भरतपुर में जाटव समाज के लोगों का दावा है कि सोशल मीडिया पर आया एक विवादित ऑडियो हनुमान बेनीवाल का है। आरोप है कि वह सांसद संजना जाटव के खिलाफ अमर्यादित भाषा और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग कर रहे हैं। इसी को लेकर आज हनुमान बेनीवाल का पुतला फूंका गया। दावा- आवाज बेनीवाल की नीलम जाटव निवासी बड़ा मोहल्ला ने बताया- हाल ही में एक ऑडियो सामने आया था। जिसमें भरतपुर सांसद संजना जाटव के खिलाफ अमर्यादित और जाति सूचक शब्दों का प्रयोग किया जा रहा है। यह बहुत ही निंदनीय है। इसको लेकर जाटव समाज में काफी रोष है। आज इसी रोष के चलते शहर के लक्ष्मण मंदिर चौराहे पर नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल का पुतला दहन किया गया है। जानकारी के अनुसार, यह ऑडियो 22 जून का बताया जा रहा है। उस दिन नागौर सांसद हनुमान बेनीवाल जाट समाज की हुंकार सभा में भाग लेने के लिए भरतपुर आए थे।
छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार के खर्वे गांव में 8 मर्डर करने वाले सीरियल किलर रामसहाय ने विवेचना के दौरान कई और खुलासे किए हैं। कातिल किराना व्यापारी के दिमाग में नदी किनारे मरती चिड़िया को देख कत्ल का 'खूनी आइडिया' आया। उसने शिकारी को मरी मछली में ‘सुहागा’ डालते देखा था, जिसे खाते ही चिड़िया एक मिनट के अंदर मर गई थी। रामसहाय ने खुद को चूहों से परेशान बताकर शिकारी से सुहागा ले लिया। पहले उसने एक आवारा कुत्ते पर इसका ट्रायल किया। इसके बाद अपने दुश्मनों से दोस्ती की। उन्हें सुहागा मिलाकर शराब पिलाई और एक-एक कर 8 लोगों को मौत की नींद सुला दी। कातिल जहर देकर खुद ही पीड़ितों को अस्पताल ले जाने का नाटक करता और उनके अंतिम संस्कार में शामिल होता रहा। पूछताछ के दौरान पुलिस ने आरोपी पर चिल्लाने के बजाय उसके साथ सहानुभूति दिखाई और उसकी चालाकी की झूठी तारीफ की। पुलिस के भरोसे में आते ही साइको किलर ने पूरी सच्चाई बता दी। आरोपी ने कई चौंकाने वाले खुलासे किए हैं, पढ़िए यह रिपोर्ट… गाली देने, पुरानी रंजिश, पत्नी पर बुरी नजर का शक पुलिस पूछताछ में आरोपी ने बताया कि जिन 8 लोगों को उसने मारा था, वह किसी न किसी रूप में उसे अपमानित करते थे। बद्री उसे गाली देता था, बुठालु ने चुनाव में उसके खिलाफ प्रचार किया था, छत्तुराम उसकी पत्नी पर बुरी नजर रखता था, बुधराम से जमीन का विवाद था। चैतुराम 50 हजार रुपए के कर्ज के लिए ब्याज की धमकी देता था, विनोद उसे रोज बद्दुआ देता था, गजानंद पर जादू-टोने का शक था और महेतरू से उसकी पुरानी दुश्मनी थी। चिड़िया के शिकार से आया आइडिया रामसहाय जायसवाल ने पुलिस को बताया कि एक दिन सुबह वह नहाने के लिए नदी पर गया था। वहां उसने एक शिकारी को मरी हुई मछली के मुंह में कुछ डालते और उसे जमीन पर फेंकते देखा। कुछ ही देर में एक चिड़िया ने वह मछली खा ली और एक मिनट के भीतर ही वह मर गई। यह देखकर रामसहाय के मन में हत्या का विचार आया। रामसहाय ने शिकारी से इस 'जादू' के बारे में पूछा। शिकारी ने बताया कि यह कोई जादू नहीं, बल्कि 'सुहागा' नामक पदार्थ है। उसने समझाया कि मरी हुई मछली के मुंह में इसे डालने पर, जो भी चिड़िया उसे खाती है, वह तुरंत मर जाती है। इस घटना ने रामसहाय को अपने दुश्मनों को खत्म करने का तरीका सुझाया। रामसहाय ने सोचा कि अगर चिड़िया इतनी आसानी से मर सकती है, तो इंसान क्यों नहीं? उसने तुरंत बहाना बनाया कि मुझे चूहों से परेशानी है, मुझे भी सुहागा दे दो। शिकारी ने भरोसा कर लिया और उसे सुहागा दे दिया। कुत्ते पर किया ट्रायल, फिर बढ़ा आत्मविश्वास रामसहाय ने पहले किसी इंसान पर जहर नहीं आजमाया। उसने एक आवारा कुत्ते को सुहागा मिला बिस्किट खिलाया। कुत्ते ने खाया और एक मिनट में मर गया। रामसहाय को पक्का यकीन हो गया कि, सुहागा 100 कारगर है। अब वह किसी को भी मार सकता था, बिना पकड़े। उसने तय कर लिया कि, जिसे मारना है, पहले उससे दोस्ती करूं, फिर शराब पिलाऊं और उसमें सुहागा मिलाऊं, जिससे किसी को शक न हो। दोस्ती कर कहा- आज तू मेरे साथ शराब पी, सारी पुरानी बातें भूल जा रामसहाय ने बद्री को बुलाकर कहा कि, आज तू मेरे साथ शराब पी, सारी पुरानी बातें भूल जा। बद्री खुश हो गया। रामसहाय ने आधा पाव शराब में सुहागा मिला दिया। बद्री ने घूंट लिया और बोला कि, यार, आज तो शराब कुछ अजीब लग रही है। ये उसके आखिरी शब्द थे। रामसहाय ने हर मृतक के अंतिम संस्कार में शामिल हुआ और परिवार को सांत्वना दी। लोग उसे अच्छा इंसान समझते थे, लेकिन सच्चाई यह थी कि वह अपने ही हाथों मारे गए लोगों का मातम मना रहा था, ताकि किसी को उस पर शक न हो। पुलिस को 2 दिन तक किया गुमराह, फिर माइंड गेम में फंसा जब गांव में लगातार मौतों के बाद हलचल बढ़ी, तो ग्रामीणों ने 6 जून 2026 को पुलिस में आवेदन देकर रामसहाय पर संदेह जताया। पुलिस ने रामसहाय से पूछताछ शुरू की। रामसहाय ने पुलिस को गुमराह किया कि मैं तो उन सबका भाई था। मैं ही उन्हें अस्पताल ले गया, मैंने ही कफन-दफन किया, मैं रोया भी, मैंने सबको सांत्वना दी। मुझ पर झूठे इल्ज़ाम क्यों? दो दिन तक उसने पुलिस को चकमा दिया। उसके चेहरे पर कोई डर नहीं, कोई पछतावा नहीं, बस एक साइको किलर की अजीब-सी निश्चिंतता थी। जब रामसहाय टूट नहीं रहा था, तब एसपी ओ.पी. शर्मा ने एसडीओपी कौशल किशोर वासनिक और पूरे पुलिस स्टाफ जो इस मामले से जुड़े थे, सभी के साथ एक रणनीति बनाई। इससे सीधे पूछताछ नहीं, पहले दोस्त बनना होगा। पुलिस ने उसे सहानुभूति दिखाई। कहा कि ‘रामसहाय तू अच्छा आदमी है’ हम जानते हैं तुझे बहुत ताने मिले, बहुत गालियां मिलीं। किसी की सीमा होती है न? रामसहाय ने सारी शिकायतें गिनानी शुरू कर दीं। बद्री रोज गाली देता था, छत्तुराम मेरी पत्नी को देखता था, चैतुराम ने कर्ज का ब्याज मांगा। पुलिस ने चालाकी से सब पता किया पुलिस ने कहा कि बड़ी चालाकी से किया तुमने, हमें बता कैसे किया? किसी को पता क्यों नहीं चला? रामसहाय को लगा पुलिस उसकी तारीफ कर रही है। वह बोला कि नदी किनारे शिकारी से मुझे सुहागा मिला था, जिसका ट्रायल करने के बाद एक-एक करके सबको पिलाया। पुलिस ने शुभचिंतक बनकर सच उगलवाया- एसपी एसपी ओ.पी. शर्मा ने कहा कि आरोपी पुलिस को दो दिनों तक गुमराह करता रहा। न वो टूट रहा था, न उसके चेहरे में कोई शिकन थी और न हीं कोई पछतावा। पुलिस ने उसे अपने झांसे में लेने के लिए उसका दोस्त बनने का नाटक किया। पुलिस ने उसकी शुभचिंतक होने का भरोसा दिलाकर उसका विश्वास जीता। इस झांसे में आकर उसने सारी सच्चाई उगल दी। उसने बताया कि कैसे उसने 8 लोगों को मौत के घाट उतार दिया। …………………… इससे जुड़ी ये खबरें भी पढ़ें… 1. छत्तीसगढ़- मामूली बातों पर 8 मर्डर, साइको किलर गिरफ्तार:गाली देने, पुरानी रंजिश, पत्नी पर बुरी नजर का शक, जहरीली शराब पिलाकर की हत्याएं छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के खर्वे गांव में पिछले 3 महीनों में हुई 8 लोगों की संदिग्ध मौतों का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। गांव के ही रामसहाय जायसवाल (46) ने पुरानी रंजिश, गाली-गलौज, विवाद, कर्ज से छुटकारा पाने, पत्नी पर गलत नजर रखने और टोना-टोटका के शक के चलते लोगों को मार डाला। पढ़ें पूरी खबर… 2. गड़े धन के लिए 21 नरबलि की थी तैयारी: 8 मौतें, ग्रामीणों ने कराई शांति पूजा, बकरों-मुर्गों की बलि देने वाले बैगा की भी मौत छत्तीसगढ़ के बलौदाबाजार जिले के कसडोल में पिछले तीन महीनों में हुई 8 रहस्यमयी मौतों से पूरे इलाके में दहशत है। ग्रामीणों की मांग पर पुलिस ने 7 शवों को कब्र से निकलवाकर पोस्टमॉर्टम और फॉरेंसिक जांच के लिए भेजा है। इन मौतों को लेकर गांव में तंत्र-मंत्र, गड़ा धन और मानव बलि की आशंकाओं को लेकर चर्चाएं हैं। पढ़ें पूरी खबर
जयपुर में दोस्ती कर एक विवाहिता से रेप का मामला सामने आया है। जॉब के दौरान आपस में दोनों की मुलाकात हुई थी। पति की गैरमौजूदगी में मिलने के दौरान अकेला पाकर आरोपी ने उसके साथ रेप किया। पुलिस ने पीड़िता की शिकायत पर मेडिकल करवाकर बुधवार को आरोपी को अरेस्ट कर लिया था। पुलिस ने आरोपी को गुरुवार दोपहर कोर्ट में पेश कर जेसी भेज दिया। पुलिस ने बताया कि जयपुर की रहने वाली 30 साल की विवाहिता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई। कुछ समय पहले जॉब के दौरान उसकी मुलाकात आरोपी युवक से हुई थी। मिलने पर दोनों ने बातचीत के दौरान एक-दूसरे के मोबाइल नंबर एक्चेंज कर लिए। कॉल पर बातचीत के दौरान अक्सर जॉब के सिलसिले में आपस में मिलते-जुलने पर दोस्ती हो गई। आरोप है कि दो दिन पहले विवाहिता घर पर अकेली थी। पति की गैरमौजूदगी में आरोपी उससे मिलने पहुंचा। घर में अकेला पाकर आरोपी ने उसके साथ डरा-धमकाकर रेप किया। आरोपी के धमकी देकर जाने के बाद पीड़िता ने थाने पहुंचकर मामला दर्ज करवाया। पुलिस ने पीड़िता के बयान और मेडिकल रिपोर्ट के बाद आरोपी युवक को बुधवार शाम अरेस्ट कर लिया।
इंस्टाग्राम पर बैक-टू-बैक 2 वीडियो किए पोस्ट; रीवा शहर में लगातार हो रही फायरिंग और हिंसक घटनाओं के बीच अब एक युवती का अवैध हथियार लहराते हुए वीडियो सामने आया है। मामले की गंभीरता और कानून व्यवस्था पर उठ रहे सवालों को देखते हुए रीवा एसपी डॉ. गुरुकरण सिंह ने तुरंत जांच के निर्देश दिए हैं। वीडियो 'manu_rewa' नाम की इंस्टाग्राम आईडी से जुड़ा हुआ है। युवती ने अपनी इस आईडी पर दो रील पोस्ट की हैं, जिनमें वह बेखौफ होकर अवैध हथियार का प्रदर्शन कर रही है। सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहे इन वीडियो को अब तक 5000 से ज्यादा लोग देख चुके हैं। शहर में खुलेआम हथियारों के इस तरह के प्रदर्शन से आम लोगों में डर का माहौल बन गया है। पिस्तौल के साथ वीडियो कॉल पर पहले भी हो चुकी है कार्रवाई गौरतलब है कि रीवा में सोशल मीडिया पर हथियार दिखाने का यह कोई पहला मामला नहीं है। इससे पहले भी समान थाना पुलिस ने एक युवक को अवैध पिस्तौल के साथ वीडियो कॉल करते हुए पकड़ा था। उस मामले में पुलिस ने आरोपी के खिलाफ आर्म्स एक्ट के तहत केस दर्ज कर हथियार जब्त किया था। पुलिस की इन सख्त कार्रवाइयों और अभियानों के बावजूद इस तरह के वीडियो सामने आना पुलिस की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े कर रहा है। एसपी बोले- तथ्यों के आधार पर होगी सख्त वैधानिक कार्रवाई सोशल मीडिया पर वीडियो वायरल होने के बाद रीवा पुलिस कप्तान डॉ. गुरुकरण सिंह ने मामले को सीधे संज्ञान में लिया है। एसपी ने कहा, सोशल मीडिया के माध्यम से यह मामला हमारे संज्ञान में आया है। पुलिस पूरे मामले की गंभीरता से जांच कर रही है। जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर संबंधित के विरुद्ध सख्त वैधानिक कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस की आईटी और क्राइम ब्रांच टीम वीडियो की सत्यता, हथियार की वैधता और युवती की सही पहचान करने में जुटी हुई है।
अपनी विभिन्न लंबित मांगों और समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर राजस्थान शिक्षक संघ (शेखावत), झुंझुनूं शाखा के बैनर तले शिक्षकों ने आज कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन किया। प्रदर्शन के दौरान संघ के पदाधिकारियों ने जिला कलेक्टर के माध्यम से राजस्थान के शिक्षा मंत्री और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। शिक्षकों ने सरकार को चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया, तो वे बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। शिक्षकों की प्रमुख मांगें शिक्षकों ने मांग की है कि 2012 से पूर्व नियुक्त शिक्षकों के लिए TET (अध्यापक पात्रता परीक्षा) की अनिवार्यता को तुरंत समाप्त किया जाए। संघ का तर्क है कि किसी भी नियम को पूर्व तिथि से लागू करना प्राकृतिक न्याय के सिद्धांतों के विरुद्ध है। शिक्षकों के स्थानांतरण की प्रक्रिया पर लगी रोक को हटाने और लंबे समय से लंबित पदोन्नति (Promotions) की प्रक्रिया को तुरंत शुरू करने की मांग की गई है। साथ ही, एक स्थायी और पारदर्शी 'स्थानांतरण नीति' लागू करने पर जोर दिया गया है। 'पे प्रोटेक्शन' के नाम पर हो रही वित्तीय वसूली पर तुरंत रोक लगाने, विद्यालयों में विद्यार्थियों की संख्या के अनुपात में स्टाफ, बिजली-पानी और पर्याप्त कमरों की व्यवस्था करने की मांग की गई है। शैक्षणिक कैलेंडर को व्यावहारिक बनाने और ग्रीष्मकालीन अवकाश को पूर्ववत रखने की मांग की गई है। साथ ही, नया शैक्षणिक सत्र अनिवार्य रूप से 1 जुलाई से शुरू करने को कहा गया है। शिक्षकों ने विद्यार्थियों के ट्रांसपोर्ट वाउचर का डेढ़ साल से अटका हुआ बकाया भुगतान अविलंब जारी करने, 'स्वच्छ भारत, स्वच्छ विद्यालय' संकल्प के तहत हर स्कूल में नियमित सफाई कर्मचारी की नियुक्ति करने और 1 अप्रैल 2026 तक सभी बकाया डीपीसी (DPC) प्रक्रिया को समयबद्ध तरीके से पूरा करने की मांग की है। शिक्षक संघ ने स्पष्ट किया है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया, तो उन्हें बड़े आंदोलन या दिल्ली कूच जैसे सख्त कदम उठाने के लिए बाध्य होना पड़ेगा, जिसकी पूरी जिम्मेदारी सरकार की होगी।
बागपत के छपरौली ब्लॉक की 16 आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने अपने लंबित मानदेय के भुगतान के लिए जिलाधिकारी से गुहार लगाई है। उन्होंने एक लिखित ज्ञापन सौंपकर बताया कि उन्हें पिछले 14 से 16 महीनों से मानदेय नहीं मिला है, जिससे उनके सामने गंभीर आर्थिक संकट खड़ा हो गया है। कार्यकर्त्रियों ने ज्ञापन में उल्लेख किया है कि वे अपने-अपने केंद्रों पर नियमित रूप से सेवाएं दे रही हैं। वे बच्चों, गर्भवती महिलाओं और धात्री माताओं के लिए विभिन्न सरकारी योजनाओं का संचालन कर रही हैं। इसके बावजूद, उन्हें लंबे समय से मानदेय प्राप्त नहीं हुआ है। कार्यकर्त्रियों का कहना है कि उन्होंने इस संबंध में पहले भी कई बार बाल विकास परियोजना कार्यालय में शिकायत की थी, लेकिन हर बार केवल आश्वासन ही मिला। समस्या का समाधान न होने के कारण उनके परिवारों पर आर्थिक बोझ लगातार बढ़ता जा रहा है। ज्ञापन में यह भी बताया गया है कि इनमें से अधिकांश कार्यकर्त्रियां मध्यमवर्गीय परिवारों से हैं। उनके परिवार का खर्च और बच्चों की शिक्षा काफी हद तक इसी मानदेय पर निर्भर करती है। लंबे समय से भुगतान न होने के कारण उनकी दैनिक जरूरतों को पूरा करना भी मुश्किल हो गया है। आंगनबाड़ी कार्यकर्त्रियों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि उनका लंबित मानदेय और बकाया राशि का जल्द से जल्द भुगतान कराया जाए। उन्होंने संबंधित विभाग को इस संबंध में आवश्यक निर्देश देने का आग्रह किया है, ताकि उन्हें आर्थिक राहत मिल सके। कार्यकर्त्रियों ने प्रशासन से उम्मीद जताई है कि उनकी समस्या को गंभीरता से लेते हुए त्वरित कार्रवाई की जाएगी।
प्रतापगढ़ स्थित श्री केशवराय मंदिर में निर्जला एकादशी महोत्सव के तहत विशेष धार्मिक आयोजन हुए। सुबह 9 बजे भगवान का दुग्ध और आम रस से अभिषेक किया गया। इसके बाद आकर्षक श्रृंगार किया गया। दोपहर 12:15 बजे श्रृंगार आरती हुई। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। रात 10 बजे तक होंगे कार्यक्रम मंदिर में सायं 7 बजे 108 परिक्रमा का आयोजन किया जाएगा। इसके बाद रात 8 बजे आरती और प्रसादी वितरण होगा। रात 9 बजे एकादशी कथा वाचन और सामूहिक भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। रात्रि 10 बजे शयन आरती के साथ दिनभर के धार्मिक कार्यक्रमों का समापन हुआ। मंदिर के पुजारी कन्हैयालाल शर्मा ने बताया - इसे भीम एकादशी के नाम से भी जाना जाता है। इस दिन श्रद्धालु निराहार एवं निर्जल रहकर भगवान विष्णु की आराधना करते हैं। निर्जला एकादशी के अवसर पर जिलेभर के मंदिरों में श्रद्धा, भक्ति और धार्मिक आस्था का वातावरण देखने को मिला। श्रद्धालुओं ने भगवान विष्णु से सुख, समृद्धि और परिवार की खुशहाली की कामना की।
रील वायरल करने के विवाद में चली गोली, युवक घायल:हाथ से छूते हुए जांघ पर लगी, जांच में जुटी पुलिस
लखनऊ के विभूतिखंड क्षेत्र में बुधवार देर रात विजयपुर के आगे किसान चबूतरा के पास गोली चलने से एक युवक घायल हो गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने घायल को डॉ. राम मनोहर लोहिया अस्पताल में भर्ती कराया, जहां उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। पुलिस के मुताबिक बाराबंकी के मोहम्मदपुर खाला के रंजीतपुर सुनहरा निवासी मोनू शुक्ला उर्फ रोहित (25) मौजूदा समय में चिनहट क्षेत्र के विधायक चौराहा के पास रहता है। मोनू ने पुलिस पूछताछ में बताया कि उसका पिछले करीब 15 दिनों से सैफ, शान यादव, अक्शीर, सार्थक यादव, डेविड, लकी यादव समेत कुछ अन्य लोगों से विवाद चल रहा था। आरोप है कि उन लोगों ने उसके हाथ में तमंचा देकर वीडियो और रील बनाई थी। जिसे वायरल करने की धमकी दे रहे थे।बुधवार रात मोनू किसान चबूतरा के पास पहुंचा था। इस दौरान दूसरे पक्ष के लोग भी बाइक से वहां आ गए। दोनों पक्षों के बीच कहासुनी और विवाद शुरू हो गया। विवाद के दौरान तमंचे को लेकर छीना-झपटी हुई। इस दौरान गोली चल गई, जो मोनू के दाहिने हाथ को छूते हुए जांघ में जा लगी।सूचना पर इंस्पेक्टर विभूतिखंड पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पुलिस ने मौके से साक्ष्य जुटाए हैं। पुलिस का कहना है कि मामले के सभी पहलुओं की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की विधिक कार्रवाई की जाएगी।
मुरादाबाद में वकीलों ने किया प्रदर्शन:रजिस्ट्री व्यवस्था को निजी कंपनी को ठेके पर देने का विरोध
मुरादाबाद में गुरुवार को सैकड़ों की संख्या में वकील सड़कों पर उतर आए। नारेबाजी करते हुए वकीलों ने रजिस्ट्री व्यवस्था के निजीकरण का विरोध शुरू कर दिया है। वकील रजिस्ट्री कार्यालय पर इकट्ठा हुए और यहां से नारेबाजी करते हुए डीएम कार्यालय तक पहुंचे। वकीलों के प्रदर्शन को देखते हुए भारी तादाद में पुलिस को तैनात किया गया है। वकीलों का कहना है कि सरकार रजिस्ट्री व्यव्स्था निजी कंपनी को ठेके पर देने की कोशिश कर रही है। जिसे बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। पिछले 10 दिन से वकील इस मुद्दे पर आंदोलित थे। लेकिन कोई ठोस आश्वासन नहीं मिलने पर इनका सब्र जवाब दे गया। वकीलों ने जमकर नारेबाजी करते हुए आंदोलन को तेज कर दिया है। वकील जुलूस की शक्ल में रजिस्ट्री ऑफिस से कलेक्ट्रेट तक पहुंचे हैं। यहां अधिवक्ता संयुक्त रूप से जिलाधिकारी को ज्ञापन देंगे।
बिलासपुर नगर में एक सरिया-सीमेंट व्यापारी की दुकान में लाखों रुपये की चोरी हुई है। यह घटना बुधवार-गुरुवार की मध्यरात्रि सवा बजे हुई। चोर दुकान की लोहे की ग्रील तोड़कर अंदर घुसे और नकदी समेत चांदी के सिक्के चुराकर फरार हो गए। सूचना मिलने पर पुलिस और फॉरेंसिक टीम मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। मोहल्ला साहूकारा निवासी मयंक अग्रवाल उर्फ मनी रामपुर रोड पर आव्या आयरन एंड सीमेंट स्टोर का संचालन करते हैं। बुधवार रात वह रोजाना की तरह दुकान बंद कर अपने घर चले गए थे। गुरुवार सुबह जब कर्मचारी दुकान खोलने पहुंचे, तो उन्होंने दुकान के अंदर लगी लोहे की ग्रील टूटी हुई पाई। कर्मचारियों ने तत्काल व्यापारी को घटना की जानकारी दी। सूचना मिलते ही व्यापारी मयंक अग्रवाल मौके पर पहुंचे और पुलिस को चोरी की सूचना दी। उप निरीक्षक केशु शर्मा अपनी टीम के साथ घटनास्थल पर पहुंचे और मौके का निरीक्षण किया। पुलिस ने व्यापारी से चोरी हुए सामान और नकदी के संबंध में जानकारी जुटाई। कुछ ही देर बाद मुख्यालय से फॉरेंसिक टीम भी मौके पर पहुंची। टीम ने घटनास्थल का बारीकी से निरीक्षण किया और आवश्यक साक्ष्य व नमूने एकत्र किए। पीड़ित व्यापारी मयंक अग्रवाल के अनुसार, दुकान के गल्ले से करीब डेढ़ से दो लाख रुपये की नकदी और लगभग पचास हजार रुपये मूल्य के चांदी के सिक्के चोरी हुए हैं। कुल मिलाकर लगभग ढाई लाख रुपये की चोरी बताई गई है। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है और संदिग्धों की तलाश में जुटी है। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि घटना का खुलासा करने के लिए कई टीमें लगाई गई हैं। उनका कहना है कि जल्द ही आरोपियों को गिरफ्तार कर चोरी की वारदात का पर्दाफाश किया जाएगा।
मैनपुरी के दन्नाहार थाना क्षेत्र में एक बंद घर में चोरी का मामला सामने आया है। नगला सभा गांव में एक पिता ने अपने बेटे और उसके साले पर घर से जेवरात और नकदी चोरी करने का आरोप लगाया है। पीड़ित परिवार एक तिलक समारोह में शामिल होने गया था, उसी दौरान वारदात को अंजाम दिया गया। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। पीड़ित ब्रजमोहन के अनुसार, वह अपने परिवार के साथ एक तिलक समारोह में शामिल होने घर से बाहर गए थे। घर बंद था। आरोप है कि इसी दौरान उनके बेटे प्रभाकर और उसके साले हलविलास ने घर का शीशा तोड़कर प्रवेश किया। उन्होंने घर में रखे कीमती जेवरात और नकदी चोरी कर ली और फरार हो गए। जब परिवार तिलक समारोह से लौटकर घर पहुंचा, तो उन्हें चोरी का पता चला। घर का सामान बिखरा पड़ा था और अलमारी से जेवर व नकदी गायब थे। पीड़ित ने बताया कि वारदात को अंजाम देने वाले कोई बाहरी नहीं, बल्कि उनके अपने ही निकले। इसके बाद उन्होंने तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलने पर डायल 112 और दन्नाहार थाना पुलिस मौके पर पहुंची और घटनास्थल का निरीक्षण किया। पीड़ित ब्रजमोहन ने पुलिस को तहरीर देकर अपने बेटे प्रभाकर और उसके साले हलविलास के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। उनका आरोप है कि दोनों घर की स्थिति से परिचित थे, इसलिए उन्होंने मौका देखकर चोरी की। पुलिस ने तहरीर के आधार पर मामले की जांच शुरू कर दी है और आरोपियों की तलाश कर रही है। थाना प्रभारी निरीक्षक वीरेंद्र सिंह ने बताया कि पीड़ित की ओर से मिली तहरीर के आधार पर पूरे मामले की जांच की जा रही है। पुलिस यह भी पता लगा रही है कि घटना के पीछे पारिवारिक विवाद, लेन-देन या कोई अन्य कारण तो नहीं है। फिलहाल सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच की जा रही है।
