जयपुर में पड़ोसी से झगड़े में रिटायर्ड बैंक कर्मचारी की मौत हो गई। घर के सामने संकरी गली से टेंपो ट्रैवलर निकालने के लिए मना करने पर झगड़ा हुआ था। धक्का-मुक्की के दौरान वे रोड पर गिर गए थे। मामला मंगलवार सुबह करीब 8 बजे पत्रकार कॉलोनी के पटेल मार्ग का है। SHO (पत्रकार कॉलोनी थाना) मदन लाल कड़वासरा ने बताया- झगड़े के दौरान पटेल मार्ग निवासी विजेंद्र सिंह (68) की मौत हो गई। वे परिवार सहित यहां रहते थे। उनके पड़ोस में ट्रैवल एजेंसी संचालक छोटे लाल सैनी रहते हैं। टेंपो ट्रैवलर को गली में लाने पर विवाद हुआ था। पुलिस ने मामले में टेंपो ट्रैवलर के ड्राइवर को पकड़ लिया है। पड़ोसी छोटे लाल और उसकी पत्नी रेखा को भी डिटेन कर पूछताछ कर रहे हैं। देखिए, झगड़े की PHOTOS… गली में एंट्री से रोका, धक्का दिया तो गिर गए SHO मदन लाल कड़वासरा ने बताया- छोटे लाल ने मंगलवार सुबह करीब 8 बजे टेंपो ट्रैवलर मंगवाया था। इसे उज्जैन भेजना था। गली में टेंपो ट्रैवलर को एंट्री नहीं देने को लेकर विजेंद्र सिंह का परिवार बाहर निकल आया। इसी बात को लेकर दोनों परिवारों में कहासुनी हो गई। बात बढ़ने पर धक्का-मुक्की के दौरान विजेंद्र सिंह रोड पर गिर गए। विजेंद्र को बेहोश देखकर पड़ोसी छोटे लाल और उसकी पत्नी रेखा वहां से भाग गए। टेंपो ट्रैवलर का ड्राइवर दिनेश जाट (26) निवासी झुंझुनूं भी गाड़ी लेकर भाग निकला। परिजन विजेंद्र सिंह को हॉस्पिटल लेकर गए, वहां डॉक्टर्स ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। पत्रकार कॉलोनी थाना पुलिस ने मेडिकल सूचना पर पहुंचकर शव को जयपुरिया हॉस्पिटल की मॉर्च्युरी में रखवाया।
उड़ान योजना का विस्तार, 120 नए गंतव्य जोड़ने की तैयारी
चुन्नीलाल गरासिया। उदयपुर। भारत सरकार के नागर विमानन मंत्रालय ने राज्यसभा में बताया कि टियर-2, टियर-3 शहरों और दूरस्थ क्षेत्रों को जोड़ने के लिए उड़ान (उड़े देश का आम नागरिक) योजना का विस्तार किया जा रहा है। यह जानकारी राज्यसभा सांसद चुन्नीलाल गरासिया के अतारांकित प्रश्न के उत्तर में नागर विमानन राज्य मंत्री मुरलीधर मोहोल ने दी। उन्होंने बताया कि अगले 10 वर्षों में 4 करोड़ यात्रियों को सेवा देने का लक्ष्य है और संशोधित योजना के तहत 120 नए गंतव्यों को जोड़ा जाएगा। पर्वतीय, आकांक्षी और पूर्वोत्तर क्षेत्रों में हेलीपैड और छोटे हवाई अड्डों को भी सहायता दी जाएगी। नीति आयोग के डीएमईओ के 2023-24 मूल्यांकन में स्पष्ट लक्ष्य, बेहतर मार्ग चयन, पर्याप्त वित्त पोषण, क्षमता निर्माण और राज्यों व संघ राज्य क्षेत्रों के साथ समन्वय पर जोर दिया गया। अध्ययन के अनुसार, व्यवहार्यता अंतर वित्तपोषण (वीजीएफ) शुरुआती संचालन में सहायक है, जबकि दीर्घकालिक स्थिरता यात्री मांग, मार्ग चयन, एयरलाइन दक्षता और अवसंरचना पर निर्भर करती है। बाद के चरणों में मार्ग युक्तिकरण, वीजीएफ की समय सीमा, बाजार आधारित बोली प्रक्रिया और हितधारकों के समन्वय जैसे उपाय शामिल किए गए हैं। बोकारो हवाईअड्डे के विकास के लिए 80.03 करोड़ रुपए स्वीकृत हुए हैं, जिनमें से 78.50 करोड़ रुपए खर्च हो चुके हैं। नियामकीय अनुपालनों के बाद हवाईअड्डे को लाइसेंस दिया जाएगा।
