...

भारी बारिश और जलभराव के चलते मेरठ-हापुड़ समेत 9 जिलों में आज स्कूल बंद, डीएम का सख्त एक्शन

उत्तर प्रदेश में मानसून की सक्रियता ने अब एक बेहद गंभीर और आक्रामक रूप ले लिया है। भारतीय मौसम विज्ञान विभाग (IMD) द्वारा पश्चिमी और मध्य उत्तर प्रदेश के अधिकांश हिस्सों में अगले 24 घंटों के लिए भारी से अत्यधिक भारी बारिश का 'रेड अलर्ट' (Red Alert) जारी किए जाने के बाद, शासन और प्रशासन पूरी तरह से मुस्तैद हो गया है। बच्चों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देते हुए पश्चिमी यूपी के मेरठ, हापुड़ और बागपत समेत नौ प्रमुख जिलों के जिलाधिकारियों (DM) ने आज, 10 जुलाई 2026 शुक्रवार को कक्षा 12वीं तक के सभी सरकारी, सहायता प्राप्त और निजी स्कूलों को पूरी तरह से बंद रखने का एक आपातकालीन आदेश जारी कर दिया है। लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण इन क्षेत्रों के जनजीवन पर बहुत बुरा असर पड़ा है।इन 9 जिलों में कक्षा 12वीं तक पूर्ण अवकाश घोषित: आदेश का उल्लंघन करने वाले स्कूलों पर होगी एफआईआरप्रशासनिक सूत्रों से मिली आधिकारिक जानकारी के मुताबिक, जिन नौ प्रमुख जिलों में आज स्कूल बंद रखने का सख्त फैसला लिया गया है, उनमें मेरठ, बागपत, बुलंदशहर, सहारनपुर, बिजनौर, मुजफ्फरनगर, हापुड़ और कासगंज शामिल हैं, जहां 12वीं तक के सभी शिक्षण संस्थान बंद रहेंगे। जिला बेसिक शिक्षा अधिकारियों (BSA) ने सभी ब्लॉक शिक्षा अधिकारियों और स्कूल प्रबंधकों को निर्देश जारी किया है कि वे जिलाधिकारी के इस आदेश का कड़ाई से और बिना किसी लापरवाही के अनुपालन सुनिश्चित करें। शिक्षा विभाग ने साफ शब्दों में चेतावनी दी है कि यदि कोई भी स्कूल या कॉलेज इस आपातकालीन आदेश का उल्लंघन करता हुआ पाया गया या बच्चों को स्कूल बुलाता है, तो उस शिक्षण संस्थान के खिलाफ महामारी और आपदा प्रबंधन अधिनियम के तहत तत्काल कड़ी दंडात्मक और कानूनी कार्रवाई अमल में लाई जाएगी।बदायूं में 2 दिनों के लिए कक्षा 8 तक के स्कूल बंद: 12 जुलाई को हरितमा ऐप पर जियोटैगिंग के साथ खुलेंगे संस्थानइसी बीच, बदायूं जिले से एक और बड़ी प्रशासनिक अपडेट सामने आई है। बदायूं के जिला बेसिक शिक्षा अधिकारी नवीन कुमार ने सूचित किया है कि डीएम के विशेष आदेश पर मौसम की गंभीर स्थिति को देखते हुए कक्षा 1 से लेकर कक्षा 8 तक के सभी विद्यालयों में शुक्रवार 10 जुलाई और शनिवार 11 जुलाई को दो दिनों का पूर्ण अवकाश घोषित किया गया है। हालांकि, रविवार 12 जुलाई को एक विशेष राजकीय व्यवस्था के तहत सभी स्कूल खोले जाएंगे। इस