सूरजपुर के भटगांव में महामाया ओपन कास्ट परियोजना से प्रभावित ग्रामीणों ने बुधवार को एसईसीएल प्रबंधन के खिलाफ मोर्चा खोल दिया। नौकरी और मुआवजे की मांग को लेकर बड़ी संख्या में भू-स्वामी भटगांव स्थित महाप्रबंधक कार्यालय पहुंचे और प्रदर्शन किया। इस दौरान कोयला परिवहन कई घंटों तक बाधित रहा, जिससे परियोजना के संचालन पर भी असर पड़ा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि भूमि अधिग्रहण के समय प्रबंधन ने रोजगार देने के मामले में दोहरा मापदंड अपनाया। उनका कहना है कि कई पात्र भू-स्वामी सालों से नौकरी और उचित मुआवजे की मांग कर रहे हैं, लेकिन उनकी मांगों पर अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है। आंदोलनकारियों ने बताया कि परियोजना की शुरुआत में क्लबिंग नीति के तहत कई छोटे भू-स्वामियों को नौकरी दी गई थी। उनके अनुसार, 20 से अधिक ऐसे लोगों को रोजगार मिला, जिनकी भूमि दो एकड़ से भी कम थी। कुछ परिवारों के एक से अधिक सदस्यों को भी नौकरी प्रदान की गई थी। नए नियमों का हवाला देकर नौकरी से इनकार ग्रामीणों का कहना है कि अब जब शेष पात्र भू-स्वामी रोजगार की मांग कर रहे हैं, तब प्रबंधन नए नियमों और प्रक्रियाओं का हवाला देकर उन्हें नौकरी देने से इनकार कर रहा है। इससे प्रभावित परिवारों में भारी नाराजगी है। घंटों चला प्रदर्शन, कोयला परिवहन प्रभावित सुबह से ही प्रभावित ग्रामीण और भू-स्वामी एसईसीएल कार्यालय के बाहर एकत्रित होने लगे थे। देखते ही देखते बड़ी संख्या में लोग प्रदर्शन में शामिल हो गए। महाप्रबंधक कार्यालय के बाहर घंटों तक प्रदर्शन चला और रोजगार, मुआवजे के मुद्दे पर प्रबंधन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की गई। इस दौरान कोयला परिवहन भी प्रभावित हुआ और कई घंटों तक परिवहन कार्य बाधित रहा। आंदोलनकारियों ने स्पष्ट किया कि मांगों पर ठोस पहल नहीं होने की स्थिति में आंदोलन को आगे भी जारी रखा जाएगा। 14 दिन में समाधान का आश्वासन, आंदोलन स्थगित प्रदर्शन के बाद प्रबंधन और आंदोलनकारियों के बीच चर्चा हुई। बैठक में महाप्रबंधक ने प्रभावित भू-स्वामियों की समस्याओं की समीक्षा कर 14 दिनों के भीतर आवश्यक कार्रवाई करने का आश्वासन दिया। महाप्रबंधक के आश्वासन के बाद प्रदर्शनकारियों ने फिलहाल आंदोलन स्थगित कर दिया। हालांकि ग्रामीणों ने स्पष्ट किया है कि तय समयसीमा के भीतर मांगों पर कार्रवाई नहीं होने पर वे फिर से बड़ा आंदोलन शुरू करेंगे। सालों से लंबित हैं रोजगार और पुनर्वास के मुद्दे महामाया ओपन कास्ट परियोजना से प्रभावित कई परिवार लंबे समय से रोजगार और पुनर्वास से जुड़े मुद्दों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं। ग्रामीणों का कहना है कि उनकी जमीन परियोजना के लिए अधिग्रहित कर ली गई, लेकिन बदले में रोजगार और अन्य सुविधाओं का लाभ सभी पात्र परिवारों तक नहीं पहुंच सका।
आशा संगिनी कर्मचारी संगठन ने अपनी 11 सूत्री मांगों को लेकर कलेक्ट्रेट पर एक दिवसीय धरना प्रदर्शन किया। संगठन ने जिलाधिकारी को एक ज्ञापन भी सौंपा, जिसमें आशा संगिनी को राज्य कर्मचारी का दर्जा देने और वेतन वृद्धि सहित कई प्रमुख मांगें शामिल थीं। ज्ञापन के माध्यम से मांग की गई कि आशा को 18,000 रुपए और आशा संगिनी को 24,000 रुपये प्रति माह वेतन का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। जब तक यह भुगतान प्रभावी नहीं होता, तब तक बढ़ती महंगाई को देखते हुए वर्तमान प्रोत्साहन राशि को तीन गुना किया जाए। संगठन ने यह भी बताया कि आशा संगिनी को महीने में 30 दिन काम करना पड़ता है, लेकिन भुगतान केवल 24 दिन का ही होता है। उन्होंने 30 दिन के कार्य के लिए पूरे 30 दिन का भुगतान करने की मांग की। इसके अतिरिक्त, फील्ड विजिट के लिए इलेक्ट्रॉनिक स्कूटी खरीदने हेतु उचित भुगतान की भी मांग की गई। आशा और आशा संगिनी को सामाजिक सुरक्षा के दायरे में लाने, उन्हें ईपीएफ (EPF) और ईएसआई (ESI) का लाभ दिलाने की मांग की गई। साथ ही, उन्हें प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ भी प्रदान करने की बात कही गई। संगठन ने आशा नियमावली 2005 में बदलाव की मांग की, क्योंकि तब से अब तक कार्यभार में 50 गुना वृद्धि हुई है। आशा या आशा संगिनी की सेवाकाल में मृत्यु होने पर उनके आश्रितों को 10 लाख रुपये का मुआवजा और परिवार के एक सदस्य को नौकरी देने की मांग की गई। सेवानिवृत्ति पर 10 लाख रुपये का एकमुश्त लाभ और आजीवन कम से कम 5,000 रुपये की मासिक पेंशन देने की भी मांग की गई। अन्य मांगों में प्रधानमंत्री मातृत्व वंदना योजना के तहत लाभार्थियों के फॉर्म भरने की पूरी जिम्मेदारी आशा को देने की बात भी शामिल थी। इस एक दिवसीय धरना प्रदर्शन में साजिदा बेगम, मीनू गुप्ता, गीता देवी, अनीता देवी, बबिता आशा सहित कई अन्य सदस्य मौजूद रहे।
कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव व यूथ कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष श्रीनिवास बीवी ने कहा कि देश का एज्युकेशन सिस्टम ICU में है। कोटा में कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने छात्रों की गूंज कार्यक्रम की शुरूआत की थी। आज देशभर की 28 कोचिंग सिटी में प्रेस कांफ्रेंस कर स्टूडेंट्स से संवाद शुरू किया जा रहा है। ये कार्यक्रम पूरा होने पर दिल्ली में 9 अगस्त को महारैली होगी, जिससे केंद्र की गूंगी-बहरी सरकार को छात्रों की आवाज सुनाई जा सके। प्रेस कांफ्रेंस में NSUI राष्ट्रीय महासचिव कुणाल शेरावत, कांग्रेस जिलाध्यक्ष सुनीता गठाला, NSUI जिलाध्यक्ष ओमप्रकाश नागा मौजूद थे। कांग्रेस के राष्ट्रीय सचिव श्रीनिवास बीवी ने कहा कि NEET पेपरलीक के बाद देशभर में 20 से ज्यादा स्टूडेंट्स ने आत्महत्या कर ली, लेकिन पीएम नरेंद्र मोदी ने श्रद्धांजलि तक नहीं दी। पीएम मोदी कहते हैं कि 18 घंटे काम करते हैं, विश्व गुरू बन रहे हैं। वो कहते हैं कि वो दुनियाभर के युद्ध रूकवाते हैं लेकिन यहां देश में पिछले 12 साल में 89 पेपर लीक होने से नहीं रूकवा पाए। श्रीनिवास बीवी ने कहा कि आज पूरा देश शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठा रहा है लेकिन पीएम मोदी ने एक बार भी उस बारे में कोई बात नहीं की। भाजपा नाम बदलने में माहिर है तो शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का नाम बदलकर लीक प्रधान कर देना चाहिए। नरेंद्र मोदी विदेशों में घूम रहे हैं, लेकिन राहुल गांधी देशभर के स्टूडेंट्स से बात कर रहे हैं। पीएम मोदी को ट्रंप से मिलने का ड्रामा बंद करके NEET पेपर लीक, NTA और धर्मेंद्र प्रधान को लेकर मीडिया के सामने आना चाहिए। छात्रों की गूंज अभियान के स्थानीय काॅर्डिनेटर हरीश काजला ने कहा कि इस अभियान में छात्रों से संपर्क कर पेपर लीक की समस्या के स्थाई समाधान के लिए सुझाव लिए जाएंगे। राष्ट्रीय कांग्रेस सचिव श्रीनिवास बीवी ने कहा कि पेपर वायरल होकर स्टूडेंट्स तक पहुंच जाता है लेकिन सुरक्षा एजेंसियों तक नहीं पहुंच पाता। सरकार ने टेलीग्राम बंद कर दिया लेकिन शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान पर कोई कार्रवाई नहीं की। केंद्र सरकार से मांग है कि शिक्षा मंत्री का इस्तीफा, पेपर माफिया के पॉलिटिकल कनेक्शन की जांच की जाए, परीक्षा व्यवस्था बदली जाए, पेपर सैट होने से लेकर ट्रांसपोर्टेशन और डिस्ट्रीब्यूशन में पूरी संवेदनशीलता बरती जाए। कांग्रेस अल्पसंख्यक जिलाध्यक्ष तौकीर खत्री ने आभार जताया।
मेट्रो के सिग्नलिंग सिस्टम की जांच करने के लिए भोपाल आई कमिश्नर ऑफ मेट्रो रेल सेफ्टी (CMRS) की टीम ट्रैक पर उतर गई हैं। दो टीमें अलग-अलग मेट्रो में सवार होकर निरीक्षण कर रही हैं। इस दौरान रानी कमलापति से एमपी नगर स्टेशन के बीच पहली बार दो मेट्रो एक ही ट्रैक पर आमने-सामने आईं। यहां पर करीब 30 मिनट तक सिस्टम की जांच हुई। दरअसल, ये सीएमआरएस टीम की जांच का ही हिस्सा है। अफसरों के मुताबिक, टीमें देख रही है कि दो टीमें यदि आमने-सामने आ जाए तो सिस्टम कैसे काम करेगा? अचानक ब्रेक, स्पीड समेत अन्य बिंदुओं पर भी जांच की जा रही है। शाम 5 बजे तक निरीक्षण का शेड्यूल है। इसके बाद टीम वापस लौट जाएगी। मेट्रो प्रबंधन के मुताबिक, निरीक्षण के बाद टीम 'ओके' रिपोर्ट देगी। इसके बाद सिग्नलिंग सिस्टम चालू हो जाएंगे। जिससे मेट्रो का नया शेड्यूल और टाइमिंग तय होगी। जुलाई में सिग्नलिंग सिस्टम चालू होने के बाद नया शेड्यूल जारी होगा। कल से फिर निर्धारित समय पर चलेगी मेट्रो मेट्रो प्रबंधन के अनुसार, निरीक्षण एवं परीक्षण पूरा होने के बाद 26 जून से मेट्रो फिर से अपने निर्धारित समय पर दौड़ने लगेगी। बता दें कि सुभाष नगर से एम्स के बीच करीब 7 किलोमीटर लंबे ट्रैक पर सिग्नलिंग सिस्टम का काम पूरा हो गया है। भोपाल और इंदौर मेट्रो में ऑरेंज-येलो लाइन के 2 रूट 30 किलोमीटर लंबे हैं। फिलहाल 12 किमी में ही मेट्रो दौड़ रही है, लेकिन इसकी रफ्तार काफी धीमी है। इस वजह से सवाल उठने लगे हैं। 800 करोड़ रुपए में नया सिस्टम भोपाल में मेट्रो संचालन की सुस्त रफ्तार को तेज करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है। सुभाष नगर से एम्स के बीच प्रायोरिटी कॉरिडोर पर सिग्नलिंग सिस्टम का काम पूरा हो गया। करीब 30 किमी के लिए हुए करीब 800 करोड़ रुपए के टेंडर का यह पहला चरण है। अभी एक ही ट्रैक पर दौड़ रही मेट्रो जानकारी के अनुसार, भोपाल और इंदौर में अभी सिग्नलिंग सिस्टम नहीं है। इस वजह से मेट्रो प्रबंधन को केवल एक ही ट्रैक (डाउन ट्रैक) पर ट्रेन चलानी पड़ रही हैं। यही वजह है कि भोपाल में ट्रेनों की फ्रिक्वेंसी 75 मिनट रखी गई है, जिससे यात्रियों को लंबा इंतजार करना पड़ता है। यहां दोपहर 12 से शाम 4 बजे के बाद ही मेट्रो दौड़ रही है। जिस ट्रैक पर दौड़ती, उसी पर वापसी सुभाष नगर से एम्स के बीच डाउन ट्रैक पर ही ट्रेन दोनों दिशाओं में चलाई जा रही हैं। यानी जो जा रही है, वह उसी ट्रैक पर लौट रही है। जबकि अप ट्रैक (एम्स से सुभाष नगर) पर ट्रेन नहीं दौड़ती। नए सिस्टम के बाद दोनों तरफ से ट्रेन चलेगी। मेट्रो की रीढ़ होता है सिग्नलिंग सिस्टम जानकारों के मुताबिक सिग्नलिंग सिस्टम किसी भी मेट्रो नेटवर्क का सबसे अहम हिस्सा होता है। यही तय करता है कि ट्रेन कितनी दूरी पर चलेगी। ट्रेन की अधिकतम और न्यूनतम गति नियंत्रित करता है। ट्रेनों के बीच सुरक्षित गैप बनाए रखता है। ऑटोमेटेड ऑपरेशन और इमरजेंसी कंट्रोल संभालता है। सिस्टम के बिना मल्टी-ट्रैक ऑपरेशन संभव नहीं होता, जिससे पूरी क्षमता का इस्तेमाल नहीं हो पाता। दिल्ली मेट्रो जैसी तकनीक भोपाल मेट्रो में वही आधुनिक सिग्नलिंग तकनीक लागू की जा रही है, जो दिल्ली मेट्रो में इस्तेमाल होती है। इस तकनीक के लागू होने के बाद ट्रेन दोनों ट्रैक पर चल सकेंगी। ट्रेनों के बीच का अंतर (हेडवे) कम होगा और फ्रिक्वेंसी तेजी से बढ़ाई जा सकेगी। नए सिस्टम से यह फायदा नए सिस्टम के शुरू होने के बाद मेट्रो दोनों ओर से चलेगी। इससे 75 मिनट की टाइमिंग कम होगी। इससे लोगों को आसानी से मेट्रो मिल सकेगी। फेरे भी बढ़ जाएंगे। ऐसे में सुबह और शाम को ऑफिस टाइमिंग पर भी मेट्रो मिल सकेगी।
ललितपुर में गुरुवार दोपहर 12,30 बजे अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के कार्यकर्ताओं ने प्रदर्शन किया। उन्होंने राष्ट्रपति को संबोधित एक ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में मध्य प्रदेश के नर्मदापुरम में 14 गौसेवकों को सत्र न्यायाधीश द्वारा दी गई आजीवन कारावास की सजा को निरस्त करने की मांग की गई है। यह प्रदर्शन अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद और राष्ट्रीय बजरंग दल के जिलाध्यक्ष गौरव शर्मा के नेतृत्व में हुआ। गौसेवक तुवन मैदान से कचहरी चौराहे होते हुए कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचे। वहां उन्होंने राष्ट्रपति और मध्य प्रदेश के राज्यपाल को संबोधित ज्ञापन जिलाधिकारी को सौंपा। ज्ञापन में बताया गया कि मध्य प्रदेश के सिवनी मालवा क्षेत्र, जनपद नर्मदापुरम के सत्र न्यायाधीश ने वर्ष 2022 के नजीर अहमद मामले में 14 गौसेवकों को आजीवन कारावास की सजा सुनाई है। यह फैसला 13 जून को सुनाया गया था। इस फैसले को लेकर देशभर के गौसेवकों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों तथा आम नागरिकों में चिंता व्यक्त की जा रही है। संगठनों का कहना है कि भारत में गाय को माता का दर्जा प्राप्त है और सनातनी गौ को पूजते हैं। गौसेवक गौ रक्षा का अपना कर्तव्य निभा रहे थे। उन्होंने तर्क दिया कि इस सजा से भविष्य में गौ सेवा और गौ रक्षा के प्रयासों पर नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है। मानवीय दृष्टिकोण से इस प्रकरण पर पुनर्विचार आवश्यक प्रतीत होता है। ज्ञापन के माध्यम से केंद्रीय गृहमंत्री से निवेदन किया गया है। इसमें भारतीय संविधान के तहत प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए इन 14 गौसेवकों के मामले में सहानुभूतिपूर्वक विचार कर उनकी आजीवन कारावास की सजा को निरस्त करने की मांग की गई है। प्रदर्शन में 50 से अधिक गौ रक्षक उपस्थित थे।
बलिया में ट्रैक्टर की टक्कर से व्यक्ति की मौत:परिजनों ने अस्पताल में डॉक्टर न होने पर किया हंगामा
बलिया के फेफना थाना क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक ट्रैक्टर की टक्कर से 48 वर्षीय व्यक्ति की मौत हो गई। यह घटना खोरी पाकड़ गांव के सामने हुई, जहां सड़क पार करते समय एक ट्रैक्टर ने उन्हें टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को जिला अस्पताल ले जाया गया, लेकिन उपचार के दौरान उनकी मृत्यु हो गई। मृतक की पहचान शहर से सटे माल्देपुर गांव निवासी अविनाश कुमार (48) पुत्र स्वर्गीय डॉ. राजकिशोर प्रसाद के रूप में हुई है। अविनाश अपने परिवार के साथ खोरी पाकड़ गंगा घाट पर एक मुंडन संस्कार कार्यक्रम में शामिल होने गए थे। कार्यक्रम से लौटते समय मुख्य मार्ग पार करते वक्त यह हादसा हुआ। अविनाश को स्थानीय लोगों की मदद से तत्काल जिला चिकित्सालय पहुंचाया गया। मृतक के छोटे भाई सोनू कुमार ने आरोप लगाया कि अस्पताल पहुंचने पर अविनाश की सांसें चल रही थीं, लेकिन ट्रामा सेंटर में कोई डॉक्टर मौजूद नहीं था। उन्होंने दावा किया कि कर्मचारियों ने उन्हें इधर-उधर भेजा, जिससे उपचार में देरी हुई और इसी दौरान अविनाश कुमार की मौत हो गई। अविनाश की मौत के बाद परिजनों और अन्य लोगों ने अस्पताल में चिकित्सक की अनुपस्थिति का आरोप लगाते हुए हंगामा किया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को नियंत्रित किया। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। जिला अस्पताल प्रशासन व पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और पुलिस मामले की जांच में जुटी हुई है। इस संबंध में जिला चिकित्सालय के सीएमएस डॉ. एसके यादव ने बताया कि लगाए गए आरोपों की जांच के लिए एक समिति गठित की जाएगी। जांच के बाद जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।
जौनपुर के खुटहन स्थित किरण अस्पताल में उपचार के दौरान छह माह की गर्भवती महिला की मौत हो गई। परिजनों ने इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए चिकित्सक और अस्पताल कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या का मुकदमा दर्ज कराया है। घटना के बाद अस्पताल बंद कर आरोपी फरार बताए जा रहे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही है। मृतका की पहचान सरपतहा थाना क्षेत्र के पट्टी नरेंद्रपुर गांव निवासी रिंकू माली की पत्नी लक्ष्मी के रूप में हुई है। वह छह माह की गर्भवती थीं और उनका इलाज इसी निजी अस्पताल में चल रहा था। बुधवार को पेट में तेज दर्द होने पर उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था। परिजनों का आरोप है कि उपचार शुरू होने के बाद उनकी स्थिति में सुधार होने के बजाय दर्द और बढ़ गया। शाम को चिकित्सक लक्ष्मी को जिले के एक अन्य निजी अस्पताल ले गए। आधी रात के बाद उन्हें वापस लाया गया और बताया गया कि ऑपरेशन के दौरान उनकी मृत्यु हो गई है। यह सूचना मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया और अस्पताल पक्ष से कहासुनी भी हुई। परिजनों ने यह भी आरोप लगाया कि मृत नवजात का शव उन्हें न तो दिखाया गया और न ही सौंपा गया। इसी रोड पर स्थित एक पैथोलॉजी जहां मृतका का अल्ट्रासाउंड किया गया था, वहां पुलिस जांच के लिए पहुंची। संचालक ने बताया कि सारा डेटा कंप्यूटर से डिलीट हो गया है। मृतका के पति रिंकू माली की तहरीर पर पुलिस ने चिकित्सक और कर्मचारियों के खिलाफ गैर इरादतन हत्या सहित संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट और जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
कोटा और बूंदी जिले के ग्रामीण इलाकों में किसानों तथा पशुपालकों पर हो रहे कथित अत्याचार और प्रशासनिक कार्रवाई के विरोध में ग्रामीणों का गुस्सा भड़क उठा। कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में सैकडों की तादाद में पशुपाल और किसान कोटा में सीएडी सर्किल पर पहुंचे और धरने पर बैठे। कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल ने बताया कि पिछले दो सालों से सरकारी मशीनरी की ओर से कोटा व बूंदी जिलों के पशुपालकों का उत्पीड़न किया जा रहा है। वन विभाग द्वारा दशकों से जंगल क्षेत्रों में बसे गांवों की कृषि भूमि और पशु बाड़ों को उजाड़कर लोगों को जबरन बेदखल किया जा रहा है। हाल ही में कोलाना, अमरकुंआ में हुआ विवाद इसका उदाहरण है, जिससे क्षेत्र में भारी तनाव का माहौल बना हुआ है। इसके अलावा, कोटा विकास प्राधिकरण के दायरे को बढ़ाकर सैकड़ों गांवों तक फैला दिया गया है। ग्रामीणों का कहना है कि केडीए की ओर से उन गरीब लोगों के मकानों और जमीनों को भी उजाड़ा जा रहा है जो वहां पिछले 30 से 100 सालों से विपरीत कब्जों (एडवर्स पजेशन) के आधार पर रह रहे हैं और आवंटन की पात्रता रखते हैं। ग्रामीणों का आरोप है कि केडीए की इस दमनकारी कार्रवाई से लगभग 200 गांवों के लोग सीधे प्रभावित हो रहे हैं। रानपुर थाने की घटना और पुलिसिया बर्बरता का विरोधप्रदर्शनकारियों ने प्रशासन की इस कार्रवाई की तुलना अंग्रेजों के शासन से करते हुए कहा कि अपनी आजीविका और जमीन बचाने के लिए शांतिपूर्ण विरोध करने वाले ग्रामीणों पर संगीन धाराओं में मुकदमे दर्ज कर उन्हें जेलों में डाला जा रहा है। हाल ही में रानपुर थाने में पुलिस द्वारा ग्रामीणों के साथ किए गए अमानवीय व्यवहार और गंभीर अत्याचार की बात भी धरने प्रदर्शन में उठाई गई है। ग्रामीणों की प्रमुख मांगेवन अधिकार अधिनियम-2006 का पालन यानी जो लोग पिछले 75 सालों या 3 पीढ़ियों से वन क्षेत्रों में बसे हैं, उन्हें वहां से किसी भी कीमत पर बेदखल न किया जाए। विपरीत कब्जों का नियमन किया जाए, बरड़ क्षेत्र में पिछले 50 वर्षों से तथा अन्य क्षेत्रों में लगभग 30 वर्षों से काबिज लोगों के लिए राज्य सरकार नियम बनाकर जमीन का आवंटन करे। ग्रामीणों ने सवाल उठाया कि जब शहरी भूमि कन्वर्जन में बिल्डरों को 20 प्रतिशत सिवाईचक भूमि का पट्टा देने का प्रावधान है, तो फिर गांवों के साथ यह सौतेला व्यवहार क्यों किया जा रहा है। आदिवासी भील समुदाय को संरक्षण प्रदान किया जाए। रानपुर थाने में हुए मामले में निष्पक्ष जांच करवाकर दोषी अधिकारियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए तथा निर्दोष ग्रामीणों की गिरफ्तारियों पर तुरंत रोक लगाई जाए। गुंजल ने बताया कि ये सभी गांव लगभग 200 से 400 साल पुराने हैं। सरकार ने हमारी मांगों को गंभीरता से नहीं लिया और दमनकारी नीतियों को नहीं रोका, तो हमें मजबूरन एक बड़े संघर्ष का रास्ता अपनाना पड़ेगा, जिसकी संपूर्ण जिम्मेदारी राज्य सरकार और स्थानीय प्रशासन की होगी।
केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से राजस्थान सहित 16 राज्यों में रेड डाली गई। डिजिटल अरेस्ट गिरोह पर शिकंजा कसते हुए 80 से ज्यादा ठिकानों पर गुरुवार सुबह छापेमारी की गई। सीबीआई ने गिरोह के दो बदमाशों को अरेस्ट किया है। सीबीआई के मुताबिक- राजस्थान सहित देश के 16 राज्यों में एक साथ कार्रवाई करते हुए 80 से अधिक स्थानों पर छापेमारी की। ऑपरेशन चक्र-6 के तहत गठित 60 विशेष टीमों ने इस कार्रवाई को अंजाम दिया। सीबीआई रेड की कार्रवाई डिजिटल अरेस्ट ठगी के 200 से अधिक मामलों में जुड़े नेटवर्क को तोड़ने के लिए की गई। जांच में सामने आया कि आरोपी शेल कंपनियां बनाकर और फेक (म्यूल) बैंक अकाउंट संचालित कर साइबर फ्रॉड की करीब 2 करोड़ रुपए की अवैध कमाई को ठिकाने लगा रहे थे। मामले में चेन्नई और कोलकाता से दो आरोपियों को गिरफ्तार किया गया है। जानकारी के अनुसार- इस नेटवर्क के बदमाशों की ओर से भारत के साथ अन्य देशों के लोगों को भी निशाना बनाने की संभावना है। संबंधित देशों की कानून प्रवर्तन एजेंसियों को भी इसकी जानकारी दी जा रही है। सुप्रीम कोर्ट की वेबसाइट से मिलता बनाया था फेक डोमेन जांच एजेंसी ने बताया- हाल ही सुप्रीम कोर्ट की ऑफिशियल वेबसाइट से मिलता-जुलता एक फेक डोमेन भी सामने आया था। फ्रॉड गैंग इसी वेबसाइट का यूज कर लोगों को डिजिटल अरेस्ट का डर दिखाकर ठगी करते थे। सुप्रीम कोर्ट रजिस्ट्री की शिकायत पर CBI ने FIR दर्ज कर जांच शुरू की थी। टेक्निकल जांच और फोरेंसिक एनालिसिस के बाद CBI ने देश और विदेश में फैले इस साइबर नेटवर्क के इम्पोटेंट लिंक की पहचान की थी। जांच में यह भी पता चला कि आरोपी अदालतों और विभिन्न कानून प्रवर्तन एजेंसियों के नाम से फेक आदेश और डॉक्यूमेंट तैयार कर पीड़ितों को असली कार्रवाई का झांसा देते थे। छापेमारी के दौरान कई आपत्तिजनक दस्तावेज, डिजिटल उपकरण, मोबाइल फोन और बैंक लेनदेन से जुड़े रिकॉर्ड जब्त किए गए हैं। इनकी फोरेंसिक जांच जारी है। ………….. यह खबर भी पढ़ें... CGST असिस्टेंट कमिश्नर के ठिकानों पर CBI छापा:ढाई करोड़ की कार,ज्वेलरी, मकान, प्लॉट समेत करोड़ों की प्रॉपर्टी मिली केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की टीम ने जयपुर के सीजीएसटी (केंद्रीय वस्तु एवं सेवा कर) सहायक आयुक्त के जयपुर अंकलेश्वर और अहमदाबाद समेत कई ठिकानों पर छापे मारी की थी। कार्रवाई में कई शहरों में प्लॉट, मकान, कॉमर्शियल स्पेस सहित बड़ी संख्या में प्रॉपर्टी मिली थी। वहीं छापों में पोर्श और जीप कंपास जैसी प्रीमियम गाड़ियां भी मिली थी। (पूरी खबर पढ़ें)
करनाल में कुंजपुरा रोड पर सुबह काम पर जा रहे एक सिक्योरिटी गार्ड पर 10-12 युवकों ने जानलेवा हमला कर दिया। हमलावर बाइक पर सवार होकर आए और पहले उसकी बाइक को टक्कर मारकर गिराया, फिर लाठी-डंडों और गंडासियों से वार किए। गंभीर हालत में घायल युवक को करनाल के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सूचना मिलने के बाद पुलिस ने मौके पर पहुंचकर जांच शुरू कर दी है। बुढाखेड़ा निवासी 25 वर्षीय रोहन सिक्योरिटी गार्ड का काम करता है। वह रोज की तरह अपने काम पर जा रहा था और उसके साथ उसका भाई भी मौजूद था। जैसे ही वे कुंजपुरा रोड पर आदर्श स्कूल के पास पहुंचे, तभी 10-12 युवक बाइक पर सवार होकर आए और उन्होंने उनकी बाइक को ओवरटेक कर टक्कर मार दी। टक्कर लगने से दोनों सड़क पर गिर गए। भाई को छोड़ रोहन के पीछे भागे हमलावर रोहन के भाई ने बताया कि गिरने के बाद कुछ हमलावर उसकी तरफ बढ़े, लेकिन तभी उनमें से एक युवक ने कहा कि यह वह लड़का नहीं है, दूसरा लड़का पेट्रोल पंप की तरफ भागा है। इसके बाद सभी हमलावर रोहन के पीछे दौड़ पड़े। रोहन जान बचाने के लिए पेट्रोल पंप की तरफ भागा, लेकिन वहां पहुंचकर गिर गया, जहां हमलावरों ने उसे घेरकर हमला कर दिया। गंडासियों और डंडों से किए कई वार हमलावरों के हाथों में गंडासियां और लाठी-डंडे थे। उन्होंने रोहन पर ताबड़तोड़ वार किए। बताया जा रहा है कि रोहन को तीन गंडासियां लगी हैं, जिससे उसकी हालत गंभीर बनी हुई है। घायल अवस्था में उसे तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसका इलाज चल रहा है। पिता को पेट्रोल पंप से मिला फोन रोहन के पिता जसविंद्र ने बताया कि उन्हें एक पेट्रोल पंप कर्मचारी का फोन आया था, जिसने घटना की जानकारी दी। इसके बाद वह परिवार के साथ मौके पर पहुंचे और घायल बेटे को अस्पताल में भर्ती कराया। उन्होंने बताया कि हमलावर पहले से ही रैकी कर रहे थे और रोहन का इंतजार कर रहे थे। पुरानी रंजिश में हमला करने का आरोप परिजनों का कहना है कि करीब चार साल पहले गांव में किसी के साथ झगड़ा हुआ था। उसी रंजिश के चलते इस वारदात को अंजाम दिया गया है। फिलहाल मामले की शिकायत पुलिस को दे दी गई है और पुलिस हमलावरों की पहचान कर कार्रवाई में जुटी हुई है।
