कानपुर सेंट्रल स्टेशन पर अपने परिवार से बिछड़ी मानसिक रूप से अस्वस्थ एक किशोरी को राजकीय रेलवे पुलिस (जीआरपी) ने सकुशल उसके परिजनों से मिला दिया। बेटी के सुरक्षित मिलने पर परिवार ने जीआरपी टीम का आभार व्यक्त किया। जीआरपी प्रभारी ओमनारायण सिंह ने बताया कि लखनऊ निवासी अरविंद कुमार शर्मा अपनी मानसिक रूप से अस्वस्थ बेटी का इलाज कराने कानपुर आए थे। वे ट्रेन से कानपुर सेंट्रल स्टेशन के प्लेटफार्म संख्या 4/5 पर उतरे थे। इसी दौरान किशोरी भीड़ में अपने पिता से बिछड़ गई। काफी तलाश के बाद जब वह नहीं मिली, तो पिता ने तुरंत जीआरपी को सूचना दी। सूचना मिलते ही जीआरपी प्रभारी ने त्वरित प्रतिक्रिया टीम (क्यूआरटी) और कार्यालय टीम को सक्रिय किया। स्टेशन के सभी प्लेटफार्मों, प्रतीक्षालयों और बाहर जाने वाले रास्तों पर किशोरी की तलाश शुरू की गई। इसके साथ ही स्टेशन परिसर में लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज भी खंगाली गई। सीसीटीवी फुटेज की जांच के दौरान किशोरी दिल्ली साइड की सीढ़ियों के पास अकेली बैठी हुई दिखाई दी। तत्काल एक टीम को मौके पर भेजा गया और किशोरी को सुरक्षित जीआरपी पोस्ट लाया गया। पूछताछ में किशोरी ने अपना नाम रूपा बताया। आवश्यक कागजी कार्रवाई पूरी करने के बाद उसे उसके परिजनों को सौंप दिया गया। अपनी बेटी को सकुशल देखकर परिजनों की आँखें भर आईं। उन्होंने जीआरपी की संवेदनशीलता, तत्परता और मानवीय दृष्टिकोण की सराहना करते हुए पूरी टीम का धन्यवाद किया। जीआरपी अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें स्टेशन परिसर में कोई बच्चा, बुजुर्ग, महिला या मानसिक रूप से अस्वस्थ व्यक्ति अकेला या परेशान दिखे, तो तुरंत पुलिस को सूचित करें ताकि समय रहते उनकी मदद की जा सके।
कामकाजी महिलाओं के लिए संतुलित आहार:आई.एन.एम.पी.जी. कॉलेज में कार्यशाला आयोजित
मेरठ के आई.एन.एम.पी.जी. कॉलेज के गृह विज्ञान विभाग ने कामकाजी महिलाओं के लिए एक दिवसीय कार्यशाला का आयोजन किया। 'संतुलित आहार: स्वस्थ थाली का राज' विषय पर आयोजित इस कार्यशाला का उद्देश्य महिलाओं को सही खान-पान और स्वस्थ जीवनशैली के प्रति जागरूक करना था। यह कार्यक्रम महाविद्यालय की प्राचार्य प्रो. अनीता राठी के मार्गदर्शन में संपन्न हुआ। कार्यशाला का उद्घाटन विशिष्ट अतिथि नमिता गुप्ता, महाविद्यालय के सचिव अरुण गुप्ता, प्राचार्य प्रो. अनीता राठी और मुख्य अतिथि डॉ. श्रुति अग्रवाल ने दीप प्रज्वलित कर किया। कार्यशाला को तीन सत्रों में बांटा गया था। पहले सत्र में मुख्य वक्ता आहार विशेषज्ञ डॉ. श्रुति अग्रवाल ने संतुलित आहार, आवश्यक पोषण तत्वों और दैनिक भोजन में फल, हरी सब्जियां, दालों तथा दूध के महत्व पर चर्चा की। उन्होंने बताया कि सही समय पर और संतुलित मात्रा में भोजन करने से कई बीमारियों से बचा जा सकता है। दूसरे सत्र में प्रश्नोत्तर कार्यक्रम आयोजित किया गया, जिसमें छात्राओं ने अपने संदेह दूर किए। तीसरे सत्र में छात्राओं ने विभिन्न प्रकार के पौष्टिक व्यंजन बनाकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। समापन अवसर पर प्राचार्य प्रो. अनीता राठी ने कहा कि आज की भागदौड़ भरी जीवनशैली में कामकाजी महिलाओं के लिए संतुलित आहार अत्यंत आवश्यक है। यह न केवल स्वास्थ्य को बेहतर बनाता है, बल्कि कार्यक्षमता में भी वृद्धि करता है। आईक्यूएसी कोऑर्डिनेटर प्रो. दीप्ति कौशिक ने महिलाओं को अपने परिवार के साथ-साथ स्वयं के स्वास्थ्य का भी ध्यान रखने का संदेश दिया। सचिव श्री अरुण गुप्ता ने जोर दिया कि एक स्वस्थ महिला ही स्वस्थ परिवार और समाज का निर्माण करती है। कार्यक्रम का संचालन गृह विज्ञान विभाग की प्रभारी निशा गुप्ता ने किया। काशीफा ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डॉ. मनी भारद्वाज, डॉ. दीप्ति सक्सैना ग़ज़ल, डॉ. वंदना शर्मा, प्रो. दीपा त्यागी, डॉ. ममता, डॉ. स्वर्णा, डॉ. दीक्षा सहित महाविद्यालय के सभी प्रवक्ता और छात्राओं ने भाग लिया।
सलूंबर जिले झल्लारा और लसाड़िया क्षेत्र में रहस्यमयी बीमारी का प्रकोप बढ़ता जा रहा है। दो और बच्चों की मौत हो गई। बीते सात दिन में मौत का आंकड़ा 7 हो गया है। सलूंबर सीएमएचओ डॉ महेन्द्र कुमार परमार ने बताया कि मंगलवार को 2 अलग-अलग परिजन दो बच्चों को मृत अवस्था में ही सलूंबर अस्पताल लेकर पहुंचे थे। उनमें उल्टी-दस्त शिकायत सामने आई थी। हॉस्पिटल में उनकी जांच की तो बच्चे मृत पाए गए। उन्होंने बताया कि जयपुर और उदयपुर के विशेषज्ञ डॉक्टर्स की टीम गांवों में जाकर जांच कर रही है। टीमें अभी तक 500 से ज्यादा परिवार का सर्वे कर चुकी हैं। इनमें करीब 20 बच्चों में हल्के बुखार के लक्षण थे। उन्हें दवाएं उपलब्ध कराई गईं। सीएमएचओ बोले-दोनों बच्चे हॉस्पिटल में मृत अवस्था में लाए गए थेसीएमएचओ डॉ परमार ने बताया कि झल्लारा के आमलोदा निवासी रौनक पुत्र जितेन्द्र वैद(4.5) को परिजन मृत अवस्था में अस्पताल लेकर पहुंचे थे। परिजनों ने बताया कि बच्चे को उल्टी हुई तो उसे घर पर रखी सिरप दी थी। सुधार नहीं होने पर परिजन उसे अस्पताल लेकर आए। जहां बच्चे को मृत घोषित कर दिया। वहीं,बच्चे के पिता जितेन्द्र वेद ने बताया कि उल्टी होने के कुछ देर बाद बच्चे को बुखार के साथ घबराहट होने लगी। शरीर जकड़ने लगा। उसे तुरंत हॉस्पिटल लेकर गए। जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। वहीं, लसाड़िया प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र पर मंगलवार दोपहर को कालीभीत निवासी 2 माह के बच्चे बंशी पुत्र अर्जुन को मृत अवस्था में ही लेकर परिजन पहुंचे थे। परिजन ने बताया कि बच्चे को दस्त की शिकायत होने पर उसे पहले बच्चे को निजी अस्पताल में भर्ती कराया था। सुधार नहीं होने पर यहां लाए थे। मरने वालों की उम्र 2 से 4 सालइससे पहले सलूंबर में 2 से 6 अप्रैल के बीच पांच दिन में 5 बच्चों की मौत हो चुकी है। इनमें 2 सगे भाई थे। इन सभी बच्चों को बुखार, उल्टी की शिकायत हुई थी और 24 घंटे के अंदर ही जान चली गई। बच्चों की उम्र 2 से 4 साल की थी। ये बच्चे लसाड़िया के लालपुरा और घाटा गांव के निवासी हैं। यहां जिला प्रशासन से लेकर चिकित्सा विभाग अलर्ट मोड पर है।
धरियावद में देवीलाल हत्याकांड मामला:दो दोषियों को आजीवन कारावास, 25-25 हजार का जुर्माना लगाया
प्रतापगढ़ जिले के धरियावद थाना क्षेत्र के देवीलाल हत्याकांड मामले में जिला सेशन कोर्ट ने दो आरोपियों को आजीवन कारावास और 25-25 हजार रुपए का जुर्माना लगाया है। सेशन न्यायाधीश आशा कुमारी ने यह फैसला सुनाया। लोक अभियोजक तरुण दास वैरागी ने बताया- 5 अक्टूबर 2022 को भमात फला मानागांव, धरियावद निवासी पीड़ित खात्या (45) पुत्र भेरिया मीणा ने डरागांव घटनास्थल पर रिपोर्ट दर्ज कराई थी। रिपोर्ट में बताया कि 4 अक्टूबर 2022 को शाम करीब 4 बजे खात्या का बेटा देवीलाल मीणा अपनी मां वेलकी और छोटे भाई उदयलाल को आमलवा भैरू बावजी छोड़ने के लिए बाइक पर गया था। उस समय खात्या घर पर अकेला था। अगले दिन सुबह करीब 7 बजे सूचना मिली की देवीलाल का शव डरागांव कानिया घाटी के पास सड़क किनारे पड़ा है। रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। मामले में दीपक (21) और दिनेश (18) की गिरफ्तारी की गई। कुल 17 गवाह और 43 दस्तावेज कोर्ट में पेश किए गए। कोर्ट ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए आजीवन कारावास और 25 हजार रुपए के अर्थदंड से दंडित करने का निर्णय सुनाया।
गोरखपुर में अतिक्रमण पर चला बुलडोजर:सड़क किनारे लगा ठेला-काउंटर जब्त, 2000 का वसूल गया चालान
गोरखपुर में नगर निगम द्वारा शहर को अतिक्रमण मुक्त बनाने के लिए लगातार अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में बुधवार को नगर निगम की प्रवर्तन टीम ने छात्रसंघ चौराहा स्थित कबाड़ी गली में विशेष कार्रवाई की। कई दुकानदारों ने सड़क पर ठेले और काउंटर लगाकर अतिक्रमण कर रखा था। जिससे वहां आने-जाने वाले लोगों को काफी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। खासकर इस क्षेत्र में यातायात अक्सर बाधित हो जाता था। अभियान के दौरान टीम ने सख्ती दिखाते हुए दो लोहे के ठेले और एक लोहे का काउंटर जब्त कर लिया। इसके अलावा नियमों का उल्लंघन करने वाले एक दुकानदार पर ₹2000 का जुर्माना भी लगाया गया। कार्रवाई के दौरान कुछ दुकानदारों में हलचल भी देखी गई और कई लोग खुद ही अपना सामान हटाते नजर आए। नगर निगम के अधिकारियों ने मौके पर मौजूद दुकानदारों को समझाया कि वे सड़क पर दुकान या ठेला न लगाएं, क्योंकि इससे ट्रैफिक जाम की समस्या बढ़ती है और आम जनता को परेशानी होती है। अधिकारियों ने यह भी बताया कि पहले भी कई बार उन्हें चेतावनी दी जा चुकी है, लेकिन इसके बावजूद कुछ लोग नियमों का पालन नहीं कर रहे थे। अपर नगर आयुक्त अतुल कुमार ने बताया कि नगर निगम पहले से तय शेड्यूल के अनुसार शहर के अलग-अलग क्षेत्रों में अतिक्रमण हटाओ अभियान चला रहा है। उन्होंने कहा कि यह अभियान आगे भी लगातार जारी रहेगा और जो लोग नियमों का उल्लंघन करेंगे, उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। नगर निगम का मुख्य उद्देश्य शहर की सड़कों को साफ और सुगम बनाना है, ताकि यातायात व्यवस्था बेहतर हो सके और लोगों को किसी प्रकार की असुविधा न हो। प्रशासन ने सभी दुकानदारों और ठेला संचालकों से सहयोग की अपील भी की है, ताकि शहर को व्यवस्थित और जाम मुक्त बनाया जा सके।
सैफई में 19 वर्षीय युवक की मौत:इलाज में लापरवाही का आरोप, तीन सदस्यीय जांच समिति गठित
इटावा में सैफई स्थित उत्तर प्रदेश आयुर्विज्ञान विश्वविद्यालय में इलाज के दौरान 19 वर्षीय नाहिद की मौत के बाद मामला तूल पकड़ गया है। इलाज से पहले युवती का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें डॉक्टरों के बुरे व्यवहार के आरोप लगाए गए हैं। 3 अप्रैल को भर्ती हुई नाहिद की 5 अप्रैल को मौत हो गई। परिजनों ने लापरवाही का आरोप लगाते हुए जांच और दोषी डॉक्टरों पर कार्रवाई की मांग की है। भर्ती के दो दिन बाद हुई मौत जानकारी के अनुसार नाहिद को 3 अप्रैल को सैफई मेडिकल यूनिवर्सिटी में भर्ती कराया गया था। इलाज के दौरान उसकी हालत बिगड़ती चली गई और 5 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। परिजनों का कहना है कि इलाज में लापरवाही बरती गई, जिससे उसकी जान नहीं बच सकी। वायरल वीडियो से बढ़ा विवाद मामले में उस समय नया मोड़ आया जब युवती का एक वीडियो सामने आया। वीडियो में अस्पताल में डॉक्टरों और स्टाफ के कथित खराब व्यवहार का जिक्र किया गया है। इसके बाद सोशल मीडिया पर लोगों में नाराजगी बढ़ गई और मामला तेजी से फैल गया। परिजनों ने उठाई कार्रवाई की मांग नाहिद की मौत के बाद परिजनों और स्थानीय लोगों में आक्रोश है। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और जिम्मेदार डॉक्टरों व स्टाफ पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। उनका कहना है कि समय पर उचित इलाज मिलता तो शायद नाहिद की जान बच सकती थी। तीन सदस्यीय जांच समिति गठित मामले के तूल पकड़ने के बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने तत्काल तीन सदस्यीय जांच समिति का गठन किया है। इस समिति में प्रोफेसर (डॉ.) हेममकली, स्त्री एवं प्रसूति रोग विभाग को अध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा डॉ. सिद्धार्थ कुमार, उप-चिकित्सा अधीक्षक और श्रीमती लवली जेस्स, मुख्य नर्सिंग अधिकारी को सदस्य के रूप में शामिल किया गया है। पीजीआई प्रवक्ता ने दी सफाई पीजीआई प्रवक्ता सोमेंद्र पाल ने बताया कि वायरल वीडियो और आरोपों को गंभीरता से लिया गया है। उन्होंने कहा कि जांच समिति पूरे मामले की सघन जांच कर अपनी रिपोर्ट देगी, जिसके आधार पर दोषी पाए जाने पर संबंधित कर्मियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जाएगी। साथ ही भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक कदम उठाए जाएंगे।
झालावाड़ शहर की कोतवाली पुलिस ने अवैध मादक पदार्थ स्मैक की तस्करी के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपी को एक बाइक, स्मैक, नकदी और मोबाइल फोन सहित पकड़ा है। कोतवाली थानाधिकारी मुकेश कुमार मीणा के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने गश्त के दौरान यह कार्रवाई की। सूचना मिलने पर इमामा बाड़ा कसाई मोहल्ला, झालावाड़ में पल्सर बाइक पर सवार आरोपी सुबराती मोहम्मद को रोका गया। उसके पास से 1 ग्राम 6 मिलीग्राम अवैध स्मैक, 1030 रुपये नकद, एक मोबाइल फोन और पल्सर बाइक जब्त की गई। पूछताछ में आरोपी सुबराती मोहम्मद ने स्वीकार किया कि उसने 300 ग्राम स्मैक खरीदी थी। वह इसे छोटी-छोटी पुड़िया बनाकर बेचता था। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। उससे स्मैक की खरीद-फरोख्त के स्रोत और उसके तस्करी नेटवर्क के बारे में आगे की पूछताछ की जा रही है। जिला पुलिस द्वारा अवैध मादक पदार्थ तस्करों के खिलाफ लगातार अभियान चलाया जा रहा है।
मेरठ के शास्त्रीनगर सेंट्रल मार्केट में 44 प्रतिष्ठानों (396 दुकानों) को सील किए जाने के विरोध में व्यापारियों ने गुरुवार, 9 अप्रैल को मेरठ बंद का आह्वान किया है। आवास विकास परिषद की इस कार्रवाई के खिलाफ संयुक्त व्यापार संघ के दोनों गुटों (नवीन गुप्ता और अजय गुप्ता) ने यह निर्णय लिया है। इस मामले पर सुप्रीम कोर्ट में (गुरुवार) सुनवाई होनी है। इस बंद को मेरठ व्यापार मंडल सहित शहर के 665 व्यापारिक संगठनों ने पूर्ण समर्थन दिया है। व्यापारियों ने शहर में 20 स्थानों पर बैठकें कर आगे की रणनीति तैयार की है। दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ने को तैयार व्यापारीव्यापारियों ने इस मुद्दे पर दो मोर्चों पर लड़ाई लड़ने का निर्णय लिया है। पहला, बंद के माध्यम से सड़क पर शक्ति प्रदर्शन कर जिला प्रशासन और प्रदेश सरकार को अपनी एकजुटता का संदेश देना। दूसरा, सीलिंग के आदेश के विरुद्ध कानूनी टीम द्वारा कोर्ट में याचिका दाखिल कर कानूनी लड़ाई लड़ना। व्यापारियों ने मेरठ बंद का प्रचार-प्रसार शुरू कर दिया है। व्यापारियों के अनुसार, उन्हें कई संगठनों का समर्थन मिला है। स्कूल-कॉलेज और अधिवक्ताओं के पदाधिकारियों से भी मेरठ बार और जिला बार एसोसिएशन के माध्यम से बातचीत चल रही है। वे भी व्यापारियों के समर्थन में हैं। विपक्षी नेताओं को नजरबंद कर रही पुलिस, कहा दर्द बांटने का भी अधिकार नहींविपक्षी नेताओं ने आरोप लगाया है कि जब वे व्यापारियों का समर्थन करने जा रहे थे, तो पुलिस ने उन्हें नजरबंद कर दिया। कांग्रेस के महानगर अध्यक्ष रंजन शर्मा को सुबह से ही पुलिस ने नजरबंद रखा। बुधवार को व्यापारियों ने बंद के लिए व्यापक प्रचार-प्रसार किया। मेरठ ट्रेडर्स एसोसिएशन के पदाधिकारी विजय आनंद अग्रवाल ने व्यापारियों और आम जनता से बंद को सफल बनाने की अपील की। व्यापारी सोशल मीडिया पर भी सक्रिय रूप से प्रचार करते दिखे। संयुक्त व्यापार संघ के अध्यक्ष नवीन गुप्ता ने बताया कि शहर में बंद को सफल बनाने के लिए संयुक्त व्यापार संघ की पांच टीमों ने अलग-अलग बाजारों में जनसंपर्क कर रही हैं। उन्होंने लोगों से आग्रह किया है कि यह लड़ाई केवल व्यापारियों के नहीं बल्कि मेरठ के रहने वाले सभी लोगों की है।
पीएम नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में हुई केंद्रीय कैबिनेट की बैठक में राजस्थान से जुड़े दो अहम फैसलों को मंजूरी दी गई है। इसमें जयपुर मेट्रो फेज-2 और पचपदरा (बालोतरा) रिफाइनरी की प्रोजेक्ट कॉस्ट को बढ़ाने की मंजूरी दी है। इस प्रोजेक्ट को सितंबर 2031 तक पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। पचपदरा रिफाइनरी मॉडर्न रिफाइनरी है, जिसमें 26% से ज्यादा पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट बनेंगे। 1 जुलाई से कॉमर्शियल संचालन की तारीख रखी गई है। पीएम मोदी ने भी ट्वीट किया कि जयपुर एक बड़े बुनियादी ढांचे के अपग्रेड के लिए तैयार है। जयपुर मेट्रो फेज-2 को कैबिनेट की मंजूरी मिलना शहरी विकास की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। यह कनेक्टिविटी का विस्तार करेगा, ट्रैफिक जाम को कम करेगा और जीवन को आसान बनाने में मदद करेगा। Jaipur is set for a major infrastructural upgrade! Cabinet approval for Jaipur Metro Phase-2 is a significant step towards sustainable urban growth. It will expand connectivity, reduce congestion and enhance ‘Ease of Living.’https://t.co/CXSugfyklF— Narendra Modi (@narendramodi) April 8, 2026 जयपुर मेट्रो फेज-2 जयपुर मेट्रो फेज-2 के प्रोजेक्ट की कुल लागत 13,037.66 करोड़ रुपए है। यह प्रोजेक्ट राजस्थान मेट्रो रेल कॉर्पोरेशन (RMRCL) पूरा करेगा। इसमें राजस्थान सरकार और केंद्र सरकार की 50:50 की पार्टनरशिप होगी। इसमें 41 किमी लंबा उत्तर से दक्षिण प्रहलादपुरा (सांगानेर) से टोडी मोड़ (हरमाड़ा) तक मेट्रो कॉरिडोर बनेगा। इसमें 36 स्टेशन होंगे। मेट्रो फेज-2 में पूरे जयपुर शहर में मेट्रो नेटवर्क बनेगा फेज-2 के बाद लाखों यात्री रोज यात्रा करेंगे, अभी 60 हजार यात्री रोज जयपुर मेट्रो के पहले फेज में अभी 60,000 यात्री रोजाना यात्रा करते हैं। अभी 11.64 किलोमीटर लंबे कॉरिडोर पर मेट्रो चल रही है, जिसमें 11 स्टेशन हैं। मेट्रो फेज-2 में यात्री संख्या में कई गुना की बढ़ोतरी होने की संभावना है। इससे निजी वाहनों पर निर्भरता कम होगी। शहर में ट्रैफिक दबाव कम होगा। लोगों को अच्छी कनेक्टिविटी मिलेगी। शहर की प्रमुख जगहों पर जाने के लिए मेट्रो उपलब्ध होने से लोगों को सुविधाा मिलेगी। शहर में पर्यटन बढ़ेगा। प्रदूषण कम होगा। जाम नहीं लगेगा। केंद्र की मंजूरी के बाद अब तेजी से काम आगे बढ़ेगा जयपुर मेट्रो फेज-2 की डीपीआर तैयार करके केंद्र को भिजवाई थी। केंद्र ने इसे मंजूरी देने से पहले पब्लिक इन्वेस्टमेंट बोर्ड से आकलन करवाने के साथ इंटर मिनिस्ट्रियल ग्रुप से भी आकलन करवाया। इस प्रोजेक्ट में केंद्र और राज्य सरकार की इक्विटी शामिल है। प्रोजेक्ट के लिए बैंकों से कर्ज लिया जाएगा। रिफाइनरी प्रोजेक्ट इस प्रोजेक्ट की लागत के लिए 79,459 करोड़ करने की मंजूरी केंद्रीय कैबिनेट ने HPCL राजस्थान रिफाइनरी लिमिटेड (HRRL) परियोजना की लागत को 43,129 करोड़ रुपए से बढ़ाकर 79,459 करोड़ रुपए करने की मंजूरी दी है। HPCL की तरफ से 8,962 करोड़ रुपए के अतिरिक्त इक्विटी निवेश को मंजूरी दी है। अब इस बढ़ोतरी से रिफाइनरी में HPCL का कुल इक्विटी निवेश 19,600 करोड़ रुपए हो जाएगा। 26% से ज्यादा पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट बनेंगे, 1 जुलाई से कमर्शियल संचालन पचपदरा रिफाइनरी मॉडर्न रिफाइनरी है, जिसमें 26% से ज्यादा पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट बनेंगे। 1 जुलाई से कमर्शियल संचालन की तारीख रखी गई है। पचपदरा रिफाइनरी 9 MMTPA क्षमता वाली एक ग्रीनफील्ड रिफाइनरी-कम-पेट्रोकेमिकल कॉम्प्लेक्स है, जिसकी पेट्रोकेमिकल उत्पादन क्षमता 2.4 MMTPA है। यह HPCL और राजस्थान सरकार का जॉइंट वेंचर है। इस रिफाइनरी में 1 MMTPA पेट्रोल और 4 MMTPA डीजल के के साथ-साथ 1 MMTPA पॉलीप्रोपाइलीन, 0.5 MMTPA LLDPE (लीनियर लो डेंसिटी पॉलीएथिलीन), 0.5 MMTPA HDPE (हाई डेंसिटी पॉलीएथिलीन और करीब 0.4 MMTPA बेंजीन, टोल्यून और ब्यूटाडाइन भी उत्पादित करेगी। ये सभी उत्पाद परिवहन, फार्मा, पेंट, पैकेजिंग जैसे उद्योगों में काम आते हैं, और अभी बडऋी मात्रा में इनका आयात करना पड़ता है। पेट्रो केमिकल में आयात घटेगा HRRL परियोजना देश की बढ़ती ऊर्जा और पेट्रोकेमिकल जरूरतों को ध्यान में रखते हुए अहम मानी जा रही है। इसमें बनने वाले पेट्रोकेमिकल प्रोडक्ट से आत्मनिर्भरता बढ़ेगी। पेर्टोकेमिकल में आयात कम होगा और इससे विदेशी मुद्रा बचेगी। उद्योगों को सस्ती दर पर पेट्रो केमिकल प्रोडक्ट मिल सकेंगे।
मंडला जिले के निवास थाना क्षेत्र में बुधवार सुबह एक बाइक पोल से टकरा गई, जिसमें भाई-बहन गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा ग्राम करौंदी के पास तब हुआ जब दोनों शादी समारोह से वापस लौट रहे थे। मझगांव निवासी रज्जो बाई अपने भाई राजू मरावी के साथ बाइक से निवास की ओर जा रही थीं। रज्जो बाई के बेटे की बारात मंगलवार को कछारी गई थी। यह बाइक उनके बेटे को शादी में दहेज में मिली थी, जिससे लौटते समय करौंदी के पास बाइक अनियंत्रित होकर सड़क किनारे लगे सीमेंट के छोटे पोल से जा भिड़ी। हादसे में दोनों को गंभीर चोटें आई हैं। जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर हादसे के बाद राहगीरों ने सूचना दी, जिसके बाद डायल 112 और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। घायलों को तुरंत सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र निवास ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने प्राथमिक इलाज के बाद दोनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें जबलपुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया है। निवास पुलिस ने केस दर्ज कर लिया है और जांच कर रही है।
