सोनीपत शहर में रहने वाले एक व्यक्ति साइबर ठगों के जाल में फंसकर अपनी जीवन भर की कमाई गंवा बैठे। नगर निगम का वाटर बिल अपडेट करने का झांसा देकर ठगों ने एक फर्जी मोबाइल एप्लीकेशन डाउनलोड करवाई और देखते ही देखते पीड़ित के बैंक खाते से 2,97,000 रुपए उड़ा लिए। सोनीपत साइबर थाना पुलिस ने धोखाधड़ी की संगीन धाराओं के तहत मुकदमा दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। APK फाइल से मिनटों में खाली हुआ बैंक खाता बत्रा कॉलोनी में रहने वाले दिनेश कुमार कटारिया ने पुलिस को दी अपनी शिकायत में बताया कि ठगी की शुरुआत 16 अप्रैल 2026 की सुबह एक टेक्स्ट मैसेज से हुई। मैसेज में लिखा था कि म्युनिसिपल कॉर्पोरेशन का वाटर बिल अपडेट न होने के कारण उनकी कंज्यूमर आईडी बंद कर दी गई है। इसे चालू कराने के लिए दिए गए नंबर पर कॉल करने को कहा गया। दिनेश कुमार के अनुसार… सुबह 11:22 बजे मेरे पास सौरव नाम के व्यक्ति का फोन आया। उसने मुझसे करीब 20 मिनट बात की और विश्वास में लेकर 'DULB HARYANA CITIZEN SERVICE' नाम की एक APK फाइल (एप्लीकेशन) डाउनलोड करवाई। ऐप में अपनी निजी जानकारी भरने के बाद उसने मुझसे 13 रुपए की मामूली फीस भरने को कहा। जैसे ही मैंने अपना इंडियन बैंक खाता नंबर उसमें दर्ज किया, मेरे मोबाइल पर 99 हजार रुपए कटने का मैसेज आ गया। मैं घबराकर तुरंत बैंक की तरफ भागा, लेकिन जब तक बैंक पहुंचता, ठगों ने 1,98,000 रुपए की एक और बड़ी ट्रांजैक्शन कर दी। इस प्रकार 2 लाख 97 हजार रुपए उड़ा लिए दो बार में उड़ाए करीब 3 लाख रुपए ठगों ने इतनी शातिर तरीके से वारदात को अंजाम दिया कि पीड़ित को संभलने का मौका तक नहीं मिला। पीड़ित का आरोप है कि ठगों ने फर्जी दस्तावेजों और आधार कार्ड के आधार पर बैंक खाते खुलवाए हुए हैं, जिनका इस्तेमाल वे लोगों को लूटने के लिए कर रहे हैं। दिनेश कुमार ने तुरंत हेल्पलाइन नंबर 1930 पर कॉल करके शिकायत दर्ज कराई, जिसके बाद अब सोनीपत साइबर थाना पुलिस ने भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 318(4), 338, 336(3), 340 और 61 के तहत दर्ज कर लिया गया है। जिन खातों में पैसे ट्रांसफर हुए हैं, उन्हें फ्रीज करवाने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साइबर सेल की टीमें फोन नंबर और ट्रांजैक्शन हिस्ट्री के आधार पर ठगों की लोकेशन ट्रेस कर रही हैं। नागरिकों से अपील है कि किसी भी अनजान लिंक या अनधिकृत ऐप को डाउनलोड न करें।
भंवरकुआं पुलिस ने साइबर ठगी के मामले में जिन पांच लोगों को गिरफ्तार किया है। उसने एक नंबर की जानकारी मिली है। ये नंबर उनका एक साथ ऑपरेट करता है। ये नंबर हरियाणा का होना पता चला है। इस नंबर के आधार पर पुलिस इनके साथी तक पहुंचने की कोशिश कर रही है। संभवना है कि जल्द ही टीम इसके लिए हरियाणा भी जाएगी। वहीं पुलिस को कुछ बैंक खातों के बारे में भी जानकारी मिली है, जिनकी डिटेल निकाली जा रही है। दरअसल, 28 जनवरी को सचिन गुप्ता नामक एक व्यक्ति ने धोखाधड़ी की शिकायत की थी, जिसके बाद पुलिस ने केस दर्ज कर आशीष पवार, गणेश, वैवेध्य सिरोंजा, रश्मि रंजन और विशाल चौहान को गिरफ्तार किया था। सचिन ने पुलिस को बताया था कि उसने फेसबुक पर इन्वेंस्टमेंट टिप्स का एड देखा था। लिंक ओपन करने पर उसे वाट्सएप ग्रुप में जोड़ लिया गया। बदमाशों ने उसे झांसा देकर एक एप्लिकेशन भी डाउनलोड करा दी। बदमाशों ने सचिन से बड़ी कंपनी के नामसे लाट बुक करवाए और लाखों रुपए इन्वेंस्ट करा दिए। इधर, सचिन को एप पर उसके एन्वेस्टमेंट का प्रॉफीट 4 करोड़ रुपए नजर आने लगा। जब उन्होंने पैसे विड्राल करने की कोशिश की तो पता चला कि उनके साथ फ्रॉड हो गया है। पूछताछ में सामने आया नंबर और नाम भंवरकुआं टीआई संतोष दूधी ने बताया कि आरोपियों से लगातार पूछताछ की जा रही है। पूछताछ में आरोपियों से एक नंबर की जानकारी मिली है। ये नंबर हरियाणा का है जो वेदांत का होना बताया जा रहा है। इसी नंबर से आरोपियों को सभी डायरेक्शन दिए जाते थे। ये नंबर केवल