भारत-अमेरिका व्यापार समझौते के विरोध में 21 जुलाई को दिल्ली स्थित किसान घाट पर आयोजित होने वाली महारैली की तैयारियां अंतिम चरण में पहुंच गई हैं। 'देश बचाओ मोर्चा' के बैनर तले एकजुट हुए विभिन्न किसान और मजदूर संगठनों के शीर्ष नेता सोमवार शाम फतेहगढ़ साहिब पहुंचे। ये सभी नेता यहां रात्रि विश्राम करने के बाद मंगलवार सुबह काफिले के साथ दिल्ली के लिए प्रस्थान करेंगे। पत्रकारों से बातचीत करते हुए किसान नेता सरवण सिंह पंधेर ने कहा कि भारत-अमेरिका व्यापार समझौते को तुरंत रद्द करवाने की मांग को लेकर यह विशाल आंदोलन किया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि यदि केंद्र सरकार इस समझौते को लागू करती है, तो इससे देश की संपूर्ण कृषि व्यवस्था ध्वस्त हो जाएगी और भारतीय किसानों के हितों को गहरा आघात पहुंचेगा। हरियाणा सरकार की नीतियों और शंभू बॉर्डर बंदी का विरोध किसान नेता पंधेर ने हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के हालिया बयानों पर कड़ा ऐतराज जताते हुए कहा कि सरकार किसानों की मूल समस्याओं का समाधान करने से भाग रही है। उन्होंने हरियाणा सरकार द्वारा शंभू बॉर्डर को एक तरफ से बंद किए जाने के फैसले को दमनकारी नीति करार दिया। इसके साथ ही किसान नेताओं ने किसान नेता गुरनाम सिंह चढ़ूनी की गिरफ्तारी का भी पुरजोर विरोध किया। देश के कई राज्यों से दिल्ली पहुंचेंगे हजारों किसान और मजदूर मोर्चा के नेताओं ने बताया कि इस महारैली में शामिल होने के लिए पंजाब के सभी जिलों से सैकड़ों बसों और अन्य वाहनों के काफिले दिल्ली के लिए रवाना हो रहे हैं। पंजाब के अलावा हरियाणा, राजस्थान, हिमाचल प्रदेश, उत्तराखंड, उत्तर प्रदेश और ओडिशा समेत देश के विभिन्न राज्यों से हजारों की संख्या में किसान, मजदूर और जन-संगठनों के प्रतिनिधि दिल्ली पहुंच रहे हैं। मुख्य रूप से प्रभावित होंगी ये फसलें किसान नेताओं के अनुसार, इस व्यापार समझौते का सबसे बुरा प्रभाव देश में मक्का, सोयाबीन, कपास, सेब, नाशपाती और ड्राई फ्रूट्स के उत्पादन पर पड़ेगा। इसके अलावा यह समझौता देश के अन्य आर्थिक क्षेत्रों के लिए भी नुकसानदेह साबित होगा। नेताओं ने स्पष्ट किया कि 21 जुलाई को दिल्ली के किसान घाट पर आयोजित यह प्रदर्शन पूरी तरह से शांतिपूर्ण रहेगा, जो सुबह शुरू होकर शाम करीब चार बजे समाप्त होगा।
कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 के लिए स्कॉटलैंड पहुंचे हरियाणा के खेल प्रेरक राजनारायण पंघाल इस बार सिर्फ खिलाड़ियों का हौसला बढ़ाने ही नहीं, बल्कि अपने साथ हरियाणा की मिठास भी लेकर गए हैं। उन्होंने रोहतक का शुद्ध देसी घी से बना घेवर ब्रिटेन में बसे प्रवासी हरियाणवियों को भेंट कर अपनेपन का संदेश दिया। इस पहल की शुरुआत स्कॉटलैंड में रहने वाले रोहतक के गांव बलम्भा निवासी आनंद अहलावत से हुई। करीब 20 वर्षों से स्कॉटलैंड में रह रहे आनंद ने जब अपने गांव का पारंपरिक घेवर चखा तो भावुक हो गए। उन्होंने कहा कि इस मिठास ने उन्हें अपने घर, परिवार और हरियाणा की याद दिला दी। 23 जुलाई से शुरू होंगे कॉमनवेल्थ गेम्स राजनारायण पंघाल ने बताया कि 23 जुलाई से शुरू होने वाले कॉमनवेल्थ गेम्स-2026 में हरियाणा के कई खिलाड़ी भारतीय दल का हिस्सा हैं। उनका उद्देश्य खिलाड़ियों का उत्साह बढ़ाना और उन्हें यह अहसास कराना है कि पूरा हरियाणा उनके साथ खड़ा है। विदेशों तक पहुंचा रहे हरियाणा की संस्कृति पंघाल ने बताया कि रोहतक के घेवर व्यवसायी प्रदीप श्योराण वर्षों से एक खास परंपरा निभा रहे हैं। जब भी किसी अंतरराष्ट्रीय खेल आयोजन के दौरान वे विदेश जाते हैं, प्रदीप श्योराण प्रवासी हरियाणवी परिवारों के लिए शुद्ध देसी घी का घेवर भेजते हैं। इस बार भी उसी परंपरा को आगे बढ़ाते हुए ब्रिटेन में हरियाणा की मिठास पहुंचाई गई। तीसरी बार पहुंचे कॉमनवेल्थ गेम्स राजनारायण पंघाल इससे पहले वर्ष 2018 में ऑस्ट्रेलिया और 2022 में इंग्लैंड के बर्मिंघम में आयोजित कॉमनवेल्थ गेम्स के दौरान भी भारतीय खिलाड़ियों का उत्साहवर्धन करने पहुंचे थे। लगातार तीसरी बार वे खेलों के साथ-साथ प्रवासी हरियाणवियों को अपनी मिट्टी और संस्कृति से जोड़ने का संदेश लेकर विदेश पहुंचे हैं।
उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच व्यापारिक और आर्थिक संबंधों को एक ऐतिहासिक मजबूती देने के लिए केंद्र सरकार ने एक महा-योजना पर काम शुरू कर दिया है। भारतीय राष्ट्रीय राजमार्ग प्राधिकरण (NHAI) जल्द ही देश के एक बेहद महत्वाकांक्षी और बड़े प्रोजेक्ट 'गोरखपुर-पानीपत एक्सप्रेसवे' (Gorakhpur-Panipat Expressway) का निर्माण करने जा रहा है। लगभग 700 किलोमीटर लंबा यह नया ग्रीनफील्ड इकोनॉमिक कॉरिडोर न केवल उत्तर प्रदेश और हरियाणा के बीच यात्रा के समय को आधा कर देगा, बल्कि दिल्ली-एनसीआर के ट्रैफिक को बायपास करते हुए एक सीधा और निर्बाध मार्ग प्रदान करेगा। एक रिपोर्टर के नजरिए से देखें तो इस एक्सप्रेसवे के निर्माण के लिए जमीन अधिग्रहण का प्रारंभिक सर्वे शुरू होना इस बात का संकेत है कि पूर्वांचल और पश्चिम भारत के बीच विकास का एक नया अध्याय शुरू होने वाला है।दिल्ली-एनसीआर के जाम से मिलेगी मुक्ति, समय की होगी भारी बचतइस मेगा प्रोजेक्ट का सबसे बड़ा रणनीतिक और व्यावहारिक लाभ यह होगा कि अब पूर्वी उत्तर प्रदेश (गोरखपुर) से हरियाणा के औद्योगिक शहर पानीपत जाने वाले वाहनों को दिल्ली या बाहरी रिंग रोड के भारी ट्रैफिक जाम से नहीं जूझना पड़ेगा। तय समय सीमा और आधुनिक तकनीकों के साथ:फास्ट कनेक्टिविटी: वर्तमान में गोरखपुर से पानीपत जाने में करीब 14 से 16 घंटे का समय लगता है। इस पूरी तरह कंट्रोल्ड फोर-लेन (भविष्य में सिक्स-लेन) एक्सप्रेसवे के बन जाने के बाद यह दूरी महज 7 से 8 घंटे में पूरी की जा सकेगी।22 जिलों को मिलेगा सीधा लाभ: यह कॉरिडोर उत्तर प्रदेश के करीब 22 जिलों और हरियाणा के मुख्य औद्योगिक क्षेत्रों को आपस में कनेक्ट करेगा, जिससे दोनों राज्यों के बीच माल ढुलाई (लॉजिस्टिक्स) बेहद सस्ती और तेज हो जाएगी।यूपी के इन प्रमुख जिलों से होकर गुजरेगा नया रूटएनएचएआई (NHAI) के प्रारंभिक सर्वे और रूट एलाइनमेंट के मुताबिक, इस एक्सप्रेसवे को उत्तर प्रदेश के बीचों-बीच से गुजारने की योजना है ताकि अधिकतम आर्थिक लाभ मिल सके:प्रारंभिक बिंदु और रूट: यह एक्सप्रेसवे गोरखपुर से शुरू होकर संत कबीर नगर, बस्ती, अयोध्या, बाराबंकी, लखनऊ, सीतापुर, शाहजहांपुर, बदायूं, अलीगढ़ और मुरादाबाद संभाग के कुछ हिस्सों से होते हुए सीधे शामली और बागपत के रास्ते हरियाणा के पानीपत में प्रवेश करेगा।जमीन अधिग्रहण का सर्वे: एक्सप्रेसवे के रूट में आने वाली कृषि और सरकारी भूमि को चिह्नित करने के लिए ड्रोन सर्वे और डिजिटल मैपिंग का काम शुरू कर दिया गया है। जिला प्रशासनों को निर्देश दिए गए हैं कि वे भू-अधिग्रहण की कागजी कार्रवाई में तेजी लाएं।औद्योगिक गलियारे और रोजगार के खुलेंगे नए द्वारइस ₹50,000 करोड़ से अधिक की लागत वाले एक्सप्रेसवे के दोनों तरफ विशेष आर्थिक क्षेत्र (SEZ) और औद्योगिक पार्क (Industrial Parks) विकसित किए जाएंगे। पानीपत के कपड़ा (टेक्सटाइल) उद्योग और गोरखपुर के टेराकोटा व कृषि उत्पादों को एक-दूसरे के राज्यों में बड़ा बाजार मिलेगा।एक्सप्रेसवे के किनारे लॉजिस्टिक्स हब, वेयरहाउस और फूड प्रोसेसिंग यूनिट्स लगाने की भी योजना है, जिससे स्थानीय स्तर पर लाखों युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे। इसके अलावा, बेहतर कनेक्टिविटी मिलने से उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क (पूर्वांचल, गंगा और बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे) को एक नई मजबूती मिलेगी, जिससे राज्य की 'वन ट्रिलियन डॉलर इकोनॉमी' के लक्ष्य को हासिल करने में मदद मिलेगी।
फरीदकोट और फिरोजपुर में रविवार (19 जुलाई) को हुई फार्मेसी अधिकारी परीक्षा के दौरान ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए लाइव नकल कराई गई। फरीदकोट रेंज, फिरोजपुर रेंज और काउंटर इंटेलिजेंस विंग ने संयुक्त कार्रवाई कर 7 मास्टरमाइंड और परीक्षा में शामिल 28 उम्मीदवारों को हिरासत में लिया है। आरोपियों के कब्जे से 27 अत्याधुनिक बैटरी संचालित वायरलेस माइक्रो डिवाइस, पेन कैमरे और अन्य उपकरण बरामद किए हैं। जांच में सामने आया है कि इस गिरोह ने परीक्षा पास करवाने के नाम पर 3.5 लाख रुपए से लेकर 13 लाख रुपए तक की रकम तय की थी। अभ्यर्थी ने पेन कैमरा से पेपर स्कैन कर हरियाणा भेजा था। जांच में पता चला है कि गिरोह ने नकल कराने के लिए किसी कॉर्पोरेट कंपनी की तरह पूरी लॉजिस्टिक्स और तकनीकी व्यवस्था तैयार की थी। 7 मास्टरमाइंड में 3 राजस्थान और 2 हरियाणा के रहने वाले हैं। कैसे करवाई नकल, सिलसिलेवार जानिए... कैसे पकड़े गए, सिलसिलेवार जानिए…
