झालावाड़ पुलिस ने अवैध हथियार रखने के आरोप में एक व्यक्ति को गिरफ्तार किया है। रायपुर कस्बे से साबिर अली नामक आरोपी के पास से 1 अवैध पिस्टल और 2 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। एसपी अमित कुमार ने बताया कि आदतन अपराधियों, मादक पदार्थ तस्करों और अवैध हथियार रखने वालों की धरपकड़ के लिए विशेष अभियान चलाया जा रहा है।इसी अभियान के तहत रायपुर थानाधिकारी रमेशचंद के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त कर रही थी। पाण्ड्या की धरती, रायपुर से आरोपी साबिर अली (24) पुत्र अकरम अली को गिरफ्तार किया गया। उसके खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज किया गया है। गिरफ्तार आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लिया गया है। पुलिस अब अन्य संबंधित व्यक्तियों के बारे में भी जांच कर रही है। साबिर अली के खिलाफ पहले भी मारपीट, एनडीपीएस एक्ट, हत्या के प्रयास और आर्म्स एक्ट सहित कुल 5 मामले दर्ज हैं।
जिले में गर्मी का प्रकोप बढ़ गया है। रविवार को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो इस सीजन में पहली बार 40 डिग्री के पार पहुंचा है। भीषण गर्मी के कारण लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बढ़ते तापमान के कारण हीट-वेव से प्रभावित मरीजों की संख्या में वृद्धि हुई है, हालांकि सामान्य उपचार के बाद वे ठीक हो रहे हैं। बाजार में शीतल पेय पदार्थों और रसीले फलों की मांग बढ़ गई है। चिकित्सकों ने लोगों को गर्मी से बचाव के उपाय अपनाने की सलाह दी है। 19 अप्रैल को अधिकतम तापमान 41.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 20.6 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। सुबह से ही तेज धूप महसूस की जा रही है, जबकि रात में तापमान में गिरावट से कुछ राहत मिल रही है। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में लू चलने का पूर्वानुमान जारी किया है। भीषण गर्मी और लू के बढ़ते प्रकोप को देखते हुए कलेक्टर नेहा मीना ने स्कूली बच्चों को राहत देने के लिए स्कूलों के समय में बदलाव किया है। यह आदेश नर्सरी (प्ले ग्रुप) से कक्षा 12 तक के सभी शासकीय, अशासकीय, नवोदय विद्यालय, सीबीएसई, आईसीएसई और अन्य बोर्ड से संबंधित संस्थाओं पर लागू होगा। नए आदेश के अनुसार, स्कूलों का संचालन सुबह 8 बजे से दोपहर 1 बजे तक किया जाएगा। हालांकि, परीक्षाओं का संचालन निर्धारित समय सारणी के अनुसार ही होगा। इस वर्ष अप्रैल में मई-जून जैसी गर्मी महसूस की जा रही है। पिछले कुछ दिनों का तापमान इस प्रकार रहा है: 15 अप्रैल: अधिकतम 39.6C, न्यूनतम 20.6C 16 अप्रैल: अधिकतम 40.4C, न्यूनतम 20.6C 17 अप्रैल: अधिकतम 40.4C, न्यूनतम 20.6C 18 अप्रैल: अधिकतम 40.0C, न्यूनतम 20.4C 19 अप्रैल: अधिकतम 41.2C, न्यूनतम 20.6C
रतलाम के ताल कस्बे में रविवार रात डीजे ऑपरेटरों ने एक 22 वर्षीय युवक की चाकू घोंपकर हत्या कर दी। कसूर सिर्फ इतना था कि उसने ऑपरेटरों को महिलाओं के सामने गालियां देने से रोका था। हमले में घायल युवक ने अस्पताल ले जाते समय दम तोड़ दिया। इलाके में तनाव को देखते हुए तीनों बारातें बिना शादी किए लौट गई हैं। पुलिस ने 2 आरोपियों को हिरासत में लिया है। एक साथ निकली थीं 3 बारातें, तोरण के समय ऑपरेटरों ने दी गालियां जानकारी के अनुसार, रविवार रात ताल के भोई मोहल्ला स्थित पुरानी कचहरी के नीचे रहने वाले शंकरलाल भोई की तीन बेटियों की शादी थी। उणी (हाटपिपलिया), रुनीजा और राजस्थान के प्रतापगढ़ जिले के बसाड़ से तीन बारातें आई थीं। रात में तीनों बारातों का जुलूस एक साथ आगे-पीछे चल रहा था। इसी दौरान बारातियों के साथ चल रहे बसाड़ और उणी के डीजे ऑपरेटरों में कॉम्पीटिशन शुरू हो गया। जब बारात धर्मशाला पहुंची और दूल्हे तोरण मार रहे थे, तभी दोनों डीजे ऑपरेटर एक-दूसरे से बहस करने लगे और माइक पर ही अपशब्द कहने लगे। रोकने पर बारातियों और ऑपरेटरों ने की मारपीट, घोंपा चाकू गाली-गलौज सुनकर मोहल्ले में रहने वाला दिलीप (22) पिता प्रकाश, सुनील और रवि के साथ डीजे ऑपरेटरों के पास गया। उन्होंने कहा कि मोहल्ले में महिलाएं और परिवार के लोग मौजूद हैं, इसलिए अपशब्द मत बोलो। इसी बात पर विवाद हो गया। डीजे संचालकों और कुछ बारातियों ने दिलीप व उसके परिवार वालों के साथ मारपीट शुरू कर दी। इसी बीच एक डीजे ऑपरेटर ने दिलीप के पेट में चाकू मार दिया। परिजन लहूलुहान दिलीप को जावरा अस्पताल ले गए, जहां से उसे रतलाम रेफर कर दिया गया। जावरा से कुछ दूर आगे निकलने पर ही रास्ते में दिलीप ने दम तोड़ दिया। डेढ़ माह पहले ही हुई थी मृतक की शादी, बिना फेरों के लौटीं बारातें मृतक दिलीप की डेढ़ माह पहले ही शादी हुई थी। रविवार को वह परिवार के एक कार्यक्रम में शामिल होने शामगढ़ गया था और शाम को ही लौटा था। उसके परिवार में पत्नी के अलावा माता-पिता, एक बड़ी बहन और दो भाई हैं। घटना के बाद क्षेत्र में कानून व्यवस्था बिगड़ने की स्थिति को देखते हुए तीनों बारातें बिना शादी किए ही वापस लौट गईं। दिलीप की मौत के बाद ताल में परिजनों में भारी आक्रोश है और उन्होंने थाने के बाहर एकत्र होकर आरोपियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। भाई बोला- परिवार के लोग समझाने गए थे; TI ने कहा- 2 को पकड़ा मृतक के बड़े भाई राजेश ने बताया, रात में घर के पास धर्मशाला में शादी थी। मेरा भाई घर पर ही था। बारात में आए डीजे ऑपरेटर आपस में कॉम्पीटिशन कर रहे थे और एक-दूसरे को अपशब्द कहते हुए गलत कमेंट्स कर रहे थे। तब छोटा भाई दिलीप और परिवार के अन्य लोग उन्हें समझाने गए, तो आरोपियों ने विवाद कर उसे चाकू मार दिया। इसमें मेरे भाई की कोई गलती नहीं थी। वहीं, ताल थाना प्रभारी स्वराज डाबी ने घटना को लेकर बताया, पुलिस ने दो आरोपियों को राउंडअप कर लिया है। इस घटना में जो भी शामिल होगा, उन सभी पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी।
पलवल में खेत में महिला पर हमला:तलवार और जेली से किए वार, एक दिन पहले हुआ था विवाद
पलवल जिले के बलई गांव में खेत में काम कर रही एक महिला पर जानलेवा हमला करने का मामला सामने आया है। चांदहट थाना पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर 3 नामजद आरोपियों के खिलाफ विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। चांदहट थाना प्रभारी हरी किशन ने बताया कि बलई गांव निवासी रानी देवी ने अपनी शिकायत में कहा है कि वह सुबह करीब 8:30 बजे अपने खेत में कृषि कार्य कर रही थी। उसी दौरान गांव के ही राजबीर और सत्ते ट्रैक्टर लेकर खेत पर पहुंचे और उनसे झगड़ा करने लगे। जेली और तलवार से किए वार रानी देवी के अनुसार, राजबीर ने जेली से उनकी कमर और पैर पर वार किया। सत्ते ने तलवार से हमला कर उन्हें गंभीर रूप से घायल कर दिया। दोनों आरोपियों ने उनके साथ लात-घूंसों से भी मारपीट की। आरोपियों ने पहले दी थी धमकी पीड़िता ने यह भी आरोप लगाया है कि घटना से एक दिन पहले सत्ते और पंकज ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी थी। बताया जा रहा है कि इस पूरी घटना का वीडियो भी पीड़िता के पास मौजूद है। मामले की जांच कर रही पुलिस घायल रानी देवी को उपचार के लिए अस्पताल ले जाया गया, जहां मेडिकल जांच में उनके शरीर पर कई चोटें पाई गईं। इनमें कुछ चोटें तेजधार हथियार से लगी हुई थीं। चांदहट थाना की अमरपुर चौकी पुलिस ने मौके पर पहुंचकर मामले की जांच की। इसके बाद चांदहट थाना में राजबीर, सत्ते और पंकज के खिलाफ संबंधित धाराओं में मामला दर्ज कर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है।
7 करोड़ 35 लाख के मादक पदार्थ कराए गए नष्ट:ऑपरेशन दहन के तहत 864 किलोग्राम नशीले पदार्थ कराए गए नष्ट
आजमगढ़ में विभिन्न थानों द्वारा पूर्व में बरामद किए गए अवैध मादक पदार्थों के विनष्टीकरण हेतु न्यायालय, सम्बंधित प्राधिकारी के आदेशानुसार ऑपरेशन दहन के अंतर्गत जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी द्वारा कार्यवाही की गई। इस क्रम में वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक, आजमगढ़ डॉ. अनिल कुमार के निर्देशन में गांजा, हीरोइन, स्मैक, डायजापाम एवं अन्य मादक पदार्थों सहित कुल 864.184 किलोग्राम नशीले पदार्थ तथा लगभग 1000 डायजापाम टैबलेट्स का विनष्टीकरण कराया गया। उक्त मादक पदार्थों की अनुमानित कीमत 7,35,55,640 (सात करोड़ पैंतीस लाख पचपन हजार छह सौ चालीस रुपये) आंकी गई है। विनष्टीकरण की प्रक्रिया मानक प्रोटोकॉल के अनुसार मेसर्स सिलिकॉन बायोटेक प्रा. लि. भादो, माहुल, मार्टीनगंज (थाना दीदारगंज, जनपद आजमगढ़) स्थित औद्योगिक इकाई में स्थापित इंसीनिरेटर/ब्वायलर के माध्यम से संपन्न कराई गई। संपूर्ण कार्यवाही की फोटोग्राफी और वीडियोग्राफी कराई गई तथा मौके पर पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और आवश्यक सावधानियों का पालन सुनिश्चित किया गया। इस कार्यवाही के दौरान अपर पुलिस अधीक्षक (यातायात) जनपद आजमगढ़, उनि श्रीप्रकाश मिश्रा प्रभारी विशेष मालखाना निस्तारण सेल, आरक्षी प्रदीप कुमार शाह एवं आरक्षी मुकेश कुमार गिरी (डीसीआरबी) सहित अन्य अधिकारी, कर्मचारी उपस्थित रहे। यह है मकसदमादक पदार्थों को नष्ट किए जाने का मुख्य मकसद यह है कि अवैध नशीले पदार्थों के दुरुपयोग और तस्करी पर प्रभावी नियंत्रण स्थापित करना है। इसको लेकर लगातार अभियान भी जिला प्रशासन और पुलिस प्रशासन संयुक्त रूप से चलाता है।
लखीमपुर खीरी में सोमवार को सर्व हिंदू समाज के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन DM के प्रशासनिक अधिकारी को सौंपा। इस ज्ञापन के माध्यम से संगठन ने कथित लव जिहाद के मामलों पर रोक लगाने और महिलाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए सख्त कानूनी एवं प्रशासनिक प्रावधान लागू करने की मांग की। ज्ञापन में कहा गया है कि प्रलोभन, छल या दबाव के जरिए होने वाले अवैध धर्मांतरण की घटनाओं पर प्रभावी नियंत्रण के लिए प्रत्येक जिले में विशेष पुलिस थाने और स्पेशल इन्वेस्टिगेशन यूनिट (SIU) का गठन किया जाए। इसका उद्देश्य ऐसे मामलों की निष्पक्ष और गहन जांच सुनिश्चित करना है। संगठन ने फास्ट ट्रैक कोर्ट की स्थापना की भी मांग की, ताकि ऐसे मामलों का निस्तारण छह माह के भीतर हो सके। इसके अतिरिक्त, षड्यंत्र में शामिल सहयोगियों, जैसे आर्थिक मदद देने वाले या फर्जी दस्तावेज उपलब्ध कराने वाले, पर कड़ी कार्रवाई करते हुए इन्हें संगठित अपराध की श्रेणी में शामिल करने की बात भी रखी गई। ज्ञापन में विवाह के लिए फर्जी पहचान के उपयोग को विशेष अपराध घोषित करने, अंतर्धार्मिक विवाह में पूर्व सूचना अनिवार्य करने और साक्षियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने जैसे प्रावधानों की मांग की गई। साथ ही, जिम और अन्य संस्थानों में महिलाओं की सुरक्षा के लिए विशेष नियम लागू करने का सुझाव भी दिया गया। संगठन ने समान नागरिक संहिता लागू करने, विदेश भेजे जाने की स्थिति में सुरक्षा प्रावधान सुनिश्चित करने तथा संभावित आपराधिक नेटवर्क की जांच कराने की भी मांग उठाई। इस ज्ञापन के माध्यम से राज्य में कानून-व्यवस्था को मजबूत करने, महिलाओं की सुरक्षा बढ़ाने और सामाजिक समरसता बनाए रखने की अपील की गई। ज्ञापन सौंपते समय राहुल तिवारी, महंत मोहित गिरी सहित बड़ी संख्या में लोग उपस्थित थे।
मुज़फ़्फ़रनगर में महिला आरक्षण बिल के समर्थन में सोमवार को एक बड़ा शक्ति प्रदर्शन हुआ। हिंद मज़दूर-किसान समिति के बैनर तले बड़ी संख्या में महिलाएं शिव चौक से प्रकाश चौक तक पैदल मार्च पर निकलीं। इस मार्च ने शहर के राजनीतिक और सामाजिक हलकों का ध्यान आकर्षित किया। प्रकाश चौक पर उत्तर प्रदेश सरकार के राज्यमंत्री कपिलदेव अग्रवाल को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नाम एक ज्ञापन सौंपा गया। इस ज्ञापन में लोकसभा और विधानसभाओं में महिलाओं के लिए 33 प्रतिशत आरक्षण तत्काल लागू करने की मांग की गई। कुछ महिला प्रतिनिधियों ने 50 प्रतिशत भागीदारी की मांग भी उठाई। हिंद मज़दूर-किसान समिति की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष मृदुला सिंह द्वारा सौंपे गए ज्ञापन में कहा गया कि महिलाओं की आधी आबादी को राजनीतिक प्रतिनिधित्व में बराबरी मिलनी चाहिए। इसमें यह भी जोर दिया गया कि महिला आरक्षण को अब और टाला नहीं जाना चाहिए। मार्च के दौरान, महिलाओं ने इसे केवल एक ज्ञापन नहीं, बल्कि हक की हुंकार बताया। बड़ी संख्या में शामिल महिलाओं ने कहा कि अब महिला भागीदारी प्रतीकात्मक नहीं, बल्कि निर्णायक होनी चाहिए। शहर के मध्य से निकले इस मार्च ने महिला आरक्षण के मुद्दे को स्थानीय स्तर पर नई गति प्रदान की।
आदिवासी उत्थान महासंघ (मप्र) ने अधारताल पुलिस पर भेदभाव का आरोप लगाते हुए सोमवार को पुलिस अधीक्षक कार्यालय के सामने धरना देकर प्रदर्शन किया। संगठन ने थाना अधारताल में दर्ज एफआईआर क्रमांक 0373 में अब तक ठोस कार्रवाई न होने पर गहरी नाराजगी व्यक्त की। उन्होंने मामले की निष्पक्ष जांच और आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी की मांग की है। महासंघ के प्रदेश अध्यक्ष योगेश कोल ने बताया कि घटना 11 अप्रैल 2026 की रात करीब 11 बजे ग्राम खजरी स्थित नर्मदा गौशाला में हुई थी। सुनील कोरी और विजय मेहरा के साथ कथित तौर पर प्रतीक पटेल, राहुल पटेल और अन्य कर्मचारियों ने प्लास्टिक पाइप और डंडों से मारपीट की थी, जिससे उन्हें गंभीर चोटें आईं। पुलिस ने मामूली धाराओं में केस दर्ज किया संगठन का आरोप है कि घटना के बाद जब पीड़ित अधारताल थाने पहुंचे, तो तत्काल एफआईआर दर्ज नहीं की गई। बाद में महासंघ के हस्तक्षेप के बाद मामला तो दर्ज हुआ, लेकिन पुलिस ने केवल मामूली धाराओं के तहत कार्रवाई कर खानापूर्ति कर दी। महासंघ ने पुलिस पर लापरवाही और पक्षपात का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि एक ओर आरोपियों को डायल 112 वाहन से सुरक्षित उनके घर पहुंचाया गया, वहीं दूसरी ओर घायल पीड़ितों को अपने इलाज के लिए भटकना पड़ा। निष्पक्ष जांच कर धाराएं बढ़ाने की मांग संगठन ने कहा है कि आरोपी प्रभावशाली और दबंग प्रवृत्ति के हैं, जिसके कारण क्षेत्र में भय का माहौल बना हुआ है। पीड़ित परिवार खुद को असुरक्षित महसूस कर रहा है। आदिवासी उत्थान महासंघ ने प्रशासन से मांग की है कि मामले की निष्पक्ष जांच की जाए, एफआईआर में गंभीर धाराएं जोड़ी जाएं और आरोपियों को जल्द से जल्द गिरफ्तार किया जाए, ताकि पीड़ितों को न्याय मिल सके।
बदायूं में दो बाइकों की आमने-सामने की टक्कर में नौ साल के बच्चे और एक महंत की मौत हो गई। इस हादसे में चार अन्य लोग घायल हुए हैं। पुलिस ने सभी घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया है, जबकि मृतकों के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है। यह दुर्घटना दिल्ली-मेरठ मार्ग पर जरीफनगर थाना क्षेत्र के नाधा के पास हुई। सहसवान कोतवाली के भगता नगला मजरा नयागांव निवासी संजू पाल अपनी पत्नी पूजा, नौ साल के बेटे पुनीत और तीन वर्षीय बेटी आरती के साथ संभल जिले के चंदौसी में एक शादी समारोह में शामिल होने जा रहे थे। नाधा के पास उनकी बाइक सामने से आ रही एक अन्य बाइक से टकरा गई। दूसरी बाइक सहसवान कोतवाली के अकबरपुर मोहल्ले निवासी 35 वर्षीय भूदेव पुत्र मोहनलाल चला रहे थे। इस बाइक पर सवार अकबराबाद मोहल्ले के मंदिर के 52 वर्षीय महंत दिनेश गिरी की मौके पर ही मौत हो गई। संजू पाल की बाइक पर सवार उनके नौ वर्षीय बेटे पुनीत ने भी दम तोड़ दिया। हादसे में संजू पाल, उनकी पत्नी पूजा, बेटी आरती और दूसरी बाइक चालक भूदेव घायल हो गए। पुलिस ने पुनीत और महंत दिनेश गिरी के शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। घायलों को तुरंत अस्पताल में भर्ती कराया गया। संजू पाल और उनकी पत्नी पूजा की गंभीर हालत को देखते हुए परिजनों ने उन्हें चंदौसी के एक निजी अस्पताल में भर्ती कराया है, जहां उनका उपचार जारी है। थानाध्यक्ष सुमित शर्मा ने बताया कि दो बाइकों की टक्कर में एक बच्चा और एक महंत की मौत हुई है, जबकि चार लोग घायल हुए हैं। उन्होंने यह भी बताया कि सभी घायलों की हालत खतरे से बाहर है। पुलिस ने दोनों बाइकों को कब्जे में ले लिया है और तहरीर के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
गिरिडीह जिले के गांडेय विधानसभा क्षेत्र के जीतपुर पंचायत अंतर्गत दुर्गापहरी ग्राम का टोला डांडीघुटु भीषण जल संकट से जूझ रहा है। यहां के लगभग 40 घरों के 300 ग्रामीण गंदे डाड़ी (कुआंनुमा जल स्रोत) का पानी पीने को मजबूर हैं। इसी पानी का उपयोग गांव के पशु भी करते हैं, जिससे जलजनित बीमारियों का खतरा बढ़ गया है।ग्रामीणों के अनुसार, टोले के लिए वर्षों पहले सरकार द्वारा उपलब्ध कराया गया एकमात्र कुआं अब पूरी तरह सूख चुका है। इसके बाद से अब तक कोई ठोस वैकल्पिक व्यवस्था नहीं की गई है। ग्रामीण पीने और दैनिक जरूरतों के लिए डाड़ी, खेतों और गड्ढों में जमा पानी का उपयोग करने को विवश हैं। पानी टंकी से आज तक नहीं मिला जलयहां वर्ष 2021-22 में एकल ग्राम जलापूर्ति योजना के तहत लाखों रुपए की लागत से एक पानी टंकी का निर्माण कराया गया था। हालांकि, आज तक इस टंकी से ग्रामीणों को एक बूंद पानी भी नहीं मिला है। पाइपलाइन और अन्य संबंधित संसाधन या तो अधूरे पड़े हैं या पूरी तरह बेकार हो चुके हैं। गांव में शादी करने से कतरा रहे लोगग्रामीण कुंती मुर्मू ने बताया कि गांव में पानी की समस्या वर्षों पुरानी है। उन्होंने कई बार जनप्रतिनिधियों और स्थानीय मुखिया से शिकायत की है, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला और कोई स्थायी समाधान नहीं निकला। मुकेश हेंब्रम के अनुसार, पानी की गंभीर किल्लत के कारण गांव की छवि भी प्रभावित हो रही है, जिससे लोग यहां शादी करने से भी कतराने लगे हैं। सुखु हेमब्रम ने बताया कि यह स्थिति केवल गर्मी में ही नहीं, बल्कि बरसात के मौसम में भी बनी रहती है। बारिश का पानी जमा होकर गंदा हो जाता है, जिसे पीने के लिए ग्रामीण मजबूर हैं। इससे बच्चों और बुजुर्गों में बीमारियों का खतरा लगातार बना हुआ है। समस्या पर तत्काल हस्तक्षेप करने की मांगग्रामीणों ने इस समस्या को लेकर गहरा आक्रोश है। उनका कहना है कि अगर जल्द ही पेयजल की समुचित व्यवस्था नहीं की गई, तो वे आंदोलन करने को बाध्य होंगे। ग्रामीणों ने स्थानीय विधायक कल्पना मुर्मू सोरेन और मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू से इस गंभीर समस्या पर तत्काल हस्तक्षेप की मांग की है। मुझे इस विषय की जानकारी आपके माध्यम से मिली है। उन्होंने आश्वासन दिया कि मामले की जांच कराई जाएगी। यदि स्थिति सही पाई जाती है, तो आवश्यक कार्रवाई करते हुए समस्या का समाधान किया जाएगा। -गणेश रजक, बीडीओ
कैथल सड़क हादसे में बाइक सवार व्यक्ति की मौत:कार ने मारी टक्कर, तीन बच्चों का पिता; कलायत जा रहा था
कैथल जिले के गांव मटौर में सड़क हादसे में 41 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। वह मोटरसाइकिल पर सवार होकर गांव से कलायत जा रहा था। गांव चौसाला के पास उसे कार ने टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गया। इलाज के दौरान उसकी मौत हो गई। पुलिस ने मृतक के भाई की शिकायत पर कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। चौसाला माइनर के पास मारी टक्कर गांव मटौर के बलिंद्र ने कलायत थाना में दी शिकायत में बताया कि वह प्राइवेट बस चलाता है। 13 अप्रैल को उसका भाई दिलबाग उर्फ बागा अपनी बाइक पर सवार होकर मटौर से कलायत अपने निजी कार्य से जा रहा था। जब रात को करीब 10.45 बजे चौसाला माइनर के पास पहुंचा, तो एक कार ड्राइवर ने अपनी कार को तेज रफ्तार व लापरवाही से चलाते हुए उसके भाई की बाइक के पीछे टक्कर मार दी। चंडीगढ़ पीजीआई किया रेफर इससे उसका भाई गंभीर रूप से घायल हो गया। वे उसे इलाज के लिए कैथल नागरिक अस्पताल लेकर गए, जहां से डॉक्टरों ने उसे पीजीआई चंडीगढ़ रेफर कर दिया। आज वहां पर इलाज के दौरान उसके भाई की मौत हो गई। शिकायतकर्ता ने बताया कि दिलबाग के परिवार में उसकी दो बेटी और एक बेटा है। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस कलायत थाना के जांच अधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि इस संबंध में पुलिस के पास शिकायत आई है। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
अयोध्या के सोहावल क्षेत्र के कटरौली गांव में सड़क निर्माण में अनियमितताओं का गंभीर मामला सामने आया है। लोक निर्माण विभाग के प्रांतीय खंड पर आरोप है कि विभाग ने जुबेरगंज–साल्हेपुर–निमेचा वाया कटरौली मार्ग पर लगभग 30 लाख रुपये की धनराशि निकाली है, लेकिन मौके पर कोई काम शुरू नहीं हुआ है। यह मार्ग किलोमीटर तीन से खाद वितरण केंद्र तक माटीदार संपर्क मार्ग के नवनिर्माण के लिए था। ग्रामीणों के अनुसार, सड़क की स्थिति अभी भी जर्जर बनी हुई है। मौके पर न तो गिट्टी डाली गई है और न ही किसी तरह का निर्माण कार्य दिखाई दे रहा है। स्थानीय निवासियों ने आरोप लगाया कि 30 लाख रुपये खर्च दिखाए गए, लेकिन एक टोकरी गिट्टी तक नहीं गिराई गई। इस स्थिति से विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। कटरौली और आसपास के गांवों के निवासियों में इस मामले को लेकर असंतोष बढ़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि यह मार्ग कई गांवों को जोड़ता है और बरसात के मौसम में यहां से आवागमन बेहद मुश्किल हो जाता है। सड़क का निर्माण न होने से किसानों, छात्रों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने पीडब्ल्यूडी के संबंधित इंजीनियरों पर लापरवाही और सरकारी धन के दुरुपयोग का आरोप लगाया है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही निर्माण कार्य शुरू नहीं किया गया, तो वे उच्चाधिकारियों से शिकायत करेंगे और आंदोलन करने पर मजबूर होंगे। इस पूरे मामले पर विभागीय अधिकारियों की ओर से अभी तक कोई स्पष्ट प्रतिक्रिया नहीं आई है। यह सवाल बना हुआ है कि बिना काम कराए इतनी बड़ी धनराशि कैसे निकाली गई और इसकी जवाबदेही किसकी होगी। संबंधित अधिकारी से बात करने का प्रयास किया गया लेकिन उन्होंने फोन उठाना ही उचित नहीं समझा ना की कोई जवाब दिया।