नवीन पुल की जद में आए 10 मकान ध्वस्त:उन्नाव में 28 भवनों पर अभी चलेगी कार्रवाई, नया गंगापुल बनेगा
उन्नाव के शुक्लागंज क्षेत्र में बन रहे नवीन पुल की जद में आ रहे मकानों को गिराने का अभियान लगातार जारी है। राजस्व विभाग और सेतु निगम की संयुक्त कार्रवाई में अब तक 10 मकानों को पोकलैंड मशीन से ध्वस्त किया जा चुका है। गुरुवार को भी इस अभियान के दौरान तीन मकानों को ढहा दिया गया। अधिकारियों का कहना है कि शेष मकानों को हटाने की कार्रवाई भी जल्द ही पूरी कर ली जाएगी। मिश्रा कॉलोनी इलाके में नवीन पुल निर्माण के चलते कुल 38 मकान प्रभावित हो रहे थे। इन भवन स्वामियों को प्रशासन की ओर से पहले ही मुआवजे के चेक का भुगतान किया जा चुका है। इसके साथ ही मकान खाली करने के लिए नोटिस भी जारी किए गए थे। राजस्व विभाग की ओर से रविवार से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई शुरू की गई थी। शुरुआत में जेसीबी मशीन से मकानों को तोड़ने का काम कराया गया, लेकिन लगातार दो दिनों तक काम करने के बाद जेसीबी मशीन खराब हो गई। इसके बाद प्रशासन ने पोकलैंड मशीन लगाकर ध्वस्तीकरण की कार्रवाई शुरू कर दी। गुरुवार सुबह राजस्व विभाग के लेखपाल आशू श्रीवास्तव, फाजिल अंसारी और सेतु निगम के जेई कुंदन की मौजूदगी में तीन मकानों को गिराया गया। अधिकारियों के अनुसार, अब तक कुल 10 मकानों को ध्वस्त किया जा चुका है, जबकि 28 मकान अभी शेष हैं। इन भवनों को हटाने के लिए अभियान लगातार जारी रहेगा। प्रशासनिक अधिकारियों ने बताया कि सभी प्रभावित भवन स्वामियों ने अपने मकान खाली कर दिए हैं। लोग अपने घरों से गृहस्थी का सामान पहले ही दूसरी जगह ले जा चुके हैं। कई लोग मकानों के दरवाजे, खिड़कियां और अन्य उपयोगी सामान भी अपने साथ ले जा रहे हैं।
फर्रुखाबाद के मोहम्मदाबाद कोतवाली क्षेत्र में गुरुवार सुबह एक अधेड़ का शव मिलने से हड़कंप मच गया। मुडगांव रोड पर गैस प्लांट के पीछे मोड़ पर शव पड़ा मिला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच पड़ताल शुरू की। मृतक की पहचान थाना जहानगंज क्षेत्र के ग्राम हिसामपुर निवासी 55 वर्षीय महेंद्र सिंह पुत्र रामपाल सिंह के रूप में हुई है। वह सुमंगल कोल्ड स्टोरेज में कार्यरत थे। परिजनों के अनुसार, महेंद्र सिंह बुधवार रात करीब 10 बजे कोल्ड स्टोरेज में ड्यूटी पर जाने के लिए घर से निकले थे। आशंका है कि रास्ते में गैस प्लांट के मोड़ से पहले उनकी बाइक अज्ञात कारणों से खंती में गिर गई। घायल अवस्था में रात भर पड़े रहने के कारण उनकी मौत हो गई। गुरुवार सुबह ग्राम मुडगांव निवासी अवधेश सिंह भदौरिया टहलते हुए गैस प्लांट की तरफ आए, तो उन्होंने खंती में शव पड़ा देखा। उन्होंने तत्काल डायल 112 पर पुलिस को सूचना दी। मौके पर पहुंची पुलिस ने मोटरसाइकिल का नंबर ट्रेस कर मृतक की पहचान की। बाइक सवार और बाइक का पता हिसामपुर का मिला। इसके बाद थाना पुलिस ने परिजनों को सूचना दी। परिजन मौके पर पहुंचे और पुष्पेंद्र ने शव की पहचान अपने भाई महेंद्र सिंह के रूप में की। मृतक के दो बेटे और एक बेटी है, जिनमें बड़े बेटे की शादी हो चुकी है। महेंद्र सिंह कोल्ड स्टोरेज में नौकरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
उन्नाव में युवक ने घर में फांसी लगाई:पुलिस ने जताई सुसाइड की आशंका, परिजनों से कारणों को लेकर पूछताछ
उन्नाव के सोहरामऊ थाना क्षेत्र के बजेहरा गांव में गुरुवार सुबह एक युवक ने संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान 35 वर्षीय छेदी लाल के रूप में हुई है, जो मजदूरी कर अपने परिवार का भरण-पोषण करते थे। उनकी मौत से पत्नी और छह बच्चों पर संकट आ गया है। जानकारी के अनुसार, छेदी लाल पुत्र स्वर्गीय जगदेव अपने परिवार के साथ बजेहरा गांव में रहते थे। गुरुवार सुबह उन्होंने घर के अंदर संदिग्ध परिस्थितियों में फांसी लगा ली। काफी देर तक जब परिजनों को उनकी जानकारी नहीं मिली, तो तलाश शुरू की गई। इस दौरान उन्हें फंदे से लटका हुआ पाया गया। परिजनों ने आनन-फानन में उन्हें फंदे से नीचे उतारा, लेकिन तब तक उनकी मौत हो चुकी थी। घटना की सूचना मिलते ही आसपास के लोग मौके पर पहुंच गए और पुलिस को जानकारी दी गई। सोहरामऊ थाना पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और जांच शुरू कर दी। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस यह पता लगाने का प्रयास कर रही है कि युवक ने किन परिस्थितियों में यह कदम उठाया। आत्महत्या के कारणों का अभी तक स्पष्ट पता नहीं चल सका है। ग्रामीणों के मुताबिक, छेदी लाल अपने परिवार की आर्थिक जिम्मेदारी संभालते थे। उनके परिवार में पत्नी के अलावा तीन बेटियां और तीन बेटे हैं। पिता की अचानक मौत से बच्चों और परिजनों के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो गई है। थानाध्यक्ष अरविंद पांडे ने बताया कि पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। साथ ही, परिजनों से पूछताछ कर घटना के कारणों का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है।
अनूपपुर जिले में ज्येष्ठ मास शुक्ल पक्ष की निर्जला एकादशी (भीमसैनी ग्यारस) के अवसर पर गुरुवार को नर्मदा नदी के विभिन्न घाटों पर श्रद्धालुओं की भीड़ रही। 20 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने नदी में स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई। सुबह से ही नर्मदा तटों पर लोगों का पहुंचना शुरू हो गया था। श्रद्धालुओं ने परिवार के साथ स्नान कर पूजा-अर्चना और ध्यान किया। स्नान के बाद मंदिरों में दर्शन और आरती का क्रम दिनभर चलता रहा। अमरकंटक सहित कई क्षेत्रों से पहुंचे श्रद्धालु निर्जला एकादशी पर अमरकंटक के रामघाट, कोटितीर्थ कुंड, पुष्कर बांध और आरंडी संगम सहित कई स्नान स्थलों पर भक्तों की भीड़ रही। पुष्पराजगढ़, अनूपपुर, कोतमा, बुढार, धनपुरी, शहडोल, गौरेला, पेंड्रा, मरवाही, कोरबा, बिलासपुर, लोरमी और मुंगेली सहित आसपास के क्षेत्रों से बड़ी संख्या में श्रद्धालु पहुंचे। राजस्थान और उत्तर प्रदेश से भी लोग धार्मिक आयोजन में शामिल हुए। पूजा-अर्चना और धार्मिक अनुष्ठान श्रद्धालुओं ने नर्मदा स्नान के बाद जप, तप और साधना की। कई स्थानों पर भजन-कीर्तन और आरती का आयोजन भी किया गया। लोगों ने सुख-समृद्धि और कल्याण की कामना के साथ धार्मिक अनुष्ठान पूरे किए। स्थानीय लोगों के अनुसार, पिछले वर्षों की तुलना में इस बार श्रद्धालुओं की संख्या कुछ कम रही। इसका कारण किसानों का खेती-किसानी के कामों में व्यस्त होना बताया जा रहा है। भीड़ को देखते हुए प्रशासन की ओर से पुलिस बल की तैनाती की गई थी। घाटों पर व्यवस्था बनाए रखने के लिए निगरानी भी की गई।
भारतीय जनता पार्टी ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश की राजनीति में बड़ा दांव खेलते हुए वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री नवाब सिंह नागर को पश्चिमी उत्तर प्रदेश का क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। पार्टी के इस फैसले को आगामी चुनावों और पश्चिमी यूपी में संगठन को और मजबूत करने की रणनीति के तौर पर देखा जा रहा है। नवाब सिंह नागर लंबे समय से भाजपा और क्षेत्रीय राजनीति का प्रभावशाली चेहरा रहे हैं। वह उत्तर प्रदेश सरकार में मंत्री रह चुके हैं और 1996 से 2007 के बीच दादरी विधानसभा क्षेत्र का दो बार प्रतिनिधित्व कर चुके हैं। वर्तमान में वह लाल बहादुर शास्त्री गन्ना विकास बोर्ड के अध्यक्ष होने के साथ-साथ प्रदेश भाजपा के उपाध्यक्ष की जिम्मेदारी भी संभाल रहे हैं। गुर्जर किसानों के बीच मजबूत पकड़पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसानों, ग्रामीण क्षेत्रों और जाट और गुर्जर समाज के बीच उनकी मजबूत पकड़ मानी जाती है। राजनीतिक जीवन के दौरान उन्होंने कई जनआंदोलनों का नेतृत्व किया। नोएडा शहर के धन को बाहर स्थानांतरित करने के विरोध, स्टांप शुल्क वृद्धि के खिलाफ अभियान, किसानों के अधिकारों और जिला बहाली आंदोलन में उनकी सक्रिय भूमिका रही है। इन आंदोलनों के चलते उन्हें कई बार जेल भी जाना पड़ा और दर्जनों बार गिरफ्तारी का सामना करना पड़ा। कई बड़े आंदोलन का रहे हिस्सानागर ने 2014 से डीएनडी फ्लाईवे टोल के खिलाफ बड़ा आंदोलन चलाया था। 2015 में उन्होंने टोल विरोधी कार रैली आयोजित की और 2016 में अनिश्चितकालीन धरना शुरू किया। आंदोलन के दौरान उनकी गिरफ्तारी भी हुई, लेकिन बाद में सुप्रीम कोर्ट के आदेश के बाद डीएनडी फ्लाईवे टोल मुक्त हो गया। इसके अलावा यमुना प्राधिकरण के 21 हजार भूखंड आवंटियों के मुद्दे को लेकर भी उन्होंने आंदोलन और जनहित याचिका दायर कर महत्वपूर्ण भूमिका निभाई थी। वोट बैंक के बीच अच्छी पकड़राजनीतिक जानकारों का मानना है कि भाजपा ने पश्चिमी उत्तर प्रदेश में किसान, ग्रामीण और जाट वोट बैंक के बीच अपनी पकड़ मजबूत करने के उद्देश्य से नागर को यह महत्वपूर्ण जिम्मेदारी सौंपी है। उनकी नियुक्ति को संगठन और जनाधार के बीच बेहतर तालमेल स्थापित करने की कोशिश के रूप में देखा जा रहा है।
धनबाद जिले की झरिया-बलियापुर मुख्य सड़क भू-धंसान के कारण बदहाल हो गई है। वर्ष 2022 में 44 करोड़ रुपए की लागत से बनी इस सड़क का एक बड़ा हिस्सा बीच से धंस गया है, जिससे इस महत्वपूर्ण मार्ग पर आवागमन बुरी तरह प्रभावित हुआ है। यह सड़क झरिया, बलियापुर, निरसा और पश्चिम बंगाल को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण लाइफलाइन है। प्रतिदिन हजारों लोग नौकरी, व्यवसाय, स्कूल और अन्य आवश्यक कार्यों के लिए इसी मार्ग का उपयोग करते हैं। सड़क खराब होने के कारण लोगों को अब लंबा वैकल्पिक रास्ता तय करना पड़ रहा है, जिससे उनके समय और पैसा दोनों की बर्बादी हो रही है। स्थानीय निवासियों के अनुसार, सड़क टूटे हुए कई महीने हो चुके हैं, लेकिन इसका कोई स्थायी समाधान नहीं निकल पाया है। प्रशासन और बीसीसीएल ने एक वैकल्पिक मार्ग की व्यवस्था की है, लेकिन बारिश के मौसम में इस रास्ते पर भी खतरा बढ़ गया है। लोगों को आशंका है कि लगातार बारिश से भू-धंसान की स्थिति और बिगड़ सकती है। करोड़ों रुपये खर्च होने के बावजूद सड़क की यह स्थिति चिंता का विषय बनी हुई है। जनता अब सरकार और संबंधित विभाग से जल्द से जल्द स्थायी मरम्मत की मांग कर रही है, ताकि सुरक्षित और सुगम आवागमन बहाल हो सके। इस मामले पर धनबाद उपायुक्त आदित्य रंजन ने बताया कि झरिया-बलियापुर मुख्य सड़क के निर्माण और मरम्मत के लिए आवश्यक डिपॉजिट राशि बीसीसीएल को जमा करनी है। प्रशासन ने लगभग तीन महीने पहले ही बीसीसीएल को इस संबंध में पत्र भेजा था और लगातार पत्राचार जारी है। उपायुक्त ने आगे बताया कि पथ निर्माण विभाग (RCD) द्वारा सड़क मरम्मत का अनुमान (एस्टिमेट) पहले ही तैयार कर भेजा जा चुका है। बीसीसीएल द्वारा फंड जमा करते ही सड़क का काम शुरू कर दिया जाएगा। उन्होंने यह भी कहा कि बैठकों में इस मुद्दे को गंभीरता से उठाया गया है और बीसीसीएल प्रबंधन को जल्द से जल्द राशि जारी करने का निर्देश दिया गया है।
हनुमानगढ़ में कलेक्ट्रेट पर राजस्थान शिक्षक संघ के बैनर तले शिक्षकों ने प्रदर्शन किया। लंबित समस्याओं के समाधान की मांग को लेकर यह प्रदर्शन किया गया। इस दौरान संगठन ने जिला प्रशासन के माध्यम से शिक्षा मंत्री को 15 सूत्रीय मांगपत्र भेजा और तत्काल निर्णय लेने की अपील की। संघ ने चेतावनी दी है कि यदि सरकार ने जल्द सकारात्मक कदम नहीं उठाए तो आंदोलन तेज किया जाएगा। संघ के सदस्यों ने प्रमुख मांगों में वर्ष 2012 से पहले नियुक्त शिक्षकों के लिए शिक्षक पात्रता परीक्षा (टीईटी) की अनिवार्यता समाप्त करने की मांग की। उन्होंने तृतीय श्रेणी शिक्षकों के स्थानांतरण पर लगी रोक हटाने, तबादला प्रक्रिया शुरू करने और सभी संवर्गों के लिए एक पारदर्शी एवं स्थायी स्थानांतरण नीति लागू करने की अपील की। मांगों को लेकर मुखर की आवाजइसके अलावा शिक्षकों ने पे-प्रोटेक्शन के नाम पर हो रही विसंगति पर रोक लगाने की मांग की। उन्होंने शैक्षणिक कैलेंडर को व्यावहारिक बनाने और ग्रीष्मावकाश को पहले की तरह लागू रखने पर भी जोर दिया। संघ ने विद्यालयों में लंबे समय से लंबित छात्र ट्रांसपोर्ट वाउचर के भुगतान, विद्यार्थियों की संख्या के अनुसार पर्याप्त शिक्षकों की नियुक्ति और बिजली-पानी तथा कक्षाओं जैसी आधारभूत सुविधाएं उपलब्ध कराने की मांग भी उठाई। उन्होंने प्रत्येक विद्यालय में नियमित सफाई कर्मचारी नियुक्त करने का भी आग्रह किया। प्रदेशव्यापाी आंदोलन को तेज करने की चेतावनीअध्यक्ष जगनंदन सिंह ने कहा कि संगठन पूर्व में भी विभिन्न चरणों में प्रदर्शन और ज्ञापन के माध्यम से सरकार का ध्यान इन मुद्दों की ओर आकर्षित कर चुका है, लेकिन अब तक कोई ठोस निर्णय नहीं हुआ। उन्होंने कहा कि यदि शिक्षकों की जायज मांगों की लगातार अनदेखी की गई तो संगठन प्रदेशव्यापी आंदोलन को और तेज करेगा, जिसकी जिम्मेदारी सरकार और प्रशासन की होगी।
अमरोहा के मोहल्ला चिओ बिजली घर के पीछे रहने वाले दर्जनों परिवार पिछले चार साल से बिजली-पानी जैसी बुनियादी सुविधाओं से वंचित हैं। इन परिवारों ने आरोप लगाया है कि बिजली विभाग के जेई और लाइनमैन कनेक्शन लगाने के बजाय उनसे अवैध वसूली कर रहे हैं और उन्हें धमकियां दे रहे हैं। गुरुवार को जिलाधिकारी (डीएम) को सौंपे गए प्रार्थना पत्र में मोहल्लेवासियों ने बताया कि वे करीब पांच साल से इस क्षेत्र में रह रहे हैं। उनके आसपास के सभी घरों में बिजली के मीटर लगे हैं, लेकिन उनके घरों को कनेक्शन नहीं मिला। पिछले चार साल से वे एक व्यक्ति को हर महीने 600 रुपये देकर रात में केवल दो घंटे बिजली ले रहे थे। आरोप है कि कुछ महीने पहले लाइनमैन और जेई ने बिजली के लिए ली जाने वाली राशि 600 रुपये से बढ़ाकर 1000 रुपये कर दी। इतनी राशि देने के बावजूद उन्हें 24 घंटे बिजली नहीं मिल रही थी। इस परेशानी से तंग आकर मोहल्लेवासियों ने एक अधिवक्ता की सलाह पर ऑनलाइन बिजली कनेक्शन के लिए आवेदन किया और दाऊद सराय रोड बिजली घर पर जेई को फॉर्म जमा कर दिया। हालांकि, कई दिन बीत जाने के बाद भी किसी भी घर में बिजली का मीटर नहीं लगाया गया। भीषण गर्मी और पानी की कमी के कारण बच्चे बीमार पड़ रहे हैं, जिसमें एक नवजात शिशु और उसकी मां भी शामिल हैं। जब लोगों ने मजबूरी में बिजली के खंभे से तार जोड़कर रोशनी की व्यवस्था की, तो जेई और लाइनमैन ने कथित तौर पर उनके साथ गाली-गलौच और छेड़छाड़ की। उन्हें झूठे मुकदमे में फंसाकर जेल भेजने की धमकी भी दी गई। मोहल्लेवासियों का आरोप है कि अब जेई एस्टीमेट के नाम पर उनसे 1,30,000 रुपये की मांग कर रहा है। फिलहाल, मोहल्लेवासियों ने जिलाधिकारी को पत्र सौंपकर इस मामले में उचित कार्रवाई की मांग की है।
चित्रकूट के सरधुवा थाना क्षेत्र में गुरुवार को ट्रैक्टर-ट्रॉली पलटने से 15 वर्षीय किशोर की मौत हो गई। यह हादसा उस समय हुआ जब किशोर खेत से खाद डालकर घर लौट रहा था। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है। जानकारी के अनुसार, सरधुवा थाना क्षेत्र के नैनी गांव निवासी 15 वर्षीय रैदास खेत में खाद डालने के बाद खाली ट्रैक्टर-ट्रॉली लेकर वापस घर आ रहा था। इसी दौरान रास्ते में ट्रैक्टर-ट्रॉली अचानक अनियंत्रित होकर पलट गई। हादसे में किशोर गंभीर रूप से घायल हो गया और उसकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। स्थानीय लोगों ने तत्काल मदद का प्रयास किया, लेकिन उसे बचाया नहीं जा सका। घटना की सूचना मिलते ही गांव में ग्रामीण मौके पर पहुंच गए। इस घटना ने नाबालिगों द्वारा कृषि वाहनों के संचालन के मुद्दे को फिर से उजागर किया है। यह जांच का विषय है कि 15 वर्षीय नाबालिग को ट्रैक्टर-ट्रॉली चलाने की अनुमति किसने दी थी, जबकि सड़क और कृषि वाहनों के संचालन के लिए निर्धारित नियम हैं। थाना प्रभारी शिवासरे ने बताया कि नाबालिग किशोर की ट्रैक्टर पलटने से मृत्यु हुई है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची और आवश्यक कार्रवाई की। शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस पूरे मामले की जांच कर रही है और हादसे के कारणों का पता लगाया जा रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि नाबालिगों से वाहन चलवाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।
गोरखपुर में AK-47 गैंग पर कार्रवाई:सोशल मीडिया पर डालते थे आक्रामक मैसेज और फोटो, 13 गिरफ्तार
गोरखपुर में सोशल मीडिया पर एके-47 ग्रुप बनाकर आक्रामक मैसेज और फोटो डालने वाले यूजर पर कैंपियरगंज पुलिस ने कार्रवाई की है। सोशल मीडिया की निगरानी कर रही पुलिस ने 2 दिन में 13 युवकों को गिरफ्तार कर उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई है। इनके खिलाफ लगातार शिकायत मिल रही थी। सोशल मीडिया पर लगातार 18 से 30 साल तक के युवा एके-47, महाकाल समेत कई नामों से ग्रुप बनाकर आक्रामकता प्रदर्शित कर रहे थे। इसकी शिकायत भी पहुंच रही थी। एसएसपी के निर्देश पर सोशल मीडिया की निगरानी के लिए पुलिस की स्पेशल टीम बनाई गई है। इधर 2 दिनों में सोशल मीडिया पर सक्रिय ग्रुप, जिसमे लगातार आक्रामक मैसेज और फोटो अपलोड किए जा रहे थे। उनके यूजर के बारे में जानकारी हासिल कर उन्हें गिरफ्तार किया गया। बुधवार और गुरुवार को प्रभारी कैम्पियरगंज के नेतृत्व में थाना क्षेत्र में ग्रुप बनाकर आम जनता को परेशान, दूसरों को उकसाने का और शान्ति व्यवस्था भंग करने के आरोप में 13 व्यक्तियों को गिरफ्तार कर पाबंद किया गया। सोशल मीडिया की तस्वीरें… पकड़े गए लोगों के नाम पकड़े गए लोगों में कैंपियरगंज के हरनाथपुर गांव के प्रभाकर यादव, भरवलिया के ऋषिकेश साहनी, बसंतपुर टोला मनसा पुरवा का ऋषिकेश साहनी, गुलरिया टोला के विकास उर्फ छोटू, धर्मपुर टोला सिकंदरपुर के अनूप गुप्ता, भरवलिया का गुलशन साहनी, रामनगर केवटलिया काा शेरू खान, रिंकू यादव, धर्मपुर टोला सिकंदरपुर के रितिक गुप्ता, गुलहरिया टोला लालपुर के शिवम शर्मा, महावनखोर के दिपांशु पासवान, हरनाथपुर के प्रतिक यादव और शवलहिया के नीरज पाल का नाम शामिल है। पुलिस ने इनके खिलाफ एफआईआर दर्ज कर कानूनी कार्रवाई की है। इस संबंध में एसपी नॉर्थ ज्ञानेंद्र कुमार ने बताया कि सोशल मीडिया पर आक्रामकता फैलाने वालों पर कार्रवाई की जा रही है। सोशल मीडिया की लगातार निगरानी चल रही है।
मोहर्रम जुलूस को लेकर पुलिस अलर्ट:अमेठी में 1083 ताजिया, 420 जुलूसों की ड्रोन से निगरानी
अमेठी में मोहर्रम के जुलूसों को लेकर पुलिस ने सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए हैं। जिले में कुल 1083 ताजिया स्थापित किए गए हैं और 420 स्थानों से जुलूस निकाले जाएंगे। इन जुलूसों की ड्रोन कैमरों से निगरानी की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर जिले को चार जोन और 17 सेक्टर में बांटा गया है। प्रत्येक जुलूस के साथ एक वीडियोग्राफी और फोटोग्राफी टीम तैनात की गई है। संवेदनशील इलाकों में घरों की छतों पर भी पुलिसकर्मी तैनात रहेंगे। पुलिस बल के अतिरिक्त, एक कंपनी पीएसी, सिविल डिफेंस और एनसीसी के जवानों को भी तैनात किया गया है। जुलूसों के साथ पुलिस स्वयंसेवकों को भी लगाया गया है ताकि व्यवस्था बनी रहे। मुख्य रूप से 26 और 27 जून को निकलने वाले जुलूसों के लिए विशेष तैयारी की गई है। इन दिनों पुलिस के साथ-साथ मजिस्ट्रेट भी तैनात रहेंगे ताकि शांतिपूर्ण माहौल सुनिश्चित किया जा सके। मोहर्रम को शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न कराने के लिए सभी थानों और जिला स्तर पर बैठकें आयोजित की गई हैं। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि जुलूस केवल निर्धारित मार्गों से ही निकलें और परंपरा से हटकर कोई नया मार्ग न अपनाया जाए। किसी भी सूरत में अस्त्र-शस्त्रों का प्रयोग प्रतिबंधित रहेगा। पुलिस सोशल मीडिया पर भी पैनी नजर रख रही है। यदि कोई व्यक्ति सोशल मीडिया पर आपत्तिजनक पोस्ट करता है, तो उसके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। यह जानकारी पुलिस अधीक्षक सरवणन टी ने दी।
जौनपुर में भीषण गर्मी और उमस के कारण बिजली कटौती की समस्या बढ़ गई है। जिले में तापमान 42 डिग्री सेल्सियस के आसपास पहुंचने से दिन और रात दोनों समय लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। बार-बार बिजली गुल होने और लो-वोल्टेज की समस्या से जनजीवन प्रभावित हो रहा है। ग्रामीण क्षेत्रों में भी कई घंटों तक बिजली आपूर्ति बाधित रहने की शिकायतें सामने आ रही हैं। दिन में बिजली कटौती से व्यापारिक गतिविधियां प्रभावित हो रही हैं, वहीं रात में बिजली गुल होने से लोगों की नींद पूरी नहीं हो पा रही है। घरों में पंखे, कूलर और एयर कंडीशनर बंद होने से बुजुर्ग, बच्चे और मरीज सर्वाधिक प्रभावित हो रहे हैं। कई स्थानों पर ओवरलोड के कारण ट्रांसफार्मरों पर दबाव बढ़ गया है। लो-वोल्टेज की वजह से मोटर, कूलर और अन्य विद्युत उपकरण ठीक से काम नहीं कर पा रहे हैं। बिजली न होने से समरसेबल और पानी की मोटरें नहीं चल पा रही हैं, जिससे पेयजल आपूर्ति पर भी असर पड़ रहा है। उपभोक्ताओं ने गर्मी के इस मौसम में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित करने की मांग की है। दूसरी ओर, विद्युत विभाग का कहना है कि बढ़ती मांग और तकनीकी खराबी के कारण कुछ स्थानों पर आपूर्ति प्रभावित हो रही है। विभागीय टीमें फाल्ट और खराब ट्रांसफार्मरों को जल्द ठीक करने में लगी हुई हैं। गर्मी बढ़ने के साथ ही जिले में बिजली की खपत में लगातार वृद्धि हो रही है। कूलर, एयर कंडीशनर और अन्य उपकरणों के अत्यधिक उपयोग से विद्युत व्यवस्था पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने के लिए विभाग को काफी प्रयास करने पड़ रहे हैं।