डायरेक्शन देने के ही इस्तेमाल किया जाता था। नंबर के आधार पर वेदांत की जानकारी जुटाई जा रही है। संभवत: अगले एक-दो दिन में टीम हरियाणा भी जा सकती है। वहीं आरोपियों से फेसबुक के 6-7 अकाउंट के बारे में भी पता चला है। जिन पर नजर रखी जा रही है। बैंक खातों की भी जानकारी मिली है डीसीपी आनंद कलादगी ने बताया कि आरोपियों से बैंक खातों की भी जानकारी मिली है। हालांकि शिकायत के बाद पुलिस एक बैंक खाते को फ्रीज कर दिया था, जिसके चलते फरियादी को 10 लाख रुपए वापस मिल गए। बाकी राशि की जानकारी निकाली जा रही है। पुलिस के रडार पर कई खाते है, जिनकी जानकारी निकाली जा रही है। पुलिस जांच में सामने आया कि ठगी के लिए एक व्हाट्सएप ग्रुप संचालित किया जा रहा था, जिसे कथित तौर पर कंबोडिया से ऑपरेट किया जा रहा था। इसी ग्रुप में लोगों को ठगी के तरीके और निवेश के झूठे टिप्स दिए जाते थे।
प्रदेश को नशा मुक्त बनाने के अभियान को तेज करने के लिए हरियाणा राज्य नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (HSNCB) ने बड़ा कदम उठाया है। पंचकूला में एनसीबी प्रमुख की अध्यक्षता में हुई बैठक में अधिकारियों को नशा तस्करों के खिलाफ सख्त कार्रवाई के निर्देश दिए गए। बैठक में नशे के नेटवर्क को तोड़ने, तस्करों की संपत्ति जब्त करने और समाज में जागरूकता बढ़ाने पर जोर दिया गया। साथ ही युवाओं को नशे से दूर रखने के लिए शिक्षा संस्थानों में अभियान चलाने की बात कही गई। हरियाणा एनसीबी प्रमुख और अतिरिक्त महानिदेशक संजय कुमार की अध्यक्षता में हरियाणा पुलिस हाउसिंग कार्पोरेशन, सेक्टर-6 पंचकूला में बैठक आयोजित हुई। इसमें प्रदेशभर के एनसीबी अधिकारियों और यूनिट इंचार्जों ने हिस्सा लिया। बैठक में “नशा मुक्त हरियाणा” मिशन को और प्रभावी बनाने के लिए दिशा-निर्देश दिए गए। तस्करों पर कार्रवाई और प्रॉपर्टी अटैच करने के निर्देश बैठक में पीआईटी एनडीपीएस के तहत आदतन नशा तस्करों की नजरबंदी, एनडीपीएस मामलों में रिकवरी बढ़ाने और तस्करों की संपत्ति अटैच करने पर जोर दिया गया। कमर्शियल मात्रा के मामलों को बढ़ाने के लिए सभी जिलों के नोडल अधिकारियों, थाना प्रभारियों और एनसीबी इकाई प्रमुखों को सक्रिय रहने को कहा गया। जन आंदोलन बनाने की अपील एनसीबी प्रमुख संजय कुमार ने कहा कि नशे को खत्म करने के लिए इसे जन आंदोलन बनाना जरूरी है। उन्होंने अधिकारियों से कहा कि समाज में अपनी पकड़ मजबूत करें और लोगों को इस अभियान से जोड़ें। लंबित मामलों और गिरफ्तारी पर फोकस बैठक में जनवरी से अप्रैल 2026 तक की कार्रवाई की समीक्षा की गई। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि पुराने मामलों में फरार तस्करों को जल्द गिरफ्तार किया जाए और अदालतों में लंबित मामलों में ज्यादा से ज्यादा दोषियों को सजा दिलाई जाए। तकनीक और इंटेलिजेंस का इस्तेमाल बढ़ाने पर जोर एनसीबी प्रमुख ने टीमों की कार्यप्रणाली पर चर्चा करते हुए साइबर तकनीक और आधुनिक तरीकों के इस्तेमाल पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि जागरूकता कार्यक्रमों को इंटेलिजेंस के रूप में इस्तेमाल कर तस्करों तक पहुंच बनाई जाए। शिक्षण संस्थानों में चलेंगे जागरूकता अभियान उन्होंने कहा कि बच्चों और युवाओं को नशे से बचाने के लिए स्कूल, कॉलेज और विश्वविद्यालय स्तर पर जागरूकता अभियान चलाना जरूरी है। साथ ही अन्य राज्यों की एजेंसियों के साथ तालमेल बढ़ाने और नशे से जुड़े डेटा का प्रभावी उपयोग करने के निर्देश भी दिए गए।
उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में कार्यक्रम के दौरान गालियां देने के मामले में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा की आज हरियाणा महिला आयोग में पेशी है। इसको देखते हुए आयोग का छुट्टी के दिन भी ऑफिस खुला हुआ है। दोपहर ढाई बजे तक आयोग मासूम शर्मा का इंतजार करेगा। हालांकि, हरियाणवी सिंगर एक दिन पहले चंडीगढ़ में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कह चुके हैं कि वे राज्य महिला आयोग के सामने पेश नहीं होंगे। कहा कि अभी बिजी चल रहा हूं। इसे लेकर आयोग को ईमेल के जरिए सूचना दे दी है। देहरादून में स्टेज पर गाली देने के मामले में माफी मांग चुका हूं। बता दें कि मामले में हरियाणवी सिंगर पर देहरादून में FIR दर्ज की जा चुकी है। सत्यम शिवम छात्र संगठन (डीएवी कॉलेज) के छात्र प्रतिनिधि प्रांचल नौनी की शिकायत पर केस दर्ज किया गया था। इसके बाद 12 अप्रैल को हरियाणा महिला आयोग की ओर से भी सिंगर को पेश होने का नोटिस जारी किया गया था। कॉलेज प्रोग्राम में स्टेज से गालियां दीं मासूम शर्मा ने बीते शनिवार देहरादून में DAV कॉलेज में शो करने पहुंचे थे। इस दौरान, मासूम ने मंच से कहा- कोई गुंडा मुझे मारने के लिए आया था। मैंने उसे कहा कि मैं देहरादून में प्रोग्राम कर रहा हूं, अगर तेरे में दम है तो यहां आ। होटल छोड़कर यहां आ, टाइम रख ले। इस दौरान मासूम ने मंच से ही कॉलेज स्टूडेंट के सामने गालियां दीं। इस लाइव प्रोग्राम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी भी मौजूद थे। उनके जाने के बाद मासूम शर्मा मंच पर भड़क गए। इस दौरान उनके साथ उत्तराखंड के खानपुर से विधायक उमेश शर्मा भी मौजूद थे। पढ़िए मासूम ने विवाद पर क्या कहा… विवाद पर मांग चुके माफी उत्तराखंड की राजधानी देहरादून में हुए स्टेज विवाद पर मासूम शर्मा चंडीगढ़ में माफी मांग चुके हैं। उन्होंने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कहा है कि अब तक मेरे दिमाग में टेंशन है। इसके बाद माफी भी मांग ली। मेरी तरफ बिना मतलब का तीर आ गया। उस दिन बदमाश ने भाई को कॉल कर कहा था कि मासूम का 20-25 करोड़ रुपए का बीमा करवा लो, उसके बच्चे पल जाएंगे। 5 दिन पहले देहरादून में हो चुकी FIR देहरादून में हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा के खिलाफ 5 दिन पहले ही पुलिस ने मामला दर्ज कर चुकी है। डालनवाला थाना पुलिस ने शिकायत के आधार पर BNS की धारा 296 (अश्लील कृत्य और गाने), धारा 352 (शांति भंग करने के इरादे से अपमान), धारा 79 (महिला की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाले शब्द या कृत्य) और धारा 351(3) (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज कर लिया है। ये मामला सत्यम शिवम छात्र संगठन (डीएवी कॉलेज) के छात्र प्रतिनिधि प्रांचल नौनी की शिकायत पर दर्ज किया गया है। इससे पहले पुलिस ने सिंगर को नोटिस जारी कर दिया था। उनसे 15 दिन के अंदर जवाब देने को कहा था। --------------------------- ये खबर भी पढ़ें…. मासूम शर्मा ने स्टेज से फिर गालियां दीं,VIDEO: देहरादून शो में बोले- गुंडा मारने आया, मैंने उसे कहा, हरियाणा छोड़कर यहां आ हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा ने एक बार फिर स्टेज पर गाली दी। शनिवार को वह उत्तराखंड के देहरादून में DAV कॉलेज में शो करने पहुंचे थे। इस दौरान, मासूम ने मंच से कहा कि कोई गुंडा मुझे मारने के लिए आया था। मैंने उसे कहा कि मैं देहरादून में प्रोग्राम कर रहा हूं, अगर तेरे में दम है तो यहां आ। (पूरी खबर पढ़ें) हरियाणा महिला आयोग के सामने पेश नहीं होंगे मासूम शर्मा:चंडीगढ़ में बोले- बिजी हूं; धमकी देने वाला BJP के मंच पर दिखा, दिमाग में टेंशन हरियाणवी सिंगर मासूम शर्मा शनिवार को राज्य महिला आयोग के सामने पेश नहीं होंगे। उन्होंने कहा- अभी बिजी चल रहा हूं। इसे लेकर आयोग को ईमेल के जरिए सूचना दे दी है। देहरादून में स्टेज पर गाली देने के मामले में माफी मांग चुका हूं। (पूरी खबर पढ़ें)
