बाराबंकी। रामनगर तहसील स्थित प्रसिद्ध लोधेश्वर महादेव धाम में 20 जुलाई को उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रस्तावित आगमन को लेकर प्रशासन युद्धस्तर पर तैयारियों में जुटा है। लगातार हो रही बारिश के बावजूद हेलीपैड, पंडाल, सुरक्षा व्यवस्था और अन्य आवश्यक कार्यों को अंतिम रूप दिया जा रहा है। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह स्वयं मौके पर पहुंचकर तैयारियों की निगरानी कर रहे हैं। मुख्यमंत्री के हेलीकॉप्टर की लैंडिंग के लिए नंदी बाग में लोक निर्माण विभाग की ओर से हेलीपैड तैयार किया जा रहा है। विभागीय अधिकारी राजीव कुमार राय इसकी निगरानी कर रहे हैं। शनिवार शाम से हो रही लगातार बारिश के कारण निर्माण स्थल पर जलभराव हो गया, जिससे कुछ समय के लिए कार्य प्रभावित हुआ। मुख्यमंत्री के संबोधन के लिए बनाए जा रहे विशाल पंडाल का निर्माण अंतिम चरण में है। बारिश से कार्य की गति प्रभावित हुई, लेकिन मशीनों से जल निकासी कर निर्माण कार्य फिर से तेज कर दिया गया है। मंदिर परिसर में विशेष सफाई अभियान भी चलाया जा रहा है। वर्षा का पानी जमा होने वाले स्थानों से पंपिंग मशीनों द्वारा पानी निकालकर परिसर को व्यवस्थित किया जा रहा है। मंदिर परिसर के भीतर और बाहर रंगाई-पुताई का कार्य तेजी से जारी है। निर्माणाधीन लोधेश्वर महादेव कॉरिडोर को व्यवस्थित रखने के लिए नीले रंग की टीन शेड लगाई जा रही है। बिजली विभाग सीसीटीवी कैमरे लगाने और नई विद्युत वायरिंग का कार्य कर रहा है। पुलिस, स्वास्थ्य, नगर पंचायत, लोक निर्माण और विद्युत विभाग सहित सभी संबंधित विभाग लगातार मौके पर मौजूद रहकर तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटे हैं। जिलाधिकारी ईशान प्रताप सिंह ने बताया कि मुख्यमंत्री के प्रस्तावित कार्यक्रम को देखते हुए सभी व्यवस्थाएं समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण ढंग से पूरी कराई जा रही हैं। उन्होंने संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि मुख्यमंत्री के आगमन से पहले सभी तैयारियां पूरी तरह दुरुस्त कर ली जाएं, ताकि कार्यक्रम सफलतापूर्वक संपन्न हो सके।
बहुप्रतीक्षित सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना के प्रथम चरण का काम शुरू हो चुका है लेकिन अंतिम चरण में एलाइनममेंट को लेकर फिलहाल पेंच फंसा है। बड़हलगंज में सरयू नदी पर बड़ा पुल बनाया जाना है। लेकिन अब यह बात सामने आयी है कि नदी में लगे हाईटेंशन लाइन के टावर से उसकी मानक के अनुसार दूरी नहीं है। ऐसे में या तो टावर शिफ्ट किए जाएं या फिर रेलवे अपने पुल का एलाइनमेंट बदले। नदी में लगभग 13 टॉवर हैं, जिन्हें शिफ्ट करने में समय भी अधिक लगेगा और बजट भी। ऐसे में नए एलाइनमेंट पर रेलवे अधिग्रहण करने को तैयार है। फिलहाल स्थानीय लोगों के विरोध के कारण इस एलाइनमेंट को गजट नहीं कराया गया है। डीएम दीपक मीणा ने इस मामले में कमेटी गठित कर दी है। कमेटी की रिपोर्ट के बाद अंतिम फैसला होगा। पहले जानिए सहजनवा-दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना के बारे में सहजनवा से दोहरीघाट नई रेल लाइन परियोजना काफी पुरानी है। कांग्रेस की सरकार में रेल राज्य मंत्री रहते हुए बांसगांव के तत्कालीन सांसद महावीर प्रसाद ने इस रेल लाइन का सर्वे कराया था। सर्वे के बाद इस रेल लाइन का प्रस्ताव ठंडे बस्ते में चला गया। भाजपा सरकार में इसपर काम तेज हुआ। केंद्र में मंत्री व बांसगांव के वर्तमान सांसद कमलेश पासवान के समय में यह रेल लाइन स्वीकृत हुई। इसका प्राथमिक एवं फाइनल लोकेशन सर्वे हो गया। डीपीआर भी मंजूर हो गई। लगभग 81.17 किलोमीटर लंबी इस रेल लाइन परियोजना पर लगभग 12 रेलवे स्टेशन पडेंगे। रेलवे स्टेशन बांसगांव, सहजनवा, पिपरौली, खजनी, उनवल, बेदौली बाबू, उरुवा बाजार, बनवारपार, गोला बाजार, भरौली, बड़हलगंज और दोहरीघाट में बनाए जाने हैं। नई रेल लाइन परियोजना 112 गांवों से होकर गुजरेगी। इसमें गोरखपुर जिले के 109 एवं मऊ जिले के 3 गांव शामिल हैं। इस परियोजना के लिए 359 एकड़ भूमि का अधिग्रहण किया जाना है। इस परियोजना को 3 चरणों में बांटा गया है। पहला चरण सहजनवा से बांसगांव तक, दूसरा बांसगांव से बड़हलगंज तक तथा तीसरा चरण बड़हलगंज से दोहरीघाट तक है। पहले चरण में निर्माण कार्य शुरू भी हो चुका है। इस परियोजना को 2029 के लोकसभा चुनाव से पहले पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। यानी 2028 के अंत तक परियोजना को पूरा कर लेना है। अधिग्रहण से प्रभावित लोगों ने की है शिकायततीसरे चरण में गजट तकनीकी कारणों से एक बार निरस्त हो चुका है। इधर बिजली टावर का मामला सामने आ गया। बिजली के पोल या टावर की लंबाई से 6 मीटर अधिक दूरी पर रेल लाइन बिछायी जा सकती है। जिससे किसी कारण से पोल के गिरने पर रेल लाइन पर गुजरने वाली ट्रेनों को कोई खतरा न हो। सरयू नदी में जो टावर लगे हैं, उनकी लंबाई लगभग 198 मीटर है। ऐसे में उसके बेस से 204 मीटर की दूरी पर पुल बनाया जा सकता है। पहले यह प्रयास हुआ कि बिजली विभाग अपने टावर शिफ्ट कर लेगा। लेकिन इसके लिए विभाग ने अधिक समय लगने की बात कही। साथ ही बड़ी धनराशि भी इसपर खर्च होगी। बिजली विभाग की ओर से भी मौखिक रूप से रेलवे को एलाइनमेंट चेंज करने को कहा गया है। ऐसे में रेलवे ने नए एलाइनमेंट से जुड़ा प्रपत्र तैयार कर लिया है। नया एलाइनमेंट थोड़ा और पश्चिम दिशा में होगा। इस बीच नए एलाइनमेंट से प्रभावित किसान वर्तमान मूल्य पर मुआवजे की मांग कर रहे हैं। जिसके बाद मामला जिलाधिकारी तक पहुंचा और संयुक्त समिति गठित कर मामले की जांच कराई जा रही है। जल्द ही समिति के अध्यक्ष मुख्य राजस्व अधिकारी वहां का निरीक्षण करेंगे।
फर्रुखाबाद में मौसम का मिजाज बदला, बारिश शुरू:उमस से राहत, आगामी दो दिन भारी बारिश की संभावना
फर्रुखाबाद में रविवार सुबह से मौसम का मिजाज बदल गया है। आसमान में घने बादल छाए हुए हैं और कई इलाकों में हल्की बारिश हो रही है। इस बारिश से लोगों को उमस और गर्मी से राहत मिली है, जिससे मौसम सुहावना और ठंडा हो गया है। रविवार सुबह से ही आसमान में बादल छा गए थे, जिसके बाद हल्की बूंदाबांदी शुरू हो गई। हल्की बारिश के कारण सड़कों पर लोगों की आवाजाही कम दिखी। देहात क्षेत्रों में भी सुबह से बूंदाबांदी जारी है। किसानों का कहना है कि यह बूंदाबांदी धान की फसल के लिए लाभदायक है। फर्रुखाबाद शहर के प्रमुख बाजारों में भी बारिश के चलते कम ही लोग नजर आए। हालांकि, यदि बारिश का दौर जारी रहता है तो निचले इलाकों में जलभराव की स्थिति बन सकती है। शहर का अधिकतम तापमान 30 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। मौसम विभाग ने आगामी दो दिनों तक भारी बारिश की संभावना जताई है। विभाग ने लोगों को घर से बाहर निकलते समय छाता या रेनकोट साथ रखने की सलाह दी है। इससे पहले, फर्रुखाबाद में 1 जुलाई से 10 जुलाई के बीच 180 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई थी। इस अवधि में सर्वाधिक बारिश कायमगंज तहसील क्षेत्र में हुई थी।
छात्रों की गूंज अभियान के तहत कांग्रेस ने आज देशभर में एक साथ प्रेस कांफ्रेस की, रायपुर में नेता प्रतिपक्ष डॉ.चरणदास महंत ने मीडिया से इस अभियान का जिक्र करते हुए बताया कि 2014 के बाद 150 से ज्यादा पेपर लीक हुए हैं, और 7.5 करोड़ छात्रों की जिंदगी प्रभावित हुई है। उन्होंने कहा कि देश में पेपर लीक का संकट अब राष्ट्रीय महामारी का रूप ले चुका है और इससे करोड़ों युवाओं का भविष्य प्रभावित हुआ है। महंत ने कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने देशभर में 'छात्रों की गूंज' अभियान की शुरुआत की है। कोटा से अभियान शुरू होने के बाद देहरादून में आयोजित महारैली के जरिए पेपर लीक के खिलाफ आवाज बुलंद की गई। उन्होंने कहा कि एनएसयूआई, युवा कांग्रेस और कांग्रेस की प्रदेश इकाइयां इस मुद्दे को सड़क से लेकर संसद तक लगातार उठा रही हैं। '150 से ज्यादा पेपर लीक, 7.5 करोड़ छात्र प्रभावित' डॉ. महंत ने दावा किया कि 2014 में केंद्र में भाजपा सरकार बनने के बाद से देशभर में 150 से अधिक पेपर लीक की घटनाएं हो चुकी हैं, जिनसे करीब 7.5 करोड़ छात्र और उनके परिवार प्रभावित हुए हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि अब तक किसी भी बड़े दोषी को सजा नहीं मिली है। उन्होंने कहा कि लाखों युवा औसतन पांच साल तक रोज करीब 10 घंटे पढ़ाई कर प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी करते हैं। परिवार भी आर्थिक और मानसिक रूप से उनका साथ देता है। इसके बावजूद हर साल करीब 9 करोड़ अभ्यर्थियों को सिर्फ 6 लाख सरकारी नौकरियों के लिए प्रतिस्पर्धा करनी पड़ती है। यानी लगभग 150 युवाओं में केवल एक को नौकरी मिलती है। 'छात्रों के मुताबिक लाखों में बिके परीक्षा पत्र' महंत ने दावा किया कि छात्रों और जनचर्चा के अनुसार विभिन्न परीक्षाओं के प्रश्नपत्र लाखों रुपए में बेचे गए। उन्होंने आरोप लगाया कि NEET UG-2026 का पेपर 40 लाख रुपए, IIT-JEE 2021 का 15 लाख, उत्तराखंड पटवारी भर्ती 2025 का 15 लाख, बिहार शिक्षक भर्ती 2024 का 10 लाख और ओडिशा पुलिस सब-इंस्पेक्टर भर्ती 2025 का 25 लाख रुपए में बेचा गया। जगदलपुर की छात्रा की आत्महत्या का भी किया जिक्र प्रेस कॉन्फ्रेंस में डॉ. महंत ने जगदलपुर के अड़ावल की छात्रा सुरला हारिका राव की आत्महत्या का भी जिक्र किया। उन्होंने दावा किया कि छात्रा ने नीट-2 के परिणाम से निराश होकर आत्महत्या की। महंत ने आरोप लगाया कि परीक्षा प्रक्रिया में गड़बड़ियों और बार-बार परीक्षाएं रद्द होने से छात्रों में निराशा बढ़ रही है और इसके लिए केंद्र सरकार जिम्मेदार है। उन्होंने कहा कि 2024 में भी नीट पेपर लीक मामले में लाखों छात्रों की मेहनत प्रभावित हुई थी, लेकिन सरकार ने किसी की जवाबदेही तय नहीं की और न ही कोई ठोस कार्रवाई की। 'शिक्षा माफिया को सत्ता का संरक्षण' नेता प्रतिपक्ष ने आरोप लगाया कि भाजपा सरकार में परीक्षा की शुचिता लगातार प्रभावित हो रही है। उनका कहना था कि शिक्षा माफियाओं को सत्ता का संरक्षण मिलने के कारण पेपर लीक जैसी घटनाएं लगातार सामने आ रही हैं। उन्होंने राष्ट्रीय परीक्षा एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली, पारदर्शिता और विश्वसनीयता पर भी सवाल उठाए और केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान की चुप्पी पर सवाल खड़े किए। कांग्रेस की प्रमुख मांगें कांग्रेस ने इस दौरान शिक्षा के राजनीतिकरण को बंद करने, विश्वविद्यालयों में आरएसएस पृष्ठभूमि के कुलपतियों को हटाने, पेपर लीक के दोषियों पर सख्त कार्रवाई, प्रभावित छात्रों और उनके परिजनों को मुआवजा देने तथा सभी प्रतियोगी परीक्षाएं पूरी पारदर्शिता के साथ कराने की मांग दोहराई।
सम्भल में केमिस्ट एसोसिएशन द्वारा आयोजित वृक्षारोपण सप्ताह का समापन रविवार को हुआ। संभल बाईपास पर एक वृहद वृक्षारोपण कार्यक्रम के साथ यह अभियान समाप्त हुआ। इस दौरान एसोसिएशन के पदाधिकारियों और सदस्यों ने विभिन्न प्रजातियों के पौधे रोपे, जिससे पर्यावरण संरक्षण का संदेश दिया गया। इसके बाद न्यूरो सराय स्थित शाह मेडिको पर एक बैठक आयोजित की गई। इसमें लगाए गए पौधों की वर्षभर देखरेख और संगठन की आगामी गतिविधियों पर विस्तार से चर्चा हुई। बैठक को संबोधित करते हुए एसोसिएशन के कोषाध्यक्ष मोहम्मद शाहनवाज आलम ने कहा कि वृक्षारोपण केवल एक औपचारिकता नहीं, बल्कि पर्यावरण संरक्षण की एक सतत प्रक्रिया है। उन्होंने बताया कि संगठन द्वारा वृक्षारोपण सप्ताह के दौरान लगाए गए सभी पौधों की सुरक्षा, सिंचाई और देखरेख की जिम्मेदारी एसोसिएशन के सदस्य मिलकर निभाएंगे, ताकि प्रत्येक पौधा एक वृक्ष के रूप में विकसित हो सके। शाहनवाज आलम ने यह भी कहा कि केमिस्ट एसोसिएशन अपने सदस्यों के हितों के साथ-साथ समाज और राष्ट्रहित के कार्यों में भी सक्रिय भूमिका निभाती रहेगी। इसी क्रम में, एसोसिएशन के पदाधिकारी दुर्वेश सैनी ने आगामी स्वतंत्रता दिवस समारोह की तैयारियों पर चर्चा की। उन्होंने तिरंगा मार्केट में धूमधाम से कार्यक्रम आयोजित करने का प्रस्ताव रखा और सभी सदस्यों से इसमें सहयोग का आह्वान किया। सुबोध पाल ने अपने विचार व्यक्त करते हुए कहा कि केमिस्ट एसोसिएशन भविष्य में भी सामाजिक, सांस्कृतिक, शैक्षिक, बौद्धिक और राष्ट्रहित से जुड़े कार्यक्रमों में बढ़-चढ़कर भाग लेगी। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि पर्यावरण संरक्षण जैसे अभियानों में समाज की भागीदारी बढ़ाना समय की आवश्यकता है। बैठक में मोहम्मद बिलाल, मोहम्मद फराज, तालिब हुसैन, आरिफ अल्वी, विशाल कुमार, शाहबाज आलम, सत्यवीर सिंह, पवन यादव सहित कई अन्य सदस्यों ने भी अपने विचार साझा किए। सभी ने संगठन की गतिविधियों को और अधिक प्रभावी बनाने पर जोर दिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता अजय कुमार शर्मा ने की, जबकि संचालन हेमंत वार्ष्णेय ने किया। बैठक के अंत में सभी सदस्यों ने संकल्प लिया कि वृक्षारोपण सप्ताह के दौरान लगाए गए पौधों की वर्षभर नियमित देखभाल की जाएगी। साथ ही, भविष्य में भी पर्यावरण संरक्षण और जनहित के ऐसे अभियान निरंतर चलाए जाएंगे।
शामली के कुड़ाना गांव में शनिवार-रविवार की रात 17 ट्यूबवेलों से स्टार केबल और अन्य विद्युत उपकरण चोरी हो गए। अज्ञात चोरों ने सरकारी और निजी ट्यूबवेलों को निशाना बनाया। इस घटना का पता रविवार सुबह उस समय चला जब किसान सिंचाई के लिए अपने ट्यूबवेलों पर पहुंचे। किसानों ने सुबह ट्यूबवेलों के गेट टूटे हुए पाए और अंदर से स्टार केबल व अन्य सामान गायब मिला। इस घटना से ग्रामीणों में हड़कंप मच गया। बड़ी संख्या में किसान मौके पर एकत्र हुए और शहर कोतवाली पहुंचकर पुलिस को तहरीर दी, जिसमें कार्रवाई की मांग की गई। पीड़ित किसानों में तुलसीराम, विकास, अजब सिंह, हरपुल, अनिल और बाबूराम , पवन, जसबीर, काला, ओमबीर जैसे कई लोग शामिल हैं। किसानों के अनुसार, चोरी से उन्हें दोहरा नुकसान हुआ है। एक तरफ हजारों रुपये का सामान चोरी हो गया है, वहीं दूसरी तरफ भीषण गर्मी में फसलों की सिंचाई रुक गई है। समय पर पानी न मिलने से फसलें खराब होने का खतरा बढ़ गया है। किसानों ने बताया कि उन्हें अब नया स्टार केबल और अन्य उपकरण खरीदने पड़ेंगे, जिससे उन पर आर्थिक बोझ और बढ़ेगा। उन्होंने पुलिस से जल्द से जल्द चोरों का पता लगाने और चोरी हुआ सामान बरामद करने की मांग की है। किसानों ने क्षेत्र में रात के समय पुलिस गश्त बढ़ाने की भी अपील की है। शहर कोतवाली प्रभारी ने बताया कि किसानों की शिकायत के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्ध लोगों की तलाश कर रही है। पुलिस ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही घटना का खुलासा कर आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा।
देवरिया जिले के बनकटा थाना क्षेत्र के रामपुर बुजुर्ग गांव में पुलिस ने शनिवार की शाम को एक 13 वर्षीय किशोरी का बाल विवाह रुकवा दिया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और हल्दी की रस्म के दौरान चल रही शादी की तैयारियों को रोककर नाबालिग को सुरक्षित अभिरक्षा में ले लिया। रामपुर बुजुर्ग की इस 13 वर्षीय किशोरी का विवाह उत्तराखंड के लालकुआं निवासी 25 वर्षीय युवक से तय किया गया था। घर में शादी की रस्में चल रही थीं और हल्दी की रस्म भी शुरू हो चुकी थी। तभी कुछ ग्रामीणों को लड़की के नाबालिग होने का पता चला, जिसके बाद उन्होंने पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही बनकटा थाना पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची। पुलिस को देखते ही शादी समारोह में हलचल मच गई। पुलिस ने तत्काल विवाह की सभी रस्मों को रुकवाया और किशोरी को अपनी अभिरक्षा में लेकर सुरक्षित स्थान पर भेज दिया। परिजनों को बाल विवाह निषेध कानून के प्रावधानों से अवगत कराते हुए कड़ी चेतावनी भी दी गई। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि बाल विवाह कानूनन अपराध है और ऐसे मामलों में संलिप्त व्यक्तियों के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है। पुलिस इस मामले की जांच कर रही है और किशोरी के हितों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक कदम उठा रही है। प्रशासन ने आम जनता से अपील की है कि यदि उन्हें कहीं भी बाल विवाह की जानकारी मिलती है, तो वे तत्काल पुलिस या चाइल्ड हेल्पलाइन नंबर 1098 पर सूचित करें, ताकि ऐसी घटनाओं को समय रहते रोका जा सके।
बर्रा हाईवे पर अंडरपास से गुजर रही तेज रफ्तार कार की टक्कर से आरबीआई कर्मी का बेटा गंभीर रूप से घायल हो गया। जानकारी पर मौके पर पहुंचे परिजन उसे पीपीएम हॉस्पिटल लेकर पहुंचे, जहां से उसे हैलट रेफर कर दिया गया, जहां शनिवार रात 11 बजे डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया। मौके पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवाया। हादसा उस वक्त हुआ जब बाइक सवार युवक अपने दोस्त के पिता की अंत्येष्टि में शामिल होकर लौट रहा था। शनिवार दोपहर हुआ एक्सीडेंट वाई ब्लॉक किदवई नगर निवासी मंजू रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया में कार्यरत हैं, पति अरविंद की मौत के बाद मृतक आश्रित कोटे से उनकी नौकरी लगी थी। मंजू के तीन बेटे आशीष, अमित (35) व शरद थे। शरद ने कुछ सालों पहले फांसी लगाकर जान दे दी थी। रिश्तेदारों ने बताया कि अमित मछरिया में जर्दा की दुकान किए हुए थे, करीब 5 महीनों से वह काम नहीं कर रहा था। परिवार में पत्नी सोनम व बेटी आराध्या है। ससुर मिथलेश कुमार शुक्ला ने बताया कि शनिवार सुबह अमित बर्रा 6 निवासी दोस्त के पिता की अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए गया था, जहां से दोपहर करीब एक बजे वह बाइक से लौट रहा था। बर्रा दो के पास वह पहुंचा ही था, तभी प्रिया हॉस्पिटल के पास बने अंडरपास से निकली एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक में टक्कर मार दी। तहरीर मिलने पर होगी कार्रवाई हादसे में अमित गंभीर रूप से घायल हो गए, राहगीरों की जानकारी पर मौके पर पहुंची पुलिस ने परिजनों को जानकारी देकर उन्हें साकेत नगर स्थित पीपीएम हॉस्पिटल में भर्ती कराया, जहां से गंभीर हालत में उन्हें हैलट रेफर कर दिया गया, जहां देर रात डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। बर्रा इंस्पेक्टर रवींद्र कुमार श्रीवास्तव ने बताया कि परिजनों की तहरीर के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।
गंगा का जलस्तर पिछले 24 घंटे में 37 सेंटीमीटर घट गया है। गंगा बैराज के 30 गेट खोले जाने के बाद पानी का अधिक हुआ , जिससे जलस्तर में कमी दर्ज की गई। इसके साथ ही नरौरा और हरिद्वार से आने वाले पानी में भी कमी आई है, जिसका असर गंगा के जलस्तर पर दिखाई दिया। रविवार सुबह शुक्लागंज में गंगा का जलस्तर 110.16 मीटर दर्ज किया गया। इससे पहले शुक्रवार को यह 110.53 मीटर था। हालांकि जलस्तर घटने के बावजूद बाढ़ का खतरा पूरी तरह टला नहीं है। गंगा किनारे बसे गांवों में खेतों में फसलों को लेकर किसानों की चिंता बनी हुई है। घाटों पर कुछ राहत, लेकिन सतर्कता जारीपिछले दिनों जलस्तर तेजी से बढ़ने के बाद जिला प्रशासन ने गंगा बैराज का निरीक्षण किया था। कई घाटों की सीढ़ियां पानी में डूब गई थीं। अब जलस्तर घटने से कुछ घाटों पर पानी सीढ़ियों से नीचे उतर गया है, लेकिन 37 सेंटीमीटर की कमी से स्थिति में बहुत बड़ा बदलाव नहीं माना जा रहा है। वोट क्लब अक्टूबर तक बंद, नाव संचालन पर रोकगंगा का जलस्तर बढ़ने के बाद बैराज पर संचालित वोट क्लब को अक्टूबर तक बंद कर दिया गया है। बैराज क्षेत्र में नाविकों को भी सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं। फिलहाल सैलानियों के लिए नाव संचालन की अनुमति नहीं है। सुरक्षा के मद्देनजर घाटों पर जल पुलिस की तैनाती की गई है।मौसम विभाग के अनुसार आने वाले दिनों में बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों से आने वाले पानी के आधार पर गंगा के जलस्तर में फिर उतार-चढ़ाव हो सकता है।
नेटवर्किंग को पारंपरिक परिचय सत्रों से आगे बढ़ाते हुए एफबीएस जयपुर वुमन एंटरप्रेन्योर्स नेटवर्किंग फोरम ने इस बार एक अनूठी पहल की। शहर के अरिरासा रेस्टोरेंट में आयोजित बोर्ड गेम्स आधारित नेटवर्किंग मीट में महिला उद्यमियों ने खेल-खेल में नए व्यावसायिक संबंध बनाए और आपसी संवाद को नई दिशा दी। कार्यक्रम की संस्थापक मेघा गुप्ता ने बताया कि इस आयोजन का उद्देश्य महिलाओं को ऐसा मंच देना था, जहां वे औपचारिक बातचीत के बजाय सहज माहौल में एक-दूसरे को समझ सकें और नए बिजनेस अवसरों की संभावनाएं तलाश सकें। इसके लिए जयपुर मीपल्स की ओर से कई रोचक बोर्ड गेम्स आयोजित किए गए, जिनमें सभी प्रतिभागियों ने उत्साह के साथ भाग लिया। बोर्ड गेम्स के दौरान महिलाओं ने टीमवर्क, रणनीति और आपसी सहयोग के साथ खेल का आनंद लिया। इस प्रक्रिया में प्रतिभागियों को नए लोगों से जुड़ने, अपने अनुभव साझा करने और भविष्य के व्यावसायिक सहयोग की संभावनाओं पर चर्चा करने का अवसर मिला। आयोजन में हंसी-खुशी, स्वस्थ प्रतिस्पर्धा और सकारात्मक ऊर्जा का माहौल बना रहा। एफबीएस जयपुर की कोर टीम सदस्य रखी खंडेलवाल ने बताया कि पारंपरिक नेटवर्किंग की तुलना में यह तरीका कहीं अधिक प्रभावी और यादगार साबित हुआ। प्रतिभागियों ने इसे एक ऐसा अनुभव बताया, जिसमें औपचारिकता की बजाय सहजता और आत्मीयता अधिक महसूस हुई। कार्यक्रम में स्वादिष्ट व्यंजनों के साथ हल्के-फुल्के डांस, मनोरंजक गतिविधियां और विभिन्न बोर्ड गेम्स ने शाम को और भी जीवंत बना दिया। आयोजन के दौरान महिलाओं ने एक-दूसरे के साथ अपने उद्यम, चुनौतियों और सफलता की कहानियां भी साझा कीं। एंटरप्रेन्योर एकता विजय ने सभी प्रतिभागियों को अपने फ्रीज-ड्राइड फ्रूट्स के हेल्दी गिफ्ट हैम्पर भेंट किए, जिन्हें महिलाओं ने काफी सराहा। आयोजकों ने बताया कि एफबीएस जयपुर का उद्देश्य महिला उद्यमियों के लिए ऐसा मजबूत नेटवर्क तैयार करना है, जहां वे न केवल अपने व्यवसाय को आगे बढ़ा सकें, बल्कि सहयोग, सीख और प्रेरणा के माध्यम से एक-दूसरे की सफलता की भागीदार भी बन सकें।
