अशोकनगर जिले की ग्राम पंचायतों में प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए अब संग्रहालय बनाए जाएंगे। यह पहल कलेक्टर साकेत मालवीय के निर्देश और जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन के मार्गदर्शन में शुरू की गई है। कई ग्राम पंचायतों में प्राचीन मूर्तियां लंबे समय से अव्यवस्थित स्थिति में रखी हुई हैं। उचित रखरखाव के अभाव में इन ऐतिहासिक धरोहरों का क्षरण हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित करने का निर्णय लिया है। इन संग्रहालयों का मुख्य उद्देश्य प्राचीन मूर्तियों को सुरक्षित रखना है। साथ ही, इनके माध्यम से पर्यटक भी इन मूर्तियों का अवलोकन कर जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकेंगे। इस दिशा में ग्राम पंचायत तूमैंन में एक संग्रहालय का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत मल्हारगढ़, थूबोन और कदवाया में भी प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण के लिए संग्रहालय स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
नेशनल हाईवे-62 (नागौर-बीकानेर) पर टेम्पो ट्रैवलर और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में टेम्पो ट्रैवलर में सवार 3 लोगों की मौत हो गई। 13 लोग घायल हो गए। एक्सीडेंट बीकानेर के नोखा थाना क्षेत्र में चरकड़ा बाइपास पर बुधवार देर रात करीब 3:30 बजे हुआ। टेम्पो ट्रैवलर में सवार सभी लोग नाथद्वारा (राजसमंद) में श्रीनाथ मंदिर से दर्शन कर बीकानेर लौट रहे थे। थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने बताया- टेम्पो ट्रैवलर नाथद्वारा से बीकानेर की ओर जा रहा था। बीकानेर से नागौर की तरफ जा रहे तेज रफ्तार ट्रक से चरकड़ा बाइपास के पास उसकी टक्कर हो गई। ट्रक इतनी तेज रफ्तार में था कि सड़क किनारे घर के बाहर खाट पर सो रहे 5-6 लोगों से करीब 60 फीट की दूरी पर जाकर रुका। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। टेम्पो ट्रैवलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। देखें, हादसे से जुड़ी PHOTOS… पुलिस ने टेम्पो ट्रैवलर में फंसे लोगों को बाहर निकाला हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से टेम्पो ट्रैवलर में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और सीएचसी नोखा पहुंचाया। वहां डॉक्टर्स ने टेंपो ट्रैवलर ड्राइवर मोहम्मद आरिफ (45) निवासी सरदारशहर (चूरू), बीकानेर निवासी जयश्री (30) पत्नी आशीष और सरदारशहर निवासी विष्णु (26) को मृत घोषित कर दिया। आशीष पुत्र मोहनलाल राकांवत, सोनी पत्नी बंशीलाल, कनुश्री, हिमांशी, भारती, बजरंगलाल, मितांशु, रितिका, जीविका, मयंक, संतोष, मीनाक्षी और निधि घायल हुए। सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद पीबीएम अस्पताल बीकानेर रेफर किया गया। प्रत्यक्षदर्शी बोला- ट्रक थोड़ा और आगे आता तो बड़ा हादसा हो जाता टक्कर के बाद ट्रक सड़क से उतरकर करीब 30 फीट अंदर तक चला गया था। जिस घर के पास ट्रक रुका, वहां से करीब 30 फीट दूर किसान के पशु बंधे हुए थे। वहीं परिवार के 5-6 लोग ट्रक से लगभग 60 फीट की दूरी पर सो रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी कन्हैयालाल ने बताया- रात में हम बाहर ही सो रहे थे। हमारे पशु भी बाहर बंधे हुए थे। अचानक ट्रक आकर रुका तो हमारी नींद खुली। ट्रक ने घर के चारों ओर लगी तारबंदी भी तोड़ दी। अगर ट्रक थोड़ा भी आगे बढ़ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। बाद में हमने ही शीशा तोड़कर टेम्पो ट्रैवल में फंसे लोगों को बाहर निकलवाया। जीजा-साली की मौत तीन बहनें भारती, सोनू और जयश्री अपने पति और बच्चों के साथ 23 मई को घूमने निकली थीं। परिवार माउंट आबू, हल्दीघाटी, सांवरिया सेठ और श्रीनाथजी के दर्शन कर बीकानेर लौट रहा था। जयश्री, विष्णु की साली थी। दोनों की हादसे में मौत हो गई। जयश्री का पति आशीष, विष्णु की पत्नी भारती (27), सोनू (33) पत्नी बजरंग, कनुश्री (9) पुत्री आशीष और कृतिका (11) पुत्री बजरंग गंभीर घायल हैं। उनका बीकानेर के पीएमबी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। बाकी सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। वहीं गंभीर घायल मयंक पुत्र बजरंग को कोठारी हाॅस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। आशीष बीकानेर के धरणीधर एरिया का निवासी है और प्राइवेट हाॅस्पिटल में कंपाउंडर है। विष्णु सरदारशहर में मेडिकल शाॅप चलाता था। … एक्सीडेंट की यह खबर भी पढ़ें… पुष्कर में डेजर्ट सफारी के दौरान अवैध कैंपर पलटी:उदयपुर से आए टूरिस्ट परिवार के 18 लोग घायल; जेएलएन अस्पताल में चल रहा इलाज पुष्कर में डेजर्ट सफारी के दौरान कैंपर पलट गई। हादसे में उदयपुर से पुष्कर घूमने आए 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को जेएलएन अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका इलाज जारी है। (पूरी खबर पढ़ें)
आगरा के चौपाटी में जिप लाइन से गिरकर फिरोजाबाद के 16 साल के लड़के की मौत हो गई। बेटे की लाश को गोद में रखकर माता-पिता रोते-बिलखते रहे। मौके पर न फर्स्ट एड मिला, न ही एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन संभाल रही ईओडी कंपनी का कोई कर्मचारी मदद को आगे आया। असहाय माता-पिता बेटे की जिंदगी बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। आखिर में बेटे ने उनकी गोद में ही दम तोड़ दिया। माता-पिता की शिकायत पर पुलिस ने एडवेंचर कंपनी 'एवरी अदर डे एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड' के मालिक, मैनेजर और सेफ्टी इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मैनेजर और सेफ्टी इंचार्ज को जेल भेज दिया गया है। इस कंपनी के दो मालिक हैं, लेकिन उन पर अभी कार्रवाई नहीं हुई है। न ही आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) के किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। जानिए कुनाल की मौत के 5 जिम्मेदार कौन हैं, जिनकी वजह से भयानक हादसा हुआ। ईओडी कंपनी के सेफ्टी इंचार्ज की जिम्मेदारी क्या थी? पहली- जिप लाइन राइड से पहले कुनाल को सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारी देनी चाहिए थी। दूसरी- राइड के दौरान क्या करना है और क्या नहीं, इस बारे में बताना चाहिए था। तीसरी- बेल्ट का हुक ठीक से न लगाने में क्या दिक्कत हो सकती है, यह बताना चाहिए था। ये जरूरी चीजें कुनाल को देनी चाहिए थी, लेकिन नहीं दी गईं ईओडी कंपनी की तरफ से मैनेजर की क्या जिम्मेदारी थी? पहली- चौपाटी के संचालन, रख-रखाव, सुरक्षा मानकों और सरकारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराना। दूसरी- एडवेंजर स्पोर्ट्स की मशीनों और सभी राइड की नियमित जांच और रख-रखाव कराना। तीसरी- राइड से पहले बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की सही तरीके से जांच कराना। कंपनी के डायरेक्टर की क्या जिम्मेदारियां थी? पहली- कंपनी की सभी एडवेंचर गतिविधियों और संचालन की निगरानी करना। दूसरी- सुरक्षा नीति और सेफ्टी स्टैंडर्ड तय कर उनका पालन सुनिश्चित करना। तीसरी- राइड्स, उपकरणों और इंफ्रास्ट्रक्चर के नियमित निरीक्षण और रख-रखाव की व्यवस्था करना। चौथी- सरकारी नियमों, लाइसेंस और सुरक्षा गाइडलाइन का पालन कराना। ईओडी कंपनी का पूरा नाम एवरी अदर डे एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। ये आगरा के अलावा गाजियाबाद और दिल्ली में भी है। कंपनी ने आगरा की इस चौपटी को लीज पर ले रखा है। ऐसे में चौपटी में व्यवस्थाओं और उनके संचालन की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं की है। एडवेंचर के लिए ए-वन गुणवत्ता वाली सेफ्टी किट उपलब्ध कराने, ट्रेंड स्टाफ की भर्ती करने, समय-समय पर स्टाफ को गाइड करने में इनसे लापरवाही हुई। दूसरी डायरेक्टर के तौर पर इनकी क्या जिम्मेदारी थी? पहली- प्रशिक्षित और योग्य स्टाफ की नियुक्ति सुनिश्चित करना। दूसरी- जोखिम प्रबंधन, इमरजेंसी प्लान और बीमा जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना। तीसरी- कंपनी के संचालन में लापरवाही या सुरक्षा चूक रोकने के लिए निगरानी बनाए रखना। चौपाटी में इंतजाम सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी इनकी थी। जिप लाइन से गिरने के बाद कुनाल को चौपाटी पर