मथुरा की महावन तहसील में किसानों और लेखपालों के बीच चल रहा विवाद सुलझ गया है। गुरुवार शाम 4 बजे दोनों पक्षों के बीच समन्वय बैठक हुई, जिसमें विवाद खत्म करने पर सहमति बनी। तहसील प्रशासन की पहल पर हुई इस बैठक में किसानों और लेखपालों ने एक-दूसरे पर लगाए आरोपों पर चर्चा की। बैठक में किसानों ने तहसील स्तर पर अपने रुके हुए काम समय पर पूरे न होने और कर्मचारियों के व्यवहार को लेकर शिकायतें कीं। लेखपालों ने भी अपनी बात रखी। दोनों पक्षों ने बातचीत से समस्याओं को सुलझाने पर सहमति जताई। लेखपालों ने किसानों को भरोसा दिलाया कि उनके अंश निर्धारण, फार्मर आईडी और दूसरे राजस्व संबंधी काम प्राथमिकता के आधार पर समय पर पूरे किए जाएंगे। उन्होंने किसानों के साथ मिलकर काम करने की बात भी कही। बता दें कि कुछ दिन पहले महावन तहसील में किसान और लेखपालों के बीच विवाद का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। इसके बाद भारतीय किसान यूनियन (टिकैत) ने इस मामले पर नाराजगी जताई थी और आंदोलन करने की चेतावनी दी थी। बुधवार को हुई बातचीत के बाद सहमति बनने से यह विवाद शांत हो गया। इस बैठक में किसान यूनियन के प्रदेश, मंडल, जिला, तहसील और ब्लॉक स्तर के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान मौजूद थे। महावन तहसील के लेखपाल भी बैठक में शामिल हुए। इसमें आपसी सहयोग और बातचीत से किसानों की समस्याओं को हल करने पर जोर दिया गया।
बागपत लोकसभा क्षेत्र के सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने गुरुवार को उत्तर प्रदेश के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह से मुलाकात की। सांसद ने जिले में धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास से जुड़े मुद्दों पर चर्चा की। उन्होंने प्रमुख धार्मिक स्थलों को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने और वहां श्रद्धालुओं के लिए जरूरी सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग रखी। इन धार्मिक स्थलों के विकास की मांग सांसद ने लव-कुश मंदिर, पुरा महादेव कॉरिडोर, फुलेरा मंदिर, बड़ागांव मंदिर और बाबा गुफावाला मंदिर समेत बागपत के कई धार्मिक एवं सांस्कृतिक स्थलों के विकास का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि बागपत में धार्मिक और ऐतिहासिक महत्व वाले कई स्थल हैं। इनका व्यवस्थित विकास होने से जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान मिल सकती है। इसके लिए श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए बेहतर सुविधाएं विकसित करने की जरूरत है। पुरा महादेव के विकास का मुद्दा पहले भी उठा पुरा महादेव मंदिर को पर्यटन की दृष्टि से विकसित करने की मांग पहले भी सामने आ चुकी है। 2024 में सांसद की पहल पर पुरा महादेव मंदिर के विकास के लिए धर्मार्थ कार्य विभाग ने जिलाधिकारी से मंदिर और उससे जुड़ी संपत्तियों की जानकारी मांगी थी। वर्तमान में भी पुरा महादेव बागपत के प्रमुख धार्मिक स्थलों में शामिल है और जिला प्रशासन की ओर से यहां श्रद्धालुओं की सुविधाओं तथा कांवड़ यात्रा से जुड़ी व्यवस्थाओं पर काम किया जा रहा है। पर्यटन मंत्री ने कार्रवाई का भरोसा दिया सांसद के मुताबिक, पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री ठाकुर जयवीर सिंह ने बागपत के धार्मिक, ऐतिहासिक और सांस्कृतिक स्थलों के विकास को लेकर सकारात्मक आश्वासन दिया। उन्होंने बेहतर पर्यटन सुविधाएं उपलब्ध कराने और जरूरी विकास कार्यों के लिए जल्द कार्रवाई का भरोसा दिलाया। सांसद डॉ. राजकुमार सांगवान ने कहा कि बागपत की ऐतिहासिक और सांस्कृतिक विरासत को संरक्षित करते हुए पर्यटन के लिहाज से विकसित करना जरूरी है। इससे धार्मिक और सांस्कृतिक पर्यटन को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय स्तर पर रोजगार और आर्थिक गतिविधियों के अवसर भी बढ़ सकते हैं।
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने राजस्थान नगर निकाय चुनाव में भारतीय जनता पार्टी को मिली जीत पर बड़ा बयान दिया है। उन्होंने इस सोशल मीडिया के माध्यम से इस संबंध में कांग्रेस पर भी निशाना साधा है। सीएम भजनलाल ने इस संबंध एक्स के माध्यम से कहा कि निकाय चुनावों में मिले ऐतिहासिक जनादेश ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान की जनता भाजपा के सुशासन, विकास और जनकल्याण के साथ मजबूती से खड़ी है। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने इस संबंध में आगे कहा कि कांग्रेस की हार उसके पिछले कार्यकाल के कुकर्म, परिवारवाद और आपसी कलह का परिणाम है। इससे पहले सीएम भजनलाल ने एक्स के माध्यम से कहा कि वडनगर से वाराणसी तक ‘सेवा संकल्प यात्रा’ के सेवा यात्रियों के बीकानेर आगमन पर उनसे आत्मीय भेंट कर यात्रा के अनुभव जाने और उनका उत्साहवर्धन किया। इस अवसर पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के सेवा, समर्पण एवं राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को आगे बढ़ाने में यात्रा से जुड़े सहभागियों के योगदान की सराहना की। सेवा संकल्प अभियान राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का प्रेरणादायी प्रयास मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि इसी क्रम में ‘सेवा संकल्प कलश’के माध्यम से सेवा, समर्पण एवं सामाजिक उत्तरदायित्व की भावना को सुदृढ़ करने का संकल्प लिया। ‘सेवा संकल्प अभियान’ जनभागीदारी के माध्यम से समाज में सेवा-भाव को सशक्त करने तथा राष्ट्रनिर्माण के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाने का प्रेरणादायी प्रयास है। इस यात्रा से जुड़े प्रत्येक सहभागी का समर्पण और प्रतिबद्धता समाज के प्रति उत्तरदायित्व की भावना को नई ऊर्जा प्रदान कर रही है। PC: X अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें कांग्रेस की हार उसके पिछले कार्यकाल के कुकर्म, परिवारवाद और आपसी कलह का परिणाम है। pic.twitter.com/tC2wtk5Y83 — Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) September 24, 2026 निकाय चुनावों में मिले ऐतिहासिक जनादेश ने स्पष्ट कर दिया है कि राजस्थान की जनता भाजपा के सुशासन, विकास और जनकल्याण के साथ मजबूती से खड़ी है। pic.twitter.com/fKkij2522V — Bhajanlal Sharma (@BhajanlalBjp) September 24, 2026
मिर्जापुर के केबीपीजी कॉलेज में अंतरराष्ट्रीय शांति दिवस पर एक प्रेरणादायक व्याख्यान हुआ। इसमें राजयोगिनी ब्रह्मकुमारी डॉ. सुनीता ने विद्यार्थियों को 'सकारात्मक बने रहें, चाहे कुछ भी हो' विषय पर संबोधित किया। उन्होंने बताया कि जीवन में परिस्थितियां हमेशा हमारे हिसाब से नहीं होतीं, लेकिन सकारात्मक सोच और मजबूत मानसिकता से व्यक्ति मुश्किल से मुश्किल हालात का सामना कर सकता है। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और स्वागत गीत से हुई। संगीत विभाग के छात्र-छात्राओं ने प्रो. अर्चना पांडेय और प्रो. नम्रता मिश्रा के मार्गदर्शन में सुंदर संगीत की प्रस्तुति दी। इसके बाद प्रो. नम्रता मिश्रा ने स्वागत भाषण दिया। उन्होंने मुख्य वक्ता का परिचय देते हुए बताया कि आज के समय में सकारात्मक सोच और मानसिक संतुलन कितना जरूरी है। मुख्य वक्ता ब्रह्मकुमारी डॉ. सुनीता दीदी ने विद्यार्थियों से बातचीत में कहा कि मुश्किल हालात में घबराने के बजाय अपने विचारों और भावनाओं पर काबू रखना चाहिए। उन्होंने आसान और रोजमर्रा के उदाहरणों से विद्यार्थियों को मानसिक रूप से मजबूत, खुश और सकारात्मक रहने के तरीके बताए। उन्होंने समझाया कि परिस्थितियों को हमेशा अपनी मर्जी से बदलना संभव नहीं होता, लेकिन उनके प्रति अपनी सोच और प्रतिक्रिया को बदला जा सकता है। सकारात्मक विचार व्यक्ति का आत्मविश्वास बढ़ाते हैं और उसे अपने लक्ष्य की ओर लगातार आगे बढ़ने की प्रेरणा देते हैं। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने सकारात्मक जीवनशैली, मानसिक मजबूती और सफलता से जुड़े संदेशों को समझा। कार्यक्रम का संचालन डॉ. किरन प्रकाश ने किया। आखिर में कॉलेज के कार्यवाहक प्राचार्य प्रो. डॉ. भवभूति मिश्र ने मुख्य वक्ता समेत सभी मेहमानों, शिक्षकों, कर्मचारियों और विद्यार्थियों का धन्यवाद दिया। इस मौके पर कॉलेज के शिक्षक, कर्मचारी और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद थे।
गोरखपुर में रक्तदान शिविर:जरूरतमंद लोगों के लिए अस्पताल परिसर में लगाया कैंप; रक्तदाता सम्मानित
गोरखपुर में सेवा संकल्प अभियान के अंतर्गत गुरुवार को रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी ने अस्पताल परिसर, पार्क रोड, सिविल लाइंस, गोरखपुर में शिविर लगाया गया। इसका उद्देश्य लोगों को रक्तदान के प्रति जागरूक करना और जरूरतमंद मरीजों के लिए रक्त की उपलब्धता सुनिश्चित करने हेतु स्वैच्छिक रक्तदान को प्रोत्साहित करना था। कार्यक्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के आजीवन सदस्य आदित्य निगम ने व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहकर रक्तदाताओं को रक्तदान के लिए प्रेरित किया। उन्होंने रक्तदान करने वाले लोगों के लिए आवश्यक समन्वय एवं व्यवस्थाओं में सहयोग प्रदान किया। इसके साथ ही रक्तदाताओं के प्रमाण-पत्र तैयार कराने में भी महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। आदित्य निगम ने कहा कि रक्तदान किसी जरूरतमंद व्यक्ति के जीवन को बचाने का माध्यम है और स्वस्थ व्यक्तियों को समय-समय पर स्वैच्छिक रक्तदान के लिए आगे आना चाहिए। उन्होंने कहा कि समाज में रक्तदान के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए युवाओं की भागीदारी विशेष रूप से आवश्यक है। शिविर के दौरान उपस्थित लोगों को मानवता की एक बूंद—रक्तदान करें, जीवन बचाएं तथा One Drop of Humanity, Give Blood, Save Lives के संदेश के माध्यम से रक्तदान के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी गोरखपुर के पदाधिकारी, बेसिक शिक्षा विभाग के प्रतिनिधि, स्वास्थ्य विभाग से जुड़े अधिकारी-कर्मचारी एवं अन्य सहयोगी उपस्थित रहे।
बरेली में कैंट पुलिस ने एक युवक को गिरफ्तार किया है। वह सामान ढोने वाले कैंटर में अफीम छिपाकर ले जा रहा था और उसे रास्ते में बेचने की कोशिश कर रहा था। पुलिस ने उसे बुखारा-फरीदपुर मार्ग पर पकड़ा। आरोपी के बैग से 487 ग्राम अफीम बरामद हुई। पुलिस ने अफीम ले जाने वाले कैंटर को भी जब्त कर लिया है। पुलिस के अनुसार, 23 सितंबर को कैंट थाना पुलिस ग्राम मिर्जापुर के पास संदिग्ध वाहनों और लोगों की चेकिंग कर रही थी। तभी उन्हें मुखबिर से सूचना मिली कि एक आईसर कैंटर (HR 47 H 1742) बुखारा मोड़ से फरीदपुर की तरफ जा रहा है और उसके चालक के पास अफीम है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने बुखारा-फरीदपुर मुख्य मार्ग पर आंगनबाड़ी/सत्तू फैक्ट्री से करीब 100 मीटर आगे घेराबंदी की। कुछ देर बाद बताए गए नंबर का कैंटर वहां पहुंचा। पुलिस ने उसे रोककर चालक को पकड़ लिया। पूछताछ में चालक ने अपने बैग में अफीम होने की बात कबूली। क्षेत्राधिकारी नगर प्रथम की मौजूदगी में तलाशी ली गई। उसके काले-बैंगनी रंग के पिट्ठू बैग से काली पॉलिथीन में चिपका पदार्थ मिला। पुलिस के मुताबिक, पॉलिथीन समेत इसका वजन 487 ग्राम था। पकड़े गए आरोपी की पहचान अभिषेक (24) पुत्र नाहर सिंह निवासी नगला दुगई कुसमरा, थाना किशनी, मैनपुरी के रूप में हुई। पुलिस के मुताबिक, उसके पास कैंटर के कागजात और ड्राइविंग लाइसेंस भी नहीं थे। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह कैंटर से सामान एक जगह से दूसरी जगह पहुंचाता था। इसी दौरान वह राह चलते लोगों को अफीम बेचने की कोशिश करता था। बुधवार को भी वह बुखारा से फरीदपुर की ओर अफीम बेचने जा रहा था। कैंट थाने में आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की धारा 8/18 के तहत मुकदमा अपराध संख्या 464/26 दर्ज किया गया है। पुलिस ने अफीम के साथ कैंटर को भी जब्त कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है।
लेबर कॉलोनी पार्क में स्ट्रीट लाइट की मांग:DM से लगाई गुहार, अधिकारियों को समाधान के निर्देश
वार्ड नंबर 27 लेबर कॉलोनी के पार्क में स्ट्रीट लाइट लगाने की मांग को लेकर बृहस्पतिवार को पूर्व भाजपा सभासद प्रत्याशी पीयूष बब्बू ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर नवागत जिलाधिकारी को प्रार्थना पत्र सौंपा। उन्होंने स्थानीय लोगों और बच्चों की समस्या से डीएम को अवगत कराया, जिस पर डीएम ने अधीनस्थों को तत्काल पार्क में लाइट लगाने के निर्देश दिए हैं। गौरतलब है कि तीन दिन पहले इसी पार्क से बच्चों का एक वीडियो वायरल हुआ था, जिसमें वे स्ट्रीट लाइट की मांग कर रहे थे। इस वीडियो पर तत्कालीन डीएम अतुल वत्स ने भी संज्ञान लिया था। इससे पूर्व पीयूष बब्बू की मांग पर नगर पालिका अध्यक्ष स्वेता चौधरी ने स्ट्रीट लाइट का प्रस्ताव पास कर ठेकेदार को निर्देश दिए थे, लेकिन काम सिर्फ कागजों तक ही सीमित रह गया था। अब नवागत डीएम के कड़े निर्देश के बाद पार्क में जल्द रोशनी होने की उम्मीद जगी है।
डूंगरपुर में सभी सरपंच पद एसटी के लिए रिजर्व:7 पंचायतों में महिलाएं बनेंगी सरपंच, कुल 442 पद आरक्षित
पंचायतीराज चुनाव के लिए गुरुवार को आरक्षण लॉटरी निकाली गई। डूंगरपुर जिले की सभी 442 पंचायतों में सरपंच के पद अनुसूचित जनजाति (एसटी) के लिए आरक्षित किए गए हैं। इनमें से 50 प्रतिशत पद महिलाओं के लिए रिजर्व हैं। बाकी बचे पद एसटी के लिए ओपन रखे गए हैं। इन पदों पर पुरुष के साथ महिलाएं भी दावेदारी कर सकती हैं। डूंगरपुर पंचायत समिति की लॉटरी पंचायत समिति सभाघर में निकाली गई। यह लॉटरी निर्वाचन अधिकारी और उपखंड अधिकारी सोनू गुर्जर की मौजूदगी में हुई। डूंगरपुर पंचायत समिति की 15 पंचायतों में से 7 पंचायतों में महिला सरपंच बनेंगी। इस तरह आधी पंचायतों में महिला सरपंच होंगी। एसटी ओपन सीटों पर भी महिलाएं अपनी दावेदारी पेश कर सकेंगी।
सोनभद्र में अवैध शराब की तस्करी रोकने के लिए चलाए जा रहे'ऑपरेशन शुद्धि' के तहत अनपरा पुलिस ने बुधवार को कार्रवाई की। पुलिस ने मध्य प्रदेश से बिहार ले जाई जा रही 178.92 लीटर अवैध शराब पकड़ी।इस मामले में एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पकड़ी गई शराब की कीमत करीब 2.30 लाख रुपये बताई गई है।शराब ले जाने में इस्तेमाल की गई हुंडई क्रेटा कार को भी पुलिस ने जब्त कर लिया।इस गाड़ी की कीमत लगभग12 लाख रुपये है।शराब और कार मिलाकर कुल 14.30 लाख रुपये की बरामदगी हुई है। पुलिस ने बताया कि 23 सितंबर को अनपरा पुलिस संदिग्ध गाड़ियों और लोगों की जांच कर रही थी।इसी दौरान मुखबिर ने जानकारी दी कि मध्य प्रदेश की तरफ से सफेद रंग की हुंडई क्रेटा कार(नंबर WB02AH8692)से अवैध शराब लाई जा रही है। सूचना मिलने पर पुलिस टीम ने मध्य प्रदेश सीमा की तरफ जांच शुरू की।औड़ी मोड़ के टोला दुल्लापाथर में दीपक सिंह के वाहन खड़े करने वाले अहाते के पास सड़क किनारे एक सुनसान जगह पर यह कार खड़ी मिली। तलाशी के दौरान कार की पिछली सीट से रॉयल स्टैग की750 एमएल की36 बोतलें और मैकडॉवेल की180 एमएल की144 बोतलें मिलीं।डिग्गी से रॉयल स्टैग की 375 एमएल की 336 बोतलें बरामद हुईं।शराब की बोतलों पर'फॉर सेल इन मध्य प्रदेश ओनली' और'फॉर सेल इन यूनियन टेरिटरी चंडीगढ़ ओनली' लिखा था। पुलिस ने मौके से कार सवार अजय कुमार सिंह उर्फ झगड़ू (47) को गिरफ्तार कर लिया।वह झारखंड के गिरिडीह जिले के जमुआ थाना क्षेत्र के कोईलखा का रहने वाला है।उसके पास से1,500 रुपये नकद भी मिले। पूछताछ में आरोपी ने पुलिस को बताया कि वह किराए पर क्रेटा कार लेकर मध्य प्रदेश गया था।वापसी में वह सिंगरौली के सरकारी ठेके से शराब लेकर बिहार बॉर्डर के किसी ढाबे पर बेचने और ज्यादा पैसे कमाने के लिए इसे ले जा रहा था।पुलिस के अनुसार,आरोपी ने यह भी बताया कि वह पहली बार इस तरह शराब ले जा रहा था और उसके पास शराब से संबंधित कोई वैध कागजात नहीं थे। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आबकारी अधिनियम के तहत मुकदमा दर्ज कर आगे की कार्रवाई में जुट गई है
मऊगंज में गुरुवार शाम भीम आर्मी ने सामाजिक न्याय और वंचित वर्गों की भागीदारी को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। जिला अध्यक्ष निलेश वर्मा के नेतृत्व में 50 से अधिक कार्यकर्ताओं ने रैली निकालकर कलेक्ट्रेट कार्यालय का घेराव किया और राष्ट्रपति के नाम कलेक्टर प्रतिनिधि शिव प्रसाद नामदेव को ज्ञापन सौंपा। यह प्रदर्शन 24 सितंबर को होने वाले देशव्यापी ‘संपूर्ण भागीदारी आंदोलन’ की कड़ी में आयोजित किया गया था। ज्ञापन में SC, ST, OBC और महिलाओं के लिए समान अवसर व उचित प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की मांग की गई है। भीम आर्मी ने महिला आरक्षण को 50% करने और उसमें SC, ST व OBC महिलाओं के लिए 'कोटे के अंदर कोटा' लागू करने की वकालत की। साथ ही, लोकसभा, विधानसभा, राज्यसभा और विधान परिषद में इन वर्गों को उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई। ये मांगें भी की जाति जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम जोड़ने, उच्च न्यायपालिका में कॉलेजियम व्यवस्था की जगह 'उच्च न्यायिक आयोग' के गठन, और सरकारी नौकरियों में बैकलॉग पदों को तुरंत भरने व लेटरल एंट्री बंद करने की मांग की गई। सफाईकर्मियों के अधिकारों को रेखांकित करते हुए आउटसोर्सिंग खत्म करने, सीवर सफाई में मानव प्रवेश पर पूर्ण रोक लगाने और हादसे में मौत पर 30 लाख रुपए मुआवजा व परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग भी शामिल है। इसके साथ ही, उच्च शिक्षा में भेदभाव रोकने के लिए UGC के 2026 इक्विटी नियमों को लागू करने और SC-ST एक्ट के तहत मुआवजा राशि बढ़ाकर 30 लाख रुपये करने की अपील की गई है।
गुरुग्राम के राजकीय महाविद्यालय जटौली मंडी में वीरवार को छात्राओं के लिए महिला स्वास्थ्य और स्वच्छता पर एक व्याख्यान आयोजित किया गया। इसमें महिला स्वास्थ्य, व्यक्तिगत स्वच्छता, माहवारी स्वच्छता और निवारक स्वास्थ्य देखभाल से जुड़ी जानकारी दी गई। कार्यक्रम की मुख्य वक्ता डॉ. योगेश्वरी बगोरिया (एमबीबीएस, डीजीओ) थीं। उन्होंने छात्राओं को व्यक्तिगत और माहवारी स्वच्छता के अलग-अलग पहलुओं के बारे में बताया। स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को न करें नजरअंदाज डॉ. बगोरिया ने संतुलित पोषण और स्वस्थ जीवनशैली अपनाने पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि स्वास्थ्य संबंधी समस्याओं को नजरअंदाज न करें और समय पर डॉक्टर की सलाह लें। उन्होंने छात्राओं से बातचीत कर उनके स्वास्थ्य से जुड़े सवालों के जवाब दिए। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता और स्वच्छता की आदतें महिलाओं के अच्छे स्वास्थ्य के लिए बहुत जरूरी हैं। ऐसे कार्यक्रम निभाते हैं अहम भूमिका कार्यवाहक प्राचार्या डॉ. ज्योत्स्ना गुलाटी ने कहा कि छात्राओं को स्वास्थ्य से जुड़ी सही जानकारी देना जरूरी है। ऐसे कार्यक्रम युवा महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ाने में अहम भूमिका निभाते हैं। इस मौके पर महिला सेल की संयोजक मंजू, समिति के अन्य सदस्य और कॉलेज के शिक्षक मौजूद रहे। यह कार्यक्रम प्राचार्या डॉ. इंदू राव के मार्गदर्शन में महिला सेल ने करवाया।
अमरोहा में आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी ने गुरुवार दोपहर एक बजे देशव्यापी संपूर्ण भारतीय आंदोलन के तहत राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन अमरोहा के डीएम को सौंपा। यह ज्ञापन SC, ST, OBC, महिलाओं और वंचित वर्गों के लिए सामाजिक न्याय और प्रतिनिधित्व की मांग को लेकर दिया गया। उन्होंने बताया कि संविधान सभी को समान अवसर देता है, लेकिन इसके बावजूद वंचित वर्गों को शिक्षा, रोजगार, राजनीति और न्यायपालिका में सही भागीदारी नहीं मिल पा रही है। पार्टी ने कई प्रमुख मांगें उठाईं। इनमें नारी शक्ति वंदन अधिनियम में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण और SC/ST/OBC महिलाओं के लिए कोटे में कोटा शामिल है। इसके अलावा, SCP बजट से बनने वाले 4 मेडिकल कॉलेजों में SC/ST को 70 प्रतिशत आरक्षण, जाति जनगणना में OBC के लिए अलग कॉलम और लोकसभा-विधानसभाओं में SC/ST/OBC को सही प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई। अन्य मांगों में कॉलेजियम खत्म कर न्यायिक आयोग बनाया जाना, OBC क्रीमी लेयर की समीक्षा, पदोन्नति में आरक्षण लागू करना, UGC विनियम 2026 पर रोक लगाना, SC-ST एक्ट में पीड़ित को 30 लाख रुपये का मुआवजा देना, सरकारी ठेकों और निजी क्षेत्र में आरक्षण लागू करना, मंडल आयोग को पूरी तरह लागू करना, बैकलॉग पदों पर भर्ती करना, लेटरल एंट्री बंद करना, 2 अप्रैल 2018 के मुकदमों को वापस लेना और छात्रावासों का निर्माण करना शामिल है।
NAS कॉलेज में LLB एडमिशन को लेकर हंगामा:ऑफर लेटर के बाद भी छात्र को नहीं मिली सीट