बिश्नोई समाज की राजनीति में एक बार फिर जुबानी जंग तेज हो गई है। अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के राष्ट्रीय अध्यक्ष देवेंद्र बुड़िया ने भाजपा के वरिष्ठ नेता कुलदीप बिश्नोई के खिलाफ एक बड़ा बयान दिया है। राजस्थान के बीकानेर में मीडिया से बातचीत के दौरान देवेंद्र बुड़िया ने दावा किया कि कुलदीप बिश्नोई को समाज में किसी भी कार्यक्रम में नहीं आना चाहिए और ना ही वे आएंगे। उन्होंने यहां तक कह दिया कि कुलदीप जी को तो वैसे ही समाज ने पूरी तरह से बायकॉट (बहिष्कार) किया हुआ है। वे किसी सामाजिक कार्यक्रम में भी शामिल नहीं होते हैं। जैसे ही बुड़िया का ये बयान सामने आया, वैसे ही कुलदीप बिश्नोई खेमे ने भी तत्काल और बेहद कड़ा पलटवार किया। कुलदीप बिश्नोई के निजी सचिव मोहित ने बुड़िया के आरोपों को सिरे से खारिज किया। कहा कि जोधपुर में कुलदीप बिश्नोई जी के कार्यक्रमों को मिली अभूतपूर्व सफलता और अपार जनसमर्थर को देखकर देवेंद्र बुड़िया पूरी तरह से बौखला गए हैं और लगातार उल्टे-सीधे बयान दे रहे हैं। कुलदीप बिश्नोई और देवेंद्र बुड़िया के बीच पुराना विवाद दरअसल, अखिल भारतीय बिश्नोई महासभा के पूर्व में संरक्षक रहे कुलदीप बिश्नोई और मौजूदा प्रधान देवेंद्र बुड़िया के बीच वर्चस्व की लड़ाई चल रही है। कुलदीप बिश्नोई पर करीब एक साल पहले बुड़िया ने जबरन इस्तीफा लेने के आरोप लगाए थे। इसको लेकर मुकाम धाम में बैठक की गई थी। इसमें बूड़िया ने कुलदीप बिश्नोई को संरक्षक पद से हटाने की सिफारिश की थी। इसके करीब एक महीने बाद कुलदीप बिश्नोई के समर्थन में बिश्नोई महासभा के 14 पदाधिकारियों ने रजिस्ट्रार सोसाइटी को एफिडेविट लिखकर कहा था कि मुकाम में बैठक में उनको शामिल नहीं किया। ऐसे में प्रधान ने संरक्षक को हटाया है, वह नियमानुसार नहीं है। इसके बाद रजिस्ट्रार सोसाइटी की ओर से देवेंद्र बुड़िया को नोटिस जारी कर जवाब मांगा गया था। इसके बाद कुलदीप बिश्नोई ने खुद संरक्षक पद छोड़ने की घोषणा कर दी थी। बिश्नोई समाज के कार्यक्रम में हिसार में नदारद रहे थे कुलदीप बता दें कि कुलदीप बिश्नोई से जुड़ा यह विवाद केवल राजस्थान तक सीमित नहीं है। हरियाणा के हिसार स्थित गुरु जम्भेश्वर विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय (GJU) में 12 जुलाई को हुए मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के कार्यक्रम में भी कुलदीप नहीं पहुंचे थे। हालांकि, वह मां अमृतादेवी के चौक अनावरण में आए और बाहर से ही चले गए थे। इस कार्यक्रम में कुलदीप के करीबी विधायक पनिहार को भी शर्मिंदगी का सामना करना पड़ा था। दरअसल, मंच पर सम्मान समारोह के दौरान कुलपति ने सभी मंत्रियों और विधायकों का सम्मान किया, लेकिन पनिहार का नाम छूट गया था। बाद में जब मंच से घोषणा हुई और कुलपति उन्हें पटका पहनाने दौड़े थे। बाद में कुलदीप ने सफाई दी थी, कहा-CM 3 घंटे लेट थे हिसार में CM नायब सैनी के कार्यक्रम में पोस्टर से फोटो गायब होने पर कुलदीप बिश्नोई ने राजस्थान के जोधपुर दौरे के दौरान अपना पक्ष रखा था। राजस्थान के जोधपुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा- CM उस दिन प्रोग्राम में 3 घंटे लेट थे। मुझे जरूरी काम से दिल्ली जाना था। मैंने मुख्यमंत्री से माफी मांग ली थी। 12 जुलाई को गुरु जम्भेश्वर यूनिवर्सिटी (GJU) में नर्सिंग ब्लॉक और गर्ल्स हॉस्टल की नई बिल्डिंग की आधारशिला रखी गई थी। इस कार्यक्रम में सीएम नायब सैनी के साथ कुलदीप बिश्नोई की कुर्सी भी मंच पर लगाई गई थी। CM सैनी पनिहार को मनाने उनके घर पहुंचे वहीं, अब रणधीर पनिहार की नाराजगी दूर करने के लिए मुख्यमंत्री नायब सैनी तुरंत चंडीगढ़ स्थित विधायक पनिहार के सरकारी आवास पर पहुंचे और बंद कमरे में लंबी मंत्रणा की। इससे पहले हिसार में अमित शाह के कार्यक्रम में पनिहार के अपमान पर सीएम उन्हें खुद अपने सरकारी हेलीकॉप्टर में चंडीगढ़ ले गए थे। वहीं, नाराज चल रहे कुलदीप बिश्नोई को मनाने के लिए खुद मुख्यमंत्री दो बार दिल्ली स्थित उनके आवास पर जा चुके हैं। -------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… हिसार पोस्टर विवाद पर कुलदीप बोले-CM 3 घंटे लेट थे:मुझे दिल्ली जाना था, माफी मांग चुका; मुख्यमंत्री के कार्यक्रम से फोटो हटा था हिसार में CM नायब सैनी के कार्यक्रम में पोस्टर से फोटो गायब होने पर कुलदीप बिश्नोई ने अपना पक्ष रखा है। राजस्थान के जोधपुर में एक कार्यक्रम में उन्होंने कहा- CM उस दिन प्रोग्राम में 3 घंटे लेट थे। मुझे जरूरी काम से दिल्ली जाना था। (पूरी खबर पढ़ें)
सोनीपत की उपायुक्त नेहा सिंह ने जिले के किसानों से राष्ट्रीय कृषि विकास योजना (आरकेवीवाई) के फसल अवशेष प्रबंधन (सीआरएम) घटक के तहत कृषि यंत्रों पर मिल रहे अनुदान का लाभ उठाने का आह्वान किया है। इच्छुक किसान 3 अगस्त 2026 तक विभागीय पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन कर सकते हैं। उपायुक्त नेहा सिंह ने बताया कि इस योजना के तहत व्यक्तिगत किसानों को 50 प्रतिशत तक का अनुदान दिया जाएगा। इसमें सुपर सीडर, सुपर एसएमएस, हैप्पी सीडर, स्मार्ट सीडर, पैडी स्ट्रॉ चॉपर, एमबी प्लाऊ, जीरो टिल सीड ड्रिल, सरफेस सीडर, क्रॉप रीपर, स्ट्रॉ बेलर, स्ट्रॉ रेक और श्रब मास्टर/रोटरी स्लेशर जैसे 12 आधुनिक यंत्र शामिल हैं। एक परिवार पहचान पत्र (पीपीपी) से केवल एक ही आवेदन मान्य होगा। किसान 'मेरी फसल मेरा ब्योरा' पोर्टल पर पंजीकृत मोबाइल नंबर के माध्यम से www.agriharyana.gov.in पर आवेदन कर सकते हैं। कृषि एवं किसान कल्याण विभाग के उप निदेशक डॉ. वीरेंद्र आर्य ने बताया कि जिन किसानों ने पिछले तीन वर्षों (2023-24 से 2025-26) में संबंधित कृषि यंत्र पर सब्सिडी ली है, वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। इसके अतिरिक्त, जिन किसानों या उनके परिवार के सदस्यों के नाम पर पिछले दो सीजन में पराली जलाने के कारण रेड एंट्री दर्ज है, उन्हें भी लाभ नहीं मिलेगा। सहायक कृषि अभियंता नवीन हुड्डा ने बताया कि लक्ष्य से अधिक आवेदन आने पर उपायुक्त नेहा सिंह की अध्यक्षता में गठित जिला स्तरीय समिति द्वारा ऑनलाइन ड्रॉ के माध्यम से लाभार्थियों का चयन किया जाएगा। चयनित किसानों को दस्तावेज सत्यापन के बाद 14 अगस्त तक मंजूरी मिलेगी और वे 31 अगस्त 2026 तक यंत्र खरीद सकेंगे। यंत्र खरीदने के लिए भुगतान केवल ऑनलाइन, बैंक या चेक के जरिए होगा; नकद भुगतान मान्य नहीं है। भौतिक सत्यापन सफल होने के बाद अनुदान राशि सीधे किसानों के बैंक खातों (डीबीटी) में भेजी जाएगी। अधिक जानकारी के लिए किसान उप कृषि निदेशक कार्यालय या मोबाइल नंबर 8053664486 और 9468351298 पर संपर्क कर सकते हैं।
री-नीट के नतीजों के बाद भी छात्रों के बीच भारी असंतोष है। OMR शीट और जारी मार्कशीट के अंकों में बड़ा अंतर होने से विवाद खड़ा हो गया है। ऐसा एक या दो नहीं, बल्कि कई छात्रों के साथ हुआ है। छात्रों का कहना है कि उन्होंने जब अपनी OMR शीट का मिलान ‘फाइनल आंसर-की’ से किया, तो उनके अंक काफी अधिक थे, लेकिन मार्कशीट में नंबर अचानक घट गए। कई छात्रों के अंक 15 से लेकर 600 तक कम हो गए हैं। इस वजह से वे छात्र जो OMR के अनुसार परीक्षा पास कर रहे थे, अब वे ‘क्वालिफाई’ भी नहीं कर पा रहे हैं। विवाद का मुख्य कारण नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की जल्दबाजी मानी जा रही है। एजेंसी ने फाइनल आंसर-की जारी करने के महज 3-4 घंटे बाद ही रिजल्ट घोषित कर दिया। NTA ने 16 जुलाई की देर रात नीट का रिजल्ट जारी किया था। इस साल करीब 20 लाख स्टूडेंट्स ने परीक्षा दी थी, जिनमें से 11.21 लाख स्टूडेंट्स मेडिकल, डेंटल, AYUSH और अन्य मेडिकल कोर्स में एडमिशन के लिए क्वालिफाई हुए हैं। 2020 और 2021 के बाद पहली बार कोई भी छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया। न्याय के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे छात्र अभिभावक और छात्र इसे बड़ी लापरवाही मान रहे हैं। डॉ. राजेश कुमार सिंह जैसे अभिभावकों ने एनटीए को पत्र लिखकर अपनी शिकायत दर्ज कराई है और वे अब न्याय के लिए हाईकोर्ट जाने की तैयारी कर रहे हैं। वहीं, एनटीए ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर लिखा- हम सभी शिकायतों की जांच कर रहे हैं। छात्रों और अभिभावकों को सलाह दी जाती है कि वे जांच के लिए केवल मूल ओएमआर ही जमा करें। फर्जी/एआई जनरेटेड ओएमआर के मामले में शिकायतकर्ता के खिलाफ कानूनी कार्रवाई की जा सकती है।’ हरियाणा में एक ही छात्र के दो अलग रिजल्ट नीट रिजल्ट को लेकर एक और चौंकाने वाला मामला हरियाणा से सामने आया है। हरियाणा के अभ्यर्थी मुकुल काजल ने एनटीए के महानिदेशक को शिकायत भेजकर आरोप लगाया है कि उनके स्कोरकार्ड में बिना किसी सूचना के बड़ा फेरबदल कर दिया गया। इसे दुरुस्त कराया जाए। शिकायत के अनुसार, 17 जुलाई 2026 को आधिकारिक वेबसाइट से डाउनलोड किए गए स्कोरकार्ड में मुकुल के 605/720 अंक (ऑल इंडिया रैंक 9551) दर्ज थे। लेकिन महज कुछ घंटों बाद 18 जुलाई की सुबह जब दोबारा स्कोरकार्ड डाउनलोड किया गया, तो उनके अंक घटकर सिर्फ 60/720 अंक दिखाए। इससे मुकुल की ऑल इंडिया रैंक घटकर 18,76,324 हो गई। छात्र का दावा है कि उनके पास 17 जुलाई का मूल स्कोरकार्ड सुरक्षित है। साथ ही, ओएमआर रिस्पॉन्स शीट और एनटीए की फाइनल आंसर-की के मिलान से भी उनका स्कोर 605 अंक ही बनता है। ------------------------------- नीट से जुड़ी यह खबर भी पढ़ें… NEET में सफल होने वालों में करीब आधे OBC:हर दूसरा सफल छात्र इसी वर्ग से; SC परीक्षार्थी 63% और EWS 76% बढ़े NEET 2026 के नतीजों में मेडिकल शिक्षा के सामाजिक-शैक्षणिक रुझानों में बड़ा बदलाव दिखा है। इस साल परीक्षा देने वालों में OBC सबसे बड़ा वर्ग रहा। कुल रजिस्ट्रेशन में OBC की हिस्सेदारी 41.8% थी, जबकि क्वालिफाई करने वालों में यह बढ़कर 45.7% हो गई। यानी लगभग हर दूसरा सफल छात्र OBC वर्ग से है। पूरी खबर पढ़ें…
