श्रीगंगानगर में सूने मकान के ताले तोड़कर लाखों रुपए के सोने-चांदी के जेवरात चोरी करने का मामला सामने आया है। परिवार अपने लड़के का इलाज कराने के लिए हरियाणा गया हुआ था। इस दौरान पीछे से चोरों ने वारदात को अंजाम दिया। घटना श्रीगंगानगर के पुरानी आबादी थाना क्षेत्र की है। पुलिस को दी रिपोर्ट में प्रवीण सोनी (50) निवासी वार्ड नंबर-18 पुरानी आबादी (श्रीगंगानगर) ने बताया कि उसके (प्रवीण सोनी) के मकान के पास छोटे भाई प्रदीप सोनी का मकान है। छोटा भाई परिवार के साथ अपने लड़के राघव सोनी का इलाज करवाने हिसार (हरियाणा) गया हुआ था। प्रदीप सोनी के मकान की देखरेख और साफ-सफाई वह (प्रवीण सोनी) ही कर रहा था। कैमरे की DVR भी ले गए देर रात को चोरों ने प्रदीप सोनी के मकान में धावा बोल दिया। चोर मकान के ताले तोड़कर अंदर घुसे और अलमारी में रखे 4 लाख रुपए के सोने-चांदी के जेवरात चोरी कर भाग गए। मकान में CCTV कैमरा भी लगा हुआ था, लेकिन चोर कैमरे की DVR भी निकाल कर ले गए। घटना के बाद प्रवीण सोनी ने पुलिस को सूचना दी, जिसके बाद पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू कर दी। फिलहाल पुलिस मामले की जांच कर रही है और आस-पास लगी सीसीटीवी कैमरे खंगाल रही है।
पंजाब के CM भगवंत सिंह मान ने शनिवार को चंडीगढ़ में अपने आवास पर प्रेस कॉन्फ्रेंस की। उन्होंने कहा कि पहले हमने 19373 किलोमीटर सड़कों के लिए 4 हजार 92 करोड़ का बजट मंजूर किया था। अब 44 हजार 920 किलोमीटर सड़कें बनाने जा रहे हैं। इसके लिए टेंडर हो जाएंगे। पंजाब मंडी बोर्ड 22 हजार 291 किलोमीटर, नगर निगम और नगर कौंसिल अर्बन रोड बनाएंगीं। 1255 किलोमीटर की सड़कें बनाएंगीं। 16209 करोड़ रुपए क्वालिटी सड़कों पर लग रहे हैं। CM ने कहा कि मैंने पंजाब के सभी ठेकेदारों को टैगोर थिएटर में बुलाया था। उनसे निवेदन किया है कि उनसे कोई कमिशन नहीं लिया जाएगा। सड़क बनाते समय किसी विभाग का बाबू पैसे नहीं मांगेगा। आपने सड़क बनाने की क्वालिटी में कोई समझौता नहीं करना है। सड़कों की क्वालिटी चेक करने के लिए फ्लाइंग स्क्वायड बनाया है। पिछले दिनो खबर आई थी कि अधिकारियों को सस्पेंड किया गया है। भगवंत मान ने कहा कि क्वालिटी में समझौता बर्दाश्त नहीं होगा। मैं नहीं चाहता कि किसी को ब्लैकलिस्ट किया जाए और उसे टेंडर न मिल सके। गांवों की पंचायतें प्रस्ताव पारित करके देंगीं कि हम इस सड़क से संतुष्ट हैं। फिर पैसे दिए जाएंगे। क्वालिटी का काम नहीं हो रहा, हमें बताएंउन्होंने कहा कि पंचायत सदस्यों, पंचों, सरपंच, समाज सेवी हर तरह के सरकारी काम को चेक करें और हमें बताएं कि यहां क्वालिटी काम नहीं हो रहा, तो हम कार्रवाई करेंगे। कल एक खाल (खेत का नाला) को बिना सीमेंट के बनाए जाने की सूचना मिली थी, इस लिए उसका टेंडर रद्द कर दिया गया है। 44920 किलोमीटर का प्लान कभी नहीं बनाCM ने कहा कि ठेकेदार द्वारा पांच साल तक निर्माण की मरम्मत करने का क्लॉज है, इसलिए ठेकेदार को पहले ही सही काम करना चाहिए। इससे पहले 44920 किलोमीटर का प्लान कभी नहीं बना है। हमने पहली बार इस तरह की प्लानिंग की है। पहले छोटे छोटे टोटे बनते थे। 17 अक्टूबर से सड़कें बनाने का काम शुरू हुआउन्होंने कहा कि 7727 करोड़ PWD, मंडी बोर्ड 7000, नगर निगम, कौंसिल और पंचायतों का 1255 करोड़ का बजट है। कुल 16 हजार से ज्यादा का बजट है। 17 अक्टूबर से सड़कें बनाने का काम शुरू हो गया था। सड़कें बन रही हैं। संगरूर और भवानीगढ़ से शिकायत मिलने पर टेंडर कैंसिल कियाभगवंत सिंह मान ने कहा कि आप वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर डाल दें, इस पर भी कार्रवाई होगी। केंद्र सरकार ने कोई पैसा नहीं दिया है। जबकि वह झूठ बोल रहे हैं, जो पैसे स्कीमों में आ रहे हैं, वह तो आने भी थे। संगरूर और भवानीगढ़ की सड़क की शिकायत हमारे पास आई थी, टेंडर कैंसिल कर दिया गया है। नए ठेकेदार को काम दिया गया है। बसों के चक्का जाम पर बोले- पुरानी सरकारों की गलतियांसरकारी बसों के चक्का जाम पर मुख्यमंत्री भगवंत मान ने कहा कि पुरानी सरकारों ने जो किया, उसके नतीजे आ रहे हैं। कच्चे कर्मचारी भर्ती कर लिए गए थे। कितने समय के लिए भर्ती किए गए, कब पक्के होंगे, इस पर ध्यान नहीं दिया गया। मैं नहीं चाहता कि किसी की नौकरी चली जाए। मैं रोजाना एडीए लीगल से इस संबंधी बात कर रहा हूं। उन्हें इस तरह से अपनी बात रखनी चाहिए कि किसी को नुकसान न हो। उन्हें लोगों को परेशान करने वाला तरीका नहीं अपनाना चाहिए। मैं खिलाड़ी के परिवार से बात करने गया थाहरियाणा CM के बयान कि पंजाब मुख्यमंत्री द्वारा खिलाड़ी की मौत पर राजनीतिकरण किया जा रहा है, पर भगवंत मान ने पलटवार किया है। उन्होंने कहा कि पहले हमें कहा जा रहा था कि आप पहले राजनीति में आओ और बात रखो। अब राजनीति में आए तो कह रहे हैं कि राजनीति कर रहे हो। मैं खिलाड़ी के घर परिवार से बात करने गया था, इस पर राजनीति क्या है। मैंने पूरे देश के लिए इन्फ्रास्ट्रक्चर की बात कही थी। CM ने कहा कि केंद्र के मंत्री आ रहे हैं। टूरिस्ट प्लेस बना हुआ है पंजाब। साग वगैरह खाकर चले जाते हैं और कहते हैं कि केंद्र को रिपोर्ट देंगे। इनकी सुनता कौन है। वहां दो ही लोगों की चलती है। मान ने कहा कि ट्रांसपोर्ट विभाग के कानून के अनुसार प्राइवेट ट्रांसपोर्टरों ने रूट बढ़ा रखे थे, ऑर्बिट और दीप में कोई भाई भतीजावाद नहीं है। हम अभी सरकारी बसें डाल रहे हैं, जो अपडेटेड बसें होंगीं। सुखजिंदर रंधावा बताएं गैंगस्टर कहां हैंसुखजिंदर रंधावा द्वारा विधानसभा के स्पीकर को पत्र लिखा गया है कि पंजाब में गैंगस्टर बढ़ गए हैं। सुखजिंदर सिंह रंधावा को बता देना चाहिए था कि गैंगस्टर कौन-कौन और कहां पर हैं। उनकी तरफ से ही गैंगस्टर पाले गए थे। वह उनका सरेआम नाम लेते हैं। CM ने कहा कि मैं गैंगस्टर को भी चेतावनी देता हूं कि वह गोली से भाईचारा तोड़ सकता है, यह भूल जाए। अगर कोई पंप, दुकान पर गोली चलाएगा तो वह भी मां की गोद में बैठकर चूरी खाएगा, ऐसा भी नहीं होगा। DC को बसों का प्रबंध करने के लिए कहाउन्होंने कहा कि मैं कराली के बस स्टैंड पर खड़ा था, सचमुच आधे घंटे तक बस नहीं आई। तब मैंने रोपड़ डीसी को बुलाकर कहा कि वहां पर बसों का प्रबंध किया जाए। उनकी तरफ से PRTC मुलाजिमों से कहा कि लोगों ने अरदास के लिए जाना है। इसलिए उनकी अरदास मिलेगी। इसलिए आप बात करें। मान ने कहा कि SIR पर अगर किसी राज्य सरकार या पार्टी को आपत्ति है तो उनसे सबूत क्यों मांगे जा रहे हैं। अगर किसी एक ही पार्टी के नाम एड हो रहे हैं और दूसरी के नहीं हो रहे तो दिक्कत तो होगी न।
हरियाणा के सभी जिला लोक संपर्क एवं कष्ट निवारण समितियों (ग्रीवांस कमेटी) के मेंबरों की पहली फीडबैक रिपोर्ट सरकार के पास पहुंच गई है। इस रिपोर्ट में 5 विभागों की रिपोर्ट बेहद खराब आई है। इनमें CM नायब सैनी के गृह विभाग (पुलिस), विपुल गोयल के राजस्व विभाग और अनिल विज के बिजली विभाग के बारे में सबसे खराब फीडबैक आया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि इन विभागों के कुछ अफसर लोगों की समस्याओं को निपटाने के लिए गंभीर नहीं है। साथ ही फाइलों को बेवजह लटकाते रहते हैं। हालांकि, इन अफसरों के नामों को सरकार की ओर से गोपनीय रखा गया है, लेकिन सरकार जल्द ही ऐसे अफसरों और सरकारी कर्मचारियों के खिलाफ कोई बड़ी कार्रवाई कर सकती है। सीएम नायब सैनी ने सीएमओ के अधिकारियों को ये निर्देश दिए हैं कि ऐसे अफसरों, कर्मचारियों के बारे में फीडबैक लें और उनकी प्रॉपर्टी की भी जांच करवाएं। यदि ऐसा होता है तो सरकार इन अफसरों किसी दूसरी जगह पोस्टिंग दे सकती है। यहां पढ़ते हैं कि सरकार ने क्यों लिया ये फैसला... 