करनाल जिला की घरौंडा अनाज मंडी में गेहूं खरीद को लेकर बड़ा खेल सामने आया है। आरोप है कि उत्तर प्रदेश से सस्ते दामों पर गेहूं लाकर उसे हरियाणा के किसानों के नाम पर एमएसपी पर बेचा जा रहा है। मामले ने तूल तब पकड़ा जब मंडी में आई दो ट्रालियों को रोककर जांच की गई और विवाद खड़ा हो गया। इस पूरे मामले में आढ़तियों और मार्केट कमेटी कर्मचारियों की मिलीभगत के आरोप लगे हैं। आढ़ती और मंडी सुपरवाइजर के बीच तीखी बहस हो गई। आढ़ती ने सुपरवाइजर पर धान सीजन के दौरान बड़ी रकम लेने तक के आरोप लगा दिए। जिस पर मंडी सुपरवाइजर आरोपों को नकारते नजर आए। स्थानीय किसानों के नाम पर कट रहे गेटपासमंडी में चल रहे इस खेल का तरीका भी बेहद संगठित बताया जा रहा है। सूत्रों की माने ताे यूपी से आने वाले गेहूं को मंडी में एंट्री दिलाने के लिए स्थानीय किसानों के नाम का इस्तेमाल किया जा रहा है। पोर्टल पर गेटपास भी स्थानीय किसानों के नाम से काटे जा रहे हैं, जबकि असल में गेहूं बाहर से लाया जा रहा है। इससे सरकारी खरीद प्रणाली पर सवाल खड़े हो गए हैं। दो ट्रालियां पकड़ी, मौके पर हुआ हंगामामामला तब सामने आया जब मार्केट कमेटी के कर्मचारियों ने अचानक कार्रवाई करते हुए दो ट्रालियों और एक पिकअप को रोक लिया। जांच के दौरान ट्रालियों के साथ आए लोग उत्तर प्रदेश के निवासी पाए गए। इसके बाद मौके पर ही विवाद शुरू हो गया और आढ़तियों व कर्मचारियों के बीच तीखी बहस हुई। ड्राइवर ने कबूला-कैराना से लाया गेहूंयूपी नंबर की पिकअप के चालक राजीव ने बताया कि वह उत्तर प्रदेश के कैराना से गेहूं लेकर घरौंडा मंडी में आया है। उसने बताया कि करीब 30 क्विंटल गेहूं लेकर आया है और एक आढ़ती के कहने पर यहां पहुंचा है। जब उससे पूछा गया कि किस फर्म पर माल उतारना है तो उसने कहा कि आढ़ती को बुलाने गया हुआ है। फर्म मालिक ने बताया स्थानीय फसल, लोगों ने उठाए सवालजिस फर्म के नाम पर गेहूं लाया गया था, उसके मालिक ने इसे स्थानीय किसान की फसल बताने की कोशिश की, लेकिन मौके पर मौजूद लोगों ने इस दावे पर सवाल खड़े कर दिए। लोगों का कहना था कि जब चालक खुद यूपी से आने की बात कह रहा है तो इसे स्थानीय फसल कैसे बताया जा सकता है। आढ़ती प्रवीण कुमार ने लगाए गंभीर आरोपआढ़ती प्रवीण कुमार ने आरोप लगाया कि मंडी में रोजाना दर्जनों ट्रालियां यूपी से आ रही हैं। उन्होंने कहा कि मार्केट कमेटी के कर्मचारी पैसे लेकर इन ट्रालियों की एंट्री करवा रहे हैं। प्रवीण ने आरोप लगाया कि कर्मचारी नरेश व अन्य के सामने से ही कई ट्रालियां मंडी में दाखिल हो रही हैं और इसके लिए पैसे लिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि यह पूरा खेल कर्मचारियों की मिलीभगत से चल रहा है। नरेश पर सीधे आरोप, बहस हुई तेजप्रवीण कुमार ने साफ तौर पर कहा कि यह काम नरेश द्वारा करवाया जा रहा है और एंट्री के लिए पैसे लिए जा रहे हैं। इस पर मंडी सुपरवाइजर नरेश कुमार ने आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया और कहा कि एक भी ऐसी फर्म दिखा दी जाए जहां उन्होंने यूपी की ट्राली उतरवाई हो। उन्होंने कहा कि कोई भी आढ़ती सामने आकर उनका नाम ले दे। धान सीजन में पैसों के लेन-देन के भी आरोपविवाद के दौरान प्रवीण कुमार ने नरेश पर और भी गंभीर आरोप लगाए। उन्होंने कहा कि धान के सीजन में 10 से 20 लाख रुपए तक का खेल चलता है और पैसे लेकर बिना गेटपास के माल निकलवाया जाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि उन्होंने खुद नरेश को पैसे दिए हैं और बिना गेटपास के धान निकलवाया गया था। सुपरवाइजर ने कहा-आरोप बेबुनियाद, सबूत दोनरेश कुमार ने इन आरोपों को झूठा बताते हुए कहा कि उन्होंने पूरे सीजन में किसी गेट पर ड्यूटी नहीं की। उन्होंने कहा कि अगर पैसे लिए गए थे तो पहले शिकायत क्यों नहीं की गई। उन्होंने प्रवीण से कहा कि अगर कोई सबूत है तो सामने लाएं। इस पर प्रवीण ने दावा किया कि उनके पास सभी सबूत मौजूद हैं और वह उन्हें पेश करेंगे। दो ड्राइवर फरार, एक का कटा प्राइवेट गेटपासमंडी सुपरवाइजर नरेश कुमार ने बताया कि पकड़ी गई ट्रालियों में से दो ड्राइवर मौके से फरार हो गए, जबकि एक ट्राली का प्राइवेट गेटपास काटा गया है। उन्होंने कहा कि मामले की जांच की जा रही है और जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। मंडी प्रधान और सचिव ने साधी चुप्पीजब इस मामले को लेकर मंडी प्रधान जयभगवान गोयल से बात की गई तो उन्होंने कहा कि ऐसा कोई मामला उनके