पंजाब के सीएम भगवंत मान के विधानसभा क्षेत्र धूरी में एक ब्राह्मण परिवार ने मस्जिद बनवाई। दो भाइयों ने मस्जिद के लिए 5 मरला जमीन दान दी। इसके साथ ही उन्होंने खुद और गांव से चंदा जोड़कर इमारत बनवाई, जिसमें दो कमरे और एक बरामदा है। उन्होंने कहा कि गांव में करीब 2500 लोग रहते हैं, इसमें करीब 30 मुस्लिम परिवार हैं। मस्जिद न होने के कारण इन परिवारों को नमाज अदा करने के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता था। उनकी इस परेशानी को देखते हुए जमीन दान की गई और सभी के सहयोग से मस्जिद का निर्माण कराया गया। धूरी तहसील के गांव पूनेवाल में बनी मस्जिद का 8 फरवरी को शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने उद्घाटन किया। इस मौके पर हिंदू और मुस्लिम परिवारों ने शाही इमाम का स्वागत किया। उद्घाटन के बाद मस्जिद में पहली बार नमाज अदा की गई। इसके बाद शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने जमीन दान करने के लिए गांववासियों का धन्यवाद किया। उन्होंने कहा कि संगरूर जिले में एक हिंदू परिवार द्वारा किया गया यह काम पूरे देश के लिए मिसाल है। उद्घाटन पर शाही इमाम बोले- देश मोहब्बत से जीना पंजाब से सीखे। पंजाब की धरती पर नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। श्री गुरु नानक देव जी के समय से ही यहां हिंदू, मुस्लिम और सिख मिल-जुलकर रहते आए हैं। देश को पंजाब से सीखना चाहिए। मस्जिद के उद्घाटन पर हिंदू परिवार और शाही इमान की अहम बातें शाही इमाम ने किया ब्राह्मण परिवार का सम्मान उद्घाटन समारोह में पहुंचे शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने परिवार के इस जज्बे की सराहना की और उन्हें सम्मानित किया। इस दौरान गांव के सरपंच मक्कड़ ने शाही इमाम का स्वागत किया। शाही इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी ने कहा कि पंजाब की धरती में नफरत के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि पहली पातशाही श्री गुरु नानक देव जी के समय से ही पंजाब में मुस्लिम हिंदू मिलकर अपने सिख भाइयों के साथ रहते आए हैं। पूरे देश में जहां हिंदू-मुस्लिम को लेकर डिबेट होती है, उन्हें आज के काम से सीखना चाहिए। पंचायत में उठा था मस्जिद बनाने का मसला गांव के सरपंच गोविंद सिंह खंगूड़ा ने कहा कि गांव वालों ने मुसलिम परिवारों के लिए मस्जिद न होने का मुद्दा उठाया था। इसके बाद पंचायत में विचार-विमर्श किया गया। इस पर गांव के ही ब्राह्मण परिवार से दो भाइयों जसपाल राम और विजय कुमार ने अपनी जमीन में से 5 मरला दान करने के लिए कहा। इसके बाद इस जमीन पर मस्जिद का निर्माण करवाकर इसे मुस्लिम भाइयों को सौंप दिया गया है। मस्जिद के उद्घाटन के बाद की PHOTOS…
पंजाब पुलिस की स्पेशल ब्रांच में एएसआई बलजिंदर सिंह न सिर्फ अपनी ड्यूटी निभा रहे हैं, बल्कि 25 साल से बॉक्सिंग के जरिए युवाओं की जिंदगी भी संवार रहे हैं। अब तक बलजिंदर द्वारा प्रशिक्षित 136 से ज्यादा बॉक्सिंग खिलाड़ी सरकारी नौकरी हासिल कर चुके हैं। 48 साल के मुख्य कोच बलजिंदर सिंह ने देश को हजारों बॉक्सिंग खिलाड़ी दिए हैं। इनमें से कई खिलाड़ी देश-विदेश में स्टूडेंट्स को कोचिंग दे रहे हैं, जबकि कई निजी संस्थानों में बतौर कोच सेवाएं दे रहे हैं। बलजिंदर सिंह बताते हैं कि साल 1991 में जब खालसा कॉलेज सीनियर सेकंडरी स्कूल में 9वीं कक्षा में पढ़ते थे तब हॉकी खेलते थे। 14 साल की उम्र में एक घटना ने उनकी जिंदगी की दिशा ही बदल दी। स्कूल ग्राउंड में 2 स्टूडेंट्स आपस में झगड़ रहे थे। उन्हें छुड़ाने के लिए बलजिंदर आगे बढ़े, लेकिन झगड़ा कर रहे छात्रों में से एक, जो बॉक्सिंग सीख रहा था, ने उनके चेहरे पर जोरदार पंच मार दिया। उसी दिन उन्होंने हॉकी छोड़कर बॉक्सिंग को अपना करिअर बनाने का फैसला कर लिया। 1999 में नौकरी मिलने के बाद उनके गुरु जोगिंदर सिंह मान ने बच्चों को बॉक्सिंग सिखाने के लिए प्रेरित किया। तब से आज तक वह बिना किसी फीस के बच्चों को प्रशिक्षण दे रहे हैं, ताकि अच्छे खिलाड़ी के साथ-साथ अच्छे इंसान भी बन सकें। बलजिंदर सिंह बताते हैं कि आज उनके 35 से ज्यादा स्टूडेंट डॉक्टर, इंजीनियर और प्रिंसिपल बनकर समाज सेवा में अहम भूमिका निभा रहे हैं। उनका मानना है कि खिलाड़ी बनना जरूरी नहीं, लेकिन अच्छा इंसान बनना सबसे जरूरी है। फिलहाल 5 से 25 साल तक के बच्चे उनसे बॉक्सिंग सीख रहे हैं। नियमों के मुताबिक 11 साल से कम उम्र के बच्चों को बॉक्सिंग की अनुमति नहीं है, लेकिन बच्चों के जुनून को देखते हुए वह उन्हें सीखने से मना नहीं करते। खास बात यह है कि बलजिंदर सिंह रोजाना सुबह 6.30 से 8.30 बजे और शाम 4.30 से 6.30 बजे तक खालसा कॉलेज स्कूल में खिलाड़ियों को बॉक्सिंग की फ्री कोचिंग देते हैं। 4 घंटे की इस मेहनत के बदले वह बच्चों से एक पैसा भी नहीं लेते। इतना ही नहीं, आर्थिक रूप से कमजोर खिलाड़ियों की मदद के लिए वह कई बार अपनी सैलरी से पैसे खर्च कर जरूरी खेल सामग्री भी खरीद कर देते हैं। उनका मकसद है कि कोई भी होनहार खिलाड़ी सिर्फ पैसों की कमी की वजह से पीछे न रह जाए। वर्तमान में करीब 80 स्टूडेंट्स बॉक्सिंग का प्रशिक्षण ले रहे हैं।
Punjab News: पंजाब के शाही इमाम पर लुधियाना में अटैक, पुलिस में हड़कंप
पंजाब के 'शाही' इमाम मौलाना मोहम्मद उस्मान रहमानी लुधियानवी पर लुधियाना में अटैक हुआ है. यह अटैक फील्ड गंज एरिया में जामा मस्जिद के पास हुआ. घटना की सूचना मिलते ही पुलिस में हड़कंप मच गया. पुलिस मामले की जांच कर रही है.
बीजेपी में 'व्यवस्था' तलाश रही सिद्धू फैमिली? पंजाब में क्या हुआ था, जिसकी अब हो रही चर्चा
Punjab Congress: अमृतसर ईस्ट की पूर्व विधायक नवजोत कौर को कांग्रेस ने सस्पेंड किया तो 31 जनवरी को उन्होंने पार्टी छोड़ने का ऐलान किया. पार्टी ने भी बाहर का रास्ता दिखाने में देर नहीं लगाई. इस प्रकरण पर AICC के महासचिव भूपेश बघेल ने कुछ कहा तो बौखलाए कौर के पति और अबतक कांग्रेस में मौजूद सिद्धू ने टॉप टू बॉटम सबको लपेट दिया.
Ravneet Bittu recalls Rahul Gandhi: दिल्ली के बाद अमृतसर से राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए केंद्रीय मंत्री बिट्टू ने संसद भवन में राहुल गांधी से हुई झड़प का वाकया याद किया. बिट्टू ने कहा, 'उनके अंदर का गुब्बारा फूट चुका था. बहुत बड़े परिवार का आदमी, देखो क्या कह रहा था, ये सोचकर कि वो 'शहंशाह' हैं'. आगे उन्होंने पूरी कांग्रेस को अकेले घेर लिया.
‘शिक्षा क्षेत्र को मजबूत बनाना पंजाब सरकार की प्राथमिकता’
भास्कर न्यूज |अमृतसर अमृतसर वेस्ट विधानसभा क्षेत्र से विधायक डॉ. जसबीर सिंह संधू ने गवर्नमेंट स्कूल ऑफ एमिनेंस छेहर्टा और गवर्नमेंट सीनियर सेकेंडरी स्कूल घनुपुर में आयोजित पेरेंट-टीचर मीट में विशेष रूप से शिरकत की। इस दौरान उन्होंने विद्यार्थियों की शिक्षा, अनुशासन और सर्वांगीण विकास को लेकर अभिभावकों और शिक्षकों के साथ गहन चर्चा की। डॉ. संधू ने बच्चों की प्रोग्रेस रिपोर्ट जांची और मुख्यमंत्री भगवंत मान के नेतृत्व में चल रही शिक्षा क्रांति का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार सरकारी स्कूलों को आधुनिक सुविधाओं से लैस कर रही है। नए क्लासरूम, स्मार्ट बोर्ड, बेहतरीन लाइब्रेरी और खेल के मैदानों का निर्माण इसी कड़ी का हिस्सा है, ताकि गरीब से गरीब बच्चे को भी विश्वस्तरीय शिक्षा मिल सके। विधायक ने शिक्षकों के समर्पण की सराहना करते हुए उन्हें समाज की नींव बताया। उन्होंने अभिभावकों से अपील की कि वे बच्चों की हर गतिविधि पर नजर रखें और उन्हें पढ़ाई के लिए प्रोत्साहित करें। इस अवसर पर स्कूल ऑफ एमिनेंस की प्रिंसिपल मनमीत कौर और घनुपुर स्कूल के प्रिंसिपल प्रदीप आनंद ने स्कूल में चल रहे विकास कार्यों की जानकारी दी। इस मौके पर बीआरसी शिखा दुआ, चेयरमैन गुरदेव सिंह जज, पीए माधव शर्मा और बड़ी संख्या में अभिभावक व स्टाफ मौजूद था।
फाजिल्का क्षेत्र के गांवों के लिए राइजिंग मेन पाइपलाइन प्रोजेक्ट को सरकार से मंजूरी मिल गई है। इस परियोजना पर 37.46 करोड़ रुपए खर्च होंगे। विधायक संदीप जाखड़ के प्रयासों से पिछले चार वर्षों से खस्ताहाल पाइपलाइन के कारण प्रभावित गांवों को राहत मिलेगी। विधायक संदीप जाखड़ ने बताया कि इस प्रोजेक्ट के कुल बजट का 80 प्रतिशत हिस्सा भारत सरकार वहन करेगी, जबकि शेष 20 प्रतिशत पंजाब सरकार द्वारा दिया जाएगा। यह बजट अर्बन इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट फंड के तहत मंजूर किया गया है। राइजिंग मेन पाइपलाइन के जर्जर होने के कारण चिराग ढाणी, किल्लियांवाली और सैयदांवाली जैसे गांव पिछले चार साल से बुनियादी सुविधाओं से वंचित थे। पाइपलाइन की खराब स्थिति के कारण इन क्षेत्रों में जल निकासी बाधित थी, जिससे दुर्गंध और बीमारियों का खतरा बना हुआ था। यह परियोजना इन गांवों को इस समस्या से मुक्ति दिलाएगी। लंबे समय से पेंडिंग थी मांग : विधायक संदीप विधायक संदीप जाखड़ ने बताया कि इस लंबे समय से लंबित मांग को पूरा करवाने के लिए उन्होंने लगातार पैरवी की। उन्होंने उम्मीद जताई कि अब जबकि टेंडर प्रक्रिया शुरू होने जा रही है, पंजाब सरकार इस जनहितैषी कार्य में कोई प्रशासनिक बाधा उत्पन्न नहीं करेगी। परियोजना की मंजूरी मिलने पर प्रभावित गांवों के निवासियों ने संतोष व्यक्त किया है। इस अवसर पर वंदना सांगवाल, पार्षद मंगत राय बठला सहित भाजपा कार्यकर्ता और ग्रामीण मौजूद थे। ग्रामीणों ने विधायक का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि यह परियोजना उनके स्वास्थ्य और सुचारू जल निकासी के लिए महत्वपूर्ण होगी।
पंजाब के पूर्व मंत्री और शिरोमणि अकाली दल के वरिष्ठ नेता विक्रम सिंह मजीठिया ने कहा है कि पंजाब में तुरंत परमानेंट डीजीपी की नियुक्ति होनी चाहिए। उन्होंने कहा कि मौजूदा डीजीपी सिर्फ अपनी कुर्सी बचाने में लगे हुए हैं, जबकि प्रदेश में रोजाना हत्याएं हो रही हैं। विक्रम सिंह मजीठिया 3 फरवरी को कुछ शर्तों के साथ जेल से रिहा हुए थे। इसी सिलसिले में शनिवार 7 फरवरी को उनकी मोहाली कोर्ट में पेशी हुई। पेशी के बाद मजीठिया ने पंजाब सरकार पर जमकर निशाना साधा। अब मामले की अगली सुनवाई 7 मार्च को होगी। पंजाब में कानून-व्यवस्था बिगड़ी मजीठिया ने कहा कि पंजाब में रोज कत्ल हो रहे हैं और हालात लगातार बिगड़ते जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि पंजाब के नौजवानों को जागना चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि लोगों ने बदलाव देख लिया है कि पंजाब में कैसा बदलाव आया है। विक्रम सिंह मजीठिया ने अरविंद केजरीवाल और आप नेता सुशील गुप्ता पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि दोनों ने जो बोला था, उसी के आधार पर पंजाब के पानी के मुद्दे पर फैसले लिए जा रहे हैं। मजीठिया ने सवाल उठाया कि जब पहले ही पंजाब में पानी की कमी है, तो वॉटर कमिशन की टीम को आज पंजाब भेजने का क्या मतलब है। उन्होंने कहा कि पंजाब के पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल द्वारा एसवाईएल की जमीन वापस की जा चुकी थी। इसके बावजूद दोबारा टीम भेजना पंजाब के लोगों के साथ धोखा है। हरियाणा चुनाव की तैयारी मजीठिया ने कहा कि हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सैनी खुद को पंजाब का छोटा भाई बताते हैं। पानी के मुद्दे पर पहले ही 100 से ज्यादा बार स्टडी हो चुकी है। उन्होंने आरोप लगाया कि अरविंद केजरीवाल हरियाणा से चुनाव लड़ने की तैयारी में हैं, इसलिए ऐसे कदम उठाए जा रहे हैं, ताकि हरियाणा की जनता को अपनी ओर खींचा जा सके। लेकिन अब पंजाब की जनता जाग चुकी है और पंजाब में हुए बदलावों को देख रही है। मजीठिया ने कहा कि जब पंजाब सरकार और डीजीपी किसी मामले में पूरी तरह फेल हो जाते हैं, तब कोर्ट को दखल देना पड़ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा सरकार हर मोर्चे पर नाकाम साबित हो रही है।