प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाया। ऐसे में डायरेक्टर के तौर पर इनकी जिम्मेदारी थी कि एडवेंचर एक्टिविटी के दौरान प्राथमिक उपचार की व्यवस्था है या नहीं, यह सुनिश्चित करना। लेकिन, इसमें लापरवाही बरती गई। आगरा डेवलेपमेंट अथॉरिटी की क्या जिम्मेदारी थी? पहली- व्यावसायिक गतिविधियों, पार्क, मनोरंजन स्थल और निर्माण को तय नियमों के तहत अनुमति देना। दूसरी- सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच करना। तीसरी- सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा से जुड़े इंतजाम सुनिश्चित कराना। ईओडी कंपनी एक करार के तहत ठेके पर चौपाटी और यहां एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन कर रही थी। लेकिन, यह प्रॉपर्टी आगरा डेवलपमेंट अथॉरिटी (ADA) की ही है। ऐसे में मनोरंजन स्थल चौपटी का निरीक्षण करना, सेफ्टी नियमों की निगरानी करना इनकी जिम्मेदारी थी। प्रॉपर्टी पर किसी लापरवाही की वजह से कहीं मौत का खेल तो नहीं खेला जा रहा, ये एडीए को सुनिश्वित करना था। एडीए की निगरानी में चूक हुई। ADA उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली का कहना है कि चौपाटी हादसे की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में कमेटी जांच कर रही है। एक-दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। 9 साल के लिए हुआ है एग्रीमेंट इस ईओडी कंपनी ने अक्टूबर, 2025 में आगरा में चौपाटी के संचालन और एडवेंचर एक्टिविटीज शुरू की थीं। एम. अरुन्मोली आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की उपाध्यक्ष हैं। इन्हीं के कार्यकाल में कंपनी को संचालन का ठेका दिया गया था। इस कंपनी का ADA से 9 साल के लिए एग्रीमेंट हुआ है। 9 साल बाद समीक्षा होने के बाद एक बार फिर से 6 साल के लिए इस कंपनी को ठेका देने का भी प्रावधान है। इस तरह से कंपनी, चौपाटी का 15 साल तक संचालन कर सकती है। 1.8 करोड़ सालाना में हुआ एग्रीमेंट ईओडी एडवेंचर कंपनी आगरा के अलावा दिल्ली और गाजियाबाद में भी एम्यूजमेंट पार्क चलाती है। ADA से लगभग 1.8 करोड़ हर साल में करार हुआ है। अब चौपाटी के बारे में जानते हैं… ताजमहल के पूर्वी गेट से लगभग 3 किलोमीटर दूर ताज नगरी फेज-2 स्थित जोनल पार्क में चौपाटी विकसित की गई है। इसके एक कोने में कई भोजनालय हैं। जहां आगरा के स्थानीय और देश के अन्य हिस्सों के स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं। परिवार के साथ सुबह की सैर और शाम बिताने के लिए शानदार जगह के रूप में इसे विकसित किया गया है। इसका शुभारंभ नवंबर- 2023 में हुआ था। यहां लगभग 800 से 1000 लोग रोज आते हैं। जिनमें से रोज 400 से 600 युवा एडवेंचर राइड करते हैं। ईओडी एडवेंचर कंपनी के चौपाटी में जिप लाइनिंग, जिप साइकिलिंग, गो कार्टिंग, बुलराइड जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स हैं। ये कंपनी जिप लाइन एक्टिविटी की प्रति व्यक्ति 400 रुपए टिकट देती है। चौपाटी में एंट्री बंद हादसे के बाद से ही चौपाटी को बंद कर दिया गया है। 25 मई (सोमवार) की सुबह से ही चौपाटी के मुख्य गेट पर अंदर से ताला लगा दिया गया। टिकट विंडो बंद कर दी गई है। हादसे के बाद चौपाटी के अंदर और बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। इक्का-दुक्का कर्मचारी ही अंदर नजर आ रहे हैं। ये टीम कर रही जांच हादसे के बाद एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने एडीए सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें एडीए सचिव के अलावा चीफ इंजीनियर, टाउन प्लानर, एक्सईएन, प्रवर्तन अधिकारी शामिल हैं। ये टीम चौपाटी और यहां एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन कर रही ईओडी कंपनी, कंपनी के साथ हुई करार की शर्तों के अनुपालन और हादसे के कारण की जांच कर रही है। अब घटना के बारे में जानिए…आगरा में फिरोजाबाद के चूड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल के 16 साल के बेटे कुनाल की 24 मई (रविवार) को जिप लाइन झूले से गिरकर मौत हो गई थी। वह मां-बाप और भाई के सामने ही 45 फीट ऊंचे झूले से सिर के बल नीचे गिरा। लड़का जैसे ही जिप लाइन में एक छोर से दूसरे छोर की तरफ बढ़ा, उसकी सेफ्टी बेल्ट का हुक टूट गया था। रेलिंग से टकराता हुआ नीचे गिर गया था। मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई थी। बेटा जब जिप लाइन झूले पर था, तो नीचे मां और भाई वीडियो बना रहे थे। पूरा हादसा उनके फोन में रिकॉर्ड हो गया। कुनाल का परिवार फिरोजाबाद से आगरा घूमने आया था। माता-पिता बेटे की लाश से लिपटकर रोते-रोते बेसुध हो गए थे। पिता ने रोते हुए कहा था कि जिप लाइन संचालक की लापरवाही की वजह से मेरा बेटा चला गया। मैं तो उसे घुमाने लाया था, अब उसकी लाश कैसे घर लेकर जाऊं? ------------------------- ये खबर भी पढ़िए- मां-बाप के साथ बेटे की आखिरी सेल्फी, पिता बोले- वो मंजर कभी नहीं भूल सकता तस्वीर में दिख रही ये खुशियां इतने चंद लम्हों की होंगी, इसका अंदाजा कुनाल को भी नहीं था। बाबा खाटू श्याम के दर से लौटकर जब वो 45 फीट ऊंचे जिप लाइन झूले पर बैठा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वह मौत का बुलावा साबित होगा। मोबाइल के फ्रेम में कैद उसकी ये आखिरी मुस्कान ताउम्र उसकी मां और पिता के सूनेपन में गूंजती रहेगी। पढ़ें पूरी खबर…
पंजाब-चंडीगढ़ समेत देश के मैदानी इलाकों में समर वेकेशन शुरू होते ही हिमाचल प्रदेश में टूरिस्ट उमड़ पड़े हैं। इससे हिल स्टेशनों पर टूरिस्टों की भीड़ बढ़ी है। खासकर मनाली, रोहतांग पास, अटल टनल, शिमला, डलहौजी और कसौली टूरिस्ट्स से अटे पड़े हैं। होटलों में बुधवार को 60 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी हो गई। वीकेंड पर 90 फीसदी ऑक्यूपेंसी होने के आसार है। मुंबई से आईं इशिका ने बताया कि वह पहली बार मनाली आईं है। यहां का मौसम बहुत अच्छा है। मुंबई में 45-46 डिग्री तापमान रहता है। अच्छा लग रहा है और यहां इंजॉय कर रहे हैं। उन्होंने यहां का स्ट्रीट फूड भी इंजॉय किया। हैदराबाद की महिला टूरिस्ट ने बताया कि वह भी पहली बार मनाली आई है। मनाली का उनका अच्छा एक्सपीरियंस रहा है। उन्होंने मनाली को इंजॉय करने के लिए सबसे बेहतर प्लेस बताया। हिल स्टेशन पर उमड़ी भीड़ के बाद टूरिस्टों को ट्रैफिक जाम का भी सामना करना पड़ रहा है। अगले कुछ दिन हिमाचल के 10 फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन पर कैसा रहेगा होटल्स का हाल, कहां मिलेगी पार्किंग की सुविधा और कैसे जाम से बचकर हिल स्टेशन के सफर को आसान बनाए, पढ़िए दैनिक भास्कर की रिपोर्ट... 1. शिमला: वीकेंड पर ऑक्यूपेंसी 90% की उम्मीद: हिल स्टेशन में शिमला टूरिस्ट का सबसे पसंदीदा पर्यटन स्थल है। शिमला के होटेलियर अश्वनी सूद ने बताया कि बुधवार को लगभग 60% तक ऑक्यूपेंसी हो गई है। वीकेंड के लिए एडवांस में ही 70% तक कमरों की बुकिंग हो चुकी है और शनिवार-रविवार को 90% से अधिक पहुंचने की उम्मीद है। शिमला के होटलों में 1800 रुपए से लेकर 15 हजार रुपए तक के कमरे मिल जाते हैं। लेट-नाइट पहुंचने वाले टूरिस्ट को एडवांस बुकिंग की सलाह दी जाती है। कैसे पहुंचे और ट्रैफिक का हाल: कालका-शिमला NH-05 से टूरिस्ट शिमला पहुंच सकते हैं। कालका से शिमला की दूरी लगभग 86 किलोमीटर है। निजी वाहन से कालका से शिमला के लिए ढाई से तीन घंटे में पहुंचा जा सकता है। मगर, शिमला में बीच-बीच में ट्रैफिक जाम टूरिस्ट को परेशान कर सकता है। इसलिए शिमला आने वाले टूरिस्ट को सलाह दी जाती है कि जब आप शिमला से किसी दूसरी लोकेशन पर निकलें तो एक घंटे पहले निकलें। वीकेंड पर ट्रैफिक जाम ज्यादा परेशान कर सकता है। कच्ची घाटी से विक्ट्री टनल, हिमलैंड से लिफ्ट, विक्ट्री टनल से लक्कड़ बाजार, ढली टनल से ढली चौक के बीच ज्यादा ट्रैफिक जाम लग रहा है। पार्किंग: शिमला शहर में पार्किंग बड़ी समस्या है। यहां ज्यादातर होटल में पार्किंग नहीं है। इसलिए टूरिस्ट को कई बार सड़क किनारे ही गाड़ियां पार्क करनी पड़ती हैं। शिमला में लिफ्ट के पास दो बड़ी पार्किंग हैं। यहां पर 3500 से ज्यादा गाड़ियां पार्क करने की सुविधा है। 