जींद जिले के उचाना में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) एससी सेल के प्रदेश उप प्रधान सूरजमल ग्रोवर ने अपने पद से इस्तीफा दे दिया है। उन्होंने अपना इस्तीफा पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष डॉ. अजय सिंह चौटाला और पूर्व डिप्टी सीएम दुष्यंत चौटाला को भेजा है। ग्रोवर ने इस्तीफे में निजी कारणों का हवाला दिया है। बता दे कि सूरजमल ग्रोवर का परिवार वर्ष 1984 से चौधरी देवीलाल के परिवार से जुड़ा रहा है। वे पहले इंडियन नेशनल लोकदल (इनेलो) में थे और बाद में जननायक जनता पार्टी (जेजेपी) में शामिल हो गए थे। हालांकि, सूत्रों से मिली जानकारी के अनुसार, ग्रोवर जल्द ही जेजेपी छोड़ सकते हैं। एससी सेल के प्रदेश उप प्रधान पद से दिया इस्तीफा बता दे कि अभी तक उन्होंने पार्टी छोड़ने की कोई आधिकारिक घोषणा नहीं की है। सूरजमल ग्रोवर ने कहा कि पार्टी एक परिवार की तरह होती है और उन्होंने बिना किसी स्वार्थ के इसके लिए काम किया है। उन्होंने निजी कारणों से इस्तीफा दिया है। भविष्य की योजनाओं के बारे में उन्होंने कहा कि वे अभी कुछ नहीं कह सकते और अपने साथियों से चर्चा के बाद ही कोई फैसला लेंगे।
भोपाल में महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने पीसीसी के सामने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का पुतला जलाया। महिला कांग्रेस की कार्यकर्ताओं ने असम के सीएम को दलित विरोधी बताते हुए नारेबाजी की। महिला कांग्रेस की प्रदेश महासचिव रूपाली शर्मा ने कहा- असम के मुख्यमंत्री एक दलित विरोधी सीएम हैं। उन्होंने एक दलित वर्ग के नेता मल्लिकार्जुन खरगे जो कांग्रेस पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष हैं का अपमान किया है। आज हमने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा का पुतला जलाया है। अगर वे माफी नहीं मांगते हैं तो महिला कांग्रेस आगे भी उनके खिलाफ विरोध प्रदर्शन करती रहेगी। क्यों हो रहा असम के सीएम का विरोध दरअसल, कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा की पत्नी रिनिकी भुईया के तीन पासपोर्ट होने और विदेशी संपत्ति होने के आरोप लगाए थे। इसका कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे ने भी समर्थन किया। खरगे पर असम के सीएम ने प्रतिक्रिया देते हुए टिप्पणी की। इसका कांग्रेस के नेता विरोध कर रहे हैं। क्या था पूरा मामला और बयान? विवाद की शुरुआत तब हुई जब कांग्रेस नेता पवन खेड़ा ने मुख्यमंत्री की पत्नी रिंकी भुइयां सरमा पर विदेशी संपत्ति और कई पासपोर्ट होने के आरोप लगाए। इसके बाद असम पुलिस ने दिल्ली में खेड़ा के आवास पर छापेमारी की। इस कार्रवाई पर प्रतिक्रिया देते हुए मल्लिकार्जुन खरगे ने सरकार की आलोचना की थी और विदेश मंत्रालय से स्पष्टीकरण की बात कही थी। इस पर पलटवार करते हुए हिमंता बिस्वा सरमा ने खरगे के लिए 'पागल' शब्द का इस्तेमाल किया। हिमंता ने कहा:खरगे जी की उम्र हो गई है, लेकिन फिर भी वह एक पागल व्यक्ति की तरह बात कर रहे हैं। बिना सच जाने आप ऐसे आरोप कैसे लगा सकते हैं? यह वैसा ही है जैसे किसी को जान से मार दो और फिर उसे दवा देने की बात करो। उन्होंने आगे यह भी कहा कि खरगे को देश से माफी मांगनी चाहिए और असम पुलिस पवन खेड़ा को 'पाताल' से भी ढूंढ निकालेगी। अब भोपाल में हुए प्रदर्शन की तस्वीरें देखिए…
गाजियाबाद में भारतीय किसान यूनियन (अनाज) के पदाधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों के गरीब, किसान और मजदूरों की समस्याओं को लेकर जिला मुख्यालय पर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। यह ज्ञापन राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन शर्मा और जिलाध्यक्ष दक्ष नागर मथुरापुर के नेतृत्व में दिया गया। किसानों ने बताया कि ग्रामीण क्षेत्रों में बिना सही जानकारी और सहमति के प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे लोगों को परेशानी हो रही है। कई ग्रामीणों के पास स्मार्टफोन नहीं होने के कारण वे बिजली बिल देखने और जमा करने में असमर्थ हैं। उन्होंने यह भी शिकायत की कि बिना सूचना के बिजली आपूर्ति बंद कर दी जाती है, और बिल जमा करने के बाद भी कई दिनों तक बिजली चालू नहीं होती, जिससे पानी और बिजली दोनों की समस्या खड़ी हो जाती है। संगठन ने मांग की कि बिना सहमति के प्रीपेड मीटर लगाने पर तत्काल रोक लगाई जाए और उपभोक्ताओं को पहले पूरी जानकारी दी जाए। इसके अतिरिक्त, निजी स्कूलों द्वारा किताब, ड्रेस, एडमिशन फीस, डेवलपमेंट चार्ज और अन्य शुल्कों के नाम पर अत्यधिक पैसे लिए जाने का मुद्दा भी उठाया गया। किसानों का कहना था कि बढ़ती फीस के कारण गरीब और मजदूर परिवार अपने बच्चों को अच्छी शिक्षा नहीं दिला पा रहे हैं। संगठन ने प्रशासन से निजी स्कूलों की मनमानी पर रोक लगाने की मांग की, ताकि गरीब परिवारों के बच्चे भी शिक्षा प्राप्त कर सकें। किसानों ने बेमौसम बारिश के कारण फसलों को हुए नुकसान के लिए उचित मुआवजे की भी मांग की। साथ ही, शादी-विवाह के समय गैस सिलेंडर की कमी की समस्या को देखते हुए पर्याप्त गैस सिलेंडर उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई गई। लोनी क्षेत्र में चल रही अवैध फैक्ट्रियों से फैल रहे प्रदूषण पर भी संगठन ने नाराजगी व्यक्त की और इन फैक्ट्रियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की। इस दौरान संगठन के कई पदाधिकारी और बड़ी संख्या में किसान व युवा मौजूद रहे, जिन्होंने अपनी समस्याओं के जल्द समाधान की अपील की।
देवास जिले में मनरेगा योजना के तहत कार्यरत संविदा अधिकारी, कर्मचारी और ग्राम रोजगार सहायक पिछले चार माह से मानदेय न मिलने से नाराज हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपकर तत्काल भुगतान की मांग की है और चेतावनी दी है कि यदि जल्द समाधान नहीं हुआ तो वे आंदोलन करेंगे। कर्मचारियों का कहना है कि वे महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी योजना (मनरेगा) जैसी महत्वपूर्ण सरकारी योजना को पूरी निष्ठा से संचालित कर रहे हैं। इसके बावजूद उन्हें समय पर मानदेय नहीं मिल रहा है, जिससे उन्हें और उनके परिवारों को गंभीर आर्थिक संकट का सामना करना पड़ रहा है। धरना-प्रदर्शन किया जाएगा लगातार चार महीने से भुगतान न होने के कारण दैनिक खर्च, बच्चों की पढ़ाई, स्वास्थ्य सेवाएं और अन्य आवश्यक जरूरतों को पूरा करना बेहद कठिन हो गया है। कर्मचारियों ने इस स्थिति को अत्यंत गंभीर और दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। ज्ञापन में कर्मचारियों ने प्रशासन से दो प्रमुख मांगें रखी हैं: पहला, लंबित चार माह का मानदेय तत्काल जारी किया जाए, और दूसरा, भविष्य में नियमित और समयबद्ध भुगतान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने स्पष्ट चेतावनी दी है कि यदि जल्द ठोस कार्रवाई नहीं हुई तो वे लोकतांत्रिक तरीके से धरना-प्रदर्शन, कार्य बहिष्कार और आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे, जिसकी पूरी जिम्मेदारी शासन और प्रशासन की होगी।
राजधानी जयपुर के श्योपुर रोड, प्रतापनगर स्थित सहदेवड़ा ज्वैलर्स में मंगलवार दोपहर एक शातिर बदमाश ने फर्जी Phone-Pe पेमेंट कर करीब 75 हजार रुपए कीमत की सोने की अंगूठी लेकर फरार होने की वारदात को अंजाम दिया। पूरी घटना दुकान में लगे CCTV कैमरे में कैद हो गई, जिसके आधार पर पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी है। मंगलवार दोपहर करीब साढ़े तीन बजे एक युवक ग्राहक बनकर दुकान पर पहुंचा। आरोपी ने महंगे कपड़े पहन रखे थे और आंखों पर गॉगल लगाया हुआ था, जिससे वह सामान्य कस्टमर जैसा दिखाई दे रहा था। उसने दुकान पर सोने की एक महंगी अंगूठी पसंद की और पेमेंट के लिए Phone-Pe से ट्रांजैक्शन करने का दिखावा किया। आरोपी ने दुकानदार को मोबाइल पर फर्जी पेमेंट स्क्रीन दिखाकर विश्वास में लिया और अंगूठी अपने कब्जे में ले ली। दुकान से बाहर निकलते ही वह सेकंडों में अपने साथी के साथ फरार हो गया। बाद में जब दुकानदार ने अकाउंट चेक किया तो पता चला कि खाते में कोई रकम ट्रांसफर ही नहीं हुई। पीड़ित रामगोपाल सोनी ने बताया कि मामले को लेकर सांगानेर थाने में शिकायत दर्ज कराई है। पुलिस ने CCTV फुटेज अपने कब्जे में लेकर आरोपी और उसके साथी की पहचान शुरू कर दी है। सांगानेर थाना प्रभारी लिखमाराम ने बताया कि मामले में घटना स्थल के आसपास के सीसीटीवी कैमरों से मिली फुटेज के आधार पर आरोपी की तलाश में दबीश दी जा रही है।
आगरा के ट्रांस यमुना कॉलोनी बी ब्लॉक स्थित बाल विहार पार्क में श्रीमद् भागवत कथा का शुभारंभ भक्ति और उल्लास के बीच हुआ। कथा से पूर्व 101 महिलाओं की भव्य कलश यात्रा निकाली गई, जिसमें पीले वस्त्रों में सजी महिलाएं सिर पर कलश रखकर शामिल हुईं। “राधे-राधे” और “हरे कृष्ण” के जयघोष से पूरा क्षेत्र गुंजायमान रहा, वहीं जगह-जगह पुष्प वर्षा कर श्रद्धालुओं का स्वागत किया गया। बड़ी संख्या में स्थानीय लोगों की मौजूदगी ने आयोजन को और भी खास बना दिया। कथा वाचक आचार्य पंडित चंद्र प्रकाश शर्मा आगामी दिनों में भागवत कथा के विभिन्न प्रसंगों के माध्यम से श्रद्धालुओं को धर्म, कर्म और भक्ति का संदेश देंगे। उन्होंने कहा कि ऐसे धार्मिक आयोजनों से समाज में सकारात्मक ऊर्जा का संचार होता है और लोगों में नैतिक मूल्यों की भावना मजबूत होती है। आयोजन के सफल संचालन में क्षेत्रीय लोगों की सक्रिय भागीदारी देखने को मिल रही है। परीक्षित आशीष अग्रवाल ने बताया कि कथा के दौरान प्रतिदिन श्रद्धालुओं के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, ताकि अधिक से अधिक लोग कथा श्रवण का लाभ उठा सकें।इस मौके पर बबली अग्रवाल, सुरेश चंद्र शर्मा, सुधीर कुमार जैन, बंटी गुप्ता, सचिन अग्रवाल, सुनील गुप्ता, सुभाष मित्तल, अशोक चौहान, अजय गुप्ता, मुकेश अग्रवाल और शीलू सहित कई गणमान्य लोग मौजूद रहे। आयोजन स्थल पर अनुशासन और व्यवस्थाओं को लेकर भी विशेष ध्यान रखा जा रहा है, जिससे श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो।पूरे कार्यक्रम में भक्ति के साथ-साथ सामाजिक एकता और सामूहिक सहयोग की भावना भी साफ तौर पर नजर आ रही
डीडवाना में सैनिकों और उनके परिवारों को कानूनी समस्याओं के समाधान के लिए अब भटकना नहीं पड़ेगा। नेशनल लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (NLSA) और राजस्थान स्टेट लीगल सर्विसेज अथॉरिटी (RSLSA) के निर्देश पर जिले के सैनिक कल्याण कार्यालय में 'वीर परिवार सहायता योजना 2025' के तहत एक स्थायी विधिक सेवा क्लिनिक का शुभारंभ किया गया है। इस क्लिनिक का उद्घाटन डीएलएसए अध्यक्ष एवं जिला न्यायाधीश नाहरसिंह मीणा और सचिव सीजेएम महावीरसिंह चारण ने किया। इस अवसर पर जिला सैनिक कल्याण अधिकारी कर्नल राजेंद्र सिंह के साथ एक बैठक भी आयोजित की गई, जिसमें क्लिनिक के संचालन और विधिक सहायता की रूपरेखा पर चर्चा की गई। चीफ डिफेंस काउंसिल विकास ठोलिया ने बताया कि 5 जनवरी को डीएलएसए कार्यालय के उद्घाटन के बाद यह विशेष पहल सैनिकों और उनके परिवारों को त्वरित एवं प्रभावी कानूनी सहायता प्रदान करने के लिए की गई है। इस योजना में भारतीय सशस्त्र बलों के तीनों अंगों- थल सेना, नौसेना और वायु सेना में कार्यरत और सेवानिवृत्त जवानों और उनके परिवारों को शामिल किया गया है। क्लिनिक में किसी भी प्रकार के कानूनी मामलों में निःशुल्क परामर्श और सहायता उपलब्ध कराई जाएगी। सैन्य परिवारों की समस्याओं के समाधान के लिए एक अधिवक्ता नियमित रूप से उपस्थित रहेंगे। सैनिक कल्याण बोर्ड परिसर में ही यह सुविधा मिलने से अब परिवारों को कानूनी मदद के लिए अलग-अलग दफ्तरों के चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे। इस अवसर पर हरफुल राव, फिरोज खान, विपुल कुमार, महेश्वर पुरोहित सहित विधिक सेवा प्राधिकरण के सदस्य और सैन्य अधिकारी मौजूद रहे। इस पहल का मुख्य उद्देश्य देश की रक्षा करने वाले वीर जवानों और उनके परिवारों को समय पर न्याय और कानूनी सहायता उपलब्ध कराना है।
सवाई माधोपुर के पुराने शहर में समस्या के समाधान को लेकर अब पुलिस और प्रशासन मुस्तैद नजर आ रहा है। मंगलवार को जहां कोतवाली थानाधिकारी मदन लाल मीणा और ट्रैफिक इंचार्ज राकेश कुमार शर्मा व शहर पुलिस चौकी इंचार्ज ने सिटी बस यूनियन और व्यापार संगठन के साथ बैठक आयोजित की थी। जिसके बाद बुधवार को अतिक्रमण हटवाया गया। दुकानों के बाहर रखा सामान अंदर रखवाया सवाई माधोपुर के पुराने शहर के मुख्य बाजार से पुलिस जाब्ते की मदद से दुकानों के बाहर रखे सामानों को अंदर रखवाया। इसी के साथ ही सड़क पर खड़े वाहनों को हटवाया गया। यहां ट्रैफिक इंचार्ज और कोतवाली थानाधिकारी ने दुकानदार व लोगों को सड़क पर वाहन नहीं खड़े करने की हिदायत दी। इस दौरान कोतवाली थानाधिकारी मदन लाल मीणा ने बताया कि आगामी एक दो दिन तक इसी तरह जाम से मुक्ति दिलवाने के लिए अभियान चलाया जाएगा। जिसके बाद ऐसे लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। जिसके तहत सड़क पर खड़े वाहनों के चालान काटने और जब्त करने की कार्रवाई की जाएगी। इसी दुकानों के बाहर सामान रखने पर दुकानदारों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।उल्लेखनीय है कि सवाई माधोपुर के पुराने शहर में लगातार जाम के हालात बने रहते हैं। जिसकी शिकायतें लोगों ने प्रशासन से की थी। जिसपर पुलिस अधिकारियों ने मंगलवार एक समझाइश बैठक आयोजित की थी। जिसके बाद आज बुधवार को यह कार्रवाई देखने को मिली।
करनाल जिले में घरौंडा की नई अनाज मंडी में आढ़तियों के धरने के बीच बुधवार को सियासी माहौल गरमा गया। हरियाणा कांग्रेस के प्रदेश अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह धरनास्थल पर पहुंचे और आढ़तियों के साथ बैठकर सरकार के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने किसानों की गेहूं खरीद में देरी और नमी के बहाने को लेकर सरकार को घेरा। साथ ही राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों पर सख्त कार्रवाई की बात भी कही। राव नरेंद्र सिंह ने मंडी में पहुंचते ही मार्केट कमेटी के गेट पर चल रहे आढ़तियों के धरने में हिस्सा लिया। आढ़तियों की मांग थी कि गेहूं की खरीद की जाए और मॉश्चर पर भी कुछ छूट दी जाए। खरीद न होने से मंडी में दिक्कतें आ रही है। राव नरेंद्र सिंह ने मीडिया से बातचीत में कहा कि हरियाणा सरकार खुद को डबल इंजन की सरकार बताती है, लेकिन किसानों की समस्या का समाधान नहीं कर पा रही। उन्होंने कहा कि सरकार को चाहिए कि वह केंद्र से बात करे और गेहूं में नमी के बहाने को खत्म करे, ताकि किसानों की फसल तुरंत खरीदी जा सके। नमी के नाम पर किसानों को परेशान करने का आरोप राव नरेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार और अधिकारी जानबूझकर किसानों और आढ़तियों को परेशान कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि जब सरकारी मशीनों से गेहूं की जांच होती है तो उसमें नमी ज्यादा दिखाई जाती है, जबकि आढ़तियों की मशीनों से जांच करने पर नमी कम निकलती है। इससे साफ है कि सिस्टम में गड़बड़ी है और किसानों को बेवजह रोका जा रहा है। उन्होंने कहा कि मंडियों में बारदाना भी पर्याप्त मात्रा में उपलब्ध नहीं है, लेकिन इसके बावजूद आढ़तियों पर दबाव बनाया जा रहा है। गेट पास को लेकर लगाई गई शर्तों को भी उन्होंने गलत बताया। लिफ्टिंग और भुगतान में देरी पर उठाए सवाल उन्होंने कहा कि सरकार का काम है कि वह फसल खरीदे और समय पर लिफ्टिंग करे। जब लिफ्टिंग होगी तभी जे-फार्म बनेगा और किसानों के खातों में भुगतान आएगा। लेकिन वर्तमान स्थिति में किसान कई-कई दिन से परेशान हैं और उनकी फसल भीग रही है। ऐसे में किसान अपनी फसल बेचने को लेकर चिंतित हैं। क्रॉस वोटिंग पर सख्त रुख राज्यसभा चुनाव में क्रॉस वोटिंग करने वाले विधायकों के मुद्दे पर राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि जिन उम्मीदवारों को कांग्रेस ने टिकट दी थी, उन्हें जनता ने पार्टी के नाम पर जिताकर विधानसभा भेजा। लेकिन भाजपा ने प्रलोभन, दबाव और बाहुबल के जरिए कांग्रेस के पांच वोटों की क्रॉस वोटिंग करवाई। उन्होंने बताया कि इस मामले में अनुशासन समिति की रिपोर्ट आ चुकी है, जिसे उन्होंने पार्टी प्रभारी बीके हरिप्रसाद को भेज दिया है। जल्द ही दोषी विधायकों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने साफ कहा कि पार्टी के साथ गद्दारी करने वालों के लिए कांग्रेस में कोई जगह नहीं है। भाजपा पर लगाए गंभीर आरोप सत्ता पक्ष के इस आरोप पर कि कांग्रेस के विधायक अपने नेताओं से परेशान हैं, राव नरेंद्र सिंह ने पलटवार किया। उन्होंने कहा कि एक राज्यसभा सदस्य के लिए 31 विधायकों की जरूरत होती है, फिर भाजपा को अपनी पार्टी के पदाधिकारी को निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में उतारने की क्या जरूरत थी। उन्होंने आरोप लगाया कि भाजपा ने 3 निर्दलीय और 7 आजाद विधायकों का समर्थन लेकर उम्मीदवार खड़ा किया और हॉर्स ट्रेडिंग के जरिए सरकार को अस्थिर करने की कोशिश की। हालांकि उन्होंने कहा कि लोकतंत्र की ताकत और जनता के समर्थन से कांग्रेस का उम्मीदवार राज्यसभा में पहुंचा। केंद्रीय मंत्री के आरोपों पर दिया जवाब केंद्रीय मंत्री मनोहर लाल द्वारा विपक्ष पर राजनीति करने के आरोपों पर राव नरेंद्र सिंह ने कहा कि यह चुनाव का समय नहीं है, बल्कि जनता के मुद्दे उठाने का समय है। उन्होंने कहा कि भाजपा झूठे वादे करके सत्ता में आई थी, लेकिन अब जनता उसकी सच्चाई समझ चुकी है। उन्होंने कहा कि सरकार पारदर्शिता की बात करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर हर तरफ झूठ और धोखा नजर आ रहा है। किसान एक सप्ताह से अधिक समय से परेशान हैं और उनकी फसल खराब हो रही है। किसानों के हित में उठाई मांग राव नरेंद्र सिंह ने सरकार से मांग की कि मौसम की वजह से खराब हुई गेहूं को ध्यान में रखते हुए नमी के नियमों में छूट दी जाए। उन्होंने कहा कि किसानों के एक-एक दाने की खरीद सुनिश्चित की जानी चाहिए। साथ ही उन्होंने कहा कि जब तक सरकार गेहूं की खरीद नहीं करेगी, तब तक किसानों के खातों में भुगतान नहीं आएगा। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि सरकार ने अभी तक भावांतर का पैसा भी किसानों को नहीं दिया है।
पूर्वांचल विश्वविद्यालय ने बालिका संरक्षण गृह का दौरा किया:पुनर्वास और सशक्तिकरण पर दिया जोर
वीर बहादुर सिंह पूर्वांचल विश्वविद्यालय की एक टीम ने बुधवार को वाराणसी के राजकीय बालिका संरक्षण गृह, रामनगर का शैक्षणिक भ्रमण किया। इस दौरे का उद्देश्य सामाजिक उत्तरदायित्व के तहत संरक्षण गृह में रह रहीं बालिकाओं के जीवन के विभिन्न पहलुओं का अध्ययन करना था। भ्रमण का मुख्य लक्ष्य बालिकाओं की शिक्षा, स्वास्थ्य, सुरक्षा, मानसिक सुदृढ़ता और पुनर्वास की स्थिति का गहन मूल्यांकन करना था। विश्वविद्यालय यह समझना चाहता था कि वह पॉक्सो अधिनियम और अन्य संवेदनशील परिस्थितियों में संरक्षण प्राप्त बालिकाओं के पुनर्वास, मनोवैज्ञानिक सशक्तिकरण, कौशल विकास और सामाजिक पुनर्स्थापन में कैसे प्रभावी योगदान दे सकता है। भ्रमण दल का नेतृत्व अधिष्ठाता छात्र कल्याण प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने किया। टीम में उपकुलसचिव बबीता, अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान विभाग की डॉ. जान्हवी श्रीवास्तव और डॉ. मनोज कुमार पाण्डेय, अनुप्रयुक्त मनोविज्ञान की शोध छात्रा एवं वरिष्ठ नैदानिक मनोवैज्ञानिक पायल, तथा दिवाकर शर्मा शामिल थे। संरक्षण गृह की प्रभारी संगीता राय और परामर्शदाता दीपिका सिंह ने विश्वविद्यालय प्रतिनिधियों का स्वागत किया। उन्होंने परिसर का विस्तृत निरीक्षण कराया और आवास, पोषण, स्वास्थ्य परीक्षण, परामर्श सेवाओं, शैक्षणिक गतिविधियों तथा कौशल प्रशिक्षण कार्यक्रमों के बारे में विस्तृत जानकारी प्रदान की। इस अवसर पर प्रो. प्रमोद कुमार यादव ने कहा कि विश्वविद्यालय सामाजिक उत्तरदायित्व के निर्वहन में सदैव अग्रणी भूमिका निभाने के लिए प्रतिबद्ध है। संगीता राय ने भविष्य में विश्वविद्यालय के साथ मिलकर जागरूकता अभियानों, प्रशिक्षण सत्रों और कार्यशालाओं के आयोजन पर सहमति व्यक्त की। यह पहल कुलाधिपति आनंदी बेन पटेल के नेतृत्व में उत्तर प्रदेश के राज्य विश्वविद्यालयों द्वारा किए जा रहे सामाजिक कार्यों का एक महत्वपूर्ण उदाहरण है। यह शैक्षणिक संस्थाओं के सामाजिक उत्तरदायित्व को दर्शाता है।