संज्ञान में नहीं है। वहीं मार्केट कमेटी के सचिव सरीन कुमार से संपर्क किया गया तो उन्होंने पहले फोन नहीं उठाया। बाद में कॉल आने पर जैसे ही उनसे यूपी के गेहूं के बारे में सवाल पूछा गया, उन्होंने फोन काट दिया और फिर कॉल रिसीव नहीं किया। किसानों में नाराजगी, हक छिनने का डरइस पूरे मामले से स्थानीय किसानों में भारी नाराजगी है। भारतीय किसान यूनियन के जिला प्रधान अजय राणा ने कहा कि बाहर से लाई गई गेहूं उनके हक पर डाका डाल रही है। उन्होंने कहा कि अगर यही हाल रहा तो असली किसानों को अपनी फसल बेचने में भारी परेशानी होगी। प्रशासन पर मिलीभगत के आरोपअजय राणा ने आरोप लगाया कि यह सब प्रशासन की मिलीभगत से हो रहा है। उन्होंने कहा कि पहले भी ट्रालियां पकड़ी गई थीं, लेकिन प्रशासन ने कोई कार्रवाई नहीं की। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री भले ही घोटाले रोकने की बात करते हों, लेकिन अफसरशाही हावी है और जमीन पर हालात अलग हैं। इस पूरे मामले की जांच होनी चाहिए। प्रणाली पर उठे सवाल, पारदर्शिता की जरूरतइस मामले ने सरकारी खरीद प्रणाली की पारदर्शिता पर भी सवाल खड़े कर दिए हैं। अगर बाहरी राज्यों का गेहूं स्थानीय किसानों के नाम पर बिक रहा है तो इससे न सिर्फ असली किसानों को नुकसान होगा, बल्कि सरकार की नीतियों पर भी असर पड़ेगा। अब देखना होगा कि प्रशासन इस पूरे मामले में क्या कदम उठाता है और दोषियों के खिलाफ कब तक कार्रवाई होती है।
श्रीगंगानगर पुलिस ने बरामद किए 35 लाख के मोबाइल:यूपी, बिहार, राजस्थान और हरियाणा से ट्रेस किए
चोरी और गुमशुदा मोबाइलों की तलाश में जुटी श्रीगंगानगर जिला पुलिस ने 35 लाख के 138 मोबाइल फोन किए हैं। जिसके बाद बरामद किए गए मोबाइलों को उनके असली मालिकों को सौंप दिया गया। एसपी हरी शंकर ने बताया- सीईआईआर (CEIR) पोर्टल पर दर्ज गुमशुदा व चोरी हुए मोबाइलों को ट्रेस करने के लिए 12 मार्च 2026 से विशेष अभियान चलाया गया था। इस अभियान के दौरान श्रीगंगानगर पुलिस ने न सिर्फ अपने जिले बल्कि बिहार, उत्तर प्रदेश, पंजाब और राजस्थान सहित विभिन्न राज्यों से मोबाइल फोन बरामद किए। आज बुधवार को रिजर्व पुलिस लाइन, श्रीगंगानगर में एक कार्यक्रम आयोजित कर इन बरामद मोबाइलों को उनके सही मालिकों को सौंप दिया गया। इस पूरे अभियान में जिले के विभिन्न थानों के पुलिसकर्मियों ने सराहनीय काम किया। इन पुलिसकर्मियों ने बरामद किए मोबाइल थाना कोतवाली के कॉन्स्टेबल सुशील कुमार ने 26, जवाहरनगर के सोहनलाल ने 25 मोबाइल बरामद किए हैं। वहीं, घड़साना के राजेश ने 16, पुरानी आबादी के अनिल, सादुलशहर के दीपक, अनूपगढ़ के राजेंद्र और थाना श्रीकरणपुर के महावीर ने भी 10-10 मोबाइल बरामद किए हैं। एसपी ने लोगों से कहा- अगर आपका मोबाइल गुम हो गया हो या चोरी हो गया हो तो तुरंत CEIR पोर्टल पर शिकायत दर्ज करें। पुलिस हर संभव प्रयास कर रही है कि आपकी संपत्ति आपको वापस मिल सके।
कनाडा में रहने वाले 50 साल से अधिक उम्र के एक कपल को भारत में IVF से दूसरा बच्चा पैदा करने की अनुमति पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने दी है। अदालत ने याचिका स्वीकार करते हुए महिला को एम्ब्रियो ट्रांसफर की अनुमति दे दी। दंपति को भारत में फर्टिलिटी ट्रीटमेंट जारी रखने की पूरी छूट मिल गई है। कोर्ट ने जनवरी 2026 के पहले फैसले पर भरोसा किया, जिसमें कहा गया था कि ART Act, 2021 की उम्र सीमा व्यक्तियों पर लागू होती है, न कि दंपति पर। कोर्ट ने इस शर्त पर दी अनुमति हालांकि महिला की उम्र अब 50 साल से अधिक होने के बावजूद पहले बनाए गए भ्रूणों का उपयोग किया जा सकता है। मेडिकल रिस्क को स्वीकार करते हुए कोर्ट ने दंपति से (हलफनामा) लेने का निर्देश दिया कि वे सभी जोखिमों से अवगत हैं। यह मामला जनवरी 2026 के ऐतिहासिक फैसले का फॉलोअप है। 47 वर्षीय महिला और 56 से अधिक के पति को डोनर एग के साथ IVF की अनुमति दी गई थी। उस फैसले में मेनोपॉज, डोनर ओओसाइट, एक बच्चा होना और मेडिकल रिस्क को अस्वीकृति का आधार नहीं माना गया था। 2017 में पहुंचे थे आईवीएफ सेंटरबता दें कि, कपल 2019 में आईवीएफ सेंटर पहुंचा था। उस समय उनकी उम्र 47 और 48 साल थी। 17 दिसंबर 2019 को प्री इंप्लांटेशन जेनेटिक टेस्टिंग के बाद चार एंब्रियो तैयार किए गए थे। इनमें से एक एंब्रियो से बेटी का जन्म हुआ। तीन उन्होंने सुरक्षित रख लिए थे। कपल ने एंब्रियो ट्रांसफर की अनुमति के लिए याचिका दायर की। क्योंकि एसिसटेड रिप्रोडक्टिव टेक्नोलॉजी एक्ट 2021 के तहत 50 साल से अधिक उम्र की महिलाओं पर राेक है।