रायपुर के सारागांव हायर सेकेंडरी स्कूल के समर कैम्प में विद्यार्थियों ने एक अनूठी पहल करते हुए पक्षियों के लिए घोंसले तैयार किए। जिला प्रशासन के मार्गदर्शन में आयोजित इस गतिविधि का उद्देश्य बच्चों में पर्यावरण के प्रति जिम्मेदारी और जीव-जंतुओं के प्रति संवेदनशीलता विकसित करना रहा। यह पहल बताती है कि शिक्षा केवल किताबों तक सीमित नहीं, बल्कि सामाजिक सरोकारों से भी जुड़ी होती है। कैम्प के दौरान कक्षा 12वीं की छात्राओं छाया, साक्षी और टीना ने मिलकर रचनात्मक तरीके से घोंसलों का निर्माण किया। तैयार किए गए घोंसलों को स्कूल परिसर के पेड़ों पर लगाया गया, ताकि तेज गर्मी में पक्षियों को सुरक्षित आश्रय मिल सके। विद्यार्थियों ने इस काम को उत्साह के साथ पूरा किया। इस पहल से बच्चों में प्रकृति के प्रति जुड़ाव, सहयोग की भावना और जीवों के प्रति करुणा विकसित हुई है। साथ ही यह संदेश भी गया कि छोटे-छोटे प्रयासों से पर्यावरण संरक्षण में बड़ा योगदान दिया जा सकता है।
सपा और कांग्रेस का झंडा जलाए जाने पर भाजपा नेतृत्व राज्य महिला आयोग की उपाध्यक्ष अपर्णा यादव और सदस्य ऋतु शाही से नाराज है। प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री धर्मपाल सिंह ने किसी राजनैतिक दल का झंडा फूंकने और बिना पर्याप्त संख्या के प्रदर्शन पर नाराजगी जताई है। पार्टी सूत्रों के अनुसार, दोनों महिला नेताओं से लिखित जवाब तलब किया जा सकता है। हालांकि, संगठन का एक गुट केवल मौखिक जवाब तलब कर मामले को रफा दफा करने के पक्ष में है। दरअसल, 17 अप्रैल को संसद में नारी शक्ति वंदन संशोधन अधिनियम को पेश किया गया था लेकिन सरकार इसे पास नहीं करा सकी। विपक्ष की एकजुटता से विधेयक पास नहीं होने पर भाजपा की महिला नेताओं विरोध प्रदर्शन किया था। विधानसभा के सामने अपर्णा और ऋतु शाही ने किया था प्रदर्शन अपर्णा यादव और ऋतु शाही ने भी उसी दिन रात को लखनऊ विधानसभा के बाहर सपा और कांग्रेस के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया था। दोनों कुछ महिलाओं के साथ वहां पहुंची। सपा और कांग्रेस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए दोनों पार्टियों का झंडा जलाया। अपर्णा ने कहा था- कलंकित करने वाली रात है। विपक्ष का चेहरा दिखावटी है, नारी शक्ति इन्हें कुचल देगी। सपा और कांग्रेस के नेता दुर्योधन और दु:शासन जैसे हैं इसलिए इनका झंडा जलाया है। अब देखिए झंडा जलाने और प्रदर्शन की 3 तस्वीरें… अखिलेश यादव ने कसे थे तंज, एक्स पर लिखा- कम से कम 12 महिलाओं को तो भेजते… अपर्णा यादव और ऋतु शाही के विरोध प्रदर्शन में पांच सात लोग ही दिखने पर सपा प्रमुख अखिलेश यादव ने तंज कसा था। अखिलेश ने एक्स पर पोस्ट कर कहा था कि भाजपा वाले लगभग 12 करोड़ महिलाओं वाले यूपी में 12 महिलाओं को तो भेजते। सपा प्रमुख के तंज के बाद बीजेपी नेतृत्व दोनों महिला नेताओं पर नाराज अखिलेश यादव के तंज के बाद विपक्ष पर हमलावर बीजेपी की सोशल मीडिया पर खूब ट्रोलिंग हुई। बीजेपी नेतृत्व का भी मानना है कि अपर्णा यादव और ऋतु शाही की जल्दबाजी ने पार्टी की किरकिरी कराई। सूत्रों के मुताबिक भाजपा प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी और महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह ने अपर्णा और ऋतु शाही के कृत्य पर नाराजगी जाहिर की। उन्होंने पूछा कि किसकी अनुमति से इस तरह का प्रदर्शन कर पार्टी का झंड़ा जलाया गया। बिना बताए और बिना संख्या जुटाए प्रदर्शन करने से सपा को तंज कसने का मौका मिला है। सूत्रों के मुताबिक इसको लेकर दोनों को नोटिस जारी करने पर भी विचार किया जा रहा है। ऋतु शाही को लेकर पहले से भाजपा नेतृत्व नाराज भाजपा में ऋतु शाही को लेकर पहले से काफी विरोध है। उनके महिला आयोग का सदस्य बनाए जाने पर भी पार्टी के केंद्रीय नेतृत्व तक शिकायतें की गई थीं। बीजेपी सूत्रों के अनुसार, पार्टी की सक्रिय कार्यकर्ताओं को दरकिनार कर ऋतु शाही को आयोग में पद देने पर महिला नेताओं और पदाधिकारियों ने आपत्ति जताई थी। पार्टी सूत्रों का कहना है कि इस तरह की शिकायतों के बाद ही इस बार आयोग, निगम और बोर्ड गठन से पहले राष्ट्रीय महासचिव विनोद तावड़े को रायशुमारी के लिए लखनऊ भेजा गया था। अब जानिए कौन हैं ऋतु शाही ऋतु शाही गोरखपुर की रहने वाली हैं। राज्य महिला आयोग की सदस्य बनने के पहले वह भाजपा गोरखपुर की महिला मोर्चा में कोषाध्यक्ष थीं। उनके पति धर्मेश कुमार शाही यूपी एसटीएफ में डिप्टी एसपी हैं। डीके शाही की गिनी एनकाउंटर स्पेशलिस्ट के रूप में होती है। अपर्णा यादव के बारे में जानिए- अब बिल के बारे में जानिए… दो-तिहाई बहुमत से पास होना था बिल दरअसल, सरकार महिला आरक्षण बिल से जुड़ा संविधान का 131वां संशोधन बिल, लोकसभा में पास नहीं करा पाई। इसमें संसद की 543 सीटें बढ़ाकर 850 करने का प्रावधान था। लोकसभा में बिल पर 21 घंटे की चर्चा के बाद वोटिंग हुई। उपस्थित 528 सांसदों ने वोट डाले। पक्ष में 298, विपक्ष में 230 वोट पड़े। बिल पास कराने के लिए दो-तिहाई बहुमत की जरूरत थी। ------------------ ये खबर भी पढ़ें यूपी में 40 IAS का ट्रांसफर, 15 DM बदले:मंत्री से टशन, किंजल सिंह को हटाया; मनीष बंसल आगरा DM, ये मुख्य चुनाव आयुक्त के दामाद योगी सरकार ने रविवार देर रात 40 IAS अफसरों के तबादले कर दिए। इनमें 12 महिला अफसर हैं। 15 जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदले गए हैं। परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह से अनबन के बाद परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। किंजल सिंह की 7 महीने पहले ही परिवहन विभाग में नियुक्ति हुई थी। पूरी खबर पढ़ें…
राज्यसभा सांसद डॉ. सुमेर सिंह सोलंकी संसदीय राजभाषा समिति की दूसरी उपसमिति के सदस्य के रूप में 20 अप्रैल से 24 अप्रैल 2026 तक गोवा और कोच्चि के अध्ययन दौरे पर रहेंगे। इस पांच दिवसीय दौरे के दौरान वे विभिन्न केंद्रीय विभागों में राजभाषा हिंदी के उपयोग और प्रशासनिक कार्यप्रणाली की समीक्षा करेंगे। गोवा के प्रमुख संस्थानों का होगा निरीक्षण गोवा प्रवास के दौरान डॉ. सोलंकी भारतीय वायुसेना, दक्षिण पश्चिम रेलवे, कोंकण रेलवे और गोवा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे का दौरा करेंगे। वे यहां भारतीय मानक ब्यूरो, दूरदर्शन केंद्र, आकाशवाणी और भारतीय कृषि अनुसंधान संस्थान सहित कई महत्वपूर्ण संस्थानों में केंद्र सरकार की योजनाओं के क्रियान्वयन का जायजा लेंगे। कोच्चि में अंतरिक्ष और समुद्री केंद्रों की समीक्षा केरल के कोच्चि प्रवास के दौरान सांसद विक्रम साराभाई अंतरिक्ष केंद्र, केंद्रीय समुद्री मात्स्यिकी अनुसंधान संस्थान और राष्ट्रीय पृथ्वी विज्ञान अध्ययन केंद्र का निरीक्षण करेंगे। वे इन संस्थानों में तकनीकी प्रगति, कार्यप्रणाली की पारदर्शिता और राजभाषा हिंदी के प्रयोग की स्थिति का अवलोकन करेंगे। बुनियादी ढांचे और विकास कार्यों का अध्ययन इस दौरे का उद्देश्य प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में संचालित परिवहन, संचार, कृषि, बंदरगाह और विमानन क्षेत्र की परियोजनाओं का अध्ययन करना है। संसदीय समिति का यह निरीक्षण सरकारी कार्यालयों में हिंदी को बढ़ावा देने और 'विकसित भारत' के संकल्प को गति देने की दिशा में आयोजित किया गया है। जनहित और प्रशासनिक नवाचार पर जोर सांसद डॉ. सोलंकी विभिन्न विभागों में जनहित से जुड़ी योजनाओं, तकनीकी नवाचार और आधारभूत संरचना विकास की समीक्षा करेंगे। इस अध्ययन दौरे के माध्यम से वे देश के विभिन्न हिस्सों में संचालित आधुनिक व्यवस्थाओं और केंद्रीय संस्थानों की कार्यप्रणाली को समझेंगे।
हिमाचल प्रदेश के जिला चंबा स्थित बकलोह सैन्य छावनी के स्पेशल फोर्सेस ट्रेनिंग स्कूल में प्रशिक्षण के दौरान शहीद हुए 26 साल के भारतीय सेना के जवान मोहित का उनके पैतृक गांव साहूपुरा में राजकीय सम्मान के साथ अंतिम संस्कार किया गया। मोहित के बड़े भाई ने उसकी चिता को मुखाग्नि दी। इस दौरान भारी संख्या में लोग जवान की अंतिम यात्रा में शामिल हुए। 18 अप्रैल को गांव साहूपुरा निवासी मोहित चंबा स्थित बकलोह सैन्य छावनी के स्पेशल फोर्सेस ट्रेनिंग स्कूल में बाक्सिंग का अभ्यास कर रहा था। इस दौरान उसको कान के पास सर में चोट लग गई। जिसके बाद उनको इलाज के लिए बकलोह स्थित सैन्य अस्पताल पहुंचाया, जहां डॉक्टरों ने उनका इलाज शुरू किया। उपचार के दौरान उनकी हालत बिगड़ गई और रविवार को मौत हो गई। मोहित के अंतिम यात्रा में केन्द्रीय राज्य मंत्री कृष्णपाल गुर्जर, बल्लभगढ़ विधायक मूलचंद शर्मा सहित कई राजनितिक दलों के लोग पहुंचे। सभी से मोहित के परिवार को सांत्वना दी। 8 साल पहले भर्ती हुए मोहित भारतीय सेना की 29 पैरा इकाई से जुड़ा हुआ था इस समय वह आगरा में तैनात था। मोहित भारतीय सेना में 8 साल पहले भर्ती हुआ था। उसकी पोस्टिंग आगर में थी। 40 दिन पहले ही वह हिमाचल प्रदेश के चंबा जिले में स्थित बकलोह सैन्य छावनी के स्पेशल फोर्सेस ट्रेनिंग स्कूल में ट्रेनिंग के लिए गया था। 5 अप्रैल को मोहित यहां पर ट्रेनिंग के गया था। करीब 3 महीने पहले हुई शादी मोहित की शादी इसी साल फरवरी में हुई थी। वह तीन भाइयों में सबसे छोटा था। मोहित का बड़ा भाई सरकारी अफसर है और बीच वाला भाई प्राइवेट जॉब करता था। मोहित अपने परिवार का सबसे छोटा बेटा था। अंतिम यात्रा निकाली गई मोहित का शव पहले उनके त्रिखा कालोनी निवास पर ले जाया गया। जहां से उसकी अंतिम यात्रा निकाली गई और उनके पैतृक गांव साहूपुरा के शमशान घाट में उनका अंतिम संस्कार किया गया। मोहित के परिवार के लोगों ने बताया कि वह शुरू से ही सेना में रहकर देश की सेवा करना चाहता था। इसके लिए उसने सेना की तैयारी की और पहली ही बार में सेना में सिपाही के पद पर भर्ती हो गया। उनको मोहित के शहादत पर गर्व है।
आजाद अधिकार सेना ने शिक्षा और स्वास्थ्य सेवाओं पर सरकारी खर्च बढ़ाने की मांग को लेकर कलेक्ट्रेट में प्रदर्शन किया। संगठन ने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी (डीएम) को सौंपा। ज्ञापन के माध्यम से केंद्र और विभिन्न राज्य सरकारों से शिक्षा और स्वास्थ्य के बुनियादी क्षेत्रों पर पर्याप्त ध्यान देने की अपील की गई है। ज्ञापन में बताया गया है कि भारत में केंद्र और राज्य सरकारें स्वास्थ्य सेवाओं पर अपने बजट का केवल 1.5% और शिक्षा पर सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का 2.5% ही खर्च करती हैं। इस प्रकार, शिक्षा और स्वास्थ्य की बुनियादी सेवाओं पर कुल जीडीपी का मात्र 4.5% ही व्यय हो रहा है। इसकी तुलना में, अमेरिका, इंग्लैंड और अन्य विकसित देशों में स्वास्थ्य सेवाओं पर उनके राज्य बजट का लगभग 20 से 30% और शिक्षा सेवाओं पर लगभग 10 से 15% खर्च किया जाता है। आजाद अधिकार सेना के अनुसार, भारत जैसे विकासशील देश के लिए शिक्षा पर जीडीपी का लगभग 15 से 18% और स्वास्थ्य पर 12 से 15% तक व्यय करना अनिवार्य है। संगठन ने मौजूदा खर्च को अत्यंत कम और देश के विकास में बाधक बताया। इस अवसर पर जिला अध्यक्ष महेश मिश्रा, अमित पांडे, उमेश दुबे, अखिलेश दुबे, विनोद उपाध्याय सहित अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे।
देवरिया जिले के भटनी थाना क्षेत्र में एक युवक की संदिग्ध मौत के बाद सोमवार को तनावपूर्ण स्थिति बन गई। नाराज परिजनों और ग्रामीणों ने भटनी अंडरपास पर शव को सड़क पर रखकर भटनी-भरथुआ मार्ग जाम कर दिया। प्रदर्शनकारियों ने हत्या का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की। जानकारी के अनुसार, ग्राम रामपुर खुरहुरिया निवासी सूरज राजभर (पुत्र मधु राजभर) का शव रविवार सुबह जे.डी. पब्लिक स्कूल के पीछे एक पेड़ से लटका मिला था। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया। पोस्टमार्टम रिपोर्ट में मौत का कारण फांसी बताया गया है, लेकिन परिजन इस निष्कर्ष से संतुष्ट नहीं हैं। उनका आरोप है कि सूरज की हत्या कर शव को पेड़ से लटकाया गया है। परिजनों ने तीन नामजद और पांच अज्ञात लोगों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। इसी को लेकर सोमवार को ग्रामीणों ने शव को सड़क पर रखकर जाम लगा दिया, जिससे यातायात बाधित हो गया। सूचना पर थानाध्यक्ष मृत्युंजय राय पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और लोगों को समझाने का प्रयास किया, लेकिन परिजन अपनी मांग पर अड़े रहे। मृतक सूरज राजभर अपने परिवार में तीन भाइयों और एक बहन में सबसे छोटा था। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। पुलिस का कहना है कि मामले की हर पहलू से जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
कानपुर की हरबंशमोहाल पुलिस ने श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर घंटाघर से चांदी के मुकुट चोरी का सोमवार को खुलाया कर दिया। पुलिस ने मंदिर से मुकुट चोरी करने वाला माजिद अंसारी, उसकी पत्नी और चोरी के मुकुट खरीदने वाले सर्राफ को अरेस्ट कर लिया। माजिद कासगंज से स्कूटी से कानपुर पहुंचा और वारदात को अंजाम देने के बाद भाग निकला था। इसके बाद मुकुट को कासगंज में सर्राफ को बेच दिया और इस गलाकर सर्राफ ने बिस्किट में बदल दिया था, पुलिस ने उसे बरामद कर लिया है। तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया गया। बोला- पैसों की जरूरत थी तो मंदिर को बनाया निशाना डीसीपी ईस्ट सत्यजीत गुप्ता ने सोमवार को अपने दफ्तर में प्रेस कॉन्फ्रेंस करके चोरी का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि 11 अप्रैल को घंटाघर स्थित श्री सिद्धिविनायक गणेश मंदिर से सात मूर्तियों के चांदी के मुकुट चोरी हो गए थे। हरबंशमोहाल पुलिस ने मामले में रिपोर्ट दर्ज करके जांच शुरू की थी। मंदिर और आसपास लगे सीसीटीवी से सामने आया था कि मंदिर में घुसे स्कूटी से आए हेलमेट लगाए व्यक्ति ने चोरी की वारदात को अंजाम दिया है। इस दौरान उसकी पत्नी और बच्चा मंदिर के बाहर स्कूटी पर वेट कर रहे थे। सीसीटीवी फुटेज के जरिए स्कूटी का नंबर मिला और इसके बाद पुलिस आरोपी की तलाश में जुटी थी। रविवार रात को पुलिस ने मंदिर में चोरी करने के मुख्य आरोपी नगला गांव थाना पटियाली कासगंज निवासी माजिद अंसारी को अरेस्ट कर लिया। पूछताछ में उसने बताया कि वह स्कूटी से अपनी पत्नी और बच्चे के साथ झारखंड जा रहा था। कानपुर हाईवे पर उसका एक्सीडेंट हो गया। स्कूटी क्षतिग्रस्त हो गई और उसे भी चोट आ गई, उसके पास इलाज और स्कूटी बनवाने का पैसा नहीं था। उसे समझ नहीं आ रहा था कि क्या करें। 150 से ज्यादा CCTV पुलिस ने खंगाला तो सुराग लगा वह घंटाघर पहुंचा और कई मंदिरों में चोरी की कोशिश करने के बाद श्री सिद्धिविनायक मंदिर पहुंचा और मौका देखकर मूर्तियों से एक के बाद एक 7 मुकुट चोरी कर लिया। चोरी की वारदात को अंजाम देने के बाद वह भाग निकला था। पुलिस ने करीब 150 से ज्यादा सीसीटीवी खंगाले तब जाकर स्कूटी का नंबर मिला और इसके बाद पुलिस स्कूटी नंबर के आधार पर माजिद अंसारी तक पहुंची और उसे अरेस्ट कर लिया। पहले तो वह चोरी से इनकार कर रहा था, लेकिन सीसीटीवी फुटेज दिखाते ही टूट गया और पूरी वारदात को कुबूल कर लिया। सर्राफ और पत्नी को भी भेजा जेल डीसीपी ईस्ट ने बताया कि पत्नी को चोरी की जानकारी थी और इसे बेचने में भी पत्नी ने सहायोग किया था। इस वजह से केस में पत्नी अंजुल परवीन को भी अरेस्ट कर लिया। इसके साथ ही चांदी के मुकुट को खरीदने वाले कासगंज के ही मोहल्ला मंसूर चौक थाना गंज डुडवारा के जावेद अहमद को भी अरेस्ट कर लिया। पुलिस ने तीनों को कोर्ट में पेश करने के बाद जेल भेज दिया।
हिमाचल प्रदेश के शिमला जिला के ठियोग में पुलिस ने पंजाब और हरियाणा के तीन तस्कर गिरफ्तार किए है। इनसे 9 ग्राम चिट्टा भी बरामद किया गया। तीनों आरोपियों को आज ठियोग कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड मांगा जाएगा। आरोपियों की पहचान पवन (21) निवासी चिढाना तहसील गोहाना जिला सोनीपत हरियाणा, नितिश पांडे (26) निवासी जगतपुर जिला मोहाली पंजाब और रितिक सूरजभान (27) निवासी शलाना खरखौदा जिला सोनीपत हरियाणा के रूप में हुई है। सूचना के अनुसार- बीते कल पुलिस को सूचना मिली कि नेशनल हाइवे-पांच पर फागू से ठियोग साइड को एक मैग्नाइट ग्रे रंग का गाड़ी आ रही है। इसमें सवार तीन व्यक्ति चिट्टा तस्करी में शामिल है। पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर की कार्रवाई इस सूचना के आधार पर ठियोग पुलिस ने बाइपास में गाड़ी को तलाशी के लिए रोका और इनकी तलाशी ली गई। इस दौरान इनके पास 9 ग्राम चिट्टा बरामद हुआ। इसके बाद पुलिस तीनों को गिरफ्तार कर ठियोग पुलिस थाना ले गई। रिमांड की मांग करेगी पुलिस पुलिस ने एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज कर आगामी कार्रवाई शुरू कर दी है। आज कोर्ट से पुलिस रिमांड की मांग की जाएगी, ताकि इनसे पूछताछ करके यह पता लगाया कि जा सके कि इन्होंने कहा से चिट्टा लाया था और किसने बेचने जा रहे थे। इनसे पूछताछ करके पुलिस दूसरे चिट्टा तस्करों तक पहुंचने का दावा कर रही है।
रोहतक के किसान से ऑनलाइन ठगी:98 हजार रुपए हड़पे, खेत की बाड़ के लिए जाली खरीदते समय हुआ फ्रॉड
रोहतक जिले में लाखन माजरा थाना क्षेत्र के गांव नांदल में एक किसान ऑनलाइन ठगी का शिकार हो गया। खेत की बाड़ के लिए जाली खरीदते समय उससे 98 हजार 800 रुपए ठग लिए गए। नांदल गांव निवासी अजय पुत्र राजेंद्र ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि वह एमए पास है और बागवानी एवं खेती का काम करता है। उसे खेत की बाड़ के लिए चेन लिंक जाली की आवश्यकता थी, जिसके लिए उसने अपने मोबाइल से क्रोम पर इंडिया मार्ट की साइट खोली। पिता के खाते से भेजे रुपए अजय ने बताया कि वह पहले भी इस साइट से सामान मंगवा चुका था। गत दिवस जब उसने इंडिया मार्ट की साइट खोली, तो उसके पास 'सोमानी वायरनेटिंग इंडस्ट्री' के नाम से एक कॉल आई। इस कंपनी का नाम उसने पहले भी सुन रखा था, जिससे उसे कॉलर पर विश्वास हो गया। कॉलर ने उसे कैटलॉग और जीएसटी नंबर भेजा, जिससे उसका भरोसा और बढ़ गया। अजय ने अपना ऑर्डर भेजा, जिसके बाद उसे 1 लाख 34 हजार 400 रुपए का बिल मिला। उसने अपने पिताजी के बैंक खाते से 98 हजार 800 रुपए भेज दिए। कॉल करके यूपीआई पर रुपए भेजने को कहा पैसे भेजने की उस दिन की बैंक लिमिट पूरी हो गई थी, और 35 हजार 600 रुपए कंपनी के बकाया रह गए थे। अगले दिन उसी नंबर से फिर कॉल आई और शेष राशि यूपीआई पर भेजने को कहा गया। इस पर अजय को ठगी का संदेह हुआ। शिकायतकर्ता अजय ने पुलिस से अपने पैसे वापस दिलवाने और दोषियों के खिलाफ सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। पुलिस ने पीड़ित की शिकायत पर अज्ञात के खिलाफ मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
छत्तीसगढ़ के बहुचर्चित रामावतार जग्गी हत्याकांड में पूर्व सीएम अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को सुप्रीम कोर्ट से राहत नहीं मिली है। सुप्रीम कोर्ट ने अब दोनों मामलों की संयुक्त सुनवाई 23 अप्रैल को तय किया है। अमित जोगी की ओर से दो आदेशों को चुनौती दी गई थी। पहला, जिसमें CBI को अपील करने की अनुमति दी गई और दूसरा, हाईकोर्ट का वह फैसला, जिसमें उन्हें हत्या का दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई गई। अब दोनों मामले की एक साथ सुनवाई होगी। इससे पहले हाईकोर्ट ने 6 अप्रैल को अमित जोगी को IPC की धारा 302 और 120-बी के तहत दोषी ठहराते हुए उम्रकैद की सजा दी गई थी। 3 हफ्ते में सरेंडर करने का आदेश दिया था। इसके खिलाफ जोगी ने सुप्रीम कोर्ट में अपील दायर की थी। अमित जोगी बोले- न्यायपालिका पर मुझे पूरा विश्वास अमित जोगी ने फेसबुक पर लिखा है कि, सर्वोच्च न्यायालय ने आज दोनों मामलों को एक साथ टैग कर दिया है। 25.03.2026 के लीव टू अपील आदेश के खिलाफ मेरी एसएलपी और 02.04.2026 के उच्च न्यायालय के निर्णय के खिलाफ वैधानिक अपील। इन दोनों मामलों की संयुक्त सुनवाई 23 अप्रैल को निर्धारित की गई है। मेरी ओर से आज वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल, मुकुल रोहतगी, विवेक तन्खा, सिद्धार्थ दवे और शशांक गर्ग उपस्थित हुए। मेरी कानूनी टीम का हृदय से आभार। न्यायपालिका पर मुझे पूर्ण विश्वास है। 2003 में गोली मारकर की गई थी हत्या 4 जून 2003 को एनसीपी नेता रामावतार जग्गी की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। इस मामले में 31 अभियुक्त बनाए गए थे। जिनमें से बल्टू पाठक और सुरेंद्र सिंह सरकारी गवाह बन गए थे। अमित जोगी को छोड़कर बाकी 28 लोगों को सजा मिली थी। हालांकि, 31 मई 2007 को रायपुर की विशेष अदालत ने सबूतों के अभाव में अमित जोगी को बरी कर दिया था। रामअवतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी ने अमित जोगी को बरी करने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में अपील की थी। जिस पर अमित के पक्ष में स्टे लगा था। बाद में सुप्रीम कोर्ट ने केस को हाईकोर्ट भेज दिया। सतीश जग्गी का आरोप- तत्कालीन राज्य सरकार की प्रायोजित थी हत्या हाईकोर्ट में अपील पर रामावतार जग्गी के बेटे सतीश जग्गी के अमित जोगी की दोषमुक्ति के खिलाफ पेश क्रिमिनल अपील पर उनके अधिवक्ता बीपी शर्मा ने तर्क दिया था। उन्होंने बताया था कि हत्याकांड की साजिश तत्कालीन राज्य सरकार की ओर से प्रायोजित थी। जब CBI की जांच शुरू हुई, तब सरकार के प्रभाव में सारे सबूतों को मिटा दिया गया था। ऐसे केस में सबूत अहम नहीं हैं, बल्कि षड्यंत्र का पर्दाफाश जरूरी है। लिहाजा, इस केस के आरोपियों को सबूतों के अभाव में दोषमुक्त नहीं किया जा सकता। कौन थे रामावतार जग्गी कारोबारी बैकग्राउंड वाले रामावतार जग्गी देश के बड़े नेताओं में शुमार पूर्व केंद्रीय मंत्री विद्याचरण शुक्ल के बेहद करीबी थे। जब शुक्ल कांग्रेस छोड़कर NCP में शामिल हुए तो जग्गी भी उनके साथ-साथ गए। विद्याचरण ने जग्गी को छत्तीसगढ़ में NCP का कोषाध्यक्ष बना दिया था। ये पाए गए थे दोषी जग्गी हत्याकांड में अभय गोयल, याहया ढेबर, वीके पांडे, फिरोज सिद्दीकी, राकेश चंद्र त्रिवेदी, अवनीश सिंह लल्लन, सूर्यकांत तिवारी, अमरीक सिंह गिल, चिमन सिंह, सुनील गुप्ता, राजू भदौरिया, अनिल पचौरी, रविंद्र सिंह, रवि सिंह, लल्ला भदौरिया, धर्मेंद्र, सत्येंद्र सिंह, शिवेंद्र सिंह परिहार, विनोद सिंह राठौर, संजय सिंह कुशवाहा, राकेश कुमार शर्मा, (मृत) विक्रम शर्मा, जबवंत, विश्वनाथ राजभर दोषी पाए गए थे। 2 CSP, थाना प्रभारी समेत अन्य को हुई थी सजा इस हत्याकांड में उम्रकैद की सजा पाने वालों में 2 तत्कालीन CSP और एक तत्कालीन थाना प्रभारी के अलावा रायपुर मेयर एजाज ढेबर के भाई याहया ढेबर और शूटर चिमन सिंह शामिल हैं। ………………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… अमित जोगी 'जग्गी हत्याकांड' का मास्टरमाइंड: हाईकोर्ट ने माना- आकाश चैनल के डायरेक्टर ने शूटर को 5 लाख दिए, कहा- ट्रायल कोर्ट का फैसला गैरकानूनी छत्तीसगढ़ हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस रमेश सिन्हा की डिवीजन बेंच ने हाईप्रोफाइल राम अवतार जग्गी हत्याकांड में 23 साल बाद पूर्व मुख्यमंत्री अजीत जोगी के बेटे अमित जोगी को दोषी करार देते हुए उम्रकैद की सजा सुनाई है। पढ़ें पूरी खबर…