जहरखुरानी गिरोह के दो बदमाशों को चार साल की सजा:रोडवेज बस में लूट के 13 साल पुराने मामले में फैसला
रोडवेज बसों में यात्रियों को नशीला पदार्थ खिलाकर लूटपाट करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को अदालत ने दोषी ठहराया है। दोनों को चार-चार साल के सश्रम कारावास की सजा सुनाई गई है। इसके साथ ही, प्रत्येक दोषी पर ढाई-ढाई हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया गया है। सहायक जिला शासकीय अधिवक्ता प्रवीण कुमार ने बताया कि यह मामला साल 2013 का है। फर्रुखाबाद निवासी सनोज कुमार और मनीराम रोडवेज बस से दिल्ली जा रहे थे। यात्रा के दौरान उनके साथ बैठे एक व्यक्ति ने उन्हें चाय और बिस्कुट दिए। इन्हें खाने के बाद दोनों बेहोश हो गए। आरोपियों ने इसके बाद उनके पास से नकदी और कीमती सामान लूट लिया और मौके से फरार हो गए। पीड़ितों की शिकायत पर खुर्जा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने गिरोह के सदस्यों चौब सिंह और राकेश को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था। मामले की सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश गोपाल जी की अदालत में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से कुल 10 गवाह पेश किए गए, जिन्होंने अदालत में आरोपियों की पहचान की। साक्ष्यों और गवाहों के बयानों के आधार पर अदालत ने दोनों आरोपियों को दोषी मानते हुए यह सजा सुनाई। अदालत के इस फैसले को रोडवेज बसों में यात्रियों के साथ होने वाली लूटपाट की घटनाओं पर अंकुश लगाने की दिशा में एक सख्त संदेश माना जा रहा है।
राजगढ़ कलेक्टर डॉ. गिरीश कुमार मिश्रा ने राजस्व विभाग की वर्चुअल समीक्षा बैठक में अधिकारियों की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताते हुए समयबद्ध निराकरण के निर्देश दिए। बैठक में माचलपुर तहसीलदार की अनुपस्थिति पर कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा के दौरान ई-अटेंडेंस में लापरवाही को लेकर भी कलेक्टर ने सख्ती दिखाई। खिलचीपुर एसडीएम के मार्च माह में उपस्थिति दर्ज न करने पर गहरी नाराजगी जताई गई और तत्काल सुधार के निर्देश दिए गए। वहीं, सारंगपुर एसडीएम के कमजोर प्रदर्शन पर भी असंतोष व्यक्त किया गया। आरसीएमएस पोर्टल को लगातार अपडेट करें कलेक्टर ने सभी तहसीलदार और नायब तहसीलदारों को नियमित रूप से न्यायालय में बैठकर राजस्व प्रकरणों का समयबद्ध निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। साथ ही आरसीएमएस पोर्टल को लगातार अपडेट रखने पर जोर दिया। उन्होंने सभी पटवारियों को अपने-अपने हल्कों में नियमित रूप से ई-अटेंडेंस दर्ज करने के निर्देश दिए। खिलचीपुर तहसीलदार, जिनकी मैपिंग नहीं हुई है, उन्हें भी अनिवार्य रूप से उपस्थिति दर्ज करने को कहा गया। ब्यावरा एसडीएम को भी ई-अटेंडेंस नियमित कर मैदानी कार्यों की निगरानी बेहतर बनाने के निर्देश दिए गए। इसके अलावा कलेक्टर ने साइबर तहसील से जुड़े लंबित प्रकरणों की समीक्षा करते हुए सभी मामलों का शीघ्र निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश दिए।
धघैटा गांव में शराब ठेका हटाने की मांग:महिलाओं ने डीएम को सौंपा ज्ञापन, बिगड़ रहा माहौल
मथुरा के बलदेव थाना क्षेत्र के धघैटा गांव में आबादी के पास संचालित शराब के ठेके को हटाने की मांग तेज हो गई है। सोमवार को दर्जनों महिला-पुरुषों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को ज्ञापन सौंपा। इस विरोध प्रदर्शन का नेतृत्व राष्ट्रीय लोकदल (रालोद) के नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने किया। ग्रामीणों का आरोप है कि यह शराब का ठेका लंबे समय से आबादी क्षेत्र के पास चल रहा है, जिससे गांव का सामाजिक वातावरण बिगड़ रहा है। उनका कहना है कि ठेके पर आने वाले बाहरी लोग शराब पीकर अक्सर हुड़दंग करते हैं। इससे शांति व्यवस्था भंग होती है और महिलाओं को असुरक्षा महसूस होती है। ग्रामीणों ने कई बार महिलाओं के साथ अभद्रता की घटनाओं का भी जिक्र किया। ग्रामीणों ने बताया कि इस संबंध में पहले भी प्रशासन से शिकायत की गई थी, लेकिन कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। रालोद नेता कुंवर नरेंद्र सिंह ने कहा कि आबादी क्षेत्र में शराब का ठेका नियमों के विरुद्ध है और इससे गांव का माहौल लगातार खराब हो रहा है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं की गई तो ग्रामीणों के साथ मिलकर बड़ा आंदोलन किया जाएगा। ज्ञापन सौंपने पहुंची महिलाओं ने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि घरों के सामने ठेका होने से बहन-बेटियों को दिक्कतें हो रही हैं और परिवारों में तनाव बढ़ रहा है। जिलाधिकारी ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी। जांच रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
रायपुर के डीडी नगर इलाके में लूट की घटना को अंजाम देने वाले 5 आरोपियों को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 2 अलग-अलग लूट की घटना में शामिल 2 युवकों को और नाबालिग को पकड़ा है। आरोपियों के कब्जे से लूटे गए मोबाइल, घटना में इस्तेमाल करने वाले गाड़ी और चाकू जब्त किया है। पहली घटना, 27 मार्च की रात करीब 1:30 पीड़ित अपने घर सेक्टर-06 भिलाई जा रहा था। रास्ते में रायपुरा चौक के आगे उसकी गाड़ी खराब हो गई। इसी दौरान स्कूटी सवार 3 युवक पहुंचे और उसे डरा-धमकाकर उसका आईफोन-12, बैग में रखे जरूरी दस्तावेज, एटीएम कार्ड और पास बुक लूटकर भाग गए। चाकू की नोक पर लूटी चैन, नकदी और मोबाइल दूसरी घटना 30 मार्च की है । प्रार्थी निखिल शर्मा ने थाना डीडी नगर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि 30 मार्च की रात करीब 1:30 बजे वे एक प्राइवेट हॉस्पिटल से अपने घर लौट रहा था। जैसे ही वह रायपुरा ओवरब्रिज के पास पहुंचा, 3-4 अज्ञात युवकों ने उसे रोक लिया। आरोपियों ने चाकू दिखाकर उसे धमकाया और उसके गले में पहनी सोने की चेन, कैश, मोबाइल फोन और एटीएम कार्ड लूटकर फरार हो गए। CCTV और पूछताछ से आरोपियों की पहचान जांच के दौरान पुलिस टीम ने पीड़ितों से पूछताछ की, घटना स्थल और आसपास के क्षेत्रों के सीसीटीवी फुटेज का बारीकी से जांच की। मुखबिर को भी सक्रिय किया गया। पुलिस टीम ने अलग-अलग स्थानों पर दबिश देकर अश्वनी नगर निवासी भूपेश कुमार साहू और आमापारा, बजरंग नगर निवासी हयांश उर्फ अयान पाल को गिरफ्तार किया है। वहीं, 3 नाबालिग को भी हिरासत में लिया गया। पूछताछ में सभी ने लूट की दोनों घटनाओं को अंजाम देना स्वीकार किया है।
फर्रुखाबाद रोडवेज बस स्टॉप पर बुधवार को दिल्ली जाने वाली बसों को पहले रवाना करने को लेकर दो बसों के चालक और परिचालकों के बीच विवाद हो गया। देखते ही देखते यह विवाद गाली-गलौज और धक्का-मुक्की में बदल गया, जिससे यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, विवाद के दौरान एक चालक ने दूसरी बस की चाबी निकाल ली, जिससे बस आगे नहीं बढ़ पाई। इस खींचतान में दोनों बसें हल्के रूप से आपस में टकरा भी गईं, जिससे यात्रियों में दहशत फैल गई। सूचना मिलने पर रोडवेज के अन्य कर्मचारी मौके पर पहुंचे और किसी तरह दोनों पक्षों को शांत कराया। बाद में अधिकारियों के हस्तक्षेप से यह तय हुआ कि बसों को निर्धारित समय के अनुसार ही रवाना किया जाएगा। इसके बाद ही स्थिति सामान्य हो पाई। स्थानीय लोगों का कहना है कि बस स्टॉप पर इस तरह के विवाद आम हो चुके हैं। अलग-अलग डिपो के चालक-परिचालकों के बीच अक्सर कहासुनी और मारपीट की घटनाएं सामने आती रहती हैं। यात्रियों ने प्रशासन से मांग की है कि ऐसी घटनाओं पर सख्ती से रोक लगाई जाए, ताकि भविष्य में अव्यवस्था और विवाद की स्थिति उत्पन्न न हो।
लखनऊ के अलीगंज स्थित ITI परिसर में बुधवार को ग्रीन गैस ने रोजगार मेला लगाया। इसमें शामिल होने 198 अभ्यर्थी पहुंचे। बड़ी संख्या में अभ्यर्थी सुबह से ही ITI कैंपस पहुंच गए थे। चयन प्रक्रिया में शामिल होने के बाद कुल 70 अभ्यर्थियों को शार्ट लिस्ट किया गया। ग्रीन गैस करीब 50 पदों पर भर्ती करने के लिए पहुंची थी। ITI अलीगंज के प्लेसमेंट ऑफिसर एमए खान ने बताया- ग्रीन गैस लिमिटेड में लखनऊ और आगरा सेंटर के लिए रोजगार मेले का आयोजन हुआ। कुल 50 पदों पर भर्ती होनी थी। सभी अभ्यर्थियों का इंटरव्यू हुआ। 70 अभ्यर्थियों को शार्ट लिस्ट किया गया है। इनमें से 50 अभ्यर्थियों को नौकरी दी जाएगी। LPG की शॉर्टेज कम करने के लिए हुई भर्ती एमए खान ने बताया कि युद्ध के चलते LPG सप्लाई में संकट हैं। ऐसे में सरकार ने घरों में PNG कनेक्शन बढ़ाने के निर्देश जारी किए थे। ग्रीन गैस ने बड़े पैमाने पर कनेक्शन के लिए आवेदन मिलने के बाद मैन पॉवर को भर्ती करने के लिए रोजगार मेला लगाया था। करीब 200 अभ्यर्थी आए, इनमें से 70 को शार्ट लिस्ट किया गया हैं। सेलेक्टेड अभ्यर्थियों को नौकरी के दौरान 25 हजार 700 की सैलरी दी जाएगी।
चूरू पुलिस ने शहर में बढ़ते नशे के कारोबार पर अंकुश लगाने के लिए 'ऑपरेशन नकेल' शुरू किया है। इस अभियान के तहत पुलिस ने नशे के अवैध धंधे में लिप्त लोगों पर कार्रवाई की तैयारी पूरी कर ली है। इसके लिए एक हेल्पलाइन नंबर भी जारी किया गया है। पुलिस अधीक्षक निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि आमजन अवैध ड्रग्स और नशे से संबंधित किसी भी प्रकार की सूचना हेल्पलाइन नंबर 9950077191 पर दे सकते हैं। सूचना देने वाले व्यक्ति की पहचान पूरी तरह गोपनीय रखी जाएगी। एसपी निश्चय प्रसाद एम ने बताया कि शहर में चिट्टा और एमडी ड्रग्स का नशा तेजी से फैल रहा है। स्कूल और कॉलेज के युवा इसकी चपेट में आ रहे हैं, जिससे उनका भविष्य खराब हो रहा है। नशे की लत पूरी करने के लिए वे अवैध गतिविधियों में भी शामिल हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि नशे के कारोबारियों पर नकेल कसने के उद्देश्य से 'ऑपरेशन नकेल' शुरू किया गया है। प्राप्त सूचनाओं के आधार पर ड्रग पैडलर्स और नशा बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) पर गेहूं खरीद केंद्रों की व्यवस्थाओं को लेकर एक बार फिर सवाल खड़े हो गए हैं। पूर्व विधायक व कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने आरोप लगाया है कि खरीद केंद्रों पर क्वालिटी के नाम पर किसानों के साथ अन्याय हो रहा है और उनका गेहूं तौलने से इनकार किया जा रहा है। गुंजल ने कहा कि हाल ही में हुई बेमौसम बारिश के कारण कई किसानों का गेहूं हल्का भीग गया, जिससे उसकी गुणवत्ता में मामूली फर्क आया है। लेकिन भारतीय खाद्य निगम (एफसीआई) ऐसे गेहूं को बदरंग बताकर खरीद से मना कर रहा है। इसे उन्होंने किसानों के साथ सीधा अन्याय बताया। उन्होंने तुलाई व्यवस्था पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि प्रशासन प्रति बीघा साढ़े छह क्विंटल तुलाई की बात कर रहा है, जबकि कई किसानों का उत्पादन साढ़े आठ क्विंटल प्रति बीघा तक पहुंचा है। ऐसे में अतिरिक्त गेहूं को किसान कहां बेचें, यह बड़ा सवाल है। गुंजल के मुताबिक खरीद केंद्रों पर किसानों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। स्लॉट बुकिंग से लेकर गुणवत्ता जांच तक की प्रक्रिया उनके लिए परेशानी का कारण बनी हुई है। दूसरी ओर सरकार के प्रतिनिधि सभी प्रकार के गेहूं की सुचारू खरीद के दावे कर रहे हैं, जिससे किसानों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। उन्होंने प्रशासन और सरकार से मांग की है कि खरीद केंद्रों पर व्याप्त अव्यवस्था को तुरंत दूर किया जाए और किसानों को अनावश्यक रूप से परेशान करना बंद किया जाए। गुंजल ने चेतावनी दी कि अगर स्थिति में सुधार नहीं हुआ तो किसानों के साथ मिलकर आंदोलन किया जाएगा।
धार जिले की कुक्षी में बुधवार सुबह इमली तोड़ने के लिए पेड़ पर चढ़ा 13 वर्षीय बालक हाईटेंशन बिजली लाइन की चपेट में आ गया। करंट लगने से बालक की कमर और पैर का हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया। उसे गंभीर हालत में बड़वानी जिला अस्पताल रेफर किया गया है। हाईटेंशन लाइन के पास था इमली का पेड़ तहसील के ग्राम लिंगवा में सुबह करीब 11 बजे बालक सुखा पिता अजय (13) इमली तोड़ने के लिए एक ऊंचे पेड़ पर चढ़ा था। पेड़ के पास से ही 11 केवी की बिजली लाइन गुजर रही थी। असावधानी के कारण बालक का शरीर हाईटेंशन लाइन से छू गया, जिससे वह झटके खाकर पेड़ में ही फंसकर बेहोश हो गया। रस्सी के सहारे ग्रामीणों ने नीचे उतारा हादसे के बाद ग्रामीणों ने मौके पर पहुंचकर सूझबूझ दिखाई। करंट का खतरा होने के बावजूद लोगों ने रस्सी की मदद से बालक को सावधानीपूर्वक पेड़ से नीचे उतारा। बिजली की चपेट में आने से बालक की कमर और पैर का हिस्सा गंभीर रूप से झुलस गया है। निसरपुर से जिला अस्पताल बड़वानी रेफर ग्रामीणों ने तत्काल 108 एंबुलेंस को सूचना दी, इसके बाद बालक को निसरपुर अस्पताल ले जाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद उसकी गंभीर स्थिति को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल बड़वानी रेफर कर दिया है। पुलिस ने शुरू की जांच घटना की सूचना मिलते ही निसरपुर पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और प्रत्यक्षदर्शियों के बयान दर्ज किए। फिलहाल बालक की हालत नाजुक बनी हुई है और जिला अस्पताल में उसका इलाज जारी है।
शिवपुरी जिले में ऑनलाइन अश्लील वीडियो और चैट के जरिए ठगी व शोषण के मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इसी कड़ी में अब एक महिला ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस अधीक्षक कार्यालय में शिकायत दर्ज कराई है। महिला का आरोप है कि उसका पति उसे जबरन ऑनलाइन अश्लील गतिविधियों में शामिल होने के लिए मजबूर करता था। यह मामला पिछोर थाना क्षेत्र के सेमरी गांव का है। पीड़िता ने बताया कि उसकी शादी करीब सात साल पहले आशाराम जाटव से हुई थी। महिला के अनुसार, लगभग तीन साल पहले उसके पति आशाराम जाटव का संपर्क ऑनलाइन अश्लील चैट ऐप चलाने वाले कुछ लोगों से हुआ। इसके बाद वह उसे जबरन ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के जरिए लोगों को अश्लील वीडियो दिखाने और उनसे अश्लील बातें करने के लिए मजबूर करने लगा। इस काम के बदले में पैसे मिलते थे। परेशान होकर पति को छोड़ापीड़िता ने आरोप लगाया कि जब भी वह इन गतिविधियों का विरोध करती थी, तो उसके साथ मारपीट की जाती थी और मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जाता था। इस उत्पीड़न से परेशान होकर करीब आठ महीने पहले उसने गणेशखेड़ा निवासी प्रवेश लोधी के साथ शादी कर ली और उसके साथ रहने लगी। इसके बावजूद, महिला का आरोप है कि उसका पहला पति आशाराम जाटव उसे और उसके वर्तमान पति प्रवेश लोधी को लगातार धमका रहा है और जान से मारने की धमकी दे रहा है। पीड़िता ने आज शिवपुरी एसपी कार्यालय पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई है। उसने आरोपी पति आशाराम जाटव के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है।
कोटा में भामाशाहमंडी में गेहूं बेचने आया किसान अचेत होकर गिर गया। उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल लाया गया। जहां ड्यूटी डॉक्टर ने चेक कर मृत घोषित किया। फिलहाल मौत के कारण सामने नहीं आए है। शुरुआती जांच में हार्ट अटैक से मौत होना बताया है। हंसराज वैष्णव (54) झाड़आमली गांव का रहने वाला था। भांजे प्रवीण ने बताया की मामा हंसराज के खाते की 2-4 बीघा ही जमीन है। वो किराए (ज्वारा) से जमीन लेकर खेती करते है। इस बार 10-12 बीघा जमीन किराए से लेकर गेंहू की फ़सल की थी। हाल ही में हुई ओलावृष्टि से गेंहू की फ़सल खीर गई थी। आज तड़के 4 बजे करीब मामा पिकअप लेकर गेंहू बेचने मंडी के लिए रवाना हुए। सुबह साढ़े 11 बजे के आसपास मंडी के यार्ड में नीलामी चल रही थी। मामा अचानक से अचेत होकर यार्ड में रखी बोरियों पर गिर गए। मौके पर मौजूद लोगों ने उन्हें संभाला और उनके मोबाइल से हमें सूचना दी। मामा के कोई बीमारी नहीं थी। प्रवीण ने बताया मामा के पिछले साल भी सोयाबीन की फ़सल खराब हुई थी। उनके ऊपर 8 लाख के आसपास का कर्ज था। अभी तीन महीने पहले ही मेरे से 50 हजार रूपए उधार लिए थे। फ़सल खराबे से वो काफी परेशान थे। मंडी में मामा के गेंहू की रेट कम बताई। सम्भवतया तनाव के कारण उनकी तबियत बिगड़ी। बेटे अजय ने बताया की पिता सुबह चाय पीकर मंडी के लिए निकले थे। दोपहर 12 बजे उनकी मौत की सूचना मिली। पिता कर्ज लेकर खेती करते थे।लोगो पैसा मांगते थे। अनंतपुरा थाना ASI धमंडी लाल ने बताया की हंसराज के मंडी में अचेत पड़े होने की सूचना मिली थी। जिसपर मौके पर गए हंसराज मंडी में स्थित हनुमान मंदिर के पास अचेत पड़ा था। लोगों ने बताया कि वो गेंहू बेचने मंडी आया था। उसकी तबियत खराब हुई तो वो लेट गया। फिलहाल मौत के कारण सामने नहीं आया है। परिजनों ने तबियत खराब होने से मौत होना बताया है। पोस्टमार्टम के बाद ही मौत के कारण सामने आएंगे।
फरीदाबाद के थाना सराय ख्वाजा क्षेत्र के अंतर्गत संतोष नगर में युवक की हत्या के मामले में फरार चल रहे आरोपियों को अपराध शाखा सेंट्रल की टीम ने गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 7 अप्रैल की शाम कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों को पकड़ने में सफलता हासिल की। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान सोनू कुमार (23) निवासी पतार, जिला सिवान, बिहार और राकेश (24) निवासी गांव मुरादपुर, जिला छपरा, बिहार के रूप में हुई है। दोनों आरोपी फिलहाल फरीदाबाद के संतोष नगर में रह रहे थे। आरोपियों ने किया जानलेवा हमला पुलिस प्रवक्ता यशपाल ने बताया कि इस मामले में संतोष नगर निवासी एक युवती ने 2 अप्रैल को थाना सराय ख्वाजा में शिकायत दर्ज करवाई थी। शिकायत में उसने बताया कि उसका भाई सोनू (21) 28 मार्च की शाम अपने दोस्त कृष्णा के साथ मजदूरी करने के लिए गया था। दिल्ली में इलाज के दौरान मौत अगले दिन 29 मार्च को अलसुबह करीब 3:30 बजे कृष्णा उसके भाई सोनू को गंभीर रूप से घायल अवस्था में घर लेकर आया। परिजनों ने तुरंत उसे इलाज के लिए दिल्ली के सफदरजंग अस्पताल में भर्ती कराया, लेकिन उपचार के दौरान 2 अप्रैल को उसकी मौत हो गई। मोबाइल चोरी को लेकर हुआ विवाद इसके बाद पुलिस ने शिकायत के आधार पर थाना सराय ख्वाजा में हत्या सहित संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी। पुलिस जांच और पूछताछ में सामने आया कि मृतक सोनू ने कुछ दिन पहले आरोपी सोनू कुमार के घर से एक मोबाइल फोन चोरी कर लिया था। रंजिश में वारदात इस बात को लेकर मृतक सोनू और आरोपी सोनू कुमार के पिता परशुराम के बीच झगड़ा और कहासुनी हो गई थी। इसी घटना को लेकर आरोपी सोनू कुमार मृतक से रंजिश रखने लगा था और बदला लेने की फिराक में था। तीन आरोपियों ने मिलकर पीटा 29 मार्च की रात जब मृतक सोनू संतोष नगर में अपने दोस्तों के साथ गली से गुजर रहा था, उसी दौरान आरोपी सोनू कुमार और उसका भाई मोनू कुमार वहां पहुंच गए और उन्होंने सोनू को पकड़ लिया। थोड़ी देर बाद उनका साथी राकेश भी मौके पर पहुंच गया। तीनों ने मिलकर सोनू के साथ बेरहमी से मारपीट की। घायल की इलाज के दौरान मौत मारपीट के दौरान उसे गंभीर चोटें आईं, जिसके कारण उसकी हालत बिगड़ गई और बाद में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने कार्रवाई करते हुए दो आरोपियों सोनू कुमार और राकेश को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि तीसरे आरोपी की तलाश जारी है। गिरफ्तार आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उन्हें आगे की पूछताछ के लिए 2 दिन के पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस मामले में अन्य पहलुओं की भी गहनता से जांच कर रही है।