झुंझुनूं आबकारी ने 35 लाख की अवैध शराब नष्ट की:550 पेटियों में हरियाणा निर्मित और प्रीमियम ब्रांड्स
झुंझुनूं आबकारी विभाग ने 35 लाख रुपए कीमत की जब्त शराब की 550 पेटियों को नष्ट किया गया। हरियाणा ब्रांड के अलावा कई प्रीमियम ब्रांड्स भी शामिल रहे। जिला आबकारी अधिकारी रियाजुद्दीन सिद्दीकी ने बताया- आबकारी थाना झुंझुनूं के सीआईओ ताराचंद जाखड़ और उनकी टीम ने विभिन्न छापों के दौरान भारी मात्रा में हरियाणा निर्मित अवैध शराब जब्त की थी। नष्ट की गई खेप में ‘मैकडॉवेल्स’ और ‘रॉयल चैलेंज’ जैसे प्रीमियम ब्रांड्स भी शामिल थे। यह शराब गैरकानूनी रूप से तस्करी की जा रही थी और लंबे समय तक गोदामों में रखे रहने के कारण उपभोग के लिए असुरक्षित और जहरीली हो चुकी थी। 500 से ज्यादा मुकदमे दर्ज, सख्त निगरानी जारीझुंझुनूं जिले में अवैध शराब कारोबारियों के खिलाफ लगातार सख्ती की जा रही है। जिले के 5 आबकारी थानों और 3 सर्किलों ने संयुक्त कार्रवाई करते हुए अब तक 500 से अधिक आपराधिक मुकदमे दर्ज किए हैं। विभाग की नजर केवल तस्करों पर ही नहीं, बल्कि नियमों का उल्लंघन करने वाले लाइसेंसधारियों पर भी है। अब तक 100 से अधिक ठेकेदारों के खिलाफ मामले दर्ज कर भारी जुर्माना वसूला गया है। अधिकारियों की चेतावनी - तस्करी की रीढ़ तोड़ेंगेजिला आबकारी अधिकारी रियाजुद्दीन सिद्दीकी ने कहा कि अवैध शराब के कारोबार में लिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा। इंटेलिजेंस नेटवर्क और गश्त बढ़ा दी गई है, साथ ही बॉर्डर इलाकों में विशेष चेकिंग अभियान चलाकर तस्करी की रीढ़ तोड़ी जाएगी।
यूपी में नोएडा और ग्रेटर नोएडा का इंडस्ट्रियल इलाका सोमवार को अचानक उबल उठा। 9 अप्रैल से जारी फैक्ट्री कर्मचारियों का प्रदर्शन हिंसक हो गया। हजारों कर्मचारी सड़कों पर उतर आए। गुस्साए कर्मचारियों ने 13 इलाकों में जमकर तोड़फोड़ और आगजनी की। पुलिस के कई वाहनों में आग लगा दी और पत्थरबाजी की। बवाल की वजह से नेशनल हाईवे-9 पर कई किलोमीटर लंबा जाम लग गया, जिससे दफ्तर जाने वाले लोग घंटों फंसे रहे। सीएम योगी तक को शांति की अपील करनी पड़ी। अब सबसे बड़ा सवाल ये है कि आखिर हिंसा क्यों भड़की, हरियाणा कनेक्शन क्या है और कहां चूक हुई? पढ़िए रिपोर्ट… सबसे पहले नोएडा में हिंसा भड़कने की वजह समझिए… नोएडा के फैक्ट्री कर्मचारियों में गुस्से की मुख्य वजह पड़ोसी राज्य हरियाणा का एक फैसला है। 9 अप्रैल को हरियाणा सरकार ने कैबिनेट मीटिंग में फैक्ट्री कर्मचारियों की न्यूनतम सैलरी में 35% बढ़ोतरी करने का फैसला लिया। 10 अप्रैल को नोटिफिकेशन जारी किया। जैसे ही ये खबर नोएडा के इंडस्ट्रियल एरिया में फैली, यहां के कर्मचारी भी सैलरी बढ़ाने की मांग करने लगे। हरियाणा और यूपी में कर्मचारियों की सैलरी में कितना अंतर? हरियाणा- अकुशल श्रमिकों का वेतन 11,275 से बढ़ाकर 15,220 रुपए, अर्द्धकुशल श्रमिकों का वेतन 12,430 से बढ़ कर 16,780 रुपए और कुशल श्रमिकों का वेतन 13,704 से बढ़ कर 18,500 रुपए किया गया। उच्च कुशल का वेतन 14,389 से 19,425 रुपए किया । यह बढ़ोतरी लगभग 35 प्रतिशत है। उत्तर प्रदेश (नोएडा)- यहां अनस्किल्ड वर्करों को लगभग 11,313 रुपए की सैलरी ही मिल रही है। दैनिक मजदूरी- हरियाणा में रोजाना मजदूरी 580 से 750 रुपए तक पहुंच गई है, जबकि नोएडा में केवल 435 से 535 रुपए के बीच है। वर्करों की 5 मांगें जिससे कंपनियां बच रहीं फैक्ट्री कर्मचारियों का कहना है कि बढ़ती महंगाई और एलपीजी सिलेंडर के बढ़ते दामों के बीच मौजूदा सैलरी में गुजारा करना नामुमकिन है। ऐसे में वर्करों ने 5 मांगें उठाई हैं। 