एनएएस डिग्री कॉलेज में एलएलबी एडमिशन को लेकर गुरुवार को छात्र नेताओं ने प्रिंसिपल ऑफिस में हंगामा किया। छात्रों ने कॉलेज प्रशासन पर एडमिशन प्रक्रिया में गड़बड़ी का आरोप लगाते हुए ऑफर लेटर जारी होने के बाद भी छात्र का एडमिशन नहीं लेने पर सवाल उठाए। छात्रों ने कहा कि जब कॉलेज की ओर से एडमिशन का ऑफर दिया गया था तो बाद में सीट फुल होने की बात कहकर एडमिशन से इनकार कैसे किया गया। मुजफ्फरनगर के गांव अंतवाड़ा निवासी उज्जवल ने बताया कि उसने एनएएस कॉलेज में एलएलबी के लिए आवेदन किया था। छात्र के अनुसार 19 सितंबर को शाम 4:35 बजे कॉलेज की ओर से उसके ई-मेल पर एडमिशन ऑफर लेटर भेजा गया। उसने ऑफर लेटर को उसी समय स्वीकार कर लिया था। इसके बाद अगले दिन रविवार होने के कारण कॉलेज बंद रहा। उज्जवल का कहना है कि 21 सितंबर को जब वह एडमिशन के लिए कॉलेज पहुंचा तो उसे सीट फुल होने की बात कहकर एडमिशन देने से मना कर दिया गया। छात्र ने कॉलेज प्रशासन के सामने ऑफर लेटर भी रखा और कहा कि जब कॉलेज की ओर से उसे एडमिशन का ऑफर भेजा जा चुका है और उसने उसे स्वीकार भी कर लिया है, तो अब सीट फुल होने का हवाला देकर एडमिशन रोका जा रहा है। छात्र ने प्रिंसिपल को दिए एप्लीकेशन में अनुरोध किया कि उसे ऑफर लेटर के आधार पर एलएलबी में एडमिशन दिया जाए और उसकी सीट सुरक्षित की जाए। इसी मामले को लेकर गुरुवार को छात्र नेता कॉलेज पहुंचे और प्रिंसिपल ऑफिस में अपनी नाराजगी जताई। काफी देर तक कॉलेज प्रशासन और छात्रों के बीच बातचीत होती रही। जिसके बाद प्रिंसिपल ने उन्हें आश्वासन दिया की पूरे मामले की जांच की जाएगी। हंगामे के दौरान छात्र नेता अक्षय बैंसला, आलोक बैंसला, बादल अंतवाड़ा, शिवम सिंह, शिवम बालियान और आर्यन समेत अन्य छात्र मौजूद रहे। छात्र नेताओं ने मामले में कॉलेज प्रशासन से एडमिशन प्रक्रिया स्पष्ट करने और छात्र को उसका एडमिशन दिलाने की मांग की।
मिर्जापुर के गोसाईंपुरवा कंतित स्थित बाबू हीरालाल इंटरमीडिएट कॉलेज में 'सेवा संकल्प अभियान' के तहत 'बच्चों में सपनों का भारत' कार्यक्रम हुआ। इसमें प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन और 'विकसित भारत' की सोच पर चित्रकला प्रतियोगिता रखी गई। बच्चों ने अपनी कल्पना से साल 2047 के भारत की तस्वीर कागज पर बनाई। कार्यक्रम में भाजपा नगर अध्यक्ष पश्चिमी नितिन विश्वकर्मा मुख्य अतिथि थे। बच्चों ने चित्रों में विकसित, आत्मनिर्भर और सशक्त भारत की कल्पना को अलग-अलग रंगों से दिखाया। कुछ चित्रों में आधुनिक भारत की तकनीकी तरक्की दिखी, तो कुछ में स्वच्छ, शिक्षित और आत्मनिर्भर देश की सोच नजर आई। नगर अध्यक्ष नितिन विश्वकर्मा ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने साल 2047 तक विकसित भारत का लक्ष्य रखा है। विद्यार्थियों को चित्रकला और भाषण जैसी प्रतियोगिताओं से अपनी कल्पनाएं सामने रखने का मौका मिलता है। यह उन्हें इस लक्ष्य से जोड़ने का तरीका है। उन्होंने बताया कि कार्यक्रम का मकसद सिर्फ बच्चों को प्रतियोगिता में शामिल करना नहीं, बल्कि उन्हें विकसित भारत 2047 की सोच से जोड़ना भी है। नगर महामंत्री कृष्ण कुमार सिंह ने कहा कि नरेंद्र मोदी के 25 साल के सार्वजनिक जीवन में अंत्योदय, राष्ट्र प्रथम और अच्छे शासन की भावना खास रही है। इस कार्यक्रम से विद्यार्थियों को देश के भविष्य को लेकर अपनी सोच बताने का मौका मिला। विद्यालय की प्रधानाचार्य पुष्पा सिंह ने मुख्य अतिथि नितिन विश्वकर्मा का अंगवस्त्रम पहनाकर स्वागत किया। इस मौके पर नगर महामंत्री कृष्ण कुमार सिंह, राजीव रतन सिंह, शिक्षक फरजाना बेगम, साहिल कुमार, कुश सोनी, कैलाश पटेल, रामनवल मौर्य समेत कई शिक्षक और दूसरे लोग मौजूद थे।
Vaishno Devi Yatra Update: ठंडी हवाओं और बदले मौसम के बावजूद मां वैष्णो देवी की यात्रा सुचारु रूप से जारी रही, हालांकि हेलीकॉप्टर सेवा बीच-बीच में प्रभावित हुई। श्रद्धालु गर्म कपड़े पहनकर उत्साह के साथ भवन की ओर बढ़ रहे हैं।
ब्रह्मानंद कॉलेज में निकली 'स्वच्छता ही सेवा' रैली:NSS स्वयंसेवकों ने दिया साफ-सफाई का संदेश
कानपुर में राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) के स्थापना दिवस के अवसर पर गुरुवार को ब्रह्मानंद पीजी कॉलेज की एनएसएस इकाई ने 'स्वच्छता ही सेवा' अभियान के तहत एक जन-जागरूकता रैली निकाली। इस रैली का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों और आमजन को सार्वजनिक साफ-सफाई तथा पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक करना था। कंचन जायसवाल और आयुषी गुप्ता के नेतृत्व में निकली इस रैली में स्वयंसेवकों ने लोगों से कूड़ा निर्धारित स्थान पर डालने और सिंगल यूज प्लास्टिक का उपयोग कम करने की अपील की। रैली के दौरान छात्रों ने स्वच्छता ही सेवा है, गंदगी जानलेवा है और सभी रोगों की बस एक ही दवाई, आस-पास रखो साफ-सफाई जैसे नारों के जरिए जन-जन तक स्वच्छता का संदेश पहुंचाया। एनएसएस नोडल कार्यक्रम अधिकारी डॉ. पी.जी. यादव के निर्देशन में आयोजित इस कार्यक्रम में अंशिका मिश्रा, हर्ष कुमार प्रजापति और 'माई भारत' के स्वयंसेवक शिवम शर्मा ने सक्रिय भूमिका निभाई। कार्यक्रम में डॉ. शम्भू, डॉ. प्रमोद, डॉ. नवनीत मिश्रा व डॉ. सचेंद्र त्रिपाठी सहित कई शिक्षक मौजूद रहे। अंत में सभी प्रतिभागियों ने समाज सेवा व स्वच्छता का दायित्व निभाने का संकल्प लिया, जिसके बाद राष्ट्रगान के साथ कार्यक्रम का समापन हुआ।
हरदोई में 3.6 किलो गांजे के साथ 3 गिरफ्तार:पुलिस ने NDPS एक्ट में केस दर्ज कर जांच शुरू की
हरदोई में अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री, बनाने और लाने-ले जाने के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के दौरान देहात कोतवाली पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। इनके पास से 3 किलो 600 ग्राम अवैध गांजा मिला है। पुलिस के मुताबिक, पकड़े गए आरोपियों में ओमनगर, कोतवाली देहात निवासी अरविंद पुत्र महेश, जुली पत्नी अरविंद और दौलतियापुर, माधौगंज निवासी रोहित पुत्र राजकुमार शामिल हैं। पुलिस के बयान के मुताबिक, यह कार्रवाई गुरुवार 24 सितंबर को शाम 4:30 बजे की गई थी। पुलिस ने आरोपियों के पास से 3 किलो 600 ग्राम अवैध गांजा बरामद किया। गांजे को जब्त कर तीनों के खिलाफ NDPS एक्ट के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने बताया कि मामले में आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। पुलिस के अनुसार, अरविंद के खिलाफ पहले भी कई केस दर्ज हैं। उसके पुराने रिकॉर्ड में मारपीट, जानबूझकर चोट पहुंचाना, गाली-गलौज कर शांति भंग करना और जान से मारने की धमकी देने से संबंधित तीन मामले कोतवाली देहात में दर्ज हैं। इनमें एक मामले में गंभीर चोट पहुंचाने का आरोप भी है। इसके अलावा, सुरसा थाने में उसके खिलाफ गाड़ी से सामान चोरी करने के आरोप में भी एक केस दर्ज है। पुलिस ने बताया कि जुली के खिलाफ भी कोतवाली देहात में मारपीट, चोट पहुंचाना, गाली-गलौज और धमकी देने से संबंधित एक केस दर्ज है। रोहित के खिलाफ माधौगंज थाने में दो केस दर्ज होने की जानकारी पुलिस ने दी है। इनमें एक मामले में किसी को बहला-फुसलाकर या जबरन ले जाने का आरोप है। दूसरे मामले में अपहरण और महिला को शादी के लिए उकसाने से जुड़े आरोप दर्ज हैं। इस कार्रवाई में देहात कोतवाली के उपनिरीक्षक राहुल शर्मा, उपनिरीक्षक अखिल कुमार, महिला उपनिरीक्षक डॉली शर्मा, कांस्टेबल गौरव कुमार, कांस्टेबल अनुज प्रताप और कांस्टेबल आशीष विश्वकर्मा शामिल थे। पुलिस का कहना है कि नशीले पदार्थों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा। अधिकारियों ने बताया कि अवैध नशीले पदार्थों की बिक्री, बनाने और लाने-ले जाने में शामिल लोगों पर कार्रवाई की जाएगी।
छत्तीसगढ़ हाई कोर्ट ने एनडीपीएस के एक मामले में एक ही छापामार टीम की दो अलग-अलग स्थानों पर एक ही समय मौजूदगी पर सवाल उठाए हैं। कोर्ट ने सीसीटीवी फुटेज और तीन साल की जेल काट चुके पांच दोषियों की सजा निलंबित कर उन्हें जमानत दे दी है।
सुल्तानपुर के खैराबाद स्थित जामिया अरबिया मदरसे से ग्यारहवीं शरीफ का जुलूस निकला। यह जुलूस गुरुवार शाम 4 बजे जामिया अरबिया जमाल गेट से शुरू हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। यह जुलूस जामिया अरबिया से निकलकर बाधमंडी, अन्नू चौराहा, पंच रस्ता, अनूप संडा के घर के सामने से होते हुए चौक जामा मस्जिद, किराना मंडी और शाहगंज चौराहा से गुजरेगा। इसके बाद यह फिर से बाधमंडी से जमाल गेट पर खत्म होगा। जामिया अरबिया के प्रिंसिपल मौलाना मोहम्मद अहमद वारसी ने जुलूस-ए-गौसिया के दौरान अल्लाह और पैगंबर मोहम्मद साहब का आभार जताया। उन्होंने ग्यारहवीं शरीफ के इस मौके पर पूरे देश और दुनियाभर के इंसानियत पसंद लोगों को शुभकामनाएं दीं। मौलाना वारसी ने बताया कि यह जुलूस हजरत सय्यदना गौस-ए-आजम अब्दुल कादिर जीलानी की याद में निकाला जाता है। मौलाना वारसी ने एक हदीस का जिक्र करते हुए कहा कि जो लोगों का शुक्रिया अदा नहीं करता, वह अल्लाह का शुक्रिया भी अदा नहीं कर सकता। उन्होंने जुलूस के माध्यम से इंसानियत की रक्षा करने, शोषितों और जरूरतमंदों का साथ देने और गलत करने वालों का मुकाबला करने को जरूरी बताया। मौलाना वारसी ने यह भी कहा कि किसी का दिल दुखाना काबा तोड़ने जैसा है। इसलिए उन्होंने इस दिन को 'सच्चा दिवस', 'मोहब्बत डे' और 'इंसानियत डे' के रूप में मनाने की अपील की। उन्होंने लोगों से आपसी नफरत और गिले-शिकवे मिटाकर देश में प्यार का चिराग जलाने की अपील की। उनका मकसद है कि पूरा भारत 'सारे जहां से अच्छा हिंदोस्तां हमारा' के संदेश से रोशन हो सके। जुलूस में वरिष्ठ समाजसेवी हाजी मोहम्मद इलियास खान, सिराज अहमद उर्फ भोला, गुलाम मोइनुद्दीन, रियाज अहमद उर्फ लड्डू, अफ्तार अहमद, अरबाब अहमद खान, शायर जुनेद अशरफ, मौलाना इश्तियाक आलम, मोहम्मद अख्तर आप, लड्डन बाबा और जावेद अहमद सहित कई लोग मौजूद रहे।
ब्यावर जिले के नरबदखेड़ा और जवाजा पंचायत समितियों की ग्राम पंचायतों में सरपंच और वार्ड पंच पदों के आरक्षण की लॉटरी गुरुवार को निकाली गई। यह प्रक्रिया जिला कलेक्टर कार्यालय के पुराने वीसी रूम में हुई। ब्वावर उपखंड अधिकारी जयपाल सिंह राठौड़ की निगरानी में लॉटरी प्रक्रिया पूरी की गई। ब्यावर के उपखंड अधिकारी और रिटर्निंग अधिकारी जयपाल सिंह राठौड़ की देखरेख में आरक्षण की प्रक्रिया पूरी की गई। लॉटरी की पर्चियां स्कूली छात्राओं खुशी और परी के हाथों से निकलवाई गईं। पूरी प्रक्रिया अधिकारियों की निगरानी में संपन्न हुई। इस लॉटरी के बाद ब्यावर जिले की नरबदखेड़ा सीट पर ओबीसी (सामान्य) और जवाजा सीट पर सामान्य महिला प्रधान होंगी। आरक्षण सूची जारी होने के साथ ही दोनों पंचायत समितियों के ग्रामीण क्षेत्रों में आगामी पंचायती राज चुनाव को लेकर राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। संभावित उम्मीदवारों ने अपने-अपने क्षेत्र में जनसंपर्क और चुनावी तैयारियां शुरू कर दी हैं। वहीं, आरक्षण के बाद कई दावेदारों की उम्मीदवारी की तस्वीर साफ होने लगी है।
सोनभद्र में गुरुवार दोपहर 2 बजे आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) और भीम आर्मी के कार्यकर्ताओं ने जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। उन्होंने सामाजिक न्याय, समान अवसर और वंचित वर्गों को प्रतिनिधित्व देने की मांग की। कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी के जरिए राष्ट्रपति को 24 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा और कार्रवाई की मांग की। ज्ञापन में कहा गया कि संविधान समानता और समान अवसर का अधिकार देता है। इसके बावजूद अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, पिछड़ा वर्ग, महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों को शिक्षा, रोजगार, राजनीति, प्रशासन और निर्णय लेने वाली संस्थाओं में उचित भागीदारी नहीं मिली है। कार्यकर्ताओं ने आरक्षण को सामाजिक और शैक्षणिक पिछड़ेपन तथा अपर्याप्त प्रतिनिधित्व दूर करने का संवैधानिक तरीका बताया। उन्होंने इसे प्रभावी तरीके से लागू करने की मांग की। उनकी मुख्य मांगों में महिलाओं के लिए 50 प्रतिशत आरक्षण शामिल है। इसमें दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को कोटे के अंदर कोटा देने की मांग की गई। इसके अलावा, स्थानीय निकायों में भी महिलाओं का आरक्षण 50 प्रतिशत करने की बात कही गई। कार्यकर्ताओं ने लोकसभा, विधानसभा, राज्यसभा और विधान परिषदों में ओबीसी को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की भी मांग की। ज्ञापन में जाति जनगणना में ओबीसी के लिए अलग कॉलम जोड़ने की मांग की गई। साथ ही, उच्च न्यायपालिका में एससी, एसटी और ओबीसी का प्रभावी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात कही गई। उन्होंने कॉलेजियम व्यवस्था खत्म कर उच्च न्यायिक आयोग बनाने, पदोन्नति में आरक्षण लागू करने और सभी बैकलॉग पदों को तुरंत भरने की मांग भी रखी। कार्यकर्ताओं ने सरकारी ठेकों और खरीद में एससी, एसटी और ओबीसी को आरक्षण देने की मांग की। उन्होंने निजी क्षेत्र में भी प्रतिनिधित्व और मंडल आयोग की सिफारिशों को पूरी तरह लागू करने की बात कही। समूह 'क' की भर्तियों में लेटरल एंट्री बंद करने की मांग भी रखी गई। इसके अलावा, सफाईकर्मियों को स्थायी नौकरी देने, सीवर सफाई में इंसानों का प्रवेश पूरी तरह बंद करने और सफाईकर्मी की मौत पर परिवार को 30 लाख रुपये मुआवजा व एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग भी की गई। ज्ञापन में छात्रावास बनाने, छात्रवृत्ति व्यवस्था ठीक करने और मीडिया संस्थानों में वंचित वर्गों की भागीदारी बढ़ाने की मांग भी शामिल थी। उन्होंने 2 अप्रैल 2018 के आंदोलन से जुड़े मुकदमों को वापस लेने की भी मांग की। इस प्रदर्शन में दर्जनों कार्यकर्ता मौजूद थे।
करनाल के बल्लाह गांव में आयोजित कार्यकर्ता सम्मेलन में रोहतक सांसद दीपेंद्र सिंह हुड्डा पहुंचे। उन्होंने कार्यकर्ताओं को संबोधित किया और मीडिया से बातचीत में भाजपा सरकार पर धान खरीद, खेलों की मेजबानी, कानून व्यवस्था और वोट चोरी के मुद्दे पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस बीते 12 साल से देश और प्रदेश में विपक्ष की भूमिका निभा रही है और अब सच्चाई के लिए लड़ना पड़ रहा है। कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी पर उठाए सवालहुड्डा ने कहा कि कॉमनवेल्थ गेम्स की मेजबानी हरियाणा क्यों नहीं कर रहा? गुजरात में ऐसा क्या है कि वहां कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी हो रही है और लाखों करोड़ों रुपए के खेल स्टेडियम बनाए जा रहे हैं। भाजपा बताए कि गुजरात में ऐसी क्या विशेष बात है। अगस्त में भी हुड्डा समेत कांग्रेस सांसद हरियाणा को 2030 कॉमनवेल्थ खेलों की मेजबानी या सह-मेजबानी देने की मांग उठा चुके हैं। धान खरीद पर 300 रुपए कटौती का आरोपधान के सीजन को लेकर उन्होंने कहा कि अब धान की खरीद शुरू होने का समय है, लेकिन किसानों को 300 रुपए प्रति क्विंटल का कट लगाया जा रहा है। एमएसपी 2400 रुपए है और 3100 रुपए प्रति क्विंटल खरीदने का वादा किया गया था। उन्होंने सवाल किया कि जब हरियाणा में ही एमएसपी पर धान नहीं खरीदी जा रही तो पंजाब के किसानों से झूठे वादे क्यों किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में हरियाणा में 750 किसानों की जान गई। अपराध बढ़ने का लगाया आरोपमुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी पर निशाना साधते हुए हुड्डा ने कहा कि वे पहले बिहार और हरियाणा में अपराधियों की चूड़ी टाइट करने की बात कहते थे और अब पंजाब में भी यही कह रहे हैं। दूसरी ओर हरियाणा में वे कहते हैं कि उनके कहने से चपरासी की बदली तक नहीं हो रही। हुड्डा ने आरोप लगाया कि प्रदेश में अपराध बेकाबू है, रोज फायरिंग हो रही है और विदेशों के साथ दूसरे राज्यों में बैठे गैंगस्टर भी हरियाणा के लोगों को धमकी देकर फिरौती मांग रहे हैं। 25 सितंबर को चंडीगढ़ में प्रदर्शन का ऐलानहुड्डा ने कहा कि 25 सितंबर को चंडीगढ़ में बड़ा प्रदर्शन किया जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि वोट चोरी में बड़ी साजिश रची गई और हरियाणा में प्रशासन नाम की कोई चीज नहीं रह गई है। कांग्रेस ने 25 सितंबर को चंडीगढ़ में चुनाव अधिकारी कार्यालय के घेराव का भी ऐलान किया है।
संभल की एमपी-एमएलए कोर्ट में गुरुवार को दो मामलों की सुनवाई नहीं हो सकी। दोनों मामलों में अगली सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की गई है। पहला मामला सपा विधायक इकबाल महमूद और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य से जुड़ा है, जबकि दूसरा मामला कांग्रेस सांसद इमरान मसूद के खिलाफ दाखिल परिवाद से संबंधित है। वादी सिमरन गुप्ता ने गुरुवार शाम करीब 4:30 बजे अगली तारीख की पुष्टि की। कांवड़ियों पर कथित टिप्पणी का मामला पहला मामला सपा विधायक इकबाल महमूद और पूर्व मंत्री स्वामी प्रसाद मौर्य के खिलाफ है। यह मामला कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों और कांवड़ियों को लेकर कथित आपत्तिजनक टिप्पणी से जुड़ा है। दिल्ली निवासी हिंदू शक्ति दल के राष्ट्रीय अध्यक्ष सिमरन गुप्ता ने 21 अगस्त 2025 को अदालत में परिवाद दाखिल किया था। मामले में दोनों नेताओं पर कांवड़ियों को लेकर कथित तौर पर आपत्तिजनक टिप्पणी करने का आरोप लगाया गया है। परिवाद में आरोप लगाया गया कि दोनों नेताओं ने कांवड़ यात्रा के दौरान शिवभक्तों और कांवड़ियों को लेकर आपत्तिजनक शब्दों का इस्तेमाल किया। इस मामले में आशीष गुप्ता के बयान दर्ज हो चुके हैं। उन्होंने अदालत में कहा कि उन्होंने 21 जुलाई 2025 को एक अखबार में संबंधित टिप्पणियों के बारे में पढ़ा था। उनके मुताबिक, ऐसी टिप्पणियों से समाज में गलत संदेश जाता है और लोगों की भावनाएं आहत हो सकती हैं। इमरान मसूद के खिलाफ भी परिवाद दूसरा मामला कांग्रेस सांसद इमरान मसूद से जुड़ा है। इसमें उन पर शहीद भगत सिंह की तुलना हमास से करने संबंधी कथित टिप्पणी का आरोप लगाया गया है। सिमरन गुप्ता ने इस मामले में 1 अप्रैल 2026 को परिवाद दाखिल किया था। मई 2026 की रिपोर्टों में भी इस मामले को संभल की अदालत में लंबित बताया गया था। परिवाद के मुताबिक, शिकायतकर्ता को 28 अक्टूबर 2025 को टीवी और सोशल मीडिया के माध्यम से सांसद के कथित बयान की जानकारी हुई थी। शिकायतकर्ता ने इसे शहीद भगत सिंह और शहीदों के सम्मान से जुड़ा मामला बताते हुए अदालत का रुख किया। मामले में रंजीत नाम के गवाह के बयान पहले दर्ज हो चुके हैं। दोनों मामलों में अगली तारीख 14 अक्टूबर गुरुवार को दोनों मामलों में निर्धारित सुनवाई नहीं हो सकी। अब एमपी-एमएलए कोर्ट ने दोनों मामलों की अगली सुनवाई के लिए 14 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। अदालत में आगे की कार्यवाही संबंधित परिवाद और दर्ज बयानों के आधार पर होगी।
अयोध्या जिले की कुमारगंज नगर पंचायत में बिजली कटौती से लोग परेशान हैं। यहां के निवासियों का कहना है कि उन्हें दिनभर में सिर्फ 5 से 6 घंटे ही बिजली मिल पाती है। इससे उनके रोजमर्रा के काम तो प्रभावित हो ही रहे हैं, साथ ही प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे छात्रों को भी दिक्कत हो रही है। अयोध्या जिले की इस नगर पंचायत की आबादी करीब 20 हजार है। दिसंबर 2020 में चार ग्राम पंचायतों को मिलाकर इसका गठन किया गया था। हालांकि, गठन के बाद से आज तक यहां शहरी बिजली व्यवस्था लागू नहीं हो पाई है। यहां ग्रामीण क्षेत्र की तरह ही बिजली सप्लाई हो रही है, बल्कि स्थिति उससे भी खराब है। नगर पंचायत अध्यक्ष विकास सिंह छोटू ने गुरुवार को बताया कि यह कहने को तो नगर पंचायत है, लेकिन यहां की बिजली व्यवस्था ग्रामीण इलाकों से भी बदतर है। उन्होंने बताया कि नगर पंचायत बनने के बाद से बिजली विभाग को कई बार पत्र भेजे गए हैं। इसके बावजूद कुमारगंज को आज तक शहरी रोस्टर के हिसाब से बिजली नहीं मिल रही है। ग्रामीण फीडर से ही सप्लाई होने के कारण दिनभर में सिर्फ 5 से 6 घंटे बिजली मिलती है। अध्यक्ष ने बताया कि बिजली कटौती से सबसे ज्यादा परेशानी छात्रों को हो रही है। शाम होते ही अंधेरा हो जाता है, जिससे छात्र मोमबत्ती या टॉर्च की रोशनी में पढ़ने को मजबूर हैं। व्यापारियों और आम लोगों के कामकाज पर भी असर पड़ रहा है। नगर पंचायत अध्यक्ष ने यह भी बताया कि पिछले दो सालों से लगातार दिशा की बैठकों में इस बारे में शिकायत की जा रही है, लेकिन अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने शासन-प्रशासन से मांग की है कि कुमारगंज नगर पंचायत को जल्द से जल्द शहरी क्षेत्र के रोस्टर के हिसाब से बिना रुकावट बिजली सप्लाई दी जाए।