1. ग्राउंड के खराब फीडबैक आने से बनाई रणनीति हाल ही में मुख्यमंत्री नायब सैनी और संगठन के बीच सीएम आवास में एक महत्वपूर्ण बैठक हुई थी। इस बैठक में कुछ इलाकों से यह फीडबैक आया था कि कुछ अफसर जानबूझकर आमजन के कार्यों को लटका रहे हैं। इसके बाद बैठक में ये फैसला लिया गया था कि ग्रीवांस कमेटी के मेंबरों को इन विभागों और अधिकारियों पर नजर रखेंगे। 2. ग्रीवांस कमेटी मेंबरों को ये दिया गया है काम ग्रीवांस कमेटी के मेंबर इस फीडबैक में ये देख रहे हैं कि अफसर लोगों की समस्या की सुनवाई करते हैं या नहीं, या फिर उन्हें अपने काम के होने के लिए कितना इंतजार करवा रहे हैं। यही नहीं, किसी अधिकारी या कर्मचारी की वजह से उनके कार्य में देरी हो रही है, या उनके कार्य को लंबे समय से बेवजह लटकाया जा रहा है। इन सभी समस्याओं पर कमेटी मेंबर नजर रख रहे हैं। यहां पढ़ते हैं पहली फीडबैक रिपोर्ट में क्या... सरकार के पास पहुंची पहली ग्रीवांस कमेटी के मेंबरों की रिपोर्ट में पांच विभागों के अधिकारियों का फीडबैक दिया गया है। इसमें सीएम नायब सैनी के गृह विभाग, अनिल विज के ऊर्जा विभाग, श्याम सिंह राणा के कृषि विभाग, आरती राव के स्वास्थ्य विभाग और विपुल गोयल के राजस्व विभाग के अफसरों के नाम शामिल हैं। सबसे ज्यादा शिकायतें सीएम नायब सैनी के होम डिपार्टमेंट के अंतर्गत आने वाले पुलिस विभाग की आई हैं। किस विभाग में कितने अफसरों की लापरवाही की शिकायतें पुलिस डिपार्टमेंट में 33 ऐसे अफसर हैं, जिनका नाम रिपोर्ट में दिया गया है। ये गृह विभाग के अंतर्गत आता है। भाजपा सरकार के तीसरे टर्म में ये महकमा मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद देख रहे हैं, इससे पहले मनोहर लाल की सरकार में अनिल विज के पास ये विभाग था। विपुल गोयल के रेवेन्यू डिपार्टमेंट में 32 अफसरों की लापरवाही सामने आई है। इन विभागों के अलावा श्याम सिंह राणा के कृषि विभाग में 29, अनिल विज के ऊर्जा विभाग में 27 और आरती राव के स्वास्थ्य विभाग में 17 ऐसे अफसर-कर्मचारियों के नाम हैं, जो लोगों के काम करने में देरी कर रहे हैं और फाइलों को अटका रहे हैं। सरकार की कल्याणकारी योजनाओं का लाभ हरियाणा के लोगों को मिलना चाहिए। किसी भी जिले में किसी भी विभाग के अफसर या कर्मचारी का फीडबैक अच्छा नहीं है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। अफसरों को भी चाहिए कि समाधान शिविरों के अलावा उन्हें दी गई जिम्मेदारी को पूरी ईमानदारी से निभाएं। -मोहन लाल बड़ौली, अध्यक्ष, हरियाणा बीजेपी ग्रीवांस कमेटी के बारे में यहां जानिए... हरियाणा सरकार ने जून में 64 भाजपा कार्यकर्ताओं को जिला ग्रीवांस कमेटियों का सदस्य बनाया है। आमतौर पर हर जिले में प्रभारी मंत्री ग्रीवांस कमेटी की मासिक बैठक लेता है। यह कमेटी ऐसे मामलों पर सुनवाई करती है, जिनमें आमतौर पर अफसर या विभाग सुनवाई नहीं करते। अकसर ग्रीवांस कमेटी में अनिल विज का सख्त रवैया रहता है। कृष्ण बेदी भी कई बार फटकार लगा चुके हैं। इन समितियों का उद्देश्य नागरिकों की शिकायतों को सुनना और उनका निवारण करना है। जिसमें मुख्यमंत्री द्वारा संचालित CM विंडो पोर्टल के माध्यम से भी शिकायतें दर्ज की जा सकती हैं। शिकायत कैसे दर्ज करें ऑनलाइन: आप https:// Grievance .edish.gov.in/ Grievance Grievance .edish.gov.in/ Grievance या http://hppa.haryana.gov.in.en2hi.search.translate.goog/register-grievance.html hppa.haryana.gov.in.en2hi.search.translate.goog/register-grievance.html जैसे ऑनलाइन पोर्टलों के माध्यम से शिकायत दर्ज कर सकते हैं। ऑफलाइन: आप सीधे डीसी कार्यालय, पंचकूला या अपने संबंधित तहसील के एसडीएम कार्यालय में जाकर भी शिकायत दर्ज कर सकते हैं।
Supreme Court News: ग्रीन बेल्ट के पेड़ काटकर सड़क चौड़ीकरण से SC नाराज, हरियाणा सरकार से मांगा जवाब
Supreme Court Latest News: हरियाणा के करनाल में बीजेपी दफ्तर तक सड़क चौड़ी करने के लिए ग्रीन बेल्ट में लगे 40 पेड़ काटने से सुप्रीम कोर्ट भड़क गया है. अदालत ने इस मामले पर नाराजगी जाहिर करते हुए हरियाणा सरकार से जवाब मांगा है.
पंजाब एवं हरियाणा हाईकोर्ट ने पलवल से विधायक एवं मंत्री गौरव गौतम द्वारा दायर उस आवेदन को खारिज कर दिया है, जिसमें उन्होंने करण सिंह दलाल द्वारा दायर चुनाव याचिका को प्रारंभिक स्तर पर ही खारिज करने की मांग की थी। हाईकोर्ट के जस्टिस अर्चना पुरी की पीठ ने अपने 21 पेज के आदेश में यह फैसला पारित किया है। इस चुनाव याचिका में पूर्व मंत्री करण सिंह दलाल ने आरोप लगाया है कि अक्टूबर 2024 के विधानसभा चुनाव के दौरान पलवल-84 विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक आधार पर वोट मांगे गए, तथा चुनावी माहौल को प्रभावित करने के लिए “सांप्रदायिक अपीलें” और धार्मिक आयोजनों का उपयोग किया गया। याचिका में क्या याचिकाकर्ता की ओर से पेश हुए याची के वकील हरियाणा के पूर्व एडवोकेट जनरल और भारत सरकार के पूर्व अतिरिक्त सालिसिटर जनरल मोहन जैन ने अदालत को बताया कि चुनाव याचिका के साथ पर्याप्त और ठोस साक्ष्य संलग्न हैं, जो यह सिद्ध करते हैं कि मंत्री गौरव गौतम ने वास्तव में धर्म के नाम पर वोट मांगे। याचिका में कहा गया है कि कई धार्मिक आयोजनों में प्रत्याशी ने स्वयं मंच साझा कर मतदाताओं से वोट मांगे और इंटरनेट मीडिया पर भी इससे जुड़े वीडियो एवं फोटोग्राफ साझा किए गए। याचिका में इन सभी वीडियो को प्रमाण के रूप में पेश किया गया है और पेन ड्राइव में हाईकोर्ट के समक्ष प्रस्तुत किया गया। खेल मंत्री के सभी तर्कों को अस्वीकार कर दिया गौरव गौतम की ओर से दाखिल आवेदन में यह तर्क दिया गया कि चुनाव याचिका में न तो कोई ठोस तथ्य हैं और न ही वह कानून के अनुरूप “कारण-ए-कार्रवाई” बताती है। उनका कहना था कि याचिका में लगाए गए आरोप केवल सामान्य और अस्पष्ट हैं, इसलिए उसे खारिज किया जाए। लेकिन अदालत ने इन सभी तर्कों को अस्वीकार करते हुए कहा कि याचिका में धार्मिक आयोजनों, इंटरनेट मीडिया से जुड़े वीडियो, स्थान, तिथि और परिस्थिति सहित “मटेरियल फैक्ट्स” का उल्लेख किया गया है। यहां पढ़िए कोर्ट ने क्या कहा अदालत ने कहा कि यह अदालत का काम होगा कि इन वीडियो और दस्तावेजों की प्रामाणिकता और साक्ष्य मूल्य का आकलन नियमित सुनवाई के दौरान किया जाए। अदालत ने यह भी कहा कि केवल शब्दों के इस्तेमाल जैसे “सनातन” या “हिंदुत्व” के अर्थ का भी मूल्यांकन गवाहियों और परिस्थितियों के आधार पर ट्रायल के दौरान किया जाएगा। इसलिए याचिका को प्रारंभिक आधार पर खारिज नहीं किया जा सकता। कांग्रेस MLA ने याचिका में ये आरोप लगाए साल 2024 के विधानसभा चुनाव में गौतम गौतम ने 1 लाख 9 हजार 118 वोटों से जीत दर्ज की थी, जबकि करण सिंह दलाल को 75 हजार 513 वोट मिले थे। अब इस मामले की नियमित सुनवाई होगी और चुनाव याचिका को ट्रायल के लिए आगे बढ़ाया जाएगा। दलाल ने कोर्ट को यह भी बताया कि 25 सितंबर 2024 को प्रकाशित एक समाचार में इस संबंध में दर्ज शिकायत का उल्लेख है, जिसके आधार पर चुनाव आयोग ने गौरव गौतम को नोटिस जारी किया था। दलाल ने आरोप लगाया है कि गौतम ने चुनाव प्रचार के दौरान धर्म और सांप्रदायिक भावनाओं का सहारा लिया, जिससे उन्हें चुनाव में हार का सामना करना पड़ा। दलाल ने अदालत से आग्रह किया है कि गौरव गौतम का चुनाव तत्काल प्रभाव से रद्द किया जाए और उन्हें जनप्रतिनिधित्व अधिनियम की धारा 8-ए के तहत 6 वर्षों के लिए अयोग्य घोषित किया जाए।
अंशुल कंबोज ने हरियाणा की सुपर ओवर में जीत में अहम भूमिका निभाई
सैयद मुश्ताक अली ट्रॉफी के एलीट ग्रुप सी में पंजाब बनाम हरियाणा के रोमांचक मुकाबले में शुक्रवार को हरियाणा ने सुपर ओवर में पंजाब को हरा दिया। निर्धारित ओवरों में दोनों टीमों का स्कोर बाद 207- 207 बराबर रहने के बाद हुए सुपर ओवर में अंशुल कंबोज ने ...