भगवान महावीर की जन्मभूमि कुंडलपुर में सोमवार को 'कुंडलपुर महोत्सव 2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। कार्यक्रम का उद्घाटन बिहार सरकार के ग्रामीण विकास एवं परिवहन मंत्री श्रवण कुमार और पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर ने संयुक्त रूप से दीप प्रज्ज्वलित कर किया। इस अवसर पर पूरा परिसर 'भगवान महावीर की जय' के जयकारे से गूंजा। मुख्य अतिथि श्रवण कुमार ने कहा कि कुंडलपुर महोत्सव नालंदा की गौरवशाली सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का प्रतीक है। महोत्सव न केवल पर्यटन को नई दिशा दे रहा है, बल्कि स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के द्वार भी खोल रहा है। मंत्री ने मुख्यमंत्री नीतीश कुमार की ओर से शुरू किए गए शराबबंदी अभियान का जिक्र करते हुए इसे भगवान महावीर के उपदेशों के अनुरूप एक प्रगतिशील कदम बताया। उन्होंने क्षेत्र के विकास और महावीर के संदेशों को जन-जन तक पहुंचाने की अपनी प्रतिबद्धता दोहराई। वैश्विक संघर्षों के बीच प्रासंगिक है सत्य-अहिंसा पर्यटन मंत्री अरुण शंकर ने अपने संबोधन में वर्तमान वैश्विक हालातों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि आज जब दुनिया के विभिन्न हिस्सों में युद्ध और संघर्ष की स्थिति है, तब भगवान महावीर का 'सत्य और अहिंसा' का मार्ग ही विश्व शांति का एकमात्र विकल्प है। उन्होंने कुंडलपुर की धरती को नमन करते हुए कहा कि यहां की पवित्रता संपूर्ण मानव समाज को नई राह दिखाती है। महोत्सव के दौरान स्थानीय कलाकारों ने अपनी सांस्कृतिक प्रस्तुतियों से दर्शकों का मन मोह लिया। परिसर में लगाए गए हस्तशिल्प, स्थानीय उत्पाद और पारंपरिक व्यंजनों के स्टालों पर भारी भीड़ देखी गई। इनकी रही उपस्थिति इस ऐतिहासिक अवसर पर उप विकास आयुक्त, कुंडलपुर जैन समिति के मंत्री विजय कुमार जैन, अध्यक्ष स्वामी रविंद्र, दिल्ली से आए अतुल जैन, चिरंजीलाल कासलीवाल (पटना), चन्द्रशेखर कासलीवाल (नासिक), सुमतिदेवी कासलीवाल सहित बड़ी संख्या में श्रद्धालु और गणमान्य नागरिक उपस्थित रहें।
जमुई जिला प्रशासन ने पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए एक महत्वपूर्ण पहल की है। जिलाधिकारी नवीन कुमार और पुलिस अधीक्षक विश्वजीत दयाल के नेतृत्व में अधिकारियों की एक टीम ने खैरा प्रखंड स्थित गिद्धेश्वर पर्वत श्रृंखला के दुर्गम जंगलों और पथरीले रास्तों से होकर 'पंचभूर झरना' तक पैदल यात्रा की। वनवासियों से झरने तक पहुंचने के सुरक्षित रास्ते की जानकारी ली यह पदयात्रा केवल प्राकृतिक सौंदर्य का अन्वेषण नहीं थी, बल्कि प्रशासन ने इस दौरान जमीनी हकीकत, बुनियादी सुविधाओं और विकास की संभावनाओं का भी गहन आकलन किया। टीम ने स्थानीय ग्रामीणों और वनवासियों से संवाद कर झरने तक पहुंचने के लिए सबसे सुरक्षित और सुगम मार्ग की जानकारी ली, ताकि भविष्य में पर्यटकों को कोई परेशानी न हो। यात्रा के दौरान क्षेत्र में सकारात्मक बदलाव भी देखने को मिले। कभी नक्सल प्रभावित रहे इस इलाके के लोगों ने बताया कि अब भय का माहौल समाप्त हो चुका है। दूरस्थ गांवों तक बिजली और सौर ऊर्जा जैसी सुविधाएं पहुंच रही हैं। एक दिव्यांग व्यक्ति और उनकी वृद्ध माता ने सरकारी योजनाओं, विशेषकर वृद्धा पेंशन, से संतोष व्यक्त किया। प्रशासनिक टीम ने पंचभूर झरने के विभिन्न स्तरों का निरीक्षण किया। टीम विशेष रूप से तीसरे स्तर से प्रभावित हुई, जहां स्वच्छ जल और चट्टानी संरचनाओं के बीच अद्भुत प्राकृतिक दृश्य दिखा। इसे जल-क्रीड़ा और पर्यटन के लिए सबसे उपयुक्त स्थल के रूप में चिन्हित किया गया। मौके पर ही जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने इस स्थल को सुरक्षित, स्वच्छ और पर्यटक अनुकूल बनाने को लेकर अधिकारियों के साथ चर्चा की। ग्रामीणों की भागीदारी से स्वच्छता और व्यवस्था बनाए रखने पर जोर दिया गया। यह पहल पंचभूर झरने को एक प्रमुख इको-टूरिज्म डेस्टिनेशन के रूप में स्थापित करने की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकती है।
