ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी (AICC) के सचिव सूरज ठाकुर ने पठानकोट का दौरा किया। उन्होंने 28 फरवरी को पंजाब में होने वाली राहुल गांधी की रैली के मद्देनजर कांग्रेस कार्यकर्ताओं के साथ बैठक की और आगामी यात्रा पर विचार-विमर्श किया। विधानसभा चुनावों को देखते हुए पंजाब में राजनीतिक गतिविधियां तेज हो गई हैं। एक ओर जहां आरएसएस प्रमुख मोहन भागवत पंजाब दौरे पर हैं, वहीं दूसरी ओर कांग्रेस पार्टी के नेता भी राज्य में सक्रिय नजर आ रहे हैं। AAP के शासन में उनके कार्यकर्ता ही सुरक्षित नहीं इस अवसर पर सूरज ठाकुर ने राज्य सरकार पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि यह पंजाब की पहली ऐसी सरकार है जिसके शासन में उसके अपने कार्यकर्ता ही सुरक्षित नहीं हैं। उन्होंने सवाल उठाया कि जब कार्यकर्ता ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम लोगों का क्या हाल होगा। प्रदेश के लोग देख चुके AAP सरकार की सच्चाई ठाकुर ने यह भी आरोप लगाया कि यह पहली सरकार है जिसने सच बोलने वाले पत्रकारों को भी नहीं बख्शा। उन्होंने दावा किया कि पंजाब के लोग आम आदमी पार्टी की सच्चाई देख चुके हैं। आने वाले विधानसभा चुनावों में कांग्रेस अपनी जीत दर्ज कर राज्य में अपनी सरकार बनाएगी।
हिसार और सिरसा के तीन तस्करों में से एक गुर्गा पुलिस ने दबोच लिया है। तीनों ही आपस में दोस्त है और पैसों की हिस्सेदारी कर पंजाब से हेरोइन खरीदकर लाते थे और यहां आकर बेचते थे। अबकी बार पंजाब से नशा लाने की भनक पुलिस को लग गई और वे उसे बेचने की फिराक में थे। इससे पहले ही पुलिस ने उनको गांव से दबोच लिया। पुलिस के अनुसार, तीनों ही आरोपी युवक नशे के आदी है और जानकारों को पंजाब से नशा लाकर बेचते थे। सिरसा पंजाब बॉर्डर से सटा हुआ है। ऐसे में वह चोरी-चुपके नशा लाते थे। इनमें से एक पर पहले भी मामले दर्ज है, बाकी पहली बार पकड़े गए हैं। हिसार के पीरांवाली निवासी युवक के पकड़े जाने पर बाकी साथी भी अलर्ट हो गए है। पुलिस को दी शिकायत में एएसआई के अनुसार, पुलिस टीम सरकारी गाड़ी सहित गुप्त सूचना पर गांव चक साहिबा में जेला सरपंच वाली गली के मोड पर पहुंची तो गली में एक युवक मिला। जिसने बताया, हरजिन्द्र सिंह उर्फ राजू पंजाब के मुक्तसर के पिटीवाला का रहने वाला है और हाल में चक साहिबा गांव में रहता है। राजू की नियमानुसार तलाशी लेने पर उससे नशीला पदार्थ होने का शक हुआ। राजपत्रित अधिकारी के आदेशों पर राजू की तलाशी के दौरान पेंट में 266 ग्राम हेरोइन बरामद हुई और उसे बरामद कर पलंदा तैयार करवाया। बाकी की तलाश जारी है। पूछताछ में बताया, पंजाब के विक्की से खरीदकर लाए पुलिस पूछताछ में राजू ने बताया, यह हेरोइन उसे व तसील को हिसार के पीरांवाली निवासी प्रीतम सिंह ने साथ जाकर पंजाब के लोहगढ़ निवासी विक्की से खरीद करवाई थी। इसमें वह तीनों बराबर के हिस्सेदार है। पुलिस को गुप्त सूचना मिली कि चक साहिब का निवासी तसील उर्फ बब्बू व राजू है। दोनों हेरोइन बेचने का काम करते हैं और भारी मात्रा में हेरोइन ला रखी है।
मिडले रिले में भी पंजाब पुलिस की टीम ने कांस्य पदक जीता
भास्कर न्यूज | जालंधर 44वीं ऑल इंडिया पुलिस घुड़सवारी चैंपियनशिप एवं माउंटेड पुलिस ड्यूटी मीट में पंजाब पुलिस टीम का शानदार प्रदर्शन जारी है। बीएसएफ की टेकनपुर अकादमी में आयोजित प्रतियोगिता में पंजाब पुलिस ने मिडले रिले टीम इवेंट में कांस्य पदक हासिल किया। टीम के मैनेजर डीआईजी इंद्रबीर सिंह की अगुवाई में खिलाड़ियों ने बेहतरीन प्रदर्शन करते हुए यह उपलब्धि अपने नाम की। डीएसपी जसविंदर सिंह ने घोड़े ‘सुधा’, हेड कांस्टेबल प्रभजोत सिंह ने ‘बिग स्टार’ और सीनियर कांस्टेबल सिमरनजीत सिंह ने ‘शेरशाह’ के साथ शानदार तालमेल दिखाते हुए टीम को पदक दिलाया। इस उपलब्धि से पंजाब पुलिस और राज्य का नाम देशभर में गौरवान्वित हुआ है।
पोर्टल पर ऑनलाइन दिखेगा सभी खिलाड़ियों का ट्रैक-रिकॉर्ड
भास्कर एक्सक्लूसिव खेल विभाग ने खिलाड़ियों के लिए एक नया ऑनलाइन पोर्टल https://sports.punjab.gov.in/login/ शुरू करने जा रहा है। जिससे खिलाड़ियों का पूरा रिकॉर्ड ऑनलाइन किया जा रहा है। पोर्टल को जल्द सीएम भगवंत मान लॉन्च कर सकते हैं। डिजिटल पोर्टल का मुख्य उद्देश्य खिलाड़ियों को खेल विभाग की गतिविधियों से घर बैठे जोड़ना है। खिलाड़ियों को छोटे-छोटे कार्यों के लिए कार्यालय नहीं जाना पड़ेगा। पोर्टल में 4,155,674 खिलाड़ियों का डेटा फीड किया गया है। यह वह खिलाड़ी हैं जो एजुकेशन डिपार्टमेंट और स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट से हैं। साथ ही खेडां वतन पंजाब दियां के जिन खिलाड़ियों ने मेडल जीते हैं। उन 14240 खिलाड़ियों का डेटा भी फीड किया गया है। 8354 खिलाड़ियों का डेटा मिलान कर लिया गया है। डिप्टी डायरेक्टर स्पोर्ट्स शाश्वत राजदान ने बताया, पोर्टल पर अभी काम चल रहा है। यह खिलाड़ियों और कोच के लिए काफी फायदेमंद होगा। पोर्टल के प्रमुख फायदे ई-सर्टिफिकेट की सुविधा: खेडां वतन पंजाब दियां’जैसी प्रतियोगिताओं के ई-सर्टिफिकेट सीधे पोर्टल से डाउनलोड कर सकेंगे। दस्तावेजों के खोने का डर खत्म होगा, डिजिटल रिकॉर्ड सुरक्षित रहेगा। हर खिलाड़ी की आईडी, ग्रेडेशन के लिए ऑनलाइन करें आवेदन पोर्टल में हर खिलाड़ी की रजिस्ट्रेशन होगा और उनकी आईडी बनेगी। अगर कोई खिलाड़ी दूसरे स्टेट मे खेलने गया है और उसका मेडल आया है। तो वह वहीं से पोर्टल में आईडी के माध्यम से अपने मेडल और सार्टिफिकेट डालेगा। जिससे उसका रिकार्ड अपडेट हो जाएगा। अभी तक ग्रेडेशन को लेकर खिलाड़ी स्पोर्ट्स डिपार्टमेंट के चक्कर काटते थे। लेकिन अब वह ऑनलाइन ही ग्रेडेशन को लेकर आवेदन कर सकेंगे। हर खिलाड़ी की यूनिक आईडी होगी। भविष्य में चलकर एसोसिएशन को भी इससे जोड़ा जाएगा। जो खिलाड़ी कैश अवार्ड के पात्र है। लेकिन उन्होंने आवेदन नहीं किया तो उनको भी पोर्टल के माध्यम से मैसेज जाएगा। जिससे वह आवेदन कर सकेंगे। खिलाड़ी कैश अवार्ड और कोच कैश अवार्ड के लिए भी ऑनलाइन आवेदन पोर्टल के माध्यम से हो सकेंगे। खेल विभाग लॉन्च करेगा पोर्टल, सीएम मान करेंगे उद्घाटन {पात्रता की स्पष्टता:पोर्टल पर अपनी जन्मतिथि और जरूरी विवरण दर्ज करते ही खिलाड़ी पता लगा सकेंगे कि किस आयु वर्ग में भाग लेने के योग्य हैं। पंजीकरण के समय होने वाली दुविधा समाप्त होगी। {परिणामों की जानकरी: खिलाड़ियों के नतीजों के लिए चक्कर नहीं काटने होंगे। सभी स्पोर्ट्स इवेंट्स के रिजल्ट पोर्टल पर समय रहते अपडेट किए जाएंगे।
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5 साल से लंबित स्टांप ड्यूटी विवाद पर पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने कड़ा रुख अपनाया है। कोर्ट ने पंजाब के अधिकारियों के कामकाज पर गहरी नाराजगी जताते हुए कहा कि बार-बार अस्पष्ट और अधूरे आदेशों के कारण मामला आज तक लटका हुआ है। मामले की अगली सुनवाई 13 मार्च 2026 को होगी। मामले को गंभीर मानते हुए हाईकोर्ट ने पंजाब के चीफ सेक्रेटरी से खुद हलफनामा दाखिल करने को कहा है। कोर्ट ने पूछा है कि ट्रेनिंग देने का जो वादा किया गया था, वह पूरा क्यों नहीं हुआ और आगे ऐसी गलती दोबारा न हो, इसके लिए क्या कदम उठाए जाएंगे। कोर्ट ने चेतावनी दी कि संतोषजनक जवाब न मिलने पर अवमानना (कंटेम्प्ट) की कार्रवाई पर विचार किया जा सकता है। सुनवाई के दौरान अदालत ने पाया कि 2010 से चल रहा यह विवाद इसलिए हल नहीं हो पाया, क्योंकि संबंधित अधिकारियों ने बिना ठोस कारण बताए छोटे और अस्पष्ट आदेश पारित किए। कोर्ट ने 18 अगस्त 2025 को अपील अथॉरिटी द्वारा दिए गए आदेश पर भी सवाल उठाए और कहा कि उसमें तथ्यों का सही विश्लेषण नहीं किया गया और पिछले न्यायिक निर्देशों की अनदेखी की गई। कलेक्टर रेट के आधार पर फैसला नहीं हाईकोर्ट ने स्पष्ट किया कि किसी दस्तावेज पर केवल कलेक्टर रेट के आधार पर स्टांप ड्यूटी कम नहीं मानी जा सकती, जब तक उसके समर्थन में ठोस सबूत न हों। अदालत ने कहा कि पहले भी मामले को दोबारा विचार के लिए भेजा गया था, लेकिन वही गलती दोहराई गई। ट्रेनिंग को लेकर उठे सवाल सुनवाई के दौरान 2023 में दायर एक जनहित याचिका का जिक्र हुआ। इसमें राज्य सरकार ने कहा था कि अधिकारियों को उनकी कानूनी शक्तियों का सही इस्तेमाल करने के लिए खास ट्रेनिंग दी जाएगी। सरकार ने हलफनामे में बताया था कि बेवजह के मुकदमों को कम करने के लिए अधिकारियों को महात्मा गांधी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ पब्लिक एडमिनिस्ट्रेशन में प्रशिक्षण दिया जाएगा। हालांकि रिकॉर्ड से सामने आया कि 2022 से 2026 के बीच कई प्रशिक्षण कार्यक्रम हुए, लेकिन विवादित आदेश पारित करने वाले कमिश्नर को 2015 से 2021 के बीच कोई विशेष प्रशिक्षण नहीं मिला। इस पर कोर्ट ने हैरानी जताई और पूछा कि क्वासी-ज्यूडिशियल शक्तियों का उपयोग करने वाले अधिकारियों को नियमित प्रशिक्षण क्यों नहीं दिया गया।