युवक का शव पेड़ से लटका मिला, सुसाइड नोट बरामद:दरोगा पर प्रताड़ना का आरोप, एसपी ने किया लाइन हाजिर
चित्रकूट के राजापुर थाना क्षेत्र में एक युवक का शव पेड़ से लटका मिला है। मृतक की जेब से एक सुसाइड नोट बरामद हुआ है, जिसमें स्थानीय पुलिस के एक सब इंस्पेक्टर पर प्रताड़ना का आरोप लगाया गया है। इस घटना के बाद पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने संबंधित सब इंस्पेक्टर को तत्काल प्रभाव से लाइन हाजिर कर दिया है। मृतक की पहचान राजापुर थाना क्षेत्र के मकता गांव निवासी शिवशंकर के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, शिवशंकर शनिवार सुबह शौच के लिए घर से निकले थे, लेकिन वापस नहीं लौटे। परिवार ने रातभर उनकी तलाश की। अगले दिन उनका शव गांव के बाहर एक पेड़ से लटका हुआ मिला। परिजनों का आरोप है कि शिवशंकर की जेब से मिले सुसाइड नोट में एक सब इंस्पेक्टर सहित कुछ अन्य लोगों के नाम और मोबाइल नंबर दर्ज हैं। उनका यह भी दावा है कि शिवशंकर के मोबाइल फोन में एक कथित ऑडियो रिकॉर्डिंग मिली है, जिसमें संबंधित दरोगा युवक को कथित तौर पर गाली-गलौज करते हुए धमकी दे रहा है। परिजनों ने आरोप लगाया कि कुछ महीने पहले शिवशंकर को एक मामले में उठाकर थाने में प्रताड़ित किया गया था। उन्हें छोड़ने के एवज में रुपयों की मांग की गई थी। इसके बाद भी दरोगा लगातार फोन कर धमकाते और पैसे मांगते रहे। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक अरुण कुमार सिंह ने प्रथम दृष्टया कार्रवाई करते हुए संबंधित सब इंस्पेक्टर को लाइन हाजिर कर दिया है। पुलिस का कहना है कि सुसाइड नोट, मोबाइल रिकॉर्डिंग और अन्य साक्ष्यों की गहन जांच की जा रही है। पुलिस ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और फोरेंसिक जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। हालांकि, मृतक के परिजन और ग्रामीण केवल लाइन हाजिर करने की कार्रवाई को पर्याप्त नहीं मान रहे हैं। वे आरोपी पुलिसकर्मी के खिलाफ हत्या सहित गंभीर धाराओं में एफआईआर दर्ज करने की मांग पर अड़े हैं। उन्होंने संबंधित पुलिसकर्मी के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है।
डीडवाना में रविवार को दोजराज गणेश मंदिर रोड स्थित अग्रसेन भवन में 48वां नि:शुल्क मोतियाबिंद एवं नेत्र लेंस प्रत्यारोपण शिविर का आयोजन किया गया। इस शिविर में 102 मरीजों की जांच कर 41 को लेंस प्रत्यारोपण के लिए चयनित किया गया।यह शिविर श्री आदर्श सरस्वती सेवा समिति, शंकरा आई हॉस्पिटल और जिला अंधता निवारण समिति जयपुर के संयुक्त तत्वावधान में हुआ। समिति के मीडिया प्रभारी लोकेश अग्रवाल ने बताया कि चयनित मरीजों के ऑपरेशन सोमवार को जयपुर स्थित शंकरा आई हॉस्पिटल में किए जाएंगे। डॉ. भानु की देखरेख में आधुनिक तकनीक से बिना टांके के ये ऑपरेशन होंगे। सभी मरीजों के लिए चश्मा, भोजन, आवास और इलाज की व्यवस्था पूरी तरह फ्री रहेगी।समिति अध्यक्ष नितेश बाजारी ने बताया कि समिति का 49वां नि:शुल्क नेत्र चिकित्सा शिविर आगामी 16 अगस्त को आयोजित किया जाएगा। इस शिविर को सफल बनाने में समिति अध्यक्ष नितेश बाजारी, मंत्री बनवारी मोट, कमल भारुका, अशोक घोड़ावत, लोकेश अग्रवाल, मुकेश लदनियां, देवकीनंदन गिनोडिया, निखिल मित्तल, कैलाश बगड़िया, संदीप पटवारी, योगेश देईदानका, शिविर प्रभारी राकेश कुमार, अनीता यादव, दुर्गेश कंवर, विनीता, तनु, गिरधारी प्रजापत (लाडनूं), खलील अहमद, सम्राट घोड़ावत और प्रभु पटवारी सहित अनेक कार्यकर्ताओं ने अपनी सेवाएं दीं।
रायबरेली में शिक्षा प्रणाली में सुधार और पर्यावरण वैज्ञानिक सोनम वांगचुक के समर्थन में सामाजिक कार्यकर्ताओं का प्रदर्शन रविवार को पांचवें दिन भी जारी रहा। शहर के डिग्री कॉलेज चौराहे पर दोपहर 12:30 बजे यह विरोध प्रदर्शन हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता राम मोहन श्रीवास्तव रामू दादा के नेतृत्व में प्रदर्शनकारियों ने शिक्षा प्रणाली में व्याप्त भ्रष्टाचार और पेपर लीक कराने वाले माफियाओं के खिलाफ आवाज उठाई। उन्होंने शिक्षा मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने दिल्ली में हुई घटना की कड़ी निंदा की, जहाँ दिल्ली पुलिस ने 20 दिनों से भूख हड़ताल पर बैठे सोनम वांगचुक को जबरन हटा दिया था। इस घटना को लोकतंत्र की हत्या बताया गया। राम मोहन श्रीवास्तव ने कहा कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा न देना यह दर्शाता है कि वे बच्चों के भविष्य के प्रति गंभीर नहीं हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि मांगें पूरी नहीं हुईं, तो आंदोलन को और तेज किया जाएगा, जिसके परिणामस्वरूप जनता प्रधानमंत्री के इस्तीफे की मांग भी कर सकती है। श्रीवास्तव ने दोहराया कि यह उनका पांचवां दिन है और वे सोनम वांगचुक के समर्थन में बैठे हैं, जो भ्रष्टाचार और पेपर लीक माफियाओं के खिलाफ लड़ रहे हैं। उन्होंने कहा कि देश की जनता सब देख रही है और यदि सरकार ने कोई ठोस कदम नहीं उठाया, तो यह आक्रोश बड़ा रूप ले सकता है। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे तक यह विरोध जारी रहेगा।
बिलासपुर के तारबाहर थाना क्षेत्र स्थित क्रांतिनगर में शुक्रवार रात तेज रफ्तार कार रामा ग्रुप के संचालक के बंगले में घुस गई। कार ने मुख्य गेट तोड़ते हुए करीब 50 फीट अंदर तक घुसकर दीवार और टफन ग्लास को तोड़ दिया। हादसे के समय बंगले के बरामदे में रामा ग्रुप के संचालक संजय अग्रवाल और उनके परिवार के सदस्य मौजूद थे, जो समय रहते पीछे हट गए और बाल-बाल बच गए। जांच के बाद पुलिस ने कार चालक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज कर उसे गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। तेज रफ्तार में गेट तोड़ते हुए घर में घुसी कार पुलिस के मुताबिक, मूल रूप से उत्तराखंड के देहरादून निवासी आशीष तिवारी बिलासपुर में हिंदूजा ग्रुप के इंडसइंड बैंक में क्लस्टर मैनेजर के पद पर कार्यरत है। शुक्रवार रात करीब 8 बजे वह अपनी कार (एमपी 04 सीएक्स 6273) से क्रांतिनगर से गुजर रहे थे। इसी दौरान कार अनियंत्रित होकर रामा ग्रुप के संचालक के बंगले का मुख्य गेट तोड़ते हुए सीधे घर के भीतर घुस गई और दीवार से जा टकराई। दीवार और टफन ग्लास चकनाचूर, ड्राइवर भी घायल टक्कर इतनी भीषण थी कि भारी लोहे का गेट कई टुकड़ों में बिखर गया। कार ने परिसर में रखे सामान और वाहनों को नुकसान पहुंचाने के बाद हॉल की दीवार और मोटे टफन ग्लास को भी तोड़ दिया। हादसे में कार चालक आशीष तिवारी भी गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे पुलिस ने अस्पताल में भर्ती कराया। परिवार ने बताया- कुछ सेकेंड की देरी होती तो जान जा सकती थी रामा ग्रुप के संचालक संजय अग्रवाल ने पुलिस को बताया कि घटना के समय वह अपने घर के बरामदे में टहल रहे थे। अचानक कार उनकी ओर बढ़ती दिखाई दी, जिसके बाद वह और परिवार के अन्य सदस्य पीछे हट गए। उनका कहना है कि यदि समय रहते नहीं हटते तो बड़ा हादसा हो सकता था। घटना के बाद पूरे घर में चीख-पुकार मच गई। जांच के बाद हत्या के प्रयास का केस शुरुआत में पुलिस हादसे और साजिश, दोनों पहलुओं पर जांच कर रही थी। घटनास्थल, परिस्थितियों और साक्ष्यों की जांच के बाद पुलिस ने कार चालक के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया। आरोपी आशीष तिवारी को गिरफ्तार कर न्यायिक रिमांड पर जेल भेज दिया गया है। पुलिस कर रही मामले की विस्तृत जांच तारबाहर थाना पुलिस का कहना है कि मामले की विस्तृत जांच जारी है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के पीछे कोई व्यक्तिगत रंजिश थी या अन्य कोई कारण। फिलहाल आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की संबंधित धाराओं के तहत कार्रवाई की जा रही है।
ब्रज को स्वच्छ और सुंदर बनाने के लिए रविवार को वृंदावन में स्वक्षता महाभियान चलाया गया। पूरे परिक्रमा के रास्ते को 11 सेक्टर में विभाजित कर हर सेक्टर को जिले और मंडल के आला अधिकारियों ने गोद लेकर वहां सफाई अभियान चलाया। इस महाभियान का उद्देश्य आम जन में जागरूकता पैदा करना और ब्रजभूमि को सुंदर बनाना था। 3 घंटे तक आला अधिकारी परिक्रमा के रास्ते पर झाड़ू चलाते और कूड़ा उठाते नजर आए। अभियान के दौरान कमिश्नर आगरा मंडल नागेंद्र प्रताप सिंह, DIG शैलेश पांडे,DM चंद्र प्रकाश सिंह,SSP श्लोक कुमार के अलावा एसपी सिटी राजीव कुमार अलग अलग सेक्टर में सफाई अभियान को एक जन आंदोलन बनाने के लिए झाड़ू लगाते और कूड़ा उठाते नजर आए। स्वक्षता अभियान में आम जन की सहभागिता अधिक से अधिक हो इसके लिए लोगों को प्रेरित किया गया। एक सेक्टर एक अधिकारी हम सबने ठाना है ब्रज को स्वच्छ बनाना है अभियान के तहत रविवार को आला अधिकारियों ने वृंदावन में झाड़ू चलाई। यहां धानुका आश्रम से इस्कॉन गौशाला तक DIG शैलेश पांडे,केशीघाट से जगन्नाथ घाट तक कमिश्नर नागेन्द्र प्रताप,जगन्नाथ घाट से उमा शक्ति पीठ तक ब्रज तीर्थ विकास परिषद के उपाध्यक्ष शैलजा कांत मिश्रा, इस्कॉन गौशाला से जादौन पार्किंग तक DM चंद्र प्रकाश सिंह,गंगा मोहन कचहरी से केशीघाट तक एसएसपी श्लोक कुमार और जादौन पार्किंग से गंगा मोहन कचहरी तक एसपी सिटी राजीव कुमार ने सफाई की।इस दौरान अधिकारियों ने वहां मौजूद लोगों को सफाई अभियान को जीवन का हिस्सा बनाने के लिए प्रेरित किया। संयुक्त रूप से चल रहा अभियान उत्तर प्रदेश ब्रज तीर्थ विकास परिषद के तत्वावधान में रविवार को वृंदावन में हम सबने यह ठाना है, ब्रज को स्वच्छ बनाना है अभियान में जिला प्रशासन,नगर निगम ने संयुक्त रूप से अभियान चलाया। इस दौरान विभिन्न सामाजिक संगठन से जुड़े लोग भी मौजूद रहे। उद्योगपति पवन चतुर्वेदी ने बताया कि यह अभियान जन जन तक पहुंचना चाहिए। वृंदावन एक पवित्र भूमि है यहां हर साल करोड़ों श्रद्धालु आते हैं। यह श्रद्धालु यहां की स्वक्षता को लेकर सुखद एहसास लेकर जाएं यह सभी का प्रयास है। प्रत्येक नागरिक की है जिम्मेदारी अभियान का नेतृत्व करते हुए जिलाधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह स्वयं स्वच्छता रैली में शामिल हुए और नागरिकों के साथ पैदल मार्च किया। इस दौरान उन्होंने पूरे उत्साह के साथ हम सबने यह ठाना है, वृंदावन स्वच्छ बनाना है का नारा लगाया, जिसे उपस्थित लोगों ने भी पूरे जोश के साथ दोहराया। जिलाधिकारी ने लोगों को स्वच्छता की शपथ दिलाते हुए कहा कि वृंदावन की स्वच्छता बनाए रखना प्रत्येक नागरिक की साझा जिम्मेदारी है।
नगर निकाय के पूर्व कमिश्नर से ठगी की कोशिश:ठग ने CI बनकर दी धमकी, 75 हजार का फर्जी मैसेज भेजा
अजमेर में साइबर ठगों ने नगर निकाय के रिटायर्ड पूर्व कमिश्नर को निशाना बनाते हुए ऑनलाइन ठगी की कोशिश की। ठग ने पुलिस थाना प्रभारी की प्रोफाइल फोटो लगाकर कॉल किया और खुद को थाना प्रभारी बताकर धमकाने लगा। ठग ने पहले खुद को सरकारी स्कूल का टीचर बताकर टाइल्स का ऑर्डर दिया गनीमत रही कि पूर्व कमिश्नर ठगों की मंशा को भाप गए और उनके झांसे में नहीं आए। ऐसे में ठग वारदात करने में सफल नहीं हो सके। नगर निकाय के रिटायर्ड पूर्व कमिश्नर नारायण लाल मीणा ने बताया- मेरा जनाना रोड पर लक्ष्मी एन्टरप्राइजेज के नाम से टाइल्स-सेनेट्री का शो-रूम है। लोहागल स्कूल से मास्टर जी के नाम से एक कॉल आया। उसने कहा कि हमें पन्द्रह पेटी टाइल्स की जरूरत है आप भिजवा देना। ठग ने ऑर्डर की रकम पूछी तो मैने साढ़े सात हजार बता दी। थोड़ी देर बाद पहले 1 रुपए और बाद में 75 हजार रुपए जमा का मैसेज मिला। ठग ने कहा कि गलती से 75 हजार भेज दिए। आप साढे़ 7 हजार काट कर बाकी पैसे वापस ट्रांसफर कर दें। मैंने कहा कि मैनेजप के आने पर पैसे रिटर्न कर देंगे, लेकिन इसके तुरन्त बाद एक कॉल आया, जिसने खुद को सदर थाने का प्रभारी दलबीर बताया। इसमें प्रोफाइल पर पुलिस ड्रेस में फोटो भी लगी थी। तुरन्त पुलिस का फोन आने व अजमेर में कोई सदर थाना नहीं होने से शक हुआ। इस दौरान ठग ने पुलिस अफसर बनकर धमकाया। लेकिन बदतमीजी करने पर उसे डांट भी दिया। पूर्व कमिश्नर ने ठगों की चाल समझते हुए पैसे ट्रांसफर नहीं किए। बाद में उन्होंने साइबर हेल्पलाइन 1930 पर शिकायत दर्ज कराई। ……….. पढें ये खबर भी…. इंजीनियर्स का 2 लाख का खेल,चहेतों को 43.86-करोड़ का ठेका:पोल खुली तो 50 लाख के टेंडर देने वाला SE सस्पेंड, करोड़ों वालों पर एक्शन नहीं अजमेर डिस्कॉम (14 जिलों) के अंदर एक बड़ा खेल सामने आया है। इंजीनियर्स ने पिछले दो सालों में 43.86 करोड़ के टेंडर अपने चहेते ठेकेदारों को दे दिए। इसके लिए उन्होंने एक नियम का फायदा उठाया, जिसमें 2 लाख से कम के काम के लिए ई टेंडर जारी करने की जरूरत नहीं होती। (पूरी खबर पढें)
हत्या के मामले में पिछले दो साल से फरार चल रहे स्थायी वारंटी और इनामी बदमाश जगदीश उर्फ फुक्कू को ग्वालियर थाना पुलिस ने दिल्ली से गिरफ्तार कर लिया। आरोपी दिल्ली के जहांगीरपुरी इलाके में नाम बदलकर सिलाई मास्टर के रूप में रह रहा था। ग्वालियर पुलिस की विशेष टीम लगातार पांच दिन तक दिल्ली में डेरा डाले रही और शनिवार रात उसे गिरफ्तार कर लिया। जहांगीरपुरी में बदल ली थी पहचान एएसपी सुजावल जग्गा ने बताया कि मुखबिर से सूचना मिली थी कि आरोपी दिल्ली में छिपा हुआ है। इसके बाद थाना प्रभारी प्रशांत शर्मा के निर्देशन में एसआई अजय सिंह सिकरवार के नेतृत्व में टीम दिल्ली भेजी गई। टीम ने पांच दिन तक जहांगीरपुरी की कई गलियों और ठिकानों पर निगरानी की। सटीक सूचना मिलने पर शनिवार रात आरोपी को उसके किराए के कमरे से पकड़ लिया गया। वह वहीं बैठकर सिलाई का काम करता था और ज्यादातर समय कमरे में ही रहता था। भाई और बहनोई के साथ की थी हत्या पुलिस के अनुसार करीब पांच साल पहले जगदीश उर्फ फुक्कू ने अपने भाई टीकाराम और बहनोई के साथ मिलकर पुरानी रंजिश में पड़ोसी की हत्या कर दी थी। तीनों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया था, लेकिन बाद में जमानत पर बाहर आने के बाद उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपील की। सुप्रीम कोर्ट ने भी उनकी सजा बरकरार रखी थी। कोर्ट की सख्ती के बाद बढ़ी कार्रवाई सजा बरकरार रहने के बावजूद आरोपी जेल नहीं पहुंचे तो न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया। कोर्ट की फटकार के बाद आरोपी टीकाराम ने कुछ दिन पहले आत्मसमर्पण कर दिया, जबकि बहनोई पहले से जेल में बंद है। अंतिम फरार आरोपी जगदीश की गिरफ्तारी के लिए कोर्ट ने ग्वालियर आईजी अरविंद सक्सेना को 25 जुलाई तक उसे पेश करने के निर्देश दिए थे। पुलिस ने तय समय से पहले ही आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। आज कोर्ट में किया जाएगा पेश एसएसपी धर्मवीर सिंह ने बताया कि हत्या के मामले में दो साल से फरार स्थायी वारंटी जगदीश उर्फ फुक्कू को दिल्ली के जहांगीरपुरी से गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस टीम उसे ग्वालियर लेकर आ चुकी है और कड़ी सुरक्षा के बीच न्यायालय में पेश किया जाएगा।
रायपुर जिले के अभनपुर स्थित एक आरा मिल पर वन विभाग ने बड़ी कार्रवाई की है। रायपुर और कोरबा वन विभाग की संयुक्त टीम ने छापा मारकर सरई सहित बड़ी मात्रा में इमारती लकड़ी जब्त की है। कार्रवाई पिछले दो दिनों से जारी है। अधिकारियों के मुताबिक लकड़ी की नाप-तौल की जा रही है। सूत्रों के अनुसार जब्त लकड़ी की कीमत करीब एक करोड़ रुपए हो सकती है।जांच में यह आशंका जताई जा रही है कि कोरबा में शासकीय जमीन से काटी गई लकड़ी को चोरी-छिपे अभनपुर लाया गया। बताया जा रहा है कि इसमें एसईसीएल और सीएसईबी क्षेत्र की लकड़ी भी शामिल हो सकती है। वन विभाग लकड़ी के स्रोत और उससे जुड़े दस्तावेजों की जांच कर रहा है। लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की जांच कार्रवाई के दौरान हुकुमचंद के आरा मिल को सील कर दिया गया है। जांच में यह भी सामने आया है कि एक ही लाइसेंस पर चार आरा मिल संचालित किए जा रहे थे। विभाग अब लाइसेंस और अन्य दस्तावेजों की जांच कर रहा है। गड़बड़ी मिलने पर संबंधित लोगों पर कार्रवाई की जाएगी। वन विभाग का कहना है कि लकड़ी की गिनती और जांच पूरी होने के बाद आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल रायपुर और कोरबा के अधिकारी जांच कर रहे हैं। जांच पूरी होने के बाद पूरे मामले में आधिकारिक जानकारी जारी की जाएगी।
महराजगंज के कृत पिपरा पीएचसी में एक निःशुल्क स्वास्थ्य शिविर का आयोजन किया गया, जिसमें कुल 43 मरीजों का स्वास्थ्य परीक्षण और उपचार किया गया। इस दौरान मरीजों को आवश्यक दवाएं भी वितरित की गईं और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण परामर्श दिए गए। शिविर का संचालन डॉ. मनोज कुमार मिश्रा के नेतृत्व में हुआ। उन्होंने मरीजों की जांच की, दवाएं उपलब्ध कराईं और बदलते मौसम में सतर्क रहने, स्वच्छता बनाए रखने, शुद्ध पेयजल का उपयोग करने तथा नियमित स्वास्थ्य जांच कराने की सलाह दी। शिविर में फार्मासिस्ट इम्तियाज अहमद ने मरीजों को दवाओं का वितरण किया। लैब टेक्नीशियन गजेंद्र गुप्ता ने आवश्यक जांच कार्यों में सहयोग प्रदान किया। वार्ड बॉय छोटेलाल और स्वीपर सह चौकीदार चंद्रेश ने शिविर की व्यवस्थाओं को सुचारु रूप से संचालित करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। दिनभर स्वास्थ्य केंद्र पर मरीजों की आवाजाही बनी रही। स्थानीय ग्रामीणों ने स्वास्थ्य विभाग की इस पहल की सराहना की और ग्रामीण क्षेत्रों में ऐसे निःशुल्क स्वास्थ्य शिविरों के नियमित आयोजन की मांग की, ताकि लोगों को समय पर बेहतर स्वास्थ्य सुविधाएं मिल सकें।
गिरिडीह के बगोदर थाना क्षेत्र के अटका स्थित लच्छीबागी के समीप तेज रफ्तार कार ने बाइक सवार पति-पत्नी को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे दोनों गंभीर रूप से घायल हो गए। घायलों की पहचान लच्छीबागी निवासी ईश्वर मेहता और उनकी पत्नी इंद्री देवी के रूप में हुई है। हादसे के बाद स्थानीय लोगों और राहगीरों की तत्परता से दोनों घायलों को तुरंत बगोदर ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। वहां प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए बड़े अस्पताल रेफर कर दिया। हादसे से जुड़ी तस्वीरें देखें…. टक्कर इतनी तेज कि दूर जा गिरे दोनों प्राप्त जानकारी के अनुसार, दंपती अपनी बाइक से जीटी रोड पार कर रहे थे। इसी दौरान बगोदर की ओर से धनबाद जा रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि दोनों कई फीट दूर सड़क पर जा गिरे और गंभीर रूप से घायल हो गए। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, कार की रफ्तार काफी तेज थी, जिससे चालक वाहन पर नियंत्रण नहीं रख सका। हादसे में कार का अगला हिस्सा भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। घटना के बाद चालक मौके पर ही रुक गया, जबकि आसपास के लोगों ने तुरंत राहत और बचाव कार्य शुरू किया। पुलिस ने वाहन जब्त कर शुरू की जांच दुर्घटना के बाद घटनास्थल पर लोगों की भारी भीड़ जमा हो गई, जिससे कुछ समय के लिए जीटी रोड पर यातायात बाधित हो गया। सूचना मिलने पर बगोदर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों के सहयोग से घायलों को अस्पताल भिजवाया। इसके साथ ही सड़क पर लगे जाम को हटवाकर यातायात को सामान्य कराया गया। पुलिस ने दुर्घटनाग्रस्त बाइक और कार दोनों को जब्त कर थाने पहुंचा दिया है। प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और सड़क पार करते समय हुई चूक को हादसे का मुख्य कारण माना जा रहा है। पुलिस मामले के सभी पहलुओं की जांच कर रही है, वहीं चिकित्सकों के अनुसार दोनों घायलों की हालत अभी भी गंभीर बनी हुई है।
कैथल में पुलिस लाइन में ग्रुप डी के कर्मचारी ने स्वयं को बड़ा पुलिस अधिकारी बताया और एक युवती को डीसी रेट पर लाइन में नौकरी लगवाने के नाम पर रुपए हड़प लिए। इतना ही नहीं आरोपी ने युवती को ये तक कह दिया कि उसे उसकी सेलरी में से हर महीने पांच हजार रुपए आरोपी को देने होंगे। जब आरोपी के कहने पर युवती पुलिस लाइन में पहुंची तो पता चला कि वह कोई अधिकारी नहीं है, बल्कि वहां पर पानी पिलाने का काम करता है और इस समय ड्यूटी से गैर हाजिर चल रहा है। इस संबंध में लड़की ने पुलिस को शिकायत दी है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। जींद के बड़ोदा का रहने वाला गांव सजूमा निवासी कोमल ने कलायत थाना में दी शिकायत में बताया कि उसने 12वीं कक्षा के साथ साथ नर्सिंग केयर का डिप्लोमा कर रखा है। जींद के गांव बड़ोदा का रहने वाला बलिंद्र उनके गांव में काफी समय से रहता है। बलिंद्र का उनके घर में आना जाना था। आरोपी ने उसे और उसके माता पिता को बताया कि वह पुलिस अधिकारी है और उसकी ड्यूटी पुलिस लाइन में है। डीसी रेट पर लगवाने का झांसा दिया साथ ही कहा कि वह कोमल को पुलिस में DC रेट पर लगवा देगा। इसके लिए आरोपी ने उनके परिवार से पैसे मांगे और कहा कि पहले कुछ पैसे दे देना, बाकि ड्यूटी पर लगने के बाद दे देना। उनका परिवार आरोपी बलिंद्र की बातों में आ गया। कुछ दिनों के बाद बलिंद्र ने उससे फार्म के लिए 2700 रुपए मांगे तो उन्होंने दे दिए। उसके बाद 3000, फिर एक महीने के बाद पुलिस वर्दी के लिए 5000 और फिर 3 दिन बाद वर्दी सिलवाने के लिए 3000 रुपए मांगे। बोला-ज्वाइनिंग के बाद सेलरी से 5000 रुपए देते रहना बलिंद्र ने कहा कि ज्वाइनिंग के बाद तू मुझे हर महीने तेरी सेलरी से 5000 रुपए देते रहना। 16 जुलाई को वह कैथल पुलिस लाइन में पहुंची तो पता चला कि बलिंद्र वाटर केरियर पर तैनात है और इस समय गैर हाजरी चल रहा है। वहां कर्मचारियों से पता चला कि बलिंद्र ने उसे नौकरी लगवाने के नाम पर धोखाधड़ी की है। शिकायतकर्ता ने आरोपी के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग की है। कलायत थाना एसएचओ अमन ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