अनूपपुर जिले की सीमा पर स्थित ग्राम पंचायत वेंकटनगर में तिपान नदी पर बना पुल अपनी मियाद पूरी कर चुका है। मध्यप्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला यह पुल वर्तमान में बेहद जर्जर स्थिति में है। अनूपपुर-बिलासपुर मुख्य मार्ग पर स्थित होने के कारण इस पर लाखों भारी वाहनों का दबाव है, जिससे किसी भी समय बड़ी दुर्घटना की आशंका बनी हुई है। दो राज्यों की 'आर्थिक जीवनरेखा' खतरे में यह मार्ग केवल सामान्य आवागमन के लिए ही नहीं, बल्कि कोयला खदानों और जैतहरी स्थित मोजरबेयर पावर प्लांट के लिए भी अत्यंत महत्वपूर्ण है। बिलासपुर और भिलाई से आने वाला लौह अयस्क और कोयला इसी पुल के माध्यम से मध्यप्रदेश और कटनी की ओर पहुंचता है। भारी मालवाहक वाहनों के निरंतर आवागमन ने 1980 में बने इस पुल की कमर तोड़ दी है। पुल की सतह से दिखने लगे लोहे के सरिए पुल की ऊपरी सतह पूरी तरह उखड़ चुकी है और कंक्रीट के बीच से लोहे के सरिए बाहर निकल आए हैं। रेलिंग और साइड वॉल कई जगह से टूट चुकी है। स्थानीय निवासियों का आरोप है कि लोक निर्माण विभाग हर बार केवल हल्का पेंचवर्क कर औपचारिकता पूरी कर देता है, जो भारी वाहनों के दबाव में कुछ ही दिनों में उखड़ जाता है। 1982 में हुआ उद्घाटन, अब मरम्मत का इंतजार इस पुल की आधारशिला 1980 में तत्कालीन मुख्यमंत्री अर्जुन सिंह ने रखी थी और 1982 में इसका लोकार्पण हुआ था। चार दशकों से अधिक समय बीत जाने के बाद भी इसका ठोस जीर्णोद्धार नहीं किया गया है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यह मार्ग बिलासपुर-कटनी जैसे महत्वपूर्ण व्यापारिक कॉरिडोर का हिस्सा है, फिर भी प्रशासन इसकी अनदेखी कर रहा है। अधिकारी बोले- जल्द शुरू होगा काम मामले की गंभीरता को देखते हुए पीडब्ल्यूडी कार्यपालन यंत्री पी.के. लोरिया ने बताया कि सेतु निगम को मौके पर पुल और सड़क की स्थिति का जायजा लेने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया है कि एक-दो दिनों के भीतर मरम्मत का कार्य शुरू कर दिया जाएगा। हालांकि, स्थानीय लोग अब केवल अस्थायी मरम्मत के बजाय नए मजबूत पुल के निर्माण की मांग कर रहे हैं ताकि भविष्य में कोई बड़ी जनहानि न हो।
शाजापुर के 350 वर्ष प्राचीन श्री गोवर्धन नाथ मंदिर हवेली में अक्षय तृतीया से ग्रीष्मकालीन सेवाएं शुरू हो गई हैं। ठाकुर जी को गर्मी से बचाने के लिए विशेष व्यवस्थाएं की गई हैं, जिसके तहत उनकी दिनचर्या, श्रृंगार और भोग में बदलाव किए गए हैं। मंदिर के मुखिया निकुंज और योगेश मेहता ने बताया कि पुष्टिमार्ग परंपरा के अनुसार, अक्षय तृतीया से देशभर की लगभग 12,500 हवेलियों में ठाकुर जी की सेवा में मौसमी बदलाव किए जाते हैं। इस परंपरा में ठाकुर जी की बाल स्वरूप में सेवा की जाती है, जिसके कारण गर्मी से बचाव के लिए बच्चों की तरह विशेष ध्यान रखा जाता है। ठाकुर जी के लिए चंदन स्नान, हल्के वस्त्र की व्यवस्था योगेश मेहता ने बताया कि अब ठाकुर जी को प्रतिदिन चंदन से स्नान कराया जाएगा। मंदिर में एसी, कूलर और ठंडे जल की व्यवस्था की गई है, साथ ही पंखे का भी उपयोग किया जा रहा है। श्रृंगार के लिए मोगरे के फूलों और कलियों की मालाओं का उपयोग शुरू हो गया है। वस्त्रों में भी बदलाव किया गया है; अब हल्के कॉटन के सफेद, पीले, नीले और गुलाबी रंग के वस्त्र धारण कराए जा रहे हैं। भोग में भी ग्रीष्मकालीन व्यंजनों को शामिल किया गया है। इनमें श्रीखंड, आम, आमपाक, भीगी चने की दाल, मक्खन, सत्तू, दही, खरबूजा और पना जैसे ठंडक देने वाले पदार्थ ठाकुर जी को अर्पित किए जा रहे हैं। मंदिर में प्रतिदिन निर्धारित समय पर मंगला, श्रृंगार, राजभोग, उत्थापन और शयन आरती के दर्शन होते हैं। इन सेवाओं में वैष्णवजन भजन-कीर्तन कर सहभागी बनते हैं।
कानपुर से होकर गुजरने वाली 35 ट्रेनों के रूट बदले गए है, इसके साथ ही 13 ट्रेनों में आंशिक बदलाव किया गया है। जिसका असर कानपुर सेंट्रल, अनवरगंज, गोविदपुरी से होकर चलने वाली ट्रेनों पर पड़ेगा। कानपुर गंगा रेल पुल की डाउन लाइन पर चल रहे मेगा ब्लॉक के कारण यात्रियों को असुविधा का सामना करना पड़ रहा है। इसके साथ ही प्रयागराज रेलवे स्टेशन पर चल रहे यार्ड रीमॉडलिंग कार्य के कारण ट्रेनों के संचालन पर बड़ा असर पड़ा है। रेलवे अधिकारियों ने बताया कि इस काम की वजह से 35 ट्रेनों के रूट बदल दिए गए हैं, जबकि 13 ट्रेनों को आंशिक रूप से रद्द किया गया है। इसके अलावा 9 ट्रेनें अलग-अलग स्टेशनों से देरी से चलाई जाएंगी। इन बदलावों का असर कानपुर से होकर गुजरने वाली कई ट्रेनों पर भी पड़ा है, जिससे यात्रियों को परेशानी का सामना करना पड़ सकता है। रेलवे के जनसंपर्क अधिकारी अमित मालवीय के अनुसार, प्रतिदिन चलने वाली आनंद विहार टर्मिनल-जोगबनी ट्रेन (12488) 30 अप्रैल को बदले हुए मार्ग से चलेगी। यह ट्रेन कानपुर सेंट्रल, लखनऊ, वाराणसी और पंडित दीन दयाल उपाध्याय स्टेशन के रास्ते संचालित की जाएगी। इसी तरह कामाख्या-आनंद विहार टर्मिनल (12505) 29 अप्रैल को और आनंद विहार टर्मिनल-कामाख्या (12506) 30 अप्रैल को परिवर्तित मार्ग से चलेंगी। सप्ताह में चार दिन चलने वाली आनंद विहार टर्मिनल-पुरी ट्रेन (12816) को भी 30 अप्रैल को मिर्जापुर के बजाय सीधे कानपुर सेंट्रल-लखनऊ-वाराणसी रूट से चलाया जाएगा। वहीं बाड़मेर-हावड़ा ट्रेन (12324) के मार्ग में भी बदलाव किया गया है और यह ट्रेन मिर्जापुर स्टेशन को छोड़कर चलेगी। इसके अलावा लोकमान्य तिलक-बलिया ट्रेन (11071 और 11072) का रूट भी 29 अप्रैल को बदला जाएगा। यह ट्रेन अब जंघई, लखनऊ, कानपुर सेंट्रल, भीमसेन, झांसी और बीना के रास्ते चलेगी। रेलवे प्रशासन ने यात्रियों से अपील की है कि यात्रा से पहले अपनी ट्रेन की स्थिति जरूर जांच लें, ताकि किसी प्रकार की असुविधा से बचा जा सके। अधिक जानकारी के लिए रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर कॅाल करके जानकारी ले सकते है।
करंट लगने से युवक घायल:शादी समारोह में काम करते समय हुआ हादसे का शिकार
पाली में शादी समारोह में लाइट डोकेरेशन का काम करते समय करंट लगने से 24 साल का मजदूर घायल हो गया। जिसे इलाज के लिए पाली के बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया है। जहां उसका उपचार जारी है। जानकारी के अनुसार पाली शहर के औद्योगिक थाना क्षेत्र के किसान केसरी पेट्रोल पम्प क पास रहने वाला 28 साल का दीपक पुत्र रामलाल शादी समारोह में लाइट डोकेरेशन का काम करने के लिए नीपल (देसूरी) गया हुआ था। जहां लाइट डोकोरेशन का काम करते समय रविवार शाम को वह करंट लगने से घायल हो गया। जिसे नाडोल हॉस्पिटल से प्राथमिक उपचार के बाद रेफर किया गया। रात को ही उसे बांगड़ हॉस्पिटल लाया गया। जहां उसका बर्न वार्ड में उपचार जारी है। घटना की जानकारी मिलने पर उसके परिजन भी बांगड़ हॉस्पिटल पहुंचे और पूरे मामले की जानकारी ली। हादसे के बाद ठेकेदार और उसे इलाज के लिए हॉस्पिटल ले गए थे। युवक की बॉडी में करंट लगने से कई जगह से झुलस गया।
वाराणसी के नदेसर स्थित बीएसएनएल मोबाइल टावर पर एक व्यक्ति के चढ़ने से हड़कंप मच गया। फिलहाल टावर पर चढ़े युवक ने अपना नाम राजेश(35) बताया है। वह लगातार पुलिस से फोन पर बात कर रहा है। पुलिस और फायर की टीम उसे नीचे उतारने के लिए लगी हुई है। पुलिस लोड हेलर और फोन से उससे बातचीत कर उसे उतारने की कोशिश कर रही है। जमीन संबंधी विवाद से है परेशानचोलापुर निवासी राजेश कुमार ने टावर पर चढ़कर पुलिस को फोन किया। मौके पर पहुंची पुलिस से उसने फोन पर बताया कि वाराणसी के शिवपुर थानाक्षेत्र के नटिनियादाई इलाके में रहने वाले अंकित गुप्ता से कुछ जमीनी विवाद है। जिससे वह परेशान है। कहीं सुनवाई न होने के बाद उसने यह कदम उठाया है। फिलहाल मौके पर पुलिस और फायर के जवान मौजूद हैं। और राजेश को उतारने की कोशिश में लगे हुए हैं।
भारतीय जनता पार्टी के प्रदेश अध्यक्ष और केंद्रीय वित्त राज्य मंत्री पंकज चौधरी ने एक पत्रकार वार्ता में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में सर्वसमावेशी लोकतंत्र का निरंतर विस्तार हो रहा है। उन्होंने केंद्र सरकार द्वारा समाज के हर वर्ग को प्रतिनिधित्व देने के प्रयासों पर जोर दिया। चौधरी ने बताया कि इसका प्रमाण केंद्रीय मंत्रिमंडल में स्पष्ट रूप से देखा जा सकता है, जहां लगभग 40 प्रतिशत मंत्री अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) से हैं। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय और समान अवसर की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम बताया। इसी समावेशी सोच के तहत, उन्होंने कहा, मोदी सरकार ने देश की आधी आबादी, माताओं और बहनों को नीति निर्धारण में उनका अधिकार देने के उद्देश्य से 33 प्रतिशत महिला आरक्षण का ऐतिहासिक विधेयक प्रस्तुत किया था। हालांकि, चौधरी ने आरोप लगाया कि कांग्रेस, समाजवादी पार्टी और इंडी एलायंस के अन्य सहयोगी दलों ने इस महत्वपूर्ण विधेयक को पारित नहीं होने दिया, जिससे उनकी वास्तविक मंशा उजागर हो गई। उन्होंने कहा कि ये दल महिला आरक्षण का समर्थन करने का केवल ढोंग करते हैं, जबकि सच्चाई यह है कि वे महिलाओं को उनका अधिकार देने के पक्ष में नहीं हैं। उन्होंने समाजवादी पार्टी, कांग्रेस और उनके सहयोगियों पर महिला विरोधी मानसिकता रखने का आरोप लगाया। चौधरी ने कहा कि ये दल भली-भांति जानते हैं कि जब घर की महिलाएं आगे बढ़ेंगी, तो उनका परिवारवाद और वंशवाद स्वतः कमजोर हो जाएगा। चौधरी ने आरोप लगाया कि तुष्टिकरण की राजनीति करते हुए इन दलों ने लगभग 20 प्रतिशत मुस्लिम महिलाओं का बहाना बनाकर शेष 80 प्रतिशत महिलाओं के अधिकारों के साथ अन्याय किया। उन्होंने स्पष्ट किया कि धर्म के आधार पर आरक्षण संविधान की मूल भावना के विरुद्ध है और भाजपा सदैव संविधान की मर्यादा का पालन करती है। उन्होंने मोदी सरकार की महिला सशक्तिकरण के प्रति मजबूत प्रतिबद्धता पर जोर दिया। चौधरी ने बताया कि गृह मंत्री द्वारा सदन के पटल पर पूरे देश में 50 प्रतिशत सीटें बढ़ाने की गारंटी देना इस बात का प्रमाण है कि सरकार महिलाओं को अधिक से अधिक अवसर देने के लिए संकल्पित है। चौधरी ने इंडी एलायंस को एंटी-वूमेन एलायंस बताते हुए कहा कि यह गठबंधन रूढ़िवादी सोच से ग्रसित है और चाहता है कि महिलाएं घर की चारदीवारी तक सीमित रहें। उन्होंने कहा कि इन दलों ने हमेशा महिला आरक्षण को रोकने, टोकने, अटकाने और भटकाने का कार्य किया है। उन्होंने कहा कि देश का विकास बिना आधी आबादी के सशक्तिकरण के संभव नहीं है और देश की नारी शक्ति ऐसे महिला विरोधी गठबंधन को कभी माफ नहीं करेगी। चौधरी ने चेतावनी दी कि विपक्ष को महिलाओं का आक्रोश न सिर्फ 2029 के लोकसभा चुनाव में, बल्कि हर स्तर, हर चुनाव और हर स्थान पर झेलना पड़ेगा। चौधरी ने याद दिलाया कि 2014 में सत्ता संभालने के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने स्पष्ट कर दिया था कि इस देश में गरीब, महिला, युवा एवं किसान के रूप में सिर्फ चार जातियां हैं। मोदी सरकार ने 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' के जरिए लिंगानुपात सुधारा और बच्चियों के स्वास्थ्य के लिए मिशन इंद्रधनुष कार्यक्रम चलाया। महिलाओं को केंद्र में रखकर चलाईं उन्होंने कन्या सुमंगला योजना, मातृ वंदन योजना, प्रधानमंत्री आवास, उज्ज्वला, शौचालय, आयुष्मान भारत, वृद्धावस्था पेंशन योजना, एक जिला-एक उत्पाद और स्टार्ट-अप सहित कई योजनाएं महिलाओं को केंद्र में रखकर चलाईं या उन्हें विशेष वरीयता दी। उत्तर प्रदेश में नौ वर्षों में महिला पुलिसकर्मियों की संख्या 10 हजार से 44 हजार तक पहुंचाई गई। चौधरी ने बताया कि आज संसद में 75 महिलाएं हैं, जो कुल सांसदों का 15 प्रतिशत है। मोदी सरकार इस विधेयक के माध्यम से इसे 33 प्रतिशत से आगे ले जाना चाहती थी। उन्होंने अंत में कहा कि महिलाएं विरोधी दलों के इस पाप को सबके सामने लाएंगी।
बरेली के महात्मा ज्योतिबा फुले रुहेलखंड विश्वविद्यालय में मंगलवार को ABVP के छात्र-छात्राओं ने प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने कुलपति कार्यालय का घेराव किया और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का आरोप है कि हाल ही में घोषित परीक्षा परिणामों में भारी अनियमितताएं की गई हैं। कई विद्यार्थियों को 75 में से मात्र 1, 2 या 3 अंक दिए गए हैं। को-करिकुलर विषयों में भी बड़ी संख्या में छात्रों को बैक लगा दी गई है। ABVP का कहना है कि यह पूरा मामला छात्रों से दोबारा परीक्षा फॉर्म भरवाकर आर्थिक वसूली करने की सुनियोजित व्यवस्था बन चुका है। भीषण गर्मी के बीच प्रदर्शन के दौरान एक कार्यकर्ता संतोष की तबीयत बिगड़ने पर वह बेहोश भी हो गया। कुलपति अनुपस्थित, ज्ञापन लेने नहीं आया कोई अधिकारीछात्रों का गुस्सा तब और बढ़ गया जब वे अपनी शिकायत लेकर पहुंचे, लेकिन कुलपति प्रोफेसर के.पी. सिंह विश्वविद्यालय में मौजूद नहीं थे। काफी देर तक नारेबाजी के बावजूद कोई भी जिम्मेदार अधिकारी ज्ञापन लेने नहीं पहुंचा, जिससे प्रदर्शन और उग्र हो गया। छात्रों का कहना है कि विश्वविद्यालय अब केवल नाम का रह गया है, जहां न तो शैक्षणिक कैलेंडर का पालन हो रहा है और न ही तकनीकी खामियों को दूर किया जा रहा है। फीस और तकनीकी गड़बड़ियों पर भी सवालABVP ने विश्वविद्यालय प्रशासन पर कई गंभीर आरोप लगाए हैं। छात्रों का कहना है कि सेमेस्टर फॉर्म की फीस 1500 रुपये होने के बावजूद बैक पेपर के लिए 3000 रुपये वसूले जा रहे हैं, जो सीधी लूट है। इसके अलावा, परीक्षा फॉर्म भरते समय विषय बदल जाना, पास होने के बावजूद रिजल्ट में ‘Not Clear’ दिखना और परीक्षा देने के बाद ‘Absent’ दर्ज कर देना जैसी तकनीकी खामियों से छात्र मानसिक रूप से परेशान हैं। विद्यार्थी परिषद की मुख्य मांगें:
वाराणसी के भेलूपुर थाना क्षेत्र के अस्सी घाट पर रविवार को बाइक सवार अराजकतत्वों की दबंगई का मामला सामने आया। सुबह बेखौफ बदमाशों ने जमकर उत्पात मचाया और वर्चस्व दिखाते हुए साड़ी कारोबारी पर हमला बोल दिया। अस्सी पार्किंग के पास बाइक सवार युवकों ने फॉर्च्यूनर सवार व्यापारी को गालीगलौज के बाद जमकर पीटा, उसे दौड़ा-दौड़ाकर मारपीट की। इसके बाद उसकी गाड़ी में भी जमकर तोड़फोड़ की। हमलाावरों ने उसकी कार को बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। वारदात के बाद जब पीड़ित थाने की ओर भागा तो उसे रास्ते में रोककर फिर पीटा और थाने जाने पर जान से मारने की धमकी दी। मौका पाकर पहुंचे व्यापारी ने पुलिस को तहरीर देकर पूरी घटना बताई। पुलिस ने इस मामले में मुख्य हमलावर ऋषभ सिंह राजपूत को गिरफ्तार कर लिया है। वाराणसी के घाटों और मुख्य स्थलों पर पुलिस की लापरवाही और सत्ताधारी नेताओं के सहयोग से अराजकतत्वों की दबंगई बढ़ती जा रही है। अस्सी घाट पर सुबह से लेकर रात तक ऐसे तमाम युवकों ने माहौल बिगाड़ रखा है जिसके चलते पर्यटकों को दुश्वारियों का सामाना पड़ रहा है। दशाश्वमेघ क्षेत्र के लाहौरी टोला निवासी यश कपूर, पेशे से साड़ी व्यापारी हैं। रविवार19 अप्रैल 2026 की सुबह करीब 5:00 बजे के बीच वे अपनी फॉर्च्यूनर कार (UP 65 FX 0606) से अस्सी घाट की ओर से जा रहे थे। अस्सी पार्किंग के समीप पहुंचते ही पीछे से बाइक सवार 3-4 अज्ञात युवक आए और बिना किसी कारण अभद्र भाषा का प्रयोग करने लगे। जब यश कपूर ने इसका विरोध किया, तो आरोपियों ने उनके साथ मारपीट शुरू कर दी। बदमाशों ने ईंटों से हमला कर उनकी फॉर्च्यूनर कार को भी बुरी तरह क्षतिग्रस्त कर दिया। पीड़ित के अनुसार, जब वे अपनी जान बचाकर वहां से घर की ओर भागने लगे, तो आरोपियों ने उनका पीछा नहीं छोड़ा। भेलूपुर चौराहे के पास बदमाशों ने उन्हें दोबारा घेर लिया और गाड़ी में तोड़फोड़ करते हुए जान से मारने की धमकी दी। आरोपी का आपराधिक रिकॉर्ड सामने आयाइस वारदात में ऋषभ सिंह राजपूत का नाम सामने आने के बाद इलाके में हड़कंप मच गया। बताया जा रहा है कि आरोपी का विवादों और आपराधिक गतिविधियों से पुराना नाता रहा है। कुछ समय पहले उसका एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था, जिसमें वह कथित तौर पर बंदूक से फायरिंग करता नजर आया था। फिलहाल पुलिस ने मुख्य आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है और अन्य फरार आरोपियों की तलाश में दबिश दी जा रही है। पुलिस का कहना है कि जल्द ही पूरे मामले का खुलासा कर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया जाएगा। हालांकि ऐसे तमाम मामलों में पुलिस की लापरवाही सामने आ रही है।
भिवानी की चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी में सोमवार को सर्व छात्र संगठन पंचायत हुई। जिसमें में इनसो, एनएसयूआई सहित अन्य संगठन शामिल हुए। इस दौरान विरोध जताते हुए जमकर नारेबाजी की। इस दौरान इनसो जिला अध्यक्ष जयदीप ग्रेवाल, एनएसयूआई से प्रदीप बुरा व सुमित बराड़ ने कहा कि हरियाणा प्रदेश की चाहे कोई भी यूनिवर्सिटी हो उसमें अगर कोई भी छात्र संगठन अपना कार्यक्रम करना चाहता है तो यूनिवर्सिटियों के वीसी व रजिस्ट्रार उन्हें अनुमति नहीं देते। यदि एबीवीपी कार्यक्रम करती है तो उसे अनुमति मिल जाती है। जो छात्र हितों का हनन है। ऐसा ही मामला ग्रुरू जंभेश्वर यूनिवर्सिटी हिसार में हुआ। जब इनसो ने कार्यक्रम की अनुमति महंगी तोतोतोतो उन्हें अनुमति नहीं दी गई। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम की अनुमति लेने दिग्विजय चौटाला वीसी के पास पहुंचे तो उन पर अनुमति देने की बजाय उल्टा केस लगवा दिया। ऐसा ही मामला पिछले दिनों चौधरी बंसीलाल यूनिवर्सिटी देखने को मिला था। जब इनसो ने कार्यक्रम की अनुमति मांगी तो यहां भी उन्हें अनुमति नहीं दी गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि यूनिवर्सिटियों को आरएसएस का अड्डा बनाया जा रहा है। जिसका सभी छात्र संगठन विरोध करते। 2 दिन का अल्टिमेटम उन्होंने कहा कि सभी छात्र संगठनों को विश्वविद्यालय कार्यक्रम करने का अधिकार होता है। इसलिए सभी छात्र संगठनों को कार्यक्रमों की अनुमति दी जाए। साथ ही उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जीजेयू में दोषी पुलिस कर्मियों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। अन्यथा 2 दिन बाद बड़ा आंदोलन करेंगे।
लखनऊ विश्वविद्यालय में ABVP छात्र संगठन ने विरोध प्रदर्शन किया। इस दौरान नाराज छात्रों ने विश्वविद्यालय प्रशासन और कुलपति के खिलाफ नारेबाजी की। छात्रों का आरोप है कि विश्वविद्यालय का पानी 500 टीडीएस का है, जो पीने योग्य नहीं है। इसके अलावा लगातार फीस वृद्धि की जा रही है जिससे आर्थिक रूप से कमजोर छात्र बेहद परेशान है। वीसी कार्यालय की तरफ बढ़ रहे छात्रों को रोकने के लिए गैलरी में ताला लगा दिया गया। छात्र जमीन पर बैठ गए और हंगामा करने लगे। ताला लगाने से भड़के छात्र सूचना मिलने पर स्थानीय पुलिस मौके पर पहुंची और छात्रों को समझाने का प्रयास किया। फिर भी छात्रों ने विरोध प्रदर्शन को जारी रखा। विश्वविद्यालय प्रशासन के अधिकारियों ने पहुंचकर छात्रों का समझाने का प्रयास भी किया लेकिन छात्र अपनी मांग पर अड़े रहें। सबसे ज्यादा छात्र नाराज हुए वीसी ऑफिस की तरफ जाने वाले रास्ते में ताला लगाने से। नाराज छात्रों ने कहा कि क्या यहां जनरल डायर का राज चल रहा है जो छात्रों को विश्वविद्यालय के कुलपति से मिलने नहीं दिया जा रहा। है। छात्रों के लिए कहीं भी ऐसी की सुविधा अर्पण कुशवाहा ने कहा कि प्रवेश , परीक्षा , शुल्क और परिणाम इन चार बिंदुओं पर हमारा संगठन छात्रों की आवाज उठाता है। परीक्षा का शुल्क बढ़ा दिया गया है इसलिए हम लोग आंदोलन करने पर मजबूर हैं। विश्वविद्यालय का हॉस्टल कैंटीन लाइब्रेरी सब कुछ बदहाल है। भीषण गर्मी में छात्रों को कैंटीन हो या लाइब्रेरी कहीं भी ऐसी की सुविधा नहीं मिल रही है। यहां का पानी बिल्कुल जहरीला हो चुका है जिसे पीकर छात्र बीमार हो रहे हैं। आज हम लोग किसी भी आश्वासन को सुनने वाले नहीं है अंतिम सांस तक यहां डटे रहेंगे और छात्रों की लड़ाई लड़ेंगे। ‘छात्रों के साथ जनरल डायर जैसा रवैया’ प्रदर्शन कर रहे उत्कर्ष सिंह ने कहा कि नए कुलपति जब से आए हैं विश्वविद्यालय को प्राइवेट मोड में ले आए हैं। ऐसा लगता है कि जनरल डायर की यूनिवर्सिटी है जो मन में आ रहा है वह कर रहे हैं। सुविधा कैसे दी जाएं इस पर कोई ध्यान नहीं है बच्चों से कैसे पैसा लिया जाए बस इसी पर पूरा फोकस है। यहां पढ़ने वाले छात्र बहुत पैसे वाले घर से नहीं आते हैं , आर्थिक रूप से कमजोर घरों से आते हैं अगर बहुत अमीर होते तो किसी प्राइवेट यूनिवर्सिटी में जाते। मगर विश्वविद्यालय प्रशासन को इन सब चीजों से कोई मतलब नहीं है 50% तक फीस में वृद्धि हो रही है जिसका हम लोग विरोध कर रहे हैं और जब तक यह वापस नहीं हो जाएगा विरोध जारी रहेगा।
बंगाल में CM योगी की आज 3 रैलियां:पहले कहा था- BJP आएगी तो बंगाल में लव जिहाद बंद होगा
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सोमवार को पश्चिम बंगाल में तीन रैलियां करेंगे। पहली रैली पश्चिम मेदिनीपुर जिले की पिंगला विधानसभा सीट पर दोपहर 12:50 बजे होगी। इसके बाद पुरुलियार जिले की जॉयपुर सीट और झारग्राम जिले की गारबेटा सीट पर रैली करेंगे। इससे पहले सीएम 18 अप्रैल को भी भाजपा प्रत्याशियों के समर्थन में चुनाव प्रचार करने के लिए बंगाल पहुंचे थे। कूचबिहार जिले के माथाभांगा में उन्होंने कहा- हम ममता दीदी से कहने आए हैं कि सिंहासन खाली करो, भाजपा आने वाली है। सीएम योगी ने कहा था- विपक्ष बेटियों को उनका हक नहीं देना चाहता। जब लोकसभा में 33% आरक्षण 2029 से लागू करने का संशोधन बिल पेश किया, तो कांग्रेस, सपा और वामपंथी दलों ने उसे पास नहीं होने दिया। यह आधी आबादी का अपमान है। उन्होंने कहा- टीएमसी ‘मां, मानुष और माटी’ की बात करती थी, लेकिन संसद में सबने देखा कि ‘मां’ यानी महिलाओं के आरक्षण पर उनका क्या रुख रहा। ‘माटी’ में घुसपैठियों को बसाया जा रहा है और ‘मानुष’ उनकी गुंडागर्दी से भयभीत है। 18 अप्रैल के रोड शो की 2 तस्वीरें योगी की सभाओं में उमड़ रही भीड़ मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की जनसभाओं में उमड़ रही भीड़ इस चुनाव में एक महत्वपूर्ण संकेत के रूप में देखी जा रही है। सभास्थलों पर हालात ऐसे बन रहे हैं कि लोगों में मुख्यमंत्री की एक झलक पाने की जबरदस्त उत्सुकता दिखाई दे रही है। कई जगहों पर भीड़ इतनी अधिक हो रही है कि पैर रखने तक की जगह नहीं बच रही। सभा शुरू होने से काफी पहले ही लोग पहुंचकर अपनी जगह सुनिश्चित कर रहे हैं और अंत तक डटे रहते हैं। यह नजारा न केवल स्थानीय स्तर पर भाजपा के बढ़ते जनाधार की ओर इशारा करता है, बल्कि कार्यकर्ताओं के मनोबल को भी नई ऊर्जा दे रहा है।
