे उसके अधिकारियों तक पहुंचेगी। इसके बाद अधिकारी उस लोकेशन को मैप पर देख सकेंगे। यदि उन्होंने समाधान कर दिया है तो शिकायतकर्ता को इसकी जानकारी एप के जरिए ही दे सकेंगे या बता सकेंगे कि अभी काम जारी है। अधिकारी चाहेंगे तो जिस यूजर ने शिकायत की है, उसे भी कॉल कर सकेंगे। भास्कर एप से समस्याओं के समाधान की ये खबरें भी पढ़िए… 1.जयपुर में सीवर-नाली और सफाई की समस्याएं उजागर:भास्कर समाधान पर की शिकायतों पर एक्शन, हरेंद्र सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार’ 2.जयपुर में पार्क से सड़क तक समस्याओं का अंबार:शहर में हादसे का खतरा, कहीं टूटी सड़क; ‘भास्कर समाधान’ से मिली राहत 3.जयपुर के सूरजपोल बाजार की टूटी सड़क ठीक हुई:पाइपलाइन, नाली और लाइट की समस्याओं पर लिया एक्शन, हरेंद्र सिंह बने ‘पब्लिक के स्टार' 4.दुर्गापुरा में 5 दिन से रोड लाइट बंद:बालाजी मंदिर का रास्ता कीचड़ से ब्लॉक, JEN ओ.पी. मिश्रा बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 5.जयपुर में उठीं सीवर, सफाई और सड़क की समस्याएं:शिकायतों पर पार्क सफाई और स्ट्रीट लाइट हुई चालू, राहुल अग्रवाल बने आज के ‘पब्लिक के स्टार’ 6.जयपुर में बंद स्ट्रीट लाइट, जाम सीवर से जनता परेशान:भास्कर समाधान में उठीं शहर की समस्याएं, पप्पू गोयर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 7.जयपुर में कचरा, सीवर और जलभराव की उठीं समस्याएं:भास्कर समाधान से मिली जनता को राहत, नवल किशोर बने ‘पब्लिक के स्टार’ 8.जयपुर में टूटी सड़क और जाम नालियों से जनता परेशान:भास्कर समाधान पर आ रही शिकायतें, दो जगह सफाई और सीवर लाइन दुरुस्त 9.पांच बत्ती में दिन में भी जलती रहीं स्ट्रीट लाइट:घाटगेट में जाम सीवर से सड़क पर बहा गंदा पानी; शिकायत के बाद झोटवाड़ा और सूरज नगर में सीवर लाइन दुरुस्त 10.हरमाड़ा में अधूरी सड़क से बढ़ी परेशानी:बनी-पार्क में लगा कचरे का ढ़ेर, भास्कर समाधान पर उठी आवाज, विजय बने 'पब्लिक के स्टार'
राजस्थान के MBBS स्टूडेंट रतन मेघवाल ने 14 मार्च 2026 को गुजरात के राजकोट में ट्रेन के आगे कूदकर जान दे दी। जैसलमेर जिले के फलसुंड गांव का रतन राजकोट एम्स में फाइनल ईयर का स्टूडेंट था। 19 दिन बाद भी उसकी आत्महत्या अनसुलझी पहेली बनी हुई है। उसने इंस्टाग्राम पर 18 पेज का सुसाइड नोट पोस्ट किया था, जिसमें 5 स्टूडेंट्स पर उसे मेंटली और फिजिकली टॉर्चर करने का आरोप लगाया। रतन के घरवालों ने भी उन पांचों स्टूडेंट्स के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। वहीं, पुलिस का कहना है कि रतन ने एकतरफा प्यार में काल्पनिक कहानी बना ली। सच जानने के लिए भास्कर ने तीनों एंगल से मामले में पड़ताल की। सबसे पहले जानिए, क्या लिखा था सुसाइड नोट में… रतन ने अपने इंस्टाग्राम पर 18 पेज का सुसाइड नोट पोस्ट किया था। इसमें उसने बताया कि 27/1/26 को प्रणव पालीवाल, अस्मित शर्मा, युवराज चौधरी, निर्विघ्नम नूर और आयुष यादव ने हॉस्टल के कमरा नंबर 203 में उसके साथ मारपीट की। उन्होंने उसके वीडियो और ऑडियो भी रिकॉर्ड किए। इस सुसाइड नोट में रतन ने बताया था कि वो एक साथी स्टूडेंट से अटैच था। बीच में दोनों में अपने-अपने पर्सनल ईगो के चलते तनाव हो गया था। इसी तनाव का फायदा एक दूसरे स्टूडेंट प्रणव ने उठाया। छात्रा प्रणव और उसके दोस्तों का शिकार हो गई थी। वो उनके इशारे पर मुझे परेशान करने के इस खेल में उनका मोहरा बन गई थी। हालांकि इसमें छात्रा की कोई गलती नहीं है और न ही उसे या उसके माता-पिता को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया जाना चाहिए। वो खुद इन लड़कों द्वारा किए गए 'दिमागी खेल' और 'लव बॉम्बिंग' का शिकार हुई थी। इस सुसाइड नोट में बताया कि छात्रा और उसके बीच प्यार नहीं था, लेकिन गहरा भावनात्मक लगाव था। बाद में दोनों के बीच गलतफहमी हुई थी। बातचीत बंद होने के कारण स्थिति बिगड़ गई। प्रणव ने उसके और लड़की के बीच तनाव का फायदा उठाया। उसने लड़की को इमोशनली बहला-फुसलाकर अपने जाल में फंसा लिया। रतन ने सुसाइड नोट में लिखा कि वह छात्रा को प्रणव के टाइम पास गेम से बचाना चाहता था। इसी के चलते उसने छात्रा के घर कॉल कर प्रणव के बारे में उसके भाई को बता दिया। जब छात्रा और प्रणव व उसके दोस्तों को ये जानकारी लगी तो वो उससे नाराज हुए। इसके बाद ही प्रणव ने अपने दोस्तों के साथ मिलकर 27 जनवरी को उसके साथ मारपीट की। सुसाइड नोट में रतन ने मांग की थी कि प्रणव सहित सभी 5 लड़कों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाए और एफएसएल द्वारा उनके फोन की जांच की जाए, ताकि हटाए गए वीडियो और सबूत मिल सकें। वहीं कॉलेज से अनुरोध किया है कि छात्रा के खिलाफ कोई कानूनी या शैक्षणिक कार्रवाई न की जाए। उसे पेशेवर परामर्श और पढ़ाई पूरी करने में सहायता प्रदान की जानी चाहिए। नोट : पहले वाले 17 पेज के सुसाइड नोट में इसी तरह की बातों और घटना का जिक्र किया गया था। पिता बोले- हमारे बेटे को टॉर्चर किया भास्कर टीम फलसुंड गांव पहुंची तो रतन के घर में बैठक चल रही थी। रतन के पिता मोहनलाल गुमसुम बैठे थे। भास्कर रिपोर्टर से बोले- मेरा बेटा रतन इतना कमजोर नहीं था, लेकिन उसे इतना टॉर्चर किया गया कि उसने ये कर लिया। मोहनलाल ने बताया कि मामले की शुरुआत 29 या 30 जनवरी को हो गई थी। उस दिन मेरे पास राजकोट से रतन के हॉस्टल से वार्डन और उसके प्रोफेसर राजेंद्र सर के कॉल आए थे। बताया कि आपके बेटे ने कोई लेटर लिखा है। इसके बाद से वो हॉस्टल से गायब है। हमें चिंता हुई तो आनन-फानन में मैं अपने छोटे भाई मांगीलाल के साथ प्लेन से राजकोट पहुंचा। इधर राजकोट पुलिस भी रतन को ढूंढ रही थी। शाम होने से पहले ही पुलिस ने रतन को रेलवे ट्रेक के पास से ढूंढ़ लिया। तब हम उसे गांव ले आए। इस दौरान हमें पता चला कि उसके साथ पढ़ने वाले कुछ दूसरे स्टूडेंट्स ने उसके साथ जमकर मारपीट की थी। उसके साथ जातिगत और मानसिक प्रताड़ना की। गांव आने के बाद हमने रतन से बात की कि अगर वो खुद को अनसेफ मानता है तो हम अपने खर्चे पर पुलिस सिक्योरिटी ले लेते हैं। वह चाहे तो एक साल का मेडिकल लेकर एमबीबीएस को एक साल आगे पोस्टपोन कर देते हैं। कोई बात नहीं अगर एक साल का बैक भी लग जाए तो। हमने उसे ये भी कहा कि अगर वो कहे तो कानूनी कार्रवाई कर आरोपी स्टूडेंट्स के परिवार वालो से भी बात कर इस मामले का निस्तारण कर दे। हालांकि, रतन इनमें से किसी ऑप्शन पर अपनी कोई राय नहीं देता था। इस बीच वो करीब डेढ़ महीना गांव में घर पर ही रहा। 11-12 मार्च को उसने हमें बताया कि उसे एग्जाम देने राजकोट जाना है। उसने हम सब को आश्वस्त किया कि वो मामला अब खत्म हो गया है और कोई टेंशन की बात नहीं हैं। इसके बाद 13 मार्च को वो यहां से राजकोट पहुंचा। फोन पर उसने अपने एक दोस्त के घर जाने की बात बताई। कहा कि उसके बाद वो फिल्म देखने भी जाएगा। हॉस्टल नहीं जाएगा। हमने उससे दोस्त का नाम पूछा पर उसने नहीं बताया। बाद में उसका फोन स्विच ऑफ़ आने लग गया। अगली सुबह जल्दी मैंने फिर उसके फोन किया। इस बार रिंग गई पर किसी ने कोई फोन नहीं उठाया। थोड़ी देर बाद कॉल वापस आया पर सामने से रतन नहीं किसी पुलिसकर्मी की आवाज थी। उसने बताया कि रतन की ट्रेन से कटने से मौत हो गई हैं। ये बताते-बताते रतन के पिता रोने लगे। चाचा बोले- कॉलेज एडमिनिस्ट्रेशन ने नहीं किया सहयोग रतन के चाचा मांगीलाल चौहान ने बताया कि उनकी सात पीढ़ियों में रतन से ज्यादा पढ़ा लिखा कोई नहीं था। पढ़ाई के दौरान कभी कोई शिकायत भी नहीं आई थी। हादसे की जानकारी मिली तो हम राजकोट पहुंचे तो वहां एम्स एडमिनिस्ट्रेशन ने हमारा कोई सहयोग नहीं किया। हालांकि राजकोट पुलिस ने हमारी हर संभव मदद की। वहीं हमें पता चला कि इस बार भी रतन ने एक सुसाइड नोट लिखा था, जिसमे उस ने आरोपियों के नाम भी लिखे थे, जिनकी वजह से उसे ये कदम उठाना पड़ा था। हमने इसी सुसाइड नोट के आधार पर वहां एफआईआर दर्ज करवाई कि 23 साल के रतन को उसके सहपाठी प्रणव पालीवाल, अस्मित शर्मा, युवराज चौधरी, निर्विघ्नम नूर और आयुष यादव लगातार मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। आरोपी रतन को बार-बार अपमानित करते थे और उसे परेशान करते थे। इस लगातार उत्पीड़न के कारण वह मानसिक तनाव में आ गया था और ट्रेन के आगे कूद गया। हालांकि मांगीलाल ने अपनी बातचीत में जातिगत भेदभाव जैसी बात नहीं मानी। इधर, सहयोग नहीं करने के आरोपों पर राजकोट एम्स के पीआरओ हिमांशु मकवाना ने बताया कि एम्स प्रबंधन ने हर संभव सपोर्ट परिवार को मुहैया करवाया था। रतन ने छोटे भाई को बताई थी टॉर्चर की कहानी छोटे भाई भीमाराम का कहना है कि उसके बड़े भाई रतन ने उसे बताया था कि उसे हॉस्टल के कमरा नंबर 203 में बुलाकर दरवाजे बंद कर दिए गए थे। इसके बाद सभी खिड़कियों और रोशनदान तक को गत्तों से बंद कर अंदर नंगा करके लात-घूंसों और बेल्ट से पिटाई की थी। इस दौरान उससे माफी मंगवाई गई और इस पूरे वाकये के वीडियो बनाये गए। रतन को उसका करियर खराब करने तक की धमकियां दी गई। इस के बाद ही वो डिप्रेशन में आ गया था। भीमाराम ने बताया कि रतन की मौत के बाद से उसके पिता मोहनलाल और मां बादु देवी मानसिक अवसाद में हैं। वो कई बार हमें कहते हैं कि जो बॉडी हम राजकोट से लाए थे, वो किसी और की थी। रतन तो वहां पढ़ाई कर रहा है। कई बार माता-पिता बिना किसी को बताए घर से निकल जाते हैं। पुलिस बोली-एकतरफा प्यार में बना ली काल्पनिक घटनाओं की दुनिया रतन के परिवार के बाद रिपोर्टर ने राजकोट एसपी जगदीश बांगडवा से बात की। उन्होंने बताया कि सुसाइड नोट के आधार पर पांचों आरोपियों को तत्काल गिरफ्तार कर लिया था। हालांकि अब तक कि जांच में सुसाइड नोट के अलावा उन सभी के विरुद्ध कोई एविडेंस नहीं मिला है। जब पहली बार रतन अपने साथ मारपीट की बात कह कर हॉस्टल से गायब हुआ तो वो पुलिस को मिल गया था। एक्सपर्ट्स ने कहा- कल्पना कर लिखा गया है सुसाइड नोट राजकोट के पुलिस अधीक्षक ने बताया कि- हमने उसके दोनों सुसाइड नोट्स का साइकेट्रिक एक्सपर्ट्स से विश्लेषण करवाया था। एक्सपर्ट का मत है कि जिस तरह से नोट लिखा गया है ये एकतरफा प्यार के बाद अपनी इल्यूजन से घटनाओं की कल्पना कर लिखा गया जैसा लगता है। इस तरह की मेंटल कंडीशन में एक व्यक्ति ये मान लेता है कि उसके साथ ऐसा हुआ है, जबकि वास्तविकता में ऐसा नहीं होता है। वहीं इसके साथ ही जिस तरह से लंबे लंबे सुसाइड नोट लिखे गए हैं वो सुसाइड के दौरान की कंडीशन में लिखना संभव नहीं है। लड़की बोली- रतन से नहीं था कोई अट्रेक्शन एसपी ने बताया कि- हमने सुसाइड नोट में लव ट्रायंगल का जिक्र को लेकर भी जांच की थी। जिस छात्रा को लेकर सुसाइड नोट ये सभी बातें कही गई थी, उससे भी पुलिस ने बात की है। उसने बताया कि उसका रतन के साथ कभी भी कोई अट्रेक्शन नहीं रहा था। हालांकि दो तीन बार रतन ने उसे एप्रोच किया था, लेकिन उसने मना कर दिया था। इसके बाद रतन अलग-अलग रह रहा था। डॉक्टर बोले-रतन को मानसिक परेशानी थी भास्कर ने मामले में रतन का इलाज करने वाले जोधपुर के डॉक्टर घनश्याम कुलवाल से भी बात की। उन्होंने बताया कि रतन को उनके परिजनों ने दो बार उन्हें दिखाया था। उसे मानसिक परेशानी थी। वो गुमसुम रहता था। उसे शकी विचार भी आते थे। उसके पिता मोहनलाल ने बताया था कि उसे ये तकलीफ पिछले 8 साल से थी। इस पर मैंने उन्हें ट्रीटमेंट लिखकर उसकी साइक्लोजिकल जांचें करवाने और उसे एडमिट करवाने की सलाह दी थी, लेकिन उन्होंने ये तब नहीं किया था।
अप्रैल महीने में रेलवे ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। रेलवे ने करीब 50 से ज्यादा ट्रेनों में डिब्बों की बढ़ोतरी की है। इनमें सीकर के रास्ते चलने वाली तीन स्पेशल ट्रेन और एक एक्सप्रेस ट्रेन शामिल है। रेलवे से मिली जानकारी के अनुसार : - रेलवे से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें : हनुमानगढ़-जयपुर स्पेशल ट्रेन 16 दिन रद्द:सीकर रूट प्रभावित, 15 दिन लोहारू से चलेगी जयपुर-बठिंडा ट्रेन भारतीय रेलवे के बीकानेर मंडल में चूरू-सादुलपुर रेलखंड पर दोहरीकरण कार्य के चलते ट्रेनों का संचालन प्रभावित रहेगा। ऑटोमेटिक सिग्नलिंग ब्लॉक के कारण सीकर रूट से गुजरने वाली कई ट्रेनें रद्द, आंशिक रद्द और बदले मार्ग से संचालित की जाएंगी, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।(पूरी खबर पढ़ें)