उन्नाव में बेसिक शिक्षा विभाग के एफएलएन प्रशिक्षण में शिक्षकों की गैरहाजिरी पर कार्रवाई जारी है। गुरुवार दोपहर जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) शैलेश कुमार पांडेय ने बिछिया ब्लॉक में चल रहे एफएलएन प्रशिक्षण का औचक निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान पांच शिक्षक अनुपस्थित मिले। शाम 5 बजे बीएसए ने बताया कि सभी पांचों शिक्षकों को गैरहाजिर दर्ज कर एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए हैं। बीएसए के लगातार दूसरे दिन निरीक्षण से शिक्षकों में हलचल रही। विभागीय अधिकारियों के अनुसार, प्रशिक्षण में शिक्षकों की शत-प्रतिशत उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए यह कार्रवाई की जा रही है। अधिकारियों ने कहा कि प्रशिक्षण से गैरहाजिर रहने वाले शिक्षकों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। बुधवार को 21 शिक्षक मिले थे गैरहाजिर इससे पहले बुधवार को भी बीएसए ने नवाबगंज और असोहा स्थित बीआरसी में चल रहे एफएलएन प्रशिक्षण का औचक निरीक्षण किया था। वहां कुल 21 शिक्षक गैरहाजिर मिले थे। उनके खिलाफ भी एक दिन का वेतन काटने के निर्देश दिए गए थे। गुरुवार को बिछिया में पांच और शिक्षकों के गैरहाजिर मिलने के बाद दो दिनों में कार्रवाई की संख्या 26 पहुंच गई है। लगातार दो दिन हुए निरीक्षण से विभाग में चर्चा है। वहीं, नियमित रूप से प्रशिक्षण में शामिल हो रहे शिक्षकों का कहना है कि औचक निरीक्षण से उपस्थिति को लेकर गंभीरता बढ़ी है। बच्चों की प्रारंभिक शिक्षा पर दिया जा रहा प्रशिक्षण एफएलएन यानी फाउंडेशनल लिटरेसी एंड न्यूमेरेसी प्रशिक्षण के जरिए शिक्षकों को बच्चों की प्रारंभिक भाषा और गणित संबंधी दक्षता बढ़ाने के लिए प्रशिक्षण दिया जा रहा है। इसमें शिक्षकों को कक्षा शिक्षण की नई गतिविधियों और बच्चों की सीखने की क्षमता बेहतर बनाने की जानकारी दी जाती है। बीएसए शैलेश कुमार पांडेय ने प्रशिक्षण केंद्रों का निरीक्षण कर व्यवस्थाओं का जायजा लिया और मौजूद शिक्षकों से प्रशिक्षण के बारे में जानकारी भी ली। विभाग का जोर है कि प्रशिक्षण कार्यक्रम निर्धारित समय और नियमों के अनुसार संचालित हो तथा शिक्षक इसमें अनिवार्य रूप से प्रतिभाग करें। लगातार दो दिनों में 26 शिक्षकों के खिलाफ वेतन कटौती की कार्रवाई से स्पष्ट है कि विभाग प्रशिक्षण में अनुपस्थिति को लेकर सख्ती बरत रहा है। अधिकारियों के निरीक्षण से आने वाले दिनों में प्रशिक्षण केंद्रों पर शिक्षकों की उपस्थिति में सुधार की उम्मीद है।
अजमेर के जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज और अस्पताल के सर्जरी विभाग ने 4 जटिल मामलों में सफल दूरबीन सर्जरी की है। चारों महिलाएं पहले कहीं और गॉलब्लैडर ऑपरेशन के बाद पित्त नली में चोट, रिसाव, पीलिया और असामान्य जुड़ाव जैसी जानलेवा जटिलताओं से जूझ रही थीं। मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य डॉ. अनिल सामरिया, अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे, उप-अधीक्षक डॉ. अमित यादव और प्रोफेसर-यूनिट हेड डॉ. अनिल के. शर्मा ने इसकी जानकारी दी। उन्होंने दावा किया कि जटिल E2 और E3 बाइल डक्ट इंजरी का लैप्रोस्कोपिक ऑपरेशन राजस्थान के किसी भी मेडिकल कॉलेज में पहली बार किया गया है। उन्होंने कहा- यह सर्जरी अत्यधिक चुनौतीपूर्ण थी, क्योंकि मरीजों के पेट की पहले सर्जरी होने के कारण अंग आपस में बुरी तरह चिपक गए थे। E2 और E3 इंजरी आमतौर पर पेट खोलकर की जाती है। दूरबीन से करना बेहद विशेषज्ञता का काम है। जो सर्जरी विभाग के प्रोफेसर-यूनिट हेड डॉ. अनिल के. शर्मा के नेतृत्व में टीम ने किया। ऑपरेशन कर चारों महिलाओं को दी राहत गांधी नगर किशनगढ़ की रहने वाली महिला (39) को पहले दूरबीन से गॉलब्लैडर ऑपरेशन के दौरान पित्त की मुख्य नली को गंभीर चोट लगी। सूजन और चिपकाव के कारण पेट का ऑपरेशन करना पड़ा। बाद में पित्त का बहाव फिर रुक गया। 3 महीने से पीलिया और तेज खुजली की शिकायत थी। इस पर डॉ. अनिल के. शर्मा की टीम ने लिवर, पेट की दीवार और आंत के चिपकाव को अलग कर नया रास्ता बनाया। मरीज अब स्वस्थ है। उसे डिस्चार्ज कर दिया गया। भीलवाड़ा की महिला (55) ने कुछ महीने पहले भीलवाड़ा में ओपन गॉलब्लैडर सर्जरी कराई। इसके बाद पित्त नली पूरी तरह कट गई। आंत और पित्त नली के बीच फिस्टुला बन गया। 4-5 दिन से पेट दर्द, उल्टी, ड्रेन में हरा-पीला पदार्थ हो गया। इसके बाद दूरबीन से पुराने चिपकाव को हटाया। असामान्य रास्ते को बंद किया । डॉ. अनिल के. शर्मा, डॉ. प्रदीप के. वर्मा, डॉ. अमित गुशाईवाल, डॉ. नमन सोमानी, डॉ. रश्मी सिंह, डॉ. विपिन दीप सिंह ने ऑपरेशन किया। अजमेर की महिला (40) की पहले हुई सर्जरी में फंसी क्लिप को दूरबीन से निकाला गया। महिला के आंखों में पीलापन, गहरे रंग का पेशाब, दाहिने पेट में दर्द की शिकायत थी। इसी प्रकार रूपनगढ़ की युवती (23) की गॉलब्लैडर ऑपरेशन के दौरान टाइप E - पित्त नली पूरी तरह कट गई थी। इन दोनों का भी डॉक्टर्स की टीम ने ऑपरेशन किया। ……… ये खबरें भी पढे़ं… 1…युवक का जबड़ा टूटकर नीचे गिरा, डॉक्टरों ने जोड़ा:डॉक्टर्स बोले-दुर्लभ स्थिति में हुआ ऑपरेशन, जीभ गले में फंसने से जा सकती थी जान अजमेर जिले में सड़क हादसे में युवक का जबड़ा कटकर नीचे गिर गया। गंभीर रूप से घायल युवक को JLN हॉस्पिटल में भर्ती करवाया गया। जहां डॉक्टरों ने जटिल ऑपरेशन कर युवक के जबड़े को दोबारा जोड़ दिया। (पूरी खबर पढें) 2….जेएलएन-अस्पताल में 4 साल के मासूम की हुई जटिल सर्जरी:गर्म तेल से झुलसने के बाद प्राइवेट पार्ट के पास रास्ता हो गया था बंद अजमेर के जेएलएन अस्पताल के डॉक्टरों ने 4 वर्षीय मासूम की जटिल और दुर्लभ प्लास्टिक सर्जरी की। अस्पताल के प्रिंसिपल डॉ. अनिल सामरिया, अधीक्षक डॉ. अरविंद खरे, डिप्टी सुपरिंटेंडेंट डॉ. अमित यादव और प्लास्टिक सर्जरी विभागाध्यक्ष डॉ. नेपो विद्यार्थी ने गुरुवार को मामले की जानकारी संयुक्त रूप से दी। (पूरी खबर पढ़ें…) 3…..जन्म से दिल में छेद था,28 साल बाद पता चला:सांस फूलने से परेशान थी महिला, डॉक्टर बोले- देर होती तो ऑपरेशन संभव नहीं होता अजमेर के जेएलएन हॉस्पिटल में एक महिला के दिल के छेद का सफल ऑपरेशन किया गया है। पुष्कर की 28 साल की महिला के जन्म से दिल में 1.79 सेंटीमीटर का छेद (एट्रियल सेप्टल डिफेक्ट-एएसडी) था, लेकिन 28 साल बाद इसका पता चला। (पूरी खबर पढ़ें…)
बीकानेर नगर निगम में उप महापौर पद पर कांग्रेस प्रत्याशी की हार के बाद पार्टी में अंदरुनी राजनीति तेज हो गई है। कांग्रेस के सीनियर नेता गुलाम मुस्तफा ने पार्टी की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे दिया है। उनकी पुत्रवधू नसीम बानो उप महापौर चुनाव में महज 2 वोट से हार गई थीं। नगर निगम में कांग्रेस के बहुमत के बावजूद हुई हार की अब पार्टी स्तर पर समीक्षा की जा रही है। गुलाम मुस्तफा ने लगाए संगठन पर आरोप गुलाम मुस्तफा ने अपने त्यागपत्र में कहा कि वे इंडियन नेशनल कांग्रेस की प्राथमिक सदस्यता से इस्तीफा दे रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नगर निगम उप महापौर चुनाव के नतीजे से यह सामने आया है कि कांग्रेस संगठन की बागडोर आरएसएस की विचारधारा को साकार करने वाले लोगों के हाथ में है। उन्होंने कांग्रेस में आरएसएस की 'स्लीपर सेल' काम करने का भी आरोप लगाया और कहा कि ऐसे लोगों के साथ काम करना आसान नहीं है। कांग्रेस के 42 पार्षद, नसीम को मिले 38 वोट उप महापौर चुनाव में कांग्रेस ने गुलाम मुस्तफा की पुत्रवधू नसीम बानो को प्रत्याशी बनाया था। नगर निगम में कांग्रेस के 42 पार्षद हैं, लेकिन नसीम बानो को 38 वोट मिले। भाजपा प्रत्याशी के मुकाबले कांग्रेस के चार वोट कम रहे। इसके अलावा दो वोट खराब हुए, जिनमें एक नोटा को गया और एक वोट खारिज हो गया। चुनाव के आंकड़ों को लेकर कांग्रेस के भीतर क्रॉस वोटिंग की चर्चा शुरू हो गई है। जयपुर स्तर पर होगी हार की समीक्षा पूर्व मंत्री डॉ. बी.डी. कल्ला ने कहा - उप महापौर चुनाव में हुई हार की समीक्षा की जाएगी। पार्टी नेताओं ने भी पूरे घटनाक्रम की जानकारी प्रदेशाध्यक्ष गोविन्द सिंह डोटासरा को दी है। अब जयपुर स्तर पर इस मामले की छानबीन और समीक्षा की जा रही है। कांग्रेस से छह दावेदारों ने किया था आवेदन नगर निगम उप महापौर पद के लिए भाजपा की ओर से सिर्फ पंकज गहलोत ने नामांकन दाखिल किया था। वहीं कांग्रेस की ओर से छह दावेदार मैदान में आए थे। इनमें नसीम बानो के अलावा मनोज बिश्नोई, सपना मारु, जावेद, छेल सिंह और अब्दुल वाहिद शामिल थे। बाद में नसीम बानो को कांग्रेस प्रत्याशी बनाए जाने के बाद बाकी पांच उम्मीदवारों ने अपने नामांकन वापस ले लिए थे। महापौर चुनाव के मुकाबले कांग्रेस को मिले 12 वोट कम उप महापौर चुनाव में भाजपा प्रत्याशी को अपने पार्षदों के 27 वोट के अलावा 13 अतिरिक्त वोट मिले। निगम में निर्दलीय पार्षदों की संख्या 10 है, जबकि भाजपा प्रत्याशी को अतिरिक्त 13 वोट मिले। वहीं महापौर चुनाव में कांग्रेस को 27 वोट मिले थे, लेकिन उप महापौर चुनाव में कांग्रेस प्रत्याशी को इससे 12 वोट कम मिले। इन आंकड़ों के बाद कांग्रेस संगठन के भीतर चुनाव परिणाम को लेकर सवाल उठ रहे हैं।
शामली में खनन विभाग के कार्यालय पर गुरुवार को मेरठ की एंटी करप्शन टीम ने कार्रवाई की। टीम ने खनन विभाग के बाबू सद्दाम और खनन अधिकारी सुधाकर को 1 लाख 35 हजार रुपये की रिश्वत लेते रंगे हाथ पकड़ा। कार्रवाई के बाद एंटी करप्शन टीम दोनों आरोपियों को पूछताछ के लिए आदर्श मंडी थाने ले गई। थाने में टीम उनसे पूछताछ कर रही है। यह रिश्वत किस काम के बदले मांगी गई थी और इस मामले में किन लोगों की भूमिका है, इसकी जानकारी पूछताछ और आगे की कार्रवाई के बाद साफ होने की उम्मीद है। बताया जा रहा है कि शिकायतकर्ता परमाल की शिकायत पर एंटी करप्शन टीम ने यह कार्रवाई की है। टीम ने पहले शिकायत की जांच की और इसके बाद कार्रवाई की। इस बीच, कार्रवाई के दौरान आरोपियों के घर से करीब 60 लाख रुपये की नकदी मिलने की भी जानकारी मिली है। हालांकि, बरामद रकम की सरकारी पुष्टि और नकदी कहां से आई, इन सभी बिंदुओं पर एंटी करप्शन टीम की जांच जारी है। टीम ने बरामद नकदी की गिनती भी की है। खनन विभाग से जुड़े इस मामले में एंटी करप्शन की कार्रवाई के बाद विभाग में हलचल है। फिलहाल टीम दोनों आरोपियों से पूछताछ कर रही है और पूरी जानकारी का इंतजार है।
हरियाणा केंद्रीय विश्वविद्यालय (हकेवि), महेंद्रगढ़ के शोधार्थियों ने पहली बार लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स एंड पॉलिटिकल साइंस (एलएसई), लंदन, यूके में विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व किया। अर्थशास्त्र विभाग के पीएचडी शोधार्थी अखिलेश मीणा और विभाग की पूर्व एमए अर्थशास्त्र विद्यार्थी प्रीति ने 10 व 11 सितंबर को एलएसई में हुए अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में अपने शोध प्रस्तुत किए। विश्वविद्यालय के कुलपति प्रो. टंकेश्वर कुमार ने दोनों शोधकर्ताओं और उनके शोध पर्यवेक्षक को बधाई दी। उन्होंने कहा कि लंदन स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स जैसे अंतरराष्ट्रीय मंच पर युवा शोधकर्ताओं की भागीदारी विश्वविद्यालय में विकसित हो रही शोध संस्कृति और अकादमिक उत्कृष्टता को दिखाती है। ऐसी उपलब्धियां शोधार्थियों को गंभीर, नए और नीति-उन्मुख शोध के लिए प्रेरित करती हैं। समकुलपति प्रो. पवन कुमार ने दी बधाई विश्वविद्यालय के समकुलपति प्रो. पवन कुमार शर्मा ने भी शोधकर्ताओं और डॉ. रश्मि तंवर को बधाई दी। उन्होंने बताया कि महिला नेतृत्व, सुशासन और सतत विकास जैसे विषयों पर केंद्रित शोध भारत और वैश्विक अकादमिक चर्चा के लिए महत्वपूर्ण हैं। ऐसे अंतरराष्ट्रीय मंच युवा शोधकर्ताओं को दुनियाभर के विद्वानों से बात करने और अपने अकादमिक काम को आगे बढ़ाने का मौका देते हैं। पीएचडी शोधार्थी अखिलेश मीणा ने विभाग की सहायक आचार्य डॉ. रश्मि तंवर के साथ मिलकर तैयार किया शोध-पत्र प्रस्तुत किया। प्रीति ने भी अपना शोध-प्रबंध डॉ. रश्मि तंवर के मार्गदर्शन में पूरा किया था। प्रीति ने पोस्टर के जरिए अपना शोध प्रस्तुत किया। अर्थशास्त्र विभाग के विभागाध्यक्ष डॉ. सुमित कुमार ने भी दोनों शोधकर्ताओं और डॉ. रश्मि तंवर को इस उपलब्धि पर बधाई दी। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिष्ठित अकादमिक मंच पर शोधकर्ताओं की भागीदारी विभाग की गुणवत्तापूर्ण शोध, अंतर्विषयक दृष्टिकोण और साक्ष्य-आधारित नीति विश्लेषण को बढ़ावा देने की प्रतिबद्धता को दिखाती है। हकेवि की ओर से एलएसई में शोधार्थियों द्वारा पहली बार विश्वविद्यालय का प्रतिनिधित्व शोधकर्ताओं की अंतरराष्ट्रीय अकादमिक मंचों पर बढ़ती भागीदारी को दर्शाता है। यह उपलब्धि विद्यार्थियों और शोधार्थियों को वैश्विक अकादमिक समुदाय से संवाद करने और अपने शोध कार्य को अंतरराष्ट्रीय मंच पर प्रस्तुत करने का अवसर देती है।
मिर्जापुर में नकली गिन्नी को असली बताकर बेचने और लोगों से ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया गया है। यह कार्रवाई पड़री पुलिस और एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी की संयुक्त टीम ने की। आरोपियों के पास से चार नकली गिन्नी और पीली धातु का एक टुकड़ा मिला है। पुलिस ने दोनों के खिलाफ केस दर्ज कर उन्हें जेल भेज दिया है। पुलिस के मुताबिक, अपराध और धोखाधड़ी करने वालों के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत 23 सितंबर को पड़री थाना पुलिस और एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी की टीम इलाके में सक्रिय थी। इसी दौरान मुखबिर से मिली सूचना पर टीम ने दो संदिग्धों को पकड़ा। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बृजेश कुमार उर्फ बलराम (पुत्र दुखरन बिंद, निवासी दादर कला, थाना विंध्याचल) और अजय बिंद (पुत्र राकेश बिंद, निवासी कोची जमुआ, थाना मेजा, प्रयागराज) के रूप में हुई है। तलाशी में आरोपियों के पास से चार नकली गिन्नी (पीली धातु) और पीली धातु का एक टुकड़ा बरामद हुआ। पुलिस ने बताया कि आरोपी नकली गिन्नी को असली बताकर लोगों को फंसाते थे और उसे बेचकर पैसे ठगते थे। इस मामले में पड़री थाने में मु0अ0सं0 253/2026, धारा 318(4) बीएनएस के तहत केस दर्ज किया गया है। पुलिस ने जरूरी कार्रवाई पूरी करने के बाद दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया। इस कार्रवाई में एसटीएफ फील्ड इकाई वाराणसी के इंस्पेक्टर अनिल कुमार सिंह और पड़री थाना पुलिस के सब-इंस्पेक्टर रामनगीनी समेत पूरी टीम शामिल थी।
सोनभद्र की ग्रामीण महिलाओं को अब अंतरराष्ट्रीय मंच मिल रहा है। ग्रेटर नोएडा के इंडिया एक्सपो सेंटर एंड मार्ट में 25 से 29 सितंबर तक चौथा उत्तर प्रदेश इंटरनेशनल ट्रेड शो (UPITS-2026) होगा। इसमें सोनभद्र के करमा ब्लॉक के सहदैया बैदान क्षेत्र के गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं ने भी हिस्सा लिया है। ये महिलाएं समूह की ओर से स्टॉल लगाकर स्थानीय और आदिवासी समुदाय से जुड़े उत्पाद दिखाएंगी। उपायुक्त रोजगार ने ट्रेड शो में हिस्सा लेने जा रही दोनों सदस्यों को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। समूह की सदस्य मधुबाला देवी और प्रियंका देवी अपने उत्पादों के साथ ट्रेड शो में स्टॉल लगाएंगी। ट्रेड शो का उद्घाटन 25 सितंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह करेंगे। इस आयोजन में 88 से ज्यादा देशों के करीब 600 अंतरराष्ट्रीय खरीदार और 2,400 से अधिक प्रदर्शक शामिल होंगे। इस साल ऑस्ट्रिया, वियतनाम, जापान, रूस, सिंगापुर और बेलारूस भागीदार देश हैं। UPITS में प्रदेश के अलग-अलग जिलों के 'एक जिला एक उत्पाद' (ODOP), पारंपरिक कला, हस्तशिल्प और स्थानीय उत्पाद दिखाए जा रहे हैं। इसी कड़ी में सोनभद्र के आदिवासी समुदाय और स्वयं सहायता समूहों से जुड़ी महिलाओं के बनाए उत्पादों को भी अंतरराष्ट्रीय मंच पर दिखाने का मौका मिला है। गुलाब आजीविका स्वयं सहायता समूह की महिलाओं की यह भागीदारी ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से मजबूत बनाने का एक बड़ा मौका है। समूह की सदस्य अब सिर्फ गांव तक सीमित नहीं हैं। वे अलग-अलग राज्यों में होने वाले सरस मेलों और प्रदर्शनियों में भी अपने उत्पाद दिखा रही हैं। सोनभद्र की महिलाएं दिल्ली, नोएडा, भोपाल, कश्मीर, पंजाब, आंध्र प्रदेश, लद्दाख और देहरादून जैसे शहरों में हुए कई आयोजनों में हिस्सा ले चुकी हैं। समूह की महिलाओं का कहना है कि बड़े मेलों और ट्रेड शो में उत्पाद दिखाने से उन्हें नए बाजार और ग्राहकों से जुड़ने का मौका मिलता है। इससे उनकी आय बढ़ती है और स्थानीय उत्पादों को नई पहचान मिलने की उम्मीद है। UPITS-2026 में सोनभद्र की महिलाओं की भागीदारी जिले की ग्रामीण प्रतिभा और स्थानीय उत्पादों को वैश्विक बाजार से जोड़ने की दिशा में एक और कदम है।
शाजापुर के बीकेएसएन सरकारी कॉलेज में प्रोफेसरों की लेट-लतीफी और गायब रहने से परेशान एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को अनोखा प्रदर्शन किया। छात्र नेता जब अपनी शिकायत लेकर पहुंचे तो कॉलेज में कोई भी जिम्मेदार अफसर या ज्ञापन लेने वाला नहीं मिला। इससे नाराज होकर कार्यकर्ताओं ने सीधे प्रिंसिपल की खाली कुर्सी-टेबल पर ही ज्ञापन टिका दिया और अपना विरोध जताया। एनएसयूआई के ब्लॉक अध्यक्ष कबीर कुरैशी ने सीधा आरोप लगाया कि कॉलेज में कई प्रोफेसरों के आने-जाने का कोई तय समय ही नहीं है। कई प्रोफेसर बाहर से आते-जाते हैं, इसलिए अपनी मर्जी से आते हैं। कुछ मास्टर साहब सुबह 8 बजे आकर दोपहर 12 बजे ही निकल जाते हैं, तो कुछ 11 बजे आकर 3 बजे ही चलते बनते हैं। इससे छात्रों की पढ़ाई का पूरा बंटाधार हो रहा है। सुधार नहीं हुआ तो करेंगे जोरदार आंदोलन छात्र संगठन ने मांग की है कि कॉलेज में शिक्षकों की हाजिरी और समय को लेकर कड़ाई की जाए और मनमर्जी से गायब रहने वाले प्रोफेसरों को नोटिस थमाया जाए। छात्र नेताओं ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि अगर तीन दिन में व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ, तो वे उग्र आंदोलन खड़ा करेंगे।
प्रधानमंत्री मोदी ने देवास में 'सेवा संकल्प बाइक यात्रा' के राइडर्स से वर्चुअली संवाद किया, जिसमें सीएम मोहन यादव भी शामिल हुए। इस दौरान सीएम यादव ने 35.42 लाख सामाजिक सुरक्षा पेंशन हितग्राहियों के खातों में 212.57 करोड़ रुपये सिंगल क्लिक से ट्रांसफर किए और कई घोषणाएं कीं।
5 साल की बच्ची से रेप के मामले में अजमेर की पॉक्सो कोर्ट संख्या-2 ने 70 साल के आरोपी को दोषी मानते हुए 20 साल के कठोर कारावास की सजा सुनाई है। कोर्ट ने आरोपी पर 50 हजार रुपए का अर्थदंड भी लगाया है। साथ ही पीड़िता को 6 लाख रुपए प्रतिकर राशि देने के निर्देश दिए हैं। मामले की जांच और एफआईआर दर्ज करने में लापरवाही सामने आने पर कोर्ट ने तत्कालीन सीओ और तत्कालीन आईसी थाना इंचार्ज एएसआई के खिलाफ भी कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। पति के दोस्त का पिता दोषी सरकारी वकील संजय तिवारी ने बताया कि पीड़िता की मां ने 30 जून 2025 को रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट के अनुसार- महिला अपने पति के दोस्त के घर सामाजिक कार्यक्रम में गई थी। इस दौरान उसकी 5 साल की बच्ची को उसके पति के दोस्त के पिता के पास छोड़ा गया था। कार्यक्रम के बाद जब महिला आरोपी के घर पहुंची तो आरोपी बच्ची के साथ आपत्तिजनक स्थिति में मिला। इसके बाद पुलिस में रिपोर्ट दर्ज कराई गई। अभियोजन की ओर से मामले में 17 गवाहों के बयान करवाए गए और 45 दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट ने सबूतों के आधार पर आरोपी को दोषी माना। आरोपी को 20 साल की हुई जेल कोर्ट ने आरोपी को रेप के मामले में 20 साल के कठोर कारावास और 50 हजार रुपए अर्थदंड की सजा सुनाई। अर्थदंड जमा नहीं कराने पर 6 महीने का अतिरिक्त कारावास भुगतना होगा। इसके अलावा पॉक्सो एक्ट की धारा 7/8 के तहत 3 साल के कठोर कारावास और 10 हजार रुपए अर्थदंड की सजा भी सुनाई गई। कोर्ट ने पीड़िता को प्रतिकर के तौर पर 6 लाख रुपए देने के निर्देश दिए हैं। सैंपल लेने से एफएसएल भेजने तक में लापरवाही सरकारी वकील संजय तिवारी ने बताया कि कोर्ट ने मामले की जांच में सामने आई कमियों को भी गंभीरता से लिया। तत्कालीन सीओ मामले के जांच अधिकारी थे। कोर्ट ने पाया कि पीड़िता और आरोपी के सैंपल एकत्र करने, उन्हें मालखाने में जमा कराने और एफएसएल भेजने की प्रक्रिया में गंभीर लापरवाही हुई। मोबाइल फोरेंसिक यूनिट ने बेडशीट जब्त करने के निर्देश भी दिए गए थे लेकिन जांच अधिकारी की ओर से इसे अपने कार्य का हिस्सा नहीं बताया गया। उन्होंने कहा कि यह उनका कार्य नहीं है। कोर्ट ने जांच में हुई इन कमियों को गंभीरता से लेते हुए संबंधित अधिकारी के खिलाफ कार्रवाई के निर्देश दिए। शाम को थाने पहुंचे, रात 12 बजे बाद दर्ज हुई FIR मामले में तत्कालीन थाना इंचार्ज एएसआई की ओर से एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी को भी कोर्ट ने गंभीर माना। अभियोजन के अनुसार घटना वाले दिन पीड़िता का परिवार शाम के समय रिपोर्ट दर्ज कराने थाने पहुंच गया था लेकिन एफआईआर रात 12 बजे के बाद दर्ज की गई। सुनवाई के दौरान एफआईआर दर्ज करने में हुई देरी का संतोषजनक कारण सामने नहीं आया। कोर्ट ने पॉक्सो जैसे गंभीर मामले में रिपोर्ट दर्ज करने में हुई देरी को लापरवाही माना और एएसआई के खिलाफ कार्रवाई के लिए पुलिस महानिदेशक को निर्देश दिए हैं। यह खबर भी पढ़ें.... अजमेर में रिटायर्ड रेलकर्मी ने बच्ची से किया रेप:* 5 साल की मासूम को अपने दोस्त के घर छोड़कर कार्यक्रम में गए थे माता-पिता