आजमगढ़ जिले में युवती का आपत्तिजनक वीडियो वायरल किए जाने का मामला सामने आया है। इस मामले में पीड़िता की तहरीर पर मेहनगर थाने में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। पुलिस को दिए शिकायती पत्र में पीड़िता ने आरोप लगाया है कि वह बलिया जिले की रहने वाली है। आरोपी संतलाल कुमार जो की तरवा थाना क्षेत्र का रहने वाला है द्वारा अपने मोबाइल नंबर से रानी कुटू नाम की आईडी बनाकर असली नंबर और फोटो लगाकर इंस्टाग्राम पर वायरल कर दिया जिससे लगातार मेरी छवि खराब हो रही है। और मेरा नंबर कई लोगों के पास चला गया। जिसके कारण मेरे पास कई लोगों के फोन आ रहे हैं। आरोपी की हरकतों से तंग आकर पीड़िता ने पुलिस से शिकायत की है पुलिस ने मामले में मुकदमा दर्ज कर मामले की छानबीन शुरू कर दी। साइबर टीम ने शुरू की जांच पीड़िता ने इस मामले में सीएम पोर्टल पर भी शिकायत दर्ज कराई है। मामले का संज्ञान मिलते ही जिले की पुलिस और साइबर टीम मामले की छानबीन में जुट गई है। साइबर टीम के पुलिस कर्मियों का कहना है कि जल्द ही आरोपी को ट्रैक करके गिरफ्तार कर लिया जाएगा। जिले में साइबर अपराधियों द्वारा इस तरह की घटना को अंजाम दिए जाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी कई मामले सामने आ चुके हैं। हालांकि कई मामलों में कार्रवाई भी हो चुकी है।
पीलीभीत के बरखेड़ा सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) में कथित लापरवाही और बिजली गुल होने पर जनरेटर न चलने के कारण एक नवजात शिशु की मौत हो गई। आक्रोशित परिजनों ने अस्पताल प्रशासन पर गंभीर आरोप लगाते हुए करीब नौ घंटे तक शिशु का शव परिसर में रखकर न्याय की मांग की। ग्राम जिओरहा कल्यानपुर निवासी सुनील कुमार ने अपनी पत्नी गीता देवी को रविवार, 19 अप्रैल की रात प्रसव के लिए सीएचसी में भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार, प्रसव के बाद शिशु की स्थिति नाजुक थी, जिसके कारण उसे ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखा गया था। परिजनों का आरोप है कि ऑक्सीजन सपोर्ट पर रखने के महज पांच मिनट बाद ही अस्पताल की बिजली गुल हो गई। जब उन्होंने स्टाफ से जनरेटर चलाने का अनुरोध किया, तो उन्हें बताया गया कि जनरेटर की व्यवस्था नहीं है। बिजली न होने और ऑक्सीजन की कमी के कारण नवजात ने दम तोड़ दिया। पीड़ित सुनील कुमार ने ड्यूटी पर तैनात स्टाफ नर्स मधु भारतीय और निशा पर लापरवाही का आरोप लगाया है। उन्होंने बताया कि रात 9 बजे से 2 बजे तक परिजनों को वार्ड के अंदर प्रवेश नहीं करने दिया गया। सुनील कुमार ने यह भी आरोप लगाया कि शिशु की स्थिति बिगड़ने के बावजूद उसे किसी बड़े अस्पताल के लिए रेफर नहीं किया गया। इसके अलावा, स्टाफ ने उनसे ही सफाई कार्य और पाइप से गंदगी साफ करने जैसे काम करवाए। नवजात की मौत के बाद अस्पताल में भारी हंगामा हुआ। परिजनों ने रात 2 बजे से सुबह 11 बजे तक शिशु का शव अस्पताल परिसर में ही रखा। इस गंभीर मामले की लिखित शिकायत मुख्य चिकित्सा अधिकारी (सीएमओ) से की गई है। सीएचसी बरखेड़ा के अधीक्षक डॉ. लोकेश गंगवार ने बताया, नवजात की मौत के संबंध में शिकायत प्राप्त हुई है। यह एक गंभीर मामला है। पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जांच कराई जा रही है और जो भी कर्मचारी या चिकित्सक दोषी पाया जाएगा, उसके विरुद्ध कठोर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी।
बुलंदशहर पुलिस ने मॉडिफाइड साइलेंसर, अनाधिकृत प्रेशर हार्न और हूटर के बढ़ते चलन पर नियंत्रण के लिए दो दिवसीय विशेष अभियान चलाया। इस दौरान कुल 121 वाहनों के चालान किए गए। पुलिस ने वाहनों से अवैध उपकरण हटवाए और चालकों को यातायात नियमों के प्रति जागरूक भी किया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक दिनेश कुमार सिंह के निर्देश पर यातायात पुलिस और सीसी (क्रिटिकल कॉरिडोर) टीम ने संयुक्त रूप से यह अभियान 18 से 19 अप्रैल 2026 तक चलाया। जनपद के विभिन्न प्रमुख चौराहों, संवेदनशील मार्गों और बाजार क्षेत्रों में सघन चेकिंग की गई। देखें, 4 तस्वीरें… सीओ ट्रैफिक पूर्णिमा सिंह ने बताया कि अभियान के तहत मॉडिफाइड साइलेंसर लगाकर चलाए जा रहे 43 वाहनों का चालान किया गया। इसके अतिरिक्त, अनाधिकृत प्रेशर हार्न और हूटर का उपयोग कर रहे 78 वाहनों पर भी कार्रवाई की गई। इस प्रकार कुल 121 वाहन मालिकों के खिलाफ प्रभावी प्रवर्तन कार्रवाई की गई। पुलिस ने वाहन चालकों को यातायात नियमों के पालन, ध्वनि प्रदूषण से होने वाले दुष्प्रभावों और मॉडिफाइड उपकरणों के उपयोग पर होने वाली कानूनी कार्रवाई के संबंध में जागरूक किया। आम जनता से अपील की गई है कि वे अपने वाहनों में किसी भी प्रकार के अवैध मॉडिफिकेशन, प्रेशर हार्न या हूटर का प्रयोग न करें और सुरक्षित यातायात व्यवस्था में सहयोग करें। पुलिस ने यह भी स्पष्ट किया कि इस तरह की कार्रवाई आगे भी निरंतर जारी रहेगी।
हरदोई में एक सड़क हादसे में बाइक सवार युवक की मौत हो गई। उसकी पहचान दूसरे दिन बाइक के नंबर से हो पाई। सोमवार सुबह युवक के पिता ने मेडिकल कॉलेज स्थित मोर्चरी में शव की पहचान अपने पुत्र के रूप में की। यह हादसा रविवार दोपहर बाद हरदोई-सीतापुर मार्ग पर देहात कोतवाली क्षेत्र के मुरलीपुरवा के पास हुआ। एक अज्ञात वाहन ने 30 वर्षीय पंकज की बाइक में टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। पुलिस ने एंबुलेंस से उन्हें मेडिकल कॉलेज पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पहचान न होने के कारण शव को मोर्चरी में रखवा दिया गया था। पुलिस ने बाइक के नंबर के आधार पर पंकज के परिजनों को सूचना दी। सोमवार की सुबह पंकज के पिता राम भजन मेडिकल कॉलेज स्थित मोर्चरी पहुंचे और शव की पहचान पंकज के रूप में की। मृतक पंकज टड़ियावां थाना क्षेत्र के शंकरपुर का निवासी था। वह अपनी बाइक की सर्विस कराने के लिए शहर आ रहा था। पंकज की शादी पांच माह पहले 21 नवंबर 2025 को बेहटा गोकुल थाना क्षेत्र के रामापुर रहोलिया निवासी रितु देवी से हुई थी। पति का शव देखकर रितु बदहवास हो गई।
सुल्तानपुर जिले में डिप्थीरिया की रोकथाम के लिए सोमवार से विशेष टीकाकरण अभियान की शुरुआत हो गई। मुख्य चिकित्सा अधिकारी डॉ. भारत भूषण ने मान्यवर कांशीराम कम्पोजिट विद्यालय, अमहट में फीता काटकर अभियान का औपचारिक शुभारंभ किया। यह अभियान 20 अप्रैल से 30 अप्रैल तक जिले के सभी स्कूलों और मदरसों में चलाया जाएगा। जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता के अनुसार, अभियान के पहले ही दिन जनपद के 357 स्कूलों और मदरसों में टीकाकरण कार्य शुरू कर दिया गया। अभियान के तहत कक्षा 1 के बच्चों को डीपीटी बूस्टर का टीका लगाया जा रहा है। वहीं, कक्षा 4, 5, 10 और 11 के विद्यार्थियों को टीडी वैक्सीन की अतिरिक्त खुराक दी जा रही है। खास तौर पर 5 वर्ष, 10 वर्ष और 11 वर्ष की आयु पूर्ण कर चुके बच्चों को इस अभियान में शामिल किया गया है। स्वास्थ्य विभाग ने इस वर्ष के लिए बड़े लक्ष्य निर्धारित किए हैं। डीपीटी बूस्टर के तहत 52,741 बच्चों, टीडी-10 के तहत 51,099 बच्चों और टीडी-16 के तहत 41,514 बच्चों को टीकाकरण का लक्ष्य रखा गया है। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभिभावकों से अपील की है कि वे अपने बच्चों को डिप्थीरिया जैसी गंभीर बीमारी से बचाने के लिए इस अभियान का अधिक से अधिक लाभ उठाएं। स्वास्थ्य विभाग की टीमों द्वारा स्कूलों और मदरसों में यह टीकाकरण पूरी तरह निःशुल्क किया जा रहा है। इस अवसर पर डिप्टी सीएमओ डॉ. लाल जी, जिला प्रतिरक्षण अधिकारी डॉ. संजय गुप्ता, डब्ल्यूएचओ के डॉ. अमित रंजन झा सहित स्वास्थ्य विभाग के अन्य अधिकारी, शिक्षक और कर्मचारी उपस्थित रहे।
एटा में बुजुर्ग की ट्रेन से कटकर मौत:तीसरे दिन सोशल मीडिया से हुई पहचान, परिजन पहुंचे मोर्च्युरी
एटा के रेलवे स्टेशन पर शनिवार को एक 65 वर्षीय बुजुर्ग की ट्रेन से कटकर मौत हो गई थी। उनका शव रेलवे ट्रैक पर मिला था। तीन दिन बाद सोशल मीडिया के माध्यम से मृतक की पहचान हो पाई है। घटना के बाद जीआरपी पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम करवाया। पुलिस ने मृतक की शिनाख्त के प्रयास शुरू कर दिए थे। जीआरपी पुलिस ने जनपद के सभी थानों में सूचना भेजी और सोशल मीडिया के माध्यम से भी पहचान के प्रयास किए। तीसरे दिन बुजुर्ग की पहचान नगला दर्शन, थाना अवागढ़ निवासी 65 वर्षीय भूरी सिंह पुत्र यादराम के रूप में हुई। सूचना मिलने पर परिजन रोते-बिलखते एटा स्थित मोर्चरी पहुंचे। मृतक के परिजन मलखान सिंह ने बताया कि भूरी सिंह उनके ताऊ थे। मलखान सिंह के अनुसार, कुछ दिन पहले एक आवारा सांड ने उन्हें टक्कर मार दी थी, जिससे उनकी रीढ़ की हड्डी में गहरी चोट आई थी और वे मानसिक रूप से परेशान रहने लगे थे। उसी दिन वे घर से निकल गए थे और रेलवे ट्रैक पर उनकी मौत हो गई। परिजनों को सोशल मीडिया के माध्यम से घटना की जानकारी मिली।
अंबाला छावनी के महेश नगर थाना क्षेत्र में एक एनआरआई महिला से लाखों रुपए की धोखाधड़ी का मामला सामने आया है। लुधियाना निवासी और विदेश में रह रही सुरिंदर कौर को प्लॉट देने के नाम पर ठगा गया है। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा (EOW) की जांच के बाद आरोपी अभिषेक मलिक के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। सुरिंदर कौर ने पुलिस को दी शिकायत में बताया कि यह मामला साल 2015 से जुड़ा है। डिफेंस एन्क्लेव निवासी अभिषेक मलिक ने उनसे गांव बब्याल में 111 वर्ग गज के एक प्लॉट का सौदा किया था। मार्च 2015 में इस प्लॉट की रजिस्ट्री भी करवा दी गई थी, लेकिन आरोपी ने उन्हें मौके पर कब्जा नहीं दिया। महिला को जान से मारने की धमकी दी साल 2023 में जब सुरिंदर कौर ने इस संबंध में पुलिस में शिकायत दर्ज कराई, तो अभिषेक ने उनसे समझौता कर लिया। उसने झांसा दिया कि वह बब्याल वाले प्लॉट के बदले गांव बोह में 112 वर्ग गज का दूसरा प्लॉट (नंबर 49) देगा। आरोपी ने इस नई डील के लिए रकम की रसीद भी काट दी। हालांकि, जब रजिस्ट्री और कब्जे की बात आई, तो आरोपी ने मना कर दिया। उसने पीड़िता को अपशब्द कहे और जान से मारने की धमकी भी दी। पुलिस की आर्थिक अपराध शाखा की जांच में यह खुलासा हुआ है कि आरोपी अभिषेक मलिक जिस दूसरे प्लॉट का सौदा कर रहा था, राजस्व रिकॉर्ड के अनुसार वह उसका मालिक ही नहीं था। सरकारी रिकॉर्ड में प्लॉट का मालिक नहीं मिला आरोपी पीड़िता की शिकायत पर जब एसपी कार्यालय ने आर्थिक अपराध शाखा को जांच सौंपी, तो सहायक उप निरीक्षक प्रदीप कुमार की जांच में चौंकाने वाले तथ्य सामने आए। राजस्व रिकॉर्ड और हल्का पटवारी की रिपोर्ट ने आरोपी के झूठ का पर्दाफाश कर दिया। रिपोर्ट में साफ हुआ कि जिस दूसरे प्लॉट (खसरा नंबर 61//2/2, 61//3, 61//9/1) को देने का इकरारनामा अभिषेक ने किया था, सरकारी रिकॉर्ड के अनुसार वह उसका मालिक है ही नहीं। वहीं, पहले वाले प्लॉट की जमीन 'मालकान मुशतरका' (साझी जमीन) होने के कारण उस पर कब्जा देना और निशानदेही करना तकनीकी रूप से संभव नहीं था। जांच में यह भी पाया गया कि आरोपी ने गवाह हरबंस कौर को भी धोखे में रखकर रजिस्ट्री करवाई थी। BNS की धाराओं में केस दर्ज, पुलिसिया कार्रवाई शुरू आर्थिक अपराध शाखा ने अपनी अंतिम रिपोर्ट में स्पष्ट किया कि अभिषेक मलिक ने पीड़िता से 6.50 लाख रुपए की रकम ऐंठने के बाद न तो प्लॉट दिया और न ही मालिकाना हक। आरोपी जांच में शामिल होने के नोटिस दिए जाने के बावजूद पुलिस के सामने पेश नहीं हुआ, जिससे उसकी संलिप्तता और पुख्ता हो गई। पुलिस ने मामले की गंभीरता को देखते हुए आरोपी अभिषेक मलिक के खिलाफ थाना महेश नगर में मुकदमा नंबर 123, धारा 316(2) और 318(4) BNS के तहत केस दर्ज कर लिया है। अब पुलिस आरोपी की गिरफ्तारी और मामले की अगली कड़ियों को जोड़ने में जुट गई है, ताकि NRI महिला को इंसाफ मिल सके।
अलवर शहर में सोमवार सुबह करीब 11 बजे तेज सायरन बजाते हुए एक साथ 7 दमकल वाहनों के निकलने से लोगों में हड़कंप मच गया और आगजनी की आशंका से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। हालांकि कुछ ही देर में स्थिति स्पष्ट हुई कि यह कोई आपातकालीन घटना नहीं, बल्कि अग्निशमन विभाग द्वारा फायर सेफ्टी वीक के तहत निकाली गई जागरूकता रैली थी, जिसका उद्देश्य आमजन को आग से बचाव के प्रति सतर्क करना था। बुध विहार से जेल चौराहा होते हुए दमकल वाहन मुख्य रोड से होकर भवानी तोप सर्कित तक पहुंचे। जहां से भी फायर ब्रिगेड गुजरी, उनका सायरन सुनकर लोगों को यही आभास हुआ कि कहीं बड़ी आगजनी की घटना हो गई है। लेकिन बाद में पता चला कि अग्निश्नमन केंद्र अलवर की ओर से फायर सेफ्टी वीक मनाया जा रहा है। जिसके तहत रैली निकाल कर आमजन को जागरूक किया गया है। दरअसल, हर साल 14 अप्रैल को नेशनल फायर डे मनाया जाता है। जिसे लेकर 14 से 20 अप्रैल तक फायर वीक के तहत कई कार्यक्रम होते हैं। 7 दमकल वाहनों से रैली निकाली असिस्टेंट फायर ऑफिसर जगदीप कुमार ने बताया कि 14 से 20 अप्रैल तक फायर वीक के तहत कई कार्यक्रम होते हैं। जिसे लेकर अलवर शहर में एक साथ 7 दमकल वाहन शहर के बीचों बीच निकले। सायरन बजाते हुए दकमल निकाले गए। इस रैली के जरिए आमजन को भी जागरूक किया जाता है। 14 अप्रैल को रक्तदान शिविर भी लगाया गया था।
शाहजहांपुर जनपद के मदनापुर थाना क्षेत्र में सोमवार सुबह करीब 8:30 बजे एक सड़क हादसे में 20 वर्षीय युवक की मौके पर ही मौत हो गई। जानकारी के अनुसार मदनापुर थाना क्षेत्र के ग्राम फतेहपुर बिरिया निवासी कौशल (पुत्र रामकिसान) सुबह अपनी मोटरसाइकिल से बरुआ चौकी की ओर जा रहे थे। मोहनिया मोड़ के पास एक एक रोडवेज बस ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के बाद कौशल गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर पड़े। सूचना मिलने पर पहुंचे परिजन हादसे की सूचना सबसे पहले उनके चचेरे भाई मंगली को मिली। इसके बाद परिजन मौके पर पहुंचे। डायल 112 पुलिस और एंबुलेंस भी घटनास्थल पर पहुंची। घायल कौशल को सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC) मदनापुर ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। एक साल पहले हुई थी शादी मदनापुर पुलिस ने घटनास्थल पर पहुंचकर पंचनामा भरा और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने अज्ञात वाहन की तलाश शुरू कर दी है। मृतक कौशल एक किसान परिवार से थे और खेती-बाड़ी कर परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी शादी लगभग एक वर्ष पूर्व साधना से हुई थी, जो वर्तमान में गर्भवती हैं। गांव में शोक का माहौल परिवार में पहले भी एक दुखद घटना हुई थी, जब उनके भाई सर्वेश का निधन हो गया था। उनके अन्य भाइयों में बृजेश (अविवाहित), श्याम पाल उर्फ नन्हे, किशन कुमार, दिनेश और सुशील शामिल हैं। कौशल की बहनों में आशा देवी और गीता देवी विवाहित हैं, जबकि सबसे छोटी बहन राधा (लगभग 12 वर्ष) अविवाहित है। इस घटना के बाद गांव में शोक का माहौल है। पुलिस मामले की जांच कर रही है और आरोपी वाहन की पहचान के प्रयास जारी हैं।
गुना के नानाखेड़ी मंडी गेट पर सोमवार सुबह करीब 11:45 बजे एक पेट्रोल स्कूटी में अचानक आग लग गई। स्कूटी चला रही महिला ने समय रहते गाड़ी रोककर नीचे उतरकर अपनी जान बचाई। देखते ही देखते आग तेज हो गई और स्कूटी चंद मिनटों में जलकर खाक हो गई। वर्तमान में लोगों की सूचना पर पहुंची फायर ब्रिगेड की टीम ने आग पर काबू पा लिया है और गनीमत रही कि इस हादसे में महिला पूरी तरह सुरक्षित है। बाजार से घर लौट रही थी महिला, अचानक उठी चिंगारी जानकारी के अनुसार, भगत सिंह कॉलोनी में रहने वाले दिलीप रघुवंशी की पत्नी अपनी पेट्रोल स्कूटी लेकर किसी काम से बाजार गई थीं। सोमवार सुबह लगभग 11:45 बजे वह बाजार से वापस अपने घर लौट रही थीं। जैसे ही वह नानाखेड़ी मंडी गेट पहुंचीं, गाड़ी में अचानक चिंगारी उठने के बाद आग लग गई। लोगों ने डाला पानी लेकिन नहीं बुझी आग, फायर ब्रिगेड ने पाया काबू स्कूटी में आग लगते देख महिला कुछ समझ पातीं, इससे पहले ही आग तेज होने लगी। उन्होंने तुरंत तत्परता दिखाते हुए उतरकर गाड़ी को खड़ा कर दिया। देखते ही देखते गाड़ी ने तेज आग पकड़ ली। मौके पर मौजूद लोगों ने आसपास से लाकर स्कूटी पर पानी भी डाला, लेकिन आग तेज होती गई और धीरे-धीरे पूरी स्कूटी को चपेट में ले लिया। सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड मौके पर पहुंची और स्कूटी में लगी आग पर काबू पाया, लेकिन तब तक स्कूटी पूरी तरह जलकर खाक हो चुकी थी।
बलिया में 'एक जनपद एक उत्पाद (ODOP) वित्त पोषण योजना' के तहत बिंदी और सत्तू को शामिल किया गया है। इस योजना का मुख्य उद्देश्य स्थानीय उत्पादों को प्रोत्साहन देना और जिले में स्वरोजगार के अवसर बढ़ाना है। 18 वर्ष से अधिक आयु के सभी इच्छुक व्यक्ति इसके लिए ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। इस योजना में शैक्षिक योग्यता की कोई अनिवार्यता नहीं रखी गई है। लाभार्थियों को उद्योग, सेवा और व्यवसाय - इन तीन क्षेत्रों में ऋण उपलब्ध कराया जाएगा। सरकार द्वारा स्वीकृत परियोजना लागत पर 25 प्रतिशत तक सब्सिडी (अनुदान) देने का प्रावधान है, जिससे उद्यमियों को आर्थिक सहयोग मिल सके। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन है। इच्छुक अभ्यर्थी MSME विभाग की आधिकारिक वेबसाइट के माध्यम से लॉगिन कर अपना पंजीकरण और आवेदन कर सकते हैं। विभाग की ओर से बताया गया है कि आवेदन प्रक्रिया शुरू हो चुकी है और अधिक से अधिक लोगों से इसका लाभ उठाने की अपील की गई है। योजना के अंतर्गत ऋण की अधिकतम सीमा निर्धारित नहीं की गई है, जिससे बड़े स्तर पर भी व्यवसाय स्थापित करने की संभावना खुली है। हालांकि, लाभार्थियों को परियोजना लागत का 5 से 10 प्रतिशत तक स्वयं का अंशदान देना अनिवार्य होगा। आवेदन के लिए आवश्यक दस्तावेजों में आधार कार्ड, पैन कार्ड, जाति प्रमाण पत्र, निवास प्रमाण पत्र, नोटरी शपथ पत्र, प्रोजेक्ट रिपोर्ट, बैंक पासबुक, पासपोर्ट साइज फोटो और हस्ताक्षर शामिल हैं। जिला उद्योग केंद्र के अधिकारियों ने बताया कि इच्छुक व्यक्ति किसी भी कार्य दिवस में कार्यालय पहुंचकर योजना से संबंधित विस्तृत जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। इस योजना से जिले में रोजगार सृजन को बढ़ावा मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
बांदा में स्मार्ट मीटर से जुड़ी समस्याओं को लेकर एक अनोखा मामला सामने आया है। अपनी शादी से पहले बिजली कटने और बढ़े हुए बिल से परेशान एक दूल्हा आज बारातियों और बैंड-बाजे के साथ जिलाधिकारी कार्यालय पहुंच गया। दूल्हे कुलदीप ने बताया कि आज उसकी बारात महोबा के खन्ना जा रही थी, लेकिन विद्युत विभाग ने उसके घर की बिजली काट दी। कुलदीप के अनुसार, स्मार्ट मीटर लगने के बाद से बिल दोगुना आ रहा है, जिसे चुकाना उसके लिए मुश्किल हो गया है। उसने अपनी परेशानी बताते हुए कहा कि घर में रिश्तेदार मौजूद हैं और ऐसे में बिजली न होने से सभी को दिक्कत हो रही है। कुलदीप ने सवाल उठाया कि वह बिना बिजली के घर में दुल्हन को कैसे लाएगा। इसी समस्या को लेकर उसने जिलाधिकारी कार्यालय में विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में बुंदेलखंड इंसाफ सेना के अध्यक्ष नोमानी ने बताया कि बांदा में जगह-जगह प्रीपेड मीटर लगाए जा रहे हैं, जिससे उपभोक्ता परेशान हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रात में बिजली काट दी जाती है और जब लोग बिजली विभाग के कार्यालय जाते हैं, तो उनसे पहले एडवांस बिल भरने को कहा जाता है। नोमानी ने यह भी बताया कि एडवांस बिल भरने के बाद भी कई बार उपभोक्ताओं का अकाउंट माइनस में चला जाता है, जिसके कारण आधी रात में भी बिजली काट दी जाती है। यह समस्या पूरे जिले में व्याप्त है।
भाठागांव में पानी टंकी की पाइपलाइन फूटी:शहर में जल संकट के बीच घंटों बहता रहा पानी,
रायपुर के भाठागांव इलाके में पानी टंकी की पाइपलाइन फूटने से घंटों तक पानी फव्वारे की तरह बहता रहा। मामला सुबह 8 बजे का है, हैरानी की बात यह है कि यह घटना ऐसे समय हुई जब शहर के कई हिस्सों में पानी की किल्लत चरम पर है। सड़क पर बहता रहा पानी, नहीं पहुंचा अमला स्थानीय लोगों के मुताबिक पाइपलाइन फूटने के बाद काफी देर तक पानी लगातार बहता रहा, लेकिन समय पर सुधार के लिए कोई जिम्मेदार मौके पर नहीं पहुंचा। इससे बड़ी मात्रा में पानी बर्बाद हो गया। एक तरफ किल्लत, दूसरी तरफ बर्बादी शहर के कई इलाकों में लोग पानी के लिए जूझ रहे हैं और टैंकरों पर निर्भर हैं। वहीं दूसरी ओर इस तरह की घटनाएं जल प्रबंधन पर सवाल खड़े कर रही हैं। निगम की व्यवस्था पर उठे सवाल घटना के बाद लोगों में नगर निगम की कार्यप्रणाली को लेकर नाराजगी है। लोगों का कहना है कि जहां पानी की एक-एक बूंद की जरूरत है, वहां इस तरह की लापरवाही स्वीकार नहीं की जा सकती। जल संकट के बीच बढ़ी चिंता गर्मी बढ़ने के साथ ही शहर में पानी की समस्या और गंभीर होती जा रही है। ऐसे में पाइपलाइन फूटने जैसी घटनाएं हालात को और बिगाड़ सकती हैं। स्थानीय लोगों ने मांग की है कि जल्द से जल्द पाइपलाइन की मरम्मत की जाए और भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए ठोस कदम उठाए जाएं।