पीलीभीत के घुंघचाई थाना क्षेत्र के सम्भुआ गांव में एक 50 वर्षीय व्यक्ति का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला है। मृतक का शव गांव के एक खाली मकान की सीढ़ियों के नीचे पड़ा हुआ था। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। सम्भुआ निवासी मानसिंह (50) गांव में ही एक खाली मकान की रखवाली करते थे। परिजनों और स्थानीय लोगों ने बताया कि मानसिंह रोजाना की तरह मकान की देखरेख के लिए गए थे। मंगलवार को जब काफी देर तक उनकी कोई हलचल नहीं हुई, तो आसपास के लोगों ने घर के भीतर जाकर देखा। घर के अंदर मानसिंह का शव मकान की सीढ़ियों के नीचे संदिग्ध अवस्था में पड़ा मिला। यह देखकर ग्रामीणों ने तत्काल स्थानीय पुलिस को घटना की सूचना दी। सूचना मिलते ही घुंघचाई थाना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। प्रथम दृष्टया मामला संदिग्ध लग रहा है, क्योंकि मौत के स्पष्ट कारण अभी सामने नहीं आए हैं। पुलिस ने पंचनामा भरकर शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मानसिंह की मौत की खबर मिलते ही उनके परिवार में शोक छा गया। परिजन इस घटना से दुखी हैं। गांव में इस घटना को लेकर विभिन्न तरह की चर्चाएं हो रही हैं। घुंघचाई थाना अध्यक्ष जय शंकर सिंह ने बताया, सम्भुआ गांव में एक व्यक्ति का शव मिलने की सूचना प्राप्त हुई थी। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर विधिक कार्रवाई पूरी की है। मौत के सही कारणों का पता लगाने के लिए शव को पोस्टमार्टम हेतु भेजा गया है। रिपोर्ट आने के बाद ही स्थिति स्पष्ट हो सकेगी कि यह हादसा है या कुछ और। मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है।
बांदा जनपद के बबेरू तहसील क्षेत्र में अवैध मौरंग ओवरलोडिंग के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई की गई है। एक संयुक्त टीम ने मरका खादर खंड संख्या-तीन में छापा मारकर 23 वाहनों को पकड़ा है। इन वाहनों से कुल 135 घन मीटर अवैध मौरंग जब्त की गई है। वाणिज्य कर विभाग ने इस अवैध परिवहन से राज्य को 44 लाख रुपये के राजस्व के नुकसान का आकलन किया है। यह कार्रवाई बांदा जिलाधिकारी जे. रीभा के निर्देश पर गठित एक संयुक्त टीम द्वारा बीती रात की गई। टीम में सहायक पुलिस अधीक्षक मेविस टॉक, एसडीएम सदर नमन मेहता, एसडीएम पैलानी अंकित सिंह, खान निरीक्षक गौरव गुप्ता और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी श्यामलाल शामिल थे। पकड़े गए सभी वाहनों को पुलिस की अभिरक्षा में संबंधित थानों में रखा गया है। जिला खनिज अधिकारी राज रंजन ने बताया कि मौरंग के अवैध खनन पर अंकुश लगाने के लिए बांदा सदर से एक टीम गठित कर औचक जांच की गई थी। जांच के दौरान मरका खादर खदान में मौरंग का अवैध परिवहन पाया गया। पट्टा संचालक के खिलाफ खनिज अधिनियम के तहत कार्रवाई की जा रही है।
गोसाईगंज पुलिस ने मंगलवार देर रात गौकशी के एक मामले में तीन आरोपियों को मुठभेड़ के बाद गिरफ्तार कर लिया। इस दौरान एक आरोपी के पैर में गोली लगी है, जिसे उपचार के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र जयसिंहपुर भेजा गया है। पुलिस को मंगलवार रात सूचना मिली थी कि तीन संदिग्ध व्यक्ति एक मोटरसाइकिल पर सवार होकर क्षेत्र से गुजर रहे हैं। सूचना मिलते ही पुलिस टीम सक्रिय हुई और इटकौली जंगल के पास उनकी घेराबंदी की। पुलिस का दावा है कि घेराबंदी कड़ी होने पर आरोपियों ने भागने की कोशिश की और पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने आत्मरक्षा में जवाबी फायरिंग की, जिसमें एक आरोपी के पैर में गोली लग गई। घायल आरोपी की पहचान गोसाईगंज थाना क्षेत्र के सिरवारा शरीकपुर निवासी अफरोज के रूप में हुई है। अफरोज के साथ पकड़े गए अन्य दो आरोपियों की पहचान गोसाईगंज के सिरवारा निवासी मो. गुलफाम उर्फ मो. इमरान और फतेहपुर संगत निवासी आजाद के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके कब्जे से दो अवैध तमंचे, दो खोखा कारतूस और एक जिंदा कारतूस बरामद करने का दावा किया है। मौके से प्रयुक्त मोटरसाइकिल को कब्जे में लेने की आधिकारिक पुष्टि अभी नहीं हुई है। अपर पुलिस अधीक्षक अखंड प्रताप सिंह ने बताया कि ये तीनों आरोपी गौकशी के एक प्रकरण में वांछित थे। अफरोज पर पहले से 11 मुकदमे दर्ज हैं, जबकि गुलफाम पर भी दो मुकदमे दर्ज हैं। घायल अफरोज का इलाज सीएचसी जयसिंहपुर में चल रहा है। पुलिस मामले में आवश्यक विधिक कार्रवाई कर रही है।
श्रावस्ती के कंबोडिया की राजदूत मिश रथमैनी ने बीते मंगलवार को जनपद की ऐतिहासिक बौद्ध तपोस्थली श्रावस्ती का दौरा किया। उन्होंने बीती देर शाम बौद्ध भिक्षु देवेंद्र थेरो की अध्यक्षता में अपने पारंपरिक रीति-रिवाजों के अनुसार बोधि वृक्ष पर पूजा-अर्चना की। इसके साथ ही गंध कुटी में दीप प्रज्वलित कर विश्व शांति का संदेश दिया। राजदूत मिश रथमैनी ने इस अवसर पर कहा कि श्रावस्ती बौद्ध धर्म के सबसे पवित्र तीर्थ स्थलों में से एक है। भगवान बुद्ध द्वारा पावन की गई इस भूमि पर आकर पूजा करना उनके लिए सौभाग्य की बात है। उन्होंने श्रावस्ती की पवित्रता और स्वच्छता की प्रशंसा करते हुए कहा कि भगवान बुद्ध के बताए मार्ग पर चलकर न केवल व्यक्तिगत बल्कि वैश्विक कल्याण संभव है। राजदूत ने यह भी बताया कि भगवान बुद्ध ने श्रावस्ती में 25 वर्षावास व्यतीत कर इस धरती को पवित्र बनाया था। कार्यक्रम में ललित कला अकादमी, उत्तर प्रदेश सरकार के उपाध्यक्ष गिरीश चंद्र मिश्रा ने कहा कि यह हम सभी के लिए गर्व का विषय है कि भगवान बुद्ध ने भारत में जन्म लेकर श्रावस्ती जैसे पावन स्थल को अपनी साधना से महिमामंडित किया। वहीं, लॉर्ड बुद्धा फाउंडेशन के अध्यक्ष दिवाकर पटेल ने बताया कि भगवान बुद्ध के मार्ग पर चलकर मानव जीवन को सफल बनाया जा सकता है और विश्व में शांति स्थापित की जा सकती है। उन्होंने जानकारी दी कि इस अवसर पर 2500 दीप प्रज्वलित कर अंधकार से प्रकाश की ओर बढ़ने का संदेश दिया गया। इस दौरान सभी अनुयायियों ने एक स्वर में 'बुद्धं शरणं गच्छामि, धम्मं शरणं गच्छामि, संघं शरणं गच्छामि' का उद्घोष किया। उन्होंने पूरे परिसर की परिक्रमा कर भगवान बुद्ध से विश्व कल्याण की कामना की। उल्लेखनीय है कि श्रावस्ती की बौद्ध तपोस्थली में हर वर्ष बड़ी संख्या में विदेशी बौद्ध अनुयायी पहुंचते हैं, जिससे यह पवित्र स्थल अंतरराष्ट्रीय श्रद्धालुओं से सदैव गुलजार रहता है।
खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स के पहले संस्करण में कर्नाटक की मनीषा जोंस सिद्दी ने कुश्ती के 76 किलो वर्ग में स्वर्ण पदक जीतकर अपनी काबिलियत दिखाई है। मुश्किल हालात में पली-बढ़ी मनीषा की यह जीत सिर्फ एक पदक नहीं है, बल्कि उनके लंबे समय के मेहनत और मजबूत इरादों की सफलता है। मनीषा का सपना है कि वह देश के लिए गोल्ड मेडल जीतें। खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करने वाली मनीषा का खेल जीवन कई चुनौतियों भरा रहा है। उन्होंने बताया कि जब वह पांचवीं में थीं, तभी पिता का देहांत हो गया। इसके बावजूद उनकी मां ने हार नहीं मानी और दिन-रात मेहनत कर सपनों को पूरा करने में मदद की। पहले मनीषा कई राष्ट्रीय प्रतियोगिताओं में सिल्वर और ब्रोंज मेडल जीत चुकी हैं, लेकिन यह उनका पहला गोल्ड मेडल है। स्पोर्ट्स हॉस्टल और परिवार का मिला साथ अपनी सफलता को साझा करते हुए मनीषा ने कर्नाटक के डिवाइस स्पोर्ट्स हॉस्टल की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया। उन्होंने कहा कि हॉस्टल के कोच और साथी खिलाड़ियों ने मुझे हमेशा प्रेरित किया। मेरा बड़ा भाई मेरा मार्गदर्शक रहा है, वहीं छोटा भाई खुद एक राज्य स्तरीय एथलीट है, वह भी मेरी सबसे बड़ी हिम्मत है। ट्राइबल गेम्स-एक नई पहचान का मंच मनीषा ने कहा कि खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स जैसे मंच से जनजातीय समुदाय के बच्चों को अपनी विशेष पहचान के साथ आगे बढ़ने का मौका मिला है। छत्तीसगढ़ के लोगों का व्यवहार और यहां का माहौल खिलाड़ियों के लिए अत्यंत सुखद है। स्वर्ण पदक की चमक के साथ मनीषा की निगाहें अब भविष्य की बड़ी चुनौतियों पर हैं। छत्तीसगढ़ की धरती पर मिली इस सफलता से उत्साहित मनीषा अब अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भारत का प्रतिनिधित्व करने की तैयारी में जुटी हैं। उनका अंतिम लक्ष्य विश्व पटल पर स्वर्ण पदक जीतकर देश का मान बढ़ाना है।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के भद्राशिला मार्ग पर एक बाघ को सड़क पार करते समय पर्यटकों ने नजदीक जाकर वीडियो बना लिया। घटना को प्रबंधन ने एक बड़ी लापरवाही माना है और मामले की जांच शुरू कर दी है। घटना टाइगर रिजर्व से होकर गुजरने वाले स्टेट हाईवे पर हुई। जब बाघ सड़क पार कर रहा था, तो दोनों ओर से वाहनों का जाम लग गया। कई पर्यटक बाघ के बेहद करीब पहुंच गए और उसके वीडियो बनाने लगे। जांच अधिकारी नियुक्त कर जांच शुरू वीडियो रविवार को सामने आने के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन हरकत में आया। सहायक संचालक दिलीप मराठा को जांच अधिकारी नियुक्त किया गया है। प्रबंधन वीडियो में दिख रहे वाहनों और व्यक्तियों की पहचान करने में जुटा है। इसमें जंगल सफारी के लिए उपयोग की जाने वाली कई टूरिस्ट गाड़ियां भी शामिल हैं, जिनके नंबर वीडियो में स्पष्ट दिख रहे हैं। वीडियो में दिखी गाड़ियों और लोगों की पहचान जारी टाइगर रिजर्व के क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बुधवार को बताया कि वीडियो में दिख रही गाड़ियों और बैरियर में दर्ज हुई एंट्री की जांच की जा रही है। उन्होंने कहा कि बाघ के नजदीक दिख रहे लोगों को भी चिन्हित किया जा रहा है। सभी चिन्हित व्यक्तियों से पूछताछ के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। श्री सहाय ने यह भी बताया कि वे स्वयं इस पूरे मामले की जांच की निगरानी कर रहे हैं। वीडियो में यह भी देखा गया कि कुछ लोग पैदल ही बाघ के नजदीक पहुंच गए थे। वहीं, कुछ बाइक सवार भी पहले बाघ के करीब पहुंचे, लेकिन बाघ को नजदीक से देखकर वे भागते हुए दिखाई दिए। घटना के बाद टाइगर रिजर्व प्रबंधन ने इस मार्ग पर निगरानी बढ़ा दी है।