देश में 2030 में होने वाले कॉमनवेल्थ गेम को लेकर राजनीतिक माहौल गरमाया नजर आ रहा। गुरुवार को करनाल पहुंचे सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने बातचीत के दौरान आयोजन की घोषणा पर संतोष तो जताया गया, लेकिन मेजबान राज्य के चयन को लेकर सवाल भी उठाए। चर्चा के केंद्र में खेलों के लिए किस राज्य को चुना गया, किस आधार पर निर्णय लिया गया और खेल बजट का राज्यों को आबंटन कैसे हुआ-जैसे मुद्दे रहे। इन विषयों पर विपक्ष ने सरकार से पारदर्शिता की मांग की और खिलाड़ियों के हितों को सर्वोपरि रखने की बात कही। गुजरात को मेजबान बनाए जाने पर दीपेंद्र हुड्डा का सवाल रोहतक के सांसद दीपेंद्र हुड्डा ने कहा कि, देशभक्त होने के नाते वे कॉमनवेल्थ खेलों के भारत में होने से खुश हैं, लेकिन भाजपा सरकार ने मेजबान राज्य के रूप में गुजरात को किस मेरिट के आधार पर चुना, यह सवाल उठना स्वाभाविक है। उनका कहना था कि हरियाणा देश में सबसे अधिक मेडल जीतने वाला राज्य है और राष्ट्रीय राजधानी क्षेत्र भी बड़े अंतरराष्ट्रीय आयोजनों में सक्षम है, ऐसे में खेलों का आयोजन यहीं होना चाहिए था। दीपेंद्र ने कहा कि गुजरात की मेडल सूची में स्थिति खुद देखने लायक है। बजट आबंटन को लेकर भी उठी आपत्ति उन्होंने केंद्र सरकार पर खेल बजट बांटने में भी भेदभाव का आरोप लगाया। दीपेंद्र ने बताया कि गुजरात को 600 करोड़ रुपए और हरियाणा को सिर्फ 80 करोड़ रुपए दिए गए हैं, जबकि सबसे अधिक पदक हरियाणा के खिलाड़ी जीतकर लाते हैं। उन्होंने कहा कि खेल प्रतिभा और प्रदर्शन के आधार पर राज्यों को प्रोत्साहन मिलना चाहिए। बास्केटबॉल खिलाड़ियों के हादसे पर सरकार से जवाबदेही की मांग दीपेंद्र हुड्डा ने हाल ही में बास्केटबॉल खिलाड़ियों के साथ हुए हादसे पर भी चिंता जताई और कहा कि एक इंटरनेशनल खिलाड़ी की मौत के लिए जिम्मेदार अधिकारियों पर क्रिमिनल कार्रवाई होनी चाहिए। उन्होंने पीड़ित परिवारों को आर्थिक सहायता और सरकारी नौकरी देने की मांग की। पोस्टरों पर कालिख लगाने के विवाद पर प्रतिक्रिया युवा कांग्रेस कार्यकर्ताओं द्वारा पीएम और सीएम के पोस्टरों पर कालिख लगाने के मामले में दीपेंद्र ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध के तरीके पर चर्चा हो सकती है, लेकिन पुलिस द्वारा कांग्रेस कार्यकर्ताओं को प्रताड़ित करना गलत है।
हरियाणा सरकार प्रदेश में प्राकृतिक गैस अवसंरचना के विकास में तेजी लाने के उद्देश्य से एक आधुनिक और निवेशक-हितैषी सिटी गैस वितरण (सीजीडी) नीति लागू करने की तैयारी कर रही है। उद्योग एवं वाणिज्य विभाग तथा अन्य संबंधित विभागों के साथ एक समीक्षा बैठक की अध्यक्षता करते हुए, मुख्य सचिव अनुराग रस्तोगी ने अधिकारियों को पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड (PNGRB) से प्राप्त सुझावों को इस पॉलिसी में शामिल करने के निर्देश दिए हैं, ताकि नई पॉलिसी राष्ट्रीय मानकों और उद्योग की आवश्यकताओं के अनुरूप हो।मुख्य सचिव ने विश्वास व्यक्त किया कि नई सीजीडी पॉलिसी से हरियाणा की ऊर्जा सुरक्षा को मजबूती मिलेगी, ईज ऑफ डूइंग बिजनेस को बढ़ावा मिलेगा और स्वच्छ एवं सतत ऊर्जा अवसंरचना के क्षेत्र में हरियाणा देश के अग्रणी राज्यों में शुमार होगा। पाइप लाइन के जरिए घर पहुंचेंगी गैस प्रस्तावित सीजीडी पॉलिसी से प्राकृतिक गैस पाइपलाइन और वितरण नेटवर्क में सार्वजनिक और निजी क्षेत्र से निवेश के नए अवसर खुलने की उम्मीद है। मुख्य सचिव ने कहा कि इस पॉलिसी से पाइपलाइन अवसंरचना के निर्माण के लिए अनुकूल वातावरण तैयार होगा। साथ ही, इससे निष्पक्ष प्रतिस्पर्धा सुनिश्चित होगी तथा पहुंच और सुरक्षा से जुड़े उपभोक्ता हितों का भी पूरा ध्यान रखा जाएगा। इससे उपभोक्ताओं को बचत भी होगी, जितनी गैस खर्च होगी उतनी ही पैसा देना होगा।उन्होंने कहा कि सीजीडी नेटवर्क के विस्तार से राज्य को उद्योगों व घरेलू उपभोक्ताओं में स्वच्छ ऊर्जा के उपयोग को बढ़ावा देकर कच्चे तेल पर निर्भरता कम करने में मदद मिलेगी। पैनल में शामिल कंपनियां ही कर सकेंगी आवेदन ड्राफ्ट सीजीडी पॉलिसी-2025 के तहत पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस विनियामक बोर्ड द्वारा अधिकृत कंपनियां राज्य के सिंगल-विंडो पोर्टल www.investharyana.in के माध्यम से राइट ऑफ यूज़ (आरओयू) और राइट ऑफ वे (आरओडब्ल्यू) अनुमति प्राप्त कर सकेंगी। आवेदकों को कॉमन एप्लीकेशन फॉर्म के साथ जीआईएस-आधारित रूट मैप, कार्य योजना, भूमि विवरण तथा उपयोग की जाने वाली तकनीक जैसे एचडीडी, ट्रेंचलेस बोरिंग या ओपन ट्रेंचिंग का विवरण प्रस्तुत करना होगा। पॉलिसी में शुल्क स्ट्रक्चर को पारदर्शी बनाया गया है और सभी वित्तीय प्रक्रियाओं को सरल करते हुए निर्धारित शुल्क स्पष्ट रूप से परिभाषित किए गए हैं। 2010 की पॉलिसी जैसी होगी उद्योग एवं वाणिज्य विभाग के आयुक्त एवं सचिव डॉ. अमित कुमार अग्रवाल ने बताया कि नई पॉलिसी, एचएसआईआईडीसी द्वारा वर्ष 2010 में बनाई गई सीजीडी नीति का अद्यतन रूप है, जिसमें आधुनिक तकनीकी और प्रशासनिक आवश्यकताओं को शामिल किया गया है। नई नीति के क्रियान्वयन और सभी हितधारक विभागों के समन्वय के लिए उद्योग एवं वाणिज्य विभाग नोडल एजेंसी के रूप में कार्य करेगा।
हरियाणा में लगी सबसे बड़ी बोली, 1.17 करोड़ में बिका गाड़ी का VIP नंबर
Haryana VIP number : हरियाणा के हिसार में वीआईपी नंबर HR 88B 8888 को खरीदने की होड़ मच गई। इस रजिस्ट्रेशन नंबर के लिए 1.17 करोड़ रुपए की बोली लगाई है। यह भारत में VIP नंबर की नीलामी में अब तक की सबसे बड़ी बोली है।
बाधा दौड़ में आकांक्षा, लंबी कूद में करण हुए चयनित, हरियाणा रवाना
सुहेला| सिमगा ब्लॉक में नवापारा का शासकीय उच्चतर माध्यमिक स्कूल खेलों में अपनी अलग पहचान बना रहा है। यहां से राज्य स्तरीय और राष्ट्रीय स्तर के खिलाड़ी तैयार हो रहे हैं। इस साल स्कूल के दो एथलीटों का राष्ट्रीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता में चयन हुआ है। इससे क्षेत्र में खुशी और उत्साह का माहौल है। विद्यालय के व्यायाम शिक्षक वीरेंद्र पटेल ने बताया कि बीते अक्टूबर में जगदलपुर में राज्य स्तरीय एथलेटिक्स प्रतियोगिता हुई थी। इसमें कक्षा 12वीं की खिलाड़ी आकांक्षा साहू ने बाधा दौड़ में शानदार प्रदर्शन किया।