पंजाब विधानसभा के बजट सत्र का शेड्यूल जारी कर दिया गया है। सत्र की शुरुआत राज्यपाल के अभिभाषण से होगी। पहले दिन की कार्यवाही श्रद्धांजलि और राज्यपाल के भाषण से आरंभ होगी। 7 मार्च को अवकाश रहेगा और 8 मार्च (रविवार) को बजट पेश किया जाएगा। पंजाब विधानसभा के इतिहास में यह पहला अवसर है जब रविवार के दिन बजट सत्र आयोजित हो रहा है। जानकारों का मानना है कि सरकार इस दिन महिलाओं को एक हजार रुपये देने की घोषणा कर सकती है, इसलिए इस तारीख का चयन किया गया है। दो दिन बजट पर होगी चर्चा विधानसभा से मिली जानकारी के अनुसार 9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण पर चर्चा और धन्यवाद प्रस्ताव लाया जाएगा। 10 और 11 मार्च को दो दिनों तक बजट पर चर्चा होगी। इस दौरान सभी दलों के विधायकों को उनकी संख्या के अनुसार बोलने का समय दिया जाएगा। 12 मार्च को गैर-सरकारी कार्य (नॉन-ऑफिशियल बिजनेस) होगा। सत्र के बीच में इन्वेस्ट पंजाब होगा सत्र के बीच 13 से 15 मार्च तक अवकाश रहेगा। इस दौरान मोहाली में ‘इन्वेस्ट पंजाब’ कार्यक्रम आयोजित किया जाएगा, जिसमें देश-विदेश से निवेशक पंजाब में निवेश की संभावनाओं को लेकर पहुंचेंगे। 16 मार्च को सदन की कार्यवाही अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दी जाएगी
शिरोमणि अकाली दल (शिअद) 18 मार्च को लुधियाना जिले के जगराओं की दाना मंडी में एक विशाल रैली आयोजित करने जा रहा है। इस रैली में पार्टी अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल मुख्य वक्ता होंगे। रैली को लेकर कार्यकर्ताओं में उत्साह देखा जा रहा है और इसे विरोधियों के लिए एक सीधी चुनौती के रूप में देखा जा रहा है। कोर कमेटी सदस्य और हलका इंचार्ज एस.आर. कलेर ने कार्यकर्ताओं को संबोधित करते हुए कहा कि यह आर-पार की लड़ाई का समय है। उन्होंने कार्यकर्ताओं से घर-घर जाकर लोगों को पंजाब की मौजूदा स्थिति और वर्तमान सरकार द्वारा जनता को कथित रूप से गुमराह करने के बारे में बताने का आह्वान किया। 1 मार्च से डोर-टू-डोर अभियान कलेर ने घोषणा की कि 1 मार्च से हलके के हर गांव में डोर-टू-डोर अभियान चलाया जाएगा, जिसका समापन 18 मार्च की रैली में होगा। बैठक में नेताओं ने आम आदमी पार्टी (आप) सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि 'आप' ने झूठे वादों और खोखले दावों के दम पर सत्ता हासिल की, लेकिन पिछले चार सालों में प्रदेश की कानून-व्यवस्था और विकास पटरी से उतर गया है। 18 मार्च की रैली जन आक्रोश का बनेगी मंच नेताओं ने कहा कि जनता अब जवाब मांग रही है और 18 मार्च की रैली जन आक्रोश का एक बड़ा मंच बनेगी। एस.आर. कलेर ने जोर देकर कहा कि यह रैली केवल एक कार्यक्रम नहीं, बल्कि जन-हुक्म का ऐलान होगी। उन्होंने कार्यकर्ताओं से मोर्चों पर डटकर खड़े होने और पंजाब की राजनीति में एक नई दिशा तय करने का आह्वान किया।टट पंजाब सरकार पर साधा निशाना कलेर ने दावा किया कि जगराओं से उठने वाली यह आवाज पूरे पंजाब में गूंजेगी और सत्ता के गलियारों तक सीधा संदेश पहुंचाएगी। नेताओं ने एक स्वर में कहा कि 18 मार्च की यह रैली पंजाब की राजनीति में एक महत्वपूर्ण मोड़ साबित होगी। भारी संख्या में कार्यकर्ता रहे मौजूद बैठक में दविंदरजीत सिंह सिद्धू, परमिंदर सिंह चीमा, शिवराज सिंह, रणधीर सिंह चकर, कुलदीप सिंह गिद्दड़विड्डी, चरणजीत सिंह, रेशम सिंह मानूके, सुखदेव सिंह जग्गा काउंके, भिंदा सिविया, जट्ट ग्रेवाल, संदीप सिंह मल्ला, वरिंदरपाल सिंह पाली सहित कई नेता व कार्यकर्ता मौजूद रहे।
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पंजाब में खडूर साहिब से आम आदमी पार्टी (AAP) के विधायक मनजिंदर सिंह को तरनतारन की एडिशनल सेशन कोर्ट ने बीते वर्ष 4 साल की सजा सुनाई थी। इस मामले में अब पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट में एक जनहित याचिका दायर हुई है। याचिका में दोषी विधायक विधानसभा सदस्यता रद्द करने की मांग की गई। अदालत ने इस मामले को सुनने के बाद विधायक और पंजाब सरकार को नोटिस जारी किया है। हालांकि सुनवाई के दौरान अदालत ने तीस मार्च को इस मामले में अगली सुनवाई करने का फैसला लिया है। यह याचिका जसवंत सिंह की तरफ से दाखिल की गई। यह दलील दी है याचिका में जसवंत सिंह ने अपनी याचिका में दलील दी है कि सुप्रीम कोर्ट की स्पष्ट गाइडलाइन है कि जब किसी विधायक को दो साल से अधिक सजा हो जाती है, तो वह अपने पद पर नहीं रह सकता। लेकिन इस मामले में फैसला आए हुए पांच महीने से अधिक समय हो गया है, फिर भी अभी तक कोई कार्रवाई नहीं हुई है। उन्होंने जनप्रतिनिधित्व अधिनियम का भी हवाला दिया। इसके बाद अदालत ने यह आदेश जारी किए हैं। 12 साल पुराने मामले में हुई है सजा10 सितंबर को अदालत ने 12 साल पहले युवती से मारपीट करने और छेड़छाड़ के आरोप में उन्हें दोषी ठहराया था, जिसके बाद उन्हें गिरफ्तार कर जेल भेज दिया गया था। कोर्ट के ऑर्डर के अनुसार पीड़ित लड़की को मुआवजे भी देना होगा। 2 साल से ज्यादा की सजा होने की वजह से अब उनकी विधायकी पर तलवार लटक गई है। हालांकि लालपुरा के पास ऑप्शन है कि वह पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट का रुख कर सकते हैं। सजा पर रोक लगी तो उनकी विधायकी बच सकती है। पीड़िता की जुबानी जानिए, क्या था पूरा मामला... मासी के बेटे की शादी में गई थी, तब हुई घटना : पीड़िता ने बताया था कि यह मामला 3 मार्च 2013 का है। इस दौरान वह अपनी मासी के बेटे की शादी में गई थी। उस समय मनजिंदर सिंह लालपुरा टैक्सी ड्राइवर थे। शादी के दौरान लालपुरा समेत हरविंदर सिंह और गुरदीप सिंह ने उसके साथ गलत हरकतें कीं। उसे और उसके परिवार को जातिसूचक शब्द कहे गए। पुलिस कर्मचारियों ने भी उसके परिवार के साथ मारपीट की। सभी ने मिलकर उसके साथ अश्लील हरकतें भी कीं। पीड़िता बोली- परिवार ने पूरा साथ दिया : 10 सितंबर को कोर्ट द्वारा सुनाए गए फैसले के बाद पीड़िता ने कहा कि उसे इंसाफ मिला है। उसने अपने पति और परिवार का भी शुक्रिया अदा किया। कहा कि इस पूरे समय परिवार उसके साथ मजबूती के साथ खड़ा रहा। मेरे जीवन के 13 साल बर्बाद किए : पीड़िता ने आगे कहा- इस लड़ाई के दौरान कई मुश्किल चरण आए। मैं अपने बेटे को दो-दो महीने तक स्कूल नहीं भेज पाती थी, क्योंकि आरोपी मुझे रास्ते में मारने की धमकियां देते थे। वे मुझ पर केस वापस लेने का दबाव डालते थे। मैं अदालत से मांग करती हूं कि इन्हें कठोर सजा दी जाए। मेरे जीवन के 13 साल इन्होंने बर्बाद किए हैं
गुरदासपुर में पुलिस कर्मियों की मौत के बाद विपक्षी दलों ने पंजाब सरकार को को निशाने पर ले लिया। शिरोमणि अकाली दल ने सीएम भगवंत मान से इस्तीफा तक मांग लिया। शिअद का आरोप है कि पंजाब सरकार सूबे में लॉ एंड ऑर्डर मेंटेन करने में पूरी तरह से असफल है। शिरोमणि अकाली दल के सीनियर नेता व पूर्व कैबिनेट मंत्री दलजीत सिंह चीमा ने प्रेस कॉन्फ्रेंस की और सीएम भगवंत मान का इस्तीफा मांगा। उन्होंने कहा कि कहा कि पंजाब की कानून-व्यवस्था एक बड़े संकट के मोड़ पर खड़ी है। राज्य में संवैधानिक व्यवस्था बुरी तरह विफल हो चुकी है। उन्होंने कहा कि किसानों का संघर्ष को कुचलने की बात आती है, तो सरकार किसानों के घरों में आंसू गैस छोड़कर उन्हें बाहर निकालती है और लाठी चार्ज कर देती है। दूसरी ओर आतंकवाद के सामने सरकार घुटने टेकती दिखाई दे रही है। इसलिए आज पंजाब की कानून-व्यवस्था की स्थिति अत्यंत चिंताजनक है। पब्लिक में असुरक्षा का माहौल डॉ चीमा ने कहा कि पुलिस मुख्यालयों और चौकियों पर हमले, धार्मिक स्थलों के पास विस्फोट, और रोज़ाना हो रही लूट-खसोट, फिरौती तथा हत्या की घटनाओं ने लोगों के मन में भय और असुरक्षा का माहौल पैदा कर दिया है। गुरदासपुर जिले के एक गांव में पुलिस चौकी के अंदर ड्यूटी कर रहे एएसआई और हेड कांस्टेबल पर गोलीबारी कर दोनों की हत्या कर दी गई। यह घटना बेहद गंभीर है। यदि कानून के रखवाले ही सुरक्षित नहीं हैं, तो आम नागरिक स्वयं को कैसे सुरक्षित महसूस करे? मुख्यमंत्री को बताया जिम्मेदार वर्तमान समय में पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान स्वयं गृह विभाग संभाल रहे हैं। इसलिए कानून-व्यवस्था की पूरी जिम्मेदारी मुख्यमंत्री पर आती है। नैतिक रूप से उन्हें तुरंत अपने पद से इस्तीफा दे देना चाहिए, ताकि लोगों का कानून और संविधान में विश्वास बहाल हो सके। यह मामला केवल राजनीतिक विरोध का नहीं, बल्कि पंजाब की सुरक्षा और भविष्य से जुड़ा है। यदि सरकार हालात को नियंत्रित करने में असफल रहती है, तो उसे सत्ता में बने रहने का कोई अधिकार नहीं है और नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफा देकर पद छोड़ देना चाहिए। पंजाब के हालत पर होम मिनिस्टर के सामने करेंगे प्रोटेस्ट सांसद एवं पूर्व उपमुख्यमंत्री सुखजिंदर सिंह रंधावा का कहना है कि केंद्र और राज्य सरकार मिलकर पंजाब में प्रॉक्सी वॉर चला रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब में अडहॉक डीजीपी है उसे तुरंत हटाया जाए। उन्होंने कहा कि सुनील जाखड़ को चाहिए कि वो होम मिनिस्टर के पास जाए और डीजीपी को हटवाए। रंधावा ने कहा कि जब पार्लियामेंट का सेशन शुरू होगा तो वो होम मिनिस्टर अमित शाह के सामने पंजाब के हालात को लेकर प्रोटेस्ट करेंगे। उन्होंने कहा कि दो सिपाहियों की हत्या हो गई और डीजीपी का कोई रिएक्शन नहीं आया। उन्होंने कहा कि जब वो यहां आ रहे थे तो उन्हें पुलिस अधिकारी फोन करके कह रहे थे कि ध्यान रखना। 