वारिस मलिक | जालंधर पंजाब सरकार को प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन से मिलने वाले राजस्व में बड़ा नुकसान हुआ है, क्योंकि साल जनवरी 2025 के मुकाबले जनवरी 2026 में पंजाब भर में करीब 22 हजार डीड कम रजिस्टर्ड हुई हैं। इसका सीधा असर सरकार के खजाने पर पड़ा है। अकेले जालंधर जिले में ही करीब 1505 रजिस्ट्री कम दर्ज की गई हैं। रजिस्ट्री की संख्या घटने से स्टांप ड्यूटी और रजिस्ट्रेशन फीस के रूप में मिलने वाला राजस्व भी कम हो गया है। रेवेन्यू विभाग ने पंजाब के सभी जिलों से रिपोर्ट तलब की है। आंकड़ों पर नजर डालें तो जालंधर, लुधियाना, अमृतसर, पटियाला जैसे बड़े जिलों में भी प्रॉपर्टी रजिस्ट्रेशन की रफ्तार धीमी रही है। सरकार इस गिरावट को कलेक्टर रेट, एनओसी जैसे मुद्दों पर भी विचार कर रही है। एनओसी को लेकर मामला हाईकोर्ट में भी चल रहा है, जिसे लेकर लोग परेशान है। सरकार एनओसी और रजिस्ट्रेशन प्रक्रिया को और आसान बनाकर प्रॉपर्टी रेवेन्यू को बढ़ाने पर विचार कर रही है। एनओसी की जटिल प्रक्रिया बन रही बड़ी वजह प्रॉपर्टी कारोबार से जुड़े लोगों का कहना है कि नो ऑब्जेक्शन सर्टिफिकेट (एनओसी) की प्रक्रिया ही रजिस्ट्री कम होने की सबसे बड़ी वजह है। एनओसी के रेट में वृद्धि से लेकर नगर निगम और पुडा में लोग परेशान हुए। कई फाइलें अटकीं जिससे खरीदार और विक्रेता दोनों ही रजिस्ट्री कराने से बचते हैं। इसके अलावा लगातार कलेक्टर रेट बढ़ाए जा रहे हैं, जोकि बड़ा कारण है। कारण : 9 अगस्त 1995 से अगर पहले की प्रॉपर्टी की रजिस्टर्ड डीड है तो दोबारा रजिस्ट्रेशन के लिए एनओसी से छूट है, लेकिन 1995 के बाद की प्रॉपर्टी के लिए एनओसी अनिवार्य है। हालांकि सरकार ने एनओसी के मामले में एक दिसंबर 2024 से 31 अगस्त 2025 तक एनओसी में बड़ी राहत दी थी। एनओसी के रेट भी लगातार बढ़ रहे हैं। इस कारण लोग प्रॉपर्टी के बजाय गोल्ड, सिल्वर और शेयर मार्केट में भी इनवेस्ट कर रहे हैं।
भास्कर न्यूज | अमृतसर भारतीय किसान यूनियन के प्रदेश प्रधान बलबीर सिंह राजेवाल की अगुवाई में किसानों ने सचखंड श्री हरमंदर साहिब में माथा टेका तथा श्री अकाल तख्त साहिब पर पंजाब के जल संसाधनों की रक्षा करने के लिए अरदास की। उन्होंने इसके लिए संघर्ष शुरू करने का ऐलान भी किया। किसान नेता राजेवाल व हरजिंदर सिंह लखोवाल ने कहा कि आज किसान संघर्ष के दौर से गुजर रहा है। पंजाब का पानी दूषित हो गया है इसमें कई केमिकल, मेटल, लेड, आर्सेनिक घुल मिल गए हैं। डॉक्टरों की रिपोर्ट एवं रिसर्च के मुताबिक अगले 4 साल में पंजाब के हर घर में एक कैंसर का मरीज होगा। पीने के लिए साफ पानी भी नहीं मिल पाएगा। पंजाब से अभी भी दूसरे राज्यों को पानी दिया जा रहा है। राजेवाल ने कहा कि पंजाब के पास कृषि योग्य 1 करोड़ एकड़ जमीन है जो हरियाणा से ज्यादा है मगर हरियाणा से कम पानी पंजाब के पास है। उन्होंने कहा कि हरियाणा को पहले ही अपने हक से ज्यादा पानी मिल चुका है। हरियाणा यमुना का पानी हिमाचल को बेच रहा है लेकिन पंजाब को हिस्सा नहीं दे रहा है। इसलिए प्रदेश के पास एसवाईएल नदी के जरिए हरियाणा को देने के लिए कोई सरप्लस पानी नहीं है। सरकारें किसानों से डैम, नदियों के अधिकार छीन रही हैं और कई बड़ी कंपनियां बोरहोल के जरिए गंदा पानी ग्राउं वॉटर में डाल रही हैं। कोई भी सियासी पार्टी पंजाब के पानी के लिए आवाज नहीं उठा रही है, इसलिए हम पंजाब के अधिकारों के लिए लड़ाई शुरू कर रहे हैं। उन्होने आंदोलन का बिगुल बजाते हुए कहा कि पहले हम गांव-गांव जाकर पंजाब के लोगों को चंडीगढ़ में पंजाब सरकार के ख़िलाफ़ बड़ी रैलियों के लिए इकट्ठा करेंगे ताकि पंजाब के पानी को लेकर किए गए गलत संवैधानिक समझौतों को रद्द करने के लिए दबाव डाला जा सके। अमेरिका के साथ ट्रेड डील के बारे में राजेवाल ने कहा कि भारत कह रहा है कि हमने एग्रीकल्चर सेक्टर और डेयरी सेक्टर को नहीं खोला है, लेकिन अमेरिका कह रहा है कि भारत ने अमेरिका के लिए अपने मार्केट खोल दिए हैं। भारत-अमेरिका ट्रेड एग्रीमेंट को बर्दाश्त नहीं किया जा सकता है, भविष्य में केंद्र सरकार के खिलाफ पूरे भारत में बड़े आंदोलन शुरु किया जाएगा। मार्च में पंजाब और केंद्र सरकार के खिलाफ आंदोलन शुरू किया जाएगा।
Punjab news: आप के मीडिया प्रभारी ने कहा, 'हरियाणा श्रम विभाग में करीब 1500 करोड़ रुपये का वर्क-स्लिप घोटाला हुआ है, जिसने गरीबों-मजदूरों के साथ किए हुए ऐतिहासिक धोखे को उजागर किया है. वहीं हरियाणा भवन एवं अन्य सन्निर्माण कर्मकार कल्याण बोर्ड में करीब 6 लाख वर्क-स्लिप की जांच में 5.46 लाख से अधिक फर्जी पाई गईं हैं.
दिनदहाड़े मर्डर: जालंधर में AAP नेता पर अंधाधुंध फायरिंग; पंजाब में कानून-व्यवस्था तार-तार
जालंधर में AAP नेता लकी ओबेरॉय की गुरुद्वारे के बाहर दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या। 38 वर्षीय प्रॉपर्टी डीलर और आप नेता को हमलावर ने सिर और सीने में मारी गोली। CCTV में कैद हुई वारदात, पुलिस ने बनाई SIT। पंजाब में बढ़ते क्राइम रेट पर विपक्ष ने की राष्ट्रपति शासन की मांग। पूरी खबर और घटना का विवरण यहाँ पढ़ें।
सवाई माधोपुर जिला पुलिस ने प्रकाश चंद्र चेयरमैन हत्याकांड के वांछित आरोपी को गिरफ्तार किया है। जिला पुलिस की विशेष टीम ने 11 सालों से फरार आरोपी को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने 20 हजार रुपए के इनामी बदमाश रणजीत सिंह पुत्र सुरजीत सिंह, निवासी दारापुर, जिला मोगा (पंजाब) मोगा से गिरफ्तार किया है। विशेष टीम ने ऑपरेशन शिकंजा के तहत मानटाउन थानाधिकारी सुनील कुमार गुप्ता के नेतृत्व में इस कार्रवाई को अंजाम दिया है। साल 2015 में वारदात करने के बाद था फरार सवाई माधोपुर एसपी अनिल कुमार बेनीवाल ने बताया कि प्रेम देवी अग्रवाल, निवासी गंगापुर सिटी ने दिनांक 09 जून 2015 को थाना गंगापुर सदर में रिपोर्ट दर्ज करवाई थी कि उनके पति प्रकाश चंद अग्रवाल की अज्ञात बदमाशों ने घर के बाहर वाहन में बैठते समय गोली मारकर हत्या कर दी। इस संबंध में थाना गंगापुर सदर में हत्या सहित विभिन्न धाराओं में मामला दर्ज किया गया था। मामले में पुलिस अब तक 15 आरोपियों में से 14 आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है, जबकि रणजीत सिंह फरार चल रहा था। रणजीत सिंह की गिरफ्तारी पर पुलिस द्वारा साल 2023 में 20 हजार रुपए का ईनाम घोषित किया गया था। कई राज्यों में काटी थी फरारी हत्या की वारदात के बाद आरोपी कई सालों तक अपने गांव नहीं गया। इस दौरान आरोपी पंजाब, राजस्थान एवं उत्तरप्रदेश के विभिन्न जिलों में फरारी काटता रहा। तकनीकी सहायता और मुखबिर तंत्र से पुख्ता सूचना मिलने पर विशेष टीम को पंजाब भेजा गया। टीम ने स्थानीय पुलिस के सहयोग से आरोपी के घर की निगरानी कर उसे गिरफ्तार किया है।
सिरसा में सीआईए कालांवाली, सीआईए डबवाली और एंटी नारकोटिक सेल (ANC) डबवाली की संयुक्त कार्रवाई में अलग-अलग स्थानों पर छापेमारी कर कुल 18.550 ग्राम हेरोइन बरामद की गई है। इसकी अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत करीब साढ़े तीन लाख रुपए बताई जा रही है। इस कार्रवाई में एक महिला सहित छह नशा तस्करों को गिरफ्तार किया गया है, जबकि तीन बाइक भी जब्त की गई हैं। पहला मामला एएनसी स्टाफ डबवाली से जुड़ा है। प्रभारी एएसआई रणजोध सिंह ने बताया कि 5 फरवरी को एएसआई गुरुसेवक सिंह के नेतृत्व में पुलिस टीम गश्त के दौरान मंडी कालांवाली के तख्तमल रोड से दादू रोड की ओर जा रही थी। इसी दौरान पार्क वाली गली, वार्ड नंबर 5 के पास एक बाइक सवार पुलिस को देखकर घबरा गया और वापस मुड़ने की कोशिश करने लगा, लेकिन मोटरसाइकिल बंद हो गई। शक के आधार पर तलाशी लेने पर आरोपी रवि कुमार निवासी मंडी कालांवाली के कब्जे से मोटरसाइकिल के वाइजर से 6.090 ग्राम हेरोइन बरामद हुई। पूछताछ में सामने आया कि यह हेरोइन उसे गोरा सिंह निवासी गदराना, जिला सिरसा ने सप्लाई की थी, जिसके बाद पुलिस ने मुख्य तस्कर गोरा सिंह को भी गिरफ्तार कर लिया। बिना नंबर की बाइक सवार पकड़ा दूसरी कार्रवाई सीआईए कालांवाली की ओर से की गई। प्रभारी उप निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि डबवाली रोड से चर्च की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर एक बिना नंबर प्लेट की बाइक सवार पुलिस को देखकर भागने लगा। आरोपी साहब सिंह उर्फ भादा निवासी गांव कालांवाली की तलाशी लेने पर बाइक के हैंडल से 6.390 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसे यह नशीला पदार्थ मंडी कालांवाली की एक महिला से मिला था। इसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उस महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। तीसरी कार्रवाई सीआईए डबवाली द्वारा की गई। प्रभारी उप निरीक्षक राजपाल ने बताया कि देसूजोधा से हैबूआना की ओर गश्त के दौरान दो युवक बाइक पर पुलिस को देखकर खेतों की ओर भागने लगे, लेकिन बाइक बंद हो गई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बीरबल निवासी हैबूआना और सुखविंद्र सिंह उर्फ ज्ञानी निवासी भुट्टीवाला जिला श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 6.070 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। दोनों के खिलाफ थाना शहर डबवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिमांड पर लिए जाएंगे पकड़े गए आरोपी डबवाली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को आज माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि नशा तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती और निरंतरता के साथ जारी रहेगा। बिना नंबर की बाइक सवार पकड़ा दूसरी कार्रवाई सीआईए कालांवाली की ओर से की गई। प्रभारी उप निरीक्षक सुरेश कुमार ने बताया कि डबवाली रोड से चर्च की ओर जाने वाले कच्चे रास्ते पर एक बिना नंबर प्लेट की बाइक सवार पुलिस को देखकर भागने लगा। आरोपी साहब सिंह उर्फ भादा निवासी गांव कालांवाली की तलाशी लेने पर बाइक के हैंडल से 6.390 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। पूछताछ में उसने खुलासा किया कि उसे यह नशीला पदार्थ मंडी कालांवाली की एक महिला से मिला था। इसके बाद पुलिस ने गुप्त सूचना के आधार पर उस महिला आरोपी को भी गिरफ्तार कर लिया। तीसरी कार्रवाई सीआईए डबवाली द्वारा की गई। प्रभारी उप निरीक्षक राजपाल ने बताया कि देसूजोधा से हैबूआना की ओर गश्त के दौरान दो युवक बाइक पर पुलिस को देखकर खेतों की ओर भागने लगे, लेकिन बाइक बंद हो गई। पकड़े गए आरोपियों की पहचान बीरबल निवासी हैबूआना और सुखविंद्र सिंह उर्फ ज्ञानी निवासी भुट्टीवाला जिला श्री मुक्तसर साहिब (पंजाब) के रूप में हुई। तलाशी के दौरान उनके कब्जे से 6.070 ग्राम हेरोइन बरामद की गई। दोनों के खिलाफ थाना शहर डबवाली में एनडीपीएस एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है। रिमांड पर लिए जाएंगे पकड़े गए आरोपी डबवाली पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार सभी आरोपियों को आज माननीय अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड हासिल किया जाएगा, ताकि नशा तस्करी के इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की पहचान कर उनके खिलाफ भी सख्त कानूनी कार्रवाई की जा सके। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि नशा तस्करों के खिलाफ जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई गई है और युवाओं का भविष्य बर्बाद करने वालों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा। यह अभियान आगे भी पूरी सख्ती और निरंतरता के साथ जारी रहेगा।
पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी (AAP) नेता की हत्या मशहूर पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला के स्टाइल में ही की गई। मूसेवाला का भी हमलावरों ने थार गाड़ी में ही कत्ल किया था। इस केस में फर्क इतना है कि मूसेवाला की चलती थार रोकी गई थी जबकि यहां थार में बैठते ही AAP नेता लक्की ओबेरॉय की हत्या कर दी गई। पंजाब में मार्च 2022 में आम आदमी पार्टी की सरकार बनने के बाद सरेआम गोलियां मारकर कत्ल करने के ये सिर्फ 2 मामले नहीं हैं, बल्कि अब तक कई हाईप्रोफाइल मर्डर हो चुके हैं। जिसमें बदमाश सरेआम आकर ताबड़तोड़ गोलियां मारकर कत्ल कर रहे हैं। यही वजह है कि विपक्षी दल AAP सरकार की लॉ एंड ऑर्डर संभालने की काबिलियत पर सवाल खड़े कर रहे हैं। AAP सरकार बनने के बाद कितने हाईप्रोफाइल मर्डर हुए, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़ें… 1. संदीप नंगल अंबियां की मैदान पर की थी हत्याअंतरराष्ट्रीय कबड्डी खिलाड़ी संदीप सिंह उर्फ नंगल अंबियां की 14 मार्च 2022 को जालंधर के मलियां गांव में एक कबड्डी टूर्नामेंट के दौरान गोली मारकर हत्या कर दी गई। चलते मैच में ही हथियारबंद हमलावर मैदान में घुस आए और उन पर दर्जनों गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल संदीप को अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया। शुरुआती जांच में इसे गैंगस्टर रंजिश और कबड्डी टूर्नामेंटों के आयोजन पर कब्जे की लड़ाई से जोड़ा गया। हत्या की जिम्मेदारी बंबीहा गैंग से जुड़े गैंगस्टरों द्वारा सोशल मीडिया पर ली गई, जिसके बाद पुलिस ने कई आरोपियों की पहचान कर कार्रवाई शुरू की। इसके बाद उनकी पत्नी रूपिंदर कौर ने हाथ जोड़कर इंसाफ मांगा था। 2. पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला को मारी थी 30 गोलियांपंजाबी गायक और कांग्रेस नेता सिद्धू मूसेवाला की 29 मई 2022 को पंजाब के मानसा जिले के जवाहरके गांव के पास गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वे अपनी थार जीप से जा रहे थे, तभी हमलावरों ने उनका पीछा कर ताबड़तोड़ गोलियां चलाईं। उन पर करीब 30 राउंड फायर किए गए, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई। हत्या से एक दिन पहले उनकी सुरक्षा घटाई गई थी, जिस पर भी काफी विवाद हुआ। गैंगस्टर गोल्डी बराड़ और लॉरेंस बिश्नोई गैंग ने इस हत्या की जिम्मेदारी ली, जिसे विक्की मिड्डूखेड़ा की मौत का बदला बताया गया। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सुर्खियां बटोरीं और पंजाब में सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा किया। 3. अमृतसर में शिव सेना नेता सुधीर सूरी हत्या शिवसेना (टकसाली) नेता सुधीर सूरी की 4 नवंबर 2022 को अमृतसर में गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे एक मंदिर के बाहर प्रदर्शन कर रहे थे, तभी हमलावर ने भीड़ के बीच से उन पर फायरिंग कर दी। गंभीर हालत में अस्पताल ले जाया गया, जहां उन्होंने दम तोड़ दिया। पुलिस ने मौके से आरोपी को पकड़ लिया और हथियार बरामद किया। शुरुआती जांच में आरोपी के कट्टरपंथी विचारों और सोशल मीडिया गतिविधियों की जांच की गई। सूरी को सरकार की तरफ से वाई श्रेणी की सिक्योरिटी दी गई थी। हत्या के समय भी उनकी सिक्योरिटी साथ में थी। 4. डेरा प्रेमी प्रदीप कलेर की हत्या10 नवंबर 2022 को पंजाब में बेअदबी के मामले में नामजद आरोपी डेरा प्रेमी प्रदीप सिंह की गोली मारकर हत्या की गई थी। फरीदकोट में प्रदीप सिंह जब अपनी दुकान खोल रहे थे, तभी दो मोटरसाइकलों पर सवार 5 लोगों ने उस पर ताबड़तोड़ फायरिंग की। प्रदीप को कई गोलियां लगी और उसकी मौके पर ही मौत हो गई थी। जबकि उसकी सुरक्षा में तैनात गनमैन गंभीर रूप से घायल हो गया था। इस मामले की जिम्मेदारी गोल्डी बराड़ ने ली थी। 5. नवांशहर में BKTF के मेंबर रतनदीप सिंह की हत्या3 अप्रैल 2024 को पंजाब के नवांशहर में रोपड़ रोड बब्बर खालसा टाइगर फोर्स के मेंबर रहे रतनदीप सिंह की गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। वारदात के वक्त रतनदीप के साथ उसका भांजा भी मौजूद था। उसे कोई चोट नहीं आई है। इस वारदात की जिम्मेदारी नवांशहर के गैंगस्टर गोपी नवांशहरिया ने ली थी। इसको लेकर गोपी ने पोस्ट डालकर लिखा था- तुमने कई मांओं के बच्चे मरवाए और कइयों के साथ ठगी की। इसलिए तुम्हें नरक में भेज दिया है। अब तुम्हारे साथियों की बारी है। उन्हें कहो बच कर रहें। जब मिलेंगे उन्हें भी नरक में भेजा जाएगा। पुलिस ने मामले में गोपी सहित अन्य शूटरों के खिलाफ हत्या, आर्म्स एक्ट सहित विभिन्न धाराओं के तहत केस दर्ज किया था। 6. VHP नेता विकास प्रभाकर की गोली मारकर हत्या13 अप्रैल 2024 को रोपड़ जिले के नंगल शहर में रेलवे रोड स्थित एक दुकान में घुसकर हमलावरों ने विश्व हिंदू परिषद (VHP) नेता विकास प्रभाकर उर्फ विकास बग्गा की गोली मारकर हत्या कर दी थी। विकास प्रभाकर नंगल में VHP के सक्रिय पदाधिकारी थे और लंबे समय से सामाजिक गतिविधियों से जुड़े थे। घटना के समय वह अपनी दुकान पर मौजूद थे। दो अज्ञात युवक दुकान में दाखिल हुए और ताबड़तोड़ गोलियां चलाकर फरार हो गए। घायल अवस्था में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित किया। जांच में यह सामने आया कि हत्या पूरी तरह सुनियोजित थी। अंतरराष्ट्रीय साजिश के संकेत मिलने के बाद मई 2024 में यह केस राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) को सौंप दिया गया। 7. फिरोजपुर में छह नकाबपोशों ने किया था ट्रिपल मर्डर पंजाब के फिरोजपुर में 9 सितंबर 2024 को एक सनसनीखेज ट्रिपल मर्डर की घटना घटी, जिसने पूरे इलाके में दहशत फैला दी। उस दिन दोपहर करीब 12:50 बजे, जब दिलदीप सिंह, आकाशदीप सिंह और जसप्रीत कौर अपनी कार में गुरुद्वारा अकालगढ़ साहिब, कंबोज नगर के पास जा रहे थे, तभी छह नकाबपोश बदमाश 2 मोटरसाइकिलों पर आए और उन पर अंधाधुंध गोलियां बरसाना शुरू कर दीं। वारदात में तीनों की मौत हो गई, जबकि कार में साथ बैठे अनमोलप्रीत सिंह और हरप्रीत सिंह गंभीर रूप से घायल हो गए और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला कि दिलदीप सिंह इस मामले का मुख्य लक्ष्य था। बाद में आरोपी महाराष्ट्र से पकड़े गए थे। 8. फरीदकोट में सोशल वर्कर की हत्या 9 अक्टूबर 2024 को फरीदकोट जिले के गांव हरिनौ के रहने वाले सामाजिक कार्यकर्ता गुरप्रीत सिंह हरिनौ का मर्डर हुआ । जब वह गुरुद्वारे से माथा टेककर घर लौट रहे थे, तभी रास्ते में दो बाइक सवार हमलावरों ने उन पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर हालत में उन्हें अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पुलिस जांच में सामने आया कि यह कोई अचानक हुई वारदात नहीं, बल्कि पूरी तरह से योजनाबद्ध टारगेट किलिंग थी। जांच एजेंसियों के अनुसार, हत्या के पीछे गैंगस्टर-टर्न-आतंकी अर्श डल्ला के नेटवर्क का हाथ बताया गया है। पुलिस का दावा है कि हरिनौ के विचार कुछ कट्टरपंथी तत्वों को पसंद नहीं थे, इसी वजह से उन्हें निशाना बनाया गया। 9. जग्गू भगवानपुरिया की मां व चचेरे भाई की हत्याजून 26, 2025 को गुरदासपुर जिले के बटाला में जग्गू भगवानपुरिया की मां हरजीत कौर और उनके चचेरे भाई करणवीर सिंह की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। रात करीब 9 बजे गैंगस्टर की मां हरजीत कौर (52) और बॉडीगार्ड करणवीर सिंह (29) घर के बाहर गाड़ी में मौजूद थे, तभी बाइक पर आए 2 हमलावरों ने उनकी गाड़ी पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। लॉरेंस के विरोधी बंबीहा गैंग से जुड़े 3 गैंगस्टरों ने सोशल मीडिया पर पोस्ट डालकर इसकी जिम्मेदारी ली है। इनमें 2 गैंगस्टर प्रभू दासुवाल और कौशल चौधरी का नाम सामने आया था। 10. शोरूम मालिक संजय वर्मा को गाड़ी से उतरते ही मारीं गोलियां7 जुलाई 2025 को अबोहर में ‘न्यू वीयर वेल जेंट्स टेलर’ शोरूम के सह-मालिक संजय वर्मा की भगत सिंह चौक के पास दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। संजय जैसे ही अपने शोरूम के पास अपनी कार से उतरे, मोटरसाइकिल सवार तीन अज्ञात हमलावरों ने उनके करीब पहुंचकर उन पर अंधाधुंध गोलियां चला दीं। संजय वर्मा गंभीर रूप से घायल हो गए। उन्हें तुरंत स्थानीय सिविल अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। 11. ASI के हत्यारे की गोली मारकर हत्या26 सितंबर 2025 को अमृतसर में 2012 के चर्चित ASI रविंदर पाल हत्याकांड के दोषी धर्मजीत सिंह उर्फ धर्मा की गालियां मारकर हत्या कर दी गई। वह 12 सितंबर को 14 दिन की पैरोल पर जेल से बाहर आया था। धर्मजीत की हत्या की जिम्मेदारी जग्गू भगवानपुरिया गैंग ने ली थी। वारदात के बाद धर्मा की पत्नी प्रभजोत ने कहा था कि परिवार में अब उनकी बेटी और वे बची हैं। धर्मा हमेशा जग्गू भगवानपुरिया का नाम लेते थे। जग्गू के साथ उनकी कोई दुश्मनी नहीं थी। मगर, उन्होंने कहा था कि वे लड़के मरवा रहा है, उन्हें भी मरवा सकता है। जग्गू की कोई दुश्मनी थी तो वे हाथ पैर तुड़वा सकता था, जान से मारने की क्या जरूरत थी। 12. RSS नेता के बेटे की हत्या15 नवंबर 2025 को फिरोजपुर में RSS नेता बालदेव राज अरोड़ा के बेटे नवीन अरोड़ा को 2 हमलावरों ने गोली मार दी। घटना दिनदहाड़े हुई। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, हमलावर पहले से घात लगाकर बैठे थे और मौका मिलते ही नवीन अरोड़ा पर ताबड़तोड़ गोलियां चला दीं। गंभीर रूप से घायल नवीन को तुरंत अस्पताल ले जाया गया, लेकिन डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद आरोपी मौके से फरार हो गए। पुलिस की शुरुआती जांच में यह मामला गैंगस्टर नेटवर्क और टारगेट किलिंग से जुड़ा बताया गया। इसके बाद पुलिस ने आरोपी को एनकाउंटर में दबोच लिया था। 13. लुधियाना में शादी समारोह में गैंगवार में दो की मौत29 नवंबर 2025 को लुधियाना के बाथ कैसल पैलेस में शादी समारोह के दौरान गैंगवार में गोलियां चली और दो निर्दोष लोगों की मौत हो गई। इसमें से दुल्हे की मौसी और कांग्रेस कार्यकर्ता की मौत हुई थी। यह गैंगवार गैंगस्टर शुभम मोटा और अंकुर लुधियाना गैंग के बीच में हुई। इस मामले में अभी तक पुलिस शुभम मोटा को गिरफ्तार नहीं कर पाई। 14. मोहाली में कबड्डी प्रमोटर रणा बलाचाैरिया की हत्या15 दिसंबर 2025 को पंजाब के मोहाली में कबड्डी कप के दौरान कबड्डी प्रमोटर राणा बलाचौरियां की हत्या कर दी गई थी। आरोपी सेल्फी लेने के बहाने आए थे। इस दौरान बलाचौरिया के सिर पर गोलियां मारी, जिससे उसकी मौके पर मौत हो गई। उनकी मौत से दस दिन पहले शादी हुई थी। इस मामले का पंजाब एंड हरियाणा हाईकोर्ट ने खुद संज्ञान लिया था। साथ ही डीजीजपी को तलब कर सारा हाल पूछा था। 15. मोगा में कांग्रेस नेता उमरसिर सिंह की हत्या3 जनवरी 2026 को मोगा जिले के भिंडर कलां में कांग्रेस कार्यकर्ता उमरसिर सिंह की 15 राउंड फायरिंग कर हत्या कर दी गई थी। उमरसिर सिंह सुबह अपनी कार से ड्यूटी के लिए निकले थे। जैसे ही वह घर से करीब 500 मीटर दूर पहुंचे, कार सवार अज्ञात हमलावरों ने पहले उनकी गाड़ी को टक्कर मारी और फिर उन पर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी। हमलावरों ने करीब 10 से 15 राउंड फायर किए। गोली लगने से उमरसिर सिंह की मौके पर ही मौत हो गई। विदेश में बैठे गैंगस्टर मनी भिंडर ने इस हमले की जिम्मेदारी ली थी। 16. कपूरथला में महिला को मारी चार गोलियां3 जनवरी 2026 को कपूरथला के सिनपुरा इलाके में दिनदहाड़े 48 साल की महिला की गोली मारकर हत्या कर दी गई। मृतका की पहचान हेमप्रीत कौर के तौर पर हुई है, जो करीब एक महीने पहले कनाडा से लौटी थीं। दो हमलावर बाइक पर आए और जबरदस्ती घर में घुस गए। उन्होंने महिला को चार गोलियां मारी, जिससे उनकी मौके पर ही मौत हो गई थी। 17. शादी समारोह में सरपंच के सिर पर मारी थी गोली4-5 जनवरी 2026 को अमृतसर के मैरिगोल्ड रिजॉर्ट में आम आदमी पार्टी (AAP) के सरपंच जरमल सिंह की हत्या कर दी गई। वह तरनतारन जिले के वल्टोहा गांव के रहने वाले थे। वह एक शादी समारोह में शामिल होने आए थे। इसी दौरान 2 बदमाश पैलेस में आए और बिल्कुल नजदीक आकर पॉइंट ब्लैंक से उनके सिर में गोली मार दी। उस वक्त सरपंच खाना खा रहे थे। पुलिस ने इस मामले में पंजाब और छत्तीसगढ़ से हत्यारों को गिरफ्तार किया था। 18. दुकान पर बैठे AAP नेता सतकरतार को गोलियों से भूना15 जनवरी 2026 को पंजाब के होशियारपुर में AAP नेता की गोलियां मारकर हत्या कर दी गई। AAP नेता बलविंदर सिंह सतकरतार (60) की मियानी गांव में हार्डवेयर की दुकान थी। शाम को बाइक पर आए बदमाशों ने ताबड़तोड़ गोलियां बरसाईं। बाइक सवार एक हमलावर बाहर खड़ा रहा, जबकि दो नकाबपोश सीधे दुकान के अंदर घुस गए। हमलावरों ने बिना कोई बात किए अपनी पिस्तौल से बलविंदर और लखविंदर पर 7 राउंड फायरिंग कर दी थी। 19. मोहाली में SSP के बाहर पेशी भुगतने आए युवक की हत्या28 जनवरी 2026 को मोहाली के SSP ऑफिस के बाहर ड्रग्स केस में पेशी भुगतने आए गुरविदंर सिंह की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। जिस वक्त कत्ल हुआ, उसके साथ उसकी पत्नी भी थी। बाइक पर आए 2 हमलावरों ने युवक पर 11 गोलियां चलाई थीं। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और वरिष्ठ पुलिस अधिकारी मौके पर पहुंचे। घटना के बाद गैंगस्टर गोल्डी बराड़ के नाम से एक सोशल मीडिया पोस्ट में दावा किया गया कि मरने वाला युवक उसके भाई गुरलाल बराड़ के मर्डर केस में नामजद था। उसकी हत्या कर हमने बदला लिया है। पुलिस ने गैंगस्टर पर केस दर्ज किया। 20. जगराओं में विधायक के भतीजे की हत्या5 जनवरी 2026 को लुधियाना के जगराओं में आप विधायक सरबजीत कौर माणूके के भतीजे गगनदीप सिंह की गोली मार हत्या की गई थी। हत्यारों ने सरेआम गगनदीप सिंह पर फायरिंग कर दी थी। हत्यारों ने आपसी रंजिश के चलते उसकी हत्या की थी। ****************ये खबर भी पढ़ें… पंजाब में AAP नेता की गोली मारकर हत्या:सिर-सीने पर 6 गोलियां मारीं; जालंधर के गुरुद्वारे में माथा टेकने आए थे, टारगेट किलिंग का शक पंजाब के जालंधर में आम आदमी पार्टी के नेता लक्की ओबरॉय की 6 फरवरी की सुबह गोली मारकर हत्या कर दी गई। वे 52 साल के थे। स्कूटी पर आए हमलावरों ने उन्हें 6 गोलियां मारीं। 5 सीने में और एक गोली सिर पर लगी (पढ़ें पूरी खबर)