दिन प्रदेश सरकार के वृहद पौधरोपण अभियान को सफल बनाने के लिए सभी शिक्षक, छात्र और उनके अभिभावक मिलकर स्कूल परिसरों में पौधे लगाएंगे। इन पौधों की लाइव जियोटैगिंग (Geotagging) करने के लिए सरकार के आधिकारिक 'हरितमा ऐप' (Haritma App) पर तस्वीरें अपलोड की जाएंगी और उन्हें सोशल मीडिया व विभागीय व्हाट्सएप ग्रुप्स पर अनिवार्य रूप से साझा करना होगा।मौसम विभाग की खौफनाक चेतावनी: 11 जुलाई तक पूरे यूपी में मूसलाधार आफत, गिरेगा पाराआईएमडी लखनऊ (IMD Lucknow) के वरिष्ठ मौसम वैज्ञानिकों के अनुसार, मुजफ्फरनगर, बिजनौर, अमरोहा, मुरादाबाद, रामपुर, बरेली, पीलीभीत, संभल और बदायूं समेत कई जिलों में प्रकृति का रौद्र रूप देखने को मिल सकता है, जहां अत्यधिक भारी वर्षा की आशंका जताई गई है। मौसम कार्यालय ने पूरे प्रदेश के लिए बुलेटिन जारी करते हुए कहा है कि 11 जुलाई तक राज्य के अधिकांश हिस्सों में व्यापक और मूसलाधार बारिश का सिलसिला जारी रहेगा, जिससे अगले दो से तीन दिनों के भीतर तापमान में 2 से 4 डिग्री सेल्सियस तक की बड़ी गिरावट दर्ज की जा सकती है। राजधानी लखनऊ में भी बृहस्पतिवार को रिकॉर्ड 27.2 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई, जिससे वहां की सापेक्ष आर्द्रता 94 प्रतिशत तक पहुंच गई है। लखनऊ और उसके आसपास के इलाकों में अगले 24 घंटों में कड़कड़ाती बिजली और गरज के साथ बौछारें पड़ने का अनुमान है।बुलंदशहर में दीवार गिरने से बड़ा हादसा, गाजियाबाद-नोएडा में जलभराव से धंसी सड़केंइस मानसूनी बारिश ने उत्तर प्रदेश के कई हिस्सों में तबाही की कहानियां भी लिखनी शुरू कर दी हैं। बुलंदशहर के पुलिस क्षेत्राधिकारी शोभित कुमार ने बताया कि जिले के मुंडाखेड़ा गांव में शाम करीब पांच बजे मूसलाधार बारिश के दबाव के कारण एक विशाल दीवार अचानक भरभराकर गिर गई। इस मलबे के नीचे एक खाली भूखंड के बगल में अस्थायी तंबू लगाकर रह रहे छह मजदूर बुरी तरह दब गए। स्थानीय पुलिस और रेस्क्यू टीम ने तुरंत मौके पर पहुंचकर सभी को बाहर निकाला, लेकिन दुर्भाग्यवश इस दर्दनाक हादसे में दो लोगों की मौके पर ही मौत हो गई, जबकि चार अन्य गंभीर रूप से घायल हो गए हैं। वहीं दूसरी तरफ, दिल्ली से सटे गाजियाबाद और नोएडा में भी भारी बारिश से सड़कें समंदर में तब्दील हो गई हैं, जिससे घंटों लंबा ट्रैफिक जाम लगा रहा। गाजियाबाद के वसुंधरा सेक्टर-13 इलाके में तो पानी के भारी दबाव के चलते एक मुख्य सड़क का बड़ा हिस्सा गहरे गड्ढे में तब्दील होकर धंस गया, जिससे प्रशासन ने उस रूट को तुरंत सील कर दिया है।

