बदायूं में ज्येष्ठ पूर्णिमा के अवसर पर कछला और अटैना गंगा घाटों पर लाखों श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना है। इसे देखते हुए पुलिस ने यातायात व्यवस्था के लिए एक विस्तृत योजना तैयार की है। श्रद्धालुओं के सुगम आवागमन और शहर व प्रमुख मार्गों पर जाम से बचने के लिए भारी वाहनों सहित अन्य वाहनों के मार्गों में बदलाव किया गया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अंकिता शर्मा ने बताया कि गंगा स्नान पर्व के दौरान यातायात को सुचारु बनाए रखने के लिए 28 जून की रात आठ बजे से 29 जून की रात आठ बजे तक डायवर्जन लागू रहेगा। इस अवधि में ट्रक, ट्रॉला, डीसीएम, ट्रैक्टर-ट्रॉली और अन्य भारी वाहनों को निर्धारित वैकल्पिक मार्गों से गुजारा जाएगा। एसएसपी के अनुसार, बदायूं से हाथरस, अलीगढ़, मथुरा और राजस्थान की ओर जाने वाले वाहन उझानी बाईपास से मुजरिया, सहसवान, जरीफनगर, गुन्नौर और बबराला होते हुए अपने गंतव्य तक पहुंचेंगे। इसी तरह, बदायूं से कासगंज, एटा और आगरा जाने वाले वाहनों को नौशेरा तिराहा से कादरचौक और गंजडुंडवारा होते हुए निकाला जाएगा। मुजरिया चौराहा और सहसवान कछला रोड से किसी भी वाहन को कछला होकर कासगंज की ओर जाने की अनुमति नहीं होगी। डायवर्जन व्यवस्था को प्रभावी बनाने के लिए नौशेरा तिराहा, राजकीय मेडिकल कॉलेज तिराहा, उझानी बड़ा बाईपास, मुजरिया चौराहा और सहसवान कछला रोड पर पुलिसकर्मियों की तैनाती की जाएगी। एसएसपी ने श्रद्धालुओं से यातायात नियमों का पालन करने और पुलिस व्यवस्था में सहयोग करने की अपील की है, ताकि उन्हें किसी प्रकार की परेशानी न हो।
लखीमपुर खीरी में स्थानीय निकाय अध्यक्ष परिषद उत्तर प्रदेश (पंजी.) की जनपद इकाई की बैठक शनिवार को आयोजित हुई। इसमें परिषद की नई जिला कार्यकारिणी की घोषणा की गई, जिसमें संदीप मेहरोत्रा (कन्हैया) को जिलाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बैठक की अध्यक्षता नगर पालिका परिषद मोहम्मदी के अध्यक्ष और परिषद के जिलाध्यक्ष संदीप मेहरोत्रा ने की। इस दौरान परिषद की प्रदेश अध्यक्ष एवं नगर पालिका परिषद लखीमपुर की अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव ने संदीप मेहरोत्रा को जिलाध्यक्ष का मनोनयन पत्र सौंपा। संदीप मेहरोत्रा ने नई कार्यकारिणी की घोषणा करते हुए संजय शर्मा (नगर पंचायत बरबर), नफीस (धौरहरा) और लक्ष्मी गुप्ता (पलिया) को उपाध्यक्ष बनाया। कय्यूम (सिंघाही) को महामंत्री, प्रतिभा (ओयल) एवं उजमा बी (खीरी) को मंत्री तथा कीर्ति माहेश्वरी (मैलानी) को कोषाध्यक्ष नियुक्त किया गया। बैठक में परिषद की प्रदेश अध्यक्ष डॉ. इरा श्रीवास्तव और प्रदेश कोषाध्यक्ष विजय शुक्ला (रिंकू) भी उपस्थित रहे। अनावश्यक हस्तक्षेप पर चर्चा इस दौरान नगर पालिका परिषदों एवं नगर पंचायतों के कार्यों में जिला प्रशासन के कथित अनावश्यक हस्तक्षेप पर चर्चा की गई। पदाधिकारियों ने निर्णय लिया कि इस संबंध में प्रदेश सरकार के प्रभारी मंत्री से मिलकर समस्याओं के समाधान की मांग की जाएगी। बैठक के अंत में सभी पदाधिकारियों ने संगठन को मजबूत बनाने तथा स्थानीय निकायों से जुड़ी समस्याओं के समाधान के लिए सामूहिक रूप से कार्य करने का संकल्प लिया।
अयोध्य में भगवान राम के मंदिर में आए चढ़ावे में से लाखों रुपए की चोरी पकड़ी गई। चोरी करने वालों में कई जने ट्रस्ट से जुड़े हुए थे। यह लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ करने जैसा था। लेकिन खुद को रामभक्त कहने वाले भाजपाई इस पर खामोश क्यों है? यह बात शनिवार को पाली शहर के बारसा रिसोर्ट में कांग्रेस की ओर से आयोजित छात्रों की गूंज अब पाली कार्यक्रम में पाली विधायक भीमराज भाटी ने कही। बंगाल चुनाव भाजपा का मैनेज थाकांग्रेस विधायक भीमराज भाटी ने आरोप लगाते हुए कह कि बंगाल का चुनाव में भाजपा के जीतने के कोई चांस नहीं थे। लेकिन रिजल्ट में भाजपा अच्छे वोटों से जीत। क्योंकि यह चुनाव मैनेज था। भाजपा ने अपने ऑफिसर, जवान लगा रखे थे। विरोध करने वालों के खिलाफ कार्रवाई हो रही थी। अब यूपी की बारी है। यहां भाजपा चुनाव जीत गई तो सोच लो भविष्य में देश में चुनाव नहीं होंगे। लोकतंत्र खतरे में पड़ जाएंगा। चाईना और रूस में जिस तरह चुनाव होते है। वह स्थिति देश की हो जाएगी। कांग्रेस के कुछ लोग इधर-उधर की बातें करते है उनकी मत सूनाअपने संबोधन में उन्होंने कहा कि कांग्रेस के कुछ लोग इधर की बाद उधर और उधर की बात इधर करने का काम करते है। उनकी मत सूनो। जिन्होंने ऐसा किया उनकी फैक्ट्रियां-मकान बिक गए। सरकार को छात्रों की चिंता नहींइसके साथ ही उन्होंने कहा कि सरकार को छात्रों के भविष्य की चिंता नहीं है। पेपर लीक मामले में शिक्षा मंत्री नैतिकता के आधार पर इस्तीफा क्यों नहीं दे रहे। पेपर लीक मामले में प्रधानमंत्री कुछ बोल नहीं रहे है। छात्र देश का भविष्य है, निर्माता है। कॉलेज प्रिंसिपल और सोशल वेलफेयर ऑफिसर पर किया कमेंटअपने संबोधन में विधायक ने बांगड़ कॉलेज प्रिंसिपल और सोशल वेलफेयर ऑफिसर पर कमेंट किया। उन्होंने उनके करेक्टर को लेकर सवाल खड़े किए। जिला कांग्रेस प्रभारी बोले-छात्रों के पैसों से मंत्रालय चला रही सरकारजिला कांग्रेस प्रभारी राजेंद्र मुंड ने कहा कि शिक्षा के क्षेत्र में सलेक्शन की जगह रिजेक्शन लागू हो गया है। जिसमें बदलाव की जरूरत है। देश को व्यवसायिक शिक्षा की जरूरत है। लेकिन पेपर लीक हो रहे है। फीस के नाम पर देश के युवाओं से जो रुपए एकत्रित किए जा रहे है। जिससे सरकार मंत्रालय चला रही है। जबकि देश में शिक्षा को फ्री करने की जरूरत है। देश में बेरोजगारी बढ़ रही है। सरकारी स्कूल में पढ़ने वालों की संख्या घट रही है। अधिकतर सरकारी स्कूलों में टॉयलेट नहीं है। शिक्षा महंगी हो रही है। जो लोकतंत्र की हत्या जैसा है। नैतिकता के आधार पर शिक्षा मंत्री को इस्तीफा देना चाहिए। इस मुद्दे पर देश के प्रधानमंत्री भी मौन है। इन्होंने भी किया संबोधितजिला कांग्रेस प्रभारी सहप्रभारी श्रवण पटेल ने कहा कि कांग्रेस ने अंग्रेजी स्कूल खोले थे जिसे भाजपा बंद कर बच्चों के भविष्य के साथ खिलवाड़ कर रही है। प्रतियोगिता परीक्षाओं के पेपर बहुत कठिन बना रहे है। भर्तियां रूकी है उसे खोलना चाहिए ताकि युवाओं को रोजगार मिले। पूर्व विधायक खुशवीरसिंह जोजावर ने कहा कि पेपर लीक हो रही है जो स्टूडेंट्स के भविष्य के साथ खिलवाड़ करने जैसा है। अबकी बार ऐसा हुआ तो जेनजी हाइड्रोजन बम फोड़ेंगे जो सरकार पर भारी पड़ेगा। ओमा चौधरी ने कहा कि देश का एज्युकेशन सिस्टम के कारण स्टूडेंट का भविष्य खराब हो रहा है जो देश का भविष्य है।
नगरीय विकास और आवास मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने कहा है कि अब संघ में बहुत भीड़ हो गई है। हमारी संख्या बढ़ गई, हमारी बहुत बड़ी पार्टी बन गई है। सरकार में जो अधिकारी आता है, वो कहता है मैंने भी पट्टी बांधी है। RSS की चड्डी पहनी है। उन्होंने मौजूदा परिस्थितियों पर तंज कसते हुए कहा कि सरकार आने के बाद सब अधिकारी संघ के हो गए हैं। विजयवर्गीय यहीं नहीं रुके उन्होंने कहा कि एक अधिकारी ने तो ये तक कहा कि मेरे पिताजी संघ में अध्यक्ष थे। बहुत भीड़ हो गई गई, लेकिन अच्छे लोगों की कमी है। अच्छे इंसान थे पहले, अब ऐसे इंसानों की संघ में कमी होती जा रही है। उन्होंने कहा कि संगठन बढ़ रहा, विचार धारा भी बढ़ रही हैं लेकिन अच्छे लोग नहीं होंगे तो इस विचार धारा का महत्व क्या है? हमे चिंतन और मनन करना चाहिए। विजयवर्गीय ने ये बातें शालिगराम तोमर स्मृति कार्यक्रम में शुक्रवार को कहीं। अब उनका बयान सोशल मीडिया पर भी वायरल हो रहा है। इस कार्यक्रम में मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि शालिगरामजी ने कार्यकर्ताओं को गढ़ने का काम किया। कार्यकर्ताओं की सभी समस्याओं को भी समझते थे। उनमें अनुशासन लाने का काम करते थे। मेरी तो शादी भी उन्हीं ने कराई थी। देवधर, मोघेजी जैसे लोगो को देख कर हमें ऊर्जा मिलती है। आज मुझे ऐसा महसूस हो रहा है कि मैं परिषद वाले समय में पहुंच गया हूं। ये खबर भी पढ़ें… मंत्री विजयवर्गीय बोले- मुस्लिम हमें काफिर बोलते हैं मध्य प्रदेश के नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय ने इंदौर में कहा- यहां सड़क बन रही है। यहां हिंदू भाई भी रहते हैं और मुस्लिम भाई भी रहते हैं। कई मुस्लिम भाई हमको काफिर बोलते हैं। अगर हम काफिर हैं, तो हमारी बनाई सड़क पर मत चलो। आपके घर में लाड़ली बहना-लाड़ली लक्ष्मी योजना का पैसा आ रहा है, तो मत लो। पढ़िए पूरी खबर।
कानपुर में रविवार, 28 जून से पल्स पोलियो अभियान शुरू हो रहा है। इस अभियान के तहत जिले के 5,12,184 बच्चों को पोलियो रोधी खुराक पिलाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। अभियान से पहले शनिवार को जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय परिसर से जागरूकता रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जिलाधिकारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने इस अवसर पर कहा कि भारत ने वर्षों के अथक प्रयासों से पोलियो पर विजय प्राप्त की है। इस उपलब्धि को बनाए रखने के लिए प्रत्येक बच्चे तक पोलियो रोधी दवा पहुंचाना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे अपने पांच वर्ष तक के सभी बच्चों को पोलियो की खुराक अवश्य पिलाएं। मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने अभियान की जानकारी देते हुए बताया कि 28 जून को जनपद में 2,069 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं। इसके बाद 29 जून से घर-घर जाकर पोलियो खुराक पिलाने का अभियान चलाया जाएगा। इस अभियान के लिए 8,561 घर-घर टीमें, 672 ट्रांजिट टीमें और 350 मोबाइल टीमें तैनात की गई हैं। कुल 9,585 टीमें और 12,642 स्वास्थ्यकर्मी एवं सहयोगी अपनी सेवाएं देंगे। स्वास्थ्य विभाग ने यह सुनिश्चित करने के लिए विशेष माइक्रो प्लान तैयार किया है कि ईंट-भट्ठों, रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, निर्माण स्थलों और घुमंतू व प्रवासी परिवारों के बच्चों तक भी पोलियो रोधी खुराक पहुंचे। संवेदनशील क्षेत्रों में अतिरिक्त टीमें तैनात की गई हैं, ताकि कोई भी पात्र बच्चा दवा से वंचित न रहे। जागरूकता रैली मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय से शुरू होकर पीएसी चौराहा तक गई और वापस कार्यालय परिसर में समाप्त हुई। इस रैली में स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों के साथ विश्व स्वास्थ्य संगठन, यूनिसेफ, जेएसआई, नेहरू युवा केंद्र, महिला एवं बाल विकास विभाग, आशा कार्यकर्ता, एएनएम और नर्सिंग छात्र-छात्राओं ने सक्रिय रूप से भाग लिया। उन्होंने पोलियो उन्मूलन का संदेश जन-जन तक पहुंचाया।
नकली सोने की मूर्ति बेचकर ठगी, दो गिरफ्तार:शाहाबाद पुलिस ने 2.10 लाख रुपए बरामद किए, एक आरोपी फरार
हरदोई की शाहाबाद पुलिस ने नकली सोने की मूर्ति बताकर ठगी करने वाले गिरोह के दो सदस्यों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने उनके कब्जे से 2 लाख 10 हजार 710 रुपये नकद बरामद किए हैं। यह गिरफ्तारी शनिवार, 27 जून को हुई। इस मामले में एक अन्य आरोपी अभी फरार है, जिसकी तलाश पुलिस द्वारा की जा रही है। पुलिस के अनुसार, शाहजहांपुर जिले के रामचंद्र मिशन थाना क्षेत्र की निवासी बबली देवी ने 20 जून 2026 को शाहाबाद थाने में शिकायत दर्ज कराई थी। उन्होंने बताया कि राशिद और राजा नामक व्यक्तियों ने उन्हें और उनकी बेटी को झांसे में लेकर नकली सोने की मूर्ति असली बताकर बेची। आरोपियों ने मूर्ति बेचने के नाम पर उनसे पैसे लिए और बाद में नकली मूर्ति देकर फरार हो गए। पीड़िता की शिकायत पर शाहाबाद थाने में मुकदमा बीएनएस के तहत राशिद और राजा के खिलाफ मामला दर्ज किया गया था। विवेचना और मुखबिर की सूचना के आधार पर पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया। फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी गिरफ्तार आरोपियों की पहचान शाहजहांपुर जिले के रोजा थाना क्षेत्र के कटिया कम्मू निवासी आमिर उर्फ भूरा (पुत्र मुसर्रत) और हरदोई के मंझिला थाना क्षेत्र के तुरकभी निवासी मुबारक (पुत्र मुन्ने) के रूप में हुई है। पुलिस ने इनके पास से ठगी के 2 लाख 10 हजार 710 रुपये नकद बरामद किए हैं। पुलिस ने बताया कि फरार आरोपी की गिरफ्तारी के प्रयास जारी हैं। उससे पूछताछ के बाद इस गिरोह से जुड़े अन्य मामलों की भी जानकारी जुटाई जाएगी। बरामद धनराशि को कब्जे में लेकर आगे की कानूनी कार्रवाई की जा रही है। इस कार्रवाई में उपनिरीक्षक सुमित यादव, कांस्टेबल जितेंद्र कुमार सिंह, कांस्टेबल जितेंद्र कुमार और कांस्टेबल आयुष कुमार सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। शाहाबाद पुलिस ने कहा है कि क्षेत्र में ठगी करने वाले गिरोहों के खिलाफ उनका अभियान जारी रहेगा।
आदर्श शिक्षण समिति की साधारण सभा बैठक शनिवार को आदर्श विद्या मंदिर उच्च माध्यमिक स्कूल पैवेलियन में आयोजित की गई। विद्या भारती जोधपुर के प्रांत सचिव गंगाविष्णु की अगुवाई में हुई इस बैठक में आगामी तीन साल के कार्यकाल के लिए आदर्श शिक्षा समिति के चुनाव संपन्न हुए। चुनाव अधिकारी अशोक चतुर्वेदी की देखरेख में सभी पदाधिकारी निर्विरोध निर्वाचित घोषित किए गए, जिसमें शंकरलाल पटेल को जिलाध्यक्ष चुना गया। जिला सचिव लखाराम ने बताया कि नई कार्यकारिणी में संरक्षक कैलाश जोशी, उपाध्यक्ष छगनलाल माली और कपूर पुरोहित, जिला व्यवस्थापक भगवतसिंह सोलंकी, सह व्यवस्थापक नंदा चौहान, कोषाध्यक्ष भंवरसिंह और सहकोषाध्यक्ष कानाराम शामिल हैं। इसके अतिरिक्त शैक्षिक प्रमुख ईश्वर पुरोहित, संपर्क प्रमुख गोविंद सुथार और प्रचार प्रमुख संजय कुमार वर्मा को भी चुना गया। नई टीम को सभी सदस्यों ने बधाई और शुभकामनाएं दीं। बैठक का शुभारंभ अतिथियों द्वारा माता सरस्वती और भारत माता की तस्वीर के समक्ष दीप प्रज्वलन के साथ हुआ। जिला सचिव लखाराम ने पिछली साधारण सभा की बैठक की कार्रवाई प्रस्तुत की, जबकि जिला कोषाध्यक्ष छगनलाल माली ने संस्थान का वार्षिक लेखा-जोखा रखा। जिले में संचालित विद्या मंदिरों के पदाधिकारियों ने अपने-अपने विद्यालयों का प्रतिवेदन भी प्रस्तुत किया। बैठक को संबोधित करते हुए प्रांत सचिव गंगाविष्णु ने कहा कि राष्ट्रीय शिक्षा नीति का देश में लागू होना शिक्षा जगत में सबसे बड़ी क्रांति है। उन्होंने उल्लेख किया कि देश को बांटने वाली शक्तियां हावी थीं, लेकिन अब देश में सात्विक परिवर्तन देखा जा रहा है। गंगाविष्णु ने बताया कि आगामी वर्ष विद्या भारती का अमृत वर्ष होगा। उन्होंने स्मरण कराया कि 1952 में गोरखपुर में सरस्वती शिशु मंदिर के नाम से पहला विद्यालय शुरू किया गया था। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि राष्ट्रगीत वंदे मातरम के 150 वर्ष पूर्ण होने पर आगामी 25 सितंबर को पूरे देश में एक ही समय पर इसका गायन किया जाएगा, जिसमें विद्या भारती से जुड़े सभी शिक्षण संस्थान भाग लेंगे। उन्होंने सभी से इसकी तैयारी अभी से शुरू करने और सुझाव देने का आग्रह किया। उन्होने विद्यालयों के प्रंबध समिति के पदाधिकारियो से कहा कि वे चालू सत्र में जो लक्ष्य उन्होने रखा है उसकी तैयारी करे । उन्होने कहा कि सिरोही जिले के विद्या मंदिरों का परिणाम बेहतर रहा है यह प्रसन्नता का विषय और श्रेष्ठ उदाहरण है। विद्या भारती विद्यालय शिक्षा के साथ समाज में सात्विक परिवर्तन कार्य करने का कार्य करते हैं इसलिए समाज को विद्या मंदिरों से जुड़ना चाहिए। इस दौरान जोधपुर प्रांत के सह प्रांत प्रचारक राजेश कुमार, ने भी अपने विचार रखे। इस अवसर पर आदर्श शिक्षण संस्थान के प्रधानाचार्य राजेश त्रिवेदी सहित आचार्य उपस्थित थे। पोसालिया लाइब्रेरी से दो युवा एग्रीकल्चर सुपरवाइजर बने जिले के पोसालिया कस्बे में स्थित राजस्थान लाइब्रेरी से दो युवाओं ने एग्रीकल्चर सुपरवाइजर भर्ती परीक्षा में सफलता हासिल की है। लाइब्रेरी के नियमित पाठक अरविंद सिंह और कृष्णपाल सिंह का चयन होने पर उनका सम्मान किया गया। लाइब्रेरी संचालक एडवोकेट कमल सिंह राव ने दोनों युवाओं को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह पोसालिया और आसपास के क्षेत्र के साथ-साथ राजस्थान लाइब्रेरी के लिए भी गर्व का क्षण है। अरविंद सिंह और कृष्णपाल सिंह ने यह साबित कर दिया है कि ग्रामीण परिवेश में सीमित संसाधनों के बावजूद कड़ी मेहनत से सरकारी नौकरी प्राप्त की जा सकती है। एडवोकेट कमल सिंह राव ने बताया कि राजस्थान लाइब्रेरी पोसालिया कई वर्षों से ग्रामीण युवाओं को प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए शांत और अनुकूल अध्ययन माहौल उपलब्ध करा रही है। पूर्व में भी इस लाइब्रेरी से अनेक युवा राजस्थान पुलिस कांस्टेबल, सेकंड ग्रेड टीचर और नर्सिंग ऑफिसर सहित विभिन्न प्रतियोगी परीक्षाओं में चयनित होकर सरकारी सेवाओं में जा चुके हैं। यह लाइब्रेरी अब क्षेत्र में 'सफलता की फैक्ट्री' के रूप में अपनी पहचान बना चुकी है। सम्मानित हुए अरविंद सिंह ने अपनी सफलता का श्रेय माता-पिता और लाइब्रेरी को दिया। उन्होंने कहा, लाइब्रेरी का अनुशासित माहौल और साथ पढ़ने वाले साथियों की स्वस्थ प्रतिस्पर्धा ने मुझे हमेशा प्रेरित रखा। कृष्णपाल सिंह ने बताया कि संचालक और लाइब्रेरी का माहौल हमेशा उनका हौसला बढ़ाता रहा। उन्होंने कहा, यहां 24 घंटे पढ़ाई का माहौल मिलता है। उन्होंने गांव के अन्य युवाओं से अपील की कि वे समय का सदुपयोग करें, लाइब्रेरी से जुड़ें और अपने सपनों को साकार करें। इस अवसर पर लाइब्रेरी के अन्य पाठक, दोनों चयनित युवाओं के परिजन और गांव के गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे। सभी ने चयनित युवाओं के उज्ज्वल भविष्य की कामना की।
लखनऊ में कोचिंग संस्थान में आग लगने की घटना के बाद हनुमानगढ़ नगर परिषद प्रशासन ने शहर के कोचिंग संस्थानों की सुरक्षा व्यवस्था की जांच शुरू कर दी है। अब तक 35 कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया जा चुका है। जांच के दौरान सुरक्षा मानकों में कमियां मिलने पर संचालकों को नोटिस जारी कर 15 दिन में आवश्यक सुधार करने और फायर एनओसी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। समय सीमा में नियमों की पालना नहीं होने पर विभागीय कार्रवाई की जाएगी। सुरक्षा व्यवस्था का किया जा रहा ऑडिट नगर परिषद के सहायक अग्निशमन अधिकारी यूनुस खान ने बताया कि आयुक्त के निर्देशानुसार कोचिंग संस्थानों के साथ-साथ अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का भी सुरक्षा ऑडिट किया जा रहा है। शनिवार को नगर परिषद की टीम ने टाउन क्षेत्र के कई कोचिंग संस्थानों का निरीक्षण किया। इन व्यवस्थाओं की हो रही है जांच निरीक्षण के दौरान प्रत्येक संस्थान में फायर सेफ्टी से जुड़े सभी आवश्यक इंतजामों की बारीकी से जांच की जा रही है। टीम अग्निशमन यंत्र, स्प्रिंकलर सिस्टम, मैनुअल कॉल प्वाइंट, हूटर फायर अलार्म, आपातकालीन निकास द्वार (इमरजेंसी एग्जिट) और विद्युत सुरक्षा जैसी व्यवस्थाओं का परीक्षण कर रही है। इसके साथ ही यह भी सत्यापित किया जा रहा है कि संबंधित संस्थान के पास वैध फायर एनओसी है या नहीं। 15 दिन में सुधार, नहीं तो होगी कार्रवाई यूनुस खान के अनुसार जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन अधूरा मिला है, उन्हें 15 दिन का समय देकर नोटिस जारी किए गए हैं। इस अवधि में सभी कमियां दूर कर आवश्यक सुरक्षा इंतजाम सुनिश्चित करने और फायर एनओसी प्राप्त करने के निर्देश दिए गए हैं। यदि निर्धारित समय में नियमों की पालना नहीं की गई तो संबंधित संस्थानों के खिलाफ नियमानुसार विभागीय कार्रवाई की जाएगी।
मऊगंज के पूर्व विधायक सुखेंद्र सिंह बन्ना ने शनिवार शाम कांग्रेस कार्यालय में एक प्रेसवार्ता की। इसमें उन्होंने मुख्यमंत्री मोहन यादव, राज्य सरकार और केंद्र सरकार पर कई गंभीर आरोप लगाए। बन्ना ने मुख्यमंत्री मोहन यादव के कथित जमीन खरीद मामले, भरत तिवारी एनकाउंटर और मंदिरों के चंदा विवाद पर सरकार को घेरते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की। मुख्यमंत्री मोहन यादव की कथित जमीन खरीद के मामले पर सुखेंद्र सिंह बन्ना ने कहा कि यह केवल एक व्यक्ति का मामला नहीं है। उन्होंने आरोप लगाया कि देशभर में जमीनों पर कब्जे की नीति अपनाई जा रही है, जिसके तहत आदिवासी और ग्रामीण इलाकों की जमीनें उद्योगपतियों को दी जा रही हैं। बन्ना ने बताया कि कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष जीतू पटवारी ने मुख्यमंत्री रहते मोहन यादव द्वारा करीब 500 एकड़ जमीन रिश्तेदारों के नाम खरीदे जाने और सरकारी संसाधनों के दुरुपयोग का मुद्दा उठाया था। पूर्व विधायक ने मांग की कि यदि ये आरोप सही हैं, तो इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए और मुख्यमंत्री को नैतिक आधार पर इस्तीफा देना चाहिए। आरोप का जबाव देने की जगह निशाना बना रही सरकार बन्ना ने आरोप लगाया कि सरकार इन आरोपों का जवाब देने के बजाय कांग्रेस नेताओं को निशाना बना रही है। उन्होंने उदाहरण दिया कि जीतू पटवारी के वेयरहाउस की जांच कराई जा रही है, जबकि अन्य मामलों में कार्रवाई नहीं होती। उन्होंने उपमुख्यमंत्री राजेंद्र शुक्ल के वेयरहाउस का जिक्र करते हुए कहा कि वहां अनाज खराब होने के बावजूद कोई कार्रवाई नहीं की गई। बन्ना ने सरकार से अस्पतालों और जनहित के मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने का आग्रह किया। एनकाउंटर की राजनीति करती पूर्व विधायक ने भरत तिवारी एनकाउंटर मामले पर भी सरकार पर गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने इसे केवल एक पुलिस कार्रवाई नहीं, बल्कि जांच का विषय बताया। बन्ना ने आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी अपनी राजनीतिक जरूरतों के अनुसार एनकाउंटर की राजनीति करती है। उन्होंने जोर दिया कि सरकार को कानून के दायरे में काम करना चाहिए और हर मामले की निष्पक्ष जांच सुनिश्चित करनी चाहिए। उन्होंने मांग की कि भरत तिवारी मामले की निष्पक्ष जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। बन्ना ने कहा कि यदि जनता की समस्याएं नहीं सुनी जाएंगी और प्रशासन दमनात्मक रवैया अपनाएगा तो विरोध की स्थिति बनेगी। उन्होंने शासन-प्रशासन से कानून व्यवस्था बनाए रखने और जनता की शिकायतों का समाधान करने की अपील की। चंदा घोटाले की जांच होउन्होंने देशभर में चर्चा में रहे मंदिरों के चंदा विवाद का भी जिक्र किया। उन्होंने आरोप लगाया कि इस पूरे मामले की स्वतंत्र जांच कराई जानी चाहिए। उन्होंने कहा कि यदि किसी प्रकार की आर्थिक अनियमितता हुई है तो जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कानून के अनुसार कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने सरकार पर धार्मिक आस्था के नाम पर राजनीति करने का भी आरोप लगाया।
