सागर के कोतवाली थाना क्षेत्र में पुरव्याऊ टौरी पर घर के बाहर खड़े ऑटो रिक्शा में अज्ञात कारणों के चलते आग लग गई। आग की लपटें उठती देख आसपास के लोग जागे। उन्होंने शोर मचाया तो भीड़ जमा हो गई। लोगों ने बॉल्टियों से पानी डालकर आग पर काबू पाया। आगजनी में ऑटो को नुकसान हुआ है। आशंका जताई जा रही है कि किसी ने ऑटो में आग लगाई है। मामले की शिकायत ऑटो चालक ने थाने पहुंचकर की है। शिकायत पर पुलिस ने मामला जांच में लिया है। फरियादी भरत पिता नर्मदा प्रसाद रैकवार उम्र 28 साल निवासी पुरव्याऊ टौरी ने थाने में शिकायत करते हुए बताया कि शुक्रवार की रात करीब 8 बजे आटो चलाकर घर वापस आया। आटो अपने घर के सामने खड़ा करके घर में चला गया। खाना खाकर सो गया। रात करीब 2 बजे शोर सुनकर बाहर आया। जहां देखा कि ऑटो में आग लगी हुई है। पड़ोसियों की मदद से आग को बुझाया। आगजनी में ऑटो क्रमांक एमपी 15 जेडक्यू 6532 का ऊपरी हिस्सा पूरी तरह से जल गया है। आग कैसे लगी पता नहीं चला है। शिकायत पर पुलिस ने मामला जांच में लिया है।
हाथरस कोतवाली सदर क्षेत्र के मोहल्ला विद्यापति नगर मुरसान गेट पर एक युवक ने अपने घर के अंदर फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। युवक की पहचान 32 वर्षीय सोनू शर्मा के रूप में हुई है, जो विद्यापति नगर मुरसान गेट का निवासी था। उसकी शादी आठ माह पहले शिल्पी से हुई थी। सोनू शर्मा भाजपा नेता देवेंद्र शर्मा की कोमल कांप्लेक्स स्थित रेडीमेड कपड़ों की दुकान पर काम करता था, जबकि उसकी पत्नी भी एक रेडीमेड गारमेंट्स की दुकान पर कार्यरत थी। घटना वाले दिन, सोनू और उसकी पत्नी दोनों अपनी-अपनी ड्यूटी पर गए थे। इसके बाद सोनू घर लौट आया और अपनी मां को शहर के मोहल्ला खाती खाना स्थित ननिहाल में छोड़कर वापस घर चला गया। जब वह दुकान नहीं पहुंचा और उसकी पत्नी को इसकी जानकारी हुई, तो उसने सोनू को फोन किया। कमेटी संचालक नहीं लौटा रहा था पैसा... फोन नहीं उठने पर उसने अन्य लोगों को सूचित किया, जिन्होंने सोनू को कमरे के अंदर फांसी के फंदे पर लटका हुआ पाया। परिजनों ने सोनू को तुरंत जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन तब तक उसकी मौत हो चुकी थी। सोनू की पत्नी शिल्पी ने बताया कि पिछले कुछ समय से उनके पति का शहर के मोहल्ला खातीखाना निवासी एक व्यक्ति पर लगभग एक लाख रुपये का कर्ज था। यह व्यक्ति कमेटी का संचालन भी करता है। शिल्पी के अनुसार, उसके पति के बार-बार तगादा करने के बावजूद यह व्यक्ति कर्ज चुकता नहीं कर रहा था, जिसके कारण उसके पति तनाव में थे। पुलिस ने मामले का संज्ञान लेते हुए जांच-पड़ताल शुरू कर दी है।
रेवाड़ी में नीट और यूजी की परीक्षा पुन: 21 जून को आयोजित की जाएगी। परीक्षा के दौरान इस बार प्रतिबंधों को और कड़ा कर दिया गया। स्मार्ट वॉच व मोबाइल के साथ इस बार परीक्षार्थियों को लेट, हैंडबैग, बेल्ट, टोपी इत्यादि जैसी कोई भी चीज परीक्षा केंद्र में ले जाने की अनुमति नहीं होगी। परीक्षा केंद्रों के बाहर सुरक्षा का भी सख्त पहरा रहेगा। डीसी ने शनिवार को संबंधित विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के दौरान यह बात कही। निगरानी व सुरक्षा रहेगी मजबूत डीसी ने कहा कि इस बार परीक्षा के दौरान परीक्षा केंद्रों के आसपास निगरानी और सुरक्षा तंत्र को मजबूत व प्रभावी बनाया जाएगा। ऐसे में सभी विभागों के अधिकारी समय रहते समन्वय के साथ अपनी तैयारियों का पुख्ता करें। इसमें किसी भी स्तर पर कोताही को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। परीक्षा की गोपनियता और निष्पक्षता बनाए रखना हम सभी की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए। परीक्षा से जुड़ी अफवाहों पर नजर रखें। ऐसे मामले सामने आने पर समय रहते कार्रवाई सुनिश्चत करें। जानिए क्या-क्या प्रतिबंधित 3 मई को हुई परीक्षा में गड़बड़ी के बाद सुरक्षा को पहले से अधिक पुख्ता कर दिया गया है। मोबाइल, ब्लूटूथ, ईयरफोन, स्मार्ट वॉच, कैलकुलेटर, पेन ड्राइव जैसे इलेक्ट्रॉनिक उपकरण परीक्षा केंद्र के अंदर नहीं ले जा सकेंगे। ज्योमेट्री बॉक्स, प्लास्टिक पाउच, राइटिंग पैड, स्केल और इरेजर जैसी वस्तुएं भी अनुमति नहीं होगी। वॉलेट, हैंडबैग, बेल्ट, टोपी या किसी भी प्रकार के धातु के आभूषण पहनकर परीक्षा केंद्र में ले जाने पर रोक लगाई गई है। 11 केंद्रों पर हुई थी परीक्षा रेवाड़ी में 3 मई को हुई परीक्षा में 3788 परीक्षार्थियों के लिए 11 परीक्षा केंद्र बनाए गए थे। परीक्षा केंद्रों में ड्यूटी स्टाफ के मोबाइल फोन ले जाने पर प्रतिबंध को देखते हुए सुरक्षा कर्मियों को वॉकी-टॉकी सैट दिए गए थे। ताकि जरूरत पड़ने पर एक दूसरे से आसानी से संपर्क किया जा सके। इन केंद्रों पर हुई थी परीक्षा रेवाड़ी में 3 मई को राजकीय (बाल) वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय रेवाड़ी, पीएम श्री राजकीय बालिका वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सर्कुलर रोड रेवाड़ी, एफ.एल.टी.एम.एस.बी.डी. राजकीय महिला महाविद्यालय रेवाड़ी, पीएम श्री जवाहर नवोदय विद्यालय नैचाना, पीएम श्री केंद्रीय विद्यालय रेवाड़ी, राजकीय पॉलिटेक्निक लिसाना, राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गुरावड़ा, पीएम श्री वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बिठवाना, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय बूढ़पुर, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय सहारनवास, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गोकलगढ़ को नीट परीक्षा के लिए परीक्षा केंद्र बनाए गए थे।
राज्यपाल के ओएसडी ने की विश्वविद्यालय समीक्षा बैठक:गुणवत्ता, नवाचार और संसाधन सृजन पर दिया जोर
बलरामपुर में मां पाटेश्वरी विश्वविद्यालय से संबद्ध राजकीय एवं अशासकीय महाविद्यालयों की समीक्षा बैठक शनिवार को आयोजित की गई। एम.एल.के. पी.जी. कॉलेज के पुस्तकालय सभागार में हुई इस बैठक की अध्यक्षता कुलाधिपति एवं राज्यपाल के विशेष कार्याधिकारी (ओएसडी) पंकज एल. जानी ने की। बैठक से पूर्व, पंकज एल.जानी ने विश्वविद्यालय परिसर में निर्माणाधीन कार्यों का निरीक्षण किया। उन्होंने स्मार्ट कक्षाओं, पुस्तकालय और वॉशिंग एरिया सहित अन्य आधारभूत सुविधाओं की प्रगति का जायजा लिया। संबंधित अधिकारियों को सभी निर्माण कार्य 31 जुलाई 2026 तक पूर्ण करने के निर्देश दिए गए। समीक्षा बैठक के दौरान, महाविद्यालयों के प्राचार्यों से संस्थागत उपलब्धियों, नवाचारों, एनआईआरएफ रैंकिंग, नैक प्रत्यायन, शोध गतिविधियों, पुस्तकालय व्यवस्था और छात्र सहभागिता पर विस्तृत जानकारी ली गई। पंकज एल जानी ने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षा संस्थानों का मूल उद्देश्य गुणवत्तापूर्ण शिक्षा प्रदान करना है और सभी प्रयास इसी दिशा में केंद्रित होने चाहिए। उन्होंने संसाधन सृजन, उपलब्ध संसाधनों के प्रभावी उपयोग और INFLIBNET जैसी सुविधाओं का अधिकतम लाभ विद्यार्थियों तक पहुंचाने पर बल दिया। इसके अतिरिक्त, पुस्तकालयों को समृद्ध बनाने, खेलो इंडिया जैसी योजनाओं में छात्र भागीदारी बढ़ाने, नियमित स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने तथा अभिलेखों के सुरक्षित संरक्षण के निर्देश भी दिए गए। जानी ने छात्राओं को पॉक्सो अधिनियम के तहत आवश्यक परामर्श और सहयोग उपलब्ध कराने पर भी जोर दिया। उन्होंने विभिन्न विषयों में विशेषज्ञ शिक्षकों की उपलब्धता सुनिश्चित कर गुणवत्तापूर्ण शिक्षण व्यवस्था विकसित करने के निर्देश दिए। बैठक के अंत में, कुलपति प्रो. रविशंकर सिंह ने संस्थागत गुणवत्ता, शैक्षिक उत्कृष्टता और विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास के लिए निरंतर प्रयास करने का आह्वान किया। बैठक में उच्च शिक्षा की गुणवत्ता, अधोसंरचना विकास और छात्र हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता देने पर विशेष बल दिया गया। समीक्षा के बाद, श्री जानी विश्वविद्यालय की प्रगति के कार्यों से संतुष्ट दिखे। इस अवसर पर क्षेत्रीय उच्च शिक्षा अधिकारी, कुल सचिव, संबद्ध महाविद्यालयों के प्राचार्य और संबंधित अधिकारी उपस्थित रहे।
कानपुर देहात में मंगलपुर थाना क्षेत्र में सेंगूर नदी से बरामद 19 वर्षीय युवती ज्योति के शव के मामले में पुलिस ने बड़ा खुलासा करने का दावा किया है। शुरुआती तौर पर संदिग्ध मौत माने जा रहे मामले में अब हत्या का मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस ने मृतका की भाभी रेखा को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि पिता और भाई समेत पांच लोगों को नामजद किया गया है। मंगलपुर थाना क्षेत्र में 8 जून को सेंगूर नदी में एक युवती का शव संदिग्ध परिस्थितियों में मिला था। शव काफी खराब अवस्था में होने के कारण उसकी पहचान नहीं हो सकी थी। बाद में 10 जून को परिजनों ने कपड़ों के आधार पर शव की पहचान 19 वर्षीय ज्योति के रूप में की थी। उस समय परिवार की ओर से किसी पर कोई आरोप नहीं लगाया गया था। जांच में परिवार के लोगों पर गया शक पुलिस की जांच के दौरान घटनाक्रम संदिग्ध प्रतीत होने पर परिवार और गांव के लोगों से पूछताछ की गई। पुलिस का दावा है कि जांच में सामने आया कि ज्योति ने अपनी भाभी रेखा और अपने भाई के छोटे भाई (देवर) मिलन को कथित रूप से आपत्तिजनक स्थिति में देख लिया था। पुलिस के अनुसार, दोनों के बीच कथित अवैध संबंध थे और इसी राज के खुल जाने के डर से हत्या की साजिश रची गई। हत्या कर नदी में फेंकने का आरोप पुलिस की थ्योरी के मुताबिक, ज्योति की हत्या करने के बाद शव को कार में रखकर सेंगूर नदी में फेंक दिया गया, ताकि घटना को दुर्घटना या आत्महत्या का रूप दिया जा सके। मामले में पुलिस ने मृतका की भाभी रेखा को गिरफ्तार कर लिया है। उससे पूछताछ जारी है। पिता का नाम आने से बढ़े सवाल इस मामले में सबसे अधिक चर्चा मृतका के पिता के नामजद होने को लेकर हो रही है। एफआईआर में पिता और भाई सहित पांच लोगों को आरोपी बनाया गया है। पुलिस का कहना है कि मामले की जांच जारी है और फरार आरोपियों की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं। फिलहाल पुलिस इसे सुनियोजित हत्या का मामला मानकर जांच आगे बढ़ा रही है।
संतकबीरनगर पहुंची उत्तर प्रदेश सरकार की ग्राम्य विकास राज्य मंत्री और जिले की प्रभारी मंत्री विजय लक्ष्मी गौतम ने केंद्र में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के 12 वर्ष पूरे होने के अवसर पर एक प्रेस वार्ता को संबोधित किया। इस दौरान उन्होंने मोदी सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। मंत्री गौतम ने कहा कि पिछले 12 वर्षों में देश ने विकास, सुशासन और आत्मनिर्भरता के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। उन्होंने जोर दिया कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत आज विश्व पटल पर एक सशक्त राष्ट्र के रूप में अपनी पहचान बना रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं का उल्लेख किया, जिनमें प्रधानमंत्री आवास योजना, उज्ज्वला योजना, आयुष्मान भारत, हर घर जल और किसान सम्मान निधि शामिल हैं। मंत्री ने बताया कि इन योजनाओं ने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं और सरकार ने बिना किसी भेदभाव के समाज के हर वर्ग तक इनका लाभ पहुंचाया है। विजय लक्ष्मी गौतम ने आगे कहा कि भारत आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रहा है और विश्वगुरु बनने के संकल्प को साकार करने की ओर अग्रसर है। उन्होंने दावा किया कि बीते 12 वर्षों में देश में आधारभूत संरचनाओं का अभूतपूर्व विकास हुआ है, तथा गरीब, किसान, महिला और युवा केंद्रित नीतियों ने विकास को नई गति दी है। प्रेस वार्ता के दौरान प्रभारी मंत्री ने विपक्ष पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि कुछ राजनीतिक दल जनता को गुमराह करने का प्रयास कर रहे हैं, लेकिन देश की जनता विकास और सुशासन के मुद्दों पर सरकार के साथ खड़ी है। इससे पहले, उन्होंने खलीलाबाद के कंपोजिट विद्यालय सरैया परिसर में पौधरोपण किया और झाड़ू लगाकर स्वच्छता का संदेश दिया। इस अवसर पर जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीना सहित अनेक अधिकारी मौजूद रहे। वहीं समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव की बेटी को लेकर की गई कथित अमर्यादित टिप्पणी के मामले पर प्रतिक्रिया देते हुए मंत्री ने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि बेटी किसी भी परिवार, समाज या राजनीतिक दल की हो, उसके खिलाफ अमर्यादित टिप्पणी स्वीकार नहीं की जा सकती। सभी बेटियां और महिलाएं सम्मान की पात्र हैं और उन्हें राजनीतिक दृष्टि से बांटकर नहीं देखा जा सकता। उन्होंने कहा कि बेटियों की अस्मिता और सम्मान के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। ऐसे मामलों में सरकार गंभीरता से कार्रवाई करेगी और दोषियों के खिलाफ सख्त कदम उठाए जाएंगे। इस मौके पर जिलाध्यक्ष नीतू सिंह, सदर विधायक अंकुर राज तिवारी, धनघटा विधायक गणेश चौहान, मेंहदावल विधायक अनिल त्रिपाठी समेत अनेक लोग मौजूद रहे।
रामपुर में आंधी से क्षतिग्रस्त बिजली व्यवस्था को दुरुस्त करने के लिए विद्युत विभाग मरम्मत कार्य में जुटा है। सिविल लाइंस क्षेत्र में खराब पोल बदलने और नए पोल लगाने का काम पूरा हुआ, जिससे ढाई से तीन घंटे बिजली आपूर्ति बाधित रही। सिविल लाइंस क्षेत्र में आठ नए विद्युत पोल लगाए गए हैं। इन पोलों को लगाने और लाइनों को सुरक्षित रूप से जोड़ने के लिए निर्धारित समय तक बिजली काटी गई। विभाग के अनुसार, यह कटौती उपभोक्ताओं की सुविधा और भविष्य में निर्बाध आपूर्ति सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक थी। हालांकि, सिविल लाइंस, पहाड़ी गेट, बिलासपुर गेट और रजा डिग्री कॉलेज बिजलीघर से जुड़े कई उपभोक्ताओं ने शिकायत की कि उन्हें अपेक्षा से अधिक समय तक बिजली कटौती का सामना करना पड़ा। भीषण गर्मी में बार-बार बिजली जाने से लोगों को परेशानी हुई। अधीक्षण अभियंता सत्येंद्र कुमार चौहान ने बताया कि आंधी से कई स्थानों पर विद्युत ढांचा क्षतिग्रस्त हुआ था। सिविल लाइंस में आठ नए पोल लगाए गए हैं और अन्य प्रभावित क्षेत्रों में भी मरम्मत कार्य तेजी से जारी है। उन्होंने यह भी बताया कि नवाब गेट क्षेत्र में तीन नए फीडर लगाए जा रहे हैं। पुराने फीडरों के जर्जर होने से बार-बार ट्रिपिंग की समस्या आती थी। नए फीडर लगने से बिजली आपूर्ति स्थिर होगी और उपभोक्ताओं को कटौती व ट्रिपिंग से राहत मिलेगी। विभाग ने जल्द ही सभी क्षेत्रों में बिजली व्यवस्था सामान्य करने का दावा किया है।
उत्तर प्रदेश शासन ने प्रशासनिक फेरबदल करते हुए पीलीभीत के जिला खनन अधिकारी सुभाष सिंह का तबादला मथुरा जनपद में कर दिया है। उनकी जगह प्रांजुल सिंह को पीलीभीत का नया खनन अधिकारी नियुक्त किया गया है। सुभाष सिंह को उनकी कर्तव्यनिष्ठ और सख्त कार्यशैली के लिए यह तबादला एक इनाम माना जा रहा है। पीलीभीत में अपनी तैनाती के दौरान जिला खनन अधिकारी सुभाष सिंह ने अवैध खनन सिंडिकेट के खिलाफ व्यापक अभियान चलाया। उन्होंने दिन-रात अवैध खनन और परिवहन पर प्रभावी रोक लगाने के लिए लगातार धरातल पर उतरकर कार्रवाई की। इस दौरान उन्होंने 'ऑपरेशन क्लीन' के तहत जिले के दर्जनों खनन माफियाओं के खिलाफ सीधी कार्रवाई की, जिससे माफिया तंत्र में हड़कंप मच गया। उनकी ताबड़तोड़ छापेमारी के चलते अवैध खनन में लिप्त बड़ी संख्या में डंपर, जेसीबी और ट्रैक्टर-ट्रॉलियों को मौके से पकड़कर सीज किया गया। इन दंडात्मक कार्रवाइयों के माध्यम से रिकॉर्ड राजस्व की वसूली की गई। इसके साथ ही, जिले में बड़े पैमाने पर अवैध खनन कर राजस्व की चोरी करने वाले कई रसूखदार माफियाओं को चिन्हित कर उनके खिलाफ संबंधित थानों में गंभीर धाराओं में मुकदमे भी दर्ज कराए गए। सुभाष सिंह के स्थानांतरण के बाद अब प्रांजुल सिंह पीलीभीत के नए खनन अधिकारी बनाए गए हैं। उनके सामने सुभाष सिंह द्वारा अवैध खनन के खिलाफ कायम की गई प्रशासनिक कड़ाई और व्यवस्था को बरकरार रखने की बड़ी जिम्मेदारी होगी।
बुलंदशहर के बीबी नगर थाना क्षेत्र के बहांपुर गांव में किसानों के धरने के दौरान हंगामा हो गया। किसान यूनियन कामगार के नेता मनवीर तेवतिया को जेल भेजे जाने के बाद शनिवार को धरना स्थल पर जमा ग्रामीणों की भीड़ को पुलिस ने बल प्रयोग कर हटा दिया। बहांपुर गांव में किसान कई दिनों से अपनी मांगों को लेकर धरना दे रहे थे। किसान यूनियन कामगार के नेता मनवीर तेवतिया को पुलिस ने हिरासत में लेकर जेल भेज दिया था। नेता की गिरफ्तारी से नाराज ग्रामीण शनिवार को बड़ी संख्या में धरना स्थल पर जमा हो गए। भीड़ द्वारा हंगामा किए जाने और नारेबाजी की सूचना मिलते ही मौके पर बीबी नगर थाना पुलिस के साथ अतिरिक्त पुलिस बल पहुंच गया। पुलिस अधिकारियों ने प्रदर्शनकारियों को समझाने का प्रयास किया। पुलिस का आरोप है कि कुछ लोग माहौल खराब करने की कोशिश कर रहे थे। इसके बाद हल्का बल प्रयोग कर पुलिस ने धरना स्थल पर जमा भीड़ को मौके से खदेड़ दिया। इस दौरान किसानों ने अपने मोबाइल से वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिए। वीडियो में पुलिस और किसानों के बीच धक्का-मुक्की दिखाई दे रही है। धरना दे रहे किसानों ने पुलिस पर बेवजह लाठीचार्ज और दुर्व्यवहार करने के गंभीर आरोप लगाए हैं। किसानों का कहना है कि वे शांतिपूर्ण तरीके से अपनी मांगें रख रहे थे और पुलिस की कार्रवाई से कई ग्रामीणों को चोटें भी आई हैं। वहीं पुलिस का कहना है कि कानून व्यवस्था बनाए रखने के लिए भीड़ को तितर-बितर किया गया। फिलहाल धरना स्थल पर पुलिस बल तैनात कर दिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि स्थिति नियंत्रण में है और मामले की जांच की जा रही है।
मऊ में थाना समाधान दिवस पर 304 शिकायतें मिलीं:15 का मौके पर निस्तारण, DM-SP ने दिए निर्देश
मऊ में शनिवार को सभी थानों पर थाना समाधान दिवस का आयोजन किया गया। इस दौरान जिलाधिकारी आनंद वर्धन और पुलिस अधीक्षक कमलेश बहादुर ने कोतवाली नगर थाने पहुंचकर फरियादियों की समस्याएं सुनीं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को शिकायतों के समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण के निर्देश दिए। जनपद के अन्य सभी थानों पर भी क्षेत्राधिकारियों और प्रभारी निरीक्षकों/थानाध्यक्षों ने जनशिकायतें सुनीं। अधिकारियों ने त्वरित समाधान के लिए संबंधित विभागों को आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए।पुलिस विभाग द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, जनपद के विभिन्न थानों पर कुल 304 प्रार्थना पत्र प्राप्त हुए। इनमें से 15 प्रार्थना पत्रों का मौके पर ही पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम द्वारा निस्तारण किया गया। राजस्व विभाग से संबंधित शिकायतों के समाधान के लिए राजस्व टीमों को आवश्यकतानुसार पुलिस बल उपलब्ध कराने के निर्देश भी दिए गए। इसका उद्देश्य शिकायतों का निष्पक्ष और प्रभावी निस्तारण सुनिश्चित करना है।
फरीदाबाद के सूरजकुंड थाना क्षेत्र स्थित सेक्टर-45 की श्री होम्स सर्वोहम सोसाइटी में 10 जून की रात 23 वर्षीय विवाहिता सीमा की संदिग्ध परिस्थितियों में हुई मौत के मामले में पुलिस ने मृतका के पति प्रवीन को गिरफ्तार कर लिया है। वहीं, पति की गिरफ्तारी के बाद भी अन्य नामजद आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं होने से नाराज परिजन शनिवार को सूरजकुंड थाना प्रभारी से मिलने पहुंचे और सास, ससुर समेत अन्य आरोपियों को जल्द गिरफ्तार करने की मांग की। संदिग्ध परिस्थिति में हुई थी मौत पुलिस के अनुसार, 10 जून की रात सर्वोहम सोसाइटी में रहने वाली सीमा की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। मामले में मृतका के पिता अजीत सिंह ने अपनी बेटी की मौत को संदिग्ध बताते हुए दहेज प्रताड़ना और हत्या का आरोप लगाया। उनकी शिकायत पर थाना सूरजकुंड में मृतका के पति प्रवीन, सास, ससुर और ताऊ ससुर के खिलाफ दहेज हत्या और आपराधिक षड्यंत्र सहित विभिन्न धाराओं के तहत मामला दर्ज किया गया। मामले की जांच कर रही पुलिस चौकी सेक्टर-46 की टीम ने कार्रवाई करते हुए आरोपित पति प्रवीन को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस का कहना है कि मामले में अन्य नामजद आरोपियों की भूमिका की भी जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। पिता बोले- बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती वहीं, मृतका के पिता अजीत सिंह ने आरोप लगाया कि घटना के समय घर में प्रवीन और उसकी मां मौजूद थे, लेकिन पुलिस ने उन्हें तत्काल गिरफ्तार नहीं किया। उनका कहना है कि उनकी बेटी आत्महत्या नहीं कर सकती थी। परिजनों का आरोप है कि सीमा की हत्या करने के बाद उसे फांसी पर लटका दिया गया ताकि मामला आत्महत्या का प्रतीत हो। उन्होंने पुलिस से सास, ससुर और अन्य नामजद आरोपियों की भी जल्द गिरफ्तारी की मांग की है। अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी के प्रयास सूरजकुंड थाना प्रभारी प्रल्हाद कुमार ने बताया कि परिजनों की शिकायत पर चार नामजद लोगों के खिलाफ मामला दर्ज किया गया है। मृतका के पति को गिरफ्तार कर लिया गया है, जबकि अन्य आरोपियों की गिरफ्तारी अभी बाकी है। उन्होंने कहा कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर जांच आगे बढ़ाई जा रही है। जांच में जो भी व्यक्ति दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस मामले की गहनता से जांच कर रही है।
लखनऊ में शनिवार को आवास आवास आयुक्त वृंदावन अवध विहार योजना का औचक निरीक्षण किया। इस दौरान विभिन्न विकास और निर्माण कार्यों की प्रगति का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान उन्होंने अवध विहार योजना में स्थित अवध शिल्पग्राम परिसर के फूड कोर्ट, एम्फीथियेटर, प्रदर्शनी हॉल, ग्रीन बेल्ट, पार्क के साथ चिन्हित स्थलों, निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर और दुकानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान आवास आयुक्त ने निर्माणाधीन कन्वेंशन सेंटर के कार्यों में तेजी लाने , दुकानों के आवंटन की प्रक्रिया को टेंडर के माध्यम से शीघ्र संपन्न कराने के निर्देश दिए। उन्होंने वृंदावन एवं अवध विहार योजनाओं में स्थित वाणिज्यिक भूखंडों का रेरा पंजीकरण जल्द सुनिश्चित करने साथ ही विकास एवं निर्माण संबंधी लंबित कामों को निर्धारित समय में पूरा करने के लिए अधिकारियों को निर्देशित किया। आवास आयुक्त ने दोनों योजनाओं में सौंदर्यीकरण, स्वच्छता एवं रखरखाव व्यवस्था को और अधिक बेहतर बनाने पर जोर दिया। संबंधित अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि योजनाओं में उपलब्ध सुविधाओं और इंफ्रास्ट्रक्चर को बेहतर बनाकर नागरिकों को गुणवत्तापूर्ण वातावरण उपलब्ध कराया जाए।निरीक्षण के दौरान मुख्य आर्किटेक्ट प्लानर , अधीक्षण अभियंता, और उप आवास आयुक्त मौजूद रहे।