वाराणसी के शिवपुर थानाक्षेत्र के लोढान गांव में जमीन के विवाद में गोली चलने से एक व्यक्ति घायल हो गया। गोली की सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को अस्पताल में एडमिट कराया है। दोनों पक्ष पेशे से अधिवक्ता बताए जा रहे हैं। गोली चलाने वाले का नाम सौरभ उपाध्याय बताया जा रहा है। पुलिस को मौके से दो खोखे मिली हैं। जानकारी के अनुसार लोढान के फनटासिया वाटर पार्क के पास अतुल उपाध्याय और उनके घर के लोग जमीन पर निर्माण कार्य करवानने के लिए पहुंचे थे। इसी दौरान आरोपी सौरभ उपाध्याय अन्य लोगों को लेकर जमीन पर पहुंचा और विवाद करने लगा। इसी विवाद के दौरान पहले हाथापाई हुई। इसके बाद ईंट-पत्थर चलने लगे। फिर सौरभ ने पिस्टल निकालकर दो फायर किए। जिसमें रविकांत उपाध्याय नामक एक युवक के हाथ में गोली लगी है। जिसे पुलिस ने पास के ही अस्पताल में एडमिट कराया है। जहां उसकी हालत खतरे से बाहर है।
हसायन कोतवाली क्षेत्र के गांव बस्तोई में चार माह की गर्भवती विवाहिता की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई। शनिवार देर रात करीब 2 बजे पुलिस को शव मिलने की सूचना मिली। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पंचायतनामा भरने के बाद पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घटना के बाद ससुराल पक्ष के लोग घर छोड़कर फरार हो गए। मृतका के मायके पक्ष ने अतिरिक्त दहेज की मांग पूरी न होने पर हत्या का आरोप लगाया है। पिता ने लगाया पांच लाख रुपये दहेज मांगने का आरोप मृतका पूनम के पिता कंचीलाल, निवासी नगला किला (अलीगढ़) ने पुलिस को दी तहरीर में बताया कि उनकी बेटी की शादी 24 नवंबर 2024 को बस्तोई निवासी एक युवक के साथ हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। उनका आरोप है कि शादी के बाद से ही पति समेत परिवार के सभी सदस्यों के खिलाफ अतिरिक्त दहेज में पांच लाख रुपये की मांग को लेकर पूनम का उत्पीड़न करते थे और उसके साथ मारपीट करते थे। मारपीट की सूचना पर पहुंचे परिजन कंचीलाल के अनुसार शनिवार दोपहर करीब तीन बजे उन्हें सूचना मिली कि उनकी बेटी के साथ मारपीट की जा रही है। इस पर उनकी पत्नी और बेटा ससुराल पहुंचे, जहां आरोपितों ने उनके साथ और ड्राइवर के साथ भी गाली-गलौज व मारपीट की। मामले की सूचना डायल-112 पर दी गई, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने दोनों पक्षों की कार्रवाई के दौरान मृतका के भाई और ड्राइवर का शांति भंग की आशंका में चालान कर दिया। जांच में जुटी पुलिस परिजनों का आरोप है कि शाम को उनके लौटने से पहले ही चार माह की गर्भवती पूनम की हत्या कर दी गई। शव मिलने के बाद पुलिस ने उसे कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और अन्य साक्ष्यों के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी। मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है।
राजधानी रायपुर में एक युवक का घायल अवस्था में हाथ में कैची लेकर थाने पहुंचने का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। वीडियो में युवक ने अपने दोस्त पर हमला करने का आरोप लगाया है। साथ ही उसने सांसद बृजमोहन अग्रवाल और कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल का नाम भी लिया है। हालांकि, पुलिस का कहना है कि अब तक युवक ने मामले में कोई लिखित शिकायत नहीं दी है। वायरल वीडियो के अनुसार पुरानी बस्ती में रहने वाले अजीत नाम के व्यक्ति ने ये वीडियो सोशल मीडिया में अपलोड किया है। वीडियो में वो थाने के बाहर खड़ा दिखा रहा है। वायरल वीडियो में राजेश बोलते दिख रहा है, कि उसके दोस्त ने उसे कैंची मारी। दोस्त के परिवार में शिकायत की तो उन्होंने थाने में शिकायत करने पर झूठे केस में फंसाने की बात कही। आरोपी परिजनों की इस बात से नाराज होकर वो कैंची लेकर थाना पहुंचा, तो पुलिसकर्मियों ने उसे कुछ देर बिठाया, लेकिन शिकायत नहीं ली। अजीत ने वीडियो में दोस्त, उसके परिवार के सदस्यों, पुलिसकर्मियों पर आरोप लगाए है। वायरल वीडियो में अजीत बोलता दिखा रहा है, कि परिवार के सदस्यों ने सांसद बृजमोहन अग्रवाल और कांग्रेस नेता कन्हैया अग्रवाल से फोन कराने की बात कही थी। इस वजह से पुलिस कोई कार्रवाई नहीं कर रही है। इंस्टाग्राम में वायरल हो रहा वीडियो सोशल मीडिया प्लेटफार्म इंस्टाग्राम के garv_se_hum_bramhan_hai_ पेज में अजीत नाम के व्यक्ति का वीडियो वायरल हो रहा है। वीडियो में अजीत खुद को पुरानी बस्ती इलाके का निवासी बता रहे है। अफसर बोले कोई शिकायत नहीं मिली वायरल वीडियो को लेकर पुरानी बस्ती थाना के अधिकारियों ने अधिकृत बयान जारी नहीं किया है। अधिकारियों के अनुसार उक्त मामलें में अब तक कोई शिकायत नहीं मिली है। वीडियो की जांच की जाएगी और संबंधित व्यक्ति से पूछताछ करके मामलें में आगे की कार्रवाई की जाएगी।
नर्मदापुरम जिले के इटारसी स्थित मुस्कान बालिका गृह से 5 नाबालिग लड़कियों के लापता होने के मामले में नर्मदापुरम एसपी साईं कृष्णा एस. थोटा ने एसआईटी (स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम) गठित की है। टीम पूरे मामले की जांच कर रही है। शनिवार शाम एएसपी अभिषेक राजन के नेतृत्व में इटारसी एसडीओपी वीरेंद्र मिश्रा, इटारसी थाना प्रभारी सौरभ पांडे, महिला थाना प्रभारी राखी मौर्य, पथरौटा थाना प्रभारी मोनिका गौर, महिला एसआई श्रद्धा राजपूत और अन्य अधिकारी मुस्कान बालिका गृह पहुंचे। अधिकारियों ने संस्था की व्यवस्थाओं का निरीक्षण किया और वहां रह रही बच्चियों से अलग-अलग बातचीत कर जानकारी जुटाई। पुलिस को सूचना देने के दस्तावेज नहीं मिले जांच के दौरान पुलिस को ऐसा कोई दस्तावेज नहीं मिला, जिससे यह साबित हो कि संस्था ने नाबालिग लड़कियों के लापता होने की लिखित सूचना थाने में दी थी। एएसपी अभिषेक राजन ने बताया कि एसआईटी पूरे मामले की जांच कर रही है। संस्था की ओर से पुलिस को लिखित सूचना देने संबंधी कोई रिकॉर्ड नहीं दिखाया गया। विस्तृत जांच के बाद पूरे मामले की स्थिति स्पष्ट होगी। दो साल में 5 लड़कियां लापता पुलिस के अनुसार जुलाई 2024 में एक, दिसंबर 2025 में तीन और 14 जून 2026 को एक नाबालिग लड़की लापता हुई थी। इस तरह कुल पांच लड़कियां लापता हैं। फिलहाल उनके बारे में कोई जानकारी नहीं मिली है। पुलिस यह भी जांच कर रही है कि वे कहां हैं और किस स्थिति में हैं। इस जांच में साइबर सेल की भी मदद ली जा रही है। पुलिस लड़कियों के परिजनों के भी बयान दर्ज करेगी। 17 जुलाई की रात इटारसी थाने में पांचों नाबालिगों की गुमशुदगी दर्ज कर मामले की जांच शुरू की गई है। कलेक्टर को भी लिखा गया पत्र एसपी नर्मदापुरम ने मामले को लेकर कलेक्टर को भी पत्र लिखा है। इसमें लड़कियों की गुमशुदगी की एफआईआर दर्ज कराने में हुई देरी का उल्लेख किया गया है। साथ ही संस्था में रहवास, खानपान और अन्य सुविधाओं की भी जांच कराने की बात कही गई है। भाजपा नेता चलाते हैं संस्था जिस मुस्कान बालिका गृह से लड़कियां लापता हुई हैं, उसका संचालन मनीष ठाकुर करते हैं, जो भाजपा से जुड़े हैं। उनकी पत्नी नगर पालिका में सभापति हैं। मनीष ठाकुर महिला एवं बाल विकास विभाग की ओर से पॉक्सो एक्ट (POCSO) से जुड़े मामलों में सपोर्ट पर्सन के रूप में भी नियुक्त हैं।
कोटा में साइबर ठगों ने अब मोबाइल हैकिंग के जरिए लोगों को निशाना बनाना शुरू कर दिया है। ताजा मामला उद्योग नगर थाना क्षेत्र के कंसुआ इलाके का है, जहां एक युवक के बैंक खाते से 98 हजार रुपए उड़ा लिए गए। पीड़ित शिवराज कहार ने बताया कि 17 जुलाई की रात करीब 8 बजे उसके (CMF Nothing) फोन की स्क्रीन लगातार ऑन रही और उस पर सिर्फ सिस्टम अपडेटिंग लिखा दिखाई देता रहा। मोबाइल न तो बंद हो रहा था और न ही उसमें कोई अन्य काम किया जा सकता था। शिवराज को लगा कि फोन में बड़ा सॉफ्टवेयर अपडेट चल रहा है, इसलिए उसने फोन चार्जिंग पर लगाकर छोड़ दिया। स्क्रीन पर दिख रहा था मोबाइलब बंद नहीं करें सुबह तक भी मोबाइल की स्थिति नहीं बदली। इसके बाद वह अपनी मोबाइल शॉप पर पहुंचा, जहां उसने एक ग्राहक को भुगतान करने की कोशिश की, लेकिन पिन के अंतिम अंक दर्ज नहीं हो पा रहे थे। स्क्रीन पर बार-बार “35 मिनट तक मोबाइल बंद न करें” का संदेश दिखाई दे रहा था। बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में भेजे रुपए इसी दौरान दोपहर करीब 1 बजकर 4 मिनट पर उसके एसबीआई खाते से 98 हजार 1 रुपये ट्रांसफर होने का मैसेज आया। जांच करने पर पता चला कि राशि बैंक ऑफ बड़ौदा के एक खाते में भेजी गई है। रकम कटने की जानकारी मिलते ही शिवराज घबरा गया और तत्काल 1930 साइबर हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई। मोबाइल कैसे हैक हुआ, यह पता कर रही पुलिस पीड़ित का आरोप है कि इसके कुछ देर बाद मोबाइल पूरी तरह बंद हो गया और दोबारा चालू होने पर उसमें मौजूद सभी ऐप और डाटा गायब थे। फोन बिल्कुल नए मोबाइल की तरह रीसेट हो चुका था। फिलहाल पीड़ित ने साइबर थाने में शिकायत दर्ज करवाई है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि मोबाइल कैसे हैक हुआ और रकम किस खाते में ट्रांसफर की गई।
बॉलीवुड एक्टर राजपाल यादव रविवार को जयपुर के प्रसिद्ध गोविंद देव जी मंदिर पहुंचे। राजपाल यादव ने ठाकुर जी के दर्शन कर पूजा-अर्चना की। जैसे ही एक्टर के मंदिर पहुंचने की सूचना लोगों को मिली, उन्हें देखने और फोटो खिंचवाने के लिए बड़ी संख्या में श्रद्धालु और प्रशंसक उमड़ पड़े। पुलिस की सुरक्षा में उन्हें मंदिर के दर्शन कराए गए और भीड़ से निकालकर कार तक पहुंचाया गया। इस दौरान सुरक्षाकर्मियों और मंदिर प्रशासन को व्यवस्था बनाए रखने के लिए काफी मशक्कत करनी पड़ी। इसके बावजूद, भीड़ के बीच भी राजपाल यादव ने अपने प्रशंसकों का अभिवादन किया और मुस्कुराते हुए उनके साथ तस्वीरें खिंचवाईं। राजपाल यादव ने मंदिर में विधिवत दर्शन करने के बाद गोविंद देव जी मंदिर प्रशासन और पुजारियों से भी मुलाकात की। उन्होंने मंदिर की परंपराओं और आध्यात्मिक वातावरण की सराहना करते हुए कहा कि जयपुर आने पर गोविंद देव जी के दर्शन करना उनके लिए हमेशा एक विशेष अनुभव होता है। एक्टर राजपाल यादव को फैंस ने घेरा, देखिए PHOTOS… जयपुर में की थी 'भूत बंगला' की शूटिंग राजपाल यादव इन दिनों एक निजी कार्यक्रम के सिलसिले में जयपुर आए हुए हैं। हाल ही में उन्होंने यहां बॉलीवुड अभिनेता अक्षय कुमार के साथ फिल्म 'भूत बंगला' की शूटिंग भी पूरी की थी। शूटिंग के दौरान शहर के विभिन्न हिस्सों में उनकी मौजूदगी ने प्रशंसकों का ध्यान खूब आकर्षित किया था। बॉलीवुड में राजपाल यादव पिछले दो दशकों से अपनी दमदार कॉमिक टाइमिंग और अनोखी अभिनय शैली के लिए जाने जाते हैं। 'हंगामा', 'भूल भुलैया', 'चुप चुप के', 'फिर हेरा फेरी', 'गरम मसाला', 'भागम भाग', 'मालामाल वीकली', 'ढोल' और 'भूल भुलैया 2' जैसी कई सुपरहिट फिल्मों में उन्होंने अपनी बेहतरीन अदाकारी का लोहा मनवाया है। हास्य भूमिकाओं के साथ-साथ गंभीर किरदारों में भी उन्होंने अपनी एक अलग पहचान बनाई है। हालांकि, पिछले दिनों वे एक पुराने कानूनी मामले को लेकर भी चर्चा में रहे थे, जिसमें अदालत ने उन्हें तीन महीने की सजा सुनाई थी। इस कानूनी उतार-चढ़ाव के बावजूद, वे अपने पेशेवर काम में पूरी तरह सक्रिय हैं और लगातार फिल्मों व विभिन्न आयोजनों में हिस्सा ले रहे हैं।
कोंडागांव शहर के द डेनियल मेथाडिस्ट चर्च में पास्टर को लेकर विवाद गहरा गया है। समाज दो गुटों में बंट गया है, जिसमें एक पक्ष नए पास्टर का समर्थन कर रहा है, जबकि दूसरा पुराने पास्टर को ही पद पर बनाए रखने की मांग कर रहा है। यह मामला अब कोंडागांव सिटी कोतवाली तक पहुंच गया है। दोनों पक्षों ने अपनी-अपनी मांगों और आपत्तियों के साथ पुलिस को आवेदन सौंपे हैं। हालांकि, विवाद के बावजूद अब तक स्थिति शांतिपूर्ण बनी हुई है। पुलिस ने समझौते से मामला शांत कराया पुलिस ने कानूनी कार्रवाई से पहले आपसी सहमति से समाधान निकालने की पहल की है। टीआई उपाध्याय ने कहा कि यह मामला किसी एक व्यक्ति का नहीं, बल्कि पूरे समाज से जुड़ा है। कोतवाली प्रभारी के अनुसार, पुलिस की पहली प्राथमिकता दोनों पक्षों के बीच संवाद स्थापित कर विवाद का शांतिपूर्ण समाधान कराना है। उन्होंने बताया कि दोनों पक्षों को बातचीत के लिए बुलाया जा रहा है, ताकि आपसी सहमति से विवाद का निपटारा हो सके।
भीलवाड़ा के मांडल थाना क्षेत्र में चारागाह भूमि पर कथित अवैध बजरी खनन को लेकर विवाद बढ़ गया है। घोड़ासी खेड़ा और गांगा का खेड़ा गांव के लोगों ने एक-दूसरे पर मारपीट, धमकी और अपहरण जैसे आरोप लगाते हुए मांडल थाने में अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई है। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत के आधार पर जांच शुरू कर दी है। शिकायत के बाद घर से ले जाने का आरोप आरोप है कि चारागाह भूमि पर कथित अवैध बजरी खनन की शिकायत करने के बाद एक पक्ष के लोगों को घर से स्कॉर्पियो में जबरन बैठाकर दूसरे स्थान पर ले जाया गया। वहां उनके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। दोनों पक्षों ने दर्ज कराई रिपोर्ट मामले में सुखदेव गुर्जर और महावीर गुर्जर की ओर से एक-दूसरे के खिलाफ मांडल थाने में अलग-अलग रिपोर्ट दर्ज कराई गई है। घटना के बाद देर रात थाने के बाहर लोगों की भीड़ भी जुट गई। पुलिस ने दोनों पक्षों की शिकायत दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी है। अवैध मिट्टी खनन के लगाए आरोप ग्रामीणों का आरोप है कि चारागाह भूमि से प्रतिदिन लाखों रुपए कीमत की मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा है। उनका कहना है कि शिकायतों के बावजूद संबंधित विभाग और स्थानीय प्रशासन प्रभावी कार्रवाई नहीं कर रहे हैं। कुछ ग्रामीणों ने पुलिस और संबंधित विभाग की मिलीभगत का आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। चारागाह भूमि को नुकसान होने की जताई चिंता ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय रहते अवैध खनन नहीं रोका गया तो चारागाह भूमि को भारी नुकसान होगा और भविष्य में विवाद और बढ़ सकते हैं। मारपीट की घटना के बाद ग्रामीणों ने यह भी आरोप लगाया कि पूरे मामले को दबाने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि चारागाह भूमि पर लंबे समय से बड़े स्तर पर अवैध मिट्टी का दोहन हो रहा है और कार्रवाई नहीं होने से लोगों में नाराजगी है। पुलिस बोली- निष्पक्ष जांच होगी मांडल थाना प्रभारी गजेंद्र सिंह ने बताया कि दोनों पक्षों की रिपोर्ट दर्ज कर ली गई है। मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। क्रेडिट: जितेंद्र सिंह गौड़, मांडल।
जयपुर में एक फाइनेंसर द्वारा ब्लैकमेल कर विवाहिता से रेप करने का मामला सामने आया है। उधार रुपए के बदले लिए ब्लैंक चेक को भरकर आरोपी महिला को जेल भेजने की धमकी देता था। पिछले 4 महीने तक ब्लैकमेल कर आरोपी ने विवाहिता का देहशोषण किया। पीड़िता की शिकायत पर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है। चेक बाउंस केस में फंसाकर जेल भिजवाने की धमकी देता था थानाधिकारी ने बताया- जयपुर की रहने वाली 24 साल की विवाहिता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। शिकायत में बताया कि आर्थिक जरूरत के चलते उसने आरोपी फाइनेंसर से 2 लाख रुपए उधार लिए थे। इसके बदले आरोपी ने उससे ब्लैंक चेक ले लिए। पीड़िता का आरोप है कि पूरी रकम लौटाने के बाद भी आरोपी लगातार एक्स्ट्रा पैसों की मांग करता रहा। आरोपी ब्लैंक चेक में बड़ी रकम भरकर बैंक में लगाने और चेक बाउंस के मामले में जेल भिजवाने की धमकी देकर उसे ब्लैकमेल करता रहा। इसी दबाव में अप्रैल 2026 में उसने पीड़िता से जबरन रेप किया। इसके बाद 12 जुलाई तक वह लगातार धमकाकर अलग-अलग स्थानों पर बुलाता रहा और उसका यौन शोषण करता रहा। प्रताड़ना से परेशान होकर पीड़िता ने आरोपी के खिलाफ पुलिस में एफआईआर दर्ज कराई। पुलिस ने मेडिकल और बयान दर्ज करने के बाद आरोपी फाइनेंसर को गिरफ्तार कर लिया है।
करनाल जिले के घरौंडा रेलवे स्टेशन के नजदीक झाड़ियों में एक युवक का शव मिलने से इलाके में सनसनी फैल गई। घटना की सूचना मिलते ही घरौंडा थाना पुलिस मौके पर पहुंची, लेकिन क्षेत्र जीआरपी करनाल के अधीन होने के कारण तुरंत जीआरपी को सूचित किया गया। प्रारंभिक जांच में मृतक के शरीर पर किसी तरह के चोट के निशान नहीं मिले हैं, जिससे गर्मी के कारण मौत की आशंका जताई जा रही है। हालांकि मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही होगा। झाड़ियों में शव देख घबराया व्यक्ति, लोगों को बुलाया जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात एक व्यक्ति रेलवे स्टेशन के पास झाड़ियों की ओर गया था। इसी दौरान उसकी नजर एक शव पर पड़ी। यह देखकर वह घबरा गया और शोर मचाकर आसपास के लोगों को मौके पर बुलाया। मौके पर पहुंचे लोगों ने तुरंत घरौंडा थाना पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही एएसआई सत्यवान सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे और हालात का जायजा लिया। पहचान के लिए कपड़ों की ली तलाशी, कुछ नहीं मिला एएसआई सत्यवान सिंह ने बताया कि पुलिस ने शव की बारीकी से जांच की और कपड़ों की तलाशी ली, ताकि कोई पहचान संबंधी दस्तावेज मिल सके, लेकिन मौके से ऐसा कोई भी सामान बरामद नहीं हुआ। मृतक की उम्र करीब 35 से 40 वर्ष है और वह देखने में प्रवासी लग रहा है। फिलहाल कोई पहचान नहीं हो पाई है। उन्होंने बताया कि पहले ही जीआरपी करनाल को सूचित कर दिया गया था, जिसके बाद जीआरपी टीम मौके पर पहुंची और शव को अपने कब्जे में ले लिया। 72 घंटे तक मोर्च्युरी में रहेगा शव जीआरपी करनाल के एसएचओ के अनुसार शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मोर्च्युरी हाउस में 72 घंटे के लिए सुरक्षित रखवा दिया गया है। मृतक ने लाल रंग की टी-शर्ट और काले रंग की कैपरी पहनी हुई थी। शरीर पर किसी तरह का कोई चोट का निशान नहीं पाया गया है। आसपास के सभी थानों में शव की फोटो भेजी जाएगी, ताकि किसी लापता व्यक्ति से मिलान किया जा सके। यदि निर्धारित 72 घंटे के भीतर मृतक की पहचान नहीं हो पाती है, तो नियमानुसार शव का अंतिम संस्कार कर दिया जाएगा। फिलहाल जीआरपी करनाल मामले की जांच में जुटी हुई है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार किया जा रहा है।
रायगढ़ जिले में एक बार फिर वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक ने पुलिसकर्मियों का तबादला किया है। इसमें 6 निरीक्षक, 3 उप निरीक्षक, 4 उप निरीक्षक, 1 हेड कॉन्स्टेबल और 2 कॉन्स्टेबल शामिल हैं। जिन्हें नए थाना का प्रभार सौंपा गया है। आदेश के अनुसार निरीक्षक रोशन कौशिक को रक्षित केंद्र से थाना प्रभारी भूपदेवपुर, धर्माराम तिर्की को थाना प्रभारी कापू और रोहित बंजारे को रक्षित केन्द्र से थाना प्रभारी यातायात का प्रभार सौंपा गया है। इसके अलावा निरीक्षक नारायण सिंह मरकाम को यातायात से थाना प्रभारी अजाक भेजा गया है, जबकि अनुरंजन लकड़ा को अजाक से रक्षित केंद्र रायगढ़ पदस्थ किया गया है। निरीक्षक अमित कुमार तिवारी को प्रभारी न्यायालय शाखा (पुलिस कार्यालय) की जिम्मेदारी सौंपी गई है। वहीं, उप निरीक्षक इंगेश्वर यादव को चौकी प्रभारी रैरुमा खुर्द, विजय कुमार एक्का को थाना कोतवाली और संजय नाग को सायबर थाना में पदस्थ किया गया है। सहायक उप निरीक्षक अमृत मिंज को रक्षित केंद्र, राजेश दर्शन को थाना कोतवाली व प्रेमसाय भगत को थाना लैलूंगा भेजा गया है। आदेश तत्काल प्रभाव से लागू एसएसपी ने एएसआई राजेंद्र सिंह पटेल के पूर्व आदेश में संशोधन करते हुए उन्हें यथावत थाना जूटमिल में ही रखा गया है। इसके अलावा प्रधान आरक्षक लखेश्वर मानसर को थाना कोतवाली, आरक्षक जगमोहन ओग्रे को थाना कापू और आरक्षक जोन प्रकाश टोप्पो को रक्षित केंद्र से थाना तमनार में नई पदस्थापना दी गई है। आदेश जारी करने के बाद तत्काल प्रभाव से लागू किया गया।
सूरजपुर में तीन भालुओं के हमले से महिला घायल:खुखड़ी चुनने जंगल गई, अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर
सूरजपुर जिले के रामानुजनगर क्षेत्र में मानव-वन्यजीव संघर्ष का एक मामला सामने आया है। पटना-आमगांव ओपनकास्ट खदान के पास जंगल में खुखड़ी (जंगली मशरूम) और पुटू चुनने गई एक महिला पर तीन भालुओं ने हमला कर दिया, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गई। जानकारी के अनुसार, महिला सुबह जंगल में खुखड़ी-पुटू एकत्र करने गई थी। इसी दौरान झाड़ियों में छिपे तीन भालुओं ने उस पर अचानक हमला कर दिया। महिला के चीखने-चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास मौजूद लोगों ने शोर मचाया, जिसके बाद भालू जंगल की ओर भाग गए। गांव में दहशत का माहौल घटना के बाद परिजनों और ग्रामीणों ने घायल महिला को तत्काल सूरजपुर जिला अस्पताल पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसकी गंभीर हालत को देखते हुए बेहतर इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज रेफर कर दिया। इस घटना के बाद क्षेत्र के ग्रामीणों में दहशत का माहौल है। ग्रामीणों का कहना है कि जंगल और खदान क्षेत्र के आसपास भालुओं की आवाजाही लगातार बढ़ रही है, जिससे जान का खतरा बना हुआ है। लोगों ने वन विभाग से प्रभावित क्षेत्र में गश्त बढ़ाने, भालुओं की निगरानी करने और ग्रामीणों की सुरक्षा के लिए आवश्यक कदम उठाने की मांग की है। वन विभाग की टीम भी घटना की जानकारी मिलने के बाद मौके पर पहुंची और मामले की जांच में जुट गई है। विभाग ने ग्रामीणों से जंगल में अकेले न जाने और सतर्क रहने की अपील की है।