यूपी के गोंडा में चोरका पीछा करने के प्रयास में एक GRP सिपाही ट्रेन की चपेट में आ गया। हादसे में ऑन ड्यूटी सिपाही के दोनों पैर कटकर अलग हो गए। वहीं आरोपी भी गंभीर रूप से घायल हो गया। गंभीर रूप से घायल सिपाही को तत्काल रेलवे अस्पताल ले जाया गया। जहां से पहले गोंडा मेडिकल कॉलेज भेजा गया। खून अधिक बह जाने के कारण सिपाही को लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया है। बताया जा रहा है कि आरोपी को देर रात जीआरपी की टीम ने प्लेटफॉर्म पर मारपीट और चोरी के आरोप में पकड़ा था। टीम उसे हिरासत में लेकर ले जा रही थी। तभी आरोपी हाथ छु़ड़ाकर भागने लगा। सिपाही ने पीछा करते हुए पकड़ने की कोशिश की, तभी ट्रेन की चपेट में आ गया। अब पूरा मामला सिलसिलेवार तरीके से जानिए... गोंडा जीआरपी पुलिस ने मंगलवार रात करीब 12 बजे प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर सुनील कुमार नामक युवक को चोरी करने के आरोप में पकड़ा था। दरअसल प्लेटफॉर्म नंबर-1 पर दो युवकों के बीच मारपीट हो रही थी। जीआरपी टीम मौके पर पहुंची तो एक युवक ने दूसरे युवक पर चोरी करने आरोप लगाया। पुलिस उसे हिरासत में लेकर पूछताछ के लिए ले जा रही थी। इसी दौरान आरोपी पुलिस कस्टडी से हाथ छुड़ाकर भागने लगा। वह प्लेटफॉर्म नंबर-1 से लखनऊ की ओर जा रही ट्रेन डिब्रूगढ़-चंडीगढ़ एक्सप्रेस (15903) पर चढ़कर भागने की फिराक में था। आरोपी को भागता देख जीआरपी सिपाही आकाश सिंह (29) उसे पकड़ने के लिए पीछे दौड़ पड़े। आरोपी चलती ट्रेन पर चढ़ने की कोशिश करने लगा तो सिपाही ने जान पर खेलते हुए उसे ट्रेन से नीचे खींच लिया। आरोपी प्लेटफॉर्म पर आ गिरा। पर इसी दौरान सिपाही आकाश ट्रेन की चपेट में आ गए, जिससे उनके दोनों पैर कट गए। सिपाही आकाश को गंभीर हालत में पहले रेलवे अस्पताल ले जाया गया, जहां से गोंडा मेडिकल कॉलेज भेज दिया गया। प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया गया। डॉक्टरों की टीम उनका इलाज कर रही है। गोंडा मेडिकल कॉलेज से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफरगंभीर हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उन्हें गोंडा मेडिकल कॉलेज से लखनऊ ट्रामा सेंटर रेफर कर दिया। वहां विशेषज्ञ डॉक्टरों की टीम देर रात से उनके कटे हुए पैरों को जोड़ने का प्रयास कर रही है। डॉक्टरों को सर्जरी में सफलता मिलने की उम्मीद है। मऊ के निवासी हैं सिपाही, आरोपी गिरफ्तारजीआरपी प्रभारी दिनेश कुमार पांडेय ने घटना की पुष्टि करते हुए बताया कि आरोपी को पकड़ लिया गया है। घायल सिपाही आकाश सिंह मऊ जिले के निवासी हैं और कई वर्षों से गोंडा जीआरपी में तैनात हैं। ----------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… गोरखपुर में रेपिस्ट को उम्रकैद, 16 दिन में फैसला:साक्ष्य छिपाने वाली मां को 4 साल की सजा, दादी बोलीं- बच्ची का बचपन छीन लिया गोरखपुर के पीपीगंज थानाक्षेत्र में 21 फरवरी को 06 साल की मासूम के साथ युवक ने दरिंदगी की थी। इस मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने 5 दिन में चार्जशीट कोर्ट में दाखिल किया। वहीं 16 दिन की सुनवाई के बाद मंगलवार को विशेष न्यायाधीश पॉक्सो एक्ट अशोक कुमार यादव ने आरोपी अशोक निषाद को आजीवन कारावास की सजा सुनाई। पूरी खबर पढ़िए…
प्रदेश में मौसम का मिजाज बदलता जा रहा है। मौसम विभाग के अनुसार 2 अप्रैल तक कुछ जगहों पर गरज-चमक के साथ बारिश हो सकती है, ओले गिर सकते हैं। साथ ही 50-60 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से तेज हवाएं चलने और बिजली गिरने की भी आशंका है। यूपी में एक्टिव ट्रफ के कारण छत्तीसगढ़ में आंधी-तूफान की स्थिति बन रही है। बीते 24 घंटों में राज्य के अलग-अलग हिस्सों में हल्की बारिश दर्ज की गई। बस्तर संभाग के तोकापाल में 20 मिमी वर्षा हुई, जबकि भानपुरी, जगदलपुर और नांगुर में 10-10 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई। अधिकांश स्थानों पर मौसम शुष्क बना रहा। तापमान की बात करें तो फिलहाल प्रदेश में अधिकतम तापमान सामान्य से 2 से 3 डिग्री सेल्सियस अधिक है। अगले तीन दिनों में इसमें 2 से 4 डिग्री तक गिरावट हो सकती है, जिसके बाद मौसम स्थिर रहने की संभावना है। राजनांदगांव में अधिकतम तापमान 38.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जबकि अंबिकापुर में न्यूनतम तापमान 19.8 डिग्री सेल्सियस रहा। मौसम सिस्टम का असर एक ट्रफ यानी असंतुलन रेखा सक्रिय है, जो पूर्वी उत्तर प्रदेश से दक्षिण तमिलनाडु तक फैली हुई है और मध्य प्रदेश, विदर्भ, मराठवाड़ा और आंतरिक कर्नाटक से होकर गुजर रही है। यही सिस्टम प्रदेश में बादल, बारिश और आंधी-तूफान की स्थिति बना रहा है। रायपुर में कैसा रहेगा मौसम रायपुर में आज बादल छाए रहने के साथ गरज-चमक और हल्की बारिश की संभावना जताई गई है। इस दौरान अधिकतम तापमान करीब 38 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान लगभग 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। कुल मिलाकर, छत्तीसगढ़ में अगले कुछ दिनों तक मौसम का यह बदला हुआ रूप बना रहेगा, जिसमें गर्मी के बीच राहत देने वाली बारिश के साथ आंधी-तूफान की स्थिति भी देखने को मिल सकती है।
भदोही कोर्ट ने मारपीट के दोषी को सुनाई सजा:सभाजीत यादव को 3 साल का कारावास और अर्थदंड
भदोही की एक अदालत ने मारपीट के मामले में दोषी सभाजीत यादव को तीन साल के साधारण कारावास और अर्थदंड की सजा सुनाई है। सत्र न्यायाधीश अखिलेश दुबे ने 31 मार्च 2026 को यह फैसला सुनाया। यह मामला 21 जून 2015 का है, जब कनकापुर निवासी सुनील कुमार यादव ने भदोही थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। शिकायत के अनुसार, विपक्षी सभाजीत यादव ने जबरन उनके खेत में मड़हा लगाने का प्रयास किया। जब सुनील के पिता विजय बहादुर यादव ने इसका विरोध किया, तो सभाजीत यादव, कमलेश यादव और राजितराम यादव ने कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए मारपीट की। इस घटना के संबंध में भारतीय दंड संहिता की धारा 324, 323, 504 और 506 के तहत मामला दर्ज किया गया था। न्यायालय ने सभाजीत यादव को धारा 308 के तहत 3 वर्ष के साधारण कारावास और 5000 रुपये के अर्थदंड, धारा 323 के तहत 6 माह के साधारण कारावास और 1000 रुपये के अर्थदंड, तथा धारा 504 के तहत 6 माह के साधारण कारावास की सजा सुनाई। पुलिस महानिदेशक, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के आदेश और पुलिस अधीक्षक भदोही अभिनव त्यागी के निर्देशन में चलाए जा रहे ऑपरेशन कन्विक्शन के तहत यह कार्रवाई की गई। इस अभियान का उद्देश्य चिन्हित अपराधों में दोषी अभियुक्तों के खिलाफ त्वरित और अधिकतम दंडात्मक कार्रवाई सुनिश्चित करना है। स्थानीय पुलिस, मॉनिटरिंग सेल और डीजीसी दिनेश कुमार पाण्डेय की प्रभावी पैरवी के परिणामस्वरूप यह दोषसिद्धि संभव हुई।
इंदौर में खंडवा रोड पर हुए सड़क हादसे में एक किसान की मौत हो गई। मंडी में सब्जी देकर लौट रहे किसान को तेज रफ्तार कार ने पीछे से टक्कर मार दी। हादसा मंगलवार सुबह हुआ। उन्हें उपचार के लिए अस्पताल ले गए लेकिन उपचार के दौरान किसान की मौत हो गई। पुलिस ने कार जब्त कर ली है, जबकि ड्राइवर फरार है। परिजनों के अनुसार लखन खेत की सब्जी बेचने गए थे और वापस लौटते समय हादसे का शिकार हो गए। मौके पर मौजूद लोगों ने कार को पकड़ लिया, लेकिन चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस के मुताबिक शिवनगर निवासी 45 वर्षीय लखन मस्कार को उमरीखेड़ा के पावर हाउस के पास कार (MP09CE5787) ने टक्कर मार दी। हादसे के बाद उन्हें गंभीर हालत में अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने प्राथमिक उपचार के बाद मृत घोषित कर दिया। लखन के परिवार में पत्नी, मां और दो बेटे हैं। दोनों बेटे पढ़ाई कर रहे हैं, जिनमें बड़ा बेटा पिता के साथ काम में हाथ भी बंटाता था। परिवार के लिए लखन ही मुख्य सहारा थे। उनके पिता और भाई का पहले ही निधन हो चुका है।
यमुनानगर जिले में रबी सीजन की मुख्य फसल गेहूं अब पूरी तरह पककर तैयार हो चुकी है और खेतों में सुनहरी फसल लहलहा रही है। इसी के साथ आज बुधवार से जिले की सभी 13 अनाज मंडियों में सरकारी खरीद प्रक्रिया औपचारिक रूप से शुरू हो रही है। हालांकि जमीनी हकीकत कुछ और ही तस्वीर बयां कर रही है, जहां मंडियों में जरूरी इंतजाम अभी अधूरे नजर आ रहे हैं। सबसे बड़ी समस्या बारदाने की कमी को लेकर सामने आई है। मंडियों में अभी तक बोरी (बारदाना) नहीं पहुंच पाई है, जिससे किसानों और आढ़तियों के बीच असमंजस की स्थिति बनी हुई है। इसके अलावा गेहूं उठान के लिए वाहनों की व्यवस्था भी निविदा प्रक्रिया में फंसी हुई है, जिससे खरीद शुरू होते ही व्यवस्था चरमराने का अंदेशा जताया जा रहा है। 3.36 लाख मीट्रिक टन का लक्ष्य इस वर्ष जिले में करीब 90 हजार हेक्टेयर क्षेत्र में गेहूं की बुवाई की गई थी। सरकारी एजेंसियों ने 3 लाख 36 हजार 500 मीट्रिक टन गेहूं खरीद का लक्ष्य तय किया है, जो पिछले साल 3 लाख 18 हजार 479 के मुकाबले अधिक है। वहीं किसानों को इस बार 2 हजार 585 रुपये प्रति क्विंटल का न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिलेगा। हालांकि मौसम की मार भी किसानों पर असर डाल रही है। हाल ही में हुई बारिश के कारण फसल में नमी बढ़ गई है, जिसके चलते मंडियों में गेहूं की आवक 5 अप्रैल के बाद तेज होने की संभावना है। खरीद कार्य में इस बार हैफेड, डीएफएससी और हरियाणा वेयरहाउस कॉरपोरेशन जैसी एजेंसियां सक्रिय रहेंगी। डीसी ने लिया था व्यवस्थाओं का जायजा प्रशासनिक स्तर पर तैयारियों की समीक्षा भी की गई है। उपायुक्त प्रीति ने एक दिन पहले मंडियों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया था, लेकिन इसके बावजूद कई जरूरी व्यवस्थाएं अभी तक पूरी नहीं हो पाई हैं। इस बार खरीद प्रक्रिया में कुछ नए नियम भी लागू किए गए हैं, जिनका पालन किसानों के लिए जरूरी होगा। मंडी में गेहूं लेकर आने वाले ट्रैक्टर या अन्य वाहन पर नंबर प्लेट होना अनिवार्य किया गया है। साथ ही किसान की स्वयं मौजूदगी भी जरूरी होगी। यदि किसान खुद नहीं आता है तो उसे पहले से पोर्टल पर तीन नॉमिनी दर्ज करने होंगे, जिनमें से अधिकृत व्यक्ति ही फसल बेच सकेगा। पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराने की मांग इसके अलावा पारदर्शिता के नाम पर मंडी गेट पर किसानों की बायोमीट्रिक पहचान भी की जाएगी, जिसमें अंगुलियों के निशान के साथ आंखों का रेटिना स्कैन शामिल होगा। हालांकि तकनीकी खामियां इस प्रक्रिया को जटिल बना सकती हैं और किसानों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। अनाज मंडी जगाधरी के आढ़ती सुभाष ने कहा कि बिना बारदाना के खरीद संभव नहीं है। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि जल्द से जल्द सभी मंडियों में पर्याप्त बारदाना उपलब्ध कराया जाए, ताकि खरीद प्रक्रिया सुचारू रूप से चल सके और किसानों को किसी प्रकार की दिक्कत न हो।
सोंधा रोड पर ट्रैक्टर-ट्रॉली से बाइक की टक्कर:पीलीभीत में एक युवक की मौत, दूसरा गंभीर रूप से घायल
पीलीभीत के थाना सेहरामऊ क्षेत्र में मंगलवार रात एक सड़क दुर्घटना में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दूसरा गंभीर रूप से घायल हो गया। यह हादसा ट्रैक्टर-ट्रॉली और मोटरसाइकिल की टक्कर से हुआ। घायल युवक को प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर किया गया है। थाना सेहरामऊ क्षेत्र के ग्राम पजाबा निवासी अरुण कुमार (32) पुत्र मदनलाल मंगलवार रात करीब 9 बजे अपने मित्र बिल्लू के साथ बाइक पर कुर्रेया स्टेशन जा रहे थे। गांव के बाहर सोंधा रोड पर पहुंचने पर सामने से आ रही एक ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद दोनों युवक सड़क पर गिर गए। राहगीरों की सूचना पर डायल 112 पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने स्थानीय लोगों की सहायता से घायलों को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) पूरनपुर पहुंचाया। डॉक्टरों ने अरुण कुमार को मृत घोषित कर दिया। गंभीर रूप से घायल बिल्लू को जिला अस्पताल रेफर किया गया है। पुलिस ने मृतक अरुण कुमार के शव का पंचनामा भरकर पोस्टमॉर्टम के लिए जिला मुख्यालय भेज दिया है। पुलिस फरार ट्रैक्टर चालक की तलाश कर रही है और वाहन को कब्जे में लेने की प्रक्रिया भी शुरू कर दी गई है। क्षेत्राधिकारी (CO) प्रतीक दहिया ने बताया, “सोंधा रोड पर हुए हादसे की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम को सक्रिय कर दिया गया था। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है और घायल का उपचार जारी है। पुलिस टीम मामले की जांच कर रही है और तहरीर के आधार पर अग्रिम विधिक कार्रवाई की जाएगी।”