2. रोहतांग दर्रा, बारालाचा और शिंकुला जिन्होंने बर्फ देखनी है, उनके लिए रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रा सबसे बड़ी टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनकर उभरा है। यहां अभी चार से छह फीट तक बर्फ देखी जा सकती है। मनाली पहुंचने वाले अधिकतर टूरिस्ट रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रा जाना नहीं भूलते। रोहतांग दर्रा से ज्यादा टूरिस्ट वापस मनाली लौटते हैं, क्योंकि यहां होटल की सुविधा नहीं है। कुछ टूरिस्ट लाहौल स्पीति जिले के अलग-अलग ग्रामीण इलाकों में बने होम स्टे में भी जाते हैं। ट्रैफिक का हाल: मनाली से रोहतांग दर्रा की दूरी लगभग 50 किलोमीटर है। यहां पहुंचने में दो से ढाई घंटे का वक्त लग जाता है। वीकेंड पर यहां बीच-बीच में ट्रैफिक जाम भी लग जाता है। अर्ली मॉर्निंग यात्रा कर ट्रैफिक जाम से बचा जा सकता है। पार्किंग: रोहतांग दर्रा और बारालाचा में पार्किंग सुविधा नहीं है। इसलिए टूरिस्ट सड़क किनारे गाड़ी खड़ी करते हैं। इसी वजह से ट्रैफिक जाम भी लग जाता है। 3. नारकंडाहोम स्टे की सुविधा उपलब्ध: नारकंडा शिमला से लगभग 62 किलोमीटर दूर है। यह देवदार के जंगलों के बीच बसा छोटा कस्बा है। यहां भी बड़ी संख्या में ग्रामीणों ने होम स्टे बना लिए हैं, जो कि 1500 रुपए से लेकर 8000 रुपए रोजाना के हिसाब से किराए पर उपलब्ध रहते हैं। नारकंडा में टूरिस्ट देवदार के जंगलों का आनंद उठाते हैं और हाटू की तरफ और नारकंडा के जंगल में ट्रैकिंग पर निकलते हैं। ट्रैफिक का हाल: नारकंडा के लिए भी कालका-शिमला-रामपुर NH से पहुंचा जा सकता है। चंडीगढ़ से नारकंडा पहुंचने में करीब साढ़े पांच घंटे का वक्त लगता है। नारकंडा जाने वाले टूरिस्ट को शिमला के ट्रैफिक जाम से बचने के लिए शोघी-आनंदपुर साहिब, भट्टाकुफर-ढली सड़क का इस्तेमाल करना चाहिए। पार्किंग: नारकंडा के ज्यादातर होटलों में पार्किंग की सुविधा उपलब्ध है। 4. मनाली सबसे अधिक टूरिस्ट मनाली पहुंच रहा है। इसकी वजह पास में रोहतांग, बारालाचा और शिंकुला दर्रा है, क्योंकि ज्यादातर टूरिस्ट बर्फ देखने की चाहत में आ रहा है। ऐसे टूरिस्ट शाम को मनाली रुकते हैं और सुबह बर्फ देखने रोहतांग दर्रा की तरफ चले जाते है। दिनभर बर्फ में मस्ती करने के बाद शाम को वापस मनाली लौटते हैं। बुधवार शाम को मनाली में 65 फीसदी से अधिक ऑक्यूपेंसी रही। इस वीकेंड पर 95 से 100 फीसदी ऑक्यूपेंसी होने के आसार है। कुल्लू में ब्यास नदी में रिवर राफ्टिंग का मजा भी उठा सकते हैं। ट्रैफिक जाम परेशान कर रहा: पर्यटन सीजन में सबसे ज्यादा ट्रैफिक जाम भी मनाली में लग रहा है। हालांकि 2 दिन पहले ही स्थानीय प्रशासन ने 30 पुलिस जवानों की तैनाती पर्यटन सीजन को देखते हुए की है। इसके बाद थोड़ी राहत मिली है। हालांकि शाम के वक्त पलचान के आसपास हल्का जाम लग रहा है। इसी तरह चंडीगड़ से जब मनाली पहुंचते हैं तो उस दौरान भी हल्का जाम लग रहा है। मनाली पुलिस का दावा है कि ट्रैफिक जवानों की तैनाती के बाद अब ट्रैफिक जाम से छुटकारा मिलेगा। चंडीगढ़ से मनाली लगभग 300 किलोमीटर दूर है और यहां पहुंचने में लगभग 6 घंटे लग जाते हैं। पार्किंग: मनाली फायर स्टेशन के पास लगभग 800 वाहन, भूतनाथ मंदिर के पास 500 वाहन, मिशन अस्पताल के साथ 300 वाहनों की पार्किंग के अलावा भी शहर में नगर परिषद ने छोटी-छोटी पार्किंग बना रखी हैं। इसी तरह, मनाली के ज्यादातर होटलों ने भी अपनी पार्किंग बना रखी है। लिहाजा यहां पार्किंग की ज्यादा समस्या नहीं है। 5. कुफरी होटल कम, बुकिंग के बाद ही रुकें: कुफरी शिमला से लगभग 15KM दूर है। कुफरी के आसपास महासू पीक, ग्रीन वेली, देशू, आदि पर्यटन स्थलों पर जाकर टूरिस्ट मस्ती करते हैं। महासू पीक से टूरिस्ट दूरबीन से सामने हिमालय रेंज, चूड़धार आदि देख सकते हैं और यहां पर घुड़सवारी का आनंद उठाते हैं। कुफरी में होटल कम संख्या में है। मगर, आसपास के ग्रामीण क्षेत्रों में होम स्टे काफी संख्या में बन गए हैं। इससे टूरिस्ट ग्रामीण क्षेत्रों के होम स्टे में पहुंचकर न केवल ग्रामीण माहौल देखते हैं, बल्कि खाने में भी देसी व्यंजन सिड्डू का आनंद लेते हैं। ट्रैफिक का हाल: कुफरी के लिए NH-5 कालका-शिमला-रामपुर से पहुंचा जा सकता है। चंडीगढ़ से कुफरी पहुंचने में करीब 4 घंटे लगते हैं। कुफरी आने वाले टूरिस्ट को शिमला में ट्रैफिक जाम से जूझना पड़ता है। इससे बचने के लिए टूरिस्ट शोघी-आनंदपुर साहिब, भट्टाकुफर-ढली सड़क का इस्तेमाल कर सकते हैं। पार्किंग: पर्यटन सीजन जब पीक पर होता है तो कुफरी में रोजाना 2500 से भी ज्यादा वाहन आसपास के क्षेत्रों से पहुंचते हैं। यहां पार्किंग की गंभीर समस्या है। सरकार ने एक भी गाड़ी की पार्किंग नहीं बनाई। इसलिए टूरिस्ट एनएच किनारे वाहन पार्क करते हैं। 6. कसोल होटल्स में 70 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी: कसोल कुल्लू जिले की मणिकर्ण घाटी में पड़ता है। प्रकृति और हरे भरे जंगल देखने की चाहत में टूरिस्ट कसोल पहुंचते हैं। यहां पर लोकल से ज्यादा इजराइल के टूरिस्ट मौज-मस्ती करते दिखते हैं। कसोल के होटलों में बुधवार को 70 प्रतिशत तक ऑक्यूपेंसी हो गई है। परसों शाम तक 90 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी होने की उम्मीद है। ट्रैफिक का हाल: मनाली से कसोल की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है। इसमें लगभग 3 घंटे का वक्त लग जाता है। कसोल पहुंचने के लिए पहले मणिकर्ण पहुंचना पड़ता है। टूरिस्ट चंडीगढ़-मनाली फोरलेन से पहले भुंतर तक आ सकते हैं। यहां से मणिकर्ण होते हुए कसोल पहुंचा जा सकता है। कसोल जाते वक्त मणिकर्ण में वीकेंड पर हल्का ट्रैफिक जाम लगता है। आम दिनों में जाम की समस्या नहीं रहती। पार्किंग: कसोल के अधिकांश होटलों में पार्किंग की सुविधा है। मगर यहां भी बाजार में पार्किंग में दिक्कत रहती है। 7. जीभी-तीर्थन वैली होटल की पर्याप्त सुविधा नहीं: समर सीजन में कुल्लू जिले की जीभी और तीर्थन वैली सबसे फेमस टूरिस्ट डेस्टिनेशन बनता जा रहा है। यहां पर टूरिस्ट पहलगाम की तरह दिखने वाले शांघड़ जाना नहीं भूलते। शोझा, तीर्थन वेली, जलोड़ी जोत और घ्यागी में प्रकृति की सुंदरता का आनंद उठाते हैं। इन जगह पर होटल और सरकारी गेस्ट हाउस की सुविधा है। मगर, इनकी संख्या पर्याप्त नहीं है। इसलिए ज्यादातर टूरिस्ट कुल्लू, मनाली और बंजार से सुबह इन जगहों के लिए निकलते हैं और शाम को वापस लौटते हैं। ट्रैफिक का हाल: जीभी पहुंचने के लिए टूरिस्ट को चंडीगढ़-मनाली फोरलेन से आना होगा। मंडी के ओट से जीभी के लिए लिंक रोड़ कटता है। ओट से जीभी की दूरी लगभग 35 किलोमीटर है। इस सफर में डेढ़ घंटा लग जाता है। यहीं से टूरिस्ट आसपास के पर्यटन स्थलों की तरफ मूव करते हैं। सिंगल लेन सड़क की वजह से बीच-बीच में हल्का ट्रैफिक जाम भी यहां परेशान करता है। पार्किंग- जीभी-तीर्थन वैली में पार्किंग एक बड़ी समस्या है। इस वजह से टूरिस्ट सड़क किनारे जहां भी जगह मिलती है, वहां गाड़ी पार्क कर देते हैं। 8. कसौली : सेटर-डे और संडे को होटल पूरी तरह पैक : सोलन जिला का सबसे मशहूर टूरिस्ट डेस्टिनेशन कसौली है। यह चंडीगढ़, हरियाणा और पंजाब से सटा क्षेत्र है। इस वजह से यहां ज्यादातर वक्त टूरिस्ट की भीड़ रहती है। कसौली में बुधवार को ही 75 फीसदी तक ऑक्यूपेंसी हो गई। शनिवार और रविवार को 95 से 100 फीसदी होने के आसार है। ट्रैफिक का हाल और कैसे पहुंचे: चंडीगढ़-शिमला फोरलेन से टूरिस्ट को पहले धर्मपुर तक आना होता है। धर्मपुर से करीब 12 किलोमीटर गड़खल रोड पर कसौली पड़ता है। मगर यहां, इस बार टूरिस्ट को ट्रैफिक जाम रोजाना परेशान कर रहा है। गड़खल के साथ दो किलोमीटर सड़क पर पाइप दबाने की वजह से 20 मिनट के सफर में कई बार एक से दो घंटे लग रहे हैं। ऐसे में कसौली आने वाले टूरिस्ट को घर से डेढ़-दो घंटा पहले निकलना चाहिए। यहां पर दोपहर बाद ज्यादा जाम लग रहा है। पार्किंग- कसौली के ज्यादातर होटल में पार्किंग की समस्या नहीं है। 9. डलहौजी वीकेंड पर 80% तक ऑक्यूपेंसी : चंबा जिले का सबसे मशहूर पर्यटन स्थल डलहौजी है। यहां पंजाब का सबसे ज्यादा टूरिस्ट पहुंचकर प्रकृति की खूबसूरती का आनंद उठाते हैं। डलहौजी के होटलों में 55% तक ऑक्यूपेंसी हो गई है। वीकेंड पर इसके 85% तक पहुंचने की उम्मीद है। यहां 1500 रुपए से लेकर 8000 रुपए तक के कमरे किराए पर आसानी से मिल जाते हैं। ट्रैफिक का हाल: पठानकोट-भरमौर नेशनल हाईवे होते हुए टूरिस्ट डलहौजी पहुंच सकते हैं। यदि कोई टूरिस्ट पहले ही मनाली-शिमला इत्यादि जगह पर हैं तो वह नूरपूर-लाहड़ू-ककीरा-डलहौजी सड़क से डलहौजी जा सकते हैं। पठानकोट से डलहौजी की दूरी लगभग 80 किलोमीटर है। इस सफर में ढाई से तीन घंटे का वक्त लग जाता है। अच्छी बात यह है कि डलहौजी में ट्रैफिक जाम की समस्या नहीं रहती। पार्किंग: डलहौजी में पार्किंग की समस्या नहीं है। 10. भरमौर 60 प्रतिशत से ज्यादा ऑक्यूपेंसी : चंबा जिले के दुर्गम क्षेत्र भरमौर में भी इस बार बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। स्थानीय होटेलियर मंजू क्षत्रीय ने बताया कि बुधवार को 60 प्रतिशत से ज्यादा ऑक्यूपेंसी हो गई है। उन्होंने बताया कि इस बार भरमौर में इजरायली टूरिस्ट भी बड़ी संख्या में पहुंचे हैं। साथ ही पंजाब और हरियाणा के भी काफी टूरिस्ट भरमौर पहुंच रहे हैं। ट्रैफिक का हाल: पठानकोट-भरमौर NH से टूरिस्ट भरमौर पहुंच सकते हैं। भरमौर डलहौजी से 100 किलोमीटर दूर है। पठानकोट से भरमौर की दूरी लगभग 180 किलोमीटर है। मनाली-शिमला, धर्मशाला से भी टूरिस्ट नूरपूर-लाहड़ू-ककीरा सड़क से भरमौर जा सकते हैं। भरमौर में टूरिस्ट को ट्रैफिक जाम से नहीं जूझना पड़ता। पार्किंग: भरमौर में भी पार्किंग की समस्या नहीं है।