गर्मी की छुट्टियों में ट्रेनों में बढ़ने वाली भीड़ को देखते हुए रेलवे प्रशासन ने यात्रियों को बड़ी राहत दी है। अप्रैल और मई महीने में यात्रियों की सुविधा और वेटिंग लिस्ट कम करने के लिए जोधपुर मंडल से संचालित होने वाली 14 जोड़ी ट्रेनों में विभिन्न श्रेणियों के डिब्बों की संख्या में अस्थायी रूप से बढ़ोतरी की जा रही है। जोधपुर डीआरएम अनुराग त्रिपाठी ने बताया- अतिरिक्त यात्री यातायात के दबाव को कम करने और अधिकाधिक यात्रियों को कन्फर्म सीट उपलब्ध कराने के उद्देश्य से यह कदम उठाया गया है। रेलवे प्रशासन की ओर से थर्ड एसी, स्लीपर और साधारण श्रेणी के डिब्बे बढ़ाए गए हैं। इन ट्रेनों में बढ़ाए गए अस्थायी डिब्बे वाराणसी रूट: इंदौर रूट: महाराष्ट्र/गुजरात रूट: दक्षिण व पूर्वी भारत रूट: जयपुर रूट:
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रायपुर में उद्घाटन के बाद अब खेलो इंडिया ट्राइबल गेम्स का एथलेटिक्स चरण जगदलपुर के धरमपुरा स्थित क्रीड़ा परिसर में आयोजित किया जा रहा है। 30 मार्च से शुरू हो रही इन स्पर्धाओं में देश के 27 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के करीब 443 खिलाड़ी हिस्सा लेंगे। एथलेटिक्स में कुल 17 इवेंट शामिल हैं। इनमें 100 मीटर, 200 मीटर, 400 मीटर, 10,000 मीटर दौड़, हर्डल्स, रिले रेस, लंबी कूद और ऊंची कूद जैसी स्पर्धाएं होंगी। पहले दिन ही डिस्कस थ्रो, लॉन्ग जंप और 110 मीटर हर्डल्स के फाइनल मुकाबले होंगे, जबकि शाम को 400 मीटर और रिले रेस के बाद विजेताओं को पदक दिए जाएंगे। 102 पदकों के लिए मुकाबले पूरे एथलेटिक्स आयोजन में 102 पदकों के लिए मुकाबले होंगे। इसमें छत्तीसगढ़ के 33 खिलाड़ी भी शामिल हैं, जो अपने राज्य का प्रतिनिधित्व करेंगे। खिलाड़ियों और अधिकारियों के ठहरने के लिए शहर के 13 होटलों की व्यवस्था की गई है। आने-जाने के लिए एसी वाहनों की सुविधा दी गई है। सुरक्षा, स्वास्थ्य और फायर सेफ्टी की भी व्यवस्था की गई है। बस्तर के पर्यटन स्थलों का भ्रमण पर्यटन विभाग की ओर से खिलाड़ियों और अधिकारियों को बस्तर के पर्यटन स्थलों का भ्रमण भी कराया जाएगा, ताकि वे यहां की संस्कृति और जगहों को देख सकें। यह आयोजन भारतीय खेल प्राधिकरण के मार्गदर्शन में किया जा रहा है, जिसका उद्देश्य जनजातीय खिलाड़ियों को राष्ट्रीय स्तर का मंच देना है। साथ ही, बस्तर को खेल गतिविधियों के केंद्र के रूप में पहचान दिलाना भी लक्ष्य है।
मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत 17वीं बस रवाना
लुधियाना| मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत लुधियाना दक्षिणी विधानसभा क्षेत्र से बुजुर्ग श्रद्धालुओं के लिए 17वीं बस धार्मिक स्थलों के दर्शन हेतु रवाना की गई। बस को विधायक राजिंदर पाल कौर छीना ने श्रद्धा और उत्साह के माहौल में हरी झंडी दिखाकर यात्रा की शुरुआत कराई। उन्होंने कहा कि पंजाब सरकार जनकल्याण के कार्यों में लगातार आगे रही है और यह योजना उसी सोच का महत्वपूर्ण हिस्सा है। उनके अनुसार, इस पहल से बुजुर्गों को तीर्थ स्थलों के दर्शन का अवसर मिल रहा है, जिससे उन्हें खुशी और आत्मिक संतोष प्राप्त होता है। विधायक ने कहा कि सरकार की प्राथमिकता संगत को आध्यात्मिक यात्रा से जोड़ना और हर वर्ग तक सुविधाएं पहुंचाना है। रवाना होने के समय बस में शामिल बुजुर्गों में उत्साह देखा गया और उन्होंने योजना की सराहना की।