प्रदेश के उपमुख्यमंत्री एवं मल्हारगढ़ विधानसभा क्षेत्र से विधायक जगदीश देवड़ा शनिवार शाम मंदसौर पहुंच रहे हैं। वे यहां रात्रि विश्राम करेंगे। जिला प्रशासन द्वारा जारी अधिकृत कार्यक्रम के अनुसार, उपमुख्यमंत्री रविवार को जिले में विभिन्न विकास एवं जनसंपर्क कार्यक्रमों में शामिल होंगे। निर्धारित कार्यक्रम के अनुसार, उपमुख्यमंत्री देवड़ा रविवार सुबह 11 बजे पिपलिया मंडी में 'मन की बात' कार्यक्रम में सहभागिता करेंगे। इसके बाद दोपहर 12 बजे वे पिपलिया मंडी कृषि उपज मंडी परिसर में नवनिर्मित 32 दुकानों का लोकार्पण करेंगे। दोपहर 3 बजे के बाद, उपमुख्यमंत्री गुडभेली छोटी में आयोजित कार्यक्रम में शामिल होंगे। यहां वे वरुजना फंटे से छोटी गुडभेली, हरसोल होते हुए बंड पिपल्या तक पहुंच मार्ग के निर्माण कार्य का भूमि पूजन करेंगे। सभी निर्धारित कार्यक्रमों के बाद, उपमुख्यमंत्री जगदीश देवड़ा रविवार रात्रि को भी मंदसौर स्थित अपने निवास पर रात्रि विश्राम करेंगे। जिला प्रशासन ने उनके दौरे को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर ली हैं।
संभल में 24 नवंबर 2024 को हुई हिंसा के बाद प्रशासन ने शहर को जाम और अतिक्रमण मुक्त करने के लिए एक नई कार्ययोजना तैयार की है। इसके तहत, अब सीसीटीवी कैमरों के माध्यम से सड़कों पर होने वाली हर गतिविधि पर कड़ी निगरानी रखी जाएगी। यदि कोई ई-रिक्शा या अन्य वाहन प्रतिबंधित क्षेत्र में प्रवेश करता है, तो कंट्रोल रूम में बैठे अधिकारी उसकी पहचान कर वाहन नंबर के आधार पर तत्काल कार्रवाई करेंगे। इसके अतिरिक्त, दुकानों के सामने ठेले लगवाने वाले दुकानदार भी प्रशासन के निशाने पर हैं। सीसीटीवी निगरानी में आने वाले ऐसे ठेले जब्त किए जाएंगे और उन पर जुर्माना लगाया जाएगा। यदि दुकानदार की मिलीभगत पाई जाती है, तो उनके खिलाफ पीपी एक्ट (सार्वजनिक संपत्ति नुकसान निवारण अधिनियम) के तहत मुकदमा भी दर्ज किया जाएगा। शनिवार को सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार और सीओ कुलदीप कुमार की उपस्थिति में सिटी मजिस्ट्रेट कार्यालय में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई। इस बैठक में बाजारों की व्यवस्था सुधारने और अतिक्रमण व जाम की समस्या से निपटने के लिए कई बड़े फैसले लिए गए। प्रशासन ने भीड़भाड़ वाले इलाकों को 'नो-ई-रिक्शा जोन' घोषित करने की तैयारी की है। पोस्ट ऑफिस से कोतवाली और कोतवाली से शंकर चौराहा तक ई-रिक्शा प्रतिबंधित रहेंगे। वहीं, दीपा सराय से एकता चौकी होते हुए नखासा चौराहा तक वन-वे व्यवस्था लागू करने की योजना है। सिटी मजिस्ट्रेट सुधीर कुमार ने स्पष्ट किया कि अब नियम तोड़ने वालों को केवल चेतावनी नहीं दी जाएगी, बल्कि उनके खिलाफ कड़ी कार्रवाई होगी। बिना पंजीकरण चल रहे ई-रिक्शा जब्त किए जाएंगे और प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करने वाले पंजीकृत ई-रिक्शा भी सीज किए जाएंगे। सीओ संभल कुलदीप कुमार ने बताया कि सिर्फ मुख्य रास्तों पर ही नहीं, बल्कि गलियों और अंदरूनी रास्तों पर भी नजर रखी जाएगी। उन्होंने कहा कि कोई यह सोचकर नहीं निकल पाएगा कि कैमरों से बचकर निकल जाएंगे, क्योंकि निगरानी सिर्फ पुलिस की नहीं बल्कि सीसीटीवी कंट्रोल रूम से भी की जाएगी।
देवरिया जिले के लार थाना क्षेत्र में एक खेत में दो सांपों के आपस में लिपटने का दृश्य सामने आया है। इस घटना का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। यह वीडियो करीब तीन मिनट का बताया जा रहा है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, खेत में दो सांप एक-दूसरे से लिपटकर फन उठाए हुए दिखाई दिए। इस अनोखे नजारे को देखने के लिए आसपास के ग्रामीण मौके पर जमा हो गए और काफी देर तक इसे देखते रहे। किसी युवक ने इस दृश्य को अपने मोबाइल में कैद कर लिया। वायरल वीडियो में दोनों सांप एक-दूसरे से लिपटकर लगातार हरकत करते नजर आ रहे हैं। इस वीडियो को लेकर ग्रामीणों में तरह-तरह की चर्चाएं हैं। कुछ लोग इसे सांपों की लड़ाई मान रहे हैं, जबकि कुछ इसे नाग-नागिन का मिलन बता रहे हैं। सांपों का इस प्रकार लिपटना हमेशा लड़ाई नहीं… वन्यजीव विशेषज्ञों ने इस संबंध में स्पष्टीकरण दिया है। उनके अनुसार, सांपों का इस प्रकार लिपटना हमेशा लड़ाई नहीं होता। यह नर सांपों के बीच प्रभुत्व स्थापित करने का संघर्ष भी हो सकता है, या फिर प्रजनन व्यवहार का हिस्सा भी। केवल वीडियो देखकर इसका निश्चित कारण बताना संभव नहीं है। विशेषज्ञों ने आम जनता से अपील की है कि ऐसे दृश्य देखने पर सांपों के पास जाने या उन्हें छेड़ने की कोशिश न करें। उन्होंने सुरक्षित दूरी बनाए रखने और आवश्यकता पड़ने पर वन विभाग या प्रशिक्षित रेस्क्यू टीम को सूचना देने की सलाह दी है।
लखनऊ में हुए अग्निकांड के बाद कानपुर देहात का प्रशासन भी सतर्क हो गया है। जिले में कोचिंग संस्थानों के बाद अब निजी अस्पतालों, नर्सिंग होम और पैथोलॉजी सेंटरों की सुरक्षा जांच तेज कर दी गई है। इस अभियान के तहत कई संस्थानों में सुरक्षा मानकों में खामियां पाई गईं, जिसके बाद उन्हें नोटिस जारी किए गए हैं। यह कार्रवाई लखनऊ में हुई घटना के बाद पूरे प्रदेश में सुरक्षा मानकों की जांच के लिए चलाए जा रहे अभियान का हिस्सा है। कानपुर देहात में, महानिदेशालय के निर्देश पर, अपर मुख्य चिकित्सा अधिकारी (एसीएमओ) और नोडल अधिकारी नर्सिंग होम पंजीयन की अगुवाई में एक टीम का गठन किया गया। इस टीम ने जिले के विभिन्न निजी स्वास्थ्य संस्थानों का निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान ब्रह्मा नर्सिंग होम, वरदान हॉस्पिटल, नोवा हॉस्पिटल, राजावत हॉस्पिटल, लोकप्रिय हॉस्पिटल, अकबरपुर चैरिटेबल ब्लड बैंक और शारदा आई केयर एंड पैथोलॉजी सेंटर जैसे संस्थानों की जांच की गई। टीम ने इन संस्थानों में भवन की सुरक्षा व्यवस्था, बेसमेंट के उपयोग, आपातकालीन निकास, अग्निशमन से संबंधित इंतजामों और अन्य आवश्यक सुरक्षा मानकों का गहनता से परीक्षण किया। जांच में पाया गया कि कई संस्थानों में निर्धारित सुरक्षा मानकों का पालन नहीं किया जा रहा था। इन संस्थानों के संचालकों को नोटिस जारी कर स्पष्टीकरण मांगा गया है। अधिकारियों ने चेतावनी दी है कि यदि दो दिनों के भीतर संतोषजनक जवाब नहीं मिलता है, तो नियमानुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी। जिला प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि मरीजों की सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा। जिन संस्थानों में सुरक्षा मानकों का पालन नहीं पाया जाएगा, उनके विरुद्ध नियमों के तहत सख्त कार्रवाई की जाएगी। प्रशासन का यह अभियान भविष्य में भी जारी रहेगा। इसका उद्देश्य जिले के सभी निजी स्वास्थ्य संस्थानों में सुरक्षा मानकों का अनुपालन सुनिश्चित करना और किसी भी संभावित अप्रिय घटना को रोकना है।
बरेली में किन्नर समाज के दो गुटों में विवाद:एक पक्ष ने एसपी कार्यालय पहुंचकर न्याय की गुहार लगाई
रायसेन जिले के बरेली नगर में किन्नर समाज के दो गुटों के बीच क्षेत्र में काम करने के अधिकार को लेकर विवाद सामने आया है। शनिवार दोपहर किन्नर गुरु बॉबी नायक अपने साथियों के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं और अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक को आवेदन सौंपकर निष्पक्ष कार्रवाई की मांग की। बॉबी नायक ने अपने आवेदन में बताया कि स्वर्गीय रूपा तिवारी के निधन के बाद उन्हें गुरु की गद्दी पर बैठाया गया था। इस संबंध में थाना प्रभारी, एसडीओपी और एसडीएम बरेली को पहले ही सूचित किया जा चुका है। इसके बावजूद, दूसरे गुट की गुरु राधिका और उनके साथी उन्हें तथा उनके समूह को बरेली में काम करने से रोक रहे हैं। बॉबी नायक ने आरोप लगाया कि विरोध करने पर उन्हें और उनके समूह को गाली-गलौज, जान से मारने की धमकी और प्रताड़ना का सामना करना पड़ता है। उन्होंने यह भी कहा कि इस मामले की शिकायत कई बार बरेली थाने में की गई है, लेकिन अभी तक कोई स्थायी समाधान नहीं निकला है। विवाद के कारण उन के समूह के सदस्यों के सामने आजीविका का संकट खड़ा हो गया है। एएसपी बोले- दोनों पक्षों को बैठाकर कराया जाएगा समाधान अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक दीपक नायक ने इस मामले कहा कि बरेली में किन्नर समाज के दो गुटों के बीच काम को लेकर विवाद चल रहा है। उन्होंने थाना प्रभारी से चर्चा की है और कहा कि दोनों पक्षों के गुरुओं के आने के बाद एक बैठक आयोजित कर विवाद का समाधान कराने का प्रयास किया जाएगा। साथ ही, बरेली थाना पुलिस को निर्देश दिए गए हैं कि तब तक किसी भी प्रकार का विवाद या कानून-व्यवस्था की स्थिति न बनने पाए।
मैनपुरी पहुंचीं समाजवादी पार्टी सांसद डिंपल यादव ने केंद्र और प्रदेश सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने राम मंदिर चंदा मामले, पेपर लीक, संविधान और सामाजिक सौहार्द जैसे कई मुद्दों पर भाजपा सरकार को घेरा। राम मंदिर चंदा मामले पर डिंपल यादव ने कहा कि यह किसी एक व्यक्ति का मामला नहीं है। उन्होंने मांग की कि जो भी दोषी हो, चाहे वह कितना भी बड़ा या छोटा हो, उसके खिलाफ निष्पक्ष कार्रवाई होनी चाहिए। उनका आरोप था कि लोगों की आस्था के साथ खिलवाड़ हुआ है और यदि भगवान राम के नाम पर जुटाए गए धन में गड़बड़ी हुई है तो यह बेहद गंभीर मामला है। उन्होंने कहा कि बड़ी घटनाओं पर देश के शीर्ष नेताओं की चुप्पी लोगों के मन में सवाल खड़े करती है। डिंपल यादव ने लखनऊ कोचिंग सेंटर हादसे और राम मंदिर से जुड़े मामले का जिक्र करते हुए ऐसी घटनाओं पर संवेदना व्यक्त करने की आवश्यकता पर जोर दिया। महाराष्ट्र में परीक्षा रद्द किए जाने और पेपर लीक के मुद्दे पर उन्होंने कहा कि अब पेपर लीक एक आम बात बन गई है, लेकिन सरकार प्रभावी कार्रवाई करने में विफल रही है। उन्होंने आगे कहा कि शिक्षा व्यवस्था और छात्रों की समस्याओं को लेकर युवा वर्ग सरकार से नाराज है और उनकी आवाज लगातार उठ रही है। फिरोजाबाद में ताजियों की लंबाई नापे जाने के सवाल पर डिंपल यादव ने सरकार पर सामाजिक सौहार्द बिगाड़ने का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि सत्ता लोगों के बीच विभाजन पैदा करने की राजनीति कर रही है। भाजपा के प्रदेश संगठन विस्तार पर उन्होंने टिप्पणी की कि समाजवादी पार्टी पहले से ही सामाजिक प्रतिनिधित्व के मॉडल पर काम कर रही है। उनके अनुसार, सपा में दलित, पिछड़े और मुस्लिम समाज के लोगों को पर्याप्त प्रतिनिधित्व मिला है, जबकि भाजपा को यह विस्तार करने में वर्षों लग गए। उद्धव ठाकरे के बयान पर प्रतिक्रिया देते हुए डिंपल यादव ने कहा कि चुने हुए जनप्रतिनिधियों को दूसरी पार्टियों में शामिल कराना मतदाताओं के जनादेश का अपमान है। उन्होंने इसे संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों के खिलाफ बताया। पूजा पाल के बयान पर डिंपल यादव ने संक्षिप्त प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि वह ऐसा कहती रहती हैं।
गोसाईंगंज थाना क्षेत्र के सराय करौरा गांव में शनिवार सुबह सीतापुर की 16 वर्षीय किशोरी का शव तालाब में उतराता दिखा। पुलिस ने सूचना मिलते ही मौके पर पहुंचकर शव को बाहर निकलवाया और पोस्टमॉर्टम के लिए भेजा। मृतका की पहचान सीतापुर के सुभाष नगर निवासी आम्रपाली गौतम (16) के रूप में हुई है। वह लगभग 12-13 दिन पहले अपनी बुआ लक्ष्मी देवी के घर गर्मी की छुट्टियां बिताने आई थी। उसकी बुआ किराये के मकान में रहती हैं। प्रारंभिक जांच में सामने आया है कि किशोरी शुक्रवार देर रात करीब 1 बजे अपने घर से निकली थी। घर में लगे सीसीटीवी कैमरों में उसे तालाब की ओर जाते हुए देखा गया। परिजनों ने बताया कि आम्रपाली कक्षा 9 की छात्रा थी। उसके पिता का निधन कई साल पहले हो चुका है। परिवार में उसकी मां रेखा देवी और भाई-बहन पुष्पेंद्र, आकांक्षी और अनामिका हैं। पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम कराने के बाद उसे परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस अधिकारियों के अनुसार, पोस्टमॉर्टम रिपोर्ट और अन्य उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर मौत के सही कारणों की जांच की जा रही है। मामले के सभी पहलुओं पर गहनता से छानबीन जारी है।
कानपुर के बिठूर थाना क्षेत्र में पड़ोस की नाबालिग किशोरी को भगाकर ले जाने के मामले ने शनिवार को नया मोड़ ले लिया। आरोपी युवक के परिजनों ने पुलिस पर पूछताछ के दौरान मारपीट करने का आरोप लगाया है। वहीं पुलिस ने इन आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा कि पूछताछ के दौरान किसी तरह की मारपीट नहीं की गई। पुलिस का दावा है कि एक युवक ने पुलिस का नाम लेकर परिवार से रुपये वसूले और बाद में उनका वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। फिलहाल वायरल वीडियो और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। शुक्रवार रात पूछताछ के लिए चौकी ले गई थी पुलिस चक रतनपुर निवासी गंगा प्रसाद ने बताया कि उनका बेटा शनि पड़ोस की एक नाबालिग किशोरी को अपने साथ ले गया था। किशोरी के परिजनों की शिकायत पर शुक्रवार देर रात पुलिस उनके घर पहुंची और पूछताछ के लिए गंगा प्रसाद तथा उनकी पत्नी लक्ष्मी देवी को मंधना चौकी ले गई। परिजनों का आरोप है कि चौकी में उनसे मारपीट की गई और शनिवार सुबह उन्हें छोड़ा गया। मारपीट का वीडियो वायरल, पुलिस ने बताया वसूली का मामला शनिवार दोपहर गंगा प्रसाद और उनकी पत्नी का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ, जिसमें दोनों मंधना चौकी प्रभारी और अन्य पुलिसकर्मियों पर मारपीट का आरोप लगाते नजर आए। वीडियो वायरल होने के बाद मामला चर्चा में आ गया। हालांकि पुलिस का कहना है कि शुभ्रांत पाल नामक युवक ने गंगा प्रसाद से यह कहकर 10 हजार रुपये मांगे कि पुलिस उन्हें परेशान नहीं करेगी। आरोप है कि उसने सात हजार रुपये लेने के बाद परिवार का वीडियो भी बना लिया और उसे सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया। शुभ्रांत पाल पर मुकदमा, सभी पहलुओं की जांच पुलिस के मुताबिक, गंगा प्रसाद की तहरीर पर शुभ्रांत पाल के खिलाफ संबंधित धाराओं में मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। अधिकारियों का कहना है कि वायरल वीडियो, रुपये वसूली के आरोप और पुलिस पर लगाए गए मारपीट के आरोप सहित पूरे मामले की जांच की जा रही है। जांच के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।
राष्ट्रीय पल्स पोलियो अभियान के तहत मंदसौर जिले में 28 जून को 0 से 5 वर्ष आयु वर्ग के 1 लाख 57 हजार 194 बच्चों को पोलियो की खुराक पिलाई जाएगी। इस अभियान के लिए जिलेभर में 1212 पोलियो बूथ स्थापित किए गए हैं, जहां 2810 वैक्सीनेटर बच्चों को पोलियो की दवा पिलाने का कार्य करेंगे। अभियान के प्रति आमजन को जागरूक करने के उद्देश्य से शनिवार को इंदिरा गांधी जिला चिकित्सालय परिसर से एक विशाल जन-जागरूकता रैली निकाली गई। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चौहान और सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. रावत ने रैली को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। यह रैली शहर के प्रमुख मार्गों से गुजरी। इसमें जिला चिकित्सालय के चिकित्सक, विषय विशेषज्ञ, सुंदरलाल पटवा शासकीय चिकित्सा महाविद्यालय के प्राध्यापक, शासकीय नर्सिंग कॉलेज के ट्यूटर, नर्सिंग छात्र-छात्राएं, आशा कार्यकर्ता और स्वास्थ्य विभाग के अधिकारी-कर्मचारी शामिल थे। रैली के प्रतिभागियों ने दो बूंद हर बार, पोलियो पर जीत रहे बरकरार जैसे जागरूकता नारों के माध्यम से लोगों को पल्स पोलियो अभियान में सक्रिय सहभागिता के लिए प्रेरित किया। जिला टीकाकरण अधिकारी डॉ. सुरेश सोलंकी ने जानकारी दी कि अभियान की सभी तैयारियां पूरी कर ली गई हैं। जिले के सभी पोलियो बूथों पर आवश्यक व्यवस्थाएं सुनिश्चित की गई हैं। मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी डॉ. गोविंद सिंह चौहान और सिविल सर्जन डॉ. बी.एल. रावत ने जिले के सभी अभिभावकों से अपील की है। उन्होंने कहा कि 28 जून को अपने 0 से 5 वर्ष तक के प्रत्येक बच्चे को निकटतम पोलियो बूथ पर ले जाकर 'दो बूंद जिंदगी की' अवश्य पिलवाएं। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी बच्चा पोलियो जैसी गंभीर बीमारी से सुरक्षा के इस महत्वपूर्ण अभियान से वंचित न रहे।
प्रतापगढ़ में आंगनबाड़ी सहायिकाओं की भर्ती प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े हो गए हैं। विकास खंड बाबा बेलखरनाथ धाम की एक आंगनबाड़ी कार्यकत्री ने ब्लॉक कार्यालय के एक लिपिक पर एक लाख रुपये की रिश्वत लेने के बावजूद नियुक्ति न कराने का आरोप लगाया है। शिकायतकर्ता का दावा है कि अब रुपये वापस मांगने पर भी उसे लगातार टालमटोल किया जा रहा है। मरुआन गांव निवासी मालती यादव ने आरोप लगाया है कि उन्होंने अपनी दो बेटियों के लिए विकास खंड बाबागंज और मानधाता में आंगनबाड़ी सहायिका पद हेतु आवेदन किया था। इसी क्रम में बाल विकास परियोजना कार्यालय में उनकी मुलाकात लिपिक आनंद सिंह से हुई। मालती यादव के अनुसार, लिपिक आनंद सिंह ने उनकी दोनों बेटियों का चयन सुनिश्चित कराने का आश्वासन देकर उनसे एक लाख रुपये लिए थे। हालांकि, रुपये लेने के बाद भी उनकी बेटियों का चयन नहीं हो सका। जब मालती यादव ने लिपिक से संपर्क किया, तो उसने चयन न होने का कारण तकनीकी समस्या बताया और रुपये वापस करने का आश्वासन दिया। शिकायतकर्ता का कहना है कि पिछले एक महीने से लिपिक लगातार बहाने बनाकर टालमटोल कर रहा है। न्याय की आस में मालती यादव ने डीपीओ के कार्यालय विकास भवन पहुंचकर पूरे मामले की शिकायत दर्ज कराई। उनका दावा है कि डीपीओ ने संबंधित लिपिक को फटकार लगाई और तत्काल रुपये लौटाने के निर्देश दिए थे। इसके बावजूद, मालती यादव को अब तक उनके पैसे वापस नहीं मिले हैं। लिपिक द्वारा उन्हें यह आश्वासन दिया जा रहा है कि अगली भर्ती निकलने पर उनकी बेटियों का चयन करा दिया जाएगा। लिपिक आनंद सिंह ने आरोपों को निराधार बताया है। उनका कहना है कि महिला द्वारा उन पर फर्जी आरोप लगाए जा रहे हैं। जिला कार्यक्रम अधिकारी ज्योति शाक्य ने इस मामले पर मौखिक टिप्पणी करने से इनकार कर दिया। उन्होंने कहा कि वह इस संबंध में लिखित जवाब देंगी।
जींद जिले में नरवाना के नेहरू पार्क में शनिवार को संयुक्त निर्माण मजदूर मोर्चा के आह्वान पर निर्माण मजदूरों की एक विशाल पंचायत आयोजित की गई। इस पंचायत में बड़ी संख्या में मजदूरों ने भाग लिया और रजिस्ट्रेशन, नवीनीकरण, सत्यापन तथा विभिन्न कल्याणकारी योजनाओं के लाभ में आ रही परेशानियों पर रोष व्यक्त किया। विरोध प्रदर्शन के अंत में, मजदूरों ने सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए मुख्यमंत्री और श्रम मंत्री की प्रतीकात्मक शवयात्रा निकाली और पुतला दहन किया। कार्यक्रम की अध्यक्षता सीटू के सुभाष धीमान और इंटक के सतीश सुंदरपुर ने की। भवन निर्माण कामगार यूनियन के जिला सचिव संदीप जाजवान ने इसका संचालन किया। बंद पड़ा पोर्टल खोलना, मजदूरों की बड़ी जीत पंचायत को संबोधित करते हुए संयुक्त मोर्चा के नेता धर्मबीर लोहान, सीटू जिला उपाध्यक्ष कपूर सिंह और इंटक जिला प्रधान सतीश बड़ौदा ने कहा कि मजदूरों के लगातार संघर्ष के कारण सरकार को बंद पड़ा पोर्टल दोबारा खोलना पड़ा। इसे मजदूरों की बड़ी जीत बताया गया। हालांकि, नेताओं ने आरोप लगाया कि पोर्टल खुलने के बावजूद तकनीकी खामियों और प्रशासनिक लापरवाही के कारण मजदूरों को योजनाओं का लाभ नहीं मिल पा रहा है। श्रमिक नेताओं ने बताया कि हजारों मजदूर मातृत्व सहायता, शिक्षा सहायता, विवाह अनुदान और पेंशन जैसी कल्याणकारी योजनाओं से वंचित हैं। किसान सभा ने किया मजदूरों के आंदोलन का समर्थन उन्हें इन लाभों के लिए बार-बार सरकारी कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। किसान सभा के राज्य अध्यक्ष मास्टर बलबीर सिंह ने भी पंचायत को संबोधित करते हुए आंदोलन का समर्थन किया और सरकार पर मजदूर, किसान व छोटे व्यापारियों की अनदेखी का आरोप लगाया। पंचायत में सभी लंबित आवेदनों का शीघ्र निपटारा करने और पात्र मजदूरों को बिना किसी भेदभाव के योजनाओं का लाभ देने की मांग की गई। साथ ही चेतावनी दी गई कि यदि उनकी समस्याओं का जल्द समाधान नहीं हुआ, तो 21 जुलाई को जींद में विधानसभा डिप्टी स्पीकर कृष्ण मिड्ढा के आवास का घेराव किया जाएगा।
बागपत के सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र में 3 वर्षीय बच्ची से दुष्कर्म के मामले में भारतीय किसान यूनियन (तोमर गुट) ने कार्रवाई की मांग की है। यूनियन ने शनिवार दोपहर अपने कैंप कार्यालय पर एक प्रेस वार्ता कर मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराने और पीड़ित परिवार को आर्थिक सहायता देने की मांग की। यह घटना 15 जून को सिंघावली अहीर थाना क्षेत्र के एक गांव में हुई थी। पुलिस ने मामला दर्ज कर नाबालिग आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। इस मामले में लगातार विरोध प्रदर्शन हो रहे हैं और पीड़ित परिवार न्याय की मांग कर रहा है। बच्ची को आर्थिक मदद देने की बात कही भारतीय किसान यूनियन के राष्ट्रीय अध्यक्ष संजीव तोमर ने प्रेस वार्ता में बताया कि इस मामले में जिलाधिकारी (डीएम) और पुलिस अधीक्षक (एसपी) को ज्ञापन सौंपा जा चुका है। उनकी मांगों में पीड़ित परिवार को 50 लाख रुपये की आर्थिक सहायता, बच्ची के 18 वर्ष की होने तक उसकी पढ़ाई और शादी का खर्च सरकार द्वारा वहन करना, और मामले की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में कराना शामिल है। उन्होंने दोषी की उम्र की जांच की भी मांग की। संजीव तोमर ने चेतावनी दी कि यदि इन मांगों पर कार्रवाई नहीं होती है, तो 29 जून को लखनऊ कूच किया जाएगा और मुख्यमंत्री कार्यालय का घेराव किया जाएगा।
श्रावस्ती में फोन पर मिली अवैध कब्जे की शिकायत:डीएम-एसपी ने जांच के दिए सख्त निर्देश
श्रावस्ती जनपद में शनिवार को आमजन की समस्याओं के त्वरित निस्तारण के उद्देश्य से थाना गिलौला परिसर में समाधान दिवस का आयोजन हुआ। जिलाधिकारी अन्नपूर्णा गर्ग और पुलिस अधीक्षक राहुल भाटी ने इसकी अध्यक्षता की। इस दौरान बड़ी संख्या में फरियादी अपनी शिकायतें लेकर पहुंचे, जिन्हें अधिकारियों ने गंभीरता से सुना। समाधान दिवस के दौरान, तिलकपुर, गिलौला निवासी अनिल कुमार त्रिपाठी ने फोन पर ही जिलाधिकारी को बंजर भूमि पर अवैध कब्जे की शिकायत की। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जिलाधिकारी ने तत्काल राजस्व और पुलिस विभाग की एक संयुक्त टीम को मौके पर भेजकर जांच करने और नियमानुसार कार्रवाई करने के निर्देश दिए। जिलाधिकारी ने उपस्थित अधिकारियों को निर्देश दिए कि समाधान दिवस में प्राप्त शिकायतों का निस्तारण समयबद्ध, निष्पक्ष और गुणवत्तापूर्ण ढंग से किया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि भूमि विवादों से संबंधित मामलों में राजस्व और पुलिस की संयुक्त टीम मौके पर जाकर समस्या का समाधान सुनिश्चित करे। साथ ही, फरियादियों के साथ शालीन और संवेदनशील व्यवहार करने के भी निर्देश दिए गए। उन्होंने विशेष रूप से कहा कि बालिकाओं और महिलाओं से संबंधित शिकायतों का निस्तारण प्राथमिकता के आधार पर किया जाए। इसका उद्देश्य पीड़ितों को शीघ्र न्याय दिलाना और उनमें सुरक्षा की भावना बनाए रखना है। पुलिस अधीक्षक ने थानाध्यक्ष को निर्देशित किया कि प्रत्येक शिकायत पर तुरंत संज्ञान लेते हुए मौके पर जांच की जाए। कार्रवाई पूरी होने के बाद शिकायतकर्ता को फोन या अन्य माध्यम से सूचित किया जाए। उन्होंने यह भी कहा कि शासन की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत किसी भी स्तर पर लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस अवसर पर उपजिलाधिकारी रवेंद्र कुमार, क्षेत्राधिकारी आलोक सिंह, थानाध्यक्ष गिलौला, संबंधित राजस्व निरीक्षक, लेखपाल, बीट निरीक्षक, बीट कांस्टेबल सहित अन्य अधिकारी और बड़ी संख्या में फरियादी उपस्थित रहे।