मैहर सिविल अस्पताल की छत पर बड़ी मात्रा में एक्सपायर दवाइयां खुले में पड़ी मिली हैं। इस संबंध में मंगलवार शाम को वीडियो सोशल मीडिया पर सामने आया है। जिसने स्वास्थ्य विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अस्पताल की छत पर दवाइयों के कई पैकेट और बॉक्स पड़े दिखाई दे रहे हैं, जिनके एक्सपायर होने की बात कही जा रही है। घटना से स्थानीय प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग की साख पर आंच आई है। छत पर खुले में फेंकी एक्सपायर दवाएं स्थानीय सूत्रों के अनुसार, खुलेआम रखी गई ये दवाइयां न केवल नियमों का उल्लंघन हैं, बल्कि इनसे मरीजों की सुरक्षा को भी खतरा हो सकता है। एक्सपायर दवाओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत नष्ट किया जाना चाहिए, लेकिन यहां उन्हें लापरवाहीपूर्वक फेंक दिया गया। सीएमएचओ बोले- जांच कर दोषियों पर होगी कार्रवाई मामले को लेकर मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमएचओ) डॉ. मनोज शुक्ला ने बताया कि यह उनके संज्ञान में आया है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पूरे मामले की जांच कराई जाएगी और यह पता लगाया जाएगा कि ये दवाइयां कौन सी हैं और अस्पताल परिसर में कैसे पहुंचीं। सीएमएचओ ने आश्वासन दिया है कि जांच के बाद यदि किसी की लापरवाही सामने आती है, तो संबंधित के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल स्वास्थ्य विभाग की टीम इस मामले की जांच में जुट गई है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिले में पुलिस अवैध कबाड़ परिवहन के खिलाफ 'ऑपरेशन प्रहार' अभियान चला रही है। इस अभियान के तहत मंगलवार को पुलिस ने प्लांट में खपाने के लिए ले जाए जा रहे 13 टन कबाड़ को पकड़ा और ट्रक जब्त किया है। मामला पूंजीपथरा थाना क्षेत्र का है। दरअसल पुलिस को सूचना मिली थी कि तमनार चैक की ओर एक ट्रक में कबाड़ लोड किया जा रहा है। इसके बाद पुलिस ने तमनार चैक पर जांच शुरू की। वाहनों को रोककर जांच शुरू की, तभी एक संदिग्ध ट्रक देखा गया और घेराबंदी कर उसे रोका गया। ट्रक ड्राइवर ने पूछताछ में अपना नाम रमेश यादव (40) निवासी आजमगढ़ बताया। जांच में ट्रक में काफी मात्रा में लोहे और टीना का कबाड़ पाया गया। पूछताछ में ड्राइवर ने स्पष्ट जवाब नहीं दिया। पुलिस ने स्क्रैप से संबंधित दस्तावेज मांगे, लेकिन वह कागजात नहीं दिखा सका। 13 टन कबाड़ जब्त संदेह के आधार पर पुलिस ने लगभग 2 लाख 87 हजार 700 रुपए के 13 टन 700 किलो स्क्रैप और 10 लाख रुपए कीमत के ट्रक को जब्त कर लिया। अवैध कबाड़ से लोड वाहन को थाना लाया गया और आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू की गई। दो माह में 12 से अधिक भारी वाहनों को पुलिस ने पकड़ा पूंजीपथरा क्षेत्र में कबाड़ उद्योगों में चोरी-छिपे खफाया जाता है। पिछले दो माह में 12 से अधिक भारी वाहनों को पुलिस ने पकड़ा, जिनमें अवैध रूप से स्क्रैप लोड था। हाल ही में तीन थाना क्षेत्रों में 75.62 टन अवैध स्क्रैप जब्त किया गया, जिसकी कुल कीमत करीब 23 लाख 69 हजार 100 रुपए आंकी गई। SSP बोले- सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी SSP शशि मोहन सिंह ने बताया कि ऑपरेशन प्रहार के तहत अवैध कबाड़ और अन्य गैरकानूनी गतिविधियों में शामिल लोगों पर लगातार सख्त कार्रवाई की जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे मामलों की सूचना तुरंत पुलिस को दी जाए और सूचना देने वालों की पहचान गोपनीय रखी जाएगी।
बस्ती में डिब्रूगढ़ से लालगढ़ जा रही अवध असम एक्सप्रेस ट्रेन में एक महिला यात्री की तबीयत बिगड़ने से उसकी मौत हो गई। महिला को बस्ती पहुंचने पर एंबुलेंस से जिला अस्पताल भेजा गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मृतक की पहचान शाहजहांपुर के खुटार थाना क्षेत्र निवासी संगीता (23) के रूप में हुई है। वह अपने पति मोहित मिश्र के साथ असम से शाहजहांपुर लौट रही थीं। यह घटना मंगलवार रात करीब तीन बजे की बताई जा रही है। मोहित मिश्र ने बताया कि गोरखपुर से बस्ती की ओर बढ़ने के दौरान उनकी पत्नी संगीता की तबीयत अचानक खराब हो गई। उन्हें उल्टी होने लगी और मुंह से खून भी निकल आया। उन्होंने तत्काल कंट्रोल रूम को इसकी सूचना दी। ट्रेन के बस्ती पहुंचने पर संगीता के शव को प्लेटफॉर्म पर उतारा गया और एंबुलेंस के माध्यम से जिला अस्पताल भेजा गया। डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया है। मोहित ने बताया कि वे 29 मार्च को पत्नी और दो बच्चों के साथ असम से चले थे और जनरल कोच में जगह न मिलने पर स्लीपर एस-वन कोच में टिकट बनवाकर यात्रा कर रहे थे।
खैरथल-तिजारा को 4 महीने बाद आखिर जिला कलेक्टर मिल ही गया। 2018 बैच के आईएएस अधिकारी अतुल प्रकाश को जिला कलेक्टर एवं जिला मजिस्ट्रेट, खैरथल-तिजारा के पद पर नियुक्त किया गया है। उनका ट्रांसफर भिवाड़ी इंटीग्रेटेड विकास प्राधिकरण (बीडा) में मुख्य कार्यकारी अधिकारी के पद से किया गया है। राज्य सरकार की ओर से देर रात 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले की सूची जारी की गई, जिसमें अतुल प्रकाश का नाम प्रमुख रूप से शामिल रहा। यह आदेश राज्यपाल की आज्ञा से संयुक्त शासन सचिव डॉ. धीरज कुमार सिंह द्वारा जारी किया गया। लंबे समय से खाली था कलेक्टर का पददरअसल, खैरथल-तिजारा जिला में 28 नवम्बर 2025 से कलेक्टर का पद खाली चल रहा था। उस समय तत्कालीन कलेक्टर किशोर कुमार का तबादला राजस्व मंडल अजमेर के सदस्य पद पर कर दिया गया था। इसके बाद से अलवर की कलेक्टर डॉ. अर्तिका शुक्ला यहां का अतिरिक्त कार्यभार संभाल रही थीं। किशोर कुमार का अचानक अकेले ट्रांसफर होना उस समय काफी चर्चा में रहा था, क्योंकि 21 नवम्बर 2025 को जारी तबादला सूची में उनका नाम शामिल नहीं था। इसके बाद 28 नवम्बर को उनका अलग से ट्रांसफर आदेश जारी किया गया था। जनता और जनप्रतिनिधियों की थी लगातार मांगजिले में कलेक्टर का पद खाली होने के कारण सामाजिक कार्यकर्ताओं और जनप्रतिनिधियों द्वारा लगातार स्थायी कलेक्टर लगाने की मांग की जा रही थी। अब अतुल प्रकाश की नियुक्ति के साथ यह मांग पूरी हो गई है और जिले को स्थायी प्रशासनिक नेतृत्व मिलने जा रहा है। नियुक्ति को लेकर जिले में प्रशासनिक हलकों के साथ-साथ आम लोगों में भी उत्सुकता बनी हुई है। माना जा रहा है कि युवा आईएएस अधिकारी अतुल प्रकाश के आने से जिले के विकास कार्यों को नई गति मिलेगी।
किडनैप कर लूटने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार:मानटाउन थाना पुलिस ने वारदात में काम ली गई कार भी की जब्त
सवाई माधोपुर की मानटाउन थाना पुलिस ने अपहरण और नकदी छिनने के मामले में तीन वांछित आरोपियों को गिरफ्तार किया है। मुख्य आरोपी महेंद्र मीणा की निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त आई-20 कार भी जब्त की गई है। पुलिस ने बताया कि आरोपियों की गिरफ्तारी के बाद मामले की जांच जारी है। मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के अनुसार, गिरफ्तार आरोपियों में विक्रम (19) पुत्र कमलेश बैरवा निवासी खिलचीपुर थाना कुण्डेरा, मनराज उर्फ मोनू (23) पुत्र रामफूल बैरवा और आकाश (19) पुत्र रामदयाल बैरवा निवासी भारजा का टापरा थाना रवाजना डूंगर शामिल हैं। आई-20 कार को किया जब्त पुलिस ने बताया कि इस साल 12 मार्च को पीड़ित विकास ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि वह धमूण रोड पर गन्ने के जूस की मशीन चला रहा था। तभी महेंद्र मीणा और उसके साथियों ने उसका अपहरण किया, मारपीट की और नकदी छीनकर फरार हो गए। मुख्य आरोपी महेंद्र मीणा को पकड़ने के बाद उसकी निशानदेही पर घटना में उपयोग की गई आई-20 कार (RJ25CB4135) ग्राम धमूण खुर्द से जब्त कर ली गई। बाकी आरोपियों की गिरफ्तारी आई-20 कार जब्त होने के बाद पुलिस ने मामले में शामिल तीन अन्य आरोपियों को भी गिरफ्तार किया। थानाधिकारी ने बताया कि फिलहाल आरोपियों से पूछताछ जारी है और मामले में आगे की जांच की जा रही है।
दौसा में 4 अप्रैल को आंधी-बारिश की संभावना:न्यूनतम तापमान में गिरावट से गर्मी का असर कम हुआ
दौसा जिले के कई इलाकों में मंगलवार रात हल्की से मध्यम बारिश हुई, जिससे मौसम पूरी तरह सुहावना हो गया। 4 अप्रैल को दौसा में मौसम विभाग का येलो अलर्ट है। आंधी के साथ बारिश की संभावना है। तेज अंधड़ और बारिश का दौर मंगलवार शाम को मौसम में अचानक बदलाव के कारण आसमान में घने बादल छा गए। शाम ढलते ही तेज अंधड़ और बूंदाबांदी शुरू हो गई। जिला मुख्यालय पर मध्यम बारिश का पानी बह निकला, जबकि अन्य इलाकों में कहीं-कहीं हल्की बारिश दर्ज की गई। मौसम में बदलाव के साथ तापमान में गिरावट आई। न्यूनतम तापमान 19 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया, जबकि अधिकतम तापमान 33 डिग्री रहने की संभावना है। इससे पहले 31 मार्च को न्यूनतम तापमान 22 डिग्री और अधिकतम 33 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। आगामी दिनों में भी रात और दिन के तापमान में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है। मौसम विज्ञान केन्द्र, जयपुर ने राज्य में बुधवार को भी 2 जिलों में हल्की बारिश की संभावना जताई है। कल से एक नया वेदर सिस्टम एक्टिव होगा, जिसका असर अप्रैल के शुरुआती दिनों तक बना रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार, 4 अप्रैल तक प्रदेश के 20 से अधिक जिलों में हल्की बरसात हो सकती है।
चंडीगढ़ सेक्टर-37 में दुकान के अंदर लात-घूंसे चले, जिसके बाद लोगों ने बीच-बचाव कर झगड़ा छुड़वाया और इसकी सूचना पुलिस को दी गई। मौके पर पहुंची पुलिस स्टेशन 39 ने मामले में दुकानदार दिवराज सिंह की शिकायत पर मारपीट करने वालों के खिलाफ कार्रवाई शुरू कर दी है। वहीं, वारदात दुकान में लगे सीसीटीवी में कैद हो गई, जिसे पुलिस ने अपने कब्जे में ले लिया है। पहले गाली-गलौच फिर मारपीट पुलिस को दी शिकायत में दिवराज सिंह ने बताया कि वह अपनी दुकान में बैठे हुए थे, तभी कुछ लोग आए और गाली-गलौच करने लगे। विवाद बढ़ने पर उन्होंने मारपीट करना शुरू कर दी। शोर-शराबा सुनकर पास के दुकानदार और कर्मचारी झगड़ा छुड़वाने लगे, लेकिन काली टी-शर्ट पहने व्यक्ति, जो मारपीट कर रहा था, उसने कॉलर पकड़ा हुआ था और नहीं छोड़ा। सभी ने उसे पकड़कर पीछे खींचा, लेकिन उसने कॉलर नहीं छोड़ा। बड़ी मुश्किल से सभी ने उसे पकड़कर पीछे दुकान से बाहर करने की कोशिश की, लेकिन वह छुड़ाकर फिर वापस उन्हें मारने के लिए अंदर आ गया और उसे फिर से पकड़कर बाहर ले जाया गया। पिता के साथ भी बदसलूकी पीड़ित ने आरोप लगाया कि जब उनके पिता मौके पर पहुंचे तो मारपीट करने वालों ने उनके साथ भी बदसलूकी की। आरोप है कि पिता की पगड़ी उतार दी गई और बालों से पकड़कर घसीटा गया। वहीं, माता के साथ भी दुर्व्यवहार किया गया। इस हमले में पिता को गंभीर चोटें आई हैं। शिकायत में दिवराज ने आरोप लगाया कि उसके साथ मारपीट करने वाले का नाम शेखर है। उन्होंने मांग की है कि CCTV फुटेज के आधार पर आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए और जल्द से जल्द उनकी गिरफ्तारी सुनिश्चित की जाए। CCTV में पूरी वारदात कैद सीसीटीवी में सभी के चेहरे साफ नजर आ रहे हैं। फुटेज में दिखाई दे रहा है कि काले रंग की टी-शर्ट पहने एक व्यक्ति ने दुकान के अंदर खड़े एक सरदार व्यक्ति का कॉलर पकड़ा हुआ था। झगड़ा छुड़वाने के लिए काफी लोग आ गए, लेकिन झगड़ा काफी देर तक चलता रहा। इसके बाद पीले रंग की टी-शर्ट पहने शिकायतकर्ता दिवराज पहुंचा और अपने पिता को छुड़वाने की कोशिश करने लगा। काफी देर बाद जाकर लोगों ने झगड़ा छुड़वाया।
गोरखपुर में बुधवार की सुबह मौसम ने थोड़ा अलग रंग दिखाया। सुबह के समय आसमान में हल्के बादल छाए रहे, जिससे तापमान में करीब 4 से 5 डिग्री सेल्सियस तक गिरावट दर्ज की गई। इससे लोगों को सुबह-सुबह उमस और गर्मी से थोड़ी राहत जरूर मिली। हालांकि, मौसम पूरे दिन एक जैसा नहीं रहने वाला है। कभी तेज धूप निकल रही है तो कभी अचानक बादल छा जाने से हल्का अंधेरा भी महसूस हो रहा है। इस बदलते मौसम ने लोगों को थोड़ी राहत भी दी है और थोड़ी परेशानी भी। मौसम वैज्ञानिक डॉ. कैलाश पांडे ने बताया कि- दिन चढ़ने के साथ धूप तेज होती जाएगी और अधिकतम तापमान 35 डिग्री सेल्सियस के पार जा सकता है। वहीं, न्यूनतम तापमान करीब 24 डिग्री सेल्सियस के आसपास रहने की संभावना है। उन्होंने यह भी बताया कि पछुआ हवाएं चल रही हैं, जिसकी वजह से मौसम में यह उतार-चढ़ाव बना रहेगा। फिलहाल गोरखपुर में बारिश के कोई खास आसार नहीं हैं, लेकिन 7 अप्रैल तक कहीं-कहीं हल्की बूंदाबांदी हो सकती है। सुबह के समय बादलों की वजह से लोगों को थोड़ी राहत जरूर मिल रही है, लेकिन दिन में तेज धूप फिर से गर्मी बढ़ा सकती है। ऐसे में लोगों को सावधानी बरतने की जरूरत है। ध्यान में रखें ये बात: गोरखपुर का मौसम इन दिनों बदलता हुआ नजर आ रहा है। सुबह राहत और दिन में तेज गर्मी का मिश्रण। ऐसे में थोड़ी सावधानी से ही इस मौसम का सामना किया जा सकता है।