पंचकूला जिले में पिंजौर के सूरजपुर बाइपास पर वीरवार सुबह करीब 5 बजे एक सड़क हादसे में तीन यात्री घायल हो गए। हिमाचल प्रदेश से जयपुर जा रहा एक टेंपो ट्रैवलर आगे चल रहे ट्रक से टकरा गया। घायलों को तुरंत अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उनकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। यह हादसा सूरजपुर-सुखोमाजरी बाइपास के पास हुआ। टेंपो ट्रैवलर नारकंडा, हिमाचल प्रदेश से जयपुर जा रहा था। वाहन में लगभग 8 से 10 यात्री सवार थे, जिन्हें चंडीगढ़ से हवाई जहाज द्वारा जयपुर जाना था। पुलिस ने घायलों को पहुंचाया अस्पताल हादसे की सूचना मिलते ही एनएचआई की एंबुलेंस, 112 पुलिस ईआरवी और 112 एंबुलेंस तुरंत मौके पर पहुंचीं। राहत एवं बचाव दल ने घायलों को वाहन से बाहर निकाला और उपचार के लिए सेक्टर-6 नागरिक अस्पताल पहुंचाया। पुलिस ने बताया कि हादसे में घायल हुए सभी यात्री खतरे से बाहर हैं और किसी को भी गंभीर चोट नहीं आई है। घटना के बाद कुछ समय के लिए यातायात प्रभावित हुआ था, जिसे पुलिस ने जल्द ही सामान्य कर दिया। पुलिस फिलहाल दुर्घटना के कारणों की जांच कर रही है।
कन्नौज में 11 कोचिंग सेंटरों पर SDM की छापेमारी:एक बंद, बाकी को फायर सेफ्टी के निर्देश
कन्नौज में एसडीएम सदर नवनीता राय के नेतृत्व में एक टीम ने गुरुवार सुबह 11 कोचिंग सेंटरों पर छापेमारी की। इस दौरान अनियमितताएं पाए जाने पर एक कोचिंग सेंटर को बंद करा दिया गया, जबकि अन्य को फायर सेफ्टी के मानक पूरे करने के निर्देश दिए गए। यह कार्रवाई लखनऊ में एक कोचिंग सेंटर में आग लगने की घटना के बाद जिला प्रशासन की सक्रियता का हिस्सा है। टीम ने छापेमारी के दौरान कोचिंग सेंटरों का पंजीकरण और फायर सेफ्टी सिस्टम की जांच की। अधिकांश सेंटरों पर आग से बचाव के पर्याप्त उपकरण नहीं मिले। एसडीएम ने निर्देश दिए कि जब तक आग बुझाने के पर्याप्त इंतजाम और फायर सेफ्टी सिस्टम स्थापित न कर लिए जाएं, तब तक कोचिंग चालू न की जाए। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि बिना फायर सेफ्टी सिस्टम के कोई कोचिंग सेंटर चालू पाया गया तो उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। शहर के ग्वाल मैदान मोहल्ला स्थित एप्टेक कंप्यूटर सेंटर को तत्काल बंद करवा दिया गया। एसडीएम नवनीता राय ने बताया कि यह छापेमारी जिलाधिकारी आशुतोष मोहन अग्निहोत्री और पुलिस अधीक्षक बिनोद कुमार के निर्देशों पर की गई है। इसका उद्देश्य बच्चों और युवाओं की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कोचिंग सेंटरों में आवश्यक मानकों का पालन कराना है। उन्होंने यह भी बताया कि इस तरह की छापेमारी भविष्य में भी जारी रहेगी।
राजधानी के बागवानी प्रेमियों और पर्यावरण संरक्षण के प्रति जागरूक नागरिकों के लिए 27 जून को गांधी उद्यान स्थित बापू की कुटिया में ‘प्लांट एंड कटिंग स्वैप’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा। प्रकृति की ओर सोसायटी द्वारा आयोजित यह अनूठा कार्यक्रम शाम 4 बजे से 5 बजे तक चलेगा। आयोजन का उद्देश्य शहर में हरियाली बढ़ाने के साथ लोगों को सस्टेनेबल गार्डनिंग के लिए प्रेरित करना है। कार्यक्रम में शामिल होने वाले प्रतिभागी अपने घरों के पौधों की स्वस्थ कटिंग, बीज या जैविक खाद लेकर आ सकेंगे और बदले में अन्य बागवानों से नए पौधों की कटिंग प्राप्त कर सकेंगे। आयोजन को पर्यावरण अनुकूल बनाए रखने के लिए कटिंग को अखबार, जूट या बायोडिग्रेडेबल कप में लाने की अपील की गई है।पसंद का पौधा निशुल्क ले जा सकेंगे घर आयोजकों ने बताया कि बागवानी में रुचि रखने वाले नए लोगों के लिए विशेष ‘एडॉप्ट ए प्लांट’ कॉर्नर भी बनाया जाएगा। यहां ऐसे लोग, जिनके पास देने के लिए कोई कटिंग नहीं है, वे भी अपनी पसंद का पौधा निशुल्क घर ले जा सकेंगे और अपनी गार्डनिंग यात्रा की शुरुआत कर सकेंगे। सोसायटी के अध्यक्ष मोहन वर्ल्यानी ने शहर के सभी प्रकृति प्रेमियों से इस हरित पहल में शामिल होने का आग्रह किया है। यह आयोजन पूरी तरह निशुल्क रहेगा।
हरदा में गुरुवार को कांग्रेस ने शहर की विभिन्न समस्याओं और नगर परिषद की पिछली बैठकों में लिए गए निर्णयों के विरोध में जन आक्रोश रैली निकाली। रैली नारायण टॉकीज चौक से शुरू होकर नगर पालिका कार्यालय तक पहुंची। इस दौरान नगर पालिका का घेराव करने पहुंचे कांग्रेस कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी भी हुई। प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने नगर प्रशासन के खिलाफ नाराजगी जताते हुए कई मांगें उठाईं। नारायण टॉकीज चौक से निकली रैली कांग्रेस द्वारा आयोजित जन आक्रोश रैली की शुरुआत नारायण टॉकीज चौक से हुई। रैली में बड़ी संख्या में कांग्रेस पदाधिकारी, कार्यकर्ता और स्थानीय लोग शामिल हुए। प्रदर्शनकारी शहर की विभिन्न समस्याओं को लेकर नारेबाजी करते हुए नगर पालिका कार्यालय की ओर बढ़े। रैली के दौरान कांग्रेस नेताओं ने नगर परिषद की कार्यप्रणाली और हाल ही में लिए गए कुछ निर्णयों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि शहर की मूलभूत समस्याओं का समाधान नहीं हो पा रहा है, जबकि आम जनता पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ डाला जा रहा है। नगर पालिका घेराव के दौरान झूमाझटकी जब कांग्रेस कार्यकर्ता नगर पालिका कार्यालय पहुंचकर घेराव करने लगे, तब वहां मौजूद पुलिस बल ने उन्हें रोकने का प्रयास किया। इसी दौरान कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झूमाझटकी की स्थिति बन गई। कुछ देर तक मौके पर तनावपूर्ण माहौल बना रहा। हालांकि बाद में स्थिति सामान्य हो गई और प्रदर्शन शांतिपूर्ण ढंग से आगे बढ़ा। पुलिस ने पूरे घटनाक्रम पर नजर बनाए रखी। सिटी बजाकर जताया विरोध प्रदर्शन के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने सिटी बजाकर अपना विरोध दर्ज कराया। उन्होंने इसे जनता की आवाज और नगर प्रशासन के खिलाफ आक्रोश का प्रतीक बताया। रैली और प्रदर्शन के माध्यम से कांग्रेस ने स्पष्ट किया कि यदि शहर की समस्याओं का समाधान नहीं किया गया और जनहित से जुड़े मुद्दों पर उचित कार्रवाई नहीं हुई, तो आगे भी आंदोलन जारी रखा जाएगा। पानी का टैक्स बढ़ाने का विरोध कांग्रेस ने रैली के दौरान नगर परिषद द्वारा पानी के टैक्स में की गई बढ़ोतरी का विरोध किया। नेताओं ने कहा कि पहले जहां लोगों से 75 रुपए पानी टैक्स लिया जाता था, उसे बढ़ाकर 200 रुपए कर दिया गया है। कांग्रेस ने इस निर्णय को आम नागरिकों पर अतिरिक्त आर्थिक बोझ बताते हुए इसे तत्काल वापस लेने की मांग की। उनका कहना था कि बढ़ती महंगाई के बीच इस तरह के फैसले लोगों की परेशानी बढ़ा रहे हैं। संपत्ति कर बढ़ोतरी वापस लेने की मांग प्रदर्शन के दौरान संपत्ति कर में की गई बढ़ोतरी का मुद्दा भी प्रमुखता से उठाया गया। कांग्रेस नेताओं ने कहा कि नगर परिषद को कर बढ़ाने के बजाय शहर में सुविधाओं को बेहतर बनाने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने मांग की कि संपत्ति कर में की गई वृद्धि को वापस लिया जाए ताकि आम लोगों को राहत मिल सके। अवैध कॉलोनियों को वैध करने की मांग कांग्रेस ने शहर की अवैध कॉलोनियों को वैध करने की मांग भी उठाई। नेताओं का कहना था कि लंबे समय से इन कॉलोनियों में रहने वाले लोग मूलभूत सुविधाओं से वंचित हैं। यदि इन कॉलोनियों को वैध किया जाता है तो वहां रहने वाले लोगों को बिजली, पानी, सड़क और अन्य सुविधाओं का बेहतर लाभ मिल सकेगा। रैली में शामिल नेताओं ने नए वार्डों में विकास कार्य शुरू करने की मांग भी रखी। उनका कहना था कि कई वार्डों में अभी तक आवश्यक सुविधाएं उपलब्ध नहीं हैं। सड़कों की खराब स्थिति, जल निकासी की समस्या और अन्य मूलभूत सुविधाओं की कमी के कारण लोगों को परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कांग्रेस ने इन क्षेत्रों में जल्द विकास कार्य शुरू कराने की मांग की। प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग कांग्रेस ने गरीब और जरूरतमंद परिवारों को प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ दिलाने की मांग भी उठाई। नेताओं ने कहा कि कई पात्र परिवार अभी भी योजना के लाभ से वंचित हैं। उन्होंने प्रशासन से पात्र हितग्राहियों की सूची का पुनरीक्षण कर उन्हें आवास योजना का लाभ देने की मांग की। पात्र लोगों को पट्टे देने की मांग प्रदर्शन के दौरान शहर के पात्र लोगों को भूमि के पट्टे वितरित करने का मुद्दा भी उठाया गया। कांग्रेस नेताओं का कहना था कि कई परिवार वर्षों से भूमि पर निवास कर रहे हैं, लेकिन उन्हें अब तक स्वामित्व अधिकार नहीं मिल पाए हैं। उन्होंने प्रशासन से पात्र हितग्राहियों को शीघ्र पट्टे वितरित करने की मांग की। सफाई व्यवस्था और कचरा प्रबंधन पर उठाए सवाल कांग्रेस ने शहर की सफाई व्यवस्था को लेकर भी नगर प्रशासन को घेरा। नेताओं ने कहा कि कई क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था संतोषजनक नहीं है और लोगों को परेशानी उठानी पड़ रही है। उन्होंने मांग की कि शहर से निकलने वाले गीले और सूखे कचरे का वैज्ञानिक तरीके से निपटारा किया जाए तथा कचरा प्रबंधन प्रणाली को और बेहतर बनाया जाए।
पानीपत के भैंसवाल रोड पर स्थित खड़ंजा रोड के पास श्री लक्ष्मी गोदाम में गुरुवार सुबह एक हादसा हो गया। यहां एक गोदाम (धागा फैक्ट्री) में खेल रही तीन बच्चियों पर धागे की भारी-भरकम गांठें (बंडल) अचानक ऊपर से गिर गईं। इस दर्दनाक हादसे में दो बच्चियों की दम घुटने और चोट लगने के कारण मौत हो गई, जबकि एक अन्य बच्ची गंभीर रूप से घायल है, जिसे अस्पताल में भर्ती कराया गया है। मृत बच्चियों के माता-पिता इसी गोदाम में मजदूरी का काम करते हैं। खेलते-खेलते काल के गाल में समाईं मासूम प्राप्त जानकारी के अनुसार, श्री लक्ष्मी नाम के इस गोदाम में रोजाना की तरह मजदूर काम कर रहे थे। इसी दौरान परिसर में तीन बच्चियां खेल रही थीं। मृतकों की पहचान साढ़े 4 वर्षीय प्रयगा पुत्री नरेंद्र और ढाई वर्षीय सोनम के रूप में हुई है। प्रयगा की मां का नाम मूर्ति है, जिसने इसी साल अपनी लाडली का नर्सरी कक्षा में एडमिशन करवाया था। वहीं हादसे में घायल तीसरी बच्ची की पहचान 5 वर्षीय रोशनी के रूप में हुई है। तीनों बच्चियां जब आपस में खेल रही थीं, तभी ऊपर सटकर रखी गईं भारी वजन वाली धागे की दो बड़ी गांठें अचानक उनके ऊपर भरभरा कर गिर गईं और तीनों उसके नीचे पूरी तरह दब गईं। चीख-पुकार सुन दौड़े लोग, सिविल अस्पताल में दो को मृत घोषित किया हादसा होते ही गोदाम में चीख-पुकार मच गई। वहां काम कर रहे परिजनों और अन्य मजदूरों ने आनन-फानन में भारी गांठों को हटाकर तीनों बच्चियों को बाहर निकाला और तुरंत पानीपत के सिविल अस्पताल लेकर दौड़े। अस्पताल पहुंचते ही डॉक्टरों ने गहन जांच के बाद साढ़े 4 साल की प्रयगा और ढाई साल की सोनम को मृत घोषित कर दिया। डॉक्टरों के मुताबिक, भारी वजन के नीचे दबने से बच्चियों का दम घुट गया था। वहीं, तीसरी बच्ची रोशनी (5 वर्ष) की हालत को देखते हुए डॉक्टरों ने उसे तुरंत इलाज के लिए अस्पताल में दाखिल कर लिया, जहां उसकी स्थिति पर नजर रखी जा रही है। इस हादसे के बाद पीड़ित परिवारों का रो-रोकर बुरा हाल है और पूरे इलाके में मातम पसर गया है।
पाली में अवैध कोयले का कारोबार फिर तेज:खदानों से हो रही चोरी, बाजार में खुलेआम बेचा जा रहा
उमरिया जिले के पाली नगर में अवैध कोयले का कारोबार एक बार फिर तेजी से बढ़ रहा है। स्थानीय लोगों के मुताबिक, सुबह के समय बड़ी संख्या में लोग साइकिलों पर कोयला लादकर दुकानों और अन्य ठिकानों तक पहुंचाते देखे जा रहे हैं। गुरुवार को भी नगर के विभिन्न बाजारों में साइकिलों से कोयले की ढुलाई और बिक्री खुलेआम जारी रही। जानकारी के अनुसार, पाली क्षेत्र में संचालित कोयला खदानों से चोरी-छिपे कोयला निकालकर बाजारों तक पहुंचाया जा रहा है। इसके बाद इसे स्थानीय दुकानों और उपभोक्ताओं को बेचा जाता है। लंबे समय से इस अवैध कारोबार पर कोई प्रभावी कार्रवाई न होने के कारण कारोबारियों के हौसले बुलंद हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि खदान क्षेत्रों से लगातार अवैध उत्खनन और कोयले की चोरी की शिकायतें मिलती रही हैं। इसके बावजूद स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। खुलेआम हो रही इस बिक्री से संबंधित विभागों की कार्यप्रणाली पर भी सवाल उठ रहे हैं। इस संबंध में जानकारी के लिए एसईसीएल पाली क्षेत्र के सब एरिया मैनेजर अल्बर्ट पॉल से फोन पर संपर्क करने का प्रयास किया गया, लेकिन उन्होंने फोन रिसीव नहीं किया, जिससे उनसे बात नहीं हो सकी। अब देखना होगा कि संबंधित विभाग इस मामले में क्या कार्रवाई करता है।
धमतरी में भाजपा ने संविधान हत्या दिवस और आपातकाल की 50वीं वर्षगांठ के अवसर पर प्रेसवार्ता आयोजित की। प्रदेश कार्यालय मंत्री अशोक बजाज ने आपातकाल को भारतीय लोकतंत्र के इतिहास का सबसे काला अध्याय बताते हुए कहा कि नई पीढ़ी को उस दौर की सच्चाई से अवगत कराना जरूरी है। अशोक बजाज ने कहा कि साल 1975 में इलाहाबाद उच्च न्यायालय ने तत्कालीन प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी के चुनाव को अवैध घोषित कर दिया था। इसके बाद उनके सामने सत्ता से हटने की स्थिति उत्पन्न हो गई थी। उन्होंने आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक परंपराओं का सम्मान करने के बजाय इंदिरा गांधी ने सरकारी तंत्र, संवैधानिक शक्तियों और प्रशासनिक संसाधनों का दुरुपयोग किया। बजाज के अनुसार, 25 जून 1975 को देश में आपातकाल लागू कर दिया गया। मौलिक अधिकार हुए निलंबित अशोक बजाज ने कहा कि आपातकाल लागू होते ही नागरिकों के मौलिक अधिकार निलंबित कर दिए गए। न्यायपालिका पर दबाव बनाया गया और लोकतांत्रिक संस्थाओं की स्वतंत्रता प्रभावित हुई। उन्होंने इसे स्वतंत्र भारत में संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों पर सबसे बड़ा हमला बताया। अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता पर लगे प्रतिबंध उन्होंने कहा कि आज की युवा पीढ़ी शायद कल्पना भी नहीं कर सकती कि उस समय अभिव्यक्ति की स्वतंत्रता किस तरह सीमित कर दी गई थी। समाचार पत्रों पर सेंसरशिप लागू कर दी गई थी। सरकार विरोधी खबरों के प्रकाशन पर रोक लगाई गई और कई अखबारों को कई प्रकार के दबावों का सामना करना पड़ा। पत्रकारों को किया गया प्रताड़ित अशोक बजाज ने कहा कि आपातकाल के दौरान कई पत्रकारों को जेल भेजा गया और मीडिया पर नियंत्रण स्थापित करने की कोशिश की गई। प्रेस की स्वतंत्रता लोकतंत्र की आत्मा होती है, लेकिन उस दौर में इसे गंभीर रूप से प्रभावित किया गया। विपक्षी नेताओं की हुई गिरफ्तारी उन्होंने बताया कि आपातकाल लागू होने के बाद लोकनायक जयप्रकाश नारायण, अटल बिहारी वाजपेयी, लालकृष्ण आडवाणी, मोरारजी देसाई, जॉर्ज फर्नांडिस और नानाजी देशमुख समेत हजारों विपक्षी नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं और राष्ट्रवादी विचारधारा से जुड़े लोगों को गिरफ्तार कर जेलों में डाल दिया गया या नजरबंद कर दिया गया। उन्होंने कहा कि धमतरी में भी कई लोगों को गिरफ्तार किया गया था। लोकतंत्र सेनानियों के संघर्ष को बताया प्रेरणा अशोक बजाज ने कहा कि लाखों लोकतंत्र प्रेमियों ने जेलों में कठिन परिस्थितियों का सामना किया, लेकिन लोकतंत्र की रक्षा के लिए उनका संघर्ष जारी रहा। उन्हीं के त्याग और बलिदान के कारण देश में लोकतंत्र की पुनर्स्थापना संभव हो सकी। उन्होंने कहा कि धमतरी समेत पूरे छत्तीसगढ़ और देश के लाखों लोकतंत्र सेनानियों का संघर्ष आज भी प्रेरणा का स्रोत है। उनके योगदान और बलिदान को कभी भुलाया नहीं जा सकता। नसबंदी अभियान और किशोर कुमार का भी किया जिक्र अशोक बजाज ने कहा कि आपातकाल के समय बड़े पैमाने पर नसबंदी अभियान चलाया गया, जिससे करोड़ों लोग प्रभावित हुए। उन्होंने यह भी दावा किया कि प्रसिद्ध गायक किशोर कुमार ने कांग्रेस के पक्ष में गीत गाने से इनकार कर दिया था, जिसके बाद उनके गीतों के प्रसारण पर रोक लगा दी गई थी और उनकी फिल्मों को भी प्रभावित किया गया था।
बारां जिले के अटरू थाना क्षेत्र में कोटा-छबड़ा स्टेट हाईवे पर बुधवार शाम एक सड़क हादसे में बाइक सवार 2 युवकों की मौत हो गई। घटना के बाद आक्रोशित ग्रामीणों और समाज के लोगों ने स्टेट हाईवे-51 पर जाम लगा दिया। इस दौरान देरी से आने पर एम्बुलेंस में तोड़फोड़ भी की गई। पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों की समझाइश के बाद करीब सवा 3 घंटे बाद जाम हटाया जा सका। पुलिस के अनुसार कालबेलिया की जाग निवासी तिलक (21) पुत्र सोहनपाल जोगी और उसके बुआ का लड़का राकेश (20) पुत्र सुरेंद्र जोगी बाइक से सकतपुर से कालबेलिया की टापरियों की ओर जा रहे थे।इसी दौरान इंदराभांड़ा और आमली फार्म के बीच सड़क के घुमाव पर किसी अज्ञात तेज रफ्तार वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी तेज थी कि दोनों युवक गंभीर रूप से घायल हो गए। सूचना देने के 1 घंटे बाद पहुंची एम्बुलेंसहादसे के बाद आसपास के लोग मौके पर पहुंचे और 108 एम्बुलेंस को सूचना दी। हालांकि, एम्बुलेंस पहुंचने से पहले ही दोनों युवकों ने दम तोड़ दिया। ग्रामीणों का आरोप है कि सूचना देने के करीब 1 घंटे बाद एम्बुलेंस मौके पर पहुंची, जिससे लोगों में आक्रोश फैल गया। पोस्टमॉर्टम के बाद परिजनों को सौंपे शवघटना से नाराज समाज के लोगों और ग्रामीणों ने शाम करीब 5 बजे कोटा-धरनावदा स्टेट हाईवे-51 पर जाम लगा दिया। जाम के कारण दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और यातायात पूरी तरह बाधित हो गया। प्रदर्शनकारियों ने एंबुलेंस सेवा की कार्यप्रणाली पर सवाल उठाते हुए विरोध प्रदर्शन किया और एंबुलेंस में तोड़फोड़ कर दी।गुरुवार को दोनों शवों का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया गया। सवा 3 घंटे बाद खोला जामसूचना मिलने पर अटरू डीएसपी रामानंद यादव, तहसीलदार महेंद्र कुमार चतुर्वेदी सहित पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने परिजनों और ग्रामीणों से लगातार वार्ता की, लेकिन लोग दोषी वाहन को जल्द पकड़ने और मृतकों के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग पर अड़े रहे। करीब रात 8:15 बजे समझौता होने के बाद जाम समाप्त किया गया और यातायात बहाल हो सका। सरपंच ने की आर्थिक सहायता की मांगदुर्घटना क्षेत्र के सरपंच वीरेंद्र सिंह हाड़ा ने कहा कि इस हादसे में 2 परिवारों ने अपने जवान बेटों को खो दिया है। उन्होंने प्रशासन और राज्य सरकार से मृतकों के परिजनों को आर्थिक सहायता और सम्बल प्रदान करने की मांग की है, ताकि संकट की इस घड़ी में परिवारों को राहत मिल सके। अज्ञात वाहन की तलाश में जुटी पुलिसअटरू थाना प्रभारी प्रेम सिंह यादव और उप निरीक्षक बाबूलाल सुमन ने बताया कि मामले में प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। हादसे को अंजाम देने वाले अज्ञात वाहन और उसके ड्राइवर की पहचान के लिए आसपास के क्षेत्रों में जानकारी जुटाई जा रही है। संभावित मार्गों और स्थानों पर जांच की जा रही है तथा जल्द ही वाहन का पता लगाने का प्रयास किया जा रहा है। साथ ही दुर्घटना के कारणों की भी गहन जांच की जा रही है।ग्रामीणों ने प्रशासन से हाईवे पर सड़क सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने, दुर्घटना संभावित स्थानों पर चेतावनी संकेत लगाने तथा तेज रफ्तार वाहनों पर प्रभावी अंकुश लगाने की मांग की है।
शाहजहांपुर के कलान थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में 40 वर्षीय युवक धर्मेंद्र की मौत हो गई। अज्ञात वाहन की टक्कर से गंभीर रूप से घायल हुए धर्मेंद्र को बुधवार रात बदायूं जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया था, जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजकर मामले की जांच शुरू कर दी है। यह हादसा शाहजहांपुर जिले के कलान थाना क्षेत्र के चांदपुर गांव के पास हुआ। जाखिया गांव निवासी धर्मेंद्र (40) पुत्र रामस्वरूप कलान से अपना काम निपटाकर बाइक से घर लौट रहे थे। इसी दौरान चांदपुर गांव के पास एक अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी, जिससे वह गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे की सूचना मिलने पर पुलिस तुरंत मौके पर पहुंची और घायल धर्मेंद्र को कलान सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। प्राथमिक उपचार के बाद, डॉक्टरों ने उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें बेहतर इलाज के लिए बदायूं के जिला अस्पताल रेफर कर दिया। हालांकि, जिला अस्पताल में इलाज के दौरान धर्मेंद्र ने दम तोड़ दिया। अस्पताल प्रशासन की सूचना पर सदर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। पुलिस ने संबंधित कलान थाना पुलिस को भी घटना की जानकारी दी। पोस्टमार्टम हाउस पहुंचे परिजनों ने बताया कि धर्मेंद्र अपने परिवार का भरण-पोषण मेहनत-मजदूरी करके करते थे। उनकी अचानक मौत से परिवार पर आर्थिक संकट आ गया है और बच्चों के भविष्य को लेकर चिंता बढ़ गई है। पुलिस इस पूरे मामले की गहनता से जांच कर रही है।
अजमेर के एक घर में साफ-सफाई का काम करने वाली महिला ही चोर निकली। आरोपी ने घर से सोने का कंगन व चार अंगूठी चुरा ली थी। पुलिस ने चुराया गया माल भी बरामद कर लिया है। पुलिस आरोपी से पूछताछ करने में जुटी है। क्लॉक टावर थाना प्रभारी भीखाराम काला ने बताया-जैन धर्मशाला के पास, महावीर मौहल्ला, केसरगंज निवासी अमन जैन ने 23 जून को रिपोर्ट दी कि उसके घर में से सोने के गहने (1 सोने का कंगन, 4 सोने कि अंगुठियां) चोरी हो गई। इस पर पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया गया तथा घर मे साफ सफाई का काम करने वाली राजगढ,निवासी बाई मनीषा गोयर से पूछताछ की तो उसने चोरी करना कबूल कर लिया। आरोपी से चोरी का माल भी बरामद कर लिया। ………. पढें ये खबर भी…. अजमेर देहात कांग्रेस की 51 सदस्यीय कार्यकारिणी घोषित:कईं पुराने प्रमोट, नए चेहरों को मौका; जानें किसे क्या जिम्मेदारी मिली राजस्थान प्रदेश कांग्रेस कमेटी की सहमति के बाद जिला कांग्रेस कमेटी-अजमेर ग्रामीण (देहात) की नई जिला कार्यकारिणी घोषित कर दी गई है।प्रदेश संगठन महासचिव ललित तूनवाल द्वारा जारी सूची के अनुसार, देहात जिलाध्यक्ष डॉ. विकास चौधरी की इस नई टीम में कुल 51 लोगों को नियुक्ति दी है। पूरी खबर पढें