हरदोई पुलिस की क्राइम ब्रांच में तैनात हेड कांस्टेबल सागर चौधरी पर दूसरी शादी, प्रताड़ना और जान से मारने की धमकी देने का आरोप लगाते हुए उनकी पत्नी अंशु चौधरी शनिवार, 27 जून को अपने 11 वर्षीय बेटे के साथ पुलिस अधीक्षक कार्यालय पहुंचीं। बुलंदशहर निवासी अंशु चौधरी ने बताया कि वह वर्ष 2021 से न्याय के लिए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारियों के चक्कर लगा रही हैं, लेकिन अब तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि इस बार भी सुनवाई नहीं हुई तो वह एसपी कार्यालय परिसर में ही भूख हड़ताल करेंगी और न्याय न मिलने पर आत्महत्या कर लेंगी, जिसकी जिम्मेदारी पुलिस प्रशासन और आरोपी पक्ष की होगी। महिला का आरोप है कि वर्ष 2013 में उनकी शादी सागर चौधरी से हिंदू रीति-रिवाज से हुई थी। शादी के कुछ समय बाद से ही पति और ससुराल पक्ष ने उन्हें मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित करना शुरू कर दिया था। वर्ष 2021 में एक फोन कॉल से उन्हें जानकारी मिली कि सागर चौधरी ने बिना वैधानिक तलाक लिए लखीमपुर खीरी निवासी पारुल पांडेय से दूसरी शादी कर ली है और उनसे एक बच्ची भी है। अंशु चौधरी के अनुसार, दूसरी शादी का विरोध करने पर उन्हें गालियां दी गईं, जान से मारने की धमकियां मिलीं और उन पर तथा उनके बेटे पर हमला भी कराया गया। उन्होंने एसएसपी, डीएम और अन्य वरिष्ठ अधिकारियों को कई शिकायती पत्र दिए। मीडिया में मामला आने के बाद सागर चौधरी को कुछ समय के लिए निलंबित भी किया गया था, लेकिन बाद में उन्हें और उनके बेटे को लगातार धमकियां मिलती रहीं। महिला ने यह भी आरोप लगाया कि इस तनाव के कारण उनके पिता की मौत हो गई, जबकि उनकी मां को ब्रेन हैमरेज हो गया। उन्होंने बताया कि 24 जून को उन्हें बयान दर्ज कराने के लिए बुलाया गया था, लेकिन घंटों इंतजार के बाद भी बयान नहीं लिया गया और वे एसपी से भी मुलाकात नहीं कर सकीं। अंशु चौधरी ने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच, कॉल डिटेल की पड़ताल और सभी नामजद आरोपियों के खिलाफ कानूनी व विभागीय कार्रवाई की मांग की है।
द्वितीय ज्येष्ठ शुक्ल पक्ष त्रयोदशी के पावन अवसर पर बाड़मेर जिले के जसोल स्थित श्री राणी भटियाणी मंदिर में शनिवार को सुबह मंगला आरती के साथ ही श्रद्धालुओं का सैलाब उमड़ पड़ा। राजस्थान के अलावा गुजरात, मध्यप्रदेश, हरियाणा और देश के अन्य राज्यों से पहुंचे हजारों श्रद्धालुओं ने अनुशासित कतारों में खड़े होकर मां जसोल के दर्शन किए। पूरे दिन मंदिर परिसर जय मां जसोल और जय श्री राणीसा भटियाणीसा की के जयघोष से भक्तिमय माहौल में डूबा रहा। त्रयोदशी के विशेष अवसर पर बड़ी संख्या में नवविवाहित जोड़े भी मंदिर पहुंचे। उन्होंने मां राणी भटियाणी के चरणों में शीश नवाकर सुख-समृद्धि, अखंड सौभाग्य, उत्तम स्वास्थ्य और खुशहाल वैवाहिक जीवन की कामना की। श्रद्धालुओं ने श्री बायोसा, श्री सवाई सिंह जी, श्री लाल बन्ना सा, श्री खेतलाजी और श्री काला-गोरा भैरूजी के मंदिरों में भी पूजा-अर्चना कर परिवार की सुख-शांति और समृद्धि की प्रार्थना की। कन्या पूजन के साथ विश्व कल्याण की हुई प्रार्थना मंदिर संस्थान की ओर से त्रयोदशी पर विशेष धार्मिक आयोजन करते हुए जसोल सर्वसमाज की कन्याओं का वैदिक मंत्रोच्चार के बीच विधिवत पूजन किया गया। कन्याओं को फल, प्रसाद और अन्नपूर्णा प्रसादी भेंट की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने मातृशक्ति के सम्मान और भारतीय संस्कृति की इस परंपरा की सराहना करते हुए इसे समाज के लिए प्रेरणादायी बताया। भव्य रात्रि जागरण में भजनों से गूंजा मंदिर परिसर त्रयोदशी की पूर्व संध्या पर आयोजित भव्य रात्रि जागरण में स्थानीय भजन कलाकारों ने मां जसोल और अन्य देवालयों की महिमा का गुणगान किया। पूरी रात श्रद्धालु भजनों और जयकारों के बीच भक्ति में लीन रहे। मंदिर परिसर देर रात तक भक्तिरस से सराबोर नजर आया। श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए शुरू हुई प्रसाद टोकन प्रणाली त्रयोदशी के मौके पर श्री राणी भटियाणी मंदिर संस्थान ने श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए नई प्रसाद टोकन प्रणाली की शुरुआत की। इस व्यवस्था के तहत श्रद्धालु प्रसाद अर्पित करने के बाद उसे निर्धारित काउंटर पर जमा कर सकेंगे, जहां उन्हें क्रमांकित टोकन दिया जाएगा। सभी देवालयों के दर्शन करने के बाद निकासी द्वार पर बने काउंटर से टोकन दिखाकर अपना प्रसाद सुरक्षित और आसानी से प्राप्त कर सकेंगे। प्रसाद सुरक्षित रहेगा, दर्शन होंगे और भी आसान संस्थान के प्रवक्ता कुंवर हरिशचंद्र सिंह जसोल ने बताया कि प्रतिदिन बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के आने से प्रसाद को सुरक्षित रखने और वापस लेने में कई बार परेशानी होती थी। इसी समस्या को दूर करने के लिए टोकन प्रणाली लागू की गई है। इससे प्रसाद गुम होने जैसी समस्याओं पर रोक लगेगी और श्रद्धालु बिना किसी चिंता के पूरी श्रद्धा के साथ दर्शन कर सकेंगे। उन्होंने बताया कि मंदिर संस्थान समय-समय पर श्रद्धालुओं की जरूरतों के अनुसार नई व्यवस्थाएं विकसित करता रहा है। आगे भी आधुनिक सुविधाओं का विस्तार, सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने और दर्शन प्रक्रिया को और अधिक सरल बनाने की दिशा में लगातार काम किया जाएगा। मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं के लिए आधुनिक सुविधाओं का इंतजाम मंदिर संस्थान ने श्रद्धालुओं की सुविधा और सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए व्यापक व्यवस्थाएं की हैं। परिसर में साइन सिस्टम, मिस्टिंग सिस्टम, बड़े छायादार शेड, शीतल पेयजल, सीसीटीवी निगरानी, पब्लिक अनाउंसमेंट सिस्टम, भोजन प्रसादी, विश्राम स्थल, दिव्यांग और वरिष्ठ नागरिकों के लिए व्हीलचेयर, अलग दर्शन पंक्ति, प्रशिक्षित सुरक्षा कर्मियों की तैनाती तथा पर्याप्त निःशुल्क पार्किंग जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई गई हैं। इन व्यवस्थाओं के कारण दूर-दराज से आने वाले श्रद्धालुओं को सुगम और व्यवस्थित दर्शन का लाभ मिल रहा है। कई श्रद्धालुओं ने मंदिर प्रबंधन की व्यवस्थाओं की सराहना करते हुए इसे भक्त सेवा का उत्कृष्ट उदाहरण बताया। विशेष पूजन में भक्तों और राष्ट्र के कल्याण की कामना त्रयोदशी के अवसर पर मंदिर संस्थान की ओर से मां राणी भटियाणी के श्रीचरणों में विशेष पूजा-अर्चना की गई। इस दौरान श्रद्धालुओं के सुख, शांति, समृद्धि, उत्तम स्वास्थ्य, पारिवारिक खुशहाली और राष्ट्र के कल्याण की मंगलकामना की गई। संध्याकालीन आरती का होगा लाइव प्रसारण मंदिर संस्थान ने बताया कि त्रयोदशी के अवसर पर आयोजित होने वाली संध्याकालीन आरती का सीधा प्रसारण संस्थान के आधिकारिक डिजिटल प्लेटफॉर्म पर किया जाएगा। इससे देश-विदेश में रहने वाले भक्त घर बैठे मां जसोल की आरती और दर्शन का लाभ ले सकेंगे। इसके अलावा त्रयोदशी की रात्रि में मां जसोल को समर्पित भव्य रात्रि जागरण और सभी देवालयों में पारंपरिक रात्रि जोगा का भी आयोजन श्रद्धापूर्वक किया जाएगा।
महोबा के शिवहार में जल अर्पण समारोह:ग्रामीणों को सौंपी गई पेयजल व्यवस्था, पानी के लिए कतारें खत्म
बुंदेलखंड के महोबा जिले का शिवहार गांव अब 'जल अर्पण ग्राम' बन गया है। राष्ट्रीय जल जीवन मिशन के निदेशक कमल किशोर सोन ने गाँव में 'हर घर जल योजना' का काम पूरा होने पर इसे ग्रामीणों को समर्पित किया। इस अवसर पर जल अर्पण और जल बंधन कार्यक्रम का आयोजन किया गया। अब इस जलापूर्ति व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी ग्राम पंचायत संभालेगी। महोबा के कबरई विकास खंड के शिवहार गांव के उच्च कन्या प्राथमिक विद्यालय में आयोजित जल अर्पण समारोह में राष्ट्रीय जल शक्ति मंत्रालय के अतिरिक्त सचिव और मिशन निदेशक कमल किशोर सोन पहुंचे। उन्होंने वॉटर ट्रीटमेंट प्लांट, पाइपलाइन, ओवरहेड टैंक और घरेलू नल कनेक्शनों का निरीक्षण कर पानी की गुणवत्ता का जायजा लिया। मिशन निदेशक ने बताया कि देश की सभी सिंगल विलेज योजनाओं को मार्च 2027 तक और बड़ी बहु-ग्राम योजनाओं को दिसंबर 2028 तक अनिवार्य रूप से पूरा करने का लक्ष्य है। इसका उद्देश्य अगले 25 से 30 साल तक हर परिवार को शुद्ध पेयजल उपलब्ध कराना है। योजना पूरी होने के बाद अब गाँव में जलापूर्ति की जिम्मेदारी ग्राम पंचायत और ग्रामीणों को सौंप दी गई है। अधिकारियों ने ग्रामीणों को जल के महत्व को समझाते हुए पानी की बर्बादी रोकने और भविष्य के लिए जल संचयन करने की अपील की। इस दौरान जल संरक्षण को लेकर ग्रामीणों को शपथ भी दिलाई गई। कार्यक्रम के दौरान जल जीवन मिशन के डायरेक्टर वाई के सिंह ने भी जल संरक्षण पर जोर दिया। इस मौके पर सांस्कृतिक कार्यक्रमों और आल्हा गायन के जरिए लोगों को स्वच्छ जल के प्रति जागरूक किया गया। साथ ही पानी की गुणवत्ता जाँचने वाली एफटीके (फील्ड टेस्ट किट) महिलाओं को सर्टिफिकेट देकर सम्मानित किया गया। ग्रामीणों और स्कूली बच्चों ने सरकार का आभार व्यक्त किया। 'हर घर जल' योजना लागू होने से पहले शिवहार गांव में पानी की गंभीर समस्या थी, जिसके कारण ग्रामीण महिलाओं को पानी के लिए लंबी कतारों में खड़ा होना पड़ता था। पहले दूर से पानी ढोना पड़ता था। लेकिन अब घर-घर नल लगने से बच्चे समय पर स्कूल पहुंच रहे हैं। कार्यक्रम की शुरुआत में स्कूली बच्चों ने प्रभात फेरी निकालकर स्वच्छता का संदेश दिया और नलों पर राखी बांधकर जल बंधन के जरिए जल संरक्षण का संकल्प लिया।
बरेली में बदायूं रोड पर कृष्णा कॉम्प्लेक्स में चल रही एक्सप्लोर डिजिटल लाइब्रेरी को BDA की टीम ने शनिवार को सील कर दिया। यह लाइब्रेरी बेसमेंट में संचालित की जा रही थी। बेसमेंट में जाने का रास्ता किसी गुफा से कम नहीं था। अगर वहां कोई हादसा हो जाए, तो बाहर निकलना बेहद मुश्किल हो सकता है। ऐसी जगह पर लाइब्रेरी चलाकर बच्चों की जिंदगी से खिलवाड़ किया जा रहा था। 5 हजार स्क्वॉयर फीट में बनी है लाइब्रेरीएक्सप्लोर डिजिटल लाइब्रेरी करीब 5 हजार स्क्वॉयर फीट में बनी हुई है, जिसमें बेहद सकरी सीढ़ियों से होकर जाना पड़ता है। सीढ़ियां ऐसी हैं कि एक समय में सिर्फ एक ही बच्चा ऊपर-नीचे आ-जा सकता है। ऐसी जगह पर लाइब्रेरी संचालित होती मिलने पर अधिकारियों ने बिना किसी देरी के तत्काल उसे सील कर दिया। टीम के पहुंचने से पहले संचालक ताला लगाकर हुआ फरारपुलिस, प्रशासन, फायर, BDA और शिक्षा विभाग की संयुक्त टीम शाम करीब 4 बजे जैसे ही सुभाषनगर थाना क्षेत्र के बदायूं रोड स्थित कृष्णा कॉम्प्लेक्स पहुंची, तो पता चला कि कुछ मिनट पहले ही लाइब्रेरी का संचालक ताला लगाकर फरार हो गया। इसके बाद टीम पीछे के रास्ते से बेसमेंट में पहुंची और निरीक्षण करने के बाद लाइब्रेरी को सील कर दिया। एफएसओ बोले- बिना सुरक्षा मानकों के बेसमेंट में चल रही थी लाइब्रेरीफायर विभाग के एफएसओ संजीव कुमार ने दैनिक भास्कर से खास बातचीत में बताया कि यह लाइब्रेरी बिना सुरक्षा मानकों के बेसमेंट में संचालित की जा रही थी, जिससे बच्चों की जिंदगी के साथ खिलवाड़ हो रहा था। उन्होंने बताया कि टीम के पहुंचने से पहले ही संचालक ताला लगाकर भाग गया। एफएसओ ने कहा कि नियमों के अनुसार बेसमेंट में डिजिटल लाइब्रेरी या कोचिंग सेंटर संचालित नहीं किए जा सकते।
अयोध्या राम मंदिर में चढ़ावे और चांदी की शिलाओं की चोरी का कथित मामला अब गरमाता जा रहा है। इस पूरे विवाद में अब एक नया मोड़ आ गया है, जिसने मामले को और ज्यादा सियासी बना दिया है। सिंधी सभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अशोक अंशवानी ने इस मामले में आरोप लगाने वाले राजू मनवानी के दावों पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उन्होंने शनिवार दोपहर 1 बजे प्रेस कॉन्फ्रेंस कर इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एसआईटी जांच कराने की मांग की है। अशोक अंशवानी का कहना है कि कुछ लोग जानबूझकर राम मंदिर तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट की छवि को खराब करने के लिए इस तरह का भ्रामक प्रचार कर रहे हैं। '200 चांदी की शिलाओं की चोरी का आरोप पूरी तरह गलत' सिंधी सभा के अध्यक्ष अशोक अंशवानी ने सीधे तौर पर राजू मनवानी के आरोपों को खारिज कर दिया है। 200 चांदी की शिलाओं की चोरी का जो दावा किया जा रहा है, वह तथ्यात्मक रूप से बिल्कुल गलत है। अब तक की गई किसी भी जांच में इस तरह की किसी चोरी की बात सामने नहीं आई है। अंशवानी ने आरोप लगाने वाले की बैकग्राउंड पर भी सवाल उठाए और कहा कि राजू मनवानी पहले कई राजनीतिक दलों से जुड़े रहे हैं और उन पर आपराधिक मामले भी दर्ज हैं। इसलिए उनके दावों की पूरी सच्चाई सामने आना जरूरी है। चंदे का पूरा हिसाब हो सार्वजनिक मामले को पूरी तरह साफ करने के लिए सिंधी सभा ने एक और बड़ी मांग रखी है। राष्ट्रीय अध्यक्ष का कहना है,कि राम मंदिर निर्माण के लिए देश ही नहीं, बल्कि विदेशों से भी भारी मात्रा में चंदा और दान मिला है। ऐसे में इस पूरे चंदे का विवरण सार्वजनिक किया जाना चाहिए। अगर कहीं भी किसी तरह की गड़बड़ी या अनियमितता हुई है, तो उसकी निष्पक्ष जांच हो ताकि सच जनता के सामने आ सके और दूध का दूध व पानी का पानी हो जाए। सिंधी समाज की आस्था हुई आहतअशोक अंशवानी ने कहा कि, इस तरह के बेबुनियाद विवादों और गंभीर आरोपों के कारण सिंधी समाज की धार्मिक भावनाएं और आस्था बहुत आहत हुई हैं। पूरा समाज चाहता है कि इस संवेदनशील मामले में राजनीति बंद हो और एक उच्च स्तरीय निष्पक्ष जांच के जरिए सारे तथ्यों को साफ-साफ देश के सामने रखा जाए। गौरतलब है कि राम मंदिर के चढ़ावे को लेकर यह विवाद पहले से ही सुर्खियों में बना हुआ है, लेकिन सिंधी सभा के इस कड़े रुख के बाद अब मामले की निष्पक्ष जांच कराने की मांग और तेज हो गई है।
मिट्टी लदे डंपर की टक्कर से महिला की मौत:दवा लेने जा रही थीं, अवैध खनन को लेकर ग्रामीणों में आक्रोश
मऊ जिले के कोतवाली क्षेत्र के कोठिया गांव मोड़ पर शनिवार दोपहर करीब 2 बजे एक सड़क हादसे में 50 वर्षीय निर्मला देवी की मृत्यु हो गई। उन्हें मिट्टी लदे एक डंपर ने टक्कर मार दी। जानकारी के अनुसार, निर्मला देवी अपने घर से पैदल मुहम्मदाबाद गोहना दवा लेने जा रही थीं। कोठिया गांव मोड़ के पास पहुंचते ही पीछे से आ रहे तेज रफ्तार डंपर ने उन्हें टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि उनकी मौके पर ही मृत्यु हो गई। घटना की सूचना मिलते ही कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया। हादसे के बाद डंपर चालक वाहन सहित मौके से फरार हो गया। पुलिस उसकी तलाश में जुटी है और आसपास के मार्गों पर जांच कर रही है। पुलिस कर रही मामले की जांच दुर्घटना के बाद बड़ी संख्या में ग्रामीण कोतवाली पहुंचे। उन्होंने क्षेत्र में चल रहे कथित अवैध खनन को हादसे का मुख्य कारण बताते हुए नाराजगी व्यक्त की। ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि कोठिया गांव में कई दिनों से मिट्टी का अवैध खनन किया जा रहा था। ग्रामीणों के अनुसार, इस अवैध खनन की शिकायत कई बार संबंधित अधिकारियों से की गई थी, लेकिन कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई। उनका कहना था कि यदि समय रहते अवैध खनन और डंपरों के अनियंत्रित संचालन पर रोक लगाई गई होती तो यह हादसा टाला जा सकता था। मृतका निर्मला देवी अपने पीछे एक पुत्र और चार पुत्रियों का परिवार छोड़ गई हैं। घटना के बाद से परिजनों में शोक का माहौल है। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है और फरार डंपर चालक की तलाश जारी है।
पीलीभीत में भतीजे ने चाची को चाकू मारा, मौत:पारिवारिक विवाद के बाद वारदात को अंजाम दिया, आरोपी फरार
पीलीभीत में एक पारिवारिक विवाद के चलते भतीजे ने अपनी चाची की चाकू मारकर हत्या कर दी। यह घटना कोतवाली सदर क्षेत्र के मुहल्ला अशरफ खान में हुई, जिससे इलाके में दहशत फैल गई है। मुहल्ला अशरफ खान निवासी 30 वर्षीय निशा अपने पति सलीम की अनुपस्थिति में घर पर डेढ़ साल की बेटी के साथ अकेली थीं। इसी दौरान उनका भतीजा मोनिस घर आया। किसी पुरानी बात को लेकर दोनों के बीच कहासुनी हुई, जो जल्द ही मारपीट में बदल गई। विवाद बढ़ने पर मोनिस ने घर में रखा चाकू उठा लिया और निशा पर कई वार किए। उसने निशा की जांघ, पेट और हाथ की कलाई पर हमला किया। गंभीर रूप से घायल निशा ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। यह पूरी वारदात उनकी 8 महीने की बेटी के सामने हुई, जो आंगन में बैठी रोती रही। चीख-पुकार सुनकर पड़ोसी मौके पर पहुंचे, लेकिन तब तक आरोपी मोनिस वहां से फरार हो चुका था। स्थानीय लोगों ने तत्काल घटना की सूचना पुलिस को दी। प्रभारी निरीक्षक प्रमेंद्र कुमार ने बताया, “घटना की सूचना मिलते ही पुलिस टीम मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल भेजा गया, जहां डॉक्टरों ने महिला को मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में हत्या का कारण पारिवारिक रंजिश प्रतीत हो रहा है।” पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। आरोपी भतीजे मोनिस की गिरफ्तारी के लिए विभिन्न ठिकानों पर दबिश दी जा रही है। पुलिस का दावा है कि आरोपी को जल्द ही गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
श्रीगंगानगर में 13 साल की नाबालिग लड़की के साथ होटल में दिन-दहाड़े गैंगरेप करने के मामले से लोगों में आक्रोश है। शनिवार को जिला कांग्रेस कमेटी की ओर दी गंगानगर ट्रेडर्स एसोसिएशन भवन के मेन गेट पर धरना-प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने पुलिस प्रशासन और होटल संचालकों के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। जिला कांग्रेस अध्यक्ष व श्रीकरणपुर विधायक रूपिंदर सिंह कुन्नर समेत कई नेता व जनप्रतिधि धरने पर बैठे। कुन्नर ने कहा कि यह मामला न सिर्फ अमानवीय है बल्कि स्थानीय पुलिस और प्रशासन की नाकामी को भी उजागर करता है। आरोपियों को फांसी की सजा देनी चाहिए। एफआईआर के अनुसार- एक रिक्शा चालक ने नाबालिग को श्रीगंगानगर के होटल मालिकों को बेच दिया। आरोप है कि होटलों में बच्ची के साथ बार-बार रेप किया गया। जब भी बच्ची को दर्द होता, उसे शराब पिला दी जाती थी। दिन के समय भी 6 लोगों द्वारा दरिंदगी करवाई जाती थी। इन मांगों को लेकर कांग्रेस ने किया प्रदर्शन कांग्रेस ने चेतावनी दी कि यदि जल्द कार्रवाई नहीं हुई तो जिले के लोग पीड़ित को न्याय दिलाने के लिए बड़ा आंदोलन करेंगे। ऐसी स्थिति में जिला प्रशासन और राज्य सरकार की पूरी जिम्मेदारी होगी।
पन्ना में भालू के हमले से 65 वर्षीय महिला घायल:लहूलुहान हालत में 2 किमी चलकर बचाई जान
पन्ना जिले के पाठा गांव में शनिवार (27 जून) को एक 65 वर्षीय महिला भालू के हमले में गंभीर रूप से घायल हो गईं। हल्की बाई नामक इस महिला ने हमले के बाद करीब 2 किलोमीटर चलकर अपनी जान बचाई। जानकारी के अनुसार, पाठा निवासी हल्की बाई (पति लखन सिंह) शनिवार को जंगल में शौच के लिए गई थीं। तभी एक जंगली भालू ने उन पर हमला कर दिया। भालू ने महिला के सिर, हाथ, पैर और सीने पर कई वार किए, जिससे वह गंभीर रूप से घायल होकर बेहोश हो गईं। भालू उन्हें अचेत अवस्था में छोड़कर चला गया। होश में आने पर चलकर पहुंची रास्ते पर हल्की बाई की बहू प्रभा रानी ने बताया कि होश में आने के बाद, गंभीर चोटों और रक्तस्राव के बावजूद, वह उठकर करीब 2 किलोमीटर तक पैदल चलकर जंगल के बाहर मुख्य रास्ते तक पहुंचीं। वहां उन्होंने राहगीरों को घटना की जानकारी दी, जिन्होंने तुरंत उनके परिजनों को सूचित किया। परिजनों ने हल्की बाई को तुरंत जिला चिकित्सालय पन्ना में भर्ती कराया, जहां उनका इलाज चल रहा है। घटना की सूचना मिलने पर वन विभाग की टीम भी जिला अस्पताल पहुंची। विभाग ने महिला के इलाज की व्यवस्था की और उन्हें मौके पर ही प्राथमिक सहायता राशि प्रदान की।
मेरठ में एक युवती ने मेडिकल कॉलेज से जुड़े एक डॉक्टर पर शादी का झांसा देकर करीब 10 वर्षों तक यौन शोषण करने और चार बार गर्भपात कराने का गंभीर आरोप लगाया है। पीड़िता का कहना है कि उसने 14 जून को मेडिकल थाने में तहरीर दी थी, लेकिन दो महीने से पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की। शनिवार को उसने एडीजी और डीआईजी से मिलकर न्याय की गुहार लगाई। युवती का आरोप है कि शिकायत के बावजूद वह लगातार मेडिकल थाना और एसएसपी कार्यालय के चक्कर काट रही है, लेकिन अब तक कोई कार्रवाई नहीं हुई। इलाज के दौरान हुई पहचान, शादी का भरोसा देकर बनाए संबंध पीड़िता के अनुसार, वर्ष 2016 में वह पेट के संक्रमण के इलाज के लिए मेडिकल अस्पताल गई थी। इसी दौरान इलाज कर रहे डॉक्टर से उसकी पहचान हुई। आरोप है कि डॉक्टर ने उसका मोबाइल नंबर लेकर संपर्क बढ़ाया और शादी का वादा कर उसके साथ शारीरिक संबंध बनाए। युवती का कहना है कि जब भी वह शादी की बात करती, डॉक्टर किसी न किसी बहाने से बात टाल देता था। उसने आरोप लगाया कि डॉक्टर ने उससे करवा चौथ का व्रत भी रखवाया और दिन में किराए के मकान में पत्नी की तरह साथ रखता था, जबकि रात में उसे वापस घर भेज देता था। चार बार गर्भपात और मारपीट का आरोप युवती ने आरोप लगाया कि इस दौरान वह चार बार गर्भवती हुई, लेकिन डॉक्टर ने अपने परिजनों और परिचितों की मदद से हर बार उसका जबरन गर्भपात करा दिया। विरोध करने पर उसके साथ मारपीट की गई और जान से मारने की धमकी दी गई। पीड़िता का कहना है कि आरोपी डॉक्टर वर्तमान में गाजियाबाद में तैनात है और जब उसने शादी के लिए दबाव बनाया तो डॉक्टर ने साफ इनकार कर दिया। डॉक्टर ने आरोपों को बताया ब्लैकमेलिंग वहीं, आरोपी डॉक्टर ने सभी आरोपों से इनकार करते हुए कहा कि उन्हें ब्लैकमेल किया जा रहा है। उनका दावा है कि उन्हें कई बार रेप के मुकदमे में फंसाने की धमकी देकर पैसे लिए गए हैं और इसके संबंध में उनके पास साक्ष्य मौजूद हैं। डॉक्टर ने कहा कि वह भी अधिकारियों से मिलकर पूरे मामले की शिकायत करेंगे। जांच के बाद होगी आगे की कार्रवाई फिलहाल यह मामला शिकायत और प्रत्यारोपों का है। युवती ने पुलिस अधिकारियों से मुकदमा दर्ज कर कार्रवाई की मांग की है, जबकि डॉक्टर ने खुद को निर्दोष बताते हुए ब्लैकमेलिंग का आरोप लगाया है। मामले में पुलिस की ओर से जांच के बाद ही आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