केंद्र एवं प्रदेश सरकार के सेवा, संस्कार, सुशासन एवं सम्मान के मूल मंत्र को जन-जन तक पहुंचाने के उद्देश्य से उत्तर प्रदेश सरकार के गन्ना विकास एवं चीनी उद्योग राज्यमंत्री एवं जनपद प्रभारी मंत्री संजय सिंह गंगवार ने शनिवार सुबह नगर के नया पटेल नगर वार्ड संख्या 9 का निरीक्षण कर स्वच्छता व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने स्वयं झाड़ू लगाकर स्वच्छता श्रमदान किया और वृक्षारोपण कर पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया। निरीक्षण के दौरान प्रभारी मंत्री ने वार्ड की गलियों, सड़कों और सार्वजनिक स्थलों का भ्रमण कर सफाई कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने सफाई कर्मियों से संवाद स्थापित कर उनकी कार्यप्रणाली और समस्याओं की जानकारी ली तथा उनके योगदान की सराहना करते हुए उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि नगर को स्वच्छ, सुंदर और स्वस्थ बनाने में सफाई कर्मियों की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है और सरकार उनके सम्मान व कल्याण के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है। प्रभारी मंत्री ने कहा कि स्वच्छता केवल सरकारी कार्यक्रम नहीं, बल्कि सेवा और संस्कार से जुड़ा एक जनआंदोलन है, जिसमें प्रत्येक नागरिक की सहभागिता आवश्यक है। उन्होंने लोगों से अपने घरों, मोहल्लों और सार्वजनिक स्थलों की स्वच्छता बनाए रखने की अपील करते हुए कहा कि सेवा भाव से किया गया प्रत्येक कार्य समाज और राष्ट्र निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान देता है। इसके बाद उन्होंने पर्यावरण संरक्षण के संकल्प के साथ वृक्षारोपण किया। उन्होंने कहा कि पर्यावरण संतुलन बनाए रखने और भावी पीढ़ियों को सुरक्षित वातावरण देने के लिए अधिकाधिक पौधरोपण जरूरी है। उन्होंने नागरिकों से एक पेड़ मां के नाम अभियान सहित विभिन्न वृक्षारोपण कार्यक्रमों में भाग लेने और लगाए गए पौधों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। इस अवसर पर जिला पंचायत अध्यक्ष डॉ. घनश्याम अनुरागी, सदर विधायक गौरीशंकर वर्मा, कालपी विधायक प्रतिनिधि आशु चतुर्वेदी, भाजपा जिलाध्यक्ष उर्विजा दीक्षित, जिलाधिकारी राजेश कुमार पाण्डेय, पुलिस अधीक्षक विनय कुमार सिंह, मुख्य विकास अधिकारी के.के. सिंह, नगर पालिका उरई के अधिशासी अधिकारी सहित जनप्रतिनिधि, अधिकारी, कर्मचारी और बड़ी संख्या में स्थानीय नागरिक उपस्थित रहे। कुछ और तस्वीरें देखें
देवास के प्राइवेट अस्पताल में 7 वर्षीय बच्ची वेनिका का सफल कान पुनर्निर्माण किया गया है। जन्म से एक कान के बिना जन्मी वेनिका की पसली की हड्डी का उपयोग करके डॉक्टरों ने नया कान तैयार किया। यह जटिल सर्जरी सफलतापूर्वक पूरी की गई, जिससे बच्ची को नई पहचान मिली। अमलतास सुपर स्पेशलिटी अस्पताल, देवास के प्लास्टिक सर्जन डॉ. राहुल यादव ने बताया कि बच्ची 'माइक्रोटिया' नामक जन्मजात विकृति से पीड़ित थी। इस स्थिति में कान का बाहरी हिस्सा पूरी तरह विकसित नहीं हो पाता। उन्होंने बताया कि यह मामला चिकित्सा विज्ञान की दृष्टि से जटिल था। डॉक्टरों की टीम ने बच्ची की छाती की पसली (रिब कार्टिलेज) से ऊतक लेकर नया कान तैयार किया और उसका सफलतापूर्वक पुनर्निर्माण किया। इस सर्जरी को डॉ. राहुल यादव, डॉ. अर्पिता, डॉ. अरविन्द, डॉ. दीक्षा और डॉ. राजा की टीम ने अंजाम दिया। कान का पुनर्निर्माण तीन चरणों में पूरा होगाडॉक्टरों के अनुसार, कान का पुनर्निर्माण तीन चरणों में पूरा होगा, जिसमें लगभग एक वर्ष का समय लगेगा। पहले चरण में कान का ढांचा तैयार कर प्रत्यारोपित किया गया है। आगामी चरणों में इसे और अधिक प्राकृतिक आकार और गहराई दी जाएगी। प्राइवेट अस्पताल के चेयरमैन मयंकराज सिंह भदौरिया ने इस सफल सर्जरी पर संतोष व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि संस्थान भविष्य में भी आधुनिक तकनीक और समर्पित सेवाओं के माध्यम से समाज को विश्वस्तरीय स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध रहेगा।
जयपुर के हरमाड़ा थाना क्षेत्र में चार वर्षीय बच्ची की हत्या का मामला सामने आने से इलाके में सनसनी फैल गई। श्याम वाटिका, बैनाड़ क्षेत्र में रहने वाली मासूम आलीना का शव पड़ोसी के घर में डबल बेड के अंदर मिलने से हड़कंप मच गया। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार बच्ची के लापता होने के बाद उसकी तलाश की जा रही थी। इसी दौरान पड़ोसी के घर में तलाश के दौरान उसका शव बरामद हुआ। घटना की सूचना मिलते ही हरमाड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने मामले में एक महिला और एक पुरुष को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू कर दी है। प्रारंभिक स्तर पर आपसी अनबन या रंजिश के चलते वारदात को अंजाम दिए जाने की आशंका जताई जा रही है, हालांकि पुलिस अभी सभी पहलुओं की जांच कर रही है। बच्ची के शव को पोस्टमार्टम के लिए कांवटिया अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है। घटना की गंभीरता को देखते हुए एडीसीपी वेस्ट राजेश कुमार गुप्ता भी मौके के लिए रवाना हो गए हैं। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और पूछताछ के बाद ही हत्या के कारणों और घटनाक्रम का स्पष्ट खुलासा हो सकेगा। फिलहाल पूरे मामले की गहन जांच जारी है।
युवक का अपहरण कर मारपीट करने वाले तीन आरोपी गिरफ्तार:गोंडा में 50 हजार की रंगदारी मांगने का आरोप
गोंडा में एक युवक को अगवा कर मारपीट करने और 50 हजार रुपये महीना रंगदारी मांगने के आरोप में तीन लोगों को गिरफ्तार किया गया है। नगर कोतवाली पुलिस ने 'छोटी सेना' गैंग से जुड़े होने का दावा करने वाले इन आरोपियों को पकड़ा है। पीड़ित श्रेयांश सिंह की शिकायत पर यह कार्रवाई की गई है। यह घटना 9 जून की रात करीब 10 बजे नगर कोतवाली क्षेत्र के जानकी नगर में हुई थी। श्रेयांश सिंह अपने घर लौट रहे थे, तभी भगवान होटल ओवरब्रिज के पास मोटरसाइकिल सवार आरोपियों ने उन्हें रोक लिया। श्रेयांश के मुताबिक, उन्हें जबरन बाइक पर बैठाकर एक सुनसान जगह ले जाया गया, जहां लाठी-डंडों से उनकी पिटाई की गई थी। श्रेयांश सिंह ने आरोप लगाया है कि मुख्य आरोपी अंशुमान सिंह उर्फ अरनव सिंह ने उन्हें एक वीडियो दिखाते हुए खुद को 'छोटी सेना' गैंग का सदस्य बताया। उसने हर महीने 50 हजार रुपये 'गुंडा टैक्स' की मांग की और पैसे न देने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पीड़ित का यह भी आरोप है कि हर्ष दुबे और अन्य आरोपी उन्हें पीटते हुए उनके घर की ओर ले जा रहे थे, ताकि उनकी मां से पैसे वसूल सकें। हालांकि, रास्ते में स्थानीय लोगों के हस्तक्षेप के बाद आरोपी श्रेयांश को छोड़कर भाग गए। इस मामले में श्रेयांश की माता प्रियंका सिंह ने नगर कोतवाली में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था। परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश नगर कोतवाल बिंदेश्वरी मणि त्रिपाठी ने बताया कि इस मामले में अंशुमान सिंह उर्फ अरनव सिंह, हर्ष दुबे और हेमंत मिश्रा को गिरफ्तार कर मेडिकल परीक्षण के बाद न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उन्हें जेल भेज दिया गया है। पुलिस को आरोपियों के मोबाइल से कई वीडियो मिले हैं, जिनमें वे मारपीट करते और पैसे की मांग करते दिख रहे हैं। कुछ आरोपियों का आपराधिक इतिहास भी है, जिसकी जांच की जा रही है। पहले इन आरोपियों को पुलिस हिरासत में लेकर की पूछताछ की गई फिर इसके बाद इन आरोपियों को गिरफ्तार करके जेल भेजा गया है अन्य बिंदुओं पर भी पुलिस द्वारा गहनता पूर्वक जांच की जा रही है।
कन्नौज में भारतीय जनता पार्टी के जिला कार्यालय में शनिवार दोपहर बाद पार्टी नेताओं ने कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की। जिसमें मुख्य अतिथि के रूप में प्रदेश सरकार के कैबिनेट मंत्री मौजूद रहे।बैठक को संबोधित करते हुए प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने कहा कि भाजपा एक विचारधारा आधारित संगठन है, जहां प्रत्येक कार्यकर्ता का महत्व है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से कार्यक्रमों और केंद्र व प्रदेश सरकार की जनहितैषी योजनाओं को जन-जन तक पहुँचाने का आह्वान किया। क्षेत्रीय अध्यक्ष प्रकाश पाल ने संगठन की मजबूती पर जोर दिया। उन्होंने कहाकि कार्यकर्ता ही पार्टी की सबसे बड़ी शक्ति है। यहां उन्होंने सपा पर कटाक्ष करते हुए कहाकि उनके पीडीए का मतलब 'पक्के दलाल अराजक है। यहां पूर्व सांसद सुब्रत पाठक ने कार्यकर्ताओं में ऊर्जा का संचार करते हुए कहा कि संगठन की एकता ही हमारी सफलता का आधार है। उन्होंने स्थानीय मुद्दों पर चर्चा करते हुए कार्यकर्ताओं को पूरी निष्ठा के साथ जनता की सेवा करने और संगठन को और अधिक सशक्त बनाने के लिए प्रेरित किया। जिला अध्यक्ष वीर सिंह भदौरिया ने अतिथियों का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि आज की बैठक से कार्यकर्ताओं को नई ऊर्जा मिली है। उन्होंने विश्वास दिलाया कि कन्नौज की पूरी टीम आगामी चुनौतियों और लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए समर्पित है। इस अवसर पर पार्टी के पूर्व विधायक अरविंद प्रताप सिंह, क्षेत्रीय उपाध्यक्ष आनंद सिंह, देवेंद्र देव गुप्ता, जिला पंचायत अध्यक्ष प्रिया शाक्य, योगेन्द्र भदौरिया, जिला महामंत्री रामसेवक कठेरिया, शैलेन्द्र द्विवेदी, शिल्पी भारती, जिला मीडिया प्रभारी अभिषेक पाण्डेय, रजनी पाल, सौरभ गुप्ता, शिवेन्दर ग्वाल, दिलीप सैनी समेत कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
कोरिया जिले के सोनहत पंचायत के धुमाडांड में शासकीय भूमि पर अवैध चर्च निर्माण का आरोप लगाते हुए निर्माण को तोड़ दिया गया है। चर्च निर्माण की सूचना पर जनप्रतिनिधि और भाजपा नेता स्थानीय लोगों के साथ मौके पर पहुंचे और कराए जा रहे निर्माण को ढहा दिया गया। मामले की सूचना सोनहत तहसीलदार को दी गई है। मामले में फिलहाल प्रशासनिक कार्रवाई नहीं की गई है। जानकारी के मुताबिक, सोनहत पंचायत के धुमाडांड में शासकीय भूमि पर निर्माण कार्य रूपेंद्र काशी और उनके सहयोगियों द्वारा कराया जा रहा था। हसदेव नदी के पुल के पास तेंदुपत्ता गोदाम के बगल में शासकीय भूमि पर पिछले दो दिनों से अवैध रूप से चर्च का निर्माण कार्य तेजी से चल रहा था। यह जानकारी हिंदू संगठनों सहित ग्रामीणों को हुई तो उन्होंने शनिवार सुबह सोनहत हसीलदार को इसकी जानकारी दी। तहसीलदार ने पुलिस को कार्य बंद कराने का मौखिक आदेश दिया। सूचना पर सोनहत ग्राम पंचायत के उप सरपंच राजेश कुमार गुप्ता, सलगांव कला के उप सरपंच आशीष जायसवाल, भारतीय जनता पार्टी युवा मोर्चा के मंडल अध्यक्ष मनोज साहू, राकेश तिवारी, दिनेश मारिक सहित अन्य कार्यकर्ता मौके पर पहुंचे। पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर कार्य को बंद करा दिया। शासकीय भूमि पर निर्माण अवैध, तोड़ा गया जनप्रतिनिधियों एवं भाजपा कार्यकर्ताओं ने ग्रामीणों से निर्माण को लेकर पूछताछ की। स्थानीय लोगों ने कहा कि यह शासकीय भूमि है और यहां चर्च का निर्माण वे नहीं होने देंगे। इस दौरान आक्रोशित ग्रामीणों ने खुद ईट को लात हाथ से गिराना शुरू कर दिया। बाद में बुलडोजर से पूरा अवैध निर्माण को गिराकर खाली करा लिया गया। भाजयुमो मंडल अध्यक्ष मनोज साहू ने कहा कि यह निर्माण कार्य पूरी तरह से अवैध है और शासकीय जमीन पर कब्जा कर किया जा रहा था। ग्रामीणों ने सर्वसम्मति से इस निर्माण को रोकने का निर्णय लिया और खड़े किए गए ढांचे को ध्वस्त कर दिया है। धर्मांतरण कराने का आरोप जिन लोगों द्वारा निर्माण किया जा रहा था वे ईसाई धर्म से जुड़े हैं। स्थानीय लोगों ने आरोप लगाया कि क्षेत्र में बड़ी संख्या में लोगों का धर्म परिवर्तन कराया जा रहा है। भाजपा पदाधिकारियों ने कहा कि इस पूरे मामले की शिकायत की जाएगी और धर्मांतरण में शामिल लोगों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई कराई जाएगी। मौके पर प्रशासनिक टीम भी पहुंची। फिलहाल निर्माण कराने वालों ने निर्माण तोड़ने का विरोध नहीं किया। उन्हें हिदायत दी गई है कि यहां वे निर्माण न कराएं।
रुहेलखंड विश्वविद्यालय डिजिटल युग के वकील तैयार करेगा:साइबर लॉ सहित तीन नए LLM कोर्स शुरू करेगा
महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय ने विधि शिक्षा को आधुनिक बनाने की दिशा में कदम उठाया है। विश्वविद्यालय के विधि विभाग ने शैक्षिक सत्र 2026-27 से तीन नए विशेषीकृत एलएलएम पाठ्यक्रम शुरू करने की घोषणा की है। इनमें साइबर लॉ, बिजनेस एंड कॉरपोरेट लॉ और एग्जीक्यूटिव एलएलएम शामिल हैं। ये पाठ्यक्रम नई शिक्षा नीति-2020 के अनुरूप तैयार किए गए हैं। इनका मुख्य उद्देश्य छात्रों को पारंपरिक वकालत के बजाय साइबर सुरक्षा, डेटा प्रोटेक्शन, कॉरपोरेट गवर्नेंस, ई-कॉमर्स और डिजिटल रेगुलेशन जैसे तेजी से विकसित हो रहे क्षेत्रों में विशेषज्ञता प्रदान करना है। विधि विभागाध्यक्ष प्रो. अमित सिंह ने बताया कि साइबर अपराध, आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस और डेटा सुरक्षा से जुड़े मामलों में कानूनी विशेषज्ञों की बढ़ती मांग को देखते हुए दो वर्षीय एलएलएम साइबर लॉ पाठ्यक्रम तैयार किया गया है। इसमें डेटा प्रोटेक्शन, आईटी एक्ट, एआई एंड लॉ, डिजिटल एविडेंस और अंतरराष्ट्रीय साइबर कानून जैसे विषय शामिल होंगे। कंपनी सेक्रेटरी जैसे करियर के लिए तैयार करेगा एक वर्षीय एलएलएम बिजनेस एंड कॉरपोरेट लॉ पाठ्यक्रम को कॉरपोरेट सेक्टर की आवश्यकताओं के अनुसार डिज़ाइन किया गया है। इसमें डब्ल्यूटीओ, सेबी रेगुलेशन, सरफेसी एक्ट, कम्पटीशन लॉ, बैंकिंग एवं इंश्योरेंस लॉ और ई-कॉमर्स लीगल फ्रेमवर्क जैसे विषय पढ़ाए जाएंगे। यह छात्रों को कॉरपोरेट लॉयर, लीगल एडवाइजर और कंपनी सेक्रेटरी जैसे करियर के लिए तैयार करेगा। इस पहल का एक महत्वपूर्ण हिस्सा एलएलएम एग्जीक्यूटिव कार्यक्रम है। यह कोर्स विशेष रूप से नौकरीपेशा अधिवक्ताओं, न्यायिक अधिकारियों और बैंकिंग व कॉरपोरेट क्षेत्र में कार्यरत विधि स्नातकों के लिए है। इसमें ऑनलाइन-ऑफलाइन इवनिंग क्लासेस और हाइब्रिड मोड की सुविधा होगी, जिससे कार्यरत पेशेवर अपनी नौकरी जारी रखते हुए उच्च शिक्षा प्राप्त कर सकेंगे। 400 से अधिक यूजीसी-नेट सफल अभ्यर्थी तैयार कर चुका प्रो. अमित सिंह ने यह भी बताया कि विश्वविद्यालय का लगभग चार दशक पुराना विधि विभाग अब तक 70 से अधिक न्यायिक अधिकारी, 500 से अधिक शिक्षक और 400 से अधिक यूजीसी-नेट सफल अभ्यर्थी तैयार कर चुका है। वर्तमान में विभाग में 450 से अधिक विद्यार्थी और 62 शोधार्थी अध्ययन एवं शोध कार्य कर रहे हैं।
हरियाणा के रोहतक में शनिवार शाम एक लड़के ने दिल्ली बाईपास स्थित जवाहरलाल नेहरू नहर (JLN) में छलांग लगा दी। उसके साथ एक लड़की भी सुसाइड करने के इरादे से वहां पहुंची थी, लेकिन लड़के के नहर में कूदने के बाद वह खुद छलांग नहीं लगा सकी। इसके बाद उसने शोर मचाकर लोगों को बुला लिया। आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना पुलिस को भी दी गई। सूचना मिलते ही पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची तथा नहर में लड़के की तलाश शुरू कर दी। फिलहाल उसका कोई सुराग नहीं लग पाया है और सर्च ऑपरेशन जारी है। बताया गया है कि लड़का और लड़की कपल हैं। हम इस खबर को लगातार अपडेट कर रहे हैं…
बाड़मेर कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मण सिंह गोदारा ने पानी संकट को लेकर सर्किट हाउस में प्रेस वार्ता की। गोदारा ने कहा सरकार व प्रशासन की लापरवाही का खामियाजा आज जनता को भुगतना पड़ रहा है। इस साल सबसे लंबा 55 दिन का क्लोजर बीत जाने के बाद भी पानी की व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ है। हालात यह कि लोग पानी की समस्या को लेकर जूझ रहे है। पानी के टैंकर आधी रात में भरकर न जाने कहां सप्लाई हो रहे है। सरकार व प्रशासन अगर समय पर व्यवस्था नहीं सुधारी तो कांग्रेस पार्टी को सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन करना पड़ेगा। दरअसल, बाड़मेर जिले में इन दिनों भीषण गर्मी के साथ पानी की भंयकर किल्लत है। इसको लेकर शहर से लेकर गांव तक हर कोई परेशान है। हर साल 21 या 30 दिन का क्लोजर होता है। लेकिन इस साल क्लोजर 55 दिन का था। विभाग ने इसको लेकर पहले से कोई तैयारी नही की। अब क्लोजर खत्म होने के बाद भी पानी की समस्या को लेकर हल नहीं हो पा रहा है। प्रशासन दावा कर रहा है कि जहां पाइप लाइन से पानी नहीं पहुंच रहा है। वहां पर टैंकरों से पानी पहुंचा रहे है। गोवंश और पशुधन तोड़ रहे दम कांग्रेस जिलाध्यक्ष लक्ष्मणसिंह गोदारा ने कहा- बाड़मेर जिले में अधिकारियों के लापरवाही के कारण लगातार पेयजल संकट बढ़ता जा रहा है। शहर में लोग सड़कों पर उतरकर मटकी फोड़कर प्रदर्शन कर रहे हैं। गांवों में पानी को लेकर त्राहि त्राहि मची हुई है। गोवंश व पशुधन पानी के अभाव में दम तोड़ रहा है। लेकिन सरकार व अधिकारियों किसी भी प्रकार का पेयजल व्यवस्था को लेकर ध्यान नहीं दिया। 55 दिन का क्लोजर खत्म होने के बाद भी नहीं सुधरी पानी व्यवस्था गोदारा ने मीडिया बातचीत में कहा- बाड़मेर लिफ्ट कैनाल परियोजना के स्टोरेज का एक टैंक क्षतिग्रस्त हो गया है। वहीं क्लोजर 21 दिन का लेने के बाद 55 दिन तक बढ़ा दिया और अब क्लोजर खत्म होने के बाद भी पेयजल सप्लाई सुचारू नहीं हुई है। मैन लाइन पर अवैध नल कनेक्शन होने के कारण अंतिम छोर के गांव तक पानी नहीं पहुंच पा रहा है। कांग्रेस सड़कों पर उतर कर करेगी बड़ा आंदोलन जिलाध्यक्ष का कहना है कि विभाग जिला प्रशासन एक तरफ टैंकरों से पानी सप्लाई करने का दावा कर रहा है। लेकिन दूसरी तरफ टैंकर धरातल पर नहीं पहुंच रहे हैं। पानी बीच में ही बेच देते हैं। इसके कारण लोगों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। समय रहते पेयजल व्यवस्था को सुचारु करने के लिए कदम नहीं उठाए गए तो कांग्रेस पार्टी सड़कों पर उतरकर आमजन के साथ आंदोलन करेगी।
आचार्य नरेंद्र देव कृषि एवं प्रौद्योगिक विश्वविद्यालय में प्रस्तावित 28वें दीक्षांत समारोह की तैयारियां तेज हो गई हैं। इसी क्रम में विश्वविद्यालय के कुलपति डॉ. ज्ञानेंद्र प्रताप सिंह ने विभिन्न समितियों के अध्यक्षों और संबंधित अधिकारियों के साथ बैठक की। उन्होंने तैयारियों की समीक्षा करते हुए आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। बैठक में कुलपति ने दीक्षांत समारोह को गरिमामय, सुव्यवस्थित और सफल बनाने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह समारोह विश्वविद्यालय के लिए महत्वपूर्ण अवसर है, जिसमें छात्र-छात्राओं को उनकी शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए सम्मानित किया जाता है। ऐसे में आयोजन की प्रत्येक व्यवस्था समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी की जानी चाहिए। आवश्यक प्रबंध पहले से सुनिश्चित किए जाएं कुलपति ने मंच व्यवस्था, अतिथि सत्कार, सुरक्षा, यातायात, विद्युत, पेयजल, स्वच्छता, चिकित्सा सुविधा, भोजन व्यवस्था तथा छात्र-छात्राओं के बैठने की व्यवस्था सहित विभिन्न बिंदुओं की विस्तार से समीक्षा की। उन्होंने सभी समिति अध्यक्षों को अपने-अपने दायित्वों का निर्वहन पूरी जिम्मेदारी और समन्वय के साथ करने के निर्देश दिए। बैठक में दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले विशिष्ट अतिथियों के स्वागत एवं आवागमन की व्यवस्था पर भी चर्चा हुई। कुलपति ने कहा कि समारोह में आने वाले अतिथियों और अभिभावकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए सभी आवश्यक प्रबंध पहले से सुनिश्चित किए जाएं। प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा उन्होंने संबंधित अधिकारियों को परिसर की साफ-सफाई, सौंदर्यीकरण तथा तकनीकी व्यवस्थाओं को समय रहते पूरा करने के निर्देश दिए। साथ ही समारोह से जुड़े सभी कार्यों की नियमित समीक्षा करते हुए प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत करने को भी कहा। बैठक के दौरान विभिन्न समितियों के अध्यक्षों ने अब तक की तैयारियों की जानकारी दी और आवश्यक सुझाव प्रस्तुत किए। कुलपति ने सभी अधिकारियों एवं कर्मचारियों से समन्वित प्रयासों के माध्यम से 28वें दीक्षांत समारोह को यादगार एवं सफल बनाने का आह्वान किया। विश्वविद्यालय प्रशासन ने विश्वास जताया कि सभी समितियों के सहयोग से समारोह का आयोजन सफलतापूर्वक संपन्न होगा।
लोन दिलाने के नाम पर ठगी का आरोप:ग्रामीण दलाल को लेकर थाने पहुंचे; बोले- रुपए नहीं लौटा रहा
डिंडौरी में लोन दिलाने के नाम पर धोखाधड़ी का आरोप लगा है। शनिवार को कई ग्रामीण एक दलाल को लेकर सिटी कोतवाली पहुंचे। पीड़ितों ने पुलिस को शिकायत देकर कार्रवाई की मांग की है। पुलिस मामले की जांच कर रही है। शिकायतकर्ताओं राजकुमार, तुलाराम, गुलाब लाल, संतोष लाल और सूरज कुमार ने बताया कि राजेंद्र प्रसाद नामक व्यक्ति गांव-गांव जाकर लोगों को रोजगार के लिए बैंक से लोन दिलाने का भरोसा देता था। नारायण डीह निवासी राजकुमार के अनुसार, फरवरी में राजेंद्र ने उसे किराना दुकान और आटा चक्की जैसे स्वरोजगार कार्य शुरू कराने के लिए बैंक ऋण दिलाने का आश्वासन दिया था। इसके लिए राजेंद्र ने राजकुमार से दस्तावेज तैयार करवाने के साथ 12 हजार रुपए भी ले लिए। आरोप है कि एक सप्ताह में लोन स्वीकृत कराने का वादा किया गया था, लेकिन कई महीने बीत जाने के बाद भी न तो ऋण मिला और न ही जमा राशि वापस की गई। पीड़ितों का कहना है कि उनके गांव के चार-पांच अन्य लोगों से भी इसी तरह रुपए लिए गए हैं। कई लोगों ने तो कर्ज लेकर दलाल को यह रकम दी थी। वहीं, थाने में मौजूद राजेंद्र प्रसाद ने तीन लोगों से लोन दिलाने के नाम पर पैसे लेने की बात स्वीकार की। उसने बताया कि उसे करीब 28 हजार रुपए लौटाना बाकी है और वह 20 जून तक यह राशि वापस कर देगा।
अमरोहा में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग नरेंद्र कश्यप शनिवार दोपहर अमरोहा पहुंचे। उन्होंने शिक्षक विधायक हरिसिंह ढिल्लों की उपस्थिति में विकास भवन सभागार में पिछड़ा वर्ग कल्याण एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग की मंडलीय समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की। बैठक में उन्होंने पिछड़ा वर्ग कल्याण विभाग की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की समीक्षा की। इसमें पेंशन, शादी अनुदान सहित अन्य योजनाओं से संबंधित शिकायतें, लंबित प्रकरण, नए आवेदनों की स्थिति और विभागीय कार्यों के क्रियान्वयन की जानकारी ली गई। राज्यमंत्री कश्यप ने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए कि शादी अनुदान सहित विभिन्न योजनाओं का लाभ देने के लिए तहसीलों और विकास खंडों में शिविर लगाकर लोगों को जागरूक किया जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी योजना में धनराशि की कोई कमी नहीं है, इसलिए लक्ष्य बढ़ाए जाएं और कार्य में गति लाई जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री की मंशा दोहराई कि योजनाओं के लिए धन की कमी नहीं होने दी जाएगी। उन्होंने अधिकारियों को यह भी निर्देशित किया कि शासन की मंशा के अनुरूप सभी योजनाओं का प्रभावी, पारदर्शी एवं समयबद्ध संचालन सुनिश्चित किया जाए, ताकि पात्र लाभार्थियों को अधिकतम लाभ मिल सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी प्रकार की शिथिलता स्वीकार नहीं की जाएगी और प्रत्येक स्तर पर उत्तरदायित्व एवं जवाबदेही सुनिश्चित की जाएगी। बैठक में छात्रवृत्ति योजनाओं, विवाह एवं बीमारी अनुदान, आवासीय एवं गैर-आवासीय प्रशिक्षण कार्यक्रमों, दिव्यांग पेंशन, कृत्रिम अंग एवं सहायक उपकरण वितरण, दिव्यांगजन प्रमाण-पत्र निर्गमन सहित अन्य जनकल्याणकारी योजनाओं की प्रगति की विशेष रूप से समीक्षा की गई। राज्यमंत्री ने निर्देश दिए कि पात्र व्यक्तियों को योजनाओं का लाभ दिलाने हेतु व्यापक प्रचार-प्रसार किया जाए तथा आवेदन एवं स्वीकृति की प्रक्रिया को सरल एवं सुगम बनाया जाए।