वारिस पंजाब दे ने लगाए 15 जिला प्रधान डड्डुआणां को अमृतसर शहरी का जिम्मा
भास्कर न्यूज | अमृतसर अकाली दल वारिस पंजाब दे ने पार्टी को जमीनी स्तर पर और मजबूत करने के मकसद से एक ही दिन में 15 जिलों के जिला प्रधान नियुक्त किए हैं। सांसद भाई अमृतपाल सिंह खालसा के पिता तरसेम सिंह की अगुवाई में यह नियुक्तियां की गई। जिला प्रधानों में भाई अमनदीप सिंह डड्डुआणां अमृतसर शहरी, भाई जसकरन सिंह रियाड़ अमृतसर देहाती, भाई प्रभजोत सिंह राहों नवांशहर/शहीद भगत सिंह नगर, भाई चमकौर सिंह बराड़ बठिंडा, भाई लखबीर सिंह कोटला फतेहगढ़ साहिब, भाई दलेर सिंह डोड फरीदकोट, भाई अवतार सिंह सेखों होशियारपुर, भाई महिंदर सिंह बाजवा जालंधर, भाई कुलविंदर सिंह मानसा, भाई निरवैर सिंह खालसा मोगा, एडवोकेट गुरविंदर सिंह बरनाला, भाई जसविंदर सिंह ड्रौली पटियाला, भाई अवतार सिंह काहनगढ़ संगरूर, भाई बलजिंदर सिंह लसोई मलेरकोटला और भाई प्रताप सिंह फाजिल्का के नाम शामिल हैं। पार्टी के मुख्य दफ्तर सचिव भाई परगट सिंह मियांविंड ने बताया कि ये नियुक्तियां पार्टी की उस सोच को दर्शाती हैं, जो पंथक सिद्धांतों, पंजाबी हकों और जमीनी संघर्ष से जुड़ी ईमानदार लीडरशिप को आगे लाने में विश्वास रखती है। उन्होंने कहा कि नए जिला प्रधान पंजाब के हर वर्ग की आवाज बनकर पार्टी की नीति और विचारधारा को गांव-गांव और शहर-शहर तक पहुंचाएंगे और संगठन को और मजबूत करने में अहम भूमिका निभाएंगे। उनका कहना था कि अब समय सिर्फ वादे करने का नहीं, बल्कि मैदान में उतरकर काम करने का है। पार्टी ने साफ किया कि अकाली दल वारिस पंजाब दे युवाओं, किसानों और हर धर्म व वर्ग की भलाई के लिए पूरी प्रतिबद्धता के साथ काम करता रहेगा। साथ ही यह भी बताया गया कि यह संगठनात्मक विस्तार सिर्फ शुरुआत है। आने वाले समय में जिला स्तर से आगे वार्ड, सर्किल, ब्लॉक और गांव स्तर तक पार्टी का ढांचा खड़ा कर लोगों से सीधा और मजबूत जुड़ाव बनाया जाएगा।
फिनडॉक ने पंजाब के कॉलेजों में शुरू किया वित्तीय साक्षरता अभियान
लुधियाना| देश की अग्रणी वित्तीय सेवा समूह फिनडॉक ने पंजाब के विभिन्न कॉलेजों में छात्रों को वित्तीय जागरूकता और निवेश संबंधी जानकारी देने के उद्देश्य से एक विशेष वित्तीय साक्षरता एवं युवा जागरूकता अभियान की शुरुआत की है। इस पहल का मकसद छात्रों को व्यक्तिगत वित्त, निवेश और पूंजी बाजार से जुड़े जरूरी ज्ञान से लैस करना है, ताकि वे अपने शैक्षणिक जीवन के शुरुआती चरण से ही सही वित्तीय निर्णय लेने में सक्षम हो सकें। फिनडॉक के मैनेजिंग डायरेक्टर हेमंत सूद ने कहा कि भारत का युवा वर्ग ऐसे मोड़ पर खड़ा है, जहां वित्तीय ज्ञान उनके भविष्य को निर्णायक रूप से प्रभावित कर सकता है। इस पहल के जरिए कंपनी वित्त को सरल, व्यावहारिक और छात्रों के लिए प्रासंगिक बनाना चाहती है ताकि वे सूचित निर्णय ले सकें और उद्यमिता सहित नए करियर अवसरों की तलाश कर सकें। उनका मानना है कि आज के दौर में वित्तीय जागरूकता एक विकल्प नहीं बल्कि एक जरूरी जीवन कौशल बन चुकी है। कंपनी ऑन-कैंपस सत्रों और इंटरएक्टिव कार्यशालाओं के जरिए वित्तीय अवधारणाओं को सरल तरीके से समझाने, बाजार से जुड़े भ्रम दूर करने और छात्रों में सही मनी मैनेजमेंट की आदत विकसित करने पर ध्यान दे रही है। इस पहल की शुरुआत लुधियाना से की गई, जो जमीनी स्तर पर वित्तीय सशक्तिकरण के प्रति कंपनी की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। पहले चरण में यूनिवर्सिटी बिजनेस स्कूल (यूबीएस), लवली प्रोफेशनल यूनिवर्सिटी (एलपीयू) और पंजाब कॉलेज ऑफ टेक्निकल एजुकेशन (पीसीटीई) में कार्यशालाएं आयोजित की गईं। उद्योग विशेषज्ञों द्वारा संचालित इन सत्रों में छात्रों को वित्तीय बाजार, निवेश की बुनियादी बातें, व्यक्तिगत वित्तीय योजना और वित्तीय क्षेत्र में उभरते करियर अवसरों की जानकारी दी गई।
सोशल मीडिया पर हथियार दिखा रहे शिव सेना पंजाब के नेता का वीडियो वायरल, केस दर्ज
लुधियाना | लुधियाना में सोशल मीडिया पर हथियार के साथ वीडियो वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई करते हुए शिव सेना पंजाब के नेता भानू प्रताप के खिलाफ मामला दर्ज किया है। थाना डिवीजन नंबर 3 की पुलिस ने आरोपी पर बीएनएस की धारा 196 (बी) के तहत केस दर्ज किया है। पुलिस के अनुसार उन्हें सूचना मिली थी कि सोशल मीडिया पर वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें एक युवक हथियार दिखाते हुए नजर आ रहा है। इस वीडियो को गंभीरता से लेते हुए पुलिस टीम मंगलवार को गश्त के दौरान सब्जी मंडी ख्वाजा कोठी चौक इलाके में पहुंची। जांच के दौरान वीडियो में दिखाई दे रहे व्यक्ति की पहचान भानू प्रताप के रूप में हुई। पुलिस अधिकारियों का कहना है कि वीडियो में युवक अवैध हथियार दिखाकर लोगों को उकसाने की कोशिश कर रहा था। ऐसे वीडियो से आम जनता की सुरक्षा और कानून व्यवस्था को खतरा पैदा हो सकता है। इसी आधार पर पुलिस ने आरोपी के खिलाफ मामला दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है। सरकार के दबाव में पुलिस ने मुझ पर एफआईआर की दूसरी ओर, भानू प्रताप ने अपने ऊपर दर्ज मामले को राजनीतिक और धार्मिक कारणों से की गई कार्रवाई बताया है। उनका कहना है कि वह अपने धर्म से जुड़ी बातें करते हैं, इसलिए उन्हें निशाना बनाया जा रहा है। उन्होंने यह भी कहा कि शिव सेना पंजाब और अन्य धार्मिक संगठन महाशिवरात्रि पर्व को राज्य स्तर पर मनाने की मांग कर रहे थे, जिसके कारण सरकार के दबाव में पुलिस ने उन पर एफआईआर दर्ज की है। उधर, पुलिस ने स्पष्ट किया है कि सोशल मीडिया पर हथियारों या भड़काऊ सामग्री वाले वीडियो डालने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी। वरिष्ठ अधिकारी पूरे मामले की गहराई से जांच कर रहे हैं और जरूरत पड़ने पर आगे भी कानूनी कदम उठाए जाएंगे।
मप्र को बासमती चावल पर जीआई टैग न मिलने का मुद्दा गुरुवार को राज्यसभा में दिग्विजय सिंह ने उठाया। उन्होंने कहा कि प्रदेश में हर साल 4 लाख टन बासमती चावल का उत्पादन होता है, जो गुणवत्ता में अन्य राज्यों से बेहतर है। बावजूद इसके जीआई टैग न होने से यह चावल पंजाब जा रहा है, जहां व्यापारी अपना टैग लगाकर मुनाफा कमा रहे हैं। सिंह ने आरोप लगाया कि मप्र के किसानों को सोची-समझी साजिश के तहत हक से वंचित किया जा रहा है और इसमें राज्य सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठते हैं। उन्होंने बताया कि मप्र को 2013 में जीआई टैग मिला था, जिसे 2016 में निरस्त कर दिया गया। यह है मप्र के बासमती का जीआई टैग का मामला मप्र में बासमती चावल के जीआई टैग को लेकर विवाद कृषि और खाद्य उत्पाद निर्यात विकास प्राधिकरण (एपीडा) के बीच 16 सालों से चल रहा है। एपीडा का तर्क है कि बासमती एक विशेष भौगोलिक पहचान है, जो केवल हिमालय के तलहटी वाले भारत-गंगा के मैदानी इलाकों में पैदा होता है। वर्तमान में बासमती का जीआई टैग 7 राज्यों पंजाब, हरियाणा, हिमाचल प्रदेश, दिल्ली, उत्तराखंड, पश्चिमी उत्तरप्रदेश, उत्तराखंड और जम्मू कश्मीर के कुछ हिस्से के पास है। मप्र के सीहोर, नर्मदापुरम, विदिशा, रायसेन, मुरैना, भिंड, ग्वालियर, श्योपुर, दतिया, शिवपुरी, गुना, जबलपुर और नरसिंहपुर जिले में बासमती चावल होता है । मप्र की जीआई टैग को लेकर लड़ाई - 2008 में एपीडा में बासमती चावल के लिए जीआई टैग के लिए आवेदन किया। 2010 में मप्र ने इसमें शामिल होने की मांग की। 2016 में बासमती को जीआई टैग मिला, लेकिन मप्र को इससे बाहर रखा गया। 2020-21 में मद्रास उच्च न्यायालय ने मप्र की याचिका खारिज कर दी, जिसे बाद में सुप्रीम कोर्ट ने रद्द कर दिया और फिर से विचार के लिए हाईकोर्ट के लिए भेजा।
सुप्रीम कोर्ट ने राज्यों में कार्यकारी DGP नियुक्त करने की प्रथा पर सवाल खड़े किए हैं। कोर्ट ने कहा कि यह तरीका योग्य और वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों को डीजीपी पद के लिए विचार से वंचित करता है। CJI सूर्यकांत और जस्टिस जॉयमाला बागची की पीठ ने कहा कि राज्य सरकारें प्रकाश सिंह मामले में दिए गए दिशा-निर्देशों का उल्लंघन करते हुए समय पर संघ लोक सेवा आयोग (UPSC) को डीजीपी चयन के लिए नाम नहीं भेजतीं। इसके बजाय कार्यवाहक डीजीपी नियुक्त कर देती हैं। कोर्ट ने UPSC को कहा कि यदि कोई राज्य ऐसा करने में विफल रहता है तो UPSC सुप्रीम कोर्ट का रुख कर सकता है। सुप्रीम कोर्ट की यह टिप्पणी पंजाब के लिए अहम है क्योंकि यहां के DGP गौरव यादव भी कार्यवाहक हैं। आम आदमी पार्टी (AAP) सरकार ने 4 जुलाई 2022 को उन्हें एक्टिंग DGP बनाया था। तब से साढ़े 3 साल से यादव इसी तरह से काम कर रहे हैं। हाल ही में जेल से बाहर आए अकाली नेता बिक्रम मजीठिया ने भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि पंजाब में परमानेंट DGP नियुक्त किया जाना चाहिए। कोर्ट ने कहा- UPSC अपील करे, जवाबदेही तय होगीकोर्ट ने आदेश में कहा, “हम UPSC को अधिकृत करते हैं कि वह राज्यों को पत्र लिखकर संबंधित डीजीपी की नियुक्ति के लिए समय पर प्रस्ताव भेजने को कहे। यदि ऐसे प्रस्ताव नहीं भेजे जाते हैं, तो UPSC को प्रकाश सिंह मामले में आवेदन दायर करने का निर्देश देते हैं। यह स्पष्ट है कि ऐसे मामलों में संबंधित राज्यों की जवाबदेही तय की जाएगी और आवश्यक परिणाम सामने आएंगे। DGP की नियुक्ति पर सुप्रीम कोर्ट के क्या निर्देशसुप्रीम कोर्ट के दिशा-निर्देशों के अनुसार, किसी राज्य में पुलिस प्रमुख (डीजीपी) की नियुक्ति राज्य सरकार की ओर से UPSC द्वारा तैयार किए गए तीन वरिष्ठ अधिकारियों के पैनल में से की जाती है। इसके लिए सरकार पैनल भेजती है, जिसमें सीनियोरिटी के हिसाब से सरकार को 3 नाम भेजे जाते हैं। इनमें से किसी एक को डीजीपी नियुक्त किया जा सकता है। सुप्रीम कोर्ट ने ये टिप्पणी क्यों कीकोर्ट का यह निर्देश तेलंगाना हाईकोर्ट के उस आदेश के खिलाफ दायर अपील पर सुनवाई करते हुए आया, जिसमें UPSC को राज्य सरकार की ओर से भेजे गए नामों को प्रक्रिया में लेने का निर्देश दिया गया था। UPSC ने हाईकोर्ट के आदेश पर आपत्ति जताते हुए कहा था कि राज्य सरकार ने डीजीपी चयन की प्रक्रिया में अत्यधिक देरी की है। UPSC के अनुसार, तेलंगाना के अंतिम डीजीपी अनुराग शर्मा 2017 में सेवानिवृत्त हुए थे और इसके बाद राज्य सरकार ने लंबे समय तक UPSC को कोई सिफारिश नहीं भेजी। UPSC का कहना था कि राज्य सरकार ने अंततः अप्रैल 2025 में सिफारिश भेजी, लेकिन UPSC ने यह कहते हुए उस पर कार्रवाई नहीं की कि 2017 से अब तक अत्यधिक विलंब हो चुका है। UPSC ने इसे एक गंभीर चूक बताते हुए कहा कि राज्य सरकार को पहले प्रकाश सिंह मामले में सुप्रीम कोर्ट से स्पष्टीकरण या आदेश लेना चाहिए था। आयोग ने यह भी कहा कि तेलंगाना अकेला ऐसा राज्य नहीं है जो इस तरह की देरी की रणनीति अपना रहा है। सुप्रीम कोर्ट ने चिंता पर सहमति जताईसुप्रीम कोर्ट ने UPSC की चिंता से सहमति जताई और कहा कि इस देरी से कई वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों के करियर पर नकारात्मक प्रभाव पड़ा है, जिनमें से कई अब सेवानिवृत्त हो चुके हैं और डीजीपी पद के लिए उन पर विचार ही नहीं हो सका। हालांकि, अदालत ने यह भी कहा कि UPSC की ओर से आपत्ति उठाने से स्थिति नहीं सुधरेगी, बल्कि इससे चूक करने वाले राज्यों को ही लाभ होगा। इसके बाद अदालत ने UPSC को तेलंगाना के लिए डीजीपी चयन की प्रक्रिया आगे बढ़ाने का निर्देश दिया। पंजाब में साढ़े 3 साल से एक्टिंग डीजीपीपंजाब में पिछले करीब साढ़े 3 साल से 1992 बैच के आईपीएस अधिकारी गौरव याद डीजीपी का पद संभाले हैं। उनकी 4 जुलाई 2022 को इस पद पर नियुक्ति हुई। पंजाब सरकार ने इस संबंध में UPSC को नियमित डीजीपी की नियुक्ति के लिए पैनल नहीं भेजा। पंजाब सरकार ने 2023 में पुलिस एक्ट में संशोधन कर UPSC को बाइपास करने की कोशिश की थी, लेकिन वर्तमान में कोई नियमित नियुक्ति नहीं हुई है। इस विषय पर मजीठिया ने भी ये 4 बातें लिखीं...