राजस्थान सरकार ने मंगलवार देर रात बड़े प्रशासनिक फेरबदल में 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसमें चित्तौड़गढ़ के जिला कलेक्टर आलोक रंजन का भी ट्रांसफर शामिल है। अब उनकी जगह डॉ. मंजू चित्तौड़गढ़ की नई जिला कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगी। आलोक रंजन का ट्रांसफर आलोक रंजन को जोधपुर का जिला कलेक्टर बनाकर भेजा गया है। उन्होंने 7 जनवरी 2024 को चित्तौड़गढ़ का पदभार संभाला था और करीब 2 साल 2 महीने 24 दिन तक जिले में काम किया। उनके कार्यकाल में कई प्रशासनिक और विकास कार्य हुए, जिनकी जिले में चर्चा रही। अब उनका अनुभव जोधपुर जिले के विकास में योगदान देगा। 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं डॉ. मंजू डॉ. मंजू चित्तौड़गढ़ में 51वीं जिला कलेक्टर के रूप में जॉइन करेंगी। वे 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और मूल रूप से झुंझुनूं की रहने वाली हैं। उनकी उम्र लगभग 39 साल है। उनका शैक्षणिक बैकग्राउंड काफी मजबूत है। उन्होंने एमबीबीएस के साथ-साथ एमएस, डीएनबी (ऑब्सट्रिक्स एंड गायनेकोलॉजी) और पब्लिक मैनेजमेंट में एमए की पढ़ाई की है। मेडिकल और प्रशासन दोनों क्षेत्रों का अनुभव उनके कामकाज में सहायक माना जा रहा है। डॉ. मंजू ने 2017 में मसूरी में ट्रेनिंग लेने के बाद अपने प्रशासनिक करियर की शुरुआत उदयपुर में असिस्टेंट कलेक्टर के रूप में की थी। इसके बाद उन्होंने केंद्र सरकार के फूड प्रोसेसिंग इंडस्ट्री मंत्रालय, नई दिल्ली में असिस्टेंट सेक्रेटरी के रूप में भी काम किया। उदयपुर के वल्लभनगर में असिस्टेंट कलेक्टर और एग्जीक्यूटिव मजिस्ट्रेट (फास्ट ट्रैक) के पद पर भी उन्होंने जिम्मेदारी निभाई। इसके अलावा उदयपुर में ही सब डिविजनल ऑफिसर (बड़गांव) और जिला परिषद में चीफ एग्जीक्यूटिव ऑफिसर के रूप में भी सेवाएं दी। अलग-अलग जिलों और विभागों में अहम जिम्मेदारी डॉ. मंजू ने अलवर जिले के यूआईटी में सेक्रेटरी के पद पर काम किया और जयपुर में उद्योग एवं वाणिज्य विभाग में जॉइंट सेक्रेटरी रहीं। साल 2023 में शाहपुरा में ऑफिसर ऑन स्पेशल ड्यूटी के रूप में काम करने के बाद उन्हें पहली बार जिला कलेक्टर बनाया गया। इसके बाद उन्होंने ऊर्जा विभाग, जयपुर में जॉइंट सेक्रेटरी और उदयपुर में एक्साइज विभाग में एडिशनल कमिश्नर के रूप में सेवाएं दीं। साल 2024 में वे श्रीगंगानगर की जिला कलेक्टर बनीं। अब चित्तौड़गढ़ में वे तीसरी बार कलेक्टर के रूप में जिम्मेदारी संभालेंगी।
लुधियाना के व्यस्त शिवपुरी फ्लाईओवर पर बीती देर रात उस समय चीख-पुकार मच गई जब एक अनियंत्रित टाटा 407 ट्रक डिवाइडर से टकराकर लोहे की ग्रिल (सट्रिंग) तोड़ते हुए फंस गया। इस हादसे में दो लोग गंभीर रूप से घायल हुए हैं जिन्हें इलाज के लिए निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया है। घटना के बाद फ्लाईओवर पर लंबा जाम लग गया जिसे स्थानीय लोगों की मदद से खुलवाया गया। लोहे की ग्रिल चीरकर निकली गाड़ी प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक टाटा 407 ट्रक काफी रफ्तार में था। इसी दौरान सड़क पार कर रहे दो लोग इसकी चपेट में आ गए। टक्कर इतनी जोरदार थी कि ड्राइवर ने संतुलन खो दिया और गाड़ी सीधे बीच सड़क लगे डिवाइडर में जा घुसी। ट्रक ने वहां लगी लोहे की मजबूत रेलिंग को भी उखाड़ दिया। हादसे के बाद मौके पर भारी भीड़ जमा हो गई और ट्राफिक पूरी तरह जाम हो गया। ड्राइवर पक्ष का आरोप लूट की वारदात कर भाग रहे थे घायल घटनास्थल पर मौजूद ट्रक ड्राइवर के साथी रवि ने मामले में चौंकाने वाला दावा किया है। रवि के अनुसार हम अपनी साइड पर बिल्कुल आराम से सीधे जा रहे थे। तभी अचानक ये दो युवक गाड़ी के आगे आ गए। उन्हें बचाने के चक्कर में गाड़ी डिवाइडर से जा टकराई। इन युवकों के पास से लोहे की किरपान भी मिली है। हमें अंदेशा है कि ये कहीं लूट की वारदात को अंजाम देकर भाग रहे थे और हड़बड़ाहट में ट्रक के सामने आ गए। स्थानीय लोगों ने संभाला मोर्चा हादसे के बाद फ्लाईओवर पर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। मौके पर मौजूद लोगों ने तत्परता दिखाते हुए लोहे की टूटी हुई ग्रिल और मलबे को साइड हटवाया और ट्रक को किनारे कर ट्रैफिक को सुचारू रूप से चालू करवाया। पुलिस जांच जारी फिलहाल दोनों घायल युवकों का अस्पताल में इलाज चल रहा है। पुलिस इस एंगल से भी जांच कर रही है कि क्या युवक वाकई किसी आपराधिक गतिविधि में शामिल थे या यह महज एक दुर्घटना है। मौके से बरामद किरपान को कब्जे में लेकर आगे की तफ्तीश शुरू कर दी गई है।
अलवर जिले के बगड़ राजपूत स्थित पशु उप स्वास्थ्य केंद्र पर तैनात लाइव स्टॉक असिस्टेंट लोकेश चंद को ड्यूटी के दौरान लापरवाही और अनुशासनहीनता के आरोप में सस्पेंड कर दिया गया है। एलएसए लोकेश ने नशे की हालत में न केवल अपनी जिम्मेदारियों की अनदेखी की, बल्कि इलाज के लिए पहुंचे पशुपालकों और किसानों के साथ अभद्र व्यवहार भी किया। मामले के सामने आने के बाद विभाग ने इसे गंभीरता से लिया। जांच में सामने आया कि संबंधित कर्मचारी ने बीमार पशुओं के लिए दवा देने से इनकार कर दिया, जिससे ग्रामीणों में नाराजगी फैल गई। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि इस तरह की हरकत से विभाग की छवि प्रभावित होती है, इसलिए तत्काल प्रभाव से कार्रवाई की गई। निलंबन अवधि के दौरान संबंधित कर्मचारी का मुख्यालय बीकानेर स्थित अतिरिक्त निदेशक (क्षेत्र) कार्यालय तय किया गया है। विभाग ने स्पष्ट किया है कि ड्यूटी में लापरवाही और अनुशासनहीनता किसी भी सूरत में बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
बस्ती के सोनहा थाना क्षेत्र में धान के विवाद में एक भतीजे ने अपने चाचा की चाकू मारकर हत्या कर दी। घटना मंगलवार देर रात कुर्थिया गांव में हुई, जिससे इलाके में सनसनी फैल गई। ग्रामीणों के अनुसार, गांव निवासी मोहम्मद जमील (35) के घर से उनके भतीजे मोहम्मद रिर्वान (20) ने धान चुरा लिया था। शाम को इस बात की जानकारी होने पर परिजनों ने रिर्वान को डांटा। इसी बात से नाराज होकर रिर्वान ने अपने चाचा जमील पर चाकू से हमला कर दिया। गंभीर रूप से घायल जमील को परिजन आनन-फानन में सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र बेवा, सिद्धार्थनगर ले गए, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। इस आपसी संघर्ष में आरोपी रिर्वान भी घायल हो गया, जिसका उपचार जिला अस्पताल में चल रहा है। बताया जा रहा है कि रिर्वान दो दिन पूर्व ही मुंबई से अपने गांव लौटा था, जबकि उसके माता-पिता मुंबई में ही रहते हैं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। क्षेत्राधिकारी कुलदीप यादव ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए बस्ती भेज दिया गया है। मामले में विधिक कार्रवाई की जा रही है।
शाजापुर जिले में 1 अप्रैल से जमीन की खरीद महंगी हो गई है। केंद्रीय मूल्यांकन बोर्ड भोपाल ने वर्ष 2026-27 के लिए नई गाइडलाइन दरों को मंजूरी दी है, जिसके बाद जिले की 754 लोकेशन पर दरों में 10 से 20 प्रतिशत तक की वृद्धि लागू की गई है। इन लोकेशन में 317 शहरी और 437 ग्रामीण क्षेत्र शामिल हैं, जबकि 620 लोकेशन पर दरें पहले जैसी ही बनी हुई हैं। अब प्रॉपर्टी खरीदारों को अधिक भुगतान करना होगा नई दरें लागू होने से अब प्रॉपर्टी खरीदारों को अधिक भुगतान करना होगा। दरों में वृद्धि की आशंका के कारण मार्च के अंतिम दिनों में पंजीयन कार्यालयों में भारी भीड़ देखी गई। अवकाश के दिनों में भी रजिस्ट्री कार्यालय खुले रहे, और 31 मार्च को बड़ी संख्या में लोगों ने अपनी संपत्तियों का पंजीयन कराया। शहर के विभिन्न प्रमुख क्षेत्रों में अलग-अलग दरों से वृद्धि की गई है। कुछ इलाकों में मामूली बढ़ोतरी हुई है, वहीं नाग-नागिनी रोड, सरस्वती नगर और नई सड़क जैसे क्षेत्रों में 20 से 30 प्रतिशत तक की वृद्धि दर्ज की गई है। निर्माण लागत में भी बढ़ोतरी जमीन के साथ-साथ भवन निर्माण लागत में भी वृद्धि की गई है। नगर पालिका क्षेत्र में आवासीय निर्माण की लागत 10 हजार से बढ़ाकर 11 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर कर दी गई है। व्यावसायिक निर्माण के लिए यह दर 13 हजार रुपए और कार्यालय-गोदाम के लिए 12 हजार रुपए प्रति वर्गमीटर निर्धारित की गई है। नगर परिषद और ग्रामीण क्षेत्रों में भी निर्माण लागत में 10 से 15 प्रतिशत तक की बढ़ोतरी हुई है। कोरोना काल के बाद निर्माण लागत में यह पहली वृद्धि है। इस बढ़ोतरी से अब संपत्ति की खरीद और निर्माण दोनों ही महंगे हो गए हैं।
छत्रपति शाहू जी महाराज विश्वविद्यालय (सीएसजेएमयू) में गैंगरेप की कोशिश करने वाले तीनों आरोपियों को विवि प्रशासन ने सस्पेंड कर दिया है। पुलिस तीनों छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ कर रही है। पीड़िता का बयान दर्ज कर पुलिस ने उसका मेडिकल भी करा लिया है। आज कोर्ट में बयान दर्ज कराया जाएगा। मामले में संबंधित विभाग के अन्य छात्रों ने भी एसीपी कार्यालय पहुंचकर अपने बयान दर्ज कराए हैं। पूरे घटनाक्रम की जानकारी राजभवन को दी गई है। मंगलवार को अवकाश होने के बावजूद विश्वविद्यालय के अधिकारी और प्रोफेसर कैंपस पहुंचे। विश्वविद्यालय परिसर में दिनभर बैठकों का दौर चलता रहा। हालांकि, इन बैठकों में हुई चर्चाओं को गोपनीय रखा गया है। वहीं, पीड़िता के अवसाद में होने और मनोचिकित्सक से इलाज चलने की बात भी कैंपस में चर्चा का विषय बनी हुई है। पुलिस ने इस एंगल पर भी जांच शुरू कर दी है। इंटरनल कमेटी की बैठक बुलाई सीएसजेएमयू प्रशासन ने बुधवार को इंटरनल कमेटी की बैठक बुलाई है। वीसी प्रो. विनय कुमार पाठक ने कहा- मामले की जांच चल रही है। सीसीटीवी के फुटेज भी खंगाले जा रहे हैं। दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई की जाएगी। वहीं, एसीपी कल्याणपुर आशुतोष कुमार ने बताया- पीड़िता का मेडिकल कराने के साथ बयान दर्ज किया गया है। बुधवार को कोर्ट में बयान कराया जाएगा। दोषी छात्रों को हिरासत में लेकर पूछताछ चल रही है। अब पूरा मामला जानिए… घटना 16 मार्च की है। पीड़ित छात्रा ने बताया- तीन छात्रों ने मुझे खाना खाने के लिए क्लासरूम में बुलाया था। इसी दौरान क्लासरूम खाली देखकर तीनों छेड़छाड़ और गैंगरेप की कोशिश करने लगे। चिल्लाने पर जान से मारने की धमकी दी। इसकी जानकारी छात्रा ने अपने पिता को दी थी। पिता ने पुलिस को कल्याणपुर थाने में 30 मार्च को तहरीर दी थी। तहरीर में उन्होंने बताया- मेरी बेटी CSJM यूनिवर्सिटी में पढ़ाई करती है। 16 मार्च 2026 को दोपहर में करीब एक बजकर 10 मिनट पर मेरी बेटी क्लास रूम में थी। तभी छात्र वैभव मिश्रा, अनुज विश्वकर्मा और रितेश निर्मल ने एक खाली क्लासरूम में खाने के बहाने से बुलाया। जहां पर पहले से एक छात्रा मौजूद थी। बेटी ने बताया- जब मैं कमरे में गई तो तीनों छात्रों ने मेरे साथ दुष्कर्म का प्रयास किया। जब मैं चिल्लाने लगी तो कुछ सीनियर छात्रों ने बचाव किया। घटना के बाद से बेटी बहुत डर गई पिता ने बताया- घटना के बाद मेरी बेटी बहुत परेशान थी। वह डरी सहमी हुई थी। उसने 29 मार्च को मुझे और अपनी मम्मी को घटना के बारे में बताया। इसके बाद तीनों छात्र मेरी बेटी के साथ पूरे परिवार को पिस्टल और धारदार हथियार दिखाकर जान से मारने की धमकी दे रहे हैं। पिता ने बताया- आरोपी लड़कों ने मेरी बेटी के साथ दोबारा गैंगरेप की धमकी दे रहे हैं। बताया जा रहा है कि पीड़िता के पिता एक अन्य विश्वविद्यालय में प्रोफेसर हैं। विवि में हुई इस घटना के बाद जांच तेज हो गई है। -------------------- यह खबर भी पढ़ें.. मुस्लिम लड़की से शादी करने वाले टीचर की पीट-पीटकर हत्या:गाजियाबाद में ससुर ने लाठी-डंडों से मारा, पत्नी 3 दिन से मायके में थी गाजियाबाद में एक टीचर को उसके ससुर ने पीट-पीटकर मार डाला। टीचर सोमवार देर शाम अपने छोटे भाई के साथ ससुराल जा रहा था। रास्ते में ससुर ने 4-5 साथियों के साथ मिलकर दोनों भाई पर हमला कर दिया। पढ़ें पूरी खबर….