ग्रेटर नोएडा की थाना इकोटेक प्रथम पुलिस ने दो विदेशी ड्रग तस्करों को गिरफ्तार किया है। ये दोनों नाइजीरियाई मूल के नागरिक हैं। पुलिस ने इनके कब्जे से 39.27 ग्राम क्रिस्टल MDMA, मेथामफेटामाइन ड्रग्स (कोकीन/मेथाक्वालीन) बरामद की है। इसके साथ ही एक इलेक्ट्रॉनिक तराजू और एक स्कूटी भी जब्त की गई है। पुलिस कमिश्नर लक्ष्मी सिंह के निर्देश पर अवैध मादक पदार्थों की बिक्री करने वालों के खिलाफ एक विशेष अभियान चलाया जा रहा है। इसी अभियान के तहत इन दोनों आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। चेकिंग के दौरान पकड़ा पुलिस ने शनिवार को थाना ईकोटेक प्रथम क्षेत्र में श्मशान भूमि कट औद्योगिक क्षेत्र के पास चेकिंग के दौरान इन्हें पकड़ा। गिरफ्तार किए गए आरोपियों की पहचान नाइजीरियाई मूल के एंथोनी चिनवुबा उर्फ डेविड और आमोस मूसा (लकी) के रूप में हुई है। उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा रही है। ग्रेटर नोएडा में सप्लाई करते थे पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे यह ड्रग्स दिल्ली से लाते थे और ग्रेटर नोएडा में विभिन्न स्थानों पर इसकी सप्लाई करते थे। वे कई कॉलेजों के छात्रों को भी यह मादक पदार्थ बेचते थे। गिरफ्तार आरोपियों में से एक छात्र बताया जा रहा है, जो ग्रेटर नोएडा की एक प्रतिष्ठित यूनिवर्सिटी में पढ़ता था। पुलिस उसके दस्तावेजों की जांच कर इस संबंध में आगे की पड़ताल कर रही है।
भिवानी जिला नगर योजनाकार (डीटीपी) विभाग ने जिले में अवैध कॉलोनियों के खिलाफ अभियान चलाया। जिसके तहत कार्रवाई कार्रवाई करते हुए विभाग द्वारा शहरी एवं नियंत्रित क्षेत्र में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी पर तोड़फोड़ अभियान चलाया गया। जिला नगर योजनाकार ने बताया कि भिवानी के नियंत्रित क्षेत्र एवं शहरी क्षेत्र के अंतर्गत मौजा राजपुरा-खरकड़ी स्थित भिवानी-हांसी रोड पर लगभग चार एकड़ क्षेत्र में विकसित की जा रही एक अवैध कॉलोनी में कार्रवाई करते हुए कार्यालय ढांचे (ऑफिस) तथा कच्चे सड़क नेटवर्क को ध्वस्त कर दिया गया। यह कार्रवाई नियमानुसार पुलिस बल एवं विभागीय अधिकारियों की मौजूदगी में की गई। विभाग ने स्पष्ट किया कि बिना सक्षम अनुमति एवं स्वीकृति के विकसित की जा रही कॉलोनियां पूरी तरह अवैध हैं तथा ऐसे मामलों में आगे भी लगातार कार्रवाई जारी रहेगी। जिला नगर योजनाकार ने आमजन से अपील की है कि वे किसी भी कॉलोनी में प्लॉट, मकान अथवा संपत्ति खरीदने से पहले उसकी वैधता की जांच अवश्य करें। आगे भी जारी रहेगा अभियानविभाग ने नागरिकों को चेतावनी दी है कि वे अवैध कॉलोनियों में निवेश करने से बचें और प्रॉपर्टी डीलरों के भ्रामक प्रचार या बहकावे में न आएं। अवैध कॉलोनियों में संपत्ति खरीदने से भविष्य में कानूनी एवं वित्तीय समस्याओं का सामना करना पड़ सकता है। जिला नगर योजनाकार ने कहा कि अवैध निर्माण और अनधिकृत कॉलोनियों के विरुद्ध अभियान आगे भी जारी रहेगा तथा नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ नियमानुसार सख्त कार्रवाई की जाएगी।
उत्तर प्रदेश लोक सेवा आयोग द्वारा आयोजित राजकीय इंटर कॉलेज प्रवक्ता परीक्षा कल रविवार को फर्रुखाबाद जिले में 14 केंद्रों पर होगी। इस परीक्षा में कुल 5508 अभ्यर्थी शामिल होंगे। परीक्षा के लिए सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। परीक्षा केंद्रों पर सीसीटीवी कैमरों की कड़ी निगरानी में परीक्षा आयोजित की जाएगी। जिला विद्यालय निरीक्षक के अनुसार, नियमों की किसी भी स्थिति में अनदेखी नहीं की जाएगी। परीक्षा शुरू होने से पहले अभ्यर्थियों की गहन जांच की जाएगी, और पारदर्शिता सुनिश्चित करने के लिए कक्ष निरीक्षकों की भी तलाशी ली जाएगी। परीक्षा के सुचारु संचालन के लिए व्यापक स्तर पर अधिकारियों और कर्मचारियों की तैनाती की गई है। इसमें 14 सेक्टर मजिस्ट्रेट, 14 स्टेटिक मजिस्ट्रेट, 14 केंद्र व्यवस्थापक, 28 सह केंद्र व्यवस्थापक, 38 परीक्षा सहायक और 459 कक्ष निरीक्षक शामिल हैं। इसके अतिरिक्त, 58 सहायक निरीक्षकों की भी ड्यूटी लगाई गई है। कक्ष निरीक्षकों को समय पर परीक्षा कक्ष में पहुंचने, अभ्यर्थियों की उपस्थिति का सत्यापन करने, प्रवेश पत्र और पहचान पत्र का मिलान करने तथा प्रतिबंधित सामग्री पर कड़ी निगरानी रखने के निर्देश दिए गए हैं। कक्ष निरीक्षकों को इस संबंध में प्रशिक्षण भी दिया जा चुका है।
मेरठ में मोहर्रम की तैयारियां तेज:जुलूसों और कार्यक्रमों के लिए सख्त नियम जारी
मेरठ में 17 जून से शुरू हो रहे माह-ए-मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए जिला प्रशासन और पुलिस ने तैयारियां तेज कर दी हैं। इसी कड़ी में शनिवार को एसपी सिटी कार्यालय में मुस्लिम समुदाय के प्रतिनिधियों, मोहर्रम कमेटी पदाधिकारियों और विभिन्न जुलूस आयोजकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में मोहर्रम के दौरान होने वाले कार्यक्रमों के लिए विस्तृत दिशा-निर्देश जारी किए गए। बैठक में यह स्पष्ट किया गया कि मोहर्रम के दौरान केवल उन्हीं कार्यक्रमों और जुलूसों की अनुमति होगी जो वर्षों से परंपरागत रूप से चले आ रहे हैं। किसी भी नई परंपरा, नए जुलूस या नए कार्यक्रम की इजाजत नहीं दी जाएगी। प्रशासन ने जोर देकर कहा कि सभी आयोजन पूर्व निर्धारित नियमों और परंपराओं के अनुसार ही संपन्न कराए जाएंगे। एसपी सिटी विनायक गोपाल भोसले ने बताया कि मोहर्रम के दौरान कानून व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। उन्होंने चेतावनी दी कि किसी भी गैर-जिम्मेदाराना हरकत, भड़काऊ गतिविधि या सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने के प्रयास को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पुलिस और प्रशासन सभी कार्यक्रमों की लगातार निगरानी करेंगे और आवश्यकता पड़ने पर तत्काल कार्रवाई की जाएगी। मोहर्रम कमेटी के संयोजक हाजी शाह अब्बास सफवी ने बैठक में शहर के विभिन्न अजाखानों और इमामबाड़ों से निकलने वाले पारंपरिक जुलूसों की जानकारी प्रशासन को दी। उन्होंने आश्वासन दिया कि मोहर्रम कमेटी और विभिन्न अंजुमनों के सदस्य प्रशासन का पूरा सहयोग करेंगे तथा सभी कार्यक्रम शांति और भाईचारे के साथ संपन्न कराए जाएंगे। इस बैठक में एडीएम सिटी, सीओ सिटी, विभिन्न सर्किलों के थाना प्रभारी के साथ-साथ मोहर्रम कमेटी और अंजुमनों के प्रतिनिधि भी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान जुलूस मार्गों, सुरक्षा व्यवस्था, साफ-सफाई, ट्रैफिक प्रबंधन और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं पर भी विस्तार से चर्चा की गई। प्रशासन ने सभी नागरिकों से अपील की है कि वे अफवाहों से बचें और सोशल मीडिया पर जिम्मेदारी से व्यवहार करें। किसी भी संदिग्ध या भड़काऊ गतिविधि की जानकारी तत्काल पुलिस को देने का आग्रह किया गया है, ताकि मोहर्रम का पर्व आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो सके।
बहराइच में स्वतंत्रता आंदोलन के महानायक चहलारी नरेश महाराजा बलभद्र सिंह का बलिदान दिवस जिले भर में श्रद्धापूर्वक मनाया गया। इस अवसर पर नगर के सूफीपुरा स्थित सुखदराज सिंह क्षत्रिय भवन में श्रद्धांजलि सभा एवं काव्य गोष्ठी का आयोजन किया गया। कार्यक्रम का शुभारंभ महाराजा बलभद्र सिंह के चित्र पर माल्यार्पण एवं दीप प्रज्ज्वलन के साथ हुआ। इसके बाद वक्ताओं ने उनके व्यक्तित्व एवं कृतित्व पर प्रकाश डालते हुए स्वतंत्रता संग्राम में उनके योगदान को याद किया। मुख्य अतिथि पूर्व शिक्षक रंग बहादुर सिंह शास्त्री रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता क्षत्रिय समाज के जिलाध्यक्ष डॉ. जितेंद्र सिंह ने की, जबकि संचालन कवि रामसूरत वर्मा 'जलज' ने किया। चहलारी नरेश के उत्तराधिकारी आदित्यभान सिंह कार्यक्रम के संयोजक रहे। कवि गुलाब जायसवाल, रामसूरत वर्मा 'जलज', पी.के. प्रचंड और महेंद्र सिंह चौहान सहित अन्य कवियों ने अपनी रचनाओं के माध्यम से 1857 के स्वतंत्रता संग्राम में महाराजा बलभद्र सिंह की वीरता का वर्णन किया। सेनानी परिषद के महामंत्री रमेश मिश्र ने कहा कि महाराजा बलभद्र सिंह ने बिना किसी भेदभाव के अंग्रेजों के खिलाफ संघर्ष किया। वहीं विनय सिंह ने सुझाव दिया कि युवाओं को उनके जीवन से परिचित कराने के लिए विद्यालयों में निबंध एवं अन्य प्रतियोगिताएं आयोजित की जानी चाहिए। डॉ. जितेंद्र सिंह ने कहा कि सरकारी उपेक्षा के कारण महाराजा बलभद्र सिंह जैसे अनेक स्वतंत्रता सेनानियों को इतिहास में वह स्थान नहीं मिल पाया, जिसके वे वास्तविक हकदार हैं।
मैनपुरी के किशनी थाना क्षेत्र में एक युवक का शव घर से करीब 200 मीटर दूर नीम के पेड़ पर लटका मिलने से हड़कंप मच गया। युवक शुक्रवार शाम घर से खेत जाने की बात कहकर निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। देर रात ग्रामीणों ने उसका शव पेड़ पर लटका देखा और इसकी सूचना परिजनों को दी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक की पहचान 30 वर्षीय दिनेश चंद्र पुत्र रामसनेही निवासी शमशेरगंज थाना किशनी के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार दिनेश शुक्रवार शाम घर से यह कहकर निकला था कि वह खेतों की तरफ जा रहा है। जब वह काफी देर तक वापस नहीं लौटा तो परिवार के लोगों को चिंता हुई। परिजनों ने आसपास और परिचितों के यहां उसकी तलाश की, लेकिन उसका कोई पता नहीं चल सका। देर रात गांव के कुछ लोग खेतों की ओर जा रहे थे। इसी दौरान उनकी नजर गांव से कुछ दूरी पर स्थित एक नीम के पेड़ पर पड़ी, जहां एक युवक का शव फंदे से लटका हुआ था। पास जाकर देखने पर लोगों ने इसकी सूचना परिजनों को दी। मौके पर पहुंचे परिवार के लोगों ने शव की पहचान दिनेश चंद्र के रूप में की। शव देखते ही परिजनों में चीख-पुकार मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। घटना की सूचना मिलने पर किशनी थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को पेड़ से नीचे उतरवाकर पंचनामा भरने की कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। फिलहाल प्रथम दृष्टया मामला आत्महत्या का माना जा रहा है। ग्रामीणों के अनुसार दिनेश मेहनतकश व्यक्ति था और खेतीबाड़ी के साथ मजदूरी करके अपने परिवार का पालन-पोषण करता था। उसकी मौत की खबर से पूरे गांव में शोक का माहौल है।
12वें अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के उपलक्ष्य में सोनीपत जिला प्रशासन स्वास्थ्य जागरूकता को जन-जन तक पहुंचाने के लिए बड़े स्तर पर योग मैराथन का आयोजन करने जा रहा है। डीसी नेहा सिंह के नेतृत्व में 15 जून को जिला स्तरीय योग मैराथन का आयोजन होगा। जिसमें युवाओं, महिलाओं, वरिष्ठ नागरिकों, खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों और आम नागरिकों की भागीदारी सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं। इस आयोजन का उद्देश्य लोगों को योग के प्रति प्रेरित करना, स्वस्थ जीवनशैली अपनाने का संदेश देना तथा समाज में फिटनेस और सकारात्मक सोच को बढ़ावा देना है। लघु सचिवालय से शुरू होगी योग मैराथन जिला आयुर्वेदिक अधिकारी डॉ. रामावतार सिंह ने बताया कि योग मैराथन का शुभारंभ 15 जून को सुबह 6 बजे लघु सचिवालय से किया जाएगा। मैराथन के दौरान प्रतिभागी हैबीटेट क्लब रोड, महलाना रोड, तिरंगा चौक तथा सुभाष स्टेडियम के सामने से होते हुए छोटूराम चौक के रास्ते पुनः लघु सचिवालय पहुंचेंगे। यहीं पर मैराथन का समापन किया जाएगा। दो आयु वर्गों में होगी प्रतियोगिता उन्होंने बताया कि अधिक से अधिक लोगों की भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए प्रतियोगिता को दो आयु वर्गों में विभाजित किया गया है। पहली श्रेणी में 40 वर्ष तक के पुरुष एवं महिला प्रतिभागी शामिल होंगे, जबकि दूसरी श्रेणी में 40 वर्ष से अधिक आयु के पुरुष एवं महिलाएं भाग लेंगी। इससे सभी आयु वर्ग के लोगों को अपनी क्षमता प्रदर्शित करने का अवसर मिलेगा। विजेताओं को किया जाएगा सम्मानित योग मैराथन में प्रत्येक श्रेणी के प्रथम, द्वितीय और तृतीय स्थान प्राप्त करने वाले प्रतिभागियों को मुख्य अतिथि द्वारा सम्मानित किया जाएगा। विजेताओं को पुरस्कार देकर उनके उत्कृष्ट प्रदर्शन को प्रोत्साहित किया जाएगा, ताकि समाज में स्वास्थ्य और फिटनेस के प्रति जागरूकता और बढ़ सके। योग स्वस्थ जीवन की संपूर्ण पद्धति डॉ. रामावतार सिंह ने कहा कि योग भारत की प्राचीन संस्कृति की अमूल्य धरोहर है। यह व्यक्ति को शारीरिक, मानसिक और आध्यात्मिक रूप से स्वस्थ रखने का कार्य करता है। नियमित योगाभ्यास से तनाव कम होता है, रोग प्रतिरोधक क्षमता बढ़ती है और व्यक्ति सकारात्मक ऊर्जा से भर जाता है। उन्होंने कहा कि योग केवल व्यायाम नहीं, बल्कि संतुलित और स्वस्थ जीवन जीने की संपूर्ण जीवन पद्धति है। अधिक से अधिक भागीदारी का आह्वान जिला आयुर्वेदिक अधिकारी ने युवाओं, महिलाओं, खिलाड़ियों, सामाजिक संगठनों, सरकारी कर्मचारियों और आम नागरिकों से योग मैराथन में बढ़-चढ़कर भाग लेने की अपील की। उन्होंने कहा कि इस आयोजन के माध्यम से लोगों में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ेगी और समाज में फिटनेस, अनुशासन तथा सकारात्मक जीवनशैली को बढ़ावा मिलेगा। योग मैराथन अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के संदेश को जन-जन तक पहुंचाने का प्रभावी माध्यम साबित होगी
अपने कमरे में फांसी लगा युवक ने दी जान:बाहर गए थे माता-पिता और बहन, कुछ दिन से नहीं जा रहा था काम पर
बालाघाट के भरवेली थाना क्षेत्र के कोलवा में शनिवार को एक युवक ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान सुशील पिता राजकुमार राउत के रूप में हुई है। घटना के समय युवक घर में अकेला था। जानकारी के अनुसार, जब सुशील ने यह कदम उठाया, तब उसके माता-पिता पूजा के लिए बाहर गए हुए थे और बहनें भी घर पर नहीं थीं। सूचना मिलने पर भरवेली पुलिस मौके पर पहुंची, शव को बरामद किया और पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेजा। मृतक के भाई राकेश ने बताया कि सुशील टाइल्स लगाने का काम करता था, लेकिन पिछले कुछ दिनों से वह काम पर नहीं जा रहा था। परिवार के सदस्यों की अनुपस्थिति में उसने घर में फांसी लगा ली। फिलहाल, सुशील की आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं हो पाया है। भरवेली पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और विस्तृत जांच के बाद ही युवक की मौत की असली वजह सामने आ पाएगी। उल्लेखनीय है कि भरवेली थाना क्षेत्र में दो दिनों के भीतर आत्महत्या का यह दूसरा मामला है। इससे एक दिन पहले भी भरवेली निवासी माइनिंग इंजीनियरिंग के छात्र शुभम ने अपने घर में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली थी।
फर्रुखाबाद के मेरापुर थाना क्षेत्र में शनिवार सुबह एक किसान का शव उसके घर के दरवाजे पर पड़ा मिला। परिजनों ने धारदार हथियार से हमला कर हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ तहरीर दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। गांव ढर्रा शादी नगर निवासी 55 वर्षीय किसान विनोद कुमार शुक्रवार रात करीब 12 बजे अपने खेतों पर गए थे। बताया गया है कि खेतों में मक्के की फसल कटी पड़ी थी। शनिवार सुबह जब परिजनों ने विनोद का शव घर के बाहर देखा तो उनके सिर पर चोट के निशान थे, जिससे धारदार हथियार से हमले का अंदेशा लग रहा था। घटना की सूचना मिलते ही थाना पुलिस मौके पर पहुंची। अपर पुलिस अधीक्षक गिरीश कुमार ने भी घटनास्थल का निरीक्षण किया और परिजनों से जानकारी ली। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। रात 11 बजे तक परिवार के साथ थे मृतक के भतीजे अनुभव ने बताया कि खेत पर सबमर्सिबल पंप लगा है और मक्के की फसल भी कटी पड़ी थी। उन्होंने बताया कि चाचा विनोद बैठक में सोते थे और कभी-कभी रात में खेत पर जाते थे। शुक्रवार रात करीब 12 बजे वह खेत पर गए थे, जबकि परिवार के लोग रात 11 बजे तक साथ बैठे थे। अनुभव ने भी धारदार हथियार से हमले की आशंका जताई है। विनोद के भाई हरिमोहन दीक्षित ने आरोप लगाया कि किसी ने उनके भाई को घर से बुलाया, शराब पिलाई और फिर ईंट से सिर पर हमला कर उनकी हत्या कर दी। मृतक विनोद के एक बेटी और एक बेटा है। बेटी की शादी हो चुकी है, जबकि बेटे ने इसी साल 12वीं की परीक्षा पास की है। हरिमोहन ने थाने में दिए प्रार्थना पत्र में विनोद कुमार की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का जिक्र करते हुए पोस्टमार्टम कराने का अनुरोध किया है ताकि मौत का सही कारण पता चल सके। फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची और आवश्यक नमूने एकत्र किए हैं। बड़े भाई की भी हुई थी हत्याबताया गया मृतक कन्नौज जनपद का निवासी है। यहां ननिहाल में जमीन मिली थी। 35 वर्ष से यहां रह रहे थे। बताया गया 1990 के आसपास मृतक के बड़े भाई की भी हत्या हुई थी। मेरापुर थानाध्यक्ष राजीव कुमार पांडेय ने बताया शराब पीने की आधी थे। बताया घरवालो का भी यही अनुमान है किसी के साथ रात को चले गए। शराब पीने के दौरान वहां मारपीट हुई होगी। कनपटी पर चोट है उसमें ही चोट लगी होगी। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा है। जांच की जा रही है l
सतना के बिरला कॉलोनी में शनिवार तड़के एक पूर्व भाजपा पार्षद के बेटे पर जानलेवा हमला हुआ। अज्ञात हमलावरों ने घर में घुसकर विशाल यादव को चाकुओं से कई वार कर गंभीर रूप से घायल कर दिया। उसे लहूलुहान हालत में छोड़कर आरोपी फरार हो गए। घायल विशाल को एक प्राइवेट अस्पताल में भर्ती कराया गया है। घटना रात करीब 3 बजे की बताई जा रही है। उस समय पूर्व पार्षद के.एल. यादव अपनी पत्नी के साथ उत्तर प्रदेश के कुंडा प्रतापगढ़ गए हुए थे। विशाल यादव घर में अकेला था और गर्मी के कारण दरवाजा खुला रखकर सो रहा था। इसी दौरान 7-8 युवक घर के अंदर घुस आए और उस पर हमला कर दिया। गर्दन सहित अन्य जगह चाकू मारेहमलावरों ने विशाल यादव की गर्दन सहित शरीर के अन्य हिस्सों पर चाकुओं से कई वार किए। हमले के बाद आरोपी उसे गंभीर हालत में छोड़कर मौके से भाग निकले। घायल विशाल पूरी रात घर में पड़ा रहा। सुबह जब आसपास के लोग मॉर्निंग वॉक के लिए निकले, तो उन्होंने विशाल को खून से लथपथ हालत में देखा। पड़ोसियों और दोस्तों ने तत्काल पुलिस को सूचना दी। विशाल को पहले जिला अस्पताल ले जाया गया, जहां से उसे रीवा रेफर कर दिया गया। हालांकि, दोस्तों ने उसे शहर के एक नर्सिंग होम में भर्ती कराया। घायल ने तीन लोगों पर संदेह जतायाघायल विशाल यादव ने पुलिस को बताया कि हमले में अभय त्रिपाठी, सिद्धू, नितिन सहित कुछ अन्य लोग शामिल हो सकते हैं। पुलिस ने अभी तक इस संबंध में आधिकारिक पुष्टि नहीं की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और हमलावरों की तलाश कर रही है। परिजनों के सतना पहुंचने का इंतजार किया जा रहा है। पुलिस का कहना है कि घायल के बयान और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
शास्त्रीनगर सेक्टर-3 और सेक्टर-4 के बीच सेंट्रल मार्केट प्रकरण को लेकर महिलाओं का धरना लगातार जारी है। धरने पर बैठी महिलाओं ने बताया कि उनके आंदोलन को एक माह और आठ दिन पूरे हो चुके हैं। वे रोजाना सुबह 11 बजे से शाम 6 बजे तक धरना स्थल पर बैठती हैं। उनका कहना है कि आंदोलन के कारण परिवार और बच्चों का जीवन भी प्रभावित हो रहा है, लेकिन इसके बावजूद उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। वहीं शास्त्रीनगर सेक्टर-2 में भी महिलाएं पिछले दो महीने से अपने घरों और दुकानों को बचाने की मांग को लेकर धरने पर बैठी हैं। प्रदर्शनकारी महिलाओं का कहना है कि उन्होंने सांसद अरुण गोविल के अनुरोध पर एक सप्ताह के लिए धरना स्थगित कर दिया था, लेकिन इस दौरान न तो कोई ठोस आश्वासन मिला और न ही समस्या के समाधान की दिशा में कोई कार्रवाई हुई। इसके बाद महिलाओं ने दोबारा आंदोलन शुरू कर दिया। धरने पर बैठी महिलाओं का कहना है कि वे अपने प्रतिष्ठानों और मकानों को बचाने के लिए हर संभव प्रयास कर रही हैं। आंदोलन के दौरान महिलाएं लगातार पूजा पाठ का भी सहारा ले रही हैं। कभी हवन, कभी सुंदरकांड पाठ तो कभी रुद्राभिषेक कर वे भगवान से अपने घर और प्रतिष्ठान सुरक्षित रखने की प्रार्थना कर रही हैं। महिलाओं ने मदद के लिए कई जनप्रतिनिधियों से भी मुलाकात की थी। उन्होंने जनप्रतिनिधियों से अपने प्रतिष्ठान बचाने की मांग की थी, लेकिन अब तक उन्हें कोई राहत या ठोस मदद नहीं मिल सकी है। महिलाओं का कहना है कि जब तक उनकी मांगों का समाधान नहीं होगा और उनके मकानों की सुरक्षा को लेकर स्पष्ट निर्णय नहीं लिया जाएगा, तब तक उनका आंदोलन जारी रहेगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से मामले का समाधान कराने की मांग की है।
फतेहाबाद जिले के भूना शहर के वार्ड नंबर छह में दिनदहाड़े एक घर का ताला तोड़कर चोर नकदी और सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर ले गए। चोरी उस समय हुई जब परिवार के सदस्य सिरसा जिले में रिश्तेदारी में रस्म पगड़ी में भाग लेने गए हुए थे। दोपहर बाद घर लौटने पर मेन दरवाजे का ताला टूटा मिला और अंदर का सामान बिखरा पड़ा था। इसके बाद परिवार के सदस्यों ने अंदर जाकर देखा तो अलमारी के ताले टूटे हुए थे और नकदी व जेवरात गायब थे। इसके बाद मामले की सूचना पुलिस को दी गई। पहले डायल 112 और फिर भूना पुलिस की टीम मौके पर पहुंची और घटना की जानकारी ली। परिवार को आशंका है कि किसी जानकार ने ही इस चोरी को अंजाम दिया है। पत्नी के साथ गए थे सिरसा, बेटी ने आकर सबसे पहले देखा पुलिस को दी शिकायत में वार्ड नंबर 6 निवासी मिंद्र सिंह ने बताया कि वह खेतीबाड़ी करते हैं। उनके दो बेटी और एक बेटा है। तीनों बच्चे पढ़ाई करते हैं। शनिवार को वह अपनी पत्नी के साथ सिरसा जिले के गांव ढाणी लिंबा में रस्म पगड़ी में भाग लेने गया हुआ था। बड़ी बेटी ममता हिसार में ही रहकर सरकारी नौकरी की तैयारी कर रही है। बेटा विक्रम भी 12वीं पास करने के बाद हिसार में कोचिंग ले रहा है। छोटी बेटी चंचल भूना कॉलेज में बीए के एग्जाम देने गई थी। वही सबसे पहले घर पहुंची तो मेन गेट का दरवाजा टूटा हुआ था। इसके बाद उसने हमें सूचना दी। 25 हजार रुपए की नकदी और जेवरात ले गए मिंद्र सिंह ने बताया कि पूरे घर में सामान बिखरा हुआ था। अलमारी का ताला भी टूटा हुआ था। अलमारी की जांच करने पर उसमें रखी करीब 25 हजार रुपए की नकदी, दो सोने की अंगूठियां, करीब डेढ़ तोला सोना, दो जोड़ी पाजेब, हाथों के कंगन, गले का लॉकेट तथा करीब 20 तोला चांदी के जेवरात गायब मिले। मिंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने अपने स्तर पर आसपास पूछताछ की, लेकिन चोरी के संबंध में कोई सुराग नहीं मिला। इसके बाद उन्होंने पुलिस को शिकायत देकर चोरों का पता लगाकर चोरी किया गया सामान बरामद करने और दोषियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है।