काशी में आज सुमेरू पीठ के पीठाधीश्वर शंकराचार्य नरेंद्रानंद सरस्वती की अध्यक्षता में संतों ने बैठक की। जिसमें ब्राह्मणों की सुरक्षा की डिमांड सरकार से की गई। इसके अलावा भगवान परशुराम का पूजन किया गया। शंकराचार्य नरेंद्रानंद ने कहा- सरकार सवर्ण और दलित में युद्ध करना चाहती है, जो गलत है। आरक्षण खत्म करना चाहिए, इसके अलावा उन्होंने कहा- विश्व स्तर पर हो रहे युद्ध को तत्काल खत्म करने की आवश्यकता है, क्योंकि तेल और गैस के संकट हो रहे हैं। ट्रंप पागल हो चुका है, उसे इलाज की आवश्यकता है। दैनिक भास्कर से बातचीत में सुमेरू पीठाधीश्वर शंकराचार्य नरेंद्रानंद क्या कहा। पढ़िए पूरी रिपोर्ट… सवाल - आज किए गए विशेष पूजन का उद्देश्य क्या था?जवाब - यह पूजन भगवान परशुराम को समर्पित था, जिसमें कल्पसूत्र, परशुराम तंत्र और अन्य ग्रंथों के आधार पर यंत्र का सुबह 4 बजे से 7 बजे तक कुमकुम, अक्षत, केसर और 10,000 पुष्पों से अर्चन किया गया। इसका उद्देश्य राष्ट्र की समृद्धि, एकता और समाज में सम्मान एवं सुरक्षा की भावना को मजबूत करना बताया गया। सवाल- इस पूजन को सामाजिक और राष्ट्रीय संदर्भ में कैसे देखा जा रहा है? जवाब- देश में सभी वर्गों के बीच एकता आवश्यक है। उन्होंने समान शिक्षा नीति, समान नागरिक संहिता, समान जनसंख्या नीति और समान न्याय व्यवस्था लागू करने की बात कही, ताकि समाज में विभाजन और संघर्ष की स्थिति न बने। 25 करोड़ इस देश में ब्राह्मण है अगर एक होकर भगवान परशुराम को आधार मानते हुए। निश्चित ही ब्राह्मण सुरक्षित होंगे। सरकार इस समय श्रवण और दलितों को लड़ाने का काम कर रही है। यह घृणित कृत बंद होना चाहिए समान आरक्षण और सामान न्यायपालिका भी होना चाहिए। सवाल- वैश्विक स्तर पर बढ़ते युद्ध और तनाव को लेकर क्या कहा गया?जवाब - युद्ध किसी समस्या का समाधान नहीं है। उन्होंने अमेरिका सहित बड़ी शक्तियों से मानवता के आधार पर निर्णय लेने की अपील की और कहा कि शांति ही स्थाई समाधान है। युद्ध से किसी समस्या का समाधान नहीं हुआ है ना आगे होगा। दुनिया को भगवान कृष्ण के गीत के संदेश का पालन करना चाहिए। सवाल - अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की नीतियों पर आप की क्या राय है?जवाब - वैश्विक संघर्षों के पीछे बड़ी शक्तियों की नीतियां जिम्मेदार हैं। साथ ही उन्होंने कहा कि विश्व में शांति स्थापित करने के लिए सभी देशों को संतुलित और मानवीय दृष्टिकोण अपनाना चाहिए। उन्होंने कहा कि तेल पर कब्जा के लिए ट्रंप यह सब कर रहे हैं। दुनिया में आतंक का पोशाक और संरक्षक अगर देखा जाए तो उसमें अमेरिका की भूमिका सबसे आगे है। ट्रंप का मासिक संतुलन इस समय बिगड़ा हुआ है उनका इलाज की आवश्यकता है। सवाल - पश्चिम बंगाल की राजनीति और चुनाव पर क्या कहेंगे?जवाब - समय के अनुसार परिवर्तन जरूरी है और जहां जरूरत हो, वहां बदलाव होना चाहिए। अंतिम निर्णय ईश्वर की इच्छा पर निर्भर बताया गया। सवाल - महिला बिल पास नहीं हुआ क्या होना चाहिए था?जवाब - महिलाओं को अधिकार और सुविधाएं मिलनी चाहिए, लेकिन लोकसभा और विधानसभाओं में आरक्षण की आवश्यकता पर उन्होंने सवाल उठाए। उनका मानना है कि महिलाओं की मर्यादा और सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए अलग व्यवस्थाएं होनी चाहिए। --------------------- ये खबर भी पढ़ें…. यूपी में 40 IAS ट्रांसफर, 15 जिलों के DM बदले:परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को हटाया, UPPCL के एमडी भी हटाए गए योगी सरकार ने रविवार देर रात 40 IAS अफसरों के तबादले कर दिए हैं। 15 जिलों के जिलाधिकारी (DM) बदले गए हैं। परिवहन आयुक्त किंजल सिंह को हटाकर माध्यमिक शिक्षा विभाग का सचिव बनाया गया है। हाल ही में केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से लौटे 2010 बैच के IAS आशुतोष निरंजन को नया परिवहन आयुक्त बनाया है। पढ़ें पूरी खबर…
सुलतानपुर में गोमती नदी पर बने ऐतिहासिक पुराने पुल के जीर्णोद्धार और सीमित आवागमन के लिए इसे फिर से खोलने की मांग तेज हो गई है। बहुजन अधिकार सेना ने सोमवार को इस संबंध में मुख्यमंत्री को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी के माध्यम से अतिरिक्त मजिस्ट्रेट को सौंपा। संगठन का कहना है कि यह पुल केवल आवाजाही का साधन नहीं, बल्कि जनपद की एक महत्वपूर्ण सांस्कृतिक विरासत भी है। सुलतानपुर के गोलाघाट स्थित यह पुराना पुल दशकों तक शहर की जीवनरेखा रहा है। वर्तमान में इसकी जर्जर स्थिति और सुरक्षा कारणों से इसे पूरी तरह बंद कर दिया गया है। हालांकि पास में ही एक नए पुल का निर्माण कार्य जारी है, लेकिन पुराने पुल के बंद होने से स्थानीय निवासियों को लंबी दूरी तय करनी पड़ रही है। इससे समय और ईंधन की बर्बादी के साथ-साथ शहर में यातायात जाम की समस्या भी बढ़ रही है। बहुजन अधिकार सेना के राष्ट्रीय कमांडर विजय राणा चमार द्वारा हस्ताक्षरित ज्ञापन में चार प्रमुख मांगें रखी गई हैं। इनमें सबसे पहले पुराने पुल को एक ऐतिहासिक धरोहर के रूप में संरक्षित करने और इसका तकनीकी परीक्षण कराने की मांग शामिल है। इसके साथ ही, पुल का आवश्यक जीर्णोद्धार कराने की बात भी कही गई है। ज्ञापन में आगे मांग की गई है कि सुरक्षा मानकों को ध्यान में रखते हुए इस पुल को पैदल यात्रियों और दोपहिया वाहनों के लिए पुनः खोला जाए। संगठन ने प्रशासन से अपील की है कि पुल को नष्ट करने के बजाय इसे जनपद की ऐतिहासिक पहचान के रूप में सुरक्षित रखा जाए। संगठन के पदाधिकारियों ने कहा कि यदि इस पुल को सुरक्षित नहीं किया गया, तो सुलतानपुर अपनी एक महत्वपूर्ण विरासत खो देगा। उन्होंने प्रशासन से इस विषय पर संवेदनशीलता दिखाते हुए जल्द से जल्द सकारात्मक कार्रवाई करने का आग्रह किया है।
झांसी में दतिया नगर पालिका परिषद के स्थापना क्लर्क दिलीप सिंह के सुसाइड केस में पुलिस ने दतिया सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर समेत 3 के खिलाफ FIR दर्ज कर ली है। उन पर दिलीप सिंह को आत्महत्या के लिए उकसाने का आरोप है। दो महीने पहले दिलीप ने वीडियो बनाकर सुसाइड कर लिया है। आरोप लगाया था कि फर्जी साइन न करने पर उनको परेशान किया गया और कचरा गाड़ी गिनने में ड्यूटी लगा दी। सुसाइड करने से पहले दिलीप का बनाया वीडियो भी सोशल मीडिया पर वायरल हुआ था। अब पत्नी की तहरीर पर पुलिस ने केस दर्ज किया है। ऊपर वाले कमरे में लटके मिले थे थाना प्रेमनगर के नराईपुरा मोहल्ला निवासी दिलीप सिंह ने अपने घर में 22 फरवरी 2026 को फंदा लगाकर सुसाइड कर लिया था। उनका शव पहली मंजिल पर बने कमरे में लटका मिला था। उनकी मौत के बाद पत्नी माधुरी सिंह ने कार्यालय में चल रहे विवाद को मुख्य वजह बताया था। माधुरी सिंह का कहना था कि नगर पालिका कार्यालय में तैनात राजेश दुबे और धर्मेंद्र शर्मा उनके पति पर फर्जी फाइल तैयार करने का दबाव बनाते थे। दिलीप के इनकार करने पर उनके साथ मारपीट की गई। सीएमओ नागेंद्र सिंह गुर्जर ने 17 फरवरी को उनको हटाकर कचरा गाड़ियों की गणना के काम में लगा दिया। इससे उनके सम्मान को ठेस पहुंची और वो बर्दाश्त नहीं कर पाए। इसके बाद से वह परेशान थे। दिलीप ने वीडियो बनाने के बाद सुसाइड कर लिया था। प्रेमनगर थाना प्रभारी तुलसीराम पांडेय के मुताबिक प्राथमिकी दर्ज करके मामले की छानबीन कराई जा रही है।
परशुराम जयंती के अवसर पर ग्वालियर में सकल ब्राह्मण समाज द्वारा सात दिवसीय कार्यक्रमों का आयोजन किया गया। इसी क्रम में सोमवार को भगवान परशुराम की भव्य पालकी यात्रा निकाली गई, जिसमें हजारों श्रद्धालु शामिल हुए। यात्रा की खास बात यह रही कि इसके साथ पांच दूल्हों की सामूहिक बारात भी निकाली गई, जिसने पूरे आयोजन को विशेष आकर्षण बना दिया। यह पालकी यात्रा शहर के राम मंदिर से प्रारंभ होकर विभिन्न मार्गों से होती हुई सनातन धर्म मंदिर पहुंचकर संपन्न हुई। यात्रा के दौरान 1100 महिलाएं सिर पर कलश रखकर शामिल हुईं, जिससे वातावरण पूरी तरह भक्तिमय हो गया और यात्रा की शोभा और भी बढ़ गई। विधिवत पूजा-अर्चना और महाआरती की गई सनातन धर्म मंदिर पहुंचने पर भगवान परशुराम की विधिवत पूजा-अर्चना और महाआरती की गई। इसके साथ ही पालकी यात्रा को विराम दिया गया। शहर के अलग-अलग स्थानों पर यात्रा और सामूहिक बारातों का जोरदार स्वागत किया गया। श्रद्धालुओं ने भगवान को तिलक लगाकर माल्यार्पण किया, वहीं दूल्हों की आरती उतारकर अभिनंदन किया। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ विवाह संपन्न सामूहिक विवाह सम्मेलन के अंतर्गत पांच जोड़ों का विवाह वैदिक मंत्रोच्चार के साथ संपन्न कराया गया। इसमें डॉ. रेनू संग ज्योतिरादित्य मनु, कशिश संग सौरभ, प्राची संग आकाश, सोहली संग अनिल और मेघा संग संजय परिणय सूत्र में बंधे। विवाह संस्कार पंडित गिरिराज गुरुजी, पंडित रमाकांत शास्त्री, पंडित अंबिका प्रसाद शास्त्री और पंडित ब्रह्म दत्त पाण्डेय शास्त्री द्वारा संपन्न कराए गए। सकल ब्राह्मण समाज के संस्थापक जयवीर भारद्वाज ने कहा कि इस प्रकार के आयोजन समाज में आपसी मेलजोल और प्रेमभाव को बढ़ाते हैं। उन्होंने इसे एक पुण्य कार्य बताते हुए अधिक से अधिक लोगों से इसमें भाग लेने की अपील की।
श्रीगंगानगर में विनोबा बस्ती स्थित श्री दुर्गा मंदिर प्रबंध समिति की आमसभा में जमकर हंगामा हुआ। नई कार्यकारिणी के गठन को लेकर प्रबंधन समिति के सदस्यों में बहस शुरू हुई, जो धक्का-मुक्की और गला-पकड़ने तक पहुंच गई। दरअसल, श्री दुर्गा मंदिर प्रबंधक समिति की ओर से समिति के सभी सदस्यों को आगामी कार्यकारिणी के गठन करने के लिए बुलाया था। इस दौरान हंगामा हो गया। बैठक में नई कमेटी बनाने पर अलग-अलग प्रस्ताव और मत सामने आए। कुछ सदस्यों ने सहमति जताई तो कुछ ने इसका विरोध किया। जब विवाद बढ़ा तो माहौल बिगड़ गया और सदस्य आमने-सामने आ गए। हालांकि, बाद में स्थिति को संभाला गया और बैठक शांतिपूर्वक समाप्त कर दी गई। मंदिर के लिए फिर से होंगे चुनाव सर्वसम्मति न बन पाने के कारण प्रबंधक समिति ने महत्वपूर्ण फैसला लिया है कि मंदिर प्रबंधन के लिए जल्द ही चुनाव कराए जाएंगे। इससे नई कार्यकारिणी का गठन पूरी तरह लोकतांत्रिक तरीके से हो सकेगा। चुनाव कार्यक्रम आगामी में दिनों में घोषित किए जाएंगे। वहीं, इस घटना के बाद शहरवासियों ने मंदिर जैसे पवित्र धार्मिक स्थल पर ऐसी अनुशासनहीनता दुर्भाग्यपूर्ण बताया है। लोगों ने सभी सदस्यों और श्रद्धालुओं से अपील की कि आपसी मतभेदों को शांति और सहयोग के साथ सुलझाएं, ताकि मंदिर की गरिमा बनी रहे।
डीडवाना जिला अस्पताल को 270 मीटर कपड़ा भेंट:सामाजिक चेतना सेवा समिति ने 13 साल से जारी रखी सेवा
डीडवाना के बांगड़ जिला अस्पताल को सामाजिक चेतना सेवा समिति और रॉयल11 ग्रुप ने संयुक्त तत्वावधान में 270 मीटर कपड़ा भेंट किया है। यह पहल मानवता और सामाजिक जिम्मेदारी का एक उदाहरण है। समिति के अध्यक्ष सैयद नईमुद्दीन मास्टर और कोषाध्यक्ष बाबू मोहम्मद अयूब रंगरेज ने बताया कि यह सेवा कार्य पिछले 13 साल से लगातार किया जा रहा है। इसका मुख्य उद्देश्य अस्पताल में आकस्मिक दुर्घटनाओं में हुई मृत्यु के बाद मृतक के शव को सम्मानपूर्वक ढककर उनके घर तक पहुंचाने में सहयोग करना है। समिति सदस्यों ने यह कपड़ा वरिष्ठ विशेषज्ञ चिकित्साधिकारी डॉ. महेन्द्र सिंह गढ़वाल, कनिष्ठ विशेषज्ञ डॉ. सुरेश नेतड़, डॉ. प्रदीप बुगालिया, नर्सिंग अधीक्षक गणेशा राम चौधरी, तकनीकी अधिकारी अमरीश माथुर तथा नर्सिंग अधिकारी वीरेंद्र सिंह भाटी को सौंपा।इस अवसर पर जहांगीर कुरैशी, जुल्फिकार कुरेशी (प्रधानाचार्य), मुस्ताक खान मोरडूंगा, असगर खान (व्याख्याता), महेश कुमार, भोजराज पुसवाडिया, मोहम्मद जमील खोखर, हाजी हामिद समनिगर और मास्टर शराफत अली सहित कई सदस्य मौजूद रहे।
गुरुग्राम शहर में सेक्टर-9 में किराए पर रहने वाले एक व्यक्ति ने घरेलू झगड़े में अपनी पत्नी की गला दबाकर हत्या कर दी और खुद भी फांसी पर लटक गया। 33 वर्षीय दीपक कुमार का अपनी 28 वर्षीय पत्नी सोनम बाई से रविवार रात को झगड़ा हुआ था। देर रात पति ने उसकी गला दबाकर हत्या कर दी और फिर खुद फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। दंपती मूलरूप से राजस्थान के अलवर में खुदनपुरी रोड पर चावर कॉलोनी के रहने वाले थे और सेक्टर-9 में किराए के मकान में रह रहे थे। घटना के समय दंपति का 10 वर्षीय बच्चा दूसरे कमरे में खेल रहा था। काफी देर बाद जब वह मम्मी पापा के कमरे में आया, तो पिता को फांसी पर लटका हुआ देखा। बच्चे ने पड़ोसी को दी सूचना डर के मारे बच्चे ने पड़ोसी अंकल को सूचना दी, जिन्होंने तुरंत पुलिस को सूचित किया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को बरामद किया। प्रारंभिक जांच में पत्नी के गले पर दबाव के निशान मिले, जबकि पति फांसी पर लटका मिला। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है। पारिवारिक विवाद को इस हत्या-आत्महत्या का मुख्य कारण माना जा रहा है। फिलहाल पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवा दिया है और दोपहर बाद शव का पोस्टमॉर्टम करवाया जाएगा।
सीकर के थोई थाना क्षेत्र में शादी के बहाने 8 लाख रुपए ठगने का मामला सामने आया है। दिल्ली की एक गैंग ने युवक को फंसाकर पैसे लिए और फिर महिला जेवरात व नकदी लेकर फरार हो गई। पुलिस मामले की जांच कर रही है। सीकर के ढवासा की ढाणी निवासी कैलाशचंद फुलफकर ने थोई पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि दिल्ली निवासी कुसुम गौतम उनकी एक महिला रिश्तेदार के साथ घर आई थी। कुसुम ने दावा किया कि उसकी एक लड़की से पहचान है और वह कैलाशचंद की शादी करवा देगी। इसके बाद कुसुम ने दिल्ली की अंजिता से शादी कराने की बात कही। कुसुम ने दिल्ली निवासी कृष्णा और मनीष के साथ मिलकर इस ठगी को अंजाम दिया। 28 फरवरी को 5 लाख रुपए लेकर 100 रुपए के स्टांप पेपर पर एग्रीमेंट तैयार किया गया। इसके बाद अंजिता को कैलाशचंद के साथ भेज दिया गया। फिर अंजिता को वापस बुला लिया गया और कैलाशचंद से 3 लाख रुपए एक्स्ट्रा वसूले गए। इसके बाद अंजिता को दोबारा कैलाशचंद के पास भेज दिया गया। वह आती-जाती रही। जब कैलाशचंद और उसके परिवार के लोग घर पर नहीं थे तब अंजिता घर से सोने-चांदी के जेवरात और नगदी लेकर फरार हो गई। उसके बाद से अंजिता का मोबाइल स्विच ऑफ आ रहा है। इसके बाद जब कैलाशचंद ने कुसुम गौतम से बात की तो उसने कहा-मैं आम आदमी पार्टी की बड़ी लीडर हूं। तेरे को झूठे मुकदमे में फंसाकर बर्बाद कर दूंगी। बाद में कैलाशचंद को पता चला कि अंजिता पहले से शादीशुदा है और फर्जी दस्तावेज बनाकर लोगों के साथ धोखाधड़ी करती है। इसके गिरोह में कई लोग शामिल हैं। --- ये भी पढ़ें शादी के बाद जेवर लेकर भागी दुल्हन:लड़की की मां और बहन-जीजा को दिए थे 3 लाख रुपए; एक बच्चे की मां थी अलवर में शादी के बाद दुल्हन जेवर लेकर भाग गई। उसकी मां और बहन-जीजा भी इसमें शामिल थे। उन्होंने शादी करवाने के लिए लड़के वालों से 3 लाख रुपए लिए थे। पड़ताल करने पर पता चला कि लड़की पहले से शादीशुदा थी। उसका एक बेटा भी है। मामला अलवर के अखैपुरा थाना इलाके करौली कुंड का है। (पूरी खबर पढ़ें)
नर्सिंग छात्रा ने नदी में कूदकर किया सुसाइड:कॉलेज का फॉर्म भरने की बात कहकर घर से निकली थी
झालावाड़ में धनवाड़ा क्षेत्र में रहने वाली एक नर्सिंग छात्रा ने अज्ञात कारणों के चलते कालीसिंध नदी पुलिया से कूदकर आत्महत्या कर ली। वह घर से कॉलेज का फॉर्म भरने की बात कहकर निकली थी। एसआरजी अस्पताल से मिली जानकारी के अनुसार मृतका की पहचान धनवाड़ा निवासी विनीता (20) पुत्री दिलीप माली के रूप में हुई है। विनीता सोमवार सुबह कॉलेज का फॉर्म भरने की बात कहकर घर से निकली थी। रास्ते में उसने कालीसिंध नदी की पुलिया के पास अपनी स्कूटी खड़ी की और पुलिया से नीचे कूद गई। घटना की सूचना मिलने पर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने घायल युवती को तुरंत अस्पताल पहुंचाया, जहां इलाज के दौरान कुछ देर बाद उसकी मौत हो गई। अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवाया।पुलिस अधिकारियों ने बताया कि फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस परिजनों और अन्य लोगों से पूछताछ कर मामले की जांच कर रही है, ताकि उचित कार्रवाई की जा सके। पुलिस कॉलेज फॉर्म भरने की जानकारी को भी जांच के दायरे में रखे हुए है।
सिरसा की विवाहिता से राजस्थान में मारपीट:7 साल पहले हुई थी शादी; दहेज में 2 लाख कैश की डिमांड
सिरसा शहर की विवाहिता से राजस्थान में मारपीट का मामला सामने आया है। आरोप है कि महिला से दहेज के नाम पर दो लाख रुपए की डिमांड रखी और पूरा न करने पर झगड़ा करना शुरू कर दिया। महिला का फोन भी छीन लिया गया और उसे घर पर रखने से मना कर दिया, अब अपने मायके में रहती है। जानकारी के अनुसार, करीब सात साल पहले महिला की राजस्थान के नीम का थाना क्षेत्र निवासी युवक से शादी हुई थी, तब से मनमुटाव चल रहा है। अब महिला इसकी शिकायत पुलिस को दी है। पुलिस ने दोनों पक्षों को जांच में शामिल होने को बुलाया। जांच में पाया कि दोनों पति-पत्नी के बीच शादी के बाद घरेलू बातों को लेकर झगड़ा व मनमुटाव रहने लगा। जिस कारण दोनों पति-पत्नी अलग रहने लगे। महिला को दहेज के लिए प्रताड़ित व मारपीट करना पाया गया है। मामले में पुलिस ने विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। यहां जानिए क्या है पूरा मामला पुलिस को दी शिकायत में शहर की महिला ने बताया कि उसकी शादी मार्च 2019 को राजस्थान के जयपुर में हुई थी। उसके माता-पिता ने हैसियत के अनुसार शादी में खर्च किया था। शादी के कुछ दिन ठीक रहा। मगर उसके ससुराल वाले दान-दहेज से खुश नहीं थे और बाद में उन्होंने ताने मारने शुरू कर दिए। एक सवा साल बाद उसने बेटी को जन्म दिया और डिलीवरी का खर्च भी उठाने से मना कर दिया। शिकायत में बताया, वे लड़का पैदा न होने पर ताने मारने लगे। मानसिक व शारीरिक प्रताड़ना करने लगे। उनके बीच पंचायत भी हुई और उनके बीच राजीनामा हो जाता। उसके पिता नकद रुपए की मांग पूरी की है, पर सोने की मांग पूरी नहीं की और ज्यादा पैसों की मांग करने लगे। पहले वे दिल्ली में रहते थे और ननंद से झगड़े के बाद वापिस सिरसा आ गए। उसका बाद में राजीनामा हो गया। मार्च 2025 में उसके पति ने उससे दो लाख रुपए की डिमांड की और कहा, नया कारोबार शुरू करना है। जब उसने मना किया तो उसके साथ झगड़े पर उतर आया और मारपीट की। डायल 112 के बुलाने पर पुलिस वाले उनको समझाकर चले गए। पुलिस के जाने के बाद उसका फोन छीन लिया और मारपीट की। उसने किसी रिश्तेदार के घर शरण ली और अपने पिता को फोन कर बताया। उसके पिता उसे ससुराल पहुंचे, परंतु उसे घर पर रखने से मना कर दिया। वह अपने मायके आ गई और अब यहीं रह रही है। इसके बाद पुलिस को शिकायत दी।
राठौर संघ भोपाल द्वारा 20 अप्रैल 2026 को पंडित खुशीलाल शर्मा आयुर्वेदिक चिकित्सा संस्थान परिसर, दशहरा मैदान, कलियासोत डेम, नेहरू नगर में सामूहिक विवाह एवं परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया। कार्यक्रम में समाज के कई जोड़े वैदिक रीति-रिवाजों के साथ विवाह बंधन में बंधे, जबकि करीब 250 युवक-युवतियों ने परिचय सम्मेलन में हिस्सा लिया।कार्यक्रम की शुरुआत सुबह 8 बजे दीप प्रज्जवलन और गणेश वंदना के साथ हुई। इसके बाद सुबह 9 से 12 बजे तक परिचय सम्मेलन आयोजित किया गया। परिचय सत्र के बाद सामूहिक विवाह संस्कार संपन्न हुआ, जिसमें नवदंपतियों को आशीर्वाद दिया गया और विदाई समारोह भी आयोजित किया गया। ईंधन संकट के चलते लिया गया फैसलाईरान युद्ध के बाद घरेलू गैस, पेट्रोल और डीजल की स्थिति को देखते हुए आयोजन समिति ने लकड़ी की भट्टियों पर भोजन बनाने का निर्णय लिया। सम्मेलन में बनने वाला अधिकांश भोजन लकड़ी की आग पर तैयार किया गया, जिससे आयोजन बिना किसी बाधा के पूरा हो सका। पारंपरिक भट्टियों पर बना भोजनभोजन व्यवस्था के लिए पारंपरिक चूल्हों और लकड़ी की भट्टियों का उपयोग किया गया। इससे एक ओर जहां गैस पर निर्भरता कम हुई, वहीं आयोजन में पारंपरिक पद्धति की झलक भी देखने को मिली। ईको-फ्रेंडली रहा पूरा आयोजनसम्मेलन को पर्यावरण के अनुकूल बनाने के लिए प्लास्टिक पर पूरी तरह प्रतिबंध रखा गया। कागज से बने डिस्पोजल का उपयोग किया गया और पानी के लिए स्टील व तांबे के बर्तनों की व्यवस्था की गई। डिजिटल निमंत्रण के जरिए कागज की बचत भी की गई। दहेज प्रथा के खिलाफ दिया संदेशआयोजन के दौरान दहेज जैसी कुप्रथा के खिलाफ समाज को जागरूक किया गया। सादगीपूर्ण विवाह और सामाजिक जिम्मेदारी का संदेश भी दिया गया। राठौर समाज के लोगों ने बताया कि यह सम्मेलन समाज के लोगों के सहयोग और दान से संपन्न हुआ। इस दौरान समाज की पत्रिका का भी प्रकाशन किया गया। आयोजन में अध्यक्ष राज कुमार राठौर, उपाध्यक्ष संतोष राठौर, कार्यक्रम अध्यक्ष मदनलाल राठौर सहित अन्य पदाधिकारियों की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
चूरू में रतनगढ़ बाईपास पर रविवार देर शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार 3 लोग घायल हो गए। यह हादसा उस समय हुआ जब बाइक डिवाइडर से टकरा गई। तीनों घायल रतनगढ़ से श्रीडूंगरगढ़ की ओर जा रहे थे। हादसा संगम चौराहा के पास हुआ। युवा कांग्रेस नेता रामवीर सिंह राइका ने घायलों को अपने निजी वाहन से जालान अस्पताल पहुंचाया। जालान अस्पताल में प्राथमिक उपचार के बाद, तीनों की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें चूरू के डीबी अस्पताल रेफर कर दिया गया। रतनगढ़ पुलिस ने अस्पताल पहुंचकर घटना की जानकारी जुटाई।घायलों की पहचान जेसनसर निवासी 38 वर्षीय रामनिवास, 35 वर्षीय एसबी नाथ और लूणकरणसर निवासी 30 वर्षीय रामसिंह के रूप में हुई है। तीनों का इलाज डीबी अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में चल रहा है।
महेंद्रगढ़ में बुजुर्ग महिला को पाइपों से पीटा:शराब के नशे में बेटे ने किया हमला; मारने की दी धमकी
महेंद्रगढ़ जिले के माधोगढ़ गांव में एक बुजुर्ग महिला के साथ मारपीट का मामला सामने आया है। पीड़िता शकुंतला देवी ने अपने ही बेटे मोतीलाल पर गंभीर आरोप लगाते हुए पुलिस में शिकायत दर्ज कराई है। शिकायत के अनुसार 16 अप्रैल को दोपहर करीब 2 बजे शकुंतला देवी घर पर अकेली थी। इसी दौरान उनका बेटा मोतीलाल शराब के नशे में घर पहुंचा और उनसे झगड़ा करने लगा। जब वह घर से बाहर जाने लगी, तो आरोपी ने रास्ता रोक लिया और पाइप से मारपीट की। साथ ही जान से मारने की धमकी भी दी। बेटी ने आकर कराया इलाज घटना के बाद बीते कल पीड़िता की बेटी सुमन उन्हें इलाज के लिए नागरिक अस्पताल महेंद्रगढ़ लेकर पहुंची, जहां उनका मेडिकल कराया गया। डॉक्टरों ने जांच में शरीर पर तीन चोटें पाई हैं और एक्स-रे करवाने बारे में कहा। केस दर्ज कर जांच में जुटी पुलिस मामले की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और पीड़िता का बयान दर्ज किया। पुलिस ने मेडिकल रिपोर्ट और शिकायत के आधार पर आरोपी मोतीलाल के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 115(2), 126(2) और 351(3) के तहत थाना सतनाली में मामला दर्ज कर लिया है।
शादी के बाद जेवर लेकर भागी दुल्हन:लड़की की मां और बहन-जीजा को दिए थे 3 लाख रुपए; एक बच्चे की मां थी
अलवर में शादी के बाद दुल्हन जेवर लेकर भाग गई। उसकी मां और बहन-जीजा भी इसमें शामिल थे। उन्होंने शादी करवाने के लिए लड़के वालों से 3 लाख रुपए लिए थे। पड़ताल करने पर पता चला कि लड़की पहले से शादीशुदा थी। उसका एक बेटा भी है। मामला अलवर के अखैपुरा थाना इलाके करौली कुंड का है। मां और बहन-जीजा को दिए थे 3 लाख रुपए पीड़ित देवेन्द्र कुमार (25) निवासी करौली कुंड कच्ची बस्ती ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। रिपोर्ट में बताया कि वह कृषि उपज मंडी में गजानंद ट्रेडर्स की दुकान पर काम करता है। उसके साथ काम करने वाले सुरेंद्र गुर्जर ने उसकी शादी कराने की बात कही थी। तब दुकान पर आने वाले सुरेश दुधिया ने उसे शादी करवाने का झांसा दिया और इसके बदले 3 लाख रुपए की मांग की। 31 मार्च 2026 को करौली कुंड स्थित शिव मंदिर में उसकी शादी सीमा रानी नाम की युवती से करवा दी। शादी में सीमा की मां, बहन संतोष और जीजा बलकार सिंह मौजूद रहे। उन्होंने वैदिक रीति-रिवाज से विवाह संपन्न कराया। शादी के बाद 3 लाख रुपए उन्हें दिए गए। शादी के बाद जेवर लेकर भागी पीड़ित ने बताया कि शादी के दो दिन बाद सीमा की बहन, जीजा और मां उसे ले गए और वापस नहीं भेजा। काफी कोशिश के बाद उसे वापस लेकर आए तो उसने भागने की कोशिश की। तब लड़की ने बताया कि उसकी बहन और जीजा ने पैसे के लिए उसकी शादी करवाई है। ये भी पता चला कि जिस लड़की से शादी करवाई गई, वो पहले से शादीशुदा है। उसका एक बच्चा भी है। इसके बाद लड़की भाग गई और चांदी के जेवर भी ले गई। जब फोन कर अपने पैसे वापस मांगे तो आरोपियों ने उसे जान से मारने की धमकी दी। इसके बाद धोखाधड़ी का मामला दर्ज करवाया। जांच अधिकारी एएसआई ओमप्रकाश ने कहा कि आरोपियों की तलाश की जा रही है।