गोंडा में ग्रामीण परिवहन सेवाओं के संचालन को लेकर जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने आज बुधवार देर शाम 5 बजे एक बैठक की है। यह बैठक कलेक्ट्रेट सभागार में उत्तर प्रदेश परिवहन विभाग और गोंडा संभागीय परिवहन विभाग के अधिकारियों के साथ हुई। इसका उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में परिवहन सुविधा को मजबूत करना और यात्रियों को बेहतर आवागमन उपलब्ध कराना है। बैठक में जिलाधिकारी ने स्पष्ट निर्देश दिए कि प्रस्तावित ग्रामीण परिवहन सेवा इस तरह संचालित की जाए कि वाहन ग्रामीण अंचलों से यात्रियों को लेकर ब्लॉक मुख्यालय, तहसील मुख्यालय होते हुए जिला मुख्यालय तक नियमित रूप से आवागमन करें। उन्होंने कहा कि इससे ग्रामीण नागरिकों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय तक पहुंचने में सुविधा होगी। डीएम ने संबंधित अधिकारियों को परिवहन सेवा के मार्ग, समय सारणी और संचालन व्यवस्था को सुव्यवस्थित ढंग से तैयार करने का निर्देश दिया, ताकि यात्रियों को कोई असुविधा न हो। उन्होंने सेवा का संचालन समयबद्ध और सुरक्षित तरीके से सुनिश्चित करने के भी निर्देश दिए। इस बैठक में अपर जिलाधिकारी आलोक कुमार, एआरएम रोडवेज, एआरटीओ प्रवर्तन आर.सी. भारतीय सहित रोडवेज विभाग, परिवहन विभाग और अन्य संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे। सभी अधिकारियों को आपसी समन्वय स्थापित कर इस योजना को शीघ्र लागू करने के निर्देश दिए गए हैं। बैठक के बाद जिलाधिकारी प्रियंका निरंजन ने बताया कि ग्रामीण परिवहन संचालन से ग्रामीण इलाकों के लोगों को ब्लॉक, तहसील और जिला मुख्यालय आने में दिक्कतों का सामना नहीं करना पड़ेगा। उन्होंने कहा कि जल्द ही गोंडा में ग्रामीण परिवहन सेवाओं का शुभारंभ किया जाएगा, जिससे ग्रामीण यात्रियों को लाभ मिल सके।
दतिया में सेवढ़ा तहसील क्षेत्र में हाल ही में हुई ओलावृष्टि से फसलों को हुए नुकसान के बाद किसानों में आक्रोश बढ़ता जा रहा है। इसी को लेकर बुधवार शाम 4 बजे सेवड़ा बस स्टैंड पर पूर्व विधायक घनश्याम सिंह के नेतृत्व में कांग्रेस ने एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया और राज्यपाल के नाम एसडीएम अशोक अवस्थी को ज्ञापन सौंपा। धरने में शामिल किसानों ने आरोप लगाया कि ओलावृष्टि से धान सहित अन्य फसलों को भारी नुकसान हुआ है, लेकिन प्रशासन द्वारा अब तक न तो सही सर्वे कराया गया और न ही मुआवजा दिया गया। प्रदर्शनकारियों ने मांग की कि प्रभावित फसलों का जल्द और पारदर्शी सर्वे कराकर किसानों को शत-प्रतिशत मुआवजा दिया जाए। पूर्व विधायक घनश्याम सिंह ने कहा कि पिछले सीजन में भी किसानों को धान की फसल पर नुकसान के बावजूद कोई सहायता नहीं मिली थी। इस बार भी स्थिति वही बनी तो कांग्रेस उग्र आंदोलन करने को मजबूर होगी। ज्ञापन में 10 सूत्रीय मांगें रखी गईं, जिनमें फसल नुकसान का सही आकलन, शीघ्र मुआवजा वितरण और प्रशासनिक लापरवाही पर कार्रवाई प्रमुख रही।
कोटपूतली कोर्ट में पैरा लीगल वालंटियर्स का प्रशिक्षण:निशुल्क विधिक सहायता और जागरूकता पर जोर दिया
कोटपूतली कोर्ट परिसर स्थित जिला अभिभाषक संघ सभागार में जिला विधिक सेवा प्राधिकरण कोटपूतली-बहरोड़ के तत्वावधान में एक दिवसीय पैरा लीगल वालंटियर (पीएलवी) और अधिकार मित्र प्रशिक्षण शिविर आयोजित किया गया। शिविर के दौरान जिला एवं सत्र न्यायाधीश और जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के चेयरमैन रवि शर्मा और मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट एवं सचिव डिम्पल जंडेल ने नव नियुक्त पीएलवी को संबोधित किया। उन्होंने विधिक सेवा प्राधिकरण की कार्यप्रणाली, उद्देश्यों और आमजन को उपलब्ध कराई जाने वाली निशुल्क विधिक सहायता के बारे में जानकारी प्रदान की। अधिकारियों ने बताया कि पैरा लीगल वालंटियर्स समाज के कमजोर, गरीब और जरूरतमंद वर्गों तक न्याय की पहुंच सुनिश्चित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। इस प्रशिक्षण का उद्देश्य उन्हें विधिक जानकारी से सुसज्जित कर समाज में कानूनी जागरूकता फैलाने के लिए तैयार करना है। शिविर में प्रतिभागियों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया और विधिक सेवा से जुड़े विभिन्न पहलुओं की जानकारी प्राप्त की। अधिकारियों ने सभी वालंटियर्स से समाज में जागरूकता बढ़ाने और जरूरतमंदों की सहायता करने का आह्वान किया। इस मौके पर वकील देव शर्मा, महावीर, मुकेश पहाड़िया और पीएलवी सुरजन सिंह, प्रदीप स्वामी, दीक्षा शर्मा, दीपेंद्र सिंह, पंकज सेन, नीरज, अक्षय शर्मा, किरण, नरेंद्र, सुनील, प्रियंका सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
अमरकंटक, गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में झमाझम बारिश:दो दिनों से रुक-रुक कर हो रही वर्षा से मौसम सुहावना
पवित्र नगरी अमरकंटक और इससे सटे गौरेला-पेंड्रा-मरवाही (जीपीएम) जिले के कुछ क्षेत्रों में झमाझम बारिश हुई है। इस अचानक हुई वर्षा से एक ओर जहां वातावरण तरोताजा हो गया, वहीं लगातार बढ़ रहे तापमान पर भी प्रभावी रोक लगी है। अमरकंटक के साथ-साथ पड़ोसी राज्य छत्तीसगढ़ के गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले में भी पिछले दो दिनों से रुक-रुक कर बारिश हो रही है। इससे पूरे अंचल के मौसम में उल्लेखनीय बदलाव आया है। तापमान में आई कमी, मौसम हुआ मनमोहक आज अमरकंटक का अधिकतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 16 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। बारिश के बाद मैकल पर्वत श्रृंखला क्षेत्र में ठंडी हवाएं चलने लगीं, जिससे मौसम सुखद और मनमोहक हो गया है। रुक रुक कर हो रही बारिश से गर्मी से राहत गौरेला-पेंड्रा-मरवाही में पिछले 48 घंटों से हो रही रुक-रुक कर वर्षा ने स्थानीय निवासियों को गर्मी से बड़ी राहत प्रदान की है। आसमान में बादलों के छाए रहने से धूप की तपिश भी कम हुई है। स्थानीय लोगों के साथ-साथ अमरकंटक आए श्रद्धालुओं और पर्यटकों ने भी इस सुहाने मौसम का भरपूर आनंद लिया। बारिश के बाद पहाड़ों की हरियाली निखर उठी है, जिससे प्राकृतिक सौंदर्य और बढ़ गया है।
हरदोई में अखिल भारतीय संयुक्त अधिवक्ता परिषद ने बुधवार को कलेक्ट्रेट परिसर में क्रांति के प्रथम महानायक मंगल पांडेय का बलिदान दिवस मनाया। इस अवसर पर राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता शिव सेवक गुप्ता 'जय शिव' और अन्य कार्यकर्ताओं ने मंगल पांडे के चित्र पर पुष्प अर्पित कर माल्यार्पण किया। परिषद ने जिला प्रशासन से शहीद उद्यान में मंगल पांडे की प्रतिमा स्थापित करने की मांग भी की। राष्ट्रीय अध्यक्ष अधिवक्ता शिव सेवक गुप्ता ने बताया कि मंगल पांडेय ने 29 मार्च 1857 को बैरकपुर छावनी में क्रांति की शुरुआत की थी। कहा कि इस घटना ने भारतीय युवाओं में देश के लिए बलिदान देने का जज्बा पैदा किया और सशस्त्र क्रांति का सूत्रपात हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि इस घटना ने पूरे उत्तर भारत में क्रांति की लहर पैदा कर दी थी। राष्ट्रीय महामंत्री डॉ. सुर नाथ अवस्थी 'खूनखुन' ने मंगल पांडेय के बलिदान को याद करते हुए बताया कि 8 अप्रैल 1857 को उन्हें फांसी दी गई थी। उन्होंने मंगल पांडेय को श्रद्धांजलि अर्पित की। इस कार्यक्रम में अधिवक्ता संजीव अवस्थी, पी.पी. मिश्रा, जितेंद्र श्रीवास्तव, सूरजपाल सिंह, राजीव मिश्रा, जे.पी. शर्मा, दिनेश पाल सिंह, निहित मिश्रा, अभिषेक तिवारी, नीरज मिश्रा, अमलेंद्र त्रिपाठी, आशुतोष पाठक, प्रदीप यादव, शिखर त्रिवेदी, जिला प्रचार मंत्री अंकित गुप्ता, सुमित पाठक, मुकीम अहमद, अवनीश कुशवाहा निमिष, अतुल सिंह और आलोक श्रीवास्तव सहित सैकड़ों अधिवक्ता और पदाधिकारी उपस्थित थे।
बिजनौर के रहने वाले शातिर चोर और मध्य प्रदेश की जबलपुर पुलिस के बीच मंगलवार शाम फिल्मी ड्रामा देखने को मिला। पुलिस को चकमा देने के लिए आरोपी एक रेलवे स्टेशन के पास तालाब में कूद गया। वह करीब 5 घंटे तक पानी के अंदर छिपा रहा। चौंकाने वाली बात यह है कि वह सांस लेने के लिए कमल की डंठल (कमल-नाल) का सहारा लेता रहा। आखिरकार गोताखोरों की मदद से उसे दबोच लिया गया। घटना रीवा-इतवारी एक्सप्रेस ट्रेन की है। एसी कोच में एक महिला का पर्स चोरी करने की कोशिश के दौरान आरोपी आरपीएफ (RPF) की नजर में आ गया। जैसे ही ट्रेन सिहोरा रोड रेलवे स्टेशन के पास धीमी हुई, आरोपी कूदकर भागने लगा। आरपीएफ जवानों ने पीछा किया तो वह खितौला के एक गहरे और काई से भरे तालाब में जा कूदा। रात के अंधेरे और घनी शैवाल के कारण वह पुलिस की आंखों से ओझल हो गया। आरोपी बिजनौर में निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है। तीन विजुअल से समझें घटनाक्रम आरोपी ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लियाखितौला थाना पुलिस और गोताखोरों की टीम ने जब रेस्क्यू शुरू किया तो पाया कि आरोपी पानी की सतह पर नहीं है। शातिर चोर ने खुद को पूरी तरह पानी में डुबो लिया था। केवल एक पाइपनुमा कमल-नाल के जरिए बाहर से ऑक्सीजन ले रहा था। करीब 5 घंटे की मशक्कत के बाद गोताखोरों ने उसे काई के बीच से ढूंढ़ निकाला। देखिए दो तस्वीरें पुराने फोटो ने खोली पोल, 'सनी' नाम सुनते ही उगली असलियत गिरफ्तारी के बाद आरोपी लगातार पुलिस को गुमराह करता रहा। उसने अपना नाम बबलू और पता चंडीगढ़ बताया, लेकिन आरपीएफ थाना प्रभारी राजीव खरब को कुछ शक हुआ। उन्हें याद आया कि 2018 में उन्होंने एक वाॅन्टेड चोर का फोटो मोबाइल फोन में सेव किया था। जैसे ही उन्होंने आरोपी को उसके पुराने नाम सनी से पुकारा। आरोपी सन्न रह गया और अपनी असलियत उगल दी। यूपी के बिजनौर में निर्दलीय पार्षद भी रह चुकाजांच में जो खुलासा हुआ उसने पुलिस को भी हैरान कर दिया। आरोपी का असली नाम हरविंदर सिंह है। उसकी उम्र 32 साल है। वह यूपी के बिजनौर का रहने वाला है। वह अब तक देशभर में 400 से ज्यादा चोरियां कर चुका है। वह 2017 में बिजनौर के हल्दौर नगर निकाय से निर्दलीय पार्षद भी रह चुका है। 2018 में 70 लाख के हीरे-जवाहरात मिले थे 2018 में आरोपी के पास से 70 लाख के हीरे-जवाहरात मिले थे। उसने अवंतिका एक्सप्रेस ट्रेन से एक यात्री की लाइसेंसी पिस्तौल और कैश भी चोरी किया था। वह हमेशा एसी कोच को निशाना बनाता था। टीसी से बचने के लिए बाथरूम में छिप जाता। बिना टिकट सफर करता था। 8 राज्यों की पुलिस को थी तलाशहरविंदर के खिलाफ मध्य प्रदेश, महाराष्ट्र, आंध्र प्रदेश, और मुंबई समेत कई राज्यों में केस दर्ज हैं। वह हर वारदात के बाद सिम बदल लेता था। कभी कोई पहचान-पत्र साथ नहीं रखता था। फिलहाल, जबलपुर पुलिस और आरपीएफ उससे अन्य वारदातों के सिलसिले में पूछताछ कर रही है। आपके विधायक को टिकट मिलना चाहिए या नहीं, सर्वे में हिस्सा लेकर बताएं यूपी में विधायकों के 4 साल पूरे हो चुके हैं। क्या आपके मौजूदा विधायक को 2027 के विधानसभा चुनाव में टिकट मिलना चाहिए? भास्कर सर्वे में हिस्सा लेकर बताइए… ---------------------------- यह खबर भी पढ़ें….. 17 साल की लड़की बोली- बाबा ने मेरा रेप किया, मथुरा में सड़क पर सिपाही को आवाज दी- ऑटो बुला दो, थाने जाना है मथुरा में 17 साल की लड़की ने रेप का आरोप लगाते हुए जमकर हंगामा किया। लड़की जोर-जोर से चिल्लाती रही- इस बाबा ने मेरे साथ रेप किया है। लड़की की चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग इकट्ठा हो गए। इस पूरी घटना का वीडियो भी सामने आया है। जिसमें लड़की के साथ उसकी मां भी दिख रही है। मां वहां तैनात ट्रैफिक पुलिसकर्मी से कहती है- भैया ऑटो बुलवा दीजिए। इसके बाद लड़की ऑटो से थाने पहुंची। पढ़ें पूरी खबर…
बीएचयू के डिप्टी चीफ प्राक्टर प्रो. श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफे की घोषणा कर दी। उनके फैसले का स्वागत विश्वविद्यालय के छात्रों ने किया और उनके विभाग पहुंचकर उनका समर्थन किया। दरअसल ,प्राक्टोरियल बोर्ड के भीतर लंबे समय से सुलग रही असंतोष की चिंगारी अब खुलकर सामने आ गई है। बताया जा रहा है कि परिसर की सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े कुछ हालिया निर्णयों और प्रशासनिक व्यवहार को लेकर दोनों वरिष्ठ अधिकारियों के बीच गहरी असहमति बनी हुई थी। लंबे समय से चल रहे इस गतिरोध का अंत अंततः प्रो. त्रिपाठी के पद त्याग के रूप में हुआ। उनको विश्वविद्यालय मुझे लगातार अपमानित किया गया: प्रो. श्रीकृष्ण त्रिपाठी संस्कृत विद्या धर्म विज्ञान संकाय के वरिष्ठ शिक्षक प्रो. श्रीकृष्ण त्रिपाठी ने अपने पद से इस्तीफा देते हुए विश्वविद्यालय के चीफ प्राक्टर प्रो. संदीप पोखरिया के खिलाफ मोर्चा खोल दिया है। आरोप लगाया है कि उन्हें लगातार अपमानित किया जा रहा था, जिसके कारण उनके लिए बोर्ड में काम करना असंभव हो गया था। वर्ष 2023 में डिप्टी चीफ प्राक्टर नियुक्त किए गए डा. श्रीकृष्ण ने बताया कि हाल ही में घोषित नई कमेटी में भी उन्हें शामिल किया गया था। चीफ प्राक्टर द्वारा मुझे बार-बार अपमानित किया जा रहा था। कुलपति को भी पूरे मामले की जानकारी दी यह अपमान केवल व्यक्तिगत नहीं था, बल्कि मेरी कार्यशैली और सिद्धांतों पर प्रहार था। उन्होंने कहा कि मैं हमेशा छात्रों के अधिकारों और उनके हितों के लिए खड़ा रहा हूं, जबकि प्रशासन की कुछ नीतियां छात्रों के खिलाफ थीं। इसी विरोध के कारण मुझे निशाना बनाया गया और अपमानित करने की कोशिश की गई। डा. त्रिपाठी ने स्पष्ट किया कि उन्होंने इस पूरे घटनाक्रम के बारे में कुलपति को भी विस्तार से अवगत कराया था। इस संबंध में चीफ प्राक्टर प्रो. संदीप से उनका पक्ष लेने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने कोई जवाब नहीं दिया।
राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने संगठनात्मक विस्तार किया है। इसके तहत ब्यावर के उद्योगपति और ब्यावर लघु उद्योग संघ के अध्यक्ष आशीषपाल पदावत को ‘खनन विकास एवं उत्थान प्रकोष्ठ’ का प्रदेशाध्यक्ष नियुक्त किया गया है। इस नियुक्ति के बाद औद्योगिक संगठनों के साथ-साथ कांग्रेस पदाधिकारियों और जनप्रतिनिधियों ने पदावत का अभिनंदन किया। ब्यावर ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एडवोकेट अजय शर्मा ने इस निर्णय पर प्रसन्नता व्यक्त की। नियुक्ति पर प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए आशीषपाल पदावत ने कहा- कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा एवं कांग्रेस के उच्च नेतृत्व का मैं हृदय से आभार व्यक्त करता हूं। मुझे यह जिम्मेदारी सौंपकर उन्होंने मेरे ऊपर गहरा विश्वास जताया है।पदावत की नियुक्ति की आधिकारिक घोषणा होते ही रिको इंडस्ट्रियल एरिया स्थित उनकी फैक्ट्री पर स्वागत करने वालों का तांता लग गया। एडवोकेट अजय शर्मा के नेतृत्व में कांग्रेस कार्यकर्ताओं और क्षेत्र के दर्जनों औद्योगिक संगठनों ने ढोल-नगाड़ों के साथ उनका भव्य अभिनंदन किया।इस अवसर पर अल्पसंख्यक विभाग के जिलाध्यक्ष अज़मत काठात, ओबीसी प्रकोष्ठ ज़िलाध्यक्ष कैलाश गहलोत, महिला ज़िलाध्यक्ष इशिका जैन, जवाजा ब्लॉक अध्यक्ष धरमसिंह भाटी, पूर्व जिला बार एसोसिएशन के अध्यक्ष दिलीप सिंह गोरा, पूर्व ब्लॉक अध्यक्ष शांतिप्रकाश डाणी, पूर्व सभापति शांति डाबला, कमला दगदी, मुकेश सोलंकी, बृजवल्लभ पाराशर, पूर्व पार्षद मोहम्मद हारून, एडवोकेट घनश्याम फुलवारी, किशन पाराशर, सरपंच दिनेशपाल पदावत, मोहम्मद हुसैन, शमीम, सरदारा काठात, अशराफ काठात सहित बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी व कार्यकर्ता उपस्थित रहे ।
कानपुर देहात में किसानों को सूचित किया गया है कि यदि उनकी रबी फसलों को बारिश या जलभराव से नुकसान होता है, तो वे 72 घंटे के भीतर अपनी शिकायत दर्ज कराएं। यह जानकारी उप कृषि निदेशक हरीशंकर भार्गव ने जिलाधिकारी कपिल सिंह के निर्देश पर दी। यह शिकायत प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के तहत HDFC ERGO बीमा कंपनी में करनी होगी। रबी सीजन 2025-26 के लिए गेहूं, जौ, चना, लाही/सरसों जैसी अधिसूचित फसलों का बीमा कराया गया है। किसान टोल फ्री नंबर 14447 पर संपर्क कर अपनी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। समय पर शिकायत दर्ज कराने से क्षति का आकलन जल्द हो सकेगा और पात्र किसानों को मुआवजा मिल पाएगा। अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे बिना किसी देरी के शिकायत दर्ज कराएं ताकि उन्हें योजना का पूरा लाभ मिल सके।
दमोह से हटा, कुंडलपुर और खजुराहो को जोड़ने वाली नई रेल लाइन के सर्वे को मंजूरी मिल गई है। दमोह सांसद राहुल सिंह ने बुधवार को अपने निवास पर मीडिया को इस फैसले की जानकारी दी। सांसद राहुल सिंह ने बताया कि उन्होंने रेल मंत्री से दमोह से हटा, कुंडलपुर, खजुराहो और पन्ना तक नई रेल लाइन बिछाने की मांग की थी, जिसे स्वीकार कर लिया गया है। अब विभाग इस लाइन के लिए सर्वे का काम शुरू करेगा। यह रेल मार्ग करीब 125 किलोमीटर लंबा होगा, जिससे दमोह और खजुराहो के बीच सीधी कनेक्टिविटी हो जाएगी। हटा में उद्योग बढ़ने की उम्मीद सांसद का कहना है कि रेल लाइन शुरू होने के बाद हटा एक औद्योगिक शहर के रूप में उभरेगा। रेल सुविधा मिलने से क्षेत्र में व्यापार बढ़ेगा और विकास के नए मौके मिलेंगे। भविष्य की योजनाएं खजुराहो से छतरपुर और सागर होते हुए भोपाल तक करीब 325 किलोमीटर लंबे एक अन्य मार्ग के सर्वे की भी योजना है। दमोह से हटा होते हुए खजुराहो जाने वाली लाइन से पन्ना भी जुड़ेगा। सांसद ने इस काम के लिए प्रधानमंत्री और रेल मंत्री का आभार जताया है। उनका कहना है कि इस रेल लाइन के बनने से पूरे क्षेत्र की तस्वीर बदल जाएगी।
जयपुर परिवहन विभाग ने बिना टैक्स जमा कराए सड़कों पर चल रही बसों के खिलाफ सख्ती शुरू कर दी है। आरटीओ प्रथम ने बुधवार से 7 दिन का विशेष अभियान शुरू किया है। इसमें बकाया टैक्स वाली बसों पर कार्रवाई की जाएगी। आरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया - इस अभियान के जरिए बसों से लंबित रेवेन्यू की वसूली पर फोकस रखा गया है। विभाग ने ऐसी 360 बसों को चिन्हित किया है, जिन पर टैक्स बकाया है और ये बसें लगातार सड़कों पर संचालित हो रही हैं। हर इंस्पेक्टर को टारगेट, मौके पर होगी कार्रवाईअभियान के तहत सभी फ्लाइंग स्क्वॉड को निर्देश दिए गए हैं कि वे अपने-अपने क्षेत्रों में इन बसों की जांच करें। बिना टैक्स जमा कराए चल रही बसों को मौके पर ही सीज किया जाएगा और बकाया राशि की वसूली की जाएगी।हर इंस्पेक्टर को तय संख्या में बसों का टारगेट दिया गया है, जिसकी सात दिन के भीतर समीक्षा की जाएगी। अधिकारियों को साफ कहा- इस अभियान में किसी भी तरह की ढिलाई नहीं चलेगी। लापरवाही पर मुख्यालय को भेजी जाएगी रिपोर्टआरटीओ प्रथम राजेंद्र सिंह शेखावत ने बताया कि अभियान का मकसद सिर्फ कार्रवाई करना नहीं, बल्कि तय समय में वसूली सुनिश्चित करना है। अगर कोई इंस्पेक्टर अपने हिस्से की बसों से वसूली नहीं करता है, तो उसके खिलाफ मुख्यालय को रिपोर्ट भेजी जाएगी और आगे की कार्रवाई की जाएगी। डीटीओ कर रहे मॉनिटरिंगअभियान की मॉनिटरिंग डीटीओ नाथु सिंह कर रहे हैं। रोजाना फील्ड से रिपोर्ट ली जा रही है, ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि सभी टीमों की कार्रवाई प्रभावी तरीके से चल रही है और रेवेन्यू वसूली में तेजी आए।परिवहन विभाग का मानना है कि इस 7 दिन के अभियान से बकाया टैक्स वसूली में सुधार होगा और नियमों की अनदेखी करने वालों पर सख्त संदेश जाएगा।
नूंह पुलिस ने अरेस्ट किया राजस्थान का चोर:5100 मीटर बिजली का तार चुराया, दो साल से चल रहा था फरार
नूंह पुलिस ने बिजली लाइनों से लाखों रुपए के तार और केबल चोरी करने वाले गिरोह के एक सदस्य को गिरफ्तार किया है। सीआईए टीम ने राजस्थान के चांदपुरा निवासी प्रहलाद को दबोचा है। आरोपी पर 'लाइन कट' शैली में चोरी की वारदातों को अंजाम देने का आरोप है। पुलिस के मुताबिक, आरोपी ने साल 2024 में पिनगवां क्षेत्र की एक मीट फैक्ट्री को जाने वाली बिजली लाइन से करीब 5100 मीटर तार और 200 मीटर केबल चोरी की थी। यह वारदात रात के अंधेरे में सुनियोजित तरीके से की गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए सीआईए प्रभारी संदीप मोर के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई थी। टीम ने लगातार निगरानी, तकनीकी सहायता और मुखबिरों की मदद से प्रहलाद तक पहुंच बनाई और उसे गिरफ्तार किया। पहले भी रहा कई वारदातों में शामिल जांच में पता चला है कि आरोपी प्रहलाद पहले भी कई चोरी की वारदातों में शामिल रहा है। उसके खिलाफ पिनगवां, नगीना, पुन्हाना और सदर नूंह थानों में करीब 9 आपराधिक मामले दर्ज हैं। पुलिस फिलहाल आरोपी से गहन पूछताछ कर रही है। अधिकारियों को उम्मीद है कि पूछताछ से पूरे गिरोह का नेटवर्क उजागर होगा और अन्य आरोपी भी जल्द ही पकड़े जाएंगे। नूंह पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया है कि जिले में बिजली तार चोरी करने वाले गिरोहों के खिलाफ अभियान जारी रहेगा और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