पीथमपुर के रहने वाले एक 17 वर्षीय छात्र ने संदिग्ध परिस्थितियों में जहरीला पदार्थ खा लिया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। मामले में राजेंद्र नगर पुलिस ने शून्य पर मर्ग कायम कर जांच संबंधित थाने को भेजने की तैयारी शुरू कर दी है। पुलिस के मुताबिक मृतक का नाम हिमांशु सिंह राठौर पिता दीपसिंह राठौर निवासी पीथमपुर है। वह 10वीं कक्षा उत्तीर्ण कर चुका था और पीथमपुर के एक निजी स्कूल में पढ़ाई कर रहा था। परिजनों ने बताया कि शुक्रवार को हिमांशु अपनी मां से दोस्तों के साथ देवास और उज्जैन घूमने जाने की बात कहकर घर से निकला था। मां ने उसे घर पर मेहमान आने का हवाला देकर जाने से मना किया, लेकिन वह नहीं माना। मां ने दोस्तों के मोबाइल नंबर व्हाट्सऐप पर भेजने के लिए कहा, जिस पर हिमांशु ने बाद में भेजने की बात कही और घर से निकल गया। शाम करीब 6 बजे हिमांशु के एक दोस्त ने परिजनों को फोन कर बताया कि उसने जहरीला पदार्थ खा लिया है और उसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलते ही परिजन अस्पताल पहुंचे, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। सूचना पर राजेंद्र नगर पुलिस मौके पर पहुंची और मर्ग कायम कर शनिवार को जिला अस्पताल में पोस्टमार्टम कराया। फिलहाल यह स्पष्ट नहीं हो सका है कि छात्र ने जहरीला पदार्थ क्यों खाया। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
झाबुआ के मेघनगर में फिर गौहत्या से आक्रोश:जामनिया वन क्षेत्र में मिले अवशेष, भारी पुलिस बल तैनात
मेघनगर वन परिक्षेत्र में एक बार फिर गौहत्या का मामला सामने आया है। रंभापुर वन क्षेत्र के जामनिया कंपार्टमेंट में शनिवार को गौवंश के अवशेष मिलने के बाद इलाके में तनाव व्याप्त है। यह घटना सजेली नानिया में हुई पिछली घटना के बाद हुई है। शुक्रवार रात हिंदूवादी संगठनों की सूचना पर पुलिस, प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त टीम ने मौके पर दबिश दी। जामनिया के 'चर्च फलिये' के पास वन क्षेत्र की झाड़ियों से गौवंश के अवशेष, मांस काटने के धारदार हथियार और अन्य सामग्री बरामद की गई। कार्रवाई की भनक लगते ही संदिग्ध आरोपी जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए। क्षेत्र में लगातार हो रही गौहत्या की घटनाओं से स्थानीय लोगों और हिंदूवादी संगठनों में आक्रोश है। संगठनों का आरोप है कि वन परिक्षेत्र में अवैध निर्माण और अतिक्रमण के कारण अपराधी बेखौफ होकर वारदातों को अंजाम दे रहे हैं। घटनास्थल के पास बने चर्चनुमा निर्माण को लेकर विवाद गहरा गया है। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए प्रशासन ने मौके पर भारी पुलिस बल तैनात किया है। गत दिसंबर में हुई थी गौहत्या ग्रामीणों का कहना है कि पिछले वर्ष दिसंबर में हुई गौहत्या के बाद अधिकारियों के तबादले तो हुए, लेकिन सुरक्षा व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ। इससे वन विभाग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। पुलिस ने गोवंश वध प्रतिषेध अधिनियम, पशु क्रूरता निवारण अधिनियम और बीएनएस की कई धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। फरार आरोपियों की तलाश में संभावित ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। साथ ही, प्रशासन ने जेसीबी की मदद से वन क्षेत्र में अवैध पट्टों और अतिक्रमण को हटाने की कार्रवाई शुरू कर दी है। हिंदू संगठनों ने चेतावनी दी है कि दोषियों को तुरंत गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एनएसए जैसी कठोर कार्रवाई की जाए।
कबीरधाम जिले में बैगा आदिवासी समाज ने आबकारी विभाग के दो अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगाए हैं। समाज ने कलेक्टर को शिकायत सौंपकर तत्काल कार्रवाई की मांग की है। यह शिकायत छत्तीसगढ़ आदिवासी विकास परिषद जिला शाखा कबीरधाम के बैनर तले दी गई। ज्ञापन में आरोप लगाया गया है कि एक पुरुष एसआई और एक महिला एसआई बैगा समुदाय के लोगों को कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसा रहे हैं। इसके साथ ही, उनसे अवैध वसूली की जा रही है और उन्हें मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा है। बैगा आदिवासियों को झूठे केस में फंसाए जाने का आरोप बैगा समाज का कहना है कि भोले-भाले आदिवासियों के साथ गलत हो रहा है। उनका आरोप है कि महुआ शराब के मामलों में जितनी असल में मात्रा होती है, उससे ज्यादा दिखाकर केस बनाए जा रहे हैं। समाज का ये भी कहना है कि कुछ मामलों में ग्रामीणों से कोरे कागजों पर साइन करवा लिए गए और बाद में उन्हीं के आधार पर गंभीर केस बना दिए गए। शिकायत में ऐसे कई लोगों के नाम भी शामिल हैं, जिन्हें कथित तौर पर झूठे मामलों में फंसाकर जेल तक भेज दिया गया है। वहीं, बैगा समाज की महिला सगनू बैगा ने बताया कि उनके पति के पास सिर्फ 3-4 बोतल महुआ शराब थी, लेकिन आबकारी विभाग के अधिकारियों ने उसे बढ़ा-चढ़ाकर 15-16 लीटर दिखा दिया और उसी आधार पर उन्हें पकड़ लिया गया। महिला का आरोप है कि इसके बाद उनसे कोरे कागजों पर साइन भी करा लिए गए और उनके खिलाफ कार्रवाई की गई। सगनू बैगा ने यह भी बताया कि इस घटना के बाद से उनके पति लापता हैं। कार्रवाई से बचाने के नाम पर वसूली का आरोप समाज ने भी आरोप लगाया है कि कार्रवाई से बचाने या चालान की मात्रा कम करने के नाम पर 10 हजार से 20 हजार रुपए तक की अवैध वसूली की जा रही है। इससे आदिवासी परिवारों में भय और आक्रोश का माहौल है, जिससे गरीब परिवार आर्थिक और मानसिक रूप से परेशान हो रहे हैं। बैगा समाज ने कलेक्टर से मांग की है कि दोनों आबकारी अधिकारियों को तत्काल निलंबित किया जाए। साथ ही, उनके द्वारा दर्ज किए गए मामलों की उच्च स्तरीय जांच कराई जाए। यदि आरोप सही पाए जाते हैं, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय और आपराधिक कार्रवाई की जाए और पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाया जाए। जिला आबकारी अधिकारी अजय सिंह ध्रुव ने कहा कि बैगा समाज ने आबकारी विभाग के अधिकारियों पर समाज के लोगों से जबरन वसूली के आरोप लगाते हुए कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा है। उन्होंने कहा कि इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कराई जाएगी और जो भी तथ्य सामने आएंगे, उसके आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
बोकारो वन प्रमंडल ने अवैध लकड़ी तस्करी और बिना लाइसेंस संचालित आरा मिलों के खिलाफ बड़ी कार्रवाई की है। गोमिया प्रखंड के तुलबुल और ढेंढे क्षेत्र में छापेमारी कर एक संगठित नेटवर्क का भंडाफोड़ किया गया। इस दौरान भारी मात्रा में अवैध लकड़ी, आरा मशीनें और लकड़ी चीरने के उपकरण जब्त किए गए, जबकि पांच लोगों को गिरफ्तार किया गया। अभियान में सुरक्षा के लिए बोकारो पुलिस की टीम भी शामिल थी। वन विभाग को लगातार गुप्त सूचना मिल रही थी कि ऐतिहासिक लुगुबुरु पहाड़ के जंगलों से अवैध रूप से पेड़ों की कटाई कर लकड़ियों को तुलबुल और ढेंढे स्थित आरा मिलों में पहुंचाया जा रहा था। इन मिलों में लकड़ियों को चीरकर फर्नीचर और अन्य उत्पाद तैयार किए जाते थे, जिन्हें बाद में बाजार में बेचा जाता था। छापेमारी के दौरान वन अधिकारियों ने लकड़ी परिवहन से संबंधित ट्रांजिट परमिट और आरा मिल संचालन के वैध लाइसेंस की मांग की। हालांकि, मौके पर मौजूद संचालक और अन्य लोग कोई भी वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सके। इसके बाद वन विभाग ने पांच ट्रैक्टर अवैध लकड़ी जब्त कर ली तथा मिलों में लगी मशीनों और उपकरणों को सील कर कब्जे में ले लिया। वन विभाग ने गिरफ्तार पांच आरोपियों के खिलाफ भारतीय वन अधिनियम और झारखंड आरा मिल अधिनियम की संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज किया है। सभी आरोपियों को न्यायालय में प्रस्तुत किया जाएगा। यह अभियान वन प्रमंडल पदाधिकारी (डीएफओ) के नेतृत्व में चलाया गया। इसमें तेनुघाट, गोमिया और चास रेंज के वनकर्मियों के साथ रामगढ़ वन प्रमंडल के कुजू और मांडू रेंज की टीम तथा बोकारो पुलिस के 12 जवान शामिल थे। वन विभाग के अनुसार, लुगुबुरु क्षेत्र हाथियों का प्राकृतिक आवास है। अवैध कटाई से जंगलों को नुकसान पहुंच रहा था, जिससे मानव-हाथी संघर्ष का खतरा बढ़ रहा था। विभाग ने चेतावनी दी है कि वन संपदा और वन्यजीवों को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
एटा। जनपद में जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर प्रशासन सक्रिय है। कलेक्ट्रेट सभागार में जिलाधिकारी अरविंद सिंह की अध्यक्षता में सीएम डैशबोर्ड समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इसमें विभिन्न विभागों की योजनाओं की प्रगति पर विस्तार से चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि शासन की प्राथमिकता वाली योजनाओं का लाभ समयबद्ध तरीके से पात्र लोगों तक पहुंचना चाहिए। बैठक में मुख्यमंत्री युवा उद्यमी एवं स्वरोजगार योजना पर विशेष जोर दिया गया। जिलाधिकारी ने कहा कि अधिक से अधिक युवाओं को स्वरोजगार से जोड़कर आत्मनिर्भर बनाया जाए। इसके लिए बैंक प्रबंधकों के साथ समन्वय स्थापित कर पात्र लाभार्थियों को ऋण वितरण में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। प्रधानमंत्री सूर्यघर योजना की समीक्षा करते हुए डीएम ने व्यापक प्रचार-प्रसार के माध्यम से अधिकाधिक परिवारों को योजना से जोड़ने की बात कही। साथ ही, जनप्रतिनिधियों के प्रस्तावों के आधार पर आवश्यक स्थानों पर सोलर स्ट्रीट लाइट लगाकर ग्रामीण एवं शहरी क्षेत्रों में ऊर्जा दक्षता को बढ़ावा देने के निर्देश दिए गए। कृषि एवं उद्यान विभाग की समीक्षा के दौरान जिलाधिकारी ने आधुनिक खेती और कृषि नवाचार को प्रोत्साहित करने पर जोर दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि नवाचार आधारित खेती कर रहे प्रगतिशील किसानों के खेतों का भ्रमण अन्य किसानों को कराया जाए, ताकि नई तकनीकों और उन्नत खेती पद्धतियों का लाभ अधिक किसानों तक पहुंच सके। श्रमिक हितैषी योजनाओं को लेकर भी जिलाधिकारी ने अधिकारियों को सक्रियता बढ़ाने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सरकार की योजनाओं की जानकारी श्रमिकों तक प्रभावी रूप से पहुंचाई जाए, जिससे अधिक से अधिक लोग लाभान्वित हो सकें। बैठक में मुख्य विकास अधिकारी राजेंद्र प्रसाद मिश्रा, अपर जिलाधिकारी प्रशासन संगम लाल सहित संबंधित विभागों के अधिकारी उपस्थित रहे।
सीकर जिले में 30 साल की महिला के साथ होटल में ले जाकर रेप किया गया। मंदिर जाने के बहाने देवरानी ने पीड़ित जेठानी को होटल में रुके हुए अपने भाई के पास ले गई। जहां उसने कोल्डड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर दे दिया। वारदात के समय आरोपी ने महिला के अश्लील वीडियो भी रिकॉर्ड कर लिया। इसके बाद पीड़िता ने देवरानी और उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया है। फिलहाल पुलिस मामले की जांच में जुट गई है। मंदिर में दर्शन के बहाने पीड़िता को होटल ले गई देवरानी 30 साल की महिला ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि वह अपनी देवरानी के साथ सीकर में एक मंदिर में दर्शन करने के लिए आई थी। दर्शन करने के पहले वह एक कस्बे में गए। जहां पर देवरानी ने बताया कि उसका भाई भी यहीं पर है, जिसने होटल में एक कमरा लिया हुआ है। ऐसे में महिला अपनी देवरानी के साथ होटल में उसके भाई के पास चली गई। जहां पर देवरानी और उसके भाई ने कोल्डड्रिंक में कोई नशीला पदार्थ मिलाकर महिला को दे दिया। जिसे पीने के बाद महिला को होश नहीं रहा। इसी का फायदा उठाकर देवरानी के भाई ने महिला के साथ रेप की वारदात को अंजाम दिया और उसका अश्लील वीडियो रिकॉर्ड कर लिया। फिलहाल पुलिस ने महिला की देवरानी और उसके भाई के खिलाफ मुकदमा दर्ज करके जांच शुरू कर दी है। 30 साल की महिला लापता वहीं दूसरी तरफ सीकर जिले में 30 साल की महिला के लापता होने का मामला भी सामने आया है। महिला के पति ने पुलिस में शिकायत देकर बताया कि उनकी पत्नी 11 जून की दोपहर को घर से बिना बताए पीहर के लिए निकली थी। जो अब तक न तो पीहर पहुंची है और न ही वापस ससुराल आई है। फिलहाल पुलिस ने गुमशुदगी दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
श्रावस्ती जिले के गिलौला क्षेत्र के बसभरिया पुरैना गांव में एक गाय लगातार सात दिनों तक एक ही खेत में चक्कर लगाती रही। यह घटना ग्रामीणों के लिए कौतूहल का विषय बन गई। शुक्रवार सुबह करीब 11 बजे से शुरू हुई यह परिक्रमा 7 दिनों तक बिना रुके जारी रही, जिसे देखने के लिए बड़ी संख्या में लोग गांव पहुंचने लगे। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो गया, जिससे यह मामला पूरे जिले और आसपास के क्षेत्रों में चर्चा का विषय बन गया। कुछ ग्रामीणों ने इसे दैवीय संकेत मानकर गाय की पूजा-अर्चना भी शुरू कर दी। बढ़ती भीड़ के कारण मौके पर अव्यवस्था फैलने लगी। मामले की जानकारी मिलने पर पुलिस विभाग सक्रिय हुआ। आठवें दिन पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस ने अनावश्यक भीड़ न लगाने के निर्देश दिए और गाय को हसनाभारी निवासी उसके मालिक को सौंप दिया। गाय मालिक ने बताया कि वे पहले भी अपनी गाय लेने आए थे, लेकिन भीड़ के कारण उन्हें गाय नहीं मिल पाई थी। तीन दिन पूर्व मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुनील कुमार सिंह अपनी टीम के साथ गांव पहुंचे। पशु चिकित्सकों ने गाय की गहन जांच की और बताया कि गाय 'सर्रा (हाइपोग्लाइसीमिया)' नामक बीमारी से पीड़ित थी। चिकित्सकों के अनुसार, इस बीमारी में पशुओं में असामान्य व्यवहार, घबराहट और लगातार घूमने जैसी समस्याएं देखी जाती हैं। इकौना क्षेत्र के पशु चिकित्सक (वेटरनरी फार्मासिस्ट) वीरेंद्र प्रताप ने बताया कि गाय का तीन दिनों तक उपचार किया गया। इलाज के दौरान उसे रिंनटोंज की चार बोतलें और बेर्निल सहित अन्य आवश्यक इंजेक्शन दिए गए। उपचार के बाद गाय की हालत में काफी सुधार हुआ है। अब गाय ने खेत में चक्कर लगाना बंद कर दिया है और सामान्य रूप से चारा-पानी भी ले रही है। पशु चिकित्सकों ने ग्रामीणों से अपील की है कि वे बीमार पशुओं को लेकर अफवाहों और अंधविश्वास से बचें। उन्होंने ऐसे मामलों में संवेदनशीलता दिखाने और बीमार पशुओं को तमाशा बनाने के बजाय समय पर उपचार कराने की आवश्यकता पर जोर दिया। वर्तमान में गाय की स्थिति सामान्य बताई जा रही है।
न्यूरिया में लकड़ी व्यापारी के गोदाम पर छापा:200 कुंतल अवैध लकड़ी जब्त, वन विभाग ने गोदाम सील किया
पीलीभीत जिले के न्यूरिया कस्बे में वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। विभाग की टीम ने दो लकड़ी व्यापारियों के गोदामों पर छापेमारी कर भारी मात्रा में अवैध लकड़ी बरामद की है। इसके बाद गोदामों को सील कर संबंधित कारोबारियों के खिलाफ कानूनी शिकंजा कसा गया है। सामाजिक वानिकी प्रभाग की टीम ने प्रभागीय वनाधिकारी (डीएफओ) भरत कुमार के नेतृत्व में शनिवार को न्यूरिया कस्बे में अचानक छापा मारा। यह कार्रवाई कस्बे के लकड़ी व्यापारी शादाब पुत्र रब्बा के गोदाम पर की गई। वन विभाग की इस औचक कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध लकड़ी कारोबारियों में हड़कंप मच गया। गोदाम की तलाशी के दौरान वन विभाग को भारी मात्रा में प्रतिबंधित और अवैध लकड़ी का जखीरा मिला। छापेमारी में लगभग 100 कुंतल बेशकीमती सागौन और 100 कुंतल जंगली लिप्टिस की लकड़ी बरामद हुई। वन अधिकारियों को आशंका है कि यह खेप अवैध रूप से संरक्षित वन क्षेत्र से काटकर तस्करी के जरिए लाई गई थी। व्यापारी शादाब मौके पर लकड़ी के मालिकाना हक या परिवहन से जुड़े वैध दस्तावेज पेश नहीं कर सका। मामले की गंभीरता और अवैध लकड़ी की बड़ी खेप को देखते हुए वन विभाग की टीम ने तत्काल कार्रवाई करते हुए शादाब के गोदाम को सील कर दिया। डीएफओ भरत कुमार ने बताया कि पूरी लकड़ी जब्त कर ली गई है और गोदाम मालिक के खिलाफ सुसंगत वन अधिनियम की धाराओं में मुकदमा दर्ज कर सख्त कानूनी कार्रवाई की जा रही है। वन विभाग अब यह भी पता लगाने में जुटा है कि इस अवैध कटान और तस्करी के पीछे कौन-कौन से अन्य तस्कर शामिल हैं।
डूंगरपुर में सड़क हादसे में चचेरे भाई-बहन की मौत के बाद शनिवार को विरोध प्रदर्शन तेज हो गया। मुआवजे और परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देने की मांग को लेकर आक्रोशित लोग कलेक्ट्रेट के सामने धरने पर बैठ गए। चौरासी से बीएपी विधायक अनिल कटारा और अन्य नेता भी इस प्रदर्शन में शामिल हुए। यह घटना शुक्रवार को सदर थाना क्षेत्र के पालबड़ा गांव के पास हुई थी। उदयपुर से डूंगरपुर आ रही एक रोडवेज बस ने बाइक सवार चचेरे भाई-बहन को टक्कर मार दी। हादसे में रास्तापाल हड़मतिया निवासी चंद्रकांत डामोर की मौके पर ही मौत हो गई। उनकी चचेरी बहन सरस्वती डामोर गंभीर रूप से घायल हो गईं, जिन्हें डूंगरपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, लेकिन इलाज के दौरान उनकी भी मौत हो गई। दोनों शवों को अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया। शनिवार को मृतक युवक और युवती के परिजन, चौरासी से बीएपी विधायक अनिल कटारा और बीएपी नेता कांतिलाल रोत सहित कई अन्य नेता कलेक्ट्रेट के सामने एकत्र हुए और धरने पर बैठ गए। उन्होंने रोडवेज बस ड्राइवर पर लापरवाही का आरोप लगाया। प्रदर्शनकारियों की मांगों को लेकर बीएपी नेताओं और प्रशासन के बीच बातचीत हुई, लेकिन अभी तक कोई समझौता नहीं हो पाया है। प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े हुए हैं और धरना जारी है। रोडवेज ड्राइवर पर लापवाही का आरोप लगाते हुए उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की मांग रखी। वही, दोनों के परिवारजनों को एक एक करोड़ रुपए का आर्थिक मुआवजा दिलाने ओर परिवार के एक सदस्य को नौकरी दिलाने की मांग करने लगे। इस बीच एक प्रतिनिधि मंडल एसडीएम ओर डीएसपी से मिला ओर अपनी मांगे बताई, लेकिन प्रशासन सरकारी नियमों के अनुसार हो मुआवजा देने पर अड़ा है। वही लड़की के पिता के पहले नौकरी में होने के साथ ही लड़की की मौत पर किसी तरह की नौकरी का प्रावधान नहीं होने का हवाला दिया। ऐसे में अभी कोई समझौता नहीं हो सका है। वहीं, बीएपी नेता भी परिवार के लोगो के साथ धर पर डटे हुए हैं।
बैतूल जिले के झल्लार थाना क्षेत्र में शनिवार को एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि दो युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। यह दुर्घटना गोरेगांव-नादरा मार्ग पर दो मोटरसाइकिलों की आमने-सामने की टक्कर से हुई। पुलिस से मिली जानकारी के अनुसार, भादूगांव निवासी सुरेश पांसे (45) अपनी बाइक से भैंसदेही खाद लेने जा रहे थे। इसी दौरान गोरेगांव निवासी राहुल पाल (22) और कार्तिक तंडीलकर (22) नादरा की ओर जा रहे थे। गोरेगांव-नादरा रोड पर दोनों मोटरसाइकिलों की जोरदार टक्कर हो गई। प्रत्यक्षदर्शियों के मुताबिक, टक्कर इतनी भीषण थी कि सुरेश पांसे की घटनास्थल पर ही मृत्यु हो गई। राहुल पाल और कार्तिक तंडीलकर गंभीर रूप से घायल हो गए। घटना के बाद स्थानीय लोगों की मदद से दोनों घायलों को तत्काल जिला चिकित्सालय बैतूल पहुंचाया गया, जहां उनका उपचार जारी है। सूचना मिलने पर झल्लार थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचनामा कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
अलवर शहर के शिवाजी पार्क बाजार में शनिवार को उस समय हड़कंप मच गया, जब एक DJ साउंड की दुकान में करीब 2 फीट से भी बड़ा मॉनिटर लिजर्ड (गोहेरा) घुस आया। देखते ही आसपास के व्यापारियों और राहगीरों में दहशत फैल गई। हालांकि, सूझबूझ के चलते महज 15 मिनट के भीतर जीव का सुरक्षित रेस्क्यू कर लिया गया। आमजन को यह डर रहता है कि मॉनिटर लिजर्ड जहरीला होता है। लेकिन सच्चाई यह है कि मॉनिटर लिजर्ड में जहर नहीं होता है। इसके काट लेने पर भी कोई फर्क नहीं पड़ता है। दुकान मालिक नहीं था मौजूद, पड़ोसियों की नजर पड़ी शिवाजी पार्क निवासी मनोज आहूजा ने बताया कि मेरी दुकान के पास ही 'खेम डीजे साउंड' की दुकान है। जिसमें मॉनिटर लिजर्ड घुसा था। घटना के वक्त दुकान के मालिक खेम सिंह वहां मौजूद नहीं थे। आसपास के दुकानदारों की नजर अचानक दुकान के अंदर घुस रहे जीव पर पड़ी, जिसके बाद वहां लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई। युवक हर्ष ने किया रेस्क्यू मामले की गंभीरता को देखते हुए तुरंत स्थानीय वन्यजीव रेस्क्यूअर को सूचना दी गई। सूचना मिलते ही अलवर शहर के साहसी युवक हर्ष अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। हर्ष ने बिना वक्त गंवाए महज 15 मिनट के अंदर मॉनिटर लिजर्ड को बेहद सुरक्षित तरीके से काबू में कर लिया। उसके बाद कट्टे में बंद कर जंगल में छोड़ने लेकर गया। तब दुकानदार व आसपास के लोगों को राहत मिली।
संभल में शनिवार दोपहर एक भीषण सड़क हादसा हुआ। बाइक और पिकअप की आमने-सामने की टक्कर के बाद बाइक में आग लग गई, जिससे एक युवक की मौके पर ही झुलसकर मौत हो गई। हादसे में दूसरा युवक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे जिला अस्पताल से हायर सेंटर रेफर किया गया है। यह घटना थाना नखासा क्षेत्र के गांव ककरौआ मिलक के पास देहपा पुलिस चौकी से लगभग 100 मीटर की दूरी पर दोपहर 03:30 बजे हुई। संभल की ओर से आ रही बाइक (DL 11 PP 7349) और हसनपुर की ओर से आ रही पिकअप गाड़ी के बीच यह टक्कर हुई। बाइक पर दो युवक सवार थे। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। दमकल विभाग को भी बुलाया गया, जिसने 20 मिनट में बाइक की आग पर काबू पा लिया। घायल युवक को एंबुलेंस 108 से जिला संयुक्त चिकित्सालय संभल में भर्ती कराया गया। डॉ. विश्वनाथ प्रताप सिंह ने बताया कि घायल व्यक्ति की हालत गंभीर है। उसके दोनों पैर टूट गए हैं, सिर में गंभीर चोट आई है और पूरे शरीर पर चोटें हैं। घायल की पहचान 22 वर्षीय सोनू पुत्र रणवीर सिंह, निवासी मंगलपुरी, एम ब्लॉक, उत्तर पश्चिम दिल्ली के रूप में हुई है। थाना प्रभारी संजय कुमार ने बताया कि मृतक युवक की पहचान अभी नहीं हो पाई है। उन्होंने यह भी बताया कि पुलिस को लोगों की सूचना पर तत्काल मौके पर पहुंचकर दमकल विभाग की मदद से आग बुझाई गई।
उमरिया जिले के चंदिया थाना क्षेत्र के ग्राम ताली में शनिवार को जमीनी विवाद को लेकर एक ही परिवार के दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। जमीन के हिस्सा-बांट को लेकर हुए इस झगड़े में लाठी-डंडे चले, जिससे परिवार के छह लोग घायल हो गए हैं। मिली जानकारी के अनुसार, यह विवाद परिवार में जमीन के बंटवारे को लेकर शुरू हुआ था, जो देखते ही देखते खूनी संघर्ष में बदल गया। इस मारपीट में एक ही परिवार के गुलाब लोनी, फूलचंद लोनी, दीपचंद लोनी, राजकुमार लोनी, नागेंद्र लोनी और उर्मिला लोनी घायल हुए हैं। ये सभी आपस में रिश्तेदार हैं और चाचा-भतीजे के परिवार से ताल्लुक रखते हैं। डायल-112 ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल घटना की सूचना मिलते ही डायल-112 की टीम तुरंत मौके पर पहुंची और स्थिति को संभाला। सभी घायलों को फौरन इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र चंदिया ले जाया गया। यहां डॉक्टर्स ने सभी का प्राथमिक इलाज किया, जिसके बाद कुछ लोगों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया है। दोनों पक्षों ने दर्ज कराई शिकायत इस खूनी संघर्ष के बाद दोनों पक्षों की तरफ से चंदिया थाने में एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज कराई गई है। मामले में गुलाब लोनी और सुरेंद्र लोनी ने पुलिस को आवेदन दिया है। पुलिस का कहना है कि अभी दोनों पक्षों से आवेदन मिला है और अस्पताल से घायलों की तहरीर (एमएलसी रिपोर्ट) मंगवाई गई है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है और विवाद के असली कारणों का पता लगा रही है।