प्रतापगढ़ में पंचायत राज चुनाव के तहत सरपंचों और वार्ड पंचों के आरक्षण की लॉटरी निकाली गई। यह प्रक्रिया प्रतापगढ़ पंचायत समिति की 37 ग्राम पंचायतों के लिए हुई। पंचायत समिति सभागार में उपखंड अधिकारी श्रवण सिंह की अध्यक्षता में लॉटरी निकाली गई। प्रतापगढ़ टीएसपी (ट्राइबल सब-प्लान) क्षेत्र में आता है। इस वजह से यहां सभी सरपंचों के पद एसटी वर्ग के लिए आरक्षित किए गए हैं। लॉटरी के जरिए 50 प्रतिशत पद एसटी वर्ग की महिलाओं के लिए तय किए गए। इसमें 18 ग्राम पंचायतों में एसटी महिला के लिए सरपंच का पद आरक्षित किया गया है। प्रतापगढ़ पंचायत समिति की बची हुई 19 ग्राम पंचायतों के सरपंच पद एसटी ओपन कैटेगरी में आरक्षित किए गए हैं। प्रतापगढ़ पंचायत समिति की ग्राम पंचायतों में आरक्षण पंचायतीराज संस्थाओं में रोटेशन से आरक्षण पंचायतीराज संस्थाओं में आरक्षण रोटेशन से तय होता है। हर बार नए सिरे से आरक्षण की लॉटरी निकाली जाती है। पिछली बार जो वार्ड जिस वर्ग के लिए आरक्षित था, इस बार वो बदल जाएगा। पिछली बार वाला आरक्षण नहीं रहेगा। पिछली बार जो पंचायत समिति या वार्ड आरक्षित था। हो सकता है कि इस बार वह ओपन कैटेगरी में हो जाए।
अयोध्या जिले की रुदौली नगर पालिका परिषद में एक विवाद के बाद पुलिस ने केस दर्ज किया है। यह विवाद बुधवार को हुई बोर्ड बैठक में चेयरमैन जब्बार अली और अधिशासी अधिकारी प्रेमनाथ के बीच हुआ था। मामला नौ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन भुगतान से जुड़ा है। ईओ प्रेमनाथ की शिकायत पर रुदौली कोतवाली पुलिस ने नगर पालिका अध्यक्ष जब्बार अली के खिलाफ केस दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। इस विवाद के बाद गुरुवार को ईओ प्रेमनाथ नगर पालिका कार्यालय नहीं आए। पुलिस को दी गई शिकायत में ईओ प्रेमनाथ ने चेयरमैन जब्बार अली पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उन्होंने कहा कि चेयरमैन ने उनके साथ अभद्र भाषा का प्रयोग किया, गाली-गलौज की और जान से मारने की धमकी भी दी। शिकायत के अनुसार, बुधवार को नगर पालिका की बोर्ड बैठक में नौ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के वेतन भुगतान का प्रस्ताव चर्चा के लिए आया था। ईओ ने बताया कि इन कर्मचारियों को करीब एक साल पहले नौकरी पर रखा गया था। लेकिन, उन्हें अभी तक वेतन नहीं मिला था। बैठक में इसी बात पर चर्चा के दौरान चेयरमैन और ईओ के बीच बहस शुरू हो गई। आरोप है कि बहस बढ़ने के बाद बात गाली-गलौज और धमकी तक पहुंच गई। ईओ ने अपनी शिकायत में आरोप लगाया कि चेयरमैन ने उन्हें धमकी दी और कहा कि वे नगर पालिका कार्यालय न आएं। इस घटना के बाद ईओ रुदौली कोतवाली पहुंचे और पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की। पुलिस ने शिकायत के आधार पर केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गुरुवार को ईओ के दफ्तर न आने से नगर पालिका में दिनभर इस मामले की चर्चा होती रही। हालांकि, दूसरे पक्ष यानी चेयरमैन की तरफ से अभी तक कोई शिकायत या पुलिस कार्रवाई की जानकारी सामने नहीं आई है। रुदौली कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक संजय मौर्य ने इस बारे में जानकारी दी। उन्होंने बताया कि ईओ प्रेमनाथ की शिकायत पर नगर पालिका अध्यक्ष के खिलाफ केस दर्ज किया गया है। मामले की जांच चल रही है और जांच के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
प्रयागराज में नौकरी ढूंढ रहे युवाओं के लिए गुरुवार का दिन खुशी लेकर आया। क्षेत्रीय सेवायोजन कार्यालय में रोजगार महोत्सव-2026 का आयोजन किया गया। इसमें बड़ी संख्या में युवाओं ने कंपनियों में इंटरव्यू दिए। दोपहर दो बजे तक 1500 से ज्यादा युवाओं ने रजिस्ट्रेशन कराया था। मेले में शामिल 22 कंपनियों ने करीब 3000 खाली पदों के लिए उम्मीदवारों का चयन किया। सहायक निदेशक सेवायोजन राजीव कुमार यादव ने मौके पर ही चयनित युवाओं को नियुक्ति पत्र दिए। इस रोजगार मेले में मैन्युफैक्चरिंग, सर्विस और बैंकिंग जैसे कई सेक्टर की कंपनियां शामिल हुईं। कक्षा आठ पास से लेकर हाईस्कूल, इंटरमीडिएट, ग्रेजुएट, पोस्ट ग्रेजुएट और आईटीआई पास युवाओं को नौकरी का मौका मिला। मेले में 18 से 30 साल तक के उम्मीदवार शामिल हुए। कंपनियों ने पद के हिसाब से 30 हजार रुपये तक महीने की सैलरी वाली नौकरियां दीं। मेले में नौकरी पाने वाले अंकित कुशवाहा का चयन फ्लिपकार्ट के गुरुग्राम स्थित वेयरहाउस के लिए हुआ है। अंकित ने बताया कि उनकी शुरुआती सैलरी 21,500 रुपये होगी। उन्होंने कहा कि ओवरटाइम के साथ उनकी कमाई 30 से 35 हजार रुपये तक पहुंच सकती है। इससे वह अपना खर्च निकालने के साथ हर महीने 10 से 15 हजार रुपये परिवार को भी भेज सकेंगे। अंकित ने कहा कि सरकार की तरफ से युवाओं को रोजगार देने की यह पहल अच्छी है। उनका मानना था कि करियर की शुरुआत में ही नौकरी मिलने से उन्हें आगे बढ़ने का मौका मिलेगा। चयनित उम्मीदवार दीप चंद्र प्रजापति ने भी रोजगार मेले को युवाओं के लिए एक अच्छी पहल बताया। उन्होंने कहा कि नौकरी मिलने से वह बहुत खुश हैं। उनके मुताबिक, युवाओं को कम से कम नौकरी का अवसर मिलना भी बड़ी बात है। सहायक निदेशक सेवायोजन राजीव कुमार यादव ने बताया कि रोजगार मेले का आयोजन मिशन रोजगार के तहत किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि उम्मीदवारों के लिए रजिस्ट्रेशन और इंटरव्यू की प्रक्रिया आखिर तक जारी रखी गई। रोजगार मेले का सिलसिला आगे भी जारी रहेगा। 25 सितंबर को यमुना नगर जोन के जसरा और 26 सितंबर को गंगानगर जोन के सोरांव में रोजगार मेले का आयोजन किया जाएगा।
हरदा में गुरुवार को संयुक्त किसान मोर्चा के बैनर तले किसान अपनी समस्याओं को लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे। किसानों ने मुख्यमंत्री के नाम डिप्टी कलेक्टर असवनराम चिरामन को ज्ञापन सौंपकर सोयाबीन और मक्का की समर्थन मूल्य पर जल्द खरीदी शुरू करने, खाद की उपलब्धता सुनिश्चित करने, रबी सीजन से पहले नहरों की सफाई- मरम्मत और किसानों को 12 घंटे नियमित बिजली देने की मांग की। मंडियों में भाव गिरने से किसानों को नुकसान किसानों ने ज्ञापन में बताया कि हरदा जिले में खेती करना मुश्किल होता जा रहा है। किसानों का कहना है कि फसल तैयार होने के समय मंडियों में भाव गिर जाते हैं, जिससे उन्हें कम कीमत पर उपज बेचने के लिए मजबूर होना पड़ता है। अभी सोयाबीन 700 से 800 रुपए और मक्का 500 से 700 रुपए प्रति क्विंटल बिक रहा है। किसानों ने मांग की है कि दोनों फसलों की समर्थन मूल्य पर खरीदी जल्द शुरू की जाए, ताकि उन्हें कम दाम पर उपज बेचने की मजबूरी न रहे। खाद की ऑनलाइन व्यवस्था में सर्वर की समस्या किसानों ने खाद वितरण की ऑनलाइन व्यवस्था पर भी सवाल उठाए। उनका कहना है कि कालाबाजारी रोकने के लिए शुरू की गई व्यवस्था के कारण अब किसानों को डिजिटल लाइन और सर्वर की समस्या से जूझना पड़ रहा है। कई जगह खाद उपलब्ध होने के बावजूद सर्वर एरर और पोर्टल से जुड़ी तकनीकी दिक्कतों के कारण किसानों को समय पर खाद नहीं मिल पा रही है। संगठन ने मांग की है कि ऑनलाइन व्यवस्था की तकनीकी समस्याओं को तुरंत दूर किया जाए। यदि समस्या समय पर ठीक नहीं होती है तो वैकल्पिक तौर पर ऑफलाइन खाद वितरण की व्यवस्था की जाए। किसानों ने DAP, NPK और यूरिया की पर्याप्त उपलब्धता सुनिश्चित करने के साथ खाद की कालाबाजारी और गलत वितरण पर कड़ी कार्रवाई की मांग भी की। रबी सीजन से पहले नहरों की सफाई और मरम्मत किसान संगठन ने रबी सीजन शुरू होने से पहले जिले की नहरों की पूरी सफाई और मरम्मत कराने की मांग की है। संगठन के अनुसार कई नहरें जर्जर स्थिति में हैं। समय पर सफाई नहीं होने और हेड, गेट सहित अन्य संरचनाओं की मरम्मत नहीं होने से पानी के रिसाव और अनावश्यक बहाव की समस्या बनी रहती है। मांग की गई है कि पानी छोड़े जाने से पहले प्रमुख नहरों और माइनरों की सफाई, क्षतिग्रस्त संरचनाओं की मरम्मत तथा हेड और गेट की जरूरी मरम्मत पूरी कराई जाए। नहरों के अंतिम छोर यानी टेल क्षेत्र के किसानों तक भी पर्याप्त पानी पहुंचाना सुनिश्चित करने की मांग की गई है। किसानों को 12 घंटे नियमित बिजली देने की मांग संगठन ने कृषि कार्यों के लिए पर्याप्त और नियमित बिजली उपलब्ध कराने की मांग की। किसानों के अनुसार कई क्षेत्रों में बिजली कटौती, कम वोल्टेज, ट्रिपिंग और अनियमित आपूर्ति की समस्या रहती है। किसानों ने मांग की है कि घोषित अवधि के अनुसार उन्हें नियमित 12 घंटे कृषि बिजली दी जाए। खराब ट्रांसफार्मरों को तत्काल बदला जाए और कम वोल्टेज व बार-बार ट्रिपिंग की समस्या का स्थायी समाधान किया जाए, ताकि रबी सीजन में सिंचाई प्रभावित न हो।
जन सुराज ने डॉ. अनुज सिंह को पटना स्नातक निर्वाचन क्षेत्र से बिहार विधान परिषद चुनाव का उम्मीदवार घोषित किया है। मोकामा विधायक अनंत सिंह के समर्थन और जेडीयू के नीरज कुमार से मुकाबले के कारण उनकी उम्मीदवारी चर्चा में है।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने मेरठ के थाना खरखौदा के 13 पुलिसकर्मियों के खिलाफ एस सी एस टी एक्ट में चल रही आपराधिक कार्यवाही रद्द कर दी है। कोर्ट ने कहा प्रोटेस्ट पिटीशन को हलफनामे के आधार पर परिवाद कायम करना अनुचित है। हाईकोर्ट ने परिवाद मामले में दिशा निर्देश जारी किए हैं और प्रदेश की अदालतों को पालन करने का निर्देश दिया है। न्यायमूर्ति संतोष राय ने भुवनेश कुमारी व 12 अन्य की आपराधिक अपील पर यह फैसला सुनाया। क्या था मामला जानिएकोर्ट ने मेरठ के विशेष न्यायाधीश का 6 अक्टूबर 2018 का फैसला निरस्त कर दिया, जिसमें पुलिस की अंतिम रिपोर्ट खारिज कर प्रोटेस्ट पिटीशन को परिवाद के रूप में दर्ज किया गया था। इस फैसले से पुलिस कर्मियों को बड़ी राहत मिली है। जातिसूचक गालियां, हिरासत में यातनाशिकायतकर्ता सरोज ने आरोप लगाया था कि 18 जून 2017 को थाने में उन्हें जातिसूचक गालियां दी गईं, मारपीट की और हिरासत में यातना दी गई। यह मुकदमा कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुआ। विवेचना के बाद पुलिस ने साक्ष्य के अभाव में अंतिम रिपोर्ट लगाई और सरोज के खिलाफ महिला कांस्टेबल भुवनेश कुमारी की रिपोर्ट पर परिवाद दर्ज हुआ था, और सरोज को जेल भी भेजा गया था। कोर्ट ने कहा कि संज्ञान लेने का आदेश मध्यवर्ती आदेश है, केवल अंतरवर्ती नहीं, इसलिए एस सी एस टी एक्ट की धारा 14-ए में अपील सुनी जा सकती है। विशेष न्यायाधीश ने केस डायरी का विश्लेषण नहीं कियाकोर्ट ने कहा विशेष न्यायाधीश ने केस डायरी का विश्लेषण किए बिना, सिर्फ शपथपत्र, फोटो और अखबार की कतरनों के आधार पर रिपोर्ट खारिज की। आदेश में कोई कारण नहीं दिया गया। घटना के समय और गवाहों की मौजूदगी को लेकर विसंगतियां थीं, कुछ गवाहों ने दूसरों से सुनकर बयान दिए थे। सभी आरोपी थाने में तैनात पुलिसकर्मी थे और घटना थाना परिसर में हुई बताई गई। कोर्ट ने कहा कि अभियोजन की पूर्व स्वीकृति की जरूरत पर विचार किए बिना संज्ञान लेना गंभीर त्रुटि है। किसी आरोपी द्वारा जातिसूचक शब्द या जाति के कारण अपमान का विशिष्ट आरोप नहीं था। कोर्ट ने अपील मंजूर कर संज्ञान आदेश और उससे जुड़ी सभी आगे की कार्यवाही रद्द कर दी । सभी अपीलार्थी आरोप मुक्त माने जाएंगे। प्रदेश की अदालतों के लिए दिशा-निर्देशकोर्ट ने उत्तर प्रदेश की सभी आपराधिक अदालतों के लिए दिशा-निर्देश जारी किए,कहा- अंतिम रिपोर्ट स्वीकार या खारिज करते समय अदालत स्वतंत्र रूप से केस डायरी की जांच करे और कारण लिखे।प्रोटेस्ट पिटीशन के साथ शपथपत्र लगाने से वह अपने आप परिवाद नहीं बन जाएगा। इसका स्पष्ट निर्णय अदालत करे। शपथपत्र, अखबार की कतरन और फोटो को यांत्रिक रूप से साक्ष्य न माना जाए। संज्ञान या अंतिम रिपोर्ट खारिज करने का हर आदेश स्पष्ट और तर्कसंगत हो। लोक सेवकों के मामलों में धारा 197 सी आर पी सी या धारा 218 बी एन एस एस पर विचार हो। कई आरोपियों को सम्मन करते समय हर एक की विशिष्ट भूमिका देखी जाए, सामान्य आरोपों पर नहीं।अंतिम रिपोर्ट का निस्तारण सामान्यतः एक माह में हो, और जिला जज मासिक बैठक में इसकी निगरानी करें। कोर्ट ने फैसले की प्रति प्रदेश के सभी न्यायिक अधिकारियों और जुडिशियल ट्रेनिंग एंड रिसर्च इंस्टीट्यूट लखनऊ को भेजने का भी निर्देश दिया है।
मध्यप्रदेश के युवाओं को विद्युत उत्पादन के क्षेत्र में व्यावहारिक प्रशिक्षण और कौशल निखारने का अवसर देने के लिए मध्यप्रदेश पावर जनरेटिंग कंपनी लिमिटेड ने मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत 559 ऑन-द-जॉब ट्रेनिंग पद उपलब्ध कराए हैं। डिग्री, डिप्लोमा या अन्य निर्धारित शैक्षणिक योग्यता हासिल करने के बाद रोजगार के अवसर तलाश रहे युवा कंपनी के विभिन्न कार्यालयों और विद्युत गृहों में एक वर्ष का व्यावहारिक प्रशिक्षण ले सकेंगे। पात्र प्रशिक्षणार्थियों को प्रशिक्षण अवधि के दौरान 8,000 से 10,000 रुपए प्रतिमाह तक स्टाइपेंड दिया जाएगा। जल एवं ताप विद्युत गृहों में मिलेगा प्रशिक्षण मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के तहत कंपनी ने प्रशिक्षण के लिए कुल 559 पद स्वीकृत किए हैं। युवाओं को जबलपुर स्थित कंपनी मुख्यालय के साथ प्रदेश के विभिन्न जल एवं ताप विद्युत गृहों में काम करते हुए व्यावहारिक अनुभव हासिल करने का मौका मिलेगा। इलेक्ट्रीशियन, इन्फॉर्मेशन एंड कम्युनिकेशन टेक्नोलॉजी एवं सिस्टम मेंटेनेंस, कंप्यूटर ऑपरेटर एवं प्रोग्रामिंग असिस्टेंट, स्टेनो (हिंदी/अंग्रेजी), सिविल इंजीनियरिंग, मानव संसाधन और अकाउंट्स सहित विभिन्न कार्यश्रेणियों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। इससे युवा अपनी शैक्षणिक योग्यता के अनुरूप विद्युत उत्पादन और कंपनी के अन्य कार्यक्षेत्रों की कार्यप्रणाली को करीब से समझ सकेंगे। एक साल की ट्रेनिंग, एक महीने बाद स्टाइपेंड ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया पूरी होने के बाद निर्धारित पात्रता के आधार पर अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित प्रशिक्षणार्थियों को उनकी कार्यश्रेणी और जिले के अनुसार कंपनी के विभिन्न विद्युत गृहों एवं कार्यालयों में प्रशिक्षण दिया जाएगा। प्रशिक्षण शुरू होने के एक माह बाद पात्र प्रशिक्षणार्थियों को 8,000 से 10,000 रुपए प्रतिमाह स्टाइपेंड मिलना शुरू होगा। प्रशिक्षण की कुल अवधि एक वर्ष निर्धारित की गई है। 18 से 29 वर्ष के स्थानीय युवा कर सकेंगे आवेदन योजना का लाभ लेने के लिए आवेदक का मध्यप्रदेश का स्थानीय निवासी होना जरूरी है। आयु 18 से 29 वर्ष के बीच होनी चाहिए। संबंधित कार्यश्रेणी के अनुसार 12वीं, आईटीआई, डिप्लोमा या स्नातक उत्तीर्ण होना आवश्यक है। आवेदन प्रक्रिया 23 सितंबर 2026 से शुरू हो चुकी है। इच्छुक और पात्र अभ्यर्थी 15 अक्टूबर 2026 की रात 11:59 बजे तक ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। ऑनलाइन पोर्टल से करना होगा आवेदन अभ्यर्थियों को मुख्यमंत्री सीखो-कमाओ योजना के ऑनलाइन पोर्टल (https://mmsky.mp.gov.in/Web/Candidate/Registration) के माध्यम से आवेदन करना होगा। पंजीयन के लिए समग्र आईडी और आधार की ई-केवाईसी जरूरी है। ये पद केवल प्रशिक्षण के लिए हैं, इन्हें नियमित नौकरी या स्थायी रोजगार नहीं माना जाएगा। आवेदन में किसी तरह की परेशानी या जानकारी के लिए अभ्यर्थी संबंधित जिला स्तरीय आईटीआई से संपर्क कर सकते हैं।
मेवाड़ी गेट बाहर स्थित श्रीमती कंचन देवी जैन उच्च माध्यमिक स्कूल के विद्यार्थियों ने 70वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता सत्र 2026-27 के पहले चरण में शानदार प्रदर्शन किया। उन्होंने कुल 66 पदक अपने नाम किए, जिनमें 30 स्वर्ण, 21 रजत और 15 कांस्य पदक शामिल हैं। इस बेहतरीन प्रदर्शन के आधार पर कई विद्यार्थियों का राज्य स्तरीय प्रतियोगिताओं के लिए चयन हुआ है। स्कूल के खिलाड़ियों ने जूडो, वुशु, कुश्ती, नेटबॉल, राइफल शूटिंग, ताइक्वांडो और कराटे जैसे कई खेलों में अपनी प्रतिभा दिखाई। के.डी. जैन ग्रुप ऑफ स्कूल्स ने ताइक्वांडो में अंडर-19 गर्ल्स और अंडर-19 बॉयज वर्ग में चैंपियनशिप जीती। वहीं, अंडर-17 बॉयज वर्ग में टीम उपविजेता रही। इसके अलावा, वुशु प्रतियोगिता में स्कूल ने लगातार चौथे साल चैंपियनशिप का खिताब अपने नाम किया। नेटबॉल के अंडर-19 गर्ल्स वर्ग में टीम उपविजेता रही। स्कूल के खिलाड़ियों ने रग्बी-फुटबॉल और नेटबॉल में भी अच्छा प्रदर्शन किया। इन खेलों में भी कई खिलाड़ी राज्य स्तरीय प्रतियोगिता के लिए चुने गए हैं।
बालाघाट जिले के कटंगी सीनियर बालक छात्रावास में बड़ी लापरवाही सामने आई है। एसडीएम विजय सिंह यादव के अचानक निरीक्षण में छात्रावास अधीक्षक शराब के नशे में पाए गए। इसके साथ ही रसोई में गंदगी, शौचालय और आरओ खराब जैसी कई कमियां भी मिलीं। दरअसल, कटंगी के मुंडीवाड़ा स्थित सीनियर बालक छात्रावास के छात्रों ने एसडीएम विजय सिंह यादव से शिकायत की थी। छात्रों ने बताया था कि वार्डन अधीक्षक अभद्र व्यवहार करते हैं और रोज शराब पीते हैं। छात्रों ने यह भी शिकायत की थी कि छात्रावास के भृत्य ने परिसर में कुत्ता बांध रखा है, जिससे उन्हें परेशानी होती है। इन शिकायतों के बाद ही एसडीएम छात्रावास का निरीक्षण करने पहुंचे थे। रसोई में मकड़ी के जाले निरीक्षण के दौरान एसडीएम यादव को छात्रावास की रसोई में मकड़ी के जाले मिले। छात्रों के इस्तेमाल वाले शौचालयों के फ्लश और पीने के पानी का आरओ भी करीब एक महीने से खराब पाया गया। आपातकालीन इलाज के लिए फर्स्ट एड बॉक्स भी छात्रावास में मौजूद नहीं था। जब अधीक्षक से इन कमियों के बारे में पूछा गया, तो वे कोई सही जवाब नहीं दे पाए। निरीक्षण के समय अनुसूचित जनजाति विभाग के मंडल संयोजक जागेंद्र वासनिक भी छात्रावास में मौजूद थे। वे छात्रावास से जुड़ी जानकारी ऑनलाइन पोर्टल पर भर रहे थे। एसडीएम ने मंडल संयोजक से पूछा कि अगर वे नियमित रूप से छात्रावास की निगरानी कर रहे थे, तो ये कमियां पहले क्यों ठीक नहीं की गईं। मौके पर लगाई फटकार एसडीएम विजय सिंह यादव और तहसीलदार पन्नू लाल शांडिल्य को छात्रावास अधीक्षक वीरेंद्र कुमार दरबड़े नशे की हालत में दिखे। जिसके बाद तत्काल ब्लॉक मेडिकल ऑफिसर से संपर्क कर उनका मेडिकल परीक्षण कराया गया। जहां ब्लॉक चिकित्सा अधिकारी ने अधीक्षक वीरेंद्र कुमार दरबडे के नशे के सेवन की पुष्टि की गई है एवं संबंधित वार्डन का ब्लड सैंपल लेकर भी लैब परीक्षण के लिए भेजा गया है।ये भी रहे मौजूदएसडीएम अपर कलेक्टर डीपी बर्मन और जनजातीय कार्य विभाग सहायक आयुक्त शकुंतला डामोर को मौके से ही अवगत कराया। एसडीएम ने मंडल संयोजक के विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई के लिए सक्षम अधिकारियों को पत्र भेजने के निर्देश दिए गए हैं।
जैसलमेर में 37 करोड़ रुपए की लागत से बना मोकला नया ब्लॉक स्टेशन शुरू हो गया है। जोधपुर मंडल के थैयात हमीरा-सोनू रेलखंड पर लनेला और सोनू के बीच बने इस स्टेशन से ट्रेनों की आवाजाही और माल ढुलाई दोनों को सुविधा मिलेगी। स्टेशन शुरू होने से करीब 25 किलोमीटर लंबे ब्लॉक सेक्शन को दो हिस्सों में बांट दिया गया है। इससे ट्रेनों की क्रॉसिंग और एक-दूसरे को आगे निकालने की प्रक्रिया आसान होगी। 25 किमी का लंबा सेक्शन हुआ विभाजित नए स्टेशन के शुरू होने से लनेला और सोनू के बीच का करीब 25 किलोमीटर लंबा ब्लॉक सेक्शन अब विभाजित हो गया है। पहले सेक्शन लंबा होने के कारण ट्रेनों की क्रॉसिंग और संचालन में दिक्कत होती थी। अब ट्रेनों को एक-दूसरे को पार करने के लिए ज्यादा सुविधा मिलेगी। इससे ट्रेन संचालन में लचीलापन आएगा और ट्रेनों को समय पर चलाने में मदद मिलेगी। 3 रनिंग लाइन और 700 मीटर का गुड्स प्लेटफॉर्म मोकला स्टेशन पर तीन रनिंग लाइन, 700 मीटर लंबा माल ढुलाई प्लेटफॉर्म और नया स्टेशन भवन बनाया गया है। जोधपुर मंडल रेल प्रबंधक अनुराग त्रिपाठी के अनुसार स्टेशन पर परिचालन और यात्रियों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए बुनियादी ढांचा तैयार किया गया है। इसके साथ ही आधुनिक सिग्नलिंग व्यवस्था के तहत 32 रूट एनआई कार्य भी पूरा किया गया है। इससे ट्रेनों के सुरक्षित और सुचारू संचालन में मदद मिलेगी। माल ढुलाई को भी मिलेगा बढ़ावा मोकला स्टेशन पर बनाए गए 700 मीटर लंबे गुड्स प्लेटफॉर्म से चूना पत्थर और अन्य सामान की लोडिंग-अनलोडिंग व्यवस्थित तरीके से हो सकेगी। इससे मालगाड़ियों के रेक का टर्नअराउंड समय कम करने में मदद मिलेगी और माल जल्दी लोड होकर गंतव्य के लिए रवाना किया जा सकेगा। नई व्यवस्था से स्थानीय उद्योगों और व्यापारियों को माल परिवहन में सुविधा मिलने के साथ रेलवे की माल ढुलाई क्षमता का भी बेहतर उपयोग हो सकेगा।