कोटा में बादल छाए, बारिश का इंतजार:पिछले साल के मुकाबले 83% कम बरसात हुई, गर्मी व उमस से लोग परेशान
कोटा संभाग में मानसून की बेरुखी ने लोगों को गर्मी और उमस से परेशान कर दिया है। आषाढ़ बीतने और सावन की शुरुआत के बाद भी कोटा वासियों को गर्मी और उमस का सामना करना पड़ रहा है। शुक्रवार शाम को हुई बारिश के बाद से ही शहर में बारिश का इंतजार लंबा होता जा रहा है। हालांकि, मौसम विभाग का अनुमान है कि रविवार दोपहर बाद मौसम का मिजाज बदल सकता है और बौछारें पड़ने से लोगों को राहत मिल सकती है। रविवार सुबह कोटा में मौसम में बदलाव तो नजर आया लेकिन बारिश नहीं है। हवा नहीं चलने से उमस बढ़ी सुबह से आसमान में बादल छाए हुए हैं और धूप नहीं निकली, लेकिन इसके बावजूद राहत नहीं मिली। हवा की रफ्तार पूरी तरह थम जाने के कारण वातावरण में उमस (ह्यूमिडिटी) का ग्राफ ऊपर है। मौसम विभाग से मिले आंकड़ों के मुताबिक, इस साल जुलाई महीने में कोटा में मानसून उम्मीद के मुताबिक नहीं बरसा है। अब तक 126.9 एमएम बारिश दर्ज बारिश के आंकड़ों में पिछले साल की तुलना में भारी गिरावट दर्ज की गई है। इस साल अब तक मात्र 126.9 एमएम बारिश दर्ज की गई है। जबकि पिछले साल कोटा में 19 जुलाई तक 738.02 एमएम बारिश हुई थी। यानी कि पूरे साल के औसत से ज्यादा पानी बरसा था। जिससे कई कॉलोनियों में पानी भर गया था। पिछले साल के मुकाबले इस बार अब तक करीब 83 फीसदी कम बारिश हुई है। शाम तक हो सकती है बारिश यही कारण है कि बांधों का जलस्तर उम्मीद के मुताबिक नहीं बढ़ पाया है। मौसम केंद्र के अनुसार, बंगाल की खाड़ी और मध्य प्रदेश के ऊपरी हिस्से में बने चक्रवाती तंत्र के असर से कोटा और आसपास के इलाकों में स्थानीय स्तर पर घने बादल छा रहे हैं। हालांकि हवा का दबाव कम होने से रविवार सुबह बरसात नहीं हुई, लेकिन दोपहर बाद या शाम तक हवाओं का रुख बदलने और मेघ गर्जन के साथ अच्छी बारिश होने की पूरी संभावना है। अगर आज दोपहर बाद सिस्टम सक्रिय होता है, तो तापमान में 3 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की गिरावट आ सकती है।
अयोध्या की हनुमानगढ़ी में नमाज को लेकर छिड़े विवाद में अब अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा भी खुलकर सामने आ गई है। अखिल भारतीय संत समिति और गंगा महासभा के राष्ट्रीय महामंत्री स्वामी जीतेंद्रानंद सरस्वती ने पूर्व सांसद बृजभूषण शरण सिंह के बयान पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि वर्ष 2003 में हनुमानगढ़ी परिसर में रोजा इफ्तार और नमाज अदा की गई थी। उन्होंने कहा कि इस घटना से जुड़े तथ्यों को झुठलाना इतिहास से इनकार करने जैसा है। हनुमानगढ़ी ट्रस्ट डीड की धारा-10 का हवाला दिया स्वामी जीतेंद्रानंद ने दावा किया कि हनुमानगढ़ी ट्रस्ट डीड की धारा-10 में स्पष्ट प्रावधान है कि वहां किसी अन्य धर्म या संप्रदाय का प्रचार-प्रसार या उसकी पूजा पद्धति का महिमामंडन नहीं किया जा सकता। इसी आधार पर महंत धर्मदास, गौरीशंकर दास समेत पांच संतों ने तत्कालीन फैजाबाद जिला न्यायालय में याचिका दायर की थी। उनके अनुसार, जिला जज अनिल कुमार शुक्ल ने तत्कालीन महंत ज्ञानदास को लिखित रूप से माफी मांगने और संबंधित संतों की गद्दी पर जाकर क्षमा याचना करने का निर्देश दिया था। स्वामी जीतेंद्रानंद का दावा है कि बाद में महंत ज्ञानदास ने माफी भी मांगी। स्वामी जीतेंद्रानंद ने कहा - नागा संतों ने किया था विरोध उन्होंने यह भी कहा कि हनुमानगढ़ी मंदिर को नवाब शुजाउद्दौला द्वारा बनवाए जाने का दावा भी ऐतिहासिक तथ्यों के विपरीत है। उनके अनुसार, स्कंद पुराण सहित कई प्राचीन ग्रंथों में हनुमानगढ़ी का उल्लेख मिलता है और मंदिर के विस्तार से जुड़े ऐतिहासिक तथ्य भी उपलब्ध हैं।स्वामी जीतेंद्रानंद ने कहा कि वर्ष 2005 में दोबारा नमाज कराने की कोशिश का नागा संतों ने विरोध किया था और 14 दिनों तक अनशन भी किया। उनका दावा है कि उस समय तत्कालीन सांसद एवं वर्तमान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आंदोलनरत संतों का समर्थन किया था। उन्होंने कहा कि ऐतिहासिक तथ्यों को झुठलाने से सच्चाई नहीं बदलती।
मुरादाबाद-अलीगढ़ राष्ट्रीय राजमार्ग पर शनिवार देर रात एक 70 साल के बुजुर्ग की हत्या कर दी गई। रविवार सुबह पत्नी चाय लेकर पहुंची तो तख्त पर खून से लथपथ शव पड़ा मिला। सूचना पर पुलिस, फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। झोपड़ी के बाहर सो रहे थे बुजुर्ग मृतक की पहचान करण सिंह (70) पुत्र कल्लू सिंह निवासी ग्राम नानपुर के रूप में हुई है। वह हाईवे किनारे बिजलीघर और भाजपा मंडल कार्यालय के पास गन्ने के रस का ठेला लगाते थे। साथ ही बिजलीघर की चौकीदारी भी करते थे। रोज की तरह शनिवार रात भी वह अपनी झोपड़ी के बाहर तख्त पर सो गए थे। सुबह पत्नी ने देखा खून से लथपथ शव परिजनों के अनुसार, रात करीब ढाई से तीन बजे के बीच किसी अज्ञात हमलावर ने धारदार हथियार से उन पर हमला कर दिया। हमलावर ने चेहरे और हाथ पर कई वार किए। रविवार सुबह करीब साढ़े पांच बजे उनकी पत्नी फूलवती चाय लेकर पहुंचीं तो पति का शव खून से लथपथ पड़ा मिला। उनकी चीख सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और पुलिस को सूचना दी। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने जुटाए साक्ष्य सूचना मिलते ही एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह, सीओ बिलारी अशोक कुमार, कुंदरकी और मैंनाठेर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वायड ने घटनास्थल से साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। अकेले रहते थे करण सिंह करण सिंह के दो बेटे प्रदीप उर्फ छोटे और जीतू सिंह गांव में अपने परिवार के साथ रहते हैं। जबकि करण सिंह हाईवे किनारे बनी झोपड़ी में अकेले रहते थे। पुलिस परिजनों की तहरीर के आधार पर मुकदमा दर्ज कर मामले की जांच कर रही है। जल्द खुलासे का दावा एसपी देहात कुंवर आकाश सिंह ने बताया कि पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। घटनास्थल से मिले साक्ष्यों के आधार पर जल्द ही हत्या का खुलासा किया जाएगा। लगातार हत्याओं से ग्रामीणों में डर कुंदरकी और मैंनाठेर थाना क्षेत्रों में पिछले सात-आठ महीनों में हत्या की कई घटनाएं हो चुकी हैं। करण सिंह की हत्या के बाद इन दोनों थाना क्षेत्रों में हत्या के मामलों की संख्या 11 तक पहुंचने की चर्चा है। लगातार हो रही वारदातों से ग्रामीणों में डर का माहौल है। लोगों ने पुलिस से जल्द आरोपियों की गिरफ्तारी और अपराध पर सख्ती से रोक लगाने की मांग की है।
उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के प्रदेश अध्यक्ष अजय राय रविवार सुबह सीतापुर पहुंचे। यहां उन्होंने पत्रकारों से बातचीत में समसामयिक और राजनीतिक मुद्दों पर भाजपा सरकार की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में शांतिपूर्ण तरीके से अपनी बात रखने का अधिकार सभी को है और ऐसे आंदोलनों के प्रति सरकार का रवैया उचित नहीं है। सोनम वांगचुक को धरना स्थल से हटाए जाने के मुद्दे पर अजय राय ने कहा कि शांतिपूर्ण प्रदर्शन करने वालों के साथ इस तरह की कार्रवाई लोकतांत्रिक मूल्यों के अनुरूप नहीं है। उन्होंने इस कार्रवाई की आलोचना करते हुए कहा कि सरकार को संवाद के माध्यम से समाधान निकालना चाहिए। शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग दोहराई शिक्षा व्यवस्था को लेकर कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ने केंद्र सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने आरोप लगाया कि शिक्षा के क्षेत्र में सरकार पूरी तरह विफल रही है। इसी आधार पर उन्होंने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की अपनी मांग एक बार फिर दोहराई। अयोध्या और जौहर यूनिवर्सिटी पर भी दिए बयान अयोध्या में शुद्धि हवन के मुद्दे पर पूछे गए सवाल के जवाब में अजय राय ने कहा कि भगवान श्रीराम की नगरी अयोध्या हमेशा से पवित्र रही है। उन्होंने आरोप लगाया कि शुद्धिकरण किसी स्थान का नहीं, बल्कि भाजपा और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की सोच का होना चाहिए। रामपुर स्थित जौहर यूनिवर्सिटी पर प्रस्तावित बुलडोजर कार्रवाई को लेकर उन्होंने कहा कि यदि सरकार की किसी व्यक्ति से राजनीतिक या व्यक्तिगत मतभेद हैं, तो उसका असर किसी शैक्षणिक संस्थान पर नहीं पड़ना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार शिक्षा संस्थानों को नुकसान पहुंचाने का काम कर रही है। 'जनता का ध्यान भटकाने का प्रयास' का आरोप अजय राय ने आरोप लगाया कि सरकार अन्य विवादित मुद्दों से जनता का ध्यान हटाने के लिए जौहर यूनिवर्सिटी जैसे मामलों को आगे बढ़ा रही है। उन्होंने कहा कि शिक्षा संस्थानों को संरक्षित और मजबूत करना सरकार की जिम्मेदारी है। उनके इन बयानों के बाद प्रदेश की राजनीति में इन मुद्दों पर चर्चा तेज होने की संभावना है।
धार जिले के सरदारपुर वन परिक्षेत्र की कौद बीट के ग्राम शेरगढ़ में मेट्रो रेल परियोजना के तहत काटे गए पेड़ों की भरपाई के लिए किया गया वृक्षारोपण सवालों के घेरे में है। वन विभाग ने करीब तीन महीने पहले 30.178 हेक्टेयर क्षेत्र में 30,178 पौधे लगाए थे, लेकिन अब इनमें से हजारों पौधे सूख चुके हैं। कई जगह पौधों का नामोनिशान तक नहीं है। जहां पौधे लगाए गए थे, वहां अब सिर्फ सूखे डंठल दिखाई दे रहे हैं। इस वृक्षारोपण पर करीब 1 करोड़ 91 लाख 77 हजार रुपए खर्च किए गए थे। इसका उद्देश्य मेट्रो रेल परियोजना में कटे पेड़ों की भरपाई करना और क्षेत्र में हरियाली बढ़ाना था। लेकिन मौजूदा स्थिति योजना की सफलता पर सवाल खड़े कर रही है। देखें तस्वीरें… कई जगह सिर्फ सूखे डंठल बचे मौके पर बड़ी संख्या में पौधे सूखे मिले। कई स्थानों पर पौधों का अस्तित्व तक नहीं दिख रहा है। इससे यह सवाल उठ रहा है कि पौधारोपण के बाद उनकी देखभाल और निगरानी कितनी गंभीरता से की गई। सिर्फ पौधे लगाना काफी नहीं विशेषज्ञों के अनुसार, वृक्षारोपण केवल पौधे लगाने तक सीमित नहीं होता। उनकी नियमित सिंचाई, सुरक्षा और देखभाल भी उतनी ही जरूरी होती है। यदि पौधारोपण के बाद रखरखाव नहीं किया जाए, तो करोड़ों रुपए खर्च होने के बावजूद योजना का उद्देश्य पूरा नहीं हो पाता। शेरगढ़ का यह मामला भी इसी ओर इशारा करता है। सरकारी खर्च और निगरानी पर सवाल सरकार हर साल पर्यावरण संरक्षण और हरियाली बढ़ाने के लिए बड़े स्तर पर वृक्षारोपण अभियान चलाती है। ऐसे में यदि कटे पेड़ों की भरपाई के लिए लगाए गए हजारों पौधे शुरुआती तीन महीनों में ही सूख जाएं, तो योजनाओं की निगरानी और जवाबदेही पर सवाल उठना स्वाभाविक है। वृक्षारोपण अभियान की सफलता केवल पौधे लगाने से नहीं, बल्कि उनके जीवित रहने से तय होती है। यदि शुरुआती महीनों में ही बड़ी संख्या में पौधे नष्ट हो जाएं, तो करोड़ों रुपए खर्च करने का उद्देश्य अधूरा रह जाता है। रेंजर से नहीं मिला कोई जवाब इस मामले में सरदारपुर वन परिक्षेत्र के रेंजर शैलेंद्र सोलंकी से पक्ष जानने के लिए संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उनकी ओर से कोई जवाब नहीं मिल सका।
लखीमपुर खीरी में दूसरी जिला सब-जूनियर एवं जूनियर स्विमिंग चैंपियनशिप-2026 का सफल आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में जिले के युवा तैराकों ने उत्साह के साथ हिस्सा लिया और शानदार प्रदर्शन करते हुए अपनी प्रतिभा का परिचय दिया। विभिन्न वर्गों में रोमांचक मुकाबले देखने को मिले। प्रतियोगिता में बालिका वर्ग का ओवरऑल चैंपियन खिताब जेनेसिस स्पोर्ट्स क्लब ने अपने नाम किया, जबकि बालक वर्ग में चिल्ड्रन्स एकेडमी ओवरऑल चैंपियन रही। दोनों संस्थानों के खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन कर खिताब हासिल किया। वान्या, अर्जाव और श्यामक बने सर्वश्रेष्ठ तैराक व्यक्तिगत प्रदर्शन के आधार पर जेनेसिस स्पोर्ट्स क्लब की वान्या अग्रवाल को बालिका वर्ग का सर्वश्रेष्ठ तैराक चुना गया। वहीं, बालक वर्ग में चिल्ड्रन्स एकेडमी के अर्जाव सिंह तोमर और श्यामक सिंह गौर को संयुक्त रूप से सर्वश्रेष्ठ तैराक घोषित किया गया। जिला स्विमिंग एसोसिएशन के तत्वावधान में हुआ आयोजन चैंपियनशिप का आयोजन लखीमपुर खीरी जिला स्विमिंग एसोसिएशन के तत्वावधान में किया गया। कार्यक्रम में एसोसिएशन के अध्यक्ष एवं सेवानिवृत्त डिप्टी एसपी अमरीश कुमार मिश्रा मुख्य अतिथि के रूप में मौजूद रहे और खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन किया। प्रतिभागियों और प्रशिक्षकों का जताया आभार इस अवसर पर मानद सचिव आकांक्षा मिश्रा, प्रतियोगिता निदेशक एवं लक्ष्मण पुरस्कार विजेता हिमांशु तिवारी तथा आयोजन सचिव पुलक अग्रवाल सहित कई गणमान्य लोग उपस्थित रहे। मानद सचिव आकांक्षा मिश्रा ने सभी प्रतिभागियों, अभिभावकों, प्रशिक्षकों और सहयोगियों का आभार व्यक्त करते हुए विजेता खिलाड़ियों को शुभकामनाएं दीं।
झुंझुनूं के सोनासर में अखिल भारतीय किसान सभा के नेतृत्व में चल रहा किसानों का धरना रविवार को चौथे दिन भी जारी रहा। किसान नेता रोहितास महला की अध्यक्षता में हुए धरने में सीकर जिले के फकीरपुरा गांव के प्रभावित किसान भी पहुंचे और आंदोलन को समर्थन दिया। किसानों ने कहा कि जब तक उनकी मांगें पूरी नहीं होतीं और अग्रिम मुआवजा नहीं मिलता, तब तक पावर ग्रिड की कंपनी को काम नहीं करने दिया जाएगा। चौथे दिन भी जारी रहा धरना अखिल भारतीय किसान सभा सोनासर के नेतृत्व में चल रहे धरने की अध्यक्षता किसान नेता रोहितास महला ने की। किसानों ने एकजुट होकर कहा कि उनकी मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा। सीकर के किसानों ने दिया समर्थन आंदोलन को मजबूती देने के लिए सीकर जिले के फकीरपुरा गांव के प्रभावित किसान भी धरना स्थल पहुंचे। इनमें मंजीत बाजिया, बनवारी बाजिया और विनोद कालेर शामिल रहे। उन्होंने सोनासर के किसानों के प्रति एकजुटता जताई और कहा कि जरूरत पड़ने पर सीकर से बड़ी संख्या में किसान समर्थन के लिए पहुंचेंगे। कंपनी पर वादाखिलाफी का आरोप मीडिया से बातचीत में सीकर से आए किसान मंजीत बाजिया ने पावरग्रिड कंपनी की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कंपनी के अधिकारी लिखित समझौता करने के बाद भी अपनी बात से मुकर जाते हैं। उन्होंने बताया कि सीकर में भी कंपनी के अधिकारियों ने किसानों के साथ लिखित समझौता किया था, लेकिन बाद में उसे नहीं माना। पहले अग्रिम मुआवजा, फिर होगा काम किसानों ने कहा कि नियमानुसार पहले नुकसान का अग्रिम (एडवांस) मुआवजा दिया जाना चाहिए। उनका कहना है कि जब तक किसानों को मुआवजे की राशि नहीं मिलती, तब तक कंपनी को किसी भी हालत में काम नहीं करने दिया जाएगा। आगे की रणनीति पर हुई बैठक धरना स्थल पर किसानों की बैठक भी हुई। इसमें आंदोलन को आगे बढ़ाने, कंपनी पर दबाव बनाने और आगे की रणनीति को लेकर विस्तार से चर्चा की गई। धरने में महिपाल पूनिया, नवीन चौधरी, जयपाल महला (सहकारी समिति अध्यक्ष), सुरेंद्र सिंह सिलाइच (पूर्व सरपंच), सुनील महला, अमित, नरेंद्र महला, लीलाधर महला, हरफूल यादव, छाजू राम यादव, रतन यादव, सहीराम महला, राजेंद्र, बलदेव, सुरेंद्र महला, विकास योगी, धर्मेंद्र नायक, सुरजीत महला, नवीन महला और जितेंद्र सहित बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे।
सूरजपुर जिले में पहली तेज बारिश ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल खड़े कर दिए हैं। गोबरी नदी पर लाखों रुपये की लागत से हाल ही में निर्मित अस्थायी रपटा पुल पहली ही बारिश में क्षतिग्रस्त हो गया, जिससे दर्जनों गांवों का राष्ट्रीय राजमार्ग-43 से संपर्क टूट गया है। उधर, सूरजपुर जिले के ही प्रतापपुर विकासखंड के ग्राम पंचायत धोंधा में निर्माणाधीन रपटा पुल भी पहली ही बारिश में बह गया। गोविंदपुर-रमकोला मार्ग पर बन रहे इस पुल के क्षतिग्रस्त होने से करीब दर्जनभर गांवों का आवागमन प्रभावित हुआ है। इस घटना के बाद निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। गोबरी नदी का रपटा पुल लगभग एक माह पहले ही बनकर तैयार हुआ था। हालांकि, यह पहली ही बारिश का दबाव नहीं झेल सका और बह गया। इस घटना से डबरीपारा, बासापारा, शिवप्रसाद नगर सहित दर्जनों गांवों के निवासियों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, मरीजों की मुश्किलें बढ़ीं स्कूली बच्चों, मरीजों और रोजमर्रा के कार्यों के लिए आने-जाने वाले लोगों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। उन्हें अब वैकल्पिक रास्तों का उपयोग करना पड़ रहा है, जो लंबा और असुविधाजनक है। उल्लेखनीय है कि गोबरी नदी पर बना स्थायी पुल पिछले वर्ष बरसात में ढह गया था। इसके बाद आवागमन बहाल करने के लिए प्रशासन द्वारा लाखों रुपये खर्च कर इस अस्थायी रपटा पुल का निर्माण कराया गया था। आरोप- गुणवत्ता मानकों का ध्यान नहीं रखा पहली ही बारिश में इसके क्षतिग्रस्त होने से निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में गुणवत्ता मानकों का ध्यान नहीं रखा गया, जिसके कारण पुल इतनी जल्दी क्षतिग्रस्त हो गया। ग्रामीणों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी अधिकारियों एवं ठेकेदार पर कार्रवाई करने की मांग की है। उन्होंने जल्द से जल्द पुल की मरम्मत कर आवागमन बहाल करने की भी अपील की है। फिलहाल, प्रशासन की ओर से पुल क्षतिग्रस्त होने को लेकर कोई आधिकारिक बयान सामने नहीं आया है। ग्रामीणों को उम्मीद है कि प्रशासन जल्द ही कोई वैकल्पिक व्यवस्था कर यातायात को सुचारु करेगा। प्रतापपुर के गोविंदपुर-रमकोला का पुल ढहने से रपटा बना रहे थे गोविंदपुर-रमकोला मार्ग पर स्थित पुराना पुल पहले ही ढह चुका था। इसके बाद लोगों की आवाजाही सुचारु रखने के लिए एक अस्थायी रपटा पुल का निर्माण किया जा रहा था। हालांकि, यह निर्माण कार्य पूरा होने से पहले ही पहली तेज बारिश में बह गया। रपटा पुल के बह जाने से क्षेत्र के ग्रामीणों को आवागमन में भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्कूली बच्चों, मरीजों और किसानों सहित आम लोगों का मुख्य मार्ग से संपर्क टूट गया है।
हरियाणा में नारनौल के निजामपुर थाना के गांव कारोली में शनिवार देर शाम तालाब में नहाने गए एक 36 वर्षीय युवक की डूबने से मौत हो गई। मृतक की पहचान विनोद कुमार प्रजापत के रूप में हुई है। रविवार को पुलिस ने पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने परिजनों के बयान के आधार पर इत्तेफाकिया कार्रवाई दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। मृतक विनोद के भाई विजय ने पुलिस को बताया कि, शनिवार की शाम करीब साढ़े सात बजे विनोद गांव के तालाब में नहाने के लिए गया था। नहाते समय उसका पैर फिसल गया और वह गहरे पानी में चला गया। तैरना नहीं आने के कारण वह पानी से बाहर नहीं निकल सका और डूब गया। रात को दस बजे निकाला शव काफी देर तक घर वापस नहीं लौटने पर परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की। इसी दौरान ग्रामीणों से उसके तालाब में डूबने की सूचना मिली। सूचना मिलते ही डायल-112 पुलिस टीम मौके पर पहुंची और गोताखोरों को बुलाने की प्रक्रिया शुरू की। हालांकि, ग्रामीणों ने पुलिस की मौजूदगी में कड़ी मशक्कत के बाद रात करीब 10 बजे उसे पानी से बाहर निकाल लिया। डॉक्टरों ने किया मृत घोषित इसके बाद विनोद को नागरिक अस्पताल नारनौल पहुंचाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। विनोद पेशे से टाइल लगाने का मिस्त्री था और परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। उसके परिवार में पत्नी और तीन बच्चे हैं। पिता व भाईयों की हो चुकी पहले मौत करीब दस वर्ष पहले उसके पिता तथा दो बड़े भाइयों का भी निधन हो चुका है। घटना के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है। परिजनों ने सरकार और जिला प्रशासन से आर्थिक सहायता प्रदान करने की मांग की है।
आजमगढ़ जेल में वारंटी की मौत, गांव में हंगामा:मऊ पहुंचा शव, परिजनों ने किया हंगामा
मऊ जिले के दोहरीघाट क्षेत्र के नवापुरा निवासी 24 वर्षीय विक्रम डोम की आजमगढ़ जेल में संदिग्ध परिस्थितियों में मौत के बाद मृतक के पैतृक गांव में तनाव फैल गया। जानकारी के अनुसार आजमगढ़ जिले के जीयनपुर कोतवाली का वारंटी था जिसे जीयनपुर पुलिस ने गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था । जिसका जेल में आरोपी के मौत हो गई जैसे ही शव उसका शव उसके कस्बे में पहुंचा परिजन और ग्रामीण आक्रोशित हो गए। जिसका सोशल मीडिया पर एक वीडियो वायरल हो रहा है वीडियो में देखा जा सकता है कि किस तरह से एक महिला एक पुलिस वाले को दौड़ाती हुई नजर आ रही है इस वीडियो बीते 17 जुलाई का बताया जा रहा है जब मृतक का शव पहुंचा परिजनों और स्थानीय लोग आक्रोशित हो गए। इस मामले पर घोसी सर्किल के सीओ जितेंद्र सिंह ने विस्तृत जानकारी दी है। सीओ जितेंद्र सिंह ने बताया कि 12 जुलाई को आजमगढ़ के जीयनपुर थाना पुलिस ने वारंटी विक्रम डोम को गिरफ्तार करने के लिए मऊ के दोहरीघाट क्षेत्र का दौरा किया था। विक्रम डोम जीयनपुर थाने के मुकदमा अपराध संख्या 1/23 में वांछित थे। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर नियमानुसार न्यायालय में पेश किया, जिसके बाद उन्हें जेल भेज दिया गया। सीओ के अनुसार, 16 जुलाई को सूचना मिली कि आजमगढ़ के सदर अस्पताल में इलाज के दौरान शाम करीब 8:30 बजे विक्रम डोम की मृत्यु हो गई। आवश्यक कानूनी प्रक्रियाओं को पूरा करने के बाद शव को उनके पैतृक गांव नवापुरा लाया गया। शव पहुंचने पर परिजन मृत्यु के कारण को लेकर आक्रोशित थे। पुलिस और प्रशासन के अधिकारियों ने उन्हें समझाकर शांत कराया। इसके उपरांत विक्रम डोम का अंतिम संस्कार हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार संपन्न कराया गया। सीओ जितेंद्र सिंह ने पुष्टि की कि वर्तमान में क्षेत्र में शांति व्यवस्था पूरी तरह सामान्य है और कानून-व्यवस्था की कोई समस्या नहीं है। पुलिस सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे वीडियो पर भी लगातार नजर बनाए हुए है,