लखनऊ के गोमतीनगर विस्तार पुलिस ने धोखाधड़ी के एक मामले में वांछित हिस्ट्रीशीटर और शातिर आरोपी तारा सिंह बिष्ट (55) को नई दिल्ली के चाणक्यपुरी क्षेत्र से गिरफ्तार किया है। आरोपी को ट्रांजिट रिमांड पर लाकर शनिवार को लखनऊ में न्यायालय के समक्ष पेश किया जा रहा है।पुलिस के मुताबिक, विरामखंड निवासी वीरेंद्र कुमार सिंह की शिकायत पर जांच के बाद जनवरी 2026 में गोमतीनगर विस्तार थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। दिल्ली से ट्रांजिट रिमांड पर लखनऊ लाई पुलिस आरोप है कि तारा सिंह बिष्ट और उसके सहयोगियों ने आपराधिक षड्यंत्र के तहत एक अनरजिस्टर्ड प्लांट को रजिस्टर्ड दिखाते हुए बिजली विभाग से तथ्य छिपाकर फर्जी और कूटरचित दस्तावेज तैयार किए तथा उसी के आधार पर बिजली कनेक्शन हासिल कर उसका उपयोग किया।मामले में धारा जालसाजी, धोखाधड़ी समेत गंभीर धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। विवेचना के दौरान आरोपी की तलाश की जा रही थी। इसके बाद गोमतीनगर विस्तार पुलिस टीम ने आवश्यक अनुमति प्राप्त कर दिल्ली पुलिस के सहयोग और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर चाणक्यपुरी स्थित उत्तराखंड निवास के रिसेप्शन से तारा सिंह बिष्ट को गिरफ्तार कर लिया। हिस्ट्रीशीटर है आरोपी, 30 से ज्यादा मुकदमे दर्ज पुलिस के अनुसार तारा सिंह बिष्ट गोमतीनगर थाने का हिस्ट्रीशीटर है और उसके खिलाफ लखनऊ के विभिन्न थानों में धोखाधड़ी, जालसाजी, कब्जा, गैंगस्टर एक्ट, गुंडा एक्ट, एससी-एसटी एक्ट और अन्य धाराओं में 30 से अधिक मुकदमे दर्ज हैं। इनमें गोमतीनगर, चिनहट, वजीरगंज, महानगर, हुसैनगंज और गोमतीनगर विस्तार थाने के मामले शामिल हैं।
गिरिडीह जिले के सरिया थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात एक आभूषण विक्रेता से करीब 13 लाख रुपए मूल्य के गहनों से भरा बैग छीन लिया गया। बाइक सवार दो अपराधियों ने इस वारदात को अंजाम दिया और मौके से फरार हो गए। पुलिस मामले की जांच कर रही है। जानकारी के अनुसार, बड़की सरिया निवासी सचिन कुमार की सरिया बाजार में आभूषण की दुकान है। शुक्रवार रात दुकान बंद करने के बाद वह अपनी बाइक से घर लौट रहे थे। उनके पास एक थैला था, जिसमें दुकान के कीमती आभूषण रखे हुए थे। इसी दौरान पीछे से आ रहे बाइक सवार दो अपराधियों ने उनकी बाइक में जोरदार धक्का मार दिया। धक्का लगने से सचिन कुमार सड़क पर गिर पड़े। अपराधियों ने इसी का फायदा उठाकर उनके पास रखा आभूषणों से भरा थैला छीन लिया और तेजी से फरार हो गए। बताया जा रहा है कि थैले में लगभग 13 लाख रुपए के सोने-चांदी के आभूषण थे। घटना की सूचना मिलते ही सरिया पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। सरिया नगर पंचायत अध्यक्ष के प्रतिनिधि फागू पंडित भी घटनास्थल पर पहुंचे और घटना पर चिंता व्यक्त की। एसडीपीओ धनंजय कुमार राम ने बताया कि प्रारंभिक जांच में बाइक सवार अपराधियों द्वारा छिनतई की घटना की पुष्टि हुई है। पुलिस आसपास के सीसीटीवी फुटेज खंगाल रही है और अपराधियों की गिरफ्तारी के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है। उन्होंने जल्द ही मामले का खुलासा करने का आश्वासन दिया। इस घटना के बाद स्थानीय व्यापारियों ने बाजार क्षेत्र में पुलिस गश्ती बढ़ाने की मांग की है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
शाजापुर जिले के मक्सी में शनिवार सुबह भाजपा के स्वच्छता अभियान में सफाई से ज्यादा सोशल मीडिया के लिए वीडियो और फोटो बनाने की होड़ चर्चा का विषय बन गई। शनिवार को 12 साल विश्वास, विकास और जनसेवा अभियान आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में विधायक अरुण भीमावद, भाजपा जिला अध्यक्ष रवि पांडे और मध्यप्रदेश खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी समेत बड़ी संख्या में कार्यकर्ता झाड़ू और फावड़े लेकर सड़कों पर उतरे थे। लेकिन अभियान के दो वीडियो सामने आने के बाद विपक्षी दल इसे “फोटो सेशन अभियान” बता रहे है। सफाई हो जाए तो एक और फोटो खींचना है सोशल मीडिया पर वायरल हुए पहले वीडियो में खादी ग्रामोद्योग बोर्ड के अध्यक्ष पंकज जोशी कचरा साफ करते नजर आ रहे हैं। इसी दौरान पीछे खड़ा एक भाजपा कार्यकर्ता जोर से कहता सुनाई दे रहा है, बहुत हो गई साफ-सफाई, सफाई हो जाए उसके बाद एक और फोटो खींचना है। यह ऑडियो सामने आने के बाद लोग अभियान की गंभीरता पर सवाल उठा रहे हैं। जिला अध्यक्ष बोले- नीचे से वीडियो बनाइएगा वहीं, सामने आए दूसरे वीडियो में शाजापुर भाजपा जिला अध्यक्ष रवि पांडे खुद कैमरे को सेट करवाते दिख रहे हैं। वीडियो में वह साफ तौर पर कैमरे वाले को निर्देश देते हुए कह रहे हैं, नीचे से वीडियो बनाइएगा। इन दोनों वीडियो के सामने आने के बाद विपक्षी दलों ने इसे पूरी तरह से “फोटो सेशन अभियान” बताया। कांग्रेस बोली- जनता परेशान है और भाजपा नौटंकी कर रही इस पूरे मामले पर कांग्रेस जिला अध्यक्ष नरेश्वर प्रताप ने तीखी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने इस स्वच्छता अभियान को केवल एक औपचारिकता, दिखावा और खानापूर्ति बताया। कांग्रेस अध्यक्ष ने आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों में आम जनता महंगाई, बेरोजगारी और आर्थिक तंगी से जूझ रही है, लेकिन भाजपा सरकार केवल अपनी उपलब्धियों का झूठा प्रचार करने और पार्टी निर्देशों की तामीली के लिए ऐसी नौटंकी कर रही है। बीजेपी नेता बोले- मुख्य मकसद जागरूकता फैलाना दूसरी तरफ, वीडियो वायरल होने और विपक्षी दल के आरोपों पर भाजपा नेताओं ने भी अपनी सफाई रखी है। मीडिया प्रभारी संजय शिवहरे ने कहा- सोशल मीडिया पर चल रहे वीडियो को गलत तरीके से पेश किया जा रहा है। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य मक्सी नगर के नागरिकों के बीच स्वच्छता को लेकर जन जागरूकता फैलाना था, ताकि इसे एक जनआंदोलन बनाया जा सके।
असम में जोरहाट के रौरिया इंडियन एयरबेस पर शनिवार सुबह 10 बजे लैंडिंग के दौरान वायुसेना का विमान क्रैश हो गया। हादसे में राजस्थान के डीडवाना-कुचामन जिले के पांचोता गांव के अग्निवीर वायु सैनिक खेमाराम कुमावत (22) शहीद हो गए। हादसे में कुमावत के अलावा पायलट समेत 5 जवानों की मौत हो गई। इनमें स्क्वाड्रन लीडर प्रशांत सिंह, फ्लाइट लेफ्टिनेंट शुभम कुमार, सार्जेंट जितेंद्र शर्मा, अग्निवीरवायु खेमाराम कुमावत और अग्निवीरवायु दानिश आलम शामिल हैं। एक को-पायलट घायल हो गया है। इधर, खेमाराम की शहादत की जानकारी मिलते ही पांचोता सहित पूरे इलाके में मातम पसर गया। परिजन लगातार वायु सेना के अफसरों के संपर्क में हैं। ममेरे भाई महेश कुमावत ने बताया कि खेमाराम का अग्निवीर कार्यकाल जल्द ही पूरा होने वाला था। परिवार में उनकी शादी को लेकर बातचीत चल रही थी। शहीद खेमाराम कुमावत किसान परिवार से थे। उनके परिवार में बुजुर्ग माता-पिता, दो बड़े भाई और एक छोटी बहन है। ग्राफिक में समझिए पूरा हादसा
बदायूं में दरोगा की सड़क हादसे में मौत:गश्त से लौटते समय कार ने मारी टक्कर, सिपाही घायल
बदायूं में सड़क हादसे में गंभीर रूप से घायल हुए उपनिरीक्षक देवराज सिंह की शनिवार को मुरादाबाद के एक निजी अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। यह हादसा शुक्रवार शाम बिसौली कोतवाली क्षेत्र में हुआ था। हादसे में घायल सिपाही अमित का उपचार अभी जारी है। देवराज सिंह मूल रूप से अमरोहा देहात थाना क्षेत्र के पृथ्वीपुर कला गांव के निवासी थे और बिसौली कोतवाली में उपनिरीक्षक के पद पर तैनात थे। शुक्रवार शाम को वह सिपाही अमित के साथ क्षेत्र में गश्त के बाद बाइक से कोतवाली लौट रहे थे। बिल्सी-इस्लामनगर मार्ग पर निजरा मोड़ के पास सामने से आ रही एक तेज रफ्तार बोलेनो कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। इस दुर्घटना में दरोगा और सिपाही दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए थे। सूचना मिलने पर सीओ बिसौली संजीव कुमार और कोतवाली प्रभारी कमलेश मिश्रा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। दोनों घायलों को बिसौली सीएचसी ले जाया गया, जहां से गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें मुरादाबाद के निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। यहीं इलाज के दौरान देवराज सिंह ने दम तोड़ दिया। सिपाही अमित का इलाज अभी भी चल रहा है। पुलिस ने मुरादाबाद में ही दरोगा के शव का पोस्टमार्टम कराया। पोस्टमार्टम की प्रक्रिया पूरी होने के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। उनका अंतिम संस्कार देर शाम उनके पैतृक गांव में किया जाएगा। पुलिस ने दुर्घटना में शामिल कार को जब्त कर लिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है। उपनिरीक्षक देवराज सिंह ने वर्ष 1987 में उत्तर प्रदेश पुलिस में सिपाही के पद पर अपनी सेवा शुरू की थी। अपने लंबे सेवाकाल और बेहतर कार्यशैली के कारण उन्हें पदोन्नति मिली और वह उपनिरीक्षक बने। उन्होंने पुलिस विभाग में लगभग चार दशकों तक सेवाएं दीं। सीओ बिसौली संजीव कुमार ने बताया कि हादसे में घायल दरोगा की इलाज के दौरान मौत हो गई है। दुर्घटना में शामिल बोलेनो कार को कब्जे में ले लिया गया है और फरार चालक की तलाश की जा रही है।
रायसेन पुलिस ने अधिवक्ता को जान से मारने की धमकी देकर 1.25 लाख रुपए की रंगदारी मांगने वाले आरोपी को महज 12 घंटे के भीतर गिरफ्तार कर लिया। आरोपी को जबलपुर से दबोचा गया और न्यायालय में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। मामले में शामिल एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश जारी है। जानकारी के अनुसार, शहर के अधिवक्ता मुकेश शाक्या को 2 जून को फिलीपींस के कंट्री कोड (+63) वाले एक नंबर से व्हाट्सएप कॉल आया था। कॉल करने वाले ने अपना नाम हर्ष बताते हुए दावा किया कि उसे अधिवक्ता की हत्या के लिए एक लाख रुपए की सुपारी दी गई है। आरोपी ने यह भी कहा कि सुपारी देने वाले उससे अपना पैसा वापस मांग रहे हैं। कहा था- रुपए दे दोगे तो कोई नुकसान नहीं होगाकॉल के दौरान आरोपी ने अधिवक्ता से 1.25 लाख रुपए की मांग की और कहा कि यदि यह राशि दे दी जाती है तो वह सुपारी देने वालों को पैसा लौटा देगा तथा अधिवक्ता को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। रंगदारी मांगते समय आरोपी ने एक बैंक खाते की जानकारी और पासबुक की फोटो भी व्हाट्सएप पर भेजी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक आशुतोष गुप्ता के निर्देश पर कोतवाली थाना प्रभारी निरीक्षक नरेंद्र गोयल के नेतृत्व में विशेष जांच दल का गठन किया गया। पुलिस टीम ने कॉल डिटेल, मोबाइल लोकेशन और अन्य तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर जांच शुरू की। जांच के दौरान सामने आया कि आरोपी विदेशी मोबाइल नंबर का इस्तेमाल कर अपनी पहचान छिपाने का प्रयास कर रहा था। तकनीकी विश्लेषण और लगातार निगरानी के बाद पुलिस ने उसकी लोकेशन जबलपुर में ट्रेस की और दबिश देकर गिरफ्तार कर लिया। एक आरोपी गिरफ्तार, दूसरा फरारगिरफ्तार आरोपी की पहचान कटनी निवासी अभिषेक के रूप में हुई है। पूछताछ में खुलासा हुआ कि इस वारदात में वैभव ठाकुर नामक एक अन्य व्यक्ति भी शामिल था, जो फिलहाल फरार है। पुलिस उसकी तलाश में जुटी हुई है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि आरोपियों ने इसी तरह की वारदात अन्य लोगों के साथ भी की है या नहीं। आरोपी की गिरफ्तारी में थाना प्रभारी नरेंद्र गोयल, उपनिरीक्षक शैलेन्द्र दायमा, उपनिरीक्षक दीपक वर्मा, सहायक उपनिरीक्षक सुरेंद्र सिंह, आरक्षक संदीप जैन एवं आरक्षक मुन्ना मेश्राम की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
कैथल में जिला प्रशासन 21 जून को होने वाली नीट की परीक्षा की तैयारियों में जुट गया है। इसके लिए जिले में पांच परीक्षा केंद्र बनाए गए हैं। इन सेंटरों में डॉ. बी.आर. अम्बेडकर राजकीय महाविद्यालय जगदीशपुरा, राजकीय वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय कमेटी चौक, जवाहर नवोदय विद्यालय तितरम, पीएम श्री जीजीएसएसएस जखोली अड्डा तथा राजकीय कन्या वरिष्ठ माध्यमिक विद्यालय गीता भवन शामिल हैं। इस बार इसमें 1841 परीक्षार्थी बैठेंगे। 8 ड्यूटी मजिस्ट्रेट नियुक्त परीक्षा को लेकर डीसी अपराजिता ने विभिन्न विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक की और दिशा-निर्देश दिए। इससे पहले चंडीगढ़ से उच्च अधिकारियों द्वारा वीसी के माध्यम से परीक्षा को लेकर आवश्यक दिशा निर्देश जारी किए गए। डीसी ने बताया कि परीक्षा के लिए 8 ड्यूटी मजिस्ट्रेट भी नियुक्त किए गए हैं, जिनमें से तीन रिजर्व में रखे गए हैं। परीक्षा वाले दिन एक हेल्प डेस्क भी स्थापित किया जाएगा, जिसका नंबर 01746-234203 रहेगा। परीक्षा दोपहर 2 बजे शुरू होगी। इसलिए विद्यार्थी समय से पहले पहुंचें, ताकि फ्रिस्किंग आदि में कोई दिक्कत न हो। एडीसी सुशील कुमार को परीक्षा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया डीसी अपराजिता ने कहा कि परीक्षा को निष्पक्ष, शांतिपूर्ण एवं व्यवस्थित ढंग से संपन्न करवाने के लिए सभी आवश्यक प्रबंध समय रहते सुनिश्चित किए जाएं। इसके लिए सुरक्षा, यातायात, स्वास्थ्य सेवाओं, बिजली आपूर्ति तथा परीक्षार्थियों की सुविधाओं से संबंधित सभी व्यवस्थाएं प्राथमिकता के आधार पर पूरी की जाएं तथा किसी भी स्तर पर लापरवाही न बरती जाए। एडीसी सुशील कुमार को परीक्षा का नोडल अधिकारी नियुक्त किया गया है। विभागीय अधिकारियों को आदेश उन्होंने पुलिस विभाग को निर्देश दिए कि सभी परीक्षा केंद्रों पर पर्याप्त पुलिस बल तथा महिला पुलिस कर्मियों की तैनाती सुनिश्चित की जाए। प्रश्न पत्र एवं उत्तर पुस्तिकाओं के सुरक्षित ट्रांसपोर्टेशन और स्टोरेज के लिए विशेष सुरक्षा व्यवस्था की जाए। परीक्षा केंद्रों के आसपास कानून व्यवस्था एवं यातायात सुचारू बना रहे। उन्होंने आगे कहा कि परीक्षा सेंटरों में जैमर, कैमरे व सुरक्षा की दृष्टि से अन्य व्यवस्थाओं को पूरा करने के साथ साथ ट्रायल भी करे। अच्छी तरह से एडमिट कार्ड की जांच व परीक्षार्थियों की फ्रिस्किंग की जाए। डीसी ने जीएम रोडवेज को निर्देश दिए कि परीक्षा वाले दिन बस सेवाओं का संचालन सुचारू रखा जाए। बस स्टैंड से परीक्षा केंद्रों तक परीक्षार्थियों के लिए पर्याप्त परिवहन सुविधा उपलब्ध करवाई जाए। उन्होंने उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम के अधिकारियों को सभी परीक्षा केंद्रों पर निर्बाध बिजली आपूर्ति तथा जिला शिक्षा अधिकारी सहित संबंधित शिक्षण संस्थानों के अधिकारियों को परीक्षा केंद्रों पर स्वच्छ पेयजल की पर्याप्त व्यवस्था करने के निर्देश दिए।
झांसी में रेलवे के खंडहर क्वा्र्टर में एक युवक ने सुसाइड कर लिया। उसका शव बेल्ट के सहारे लगभग 5 फीट ऊंची खिड़की पर लटका था। मृतक के भाई ने कहा- मेरा भाई शराब पीने और सूखा नशा करने का आदी था। इसलिए 9 साल पहले उससे नाता तोड़ दिया था। आज वह मोहल्ले में शराब पीकर लोगों को गाली देता दिखाई दिया था। फिर सूचना मिली कि उसने सुसाइड कर लिया। तब हम लोग मौके पर पहुंच गए। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। पूरा मामला प्रेमनगर थाना क्षेत्र का है। शव लटका देखकर घरवालों को दी सूचना मृतक की पहचान अमित कुमार शर्मा (35) पुत्र सूरज प्रसाद था। वह प्रेमनगर थाना क्षेत्र के विलेश्वर महाराजपुरा कॉलोनी का रहने वाला था। मृतक के भाई आशु शर्मा ने बताया- मेरा भाई अमित कुमार शर्मा शराब पीने और सूखा नशा करने का आदि था। अमित पेंटिंग का काम करता था और पूरा पैसा नशा में ही उड़ा देता था। लगभग 9 साल से हम लोगों ने अमित से मतलब छोड़ रखा था। शनिवार दोपहर को वह मोहल्ले में घूम रहा था। नशे में लोगों को गालियां दे रहा था। थोड़ी देर रुकने के बाद भाई मोहल्ले से निकल गए। कुछ समय बाद एक जानकार ने सूचना दी कि अमित ने रेलवे कॉलोनी के एक खंडहर क्वार्टर में फांसी लगाकर जान दे दी। जब हम लोग मौके पर पहुंचे तो उसका शव खिड़की पर बेल्ट के सहारे लटका हुआ था। उसने नशा की वजह से ही जान दी है। पिता की पहले हो चुकी है मौत अमित के सुसाइड करने की सूचना पर मां गीता और भाई आशु रोते बिलखते हुए मौके पर पहुंच गए। यहां पर अमित का शव लटका देखकर मां बेसुध हो गई। तीन भाई बहनों में अमित सबसे बड़ा था। उसकी शादी नहीं हुई थी। उसका एक छोटा भाई सुमित और एक बहन सुनैना है। बहन की शादी हो चुकीी है। अमित के पिता सूरज प्रसाद की पहले ही मौत हो चुकी है। नैनागढ़ चौकी इंचार्ज संतप्रकाश त्रिपाठी ने बताया कि पंचनामा भरकर शव का पोस्टमार्टम करवाया जा रहा है। आगे की जांच की जा रही है।
राजस्थान की चौमहला कोर्ट ने आगर कोतवाली पुलिस की NDPS कार्रवाई को लेकर बड़ा फैसला सुनाया है। शुक्रवार को कोर्ट ने थाना प्रभारी शशि उपाध्याय सहित लगभग 100 लोगों के खिलाफ जिनमें कई पुलिसकर्मी और अन्य लोग शामिल हैं, उन पर FIR दर्ज करने का आदेश दिया है। यह कार्रवाई इसी साल जनवरी में झालावाड़ जिले के घाटाखेड़ी गांव में की गई थी, जो अब कानूनी विवादों में घिर गई है। यह मामला 28 जनवरी 2026 को राजस्थान के डग थाना क्षेत्र के ग्राम घाटाखेड़ी में हुई कार्रवाई से संबंधित है। आगर कोतवाली पुलिस ने दावा किया था कि उन्होंने बड़ी मात्रा में मादक पदार्थ और ड्रग्स निर्माण सामग्री पकड़ी थी, साथ ही दो आरोपियों को गिरफ्तार भी किया था। पुलिस के अनुसार, यह कार्रवाई सुसनेर निवासी फैजान से मिली जानकारी के आधार पर की गई थी। पिता बोले- बेटों को झूठे में फंसाया गया हालांकि, गिरफ्तार आरोपियों के पिता हमीद खान ने इस कार्रवाई को शुरू से ही झूठा और मनगढ़ंत बताया था। उन्होंने चौमहला न्यायालय में एक परिवाद दायर कर आरोप लगाया था कि मध्यप्रदेश पुलिस ने स्थानीय पुलिस को सूचना दिए बिना उनके घर में घुसकर तोड़फोड़ की, परिजनों को प्रताड़ित किया और उनके बेटों को झूठे NDPS मामले में फंसा दिया। न्यायालय के निर्देश पर झालावाड़ एसपी ने मामले की जांच अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक भागचन्द्र मीणा को सौंपी थी। इस जांच के दौरान कई ऐसे तथ्य सामने आए, जिन्होंने पुलिस की पूरी कार्रवाई की विश्वसनीयता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए। जांच रिपोर्ट के अनुसार, पुलिस ने जिस तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती का दावा किया था, उससे संबंधित कई महत्वपूर्ण रिकॉर्ड उपलब्ध नहीं मिले। पुलिस ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताए गए कई सामान जब्ती दस्तावेजों में दर्ज नहीं पाए गए। इसके अलावा, कार्रवाई के दौरान वीडियो रिकॉर्डिंग किए जाने का पुलिस का दावा भी जांच में पुष्ट नहीं हो सका। अदालत में वकीलों ने रखे तर्क 11 जून को याचिककर्ता हमीद खान की ओर से उनके अधिवक्ताओं ने न्यायालय में तर्क पेश किए। अधिवक्ताओं ने कहा कि NDPS जैसी संवेदनशील कार्रवाई में स्थानीय राजस्थान पुलिस को सूचना नहीं देना, स्वतंत्र गवाहों को राजस्थान के बजाय आगर से साथ ले जाना, तलाशी, गिरफ्तारी और जब्ती की वीडियोग्राफी नहीं करना, ये प्रक्रिया संबंधी कई नियमों का पालन नहीं किया जाना कार्रवाई को संदिग्ध बनाता है। कोर्ट में पेश सीसीटीवी फुटेज और अन्य तकनीकी साक्ष्यों का हवाला देते हुए बताया गया कि मध्यप्रदेश पुलिस के सभी वाहन घाटाखेड़ी में लगभग 30 मिनट ही रुके थे। इसी दौरान तलाशी, गिरफ्तारी, जब्ती और अन्य संपूर्ण कार्रवाई किए जाने का दावा किया गया है, जबकि इतने कम समय में NDPS अधिनियम के तहत पूरी कानूनी प्रक्रिया का पालन कर कार्रवाई संभव नहीं प्रतीत होती। अधिवक्ताओं ने यह भी तर्क रखा कि जब्ती का जो समय दस्तावेजों में दर्शाया गया है, उस समय पुलिस दल राजस्थान की सीमा में मौजूद ही नहीं था। साथ ही याचिकाकर्ता ने लगाए गए आरोपों को तकनीकी साक्ष्यों से भी समर्थन मिलने की बात कोर्ट के समक्ष रखी गई। FIR दर्ज करने के आदेश जांच रिपोर्ट और पेश तर्कों पर विचार करने के बाद चौमहला कोर्ट ने तत्कालीन थाना प्रभारी शशि उपाध्याय सहित इस कार्रवाई में शामिल करीब 100 लोगों के खिलाफ केस दर्ज करने के आदेश जारी कर दिए हैं। इनमें पुलिसकर्मी और अन्य संबंधित व्यक्ति शामिल बताए जा रहे हैं। इन पर FIR के आदेश शशि उपाध्याय थाना प्रभारी कोतवाली आगर।रूपसिंह बेस थाना प्रभारी बड़ौद।राखी गुर्जर, उप निरीक्षक।अजय जाट, सहायक उप निरीक्षक।राहुल विश्वकर्मा पुलिसकर्मी।शुभम, पुलिसकर्मी। पुलिस महकमे में बढ़ी हलचल न्यायालय के आदेश के बाद मध्यप्रदेश पुलिस महकमे में हलचल तेज हो गई है। सूत्रों के अनुसार FIR दर्ज होने की प्रक्रिया को रोकने और आदेश के खिलाफ कानूनी राहत प्राप्त करने के प्रयास शुरू हो गए हैं। हालांकि न्यायालय के आदेश के बाद यह मामला अब दोनों राज्यों में चर्चा का विषय बना हुआ है। जनवरी में हुई इस कार्रवाई को आगर पुलिस ने बड़ी सफलता के रूप में पेश किया था, लेकिन अब न्यायालय के आदेश के बाद पूरी कार्रवाई की वैधता और पारदर्शिता पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। वहीं सूत्रों का कहना है कि जनवरी में की गई इस कार्रवाई के तुरंत बाद से ही एसडीओपी ने इस केस की वास्तविकता से सीनियर अधिकारियों को अवगत करा दिया गया था। इसके साथ ही उनके द्वारा कार्रवाई को लेकर कई पत्राचार भी कार्यालयों में किए गए थे।
बालाघाट में शनिवार को प्रभारी मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने 21.68 करोड़ रुपए की लागत से बने गर्रा आरओबी का लोकार्पण किया। इसके साथ ही इसे आम लोगों के आवागमन के लिए खोल दिया गया। हालांकि, पुल का निर्माण कार्य अभी भी अधूरा है। आरओबी पर रोशनी के लिए बिजली का काम शुरू नहीं हुआ है। पानी निकासी के लिए पुल पर बनाए गए कटाव भी अधूरे हैं। इसके अलावा, डीपीआर में शामिल होने के बावजूद 200 मीटर का फुटपाथ नहीं बनाया गया है। एक स्थानीय युवक कुमार भानु ने फुटपाथ न होने से भविष्य में दुर्घटना की आशंका जताई है। रेलवे ओवरब्रिज के नामकरण को लेकर भी सोशल मीडिया पर सवाल उठाए जा रहे हैं। लोकार्पण के बाद प्रभारी मंत्री राव उदयप्रताप सिंह ने इस पुल को सांसद भारती पारधी के संसदीय क्षेत्र के लिए एक बड़ी सौगात बताया। हालांकि, उन्होंने पुल की स्वीकृति और फंड दिलाने वाले पूर्व सांसद और पूर्व मंत्री का कोई जिक्र नहीं किया। प्रेस के सवालों पर मंत्री ने कहा कि सब हो जाएगा, लेकिन वे सवालों का जवाब दिए बिना ही चले गए। लोकार्पण कार्यक्रम में पूर्व मंत्री गौरीशंकर बिसेन, भाजपा अध्यक्ष, पूर्व विधायक, जिला पंचायत अध्यक्ष, नगरपालिका अध्यक्ष, कलेक्टर मृणाल मीणा, एसपी और सेतु संभाग के एसडीओ अर्जुन सनोडिया सहित कई गणमान्य व्यक्ति मौजूद रहे। दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे, गोंदिया के सेक्शन इंजीनियर ने बताया कि पुल से यातायात शुरू होने के बाद रेलवे फाटक को सभी प्रकार के सड़क यातायात के लिए स्थायी रूप से बंद कर दिया जाएगा। आरओबी के शुरू होने से लोगों को लंबे समय से हो रही परेशानी से राहत मिलेगी। पहले ट्रेन गुजरने के दौरान फाटक बंद होने से वाहनों की लंबी कतारें लग जाती थीं, जिससे यात्रियों और नागरिकों को काफी इंतजार करना पड़ता था। अब आरओबी बनने से यातायात अधिक सुगम, सुरक्षित और तेज हो जाएगा। ये सुविधा मिलेगी आरओबी निर्माण के दौरान बस, ट्रक और अन्य बड़े वाहनों का यातायात डेंजर रोड से डायवर्ट किया गया था। इस वजह से भारी वाहनों को शहर में प्रवेश करने और बाहर निकलने के लिए अतिरिक्त दूरी तय करनी पड़ती थी। अब रोड ओव्हर ब्रिज शुरू होने के बाद बड़े वाहनों को डेंजर रोड से होकर आने-जाने की आवश्यकता नहीं होगी। बस, ट्रक और अन्य भारी वाहन सीधे रोड ओव्हर ब्रिज के माध्यम से बालाघाट शहर में प्रवेश कर सकेंगे तथा बाहर जा सकेंगे, जिससे समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।लोगों को लंबे समय से आरओबी के शुरू होने का इंतजार था। लोगों ने बताया कि आरओबी शुरू होने से शहर और आसपास के क्षेत्रों के बीच आवागमन में सुविधा बढ़ेगी तथा दुर्घटनाओं की संभावना भी कम होगी।