12 घंटे नहीं पहुंची पुलिस सुखजिंदर सिंह रंधावा ने कहा कि अगर गांव का सरपंच नहीं आता तो पुलिस को पता ही नहीं लगना था कि उनके दो कर्मचारियों की हत्या हो गई। रंधावा ने कहा कि 12 घंटे पुलिस ही नहीं पहुंची। उन्होंने कहा कि इस मामले की जांच केंद्रीय एजेंसी से करवाई जाए और एसएसपी को सस्पैंड किया जाए। CM केजरीवाल को घुमाने में व्यस्त रंधावा ने कहा कि सीएम भगवंत मान केजरीवाल को घुमाने में व्यस्त है। हालात यह हैं कि पंजाब का बजट सत्र सीएम गुजरात में जाकर अनाउंस कर रहा है। यह संविधान के अगेंस्ट है। आज ही वो गोआ जाने की तैयारी कर रहे हैं। पंजाब का क्या होगा यह देखने की जरूरत है। रंधावा ने मांग की है कि डीजीपी व एसएसपी को सस्पैंड किया जाए।
चूरू में डोडा-पोस्त से भरी कार पकड़ी:NH-52 पर नाकाबंदी में दबोचा, पंजाब के 2 तस्कर गिरफ्तार
चूरू जिले की तारानगर पुलिस ने नाकाबंदी के दौरान एक कार से 35 किलो डोडा-पोस्त जब्त किया है। पुलिस ने इस कार्रवाई में 2 तस्करों को गिरफ्तार कर कार भी जब्त कर ली है। तारानगर थानाधिकारी सतपाल विश्नोई ने बताया कि पुलिस ने NH-52 पर न्यू बालाजी होटल के पास पंजाब नंबर की एक कार को रुकवाकर तलाशी ली। तलाशी के दौरान कार से 35 किलो डोडा-पोस्त बरामद हुआ। पुलिस ने कार में सवार पंजाब के संगरूर निवासी 46 वर्षीय बलकार सिंह बाजीगर और 35 वर्षीय काकासिंह को गिरफ्तार कर लिया। पुलिस गिरफ्तार किए गए दोनों युवकों से डोडा-पोस्त के संबंध में पूछताछ कर रही है। मामले की जांच भालेरी थानाधिकारी द्वारा की जा रही है।इस कार्रवाई को अंजाम देने वाली टीम में तारानगर थानाधिकारी सतपाल विश्नोई, एएसआई महेशचंद, कॉन्स्टेबल ओमप्रकाश, बलवान, विकास कुमार, राजेंद्र कुमार और बलजिंदर शामिल थे। इस कार्रवाई में चूरू डीएसटी की भी अहम भूमिका रही।
कनाडा में मुख्य विपक्षी पार्टी कंजर्वेटिव पार्टी ऑफ कनाडा के पंजाबी मूल के तीन सांसदों की पंजाब यात्रा पर सवाल खड़े होने लगे हैं। कनाडा में सोशल मीडिया पर तीनों कंजर्वेटिव सांसदों से सवाल पूछे जा रहे हैं कि उनकी इस यात्रा का खर्च किसने उठाया? कनाडा के सांसद जसराज सिंह हल्लां, अमरप्रीत सिंह गिल व दलविंदर सिंह गिल पंजाब यात्रा पर आए थे। यात्रा के उद्देश्य और इस यात्रा के बारे में सार्वजनिक जानकारी क्यों नहीं दी गई इस पर भी सवाल पूछे जा रहे हैं। यही नहीं सांसदों के आसपास हथियारबंद निहंगों के होने पर भी सवाल खड़े किए जा रहे हैं। कनाडा में सोशल मीडिया पर सांसदों से पूछा जा रहा है कि उन्होंने अपनी इस यात्रा का विवरण सार्वजनिक क्यों नहीं किया? यात्रा से जुड़ी बातें, वीडियो व अन्य गतिविधियों को सोशल मीडिया पर भी अपलोड नहीं किया गया। 15 फरवरी से 17 फरवरी तक सोशल मीडिया पर चली फोटो व वीडियो सांसदों ने अपने सोशल मीडिया अकाउंट्स पर पंजाब दौरे की वीडियो फोटो व जानकारियां शेयर नहीं की लेकिन जब वो 15 फरवरी से 17 फरवरी तक पंजाब में रहे तो उनके बहुत से वीडियो व फोटो सोशल मीडिया पर अपलोड किए गए। वहीं वीडियो कनाडा मीडिया और सोशल मीडिया इंफ्लुएंसर तक पहुंचे। उसके बाद उन्होंने सांसदों व कंजर्वेटिव पार्टी से इस पर सवाल पूछने शुरू किए। उनसे पूछा जा रहा है कि उन्होंने अपने दौरे की जानकारियों को सार्वजनिक क्यों नहीं किया। हरमिंदर साहिब, गुरु की रसोई व परगट सिंह से मिले तीनों सांसद 15 फरवरी को अमृतसर में श्री हरमिंदर साहिब गए और वहां माथा टेका। उसके बार एसजीपीसी ने उन्हें सम्मानित किया। एसजीपीसी के सदस्यों व अन्य धार्मिंक नेताओं के साथ बैठक की। उसके बाद वो कांग्रेस विधायक परगट सिंह से मिले और उनके साथ इमीग्रेशन के मुद्दे पर बातचीत की। बाद में वो होशियारपुर में गुरु की रसोई में गए। वीडियो में हथियारबंद निहंगों के साथ दिखे सांसद कनाडा सरकार कट्टरपंथी व गनकल्चर को प्रमोट नहीं करती है। कनाडा में सरकार किसी को भी हथियार प्रदर्शन करने नहीं देती। कनाडा में सोशल मीडिया पर सांसदों का जो वीडियो वायरल हो रहा है उसमें सांसद एक धार्मिक स्थल पर हैं और उनके साथ हथियारबंद निहंग हैं। निहंग सिहों के पास गन हैं। खाने की टेबल पर भी हथियारबंद निहंगों के साथ दिखे सांसद सांसद जब गुरु की रसोई में गए तो वहां पर खाने की व्यवस्था थी। खाने की टेबल पर जहां तीनों सांसद बैठे थे वहां बड़ी संख्या में निंहग सिंह व अन्य लोग भी बैठे थे। टेबल पर बैठे निहंग सिंहों के पास भी बंदूकें दिख रही हैं। कंजर्वेटिव सांसदों से सोशल मीडिया पर पूछे जा रहे सवाल इस यात्रा का उद्देश्य क्या था? उन्होंने इसे सार्वजनिक रूप से क्यों नहीं बताया? इस यात्रा का खर्च किसने उठाया, क्या कनाडाई करदाताओं ने, किसी पंजाबी धार्मिक संगठन ने या उन्होंने स्वयं भुगतान किया? कनाडा में इन क्षेत्रों से सांसद हैं तीनों जसराज सिंह हल्लां कैलगरी ईस्ट, अमनप्रीत सिंह गिल कैलगरी स्काईव्यू और दलविंदर सिंह गिल कैलगरी मैकनाइट से सांसद हैं। तीनों पंजाबी मूल के हैं और सिख धर्म से संबंध रखते हैं। कनाडा के अलग-अलग शहरेां में पंजाबियों की संख्या काफी है। ऐसे में वो पंजाब आकर कनाडा में रहने वाले पंजाबियों में अपनी पकड़ मजबूत बनाने की कोशिश कर रहे हैं। इमीग्रेशन कानून पर की विधायक से चर्चा परगट सिंह ने बतायाक कनाडा में इमीग्रेशन कानून को सख्त बनाने की बात चल रही है जिसकी वजह से पंजाब के स्टूडेंट्स और वर्कर्स को कनाडा में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। जालंधर से विधायक परगट सिंह ने सांसदों से मिलकर इमीग्रेशन कानून के कारण स्टूडेंट्स व वर्कर्स को आ रही दिक्कतों के बारे में चर्चा की। यहाँ आपके द्वारा दी गई जानकारी का हिंदी अनुवाद और एक संतुलित विश्लेषण दिया गया है: कनाडा में सांसदों के पंजाब दौरे को लेकर सवाल उठने के कारण… अपने सोशल मीडिया पर जानकारी शेयर नहीं की: कंजर्वेटिव पार्टी ऑफ कनाडा अक्सर कनाडा फर्स्ट या घरेलू आर्थिक मुद्दों पर ध्यान केंद्रित करने की बात करती है, तो बिना किसी पूर्व सूचना के विदेशी दौरों पर जाना कुछ समर्थकों को हैरान कर रहा है, समर्थक भी उनसे सवाल पूछ रहे हैं कि उन्होंने अपने सोशल मीडिया पर इसे साझा नहीं किया। राजनीतिक हित के लिए की गई यात्रा: कनाडा की सोशल मीडिया पर कहा जा रहा है कि कंजर्वेटिव पार्टी कनाडा में अप्रवासी पंजाबी और सिख समुदाय के बीच अपना आधार मजबूत करने की कोशिश कर रही है। सांसदों का धार्मिक स्थलों पर जाना और स्थानीय नेताओं से इमीग्रेशन के मुद्दों पर बात करना, चुनाव से पहले बड़े वोट बैंक को साधने की एक रणनीति मानी जा रही है। वो इस यात्रा को राजनीतिक हित के लिए की गई यात्रा बता रहे हैं। यात्रा के खर्च को सार्वजनिक किया जाए: कनाडा में कंजर्वेटिव पार्टी से सोशल मीडिया पर सवाल किया जा रहा है कि सांसदों के यात्रा खर्च को सार्वजनिक क्यों नहीं किया गया। है? खर्च किसने किया यह स्पष्ट किया जाए। सांसदों के साथ हथियारबंद निहंग सिंहों का दिखना: सांसदों के साथ निहंग सिंह दिख रहे हैं जिनके पास हथियार हैं। कनाडा सरकार की नीति रही है कि इस तरह हथियारों के प्रदर्शन को बढ़ावा नहीं दिया जाना चाहिए और न ही कनाडा में किसी भी कट्टरपंथी विचारधारा को बढ़ावा दिया जाए।