खेत में कुत्ते के मुंह में मिला नवजात का शव:चेहरे को नोच डाला, रैयाटुंडा गांव की घटना
चूरू जिले के साहवा थाना क्षेत्र में एक नवजात का शव कुत्ते के मुंह में मिला। यह घटना रैयाटुंडा गांव के एक खेत में सामने आई है।ग्रामीणों ने खेतों की ओर जाते समय एक कुत्ते को कुछ मुंह में दबाए देखा। पास जाने पर पता चला कि वह नवजात था। ग्रामीणों ने नवजात को कुत्ते से छुड़वाया, लेकिन तब तक कुत्ते उसके चेहरे को नोच चुके थे। डीएनए सैंपल से होगी पहचानसूचना मिलने पर साहवा थाना के एएसआई सुल्तान सिंह पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का मुआयना किया और नवजात का शव कब्जे में लिया।एएसआई सुल्तान सिंह ने बताया कि नवजात के शव को साहवा के सरकारी अस्पताल की मॉर्च्युरी में रखवाया गया है। पहचान करने के लिए डीएनए सैंपल लिए जाएंगे। पुलिस ने अज्ञात व्यक्ति के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। नवजात को किसने और कब फेंका, इसकी जानकारी जुटाने के लिए आसपास के गांवों में भी पूछताछ की जा रही है।
कोरबा के आयुष्मान चिकित्सालय शारदा विहार में जन्मे जुड़वा बच्चों में से एक नवजात की मौत हो गई। परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन और चिकित्सकों पर गंभीर लापरवाही का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि बच्चे को समय पर उचित इलाज के लिए रेफर नहीं किया गया, जिसके बाद अस्पताल में जमकर हंगामा हुआ। पुलिस को सूचना मिलने पर टीम मौके पर पहुंची। परशुराम नगर दादर निवासी शशिकांत ओझा की पत्नी ने 17 जुलाई को जुड़वा बच्चों को जन्म दिया था। शादी के लगभग 16 साल बाद घर में बच्चों के आने से परिवार में खुशी का माहौल था। जन्म के समय दोनों बच्चों का वजन सामान्य था। हालांकि, जन्म के कुछ घंटों बाद ही एक बच्चे के शरीर पर पीलिया के लक्षण दिखाई देने लगे। परिजनों ने तुरंत इसकी जानकारी ड्यूटी पर मौजूद चिकित्सकों को दी। परिजानों का आरोप- डाक्टरों ने गंभीरता नहीं दिखाई परिजनों का आरोप है कि शिकायत के बावजूद डॉक्टरों ने इसे गंभीरता से नहीं लिया और उन्हें आश्वासन दिया। इसके बाद बच्चे की हालत लगातार बिगड़ती गई। जब स्थिति अत्यधिक खराब हो गई, तब परिजनों के दबाव में आकर अस्पताल प्रबंधन ने बच्चे को रेफर किया। बच्चे को आनन-फानन में दूसरे अस्पताल ले जाया गया, जहां इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। ओझा परिवार का कहना है कि यदि समय रहते बच्चे को बड़े अस्पताल भेजा जाता तो उसकी जान बच सकती थी। उन्होंने अस्पताल प्रबंधन पर लापरवाही बरतने और मरीजों की गंभीरता को नजरअंदाज करने का आरोप लगाते हुए मामले की उच्च स्तरीय जांच और दोषी चिकित्सकों पर कार्रवाई की मांग की है। अस्पताल प्रबंधन बोला-पीलिया के लक्षण दिखे तो रिफर किया इस संबंध में अस्पताल प्रबंधन ने बताया कि नवजात की स्थिति पर लगातार नजर रखी जा रही थी। पीलिया के लक्षण दिखते ही उचित उपचार शुरू किया गया था और स्थिति गंभीर होने पर ही बच्चे को रेफर किया गया।
सीतापुर के शहर कोतवाली क्षेत्र के गदियाना मोहल्ले में रविवार सुबह करीब नौ बजे उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब बाजार स्थित एक ई-रिक्शा बैटरी चार्जिंग की दुकान में अचानक आग लग गई। दुकान से धुएं का गुबार उठता देख आसपास के दुकानदारों और स्थानीय लोगों में हड़कंप मच गया। घटना की सूचना तत्काल फायर ब्रिगेड और पुलिस को दी गई। सूचना मिलते ही दमकल विभाग की टीम मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से आग बुझाने का अभियान शुरू किया। कुछ देर की मशक्कत के बाद दमकल कर्मियों ने आग पर पूरी तरह काबू पा लिया, जिससे आग आसपास की दुकानों तक फैलने से रोक दी गई। समय रहते आग पर काबू पा लेने से बड़ा हादसा टल गया। प्रारंभिक जांच में आग लगने का कारण शॉर्ट सर्किट माना जा रहा है। आशंका जताई जा रही है कि बैटरी चार्जिंग के दौरान विद्युत लाइन में तकनीकी खराबी आने से चिंगारी निकली और दुकान में रखा ज्वलनशील सामान उसकी चपेट में आ गया। हालांकि आग लगने के वास्तविक कारणों की जांच की जा रही है। घटना के समय दुकान के अंदर रखी बैटरियों, चार्जिंग उपकरणों और अन्य सामान को नुकसान पहुंचा है। आग की वजह से दुकान में रखा काफी सामान जलकर क्षतिग्रस्त हो गया। हालांकि इस हादसे में किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना के बाद शहर कोतवाली पुलिस भी मौके पर पहुंची और हालात का जायजा लिया। पुलिस और दमकल विभाग ने लोगों से अपील की है कि बैटरी चार्जिंग से जुड़े प्रतिष्ठानों पर विद्युत सुरक्षा मानकों का विशेष ध्यान रखें और वायरिंग तथा उपकरणों की समय-समय पर जांच कराते रहें, ताकि इस तरह की घटनाओं से बचा जा सके।
शाजापुर के लालघाटी थाना क्षेत्र में 90 हजार रुपए कीमत की एक भैंस चोरी का मामला सामने आया है। बदमाश टापरी का ताला तोड़कर भैंस ले गए। पूरी वारदात पास लगे सीसीटीवी कैमरे में कैद हो गई है। पुलिस ने अज्ञात आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर उनकी तलाश शुरू कर दी है। रात में चारा डालने पहुंचे तो टूटा मिला ताला बजरंग कॉलोनी निवासी रामचंद्र बैरागी, जो बस स्टैंड पर चाय की दुकान चलाते हैं, ने पुलिस को बताया कि उनके पास एक भैंस, एक पाड़ी और पांच गाय हैं। 17 जुलाई की रात उन्होंने सभी मवेशियों को चारा-पानी देकर टापरी में बांध दिया था। रात करीब 1:30 बजे दोबारा चारा डालने पहुंचे तो टापरी का ताला टूटा मिला और भैंस गायब थी। सीसीटीवी फुटेज के आधार पर जांच आसपास तलाश करने के बाद भी भैंस का पता नहीं चलने पर रामचंद्र ने लालघाटी थाने में शिकायत दर्ज कराई। पुलिस ने 18 जुलाई को अज्ञात बदमाशों के खिलाफ प्रकरण दर्ज किया। रविवार को सामने आए सीसीटीवी फुटेज में बदमाश भैंस को ले जाते हुए दिखाई दे रहे हैं। पुलिस फुटेज के आधार पर आरोपियों की पहचान कर उनकी तलाश में जुटी है।
उन्नाव के असोहा थाना क्षेत्र में रविवार सुबह एक 22 वर्षीय युवक का शव हाईटेंशन लाइन के खंभे से फंदे पर लटका मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई। सूचना मिलने पर पहुंची पुलिस ने जांच शुरू कर दी है। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से शव को नीचे उतारने का प्रयास किया, लेकिन हाईटेंशन लाइन में बिजली आपूर्ति चालू होने के कारण ऐसा नहीं किया जा सका। संबंधित विभाग को इसकी जानकारी दी गई है, और लखनऊ से एक टीम मौके के लिए रवाना हुई है। मृतक की पहचान ओमकार रावत (22) पुत्र महेश रावत के रूप में हुई है, जो दाऊखेड़ा, थाना असोहा का निवासी था। ओमकार पेशे से ड्राइवर था। उसके परिवार में माता अनीता, चार भाई और दो बहनें हैं। वह अपने भाई-बहनों में सबसे बड़ा था। उसके पिता महेश रावत पंजाब के लुधियाना में मजदूरी करते हैं। परिजनों के अनुसार, ओमकार चार दिन पहले अपनी चचेरी बहन अनीता के घर, दऊ गांव घूमने आया था। शनिवार दोपहर करीब दो बजे वह यह कहकर घर से निकला था कि थोड़ा घूमकर आता है, लेकिन देर रात तक वापस नहीं लौटा। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, लेकिन उसका कोई सुराग नहीं मिला। रविवार सुबह करीब छह बजे दरसवा निवासी रंजीत, जो मृतक की दूसरी चचेरी बहन रोशनी के जेठ हैं, खेत की ओर गए थे। इसी दौरान उनकी नजर खेत के पास स्थित हाईटेंशन लाइन के खंभे पर पड़ी, जहां करीब 50 फीट की ऊंचाई पर ओमकार का शव फंदे से लटका दिखाई दिया। उन्होंने तत्काल अपने छोटे भाई रामेंद्र को सूचना दी, जिसके बाद रामेंद्र ने मृतक के परिजनों और असोहा थाना पुलिस को घटना की जानकारी दी। पुलिस सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है। प्रथम दृष्टया यह मामला आत्महत्या का प्रतीत हो रहा है, हालांकि पुलिस किसी भी संभावना से इनकार नहीं कर रही है। अधिकारियों का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल पाएगा।
रामगंजमंडी विधानसभा क्षेत्र के बन्दा गांव में शनिवार को शिक्षा मंत्री एवं स्थानीय विधायक मदन दिलावर के दौरे के दौरान हंगामे की स्थिति बन गई। नगर निगम की गौशाला में सांड के हमले में जान गंवाने वाले गोपाल भील के परिवार को अनुकंपा सहायता दिलाने की मांग लेकर पहुंचे ग्रामीणों ने मंत्री से मुलाकात की कोशिश की। इसी दौरान एक युवक के वीडियो बनाने पर मंत्री के निजी सहायक ने आपत्ति जताई, जिसके बाद विवाद बढ़ गया और मंत्री वहां से रवाना हो गए। ग्रामीणों का आरोप है कि मंत्री ने उनकी बात सुने बिना ही कार्यक्रम स्थल छोड़ दिया। इसके बाद लोगों ने नाराजगी जताते हुए मदन दिलावर के खिलाफ नारेबाजी की और मुर्दाबाद के नारे लगाए। ज्ञापन देने गए थे ग्रामीण निवर्तमान उप महापौर पवन मीणा के नेतृत्व में ग्रामीण गोपाल भील के परिवार की ओर से ज्ञापन सौंपकर अनुकंपा नियुक्ति और आर्थिक सहायता की मांग करना चाहते थे। पवन मीणा ने कहा कि ग्रामीण किसी निजी हित के लिए नहीं, बल्कि पीड़ित परिवार को न्याय और नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने की मांग लेकर पहुंचे थे। उनका कहना है कि यह एक संवेदनशील मामला है और ऐसे मामलों में जनप्रतिनिधियों को पीड़ित परिवार की बात सुननी चाहिए। ग्रामीणों ने सरकार से गोपाल भील के परिवार को जल्द आर्थिक सहायता और आवश्यक राहत देने की मांग की है। उनका कहना है कि जब तक परिवार को न्याय नहीं मिलेगा, तब तक वे लोकतांत्रिक तरीके से अपना विरोध जारी रखेंगे।
रेवाड़ी जिले के धारूहेड़ा स्थित गांव राजपुरा अलमगीरपुर खतावाली में शनिवार देर रात एक दंपती ने सुसाइड कर लिया। मृतकों की पहचान 50 वर्षीय अशोक कुमार और उनकी 48 वर्षीय पत्नी नीलम के रूप में हुई है। दोनों ने घर के ऊपरी कमरे में छत पर लगे पंखे के हुक से चुन्नी बांधकर फांसी लगा ली। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शवों को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए रेवाड़ी के नागरिक अस्पताल भेज दिया। बेटे को पंखे के हुक पर लटके मिले शव धारूहेड़ा थाना प्रभारी कबूल ने बताया कि परिवार के अन्य सदस्य निचले तल पर रहते थे। शनिवार देर रात करीब 8:30 बजे उनका बेटा ड्यूटी से घर लौटा। वह अपने माता-पिता से मिलने ऊपरी कमरे में गया। कमरे में अंधेरा था। बेटे ने लाइट जलाई तो देखा कि दोनों पति-पत्नी पंखे के हुक से लटके हुए थे। दो बेटे और एक बेटी के माता-पिता थे पुलिस के अनुसार, मृतक दंपती के दो बेटे और एक बेटी हैं। अशोक कुमार मजदूरी करते थे और कथित तौर पर हृदय रोगी थे। पुलिस ने मौके पर छानबीन की, लेकिन कोई सुसाइड नोट बरामद नहीं हुआ। एसएचओ कबूल ने यह भी बताया कि परिवार के सदस्यों ने भी आत्महत्या के पीछे की कोई वजह नहीं बताई है। मामले की जांच कर रही पुलिस पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिए गए हैं। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो पाएगा। मामले की आगे की जांच जारी है।
जौनपुर में मलेरिया अधिकारी सुनील कुमार यादव द्वारा संचारी रोग नियंत्रण अभियान एवं फाइलेरिया रुग्णता प्रबंधन कैंप के तहत रविवार को ब्लॉक मुफ्तीगंज के ग्राम विजयीपुर स्थित आयुष्मान आरोग्य मंदिर पर फाइलेरिया (हाथीपांव) मरीजों के लिए रूग्णता प्रबंधन एवं दिव्यांगता रोकथाम कैंप आयोजित किया गया। इस कैंप में सी एच ओ खुशबू मौर्या, डी ओ पाथ अमरेश कुमार एवं क्षेत्रीय आशाओं ने सहयोग किया। इस दौरान समस्त 10 मरीजों को रूग्णता प्रबंधन प्रशिक्षण दिया गया। उन्हें एक्सरसाइज, साफ-सफाई और धुलाई आदि की जानकारी देकर रुग्णता प्रबंधन किट भी प्रदान की गई। मरीजों और उनके परिजनों को संचारी रोगों के कारण, लक्षण, बचाव, मच्छरों के रोकथाम, साफ-सफाई, झाड़ी की कटाई और हाथ धोने के महत्व के बारे में विस्तृत जानकारी दी गई। इस अवसर पर पोस्टर और पैम्फलेट भी वितरित किए गए। कैंप के बाद, विजयीपुर ग्राम में संचारी दस्तक अभियान से संबंधित गतिविधियों का पर्यवेक्षण किया गया। इस दौरान आशा विजय लक्ष्मी पाठक उपस्थित रहीं और जन समुदाय को संचारी रोगों के बारे में जागरूक किया गया। जनपद में संचारी दस्तक अभियान 01 जुलाई से 31 जुलाई तक और दस्तक अभियान 11 जुलाई से 31 जुलाई तक संचालित हो रहा है। इस अभियान में स्वास्थ्य विभाग और बाल विकास विभाग से आशा और आंगनवाड़ी कार्यकत्री घर-घर भ्रमण कर संचारी रोगों से बचाव के बारे में लोगों को जागरूक करेंगी। वे टीबी, कुष्ठ, मलेरिया, डेंगू, फाइलेरिया आदि लक्षण युक्त मरीजों को चिन्हित कर उनकी जांच और उपचार के लिए नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र संदर्भित करेंगी। संचारी रोगों से बचाव के लिए जनसमुदाय से अपील की गई है कि वे अपने घरों के आस-पास साफ-सफाई रखें, झाड़ियां न उगने दें और जल जमाव न होने दें। नालियों में कूड़ा-कबाड़ न डालें और रुके हुए पानी में जला हुआ मोबिल ऑयल डालें। कूलर, फ्रिज की ट्रे और गमलों आदि में जमा पानी सप्ताह में एक बार अवश्य बदल दें। टंकियों को ढक कर रखें, पूरी आस्तीन के कपड़े पहनें और खुले बदन न सोएं। सोते समय मच्छरदानी का उपयोग करें और खुले में शौच न करें। खाना खाने से पहले साबुन से हाथ अवश्य धोएं। बुखार होने पर तत्काल नजदीकी सरकारी स्वास्थ्य केंद्र जाकर निःशुल्क जांच और उपचार कराएं, क्योंकि बुखार में देरी पड़ेगी भारी। इस दौरान जल जमाव होगा जहां, मच्छर पैदा होंगे वहां और शूकर, मच्छर, गंदा पानी, संचारी रोगों की रचे कहानी जैसे नारे भी दिए गए।
टोंक में रविवार सुबह से ही मौसम का मिजाज बदला हुआ है। मौसम विभाग के अनुसार जिले में बारिश का येलो अलर्ट जारी किया है। जिसके बाद क्षेत्र में अच्छी बारिश होने की संभावना जताई जा रही है। सुबह से ही ठंडी हवाओं का दौर जारी है। जिससे लोगों को गर्मी और उमससे राहत मिली है। जिसके कारण जिले में मौसम सुहावना हो गया है। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार- येलो अलर्ट को देखते हुए शाम तक जिले के कई हिस्सों में बिजली गर्जना के साथ बारिश हो सकती है। सुबह से हल्के बादल छाए रहे जिले में रविवार सुबह से ही आसमान में हल्के बादलों की आवाजाही बनी हुई है। बादलों की मौजूदगी के कारण धूप का असर कम है, जिससे स्थानीय लोगों को तेज गर्मी से थोड़ी राहत मिली है। हालांकि, हवा में नमी के चलते हल्की उमस का अहसास भी हो रहा है। तापमान में गिरावट आई मौसम विभाग के अनुसार, जिले में तापमान में उतार-चढ़ाव का दौर जारी है। टोंक का अधिकतम तापमान 38 डिग्री सेल्सियस रहने के आसार बने हुए है। वहीं न्यूनतम तापमान 28 डिग्री सेल्सियस रहा। इस बदले मौसम के चलते बीते दिनों के मुकाबले लोगों को गर्मी और उमस कम महसूस हो रही है।
नहर में बोरे में मिला अज्ञात युवक का शव:अमेठी में कई दिन पुराना होने से पहचान नहीं हो पा रही
अमेठी के जामो थाना क्षेत्र में एक सनसनीखेज घटना सामने आई है। बीती रात करीब 9 बजे रेशी गांव स्थित शारदा सहायक खंड-49 नहर से एक बोरे में बंधा अज्ञात युवक का शव बरामद हुआ। नहर के बंधवा पुल के पास मिले इस शव से इलाके में हड़कंप मच गया है। पुलिस ने हत्या कर शव को बोरे में बांधकर नहर में फेंके जाने की आशंका जताई है। घटना का खुलासा तब हुआ जब नहर के चौकीदार ने नहर में एक बोरा पड़ा देखा और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही जामो थाना पुलिस मौके पर पहुंची और स्थानीय लोगों की मदद से बोरे को बाहर निकलवाया। बोरा खोलने पर उसमें करीब 40 वर्षीय एक युवक का शव मिला। मृतक ने नीले रंग की पैंट और सफेद रंग की शर्ट पहन रखी थी। उसके हाथ और गले में काला धागा बंधा हुआ था। पुलिस के अनुसार, शव कई दिन पुराना होने के कारण चेहरा खराब हो गया है, जिससे उसकी पहचान नहीं हो पा रही है। मृतक के मुंह, आंख और शरीर के अन्य हिस्सों पर भी चोट के निशान पाए गए हैं। इन निशानों से यह आशंका जताई जा रही है कि पहले युवक की बेरहमी से पिटाई की गई और फिर उसकी हत्या कर पहचान छिपाने के उद्देश्य से शव को बोरे में बांधकर नहर में फेंक दिया गया। जामो पुलिस आसपास के जिलों और अन्य थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का मिलान कर मृतक की शिनाख्त कराने में जुटी है। घटनास्थल पर एसओजी और फोरेंसिक टीम भी पहुंची और आवश्यक साक्ष्य जुटाए। शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है, जिसकी रिपोर्ट से मौत के सही कारणों का पता चल पाएगा। जामो थाना इंस्पेक्टर विनोद सिंह ने जानकारी देते हुए बताया कि मृतक की पहचान के लिए अमेठी के अलावा सुल्तानपुर, रायबरेली, प्रतापगढ़, अयोध्या सहित अन्य जिलों के थानों में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का विवरण मंगाया जा रहा है।
आदिवासी समाज के बच्चों को गोवा से शनिवार शाम उदयपुर लाया गया। उन्हें बाल कल्याण समिति (सीडब्ल्यूसी) की टीम यहां लेकर पहुंची। जिसके बाद उदयपुर सांसद मन्ना लाल रावत ने अपना एक वीडियो जारी किया। रावत ने वीडियो के जरिए कहा कि बच्चों को अवैध तरीके से मानव तस्करी के लिए तमिलनाडु ले जाया जा रहा था। ऐसी घटनाएं पहले भी हुई हैं और इसकी सूचनाएं लगातार आ रही हैं। इससे साफ पता चलता है कि क्षेत्र में धर्मांतरण का एक पूरा इकोसिस्टम काम कर रहा है। आदिवासी इलाकों में बड़ा नेटवर्क सक्रिय है। सांसद रावत ने नेटवर्क का खुलासा करते हुए कहा कि ऋषभदेव थाना क्षेत्र के कानूवाड़ा में एक एफआईआर दर्ज हुई है। 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें से एक व्यक्ति नेपाल का है, एक पंजाब का है। जानकारी के अनुसार नेपाल के व्यक्ति के साथ पाकिस्तानी भी था। इसके साथ ही छत्तीसगढ़ से भी तीन लोग इसमें जुड़े हुए थे। बाहरी लोग यहां आकर आदिवासी क्षेत्रों में छद्म तरीके से रहते हैं और धर्मांतरण की अवैध गतिविधियों को अंजाम देकर स्थानीय लोगों में अलगाव पैदा करते हैं। विकास को रोकने का प्रयास किया जा रहा सांसद ने आरोप लगाया कि ये लोग क्षेत्र में हो रही विकास की गतिविधियों और विकास के मार्ग को रोकने का प्रयास कर रहे हैं। ये आदिवासियों को गरीब बनाए रखने के लिए लोभ-प्रलोभन देते हैं और यहां बड़े पैमाने पर पैसे के लेन-देन की सूचनाएं हैं। डूंगरपुर और बांसवाड़ा से भी ऐसी घटनाएं सामने आई सांसद ने पहले की घटनाओं का जिक्र करते हुए कहा कि डूंगरपुर के सेंट पॉल स्कूल और बांसवाड़ा के कलिंजरा में भी ऐसी घटनाएं सामने आ चुकी हैं। कोई 'ऐसी भारत' नाम के लोग भी यहां आकर कट्टरता की बातें करते हैं और लोगों को भड़काकर संविधान के खिलाफ ले जाते हैं। बड़ी पार्टी का नेता कहता है-धर्मांतरण अधिकार है सांसद ने राजनीतिक मिलीभगत पर भी सवाल उठाए हैं, उन्होंने कहा कि दुखद बात यह है कि कानूवाड़ा में राजस्थान के एक राजनीतिक दल का बड़ा नेता जाकर कहता है कि धर्मांतरण अधिकार है, जो कि एक बहुत बड़ा पाप है। साथ ही 'आदिवासी हिंदू नहीं हैं' जैसी मार्केटिंग करने वाली नई पार्टियां पैदा हो गई हैं। ये सब मिलकर विकास की गति को रोकना चाहते हैं। जब सरकार शिक्षा, स्वास्थ्य, सड़क और पानी सब कुछ दे रही है, तो ये लोग बाहर क्यों जा रहे हैं? रावत ने संदेह जताया कि तमिलनाडु में सनातन को डेंगू-मलेरिया बताने वाले डायलॉग बोले जाते हैं, कहीं ये सारा इशारा उसी तरफ तो नहीं है? हम सब साथ आगे बढ़ेंगे उन्होंने कहा कि जनगणना में ओआरपी की मांग करने वाले लोग आदिवासियों पर आईपीसी लागू नहीं होने की बात करते हैं। अब इस पूरे इकोसिस्टम को रुकना चाहिए। विकसित भारत के लिए हम सब साथ आगे बढ़ेंगे, लेकिन इन तत्वों को रोकना जरूरी है। इसके लिए उन्होंने केंद्रीय गृहमंत्री और राजस्थान के मुख्यमंत्री से आग्रह किया है कि इस गंभीर मामले की एनआईए (NIA) और सीबीआई (CBI) से गहनता से जांच कराई जाए ताकि इसकी जड़ों तक पहुंचकर इसे पूरी तरह रोका जा सके। दो दिन पहले छुड़ाए 7 बच्चे बता दें कि उदयपुर बाल कल्याण समिति की टीम 2 दिन पहले गोवा पहुंचकर वहां से छुडवाए गए 7 बच्चों को लेकर उदयपुर आई। गिरोह इन बच्चों को बस से अहमदाबाद और फिर ट्रेन से गोवा लेकर पहुंचा था। गिरोह गोवा से बच्चों को तमिलनाडु ले जाने वाला था, लेकिन उससे पहले ही रेलवे पुलिस ने छुड़ा लिया। फ्री शिक्षा दिलाने के बहाने ले जा रहे थे गिरोह से छुड़ाए गए बच्चों में 2 लड़कियां और 5 लड़के शामिल हैं, जिनकी उम्र 7 से 12 साल के बीच है। सांसद ने आरोप लगाया कि इन गरीब आदिवासी बच्चों को फ्री शिक्षा के बहाने धर्मांतरण कराने के लिए राजस्थान से तमिलनाडू ले जाया जा रहा था। ----------------- यह खबर भी पढ़िए.. धर्मांतरण कराने राजस्थान से बाहर भेजे जा रहे थे बच्चे:गिरोह ने फ्री पढ़ाई का लालच दिया; गोवा में रेलवे पुलिस ने 7 बच्चों को छुड़ाया
खैरथल-तिजारा जिले के किशनगढ़बास में डॉ. भीमराव अंबेडकर जन कल्याण समिति की बैठक रविवार को आयोजित हुई। समिति अध्यक्ष छुट्टनलाल जाटव की अध्यक्षता में हुई इस बैठक में विभिन्न सामाजिक एवं संगठनात्मक विषयों पर चर्चा करते हुए आगामी कार्यक्रमों की रूपरेखा तय की गई। 27 सितंबर को होगा प्रतिभा सम्मान समारोह समिति के महासचिव प्रदीप संगवैया ने बताया कि बैठक में सर्वसम्मति से आगामी 27 सितंबर 2026 (रविवार) को प्रतिभा सम्मान समारोह आयोजित करने का निर्णय लिया गया है। होनहारों को किया जाएगा सम्मानित इस समारोह में समाज के मेधावी विद्यार्थियों और विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट उपलब्धि हासिल करने वाली प्रतिभाओं को सम्मानित किया जाएगा। कार्यक्रम को सफल बनाने के लिए समिति सदस्यों को अलग-अलग जिम्मेदारियां भी सौंपी गई हैं। ये रहे मौजूद बैठक में धीर सिंह ठेकेदार, सुखीराम, गोरा सिंह, समिति के महासचिव प्रदीप संगवैया, रामस्वरूप एमपीएस, जयराम चौहान, मदन बाबूजी, ताराचंद बाबूजी, विजय सिंह, संपत राम, लालमन और सुमेर सिंह सहित समिति के अनेक सदस्य उपस्थित रहे। बैठक का समापन समाजहित में एकजुट होकर कार्य करने के संकल्प के साथ हुआ।