750 करोड़ रुपए की कोटड़ा-देवला फोरलेन से बदलेगा पर्यटन का नक्शा
भास्कर न्यूज | उदयपुर/राजसमंद उदयपुर से जुड़े प्रमुख पर्यटन सर्किट को नई रफ्तार देने के लिए कोटड़ा-देवला फोरलेन सड़क परियोजना का प्रस्ताव तैयार कर राज्य सरकार को भेज दिया गया है। करीब 50 किलोमीटर लंबी इस महत्वाकांक्षी परियोजना पर 750 करोड़ रुपए खर्च किए जाएंगे। इसमें 550 करोड़ रुपए सिविल कार्यों पर और 200 करोड़ रुपए भूमि अधिग्रहण व वन क्षेत्र से जुड़े कार्यों पर खर्च होंगे। बजट स्वीकृति मिलते ही निर्माण कार्य शुरू होने की उम्मीद है। इस फोरलेन के बनने से मौजूदा ढाई घंटे का सफर घटकर करीब एक घंटे में सिमट जाएगा। यानी यात्रियों को लगभग डेढ़ घंटे की बड़ी राहत मिलेगी। परियोजना के तहत मौजूदा सड़क को ही अपग्रेड किया जाएगा, जिसमें खतरनाक मोड़ों, तीखी ढलानों और घाट सेक्शन को हटाकर यात्रा को अधिक सुरक्षित और सुगम बनाया जाएगा। नई सड़क उदयपुर, कुंभलगढ़ और गुजरात के प्रमुख तीर्थ अंबाजी को सीधे जोड़ेगी। इससे न केवल कनेक्टिविटी बेहतर होगी, बल्कि पर्यटन को भी नया आयाम मिलेगा। यह मार्ग जंगल, पहाड़ों और साबरमती बांध के किनारे से गुजरते हुए एक आकर्षक सीनिक ड्राइव का अनुभव देगा, जो पर्यटकों को खासा आकर्षित करेगा। परियोजना का एक बड़ा फायदा यह भी होगा कि हिम्मतनगर की दूरी 65 से 70 किलोमीटर तक कम हो जाएगी। इससे आपात स्थिति में मरीजों को अस्पताल तक तेजी से पहुंचाना संभव होगा। पर्यटक बढ़ने के साथ नाईट ट्रेवल में होगी बढ़ोतरी बेहतर सड़क और सुरक्षा सुविधाओं के चलते इस रूट पर नाइट ट्रेवल भी बढ़ेगा। फिलहाल माउंट आबू और कुंभलगढ़ जाने वाले पर्यटकों को लंबा और समय लेने वाला रास्ता तय करना पड़ता है, लेकिन यह फोरलेन बनने के बाद यात्रा तेज, सुरक्षित और सुविधाजनक हो जाएगी। इसके साथ ही क्षेत्र में पर्यटन गतिविधियों में वृद्धि और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
बिहार की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत को नई पहचान दिलाने की दिशा में राज्य सरकार ने एक व्यापक पहल शुरू की है। पर्यटन, कला एवं संस्कृति मंत्री अरुण शंकर प्रसाद ने बताया कि राज्यभर में कुल 287 महोत्सवों का आयोजन किया जा रहा है, जिससे पर्यटन को नई गति मिलेगी और स्थानीय परंपराओं को वैश्विक मंच पर पहचान दिलाई जा सकेगी औरंगाबाद में आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान मंत्री ने मीडिया से बातचीत करते हुए बताया कि इनमें से 252 महोत्सव कला एवं संस्कृति विभाग की ओर से आयोजित किए जा रहे हैं, जबकि 35 प्रमुख महोत्सव पर्यटन विभाग के तहत होंगे। इन सभी आयोजनों का उद्देश्य राज्य के हर क्षेत्र की सांस्कृतिक, ऐतिहासिक और धार्मिक विशेषताओं को सामने लाना है। मंत्री ने कहा कि बिहार में ऐतिहासिक स्थलों, धार्मिक केंद्रों और पारंपरिक आयोजनों की भरमार है, जिन्हें राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रचारित करने की जरूरत