जालंधर कैंट से कांग्रेस MLA परगट सिंह ने अपने इंस्टा अकाउंट पर वीडियो जारी कर कहा कि आप अब गुजरात के लोगों से झूठे बादे कर रही है। पंजाब के बारे में झूठा प्रचार किया जा रहा है। परगट सिंह ने कहा कि गुजरात जाकर आप सुप्रीमो कह रहे हैं कि पंजाब में 1 महीने के अंदर बाढ़ प्रभावितों को मुआवजा दिया गया।परगट सिंह ने सवाल उठाया कि पंजाब में कहां लोगों को मुआवजा मिला है। पंजाब में अगस्त में आई बाढ़ का मंजर अभी भी देखा जा सकता है। लोगों के प्रयास से बाढ़ प्रभावितों को मदद मिल पाई है। अभी भी लोग सरकार के मुआवजे का इंताजर कर रही है।आप सुप्रीमो अरविंदर केजरीवार पंजाब में बाढ़ पीड़ितों को मदद देने के गुजरात में झूठे वादे कर रहे हैं। पंजाब में आई बाढ़ को 6 महीने से ज्यादा का वक्त गुजर चुका है। अभी भी बाढ़ प्रभावित हजारों परिवार सरकार से इंसान के इंतजार में बैठे हैं। घर-फसलें सब कुछ तबाह हो गया, कोई मदद नहीं मिलीपरगट सिंह ने पंजाब की आप सरकार पर आरोप लगाया कि बाढ़ के चलते पंजाब के लोगों के घर-फसलें-पशुधन सब कुछ बर्बाद हो गया। जो मुआवजा मिला भी है,वह अधूरा है और देरी से मिल रहा है। बुनियादी ढांचे का जो नुकसान हुआ है, उसके लिए सरकार ने अभी तक कुछ नहीं किया है। बाढ़ के कारण टूटा बुनियादी ढांचा सरकार की बेरुखी का शिकार हुआ है।सरकार ने लोगों को बेसहारा छोड़ दियापरगट सिंह ने आरोप लगाया कि भगवंत मान सरकार ने लोगों को बेसहारा छोड़ दिया है। बाढ़ पीड़ित हजारों परिवार आज भी अपने बलबूते पर अपनी जिंदगी को आगे बढ़ा रहे हैं। परगट सिंह ने आरोप लगाया कि सरकार बयानबाजी में लगी है लेकिन मदद नहीं कर रही। उन्होंने वीडियो शेयर कर इसके साथ टैग लिखा-गुजरात में झूठ की पंजाब में हकीकत। इसके साथ अखबार की एक कटिंग भी लगाई गई है।
स्कार्पियो में मिले अवैध हथियार, पंजाब के 3 युवक:पिस्तौल और 7 कारतूस बरामद; आर्म्स एक्ट में केस दर्ज
बाड़मेर जिले के सदर थाना क्षेत्र में पुलिस ने बायपास रोड पर कार्रवाई करते हुए स्कार्पियो में सवार तीन युवकों को गिरफ्तार किया है। उनके कब्जे से एक पिस्तौल और 7 जिंदा कारतूस बरामद किए गए हैं। तीनों आरोपी पंजाब के बताए जा रहे हैं। पुलिस ने आर्म्स एक्ट में मामला दर्ज कर पूछताछ शुरू कर दी है कि हथियार कहां से खरीदे गए और यहां किस उपयोग के लिए लाए गए थे। एसपी नरेंद्र सिंह मीना ने बताया कि पुलिस मुख्यालय और जोधपुर रेंज आईजी के निर्देश पर अवैध हथियारों, मादक पदार्थों और वांटेड आरोपियों के खिलाफ टीमें बनाई गई हैं। एएसपी नितेश आर्य और डीएसपी रमेश शर्मा के सुपरविजन में थानाधिकारी आईपीएस मंजू चौहान के नेतृत्व में एसआई बगडृराम की टीम गठित की गई। बायपास रोड पर संदिग्ध स्कार्पियो रोकी टीम बायपास रोड पर गश्त कर रही थी। इस दौरान एक संदिग्ध स्कार्पियो का पीछा कर उसे रुकवाया गया। गाड़ी में सवार युवकों से पूछताछ की गई। तलाशी में पिस्तौल और 7 कारतूस मिले पूछताछ में युवकों ने अपने नाम हरपालसिंह पुत्र रणजीतसिंह, गुरबिंद्र सिंह पुत्र गुरुदेवसिंह और रायवीरसिंह पुत्र श्रवणसिंह निवासी भीखीविंड, थाना भीखविंउ, पंजाब बताए। स्कार्पियो की तलाशी लेने पर एक पिस्तौल और 7 जिंदा कारतूस बरामद हुए। इसके बाद हथियार जब्त कर स्कार्पियो को भी कब्जे में लिया गया। आर्म्स एक्ट में केस, पूछताछ जारी सदर थाना पुलिस ने तीनों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धाराओं में मामला दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। फिलहाल उनसे पूछताछ की जा रही है कि हथियार कहां से खरीदकर लाए और यहां उनका क्या उपयोग करने वाले थे। पुलिस के अनुसार आरोपी हरपालसिंह के खिलाफ पहले से 2 मामले दर्ज हैं।
फतेहाबाद जिले में टोहाना के रास्ते पंजाब के लुधियाना से राजस्थान स्थित खाटू श्याम जा रही टूरिस्ट बस शहर में शहीद चौक पर दुर्घटनाग्रस्त हो गई। यह हादसा देर रात करीब 2 बजकर 50 मिनट पर शहीद चौक पर हुआ। बस चौक की बाउंड्री पर चढ़ गई। गनीमत रही कि बस में सवार 60 यात्रियों में से किसी को भी चोट नहीं आई। पुलिस के अनुसार, बस ड्राइवर ने बताया है कि बस के आगे पशु आ गया था, उसे बचाने के चक्कर में बस बाउंड्री से टकरा गई। हादसे के बाद बस में सवार यात्रियों में अफरा-तफरी मच गई। मगर सभी को धीरे-धीरे सुरक्षित बस से नीचे उतार लिया गया। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और जांच शुरू की। क्रेन की मदद से बस को चौक से नीचे उतारा गया। बस में महिलाएं व बच्चे भी थे सवार लुधियाना निवासी नरेश जैन और अमन ने बताया कि वे सभी पंजाब के लुधियाना से राजस्थान में खाटू श्यामजी के मंदिर दर्शन के लिए जा रहे थे। उन्होंने बताया कि बस में सवार सभी यात्री सो रहे थे, तभी अचानक ड्राइवर को नींद की झपकी आ गई और बस सीधे शहीद चौक पर चढ़ गई। बस में महिलाएं और बच्चे भी शामिल थे। एकदम से बस के टकराने से सभी सहम गए। मगर गनीमत रही कि किसी को कोई चोट नहीं आई। इसके बाद एक-एक करके सभी सवारियों को नीचे उतारा गया। बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। रात 10 बजे बाद लुधियाना से चले थे नरेश जैन व अमन जैन ने बताया कि सभी सवारियां एकत्रित होने के बाद खाटू श्याम बाबा के भजन गाते हुए सभी यात्री शनिवार रात 10 बजे बाद लुधियाना से चले थे। रविवार को दिन में खाटू धाम पहुंच कर दर्शन करने का प्लान था। इस बस के दुर्घटनाग्रस्त होने के बाद दूसरी बस मंगवाई गई। फिर सभी यात्री खाटू धाम के लिए रवाना हुए।
हरियाणा में 435 करोड़ की वित्तीय गड़बड़ियां उजागर, सीएम सैनी पंजाब प्रचार में व्यस्त: मठाड़ू
भास्कर न्यूज | अमृतसर आप के जिला मीडिया इंचार्ज एवं रामगढ़िया वेलफेयर बोर्ड सदस्य डायरेक्टर सतनाम सिंह मठाड़ू ने हरियाणा में सामने आई वित्तीय अनियमितताओं पर कड़ी प्रतिक्रिया दी है। उन्होंने कहा कि 21 मार्च 2023 की कैग (सीएजी) की कंप्लायंस ऑडिट रिपोर्ट, जो हाल ही में विधानसभा में पेश की गई, उसमें 435 करोड़ से अधिक की राजस्व हानि और वित्तीय गड़बड़ियां उजागर हुई हैं। रिपोर्ट के अनुसार राजस्व विभाग की 117 इकाइयों की जांच में 2,516 मामलों में 260.24 करोड़ की कम वसूली सामने आई। स्टांप ड्यूटी में 60 करोड़ से अधिक की कमी दर्ज की गई। 73 सहयोगी इकाइयों की गलत श्रेणीकरण से 23.37 करोड़, 218 डीडों के कृषि दरों पर गलत आकलन से 17.82 करोड़ तथा रजिस्ट्रेशन से बचने के मामलों में 13.99 करोड़ की हानि हुई। इसके अलावा हरियाणा शहरी विकास प्राधिकरण द्वारा कम दर पर प्लॉट आवंटन से 1.97 करोड़ तथा वन विभाग द्वारा नियमानुसार राशि न मांगने से 22.63 करोड़ का नुकसान हुआ। ईपीएफ पेनल्टी के रूप में 8.29 करोड़ और पीडब्ल्यूडी के अधूरे कार्यों से 25.86 करोड़ की हानि दर्ज की गई। वेलफेयर योजनाओं में 12.66 करोड़ का अतिरिक्त भुगतान भी सामने आया। मठाड़ू ने कहा कि इतनी बड़ी वित्तीय खामियों के बावजूद नायब सिंह सैनी पंजाब में प्रचार में व्यस्त हैं, जबकि पहले अपने राज्य की वित्तीय गड़बड़ियों का समाधान करना चाहिए।
भास्कर न्यूज़ | अमृतसर पंजाब में विधानसभा चुनाव की आहट अभी भले आधिकारिक तौर पर दूर दिख रही हो, लेकिन सियासी जमीन पर हलचल तेज हो चुकी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे ने राजनीतिक और गरमा दी। उनके पंजाब दौरे आम आदमी पार्टी को तंग करने लगे हैं। शनिवार को नायब अमृतसर आए, मगर यहां भगतांवाला दानी मंडी में खड़े आम आदमी पार्टी के विधायकों और वर्करों ने उनके काफिले को काले झंडे दिखा डाले। हालांकि नायब सैनी को आप के विधायकों को आमना–सामना नहीं हुआ, मगर सैनी ने काले झंडे दिखाए जाने की नाराजगी यह बयान देकर दिखा कि पंजाब में आप सरकार के दौरान गैंगस्टरवाद बढ़ा है। उनके इतना कहते ही अमृतसर में मौजूद सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सिद्धू ने पलटवार किया। कहा– सैनी पहले हरियाणा को संभाले। फिर पंजाब की बात करें। मंत्री डॉ. बलबीर ने हरियाणा सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाए और कहा कि पंजाब सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में ठोस काम कर रही है। आप नेताओं ने सैनी के दौरे दौरान काले झंडे दिखाकर केंद्र और भाजपा पर पंजाब के साथ भेदभाव करने तथा फंड रोकने के आरोप लगाए। दूसरी तरफ अकाली दल ने अमृतसर के अटारी हलके में रैली कर वर्करों को लामबंद करने का प्रयास किया। उधर अमृतसर ईस्ट हलके से विधायक रही डॉ. नवजोत कौर सिद्धू नई पार्टी बनाने की तैयारी कर रही हैं।
सीएम सैनी पहले अपने राज्य के हालात सुधारें फिर पंजाब बारे बोलें : डॉ. बलबीर