कांग्रेस नेता राहुल गांधी के ‘गद्दार दोस्त’ कहने के बाद केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत बिट्टू ने नया दावा किया है। बिट्टू ने कहा कि जब मैंने हाथ नहीं मिलाया तो राहुल गांधी ने फिजिकल अटैक (पीटने) की कोशिश की। मेरी पगड़ी भी उतार देते। कांग्रेस के महासचिव केसी वेणुगोपाल और सांसद सुखजिंदर सिंह रंधावा ने उन्हें रोका। बिट्टू को गद्दार कहने के मुद्दे को भाजपा ने पूरी सिख कौम से जोड़ते हुए कहा कि यह देश-दुनिया में बसते सिखों का अपमान है। BJP के एग्रेसिव अटैक से कांग्रेस नेता सफाई दे रहे हैं। पंजाब कांग्रेस प्रधान राजा वड़िंग ने कहा कि बिट्टू ने ही राहुल गांधी को उकसाया। बिट्टू ने प्रदर्शन देखकर कहा- कारगिल का युद्ध जीतकर आए हो क्या? वड़िंग ने बिट्टू का पुराना वीडियो पोस्ट कर दिया, जिसमें बिट्टू राहुल गांधी की तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि पगड़ी भी उन्होंने राहुल गांधी के कहने पर डाली है। वहीं ग्राउंड लेवल पर भी राहुल गांधी के बयान को लेकर नाराजगी है। वहीं इसे कांग्रेस के शासन में गोल्डन टेंपल में किए ऑपरेशन ब्लू स्टार से जोड़कर सिखों के पुराने जख्मों को भी हरा किया जा रहा है। कांग्रेस पंजाब में पहले ही गुटबाजी, दलितों की अनदेखी जैसे मुद्दों से जूझ रही है। ऐसे में सवाल ये भी है कि क्या कांग्रेस ने सेल्फ गोल कर दिया?। राहुल गांधी ने बिट्टू में तकरार कैसे हुई, गद्दार क्यों कहा, BJP क्या नैरेटिव सेट कर रही, कांग्रेस कैसे डिफेंड कर रही, ग्राउंड पर लोग क्या सोचते हैं, पढ़िए पूरी रिपोर्ट… राहुल-बिट्टू में तकरार कैसे हुई, दोनों ने एक-दूसरे को क्या कहाबुधवार (4 फरवरी) को कांग्रेस सांसद संसद के मकर द्वार पर राहुल गांधी की अगुआई में प्रदर्शन कर रहे थे। इसी दौरान केंद्रीय रेलवे राज्य मंत्री व लुधियाना के पूर्व सांसद रवनीत बिट्टू संसद भवन के भीतर जाने के लिए वहां से गुजरे। यह देख राहुल गांधी ने कहा- गद्दार बिल्कुल पास से गुजर रहा है। राहुल गांधी ने फिर कहा- उसका चेहरा देखो, कैसा दिख रहा है। राहुल गांधी बिट्टू की तरफ बढ़े और कहा– हेलो ब्रदर, मेरे गद्दार दोस्त। यह सुनकर बिट्टू ने राहुल गांधी की तरफ उंगली उठाई तो राहुल गांधी ने कहा- डोंट वरी, तुम वापस आओगे। इस पर रवनीत बिट्टू ने राहुल गांधी को जवाब देते हुए कहा कि देश के दुश्मनों से कोई लेना-देना नहीं है। इस दौरान प्रदर्शन कर रहे कांग्रेसी सांसदों ने सरेंडर-सरेंडर की नारेबाजी शुरू कर दी। यह देख बिट्टू ने कहा कि तुम देश के दुश्मन हो। इसके बाद बिट्टू संसद की सीढ़ियां चढ़ने लगे तो फिर राहुल गांधी के साथ उनकी तीखी तकरार हुई। इसके बाद रवनीत बिट्टू संसद में चले गए। राहुल से तकरार के बाद बिट्टू की 3 अहम बातें… BJP ने पूरा मुद्दा सिखों से कैसे जोड़ा, पढ़िए 4 बयान राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन बोले– सिखों-उनकी देशभक्ति का अपमानBJP के राष्ट्रीय अध्यक्ष नितिन नवीन ने कहा- कांग्रेस का इतिहास सिखों से नफरत भरा रहा है। आज राहुल गांधी के व्यवहार से वही मानसिकता फिर से नजर आई। बिट्टू के लिए गद्दार शब्द सिख विरोधी सोच का जीता-जागता उदाहरण है। कांग्रेस का ये व्यवहार दुनिया में बसते सिखों और उनकी देशभक्ति का अपमान है। भारत का सिख समाज कांग्रेस की इस नफरत भरी राजनीति को कभी बर्दाश्त नहीं करेगा। मनजिंदर सिरसा ने कहा- सिख गद्दार नहीं हो सकताBJP के सिख नेता व दिल्ली सरकार में मंत्री मनजिंदर सिंह सिरसा ने कहा- सिख सरदार है, वह कभी गद्दार नहीं हो सकता। अगर कोई गद्दार है, तो वो गांधी परिवार है। जिन्होंने श्री दरबार साहब के ऊपर तोप-टैंकों से हमला किया, श्री अकाल तख्त साहिब को गिराया और बेकसूर सिखों के गले में टायर डालकर जिंदा जलाया। ये सिखों की तौहीन है, यह कतई बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। 1980 के दशक का जहर आज भी कांग्रेस की मानसिकता में है। मंत्री हरदीप पुरी बोले- सिखों की 2% आबादी, फोर्स में 20% योगदानकेंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी ने कहा- पहले जब कोई देश से बाहर जाता तो गद्दार कहा जाता था। देश में सिखों की आबादी 2 प्रतिशत से भी कम है, लेकिन आर्म्ड फोर्स में सिखों का योगदान 20 प्रतिशत से अधिक है। नाराजगी जताने के कई तरीके होते हैं, लेकिन गद्दार कहना सही नहीं है। कांग्रेस ने राहुल गांधी को कैसे डिफेंड किया.. वड़िंग ने कहा- बिट्टू ने पार्टी से गद्दारी कीपंजाब कांग्रेस के प्रधान एवं लुधियाना से सांसद अमरिंदर राजा वड़िंग ने कहा- बिट्टू को कांग्रेस ने बनाया। इनके दादा कांग्रेस के सीएम थे। वह आखिरी दम तक कांग्रेस में रहे, बीजेपी में नहीं गए। बिट्टू खुद कहते हैं कि राहुल गांधी ने उन्हें पगड़ी बांधना सिखाई है। गद्दार को गद्दार कह दिया तो इसमें क्या गुनाह है। पूर्व CM चन्नी ने कहा-जरूरत के वक्त छोड़ने वाला गद्दारपंजाब के पूर्व CM चरणजीत चन्नी ने कहा- कांग्रेस और राहुल गांधी ने बिट्टू को सब कुछ दिया। जब पार्टी को चुनाव में सबसे ज्यादा जरूरत थी, वह छोड़कर चला गया। वह गद्दार नहीं है तो क्या है। राहुल गांधी ने जो कहा, बिल्कुल ठीक कहा। उसका किरदार यही है। उसने पार्टी को धोखा दिया और गद्दारी की। औजला बोले- RSS के इशारे पर सिखों को सर्टिफिकेट नहीं दे सकतेअमृतसर से कांग्रेस सांसद गुरजीत औजला ने कहा- पार्टी ने बिट्टू को सब कुछ दिया। वह तब पार्टी छोड़ गए, जब तानाशाह ताकत देश की और बढ़ रही थी और बिट्टू तानाशाह-BJP की गोद में जाकर बैठ गए। राहुल ने बिल्कुल ठीक कहा। पंजाब में किसी पंथक संगठन ने इसका विरोध नहीं किया। 4 लोग बैठकर RSS के इशारे पर वर्गीकरण की राजनीति करने वाले सिखों को सर्टिफिकेट नहीं दे सकते। इस मुद्दे का पंजाब में क्या असर होगा, 5 सवाल-जवाब में जानिए सवाल: राहुल गांधी के गद्दार कहने पर इतना बड़ा विवाद क्यों हो रहा?जवाब: पंजाबियों का नेचर इमोशनल है। राजनीतिक विवाद अपनी जगह। लेकिन अगर सिख आइडेंटिटी यानी पगड़ीधारी पर कोई इस तरह की टिप्पणी होती है तो उसे अपमान के तौर लिया जाता है। 80 के दशक में गोल्डन टेंपल पर तत्कालीन PM इंदिरा गांधी की अगुआई वाली कांग्रेस सरकार के ऑपरेशन ब्लू स्टार को सिख भूले नहीं हैं। ऐसे में गांधी परिवार के ही मेंबर की तरफ से कहा जाना सिख समुदाय को ज्यादा अपमानजनक महसूस हो सकता है। सवाल: राहुल गांधी की टिप्पणी को लेकर बिट्टू के संसदीय क्षेत्र रहे लुधियाना के लोग क्या सोचते हैं?जवाब: जसविंदर सिंह कहते हैं- बिट्टू ने सारी जिंदगी कांग्रेस में बिताई, अब उन्हें पार्टी को गलत नहीं कहना चाहिए। रजत खुल्लर कहते हैं कि राहुल गांधी को इस तरह की भाषा इस्तेमाल नहीं करनी चाहिए थी। सुधीर जोशी कहते हैं कि पूर्व CM बेअंत सिंह का परिवार सम्माननीय है। लेकिन बिट्टू ने कांग्रेस से गद्दारी की है। पुनीत कहते हैं कि बिट्टू संसद में पंजाब को रिप्रेजेंट करते हैं। उनको ऐसा नहीं कहना चाहिए। कुल मिलाकर इसको लेकर ग्राउंड पर मिक्स रिएक्शन है। सवाल: BJP बयान पर क्या नैरेटिव सेट कर रही और क्यों?जवाब: BJP का सीधा मकसद बिट्टू को गद्दार कहने की बात को समूचे सिखों से जोड़ना है। भाजपा स्ट्रेटजी के साथ राहुल गांधी के बयान को सिख आइडेंटिटी से जोड़ रही है। इसी वजह से सिख चेहरों मनजिंदर सिरसा और हरदीप पुरी को तुरंत मीडिया में भेजा। भाजपा ये साबित करना चाहती है कि राहुल की टिप्पणी बिट्टू नहीं बल्कि सिख समुदाय का अपमान है। इसके साथ वह ऑपरेशन ब्लू स्टार के जख्मों को भी ताजा करना चाहते हैं। सवाल: क्या राहुल गांधी की वजह से कांग्रेस ने सेल्फ गोल कर दिया?जवाब: फिलहाल पंजाब में धार्मिक स्तर पर राहुल गांधी के बिट्टू को गद्दार कहने को लेकर कोई विरोध नहीं है। राजनीतिक दलों में भी सिर्फ भाजपा ही अपने नेता के बचाव में कांग्रेस पर सवाल खड़े कर रही है। अभी AAP या अकाली दल ने कोई हार्ड रिएक्शन नहीं दिया है। ऐसे में यह बयान ग्राउंड पर ज्यादा इफैक्टिव नहीं लग रहा। सवाल: क्या इसका कोई असर पंजाब में 2027 के विधानसभा चुनाव पर पड़ेगा?जवाब: ये मुश्किल है। चुनाव होने में अभी करीब एक साल पड़ा है। इतनी देर तक इसे नैरेटिव बनाए रखना मुश्किल है। फिर भी, कांग्रेस को लेकर सिख समुदाय में कुछ हद तक भरोसे की कमी जरूर हो सकती है, जो पहले ही गोल्डन टेंपल पर ऑपरेशन ब्लू स्टार से नाराज हैं। इसकी बड़ी वजह ये भी मानी जा सकती है कि सिख नेता के लिए गद्दार शब्द राहुल गांधी ने कहा है। **************ये खबरें भी पढ़ें.. राहुल गांधी ने रवनीत बिट्टू को गद्दार कहा:बोले- डॉन्ट वरी, तुम कांग्रेस में लौटोगे; मंत्री बोले- तुम देश के दुश्मन, हाथ नहीं मिलाया कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने बुधवार (4 फरवरी) को केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू को गद्दार कहा। उन्होंने यह बात दिल्ली में संसद के बाहर मकर द्वार के सामने प्रदर्शन के दौरान कही। प्रदर्शन के दौरान जब बिट्टू सामने से आए तो उन्हें देखकर राहुल गांधी ने कहा- मेरा ट्रेटर फ्रेंड (गद्दार दोस्त) आ रहा है। इसके बाद राहुल गांधी ने हाथ मिलाने के लिए हाथ बढ़ाया, लेकिन बिट्टू ने हाथ नहीं मिलाया (पढ़ें पूरी खबर) राहुल गांधी ने बिट्टू को गद्दार क्यों कहा:पगड़ी नहीं पहनते थे, राहुल के कहने पर बांधी राहुल गांधी और केंद्रीय राज्य मंत्री रवनीत सिंह बिट्टू में तीखी बहस हुई। राहुल गांधी ने उन्हें 'गद्दार दोस्त' कह डाला। राहुल गांधी ने बिट्टू को लेकर इतने तीखे शब्द क्यों यूज किए, इसकी भी लंबी कहानी है। बिट्टू कभी कांग्रेस में राहुल गांधी के करीबियों में से एक थे। वह यूथ कांग्रेस के प्रधान भी बने (पढ़ें पूरी खबर)
‘सिख मंत्री को गद्दार कहना दुर्भाग्यपूर्ण, पंजाब और सिख पंथ से राहुल गांधी माफी मांगें’