संभल में परिक्रमा मार्ग याचिका हाईकोर्ट ने खारिज की:निर्माण का रास्ता हुआ साफ, समिति ने बांटी मिठाई
संभल में 24 कोसीय परिक्रमा मार्ग के निर्माण से संबंधित एक महत्वपूर्ण घटना हुई है। हाई कोर्ट ने निर्माण रोकने वाली याचिका खारिज कर दी है। 24 कोसीय मासिक परिक्रमा समिति ने इस फैसले का स्वागत किया और मिठाई बांटकर जश्न मनाया। इसे क्षेत्र के विकास और आस्था से जुड़ा एक सकारात्मक निर्णय बताया गया है। समिति के प्रतिनिधि राजकुमार शर्मा ने बताया कि परिक्रमा मार्ग के निर्माण कार्य को रोकने के उद्देश्य से माननीय हाई कोर्ट में एक रिट याचिका दायर की गई थी। अदालत ने मामले की सुनवाई के बाद इस याचिका को खारिज कर दिया। शर्मा के अनुसार, इस निर्णय से परिक्रमा मार्ग के निर्माण का मार्ग प्रशस्त हो गया है। समिति इस फैसले को धर्म और न्याय की जीत मान रही है। इसी खुशी में समिति के सदस्यों और श्रद्धालुओं ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर अपनी प्रसन्नता व्यक्त की। धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को मिलेगी गति रामलीला कमेटी के अध्यक्ष अनंत अग्रवाल ने इस बात की पुष्टि की कि संभल के किसी व्यक्ति द्वारा परिक्रमा मार्ग के निर्माण को रोकने के लिए हाई कोर्ट में याचिका दायर की गई थी। उन्होंने बताया कि अदालत ने अपने आदेश में स्पष्ट किया है कि यह कार्य किसी भी स्थिति में नहीं रोका जा सकता, क्योंकि यह संभल के विकास की मुख्यधारा से जुड़ा हुआ विषय है। अग्रवाल ने कहा कि हाई कोर्ट के इस निर्णय से परिक्रमा मार्ग को प्रशस्त और पक्का करने का कार्य अब आगे बढ़ सकेगा। उन्होंने हाई कोर्ट के प्रति आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह फैसला न केवल श्रद्धालुओं की लंबे समय से चली आ रही मांग को पूरा करता है, बल्कि इससे क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन और स्थानीय विकास को भी गति मिलेगी। परिक्रमा मार्ग के निर्माण से श्रद्धालुओं को सुविधाजनक आवागमन मिलेगा और क्षेत्र की धार्मिक पहचान भी मजबूत होगी। कार्यक्रम के दौरान समिति के पदाधिकारियों और उपस्थित लोगों ने एक-दूसरे को मिठाई खिलाकर फैसले का स्वागत किया। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब परिक्रमा मार्ग का निर्माण कार्य तेजी से पूरा होगा, जिससे श्रद्धालुओं और स्थानीय नागरिकों को इसका लाभ मिल सकेगा।
रेप पीड़िता को आर्थिक मदद मिलने के बाद उसे एक एफिडेविट पेश करना होगा। जिसमें लिखा जाएगा कि पीड़िता सहायता राशि लेने के बाद अपने बयान से न मुकरेगी और न ही आरोपी से समझौता करेगी। मध्य प्रदेश हाईकोर्ट ने प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज एक्ट (अनुसूचित जाति एवं अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम) के कथित दुरुपयोग से जुड़े एक मामले की सुनवाई करते हुए यह टिप्पणी की है। जस्टिस विशाल मिश्रा की एकलपीठ ने अपने फैसले में एससी-एसटी वर्ग की महिलाओं को दुष्कर्म के मामलों में मिलने वाली शासकीय आर्थिक सहायता का उल्लेख करते हुए कहा कि पीड़िता को यह स्पष्ट लिखना होगा कि वह अपने आरोपों पर कायम रहेगी, जिससे इस अधिनियम का दुरुपयोग न हो। पीड़िता ने कहा- चार साल बाद भी नहीं मिली पूरी राशि 18 जून को हाईकोर्ट में वर्ष 2022 के एक दुष्कर्म मामले की सुनवाई हुई थी, जिसकी आदेश प्रति अब सामने आई है। आदेश के अनुसार, जबलपुर के खमरिया थाना क्षेत्र की एसटी वर्ग की एक महिला ने अपने साथ दुष्कर्म की शिकायत दर्ज कराई थी। इसके बाद दुष्कर्म की धाराओं के साथ प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज एक्ट भी लगाया था। प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज एक्ट में प्रावधान है कि यदि अनुसूचित जाति या अनुसूचित जनजाति की किसी महिला के साथ दुष्कर्म का मामला दर्ज होता है, तो उसे सरकारी खजाने से 5 लाख रुपए की आर्थिक सहायता दी जाती है। पीड़िता का कहना है कि वर्ष 2022 से अब तक चार साल बीत चुके हैं, लेकिन उसे अभी तक केवल 75 हजार रुपए की आर्थिक सहायता मिली है। एफिडेविट देने पर ही मिलेगी शेष राशि जस्टिस विशाल मिश्रा ने कहा कि नियमों के अनुसार पीड़िता को लगभग 75 प्रतिशत राशि दी जानी चाहिए। हालांकि, इसके लिए उसे अपनी ओर से एक एफिडेविट देना होगा कि सहायता राशि लेने के बाद वह अपने बयान से नहीं मुकरेगी और न ही आरोपी से कोई समझौता करेगी। आदेश में यह भी कहा कि, पीड़िता को एफिडेविट में स्पष्ट लिखना होगा कि उसके आरोपों पर वह कायम रहेगी। यदि महिला 15 दिनों के भीतर ऐसा एफिडेविट प्रस्तुत कर देती है, तो शासन की ओर से उसे शेष राशि दे दी जाएगी। हालांकि, जस्टिस विशाल मिश्रा ने यह भी स्पष्ट किया कि यदि एफिडेविट प्रस्तुत नहीं किया जाता है, तो याचिकाकर्ता को यह राशि नहीं मिलेगी। हाईकोर्ट ने यह भी कहा यदि एफिडेविट देने के बाद महिला समझौता कर लेती है, बयान से मुकर जाती है या होस्टाइल हो जाती है, तो उसके खिलाफ आपराधिक प्रकरण दर्ज किया जाएगा और दी गई पूरी राशि की वसूली भी की जाएगी। तीन बार में दी जाती है पीड़िता को सहायता दरअसल, प्रिवेंशन ऑफ एट्रोसिटीज एक्ट में प्रावधान है कि एससी-एसटी वर्ग की दुष्कर्म पीड़िता को आर्थिक सहायता तीन चरणों में दी जाती है। पहली 50 प्रतिशत राशि मेडिकल परीक्षण में पुष्टि होने के बाद, 25 प्रतिशत राशि चार्जशीट दाखिल होने के बाद और शेष 25 प्रतिशत राशि ट्रायल समाप्त होने के बाद दी जाती है। जबलपुर की पीड़िता का कहना है कि उसे अभी तक केवल 75 हजार रुपए मिले हैं, जबकि उसे पूरी सहायता राशि मिलनी चाहिए। सरकार की ओर से पैनल वकील ने पीड़िता से एफिडेविट प्रस्तुत कराने की मांग की। कोर्ट को बताया गया कि पूर्व के कई मामलों में 75 प्रतिशत राशि मिलने के बाद पीड़िताएं अपने बयान से मुकर जाती हैं, समझौता कर लेती हैं या होस्टाइल हो जाती हैं। इस तर्क से अदालत सहमत हुई। कोर्ट के फैसले की यह है वजह दरअसल, कोर्ट के समक्ष कई ऐसे तथ्य भी रखे गए, जिनमें दुष्कर्म का मामला दर्ज होने के बाद मेडिकल रिपोर्ट आने और ट्रायल शुरू होने तक कथित पीड़िता को 75 प्रतिशत राशि मुआवजे के रूप में दे दी जाती है, लेकिन बाद में ट्रायल के दौरान महिला बयान से मुकर जाती है, जिससे आरोपी बरी हो जाता है। ऐसे मामलों में शासन के खजाने से खर्च की गई सार्वजनिक धनराशि व्यर्थ चली जाती है। इन सभी तथ्यों पर अदालत ने सहमति जताते हुए कहा कि अब पीड़िता से एफिडेविट लेना आवश्यक होगा, ताकि इस अधिनियम और जनता के पैसे का दुरुपयोग रोका जा सके।
सड़क हादसे की झूठी खबर देकर जालसाजी:साइबर ठगों ने व्यक्ति से 50 हजार रुपए ठगे, मुकदमा दर्ज
बस्ती के रुधौली थाना क्षेत्र में साइबर ठगों ने एक व्यक्ति को सड़क दुर्घटना की झूठी सूचना देकर 50 हजार रुपये की ऑनलाइन ठगी की। पीड़ित की शिकायत पर पुलिस ने अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। यह घटना 14 जून 2026 को हुई। पीड़ित को एक अज्ञात नंबर से कॉल आई, जिसमें बताया गया कि उसके दामाद अवधेश सिंह का प्रयागराज में सड़क हादसा हो गया है। कॉल करने वाले ने तत्काल इलाज के लिए पंकज साहू के क्यूआर कोड पर 50 हजार रुपये भेजने को कहा। घबराहट में पीड़ित ने बिना किसी सत्यापन के दो अलग-अलग लेनदेन के माध्यम से 25-25 हजार रुपये, कुल 50 हजार रुपये ऑनलाइन भेज दिए। कुछ देर बाद जब पीड़ित ने अपने दामाद से फोन पर बात की, तो पता चला कि उनके साथ कोई दुर्घटना नहीं हुई थी। इसके बाद पीड़ित को अपने साथ हुई साइबर ठगी का एहसास हुआ। पीड़ित ने तत्काल शिकायत दर्ज कराई। साइबर सेल की जांच में सामने आया कि ठग खाते से पूरी धनराशि निकाल चुके थे। इस संबंध में 26 जून 2026 को रात 10:31 बजे रुधौली थाने में अज्ञात साइबर ठगों के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है। पुलिस आरोपियों की पहचान कर उनकी गिरफ्तारी के प्रयास कर रही है।
रामपुर के मिलक में शनिवार को हुए एक सड़क हादसे में बरेली की एक 30 वर्षीय महिला की मौत हो गई। इस दुर्घटना में महिला का पति और तीन वर्षीय बेटा गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, बरेली के शाही थाना क्षेत्र के चकदा भगवतीपुर गांव निवासी सलीम अपनी पत्नी रुकसाना और दो बच्चों के साथ संभल स्थित अपनी ससुराल जा रहे थे। वे रुकसाना के भाई नदीम के नवजात बेटे के छठी समारोह में शामिल होने के लिए सुबह 11 बजे बाइक से निकले थे। दोपहर करीब 1 बजे जब परिवार मिलक के लोहा गांव स्थित हाईवे पर पहुंचा, तभी पीछे से आ रहे एक तेज रफ्तार अज्ञात वाहन ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि रुकसाना की मौके पर ही मृत्यु हो गई। इस हादसे में पति सलीम और उनका तीन वर्षीय बेटा असद गंभीर रूप से घायल हो गए, जबकि दूसरा 2 बर्षीय मासूम बेटा अरसान बाल-बाल बच गया। राहगीरों और पुलिस की मदद से सभी घायलों को तुरंत मिलक के सरकारी अस्पताल ले जाया गया। वहां डॉक्टरों ने रुकसाना को मृत घोषित कर दिया। सलीम और उनके बेटे असद की गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें हायर सेंटर रेफर कर दिया गया। फिलहाल, दोनों का इलाज बरेली के एक निजी अस्पताल में चल रहा है, जहां असद की हालत नाजुक बताई जा रही है। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेजने की तैयारी करने लगी। इसी बीच संभल से मृतका के मायके वाले भी मिलक पहुंच गए। परिजनों ने शव का पोस्टमार्टम कराने से इनकार कर दिया, जिससे मौके पर काफी देर तक असमंजस की स्थिति बनी रही। लगभग दो घंटे तक पुलिस की समझाइश के बाद, शाम करीब साढ़े 4 बजे परिजन पोस्टमार्टम के लिए राजी हो गए। इसके बाद पुलिस ने शव को पोस्टमार्टम के लिए जिला अस्पताल भेज दिया।
पलवल में साइबर ठगी का आरोपी गिरफ्तार:फर्जी सिम और खातों से करता था धोखाधड़ी, पुलिस कर रही पूछताछ
पलवल साइबर क्राइम थाना पुलिस ने ऑनलाइन धोखाधड़ी करने वाले एक शातिर ठग को गिरफ्तार किया है। आरोपी की पहचान हथीन के चिल्ली गांव निवासी जाफरान के रूप में हुई है। वह फर्जी सिम कार्ड और खातों का उपयोग कर लोगों से ठगी करता था। साइबर क्राइम थाना प्रभारी नवीन कुमार ने बताया कि हवलदार निखिल कुमार के नेतृत्व में टीम हथीन बाइपास पर साइबर अपराधों की रोकथाम के लिए मौजूद थी। इसी दौरान गुप्त सूचना मिली कि जाफरान फर्जी खातों और सिम कार्ड का इस्तेमाल कर गाय, पेपर और गाड़ी बेचने के नाम पर ठगी करता है। छापेमारी में बरामद हुओ मोबाइल सूचना के आधार पर पुलिस टीम ने हथीन-पलवल रोड पर केएमपी पुल के पास छापेमारी कर जाफरान को काबू किया। तलाशी के दौरान उसके पास से एक ओप्पो कंपनी का मोबाइल फोन बरामद हुआ। फोन की जांच में दो फर्जी सिम कार्ड मिले। इनमें से एक सिम मध्य प्रदेश की एक महिला के नाम पर और दूसरी फिरोजपुर झिरका (नूंह) निवासी एक व्यक्ति के नाम पर पंजीकृत थी। फोन में संदिग्ध चैट और साइबर धोखाधड़ी से जुड़े साक्ष्य भी मिले। एनसीआरपी पोर्टल पर दर्ज थी शिकायत बरामद मोबाइल नंबर को राष्ट्रीय साइबर अपराध रिपोर्टिंग पोर्टल (एनसीआरपी) पर जांचा गया, तो उस पर पहले से ही एक साइबर शिकायत दर्ज पाई गई। पुलिस ने तकनीकी साक्ष्यों को कब्जे में लेकर आरोपी को गिरफ्तार कर लिया। थाना प्रभारी ने बताया कि मामले की गहनता से जांच, ठगी गई राशि की बरामदगी और अन्य नेटवर्क का खुलासा करने के लिए आरोपी को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड पर लेने की प्रक्रिया की जा रही है। पुलिस का कहना है कि साइबर ठगी के नेटवर्क से जुड़े किसी भी आरोपी को बख्शा नहीं जाएगा।
डूंगरपुर जिले के चौरासी थाना क्षेत्र के सांसरपुर गांव में कक्षा 9 के 13 वर्षीय छात्र ने घर के पास स्थित पड़साल में रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजन उसे तत्काल जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। फिलहाल आत्महत्या के कारणों का खुलासा नहीं हो पाया है। पिता के अहमदाबाद से लौटने के बाद पोस्टमार्टम कर शव परिजनों को सौंप दिया गया, जबकि पुलिस मामले की जांच में जुटी है। घर के पास पड़साल में लगाया फंदा चौरासी थाने के एएसआई सुरेंद्र सिंह ने बताया कि सांसरपुर निवासी ईश्वर रोत ने इस संबंध में रिपोर्ट दर्ज कराई है। ईश्वर रोत अहमदाबाद में काम करते हैं। रिपोर्ट के अनुसार, घटना के समय उनकी पत्नी पानी भर रही थी और बेटी घर का काम कर रही थी। इसी दौरान पत्नी ने देखा कि उनके बेटे भावेश रोत ने घर के पास स्थित पड़साल में लोहे के एंगल से रस्सी का फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। अस्पताल पहुंचने से पहले ही हो चुकी थी मौत घटना का पता चलते ही परिजनों ने भावेश को फंदे से उतारकर तत्काल जिला अस्पताल पहुंचाया, लेकिन डॉक्टरों ने जांच के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सूचना मिलने पर पुलिस अस्पताल पहुंची और शव को मोर्चरी में रखवाया। पिता के आने के बाद हुआ पोस्टमार्टम पिता के अहमदाबाद से पहुंचने के बाद पुलिस ने पोस्टमार्टम की कार्रवाई पूरी कर शव परिजनों को सौंप दिया। पुलिस ने मामला दर्ज कर लिया है और आत्महत्या के कारणों का पता लगाने के लिए जांच शुरू कर दी है। फिलहाल घटना के पीछे की वजह स्पष्ट नहीं हो सकी है।
अमरकंटक में दो घंटे बारिश:अनूपपुर में निकली रही धूप, उमस बढ़ी; खरीफ बुवाई के लिए और बारिश का इंतजार
मध्यप्रदेश में मानसून के आने के बाद शनिवार दोपहर अनूपपुर जिले का मौसम बदल गया। जिला मुख्यालय अनूपपुर सहित जैतहरी, राजेंद्रग्राम, कोतमा, भालूमाड़ा और आसपास के ग्रामीण इलाकों में काले बादल छा गए और हल्की हवा चली। वहीं, अनूपपुर से 70 किलोमीटर दूर पवित्र नगरी अमरकंटक में दोपहर को दो घंटे तक झमाझम बारिश हुई, जिससे वहां का मौसम बेहद सुहाना हो गया। अमरकंटक में दोपहर 12 बजे से 2 बजे तक लगातार तेज बारिश हुई, जिससे नर्मदा मंदिर और आसपास का पूरा इलाका पानी-पानी हो गया। अमरकंटक के किसान इस बारिश को खरीफ की बुवाई के लिए बड़ी राहत मान रहे हैं। हालांकि, इसके उलट अनूपपुर जिला मुख्यालय में बारिश न होने से उमस और बढ़ गई है। यहां सुबह तेज धूप निकली थी, लेकिन दोपहर होते-होते आसमान में बादल छा गए। मौसम विभाग का अनुमान है कि रात में यहां भी पानी गिर सकता है। औसत से बहुत कम हुई है बारिश अधीक्षक भू-अभिलेख अधिकारी प्रदीप मोगरे ने बताया कि प्रदेश में अभी मानसून पूरी तरह सक्रिय नहीं हुआ है। पश्चिमी इलाकों में तो बारिश हो रही है, लेकिन अनूपपुर जिले में मानसून की अच्छी बारिश के लिए अभी थोड़ा और इंतजार करना होगा। उन्होंने बताया कि 27 जून तक अनूपपुर जिले में औसतन 155 से 160 मिलीमीटर (मीमी) वर्षा होनी चाहिए थी, लेकिन अब तक केवल 27.7 मीमी बारिश ही दर्ज की गई है, जो कि कोटे से करीब 125-130 मीमी कम है। पिछले 24 घंटे का आंकड़ा और बुवाई का लक्ष्य पिछले 24 घंटे में जिले में औसतन महज 1.4 मिलीमीटर वर्षा दर्ज की गई। इस दौरान अनूपपुर में 4.3 मीमी, वेंकटनगर में 2.4 मीमी और पुष्पराजगढ़ में 4.2 मीमी पानी गिरा। वहीं कोतमा, बिजुरी, जैतहरी, अमरकंटक और बेनीबारी में इस दौरान बिल्कुल भी पानी नहीं बरसा। बता दें कि इस साल जिले में 1 लाख 85 हजार हेक्टेयर में खरीफ की फसल बोने का लक्ष्य रखा गया है, जो अच्छी बारिश न होने की वजह से फिलहाल अटका हुआ है।
सिद्धार्थनगर में कोतवाली लोटन पुलिस ने कोर्ट के आदेश पर तीन फरार आरोपियों के खिलाफ उनके गांवों में मुनादी कराई। यह कार्रवाई गैर जमानती वारंट जारी होने के बावजूद आरोपियों के हाजिर न होने पर की गई। पुलिस ने शनिवार को आरोपियों के घरों और गांव के प्रमुख सार्वजनिक स्थलों पर न्यायालय की उद्घोषणा की प्रतियां चस्पा कीं। लाउडहेलर और डुगडुगी के माध्यम से पूरे गांव में उद्घोषणा की गई, जिससे ग्रामीणों को आरोपियों के फरार होने की जानकारी मिली। पुलिस के मुताबिक, कोतवाली लोटन में दर्ज मुकदमा संख्या 34/2026 में रामअवध पुत्र सुखलाल (निवासी गदहमरवा), रामजीत पुत्र काशी (निवासी कोल्हुआ) और भरत पुत्र प्रहलाद (निवासी कोल्हुआ छोटकाडीह) नामजद हैं। ये तीनों आरोपी लंबे समय से फरार चल रहे हैं। मामले की सुनवाई के दौरान उनकी लगातार अनुपस्थिति को गंभीरता से लेते हुए, मुख्य न्यायिक मजिस्ट्रेट, सिद्धार्थनगर ने उनके खिलाफ धारा 84 बीएनएसएस के तहत उद्घोषणा आदेश जारी किया था। न्यायालय के आदेश का पालन करते हुए, थानाध्यक्ष हरिओम कुशवाहा के नेतृत्व में एक पुलिस टीम संबंधित गांवों में पहुंची। टीम ने सबसे पहले आरोपियों के घरों पर उद्घोषणा की प्रतियां चस्पा कीं। इसके बाद, गांव के मिनी सचिवालय, अन्नपूर्णा भवन और अन्य सार्वजनिक स्थानों पर भी नोटिस लगाए गए, ताकि अधिक से अधिक लोगों को इसकी जानकारी मिल सके। पुलिसकर्मियों ने डुगडुगी बजाकर और लाउडहेलर के माध्यम से उद्घोषणा की, जिसमें आरोपियों को न्यायालय के समक्ष उपस्थित होने का निर्देश दिया गया। पुलिस ने यह भी चेतावनी दी कि यदि निर्धारित अवधि के भीतर आरोपी न्यायालय में हाजिर नहीं होते हैं, तो उनके खिलाफ अगली कानूनी कार्रवाई की जाएगी। पुलिस अधिकारियों ने बताया कि न्यायालय के आदेशों की अवहेलना किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं की जाएगी। कानून से बचने के लिए फरार चल रहे आरोपियों को हर हाल में न्यायालय के समक्ष उपस्थित होना होगा। अधिकारियों ने आगे कहा कि उद्घोषणा प्रक्रिया पूरी होने के बाद भी यदि आरोपी सामने नहीं आते हैं, तो उनके खिलाफ संपत्ति कुर्की सहित अन्य कठोर कानूनी कदम उठाए जा सकते हैं।
सीतापुर में धान की रोपाई के महत्वपूर्ण समय में बिजली संकट से परेशान किसानों का गुस्सा शनिवार दोपहर करीब 2 बजे झरेखापुर विद्युत उपकेंद्र पर फूट पड़ा। उलजापुर के समीप स्थित उपकेंद्र पर करीब 150 किसान एकत्र हुए। बिजली विभाग के खिलाफ प्रदर्शन करते हुए नियमित बिजली आपूर्ति की मांग की। किसानों का आरोप है कि विभागीय लापरवाही और ओवरलोड की समस्या के कारण उन्हें पर्याप्त बिजली नहीं मिल रही है, जिससे धान की रोपाई और गन्ने की सिंचाई प्रभावित हो रही है। किसानों ने बताया कि झरेखापुर उपकेंद्र पर स्थापित 5 एमवीए ट्रांसफार्मर की ट्रिपिंग क्षमता 300 तक है, जबकि धुलई और रिखोना दोनों फीडरों का संयुक्त लोड 320 से 330 तक पहुंच जाता है। अधिक लोड होने के कारण एमसीबी बार-बार ट्रिप कर जाती है, जिससे बिजली आपूर्ति बाधित हो जाती है। उपकेंद्र पर मौजूद कर्मचारियों ने किसानों को बताया कि ओवरलोड की वजह से धुलई और रिखोना (वारिकोण) फीडरों को बारी-बारी से एक-एक घंटे बिजली दी जा रही है। इससे खेतों तक पर्याप्त पानी नहीं पहुंच पा रहा है और धान की रोपाई का कार्य प्रभावित हो रहा है। किसानों ने कहा कि समय पर सिंचाई न मिलने से गन्ने की फसल भी सूखने लगी है। प्रदर्शन कर रहे किसानों का कहना था कि यह समस्या नई नहीं है। पिछले कई वर्षों से हर बार धान रोपाई के मौसम में यही स्थिति उत्पन्न होती है। अधिकारियों द्वारा हर वर्ष समस्या के स्थायी समाधान का आश्वासन दिया जाता है, लेकिन अगले सीजन में हालात फिर पहले जैसे हो जाते हैं। बताया जाता है कि रिखोना और धुलई फीडरों पर लगभग 500 किसानों के विद्युत कनेक्शन हैं, जिनमें अधिकांश 7.5 हॉर्स पावर के हैं। किसानों का आरोप है कि विभाग लगातार नए कनेक्शन तो जारी कर रहा है, लेकिन विद्युत व्यवस्था का विस्तार नहीं किया गया। किसानों ने मांग की कि रिखोना, धुलई और झरेखापुर तीनों फीडरों का लोड संतुलित किया जाए, ताकि सभी क्षेत्रों में निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।
सोनभद्र में अवैध खनन से बने गड्ढे में डूबने से तीन किशोरों की हुई मौत के बाद समाजवादी पार्टी (सपा) ने विरोध प्रदर्शन किया। शनिवार की दोपहर मे स्वर्ण जयंती चौक पर सपा कार्यकर्ताओं ने सरकार पर अवैध खनन रोकने में विफल रहने और पीड़ितों को अपर्याप्त मुआवजा देने का आरोप लगाया। प्रदर्शन के दौरान सपा नेताओं ने निषाद समाज के बच्चों की मौत पर गहरा दुख व्यक्त किया और परिवारों के लिए न्याय की मांग की। उन्होंने कहा कि अवैध खनन के कारण लगातार दुर्घटनाएं हो रही हैं, लेकिन सरकार और उसके प्रतिनिधि इस पर मूक दर्शक बने हुए हैं। सपा जिला सचिव प्रमोद यादव ने कहा कि जिस परिवार का घर उजड़ता है, उसका दर्द वही जानता है। उन्होंने भाजपा सरकार और उसके मंत्रियों-विधायकों पर 'कान में रुई डालकर' मौन रहने का आरोप लगाया। सपा नेता मनीष त्रिपाठी ने कहा कि भाजपा सरकार में कानून की धज्जियां उड़ाई जा रही हैं। दिनेश साहनी और सुरेश अग्रहरि ने भी सोनभद्र में कई खनन हादसों के बावजूद सरकार की निष्क्रियता पर सवाल उठाए। कार्यक्रम का संचालन अल्पसंख्यक सभा प्रकोष्ठ के जिला उपाध्यक्ष जुनैद अंसारी ने किया। इस प्रदर्शन में मुख्य रूप से मनीष केड़िया, लालू यादव, अशोक केवट, शौर्य त्रिपाठी, संदीप भारती, अर्जुन खरवार, सुरेंद्र प्रजापति, अनिल विश्वकर्मा और सरजू प्रसाद सहित कई सपा कार्यकर्ता मौजूद रहे।
बदायूं के सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय के जनपद कासगंज स्थानांतरण पर शनिवार शाम पुलिस लाइन सभागार में विदाई समारोह आयोजित किया गया। इस अवसर पर एसएसपी अंकिता शर्मा सहित पुलिस अधिकारियों और कर्मचारियों ने उन्हें नई जिम्मेदारी के लिए शुभकामनाएं दीं। एसएसपी अंकिता शर्मा ने रजनीश उपाध्याय के कार्यकाल की सराहना करते हुए कहा कि उन्होंने कानून व्यवस्था बनाए रखने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने कर्तव्यनिष्ठा, अनुशासन और बेहतर समन्वय के साथ अपनी जिम्मेदारियों का निर्वहन किया। एसएसपी ने आगे कहा कि पुलिस विभाग में अधिकारियों का स्थानांतरण एक सामान्य प्रक्रिया है, लेकिन कार्यकाल के दौरान किए गए कार्य और व्यवहार हमेशा याद रहते हैं। इस अवसर पर एसएसपी ने सीओ सिटी को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित भी किया। विदाई समारोह में अपर पुलिस अधीक्षक नगर अभिषेक कुमार सिंह, अपर पुलिस अधीक्षक ग्रामीण डॉ. हृदेश कठेरिया, सभी क्षेत्राधिकारी और पुलिस विभाग के अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित रहे। कार्यक्रम के दौरान अधिकारियों और कर्मचारियों ने रजनीश उपाध्याय के साथ काम करने के अनुभव साझा किए और उनके कार्यों की प्रशंसा की। सीओ सिटी रजनीश उपाध्याय ने भी बदायूं में मिले सहयोग और अनुभवों के लिए पुलिस अधिकारियों व कर्मचारियों का आभार व्यक्त किया।