बहादुरगढ़ की एचएल सिटी स्थित चैंपियंस एक्वेटिक एकेडमी में जयपुर होने वाली सब जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप के लिए हरियाणा टीम के चयन ट्रायल आयोजित किए गए। प्रदेश के विभिन्न जिलों से पहुंचे सैकड़ों तैराकों ने टाइम ट्रायल में हिस्सा लेकर राष्ट्रीय प्रतियोगिता में जगह बनाने के लिए दमखम दिखाया। ट्रायल प्रतियोगिता का शुभारंभ हरियाणा स्विमिंग एसोसिएशन के महासचिव अनिल खत्री ने किया। चयन प्रक्रिया के दौरान खिलाड़ियों के प्रदर्शन का टाइम ट्रायल के आधार पर मूल्यांकन किया गया। इसके बाद सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन करने वाले तैराकों का चयन हरियाणा की टीम में किया गया। चयनित खिलाड़ी अब 6 से 9 अगस्त तक जयपुर में आयोजित होने वाली सब जूनियर नेशनल स्विमिंग चैंपियनशिप में प्रदेश का प्रतिनिधित्व करेंगे। महासचिव अनिल खत्री ने कहा कि हरियाणा के तैराक पिछले कुछ वर्षों में लगातार बेहतर प्रदर्शन कर रहे हैं। उन्हें उम्मीद है कि इस बार भी खिलाड़ी राष्ट्रीय स्तर पर शानदार प्रदर्शन करते हुए पिछले नेशनल मुकाबलों की तुलना में अधिक पदक जीतेंगे और हरियाणा का नाम देशभर में रोशन करेंगे। उन्होंने खिलाड़ियों से अनुशासन, समर्पण और कड़ी मेहनत के साथ प्रतियोगिता में उतरने का आह्वान किया। चयन ट्रायल के दौरान पूल में कड़ी प्रतिस्पर्धा देखने को मिली। कोचों और चयनकर्ताओं ने प्रत्येक खिलाड़ी के प्रदर्शन का सूक्ष्म आकलन किया। पूरे आयोजन में खिलाड़ियों के उत्साह और जीत के जज्बे ने माहौल को रोमांचक बनाए रखा। अब चयनित तैराकों से राष्ट्रीय प्रतियोगिता में बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई जा रही है।
ततारपुर में कबाड़ की दुकान में चोरी का खुलासा:तांबा-पीतल और बाइक बरामद, आरोपी को हरियाणा से पकड़ा
खैरथल-तिजारा जिले की ततारपुर थाना पुलिस ने बंद कबाड़ की दुकान से चोरी हुए ताबें और पीतल की चोरी का खुलासा किया है। पुलिस ने सेंधमार गैंग के एक सदस्य को गिरफ्तार कर चोरी का पूरा माल और वारदात में काम में ली गई बाइक बरामद की है। थानाधिकारी महावीर सिंह के नेतृत्व में गठित टीम ने इस अभियान को अंजाम दिया। पुलिस ने बताया- 11 जुलाई को ततारपुर निवासी मनमोहन ने रिपोर्ट दी थी। उसने बताया कि 5 जुलाई की रात उसकी विनायक ट्रेडर्स नामक कबाड़ की दुकान से अज्ञात चोरों ने करीब 300 किलोग्राम तांबा और 800 किलो पीतल चोरी कर लिया था। पुलिस ने खंगाले सीसीटीवी, हरियाणा से किया गिरफ्तार मामला दर्ज होने के बाद पुलिस ने जांच शुरू की। टीम ने करीब 100 सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाली और तकनीकी साक्ष्यों व मुखबिर की सूचना के आधार पर कार्रवाई की। इसी के तहत आरोपी सुनील (35) निवासी रेवाड़ी (हरियाणा) को गिरफ्तार किया गया। चोरी का माल और बाइक बरामद पूछताछ में आरोपी सुनील ने चोरी की वारदात स्वीकार की। पुलिस ने उसके कब्जे से चोरी का पूरा तांबा-पीतल और वारदात में काम में ली गई बाइक बरामद कर दी। आरोपी चोरी का माल बेचने की फिराक में था, लेकिन पुलिस ने उसे पहले ही दबोच लिया। जांच के दौरान वारदात में शामिल आरोपी के साथी सायर निवासी हमीरपुर की पहचान भी हो गई है। उसकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस लगातार दबिश दे रही है। गिरफ्तार आरोपी को न्यायालय में पेश किया गया, जहां से उसे न्यायिक अभिरक्षा में भेज दिया गया है। इस कार्रवाई में थानाधिकारी महावीर सिंह के साथ हेड कॉन्स्टेबल सत्यपाल, कॉन्स्टेबल बजरंगलाल और कॉन्स्टेबल राजवीर सिंह की महत्वपूर्ण भूमिका रही।
भोजपुर साइबर पुलिस ने बड़ी कार्रवाई की है। नौकरी दिलाने और निवेश पर कई गुना मुनाफा दिलाने का झांसा देकर 22.70 लाख ठगी करने वाले अंतरराज्यीय गिरोह के एक सदस्य को हरियाणा से गिरफ्तार किया है। जिसकी पहचान सोनीपत के सेक्टर-12 स्थित खान कॉलोनी निवासी मो. साहिल के रूप में हुई है। पुलिस ने उसके पास से एक मोबाइल भी बरामद किया है। मामले में शामिल उसके दो साथी मोहित और करण की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी की जा रही है। इस संबंध में शुक्रवार को साइबर डीएसपी रोशन कुमार ने प्रेस वार्ता कर जानकारी दी। गिरोह में शामिल अन्य सदस्यों की तलाश जारी साइबर डीएसपी रोशन कुमार ने बताया कि मो. साहिल ने पूछताछ में अपना जुर्म स्वीकार कर लिया है। उसने बताया कि अपने दो दोस्तों मोहित और करण के कहने पर उसने चेक के माध्यम से बैंक खाते से रुपए निकाले और उन्हें सौंप दिए। पुलिस अब इस गिरोह के अन्य सदस्यों की तलाश में जुटी है। कम लागत में ज्यादा मुनाफा का दिया लालच रोहतास जिले के दिनारा थाना क्षेत्र के डेढ़गांव निवासी कृषि स्नातक सेकंड ईयर की छात्रा अपूर्वा परमार ने 22 जुलाई 2025 को भोजपुर साइबर थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। पीड़िता ने बताया था कि टेलीग्राम के माध्यम से उसे पार्ट-टाइम नौकरी का ऑफर मिला। शुरुआत में गूगल मैप पर विभिन्न रेस्टोरेंट की रेटिंग बढ़ाने का काम कराया गया और भरोसा जीतने के लिए 200 और 300 रुपए का भुगतान भी किया गया। इसके बाद आरोपियों ने अधिक मुनाफा कमाने का लालच देकर निवेश करने के लिए प्रेरित किया। झांसे में आकर पीड़िता ने 5 और 6 जुलाई 2025 को अलग-अलग किश्तों में यूपीआई के माध्यम से कुल 22 लाख 70 हजार रुपए विभिन्न बैंक खातों में ट्रांसफर कर दिए। जब काफी समय बाद भी न तो निवेश की राशि वापस मिली और न ही मुनाफा, तब उसे साइबर ठगी का एहसास हुआ। बैंक खातों की जांच शिकायत मिलने के बाद साइबर थाना में प्राथमिकी दर्ज कर तकनीकी अनुसंधान शुरू किया गया। बैंक खातों के लेनदेन, मोबाइल नंबरों और डिजिटल साक्ष्यों का विश्लेषण करते हुए पुलिस ने हरियाणा के सोनीपत में छापेमारी कर मो. साहिल को गिरफ्तार कर लिया। उसके पास से एक मोबाइल फोन भी जब्त किया गया है, जिसकी जांच की जा रही है। पुलिस का कहना है कि गिरोह के फरार दो अन्य सदस्य मोहित और करण की गिरफ्तारी के लिए लगातार छापेमारी जारी है। साथ ही यह भी पता लगाया जा रहा है कि इस गिरोह ने बिहार सहित अन्य राज्यों में कितने लोगों को अपना शिकार बनाया है।
नई दिल्ली। दिल्ली-हरियाणा सीमा पर स्थित डेरा मंडी और मंडी गांव के निवासियों को जल्द ही जलभराव की समस्या से राहत मिल सकती है। पीडब्ल्यूडी एवं जल मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने शुक्रवार को डेरा मंडी क्षेत्र का दौरा कर जलभराव, सीवर और सड़क की स्थिति का निरीक्षण किया तथा अधिकारियों के साथ मौके पर समीक्षा की। निरीक्षण के दौरान मंत्री ने डेरा मंडी रोड के पास मंडी गांव में भारी जलभराव की स्थिति का जायजा लिया। अधिकारियों ने बताया कि यह क्षेत्र प्राकृतिक रूप से निचला है, जिसके कारण बारिश का पानी यहां एकत्र हो जाता है। पहले यह पानी प्राकृतिक नालों के जरिए हरियाणा की ओर निकल जाता था, लेकिन शहरीकरण और कंक्रीटीकरण के कारण निकासी के रास्ते बंद हो गए हैं। बनाया जाएगा नया आरसीसी ड्रेन : प्रवेश मंत्री प्रवेश साहिब सिंह ने बताया कि समस्या के स्थायी समाधान के लिए पीडब्ल्यूडी डेरा मंडी रोड से डेरा भाटी रोड होते हुए बांध रोड तक नया प्रीकास्ट आरसीसी ड्रेन बनाएगा। इसके बाद पंपिंग व्यवस्था के माध्यम से पानी को एसएसएन मार्ग ड्रेन में छोड़ा जाएगा। इस परियोजना का उद्देश्य वर्षा जल निकासी की स्थायी व्यवस्था विकसित करना और भविष्य में जलभराव की समस्या को समाप्त करना है। प्रवेश वर्मा ने कहा कि सरकार केवल हर बारिश के बाद पानी निकालने पर नहीं, बल्कि मजबूत और टिकाऊ बुनियादी ढांचा तैयार करने पर काम कर रही है। इसके लिए शहर के संवेदनशील इलाकों का वैज्ञानिक आकलन किया जा रहा है और जहां जरूरत होगी, वहां दीर्घकालिक समाधान लागू किए जाएंगे। उन्होंने अधिकारियों को परियोजना की विस्तृत कार्ययोजना शीघ्र तैयार करने और सभी संबंधित एजेंसियों के साथ समन्वय बनाकर प्राथमिकता के आधार पर काम शुरू करने के निर्देश दिए। स्थानीय लोगों ने भी इस पहल का स्वागत करते हुए इसे वर्षों पुरानी समस्या के समाधान की दिशा में बड़ा कदम बताया। परियोजना की मुख्य बातें जलभराव की वजह