श्री आनंदपुर साहिब। विधानसभा हलका श्री आनंदपुर साहिब से िजला भाजपा के मुख्य प्रवक्ता बलराम पराशर ने आज नई दिल्ली स्थित संसद भवन में घटित दुर्भाग्यपूर्ण घटना को लेकर बयान जारी किया। बलराम पराशर ने कहा कि भाजपा ने हमेशा पंजाब और सिख जगत को सिर का ताज समझा है तथा सिख समाज के प्रति गहरी श्रद्धा रखी है। भारतीय इतिहास में पहली बार भाजपा सरकार द्वारा संसद में गुरु साहिब के साहिबज़ादों को श्रद्धांजलि अर्पित की, जो सिख पंथ के प्रति सम्मान का प्रतीक है। उन्होंने आरोप लगाया कि आज़ादी के बाद नेहरू और गांधी परिवार की सरकारों के दौरान ‘फूट डालो और राज करो’ की नीति अपनाई गई, जिसके चलते सिख पंथ को लंबे समय तक उपेक्षित रखा गया। पीएम मोदी के नेतृत्व में सरकार द्वारा पवित्र गुरु घर ननकाना साहिब तक संगतों के लिए रास्ता खोला गया, जो सिख समुदाय के लिए ऐतिहासिक कदम है। पराशर ने राहुल गांधी से कड़े शब्दों में कहा कि लोकतंत्र में पार्टी बदलना कोई अपराध नहीं है और अब तक हजारों नेता विभिन्न कारणों से अपनी पार्टियां बदल चुके हैं। केवल पार्टी बदलने के आधार पर किसी दस्तारधारी केंद्रीय मंत्री को ग़द्दार कहना पूरी तरह अनुचित और अस्वीकार्य है। अंत में बलराम पराशर ने कहा कि भाजपा के एक कर्मठ कार्यकर्ता, सेवक होने के नाते वह राहुल गांधी के इस बयान की कड़े शब्दों में निंदा करते हैं। उन्होंने मांग की कि राहुल गांधी अपने इस बयान के लिए पूरे सिख पंथ से सार्वजनिक रूप से माफी मांगें।
पूर्व मंत्री व सीनियर अकाली नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की जेल से रिहाई को लेकर पंजाब की राजनीति में हलचल तेज हो गई है। मजीठिया ऐसे समय में जमानत पर रिहा हो रहे हैं, जब 2027 के पंजाब विधानसभा चुनाव में एक साल से भी कम समय रह गया है। वहीं आम आदमी पार्टी (AAP) को इससे बड़ा झटका लगा है। AAP के सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल पिछली कुछ रैलियों में बिक्रम मजीठिया का नाम लिए बगैर ड्रग्स पर सरकार के एक्शन को भुना रहे थे कि किसी की हिम्मत नहीं थी लेकिन हमारी सरकार जेल में बंद कर दिया। अब यह नैरेटिव नहीं बन पाएगा। 2027 के चुनाव में कमबैक की उम्मीद लगाए बैठे अकाली दल के लिए बैक टू बैक अच्छी खबरें आ रही हैं। पहले तरनतारन उपचुनाव में उन्होंने AAP को कड़ी टक्कर दी। फिर जिला परिषद व ब्लॉक समिति चुनावों में अच्छा प्रदर्शन किया। अब मजीठिया के बाहर आने से उन्हें बेबाक नेता भी बोलने के लिए मिल जाएगा। खासकर, मजीठिया सीधे CM भगवंत मान को टारगेट करते हैं। ऐसे में आने वाले दिनों में बयानबाजी का घमासान देखने को मिल सकता है। चुनाव से पहले मजीठिया के जेल से बाहर आने पर क्या असर पड़ेगा, ये जानने के लिए पूरी रिपोर्ट पढ़िए… 1. सवाल: AAP पर क्या असर पड़ेगा?जवाब: आम आदमी पार्टी (AAP) ने मजीठिया को ड्रग्स और मनी लॉन्ड्रिंग मामलों से जोड़ते हुए उन्हें “ड्रग तस्करों का संरक्षक” बताकर पेश किया था। खुद AAP सुप्रीमो अरविंद केजरीवाल रैलियों में बिना नाम लिए मजीठिया को जेल भेजने का श्रेय लेते रहे हैं। जमानत मिलने से AAP का यह नैरेटिव कमजोर पड़ सकता है। 2. सवाल: AAP मजीठिया की जमानत व रिहाई को कैसे काउंटर करेगी?जवाब: इसके संकेत मंत्री हरपाल चीमा ने कल ही दे दिए थे। चीमा ने कहा कि बेल का मतलब बरी होना नहीं होता। मजीठिया के खिलाफ पुख्ता सबूत हैं, आगे ट्रायल चलेगा, उसमें सरकार सारे सबूत पेश करेगी। 3. सवाल: अकाली दल को क्या फायदा होगा?जवाब: बिक्रम मजीठिया एग्रेसिव नेचर के नेता हैं। उनके बाहर आने से सरकार और उनके बीच टकराव बढ़ेगा। खास तौर पर मुख्यमंत्री भगवंत मान और मजीठिया के बीच सीधे जुबानी हमले होंगे। पॉलिटिकल सिनेरियो में अकाली दल की मौजूदगी बढ़ेगी। सीएम और मजीठिया का सीधा टकराव हुआ तो इसका फायदा अकाली दल को ही मिलेगा क्योंकि वह अकाली दल ज्यादा सुर्खियों में रहेगा। 4. सवाल: कांग्रेस को क्या नुकसान होगा?जवाब: कांग्रेस ने भी मजीठिया को NDPS एक्ट का केस दर्ज किया था। मगर, मजीठिया को उसमें जमानत मिल गई। इससे कांग्रेस का मजीठिया को लेकर ड्रग्स स्मगलर का नैरेटिव पहले ही फेल हो चुका है। कांग्रेस पहले ही प्रधान राजा वड़िंग की पूर्व केंद्रीय मंत्री स्व. बूटा सिंह पर बयानबाजी को लेकर दलित भाईचारे की नाराजगी भुगत रही है। वहीं पूर्व CM चरणजीत चन्नी के पार्टी के बड़े पद दलितों को न मिलने के बाद यह मुद्दा और भड़का हुआ है। वहीं कांग्रेस गुटबाजी से भी जूझ रही है। ऐसे में मजीठिया के आने से अकाली दल की मजबूती का सीधा असर अभी विपक्ष की भूमिका में बैठी कांग्रेस पर पड़ेगा। 5. सवाल: CM भगवंत मान ने डेरा ब्यास मुखी पर इशारों में तंज कसा, इसका क्या नुकसान होगा?जवाब: डेरा ब्यास सीधे तौर पर पॉलिटिक्स में इन्वॉल्व नहीं होता। हालांकि हर पार्टी के नेता डेरे में माथा टेकने जरूर जाते हैं। कल डेरा मुखी बाबा गुरिंदर सिंह ढिल्लो जेल मजीठिया से मिले। जिसके बाद उन्होंने मजीठिया पर दर्ज केस झूठे बता दिए। इसके जवाब में CM मान ने इशारों में तंज कस दिया कि अदालतों का भगवान ही रखवाला, जहां मुलाकाती ही जज बन जाएं। अगर डेरे के श्रद्धालुओं ने इसे नैगेटिव तौर पर लिया तो तय है कि इसका नुकसान 2027 में AAP को होगा। डेरे का ज्यादा प्रभाव माझा इलाके में है लेकिन दोआबा और मालवा में भी उनके श्रद्धालु हैं। ------ ये खबर भी पढ़ें… थोड़ी देर में जेल से बाहर आएंगे मजीठिया, डेरा ब्यास मुखी की क्लीन चिट पर CM मान का तंज पंजाब के पूर्व मंत्री एवं शिरोमणि अकाली दल (SAD) के सीनियर नेता बिक्रम सिंह मजीठिया की थोड़ी देर में पटियाला की नाभा जेल से रिहाई होगी। मजीठिया की रिहाई को लेकर नाभा जेल के बाहर सुरक्षा के कड़े बंदोबस्त किए गए हैं। मोहाली कोर्ट में मजीठिया की रिहाई को लेकर कागजी कार्रवाई हो चुकी है। बताया जा रहा है कि इसके बाद उनके वकील नाभा जेल के लिए रवाना हो गए हैं। पूरी खबर पढ़ें…
पंजाब के CM भगवंत मान मिशन इन्वेस्टमेंट के तहत आज से दो दिन के मुंबई दौरे पर हैं। इस दौरान वे उद्योगपतियों से मुलाकात करेंगे और उन्हें पंजाब में निवेश का न्योता देंगे। उम्मीद है कि इस दौरान कई एमओयू (MoU) भी साइन होंगे। मार्च महीने में ही पंजाब सरकार बिजनेस को बढ़ावा देने के लिए एक प्रोग्राम करवाने जा रही है। इन सबके पीछे कोशिश यही है कि पंजाब में निवेश को बढ़ाकर युवाओं को रोजगार के अवसर दिए जाएं। ताकि 2027 की राह आसान हो। महाराष्ट्र के दिवंगत के घर जाएंगे सीएम मान पूरी तैयारी के साथ मुंबई जा रहे हैं। उनकी टीम ने दौरे को लेकर सभी आवश्यक तैयारियां पूरी कर रखी हैं। इस दौरान वे महाराष्ट्र के दिवंगत उपमुख्यमंत्री अजित पवार के असामयिक निधन पर आज मुंबई में उनके परिवार से मुलाकात कर दुख साझा करेंगे। पहले भी किए थे दौरा सितंबर 2022 में वे जर्मनी गए थे। यह उनकी पहली विदेश यात्रा थी, जिसका उद्देश्य वैश्विक निवेश को बढ़ावा देना था। इसके बाद दिसंबर 2025 में 10 दिवसीय मिशन इन्वेस्टमेंट के तहत उन्होंने टोक्यो, ओसाका और सपोरो का दौरा किया, जहां पर कई समझौतों हुए थे। इससे पहले मान 21 अगस्त 2024 को मुंबई गए थे। इस दौरान JSW ग्रुप ने राज्य में ₹1,600 करोड़ के अतिरिक्त निवेश पर सहमति जताई थी। वहीं, सिफी टेक्नोलॉजी ने मोहाली में एआई आधारित हॉरिजॉन्टल डेटा सेंटर में 1500 करोड़ रुपए का निवेश करने का निर्णय लिया है। जबकि जेएसडब्ल्यू स्टील ने 1600 करोड़ की लागत से 28 एकड़ में नया यूनिट स्थापित करेगा। आरपीजी ग्रुप ने पंजाब में दिलचस्पी दिखाई है।
पंजाब की बड़ी खबरें:दुनिया के 100 पावरफुल सिखों में पंजाब CM शामिल, लुधियाना अस्पताल से कैदी फरार
दुनिया के 100 प्रभावशाली सिखों की सूची द सिख ग्रुप की तरफ से जारी की गई है। इसमें पहले 10 स्थानों में आठ हस्तियां धार्मिक संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं। सूची में पहले नंबर पर संत बाबा कुलवंत सिंह जत्थेदार, श्री हजूर साहिब, दूसरे पर अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज हैं। 5वें नंबर पर पंजाब के सीएम भगवंत मान हैं। पूरी खबर पढ़ें… पंजाब में स्कूलों-अस्पतालों के रंग पर सियासत, AAP के झंडे का रंग बताया पंजाब के सरकारी स्कूलों व सरकारी अस्पतालों में इन दिनों रंग-रोगन करने का काम चल रहा है। स्कूलों व अस्पतालों पर जो रंग हो रहा है, वही कंबीनेशन आम आदमी पार्टी के झंडे का भी है। विपक्षी दलों ने सरकारी इमारतों के कलर कंबीनेशन पर सवाल खड़े करने शुरू कर दिए हैं। कांग्रेस विधायक परगट ने भाजपा पर शिक्षा का भगवाकरण करने का आरोप लगाया और आम आदमी पार्टी को भाजपा की B टीम बताया। पूरी खबर पढ़ें… लुधियाना के अस्पताल से कैदी फरार लुधियाना के सिविल अस्पताल में सोमवार को पुलिस कस्टडी से कैदी फरार हो गया। आरोपी बोस्टल जेल में बंद था। उसे मेडिकल चेकअप के लिए अस्पताल लाया गया था। ASI हरभजन सिंह ने बताया कि वे अपनी टीम के साथ 6 कैदियों को मेडिकल के लिए लाए थे। इनमें से एक को हड्डियों के डॉक्टर के पास ले जाकर दवाई दिला रहे थे। तभी अस्पताल में मरीजों की भारी भीड़ का फायदा उठाकर वे हथकड़ी से अपना हाथ बाहर निकाल कर फरार हो गया। आरोपी के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (BNS) की धारा 262 के तहत मामला दर्ज कर लिया गया है। अमृतपाल को सेशन में शामिल होने की अनुमति नहींखडूर साहिब से सांसद अमृतपाल सिंह को संसद के बजट सत्र में शामिल होने की अनुमति नहीं मिली है। उनकी मांग खारिज कर दी गई है। पंजाब सरकार ने इसके पीछे राज्य की सुरक्षा और सार्वजनिक व्यवस्था के लिए गंभीर खतरा बताया है। यह आदेश गृह मामलों के विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव की ओर से जारी किया गया। हाईकोर्ट ने पंजाब सरकार को अमृतपाल सिंह की याचिका पर सात दिनों में फैसला लेने का निर्देश दिया था। संसद का बजट सत्र 28 जनवरी से शुरू हुआ है। पहले चरण में यह 13 फरवरी तक चलेगा। सत्र का दूसरा चरण 9 मार्च से 2 अप्रैल तक चलेगा। फिलहाल अमृतपाल सिंह असम की डिब्रूगढ़ सेंट्रल जेल में बंद हैं।