सागर के बंडा थाना क्षेत्र में घर में फांसी लगाकर महिला के आत्महत्या करने के मामले में पुलिस ने पति समेत तीन लोगों पर एफआईआर दर्ज की है। आरोपी लगातार पीड़िता को मानसिक और शारीरिक रूप से प्रताड़ित कर रहे थे। पुलिस के अनुसार, 13 जून की रात सीमा पति दीपेश अग्निहोत्री उम्र 35 साल निवासी वार्ड क्रमांक 13 बंडा ने अपने घर में फंदा लगाकर सुसाइड किया था। सूचना पर पुलिस ने शव का पंचनामा बनाकर पोस्टमार्टम कराया। मामला दर्ज कर जांच में लिया था। मामले की जांच करते हुए पुलिस ने मृतका के मायके पक्ष के बयान लिए। जिसमें मृतका के माता-पिता और अन्य लोगों ने बताया कि करीब 2 साल से मृतिका के पति दीपेश अग्निहोत्री का किसी दूसरी महिला के साथ अफेयर चल रहा था। जिसको लेकर विवाद होता था। इसके साथ ही मृतका की सास कृष्णा अग्निहोत्री अपने बेटे को सहयोग करती और उल्टा मृतका सीमा अग्निहोत्री को परेशान करती थी, द्रोपदी द्वारा मानसिक व शारीरिक रूप से प्रताडित करती थी। इन्हीं से परेशान होकर सीमा ने फांसी लगाकर आत्महत्या की है। मामा को वाट्सएप पर भेजा था सुसाइड नोट इसके अलावा मृतका के मामा महेश नायक निवासी इंद्रा कालोनी टीकमगढ ने अपने बयानों में बताया कि मृतक ने सुसाइड करने से पहले मेरे वाट्सएप पर घटना की रात सोसाइट नोट भेजा था। जिसमें उसने प्रताड़ना से संबंधित बातें लिखी थीं। मृतका की पीएम रिपोर्ट में मौत कारण फांसी लगाना सामने आया। पुलिस ने मामले में जांच करते हुए बयान, साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई करते हुए पति दीपेश अग्निहोत्री, सास कृष्णा अग्निहोत्री और द्रोपदी रैकवार के खिलाफ आत्महत्या के लिए उकसाने की धारा में मामला दर्ज कर जांच में लिया है।
चंदौली जिला प्रशासन ने अवैध खनन, ओवरलोडिंग और यातायात नियमों के उल्लंघन पर सख्त कार्रवाई शुरू कर दी है। इसी क्रम में, 1 जुलाई से अवैध रूप से संचालित स्कूली वाहनों के खिलाफ एक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा। जिलाधिकारी चंद्र मोहन गर्ग द्वारा गठित संयुक्त टास्क फोर्स ने जून माह में ओवरलोड वाहनों के खिलाफ बड़ी प्रवर्तन कार्रवाई की है। इस टास्क फोर्स में परिवहन, खनन, सेल टैक्स, पुलिस और प्रशासनिक विभाग के अधिकारी शामिल हैं। एआरटीओ (प्रवर्तन) डॉ. सर्वेश गौतम और यात्री मालकर अधिकारी अनीता वर्मा के नेतृत्व में टीम ने जून में 75 ओवरलोड वाहनों का चालान किया और 53 वाहनों को जब्त कर विभिन्न थानों में खड़ा कराया। डॉ. सर्वेश गौतम ने बताया कि 1 जुलाई से शुरू होने वाले विशेष अभियान के तहत सभी स्कूली वाहनों के पास वैध फिटनेस, परमिट, प्रदूषण नियंत्रण प्रमाण पत्र (PUC) और बीमा होना अनिवार्य है। जिला प्रशासन ने इस बार कड़ा रुख अपनाया है। लंबे समय से अपने वाहनों के प्रपत्र वैध न कराने वाले स्कूलों को चिह्नित कर उनकी मान्यता रद्द करने की कार्रवाई शुरू की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बिना रजिस्ट्रेशन, फिटनेस या वैध कागजातों के सड़कों पर चलने वाले स्कूली वाहनों को जब्त कर सीधे स्क्रैप कर दिया जाएगा। सहायक संभागीय परिवहन अधिकारी डॉ. सर्वेश गौतम ने अभिभावकों और विद्यालय प्रबंधकों से अपील की है कि बच्चों को प्राइवेट या अनाधिकृत वाहनों से स्कूल भेजना उनके जान-माल के लिए जोखिम भरा है। उन्होंने स्कूल की बसों और चालकों की गहनता से जांच के बाद ही बच्चों को भेजने का आग्रह किया। उन्होंने सभी विद्यालय प्रबंधकों को समय रहते अपने वाहनों के सभी कागजात दुरुस्त कराने की चेतावनी दी, अन्यथा किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा। प्रशासन का लक्ष्य जनपद में बिना कागजातों के चलने वाले स्कूली वाहनों की संख्या को 'शून्य' करना है।
इंदौर नगर निगम के संपत्ति कर विभाग में कथित नोटरी और नामांतरण घोटाले को लेकर कांग्रेस ने गंभीर आरोप लगाए हैं। शहर कांग्रेस अध्यक्ष चिंटू चौकसे ने प्रेस वार्ता में दावा किया कि नगर निगम में सैकड़ों संपत्तियों के नामांतरण में बड़े पैमाने पर अनियमितताएं हुई हैं, जिससे करोड़ों रुपए के भ्रष्टाचार की आशंका है। कांग्रेस ने पूरे मामले की स्वतंत्र और निष्पक्ष जांच की मांग की है। चौकसे ने आरोप लगाया कि नगर निगम में भ्रष्टाचार चरम पर पहुंच चुका है और नामांतरण प्रक्रिया में नियमों को ताक पर रखकर काम किया गया। उन्होंने कहा कि करीब 370 संपत्तियों के नामांतरण में गंभीर गड़बड़ियां सामने आई हैं। आरोप है कि अधिकारियों की लॉगिन आईडी का दुरुपयोग कर देर रात नामांतरण की प्रक्रियाएं पूरी की गईं। कांग्रेस नेताओं ने सवाल उठाया कि बिना सक्षम अधिकारियों और डिप्टी कमिश्नर की जानकारी या स्वीकृति के इतनी बड़ी संख्या में नामांतरण कैसे हो सकते हैं। उनका कहना है कि मामले में केवल विभागीय कर्मचारियों की ही नहीं, बल्कि उच्च अधिकारियों और राजनीतिक संरक्षण की भूमिका की भी जांच होनी चाहिए। नेता प्रतिपक्ष ने मांग की कि पूरे मामले की जांच के लिए स्वतंत्र समिति गठित की जाए। साथ ही जिन अधिकारियों और कर्मचारियों के नाम सामने आ रहे हैं, उन्हें जांच पूरी होने तक निलंबित किया जाए। कांग्रेस का कहना है कि वह इस मामले से जुड़े दस्तावेजी साक्ष्य सक्षम अधिकारियों और जांच एजेंसियों को सौंपेगी तथा दोषियों के खिलाफ कठोर कार्रवाई की मांग करेगी।
होम साइंस कॉलेज में लगभग 9 लाख रुपए की खेल सामग्री खरीदी में अनियमितता सामने आई है। इस मामले में 30 जून को सेवानिवृत्त होने जा रहीं प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। आरोप है कि कॉलेज में खेल सामग्री की आपूर्ति से पहले ही संबंधित फर्म को लाखों रुपए का भुगतान कर दिया गया था। यह मामला तब उजागर हुआ जब विधायक सीताशरण शर्मा ने कॉलेज के निरीक्षण के दौरान खरीद प्रक्रिया पर सवाल उठाए। जांच की आशंका पर सामग्री कॉलेज पहुंचाने का प्रयास किया गया, लेकिन तब तक यह मामला प्रशासन के संज्ञान में आ चुका था। इनकी भूमिकाएं भी संदिग्ध कलेक्टर सोमेश मिश्रा के निर्देश पर इस मामले की जांच कराई गई। जांच में कई अनियमितताएं पाई गईं और रिपोर्ट में प्राचार्य डॉ. कामिनी जैन, स्टोर प्रभारी, वित्त शाखा प्रभारी, लेखापाल तथा खेल अधिकारी की भूमिका संदिग्ध बताई गई है। रिपोर्ट मिलने के बाद कलेक्टर ने संबंधित अधिकारियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराने के निर्देश दिए। तहसीलदार पहुंचीं थाने शनिवार को नगर तहसीलदार सरिता मालवीय जांच रिपोर्ट लेकर कोतवाली पहुंचीं। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर एफआईआर दर्ज करने की प्रक्रिया शुरू कर दी है। मामला दर्ज होने के बाद संबंधित अधिकारियों से पूछताछ की जा सकती है। कॉलेज परिसर में इस घटनाक्रम को लेकर चर्चाएं तेज हैं। कर्मचारियों और विद्यार्थियों के बीच यह सवाल उठ रहा है कि सामग्री प्राप्त किए बिना भुगतान कैसे हुआ और किसके निर्देश पर सरकारी राशि जारी की गई। पुलिस जांच से यह स्पष्ट होगा कि इस कथित अनियमितता के पीछे कौन था और भुगतान प्रक्रिया में किन-किन की भूमिका रही।
नूंह जिले में नकली डीएपी खाद बेचने वाले एक बड़े गिरोह का भंडाफोड़ हुआ है। पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है, जिनमें से एक को दो दिन की रिमांड पर लिया गया है, जबकि दूसरे को जेल भेज दिया गया है। इस पूरे रैकेट का मास्टरमाइंड और तीन अन्य आरोपी अभी फरार हैं। सीआईए स्टाफ की टीम ने शुक्रवार को नूंह के दोहा गांव में छापेमारी की। इस दौरान एक ट्रक में भरे 300 कट्टे नकली खाद, डीएपी के 300 खाली कट्टे बरामद हुए। थाना सदर फिरोजपुर झिरका में मुकदमा दर्ज किया गया है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश किया गया जांच में पता चला है कि यह गिरोह उत्तर प्रदेश के हापुड़ से सस्ती नकली खाद लाकर उसे डीएपी के असली कट्टों में पैक कर किसानों को ऊंचे दामों पर बेच रहा था। शनिवार को गिरफ्तार किए गए वारिश और ट्रक चालक शमी मोहम्मद को कोर्ट में पेश किया गया। कोर्ट ने ट्रक ड्राइवर शमी मोहम्मद को दो दिन की पुलिस रिमांड पर भेज दिया, ताकि उससे पूछताछ की जा सके। वहीं, वारिश को न्यायिक हिरासत में जिला जेल भेज दिया गया है। मास्टरमाइंड समेत तीन आरोपी फरार पुलिस उपाधीक्षक हरदीप सिंह ने बताया कि, इस मामले में असलम, खुर्शीद और इमरान नामक तीन आरोपी अभी फरार हैं। खुर्शीद को इस पूरे रैकेट का कथित मास्टरमाइंड बताया जा रहा है। वह हापुड़ से नकली खाद मंगवाकर उसे असली डीएपी के कट्टों में भरवाता था और किसानों को बेचता था। फरार आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए सदर थाना फिरोजपुर झिरका समेत तीन टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि इस गिरोह का नेटवर्क कितना बड़ा है, कितने किसानों को नकली खाद बेची गई है और इस कारोबार में कौन-कौन लोग शामिल हैं। आरोपियों से पूछताछ कर रही पुलिस पुलिस का कहना है कि रिमांड के दौरान आरोपियों से गहन पूछताछ की जाएगी, जिससे इस पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश हो सके। यदि जांच में और बड़े खुलासे होते हैं, तो यह नूंह जिले में नकली खाद के सबसे बड़े रैकेटों में से एक साबित हो सकता है।
उदयपुर देहात भाजपा जिलाध्यक्ष पुष्कर तेली के नेतृत्व में वल्लभनगर विधानसभा के कानोड़, भीण्डर नगर और केरेश्वर मंडल की संयुक्त बैठक आयोजित की गई। यह बैठक कानोड़ स्थित पुरोहित वाटिका में हुई, जिसमें बूथ सशक्तिकरण पर विशेष जोर दिया गया। जिलाध्यक्ष तेली ने डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के राष्ट्र के प्रति योगदान, त्याग और बलिदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने उनके जीवन परिचय को भी विस्तार से बताया। बैठक का मुख्य उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और जमीनी स्तर पर कार्यकर्ताओं को सक्रिय करना था। बैठक में 'मन की बात' कार्यक्रम, डिजिटल लर्निंग, डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस और 'संविधान हत्या दिवस' के उपलक्ष्य में आयोजित होने वाले पखवाड़ा कार्यक्रमों की रूपरेखा पर विस्तृत चर्चा हुई। इसके अतिरिक्त, विभिन्न संगठनात्मक विषयों पर भी विचार-विमर्श किया गया। इस अवसर पर देहात जिला उपाध्यक्ष एवं वल्लभनगर विधानसभा अभियान प्रवासी नरेंद्र सिंह आसोलिया ने डिजिटल लर्निंग के महत्व और उपयोगिता पर विस्तृत जानकारी दी। कानोड़ मंडल अध्यक्ष हरेंद्र सिंह राव ने सभी उपस्थित पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं का धन्यवाद ज्ञापित किया। बैठक में उदयपुर देहात जिला मंत्री भंवर भट्ट, भीण्डर मंडल अध्यक्ष श्रीमती तिलक व्यास, केरेश्वर मंडल अध्यक्ष भंवर जाट, कानोड़ मंडल महामंत्री हितेंद्र सुथार सहित तीनों मंडलों के समर्पित पदाधिकारी और कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
डीडवाना में भारत विकास परिषद् (भाविप) की शाखा ने शनिवार को संस्थापक राष्ट्रीय महासचिव डॉ. सूरजप्रकाश की जयंती सेवा कार्यों के साथ मनाई। परिषद् पदाधिकारियों ने राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल में भर्ती मरीजों और नागौर रोड स्थित जीवन ज्योति सेवा संस्थान के दिव्यांगजनों को फल वितरित किए। इस दौरान परिषद् ने डॉ. सूरजप्रकाश के सेवा, संस्कार और राष्ट्र निर्माण के आदर्शों को याद करते हुए उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प दोहराया। सेवा कार्यों के साथ मनाई जयंती शाखा मीडिया प्रभारी लोकेश अग्रवाल ने बताया कि राजकीय बांगड़ जिला अस्पताल में प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजीत सिंह शेखावत की उपस्थिति में मरीजों को फल वितरित किए गए। इसके बाद परिषद् के पदाधिकारी नागौर रोड स्थित जीवन ज्योति सेवा संस्थान पहुंचे, जहां निवासरत दिव्यांगजनों को भी फल बांटकर उनके उत्तम स्वास्थ्य और सुखद जीवन की कामना की गई। 'सेवा, संस्कार और समर्पण' का संदेश कार्यक्रम को संबोधित करते हुए डीडवाना शाखा के अध्यक्ष डॉ. गजादान चारण ने कहा कि डॉ. सूरजप्रकाश दूरदर्शी राष्ट्रचिंतक और कुशल संगठनकर्ता थे। उन्होंने समाज के सक्षम वर्ग को सेवा, संस्कार और समर्पण के माध्यम से राष्ट्र निर्माण से जोड़ने का कार्य किया। उनके आदर्श आज भी परिषद् के कार्यकर्ताओं के लिए प्रेरणास्रोत हैं। स्थापना का इतिहास भी बताया डॉ. चारण ने बताया कि भारत विकास परिषद् की स्थापना वर्ष 1963 में स्वामी विवेकानंद की जन्मशती के अवसर पर हुई थी। वर्ष 1962 के भारत-चीन युद्ध के दौरान सैनिकों की सहायता के लिए गठित 'सिटीजन्स फोरम' को ही बाद में भारत विकास परिषद् का स्वरूप दिया गया। सेवा कार्यों की सराहना प्रमुख चिकित्सा अधिकारी डॉ. अजीत सिंह शेखावत ने परिषद् के सेवा कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि ऐसे आयोजन समाज में संवेदनशीलता और सेवा की भावना को मजबूत करते हैं। वहीं, भारत विकास परिषद् उत्तर-पश्चिमी क्षेत्र के संयुक्त महासचिव विनोद सेन ने परिषद् को मानव सेवा के माध्यम से राष्ट्रसेवा के संकल्प को साकार करने वाला गैर-राजनीतिक संगठन बताया। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में राजस्थान उत्तरप्रांत के संपर्क संयोजक शिवकुमार शर्मा, डीडवाना-कुचामन जिला संयोजक राकेश जांगिड़, सेवा प्रकल्प संयोजक अमरीश माथुर सहित परिषद् के अनेक पदाधिकारी एवं सदस्य मौजूद रहे।
मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ.मोहन यादव और उनके परिवार पर जमीन खरीदी को लेकर लगे आरोपों के विरोध में शनिवार को सागर में कांग्रेस ने प्रदर्शन किया। युवा कांग्रेस नरयावली के कार्यकर्ता सदर झांसी बस स्टैंड के पास कजलीवन मैदान में जमा हुए। जहां उन्होंने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी करते हुए प्रदर्शन किया। राष्ट्रपति के नाम चार सूत्रों की मांगों को लेकर तहसीलदार राहुल गोंड को ज्ञापन सौंपा। उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. यादव और उनके परिवार पर भूमि क्रय-विक्रय, पद के दुरुपयोग से जुड़े मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय न्यायिक जांच कराने, दोषियों पर कार्रवाई करने की मांग की। प्रदर्शन के दौरान पूर्व मंत्री सुरेंद्र चौधरी ने कहा कि प्रदेश में भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग रोकने में प्रदेश की भाजपा सरकार पूरी तरह विफल साबित हुई है। मुख्यमंत्री और उनके परिवार से जुड़े प्रकरण की निष्पक्ष न्यायिक जांच कराकर सच्चाई जनता के सामने लाई जानी चाहिए। यदि प्रदेश सरकार पारदर्शिता में विश्वास रखती है तो जांच से डरना नहीं चाहिए और लोकतंत्र में जवाबदेही सुनिश्चित करने के लिए निष्पक्ष जांच आवश्यक है। कांग्रेस पार्टी निष्पक्ष न्यायिक जांच व कार्रवाई तक सड़कों पर उतरकर आंदोलन करती रहेगी। इस दौरान युवा कांग्रेस जिला अध्यक्ष संदीप चौधरी, ब्लॉक कांग्रेस कमेटी सदर कैंट अध्यक्ष रवि उमाहिया, युवा कांग्रेस नरयावली विधानसभा अध्यक्ष रोहित वर्मा, ब्लॉक युवा कांग्रेस अध्यक्ष समीर मकरानी, राहुल कुशवाहा, वरिष्ठ कांग्रेस नेता राकेश राय, जिला कांग्रेस उपाध्यक्ष जतिन चौकसे, गुरमीत सिंह इल्ले, राजेश दुबे, सेवादल के प्रदेश महामंत्री विजय साहू समेत अन्य मौजूद थे।
जिले के सदर थाना क्षेत्र के पादरड़ी गांव में एक युवक का शव नदी किनारे वाटर वर्क्स की कोठरी में फंदे से लटका मिला। युवक की पहचान पादरड़ी निवासी राकेश (20) के रूप में हुई है। वह एक दिन पहले मजदूरी के लिए घर से निकला था और शनिवार सुबह उसका शव बरामद हुआ। सदर थाने के एएसआई प्रवीण सिंह ने बताया कि पादरड़ी निवासी कावा ने रिपोर्ट दर्ज कराई है। रिपोर्ट के अनुसार उनका बेटा राकेश शुक्रवार को मजदूरी के लिए घर से निकला था, लेकिन शाम तक वापस नहीं लौटा। परिजनों ने उसकी काफी तलाश की थी। आज सुबह परिजनों को सूचना मिली कि नदी किनारे वाटर वर्क्स की एक खुली कोठरी में किसी का शव लटका हुआ है। मौके पर पहुंचने पर परिजनों ने राकेश को अपनी बेल्ट से फंदा बनाकर कोठरी की खूंटी से लटका पाया। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को फंदे से नीचे उतारा। इसके बाद शव को डूंगरपुर जिला अस्पताल की मॉर्च्युरी ले जाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद परिजनों को सौंप दिया गया। पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
खाद-बीज-दवा के दाम बढ़े, किसान परेशान:बालाघाट में सरकार को दी आंदोलन की चेतावनी
बालाघाट जिले के धान उत्पादक किसान खाद, बीज और दवाओं सहित कृषि संबंधी अन्य आवश्यक वस्तुओं की कीमतों में बेतहाशा वृद्धि से परेशान हैं। इसके साथ ही, खाद के लिए लागू की गई ई-टोकन प्रक्रिया और बारिश की कमी ने उनकी चिंताओं को और बढ़ा दिया है। इन समस्याओं के विरोध में किसानों ने आंदोलन की रणनीति बनाने के लिए शनिवार को कुम्हारी में एक बैठक की। किसानों का कहना है कि खाद, बीज, दवाइयां और सोडा जैसे कृषि इनपुट के दाम काफी बढ़ गए हैं। पहले किसानों को सोसाइटी से पट्टी के आधार पर सोडा मिल जाता था, लेकिन अब ई-टोकन प्रणाली लागू कर दी गई है, जिससे उन्हें काफी परेशानी हो रही है। इस चौतरफा मार से किसान सरकार के प्रति नाराजगी व्यक्त कर रहे हैं। किसान मनोज लिल्हारे ने बताया कि आज किसानों की सरकार ही किसानों को परेशान कर रही है। सरकार किसानों को गुमराह कर रही है। सोडा के दाम दोगुने हो गए हैं। उन्होंने कहा कि खेती महंगी होती जा रही है, जबकि किसानों की आय कम हो रही है। आंदोलन करेंगे कृषक उपवंशी ने अपनी पीड़ा व्यक्त करते हुए कहा कि सोडा से लेकर धान के बीज तक के दाम बढ़ गए हैं। जिस धान को किसान ने 16 और 20 रुपए में बेचा, उसका बीज खरीदने के लिए उन्हें हजार रुपए देने पड़ रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का किसानों पर कोई ध्यान नहीं है और ऐसी स्थिति में किसानों के सामने आंदोलन के अलावा कोई रास्ता नहीं है। किसान डहारे ने बताया कि आज सारे नियम किसानों पर लागू किए जा रहे हैं। अभी डिब्बे में डीजल नहीं देंगे, सोडा का रेट बढ़ गया है, जिससे किसान परेशान हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि इन परिस्थितियों के कारण जो किसान अधिक रकबे पर खेती करते थे, वे अब कम रकबे पर खेती कर रहे हैं, जिससे न केवल खेती कम होगी बल्कि उत्पादन पर भी असर पड़ेगा और अनाज की कमी हो सकती है।
लखनऊ की मड़ियांव पुलिस ने भला करने के बहाने महिला की अंगूठी चोरी करने वाले दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। दोनों आरोपी खुद को अघोरी बताकर लोगों को झांसे में लेते थे। पुलिस ने उनके कब्जे से जेवर बेचकर मिली नकदी बरामद की है। मामले में उनके अन्य साथियों की तलाश की जा रही है। पुलिस के अनुसार आरोपी राह चलते लोगों को भला करने और टोना-टोटका दूर करने का झांसा देते थे। इस दौरान फूल देकर बातों में उलझाते और हाथ की अंगूठी चोरी कर लेते थे। बाद में चोरी की अंगूठियों को राहगीरों को बेच देते थे। पुलिस ने दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया है। उनके आपराधिक इतिहास की जानकारी दिल्ली समेत अन्य जिलों से जुटाई जा रही है, जबकि गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश जारी है। हाथ में कुछ पंखुड़ियां रखते ही अंगूठी गायब 17 जून को जानकीपुरम स्थित मल्हर डिलक्स निवासी शाम्भवी शुक्ला ने शिकायत दर्ज कराई थी। बताया था कि दोपहर करीब 12 बजे वह कार से इंजीनियरिंग कॉलेज फ्लाईओवर से मड़ियांव की तरफ जा रही थीं। इसी दौरान सामने से आए अघोरी साधुओं के वेश में दो व्यक्तियों ने हाथ देकर उनकी कार रुकवाने का इशारा किया। शाम्भवी के मुताबिक, कार रुकने पर एक व्यक्ति ने शीशा खुलवाया और उनके हाथ में फूल की कुछ पंखुड़ियां रख दीं। इसके कुछ ही देर बाद उन्होंने देखा कि उनके हाथ में पहनी अंगूठी गायब है। उन्होंने तुरंत अंगूठी तलाशने और दोनों व्यक्तियों को खोजने का प्रयास किया, लेकिन वे मौके से फरार हो चुके थे। इंस्पेक्टर मड़ियांव शिवानंद मिश्रा ने बताया कि शिकायत के आधार पर मड़ियांव थाने में मुकदमा दर्ज किया गया था। गश्ती के दौरान संदिग्ध दिखे शनिवार को थाना मड़ियांव की पुलिस टीम इंजीनियरिंग कॉलेज चौराहे पर गश्त कर रही थी। इस दौरान मुखबिर से सूचना मिली कि सीसीटीवी फुटेज में दिखाई दिए संदिग्ध दो व्यक्ति भिठौली फ्लाईओवर के पास मौजूद हैं। सूचना पर पुलिस ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। पूछताछ में आरोपियों ने अपनी पहचान शांति कॉलोनी, मंडी गांव, फतेहपुर बेरी, दक्षिणी दिल्ली निवासी साकिब नाथ (28) और तुगलकाबाद, ओखला मोड़, गोविंदपुरी, दक्षिणी दिल्ली निवासी अरुण (27) के रूप में हुई। पूछताछ में पता चला कि दोनों सपेरे का काम करते हैं। तलाशी के दौरान पुलिस ने उनके कब्जे से 31,700 रुपए बरामद किए।
उदयपुर के गिरवा स्थित गुप्तेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शनिवार को करीब 5 फीट लंबा अजगर देखा गया। अजगर को मंदिर की सीढ़ियों के किनारे देखकर श्रद्धालुओं और मंदिर प्रबंधन में कौतूहल का माहौल बन गया। कुछ देर के लिए परिसर में अफरा-तफरी की स्थिति भी बनी, जिसके बाद श्रद्धालु सुरक्षित दूरी पर खड़े होकर उसे देखने लगे। मंदिर के महंत तन्मयवन महाराज ने बताया कि अजगर कुछ समय तक सीढ़ियों के पास शांत बैठा रहा। इसके बाद वह धीरे-धीरे मंदिर परिसर में घूमता हुआ नीचे स्थित दलान की ओर उतर गया और कुछ ही देर में झाड़ियों के बीच गायब हो गया। महंत ने यह भी बताया कि मंदिर भगवान शिव का पावन धाम है और यहां प्राकृतिक वातावरण होने के कारण समय-समय पर सांप और अन्य वन्य जीव दिखाई देते रहते हैं। अजगर के शांतिपूर्वक जंगल की ओर लौट जाने से श्रद्धालुओं ने राहत महसूस की। घटना के बाद मंदिर परिसर में काफी देर तक श्रद्धालुओं के बीच इस अजगर को लेकर चर्चा होती रही।
बेमेतरा में युवक की गला रेतकर हत्या:वारदात के बाद आरोपी ने थाने में किया सरेंडर, पुलिस कर रही पूछताछ
बेमेतरा जिले में शनिवार को युवक की गला रेतकर हत्या कर दी गई। हमले में युवक की मौके पर ही मौत हो गई। घटना के बाद पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। यह मामला चंदनू थाना क्षेत्र के ग्राम भदराली का है। जानकारी के अनुसार, ग्राम भदराली के मेन रोड स्थित पिरैया मोड़ के पास कन्हैया बंजारे की धारदार हथियार (तबली) से गला रेतकर हत्या कर दी गई। हत्या की वारदात को बउवा राम चतुर्वेदी ने अंजाम दिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलते ही चंदनू थाना पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी। पुलिस के मुताबिक, वारदात के बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और सरेंडर कर दिया। फिलहाल उससे पूछताछ की जा रही है। हत्या के पीछे की वजह अभी स्पष्ट नहीं हो सकी है। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया है। मामले में अपराध दर्ज कर सभी पहलुओं की जांच की जा रही है। हत्या के कारणों का खुलासा पुलिस जांच और आरोपी से पूछताछ के बाद ही हो सकेगा।