गुरुग्राम जिले में फर्रुखनगर थाना क्षेत्र में गुरुवार तड़के अज्ञात चोरों ने छह दुकानों को निशाना बनाया। इन वारदातों के बाद व्यापारियों में चिंता और रोष व्याप्त है। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। गुरुवार तड़के करीब 3 से 4 बजे के बीच अज्ञात चोरों ने सुल्तानपुर गांव में स्थित दो मेडिकल स्टोरों में चोरी की वारदात को अंजाम दिया। इसके अलावा, खैंटावास बस स्टैंड पर एक पान-बीड़ी की दुकान और एक हार्डवेयर की दुकान को भी निशाना बनाया गया। चोरों ने सुल्तानपुर मोड़, फर्रुखनगर बाजार स्थित एक परचून की दुकान में भी सेंध लगाई। सुल्तानपुर मोड़ पर स्थित एक अन्य मेडिकल स्टोर का ताला भी तोड़ा गया, हालांकि वहां चोरी होने से बच गई। सीसीटीवी फुटेज खंगालने में जुटी पुलिस सुबह दुकानदारों के अपनी दुकानों पर पहुंचने पर इन वारदातों का पता चला। सूचना मिलते ही फर्रुखनगर थाना पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। पुलिस आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है ताकि आरोपियों की पहचान की जा सके। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि सभी घटनाओं की गंभीरता से जांच की जा रही है और जल्द ही आरोपियों की पहचान कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। एक ही रात में हुई इन चोरी की घटनाओं से क्षेत्र के व्यापारियों में गहरी चिंता है। व्यापारियों ने पुलिस से रात्रि गश्त बढ़ाने और सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत करने की मांग की है।
टीकमगढ़ में मोहर्रम पर्व से पहले शेखों का मोहल्ला स्थित मस्जिद के पास सड़क की खुदाई को लेकर मुस्लिम समाज ने विरोध प्रदर्शन किया है। गुरुवार शाम ताजिया निकाले जाने हैं, लेकिन नगर पालिका द्वारा मस्जिद जाने वाले रास्ते पर की गई खुदाई से परेशानी हो रही है। मस्जिद कमेटी और मोहल्ले के लोगों ने इस कार्रवाई का विरोध किया। स्थानीय निवासी अरशद ने बताया कि सालों से चली आ रही परंपरा के तहत पहले दिन सभी ताजिया इमामबाड़े पर इकट्ठा होते हैं, जहां अमन-चैन की दुआ मांगी जाती है और भोजन बांटा जाता है। सड़क की खुदाई के कारण शाम को ताजिया निकालने और स्थानीय लोगों के आवागमन में बाधा आएगी। मोहल्ले के लोगों ने सवाल उठाया कि जब यहां सालों से ताजिया इकट्ठा होते हैं, तो नगर पालिका को आज ही खुदाई करने की क्या आवश्यकता थी। इस संबंध में, नगर पालिका के जल शाखा प्रभारी अनिल श्रीवास्तव ने बताया कि पाइपलाइन में लंबे समय से लीकेज था। स्थानीय लोगों ने गंदे पानी की शिकायत दर्ज कराई थी, जिसके बाद अप्रिय घटना को रोकने के लिए पाइपलाइन लीकेज की मरम्मत की जा रही है। श्रीवास्तव ने आश्वासन दिया कि पाइपलाइन लीकेज में सुधार के बाद शाम तक सड़क की मरम्मत कर दी जाएगी।
जिला पंचायत अध्यक्ष पर FIR की मांग:सदस्य के समर्थन में पंचरत्न विश्वकर्मा समाज का प्रदर्शन
ललितपुर में जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन और एक जिला पंचायत सदस्य के बीच चल रहा विवाद गहरा गया है। गुरुवार को पंचरत्न विश्वकर्मा समाज ने जिला पंचायत सदस्य के समर्थन में प्रदर्शन किया। समाज ने पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर अध्यक्ष पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। यह प्रदर्शन दोपहर करीब 11:30 बजे हुआ। पुलिस अधीक्षक को सौंपे गए ज्ञापन में पंचरत्न विश्वकर्मा समाज के जिलाध्यक्ष विजय ड्योढिया ने बताया कि अमर विश्वकर्मा पुत्र भागीरथ, निवासी एसडीपी के पास, बड़ी नहर हाईवे, रावतयाना, ललितपुर, जाखलौन क्षेत्र से वर्तमान जिला पंचायत सदस्य हैं और पंचरत्न विश्वकर्मा समाज के महामंत्री भी हैं। ज्ञापन के अनुसार, 20 जून को शाम 5:18 बजे हरिओम पुत्र कैलाश निरंजन ने अमर विश्वकर्मा को फोन कर जिला पंचायत कार्यालय बुलाया। वहां जिला पंचायत अध्यक्ष कैलाश निरंजन सहित 8-10 लोग पहले से मौजूद थे। शाम लगभग 5:30 बजे अमर विश्वकर्मा कार्यालय पहुंचे, जहां पुराने हिसाब-किताब को लेकर कैलाश निरंजन ने उन्हें गालियां दीं। आरोप है कि कल्लू पिसनारी ने अमर विश्वकर्मा के दोनों हाथ पकड़े और कैलाश निरंजन व कल्लू पिसनारी ने घूंसे-मुक्के मारे। उन्होंने जान से मारने की नीयत से तौलिये से अमर विश्वकर्मा का गला कस दिया। जिलाध्यक्ष ने मारपीट करने वाले जिला पंचायत अध्यक्ष और उनके बेटे पर एफआईआर दर्ज करने की मांग की है। ज्ञापन देते समय समाज के 50 से अधिक लोग मौजूद रहे।
चित्रकूट में कोचिंग-लाइब्रेरी पर प्रशासन सख्त:10 संस्थानों को सुरक्षा मानकों में कमी पर नोटिस जारी
चित्रकूट में विद्यार्थियों की सुरक्षा और कोचिंग संस्थानों के नियमानुसार संचालन को सुनिश्चित करने के लिए जिला प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। जिलाधिकारी पुलकित गर्ग के निर्देश पर चित्रकूट विकास प्राधिकरण (सीडीए) की अगुवाई में जनपद के विभिन्न कोचिंग संस्थानों और लाइब्रेरी का संयुक्त निरीक्षण अभियान चलाया गया। इस दौरान कुल 10 संस्थानों की जांच की गई। निरीक्षण अभियान में चित्रकूट विकास प्राधिकरण के सचिव, जिला विद्यालय निरीक्षक और मुख्य अग्निशमन अधिकारी स्वयं मौजूद रहे। उनके साथ संबंधित विभागों के अधिकारियों ने मौके पर जाकर व्यवस्थाओं का जायजा लिया। यह निरीक्षण कार्य विकास प्राधिकरण के सहायक एवं अवर अभियंताओं द्वारा नगर पालिका परिषद, अग्निशमन विभाग और अन्य विभागों के समन्वय से संपन्न कराया गया। जांच के दौरान अधिकारियों ने भवनों के स्वीकृत मानचित्र, अग्निशमन विभाग से प्राप्त अनापत्ति प्रमाण-पत्र (एनओसी), भवनों की संरचनात्मक सुरक्षा, आपातकालीन निकास व्यवस्था, पार्किंग, आवागमन की सुविधा और विद्युत सुरक्षा जैसे आवश्यक मानकों का परीक्षण किया। साथ ही, संस्थानों के संचालन से संबंधित वैधानिक दस्तावेजों का भी सत्यापन किया गया। निरीक्षण के दायरे में डिजिटल लाइब्रेरी, द फ्यूचर डेस्क लाइब्रेरी, अचीवर्स लाइब्रेरी, स्टडी जोन लाइब्रेरी, द सनराइज एकेडमी, विद्या निकेतन लाइब्रेरी, फ्यूचर डिजिटल लाइब्रेरी, राष्ट्रीय कंप्यूटर शिक्षा संस्थान, लक्ष्य डिजिटल लाइब्रेरी और वातायन एकेडमी शामिल रहे। जांच में विभिन्न स्तरों पर कमियां पाए जाने के बाद सभी 10 संस्थानों को कारण बताओ नोटिस जारी किए गए हैं। संबंधित संचालकों को निर्धारित समय सीमा के भीतर इन कमियों को दूर कर अनुपालन रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए हैं। चित्रकूट विकास प्राधिकरण के सचिव ने बताया कि जिले में संचालित सभी कोचिंग संस्थानों और अध्ययन केंद्रों का चरणबद्ध तरीके से निरीक्षण किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि कोई संस्थान बिना स्वीकृत भवन मानचित्र, आवश्यक अग्निशमन एनओसी या अन्य वैधानिक अनुमतियों के संचालित पाया गया तो उसके विरुद्ध नियमानुसार कठोर कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन की इस सख्ती से कोचिंग संस्थान संचालकों में हड़कंप की स्थिति है।
पोते ने घर में घुसकर दादा को मारी गोली, मौत:करनाल में जमीन बराबर न बांटने से था नाराज; बाइक छोड़ फरार
करनाल जिले के बड़ा गांव में जमीन विवाद के चलते एक बुजुर्ग की गोली मारकर हत्या कर दी गई। आरोप है कि पोते ने ही अपने दादा पर घर में घुसकर गोली मारी। गोली लगने से बुजुर्ग की मौके पर ही दम तोड़ दिया। वारदात के बाद आरोपी बाइक पर फरार हो गया और बाद में बुढाखेड़ा में बाइक छोड़कर भाग निकला। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी है। मृतक की पहचान 70 वर्षीय दर्शन सिंह के रूप में हुई है। घटना के समय वह घर पर ही मौजूद थे। फायरिंग इतनी नजदीक से की गई कि उन्हें संभलने का मौका तक नहीं मिला और उन्होंने मौके पर ही दम तोड़ दिया। बेटी को मिली सूचना, मौके पर पहुंची मृतक की बड़ी बेटी नारो ने बताया कि वह मंगलपुर में अपनी ननद से मिलने गई हुई थी। इसी दौरान उसे सूचना मिली कि उसके पिता को गोली मार दी गई है। सूचना मिलते ही वह तुरंत बड़ा गांव पहुंची, जहां उसने पिता को मृत अवस्था में पाया। जमीन को लेकर चल रहा था विवाद नारो के अनुसार, उनकी मां के नाम ढाई एकड़ जमीन थी, जबकि बाकी जमीन पिता दर्शन सिंह के नाम थी। पिता ने पहले हल्फनामा कर रखा था। बड़े भाई की मौत के बाद उसकी पत्नी और बेटों को जमीन के पैसे दे दिए गए थे। उसने बताया कि उसकी भाभी क्रिश्चन बन चुकी है और वह अपने बेटों के साथ मिलकर उसके पिता को परेशान करती थी। जमीन बराबर बांटने से नाराज था पोता नारो ने बताया कि पिता ने बाद में 5 एकड़ जमीन का हल्फनामा तुड़वा दिया और जमीन सभी में बराबर बांट दी। इसी बात से पोता सोनू नाराज था। इसी रंजिश में उसने घर में घुसकर दर्शन सिंह को गोली मार दी। घटना को अंजाम देने के बाद आरोपी सोनू बाइक पर सवार होकर मौके से फरार हो गया। बाद में उसने अपनी बाइक बुढाखेड़ा में छोड़ दी और वहां से भाग निकला। मामले की जांच में जुटी पुलिस घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंच गई। शव को कब्जे में लेकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी गई है। पुलिस का कहना है कि पूरे मामले की जांच की जा रही है और आरोपी की तलाश के लिए टीमें लगाई गई हैं।
जालौन की उरई कोतवाली में तैनात एक मुंशी के साथ महिला आरक्षी का ड्यूटी के दौरान प्यार का इजहार और अश्लील हरकत करने का मामला सामने आने के बाद पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है। कोतवाली परिसर में बने पुलिस कंट्रोल रूम का एक सीसीटीवी वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस अधीक्षक ने मामले का संज्ञान लेते हुए तत्काल कार्रवाई की है। मामले में कंट्रोल रूम में तैनात मुंशी अरविंद पटेल को निलंबित कर दिया गया है, जबकि महिला आरक्षी के संबंध में विभागीय स्तर पर जांच की जा रही है। जानकारी के अनुसार वायरल वीडियो में उरई कोतवाली के कंट्रोल रूम के अंदर ड्यूटी के दौरान एक महिला आरक्षी, कंप्यूटर कक्ष में ड्यूटी कर तैनात मुंशी पुलिस आरक्षी अरविंद पटेल के साथ आपत्तिजनक एवं अनुशासनहीन व्यवहार करते दिखाई दे रही हैं। बताया जा रहा है कि घटना के समय दोनों की ड्यूटी कंट्रोल रूम में लगी हुई थी। यह पूरी घटना वहां लगे सीसीटीवी कैमरे में रिकॉर्ड हो गई, जिसका वीडियो बाद में सोशल मीडिया पर प्रसारित हो गया। बता दें कि अरविंद पटेल की वर्तमान में उरई कोतवाली में पोस्टिंग है, इसी दौरान महिला आरक्षी जो वर्तमान में अंडर ट्रेनिंग पर उसकी भी उरई कोतवाली में तैनाती हुई थी, जब अरविंद पटेल कंप्यूटर पर काम कर रहा था, तभी महिला आरक्षी उसके पास पहुंचती है और वह अरविंद के साथ अश्लील हरकत शुरु कर देती है। अरविंद अपने आप को असहज महसूस करते हुए कुर्सी छोड़ कर दूसरी ओर खड़ा हो जाता है, लेकिन महिला आरक्षी उसके पीछे-पीछे जाती है, जहां वह अपने प्यार का इजहार करती है। अरविंद कई बार महिला आरक्षी से अलग होता हुआ वीडियो में साफ तौर पर दिखाई दे रहा है, लेकिन महिला आरक्षी लगातार अरविंद के पीछे-पीछे जाते हुए दिखाई दे रही है, वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस महकमे की कार्यशैली और अनुशासन को लेकर कई तरह के सवाल उठने लगे हैं।
संभल के गांव कसेरुआ में मस्जिद मुस्तफा कादरी को प्रशासन द्वारा ध्वस्त किए जाने के मामले की वस्तुस्थिति जानने के लिए कांग्रेस का एक प्रतिनिधिमंडल आज गुरुवार को पहुंचेगा। यह प्रतिनिधिमंडल घटनास्थल का निरीक्षण करेगा और स्थानीय लोगों से बातचीत कर पूरे प्रकरण की रिपोर्ट प्रदेश कांग्रेस नेतृत्व को सौंपेगा। प्रशासन ने बुधवार रात को ही दो जेसीबी मशीनें लगाकर मस्जिद के मलबे को हटाने और बचे हुए हिस्से को तोड़ने का काम शुरू कर दिया था। यह कार्रवाई कांग्रेस प्रतिनिधिमंडल के पहुंचने से ठीक पहले की गई। पुलिस-प्रशासन की टीम बुधवार रात करीब 8:30 बजे तहसील संभल के थाना नखासा क्षेत्र के कसेरुआ गांव पहुंची। टॉर्च और मशीन की रोशनी में बचे हुए हिस्से को तोड़ने का काम किया गया। यह मस्जिद कब्रिस्तान के नाम दर्ज 120 वर्ग मीटर भूमि पर अवैध रूप से बनाई गई थी। प्रशासन के अनुसार, इस भूमि पर अतिक्रमण कर मस्जिद मुस्तफा कादरी का निर्माण किया गया था। मस्जिद को तोड़ने की कार्रवाई पहले भी की जा चुकी है। 6 जून को बुलडोजर से मस्जिद का कुछ हिस्सा तोड़ा गया था। इसके बाद 7 जून को पोकलेन और दो जेसीबी मशीनों का उपयोग कर इसे और ध्वस्त किया गया, और 8 जून को बचे हुए हिस्से को भी तोड़ा गया था। उत्तर प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष एवं पूर्व मंत्री अजय राय ने इस प्रतिनिधिमंडल का गठन किया है। इसका नेतृत्व अमरोहा के पूर्व सांसद कुंवर दानिश अली करेंगे। प्रतिनिधिमंडल में जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष हाजी मो. आरिफ तुर्की, शहर अध्यक्ष शिवकिशोर गौतम, कांग्रेस कमेटी के सदस्य हाजी मरगूब आलम, पूर्व जिलाध्यक्ष विजय शर्मा, पूर्व शहर अध्यक्ष तौकीर अहमद, पूर्व विधानसभा प्रत्याशी मिथिलेश, जिला महिला कांग्रेस अध्यक्ष कल्पना सिंह और एनएसयूआई जिलाध्यक्ष सुनील यादव सहित विभिन्न प्रकोष्ठों के पदाधिकारी शामिल हैं। यह दल मामले से जुड़े सभी पक्षों की जानकारी जुटाकर प्रदेश कांग्रेस कमेटी को रिपोर्ट भेजेगा, जिसके आधार पर आगे की रणनीति तय की जाएगी। बीती 06 जून को डीएम अंकित खंडेलवाल और एसपी कृष्ण कुमार विश्नोई ने मस्जिद से आई लव मोहम्मद लिखे दर्जनों पोस्टर और एक हरे रंग का झंडा (जो पाकिस्तानी झंडे जैसा दिख रहा था) उसे बरामद किया था। थाना पुलिस सहित खुफिया एजेंसियों को मामले की जांच के निर्देश दिए हैं, हालांकि इसमें रिपोर्ट भी दर्ज है।आपको बता दें कि तथ्य छुपाकर सेंट्रल वक्फ बोर्ड के समझ गलत साक्ष्य प्रस्तुत कर वक्फ घोषित करने के मामले में लेखपाल की शिकायत पर पुलिस ने 7 लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की थी। एक मस्जिद, 11 मकान बने मिले और 1000 वर्ग मीटर भूमि पर खेती होती हुई मिली है। आरक्षित ग्राम सभा संपत्ति पर अवैध कब्जा कर ग्राम समाज की संपत्ति को नुकसान पहुंचाया गया। बीती 09 जनवरी को हल्का लेखपाल खबर हुसैन के पैमाइश करने के बाद 18 जनवरी 2026 को लेखपाल की शिकायत पर जाकिर हुसैन पुत्र अफसर, तस्लीम पुत्र अब्दुल मजीद, भूरे अली पुत्र शब्बीर, शरफुद्दीन पुत्र मुजीजुद्दीन, दिल शरीफ पुत्र शरीफ अहमद, मोहबाद अली पुत्र दिलबर एवं नन्हे पुत्र असलम के विरुद्ध BNS की धारा 329 (3) एवं सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण 1984 की धारा 2 व 3 के अंतर्गत रिपोर्ट दर्ज की गई थी।
बागपत अस्पताल की जमीन पर हुई डिलीवरी:परिजनों ने लगाया रिश्वत मांगने का आरोप, CMS ने दिए जांच के आदेश
बागपत जिला अस्पताल में गुरुवार सुबह एक महिला की डिलीवरी जमीन पर होने का मामला सामने आया है। परिजनों ने अस्पताल के कर्मचारियों पर डिलीवरी के लिए 5,000 रुपये की रिश्वत मांगने का आरोप लगाया है। पैसे न देने पर उपचार न मिलने का दावा किया गया है। इस मामले में सीएमएस ने जांच के आदेश दिए हैं। फैजपुर निनाना गांव निवासी पारुल ने अपनी पत्नी को बुधवार-बृहस्पतिवार की मध्य रात्रि जिला अस्पताल में डिलीवरी के लिए भर्ती कराया था। परिजनों के अनुसार, देर रात भर्ती की गई महिला को उपचार नहीं मिला और उसकी डिलीवरी जमीन पर ही हुई। उन्होंने आरोप लगाया कि रात्रि में डिलीवरी के लिए 5,000 रुपये की मांग की गई थी और पैसे न देने पर महिला का इलाज नहीं किया गया। फिलहाल, जच्चा-बच्चा दोनों स्वस्थ बताए जा रहे हैं और उनका उपचार अस्पताल में जारी है। सीएमएस डॉ. अनुराग कुमार ने बताया कि उन्हें जानकारी मिली है कि रात में जिला अस्पताल में एक महिला की डिलीवरी जमीन पर हुई है। उन्होंने इसे दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कहा कि जो भी कर्मचारी या अधिकारी इसमें लिप्त पाए जाएंगे, उन पर कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी। उन्होंने पूरे मामले की जांच कराने और जांच में दोषी पाए जाने पर कर्मचारियों पर भी कार्रवाई की बात कही।
मारपीट के कुछ घंटे बाद युवक ने की आत्महत्या:संभल में मौत से पहले वीडियो जारी कर मारपीट का लगाया आरोप
संभर के बबराला थाना क्षेत्र के नूरपुर गांव में गुरुवार सुबह करीब 8 बजे एक युवक का शव घर के कमरे में फांसी के फंदे पर लटका मिला। मृतक की पहचान लोकेश पुत्र नेकसे के रूप में हुई है। परिजनों का आरोप है कि मौत से कुछ घंटे पहले गांव के ही एक युवक ने लोकेश के साथ मारपीट की थी, जिसकी जानकारी उसने सोशल मीडिया पोस्ट के माध्यम से भी साझा की थी। सूचना पर पहुंची पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। पुलिस का कहना है कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है और रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। मौत से पहले वीडियो जारी कर लगाया मारपीट का आरोप मृतक की पहचान लोकेश पुत्र नेकसे के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, लोकेश ने मौत से कुछ घंटे पहले सोशल मीडिया पर एक पोस्ट साझा की थी, जिसमें उसने गांव के ही एक युवक पर मारपीट करने का आरोप लगाया था। बताया जा रहा है कि लोकेश गांव निवासी प्रेमपाल के बेटे गोविंद की बारात में शामिल होने के लिए पंवासा क्षेत्र के लहर गांव गया था। कमरे में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे लटका मिला शव परिजनों के मुताबिक, बारात से वापस लौटते समय गांव से करीब दो किलोमीटर पहले रास्ते में उसकी गांव निवासी सुनील से कहासुनी हो गई थी, जो बाद में मारपीट में बदल गई। इस घटना के बाद लोकेश घर लौट आया था। परिवार के लोगों ने उसे घर के एक कमरे में प्लास्टिक की रस्सी के सहारे फंदे पर लटका हुआ देखा। घटना की जानकारी मिलते ही परिजनों में कोहराम मच गया। पोस्टमार्टम के लिए भेजा गया शव सूचना पर पुलिस क्षेत्राधिकारी अंकित मिश्रा और बबराला थाना प्रभारी नितेश सहरावत पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण कर आवश्यक साक्ष्य जुटाए और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। थाना प्रभारी नितेश सहरावत ने बताया कि मामले की सभी पहलुओं से जांच की जा रही है। परिजनों से पूछताछ की जा रही है तथा पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत के कारणों की स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। पुलिस का कहना है कि जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
ग्वालियर के महाराजपुरा थाना क्षेत्र स्थित गजराज विहार निवासी एक महिला और उसकी बेटी साइबर ठगी का शिकार हो गईं। ठगों ने ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म के नाम पर कमीशन और अतिरिक्त आय का लालच देकर मां-बेटी से कुल 1 लाख 27 हजार 248 रुपए अलग-अलग बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए। मामले का खुलासा होने पर पीड़िता ने महाराजपुरा पुलिस से शिकायत कर आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। गजराज विहार निवासी शिकायतकर्ता ऊषा सिंह (50) ने पुलिस को बताया कि उनकी बेटी मानसी सिंह ने 18 जून 2026 और 19 जून 2026 को अपने मोबाइल फोन में Myntra Application डाउनलोड किया था। इसी दौरान एप्लीकेशन के माध्यम से एक अज्ञात व्यक्ति ने उनसे संपर्क किया। आरोपी ने मानसी सिंह को ऑनलाइन कोर्स और टास्क पूरा करने पर आकर्षक कमीशन मिलने का लालच दिया। शुरुआत में कुछ आसान कार्य बताकर भरोसा दिलाया गया और अधिक लाभ कमाने का झांसा देकर अलग-अलग बैंक खातों में पैसे जमा कराने के लिए कहा गया। ठग की बातों में आकर मानसी सिंह और उनकी मां ऊषा सिंह ने अपने-अपने बैंक खातों से कई ट्रांजेक्शन किए। मां-बेटी के SBI अकाउंट से निकाले रुपए पीड़िता के अनुसार, उनके और उनकी बेटी के भारतीय स्टेट बैंक (SBI) खाते से अलग-अलग ट्रांजेक्शन के माध्यम से कुल 1,27,248 रुपए अज्ञात व्यक्ति द्वारा बताए गए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर करा लिए गए। बाद में जब कमीशन और रकम वापस नहीं मिली तथा संपर्क करने पर आरोपी का व्यवहार संदिग्ध लगा, तब उन्हें अपने साथ हुई साइबर धोखाधड़ी का एहसास हुआ। घटना के बाद पीड़ित परिवार ने पुलिस से शिकायत कर मामले की जांच कराने, संबंधित बैंक खातों की जानकारी जुटाने, आरोपियों की पहचान कर उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई करने तथा ठगी गई राशि वापस दिलाने की मांग की है। पुलिस मामले की जांच में जुट गई है और साइबर फ्रॉड के एंगल से पूरे घटनाक्रम की पड़ताल की जा रही है।
भारतीय जनता पार्टी की नई प्रदेश कार्यकारिणी में बुलंदशहर जिले को इस बार प्रतिनिधित्व नहीं मिला है। इससे पार्टी कार्यकर्ताओं और नेताओं में निराशा है। पिछली प्रदेश टीम में जिले से अमित वाल्मीकि और डॉ. चंद्रमोहन को प्रदेश मंत्री बनाया गया था, लेकिन इस बार जारी सूची में बुलंदशहर के किसी भी नेता को स्थान नहीं दिया गया है। प्रदेश कार्यकारिणी में जिले की अनदेखी के बाद अब स्थानीय नेताओं की उम्मीदें क्षेत्रीय कार्यकारिणी पर टिकी हैं। पार्टी के कई नेता क्षेत्रीय टीम में स्थान पाने के लिए संगठन स्तर पर सक्रिय हो गए हैं और वरिष्ठ पदाधिकारियों से संपर्क कर रहे हैं। राजनीतिक गलियारों में चर्चा है कि भाजपा ने नवाब सिंह नागर को क्षेत्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया है। ऐसे में पश्चिमी उत्तर प्रदेश के संगठन में सामाजिक और क्षेत्रीय संतुलन बनाए रखने के लिए बुलंदशहर के गुर्जर नेताओं को क्षेत्रीय कार्यकारिणी में स्थान मिलने की संभावना जताई जा रही है। हालांकि, पार्टी की ओर से क्षेत्रीय कार्यकारिणी की घोषणा अभी नहीं की गई है। जिले के कई दावेदार अपनी-अपनी दावेदारी मजबूत करने में लगे हैं। कार्यकर्ताओं का मानना है कि यदि क्षेत्रीय टीम में जिले को उचित प्रतिनिधित्व मिलता है, तो प्रदेश कार्यकारिणी में हुई कमी की कुछ हद तक भरपाई हो सकेगी।
ट्यूबवेल विवाद में 2 समाज आमने-सामने आए:बोले- पत्थरगढ़ी हो चुकी, सीमांकन हो गया, विवाद बढ़ाना ठीक नहीं