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इबोला वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण फैलने की खबरों के बीच एयरपोर्ट प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर नजर आ रहे हैं। विदेशों से आने वाले सभी यात्रियों की एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (APHO) की टीम द्वारा स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। स्क्रीनिंग के दौरान यदि किसी यात्री में बुखार, कमजोरी या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा एयरपोर्ट प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विदेशों से आने वाले सभी यात्रियों की जांच की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। वहीं बड़ागांव स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. शेर मोहम्मद ने बताया कि फिलहाल इबोला वायरस को लेकर कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है, लेकिन एपीएचओ टीम लगातार निगरानी और स्क्रीनिंग का कार्य कर रही है।
राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए बुधवार से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई। वहीं पोर्टल पर आवेदन करते समय तकनीकी खामियां आ रही हैं। आवेदन कर रहे कई वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिजनों को वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें नए आवेदकों को भी सिस्टम पहले से आवेदन किया हुआ बता रहा है। लोगों ने कहा- पोर्टल पर जनआधार नंबर दर्ज कर दूसरी जानकारी भरते हैं। इसके बाद फॉर्म सबमिट करने की कोशिश करते हैं तो स्क्रीन पर मैसेज दिखाई देता है- “यह सदस्य पहले ही आवेदन कर चुका है। नियमानुसार एक सदस्य जीवन में केवल एक ही बार आवेदन कर सकता है।” जबकि कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पहले कभी इस योजना में आवेदन नहीं किया। पोर्टल पर आवेदन अटकने से बढ़ी परेशानी तकनीकी दिक्कत के कारण कई वरिष्ठ नागरिक आवेदन पूरा नहीं कर पा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग ई-मित्र केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां भी आवेदन सबमिट नहीं हो पा रहे। इससे बुजुर्गों और उनके परिजनों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई आवेदकों ने बताया- पोर्टल पर जनआधार नंबर डालने के बाद डेटा खुल रहा है, लेकिन अंतिम चरण में सिस्टम आवेदन रिजेक्ट कर रहा है। ऐसे में लोग समझ नहीं पा रहे कि उनका आवेदन स्वीकार हुआ है या नहीं। 10 जून तक चलेगी आवेदन प्रक्रिया देवस्थान विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 जून तक चलेगी। योजना के तहत इस बार 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन से देश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। वहीं 6 हजार यात्रियों को हवाई जहाज के जरिए नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। केवल ऑनलाइन हो रहे आवेदन विभाग ने आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी है। देवस्थान विभाग के पोर्टल और ई-मित्र केंद्रों के जरिए आवेदन किए जा रहे हैं। आवेदन के लिए जनआधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। पहले लाभ लेने वाले नहीं हैं पात्र योजना के नियमों के अनुसार जो व्यक्ति पहले इस योजना का लाभ ले चुका है, वह दोबारा आवेदन नहीं कर सकता। इसी आधार पर पोर्टल में आवेदन करते समय सिस्टम पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। हालांकि अब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें पहली बार आवेदन करने वाले लोगों को भी पहले से लाभ ले चुका बताया जा रहा है। विभाग के अधिकारी बोले- जल्द कराएंगे समाधान देवस्थान विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर-प्रथम जयपुर रतन लाल ने बताया- यदि आवेदन के दौरान इस तरह की तकनीकी समस्या सामने आ रही है तो विभाग की ओर से टेक्निकल टीम से संपर्क कर उसका समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने कहा- जिन लोगों का पहले कभी चयन हुआ था और विभाग की ओर से कॉल जाने के बावजूद उन्होंने यात्रा नहीं की, उनके पास इस तरह का मैसेज आ सकता है। हालांकि यदि पहली बार आवेदन करने वाले लोगों को भी यह समस्या आ रही है तो मामले की जांच कर उसे ठीक करवाया जाएगा।
देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना में नियम बदला गया है। अब आवेदक ने अगर फ्री यात्रा के लिए गलत जानकारी दी तो उससे पूरा खर्चा वसूला जाएगा। इसके लिए आवेदक को एक घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) भरना होगा। सरकार की ओर से 56 हजार यात्रियों को तीर्थयात्रा कराई जाएगी। इनमें 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन से देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। वहीं 6 हजार यात्रियों को हवाई यात्रा के माध्यम से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर ले जाया जाएगा। इसके लिए आज (27 मई) से आवेदन शुरू हो गए हैं। ऑनलाइन आवेदन के समय वरिष्ठ नागरिकों को एक घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) भरना होगा। इसमें उन्हें यह बताना होगा कि वे इनकम टैक्स नहीं देते हैं और उन्होंने पहले कभी इस योजना के तहत फ्री तीर्थ यात्रा का लाभ नहीं लिया है। साथ ही आवेदक या पति-पत्नी में से कोई भी केंद्र/राज्य सरकार, सरकारी उपक्रम या स्थानीय निकाय से रिटायर्ड गजेटेड ऑफिसर( राजपत्रित अधिकारी) हैं, तो वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। गलत जानकारी देकर यात्रा करता पाया गया, तो सरकार उससे यात्रा पर हुआ पूरा खर्च वसूल करेगी। पहले क्या होता था पहले आवेदन के दौरान केवल यह विकल्प होता था कि आवेदक टिक लगाकर बताए कि वह आयकरदाता है या नहीं और उसने पहले यात्रा की है या नहीं। कई बार गलत जानकारी मिलने पर लोग यह कहकर बच जाते थे कि उनसे गलती से गलत विकल्प चुन लिया गया था। इसी को देखते हुए सरकार ने इस बार आवेदन के साथ डिक्लेरेशन देना अनिवार्य कर दिया है, ताकि योजना का लाभ केवल पात्र लोगों को ही मिल सके। 10 जून तक आवेदन कर सकते हैं देवस्थान आयुक्त एल.एन. मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक लोग 10 जून तक आवेदन कर सकते हैं। सभी आवेदन ऑनलाइन किए जाएंगे। आवेदक अपने मोबाइल फोन, कंप्यूटर या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए देवस्थान विभाग की वेबसाइट का उपयोग करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख के बाद पात्र यात्रियों का चयन कंप्यूटराइज्ड लॉटरी (ड्रॉ) के जरिए जिलेवार किया जाएगा। जानिए आवेदन के लिए जरूरी नियम रेल यात्रा से जुड़ी विशेष शर्तें यदि पति-पत्नी दोनों साथ यात्रा कर रहे हैं, तो सामान्यतः सहायक को साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी।लेकिन यदि पति-पत्नी दोनों की आयु 75 वर्ष से अधिक है और आवेदन में सहायक का नाम दर्ज किया गया है, तो सहायक साथ जा सकेगा।रेल यात्रा में सहायक की आयु 21 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन देवस्थान के इस पोर्टल से होंगे आप देवस्थान विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते है। आवेदन के लिए यहां पर क्लिक करें…