पीलीभीत के नबादा कंजा गांव में सरकारी रास्ते और चकरोड पर अवैध कब्जे का मामला बढ़ रहा है। पहले शिकायत के बावजूद कार्रवाई न होने से नाराज ग्रामीण गुरुवार को जिलाधिकारी (डीएम) आलोक कुमार के कार्यालय पहुंचे। उन्होंने डीएम को शिकायत पत्र सौंपा और चेतावनी दी कि अगर जल्द ही अवैध कब्जा नहीं हटाया गया, तो वे आंदोलन करने को मजबूर होंगे। ग्रामीणों ने 24 सितंबर 2026 को डीएम को एक शिकायत पत्र दिया था। इसके अनुसार, गांव की पूर्व दिशा में ग्राम सभा का सरकारी रास्ता और चकरोड है। सरकार ने इस रास्ते और नाली के निर्माण के लिए बजट और सामग्री भी भेजी है। ग्रामीणों का आरोप है कि ठेकेदार बिना सरकारी नक्शे की पैमाइश के मनमाने तरीके से गलत निर्माण कार्य कर रहे हैं। ग्रामीणों ने पहले मुख्यमंत्री पोर्टल और डीएम से शिकायत की थी। इसके बाद 23 सितंबर 2026 को कानूनगो हरिओम, केके देवल, क्षेत्रीय लेखपाल आकाश और पुलिस बल मौके पर पहुंचे थे। उन्होंने पैमाइश की, जिसमें यह साफ हो गया कि सरकारी चकरोड की असली जगह खेतों के काफी अंदर है। इस जगह पर लोगों ने अवैध कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि गांव के लेखपाल जितेंद्र और उसके चाचा कृष्णपाल उर्फ नन्हेलाल ने चकरोड की जगह पर ईंटों की पक्की बुनियाद बना ली है। कुछ अन्य लोगों ने सरकारी जमीन पर धान की फसल लगा दी है। गुरुवार को डीएम आलोक कुमार से मिलने पहुंचे सुरेश, प्रेमपाल, भूपराम, सेवाराम, हेतराम समेत कई ग्रामीणों ने मांग की है। उन्होंने कहा कि पक्की बुनियाद को तुरंत हटवाकर चकरोड से अवैध कब्जा हटाया जाए। साथ ही, सरकारी नक्शे के आधार पर चकरोड और नाली को उसकी पूरी चौड़ाई में बनवाया जाए और गलत निर्माण कार्य को तुरंत रोका जाए।
सोनीपत के खेवड़ा गांव के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने पीछे से ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ऑटो सड़क पर पलट गया। हादसे में ऑटो सवार पांच लोग घायल हो गए। घायलों को नागरिक अस्पताल सोनीपत पहुंचाया गया, जहां प्राथमिक उपचार के बाद तीन को रोहतक पीजीआई और खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। दो घायलों को उपचार के बाद छुट्टी दे दी गई। बहालगढ़ से फैक्ट्री जा रहा था ऑटो जानकारी के अनुसार ऑटो बहालगढ़ से सवारियां लेकर टांडा गांव स्थित एक फैक्ट्री की ओर जा रहा था। ऑटो में चालक समेत कुल सात लोग सवार थे। खेवड़ा गांव के नजदीक पहुंचने पर पीछे से तेज रफ्तार में आ रही ट्रैक्टर-ट्रॉली ने ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर लगते ही सड़क पर पलटा ऑटो घायल सीपी जैन ने बताया कि ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर इतनी जोरदार थी कि ऑटो अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया। हादसे के बाद ऑटो में सवार लोगों में चीख-पुकार मच गई। आसपास मौजूद लोगों ने मौके पर पहुंचकर घायलों को ऑटो से बाहर निकाला। पांच सवारियां घायल, तीन रेफर हादसे में ऑटो सवार पांच लोग घायल हुए। सभी घायलों को उपचार के लिए सोनीपत के नागरिक अस्पताल पहुंचाया गया। यहां प्राथमिक उपचार के बाद तीन घायलों की हालत को देखते हुए उन्हें रोहतक पीजीआई और खानपुर मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया। वहीं, दो घायलों को उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घायल ने बताया- पीछे से मारी टक्कर घायल सीपी जैन ने बताया कि वह बहालगढ़ से ऑटो में सवार हुआ था। खेवड़ा के पास पहुंचते ही पीछे से तेज रफ्तार में आए ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक ने ऑटो को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद ऑटो पलट गया और उसमें सवार कई लोग घायल हो गए। तेज रफ्तार और लापरवाही का आरोप घायलों का आरोप है कि हादसा ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की तेज रफ्तार और लापरवाही के कारण हुआ। टक्कर के बाद चालक मौके पर था या नहीं, इसकी जानकारी पुलिस जांच के बाद स्पष्ट होगी।हादसे की सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू की। पुलिस हादसे के कारणों के साथ-साथ ट्रैक्टर-ट्रॉली चालक की भूमिका की भी जांच कर रही है।
बरेली में स्वयं सहायता समूहों के लिए काम कर रहीं समूह सखियों ने कम मानदेय और काम के दौरान होने वाले खर्चों पर चिंता जताई है। उन्होंने बताया कि बैंक और ब्लॉक के चक्कर लगाने में हर महीने करीब दो हजार रुपये खर्च हो जाते हैं। इसके अलावा, उन्हें स्मार्टफोन के ऐप पर भी लगातार काम करना पड़ता है। इन समूह सखियों ने जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपकर अपनी मांगें रखीं। ज्ञापन सौंपने वालों में विमलेश, गीता देवी, पुष्पा पांडेय, गुड्डी देवी, क्रांति देवी और सकीना शामिल थीं। समूह सखी गीता देवी ने कहा कि उनका मौजूदा मानदेय उनकी जिम्मेदारियों और काम से जुड़े खर्चों के हिसाब से बहुत कम है। उन्होंने यह भी बताया कि विभागीय कामों के लिए उन्हें स्मार्टफोन और अलग-अलग ऐप पर काम करना पड़ता है। इसलिए सरकार को स्मार्टफोन और रिचार्ज की सुविधा देनी चाहिए। समूह सखियों ने अपना मासिक मानदेय 18 हजार रुपये तय करने के साथ ही पांच लाख रुपये का दुर्घटना बीमा और मेडिकल सुविधा देने की भी मांग की। ज्ञापन में यह भी मांग की गई कि मानदेय का भुगतान हर महीने सीधे उनके बैंक खाते में किया जाए। इसके अलावा, समूह सखियों को ईएमआई और आईडी कार्ड दिए जाएं और उनके पद को सरकारी पद का दर्जा मिले।
मुरादाबाद में अग्नि सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने और आगजनी की घटनाओं से बचाव के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से गुरुवार को जिले में विशेष अभियान चलाया गया। अपर पुलिस महानिदेशक, अग्निशमन तथा आपात सेवा, उत्तर प्रदेश, लखनऊ के निर्देश और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक मुरादाबाद के आदेश के अनुपालन में मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय के निर्देशन में स्कीम नंबर-05 के तहत विभिन्न प्रतिष्ठानों का अग्नि सुरक्षा निरीक्षण किया गया। अभियान के दौरान हैलेट रोड, कटघर, ठाकुरद्वारा, कांठ और बिलारी अग्निशमन केंद्रों के प्रभारियों ने जिले के होटल, कैफे, रेस्टोरेंट, गेमिंग जोन, ब्यूटी पार्लर और सैलून आदि प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा एवं बचाव व्यवस्थाओं का जायजा लिया। साथ ही आपात स्थिति में सुरक्षित निकासी की व्यवस्था को लेकर भी जानकारी ली गई। अभियान के तहत कुल सात स्थानों पर फायर ऑडिट किया गया, जबकि 46 लोगों को अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूक किया गया। इस दौरान संस्थान संचालकों और कर्मचारियों को आग लगने की स्थिति में बचाव के आवश्यक उपायों, सुरक्षित निकासी और अग्निशमन उपकरणों के सही इस्तेमाल की जानकारी दी गई। अग्निशमन विभाग की टीम ने होटल संचालकों और कर्मचारियों को निर्देशित किया कि प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा संबंधी सभी व्यवस्थाएं निर्धारित मानकों के अनुरूप सुनिश्चित की जाएं। साथ ही आपात स्थिति में कर्मचारियों और ग्राहकों की सुरक्षित निकासी के लिए आवश्यक इंतजाम रखने पर जोर दिया गया। अभियान के दौरान होटल महेश, एमजीआर होटल, होटल मानसरोवर पैराडाइज, होटल हाइप, काशीपुर रोड स्थित बार्बीकान पिज्जा रेस्टोरेंट, मूंढापांडे थाना क्षेत्र स्थित होटल रनवे हाईवे अड्डा और रामपुर रोड स्थित आरके होटल का निरीक्षण किया गया। मुख्य अग्निशमन अधिकारी डॉ. राजीव कुमार पाण्डेय ने बताया कि अभियान का उद्देश्य प्रतिष्ठानों में अग्नि सुरक्षा के प्रति जागरूकता बढ़ाने के साथ ही आग से बचाव के लिए आवश्यक व्यवस्थाओं को सुनिश्चित कराना है।
यूपी में कैसा रहेगा मौसम? कई जिलों में भारी बारिश और तेज हवाओं का अलर्ट, IMD ने जारी की चेतावनी
उत्तर प्रदेश के कई जिलों में बारिश जारी है, जबकि कुछ स्थानों पर उमस बनी हुई है। मौसम विभाग ने 24 से 27 सितंबर तक पूरे यूपी में भारी बारिश, तेज हवाओं और आकाशीय बिजली गिरने का अलर्ट जारी किया है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह:714 जोड़ों ने रचाई शादी; जनप्रतिनिधियों ने दिया आशीर्वाद
नवीन गल्ला मंडी, कालपी रोड पर गुरुवार को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह का भव्य आयोजन किया गया, जिसमें विभिन्न धर्मों और समुदायों के 714 जोड़ों ने अपनी-अपनी परंपराओं के अनुसार जीवन के नए अध्याय की शुरुआत की। समारोह में सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, माधौगढ़ विधायक मूलचंद्र निरंजन और कालपी विधायक विनोद चतुर्वेदी ने नवविवाहित जोड़ों को सुखी दांपत्य जीवन का आशीर्वाद दिया। विधायकों ने कहा कि यह योजना आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों के लिए एक बड़ा सहारा है। एक ही परिसर में अलग-अलग समुदायों के जोड़ों का विवाह होना सामाजिक एकता और समरसता का सुंदर दृश्य प्रस्तुत करता है। कार्यक्रम के दौरान नवविवाहित जोड़ों को विवाह प्रमाणपत्र भी वितरित किए गए। इस गरिमामयी अवसर पर मुख्य विकास अधिकारी केके सिंह, अपर जिलाधिकारी (न्यायिक) शत्रुहन पाठक, परियोजना निदेशक अखिलेश तिवारी और जिला समाज कल्याण अधिकारी संजय श्रीवास्तव समेत बड़ी संख्या में अधिकारी, गणमान्य नागरिक व नवदंपतियों के परिजन उपस्थित रहे।
मिर्जापुर में आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ताओं ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर धरना प्रदर्शन किया। उन्होंने महिला आरक्षण में दलित, आदिवासी और पिछड़े वर्ग की महिलाओं के लिए 'कोटे के अंदर कोटा' की मांग की। पार्टी ने अपने मांग पत्र में कहा कि अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और पिछड़े वर्ग की महिलाओं को महिला आरक्षण में 'कोटे के अंदर कोटा' मिलना चाहिए। इसके साथ ही, स्थानीय निकायों में महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण देने की भी मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने लोकसभा और विधानसभाओं में पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) को उचित राजनीतिक प्रतिनिधित्व देने की मांग की। उन्होंने एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग के लिए राज्यसभा और विधान परिषदों में भी प्रतिनिधित्व सुनिश्चित करने की बात कही। प्रदर्शनकारियों ने आगामी जनगणना में ओबीसी के लिए एक अलग कॉलम जोड़ने की मांग की। उनका कहना था कि इससे ओबीसी समाज की सही जनसंख्या का पता चलेगा। यह जानकारी आबादी के हिसाब से प्रतिनिधित्व और सरकारी योजनाओं का लाभ सुनिश्चित करने में मदद करेगी। उच्च शिक्षा संस्थानों में जातिगत भेदभाव रोकने के लिए ‘उच्च शिक्षा संस्थानों में समता के संवर्द्धन हेतु विनियम, 2016’ पर लगी रोक हटाने की मांग की गई। कार्यकर्ताओं ने इसे जल्द लागू करने और कानूनी रूप से बाध्यकारी बनाने को कहा। इससे विद्यार्थियों को सुरक्षित, सम्मानजनक और भेदभाव मुक्त माहौल मिल पाएगा। पार्टी ने मंडल आयोग की सभी सिफारिशों को पूरी तरह लागू करने की भी मांग की। इसके अलावा, 1 अप्रैल 2018 के आंदोलन के दौरान देशभर में दर्ज मुकदमों को वापस लेने को कहा गया। केंद्र और राज्य सरकारों में एससी, एसटी और ओबीसी के सभी बैकलॉग पदों को तुरंत भरने की भी मांग उठाई गई। प्रदर्शन के दौरान कार्यकर्ताओं ने अपनी मांगों के समर्थन में नारे लगाए। उन्होंने केंद्र और राज्य सरकार से इन मांगों पर जल्द कार्रवाई करने की अपील की।
जैसलमेर नगर परिषद के नवनिर्वाचित सभापति विजय डांगरा ने गुरुवार को विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। नगर परिषद परिसर में हुए कार्यक्रम में शहर के विकास, सौंदर्यीकरण और आमजन से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा हुई। नगर परिषद आयुक्त पवन कुमार ने विजय डांगरा को आधिकारिक रूप से पदभार ग्रहण करवाया। मां के पैर छूते समय छलके आंसू पदभार संभालने के बाद विजय डांगरा ने अपनी मां के चरण स्पर्श कर आशीर्वाद लिया। इस दौरान वे भावुक हो गए और उनकी आंखों से खुशी के आंसू छलक आए। यह देखकर कार्यक्रम में मौजूद लोग भी भावुक हो गए। बोले- पारदर्शी ऑनलाइन व्यवस्था लागू करेंगे पदभार ग्रहण करने के बाद सभापति विजय डांगरा ने कहा कि जैसलमेर की जनता ने उन्हें जो प्यार, विश्वास और सहयोग दिया है, उसके लिए वे हमेशा आभारी रहेंगे। जनता की उम्मीदों पर खरा उतरना उनकी प्राथमिकता होगी। उन्होंने नगर परिषद के कामकाज में पारदर्शिता और सुगमता लाने के लिए जल्द ऑनलाइन व्यवस्था लागू करने की बात कही। इसके जरिए शहरवासी घर बैठे अपनी समस्याएं दर्ज करा सकेंगे और संबंधित अधिकारियों तक शिकायत पहुंचा सकेंगे। सौंदर्यीकरण और पर्यटन सुविधाओं पर रहेगा फोकस डांगरा ने कहा कि शहर की मूलभूत जरूरतों के साथ पर्यावरण संरक्षण और सौंदर्यीकरण पर भी विशेष ध्यान दिया जाएगा। जैसलमेर विश्व प्रसिद्ध पर्यटन नगरी है, इसलिए शहर का विकास इस तरह किया जाएगा कि देश-विदेश से आने वाले पर्यटक यहां से अच्छी और यादगार छवि लेकर लौटें। पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए स्वच्छता, सुंदरता और मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाया जाएगा। विधायक बोले- विकास का तीसरा इंजन जुड़ गया विधायक छोटूसिंह भाटी ने कहा कि जैसलमेर की जनता ने भाजपा बोर्ड पर जो विश्वास जताया है, उसके लिए वे शहरवासियों के आभारी हैं। उन्होंने कहा कि केंद्र और राज्य की डबल इंजन सरकार के बाद अब नगर परिषद के रूप में विकास का तीसरा इंजन भी जुड़ गया है। यह बोर्ड पूरी निष्ठा और ईमानदारी से जन-आकांक्षाओं के अनुरूप काम करेगा। भाटी ने कहा कि जैसलमेर की पहचान पूरी दुनिया में है और यहां बड़ी संख्या में पर्यटक आते हैं। ऐसे में शहर को स्वच्छ और सुंदर बनाए रखना प्राथमिक जिम्मेदारी है। स्वच्छता और सौंदर्यीकरण से पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और स्थानीय युवाओं के लिए व्यापार व रोजगार के नए अवसर बनेंगे। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के नेतृत्व में जैसलमेर के विकास के लिए बजट की कमी नहीं आने दी जाएगी। सड़क, पेयजल और बिजली जैसी मूलभूत सुविधाओं को प्राथमिकता से मजबूत किया जाएगा। उन्होंने कहा कि नगर परिषद बिना राजनीतिक या दलीय भेदभाव के निष्पक्ष रूप से काम करेगी और हर वार्ड का समान विकास सुनिश्चित किया जाएगा। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में विधायक छोटूसिंह भाटी, कलेक्टर अनुपमा जोरवाल, भाजपा जिलाध्यक्ष दलपत हिंगड़ा, पूर्व सभापति हरिवल्लभ कल्ला, अशोक तंवर, नवनिर्वाचित उपसभापति मधुबाला देवी सिंह चौहान सहित सभी नवनिर्वाचित पार्षद, भाजपा पदाधिकारी और गणमान्य लोग मौजूद रहे।
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने बुलंदशहर के कोतवाली देहात थाना क्षेत्र में वर्ष 2021 में हुए जानलेवा हमले व हत्या के बहुचर्चित मामले में बड़ी राहत दी है। कोर्ट ने बसपा के पूर्व विधायक हाजी अलीम के बेटे आरोपी असद को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया है। न्यायमूर्ति समीर जैन की एकलपीठ ने मामले की सुनवाई करते हुए आरोपी की याचिका को स्वीकार किया। सुनवाई में क्या हुआ जानिये अदालत में याचिकाकर्ता असद की ओर से पक्ष रखते हुए अधिवक्ताओं ने दलील दी कि उनके मुवक्किल को इस मामले में दुर्भावनापूर्ण तरीके से फंसाया गया है। उन्होंने कोर्ट के समक्ष मुख्य दलील रखी कि घटना 5 दिसंबर 2021 को हुई थी, जबकि असद घटना से ठीक एक दिन पहले 4 दिसंबर 2021 को ही दुबई चला गया था और उस दिन वह भारत में मौजूद ही नहीं था। अधिवक्ता ने यह भी तर्क दिया कि असद को केवल धारा 120 बी के तहत साजिश रचने का आरोपी बनाया गया है, जबकि अभियोजन पक्ष के पास इस साजिश से जुड़ा कोई भी ठोस या पुख्ता सबूत मौजूद नहीं है। इसके अलावा, इस मामले में सह-आरोपी भाइयों अनस और दानिश को हाईकोर्ट से पहले ही जमानत मिल चुकी है, जिसकी पुष्टि सुप्रीम कोर्ट भी कर चुका है, इसलिए समानता के आधार पर असद भी जमानत का हकदार है। मुवक्किल भगोड़ा नहीं था अधिवक्ता ने यह स्पष्ट किया कि उनका मुवक्किल भगोड़ा नहीं था, वह मई 2026 में भारत लौटा और एयरपोर्ट पर ही गिरफ्तार कर लिया गया, तथा उसका कोई पूर्व आपराधिक इतिहास भी नहीं है। सरकार ने जमामन का कड़ा विरोध किया वहीं सुनवाई के दौरान राज्य सरकार के वकील और शिकायतकर्ता के वरिष्ठ अधिवक्ता ने जमानत का कड़ा विरोध किया और कहा कि आरोपी एफआईआर की जानकारी होने के बावजूद जानबूझकर लंबे समय तक भारत नहीं लौटा। हालांकि, हाईकोर्ट ने दोनों पक्षों की दलीलों को सुनने और रिकॉर्ड का अवलोकन करने के बाद पाया कि घटना के दिन आरोपी देश में मौजूद नहीं था और साजिश को लेकर केवल मौखिक आरोप हैं। अदालत ने समान भूमिका वाले सह-आरोपियों की पूर्व जमानत और असद का कोई आपराधिक इतिहास न होने को आधार मानते हुए उसे सशर्त जमानत देने का आदेश जारी कर दिया।
बरेली के किला थाना क्षेत्र के फूलबाग में बुधवार दोपहर 32 साल के नवल किशोर ने फंदा पर लटक कर खुदकुशी कर ली। इस घटना से परिवार में मातम छा गया। नवल ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाकर अपने परिवार का गुजारा करता था। दोपहर करीब डेढ़ बजे उसने अपने घर के अंदर फंदे पर लटककर जान दे दी। परिवार वालों ने जब उसे देखा तो पुलिस को सूचना दी गई। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। परिजनों के मुताबिक, करीब छह महीने पहले एक सड़क हादसे में नवल के छोटे भाई की मौत हो गई थी। चाचा रिंकू ने बताया कि इस घटना के बाद से नवल बहुत परेशान रहता था। हालांकि, नवल की मौत के पीछे यही वजह थी या कोई और कारण, इसकी अभी पुष्टि नहीं हुई है। पुलिस सभी पहलुओं से मामले की जांच कर रही है। छह महीने के भीतर परिवार में दो भाइयों की मौत से परिजन सदमे में हैं। पुलिस नवल की मौत से जुड़े सभी एंगल से जांच कर रही है। परिजनों से पूछताछ के साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है। मौत की असली वजह जांच पूरी होने के बाद ही पता चलेगी।
BSA कार्यालय में रक्तदान शिविर:बेसिक शिक्षा अधिकारी सहित 15 लोगों ने किया महादान
सेवा संकल्प पखवाड़ा' के अंतर्गत गुरुवार को बेसिक शिक्षा विभाग और इंडियन रेडक्रॉस सोसाइटी के संयुक्त तत्वावधान में बीएसए कार्यालय परिसर में एक रक्तदान शिविर का आयोजन किया गया। शिविर में जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी (BSA) धीरेंद्र त्रिपाठी ने सबसे पहले अपना रक्त दान कर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। उनके साथ रेडक्रॉस सोसाइटी के सचिव विशाल जायसवाल सहित कुल 15 लोगों ने उत्साहपूर्वक रक्तदान किया। रक्तदान के उपरांत बीएसए धीरेंद्र त्रिपाठी ने इसे 'महादान' बताते हुए हर नागरिक से इस पुनीत कार्य में हिस्सा लेने की अपील की। वहीं, रेडक्रॉस सोसायटी के सभापति शिवेंद्र विक्रम सिंह ने कहा कि 18 से 60 आयु वर्ग के स्वस्थ नागरिकों को मानव हित में रक्तदान अवश्य करना चाहिए। उन्होंने बेसिक शिक्षा के शिक्षकों द्वारा रक्तदान कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर हिस्सा लेने की भी सराहना की। शिविर के सफल आयोजन में उपसभापति डॉ. दिनेश मणि त्रिपाठी, रक्तदान समिति के अध्यक्ष ज्ञानेंद्र ओझा, डॉ. संतोष नायक, डॉ. पूर्णिमा जायसवाल और जिला अस्पताल की टीम सहित कई गणमान्य लोगों का उल्लेखनीय योगदान रहा।
69000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षण और चयन प्रक्रिया से जुड़े विवाद पर सुप्रीम कोर्ट में गुरुवार को भी सुनवाई हुई। सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने अपनी-अपनी दलीलें रखीं। बहस का प्रमुख केंद्र TET और ATRE के नियम और भर्ती प्रक्रिया में उनकी भूमिका रही। न्यायमूर्ति एसवीएन भट्टी और न्यायमूर्ति एनवी अंजारिया की डबल बेंच के समक्ष आरक्षित वर्ग की ओर से चार्ट से नियम समझाए। अब इस केस की अगली सुनवाई 29 सितंबर को होगी। TET और ATRE के नियमों पर हुई बहस सुनवाई के दौरान दोनों पक्षों के अधिवक्ताओं ने TET और ATRE से जुड़े नियमों को अदालत के सामने रखा। बहस में यह मुद्दा प्रमुख रहा कि 69000 शिक्षक भर्ती की चयन प्रक्रिया में TET और ATRE की क्या भूमिका रही और इनके नियमों का चयन प्रक्रिया से किस तरह संबंध है। अधिवक्ताओं ने संबंधित नियमों और भर्ती प्रक्रिया के विभिन्न पहलुओं के आधार पर अपने पक्ष को स्पष्ट करने का प्रयास किया। मामले में आरक्षण के साथ चयन प्रक्रिया से जुड़े कई कानूनी सवाल भी अदालत के सामने हैं। आरक्षित वर्ग की ओर से मनदीप कालरा ने रखा पक्ष सुनवाई के दौरान आरक्षित वर्ग की ओर से अधिवक्ता मनदीप कालरा ने भी कुछ समय तक अदालत के सामने अपनी दलीलें रखीं। उन्होंने आरक्षित वर्ग से जुड़े पक्ष को समझाने के लिए कोर्ट में एक चार्ट प्रस्तुत किया। इसके जरिए भर्ती के नियमों और उनके आपसी संबंध को समझाने का प्रयास किया गया। 29 सितंबर को फिर सुनवाई 69000 शिक्षक भर्ती मामले में आरक्षण, चयन प्रक्रिया, TET और ATRE समेत कई महत्वपूर्ण कानूनी प्रश्न जुड़े हैं। इसी वजह से मामले की सुनवाई के दौरान अलग-अलग पक्ष अपने तर्क और संबंधित नियमों के आधार पर अदालत के सामने स्थिति स्पष्ट कर रहे हैं। गुरुवार की सुनवाई में मामले पर कोई अंतिम निर्णय नहीं हुआ। अब 29 सितंबर 2026 को अगली सुनवाई प्रस्तावित है। ऐसे में 69000 शिक्षक भर्ती के अभ्यर्थियों की नजर अब अगली सुनवाई पर है।