शामली में भारतीय जनता पार्टी के 'गांव चलो अभियान' के तहत प्रदेश उपाध्यक्ष एवं एमएलसी मोहित बेनीवाल और एमएलसी वीरेंद्र सिंह ने किवाना व मतनावली गांवों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने ग्रामीणों से संवाद किया और सरकारी योजनाओं का लाभ उठाने के लिए प्रेरित किया। गांव किवाना स्थित आर्य कन्या वैदिक इंटर कॉलेज में एक नव-निर्मित यज्ञशाला का उद्घाटन भी किया गया। इस अवसर पर वैदिक परंपराओं के अनुसार यज्ञ का आयोजन हुआ, जिसमें उपस्थित लोगों ने आहुति दी। कांधला थाना क्षेत्र के किवाना गांव में आयोजित इस कार्यक्रम में दोनों एमएलसी ने सनातन धर्म की परंपराओं का उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि सनातन संस्कृति 'वसुधैव कुटुम्बकम्' का संदेश देती है। एमएलसी ने आर्य समाज के योगदान पर भी प्रकाश डाला, जिसमें शिक्षा, समानता और सामाजिक सुधार के क्षेत्र में किए गए कार्यों का जिक्र किया गया। कार्यक्रम के दौरान नवनीत आलम मंडल की कार्यकारिणी के पदाधिकारियों ने अतिथियों का स्वागत किया। मंडल स्तर पर संगठन की कार्यप्रणाली पर विस्तृत चर्चा हुई, जिसमें बूथ से लेकर शक्ति केंद्र और मंडल स्तर तक संगठन को मजबूत करने तथा कार्यकर्ताओं के माध्यम से योजनाओं को जनता तक पहुंचाने के तरीकों पर बात की गई। दोनों गांवों के लोगों की समस्याओं को सुनकर मौके पर ही उनका समाधान किया गया। इस अवसर पर कपिल कुमार, अश्विनी, मंडल अध्यक्ष सुधीर पवार, अरविंद पवार, रंधावा मलिक, विनोद मलिक, बिजेंद्र मलिक, पूर्व विधायक बलवीर सिंह, वरुण मलिक, नीरज मलिक, राजीव शास्त्री सहित दोनों गांवों के गणमान्य नागरिक और कार्यकर्ता बड़ी संख्या में उपस्थित रहे। इस कार्यक्रम का समापन राष्ट्रहित और संगठन को मजबूत करने के संकल्प के साथ हुआ।
जौनपुर में जिलाधिकारी डॉ. दिनेश चंद्र की अध्यक्षता में मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना पर एक बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कलेक्ट्रेट स्थित जनसुनवाई कक्ष में हुई। इसका मुख्य उद्देश्य ग्रामीण जनता को परिवहन सुविधा प्रदान करना और स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना था। जिलाधिकारी ने मुख्यमंत्री ग्राम परिवहन योजना 2026 के तहत आवेदित मार्गों की जानकारी ली। उन्होंने उपस्थित बस संचालकों से संवाद के बाद मार्गों का अनुमोदन प्रदान किया। इस योजना का लक्ष्य प्रदेश की प्रत्येक ग्राम पंचायत को सुगम और सस्ती परिवहन सेवा से जोड़ना है। इसके माध्यम से वाहन लगाकर स्वरोजगार प्राप्त करने और ग्रामीण विकास में भागीदार बनने के अवसर दिए जा रहे हैं। बैठक में परमिट, मार्ग फेरे, समय निर्धारण और संचालन जैसे महत्वपूर्ण बिंदुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। इस अवसर पर मुख्य राजस्व अधिकारी अजय अम्बष्ट, एआरएम रोडवेज ममता चौबे और सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी सत्येंद्र सिंह सहित कई अन्य अधिकारी व कर्मचारी उपस्थित रहे।
बहराइच के महाराजा सुहेल देव स्वशासी राज्य चिकित्सा महाविद्यालय एवं महर्षि बालार्क चिकित्सालय में विश्व स्वास्थ्य दिवस मनाया गया। इस अवसर पर स्वास्थ्य के लिए एकजुट हों, विज्ञान के साथ खड़े हों थीम के तहत विभिन्न जागरूकता कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इन कार्यक्रमों में वॉकथॉन, पोस्टर प्रस्तुतियां और नुक्कड़ नाटक शामिल थे। इनके माध्यम से स्वस्थ जीवनशैली, खुशहाली और निवारक स्वास्थ्य देखभाल के महत्व पर जोर दिया गया। एमबीबीएस के छात्र-छात्राओं ने पोस्टर प्रतियोगिता और नुक्कड़ नाटकों में सक्रिय भागीदारी की। छात्रों ने अपनी प्रस्तुतियों से लोगों को रोगों की रोकथाम, स्वच्छता, संतुलित आहार और नियमित स्वास्थ्य जांच के प्रति जागरूक किया। कार्यक्रम में उपस्थित शिक्षकों और छात्रों ने सभी के लिए स्वास्थ्य को बढ़ावा देने तथा समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने की सामूहिक शपथ भी ली। मेडिकल कॉलेज के संकाय सदस्यों ने स्वास्थ्य के क्षेत्र में जनभागीदारी और वैज्ञानिक दृष्टिकोण की भूमिका पर अपने विचार साझा किए। कार्यक्रम का आयोजन उप-प्रधानाचार्य डॉ. मालिक सहनवाज, सह-आचार्य डॉ. निपेन्द्र सिंह और कम्युनिटी मेडिसिन विभाग की सह-आचार्य डॉ. गीता के नेतृत्व में चिकित्सा शिक्षकों के सहयोग से किया गया। मेडिकल कॉलेज के प्रधानाचार्य डॉ. (प्रो.) संजय खत्री ने बताया कि स्वास्थ्य के लिए एकजुट हों, विज्ञान के साथ खड़े हों थीम का उद्देश्य यह संदेश देना है कि स्वास्थ्य क्षेत्र में स्थायी प्रगति के लिए सामूहिक प्रयासों के साथ-साथ वैज्ञानिक सोच और साक्ष्य आधारित कार्यप्रणाली आवश्यक है। उन्होंने कहा कि जनसहभागिता और विज्ञान के समन्वय से ही समाज को बेहतर और सुरक्षित स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं। प्रधानाचार्य ने छात्रों से अपील की कि वे भविष्य के चिकित्सक के रूप में समाज में स्वास्थ्य जागरूकता फैलाने की जिम्मेदारी को गंभीरता से निभाएं और निवारक स्वास्थ्य सेवाओं को जन-जन तक पहुंचाने में सक्रिय भूमिका निभाएं।
उत्तर पश्चिम रेलवे के जोधपुर मंडल ने जोधपुर-भोपाल-जोधपुर एक्सप्रेस (14813/14814) में आधुनिक एलएचबी कोच लगाने का निर्णय लिया है। यह नई व्यवस्था जोधपुर से 14 अप्रेल और भोपाल से 15 अप्रेल से लागू होगी। साथ ही ट्रेन के डिब्बों की संख्या 17 से बढ़ाकर 20 कर दी गई है। यह फैसला यात्रियों को बेहतर, सुरक्षित और आरामदायक सफर देने के लिए किया गया है। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया- एलएचबी रैक लगने से यात्रियों को उच्च स्तरीय सुरक्षा, बेहतर राइड क्वालिटी और अधिक आरामदायक सफर का अनुभव मिलेगा। उन्होंने बताया कि नए डिब्बे जुड़ने से सीट उपलब्धता बढ़ेगी और वेटिंग लिस्ट की समस्या में भी कमी आएगी। डीआरएम ने कहा कि पहले से ही लोकप्रिय इस नियमित ट्रेन में सुविधाओं के विस्तार से यात्रियों का सफर और अधिक सुगम होगा। एलएचबी कोच: पुरानी रैक से कहीं बेहतर अनुभव एलएचबी कोच परंपरागत आईसीएफ डिब्बों की तुलना में तकनीकी रूप से काफी उन्नत होते हैं। इनमें विशेष एंटी-क्लाइंबिंग फीचर और उन्नत ब्रेकिंग सिस्टम के कारण दुर्घटना की स्थिति में कोच एक-दूसरे पर नहीं चढ़ते, जिससे यात्रियों की सुरक्षा कई गुना बढ़ जाती है। इसके अलावा इन कोचों में विशेष सस्पेंशन तकनीक के कारण झटके बेहद कम लगते हैं और राइड क्वालिटी बेहतर होती है। साफ-सुथरे एवं अधिक विशाल इंटीरियर, बेहतर वेंटिलेशन और आधुनिक बायो-टॉयलेट सुविधा भी इन कोचों को यात्रियों की पहली पसंद बनाती है। अब यह रहेगा 20 डिब्बों का कोच कॉम्बिनेशन नई रैक में 2 सेकंड एसी, 2 थर्ड एसी इकोनॉमी, 3 थर्ड एसी और 7 स्लीपर कोच रहेंगे। इसके अलावा 4 जनरल डिब्बे, 1 लगेज ब्रेक वैन और 1 गार्ड-कम-जनरेटर वैन मिलाकर ट्रेन में कुल 20 डिब्बे होंगे। उल्लेखनीय है कि पहले की 17 डिब्बों वाली रैक में सेकंड एसी और थर्ड एसी इकोनॉमी श्रेणी के कोच नहीं थे — यह दोनों श्रेणियां अब पहली बार इस ट्रेन में जोड़ी गई हैं।
लखीमपुर खीरी में बुधवार दोपहर बाद मौसम ने अचानक करवट ली। तेज हवाओं के साथ जोरदार बारिश शुरू हुई, जिसके बाद जिले के कई हिस्सों में ओलावृष्टि भी हुई। इससे किसानों की चिंता बढ़ गई है। पलिया, मितौली, मैगलगंज और भीरा क्षेत्रों में तेज बारिश के साथ ओले गिरे। वहीं, विजुआ क्षेत्र में भारी ओलावृष्टि से खेतों में खड़ी फसलों को काफी नुकसान पहुंचा है। किसानों के अनुसार, इस समय खेतों में दलहनी और अन्य फसलें कटाई के लिए तैयार खड़ी थीं। अचानक हुई ओलावृष्टि और तेज बारिश के कारण कई स्थानों पर फसलें खेतों में ही गिरकर बर्बाद हो गईं। इससे किसानों को बड़े आर्थिक नुकसान की आशंका है। एक ओर जहां मौसम के इस बदलाव और बारिश से लोगों को भीषण गर्मी से राहत मिली है, वहीं दूसरी ओर किसानों के लिए यह ओलावृष्टि और बारिश चिंता का कारण बन गई है। दोपहर बाद अचानक बदले मौसम ने पूरे जिले में जनजीवन को भी कुछ समय के लिए प्रभावित किया।
बलिया के अपूर्वा नर्सिंग होम में पथरी के ऑपरेशन के दौरान एक महिला की मौत के मामले में आरोपी चिकित्सकों की गिरफ्तारी न होने से मृतक के पति ने बुधवार को आत्मदाह की चेतावनी दी है। उन्होंने कलेक्ट्रेट पहुंचकर जिलाधिकारी को संबोधित एक पत्र अपर जिलाधिकारी को सौंपा। मृतका अनीषा राय के पति शिवांशु राय ने कहा कि यदि एक सप्ताह के भीतर चिकित्सकों को गिरफ्तार नहीं किया गया, तो वह 17 अप्रैल, शुक्रवार को सुबह 11 बजे जिलाधिकारी कार्यालय पर आत्मदाह कर लेंगे। उन्होंने इस कृत्य की पूरी जिम्मेदारी बलिया जिला प्रशासन, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक पर डाली है। शिवांशु राय के अनुसार, उनकी पत्नी अनीषा राय की मौत 22 मार्च 2026 को अपूर्वा नर्सिंग होम में पथरी के इलाज के दौरान हुई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि डॉ. ज्योत्सना सिंह सहित उनके सहयोगी डॉक्टरों ने उनकी पत्नी की हत्या की है। इस संबंध में बलिया कोतवाली में पांच चिकित्सकों के विरुद्ध हत्या का मुकदमा भी दर्ज किया गया है। हालांकि, घटना के एक पखवाड़े से अधिक समय बीत जाने के बाद भी अभी तक किसी भी आरोपी डॉक्टर की गिरफ्तारी नहीं हुई है। शिवांशु राय ने पुलिस कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए कहा कि डॉक्टरों की गिरफ्तारी में लापरवाही बरती जा रही है, जिसके चलते उन्होंने पहले भी आत्मदाह की घोषणा की थी और वे अब भी उस पर कायम हैं। उन्होंने डॉक्टरों पर बुलडोजर कार्रवाई की भी मांग की है।
बालोतरा में एक युवक का संदिग्ध मौत मामले में गिड़ा पुलिस ने खुलासा करते हुए पति-पत्नी को गिरफ्तार किया है। वहीं एक नाबालिग को पुलिस संरक्षण में लिया है। पूछताछ में खुलासा हुआ है कि मृतक आरोपी की पत्नी को खुद की पत्नी गांव में और अपने परिजनों को बताता था। वहीं, फोन पर बार-बार कॉल करके परेशान करता था। इससे परेशान होकर प्लानिंग के तहत रात में टांके पास बुलाकर तीनों ने जिंदा ही उसको टांके में डाल दिया। गिड़ा पुलिस थाने में 9 मार्च को सूचना मिली थी कि एक युवक की टांके में गिरने से मौत हो गई। टीम ने मौके पर पहुंचकर मृतक के शव को टांके से बाहर निकाला गया। गिड़ा मॉर्च्युरी में रखवाया गया। मृतक के चाचा ने रिपोर्ट में संदेह जताया था कि रात में टांके में डालकर हत्या की गई है। इस पर गिड़ा पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई। एसपी रमेश आईपीएस ने बताया- एएसपी हरफूलसिंह और पचपदरा डीएसपी विकास कुमार के सुपरविजन में गिड़ा थानाधिकारी दलपसिंह के नेतृत्व में टीम बनाई गई। टीम ने मामले की गंभीरता से लेते हुए तकनीकी और सूचना के आधार पर संदिग्ध पति और पत्नी से गहनता से पूछताछ की गई। पूछताछ में मर्डर कबूल करते हुए बताया कि मृतक आरोपी की पत्नी को बार-बार फोन करके परेशान करता था। इतना नही पत्नी नहीं होने के बावजूद गांव में और परिजनों को उसे अपनी पत्नी बताता था। इससे आरोपी का परिवार आक्रोशित हो गए। कई बार समझाने और मना करने के बावजूद लगातार परेशान कर रहा था। आरोपी की पत्नी ने बुलाया फोन करके आरोपी, उसकी पत्नी और एक नाबालिग ने मिलकर प्लानिंग की। पत्नी ने 8-9 मार्च की रात को फिजिकल रिलेशन बनाने के बहाने टांके के पास बुलाया। प्लानिंग के तहत तीनों ने मिलकर सुरेश को पकड़कर जीवित हालात में टांके में डाल दिया। इससे उसकी मौत हो गई। आरोपियों ने घटना को करना स्वीकार किया गया। पति-पत्नी को किया गिरफ्तार नाबालिग को लिया पुलिस संरक्षण पुलिस टीम ने मर्डर के आरोपी पति उसकी पत्नी को गिरफ्तार किया गया। वहीं एक नाबालिग को पुलिस संरक्षा में लिया गया। आरोपियों की निशानदेही पर एक बाइक को जब्त किया गया। आरोपियों पूछताछ के बाद कोर्ट में पेश किया यगा। जिसे आज जेल भेज दिया गया। वहीं नाबालिग को किशोर न्याय बोर्ड के समक्ष कर बाल सुधार गृह भेजा गया है। कार्रवाई में गिड़ा थाने के एएसआई पुरखाराम, कांस्टेबल देबुसिह, डालूसिह, भंवरसिंह शामिल रहे।
मैनपुरी में चकबंदी कार्य पर रोक की मांग:ग्रामीणों ने फर्जीवाड़े और लंबित मुकदमों का आरोप लगाया
मैनपुरी जिले की किशनी तहसील के टिमस्त गांव में चल रहे चकबंदी कार्य को रोकने की मांग की गई है। ग्रामीणों ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि चकबंदी प्रक्रिया में कई अनियमितताएं और फर्जीवाड़े हुए हैं, जिसके कारण न्यायहित में इसे रोका जाना आवश्यक है। ग्रामीणों के अनुसार, वर्ष 1975 में दिए गए कुछ पट्टे जिलाधिकारी द्वारा 'अदम पैरवी' (गैर-उपस्थिति) के आधार पर निरस्त कर दिए गए थे। इन पट्टों से संबंधित मुकदमे वर्तमान में कमिश्नरी आगरा और उच्च न्यायालय इलाहाबाद में लंबित हैं। यह भी आरोप लगाया गया है कि कुछ व्यक्तियों ने वर्ष 1992 से 2011 के बीच धारा 122 (बी) (4) के तहत फर्जी तरीके से खतौनी में अपना कब्जा दर्ज करा लिया है। ग्रामीणों का दावा है कि इन लोगों का मौके पर कोई कब्जा नहीं है और न ही कोई संबंधित रिकॉर्ड उपलब्ध है। इस संबंध में वाद संख्या 179 (दिनांक 28-02-1992), वाद संख्या 357 (दिनांक 22-08-1990) और वाद संख्या 323 (दिनांक 29-07-1992) का उल्लेख किया गया है। प्रार्थीगणों ने अपनी खतौनी में कई लोगों द्वारा फर्जी तरीके से जमीन दर्ज कराने का भी आरोप लगाया है और इसकी जांच की मांग की है। उन्होंने बताया कि वर्ष 1983 में हरिजनों की एक बैठक हुई थी, जिसमें 34 पट्टे उन्हें दिए गए थे। आरोप है कि उसी बैठक में कुछ लोगों ने खुद को 'अहीर' बताकर खतौनी में जमीन दर्ज करा ली। इनमें सरूपीदेवी पत्नी सूरजसिंह, गिरजादेवी पत्नी चंद्रपाल और चंद्रपाल पुत्र सूरज सिंह के नाम शामिल हैं। ग्रामीणों ने यह भी बताया कि चंद्रपाल उर्फ ज्ञानचंद्र के नाम से दो अलग-अलग आधार कार्ड हैं।
हाईटेंशन लाइन से 81 बीघा गेहूं की फसल जली:लखीमपुर-खीरी में भीषण आग से किसानों को भारी नुकसान
लखीमपुर के गोला गोकर्णनाथ तहसील क्षेत्र के रसूलपुर गांव में बुधवार दोपहर हाईटेंशन बिजली लाइन से निकली चिंगारी के कारण खेतों में भीषण आग लग गई। इस आग में लगभग 81 बीघा गेहूं की तैयार फसल जलकर राख हो गई। आग ने देखते ही देखते विकराल रूप ले लिया और खेतों में खड़ी पकी गेहूं की फसल तेजी से जलने लगी। आग लगते ही ग्रामीण और किसान बाल्टी, पाइप और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पानी भरकर मौके पर पहुंचे और आग बुझाने का प्रयास शुरू किया। तेज हवा के कारण आग तेजी से फैलती रही, जिससे आसपास के खेत भी इसकी चपेट में आ गए। ग्रामीणों ने काफी देर तक कड़ी मशक्कत की, लेकिन तब तक बड़ी मात्रा में फसल नष्ट हो चुकी थी। आग की चपेट में आकर अब्दुल हसन खां के खेत में बीज के लिए खड़ा दो बीघा गन्ना भी पूरी तरह जल गया। किसानों के अनुसार, यह गन्ना बीज के लिए तैयार किया गया था, जिससे उन्हें दोहरा नुकसान हुआ है। इस आग से प्रभावित किसानों में ढाका निवासी मुस्ताक खां की 6 बीघा, रसूलपुर निवासी छब्बन खां की 9 बीघा, नयाब खां की 15 बीघा, मुफीदुल खां की 7 बीघा, कलीम खां की 7 बीघा, अब्दुल लतीफ की 7 बीघा, जमाल खां की 6 बीघा, नसीब खां की 19 बीघा और खान बहादुर की 6 बीघा गेहूं की फसल शामिल है। ग्रामीणों ने बताया कि आग की लपटें इतनी तेज थीं कि कुछ ही मिनटों में कई खेत इसकी चपेट में आ गए। गांव के लोगों ने ट्रैक्टर-ट्रॉलियों में पानी भरकर, खेतों की मेड़ों को तोड़कर और मिट्टी डालकर आग पर काबू पाने का अथक प्रयास किया। काफी प्रयासों के बाद आग पर नियंत्रण पाया जा सका। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के बावजूद फायर ब्रिगेड की गाड़ी काफी देर से मौके पर पहुंची। उनके पहुंचने तक अधिकांश फसल जलकर नष्ट हो चुकी थी।
रीवा में पुलिस विभाग में प्रशासनिक कसावट और रिक्त पदों की पूर्ति को लेकर बड़ा फेरबदल किया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने 8 निरीक्षक और उपनिरीक्षक स्तर के अधिकारियों के तबादले किए हैं। सभी अधिकारियों को तुरंत नई पदस्थापना पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। कई थानों के बदले प्रभारीजारी आदेश के अनुसार, कार्यवाहक निरीक्षक आशीष मिश्रा को चोरहटा से सेमरिया थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं कार्यवाहक निरीक्षक निशा मिश्रा को अजाक से सिटी कोतवाली की जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसी तरह कार्यवाहक निरीक्षक भृंगेश सिंह राजपूत को सिटी कोतवाली से बैकुंठपुर भेजा गया है, जबकि कार्यवाहक निरीक्षक पवन शुक्ला को सोहागी से चोरहटा थाना प्रभारी बनाया गया है। इन अधिकारियों की भी नई तैनातीकार्यवाहक निरीक्षक कमलेश साहू को जवा से सोहागी भेजा गया है। उपनिरीक्षक घनश्याम मिश्रा को बैकुंठपुर से नौबस्ता चौकी प्रभारी बनाया गया है।उपनिरीक्षक प्रशांत शुक्ला को नौबस्ता से लालगांव चौकी प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है, जबकि कार्यवाहक उपनिरीक्षक राजभान सिंह को लालगांव से सेमरिया थाने में पदस्थ किया गया है। तुरंत ज्वाइन करने के निर्देश दिएपुलिस अधीक्षक शैलेन्द्र सिंह चौहान द्वारा जारी आदेश में साफ कहा गया है कि सभी अधिकारी तुरंत रवानगी लेकर नई जगह पर आमद दें और इसकी जानकारी स्थापना शाखा को भी दें। यह आदेश 8 अप्रैल 2026 को जारी किया गया है और इसे जिले में कानून व्यवस्था को और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
बलिया के बेरुआरबारी ब्लॉक स्थित प्राथमिक विद्यालय सुखपुरा नंबर एक में बुधवार को बच्चों की सुविधा के लिए एक इन्वर्टर लगाया गया। यह इन्वर्टर दिवंगत शिक्षक सुरेंद्रनाथ सिंह की पुण्य स्मृति में उनकी पत्नी अनिता सिंह द्वारा दान किया गया है। इस नेक कार्य के लिए टीचर्स सेल्फ केयर टीम (टीएससीटी) ने प्रेरणा दी थी। स्कूल में आयोजित एक कार्यक्रम में मुख्य अतिथि बेसिक शिक्षा अधिकारी (बीएसए) मनीष कुमार सिंह ने फीता काटकर और बटन दबाकर इन्वर्टर का विधिवत उद्घाटन किया। उन्होंने कहा कि इस तरह के प्रयासों से शिक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने में मदद मिलती है। बीएसए मनीष कुमार सिंह ने दिवंगत शिक्षक सुरेंद्रनाथ सिंह के परिवार द्वारा किए गए इस पुनीत कार्य की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह पहल समाज के अन्य लोगों को भी प्रेरणा देगी। उन्होंने टीचर्स सेल्फ केयर टीम के कार्यों और उनके पदाधिकारियों की भी मुक्त कंठ से प्रशंसा की। उल्लेखनीय है कि टीएससीटी ने कुछ समय पहले दिवंगत शिक्षक के परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता प्रदान की थी। कार्यक्रम से पहले, टीएससीटी के जिला संयोजक सतीश सिंह, प्रवक्ता चंद्रशेखर पासवान, मीडिया प्रभारी सतीश मेहता, मंडल पासवर्ड रीसेट प्रभारी संजय कन्नौजिया और कन्यादान प्रभारी अब्दुल अंसारी ने बीएसए मनीष कुमार सिंह और बीईओ वीरेंद्र कुमार का अंगवस्त्र, स्मृति चिन्ह और फूलमालाओं से स्वागत किया। विद्यालय की प्रधानाध्यापिका उर्मिला देवी के नेतृत्व में सभी स्टाफ सदस्यों ने भी मुख्य अतिथि को सम्मानित किया। कार्यक्रम के अंत में, दिवंगत शिक्षक के परिवार की ओर से स्कूल के बच्चों को कॉपी, पेन, कलर और बिस्किट के पैकेट वितरित किए गए। बीएसए ने स्कूल के मेधावी बच्चों को बैग देकर सम्मानित किया। इस अवसर पर अफरोज आरा, प्रियंका यादव, मीरा देवी, शांति गोंड, वंदना सिंह, सीमा सिंह, प्रियंका सिंह, धन्नू यादव, सुरेश कुमार, उमेश कुमार, अरुण सिंह, अमरेश कुमार, सीमा वर्मा, विपुल सिंह, उमेश सिंह और जितेंद्र सिंह सहित कई अन्य लोग उपस्थित थे।
जयपुर के सवाई मानसिंह हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोसर्जन और पूर्व अस्पताल अधीक्षक डॉ. अचल शर्मा ने स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) ले ली है। न्यूरोसर्जरी विभाग के मुखिया रह चुके डॉ. शर्मा के इस फैसले से चिकित्सा जगत में चर्चाओं का दौर शुरू हो गया है। सरकार ने बुधवार को SMS हॉस्पिटल के सीनियर न्यूरोसर्जन डॉ. अचल शर्मा का स्वैच्छिक सेवानिवृत्ति (VRS) आवेदन मंजूर कर लिया। डॉ. शर्मा ने कुछ महीने पहले ही इस संबंध में सरकार को पत्र लिखा था और तब से लगातार उनके आवेदन पर निर्णय का इंतजार किया जा रहा था। आखिरकार सरकार स्तर पर प्रक्रिया पूरी होने के बाद उनके VRS को स्वीकृति दे दी गई। डॉक्टर शर्मा की जयपुर के जाने-माने न्यूरोसर्जन में होती है गिनती डॉक्टर शर्मा की गिनती जयपुर के जाने-माने न्यूरोसर्जन में से होती है। वे एसएमएस हॉस्पिटल के अधीक्षक पद पर भी रह चुके हैं और अधीक्षक रहते हुए उन्होंने ही सरकार और एसीबी के स्तर पर किडनी कांड की शिकायत की थी, जिसके बाद पूरा मामला सार्वजनिक हुआ था। हालांकि सरकार ने इस मामले के खुलने के बाद उनको अधीक्षक पद से हटा दिया था। डॉ. शर्मा एसएमएस मेडिकल कॉलेज में न्यूरोसर्जरी डिपार्टमेंट के एचओडी भी रह चुके हैं। आपको बता दें कि एसएमएस हॉस्पिटल में कई ऐसे सीनियर डॉक्टर हैं, जो पहले वीआरएस ले चुके हैं और कुछ अब भी कतार में हैं। इसमें नेफ्रोलॉजी डिपार्टमेंट से सीनियर प्रोफेसर डॉ. विनय मल्होत्रा, पूर्व अधीक्षक डॉ. सुशील भाटी ने भी ने भी वीआरएस के लिए आवेदन कर रखा है।