पाली में ट्रेलर से टकराई ट्रैवल्स बस:40 यात्री सवार थे, कंडेक्टर घायल; ओवरटेक के चक्कर में हुआ हादसा
पाली जिले के जाडन के पास फोरलेन पर मंगलवार रात करीब 9 बजे सड़क हादसा हो गया। अहमदाबाद से पिलानी जा रही एक ट्रैवल्स बस ओवरटेक करने के प्रयास में ट्रेलर से टकरा गई। हादसे में बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि बस में सवार सभी करीब 40 यात्री सुरक्षित रहे। बस का गेट क्षतिग्रस्त, खलासी घायल हादसे में बस के गेट के पास खड़ा कंडेक्टर नागेश गंभीर रूप से घायल हो गया, हालांकि उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। टक्कर के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री चोटिल भी हो गए, जबकि कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं। इमरजेंसी गेट से निकाले गए यात्री, ट्रेलर ड्राइवर मौके से फरार हादसे के बाद यात्रियों को बस के इमरजेंसी गेट से एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, टक्कर के बाद ट्रेलर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। यात्रियों ने आरोप लगाया कि बस ड्राइवर तेज रफ्तार में चला रहा था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। फोरलेन पर लगा जाम, पुलिस ने संभाली व्यवस्था जाडन गांव के बीच हुए इस हादसे के चलते फोरलेन पर लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सड़क किनारे हटवाया और यातायात को सुचारू किया। बाद में यात्रियों को दूसरी बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
सरेंडर महिला नक्सली चला रहीं इको पर्यटन केंद्र
भास्कर न्यूज | सुकमा जो महिलाएं कभी कंधों पर एके-47 और पीठ पर ग्रेनेड से भरे बैग लेकर जंगलों में घूमती थीं और भय का पर्याय मानी जाती थीं, आज वही महिलाएं पर्यटकों का स्वागत कर रही हैं। दूसरी ओर, वे महिलाएं भी इस बदलाव का हिस्सा बनी हैं, जिन्होंने वर्षों तक नक्सली हिंसा का दर्द सहा। अब दोनों पक्ष की महिलाएं पुरानी कड़वाहट भुलाकर साथ मिलकर जिले के तुंगल डैम में शुरू किए गए इको-पर्यटन केंद्र का संचालन कर रही हैं। 31 दिसंबर 2025 को शुरू हुए तुंगल इको-पर्यटन केंद्र ने कुछ ही महीनों में नई पहचान बना ली है। कभी नक्सल प्रभाव और उपेक्षा का प्रतीक रहा तुंगल डैम आज उम्मीद, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभर रहा है। जिला मुख्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित यह स्थल पहले जर्जर अवस्था में अपनी पहचान खो चुका था, लेकिन जिला प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त पहल ने इसकी तस्वीर बदल दी। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस इको-पर्यटन केंद्र में अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा के मलकानगिरी से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। यहां शुरू की गई कयाकिंग, पैडल बोटिंग और बैंबू राफ्टिंग जैसी रोमांचक गतिविधियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इन गतिविधियों से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलने लगे हैं। हालांकि, तुंगल की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल पर्यटन विकास नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और पुनर्वास की वह कहानी है, जिसने कई जिंदगियों को नई दिशा दी है। तुंगल नेचर कैफे आज इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुका है। कभी जिनके हाथों में हथियार हुआ करते थे, आत्मसमर्पण के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। कुहराम रामे, मुचाकी सोमे, मड़कम पोज्जे, माड़वी बुदरी और कलमु पायके जैसी महिलाएं कभी भय का पर्याय मानी जाती थीं। आज वही महिलाएं मुस्कुराकर पर्यटकों की मेजबानी कर रही हैं। वहीं मड़कम रामे, पोडियम सरोज, अनीता मुचाकी, ललिता यादव और पूनेम भरत जैसी महिलाओं ने वर्षों तक नक्सली हिंसा का दर्द सहा। अब ये महिलाएं अपने परिवार और समाज के लिए नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई हैं।ॉ तुंगल डैम में पर्यटन गतिविधियों को लेकर लोगों में लगातार उत्साह बढ़ रहा है। हिंसा छोड़ विकास का रास्ता चुना, बदला जीवन इस पर्यटन केंद्र का संचालन 10 महिलाएं मिलकर कर रही हैं। इनमें पांच पूर्व नक्सली महिलाएं हैं, जबकि पांच महिलाएं ऐसी हैं, जो नक्सली हिंसा की पीड़ित रही हैं। कभी एक-दूसरे के विरोध में खड़ी रहने वाली ये महिलाएं आज साथ मिलकर कैफे चला रही हैं। वे पर्यटकों का स्वागत करती हैं और चाय, कॉफी के साथ बस्तरिया पारंपरिक व्यंजनों से लोगों को परिचित करा रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी की पाती, दिया इको फ्रेंडली पर्यटन का मंत्र
CM Yogi Letter to Children and Parents: उत्तर प्रदेश के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों और अभिभावकों के नाम पाती (पत्र) लिखी है। इसमें उन्होंने बच्चों को न सिर्फ छुट्टियों का ...
राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 मई से शुरू होगी। योजना के तहत राज्य के 60 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को देश के 15 प्रमुख तीर्थ स्थलों की फ्री रेल यात्रा करवाई जाएगी। वहीं चयनित यात्रियों को हवाई जहाज के जरिए नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन भी करवाए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 10 जून है। देवस्थान विभाग के अनुसार- आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक वरिष्ठ नागरिक विभाग के पोर्टल और वेबसाइट से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में अंतिम तिथि तक संशोधन की सुविधा भी दी जाएगी। वहीं विभाग ने सलाह दी है कि आवेदन से पहले जनआधार अपडेट जरूर करवा लें ताकि दस्तावेज अपलोड करने में परेशानी न हो। पूरी यात्रा का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। यहां करें आवेदन ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल: edevasthan2.rajasthan.gov.in देवस्थान विभाग की वेबसाइट: devasthan.rajasthan.gov.in इसके अलावा राज्य के सभी ई-मित्र केंद्रों पर भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। कौन होंगे पात्र आवेदन के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी 50 हजार को ट्रेन और 6 हजार करेंगे हवाई यात्रा योजना के तहत इस बार 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन से तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। वहीं 6 हजार यात्रियों को हवाई यात्रा के जरिए नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर भेजा जाएगा। यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था रहेगी। ट्रेन में मेडिकल टीम, नर्सिंग स्टाफ और एस्कॉर्ट मौजूद रहेंगे ताकि बुजुर्ग यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। चयन कैसे होगा यात्रियों का चयन जिला स्तर पर कंप्यूटरीकृत लॉटरी के जरिए किया जाएगा। चयनित यात्रियों की सूची जिला कलेक्टर कार्यालय, देवस्थान विभाग कार्यालय और विभागीय वेबसाइट पर जारी की जाएगी। आवेदन से पहले ये जरूर जान लें आवेदन केवल ऑनलाइन ही मान्य होंगे। अंतिम तिथि के बाद किसी तरह का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन में गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों से समय रहते जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की अपील की है।