वाराणसी जिला न्यायालय ने आत्महत्या के लिए उकसाने के मामले में पांडेयपुर, थाना कैंट निवासी आरोपी अंचल जायसवाल उर्फ आंचल जायसवाल की अग्रिम जमानत याचिका को सुनवाई के बाद निरस्त कर दिया। सत्र न्यायाधीश संजीव शुक्ला की अदालत ने मामले की गंभीरता को देखते हुए यह फैसला सुनाया। अदालत में ज़मानत अर्जी का विरोध जिला शाशकीय अधिवक्ता मुनीब सिंह चौहान व वादी के अधिवक्ता वरुण प्रताप सिंह ने किया। अभियोजन ने बताया कि प्रभात जायसवाल ने आरोप लगाया था कि उनकी अंचल जायसवाल द्वारा उनके छोटे भाई अभय जायसवाल को लगातार मानसिक प्रताड़ना, धमकी और ब्लैकमेल किया जा रहा था। अभय जायसवाल ने इसी तनाव के चलते आत्महत्या कर ली थी। इस संबंध में थाना शिवपुर में धारा 108 BNS के तहत मामला दर्ज किया गया था। सुनवाई के दौरान अभियोजन पक्ष ने जमानत याचिका का कड़ा विरोध किया। अदालत ने दोनों पक्षों के तर्कों को सुनने और केस डायरी (सीडी-3) व अन्य साक्ष्यों का अवलोकन करने के बाद यह पाया कि आरोप गंभीर प्रकृति के हैं। तथ्यों और परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए, जिला न्यायालय ने अंचल जायसवाल उर्फ आंचल जायसवाल की अग्रिम जमानत याचिका को निरस्त कर दिया है।
रतलाम में शनिवार को करीब आधे घंटे की बारिश के साथ ही मानसून की एंट्री हो गई है। बादलों की तेज गड़गड़ाहट के साथ बारिश से सड़कों पर पानी भर गया। इधर, होमगार्ड कॉलोनी के अंडरब्रिज में पानी भरा, जिस वजह से लोगों को निकलने में परेशानी हुई। दरअसल प्रदेश में मानसून की एंट्री 24 जून से हो गई है लेकिन रतलाम में पिछले तीन-चार दिन से बारिश का मौसम बन रहा था। हल्की बूंदाबांदी भी हुई थी। शनिवार सुबह से तेज उमस भरी गर्मी ने लोगों को परेशान कर दिया था। इसके बाद दोपहर करीब 1 बजे अचानक मौसम में बदलाव होकर आसमान में काले घने बादल छाए और बारिश हुई। पानी इतना तेज था कि दूर-दूर तक कुछ दिखाई नहीं दे रहा था। निचले क्षेत्रों में भर गया पानीआधे घंटे की बारिश ने शहर में पानी ही पानी कर दिया। निचले क्षेत्रों व सड़कों पर जलभराव की स्थिति हुई। शहर के होमगार्ड कॉलोनी के अंडरब्रिज में पानी भर गया। लोगों को पानी के बीच में होकर निकलना पड़ा। आधे घंटे की पहली बारिश ने जिला प्रशासन व नगर निगम के बारिश पूर्व की व्यवस्थाओं की पोल खोल दी। बाद में निकल आई तेज धूपबारिश बंद होने के बाद कुछ देर तक आसमान में काला घना छाया रहा। 2 बजे बाद फिर तेज धूप निकल आई। इससे ओर तेज उमस भरी गर्मी लगने लगी। शाम 4 बजे बाद से फिर मौसम बदला। बादलों की ओट में सूरज छिप गया। पिछले पांच दिन के तापमान पर एक नजर (आंकड़े डिग्री सेल्सियस में है) देखे बारिश की तस्वीरें…
बूंदी के नैनवां स्थित अग्रवाल दिगंबर जैन बड़े मंदिर में शनिवार को सिद्धचक्र महामंडल विधान एवं विश्व शांति महायज्ञ महोत्सव का शुभारंभ हुआ। सवेरे 7:30 बजे विधि-विधान और वैदिक मंत्रोच्चार के साथ ध्वजारोहण किया गया। ध्वजारोहण नाथूलाल जैन मोदी परिवार ने किया। महोत्सव के दौरान विभिन्न धार्मिक दायित्व निभाए गए। इनमें धर्मेंद्र-इंद्राणी के रूप में कमलकुमार-अनीता जैन मोडिका, कुबेर इंद्र के रूप में नरेश कुमार-अंजना जैन, महायज्ञ इंद्र के रूप में राकेश कुमार-ममता जैन, श्रीपाल-मैना सुंदरी के रूप में अरुण जैन-स्वाति जैन शामिल थे। इसके अतिरिक्त ईशान इंद्र के रूप में महावीर-राजमती जैन, सनंद इंद्र के रूप में कौशल जैन-इंद्रमति जैन, माहेंद्र इंद्र के रूप में विकास-रेखा जैन, ब्रह्म इंद्र के रूप में अविनाश-रूविता जैन और ब्रह्माद्रि इंद्र के रूप में निखिल-साक्षी जैन ने अपनी भूमिकाएं निभाईं। प्रतिष्ठाचार्य नरेंद्र कुमार शास्त्री के सानिध्य में भगवान का अभिषेक, शांतिधारा और आदिनाथ भगवान की पूजा संपन्न हुई। इस दौरान श्रद्धालुओं ने 56 श्रीफल अर्पित कर विश्व शांति और जनकल्याण की कामना की। विधान के दौरान संगीतकार दुर्गेश एंड पार्टी ने भक्ति गीतों की प्रस्तुति दी, जिस पर इंद्र-इंद्राणियों ने आकर्षक धार्मिक नृत्य किए। इस विधान में कुल 31 दंपतियों ने सहभागिता कर पुण्य लाभ अर्जित किया। टोंक, निवाई, चौथ का बरवाड़ा, देई, बनेठा, ककोड़ और उनियारा सहित कई स्थानों से श्रद्धालु यहां पहुंचे और धर्मलाभ प्राप्त किया। प्रतिष्ठाचार्य नरेंद्र कुमार शास्त्री ने सिद्धचक्र महामंडल विधान के महत्व पर प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि यह जैन धर्म का अत्यंत प्रभावशाली विधान माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार मैना सुंदरी ने इसी विधान के प्रभाव से श्रीपाल के कुष्ठ रोग का निवारण कराया था। इस महोत्सव के आयोजन का सौभाग्य नाथूलाल जैन, कमलकुमार, नरेश कुमार और राकेश कुमार मोडिका परिवार को मिला। कार्यक्रम से संबंधित जानकारी दिगंबर जैन समाज के प्रवक्ता महावीर सरावगी ने प्रदान की।
छतरपुर में शनिवार को घरेलू हिंसा के दो अलग-अलग माममें सामने आए हैं। दोनों महिलाएं जिला अस्पताल में भर्ती हैं। एक महिला ने पति पर शराब के नशे में मारपीट करने और घर का सामान बेचने का आरोप लगाया, जबकि दूसरी महिला ने पति पर कथित प्रेम संबंध के चलते प्रताड़ित करने और हमला करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने दोनों मामलों में शिकायत दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पहला मामला सिविल लाइन थाना क्षेत्र के ललोनी तिराहे का है। 50 वर्षीय भागवती अहिरवार ने बताया कि उनके पति शंकर अहिरवार कोई काम नहीं करते और शराब के नशे में अक्सर उनके साथ मारपीट करते हैं। महिला का आरोप है कि पति नशे की लत के कारण घर का राशन, पानी और अन्य सामान तक बेच देते हैं। आरोप- पति ने लाठी-डंडों से हमला कियाजब भागवती ने इसका विरोध किया, तो पति ने लाठी-डंडों से हमला कर दिया। इस हमले में उनके सिर, हाथ-पैर और शरीर के अन्य हिस्सों में गंभीर चोटें आईं। उन्हें जिला अस्पताल के महिला सर्जिकल वार्ड में भर्ती कराया गया है, जहां उनका उपचार जारी है। पीड़िता ने सिविल लाइन थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई है। प्रेम-प्रसंग के चलते पति ने विवाद कियादूसरा मामला मातगुवां थाना क्षेत्र का है। 30 वर्षीय नेहा राजपूत ने आरोप लगाया है कि उनके पति कौशल राजपूत का दूसरी महिला से कथित प्रेम संबंध है, जिसके कारण परिवार में लगातार विवाद होता रहता है। नेहा के विरोध करने पर पति ने लाठी-डंडों से उनकी जमकर पिटाई कर दी। हमले में वह गंभीर रूप से घायल हो गईं। परिजन उन्हें जिला अस्पताल लेकर पहुंचे, जहां उनका महिला सर्जिकल वार्ड में इलाज चल रहा है। नेहा ने भी पति के खिलाफ मातगुवां थाने में मामला दर्ज कराया है। पुलिस के अनुसार, दोनों महिलाओं की शिकायत के आधार पर संबंधित धाराओं में प्रकरण दर्ज कर लिया गया है। मामलों की जांच की जा रही है और जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
फरीदाबाद में हरियाणा सीएम नायब सिंह सैनी के द्वारा की गई नेचर पार्क की घोषणा को पूरा करने का काम नगर निगम ने शुरू कर दिया है। नेचर पार्क को लेकर निगम के द्वारा जमीन की तलाश शुरू कर दी गई है। 4 अप्रैल को सीएम ने अपने दौरे के दौरान इस पार्क को बनाने की घोषणा की थी। 10 करोड़ की लागत से बनाया जाएगा इस पार्क को 10 करोड़ रूपए की लागत से तैयार किया जाएगा। इस पार्क में जिम और योग केन्द्र के साथ औषधीय पौधे, लगाए जाएगे और लोगों के मनोरंजन के लिए कई सुविधाओं का निमार्ण किया जाएगा। इस पार्क को पिकनिक स्पॉट के रूप में विकसित किया जाएगा। जहां पर बच्चों के लिए भी कई प्रकार की सुविधाएं होंगी। लोगों के जिम की सुविधा होंगी पार्क में झूलों के साथ जिम में कसरत करने के लिए अलग-अलग मशीनें उपलब्ध होंगी। इसके अलावा पुरुषों के लिए योग सेंटर के पास अलग से जिम उपकरण लगाए जाएंगे। पार्क में पैदल ट्रैक, फेंसिंग, योग सेंटर, विभिन्न औषधीय पौधे और पार्क में सोलर लाइट लगाई जाएंगी। पार्किंग की सुविधा, स्टाइलिश फव्वारा, कलाकृतियां, हेल्थ पार्क, चिल्ड्रन पार्क, कैक्टस गार्डन, राक गार्डन, बोटिग, लाग हट्स तैयार किए जाएंगे। इनके अलावा ट्री हाउस बनाया जाएगा। पार्क में दूब व कारपेट घास लगाई जाएगी। सीएम सैनी ने की थी घोषणा इस पार्क की घोषणा सीएम नायब सैनी ने अपने फरीदाबाद दौरे के दौरान की थी। नगर निगम के चीफ इंजीनियर विवेक गिल ने बताया कि नेचर पार्क के लिए जहां जगह तलाश की जा रही हैं। साथ-साथ डीपीआर भी तैयार हो रही है। उन्होंने कहा कि पहे ग्रेटर फरीदाबाद में इसके लिए जगह तलाश की जा रही है। वहां पर जह नही मिली तो दूसरी जगह बनाने का विचार किया जाएगा।
भोपाल के गोविंदपुरा विधानसभा क्षेत्र स्थित कर्मचारी राज्य बीमा निगम (ईएसआईसी) अस्पताल, सोनागिरी को 300 बिस्तरों वाले आधुनिक अस्पताल के रूप में विकसित करने की मांग उठी है। पिछड़ा वर्ग एवं अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री (स्वतंत्र प्रभार) कृष्णा गौर ने केंद्रीय श्रम एवं रोजगार मंत्री मनसुख मांडविया को पत्र लिखकर अस्पताल के उन्नयन और आधुनिक चिकित्सा सुविधाओं के विस्तार का अनुरोध किया है। राज्यमंत्री ने पत्र में कहा है कि सोनागिरी स्थित ईएसआईसी अस्पताल भोपाल, मंडीदीप, सतलापुर और आसपास के औद्योगिक क्षेत्रों में कार्यरत श्रमिकों एवं उनके परिवारों के लिए प्रमुख स्वास्थ्य संस्थान है। वर्तमान में करीब 6.5 लाख बीमित कामगार इस अस्पताल से जुड़े हुए हैं और अपनी चिकित्सा आवश्यकताओं के लिए इसी पर निर्भर हैं। उन्होंने उल्लेख किया कि पहले इस अस्पताल का संचालन राज्य शासन के श्रम विभाग के अधीन राज्य कर्मचारी बीमा सेवाओं द्वारा किया जाता था। 22 जून 2023 से इसका संचालन भारत सरकार के श्रम मंत्रालय ने अपने हाथ में ले लिया है और वर्तमान में भी यह केंद्रीय श्रम मंत्रालय के नियंत्रण में संचालित हो रहा है। कृष्णा गौर ने मांग की है कि श्रमिकों और उनके परिवारों को बेहतर एवं गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने के लिए अस्पताल को 300 बिस्तरों तक विस्तारित किया जाए। साथ ही अत्याधुनिक चिकित्सा उपकरण उपलब्ध कराए जाएं, विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं अन्य आवश्यक मानव संसाधन की पर्याप्त नियुक्ति की जाए तथा सेकेंडरी और सुपर स्पेशलिटी चिकित्सा सेवाओं का भी विस्तार किया जाए। उन्होंने कहा कि औद्योगिक क्षेत्र में लगातार बढ़ रही श्रमिकों की संख्या को देखते हुए अस्पताल का उन्नयन समय की आवश्यकता है। इससे न केवल बीमित कर्मचारियों को बेहतर उपचार मिलेगा, बल्कि गंभीर बीमारियों के इलाज के लिए उन्हें अन्य अस्पतालों पर निर्भर भी नहीं रहना पड़ेगा।
दुर्ग पुलिस में एक बार फिर बड़ा बदलाव किया गया है। पुलिस अधीक्षक कार्यालय ने शनिवार को आदेश जारी कर जिले के 10 थाना और चौकी प्रभारियों का तबादला कर दिया है। इन सभी अधिकारियों को प्रशासनिक कारणों से नई जगह पर भेजा गया है। अब वैशाली नगर, पद्मनाभपुर, धमधा, नंदनी, उतई, सुपेला, पुरानी भिलाई और छावनी जैसे प्रमुख थानों में नए थाना प्रभारी जिम्मेदारी संभालेंगे। जारी आदेश के मुताबिक वैशाली नगर थाना प्रभारी निरीक्षक प्रशांत मिश्रा को एसीसीयू (एंटी क्राइम एंड साइबर यूनिट) दुर्ग का प्रभारी बनाया गया है। वहीं एसीसीयू में पदस्थ निरीक्षक प्रमोद श्रीरिया को पद्मनाभपुर थाना प्रभारी की जिम्मेदारी दी गई है। नियंत्रण कक्ष भिलाई में पदस्थ निरीक्षक महेश ध्रुव अब धमधा थाना की कमान संभालेंगे। उतई थाना प्रभारी निरीक्षक अनिल पटेल का तबादला नंदनी थाना कर दिया गया है। वहीं पद्मनाभपुर थाना प्रभारी रहे निरीक्षक राजकुमार लहरे को वैशाली नगर थाना भेजा गया है। सुपेला थाना के प्रभारी भी बदले गए सुपेला थाना प्रभारी निरीक्षक विजय यादव को पुरानी भिलाई थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं पुरानी भिलाई थाना प्रभारी निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज अब सुपेला थाना की जिम्मेदारी संभालेंगे। स्मृति नगर चौकी प्रभारी निरीक्षक राजेश साहू को उतई थाना प्रभारी बनाया गया है। उप निरीक्षक रामनारायण ध्रुव को धमधा थाना से हटाकर छावनी थाना प्रभारी बनाया गया है। वहीं छावनी थाना प्रभारी उप निरीक्षक अमित अंदवानी को स्मृति नगर चौकी प्रभारी के पद पर पदस्थ किया गया है। इन अधिकारियों का हुआ तबादला * निरीक्षक प्रशांत मिश्रा: वैशाली नगर से एसीसीयू दुर्ग।* निरीक्षक प्रमोद रूसिया : एसीसीयू दुर्ग से पद्मनाभपुर थाना।* निरीक्षक महेश ध्रुव: नियंत्रण कक्ष भिलाई से धमधा थाना।* निरीक्षक अनिल पटेल: उतई थाना से नंदनी थाना।* निरीक्षक राजकुमार लहरे: पद्मनाभपुर थाना से वैशाली नगर थाना।* निरीक्षक विजय यादव: सुपेला थाना से पुरानी भिलाई थाना।* निरीक्षक अंबर सिंह भारद्वाज: पुरानी भिलाई थाना से सुपेला थाना।* निरीक्षक राजेश साहू: स्मृति नगर चौकी से उतई थाना।* उप निरीक्षक रामनारायण ध्रुव: धमधा थाना से छावनी थाना।* उप निरीक्षक अमित अंदानी: छावनी थाना से स्मृति नगर चौकी।
राजधानी में रुपये दोगुना करने का झांसा देकर पुलिस मुख्यालय में पदस्थ एक डीएसपी से 5 लाख रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। डीएसपी की शिकायत पर सिविल लाइन थाना पुलिस ने वकील नरेश दामोहे समेत तीन आरोपियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस आरोपियों की तलाश में जुट गई है। अब पढ़े क्या है पूरा मामला सिविल लाइन पुलिस के मुताबिक शिकायतकर्ता पुनदास अंचल वर्तमान में पुलिस मुख्यालय रायपुर में उप पुलिस अधीक्षक (डीएसपी) के पद पर पदस्थ हैं। उन्होंने अपनी शिकायत में बताया कि उनकी पहचान पिछले करीब दो वर्षों से नरेश दामोहे से थी। दामोहे खुद को वकील होने के साथ-साथ फाइनेंस का कारोबार करने वाला बताता था। इसी भरोसे का फायदा उठाकर उसने रुपये दोगुना करने का लालच दिया। शिकायत के अनुसार 25 जून को नरेश दामोहे ने फोन कर कमल विहार स्थित एक अस्पताल के सामने बुलाया और कहा कि वह 5 लाख रुपये दोगुना कर बैंक खाते में जमा करा देगा। डीएसपी तय स्थान पर नकदी लेकर पहुंचे, लेकिन आरोपी ने अपने लोगों के नहीं आने की बात कहकर उन्हें अभनपुर रोड स्थित दूसरे स्थान पर बुला लिया। वहां भी काम नहीं होने की बात कहकर रात में मिलने का भरोसा दिया। कार से पैसे लेकर आरोपी हुए फरार रात करीब 9 बजे आरोपी ने उन्हें नेताजी चौक, कटोरा तालाब बुलाया। वहां नरेश दामोहे अपने दो साथियों के साथ मिला और तीनों डीएसपी की कार में बैठकर इलेवन ग्राउंड पहुंचे। इसी दौरान आरोपी के बुलाने पर तीन अन्य लोग भी वहां आ गए और आपस में विवाद करने लगे। शिकायतकर्ता ने बताया कि उन्होंने कार में बैठे आरोपियों से कहा था कि सूटकेस में 5 लाख रुपये रखे हैं और वे बाहर जाकर विवाद देख रहे हैं। विवाद बढ़ने पर उन्हें आशंका हुई कि कहीं उनके साथ भी मारपीट न हो जाए, इसलिए वे वहां से हट गए। कुछ देर बाद जब डीएसपी वापस कार के पास पहुंचे तो वाहन वहीं खड़ा मिला। कार में मोबाइल, दस्तावेज और अन्य सामान सुरक्षित था, लेकिन सूटकेस खोलने पर उसमें रखे 5 लाख रुपये गायब थे। आरोप है कि नरेश दामोहे और उसके साथियों ने मौका पाकर सूटकेस से नकदी निकाल ली। पुलिस ने शिकायत के आधार पर मामला दर्ज कर आरोपियों की तलाश शुरू कर दी है। अब पढ़े पुलिस अधिकारियों ने क्या कहा सिविल लाइन थाना प्रभारी यमन देवांगन ने डीएसपी पुनदास अंचल की शिकायत पर एफआईआर दर्ज करने की पुष्टि की है। निरीक्षक के अनुसार मामलें में जांच की जा रही है और आरोपियों को जल्द गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
झांसी में 21 साल की लड़की ने सुसाइड कर लिया। लड़की घर में अकेली थी। उसके माता-पिता और अन्य परिजन शादी समारोह में गए थे। लड़की के पास एक नोट भी मिला। जिसमें लिखा है- मम्मी-पापा सॉरी। आपको छोड़कर जा रही हूं, अब मुलाकात नहीं होगी। मेरे सुसाइड के पीछे किसी की कोई गलती नहीं है। मेरा जीवन से मन भर गया। मैंने जिंदगी बहुत जी ली, अब मन भर गया। समझ नहीं आ रहा है कि आगे क्या करना है और क्या नहीं करना? इसलिए हमेशा के लिए जा रही हूं। आत्महत्या के पीछे का कारण अभी स्पष्ट नहीं है। पुलिस ने युवती का मोबाइल कब्जे में लिया है। सभी पहलुओं की जांच कर रही है। घटना कोतवाली थाना क्षेत्र में शुक्रवार रात 10 बजे हुई। शनिवार को शव का पोस्टमार्टम कराया गया। अब जानिए पूरा मामला…. टेलीकॉम कंपनी में जॉब करती थी कोतवाली थाना क्षेत्र के सैंयर गेट बाहर मोहल्ले में संतोष देवरिया अपने परिवार के साथ रहते हैं। उनके 3 बेटी और एक बेटा है। बड़ी बेटी मुस्कान (25) की शादी हो चुकी है। दूसरी नंबर की बेटी महक देवरिया (21), उससे छोटी शिल्पा (18) और एक भाई एकलभ्य (14) है। महक ने शुक्रवार रात फंदे से लटककर जान दे दी। चचेरे भाई अभिषेक ने बताया- मेरी बहन महक लक्ष्मीगेट के पास टेलीकॉम कंपनी एयरटेल में जॉब करती थी। उसके मामा के बेटे की शादी थी। इसलिए उसने छुट्टी ले रखी थी। 21 जून को वह परिवार के साथ शादी में गई थी। अभिषेक ने बताया कि 24 जून को शादी का रिशेप्शन था। रिशेप्शन के अगले दिन 25 जून को महक अपने पापा संतोष और बहन शिल्पी के साथ घर आ गई। जबकि महक की मां सीमा और भाई एकलभ्य वहीं रुक गए। पड़ोस में रहने वाले बच्चे ने देखी लाश शुक्रवार को दोबारा मामा के घर जाना था, लेकिन महक ने जाने से मना कर दिया। उसने अपने पापा कहा- मुझे ऑफिस जाना है। पापा-बहन चले गए, जबकि महक घर पर अकेली थी। वह पहले छत पर बैठी रही और फिर नीचे आ गई। कमरे में आकर पंखे पर चुनरी से फंदा बनाकर झूल गई। शाम को बच्चे गली में क्रिकेट खेल रहे थे, तब उनकी बॉल महक के घर में चली गई। पड़ोसी का 12 साल का बेटा घर के अंदर गया तो महक फंदे पर लटकी थी। यह देख वह चीखने-चिल्लाने लगा। तब आसपास के लोग एकत्र हो गए और घरवालों को सूचना दी। सूचना पाकर माता-पिता और परिजन घर पहुंचे और पुलिस को खबर दी। पुलिस ने शव कब्जे में लेकर जांच शुरू कर दी है। मौत की वजह स्पष्ट नहीं महक के सुसाइड के कारणों का पता नहीं चल पाया है। चचेरे भाई अभिषेक ने बताया- महक के पास एक सुसाइड नोट भी मिला। जिसमें लिखा है- मम्मी-पापा सॉरी। आपको छोड़कर जा रही हूं, अब मुलाकात नहीं होगी। मेरे सुसाइड के पीछे किसी की कोई गलती नहीं है। मेरा जीवन से मन भर गया। मैंने जिंदगी बहुत जी ली, अब मन भर गया। समझ नहीं आ रहा है कि आगे क्या करना है और क्या नहीं करना? इसलिए हमेशा के लिए जा रही हूं। पुलिस ने महक का मोबाइल भी बरामद किया है। परिवार को मोबाइल से राज खुलने की संभावना है। -------------------- ये खबर भी पढ़िए… यूपी में सोते वक्त पति को पेट्रोल छिड़ककर जिंदा जलाया:मरने से पहले बोला- प्रेमी संग मिलकर आग लगाई; 10 साल पहले हुई थी शादी यूपी के बागपत में पत्नी ने प्रेमी के साथ मिलकर पति को जिंदा जला दिया। रात में सोते समय पत्नी ने पहले प्रेमी से मंगवाए पेट्रोल को पति पर छिड़का। फिर उसे आग लगा दी। आग की लपटों में घिरा युवक चीखता हुआ घर से बाहर भागा। पढ़ें पूरी खबर…
लुधियाना के शहर के पॉश इलाके मॉल रोड के नजदीक स्थित द कोड फिटनेस प्रीमियम' जिम के बाहर उस समय भारी हंगामा खड़ा हो गया, जब दर्जनों जिम मेंबर्स ने प्रबंधन और मालिक पर धोखाधड़ी की आशंका जताते हुए विरोध प्रदर्शन शुरू कर दिया। विवाद की मुख्य वजह बिना किसी स्पष्ट पूर्व सूचना के जिम को अचानक बंद करना बताई जा रही है। नाराज मेंबर्स ने आरोप लगाते हुए कहा कि उनमें से कई लोगों ने महज एक या दो महीने पहले ही जिम की महंगी मेंबरशिप ली थी। उनका कहना है कि जिम मालिक बिना किसी प्राथमिक सूचना के रातों-रात जिम बंद कर रहे हैं। हालांकि, प्रबंधन की तरफ से मौके पर इसे मेंटेनेंस का काम बताया जा रहा है, लेकिन मेंबर्स को शक है कि जिम मालिक उनका पैसा लेकर फरार हो सकते हैं। प्रदर्शन कर रहे लोगों के मुताबिक मेंबर्स के करीब 3 से 4 लाख रुपये जिम प्रबंधन के पास फंसे हुए हैं। मेंबर्स ने यह भी दावा किया कि सुबह के समय दबाव में आकर कुछ लोगों को उनके पैसे वापस कर दिए गए थे, लेकिन अब बाकी बचे मेंबर्स को रिफंड देने से आनाकानी की जा रही है, जिससे लोगों का गुस्सा और भड़क गया। जिम मालिक ने दी सफाई:आरोप पूरी तरह निराधार, चल रहा है रेनोवेशन दूसरी तरफ जब हंगामे के बीच जिम के मालिक से उनका पक्ष जानने की कोशिश की गई, तो उन्होंने मेंबर्स द्वारा लगाए गए सभी आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया। मालिक ने स्पष्टीकरण देते हुए कहा, हम कोई जिम बंद करके भाग नहीं रहे हैं। हमने पहले ही अपने आधिकारिक सोशल मीडिया अकाउंट्स पर इस बदलाव के बारे में जानकारी दे दी थी, लेकिन कुछ मेंबर्स बात को गलत समझ रहे हैं। हम जिम खाली नहीं कर रहे हैं, बल्कि अंदर की सारी पुरानी मशीनें बदल रहे हैं और पूरे जिम का रेनोवेशन कर रहे हैं। 15 जुलाई तक रिफंड का आश्वासन जिम मालिक ने स्थिति को शांत करने का प्रयास करते हुए आश्वासन दिया है कि जिम का काम पूरा कर इसे नए स्वरूप में दोबारा खोला जाएगा। साथ ही उन्होंने यह भी ऐलान किया है कि जो मेंबर्स अब यहाँ आगे जिम कंटिन्यू नहीं करना चाहते हैं, उनके पैसे 15 जुलाई तक वापस (Refund) कर दिए जाएंगे और उसके बाद जिम को विधिवत रूप से दोबारा शुरू कर दिया जाएगा। फिलहाल, जिम के बाहर गहमागहमी का माहौल बना हुआ है और मेंबर्स अपने पैसों की सुरक्षा को लेकर चिंतित हैं। वही मेंबर्स ने पुलिस को भी शिकायत दे दी है
डबवाली बीजेपी जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा और कालांवाली से बीजेपी के पूर्व चेयरमैन उम्मीदवार रहे टिशू प्रधान से कंट्रोवर्सी खुलकर सामने आ गई है। बीजेपी जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा ने आज शनिवार को कालांवाली रेस्ट हाउस में प्रेस कांफ्रेंस की और परिवारवाद व भ्रष्टाचारा के आरोपों पर सफाई दी। जिलाध्यक्ष रेणू ने मीडिया को दिए बयान में कहा, मेरे समाज का यहां एक घर है, जिसमें चार घर है, बाकी सारा मेरा परिवार है। सबने मेरा साथ दिया। सेवा के माध्मम से काम किया। वर्ष 1994 में मैंने पार्षद का चुनाव लड़ा और जीता। कोई कहे कि ब्राह्मण समाज से पार्षद बनी तो ये गलत है। मंडी के लोगों के साथ मेरा भाईचारा था, सबने सहयोग दिया। यहां की नगर पालिका अध्यक्ष को हराया था और कांग्रेस का राज था। जिलाध्यक्ष बोली, देवर को संगठन ने पद दिए है। मेरे जिलाध्यक्ष बनने से उनका (घनश्याम) नाम था। सीएम विंडो का मेंबर बनाया था। संगठन से उनको पहले ही पद मिले थे। भ्रष्टाचार आरोपों पर रेणू शर्मा ने कहा, आरोप कुछ भी लग सकते हैं। आज तक न मुझे ये पता कि मार्केट कमेटी में क्या हो रहा है तो न ये पता कि डी-प्लान का पैसा कहां से आता है। ये काम न मैंने किया तो न करने दूंगी। यहां सरपंच बैठे हैं तो इनसे पूछ लो। इन्होंने डी-प्लान का पैसा लिया था तो कितना कमीशन लिया। रेणू शर्मा बोली, नहीं पता डी-प्लान का आगे कैसे होता काम रेणू शर्मा बोली, जो लोग कहते हैं, उन्होंने किया है। डी-प्लान के काम का पता है, पर ये नहीं पता कि आगे कैसे होता है। न मेरे देवर ने पैसा नहीं लिया। किसी को कुछ नहीं बनाया। मायके से ज्यादा मैं यहां रही हूं और गांव में पूरा सहयोग मिलता है। इस दौरान उनके साथ बीजेपी नेता पूर्व सांसद चरणजीत रोड़ी व अन्य कार्यकर्ता मौजूद रहे। टिशू प्रधान बोले, मुझे तवज्जों नहीं मिली इस बारे में टिशू प्रधान ने कहा, मैंने भी डबवाली जिलाध्यक्ष की प्रेस कांफ्रेंस देखी है, जिसमें उन्होंने आरोपों पर सफाई दी है। डबवाली संगठन में परिवारवाद के आरोप शुरू से लग रहे हैं। मेरे साथ भी ऐसा हो चुका है। मुझे संगठन में जिलाध्यक्ष रेणू शर्मा की ओर से तवज्जों नहीं दी गई। ऐसा चुनाव के बाद ज्यादा हुआ है। चुनाव में इस तरह की दिक्कत नहीं थी। इसी बात से मुझे शिकायत थी। कई बार देखा जा सकेगा। अब तो परिवारवाद ही देखने को मिलता है।