हरियाणा पुलिस के महानिदेशक अजय सिंघल ने मधुबन स्थित हरियाणा पुलिस अकादमी में पुलिस शहीद स्मारक पर पुष्पचक्र अर्पित कर शहीदों को श्रद्धांजलि दी। इसके बाद मीडिया से बातचीत में उन्होंने बताया कि विदेशों में बैठे गैंगस्टरों द्वारा फिरौती के कॉल आने की समस्या सिर्फ हरियाणा तक सीमित नहीं है, बल्कि आसपास के राज्यों में भी है। इस चुनौती से निपटने के लिए हरियाणा पुलिस ने ठोस कदम उठाए हैं, जिनमें अभेद्य ऐप की लॉन्चिंग प्रमुख है। इसके जरिए अनजान नंबरों से आने वाली कॉल, एसएमएस और वॉइस कॉल को ब्लॉक किया जा सकता है। गैंगस्टरों पर शिकंजा, 22 प्रत्यर्पित डीजीपी अजय सिंघल ने बताया कि हरियाणा पुलिस गैंगस्टरों को ट्रेस कर उन्हें विदेशों से वापस लाने के लिए लगातार काम कर रही है। अब तक 22 गैंगस्टरों का प्रत्यर्पण किया जा चुका है, जिनमें से तीन की विदेश में ही मृत्यु हो चुकी है। कई मामलों में एनकाउंटर भी हुए हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका और कनाडा में पिछले सप्ताह विशेष कार्रवाई के दौरान कुछ अपराधियों को हिरासत में लिया गया, जिसमें हरियाणा पुलिस ने अहम सूचना साझा कर सहयोग किया। उन्होंने यह भी बताया कि कई बार धमकी कॉल मिलने पर लोग निजता का हवाला देकर पुलिस को जानकारी देने से बचते हैं। वहीं वॉट्सऐप, गूगल और फोन कंपनियों से भी जानकारी मांगी गई, लेकिन उन्होंने देने से इनकार कर दिया। इसके बाद अभेद्य ऐप विकसित की गई, जो लोगों को सुरक्षा देने में कारगर साबित हो रही है। सोशल मीडिया से बढ़ रहा बॉर्डरलेस क्राइम डीजीपी ने कहा कि, सोशल मीडिया एक ऐसा माध्यम बन चुका है, जिसने बॉर्डरलेस क्राइम को जन्म दिया है। कोई भी व्यक्ति विदेश में बैठकर किसी को भी कॉल कर सकता है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे सोशल मीडिया के प्रभाव में आकर अपराध का रास्ता न अपनाएं। ऐसे मामलों में पुलिस न केवल युवाओं को, बल्कि उनके परिवारों को भी जागरूक कर रही है। साइबर क्राइम पर ई-जीरो एफआईआर की शुरुआत साइबर अपराध को लेकर अजय सिंघल ने कहा कि टेक्नोलॉजी के विस्तार के साथ यह अपराध तेजी से बढ़ा है। इसे रोकने के लिए हरियाणा पुलिस ने कई कदम उठाए हैं। 1930 हेल्पलाइन सेवा शुरू की गई है, जिस पर तुरंत सूचना देकर फ्रॉड अकाउंट होल्ड कराया जा सकता है। उन्होंने बताया कि हाल ही में ‘ई-जीरो एफआईआर’ प्रणाली शुरू की गई है। इसके तहत यदि कोई व्यक्ति साइबर फ्रॉड की सूचना तुरंत 1930 पर देता है, तो संबंधित थाने में स्वतः एफआईआर दर्ज हो जाती है और ठगी गई राशि को तुरंत ब्लॉक करने की प्रक्रिया शुरू हो जाती है। यह व्यवस्था लोगों के बीच तेजी से लोकप्रिय हो रही है। पुलिस इंफ्रास्ट्रक्चर और तकनीक में सुधार डीजीपी ने कहा कि, हरियाणा पुलिस केवल इंफ्रास्ट्रक्चर ही नहीं, बल्कि तकनीकी रूप से भी मजबूत हो रही है। पुलिस में बॉडी कैमरा, फोरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) उपकरण, आधुनिक गैजेट्स और सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल बढ़ाया जा रहा है। इससे जांच प्रक्रिया अधिक पारदर्शी और प्रभावी बन रही है। आतंकी मामलों के लिए विशेष टीम अजय सिंघल ने बताया कि आतंकवाद से जुड़े मामलों को संभालने के लिए एक विशेष प्रशिक्षित टीम बनाई जा रही है। विदेशी आतंकवादियों से जुड़े मामलों को भी यही टीम हैंडल करेगी। इसके लिए सरकार की ओर से विशेष बजट भी उपलब्ध कराया गया है। भर्तियों का रोडमैप तय भर्ती प्रक्रिया पर बोलते हुए डीजीपी ने कहा कि पुलिस में भर्तियां लगातार जारी हैं। पिछले साल 5500 पदों पर भर्ती हुई, जिनमें 1600 महिलाएं शामिल थीं। वर्तमान में हरियाणा कर्मचारी चयन आयोग (HSSC) के माध्यम से 5500 पदों पर भर्ती चल रही है। इसके बाद नवंबर में करीब 4000 और कर्मचारियों की भर्ती की जाएगी, जिसमें अग्निवीरों को 20 प्रतिशत आरक्षण दिया जाएगा। इन भर्तियों में आईआरबी, एसडीआरएफ, टेलीकॉम और जीआरएफ के जवान शामिल होंगे। उन्होंने कहा कि इस योजना के तहत 2028 तक लगभग 90 प्रतिशत भर्तियां पूरी कर ली जाएंगी। पुलिस कर्मियों की हेल्थ पर फोकस डीजीपी ने बताया कि पुलिस कर्मचारियों की शारीरिक और मानसिक स्वास्थ्य पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। नियमित स्वास्थ्य जांच कराई जा रही है, वहीं मानसिक स्वास्थ्य के लिए नई योजनाएं लागू की गई हैं, जिनमें आयुर्वेद को भी शामिल किया गया है। नशा मुक्त हरियाणा के लिए सख्ती उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री का स्पष्ट संदेश है कि हरियाणा को नशा मुक्त बनाना है। 18 जुलाई को मुख्यमंत्री मधुबन में आकर एसएचओ और मुंशी स्तर तक के अधिकारियों को संबोधित करेंगे। डीजीपी ने बताया कि नशा एक गंभीर समस्या बन चुकी है, जिसमें अब केमिकल और गोलियों का उपयोग भी बढ़ गया है। इसके खिलाफ व्यापक अभियान चलाया जा रहा है। एनडीपीएस एक्ट के तहत 150 लोगों को जेल भेजा गया है और 47 आरोपियों की अवैध संपत्ति अटैच की गई है। अवैध रूप से बनाई गई संपत्तियों को ध्वस्त भी किया गया है। उन्होंने कहा कि हरियाणा पुलिस नशे पर नियंत्रण के लिए हर स्तर पर कार्रवाई कर रही है और भविष्य में इसे और सख्ती से लागू किया जाएगा।
होशियारपुर के दसूहा में भोले-भले लोगों को निशाना बनाकर एटीएम कार्ड बदलने वाले एक बड़े अंतरराज्यीय गिरोह का पर्दाफाश हुआ है। दसूहा पुलिस ने गिरोह के एक शातिर सदस्य को रंगे हाथों गिरफ्तार कर लिया है, जबकि उसके दो साथी फिल्मी स्टाइल में गाड़ी भगाकर मौके से फरार होने में कामयाब रहे। पुलिस ने पकड़े गए आरोपी के कब्जे से विभिन्न बैंकों के 11 एटीएम कार्ड बरामद किए हैं। दसूहा पुलिस ने पकड़े गए आरोपी किशन और उसके फरार साथियों के खिलाफ संबंधित धाराओं के तहत मामला दर्ज कर लिया है। पुलिस का कहना है कि फरार आरोपियों की धरपकड़ के लिए संभावित ठिकानों पर छापेमारी की जा रही है और जल्द ही उन्हें भी सलाखों के पीछे भेजा जाएगा। स्थानीय इलाके में आरोपियों की कार भागने का एक वीडियो भी तेजी से वायरल हो रहा है। जानिए कैसे शिकंजे में फंसा: शक होने पर लोगों ने कड़ा, फिर पुलिस को बुलाया मिली जानकारी के अनुसार, यह गिरोह अड्डा रंधावा शुगर मिल के पास स्थित एक निजी कंपनी के एटीएम को निशाना बना रहा था। एटीएम से पैसे निकालने आए कुछ लोगों को आरोपी की हरकतों पर शक हो गया। सजग नागरिकों ने तुरंत सूझबूझ दिखाई और आरोपी को दबोचकर वहीं बांधकर बैठा लिया और मामले की सूचना तुरंत पुलिस को दी। पुलिस को देख फिल्मी स्टाइल में कार लेकर भागे साथी घटना की सूचना मिलते ही जब पुलिस की टीम मौके पर पहुंची तो बाहर कार में इंतजार कर रहे गिरोह के अन्य दो साथी सतर्क हो गए। पुलिस को आता देख वे अपनी कार को बेहद तेज रफ्तार में फिल्मी स्टाइल में भगाकर ले गए। चश्मदीदों के मुताबिक मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने अपनी कार से आरोपियों का पीछा करने की कोशिश भी की, लेकिन इलाके में भारी भीड़ (ट्रैफिक) होने के कारण आरोपी चकमा देकर भागने में सफल रहे। हरियाणा का रहने वाले हैं आरोपी, पूरे पंजाब में सक्रिय जांच अधिकारी गुरबचन सिंह ने बताया कि पुलिस को एटीएम में हेराफेरी की सूचना मिली थी। एक आरोपी को गिरफ्तार किया गया है। पकड़े गए आरोपी की पहचान किशन पुत्र शिशुपाल, निवासी मसूदपुर, जिला हांसी (हरियाणा) के रूप में हुई है।पूछताछ के दौरान आरोपी किशन ने कबूल किया कि वह अपने साथी सतीश कुमार और एक अन्य व्यक्ति के साथ मिलकर इस गिरोह को चला रहा था। यह गिरोह मूल रूप से हरियाणा का है, लेकिन पूरे पंजाब में सक्रिय था। ऐसे देते थे वारदात को अंजाम- बूढ़े बुजुर्ग निशाने पर पूछताछ में आरोपी ने गिरोह के काम करने के तरीके का बड़ा खुलासा किया। गिरोह के सदस्य पंजाब के अलग-अलग शहरों के एटीएम में घुस जाते थे और वहां आने वाले बुजुर्गों व महिलाओं को अपना शिकार बनाते थे। पैसे निकलवाने में मदद करने के बहाने ये शातिर अपराधी उनका एटीएम पिन (पासवर्ड) देख लेते थे। असली कार्ड लेकर थमा देते थे नकली कार्ड मदद के दौरान ही ये बड़ी चालाकी से असली एटीएम कार्ड बदल देते थे और पीड़ित को उसी बैंक या कंपनी का दूसरा फर्जी/पुराना कार्ड थमा देते थे। असली कार्ड और पिन हाथ में आते ही ये किसी दूसरे एटीएम पर जाकर पीड़ित के खाते से सारे पैसे साफ कर देते थे।
हरियाणा कैडर के 2012 बैच के IAS अधिकारी अजय सिंह तोमर को केंद्र सरकार ने बड़ी जिम्मेदारी सौंपी है। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग (DoPT) ने उन्हें केंद्रीय प्रतिनियुक्ति (सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम) के तहत कृषि एवं किसान कल्याण विभाग, नई दिल्ली में डायरेक्टर नियुक्त किया है। उनकी नियुक्ति 5 वर्ष के लिए की गई है या अगले आदेश तक, जो भी पहले हो। कार्मिक एवं प्रशिक्षण विभाग की ओर से 16 जुलाई 2026 को जारी आदेश में हरियाणा के मुख्य सचिव को निर्देश दिए गए हैं कि अजय सिंह तोमर को तत्काल प्रभाव से कार्यमुक्त किया जाए, ताकि वे नई जिम्मेदारी संभाल सकें। वे फिलहाल अंबाला डीसी के पर सेवारत हैं। 3 सप्ताह में जॉइन करना होगा, नहीं तो हो सकती है कार्रवाई आदेश के अनुसार, केंद्रीय प्रतिनियुक्ति से जुड़े ACC के दिशा-निर्देशों के तहत अधिकारी को नियुक्ति आदेश जारी होने की तारीख से 3 हफ्ते के भीतर पदभार ग्रहण करना अनिवार्य होगा। निर्धारित समय में जॉइन नहीं करने पर सेंट्रल स्टाफिंग स्कीम से डिबारमेंट (प्रतिबंध) की प्रक्रिया शुरू की जा सकती है। कृषि मंत्रालय में निभाएंगे अहम भूमिकाअजय सिंह तोमर अब केंद्र सरकार के कृषि एवं किसान कल्याण विभाग में डायरेक्टर के रूप में नीतिगत और प्रशासनिक जिम्मेदारियां संभालेंगे। कृषि क्षेत्र से जुड़े विभिन्न कार्यक्रमों और योजनाओं के क्रियान्वयन में उनकी भूमिका महत्वपूर्ण मानी जा रही है। पत्नी भी हैं IAS अधिकारीअंबाला डीसी अजय सिंह तोमर की पत्नी संगीता तेतरवाल भी 2013 बैच की आईएएस अधिकारी हैं। आईएएस अधिकारी संगीता तेतरवाल वर्तमान में हरियाणा के नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा विभाग (New Renewable Energy) में निदेशक (Director) और सरकार में विशेष सचिव के रूप में तैनात हैं
नीट-यूजी रिजल्ट:लुधियाना के आर्यन और हरियाणा के पंशुल संयुक्त टॉपर