भास्कर न्यूज|गुमला गुमला जिला प्रशासन ने सुदूरवर्ती क्षेत्रों के समग्र विकास की दिशा में एक बड़ी पहल की है। जिला प्रशासन द्वारा जिले के बेती गांव को एक मॉडल गांव के रूप में विकसित किया जाएगा। डीसी दिलेश्वर महतो ने स्पष्ट किया कि प्रशासन की प्राथमिकता क्षेत्र के हर नागरिक तक मूलभूत सुविधाएं पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि गांव के किसी भी पीवीटीजी (विशेष रूप से कमजोर जनजातीय समूह) परिवार को सरकारी जनकल्याणकारी योजनाओं से वंचित नहीं रहने दिया जाएगा। गांव में आवास, बिजली, पेयजल और अन्य जरूरी सुविधाओं की समुचित व्यवस्था सुनिश्चित की जाएगी। बेती गांव में लगभग 450 परिवार निवास करते हैं। इस गांव की खासियत इसकी सामाजिक विविधता है, जिसमें उरांव, बिरहोर, बिरजिया, खिरवार, भुइयां और लोहार सहित विभिन्न समुदायों के लोग आपस में मिल-जुलकर रहते हैं। इसमें सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि गांव के 112 परिवार विशेष रूप से पीवीटीजी (पीवीटीजी) श्रेणी से संबंधित हैं। इनमें 62 बिरहोर और 50 बिरजिया परिवार शामिल हैं, जिनकी आजीविका और विकास पर प्रशासन का विशेष फोकस है। गांव का भ्रमण करते डीसी (फाइल फोटो)। ग्रामीणों से संवाद करते हुए डीसी दिलेश्वर महतो ने उनके प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा आपकी मेहनत और लगन ने इस गांव को एक अलग पहचान दी है। यहां के लोग खेती और वैकल्पिक आजीविका के क्षेत्र में बेहतरीन कार्य कर रहे हैं। गांव में मटर सहित अन्य नगदी फसलों की अच्छी खेती की संभावनाओं को देखते हुए डीसी ने भरोसा दिलाया कि यहां के कृषि उत्पादों की बेहतर मार्केटिंग के लिए एफपीओ (कृषक उत्पादक संगठन) के माध्यम से पूरा सहयोग उपलब्ध कराया जाएगा। उन्होंने गांव में एमपीसी (मिल्क प्रोड्यूसर कंपनी/कमेटी) गठन के प्रस्ताव पर भी सकारात्मक पहल करने की बात कही और आंगनबाड़ी से जुड़ी दिक्कतों को जल्द दूर करने का आश्वासन दिया। ग्रामीणों ने खेती को सुदृढ़ करने के लिए नदी से खेतों तक सोलर आधारित जलापूर्ति और डीप बोरिंग की पुरजोर मांग रखी। ग्रामीणों ने डीसी को गांव के विभिन्न हिस्सों में सिंचाई संकट से अवगत कराया। इन स्थानों पर है सोलर डीप बोरिंग की जरूरत सुकुआ टांड़, हीरा खाड़ टांड़, लालझी बगीचा, कुम्हार टोला, स्कूल टोली, मुइया बड़ा, सरना चौरा, बैजू टांड़, करंज टांड़, महुआ टांड़, पिपरा टांड़ और फकीर टोला। इसके अलावा ग्रामीणों ने सरना चौरा नदी की मरम्मत, गार्डवाल निर्माण, धारा कूटा तालाब के जीर्णोद्धार, जर्जर सड़क की समस्या, स्कूलों में शिक्षकों की कमी और महिला स्वयं सहायता समूहों को स्वरोजगार के लिए आर्थिक व तकनीकी सहायता उपलब्ध कराने की मांग भी जिला प्रशासन के सामने रखी। मामले की गंभीरता को देखते हुए डीसी ने मौके पर अधिकारियों को कड़े निर्देश जारी किए। उन्होंने आंगनवाड़ी केंद्र के अधूरे पड़े निर्माण कार्यों को माइनर इरिगेशन (ME) के कार्यपालक अभियंता को अविलंब पूरा करने का आदेश दिया। इसके साथ ही क्षेत्र में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए उत्तरी कोयल नदी क्षेत्र में स्थित कुसुम खर्रा को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की संभावनाओं पर काम शुरू करने का निर्देश संबंधित पदाधिकारियों को दिया गया। उपायुक्त ने दोहराया कि शिक्षा, स्वास्थ्य, पेयजल और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं को सुदूरवर्ती क्षेत्रों तक पहुंचाकर ही जिले का वास्तविक विकास संभव है।
गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही देशभर में ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। अधिकांश स्कूलों में समर वेकेशन की शुरुआत के साथ ही लोग परिवार के साथ यात्रा की योजना बना रहे हैं, जिसके चलते ट्रेनों में सीटों की भारी किल्लत हो गई है। हालात यह हैं कि अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है और कई में ‘नो-रूम’ की स्थिति बन गई है। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक करा लिया था, उन्हें तो राहत है, लेकिन अचानक यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बड़े शहरों और हिल स्टेशनों की ओर जाने वाली ट्रेनों में टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। हरिद्वार-ऋषिकेश रूट पर सबसे ज्यादा दबाव इस बार छुट्टियों में उत्तर भारत की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाली ट्रेनों में सबसे अधिक भीड़ है। कोडरमा स्टेशन से गुजरने वाली 13009 हावड़ा-देहरादून दून एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच में 10 जून तक ‘नो-रूम’ की स्थिति है, जबकि सेकेंड एसी में 6 जून तक सभी सीटें बुक हो चुकी हैं। इसके बाद भी लंबी वेटिंग जारी है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 04311 योग नगरी ऋषिकेश-कोलकाता स्पेशल ट्रेन भी चलाई है, लेकिन उसमें भी 4 जून तक वेटिंग लिस्ट चल रही है। दिल्ली, जम्मू और अन्य उत्तर भारतीय शहरों की ट्रेनों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। राजधानी-दुरंतो में भी वेटिंग, यात्रियों ने बदला प्लान कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में ‘नो-रूम’ है। एसी कोच में जून तक लंबी वेटिंग चल रही है। 22317 हमसफर एक्सप्रेस में 29 जून तक सीटें फुल हैं और थर्ड एसी में 50 से अधिक की वेटिंग है। कोडरमा से नई दिल्ली जाने वाली 22711 तेजस राजधानी और 22259 बीकानेर दुरंतो जैसी ट्रेनों में भी 10 जून तक सीटें उपलब्ध नहीं हैं। 13051 नेताजी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में भी यही हाल है। यात्रियों ने बताया कि तत्काल टिकट में भी कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो गया है। झुमरीतिलैया के कन्हाई पासवान ने कहा कि बच्चों के साथ दिल्ली जाने की योजना फिलहाल अधर में है, जबकि मंजीत यादव ने हरिद्वार-ऋषिकेश का प्लान ही बदल दिया। हालांकि रेलवे ने एक दर्जन से अधिक समर स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ और शादी के सीजन के कारण वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है।
राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27 को बड़े बदलावों और नई तकनीकी व्यवस्था के साथ लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आगामी 27 मई से शुरू होगी। इस वर्ष योजना के लिए राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। इस खर्च से 56 हजार वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने और यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस बार सबसे बड़ा बदलाव आवेदन प्रक्रिया को लेकर किया गया है। अब तक जनाधार कार्ड और परिवार के सदस्यों की जानकारी में तकनीकी त्रुटियों या डेटा मिसमैच के कारण बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त हो जाते थे और पात्र बुजुर्ग यात्रा से वंचित रह जाते थे। इस समस्या के समाधान के लिए अब सदस्य क्रमांक (मेंबर आईडी) के आधार पर भी अलग-अलग आवेदन करने की सुविधा दी गई है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। अभ्यर्थी खुद या ई-मित्र केंद्र के जरिए आवेदन कर सकेंगे। बता दें, इस योजना में 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए ट्रेन से ले जाया जाएगा, जबकि 6 हजार नागरिकों को हवाई मार्ग से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर ले जाएंगे। आवेदकों का अंतिम चयन लॉटरी प्रणाली (कम्प्यूटराइज्ड ड्रॉ) से होगा। काम की बात : राजस्थान से बाहर के या 60 साल से कम के हैं तो पात्र नहीं देवस्थान विभाग के अनुसार योजना का लाभ केवल राजस्थान के मूल निवासियों को ही मिलेगा। इसके लिए शर्तें तय की गई हैं। आवेदक की आयु 1 अप्रैल, 2026 को न्यूनतम 60 वर्ष होनी अनिवार्य है। हवाई यात्रा के लिए 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को शामिल नहीं किया जाएगा। आवेदक शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। इसके लिए आवेदन के साथ मेडिकल सर्टिफिकेट (स्वास्थ्य प्रमाण पत्र) जमा करना अनिवार्य होगा। आयकरदाता, सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी और वे लोग, जिन्होंने पहले कभी इस योजना का लाभ लिया है या पहले कभी चयन होने के बावजूद यात्रा पर नहीं गए, वे इस बार अपात्र माने जाएंगे। ट्रेन से इन प्रमुख तीर्थस्थलोंके दर्शन करवाएंगे {हरिद्वार-ऋषिकेश-अयोध्या-वाराणसी-सारनाथ। { सम्मेद शिखर-पावापुरी-वाराणसी-सारनाथ। { मथुरा-वृंदावन-बरसाना-आगरा-अयोध्या। { द्वारकापुरी-नागेश्वर-सोमनाथ। { तिरुपति-पद्मावती तीर्थ। { कामाख्या-गुवाहाटी। { गंगासागर-कोलकाता। { जगन्नाथपुरी-कोणार्क। { रामेश्वरम-मदुरै। { वैष्णो देवी-अमृतसर-वाघा बॉर्डर। { महाकालेश्वर (उज्जैन)-ओंकारेश्वर-त्र्यंबकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा। { गोवा के मंदिर, चर्च एवं अन्य दर्शनीय स्थल। { बिहार शरीफ। { पटना साहिब, पटना (बिहार)। { श्री हजूर साहिब, नांदेड़ (महाराष्ट्र)।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने भीषण गर्मी के चलते जम्मू में समर वेकेशन की घोषणा की