न्यूज़ इंडिया लाइव 10 Jul 2026 5:57 am

Petrol Diesel Price Today 8 July 2026: यूपी के प्रमुख शहरों में पेट्रोल-डीजल के नए दाम जारी, जानें आज लखनऊ और कानपुर में क्या है तेल का रेट

रोज सुबह की शुरुआत न केवल सूरज की नई किरणों के साथ होती है, बल्कि वाहन चालकों के लिए पेट्रोल और डीजल की नई कीमतें भी एक बड़ा अपडेट लेकर आती हैं। ईंधन के ये दाम आम आदमी के मासिक बजट और जेब पर सीधा असर डालते हैं। भारत में हर दिन सुबह 6 बजे देश की सरकारी तेल विपणन कंपनियां (OMCs) पेट्रोल-डीजल के ताजा रेट जारी कर देती हैं, जो अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल (Crude Oil) की कीमतों और डॉलर के मुकाबले रुपए की विनिमय दर में होने वाले उतार-चढ़ाव पर आधारित होते हैं। उत्तर प्रदेश में आज, 8 जुलाई 2026 को भी तेल के नए दाम जारी कर दिए गए हैं।लखनऊ, कानपुर से लेकर नोएडा तक: यूपी के शहरों में आज का भावअगर आप आज घर से गाड़ी लेकर निकल रहे हैं या फ्यूल टैंक फुल कराने की सोच रहे हैं, तो उत्तर प्रदेश के प्रमुख शहरों में पेट्रोल और डीजल के प्रति लीटर दाम इस प्रकार हैं:शहर का नाम (UP Cities)पेट्रोल का रेट (₹/लीटर)डीजल का रेट (₹/लीटर)लखनऊ (Lucknow)₹101.86₹95.36कानपुर शहरी (Kanpur)₹101.59₹95.06प्रयागराज (Prayagraj)₹101.96₹95.46नोएडा (Noida)₹101.96₹95.44वाराणसी (Varanasi)₹102.23₹95.72गोरखपुर (Gorakhpur)₹102.13₹95.62मेरठ (Meerut)₹101.99₹95.46अलीगढ़ (Aligarh)₹101.92₹95.38आगरा (Agra)₹101.66₹95.14पिछले दिनों क्यों महंगी हुई तेल की कीमतें?घरेलू बाजार में पिछले कुछ समय में पेट्रोल और डीजल के दामों में अच्छी-खासी बढ़ोतरी दर्ज की गई है। बीते 15 मई 2026 को ईंधन की कीमतों में बड़ा संशोधन हुआ था, जिसके तहत पेट्रोल और डीजल दोनों के दामों में सीधे 3 रुपये प्रति लीटर का इजाफा किया गया था, और उसके बाद भी कीमतों में कई बार बढ़ोतरी देखी गई।केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने इस मूल्य वृद्धि के पीछे की वैश्विक वजहों को स्पष्ट करते हुए बताया था कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में आए तेज उछाल के कारण तेल कंपनियों पर अंडर-रिकवरी (लागत से कम पर बिक्री) का भारी दबाव है। इस स्थिति के चलते ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को रोजाना लगभग 1,000 करोड़ रुपये का भारी वित्तीय नुकसान उठाना पड़ रहा था, जिसके चलते कुल अंडर-रिकवरी बढ़कर लगभग 1.98 लाख करोड़ रुपये तक पहुंचने का अनुमान लगाया गया था।पेट्रोलियम मंत्री के अनुसार, कंपनियों का एक तिमाही घाटा ही करीब 1 लाख करोड़ रुपये के पास पहुंच गया था। दूसरी तरफ, क्रूड ऑयल के दाम भी पहले के $64-$65 प्रति बैरल के निचले स्तर से बढ़कर एक समय लगभग $115 प्रति बैरल तक पहुंच गए थे। हालांकि भारत ने साल 2022 के बाद से एक लंबे समय तक ईंधन की कीमतों को बढ़ने से रोके रखा था और उपभोक्ताओं को राहत दी थी, लेकिन वैश्विक बाजार की इस भीषण मंदी और दबाव के चलते आखिरकार पिछले कुछ दिनों में कीमतों में आंशिक इजाफा करना जरूरी हो गया था।

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Jul 2026 8:42 am