ग्रेटर नोएडा में दिल्ली से महोबा जा रही राज कल्पना ट्रेवल्स की एसी स्लीपर बस में आग लगने से 9 यात्रियों की मौत के बाद महोबा के 15 यात्री गुरुवार को अपने घर पहुंचे। हादसे के समय बस में 30 से 35 यात्री सवार बताए गए। ग्रेटर नोएडा प्रशासन ने इन यात्रियों को मिनी बस संख्या UP 16 RT 9064 से महोबा भेजा। हादसे का खौफ झेलकर लौटे यात्रियों ने प्रशासन की ओर से की गई मदद की सराहना की, लेकिन बस में सुरक्षा इंतजामों को लेकर सवाल भी उठाए। मिनी बस से घर भेजे गए यात्री ग्रेटर नोएडा प्रशासन की पहल पर 15 यात्रियों को मिनी बस से महोबा उनके घर पहुंचाया गया। लौटने वालों में मामना निवासी अंकित राजपूत, हिलुआ के प्रवेश कुमार, लाडपुर के गोकुल और मानव द्विवेदी, पनवाड़ी के पुष्पेंद्र, सुगिरा के सुनील और विकास तथा कुलपहाड़ के मुकेश गोस्वामी समेत अन्य यात्री शामिल हैं। यात्रियों के मुताबिक, प्रशासन ने हादसे के बाद उनके भोजन-पानी की व्यवस्था की। इसके साथ ही रास्ते के खर्च के लिए प्रत्येक यात्री को एक-एक हजार रुपये दिए गए, जिससे वे सुरक्षित अपने घर लौट सके। दरवाजा खुलते ही दिखा धुएं का गुबार यात्री राममूर्ति ने बताया कि परी चौक से बस में बैठने के करीब आधे घंटे बाद अचानक चालक ने दरवाजा खटखटाकर बाहर निकलने के लिए कहा। बाहर निकलते ही उन्हें धुएं का गुबार दिखाई दिया। उन्होंने तुरंत बच्चों को संभाला और खिड़की से कूदकर जान बचाई। राममूर्ति ने बताया कि उनकी जान तो बच गई, लेकिन बैग में रखे करीब 30 हजार रुपये नकद और महंगा मोबाइल जल गया। सो रहे यात्री की शोर से खुली आंख महोबा में बंसल कंपनी में काम करने वाले बिहार निवासी विश्वामित्र यादव ने बताया कि आग लगने के समय वह बस में सो रहे थे। यात्रियों के शोर से उनकी आंख खुली तो चारों तरफ भगदड़ मची थी। लोग एक-दूसरे के ऊपर गिर रहे थे और बाहर निकलने की कोशिश कर रहे थे। विश्वामित्र का आरोप है कि बस में आग बुझाने के लिए कोई सुरक्षा उपकरण नहीं था। यात्रियों ने हादसे के दौरान बस में मौजूद सुरक्षा इंतजामों पर सवाल उठाए हैं। यात्रियों ने प्रशासन के सहयोग की सराहना की यात्री चंद्रभान ने हादसे के दौरान बचने को ईश्वर की कृपा बताया। उन्होंने कहा कि ऐसा लगा जैसे किसी तरह उन्हें बाहर खींचकर निकाल लिया गया हो। हादसे से डरे यात्रियों ने ग्रेटर नोएडा के डीएम और एसडीएम के सहयोग की सराहना की। यात्रियों के मुताबिक, प्रशासन ने खाने-पीने से लेकर घर पहुंचाने तक मदद की और रास्ते के खर्च के लिए आर्थिक सहायता भी दी।
मिर्जापुर में उत्तर प्रदेश पेंशनर्स कल्याण संस्था ने गुरुवार को जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन किया। पेंशनर्स ने केंद्र सरकार से आठवें वेतन आयोग में पेंशन पुनरीक्षण का साफ प्रावधान करने की मांग की। उन्होंने अपनी सात सूत्री मांगों को पूरा करने की बात कही। प्रदर्शन के बाद प्रधानमंत्री को संबोधित सात सूत्री ज्ञापन जिला प्रशासन को सौंपा गया। कर्मचारी नेता लल्लू तिवारी ने बताया कि आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना में पेंशन पुनरीक्षण का जिक्र नहीं है। इससे केंद्र और राज्य सरकार के पेंशनर्स में असमंजस है। पेंशनर्स का कहना है कि केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने राज्यसभा में साफ किया था कि सातवें वेतन आयोग के लाभ आठवें वेतन आयोग में भी मिलेंगे। उन्होंने कार्यालय ज्ञाप जारी करने की बात कही थी, लेकिन अभी तक कोई आदेश नहीं आया है। ज्ञापन में बताया गया कि 3 नवंबर 2025 को आठवें केंद्रीय वेतन आयोग के गठन की अधिसूचना में पेंशन पुनरीक्षण का बिंदु शामिल नहीं है। इससे पेंशनर्स चिंतित हैं। संस्था ने सरकार से इस बारे में स्थिति साफ करने और जल्द कार्यालय ज्ञाप जारी करने की मांग की। पेंशनर्स ने अपने ज्ञापन में सुप्रीम कोर्ट के डीएस नाकरा बनाम यूनियन ऑफ इंडिया मामले में संविधान पीठ के फैसले का भी हवाला दिया। उनका कहना है कि पेंशन सामाजिक सुरक्षा का एक अहम जरिया है। रिटायरमेंट के बाद पेंशनर को सम्मानजनक और आत्मनिर्भर जीवन देना सरकार की जिम्मेदारी है। संस्था ने कहा कि महंगाई और रुपये की कीमत घटने का असर पुराने पेंशनर्स पर भी पड़ता है। इसलिए, सिर्फ एक तय तारीख के बाद रिटायर होने वाले कर्मचारियों को ही संशोधित पेंशन का लाभ देना सही नहीं होगा। पेंशनर्स ने केंद्र सरकार से आठवें वेतन आयोग में सभी पेंशनर्स के लिए समान और न्यायसंगत पेंशन पुनरीक्षण सुनिश्चित करने की मांग की। उन्होंने पूर्व और वर्तमान पेंशनर्स के बीच कोई भेदभाव न करने और लंबित मांगों पर जल्द फैसला लेने की बात कही।
श्रावस्ती में बृहस्पतिवार को शाम 4 बजे आंगनबाड़ी कार्यकत्रियों और सहायिकाओं ने बढ़े हुए मानदेय को लेकर अपनी बात रखी। कार्यकत्रियों का कहना है कि सरकार ने कुल मिलने वाली राशि में बढ़ोतरी की है, लेकिन इसका पूरा फायदा नियमित मानदेय में नहीं मिल रहा है। उनका कहना है कि बढ़ी हुई राशि सीधे मानदेय में जुड़ती तो उन्हें ज्यादा आर्थिक राहत मिलती। सुबह से दोपहर तक केंद्र पर रहती हैं जिम्मेदारियां कार्यकत्रियों के मुताबिक, सुबह 8 बजे आंगनबाड़ी केंद्र खुलने के बाद बच्चों को अक्षर ज्ञान, मौसम की जानकारी और दूसरी गतिविधियों से जोड़ा जाता है। दोपहर 12 बजे तक केंद्र की गतिविधियां चलती हैं। इसके बाद करीब एक घंटे तक घर-घर जाकर लाभार्थियों की जानकारी और सेवाओं की जांच की जाती है। दोपहर 1 से 2 बजे तक रजिस्टर अपडेट करने का काम किया जाता है। ऑनलाइन काम का भी बढ़ा बोझ कार्यकत्रियों ने बताया कि अब विभागीय कामकाज में ऑनलाइन जिम्मेदारियां भी बढ़ गई हैं। पोषण ट्रैकर ऐप पर लगातार जानकारी अपडेट करनी पड़ती है। फेस ऑथेंटिकेशन के साथ पंजीरी वितरण के दौरान लाभार्थियों का फेस भी दर्ज करना होता है। इसके अलावा केंद्र संचालन और लाभार्थियों से जुड़ी दूसरी जिम्मेदारियां भी निभानी पड़ती हैं। कुल राशि करीब 12 हजार, लेकिन पूरा मानदेय नहीं कोरी पुरवा आंगनबाड़ी केंद्र की कार्यकत्री शालिनी आर्या और जिले के दूसरे केंद्रों पर तैनात कार्यकत्रियों का कहना है कि जिम्मेदारियों के हिसाब से मिलने वाली राशि कम है। उनके मुताबिक सरकार ने कुल राशि बढ़ाकर करीब 12 हजार रुपए की है, लेकिन इसमें अलग-अलग प्रोत्साहन मद भी शामिल हैं। 18 हजार रुपए मासिक मानदेय की मांग शालिनी आर्या, गीता, रीता समेत अन्य कार्यकत्रियों और सहायिका सरला देवी ने सरकार से मांग की है कि बढ़ी हुई राशि को नियमित मानदेय में जोड़ा जाए। उन्होंने मानदेय कम से कम 18 हजार रुपए प्रतिमाह करने की मांग की। कार्यकत्रियों का कहना है कि जिम्मेदारियां लगातार बढ़ रही हैं, ऐसे में मानदेय बढ़ने से उन्हें आर्थिक मदद मिलेगी।
सीएसए में मनाया राष्ट्रीय सेवा योजना दिवस:विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने की सीख दी
चंद्रशेखर आजाद कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (CSA) की यूटिलिटी बिल्डिंग में 24 सितंबर को राष्ट्रीय सेवा योजना (NSS) दिवस समारोह का आयोजन किया गया। कार्यक्रम में अधिष्ठाता छात्र कल्याण डॉ. मुकेश श्रीवास्तव, एनएसएस समन्वयक डॉ. रश्मि सिंह और सभी आठ यूनिटों के प्रभारियों ने शिरकत की। समारोह के दौरान एनएसएस की गतिविधियों, सामाजिक सेवा और युवाओं की जिम्मेदारियों पर विस्तार से चर्चा की गई। स्वयंसेवकों ने एनएसएस के महत्व और राष्ट्र के प्रति समर्पण पर अपने विचार साझा किए। इस अवसर पर नशा मुक्ति को लेकर विशेष जागरूकता संदेश दिया गया, जिसमें विद्यार्थियों को नशे से दूर रहने और समाज में जागरूकता फैलाने के लिए प्रेरित किया गया। कानपुर मुख्य परिसर के अलावा, एनएसएस यूनिट-4 और यूनिट-5 के तहत इटावा तथा लखीमपुर परिसरों में भी स्वयंसेवकों ने गायन एवं नृत्य की प्रस्तुतियों के साथ उत्साहपूर्वक एनएसएस दिवस मनाया। कार्यक्रम में डॉ. राजीव, डॉ. अरुण, डॉ. संघमित्रा, डॉ. दिलीप वर्मा, डॉ. कृष्ण कुमार पटेल, डॉ. अनिल कुमार सिंह, डॉ. यू.एन. शुक्ला और डॉ. नन्द कुमार सहित बड़ी संख्या में स्वयंसेवक उपस्थित रहे।
बरेली में खाकी को बदनाम करने और सोशल मीडिया पर सांप्रदायिक व दूषित माहौल पैदा करने वाले एक शातिर आरोपी को साइबर क्राइम पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। आरोपी ने कुछ महीने पहले सड़क हादसे में शहीद हुए एक दरोगा की वर्दी वाली फोटो का इस्तेमाल कर फर्जी इंस्टाग्राम आईडी बनाई थी। इस आईडी से उसने एक महिला पर आपत्तिजनक और अभद्र टिप्पणी कर दी, जिसके बाद सोशल मीडिया पर बरेली पुलिस की साख पर सवाल उठने लगे और लोगों ने अभद्र कमेंट्स करने शुरू कर दिए। मामलों की गंभीरता को देखते हुए एसएसपी बरेली ने केस साइबर क्राइम थाने को ट्रांसफर किया था। साइबर टीम ने इलेक्ट्रॉनिक्स साक्ष्यों और सर्विलांस की मदद से आरोपी दीपक कौशिक को झुमका चौराहे से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी बिजनौर की एक शुगर मिल में केमिकल एनालिसिस अधिकारी के पद पर तैनात है। घटनाक्रम और पुलिस कार्रवाई का पूरा विवरण इस पूरे मामले की शुरुआत 14 सितंबर 2026 को हुई, जब कुतुबखाना चौकी प्रभारी अनूप सिंह ने 'दीपक जाट बरेली' नाम की अज्ञात इंस्टाग्राम आईडी धारक के खिलाफ कोतवाली थाने में आईटी एक्ट की धारा 67 के तहत मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस जांच में यह चौंकाने वाला खुलासा हुआ कि फर्जी आईडी पर लगाई गई वर्दी वाली फोटो वास्तव में दिवंगत दरोगा स्व. आकाश यादव की थी। मूल रूप से चील्ह (मिर्जापुर) के रहने वाले आकाश यादव जनपद अयोध्या में तैनात थे और रात्रि गश्त के दौरान एक सड़क हादसे में उनकी मृत्यु हो गई थी। आरोपी दीपक कौशिक ने शहीद दरोगा की फोटो का गलत इस्तेमाल करते हुए फर्जी आईडी बनाई और नेहा भारती नाम की महिला के खिलाफ अश्लील व आपत्तिजनक टिप्पणी पोस्ट कर दी। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोग बरेली पुलिस की कार्यशैली को निशाना बनाकर भद्दे और अपमानजनक कमेंट्स करने लगे थे। मामले की गंभीरता को देखते हुए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देश पर जांच साइबर क्राइम थाने को सौंपी गई। साइबर थाना प्रभारी धनंजय कुमार पांडेय के नेतृत्व में पुलिस टीम ने जब सर्विलांस और आईएमईआई (IMEI) नंबरों की गहनता से पड़ताल की, तो दो मोबाइल नंबर ट्रेस हुए, जिनके सिम कार्ड दीपक कौशिक के नाम दर्ज पाए गए। इसके बाद 24 सितंबर 2026 को साइबर पुलिस टीम गुरमीत तोमर, उ.नि. सौरव तोमर, हे.का. विलीश कुमार और का. विवेक कुमार ने घेराबंदी कर आरोपी दीपक कौशिक को उस समय झुमका चौराहे से धर दबोचा, जब वह कहीं भागने की फिराक में था। गिरफ्तार अभियुक्त की प्रोफाइल और बरामदगी गिरफ्तार अभियुक्त दीपक कौशिक (उम्र लगभग 28 वर्ष) बिजनौर जिले के ग्राम रतुपुरा (पोस्ट हैजलपुर, थाना रायपुर देहात) का मूल निवासी है। वह वर्तमान में मीरगंज (बरेली) स्थित डीबीओएल शुगर मिल परिसर में रह रहा था। शैक्षणिक योग्यता की बात करें तो आरोपी बीएससी (B.Sc.) पास है और वर्तमान में इसी डीबीओएल शुगर मिल में केमिकल एनालिसिस अधिकारी के पद पर कार्यरत है। पुलिस ने आरोपी के पास से घटना में इस्तेमाल एक सैमसंग गैलेक्सी F15 (काला रंग) मोबाइल फोन और उसमें प्रयुक्त दोनों सिम कार्ड बरामद किए हैं। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने मुकदमे में आईटी एक्ट की धारा 67 के अलावा धारा 66सी तथा भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 319(2) और 356 की बढ़ोत्तरी की है। आरोपी को रिमांड के लिए कोर्ट में पेश किया जा रहा है। आरोपी का कबूलनामा: 'सोचा था पुलिस की फोटो लगाऊंगा तो पकड़ा नहीं जाऊंगा' पुलिस पूछताछ में आरोपी दीपक कौशिक ने स्वीकार किया कि वह सोशल मीडिया पर काफी समय बिताता है। उसने सोचा कि यदि वह किसी पुलिसकर्मी की वर्दी वाली फोटो लगाकर कमेंट करेगा, तो कोई उस पर शक नहीं करेगा और वह पकड़ा नहीं जाएगा। इसी सोच के तहत उसने सोशल मीडिया से दिवंगत दरोगा की फोटो निकाली और 'दीपक जाट बरेली' नाम से आईडी बनाकर अश्लील पोस्ट शेयर कर दी। हालांकि, विवाद बढ़ता देख और गलती का अहसास होने पर उसने इंस्टाग्राम आईडी डिलीट कर दी थी, लेकिन तब तक साइबर पुलिस उस तक पहुँच चुकी थी।
शहडोल में स्वास्थ्य विभाग ने बुढ़ार इलाके में नियमों के खिलाफ चल रहे एक क्लिनिक पर कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने सरईकापा के पास डॉ. बड़गैय्या क्लिनिक पर छापा मारा। जांच में पता चला कि क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन होम्योपैथिक इलाज के लिए था। लेकिन वहां मरीजों को भर्ती करके एलोपैथिक तरीके से इलाज किया जा रहा था। इसके बाद टीम ने क्लिनिक को सील कर दिया। जब स्वास्थ्य विभाग की टीम क्लिनिक पहुंची, तो वहां कई मरीज भर्ती मिले। टीम ने क्लिनिक के रजिस्ट्रेशन और इलाज से जुड़े सभी कागजात चेक किए। अधिकारियों ने बताया कि कागजातों की जांच में सामने आया कि क्लिनिक का रजिस्ट्रेशन होम्योपैथिक इलाज के लिए था। इसके बावजूद मरीजों को भर्ती करके एलोपैथिक इलाज दिया जा रहा था। यह सामने आने पर टीम ने तुरंत कार्रवाई की और क्लिनिक को सील कर दिया। नियमों का किया उल्लंघन स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने बताया कि किसी भी मेडिकल संस्थान को अपने रजिस्ट्रेशन और तय नियमों के हिसाब से ही सेवाएं देनी होती हैं। अगर रजिस्ट्रेशन एक इलाज पद्धति के लिए है और इलाज दूसरी पद्धति से किया जा रहा है, तो नियमों के अनुसार कार्रवाई की जाती है। बुढ़ार के सरईकापा इलाके में हुई इस कार्रवाई के बाद, आसपास चल रहे दूसरे प्राइवेट क्लिनिकों पर भी स्वास्थ्य विभाग की नजर बढ़ गई है। विभाग का कहना है कि बिना सही रजिस्ट्रेशन या नियमों के खिलाफ मरीजों का इलाज करने वाले संस्थानों पर कार्रवाई होगी। इलाज के तरीके से जुड़ी गड़बड़ी मिली जिला स्वास्थ्य अधिकारी स्वामीदीन कंवर ने जानकारी दी। उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग की टीम ने डॉ. बड़गैय्या क्लिनिक की जांच की थी। जांच में रजिस्ट्रेशन और इलाज के तरीके से जुड़ी गड़बड़ी मिली। इसके बाद क्लिनिक को सील कर दिया गया है। मामले से जुड़े कागजातों की जांच अभी चल रही है।
चंदौली जिला मुख्यालय पर गुरुवार को विकास भवन के पास आजाद समाज पार्टी (कांशीराम) के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने 25 सूत्रीय मांगों के समर्थन में एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। इसके बाद कार्यकर्ता पैदल मार्च करते हुए कलेक्ट्रेट पहुंचे और अधिकारियों को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने अधिकारियों को अपनी मांगों से अवगत कराया और चेतावनी दी कि अगर आरक्षण में सत्ताधारी दल ने किसी भी तरह की छेड़छाड़ की, तो आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता चुप नहीं बैठेंगे और एक बड़ा आंदोलन शुरू कर देंगे। जिलाध्यक्ष अरविंद कुमार ने बताया कि देश में आज भी आरक्षण व्यवस्था पूरी तरह से लागू नहीं हुई है। उन्होंने कहा कि मंडल कमीशन की रिपोर्ट सरकार के पास है, लेकिन इसके बावजूद इसे पूरी तरह से लागू नहीं किया गया है। इसी वजह से आजाद समाज पार्टी के कार्यकर्ता धरना प्रदर्शन कर रहे हैं। आजाद समाज पार्टी के उमेश कुमार ने बताया कि नई दिल्ली के जंतर मंतर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष और सांसद चंद्रशेखर ने धरना प्रदर्शन का कार्यक्रम रखा था। हालांकि, उन्हें आंदोलन की परमिशन नहीं मिली। इसी कारण आज पूरे प्रदेश के सभी जिला मुख्यालयों पर धरना प्रदर्शन कर अपनी मांगों को उठाया जा रहा है। उन्होंने बताया कि वे मुख्य रूप से दलित, ओबीसी, महिला अधिकार और कोटे में आरक्षण जैसे मुद्दों को उठा रहे हैं। साथ ही, सरकार से मांग की जा रही है कि महिलाओं को उचित सम्मान देकर 50 प्रतिशत हिस्सेदारी दी जाए। चकिया विधानसभा से आजाद समाज पार्टी के प्रभारी सिद्धार्थ प्राण बाहू ने कहा कि वे काफी समय से आरक्षण की मांग कर रहे हैं। लेकिन सरकार की मंशा साफ नहीं दिख रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर सरकार ने इसे पूरी तरह से लागू नहीं किया, तो इसका खामियाजा आगामी विधानसभा चुनाव में भुगतना पड़ेगा। उन्होंने दावा किया कि चंदौली की चारों विधानसभा सीटों पर भाजपा को करारी हार मिलेगी। इस दौरान जयंत चौधरी, देवा कुलकर्णी, डॉक्टर नंदलाल महादेवन, काजू सरदार, धीरेंद्र कुमार, शेरू रावण, जितेंद्र कुमार, अरुण सागर, सुनील बिंद, रोहित विश्वकर्मा, उपेंद्र कुशवाहा, सूर्य प्रताप, उत्तम सिंह, अभिषेक चौधरी, श्यामलाल बौद्ध, आकाश जाटव, सनी राव और संघर्ष सूर्यवंशी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
जौनपुर में गुरुवार को सैकड़ों ANM कर्मचारियों ने अपनी मांगों को लेकर CMO कार्यालय का घेराव किया। उत्तर प्रदेश राज्य NHM ANM कर्मचारी यूनियन की जिलाध्यक्ष मुन्नी यादव के नेतृत्व में दोपहर 2 से 4 बजे तक प्रदर्शन चला। कर्मचारियों ने CMO डॉ. गंगाराम गौतम को ज्ञापन सौंपकर संविदा ANM के स्थायीकरण समेत कई मांगें उठाईं। ग्रामीण और शहरी स्वास्थ्य सेवाओं में कर रहीं काम मुन्नी यादव ने कहा कि ANM कर्मचारी कई साल से ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाएं दे रही हैं। मातृ-शिशु स्वास्थ्य, टीकाकरण, परिवार कल्याण और जनस्वास्थ्य योजनाओं में उनकी अहम भूमिका है। कोरोना महामारी के दौरान भी कर्मचारियों ने अपनी जिम्मेदारी निभाई। 10 साल से ज्यादा सेवा के बाद भी स्थायीकरण नहीं कर्मचारियों का कहना है कि कई ANM 10 साल से ज्यादा समय से लगातार सेवा दे रही हैं। इसके बावजूद उनके स्थायीकरण को लेकर अब तक कोई ठोस फैसला नहीं हुआ है। कर्मचारियों के मुताबिक, उनसे स्थायी कर्मचारियों की तरह काम लिया जा रहा है, लेकिन समान वेतन, भत्ते और दूसरी सुविधाएं नहीं मिल रही हैं। समान काम के लिए समान वेतन की मांग कर्मचारियों ने ज्ञापन में सेवा शुरू होने की तारीख से स्थायीकरण की तारीख तक ‘समान काम के लिए समान वेतन’ के आधार पर बकाया वेतन, भत्ते और अन्य लाभ देने की मांग की। उन्होंने कहा कि उनकी मांग संविधान के अनुच्छेद 14, 16 और 39(घ) में दिए गए अधिकारों से जुड़ी है। बकाया भुगतान तत्काल करने की मांग ANM कर्मचारियों ने प्रदेशभर में लंबित वेतन के साथ TVI, अनमोल HRP, फाइलेरिया और पोलियो से जुड़े वर्षों से लंबित भुगतान भी तत्काल कराने की मांग की। मांगें नहीं मानी तो लखनऊ में मार्च की चेतावनी कर्मचारियों ने कहा कि संविदा ANM के स्थायीकरण की मांग लंबे समय से उठाई जा रही है। उन्होंने सरकार से बातचीत के लिए बुलाकर मांगों पर फैसला लेने की अपील की। साथ ही चेतावनी दी कि मांगें पूरी नहीं हुईं तो चारबाग रेलवे स्टेशन से विधानसभा तक मार्च निकाला जाएगा। मुख्य मांगें NHM के तहत काम कर रहीं सभी संविदा ANM का तत्काल स्थायीकरण। सेवा शुरू होने की तारीख से स्थायीकरण तक समान काम के लिए समान वेतन के आधार पर बकाया भुगतान। बकाया वेतन और भत्तों का तत्काल भुगतान। TVI, अनमोल HRP, फाइलेरिया और पोलियो का लंबित भुगतान कराया जाए।
कबूलपुर में रामचरितमानस पाठ शुरू:कल होगा रामलीला मंच का भूमिपूजन; 78 वर्षों से हो रहा निरंतर मंचन
सिरकोनी के कबूलपुर बाजार में गुरुवार को श्री दया नारायण रामलीला समिति के तत्वावधान में रामचरितमानस पाठ का शुभारंभ किया गया। समिति के अध्यक्ष योगेश श्रीवास्तव ने बताया कि पाठ का समापन शुक्रवार को होगा और शाम को रामलीला मंच का विधिवत भूमिपूजन किया जाएगा। गुरुवार को रामायण पाठ के दौरान भगवान के वेश में बैठे कलाकारों ने संकल्प लिया और समिति के उपाध्यक्ष पिंटू श्रीवास्तव ने आरती उतारी। यह रामलीला क्षेत्र में एक ऐतिहासिक धरोहर और सामाजिक सद्भाव की अनूठी मिसाल मानी जाती है। देश की आजादी की मनौती पूर्ण होने पर अमर सेनानी डॉ. दयाशंकर ने 1948 में इसकी नींव रखी थी। पिछले 78 वर्षों से निरंतर इसका मंचन किया जा रहा है। डॉ. दयाशंकर द्वारा रचित रामलीला के अनूठे संवाद इतने प्रभावी हैं कि तत्कालीन प्रख्यात साहित्यकार आचार्य रामचंद्र शुक्ल, डॉ. श्याम सुंदर दास और महादेवी वर्मा ने भी इनकी भूरि-भूरि प्रशंसा की थी। रामलीला के मंचन में कबूलपुर, बीबीपुर, शिवपुर और जफराबाद सहित आसपास के करीब दर्जन भर गांवों के विभिन्न जातियों एवं वर्गों के लोग प्रमुख भूमिकाएं निभाते हैं, जो सर्वसमाज की एकता का अद्भुत उदाहरण है। इस अवसर पर संजय यादव, राम आसरे मिश्रा, उमा नाथ यादव, अखिलेश सिंह, रोमी श्रीवास्तव और अतुल सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित रहे।
प्रतापगढ़ के इनडोर स्टेडियम, खेलगांव में 70वीं जिला स्तरीय खेलकूद प्रतियोगिता शुरू हुई। इसमें 17 और 19 साल आयु वर्ग के लड़के-लड़कियों के लिए बैडमिंटन, तीरंदाजी, कराटे और वेटलिफ्टिंग के मुकाबले हो रहे हैं। इन प्रतियोगिताओं को प्रज्ञा विद्या विहार माध्यमिक विद्यालय, धरियावद रोड, प्रतापगढ़ करवा रहा है। कार्यक्रम के मुख्य मेहमान एसएल हॉस्पिटल के निदेशक डॉ. राकेश पाटीदार थे। भारतीय जीवन बीमा निगम के प्रशासनिक अधिकारी राजेश कसौदनिया ने इसकी अध्यक्षता की। बॉडी बिल्डर और ट्रेनर अरविंद सिंह राव और एलआईसी के डेवलपमेंट ऑफिसर पूरनमल मीणा खास मेहमानों में शामिल थे। कार्यक्रम की शुरुआत मां सरस्वती की वंदना और दीप जलाकर हुई। इसके बाद प्रज्ञा विद्या विहार माध्यमिक विद्यालय के मैनेजिंग डायरेक्टर अभिषेक पंचोली ने मेहमानों का माला पहनाकर और दुपट्टा ओढ़ाकर स्वागत किया। मुख्य मेहमान डॉ. राकेश पाटीदार ने छात्रों को खेलों की अहमियत बताई। प्रतियोगिता के संयोजक अनिल सालवी ने खिलाड़ियों से खेल भावना के साथ हिस्सा लेने को कहा, वहीं मुख्य निर्णायक सुरेंद्र सुमन ने प्रतियोगिता के नियम समझाए। आखिर में मुख्य मेहमान ने खिलाड़ियों को खेल भावना और नियमों का पालन करने की शपथ दिलाई। मेहमानों ने प्रतियोगिता का झंडा फहराकर खेलों की औपचारिक शुरुआत की। इस मौके पर प्रतियोगिता संयोजक अनिल सालवी, आयोजक दयानंद पंचोली के साथ स्कूल स्टाफ और खिलाड़ी भी मौजूद थे।