जम्मू-कश्मीर सरकार ने शनिवार को क्षेत्र में चल रही भीषण गर्मी के मद्देनजर जम्मू मंडल के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश (समर वेकेशन) की घोषणा की।
नेशनल हाईवे पर अचानक गाय आने से यात्रियों से भरी ट्रेवलर मिनी बस पलट गई। इस हादसे में घायल सभी एक ही परिवार के लोग थे, जो सांवारिया सेठ के दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसा मांडला थाना क्षेत्र के जयपुर-उदयपुर हाईवे पर हुआ। एक्सीडेंट के बाद करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। गाय सामने आने से टकराया टेंपो ट्रैवलर नेशनल हाईवे 48 पर अचानक गाय सामने गए आने से एक टेंपो ट्रैवलर इससे टकरा गई। हादसे में टेंपो ट्रैवलर पलट गया और गाय की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, सूचना पर 108 एंबुलेंस पहुंची और घायलों को मांडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि सीकर का पोद्दार परिवार सीकर से रात को करीब 10 बजे के आसपास खाटू श्याम दर्शन के लिए रवाना हुआ था। सुबह 4 बजे मांडल थाने के नेशनल हाईवे पर खड़ेश्वरी मंदिर के पास अचानक एक गाय सामने आई और उनकी टेंपो ट्रैवलर से टकरा गई। हादसे में ट्रैवलर पलटने से संतोष पोद्दार (48) किशन पोद्दार (45 ) दुर्गा पोद्दार (44 ) मनीषा पोद्दार ( 42 ) सीमा पोद्दार (36 ) और विनय पोद्दार (23 ) घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए मांडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने खुलवाया जाम सूचना मिलने के बाद मांडल थाना पुलिस मौके पर पहुंची हाईवे से मृत पशु को हटवाया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को साइड में करवा ट्रैफिक क्लियर करवाया।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने साल 2026 में गर्मी की छुट्टियों की अधिसूचना जारी कर दी है। रजिस्ट्रार (प्रशासन) शिवानी सिंह द्वारा जारी इस आदेश के तहत जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ में 1 से 28 जून तक ग्रीष्मावकाश रहेगा। इस दौरान नियमित अदालती कामकाज बंद रहेगा और अदालतें सोमवार, 29 जून को दुबारा खुलेंगी। छुट्टियों के दौरान जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए मुख्यपीठ और जयपुर बेंच में वेकेशन जजों (अवकाशकालीन न्यायाधीशों) को नामित किया गया है। जोधपुर मुख्यपीठ: एकल व खंडपीठ की व्यवस्था जोधपुर मुख्यपीठ में ग्रीष्मावकाश के दौरान अलग-अलग अवधि के लिए जजों को नामित किया गया है। एकल पीठ में 1 से 5 जून तक जस्टिस संजीत पुरोहित, 8 से 12 जून तक जस्टिस संदीप शाह, 15-16 व 18-19 जून को जस्टिस मुकेश राजपुरोहित तथा 22 से 25 जून तक जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू सुनवाई करेंगे। वहीं, खंडपीठ में 1 से 5 जून तक जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी व जस्टिस रेखा बोराणा, 8 से 12 जून तक जस्टिस फरजंद अली व जस्टिस सुनील बेनीवाल, 15-16 व 18-19 जून को जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी व जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू तथा 22 से 25 जून तक जस्टिस कुलदीप माथुर व जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की पीठ बैठेगी। रोस्टर में 17 जून और अंतिम सप्ताह में 26 से 28 जून के लिए किसी वेकेशन पीठ का उल्लेख नहीं है। जयपुर पीठ: दो एकल पीठ और खंडपीठ का रोस्टर जयपुर पीठ के लिए भी विस्तृत रोस्टर जारी किया गया है, जहां एक साथ दो एकल पीठ (SB-I और SB-II) बैठेंगी। एकल पीठों में 1 से 5 जून तक जस्टिस आशुतोष कुमार व जस्टिस श्रीमती संगीता शर्मा, 8 से 12 जून तक जस्टिस बिपिन गुप्ता व जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली, 15-16 व 18-19 जून को जस्टिस बिपिन गुप्ता व जस्टिस रवि चिरानिया तथा 22 से 25 जून तक जस्टिस रवि चिरानिया व जस्टिस अनुरूप सिंघी सुनवाई करेंगे। जयपुर की खंडपीठ में 1 से 5 जून तक जस्टिस मनीष शर्मा व जस्टिस आनंद शर्मा, 8 से 12 जून तक जस्टिस उमा शंकर व्यास व जस्टिस अशोक कुमार जैन, 15-16 व 18-19 जून को जस्टिस गणेश राम मीणा व जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर तथा 22 से 25 जून तक जस्टिस श्रीमती शुभा मेहता व जस्टिस संदीप तनेजा मामलों की सुनवाई करेंगे। स्टाम्प रिपोर्टर को निर्देश और सर्कुलेशन अधिसूचना में न्यायिक रजिस्ट्रार की ओर से स्टाम्प रिपोर्टर्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे दीवानी (सिविल) मामलों की फाइल तभी स्वीकार करें, जब उसके साथ 'अर्जेंसी' (अति आवश्यक होने) का प्रार्थना पत्र संलग्न हो। ऐसे मामलों को वेकेशन जज की संतुष्टि के बाद ही सुना जाएगा। जानें...हाईकोर्ट में क्या होता है 'स्टाम्प रिपोर्टर' का काम? हाईकोर्ट की प्रशासनिक व्यवस्था (रजिस्ट्री) में स्टाम्प रिपोर्टर एक बेहद महत्वपूर्ण अधिकारी होता है। जब भी अदालत में कोई नया केस या याचिका दायर की जाती है, तो फाइल सीधे जज के पास जाने के बजाय सबसे पहले इन्हीं के पास जांच के लिए आती है। इनका मुख्य काम यह जाँचना होता है कि याचिका पर नियमानुसार सही कोर्ट फीस (स्टाम्प) लगाई गई है या नहीं और सभी कानूनी दस्तावेज पूरे हैं या नहीं। तकनीकी रूप से फाइल पूरी तरह सही पाए जाने पर ही उसे जज के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाता है।
उपमुख्यमंत्री के साथ वीसी बैठक में पर्यटन को लेकर अहम सुझाव
उदयपुर | राजस्थान में पर्यटन विकास को लेकर जयपुर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान ने उपमुख्यमंत्री के सामने नीतिगत और व्यावहारिक सुझाव रखे। उदयपुर डिवीजन अध्यक्ष राकेश चौधरी के अनुसार बैठक में पर्यटन व आतिथ्य क्षेत्र के स्टेक होल्डर्स ऑनलाइन जुड़े और ई-विजिटर पोर्टल को होटल उद्योग पर अनिवार्य करने के बजाय उसे सरल, उपयोगी व पर्यटक हितैषी बनाने की मांग की गई। फेडरेशन ने ट्रैवल मार्ट में जिलों की स्थानीय संस्थाओं को अवसर देने, कम प्रसिद्ध स्थलों के डिजिटल प्रचार, गर्मियों में नाइट टूरिज्म के लिए स्मारकों व म्यूजियम के समय बढ़ाने और सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यापक मार्केटिंग अभियान चलाने पर जोर दिया। एटीएफ पर वैट घटाकर एयर कनेक्टिविटी सुधारने, हीट वेव के बीच सकारात्मक समर टूरिज्म अभियान, एयरलाइन व ट्रैवल प्लेटफॉर्म के साथ संयुक्त प्रमोशन, प्रभावी ब्रांड एंबेसडर और पर्यटन बोर्ड गठन का प्रस्ताव भी रखा गया।
मंदसौर शहर को जल्द ही एक बड़ी सौगात मिलने जा रही है। शहर की धार्मिक एवं पर्यटन दृष्टि से महत्वपूर्ण शिवना नदी के सौंदर्यकरण के लिए नगर पालिका की पीआईसी बैठक में “शिवना नदी सौंदर्यकरण” परियोजना को मंजूरी प्रदान कर दी गई है। यह महत्वाकांक्षी परियोजना पशुपतिनाथ मंदिर के समीप स्थित पुल से लेकर काश्तकार होटल के नीचे तक विकसित की जाएगी। नगर पालिका अध्यक्ष रामादेवी गुर्जर ने बताया कि मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव एवं नगरीय प्रशासन मंत्री कैलाश विजयवर्गीय की दूरदर्शी सोच तथा शहर विकास के संकल्प के तहत सिंहस्थ मद से लगभग 13 करोड़ रुपए की लागत से यह कार्य कराया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य मंदसौर शहर की धार्मिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक पहचान को और अधिक आकर्षक बनाना है। घाट, लाइटिंग जैसी सुविधाएं विकसित होंगी परियोजना के अंतर्गत शिवना नदी किनारे आकर्षक घाटों का निर्माण किया जाएगा। श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों की सुविधा के लिए बैठने की व्यवस्था वाले प्लेटफॉर्म बनाए जाएंगे। साथ ही रोटरी का निर्माण कर क्षेत्र को पर्यटन की दृष्टि से विकसित किया जाएगा। इसके अलावा सड़क के दोनों ओर पेवर ब्लॉक लगाए जाएंगे, सुंदर बगीचों का निर्माण होगा तथा व्यापक स्तर पर प्लांटेशन किया जाएगा। पूरे क्षेत्र में आकर्षक विद्युत लाइटिंग की व्यवस्था की जाएगी, जिससे रात्रि के समय भी क्षेत्र की सुंदरता देखने लायक होगी। वाहन पार्किंग के लिए विशेष पार्किंग क्षेत्र भी विकसित किया जाएगा, जिससे श्रद्धालुओं एवं पर्यटकों को सुविधा मिल सके। धार्मिक और पर्यटन महत्व को मिलेगी नई पहचाननगर पालिका अध्यक्ष रामादेवी गुर्जर ने कहा कि शिवना नदी एवं भगवान पशुपतिनाथ मंदिर मंदसौर की धार्मिक आस्था का केंद्र हैं। इस परियोजना के पूर्ण होने के बाद शहर की सुंदरता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी तथा धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि भारतीय जनता पार्टी की सरकार लगातार प्रदेश के विकास एवं जनहित के कार्यों के लिए प्रतिबद्ध होकर कार्य कर रही है।