डिंडौरी पुलिस को चोरी की पांच मोटरसाइकिलें और करीब 1.08 लाख रुपए मिले हैं। इस मामले में पुलिस ने एक युवक और एक नाबालिग को पकड़ा है। कोतवाली प्रभारी दुर्गा प्रसाद नगपुरे ने बताया कि ये लोग चोरी के गहने बेचने की फिराक में थे। जब ये एक सुनार की दुकान पर पहुंचे, तो दुकानदार को इन पर शक हो गया। दुकानदार ने तुरंत पुलिस को खबर कर दी, जिसके बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों को पकड़ा। पहचान छिपाने के लिए बदलते थे बाइक का रंग पूछताछ में पता चला कि इन्होंने फरवरी और मार्च के महीने में विचारपुर, देवरा और हंसनगर जैसे कई इलाकों से गहने और गाड़ियां चोरी की थीं। पकड़े जाने के डर से ये चोर मोटरसाइकिल चोरी करने के बाद उसका रंग बदल देते थे ताकि कोई पहचान न पाए। 5 लाख रुपए से ज्यादा का सामान मिला पुलिस ने इनके पास से जो सामान जब्त किया है, उसकी कीमत 5 लाख रुपए से ऊपर है। 5 मोटरसाइकिलों की कीमत करीब 4.10 लाख रुपए है। सोने-चांदी के जेवर लगभग 1.08 लाख रुपए के हैं। पुलिस अब इन बाइकों के असली मालिकों का पता लगा रही है।
जशपुर कलेक्टर रोहित व्यास ने बुधवार को संकल्प शिक्षण संस्थान का निरीक्षण किया। उन्होंने यहां JEE और NEET प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी कर रहे स्टूडेंट्स की शैक्षिक गतिविधियों की जानकारी ली और उन्हें भारत के प्रतिष्ठित इंजीनियरिंग एवं मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश पाने के लिए प्रोत्साहित किया। कलेक्टर व्यास ने छात्रों से कहा कि वे ऐसी तैयारी करें जिससे उन्हें देश के प्रसिद्ध शासकीय इंजीनियरिंग और मेडिकल कॉलेजों में प्रवेश मिल सके। उन्होंने जोर दिया कि अच्छे कॉलेजों में प्रवेश मिलने से भविष्य में बेहतर नौकरी के अवसर प्राप्त होते हैं। कलेक्टर ने बताए पढाई के गुर कलेक्टर ने संस्थान के शिक्षकों को निर्देश दिए कि वे गर्मी की छुट्टियों के दौरान बच्चों को घर न भेजें, बल्कि उनकी परीक्षा की तैयारी पर ध्यान केंद्रित करवाएं। उन्होंने पालकों से भी अपील करने को कहा कि वे तीज-त्योहारों पर बच्चों को घर बुलाकर उनकी पढ़ाई का समय खराब न करें। NCERT के प्रैक्टिस पेपर हल करवाने पर जोर उन्होंने शिक्षकों को हर सप्ताह बच्चों का टेस्ट लेने और पढ़ाई में आ रही समस्याओं पर उनके संदेह दूर करने के निर्देश दिए। कलेक्टर ने एनसीईआरटी की पुस्तकों और प्रैक्टिस पेपर हल करवाने पर भी जोर दिया। साथ ही, उन्होंने 9वीं और 10वीं कक्षा के गणित और विज्ञान विषयों का भी रिवीजन करवाने को कहा ताकि कोई भी विषय छूटने न पाए। ग्रुप स्टडी एक अच्छा तरीका याद रखने का कलेक्टर ने बच्चों को ग्रुप स्टडी, लाइब्रेरी यूज़ करने के लिए कहा है। कलेक्टर ने निरीक्षण के दौरान लाइब्रेरी का भी अवलोकन किया और बच्चों के लिए पर्याप्त पुस्तक रखने के निर्देश दिए । उन्होंने खराब कम्प्यूटर और पंखा लाइट को ठीक करने के निर्देश दिए। इस अवसर पर जिला पंचायत सीईओ अभिषेक कुमार, डिप्टी कलेक्टर प्रशांत कुशवाहा, संकल्प के प्राचार्य विनोद गुप्ता, आरईएस के एसडीओ अमित देव सिंह और कार्यपालन अभियंता राजेश श्रीवास्तव सहित अन्य अधिकारीगण उपस्थित थे।
बलिया के जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह और मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. आनंद कुमार के निर्देश पर जनपद में एचपीवी (ह्यूमन पैपिलोमा वायरस) टीकाकरण को लेकर जनजागरूकता अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में इंडियन रेड क्रॉस सोसाइटी के तत्वावधान में राजकीय बाल गृह (बालिका), निधरिया में एक विशेष टीकाकरण सत्र आयोजित किया गया। कार्यक्रम का उद्घाटन जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन और जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. शशि प्रकाश ने संयुक्त रूप से किया। इस दौरान स्वास्थ्य विभाग की टीम ने बच्चियों को टीकाकरण के महत्व के बारे में विस्तार से जानकारी दी। कुल 14 बच्चियों को एचपीवी का टीका लगाया गया। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. शशि प्रकाश ने बताया कि एचपीवी संक्रमण से बचाव के लिए वैक्सीनेशन एक प्रभावी उपाय है। यह टीका गर्भाशय ग्रीवा कैंसर, योनि कैंसर सहित अन्य प्रकार के कैंसर से सुरक्षा प्रदान करता है। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि यह वैक्सीन जनपद के सभी सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों पर निःशुल्क उपलब्ध है। डॉ. शशि प्रकाश ने बताया कि 14 वर्ष से 15 वर्ष 3 माह तक की आयु की बच्चियां अपने नजदीकी सरकारी अस्पताल या स्वास्थ्य केंद्र पर जाकर यह टीका लगवा सकती हैं। किसी भी जानकारी या सहायता के लिए 8005193246 नंबर पर संपर्क किया जा सकता है। जिला प्रोबेशन अधिकारी डॉ. अमरेन्द्र कुमार पौत्स्यायन ने कहा कि जनजागरूकता ही बचाव का सबसे बड़ा माध्यम है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपनी बच्चियों का समय से टीकाकरण अवश्य कराएं। कार्यक्रम में रेड क्रॉस सोसाइटी के जिला समन्वयक शैलेंद्र पांडेय ने भी अभिभावकों से इस गंभीर बीमारी से बचाव के लिए अपनी बच्चियों को टीका लगवाने की अपील की। इस अवसर पर अधीक्षिका अमिता जैन, सहायक शोध अधिकारी सुनंदा गुप्ता, एएनएम प्रतिभा सिंह, दमयंती वर्मा, डीपीए रविशंकर तिवारी, रंजन प्रभाकर, सुमन उपाध्याय, राजीव कुमार गुप्ता, सुमित कुमार, सोनी यादव, नितेश पाठक सहित रेड क्रॉस सोसाइटी एवं स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी एवं कर्मचारी उपस्थित रहे।
दौसा जिला एवं सैशन न्यायाधीश केशव कौशिक ने संवेदनशीलता का परिचय देते हुए सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल को कोर्ट रूम से नीचे उतरकर अपने हाथों से एवार्ड राशि का चैक सौंपा। घायल व्यक्ति भगवान सहाय निवासी पीपलखेड़ा की रीढ की हड्डी में फै्रक्चर होने के कारण वह चलने-फिरने में असमर्थ था। जिसका बीमा कंपनी के साथ प्रकरण लंबित था। यह था मामला भगवान सहाय बनाम अमर सिंह वगैराह में राष्ट्रीय लोक अदालत में राजीनामा के आधार पर 19 दिसंबर 2025 को अवार्ड पारित किया गया था। जिसमें बीमा कंपनी को भगवान सहाय को एमएसीटी अवार्ड के अलावा 16 लाख 75 रुपए देने के आदेश पारित किए थे। जिला जज ने भगवान सहाय निवासी ग्राम पीपलखेडा के बैंक अकाउंट में रुपए जमा कराने के आदेश दिए थे। घायल प्रार्थी चलने-फिरने में असमर्थ होने से कोर्ट के प्रथम तल तक पहुंचने में असमर्थ था। ऐसे में जिला एवं सैशन न्यायाधीश स्वयं कोर्ट रूम से नीचे उतरकर आए तथा न्यायालय परिसर में खडे वाहन में बैठे घायल व्यक्ति को अपने हाथों से एवार्ड राशि का चैक सौंपा। जिला जज द्वारा इस संवेदनशीलता एवं मानवीय पहल से न्यायपालिका के प्रति लोगों में विश्वास एवं सम्मान और ज्यादा मजबूत हुआ है। इस अवसर पर जिला विधिक सेवा प्राधिकरण के सचिव संतोष अग्रवाल एवं प्रार्थी के अधिवक्ता हुक्म सिंह अवाना एवं कोर्ट स्टॉफ का स्टॉफ मौजूद रहा।
डॉ. भीमराव अंबेडकर की 135वीं जयंती के अवसर पर 14 अप्रैल को पालवां (उचाना) में एक विशाल सम्मान समारोह आयोजित किया जाएगा। हरियाणा वाल्मीकि महासभा, जिला जींद के पदाधिकारियों ने उचाना हलका विधायक देवेंद्र चतुर्भुज अत्री को कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के रूप में आमंत्रित किया है। विधायक अत्री ने महासभा के इस प्रयास की सराहना करते हुए कहा कि शिक्षा के प्रति जागरूकता फैलाना और मेधावी युवाओं को सम्मानित करना समाज को नई दिशा देने वाला कार्य है। उन्होंने शिक्षित युवाओं को विकसित भारत की नींव बताया और इस पुनीत कार्य का हिस्सा बनने की प्रतिबद्धता जताई। यह कार्यक्रम सर्वजातीय दाडन खाप चबूतरा, पालवां में आयोजित होगा, जिसका मुख्य उद्देश्य समाज को शिक्षा के प्रति जागरूक करना और डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाना है। होनहार छात्रों को किया जाएगा सम्मानित समारोह में वाल्मीकि समाज के उन युवाओं को सम्मानित किया जाएगा, जिन्होंने एचएसएससी या सीईटी परीक्षाओं में 60 प्रतिशत अंक प्राप्त किए हैं। साथ ही, मेधावी छात्रों को भी सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम में शामिल होने वाले युवाओं के लिए लकी ड्रा का भी आयोजन किया जाएगा, जिसमें 5100, 3100 और 2100 रुपए के नकद पुरस्कार दिए जाएंगे। आयोजकों ने बताया कि सम्मान समारोह में शामिल होने के लिए पंजीकरण अनिवार्य है। पंजीकरण की अंतिम तिथि 13 अप्रैल को शाम 5 बजे तक निर्धारित की गई है। इच्छुक युवा संस्था पदाधिकारियों से संपर्क कर अपना पंजीकरण करवा सकते हैं। इस अवसर पर जिला प्रधान संजीव वैद बधाना, ब्लॉक प्रधान सरपंच ओमप्रकाश छातर, वाल्मीकि भवन एवं छात्रावास निर्माण कमेटी के प्रधान मुकेश सुदकैन, सरपंच अशोक कागड़ा, एडवोकेट रोहित अठवाल, मार्केट कमेटी सदस्य बलकार गोहियां, विक्रम बोहत और संदीप सहित कई अन्य गणमान्य व्यक्ति उपस्थित रहे।
विदिशा जिले में खेतों में लगी आग की घटनाओं को लेकर बड़ा खुलासा हुआ है। जांच में पाया गया कि ये आग शॉर्ट सर्किट से नहीं, बल्कि नरवाई जलाने के कारण फैली थीं। शुरुआत में किसानों ने इन घटनाओं के लिए बिजली लाइन में शॉर्ट सर्किट को जिम्मेदार ठहराया था। मध्यप्रदेश मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी लिमिटेड के अधिकारियों ने विभिन्न गांवों में तकनीकी जांच और मौके का निरीक्षण किया। जांच में स्पष्ट हुआ कि आगजनी की घटनाएं बिजली की लाइन या फीडर से संबंधित नहीं थीं। ग्राम बरखेड़ी गंभीर में खेत में आग लगने की सूचना पर 11 केवी ड्रेनिया पंप फीडर और विद्युत लाइन की जांच की गई। जांच में पाया गया कि घटना के समय फीडर बंद था और विद्युत प्रवाह नहीं हो रहा था, जिससे शॉर्ट सर्किट की संभावना पूरी तरह खत्म हो गई। सपली में भी नहीं मिला शॉर्ट सर्किट का प्रमाणग्राम सपली में गेहूं की फसल में आग लगने के मामले में भी लाइन में किसी प्रकार की ट्रिपिंग, फॉल्ट या तार टूटने के प्रमाण नहीं मिले। अधिकारियों के अनुसार, यदि शॉर्ट सर्किट होता तो लाइन ट्रिप होती या अन्य तकनीकी संकेत मिलते। नजफगढ़ में अवैध जंपरिंग से निकली चिंगारीपठारी तहसील के ग्राम नजफगढ़ में जांच के दौरान अलग स्थिति सामने आई। यहां 11 केवी भालामोरा पंप फीडर घटना के समय शटडाउन पर था, लेकिन खेत में अवैध रूप से घरेलू और पंप फीडर की क्रॉस जंपरिंग की गई थी। इसी कारण तारों के संपर्क से निकली चिंगारी ने नरवाई में आग पकड़ ली। जांच रिपोर्ट में यह भी स्पष्ट किया गया है कि किसी भी स्थान पर लाइन में कट, जॉइंट या तार टूटने जैसी स्थिति नहीं पाई गई। इससे शॉर्ट सर्किट की संभावना से पूरी तरह इनकार किया गया है। नरवाई जलाने पर पहले से प्रतिबंधगौरतलब है कि कलेक्टर अंशुल गुप्ता ने जिले में नरवाई जलाने पर प्रतिबंध लगाया हुआ है और उल्लंघन करने पर सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। इसके बावजूद कुछ स्थानों पर नरवाई जलाने की घटनाएं सामने आ रही हैं, जो बड़े नुकसान का कारण बन रही हैं। बिजली कंपनी के अधिकारियों ने किसानों से अपील की है कि वे नरवाई न जलाएं और बिना प्रमाण बिजली विभाग को जिम्मेदार न ठहराएं, ताकि भ्रम की स्थिति न बने। साथ ही अवैध रूप से बिजली के तार से छेड़छाड़ से बचने की भी चेतावनी दी गई है।
डीग में ओलावृष्टि से गेहूं की फसल प्रभावित:बेमौसम बारिश से किसानों को नुकसान, मुआवजा देने की मांग
डीग शहर में बुधवार शाम को मौसम में अचानक बदलाव आया। तेज गर्जना के साथ बारिश शुरू हुई और लगभग 15 मिनट तक जमकर ओलावृष्टि हुई। इस बेमौसम बारिश और ओलों से खेतों में कटी पड़ी गेहूं की फसल को भारी नुकसान पहुंचा है। शाम करीब 3 बजे आसमान में घने काले बादल छा गए। इसके बाद तेज गर्जना के साथ बारिश का दौर शुरू हुआ। लगभग 15 मिनट तक हुई बारिश के बाद ओले गिरने लगे, जिससे स्थिति और बिगड़ गई। किसानों ने बताया कि इस बेमौसम बारिश ने उनकी कटी हुई फसल को काफी क्षति पहुंचाई है। उन्होंने राजस्थान सरकार से जल्द से जल्द मुआवजे की मांग की है। डीग शहर में अभी भी तेज गर्जना के साथ बारिश जारी है और आसमान में घने बादल छाए हुए हैं, जिससे आगे भी मौसम खराब रहने की आशंका है।
महाकाल मंदिर में भक्तों को गर्मी से राहत:दर्शन मार्ग पर मैट, कूलर और शीतल जल की व्यवस्था
विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में महाकाल लोक बनने के बाद से मंदिर का क्षेत्रफल बढ़ गया है, जिससे श्रद्धालुओं को दर्शन के लिए अधिक पैदल चलना पड़ता है। ग्रीष्म ऋतु में बढ़ती गर्मी को देखते हुए, श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति ने भक्तों को राहत देने के लिए व्यवस्थाएं की हैं। दर्शन मार्ग पर मैट बिछाना, ठंडे पानी और कूलर की सुविधा शामिल है। रोजाना देश-विदेश से हजारों श्रद्धालु श्री महाकालेश्वर मंदिर दर्शन के लिए पहुंचते हैं। गर्मी के मौसम में बढ़ते तापमान के कारण, मंदिर प्रबंधन ने श्रद्धालुओं की सुविधा, सुरक्षा और स्वास्थ्य को प्राथमिकता देते हुए कई महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं। श्रद्धालुओं को गर्म जमीन पर नंगे पैर चलने से होने वाली परेशानी से बचाने के लिए मंदिर के पूरे दर्शन पथ पर मैट बिछाई गई है। इससे भक्तों को काफी राहत मिल रही है। दर्शन मार्ग के प्रमुख स्थानों पर शीतल पेयजल की व्यवस्था की गई है, ताकि श्रद्धालु लू और गर्मी से बच सकें। इसके अतिरिक्त, मंदिर परिसर और कतार मार्ग में कूलर लगाए गए हैं, जिससे ठंडी और स्वच्छ हवा मिलती रहे और वातावरण आरामदायक बना रहे।गर्मी के कारण होने वाली घुटन, डिहाइड्रेशन और अन्य स्वास्थ्य आपात स्थितियों से निपटने के लिए मंदिर परिसर में चिकित्सा व्यवस्था को सुदृढ़ किया गया है। प्रशिक्षित मेडिकल स्टाफ तैनात है, जो आवश्यकता पड़ने पर तत्काल सहायता उपलब्ध कराता है।
जैसलमेर जिले की कोतवाली पुलिस ने करीब दो महीने पहले सहायक अभियंता (AEN) के घर हुई चोरी के मामले का खुलासा करते हुए शातिर चोर तेजाराम सुथार को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान जैसलमेर के बबर मगरा निवासी के रूप में हुई है, जो वारदात के बाद घर की दीवार पर लिपिस्टिक से पुलिस और सिस्टम को चुनौती देने वाला नोट छोड़कर गायब हो गया था। दीवार पर लिखा- दारू के साथ चिप्स भी रखा करो बीती 31 जनवरी को IGNP कॉलोनी में रहने वाले सोहन जांगिड़ के सूने मकान में आरोपी ने सेंध लगाई थी। शातिर तेजाराम ने न केवल लैपटॉप और टीवी चुराया, बल्कि घर में इत्मीनान से पार्टी भी की। जाते समय उसने घर में रखी लिपिस्टिक से दीवार पर लिखा- थाने मत जाना, वक्त बर्बाद होगा... रिपोर्ट मत करना। साथ ही उसने तंज कसते हुए यह भी लिखा था कि घर में दारू रखते हो तो साथ में आलू चिप्स भी रखा करो। अंत में उसने अपना नाम 'बिहारी बाबू' लिखा था। 18 बार जेल गया, पर नहीं बदली सनक कोतवाली थानाधिकारी सुरजाराम ने बताया कि आरोपी तेजाराम सुथार (39) जैसलमेर के बबर मगरा का रहने वाला है। वह एक पेशेवर अपराधी है और उसके खिलाफ अलग-अलग थानों में 18 से अधिक मामले दर्ज हैं। वह मोबाइल का उपयोग नहीं करता था, इसलिए उसे ट्रेस करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ था। पुलिस ने तकनीकी इनपुट और मुखबिरों की सहायता से जोधपुर में दबिश देकर उसे गिरफ्तार किया। जज के सामने तुरंत कबूलता है जुर्म कोतवाली थानाधिकारी सुरजाराम ने बताया कि आरोपी की कार्यप्रणाली बेहद अजीब है। वह जिस घर में चोरी करता है, वहां घंटों बिताता है और खाने-पीने की चीजों का इस्तेमाल करता है। पुलिस के अनुसार, वह जेल से बाहर आते ही दोबारा वारदात को अंजाम देता है और पकड़े जाने पर अदालत में बिना किसी झिझक के अपना जुर्म कबूल कर लेता है। पुलिस ने फिलहाल उसके पास से चोरी का लैपटॉप बरामद कर लिया है। ये खबर भी पढ़ें चोर ने लिखा-दारू रखते हो तो आलू-चिप्स भी रखा करो:इंजीनियर के घर में चोरी की, शराब पी; जींस-शर्ट और परफ्यूम भी ले गया जैसलमेर में एक सरकारी इंजीनियर के क्वार्टर में रविवार की अलसुबह चोर घुस गया। सामान समेटकर ले जाते समय महंगी शराब की बोतल मिली तो घर में ही बैठकर शराब पी। लेकिन चखना नहीं मिलने से नाराज हो गया। चोर ने जाने से पहले मकान मालिक के लिए कागज पर एक नोट छोड़ा और दीवार पर लिपस्टिक से मैसेज लिखकर फरार हो गया। (पूरी खबर पढ़ें)
19 साल से फरार चोरी का आरोपी गिरफ्तार:पुलिस गुजरात के मोडासा से लाई, नाम और पहचान छुपाकर रहता था
डूंगरपुर की धंबोला थाना पुलिस ने 19 साल से फरार चल रहे एक स्थायी वारंटी को गुजरात के मोडासा से गिरफ्तार किया है। आरोपी लंबे समय से पुलिस की पकड़ से बच रहा था और अपनी पहचान छिपाकर वहां रह रहा था। पुलिस अधीक्षक मनीष कुमार ने बताया कि लंबे समय से फरार चल रहे अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए 'ऑपरेशन शिकंजा' चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत थानाधिकारी देवेंद्र देवल के नेतृत्व में एक टीम का गठन कर मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया गया। जांच के दौरान पुलिस को सूचना मिली कि चोरी के मामलों में वांछित स्थायी वारंटी पोपटलाल (45) निवासी सीमलवाड़ा, गुजरात के मोडासा क्षेत्र में छिपा हुआ है। पोपटलाल धंबोला, चितरी और सागवाड़ा थानों में दर्ज विभिन्न प्रकरणों में पिछले 19 सालों से फरार चल रहा था। आरोपी ने मोडासा में अपनी पहचान बदलकर 'पप्पूभाई' नाम से मजदूरी करना शुरू कर दिया था। पुख्ता सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने मोडासा (गुजरात) में दबिश दी। संदिग्ध व्यक्ति को हिरासत में लेकर पूछताछ की गई। शुरुआत में आरोपी ने अपनी असली पहचान छिपाने का प्रयास किया, लेकिन कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने खुद को पोपटलाल भोई स्वीकार कर लिया। इसके बाद उसे गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया गया।
जयपुर के ‘हाथी गांव’ में तीन हाथी ढाई फीट ऊंचा केक काटेंगे। साथ ही हाथियों के लिए 3 हजार किलो फलों का बुफे भी सजाया जाएगा। ‘हाथी गांव’ में 9 अप्रैल को यह अनोखा आयोजन किया जाएगा। एनिमल लवर और उद्योगपति अनंत अंबानी का जन्मदिन हाथियों के साथ मनाया जाएगा। कार्यक्रम के आयोजकों के अनुसार- यह अनूठा आयोजन दोपहर 2 से शाम 4 बजे तक चलेगा। इस दौरान हाथी भी जश्न का हिस्सा बनेंगे। साथ ही विशेष रूप से तैयार किया गया ढाई फीट ऊंचा केक काटकर उत्सव की शुरुआत करेंगे। इस मौके पर हाथी ‘बाबू’ सहित हथिनी पुष्पा और चंदा केक काटेंगे। कार्यक्रम संयोजक और हाथी गांव विकास समिति के अध्यक्ष शफीक बल्लू खान ने बताया- आयोजन की तैयारियां चल रही हैं। इसे यादगार बनाने के लिए विशेष इंतजाम किए जा रहे हैं। हाथियों के लिए लगेगा 3000 किलो का फ्रूट बुफे कार्यक्रम में हाथियों के लिए करीब 3000 किलो फलों का विशेष बुफे लगाया जाएगा। इसमें हाथियों को केले, सेव, तरबूज, गन्ना, गुड़, पपीता और हरा चारा सहित कई पौष्टिक खाद्य सामग्रियां परोसी जाएंगी। इस अनोखे भोज का उद्देश्य हाथियों के प्रति प्रेम और देखभाल का संदेश देना है। इस अवसर पर हाथियों की सेवा करने वाले महावतों का भी सम्मान किया जाएगा। उन्हें राशन किट, जूते, कैप और अन्य उपहार भेंट कर सम्मानित किया जाएगा। आयोजकों ने कहा- यह कार्यक्रम केवल जन्मदिन समारोह नहीं, बल्कि पशु प्रेम, सेवा और संवेदना का संदेश देने वाला अनूठा आयोजन होगा। इस अवसर पर स्थानीय लोग और पर्यटक भी बड़ी संख्या में शामिल होने की उम्मीद है।
गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति और अधिकारियों के बीच बुधवार को बातचीत हुई। इसमें नतीजा निकला की 1 मई तक संघर्ष समिति की सरकार से बातचीत करवाई जाएगी। संघर्ष समिति की मांग है कि 372 रीट अभ्यर्थियों को जॉइनिंग दी जाए। 8 अप्रैल गुरुवार को गुर्जर समाज की महापंचायत होनी थी लेकिन, किन्हीं कारणों से महापंचायत को स्थगित कर दिया गया। 7 साल से अभ्यर्थी नौकरी का रहे रहे इंतजार गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के कार्यकारी अध्यक्ष श्रीराम बैसला ने बताया कि कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला की श्रद्धांजलि दिवस वाले दिन रीट के अभ्यर्थी बयाना के पीलूपुरा स्थित शहीद स्मारक पर आकर धरना देने लगे। समाज के लोग कर्नल किरोड़ी सिंह बैसला को उस दिन श्रद्धांजलि देने के लिए पहुंचे थे। उस समय समाज के लोगों ने यह तय किया कि हमारे रीट के 372 अभ्यर्थियों को नौकरी के घूमते हुए 7 साल हो गए। इस नौकरी के लिए 8 अप्रैल को महापंचायत होनी थी लेकिन कलेक्टर कमर चौधरी ने बातचीत के लिए बुलावा भेजा था। इसे लेकर बुधवार को समाज के लोग यहां पहुंचे। उन्होंने बताया कि 1 मई तक सरकार से वार्ता का समय दिया गया है। यदि 1 मई तक सरकार से वार्ता नहीं होती तो, 2 मई को हम कलेक्टर से वार्ता करने के लिए आएंगे। कलेक्टर के जवाब के बाद जो होगा आगे वह निर्णय करेंगे। संघर्ष समिति की बात सरकार तक पहुंचाई जाएगी कलेक्टर कमर चौधरी ने बताया कि गुर्जर समाज के युवा 372 रीट परीक्षा के अभ्यर्थियों की जॉइनिंग के लिए धरने पर हैं। आज समाज के कुछ प्रमुख लोगों से प्रशासनिक अधिकारियों ने वार्ता की है। काफी सकारात्मक वार्ता रही है। कई बिंदु पर चर्चा हुई है। माज के लोगों की बात सरकार और मंत्रिमंडल तक पहुंचाई जाएगी। सरकार के निर्णय के अनुसार समाज के लोगों से बात की जाएगी। 1 मई को संघर्ष समिति से दोबारा वार्ता होगी। लगातार प्रयास किया जा रहा है कि जो यह मामला है उसका हल निकले।
असम दौरे से लौटने के बाद बुधवार को पूर्व सीएम भूपेश बघेल ने भाजपा सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि, असम की जनता ने नया असम बनाने का मन बना लिया है। जिस तरह से वहां काम हो रहा है, उससे साफ है कि जनता परिवर्तन चाहती है। उन्होंने आरोप लगाया कि, इसी वजह से भाजपा के नेता बौखला गए हैं। उनके पास असम को देने के लिए कुछ नया नहीं बचा है। भूपेश बघेल ने धर्म स्वतंत्रता विधेयक, मुख्यमंत्री की प्रधानमंत्री से मुलाकात और शिक्षा व्यवस्था को लेकर भी रायपुर एयरपोर्ट पर बयान दिया है। हिमंत बिस्वा सरमा पर साधा निशाना असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्वा सरमा के कॉन्फ्रेंस पर प्रतिक्रिया देते हुए बघेल ने कहा कि, सार्वजनिक मंच से ऐसे अपशब्दों का इस्तेमाल किया जा रहा है, जिन्हें वे बोल भी नहीं सकते। उन्होंने कहा कि, इस मामले में निर्वाचन आयोग को कार्रवाई करनी चाहिए, लेकिन आयोग चुप्पी साधे हुए है। धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर सवाल राज्यपाल की तरफ से धर्म स्वतंत्रता विधेयक पर हस्ताक्षर किए जाने के मुद्दे पर बघेल ने कहा कि, पूर्व मुख्यमंत्री रमन सिंह के कार्यकाल में भी यह विधेयक राष्ट्रपति के पास से वापस आया था। उन्होंने कहा कि, सुप्रीम कोर्ट में इस तरह के मामलों की सुनवाई चल रही है। इसलिए अलग-अलग जगह अलग निर्णय होना उचित नहीं होगा। PM से मुलाकात पर उठाए सवाल भूपेश बघेल मुख्यमंत्री साय और प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के मुलाकात पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने पहले बस्तर के गांवों को 1 करोड़ रुपए देने की बात कही थी। बघेल ने पूछा कि, क्या मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री से इस राशि की मांग की या नहीं अगर नहीं की तो इस मुलाकात का कोई विशेष मतलब नहीं है। शिक्षा और खड़गे के बयान पर BJP को घेरा कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे के बयान पर भाजपा के सवाल उठाने पर बघेल ने कहा कि, यह भाजपा के मानसिक दिवालियापन की पराकाष्ठा है। उन्होंने कहा कि केरल देश का सबसे साक्षर राज्य है। हमें सभी राज्यों को केरल और हिमाचल की तरह शिक्षित बनाने की दिशा में काम करना चाहिए। भूपेश बघेल ने आरोप लगाया कि, छत्तीसगढ़ में 10 हजार स्कूल बंद कर दिए गए हैं। भाजपा शासित राज्यों में पाठशालाएं बंद हो रही हैं, जबकि अन्य गतिविधियां बढ़ रही हैं।
फरीदाबाद के सेक्टर-7 स्थित सरकारी सीनियर सेकेंडरी स्कूल में बारिश के दौरान आसमानी बिजली गिरने का मामला सामने आया है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय सभी छात्र स्कूल के अंदर मौजूद थे, जिससे बड़ा हादसा टल गया। पूरी घटना स्कूल में लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। घटना के दौरान सभी बच्चे क्लास में बैठकर पढ़ाई कर रहे थे। जिससे कोई हताहत नहीं हुई है। पेड़ को चीरते हुए गिरी मौसम विभाग ने पहले ही भारी बारिश को लेकर यलो अलर्ट जारी किया था। इसी बीच बीते दिन तेज बारिश के दौरान बीते मंगलवार को दोपहर करीब 1:59 बजे अचानक स्कूल परिसर में आसमानी बिजली गिर गई। बिजली एक पेड़ को चीरते हुए जमीन पर आ गिरी, जिससे कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। स्कूल में लग रही थी क्लास स्कूल की प्रिंसिपल सीमा गौतम ने बताया कि घटना के समय सभी बच्चे अपनी-अपनी कक्षाओं में पढ़ाई कर रहे थे। अगर बच्चे बाहर होते तो बड़ा हादसा हो सकता था, फिलहाल इस घटना में किसी के हताहत होने की खबर नहीं है, लेकिन सीसीटीवी में कैद यह घटना मौसम की गंभीरता और सतर्क रहने की जरूरत को जरूर दर्शाती है।
गर्मी के मौसम में यात्रियों की बढ़ती भीड़ को देखते हुए रेलवे ने कोलकाता और अमृतसर के बीच विशेष ग्रीष्मकालीन ट्रेनें चलाने का निर्णय लिया है। इन ट्रेनों के संचालन से पूर्वी और उत्तर भारत के बीच यात्रा करने वाले यात्रियों को बड़ी राहत मिलेगी। रेलवे द्वारा जारी जानकारी के अनुसार, ट्रेन संख्या 04624 अमृतसर-कोलकाता स्पेशल ट्रेन 13 अप्रैल 2026 से 29 जून 2026 तक प्रत्येक सोमवार को अमृतसर से रात 20:10 बजे प्रस्थान करेगी। यह ट्रेन कुल 12 फेरे लगाएगी और तीसरे दिन दोपहर 15:00 बजे कोलकाता पहुंचेगी। वापसी में, ट्रेन संख्या 04623 कोलकाता-अमृतसर स्पेशल ट्रेन 16 अप्रैल 2026 से 02 जुलाई 2026 तक प्रत्येक गुरुवार को सुबह 5 बजे कोलकाता से रवाना होगी। यह ट्रेन भी 12 ट्रिप पूरी करेगी और तीसरे दिन रात 00:40 बजे अमृतसर पहुंचेगी। यह विशेष ट्रेन पूर्व रेलवे के आसनसोल मंडल के प्रमुख स्टेशनों जैसे दुर्गापुर, आसनसोल, चित्तरंजन, मधुपुर और जसीडीह पर दोनों दिशाओं में रुकेगी। इससे इन क्षेत्रों के स्थानीय यात्रियों को भी यात्रा में सुविधा मिलेगी। यात्रियों की सुविधा के लिए ट्रेन में साधारण द्वितीय श्रेणी, स्लीपर श्रेणी और वातानुकूलित (एसी) कोचों की व्यवस्था की गई है। रेलवे के इस कदम से खासकर गर्मी की छुट्टियों में यात्रा करने वाले यात्रियों को कन्फर्म टिकट मिलने में आसानी होगी और ट्रेनों में भीड़भाड़ कम होगी।
डीडवाना में अखिल भारतीय किसान सभा ने सड़क चौड़ीकरण को लेकर राजस्थान हाई कोर्ट के हालिया आदेशों का विरोध किया है। किसान सभा की डीडवाना तहसील कमेटी ने जिला कलेक्टर के माध्यम से मुख्यमंत्री के नाम एक ज्ञापन सौंपा। इसमें इन आदेशों को जनविरोधी बताते हुए तत्काल वापस लेने की मांग की गई है। ज्ञापन में बताया गया कि हाई कोर्ट के निर्देशों के अनुसार, राष्ट्रीय राजमार्गों, राज्य मार्गों और ग्रामीण सड़कों के केंद्र बिंदु से क्रमशः 75 मीटर, 50 मीटर, 17.5 मीटर और 15 मीटर के दायरे में आने वाले निर्माणों को हटाने का आदेश दिया गया है। किसान सभा का कहना है कि इस दायरे में सालों पुराने पक्के मकान और दुकानें बनी हुई हैं। इन्हें हटाने से बड़ी संख्या में लोग बेघर हो जाएंगे और उन्हें भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ेगा। संगठन के पदाधिकारियों ने इस निर्णय को काला कानून करार देते हुए कहा कि यह आमजन की आजीविका पर सीधा प्रहार है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि सरकार ने जल्द इस निर्णय को वापस नहीं लिया, तो किसान सभा व्यापक जन आंदोलन शुरू करेगी। इसकी जिम्मेदारी राज्य सरकार और जिला प्रशासन की होगी। ज्ञापन सौंपने के दौरान तहसील सचिव रामचंद्र रणवा, नौजवान सभा जिलाध्यक्ष मनोज स्वामी, भागीरथ यादव, उस्मान अली, दिनेश यादव, मुकीम खान, स्वालीन गहलोत और सूबेदार रज्जाक खान सहित बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और स्थानीय लोग मौजूद रहे।
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप रोज शाम 5 बजे एक ही जगह पर शहर की दिन भर की बड़ी खबरें पढ़ सकते हैं। कब-क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ…। 1. निगम में वंदे मातरम न कहने पर हंगामा नगर निगम ने 8455 करोड़ रुपए के बजट पर प्रश्नोत्तर काल में हंगामा हो गया। कांग्रेस पार्षद फौजिया शेख अलीम ने वंदे मातरम गाने से इनकार कर दिया। इससे भाजपा पार्षद उखड़ गए। पढ़ें पूरी खबर... 2. DPS स्कूल को बम से उड़ाने की धमकी राऊ क्षेत्र के दिल्ली पब्लिक स्कूल को बुधवार को बम से उड़ाने की धमकी भरा ईमेल मिला। सुबह करीब 8:23 बजे स्कूल प्रबंधन को यह मेल मिला, जिसके बाद तुरंत पुलिस को सूचना दी गई। पढ़ें पूरी खबर... 3. शराब दुकान का विरोध, 4 घंटे से सड़क पर रहवासी मालवा मिल क्षेत्र में प्रस्तावित शराब दुकान के विरोध में बुधवार को बड़ी संख्या में रहवासी सड़क पर उतर आए और सड़क पर चूल्हे पर पोहा बनाकर खाए। पढ़ें पूरी खबर... 4. PWD के दो अधिकारी रिश्वत लेते गिरफ्तार भ्रष्टाचार के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत इंदौर में लोकायुक्त पुलिस ने बड़ी कार्रवाई करते हुए लोक निर्माण विभाग के दो अधिकारियों को 90 हजार रुपए की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथ गिरफ्तार किया है। पढ़ें पूरी खबर... 5. एयर इंडिया एक्सप्रेस की गोवा फ्लाइट बंद एयर इंडिया एक्सप्रेस ने इंदौर से गोवा के बीच संचालित होने वाली अपनी नियमित उड़ान को बंद कर दिया है। इससे गोवा जाने वाले यात्रियों के लिए एक प्रमुख और सुविधाजनक विकल्प खत्म हो गया है। पढ़ें पूरी खबर... 6. प्रेमी संग घर छोड़ गई युवती, लौटकर फांसी लगाई बाणगंगा थाना क्षेत्र में रहने वाली 23 वर्षीय रिया शर्मा ने मंगलवार शाम अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उसे तत्काल अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। पढ़ें पूरी खबर... 7. सुप्रीम कोर्ट के वकीलों को बना चालान हीरानगर थाना पुलिस ने सोमवार देर रात एमआर-10 चौराहे पर हरियाणा नंबर की कार में सवार सुप्रीम कोर्ट के दो वकीलों और उनके साथियों को रोका। जांच में सभी के शराब के नशे में होने की पुष्टि होने पर पुलिस ने वाहन जब्त कर चालानी कार्रवाई की। पढ़ें पूरी खबर... 8. 100 करोड़ की सरकारी जमीन से हटाया अवैध कब्जा कलेक्टर शिवम वर्मा के निर्देशन पर प्रशासन और निगम टीम ने भू-माफियाओं और अतिक्रमणकारियों के खिलाफ कार्रवाई की। जूनी इंदौर तहसील के ग्राम पिपल्याराव में करीब 1.784 हेक्टेयर सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया। पढ़ें पूरी खबर... 9. शराब कारोबारी का दावा- 50 लाख में डील हुई मुझे परिवार द्वारा सालाना 50 लाख रुपए के किराए पर जमीन देने के लिए सहमति दी गई थी। इस संबंध में रेमन के दोनों भाइयों, उनकी पत्नियों और उनकी मां ने मुझे घर बुलाकर डील तय की थी। पढ़ें पूरी खबर... 10. प्रेमिका की मौत के 10 माह बाद प्रेमी पर केस द्वारकापुरी थाना क्षेत्र में रहने वाली 23 वर्षीय युवती की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने 10 महीने बाद उसके प्रेमी के खिलाफ FIR की है। परिवार के बयान और मोबाइल चैटिंग के आधार पर पुलिस ने यह कार्रवाई की है। पढ़ें पूरी खबर…
अशोकनगर शहर के बीचो-बीच स्थित शासकीय प्राथमिक विद्यालय क्रमांक एक को सांदीपनि सीएम राइज विद्यालय में स्थानांतरित किए जाने का अभिभावकों ने विरोध किया है। बुधवार को विद्यालय में पढ़ने वाले बच्चों के अभिभावकों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर संयुक्त कलेक्टर बृज बिहारी लाल श्रीवास्तव को ज्ञापन सौंपा। अभिभावकों ने ज्ञापन के माध्यम से बताया कि क्रमांक एक स्कूल में पढ़ने वाले अधिकांश बच्चों के माता-पिता मेहनत-मजदूरी का काम करते हैं। उनके लिए बच्चों को शहर से दूर स्थित सांदीपनि विद्यालय तक पहुंचाना संभव नहीं है। सुबह काम पर निकलने के कारण बच्चों को स्कूल छोड़ने की व्यवस्था करना भी मुश्किल है। उन्होंने बताया कि इस विद्यालय में मारूप, बरखेड़ी, पथरिया, बांसाखेड़ी, हिरिया के इयरा, तायडे कॉलोनी, बोहरे कॉलोनी और माता मंदिर जैसे दूरस्थ क्षेत्रों से बच्चे पढ़ने आते हैं। इनमें ज्यादातर बच्चे अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति और अन्य पिछड़ा वर्ग से संबंधित हैं। इन छात्रों की संख्या 400 से अधिक है और उनके निवास स्थान से सांदीपनि विद्यालय लगभग 5 से 8 किलोमीटर दूर है। अभिभावकों ने प्रशासन से निवेदन किया है कि विद्यालय क्रमांक एक को सांदीपनि विद्यालय में मर्ज करने के निर्णय पर पुनर्विचार किया जाए। उन्होंने मांग की कि सभी शिक्षक और छात्र इसी विद्यालय में यथावत अध्ययन करते रहें।
प्रदेश की बिजली कंपनियों में कर्मचारियों की भर्ती के लिए रिक्त पदों की कैबिनेट से मंजूरी के बाद भी भर्ती नहीं हो पा रही है। इस पर नाराजगी जताते हुए ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने कहा है कि पांचों बिजली कंपनी स्वीकृत पदों में भर्ती प्रक्रिया शीघ्र करें। हर हाल में अगले महीने तक भर्ती प्रक्रिया का विज्ञापन जारी हो जाना चाहिए। बिजली कंपनियों के मुख्य अभियंता (सीई) और अधीक्षण अभियंता (एसई) के कामकाज पर नाराजगी व्यक्त करते हुए मंत्री ने कहा कि अच्छा परफॉर्म न करने वाले अफसरों को हटाया जाए। ट्रिपिंग क्यों हो रही ऊर्जा मंत्री प्रद्युम्न सिंह तोमर ने यह निर्देश बुधवार को मंत्रालय में विभागीय योजनाओं की समीक्षा में दिए। मंत्री तोमर ने कहा कि मेंटिनेंस और विभिन्न योजनाओं के माध्यम से किए गए कार्यों के बाद भी ट्रिपिंग क्यों हो रही है। इसका स्थाई निदान ढूढें। उन्होंने कहा कि पायलेट प्राजेक्ट के रूप में एक फीडर लें और उसमें सभी संभावित उपाय कर यह सुनिश्चित करें कि उसमें कोई ट्रिपिंग नहीं हों। यह प्रयोग सफल होने पर अन्य फीडरों में भी इसे लागू किया जाए। बिजली का बिल समय पर नहीं पहुंचने और कार्रवाई करने जब बिल बढ़ जाता है, इस तरह की स्थिति उचित नहीं है। बिजली बिल का भुगतान नहीं करने वाले उपभोक्तों के विरुद्ध पहले या दूसरे महीने में ही कार्रवाई करे। इससे वह बिल का भुगतान कर सकेगा। अच्छा परफॉर्मेंस नहीं देने वाले सीई और एसई के खिलाफ करें कार्रवाई गलत एवं फाल्स बिलिंग को सुधारने बनाएं कार्ययोजना सिंहस्थ-2028 के कार्य प्राथमिकता से करें ऊर्जा मंत्री ने कहा कि सिंहस्थ-2028 से संबंधित सभी कार्य तय समय-सीमा में करें। कार्यों की गुणवत्ता पर विशेष ध्यान दें। इन कार्यों की समीक्षा करें। मंत्री तोमर ने मिशन कंपनी के कार्मिकों को इनसेंटिव देने की बात भी कही। ओवरलोडेड ट्रांसफॉर्मर बदलने के निर्देश भी दिए। ऊर्जा मंत्री ने पॉवर जनरेटिंग कंपनी की नई इकाईयों की स्थापना की प्रगति और नई सोलर एवं पंप स्टोरेज इकाईयों के कार्यों की समीक्षा की। बैठक में ऊर्जा सचिव विशेष गढ़पाले, एमडी पूर्व क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी अजय गुप्ता, एमडी मध्य क्षेत्र विद्युत वितरण कम्पनी ऋषि गर्ग, एमडी पश्चिम क्षेत्र विद्युत वितरण कंपनी अनूप सिंह, एमडी पॉवर ट्रांसमिशन कंपनी सुनील तिवारी और एमडी मध्यप्रदेश जनरेशन कंपनी मंजीत सिंह ने कंपनी द्वारा किए जा रहे कार्यों की जानकारी दी।
गुरुग्राम जिले के सोहना में चुंगी नंबर एक के पास अंडरपास बनाने की मांग को लेकर स्थानीय नागरिकों ने प्रदर्शन किया। सैकड़ों लोग सर्विस रोड पर उतर आए और आधे घंटे तक सड़क जाम की। जिससे दोनों ओर यातायात बाधित हुआ। प्रदर्शनकारियों की मुख्य मांग गुड़गांव-सोहना एलिवेटेड मार्ग के साथ चुंगी नंबर एक पर अंडरपास का निर्माण है। उनका कहना है कि मार्ग अवरुद्ध होने से पुराने शहर में आने-जाने वाले लोगों को परेशानी हो रही है। उन्होंने यह भी मांग की कि भविष्य में बनने वाले फ्लाईओवर की शुरुआत चुंगी नंबर एक से हो, ताकि यातायात सुगम हो। प्रदर्शन के बाद एक बैठक हुई, जिसमें व्यापार मंडल के प्रतिनिधि, पार्षद और गणमान्य नागरिक शामिल हुए। व्यापार मंडल के प्रधान मनोज बजरंगी ने कहा कि गुड़गांव-सोहना एलिवेटेड रोड से सुविधा मिली है, लेकिन चुंगी नंबर एक पर उचित मार्ग न होने से स्थानीय लोग परेशान हैं। उन्होंने इसे शहर की पुरानी और महत्वपूर्ण मांग बताया और शीघ्र समाधान पर जोर दिया। समस्या का समाधान न होने पर आंदोलन की चेतावनी समाजसेवी सतवीर पहलवान ने चेतावनी दी कि यदि प्रशासन और सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द कार्रवाई नहीं की, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन एसडीएम के माध्यम से हरियाणा सरकार को सौंपा। इस दौरान पूर्व पार्षद लेखराज, तरुण लठ, पूर्व पार्षद ओम सैनी, पार्षद रूप सैनी, दया राम सैनी, देवेंद्र (फोटोग्राफर) और भाजपा नेता सुभाष बंसल सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे।
नूंह में दमकल विभाग के कर्मचारी अपनी लंबित मांगों और फरीदाबाद अग्निकांड के पीड़ितों को न्याय दिलाने की मांग को लेकर दो दिवसीय हड़ताल पर हैं। बुधवार को नगर पालिका कर्मचारी संघ हरियाणा (हरियाणा अग्निशमन विभाग कर्मचारी यूनियन शाखा) के आह्वान पर कर्मचारियों ने कामकाज ठप कर दिया। कर्मचारियों ने कार्यालय परिसर में एकत्र होकर सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए विरोध प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारी कर्मचारियों ने चेतावनी दी है कि यदि 9 अप्रैल तक उनकी 22 सूत्रीय मांगों पर कोई ठोस निर्णय नहीं लिया गया, तो हड़ताल को अनिश्चितकालीन आंदोलन में बदल दिया जाएगा। अनिश्चितकालीन आंदोलन की चेतावनी इस दौरान इज्जत नसीब, इस्ताक, शकरूल्ला, राशिद, सलीम और देवी किशन सहित कई कर्मचारियों ने अपनी नाराजगी व्यक्त की। कर्मचारियों ने बताया कि 16 फरवरी को फरीदाबाद में कालकाजी लुब्रिकेंट और शिव स्टील कंपनी में लगी भीषण आग बुझाते समय एनआईटी फायर स्टेशन के कर्मचारी भवीचंद शर्मा और रणवीर सिंह गंभीर रूप से झुलस गए थे। इलाज के दौरान दो कर्मचारियों की हुई थी मौत इलाज के दौरान दोनों की मृत्यु हो गई। कर्मचारियों का आरोप है कि सरकार और विभाग ने अब तक न तो पीड़ित परिवारों के प्रति संवेदना व्यक्त की है और न ही किसी प्रकार की आर्थिक सहायता की घोषणा की है। मृतक कर्मचारियों को शहीद का दर्जा देने की मांग दमकल कर्मियों की प्रमुख मांगों में दोनों मृतक कर्मचारियों को शहीद का दर्जा देना, उनके परिजनों को एक-एक करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देना शामिल है। अन्य मांगों में पुलिस की तर्ज पर 5000 रुपए मासिक जोखिम भत्ता और 7500 रुपए वर्दी भत्ता शामिल है। मांगों को लेकर आंदोलन की चेतावनी वे कौशल रोजगार निगम के कर्मचारियों के 2022 से लंबित वेतन वृद्धि को एरियर सहित लागू करने, कच्चे कर्मचारियों को 58 वर्ष तक नौकरी की गारंटी, ड्यूटी के दौरान चोट लगने पर कैशलेस इलाज और समान काम के लिए समान वेतन की भी मांग कर रहे हैं। कर्मचारियों ने कहा है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा। उन्होंने इसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार पर डाली है।
छात्राओं ने जाने अपने कानूनी अधिकार:वन स्टॉप सेंटर और डिजिटल सुरक्षा की भी मिली जानकारी
पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान जागृति सप्ताह के तीसरे दिन ब्यावर में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पीएम श्री राजकीय बालिका उच्च माध्यमिक स्कूल, छावनी रोड पर निर्धारित गतिविधियों के तहत हुआ। इस अवसर पर पन्नाधाय सुरक्षा एवं सम्मान केंद्र की केंद्र प्रबंधक बरखा दगदी ने छात्राओं को सुरक्षा, विधिक जागरूकता और डिजिटल सुरक्षा के संबंध में विस्तृत जानकारी दी। उन्होंने निदेशालय के निर्देशों के अनुसार छात्राओं की सुरक्षा से जुड़े प्रमुख कानूनों के बारे में बताया। दगदी ने आपातकालीन हेल्पलाइन नंबर 1098, 112, 1090, 181 और 1930 के महत्व पर भी प्रकाश डाला। कार्यक्रम के दौरान महिला सुरक्षा सलाह केंद्र और वन स्टॉप सेंटर की सेवाओं की जानकारी भी साझा की गई। बढ़ते साइबर अपराधों के मद्देनजर डिजिटल सुरक्षा के विभिन्न पहलुओं पर विस्तार से चर्चा की गई। छात्राओं को सतर्क और जागरूक रहने के लिए प्रेरित किया गया। स्कूल की छात्राओं ने इस कार्यक्रम में उत्साहपूर्वक भाग लिया और महत्वपूर्ण सुरक्षा जानकारियों से लाभान्वित हुईं।