उकलाना विधायक नरेश सेलवाल ने प्रदेश सरकार पर किसानों को पर्याप्त बिजली उपलब्ध कराने में विफल रहने का आरोप लगाया है। शनिवार को अपने उकलाना स्थित आवास पर क्षेत्रवासियों की जनसमस्याएं सुनने के दौरान उन्होंने कहा कि उकलाना और भूना बिजली विभाग में एसडीओ के पद लंबे समय से खाली पड़े हैं, जिस कारण किसानों और आम लोगों की समस्याओं का समय पर समाधान नहीं हो पा रहा है। विधायक ने कहा कि हाल ही में आए तेज तूफान से क्षेत्र में बड़ी संख्या में बिजली के पोल और तार क्षतिग्रस्त हो गए थे। वर्तमान में धान की बिजाई का महत्वपूर्ण समय चल रहा है और किसानों को सिंचाई के लिए नियमित बिजली की आवश्यकता है, लेकिन पर्याप्त बिजली आपूर्ति नहीं मिलने से उन्हें भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। कई गांव के किसान, ग्रामीण शिकायत लेकर पहुंचे उन्होंने बताया कि उनके आवास पर गांव बिठमड़ा, सुरेवाला, मदनपुरा, दौलतपुर, किरमारा, लितानी सहित कई गांवों के किसान बिजली संबंधी शिकायतें लेकर पहुंचे। किसानों ने बताया कि विभागीय अधिकारियों के अभाव में उनकी समस्याओं का समाधान नहीं हो रहा और उन्हें बार-बार बिजली कार्यालयों के चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। नरेश सेलवाल ने कहा कि गांव बिठमड़ा और बूढ़ाखेड़ा के किसानों ने ट्यूबवेल बिजली कनेक्शन के लिए निर्धारित सिक्योरिटी राशि और अन्य शुल्क जमा करवा दिए थे, लेकिन बाद में विभाग ने उनकी सिक्योरिटी रद्द कर दी। इससे किसान लंबे समय से नए ट्यूबवेल कनेक्शन के लिए भटकने को मजबूर हैं। किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति देने की मांग विधायक ने प्रदेश सरकार से मांग की कि धान की बिजाई के मद्देनजर किसानों को निर्बाध बिजली आपूर्ति सुनिश्चित की जाए, लंबित ट्यूबवेल कनेक्शन शीघ्र जारी किए जाएं तथा उकलाना और भूना बिजली विभाग में रिक्त एसडीओ के पदों पर जल्द नियुक्तियां की जाएं, ताकि किसानों और आम जनता को राहत मिल सके।
सतना में न्यू पुलिस लाइन में गिरी जर्जर छत:16 साल पुरानी इमारत में खेल रहे बच्चे बाल-बाल बच गए
सतना के सिविल लाइन स्थित न्यू पुलिस लाइन में शनिवार को एक बड़ा हादसा टल गया। बी ब्लॉक की एक जर्जर आवासीय इमारत से छत का प्लास्टर अचानक भरभराकर नीचे गिर गया। जिस जगह प्लास्टर गिरा, उसके आसपास बच्चे खेल रहे थे, लेकिन वे समय रहते हट गए, जिससे कोई जनहानि नहीं हुई। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि यह घटना दोपहर के समय हुई। छत का एक बड़ा हिस्सा टूटकर नीचे आ गिरा, जिससे वहां रखी कुर्सियां और अन्य घरेलू सामान क्षतिग्रस्त हो गए। तेज आवाज सुनकर आसपास के लोग तत्काल मौके पर पहुंचे। यह इस तरह की पहली घटना नहींस्थानीय निवासियों के अनुसार, यह इस तरह की पहली घटना नहीं है। दो दिन पहले भी इसी भवन से छत का प्लास्टर गिरा था। लगातार हो रही इन घटनाओं के बावजूद जिम्मेदार अधिकारियों द्वारा कोई ठोस कदम नहीं उठाए जाने से पुलिस कर्मचारियों और उनके परिवारों की सुरक्षा पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। न्यू पुलिस लाइन की इन इमारतों का निर्माण लगभग 16 वर्ष पहले किया गया था। वर्षों से उचित रखरखाव और मरम्मत के अभाव में ये भवन जर्जर हो चुके हैं। कई स्थानों पर दीवारों में दरारें पड़ गई हैं और छतों से प्लास्टर उखड़ रहा है, जिससे ये कभी भी बड़े हादसे का कारण बन सकते हैं। कई बार शिकायतें की जा चुकींरहवासियों का आरोप है कि भवनों की खराब स्थिति के बारे में कई बार अधिकारियों को शिकायत की जा चुकी है, लेकिन अभी तक कोई प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई है। यदि समय रहते इन इमारतों की मरम्मत नहीं कराई गई, तो भविष्य में कोई गंभीर हादसा होने की आशंका बनी हुई।
गोड्डा जिले के महागामा थाना क्षेत्र में एक सड़क हादसे में एक व्यक्ति की मौत हो गई, जबकि एक अन्य घायल हो गया। यह घटना बसंतराय प्रखंड के मेदनी चौक के पास हुई, जहां एक अनियंत्रित बाइक पुल के डिवाइडर से टकराकर खाई में जा गिरी। मृतक की पहचान ललमटिया थाना क्षेत्र के लीलातरी गांव निवासी ताला हेंब्रम (45) के रूप में हुई है। उनके पिता का नाम भगन हेंब्रम है। बताया गया कि ताला हेंब्रम पथरगामा प्रखंड के मटिहानी गांव में एक शादी समारोह में शामिल होने गए थे। वहां से लौटते समय वे बाबूजी टुडू के साथ बाइक पर सवार थे। बसंतराय प्रखंड के मेदनी चौक स्थित पुल के पास उनकी बाइक अचानक अनियंत्रित हो गई। बाइक डिवाइडर से टकराई और पुल के नीचे नदी किनारे खाई में जा गिरी। इस दुर्घटना में ताला हेंब्रम की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि बाबूजी टुडू घायल हो गए। हादसे के बाद स्थानीय लोग तुरंत मौके पर पहुंचे और दोनों को खाई से बाहर निकाला। सूचना मिलने पर पुलिस और एंबुलेंस भी घटनास्थल पर पहुंची। पुलिस ने शव को पोस्टमॉर्टम के लिए गोड्डा सदर अस्पताल भेज दिया है। वहीं, घायल बाबूजी टुडू का इलाज जारी है।
बारां जिले की मोठपुर थाना पुलिस ने सट्टे के अवैध कारोबार पर बड़ी कार्रवाई करते हुए आदतन सटोरिए रईस उर्फ अब्दुल रईस अंसारी और उसके परिवार के बैंक खातों में जमा 96 लाख 97 हजार 245 रुपए की राशि फ्रीज कर दी है। पुलिस जांच में सामने आया कि आरोपी साल 2002 से सट्टे की खाईवाली कर अवैध संपत्ति अर्जित कर रहा था। जांच में करोड़ों रुपए के बैंक ट्रांजेक्शन, लाखों की एफडी, जमीन, मकान और वाहन भी अवैध कमाई से खरीदे जाने के संकेत मिले हैं। 24 साल से सट्टे का धंधा, 11 मामलों में सजायाफ्ता एसपी अभिषेक अंदासु ने बताया कि जुआ, सट्टा, अवैध शराब और मादक पदार्थों के खिलाफ चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत यह कार्रवाई की गई। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक डॉ. कमल जांगिड़ और अटरू वृत्ताधिकारी रामानंद यादव के निर्देशन में मोठपुर थाना पुलिस ने बडौरा निवासी रईस उर्फ अब्दुल रईस अंसारी के आपराधिक रिकॉर्ड और बैंक खातों की जांच की। जांच में सामने आया कि आरोपी वर्ष 2002 से सट्टे की खाईवाली कर रहा था। उसके खिलाफ मोठपुर थाने में आरपीजीओ एक्ट के तहत 11 प्रकरण दर्ज हैं और वह सभी मामलों में सजायाफ्ता है। आय का वैध स्रोत नहीं, फिर भी लाखों की एफडी और बैंक जमा पुलिस जांच में पाया गया कि रईस, उसकी पत्नी सलमा और बेटे शाहिद अहमद के पास आय का कोई वैध स्रोत नहीं होने के बावजूद बैंक खातों और एफडी में लाखों रुपए जमा हैं। रईस के नाम 14 एफडी में 69.44 लाख रुपए तथा 9 बचत खातों में 27.52 लाख रुपए जमा मिले, जिन्हें फ्रीज कर दिया गया। पत्नी सलमा के नाम 5 एफडी और एक बचत खाते में भी लाखों रुपए जमा पाए गए। बेटे के खातों में दो करोड़ का ट्रांजेक्शन जांच के दौरान बेटे शाहिद अहमद के तीन खातों में करीब 89 हजार रुपए शेष मिले। वहीं वर्ष 2019 से 2026 के बीच उसके दो बैंक खातों में करीब दो करोड़ रुपए का क्रेडिट ट्रांजेक्शन सामने आया। पुलिस का कहना है कि यह राशि सट्टे के अवैध कारोबार से अर्जित की गई है। जमीन, मकान और वाहन भी जांच के दायरे में पुलिस के अनुसार आरोपी ने अवैध कमाई से करीब 25 लाख रुपए की कृषि भूमि, 30 लाख रुपए का दो मंजिला मकान, पत्नी के नाम 20 लाख रुपए का भूखंड व मकान खरीदा। इसके अलावा मारुति ईको कार और हीरो पैशन प्रो बाइक भी खरीदी गई। पुलिस अब अवैध संपत्ति और बैंक लेन-देन की विस्तृत जांच कर रही है। कांस्टेबल चंद्र सिंह की रही अहम भूमिका इस पूरी कार्रवाई में मोठपुर थाना के कांस्टेबल चंद्र सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही। पुलिस का कहना है कि अवैध कमाई और संपत्तियों से जुड़े अन्य पहलुओं की जांच जारी है।
राजस्थान में सफाई कर्मचारी भर्ती को लेकर चल रहा आंदोलन अब उग्र रूप में पहुंच गया है। भर्ती प्रक्रिया में अपनी मांगों को लेकर प्रदेशभर के सफाई कर्मचारियों ने शनिवार से सामूहिक अवकाश पर जाकर सफाई कार्य का बहिष्कार शुरू कर दिया। हड़ताल के पहले ही दिन राजधानी जयपुर समेत कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित नजर आई। इस दौरान जयपुर के बड़ी चौपड़ पर प्रदर्शन कर रहे सफाई कर्मचारियों ने कचरा लेकर जा रहे एक ट्रैक्टर को रोक लिया उसे सड़क पर ही खाली करवा दिया। बड़ी चौपड़ के साथ ही छोटी चौपड़, जौहरी बाजार, राजा पार्क और परकोटे के प्रमुख बाजार में सड़क पर कचरा फैलाकर कर्मचारियों ने सरकार के खिलाफ झाड़ू नीचे रखकर विरोध प्रदर्शन किया। संयुक्त वाल्मीकि एवं सफाई श्रमिक संघ के अध्यक्ष नंदकिशोर डंडोरिया ने बताया कि पिछले कई दिनों से सफाई कर्मचारी शांतिपूर्ण धरना, प्रदर्शन और भूख हड़ताल के माध्यम से अपनी मांगें सरकार तक पहुंचाने का प्रयास कर रहे थे। इसके बावजूद सरकार की ओर से कोई सकारात्मक पहल नहीं हुई। इसी कारण आंदोलन को अगले चरण में ले जाने का फैसला लिया गया है। उन्होंने कहा कि यह आंदोलन केवल भर्ती का मुद्दा नहीं, बल्कि सफाई कर्मचारियों के भविष्य और अधिकारों की लड़ाई है। अगर इस बार मांगों पर निर्णय नहीं हुआ, तो आने वाले समय में सफाई कर्मचारियों के रोजगार और सामाजिक सुरक्षा पर भी असर पड़ सकता है। उन्होंने प्रदेशभर के सभी सफाई कर्मचारियों से आंदोलन में एकजुट रहने की अपील की। दरअसल, सफाई कर्मचारी संगठनों की मांग है कि भर्ती प्रक्रिया में परंपरागत रूप से सफाई कार्य से जुड़े परिवारों को प्राथमिकता दी जाए। इसके अलावा पूर्व भर्ती से जुड़े न्यायालयीन मामलों में पात्र अभ्यर्थियों को नियुक्ति देने, वर्तमान में सफाई कार्य कर रहे कर्मचारियों को प्राथमिकता देने और भर्ती प्रक्रिया को यूनियन के साथ हुए समझौते के अनुसार पूरा करने की मांग भी की जा रही है। संगठनों ने ठेका प्रथा समाप्त कर आउटसोर्सिंग व्यवस्था खत्म करने, निकाय कोष से नियमित भुगतान सुनिश्चित करने, भर्ती प्रक्रिया में तीन गुना लॉटरी प्रणाली लागू करने और चयनित कर्मचारियों को दो वर्ष की सेवा के बाद स्थायी करने की मांग भी सरकार के सामने रखी है। हड़ताल के पहले दिन ही जयपुर सहित कई शहरों में सफाई व्यवस्था प्रभावित होने लगी। कई स्थानों पर कचरा समय पर नहीं उठ सका, जिससे सड़कों और सार्वजनिक स्थानों पर गंदगी नजर आई। ऐसे में अगर सरकार और सफाई कर्मचारी संगठनों के बीच जल्द सहमति नहीं बनती है। तो आने वाले दिनों में प्रदेश के शहरी क्षेत्रों में सफाई व्यवस्था पर इसका व्यापक असर पड़ सकता है।
उदयपुर में बारिश के साथ ठंडी हवा चली:किसान बोले- मक्का, सोयाबीन, उड़द और मूंग की फसल को होगा फायदा
उदयपुर में शनिवार दोपहर बाद मौसम अचानक बदल गया। शहर में जहां कई इलाकों में बारिश हुई, वहीं जिले के वल्लभनगर कस्बे और आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में तेज बारिश दर्ज की गई। बारिश के साथ चली ठंडी हवा ने कई दिनों से पड़ रही गर्मी और उमस से लोगों को राहत दिलाई। वल्लभनगर कस्बे के अलावा गुमानपुरा, भानामंगरा, रुपावली, विजयपुरा सहित कई गांवों में अच्छी बारिश हुई। मावली ब्लॉक के सिंधु क्षेत्र में भी पलाना कलां, पलाना खुर्द, सिंधु, महुडा, वारनी और आसपास के गांवों में तेज बारिश हुई। वल्लभनगर के रूण्डेडा गांव में भी दोपहर बाद हुई बारिश से लोगों ने राहत महसूस की। बारिश के बाद तापमान में गिरावट आने से वातावरण में ठंडक घुल गई। पिछले कई दिनों से तेज धूप और उमस के कारण जनजीवन प्रभावित हो रहा था, लेकिन बारिश ने लोगों को राहत पहुंचाई। खरीफ के लिए अच्छे संकेत किसानों ने इस बारिश को खरीफ सीजन के लिए शुभ संकेत बताया है। उनका कहना है कि खेतों में बोई गई मक्का, सोयाबीन, उड़द और मूंग जैसी फसलों को पर्याप्त नमी मिलेगी, जिससे उनकी बढ़वार बेहतर होगी। किसानों को उम्मीद है कि यदि अगले कुछ दिनों तक इसी तरह समय-समय पर बारिश होती रही तो उत्पादन भी अच्छा रहेगा। मौसम विभाग के अनुसार शुक्रवार को उदयपुर का अधिकतम तापमान 37.2 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम तापमान 25.5 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया था। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी जिले के कुछ क्षेत्रों में हल्की से मध्यम बारिश की संभावना जताई है। मौसम एक्सपर्ट डॉ.आर.एस.देवड़ा के अनुसार दक्षिणी राजस्थान मे प्री मानसून से खण्ड वर्षा होने की संभावना है। उदयपुर में आने वाले दो से तीन दिनों तक खण्ड वर्षा होगी और बादल छाए रहेंगे। तापमान मे कमी होगी लेकिन नमी के कारण उमस वाली गर्मी बनी रहेगी। इनपुट: रमेश डांगी, विजय प्रकाश पाटीदार, लखन मेनारिया
सोनीपत के गांव रसूलपुर में संदिग्ध हालत में 21 वर्षीय युवक द्वारा फंदा लगाकर आत्महत्या करने का मामला सामने आया है। मृतक के परिजनों ने पड़ोसियों पर लगातार जान से मारने की धमकी देने, पैसों की मांग करने और मानसिक रूप से प्रताड़ित करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराकर परिजनों को सौंप दिया है और पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है। हिमांशु के चाचा प्रवीण ने बताया कि कुछ दिन पहले पड़ोस में रहने वाले एक युवक ने उनके परिवार पर अपने घर में पत्थर फेंकने का आरोप लगाया था। परिवार ने इन आरोपों से इनकार किया तो विवाद बढ़ गया। आरोप है कि इसके बाद दूसरे पक्ष के लोग डंडे लेकर गली में पहुंचे और परिवार पर हमला कर दिया। मारपीट में चाचा का हाथ टूटा, हिमांशु भी हुआ था घायल प्रवीण ने बताया कि मारपीट के दौरान उनका हाथ टूट गया, जबकि बचाव करने आए हिमांशु को भी चोटें लगी थीं। दोनों इलाज और मेडिकल कराने के लिए सोनीपत के नागरिक अस्पताल पहुंचे थे। आरोप है कि वहां भी दूसरे पक्ष के लोगों ने उन्हें जान से मारने की धमकियां दीं। फोन पर मिल रही थीं जान से मारने की धमकी परिजनों का आरोप है कि मारपीट की घटना के बाद भी पड़ोसी लगातार उन्हें धमका रहे थे। हिमांशु के मोबाइल फोन पर बार-बार कॉल कर जान से मारने की धमकी दी जाती थी और पैसों की मांग की जा रही थी। लगातार मिल रही इन धमकियों से हिमांशु मानसिक रूप से परेशान और डरा हुआ था। घर में अकेला था, फंदा लगाकर दी जान परिवार के अनुसार, शनिवार को घर पर कोई मौजूद नहीं था। इसी दौरान हिमांशु ने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का कहना है कि हिमांशु ने पहले ही उन्हें बताया था कि आरोपियों के लगातार फोन आ रहे हैं और उसे जान से मारने की धमकियां दी जा रही हैं। उन्होंने कहा कि मारपीट में उन्हें और हिमांशु को चोटें आई थीं, जिसकी पुष्टि मेडिकल रिपोर्ट में भी हुई है। परिजन मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। इकलौते बेटा था हिमांशु, परिवार में मातम हिमांशु अपने माता-पिता का इकलौता बेटा था। उसके पिता दिहाड़ी मजदूरी कर परिवार का पालन-पोषण करते हैं। परिवार में उसकी दो बहनें भी हैं। युवक की मौत के बाद पूरे गांव में शोक का माहौल है और परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल है। दोनों पक्षों ने करवाया है केस दर्ज परिजनों ने बताया कि मारपीट की घटना के बाद दोनों पक्षों की ओर से पहले ही पुलिस में केस दर्ज किए जा चुके हैं। अब हिमांशु की आत्महत्या के बाद पुलिस पूरे घटनाक्रम की जांच कर रही है। वहीं परिजनों ने आरोप लगाया है कि लगातार मिल रही धमकियों और मानसिक प्रताड़ना के कारण ही हिमांशु ने यह कदम उठाया। पुलिस का कहना है कि सभी पहलुओं को ध्यान में रखते हुए मामले की निष्पक्ष जांच की जा रही है।
छत्तीसगढ़ के रायगढ़ जिला में हाथी को पत्थर मारने और उसे दौड़ा कर भगाने का वीडियो आया है। जिसमें देखा जा रहा है कि काफी संख्या में ग्रामीण हल्ला गुल्ला करते हुए हाथियों को दौड़ा रहे हैं। वहीं मामले की जानकारी लगने के बाद विभागीय अमला मौके पर पहुंचकर ग्रामीणों को निश्चित दूरी बनाए रखने की समझाइए देते हुए हाथियों पर निगरानी कर रहा है। मिली जानकारी के मुताबिक शनिवार की सुबह तकरीबन 5 से 6 बजे के बीच दो हाथी छाल रेंज की ओर से घरघोड़ा वन परिक्षेत्र के छर्राटांगर क्षेत्र में पहुंच गए। जहां दोनों हाथी ग्रामीणों के खेत में घुसे, तभी इसकी जानकारी गांव के लोगों को लग गई। ऐसे में धीरे-धीरे काफी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ मौके पर पहुंच गई और ग्रामीणों के द्वारा उसे भगाने के लिए हल्ला गुल्ला करते हुए दौड़ाने लगे। वहीं एक वीडियो भी सामने आया है जिसमें ग्रामीण हाथी पर पत्थर फेंकते और उसके पास फटाका जलाकर फेंकते नजर आ रहे हैं। अब यह वीडियो वायरल हो रहा है। वहीं इसकी जानकारी लगने के बाद वन अमला मौके पर पहुंचा और ग्रामीणों को हाथियों से दूरी बनाए रखने की समझाइए दे रहे हैं। चिन्हित कर करेंगे कार्रवाई इस संबंध में घरघोड़ा प्रभारी रेंजर विक्रांत कुमार ने बताया कि सूचना मिलते ही विभागीय अमला मौके पर पहुंचा। जो वीडियो सामने आया है उसमें देखा जा रहा है कि ग्रामीण उसे दौड़ा रहे हैं और उसे परेशान कर रहे हैं। ऐसे में उन लोगों को चिन्हित किया जाएगा और इस तरह की हरकत करने वालों पर कार्रवाई की जाएगी। जिले में 162 हाथियों की मौजूदगी रायगढ़ जिला के धर्मजयगढ़ और रायगढ़ वन मंडल में 162 हाथियों की मौजूदगी है। इसमें धर्मजयगढ़ वन मंडल में 132 और रायगढ़ वन मंडल में 30 हाथी विचरण कर रहे हैं। जिसमें 44 नर, 87 मादा व 31 शावक शामिल हैं।
राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (SET-2026) की परीक्षा तिथि में बदलाव किया गया है। अब यह परीक्षा 6 सितंबर के बजाय 13 सितंबर 2026 को आयोजित होगी। परीक्षा कार्यक्रम में बदलाव के साथ इस वर्ष दो नए विषय भी शामिल किए गए हैं। संशोधित शेड्यूल जारी होने के बाद अभ्यर्थियों को तैयारी के लिए अतिरिक्त समय मिलेगा। परीक्षा से जुड़ी अन्य व्यवस्थाएं पूर्व निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार ही रहेंगी। कोटा यूनिवर्सिटी के कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि CTET परीक्षा को ध्यान में रखते हुए राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा-2026 की तारीख में बदलाव किया गया है। राजस्थान सरकार के उच्च शिक्षा विभाग के निर्देशानुसार इस साल राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (सेट-2026) के आयोजन की जिम्मेदारी कोटा विश्वविद्यालय को सौंपी गई है। दो नए विषय शामिल इस साल राजस्थान राज्य पात्रता परीक्षा (SET-2026) में जनसंचार एवं पत्रकारिता व संस्कृत (पारंपरिक) विषयों को पहली बार शामिल किया गया है। इसके साथ ही कोटा विश्वविद्यालय अब कुल 37 विषयों में परीक्षा आयोजित करेगा। कुलगुरु प्रो. बी.पी. सारस्वत ने बताया कि यह निर्णय यूजीसी-नेट के विषयों के अनुरूप लिया गया है। उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय को इन दोनों विषयों को शामिल किए जाने के लिए कई आवेदन व मांग-पत्र प्राप्त हो रहे थे। विद्यार्थियों के हितों को ध्यान में रखते हुए इन विषयों को जोड़ा गया है, जिससे प्रदेशभर के अभ्यर्थियों को अधिक विषयों में पात्रता परीक्षा देने का अवसर मिलेगा और उच्च शिक्षा के क्षेत्र में उनके लिए नए अवसर उपलब्ध होंगे। परीक्षा पद्धति सेट-2026 का आयोजन यूजीसी-नेट के नवीनतम मानकों के अनुरूप ऑफलाइन (OMR आधारित) पद्धति से किया जाएगा। परीक्षा में दो प्रश्नपत्र होंगे, जिनमें कुल 150 बहुविकल्पीय प्रश्न पूछे जाएंगे। प्रथम प्रश्नपत्र में शिक्षण एवं शोध अभिक्षमता, तार्किक क्षमता तथा सामान्य बौद्धिक दक्षता से संबंधित 50 प्रश्न होंगे, जबकि द्वितीय प्रश्नपत्र में अभ्यर्थी द्वारा चयनित विषय से संबंधित 100 प्रश्न शामिल होंगे। दोनों प्रश्नपत्रों के लिए कुल 300 अंक निर्धारित किए गए हैं परीक्षा अवधि तीन घंटे होगी। परीक्षा में किसी प्रकार का नकारात्मक अंकन नहीं किया जाएगा और प्रत्येक सही उत्तर के लिए दो अंक प्रदान किए जाएंगे।
भिवानी के वस्त्र विज्ञान एवं प्रौद्योगिकीय संस्थान टीआईटी में अत्याधुनिक हाईटेक कम्पोजिट साइंस एवं इंजीनियरिंग प्रयोगशाला की शुरु की गई। संस्थान के निदेशक प्रो. बीके बेहरा ने प्रयोगशाला की विशेषताओं एवं भावी उपयोगों की जानकारी दी। इसका उद्घाटन संस्थान के पूर्व छात्र एवं उद्योगपति सुभाष भार्गव ने किया। प्रो. बीके बेहरा ने बताया कि यह प्रयोगशाला उत्तर भारत की सबसे आधुनिक कम्पोजिट इंजीनियरिंग प्रयोगशालाओं में से एक है। जिसमें अत्याधुनिक परीक्षण, निर्माण एवं विश्लेषण संबंधी सुविधाएं उपलब्ध कराई हैं। कम्पोजिट सामग्री विज्ञान एवं इंजीनियरिंग वर्तमान समय में एयरोस्पेस, ऑटोमोबाइल, रक्षा, खेल उपकरण, चिकित्सा उपकरणों तथा उन्नत विनिर्माण उद्योगों का एक महत्वपूर्ण आधार बन चुकी है। इस प्रयोगशाला की स्थापना से न केवल विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों को अत्याधुनिक तकनीकों पर कार्य करने का अवसर मिलेगा, बल्कि उद्योगों और शिक्षण संस्थानों के बीच सहयोग को भी नई दिशा प्राप्त होगी। सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की उन्होंने कहा कि संस्थान में कलरेंट लिमिटेड के सहयोग से एक सेंटर ऑफ एक्सीलेंस की स्थापना की है, जिसके माध्यम से उद्योग-अकादमिक सहयोग, अनुसंधान एवं कौशल विकास गतिविधियों को और अधिक सुदृढ़ बनाया जाएगा। टीआईटी एंड साइंसेज ने गत वर्ष देश में अपनी तरह का पहला करियर उन्मुख मास्टर डिग्री कार्यक्रम एमटेक/मास्टर्स इन कम्पोजिट साइंस एंड इंजीनियरिंग प्रारंभ किया था। यह कार्यक्रम विद्यार्थियों, इंजीनियरों एवं शोधार्थियों को उभरती हुई कम्पोजिट प्रौद्योगिकियों के क्षेत्र में विशेषज्ञता प्रदान करने के उद्देश्य से शुरू किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा सहित देश के विभिन्न उद्योगों, विज्ञान विषयों के स्नातकोत्तर विद्यार्थियों, इंजीनियरों, शोधार्थियों तथा संबंधित क्षेत्रों के विशेषज्ञों के लिए यह प्रयोगशाला अनुसंधान, प्रशिक्षण एवं परीक्षण कार्यों के लिए अत्यंत उपयोगी सिद्ध होगी।