शशांक सिंह, लुधियाना | लुधियाना के डुगरी इलाके में रहने वाले डॉक्टर माता-पिता के बेटे आर्यन गुप्ता ने ऑल इंडिया नीट में टॉप किया। जैसे ही यह खुशखबरी मिली तो बधाई देने वालों का तांता लग गया। कोचिंग सेंटर में केक काटकर बधाई दी गई। परिवार और टीचर्स ने भंगड़ा भी डाला। इस मौके पर आर्यन से विशेष बातचीत... मैं पहली बार तनाव में था इसलिए पेपर अच्छा नहीं हुआ था, दोबारा एग्जाम ने मुझे टॉपर बनने का मौका दिया: आर्यन भास्कर इंटरव्यू नीट यूजी में इस बार भी कोई छात्र 720 का परफेक्ट स्कोर हासिल नहीं कर पाया। दो टॉपर्स के 720 में से 715 अंक रहे। ये पिछले साल के टॉपर से 29 अंक ज्यादा हैं। पिछले साल 686 अंक वाला टॉपर था। 2024 में सुप्रीम कोर्ट के दखल के बाद 17 छात्रों ने परफेक्ट 720 स्कोर किया था। 2019, 2022, 2025 में भी कोई परफेक्ट स्कोर नहीं था। हालांकि, इस बार 19 छात्रों के 700 से ज्यादा अंक हैं। छोटे राज्यों के छात्रों ने भी शानदार प्रदर्शन किया। टॉप-138 छात्र देश के 66 अलग-अलग शहरों से हैं। लड़कियों के वर्ग में क्वालिफाइंग दर 56.8% और लड़कों में 55.1% रही। एनटीए ने पहली बार मूल्यांकन के चरण एक के बाद एक के बजाय समानांतर पूरे किए। इससे तय समय पर रिजल्ट जारी हो गया। नीट यूजी में 720 का परफेक्ट स्कोर किसी को नहीं; 19 छात्र ही 700 पार टॉप-138 छात्र देश के 66 अलग-अलग शहरों से एनटीए ने वीरवार रात मेडिकल प्रवेश परीक्षा नीट यूजी का रिजल्ट जारी किया। पेपर लीक विवाद के बाद दोबारा हुई परीक्षा में 20 लाख छात्र बैठे थे। 11.21 लाख (करीब 56%) ने क्वालिफाई किया। लुधियाना के आर्यन गुप्ता व हरियाणा के पंशुल बंसल संयुक्त टॉपर हैं। दोनों ने 720 में से 715 अंक हासिल किए। नीट की पात्रता के आधार पर अब एमबीबीएस-बीडीएस सहित अन्य मेडिकल पाठ्यक्रमों की काउंसिलिंग प्रक्रिया शुरू होगी। लड़कियों का प्रदर्शन इस बार भी लड़कों से बेहतर रहा। 58 फीसदी लड़कियां और 42 फीसदी लड़के सफल हुए। पहली बार परीक्षा देने वालों का दबदबा: इस बार 700 से अधिक अंक 19 छात्रों के आए। वहीं 690 से अधिक अंक 138 छात्रों को मिले। 690 से अधिक अंक पाने वाले 138 अभ्यर्थियों में से 93% से अधिक पहली बार नीट देने वाले हैं। 99% की उम्र भी 17 से 19 वर्ष के बीच ही है। पंशुल बंसल {एआई (आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस) ने आपकी पढ़ाई में कितनी मदद की?- मैंने कभी किसी एआई टूल का इस्तेमाल नहीं किया। जो भी विषय कठिन लगता था, उसे अपने शिक्षकों से पूछता था और किताबों से भी समझता था। {टॉपर बनने के बाद कैसा लग रहा है, सफलता का मूल मंत्र क्या रहा ?-बस हो गया, बहुत खुश हूं। मेरी सफलता का मूल मंत्र मेरी कड़ी मेहनत है। मेरे माता-पिता और टीचर्स जैसे सबको मिले।{क्या सोचा था टॉपर बनेंगे?-हां, दो साल पहले अपने फिजिक्स के टीचर अश्वनी कुमार को बता दिया था कि टॉपर बनूंगा। {आपके टॉपर बनने में री-नीट का कितना योगदान है ?-पहले पेपर में बहुत उम्मीद थी। लेकिन तनाव के कारण अच्छा नहीं कर पाया था और 696 ही नंबर आ रहे थे। तब घर आकर मैंने फिर से पढ़ाई शुरू की और मॉक टेस्ट मानकर चलने लगा। लेकिन री-नीट मेरे टॉपर बनने के लिए हुआ था। इसलिए मैं दूसरी बार एग्जाम में बिना तनाव और बिना एक्सपेक्टेशन के बैठा था और सफलता मिली।{पहली बार वाला पेपर कठिन था या दूसरी बार ?-दूसरी बार पेपर ज्यादा कठिन था, इसलिए ज्यादा अच्छा हुआ। पहली बार मैं दबाव में था। इसलिए मै अच्छा नहीं कर पाया था। तैयारी करने वाले छात्र अक्सर सोशल मीडिया से दूरी बना लेते हैं। क्या आपने भी ऐसा किया था?नहीं, मैंने किसी से दूरी नहीं बनाई। हर तीन महीने में टेस्ट के बाद दोस्तों के साथ घूमने जाता था। खाली समय में एनिमेशन कार्टून और यूट्यूब देखता था। दोस्तों के साथ पार्टी भी करता था।
रायपुर के उरला से सटे तेंदुआ स्थित गोदाम से खैर की अवैध लकड़ियां वन विभाग ने जब्त की थी। लकड़ियां इतनी ज्यादा है कि काउंटिंग दो रात बाद भी पूरी नहीं पाई है। कल सुबह तक संभावना है कि गिनती पूरी हो जाए। वहीं पूरे मामले में मुख्य आरोपी आरोपी मनीष अग्रवाल की आर्थिक गतिविधियों और संपत्तियों की भी जांच कराई जाएगी। इसके लिए विभाग ने आयकर (IT) और जीएसटी विभाग को पत्र भेजा है। जांच में सामने आया कि लकड़ियां मथुरा, हरियाणा और राजस्थान भेजी जानी थी। लंबे समय से चल रहा था कारोबार मनीष अग्रवाल के खिलाफ प्रदेश के अलग-अलग जिलों में खैर सहित अन्य बहुमूल्य वन उत्पादों की तस्करी के आधा दर्जन से ज्यादा मामले दर्ज हैं। विभाग का मानना है कि यदि लंबे समय से यह अवैध कारोबार चल रहा था। मोबाइल चैट से मिला हरियाणा कनेक्शन जांच के दौरान वन विभाग ने गोदाम के मुंशी इरफान का मोबाइल भी जब्त किया है। इरफान को पूरे मामले में सह आरोपी बनाया है। हालांकि पूछताछ के बाद उसे विभाग ने छोड़ दिया है। इरफान के मोबाइल चैट्स से पता चला है कि लकड़ियां मथुरा, हरियाणा और राजस्थान भेजी जानी थी। यहां लकड़ी को सुखाकर उसका चूरा तैयार किया जाता है। और फिर इस चूरे से कत्था बनता। देखिए जब्त लकड़ियों की तस्वीरें… 4 महीने पहले ही गोदाम किराए में लिया था जांच में सामने आया है कि मनीष अग्रवाल ने तेंदुआ स्थित गोदाम 11 मार्च 2026 को किराए पर लिया था। गोदाम का मासिक किराया 28 हजार रुपये तय हुआ था। जमीन मालिक धर्मवीर सिंह ने भास्कर को बताया कि उसे अग्रवाल के काम की जानकारी नहीं थी अग्रवाल ने यह नहीं बताया था कि गोदाम का इस्तेमाल किस काम के लिए किया जाएगा। धर्मवीर ने बताया अग्रवाल ने सिर्फ गोदाम किराए पर लेने की बात कही थी। उन्हें अग्रवाल के पूराने बैकग्राउंड के बारे में भी नहीं मालूम था।
राजस्थान की पूर्व गर्भाधान और प्रसव पूर्व निदान तकनीक अधिनियम (PCPNDT) टीम ने भ्रूण लिंग परीक्षण गिरोह के शातिर दलाल को हरियाणा के डबवाली से गिरफ्तार किया है। आरोपी राकेश कुमार लंबे समय से राजस्थान और हरियाणा के सीमावर्ती क्षेत्रों में अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण के नेटवर्क का संचालन कर रहा था। आरोपी पहले भी साल 2019 में पीसीपीएनडीटी अधिनियम के तहत गिरफ्तार हो चुका है। राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (एनएचएम) के मिशन निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया- पीसीपीएनडीटी टीम पिछले छह महीनों से आरोपी राकेश कुमार की गतिविधियों पर लगातार निगरानी रख रही थी। पुख्ता खुफिया सूचना मिलने के बाद टीम ने एक सुनियोजित रणनीति तैयार की और डिकॉय ऑपरेशन की योजना बनाई। आरोपी योजना के तहत एक गर्भवती महिला को डिकॉय ग्राहक (फर्जी मरीज) बनाकर आरोपी दलाल राकेश से संपर्क कराया गया। आरोपी ने भ्रूण लिंग परीक्षण कराने के एवज में 36,500 रुपए की मांग की। सौदा तय होने के बाद आरोपी महिला को जांच करवाने के लिए हरियाणा के डबवाली स्थित एक निजी अस्पताल लेकर गया, जहां पहले से तैयार बैठी राजस्थान की टीम ने उसे रंगे हाथों दबोच लिया। रंगे हाथों गिरफ्तारी और अस्पताल की भूमिका की जांच डॉ. जोगाराम ने बताया- अस्पताल में सोनोग्राफी और अन्य जांच की प्रक्रिया पूरी होने के बाद जैसे ही आरोपी ने कथित रूप से भ्रूण का लिंग बताकर महिला को बाहर भेजा, पहले से घात लगाए बैठी पीसीपीएनडीटी टीम ने उसे मौके पर ही दबोच लिया। कार्रवाई के दौरान टीम ने अस्पताल से सोनोग्राफी रिकॉर्ड, दस्तावेज और अन्य महत्वपूर्ण साक्ष्य भी जब्त किए हैं। अब पुलिस और स्वास्थ्य विभाग इस पूरे नेटवर्क में अस्पताल प्रबंधन की भूमिका और इससे जुड़े अन्य लोगों की गहनता से जांच कर रहे हैं। बेटी होने की झूठी सूचना देकर कराते थे गर्भपात प्रारंभिक जांच में सामने आया कि यह गिरोह कई मामलों में लोगों को झूठी जानकारी देकर गुमराह करता था। आरोपी कथित रूप से गर्भ में बेटी होने की गलत सूचना देकर लोगों को गर्भपात के लिए उकसाता था और इस अवैध धंधे से मोटी रकम वसूलता था। एनएचएम निदेशक डॉ. जोगाराम ने बताया- आरोपी हनुमानगढ़, श्रीगंगानगर और बीकानेर सहित राजस्थान के सीमावर्ती जिलों से गर्भवती महिलाओं को फुसलाकर हरियाणा ले जाता था और वहां अवैध भ्रूण लिंग परीक्षण करवाता था। 2019 में भी पकड़ा गया था आरोपी आरोपी राकेश कुमार साल 2019 में भी पीसीपीएनडीटी टीम के हत्थे चढ़ चुका था। उस समय संगरिया में उसका अल्ट्रासाउंड सेंटर सीज किया गया था। कुछ साल शांत रहने के बाद वह पिछले दो-तीन सालों से फिर से इस अवैध कारोबार में सक्रिय हो गया था, जिसे इस बार टीम ने दोबारा दबोच लिया। डिकॉय ऑपरेशन का नेतृत्व बीकानेर के संयुक्त निदेशक डॉ. देवेंद्र चौधरी ने किया, जिसमें पीबीआई थाना पुलिस और पीसीपीएनडीटी समन्वयकों की टीम शामिल रही।
सोनीपत में वीरवार सुबह भाजपा विधायक निखिल मदान ने वार्ड नंबर 2 स्थित बीज मार्केट में स्वच्छता अभियान चलाया। उन्होंने स्वच्छता प्रहरियों के साथ मिलकर सफाई की और श्रमदान किया। विधायक मदान ने बताया कि पीएम नरेंद्र मोदी शुक्रवार को जींद आ रहे हैं। वे प्रदेशवासियों को देश की पहली हाइड्रोजन ट्रेन की सौगात देंगे। यह ट्रेन जींद से चलकर सोनीपत पहुंचेगी, जहां शहरवासियों द्वारा इसका स्वागत किया जाएगा। बीज मार्केट से बस स्टैंड तक सफाई अभियान चलाया पीएम मोदी जींद में विकसित भारत विकसित हरियाणा रैली को भी संबोधित करेंगे। उनके स्वागत में हरियाणा के नायब सैनी और प्रदेश अध्यक्ष अर्चना गुप्ता की अध्यक्षता में पूरे प्रदेश में 'स्वच्छता से स्वागत' अभियान चलाया जा रहा है। इसी क्रम में आज वार्ड नंबर 2 में बीज मार्केट से बस स्टैंड तक सफाई अभियान चलाया गया। विधायक ने कूड़ा उठाकर कूड़ा गाड़ी में डाला इस दौरान विधायक निखिल मदान ने स्वच्छता प्रहरियों के साथ सड़क पर झाड़ू लगाई और कूड़ा उठाकर कूड़ा गाड़ी में डाला। इस अवसर पर निगम पार्षद मुकेश बहमणिया, निगम पार्षद सुरेंद्र मदान, मंडल अध्यक्ष आरती शर्मा, एम.एल. आहूजा, मुख्य सफाई निरीक्षक साहब सिंह और अन्य स्वच्छता प्रहरी मौजूद रहे।