करनाल में नवनिर्मित भाजपा कार्यालय तक पहुंचने वाली सड़क बनाने के लिए 40 पूर्ण विकसित पेड़ उखाड़े जाने पर सुप्रीम कोर्ट ने हरियाणा सरकार को कड़ी फटकार लगाई है। शीर्ष अदालत ने इस कार्रवाई को “दयनीय” बताते हुए कहा कि विकास के नाम पर पेड़ काटना गंभीर लापरवाही है। कोर्ट ने सरकार से पूछा कि आखिर इतनी बड़ी संख्या में पेड़ों को क्यों हटाया गया और इनका क्या किया गया। कोर्ट ने सख्त लहजे में चेतावनी दी कि आगे लापरवाही मिली तो राज्य और उसके संबंधित निकायों को कार्रवाई के दायरे में लाया जाएगा। अदालत ने पूरे मामले में सुधारात्मक कार्रवाई योजना भी मांगी है। पीठ ने पूछा- पेड़ क्यों उखाड़े, कार्यालय कहीं और क्यों नहीं शिफ्ट कर सकते सुप्रीम कोर्ट की न्यायमूर्ति जे बी पार्डीवाला और न्यायमूर्ति के वी विश्वनाथन की पीठ 1971 युद्ध के वेटरन कर्नल (सेवानिवृत्त) दविंदर सिंह राजपूत की याचिका पर सुनवाई कर रही थी। याचिका में करनाल के सेक्टर-9, अर्बन एस्टेट की आवासीय कॉलोनी में राजनीतिक दल को जमीन आवंटित करने और बाद में उसके कार्यालय तक जाने के लिए हरित पट्टी में 40 पेड़ काटकर सड़क बनाने पर आपत्ति जताई है। पेड़ हटाने की जरूरत क्यों पड़ी पीठ ने हरियाणा सरकार का पक्ष रख रहे अतिरिक्त सॉलिसिटर जनरल विक्रमजीत बनर्जी से साफ शब्दों में पूछा कि 40 पूर्ण विकसित पेड़ों को हटाने की आवश्यकता क्यों पड़ी और इस पर उनका स्पष्टीकरण क्या है। पीठ ने यह भी सवाल उठाया कि राजनीतिक दल का कार्यालय किसी ऐसे स्थान पर क्यों नहीं बनाया गया, जहां पेड़ काटने की जरूरत ही न पड़े। सरकार बोली-सारी मंजूरियां ली थीं, मानकों का पालन हुआ एएसजी विक्रमजीत बनर्जी ने कोर्ट को बताया कि भूखंड के आवंटन और सड़क निर्माण के लिए सभी आवश्यक अनुमतियां ली गई थीं। हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (एचएसवीपी) और अन्य निकायों ने हरित मानकों का पालन किया है। उन्होंने यह भी आश्वासन दिया कि काटे गए पेड़ों की संख्या के अनुपात में पौधे लगाए जाएंगे। लेकिन पीठ इस जवाब से संतुष्ट नहीं हुई। कोर्ट ने कहा कि पूर्ण विकसित पेड़ आसानी से वापस नहीं आ सकते और हरित संतुलन बिगाड़ने की जिम्मेदारी तय होनी चाहिए। पीठ ने पूछा कि इन पेड़ों के नुकसान की भरपाई कौन करेगा। अदालत ने बनर्जी और राज्य सरकार की ओर से पेश अन्य वकीलों को चेतावनी देते हुए कहा कि आगे कोई भी विकास कार्य बिना जानकारी के किया गया तो इसे गंभीरता से लिया जाएगा। 36 साल पहले खरीदी थी जमीन कर्नल (सेवानिवृत्त) दविंदर सिंह राजपूत, जो 79 वर्ष के हैं और 1971 के युद्ध में घायल हुए थे तथा वीर चक्र से सम्मानित हैं। उन्होंने अपनी याचिका में कहा है कि उन्होंने 36 साल पहले सेक्टर-9 में हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण (तत्कालीन हुडा) से एक हजार वर्ग गज का भूखंड खरीदा था। यह भूखंड हरित पट्टी की ओर था, जिसके लिए उन्होंने 10 प्रतिशत अधिमान्य स्थान शुल्क भी दिया था। राजनीतिक दल को आवंटित कर दिया जमीन का टुकड़ा याचिकाकर्ता का आरोप है कि उनकी जमीन के ठीक पास स्थित आवासीय कॉलोनी में 1 हजार 550 वर्ग गज के अनियमित आकार वाले एक खाली भूखंड को संस्थागत श्रेणी में बदलकर राजनीतिक दल को आवंटित कर दिया गया। यह भूखंड 9 मीटर चौड़ी सड़क पर स्थित था और 1989 से खाली था। उनका कहना है कि यह पूरा आवंटन हरियाणा अर्बन डेवलपमेंट एक्ट, 1977 और टाउन एंड कंट्री प्लानिंग विभाग की नीतियों का उल्लंघन है। याचिका में कहा-हरित पट्टी में 10 मीटर चौड़ा रास्ता बना दिया राजपूत की याचिका के अनुसार उनके घर के सामने 100 मीटर चौड़ी हरित पट्टी थी। इसी में 10 मीटर चौड़ा रास्ता बनाकर पेड़ हटाए गए। उन्होंने कहा कि हरित पट्टी को बदलना प्रावधानों के विपरीत है और इससे पर्यावरण व निवासियों को नुकसान हो रहा है। हाईकोर्ट ने रिट याचिका खारिज की थी, सुप्रीम कोर्ट में दी चुनौती याचिकाकर्ता की ओर से एडवोकेट भूपेंद्र प्रताप सिंह ने सुप्रीम कोर्ट में दलील रखी कि हाईकोर्ट ने 3 मई को उनकी रिट याचिका यह कहते हुए खारिज कर दी थी कि आवंटन में कोई खामी नहीं है। उन्होंने कहा कि हाईकोर्ट ने लेआउट प्लान में परिवर्तन और संस्थागत स्थलों के लिए कम से कम 24 मीटर चौड़ी सड़क होने के नियमों पर गौर नहीं किया। सुप्रीम कोर्ट पहले भी दे चुका है चेतावनी सुनवाई के दौरान कोर्ट ने यह भी याद दिलाया कि 15 अक्टूबर को हरियाणा सरकार को कथित विकास कार्यों के संबंध में यथास्थिति बनाए रखने का आदेश दिया गया था। अदालत ने एचएसवीपी के मुख्य प्रशासक को व्यक्तिगत रूप से रिकॉर्ड सहित तलब किया था और पूछा था कि आखिर किस परिस्थिति में 40 से अधिक पेड़ काटे गए और उनका क्या किया गया। कोर्ट ने फिर सख्त टिप्पणी करते हुए कहा कि अब से यदि कोई और विकास कार्य किया गया तो इस मामले को बहुत सख्ती से देखा जाएगा। अगली सुनवाई से पहले सरकार को स्पष्टीकरण देना होगा सुप्रीम कोर्ट ने राज्य सरकार को अगली सुनवाई से पहले पूरे मामले पर विस्तृत स्पष्टीकरण, पेड़ों की भरपाई की योजना और संस्थागत भूखंड आवंटन से जुड़े सभी रिकॉर्ड प्रस्तुत करने का आदेश दिया है। अदालत ने साफ किया है कि पर्यावरणीय क्षति को हल्के में नहीं लिया जाएगा और जिम्मेदारी तय की जाएगी। मामले की अगली सुनवाई में कोर्ट यह भी देखेगा कि पेड़ काटने के निर्णय में किन अधिकारियों की भूमिका थी, और क्या नियमों का सही पालन हुआ या नहीं।
राजस्थान के जैसलमेर में नशा तस्कर को पकड़ने के लिए पहुंची पंजाब पुलिस की जमकर किरकिरी हुई है। पंजाब पुलिस ने नशा तस्कर की जगह टूरिस्ट की गाड़ी को घेरकर रोक लिया। फिर सरेआम चौक पर टूरिस्ट पर पिस्टल तान दी। पुलिस को हरियाणा नंबर की कार में NDPS केस के वांटेड के बारे में पता चला था। हालांकि वैरिफिकेशन के बाद पता चला कि हरियाणा नंबर की कार वाला नशा तस्कर नहीं बल्कि टूरिस्ट है। तब तक वहां जैसलमेर की पुलिस भी पहुंच गई। इसके बाद पुलिस ने टूरिस्ट को वहां से जाने दिया गया और उसकी गाड़ी भी छोड़ दी गई। पंजाब पुलिस की एंटी नारकोटिक्स टास्क फोर्स का यह वीडियो अब खूब वायरल हो रहा है। घटनाक्रम से जुड़ी फोटोज... सिलसिलेवार ढंग से जानिए, क्या है पूरा मामला... जैसलमेर पुलिस ने कहा- ऑपरेशनल जानकारी पर आई थी पंजाब पुलिसघटना के बाद कोतवाली एसएचओ सुरजाराम ने बताया कि शहर में लगातार गश्त और निगरानी जारी है। उन्होंने कहा- लोगों को इस घटना से घबराने की जरूरत नहीं है। पंजाब पुलिस अपनी ऑपरेशनल जानकारी के आधार पर यहां आई थी। स्थानीय स्तर पर हालात पूरी तरह सामान्य है और शहर की सुरक्षा व्यवस्था पर पूरा ध्यान रखा जा रहा है। घटना अचानक लेकिन नियमित प्रक्रिया के तहत ऑपरेशनपुलिस अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि किसी भी संदिग्ध सूचना पर इंटर-स्टेट पुलिस टीमें संयुक्त रूप से कार्रवाई करती हैं, ताकि आपराधिक गतिविधियों पर समय रहते नकेल कसी जा सके। घटना भले ही अचानक हुई हो, लेकिन यह एक नियमित प्रक्रिया के तहत किया गया ऑपरेशन था।
संभल में वाहन की टक्कर से युवक की मौत:बाइक से हरियाणा से बरेली लौटते समय हादसा, सिर में आई चोट