चित्तौड़गढ़ जिले के भदेसर थाना क्षेत्र के सरलाई गांव में जमीन और ट्यूबवेल को लेकर शुरू हुआ विवाद अब सामाजिक और कानूनी दोनों स्तर पर तूल पकड़ता दिख रहा है। बुधवार को कुमावत समाज के कुछ लोगों ने मरूधर होटल मालिक प्रहलाद सिंह मेड़तिया और अधिवक्ता महेंद्र सिंह मेड़तिया पर गंभीर आरोप लगाए थे। इसके अगले ही दिन आज गुरुवार को जौहर स्मृति संस्थान, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा, श्री महाराणा भूपाल शिक्षा समिति और अन्य प्रतिनिधि पुलिस अधीक्षक से मिले और पूरे मामले में अपना पक्ष रखा। इन संगठनों का कहना है कि प्रहलाद सिंह और महेंद्र सिंह को जानबूझकर विवाद में घसीटा जा रहा है, जबकि जमीन और ट्यूबवेल का मामला राजस्व रिकॉर्ड और नपती से जुड़ा है। उन्होंने पुलिस से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने और समाज को बदनाम करने की कोशिश करने वालों के खिलाफ भी कार्रवाई की मांग की है। आरोपों के बाद सामने आया दूसरा पक्ष जौहर स्मृति संस्थान के अध्यक्ष नारायण सिंह बड़ौली ने बताया कि सरलाई गांव का यह मामला दो पक्षों के बीच जमीन और ट्यूबवेल से जुड़ा विवाद है। उनके अनुसार इस जमीन की कई बार पत्थरगड़ी हो चुकी है और तहसीलदार खुद मौके पर जाकर सीमांकन कर चुके हैं। उन्होंने कहा कि तहसीलदार की रिपोर्ट सेटलमेंट विभाग को भेजी गई है और वहां से जो भी फैसला आएगा, वह दोनों पक्षों को मंजूर होना चाहिए। बड़ौली का कहना है कि इस विवाद को जरूरत से ज्यादा राजनीतिक रंग दिया जा रहा है और महेंद्र सिंह मेड़तिया को बेवजह इसमें शामिल किया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि पूरे मामले में राजपूत समाज को घसीटना गलत है, जबकि समाज का इससे सीधा कोई लेना-देना नहीं है। इसी बात को लेकर समाज और संस्थाओं के प्रतिनिधि एसपी कार्यालय पहुंचे और निष्पक्ष जांच की मांग की। फायरिंग, धमकी और मारपीट के आरोपों को बताया गलत नारायण सिंह बड़ौली ने साफ कहा कि एक दिन पहले लगाए गए फायरिंग, मारपीट, धमकी, फसल खराब करने और तोड़फोड़ जैसे आरोप पूरी तरह गलत हैं। उनका कहना है कि न तो कोई फायरिंग हुई और न ही इस तरह की कोई घटना हुई है। उन्होंने दावा किया कि राजस्व रिकॉर्ड और तहसीलदार की नपती के आधार पर संबंधित जमीन और ट्यूबवेल कैलाश सिंह के पक्ष में बताए गए हैं, और उसी आधार पर स्थिति स्पष्ट की गई है। संगठनों का कहना है कि प्रहलाद सिंह और महेंद्र सिंह ने किसी को धमकाया नहीं, न ही किसी की फसल खराब की और न ही किसी तरह की जबरन कार्रवाई की। उनका आरोप है कि कुछ लोग निजी और राजनीतिक कारणों से इस मामले को बढ़ा रहे हैं और इसमें समाज की छवि खराब करने की कोशिश की जा रही है। इसलिए उन्होंने पुलिस से मांग की है कि सिर्फ शिकायतों के आधार पर निष्कर्ष निकालने के बजाय राजस्व रिकॉर्ड, मौके की रिपोर्ट और सभी पक्षों के बयान देखकर जांच की जाए। भू-माफिया बोलना गलत, निष्पक्ष जांच की गुहार एसपी को समाज जनों ने बताया कि जौहर स्मृति संस्थान, मेवाड़ क्षत्रिय महासभा, श्री महाराणा भूपाल शिक्षा समिति और अन्य प्रतिनिधियों ने कहा कि प्रहलाद सिंह मेड़तिया और अधिवक्ता महेंद्र सिंह मेड़तिया को भू-माफिया बताना गलत है। यह भी कहा गया कि करीब चार साल पहले खरीदी गई कृषि भूमि और ट्यूबवेल पर उनका कब्जा और उपयोग लगातार चल रहा है। संस्थाओं का कहना है कि तहसीलदार भदेसर 8 जून 2026 को मौके पर जाकर पत्थरगड़ी कर चुके हैं और आगे की कार्रवाई के लिए मामला उपखंड अधिकारी और संबंधित विभाग को भेजा गया है। ऐसे में इस विवाद को सामाजिक टकराव या दबंगई के रूप में पेश करना सही नहीं है। प्रतिनिधियों ने एसपी से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और झूठे आरोप लगाकर समाज की प्रतिष्ठा को नुकसान पहुंचाने वालों के खिलाफ भी उचित कानूनी कार्रवाई की जाए। इस दौरान नरपत सिंह भाटी, महाराज सहदेव सिंह नरेला, एस.पी. सिंह सठौड़ सहित कई लोग मौजूद रहे।
भिवानी CBLU के 4 छात्र UGC जेआरएफ में सफल:बापोड़ा की अंजलि को मिला 32वां रैंक, वीसी ने दी बधाई
भिवानी स्थित चौधरी बंसीलाल विश्वविद्यालय के माइक्रोबायोलॉजी (सूक्ष्मजीव विज्ञान) विभाग के विद्यार्थियों ने शिक्षा, अनुसंधान और प्रतियोगी परीक्षाओं में उत्कृष्ट प्रदर्शन किया है। वर्ष 2026 में विभाग के चार विद्यार्थियों ने देश की प्रतिष्ठित सीएसआईआर-यूजीसी जेआरएफ परीक्षा में सफलता प्राप्त कर विभाग और विश्वविद्यालय का नाम रोशन किया है। गांव बापोड़ा की छात्रा अंजलि ने सीएसआईआर-यूजीसी जेआरएफ परीक्षा में अखिल भारतीय रैंक 32 प्राप्त कर विशेष उपलब्धि हासिल की है। वर्तमान में अंजलि पोस्ट ग्रेजुएट इंस्टीट्यूट ऑफ मेडिकल एजुकेशन एंड रिसर्च, चंडीगढ़ (स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान, चंडीगढ़) के मेडिकल माइक्रोबायोलॉजी (चिकित्सा सूक्ष्मजीव विज्ञान) विभाग में पीएचडी (विद्यावाचस्पति) कर रही हैं और चिकित्सा अनुसंधान के क्षेत्र में अपनी सेवाएं दे रही हैं। विभाग के गुरजीत, मोनिका और तन्नु ने भी इस परीक्षा में शानदार रैंक प्राप्त कर अपनी कड़ी मेहनत का परिचय दिया है। गुरजीत वर्तमान में कुरुक्षेत्र में अपनी नीट (राष्ट्रीय पात्रता सह प्रवेश परीक्षा) कोचिंग अकादमी संचालित कर रहे हैं और शिक्षा के माध्यम से युवाओं को आगे बढ़ने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। विभाग की पूर्व छात्रा शिल्पा ने वैज्ञानिक एवं औद्योगिक अनुसंधान परिषद (काउंसिल ऑफ साइंटिफिक एंड इंडस्ट्रियल रिसर्च) के प्रमुख संस्थान सीएसआईआर-आईएमटेक, चंडीगढ़ (इंस्टीट्यूट ऑफ माइक्रोबियल टेक्नोलॉजी, चंडीगढ़) में प्रोजेक्ट असिस्टेंट (परियोजना सहायक) के रूप में कार्यभार ग्रहण किया है। विभाग के अन्य पूर्व छात्र भी देश की अग्रणी फार्मा (औषधि) और बायोटेक (जैव प्रौद्योगिकी) कंपनियों में उच्च पदों पर कार्यरत हैं। करियर काउंसलिंग से मिला मार्गदर्शन विद्यार्थियों को भविष्य की दिशा देने के उद्देश्य से माइक्रोबायोलॉजी विभाग ने हाल ही में ऑनलाइन करियर काउंसलिंग सत्र का आयोजन किया। इस सत्र में विभाग के पूर्व विद्यार्थियों और शोधार्थियों (शोधकर्ताओं) ने अपनी शैक्षणिक यात्रा, शोध अनुभव और जीवन की चुनौतियों को जूनियर छात्रों के साथ सांझा किया। वक्ताओं ने विद्यार्थियों को संदेश दिया कि निरंतर मेहनत, अनुशासन और सही मार्गदर्शन से हर लक्ष्य प्राप्त किया जा सकता है। कुलगुरु प्रो. दीप्ति धर्माणी एवं कुलसचिव प्रो. भावना शर्मा,डीन प्रो. ललिता गुप्ता ने होनहार विद्यार्थियों को उनकी सफलता के लिए बधाई देते हुए उनके उज्जवल भविष्य की कामना की है। उज्ज्वल भविष्य की राह पर विभाग विभागाध्यक्ष डॉ. अश्वनी कुमार ने बताया कि आज माइक्रोबायोलॉजी शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, पर्यावरण और उद्योग सभी क्षेत्रों में अत्यंत महत्वपूर्ण हो गया है। विभाग विद्यार्थियों को अकादमिक उत्कृष्टता के साथ अनुसंधान और उद्योग की जरूरतों के अनुसार तैयार करने के लिए निरंतर प्रयासरत है। छात्रों की यह उपलब्धि इसी का परिणाम है। इस अवसर पर डॉ. प्रीति और डॉ. ललिता ने कहा कि यह विभाग के लिए एक बड़ी उपलब्धि है। विद्यार्थियों की यह सफलता कड़ी मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे नवाचार (इनोवेशन) और दृढ़ निश्चय के साथ विज्ञान के क्षेत्र में नए कीर्तिमान स्थापित करें।
कोरबा जिले के उरगा थाना क्षेत्र में अवैध रेत परिवहन के दौरान हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसा ग्राम मड़वारानी के पास उस समय हुआ, जब सोन नदी से रेत भरकर लौट रहा ट्रैक्टर अनियंत्रित होकर पलट गया। मृतक की पहचान शिवकुमार पटेल (29) के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, मड़वारानी निवासी शिवकुमार पटेल, अमित कुमार और अन्य युवक प्रतिबंध के बावजूद सोन नदी से रेत निकालने गए थे। रेत भरकर लौटते समय ग्राम जर्वे के पास तेज रफ्तार ट्रैक्टर अचानक नियंत्रण खो बैठा और ट्रॉली सहित सड़क किनारे पलट गया। हादसे में शिवकुमार ट्रैक्टर के इंजन के नीचे दब गए। इंजन के नीचे दबने से गई जान घटना के बाद आसपास के ग्रामीण मौके पर पहुंचे और कड़ी मशक्कत के बाद शिवकुमार को बाहर निकाला। गंभीर हालत में उन्हें और अन्य घायलों को मेडिकल अस्पताल पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने शिवकुमार पटेल को मृत घोषित कर दिया। वहीं ट्रैक्टर चालक अमित कुमार समेत एक अन्य घायल का इलाज जारी है। पुलिस ने शुरू की जांच जिला अस्पताल चौकी पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस ने मामले में मर्ग कायम कर जांच शुरू कर दी है। साथ ही ट्रैक्टर मालिक और अवैध रेत परिवहन से जुड़े लोगों की भूमिका की भी पड़ताल की जा रही है। लंबे समय से जारी है अवैध रेत कारोबार स्थानीय ग्रामीणों का कहना है कि मड़वारानी और आसपास के क्षेत्रों में सोन नदी से अवैध रेत खनन और परिवहन का कारोबार लंबे समय से चल रहा है। प्रतिबंध के बावजूद रात और सुबह के समय बड़ी संख्या में ट्रैक्टर नदी से रेत निकालते हैं। तेज रफ्तार और ओवरलोडिंग के कारण ऐसे हादसे अक्सर होते रहते हैं। कार्रवाई के बावजूद नहीं थम रहा खनन खनिज विभाग ने जिले की नदियों और नालों से रेत निकासी पर पूर्ण प्रतिबंध लगाया हुआ है। कलेक्टर कुणाल दुदावत के निर्देश पर उड़नदस्ता दल लगातार कार्रवाई कर अवैध वाहनों को जब्त कर रहा है। इसके बावजूद कई क्षेत्रों में अवैध खनन और परिवहन का सिलसिला थमने का नाम नहीं ले रहा है।
बिलासपुर में पुलिस अधिकारियों के नाम पर युवक और उसके परिवार से 1 लाख रुपए की ठगी की गई है। आरोप है कि थाने में हुए विवाद का फायदा उठाकर दो युवकों ने पीड़ित परिवार को डरा-धमकाकर 5 लाख रुपए की मांग की थी। इस मामले में तारबाहर पुलिस ने तीन आरोपियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज की है और एक आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पुलिस के अनुसार, महासमुंद जिले के सरायपाली थाना क्षेत्र के ग्राम मोहदा निवासी रूपेश पटेल फोटोग्राफी का काम करता है। 19 जून को वह अपने निजी काम से बिलासपुर आया था। इस दौरान उसका अपनी परिचित भारती मिरे और नेहा पंत के साथ किसी बात को लेकर विवाद हो गया, जिसके बाद तीनों तारबाहर थाने पहुंचे। थाने में घबराए युवक ने दोस्त को बताई बात थाने पहुंचने पर रूपेश घबरा गया और उसने अपने दोस्त सचिन मेहर को फोन कर पूरी घटना की जानकारी दी। आरोप है कि सचिन मेहर ने यह जानकारी अपने परिचित सुमित देवांगन को दी। इसके बाद दोनों ने मिलकर रूपेश के डर का फायदा उठाने की साजिश रची। पैसे देने के नाम पर परिवार से ऐंठे 1 लाख शिकायत के मुताबिक, सचिन मेहर और सुमित देवांगन ने रूपेश के घर फोन कर कहा कि मामले को निपटाने और पुलिस अधिकारियों को पैसे देने के लिए 5 लाख रुपए की जरूरत पड़ेगी। पुलिस कार्रवाई के डर से रूपेश के परिवार ने सुमित देवांगन के बैंक खाते में एक लाख रुपए ट्रांसफर कर दिए। रकम मिलने के बाद भी जारी रही वसूली रूपेश का आरोप है कि रकम मिलने के बाद भी दोनों आरोपी लगातार चार दिनों तक फोन और मैसेज कर बाकी 4 लाख रुपए की मांग करते रहे। पैसे न देने पर उन्हें गंभीर परिणाम भुगतने की धमकी भी दी गई। पुलिस कर रही लेनदेन और कॉल डिटेल की जांच पीड़ित ने जब सुमित देवांगन से एक लाख रुपए के संबंध में पूछताछ की, तो उसने बताया कि 19 जून की शाम पांच से 7 बजे के बीच उक्त राशि उसने चांपा निवासी कथित पत्रकार महेंद्र देवांगन के बैंक खाते में ट्रांसफर कर दी है। शिकायत के आधार पर तारबाहर पुलिस ने आरोपित सचिन मेहर और सुमित देवांगन के खिलाफ धोखाधड़ी, धमकी और अवैध वसूली से संबंधित धाराओं के तहत केस दर्ज कर लिया है। पुलिस अब पूरे लेन-देन, बैंक खातों और कॉल डिटेल की जांच कर रही है।
बीएचयू में पीजी प्रवेश प्रक्रिया के बीच ही सीयूईटी यूजी के परिणाम भी एनटीए ने जारी कर दिए। बीएचयू की केंद्रीय प्रवेश समिति अब दोनों प्रवेश की तैयारियों में जुट गई है। उम्मीद जताई जा रही है कि एनटीए से लगभग एक सप्ताह में अर्ह अभ्यर्थियों का डेटा मिलने के बाद जुलाई के पहले सप्ताह में यूजी प्रवेश प्रक्रिया भी शुरू कर दी जाएगी। पिछले वर्ष 9200 सीटें प्रवेश के लिए रखी गई थीं बीएचयू में वर्ष-2024 में कुल 8889 सीटों पर प्रवेश लिए गए थे। पिछले साल बीएससी रेडियो थेरेपी और रेडियोलॉजी जैसे दो नए पाठ्यक्रम शुरू होने पर सीटों की संख्या में बढ़ोतरी हुई। कम प्रवेश वाले कुछ पाठ्यक्रमों में सीटों की संख्या कम की गई और संबद्ध महाविद्यालयों में कई नए पाठ्यक्रम भी शुरू किए गए। पिछले वर्ष लगभग 9200 सीटें प्रवेश के लिए रखी गई थीं। हालांकि देरी के कारण काफी सीटें खाली रह गईं। डेटा मिलने के बाद 10-15 दिन बाद प्रवेश काउंसलिंग की घोषणा इस वर्ष समय से प्रवेश प्रक्रिया शुरू होने के चलते सभी सीटें भरने की उम्मीद लगाई जा रही है। पिछले वर्ष से सीबीसीएस (चॉइस बेस्ड क्रेडिट सिस्टम) जारी होने के साथ ही बीएचयू स्नातक (शोध) में भी 15 फीसदी छात्रों का प्रवेश लेगा। प्रवेश सेल समन्वयक प्रो. भास्कर भट्टाचार्य ने बताया कि बीएचयू की वेबसाइट पर प्रवेश संबंधी तकनीकी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। अभ्यर्थियों का डेटा प्राप्त होते ही प्रवेश काउंसिलिंग तिथियों की घोषणा कर दी जाएगी। इसमें 10 से 15 दिनों का समय लग सकता है। संकायों में 1182 पेड सीट भी उपलब्ध रहेगी विभिन्न संकायों, परिसर स्थित महिला महाविद्यालय और संबद्ध महाविद्यालयों के स्नातक पाठ्यक्रमों में 9200 से ज्यादा सीटें हैं। इनमें लगभग आठ हजार नियमित सीटें उपलब्ध हैं। इनमें मुख्य परिसर में 3480, महिला महाविद्यालय में 695 और संबद्ध महाविद्यालयों में 3537 सीटें हैं। इसके अतिरिक्त 1182 पेड सीटों पर भी छात्रों को प्रवेश का मौका मिलेगा।
महेंद्रगढ़ के समीप धर्मनगरी पाली में निर्जला एकादशी पर गुरुवार को एक महाध्वजा यात्रा निकाली गई। यह यात्रा परम पूज्य तपस्वी संत बाबा जयरामदास की पावन स्मृति और आध्यात्मिक विरासत को समर्पित थी। यात्रा सुबह महेंद्रगढ़ के बालाजी मंदिर से बाबा की आरती के बाद शुरू हुई और लगभग तीन घंटे में बाबा जयरामदास पाली धाम पहुंची। इस अवसर पर लगभग 1100 मीटर लंबी अखंड केसरिया ध्वजा के साथ एक विशाल धार्मिक एवं सांस्कृतिक यात्रा निकाली गई। आयोजकों ने इसे विश्व रिकॉर्ड के रूप में स्थापित करने का प्रयास किया है, उनका दावा है कि देश में इतनी लंबी महाध्वजा यात्रा पहले कभी नहीं निकाली गई। यात्रा में स्थानीय विधायक कंवर सिंह यादव, पूर्व जिला प्रमुख सुरेंद्र कौशिक, व्यापार मंडल के प्रधान सुरेंद्र बंटी सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु शामिल हुए। 7 किलोमीटर की दूरी तय की यह ध्वजा यात्रा महेंद्रगढ़ के बालाजी मंदिर, राव तुलाराम चौक से शुरू होकर बाबा जयरामदास धाम, पाली तक लगभग 7 किलोमीटर की दूरी तय की। इसमें लगभग 720 श्रद्धालु एक साथ एक ही ध्वजा को धारण कर चल रहे थे, जो इस आयोजन को अनूठा बनाता है। इस वर्ष की ध्वजा यात्रा की एक विशेष बात यह थी कि 1100 मीटर लंबी अखंड केसरिया ध्वजा पर बाबा जयरामदास की 720 से अधिक पवित्र छवियां अंकित की गई थीं। आयोजकों के अनुसार, यह संभवतः पहली बार है जब किसी संत महापुरुष को समर्पित इतनी विशाल ध्वजा पर सैकड़ों चित्रों को एक साथ प्रदर्शित करते हुए धार्मिक यात्रा निकाली गई। दिल्ली, पंजाब, यूपी से भी पहुंचे श्रद्धालु बाबा जयरामदास के अनुयायी हरियाणा, राजस्थान, दिल्ली, पंजाब, उत्तर प्रदेश सहित देश के विभिन्न राज्यों तथा विदेशों में निवास करते हैं। प्रत्येक वर्ष हजारों श्रद्धालु पाली धाम पहुंचकर बाबा के चरणों में श्रद्धा अर्पित करते हैं। ध्वज अर्पण की यह परंपरा वर्षों से आस्था, एकता और आध्यात्मिक समर्पण का प्रतीक रही है। श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा के लिए चिकित्सा सहायता केंद्र, पेयजल व्यवस्था और स्वयंसेवक दल तैनात किए गए थे। पूर्व सैनिकों ने संभाली यातायात व्यवस्था ग्राम पंचायत पाली के सरपंच देशराज फौजी व कैलाश पाली ने बताया कि तीन घंटे की यात्रा के दौरान बृहस्पतिवार सुबह पांच बजे से दस बजे तक बाबा जयरामदास धाम से गुजरने वाले स्टेट हाईवे 148बी पर हकेंवि गेट नंबर एक से बालाजी मंदिर राव तुलाराम चौक महेंद्रगढ़ तक यातायात वन वे रहा। यातायात की व्यवस्था एक्स सर्विसमैन वेलफेयर ग्रुप पाली व भूतपूर्व सैनिक विकास संघ महेंद्रगढ़ तथा क्षेत्र के पूर्व सैनिक पुलिस के साथ सहयोग किया। यात्रा को लेकर प्रशासनिक अमले के साथ-साथ महिला व पुरुष पुलिस कर्मचारियों की तैनाती रहीं। साथ ही एंबुलेंस की गाड़ियां, फायर ब्रिगेड की गाड़ियाें के साथ-साथ चिकित्सकों की टीमें भी यात्रा के साथ रहीं। यात्रा के समापन पर बाबा जयरामदास मंदिर प्रांगण में श्रद्धालुओं के लिए भंडारे की व्यवस्था की गई है।
चूरू शहर में मोहर्रम पर्व को लेकर सुरक्षा और शांति व्यवस्था बनाए रखने के लिए पुलिस प्रशासन अलर्ट पर है। मोहर्रम से पहले पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों ने नई सड़क, सुभाष चौक, मुमताज हॉस्पिटल के पास, रेलवे स्टेशन, भरतिया रोड, सफेद घंटाघर, गढ़ चौराहा, जैन मार्केट और आलोक सिनेमा सहित विभिन्न इलाकों में घरों की छतों का ड्रोन से निरीक्षण किया। एसडीएम धीरज झाझड़िया, डीएसपी गजेंद्र सिंह, तहसीलदार अशोक गोरा और कोतवाली थानाधिकारी सुखराम चोटिया सहित पुलिस व प्रशासनिक टीम ने ताजिया और अखाड़ा निकाले जाने वाले इलाकों का दौरा किया। एसडीएम और डीएसपी ने रूट और संवेदनशील बिंदुओं को चिह्नित कर आवश्यक निर्देश दिए। उन्होंने पूरे इलाके का जायजा लेने और संवेदनशील स्थानों पर जवानों की तैनाती के आदेश भी दिए। इसके अलावा झूलते बिजली के तारों और सफाई व्यवस्था को लेकर भी निर्देश जारी किए गए। 350 से ज्यादा पुलिसकर्मी संभालेंगे व्यवस्थाडीएसपी गजेंद्र सिंह ने बताया कि मोहर्रम के लिए एसपी निश्चय प्रसाद एम के सुपरविजन में सुरक्षा व्यवस्था के तहत 2 एएसपी, एक डीएसपी, तीन इंस्पेक्टर, सात सब इंस्पेक्टर, 10 एएसआई सहित लगभग 350 पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। हनुमानगढ़ और श्रीगंगानगर से भी अतिरिक्त पुलिस बल बुलाया जाएगा। मोहर्रम के दौरान दो ड्रोन कैमरों से भी निगरानी रखी जाएगी। CCTV कैमरों से रखी जाएगी कड़ी निगरानीडीएसपी ने चेतावनी दी कि किसी भी इलाके में गड़बड़ी पाए जाने पर कड़ी कार्रवाई की जाएगी। शहर के प्रमुख चौक-चौराहों पर सीसीटीवी कैमरों से कड़ी निगरानी रखी जाएगी। प्रशासन सोशल मीडिया पर भी नजर रख रहा है ताकि कोई असामाजिक तत्व भ्रामक या आपत्तिजनक संदेश न फैला सके। उन्होंने स्पष्ट किया कि चूरू के सौहार्द को बिगाड़ने वाली किसी भी गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
प्रतापगढ़ में बेकाबू ट्रैक्टर-ट्रॉली की टक्कर से नर्सिंग की छात्रा की मौत हो गई। छात्रा घायल होकर सड़क किनारे गिर गई थी। जिसके बाद पास में मौजूद थाने से पुलिस कर्मी बचाने के लिए दौड़े। पुलिस कर्मियों ने दौड़कर छात्रा को अस्पताल पहुंचाया। जहां इलाज के दौरान उसने दम तोड़ दिया। छात्रा लालगंज ट्रामा सेंटर से ट्रेनिंग पूरी करने के बाद ई-रिक्शा से अपनी प्रैक्टिकल फाइल जांच कराने कॉलेज जा रही थी। गुरूवार सुबह करीब 11 बजे ट्रैक्टर ने उनके ई-रिक्शा को जोरदार टक्कर मार दी। जिससे छात्रा घायल होकर जमीन पर गिर गई। हादसे की सूचना मिलते ही स्थानीय चौकी प्रभारी पुलिस बल के साथ मौके पर पहुंचे। उन्होंने स्थानीय लोगों की मदद से घायल छात्रा को तुरंत एंबुलेंस के जरिए लालगंज ट्रामा सेंटर भिजवाया, जहां डॉक्टरों ने परीक्षण के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। लीलापुर थाना प्रभारी ने बताया कि पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। घटना की जानकारी मृतका के परिजनों को दे दी गई है। पुलिस के अनुसार, परिजनों की तरफ से तहरीर मिलने पर संबंधित ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। मामला लीलापुर थाना क्षेत्र के सगरा सुंदरपुर का बताया जा रहा है। ई-रिक्शा से कॉलेज जाते समय हादसा मृतका की पहचान ज्योति यादव (21) के रूप में हुई है। वह कोतवाली क्षेत्र के उमरपट्टी थाना बाघराय निवासी सेवानिवृत्त पुलिसकर्मी बृजलाल यादव की पुत्री थीं। वर्तमान में उनका परिवार लालगंज के शीतलमऊ में रहता है। ज्योति लीलापुर थाना क्षेत्र स्थित संजीवनी नर्सिंग कॉलेज की फाइनल ईयर की छात्रा थीं। गुरुवार सुबह करीब 11 बजे ज्योति लालगंज ट्रामा सेंटर में प्रशिक्षण के बाद अपनी प्रैक्टिकल फाइल जांच कराने के लिए कॉलेज जा रही थीं। वह ई-रिक्शा से यात्रा कर रही थीं। पुलिसकर्मियों ने दौड़कर अस्पताल पहुंचाया सगरा सुंदरपुर पेट्रोल पंप के पास एक ट्रैक्टर ने उनके ई-रिक्शा को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण ज्योति गंभीर रूप से घायल हो गईं। हादसे की सूचना मिलते ही चौकी प्रभारी दीपक यादव मौके पर पहुंचे। स्थानीय लोगों की मदद से घायल छात्रा को तत्काल एंबुलेंस से लालगंज ट्रामा सेंटर भेजा गया। वहां चिकित्सकों ने जांच के बाद उन्हें मृत घोषित कर दिया। लीलापुर थाना प्रभारी अमला सिंह ने बताया कि शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। तहरीर मिलने पर संबंधित ट्रैक्टर चालक के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जाएगी। ज्योति यादव तीन बहनों में सबसे छोटी थीं और उनका एक भाई है।
बांदा के पैलानी तहसील के पिपरहरी गांव के किसानों ने विद्युत विभाग और ठेकेदार पर मनमाने ढंग से खेतों में हाईटेंशन लाइन और टावर लगाने का आरोप लगाया है। किसानों ने इस संबंध में गुरुवार सुबह जिलाधिकारी (डीएम) को एक ज्ञापन सौंपकर कार्रवाई की मांग की है। किसानों का कहना है कि विद्युत विभाग उनकी सहमति के बिना उनके खेतों से हाईटेंशन लाइनें निकाल रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि मानकों की अनदेखी करते हुए एक ही परिवार के कई खेतों से टेढ़े-मेढ़े तरीके से लाइनें डाली जा रही हैं, जिससे उनकी खेती-किसानी बुरी तरह प्रभावित होगी। ग्रामीणों के अनुसार, खेतों में बड़े-बड़े टावर स्थापित होने से कृषि कार्यों में बाधा उत्पन्न होगी और भविष्य में किसी भी प्रकार का निर्माण कार्य करना असंभव हो जाएगा। किसानों ने फसल को नुकसान पहुंचने और जनहानि होने की आशंका भी व्यक्त की है। शिकायत में यह भी आरोप लगाया गया है कि जब किसान इस मनमानी का विरोध करते हैं, तो विद्युत विभाग के अधिकारी और ठेकेदार उन्हें झूठे मुकदमों में फंसाने तथा सरकारी कार्य में बाधा डालने के आरोप लगाने की धमकी देते हैं। पीड़ित किसानों ने जिलाधिकारी से मांग की है कि प्रस्तावित टावरों और हाईटेंशन लाइन को किसी अन्य उपयुक्त स्थान पर स्थानांतरित कराया जाए। उनका कहना है कि इससे उनकी कृषि भूमि और आजीविका सुरक्षित रह सकेगी।
रामपुर में अधिवक्ताओं ने प्रदेश सरकार की ई-रजिस्ट्री व्यवस्था के खिलाफ फिर से विरोध प्रदर्शन किया है। गुरुवार दोपहर बार एसोसिएशन रामपुर के अध्यक्ष राजेंद्र प्रसाद लोधी के नेतृत्व में बड़ी संख्या में अधिवक्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन सौंपा। उन्होंने ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया को तत्काल बंद करने की मांग की। बार एसोसिएशन के पदाधिकारियों और अधिवक्ताओं का कहना है कि ई-रजिस्ट्री प्रणाली लागू होने से अधिवक्ताओं, दस्तावेज लेखकों, स्टांप वेंडरों और टाइपिस्टों सहित इससे जुड़े अन्य लोगों की आजीविका पर गंभीर संकट आ गया है। उनका आरोप है कि ऑनलाइन व्यवस्था के माध्यम से गैर-कानूनी संस्थाएं और अनाधिकृत व्यक्ति भी दस्तावेज तैयार कर सकेंगे, जिससे न केवल रोजगार प्रभावित होगा बल्कि भविष्य में संपत्ति संबंधी विवादों की संख्या भी बढ़ सकती है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया कि ग्रामीण क्षेत्रों के किसानों और आम नागरिकों के पास अभी तकनीकी जानकारी तथा ऑनलाइन संसाधनों का पर्याप्त अभाव है। ऐसी स्थिति में ई-रजिस्ट्री व्यवस्था उनके लिए परेशानी का कारण बन सकती है और उन्हें शोषण का सामना करना पड़ सकता है। अधिवक्ताओं ने मांग की है कि जब तक कोई व्यवहारिक और सर्वमान्य विकल्प तैयार नहीं किया जाता, तब तक इस व्यवस्था को लागू न किया जाए। जिलाधिकारी ने अधिवक्ताओं का ज्ञापन प्राप्त किया और उनकी मांगों को शासन तक पहुंचाने का आश्वासन दिया। यह मामला अब महत्वपूर्ण हो गया है, क्योंकि ई-रजिस्ट्री प्रक्रिया प्रदेश सरकार की नीति और शासन के निर्देशों के तहत लागू की जा रही है। फिलहाल, बार एसोसिएशन ने अपने विरोध के संकेत स्पष्ट कर दिए हैं। यदि उनकी मांगों पर सकारात्मक निर्णय नहीं लिया गया तो आने वाले दिनों में आंदोलन और तेज हो सकता है। अब सभी की निगाहें शासन के अगले कदम और अधिवक्ताओं की आगामी रणनीति पर टिकी हैं।