सवाई माधोपुर नगर परिषद की नवनिर्वाचित सभापति मेवा चौधरी और उपसभापति माया गोयल ने आज विधिवत रूप से पदभार ग्रहण कर लिया। कार्यक्रम की शुरुआत पूजा-अर्चना के साथ हुई। इस दौरान भाजपा जिलाध्यक्ष मानसिंह गुर्जर, नगर परिषद के अधिकारी-कर्मचारी, नवनिर्वाचित पार्षद और भाजपा के कई पदाधिकारी मौजूद रहे। आयुक्त ने पूरी करवाई पदभार की प्रक्रिया पदभार ग्रहण की प्रक्रिया के दौरान नगर परिषद आयुक्त दलीप पूनिया ने सभी आवश्यक औपचारिकताएं पूरी करवाईं। इसके बाद नगर परिषद परिसर में समारोह हुआ। इसमें नवनिर्वाचित सभापति और उपसभापति का स्वागत किया गया। साथ ही सभी नवनिर्वाचित पार्षदों का भी सम्मान किया गया। सभापति बोलीं- शहर की मूलभूत सुविधाओं पर रहेगा फोकस सभापति मेवा चौधरी ने कहा - नगर परिषद क्षेत्र में विकास कार्यों को प्राथमिकता के साथ गति दी जाएगी। शहर में मूलभूत सुविधाओं को बेहतर बनाने, साफ-सफाई व्यवस्था मजबूत करने और आमजन की समस्याओं के समाधान के लिए प्रभावी प्रयास किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि नगर परिषद क्षेत्र के विकास के लिए सभी पार्षदों और अधिकारियों के साथ मिलकर काम किया जाएगा। पदभार ग्रहण के बाद सभापति और उपसभापति ने नगर परिषद के अधिकारियों से शहर की व्यवस्थाओं और चल रहे विकास कार्यों की जानकारी ली। कार्यक्रम के दौरान समर्थकों और कार्यकर्ताओं में भी उत्साह नजर आया। समारोह में बड़ी संख्या में जनप्रतिनिधि और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
रामपुर में पूर्व मंत्री और सपा नेता आजम खां से जुड़े गवाह को धमकाने के मामले में गुरुवार को सुनवाई नहीं हो पाई। इस केस में तत्कालीन नगर कोतवाली प्रभारी और रिटायर्ड इंस्पेक्टर गजेंद्र त्यागी की गवाही होनी थी। बचाव पक्ष के वकील नासिर सुल्तान को उनसे जिरह करनी थी, लेकिन गजेंद्र त्यागी कोर्ट नहीं पहुंचे। इस वजह से सुनवाई टल गई। अब कोर्ट ने अगली सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। यह मामला शहर कोतवाली इलाके के मुहल्ला बेरियान निवासी नन्हे ने 17 अगस्त 2022 को दर्ज कराया था। नन्हे ने आरोप लगाया था कि वह डूंगरपुर प्रकरण के एक केस में शिकायतकर्ता हैं। डूंगरपुर प्रकरण में आजम खां भी आरोपी हैं। नन्हे का आरोप है कि कुछ लोग उनके घर आए और आजम खां के खिलाफ गवाही देने पर उन्हें जान से मारने की धमकी दी। शिकायत के आधार पर पुलिस ने केस दर्ज किया और मामले की जांच की। जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। इस केस की सुनवाई रामपुर की एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रही है। इस मामले की जांच तत्कालीन नगर कोतवाली प्रभारी गजेंद्र त्यागी ने की थी। बाद में अभियोजन पक्ष ने उन्हें केस में गवाह बनाया। कोर्ट में उनकी गवाही पहले ही हो चुकी है। गुरुवार को बचाव पक्ष के वकील नासिर सुल्तान को उनसे जिरह करनी थी, लेकिन गजेंद्र त्यागी कोर्ट नहीं पहुंचे, इसलिए यह कार्यवाही नहीं हो सकी। इससे पहले भी गजेंद्र त्यागी के कोर्ट में पेश न होने पर उनके खिलाफ बीडब्ल्यू (गिरफ्तारी वारंट) जारी किए गए थे। अब कोर्ट ने मामले की सुनवाई के लिए 5 अक्टूबर 2026 की तारीख तय की है। आजम खां के खिलाफ डूंगरपुर समेत कई केस एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट में चल रहे हैं। वहीं, उनके बेटे अब्दुल्ला आजम दो पैन कार्ड के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद रामपुर जिला जेल में सजा काट रहे हैं।
मुजफ्फरनगर में आमतौर पर पति की मौत के बाद एक महिला की जिंदगी कई मुश्किलों से घिर जाती है। लेकिन खतौली की मीनाक्षी की कहानी कुछ अलग है। जिस घर में वह करीब 10 साल पहले बहू बनकर आई थी, उसी घर ने पति की मौत के बाद उसका साथ नहीं छोड़ा। सास सुनीता ने बहू को बेटी माना और उसकी जिंदगी दोबारा संवारने का फैसला किया। उन्होंने अपनी विधवा बहू के लिए नया जीवनसाथी तलाशा और परिवार की सहमति से उसकी दूसरी शादी करा दी। हरिद्वार निवासी मीनाक्षी की शादी करीब 10 साल पहले खतौली निवासी रोहित से हुई थी। रोहित की मौत के बाद मीनाक्षी पर अपनी दो बेटियों रितु और अविका की जिम्मेदारी आ गई। इसी दौरान उसके ससुर ओमपाल की भी कैंसर से मौत हो गई। परिवार पर एक के बाद एक दुख आने के बावजूद सास सुनीता ने बहू का साथ नहीं छोड़ा। सुनीता ने मीनाक्षी से बहू के रूप में नहीं, बल्कि बेटी के रूप में रिश्ता निभाया। उन्होंने उसके भविष्य के बारे में सोचा और उसके लिए नया जीवनसाथी तलाशना शुरू किया। परिवार ने राजस्थान के नारायणपुर निवासी योगेश को मीनाक्षी के लिए चुना। योगेश चाय की दुकान चलाते हैं। दोनों परिवारों की सहमति के बाद बुधवार सुबह आर्य समाज मंदिर में मीनाक्षी और योगेश का विवाह कराया गया। शादी में सबसे भावुक पल तब आया, जब मीनाक्षी के देवर मोहित ने भाई का फर्ज निभाते हुए भाभी का कन्यादान किया। जिस महिला को वह वर्षों से भाभी कहकर बुलाता था, उसकी जिंदगी की नई शुरुआत में वह भाई बनकर साथ खड़ा था। शादी के बाद विदाई का दृश्य भी भावुक कर देने वाला रहा। जिस घर में मीनाक्षी करीब एक दशक पहले बहू बनकर आई थी, उसी घर से उसकी सास ने उसे बेटी की तरह विदा किया। यह सिर्फ एक महिला की विदाई नहीं थी, बल्कि परिवार की ओर से उसे नई जिंदगी की ओर बढ़ाने का भावुक पल था। मीनाक्षी की दोनों बेटियों रितु और अविका के भविष्य को लेकर भी परिवार ने व्यवस्था की है। परिवार के अनुसार, एक बेटी अपनी दादी के साथ रहेगी, जबकि दूसरी अपनी मां के साथ जाएगी। इस शादी ने रिश्तों की उस परिभाषा को सामने रखा, जिसमें खून का रिश्ता न होने के बावजूद एक सास ने मां की तरह और देवर ने भाई की तरह अपनी जिम्मेदारी निभाई।
भीम आर्मी सेना और आजाद समाज पार्टी ने दिल्ली में आंदोलन की अनुमति नहीं मिलने पर गुरुवार को बालाघाट मुख्यालय में प्रदर्शन किया। संगठन के संस्थापक और आजाद समाज पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष चंद्रशेखर आजाद ने 24 सितंबर को दिल्ली में आंदोलन बुलाया था, जिसे अनुमति नहीं मिली। कलेक्ट्रेट में पार्टी पदाधिकारियों ने सरकार को इसके लिए जिम्मेदार ठहराया और राष्ट्रपति के नाम 24 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में एससी, एसटी, ओबीसी, महिलाओं और अन्य वंचित वर्गों के लिए सामाजिक न्याय, समान अवसर और उचित प्रतिनिधित्व देने की मांग की गई। भीम आर्मी सेना के जिलाध्यक्ष रितेश बोरकर ने बताया कि दिल्ली में आंदोलन की अनुमति नहीं मिलने के बाद चंद्रशेखर आजाद के कहने पर पूरे देश में भीम आर्मी सेना और आजाद समाज पार्टी जिला मुख्यालयों पर आरक्षण के समर्थन में ज्ञापन सौंप रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि संविधान विरोधी ताकतें वंचित वर्गों को मिले आरक्षण को रोकना चाहती हैं और समानता नहीं चाहतीं। बोरकर ने कहा कि अगर दिल्ली में आंदोलन की अनुमति मिलती तो पूरे देश से संगठन और पार्टी से जुड़े लोग वहां पहुंचकर अपनी ताकत दिखाते। लेकिन, सरकार भीम आर्मी सेना और आजाद समाज पार्टी की ताकत को एकजुट नहीं होने देना चाहती। यही वजह है कि उन्हें आंदोलन की अनुमति नहीं मिली। प्रमुख मांगें ज्ञापन में कुछ प्रमुख मांगें इस प्रकार हैं: महिलाओं को 50 प्रतिशत आरक्षण मिले, जनगणना में ओबीसी का कॉलम जोड़ा जाए, ओबीसी को लोकसभा और विधानसभाओं में उचित प्रतिनिधित्व मिले, ओबीसी क्रीमीलेयर में आय सीमा पर संशोधन हो। इसके अलावा, उच्च न्यायपालिका में एससी, एसटी और ओबीसी का प्रभावी प्रतिनिधित्व हो, कॉलेजियम व्यवस्था खत्म करके उच्च न्यायिक आयोग का गठन हो, और एससी-एसटी एक्ट में पीड़ितों को मिलने वाली राशि बढ़ाकर 30 लाख रुपये की जाए। इन मांगों के साथ अन्य मांगें भी रखी गईं।
नोएडा में बस में आग से 9 की मौत:जालौन के हासिम ने बचाई 14 यात्रियों की जान, खुद भी झुलसे
यमुना एक्सप्रेसवे पर बुधवार की देर रात दिल्ली से महोबा जा रही स्लीपर बस में लगी भीषण आग से 9 लोगों की मौत हो गई, जबकि कई अन्य झुलस गए। इस भयावह हादसे के बीच जालौन के उरई निवासी हासिम खान ने अपनी जान की परवाह किए बिना साहस दिखाते हुए करीब 13 से 14 यात्रियों को बस से बाहर निकलने में मदद की। बचाव के दौरान हासिम खुद भी घायल हो गए। हादसे का शिकार हुई स्लीपर बस दिल्ली से महोबा जा रही थी। बस का नंबर BR32 PA8647 बताया गया है। यह बस राज कल्पना ट्रैवल्स की बताई जा रही है। बताया गया कि बस में अचानक आग लगने के बाद कुछ ही समय में लपटें तेजी से फैल गईं। पीछे की स्लीपर सीटों पर बैठे यात्रियों के लिए बाहर निकलना मुश्किल हो गया। उरई के लहरिया पुरवा निवासी हासिम खान भी इसी बस में सवार थे। उन्होंने बताया कि वह नोएडा से बस में बैठे थे। बस कुछ दूरी ही चली थी कि अचानक आग लगने की जानकारी हुई। चालक और परिचालक ने बस रोककर बाहर निकलने की कोशिश की। इसके बाद बस के अंदर यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। देखते ही देखते धुआं इतना बढ़ गया कि यात्रियों को सांस लेने और बाहर निकलने में परेशानी होने लगी। हासिम के मुताबिक, बस में फंसे यात्रियों की चीख-पुकार सुनकर उन्होंने अपनी जान की परवाह नहीं की और लोगों को बाहर निकालने में जुट गए। उन्होंने एक-एक कर करीब 13 से 14 यात्रियों को बस से बाहर निकलने में मदद की। इस दौरान आग लगातार विकराल होती जा रही थी और उनकी खुद की जान भी खतरे में थी। बचाव के दौरान कई यात्री घबराकर हासिम के ऊपर गिर पड़े। इससे उनकी कमर में अंदरूनी चोटें आईं। इसके बावजूद उन्होंने यात्रियों को बाहर निकालने का प्रयास जारी रखा। हासिम ने बताया कि आग के बीच बस के टायर फटने जैसी तेज आवाजें भी सुनाई दे रही थीं। कुछ यात्री पीछे की तरफ फंस गए और बाहर नहीं निकल सके। हादसे के दौरान हासिम का बैग भी बस के अंदर रह गया। उनके मुताबिक बैग में करीब एक लाख 14 हजार रुपये रखे थे। आग में उनका सामान और रुपये भी चले गए, लेकिन उस वक्त उन्हें अपने नुकसान की चिंता नहीं थी। उनका पूरा ध्यान बस में फंसे यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकालने पर था। हादसे के बाद से हासिम उस खौफनाक मंजर को भुला नहीं पा रहे हैं। उनके सामने अभी भी बस में उठती आग की लपटें और मदद के लिए चीखते यात्रियों का दृश्य घूम रहा है। इस हादसे में जहां नौ लोगों की जान चली गई, वहीं जालौन के हासिम खान ने संकट की घड़ी में साहस दिखाकर कई यात्रियों को सुरक्षित बाहर निकलने में मदद की। उनकी भूमिका हादसे की भयावहता के बीच मानवीय साहस की एक महत्वपूर्ण मिसाल बनकर सामने आई है।
चोरी की दो बाइक के साथ शातिर चोर गिरफ्तार:मुसाफिरखाना पुलिस को मिली सफलता, आरोपी पर 7 मुकदमे दर्ज
अमेठी पुलिस के 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' अभियान के तहत मुसाफिरखाना पुलिस ने कार्रवाई की है। पुलिस ने वाहन चेकिंग के दौरान चोरी की दो मोटरसाइकिलों के साथ एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। पकड़ा गया आरोपी पहले से 7 मुकदमों में फरार चल रहा था। पुलिस अधीक्षक अमेठी सरवणन टी. के निर्देश पर अपराधियों को पकड़ने के लिए 'ऑपरेशन चक्रव्यूह' चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत मुसाफिरखाना पुलिस को यह सफलता मिली। आज सुबह करीब चार बजे मुसाफिरखाना पुलिस वाहन चेकिंग कर रही थी। इसी दौरान पुलिस ने मोटरसाइकिल सवार विकास तिवारी उर्फ विक्कू पुत्र स्वर्गीय कालिका प्रसाद निवासी नारायणपुर थाना मुसाफिरखाना को गिरफ्तार किया। पूछताछ में आरोपी विकास तिवारी ने बताया कि उसके पास मौजूद मोटरसाइकिल UP 36 W 4018 चोरी की है। उसने इसे अपने साथी रामकुमार यादव के साथ मिलकर जिला कारागार सुल्तानपुर के गेट के बाहर से चुराया था। वह इसकी नंबर प्लेट बदलकर चलाता था। उसकी निशानदेही पर झाड़ियों में छिपाई गई दूसरी चोरी की बाइक UP 44 N 7920 भी मिली। पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार आरोपी विकास तिवारी एक शातिर अपराधी है। उसके खिलाफ अमेठी और प्रतापगढ़ में पहले से 7 मुकदमे दर्ज हैं। पुलिस ने दोनों बाइकों को जब्त कर कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है।
श्री विकेश्वर महादेव मंदिर सन्यास आश्रम ओड़ा में महंत करणगिरी महाराज के चौमासा पूर्णाहुति पर जागरण, भजन संध्या और महाप्रसादी का आयोजन हुआ। इस दौरान ओड़ा सहित आसपास और दूरदराज के इलाकों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे, जिससे मंदिर परिसर दिनभर भक्तों से भरा रहा। श्रद्धालुओं ने श्रीविकेश्वर महादेव के दर्शन कर इलाके की सुख-शांति, समृद्धि और खुशहाली की कामना की। इसके बाद संत-महात्माओं के दर्शन कर आशीर्वाद लिया और महाप्रसादी खाई। इस कार्यक्रम में गोल, भीनमाल, पाड़ीव, जावाल, बरलूट, मंडवारिया, देलदर, वराड़ा, सवणा, रायपुरिया, सियाणा, आड़वाड़ा, जालोर, चांदणा, भेटाला, मनादर, आकोली, भूतगांव, मनोरा, जामोतरा, मोहब्बतनगर, नारादरा, मंडवाड़ा, सिरोही, कालंदरी, शिवगंज और सुमेरपुर सहित दर्जनों गांवों से श्रद्धालु आए। आयोजन में महंत लहरभारती सिरोही, महंत तीर्थगिरी मंडवारिया, ललितगिरी महाराज भेरू गुफा सुंधामाता धाम, केवलगिरी कैलाशनगर, महंत देवगिरी शिपोर गुजरात, महंत लहरपुरी झाडोलीवीर और त्रिवेणीगिरी सवली सहित कई संत-महात्मा मौजूद रहे। इन सभी संत-महात्माओं का चादर ओढ़ाकर और दक्षिणा देकर सम्मान किया गया। रात में हुई भजन संध्या में भजन कलाकार भंवरलाल पुरोहित जावाल पार्टी ने शानदार भजनों की प्रस्तुति दी। इससे श्रद्धालु भक्तिरस में डूब गए और भजनों की धुन पर देर रात तक झूमते रहे। इस मौके पर श्रीविकेश्वर महादेव मंदिर सन्यास आश्रम ओड़ा के ट्रस्टी दलपतसिंह देवड़ा, पंडित सुरेश दवे (गोटू महाराज), मोहनभाई देशप्रेमी, खंगाराराम चौधरी, सवाराम माली, पोसाराम चौधरी, छगनलाल वैष्णव, शंकरलाल सुथार, कानाराम चौधरी, राजेश माली, रणजीतसिंह राजपुरोहित जावाल, भंवरलाल, मगाराम जामोतरा, उकाराम, छगन मंडवाड़ा, शिवलाल सहित कई श्रद्धालु मौजूद थे। महाप्रसादी और धार्मिक आयोजन के दौरान पूरे मंदिर परिसर में दिनभर भक्तिमय माहौल बना रहा।
चित्रकूट में बुधवार देर रात सड़क हादसे में बाइक सवार पति-पत्नी की मौत हो गई। नादिन कुर्मियां के पास सामने से आ रही बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। दोनों एक परिचित के यहां निमंत्रण में शामिल होने के बाद अपने घर सिकरी अमान लौट रहे थे। सूचना पर पहुंची पुलिस ने दोनों को अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। मामला राजापुर थाना क्षेत्र का है। निमंत्रण से घर लौटते समय हुआ हादसा सिकरी अमान निवासी केश कुमार बुधवार को पत्नी गिरजा के साथ एक परिचित के यहां निमंत्रण में गए थे। रात में दोनों बाइक से घर लौट रहे थे। नादिन कुर्मियां के पास सामने से आ रही बस ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। हादसे में पति-पत्नी गंभीर रूप से घायल हो गए। राहगीरों की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों को अस्पताल भेजा, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। मजदूरी कर चलाते थे परिवार हादसे की जानकारी मिलते ही परिवार में मातम छा गया। उनके बेटे राहुल ने बताया कि वह तीन भाई-बहनों में इकलौता बेटा है और उसकी दो बहनें हैं। उसके माता-पिता मजदूरी करके परिवार का खर्च चलाते थे। दोनों की मौत के बाद परिवार के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। राजापुर थाना प्रभारी ने बताया कि हादसा देर रात हुआ था। सूचना मिलने पर पुलिस ने दोनों शवों का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। गुरुवार दोपहर करीब 3 बजे जिला मुख्यालय में दोनों शवों का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस हादसे की जांच कर रही है। बस की पहचान समेत दुर्घटना से जुड़ी अन्य जानकारी जुटाई जा रही है। पति-पत्नी की एक साथ मौत से परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है, वहीं गांव में भी शोक का माहौल है।
पेटलावद के मेवा नगर में श्री नाकोडा भैरव ट्रस्ट मंडल और कार्यकारिणी ने गुरुवार को एक सेवा कार्य किया। यह आयोजन श्री नाकोडा भैरव देव के आदेश और युवा आचार्य विश्वरत्न सागर सुरीश्वर जी महाराज साहब की प्रेरणा से हुआ। इसमें गादीपति सुमित पिपाड़ा का मार्गदर्शन भी मिला। 24 सितंबर 2026 को नया बस स्टैंड स्थित श्रद्धांजलि चौक, पेटलावद पर जरूरतमंदों को मुफ्त भोजन बांटा गया। इस नेक काम में लाभार्थी परिवार राजेंद्र कुमार अभिषेक कटारिया परिवार (बोरी) ने सहयोग किया। इस सेवा कार्य को सफल बनाने में नगर के कई खास लोगों और कार्यकर्ताओं ने मदद की। इस मौके पर पूर्व नगर परिषद अध्यक्ष विनोद भंडारी, महावीर समिति के अध्यक्ष संजय भंडारी (गुडु भाई), अभय पीपाड़ा, सुभाष निमजा, सूरजमल भंडारी, अर्पित बोकड़िया, आगम चोपड़ा, रितेश सोनी, नवदीप गुगलिया, कालू गुगलिया, पवन विश्वकर्मा, विनय चाणोदिया, शुभम जैन, समकित जैन, नयन जैन और योगेश मालवी मौजूद रहे। श्री नाकोडा दरबार मेवा नगर पेटलावद के सभी कार्यकर्ताओं ने इस कार्यक्रम में पूरी लगन से अपनी सेवाएं दीं।
रोहतक जिले के आईआईएम के विद्यार्थियों ने चार दिवसीय ग्रामीण सहभागिता कार्यक्रम में हिस्सा लिया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीण जीवन, प्रशासनिक व्यवस्था, स्वास्थ्य सेवाओं, ऐतिहासिक विरासत और स्थानीय शासन की कार्यप्रणाली को करीब से समझा। इस कार्यक्रम का मकसद विद्यार्थियों को ग्रामीण इलाकों की असल स्थिति और जमीनी स्तर पर प्रशासन की भूमिका से परिचित कराना रहा। इसके तहत विद्यार्थियों ने गांव बेडवा के पंचायत कार्यालय और सेमाण के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र का दौरा किया। उन्होंने पंचायत स्तर पर होने वाले काम, ग्रामीण प्रशासन की प्रक्रिया और स्थानीय विकास कार्यों के बारे में जानकारी ली। पंचायत प्रतिनिधियों ने उन्हें ग्रामीण प्रशासन की कार्यप्रणाली समझाई। इस दौरान विद्यार्थियों ने बताया कि उन्होंने अपने तय विषयों से जुड़े 150 से ज्यादा सर्वे किए हैं। विद्यार्थियों ने देखी महम स्थित शाहजानी की बावड़ी इसके बाद विद्यार्थियों ने महम में स्थित शाहजानी की बावड़ी देखी। यह ऐतिहासिक बावड़ी 1658-59 में बनी थी और इसमें 101 सीढ़ियां हैं। यह एक संरक्षित स्मारक है। विद्यार्थियों ने पुरातत्व विभाग के अधिकारियों से बावड़ी के इतिहास, उसके संरक्षण और मरम्मत से जुड़ी जानकारी हासिल की। ग्रामीण इलाकों के सर्वे पर की एसडीएम से बातचीत विद्यार्थियों ने महम के उप-मंडल अधिकारी (एसडीएम) विपिन कुमार से भी मुलाकात की। उन्होंने जिला प्रशासन के अधिकारियों से ग्रामीण इलाकों में किए जा रहे सर्वे और उनके अनुभवों पर विस्तार से बात की। विद्यार्थियों ने एसडीएम से महिलाओं की बदलती सामाजिक स्थिति और उनके सशक्तिकरण से जुड़े मुद्दों पर भी जानकारी ली। एसडीएम बोले समय के साथ महिलाओं की भूमिका में आया बदलाव एसडीएम विपिन कुमार ने बताया कि समय के साथ महिलाओं की भूमिका में काफी बदलाव आया है। पहले उन पर सामाजिक और पारिवारिक पाबंदियां थीं, लेकिन अब ये कम हो गई हैं। महिलाएं अब शिक्षा, रोजगार और व्यवसाय जैसे कई क्षेत्रों में आगे बढ़ रही हैं। एसडीएम ने विद्यार्थियों को संयुक्त परिवारों से एकल परिवारों की ओर बढ़ते रुझान के बारे में भी बताया।
जालोर नगर परिषद के नव निर्वाचित सभापति बंशीलाल माली ने गुरुवार सुबह करीब 11 बजे पदभार ग्रहण किया। इसके साथ ही जालोर नगर परिषद में 12 साल बाद कांग्रेस का सभापति बना है। पदभार ग्रहण करने से पहले माली ने श्रीगणेश, मां लक्ष्मी, ठाकुरजी और पीर शांतिनाथ महाराज की पूजा-अर्चना की। इसके बाद वे सभापति कार्यालय पहुंचे और औपचारिक रूप से जिम्मेदारी संभाली। पदभार ग्रहण के मौके पर नगर परिषद परिसर में जनसभा का आयोजन भी किया गया। इसमें कांग्रेस नेताओं, पार्षदों और शहरवासियों ने हिस्सा लिया। इस दौरान कांग्रेस नेता पुखराज पाराशर, जुल्फिकार अली भुट्टो, कांग्रेस जिलाध्यक्ष रमिला मेघवाल सहित पार्टी के पार्षद, अन्य नेता और शहरवासी मौजूद रहे। 21 सितंबर को हुआ था सभापति का चुनाव, जिसमें कांग्रेस प्रत्याशी बंशीलाल माली ने भाजपा के जयसिंह को 6 मतों से हराया था। माली को 23 और जयसिंह को 17 वोट मिले थे। चुनाव परिणाम के तीन दिन बाद गुरुवार को माली नगर परिषद पहुंचे और पदभार ग्रहण कर सभापति की जिम्मेदारी संभाली।
Allahabad High Court Lucknow Bench: खरीदार किसी भी परियोजना में बने रहने की स्थिति में भी वह कब्जा मिलने तक प्रत्येक माह की देरी के लिए ब्याज का हकदार है।