पूरी दुनिया के 100 प्रभावशाली सिखों की सूची द सिख ग्रुप की तरफ से जारी की गई है। इसमें पहले 10 स्थानों में आठ हस्तियां धार्मिक संस्थाओं से जुड़ी हुई हैं। सूची में पहले नंबर नंबर संत बाबा कुलवंत सिंह जत्थेदार, श्री हजूर साहिब, दूसरे पर अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार कुलदीप सिंह गड़गज, तीसरे नंबर पर वर्ल्ड बैंक के प्रेसिडेंट अजय पाल सिंह बंगा और 5वें नंबर पर पंजाब के सीएम भगवंत मान अपनी जगह बनाने में कामयाब रहे हैं। इस सूची में केंद्रीय मंत्री हरदीप पुरी, कनाडा के मंत्री मनिंदर सिंह सिद्धू, उत्तराखंड के गवर्नर गुरमीत सिंह और सिंगर दिलजीत दोसांझ, गिप्पी ग्रेवाल व गुरप्रीत सिंह घुग्गी भी अपनी जगह बनाने में कायमाब रहे हैसंस्था के प्रेसिडेंट डॉ. नवदीप बंसल का कहना है कि उनका उद्देश्य सिखी को पहचान दिलाना है। उन्होंने कहा कि सूची में 50 प्रतिशत हस्तियां भारत से हैं। इससे युवा पीढ़ी को जानने और सीखने का मौका मिलता है कि सिख कौन से मुकाम हासिल कर चुके हैं। टॉप दस स्थानों पर रहने वाली हस्तियां 1. संत बाबा कुलवंत सिंह जी – जत्थेदार, श्री हजूर साहिबसिंह साहिब जत्थेदार संत बाबा कुलवंत सिंह जी का जन्म 1 मई 1967 को नांदेड़ साहिब में हुआ। बाबा जी के दादा सरदार मंगल सिंह जी कड़ेवाले थे। 2. ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज – जत्थेदार, अकाल तख्त साहिबज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज जी श्री अकाल तख्त साहिब के जत्थेदार हैं, जो सिखों की सर्वोच्च धार्मिक-सांसारिक (सियासी) पीठ मानी जाती है। 3. अजय पाल बंगा – प्रेसिडेंट, वर्ल्ड बैंकअजय पाल सिंह बंगा वर्तमान में विश्व बैंक समूह के अध्यक्ष हैं। इससे पहले वे मास्टरकार्ड के कार्यकारी अध्यक्ष रह चुके हैं और उससे पहले कंपनी के प्रेसिडेंट और सीईओ भी थे। 4. हरजिंदर सिंह धामी – प्रेसिडेंट, एसजीपीसीहरजिंदर सिंह धामी एक सिख वकील हैं। वे वर्ष 2021 से शिरोमणि गुरुद्वारा प्रबंधक कमेटी के 30वें अध्यक्ष के रूप में सेवाएं दे रहे हैं। 5. भगवंत मान – सीएम, पंजाबभगवंत सिंह मान एक भारतीय राजनेता और पूर्व एक्टर, कॉमेडियन व सटायरिस्ट हैं, जो 2022 से पंजाब के 17वें और मौजूदा मुख्यमंत्री हैं। 6. जत्थेदार बाबा बलबीर सिंह जी – जत्थेदार, बुड्ढा दल1964 में पटियाला में जन्मे बाबा बलबीर सिंह जी को उनके पूर्व सिंह साहिब बाबा संता सिंह जी ने बुड्ढा दल के 14वें जत्थेदार के तौर पर शपथ दिलाई थी। 7. संत बाबा अवतार सिंह जी – आध्यात्मिक नेता, बिधि चंद दलसंत बाबा अवतार सिंह जी बिधि चंद दल के मौजूदा जत्थेदार हैं और कहा जाता है कि वे बाबा बिधि चंद जी के सीधे वंशज हैं। 8. भाई साहिब मोहिंदर सिंह जी – आध्यात्मिक गुरु, GNNSJमोहिंदर सिंह जी, जो 1995 से निष्काम ग्रुप ऑफ चैरिटेबल ऑर्गनाइजेशन्स के चेयरमैन हैं, गुरु नानक निष्काम सेवक जत्था (GNNSJ) के स्पिरिचुअल लीडर्स की परंपरा में तीसरे स्थान पर हैं। 9. संत बाबा निहाल सिंह जी – मिसल, शहीदां तरना दलजिंदा शहीद सिख संगठन मिसल शहीदां तरना दल हरियां बेलन के सिंह साहिब जत्थेदार संत बाबा निहाल सिंह जी सिख धर्म की सच्ची शिक्षाओं की जीती-जागती मिसाल हैं। 10. संत बाबा गुरदेव सिंह जी – आध्यात्मिक नेता, शहीदी बागसंत बाबा गुरदेव सिंह जी शहीदी बाग, पंजाब के आनंदपुर साहिब स्थित गुरुद्वारा शहीदी बाग साहिब के आध्यात्मिक नेता हैं। 2012 से हर साल चुने जाते है लोग यह प्रक्रिया संस्था द्वारा वर्ष 2012 में प्रारंभ की गई थी। इसमें राजनीति, व्यापार, सार्वजनिक सेवा, शिक्षा, मीडिया, मनोरंजन, खेल, सामाजिक सेवा और सामुदायिक नेतृत्व जैसे विभिन्न क्षेत्रों में उल्लेखनीय योगदान देने वाले 100 सिख व्यक्तित्वों को शामिल किया जाता है।लोग चुनते हैं, 4 चरणों में चयन प्रक्रिया नामांकन - कोई भी व्यक्ति (सिख या गैर-सिख) ऑनलाइन फॉर्म भरकर किसी योग्य सिख का नामांकन कर सकता है। नामांकन वर्ष भर खुले रहते हैं और पूरी तरह मुफ्त होते हैं। वेबसाइट पर “Nominate Now” विकल्प होता है। आवेदन/नामांकन की संख्या - हर साल सैकड़ों नामांकन प्राप्त होते हैं। विश्लेषण और मूल्यांकन - संस्था की टीम सभी नामांकनों का गहन विश्लेषण करती है। व्यक्ति के योगदान, प्रभाव (Impact), सिख मूल्यों (जैसे सेवा, सत्य, न्याय, साहस) के अनुरूप कार्य और वैश्विक स्तर पर उपलब्धियों को परखा जाता है। सिलेक्श्रन विस्तृत और पारदर्शी मेथडोलॉजी के आधार पर अंतिम 100 लोगों का चयन किया जाता है। यह प्रक्रिया पूरी तरह योग्यता पर आधारित होती है, इसमें किसी तरह का राजनीतिक या अन्य प्रभाव नहीं होता। सूची में शामिल अन्य हस्तियां11. संत बाबा जोगा सिंह – धार्मिक नेता, तरनादल12. संत बाबा नरेंद्र सिंह – धार्मिक लीडर, लंगर साहिब13. डॉ. दविंदर सिंह – प्रेसिडेंट, बढ़ू साहिब14. हरदीप सिंह पुरी – केंद्रीय मंत्री, भारत सरकार15. मनिंदर सिंह सिद्धू – कनाडा के मंत्री16. जनरल गुरमीत सिंह – गवर्नर, उत्तराखंड17. इंद्रमीत सिंह गिल – मुख्य अर्थशास्त्री, वर्ल्ड बैंक18. कुलदीप सिंह ढींगरा – एमडी, बर्जर पेंट्स ग्रुप19. गुरबचन सिंह ढींगरा – वीसी, बर्जर पेंट्स ग्रुप20. अनलजीत सिंह – फाउंडर एंड चेयरमैन, मैक्स इंडिया21. बॉब सिंह ढिल्लों – सीईओ, मेनस्ट्रीट इक्विटी कॉर्पोरेशन22. साइमन अरोड़ा – कार्यकारी निदेशक, बी एंड एम स्टोर्स23. जगदीप सिंह – संस्थापक, क्वांटम स्पेस24. हैरी सिंह बंगा – चेयरमैन, कारावेल ग्रुप लिमिटेड25. जस्मिंदर सिंह OBE – सीईओ, द एडवर्डियन ग्रुप26. टोनी मथारू – चेयरमैन और फाउंडर, होटल्स एंड प्रॉपर्टी27. ओंकार सिंह कंवर – चेयरमैन, अपोलो टायर्स28. करतार सिंह ठकराल – चेयरमैन, द ठकराल ग्रुप29. जुगेशिंदर सिंह – सीएफओ, अदानी30. हरमीत कौर ढिल्लों – असिस्टेंट अटॉर्नी जनरल, यूनाइटेड स्टेट्स31. जगजीत सिंह ढाढ़री – संस्थापक, चर्दीकला ग्रुप32. कुलजीत सिंह घटा-औरा – अध्यक्ष, बोइंग मिडिल ईस्ट33. जसपाल सिंह बिंद्रा – एग्जीक्यूटिव चेयरमैन, सेंट्रम इंडिया34. जय सिंह सिद्धू – सीईओ, कस्टमर्स बैनकॉर्प35. रबिंदर सिंह क्यूसी – मुख्य न्यायाधीश एवं अध्यक्ष, आईपीटी36. सुखबीर सिंह बादल – प्रेसिडेंट, शिरोमणि अकाली दल37. कैप्टन अमरिंदर सिंह – पूर्व मुख्यमंत्री, पंजाब38. दिलजीत दोसांझ – पंजाबी सिंगर व एक्टर39. अमरिक सिंह कूनर – संस्थापक, अकाल चैनल40. पेनी कौर संधू – सीईओ, JUS ब्रॉडकास्टिंग41. पद्म श्री जगजीत सिंह - फाउंडर चढ़दीकलां ग्रुप42. बरजिंदर सिंह - फाउंडर अजीत ग्रुप 43 सबरीना सिंह - उप प्रेस सचिव, व्हाइट हाउस 44.सतवंत सिंह - अध्यक्ष पीएसजीपीसी 45. हरमीत सिंह कालका - अध्यक्ष D.S.G.M.C.46. जगदीश सिंह झिंडा - अध्यक्ष एचएसजीएमसी 47. दर्शन सिंह ढालीवाल - व्यवसायी 48. सरबजीत सिंह राय - डायरेक्टर, सर्राई ग्रुप49. जस्सी सिंह राय - निदेशक, द राय ग्रुप 50. सुखपाल सिंह अहलूवालिया – बिजनेसमैन, इंग्लैंड51. करण सिंह बाजवा – मैनेजिंग डायरेक्टर, गूगल क्लाउड52. डॉ. करतार सिंह लालवानी OBE – निदेशक, विटाबायोटिक53. मिस्टर गुरबीर सिंह ग्रेवाल – डायरेक्टर, सिक्योरिटीज एंड एक्सचेंज कमीशन54. मिस्टर इंदर पाल सिंह सेठी – डायरेक्टर जनरल, NIC55. मिस्टर जगमीत सिंह धालीवाल – मेंबर, प्रोविंशियल पार्लियामेंट56. मिसेज मनका कौर ढींगरा – डिप्टी लीडर, वाशिंगटन स्टेट सीनेट57. जसपाल सिंह कंधारी – सीईओ, कंधारी बेवरेजेज58. पद्मश्री विक्रमजीत सिंह साहनी – प्रेसिडेंट, सन ग्रुप59. मिस्टर राजिंदर सिंह चड्ढा – चेयरमैन, द वेव ग्रुप60. संत सिंह चटवाल – सीईओ, हैम्पशायर होटल्स61. बलजीत सिंह चड्ढा – कनाडा बिजनेसमैन62. जगजीत सिंह कोचर – डायरेक्टर, ए1 मेहताब ट्रेडिंग कंपनी63. कर्नैल सिंह संधू – सीईओ, क्राउन नट कंपनी64. भीरे सिंह छत्ते – निदेशक, द छत्ते ग्रुप65. जसबीर कौर बस्सी – चेयरपर्सन, कारफेयर LLC66. मिस्टर गिप्पी ग्रेवाल – डायरेक्टर और प्रोड्यूसर67. डॉ. इंदरजीत कौर खालसा – सीईओ, सिख धर्म68. मिस्टर रविंदर सिंह – फाउंडर, खालसा एड69. हरविंदर सिंह खालसा – वकील, दिल्ली हाईकोर्ट70. डॉ. रूपिंदर सिंह सोढ़ी – प्रेसिडेंट, आईडीए71. अमन सिंह बूटानी – सीईओ, गो डैडी72. सुरेंद्र सिंह कंधारी – चेयरमैन, ए1 डोबोवी ग्रुप73. सवनीत सिंह – सीईओ, पार टेक्नोलॉजी74. रिक सिंह – सीजीओ, फिसर्व75. पीटर ढिल्लों – अध्यक्ष, रिचबेरी76. अमरप्रीत सिंह साहनी – सीईओ, इंसीला इंक77. जसविंदर सिंह चड्ढा – सीईओ, एक्स्ट्रिया78. डॉ. गुनवीना कौर चड्ढा – उप महासचिव, फिक्की (FICCI)79. गुरप्रीत सिंह घुग्गी – अभिनेता80. मनजीत सिंह जीके – चेयरमैन, संतोक सिंह फाउंडेशन81. श्री तेजिंदर सिंह बिंद्रा – अध्यक्ष, जीतीश ग्रुप82. डॉ. इंदरजीत कौर – प्रेसिडेंट, पिंगलवाला सोसाइटी83. सिमरनजोत सिंह मक्कड़ – पत्रकार, पॉडकास्ट होस्ट84. सरदार स्विंदरपाल सिंह – सेवादार, श्री हरमंदिर साहिब85. नवदीप सिंह भाटिया – रैप्टर्स सुपरफैन, टोरंटो86. नरिंदर सिंह – संस्थापक, सिख कोएलिशन87. डॉ. राजवंत सिंह – अध्यक्ष, ईकोसिख88. गुरिंदर कौर चड्ढा – फिल्म निर्देशक / निर्माता89. श्री गुरप्रीत सिंह मिंटू – फाउंडर, मनुखता दी सेवा90. मनजीत कौर मिन्हास – बिजनेस वुमन 91. गुरमीत कौर संघा राय – कन्वर्सेशन आर्किटेक्ट92. लिली सिंह – सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर93. रमनीक सिंह – सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर94. हरजिंदर सिंह कुकरेजा – सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर95. सतपाल सिंह खारौड़ – संस्थापक, अपना फ़र्ज़ सेवा सोसाइटी96. तरलोचन सिंह – राजनेता, हरियाणा97. डॉ. परविंदर सिंह पसरीचा – अधिकारी, भारतीय पुलिस बल98. सुरेंद्र पाल सिंह ओबराय – बिजनेसमैन99. डॉ. रमिंदर सिंह रेंजर MBE – चेयरमैन, सन मार्क लिमिटेड100. गुरिंदर सिंह बावा – प्रेसिडेंट, बावा ग्रुप
हिमाचल में बर्फबारी जारी... पंजाब में धूप से राहत, 2 डिग्री तक बढ़ा पारा
पंजाब और हिमाचल में सोमवार को मौसम के अलग-अलग रंग दिखे। पंजाब में कई जगह सुबह के समय धुंध रही तो कई जगह दोपहर में धूप निकली। इससे तापमान में 2 डिग्री तक की बढ़ोतरी हुई। मंगलवार को भी सूबे में गहरी धुंध का अलर्ट है। वहीं, हिमाचल में रविवार रात ऊंची चोटियों में हुई ताजा बर्फबारी और मैदानी इलाकों में बारिश से तापमान में 2 से 3 डिग्री की गिरावट आई है। लाहौल-स्पीति के रोहतांग और भरमौर में 6 इंच, गोंदला में 12 सेंटीमीटर, सांगला में 10.5 सेंटीमीटर, केलांग में 3 सेंटीमीटर, कल्पा व मनाली में 2.5 सेंटीमीटर ताजा बर्फबारी हुई। उधर, धुंध के कारण रविवार रात से सोमवार सुबह मोगा में कई वाहन टकरा गए। इससे एक युवक की मौत हो गई, जबकि दो लोग घायल हो गए। उधर,अजीतवाल में कोहरे और लापरवाही के चलते सोमवार सुबह करीब 6:50 बजे बस अड्डे के पास पंजाब रोडवेज की बस को एक टिप्पर ने टक्कर मार दी। हादसे में बस कंडक्टर समेत 4-5 सवारियां गंभीर रूप से घायल हो गईं। पंजाब का तापमान जिला अधिक न्यून. रोपड़ 22.7 11.2 अमृतसर 19.1 7.4 लुधियाना 19.1 7.4 नवांशहर 21.0 9.5 आगे ऐसा रहेगा मौसम...पंजाब में मंगलवार को धुंध रहेगी। इसके बाद मौसम शुष्क रहेगा। हिमाचल में आज रात और कल हल्की बारिश और बर्फबारी के आसार हैं। 4 और 5 फरवरी को पूरे प्रदेश में मौसम साफ रहेगा। कुल्लू के पुलंगा गांव में रविवार रात को हुई बर्फबारी के बाद का नजारा।
पॉपुलर रियलिटी शो 'बिग बॉस 19' का वीकेंड का वार एपिसोड धमाकेदार रहा। शो में मुनव्वर फारुकी और शहनाज गिल बतौर गेस्ट बनकर पहुंचे। वहीं 'बिग बॉस' के घर में पहले वाइल्ड कार्ड कंटेस्टेंट की भी एंट्री हुई। शहनाज गिल के भाई शहबाज बदेशा ने 'बिग बॉस' के घर ...