कैथल में सड़क हादसा, जीजा की मौत, साला घायल:पीजीआई चंडीगढ़ रेफर, बच्चों से मिलकर वापस जाते समय हादसा
कैथल में गांव गुलियाणा से जींद के गांव थुआ जा रहे जीजा साला भीषण सड़क हादसे का शिकार हो गए। अज्ञात वाहन का ड्राइवर उनको टक्कर मारकर भाग गया, जिसमें जीजा की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि साला गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे इलाज के लिए पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। मृतक की पहचान गांव थुआ निवासी 47 वर्षीय संजय के रूप में हुई है, जो अपने ससुराल में गया हुआ था और साले मोनू के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर घर वापस जा रहा था। गर्मियों की छुटि्टयों में मायके गई थी पत्नी गांव सौंगल निवासी मुकेश कुमार ने बताया कि उसकी बहन गर्मियों की छुटि्टयों में बच्चों के साथ मायके आई हुई है। उसके जीजा संजय भी बच्चों से मिलने के लिए उनके घर आए थे। जब वे वापस जा रहे थे और गांव गुलियाणा के पास पहुंचे तो अज्ञात वाहन का ड्राइवर उन्हें टक्कर मारकर भाग गया। इस हादसे में संजय की मौत हो गई। अस्पताल पहुंचे परिजनों ने बताया कि संजय खेती बाड़ी का काम करता था। उसके परिवार में एक बेटा और एक बेटी है। परिवार में संजय ही अकेला कमाने वाला था। उसकी शादी करीब 20 साल पहले हुई थी। साले को पीजीआई रेफर किया गया किठाना चौकी इंचार्ज रोहित कुमार ने बताया कि घटना की सूचना मिलते ही पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गई थी। मृतक व घायल व्यक्ति को कैथल के नागरिक अस्पताल में पहुंचाया गया। मृतक के शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है, जबकि घायल को पीजीआई चंडीगढ़ रेफर किया गया है। इस संबंध में पुलिस ने अज्ञात वाहन ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर लिया है। मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगामी कार्रवाई की जाएगी।
पीलीभीत के सुनगढ़ी थाना क्षेत्र में एक युवक का शव आम के बाग में फंदे से लटका मिला। इस घटना से इलाके में सनसनी फैल गई है। मृतक के परिजनों ने उसके साढ़ू पर हत्या का आरोप लगाया है, जबकि पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर मामले की जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, 38 वर्षीय होरीलाल ग्राम संतोषपुर का निवासी था और रुद्रपुर में नौकरी करता था। वह बुधवार को अपने घर लौटा था। इसके बाद वह न्यूरिया थाना क्षेत्र के ग्राम जनकपुरी स्थित अपनी पत्नी हीरा काली के मायके गया, जहां उसने पत्नी और बच्चों साधना व हरीश से मुलाकात की। देर रात वह अपने गांव संतोषपुर लौट आया। बताया जाता है कि होरीलाल का साढ़ू ढाकन लाल भी उसी गांव में रहता है। बुधवार रात होरीलाल संदिग्ध परिस्थितियों में ढाकन लाल के घर पहुंच गया। वहां किसी बात को लेकर विवाद हुआ, जिसके बाद होरीलाल छत से टीनशेड पर कूद गया। इस हादसे में उसके पैरों में गंभीर चोटें आईं। छत से कूदने के बाद घायल होरीलाल गांव के बाहर रेलवे ट्रैक पर जाकर लेट गया। मृतक के भतीजे ने उसे रेलवे ट्रैक पर पड़ा देखा और परिजनों को सूचित किया। परिजन उसे घायल अवस्था में उठाकर पास के एक आम के बाग में ले गए और वहीं छोड़ आए। गुरुवार सुबह जब परिजन दोबारा बाग में पहुंचे, तो होरीलाल का शव आम के पेड़ पर फंदे से लटकता मिला। मृतक के भाई पूरनलाल ने साढ़ू ढाकन लाल पर हत्या कर शव को फंदे से लटकाने का सीधा आरोप लगाया है। क्षेत्र में इस घटना को लेकर तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे प्रेम प्रसंग या आत्मग्लानि के चलते उठाया गया आत्मघाती कदम मान रहे हैं। पुलिस सभी पहलुओं पर जांच कर रही है। सुनगढ़ी थानाध्यक्ष नरेश त्यागी ने बताया कि शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। परिजनों के आरोपों और मामले के सभी पहलुओं को ध्यान में रखकर गहनता से जांच की जा रही है, पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही मौत का सही कारण स्पष्ट हो सकेगा।
छत्तीसगढ़ कांग्रेस के प्रभारी और वरिष्ठ कांग्रेस नेता सचिन पायलट ने रायपुर में भाजपा और केंद्र सरकार पर जमकर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि भाजपा को कांग्रेस के प्रशिक्षण शिविर की चिंता छोड़ अपनी सरकार और संगठन की अंदरूनी खींचतान पर ध्यान देना चाहिए। कांग्रेस 135 साल पुरानी पार्टी है और नए जिला अध्यक्षों व कार्यकर्ताओं को संगठनात्मक रूप से मजबूत बनाने के लिए प्रशिक्षण कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। बूथ स्तर पर संगठन को मजबूत किया जा रहा पायलट ने कहा कि राहुल गांधी की सोच के अनुरूप कांग्रेस बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने के अभियान में जुटी है। 10 दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम देश के कई राज्यों में सफलतापूर्वक आयोजित किए जा रहे हैं, जिनमें राजनीतिक, सामाजिक और जनहित से जुड़े विषयों पर चर्चा हो रही है। उन्होंने कहा कि भाजपा के कथित झूठे वादों, नीतियों और जनविरोधी फैसलों को जनता तक पहुंचाने की रणनीति भी बनाई जा रही है। राम मंदिर दान में गड़बड़ी गंभीर: पायलट राम मंदिर निर्माण के लिए मिले दान में कथित गड़बड़ी और करोड़ों रुपये की हेराफेरी के आरोपों पर पायलट ने कहा कि मामला बेहद गंभीर है और इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि दोषी चाहे किसी भी दल से जुड़ा हो, उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्र और राज्य सरकारों ने अब तक इस मामले में कोई जांच नहीं कराई है, जबकि भाजपा भगवान के नाम पर राजनीति करती है लेकिन आरोपों पर जवाब देने से बच रही है। सीएम यादव पर साधा निशाना मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और उनके परिजनों के नाम कथित जमीन खरीद मामले में सामने आने पर भी पायलट ने निष्पक्ष जांच की मांग की। उन्होंने कहा कि भाजपा भ्रष्टाचार और नैतिकता के मामलों में दोहरे मापदंड अपनाती है। “न खाऊंगा, न खाने दूंगा” का दावा करने वाली भाजपा को आरोपों पर स्पष्ट जवाब देना चाहिए। केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग पर भड़के सचिन पायलट ने भाजपा पर केंद्रीय एजेंसियों के दुरुपयोग का आरोप लगाते हुए कहा कि विपक्षी नेताओं को सीबीआई और ईडी के जरिए निशाना बनाया जाता है। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र में पारदर्शिता, जवाबदेही और संवैधानिक संस्थाओं की निष्पक्षता जरूरी है तथा अंततः सत्य और जनता की आवाज की ही जीत होगी।
रेवाड़ी में कोनसीवास रोड पर मेटल कंपनी के एमडी की गाड़ी को साइड से दूसरी कार ने टक्कर मार दी। टक्कर के बाद एमडी की कार रॉग साइड में जाकर सामने से आ रही ऑटो से टकरा गई। जिससे आसपास काफी भीड़ जमा हो गई। हादसे के बाद कुछ समय के लिए रोड पर जाम लग गया। घटना का एक सीसीटीवी भी सामने आया है। जिसमें पूरा घटनाक्रम कैद हो गया। सूचना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और कंपनी एमडी की शिकायत पर कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी। हादसे में एमडी सहित किसी को गंभीर चोटें नहीं आई, परंतु ऑटो और ऑडी क्षतिग्रस्त हो गई। खुद कार चला रहे थे एमडी गणपत नगर निवासी मेडल कंपनी के एमडी दुर्गेश जैमिनी ने बताया कि बुधवार सुबह वह दिल्ली रोड स्थित कंपनी में थे। जहां से मैं अपनी दूसरी कंपनी में जाने के लिए निकला। पोसवाल चौक से गाड़ी को कोनसीवास रोड पर लिया। जब उसकी गाड़ी कोनसीवास रोड पर गंदे नाले के पास पहुंची, तभी गंदे नाले पर बने रोड से एक स्कॉर्पियो आई और साइड से सीधी उसकी ऑडी को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि उसकी गाड़ी रॉग साइड जाकर सामने से आ रहे ऑटो से जा टकराई। अचानक मारी जोरदार टक्कर एमडी ने बताया कि कुछ एक्सीडेंट से कुछ समय पहले उसके पास से एक ई-रिक्शा गुजरी थी। गंदे नाल पर चौराहा होने के कारण उसकी गाड़ी भी धीरे चल रही थी। स्कॉर्पियों तेजी से आई और साइड में उसकी गाड़ी को टक्कर मार दी। स्कॉर्पियों चालक खुद की पहचान झज्जर निवासी दीपक के रूप में बताई थी। उन्होंने बताया कि स्कॉर्पियों पर काली फिल्म लगी हुई थी। पास लगे सीसीटीवी में पूरा घटनाक्रम कैद हो गया। मॉडल टाउन थाना पुलिस ने कार ड्राइवर के खिलाफ केस दर्ज कर मामले की जांच शुरू कर दी।
जोधपुर एसएन मेडिकल कॉलेज में महिला की देह दान:23 जून को हुई थी डेथ, कॉलेज को इस साल 10वीं बॉडी मिली
जोधपुर के SN मेडिकल कॉलेज में इस साल का दसवां देहदान किया गया। 72 साल की महिला सरोज चौहान की मौत के बाद परिजनों ने उनकी देह शोध कार्यों के लिए मेडिकल कॉलेज को दान की है। बता दें कि महिला का 23 जून को निधन हो गया था। इसके बाद 24 जून को पारंपरिक रीति-रिवाजों के साथ-साथ दिवंगत का पार्थिव शरीर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान के लिए संबंधित मेडिकल संस्थान को सौंप दिया गया। जीवनकाल में देहदान का संकल्प लिया था इस अवसर पर उनके पति सुरेन्द्र सिंह चौहान ने कहा कि उनकी पत्नी ने काफी समय पहले में ही जीवनकाल में देहदान का संकल्प लिया था। उनकी इसी इच्छा को पूरा करते हुए उनके दोनों बेटे विशाल, अनुराग, और दोनों बहू पूनम और बीना ने उनकी मृत देह डॉ. संपूर्णानंद मेडिकल कॉलेज के अधिकारियों को सुपुर्द की। उन्होंने कहा कि देहदान से मेडिकल विद्यार्थियों को अध्ययन एवं शोध कार्य में सहायता मिलेगी। अब तक 263 देहदान हो चुके SN मेडिकल कॉलेज के एनाटॉमी विभाग की प्रोफेसर डॉक्टर सुषमा कटारिया ने बताया कि मेडिकल कॉलेज में अब तक 263 देहदान हो चुके हैं। ये इस साल का 10वां देहदान है।
अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल की एक महत्वपूर्ण बैठक सिरोही जिला कार्यालय में हुई। इसमें संगठन के पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। बैठक में निर्णय लिया गया कि अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद एवं राष्ट्रीय बजरंग दल का स्थापना दिवस 24 जून से 30 जून तक सिरोही जिले के 150 गांवों में सामूहिक हनुमान चालीसा पाठ के माध्यम से मनाया जाएगा। इस अवसर पर धर्म जागरण, संगठन विस्तार एवं हिन्दू समाज को एकजुट करने के उद्देश्य से विशेष कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे। विराट शस्त्र रैली भी निकालेंगेबैठक में आगामी कार्यक्रमों पर भी विस्तृत चर्चा हुई। इसी क्रम में राष्ट्रीय बजरंग दल के नेतृत्व में एक विराट शस्त्र रैली के आयोजन की घोषणा की गई। संगठन पदाधिकारियों ने बताया कि यह रैली हिन्दू समाज में आत्मबल, संगठन शक्ति और सांस्कृतिक गौरव का संदेश देगी। सभी कार्यकर्ताओं से स्थापना दिवस के कार्यक्रमों को गांव-गांव तक सफल बनाने का आह्वान किया गया। संगठन ने संकल्प लिया कि सिरोही जिले में व्यापक स्तर पर धार्मिक, सामाजिक और संगठनात्मक गतिविधियों के माध्यम से हिन्दू समाज को जागरूक एवं संगठित किया जाएगा। बैठक में अंतरराष्ट्रीय हिन्दू परिषद के जिला अध्यक्ष प्रकाश माली, राष्ट्रीय बजरंग दल के जिला अध्यक्ष कुलदीप प्रजापति, इंडिया हेल्थ लाइन के जिला अध्यक्ष जितेंद्र गोयली, जिला गोरक्षा प्रमुख राम लाल देवासी, तहसील अध्यक्ष अतुल रावल, तहसील मंत्री कमलेश माली, कपड़ा एसोसिएशन अध्यक्ष माधो सिंह, राष्ट्रीय व्यापार परिषद के जिला प्रभारी नरेश अग्रवाल, मीडिया प्रभारी नंद किशोर, अबुराज अध्यक्ष रवि सिंदल, आशीष शर्मा, जोगेश प्रजापत, बहादुर सिंह, महेंद्र और सवाराम वागरी सहित कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।
हाथरस के सिकंद्राराऊ कोतवाली क्षेत्र के गांव नगला बंजारा दौलतपुर के पास कल दोपहर एक बंबे में एक युवती का शव मिला था। उस समय बच्चे उसमें नहा रहे थे, जिन्होंने शव देखा। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और शव को पोस्टमार्टम के लिए भिजवा दिया। पुलिस ने युवती की पहचान के प्रयास शुरू किए। आज उसकी पहचान 18 वर्षीय नीरज पुत्री तीक्ष्णपाल निवासी लिहा आलमपुर, थाना सिकंद्राराऊ के रूप में हुई। नीरज मंगलवार दोपहर से अपने घर से लापता थी। परिवार के सदस्यों ने पोस्टमार्टम गृह पर पहुंचकर शव की शिनाख्त की। मां की फटकार पर घर से चली गई थी युवती युवती के ताऊ अजय पाल ने बताया कि मंगलवार दोपहर को नीरज का अपनी छोटी बहन से किसी बात पर झगड़ा हो गया था। इस पर उसकी मां ने नीरज को डांटा था। इसके बाद वह घर से चली गई थी और परिवार के लोग उसकी तलाश कर रहे थे। पुलिस कर रही मामले की जांच पड़ताल अजय पाल का कहना है कि नीरज ने आत्महत्या की है। उन्होंने उसकी हत्या की आशंका से इनकार किया है। पुलिस मामले की जांच में जुटी है और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। नीरज अपने पीछे दो बहन और दो भाई छोड़ गई है। उसके पिता खेती-बाड़ी का काम करते हैं।
फरीदाबाद के सेक्टर-11 स्थित खातिर ग्रैंड बैंक्वेट हॉल में बुधवार देर रात अचानक आग लगने से अफरा-तफरी का माहौल बन गया। आग इतनी तेजी से फैली कि कुछ ही देर में बैंक्वेट हॉल का बड़ा हिस्सा उसकी चपेट में आ गया। घटना की सूचना मिलते ही फायर ब्रिगेड और पुलिस की टीम मौके पर पहुंच गईं। फायर ब्रिगेड की चार गाड़ियों ने करीब तीन घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर काबू पाया। इस घटना में किसी के घायल होने या जान जाने की सूचना नहीं है, लेकिन बैंक्वेट हॉल के अंदर रखा काफी सामान जलकर नष्ट हो गया। शार्ट सर्किट से पहले पर्दों में लगी आग आग सबसे पहले बैंक्वेट हॉल के अंदर लगे पर्दों के पास लगी थी। माना जा रहा है कि बिजली के तारों में हुए शॉर्ट सर्किट के कारण पर्दों में आग लगी और धीरे-धीरे आग पूरे हॉल में फैल गई। आग की लपटें उठती देख बैंक्वेट हॉल के अंदर मौजूद कर्मचारी तुरंत बाहर आ गए और उन्होंने घटना की जानकारी हॉल मालिक तथा फायर ब्रिगेड को दी। इसके बाद कर्मचारियों ने अंदर रखे सोफा, कुर्सियां और अन्य सामान को बाहर निकालने की कोशिश की, लेकिन आग तेजी से फैलने के कारण काफी सामान को नहीं बचाया जा सका। आनन-फानन में कर्मचारियों ने बाहर निकाला सामान प्रत्यक्षदर्शी पंकज ने बताया कि वह रात के समय वहां से गुजर रहे थे। तभी उन्हें दूर से तेज रोशनी दिखाई दी और जलने की आवाजें सुनाई दीं। जब वह मौके पर पहुंचे तो देखा कि बैंक्वेट हॉल के अंदर आग काफी फैल चुकी थी। कर्मचारी सामान को बाहर निकालने में लगे हुए थे और आसपास के लोग भी वहां एकत्र हो गए थे। उन्होंने बताया कि कुछ ही मिनटों में आग ने पूरे हॉल को अपनी चपेट में ले लिया था और अंदर से धुआं और आग की तेज लपटें निकल रही थीं। घटना की सूचना मिलने पर सेक्टर-8 थाना पुलिस भी मौके पर पहुंच गई। थाना प्रभारी राजवीर सिंह ने बताया कि पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीमों ने मिलकर आग बुझाने का काम शुरू किया। फायर की 5 गाड़ियों ने पाया काबू फायर ब्रिगेड की 5 गाड़ियों ने लगातार करीब तीन घंटे तक प्रयास किया, जिसके बाद आग पर पूरी तरह से काबू पा लिया गया। आग बुझने के बाद पूरे हॉल की जांच की गई ताकि कहीं दोबारा आग न भड़क सके। पुलिस के अनुसार, शुरुआती जांच में आग लगने की वजह शॉर्ट सर्किट मानी जा रही है, लेकिन वास्तविक कारणों का पता लगाने के लिए जांच की जा रही है। आग से बैंक्वेट हॉल के अंदर रखा फर्नीचर, सजावटी सामान और अन्य सामग्री को नुकसान पहुंचा है। राहत की बात यह रही कि घटना के समय बैंक्वेट हॉल में कोई कार्यक्रम नहीं चल रहा था और हॉल बंद था। इसी वजह से कोई बड़ा हादसा नहीं हुआ। फिलहाल पुलिस और दमकल विभाग पूरे मामले की जांच कर रहे हैं और नुकसान का आकलन किया जा रहा है।
छिंदवाड़ा में मानसून ने दस्तक दे दी है। बुधवार शाम तक जिलेभर में बादल छाए रहे और कई इलाकों में गरज-चमक के साथ हल्की बूंदाबांदी दर्ज की गई, लेकिन बारिश लगातार नहीं हो सकी। सुबह से ही आसमान में घने बादल छाए रहे, बीच-बीच में धूप भी निकलती रही, जिससे मौसम में उमस बनी रही और लोगों को गर्मी व नमी दोनों का एहसास हुआ। तापमान में गिरावट के बावजूद मौसम अस्थिर बना हुआ है। बुधवार को जिले का अधिकतम तापमान 3.6 डिग्री सेल्सियस गिरकर 31.7 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, वहीं न्यूनतम तापमान 22.2 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड हुआ। मौसम विशेषज्ञों के अनुसार इस बार मानसून ने मध्यप्रदेश में 9 दिन की देरी से एंट्री की है। मानसून बालाघाट, डिंडौरी, अनूपपुर, सिवनी, छिंदवाड़ा, पांढुर्ना, बैतूल, हरदा, खंडवा, बुरहानपुर, खरगोन और बड़वानी के रास्ते प्रदेश में पहुंचा है। अगले 3 से 4 दिनों में यह प्रदेश के अधिकांश हिस्सों को कवर कर लेगा। मौसम विभाग ने छिंदवाड़ा और पांढुर्ना जिले में गरज-चमक के साथ बारिश की संभावना जताई है, हालांकि फिलहाल बारिश की रफ्तार अनियमित बनी हुई है। जिले में अब तक 2.54 इंच (64.4 मिमी) औसत बारिश दर्ज की गई है, जबकि जिले की औसत वार्षिक वर्षा 1059 मिमी यानी लगभग 41.69 इंच है। पिछले साल इसी अवधि तक 3.07 इंच (78 मिमी) वर्षा रिकॉर्ड हुई थी। पिछले 24 घंटे में चांद क्षेत्र में सबसे ज्यादा बारिश दर्ज की गई। आंकड़ों के अनुसार चांद में 2.96 इंच (75.2 मिमी) बारिश हुई। इसके अलावा हर्रई में 1.27 इंच (32.2 मिमी), तामिया में 1.18 इंच (30 मिमी), अमरवाड़ा में 0.40 इंच (10.2 मिमी), जुन्नारदेव में 0.27 इंच (6.8 मिमी), परासिया में 0.25 इंच (6.4 मिमी), उमरेठ में 0.23 इंच (5.8 मिमी), छिंदवाड़ा में 0.28 इंच (7 मिमी), चौरई में 0.04 इंच (1 मिमी) और मोहखेड़ में 0.02 इंच (0.4 मिमी) बारिश दर्ज की गई।
दौसा में जमीन विवाद में मर्डर केस में फरार चल रहे इनामी आरोपी को कोतवाली थाना पुलिस और साइबर सेल ने गिरफ्तार किया है। एसपी पीयूष दीक्षित के निर्देशन पर पुलिस टीम ने आरोपी मोहन डूडी को हरियाणा के बावल से पकड़ा है। आरोपी चौमूं थाने का हिस्ट्रीशीटर है। लंबे समय से फरार चल रहा था। ढाई साल पुराने मर्डर केस में 20 हजार रुपए का इनाम घोषित था। ये है पूरा मामला पुलिस के अनुसार 29 दिसंबर 2023 को बावड़ीपाड़ा निवासी नरेश कीर ने मामला दर्ज कराया था कि हिमांशु शर्मा, आकाश शर्मा सहित 25-30 लोगों ने उसके मकान और दुकान पर हमला कर तोड़फोड़, पथराव और मारपीट की थी। इस घटना में उसकी मां लड्डो देवी की मौत हो गई थी, जबकि परिवार के अन्य सदस्य घायल हो गए थे। आरोपी घटना के बाद से फरार चल रहा था। आरोपी मोहन डूडी लगातार अपने ठिकाने बदल रहा था। पुलिस की गिरफ्त से बचने के लिए वह अपने पिता के ट्रकों में ड्राइवर के साथ केरल, तमिलनाडु, महाराष्ट्र और मध्यप्रदेश में घूमता रहा। आरोपी मोबाइल फोन का उपयोग भी नहीं करता था, जिससे उसकी लोकेशन ट्रेस करना मुश्किल था। पुलिस ने 2 महीने तक की निगरानी साइबर सेल के हैड कांस्टेबल दशरथ सिंह ने करीब दो माह तक लगातार निगरानी और तकनीकी प्रयास किए। इसी दौरान सूचना मिली कि आरोपी केरल से हरियाणा लौटा है। सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने हरियाणा के बावल स्थित पेट्रोल पंप के पास दबिश देकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। गिरफ्तार आरोपी मोहन डूडी (26) निवासी जगतपुरा थाना अमरसर, हाल निवासी केशव नगर चौमूं, जयपुर ग्रामीण का आपराधिक रिकॉर्ड भी सामने आया है। उसके खिलाफ चोरी, मारपीट, हत्या, लूट की तैयारी, आर्म्स एक्ट, आबकारी अधिनियम सहित विभिन्न धाराओं में कई मामले दर्ज हैं। स्पेशल टीम को मिली सफलता पुलिस अधीक्षक के निर्देशन में एएसपी शंकरलाल मीणा तथा डीएसपी धर्मेन्द्र शर्मा के सुपरविजन में थाना इंचार्ज भगवान सहाय शर्मा और साइबर सेल प्रभारी प्रेमनारायण शर्मा के नेतृत्व में गठित टीम के हैड कांस्टेबल विजय कुमार, हैड कांस्टेबल दशरथ सिंह, कांस्टेबल मीठालाल तथा राहुल को सफलता मिली।
कानपुर में छोटे भाई की शादी से पहले उसकी होने वाली सास से बड़े भाई ने दुष्कर्म किया। उसे कपड़े खरीदने के बहाने कमरे पर बुलाक नशीला पदार्थ पिलाया, उसके बाद रेप किया। इस दौरान उसने अश्लील वीडियो और फोटो भी बना लिया। उसी वीडियो को वायरल करने की धमकी देकर कई बार महिला का शोषण करता रहा। पीड़ित महिला की शिकायत पर दर्ज मुकदमे में दो माह तक चली जांच के बाद कल्याणपुर पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। मामला कल्याणपुर थाना क्षेत्र का है। संभल में जहरीली गैस से दो मजदूरों की मौत, मक्का का मॉइश्चर हटाने वाली मशीन में उतरे संभल में एक राइस मिल में जहरीली गैस की चपेट में आने से दो मजदूरों की मौत हो गई। यह घटना मक्का से नमी हटाने वाली मशीन में हुई, जहां एक मजदूर के बेहोश होने के बाद उसे बचाने गए दूसरे मजदूर की भी जान चली गई। सूचना मिलने के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और दोनों मजदूरों के शवों को बाहर निकाला। हादसा चंदौसी तहसील के बहजोई थाना क्षेत्र स्थित एसआर राइस मिल में बुधवार/गुरुवार की देर रात करीब 2:30 बजे हुआ। पढ़ें पूरी खबर…. बिजनौर में छोटे भाई ने बड़े भाई की हत्या की:मामूली विवाद के बाद सब्बल से हमला किया, घटना के बाद फरार बिजनौर शहर कोतवाली क्षेत्र के बेगावाला गांव में देर रात एक मामूली विवाद के चलते छोटे भाई ने अपने बड़े भाई की सब्बल से वार कर हत्या कर दी। घटना की सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची, शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया और कानूनी कार्यवाही शुरू कर दी है। मामला बेगावाला नई बस्ती का है। विवाद सलीम (30) और उसके छोटे भाई नदीम के बीच हुआ। बताया जा रहा है कि दोनों भाइयों के बीच किसी बात को लेकर अनबन हो गई थी। देर रात, नदीम ने सोते हुए अपने बड़े भाई सलीम पर सब्बल से हमला कर दिया। पढ़ें पूरी खबर… 4 बच्चों की मां के लिए टावर पर चढ़ा युवक:मुंबई से फर्रुखाबाद पहुंचा, 6 घंटे बाद नीचे आया, 15 मिनट तक मेन रोड जाम रही फर्रुखाबाद में प्रेमिका से शादी की जिद पर एक युवक 200 फीट ऊंचे मोबाइल टॉवर पर चढ़ गया। करीब 6 घंटे तक युवक टावर पर बैठा रहा और प्रेमिका को बुलाने की जिद करता रहा। युवक जिस महिला को बुलाने की मांग कर रहा था वो 4 बच्चों की मां है। युवक का कहना है कि महिला उसे छोड़कर पति के साथ गाजियाबाद में रह रही है। पुलिस के समझाने पर 6 घंटे बाद 11 बजे युवक नीचे आ गया। युवक को देखने के लिए इतनी भीड़ लग गई कि फर्रुखाबाद-कायमगंज के मेन रोड पर जाम की स्थिति बन गई। पढ़ें पूरी खबर….