संभल जिले में एक सड़क हादसे में बरेली के 22 वर्षीय युवक की मौत हो गई। युवक हरियाणा के रेवाड़ी से बाइक पर सवार होकर अपने घर बरेली लौट रहा था, तभी एक अज्ञात वाहन ने उसकी बाइक को टक्कर मार दी। गंभीर रूप से घायल युवक को अस्पताल ले जाया गया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। यह हादसा जनपद संभल की चंदौसी तहसील के बहजोई कोतवाली क्षेत्र में रजपुरा रोड स्थित नवीन पुलिस लाइन के पास हुआ। मृतक की पहचान राज पुत्र श्यौराज निवासी हैदरगंज उर्फ अलीगंज, बरेली के रूप में हुई है। जानकारी के अनुसार, राज जब बहजोई-रजपुरा मार्ग पर पहुंचा, तो उसकी बाइक को अज्ञात वाहन ने टक्कर मार दी। टक्कर इतनी जोरदार थी कि राज गंभीर रूप से घायल होकर सड़क पर गिर गया। वहां से गुजर रहे राहगीरों ने उसे घायल अवस्था में देखकर एंबुलेंस 108 को सूचना दी। सूचना मिलने पर पहुंची एंबुलेंस ने घायल राज को बहजोई के सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में भर्ती कराया। हालांकि, चिकित्सकों ने स्वास्थ्य परीक्षण के बाद उसे मृत घोषित कर दिया। सड़क हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस भी अस्पताल पहुंच गई। अस्पताल प्रशासन ने युवक के शव को पुलिस के सुपुर्द कर दिया। थाना प्रभारी संत कुमार ने बताया कि मृतक के पास मिली बाइक, आधार कार्ड और अन्य सामान से उसकी पहचान बरेली के अलीगंज निवासी राज के रूप में हुई। परिजनों को घटना की सूचना दे दी गई है। थाना प्रभारी ने बताया कि यह सड़क हादसा मध्यरात्रि में हुआ था। पंचनामा भरने के बाद शव को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। पुलिस अज्ञात वाहन और उसके चालक की तलाश कर रही है।
पीएम नरेंद्र मोदी ने आज, 25 नवंबर को हरियाणा का दौरा किया। इस दौरान उन्होंने कुरुक्षेत्र में ज्योतिसर अनुभव केंद्र का लोकार्पण और पाञ्चजन्य शंख स्मारक का शुभारंभ किया। अनुभव केंद्र का दौरा कर महाभारत की कहानियां भी देखीं। इसके बाद पीएम श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस पर हो रहे समागम में पहुंचे। इससे पहले उन्होंने शहीदी दिवस पर लगाई गई प्रदर्शनी देखी। PM गुरु को समर्पित एक सिक्का और डाक टिकट जारी किया। वहीं, समागम के दौरान पीएम मोदी जमीन पर बैठे हुए नजर आए। यहां पटियाला से आईं 350 बच्चियों ने कीर्तन भी किया। गुरु ग्रंथ साहिब मंच से करीब ढाई फुट ऊपर विराजमान थे। पीएम मोदी के दौरे से जुड़ी PHOTOS...
पलवल शहर के सल्लागढ़ निवासी बुजुर्ग रामबाबू को 15 वर्ष पुराना निवास प्रमाण पत्र न होने के कारण बुढ़ापा पेंशन योजना का लाभ नहीं मिल पा रहा है। बुजुर्ग रामबाबू पलवल के सल्लागढ़ में रह रहे हैं, लेकिन कागजों के अनुसार वे पिछले 15 वर्षों से पलवल जिले के स्थायी निवासी नहीं हैं। डीसी डॉ. हरीश कुमार ने मामले की जांच की तो पाया कि रामबाबू मूल रूप से जिला एटा (यूपी) के स्थायी निवासी हैं, जो कुछ वर्ष पहले ही पलवल में शिफ्ट हुए हैं। आवेदक ने अभी तक हरियाणा में 15 वर्ष की अनिवार्य निवास अवधि पूर्ण नहीं की है। इसी कारण उनकी बुढ़ापा पेंशन स्वीकृत नहीं की जा सकती। डीसी ने संबंधित विभागीय अधिकारियों को स्पष्ट किया है कि राज्य सरकार के दिशा-निर्देशों के अनुसार, पेंशन योजनाओं में पारदर्शिता और पात्रता सुनिश्चित करने के लिए निवास अवधि, आयु, आय सीमा तथा अन्य मापदंडों की शर्तें कड़ाई से लागू की जाएं। उन्होंने कहा कि मानकों को पूरा न करने पर किसी भी व्यक्ति को योजना का लाभ प्रदान करना संभव नहीं है। 15 साल की अवधि पूर्ण करना अनिवार्य : डीसी डीसी ने यह भी कहा है कि यदि आवेदक भविष्य में निर्धारित 15 वर्ष की निवास अवधि पूर्ण कर लेते हैं या आवश्यक दस्तावेज उपलब्ध करा पाते हैं, तो उनका आवेदन पात्रता अनुसार पुनः स्वीकार किया जाएगा और नियमानुसार पेंशन प्रदान करने की प्रक्रिया आगे बढ़ाई जाएगी। डीसी डॉ. हरीश कुमार वशिष्ठ ने सभी नागरिकों से अपील की है कि किसी भी प्रकार की पेंशन या सामाजिक सुरक्षा योजना का लाभ लेने के लिए आवेदन करने से पूर्व अपने सभी दस्तावेज पूर्ण रखें तथा निर्धारित योग्यता मानदंडों का पालन करें।
जस्टिस सूर्यकांत ने सुप्रीम कोर्ट के 53वें चीफ जस्टिस बनने के बाद दैनिक भास्कर को अपना पहला इंटरव्यू दिया। इस इंटरव्यू में उन्होंने कहा कि न्याय किसी वर्ग का विशेषाधिकार नहीं बल्कि सभी नागरिकों का अधिकार है। उनकी पहली प्राथमिकता न्याय को तेज, सरल और सबके लिए सुलभ बनाना है। उन्होंने टेक्नोलॉजी के सही उपयोग, कोर्ट पर विश्वास बनाए रखने, मीडिएशन को मजबूत करने और कमजोर वर्ग तक न्याय पहुंचाने को अपनी न्यायिक दृष्टि का केंद्र बताया। 10 फरवरी 1962 को हिसार में जन्मे सूर्यकांत ने करियर की शुरुआत हिसार जिला अदालत से की थी। वकालत शुरू करने के बाद 1984 में वे कम उम्र में हरियाणा के एडवोकेट जनरल बने। 2004 में पंजाब-हरियाणा हाईकोर्ट के जज, 2017 में हिमाचल प्रदेश हाईकोर्ट के चीफ जस्टिस और 2019 में सुप्रीम कोर्ट के जज नियुक्त हुए। वे हरियाणा से आने वाले पहले CJI हैं। उनका कार्यकाल 15 महीने का होगा। सवाल-जवाब के जरिए पढ़िए, जस्टिस सूर्यकांत का इंटरव्यू.. सवाल- सीजेआई के रूप में आपकी प्राथमिकताएं क्या रहेंगी?जवाब: न्याय कुछ लोगों का विशेषाधिकार नहीं है, यह सबका अधिकार है। मेरी पहली प्राथमिकता यही होगी कि न्याय जल्दी और आसानी से लोगों तक पहुंचे। कतार में खड़े आखिरी व्यक्ति तक न्याय पहुंच जाए, यही राष्ट्रसेवा है। सवाल- टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कोर्ट में कहां तक होना चाहिए?जवाब: टेक्नोलॉजी का उपयोग लोगों तक न्याय की पहुंच बढ़ाने के लिए होना चाहिए, न कि उन्हें दूर करने के लिए। लोगों को महसूस होना चाहिए कि टेक्नोलॉजी उनका काम आसान करती है। सुनवाई से लेकर फैसले की कॉपी तक सब आसानी से उपलब्ध होना चाहिए। सवाल- कोर्ट में विश्वास बनाए रखने के लिए आपकी सोच क्या है?जवाब: लोगों को नहीं लगना चाहिए कि कोर्ट उनकी पहुंच से दूर है या वे अपनी बात नहीं रख सकते। फाइल में भले मामला अटक जाए, लेकिन न्याय रुकना नहीं चाहिए। जल्दी न्याय मिलने से लोगों का विश्वास मजबूत होगा। मैं तुम्हें कोर्ट में देख लूंगा.... लोगों का यह भरोसा कायम रखना बहुत बड़ी जिम्मेदारी है। सवाल- मीडिएशन (आपसी समाधान) को कैसे मजबूत करेंगे?जवाब: सहमति आधारित समाधान, समझौता नहीं बल्कि न्याय का एक त्वरित और प्रभावी तरीका है। इससे लंबी कोर्ट-कचहरी प्रक्रिया से राहत मिलती है। मेरा प्रयास रहेगा कि इसे और मजबूत किया जाए ताकि लोगों को जल्दी और सुलभ न्याय मिल सके। सवाल- आपके अनुसार न्याय की सफलता का पैमाना क्या है?