शनिवार को शहर में पहुंचे हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी को आम आदमी पार्टी के नेताओं ने काले झंडे दिखाए। आप नेताओं ने नारेबाजी करते हुए कहा कि भाजपा ने पंजाब के साथ भेदभाव किया है। केंद्र सरकार ने राज्य के कई फंड रोके हैं। इस दौरान आप विधायक जीवनजोत कौर, इंदरबीर सिंह निज्जर, डॉ. अजय गुप्ता के अलावा कई कार्यकर्ता मौजूद रहे।आप नेताओं ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री को अपने राज्य पर ध्यान देना चाहिए पंजाब में राजनीतिक फायदा लेने की कोशिश न करें। शिअद-भाजपा गठबंधन की अटकलों के बीच शिअद प्रधान सुखबीर बादल ने भाजपा के साथ कांग्रेस-आप पर हमला बोला। अटारी के गांव भकना में चौथी पंजाब बचाओ रैली में सुखबीर ने मोदी-सोनिया-केजरीवाल भगाओ और अकाली दल को वापस लाओ का नारा बुलंद किया। सुखबीर ने 2 बार प्रधानमंत्री मोदी और 3 बार भाजपा का नाम लेते हुए आलोचना की। सुखबीर ने सीएम भगवंत मान को केजरीवाल का ड्राइवर करार देते हुए कहा कि यहां गैगस्टर, नशा तस्करों और आतंकियों का राज है। सूबे में रोजाना हत्याएं हो रही हैं लेकिन सीएम मान को जनता की सुरक्षा की कोई परवाह ही नहीं है। सीएम मान तो केजरीवाल के ड्राइवर बनकर कभी जहाज गुजरात ले जा रहे हैं तो कभी बिहार। मान तो केजरीवाल की कठपुतली बनकर रह गया है सरकार तो केजरीवाल चला रहा है। कांग्रेस प्रमुख सोनिया गांधी और राहुल गांधी का जिक्र करते हुए सुखबीर ने कहा कि कांग्रेस ने तो पंजाब का पानी ही राजस्थान को दे दिया। दिल्ली वाली पार्टियां चाहती हैं कि सुखबीर बादल किसी तरह रास्ते से हट जाएं ताकि पंजाबवासियों पर राज कर सकें। मजीठिया ने सीएम मान को ललकारते हुए कहा कि अपने साथ गाड़ी में वकील को भी पक्का ही रख लिया है। जहां भी जाते हैं वकील उनके साथ गाड़ी में ही रहते हैं। सीएम मान जितने चाहे झूठे केस दज कर ले वह डरने वाले नहीं हैं। वहीं मजीठिया ने चीर परिचित अंदाज में रैली में फिर मूंछों को 3 बार ताव दिया। संबंधित खबर पेज 4 पर भी हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी की ओर से पंजाब सरकार पर किए गए हमले के जवाब में सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह ने कहा कि हरियाणा सरकार की ओर से किसानों के लिए चलाई जा रही कई योजनाएं जमीनी स्तर पर प्रभावी नहीं हैं। उन्होंने भाजपा शासित राज्यों में पेपर लीक और अन्य मुद्दों का उल्लेख करते हुए कहा कि पंजाब सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में ठोस कार्य कर रही है। सीएम सैनी पहले अपने राज्य के हालात सुधारें फिर पंजाब के बारे में बोलें। जीएमसी में 3 दिवसीय अंतर्राष्ट्रीय पैथोलॉजी कॉन्फ्रेंस के लिए शहर में पहुंचे सेहत मंत्री ने प्रैस क्रान्फ्रेंस में यह बातें कहीं। शहर में पहुंचे हरियाणा के सीएम नायब सिंह सैनी ने कहा कि पंजाब में आम आदमी पार्टी की सरकार नशा और गैंगस्टरवारद रोकने में नाकाम रही है। सैनी समाज सेवा ट्रस्ट की ओर से शनिवार को माल रोड पर समारोह आयोजित किया गया। इसमें देशभर के सैनी समाज को एक मंच पर लाने के लिए सीएम नायब सिंह सैनी मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। इस अवसर पर मुख्यमंत्री ने समाज की आधिकारिक वेबसाइट जारी की, जिसका उद्देश्य समाज को डिजिटल रूप से जोड़ना और सेवा कार्यों को विस्तार देना है। भास्कर न्यूज़ | अमृतसर पंजाब में विधानसभा चुनाव की आहट अभी भले आधिकारिक तौर पर दूर दिख रही हो, लेकिन सियासी जमीन पर हलचल तेज हो चुकी है। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के दौरे ने राजनीतिक और गरमा दी। उनके पंजाब दौरे आम आदमी पार्टी को तंग करने लगे हैं। शनिवार को नायब अमृतसर आए, मगर यहां भगतांवाला दानी मंडी में खड़े आम आदमी पार्टी के विधायकों और वर्करों ने उनके काफिले को काले झंडे दिखा डाले। हालांकि नायब सैनी को आप के विधायकों को आमना–सामना नहीं हुआ, मगर सैनी ने काले झंडे दिखाए जाने की नाराजगी यह बयान देकर दिखा कि पंजाब में आप सरकार के दौरान गैंगस्टरवाद बढ़ा है। उनके इतना कहते ही अमृतसर में मौजूद सेहत मंत्री डॉ. बलबीर सिंह सिद्धू ने पलटवार किया। कहा– सैनी पहले हरियाणा को संभाले। फिर पंजाब की बात करें। मंत्री डॉ. बलबीर ने हरियाणा सरकार की योजनाओं की जमीनी हकीकत पर सवाल उठाए और कहा कि पंजाब सरकार स्वास्थ्य क्षेत्र में ठोस काम कर रही है। आप नेताओं ने सैनी के दौरे दौरान काले झंडे दिखाकर केंद्र और भाजपा पर पंजाब के साथ भेदभाव करने तथा फंड रोकने के आरोप लगाए। दूसरी तरफ अकाली दल ने अमृतसर के अटारी हलके में रैली कर वर्करों को लामबंद करने का प्रयास किया। उधर अमृतसर ईस्ट हलके से विधायक रही डॉ. नवजोत कौर सिद्धू नई पार्टी बनाने की तैयारी कर रही हैं। पंजाब की राजनीति में एक बार फिर हलचल तेज हो गई है। पूर्व मंत्री और क्रिकेटर नवजोत सिंह सिद्धू की पत्नी डॉ. नवजोत कौर सिद्धू ने आगामी विधानसभा चुनाव में राज्य की सभी 117 सीटों पर चुनाव लड़ने का ऐलान किया है। इस संबंध में जानकारी ‘सारा पंजाब सिद्धू नाल’ नामक व्हाट्सएप ग्रुप में साझा की गई। इस घोषणा की पुष्टि नवजोत सिंह सिद्धू के पूर्व सलाहकार और आरटीआई एक्टिविस्ट मालविंदर सिंह माली ने की। माली ने बताया कि 22 फरवरी रविवार को पटियाला में ‘जीतेगा पंजाब’ नामक पार्टी के प्लेटफॉर्म को लेकर एक अहम बैठक आयोजित की जाएगी जिसमें आगे की रणनीति पर चर्चा होगी। ग्रुप में साझा संदेश के अनुसार नवजोत सिंह सिद्धू फिलहाल सक्रिय राजनीति से दूर रहेंगे। उनके बारे में जानकारी दी गई है कि उन्होंने अपने पेशेवर कार्यों को लेकर एक वर्ष के लिए 6 समझौते किए हुए हैं, जिस कारण वे सीधे तौर पर चुनावी मैदान में सक्रिय भूमिका नहीं निभाएंगे। माली ने कहा कि नवजोत सिंह सिद्धू हमेशा मुद्दों की राजनीति के पक्षधर रहे हैं। उन्होंने करतारपुर साहिब कॉरिडोर खुलवाने के प्रयासों का उल्लेख करते हुए कहा कि इस पहल के कारण पंजाब के लोगों ने सिद्धू को भरपूर समर्थन और प्यार दिया। यही कारण है कि भाजपा उन्हें अपने साथ शामिल नहीं करना चाहती।
पंजाब के वित्त मंत्री हरपाल सिंह चीमा ने दावा किया है कि राज्य में गैंगस्टरवाद को अकाली दल, कांग्रेस और भाजपा ने बढ़ावा दिया है। उन्होंने मानसा में कहा कि आम आदमी पार्टी की सरकार पंजाब से गैंगस्टरवाद का पूरी तरह सफाया करेगी। वित्त मंत्री चीमा मानसा के माता सुंदरी यूनिवर्सिटी गर्ल्स कॉलेज में 128 छात्राओं के लिए बनने वाले गर्ल्स हॉस्टल का शिलान्यास करने पहुंचे थे। इस हॉस्टल के निर्माण पर 10 करोड़ रुपए की लागत आएगी। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि कॉलेज में हॉस्टल की बड़ी आवश्यकता थी, जिसे पूरा करने के लिए सरकार ने यह बड़ी सौगात दी है। चीमा ने स्पष्ट किया कि पंजाब सरकार राज्य को गैंगस्टर मुक्त बनाने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने बताया कि व्यापारियों को मिलने वाली धमकियों से निपटने के लिए एक अलग ट्रेड कमीशन का गठन किया गया है। यह कमीशन व्यापारियों के साथ मिलकर काम करेगा और किसी भी समस्या का तत्काल समाधान सुनिश्चित करेगा। स्कूली बच्चों द्वारा फिरौती मांगने पर जताई चिंता फाजिल्का में स्कूली बच्चों द्वारा फिरौती मांगे जाने की घटनाओं पर वित्त मंत्री ने चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि कई बार बच्चे गुमराह हो जाते हैं और मोबाइल टेक्नोलॉजी के कारण भी ऐसी घटनाएं सामने आ रही हैं। उन्होंने जोर दिया कि सरकार ऐसी संस्कृति को खत्म करेगी और इसे पनपने नहीं देगी। उन्होंने यह भी घोषणा की कि इसी यूनिवर्सिटी कॉलेज में एक डिजिटल लाइब्रेरी का भी निर्माण किया जाएगा। चीमा ने बताया कि पंजाब सरकार के आगामी बजट में मानसा के लिए एक विशेष पैकेज शामिल होगा। उन्होंने कहा कि बजट से पहले ही मानसा को यह पैकेज प्रदान कर दिया गया है। इसके अतिरिक्त, सरकार डीए की किश्त और पेंशन बहाली को लेकर भी कर्मचारियों के लिए सौगात लाएगी और उनकी मांगों को पूरा किया जाएगा।
कोटा शहर के तलवंडी इलाके में एक मकान की रसोई में बर्तनों के बीच एक सांप बैठा नजर आया। घर की महिला जैसे ही रसोई में पहुंची, अचानक सांप को देखकर घबरा गई। महिला ने तुरंत अपने बेटे शिवेंद्र सिंह को सूचना दी। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए शिवेंद्र सिंह ने बिना देर किए स्नेक कैचर गोविंद शर्मा को मौके पर बुलाया। सूचना मिलते ही स्नेक कैचर मौके पर पहुंचे और सावधानीपूर्वक रसोई में मौजूद सांप का रेस्क्यू किया। इस दौरान घर के सदस्यों को सुरक्षित दूरी बनाए रखने की सलाह दी गई। स्नेक कैचर गोविंद शर्मा ने बताया कि रसोई में मिला सांप ‘ग्लौसी रैसल स्नेक’ प्रजाति का है, जो आमतौर पर पंजाब क्षेत्र में पाया जाता है। राजस्थान कोटा में बहुत कम देखने को मिलता है उन्होंने बताया कि इस सांप का कोटा में पहली बार रेस्क्यू किया है। उन्होंने कहा कि यह सांप जहरीला नहीं होता, यानी नॉन-प्वाइजनस है। यह मुख्य रूप से छिपकली और कीड़े-मकोड़े खाता है। हालांकि, इसके काटने से इन्फेक्शन का खतरा जरूर रहता है। महिला की सतर्कता और समय पर दी गई सूचना के चलते किसी प्रकार की अनहोनी नहीं हुई। रेस्क्यू के बाद सांप को सुरक्षित रूप से लाडपुरा क्षेत्र के जंगल में छोड़ दिया गया। साथ ही, घटना की जानकारी वन विभाग के अधिकारियों को भी दे दी गई है।