हरकोर्ट बटलर टेक्निकल यूनिवर्सिटी (एचबीटीयू) में जूनियर व सीनियर छात्रों के बीच हुई मारपीट में प्राक्टोरियल बोर्ड की जांच जारी है। प्रॉक्टोरियल बोर्ड की टीम 40 से अधिक छात्रों से पूछताछ कर चुकी हैं। इसके अलावा हास्टल व कैंपस में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली जा रही है। शुरुआती जांच में दोषी मिले 23 छात्रों पर विवि प्रशासन ने यूनिवर्सिटी की ओर से आयोजित होने वाले सभी आयोजनों में प्रतिभाग पर बैन लगा दिया गया है। वीसी प्रो. समशेर ने कहा कि जांच में दोषी मिले छात्रों पर एक सेमेस्टर के निलंबन या जुर्माना की कार्रवाई की जाएगी। गुरुदेव चौराहे व हॉस्टल में हुआ विवाद एचबीटीयू में वार्षिकोत्सव अध्याय-26 के दौरान रविवार रात जूनियर व सीनियर छात्र आपस में टकरा गए। आरोप है कि विवाद के दौरान जूनियर छात्रों ने सीनियर पर हाकी चला दी, जिसमें दो छात्रों के सिर फटे हैं। करीब दो घंटे तक छात्रों में टकराव की स्थिति बनी रही। कभी गुरुदेव चौराहे पर मारपीट हुई तो कभी हॉस्टल तो कभी वेस्ट कैम्पस में हाकी चली। तीन दिन में वीसी को सौंपी जाएगी रिपोर्ट घटना की जानकारी मिलते ही प्रॉक्टोरियल बोर्ड ने जांच शुरू कर दी है। बोर्ड ने अंतिम वर्ष के 13 छात्र, द्वितीय वर्ष के सात छात्र और तृतीय वर्ष के तीन छात्रों को प्रथम दृष्ट्या चिह्नित किया है। डीएसडब्ल्यू व चीफ प्रॉक्टर डॉ. सीएल गहलोत ने बताया कि छात्रों में मारपीट के मामले की जांच चल रही है। लगातार छात्रों से पूछताछ की जा रही है। हास्टल और कैम्पस में लगे कैमरों से भी सीसीटीवी फुटेज खंगाले जा रहे हैं। तीन दिन में जांच रिपोर्ट तैयार वीसी के समक्ष प्रस्तुत की जाएगी। इसी रिपोर्ट के आधार पर दोषी छात्रों पर कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश पुलिस अब हाईटेक पुलिसिंग की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है। बरेली रेंज में ‘यक्ष’ ऐप की शुरुआत के साथ अपराधियों पर शिकंजा कसना और भी आसान हो गया है। DIG अजय कुमार साहनी के मुताबिक, यह ऐप आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) पर आधारित एक ऐसा स्मार्ट प्लेटफॉर्म है, जो अपराधियों की पहचान से लेकर उनकी गतिविधियों पर नजर रखने तक हर काम को तेज और सटीक बना रहा है। एक क्लिक पर अपराधियों का पूरा डेटा ‘यक्ष’ ऐप एक सिंगल डिजिटल प्लेटफॉर्म है, जहां अपराध और अपराधियों से जुड़ा पूरा रिकॉर्ड उपलब्ध है। इससे बीट कांस्टेबल से लेकर बड़े अधिकारी तक किसी भी अपराधी की जानकारी तुरंत हासिल कर सकते हैं। वॉयस सर्च: अपराधी की आवाज से उसकी पहचान कर पुराने रिकॉर्ड से मिलान फेशियल रिकग्निशन: फोटो या चेहरे के जरिए संदिग्ध की सटीक पहचान क्राइम GPT: अपराध के तरीके के आधार पर आरोपी की प्रोफाइल खोजने की सुविधा अब दूसरे जिले में भी नहीं बच पाएंगे अपराधी ‘यक्ष’ ऐप पूरे प्रदेश के डेटा को आपस में जोड़ता है। अगर कोई अपराधी बरेली में वारदात कर कुशीनगर या किसी अन्य जिले में छिपता है, तो सिस्टम तुरंत अलर्ट जारी कर देता है। इससे अपराधियों की मूवमेंट पर पैनी नजर रखी जा रही है। पीलीभीत लूट कांड का खुलासा हाल ही में पीलीभीत में हुई लूट की घटना में इस ऐप ने बड़ी भूमिका निभाई। संदिग्धों के फोटो अपलोड करते ही उनकी पहचान हो गई। जांच में सामने आया कि आरोपी कुशीनगर के रहने वाले थे। इसके बाद पुलिस ने तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया। शस्त्र लाइसेंस से हिस्ट्रीशीटर तक सब पर नजर शस्त्र लाइसेंस का डिजिटल सत्यापन हिस्ट्रीशीटर, गैंगस्टर और इनामी बदमाशों की लिस्ट एक जगह टॉप-10 अपराधियों की रियल टाइम मॉनिटरिंग ‘नो योर क्रिमिनल’ फीचर से बीट पुलिस को मदद चार जिलों में शुरू, पुलिसिंग हुई स्मार्ट बरेली रेंज के बरेली, बदायूं, शाहजहांपुर और पीलीभीत में इसका इस्तेमाल शुरू हो चुका है। इससे पुलिस की कार्रवाई पहले से ज्यादा तेज और पारदर्शी हो गई है।
राजस्थान में ग्रीन मोबिलिटी को नई दिशा देने के लिए ‘पीएम ई-ड्राइव’ योजना के तहत बड़ा कदम उठाया गया है। कोटा में 28 नए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। राजस्थान में 262 स्थानों पर कुल 591 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। ऊर्जा मंत्री हीरालाल नागर ने बताया कि केंद्र सरकार ने प्रदेश में इलेक्ट्रिक व्हीकल चार्जिंग इंफ्रास्ट्रक्चर के विस्तार के लिए 81 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वीकृत की है। इस योजना के तहत राजस्थान में 262 स्थानों पर कुल 591 पब्लिक चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे। खास बात यह है कि औद्योगिक और शैक्षणिक हब के रूप में पहचान रखने वाले कोटा में 28 नए चार्जिंग स्टेशन बनाए जाएंगे। इससे शहर में इलेक्ट्रिक टू-व्हीलर और फोर-व्हीलर चालकों को बड़ी राहत मिलेगी और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा मिलेगा। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि यह योजना सिर्फ शहरों तक सीमित नहीं रहेगी। जयपुर में 112, अजमेर में 49 और उदयपुर में 39 चार्जिंग स्टेशन लगाए जाएंगे। साथ ही राष्ट्रीय और राज्य राजमार्गों पर भी 34 चार्जिंग स्टेशन स्थापित किए जाएंगे, जिससे लंबी दूरी तय करने वाले ईवी उपभोक्ताओं को राहत मिलेगी और ‘रेंज एंग्जायटी’ की समस्या कम होगी। ऊर्जा मंत्री ने बताया कि इन चार्जिंग स्टेशनों के लिए सरकारी जमीन का उपयोग किया जाएगा, जिससे परियोजना तेजी से पूरी हो सके। यह पहल कार्बन उत्सर्जन को कम करने और स्वच्छ ऊर्जा को बढ़ावा देने की दिशा में अहम मानी जा रही है।
50 लाख रुपए की बीमा राशि हड़पने के लालच में सगे भाइयों ने मिलकर अपने ही भाई की हत्या कर दी। आरोपियों ने होली सेलिब्रेशन के बाहने गुजरात से बुलाकर शराब पिलाई। फिर सुनसान जगह पर पत्थरों से सिर कुचलकर हत्या कर दी। इसके बाद चलती बाइक से शव को सड़क किनारे फेंक दिया। बाइक को मौके पर ही पटक कर सभी आरोपी खेतों के रास्ते घर जाकर सो गए। मामला राजसमंद जिले के देवगढ़ थाना क्षेत्र का है, घटना 7 मार्च की है। थानाधिकारी मुकेश कुमार ने बताया - रीको एरिया के पास कुंडेली रोड पर देवीसिंह रावत का शव मिला था, जिसे पहले हादसा माना जा रहा था। जांच में यह पूरी तरह से सुनियोजित हत्या निकली। पुलिस ने मामले का खुलासा करते हुए दो सगे भाइयों सहित चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पांच पॉइंट में सिलसिलेवार पढ़िए पूरा घटनाक्रम …
पुलिस ने ज्वेलरी से भरा बैग मालिक को लौटाया:मुजफ्फरनगर में 50 से अधिक CCTV खंगालकर कीमती सामान बरामद
मुजफ्फरनगर में पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए ज्वेलरी से भरा एक खोया हुआ बैग बरामद कर उसके मालिक को सौंप दिया। बैग वापस मिलने पर पीड़ित अमित कुमार शर्मा और उनके परिवार ने राहत की सांस ली और पुलिस का आभार व्यक्त किया। पारस एंक्लेव निवासी अमित कुमार शर्मा अपनी बाइक से आर्य समाज रोड होते हुए हनुमान चौक जा रहे थे। इसी दौरान रास्ते में उनका बैग बाइक से गिर गया। काफी तलाश के बाद भी बैग का कोई सुराग नहीं मिला। बैग में सोने के जेवरात रखे थे। बैग गुम होने से परेशान अमित शर्मा ने सिविल लाइन थाना पुलिस को सूचना दी। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए तत्काल खोजबीन शुरू कर दी। थाना प्रभारी आशुतोष कुमार के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जांच शुरू की। स्टेडियम चौकी प्रभारी, दरोगा और क्राइम टीम के सदस्यों ने लगभग 50 से 55 सीसीटीवी कैमरे खंगाले, जिसके बाद बैग का पता चला। पुलिस ने बैग को सुरक्षित बरामद कर लिया। उसमें रखा सारा सामान भी सही सलामत पाया गया। इसके बाद बैग को उसके मालिक अमित शर्मा और उनकी बुजुर्ग मां को सौंप दिया गया। बैग वापस मिलने पर अमित शर्मा ने पुलिस का धन्यवाद करते हुए कहा, थैंक यू पुलिस… आपने हमारी उम्मीद वापस लौटा दी।
सतना के रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र में 16 वर्षीय नाबालिग छात्रा के साथ कथित गैंगरेप का मामला सामने आया है। यह घटना पिछले साल दीपावली के आसपास की बताई जा रही है, वहीं अब छात्रा पांच माह की गर्भवती है। पीड़िता ने आरोप लगाया कि स्कूल के एक शिक्षक ने उसे बहला-फुसलाकर एक कमरे में ले जाकर दो अन्य लोगों के साथ मिलकर उसे बेहोश कर के रेप किया। तबीयत बिगड़ने पर अस्पताल में हुआ खुलासा रामपुर बाघेलान थाना क्षेत्र की रहने वाली 16 वर्षीय नाबालिग की तबीयत अचानक खराब हो गई। उसकी हालत बिगड़ने पर उसकी बुजुर्ग दादी उसे मंगलवार शाम इलाज के लिए जिला अस्पताल लेकर पहुंचीं। अस्पताल में प्राथमिक जांच के दौरान डॉक्टरों ने पाया कि नाबालिग करीब पांच महीने की गर्भवती है। यह जानकारी सामने आते ही परिवार और अस्पताल स्टाफ भी हैरान रह गया। पुलिस के अनुसार, पीड़िता की मां का पहले ही निधन हो चुका है। वह अपने पिता और दादी के साथ रहती है। नाबालिग सरकारी स्कूल में नौवीं कक्षा की छात्रा थी। दीपावली के बाद से स्कूल जाना किया बंद जानकारी के मुताबिक, छात्रा ने पिछले साल दीपावली के बाद से स्कूल जाना बंद कर दिया था लेकिन उस समय परिवार को इसकी असली वजह का पता नहीं चल सकी। नाबालिग ने अपने बयान में बताया कि दीपावली के आसपास स्कूल के एक शिक्षक ने उसे बहला-फुसलाकर स्कूल के पास एक कमरे में ले गया। कमरे में पहले से मौजूद थे दो नकाबपोश जब वह कमरे में पहुंची तो वहां पहले से दो नकाबपोश व्यक्ति मौजूद थे। इसके बाद तीनों ने मिलकर उसके साथ गलत काम किया। नाबालिग ने बताया कि उसे कुछ सुंघाकर बेहोश कर दिया गया था। जब उसे होश आया तो शाम के करीब 4 बज चुके थे। महिला शिक्षक ने बुलाकर बाहर निकाला पीड़िता के अनुसार, होश आने के बाद एक महिला टीचर ने उसे बुलाया और वहां से बाहर ले गई। इसके बाद उसने किसी को कुछ नहीं बताया और डर के कारण चुप रही। इस घटना के बाद छात्रा ने स्कूल जाना पूरी तरह बंद कर दिया और परीक्षाओं में भी शामिल नहीं हुई। वह मानसिक रूप से भी परेशान रहने लगी, लेकिन परिवार को इसकी वजह नहीं पता चल सकी। पुलिस ने शुरू की जांच, बयान दर्ज मामले की जानकारी मिलते ही जिला अस्पताल की मेडिकल टीम ने रामपुर बाघेलान थाना प्रभारी संदीप चतुर्वेदी को सूचना दी। थाना प्रभारी ने महिला सब इंस्पेक्टर को अस्पताल भेजकर पीड़िता के बयान दर्ज कराने और आगे की कार्रवाई तेज करने के निर्देश दिए हैं।
राजस्थान सरकार ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। इसी क्रम में बाड़मेर जिले में कलेक्टर स्तर पर बदलाव किया गया है। वर्तमान कलेक्टर टीना डाबी का ट्रांसफर टोंक कर दिया गया है, जबकि 2014 बैच की आईएएस अधिकारी सुश्री चिमनयी गोपाल को बाड़मेर का नया जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। चिमनयी गोपाल का तबादला जयपुर स्थित कृषि एवं पंचायती राज विभाग के आयुक्त पद से किया गया है। चिमनयी गोपाल को तीसरी बार कलेक्टर की जिम्मेदारी चिमनयी गोपाल 2014 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और बाड़मेर उनका बतौर कलेक्टर तीसरा जिला होगा। इससे पहले वे झुंझुनू और टोंक में भी कलेक्टर रह चुकी हैं, हालांकि वहां उनका कार्यकाल अपेक्षाकृत कम अवधि का रहा। अब बाड़मेर जैसे सीमावर्ती और संवेदनशील जिले में उनकी नियुक्ति को प्रशासनिक रूप से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। टीना डाबी का 18 माह का कार्यकाल, अब टोंक में नई जिम्मेदारी आईएएस टीना डाबी को 5 सितंबर 2024 को बाड़मेर कलेक्टर नियुक्त किया गया था। उन्होंने करीब 18 माह तक इस पद पर कार्य किया। उनके कार्यकाल में “नवो बाड़मेर” जैसे कई नवाचार शुरू किए गए, हालांकि इनमें से कुछ योजनाएं पूरी तरह धरातल पर नहीं उतर पाईं। जल संचयन के क्षेत्र में उनके कार्यों के लिए उन्हें राष्ट्रपति से सम्मान भी प्राप्त हो चुका है। अब उन्हें टोंक जिले में नई जिम्मेदारी सौंपी गई है। पहले भी हुआ था एसपी का तबादला बाड़मेर जिले में पिछले महीने पुलिस प्रशासन में भी बदलाव किया गया था। एसपी पद पर चूनाराम जाट को नियुक्त किया गया था। अब कलेक्टर स्तर पर हुए इस बदलाव के साथ जिले में प्रशासनिक टीम पूरी तरह नई हो गई है।