हरियाणा कांग्रेस ने विधानसभा चुनाव की तैयारियों और संगठन को बूथ स्तर तक मजबूत करने के लिए बड़ा अभियान शुरू कर दिया है। पार्टी के हरियाणा प्रभारी संजय दत्त ने 18 से 25 जुलाई तक का पांच दिवसीय जिला दौरा कार्यक्रम जारी किया है। इस दौरान वे प्रदेश के पांच जिलों में पहुंचकर जिला कार्यकारिणी, विधानसभा क्षेत्र के नेताओं और कार्यकर्ताओं के साथ अलग-अलग बैठकें करेंगे। इन बैठकों में संगठन की स्थिति, बूथ नेटवर्क और SIR अभियान की भी समीक्षा होगी। पार्टी के कार्यक्रम के अनुसार, अधिकांश महत्वपूर्ण बैठकों में प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष राव नरेंद्र सिंह भी मौजूद रहेंगे। माना जा रहा है कि लगातार चुनावी हार और संगठनात्मक बदलावों के बीच कांग्रेस अब कार्यकर्ताओं से सीधा फीडबैक लेकर जिला और विधानसभा स्तर पर नई रणनीति तैयार करेगी। अब जानिए 4 दिन का पूरा शेड्यूल…
हरियाणा सरकार की 28 जुलाई को प्रस्तावित कैबिनेट बैठक कई अहम फैसलों के लिहाज से महत्वपूर्ण मानी जा रही है। हालांकि बैठक का आधिकारिक एजेंडा अभी जारी नहीं हुआ है, लेकिन सरकार के विभिन्न विभागों में लंबित प्रस्तावों और हालिया प्रशासनिक गतिविधियों को देखते हुए उद्योग, कर्मचारियों, कृषि, शहरी विकास और आगामी विधानसभा सत्र से जुड़े कई महत्वपूर्ण मामलों पर चर्चा होने की संभावना है। बैठक की अध्यक्षता मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी करेंगे। माना जा रहा है कि आगामी विधानसभा सत्र में पेश किए जाने वाले विधेयकों को अंतिम मंजूरी देने के साथ-साथ कई नीतिगत फैसलों पर भी कैबिनेट की सहमति ली जाएगी। सरकार आगामी विधानसभा सत्र में कई संशोधन विधेयक पेश करने की तैयारी में है। ऐसे में संबंधित विधेयकों को कैबिनेट से मंजूरी मिलने की संभावना है। इनमें प्रशासनिक सुधार, विभागीय नियमों में संशोधन और जनहित से जुड़े प्रस्ताव शामिल हो सकते हैं। उच्च शिक्षा संस्थानों, मेडिकल कॉलेजों, स्वास्थ्य सेवाओं के विस्तार और विभिन्न विभागों में पद सृजन या भर्ती संबंधी प्रस्तावों पर भी कैबिनेट विचार कर सकती है। दिल्ली की तर्ज पर हरियाणा ई-वाहन (EV) नीति हरियाणा के उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री राव नरबीर सिंह ने चंडीगढ़ में हरियाणा ई-वाहन (EV) नीति की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता की थी। जिसमें उन्होंनें इलेक्ट्रिक वाहनों को बढ़ावा देने और खरीदारों को राहत देने को लेकर चर्चा की थी। मंत्री ने कहा था कि इलेक्ट्रिक दोपहिया, तिपहिया और कारों पर मिलने वाली सरकारी सब्सिडी सीधे लाभार्थी के खाते में दी जाए, ताकि ग्राहकों को वाहन खरीदते समय ही इसका लाभ मिल सके। मंत्री राव नरबीर सिंह ने दिल्ली की तर्ज पर गुरुग्राम और फरीदाबाद जैसे शहरों की ज़रूरतों को ध्यान में रखते हुए, हरियाणा ई-वाहन नीति-2022 में दिल्ली की तर्ज पर संशोधन करने को लेकर चर्चा की। ऐसे में संभव है कि कैबिनेट की बैठक में नई ईवी पॉलिसी पर मुहर लग जाए।
हरिद्वार में हरियाणा से आए दो युवकों पर महिलाओं से छेड़छाड़ का आरोप लगाकर लोगों ने उनकी पिटाई कर दी। भीड़ ने दोनों युवकों के कपड़े फाड़ने की भी कोशिश की। इस दौरान कुछ महिलाओं ने भी युवकों को थप्पड़ मारे। बताया जा रहा है कि भीड़ में शामिल अधिकांश लोग हरिद्वार के बाहर के रहने वाले थे। घटना का वीडियो भी सामने आया है। इस दौरान कुछ स्थानीय लोग हरियाणा के युवकों को बचाने के लिए आगे आए, लेकिन भीड़ ने उन्हें भी वहां से भगा दिया। विवाद बढ़ने पर लोगों ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस दोनों युवकों को अपने साथ ले गई। पुलिस ने अभी तक युवकों की पहचान या वे हरियाणा के किस जिले से आए थे, इसकी जानकारी नहीं दी है। घटना मंगलवार देर रात हरिद्वार के नगर कोतवाली क्षेत्र स्थित खड़खड़ी की बताई जा रही है। तस्वीरें देखिए- महिलाओं से छेड़छाड़ के आरोप के बाद बढ़ा विवाद जानकारी के अनुसार, देर रात खड़खड़ी क्षेत्र में हरियाणा से आए कुछ यात्रियों और वहां मौजूद लोगों के बीच विवाद हो गया। आरोप है कि दो युवकों ने महिलाओं से छेड़छाड़ और अभद्र व्यवहार किया। इसकी जानकारी मिलते ही आसपास मौजूद लोग मौके पर पहुंच गए और दोनों युवकों को घेर लिया। भीड़ दोनों युवकों को बुरी तरह पीट रही है, जबकि कुछ लोग बीच-बचाव करने का असफल प्रयास भी कर रहे हैं। देखते ही देखते मौके पर भीड़ जमा हो गई। मौके पर मौजूद लोगों ने इस पूरी मारपीट का वीडियो अपने मोबाइल कैमरों में कैद कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। महिलाओं ने युवकों को थप्पड़ मारे प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, इस दौरान कुछ महिलाओं ने भी युवकों को थप्पड़ मारे, जबकि भीड़ ने उनके कपड़े फाड़ने की कोशिश की। घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो में कई लोग दोनों युवकों को घेरकर पीटते दिखाई दे रहे हैं। मौके पर मौजूद महिलाएं भी उनके खिलाफ छेड़छाड़ के आरोप लगाती नजर आ रही हैं। हालांकि वायरल वीडियो की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। बताया जा रहा है कि भीड़ में शामिल अधिकांश लोग हरिद्वार के बाहर के रहने वाले थे। विवाद बढ़ने पर किसी ने पुलिस को सूचना दी। पुलिस दोनों युवकों को अपने साथ ले गई सूचना मिलते ही नगर कोतवाली पुलिस मौके पर पहुंची और किसी तरह स्थिति को नियंत्रित किया। पुलिस दोनों युवकों को अपने साथ थाने ले गई। फिलहाल पुलिस ने युवकों की पहचान या वे हरियाणा के किस जिले से आए थे, इसकी जानकारी सार्वजनिक नहीं की है। नगर कोतवाली प्रभारी कुंदन सिंह राणा ने बताया कि मामले की गंभीरता से जांच की जा रही है। घटनास्थल के आसपास लगे सीसीटीवी कैमरों की फुटेज और वायरल वीडियो की जांच की जा रही है। दोनों पक्षों के बयान भी दर्ज किए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि जांच में जो भी तथ्य सामने आएंगे, उनके आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच पूरी होने के बाद ही घटना की वास्तविक स्थिति स्पष्ट हो सकेगी। ----------------------------------------------------- ये खबर भी पढ़ें… बद्रीनाथ के बाद मनसा देवी मंदिर में चढ़ावा चोरी; VIDEO:नोट जेब में रखता दिखा कर्मचारी, शक्तिपीठ में बिना जेब वाला कुर्ता बना नया ड्रेस कोड बद्रीनाथ में चढ़ावा चोरी के बाद उत्तराखंड के हरिद्वार स्थित सिद्ध शक्तिपीठ मनसा देवी मंदिर से भी दान चोरी करने का मामला सामने आया है। घटना से जुड़ा एक वीडियो सामने आया है, जिसमें दिखता है कि मंदिर कर्मचारी नोट को फोल्ड कर इधर-उधर लोगों को देखता है। इसके बाद वह फोल्ड किए गए नोट को पूजा की थाली के पास ले जाकर अपने कुर्ते की जेब में रख लेता है। (पढ़ें पूरी खबर)
रोहतक के गांव खिड़वाली निवासी व जाट आरक्षण आंदोलन में पूर्व वित्तमंत्री कैप्टन अभिमन्यु की कोठी जलाने वाले मुख्य आरोपियों में से एक धर्मेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया पर करन फिटनेस को खुली धमकी देते हुए कहा कि जिस दिन हरियाणा में आएगा, उसी दिन जितनी गालियां दी हैं, उतने ही छेद कर दूंगा। धर्मेंद्र हुड्डा द्वारा डांसर सपना चौधरी के बारे में वीडियो डालने के बाद करन फिटनेस ने सोशल मीडिया पर धर्मेंद्र हु्ड्डा की तुलना गैंगस्टरों के साथ कर दी। करन ने अपनी वीडियो में कहा कि धर्मेंद्र हुड्डा क्या अब दाउद, लारेंस बिश्नोई, गोल्डी बराड़, संपत नेहरा व रोहित गोदारा बन गया, जो छलनी करवा देगा। करन ने अपनी वीडियो में कहा कि सभी गैंगस्टरों का हाथ धर्मेंद्र हु्ड्डा के ऊपर है। जब 36 घंटे हो जाएंगे, तो वह अपनी लोकेशन भेज देगा और हरियाणा में ही रहकर वीडियो भी बनाएगा। अगर गंदगी की सफाई करनी है, तो सच्चाई के साथ करे, किसी को धमकी देकर नहीं। कम्युनिटी गाइडलाइन बताकर हटाई 7 वीडियो धर्मेंद्र हु्ड्डा ने सोशल मीडिया पर कहा कि सपना चौधरी की वीडियो बनाने के बाद अकाउंट से 7 वीडियो कम्युनिटी गाइडलाइन दिखाकर हटा दी। करन फिटनेस ने उसके ऊपर वीडियो बनाई, जिसका नाम लेना भी उचित नहीं है। उसके पीछे पहले ही कई भाई लगे हुए है। सोशल मीडिया पर मैं नहीं देता गाली धर्मेंद्र हुड्डा ने कहा कि वह सोशल मीडिया पर गाली नहीं देते, लेकिन स्टेज पर डांस करने वाली व अश्लीलता परोसने वाली महिलाओं को रोकने के लिए गलत शब्दों का प्रयोग करना पड़ा। जो जैसा होगा, उसे वैसा ही कहा जाएगा। ऐसे लोगों को रोकने के लिए उन्हीं की भाषा में जवाब दिया जाएगा। हरियाणा में नहीं मिलेगा स्टेज पर नाचने वाला धर्मेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया पर करन को सीधा चैलेंज दिया कि अगर दम है, तो हरियाणा में किसी एक को यह कह दो कि मैं सट्टे का प्रमोशन करूंगा, मुझे रोक कर दिखाओ। जितनी स्टेज पर नाचने वाली है, उन्हें रोक कर दिखाओ। एक सप्ताह के अंदर पूरे हरियाणा में कोई स्टेज पर नाचने वाला या सट्टे का प्रमोशन करने वाला नहीं मिलेगा। जिन गैंगस्टरों के नाम लिए, वो खुद लेंगे जिम्मेदारी धर्मेंद्र हुड्डा ने सोशल मीडिया पर करन के लिए कहा कि तू मेरे स्टेट्स का नहीं है। या तो तू अपनी बात पर गलती मान लेगा, नहीं तो मैंने भी जाटनी का दूध पिया है। जितनी गाली तूने मुझे दी, उतने छेद तेरे में नहीं करवा दिए तो मैं भी असली नहीं। जिस दिन तू हरियाणा में आकर अपनी लोकेशन बता देगा, उसी दिन छेद कर दूंगा और जिन गैंगस्टर का नाम ले रहा है, वो खुद उसकी जिम्मेदारी लेंगे।