ऑल इंडिया पुलिस चैंपियनशिप में पंजाब पुलिस की घुड़सवार टीम ने कांस्य जीता
भास्कर न्यूज | जालंधर पंजाब पुलिस की घुड़सवार टीम ने 44वीं ऑल इंडिया पुलिस इक्वेस्ट्रियन चैंपियनशिप व माउंटेड पुलिस ड्यूटी मीट में शानदार प्रदर्शन करते हुए ड्रेसेज (एलीमेंट्री) टीम इवेंट में कांस्य पदक अपने नाम किया। यह प्रतियोगिता बीएसएफ अकादमी टेकनपुर में आयोजित की गई, यहां पर देशभर की पुलिस फोर्स व पैरामिलिट्री फोर्स की टीमों ने हिस्सा लिया। पंजाब पुलिस टीम ने बेहतरीन तालमेल, अनुशासन और कौशल का प्रदर्शन करते हुए पदक हासिल किया। टीम महज 0.02 प्रतिशत के बेहद मामूली अंतर से रजत पदक से चूक गई। पंजाब पुलिस इक्वेस्ट्रियन टीम में इंदरबीर सिंह आईपीएस डीआईजी एडमिन पीएपी जिनका घोड़ा राइजिंग स्टार, इंस्पेक्टर यंगबीर सिंह अपने घोड़े विक्टर, एएसआई जर्मनजीत सिंह ने घोड़े किंग और सीनियर कांस्टेबल विशाल कुमार ने घोड़े विराट के साथ यह पदक अपने नाम करते हुए चैंपियनशिप में बेहतर प्रदर्शन किया। टीम की इस उपलब्धि पर पंजाब पुलिस के एडीजीपी पंजाब आर्मड पुलिस एमएफ फारुखी ने खिलाड़ियों को बधाई दी और भविष्य में और बेहतर प्रदर्शन की उम्मीद जताई।
पंजाब में हुई टारगेट किलिंग मामलों की जांच राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) कर रही है। इस मामले की सुनवाई दिल्ली के पटियाला हाउस कोर्ट में हुई। इस दौरान वकील जसपाल सिंह मझपुर ने अदालत से मांग की कि जगतार सिंह जोहल से जुड़े प्रोटेक्टेड गवाहों के बयान दर्ज किए जाएं। उन्होंने बताया कि NIA के अधिकारी ने अदालत को जानकारी दी कि जोहल से जुड़े दो गवाह थे, इनमें से एक की मौत हो चुकी है, जबकि दूसरा विदेश में रहता है। अदालत ने NIA को निर्देश दिया है कि अगली पेशी पर बताया जाए कि उस गवाह का बयान किस तरह दर्ज किया जाएगा। अब तक 12 तारीखें पड़ी है जसपाल सिंह मझपुर के अनुसार, टारगेट किलिंग मामलों में हरदीप सिंह शेरा, रमनदीप सिंह और जगतार सिंह जोहल समेत कई आरोपियों के खिलाफ पटियाला हाउस कोर्ट में केस चल रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने 11 दिसंबर 2025 को ट्रायल कोर्ट को निर्देश दिया था कि इन मामलों की सुनवाई दिन-प्रतिदिन (डे-टू-डे) की जाए और प्रोटेक्टेड गवाहों के बयान दर्ज किए जाएं। इसके बाद अब तक कुल 12 तारीखें पड़ चुकी हैं, जिनमें छह प्रोटेक्टेड गवाहों के बयान दर्ज किए जा चुके हैं। इन केसों में एनआईए ने आरोपी बनाया है पंजाब में टारगेटेड किलिंग की घटनाएं मुख्य रूप से 2016-2017 के दौरान हुईं, जिनमें राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS), शिव सेना और अन्य धार्मिक संगठनों से जुड़े लोगों को निशाना बनाया गया। इन हमलों में कुल 9 लोगों की मौत हुई थी। ज्यादातर मामलों में हमलावर मोटरसाइकिल पर सवार होकर फायरिंग करते थे। अधिकारियों के अनुसार, ये हमले खालिस्तान लिबरेशन फोर्स (KLF) से जुड़े बताए गए, जिसे भारत में प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन घोषित किया गया है, और इस पर पाकिस्तान की आईएसआई से फंडिंग मिलने के आरोप भी लगे। जगतार सिंह जोहल, जो एक ब्रिटिश सिख हैं, को नवंबर 2017 में पंजाब में गिरफ्तार किया गया था। उन पर 2016-2017 की इन टारगेटेड किलिंग्स में शामिल होने के आरोप हैं, खासतौर पर ब्रिगेडियर (रिटायर्ड) जगदीश गगनेजा, RSS नेता रविंदर गोसाईं और पादरी सुल्तान मसीह की हत्या के मामलों में। साथ ही, उन पर KLF को फंडिंग देने का भी आरोप है, जिसमें 2013 में पेरिस में 3,000 देने और 2016-2017 के हमलों के लिए हथियार खरीदने के आरोप शामिल हैं। NIA इन सभी मामलों की जांच कर रही है। कुल 11 मामलों में से एक में उन्हें डिस्चार्ज किया जा चुका है, तीन में जमानत मिली है, और 4 मार्च 2025 को मोगा जिला अदालत ने एक मामले (साजिश और आतंकवादी गिरोह की सदस्यता) में उन्हें बरी कर दिया। हालांकि, आठ अन्य आतंकवाद से जुड़े मामले अभी भी लंबित हैं, जिनकी सुनवाई दिल्ली की अदालत में चल रही है। जोहल 2017 से हिरासत में हैं, और 2022 में संयुक्त राष्ट्र के एक पैनल ने उनकी हिरासत को मनमाना (arbitrary) बताया था।
एटीएस नोएडा यूनिट और सेक्टर-20 थाना पुलिस की टीम ने 31 सालों से फरार चल रहे खालिस्तानी आतंकी को पंजाब से गिरफ्तार कर लिया। अवैध हथियार रखने के मामले में साल 1993 में गौतमबुद्धनगर कोर्ट से जमानत मिलने के दो साल बाद से आरोपी फरार चल रहा था। आरोपी को न्यायालय में पेश कर जेल भेज दिया। पुलिस के मुताबिक, मूलरूप से पंजाब के जिला कपूरथला निवासी 63 साल का सुखविंदर सिंह ढिल्लो उर्फ दयाल सिंह उर्फ राकेश शर्मा उर्फ छिंदा को 18 अप्रैल 1993 में गौतमबुद्धनगर कमिश्नरेट के सेक्टर-20 थाना पुलिस द्वारा एके 56 और 121 कारतूस के साथ साल 1993 में गिरफ्तार किया था। इसके करीब आठ माह बाद नौ दिसंबर 1993 में न्यायालय द्वारा सुखविंदर सिंह को जमानत दे दी थी। 1995 से चल रहा था फरार16 अगस्त 1995 से लगातार आरोपी फरार चल रहा था। न्यायालय द्वारा आरोपी को गिरफ्तार करने के लिए गैर जमानती वारंटी भी जारी किया गया था। एटीएस की नोएडा यूनिट को सूचना मिली कि 31 सालों से फरार चल रहा आतंकी सुखविंदर सिंह ढिल्लो कपूरथला स्थित अपने मूल पते पर नहीं रह रहा है। वह पंजाब के साहिबजादा अजीत सिंह नगर (एसएएस नगर) जिले के खरड़ में छिपा हुआ है। एटीएस की नोएडा यूनिट और गौतमबुद्धनगर पुलिस की संयुक्त टीम ने उसे बुधवार को गिरफ्तार कर लिया। आरोपी के खिलाफ पंजाब के अलग-अलग जिलों में हत्या, हत्या के प्रयास और सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलने समेत करीब आठ मुकदमे दर्ज हैं। गिरफ्त में आया आरोपी प्रतिबंधित आतंकवादी संगठन खालिस्तान कमांडो फोर्स (केसीएफ) का सक्रिय सदस्य था। 1993 में दर्ज हुआ था पहला मुकदमापुलिस के मुताबिक, कुख्यात आतंकी सुखविंदर सिंह ढिल्लो जुआ खेलने का शौक है। उसके खिलाफ पंजाब के कपूरथला में 10 मार्च 1983 को सार्वजनिक स्थान पर जुआ खेलने का पहला मुकदमा दर्ज हुआ था। इसके बाद वर्ष 1987 में कपूरथला की सिटी कोतवाली में दो बार जुआ अधिनियम के मुकदमे दर्ज हुए। इससे पता चलता है कि आरोपी को जुआ खेलने का शौक था। हत्या और हत्या के प्रयास के भी दर्ज हुए केसआतंकी सुखविंदर सिंह के खिलाफ जुआ अधिनियम का पहला मुकदमा दर्ज होने के बाद छह जनवरी 1984 को पंजाब के जालंधर में थाना नंबर-चार में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद 23 जून 1984 को कपूरथला में अवैध हथियार रखने का मुकदमा दर्ज हुआ। 10 जुलाई 1985 को पंजाब के फगवाड़ा में हत्या के प्रयास समेत अन्य धाराओं में मुकदमा दर्ज हुआ। इसके बाद 19 मई 1992 में कपूरथला की सिटी कोतवाली में हत्या का मुकदमा दर्ज हुआ था।
शिरोमणि अकाली दल (ब) के अध्यक्ष सुखबीर सिंह बादल ने प्रदेश सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि इस समय पंजाब में गैंगस्टरों का बोलबाला है। उन्होंने यह बात जगराओं के ठाठ नानकसर कलेरा की ग्राउंड के पीछे आयोजित 'श्री गुरु हरगोबिंद साहिब जी जगराओं हॉर्स शो 2026' में शिरकत करने के दौरान कही। हरप्रीत सिंह धालीवाल द्वारा आयोजित इस कार्यक्रम के दौरान पूर्व उपमुख्यमंत्री ने पंजाब की वर्तमान कानून-व्यवस्था पर चिंता जताई। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश में गैंगस्टरों का बोलबाला है और सरेआम हो रही गोलीबारी से स्पष्ट है कि शासन प्रणाली पूरी तरह चरमरा चुकी है। कबड्डी कप का होगा आयोजन बादल ने खेल संस्कृति की अनदेखी पर मौजूदा सरकार को आड़े हाथों लेते हुए कहा कि पिछले दस वर्षों से राज्य में कोई 'वर्ल्ड कबड्डी कप' आयोजित नहीं हुआ है। उन्होंने दावा किया कि कबड्डी टूर्नामेंट और अंतरराष्ट्रीय स्तर की प्रतियोगिताएं केवल अकाली दल के कार्यकाल की पहचान रही हैं, जिन्हें बाद की सरकारों ने जारी रखने की हिम्मत नहीं दिखाई। उन्होंने स्पष्ट किया कि खेलों की यह उपेक्षा युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ है। सुखबीर बादल ने वादा किया कि 2027 में शिरोमणि अकाली दल की सरकार बनते ही पंजाब में हॉर्स शो, डॉग रेस और एनिमल फेयर जैसे बड़े आयोजन पुनः शुरू किए जाएंगे। उनका मुख्य उद्देश्य इन खेल गतिविधियों के माध्यम से नौजवानों को नशे की दलदल से बाहर निकालना और उन्हें मुख्यधारा से जोड़ना है। साथ ही, उन्होंने राज्य से ड्रग्स और गैंगस्टरिज्म को जड़ से खत्म करने का संकल्प दोहराया। कार्यक्रम में पूर्व विधायक कंवरजीत सिंह, एस.आर. कलेर, हल्का इंचार्ज सनी गिल, जसकरण सिंह देओल और चंद सिंह डल्ला सहित कई वरिष्ठ नेता भी मौजूद रहे।