अम्बेडकरनगर के अकबरपुर कोतवाली क्षेत्र में लगातार हो रही चोरियों ने पुलिस की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। हालात यह हैं कि अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं, जबकि पुलिस सिर्फ कागजी कार्रवाई तक सिमटती नजर आ रही है। ताजा मामला माधवपुर गांव का है, जहां 24 घंटे बीत जाने के बाद भी दो घरों में हुई लाखों रुपये की चोरी का पुलिस अब तक खुलासा नहीं कर सकी है। पीड़ित परिवार दहशत और निराशा में हैं, लेकिन पुलिस के हाथ अब भी खाली हैं। इससे पहले महज एक हफ्ते के भीतर शेखपुरा गांव में भी दो घरों को चोरों ने निशाना बनाया था, जहां लाखों की संपत्ति पार हो गई, लेकिन पुलिस आज तक किसी नतीजे तक नहीं पहुंच पाई। स्थिति यहीं नहीं रुकती। बरियावन बाजार में एक सर्राफा व्यवसायी के घर हुई बड़ी चोरी और मरैला गांव में एलआईसी एजेंट के घर लाखों की वारदात में भी पुलिस ने एफआर लगाकर मामले को ठंडे बस्ते में डाल दिया। इन मामलों में न तो कोई ठोस जांच नजर आई और न ही अपराधियों तक पहुंचने की कोई गंभीर कोशिश। लगातार हो रही इन घटनाओं ने आम लोगों के मन में असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। लोग अब अपने ही घरों में खुद को सुरक्षित महसूस नहीं कर पा रहे हैं। स्थानीय नागरिकों का आरोप है कि पुलिस न तो समय पर घटनास्थल पर पहुंचती है और न ही जांच में कोई तेजी दिखाती है, जिससे अपराधियों के हौसले बुलंद हो रहे हैं। सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर कब तक अकबरपुर की जनता इस तरह की लापरवाही का खामियाजा भुगतती रहेगी। अगर जल्द ही पुलिस ने अपनी कार्यशैली में सुधार नहीं किया, तो कानून व्यवस्था पर से जनता का भरोसा पूरी तरह उठ सकता है।
प्रदेश में स्कूली बच्चों की सुरक्षा को लेकर आज, 1 अप्रैल 2026 से बड़ा अभियान शुरू हो गया है। सरकार के निर्देश पर पूरे उत्तर प्रदेश में अगले 15 दिनों तक सभी स्कूली वाहनों की फिटनेस जांच की जाएगी। वाहनों का पूरा विवरण नए डिजिटल पोर्टल पर दर्ज करना भी अनिवार्य कर दिया गया है। सरकार का फोकस साफ है-बिना फिटनेस या नियमों के खिलाफ चलने वाले स्कूल वाहन अब बख्शे नहीं जाएंगे। हर स्कूल वाहन की होगी सख्त जांच आज से शुरू हुए इस अभियान के तहत 15 अप्रैल तक प्रदेश भर में स्कूली वाहनों की गहन जांच की जाएगी। इसमें वाहन के रजिस्ट्रेशन, परमिट, बीमा, प्रदूषण प्रमाण पत्र (PUC) और उसकी भौतिक स्थिति की जांच शामिल है। जिन वाहनों में खामियां मिलेंगी, उनकी फिटनेस तुरंत निरस्त कर दी जाएगी और सुधार के बाद ही दोबारा अनुमति दी जाएगी। बिना परमिट या नियमों के उल्लंघन में चल रहे वाहनों पर मोटर वाहन अधिनियम 1988 के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। डिजिटल पोर्टल भी आज से लाइव परिवहन विभाग ने आज से यूपी इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल मैनेजमेंट पोर्टल (UP-ISVMP) भी लाइव कर दिया है। यह पोर्टल स्कूली वाहनों की निगरानी, दस्तावेजों की जांच और नियमों के पालन की ऑनलाइन मॉनिटरिंग के लिए बनाया गया है। अब परिवहन विभाग, प्रशासन, पुलिस और स्कूल प्रबंधन एक ही प्लेटफॉर्म पर जुड़कर निगरानी करेंगे। अभिभावकों को भी मिलेगी पूरी जानकारी पोर्टल पर “Know Your Bus” फीचर भी शुरू किया गया है। इसके जरिए अभिभावक अपने बच्चों की स्कूल बस की पूरी जानकारी-जैसे फिटनेस, ड्राइवर का विवरण, बीमा और परमिट-ऑनलाइन देख सकेंगे। इससे पारदर्शिता बढ़ेगी और बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों की चिंता कम होगी। स्कूल प्रबंधन की जिम्मेदारी तय इस नई व्यवस्था में स्कूल प्रबंधन समितियों को अहम जिम्मेदारी दी गई है। उन्हें सभी वाहनों का डेटा पोर्टल पर अपलोड करना होगा और नियमों का पालन सुनिश्चित करना होगा। जिला और स्कूल स्तर की परिवहन सुरक्षा समितियों की निगरानी भी इसी सिस्टम से होगी। अभियान के बाद भी जारी रहेगी कार्रवाई परिवहन विभाग ने साफ किया है कि यह अभियान केवल शुरुआत है। 15 दिन बाद भी बिना फिटनेस या नियमों के खिलाफ चलने वाले वाहनों पर कार्रवाई जारी रहेगी।
राज्य सरकार ने देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं। दौसा जिले में वर्तमान कलेक्टर देवेन्द्र कुमार का तबादला कर उन्हें नागौर जिले का कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि उनकी जगह डॉ. सौम्या झा को दौसा का नया जिला कलेक्टर बनाया गया है। डॉ. सौम्या झा इससे पहले चिकित्सा विभाग में निदेशक पद पर कार्यरत थीं और प्रशासनिक अनुभव के साथ स्वास्थ्य क्षेत्र की भी गहरी समझ रखती हैं। वे पहले टोंक जिले की कलेक्टर रह चुकी हैं, जहां उनके कार्यकाल को प्रभावी माना गया था। दौसा में उनकी नियुक्ति से प्रशासनिक कार्यों में नई गति आने की उम्मीद जताई जा रही है। 2017 बैच की आईएएस, 58वीं रैंक से बनी अधिकारी डॉ. सौम्या झा मूल रूप से मध्यप्रदेश की रहने वाली हैं। उन्होंने वर्ष 2017 में यूपीएससी सिविल सेवा परीक्षा में 58वीं रैंक हासिल कर आईएएस बनीं। शुरुआत में उन्हें हिमाचल प्रदेश कैडर मिला था, लेकिन राजस्थान कैडर के आईएएस अक्षय गोदारा से विवाह के बाद उन्होंने अपना कैडर बदलवाकर राजस्थान करवा लिया। राजस्थान में कई अहम पदों पर दी सेवाएं कैडर परिवर्तन के बाद डॉ. झा ने जयपुर जिला परिषद में सीईओ के रूप में कार्य किया। इसके अलावा गिर्वा और उदयपुर में एसडीएम के रूप में भी सेवाएं दीं। टोंक जिला परिषद सीईओ रहने के बाद उन्होंने 9 जनवरी 2024 को पहली बार टोंक जिले के कलेक्टर (डीएम) के रूप में कार्यभार संभाला था, जहां उन्होंने प्रशासनिक स्तर पर कई महत्वपूर्ण कार्य किए। देवेन्द्र कुमार का नागौर तबादला, दौसा में रहा प्रभावी कार्यकाल आईएएस देवेन्द्र कुमार यादव करीब 26 माह तक दौसा के कलेक्टर रहे। उन्होंने 8 जनवरी 2024 को बतौर कलेक्टर कार्यभार संभाला था। उनके कार्यकाल में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी का दौरा, लोकसभा चुनाव सहित कई बड़े आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न हुए।
राजस्थान सरकार ने मंगलवार देर रात बड़ा प्रशासनिक फेरबदल करते हुए 65 आईएएस अधिकारियों के तबादले किए हैं, जिनमें 25 जिलों के कलेक्टर भी शामिल हैं। श्रीगंगानगर में डॉ. अमित यादव को कलेक्टर नियुक्त किया गया है, जबकि वर्तमान कलेक्टर डॉ. मंजू का तबादला कर उन्हें चित्तौड़गढ़ का जिला कलेक्टर बनाया गया है। इस बदलाव को प्रशासनिक स्तर पर अहम माना जा रहा है। प्रशासनिक के साथ चिकित्सा क्षेत्र का अनुभव डॉ. अमित यादव 2016 बैच के राजस्थान कैडर के आईएएस अधिकारी हैं। वे एमबीबीएस (महार्षि दयानंद सरस्वती विश्वविद्यालय) से शिक्षित हैं और चिकित्सा क्षेत्र की गहरी समझ के साथ प्रशासनिक अनुभव भी रखते हैं। उनके पास स्वास्थ्य और प्रशासन दोनों क्षेत्रों की समझ होने से जिले में योजनाओं के बेहतर क्रियान्वयन की उम्मीद जताई जा रही है। कई बड़े जिलों में संभाल चुके जिम्मेदारी डॉ. यादव इससे पहले सीकर, नागौर और भरतपुर जैसे बड़े जिलों में जिला कलेक्टर के रूप में अपनी सेवाएं दे चुके हैं। इन जिलों में उनके कार्यकाल को प्रशासनिक दृष्टि से प्रभावी माना गया है। अब श्रीगंगानगर जैसे सीमावर्ती जिले में उनकी नियुक्ति को महत्वपूर्ण जिम्मेदारी के रूप में देखा जा रहा है। डॉ. मंजू का चित्तौड़गढ़ में नया दायित्व वर्तमान कलेक्टर डॉ. मंजू को श्रीगंगानगर से स्थानांतरित कर चित्तौड़गढ़ का जिला कलेक्टर नियुक्त किया गया है। वे भी 2016 बैच की आईएएस अधिकारी हैं और मूल रूप से झुंझुनू जिले की रहने वाली हैं। ग्रामीण पृष्ठभूमि से आईएएस तक का सफर डॉ. मंजू का जीवन सफर प्रेरणादायक रहा है। उनका जन्म 10 जुलाई 1986 को झुंझुनू जिले के अलसीसर गांव के पास एक छोटी ढाणी में हुआ। उन्होंने प्रारंभिक शिक्षा ग्रामीण परिवेश और सरकारी स्कूल से प्राप्त की। इसके बाद दिल्ली के प्रतिष्ठित लेडी हार्डिंग मेडिकल कॉलेज से एमबीबीएस और गुरु तेग बहादुर मेडिकल कॉलेज से स्त्री रोग एवं प्रसूति में एमएस तथा डीएनबी की डिग्री हासिल की। डॉक्टर से आईएएस बनने तक की कहानी डॉ. मंजू ने स्त्री रोग विशेषज्ञ के रूप में भी सेवाएं दीं। चिकित्सा क्षेत्र में काम करते हुए उन्होंने आईएएस बनने का लक्ष्य तय किया और पहले ही प्रयास में 2016 में 59वीं रैंक हासिल कर भारतीय प्रशासनिक सेवा में चयनित हुईं। अब चित्तौड़गढ़ में उनकी नई पारी शुरू होने जा रही है, जहां उनके अनुभव का लाभ प्रशासन को मिलेगा।
प्रतापगढ़ के मानधाता थाना क्षेत्र में एक बच्चे की पिटाई का विरोध करने पर उसके पिता और दो बेटों पर जानलेवा हमला किया गया। इस हमले में तीनों गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने मामले में चार आरोपियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर दो को हिरासत कर लिया है। घटना सोमवार को रामपुर गांव में हुई। गांव निवासी अब्दुल हमीद का छह वर्षीय पौत्र मो. तैमूर स्कूल से घर लौट रहा था। आरोप है कि पुरानी रंजिश के कारण पड़ोस के कुछ लोगों ने रास्ते में उसे पीटकर घायल कर दिया। शाम को अब्दुल हमीद अपने बेटों तौहीद और मो. समीर के साथ आरोपियों के घर शिकायत करने पहुंचे। वहां आरोपियों के परिवार के सदस्यों ने उन पर लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में अब्दुल हमीद और उनके दोनों बेटे गंभीर रूप से घायल हो गए। शोर सुनकर कुछ महिलाएं बीच-बचाव के लिए आईं, लेकिन हमलावरों ने उनके साथ भी मारपीट की। पीड़ित अब्दुल हमीद की शिकायत पर पुलिस ने मो. तौसीफ, मो. तौकीर, मो. तफ्सीर और सबीना बानों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज किया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए आरोपी मो. तौसीफ और मो. तौकीर को बकुलाही नदी पुलिया के पास से हिरासत कर लिया। जबकि अन्य फरार आरोपियों की तलाश जारी है।
डेगरहट जंगल में दिखा बाघ, मुख्य मार्ग 45 मिनट बंद:वन विभाग ने सुरक्षित पार कराया, ग्रामीण डरे
सतना जिले के मझगवां वन परिक्षेत्र के डेगरहट जंगल में मंगलवार शाम एक बाघ दिखा। बाघ के मूवमेंट के कारण मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद रखना पड़ा। वन विभाग की टीम ने ग्रामीणों की मदद से बाघ को सुरक्षित जंगल के दूसरी ओर पहुंचाया। जानकारी के अनुसार, बाघ पुलिया के पास से निकलकर सड़क पार कर जंगल के दूसरे हिस्से में जाने का प्रयास कर रहा था। हालांकि, सड़क पर लगातार वाहनों की आवाजाही के कारण वह झाड़ियों के पास ही बैठा रहा। ग्रामीणों ने बाघ को देखकर तत्काल वन विभाग को सूचना दी, जिसके बाद अधिकारी और कर्मचारी मौके पर पहुंचे। डीएफओ मयंक चांदीवाल ने बताया कि यह लगभग 4 से 5 वर्ष का नर बाघ है। उसने हाल ही में क्षेत्र में एक बैल का शिकार किया था और अपने निर्धारित क्षेत्र की ओर लौट रहा था। लोगों की आवाजाही से असहज महसूस करने के कारण वह सड़क पार नहीं कर पा रहा था। स्थिति को देखते हुए, डीएफओ के निर्देश पर मुख्य मार्ग को लगभग 45 मिनट तक बंद कराया गया। रास्ता खाली होते ही बाघ सुरक्षित रूप से सड़क पार कर जंगल के दूसरी ओर चला गया। बाघ की मौजूदगी से आसपास के ग्रामीणों में दहशत का माहौल बना हुआ है। वन विभाग लगातार क्षेत्र की निगरानी कर रहा है और लोगों से सतर्क रहने की अपील की गई है। मझगवां रेंज में वर्तमान में लगभग 30 बाघ और 4 बाघिनों की मौजूदगी बताई जा रही है। वर्ष 2016 से इस क्षेत्र को वन्यजीव अभयारण्य घोषित करने के प्रयास जारी हैं, लेकिन राजनीतिक हस्तक्षेप के कारण अब तक मंजूरी नहीं मिल पाई है। यह इलाका पन्ना नेशनल पार्क और उत्तर प्रदेश के रानीपुर अभयारण्य को जोड़ने वाला एक महत्वपूर्ण वन्यजीव कॉरिडोर है, जिससे इसकी पारिस्थितिकीय अहमियत बढ़ जाती है।