छत्तीसगढ़ के अतिथि व्याख्याताओं ने मंगलवार को अपनी 10 मांगों को लेकर उच्च शिक्षा मंत्री टंकराम वर्मा के बंगले पर पहुंचे। व्याख्याताओं का दावा है कि इस दौरान प्रदेशभर से 250 से 300 अतिथि व्याख्याता मौजूद रहे। व्याख्याताओं के प्रतिनिधिमंडल ने मंत्री के सामने एकमुश्त 57,700 रुपए मासिक मानदेय, सेवा सुरक्षा, 12 महीने का कार्यकाल, 13 वार्षिक सीएल, सम्मानजनक पदनाम और नीति-2024 में संशोधन समेत अपनी मांगें रखीं। लेकिन इन मांगों पर कोई सकारात्मक जवाब नहीं मिलने के बाद व्याख्याता मंत्री बंगले के बाहर भी नारेबाजी करने लगे। वहीं दूसरी ओर प्रदर्शन से नाराज मंत्री मीडिया के सवालों का जवाब दिए बिना ही बोलन से विधानसभा की ओर निकल गए। व्याख्याताओं का आरोप प्रतिनिधि मंडल का आरोप है कि मंत्री 2,000 रुपए प्रतिदिन मानदेय के प्रस्ताव पर ही कायम रहे। एकमुश्त मासिक मानदेय की मांग पर कोई स्पष्ट आश्वासन नहीं मिला। व्याख्याताओं ने यह भी आरोप लगाया कि उनकी पूरी बात सुने बिना मंत्री वहां से चले गए। इसके बाद उन्होंने शांतिपूर्ण तरीके से नारेबाजी कर विरोध दर्ज कराया। अतिथि शिक्षकों की 10 मांगों को जानिए 1. सेवा सुरक्षा हरियाणा की तरह 3 साल सेवा पूरी करने वाले अतिथि व्याख्याताओं को 65 साल की उम्र तक नौकरी की सुरक्षा दी जाए। 2. एकमुश्त मासिक वेतन और PF कालखंड के हिसाब से भुगतान खत्म कर हर महीने 57,700 रुपए तय मानदेय दिया जाए। साथ ही PF और महंगाई भत्ते (DA) का लाभ भी मिले। 3. छत्तीसगढ़ के युवाओं को प्राथमिकता नई भर्ती में राज्य के मूल निवासियों को पहले अवसर मिले। समान अंक की शर्त हटाकर केवल राज्य के अभ्यर्थियों को प्राथमिकता देने की मांग। 4. मेरिट सूची अलग बने नई भर्ती में दूसरे राज्यों के अभ्यर्थियों की मेरिट सूची अलग बनाई जाए और छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को पहले मौका मिले। 5. विस्थापन में भी स्थानीय को प्राथमिकता यदि किसी अतिथि व्याख्याता का विस्थापन होता है तो नई मेरिट में भी छत्तीसगढ़ के उम्मीदवारों को पहले अवसर दिया जाए। 6. सवैतनिक अवकाश संविदा कर्मचारियों की तरह हर सत्र में आकस्मिक (CL) और अन्य सवैतनिक छुट्टियों की सुविधा मिले। 7. एक समान सेवा अवधि सभी विश्वविद्यालयों में नियुक्ति और सेवा समाप्ति का एक जैसा कैलेंडर हो। सेवा अवधि 1 जुलाई से 31 मई तक तय की जाए। 8. 25% आरक्षण सहायक प्राध्यापक, क्रीड़ाधिकारी और ग्रंथपाल की भर्ती में अनुभवी अतिथि व्याख्याताओं के लिए 25% क्षैतिज आरक्षण दिया जाए। 9. PSC भर्ती में आयु सीमा में छूट सहायक प्राध्यापक भर्ती परीक्षा में अतिथि व्याख्याताओं को उनके अध्यापन अनुभव के आधार पर अधिकतम 10 साल तक आयु सीमा में छूट मिले। 10. ऑनलाइन पोर्टल और एक जैसा प्रारूप भर्ती, चॉइस फिलिंग और रिक्त पदों के लिए ऑनलाइन पोर्टल बनाया जाए। साथ ही सभी कॉलेजों में जॉइनिंग लेटर और अनुभव प्रमाण पत्र का एक समान प्रारूप लागू किया जाए। हरियाणा की तर्ज पर नियम बनाने की मांग हरियाणा सरकार ने हरियाणा एक्सटेंशन लेक्चरर्स एंड गेस्ट लेक्चरर्स (सिक्योरिटी ऑफ सर्विस) एक्ट, 2024 लागू किया है। इसके प्रमुख प्रावधान हैं:1. 5 साल की सेवा पूरी करने वाले पात्र गेस्ट/एक्सटेंशन लेक्चरर्स को सेवानिवृत्ति (58 वर्ष) तक सेवा सुरक्षा। 2. यदि किसी 240 दिन काम किया है, तो उसे पूरे वर्ष की सेवा माना जाएगा। 3. पात्र गेस्ट लेक्चरर्स को ₹57,700 प्रतिमाह समेकित (Consolidated) मानदेय देने का प्रावधान। बाद के संशोधन प्रस्ताव में DA के अनुसार बढ़ोतरी और वार्षिक इंक्रीमेंट का भी प्रावधान जोड़ा गया। छत्तीसगढ़ में भी अतिथि व्याख्याता इसी तरह से नियम बनाने की मांग कर रहे हैं। मध्य प्रदेश में मोहन यादव की सरकार ने 13 CL मांग पूरी की प्रदेश में व्याख्याताओं की प्रमुख मांगों में से 13 CL की मांग है। व्याख्याताओं का कहना है कि मध्य प्रदेश में भी भाजपा की सरकार है। वहां मोहन यादव की सरकार ने अतिथि शिक्षकों की व्याख्याताओं को देखते हुए इन मांगों को पूरा किया है। मध्य प्रदेश सरकार ने 13 आकस्मिक अवकाश, 3 ऐच्छिक अवकाश, प्रसूति अवकाश और स्थानांतरण सुविधा अपने यहां के अतिथि व्याख्याताओं को दी है। जबकि छत्तीसगढ़ सरकार में ऐसी कोई सुविधा नहीं है। आंदोलन जारी रहेगा व्याख्याताओं का कहना है कि उनका आंदोलन किसी व्यक्ति के खिलाफ नहीं है। उनका दावा है कि यह संघर्ष उच्च शिक्षा में कार्यरत अतिथि व्याख्याताओं की सेवा शर्तों और मांगों को लेकर है। उनका कहना है कि मांगों पर निर्णय नहीं होने तक आंदोलन जारी रहेगा।
झज्जर में भाजपा के राष्ट्रीय सचिव औमप्रकाश धनखड़ ने कहा कि 17 जुलाई का दिन हरियाणा ही नहीं, बल्कि पूरे देश के लिए ऐतिहासिक होने जा रहा है। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जींद से देश की पहली स्वदेशी हाइड्रोजन रेल सेवा को हरी झंडी दिखाकर ग्रीन मोबिलिटी के नए युग की शुरुआत करेंगे। उन्होंने कहा कि यह आयोजन विकसित भारत के संकल्प का राष्ट्रीय प्रतीक बनेगा और भारत की स्वच्छ ऊर्जा व आधुनिक तकनीक को नई पहचान देगा। सोमवार को पत्रकारों से बातचीत करते हुए धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री मोदी के नेतृत्व में भारत ग्रीन हाइड्रोजन, अक्षय ऊर्जा और पर्यावरण-अनुकूल परिवहन के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ रहा है। करीब 1,200 हॉर्स पावर क्षमता वाली स्वदेशी हाइड्रोजन ट्रेन आत्मनिर्भर भारत और स्वदेशी तकनीक का प्रतीक है। हरियाणा से लगातार जुड़े हैं बड़े राष्ट्रीय संदेश धनखड़ ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का हरियाणा से हमेशा विकास और राष्ट्र निर्माण का विशेष जुड़ाव रहा है। रेवाड़ी से पूर्व सैनिकों के सम्मान का संदेश, पानीपत से 'बेटी बचाओ-बेटी पढ़ाओ' अभियान, कुरुक्षेत्र से सांस्कृतिक विरासत के संरक्षण, हिसार से हवाई संपर्क के विस्तार और अब जींद से हाइड्रोजन रेल सेवा का शुभारंभ इस बात का प्रमाण है कि हरियाणा राष्ट्रीय महत्व की बड़ी परियोजनाओं का केंद्र बन चुका है। भारत दुनिया के सामने नई ताकत बनकर उभरा उन्होंने कहा कि आज भारत की अर्थव्यवस्था नई ऊंचाइयों की ओर बढ़ रही है। डिजिटल इंडिया, मेक इन इंडिया, स्टार्टअप इंडिया, पीएम गति शक्ति और आत्मनिर्भर भारत जैसी योजनाओं ने देश को विनिर्माण और नवाचार का वैश्विक केंद्र बनाया है। यूपीआई आधारित डिजिटल भुगतान प्रणाली आज दुनिया के कई देशों के लिए उदाहरण बन चुकी है। धनखड़ ने कहा कि पहले भारत मिसाइल खरीदता था, लेकिन आज दुनिया को मिसाइल निर्यात कर रहा है। मोबाइल निर्माण, डिजिटल पेमेंट और अंतरिक्ष क्षेत्र में भी भारत लगातार नई उपलब्धियां हासिल कर रहा है। किसानों और गांवों के विकास पर सरकार का फोकस उन्होंने कहा कि केंद्र और हरियाणा की डबल इंजन सरकार ने किसानों के हितों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी है। प्रधानमंत्री किसान सम्मान निधि के तहत हरियाणा के किसानों के खातों में 24,500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि भेजी जा चुकी है। प्रदेश में 24 फसलों की एमएसपी पर खरीद, ड्रोन तकनीक, सूक्ष्म सिंचाई, फसल खराबे पर मुआवजा और आधुनिक कृषि पद्धतियों को बढ़ावा देकर खेती को लाभकारी बनाया जा रहा है। झज्जर में लाइव देखेंगे कार्यक्रम, बेरी से कार्यकर्ता पहुंचेंगे जींद धनखड़ ने बताया कि झज्जर जिले की झज्जर, बहादुरगढ़ और बादली विधानसभा के नागरिक व भाजपा कार्यकर्ता 17 जुलाई को झज्जर स्थित नेहरू कॉलेज सभागार में प्रधानमंत्री के कार्यक्रम का लाइव प्रसारण देखेंगे। वहीं बेरी विधानसभा क्षेत्र से कार्यकर्ता जींद पहुंचकर प्रधानमंत्री का स्वागत करेंगे। कांग्रेस पर साधा निशाना धनखड़ ने कांग्रेस पर हमला बोलते हुए कहा कि कांग्रेस आज भी पुराने दौर की राजनीति में फंसी हुई है। वह विकास और राष्ट्रहित के मुद्दों से खुद को नहीं जोड़ पा रही, इसलिए जनता लगातार उसे नकार रही है। उन्होंने कहा, कांग्रेस सपने देखती रहे, भाजपा उन्हें पूरा करने का काम करती है। पहले देश में इमरजेंसी और जबरन नसबंदी की बातें होती थीं, आज विकसित भारत की चर्चा होती है। SIR पर बोले- संवैधानिक प्रक्रिया, कांग्रेस को बांग्लादेशियों के वोटों की चिंता एक सवाल के जवाब में धनखड़ ने कहा कि एसआईआर पूरी तरह संवैधानिक प्रक्रिया है और चुनाव आयोग निष्पक्ष तरीके से अपना काम कर रहा है। हर पात्र मतदाता का नाम सूची में जोड़ा जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस झूठे नैरेटिव पर राजनीति कर रही है और उसे बांग्लादेशियों के वोटों की चिंता है।
पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने एक फैसले में कहा है कि किसी हिंसक प्रदर्शन में शामिल होना, सरकार के खिलाफ नारे लगाना या असहमति व्यक्त करना अपने आप में राजद्रोह (देशद्रोह) का अपराध नहीं माना जा सकता। अदालत ने स्पष्ट किया कि हिंसक विरोध प्रदर्शन दंगा या अन्य आपराधिक अपराध की श्रेणी में आ सकता है, लेकिन केवल इसी आधार पर किसी व्यक्ति पर राजद्रोह का आरोप नहीं लगाया जा सकता। जस्टिस विनोद एस. भारद्वाज और जस्टिस सुखविंदर कौर की खंडपीठ ने यह टिप्पणी हरियाणा सरकार की उस अपील को खारिज करते हुए की, जिसमें वर्ष 2017 में डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को सजा सुनाए जाने के बाद कैथल के कलायत में हुई हिंसा के मामले में चार आरोपियों को बरी किए जाने को चुनौती दी गई थी। राजद्रोह के लिए सिर्फ नारेबाजी काफी नहीं हाईकोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि लोकतांत्रिक व्यवस्था में सरकार के खिलाफ नारेबाजी करना या उसकी नीतियों का विरोध करना नागरिकों की असहमति व्यक्त करने का एक तरीका हो सकता है। इसे सरकार के प्रति घृणा, तिरस्कार या विद्रोह फैलाने के समान नहीं माना जा सकता। खंडपीठ ने कहा कि हिंसक विरोध प्रदर्शन दंगे का रूप ले सकता है, लेकिन केवल हिंसा होने से यह नहीं माना जा सकता कि सरकार के खिलाफ घृणा फैलाने या राजद्रोह का अपराध हुआ है। निर्वाचित लोकतंत्र में सरकार के खिलाफ नारेबाजी मात्र से नागरिकों पर राजद्रोह का आरोप नहीं लगाया जा सकता। हताशा-असंतोष को राजद्रोह नहीं माना जा सकता अदालत ने अपने फैसले में यह भी कहा कि हताशा, नाराजगी या असंतोष को घृणा या देशद्रोह के बराबर नहीं माना जा सकता। ऐसे मामलों में जब आरोप गंभीर हों और सजा भी कठोर हो, तब अदालत का यह दायित्व है कि वह उपलब्ध साक्ष्यों और कानूनी आधार की सख्ती से जांच करे। हाईकोर्ट ने कहा कि राजद्रोह जैसे गंभीर अपराध में केवल आरोप लगाना पर्याप्त नहीं है। अभियोजन पक्ष को यह साबित करना होगा कि आरोपी की कार्रवाई का उद्देश्य सरकार के खिलाफ घृणा फैलाना, हिंसा के लिए उकसाना या राज्य की सुरक्षा को खतरे में डालना था। 2017 की हिंसा से जुड़ा है मामला यह मामला अगस्त 2017 का है, जब डेरा सच्चा सौदा प्रमुख गुरमीत राम रहीम सिंह को दोषी ठहराए जाने के बाद हरियाणा के कई इलाकों में हिंसा भड़क गई थी। आरोप था कि कैथल के कलायत में उत्तर हरियाणा बिजली वितरण निगम लिमिटेड (यूएचबीवीएन) के कार्यालय में तोड़फोड़ की गई और आग लगा दी गई। इस मामले में चार लोगों के खिलाफ राजद्रोह, आगजनी और शरारत समेत विभिन्न धाराओं में मुकदमा दर्ज किया गया था। निचली अदालत ने सबूतों के अभाव में चारों आरोपियों को बरी कर दिया था, जिसके खिलाफ हरियाणा सरकार हाईकोर्ट पहुंची थी। आरोपियों की पहचान-साक्ष्य साबित नहीं कर पाया सरकारी पक्ष हाईकोर्ट ने हरियाणा सरकार की अपील खारिज करते हुए कहा कि अभियोजन पक्ष आरोपियों की पहचान और उनके खिलाफ लगाए गए आरोपों को साबित करने में विफल रहा। अदालत ने पाया कि रिकॉर्ड पर मौजूद साक्ष्य केवल सरकार के खिलाफ नारेबाजी की ओर संकेत करते हैं, जो असहमति व्यक्त करने का माध्यम हो सकता है, लेकिन इसे सरकार के प्रति घृणा या तिरस्कार फैलाने का प्रमाण नहीं माना जा सकता। हाईकोर्ट ने कहा कि किसी व्यक्ति पर राजद्रोह का मुकदमा चलाने के लिए ठोस और स्पष्ट साक्ष्य आवश्यक हैं। केवल विरोध प्रदर्शन या नारेबाजी के आधार पर इस गंभीर अपराध की धाराएं नहीं लगाई जा सकतीं।
समस्तीपुर में संदिग्ध हालत में एक महिला की मौत हो गई। मायके पक्ष ने ससुर और देवर पर गला घोंटकर हत्या का आरोप लगाया है। मृतका की पहचान मिथिलेश कुमार राय की पत्नी सोनी कुमारी(28) के तौर पर हुई है। घटना हलई थाना क्षेत्र के दरबा गांव की है। 'बहनोई ने दूसरी शादी कर ली है' इद्रवारा गांव के रहने वाले मृतका के भाई सरोज कुमार ने बताया कि उनकी बहन की शादी 14 साल पहले हुई थी। 2 भांजा और एक भांजी है। बहनोई हरियाणा में राजमिस्त्री का काम करते हैं। वहीं पर उसने दूसरी शादी कर ली। घर खर्च के लिए बहन को पैसा नहीं देता था। कहता था जहां, जाना है जाओ। कई साल से घर नहीं आया है। फोन भी रिसीव नहीं करता है। 'साजिश करके मेरी बहन को मार डाला' सरोज कुमार ने आगे कहा कि मौत की जानकारी मिलने के बाद मैंने अपने छोटे भाई को मौके पर भेजा। बॉडी जमीन पड़ पड़ी थी। गले पर गहरा निशान था। ससुर और देवर ने रास्ते से हटाने के लिए गला घोंटकर मार डाला। मामले की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची। शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए सदर अस्पताल भेज दिया। वहीं, हलई थानाध्यक्ष ने बताया कि विवाहिता की संदिग्ध स्थिति में मौत हुई है। पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि मौत किस कारण से हुई है। अभी पीड़ित परिवार की ओर से आवेदन नहीं दिया गया है। आवेदन मिलते ही आगे की कार्रवाई की जाएगी।
1.5 करोड़ में बिक रहा था TET का पेपर! बिहार से हरियाणा तक फैला सॉल्वर गैंग का जाल
देश के लाखों युवाओं के भविष्य और शिक्षक बनने के सपने के साथ खिलवाड़ करने वाले एक बहुत बड़े सॉल्वर गैंग और पेपर लीक माफिया का भंडाफोड़ हुआ है। साल 2026 की शिक्षक पात्रता परीक्षा यानी टीईटी (TET Paper Leak 2026) का प्रश्नपत्र परीक्षा से ठीक पहले लीक करने और उसे मोटी रकम में बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। जांच एजेंसियों की शुरुआती कार्रवाई में यह खुलासा हुआ है कि इस बार के टीईटी पेपर को लीक करने के लिए माफियाओं के बीच पूरे 1.5 करोड़ रुपये की भारी-भरकम डील तय हुई थी। इस खुलासे के बाद शिक्षा जगत से लेकर प्रशासनिक गलियारों तक में हड़कंप मच गया है।बिहार से हरियाणा तक फैला है माफियाओं का सिंडिकेट, हाई-टेक तरीके से लीक हुआ पेपरइस महा-घोटाले की जांच में जुटे अधिकारियों के मुताबिक, इस पेपर लीक नेटवर्क का मुख्य केंद्र बिंदु बिहार और हरियाणा राज्य बनकर उभरे हैं। बिहार के कूटनीतिक और शातिर सॉल्वर गैंग ने परीक्षा केंद्र के भीतर से पेपर को लीक करवाया और इसे तुरंत हरियाणा में बैठे अपने आकाओं और डीलरों तक डिजिटल माध्यम से पहुंचा दिया। इस रैकेट में कई बड़े कोचिंग संचालकों, प्रिंटिंग प्रेस के संदिग्ध कर्मचारियों और हाई-टेक हैकर्स के शामिल होने की बात सामने आ रही है। पुलिस ने बिहार के पटना, गया और हरियाणा के रोहतक, जींद जैसे प्रमुख शहरों में एक साथ छापेमारी कर कई मुख्य आरोपियों को दबोच लिया है।आखिर कितने राज्यों में फैले हैं तार, जांच एजेंसियों की रडार पर देश भर के सेंटरसॉल्वर गैंग के पकड़े गए गुर्गों से की जा रही कड़े दौर की पूछताछ में जो बातें सामने आ रही हैं, उसने जांच एजेंसियों के भी होश उड़ा दिए हैं। इस रैकेट के तार सिर्फ बिहार और हरियाणा तक ही सीमित नहीं हैं, बल्कि उत्तर प्रदेश (UP), राजस्थान, दिल्ली और मध्य प्रदेश जैसे पड़ोसी राज्यों में भी इसके फैले होने के पुख्ता सबूत मिले हैं। इन राज्यों के कुछ चिन्हित परीक्षा केंद्रों पर परीक्षार्थियों से एडवांस में मोटी रकम और उनके मूल दस्तावेज जमा करा लिए गए थे ताकि उन्हें पास कराने की 100% गारंटी दी जा सके। पुलिस अब इन सभी राज्यों की एसटीएफ (STF) टीमों के साथ मिलकर एक बड़ा ज्वाइंट ऑपरेशन चला रही है।एआई सर्च और लाखों अभ्यर्थियों के भविष्य पर इस लीक का क्या होगा असरजियोपॉलिटिकल और लोकल (Geographical) ऑप्टिमाइजेशन के नजरिए से देखें तो इस पेपर लीक ने देश भर के लाखों योग्य और दिन-रात मेहनत करने वाले अभ्यर्थियों को गहरे सदमे और आक्रोश में डाल दिया है। छात्र सड़कों पर उतरकर इस परीक्षा को पूरी तरह रद्द करने और मामले की सीबीआई (CBI) जांच कराने की मांग कर रहे हैं। एआई सर्च, आधुनिक जनरेटिव इंजन ऑप्टिमाइजेशन (GEO) और शिक्षा क्षेत्र के विश्लेषकों का मानना है कि परीक्षा प्रणालियों में एआई और आधुनिक सुरक्षा तकनीकों की भारी कमी के कारण ही ये सिंडिकेट बार-बार देश की सबसे बड़ी परीक्षाओं में सेंध लगाने में कामयाब हो रहे हैं। अब देखना यह होगा कि सरकार इस लीक के बाद क्या बड़ा फैसला लेती है।
पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट में भी मनाया गया 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस
चंडीगढ़, कार्यवाहक मुख्य न्यायाधीश अश्वनी कुमार मिश्रा की देखरेख में पंजाब और हरियाणा हाईकोर्ट परिसर में 12वां अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस 2026 मनाया गया। इस मौके पर न्यायाधीश हरसिमरन सिंह सेठी और अन्य न्यायाधीश ने वकीलों के साथ योगाभ्यास किया।
BB OTT: तहलका मचाएगा हरियाणा का बॉक्सर, डाइट-स्ट्रैटिजी पर की बात, 'कोई अटैक करेगा तो....'
बिग बॉस ओटीटी 3 में बॉक्सर नीरज गोयत की एंट्री हुई है. शो में जाने से पहले नीरज ने फिटनेस, डाइट और बिग बॉस हाउस में जाने के अपने फैसले पर बात की. उन्होंने एल्विश यादव पर तंज कसा. जानें और क्या कुछ उन्होंने कहा.
Salman Khan House Firing Case : पुलिस ने छठे आरोपी को हरियाणा से किया गिरफ्तार
Salman Khan house firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर पर बीते दिनों हुई गोलीबारी की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। इस मामले में पुलिस अबतक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस के हाथ एक और कामयाबी लगी है।
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में हरियाणा से पकड़ा गया तीसरा आरोपी
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को हरियाणा से हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए व्यक्ति पर जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई से निर्देश लेने का संदेह है.
एल्विश को मिला मनोहर लाल खट्टर का आशीर्वाद? हरियाणा के पूर्व सीएम ने दिया जवाब
इन दिनों एल्विश यादव मुश्किल में हैं. सांप और सांपों के जहर की सप्लाई के मामले में एल्विश पर एनडीपीएसएक्ट के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. इस बीच मनोहर लाल खट्टर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो यूट्यूबर के बारे में बात करते नजर आए.