यमुनानगर के शादीपुर पुल के पास आज (रविवार को) यमुना नदी से व्यक्ति का शव मिला है। पुल के नीचे शव फंसा दिखाई देने पर स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। इसके बाद पुलिस और गोताखोरों की टीम मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद शव को बाहर निकाला गया। घटना की जानकारी मिलते ही बड़ी संख्या में लोग भी मौके पर एकत्र हो गए। शव के कपड़ों से किसी प्रकार का पहचान से संबंधित दस्तावेज बरामद नहीं हुआ है। फिलहाल शव को सिविल अस्पताल की मोर्चरी में रखवाया गया है और पुलिस आसपास के क्षेत्र में शिनाख्त का प्रयास कर रही है। करीब 40 वर्ष उम्र आंकी गई एएसआई राजिंद्र ने बताया कि, आसपास के लोगों ने सूचना दी थी कि यमुना नदी में एक शव पड़ा हुआ है। सूचना मिलते ही पुलिस ने घटनास्थल का जायजा लिया और रेस्क्यू के लिए गोताखोरों को बुलाया। शव बाहर निकालने के बाद उसकी तलाशी ली गई, लेकिन पहचान से जुड़ा कोई दस्तावेज या सामान नहीं मिला। फिलहाल मृतक की शिनाख्त नहीं हो सकी है। प्रारंभिक जांच में मृतक की उम्र करीब 40 वर्ष आंकी गई है। उसकी पहचान के लिए आसपास के गांवों और थाना क्षेत्रों में संपर्क किया जा रहा है। इसके अलावा हाल ही में दर्ज गुमशुदगी के मामलों का रिकॉर्ड भी खंगाला जा रहा है, ताकि मृतक के बारे में कोई सुराग मिल सके। दो से तीन दिन पुराना शव गोताखोर राजीव ने बताया कि शव लगभग दो से तीन दिन पुराना प्रतीत हो रहा है। मृतक की बाजू पर 'ऊ' का टैटू बना हुआ है, जो पहचान का महत्वपूर्ण आधार बन सकता है। शरीर पर किसी प्रकार के चोट या संघर्ष के निशान नजर नहीं आए। आशंका है कि शव नदी के ऊपरी हिस्से से बहकर यहां पहुंचा और पुल के नीचे फंस गया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल भिजवाकर 72 घंटे तक पहचान के इंतजार में मोर्चरी में सुरक्षित रखवा दिया है। यदि इस अवधि में कोई परिजन सामने नहीं आता है तो नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद मौत के कारणों की भी जांच आगे बढ़ाई जाएगी।
सहारनपुर जिले में प्रशासनिक व्यवस्था को और बेहतर बनाने के लिए रविवार को बड़ा प्रशासनिक फेरबदल किया गया। डीएम की मंजूरी के बाद 7 उप जिलाधिकारियों (एसडीएम) और डिप्टी कलेक्टर स्तर के अधिकारियों का तबादला कर दिया गया। सभी अधिकारियों को तुरंत नई तैनाती पर कार्यभार संभालने के निर्देश दिए गए हैं। इन अधिकारियों का हुआ तबादला योगेश कुमार गौड़ (डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय) को एसडीएम रामपुर मनिहारान बनाया गया। निधि भारद्वाज (डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय) को एसडीएम नकुड़ की जिम्मेदारी दी गई। मानवेंद्र सिंह (एसडीएम बेहट) को उप जिलाधिकारी (न्यायिक) देवबंद बनाया गया। विकास कुमार पांडेय (एसडीएम न्यायिक देवबंद) को एसडीएम बेहट नियुक्त किया गया। अमित कुमार (डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय) को उप जिलाधिकारी (न्यायिक) नकुड़ बनाया गया। श्वेता पांडेय (अपर उप जिलाधिकारी, सहारनपुर) को डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय भेजा गया। रश्मि कुमारी (डिप्टी कलेक्टर मुख्यालय) को अपर उप जिलाधिकारी, सहारनपुर बनाया गया। तत्काल कार्यभार संभालने के निर्देश जिला प्रशासन ने सभी अधिकारियों को तत्काल प्रभाव से नई तैनाती वाले पदों का कार्यभार संभालने और इसकी सूचना उपलब्ध कराने के निर्देश दिए हैं। प्रशासनिक कामकाज होगा और बेहतर प्रशासन का मानना है कि इस फेरबदल से तहसील स्तर पर राजस्व कार्यों, जनसुनवाई, कानून-व्यवस्था और सरकारी योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी। नई जिम्मेदारियों के साथ अधिकारी अपने-अपने क्षेत्रों में प्रशासनिक व्यवस्था को और प्रभावी बनाने का काम करेंगे।
इंदौर के चर्चित उर्मिला सैनी हत्याकांड में रविवार को बड़ा घटनाक्रम सामने आया। पोस्टल असिस्टेंट उर्मिला सैनी की हत्या के आरोपी और फरार पति अखिलेश सैनी का शव गंजबासौदा में रेलवे ट्रैक पर मिला है। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार शव के पास मिले दस्तावेजों से उसकी पहचान अखिलेश सैनी के रूप में हुई है। हालांकि पुलिस ने कहा है कि परिजनों से पहचान के बाद ही इसकी आधिकारिक पुष्टि की जाएगी। जानकारी के मुताबिक रेलवे ट्रैक पर मिले शव का सिर धड़ से अलग था। पैंट की जेब से अखिलेश के दस्तावेज मिले हैं। सूचना मिलने पर जीआरपी मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भेज दिया। इंदौर और भोपाल से पुलिस तथा परिजन भी गंजबासौदा के लिए रवाना हो गए हैं। आठ दिन से फरार था आरोपी उर्मिला सैनी की हत्या के बाद से अखिलेश सैनी फरार था। उसकी तलाश के लिए पुलिस की कई टीमें लगी थीं और अलग-अलग राज्यों में उसकी लोकेशन खंगाली जा रही थी। शनिवार को ही पुलिस ने उस पर घोषित इनाम 10 हजार रुपये से बढ़ाकर 20 हजार रुपये कर दिया था। गिरफ्तारी की मांग को लेकर हुआ था प्रदर्शन शनिवार को उर्मिला के परिजन, डाक विभाग के कर्मचारी और स्थानीय लोग रैली निकालकर पुलिस कमिश्नर कार्यालय पहुंचे थे। उन्होंने आरोपी की जल्द गिरफ्तारी की मांग करते हुए ज्ञापन सौंपा था। इस दौरान उर्मिला की बेटी प्रेक्षा भी मौजूद रही और उसने भी पिता की गिरफ्तारी की मांग की थी। बच्चों को लेकर बनी हुई थी चिंता उर्मिला की हत्या के बाद उनके दोनों बच्चों को लेकर भी चिंता जताई जा रही थी। परिजनों के अनुसार सात वर्षीय बेटा अव्यक्त अब भी सदमे में है और रात में घबराकर उठ जाता है। परिवार का कहना था कि घटना का असर बच्चों के मानसिक स्वास्थ्य पर पड़ रहा है। आत्महत्या या कोई और वजह, जांच जारी फिलहाल पुलिस यह जांच कर रही है कि अखिलेश पिछले आठ दिनों से कहां छिपा हुआ था और किन परिस्थितियों में उसकी मौत हुई। शव मिलने की परिस्थितियों और मौत के कारणों की जांच जारी है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और परिजनों की पहचान के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी।
दो एसपी सहित तीन IPS के तबादले:सुधीर अग्रवाल टीकमगढ़, मोती उर रहमान श्योपुर पुलिस अधीक्षक बने
मध्य प्रदेश सरकार ने रविवार को भारतीय पुलिस सेवा (IPS) के तीन अधिकारियों के तबादले के आदेश जारी किए। आदेश के तहत टीकमगढ़ एसपी मनोहर सिंह मंडलोई को पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक (AIG) बनाया गया है। उनकी जगह श्योपुर के एसपी सुधीर कुमार अग्रवाल को टीकमगढ़ का नया पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है, जबकि रीवा की 9वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (SAF) में सेनानी पद पर पदस्थ मोती उर रहमान को श्योपुर का एसपी बनाया गया है। गृह विभाग द्वारा जारी आदेश के अनुसार, वर्ष 2012 बैच के आईपीएस मनोहर सिंह मंडलोई को टीकमगढ़ एसपी के पद से हटाकर पुलिस मुख्यालय भोपाल में सहायक पुलिस महानिरीक्षक बनाया गया है। मंडलोई अक्टूबर 2024 से टीकमगढ़ के एसपी के रूप में पदस्थ थे। वर्ष 2016 बैच के आईपीएस सुधीर कुमार अग्रवाल, जो अक्टूबर 2025 से श्योपुर के पुलिस अधीक्षक के रूप में कार्यरत थे, अब टीकमगढ़ के नए एसपी होंगे। वहीं वर्ष 2018 बैच के आईपीएस मोती उर रहमान को रीवा स्थित 9वीं वाहिनी विशेष सशस्त्र बल (SAF) के सेनानी पद से श्योपुर का पुलिस अधीक्षक नियुक्त किया गया है। वे मई 2026 से 9वीं वाहिनी, रीवा में पदस्थ थे।
बदलते दौर की जीवनशैली और देर से शादी के बाद गर्भधारण करने की वजह से आज के समय में करीब 10 से 15 प्रतिशत कपल्स बांझपन (इंफर्टिलिटी) की समस्या से जूझ रहे हैं। इस गंभीर होती परेशानी को देखते हुए शहर के जीएसवीएम मेडिकल कॉलेज के प्रसूति एवं स्त्री रोग विभाग में 'गैनोविया' (GENOVIA) सम्मेलन हुआ। रविवार को लेक्चर थिएटर-1 में हुए इस खास कार्यक्रम में डॉक्टरों और मेडिकल स्टूडेंट्स को प्रजनन विज्ञान और टेस्ट ट्यूब बेबी (ART) जैसी आधुनिक तकनीकों की बारीकियों से रूबरू कराया गया, ताकि मरीजों को और बेहतर इलाज मिल सके। क्यों तेजी से बढ़ रही है आधुनिक तकनीकों की जरूरत? इंडियन सोसाइटी फॉर असिस्टेड रिप्रोडक्शन (ISAR) के सहयोग से हुए इस सम्मेलन का मुख्य उद्देश्य युवा जूनियर डॉक्टरों (रेजिडेंट्स) को इस फील्ड की नई तकनीकों का व्यावहारिक प्रशिक्षण देना था। स्त्री रोग विभागाध्यक्ष डॉ. रेनू गुप्ता ने बताया कि, समाज में बांझपन की समस्या तेजी से बढ़ रही है। ऐसे में नए डॉक्टरों को इसकी आधुनिक उपचार पद्धतियों के बारे में पूरी तरह अपडेट रखना बहुत जरूरी हो गया है, जिससे वे भविष्य में मरीजों को सही परामर्श और सही समय पर सटीक इलाज दे सकें। कॉलेज स्तर पर ऐसे प्रशिक्षण से बढ़ेगा डॉक्टरों का हौसला इस तरह के मेडिकल प्रशिक्षण की उपयोगिता पर बात करते हुए वरिष्ठ डॉक्टर मीरा अग्निहोत्री ने कहा कि जब मेडिकल कॉलेज के स्तर पर इस तरह के प्रैक्टिकल प्रोग्राम होते हैं, तो इससे युवा डॉक्टरों के ज्ञान, हुनर और आत्मविश्वास में काफी बढ़ोतरी होती है। इसका सीधा फायदा अस्पताल में आने वाले मरीजों को मिलता है। कॉलेज के प्राचार्य प्रो. डॉ. संजय काला और उप-प्राचार्य प्रो. डॉ. ऋचा गिरी ने भी माना कि यह अकादमिक कार्यक्रम डॉक्टरों की काम करने की क्षमता और सूझबूझ को बढ़ाने में काफी मददगार साबित होगा।
कानपुर में गंगा को प्रदूषण मुक्त बनाने के दावे सालों से किए जाते रहे हैं, लेकिन हकीकत यह है कि शहर के कई नाले आज भी बिना किसी ट्रीटमेंट के सीधे गंगा और पांडु नदी में गिर रहे हैं। इस समस्या के समाधान के लिए बड़ा कदम उठाया गया है। जल निगम (ग्रामीण) की 150 करोड़ रुपये की परियोजना को जल शक्ति मंत्रालय से मंजूरी मिलने के बाद जल निगम की टीम ने फील्ड पर काम शुरू कर दिया है। शहर के 14 बड़े नालों को टैप कर उनका गंदा पानी सीधे गंगा में जाने से रोका जाएगा। विभाग का दावा है कि यह पूरा काम जुलाई 2027 तक पूरा कर लिया जाएगा। अधिकारियों के मुताबिक, सभी नालों को इंटरसेप्ट कर उनका पानी सीवरेज सिस्टम से जोड़ा जाएगा, ताकि बिना शोधन के कोई भी गंदा पानी नदी में न पहुंचे। परमट घाट, गोलाघाट, सत्तीचौरा, मैस्कर घाट और डबका नाला समेत कई अन्य नालों का सीवरयुक्त पानी सालों से गंगा की निर्मलता पर सवाल खड़े करता रहा है। बरसात के मौसम में इन नालों का बहाव कई गुना बढ़ जाता है, जिससे आसपास के इलाकों में जलभराव हो जाता है। कई घरों में सीवरयुक्त पानी भर जाता है। वहीं, गंगा का जलस्तर बढ़ने पर बैक फ्लो की स्थिति बनती है, जिससे सीवर का पानी शहर की गलियों और सड़कों पर फैल जाता है। लोगों को बदबू और गंदगी के बीच आवाजाही करनी पड़ती है। 9 नाले गंगा में और 5 नाले पांडु नदी में गिरते हैं जलकल महाप्रबंधक आनंद त्रिपाठी ने बताया कि नमामि गंगे मिशन के अंतर्गत जल निगम ग्रामीण द्वारा नए चिन्हित हुए और पार्शियली टैप नालों की एक कार्ययोजना जल शक्ति मंत्रालय को भेजी गई थी। जिसमें 9 नाले गंगा में गिरते थे और पांच नाले पांडु नदी (एक सहायक नदी गंगा की) में 14 नालों को टैप करने की योजना स्वीकृत हो गई है और काम भी शुरू हो चुका है। 150 करोड़ रुपये से 14 नाले होंगे टैप उन्होंने बताया कि इसका बजट करीब 150 करोड़ रुपये का है। इन 14 नालों के टैप होने के बाद जो भी नाले पांडु नदी और गंगा में जाते हैं, वह सारे टैप हो जाएंगे। इसके अलावा जितने भी अनटैप्ड नाले और पार्शियली टैप्ड पर नगर निगम द्वारा बायो-रेमेडिएशन का कार्य कराया जाता है, जिससे पॉल्यूशन लोड को कम किया जा सके। इस परियोजना का जिम्मा टैक्नोक्राफ्ट वेंचर्स लिमिटेड को दिया गया है। कंपनी तय समय सीमा के भीतर सभी नालों को इंटरसेप्ट कर उनका पानी सीवरेज नेटवर्क से जोड़ेगी। इससे गंगा और पांडू नदी में सीधे गिरने वाला दूषित पानी काफी हद तक रुक जाएगा। इन 14 नालों को किया जाएगा टैपगंगा में गिरने वाले रामेश्वर घाट, रानीघाट, गोलाघाट, सत्तीचौरा, मैस्कर घाट, डबका, मक्कू शहीद का भट्ठा, यूपी कंपाउंड, बंगालीघाट नाले को टैप किया जाएगा। वहीं पांडु नदी में गिरने वाले ट्रांसपोर्ट नगर,गंदा नाला,हल्वाखांडा नाला, अर्रा नाला, सागरपुरी नाला को भी टैप किया जाएगा।
कानपुर के ऐतिहासिक जेके मंदिर में भगवान जगन्नाथ जी की भव्य रथयात्रा बेहद धूमधाम और हर्षोल्लास के साथ निकाली गई। इस पावन अवसर पर मंदिर प्रांगण में हजारों श्रद्धालुओं की भारी भीड़ उमड़ी। शंखध्वनि, मंत्रोच्चार और ढोल-नगाड़ों की थाप के बीच प्रभु ने शनिवार शाम नगर भ्रमण किया। यात्रा में पारंपरिक वेशभूषा में सजे बाल बटुक और सिर पर मंगल कलश धारण किए महिलाएं आकर्षण का केंद्र रहीं। रात के उजाले में रोशनी से जगमगाते रथ पर चंवर डुलाकर भक्तों ने भगवान का स्वागत किया। आस्था और उत्साह से सराबोर इस रथयात्रा में कानपुर का भव्य सांस्कृतिक रंग साफ देखने को मिला। देखें, रथ यात्रा की ये कुछ खास तस्वीरें। देखिए तस्वीरें
सोनभद्र में एनसीएल खड़िया परियोजना स्थित भारतीय मजदूर संघ (बीएमएस) कार्यालय के शौचालय में संगठन के वरिष्ठ नेता उमेश सिंह (62) का शव मिलने से हड़कंप मच गया। सूचना पर पहुंची शक्तिनगर पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। मौत के कारणों का पता लगाने के लिए पुलिस जांच कर रही है। शुक्रवार की शाम करीब 7 बजे बीएमएस कार्यालय में बैठक चल रही थी। बैठक में शामिल उमेश सिंह शौचालय जाने की बात कहकर निकले, लेकिन काफी देर तक वापस नहीं लौटे। हालांकि उस समय किसी ने इस पर विशेष ध्यान नहीं दिया। अगले दिन शनिवार को दोपहर करीब 2 बजे उनकी पत्नी ने कार्यालय में फोन कर उनके बारे में जानकारी ली। इसके बाद पदाधिकारियों और कर्मचारियों ने उनकी तलाश शुरू की। शौचालय का दरवाजा खोलने पर उमेश सिंह अंदर गिरे हुए मृत अवस्था में मिले। मौके पर उनका मोबाइल फोन और डायरी भी बरामद हुई। सूचना मिलने पर डायल-112 और शक्तिनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर आवश्यक कार्रवाई की और पोस्टमार्टम के लिए एनटीपीसी संजीवनी चिकित्सालय के शवगृह में भिजवाया। उमेश सिंह वर्ष 1980 से भारतीय मजदूर संघ से जुड़े हुए थे। वह एनसीएल की जयंत परियोजना में कार्यरत रहे और 31 जुलाई 2024 को सेवानिवृत्त हुए थे। वह जयंत परियोजना के आवासीय परिसर में परिवार के साथ रहते थे। उनके परिवार में पत्नी, एक पुत्र और एक पुत्री हैं। उनकी पत्नी एक निजी विद्यालय में शिक्षिका हैं। थाना पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के वास्तविक कारणों का पता चल सकेगा। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर मामले की जांच की जा रही है।
बालोतरा में सड़क किनारे लहूलुहान मिला युवक, मौत:सिर फटा हुआ था, खून बहा; इलाज से पहले दम तोड़ा
बालोतरा में रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकला युवक हाईवे किनारे अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसका सिर फटा हुआ था और काफी खून बह चुका था। राहगीरों की सूचना पर पुलिस और एम्बुलेंस उसे गंभीर हालत में समदड़ी उप जिला अस्पताल लेकर पहुंची, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसकी मौत हो गई। हादसा शनिवार शाम करीब 4 बजे समदड़ी-करमावास हाईवे पर गोगाजी मंदिर के पास हुआ। परिजनों ने मौत को संदिग्ध बताते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि पुलिस पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों का खुलासा होने की बात कह रही है। रिश्तेदार के घर जाते समय हाईवे किनारे अचेत मिला पुलिस ने बताया - लुदराड़ा (बालोतरा) निवासी रमेश (27) पुत्र धानाराम शनिवार शाम को पैदल ही अपने घर से समदड़ी में रिश्तेदार के घर जाने के लिए निकला था। घर से करीब 3 किलोमीटर दूर समदड़ी-करमावास हाईवे पर गोगाजी मंदिर के पास वह अचेत अवस्था में पड़ा मिला। उसके सिर पर गंभीर चोट थी और काफी खून बह चुका था। हाईवे से गुजर रहे राहगीरों ने उसे देखा और पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस और 108 एम्बुलेंस मौके पर पहुंची। युवक की अस्पताल पहुंचने तक सांसें चल रही थीं, इसलिए उसे गंभीर हालत में समदड़ी उप जिला हॉस्पिटल ले जाया गया, लेकिन इलाज शुरू होने से पहले ही उसने दम तोड़ दिया। परिजनों ने मौत के कारणों की निष्पक्ष जांच की मांग की घटना की सूचना मिलते ही मृतक के परिजन अस्पताल पहुंच गए। उन्होंने पुलिस को रिपोर्ट देकर बताया कि रमेश संदिग्ध परिस्थितियों में सड़क किनारे मिला था। परिजनों ने मौत के वास्तविक कारणों का खुलासा करने के लिए निष्पक्ष और गहन जांच कराने तथा यदि कोई दोषी सामने आए तो उसके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने की मांग की है। पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट के बाद होगा खुलासा पुलिस का कहना है कि रमेश की मौत किन परिस्थितियों में हुई, इसका खुलासा पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और जांच पूरी होने के बाद ही हो सकेगा। फिलहाल पुलिस हर पहलू को ध्यान में रखकर मामले की जांच कर रही है और आसपास के साक्ष्य व परिस्थितियों की भी पड़ताल की जा रही है।
हरदा में 15 जुलाई को इंदौर-बैतूल नेशनल हाईवे पर 12 घंटे तक चले किसान आंदोलन के मामले में पुलिस ने सात नामजद लोगों समेत 100 अन्य के खिलाफ मामला दर्ज किया है। यह प्रदर्शन आम किसान यूनियन के आह्वान पर समर्थन मूल्य पर ग्रीष्मकालीन मूंग की शत-प्रतिशत खरीदी की मांग को लेकर किया गया था। किसानों ने हरियाली बाजार के सामने नेशनल हाईवे फोरलेन पर दोपहर 12 बजे से रात 12 बजे तक चक्काजाम किया था। प्रदर्शन के दौरान सरकार के खिलाफ नारेबाजी भी की गई। किसानों की मांग थी कि ग्रीष्मकालीन मूंग की पूरी खरीदी की जाए, फसल बीमा दिया जाए और खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था खत्म की जाए। पहले दिया था अल्टीमेटम आम किसान यूनियन मूंग खरीदी की 120 किलो प्रति एकड़ की सीमा का विरोध कर रही थी। यूनियन ने 30 जून को कलेक्टर को ज्ञापन देकर दो दिन का अल्टीमेटम दिया था। मांगें पूरी नहीं होने पर 150 से अधिक गांवों में मुख्यमंत्री, कृषि मंत्री और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया गया। इसके बाद 10 जुलाई को शहर की चारों प्रवेश सीमाओं पर सांकेतिक चक्काजाम कर पांच दिन की मोहलत दी गई थी। एनएचएआई की शिकायत पर दर्ज हुआ केस शासन की ओर से मांगें पूरी नहीं होने पर 15 जुलाई को बड़े स्तर पर चक्काजाम किया गया। सिटी कोतवाली थाना प्रभारी रोशनलाल भारती ने बताया कि एनएचएआई से मिले पत्र के आधार पर संजय खेरवा, राम इनानिया, बसंत सारन, अशोक गुर्जर, करण चौधरी, गणेश पटेल और केदार सिरोही सहित 100 अन्य लोगों के खिलाफ बीएनएस की धारा 191(1) और 126(2) के तहत मामला दर्ज किया गया है। चक्काजाम के दौरान प्रशासन को यातायात के लिए वैकल्पिक मार्ग भी बनाने पड़े। किसान यूनियन ने एफआईआर पर जताई आपत्ति आम किसान यूनियन के राम इनानिया ने एफआईआर को अनुचित बताया। उन्होंने कहा कि किसानों के हक की लड़ाई लड़ने पर सरकार ने उन्हें तमगा दिया है। सरकार ने किसानों की मांगें पूरी नहीं कीं और अब उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर दी। उन्होंने कहा कि किसानों के हितों की लड़ाई आगे भी जारी रहेगी।
सूरजपुर जिले के डीआईजी प्रशांत सिंह ठाकुर के विदाई समारोह में एक प्रेरणादायक क्षण देखने को मिला। स्थानांतरण के अवसर पर आयोजित इस कार्यक्रम में शासकीय कन्या उच्चतर माध्यमिक विद्यालय की प्राचार्य और छात्राएं उनसे मिलने जिला पुलिस कार्यालय पहुंची थीं। इसी दौरान एक छात्रा ने पुलिस अधिकारी बनने की अपनी इच्छा जाहिर की। छात्रा के सपनों और आत्मविश्वास से प्रभावित होकर डीआईजी प्रशांत सिंह ठाकुर ने उसे अपनी कुर्सी पर बैठाया। उन्होंने छात्रा को संबोधित करते हुए कहा कि यदि वह लगन, मेहनत और ईमानदारी से पढ़ाई करेगी, तो भविष्य में इसी तरह के जिम्मेदार पद पर बैठकर समाज और देश की सेवा कर सकती है। प्रशांत सिंह ने कहा- शिक्षा सबसे जरूरी यह दृश्य वहां मौजूद सभी अधिकारियों, शिक्षकों और छात्राओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बन गया। विदाई समारोह में डीआईजी प्रशांत सिंह ठाकुर ने छात्राओं को शिक्षा के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने उन्हें अपने लक्ष्य के प्रति समर्पित रहने, अनुशासन बनाए रखने और कठिन परिश्रम करने की प्रेरणा दी। उन्होंने यह भी कहा कि आज बेटियां हर क्षेत्र में अपनी प्रतिभा साबित कर रही हैं और पुलिस सेवा सहित सभी क्षेत्रों में उनके लिए असीम अवसर उपलब्ध हैं।
गोरखपुर में बारिश:रुक-रुक कर हवा बह रही, आसमान में बादल,कल भी बरसात के आसार
गोरखपुर में रविवार सुबह से बारिश हो रही है। बारिश के कारण लोगों को गर्मी और उमस से थोड़ी राहत मिली है। सुबह से आसमान में काले बादल छाए हैं और रुक-रुककर बारिश हो रही है। इससे मौसम ठंडा और सुहावना हो गया है। बारिश और ठंडी हवा के कारण लोगों को कई दिनों बाद राहत मिली है। छुट्टी होने की वजह से कई लोग बारिश का आनंद लेते नजर आए। वहीं, जरूरी काम से बाहर निकलने वाले लोग छाता और रेनकोट लेकर निकले। मौसम विभाग के अनुसार, रविवार को अधिकतम तापमान 31 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 26 डिग्री सेल्सियस रहने का अनुमान है। मौसम वैज्ञानिक अतुल कुमार सिंह ने बताया कि पूर्वी उत्तर प्रदेश में मानसून सक्रिय है। इसलिए अगले दो दिनों तक रुक-रुककर बारिश होती रहेगी। कुछ जगहों पर तेज बारिश भी हो सकती है। बारिश से लोगों को राहत तो मिली है, लेकिन लगातार पानी बरसने से शहर के निचले इलाकों में जलभराव की समस्या हो सकती है। अगर बारिश इसी तरह जारी रही तो कई सड़कों और कॉलोनियों में पानी भर सकता है, जिससे लोगों को आने-जाने में परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