जवाब: न्याय की वास्तविक सफलता यह है कि कानून समाज के सबसे कमजोर व्यक्ति तक कितनी मजबूती से पहुंचता है। जब सबसे वंचित व्यक्ति भी पूरे विश्वास के साथ कोर्ट पहुंचकर न्याय पा ले, यही न्यायपालिका की सफलता है। केस लिस्टिंग सिस्टम में बड़ा सरप्राइज आएगा24 नवंबर को शपथ के बाद चीफ जस्टिस सूर्यकांत ने कहा था कि उनका पहला फोकस देश की अदालतों में लंबित मामलों को कम करना होगा। उन्होंने संकेत दिया कि 1 दिसंबर को केस लिस्टिंग सिस्टम में बड़ा सरप्राइज आएगा, जिससे सभी संतुष्ट होंगे। सूर्यकांत ने मीडिएशन को भी गेम चेंजर बताया, जो कोर्ट का बोझ तेजी से कम कर सकता है। जस्टिस सूर्यकांत के परिवार में पत्नी और 2 बेटियां बड़े भाई देवकांत ने बताया कि चीफ जस्टिस सूर्यकांत की पत्नी सविता सूर्यकांत हैं। वे कॉलेज में प्रिंसिपल के पद से रिटायर हुई हैं। वह इंग्लिश की प्रोफेसर रही हैं। उनकी 2 बेटियां हैं- मुग्धा और कनुप्रिया। दोनों बेटियां पढ़ाई कर रही हैं। पिता ने रामायण को हरियाणवी में लिखा थाऋषिकांत ने बताया कि पिता मदन गोपाल संस्कृत के टीचर और अच्छे साहित्यकार थे। उन्होंने हरियाणवी में रामायण लिखी थी, जिसके लिए उन्हें हिंदी साहित्य अकादमी से सूरदास पुरस्कार मिला था। इसके साथ-साथ उन्होंने 14 पुस्तकें लिखी थीं। उन्हें पंडित लख्मीचंद पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था। ------------------------ ये खबर भी पढ़ें... जस्टिस सूर्यकांत के CJI बनने पर हरियाणा में जश्न:हिसार में सेशन जज नताशा ने डांस किया; प्रदेश से इस पद पर पहुंचने वाले पहले व्यक्ति हरियाणा के हिसार के रहने वाले जस्टिस सूर्यकांत ने सोमवार को देश के 53वें चीफ जस्टिस ऑफ इंडिया (CJI) के रूप में शपथ ली। वह हरियाणा के ऐसे पहले व्यक्ति हैं जो CJI बने हैं। सोमवार सुबह करीब 10 बजे राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मु ने उन्हें शपथ दिलाई। (पूरी खबर पढ़ें)
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आज, मंगलवार (25 नवंबर) को 15वीं बार हरियाणा आ रहे हैं। कुरुक्षेत्र में यह उनका छठा दौरा होगा। प्रधानमंत्री दोपहर 3 बजकर 55 मिनट पर कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे। सबसे पहले, वे ज्योतिसर में सिखों के नौवें गुरु श्री गुरु तेग बहादुर जी के 350वें शहीदी दिवस को समर्पित समागम में हिस्सा लेंगे। इस दौरान, वे गुरु को समर्पित एक सिक्का और डाक टिकट जारी करेंगे। इसके बाद, प्रधानमंत्री ज्योतिसर अनुभव केंद्र का लोकार्पण और पंचजन्य शंख स्मारक का शुभारंभ करेंगे। आखिर में प्रधानमंत्री इंटरनेशल गीता जयंती महोत्सव में शामिल होंगे और ब्रह्मसरोवर पर संध्याकालीन आरती में हिस्सा लेंगे। प्रधानमंत्री करीब ढाई घंटे कुरुक्षेत्र में रुकेंगे। अयोध्या से कुरुक्षेत्र आएंगे PMPM नरेंद्र मोदी अयोध्या से विशेष विमान में अंबाला एयरफोर्स स्टेशन आएंगे। यहां से PM हेलिकॉप्टर से कुरुक्षेत्र पहुंचेंगे। उनके साथ उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के आने की भी संभावना है। वापसी में वह सड़क मार्ग से अंबाला एयरफोर्स स्टेशन पहुंचेंगे और यहां विमान से दिल्ली जाएंगे। PM मोदी के आगमन को लेकर जिलेभर में सुरक्षा व्यवस्था के कड़े इंतजाम किए गए। कार्यक्रम स्थल पर 3 लेयर की सुरक्षा रहेगी। बाहरी लेयर में सुरक्षा के लिए 12 SP, 36 DSP और 5 हजार पुलिसकर्मियों को तैनात किया गया है। प्रशासन की ओर से कार्यक्रम स्थल और इंटरनेशनल गीता जयंती महोत्सव के लिए अलग-अलग रूट बनाए गए हैं। 155 एकड़ में बनाए पंडाल, PM जमीन पर बैठेंगेश्री गुरु तेग बहादुर जी के शहीदी समागम के लिए 155 एकड़ में अलग-अलग पंडाल बनाए गए हैं। सोमवार शाम मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कार्यक्रम स्थल का दौरा कर तैयारियों का जायजा लिया। मुख्य पंडाल को 25 एकड़ में बनाया गया है। इसमें श्री गुरु ग्रंथ साहिब विराजमान होंगे। मंच के एक तरफ 350 बच्चियां कीर्तन करेंगी, जबकि दूसरी तरफ PM मोदी और अन्य नेता बैठेंगे। इस मुख्य पंडाल में बैठने के लिए कुर्सी नहीं होगी। सब नीचे जमीन पर ही बैठेंगे और गुरु ग्रंथ साहिब मंच से करीब ढाई फुट ऊपर विराजमान रहेंगे। 2-2 जोड़ा घर और लंगर हॉल बनाएमुख्य पंडाल के पास ही 2 जोड़ा घर स्थापित किए गए हैं। संगत को जोड़ा घर में ही अपने जोड़े (जूते-चप्पल) जमा करवाने होंगे। उसके बाद ही उनको मुख्य पंडाल में एंट्री मिलेगी। हर जोड़ा घर की क्षमता 5-5 हजार जोड़े रखने की बनाई गई है। यहां 2 टेंम्परेरी लंगर हॉल भी बनाए गए हैं। इसमें सुबह से शाम तक लंगर चलेगा। PM मोदी और अन्य नेता इस हॉल में गुरु का लंगर चखेंगे। लंगर हॉल तकरीबन 10-10 एकड़ में बनाया गया है। लंगर हॉल के साइड में ही लंगर को तैयार होगा। VVIP और जनरल पार्किंगकार्यक्रम में आने वाली संगत के लिए 20 एकड़ से ज्यादा में पार्किंग बनाई गई है। इसके अलावा VIP और VVIP पार्किंग अलग से होगी। कार्यक्रम स्थल पर एंट्री करने के लिए 20 गेट बनाए गए हैं। यहां पूरी जांच-पड़ताल के बाद ही पंडाल के अंदर एंट्री मिलेगी। मुख्य पंडाल के पास ही गुरुओं और सिख इतिहास को दर्शाती प्रदर्शनी लगाई जाएगी। इस प्रदर्शनी में श्री गुरु तेगबहादुर की जीवनी, उनकी शिक्षाएं और धर्म व समाज के लिए किए गए कार्य को दिखाया जाएगा। PM मोदी इस प्रदर्शनी का अवलोकन करेंगे। ड्रोन व ग्लाइडर पर पाबंदीप्रधानमंत्री के कुरुक्षेत्र आगमन के दौरान कुरुक्षेत्र शहर में किसी भी प्रकार के ग्लाइडर व ड्रोन उड़ाने पर पाबंदी रहेगी। अगर कोई ग्लाइडर व ड्रोन उड़ाएगा तो उसके खिलाफ कार्रवाई होगी। PM मोदी की सुरक्षा के मद्देनजर कुरुक्षेत्र-पिहोवा रोड पर ज्योतिसर से थर्ड गेट तक के रास्ते को सील किया गया है। PM के रहते इस रास्ते को आमजन के पूरी तरह बंद रखा गया है। इसके अलावा दिल्ली-चंडीगढ़ NH-44 (जीटी रोड) से ब्रह्मसरोवर तक KDB रोड पर भी आमजन की एंट्री नहीं होगी। पुरुषोत्तमपुरा बाग की एंट्री भी बंदब्रह्मसरोवर के पुरुषोत्तमपुरा बाग को भी कुछ देर के लिए बंद किया जाएगा। PM मोदी यहां संध्याकालीन आरती करेंगे। इस दौरान पुरुषोत्तमपुरा बाग में आमजन की एंट्री नहीं होगी। आमजन के लिए ब्रह्मसरोवर का मुख्य रास्ता भी बंद ही रहेगा। इस तरफ किसी को भी मूवमेंट करने की इजाजत नहीं होगी।
मुजफ्फरपुर जिले के गायघाट थाना क्षेत्र स्थित मैठी टोल प्लाजा के पास से विदेशी शराब के साथ गिरफ्तार किए गए तीन तस्करों को सोमवार दोपहर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया। उनकी लग्जरी कार से 409 लीटर विदेशी शराब बरामद की गई थी। पुलिस को सूचना मिली थी कि तस्कर हरियाणा के रोहतक से शराब लोड कर दरभंगा जा रहे हैं। इसी सूचना के आधार पर पुलिस ने मैठी टोल प्लाजा के समीप कार को रोककर जब्त कर लिया। गिरफ्तार किए गए तस्करों की पहचान हरियाणा के रोहतक जिले के सांपला निवासी रवि कुमार, सोनीपत जिले के खरखौदा थाना क्षेत्र के अजय कुमार और झज्जर जिले के रेवाड़ी थाना क्षेत्र के सुमित कुमार के रूप में हुई है। गायघाट थाना प्रभारी सरूण कुमार मंडल ने बताया कि तीनों तस्करों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कर उन्हें न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है। पूछताछ के दौरान तीनों ने शराब तस्करी से जुड़े कई खुलासे किए हैं। मामले में आगे की कार्रवाई की जा रही है।