फलोदी जिला कलेक्टर ने शनिवार को आपदा प्रबंधन के तहत मानसून पूर्व तैयारियों की समीक्षा बैठक ली। कलेक्टर ने अधिकारियों को एनडीएम गाइडलाइन के तहत उचित प्रबंधन और आपदा की स्थिति में बचाव के लिए आवश्यक निर्देश दिए। कलेक्टर ने जिले के सभी एसडीएम और तहसीलदारों को जलभराव वाले क्षेत्रों का दौरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने इन स्थानों पर सूचना बोर्ड लगवाने और पानी की निकासी के लिए समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा। आमजन के लिए कंट्रोल रूम नंबर जारी जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने बताया - एक जिला स्तरीय कंट्रोल रूम बनाया गया है। इसके लिए फोन नंबर 02925-299200 जारी किया गया है। उन्होंने आमजन से आपदा संबंधी सूचनाएं इस कंट्रोल रूम पर देने की अपील की। कलेक्टर ने अधिकारियों को तहसीलवार कंट्रोल रूम गठित करने और शिफ्टवार कार्मिकों की ड्यूटी लगाने के भी निर्देश दिए। गांवों में भी आपदा प्रबंधन के निर्देश विकास अधिकारियों को प्रत्येक ग्राम पंचायत में जेसीबी की व्यवस्था सुनिश्चित करने के निर्देश दिए गए। साथ ही, प्रत्येक ग्राम पंचायत में दो गोताखोरों की लिस्ट जारी कर उनसे संपर्क करने को कहा गया। कलेक्टर ने बिजली विभाग के अधीक्षण अभियंता (एसई) को तेज आंधी में क्षतिग्रस्त हुए बिजली के खंभों को तुरंत बदलने के निर्देश दिए। उन्होंने एफआरटी (फर्स्ट रिस्पांस टीम) को आवश्यक उपकरणों के साथ सक्रिय रखने और सरकारी भवनों की छतों की साफ-सफाई करवाने के भी निर्देश दिए।
ब्यावर के सनातन धर्म गवर्नमेंट कॉलेज में प्रथम वर्ष के विद्यार्थियों के दस्तावेज सत्यापन की प्रक्रिया को लेकर छात्र राजनीति सक्रिय हो गई है। अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने शनिवार को कॉलेज प्रिंसिपल को ज्ञापन सौंपकर दस्तावेज सत्यापन की अंतिम तिथि बढ़ाने की मांग की। एबीवीपी पदाधिकारियों के अनुसार बड़ी संख्या में नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दस्तावेज सत्यापन प्रक्रिया में तकनीकी और प्रशासनिक समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। कई छात्र आवश्यक दस्तावेजों की अनुपलब्धता, प्रक्रिया की जानकारी न होने और निर्धारित समय सीमा के कारण परेशान हैं। संगठन ने मांग की है कि सत्यापन की अंतिम तिथि बढ़ाई जाए, ताकि सभी विद्यार्थियों का सत्यापन समय पर और सुचारू रूप से पूरा हो सके तथा किसी भी छात्र का शैक्षणिक नुकसान न हो। इसी दौरान एबीवीपी ने कॉलेज परिसर में एक सहायता शिविर का भी आयोजन किया। इस शिविर में कार्यकर्ताओं ने नवप्रवेशित विद्यार्थियों को दस्तावेज सत्यापन की संपूर्ण प्रक्रिया की जानकारी दी। उन्हें आवश्यक दस्तावेजों की सूची, ऑनलाइन और ऑफलाइन प्रक्रिया और सत्यापन के दौरान आने वाली सामान्य समस्याओं के समाधान के बारे में विस्तार से बताया गया। नवप्रवेशित विद्यार्थियों ने एबीवीपी की इस पहल की सराहना की। उन्होंने बताया कि सहायता शिविर के माध्यम से उन्हें प्रक्रिया को समझने और दस्तावेज सत्यापन कार्य पूरा करने में काफी सुविधा मिली है। इस कार्यक्रम के दौरान छात्रसंघ अध्यक्ष गजेंद्र सिंह रावत के नेतृत्व में मोहित सोडा, सचिन सिंह, गौतम प्रजापत, भदोरिया, राजदीप शर्मा, मोनू दगदी, योगेंद्र सिंह, शक्ति मेवाड़ा, रोहित सोनल और करण सिंह सहित कई अन्य कार्यकर्ता उपस्थित थे।
डीग में चोरी की बाइक सहित एक आरोपी पकड़ा:2 नाबालिग भी डिटेन, चोरी के बाद कम कीमत पर बेच देते थे
डीग में पुलिस ने चोरी की बाइक के साथ एक आरोपी को गिरफ्तार किया है। इस मामले में 2 नाबालिगों को भी डिटेन किया गया है। यह कार्रवाई एसपी शरण गोपीनाथ के निर्देश पर जिले में अपराधियों की धरपकड़ के लिए चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत की गई। पुलिस के अनुसार शनिवार को गश्त के दौरान मालीपुरा रोड पर 3 युवक एक बाइक के साथ खड़े मिले। पुलिस ने वाहन की जांच की तो पता चला कि बाइक चोरी की थी। यह बाइक कोतवाली थाने में दर्ज मुकदमे में वांछित थी। चोरी के बाद कम कीमत पर बेच देते थेकार्रवाई के दौरान पुलिस ने हेमंत उर्फ समय सिंह पुत्र राजाराम निवासी बहज को गिरफ्तार किया। उसके साथ मौजूद 2 नाबालिगों को भी डिटेन किया गया। पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी की गई बाइक बरामद की है।प्रारंभिक पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी सार्वजनिक स्थानों से बाइक चोरी कर उन्हें कम कीमत पर बेच देते थे। पुलिस इस मामले में आगे की पूछताछ और जांच कर रही है।
कन्नौज में खादी ग्रामोद्योग मंत्री और जिले के प्रभारी मंत्री राकेश सचान ने सरकार की उपलब्धियों को मीडिया के समक्ष प्रस्तुत किया। उन्होंने बताया कि पिछले 12 वर्षों में सरकार ने हर वर्ग के कल्याण के लिए योजनाएं शुरू की हैं, जिनका लाभ लोगों को मिल रहा है। कलक्ट्रेट स्थित गांधी सभागार में मीडिया से बातचीत करते हुए मंत्री सचान ने विभिन्न विकास कार्यों का उल्लेख किया। उन्होंने बताया कि तहसील तिर्वा क्षेत्र के जनखत गांव में 17.50 एकड़ में कम्पोस्ट बायोगैस प्लांट का निर्माण कार्य प्रगति पर है। जनखत क्षेत्र में ही 61 एकड़ भूमि खरीदकर एमएएसएमई विभाग को उपलब्ध कराई गई है, जहां सरदार पटेल औद्योगिक पार्क विकसित किया जाएगा। इसी तरह, अलीपुर अहाना में भी औद्योगिक कॉरिडोर के लिए कुल 111.2450 हेक्टेयर भूमि में से 65.7040 हेक्टेयर भूमि का अधिग्रहण कर लिया गया है। सिंचाई परियोजनाओं के तहत, तालग्राम-जलालाबाद (डार्कजोन) में 54.377 किलोमीटर लंबी नई नहर निर्माण परियोजना पूरी हो चुकी है। इससे डार्कजोन क्षेत्र के किसानों को सिंचाई के लिए पर्याप्त पानी उपलब्ध हो रहा है। पर्यटन विकास के क्षेत्र में, विरासत को सम्मान देने के उद्देश्य से 15 में से 7 कार्य पूरे किए जा चुके हैं, जबकि 8 कार्यों का निर्माण अभी जारी है। 480.00 लाख रुपये की लागत से रोमा अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के स्मारक और मुक्ताकाशी मंच की स्थापना का कार्य भी संपन्न कराया गया है। मुख्यमंत्री पर्यटन संवर्धन योजना के तहत च्यवन ऋषि आश्रम, चियासर याज्ञवल्क्य ऋषि आश्रम जोगेश्वर धाम, अलीपुर जलेसर और माँ अन्नपूर्णा मंदिर का स्थानीय पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्य पूर्ण हो चुका है। डहलेपुर बांगर स्थित राजा वासुदेव मंदिर के पर्यटन विकास कार्य के लिए प्राप्त 16.50 लाख रुपये की धनराशि से कार्य प्रगति पर है। तालग्राम में उद्यालिक ऋषि आश्रम के पर्यटन विकास के लिए 85.37 लाख रुपये स्वीकृत किए गए हैं, और नगर पालिका परिषद कन्नौज में स्थित माता फूलमती देवी मंदिर के पर्यटन विकास हेतु प्राप्त 48.80 लाख रुपये से कार्य प्रगति पर है। त्वरित आर्थिक विकास योजना के अंतर्गत जनपद में 20 करोड़ रुपये की लागत से विभिन्न निर्माण कार्य कराए जा रहे हैं, जिनमें मुख्य रूप से सड़कें और सामुदायिक भवन शामिल हैं।
कासगंज में पुलिस ने 193 वाहनों का किया चालान:दो दिवसीय अभियान में ₹5.24 लाख शमन शुल्क वसूला गया
कासगंज में यातायात पुलिस ने सड़क सुरक्षा और यातायात नियमों के प्रभावी पालन को सुनिश्चित करने के लिए दो दिवसीय विशेष चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान कुल 193 वाहनों का चालान किया गया और ₹5,24,500 का शमन शुल्क वसूला गया। यह अभियान पुलिस अधीक्षक ओ.पी. सिंह के निर्देश पर चलाया गया। क्षेत्राधिकारी यातायात संदीप वर्मा के नेतृत्व में शनिवार को सौरव ढाबा, मालगोदाम चौराहा और बिलराम गेट चौराहे पर व्यापक वाहन चेकिंग की गई। प्रभारी यातायात लक्ष्मण सिंह के नेतृत्व में चले इस अभियान में नशे की हालत में वाहन चलाने वाले, मॉडिफाइड साइलेंसर, प्रेशर हॉर्न, हूटर, बिना एचएसआरपी और दोषपूर्ण नंबर प्लेट वाले वाहनों पर विशेष ध्यान दिया गया। डेसीबल मीटर से जांच के दौरान 80 डेसीबल से अधिक ध्वनि करने वाले 13 वाहन और 4 दोपहिया वाहनों में मॉडिफाइड साइलेंसर पाए गए। इसके अतिरिक्त, एक ऑटो चालक और एक बुलेट मोटरसाइकिल चालक नशे की हालत में वाहन चलाते हुए पकड़े गए। इन दोनों वाहनों को सीज कर दिया गया है। अभियान के तहत क्षमता से अधिक सवारी, बिना हेलमेट, बिना सीट बेल्ट, गलत दिशा में वाहन संचालन, मोबाइल फोन का प्रयोग, तीन सवारी बैठाने और अन्य यातायात नियमों का उल्लंघन करने वाले वाहन चालकों के चालान किए गए। सड़क दुर्घटनाओं की रोकथाम के उद्देश्य से ट्रैक्टर-ट्रॉलियों पर रेट्रो रिफ्लेक्टर टेप भी लगाए गए। साथ ही, बिना नंबर प्लेट के पाए गए 7 ट्रैक्टर चालकों के खिलाफ मोटर वाहन अधिनियम के तहत कार्रवाई की गई।
लखीमपुर खीरी में मानव-वन्यजीव संघर्ष की बढ़ती घटनाओं पर विचार-विमर्श के लिए 15 जून को दुधवा टाइगर रिजर्व में एक राज्यस्तरीय कार्यशाला और संगोष्ठी का आयोजन किया जाएगा। उत्तर प्रदेश वन एवं वन्यजीव विभाग द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम में संघर्ष से प्रभावित जिलों के सांसद, विधायक और वन विभाग के वरिष्ठ अधिकारी शामिल होंगे। दुधवा पर्यटन परिसर में सुबह 11 बजे से शुरू होने वाली इस संगोष्ठी का मुख्य विषय मानव-वन्यजीव संघर्ष: चुनौतियां एवं भावी रणनीति है। इसका उद्देश्य वन्यजीवों और मानव आबादी के बीच बढ़ते टकराव के कारणों, प्रभावों और प्रभावी समाधानों पर व्यापक चर्चा करना है। उत्तर प्रदेश सरकार के वन, पर्यावरण, जन्तु उद्यान एवं जलवायु परिवर्तन विभाग के राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) अरुण कुमार सक्सेना कार्यक्रम के मुख्य अतिथि होंगे। के.पी. मालिक विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहेंगे। संगोष्ठी में प्रमुख सचिव पर्यावरण, वन एवं जलवायु परिवर्तन विभाग वी. हेकाली झिमोमी, प्रधान मुख्य वन संरक्षक एवं विभागाध्यक्ष सुनील चौधरी और प्रधान मुख्य वन संरक्षक (वन्यजीव) अनुराधा वेमुरी सहित कई वरिष्ठ अधिकारी भाग लेंगे। इस दौरान विभिन्न जिलों के जनप्रतिनिधियों और वन अधिकारियों के बीच संवाद के माध्यम से जमीनी स्तर की समस्याओं और उनके समाधान पर चर्चा की जाएगी। दुधवा टाइगर रिजर्व और तराई क्षेत्र में बाघ, तेंदुआ, हाथी और अन्य वन्यजीवों की बढ़ती गतिविधियों के कारण मानव-वन्यजीव संघर्ष की घटनाएं अक्सर सामने आती रही हैं। यह कार्यशाला वन्यजीव संरक्षण और स्थानीय आबादी की सुरक्षा के बीच संतुलन स्थापित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल मानी जा रही है। विशेषज्ञों का मानना है कि मानव-वन्यजीव संघर्ष को कम करने के लिए जन जागरूकता, तकनीकी संसाधनों का उपयोग, त्वरित राहत व्यवस्था और स्थानीय समुदायों की भागीदारी आवश्यक है। संगोष्ठी में इन्हीं विषयों पर विस्तार से चर्चा कर भविष्य की कार्ययोजना तैयार की जाएगी।
सीतापुर के सदरपुर थाना क्षेत्र से जुड़े एक विवादित सोशल मीडिया प्रकरण को लेकर हिंदू संगठनों में नाराजगी बढ़ती दिखाई दे रही है। मामले में अब तक पुलिस की ओर से कोई ठोस कार्रवाई न होने का आरोप लगाते हुए संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने प्रशासन से शीघ्र कार्रवाई की मांग की है। इस संबंध में सोशल मीडिया पर कई संदेश प्रसारित किए गए हैं, जिनमें दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की गई है। सोशल मीडिया पर वायरल एक वीडियो में समुदाय विशेष का एक युवक हिंदू युवतियों और सनातन धर्म पर अपशब्द कहते हुए वीडियो पोस्ट करते हुए तनाव पैदा कर दिया है। बजरंग दल के कार्यकर्ता संदीप ने अनुसार संबंधित मामले में शिकायत दिए जाने के बावजूद अभी तक पुलिस द्वारा कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं की गई है। तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही इसे लेकर बजरंग दल और अन्य हिंदू संगठनों के कार्यकर्ताओं में असंतोष व्याप्त है। संगठन के पदाधिकारियों ने रविवार को सुबह 11 बजे बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं से सदरपुर थाना पहुंचने का आह्वान किया है। संगठन से जुड़े लोगों का कहना है कि मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी व्यक्ति के खिलाफ कानून के तहत कठोर कार्रवाई की जानी चाहिए। उनका आरोप है कि कार्रवाई में हो रही देरी से लोगों में असंतोष बढ़ रहा है। वहीं, प्रशासन की ओर से इस पूरे प्रकरण पर अभी तक कोई आधिकारिक बयान जारी नहीं किया गया है। हिंदू संगठन कार्यकर्ता कृतार्थ मिश्रा ने बताया कि उन्होंने मामले में थाना सदरपुर में तहरीर दी है। उन्होंने कहा कि पुलिस अधिकारियों से उनकी बातचीत हुई है। उन्हें आश्वासन मिला है कि मामले में मुकदमा दर्ज किया जाएगा। फिलहाल इस मामले को लेकर क्षेत्र में चर्चाओं का दौर जारी है। लोगों की निगाहें पुलिस और प्रशासन की अगली कार्रवाई पर टिकी हुई हैं। रविवार को प्रस्तावित थाने पर पहुंचने के आह्वान के बाद क्षेत्र में स्थिति पर प्रशासन भी नजर बनाए हुए है। प्रभारी निरीक्षक मुकेश वर्मा ने बताया कि तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जा रही है।
संतकबीरनगर जिले में कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के उद्देश्य से बड़े पैमाने पर पुलिसकर्मियों के तबादले किए गए हैं। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने विभिन्न थानों और पुलिस लाइन से कुल 78 पुलिसकर्मियों का स्थानांतरण किया है। इन तबादलों में एक महिला उपनिरीक्षक, 32 हेड कांस्टेबल, 27 कांस्टेबल, 3 महिला हेड कांस्टेबल और 13 महिला कांस्टेबल शामिल हैं। सभी पुलिसकर्मियों को एक स्थान से दूसरे स्थान पर भेजा गया है। एसपी द्वारा जारी स्थानांतरण सूची के अनुसार, उपनिरीक्षक प्रियंका मिश्रा को महिला थाना भेजा गया है। अन्य स्थानांतरित पुलिसकर्मियों में शिवराम सिंह को थाना बखिरा, रमेश चंद्र यादव को रीट सेल, लालजी पासवान को थाना बेलहर कला, पंकज सिंह को थाना बखिरा, प्रमोद कुमार गुप्ता को थाना मेहदावल, कामेश्वर सिंह को थाना मेहदावल, मैनेजर प्रसाद को थाना कोतवाली खलीलाबाद, नजीर हुसैन को थाना महुली, राणा प्रताप यादव को थाना बेलहर कला, राजीव कुमार को थाना महुली, अशोक कुमार यादव को थाना दुधारा, सुजीत कुमार को न्यायालय सुरक्षा, श्रीकांत यादव को कोतवाली खलीलाबाद, मोहन कुमार प्रजापति को महिला थाना, जितेंद्र कुमार सिंह को थाना कोतवाली खलीलाबाद, हरिप्रकाश को थाना दुधारा, अब्दुल कलीम को थाना बेलहर कला, रामप्रवेश पासवान को थाना धनघटा, राजन सिंह को थाना धर्मसिंहवा, विनीत कुमार गिरी को थाना धनघटा, सोनू कुमार को थाना मेंहदावल, जितेंद्र कुमार को थाना धनघटा और गिरिजेश उपाध्याय को थाना कोतवाली खलीलाबाद शामिल हैं। पुलिस अधीक्षक संदीप कुमार मीणा ने बताया कि कानून व्यवस्था को सुदृढ़ करने के लिए ऐसे स्थानांतरण आगे भी किए जाते रहेंगे।
बागपत शहर कोतवाली क्षेत्र के निवाड़ा गांव में दो भाइयों के विवाद के बाद छोटे भाई ने जहरीला पदार्थ निगल लिया। हालत बिगड़ने पर उसे बागपत के जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहाँ डॉक्टरों की टीम की सूझबूझ से उसकी जान बच सकी। युवक मुजफ्फरनगर का रहने वाला है और हरियाणा में निजी नौकरी करता है। वह कंपनी से छुट्टी लेकर निवाड़ा गांव स्थित अपनी बहन के घर आया था। यहाँ उसका भाई भी मौजूद था। दोनों भाइयों के बीच मामूली कहासुनी को लेकर विवाद इतना बढ़ गया कि छोटे भाई ने जहरीला पदार्थ खा लिया। हालत बिगड़ने पर परिजनों ने उसे तत्काल जिला अस्पताल में भर्ती कराया। परिजनों ने बताया कि जहर खाने के कुछ ही देर बाद युवक के मुँह से झाग निकलने लगे थे। डॉक्टरों की टीम ने तुरंत उसका उपचार शुरू किया, जिससे समय रहते उसकी जान बचाई जा सकी। फिलहाल, डॉक्टरों की टीम उसके स्वास्थ्य पर लगातार नज़र बनाए हुए है। सीएमएस डॉक्टर अनुराग ने बताया कि जहरीला पदार्थ खाने वाले युवक की हालत अब सामान्य है और उसका उपचार जारी है।
कानपुर के दबौली में सरकारी समर्सिबल पर कब्जा हटवाने पहुंचे पार्षद पति को दबंगों ने गिराकर पीट दिया। मोहल्ले के लोगों ने पार्षद पति को बचाया और पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस ने मामले की तहरीर गोविंद नगर थाने में दी है। इसका एक सीसीटीवी भी सामने आया है। पार्षद की तहरीर पर गोविंद नगर थाने की पुलिस मामले में रिपोर्ट दर्ज करके आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई करने की बात कही है। सरकारी समर्सिबल को कब्जा मुक्त करवाने के दौरान हुआ हमला साउथ सिटी के दबौली वार्ड-72 से वंदना शर्मा पार्षद हैं, लेकिन इनके पति गुंजन लाल शर्मा ही पूरा कामकाज देखते हैं। पार्षद पति ने बताया कि दबौली निवासी बिंदा निगम, सोनू त्रिपाठी और मोनू त्रिपाठी ने इलाके के सार्वजनिक समर्सिबल में कब्जा कर रखा है। इसी का विरोध करने व हटवाने पर शनिवार को बिंदा, सोनू और मोनू के साथ ही तीन चार अन्य लोगों ने पार्षद पति को गिराकर पीटा। मौके पर मौजूद मोहल्ले के लोगों ने पार्षद पति को बचाया। पार्षद पति ने पूरे मामले की जानकारी गोविंद नगर थाने में दी। सूचना पर पुलिस मौके पर जांच करने पहुंची। इसके बाद पार्षद ने गोविंद नगर थाने में तहरीर दी है। घटना से जुड़ा एक लाइव वीडियो भी सामने आया है। इस वीडियो में पार्षद पति से मारपीट की पूरी वारदात कैमरे पर कैद हो गई है। डीसीपी साउथ ने बताया कि मामले में पार्षद पति की तहरीर के आधार पर रिपोर्ट दर्ज की जा रही है। मारपीट के आरोपियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी।
सोनभद्र में शनिवार को सैकड़ों आदिवासी, वनवासी और किसानों ने प्रस्तावित ऊर्जा परियोजनाओं और जंगलों की कटाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया। ये लोग भाजपा कार्यालय पर एकजुट हुए और अपनी आवाज बुलंद की। यह प्रदर्शन किसान नौजवान संघर्ष मोर्चा द्वारा संचालित पेड़ है तो प्राण है अभियान के तहत आयोजित किया गया था। प्रदर्शनकारियों ने पर्यावरण और स्थानीय जनजीवन पर पड़ने वाले संभावित गंभीर संकट को लेकर चिंता व्यक्त की। मोर्चा के जिला संयोजक रामसूरत खरवार ने स्पष्ट शब्दों में कहा, जान दे देंगे, लेकिन जंगल नहीं कटने देंगे। जंगल हमारे जीवन, संस्कृति और अस्तित्व का आधार हैं। उन्होंने मांग की कि पर्यावरण संरक्षण, वनाधिकार और ग्रामीणों के हितों को प्राथमिकता दी जाए। खरवार ने आरोप लगाया कि जेएसडब्ल्यू, अबाडा, अडानी और अन्य निजी ऊर्जा परियोजनाओं के नाम पर बड़े पैमाने पर जंगल और ग्रामीणों की जमीन प्रभावित हो रही है। उन्होंने कहा कि विकास के नाम पर प्रकृति और लोगों के अधिकारों की अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। प्रदर्शनकारियों ने अपनी मांगों से संबंधित एक ज्ञापन भाजपा कार्यालय मंत्री कैलाश तिवारी को सौंपा। उन्होंने जोर दिया कि किसी भी परियोजना को लागू करने से पहले प्रभावित लोगों की सहमति सुनिश्चित की जानी चाहिए। इस दौरान रामसूरत खरवार, गुलाब चेरो, दिनेश गोंड, मुरहु गोंड, रामेश्वर पनिका, जीतू माझी, बिंदु खरवार, आकाश चौहान, सत्रुधन बिंद, सूरज कनौजिया, सुजीत विश्वकर्मा, विजय चौहान, सत्यम पाण्डेय, शंकर सोनी, संजय बियार, विजय बिंद सहित सैकड़ों कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद रहे। कार्यक्रम के अंत में सभी ने जंगल, जल, जमीन और पर्यावरण की रक्षा के लिए जनजागरण अभियान को और व्यापक बनाने का संकल्प लिया।
अमरोहा में मोहर्रम के त्यौहार की तैयारियों को लेकर जिला प्रशासन सक्रिय है। जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने धर्मगुरुओं, शांति समिति के सदस्यों और अधिकारियों के साथ कलेक्ट्रेट में एक महत्वपूर्ण बैठक की। बैठक का मुख्य उद्देश्य मोहर्रम को आपसी भाईचारे और शांतिपूर्ण ढंग से मनाना था। इस दौरान कोई भी नई परंपरा शुरू न करने पर जोर दिया गया। डीएम डॉ. नितिन गौड़ ने जुलूस मार्गों पर साफ-सफाई, निर्बाध बिजली आपूर्ति और अन्य व्यवस्थाओं को समय रहते दुरुस्त करने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सांप्रदायिक सौहार्द बनाए रखते हुए पर्व को पारंपरिक रूप से मनाया जाए। डीएम ने अलम और ताजिया को केवल पारंपरिक मार्गों से निकालने तथा अलम की ऊंचाई मानक के अनुरूप रखने के निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि 17 जून से 26 जून तक पूरे जनपद में मोहर्रम का पर्व शांतिपूर्ण और सौहार्दपूर्ण तरीके से मनाया जाए। गर्मी को देखते हुए विद्युत विभाग को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने को कहा गया। मुख्य चिकित्साधिकारी को जुलूस मार्गों पर एम्बुलेंस और डॉक्टरों की व्यवस्था रखने के निर्देश दिए गए। साथ ही, यह भी सुनिश्चित करने को कहा गया कि कहीं भी गड्ढे या जलभराव की स्थिति न हो। पुलिस अधीक्षक लखन सिंह यादव ने उपजिलाधिकारियों और पुलिस क्षेत्राधिकारियों को जुलूस मार्गों का भ्रमण कर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित करने और समस्याओं का तत्काल निस्तारण करने के निर्देश दिए। एसपी ने दोहराया कि कोई भी नई परंपरा न डाली जाए और ताजिया व अलम पारंपरिक मार्गों से ही निकाले जाएं। उन्होंने सोशल मीडिया पर किसी भी भ्रामक पोस्ट से बचने की सलाह दी। उन्होंने शांति समिति के सदस्यों और गणमान्य नागरिकों से पर्व को शांतिपूर्वक मनाने और पुलिस प्रशासन का पूरा सहयोग करने की अपील की। एसपी ने अलम बनाते समय सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखने पर भी जोर दिया। आयोजकों ने जिला प्रशासन को आश्वस्त किया कि वे शासन के निर्देशों का पूरी तरह पालन करेंगे और पुलिस प्रशासन को पूर्ण सहयोग प्रदान करेंगे।