करनाल के असंध स्थित SDM ऑफिस में तैनात एक क्लर्क को रिश्वत मांगने के आरोप में पुलिस ने गिरफ्तार किया है। आरोपी को आज कोर्ट में पेश कर रिमांड पर लिया गया। आरोपी पर जमीन के एक सौदे में कागजात और औपचारिकताएं पूरी करवाने के बदले मोटी रकम मांगने का आरोप है। करीब 7 महीने पहले शिकायत मिलने के बाद जांच चली और अब ऑडियो सामने आने पर पुलिस ने कार्रवाई करते हुए आरोपी को पकड़ लिया। डीएसपी गोरखपाल राणा ने बताया कि करीब 7 महीने पहले ज्ञानचंद के बेटे हरीश की ओर से शिकायत दी गई थी। शिकायत के साथ एक ऑडियो रिकॉर्डिंग भी दी गई थी, जिसमें क्लर्क विक्रम रुपए की मांग करता सुनाई दे रहा था। पुलिस ने ऑडियो की जांच करवाई और इसके बाद करनाल के कमिश्नर से अनुमति लेकर केस दर्ज किया गया। 25 जून को गिरफ्तार, एक दिन का रिमांड डीएसपी के अनुसार, 25 जून को आरोपी विक्रम को खेड़ी सरफली के पास से गिरफ्तार किया गया। उसे कोर्ट में पेश कर एक दिन के रिमांड पर लिया गया। रिमांड के दौरान उससे गहन पूछताछ की गई। रिमांड पूरा होने के बाद दोबारा कोर्ट में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। साढ़े 11 लाख में तय हुई थी डील जांच में सामने आया कि एक जमीन का सौदा हुआ था। उस जमीन के सभी कागजात और औपचारिकताएं पूरी करवाने के बदले आरोपी ने साढ़े 11 लाख रुपए की मांग की थी। उसने शिकायतकर्ता को भरोसा दिलाया था कि वह पूरा काम खुद करवा देगा। 26 जून को आरोपी के खाते से 50 हजार रुपए भी बरामद किए गए हैं। ‘साहब को देने हैं पैसे’ ऑडियो में दावा डीएसपी ने बताया कि ऑडियो में आरोपी यह भी कह रहा है कि यह पैसे उसे आगे “साहब” को देने हैं। अब पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि यह “साहब” कौन है। इसके लिए आरोपी से लगातार पूछताछ की जा रही है और अन्य लोगों की भूमिका भी खंगाली जा रही है। बताया गया कि आरोपी पहले असंध में एसडीएम के पास ड्यूटी दे चुका है, बाद में वह तहसीलदार के पास लगाया गया था। पिछले करीब छह महीने से वह सस्पेंड चल रहा था और उसकी तैनाती करनाल मुख्यालय पर थी। अन्य कर्मचारियों की भूमिका भी जांच में पुलिस के अनुसार, इस मामले में विभाग के कुछ अन्य लोगों के नाम भी सामने आ रहे हैं। उनकी भूमिका की भी जांच की जा रही है और दोषी पाए जाने पर उनके खिलाफ भी कार्रवाई की जाएगी। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की गहनता से जांच में जुटी है।
विदिशा शहर में एसबीआई गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच के बीच एक बैंककर्मी ने शनिवार को खुद को गोली मार ली। जांच के दायरे में आए बैंककर्मी मनोज सोनी ने अपने खामखेड़ा स्थित फार्म हाउस पर कथित तौर पर छर्रे वाली बंदूक से गोली मारी। गंभीर हालत में उन्हें पहले जिला अस्पताल, फिर मेडिकल कॉलेज ले जाया गया, जहां से प्राथमिक उपचार के बाद भोपाल रेफर कर दिया गया। जानकारी के अनुसार, विदिशा में करोड़ों रुपए के कथित एसबीआई गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच केंद्रीय एजेंसी द्वारा की जा रही है। इसी जांच के दौरान बैंककर्मी मनोज सोनी का नाम सामने आया था। बताया जा रहा है कि घटना के समय वह अपने फार्म हाउस पर मौजूद रहे। मेडिकल कॉलेज से भोपाल रेफरफार्म हाउस पर मौजूद कर्मचारियों ने घटना के तत्काल बाद परिजनों को सूचना दी। इसके बाद मनोज सोनी को इलाज के लिए जिला अस्पताल पहुंचाया गया। चिकित्सकों के अनुसार, छर्रे उनके शरीर के ऊपरी हिस्से में लगे हैं, जिनमें से एक छर्रा दिल के पास लगने की बात सामने आई है। उनकी गंभीर स्थिति को देखते हुए उन्हें मेडिकल कॉलेज से भोपाल रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। पुलिस घटनास्थल से जुड़े तथ्यों और परिस्थितियों की पड़ताल कर रही है। गौरतलब है कि इस घटना से दो दिन पहले जांच एजेंसी ने गोल्ड लोन फर्जीवाड़े की जांच के दौरान मनोज सोनी के परिवार से जुड़े एमपी ज्वैलर्स प्रतिष्ठान पर कार्रवाई की थी। घटना के कारणों को लेकर पुलिस और संबंधित एजेंसियों की ओर से आधिकारिक पुष्टि का इंतजार है।
इंदाैर के राजवाड़ा स्थित अटाला बाजार में नगर निगम के अतिक्रमण हटाओ अभियान के दौरान शुक्रवार को विवाद खड़ा हो गया। कार्रवाई के बाद स्थानीय व्यापारियों और फुटपाथ विक्रेताओं ने निगम के रिमूवल दल पर गंभीर आरोप लगाते हुए निष्पक्ष जांच की मांग की है। व्यापारियों का आरोप है कि निगम की रिमूवल टीम (पीली गैंग) कार्रवाई से पहले पैसों की मांग करती है, फिर रुपए लेने के बावजूद सामान जब्त करने और कार्रवाई करने से नहीं चूकती। यदि इस प्रकार की कार्यशैली जारी रही तो वे आंदोलन करने के लिए मजबूर होंगे। रिमूवल दल का सुपरवाइजर करता है अभद्रता कई फुटपाथ विक्रेताओं और व्यापारियों ने आरोप लगाया कि अभियान के दौरान रिमूवल दल के एक सुपरवाइजर ने उनके साथ अभद्र व्यवहार किया। उनका कहना है कि अधिकारी ने गाली-गलौज करते हुए सामान जब्त किया, जिससे क्षेत्र में तनाव की स्थिति बन गई। दोषी कर्मचारियों पर कार्रवाई की मांग प्रभावित व्यापारियों का कहना है कि वे अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई के विरोध में नहीं हैं, लेकिन कार्रवाई कानून के दायरे में, पारदर्शी तरीके से और सम्मानजनक व्यवहार के साथ की जानी चाहिए। उन्होंने पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषी कर्मचारियों के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है।
बहादुरगढ़ में भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय सचिव ओमप्रकाश धनखड़ ने शनिवार को पंजाब की आम आदमी पार्टी सरकार पर तीखा हमला बोला। पंजाब दौरे से लौटने के बाद उन्होंने दावा किया कि राज्य की जनता अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व पर भरोसा जता रही है और भाजपा के साथ आने के लिए तैयार है। उन्होंने कहा कि आम आदमी पार्टी लोगों की अपेक्षाओं पर खरी नहीं उतरी है। धनखड़ ने मुख्यमंत्री भगवंत मान पर निशाना साधते हुए कहा कि उन्हें पंजाब में एक दिन भी सत्ता में नहीं रहना चाहिए। उनका आरोप था कि राज्य सरकार जनहित के मुद्दों पर पूरी तरह विफल रही है और जनता बदलाव का मन बना चुकी है। उन्होंने कहा कि भाजपा पंजाब में एक मजबूत विकल्प के रूप में उभर रही है। उन्होंने कहा कि पंजाब में गुरुओं की बेअदबी का मामला बेहद संवेदनशील और ज्वलंत विषय है। राज्य सरकार इस मुद्दे पर लोगों की भावनाओं के अनुरूप कार्रवाई करने में असफल रही है, जिसके कारण लोगों में नाराजगी है। बहादुरगढ़ में आयोजित कार्यक्रम के दौरान धनखड़ ने भाजपा की नवनियुक्त हरियाणा प्रदेशाध्यक्ष अर्चना गुप्ता का स्वागत किया। उन्होंने कहा कि अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में हरियाणा में भाजपा का संगठन और अधिक मजबूत होगा तथा पार्टी का जनाधार बढ़ेगा। धनखड़ ने कहा कि हरियाणा भाजपा के इतिहास में अर्चना गुप्ता दूसरी महिला प्रदेशाध्यक्ष हैं। उन्होंने इसे महिलाओं को नेतृत्व में आगे बढ़ाने की दिशा में महत्वपूर्ण निर्णय बताते हुए कहा कि नारी वंदन की भावना को मजबूत करने की शुरुआत हरियाणा से हुई है और अर्चना गुप्ता के नेतृत्व में पार्टी नई ऊर्जा के साथ आगे बढ़ेगी।
केंद्र सरकार की एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति के विरोध में जयपुर दुग्ध उत्पादक संघर्ष समिति ने शनिवार को एम-20 आंदोलन की शुरुआत की घोषणा की। समिति का कहना है कि यह आंदोलन एथेनॉल मिश्रण नीति के खिलाफ किसानों, पशुपालकों, युवाओं और आम नागरिकों की आवाज बनेगा तथा इसे देशव्यापी जन-अभियान के रूप में आगे बढ़ाया जाएगा। समिति के अध्यक्ष रमन यादव ने मीडिया से बातचीत में कहा कि सरकार ने जिस प्रकार पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को नीति का हिस्सा बनाया है, उसी के विरोध में किसानों ने प्रतीकात्मक रूप से दूध और पानी के मिश्रण को एम-20 नाम दिया है। उनका कहना है कि यह आंदोलन पूरी तरह लोकतांत्रिक और शांतिपूर्ण तरीके से चलाया जाएगा। केंद्रीय मंत्री को भेजेंगे एम-100 मिश्रित दूध रमन यादव ने कहा कि जयपुर के दुग्ध उत्पादक केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी को प्रतीकात्मक रूप से एम-100 मिश्रित दूध भेजेंगे, जिसमें उनके अनुसार दूध के नाम पर केवल पानी होगा। उन्होंने इसे सरकार की एथेनॉल मिश्रण नीति के विरोध का प्रतीक बताया। उन्होंने बताया कि आंदोलन के तहत एम-20 मिश्रित दूध उन भाजपा मंत्रियों को भी भेजा जाएगा जो एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति का समर्थन कर रहे हैं, ताकि सरकार तक किसानों और आम नागरिकों की भावनाएं पहुंचाई जा सकें। समिति ने आरोप लगाया कि केंद्र सरकार ने ब्लेंडिंग के नाम पर मिलावट को सामान्य और वैध बनाने का प्रयास किया है। उनका दावा है कि इस नीति का असर ग्रामीण परिवहन, कृषि और दुग्ध आधारित अर्थव्यवस्था पर पड़ रहा है। एथेनॉल नीति का किया विरोध रमन यादव ने कहा कि एम-20 आंदोलन की प्रेरणा हाल ही में जयपुर में चलाए गए प्रतीकात्मक विरोध अभियान से मिली, जिसमें एम-0, एम-20, एम-50 और एम-100 नाम से दूध-पानी के अलग-अलग मिश्रण प्रस्तुत कर एथेनॉल नीति का विरोध किया गया था। उनका दावा है कि इस अभियान का वीडियो सोशल मीडिया पर व्यापक रूप से वायरल हुआ और देशभर में चर्चा का विषय बना। उन्होंने एम-सीरीज के प्रतीकात्मक मिश्रण की व्याख्या करते हुए बताया कि एम-0 का अर्थ 100 प्रतिशत शुद्ध दूध, एम-20 में 80 प्रतिशत दूध और 20 प्रतिशत पानी, एम-50 में आधा दूध और आधा पानी, जबकि एम-100 में केवल पानी को दर्शाया गया है। सरकार से एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति वापस लेने की मांग समिति ने केंद्र सरकार से एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल नीति वापस लेने की मांग की। साथ ही इस नीति से लाभान्वित व्यक्तियों, कंपनियों और निर्णय प्रक्रिया से जुड़े लोगों की स्वतंत्र एवं निष्पक्ष जांच कराने की भी मांग उठाई। समिति का कहना है कि एम-20 आंदोलन का उद्देश्य किसानों, पशुपालकों, युवाओं और आम नागरिकों को एक मंच पर लाकर उन नीतियों के खिलाफ लोकतांत्रिक जनमत तैयार करना है, जिन्हें वे अपने हितों के प्रतिकूल मानते हैं। इस दौरान बाबूलाल भुक्कल, मनोज सांप, लेखराज, गोवर्धन मीणा, विमल यादव, फूलचंद वर्मा, पायलट मीणा, तेजपाल कुलरिया, अजय यादव, मदन बड़बडवाल, सीताराम, रमेश यादव सहित समिति के अन्य सदस्य उपस्थित रहे।
डीग पुलिस ने 'ऑपरेशन एंटीवायरस' के तहत बड़ी कार्रवाई करते हुए 4 साइबर ठगों को गिरफ्तार किया है। सीकरी थाना पुलिस ने इस अभियान के दौरान 3 नाबालिगों को भी निरुद्ध किया। यह कार्रवाई पुलिस अधीक्षक डीग शरण गोपीनाथ कांबले के निर्देश पर की गई। पुलिस ने गिरफ्तार आरोपियों के कब्जे से 6 एंड्रॉयड मोबाइल फोन (सिम कार्ड सहित) और 2 फर्जी सिम कार्ड बरामद किए हैं। पुलिस के अनुसार, ये साइबर ठग ऑनलाइन प्लेटफॉर्म पर फर्जी विज्ञापन पोस्ट कर लोगों को धोखा देते थे। वे पुराने सिक्के, महंगे सूट-कुर्ती, सस्ते मोबाइल फोन, सस्ती बाइक और भैंस बेचने का झांसा देकर ठगी करते थे। गिरफ्तार आरोपियों की पहचान वसीम (20), आजाद (38), वजीर (26) और इन्नुस (25) के रूप में हुई है। वसीम और आजाद भुरूबास गांव के निवासी हैं, जबकि वजीर बेला और इन्नुस ककर गांव के रहने वाले हैं। ये सभी आरोपी सीकरी थाना क्षेत्र के अंतर्गत आते हैं। पुलिस अब इन आरोपियों से गहन पूछताछ कर साइबर ठगी के पूरे नेटवर्क और उनके अन्य साथियों के बारे में जानकारी एकत्र कर रही है। जिले में साइबर अपराधियों के खिलाफ यह अभियान लगातार जारी रहेगा।
कोंडागांव जिले में बाल संरक्षण के क्षेत्र में पहली बार फोस्टर केयर योजना के तहत एक जरूरतमंद बच्चे को पालक परिवार से जोड़ा गया है। इस पहल के जरिए ऐसे बच्चे को सुरक्षित और पारिवारिक माहौल उपलब्ध कराया गया है, जो किसी कारणवश अपने माता-पिता या परिवार के साथ नहीं रह पा रहा था। फोस्टर केयर योजना का उद्देश्य ऐसे बच्चों को सुरक्षित, स्नेहपूर्ण और पारिवारिक वातावरण उपलब्ध कराना है, ताकि वे परिवार के बीच रहकर सामान्य बच्चों की तरह शिक्षा, देखभाल और बेहतर भविष्य प्राप्त कर सकें। जिले में इस योजना की शुरुआत बाल संरक्षण में समाज की बढ़ती भागीदारी का महत्वपूर्ण उदाहरण मानी जा रही है। विभागीय टीम ने निभाई अहम भूमिका योजना के सफल क्रियान्वयन में जिला बाल संरक्षण अधिकारी नरेंद्र सोनी के नेतृत्व में विभागीय टीम ने महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। संरक्षण अधिकारी जयदीप और अन्य कर्मचारियों ने पात्र बच्चे तथा इच्छुक पालक परिवार की पहचान की। इसके साथ ही दस्तावेजी प्रक्रिया, परामर्श और आवश्यक समन्वय भी पूरा किया गया। बाल कल्याण समिति ने दी अनुमति जिला बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष त्रिलोक सार्वा और सदस्य रामधर कोर्राम, इंद्रदेव शर्मा, नेमीचंद देवागन और प्रतिमा मिश्रा ने बच्चे के सर्वोत्तम हित को ध्यान में रखते हुए पूरे प्रकरण की समीक्षा की और आवश्यक अनुमति प्रदान की। वहीं, संभागीय कार्यक्रम अधिकारी रमेश कुमार दास ने योजना के क्रियान्वयन में तकनीकी मार्गदर्शन दिया। जरूरतमंद बच्चों के लिए नई उम्मीद जिला प्रशासन का कहना है कि समाज और प्रशासन के संयुक्त प्रयासों से जरूरतमंद बच्चों को सुरक्षित परिवार और बेहतर भविष्य उपलब्ध कराया जा सकता है। फोस्टर केयर योजना का यह पहला सफल प्रकरण जिले में ऐसे कई बच्चों के जीवन में नई उम्मीद जगाने की दिशा में महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है।
जयपुर सीएमएचओ की टीम ने आज कार्रवाई करके 420 किलोग्राम मिलावटी पनीर की खेप पकड़ी है। ये पनीर अलवर से खरीदकर जयपुर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रिटेल शॉप पर बेचा जाता है। डिप्टी सीएमएचओ (स्वास्थ्य) डॉ. सुरेंद्र गोयल ने बताया कि खो-नागोरियान पुलिस ने नाकेबंदी के दौरान रामगढ़ अलवर से आ रही पिकअप को रोका और उसकी जांच की तो उसमें पनीर मिला। इस पर उन्होंने हमे सूचना दी। हमारी टीम जब मौके पर पहुंची और पिकअप में रखे बॉक्स चेक किए तो उसमें बड़ी मात्रा में पनीर मिला। पनीर से गंदी बदबू आ रही थी, जिसके आधार पर हमारी टीम ने पनीर के सैंपल लेने के बाद शेष पनीर की खेप को नष्ट करवा दिया। 200 रुपए किलो में करते थे सप्लाई डॉ. गोयल ने बताया- पूछताछ में पिकअप ड्राइवर ने कहा कि ये पनीर अलवर के रामगढ़ स्थित चौधरी डेयरी फर्म से लाकर जयपुर शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में रिटेल शॉप पर सप्लाई करना था। पनीर रिटेल शॉप पर 200 रुपए किलो के भाव से सप्लाई किया जाना था।
सलूंंबर के सरणी नदी किनारे स्थित श्री खखोया भेरूजी मंदिर में तीन दिवसीय धार्मिक महोत्सव का शनिवार को समापन हो गया। इस अवसर पर मंदिर में ध्वजदंड और कलश की स्थापना की गई। यह आयोजन पूर्ण वैदिक विधि-विधान और मंत्रोच्चार के साथ संपन्न हुआ। महिलाओं ने निकाली भव्य कलश यात्रा कार्यक्रम की शुरुआत एक विशाल शोभायात्रा से हुई। इसमें महिलाएं पारंपरिक परिधानों में सिर पर कलश धारण किए शामिल हुईं, जबकि पुरुष और बच्चे भी पारंपरिक वेशभूषा में मौजूद थे। बैंड-बाजों की धुन और भजनों पर श्रद्धालु नाचते-गाते हुए आगे बढ़े। वैदिक मंत्रोच्चार के साथ हुआ कार्यक्रम शोभायात्रा के मंदिर पहुंचने के बाद विद्वान आचार्यों ने वैदिक मंत्रोच्चार के बीच ध्वजदंड और मंदिर शिखर पर कलश की स्थापना की। मंदिर शिखर पर कलश की स्थापना प्रेमजी भोई (पिता भेरा असावरा) के परिवार द्वारा की गई। वहीं, मंदिर के ध्वजदंड की स्थापना मांगीलाल (पिता भोगा रेमतिया) के परिवार ने की। समिति सदस्य प्रेमचंद भोई ने बताया कि तीन दिवसीय धार्मिक कार्यक्रम 25 जून को कलश यात्रा के साथ शुरू हुआ था। दूसरे दिन नवचंडी यज्ञ का आयोजन किया गया। अंतिम दिन ध्वजदंड और कलश स्थापना के साथ महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। दूर दराज गांव से पहुंचे श्रद्धालु मंदिर के मुख्य भोपाजी भेरूलाल मीणा ने जानकारी दी कि श्री खखोया भेरूजी मंदिर क्षेत्र की प्राचीन आस्था का प्रमुख केंद्र है। यहां प्रत्येक शनिवार और रविवार को बड़ी संख्या में श्रद्धालु दर्शन के लिए आते हैं। नवरात्रि के दौरान नगर सहित दूर-दराज के गांवों से हजारों श्रद्धालु पूजा-अर्चना के लिए पहुंचते हैं। इस आयोजन में विभिन्न समाजों, सामाजिक एवं धार्मिक संगठनों के प्रतिनिधियों के साथ आसपास के गांवों के बाईस चौखलों के गणमान्य लोग और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित रहे।
छिंदवाड़ा जिले के अमरवाड़ा थाना क्षेत्र अंतर्गत दीघावानी गांव के पास शनिवार को एक दर्दनाक सड़क हादसा हो गया। राशन से भरे एक ओवरलोडेड ट्रक ने बाइक सवार तीन लोगों को जोरदार टक्कर मार दी। हादसे में एक मासूम बालक की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि पिता और दादा गंभीर रूप से घायल हो गए। जानकारी के अनुसार, दीघावानी निवासी संत कुमार अपने पिता चतरु और छोटे बच्चे कार्तिक खसरे के साथ बाइक से खेत में मक्का बोनी करने जा रहे थे। जैसे ही वे गांव के पास पहुंचे, तभी अमरवाड़ा की ओर से आ रहे ट्रक (MP28 ZD 6193) ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी। टक्कर इतनी भीषण थी कि मासूम कार्तिक ने मौके पर ही दम तोड़ दिया। वहीं संत कुमार और उनके पिता चतरु गंभीर रूप से घायल हो गए। अस्पताल में भर्ती, छिंदवाड़ा रेफरहादसे के बाद स्थानीय लोगों की मदद से तीनों को तत्काल अमरवाड़ा सिविल अस्पताल पहुंचाया गया। प्राथमिक उपचार के बाद गंभीर हालत को देखते हुए घायल पिता-पुत्र को छिंदवाड़ा जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। पुलिस ने मृतक बालक का पोस्टमार्टम कराकर मर्ग कायम कर लिया है और मामले की जांच शुरू कर दी है। वहीं ट्रक चालक को हिरासत में ले लिया गया है। ओवरलोडिंग पर फिर उठे सवालस्थानीय लोगों ने एक बार फिर राशन ढोने वाले अन्नदूत वाहनों की ओवरलोडिंग पर सवाल उठाए हैं। ग्रामीणों का कहना है कि कई बार शिकायतों के बावजूद कार्रवाई नहीं होने से ऐसे वाहन लगातार नियमों की धज्जियां उड़ा रहे हैं। लोगों का कहना है कि मुनाफे और खर्च बचाने के चक्कर में ओवरलोड वाहन अब “अन्नदूत” नहीं बल्कि “यमदूत” बनते जा रहे हैं, जिसका खामियाजा आम नागरिकों को अपनी जान देकर चुकाना पड़ रहा है।
पलवल के शहर थाना क्षेत्र में दो दिन से लापता एक युवक का जला हुआ शव मिलने से हड़कंप मच गया। मृतक की पहचान शहर के बास मोहल्ला निवासी गोविंद के रूप में हुई है। परिजनों ने युवक की हत्या किए जाने की आशंका जताई है। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए जिला नागरिक अस्पताल की मोर्चरी में रखवा दिया है। जानकारी के अनुसार, बांस मोहल्ला निवासी गोविंद चांदपुर गांव स्थित एक निजी कंपनी में नौकरी करता था। बुधवार शाम वह कंपनी से छुट्टी के बाद घर के लिए निकला था, लेकिन वापस नहीं पहुंचा। इसके बाद परिजनों ने उसकी तलाश शुरू की, मगर कोई जानकारी नहीं मिल सकी। परिजन बोले- कुछ युवकों से हुई थी कहासुनी पुलिस को सूचना मिली कि हुडा सेक्टर-2 से पातली गांव की ओर जाने वाले रास्ते के समीप एक युवक का जला हुआ शव पड़ा हुआ है। पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर पहचान कराई, जिसमें मृतक की पहचान गोविंद के रूप में हुई। मृतक युवक के परिजनों के अनुसार, कुछ दिन पहले गोविंद की मोहल्ले के ही कुछ युवकों से किसी बात को लेकर कहासुनी हुई थी। इसी के चलते परिजनों ने गोविंद की हत्या की आशंका जताई है। शहर थाना प्रभारी अमित कुमार ने बताया कि पुलिस ने अज्ञात के खिलाफ हत्या का मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार कर रही है। रिपोर्ट आने के बाद ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
जयपुर सेंट्रल जेल में दो कैदियों ने दूसरे बंदी के साथ मारपीट कर 64 हजार रुपए अवैध रूप से ऐंठ लिए। आरोप है कि रुपए नहीं देने पर उसके साथ मारपीट की गई और लगातार धमकियां देकर उससे रुपए वसूल लिए गए। दोनों आरोपियों ने धमकी देकर पिछले 4 महीने में 64 हजार रुपए की अवैध वसूली की। शुक्रवार को पीड़ित बंदी की पत्नी ने लालकोठी थाने में FIR दर्ज करवाई है। शिकायत के बाद मामले ने जेल की सुरक्षा और व्यवस्थाओं पर सवाल खड़े कर दिए हैं। संबंधित आरोपों की जांच शुरू कर दी गई है और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी। दोनों कैदी मारपीट और धमकी देकर करते थे अवैध वसूली एएसआई मनोज कुमार ने बताया कि शास्त्री नगर की रहने वाली 23 साल की विवाहिता ने रिपोर्ट दर्ज करवाई है। नवंबर-2025 में आदर्श नगर इलाके में फायरिंग मामले में पति विष्णु को पुलिस ने अरेस्ट कर जेसी भेजा था। सजा बुलने से पहले से विष्णु जयपुर सेंट्रल जेल में बंद है। जेल में सजायाफ्ता बंदी ऋषिराज सिंह उर्फ चेतन बन्ना और विक्रम भी बंद है। दोनों आरोपी बंदी चीफ जाली (जेल के मेन गेट वाली जगह) पर काम करते है। आरोप है कि पिछले काफी समय से दोनों जेल में बंद रहने के दौरान बंदियों से वसूली करते है। पीड़ित की पत्नी ने दोनों आरोपी बंदियों के खिलाफ कराई शिकायत दर्ज एएसआई मनोज कुमार ने बताया कि जेल में बिष्णु के एक महीने रहने के बाद ही दोनों आरोपी बंदियों ने अवैध वसूली के लिए धमकाना शुरू कर दिया। दोनों बंदियों ने रुपए नहीं देने पर कई बार विष्णु के साथ मारपीट की। विष्णु की पिटाई कर परिजनों को धमकाया। पिछले चार महीने में अपने रिश्तेदार के बैंक अकाउंट में करीब 64 हजार रुपए डलवाकर वसूले। लगातार रुपए देने से परेशान पत्नी ने दोनों आरोपी बंदियों के खिलाफ शिकायत दर्ज करवाई।
भिलाई के खुर्सीपार इलाके में निर्माणाधीन बिल्डिंग में काम के दौरान शनिवार को हादसा हो गया। काम कर रहे दो मजदूरों को करंट का झटका लगा, जिसके बाद वे करीब 20 फीट ऊंचाई से नीचे गिर गए। हादसे में दोनों घायल हो गए। उन्हें पहले सेक्टर-9 अस्पताल ले जाया गया, जहां प्राथमिक इलाज के बाद जुनवानी स्थित एक निजी अस्पताल रेफर कर दिया गया। दोनों की हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। दोनों मजदूर हाईटेंशन तार की चपेट में नहीं आए। नहीं तो बड़ा हादसा हो सकता था। घायलों की पहचान करंजा भिलाई के युवराज निषाद और गुलशन निषाद के रूप में हुई है। हादसे की सूचना मिलते ही बिजली विभाग के अधिकारी मौके पर पहुंचे और आसपास के लोगों से जानकारी ली। विभाग की टीम यह पता लगाने में जुटी है कि हादसा किन परिस्थितियों में हुआ। बिना सेफ्टी काम कर रहे थे मजदूर खुर्सीपार में यह बिल्डिंग दो मंजिला बनाई जा रही है। बिल्डिंग परमिशन है या नहीं इसकी भी जांच करने की बात कही जा रही है। मजदूर दूसरे मंजिला की ढलाई के लिए लोहा चढ़ा रहे थे। इसी बीच हादसा हुआ है। स्थानीय लोगों का कहना है कि निर्माण कार्य हाईटेंशन बिजली लाइन के बेहद पास कराया जा रहा था। ठेकेदार ने मजदूरों को किसी भी तरह का सेफ्टी किट नहीं दिया था। हादसे में दोनों मजदूरों के हाथ और पैर में चोटें आई हैं। फिलहाल उनका इलाज निजी अस्पताल में चल रहा है। फिलहाल इस मामले में अभी पुलिस में कोई शिकायत दर्ज नहीं कराई गई है। बिजली विभाग की रिपोर्ट आने के बाद आगे की कार्रवाई की जा सकती है। ठेकेदार बोला- दोनों ठीक है, कुछ नहीं हुआ है वहीं घटना के बारे में बात करने पर ठेकेदार का कहना है कि दोनों मजदूर हाईटेंशन तार की सीधी चपेट में नहीं आए थे। उन्हें केवल करंट का झटका लगा, जिसके बाद उनका संतुलन बिगड़ा और वे नीचे गिर गए। ठेकेदार के मुताबिक दोनों मजदूर होश में हैं, बातचीत कर रहे हैं और उनकी हालत ठीक है। ज्यादा कुछ नहीं हुआ है। बिजली विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे घटना की जानकारी मिलते ही बिजली विभाग के अफसर मौके पर पहुंचे और लोगों से बातचीत कर घटना के कारणों का पता लगाया। बिजली विभाग अपनी रिपोर्ट तैयार कर रहा है, जिसके बाद हादसे की वजह साफ हो सकेगी।