1. सैलरी बढ़ोतरी- हरियाणा की तरह पर यूपी में भी न्यूनतम सैलरी में कम से कम 35% बढ़ाई जाए। 2. ओवरटाइम का डबल पैसा- नए श्रम नियमों के हिसाब से अगर कर्मचारी एक्स्ट्रा काम करता है, तो उसे दोगुनी दर से पेमेंट हो। 3. सैलरी स्लिप और टाइम पर भुगतान- हर महीने की 10 तारीख तक सैलरी बैंक खाते में आए। सैलरी स्लिप अनिवार्य रूप से दी जाए। 4. साप्ताहिक छुट्टी- सप्ताह में एक दिन की छुट्टी मिले। अगर छुट्टी के दिन काम लिया जाए, तो उसका भी डबल पैसा मिले। 5. बोनस का सीधा पेमेंट- बोनस सीधे बैंक खाते में जमा हो, न कि बिचौलियों या ठेकेदारों के जरिए वर्कर को मिले। अब जानिए क्या कहते हैं श्रम कानून? वर्कस्पेस पर सिक्योरिटी- वर्कर को काम करने के लिए सुरक्षित और साफ माहौल मिले। काम के तय घंटे- एक निश्चित समय से ज्यादा काम कराने पर 'ओवरटाइम' देना जरूरी है। PF और ESI- सैलरी से कटने वाले प्रॉविडेंट फंड (PF) और बीमा (ESI) का लाभ सही समय पर मिले। मनमानी कटौती पर रोक- बिना किसी ठोस वजह से सैलरी काटना गैर-कानूनी है। प्रशासन ने सहमति दी, इंडस्ट्री मालिक तैयार नहीं थे अब पिछले 3 दिन का पूरा घटनाक्रम समझिए… 10 और 11 अप्रैल- होजरी कॉम्प्लेक्स और सूरजपुर-दादरी रोड पर करीब एक हजार फैक्ट्री वर्करों ने प्रदर्शन शुरू किया। पुलिस के लाठीचार्ज से तनाव बढ़ गया। मामला लखनऊ तक पहुंचा। सीएम योगी आदित्यनाथ ने 24 घंटे में मामला सुलझाने के निर्देश दिए। 12 अप्रैल- नोएडा की DM मेधा रूपम और श्रम विभाग के अधिकारियों ने इंडस्ट्री मालिकों के साथ बैठक की। प्रशासन ने कंपनियों को सख्त निर्देश दिए कि वे श्रम कानूनों का पालन करें और समय पर सैलरी दें। कंट्रोल रूम भी बनाया गया। 13 अप्रैल- आश्वासनों से फैक्ट्री वर्कर संतुष्ट नहीं हुए क्योंकि मुख्य मांग यानी सैलरी बढ़ाने को लेकर कोई ठोस फैसला नहीं हुआ। सोमवार सुबह हजारों वर्कर सड़क पर उतर आए और प्रदर्शन हिंसक हो गया। ------------------------------------- घटना से जुड़ी ये खबर भी पढ़ें… नोएडा पुलिस ने भास्कर रिपोर्टर से मारपीट की:कर्मचारियों का प्रदर्शन कवर कर रहे थे, वर्कर्स को घसीटकर बस में बैठाया नोएडा में सोमवार सुबह सैलरी बढ़ाने की मांग को लेकर फैक्ट्री कर्मचारियों का हिंसक प्रदर्शन कवरेज कर रहे पत्रकारों पर पुलिस ने लाठियां चला दीं। भास्कर रिपोर्टर साकेत आनंद से भी पुलिस ने मारपीट की है। पूरी खबर पढ़ें…
आम लोगों को सरकारी सेवाएं समय पर मिलें, इसके लिए एक बड़ा कदम उठाया गया है। हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन और चंडीगढ़ प्रशासन के बीच ऑटो अपील सिस्टम (AAS) लागू करने को लेकर समझौता (MoU) हुआ है। इसका सीधा फायदा जनता को मिलेगा, क्योंकि अब तय समय में काम नहीं होने पर शिकायत अपने आप अगले अधिकारी तक पहुंच जाएगी।आयोग के अनुसार, यह सिस्टम पूरी तरह तकनीक पर आधारित है और इसका उद्देश्य सेवाओं में पारदर्शिता, जवाबदेही और समयबद्धता बढ़ाना है। यानी अगर किसी व्यक्ति का काम तय समय में नहीं होता, तो उसे अलग से अपील करने की जरूरत नहीं पड़ेगी, सिस्टम खुद ही मामला उच्च स्तर पर भेज देगा। कमीशन के पास ही रहेगा सिस्टम बताया गया कि केंद्र सरकार के कैबिनेट सचिवालय ने भी सभी राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को इस तरह की प्रणाली अपनाने की सिफारिश की है, ताकि सरकारी सेवाओं की गुणवत्ता बेहतर हो और आम लोगों व कारोबारियों को आसानी से काम मिल सके।समझौते के तहत यह सिस्टम हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन के पास ही रहेगा, जबकि चंडीगढ़ प्रशासन इसका उपयोग केवल सरकारी सेवाओं के लिए कर सकेगा। इसका कोई व्यावसायिक इस्तेमाल नहीं किया जा सकेगा और बिना अनुमति इसे किसी अन्य संस्था के साथ साझा नहीं किया जाएगा।