‘शादी के बाद पता चला कि सास-ससुर के साथ पूरा परिवार तंत्र-मंत्र करता है। सभी लोग रात 12 बजे से सुबह 4 बजे तक पूजा-पाठ करते हैं। पूजा के समय सभी नग्न अवस्था में रहते हैं। मुझे भी नग्न अवस्था में पूजा में शामिल होने के लिए मजबूर किया। मैं घबरा गई, मैंने कहा- सास-ससुर के सामने नग्न अवस्था में जाना पाप है। इसके बावजूद पति और ससुर ने जबरन सारे कपड़े उतार दिए।’ यह कहना है कानपुर की एक महिला का, जिसने पति और सास-ससुर पर गंभीर आरोप लगाए हैं। 30 मार्च को महिला ने अपने पिता के साथ पुलिस कमिश्नर के सामने पेश होकर शिकायत की है। पुलिस ने पति और सास-ससुर समेत 5 के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है। पूरा मामला सचेंडी थाना क्षेत्र का है। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… अब विस्तार से पूरा मामला जानिए…सचेंडी थाना क्षेत्र के एक प्रतिष्ठित परिवार ने अपनी बेटी की शादी पांडु नगर के रहने वाले ज्वेलरी कारोबारी कौतुक मिश्रा से की। शादी 6 मार्च 2024 को हुई। लड़की के घरवालों का कहना है- शादी में लड़की वालों ने करीब 5 करोड़ रुपए खर्च किए। फॉर्च्यूनर कार और सोने-चांदी के जेवरात दिए। अब महिला का आरोप है कि शादी के बाद से ही दहेज के लिए ताने और मेंटल टॉर्चर के साथ ही उत्पीड़न शुरू कर दिया। ससुराल वालों की डिमांड थी कि मैंने तो दहेज में 2 किलो सोना औक 2 करोड़ रुपए नकद मांगे थे, लेकिन वादे के मुताबिक दहेज नहीं मिला। महिला के आरोप को सिलसिलेवार पढ़िए… विरोध किया तो ले विदेश घुमाने ले गया महिला ने कहा- मैंने विरोध किया। कहा कि मायके जाकर सब बता दूंगी तो पति मुझे घुमाने के लिए पहले कोलकाता ले गया। इसके बाद वहां से बाली (इन्डोनेशिया) ले गया। वहां पर गलत व्यवहार किया। उसकी मां और पिता फोन पर गाइड कर रहे थे। उन लोगों की इन हरकतों से मैं परेशान हो गई। वापस मायके आने के बाद मैंने पूरी बात माता-पिता को बता दी। ससुरालीजन अक्सर तंत्र मंत्र में लीन होकर मेरे साथ अमर्यादित व्यवहार करते और रात में 3-4 बजे तक नग्न अवस्था में रखते थे। उन लोगों के तंत्र-मंत्र से ऊबकर मैंने अपने माता-पिता को पूरी बात बताई। मेरे माता-पिता ने ससुराल वालों से इस संबंध में बात की तो उन लोगो ने तंत्र मंत्र न करने की बात भी की। ससुराल के लोगों ने कहा- तुझे अगर इस तंत्र-मंत्र से बचना है तो स्वरूप नगर में एक मकान और एक किलो सोना दहेज में और दिलाओ तभी बच पाओगी। नहीं तो तुझे इसी तंत्र-मंत्र से अभी गला घोटकर मार देंगे। उसे कई बार फंदा लगाकर हत्या करने की कोशिश की गई। पुलिस ने FIR दर्ज करके मामले की जांच शुरू की महिला का कहना है कि रोज-रोज के उत्पीड़न से तंग होकर मायके वालों ने मुझे घर बुला लिया। मायके से भाई लेने आया तो सिर्फ दो कपड़ों में विदा कर दिया। कोई भी ज्वैलरी नहीं ले जाने दी। इसके बाद पिता के साथ पुलिस कमिश्नर के दफ्तर पहुंची। वहां पूरे मामले की शिकायत कर कार्रवाई के लिए तहरीर दी। पुलिस कमिश्नर के आदेश के बाद महिला थाने में पीड़िता की तहरीर पर आरोपी बाबा राजेंद्र मिश्रा, ससुर विनीत मिश्रा, सास रश्मि मिश्रा, पति कौतुक मिश्रा और देवर सचेत के खिलाफ दहेज उत्पीड़न, रेप, मारपीट करना, जेहर हड़पने, धमकी देना, अपमान करने समेत अन्य गंभीर धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की गई है। दैनिक भास्कर ने इस मामले के संबंंध में महिला के ससुराल पक्ष के बात करनी चाही, लेकिन कोई आगे नहीं आया। उनका पक्ष आने पर अपडेट किया जाएगा। -------------------- यह खबर भी पढ़ें.. CM योगी की मां को अपशब्द कहने वाला मौलाना गिरफ्तार, बिहार के विधायक बोले- यूपी STF मेरे सामने ले गई, लगा किडेनैपिंग हुई यूपी के CM योगी आदित्यनाथ की मां के खिलाफ भड़काऊ बयान देने वाले मौलाना अब्दुल सालिम चतुर्वेदी को STF ने गिरफ्तार किया है। मौलाना बिहार में अररिया के जोकीहाट का रहने वाला है। यूपी STF ने उसे वहीं से दबोचा है। बिहार में अमौर सीट से AIMIM विधायक अख्तरुल ईमान ने सोमवार को मौलाना की गिरफ्तारी की पुष्टि की। पढ़ें पूरी खबर…
लखनऊ से जुड़े टोल प्लाजा पर शुल्क बढ़ा:आज से नई दरें लागू, 360 रुपए में लोकल पास
लखनऊ और आसपास के इलाकों में सफर करने वाले लोगों के लिए आज से यात्रा महंगी हो गई है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) की सड़कों पर टोल टैक्स की नई दरें बुधवार से लागू कर दी गई हैं। नवाबगंज, बाराबंकी के अहमदपुर टोल, रौनाही टोल समेत लखनऊ से जुड़े प्रमुख टोल प्लाजा पर अब वाहन चालकों को पहले से 5 से 10 रुपये तक ज्यादा भुगतान करना होगा। लखनऊ से गुजरने वालों पर सीधा असर राजधानी लखनऊ से बाराबंकी, अयोध्या और रायबरेली की ओर जाने वाले हजारों दैनिक यात्रियों पर इस बढ़ोतरी का सीधा असर पड़ेगा। खासतौर पर निजी वाहनों से रोजाना आवाजाही करने वाले लोगों का मासिक खर्च बढ़ना तय है। हालांकि, स्थानीय वाहन चालकों को कुछ राहत भी दी गई है। टोल प्लाजा से 20 किलोमीटर के दायरे में रहने वाले गैर-वाणिज्यिक वाहन मालिकों के लिए 360 रुपये में मासिक पास की सुविधा जारी रहेगी। रिटर्न जर्नी पर मिलेगी 25% छूट यदि कोई वाहन 24 घंटे के भीतर उसी टोल प्लाजा से लौटता है, तो उसे टोल शुल्क में 25 प्रतिशत की छूट दी जाएगी। यह नियम सभी श्रेणी के वाहनों पर लागू रहेगा, जिससे शॉर्ट ट्रिप करने वालों को थोड़ी राहत मिल सकती है। सीतापुर हाईवे पर बाद में लागू होंगी नई दरें लखनऊ-सीतापुर राष्ट्रीय राजमार्ग पर फिलहाल पुरानी दरें ही लागू रहेंगी। यहां टोल प्लाजा निजी कंपनी के संचालन में है, इसलिए नई दरें सितंबर से लागू की जाएंगी। जानिए नई टोल दरें (आज से लागू) कार, जीप, वैन: एकल यात्रा - 120 रुपये 24 घंटे में वापसी - 180 रुपये हल्के वाणिज्यिक वाहन: एकल यात्रा - 195 रुपये वापसी - 295 रुपये बस/ट्रक: एकल यात्रा - 410 रुपये वापसी - 615 रुपये तीन एक्सल वाहन: एकल यात्रा - 445 रुपये वापसी - 670 रुपये सात या अधिक धुरी वाले वाहन: एकल यात्रा - 785 रुपये वापसी - 1175 रुपये आम लोगों और ट्रांसपोर्ट सेक्टर पर असर टोल टैक्स में बढ़ोतरी का असर सिर्फ निजी वाहन चालकों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि ट्रांसपोर्ट और लॉजिस्टिक्स सेक्टर पर भी पड़ेगा। इसका सीधा असर किराए और माल ढुलाई की लागत पर देखने को मिल सकता है, जिससे रोजमर्रा की चीजें भी महंगी हो सकती हैं।
मेरठ में शास्त्रीनगर स्थित सेंट्रल मार्केट के अवैध निर्माणों को लेकर आज सुप्रीम कोर्ट में अहम सुनवाई होनी है। कोर्ट की कार्यसूची में यह मामला 63वें नंबर पर सूचीबद्ध है, जिससे व्यापारियों में भारी चिंता और बेचैनी का माहौल बना हुआ है। पूर्व में सुप्रीम कोर्ट ने आवासीय भवनों में नियमों के विरुद्ध संचालित शोरूम और दुकानों के ध्वस्तीकरण के आदेश दिए थे। जैसे-जैसे यह समयसीमा समाप्ति की ओर बढ़ रही है, प्रशासनिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। इस कार्रवाई की जद में कुल 1468 निर्माण बताए जा रहे हैं, जिससे पूरे बाजार में हड़कंप मचा हुआ है। मंगलवार को भी बाजार में अफरा-तफरी का माहौल रहा। कई दुकानदारों ने कानूनी कार्रवाई और संभावित तोड़फोड़ के डर से अपनी दुकानों को ईंट-दीवारों और दरवाजों से बंद करना शुरू कर दिया है। अब तक 150 से अधिक दुकानें बंद की जा चुकी हैं। व्यापारी अपने महंगे सामान और फर्नीचर को सुरक्षित स्थानों पर शिफ्ट कर रहे हैं। वहीं, नई शमन नीति के तहत बास्तुविद नगर नियोजक द्वारा 80 व्यापारियों को नोटिस जारी किए गए थे। व्यापारियों का दावा है कि अब तक 35 लोग अपनी दुकानों को नियमित कराने के लिए 50 करोड़ रुपये से अधिक की राशि शमन शुल्क के रूप में जमा कर चुके हैं। कई व्यापारी फ्रंट सेटबैक छोड़ने और भू-उपयोग को आवासीय से व्यावसायिक में बदलने की प्रक्रिया में जुटे हैं। हालांकि, आरटीआई कार्यकर्ता लोकेश खुराना ने इस शमन प्रक्रिया पर सवाल उठाते हुए इसे नियमों के विरुद्ध बताया है और मुख्यमंत्री व सुप्रीम कोर्ट में आपत्ति दर्ज कराई है। उधर, आवास एवं विकास परिषद ने पूरे क्षेत्र का नए सिरे से सर्वे पूरा कर लिया है। ड्रोन कैमरों के जरिए अवैध निर्माणों और अतिक्रमण की पहचान की गई है। इसकी विस्तृत रिपोर्ट जिला प्रशासन को सौंप दी गई है। इधर, व्यापारियों ने बैठक कर अपनी रणनीति तैयार की है और प्रशासन से राहत की अपील की है। उनका कहना है कि यह केवल दुकानों का नहीं, बल्कि हजारों परिवारों के रोजगार का सवाल है।अब सबकी नजरें आज होने वाली सुप्रीम कोर्ट की सुनवाई पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि मेरठ का यह प्रमुख व्यावसायिक केंद्र अपने मौजूदा स्वरूप में बना रहेगा या फिर यहां बड़े पैमाने पर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई होगी।
लुधियाना में ऑटो चालक पर हमला:गर्दन पर चाकू मारकर घायल किया; दो आरोपियों पर केस दर्ज
लुधियाना के सेक्टर-32 ए मार्केट, चंडीगढ़ रोड स्थित पार्किंग में एक ऑटो ड्राइवर पर हमला करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि दो युवकों ने मिलकर पहले गर्दन पर दात मारा और फिर लात-घूंसों से पिटाई कर जान से मारने की धमकियां दीं। खून से लथपथ ऑटो ड्राइवर को अस्पताल पहुंचाया। इलाका पुलिस ने मामले की जांच कर 5 दिन बाद आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज किया। आरोपियों ने पीछे से गर्दन पर किया हमला पीड़ित ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि वह ऑटो चलाता है। 25 मार्च 2026 को वह डोमिनोज के पीछे स्थित होटल/दुकान के सामने सेक्टर-32ए मार्केट में सवारी उतारने के बाद अपने ऑटो की कमाई का हिसाब कर रहा था। इसी दौरान उसे फोन आया और जैसे ही वह बात करने लगा, पीछे से एक युवक ने उसकी गर्दन पर दात मार दिया। अपशब्द कहने पर हुई झड़प जब उसने मुड़कर देखा तो हमलावर वरुण जंडा निकला, जिसे वह पहले से जानता है। आरोपी ने धमकाते हुए अपशब्द कहे और वहां मार्केट में नहीं खड़े होने की बात कही। दात लगने से उसकी गर्दन से खून निकलने लगा। गोपाल मुताबिक उसकी गर्दन पर 6 टांके और सिर पर 8 टांके लगे है। इसी बीच दूसरा आरोपी गुरदीप सैनी भी मौके पर पहुंच गया। आरोप है कि उसने पीड़ित की छाती में लात मारी, जिससे वह जमीन पर गिर गया। इसके बाद दोनों आरोपियों ने मिलकर उसकी जमकर पिटाई की और जान से मारने की धमकियां दीं। घटना के बाद थाना डिवीजन नंबर-7 की पुलिस ने दोनों आरोपियों के खिलाफ BNS की धारा 118(1), 126(2), 351(2) और 61(2) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच की जा रही है और आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए छापेमारी की जा रही है।
शहर की मतदाता सूची (Voter List) को शत-प्रतिशत सटीक और डिजिटल बनाने के लिए निर्वाचन विभाग ने तेयारी शुरू कर दी है। विभाग इस महीने के दूसरे सप्ताह से SIR (Special Intensive Revision) की प्रक्रिया शुरू करने जा रहा है। अब तक तकनीकी माध्यमों से 71% मतदाताओं की मैपिंग पूरी की जा चुकी है, लेकिन शेष 29% लोगों की पहचान और वेरिफिकेशन के लिए BLO (बूथ लेवल ऑफिसर) सीधे घर-घर जाएंगे। 71% डिजिटल, 29% के लिए 'डोर टू डोर' सर्वे निर्वाचन विभाग का लक्ष्य वोटर लिस्ट को एरर-फ्री बनाना है। मैपिंग प्रक्रिया के पहले चरण में डेटा के जरिए 71% वोटरों का मिलान हो चुका है। अब छूटे हुए 29% वोटरों की सही लोकेशन और स्टेटस जानने के लिए BLO फील्ड में उतरेंगे। इससे फर्जी नामों को हटाने और पते में बदलाव को अपडेट करने में मदद मिलेगी। 6 पॉइंट्स में समझें: कैसे काम करेंगे BLO 1. डेटा क्वालिटी में सुधार: BLO उन वोटरों के डेटा पर फोकस करेंगे जिनके नाम, स्पेलिंग, एड्रेस या फोटो में किसी भी तरह की त्रुटि (Error) है। इसका मकसद एक ऐसी लिस्ट तैयार करना है, जिसमें कोई गलती न हो। 2. मतदान केंद्रों का सरलीकरण: अक्सर शिकायत रहती है कि वोटर लिस्ट में नाम दूर के बूथ पर होता है। BLO यह सुनिश्चित करेंगे कि मतदाताओं को उनके घर के सबसे नजदीक और बेहतर सुविधाओं वाला वोटिंग सेंटर मिले। 3. मैन पावर की कमी : प्रक्रिया के दौरान अगर किसी बूथ या केंद्र पर कर्मचारियों की कमी पाई जाती है, तो निर्वाचन विभाग तुरंत वहां अतिरिक्त मैन पावर तैनात करेगा ताकि काम न रुके। 4. डिजिटल प्लेटफॉर्म की मास्टर ट्रेनिंग: वोटरों को जागरूक किया जाएगा कि वे खुद कैसे अपनी जानकारी चेक कर सकते हैं। उन्हें हेल्पलाइन नंबर 1950, 'वोटर हेल्पलाइन ऐप' और 'बुक ए कॉल' जैसी ऑनलाइन सुविधाओं की जानकारी दी जाएगी। 5. अधिकारियों का विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम: इस पूरी प्रक्रिया को पारदर्शी बनाने के लिए विभाग ने सभी EROs (इलेक्टोरल रजिस्ट्रेशन ऑफिसर्स), AEROs, BLOs और सुपरवाइजरों के लिए विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम शेड्यूल किए हैं। 6. फिजिकल वेरिफिकेशन से तैयार होगी फाइनल लिस्ट: घर-घर जाकर की गई पहचान के बाद प्राप्त डेटा को मुख्य सर्वर से मैच किया जाएगा, जिसके बाद चंडीगढ़ की फाइनल वोटर लिस्ट का प्रकाशन होगा।
फरीदाबाद निगम ने स्वच्छता को लेकर बढ़ाई राशि:पिछले साल 42 करोड़ हुए थे खर्च; स्वास्थ्य सेवाओं पर जोर
फरीदाबाद नगर निगम ने शहर की स्वच्छता और स्वास्थ्य सेवाओं को मजबूत करने के लिए इस बार बड़ा बजट तय किया है। निगम द्वारा स्वास्थ्य एवं स्वच्छता क्षेत्र में 167.80 करोड़ रुपए खर्च करने की योजना बनाई गई है, जो पिछले साल के मुकाबले कई गुना ज्यादा है। पिछले वित्त वर्ष में इस मद में केवल 42 करोड़ रुपए ही खर्च किए गए थे। पिछले साल के मुकाबले बढ़ी राशि निगम का मानना है कि शहर में बढ़ती आबादी और सफाई व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए बजट बढ़ाना जरूरी हो गया है। इसी को ध्यान में रखते हुए इस बार अलग से बड़ी राशि को मंजूरी दी गई है। उन्होंने बतया कि शहर में जल शुद्धिकरण पर इस बार 5 करोड़ रूपए खर्च किए जाएंगे। जबकि पिछली साल ये राशि 3 करोड़ रूपए बताई गई है। स्वच्छता को लेकर कोई लापरवाही नहीं नगर निगम की मेयर प्रवीण बत्रा ने बताया कि शहर में स्वच्छता को लेकर किसी तरह की लापरवाही नहीं बरती जाएगी। उन्होंने कहा कि निगम पहले से ही कई स्तर पर तैयारियां कर चुका है और अब इन योजनाओं को तेजी से लागू किया जाएगा। इस बजट के जरिए कचरा प्रबंधन, सफाई व्यवस्था और स्वास्थ्य सेवाओं को और मजबूत करने का लक्ष्य रखा गया है, ताकि फरीदाबाद को साफ और स्वस्थ शहर बनाया जा सके। खेल एवं स्वास्थ्य सुविधाओं को बढ़ावा देने के लिए पार्क, ग्राउंड एवं जिम के लिए 22.50 करोड़ मंजूर किये गए है। पिछले साल में ये राशि 17.85 करोड़ रखी गई थी।