रायपुर में नगर निगम मुख्यालय के सामने स्थित गार्डन से जुड़ी अहम फाइल गायब होने का मामला सामने आया है। पहले से ही फूड पार्क की शर्तों के उल्लंघन को लेकर विवादों में रहे इस गार्डन को लेकर अब प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल उठने लगे हैं। कुछ दिन पहले जोन-10 से जुड़ी फाइल गायब होने की घटना सामने आई थी। अब मुख्यालय स्तर पर फाइल लापता होने से यह मामला और गंभीर हो गया है। अधिकारियों ने इसे गंभीरता से लेते हुए जांच के निर्देश दिए हैं। व्यावसायिक उपयोग पर उठे सवाल जानकारी के अनुसार, गार्डन के रखरखाव और सुविधाओं के लिए निजी एजेंसी को जिम्मेदारी दी गई थी। इसके तहत सीमित हिस्से में दुकानों और फूड स्टॉल की अनुमति दी गई थी, लेकिन आरोप है कि निर्धारित सीमा से अधिक क्षेत्र का व्यावसायिक उपयोग किया गया। नियमों का पालन नहीं होने की शिकायत निगम के नियमों के मुताबिक, उद्यान के कुल क्षेत्रफल के केवल 5% हिस्से में ही व्यावसायिक गतिविधियां संचालित की जा सकती हैं। साथ ही सुरक्षा, साफ-सफाई और सीसीटीवी व्यवस्था सुनिश्चित करना भी एजेंसी की जिम्मेदारी होती है। इसके बावजूद मौके पर इन व्यवस्थाओं में कमी और नियमों के उल्लंघन की शिकायतें सामने आती रही हैं। आशंका जताई जा रही है कि गड़बड़ियों को छिपाने के लिए दस्तावेजों से छेड़छाड़ की गई हो सकती है। जांच के बाद होगी कार्रवाई-महापौर महापौर मीनल चौबे का कहना है कि गार्डन से जुड़े सभी दस्तावेजों की जांच की जा रही है। यदि किसी स्तर पर लापरवाही या अनियमितता सामने आती है तो संबंधित अधिकारियों और एजेंसी के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। पहले भी रहा है विवादों में यह गार्डन पहले भी कई बार विवादों में आ चुका है। रखरखाव, दुकानों की संख्या और नियमों के उल्लंघन को लेकर लगातार शिकायतें मिलती रही हैं। फिलहाल, फाइल गायब होने के इस नए मामले ने नगर निगम की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर दिए हैं और जांच के नतीजों का इंतजार किया जा रहा है। हाल ही में 100 एकड़ जमीन की फाइल हुई थी गायब रायपुर में नगर निगम के जोन 10 अमलीडीह ऑफिस से करीब 100 एकड़ जमीन से जुड़ी अहम फाइल गायब हो गई है। इस गड़बड़ी के पीछे बिल्डरों को फायदा पहुंचाने की आशंका जताई जा रही है। जोन 10 में आने वाले बोरियाकला इलाके के ओम नगर, साईं नगर और बिलाल नगर क्षेत्र से जुड़े 69 भूखंडों की लेआउट फाइल गायब हुई है। बताया जा रहा है कि यह फाइल जोन कार्यालय से नगर निगम मुख्यालय भेजी जानी थी, लेकिन इसे सीधे टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग (नगर निवेश) को भेज दिया गया, जो आवास और पर्यावरण विभाग के अधीन आता है। निगम आयुक्त ने जोन कमिश्नर विवेकानंद दुबे को मुख्यालय अटैच कर दिया है। उनकी जगह मोनेश्वर शर्मा को जिम्मेदारी दी गई है। मोनेश्वर शर्मा ने कहा कि FIR दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है, ताकि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की जा सके।
बालाघाट जिले के ग्राम चंद्रपुरी में रविवार शाम सर्पदंश से एक 71 वर्षीय बुजुर्ग की मौत हो गई। रमेश गोस्वामी शौच के लिए खेत की ओर गए थे, तभी जहरीले सांप ने उन्हें काट लिया। जिला अस्पताल में उपचार के दौरान देर रात उनकी हो गई। सोमवार को पीएम के बाद पुलिस ने शव परिजनों को सौंप दिया है। खेत में शौच के दौरान सांप ने काटा मृतक रमेश पिता पुरनगिरी गोस्वामी खेती-मजदूरी का काम करते थे। रविवार शाम जब वे खुले में शौच के लिए गए थे, तब एक जहरीले सांप ने उनके पैर में काट लिया। रमेश ने घर लौटकर परिजनों को घटना की जानकारी दी, जिसके बाद उन्हें आनन-फानन में जिला अस्पताल ले जाया गया। डॉक्टरों ने तत्काल इलाज शुरू किया, लेकिन जहर फैलने के कारण रात करीब 12 बजे उन्होंने दम तोड़ दिया। अस्पताल चौकी पुलिस कर रही जांच सोमवार सुबह डॉक्टर की तहरीर मिलने पर अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को कब्जे में लिया। परिजनों की उपस्थिति में शव का पंचनामा तैयार कर पोस्टमार्टम कराया गया। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, प्राथमिक तौर पर मामला सर्पदंश का है। मर्ग डायरी लालबर्रा थाना भेजी जा रही है, जहां से मामले की विस्तृत जांच की जाएगी। खुले में शौच मुक्त दावों पर उठे सवाल इस दुखद घटना ने ग्रामीण क्षेत्रों में शौचालय के उपयोग और प्रशासन के खुले में शौच मुक्त (ODF) दावों की जमीनी हकीकत को फिर से उजागर कर दिया है। चंद्रपुरी गांव में शौचालय की उपलब्धता या उपयोग न होने के कारण बुजुर्ग को बाहर जाना पड़ा, जो उनकी मौत का कारण बना। स्थानीय लोगों ने इस घटना के बाद शासन से ग्रामीण क्षेत्रों में सुरक्षा और सुविधाओं की मांग की है।
करनाल जिले में पाढा गांव के पास पेट्रोल पंप के नजदीक एक व्यक्ति का शव मिला है। व्यक्ति बीती शाम अपने घर से बाइक में पेट्रोल डलवाने के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं लौटा। परिजनों ने रातभर उसकी तलाश की, लेकिन कोई सुराग नहीं मिला। सुबह ग्रामीणों ने सड़क किनारे शव पड़ा देखा और परिजनों को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मौके पर पहुंचे परिजन मृतक की पहचान बालराजपूतान गांव के 45 वर्षीय रणधीर के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि रणधीर बीती शाम अपनी बाइक में पेट्रोल डलवाने के लिए घर से निकले थे। देर रात तक जब वह घर नहीं लौटे, तो परिजनों ने आसपास के इलाकों में तलाश शुरू की, लेकिन उनका कहीं पता नहीं चला। सुबह गांव के एक व्यक्ति ने पाढा गांव के पेट्रोल पंप से कुछ दूरी पर सड़क किनारे उनका शव पड़ा देखा और इसकी जानकारी परिवार को दी। छाती और सिर में चोट मृतक के बेटे के अनुसार, मौके पर पहुंचने पर रणधीर की बाइक खड़ी मिली, जबकि वह जमीन पर गिरे हुए थे। उनके छाती और सिर पर गंभीर चोट के निशान थे। घटनास्थल पर किसी अन्य वाहन के टूटे हुए पार्ट भी मिले हैं, जिससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि किसी अज्ञात वाहन ने टक्कर मारी होगी। रणधीर रिफाइनरी में मजदूरी का काम करते थे और अपने परिवार का पालन-पोषण करते थे। मामले की जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए करनाल भेज दिया। पुलिस आसपास के क्षेत्र में जांच कर रही है और यह पता लगाने की कोशिश की जा रही है कि यह हादसा था या इसके पीछे कोई अन्य कारण है।
रीवा शहर में बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या से निपटने के लिए कमिश्नर बंगले से ढेकहा तिराहे तक 165 करोड़ रुपए की लागत से एक नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इस फ्लाईओवर के तहत बीहर नदी पर प्रयागराज के यमुना पुल की तर्ज पर अत्याधुनिक केबल ब्रिज का निर्माण प्रस्तावित है। मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इस परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि यह विंध्य क्षेत्र का पहला केबल ब्रिज होगा। वर्तमान में इस प्रोजेक्ट के प्रस्तावित होने के बाद शहर में रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट तक पहुंच आसान होने के साथ-साथ शहर को एक नई और आधुनिक पहचान मिलने की उम्मीद है। मजबूत धातु की केबल्स पर टिका रहेगा पूरा पुल मध्य प्रदेश के उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल ने इस महत्वाकांक्षी परियोजना की जानकारी देते हुए बताया कि कमिश्नर बंगले से लेकर ढेकहा तिराहे तक एक नया फ्लाईओवर बनाया जाएगा। इसी फ्लाईओवर के तहत बीहर नदी पर यह अत्याधुनिक केबल ब्रिज तैयार होगा। इस पुल का पूरा भार मजबूत धातु की केबल्स पर टिका रहेगा, जो न सिर्फ इंजीनियरिंग के लिहाज से बेहद खास होगा, बल्कि इसे विंध्य क्षेत्र का पहला केबल ब्रिज भी माना जा रहा है। ट्रैफिक जाम से मिलेगी राहत, आसान होगा सफर शहर में लगातार बढ़ते ट्रैफिक और जाम की समस्या को देखते हुए इस फ्लाईओवर की जरूरत लंबे समय से महसूस की जा रही थी। इस ब्रिज के निर्माण के बाद शहरवासियों को यातायात के भारी दबाव से बड़ी राहत मिलेगी। इसके साथ ही, रेलवे स्टेशन और एयरपोर्ट जैसे प्रमुख स्थानों तक लोगों की पहुंच काफी आसान हो जाएगी। 165 करोड़ है लागत, शहर को मिलेगी आधुनिक पहचान इस पूरी परियोजना की अनुमानित लागत करीब 165 करोड़ रुपए बताई गई है। यह प्रोजेक्ट केवल यातायात व्यवस्था को ही नई दिशा नहीं देगा, बल्कि रीवा शहर की सुंदरता को भी बढ़ाएगा। अत्याधुनिक केबल ब्रिज के निर्माण के बाद रीवा को एक आधुनिक शहर के रूप में एक नई और मजबूत पहचान मिलेगी।
गुरुग्राम जिला पुलिस ने एक और गैंगस्टर की अवैध संपत्ति पर बुलडोजर चलाने की तैयारी कर ली है। क्राइम ब्रांच सेक्टर-31 ने आरोपी नितेश उर्फ बंदर को चिन्हित किया है, जो अवैध वसूली का धंधा चलाता है और सरकारी जमीन पर झुग्गियां बनाकर गरीबों से किराया वसूलता है। कादरपुर रोड के पास बिरला नव्या कम्युनिटी सेंटर के निकट बनी इन अवैध झुग्गियों को आज भारी पुलिस फोर्स के साथ तोड़ा जाएगा, टीम मौके पर पहुंच रही है। इससे पहले 10 से ज्यादा बदमाशों के अवैध कब्जों को हटाया जा चुका है। भूमाफिया के खिलाफ सख्त मुहिम पुलिस प्रवक्ता संदीप कुमार ने बताया कि यह कार्रवाई गुरुग्राम पुलिस की संगठित अपराध और भूमि माफिया के खिलाफ सख्त मुहिम का हिस्सा है। हाल के दिनों में कई गैंगस्टरों की अवैध निर्माणों पर बुलडोजर चलाए गए हैं, जिससे सरकारी जमीन वापस ली जा रही है। उन्होंने कहा कि ऐसे तत्वों को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। अवैध वसूली और कब्जे पर लगातार नजर रखी जा रही है। कानून का उल्लंघन करने वालों पर सख्त एक्शन लिया जाएगा।
इंदौर के लसूडिया में एसआई सहित 5 पुलिसकर्मियों को डीसीपी ने सस्पेंड किया है। झगड़े की वजह रिटायर्ड एसीपी के प्रॉपर्टी विवाद में वारंट तामील के बाद व्यवसायी को परेशान करना बताई जा रही है। कारोबारी पिछले एक साल से एसीपी मामले में वरिष्ठ अधिकारियों को शिकायत कर रहा था। लसूडिया पुलिस पर उसे धमकाने के आरोप हैं, लेकिन अधिकारियों ने ध्यान नहीं दिया। व्यवसायी ने आरोप लगाया कि वारंट तामील के दौरान पुलिस घर में चोरों की तरह घुसी, कैमरे बंद किए और मास्टर चाबी से लॉक खोला। उसके घर से 22 तोला सोना गायब है। 1 अप्रैल को घर में घुसने का आरोप लसूडिया थाने के एसआई संजय विश्नोई, रणवीर कुशवाह, प्रणीत भदौरिया, दिनेश गुर्जर और दीपेंद्र मिश्रा पर गौरव जैन ने आरोप लगाए। उन्होंने बताया कि 1 अप्रैल को पुलिसकर्मी उसके घर में घुसे। पहले देर तक टोह लेते रहे, फिर कैमरे बंद किए और मास्टर चाबी से ताला खोलकर अंदर घुसे। घर की तलाशी ली और उसे साथ ले गए। इस दौरान घर से 22 तोला से अधिक सोना गायब होने का आरोप है। दूसरे दिन निजी कार से ग्वालियर ले गए गौरव के अनुसार, 1 अप्रैल की रात से 2 अप्रैल तक उसे लसूडिया थाने में रखा गया। इसके बाद निजी कार से ग्वालियर ले जाया गया। 3 अप्रैल की सुबह उसे थाने के बजाय निजी गेस्ट हाउस में रखा गया, जहां रिटायर्ड एसीपी के लोगों ने मारपीट की। बाद में कोर्ट से जमानत मिलने पर वह इंदौर लौट आया। 27 हजार रुपए लेने का भी आरोप गौरव ने बताया कि राकेश शर्मा नाम के पुलिसकर्मी ने उससे 27 हजार रुपए लिए। इसमें 10 हजार रुपए लसूडिया थाने के सामने होटल में क्यूआर कोड से और 17 हजार रुपए बेटे तुषार के खाते में डलवाए गए। रिकॉर्डिंग के साथ शिकायत दी, फिर हुई कार्रवाई गौरव ने 16 अप्रैल को सीपी संतोष सिंह और डीसीपी कुमार प्रतीक को रिकॉर्डिंग के साथ शिकायत दी। टीआई तारेश सोनी पर भरोसा न होने पर जांच एसीपी पराग सैनी को सौंपी गई। जांच में साक्ष्य मिलने के बाद पांचों पुलिसकर्मियों पर कार्रवाई की गई। कारोबारी बोला- FIR नहीं हुई तो DGP, CM तक जाएंगे व्यवसायी का कहना है कि केवल सस्पेंशन कर पुलिसकर्मियों को बचाया जा रहा है। एफआईआर दर्ज नहीं हुई तो वह डीजीपी और मुख्यमंत्री तक शिकायत करेंगे। 65 लाख रुपए के लेनदेन को लेकर विवाद शुरू हुआ गौरव के मुताबिक, 2020 में उसकी मुलाकात एसीपी राकेश गुप्ता से हुई थी। 2023 में एसीपी ने होटल निर्माण के लिए 20 लाख रुपए उधार लिए, जो वापस कर दिए गए। बाद में उनके साथियों आरिफ और केपी कुमावत के साथ 65 लाख रुपए का लेनदेन हुआ, जिसमें विवाद शुरू हुआ। आरोप है कि भुगतान से बचने के लिए चेक बाउंस कराए गए, जिससे एफआईआर हुई। हाईकोर्ट अधिवक्ता कृष्ण कुमार कुन्हारे के अनुसार, पुलिस वारंट तामील कर सकती है, लेकिन परिवार से बदसलूकी या संपत्ति से छेड़छाड़ नहीं कर सकती। ऐसी स्थिति में पंचनामा और रोजनामचे में रिपोर्ट दर्ज करना जरूरी होता है।
भिंड जिले के मिहोना कस्बे में रविवार रात शादी समारोह में लहार जा रहे एक 27 वर्षीय युवक की बाइक सड़क किनारे खड़ी गाय से टकरा गई। इस हादसे में उछलकर गिरे युवक की छाती में गाय का सींग घुस गया, जिससे उसकी अस्पताल ले जाते समय मौत हो गई। वर्तमान में पुलिस ने सोमवार को शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। वार्ड क्रमांक 5 निवासी संजय कुशवाहा (27) रविवार रात अपनी बाइक से एक शादी समारोह में शामिल होने के लिए लहार की ओर जा रहा था। जब वह रिपुदमन स्कूल के पास पहुंचा, तो सड़क किनारे एक गाय खड़ी थी। रात का अंधेरा होने और बाइक की रफ्तार तेज होने के कारण संजय को गाय नहीं दिखी और उसकी बाइक सीधे गाय से जा टकराई। उछलकर सींग पर गिरा युवक, सड़क पर तड़पता रहा यह टक्कर इतनी भीषण थी कि हादसे के बाद संजय उछलकर सीधे गाय के सींग पर जा गिरा। गाय का सींग उसकी छाती में गहराई तक घुस गया। इसके बाद संजय सड़क पर गिर गया और दर्द से तड़पता रहा। इसी दौरान पीछे से आ रहे राहगीरों ने युवक को गंभीर रूप से घायल अवस्था में देखा और तुरंत पुलिस को सूचना दी। रौन अस्पताल ले जाते समय रास्ते में तोड़ा दम राहगीरों की सूचना पर मिहोना पुलिस तत्काल मौके पर पहुंची और लहूलुहान युवक को इलाज के लिए सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र रौन के लिए रवाना किया। लेकिन छाती में गहरी चोट लगने के कारण संजय ने अस्पताल पहुंचने से पहले रास्ते में ही दम तोड़ दिया। सोमवार को पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम कराया और शव परिजनों के सुपुर्द कर दिया। पुलिस हादसे के कारणों की विस्तृत पड़ताल कर रही है।
चंडीगढ़ के सेक्टर-42 स्थित डॉक्टर आम्बेडकर कॉलेज को बम से उड़ाने की धमकी मिली है। कंट्रोल रूम को मिले मैसेज के बाद पुलिस तुरंत अलर्ट मोड में आ गई और कॉलेज परिसर में बड़े स्तर पर सर्च ऑपरेशन चलाया गया। जानकारी के मुताबिक, कंट्रोल रूम को एक मैसेज मिला, जिसमें कॉलेज को बम से उड़ाने की बात कही गई थी। सूचना मिलते ही चंडीगढ़ पुलिस की टीम, बम स्क्वॉड और डॉग स्क्वॉड मौके पर पहुंच गए। पूरे कॉलेज परिसर को घेर लिया गया और हर कोने की गहन तलाशी ली गई। छात्रों को बाहर निकाल कर जांच एहतियात के तौर पर पुलिस ने कॉलेज में मौजूद सभी छात्रों और स्टाफ को तुरंत सुरक्षित बाहर निकाला और आने-जाने वाले लोगों की जांच शुरू कर दी गई, ताकि किसी भी संभावित खतरे को टाला जा सके। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, सर्च ऑपरेशन के दौरान किसी भी प्रकार की संदिग्ध वस्तु नहीं मिली है। शुरुआती जांच में यह धमकी झूठी प्रतीत हो रही है, लेकिन सुरक्षा एजेंसियां इसे गंभीरता से लेते हुए हर पहलू की जांच कर रही हैं। ईमेल की साइबर सेल कर रहा जांच साइबर टीम को धमकी भरे मैसेज के स्रोत का पता लगाने की जिम्मेदारी दी गई है। तकनीकी जांच के जरिए यह पता लगाया जा रहा है कि मैसेज कहां से भेजा गया, किस डिवाइस से भेजा गया और इसके पीछे कौन व्यक्ति या समूह शामिल हो सकता है। पुलिस मोबाइल नंबर, इंटरनेट आईपी और अन्य डिजिटल सुरागों के आधार पर जांच को आगे बढ़ा रही है। किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें-चंडीगढ़ पुलिस चंडीगढ़ पुलिस ने लोगों से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाह पर ध्यान न दें और अगर कहीं कोई संदिग्ध वस्तु या गतिविधि नजर आए तो तुरंत पुलिस को सूचना दें। गौरतलब है कि इससे पहले भी शहर में कई अहम स्थानों को बम से उड़ाने की धमकियां मिल चुकी हैं। स्कूलों, पंजाब सचिवालय, जिला अदालत और पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट को भी पहले ऐसे ही धमकी भरे मैसेज मिल चुके हैं। हर बार पुलिस और सुरक्षा एजेंसियों ने मौके पर पहुंचकर सर्च ऑपरेशन चलाया, लेकिन ज्यादातर मामलों में कोई संदिग्ध वस्तु नहीं मिली।
सिविल लाइन थाना क्षेत्र के जौरा रोड (NH-552) स्थित प्रेम नगर के पास अवैध मिट्टी से भरे एक तेज रफ्तार ट्रैक्टर-ट्रॉली ने दो बाइक सवारों को कुचल दिया। हादसे के बाद अनियंत्रित ट्रैक्टर एक घर की सीढ़ियों पर चढ़कर बंद हो गया, जिससे एक बड़ा हादसा टल गया। घटना में पल्सर और स्प्लेंडर सवार 27 वर्षीय जितेंद्र व 25 वर्षीय बबलू गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। पुलिस ने दोनों घायलों को जिला अस्पताल में भर्ती कराया है और मौके से वाहन छोड़कर फरार हुए ट्रैक्टर चालक की तलाश शुरू कर दी है। तेज रफ्तार ट्रैक्टर ने दोनों बाइकों को लिया चपेट में जानकारी के अनुसार, जौरा रोड पर बाजार की तरफ से एक नीले रंग का स्वराज ट्रैक्टर-ट्रॉली अवैध मिट्टी भरकर आ रहा था। चालक ट्रैक्टर को काफी तेज गति से चला रहा था। तभी प्रेम नगर के पास कॉलोनी से पल्सर बाइक पर 27 वर्षीय जितेंद्र और स्प्लेंडर बाइक पर 25 वर्षीय बबलू निकले। लापरवाही पूर्वक चला रहे ट्रैक्टर चालक ने दोनों को अपनी चपेट में ले लिया। हादसे में एक बाइक ट्रैक्टर के नीचे और दूसरी ट्रॉली के नीचे आ गई। पैर पर ट्रैक्टर चढ़ने से दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सीढ़ियों पर चढ़कर बंद हुआ ट्रैक्टर, टला बड़ा हादसा दोनों बाइक सवारों को कुचलने के बाद ट्रैक्टर अनियंत्रित हो गया और सीधे सड़क किनारे स्थित एक घर में जा घुसा। ट्रैक्टर घर की सीढ़ियों पर चढ़ने के बाद बंद हो गया। गनीमत यह रही कि उस समय घर के बाहर कोई मौजूद नहीं था, अन्यथा बड़ा जनहानि का हादसा हो सकता था। हादसे के तुरंत बाद ट्रैक्टर चालक अपना वाहन वहीं छोड़कर मौके से भाग निकला। TI बोले- ट्रैक्टर जब्त कर लिया है, चालक की तलाश जारी सूचना मिलने के बाद सिविल लाइन पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया। सिविल लाइन थाना प्रभारी टीआई उदयभान यादव ने बताया, मिट्टी से भरे ट्रैक्टर-ट्रॉली ने दो बाइक सवारों को टक्कर मारी है। सूचना मिलने पर दोनों घायलों को जिला अस्पताल भेजा गया है, जिनके पैरों में चोट है और उनका इलाज जारी है। ट्रैक्टर को जब्त कर लिया गया है और मौके से फरार चालक की तलाश की जा रही है।
झारखंड लोक सेवा आयोग (जेपीएससी) एक बार फिर अपनी परीक्षा प्रणाली में गंभीर लापरवाही को लेकर सवालों के घेरे में है। रविवार को आयोजित सिविल सेवा प्रारंभिक परीक्षा (पीटी) के प्रश्न पत्र में हिंदी अनुवाद की कई बड़ी गलतियां सामने आई हैं। स्थिति यह रही कि झारखंड के प्रचलित शब्द ‘डोकलो’ को ‘ठोकलो’, ‘पड़हा’ को ‘परहा’ और ‘सारंडा’ को ‘सारंदा’ लिख दिया गया। इससे पहले सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा में भी अंग्रेजी से हिंदी अनुवाद में 65 से अधिक अशुद्धियां मिली थीं, जिस पर आयोग की ओर से कोई स्पष्ट जवाब नहीं आया। सामान्य अध्ययन पेपर-2 में सबसे ज्यादा त्रुटियां अभ्यर्थियों के अनुसार, इस बार की पीटी परीक्षा में खासतौर पर सामान्य अध्ययन के पेपर-2 में अनुवाद संबंधी गड़बड़ियां अधिक देखने को मिलीं। एक प्रश्न में ‘‘ठोकलो सोहोर शासन व्यवस्था’ पूछा गया, जबकि सही शब्द ‘डोकलो’ होना चाहिए था। इसी तरह ‘परहा के राजनीतिक प्रमुख’ में ‘पड़हा’ की जगह ‘परहा’ लिखा गया। ‘सारंदा वन क्षेत्र’ भी गलत रूप में छपा। इसके अलावा नृत्य से जुड़े एक सवाल में ‘पाइका’ की जगह ‘पड़का’ लिखा गया, जबकि विश्वविद्यालयों के क्रम से जुड़े प्रश्न में ‘नीलाबर’ की जगह ‘निलंबर’ छापा गया। पेपर-1 में भी ‘बेटन वुड्स सम्मेलन’ को ‘बेटेन वुड्स’ लिखने की गलती सामने आई। मॉडरेशन और प्रूफरीडिंग पर उठे सवाल जेपीएससी जैसी बड़ी परीक्षा में प्रश्न पत्र तैयार करने के बाद मॉडरेशन और प्रूफरीडिंग की प्रक्रिया अनिवार्य होती है। इसके बावजूद इस स्तर की गलतियों का सामने आना आयोग की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े करता है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह सिर्फ टाइपिंग की गलती नहीं, बल्कि पूरे सिस्टम की विफलता को दर्शाता है। यदि समय रहते इन त्रुटियों को ठीक किया जाता, तो अभ्यर्थियों में भ्रम की स्थिति नहीं बनती। वहीं अभ्यर्थियों का कहना है कि परीक्षा का संचालन तो ठीक हुआ, लेकिन इस स्तर की परीक्षा में ऐसी त्रुटियां अस्वीकार्य हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि क्या अब परीक्षार्थी अनुमान के आधार पर उत्तर देंगे। अभ्यर्थियों का कहना है कि आयोग को इन गलतियों की जिम्मेदारी तय करनी चाहिए।--------------------------------------- इसे भी पढ़ें.… JPSC सहायक वन संरक्षक परीक्षा; प्रश्नपत्र में कई गलतियां:राष्ट्रीय को लिखा 'रार्ष्ट्रीय', महत्वपूर्ण हुआ 'महत्वपूर्न', मॉडरेशन प्रक्रिया पर उठे सवाल झारखंड लोक सेवा आयोग की सहायक वन संरक्षक मुख्य परीक्षा इन दिनों गंभीर त्रुटियों को लेकर चर्चा में है। चार अप्रैल से शुरू हुई यह परीक्षा 12 अप्रैल तक चलनी है, लेकिन सोमवार को आयोजित सामान्य अध्ययन के दूसरे पेपर ने आयोग की कार्यप्रणाली पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। अभ्यर्थियों के अनुसार प्रश्न पत्र में दर्जनों अशुद्धियां हैं, जिससे कई सवालों के अर्थ ही बदल गए। स्थिति इतनी खराब रही कि लगभग हर प्रश्न में तीन से चार तक गलतियां देखने को मिलीं, जिससे परीक्षार्थियों को उत्तर देने में भारी परेशानी हुई। यहां पढ़ें पूरी खबर...