डिप्टी सीएम दीया कुमारी ने कहा- अभी राजस्थान में पर्यटन गतिविधियां मुख्य रूप से पीक सीजन पर निर्भर रहती हैं, जबकि मानसून और शोल्डर सीजन में पर्यटकों की संख्या कम हो जाती है इसी को देखते हुए सरकार अब ऑफ-सीजन टूरिज्म को बढ़ावा देने की दिशा में काम करेगी। इसके तहत मानसून पर्यटन, विशेष ट्रैवल अभियान, रोड शो और ट्रैवल मार्ट आयोजित किए जाएंगे, ताकि सालभर पर्यटकों की आवाजाही बनी रहे। डिप्टी सीएम ने ये बातें शुक्रवार को सचिवालय से पर्यटन क्षेत्र से जुड़े स्टेकहोल्डर्स के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंस के माध्यम से अहम बैठक कही। बैठक में पर्यटन सचिव शुचि त्यागी, पर्यटन आयुक्त रुक्मिणी रियाड़, अतिरिक्त निदेशक पर्यटन आनंद त्रिपाठी, पर्यटन एवं होटल इंडस्ट्री से जुड़े विभिन्न संगठनों के प्रतिनिधि और होटल-ट्रैवल इंडस्ट्री के स्टेकहोल्डर्स मौजूद रहे। ‘विजिट माय स्टेट’ और ‘हॉलीडे इन राजस्थान’ जैसे अभियान होंगे शुरू बैठक में उप मुख्यमंत्री ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए विजिट माय स्टेट और हॉलीडे इन राजस्थान जैसे विशेष अभियान चलाने का सुझाव दिया। इन अभियानों को सोशल मीडिया, डिजिटल प्लेटफॉर्म और प्रमोशनल गतिविधियों के जरिए देश और दुनिया तक पहुंचाया जाएगा। इसका उद्देश्य अधिक से अधिक लोगों को राजस्थान घूमने के लिए प्रेरित करना है। सरकार की योजना है कि अलग-अलग राज्यों में राजस्थान पर्यटन के रोड शो भी आयोजित किए जाएं, जिससे घरेलू पर्यटन को मजबूती मिल सके। दीया कुमारी ने कहा- पर्यटन विभाग केवल नियामक संस्था नहीं बल्कि फैसिलिटेटर की भूमिका में काम करेगा। होटल और ट्रैवल इंडस्ट्री को व्यापार बढ़ाने के लिए हरसंभव सहयोग दिया जाएगा। उन्होंने स्टेकहोल्डर्स से नए सुझाव और प्रस्ताव देने का भी आग्रह किया। अब ‘अननोन डेस्टिनेशंस’ पर होगा बड़ा काम बैठक में अब तक राजस्थान में जयपुर, उदयपुर, जैसलमेर और जोधपुर जैसे लोकप्रिय पर्यटन स्थलों पर ही ज्यादा फोकस रहा है। लेकिन अब सरकार उन क्षेत्रों को भी पर्यटन मानचित्र पर मजबूत पहचान दिलाने की तैयारी कर रही है, जहां पर्यटन की अपार संभावनाएं हैं, लेकिन अभी वे कम चर्चित हैं। बैठक में बांसवाड़ा, झालावाड़, कोटा और शेखावाटी जैसे क्षेत्रों को विशेष रूप से विकसित करने की रणनीति पर चर्चा हुई। सरकार का मानना है कि नए डेस्टिनेशन विकसित होने से पर्यटन का दायरा बढ़ेगा और स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर भी तैयार होंगे। विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए नई रणनीति बैठक में यह भी सामने आया कि राजस्थान में विदेशी पर्यटकों की संख्या अभी भी प्री-कोविड स्तर तक नहीं पहुंच पाई है। विदेशी बाजारों में राजस्थान को और मजबूत तरीके से प्रमोट करने की तैयारी है। पर्यटन विभाग अब विदेशी ट्रैवल मार्ट्स में केवल भागीदारी तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वहां लोकल टूर ऑपरेटर्स, मीडिया, ट्रैवल इन्फ्लुएंसर्स और एजेंट्स के साथ विशेष बैठकें, सांस्कृतिक कार्यक्रम, राजस्थानी खान-पान और प्रेजेंटेशन आयोजित किए जाएंगे। सरकार ने चीन में होने वाले ट्रैवल मार्ट में भी राजस्थान पर्यटन की भागीदारी की घोषणा की है। पर्यटकों को मिलेगी बेहतर सुविधा पर्यटकों की सुविधा को देखते हुए सरकार कई ऐतिहासिक स्मारकों और सरकारी पर्यटन स्थलों के संचालन समय में बदलाव करने की तैयारी में है। जहां सुरक्षा और लाइटिंग की पर्याप्त व्यवस्था हो चुकी है, वहां स्मारकों को सुबह जल्दी और देर शाम तक खोला जा रहा है। बाकी स्थानों पर भी जल्द यह व्यवस्था लागू की जाएगी। राजस्थान पर्यटन विभाग जल्द ही एक नया और बड़े स्तर का मीडिया एवं सोशल मीडिया कैंपेन लॉन्च करने जा रहा है। इसका उद्देश्य राजस्थान को देश और दुनिया में और प्रभावी तरीके से प्रमोट करना होगा। बैठक में वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों और ईंधन की स्थिति को देखते हुए कारपूलिंग और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने पर भी चर्चा हुई।
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के पर्यटन क्षेत्र में कुत्तों द्वारा एक मृत चीतल को खाते हुए देखे जाने का मामला सामने आया है। शुक्रवार को इस घटना का वीडियो सामने आने के बाद वन विभाग में हड़कंप मच गया। क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने मामले की जानकारी मिलते ही जांच के निर्देश दिए हैं। यह घटना उमरिया स्थित बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के मगधी पर्यटन जोन की बताई जा रही है। सफारी के दौरान पर्यटकों ने सड़क किनारे एक मृत चीतल को देखा, जिसके पास चार से पांच कुत्ते उसे नोच रहे थे। इस वीडियो के सामने आने के बाद वन्यजीव प्रेमियों ने इसे वन्य प्राणियों की सुरक्षा के लिए गंभीर खतरा बताया है। वन्यजीव विशेषज्ञों का मानना है कि पर्यटन और कोर क्षेत्रों में आवारा कुत्तों की उपस्थिति वन्यजीवों में संक्रमण और बीमारियों का कारण बन सकती है। इससे टाइगर रिजर्व के पारिस्थितिकी तंत्र पर भी नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। रिपोर्ट आने के बाद कार्रवाई करेंगे क्षेत्र संचालक अनुपम सहाय ने बताया कि उन्हें घटना की जानकारी मिली है और अधिकारियों को पूरे मामले की जांच के निर्देश दिए गए हैं। जांच रिपोर्ट आने के बाद नियमानुसार आगे की कार्रवाई की जाएगी। बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व में ताला, मगधी और खितौली तीन कोर जोन हैं, जहाँ सफारी संचालित होती है। इसके अतिरिक्त, परासी, पचपेड़ी और ज्वालामुखी तीन बफर गेट भी पर्यटकों के लिए सफारी की सुविधा प्रदान करते हैं।
गयाजी एयरपोर्ट को लेकर बिहार सरकार ने बड़ा और ऐतिहासिक फैसला लिया है। अब गयाजी से थाईलैंड की राजधानी बैंकॉक के लिए सालभर सीधी विमान सेवा शुरू होगी। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी की पहल पर लिए गए इस फैसले को राज्य मंत्रिमंडल की मंजूरी मिल चुकी है। इससे बिहार के पर्यटन, व्यापार और अंतरराष्ट्रीय संपर्क को नई मजबूती मिलने की उम्मीद जताई जा रही है। अब तक बैंकॉक के लिए फ्लाइट सेवा सिर्फ पर्यटन सीजन यानी अक्टूबर से मार्च तक ही संचालित होती थी। छह महीने सेवा बंद रहने के कारण विदेशी श्रद्धालुओं और स्थानीय यात्रियों को काफी परेशानी होती थी। लेकिन अब सरकार के नए फैसले के बाद यह सेवा पूरे साल जारी रहेगी। मंत्रिमंडल की मंजूरी के बाद इंडिगो की एकल निविदा को भी स्वीकृति दे दी गई है। इस फैसले से खासकर महाबोधि टेंपल आने वाले विदेशी श्रद्धालुओं को बड़ी राहत मिलेगी। थाईलैंड समेत बौद्ध धर्म से जुड़े देशों के पर्यटकों का आवागमन अब पूरे साल बना रहेगा। पर्यटन विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बोधगया में पर्यटन गतिविधियां बढ़ेंगी और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर इसकी पहचान और मजबूत होगी। समय और पैसा बचेगा बिहार के आम यात्रियों को भी इस सेवा का सीधा फायदा मिलेगा। अब विदेश यात्रा के लिए लोगों को दिल्ली, कोलकाता या लखनऊ जैसे दूसरे शहरों के एयरपोर्ट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। सीधी अंतरराष्ट्रीय उड़ान मिलने से यात्रियों का समय और खर्च दोनों बचेंगे। साथ ही सफर से जुड़ी परेशानियां भी कम होंगी। इस नई विमान सेवा को स्थानीय कारोबार और रोजगार के लिए भी बड़ा अवसर माना जा रहा है। होटल उद्योग, ट्रैवल एजेंसियों, गाइड व छोटे दुकानदारों को इससे सीधा फायदा मिलने की उम्मीद है। समाजसेवी और ट्रेवल्स संचालकों का मानना है कि सरकार का यह फैसला सरहानीय है। इससे पर्यटन और व्यापार दोनों को मजबूती मिलेगी। पर्यटन को होगा फायदा वहीं, इस घोषणा के बाद बोधगया में गाइड का काम कर रहे लोगों में भी खुशी का माहौल है। गाइड के पेशे से जुड़े लोगों का कहना है कि पहले छह महीने सेवा बंद रहने से लोगों को दूसरे एयरपोर्ट का सहारा लेना पड़ता था। अब सालभर सीधी उड़ान मिलने से स्थानीय व्यवसाय और पर्यटन दोनों को बड़ा फायदा होगा।
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