भारत के 53वें मुख्य न्यायाधीश बनने पर हरियाणा में खुशी का माहौल है। झज्जर जिले के बहादुरगढ़ कोर्ट परिसर में वकील विक्रम सिंह छिल्लर ने बहादुरगढ़ बार एसोसिएशन के वकीलों के साथ मिलकर लड्डू बांटकर नवनियुक्त CJI जस्टिस सूर्यकांत को बधाई दी और खुशी जताई। उन्होंने कहा कि यह क्षण हरियाणा के लिए गौरवपूर्ण है, क्योंकि सूर्यकांत राज्य की मिट्टी से उठकर देश के सर्वोच्च न्यायिक पद तक पहुंचे हैं। विक्रम सिंह छिल्लर ने बताया कि राष्ट्रपति भवन में राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने सूर्यकांत को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई और खास बात यह रही कि उन्होंने हिंदी में शपथ ली। यह शपथ ग्रहण इसलिए भी ऐतिहासिक रहा, क्योंकि इसमें भूटान, केन्या, मलेशिया, मॉरिशस, नेपाल और श्रीलंका के मुख्य न्यायाधीश सहित सुप्रीम कोर्ट के कई जज शामिल हुए। हिसार जिले में हुआ जन्मे जस्टिस सूर्यकांत उन्होंने कहा कि जस्टिस सूर्यकांत का जन्म 1962 में हरियाणा के हिसार जिले के पेटवार गांव में एक मध्यमवर्गीय परिवार में हुआ था। उनके पिता मदन गोपाल शर्मा संस्कृत शिक्षक थे। उन्होंने 1981 में हिसार के सरकारी स्नातकोत्तर महाविद्यालय से स्नातक और 1984 में एमडीयू रोहतक से विधि स्नातक की डिग्री प्राप्त की। 2011 में उन्होंने कुरुक्षेत्र विश्वविद्यालय से एलएलएम किया। विक्रम छिल्लर ने बताया कि जस्टिस सूर्यकांत दो कार्य कालों तक राष्ट्रीय विधिक सेवा प्राधिकरण (NALSA) के सदस्य रहे। उन्होंने कई राष्ट्रीय व अंतरराष्ट्रीय कानूनी सम्मेलनों में भाग लिया। 5 अक्टूबर 2018 को वे हिमाचल प्रदेश उच्च न्यायालय के मुख्य न्यायाधीश बने। 9 मई 2019 को सुप्रीम कोर्ट कॉलेजियम ने उन्हें सर्वोच्च न्यायालय में पदोन्नत करने की सिफारिश की और 24 मई 2019 को उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के जज के रूप में शपथ ली। कार्यक्रम में ये रहे शामिल इस मौके पर बार के पूर्व प्रधान सतीश छिकारा, संजय शर्मा, संजय गुलिया, संदीप सोलंकी, उमेद सिंह दहिया, उमेद सिंह, देव कौशिक, मनोज बिरला, सुनील शर्मा, अशोक अहलावत, सुमित देशवाल, सुखबीर सुहाग, साहिल, तुषार, विनोद कौशिक सहित कई वकील मौजूद रहे। जस्टिस सूर्यकांत के मुख्य न्यायाधीश बनने की खुशी के फोटो
रोहतक में अपने निवास पर पत्रकारों से बात करते हुए पूर्व सीएम एवं नेता प्रतिपक्ष भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इनेलो पर निशाना साधा। इस दौरान उन्होंने कहा कि अभय चौटाला का विधानसभा पहुंचना मुंगेरी लाल के सपने जैसा है और सपने देखने में कोई हर्ज नहीं है। वह हमेशा सपने देखते रहेंगे। भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि कांग्रेस पार्टी में कोई मनमुटाव नहीं है। जहां भी कांग्रेस का ऑफिशियल प्रोग्राम होता है, उसमें सभी के फोटो लगते है, यह कोई बात नहीं है। पार्टी एक है और मिलजुलकर प्रदेश में संगठन को मजबूत करने का काम किया जा रहा है। अस्पताल में डॉक्टर नहीं, स्कूल में मास्टर नहीं व थाने में पुलिस नहींपूर्व सीएम भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में पर्याप्त पुलिस है ही नहीं। हरियाणा की स्थिति तो ऐसी है कि अस्पताल में डॉक्टर नहीं, स्कूल में मास्टर नहीं और थाने जाओ तो पुलिस नहीं। देश में 14वें नंबर पर हरियाणा पुलिस की स्थिति है, यह सरकारी आंकड़े बताते हैं। हरियाणा में सरकार नाम की चीज ही नहीं है, जिसके कारण बदमाश खुले घूम रहे है। चंडीगढ़ बदलाव की चर्चा शुरू क्यों कीपूर्व सीएम भूपेंद्र हुड्डा ने कहा कि चंडीगढ़ की स्थिति में बदलाव की चर्चा शुरू किसने की थी। भाजपा सरकार पूरी तरह से कन्फ्यूज है। चंडीगढ़ को कैसे किसी को दे सकते है। चंडीगढ़ पर हरियाणा का बराबर का अधिकार है और सरकार स्थिति स्पष्ट करने में नाकाम है। हरियाणा के काफी क्षेत्र में भरा पानी भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा के काफी क्षेत्र में पानी भरा हुआ है और सरकार आराम से सो रही है। अभी तक न तो मुआवजा दिया गया, न ही गिरदावरी करवाई। धान में हजारों करोड़ रुपए का घोटाला हुआ। अब एक एक करके भाजपा की सारी परतें खुल रही है। एसआईआर के लिए देना चाहिए पर्याप्त समयभूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में एसआईआर करवाने के लिए पर्याप्त समय देना चाहिए। पारदर्शिता होनी चाहिए, तब तो उसका फायदा है। कांग्रेस ने पार्टी स्तर पर बीएलओ तैयार कर दिए है और कार्यकर्ता भी इसमें पूरा सहयोग करेंगे। बीएलओ सुसाइड कर रहे है, क्योंकि उनके पास समय नहीं है। एक जगह बैठकर काम कैसे हो सकता है, हर घर में जाकर जांच होनी चाहिए। मोहर मारकर बांटी जा रही खादभूपेंद्र सिंह हुड्डा ने कहा कि हरियाणा में खाद तो मोहर लगाकर बांटी जा रही है। किसान बिना खाद के काफी परेशान है। सरकार पूरी तरह से विफल साबित हो रही है। किसानों को सरकार ने चोर बना रखा है, जिसके कारण किसान की हालत आज दयनीय अवस्था में है।
कार के बोनट से 9 किलो गांजा जब्त:छतरपुर में दो तस्करों को पकड़ा, हरियाणा नंबर की कार भी बरामद
छतरपुर जिले के सटई थाना पुलिस ने कार के बोनट में छिपाकर ले जा रहे दो गांजा तस्करों को गिरफ्तार किया है। प्रभात गश्त के दौरान हुई इस कार्रवाई में पुलिस ने 9 किलो 100 ग्राम से अधिक अवैध गांजा और तस्करी में इस्तेमाल की जा रही हरियाणा नंबर की इको स्पोर्ट कार (HR26CJ1203) जब्त की। जब्त कार की अनुमानित कीमत करीब 5 लाख रुपये बताई गई है। बोनट में छुपा रखा था गांजापुलिस को कस्बा क्षेत्र स्थित एक ढाबे के पास खड़ी संदिग्ध कार की सूचना मिली थी। तलाशी लेने पर वाहन के बोनट के भीतर गांजा पैक कर छिपाया हुआ पाया गया। मौके पर ही दोनों आरोपियों को गिरफ्तार कर थाना सटई लाया गया। गिरफ्तार तस्करों की पहचान पंकज उदेनिया, पिता अशोक कुमार उदेनिया, निवासी नया पाठक पूरा वार्ड 10, उरई (जिला जालौन) और संदीप उर्फ भूरे कुमार, पिता मथुरा प्रसाद तिवारी, निवासी किरवाहा, कुठौंद (जिला जालौन) के रूप में हुई है। दोनों आरोपियों को कोर्ट में पेश कर भेजा जेलदोनों आरोपियों के खिलाफ एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर न्यायालय में पेश करने की कार्रवाई की जा रही है। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अन्य संभावित सहयोगियों की भी तलाश जारी है। यह कार्रवाई मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार जिले में चलाए जा रहे नशा माफिया के खिलाफ अभियान का हिस्सा है। छतरपुर पुलिस लगातार अवैध नशे के कारोबार पर नकेल कस रही है। अब तक 2200 से ज्यादा मामले दर्ज हुएपिछले कुछ महीनों में छतरपुर पुलिस ने नशा उन्मूलन अभियान के तहत 95 एनडीपीएस प्रकरण दर्ज किए हैं। इस दौरान 2200 से अधिक आबकारी प्रकरण भी दर्ज किए गए। पुलिस ने 52 क्विंटल अफीम के पौधे नष्ट किए हैं और 1000 किलोग्राम से अधिक गांजा बरामद किया है। स्मैक व नशीली सिरप की 500 से अधिक शीशियां, 1200 टैबलेट और 200 इंजेक्शन भी जब्त किए गए। इसके अलावा, 18,000 लीटर से अधिक अवैध शराब भी जब्त की गई है। पुलिस प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि जिले में अवैध नशे के कारोबार के खिलाफ सख्त अभियान आगे भी जारी रहेगा।