फरीदाबाद शहर के सेक्टर-6 स्थित एक निजी कंपनी के बाहर सोमवार को सैकड़ों की संख्या में मजदूर एकत्रित होकर विरोध प्रदर्शन करने लगे। वर्करों ने आरोप लगाया कि सरकार द्वारा न्यूनतम वेतन बढ़ाए जाने के बावजूद कंपनी प्रबंधन उनकी सैलरी में बढ़ोतरी नहीं कर रहा है। पुराने वेतन पर कर रहे काम प्रदर्शन कर रहे मजदूरों का कहना है कि वे कई-कई वर्षों से कंपनी में काम कर रहे हैं, लेकिन आज भी उन्हें पुरानी दरों पर ही वेतन दिया जा रहा है। बिहार के रहने वाले मोहम्मद मैनुद्दीन ने बताया कि वह पिछले 20 सालों से कंपनी में कार्यरत हैं और उनके पिता भी इसी कंपनी में काम करते थे। इसके बावजूद आज तक उनकी सैलरी में कोई खास बढ़ोतरी नहीं की गई है। ओवरटाइम का समय पर नहीं भुगतान वहीं महिला कर्मचारी अनिता ने बताया कि वह पिछले 6 वर्षों से कंपनी में काम कर रही हैं। उनसे नियमित रूप से ओवरटाइम कराया जाता है, लेकिन उसका पूरा भुगतान नहीं किया जाता। उन्होंने कहा कि वर्तमान में उन्हें 10 से 12 हजार रुपये के बीच वेतन मिल रहा है, जो बढ़ती महंगाई के दौर में बेहद कम है। खर्चों में इजाफा, आमदनी पुरानी ही चल रही मजदूरों ने कहा कि किराया, गैस सिलेंडर, राशन और बच्चों की स्कूल फीस लगातार बढ़ रही है, लेकिन उनकी आमदनी वहीं की वहीं बनी हुई है। ऐसे में परिवार का खर्च चलाना मुश्किल हो गया है। उन्होंने कहा कि कंपनी की मैनेजमेंट ने उनको 2 दिन का समय दिया है। इन दो दिनों में अगर न्यूनतम वेतन के अनुसार उनका वेतन नही बढ़ाया जाता है, तो पूरी तरह से काम बंद कर देंगे। उनकी मुख्य मांग है कि सरकार द्वारा तय किए गए न्यूनतम वेतन के अनुसार उनका वेतन तुरंत बढ़ाया जाए।
लुधियाना की सड़कों पर ट्रैफिक नियमों की धज्जियां उड़ाने वालों पर अब ट्रैफिक पुलिस की तीसरी आंख (सोशल मीडिया) का पहरा है। दुगरी रोड पर शॉर्टकट के चक्कर में रॉन्ग साइड बस दौड़ाने वाले एक ड्राइवर का वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने तुरंत एक्शन लिया है। दरअसल सोशल मीडिया पर एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा था, जिसमें हरियाणा नंबर की एक बस दुगरी रोड पर ट्रैफिक नियमों को ताक पर रखकर रॉन्ग साइड चलती दिखाई दे रही थी। चंद मिनट बचाने के चक्कर में ड्राइवर न सिर्फ अपनी बल्कि सड़क पर चल रहे अन्य लोगों की जान भी जोखिम में डाल रहा था। जैसे ही यह वीडियो पुलिस के संज्ञान में आया विभाग हरकत में आ गया। बस मालिक और ड्राइवर को सख्त हिदायत ट्रैफिक पुलिस के अधिकारियों ने बताया कि यह वीडियो उनके पास सोशल मीडिया के जरिए पहुंचा था। इसके बाद पुलिस की स्पेशल टीम ने वीडियो की पड़ताल की और बस के नंबर के आधार पर उसकी पहचान की गई। सोमवार को पुलिस ने नियमों का उल्लंघन करने वाली इस बस का भारी-भरकम चालान काट कर बस मालिक और ड्राइवर को सख्त हिदायत दी है। शॉर्टकट' के चक्कर में कटा चालान पुलिस की जांच में सामने आया कि ड्राइवर ने ट्रैफिक जाम से बचने या जल्दी पहुंचने के लिए दुगरी रोड पर शॉर्टकट लिया और गलत दिशा में बस घुसा दी। ट्रैफिक पुलिस की चेतावनी ट्रैफिक पुलिस ने कहा कि हमारी सोशल मीडिया टीम हर प्लेटफॉर्म पर नजर रख रही है। अगर आप सड़क पर नियम तोड़ रहे हैं और कोई वीडियो बना लेता है, तो यह मत सोचिए कि आप बच जाएंगे। नियमों का उल्लंघन किसी भी कीमत पर बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
झांसी में टेम्प्रेचर 44°C:तेज गर्म हवा चल रही, लोग धूप से बचने के लिए गमछा और टोपी लगाकर निकले
झांसी में गर्मी ने अब तेवर दिखाने शुरू कर दिए हैं और आने वाले तीन दिन हालात और चुनौतीपूर्ण रहने वाले हैं। मौसम विभाग के पूर्वानुमान के मुताबिक शहर में हीट वेव का असर लगातार बना रहेगा, जिससे जनजीवन पर सीधा असर पड़ना तय है। सोमवार को ही इसका संकेत मिल गया, जब अधिकतम तापमान 43.06 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जो सामान्य से 2.01 डिग्री ज्यादा रहा। दो तस्वीरों में देखें गर्मी का प्रकोप… तेज धूप और गर्म हवाओं ने दोपहर के समय सड़कों को लगभग सूना कर दिया। मौसम विभाग (आईएमडी) के अनुसार मंगलवार से शुक्रवार तक झांसी का अधिकतम तापमान 44 डिग्री सेल्सियस तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम तापमान 26 डिग्री के आसपास बना रहेगा। इस दौरान लू के थपेड़े लोगों को और परेशान करेंगे। खासकर दोपहर के समय बाहर निकलना जोखिम भरा हो सकता है। गर्मी के इस प्रकोप का असर बाजारों और रोजमर्रा की गतिविधियों पर भी दिखने लगा है। दोपहर में सड़कों पर आवाजाही कम हो रही है, वहीं ठंडे पेय पदार्थों और आइसक्रीम की दुकानों पर भीड़ बढ़ने लगी है। अस्पतालों में भी गर्मी से जुड़ी समस्याओं, जैसे डिहाइड्रेशन, चक्कर आना और उल्टी के मरीज बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। मौसम वैज्ञानिकों ने लोगों को सतर्क रहने की सलाह दी है। जरूरी काम होने पर ही घर से बाहर निकलें और सिर, चेहरा व शरीर को अच्छी तरह ढककर रखें। धूप में निकलते समय छाता, टोपी या गमछे का इस्तेमाल करें। साथ ही शरीर में पानी की कमी न हो, इसके लिए नियमित रूप से पानी, नींबू पानी, छाछ और अन्य तरल पदार्थों का सेवन करते रहें।प्रशासन की ओर से भी लोगों को अलर्ट रहने की अपील की जा सकती है, खासकर बच्चों, बुजुर्गों और बीमार लोगों का विशेष ध्यान रखने की जरूरत है। अगर सावधानी बरती जाए, तो इस भीषण गर्मी के असर को काफी हद तक कम किया जा सकता है।
कानपुर के नौबस्ता थाना क्षेत्र में एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है, जहां पति ने पत्नी को उसके प्रेमी के साथ बेडरूम में पकड़ लिया। विरोध करने पर पत्नी और उसके प्रेमी ने मिलकर पति पर चाकू और सरिया से हमला कर दिया। घायल पति ने पुलिस से शिकायत कर कार्रवाई की मांग की है। पीड़ित सुधीर गुप्ता ने बताया कि वह पंडित चौराहा स्थित मुन्नी हनुमान मंदिर के पास रहता है। उसकी गैरमौजूदगी में पत्नी रानी गुप्ता ने एक युवक को घर बुलाया था। अचानक घर पहुंचने पर उसने दोनों को आपत्तिजनक हालत में देख लिया। इस पर विवाद बढ़ गया और पत्नी व उसके प्रेमी ने उस पर हमला कर दिया। सिर-मुंह पर गंभीर चोटें, गला दबाने का आरोपपीड़ित के अनुसार, हमलावरों ने चाकू और सरिया से वार कर उसके सिर और चेहरे पर गंभीर चोटें पहुंचाईं। इतना ही नहीं, गला दबाकर जान से मारने की कोशिश भी की गई। वारदात के बाद दोनों आरोपी धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। FIR दर्ज कर पुलिस ने जांच शुरू कीनौबस्ता पुलिस ने बताया कि पीड़ित की तहरीर पर मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मामले की जांच सब-इंस्पेक्टर पुष्पेंद्र सिंह को सौंपी गई है। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
पश्चिमी सिंहभूम जिले के गुवा क्षेत्र में 12 गांवों के मुंडा-मानकी के बैनर तले चल रहा आंदोलन शनिवार सुबह 72 घंटे की भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद और उग्र हो गया है। सोमवार सुबह करीब 4 बजे से आंदोलनकारियों ने मुख्य मार्गों को जाम कर दिया, जिससे खदान क्षेत्र का आवागमन पूरी तरह ठप हो गया। तीन दिनों तक चली भूख हड़ताल के दौरान न तो गुवा प्रशासन और न ही सेल प्रबंधन का कोई अधिकारी ग्रामीणों से वार्ता के लिए पहुंचा। इससे ग्रामीणों में असंतोष बढ़ गया। भूख हड़ताल समाप्त होने के बाद हुई बैठक में ग्रामीणों ने 20 अप्रैल को चक्का जाम करने का निर्णय लिया था। आंदोलनकारियों की मुख्य मांग क्षेत्र के 500 बेरोजगार युवकों को रोजगार प्रदान करना है। उनका कहना है कि जब तक इस संबंध में लिखित आश्वासन नहीं मिलता, तब तक आंदोलन जारी रहेगा। स्थिति को नियंत्रित करने के लिए सेल प्रबंधन की ओर से एचआर महाप्रबंधक प्रवीण कुमार सिंह, डीजीएम सीएसआर अनिल कुमार और अमित तिर्की मौके पर पहुंचे। उन्होंने आंदोलनकारियों से वार्ता की और प्रत्येक गांव से 2-3 लोगों को रोजगार देने का प्रस्ताव रखा। हालांकि, ग्रामीण इस प्रस्ताव पर सहमत नहीं हुए और अपनी 500 बेरोजगार युवकों को रोजगार देने की मूल मांग पर अड़े रहे। वार्ता बेनतीजा रहने पर आंदोलन जारी है, जिससे खदान से डिस्पैच और बसों का परिचालन ठप है। इससे उत्पादन प्रभावित हो रहा है और क्षेत्र में तनाव की स्थिति बनी हुई है।
सीधी शहर के वार्ड क्रमांक 19 में सोमवार को स्वच्छता व्यवस्था दुरुस्त करने के लिए विशेष अभियान चलाया गया। वार्ड पार्षद और भाजपा महिला मोर्चा जिलाध्यक्ष पूनम सोनी ने वार्ड का भ्रमण कर सफाई का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने नागरिकों को कड़ी चेतावनी दी कि घर या दुकान के सामने गंदगी मिलने पर अब सीधे जुर्माना वसूला जाएगा और एफआईआर भी दर्ज कराई जाएगी। नालियों में कचरा फेंकने से बढ़ रही बीमारियां निरीक्षण के दौरान पार्षद ने पाया कि कई रहवासी और दुकानदार सब्जियों के अवशेष, पॉलिथीन और अन्य कचरा सीधे नालियों में फेंक रहे हैं। इससे नालियां जाम हो रही हैं और गंदगी के कारण मच्छर व बीमारियां पनप रही हैं। इस दौरान पार्षद ने कहा कि शहर को स्वच्छ रखना केवल नगर पालिका की ही नहीं, बल्कि हर नागरिक की जिम्मेदारी है। सफाईकर्मियों की शिकायत पर एक्शन सफाईकर्मी राम भजन ने बताया कि सुबह-शाम नियमित सफाई के बावजूद लोग कुछ ही घंटों में दोबारा कचरा फैला देते हैं। हाल ही में कचरा जमा होने से शहर के 6 वार्डों की नालियां पूरी तरह जाम हो गई थीं, जिसे साफ करने के लिए नगर पालिका को विशेष रेस्क्यू अभियान चलाना पड़ा था। इसी के मद्देनजर अब वार्ड में सख्ती बरती जा रही है। स्वच्छता वाहन के साथ वार्ड में चलाया सफाई अभियान अभियान के तहत पार्षद पूनम सोनी ने स्वच्छता वाहन और सफाईकर्मियों की टीम को साथ लेकर पूरे वार्ड में सघन सफाई करवाई। उन्होंने लोगों से कचरा केवल डस्टबिन या स्वच्छता वाहन में ही डालने की अपील की। पार्षद पूनम सोनी ने कहा- बार-बार चेतावनी के बाद भी लापरवाही करने वालों पर कानूनी कार्रवाई करने में संकोच नहीं किया जाएगा।
यूपी के संभल की जामा मस्जिद बनाम हरिहर मंदिर मामले में आज सुप्रीम कोर्ट में दो अहम फैसले हो सकते हैं। पहला मामला लोअर कोर्ट के सर्वे आदेश को हाईकोर्ट द्वारा सही ठहराने के आदेश को चुनौती देना है। जबकि दूसरा मामला जामा मस्जिद की केयर टेकिंग को लेकर इंतेजामिया कमेटी और जामा मस्जिद ट्रस्ट के बीच मान्यता को लेकर है। बता दें कि लोअर कोर्ट के सर्वे के आदेश को हाईकोर्ट द्वारा समर्थन देने के फैसले के खिलाफ मस्जिद कमेटी के सदस्यों ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की थी। 22 अगस्त 2025 को सुप्रीम कोर्ट ने अंतिम फैसले तक यथास्थिति बनाए रखने के आदेश दिए थे। इस मामले में पिछली दो डेट पर सुनवाई पूरी नहीं हो सकी थी। आज इस मामले में दोपहर 1 बजे तक सुप्रीम कोर्ट अंतिम फैसला सुना सकती है। अब जानिए पूरा मामला… अब जानिए क्या हैं दोनों मामले… पहला मामला: मस्जिद कमेटी ने सिविल सीनियर डिवीजन कोर्ट चंदौसी की ओर से 19 नवंबर 2024 को जारी सर्वे आदेश के खिलाफ इलाहाबाद हाईकोर्ट में याचिका दाखिल की थी। पर इलाहाबाद हाईकोर्ट के न्यायमूर्ति रोहित रंजन अग्रवाल ने 18 मई 2025 को फैसला सुनाते हुए लोअर कोर्ट के आदेश का समर्थन किया। कोर्ट ने कहा- यहां Places of Worship (Special Provisions) Act, 1991 का कोई उल्लंघन नहीं है। इसलिए लोअर कोर्ट का फैसला सही है। इसके बाद शाही जामा मस्जिद इंतेजामिया कमेटी के सदर जफर अली ने की ओर से 01 जुलाई 2025 सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को चुनौती दी गई। जो 05 अगस्त को पंजीकृत हुई। इस मामले में पहली सुनवाई 22 अगस्त को हुई थी, जिसमें हिंदू पक्ष को नोटिस जारी कर 01 सितंबर की तारीख तय की गई थी। हालांकि, तब से यह मामला सूचीबद्ध नहीं हो पाया था। मस्जिद कमेटी की याचिका पर हिंदू याचिकाकर्ताओं को पहले ही नोटिस जारी किया जा चुका है। दूसरा मामला: सुप्रीम में इंतेजामिया कमेटी की ओर से जारी याचिका के बाद जब केस रजिस्टर हुआ तो कोर्ट से इसका नोटिस जामा मस्जिद ट्रस्ट को भेज दिया गया। जिस पर ट्रस्ट के अध्यक्ष मो. काशिफ खान कोर्ट के समक्ष सुनवाई के लिए उपस्थित हो गए। इस पर इंतेजामिया कमेटी की ओर से आपत्ति जताते हुए सुप्रीम कोर्ट में अगस्त 2025 में एक और याचिका फाइल की गई। जिसमें जामा मस्जिद ट्रस्ट को फर्जी संगठन बताया गया। इसके बाद जामा मस्जिद ट्रस्ट के प्रवक्ता अधिवक्ता शशांक श्री त्रिपाठी की ओर से इंतेमाजिया कमेटी के खिलाफ याचिका दायर करते हुए कहा गया- जामा मस्जिद ट्रस्ट ही पुरानी रजिस्टर्ड संस्था है, जबकि इंतेजामिया कमेटी का कोई रजिस्ट्रेशन नहीं है। जामा मस्जिद ट्रस्ट के अध्यक्ष मो. काशिफ खान ने बताया कि 18 अगस्त 2025 को नया केस फाइल होने की जानकारी उन्हें मिली, 19 अगस्त 2025 को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट में अपनी एप्लीकेशन मूव की, इसके बाद 22 अगस्त को सुनवाई हुई जहां एक याचिका पर दो दावेदार सामने आए, इसके बाद को-स्टेटस सुप्रीम कोर्ट से लगा दिया गया और हिंदू पक्ष को भी अपना पक्ष रखने के लिए नोटिस जारी किया गया। अब आज सुप्रीम कोर्ट में तय होगा कि इंतजामिया कमेटी और ट्रस्ट में कौन सही है? पढ़िए 24 नवंबर 2024 को संभल में कैसे भड़की थी हिंसा… संभल की जामा मस्जिद को लेकर हिंदू पक्ष ने दावा किया था ये पहले हरिहर मंदिर था, जिसे बाबर ने 1529 में तुड़वाकर मस्जिद बनवा दिया। इसे लेकर 19 नवंबर, 2024 को संभल कोर्ट में याचिका दायर हुई। उसी दिन सिविल जज सीनियर डिवीजन आदित्य सिंह ने मस्जिद के अंदर सर्वे करने का आदेश दिया। कोर्ट ने रमेश सिंह राघव को एडवोकेट कमिश्नर नियुक्त किया। उसी दिन शाम 4 बजे सर्वे के लिए टीम मस्जिद पहुंच गई। 2 घंटे सर्वे किया। हालांकि, उस दिन सर्वे पूरा नहीं हुआ। इसके बाद 24 नवंबर को सर्वे की टीम जामा मस्जिद पहुंची। मस्जिद के अंदर सर्वे हो रहा था। इसी दौरान बड़ी संख्या में लोग जुट गए। भीड़ ने पुलिस टीम पर पत्थर फेंके। इसके बाद हिंसा भड़क गई। इसमें गोली लगने से 4 लोगों की मौत हो गई थी। हिंसा के बाद पुलिस ने 3 महिलाओं सहित 79 उपद्रवियों को गिरफ्तार किया था। इसके अलावा, सपा सांसद जियाउर्रहमान बर्क, सपा विधायक इकबाल महमूद के बेटे सुहैल इकबाल सहित 40 लोगों के खिलाफ नामजद और 2750 अज्ञात लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की थी। 18 जून को SIT ने 1128 पन्नों में सांसद बर्क सहित 23 लोगों के खिलाफ कोर्ट में चार्जशीट दाखिल की। हालांकि, सपा विधायक के बेटे सुहैल इकबाल का नाम चार्जशीट में शामिल नहीं है। जामा मस्जिद के सदर जफर अली एडवोकेट सहित 158 अभियुक्तों को जेल भेज चुकी है जिसमें 3 महिलाएं और संभल हिंसा के मुख्य साजिशकर्ता फरार गैंगस्टर शारिक साठा के तीन गुर्गे मुल्ला अफरोज, वारिस एवं गुलाम भी शामिल है, मुल्ला अफरोज पर NSA लगा है। हालांकि इलाहाबाद हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद जफर अली को बीती 1 अगस्त 2025 को मुरादाबाद जेल से रिहा कर दिया गया था, 24 मार्च को उन्हें जेल भेजा गया था और 131 दिन के बाद जेल से बाहर आए थे। आपको बता दे कि काफी अभियुक्त की जमानत इलाहाबाद हाईकोर्ट एवं सुप्रीम कोर्ट से हो चुकी है। ------------------------------------------- ये खबर भी पढ़िए… शादी से 6 दिन पहले दूल्हे की मौत:अम्बेडकरनगर में टैंकर में घुसी पिकअप, JCB से गाड़ी तोड़कर निकाली लाश यूपी के अम्बेडकरनगर में शादी से 6 दिन पहले ही दूल्हे की सड़क हादसे में मौत हो गई। युवक सुबह अपने गांव से पिकअप पर सब्जी लादकर थोक मंडी के लिए ले रहा था। तभी आगे चल रहे टैंकर में जा घुसा। हादसा इतना भयावह था कि 7 फिट का पिकअप 4 फिट का रह गया। चालक कुचलकर केबिन के अंदर ही फंस गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने जेसीबी की मदद से पिकअप की बॉडी तोड़कर शव बाहर निकाला। युवक की 26 अप्रैल को शादी होने वाली थी। पूरी खबर पढ़िए…
हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड की 12वीं कक्षा की परीक्षाएं समाप्त होने के बाद भी करीब 500 विद्यार्थियों द्वारा सरकारी टैबलेट वापस न किए जाने को शिक्षा विभाग ने गंभीरता से लिया है। विभाग ने स्पष्ट चेतावनी दी है कि निर्धारित समय पर टैबलेट जमा नहीं करने वाले छात्रों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जा सकती है और आवश्यकता पड़ने पर ऐसे विद्यार्थियों का परीक्षा परिणाम भी रोका जा सकता है। श्शिक्षा विभाग के अधिकारियों के अनुसार सरकार की डिजिटल शिक्षा योजना के तहत पिछले शैक्षणिक सत्र में हजारों विद्यार्थियों को पढ़ाई के लिए टैबलेट उपलब्ध कराए गए थे। इन टैबलेट्स का उद्देश्य ऑनलाइन पढ़ाई, डिजिटल सामग्री तक पहुंच और परीक्षा की तैयारी में छात्रों की मदद करना था। फरीदाबाद में सबसे ज्यादा केस विभागीय आंकड़ों के मुताबिक, फरीदाबाद जिले में ही करीब 100 विद्यार्थी ऐसे हैं, जिन्होंने अभी तक अपने टैबलेट स्कूल में जमा नहीं कराए हैं, अन्य जिलों में भी इसी तरह के मामले सामने आए हैं, जिससे विभाग की चिंता बढ़ गई है। परीक्षा के बाद टैबलेट जमा कराना अनिवार्य शिक्षा विभाग ने स्पष्ट किया है कि छात्रों को दिए गए टैबलेट केवल शैक्षणिक उपयोग के लिए थे और बोर्ड परीक्षा समाप्त होने के बाद इन्हें स्कूल में वापस जमा कराना अनिवार्य है। टैबलेट सरकारी संपत्ति होने के कारण उसकी वापसी सुनिश्चित करना प्रत्येक विद्यार्थी की जिम्मेदारी है। विभाग ने चेतावनी देते हुए कहा कि यदि विद्यार्थी निर्धारित समय में टैबलेट वापस नहीं करते हैं, तो संबंधित स्कूलों के माध्यम से हरियाणा विद्यालय शिक्षा बोर्ड को रिपोर्ट भेजी जाएगी। जिसके आधार पर छात्रों का परिणाम रोके जाने जैसी कार्रवाई की जा सकती है। छात्रों और अभिभावकों से अपील शिक्षा विभाग ने सभी छात्रों और उनके अभिभावकों से अपील की है कि वे किसी भी असुविधा से बचने के लिए जल्द से जल्द टैबलेट स्कूल में जमा कराए। अधिकारियों का कहना है कि समय रहते टैबलेट लौटाने से छात्रों का परिणाम और आगे की शैक्षणिक प्रक्रिया प्रभावित नहीं होगी।
लोकसभा में महिला आरक्षण संशोधन विधेयक को सपोर्ट नहीं करने पर विपक्ष के खिलाफ बीजेपी ने आज प्रदर्शन किया। बीजेपी की महिला कार्यकर्ता जन आक्रोश महिला पदयात्रा निकाली। पदयात्रा को बीजेपी ऑफिस से शहीद स्मारक के लिए सीएम भजनलाल शर्मा और डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने रवाना किया। बीजेपी महिला मोर्चा की प्रदेशाध्यक्ष राखी राठौड़ पदयात्रा का नेतृत्व किया। बीजेपी ऑफिस से महिला कार्यकर्ता हाथों में बैनर लेकर शहीद स्मारक के लिए रवाना हुई। वहीं पुलिस ने पदयात्रा को कमिश्नरेट के सामने बेरीकेडिंग लगाकर रोक दिया। पदयात्रा में शामिल बीजेपी प्रदेश उपाध्यक्ष अलका मूंदड़ा ने कहा कि कांग्रेस ने घृणित काम किया हैं। इसका भुगतान इन्हें करना पड़ेगा। इससे पहले बीजेपी ऑफिस में सभा का आयोजन किया गया था। पदयात्रा और सभा के PHOTOS बता दें कि लोकसभा में महिला आरक्षण से जुड़ा संविधान (131वां संशोधन) बिल पास नहीं हो सका था। बिल में लोकसभा सीटें 543 से बढ़ाकर 816 करने और महिलाओं को 33% आरक्षण देने का प्रस्ताव था। बिल के पक्ष में 298 और विरोध में 230 वोट पड़े, जबकि इसे पास करने के लिए 352 वोटों की जरूरत थी।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में अपने केस की जानकारी लेने पहुंचे बीजेपी कार्यकर्ता को ASI ने कनपटी पर 20 थप्पड़ जड़ दिए। जिससे उसका कान सुन्न पड़ गया। ASI दिनेश तिवारी ने पीड़ित से कहा कि, बड़ा नेता है, तेरी सब नेतागिरी निकाल दूंगा, तुझे जेल भिजवा दूंगा। अब इस मारपीट का LIVE सीसीटीवी VIDEO भी सामने आया है, जो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। थाने से ही किसी पुलिस वाले ने वीडियो को जारी किया है। इस मामले में SSP रजनेश सिंह ने ASI दिनेश तिवारी को पहले ही सस्पेंड कर चुके हैं। साथ ही फरियादी की शिकायत पर उसी थाने में ASI के खिलाफ FIR भी दर्ज की गई है। पीड़ित ने खुद को स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का रिश्तेदार बताता है। मामला रनतपुर थाने का है। देखिए तस्वीरें… जानिए क्या है पूरा मामला ? दरअसल, रतनपुर के बनियापारा निवासी विनोद जायसवाल 12 अप्रैल को अपने पुराने केस की जानकारी लेने थाने पहुंचा था। दोपहर करीब 2.30 बजे विनोद की मुलाकात ASI दिनेश तिवारी से हुई। विनोद ने अपने केस की जानकारी मांगी और जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने का आग्रह किया। इसी बात पर ASI नाराज हो गया और मारपीट शुरू कर दी। विनोद जायसवाल ने बताया कि, ASI ने गाली-गलौज करते हुए 15-20 थप्पड़ जड़ दिए। घटना के समय थाने में बाकी स्टाफ भी मौजूद थे। मारपीट के दौरान ASI ने धमकी भी दी कि तू कितना बड़ा नेता है, तेरी नेतागिरी निकाल दूंगा, तुझे जेल भिजवा दूंगा। इस मामले में जांच रिपोर्ट कोर्ट में पेश करने के एवज में एएसआई पर पैसे मांगने के भी आरोप हैं। SSP ने ASI को किया सस्पेंड इस घटना की जानकारी थाना प्रभारी और ट्रेनी आईपीएस अंशिका जैन को हुई, तब उन्होंने SSP रजनेश सिंह को पूरी घटना की जानकारी दी। वहीं, पीड़ित ने भी इस मामले की शिकायत SSP से की। उन्होंने मामले को गंभीरता से लेते हुए ASI दिनेश तिवारी को सस्पेंड कर जांच के आदेश दिए हैं। ASI के खिलाफ दर्ज कराया केस मारपीट की घटना के बाद विनोद का कान सुन्न पड़ गया है। उन्हें सुनने में परेशानी और सिरदर्द की शिकायत है। SSP रजनेश सिंह के निर्देश पर विनोद ने थाने में भी शिकायत की है, जिस पर पुलिस ने दिनेश तिवारी के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। वहीं, अब इस मारपीट का वीडियो भी वायरल हो रहा है। कोयला कारोबारी और स्वास्थ्य मंत्री का करीबी बताया जा रहा है कि, विनोद जायसवाल पहले कोयले का काम करता था। तब वो रतनपुर नगर पालिका के पूर्व अध्यक्ष और भाजपा नेता घनश्याम रात्रे का करीबी माना जाता था। बाद में स्वास्थ्य मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल का करीबी बन गया। विनोद खुद को स्वास्थ्य मंत्री का रिश्तेदार भी बताता है। ……………………… इससे संबंधित यह खबर भी पढ़िए… बिलासपुर में बीच सड़क युवक पर चलाए लात-घूंसे,VIDEO:होटल से खाना लेकर लौट रहा था युवक, विवाद होने पर बदमाशों ने जमकर की मारपीट छत्तीसगढ़ के बिलासपुर में बदमाशों ने एक युवक की जमकर पिटाई कर दी, जिससे युवक घायल हो गया। मारपीट की इस घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें युवक को जमीन पर गिरा कर बदमाश लात-घूंसे और हाथ-मुक्कों से पिटाई करते दिख रहे हैं। घटना तोरवा थाना क्षेत्र की है। पढ़ें पूरी खबर…