जालंधर के डेरा बल्ला में पंजाब सरकार के कैबिनेट मंत्री डॉक्टर रवजोत ने संत निरंजन दास से मुलाकात की। इससे पहले उन्होंने सतगुरु रविदास महाराज को माथा टेका और डेरा प्रबंधन से बात की। डॉक्टर रवजोत ने कहा कि पंजाब सरकार सतगुरु रविदास महाराज की 650वीं जयंती धूमधाम से मनाएगी।इसके लिए पूरे पंजाब में नगर-कीर्तन निकाले जाएंगे। इसके साथ ही पूरे पंजाब में भव्य शोभायात्रा निकाली जाएगी। पंजाब सरकार की तरफ से इस पल को यादगार बनाने के लिए ड्रोन शो भी करवाया जाएगा। इस मौके पर डेरा प्रंबंधकों ने मंत्री के साथ बातचीत की और शोभायात्राओं को लेकर रूट प्लान की मांग रखी। इस पर मंत्री ने कहा कि पूरे पंजाब में शोभायात्रा का रूट प्लान बना दिया जाएगा।इसके अलावा डेरे की ओर से जो भी मांग या संदेश होगा, उसे हम गुरु रविदास महाराज जी के प्रकाश पर्व के लिए बनी अपनी कमेटी में रखेंगे। गुरु रविदास महाराज की जन्म शताब्दी पूरी श्रद्धा और धूमधाम से मनाएंगे। कैबिनेट मंत्री डॉक्टर रवजोत कहीं 3 अहम बातें डेरा प्रबंधन ने कहा- सतगुरु रविदास महाराज की जयंती मनाना खुशी की बात डेरा प्रबंधन ने कहा कि हमारे पास मंत्री साहब आए, यह बहुत खुशी की बात है। सरकार सतगुरु रविदास महाराज जी का 650वां प्रकाश पर्व बड़े स्तर पर मनाना चाहती है। यह बहुत अच्छी बात है और सरकार की ओर से ऐसा होना भी चाहिए क्योंकि वह हमारे रहबर हैं, हमारे गुरु हैं। सतगुरु रविदास महाराज जी का प्रकाश पर्व हर गांव और हर नगर में मनाया जाता है। सतगुरु स्वामी निरंजन दास महाराज द्वारा हर साल श्री गुरु रविदास जन्म स्थान मंदिर, बनारस में यह पर्व मनाया जाता है। हर साल महाराज जी बनारस की धरती पर जाकर प्रकाश पर्व मनाते हैं और इस साल 650वीं शताब्दी को भी सतगुरु स्वामी निरंजन दास महाराज जी की ओर से जन्म स्थान पर बड़े स्तर पर मनाया जा रहा है।
अकाली दल (वारिस पंजाब दे) ने फतेहगढ़ साहिब जिले में एक कार्यक्रम आयोजित किया, जो 25 और 26 फरवरी को निकलने वाली 'खालसा वहीर' यात्रा से संबंधित था। इस कार्यक्रम में सांसद अमृतपाल सिंह के पिता तरसेम सिंह खालसा और फरीदकोट के सांसद सरबजीत सिंह खालसा ने भाग लिया। पिता तरसेम सिंह खालसा ने मीडिया से कहा कि 'खालसा वहीर' को सफल बनाने के लिए विभिन्न जिलों में ऐसे कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। उन्होंने अमृतपाल सिंह की रिहाई के मुद्दे पर कहा कि पंजाब सरकार को डर है कि अमृतपाल सिंह और उनके साथियों की रिहाई से राज्य की राजनीतिक परिस्थितियां बदल सकती हैं, इसीलिए उन्हें जेल में रखा गया है। उन्होंने सवाल उठाया कि यदि सरकार को लगता है कि अमृतपाल सिंह की रिहाई से माहौल खराब हो सकता है, तो वर्तमान में हो रही हत्या और लूटपाट की घटनाओं के लिए कौन जिम्मेदार है? उन्होंने दावा किया कि सरकार हर मोर्चे पर विफल साबित हो रही है। 2027 के विधानसभा चुनावों पर बात करते हुए तरसेम सिंह खालसा ने कहा कि उनकी पार्टी इन चुनावों की तैयारी कर रही है। गठबंधन के सवाल पर उन्होंने स्पष्ट किया कि फिलहाल कोई निर्णय नहीं लिया गया है, लेकिन आवश्यकता पड़ने पर इस विकल्प पर विचार किया जा सकता है। 'खालसा वहीर' 25 फरवरी को श्री अकाल तख्त साहिब से शुरू होकर 26 फरवरी को श्री दमदमा साहिब में समाप्त होगी।
कुरुक्षेत्र जिले के अकाउंटेंट कुलदीप धीमान की मोहाली के लालड़ू में चाकू मारकर हत्या करने के मामले में नया मोड़ आया है। पंजाब पुलिस को इलाके के बदमाशों पर शक है। हालांकि घटना को 8 दिन बीत चुके हैं, लेकिन हत्यारों का कोई सुराग नहीं मिला। पंजाब पुलिस के मुताबिक, कुलदीप की हत्या के 2 दिन बाद उसी इलाके के पास बदमाशों ने एक शख्स से मोबाइल छीन लिया था। पुलिस को उन बदमाशों पर कुलदीप की हत्या में शामिल होने का शक है, क्योंकि हत्यारे अपने साथ कुलदीप का मोबाइल लेकर फरार हुए थे। लालड़ू फैक्ट्री में थे अकाउंटेंट कुलदीप धीमान उर्फ सोनू (38) पिहोवा की नंद कॉलोनी में रहते थे, वो पंजाब के मोहाली जिले के लालड़ू के पास एक नट-बोल्ट बनाने वाली फैक्ट्री में अकाउंटेंट थे। यहां काम करते हुए उन्हें करीब 10 साल हो चुके थे। रोजाना बस से घर से फैक्ट्री आना-जाना करते थे। 11 फरवरी की शाम कुलदीप फैक्ट्री से छुट्टी करके घर के लिए निकले थे। छुट्टी के बाद घर निकले अगले दिन उनका शव फैक्ट्री के पास एक खाली प्लॉट में खून से लथपथ पड़ा मिला। हत्यारों ने चाकू से उनके चेहरे, गले, छाती और शरीर के अन्य हिस्सों पर 10-12 बार वार किए थे। हैरानी की बात ये कि उनका बैग, कैश और अन्य सामान सही सलामत था, सिर्फ मोबाइल गायब था। 15 मिनट बाद फोन बंद चचेरे भाई राजकुमार ने बताया कि फैक्ट्री से निकले के 15 मिनट बाद कुलदीप का फोन स्विच ऑफ हो गया, पूरी रात परिवार वाले इंतजार करते रहे। अगली सुबह तक कोई खबर न मिलने पर परिवार ने पिहोवा पुलिस को सूचना दी। इस दौरान कुलदीप की मौत की सूचना परिवार को मिल गई। CIA टीम कर रही जांच थाना लालड़ू SHO रणबीर सिंह ने बताया कि मामले की जांच CIA भी कर रही है। पुलिस ने कुलदीप के दोस्त और फैक्ट्री के लोगों से पूछताछ की है। शुरुआती जांच में किसी से रंजिश की बात सामने नहीं आई। पुलिस को इलाके के मोबाइल छीनने वाले लोगों पर शक है। पुलिस उनको ट्रेस करने की कोशिश कर रही है। दो बच्चों का पिता था कुलदीप रामगोपाल उर्फ डिंपल ने बताया कि कुलदीप शादीशुदा था, उसकी पत्नी का नाम रीना है। करीब 15 साल पहले दोनों की शादी हुई थी। दोनों के 2 बेटे है है, जिनमें आयुष 12 साल और 7 साल का अक्षय है। करीब 12 साल से कुलदीप इसी फैक्ट्री में काम कर रहा था। उसकी मौत से परिवार में गम का माहौल है।
आपत्तिजनक जातिगत शब्दों वाले स्कूलों के नाम बदले जाएंगे, डीईओ से 2 दिन में मांगी रिपोर्ट
पंजाब में अब स्कूलों के नाम से जातिगत पहचान हटेगी। पंजाब विद्यालय शिक्षा निदेशालय (माध्यमिक) ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों (डीईओ) को कड़ा निर्देश जारी कर ऐसे स्कूलों की पूरी सूची मांगी है। डीईओ नाम में आपत्तिजनक जातिगत शब्द वाले स्कूलों की रिपोर्ट दो दिन में सौंपेगे। पत्र में कहा है कि सरकार के संज्ञान में आया है कि कुछ स्कूलों के नाम जातिगत आधार पर रखे गए हैं, जो संवैधानिक मूल्यों के अनुरूप नहीं हैं। इस तरह के शब्द पूरी तरह अनुचित हैं और सामाजिक समानता के मूल्यों के खिलाफ हैं। सरकारी पत्र में उल्लेख किया गया है कि कुछ स्कूलों के नाम आपत्तिजनक शब्दों में रखे गए हैं, जो कि जातिगत के नाम पर रखे गए हैं। जैसे हरिजन बस्ती, बाजीगर बस्ती आदि शामिल हैं। अब ये नाम हटेंगे। डीईओ को निर्देश दिए गए हैं कि संलग्न सूची के अतिरिक्त अपने-अपने जिलों के सभी ऐसे स्कूलों की पहचान कर दो दिनों के भीतर ईमेल आईडी dpiseedsa@punjabeducation.gov.in पर पूरी जानकारी भेजें। इन जिलों में बदलेंगे स्कूलों के नाम शिक्षा विभाग के सूत्रों के मुताबिक, अमृतसर, तरनतारन, जालंधर, कपूरथला और सीमावर्ती ग्रामीण जिलों में बस्ती आधारित नाम वाले स्कूलों की संख्या अपेक्षाकृत अधिक है। कई स्कूलों के नाम दशकों पुराने हैं, जो उस समय स्थानीय बस्तियों के नाम पर रखे गए थे। अब इन सभी नामों की समीक्षा होगी। जरूरत पड़ने पर नाम परिवर्तन की प्रक्रिया शुरू की जाएगी। ऐसे नाम बच्चों के मन में भेदभाव की भावना पैदा कर सकते हैं केंद्र सरकार भी पहले आपत्तिजनक जातिगत शब्द के प्रयोग को लेकर आपत्ति जता चुकी है। इसे आधिकारिक दस्तावेजों से हटाने के निर्देश दे चुकी है। राज्य सरकार का यह फैसला सामाजिक न्याय की नीति के तहत देखा जा रहा है। स्कूल केवल पढ़ाई की जगह नहीं, बल्कि सामाजिक सोच का निर्माण केंद्र हैं। जातिगत शब्द बच्चों के मन में भेदभाव की भावना पैदा कर सकते हैं। नाम बदलना समय की मांग है।- डॉ. जतिंदर अरोड़ा, शिक्षा विशेषज्ञ