चूरू जिले के रतनगढ़ थाना क्षेत्र में चोरी के इरादे से एक घर में घुसे युवक को लोगों की सजगता से पकड़ लिया गया। घटना देर रात शहर के वार्ड 28 में हुई, जिसके बाद आरोपी को पुलिस के हवाले कर दिया गया। जानकारी के अनुसार शनिवार देर रात वार्ड 28 में बिजली गुल थी। अंधेरे का फायदा उठाकर गौरीसरियों की ढाणी निवासी चुन्नीलाल एक नोहरे से होते हुए विष्णुदत्त आत्रेय के मकान में घुस गया। परिवार के सदस्यों ने सतर्कता दिखाते हुए उसे देख लिया। आरोपी घर के पीछे एक कमरे में छिप गया और अंदर से कुंडी लगा ली। मोहल्ले के लोगों ने आरोपी को देखकर पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही रतनगढ़ पुलिस मौके पर पहुंची और आरोपी चुन्नीलाल को हिरासत में ले लिया। इस संबंध में प्रदीप आत्रेय ने पुलिस में लिखित शिकायत दर्ज कराई है।पकड़े गए आरोपी का एक वीडियो भी सामने आया है, जिसमें वह लोगों के द्वारा पकड़े जाने के बाद बचने की कोशिश करता नजर आ रहा है।
विदिशा शहर में कचरा निस्तारण का संकट गहरा गया है। स्थायी डंपिंग यार्ड न होने के कारण नगर पालिका को विभिन्न स्थानों पर कचरा डालना पड़ रहा है, जिसका स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में, हर्ष विहार कॉलोनी के रहवासियों ने बुधवार को कचरा लेकर पहुंचे नगर पालिका के वाहनों को रोक दिया। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि उनके इलाके के पास कचरा डंप करने से तेज बदबू फैल रही है और मक्खियों की संख्या बढ़ गई है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उनका कहना है कि बदबू के कारण घरों में बैठकर खाना खाना भी मुश्किल हो गया है। बदबू और मक्खियों से परेशान कॉलोनीवासी रहवासियों का आरोप है कि कॉलोनी के पास कचरा डंप किए जाने से पूरे क्षेत्र में तेज बदबू फैल रही है। मक्खियों की संख्या बढ़ने से बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों में बीमारियों का खतरा भी बढ़ गया है। लोगों का कहना है कि हालात ऐसे हैं कि घरों में बैठकर खाना खाना भी मुश्किल हो गया है। डंपिंग यार्ड नहीं, इसलिए भटक रही नगर पालिका विदिशा में लंबे समय से स्थायी डंपिंग यार्ड की व्यवस्था नहीं हो सकी है। पहले प्रशासन ने सोठिया गांव के पास जमीन उपलब्ध कराई थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद वहां कचरा डालना बंद कर दिया गया। इसके बाद नगर पालिका ने जत्रापुरा और मिर्जापुर की खंतियों में कचरा डालना शुरू किया। बारिश ने और बढ़ाई मुश्किल हाल की बारिश के कारण जत्रापुरा और मिर्जापुर जाने वाले रास्ते बंद हो गए। इससे शहर से कचरा उठाने का काम प्रभावित हुआ और कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपर नगर पालिका परिसर में ही खड़े करने पड़े। जहां जगह मिली, वहीं शुरू हुआ विरोध बारिश के बाद नगर पालिका ने अलग-अलग स्थानों पर कचरा डालने की कोशिश की। सुआखेड़ी में ग्रामीणों के विरोध के चलते कर्मचारियों को वापस लौटना पड़ा। इसके बाद जिला प्रशासन ने गेहूंखेड़ी में जगह उपलब्ध कराई, लेकिन वहां भी ग्रामीणों ने कचरा वाहनों को प्रवेश नहीं करने दिया। अब डाबर रोड स्थित एक खंती में कचरा डालने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका हर्ष विहार कॉलोनी के रहवासी विरोध कर रहे हैं। स्थायी समाधान की तलाश नगर पालिका के सामने सबसे बड़ी चुनौती शहर के कचरे के निस्तारण की है। स्थायी डंपिंग यार्ड नहीं होने के कारण हर नए स्थान पर विरोध की स्थिति बन रही है। इसका असर न केवल शहर की सफाई व्यवस्था पर पड़ रहा है, बल्कि आम लोगों के स्वास्थ्य और जनजीवन पर भी दिखाई देने लगा है। विदिशा शहर में कचरा निस्तारण का संकट गहरा गया है। स्थायी डंपिंग यार्ड न होने के कारण नगर पालिका को विभिन्न स्थानों पर कचरा डालना पड़ रहा है, जिसका स्थानीय लोग लगातार विरोध कर रहे हैं। इसी क्रम में, हर्ष विहार कॉलोनी के रहवासियों ने बुधवार को कचरा लेकर पहुंचे नगर पालिका के वाहनों को रोक दिया। कॉलोनीवासियों का आरोप है कि उनके इलाके के पास कचरा डंप करने से तेज बदबू फैल रही है और मक्खियों की संख्या बढ़ गई है। इससे बच्चों, बुजुर्गों और मवेशियों में बीमारियों का खतरा बढ़ गया है। उनका कहना है कि बदबू के कारण घरों में बैठकर खाना खाना भी मुश्किल हो गया है। दरअसल, विदिशा में कचरा निस्तारण के लिए कोई स्थायी समाधान नहीं है। पहले प्रशासन ने सोठिया गांव के पास डंपिंग यार्ड के लिए जमीन दी थी, लेकिन ग्रामीणों के विरोध के बाद वहां कचरा डालना बंद कर दिया गया। इसके बाद नगर पालिका ने जत्रापुरा और मिर्जापुर की खंतियों में कचरा डालना शुरू किया। हाल ही में हुई बारिश के कारण जत्रापुरा और मिर्जापुर तक जाने वाले रास्ते बंद हो गए। इससे शहर से कचरा उठाने का काम प्रभावित हुआ और कचरे से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली व डंपर नगर पालिका परिसर में खड़े करने पड़े। बारिश के बाद नगर पालिका ने सफाई कर्मचारियों को अलग-अलग स्थानों पर कचरा डालने के निर्देश दिए। सुआखेड़ी में ग्रामीणों के विरोध के बाद कर्मचारियों को लौटना पड़ा। फिर जिला प्रशासन ने गेहूंखेड़ी में जगह उपलब्ध कराई, लेकिन वहां भी ग्रामीणों ने कचरा वाहन नहीं घुसने दिए। अब डाबर रोड स्थित एक खंती में कचरा डालने का प्रयास किया जा रहा है, जिसका हर्ष विहार कॉलोनी के रहवासी विरोध कर रहे हैं। नगर पालिका के सामने अब यह बड़ी चुनौती है कि शहर का कचरा आखिर कहां डाला जाए। स्थायी समाधान न होने के कारण यह समस्या लगातार गहराती जा रही है, जिससे शहर की स्वच्छता और जनजीवन दोनों प्रभावित हो रहे हैं।
उन्नाव के बांगरमऊ क्षेत्र के गोपालगंज हरियावर गांव में रविवार सुबह करीब 11 बजे आवारा कुत्तों के झुंड ने भेड़ों के बाड़े में घुसकर हमला कर दिया। इस घटना में लगभग 60 भेड़ों की मौत हो गई, जबकि 30 भेड़ें घायल बताई जा रही हैं। मेहनत और कमाई पलभर में बर्बाद बताया जा रहा है कि 6 से 7 कुत्तों ने अचानक भेड़ों पर हमला किया। हमले के दौरान करीब 20 भेड़ों को कुत्तों ने बुरी तरह नोच डाला। वहीं, डर और भगदड़ के कारण लगभग 40 भेड़ों की जान चली गई। इस घटना से गरीब पशुपालक परिवारों पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है। गोपालगंज हरियावर गांव निवासी मंशाराम पुत्र भोला, नेकराम पुत्र भोला और जगन्नाथ पुत्र भोला पाल इस भारी नुकसान से बेहद परेशान हैं। पीड़ितों के अनुसार, उनकी वर्षों की मेहनत और कमाई पलभर में बर्बाद हो गई। पशुपालकों ने प्रशासन से तत्काल आर्थिक सहायता की मांग की है। इस घटना के बाद गांव में दहशत का माहौल है और ग्रामीण अपने छोटे बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दे रहे हैं।
उदयपुर में बारिश पर ब्रेक लगने से दिन में उमस से लोग बेहाल हैं। बारिश नहीं होने से किसानों की चिंता बढ़ गई है। अगर लंबे समय तक बारिश नहीं हुई तो फसल खराब हो सकती है। शहर में सुबह से ही हल्की धूप और उमस बनी हुई है। रात में भी गर्मी का असर बना हुआ है। लोग इस वक्त बारिश की आस लगाए बैठे हैं। ताकि गर्मी से राहत मिले। जबकि उमस होने के कारण शहर पर्यटन स्थलों पर भी टूरिस्ट की संख्या बेहद कम देखने को मिल रही है। उदयपुर में दिन का तापमान 34 डिग्री सेल्सियस है। जबकि एक दिन पहले 34.8 डिग्री था। 20 जुलाई को हो सकता है थोड़ा बदलावलगातार तेज धूप, गर्म और उमस के कारण किसानों द्वारा खेतों में बोए बीजों का अंकुरण प्रभावित हो रहा है। कई जगह खेतों में बीज अभी तक पूरी तरह जमीन से बाहर नहीं निकल पाए हैं। मौसम विशेषज्ञ डॉ आरएस देवड़ा के अनुसार 20 जुलाई को मौसम में थोड़ा बदलाव देखने को मिलेगा। कुछ स्थानों पर मध्यम दर्जे की खंड वर्षा हो सकती है। भारी बारिश की उम्मीद नहीं है, इसलिए उमस भरी गर्मी बनी रहेगी।
बालाघाट जिले के मलाजखंड थाना क्षेत्र के गिडोरी गांव की रहने वाली मंगली मेरावी की जिला अस्पताल में उपचार के दौरान मौत हो गई। महिला ने गुरुवार शाम घास नष्ट करने वाली कीटनाशक पी ली थी। रविवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस का कहना है कि महिला ने कीटनाशक क्यों पी, इसका कारण फिलहाल स्पष्ट नहीं है। पहले घर पर किया इलाज जानकारी के मुताबिक, कीटनाशक पीने के बाद मंगली की तबीयत बिगड़ने लगी और उसे उल्टियां होने लगीं। परिजनों ने पहले घर पर ही उसका इलाज करने का प्रयास किया, लेकिन हालत में सुधार नहीं हुआ।हालत गंभीर होने पर परिजन महिला को बिरसा अस्पताल लेकर पहुंचे। यहां प्राथमिक उपचार के बाद डॉक्टरों ने उसे जिला अस्पताल रेफर कर दिया। जिला अस्पताल में इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंपा अस्पताल चौकी पुलिस ने बताया कि डॉक्टर की सूचना पर मर्ग कायम कर शव का पंचनामा तैयार किया गया। रविवार को पोस्टमार्टम के बाद शव परिजनों को सौंप दिया गया। मामले की आगे की जांच मलाजखंड थाना पुलिस करेगी। पुलिस के मुताबिक, महिला ने किन परिस्थितियों में कीटनाशक पिया, इसका अभी खुलासा नहीं हुआ है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी।
बेलतरा विधायक सुशांत शुक्ला ने अपने क्षेत्र में भारी वर्षा और जलभराव से प्रभावित इलाकों का दौरा किया। उन्होंने स्थानीय नागरिकों, दुकानदारों और प्रभावित परिवारों से मिलकर उनकी समस्याएं सुनीं। विधायक ने प्रशासनिक अधिकारियों को तत्काल राहत और आवश्यक सहायता उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। विधायक शुक्ला ने जोरापारा, ड्रीम इम्पीरिया, जगदम्बा कॉलोनी, चांटीडीह, देवनंदन नगर, विजयापुरम, डबरीपारा, चिंगराजपारा, लिंगियाडीह, राजकिशोर नगर, बिजौर और बहतराई जैसे कई क्षेत्रों का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने जलभराव की स्थिति, राहत कार्यों और सफाई व्यवस्था का निरीक्षण किया। अधिकारियों को व्यवस्था बनाने के निर्देश दिए सुशांत शुक्ला ने अधिकारियों को जल निकासी, साफ-सफाई, पेयजल और अन्य आवश्यक व्यवस्थाओं को प्राथमिकता से सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। विधायक शुक्ला ने बताया कि विधानसभा सत्र के कारण वे क्षेत्र में उपस्थित नहीं हो पाए थे, जिसकी सूचना उन्होंने पहले ही क्षेत्रवासियों को दी थी। उन्होंने कहा कि क्षेत्र में पहुंचते ही उनकी प्राथमिकता प्रभावित नागरिकों से मिलकर उनकी समस्याओं को समझना और राहत कार्यों में तेजी लाना था। सभी को सहयोग देना चाहिए: शुक्ला सुशांत शुक्ला ने कहा कि प्राकृतिक आपदाएं समाज की संवेदनशीलता, सेवा भावना और एकजुटता की परीक्षा होती हैं। उन्होंने जोर देकर कहा कि बेलतरा विधानसभा का हर नागरिक उनके परिवार का सदस्य है और वे इस संकट की घड़ी में प्रत्येक प्रभावित परिवार के साथ मजबूती से खड़े हैं। विधायक ने यह भी कहा कि जनसेवा उनके लिए केवल एक दायित्व नहीं, बल्कि आजीवन संकल्प है। उन्होंने प्रभावित नागरिकों को आश्वस्त किया कि उन्हें अकेला महसूस करने की आवश्यकता नहीं है। प्रशासन के साथ लगातार समन्वय स्थापित कर राहत और बचाव कार्यों की निगरानी की जा रही है, ताकि जरूरतमंदों तक समय पर प्रभावी सहायता पहुंचाई जा सके। विधायक शुक्ला ने वादा किया कि जब तक स्थिति पूरी तरह सामान्य नहीं हो जाती, तब तक वे स्वयं राहत कार्यों की निरंतर निगरानी करेंगे और प्रभावित क्षेत्रों का दौरा जारी रखेंगे।
उमरिया जिले के मानपुर विकासखंड की शासकीय उचित मूल्य दुकान कसेरू में जुलाई माह का खाद्यान्न वितरण नहीं होने का मामला सामने आया है। शिकायतों के बाद खाद्य विभाग की टीम ने जांच की, जिसमें अनियमितता मिलने पर कार्रवाई के लिए प्रतिवेदन एसडीएम को भेज दिया गया है। जांच टीम पहुंची तो दुकान बंद कर चले गए संचालक लगातार मिल रही शिकायतों के बाद प्रभारी खाद्य अधिकारी रोहित सिंह के नेतृत्व में कनिष्ठ आपूर्ति अधिकारी जागृति प्रजापति, प्रदीप मिश्रा और सुजीत सिंह की टीम जांच के लिए कसेरू पहुंची। टीम को देखते ही दुकान के पूर्व विक्रेता राजेश तिवारी और प्रबंधक नागेंद्र मिश्रा दुकान बंद कर मौके से चले गए। ग्रामीणों ने बताया- जुलाई का राशन अब तक नहीं मिला जांच के दौरान टीम ने ग्रामीणों और ग्राम सरपंच से जानकारी ली। पूछताछ में सामने आया कि जुलाई माह का खाद्यान्न अब तक पात्र हितग्राहियों को वितरित नहीं किया गया है। इसके बाद जांच दल ने पूरे मामले का प्रतिवेदन तैयार कर मानपुर एसडीएम को भेज दिया। अब प्रशासनिक स्तर पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
महराजगंज के बांसपार बैजौली टोला अकटहवा में विजय, बंधु, पन्नालाल, श्रीपत और रामाज्ञा के घर से लेकर गोवारी के घर तक जाने वाली सड़क पूरी तरह जर्जर हो गई है। पिछले दो दिनों से हो रही लगातार बारिश के कारण सड़क पर बड़े-बड़े गड्ढों में पानी भर गया है, जिससे स्थानीय निवासियों और राहगीरों को आवागमन में भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि पैदल चलना भी मुश्किल हो गया है। दोपहिया वाहन चालक अक्सर फिसलकर गिर जाते हैं। स्कूली बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं को इस मार्ग पर चलने में विशेष कठिनाई हो रही है। बारिश के पानी से भरे गड्ढे सड़क से अलग नहीं दिखते, जिससे दुर्घटनाओं का खतरा लगातार बना हुआ है।स्थानीय निवासियों ने बताया कि इस सड़क की मरम्मत के लिए संबंधित अधिकारियों और जनप्रतिनिधियों से कई बार अनुरोध किया जा चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल सड़क की मरम्मत कराने और जल निकासी की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने की मांग की है, ताकि सुरक्षित आवागमन संभव हो सके।
झुंझुनूं के सरकारी स्कूलों में शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने और व्यवस्थाओं को पारदर्शी बनाने के लिए शिक्षा विभाग ने क्यूआर कोड आधारित 'एसीएस संपर्क व्यवस्था' शुरू की है। अतिरिक्त मुख्य सचिव (स्कूल शिक्षा) राजेश यादव के निर्देश पर लागू इस व्यवस्था के तहत शिक्षक, स्टूडेंट्स, अभिभावक और स्कूल प्रशासन मोबाइल से क्यूआर कोड स्कैन कर अपनी शिकायत, सुझाव और जरूरतें सीधे उच्च अधिकारियों तक भेज सकेंगे। क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे भेज सकेंगे शिकायत और सुझाव स्कूल शिक्षा विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव राजेश यादव की ओर से जारी निर्देशों के अनुसार यह व्यवस्था पूरी तरह तकनीक आधारित है। इसके तहत शिक्षक, स्टूडेंट्स, अभिभावक और स्कूल प्रशासन को अपनी बात रखने के लिए अब कार्यालयों के चक्कर नहीं लगाने होंगे। उपयोगकर्ता अपने मोबाइल से विभाग की ओर से जारी क्यूआर कोड स्कैन कर सीधे अपनी बात उच्च अधिकारियों तक पहुंचा सकेंगे। स्कूलों की कमियां और नए सुझाव भी भेज सकेंगे इस व्यवस्था के जरिए स्कूलों की ढांचागत कमियां, जरूरी संसाधनों की मांग, व्यवस्थागत शिकायतें और शिक्षा व्यवस्था में सुधार से जुड़े नए सुझाव सीधे उच्च स्तर तक भेजे जा सकेंगे। विभाग का उद्देश्य है कि समस्याओं का समय पर समाधान हो और स्कूलों की व्यवस्था बेहतर बने। बच्चों के विकास पर रहेगा फोकस इस पहल का मुख्य उद्देश्य बच्चों का बौद्धिक, रचनात्मक और नैतिक विकास सुनिश्चित करना है। विभाग ने निर्देश दिए हैं कि हर सप्ताह अभिभावकों से संवाद कर स्टूडेंट्स की पढ़ाई और प्रगति की जानकारी साझा की जाएगी। साथ ही गांव के प्रबुद्ध नागरिकों और अभिभावकों से भी लगातार संपर्क रखा जाएगा, ताकि कोई भी बच्चा शिक्षा से वंचित नहीं रहे। मानसून को देखते हुए स्कूलों की सुरक्षा जांच के निर्देश बारिश के मौसम को देखते हुए शिक्षा विभाग ने स्कूलों की सुरक्षा को लेकर भी विशेष निर्देश जारी किए हैं। सभी स्कूल भवनों, कक्षाओं और पूरे परिसर का निरीक्षण किया जाएगा। यदि कोई भवन या कक्षा असुरक्षित पाई जाती है तो वहां स्टूडेंट्स को नहीं बैठाया जाएगा। सरकारी स्कूलों की व्यवस्था में बदलाव की उम्मीद शिक्षा विभाग का मानना है कि इस डिजिटल पहल से झुंझुनूं के सरकारी स्कूलों की कार्यप्रणाली में पारदर्शिता बढ़ेगी। साथ ही शिकायतों और सुझावों पर तेजी से कार्रवाई होने से स्टूडेंट्स को बेहतर शैक्षिक माहौल मिल सकेगा।
डीएम ने खाद्य एवं रसद विभाग की समीक्षा की:आधार सीडिंग, ई-केवाईसी और खाद्यान्न वितरण पर दिए निर्देश
जौनपुर में डीएम सैमुअल पॉल एन. की अध्यक्षता में रविवार को कलेक्ट्रेट सभागार में खाद्य एवं रसद विभाग की विभागीय समीक्षा बैठक आयोजित की गई। इस दौरान जिलाधिकारी ने विभाग से संबंधित विभिन्न महत्वपूर्ण बिंदुओं की विस्तृत समीक्षा की। समीक्षा के मुख्य बिंदुओं में प्रचलित राशन कार्डों में आधार सीडिंग एवं ई-केवाईसी की प्रगति, पात्रता सूची में शामिल नए लाभार्थियों की स्थिति, राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा अधिनियम-2013 के अंतर्गत माह जून-2026 के खाद्यान्न वितरण की प्रगति शामिल थी। इसके अतिरिक्त, विभागीय अधिकारियों द्वारा किए गए निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्य, निलंबित एवं रिक्त उचित दर दुकानों की स्थिति, अन्नपूर्णा भवनों के निर्माण की प्रगति, सिंगल स्टेज डिलीवरी व्यवस्था का क्रियान्वयन तथा प्रधानमंत्री उज्ज्वला योजना एवं आयुष्मान कार्ड की प्रगति पर भी चर्चा हुई। जिलाधिकारी ने निर्देश दिए कि जनपद के सभी राशन कार्डधारकों की अवशेष ई-केवाईसी की प्रक्रिया शीघ्र पूर्ण करते हुए शत-प्रतिशत लक्ष्य प्राप्त किया जाए। उन्होंने रिक्त उचित दर दुकानों के आवंटन से संबंधित लंबित प्रस्तावों के निस्तारण हेतु संबंधित खंड विकास अधिकारियों एवं उपजिलाधिकारियों की उपस्थिति में बैठक आयोजित कर आवश्यक कार्रवाई सुनिश्चित करने के निर्देश दिए। सभी क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों को अपने-अपने क्षेत्रों में निरीक्षण एवं प्रवर्तन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए गए। जिलाधिकारी ने कहा कि जिन ग्राम पंचायतों की उचित दर दुकानें निलंबित हैं, वहां संबंधित राशन कार्डधारकों को संबद्ध दुकानों के माध्यम से बिना किसी असुविधा के समयबद्ध एवं शत-प्रतिशत खाद्यान्न वितरण सुनिश्चित कराया जाए। इसके लिए क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षक संबंधित उचित दर विक्रेताओं के साथ समन्वय स्थापित करें। जिला खाद्य विपणन अधिकारी को एफसीआई एवं परिवहन ठेकेदारों के साथ समन्वय स्थापित कर खाद्यान्न का उठान निर्धारित समय पर सुनिश्चित कराने का निर्देश दिया गया। साथ ही, सभी क्षेत्रीय पूर्ति निरीक्षकों को निर्देश दिए गए कि सिंगल स्टेज डिलीवरी व्यवस्था के अंतर्गत परिवहन ठेकेदारों द्वारा उचित दर विक्रेताओं को उपलब्ध कराए गए खाद्यान्न की प्राप्ति (रिसीविंग) अनिवार्य रूप से कराई जाए। बैठक में उपस्थित सिंगल स्टेज परिवहन ठेकेदारों एवं उनके प्रतिनिधियों को खाद्यान्न का वितरण निर्धारित जियोफेंस के अंतर्गत ही करने का निर्देश दिया गया।
गोरखपुर में शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे से शनिवार की सुबह करीब 7 तक लगातार मूसलाधार बारिश से शहर के ज्यादातर इलाके जलमग्न हो गए। महज 6 घंटे में 110.2 मिमी बारिश रिकॉर्ड की गई, जिससे कई इलाके जलमग्न हो गए। जलभराव के कारण स्कूलों की छुट्टी घोषित करनी पड़ी। राप्ती कॉम्प्लेक्स के पास नाले की दीवार टूटने से करीब 200 दुकानों में पानी घुस गया। जिला अस्पताल की ओपीडी और सीएमओ कार्यालय भी पानी से भर गए, जिससे मरीजों को परेशानी झेलनी पड़ी। धर्मशाला ओवरब्रिज, रेती रोड, गीताप्रेस, गोलघर और बेतियाहाता समेत कई प्रमुख इलाकों में घुटनों तक पानी भर गया और लंबा जाम लगा रहा। धर्मशाला चौराहे पर एक ई-रिक्शा पलटने से यात्री पानी में गिर गए। गगहा क्षेत्र में सरयू नदी की कच्ची दीवार टूटने से खेत जलमग्न हो गए। जलजमाव पर कमिश्नर अनिल ढींगरा ने नाराजगी जताई, जबकि सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने सोशल मीडिया पर सरकार को घेरा। वीडियो में देखिए गोरखपुर में बारिश के बाद के हालात…
मऊ में बदला मौसम, रुक-रुक कर बारिश:उमस से राहत, धान की रोपाई से किसानों को फायदा
मऊ में मौसम का मिजाज एक बार फिर बदल गया है। रविवार सुबह से आसमान में घने बादल छाए रहे और जिले के अधिकांश क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश हुई। ठंडी हवाओं के चलने से मौसम सुहाना हो गया, जिससे लोगों को उमस भरी गर्मी से बड़ी राहत मिली है। इस बारिश का सबसे अधिक लाभ किसानों को मिल रहा है। जिले में धान की रोपाई का कार्य तेजी से जारी है। खेतों में पर्याप्त पानी उपलब्ध होने से किसानों के चेहरे खिल उठे हैं। मौसम विभाग के अनुसार, आज जिले का न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस और अधिकतम तापमान 29 डिग्री सेल्सियस रहने की संभावना है। हवा लगभग 5 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चल रही है, जिससे वातावरण खुशनुमा बना हुआ है। जिला कृषि अधिकारी सोम प्रकाश गुप्ता ने बताया कि 19 जुलाई तक जिले में पिछले वर्ष की तुलना में बेहतर वर्षा दर्ज की गई है। जुलाई माह में अब तक 75 मिलीमीटर बारिश हो चुकी है, जबकि पूरे मानसून सीजन में कुल 131 मिलीमीटर वर्षा रिकॉर्ड की गई है, जो पिछले साल से अधिक है। उन्होंने कहा कि वर्तमान बारिश धान की फसल के लिए बेहद लाभदायक है। इससे धान की रोपाई में तेजी आएगी और किसानों को सिंचाई पर कम खर्च करना पड़ेगा, जिससे बेहतर उत्पादन की उम्मीद बढ़ गई है।