महिला आरक्षण बिल को लेकर देशभर में सियासत तेज हो गई है और इसे लेकर आरोप-प्रत्यारोप का दौर जारी है। इसी कड़ी में आज यमुनानगर में कांग्रेस नेताओं ने भाजपा पर जनता को गुमराह करने का आरोप लगाते हुए कहा कि पार्टी हमेशा से महिला आरक्षण के समर्थन में रही है, जबकि केंद्र सरकार इसे लागू करने में देरी कर रही है। इस मुद्दे पर प्रेस वार्ता करते हुए कांग्रेस जिला प्रधान देवेंद्र सिंह ने कहा कि कांग्रेस पार्टी शुरू से ही महिला आरक्षण बिल की समर्थक रही है और उसने संसद में भी इस बिल का खुलकर समर्थन किया था। उन्होंने स्पष्ट किया कि सितंबर 2023 में जब केंद्र सरकार ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ लेकर आई, तब कांग्रेस समेत पूरे विपक्ष ने इसका समर्थन किया और यह बिल लोकसभा व राज्यसभा में सर्वसम्मति से पारित हुआ। महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन लेकर आई सरकार उन्होंने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि अब जनता को गुमराह किया जा रहा है कि कांग्रेस और विपक्ष इस बिल के खिलाफ हैं, जबकि सच्चाई इसके बिल्कुल उलट है। देवेंद्र सिंह के अनुसार, हाल ही में 16 अप्रैल को सरकार ने इस कानून को नोटिफाई तो कर दिया, लेकिन अभी तक इसे लागू करने की दिशा में कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। उन्होंने यह भी कहा कि भाजपा यह गलत प्रचार कर रही है कि महिला आरक्षण बिल लोकसभा में गिर गया, जबकि वास्तव में जो प्रस्ताव गिरा वह परिसीमन से जुड़ा था, न कि महिला आरक्षण से। “भाजपा महिला आरक्षण की आड़ में परिसीमन का मुद्दा लेकर आई, जिसे संसद में समर्थन नहीं मिला। यह देश के लोकतांत्रिक ढांचे के लिए भी एक अहम संदेश है। देवेंद्र सिंह ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने महिला आरक्षण लागू करने के लिए अनावश्यक शर्तें जोड़ दी हैं। उन्होंने कहा कि पहले जनगणना और फिर परिसीमन की शर्त लगाकर सरकार इस महत्वपूर्ण कानून को टालने का प्रयास कर रही है। कांग्रेस की मांग है कि इस बिल को मौजूदा 543 लोकसभा सीटों पर तुरंत प्रभाव से लागू किया जाए। सरकार की नीयत साफ नहीं- ग्रामीण प्रधान प्रेस वार्ता में मौजूद ग्रामीण जिला प्रधान नरपाल सिंह ने भी भाजपा पर तीखा हमला बोला। उन्होंने कहा कि भाजपा महिलाओं के सशक्तिकरण की बात तो करती है, लेकिन जमीनी स्तर पर उसके कदम इसके विपरीत हैं। “यदि सरकार की नीयत साफ होती, तो महिला आरक्षण को लागू करने में देरी नहीं होती। उन्होंने कहा यह केवल राजनीतिक लाभ के लिए मुद्दों को उलझाने की रणनीति है। नरपाल सिंह ने आगे कहा कि ग्रामीण क्षेत्रों में महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने के लिए ऐसे कानूनों का तुरंत क्रियान्वयन जरूरी है। उन्होंने कांग्रेस की नीति को महिला हितैषी बताते हुए कहा कि पार्टी हमेशा से महिलाओं को राजनीतिक, सामाजिक और आर्थिक रूप से मजबूत बनाने के पक्ष में रही है।
संभल में छेड़छाड़ और पॉक्सो के आरोप में जेल गए युवक का शव पेड़ से लटका मिला है। दो दिन पहले ही युवक जेल से छूटकर आया था। रात में युवक लग्न समारोह में दावत खाने के लिए निकला था। घर वालों का आरोप है कि साजिश के तहत युवक को बुलाया गया था और उसकी हत्या की गई है। युवक की आरोप लगाने वाली लड़की से आखिरी बातचीत हुई है। इसकी कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई है। इसमें वह लड़की से कहता है कि मेरी जिंदगी तो खत्म हो गई, जेल से छूटने में 7 लाख रुपये लग गए। तू जिससे बात कर रही है उसे मैं दिनदहाड़े गोली मारूंगा। एएसपी पुलिस बल और फॉरेंसिक टीम के साथ पहुंचे और शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा गया है। पहले दो तस्वीरें देखिए… अब विस्तार से पढ़िए पूरा मामला पूरा मामला असमोली थाना क्षेत्र का है। खेमपुर गांव का रहने वाला कपिल (22) पुत्र पप्पू छेड़छाड़ के आरोप में डेढ़ साल पहले जेल गया था। वह मुरादाबाद जेल में बंद था। जांच के दौरान उस पर पॉक्सों की धारा बढ़ाई गई थी। 18 अप्रैल को वो जेल से छूटकर अपने गांव पहुंचा था। इसके एक दिन बाद एक लग्न समारोह में शामिल होने के लिए पास के गांव में गया था। उसके बाद शव पेड़ से लटका मिला है। मां प्रेमवती ने बताया कि मेरे तीन बेटियां और दो बेटे हैं। कपिल सबसे छोटा था। चार बच्चों की शादी हो गई है, बस कपिल की शादी होनी बाकी थी। मेरी ननद शशिबाला की शादी देहरी जग्गू मिलक में हुई थी। उनका गांव हमारे गांव से 60 किमी दूर है। बुआ के गांव में शुरू हुआ अफेयर कपिल अक्सर बुआ के घर जाया करता था। वहीं पर एक लड़की से उसकी बातचीत शुरू हो गई। करीब डेढ़ साल पहले लड़की अचानक हमारे घर पहुंच गई और कपिल के साथ रहने की जिद करने लगी। करीब 2 घंटे तक ड्रामा चला और लड़की के घर वाले भी पीछे से आ गए। लड़की जबरन घर पहुंची, बाद में बेटे को जेल हम लोग कह रहे थे कि अपनी लड़की को साथ ले जाए। इसके बाद भी लड़की के घर वालों ने पुलिस बुला ली। पुलिस बेटे को पकड़ के ले गई। लड़की के घर वालों ने बेटे पर छेड़छाड़ का आरोप लगा दिया, जबकि उनकी बेटी ही हमारे घर आई थी। इसके बाद बयान में लड़की भी पलट गई। लड़की के नाबालिग होने पर पॉक्सो की धारा लगी मेरे बेटे को जेल हो गई। बाद में लड़की नाबालिग निकली तो बेटे पर पॉक्सो की धारा लग गई। डेढ़ साल तक मेरा बेटा जेल में रहा और दो दिन पहले ही छूटकर आया था। अगले दिन ही तलवार गांव में लग्न में जाने की बात कहने लगा। हम लोगों ने बहुत मना किया, लेकिन वो माना नहीं। आज सुबह पता चला कि उसका पेड़ से लटका शव मिला है। लड़के ने आखिरी बार लड़की को कॉल किया वहीं, लड़के की बातचीत की आखिरी कॉल रिकॉर्डिंग सामने आई है। इसमें वह लग्न कार्यक्रम में निकलने से पहले लड़की को कॉल करता है। लड़की पूछती है कि मेरे भाई से क्या बात चल रही है तुम्हारी तो कपिल कहता है कि ये हम दोनों के बीच का मामला है। लड़की कहती है कि मेरे भाई को आंच भी नहीं आनी चाहिए। इस पर कपिल कहता है कि तेरा भाई भी तलवार गांव की लग्न में आ रहा है ना। लड़की कहती है हां आ रहा है, लेकिन उसे कुछ होना नहीं चाहिए। कपिल कहता है कि वो तो अलग बात है तू जिससे बात कर रही है न उसे मैं दिनदहाड़े गोली मारूंगा। लड़की कहती है किससे बात कर रही हूं, तो कपिल कहता है नाम बता जरा उसका। मेरी जिंदगी तो खत्म हो गई है। बाहर आने में 7 लाख रुपये लग गए हैं। फिर बोलता है कि तुझे भी गोली मारूंगा, कहां मिलेगी तू। लड़की कहती है घर पर ही हूं हिम्मत है तो आ जाना। बुआ बोलीं- हमें लड़के को छुड़ाने में डेढ़ साल लगे लड़के की बुआ का शशिबाला ने बताया कि मेरे ही खेत में भतीजे का शव फंदे पर पेड़ का मिला है। उन्होंने बताया कि लड़की हमारे मायके में पहुंच गई थी। और पुलिस ने दोनों को पकड़ लिया था यह लोग लड़की को छुड़ाकर तुरंत ले आए। हमें लड़के को छुड़ाने में डेढ़ साल लग गए। इन लोगों ने साजिश के तहत लग्न में बुलाकर मेरे भतीजे की हत्या की है। ASP बोले- हत्या के आरोपों पर हो रही जांच मामले की जानकारी पर ASP उत्तरी कुलदीप सिंह घटनास्थल पर पहुंचे। थाना प्रभारी मोहित चौधरी भी पुलिस बल के साथ मौजूद रहे। ASP ने बताया कि मृतक युवक के शव को फिलहाल पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया गया है। घर वाले युवक की हत्या का आरोप लगा रहे हैं। तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। ------------------------- यह खबर भी पढ़ें… 'ये जो फरसा लहरा रहे हो, सब पर मुकदमे होंगे':महिला DSP की चेतावनी- फोटोग्राफी हो रही है; परशुराम जयंती पर निकला था जुलूस मेरठ में रविवार को परशुराम जयंती पर जुलूस में फरसा लहराने और डंडा साथ लेकर चलने वालों को महिला डिप्टी एसपी ने सख्त हिदायत दे डाली। डिप्टी एसपी शुचिता सिंह ने मौके पर ही माइक लेकर चेतावनी दी कि जो लोग फरसा और डंडा लेकर चल रहे हैं, उनकी पहचान कर उनके खिलाफ मुकदमा दर्ज किया जाएगा। अब डिप्टी एसपी के इस बयान पर ब्राह्मण समाज में रोष है। लोग तरह-तरह के कमेंट कर रहे हैं। इसे ब्राह्मण विरोधी भी कहा जा रहा है। पढ़ें पूरी खबर…
झुंझुनूं नगर परिषद ने शहर में घर-घर कचरा संग्रहण की निगरानी के लिए RFID तकनीक लागू करने की प्रक्रिया शुरू की है। इसके तहत करीब 40 हजार मकानों पर स्मार्ट कार्ड लगाए जा रहे हैं। नगर परिषद आयुक्त देवीलाल बोचल्या के अनुसार इस व्यवस्था से कचरा संग्रहण की लाइव मॉनिटरिंग होगी और 15 मई तक सभी घरों में कार्ड लगाने का लक्ष्य रखा गया है। इस प्रणाली में मोबाइल ऐप के जरिए ट्रैकिंग और नागरिकों को अलर्ट भी मिलेगा। तकनीक से होगी कचरा संग्रहण की निगरानी नगर परिषद आयुक्त देवीलाल बोचल्या ने बताया कि इस तकनीक का उद्देश्य जन भागीदारी बढ़ाना और यह सुनिश्चित करना है कि कचरा संग्रहण की टीम सभी घरों तक पहुंचे। ऐप के माध्यम से रूट की लाइव मॉनिटरिंग की जाएगी, जिससे लापरवाही की संभावना कम होगी। इस पहल के बाद नगर परिषद के पास रियल टाइम डेटा रहेगा कि किस वार्ड और किस ब्लॉक में कितना काम हुआ है। 15 मई तक पूरा होगा काम नगर परिषद आयुक्त देवीलाल बोचल्या ने बताया कि नगर परिषद द्वारा विवोस कंपनी को घर-घर कचरा संग्रहण की जिम्मेदारी विवोस कंपनी को सौंपी है। इसी प्रोजेक्ट के तहत डिजिटल ट्रैकिंग सिस्टम लागू किया जा रहा है। आयुक्त ने बताया कि 15 मई तक सभी चिन्हित घरों में RFID कार्ड लगाने का काम पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। कैसे काम करेगी RFID और ऐप व्यवस्था पारदर्शिता और जवाबदेही पर फोकस शहर के 60 वार्डों में कचरा संग्रहण को लेकर अक्सर शिकायतें सामने आती रही हैं। कई बार पूरे क्षेत्र में काम करने का दावा किया जाता है, लेकिन स्थिति अलग होती है। नई व्यवस्था में अधिकारियों को यह जानकारी रहेगी कि वाहन तय रूट पर चल रहा है या नहीं। नागरिकों से मिलने वाले फीडबैक के आधार पर सेवाओं में तुरंत सुधार किया जा सकेगा।
लश्कर-ए-तैयबा के आतंकी उमर हारिस उर्फ 'खरगोश' ने पहचान बदलकर जयपुर में निकाह किया था। निकाह के लिए फर्जी दस्तावेज बनवाए। इन डॉक्यूमेंट का इस्तेमाल कर भारतीय पासपोर्ट बनवाया। फिर देश से भाग निकला। भागने के बाद उसके सऊदी अरब में छिपने का ठिकाना बनाने की आशंका है। अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की जांच में इस पूरे मामले का खुलासा हुआ है। जांच एजेंसियों के अनुसार, आतंकी उमर हारिस साल 2012 में पाकिस्तान से जम्मू-कश्मीर में घुसपैठ कर आया था। लंबे समय तक सिक्योरिटी एजेंसियों से छिपकर घाटी में अपनी जड़ें मजबूत करता रहा। उसकी फुर्ती और ठिकाने बदलने के चलते उसे 'खरगोश' कोड नेम दिया गया था। राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में था नेटवर्क अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल की जांच का सुपरविजन कर रही श्रीनगर पुलिस ने उमर हारिस की जानकारी केंद्रीय खुफिया एजेंसियों के साथ शेयर की। इसमें बताया गया कि श्रीनगर पुलिस ने लश्कर-ए-तैयबा के एक मॉड्यूल का खुलासा कर 5 संदिग्धों को पकड़ा। यह गिरफ्तारी फरीदाबाद (हरियाणा) के अल फलाह विश्वविद्यालय में केंद्रित एक ‘सफेदपोश’ आतंकी सेल के भंडाफोड़ के छह महीने बाद हुई है। इसमें पाकिस्तानी आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा और उस्मान उर्फ खुबैब भी शामिल हैं। आतंकी अब्दुल्ला उर्फ अबू हुरैरा 16 साल से फरार था और जम्मू-कश्मीर के बाहर सफलतापूर्वक ठिकाने बना चुका था। पूछताछ में अब्दुल्ला ने अपने और उमर हारिस की देशभर में विशेष रूप से राजस्थान, हरियाणा और पंजाब में गतिविधियों के बारे में बताया। फर्जी डॉक्यूमेंट से पासपोर्ट बनवाया जांच में सामने आया कि उत्तरी कश्मीर घाटी में घुसपैठ के दौरान आतंकी उमर हारिस बांदीपोरा और श्रीनगर के विभिन्न स्थानों पर रुका था। लश्कर-ए-तैयबा के एक ओवर ग्राउंड वर्कर (ओजीडब्ल्यू) की बेटी से निकाह किया। उसने जयपुर में निकाह फेक नाम सज्जाद के साथ किया। निकाह के डॉक्यूमेंट का यूज भारतीय पासपोर्ट के लिए आवेदन करने में भी किया गया था। डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन में चूक पर सवाल श्रीनगर पुलिस की ओर से इस अंतरराष्ट्रीय आतंकी मॉड्यूल का पर्दाफाश करने से कई खामियां उजागर हुई हैं। सवाल उठ रहे हैं कि पुलिस सत्यापन प्रणाली के बावजूद राजस्थान के अधिकारियों की ओर से पासपोर्ट कैसे जारी किया गया। अधिकारियों ने बताया- लश्कर-ए-तैयबा का यह आतंकवादी इंडोनेशिया भागने में कामयाब रहा। जहां से उसने एक और फेक ट्रैवल डॉक्यूमेंट का यूज करके 2024-25 में सऊदी अरब में अपना ठिकाना बना लिया।
बीकानेर के स्थापना दिवस पर कल की तरह आज भी शहर का माहौल उत्सव में रंगा नजर आया। सुबह से ही हर गली-मोहल्ले की छतों पर युवाओं की भीड़ जुटी रही और आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर गया। पतंगबाजी के दौरान ‘बोयकट्या’ के जोरदार नारे पूरे शहर में गूंजते रहे, जिससे त्योहार जैसा माहौल बन गया। हालांकि इस उत्साह के बीच लापरवाही भी सामने आई है। चाइनीज़ मांजे के इस्तेमाल के कारण कई लोगों के हाथ, गर्दन और चेहरे पर कट लगने की घटनाएं सामने आई हैं। डॉक्टरों और प्रशासन ने पहले ही इस खतरनाक मांजे से दूर रहने की अपील की थी, लेकिन इसके बावजूद लोग इसका उपयोग करते दिखे। मांझा हुआ महंगा, बरेली से आ रही सप्लाई शहर में इस बार मांझे की कीमतों में बढ़ोतरी देखने को मिली है। अलग-अलग क्वालिटी के मांझे के अलग रेट हैं—जितना तेज मांझा, उतनी ही ज्यादा कीमत। व्यापारियों के अनुसार बरेली से बड़े स्तर पर मांझे की सप्लाई बीकानेर पहुंच रही है, जिससे बाजार में इसकी मांग बनी हुई है। पतंगों के दाम भी बढ़े पतंगों की कीमतों में भी इजाफा हुआ है। जो सामान्य पतंग कभी 2 रुपये में मिल जाती थी, वही अब करीब 10 रुपये तक पहुंच गई है। इसके बावजूद उत्सव के जोश में लोगों की खरीदारी पर कोई खास असर नहीं दिख रहा है। पतंगबाजी का शौक रखने वाले डॉ. चंद्र शेखर श्रीमाली ने बताया कि महंगाई का इस पर कोई खास असर नहीं पड़ा है और लोग पूरे उत्साह के साथ पतंगबाजी कर रहे हैं। आखातीज पर बनते हैं स्थानीय गीत बीकानेर में आखातीज के मौके पर हर साल स्थानीय कलाकार पतंगबाजी और शहर की संस्कृति पर आधारित गीत तैयार करते हैं। इस बार भी कलाकार योगेश श्रीमाली ने शहर के प्रमुख स्थानों का जिक्र करते हुए खास गीत बनाया है, जो लोगों के बीच लोकप्रिय हो रहा है। प्रशासन की ओर से नागरिकों से सुरक्षित तरीके से त्योहार मनाने की अपील की जा रही है, वहीं अभिभावकों को भी बच्चों पर नजर रखने की सलाह दी गई है, ताकि किसी भी तरह की दुर्घटना से बचा जा सके।
शाजापुर जिले के ग्राम दुपाड़ा में सोमवार को मां उमिया पाटीदार समाज सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया। इस आयोजन में 19 नवयुगल गायत्री परिवार की वैदिक पद्धति से परिणय सूत्र में बंधे। समारोह में क्षेत्रीय विधायक अरुण भीमावद विशेष रूप से सम्मिलित हुए और नवदंपतियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं दीं। गायत्री परिवार की पद्धति से हुए संस्कार सोमवार सुबह 9 बजे से शुरू हुए इस मांगलिक कार्यक्रम में सभी 19 जोड़ों का विवाह गायत्री परिवार के विद्वानों द्वारा वैदिक रीति-रिवाजों के साथ कराया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में पाटीदार समाज के लोग, मातृशक्ति और वर-वधू पक्ष के परिजन उपस्थित रहे। समाज के वरिष्ठ सदस्यों ने नवविवाहित जोड़ों को गृहस्थी के लिए आवश्यक उपहार भेंट कर अपना सहयोग प्रदान किया। फिजूलखर्ची रोकने और एकजुटता का संदेश आयोजन समिति के पदाधिकारियों ने बताया कि सामूहिक विवाह सम्मेलनों का मुख्य उद्देश्य अनावश्यक खर्चों पर रोक लगाना और समाज के सभी वर्गों को एक मंच पर लाना है। विधायक अरुण भीमावद ने आयोजन की सराहना करते हुए इसे सामाजिक एकता का प्रतीक बताया। समाजजनों ने संकल्प लिया कि भविष्य में भी ऐसे आयोजन निरंतर जारी रहेंगे ताकि आपसी भाईचारा और संगठन की भावना और अधिक मजबूत हो सके। देखें तस्वीरें…
बिलासपुर में व्यापमं की तरफ से आयोजित ट्रांसपोर्ट कॉन्स्टेबल भर्ती परीक्षा में कई रोचक प्रश्न पूछे गए। इनमें मोटर वाहन संशोधन अधिनियम 2019 के तहत शराब पीकर गाड़ी चलाने पर बढ़ाए गए जुर्माने की राशि से संबंधित सवाल भी शामिल था। जनरल नॉलेज खंड में नेता प्रतिपक्ष के पदों पर रहे नेताओं का क्रम निर्धारित करने से संबंधित प्रश्न थे। इसके अतिरिक्त, मुख्य सचिव विकासशील के पूर्व पदों का क्रम भी पूछा गया। अंचल की कला, संस्कृति और नामचीन कलाकारों पर भी प्रश्न पूछे गए। इनमें पंडवानी गायिका तीजन बाई और साहित्यिक पत्रिका 'छत्तीसगढ़ मित्र' के संपादक से जुड़े सवाल प्रमुख थे। 7226 परीक्षार्थी अनुपस्थित व्यापमं की परीक्षा के प्रभारी डिप्टी कलेक्टर नारायण गबेल ने बताया कि, ट्रांसपोर्ट कॉन्स्टेबल के पद की भर्ती परीक्षा शहर के 75 केंद्रों में आयोजित की गई। इसमें 21293 परीक्षार्थियों में से 14067 परीक्षार्थी शामिल हुए। वहीं 7226 परीक्षार्थी अनुपस्थित रहे। पर्चा सरल, लेकिन कम पदों के कारण चिंता ट्रांसपोर्ट कॉन्स्टेबल के पद की परीक्षा देकर निकले परीक्षार्थियों ने बताया कि, पर्चा तो सरल रहा। लेकिन पूरे प्रदेश के लिए मात्र 50 पद निर्धारित करने से उन्हें नियुक्ति की चिंता सता रही है, उनका नंबर लगेगा या नहीं? कला, संस्कृति से जुड़े कई प्रश्न 100 अंकों के पर्चे में पंडवानी के कपालिक शैली के कलाकारों के क्रम निर्धारित करने तीजन बाई, शांति बाई चेलकने और उषा बाई बारले के नाम दिए थे। वहीं एक अन्य प्रश्न पूछा गया कि कुरूख बोली का संबंध किस जनजाति से है (इसमें कंवर सहित अन्य बोलियों का समावेश किया गया।) गोंडी किस भाषा समूह की बोली है? द्रविड़ भाषा समूह सहित कई विकल्प दिए गए। नगर पालिका का प्रशासनिक अधिकारी कौन प्रश्न पत्र में नगर पालिका परिषद का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी के विकल्प में से सही उत्तर लिखना था, जिसमें आयुक्त, मुख्य नगर पालिका अधिकारी , मेयर या अध्यक्ष लिखा था। साहित्यिक पत्रिका छत्तीसगढ़ मित्र का प्रकाशन प्रारंभ करने वाले साहित्यकार का नाम लोचन प्रसाद पांडेय सहित अन्य विकल्प चुनना था। किस गायन में महाभारत की कथाओं का प्रयोग होता है इसी प्रकार जनरल नॉलेज के प्रश्न में पूछा गया कि, किस कथा गायन में महाभारत की कथाओं का प्रयोग किया जाता है? वैकल्पिक उत्तर में पंडवानी सहित अन्य में से चयन करने कहा गया। इसी प्रकार पूछा गया कि भूपेन हजारिका सेतु का निर्माण किस नदी पर किया गया है (ब्रह्मपुत्र तथाअन्य नदियों के नाम), बस्तर की घड़वा कला में प्रयुक्त सामग्री पीतल कांसा और अन्य। नेता प्रतिपक्ष का क्रम निर्धारित करें छत्तीसगढ़ विधानसभा के नेता प्रतिपक्ष स्वर्गीय महेंद्र कर्मा, नंद कुमार साय, टीएस सिंहदेव, रविंद्र चौबे और धरमलाल कौशिक का नाम उल्लेखित करते उनके कालानुक्रम में निर्धारित करने कहा गया। इसी प्रकार आईएएस विकासशील के संबंध में विचार करें- राज्य के 13 वें मुख्य सचिव, एशियन डेवलपमेंट बैंक मनीला के कार्यकारी निदेशक, कोरिया के कलेक्टर रह चुके आदि में से सही विकल्प लिखने कहा गया था। मेयर आयुक्त को त्यागपत्र सौंपता है पर्चे में कई रोचक सवालों के कथन और कारण के लिए सही विकल्प चुनने कहा गया। जैसे मेयर अपना त्यागपत्र निगम आयुक्त को सौंपता है, क्योंकि आयुक्त निगम का मुख्य प्रशासनिक अधिकारी होता है? किन्हें नाचा का भीष्म पितामह कहा जाता है दाउ रामचंद्र देशमुख, दाउ महासिंह, चंद्राकर, दुलारसिंह मंदराजी, पूनाराम निषाद। साल 2025 में राष्ट्रीय सड़क सुरक्षा माह छत्तीसगढ़ में कब से कब तक मनाया गया, छग में अत्याधुनिक स्पेस लैब का उद्घाटन किसके द्वारा किया गया, कौन सा उद्योग वनोत्पाद पर आधारित है, लाख, बीड़ी आदि, छग में कौन से शैल समूह में कोयला पाया जाता है, धारवाड़ शैल समूह आदि। सधौरी के बारे में भी पूछा अंचल की परंपरा से जुड़े सधौरी संस्कार के बारे में पूछा गया कि कब होता है, सही उत्तर प्रथम गर्भधान के सातवें माह और अन्य में सही विकल्प लिखने कहा गया। इसी प्रकार राज्य सरकार की तरफ से चावल उत्सव कब शुरू किया गया, 2006 और अन्य वर्ष। रानी वासटा ने ईंटों के एक मंदिर का निर्माण सिरपुर में किस वंश के शासनकाल में किया था, राजर्षितुल्यकुल वंश और अन्य। बस्तर जिले में देवी दंतेश्वरी की पूजा कितने दिनों तक की जाती है 9 सहित कई अंकों में सही लिखने कहा गया। बांस के कार्यों के लिए कौन सी जनजाति विशेष रूप से प्रसिद्ध है कमार और अन्य में सही का चयन करना। कोपरा को रामसर साइट कब घोषित किया गया बिलासपुर जिले के कोपरा जलाशय को रामसर साइट का दर्जा कब प्राप्त हुआ। 30 दिसंबर 2025 सहित अन्य तिथियों में सही का चयन करने कहा गया। इसी प्रकार सरहुल पर्व किस जनजाति द्वारा मनाया जाता है, उरांव जनजाति सहित अन्य में सही का चयन। किस सरभपुरी शासक ने सोने के सिक्के जारी किए थे, राजा शरभराज और अन्य में सही का चयन।
देवास में शादी सम्मेलन में जा रही कार पलटी:एक की मौत, 6 घायल, इंदौर से पचोर जा रहा था परिवार
देवास के टोंककला क्षेत्र में सोमवार सुबह एक कार अनियंत्रित होकर पलट गई। इस हादसे में इंदौर निवासी एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि छह लोग घायल हो गए। परिवार इंदौर से पचोर में आयोजित एक विवाह सम्मेलन में शामिल होने जा रहा था। यह घटना मक्सी रोड स्थित बरखेड़ा फाटा के पास सुबह करीब 8:30 बजे हुई। बताया जा रहा है कि कार का टायर फटने से वाहन अनियंत्रित होकर पलट गया। मृतका की पहचान इंदौर निवासी निर्मला पति घनश्याम के रूप में हुई है। घायलों में कृष्णा साहू (35), मंजू साहू (23), आर्यन साहू (6), आदर्श साहू (ढाई वर्ष) और कार चालक कृष्णा मुरारी शामिल हैं। घायलों को प्राथमिक उपचार के बाद इंदौर रेफर किया गया है। यह परिवार इंदौर के नंदा नगर से दूल्हे की तरफ से विवाह सम्मेलन में शामिल होने के लिए रवाना हुआ था। टोंककला पुलिस ने इस मामले की जांच शुरू कर दी है।
अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे 9 पर स्थित एक पेट्रोल पंप पर कर्मचारियों और कार सवार युवकों के बीच मामूली कहासुनी के बाद जमकर मारपीट हुई। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है, जिसमें पेट्रोल पंप कर्मी और असलहे से लैस सुरक्षाकर्मी दो युवकों को पीटते हुए दिख रहे हैं। बताया जा रहा है कि दोनों घायल युवकों की हालत गंभीर है। जानकारी के अनुसार, यह घटना अमरोहा के गजरौला थाना क्षेत्र में नेशनल हाईवे पर KFC रेस्टोरेंट के सामने हुई। पेट्रोल भरवाने को लेकर कर्मचारियों और युवकों के बीच किसी बात को लेकर बहस शुरू हुई, जिसने जल्द ही हिंसक रूप ले लिया। विवाद इतना बढ़ गया कि पेट्रोल पंप पर अफरा-तफरी मच गई। वायरल वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि पेट्रोल पंप के कर्मचारी और सुरक्षाकर्मी मिलकर दो युवकों पर लात-घूंसे और थप्पड़ बरसा रहे हैं। इस मारपीट में दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। घटना के दौरान मौके पर मौजूद अन्य लोगों में हड़कंप मच गया। इस मामले में गजरौला थाना प्रभारी मनोज कुमार ने बताया कि वायरल वीडियो का संज्ञान लिया गया है। पुलिस ने वीडियो के आधार पर आगे की कार्यवाही शुरू कर दी है और आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी की जाएगी।
हरियाणा के पंचकूला में भारत-तिब्बत सीमा पुलिस (ITBP) के जवान अजय की रविवार देर शाम हार्टअटैक से मौत हो गई। वह सेंटर के मंदिर में जा रहा था, तभी अचानक गिर पड़ा और मौके पर ही उसकी जान चली गई। घटना से ITBP भानू सेंटर में शोक का माहौल है। अजय मूलरूप से उत्तर प्रदेश के आगरा जिले की किरावली तहसील के बामन गांव का रहने वाला था। वह पिछले तीन साल से पंचकूला के भानू स्थित ITBP सेंटर में तैनात था और जल्द ही यहां से उसका ट्रांसफर भी होना था। अजय साल 2010 में ITBP में कांस्टेबल के पद पर भर्ती हुआ था और करीब 16 साल की सेवा पूरी कर चुका था। अब उसे हवलदार पद पर प्रमोशन मिलने वाला था, लेकिन उससे पहले ही उसका निधन हो गया। अजय का पार्थिव शरीर सोमवार को देर रात गांव में पहुंचेगा, जहां पर मंगलवार की सुबह उसका अंतिम संस्कार होगा। 2 बच्चों का पिता परिवार में वह अपने पीछे पत्नी और दो बच्चों को छोड़ गया है। उसका बड़ा बेटा करीब साढ़े 12 साल का है। अजय का बड़ा भाई भारतीय सेना की जाट रेजिमेंट में सेवारत ह। जानकारी के अनुसार, अजय ग्लेशियर में तैनाती के दौरान ग्लूकोमा जैसी गंभीर आंखों की बीमारी से भी ग्रस्त हो गया था, लेकिन इसके बावजूद वह लगातार अपनी ड्यूटी निभाता रहा। जवान की अचानक मौत से परिवार पर दुखों का पहाड़ टूट पड़ा है, वहीं ITBP के अधिकारियों और साथियों ने भी गहरा शोक व्यक्त किया है।