बाढ़ पीड़ितों की मदद करने पंजाब पहुंचें सोनू सूद, बोले- पूरी मदद करने की कोशिश करूंगा
पंजाब के कई गांव इन दिनों भीषण बाढ़ की चपेट में हैं। लोगों के खेतों से लेकर घरों तक में पानी भरा हुआ है। लाखों लोग बेघर हो गए हैं। ऐसे मुश्किल वक्त में कई सेलेब्स लोगों की मदद के लिए आगे आ रहे हैं। वहीं अब अपने नेक कामों से लोगों का दिल जीतने वाले ...
कंगना रनौट की इमरजेंसी को पंजाब में बैन करने की मांग, सिनेमाघरों के बाहर पुलिस बल तैनात, कई शो कैंसल
तमाम विवादों के बाद कंगना रनौट की फिल्म 'इमरजेंसी' सिनेमाघरों में रिलीज हो गई है। हालांकि रिलीज के बाद भी फिल्म को लेकर विवाद खत्म नहीं हुआ है। फिल्म का पंजाब में जमकर विरोध किया जा रहा है। 'इमरजेंसी' पर बैन लगाने की मांग के बीच पंजाब में सिनेमाघरों ...
बॉलीवुड अदाकारा और हिमाचल के मंडी सीट से भाजपा की नवनिर्वाचित सांसद कंगना रनौत को चंडीगढ़ एयरपोर्ट पर CISF के एक गार्ड ने कथित तौर पर किसानों के विरोध प्रदर्शन पर उनकी टिप्पणी को लेकर थप्पड़ मारा। अभिनेत्री ने इस घटना के लिए कुलविंदर कौर के रूप में पहचाने गई गार्ड के खिलाफ सख्त कार्रवाई की मांग की है। घटना से जुड़ा एक वीडियो भी कंगना रनौत ने अपने सोशल मीडिया पर शेयर किया है। Shocking rise in terror and violence in Punjab…. pic.twitter.com/7aefpp4blQ — Kangana Ranaut (Modi Ka Parivar) (@KanganaTeam) June 6, 2024 हाल ही में लोकसभा चुनाव जीतने वाली कंगना रनौत घटना के समय दिल्ली जा रही थीं। रिपोर्टों से संकेत मिलता है कि मंडी से सांसद-चुनाव को सुरक्षा जांच के दौरान अपना फोन ट्रे में रखने से इनकार करने पर एक सुरक्षाकर्मी को धक्का देने के लिए थप्पड़ मारा गया था। इसे भी पढ़ें: Jammu and Kashmir Shiva Temple Burnt | जम्मू-कश्मीर का 106 साल पुराना शिव मंदिर जलकर हुआ खाक, बॉलीवुड की कई फिल्में यहीं पर हुई थी शूट कंगना रनौत दोपहर 3 बजे विस्तारा की फ्लाइट से दिल्ली के लिए रवाना हुईं। यह घटना रनौत के हिमाचल प्रदेश के मंडी से लोकसभा चुनाव जीतने के कुछ दिनों बाद हुई। चुनाव आयोग की वेबसाइट के अनुसार, राष्ट्रीय पुरस्कार विजेता अभिनेता ने कांग्रेस के प्रतिद्वंद्वी विक्रमादित्य सिंह को 74,755 मतों से हराया। राजनीतिक नेता के रूप में अपने पहले लोकसभा चुनाव में रनौत को 5,37,022 वोट मिले। मंडी लोकसभा सीट से दस उम्मीदवारों ने चुनाव लड़ा, जिसमें 13, 77, 173 मतदाता हैं। मतदान प्रतिशत 73.15 रहा। जीत की घोषणा से पहले रनौत ने सोशल मीडिया पर लिखा, मंडी के सभी लोगों को इस प्यार और भरोसे के लिए दिल से आभार... यह जीत आप सभी की है, यह प्रधानमंत्री मोदी और भाजपा में आपके भरोसे की जीत है, यह सनातन की जीत है और मंडी के सम्मान की जीत है। रनौत ने एक्स पर अपनी पोस्ट के साथ कैप्शन में लिखा, मंडी की संसद। कंगना ने 17 साल की उम्र में अपने अभिनय करियर की शुरुआत की थी। उन्होंने इंडस्ट्री के कई जाने-माने निर्देशकों के साथ काम किया है, जिनमें अनुराग बसु की फिल्म गैंगस्टर भी शामिल है और उन्होंने क्वीन, तनु वेड्स मनु, मणिकर्णिका और फैशन जैसी फिल्मों में अपने अभिनय के लिए प्रशंसा अर्जित की है। भाजपा नेता और अभिनेत्री कंगना रनौत दिल्ली एयरपोर्ट पर पहुंचीं #WATCH | BJP leader and actor Kangana Ranaut arrives at Delhi airport A woman constable of CISF allegedly slapped Kangana Ranaut at Chandigarh Airport during a frisking argument. An inquiry committee comprising senior CISF officers has been set up to conduct a further… pic.twitter.com/EmrYPQgheH — ANI (@ANI) June 6, 2024
तीसरी बार पिता बने पंजाब सीएम भगवंत मान, पत्नी गुरप्रीत कौर ने दिया बेटी को जन्म
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान के घर किलकारी गूंजी है. उनके घर लक्ष्मी पैदा हुई है. सीएम की पत्नी गुरप्रीत कौर ने बेटी को जन्म दिया है. भगवंत ने ट्विटर पर बेटी की पहली झलक भी दिखाई है.
दर्शक काफी समय से रैपर बादशाह और हनी सिंह के बीच जुबानी जंग देख रहे हैं। दोनों का रिश्ता सालों से विवादों से भरा रहा है। हालांकि करियर के शुरुआती दिनों में बादशाह और हनी सिंह के बीच अच्छी दोस्ती हुआ करती थी। हालाँकि, ऐसा लगता है कि सफलता और पैसे ने धीरे-धीरे इस दोस्ती को पूरी तरह से खत्म कर दिया। अब दोनों अक्सर एक दूसरे पर तंज कसते नजर आते हैं। हाल ही में हनी सिंह एक होली पार्टी में शामिल हुए, जहां उन्होंने बादशाह के 'पापा कमबैक' वाले कमेंट का करारा जवाब दिया। रैपर का ये वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इसे भी पढ़ें: Punjab Kings के खिलाफ जीत के बाद इंटरनेट पर Virat Kohli का Anushka Sharma के साथ वीडियो कॉल, FLY KISS देते नजर आये खिलाड़ी हनी सिंह ने बादशाह पर किया पलटवार बादशाह कुछ दिनों पहले हनी सिंह पर अपनी टिप्पणी को लेकर चर्चा में थे, जिसमें उन्होंने हनी सिंह की वापसी पर कटाक्ष किया था। अब सिंगर और रैपर हनी सिंह ने एक कमेंट के जरिए बादशाह को करारा जवाब दिया है और कहा है कि उन्हें बादशाह को जवाब देने के लिए मुंह खोलने की जरूरत नहीं है। उनके फैन ही काफी हैं जो हर चीज पर बात कर सकते हैं। उन्होंने अपने गाली वाले अंदाज में अपने फैंस से बात करते हुए बादशाह का जवाब दिया। हनी सिंह को सोमवार को मुंबई में एक होली पार्टी में परफॉर्म करते देखा गया और यहीं उन्होंने बादशाह पर कटाक्ष किया। बिना किसी का नाम लिए उन्होंने कहा, हर कोई कहता है, रिप्लाई करो, रिप्लाई करो... मैं क्या रिप्लाई करूं... आप लोग तो उनके सारे कमेंट्स का बहुत अच्छे से रिप्लाई कर चुके हैं। मुझे मुंह खोलने की जरूरत है। ऐसा नहीं होता है। जैसे ही भीड़ ने उनके लिए तालियां बजाईं, गायक ने कहा, मुझे बोलने की जरूरत नहीं है। आप लोग खुद पागल हैं। हनी सिंह पागल हैं और उनके प्रशंसक भी पागल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी रैपर बादशाह ने क्या कहा? आपको बता दें कि हाल ही में बादशाह ने हनी सिंह पर कमेंट करते हुए कहा था, ''मुझे एक पेन और कागज दो। मैं तुम्हारे लिए एक गिफ्ट लाया हूं। मैं कुछ गाने लिखूंगा और तुम्हें दूंगा। पापा की वापसी तुम्हारे साथ होगी।'' Kalesh Controversy B/w Honey Singh and Badshah (Honey Singh Replied to Badshah) pic.twitter.com/o74t423bgS — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 25, 2024 Kalesh Between Badshah & Honey Singh Fans on Stage during Live Concert pic.twitter.com/M4VqSqLSc3 — Ghar Ke Kalesh (@gharkekalesh) March 19, 2024
विराट कोहली ने सोमवार को पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ बल्ले से चमक बिखेरी और अपनी टीम रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु (आरसीबी) को चिन्नास्वामी स्टेडियम में पंजाब किंग्स (पीबीकेएस) के खिलाफ आसान जीत दिलाई। उन्होंने 49 गेंदों पर 77 रनों की शानदार पारी खेली, जिसमें 11 चौके और 2 छक्के शामिल हैं। इसे भी पढ़ें: Taapsee Pannu के पति Mathias Boe आखिर कौन है? जब सफल भी नहीं थी एक्ट्रेस तब से उन्हें प्यार करते थे बैडमिंटन खिलाड़ी मैच जीतने के बाद, क्रिकेटर को मैदान से वीडियो कॉल पर अपनी पत्नी अनुष्का शर्मा और बच्चों वामिका और अकाय से बात करते देखा गया। विराट ने भी अपनी चतुराई का प्रदर्शन किया, क्योंकि उन्होंने कैमरे के अपने किनारे को बड़ी स्क्रीन पर रखा, जिससे ग्राउंड कैमरा उनके परिवार को कॉल पर कैप्चर नहीं कर सका। विराट द्वारा अपने परिवार को वीडियो कॉल करने का वीडियो तुरंत सोशल मीडिया पर वायरल हो गया और हर तरफ से नेटिज़न्स की प्रतिक्रिया आ रही है। इसे भी पढ़ें: Bollywood Holi Celebration । रंगीन रंगों से सजे नजर आए बॉलीवुड गलियारे, कुछ इस तरह सितारों ने मनाई होली । See Pics And Videos नेटिज़ेंस की प्रतिक्रिया कॉल ख़त्म करने से पहले, विराट को अपने परिवार को फ्लाइ किस देते हुए और 'आई लव यू' कहते हुए भी देखा गया। वीडियो के सोशल मीडिया पर वायरल होने के तुरंत बाद, नेटिज़न्स अपने पसंदीदा स्टार क्रिकेटर पर अपने विचार व्यक्त करने के लिए तत्पर थे। एक यूजर ने लिखा, ''उनके प्यारे एक्सप्रेशंस देखिए।'' दूसरे ने लिखा ''मैच के बाद अनुष्का शर्मा के साथ वीडियो कॉल पर विराट कोहली। सबसे खूबसूरत पल!'' आरसीबी बनाम पीबीकेएस मैच के बारे में अधिक जानकारी विराट कोहली की प्रतिभा और दिनेश कार्तिक और महिपाल लोमरोर के फिनिशिंग टच ने रॉयल चैलेंजर्स बेंगलुरु को आईपीएल 2024 की पहली जीत दिलाई। उन्होंने अंतिम ओवर में चार विकेट रहते हुए 177 रन के लक्ष्य का पीछा किया। जब कोहली आउट हुए, तब भी आरसीबी को अंतिम 24 गेंदों पर 47 रनों की जरूरत थी। हालांकि, विराट प्लेयर ऑफ द मैच बने। सीजन में अब तक दोनों पारियों में 98 रन बनाने के लिए उन्हें ऑरेंज कैप भी मिली। Virat Kohli on video call with his family. Look at his cute expressions #ViratKohli #RCBvsPBKS pic.twitter.com/PEdIpdWwQR — Satyam (@iamsatypandey) March 25, 2024
Sidhu Moose Wala के भाई के जन्म पर क्यों मचा हुआ है हंगामा ?बलकौर सिंह ने Video शेयर कर पंजाब सरकार पर लगाए गंभीर आरोप