कांग्रेस द्वारा देशभर में चलाए जा रहे 'ग्रेट निकोबार बचाओ' हस्ताक्षर अभियान के तहत आज औराई ब्लॉक के नकटापुर गांव में एक चौपाल का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संयोजन जिला उपाध्यक्ष सुरेश चंद गौतम ने किया, जिसमें ग्रामीणों से हस्ताक्षर कराए गए। कार्यक्रम का संचालन जिला महासचिव अवधेश पाठक ने किया। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के कोऑर्डिनेटर दयाशंकर पांडेय ने चौपाल को संबोधित करते हुए कहा कि भाजपा एक ओर 'एक पेड़ मां के नाम' का नारा देती है, वहीं दूसरी ओर देश के जंगलों, प्राकृतिक संसाधनों और पर्यावरण को बड़े कॉर्पोरेट घरानों को सौंप रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि ग्रेट निकोबार परियोजना जैव विविधता, पर्यावरण और स्थानीय समुदायों के लिए गंभीर खतरा है, जिसका कांग्रेस विरोध कर रही है। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे जिला कांग्रेस कमेटी भदोही के अध्यक्ष वसीम अंसारी ने कहा कि ग्रेट निकोबार केवल एक द्वीप नहीं, बल्कि देश की अमूल्य प्राकृतिक धरोहर है। उन्होंने चिंता व्यक्त की कि ग्रेट निकोबार के साथ-साथ देश का लोकतंत्र और संविधान भी संकट में है। अंसारी ने केंद्र सरकार पर संवैधानिक संस्थाओं को कमजोर करने और लोकतांत्रिक मूल्यों को समाप्त करने का प्रयास करने का आरोप लगाया। वसीम अंसारी ने आगे कहा कि देश में महंगाई चरम पर है, बेरोजगारी लगातार बढ़ रही है और पेपर लीक की घटनाएं आम हो गई हैं, जिससे छात्रों का भविष्य प्रभावित हो रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि भ्रष्टाचार भी बढ़ रहा है, लेकिन जब जनता इन मुद्दों पर सवाल उठाती है तो सरकार लोगों को जाति और धर्म के नाम पर बांटकर ध्यान भटकाने का प्रयास करती है। अंसारी ने जोर देकर कहा कि कांग्रेस पार्टी पर्यावरण संरक्षण, लोकतंत्र की रक्षा और संविधान को मजबूत बनाने के लिए जनता के साथ संघर्ष कर रही है। उन्होंने 'ग्रेट निकोबार बचाओ' अभियान को देश की प्राकृतिक संपदा, आदिवासी समुदायों के अधिकारों और आने वाली पीढ़ियों के भविष्य को बचाने का प्रयास बताया। उन्होंने ग्रामीणों से इस हस्ताक्षर अभियान से अधिक से अधिक संख्या में जुड़ने की अपील की।
झालावाड़ में जिला प्रशासन के स्वामित्व युक्त – अतिक्रमण मुक्त अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल हुई है। झालावाड़ के प्रधान डाकघर को अब अपनी भूमि का विधिवत स्वामित्व अधिकार मिल गया है। यह डाकघर लगभग 5 दशकों से बिना स्पष्ट स्वामित्व अभिलेखों के संचालित हो रहा था। जिला कलेक्टर अजय सिंह राठौड़ के प्रयासों से यह पुरानी समस्या हल हो सकी। 50 साल तक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था मालिकाना हक जानकारी के अनुसार वर्ष 1981 में प्रधान डाकघर भवन निर्माण के लिए भूमि आवंटित की गई थी। डाक विभाग ने भूमि का मूल्य भी जमा करा दिया था। हालांकि, आवंटन आदेश की प्रमाणित प्रति उपलब्ध नहीं होने और राजस्व अभिलेखों में नामांतरण दर्ज नहीं होने के कारण डाकघर को भूमि का वैधानिक स्वामित्व नहीं मिल पाया था। इस वजह से लगभग 50 साल तक भवन संचालित होने के बावजूद भूमि का मालिकाना हक राजस्व रिकॉर्ड में दर्ज नहीं था। कलेक्टर के निर्देश पर हुई प्रक्रिया पूरीप्रधान डाकघर के अधीक्षक पी. के. जैन ने बताया कि इस समस्या के समाधान के लिए लंबे समय से प्रयास किए जा रहे थे, लेकिन सफलता नहीं मिल पा रही थी। उन्होंने जिला कलेक्टर को इस मामले से अवगत कराया। इसके बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों को आवश्यक कार्रवाई के निर्देश दिए। कलेक्टर के निर्देश पर तहसील स्तर पर प्रकरण की जांच की गई। राजस्व अभिलेखों का परीक्षण कर आवश्यक प्रक्रिया पूरी की गई। इसके बाद डाक विभाग के पक्ष में भूमि के नामांतरण और स्वामित्व दर्ज करने के आदेश जारी किए गए। इस प्रक्रिया से झालावाड़ के प्रधान डाकघर को भूमि का वैधानिक स्वामित्व प्राप्त हो गया। अधीक्षक डाकघर पी. के. जैन ने जिला प्रशासन का आभार व्यक्त किया। उन्होंने कहा कि यह निर्णय न केवल डाक विभाग के लिए, बल्कि आमजन को दी जा रही डाक सेवाओं के सुचारू संचालन की दृष्टि से भी महत्वपूर्ण है। जैन ने बताया कि वर्षों से लंबित यह मामला जिला प्रशासन के सक्रिय प्रयासों के कारण सुलझ पाया है।
हरियाणा सरकार ने मंत्रिपरिषद की अगली बैठक 22 जून को बुलाने का फैसला किया है। सामान्य प्रशासन विभाग के मंत्रिमंडल अनुभाग द्वारा जारी नोटिस के अनुसार मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की अध्यक्षता में यह बैठक 22 जून 2026 (सोमवार) को सुबह 11 बजे हरियाणा सिविल सचिवालय, चंडीगढ़ के मुख्य सभा कक्ष (चौथी मंजिल) में आयोजित होगी।मंत्रिमंडल सचिवालय की ओर से जारी आदेश में सभी कैबिनेट मंत्रियों, राज्य मंत्रियों तथा संबंधित अधिकारियों को बैठक की सूचना भेज दी गई है। बैठक में विभिन्न विभागों से जुड़े प्रस्तावों, नीतिगत फैसलों और प्रशासनिक मामलों पर चर्चा होने की संभावना है। यहां देखिए ऑर्डर की COPY... कई अहम प्रस्तावों पर लगेगी मुहर सूत्रों के अनुसार बैठक में राज्य सरकार की विकास परियोजनाओं, आगामी वित्तीय एवं प्रशासनिक प्रस्तावों, भर्ती प्रक्रियाओं, कृषि, उद्योग तथा बुनियादी ढांचा विकास से जुड़े विषयों पर विचार किया जा सकता है। हालांकि बैठक का विस्तृत एजेंडा अभी सार्वजनिक नहीं किया गया है। यह बैठक ऐसे समय में हो रही है जब राज्य सरकार विभिन्न विभागों की योजनाओं की समीक्षा के साथ-साथ आगामी महीनों के लिए नई घोषणाओं और नीतिगत निर्णयों की तैयारी में जुटी हुई है। ऐसे में 22 जून की कैबिनेट बैठक को महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
मेरठ में कई सड़कों को सीएम ग्रिड योजना के तहत बनाया जा रहा है, इसी में सर्किट हाउस से साकेत चौराहे तक की सड़क भी बनाई जा रही है। जिसमें सर्किट हाउस के सामने निगम द्वारा लोगों को आवंटित की गई दुकानों को हटाने के नोटिस निगम द्वारा व्यपारियों को दे दिए गए हैं। दुकानदार रामू साहू ने बताया कि उनकी दुकान लंबे समय से निर्धारित स्थान पर संचालित हो रही है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि दुकानें हटाई जानी हैं तो पहले यह स्पष्ट किया जाए कि वैकल्पिक दुकानें कहां और कब उपलब्ध कराई जाएंगी। उनका कहना है कि अब तक उन्हें किसी प्रकार का लिखित आदेश या वैकल्पिक व्यवस्था संबंधी दस्तावेज नहीं दिया गया है। दुकानदारों ने मांग की कि नगर निगम पहले उन्हें नई जगह आवंटित करे या लिखित रूप से यह आश्वासन दे कि निर्धारित समय सीमा में नई दुकानें बनाकर उपलब्ध करा दी जाएंगी। उनका कहना है कि वे नई दुकान में अपना सामान व्यवस्थित करने के बाद ही पुरानी दुकान खाली कर पाएंगे।प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि यदि पहले दुकानें खाली कराई जाती हैं तो उनके सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो जाएगा। उन्होंने प्रशासन से मांग की है कि पुनर्वास की स्पष्ट योजना और समय-सीमा सार्वजनिक की जाए, ताकि व्यापारियों को अनिश्चितता का सामना न करना पड़े। दुकानदारों ने चेतावनी दी कि बिना वैकल्पिक व्यवस्था और लिखित आश्वासन के दुकानें खाली कराना उनके लिए स्वीकार्य नहीं होगा। वहीं, इस मामले में नगर निगम के अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। इसी के साथ अखिल भारतीय हिंदु सुरक्षा संगठन के राष्ट्रीय अध्यक्ष सचिन सिरोही ने दुकानदारों का समर्थन करते हुए कहा कि पिछले लगभग 35 सालों से यह सभी दुकानदार निगम को समय पर किराया देकर यहां दुकान चला अपने परिवार को पाल रहे हैं। ऐसे में अचानक इनकी दुकानों को हटाना इनकी रोजी- रोटी छीनना जैसा है। यदि निगम द्वारा दुकानदारों को जगह और समय नहीं दिया जाता है तो वह निगम और ठेकेदार के खिलाफ आंदोलन करेंगे।
कोटा मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों ने 12 साल से किडनी की पथरी से परेशान महिला का इलाज किया है। 65 वर्षीय महिला के गर्दन (थायरॉयड) के पास, पानी भरी पैराथायरॉइड एडेनोमा (गांठ 4.5 सेमी) थी। जो लगातार शरीर में कैल्शियम बढ़ा रही थी। इस कारण महिला के बार बार पथरी बन रही थी। सुपर स्पेशलिटी विंग में डॉक्टर्स की टीम ने महिला की 34 दिन में 2 सर्जरी की। टीम में नेफ्रोलॉजी विभाग के डॉ.विकास खंडेलिया व डॉ.इमरान खान, एनेस्थीसिया विभाग के डॉ. मनोज सिंघल व डॉ. खुशबू मालव, एंडोक्राइनोलॉजी विभाग की डॉ.चारू सिंघल व डॉ. प्रधान गुर्जर, सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभाग की डॉ. रुचिता व डॉ.सुरभि, यूरोलॉजी विभाग के रेजिडेंट चिकित्सक डॉ.अमित यादव व डॉ. प्रियंका और नर्सिंग ऑफिसर जफर व प्रह्लाद शामिल रहे। एंडोक्राइनोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. नितेश बौद्ध ने बताया कि दादाबाड़ी निवासी 65 वर्षीय देवबाई लंबे समय से किडनी की पथरी,मूत्र संक्रमण और किडनी संबंधी समस्याओं से परेशान थी। यूरोलॉजी विभाग के डॉ. निलेश जैन और डॉ. शैलेन्द्र गोयल ने जांच के पाया कि मरीज के खून में कैल्शियम का स्तर सामान्य से काफी ज्यादा है।इसके बाद उसे एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में भेजा गया। एंडोक्राइनोलॉजी विभाग में जांच में पाया कि मरीज के शरीर में पैराथायरॉइड हार्मोन (PTH) कई गुना बढ़ा हुआ है। सामान्यतः पैराथायरॉइड ग्रंथि का आकार 4 मिलीमीटर से भी कम होता है, लेकिन इस मरीज में यह ग्रंथि सामान्य आकार से 10 गुना से अधिक बड़ी होकर एक विशाल (Giant) पैराथायरॉइड एडेनोमा में परिवर्तित हो गई थी। इतने बड़े आकार का पैराथायरॉइड एडेनोमा अत्यंत दुर्लभ माना जाता है। इस बीमारी में पैराथायरॉइड ग्रंथि से अत्यधिक हार्मोन बनने लगता है। जिससे शरीर में कैल्शियम का स्तर बढ़ जाता है। किडनी, हड्डियों तथा अन्य अंगों को नुकसान पहुंच सकता है। मरीज की दो अल्ट्रासाउंड में बीमारी का पता नहीं चल पाया। बाद में रेडियोलॉजिस्ट डॉ. पंकज मीणा ने दोबारा जांच की तो थायरॉयड के पास पानी भरी गांठ (4.5 सेमी) दिखाई दी। गांठ से द्रव निकालकर जांच की गई। जिसमें पैराथायरॉइड हार्मोन का स्तर बहुत ज्यादा मिला। सामान्यतय हार्मोन का स्तर 75 से कम होता है। लेकिन महिला के पैराथायरॉइड हार्मोन का लेवल 2000 से ज्यादा था। एमआरआई से भी बीमारी की पुष्टि हो गई। बीमारी का पता लगने के बाद सर्जिकल ऑन्कोलॉजी विभागाध्यक्ष डॉ. हर्ष जांगिड़ ने 4 मई को सफल ऑपरेशन किया। सर्जरी के तुरंत बाद मरीज के PTH स्तर में 90% से अधिक गिरावट दर्ज की गई। खून में कैल्शियम का स्तर सामान्य होने लगा। किडनी की कार्यक्षमता में भी सुधार देखने को मिला। ऑपरेशन के बाद हुई एक और चुनौती सर्जरी के बाद मरीज को हंग्री बोन सिंड्रोम हो गया। इस स्थिति में हड्डियां तेजी से कैल्शियम अवशोषित करने लगती है। जिससे खून में कैल्शियम का स्तर खतरनाक रूप से कम हो सकता है। एंडोक्राइनोलॉजी टीम ने कैल्शियम इन्फ्यूजन, विटामिन-डी और नियमित मॉनिटरिंग के जरिए मरीज की स्थिति को नियंत्रित किया। बाद में यूरोलॉजी विभाग ने बची हुई किडनी स्टोन इलाज के लिए 8 जून को डीजे स्टेंटिंग की। बीमारी के मूल कारण का इलाज हो जाने से भविष्य में नई पथरी बनने की संभावना काफी कम हो जाएगी। फिलहाल महिला मरीज स्वस्थ है और हॉस्पिटल में भर्ती है। डॉ. नितेश बौद्ध ने कहा कि जिन लोगों में बार-बार किडनी की पथरी बनती है। रक्त में कैल्शियम का स्तर बढ़ा हुआ मिलता है। उन्हें पैराथायरॉइड हार्मोन की जांच जरूर करानी चाहिए। समय पर पहचान होने पर किडनी को स्थायी नुकसान से बचाया जा सकता है।
कौशांबी में जमीन विवाद, दो पक्षों में मारपीट:तलवार से हमले का वीडियो वायरल, पुलिस जांच में जुटी
कौशांबी में जमीन विवाद को लेकर दो पक्षों के बीच मारपीट हो गई। यह घटना मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के टेंवा गांव की है। मारपीट के दौरान एक पक्ष ने दूसरे पर तलवार से हमला कर दिया। इस हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसके आधार पर पुलिस मामले की जांच कर रही है। मंझनपुर कोतवाली क्षेत्र के टेंवा बाजार निवासी सत्यम कुमार त्रिपाठी पुत्र रविंद्र नारायण त्रिपाठी ने पुलिस को लिखित शिकायत दी है। उन्होंने बताया कि शुक्रवार को वह गांव में अपनी भूमिधरी जमीन गाटा संख्या 832 पर गड्ढा खुदवा रहे थे। इसी दौरान विपक्षी प्रकाश नारायण, रोहित तिवारी, मोहित तिवारी सहित लगभग छह लोगों ने उनसे विवाद शुरू कर दिया। आरोप है कि इसके बाद सभी विपक्षियों ने मिलकर सत्यम पर तलवार से हमला कर दिया। गांव के कुछ लोगों ने हस्तक्षेप कर मामले को शांत कराया। पीड़ित सत्यम ने पुलिस को तलवार से हमले का वीडियो भी सौंपा है, जो अब सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। उन्होंने शनिवार को पुलिस से आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है और अपने तथा अपने परिवार की जान को खतरा बताया है। इस पूरे मामले पर मंझनपुर कोतवाली पुलिस का कहना है कि उन्हें पीड़ित की तहरीर और वायरल वीडियो मिल गया है। पुलिस द्वारा मामले की जांच की जा रही है।
मुजफ्फरनगर में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर शनिवार को राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) परिसर में मीडिया संवाद एवं जनकल्याण शिविर का आयोजन किया गया। उत्तर प्रदेश सरकार में राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) और जनपद के प्रभारी मंत्री सोमेंद्र तोमर ने कार्यक्रम की अध्यक्षता की। प्रभारी मंत्री सोमेंद्र तोमर ने फीता काटकर कार्यक्रम का शुभारंभ किया। इसके बाद उन्होंने विभिन्न विभागों द्वारा लगाए गए जनकल्याण शिविरों और प्रदर्शनी स्टॉलों का निरीक्षण किया। इस अवसर पर उन्होंने केंद्र और प्रदेश सरकार की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि बीते 12 वर्षों में देश ने विकास, सुरक्षा, आधारभूत ढांचे, जनकल्याण और सुशासन के क्षेत्र में ऐतिहासिक प्रगति की है। सोमेंद्र तोमर ने बताया कि सरकार की योजनाओं का लाभ अंतिम व्यक्ति तक पहुंचाने का प्रयास लगातार जारी है। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, किसान सम्मान निधि, उज्ज्वला योजना, हर घर जल, महिला सशक्तिकरण और कौशल विकास जैसी योजनाओं का उल्लेख किया, जिन्होंने करोड़ों लोगों के जीवन में सकारात्मक बदलाव लाए हैं। उन्होंने यह भी कहा कि आज भारत वैश्विक स्तर पर एक मजबूत और आत्मनिर्भर राष्ट्र के रूप में स्थापित हो चुका है। जनकल्याण शिविर में कृषि, स्वास्थ्य, पुलिस, अग्निशमन, जिला पंचायत राज, शिक्षा, प्रोबेशन, आईटीआई और स्वयं सहायता समूहों सहित कई विभागों ने अपने स्टॉल लगाए। इन स्टॉलों के माध्यम से आमजन को सरकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी दी गई और उन्हें विभिन्न सेवाओं तथा लाभों से जोड़ा गया। इस अवसर पर राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कपिलदेव अग्रवाल, जिला पंचायत अध्यक्ष वीरपाल निर्वाल, नगर पालिका अध्यक्ष मीनाक्षी स्वरूप, पूर्व विधायक प्रमोद ऊंटवाल, पूर्व विधायक उमेश मालिक, भाजपा जिलाध्यक्ष सुधीर सैनी, जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा और मुख्य विकास अधिकारी कमल किशोर कंडारकर सहित कई अधिकारी व जनप्रतिनिधि उपस्थित रहे।
भिवानी कराटे एकेडमी एवं डिस्ट्रिक्ट एसोसिएशन के तत्वावधान में शनिवार से नई अनाज मंडी स्थित जन सेवा सदन में 2 दिवसीय बेस्ट ऑफ बेस्ट ओपन कराटे चैंपियनशिप-2026 का शुभारंभ हुआ। इस प्रतियोगिता में देश के 12 राज्यों से आए 650 खिलाड़ियों ने भाग लिया। प्रतियोगिता के पहले ही दिन खिलाड़ियों के बीच कड़े मुकाबले देखने को मिले। प्रतियोगिता के पहले दिन हुए मुकाबले में लड़कियों के अंडर-10 25 किलोग्राम भार वर्ग में कृतिका कैथल प्रथम, नेहा हिसार द्वितीय, प्रांजल दिल्ली व दक्षिता अंबाला ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। वही अंडर-10 30 किलोग्राम भार वर्ग में ईशा कैथल प्रथम, आनिया उत्तर प्रदेश द्वितीय, कशिश हांसी व ईशानी महेंद्रगढ़ तृतीय रही। अंडर-10 35 किलोग्राम भार वर्ग में अदिति कैथल प्रथम स्थान, दिव्या भिवानी द्वितीय, कशिश हांसी व प्रिया भिवानी ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। रिबन काटकर शुभारंभप्रतियोगिता के उद्घाटन समारोह में मुख्य अतिथि के रूप में पहुंचे संजय अल्ट्रासाऊंड के संचालक श्याम लाल व सह संस्थापिका सरिता अग्रवाल, भारत सरकार के वरिष्ठ अधिकारी विजेंद्र वर्मा कमिश्नर, पोस्ट ऑफिस करनाल सुपरिटेंडेंट संजय कुमार ने संयुक्त रूप से रिबन काट कर शुरुआत करवाई। नई अनाज मंडी से भूरू प्रधान, गिरिराज, राज सरपंच समेत कई प्रतिष्ठित हस्तियों ने शिरकत की और खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाया। 200 से ज्यादा लड़कियों ने लिया भागऑर्गेनाइजिंग कमेटी के सचिव रोहित वर्मा, भरत यादव और विशाल जालंधरा ने कहा कि यह एक पूरी तरह से ओपन कराटे प्रतियोगिता है, जिसका उद्देश्य देश के ग्रामीण और शहरी दोनों क्षेत्रों की प्रतिभाओं को एक मंच प्रदान करना है। हमें बताते हुए गर्व हो रहा है कि इस चैंपियनशिप में भारत के अलग-अलग 12 राज्यों से करीब 650 बच्चों ने पंजीकरण कराया है। सबसे खास और गौरव की बात यह है कि इसमें 200 से अधिक महिला खिलाड़ियों ने भाग लिया, जो खेल के मैदान पर महिला सशक्तिकरण और आत्मरक्षा के बढ़ते कदम की बेहतरीन मिसाल है। खिलाड़ियों को किया सम्मानितउन्होंने बताया कि अपनी श्रेणी में प्रथम स्थान प्राप्त करने वाले खिलाड़ी को एक चमचमाती रेंजर साइकिल से नवाजा जाएगा। द्वितीय स्थान प्राप्त करने वाले को आधुनिक स्मार्ट वॉच दी जाएगी। वही तृतीय स्थान पर रहने वाले खिलाड़ी को आकर्षक स्पोर्ट्स बैग व अन्य खेल सामग्री दी जाएगी। प्रतियोगिता में अजीत कुमार, सन्नी लडवाल, अजय कोच यूपी, सिमरन जींद, अदिति इंटरनेशनल मेडलिस्ट भी भाग ले रहे है। वही प्रतियोगिता में ऑफिशियिल की भूमिका रोहित वर्मा, कृष्ण सिंगरोहा, विशाल जालधंरा, राहुल शर्मा, भारत यादव, नरेंद्र कुमार, संदीप, विनोद मुआवज, दीपक घणघस, नितिन, हिमांशु, किरण व पुष्षा निभा रहे है।
मेडिकल कॉलेज हॉस्पिटल विंग जल्द शुरू होगी:लखीमपुर में डीएम ने निरीक्षण कर कमियों पर सख्ती दिखाई
लखीमपुर खीरी में बहुप्रतीक्षित मेडिकल कॉलेज की हॉस्पिटल विंग को जल्द शुरू करने की दिशा में प्रशासन ने तैयारियां तेज कर दी हैं। जिलाधिकारी अंजनी कुमार सिंह ने शनिवार को मेडिकल कॉलेज परिसर का निरीक्षण किया। उन्होंने निर्माण कार्यों और अस्पताल संचालन से जुड़ी व्यवस्थाओं का जायजा लिया। निरीक्षण के दौरान, जिलाधिकारी ने हॉस्पिटैलिटी ब्लॉक-ए, बी और सी में तकनीकी और व्यवस्थागत कमियों की समीक्षा की। उन्होंने कार्यदायी संस्था को निर्देश दिए कि सभी खामियों को प्राथमिकता के आधार पर जल्द से जल्द दूर किया जाए। साथ ही, अस्पताल का हैंडओवर समयबद्ध तरीके से पूरा करने को कहा। जिलाधिकारी ने इस बात पर जोर दिया कि मेडिकल कॉलेज परियोजना जिले और आसपास के लाखों लोगों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान करने की एक महत्वपूर्ण योजना है। उन्होंने स्पष्ट किया कि निर्माण कार्यों की गुणवत्ता से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। किसी भी तरह की लापरवाही या देरी की स्थिति में जिम्मेदार अधिकारियों और एजेंसियों की जवाबदेही तय की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. संतोष गुप्ता, प्राचार्य डॉ. वाणी गुप्ता, मुख्य चिकित्सा अधीक्षक डॉ. आरके कोली सहित संबंधित विभागों के अधिकारी और निर्माण एजेंसी के प्रतिनिधि उपस्थित रहे। जिलाधिकारी ने विद्युत कनेक्शन की प्रक्रिया को भी शीघ्र पूरा कराने के निर्देश दिए।
लुधियाना के सलेम टाबरी थाने के बाहर उस वक्त भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब एक पारिवारिक विवाद सुलझाने पहुंचा कपल आपस में ही भिड़ गया। थाने के बिल्कुल बाहर हुए इस 'हाई-वोल्टेज ड्रामा' में दोनों परिवारों के बीच जमकर गाली-गलौज और हाथापाई हुई। सड़क पर सरेआम हो रहे इस क्लेश को देखने के लिए राहगीरों की भारी भीड़ जमा हो गई। पत्नी का आरोप-पति ने की बदसलूकी हंगामे के दौरान पत्नी ने अपने पति पर गंभीर आरोप लगाए हैं। पत्नी का कहना है कि वे लोग थाने में राजीनामा (समझौता) करने के लिए आए थे, लेकिन पति ने गलत शब्दावली का इस्तेमाल शुरू कर दिया। पत्नी के मुताबिक पति ने सरेआम उसे भद्दी गालियां दीं और मारपीट करते हुए उसके कपड़े तक फाड़ दिए। पति का पलटवार- 'मेरी पत्नी का फोन चेक करवाओ दूसरी तरफ पति ने अपनी पत्नी और उसकी बहनों (सालियों) पर जमकर भड़ास निकाली। पति ने आरोप लगाया कि उसकी पत्नी का चरित्र ठीक नहीं है और वह कई अन्य लोगों के संपर्क में है। पति ने पुलिस से मांग करते हुए कहा इसका फोन चेक करवाओ सारी सच्चाई सामने आ जाएगी।पति ने यह भी दावा किया कि उसकी घरवाली तो समझौते के लिए मान गई थी, लेकिन उसकी सालियां जानबूझकर दखलअंदाजी कर रही हैं और उसका घर नहीं बसने दे रही हैं। पुलिस का बयान इस पूरे घटनाक्रम पर सलेम टाबरी पुलिस के अधिकारी ने जानकारी देते हुए बताया कि पति-पत्नी के बीच काफी समय से आपसी विवाद चल रहा है। इसी मामले को सुलझाने के लिए दोनों पक्षों को थाने बुलाया गया था। पुलिस के मुताबिक, बातचीत के दौरान पत्नी पक्ष की ओर से गाली निकालने को लेकर अचानक बहस शुरू हो गई, जो देखते ही देखते तीखी झड़प में तब्दील हो गई। फिलहाल पुलिस ने मौके पर दखल देकर दोनों पक्षों को शांत करवाया है और मामले की आगामी कार्रवाई की जा रही है।
केंद्रीय कपड़ा मंत्री गिरिराज सिंह ने शनिवार को रायपुर में आयोजित मीडिया कॉन्क्लेव में कहा कि कांग्रेस अपने छह दशक के शासन में गरीबी खत्म नहीं कर सकी, जबकि नरेंद्र मोदी सरकार ने 25 करोड़ लोगों को गरीबी रेखा से ऊपर उठाने का काम किया है। मोदी सरकार के 12 साल पूरे होने पर उसकी उपलब्धियां बताने के लिए आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय भी मौजूद रहे। 25 करोड़ लोग गरीबी रेखा से ऊपर आए: गिरिराज गिरिराज सिंह ने कहा, 25 करोड़ लोगों को मोदी सरकार ने गरीबी रेखा से ऊपर उठाया है। कांग्रेस के दौर में ‘इंदिरा जी को लाएंगे, आधी रोटी खाएंगे, गरीबी को मिटाएंगे’ जैसे नारे लगाए जाते थे, लेकिन गरीबी खत्म नहीं हुई। प्रधानमंत्री मोदी ने गरीबी के खिलाफ लड़ाई लड़ी और लोगों को उससे बाहर निकलने में मदद की। ‘लखपति दीदी’ जैसी योजनाएं गरीबों के जीवन को और बेहतर बनाने के लिए चलाई जा रही हैं। यूपीए सरकार में गरीबी समझने कलावती के घर गए थे राहुल उन्होंने कांग्रेस नेता राहुल गांधी के वर्ष 2008 में महाराष्ट्र के यवतमाल जिले में किसान की विधवा कलावती बंडुरकर के घर जाने का जिक्र करते हुए कहा, यूपीए सरकार के दौरान एक युवराज मीडिया को साथ लेकर कलावती के घर गरीबी समझने गए थे। नरेंद्र मोदी गरीब परिवार में पैदा हुए और उन्होंने गरीबी को जिया है। युवराज ट्रक चालकों की जिंदगी समझने के लिए ट्रकों पर चढ़ते हैं, जबकि मोदी मजदूरों और कुलियों को चाय पिलाते थे। यही दोनों के बीच का अंतर है। 22 राज्यों में हमारी सरकारें हैं गिरिराज सिंह ने कहा कि पंचायतों से लेकर संसद तक बीजेपी ने जीत का शतक लगाया है, जबकि कांग्रेस हार का शतक बना चुकी है। उन्होंने कहा, देश के 22 राज्यों में हमारी सरकारें हैं। प्रधानमंत्री मोदी ने पिछले 12 वर्षों में विकास और विरासत दोनों के लिए काम किया है। जो लोग मोदी को गालियां देते हैं, उन्होंने सिर्फ चुनावी हार ही हासिल की है। केंद्रीय मंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी लोगों से सीधे जुड़े हुए हैं और उन्होंने सबका साथ, सबका विकास, सबका विश्वास, सबका प्रयास के सिद्धांत पर काम किया है। विदेश नीति से बढ़ी भारत की वैश्विक पहचान उन्होंने केंद्र सरकार की विदेश नीति की भी सराहना करते हुए कहा कि दुनिया के कई देश भारत के साथ अपने संबंध मजबूत करना चाहते हैं और प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में वैश्विक स्तर पर भारत की प्रतिष्ठा बढ़ी है। आर्थिक सुधारों का जिक्र करते हुए गिरिराज सिंह ने कहा कि वन नेशन, वन टैक्स के तहत लागू किया गया जीएसटी अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम साबित हुआ है। उन्होंने कहा कि कर संग्रह लगभग 80 हजार करोड़ रुपए से बढ़कर 2.42 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। भारत के साथ 22 देश भारतीय रुपये में व्यापार कर रहे हैं, जो हर भारतीय के लिए गर्व की बात है। मोदी सरकार के कार्यकाल में केंद्रीय बजट 16 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 53.5 लाख करोड़ रुपए हो गया है। अर्थव्यवस्था 4.25 ट्रिलियन डॉलर तक पहुंची गिरिराज सिंह ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में शामिल हुआ है। देश की अर्थव्यवस्था का आकार लगभग 2 ट्रिलियन डॉलर से बढ़कर 4.25 ट्रिलियन डॉलर हो गया है। महंगाई दर 5 फीसदी से नीचे आई उन्होंने दावा किया कि प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) 18 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 83 लाख करोड़ रुपए तक पहुंच गया है। वहीं निर्यात भी 28 लाख करोड़ रुपए से बढ़कर 83 लाख करोड़ रुपए हो गया है, जिससे आर्थिक विकास को गति मिली है। उन्होंने कहा कि जो महंगाई दर कभी दो अंकों में रहती थी, वह मोदी सरकार के कार्यकाल में घटकर 5 प्रतिशत से नीचे आ गई है। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को केंद्र सरकार के 12 वर्ष पूरे होने पर बधाई दी और इस अवधि को भारत के विकास का स्वर्णिम और ऐतिहासिक दौर बताया। साय ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी स्वयं को प्रधानमंत्री नहीं बल्कि देश का प्रधान सेवक मानते हैं और सभी देशवासियों को अपने परिवार का सदस्य समझते हैं। उन्होंने कहा, प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में एक नया भारत बन रहा है, जो समृद्ध, मजबूत और सुरक्षित है। भारत किसी को उकसाता नहीं है, लेकिन जो देश के हितों को चुनौती देता है, उसे छोड़ता भी नहीं है। मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में 58 करोड़ से अधिक जनधन खाते खोले गए हैं। 81 करोड़ से ज्यादा लोगों को मुफ्त खाद्यान्न मिल रहा है और 60 करोड़ से अधिक आयुष्मान भारत कार्ड जारी किए जा चुके हैं। उन्होंने बताया कि प्रधानमंत्री आवास योजना के तहत 4 करोड़ से अधिक मकान स्वीकृत किए गए हैं। उज्ज्वला योजना के तहत 11 करोड़ से ज्यादा महिलाओं को मुफ्त गैस कनेक्शन मिले हैं। साथ ही करोड़ों परिवारों तक नल से जल और स्वच्छता सुविधाएं पहुंचाई गई हैं।