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज के एमबीबीएस इंटर्न, पीजी रेजिडेंट, सीनियर रेजिडेंट और बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट डॉक्टरों ने स्टाइपेंड, वेतन-मानदेय में संशोधन समेत 17 सूत्रीय मांगों को लेकर गुरुवार को ओपीडी का बहिष्कार किया। डॉक्टरों ने कहा कि तीन दिनों तक ओपीडी का बहिष्कार करेंगे। डॉक्टरों ने अपनी मांगों पर निर्णय नहीं होने की स्थिति में तीन दिनों बाद इमरजेंसी सेवाओं के बहिष्कार का ऐलान किया है। ओपीडी के बहिष्कार के कारण हॉस्पिटल में ओपीडी की सेवाएं नियमित डॉक्टर संभालते रहे। स्टाइपेंड बढ़ाने समेत अन्य मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने अगस्त में भी आंदोलन किया था। 19 अगस्त को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल के साथ एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड को लेकर बैठक हुई थी। बैठक के बाद सरकार की ओर से मिले आश्वासन के आधार पर डॉक्टरों ने अपना आंदोलन स्थगित कर दिया था। इमरजेंसी सेवाओं के बहिष्कार की चेतावनी 17 सूत्रीय मांगों को लेकर जूनियर डॉक्टरों ने फिर से अनिश्चिकालीन हड़ताल का ऐलान किया है। जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन ने दो दिनों पूर्व शांतिपूर्वक कैंडल मार्च निकाला था। गुरूवार से ओपीडी का डॉक्टरों ने बहिष्कार किया। शनिवार तक ओपीडी का बहिष्कार किया जाएगा। इसके बाद भी मांगें नहीं मानी गई तो इमरजेंसी सेवाओं का भी बहिष्कार किया जाएगा। जूनियर डॉक्टरों का कहना है कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन के बाद भी मांगों को लेकर अब तक सरकारी आदेश जारी नहीं हुआ है। इससे प्रदेशभर के चिकित्सकों में नाराजगी है। शांतिपूर्ण आंदोलन, पैरलल ओपीडी OPD चलाएंगे हड़ताली जूनियर डॉक्टर एसोसिएशन के अध्यक्ष विवेक राठिया ने कहा कि स्वास्थ्य मंत्री के आश्वासन पर पहले आंदोलन स्थगित किया गया था। 24 सितंबर से ओपीडी का बहिष्कार किया जा रहा है। तीन दिनों बाद इमरजेंसी सेवाओं का भी डॉक्टर बहिष्कार करेंगे। एसोसिएशन की उपाध्यक्ष नीतिशा श्रीवास्तव ने कहा कि जेआर स्टाइपेंड, पीजी स्टाइपेंड सहित बांड में संशोधन की मांगें शामिल हैं। नीतिशा श्रीवास्तव ने कहा कि हम नहीं चाहते ही स्वास्थ्य सेवाएं प्रभावित होने से लोग परेशान हों, इसलिए शुक्रवार से पैरलल ओपीडी चलाई जाएगी। हड़ताल के साथ डॉक्टर मरीजों की जांच करेंगे। डॉक्टरों की प्रमुख मांगें जूनियर डॉक्टरों की 17 सूत्रीय मांगों में एमबीबीएस इंटर्न के स्टाइपेंड में बढ़ोतरी, पीजी रेजिडेंट, बॉन्डेड जूनियर रेजिडेंट और सीनियर रेजिडेंट डॉक्टरों के वेतन व मानदेय में संशोधन प्रमुख हैं। इसके अलावा डीएम और एमसीएच सुपर-स्पेशलिटी रेजिडेंट के स्टाइपेंड में संशोधन, डॉक्टरों से जुड़ी वेतन विसंगतियों और बॉन्ड से जुड़े मुद्दों का समाधान करने की मांग है। चिकित्सा सेवाओं से जुड़े लंबित मामलों के निराकरण की मांग भी इसमें शामिल है। स्वास्थ्य सेवाओं में दिखा असर डॉक्टरों की हड़ताल का असर पहले दिन ही स्वास्थ्य सेवाओं पर दिखा। अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज में ओपीडी में सिर्फ नियमित चिकित्सकों के रहने के कारण लोगों की लंबी लाइन लगी रही और मरीजों को परेशान होना पड़ा।
रोहतक जिले में महम उप-मंडल के भराण जिंदराण गांव के ग्रामीणों ने मदीना टोल प्लाजा पर टोल टैक्स से छूट मांगी है। उन्होंने अपनी मांग को लेकर एसडीएम महम को एक ज्ञापन सौंपा है। एसडीएम से मुलाकात के दौरान ग्रामीणों का कहा कि टोल प्लाजा उनके गांव की सीमा से सिर्फ 1 से 1.5 किलोमीटर दूर है। गांव के लोगों को रोजमर्रा के काम, खेती और व्यापार के लिए इस रास्ते से कई बार गुजरना पड़ता है। हर दिन टोल टैक्स देने से उन पर बेवजह का आर्थिक बोझ पड़ रहा है। इससे टोल कर्मचारियों और ग्रामीणों के बीच अक्सर कहासुनी और झगड़े की आशंका बनी रहती है। ग्रामीण बोले- दूसरे गांवों के लोगों को मिली छूट ग्रामीणों और पंचायत प्रतिनिधियों ने ज्ञापन में बताया है कि आसपास के दूसरे नजदीकी गांवों जैसे मदीना, मोखरा, बलम्बा, खरकड़ा और अजायब के लोगों को टोल प्लाजा पर पूरी छूट मिली हुई है। ऐसे में सिर्फ भराण गांव के लोगों से टोल वसूलना भेदभाव है। सभी ग्रामवासियों, ग्राम पंचायत सरपंच और गणमान्य लोगों ने एसडीएम से अपील की है। उन्होंने मांग की है कि दूसरे गांवों की तरह भराण गांव के वाहनों के लिए भी मदीना टोल प्लाजा को तुरंत टोल-फ्री किया जाए। इस अवसर पर पूर्व मंडल अध्यक्ष सत्यवीर भरान, संजय बामल, राजीव, कश्मीर, नरेश और रामप्रसाद मौजूद रहे।
छिंदवाड़ा: देहात थाना क्षेत्र के ग्राम गांगीवाड़ा से लापता हुईं पांच नाबालिग बालिकाओं को पुलिस ने 24 घंटे के भीतर धार जिले के पीथमपुर से दस्तयाब कर लिया। पुलिस के अनुसार पांचों सहेलियां परिजनों की डांट से नाराज होकर बिना बताए एक साथ घर से निकल गई थीं। पुलिस ने साइबर तकनीक की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस कर उन्हें पीथमपुर सेक्टर-3 से खोज निकाला। दरअसल, 21 सितंबर को पांचों नाबालिग बालिकाओं के परिजनों ने देहात थाने में गुमशुदगी की रिपोर्ट दर्ज कराई थी। पुलिस ने पांच अलग-अलग प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू की और मामले की जानकारी वरिष्ठ अधिकारियों को दी। मामले की गंभीरता को देखते हुए देहात थाना प्रभारी जीएस राजपूत की टीम ने तत्काल जांच शुरू की। मोबाइल की लोकेशन से पीथमपुर पहुंची पुलिस पुलिस टीम ने बालिकाओं के घर जाकर परिजनों और आसपास के लोगों से पूछताछ की। इसके साथ ही क्षेत्र में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। जांच के दौरान पता चला कि एक नाबालिग के पास मोबाइल फोन है और वह चालू है। इसके बाद साइबर सेल की मदद से मोबाइल की लोकेशन ट्रेस की गई। लोकेशन पीथमपुर सेक्टर-3, धार की मिलने पर पुलिस टीम तत्काल पीथमपुर रवाना हुई। वहां पांचों बालिकाएं एक साथ मिल गईं। पूछताछ में उन्होंने पुलिस को बताया कि मोबाइल देखने, पढ़ाई नहीं करने और काम नहीं करने की बात को लेकर परिजनों ने उन्हें डांटा था। इसके बाद पांचों सहेलियों ने घर में बिना बताए पीथमपुर जाकर काम करने का फैसला किया और वहां पहुंच गईं। बाल कल्याण समिति ने की काउंसलिंग पुलिस ने पांचों बालिकाओं को 22 सितंबर को दस्तयाब किया। धार जिला बाल कल्याण समिति के सामने उनकी काउंसलिंग कराई गई। इसके बाद सभी को छिंदवाड़ा लाकर बाल कल्याण समिति के समक्ष प्रस्तुत किया गया। फिलहाल काउंसलिंग के लिए उन्हें वन स्टॉप सेंटर, छिंदवाड़ा में रखा गया है। पुलिस की कार्रवाई में देहात थाना प्रभारी निरीक्षक जीएस राजपूत, निरीक्षक करिश्मा चौधरी, उपनिरीक्षक हर्ष नागले, सहायक उपनिरीक्षक राजेश रघुवंशी, सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र प्रताप यादव, महिला आरक्षक राजकुमारी, महिला आरक्षक प्रमिला, आरक्षक ब्रजेश और साइबर सेल के आरक्षक आदित्य रघुवंशी की विशेष भूमिका रही।
भिनावी जिले के सिवानी से सोनीपत तक जाने वाली हाईटेंशन पावरग्रिड लाइन के टावर लगाने को लेकर गुरुवार को तोशाम-बवानीखेड़ा के बीच गौतम सोलर कंपनी के पास खेतों में विवाद खड़ा हो गया। एसडीएम महेश कुमार की अगुवाई में भारी पुलिस बल के साथ प्रशासन और पावरग्रिड की टीम मौके पर पहुंची। टीम ने खेतों में टावर लगाने के लिए खुदाई शुरू करवाई तो वहां काम कर रहे किसानों ने विरोध जताया। किसानों का आरोप है कि उन्हें न तो पहले कोई नोटिस दिया गया और न ही मुआवजे को लेकर कोई जानकारी दी गई। इसके बावजूद सीधे उनके खेतों में जेसीबी से गड्ढे खोदने शुरू कर दिए गए। किसानों और पुलिस के बीच तीखी बहस खेतों में अचानक मशीनें पहुंचने और खुदाई शुरू होने की जानकारी मिलते ही आसपास के किसान भी मौके पर पहुंचने लगे। देखते ही देखते काफी संख्या में किसान एकत्रित हो गए। किसानों ने प्रशासन और पुलिस के सामने अपनी नाराजगी जताते हुए कहा कि उनकी जमीन में किसी भी तरह का काम शुरू करने से पहले उन्हें पूरी जानकारी दी जानी चाहिए थी। इस दौरान किसानों और पुलिस के बीच तीखी बहस भी हुई। करीब 14 गड्ढे खोदे जा चुके किसानों के विरोध के बावजूद मौके पर पहुंची 2 जेसीबी मशीनों से टावर लगाने के लिए खुदाई जारी रही। किसानों के अनुसार, खबर लिखे जाने तक करीब 14 गड्ढे खोदे जा चुके थे। मौके पर भारी पुलिस बल मौजूद रहा और प्रशासनिक अधिकारी स्थिति पर नजर बनाए रहे। किसान बोले- मुआवजे की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए किसानों का कहना है कि यदि उनकी जमीन से हाईटेंशन लाइन निकाली जानी है और टावर लगाए जाने हैं तो पहले उन्हें इसकी विधिवत सूचना दी जाए और मुआवजे की प्रक्रिया स्पष्ट की जाए। किसानों ने सवाल उठाया कि जब उन्हें नोटिस और मुआवजे के संबंध में कोई जानकारी नहीं दी गई तो उनकी जमीन में सीधे खुदाई कैसे शुरू कर दी गई। मौके पर किसानों का विरोध जारी था और प्रशासन तथा किसानों के बीच गतिरोध बना हुआ था।
राजगढ़ जिले के खिलचीपुर में गुरुवार दोपहर लिम्बोदा गांव के पास एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। यहाँ एक अज्ञात वाहन ने बाइक सवार को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में बाइक सवार व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे राहगीरों की मदद से तुरंत खिलचीपुर अस्पताल पहुंचाया गया। सिर और कान पर आई गंभीर चोट घायल की पहचान भोजपुर निवासी 40 वर्षीय ओमप्रकाश वाल्मीकि के रूप में हुई है। घटना की सूचना मिलते ही परिजन भी अस्पताल पहुंच गए। परिजनों ने बताया कि टक्कर इतनी तेज थी कि ओमप्रकाश मौके पर ही बेहोश हो गए और उनके कान से लगातार खून बह रहा था। डॉक्टरों ने तुरंत उनका प्राथमिक उपचार शुरू किया। प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर अस्पताल में प्राथमिक इलाज के बाद भी ओमप्रकाश की स्थिति में सुधार नहीं हुआ। सिर में गंभीर चोट होने और हालत नाजुक बने रहने के कारण डॉक्टरों ने उन्हें बेहतर इलाज के लिए राजगढ़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया। टक्कर मारकर भागा अज्ञात वाहन, पुलिस जांच में जुटी हादसे को अंजाम देने के बाद अज्ञात वाहन चालक मौके से फरार हो गया। सूचना मिलते ही पुलिस ने मामले का संज्ञान लिया और घटना की जानकारी जुटाकर अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है।
प्रतापगढ़ में स्थायी लोक अदालत के आदेश की पालना नहीं होने के मामले में गुरुवार को न्यायालय की टीम नगर परिषद कार्यालय पहुंची। टीम नगर परिषद कार्यालय और आयुक्त के वाहन को कुर्क कर सील करने की कार्रवाई के लिए पहुंची थी। हालांकि, नगर परिषद आयुक्त ने निकाय चुनाव की आचार संहिता का हवाला देते हुए तत्काल कार्रवाई नहीं हो पाने की बात कही। आयुक्त ने एक दिन बाद कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद न्यायालय की टीम और प्रार्थी ने एक दिन का समय दिया, जिससे फिलहाल कुर्की की कार्रवाई टल गई। नांदी गौशाला की व्यवस्थाओं से जुड़ा है मामला मामला प्रतापगढ़ की नांदी गौशाला में व्यवस्थाओं से जुड़ा है। स्थायी लोक अदालत ने नगर परिषद को गौशाला की व्यवस्थाओं में सुधार को लेकर कई निर्देश दिए थे। इनमें गौवंश के लिए छह महीने के चारे की अग्रिम व्यवस्था, बेसहारा गौवंश को गौशाला में शिफ्ट करना, पर्याप्त शेड, पक्के फर्श, पानी की निकासी, स्वच्छ पेयजल और चारे की व्यवस्था करने के निर्देश शामिल थे। 10 कर्मचारियों की नियुक्ति समेत कई निर्देश अदालत ने गौशाला में 10 कर्मचारियों की नियुक्ति, रिकॉर्ड का रखरखाव और गौवंश की संख्या का सत्यापन करने के भी निर्देश दिए थे। इसके अलावा नियमित टीकाकरण और उपचार तथा गौशाला की सफाई व्यवस्था में सुधार के निर्देश भी दिए गए थे। अदालत के आदेश की पालना नहीं होने का आरोप लगाते हुए प्रार्थी की ओर से निष्पादन प्रार्थना पत्र पेश किया गया था। इस पर वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट दीप्ति स्वामी ने नगर परिषद कार्यालय और आयुक्त के वाहन को कुर्क कर सील करने के आदेश दिए थे। साथ ही 50 हजार रुपए की वसूली और नगर परिषद के बैंक खातों के स्टेटमेंट भी तलब किए गए थे। एक दिन का समय मिलने पर टली कार्रवाई गुरुवार को न्यायालय की टीम इसी आदेश की पालना के लिए नगर परिषद कार्यालय पहुंची थी। कार्रवाई शुरू होने से पहले आयुक्त ने निकाय चुनाव की आचार संहिता का हवाला देते हुए तत्काल कार्रवाई में असमर्थता जताई और एक दिन बाद कार्रवाई शुरू करने का आश्वासन दिया। इसके बाद टीम और प्रार्थी की सहमति से एक दिन का समय दिया गया। फिलहाल कुर्की की कार्रवाई टल गई है। अब अगले दिन होने वाली कार्रवाई पर नजर रहेगी।
₹25 लाख का लोन और 40% सब्सिडी, युवाओं की किस्मत बदल रही झारखंड सरकार की CMEGP योजना!
झारखंड सरकार की मुख्यमंत्री रोजगार सृजन योजना (Jharkhand Mukhyamantri Rojgaar Srijan Yojana) युवाओं को आत्मनिर्भर बनाने और पलायन रोकने में सहायक साबित हो रही है। आइए जानते हैं कि यह योजना कैसे धरातल पर युवाओं के सपनों को पंख दे रही है।
तीसरी रेल लाइन की कनेक्टिविटी के लिए प्री-एनआई और एनआई कार्य; कुछ ट्रेनें बीना की जगह मालखेड़ी-महादेवखेड़ी से चलेंगी, भोपाल-इटारसी एक्सप्रेस भी प्रभावित।
इंदौर में ‘एक पेड़ मां के नाम’ अभियान के तहत गुरुवार को दातुनी पहाड़ी पर पौधारोपण कार्यक्रम हुआ। इसमें दादा गुरु महाराज, मंत्री कैलाश विजयवर्गीय, विधायक मधु वर्मा सहित अन्य जनप्रतिनिधि और बड़ी संख्या में लोग शामिल हुए। सभी ने पहाड़ी पर पौधे रोपे। मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा कि प्रकृति से जितना लेते हैं, उससे दोगुना उसे लौटाना हमारी जिम्मेदारी होनी चाहिए। हम प्रकृति का दोहन कर सकते हैं, लेकिन शोषण करने का अधिकार नहीं है। प्रकृति के शोषण के कारण अतिवृष्टि और अनावृष्टि जैसी स्थितियां बनती हैं। उन्होंने कहा कि बाढ़ में सात मंजिला इमारतों के ढहने जैसी घटनाएं भी प्रकृति के साथ छेड़छाड़ का परिणाम हैं। इसलिए वृक्षारोपण बहुत जरूरी है। विजयवर्गीय ने दातुनी पहाड़ी का नाम बदलकर ‘ऋषि पहाड़ी’ रखने की बात कही। दादा गुरु महाराज का जिक्र करते हुए उन्होंने कहा कि वे साढ़े पांच साल से केवल नर्मदा के जल पर रहे हैं, जो विज्ञान के लिए भी चुनौती है। 24 तारीख को 20-25 देशों के डॉक्टर उनका परीक्षण करने आएंगे। उन्होंने इंदौर में कम बारिश को लेकर भी चिंता जताई। कहा कि पेड़ सूखने या मरने की घटना उन्हें बहुत दुखी करती है। दुनिया में केवल सनातन संस्कृति ही पेड़-पौधों को परमात्मा मानती है दादा गुरु महाराज ने कहा कि गणेशोत्सव के अवसर पर वृक्षारोपण रूपी यह महायज्ञ किया जा रहा है। इससे एक ओर जीवन सुरक्षित होगा, वहीं दूसरी ओर प्रकृति का संरक्षण और संवर्धन होगा। यह आपदा और संक्रमण से सुरक्षा देने के साथ घर-परिवार की संपन्नता का आधार भी बनेगा। उन्होंने कहा कि दुनिया में केवल सनातन संस्कृति ही ऐसी है, जो पेड़-पौधों को परमात्मा मानकर उनकी पूजा करती है। हम प्रकृति को देवता और शक्ति मानते हैं। आज दुनिया भर में लोग कह रहे हैं कि पेड़ों में संवेदना होती है, जबकि भारत हजारों वर्षों से इसकी मान्यता रखता है। इसी कारण प्रकृति पूजा ने दुनिया में भारत को विशिष्ट स्थान दिलाया है। दादा गुरु ने कहा कि धरती को बचाने के लिए आज सभी देश एकजुट हो रहे हैं। जिस तरह भगवान शिव ने अपनी जटाओं में गंगा को धारण किया था, उसी तरह पेड़ अपनी जड़ों में जल को धारण करते हैं। उन्होंने कहा कि इंदौर आने पर उनका पड़ाव पितृ पर्वत पर रहता है, लेकिन अब से दूसरा पड़ाव ‘ऋषि पर्वत’ पर रहेगा।
भिंड के रौन थाना क्षेत्र में जमीन की सीमा को लेकर चल रहा विवाद अब पुलिस की जांच तक पहुंच गया है। एक पक्ष का आरोप है कि जमीन का सीमांकन होने के बाद लगाए गए सीमा चिन्ह उखाड़ने का वीडियो पुलिस के पास है। इसके बाद भी इसे जांच में शामिल नहीं किया गया। उल्टा उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। इस मामले में अखिल भारतीय क्षत्रिय महासभा के पदाधिकारियों के साथ संबंधित पक्ष के लोग एसपी ऑफिस पहुंचे। उन्होंने एएसपी प्रदीप पटेल को ज्ञापन देकर केस की जांच किसी वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराने की मांग की। ज्ञापन में जितेंद्र सिंह राजावत, अरविन्द सिंह राजावत, विशाल चौहान और रामू चौहान सहित अन्य लोगों ने अपराध क्रमांक 161/2026 की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराने की मांग की है। जमीन को लेकर चल रहा विवाद आवेदन में बताया गया कि ग्राम मछंड और गांध बहोरीपुरा में जमीन को लेकर दोनों पक्षों के बीच विवाद चल रहा है। आवेदकों का दावा है कि मौजा गांध बहोरीपुरा के सर्वे नंबर 263 की 1.26 हेक्टेयर जमीन में उनका भी हिस्सा है। उनका आरोप है कि दूसरे पक्ष ने जमीन के एक हिस्से पर कब्जा कर झोपड़ी बना ली। पुलिस के सामने मुड्डियां उखाड़ने का आरोप आवेदकों के अनुसार तहसीलदार रौन के आदेश पर राजस्व अमले ने जमीन का सीमांकन किया था। इसके बाद पुलिस की मौजूदगी में दोबारा सीमांकन कर सीमा चिन्ह लगाए गए और मुड्डियां गड़वाई गईं। आरोप है कि इसी दौरान दूसरे पक्ष की महिलाओं ने पुलिस के सामने मुड्डियां उखाड़ दीं और अभद्र भाषा का इस्तेमाल किया। आवेदकों का कहना है कि इस घटना का वीडियो भी पुलिस के पास है। आवेदन देकर निष्पक्ष जांच की मांग आवेदन में कहा गया कि कब्जा हटाने के लिए कई बार पंचायत हुई, लेकिन विवाद नहीं सुलझा। इसके बाद उनके खिलाफ केस दर्ज कर लिया गया। उनका कहना है कि जमीन से कब्जा हटाने का मामला तहसीलदार न्यायालय में मध्यप्रदेश भू-राजस्व संहिता की धारा 250 के तहत पहले से चल रहा है। उन्होंने मांग की कि पुलिस केस की जांच में दोनों पक्षों की बात, जमीन का सीमांकन और वीडियो को शामिल किया जाए। साथ ही मामले की जांच वरिष्ठ पुलिस अधिकारी से कराई जाए। ज्ञापन देने वालों में रामअवतार सिंह चच्चू, शंभूसिंह राजावत, रिशू राजावत सहित अन्य लोग मौजूद रहे।
रेलवे प्रशासन ने यात्रियों की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करते हुए उत्तर-पश्चिम रेलवे की 3 प्रमुख एक्सप्रेस ट्रेनों को नए स्टेशन मालाखेड़ा, सांभर लेक और कपासन पर प्रायोगिक तौर पर रोकने की मंजूरी दे दी है। रेलवे बोर्ड के संयुक्त निदेशक विवेक कुमार सिन्हा की ओर से यह आदेश जारी किए हैं। इन ठहरावों को जल्द ही लागू किया जाएगा। रेलवे प्रशासन ने इन स्टेशनों पर टिकट बिक्री पर नजर रखने के निर्देश दिए हैं, ताकि समीक्षा के बाद ठहराव को आगे भी जारी रखा जा सके। देखें किस ट्रेन को मिला कहां ठहराव जैसलमेर-काठगोदाम रानीखेत एक्सप्रेस (15013/15014): अलवर क्षेत्र के यात्रियों की सुविधा के लिए इस ट्रेन का ठहराव मालाखेड़ा स्टेशन पर दिया गया है। बाड़मेर-जम्मूतवी एक्सप्रेस (14661/14662): अब यह ट्रेन सांभर लेक स्टेशन पर भी रुकेगी। बांद्रा टर्मिनस-उदयपुर एक्सप्रेस (22901/22902): मेवाड़ क्षेत्र के लोगों के लिए इस ट्रेन को कपासन स्टेशन पर रोकने की स्वीकृति दी गई है। रेलवे बोर्ड ने संबंधित रेल मंडलों को इन ठहरावों का व्यापक प्रचार-प्रसार करने और जल्द नई समय-सारणी लागू करने के निर्देश जारी किए हैं।
खरगोन जिले के ब्रह्मलीन संत सियाराम बाबा आश्रम क्षेत्र में एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार तेंदुआ दिखाई दिया। 18 सितंबर को बाबा की समाधि के पास नर्मदा घाट क्षेत्र में तेंदुए ने कुत्तों के झुंड पर हमला कर एक का शिकार कर लिया। घटना आश्रम में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हुई है। तेंदुए की लगातार आवाजाही से क्षेत्र में दहशत का माहौल है। इससे पहले 15 सितंबर की रात तेंदुआ नर्मदा घाट पर एक सुअर का शिकार कर चुका है। वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए तीन जगह पिंजरे लगाए हैं। कुत्तों के झुंड पर हमला, एक को दबोचकर ले गया भट्ट्याण बुजुर्ग निवासी संतोष पटेल ने बताया कि तेंदुए के शिकार की दो घटनाएं सामने आई हैं। 15 सितंबर की रात तेंदुआ नर्मदा घाट पर दिखाई दिया था। वह एक सुअर को उठाकर ले गया था। इसके तीन दिन बाद रात में तेंदुआ फिर आश्रम क्षेत्र में देखा गया। इस बार तेंदुआ समाधि के निचले क्षेत्र में मौजूद कुत्तों के झुंड पर टूट पड़ा। कुत्तों के चिल्लाने पर तेंदुए ने एक कुत्ते को दबोच लिया और उसे लेकर जाने लगा। बाकी कुत्ते भागकर आश्रम की तरफ चले गए। इसी दौरान चातुर्मास कर रहे संत-साधकों के चिल्लाने की आवाज सुनकर तेंदुआ अंधेरे में भाग गया। खेत और नर्मदा घाट जाने से डर रहे किसान स्थानीय लोगों का कहना है कि तेंदुए की लगातार आवाजाही के कारण किसान रात में खेतों और नर्मदा घाट की ओर जाने से डर रहे हैं। तेंदुआ पशुओं का शिकार कर रहा है, जिससे मवेशियों की सुरक्षा को लेकर भी चिंता बढ़ गई है। तीन जगह लगाए पिंजरे वन विभाग ने तेंदुए को पकड़ने के लिए चिचली, मोंगावां और भट्ट्याण बुजुर्ग में पिंजरे लगाए हैं। विभाग की टीम क्षेत्र में लगातार निगरानी कर रही है और तेंदुए की गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। जा रही है।