अयोध्या के ऐतिहासिक दंतधावन कुंड में साल के 15 दिन भगवान प्राकृतिक रूप से भगवान श्रीराम का सूर्यतिलक करते हैं।हर साल चैत्र पूर्णिमा से लेकर वैशाख पूर्णिमा तक यह होता है। पर आरंभ के 15 दिन सूर्य प्रकार की विशेष कृपा इस मंदिर के गर्भगृह में होती है। हर दिन भगवान सूर्य गर्भगृह के ऊपरी कोने पर बने झरोख से करीब 15 मिनट पर गर्भगृह में विराजमान भगवान श्रीराम,श्रीसीता और लक्ष्मण का अभिषेक करते हैं। भगवान श्रीराम के ललाट पर तिलक करीब 5 मिनट का होता है।यह सब यहां पिछले 300 साल से हो रहा है। मंदिर के प्रबंधक कौस्तुभमणि अचारी के अनुसार मंदिर का वतर्मान गर्भगृह 300 साल पुराना है।मंदिर के गर्भगृह में मां लक्ष्मी के साथ आचार्य भगवान दास आचारी की मूर्ति है। इतना ही नहीं यह मंदिर गोस्वामी तुलसी दास से भी जुड़ा है। तुलसी चौरा में गोस्वामी जी ने मानस का एक कांड बालकांड लिखा।मंदिर के गर्भगृह में बेहद प्राचीन उनकी पादुका आज भी विराजमान हैं।जिसकी रोज आरती और पूजा महंत विवेक अचारी के देखरेख मे चल रहा है। इससे पहले महंत नारायणाचारी छह दशक तक मंदिर के महंत रहे। कौस्तुभमणि अचारी ने बताया कि यह मंदिर का भगवन 300 साल पुराना है। जबकि 800 साल पुराने इतिहास में इसके संस्थापक आचार्य छत्रू स्वामी का उल्लेख हैं।इसके अलावा दंतधावन कुंड का उल्लेख स्कंद पुराण पुराण में है।जहां भगवान अपने भाईयों सहित सुबह मुख और दंत धोते थे।
नोएडा के 2 लाख लोगों को लास्ट माइल कनेक्टिविटी मिलने जा रही है। ये कनेक्टिविटी उनको फीडर बस के जरिए मिलेगी। इसकी शुरुआत मई से होने जा रही है। हालांकि प्रयास यही था कि नोएडा स्थापना दिवस पर ही इसका शुभारंभ किया जाए। लेकिन इंफ्रास्ट्रक्चर तैयार नहीं होने से इसमें बाधा आ रही है। जो रूट फाइल किए जा रहे है। उसमें नोएडा एयरपोर्ट की कनेक्टिविटी और ग्रेनो वेस्ट को जोड़ा गया है। ये सभी रूट मेट्रो स्टेशन से होकर जाएंगे। इन पर 15-15 मिनट के अंतराल पर बस मिलेंगी। कुल 45 बस चलेंगी 5 स्टैंड बाइ पर रहेंगी। यहां लास्ट माइल कनेक्टिविटी का मतलब फीडर बसों से है। 9 और 12 मीटर की दो प्रकार की करीब 50 बस पहले फेज में चलेंगी। इनका संचालन यूपी रोडवेज करेगा। इंफ्रास्ट्रक्चर यानी बसो के खड़े होने के लिए डिपो, चार्जिंग पाइंट (सभी ईवी बस), सर्विस सेंटर, ड्राइवर और कंडेक्टर के लिए आराम करने की जगह और ऑफिस स्टॉफ के लिए कमरे। सेक्टर-90 नोएडा डिपो में इन बसो को खड़ा किया जाएगा। यहां एक इमारत बनी हुई है। उसकी मरम्मत की जाएगी। पहले इसी डिपो से एनएमआरसी की सिटी बस ऑपरेट होती थी। इसी को मेन डिपो बनाया जाएगा। यहां से बसों का संचालन होगा। प्राधिकरण देगा वीजीएफ बसों के संचालन की जिम्मेदारी यूपी रोडवेज की होगी। मेंटेनेंस भी वहीं करेगा। हालांकि टिकट और किमी के हिसाब से जो भी घाटा होगा उसकी भरपाई प्राधिकरण करेगा। इसका एक बिल प्रत्येक महीने यूपी रोडवेज प्राधिकरण को देगा। जिसे प्राधिकरण भरेगा। इसके संचालन से दो लाख लोगों को फायदा होगा। 20 से 60 किमी के है रूट दोबारा होगा सर्वे प्राधिकरण ने यूपी रोडवेज को रूट बनाकर दिए है। यूपी रोडवेज इसका सर्वे करेगी और उसी हिसाब से बस स्टैंड बनाने के लिए प्राधिकरण को कहेगी। हालांकि तय किए गए अधिकांश रूट पर पहले से ही बस स्टैंड बने हुए है। प्राधिकरण ने चार रूट फाइनल किए है। ये सभी रूट 20 से 60 किमी के है। अब जानते है बसों का विवरण
बैतूल में बुधवार को भारतीय युवा कांग्रेस के राष्ट्रीय प्रवक्ता योगेश साहू पहुंचे। उन्होंने “संविधान लीडरशिप प्रोग्राम” के तहत चलाए जा रहे “लोकतंत्र का पांचवां स्तंभ” अभियान की जानकारी दी। साहू ने कहा कि वर्तमान समय में सोशल मीडिया को लोकतंत्र के पांचवें स्तंभ के रूप में मजबूत करने की जरूरत है। उनका कहना था कि कई बार मुख्यधारा की मीडिया विभिन्न कारणों से आम लोगों की मूलभूत समस्याओं को प्रमुखता से नहीं दिखा पाती। ऐसे में सोशल मीडिया इन मुद्दों को सामने लाने का प्रभावी माध्यम बन सकता है। उन्होंने बताया कि इस अभियान का उद्देश्य जमीनी स्तर पर वैकल्पिक मीडिया तैयार करना, बहुजन डिजिटल आवाज को मंच देना और मजबूत वैचारिक संवाद स्थापित करना है। सोशल मीडिया कार्यकर्ताओं का बनेगा नेटवर्कसाहू ने जानकारी दी कि युवा कांग्रेस ऐसे लोगों की सूची तैयार कर रही है, जो सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म के माध्यम से जनता की आवाज उठाते हैं। इन लोगों को अभियान से जोड़कर एक नेटवर्क तैयार किया जाएगा, जो स्थानीय समस्याओं को डिजिटल माध्यम से उजागर करेगा। इसके लिए एक नंबर भी जारी किया गया है, जिस पर मिस्ड कॉल देकर लोग इस अभियान से जुड़ सकते हैं। आवाज उठाने वालों को मिलेगी कानूनी मददउन्होंने कहा कि जो लोग सरकार की नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक तरीके से आवाज उठाते हैं, उन्हें संगठन की ओर से कानूनी सहायता भी उपलब्ध कराई जाएगी। उनका दावा है कि इस पहल से युवाओं को डिजिटल नेतृत्व का अवसर मिलेगा और लोकतंत्र को मजबूत करने में मदद मिलेगी। जिले में तैयार होगी सक्रिय लोगों की सूचीयुवा कांग्रेस जल्द ही जिले में सक्रिय सोशल मीडिया संचालकों की सूची तैयार कर वरिष्ठ नेतृत्व को सौंपेगी, ताकि जनहित के मुद्दों को व्यापक स्तर पर उठाया जा सके।
बदायूं के चर्चित HPCL कांड के मुख्य आरोपी अजय प्रताप के दो सगे भाइयों ने कोर्ट में सरेंडर कर दिया। कोर्ट ने दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया है। मुख्य आरोपी अजय प्रताप के भाई केशव और चंद्रशेखर उर्फ नन्हे ने बुधवार को कोर्ट में आत्मसमर्पण किया। केशव पर HPCL कांड की साजिश में शामिल होने का आरोप है। उस पर 50 हजार रुपये का इनाम घोषित किया गया था। बताया जा रहा है कि दो दिन पहले एसएसपी ने उस पर 25 हजार का इनाम घोषित किया था, जिसे बढ़ाने का प्रस्ताव DIG बरेली रेंज आरके साहनी को भेजा गया था। बुधवार को ही इनाम बढ़ाकर 50 हजार किया गया था। देखें तीन तस्वीरें… वहीं, चंद्रशेखर ने पुराने मारपीट और रंगदारी के मामले में सरेंडर किया है। यह मामला 4 दिसंबर 2025 को राहुल मिश्रा (निवासी कस्बा दातागंज) की ओर से दर्ज कराया गया था। पुलिस का दावा है कि लगातार बढ़ते दबाव के चलते दोनों आरोपियों ने सरेंडर किया है। मामले की जानकारी मिलते ही पुलिस टीम कोर्ट पहुंची। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने बताया कि कोर्ट को अवगत कराया गया है कि केशव HPCL कांड में भी साजिशकर्ता के रूप में नामजद है। इस पर कोर्ट ने उसे इस मामले में कल तलब किया है। पुलिस आरोपी को कस्टडी रिमांड पर लेने की तैयारी कर रही है।
जयपुर के मालवीय नेशनल इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी में 10 अप्रैल को इंडस्ट्री-इंस्टीट्यूट कॉन्क्लेव 2026 आयोजित किया जाएगा। कार्यक्रम सुबह 10 बजे विवेकानंद लेक्चर थिएटर कॉम्प्लेक्स में शुरू होगा। इस कॉन्क्लेव में 100 से ज्यादा इंडस्ट्रियलिस्ट, 100 से ज्यादा प्रोफेसर और बड़ी संख्या में स्टूडेंट्स हिस्सा लेंगे। कार्यक्रम का इनॉगरेशन सुबह 10 बजे होगा। इसमें राजस्थान के चीफ सेक्रेटरी वी. श्रीनिवासन चीफ गेस्ट के तौर पर मौजूद रहेंगे। इसके साथ ही कई आईआईटी और अन्य एमएनआईटी के डायरेक्टर भी कार्यक्रम में शामिल होंगे। आईआईटी एमएनआईटी के डायरेक्टर करेंगे पार्टिसिपेट एमएनआईटी जयपुर के डायरेक्टर एन. पी. पाढ़ी ने बताया कि यह आयोजन ऐसे समय में हो रहा है जब एजुकेशन सिस्टम और इंडस्ट्री के बीच बेहतर तालमेल पर जोर दिया जा रहा है। कॉन्क्लेव का मकसद दोनों के बीच सीधा संवाद बढ़ाना और स्टूडेंट्स को रियल प्रोजेक्ट्स से जोड़ना है। एन. पी. पाढ़ी ने बताया - कॉन्क्लेव में गूगल, टाटा ग्रुप, रिलायंस इंडस्ट्रीज, सैमसंग, जीनस पावर इन्फ्रास्ट्रक्चर और राजस्थान सोलर एसोसिएशन सहित लगभग 150 बड़ी कंपनियों के प्रतिनिधि भाग लेंगे। पैनल डिस्कशन और टेक्निकल सेशन होंगे खास कार्यक्रम में अलग-अलग विषयों पर पैनल डिस्कशन और तकनीकी सत्र आयोजित होंगे। इसमें इंडस्ट्री एक्सपर्ट्स, शिक्षाविद और पॉलिसी मेकर्स नए आइडियाज, इनोवेशन और टेक्नोलॉजी के बदलते ट्रेंड्स पर चर्चा करेंगे।यह कॉन्क्लेव शिक्षा जगत, उद्योग जगत और इनोवेटर्स को एक मंच पर लाने का प्रयास है, जहां से नई साझेदारियां और प्रैक्टिकल समाधान निकल सकें। शाम को होगा सांस्कृतिक कार्यक्रम तकनीकी सत्रों के अलावा शाम को सांस्कृतिक कार्यक्रम भी होगा। इसमें ग्रैमी अवॉर्ड विजेता पंडित विश्व मोहन भट्ट अपनी प्रस्तुति देंगे। इस कॉन्क्लेव के जरिए एमएनआईटी जयपुर अपनी रिसर्च क्षमता, स्टूडेंट्स की प्रतिभा और इंडस्ट्री कनेक्शन को एक साथ प्रदर्शित करेगा, जिससे आने वाले समय में एजुकेशन और इंडस्ट्री के बीच सहयोग को नई दिशा मिल सकती है।
भोपाल में कॉलेज छात्रा से पड़ोसी ने रेप किया:हत्या की धमकी देकर चार सालों से बना रहा था संबंध
मिसरोद इलाके में कॉलेज छात्रा के साथ रेप का मामला सामने आया है। कालोनी में रहने वाला युवक उसके साथ बीते चार सालों से लगातार संबंध बना रहा था। हत्या की धमकी देकर वारदात को अंजाम दिया गया है। मंगलवार की रात थाने पहुंची पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने एफआईआर दर्ज की है। आरोपी को हिरासत में ले लिया गया है। एसआई श्वेता शर्मा के मुताबिक मिसरोद में रहने वाली 19 साल की युवती कॉलेज में द्वित्तीय वर्ष की छात्रा है। पीड़िता छात्रा ने पुलिस को बताया कि 2022 में जब वह नाबालिग थी, तभी उसके कॉलोनी में रहने वाला दीपक यादव उसे बहला फुसलाकर अपने साथ ले गया। जहां उसने जान से मारने की धमकी देकर उसके साथ दुष्कर्म किया। आरोपी युवक कैटरिंग का काम करता है। आर्य समाज मंदिर में जबरन शादी भी की उसके बाद से वह लगातार पीड़िता का शोषण कर रहा था। अभी कुछ दिन पहले छात्रा को धमकाते हुए आर्य समाज मंदिर में ले गया, जहां उसने शादी भी कर ली। इसके बाद आरोपी उसे अपने साथ रखने का दबाव बनाने लगा। उसकी करतूतों से परेशान होकर पीड़िता कल थाने पहुंची और पूरा घटनाक्रम पुलिस को बताया। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस ने आरोपी युवक के खिलाफ मामला दर्ज कर, आरोपी का गिरफ्तार कर लिया है। शादी का झांसा देकर युवती से रेप इसी तरहा एक और मामला कमला नगर पुलिस स्टेशन का है जहां एक युवक ने शादी का झांसा देकर लड़की का शोषण किया। पुलिस के मुताबिक, 2019 में पीड़ीता छात्रा की मुलाकात मसर्रत नामक युवक से हुई थी। पहले दोनों के बीच फोन पर बातचीत हुई और मामला प्रेम प्रसंग तक पहुंच गया। इस दौरान युवक ने पहली बार उसे होटल में ले जाकर रेप किया। उसके बाद से वह लगातार शोषण कर रहा है। बाद में उसने शादी करने से इनकार कर दिया। अभी तक आरोपी युवक की गिरफ्तारी नहीं हो सकी है।-------------------------------------
डीग जिले ने राज्य स्तर पर आयोजित चिकित्सा मंत्री की समीक्षा बैठक में स्वास्थ्य मानकों में प्रदेश में 10वां स्थान प्राप्त किया है। इस बैठक में राज्य के सभी जिलों के प्रदर्शन को 24 विभिन्न विभागीय मानकों के आधार पर परखा गया। बैठक में चिकित्सा एवं स्वास्थ्य विभाग के शीर्ष अधिकारी उपस्थित रहे। इनमें प्रमुख स्वास्थ्य सचिव, मिशन निदेशक, निदेशक (जन स्वास्थ्य), अतिरिक्त मिशन निदेशक, एमडी आरएमसीएल, सीईओ राशा, निदेशक आरसीएच सहित सभी राज्य स्तरीय अधिकारी शामिल थे। इसके अतिरिक्त, सभी संभागों के संयुक्त निदेशक और जिलों के सीएमएचओ एवं आरसीएचओ भी मौजूद रहे। समीक्षा के दौरान चिकित्सा विभाग के विभिन्न पहलुओं पर विस्तृत चर्चा हुई। डीग जिले ने इन मानकों पर बेहतर प्रदर्शन करते हुए शीर्ष 10 में जगह बनाई। चिकित्सा मंत्री ने विभागीय योजनाओं की प्रगति और स्वास्थ्य सेवाओं की जमीनी हकीकत का विश्लेषण करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश भी दिए।
उत्तर पश्चिम रेलवे के अजमेर मंडल में स्थित 'जवाई बांध' रेलवे स्टेशन का नाम बदल दिया गया है। अब इसे 'सुमेरपुर जवाई बांध' स्टेशन के नाम से जाना जाएगा। वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक मिहिर देव ने बताया कि यात्रियों की सुविधा और क्षेत्रीय मांग को देखते हुए सक्षम प्राधिकारी ने स्टेशन के नाम में संशोधन को मंजूरी दी है। इस संबंध में एक आधिकारिक परिपत्र भी जारी किया गया है। नाम बदलने के साथ ही स्टेशन कोड में भी बदलाव किया गया है। पहले 'JWB' रहा स्टेशन कोड अब 'SJWB' होगा। रेलवे की सभी डेटाबेस प्रणालियों, जैसे पीआरएस (यात्री आरक्षण प्रणाली) और यूटीएस (अनारक्षित टिकट प्रणाली) में संशोधित नाम और कोड (SJWB) को अपडेट किया जा रहा है। यह आदेश तत्काल प्रभाव से लागू हो गया है। भविष्य में सभी आधिकारिक पत्राचार और सूचनाओं में नए नाम 'सुमेरपुर जवाई बांध' का ही उपयोग किया जाएगा।
शहडोल जिले के सोहागपुर क्षेत्र स्थित एसईसीएल (SECL) की बंगवार भूमिगत खदान में बुधवार को एक बड़ा हादसा हो गया। यहां मेंटेनेंस कार्य के दौरान बिजली के पोल से गिरकर 43 वर्षीय एक ठेका मजदूर की मौत हो गई। संतुलन बिगड़ने से ऊंचाई से गिरा मजदूर मृतक की पहचान मोहे लाल सिंह निवासी डोंगरा टोला के रूप में हुई है। वह खान प्रबंधक कार्यालय के समीप लगे बिजली के पोल पर सुधार कार्य करने के लिए चढ़े थे। कार्य के दौरान अचानक संतुलन बिगड़ने से वह सीधे नीचे आ गिरे, जिससे उनके सिर पर गंभीर चोट आईं। उपचार के दौरान निजी अस्पताल में तोड़ा दम हादसे के तुरंत बाद प्रबंधन उन्हें केंद्रीय अस्पताल बुढ़ार ले गया। हालत नाजुक होने के कारण प्राथमिक उपचार के बाद उन्हें शहडोल के एक निजी अस्पताल रेफर किया गया। वहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई। सुरक्षा उपकरणों के अभाव का आरोप मृतक के परिजनों और स्थानीय ग्रामीणों ने ठेकेदार पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। परिजनों का कहना है कि मजदूरों से बिना किसी सुरक्षा किट और जरूरी उपकरणों के ऊंचाई पर काम कराया जा रहा था, जो हादसे का मुख्य कारण बना। धनपुरी थाना प्रभारी खेम सिंह ने बताया- घटना की आधिकारिक सूचना अभी थाने तक नहीं पहुंची है। घायल की मौत निजी अस्पताल में हुई है। मर्ग डायरी प्राप्त होने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महासमुंद में अवैध डीजल कारोबार पर कार्रवाई:3 गिरफ्तार, 150 लीटर डीजल और 6.15 लाख की संपत्ति जब्त
महासमुंद के पिथौरा थाना पुलिस ने अवैध डीजल की खरीद-बिक्री के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की हैऔर तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। उनके कब्जे से 150 लीटर डीजल, नाप-तौल का सामान एक आयशर माजदा गाड़ी सहित कुल 6 लाख 16 हजार रुपए की संपत्ति जब्त की गई। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि ग्राम मेमरा में एक किराना दुकान/मकान में अवैध रूप से डीजल का भंडारण और बिक्री की जा रही है। सूचना पर तुरंत कार्रवाई करते हुए पुलिस टीम ने छापा मारा। गाड़ियों से डीजल चोरी करता था आरोपी मौके पर आरोपी निर्मल यादव अपने सहयोगी खेमराज पटेल के साथ बिना किसी सुरक्षा व्यवस्था के डीजल का भंडारण किया हुआ था। जांच में सामने आया कि आयशर माजदा वाहन (CG 23 H 7776) का चालक गिरधर सिन्हा गाड़ियों से डीजल चोरी कर निकालता था। वह इस चोरी के डीजल को अन्य आरोपियों को बेचता था, जिसके बाद वो उसे अवैध रूप से बेचता था। गिरफ्तार किए गए आरोपियों में ग्राम मेमरा, थाना पिथौरा निवासी निर्मल यादव (32), ग्राम चिखली, थाना पिथौरा निवासी खेमराज पटेल (20) और फुलकर्रा, जिला गरियाबंद निवासी गिरधर सिन्हा (35) शामिल हैं। पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 287, 303(2), 317(2), 3(5) तथा आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3 और 7 के तहत मामला दर्ज किया है। ज्वलनशील पदार्थों को बिना सुरक्षा मानकों के रखने पर भी कार्रवाई की गई है। पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर भेज दिया है। महासमुंद पुलिस की इस कार्रवाई को अवैध गतिविधियों पर अंकुश लगाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
रोहतक की महर्षि दयानंद यूनिवर्सिटी के सेंटर फॉर डिस्टेंस एंड ऑनलाइन एजुकेशन (CDOE) विभाग में पिछले एक महीने से गंभीर प्रशासनिक संकट पैदा हो गया है। क्लर्क न होने के कारण छात्र व शिक्षक परेशान है। ASAP छात्र संगठन के प्रदेश अध्यक्ष दीपक धनखड़ के नेतृत्व में छात्रों ने VC ऑफिस का घेराव किया और नारेबाजी करते हुए स्थाई क्लर्क नियुक्त करने की मांग की। एसोसिएशन ऑफ स्टूडेंट फॉर अल्टरनेटिव पॉलिटिक्स के प्रदेश अध्यक्ष दीपक धनखड़ ने कहा कि यह अत्यंत दुर्भाग्यपूर्ण है कि यूनिवर्सिटी के इतने महत्वपूर्ण विभाग में पिछले एक महीने से कोई क्लर्क नहीं है। परीक्षाओं का समय नजदीक आ चुका है, लेकिन विभाग में क्लर्क न होने के कारण छात्रों के रोल नंबर और अन्य आवश्यक दस्तावेज समय पर प्रोसेस नहीं हो रहे। ऐसे में छात्रों को परेशानी हो रही है। डिस्टेंस के शिक्षकों का रूका वेतन दीपक धनखड़ ने बताया कि विभाग के शिक्षकों का वेतन भी प्रशासनिक लापरवाही के कारण रुका हुआ है। क्लर्क के अभाव में कोई भी डॉक्यूमेंटेशन और क्लीयरेंस आगे नहीं बढ़ पा रही है, जिससे स्टाफ के सामने आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। ऐसे में शिक्षकों के अंदर भी रोष बढ़ रहा है। अनिश्चितकालीन धरने की दी चेतावनी छात्र नेता दीपक धनखड़ ने कहा कि पहले भी कई बार व्यक्तिगत रूप से प्रशासन से गुहार लगा चुके हैं, लेकिन अधिकारियों के कान पर जूं तक नहीं रेंग रही। अगले 2 दिनों के भीतर विभाग में स्थाई क्लर्क की नियुक्ति नहीं की गई छात्र यूनिवर्सिटी परिसर में अनिश्चितकालीन धरना शुरू करने पर मजबूर होंगे, जिसकी जिम्मेदारी पूरी तरह से प्रशासन की होगी। MDU प्रशासन ने दिया स्टूडेंट को आश्वासनवाइस चांसलर के ओएसडी ने छात्रों की समस्याओं को सुना और स्थिति की गंभीरता को देखते हुए आश्वासन दिया कि अगले 2 दिनों के भीतर इस समस्या का स्थाई समाधान कर दिया जाएगा। ओएसडी ने कहा कि अंतरिम व्यवस्था के तौर पर तत्काल प्रभाव से किसी अन्य क्लर्क की ड्यूटी वहां लगाई जाएगी, ताकि छात्रों के रोल नंबर और अन्य जरूरी कार्य न रुकें।
सिरसा में गेहूं खरीद की नई पॉलिसी का विरोध शुरू हो गया है। इसे लेकर किसान नेताओं ने सरकार को चेतावनी दी है कि अगर ये पॉलिसी या बेतूका फरमान वापस नहीं लिया तो इसी 11 अप्रैल को नेशनल हाईवे बंद करेंगे। यह प्रदर्शन तीन से चार घंटे का रहेगा। इसे सिरसा से 8 किसान यूनियन व अन्य किसान नेताओं और आढ़ती एसोसिएशन का भी समर्थन मिला है। राष्ट्रीय किसान मंच से हरजिंद्र सिंह नानूआना ने मीडिया से कहा, ये सरकार के लिए चेतावनी है, जो कुंभकर्ण की नींद सोई हुई है, उसे जगाने के लिए। सरकार द्वारा बायोमीट्रिक से पारदर्शिता लाने के सवाल पर कहा, हमारा गेहूं है, हमने बुवाई की है, 6 माह तक मेहनत की और अब मंडियों में व्यवस्था के आलम में गेहूं खराब हो रही है। किसान के पास समय कहां है, अपनी खेती संभाले या बायोमीट्रिक ले या गेट पास बनवाए। किसान नेता नानूआना बोले, ये संयुक्त किसान हरियाणा की कॉल है। इसके बाद भी सरकार नहीं मानी तो संयुक्त किसान मोर्चा भारत व सभी आढ़ती एसोसिएशन भी साथ देगी। वहीं, ऑल इंडिया किसान सभा से महासचिव डॉ. सुखदेव सिंह जम्मू ने कहा, गेहूं की खरीद को लेकर हरियाणा सरकार ने एडवाइजरी जारी की है। ये तरीका अव्यवारिक है और संभव नहीं है। मंडियों में इसका किसान व आढ़ती विरोध कर रहे हैं। हाईवे बंद का किसान लेंगे फैसला इस बारे में सभी किसान यूनियन के पदाधिकारी आज बुधवार को अनाज मंडी में एकत्रित हुए। इसी दौरान किसान नेताओं ने ये फैसला लिया। रघुवीर सिंह नकौड़ा, बाबा गुरदीप सिंह झिड़ी, भरत सिंह झाझड़िया, हरजिंद्र सिंह सहित अन्य मौजूद रहे। अब किसान यूनियन जल्द ही बुधवार शाम को अपनी मीटिंग कर फैसला लेंगे कि नेशनल हाईवे को कहां और कब कितने समय के लिए बंद किया जाए। इसी पर विचार करने में लगी है। कल संयुक्त किसान मोर्च की मीटिंग में हुआ था फैसला ऑल इंडिया किसान सभा से महासचिव डॉ. सुखदेव सिंह जम्मू ने मीडिया से बातचीत में कहा, मंगलवार को संयुक्त किसान मोर्चा की मीटिंग हुई थी, जिसमें ये फैसला लिया गया है। 11 अप्रैल को सभी हाईवे पर किसान एकजुट होंगे और रोड जामकर रोष प्रदर्शन किया जाएगा। समय 3 बजे से शाम 5 बजे तक समय रहेगा।