मैनपुरी में नीट-यूजी परीक्षा में सफल हुए छात्र-छात्राओं का सम्मान किया गया। शहर के आकाश इंस्टीट्यूट में संवेदना फाउंडेशन ने एक कार्यक्रम आयोजित कर इन विद्यार्थियों को सम्मानित किया। इस अवसर पर स्थानीय जनप्रतिनिधियों ने भी उपस्थित होकर छात्रों को शुभकामनाएं दीं और उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। विद्यार्थियों ने अपनी सफलता का श्रेय कड़ी मेहनत, अनुशासन और परिवार के सहयोग को दिया। ऑल इंडिया रैंक 12300 हासिल करने वाली प्रेरणा चौहान ने अपनी संघर्षपूर्ण यात्रा साझा की। उन्होंने बताया कि उनके पिता का निधन हो चुका है। उनकी मां शिक्षिका हैं और घर में एक छोटा भाई है। प्रेरणा ने बचपन से ही डॉक्टर बनने का लक्ष्य रखा था। उन्होंने अपनी मां के संघर्ष और हौसले को अपनी प्रेरणा का मुख्य स्रोत बताया और अपनी सफलता का श्रेय मां, भाई तथा शिक्षकों को दिया। ऑल इंडिया रैंक 23700 प्राप्त करने वाली ईला पाठक ने बताया कि उनके माता-पिता दोनों डॉक्टर हैं। उन्हें बचपन से ही लोगों की सेवा करने की प्रेरणा मिली थी। ईला ने भविष्य में गरीब, असहाय, बुजुर्ग और दिव्यांग व्यक्तियों की सेवा करने की इच्छा व्यक्त की। उन्होंने अपनी सफलता का श्रेय अपने माता-पिता और गुरुजनों को दिया। ऑल इंडिया रैंक 18300 हासिल करने वाले उदित चौहान ने अपनी सफलता का मंत्र साझा किया। उन्होंने बताया कि नियमित पढ़ाई, प्रभावी समय प्रबंधन और निरंतर अभ्यास उनकी कामयाबी की मुख्य वजह रहे। उदित ने आकाश इंस्टीट्यूट में पढ़ाई के साथ-साथ लाइब्रेरी में अतिरिक्त समय बिताकर अपनी तैयारी को सुदृढ़ किया। उन्होंने इस उपलब्धि के लिए परिवार और शिक्षकों के सहयोग को महत्वपूर्ण बताया। तीनों सफल विद्यार्थियों ने उन अभ्यर्थियों को भी संदेश दिया जो इस बार नीट परीक्षा में सफल नहीं हो पाए। उन्होंने कहा कि निराश होने के बजाय लगातार मेहनत और सही दिशा में प्रयास करते रहना चाहिए, क्योंकि सफलता निश्चित रूप से मिलेगी। कार्यक्रम में उपस्थित जनप्रतिनिधियों और अतिथियों ने विद्यार्थियों का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कहा कि इन छात्रों की उपलब्धि जिले के अन्य युवाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनेगी।
छतरपुर में शनिवार शाम दूधनाथ मंदिर के पास एक 19 वर्षीय युवक पर आधा दर्जन लोगों ने चाकू से हमला कर दिया। हमले में युवक के गले, पीठ और सिर में गंभीर चोटें आई हैं। उसे गंभीर हालत में जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उसकी हालत नाजुक बनी हुई है। घटना शाम करीब 7 से 8 बजे के बीच की है। जानकारी के अनुसार, विश्वनाथ कॉलोनी निवासी शिवम रैकवार पुत्र छोटेलाल रैकवार दूधनाथ मंदिर के पास खड़ा था। तभी सूरज गुप्ता, पप्पू गुप्ता, विपिन प्रजापति, जग्गी प्रजापति, वैभव प्रजापति और आयुष गुप्ता वहां पहुंचे और उसे घेर लिया। जमीन को लेकर पहले से था विवादघायल के दोस्त पवन गोस्वामी ने बताया कि शिवम का आरोपियों से पुराना जमीनी और आपसी विवाद चल रहा था। आरोप है कि आरोपियों ने पहले शिवम पर पहले दर्ज कराई गई रिपोर्ट वापस लेने और समझौता करने का दबाव बनाया। जब उसने इनकार किया तो पहले उसके साथ लात-घूसों से मारपीट की गई, फिर चाकू से ताबड़तोड़ हमला कर दिया। शिवम को बचाने पहुंचे उसके दोस्त पवन गोस्वामी पर भी आरोपियों ने हमला किया, जिससे उसे भी चोटें आईं। पवन का आरोप है कि आरोपी आदतन अपराधी हैं और पहले भी शिवम के साथ मारपीट कर चुके हैं। उन्होंने पुलिस पर पहले कार्रवाई नहीं करने का भी आरोप लगाया। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने जिला अस्पताल में घायल का मेडिकल परीक्षण कराया और उसके बयान दर्ज किए। 6 नामजद आरोपियों पर केस पुलिस ने शिवम की शिकायत पर सभी छह नामजद आरोपियों के खिलाफ जानलेवा हमले सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर लिया है। आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए पुलिस टीमों को रवाना किया गया है।
बलौदा बाजार में छत्तीसगढ़ माध्यमिक शिक्षा मंडल, रायपुर द्वारा आयोजित 12वीं बोर्ड द्वितीय अवसर (पूरक) परीक्षा-2026 के दौरान गंभीर लापरवाही का मामला सामने आया है। पंडित चक्रपाणि मल्टीपरपज स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में परीक्षा के दौरान केंद्राध्यक्ष वंदिनी दीक्षित श्रीवास्तव अपनी ड्यूटी पर अनुपस्थित नहीं थीं। इस मामले को गंभीरता से लेते हुए कलेक्टर के निर्देश पर जिला शिक्षा अधिकारी ने केंद्राध्यक्ष को कारण बताओ नोटिस जारी किया है। अर्थशाला का अचानक निरीक्षण किया था कलेक्टर ने यह घटना 17 जुलाई 2026 को हुई, जब कलेक्टर कुलदीप शर्मा जिला शिक्षा अधिकारी संदीप शर्मा के साथ स्वामी आत्मानंद उत्कृष्ट हिंदी माध्यम विद्यालय में संचालित अर्थशाला का औचक निरीक्षण करने पहुंचे थे। निरीक्षण के दौरान उन्हें जानकारी मिली कि पूरक परीक्षा के लिए केंद्राध्यक्ष के रूप में नियुक्त वंदिनी श्रीवास्तव परीक्षा केंद्र में अनुपस्थित हैं। कलेक्टर ने इस जानकारी पर तत्काल कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद जिला शिक्षा अधिकारी ने केंद्राध्यक्ष को नोटिस जारी किया। नोटिस में कहा गया है कि परीक्षा अवधि के दौरान केंद्राध्यक्ष परीक्षा केंद्र की प्रमुख उत्तरदायी अधिकारी होती हैं और उनकी निरंतर उपस्थिति अनिवार्य है। तीन दिनों के भीतर मांगा जवाब वंदिनी श्रीवास्तव को नोटिस प्राप्त होने के तीन दिनों के भीतर स्पष्ट और तथ्यात्मक जवाब प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। उनसे पूछा गया है कि वे परीक्षा अवधि के दौरान केंद्र पर अनुपस्थित क्यों थीं और उनके विरुद्ध अनुशासनात्मक कार्रवाई क्यों न की जाए।
यमुना में प्रदूषण कम नहीं हो पा रहा है। लगातार सीवर गिर रहे हैं। इस पर नेशनल ग्रीन ट्रिब्यूनल (NGT) के सख्त रुख के बाद अब नगर निगम की आंख खुली हैं। नगर निगम ने 173 करोड़ रुपये की लागत से धांधुपुरा में STP के कायाकल्प की योजना बनाई है। यह काफी हाईटेक होगा।यमुना में लगातार गिर रहे सीवर और जल प्रदूषण के मामले में NGT द्वारा लगाए गए 58.39 करोड़ रुपये के भारी-भरकम जुर्माने के संबंध में नगर निगम ने एक शपथ पत्र दायर किया है। निगम ने आश्वासन दिया है कि वह एक महीने में जुर्माने की पहली किस्त के रूप में 10 करोड़ रुपये उत्तर प्रदेश प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के पास जमा कर देगा। अब विस्तार से पढ़िये… पर्यावरणविद और चिकित्सक डॉ. संजय कुलश्रेष्ठ की ओर से NGT में याचिका में बताया गया कि शहर में हर दिन 286 MLD सीवेज निकलता है, लेकिन नगर निगम के पास शोधन की क्षमता बहुत कम है। इसके सापेक्ष हर दिन लगभग 111 MLD दूषित सीवर सीधे यमुना नदी में गिर रहा है। इसी लापरवाही को संज्ञान में लेते हुए NGT ने निगम पर 58.39 करोड़ रुपये का जुर्माना लगाया था। 2 साल से जुर्माना जमा न होने पर NGT ने कड़ी नाराजगी जताई थी। नगर निगम द्वारा दायर हलफनामे में स्वीकार किया गया है कि फंड की कमी के चलते पूरी राशि एक साथ जमा करना चुनौतीपूर्ण है। निगम ने राज्य सरकार से ऋण या अनुदान के रूप में सहायता मांगी है, जिसे प्राप्त करने में लगभग 4 महीने का समय लग सकता है। तब तक के लिए निगम ने एनजीटी से राहत की मांग की है। अगली सुनवाई अब पांच अक्तूबर को होगी। नये STP की योजना जुर्माने की राशि व शासन से मिलने वाले बजट के उपयोग को निगम ने एक ठोस योजना तैयार की है। धांधूपुरा में स्थित 35 साल पुराने 78 MLD क्षमता वाले STP को पूरी तरह से ध्वस्त किया जाएगा। वहां, 100 MLD क्षमता का नया आधुनिक STP बनेगा। नया STP सीक्वेंसिंग बैच रिएक्टर तकनीक पर आधारित होगा। इस परियोजना पर 173.71 करोड़ की लागत आएगी।
मुरैना में खेत जोतने को लेकर हुए विवाद में रविवार को दो पक्षों के बीच जमकर मारपीट हो गई। लाठी-डंडों से हुए हमले में एक ही पक्ष के छह लोग घायल हो गए। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने आरोपियों के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। देखें तस्वीरें… पीड़ित लज्जाराम गुर्जर (35) निवासी ग्राम बिसेठा ने बताया कि एक दिन पहले शाम करीब 5 बजे उसके घाट वाले खेत को वाली गुर्जर, प्रताप गुर्जर, शेलू गुर्जर और महिपत गुर्जर जोत रहे थे। वह अपने भतीजों जयपाल और धर्मवीर के साथ मौके पर पहुंचा और इसका विरोध किया। आरोप है कि विरोध करने पर चारों आरोपियों ने गाली-गलौज शुरू कर दी। जयपाल और धर्मवीर ने उन्हें रोकने की कोशिश की तो आरोपियों ने लाठियों से हमला कर दिया। हमले में दोनों घायल हो गए। जयपाल के सिर में चोट आई। शिकायत के अनुसार, बीच-बचाव करने पहुंचे ऐदल गुर्जर, कोमल गुर्जर, रामहेत गुर्जर और जवाहर गुर्जर के साथ भी आरोपियों ने मारपीट की, जिससे उन्हें भी चोटें आईं। इसी दौरान अनिल गुर्जर भी मौके पर पहुंचा और उसने भी लाठी से हमला किया। राधेश्याम गुर्जर और किलेदार सिंह गुर्जर ने बीच-बचाव कर विवाद शांत कराया। आरोप है कि जाते समय आरोपियों ने दोबारा खेत के पास आने पर जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस ने दर्ज किया मामला नूराबाद थाना प्रभारी एसआई सौरभ पुरी ने बताया कि फरियादी की शिकायत पर संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। घायलों का इलाज जिला अस्पताल में चल रहा है। पुलिस का कहना है कि आरोपियों को जल्द गिरफ्तार किया जाएगा।
शिवपुरी जिले के वार्ड क्रमांक-4 स्थित न्यू ब्लॉक जवाहर गंज क्षेत्र में पिछले तीन महीने से सीवर ओवरफ्लो की समस्या बनी हुई है। सीवर फेल होने के कारण सड़क पर गंदा पानी और मलबा फैला हुआ है, जिससे पूरे इलाके में बदबू फैल रही है और लोगों का आवागमन प्रभावित हो रहा है। बारिश के बाद हालात और भी बिगड़ गए हैं। रहवासियों ने कई बार की शिकायत स्थानीय रहवासियों का आरोप है कि कई बार शिकायत करने के बावजूद अब तक समस्या का समाधान नहीं किया गया। रहवासी कल्लू ठाकुर ने बताया कि जिस स्थान पर सीवर ओवरफ्लो हो रहा है, उसके पास ही स्कूल, मंदिर और आंगनबाड़ी केंद्र स्थित हैं। प्रतिदिन बड़ी संख्या में बच्चे, महिलाएं और बुजुर्ग इसी रास्ते से गुजरते हैं, लेकिन सड़क पर फैली गंदगी और बदबू के कारण उन्हें भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बारिश में बढ़ा संक्रमण का खतरा बारिश के मौसम में गंदा पानी सड़क पर फैलने से स्थिति और गंभीर हो गई है। स्थानीय लोगों का कहना है कि इससे संक्रमण फैलने का खतरा बढ़ गया है। लगातार बदबू और गंदगी के कारण आसपास रहने वाले परिवारों का दैनिक जीवन भी प्रभावित हो रहा है। पार्षद बोले- शिकायतों के बाद भी नहीं हुई कार्रवाई वार्ड क्रमांक-4 के पार्षद संजय गुप्ता ने बताया कि पिछले तीन महीने से लगातार सीवर ओवरफ्लो हो रहा है। अब बारिश के कारण वार्ड के अन्य सीवर भी फेल होने लगे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि पीएचई विभाग और नगर पालिका से कई बार शिकायत करने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं हुई। सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराने के बाद भी समस्या जस की तस बनी हुई है। स्थायी समाधान की मांग रहवासियों ने प्रशासन से जल्द सीवर लाइन की मरम्मत कर समस्या का स्थायी समाधान कराने की मांग की है, ताकि क्षेत्र के लोगों को गंदगी, बदबू और संक्रमण के खतरे से राहत मिल सके।
अयोध्या में आस्था की प्रतीक सरयू नदी में नाव पर बीयर और मटन पार्टी करने का मामला सामने आया है। चार युवक नदी की बीच धारा में नाव पर मटन खाते और बीयर पीते है। साथ ही वीडियो भी बनाते हैं। मामला कैंट थाना क्षेत्र के गुप्तारघाट का है। वीडियो सामने आने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की। पुलिस ने नाव सवार तीन युवकों को हिरासत में ले लिया है। उनसे पूछताछ की जा रही है। एक युवक मौके से फरार है। उसकी तलाश जारी है। फिलहाल वीडियो 4 दिन पुराना बताया जा रहा है। वीडियो की जांच की जा रही है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई होगी। तीन तस्वीरें देखें… वीडियो में युवक ने क्या बोला आइए पढ़ते हैं… वीडियो में चार युवक सरयू नदी के बीच में नाव पर बैठे दिखाई दे रहे हैं। जो युवक वीडियो बना रहा है वो कहता है आज मटन का हुआ पार्टी। हमारे प्रिय मित्र लवकुश निषाद, साथ में हमारे राजकुमार निषाद और बड़े भैया हमारे जितेंद्र निषाद। आज हम लोगों ने बकरे का पार्टी किया। बकरे की पार्टी में भैया एकदम दिल जीत लिया। वो सामने बैठे युवक से पूछता है- भैया, कैसा बना था बकरा? तो दूसरा युवक बोला- बहुत अच्छा भैया, एक नंबर, एक नंबर। फिर वीडियो बनाने वाला युवक बोला- भैया सबको मजा आ गया और ईश्वर से कृपा करता हूँ कि ऐसे ही महीने-दो महीने में हो। मजा आ जाए। लेकिन हमें सिर्फ कमी एक लोगों का हुआ। हमारे प्रिय मित्र अमरजीत निषाद। मैं ईश्वर से कृपा करूँगा कि हमसे जो गलती हो, उसे क्षमा करें और हमारे दोस्त से हमारी मुलाकात कराएं। वीडियो में दो युवक बीयर पीते हुए भी नजर आ रहे हैं। पुलिस के अनुसार, वीडियो में दिख रहे युवक गुप्तारघाट क्षेत्र के रहने वाले हैं और नाव चलाकर जीविका चलाते हैं। श्रद्धालुओं में नाराजगी धार्मिक महत्व वाले गुप्तारघाट पर हर दिन हजारों श्रद्धालु मां सरयू में स्नान और पूजा-अर्चना करने पहुंचते हैं। ऐसे में वीडियो वायरल होने के बाद स्थानीय लोगों और श्रद्धालुओं में नाराजगी है। सोशल मीडिया पर भी लोगों ने घटना को धार्मिक भावनाओं से जोड़ते हुए कड़ी कार्रवाई की मांग की है। संत बोले- आस्था के साथ खिलवाड़ हनुमानगढ़ी नाका के महंत रामदास ने घटना की निंदा करते हुए कहा कि कुछ युवकों ने मां सरयू की पवित्रता और करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था के साथ खिलवाड़ किया है। सरयू केवल एक नदी नहीं, बल्कि करोड़ों लोगों की श्रद्धा का केंद्र है। ऐसे कृत्य दुर्भाग्यपूर्ण हैं और दोषियों पर सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। कैंट थाना प्रभारी संदीप सिंह ने बताया कि वीडियो में दिखाई दे रहे लवकुश निषाद, राजकुमार निषाद और जितेंद्र निषाद को हिरासत में लेकर पूछताछ की जा रही है। वीडियो की जांच की जा रही है। जांच में सामने आने वाले तथ्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। …………………… -----------------------------ये खबर भी पढ़ें… पति को सांप डसवाने वाली बेटे के लिए रो रही:मेरठ जेल में करवटें बदलती रही, वजह पूछने पर चेहरा छिपाया, भाई बोला- मर गई मेरठ में स्कूल मालिक पति को सांप से डसवाने वाली पत्नी जेल में रातभर करवटें बदलती रही। सूत्रों के मुताबिक, वह 6 साल के बेटे को याद कर रोती रही। पुलिसवालों से एक बार बेटे को दिखाने की मिन्नतें करती रही। पढ़िए पूरी खबर
बिलासपुर में युवक पर चाकू से हमला, आंतें बाहर आईं:सिम्स के डॉक्टरों ने सफल ऑपरेशन कर बचाई जान
बिलासपुर में चाकू के हमले से गंभीर रूप से घायल 15 वर्षीय किशोर की आंतें बाहर आ गई थीं और उसे सांस लेने में कठिनाई हो रही थी। सिम्स के डॉक्टरों ने तत्काल ऑपरेशन कर उसकी जान बचाई। सिरगिट्टी निवासी इस किशोर पर 11 जुलाई की रात करीब 8:30 बजे चाकू से हमला किया गया था। गंभीर हालत में उसे रात लगभग 9 बजे सिम्स के आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया। चाकू से पेट और छाती पर वार जांच के बाद डॉक्टरों ने पाया कि चाकू का वार पेट और छाती के महत्वपूर्ण अंगों तक पहुँच गया था। चोट इतनी गंभीर थी कि पेट की दीवार क्षतिग्रस्त हो गई थी और छोटी आंतें बाहर निकल आई थीं। दाहिनी ओर छाती में लगी गहरी चोट के कारण फेफड़ों पर दबाव बन गया था, जिससे मरीज को सांस लेने में अत्यधिक कठिनाई हो रही थी। डॉक्टरों ने बताया कि आंतों में कई स्थानों पर छेद होने के कारण पेरिटोनाइटिस, सेप्सिस और अत्यधिक रक्तस्राव जैसी गंभीर जटिलताओं का खतरा था। विशेषज्ञों के अनुसार, ऐसे मामलों में समय पर उपचार अत्यंत महत्वपूर्ण होता है। समय पर इलाज हुआ, इसलिए बच गई जान वरिष्ठ सर्जन डॉ. बृजेश पटेल के निर्देशन में तत्काल आपातकालीन ऑपरेशन किया गया। शल्य चिकित्सा टीम में डॉ. राजेंद्र कुमार सिंह, डॉ. शुभा एक्का, डॉ. रवि राजवाड़े और पी.जी. रेजिडेंट डॉ. कुणाल शामिल थे। ऑपरेशन के दौरान छोटी आंतों में हुए कई छेदों की सफलतापूर्वक मरम्मत की गई तथा पेट की गुहा में जमा रक्त को निकालकर आंतरिक रक्तस्राव को नियंत्रित किया गया। डॉक्टरों ने बताया कि समय पर अस्पताल पहुंचने और त्वरित शल्य चिकित्सा के कारण ही मरीज की जान बचाई जा सकी।
सिरोही जिले में बरलूट थाना क्षेत्र में चोरों का गिरोह फिर सक्रिय हो गया है। गोल गांव में एक सूने मकान को निशाना बनाते हुए चोरों ने शनिवार रात चोरी की वारदात को अंजाम दिया। यह घटना मुख्य रामदेवजी मंदिर के सामने स्थित महेंद्र कुमार लोहार के मकान में हुई, जिनका परिवार व्यापार के सिलसिले में सूरत, गुजरात में रहता है। महेंद्र कुमार लोहार ने अपने बंद मकान की सुरक्षा के लिए सीसीटीवी कैमरे लगवाए थे, जो उनके मोबाइल से जुड़े थे। शनिवार रात चोरों के घर में घुसते ही, मकान मालिक को मोबाइल ऐप पर चोरी की लाइव जानकारी मिली। सूरत में बैठे परिवार ने तत्काल बरलूट थाना पुलिस को सूचित किया।सूचना मिलते ही बरलूट थाने के हेड कॉन्स्टेबल डूंगर सिंह अपनी टीम के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण कर साक्ष्य जुटाए। गांव के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही पुलिसजांच अधिकारी हेड कॉन्स्टेबल डूंगर सिंह ने बताया कि चोरों ने सूने मकान का फायदा उठाया। अपनी पहचान छिपाने और पुलिस को गुमराह करने के लिए, चोर सीसीटीवी कैमरों की मुख्य रिकॉर्डिंग मशीन (डीवीआर) भी अपने साथ ले गए। डीवीआर नहीं मिलने के कारण पुलिस तत्काल फुटेज नहीं देख पाई। हालांकि बरलूट पुलिस अब तफ्तीश को आगे बढ़ाते हुए गोल गांव के मुख्य रास्तों और आस-पास के अन्य मकानों व दुकानों में लगे सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाल रही है, ताकि चोरों का कोई सुराग हाथ लग सके। सूरत से परिवार आने के बाद ही साफ होगी चोरी की रकमपुलिस के अनुसार पीड़ित मकान मालिक महेंद्र कुमार लोहार को घटना की सूचना दे दी गई। इसके बाद वे सूरत से गोल गांव के लिए रवाना हो गए। डूंगर सिंह ने बताया कि परिवार के यहां पहुंचने और उनके द्वारा घर के सामान की संभाल करने के बाद ही लिखित रिपोर्ट दर्ज की जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद ही आधिकारिक तौर पर यह साफ हो सकेगा कि चोर तिजोरियों से कुल कितने लाख के सोने-चांदी के जेवरात और कितनी नकदी बटोर ले गए हैं। फिलहाल, बरलूट पुलिस उपलब्ध साक्ष्यों और संदिग्धों के हुलिए के आधार पर मामले की गंभीरता से जांच कर रही है।
गोमतीनगर थाना क्षेत्र स्थित विराम खंड में चोरों ने एक डॉक्टर के बंद मकान में चोरी की। चोरों ने घर से 40-50 लाख रुपए के जेवर, नकदी और बैंक से जुड़े अहम दस्तावेज चोरी कर लिए। उसके बाद जाते समय लॉकर की चाबी भी निकाल ले गए। डॉक्टर परिवार के साथ त्र्यंबकेश्वर महादेव दर्शन करने नासिक गए हुए थे। पीड़ित डॉ. निशांत जायसवाल के मुताबिक, कासगंज एटा में मेडिकल ऑफिसर के पद पर कार्यरत हैं। वह इस वक्त छुट्टी पर लखनऊ आए हुए थे। पत्नी और बेटे यहीं रहते हैं। 12 जुलाई को परिवार के साथ नासिक त्र्यम्बकेश्वर महादेव दर्शन करने गए थे। रविवार सुबह करीब 8 बजे घर पहुंचे तो चोरी की जानकारी हुई। घर से ये सामान हुए चोरी चोरों ने घर की अलमारी और दोनों बेड के बॉक्स खंगाल दिए। घर से सोने की चार चूड़ियां, 10 जोड़ी बालियां, सात अंगूठियां, तीन चेन, छह जोड़ी चांदी की पायल, चांदी का लोटा, चांदी की लक्ष्मी-गणेश की मूर्ति, 12 ग्राम की चांदी की अंगूठी और 50 हजार रुपए नकद समेत अन्य कीमती सामान चोरी कर लिया। पीड़ित के अनुसार, बैंक की पासबुक, चेकबुक, महत्वपूर्ण बैंक दस्तावेज और बैंक लॉकर की चाबी भी गायब है। डॉ. जायसवाल ने गोमतीनगर थाने में तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगालनी शुरू कर दी है और घटना की जांच की जा रही है।
मुंडावर विधायक ललित यादव ने हरियाणा सीमा से सटी अजरका पुलिस चौकी का औचक निरीक्षण किया। चौकी में लंबे समय से चली आ रही स्टाफ की कमी को लेकर ग्रामीणों में असंतोष था। विधायक ने मौके पर ही पुलिस अधीक्षक बृजेश ज्योति उपाध्याय से फोन पर बात की, जिसके बाद दो दिन में अतिरिक्त पुलिस बल तैनात करने का आश्वासन मिला है। एक पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड के कंधों पर सुरक्षा की जिम्मेदारी ग्रामीणों ने विधायक को बताया-अजरका पुलिस चौकी का क्षेत्राधिकार हरियाणा सीमा से जुड़े तीन बॉर्डर क्षेत्रों सहित लगभग 42 गांवों तक फैला हुआ है। वर्तमान में, इस बड़े और संवेदनशील क्षेत्र की सुरक्षा की जिम्मेदारी केवल एक पुलिसकर्मी और एक होमगार्ड के कंधों पर है। सीमावर्ती इलाका होने के चलते पुलिस बल की तैनाती की मांग स्टाफ की भारी कमी के कारण नियमित गश्त, अपराधों की रोकथाम और आपातकालीन घटनाओं में त्वरित कार्रवाई करना बेहद चुनौतीपूर्ण हो गया है। सीमावर्ती क्षेत्र होने के कारण यहां पुलिस की सक्रिय मौजूदगी आवश्यक है, लेकिन स्टाफ की कमी से लोगों में असुरक्षा की भावना बढ़ रही है। उन्होंने तत्काल पर्याप्त पुलिस बल की तैनाती की मांग की। अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने की मांग ग्रामीणों की शिकायतों को गंभीरता से लेते हुए विधायक ललित यादव ने मौके पर ही पुलिस अधीक्षक बृजेश उपाध्याय से दूरभाष पर चर्चा की। उन्होंने चौकी की वास्तविक स्थिति से अवगत कराते हुए अतिरिक्त स्टाफ उपलब्ध कराने का आग्रह किया। विधायक ने बताया कि पुलिस अधीक्षक ने दो दिनों के भीतर अजरका पुलिस चौकी पर आवश्यक पुलिस बल की व्यवस्था करने का आश्वासन दिया है। विधायक ललित यादव ने कहा कि क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करना उनकी प्राथमिकता है और आमजन की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा। इस निरीक्षण के दौरान बड़ी संख्या में ग्रामीण मौजूद रहे और सभी ने एक स्वर में अजरका पुलिस चौकी पर पर्याप्त स्टाफ की तैनाती की मांग दोहराई।