गुरुवार को निर्जला एकादशी के अवसर पर सलूम्बर शहर में विशेष आयोजन हुए। शहर के कई मंदिरों में विशेष रूप से महिलाओं ने बड़ी संख्या में मंदिरों में पहुंचकर भगवान विष्णु की पूजा-अर्चना की। शहर के चारभुजा मंदिर में महिलाओं द्वारा भजन-कीर्तन का आयोजन किया गया। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए पहुंचे। द्वारिकानाथ में ध्वजारोहण वहीं ठाकुर श्री द्वारिकानाथ मंदिर में भी निर्जला एकादशी पर्व को लेकर विशेष तैयारियां की गई हैं। मंदिर के पुजारी सुनील सेवक ने बताया कि हर साल की भांति इस साल भी मंदिर में ध्वजा परिवर्तन एवं ध्वजारोहण कार्यक्रम आयोजित किया गया। निर्जला एकादशी के अवसर पर शहर के मंदिरों में दिनभर पूजा-अर्चना, भजन-कीर्तन एवं अन्य धार्मिक आयोजनों का क्रम चलता रहा।
बिलासपुर के सिरगिट्टी थाना क्षेत्र में बुधवार देर रात हुए दर्दनाक सड़क हादसे में एक युवक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि स्कूटी पर सवार उसके दो साथी गंभीर रूप से घायल हो गए। दोनों घायलों का इलाज सिम्स अस्पताल में जारी है। जानकारी के अनुसार, यह हादसा रात करीब 2 बजे रायपुर रोड स्थित सिरगिट्टी मोड़ के पास हुआ। स्कूटी सवार तीन युवक सिरगिट्टी की ओर जा रहे थे। इसी दौरान चकरभाठा की तरफ से आ रहे तेज रफ्तार हाईवा ने उनकी स्कूटी को जोरदार टक्कर मार दी। मौके पर ही युवक ने तोड़ा दम टक्कर इतनी भीषण थी कि स्कूटी सवार आकाश वर्मा (22) की मौके पर ही मौत हो गई। वहीं उसके साथी अजय श्रीवास और दीपक श्रीवास गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद आसपास के लोगों ने पुलिस और एंबुलेंस को सूचना दी। सूचना मिलते ही सिरगिट्टी पुलिस मौके पर पहुंची और घायलों को तत्काल अस्पताल पहुंचाया गया। दोनों घायलों को सिम्स अस्पताल में भर्ती कराया गया है, जहां उनका इलाज जारी है। हाईवा जब्त, चालक गिरफ्तार सिरगिट्टी थाना प्रभारी यशवंत प्रताप सिंह ने बताया कि दुर्घटना के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए हादसे में शामिल हाईवा को जब्त कर लिया है। वाहन चालक को भी गिरफ्तार कर लिया गया है। पुलिस ने मामला दर्ज कर दुर्घटना के कारणों की जांच शुरू कर दी है।
सरगुजा जिले के अंबिकापुर में शादी का झांसा देकर युवती के साथ दैहिक शोषण करने का मामला सामने आया है। आरोप है कि युवक ने युवती को शादी का भरोसा देकर संबंध बनाए और लंबे समय तक लिव-इन रिलेशन में साथ रहा। बाद में शादी की बात आने पर उसने दूसरे धर्म और जाति का हवाला देकर विवाह से इनकार कर दिया। युवती की शिकायत पर गांधीनगर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ एफआईआर दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। जानिए क्या है पूरा मामला पुलिस के अनुसार, 25 वर्षीय युवती साल 2022 से अंबिकापुर के नावापारा क्षेत्र में किराए के मकान में रहकर पढ़ाई कर रही थी। इसी दौरान एक दोस्त के माध्यम से उसकी पहचान सूरजपुर जिले के भटगांव निवासी समशेर हुसैन से हुई। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे दोस्ती गहरी हो गई। पीड़िता ने शिकायत में बताया कि 26 जनवरी 2025 को समशेर हुसैन ने उसे भगवानपुर घूमने के लिए बुलाया। वहां कुछ समय साथ बिताने के बाद वह उसे फुन्डूरडिहारी स्थित अपने किराए के मकान में ले गया, जहां शादी करने का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। शादी के भरोसे लिव-इन में रही युवती युवती का आरोप है कि शादी का आश्वासन मिलने के बाद वह 2 फरवरी 2025 को अपना सामान लेकर समशेर के साथ रहने चली गई। दोनों करीब डेढ़ साल तक लिव-इन रिलेशन में रहे। वह 12 जून 2026 तक आरोपी के साथ रह रही थी। इस दौरान जब युवती ने शादी करने के लिए दबाव बनाया तो आरोपी ने यह कहते हुए शादी से इनकार कर दिया कि दोनों अलग धर्म और जाति के हैं। विरोध करने पर आरोपी ने उसके साथ गाली-गलौज, मारपीट और जान से मारने की धमकी भी दी। आरोपी की तलाश में जुटी पुलिस युवती की शिकायत के आधार पर गांधीनगर पुलिस ने आरोपी समशेर हुसैन के खिलाफ केस दर्ज किया है। थाना प्रभारी प्रवीण कुमार द्विवेदी ने बताया कि, मामले में एफआईआर दर्ज कर कर आरोपी की तलाश की जा रही है। पुलिस सभी पहलुओं की जांच कर रही है।
गिरिडीह के बेंगाबाद में अवैध बालू खनन के खिलाफ चलाए जा रहे अभियान के तहत गुरुवार को मोतीलेदा बालू घाट पर कार्रवाई की गई। इस दौरान जब्त एक बालू लदा ट्रैक्टर भागने के प्रयास में तेलोनारी गांव के पास एक गड्ढे में पलट गया। घटना में ट्रैक्टर चालक और उस पर सवार एक चौकीदार बाल-बाल बच गए। पुलिस ने ट्रैक्टर जब्त कर जांच शुरू कर दी है। जानकारी के अनुसार, बेंगाबाद के अंचल अधिकारी सफी आलम ने मोतीलेदा बालू घाट पर छापेमारी कर अवैध रूप से बालू ढो रहे एक ट्रैक्टर को पकड़ा था। जब्त वाहन को थाना ले जाने के लिए अंचल अधिकारी ने एक चौकीदार को ट्रैक्टर पर बैठाकर भेजा। इसी दौरान चालक ने अचानक तेज रफ्तार में ट्रैक्टर भगाने का प्रयास किया। भागने के क्रम में तेलोनारी गांव के पास चालक वाहन पर नियंत्रण खो बैठा और ट्रैक्टर सड़क किनारे गड्ढे में पलट गया। दुर्घटना में ट्रैक्टर पर सवार चालक और चौकीदार सुरक्षित रहे। किसी के घायल होने की सूचना नहीं है। घटना की जानकारी मिलते ही बेंगाबाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने पलटे हुए ट्रैक्टर को अपने कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई शुरू कर दी है। पुलिस पूरे मामले की जांच-पड़ताल कर रही है। अंचल अधिकारी की इस कार्रवाई से अवैध बालू कारोबारियों में हड़कंप मच गया है। स्थानीय लोगों का कहना है कि एनजीटी के नियमों की अनदेखी कर मोतीलेदा बालू घाट से प्रतिदिन बड़ी संख्या में वाहनों के माध्यम से बालू का उठाव किया जाता है। इस मामले में बेंगाबाद थाना प्रभारी अमन कुमार ने बताया कि उन्हें घटना की सूचना मिली थी। मौके पर पहुंचकर ट्रैक्टर को जब्त कर थाना लाया गया है। उन्होंने पुष्टि की कि इस घटना में किसी को कोई चोट नहीं लगी है।
सिंगरौली जिले में अवैध रेत उत्खनन और परिवहन के खिलाफ कार्रवाई की गई है। खनिज, राजस्व और पुलिस विभाग की संयुक्त टीम ने शुक्रवार सुबह करीब पांच बजे बैढ़न थाना क्षेत्र के बलियारी इलाके में रेड नदी पर छापा मारा। गुरुवार को सामने आए वीडियो के कार्रवाई बाद की गई, जिसमें नदी से रेत की लोडिंग करते हुए 12 से ज्यादा ट्रैक्टर-ट्रॉलियां और 35-40 मजदूर दिखाई दे रहे थे। छापेमारी के दौरान टीम को नदी क्षेत्र में रेत लोडिंग के सबूत मिले। हालांकि, पुलिस और प्रशासनिक अमले के पहुंचने से पहले अधिकांश ट्रैक्टर चालक वाहन लेकर फरार हो गए। अधिकारियों ने बताया कि नदी का क्षेत्र बड़ा और खुला होने के कारण सीमित पुलिस बल के साथ वाहनों को पकड़ना संभव नहीं हो सका। 42 खदानों के बीच 917 किमी दूर की टीपी पर सवाल संयुक्त टीम को बिना नंबर का डंपर मिला, जो रेत से भरा था। जांच में डंपर के अंदर ट्रांजिट परमिट (टीपी) भी मिली। यह टीपी सिंगरौली जिले के बजाय बुरहानपुर जिले की जारी की गई थी। बुरहानपुर और सिंगरौली के बीच लगभग 917 किलोमीटर की दूरी है। सवाल है कि जब सिंगरौली जिले में 42 स्वीकृत रेत खदान हैं, तो इतनी दूर से रेत लाने की क्या आवश्यकता थी। अधिकारी बोले- जांच जारी मामले ने ट्रांजिट परमिट व्यवस्था की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। स्थानीय स्तर पर चर्चा है कि कहीं इस टीपी का उपयोग अवैध रेत परिवहन को वैध दिखाने के लिए, तो नहीं किया जा रहा था। अधिकारियों ने बताया कि इस संबंध में जांच जारी है। अंतिम निष्कर्ष जांच रिपोर्ट आने के बाद ही सामने आएंगे। तस्वीरे देखिए…
महोबा में घर में घुसकर पाल परिवार पर हमला:पुरानी रंजिश में लाठी-डंडों से मारपीट, वीडियो वायरल
महोबा के अजनर थाना क्षेत्र के पुरवा जैतपुर गांव में पुरानी रंजिश के चलते एक परिवार पर जानलेवा हमला किया गया। करीब दो दर्जन हथियारबंद लोगों ने घर में घुसकर लाठी-डंडों से मारपीट की। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है। पीड़ित परिवार ने पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। यह घटना 21 जून को हुई, जब लगभग 20 से 25 दबंगों ने आकाश पाल के घर पर धावा बोल दिया। बदमाशों ने घर के भीतर घुसकर परिवार के सदस्यों को बेरहमी से पीटा। वायरल वीडियो में हमलावरों की गुंडई साफ देखी जा सकती है। घर की महिलाएं चीखती-चिल्लाती रहीं और खुद को बचाने का प्रयास करती रहीं। पीड़ितों ने अपनी जान बचाने के लिए छत से पत्थर फेंके। ग्रामीणों को इकट्ठा होते देख सभी आरोपी जान से मारने की धमकी देते हुए मौके से फरार हो गए। पीड़ित आकाश पाल और रामकुमार पाल के अनुसार, विवाद की शुरुआत दो महीने पहले हुई थी। उस समय आरोपियों ने शराब के नशे में उनके चचेरे भाई को रास्ते में रोका था। दबंगों के खौफ के कारण आकाश दिल्ली चला गया था। 21 जून को उसके वापस लौटने पर प्रदीप राजपूत, राहुल राजपूत और राघवेंद्र राजपूत ने अपने अज्ञात साथियों के साथ मिलकर सो रहे परिवार पर हमला कर दिया। इस हमले में आकाश, रामकुमार, अभिषेक और अजय पाल को सिर, हाथ और पीठ पर गंभीर चोटें आई हैं। घायलों को डायल 112 की मदद से बेलाताल स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया गया। पीड़ितों का आरोप है कि घटना के चार दिन बीत जाने के बाद भी स्थानीय थाना पुलिस ने दबंगों के खिलाफ कोई कार्रवाई नहीं की है।ठोस कार्रवाई नहीं की है, बल्कि उल्टा पीड़ितों पर ही दबाव बनाया जा रहा है। आरोपी लगातार गांव में आतंक फैला रहे हैं और अब शिकायत करने पर उनके चाचा के साथ भी मारपीट की गई है। स्थानीय पुलिस से निराश होकर पीड़ित परिवार ने अब जिला मुख्यालय पहुंचकर एसपी से सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कराने और सुरक्षा की गुहार लगाई है। इस मामले को लेकर सीओ कुलपहाड़ अनुरुद्ध सिंह ने बताया कि मामला संज्ञान में है वीडियो के आधार पर आरोपियों की पहचान के साथ अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
फलोदी जिले में वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के तहत पात्र आवेदकों के चयन के लिए ऑनलाइन लॉटरी निकाली गई। इस प्रक्रिया के माध्यम से जिले से कुल 583 वरिष्ठ नागरिकों का चयन किया गया है। 519 रेल और 64 हवाई यात्रा के लिए चुने गएचयनित 583 यात्रियों में से 519 वरिष्ठजन रेल यात्रा के लिए और 64 वरिष्ठजन हवाई यात्रा के लिए चुने गए हैं। ये चयन देवस्थान विभाग के पोर्टल पर ऑनलाइन लॉटरी के माध्यम से संपन्न हुआ। राजस्थान सरकार की ये योजना 60 वर्ष या उससे अधिक आयु के राज्य के मूल निवासी वरिष्ठ नागरिकों को उनके जीवनकाल में कम से कम एक बार निर्धारित तीर्थ स्थलों की यात्रा करवाती है। जिला कलेक्टर ने चयनित आवेदकों को शुभकामनाएं दीं। कलेक्ट्रेट सभाकक्ष में आयोजित इस चयन प्रक्रिया की अध्यक्षता जिला कलेक्टर अंकित कुमार सिंह ने की। इस दौरान एसपी सतनाम सिंह, एसीईओ गौतम चौधरी, एसडीएम पूजा चौधरी, देवस्थान विभाग के संयुक्त निदेशक अशोक आसेरी और सहायक प्रशासनिक अधिकारी खेमाराम डूडी सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।
सांप के डसने से युवक की मौत:खेत में काम करते समय डसा, इलाज के दौरान तोड़ा दम
कोटा जिले के मोडक थाना क्षेत्र के सोहनखेड़ी गांव निवासी एक युवक की सांप के डसने के बाद झालावाड़ जिला अस्पताल में इलाज के दौरान मौत हो गई। परिजनों के अनुसार सोहनखेड़ी निवासी 27 वर्षीय अनिल पुत्र बाबूलाल 2 दिन पहले खेत में सफाई का कार्य कर रहा था। इसी दौरान उसे किसी जहरीले जीव-जंतु, संभवतः सांप ने डस लिया। इसके बाद उसकी तबीयत बिगड़ने लगी। परिजन उसे तुरंत रामगंजमंडी के सरकारी अस्पताल ले गए, जहां प्राथमिक उपचार के बाद उसे झालावाड़ जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। झालावाड़ अस्पताल में इलाज के दौरान शुक्रवार सुबह करीब 3:30 बजे अनिल की मौत हो गई। घटना के बाद अस्पताल चौकी पुलिस ने शव को मॉर्च्युरी में रखवाया और मोडक पुलिस को सूचना दी। दोपहर में मोडक पुलिस झालावाड़ अस्पताल पहुंची और परिजनों की रिपोर्ट के आधार पर संदिग्ध मौत का मामला दर्ज किया। पुलिस ने पोस्टमॉर्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। परिजनों ने बताया कि अनिल खेती के साथ-साथ मजदूरी का कार्य भी करता था।
यमुनानगर में ट्रेन की टक्कर से अधेड़ की मौत:माथा फटा, दोनों टांगें और बाजू टूटी; नहीं हो पाई पहचान
यमुनानगर में ट्रेन की चपेट में आने से एक अज्ञात अधेड़ व्यक्ति की मौत हो गई। हादसा मुस्ताबाद और बराड़ा रेलवे स्टेशन के बीच हुआ। सूचना मिलते ही जीआरपी थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू की। मृतक के कपड़ों से कोई पहचान पत्र बरामद नहीं होने के कारण उसकी शिनाख्त नहीं हो सकी। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर सिविल अस्पताल यमुनानगर के शवगृह में रखवा दिया है। शव को 72 घंटे तक सुरक्षित रखा जाएगा, ताकि उसकी पहचान हो सके। साथ ही आसपास के क्षेत्रों में भी मृतक की पहचान कराने का प्रयास किया जा रहा है। दोनों टांगें व बाजू टूटी, माथा फटा मामले के जांच अधिकारी एएसआई बलजीत सिंह ने बताया कि बुधवार रात करीब 11:30 बजे स्टेशन मास्टर के माध्यम से सूचना मिली थी कि मुस्ताबाद और बराड़ा के बीच रेलवे लाइन के पास एक व्यक्ति का शव पड़ा है। सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। पुलिस ने मौके पर देखा कि शव रेलवे लाइन के पास पड़ा था। मृतक के माथे पर गंभीर चोट थी, जबकि दोनों टांगें और दोनों बाजू टूटी हुई थी। प्रथम दृष्टया मामला ट्रेन की चपेट में आने का प्रतीत होता है। पुलिस ने शव की तलाशी ली, लेकिन उसके पास से किसी प्रकार का पहचान पत्र या अन्य दस्तावेज बरामद नहीं हुआ। बाजू पर त्रिशूल, ॐ और डमरू का टैटू पुलिस के अनुसार मृतक की उम्र करीब 50 वर्ष प्रतीत होती है। उसकी एक बाजू पर त्रिशूल, ॐ और डमरू का टैटू बना हुआ है। उसने सफेद रंग की शर्ट और सफेद रंग की लुंगी पहन रखी थी।जीआरपी ने शव को पोस्टमार्टम के लिए सिविल अस्पताल यमुनानगर की मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस मृतक की पहचान के लिए आसपास के थाना क्षेत्रों में सूचना भेज रही है।
बेमेतरा नगर पालिका क्षेत्र के मोहभट्टा बाईपास में भूमि मुआवजे को लेकर बुधवार सुबह किसानों और प्रशासन के बीच विवाद की स्थिति बन गई। उचित मुआवजे की मांग को लेकर किसान मौके पर डटे रहे। इस दौरान प्रशासनिक अधिकारियों के साथ उनकी तीखी नोकझोंक हुई। दरअसल, सुबह विवाद की स्थिति को देखते हुए जिला प्रशासन और पुलिस की टीम मौके पर पहुंची। किसानों से बातचीत कर मामले का समाधान निकालने की कोशिश की। किसानों का कहना है कि, जब तक उन्हें उचित मुआवजा नहीं दिया जाएगा, तब तक वे जमीन का कब्जा नहीं छोड़ेंगे। किसानों से चल रही बातचीत किसानों ने स्पष्ट रूप से कहा कि, मुआवजा दो तब कब्जा छोड़ेंगे। वहीं प्रशासन की ओर से किसानों को समझाइश देकर बातचीत के माध्यम से समाधान निकालने की कोशिश जारी है। फिलहाल मौके पर तनावपूर्ण लेकिन नियंत्रित स्थिति बनी हुई है। प्रशासन और किसानों के बीच बातचीत जारी है।
कोटपूतली के नारेहड़ा-पनियाला बाईपास रोड स्थित गोपालपुरा कट पर मंगलवार को हुए सड़क हादसे के बाद प्रशासन सक्रिय हो गया है। ग्रामीणों के आक्रोश और प्रशासन के साथ हुई वार्ता में बनी सहमति के बाद, दुर्घटना संभावित इस स्थल को सुरक्षित बनाने के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। मौके पर पुलिस बल की मौजूदगी में बैरिकेडिंग की गई और स्पीड ब्रेकर लगाए गए। ये कदम दुर्घटनाओं को रोकने और यातायात को नियंत्रित करने के उद्देश्य से उठाया गया है। मंगलवार को गोपालपुरा कट पर हुए एक भीषण हादसे में मोटरसाइकिल सवार चाचा और उनकी मासूम भतीजी की मौके पर ही मौत हो गई थी। इस घटना के बाद स्थानीय ग्रामीणों ने सड़क पर जाम लगाकर स्थाई सुरक्षा उपाय, स्पीड ब्रेकर और अवैध कटों को बंद करने की मांग की थी। एसडीएम योगेश सिंह देवल ने बताया कि गोपालपुरा कट पर हुआ हादसा दुर्भाग्यपूर्ण था। हादसे के बाद स्थानीय नागरिकों, ग्रामीणों और प्रशासन के बीच सकारात्मक वार्ता हुई, जिसमें सुरक्षा उपायों पर सहमति बनी। उन्होंने कहा कि आमजन और राहगीरों की सुरक्षा प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकता है। वार्ता में तय किए गए सभी सुरक्षा उपायों को अब चरणबद्ध तरीके से लागू किया जा रहा है। हाईवे अथॉरिटी के समन्वय से इस पूरे स्ट्रेच पर रिफ्लेक्टर, साइन बोर्ड और अन्य आवश्यक कार्य भी जल्द पूरे कराए जाएंगे। प्रशासन की इस त्वरित कार्रवाई से ग्रामीणों ने कुछ राहत महसूस की है। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास के अन्य खतरनाक कटों पर भी ऐसे ही स्थायी इंतजाम किए जाने चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोका जा सके।
गुरुग्राम के बजघेड़ा गांव में तालाब में नहाने गए दो लोगों की डूबने से मौत हो गई। सूचना मिलने पर बजघेड़ा थाना पुलिस और एसडीआरएफ की टीम मौके पर पहुंची। कई घंटों की मशक्कत के बाद दोनों के शव तालाब से बाहर निकाले गए। मृतकों की पहचान बिहार के वैशाली निवासी 48 वर्षीय रंजीत राय और दिल्ली के बिजवासन निवासी 34 वर्षीय महेंद्र पाल के रूप में हुई है। दोनों गुरुग्राम में एक लकड़ी के गोदाम में काम करते थे। पुलिस के अनुसार, बुधवार दोपहर करीब तीन बजे दोनों तालाब की ओर गए थे और कुछ देर किनारे बैठने के बाद नहाने के लिए पानी में उतरे। डूबते को बचाने के लिए कूदा दूसरा व्यक्ति शुरुआती जांच में सामने आया है कि नहाते समय महेंद्र पाल तालाब के गहरे हिस्से में पहुंच गया और फिसलकर डूबने लगा। रंजीत राय, जो पानी से बाहर आ गया था, महेंद्र को डूबते देख उसे बचाने के लिए दोबारा तालाब में कूद गया। बताया जा रहा है कि दोनों को तैरना नहीं आता था, जिसके चलते महेंद्र को बचाने की कोशिश में रंजीत भी गहरे पानी में फंस गया और दोनों डूब गए। घटना को देख रहे राहगीरों ने तुरंत डायल-112 पर कॉल कर पुलिस कंट्रोल रूम को सूचना दी। सूचना मिलते ही बजघेड़ा थाना पुलिस मौके पर पहुंची और एसडीआरएफ को भी बुलाया गया। पुलिस और बचाव दल ने संयुक्त अभियान चलाया। करीब दो घंटे तक चले सर्च ऑपरेशन के बाद शाम लगभग छह बजे दोनों शवों को तालाब से बाहर निकाला गया। पुलिस ने दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए मोर्चरी में रखवा दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
यूपी विधानसभा चुनाव से पहले यूपी भाजपा ने गुरुवार अपनी नई टीम का ऐलान कर दिया। इसमें 64 पदाधिकारियों के नाम शामिल हैं। 19 लोगों को उपाध्यक्ष बनाया गया है। इसके अलावा 8 महामंत्री, 19 मंत्री, 6 क्षेत्रीय उपाध्यक्ष, 6 कार्यालय मंत्री और 6 मोर्चा अध्यक्ष नियुक्त किए गए हैं। सपा से बगापत करने वालीं विधायक पूजा पाल को उपाध्यक्ष बनाया गया है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह के छोटे बेटे नीरज सिंह की भी टीम में एंट्री हुई है। उन्हें उपाध्यक्ष बनाया गया है। इससे पहले, राजनाथ सिंह के बड़े बेटे पंकज सिंह प्रदेश उपाध्यक्ष रह चुके हैं। इसके अलावा, प्रतापगढ़ के रोहित मिश्रा को युवा मोर्चा का अध्यक्ष बनाया गया है। वह अब तक युवा मोर्चा के प्रदेश उपाध्यक्ष थे। नई टीम में प्रदेश अध्यक्ष पंकज चौधरी, महामंत्री संगठन धर्मपाल सिंह समेत 25 पदाधिकारी ओबीसी वर्ग से हैं। इस बार ठाकुर और ब्राह्मण पदाधिकारियों की संख्या कम की गई है। ठाकुरों की संख्या 7 से घटकर 6 और ब्राह्मणों की संख्या 8 से घटकर 6 हो गई है। टीम में महिलाओं की संख्या 12 ही रखी गई है। भूपेंद्र चौधरी की टीम में भी 12 महिलाएं ही थीं। चार महिला प्रदेश उपाध्यक्ष, एक महिला महामंत्री और सात महिला प्रदेश मंत्री बनाई गई हैं। पिछली कार्यकारिणी में 18 उपाध्यक्ष थे। इस बार 19 उपाध्यक्ष हैं। इनमें सत्यपाल सैनी, ब्रज बहादुर, मोहित बेनीवाल और धर्मेंद्र सिंह यानी 4 चेहरों को रिपीट किया गया है। बाकी 15 चेहरे नए शामिल किए गए हैं। पंकज चौधरी 14 दिसंबर 2025 को यूपी भाजपा के निर्विरोध अध्यक्ष निर्वाचित हुए थे। उनके अध्यक्ष बनने के छह महीने बाद प्रदेश कार्यकारिणी की घोषणा की गई है। पूरी लिस्ट देखें… सभी 6 क्षेत्रीय अध्यक्ष बदले इन्हें मिला प्रमोशन अभिजात मिश्रा को प्रदेश मंत्री से पदोन्नत कर प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। अर्चना मिश्रा को भी प्रदेश मंत्री से पदोन्नत कर प्रदेश उपाध्यक्ष बनाया गया है। गीता शाक्य को महिला मोर्चा की प्रदेश अध्यक्ष से पदोन्नत कर भाजपा का प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। प्रदेश मंत्री शंकर लोधी को पदोन्नत कर प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। काशी के क्षेत्रीय अध्यक्ष रहे दिलीप पटेल को भी प्रदेश महामंत्री बनाया गया है। जानिए नई टीम की अहमियत क्यों ज्यादा? 2027 विधानसभा चुनाव की पूरी जिम्मेदारी अब पंकज चौधरी की नई टीम की होगी। यह यूपी में संगठन महामंत्री धर्मपाल सिंह का पहला विधानसभा चुनाव होगा। हालांकि, उन्हें झारखंड चुनाव का अनुभव है। नई टीम ही प्रचार, चुनाव प्रबंधन, सदस्यता अभियान और रैलियों की कमान संभालेगी। केंद्रीय और प्रदेश नेतृत्व के फैसलों को जमीन पर उतारना भी इसी टीम की जिम्मेदारी होगी। राजनीति के जानकारों का कहना है कि चुनावी साल में प्रदेश पदाधिकारी की अहमियत मंत्री जैसी होती है। यही वजह है कि पुराने पदाधिकारी टीम का हिस्सा बने रहना चाहते थे।
मंदसौर में दिल्ली-मुंबई 8 लेन एक्सप्रेस-वे पर एक तेज रफ्तार कार आगे चल रहे ट्रक में जा घुसी। हादसे में कार सवार चार लोगों की मौत हो गई, जबकि दो लोग गंभीर रूप से घायल हैं। दुर्घटना गुरुवार सुबह करीब 11 बजे हुई। सीतामऊ थाना पुलिस के मुताबिक, रेनॉल्ट ट्राइबर कार में छह लोग सवार थे। सभी महाराष्ट्र के औरंगाबाद के रहने वाले हैं। वे दिल्ली की ओर जा रहे थे। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया- टक्कर इतनी जोरदार थी कि कार का अगला हिस्सा पूरी तरह पिचक गया। उसमें सवार लोग करीब एक घंटे तक अंदर फंसे रहे। देखिए हादसे के बाद की तस्वीरें दो मृतकों की पहचान हादसे के बाद कार में सवार लोग करीब एक घंटे तक वाहन में फंसे रहे। एक्सप्रेस-वे से गुजर रहे राहगीरों और अन्य वाहन चालकों ने राहत कार्य शुरू किया। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस भी मौके पर पहुंची। काफी मशक्कत के बाद सभी घायलों और मृतकों को कार से बाहर निकाला गया। सभी घायलों को सीतामऊ सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र पहुंचाया गया, जहां डॉक्टरों ने चार लोगों को मृत घोषित कर दिया। पुलिस ने मृतकों में रवींद्र काले और सचिन गंगाधर गजभारे की पहचान की है। दोनों औरंगाबाद (महाराष्ट्र) के रहने वाले हैं। अन्य दो मृतक और घायलों की पहचान की प्रक्रिया जारी है। पुलिस परिजनों से संपर्क करने का प्रयास कर रही है। ट्रक सहित ड्राइवर फरार हादसे के बाद ट्रक चालक वाहन समेत मौके से फरार हो गया। आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों और एक्सप्रेस-वे के निगरानी सिस्टम की मदद से ट्रक की पहचान करने का प्रयास किया जा रहा है। सीतामऊ थाना पुलिस की प्रारंभिक जांच में तेज रफ्तार और वाहन पर नियंत्रण खोना हादसे का कारण माना जा रहा है।
मतदाता सूची को अधिक सटीक और त्रुटिरहित बनाने के उद्देश्य से लुधियाना में विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान आज से शुरू किया जा रहा है। इस अभियान के तहत 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक बूथ लेवल अधिकारी (BLO) घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। जिले के 26.83 लाख से अधिक मतदाताओं तक पहुंच सुनिश्चित करने के लिए 2927 बीएलओ, 292 सुपरवाइजर, 14 ईआरओ, 28 एईआरओ, 70 अतिरिक्त एईआरओ तथा अन्य चुनावी कर्मचारियों की ड्यूटी लगाई गई है। अधिकारी एक घर का 3 बार करेंगे दौरा प्रत्येक बीएलओ को लगभग 300 घरों और 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी सौंपी गई है। अधिकारी प्रत्येक घर का तीन बार दौरा करेंगे, ताकि कोई भी पात्र मतदाता सूची से वंचित न रह जाए। अभियान के दौरान पुराने मतदाताओं का सत्यापन, नए मतदाताओं का पंजीकरण तथा मतदाता सूची के डिजिटलीकरण का कार्य भी किया जाएगा। जिला चुनाव प्रशासन द्वारा जारी जानकारी के अनुसार विशेष गहन पुनरीक्षण अभियान के लिए व्यापक तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। इसके सफल संचालन हेतु 2927 बीएलओ, 292 सुपरवाइजर, 14 निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी, 28 सहायक निर्वाचन पंजीकरण अधिकारी , 70 अतिरिक्त एईआरओ और अन्य सहयोगी स्टाफ को तैनात किया गया है। आज से घर-घर पहुंचेंगे बीएलओ 25 जून से 24 जुलाई 2026 तक बीएलओ घर-घर जाकर मतदाताओं का सत्यापन करेंगे। प्रत्येक बीएलओ को लगभग 300 परिवारों और करीब 1200 मतदाताओं की जिम्मेदारी दी गई है। यह सुनिश्चित करने के लिए कि कोई भी पात्र मतदाता प्रक्रिया से बाहर न रहे, बीएलओ प्रत्येक घर का तीन बार दौरा करेंगे। मौजूदा मतदाताओं के लिए यह है कार्य बीएलओ मौजूदा मतदाताओं को पूर्व-मुद्रित एन्यूमरेशन फॉर्म (EF) उपलब्ध कराएंगे तथा वर्ष 2003 की मतदाता सूची से संबंधित विवरण भी साझा करेंगे। इसके अलावा वे फॉर्म भरने में सहायता करेंगे, भरे हुए फॉर्म एकत्र करेंगे और उनका डिजिटलीकरण बीएलओ ऐप के माध्यम से करेंगे। ऑनलाइन जमा किए गए फॉर्मों का सत्यापन भी किया जाएगा। नए मतदाताओं का होगा पंजीकरण 1 अक्टूबर 2026 को अर्हता तिथि मानते हुए नए पात्र मतदाताओं को फॉर्म-6 और घोषणा पत्र उपलब्ध कराया जाएगा। भरे हुए फॉर्म वापस लेकर उनका डिजिटलीकरण किया जाएगा, ताकि नए मतदाताओं के नाम मतदाता सूची में शामिल किए जा सकें।