जिला प्रशासन व सूचना एवं जनसंपर्क विभाग के तत्वावधान में केंद्र एवं राज्य सरकार की महत्वपूर्ण उपलब्धियों, विकासात्मक कार्यों और जनकल्याणकारी योजनाओं पर आधारित जिला स्तरीय प्रदर्शनी का शनिवार को भीलवाड़ा में भव्य शुभारंभ हुआ। नगर निगम स्थित महाराणा प्रताप सभागार में आयोजित इस प्रदर्शनी का शुभारंभ राज्य वित्त आयोग अध्यक्ष अरुण चतुर्वेदी ने विधिवत फीता खोलकर किया। विकास और जनकल्याण के 12 वर्षों का प्रदर्शन 12 साल विश्वास के, विकास के, जनकल्याण थीम पर आधारित यह प्रदर्शनी 14 जून 2026 तक आमजन के लिए उपलब्ध रहेगी। इस प्रदर्शनी के माध्यम से सूचना एवं जनसंपर्क विभाग द्वारा विगत वर्षों में केंद्र व राज्य सरकार द्वारा संचालित विभिन्न फ्लैगशिप योजनाओं, ढांचागत विकास और जनहितैषी निर्णयों को आकर्षक चित्रों और सूचनात्मक पैनलों के जरिए प्रदर्शित किया गया है। शुभारंभ के पश्चात चतुर्वेदी ने प्रदर्शनी का अवलोकन किया और कहा कि यह आयोजन आमजन को सरकार की योजनाओं से रूबरू कराने और उनसे लाभान्वित होने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कड़ी है। आमजन के लिए सूचना का सशक्त माध्यम आयोजित प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य सरकार की उपलब्धियों को जन-जन तक पहुँचाना है। प्रदर्शनी में केंद्र एवं राज्य सरकार की प्रमुख योजनाओं जैसे प्रधानमंत्री आवास योजना, आयुष्मान भारत, सहित कृषि, शिक्षा और महिला सशक्तिकरण के क्षेत्र में हुए नवाचारों को प्रमुखता से दर्शाया गया है। इनकी रही मौजूदगी इस अवसर पर शहर विधायक अशोक कोठारी, जनप्रतिनिधि प्रशांत मेवाड़ा, जिला परिषद सीईओ चंद्रभान सिंह भाटी, जनसंपर्क अधिकारी रवींद्र वैष्णव, अविनाश जीनगर, कुलदीप शर्मा, अंकुर बोरदिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि एवं अधिकारी मौजूद रहे।
भुसावल से खंडवा तक प्रस्तावित तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के निर्माण के लिए बुरहानपुर के चिंचाला में शनिवार को मकान तोड़े गए। इससे पहले नेपानगर में भी इसी परियोजना के तहत 60 मकानों पर कार्रवाई की गई थी। मध्य रेलवे ने प्रभावित परिवारों को पहले ही नोटिस जारी किए थे। चिंचाला में जेसीबी की मदद से मकानों को ध्वस्त किया गया। इस दौरान भुसावल और बुरहानपुर के रेलवे अधिकारी, आरपीएफ, जीआरपी टीम, स्थानीय पुलिस बल, एसडीएम अजमेरसिंह गौड़, सीएसपी गौरव पाटिल और लालबाग थाना प्रभारी अमित सिंह जादौन सहित बड़ी संख्या में कर्मचारी मौजूद थे। कार्रवाई से एक दिन पहले शुक्रवार को रेलवे की टीम ने क्षेत्र में लेआउट डाला था। नेपानगर में भी संजय नगर क्षेत्र में 60 मकानों को हटाया गया था। वहां भी अधिकांश परिवारों ने कार्रवाई से दो दिन पहले ही अपने मकान खुद तोड़ना शुरू कर दिए थे और दूसरी जगह स्थानांतरित हो गए थे। चिंचाला में भी कुछ परिवारों ने अपने मकान पहले ही खाली कर दिए थे। यह परियोजना भुसावल से खंडवा तक 131 किलोमीटर लंबी तीसरी और चौथी रेलवे लाइन के लिए है। बुरहानपुर जिले में इस ट्रैक की लंबाई 50.55 किलोमीटर और खंडवा जिले में 34.45 किलोमीटर होगी, जबकि शेष हिस्सा महाराष्ट्र के जलगांव जिले में है। लगभग 3514 करोड़ रुपये की इस योजना को दो साल पहले स्वीकृति मिली थी।
हापुड़ में डीएम कविता मीना के नाम और फोटो का इस्तेमाल कर एक अज्ञात व्यक्ति ने फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाया है। यह घटना एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार हुई है। इस फर्जी अकाउंट से डीएम के परिचितों को संदेश भेजकर हालचाल पूछा गया और जानकारी मांगी गई, जिससे जिला प्रशासन में हड़कंप मच गया। डीएम ने लोगों से सतर्क रहने की अपील की है। पढ़िए पूरा मामला- शनिवार दोपहर को कुछ लोगों ने डीएम को सूचित किया कि उनके नाम और फोटो से फर्जी व्हाट्सएप अकाउंट बनाकर साइबर ठगी का प्रयास किया जा रहा है। परिचितों को संदेह होने पर उन्होंने तत्काल प्रशासनिक अधिकारियों को इसकी जानकारी दी। ठगी होने से पहले ही डीएम को भी इस फर्जी अकाउंट के बारे में पता चल गया था। इसके बाद, डीएम कविता मीना ने सोशल मीडिया के माध्यम से स्वयं एक अलर्ट जारी किया। उन्होंने लोगों से इस फर्जी अकाउंट पर किसी भी तरह की बातचीत न करने की अपील की है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है। उल्लेखनीय है कि पिछले सप्ताह भी इसी तरह का एक फर्जी अकाउंट बनाया गया था। डीएम कविता मीना ने कहा, मेरी फोटो लगाकर फर्जी अकाउंट बनाने की जानकारी मिलने के बाद लोगों को सोशल मीडिया के जरिए सचेत किया गया है। यदि किसी को मेरे नाम या फोटो से धनराशि मांगने या कोई संदिग्ध संदेश मिले तो उस पर विश्वास न करें। ऐसे किसी भी संदेश की सूचना तुरंत पुलिस या प्रशासन को दें।फर्जी अकाउंट की प्रोफाइल में मोबाइल नंबर वियतनाम का दिखाया गया था। संदेश भेजने वाले ने अंग्रेजी में हालचाल भी पूछा था, जिससे परिचितों को तुरंत शक हो गया और उन्होंने इसकी सूचना दी।
'चूड़ी लेकर आए थे हमारे लिए... अब इन्हें कैसे उतारूं..।' पति के शव से लिपटी प्रिया बार-बार यही कहकर बिलख रही थी। सामने पति अनुपम शव था और कुछ ही देर में सुहाग उतारने की रस्म पूरी होनी थी। रोते हुए प्रिया ने पति के हाथों अपनी मांग में आखिरी बार सिंदूर भरवाया। फिर महिलाओं ने प्रिया की चूड़ियां उतार दीं। जिस मांग को जीवनभर सजाए रखने का सपना देखा था, वह अब सूनी हो गई। उधर, मां शिवकुमारी बेटे के शव के पास बैठी बार-बार कह रही थीं कि बार चेहरा दिखा दो... मेरा बेटा अब कभी नहीं लौटेगा। घर के आंगन में चीखें गूंज रही थीं। रिश्तेदार और पड़ोसी भी रो रहे थे। शिमला घूमने निकले 4 दोस्तों की मौत से मातम पसरा था। शनिवार को जब एक ही मोहल्ले से 3 अर्थियां निकलीं, तो हर आंख नम थी। हर जुबान पर बस एक ही बात थी कि काश, वे इस सफर पर गए ही न होते। पूरा वीडियो देखने के लिए ऊपर फोटो पर क्लिक करें….
नमस्कार, ये है, इंदौर में आज की 10 बड़ी खबरें। अब आप एक ही जगह पर शहर की दिनभर की बड़ी खबरें रोज शाम 5 बजे पढ़ सकते हैं। इंदौर में कब क्या हुआ, इसकी सारी जानकारी यहां मिलेगी। राजनीति से लेकर हर दिन होने वाले बड़े इवेंट, हादसे, कार्यक्रम सबकुछ मिलेगा..। अतिथियों ने ब्रिक्स वाटिका में रोपे फलदार पौधे भारत की अध्यक्षता में इंदौर में आयोजित ब्रिक्स देशों की कृषि मंत्रिस्तरीय बैठक का समापन शुक्रवार को सर्वसम्मति से पारित ‘ब्रिक्स इंदौर डिक्लेरेशन’ के साथ हुआ। इस घोषणा-पत्र ने खाद्य सुरक्षा, किसान कल्याण, जलवायु अनुकूल खेती, कृषि व्यापार और डिजिटल कृषि के क्षेत्र में वैश्विक सहयोग की नई दिशा तय की है। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर में गर्मी-उमस से नहीं मिल रही राहत इंदौर में जून माह के दूसरे हफ्ते में भी प्री मानसून की गतिविधियां कमजोर हैं। अब तक करीब एक इंच बारिश ही हुई है। पिछले तीन दिनों से मौसम का रुख एक जैसा है। दिन का तापमान 38 डिग्री और रात का तापमान 26 डिग्री सेल्सियस है और उमस से लोग परेशान हैं। आज भी सुबह से धूप खिली हुई है और उमस का अहसास है। मौसम वैज्ञानिकों के मुताबिक, आज भी मौसम साफ रहेगा। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर में मल्टी के नीचे हार्डवेयर दुकान में लगी आग इंदौर में वीर सावरकर नगर स्थित माया भवन मल्टी के नीचे एक हार्डवेयर दुकान में शनिवार को अचानक आग लग गई। आग लगते ही इलाके में अफरा-तफरी मच गई और मल्टी में रहने वाले लोग तुरंत नीचे उतर आए। स्थानीय लोगों ने शुरुआती स्तर पर आग बुझाने की कोशिश करते हुए केनों से पानी डालना शुरू किया। इसी दौरान क्षेत्रीय पार्षद भी मौके पर पहुंचे और पानी का टैंकर बुलाया गया। पढ़ें पूरी खबर… दो साल से फरार ब्राउन शुगर तस्कर गिरफ्तार इंदौर क्राइम ब्रांच ने दो साल से फरार चल रहे एक शातिर आरोपी को गिरफ्तार किया है। आरोपी पुलिस को चकमा देकर फरार चल रहा था। शुक्रवार को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर टीम ने घेराबंदी कर उसे पकड़ लिया। क्राइम ब्रांच के मुताबिक 7 नवंबर 2024 को भंडारी ब्रिज के पास एमआर-4 रोड पर कार्रवाई करते हुए शादाब खान को 105.16 ग्राम ब्राउन शुगर के साथ गिरफ्तार किया गया था। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर में आज MPL का सुपर सैटरडे इंदौर में मध्य प्रदेश प्रीमियर लीग (MPL) का रोमांच अब निर्णायक दौर में पहुंच गया है। शनिवार को ‘सुपर सैटरडे’ के तहत तीन अहम मुकाबले खेले जाएंगे, जिनके नतीजे से सेमीफाइनल की तस्वीर काफी हद तक साफ हो जाएगी। इंदौर के डेली कॉलेज ग्राउंड और होलकर स्टेडियम में होने वाले इन मैचों पर क्रिकेट प्रेमियों की नजरें टिकी रहेंगी। पढ़ें पूरी खबर… दूषित खाने से एक सप्ताह में 10-15 छात्राएं बीमार इंदौर के साउथ तुकोगंज स्थित मधुर गर्ल्स हॉस्टल में दूषित खाने को लेकर परिजनों ने हंगामा कर दिया। हॉस्टल में रहने वाली 10 से 15 छात्राओं की तबीयत बिगड़ने के बाद यह मामला सामने आया। छात्राओं ने मेस के खाने में कीड़े-मकोड़े और लंबे बाल मिलने के आरोप लगाए हैं।पूरी खबर पढ़ें वायरल गर्ल की याचिका पर इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई वायरल गर्ल की याचिका पर शुक्रवार को इंदौर हाईकोर्ट में सुनवाई हुई। याचिका में उन्होंने आरोप लगाया है कि उनके दस्तावेजों में हेरफेर कर उनकी वैध शादी को अवैध साबित करने की साजिश रची गई। सरकार के वकील ने याचिका में गलतियां बताते हुए आपत्ति दर्ज कराई। इसके बाद कोर्ट ने याचिकाकर्ता वायरल गर्ल को त्रुटियां सुधारने के लिए समय देते हुए सुनवाई को 23 जून तक के लिए टाल दिया। पढ़ें पूरी खबर… इंदौर में काम दिलाने के नाम पर महिला से ठगी इंदौर में घर से मजदूरी करने निकली एक महिला को शातिर ठग ने अपने जाल में फंसा लिया। आरोपी ने महिला को 600 रुपए मजदूरी का लालच दिया और बाइक पर बैठाकर सुनसान स्थान पर ले गया। वहां उसने महिला से कहा कि मंदिर में गहने पहनकर काम करना मना है। इसके बाद उसने महिला के पैरों में पहने करीब 500 ग्राम वजनी चांदी के कड़े उतरवा लिए। महिला को झांसा देकर ठग कड़े लेकर फरार हो गया। पढ़ें पूरी खबर… 30 लाख की लूट मामले में पुलिस ने खंगाले कैमरे इंदौर के पंढरीनाथ थाना क्षेत्र में स्क्रैप व्यापारी से 30 लाख रुपए की लूट के मामले में शुक्रवार को भी पुलिस जांच में जुटी रही। करीब 25 से अधिक पुलिस जवानों की टीम ने शहर के कई बाजारों और रास्तों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। जांच में सामने आया है कि बदमाश वारदात से करीब एक घंटे पहले से ही व्यापारी की रैकी कर रहे थे। पढ़ें पूरी खबर… सलमान हत्याकांड: छठा आरोपी मुजाहिद गिरफ्तार पीथमपुर/सागौर में जामा मस्जिद के सदर शमशुद्दीन के बेटे सलमान हत्याकांड में पुलिस ने छठे आरोपी मुजाहिद को गिरफ्तार किया है। थाना प्रभारी प्रकाश सरोदे ने इस गिरफ्तारी की पुष्टि की है। गिरफ्तारी के बाद पुलिस आरोपी मुजाहिद को बाजार के बीच से पैदल लेकर गुजरी। इस दौरान उसे देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ पड़ी।पूरी खबर पढ़ें
जिला फुटबॉल संघ (DFA) झुंझुनूं के आगामी चुनावों को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। संघ के वर्तमान पदाधिकारियों पर नियमों की धज्जी उड़ाने, गंभीर वित्तीय व प्रशासनिक अनियमितताएं बरतने और तानाशाही रवैया अपनाने के आरोप लगे हैं। मामले के विरोध में 'फुटबॉल बचाओ संघर्ष समिति, झुंझुनूं' के बैनर तले जिलेभर के फुटबॉल खिलाड़ियों, रेफरियों और खेल प्रेमियों ने जिला कलेक्ट्रेट पर एक शांतिपूर्ण आक्रोश रैली निकाली। प्रदर्शनकारियों ने जिला कलेक्टर व जिला खेल अधिकारी को एक ज्ञापन सौंपकर तुरंत कार्रवाई की मांग की है। खेल प्रेमियों का आरोप है कि वर्तमान विवादित सचिव ने स्वयं को बचाने के उद्देश्य से सहकारिता विभाग (उप-रजिस्ट्रार) के आदेशों को ताक पर रख दिया है और अवैध रूप से चुनावी प्रक्रिया शुरू कर दी है। इससे जिले के सैकड़ों होनहार खिलाड़ियों का भविष्य अंधकार में चला जाएगा। वोटर लिस्ट का खेल: पुराने क्लब बाहर, रिश्तेदारों की एंट्री प्रशासन को सौंपे गए दस्तावेजों के अनुसार, जिला फुटबॉल संघ द्वारा 24 मई 2026 को चुनाव कार्यक्रम और मतदाता सूची जारी की गई थी। इस सूची के सामने आते ही एक बड़े फर्जीवाड़े का खुलासा हुआ। बिना नोटिस पुराने क्लबों को हटाया। जिले के दो सबसे पुराने, वैध और पंजीकृत फुटबॉल क्लबों— आरजे क्लब (संचालक कैलाश शर्मा) और डेलिशा फुटबॉल क्लब (संचालक मनोज कुमार सैनी) को बिना किसी पूर्व सूचना, कारण बताओ नोटिस या सदस्यता समाप्ति आदेश के गैर-कानूनी ढंग से वोटर लिस्ट से बाहर कर दिया गया। चहेतों को फायदा देने का आरोप ज्ञापन देने लोगों ने आरोप लगाया कि वर्तमान पदाधिकारियों ने अपने पसंदीदा दो क्लबों को वोटर लिस्ट में शामिल कर लिया। आरोप है कि इनमें से एक क्लब के पदाधिकारी स्वयं सचिव के सुपुत्र हैं और दूसरे में उनके नजदीकी रिश्तेदार काबिज हैं। उप-रजिस्ट्रार ने दिए जांच के आदेश, पर सचिव की हठधर्मिता जारी इस गंभीर धांधली के खिलाफ जब खिलाड़ियों ने उप-रजिस्ट्रार (सहकारी समितियां) झुंझुनूं के समक्ष शिकायत दर्ज कराई, तो विभाग ने मामले पर तुरंत संज्ञान लिया। उप-रजिस्ट्रार कार्यालय द्वारा 10 जून 2026 को एक आधिकारिक आदेश जारी कर जिला खेल अधिकारी झुंझुनूं को इस पूरे मामले की निष्पक्ष जांच सौंप दी। विभाग ने निर्देश दिए कि राजस्थान खेल (पंजीकरण, मान्यता और विनिमय) अधिनियम 2005 के तहत प्राथमिकताओं का निस्तारण किया जाए। हैरानी की बात यह रही कि विभाग द्वारा जांच प्रक्रिया लंबित होने के बावजूद, वर्तमान सचिव पर कानून का उल्लंघन करने के आरोप लगे। उन पर आरोप है कि उन्होंने शिक्षा विभाग के एक अधीनस्थ तृतीय श्रेणी शारीरिक शिक्षक (Third Grade PTI) को अवैध रूप से निर्वाचन अधिकारी नियुक्त कर दिया और आगामी 14 जून 2026 को जबरन चुनाव करवाने की हठधर्मिता पर अड़ गए। 'फुटबॉल बचाओ संघर्ष समिति' की मुख्य मांगें संघर्ष समिति ने प्रशासन के सामने कार्रवाई के लिए मुख्य रूप से दो मांगें रखी हैं। चुनावों पर तुरंत रोक: सहकारिता विभाग (उप-रजिस्ट्रार) द्वारा जारी आदेश की अंतिम जांच रिपोर्ट आने तक जिला फुटबॉल संघ झुंझुनूं के प्रस्तावित सभी चुनावी कार्यक्रमों को तुरंत प्रभाव से स्थगित (Postpone) किया जाए। दोषियों पर कानूनी कार्रवाई: उप-रजिस्ट्रार झुंझुनूं के स्पष्ट आदेशों की अवहेलना करने वाले और फर्जीवाड़ा रचने वाले वर्तमान पदाधिकारियों व अवैध निर्वाचन अधिकारी के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। खिलाड़ियों का अल्टीमेटम खेल प्रेमियों और खिलाड़ियों ने कहा है कि आज वे न्याय की उम्मीद में शांतिपूर्ण तरीके से कलेक्ट्रेट पहुंचे हैं। यदि इस अवैध चुनावी प्रक्रिया को तुरंत नहीं रोका गया और खिलाड़ियों को अपनी बात रखने का मौका नहीं मिला, तो जिले का समस्त खेल जगत उग्र आंदोलन के लिए मजबूर होगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी प्रशासन और जिला फुटबॉल संघ की होगी। फिलहाल चुनाव रुकवाए, तहसीलदार ने दी जानकारी आक्रोश रैली और बढ़ते विवाद को देखते हुए जिला कलेक्टर की तरफ से तहसीलदार मौके पर पहुंचे। उनके साथ सीआई (CI) श्रवण कुमार ने भी प्रदर्शनकारियों से बात की और उन्हें निष्पक्षता का पूरा आश्वासन दिया। तहसीलदार महेंद्र मूंड ने मामले पर स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि हमने फुटबॉल बचाओ संघर्ष समिति से विस्तृत बातचीत की है। वर्तमान स्थिति यह है कि समिति द्वारा अभी तक आधिकारिक तौर पर कोई निर्वाचन अधिकारी नहीं बनाया गया है। खिलाड़ियों और खेल प्रेमियों की मांग और संवेदनशीलता को देखते हुए एक बार के लिए चुनावों को रुकवा दिया गया है।
पलवल के मुंडकटी थाना क्षेत्र के गांव मित्रोल में शुक्रवार देर रात एक 61 वर्षीय रिटायर्ड फौजी ने अपनी लाइसेंसी बंदूक से गोली मारकर आत्महत्या कर ली। घटना की जानकारी शनिवार सुबह तब हुई जब उनके बेटे ने उन्हें मृत अवस्था में पाया। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान श्याम चरण के रूप में हुई है, जो अपने बेटे विक्रांत के साथ गांव में परचून की दुकान चलाते थे। विक्रांत ने पुलिस को दिए बयान में बताया कि शुक्रवार रात करीब 10 बजे उनके पिता अपने कमरे में सोने चले गए थे। शनिवार सुबह 9 बजे जब विक्रांत दुकान पर पहुंचा तो दुकान और गेट पर ताला लगा हुआ था। बेटे ने लगाई आवाज, छत के रास्ते कमरे पर पहुंचा विक्रांत ने पिता को आवाज लगाई, लेकिन कोई जवाब नहीं मिला। इसके बाद वह दूसरे कमरे की छत के रास्ते दुकान के पास बने कमरे में पहुंचा, जहां उसने अपने पिता श्याम चरण को मृत अवस्था में पाया। उनके शरीर से काफी खून बह रहा था और लाइसेंसी बंदूक उनके हाथों के बीच पड़ी थी। विक्रांत ने तुरंत परिजनों और डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। विक्रांत ने बताया कि उनके पिता श्याम चरण काफी समय से मानसिक तनाव में थे। इसी तनाव के चलते उन्होंने यह कदम उठाया। सूचना मिलने पर मुंडकटी थाना पुलिस फिंगर प्रिंट एक्सपर्ट टीम के साथ मौके पर पहुंची और घटनास्थल का मुआयना किया। मुंडकटी थाना प्रभारी अशोक कुमार ने बताया कि मृतक के बेटे की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर लिया गया है। पुलिस सभी पहलुओं से जांच कर रही है। पुलिस टीम ने जांच करने के बाद शव को जिला अस्पताल में भेजने के बाद मृतक के शव का पोस्टमार्टम करवा कर शव परिजनों को सौंप दिया।
मैं ऑब्जर्व कर रहा हूं कि वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में होने वाली बैठकों में कौन-कौन से कलेक्टर बोलते हैं और कौन शांत रहते हैं। मैंने देखा है कि अधिकांश कलेक्टर शांत ही रहते हैं। मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने ये बातें शनिवार को समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बुलाई गई वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (वीसी) बैठक में कहीं। मुख्यमंत्री ने यह भी कहा कि जुलाई में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस होगी, जिसकी तारीख जल्द घोषित की जाएगी। इस फिजिकल कॉन्फ्रेंस में जिलों की रैंकिंग और अधिकारियों के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। दरअसल, सीएम हाउस से वीसी के माध्यम से समान नागरिक संहिता लागू करने की तैयारियों पर अधिकारियों से चर्चा की गई है। इस दौरान मुख्यमंत्री स्वयं महत्वपूर्ण जानकारियां नोट करते रहे और विभिन्न विषयों पर अधिकारियों को आवश्यक निर्देश देते रहे। 55 में से 36 जिलों में हो चुकी बैठकेंबैठक में बताया गया कि 55 में से 36 जिलों में समान नागरिक संहिता (यूसीसी) को लेकर बैठकें हो चुकी हैं और शेष जिलों में भी इन्हें जल्द पूरा कर लिया जाएगा। मुख्य सचिव अनुराग जैन और मुख्यमंत्री सचिवालय के अधिकारियों की मौजूदगी में मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि इसके लिए एक लिंक जारी की गई है। इस लिंक पर 12 सवालों के जवाब देने हैं। आम नागरिकों के साथ कर्मचारी भी इन सवालों के जवाब देकर समान नागरिक संहिता लागू करने के संबंध में अपने सुझाव और अभिमत दे सकते हैं। जुलाई में होगी कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंसबैठक में जानकारी दी गई कि जुलाई में कलेक्टर-एसपी कॉन्फ्रेंस आयोजित की जाएगी, जिसकी तारीख जल्द घोषित होगी। भोपाल में होने वाली इस कॉन्फ्रेंस में कलेक्टरों और एसपी के कामकाज की समीक्षा की जाएगी। साथ ही सरकार की प्राथमिकता वाले कार्यों की प्रगति और विकास कार्यों के आधार पर जिलों की रैंकिंग का भी आकलन किया जाएगा। बैठक में कानून-व्यवस्था की स्थिति भी प्रमुख एजेंडा रहेगी। इससे पहले 7 और 8 अक्टूबर 2025 को भोपाल के कुशाभाऊ ठाकरे कन्वेंशन सेंटर में कलेक्टर-कमिश्नर कॉन्फ्रेंस आयोजित की गई थी, जिसमें कलेक्टर, संभागायुक्त, आईजी और एसपी शामिल हुए थे। उस कॉन्फ्रेंस में दिए गए निर्देशों की समीक्षा मुख्य सचिव अनुराग जैन हर महीने करते हैं। सीएम बोले- कलेक्टरों को ऑब्जर्व कर रहा हूंबैठक के दौरान मुख्यमंत्री डॉ. यादव ने कहा कि वे कलेक्टरों को ऑब्जर्व कर रहे हैं कि कौन से कलेक्टर जवाब देने में सक्रिय रहते हैं और कौन चुप रहते हैं। दरअसल, वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के दौरान इंदौर, जबलपुर, सीधी, गुना, डिंडोरी और खंडवा के कलेक्टर आमतौर पर चर्चा और सवाल-जवाब में भाग लेते हैं, जबकि अधिकांश कलेक्टर चुप्पी साधे रहते हैं। इसलिए मुख्यमंत्री ने कलेक्टरों को आवश्यक मुद्दों पर अपनी बात रखने के लिए प्रेरित किया। मानसून की तैयारी और नीट परीक्षा पर भी चर्चाबैठक में मानसून की तैयारियों को लेकर कलेक्टरों को निर्देश दिए गए कि नगरीय निकाय क्षेत्रों में नालों की सफाई और बारिश के पानी की निकासी की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित करें, ताकि जलभराव की स्थिति में लोगों को परेशानी न हो। साथ ही 21 जून को होने वाली नीट परीक्षा की तैयारियों को लेकर भी सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए। मुख्यमंत्री ने कहा कि नीट परीक्षा की व्यवस्थाएं यूपीएससी परीक्षा से भी अधिक सतर्कता के साथ की जाती हैं।