चीन मूल के गैंगस्टर भारतीय युवाओं को विदेश में आकर्षक नौकरी का झांसा देकर मानव तस्करी करते हैं और उन्हें म्यांमार जैसे देशों में ले जाकर जबरन साइबर ठगी करवाते हैं। गुरुग्राम साइबर पुलिस द्वारा मानव तस्करी और अंतरराष्ट्रीय साइबर फ्रॉड के मामले में गिरफ्तार दो लोगों ने पुलिस रिमांड के दौरान खुलासा किया कि चीनी मूल के गैंग लीडर प्रति व्यक्ति उन्हें एक हजार से लेकर तीन हजार डॉलर तक का कमीशन देते थे। इस काम में उनके अलावा हरियाणा के कई और युवक भी शामिल हैं। तीन दिन पहले गिरफ्तार भिवानी जिले के गांव बड़वा के रहने वाले दो सगे भाइयों विजेंद्र उर्फ सोनू (23 वर्ष) और जितेंद्र उर्फ मोनू (21 वर्ष) ने रिमांड के दौरान कबूला कि पहले वे दोनों खुद म्यांमार में साइबर फ्रॉड के काम में फंस चुके थे और बाद में चीन मूल के माफिया के लिए एजेंट बन गए। 200 से ज्यादा लोगों को ठगों तक पहुंचाया आरोपियों ने पुलिस को बताया कि वे अब तक 200 से ज्यादा लोगों को चीनी ठगों तक पहुंचा चुके हैं। गुरुग्राम के रहने वाले मंदीप नाम के शख्स को जब धोखाधड़ी से म्यांमार पहुंचाया तो इनकी करतूत का खुलासा हुआ। पीड़ित मंदीप ने 15 नवंबर को गुरुग्राम के साइबर क्राइम साउथ थाने में शिकायत दर्ज कराई। मंदीप ने बताया कि उसकी मुलाकात सोनू से गुरुग्राम में हुई थी। सोनू ने उसे थाईलैंड में अच्छी नौकरी दिलाने का लालच दिया। टिकट के नाम पर 50 हजार लिए मंदीप ने टिकट के नाम पर सोनू को 50 हजार रुपए दिए। 23 मार्च 2025 को जयपुर से थाईलैंड की फ्लाइट ली, लेकिन वहां पहुंचते ही जितेंद्र ने उसे अवैध तरीके से म्यांमार बॉर्डर पार करवा दिया। वहां उसे डाटा ऑपरेटर की नौकरी बताकर अमेरिकी नागरिकों का निजी डेटा चुराने और साइबर ठगी का काम कराया जाने लगा। जब मंदीप ने विरोध किया तो सोनू ने फोन पर जान से मारने की धमकी दी। म्यांमार आर्मी ने रेस्क्यू किया 22 अक्टूबर 2025 को म्यांमार आर्मी ने जिस कंपाउंड में ये लोग थे, वहां पर रेड की। मंदीप समेत कई लोगों को म्यांमार पुलिस ने पकड़ लिया और बाद में 6 नवंबर 2025 को उसे थाईलैंड के रास्ते दिल्ली डिपोर्ट कर दिया गया। जिन 200 से ज्यादा लोगों को भारत भेजा गया, उसमें हरियाणा के 10 लोग शामिल हैं। गिरफ्तार आरोपियों ने पुलिस को बताई पूरी कहानी... साइबर फ्रॉड सेंटर चलाते हैं: पुलिस पूछताछ में सोनू और जितेंद्र ने खुलासा किया कि जनवरी 2025 में जितेंद्र म्यांमार गया था, जहां चीन मूल के गैंगस्टरों से उसका संपर्क हुआ। वे लोग साइबर फ्रॉड सेंटर्स चलाते हैं और भारतीय युवकों को लाकर वहां जबरन काम करवाते हैं। हर युवक को लाने पर एजेंट को 3000 डॉलर और मध्यस्थ को 1000 डॉलर कमीशन मिलता है। बड़े भाई को भी धंधे में उतारा: जितेंद्र ने अपने बड़े भाई सोनू को यह धंधा बताया और दोनों ने मिलकर हरियाणा से करीब 10 युवकों को इसी तरह म्यांमार भेजा। जबकि देश के अलग अलग राज्यों से करीब 200 लोगों को अच्छी नौकरी का झांसा देकर म्यांमार भेजा। पासपोर्ट छीन लेते हैं: आरोपियों ने कबूल किया कि म्यांमार पहुंचने के बाद युवकों के पासपोर्ट छीन लेते हैं और उनके मोबाइल जब्त कर लिए जाते हैं। कोई विरोध करता है तो उसे जान से मारने की धमकी देकर दिन-रात साइबर ठगी करवाई जाती है। बड़े देशों के लोग टारगेट: अधिकतर ठगी अमेरिका, यूरोप और ऑस्ट्रेलिया के लोगों को टारगेट करके की जाती है। एक कॉलर को टारगेट भी दिया जाता है, ताकि ज्यादा से ज्यादा लोगों से मोटी रकम ठगी जा सके। ऐसे चढ़े पुलिस के हत्थे एसीपी साइबर क्राइम प्रियांशु दीवान के नेतृत्व में इंस्पेक्टर नवीन कुमार की टीम ने शिकायत के बाद कार्रवाई शुरू की। इन आरोपियों को डिपोर्ट के बाद दिल्ली पुलिस को सौंपा गया था। 19 नवंबर को दिल्ली की वजीराबाद पुलिस अकादमी से गुरुग्राम साइबर पुलिस टीम ने इन दोनों को गिरफ्तार किया। सैकड़ों युवक अभी भी म्यांमार में हैं एसीपी साइबर प्रियांशु दीवान का कहना है कि यह केवल एक छोटा हिस्सा है, ऐसे सैकड़ों भारतीय युवा अभी भी म्यांमार, कंबोडिया और लाओस के फ्रॉड कंपाउंड्स में फंसे हुए हैं। आम जनता से अपील है कि विदेश में नौकरी के नाम पर कोई भी एजेंट पैसे मांगे या थाईलैंड के नाम पर म्यांमार भेजने की बात करें तो तुरंत साइबर पुलिस से संपर्क करें। इस तरह के रैकेट अब उत्तर भारत के गांव-गांव तक पहुंच चुके हैं और बेरोजगारी का फायदा उठाकर युवाओं को गुलाम बना रहे हैं।
BB OTT: तहलका मचाएगा हरियाणा का बॉक्सर, डाइट-स्ट्रैटिजी पर की बात, 'कोई अटैक करेगा तो....'
बिग बॉस ओटीटी 3 में बॉक्सर नीरज गोयत की एंट्री हुई है. शो में जाने से पहले नीरज ने फिटनेस, डाइट और बिग बॉस हाउस में जाने के अपने फैसले पर बात की. उन्होंने एल्विश यादव पर तंज कसा. जानें और क्या कुछ उन्होंने कहा.
Salman Khan House Firing Case : पुलिस ने छठे आरोपी को हरियाणा से किया गिरफ्तार
Salman Khan house firing case: बॉलीवुड सुपरस्टार सलमान खान के घर पर बीते दिनों हुई गोलीबारी की जांच मुंबई क्राइम ब्रांच की टीम कर रही है। इस मामले में पुलिस अबतक 5 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। अब पुलिस के हाथ एक और कामयाबी लगी है।
HBSE 12th Result 2024: बोर्ड ऑफ स्कूल एजुकेशन हरियाणा (बीएसईएच), भिवानी ने कक्षा 12वीं यानी सीनियर सेकेंडरी का रिजल्ट आधिकारिक वेबसाइट bseh.org.in पर जारी कर दिया है। यहां जानें- कैसे करना है चेक।
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में हरियाणा से पकड़ा गया तीसरा आरोपी
सलमान खान के घर फायरिंग के मामले में पुलिस ने तीसरे आरोपी को हरियाणा से हिरासत में लिया है. हिरासत में लिए गए व्यक्ति पर जेल में बंद गैंगस्टर लॉरेंस बिश्नोई के छोटे भाई अनमोल बिश्नोई से निर्देश लेने का संदेह है.
एल्विश को मिला मनोहर लाल खट्टर का आशीर्वाद? हरियाणा के पूर्व सीएम ने दिया जवाब
इन दिनों एल्विश यादव मुश्किल में हैं. सांप और सांपों के जहर की सप्लाई के मामले में एल्विश पर एनडीपीएसएक्ट के तहत गंभीर धाराएं लगाई गई हैं. इस बीच मनोहर लाल खट्टर का एक वीडियो सामने आया है, जिसमें वो यूट्यूबर के बारे में बात करते नजर आए.