चंडीगढ़ को निशुल्क देगा सिस्टम अधिकारियों ने बताया कि यह सिस्टम चंडीगढ़ प्रशासन को निःशुल्क दिया गया है। जरूरत पड़ने पर हरियाणा राइट टू सर्विस कमीशन तकनीकी मदद भी देगा, लेकिन इसके संचालन और खर्च की जिम्मेदारी चंडीगढ़ प्रशासन की ही होगी।यह समझौता 5 साल के लिए लागू रहेगा, जिसे आपसी सहमति से आगे बढ़ाया जा सकता है। किसी विवाद की स्थिति में समाधान आपसी बातचीत से किया जाएगा। सरकारी ऑफिस के नहीं लगाने होंगे चक्करहरियाणा का यह ऑटो अपील सिस्टम अब दूसरे राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में भी लागू किया जा रहा है। इससे उम्मीद है कि लोगों को सरकारी दफ्तरों में काम के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ेंगे और सेवाएं तय समय पर होंगी।
रोहतक जिले की पंडित भगवत दयाल शर्मा स्वास्थ्य विज्ञान यूनिवर्सिटी में आज एक बार फिर ग्रीन कॉरिडोर बनाया जाएगा। 3 दिन में दूसरी बार अंगदान हुआ है, जिसके आर्गेन सही सलामत उनके गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के लिए ग्रीन कॉरिडोर बनाया जा रहा है। पीजीआईएमएस के वाइस चांसलर डॉ. एच.के अग्रवाल ने बताया कि अंगदान को लेकर चलाई जा रही जागरूकता मुहिम, अब रंग लेकर आई है। पीजीआइएमएस में तीन दिनों के अंदर दूसरा अंगदान करवा कर एक रिकॉर्ड कायम किया है। तीन दिन में दूसरी बार करीब 7 लोगों की जान बचाने का कार्य किया जा रहा है। गोहाना के 51 वर्षीय सिपाही के हुए अंगदान पीजीआईएमएस में गोहाना के ग्रामीण क्षेत्र के एक 51 वर्षीय सिपाही के परिजनों ने ब्रेन डेड की स्थिति में उसके सभी अंग दान करने के लिए सोटो हरियाणा को अपना सहमति पत्र प्रदान किया है। इसी के चलते सुबह 4 बजे से अंगदान की प्रक्रिया प्रारंभ की गई, जो सुबह करीब 10 बजे तक चलेगी। रोटो नोटो से अंग प्राप्त करने की अनुमति हरियाणा व अन्य प्रदेशों के जिस भी अस्पताल को रोटो नोटो से अंग प्राप्त करने की अनुमति मिली, उस अस्पताल के चिकित्सक रात्रि में ही पीजीआईएमएस पहुंच गए। सुबह अंग निकालने की प्रक्रिया प्रारंभ कर दी और ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से अंगों को सुरक्षित अस्पताल तक पहुंचाया गया। ग्रीन कॉरिडोर की कैसे रहेगी प्रक्रिया डॉक्टरों द्वारा जैसे-जैसे अंग निकल जाएंगे, वैसे-वैसे संबंधित अस्पताल की टीम अपना अंग लेकर रोहतक पुलिस द्वारा बनाए जाने वाले ग्रीन कॉरिडोर के माध्यम से करीब 100 से 120 की स्पीड में अपने अस्पतालों में पहुंचेगी। उसे जरूरतमंद मरीज को लगाया जाएगा, ताकि समय पर मरीज को अंग लग सके।
BB OTT: तहलका मचाएगा हरियाणा का बॉक्सर, डाइट-स्ट्रैटिजी पर की बात, 'कोई अटैक करेगा तो....'
बिग बॉस ओटीटी 3 में बॉक्सर नीरज गोयत की एंट्री हुई है. शो में जाने से पहले नीरज ने फिटनेस, डाइट और बिग बॉस हाउस में जाने के अपने फैसले पर बात की. उन्होंने एल्विश यादव पर तंज कसा. जानें और क्या कुछ उन्होंने कहा.
Salman Khan House Firing Case : पुलिस ने छठे आरोपी को हरियाणा से किया गिरफ्तार
Salman Khan house firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर पर बीते दिनों हुई गोलीबारी की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। इस मामले में पुलिस अबतक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस के हाथ एक और कामयाबी लगी है।
HBSE 12th Result 2024: बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा (बीएसईएच), भिवानी ने कक्षा 12वीं यानी सीनियर सेकेंडरी का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जारी कर दिया है। यहां जानें- कैसे करना है चेक।
एल्विश को मिला मनोहर लाल खट्टर का आशीर्वाद? हरियाणा के पूर्व सीएम ने दिया जवाब
इन दिनों एल्विश यादव मुश्किल में हैं. सांप और सांपों के जहर की सप्लाई के मामले में एल्विश पर एनडीपीएसएक्ट के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. इस बीच मनोहर लाल खट्टर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो यूट्यूबर के बारे में बात करते नजर आए.