अंग्रेजी की एक कहावत है ‘अर्ली बर्ड कैचेज द वर्म’ यानी जो पहले कदम उठाता है, वही अवसर पाता है। पंजाब में 2027 में होने वाले चुनाव को लेकर शिरोमणि अकाली दल (SAD) ने यही रणनीति अपनाई है। अकाली दल के प्रधान सुखबीर बादल ने माइक्रो मैनेजमेंट की प्लानिंग करते हुए पहले ही पंजाब बचाओ रैलियां शुरू कर दी हैं। जिसकी अगुआई भी खुद सुखबीर ही कर रहे हैं। इसके उलट कांग्रेस अभी चुनावी मोड में नजर नहीं आ रही। वह अपनी ही गुटबाजी और नेताओं की नाराजगी से जूझती नजर आ रही है। सत्ताधारी आम आदमी पार्टी (AAP) भी चुनावी मोड में है लेकिन अभी प्रॉपर प्लानिंग नजर नहीं आ रही। अब बात करें अकाली दल की तो पंजाब बचाओ रैली के पहले फेज को सियासी गुणा गणित से तोलमोल कर लॉन्च किया गया है। सुखबीर की रैलियों का पैटर्न देखें तो वह पहले फेज की 28 रैलियों में से उन सीटों को शामिल किया गया है, जहां अकाली दल सबसे ज्यादा अंतर से हारा। इसमें 10,000+ मार्जिन को बेस बनाया गया है। सुखबीर की कोशिश है कि उन सीटों पर ज्यादा कैंपेन करें, जहां 2022 के चुनाव में पार्टी को ज्यादा वोटों से हार मिली। एक और रणनीति है कि अकाली दल ने इसमें सिख और दलितों के साथ मुस्लिम वोट बैंक को फोकस किया है। यही वजह है कि कैंपेन की लॉन्चिग अहमदिया मुसलमानों के गढ़ कादियां से की गई। दूसरी रैली पंथक वोट बैंक वाली सीट खेमकरण में की। रैली के दौरान सुखबीर सबसे ज्यादा AAP को अटैक कर रहे हैं। पंजाबियों पर दिल्ली वालों के राज का नैरेटिव सेट कर रहे हैं, इसी वजह से 2017 में AAP पंजाब में सत्ता हासिल नहीं कर पाई थी। दूसरे नंबर पर कांग्रेस पर हमला कर रहे हैं। एक रोचक बात और है कि BJP को लेकर सुखबीर नरम रुख अपना रहे हैं। वहीं शहरी इलाकों में अकाली दल की कोई रैली भी नहीं रखी। साफ है कि BJP के साथ अकाली दल के गठबंधन की गुंजाइश अभी बनी हुई है। अकाली दल की पहले फेज की रैलियों का पैटर्न 3 वोट बैंक अकाली दल के निशाने पर
पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' का वीकेंड का वार एपिसोड धमाकेदार रहा। शो में मुनव्वर फारुकी और शहनाज गिल बतौर गेस्ट बनकर पहुंचे। वहीं 'बिग बॉस' के घर में पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट की भी एंट्री हुई। शहनाज गिल के भाई शहबाज बदेशा ने 'बिग बॉस' के घर ...
बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पंजाब पहुंचें सोनू सूद, बोले- पूरी मदद करने की कोशिश करूंगा
पंजाब के कई गांव इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के खेतों से लेकर घरों तक में पानी भरा हुआ है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में कई सेलेब्स लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं अब अपने नेक कामों से लोगों का दिल जीतने वाले ...
कंगना रनौट की इमरजेंसी को पंजाब में बैन करने की मांग, सिनेमाघरों के बाहर पुलिस बल तैनात, कई शो कैंसल
तमाम विवादों के बाद कंगना रनौट की फिल्म 'इमरजेंसी' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। हालांकि रिलीज के बाद भी फिल्म को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। फिल्म का पंजाब में जमकर विरोध किया जा रहा है। 'इमरजेंसी' पर बैन लगाने की मांग के बीच पंजाब में सिनेमाघरों ...
Diljit Dosanjh Canada Concert: फेमस सिंगर और एक्टर दिलजीत दोसांझ की दुनियाभर में जबरदस्त लोकप्रियता हैं। उनके लाइव कॉन्सर्ट में लाखों लोगों की भीड़ इकट्ठा होती है। हाल ही में दिलजीत ने कनाडा में परफॉर्मेंस दी। दोरंदो के रॉजर्स सेंटर में परफॉर्मेंस ...
बॉलीवुड अदाकारा और हिमाचल के मंडी सीट से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF के एक गार्ड ने कथित तौर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर उनकी टिप्पणी को लेकर थप्पड़ मारा। अभिनेत्री ने इस घटना के लिए कुलविंदर कौर के रूप में पहचाने गई गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। Shocking rise in terror and violence in Punjab…. pic.twitter.com/7aefpp4blQ — Kangana Ranaut (Modi Ka Parivar) (@KanganaTeam) June 6, 2024 हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाली कंगना रनौत घटना के समय दिल्ली जा रही थीं। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मंडी से सांसद-चुनाव को सुरक्षा जांच के दौरान अपना फोन ट्रे में रखने से इनकार करने पर एक सुरक्षाकर्मी को धक्का देने के लिए थप्पड़ मारा गया था। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Shiva Temple Burnt | जम्मू-कश्मीर का 106 साल पुराना शिव मंदिर जलकर हुआ खाक, बॉलीवुड की कई फिल्में यहीं पर हुई थी शूट कंगना रनौत दोपहर 3 बजे विस्तारा की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। यह घटना रनौत के हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद हुई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह को 74,755 मतों से हराया। राजनीतिक नेता के रूप में अपने पहले लोकसभा चुनाव में रनौत को 5,37,022 वोट मिले। मंडी लोकसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 13, 77, 173 मतदाता हैं। मतदान प्रतिशत 73.15 रहा। जीत की घोषणा से पहले रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, मंडी के सभी लोगों को इस प्यार और भरोसे के लिए दिल से आभार... यह जीत आप सभी की है, यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा में आपके भरोसे की जीत है, यह सनातन की जीत है और मंडी के सम्मान की जीत है। रनौत ने एक्स पर अपनी पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, मंडी की संसद। कंगना ने 17 साल की उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इंडस्ट्री के कई जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है, जिनमें अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर भी शामिल है और उन्होंने क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और फैशन जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा अर्जित की है। भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं #WATCH | BJP leader and actor Kangana Ranaut arrives at Delhi airport A woman constable of CISF allegedly slapped Kangana Ranaut at Chandigarh Airport during a frisking argument. An inquiry committee comprising senior CISF officers has been set up to conduct a further… pic.twitter.com/EmrYPQgheH — ANI (@ANI) June 6, 2024
तीसरी बार पिता बने पंजाब सीएम भगवंत मान, पत्नी गुरप्रीत कौर ने दिया बेटी को जन्म
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर किलकारी गूंजी है. उनके घर लक्ष्मी पैदा हुई है. सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर ने बेटी को जन्म दिया है. भगवंत ने ट्विटर पर बेटी की पहली झलक भी दिखाई है.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
विराट कोहली ने सोमवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ बल्ले से चमक बिखेरी और अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को चिन्नास्वामी स्टेडियम में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ आसान जीत दिलाई। उन्होंने 49 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी मैच जीतने के बाद, क्रिकेटर को मैदान से वीडियो कॉल पर अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों वामिका और अकाय से बात करते देखा गया। विराट ने भी अपनी चतुराई का प्रदर्शन किया, क्योंकि उन्होंने कैमरे के अपने किनारे को बड़ी स्क्रीन पर रखा, जिससे ग्राउंड कैमरा उनके परिवार को कॉल पर कैप्चर नहीं कर सका। विराट द्वारा अपने परिवार को वीडियो कॉल करने का वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हर तरफ से नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया आ रही है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Holi Celebration । रंगीन रंगों से सजे नजर आए बॉलीवुड गलियारे, कुछ इस तरह सितारों ने मनाई होली । See Pics And Videos नेटिज़ेंस की प्रतिक्रिया कॉल ख़त्म करने से पहले, विराट को अपने परिवार को फ्लाइ किस देते हुए और 'आई लव यू' कहते हुए भी देखा गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद, नेटिज़न्स अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटर पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए तत्पर थे। एक यूजर ने लिखा, ''उनके प्यारे एक्सप्रेशंस देखिए।'' दूसरे ने लिखा ''मैच के बाद अनुष्का शर्मा के साथ वीडियो कॉल पर विराट कोहली। सबसे खूबसूरत पल!'' आरसीबी बनाम पीबीकेएस मैच के बारे में अधिक जानकारी विराट कोहली की प्रतिभा और दिनेश कार्तिक और महिपाल लोमरोर के फिनिशिंग टच ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2024 की पहली जीत दिलाई। उन्होंने अंतिम ओवर में चार विकेट रहते हुए 177 रन के लक्ष्य का पीछा किया। जब कोहली आउट हुए, तब भी आरसीबी को अंतिम 24 गेंदों पर 47 रनों की जरूरत थी। हालांकि, विराट प्लेयर ऑफ द मैच बने। सीजन में अब तक दोनों पारियों में 98 रन बनाने के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली। Virat Kohli on video call with his family. Look at his cute expressions #ViratKohli #RCBvsPBKS pic.twitter.com/PEdIpdWwQR — Satyam (@iamsatypandey) March 25, 2024