है। इसके लिए सरकार डिजिटल माध्यमों, सांस्कृतिक रोड शो और विशेष पर्यटन पैकेजों के जरिए देश-विदेश के पर्यटकों को आकर्षित करने की योजना बना रही है। उन्होंने विश्वास जताया कि इन महोत्सवों से बिहार की छवि एक प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन केंद्र के रूप में उभरेगी। स्थानीय कलाकारों के संदर्भ में अरुण शंकर प्रसाद ने कहा कि यह पहल उनके लिए सुनहरा अवसर है। इन आयोजनों में लोक कलाकारों, शिल्पकारों, गायकों और नर्तकों को अपनी प्रतिभा दिखाने का मंच मिलेगा। इससे न केवल उनकी कला को पहचान मिलेगी, बल्कि आर्थिक रूप से भी उन्हें मजबूती मिलेगी। सरकार इस दिशा में नीतिगत स्तर पर भी काम कर रही है ताकि कलाकारों का समुचित विकास सुनिश्चित किया जा सके। आयोजन प्रक्रिया में पारदर्शिता पर जोर देते हुए मंत्री ने कहा कि महोत्सवों के संचालन में एक ही संस्था या कंपनी को बार-बार जिम्मेदारी देना उचित नहीं है। उन्होंने संकेत दिया कि चयन प्रक्रिया में बदलाव कर अधिक संस्थाओं को अवसर दिया जाएगा, जिससे प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और कार्यक्रमों की गुणवत्ता भी बेहतर होगी। इसके लिए विभाग जल्द ही नए दिशा-निर्देश जारी करेगा। राजनीतिक पहलू पर भी मंत्री ने अपनी राय स्पष्ट की। उन्होंने कहा कि यदि नीतीश कुमार राज्यसभा जाते हैं, तो बिहार का अगला मुख्यमंत्री राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (एनडीए) से ही होगा, चाहे वह भाजपा का हो या जदयू का। उनके इस बयान को राज्य की राजनीति में महत्वपूर्ण संकेत माना जा रहा है। भाजपा नेताओं के साथ सुनी मन की बात इससे पहले मंत्री ने औरंगाबाद के एमजी रोड स्थित एक होटल में भाजपा नेताओं और स्थानीय नागरिकों के साथ मन की बात कार्यक्रम को सुना। इस दौरान उन्होंने लोगों से संवाद कर सरकार की योजनाओं और सांस्कृतिक पहलों की जानकारी साझा की। विशेषज्ञों का मानना है कि 287 महोत्सवों का यह आयोजन बिहार की सांस्कृतिक पहचान को सशक्त करने के साथ-साथ राज्य की अर्थव्यवस्था और पर्यटन उद्योग को भी नई दिशा देगा। आने वाले समय में बिहार देश के प्रमुख सांस्कृतिक पर्यटन केंद्रों में अपनी मजबूत उपस्थिति दर्ज कराने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ सकता है।
कन्नौज में मंत्री असीम अरुण की मौजूदगी वाले सरकारी कार्यक्रम में अफसरों के लेट पहुंचने के मामले में अब आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो गया। अफसर और नेता लेटलतीफी की गेंद एक-दूसरे के पाले में फेंकने लग गए। सरकार के 9 वर्ष का कार्यकाल पूरा होने पर शहर के रोमा स्मारक में 26 मार्च की शाम कार्यक्रम होना था। इस कार्यक्रम का समय 5:30 बजे तय था, जिसमें समाज कल्याण मंत्री असीम अरुण चीफगेस्ट थे। वह पत्नी ज्योत्स्ना के साथ तय समय में कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गए, लेकिन वहां अफसर मौजूद नहीं थे। 45 मिनट इंतजार करने के बाद वह नाराज होकर वहां से चले गए। ये मामला सुर्खियों में आया तो जिम्मेदार अधिकारी और नेता लेटलतीफी की गेंद एक-दूसरे के पाले में फेंकने लग गए। डीएम आशुतोष अग्निहोत्री का कहना है कि कार्यक्रम की आयोजक एसडीएम सदर वैशाली थीं। उनके 15 मिनट देरी से पहुंचने के मामले में स्पष्टीकरण मांगा है। उधर डीएम को दिए स्पष्टीकरण में एसडीएम वैशाली ने बताया गया कि उस कार्यक्रम के नोडल अधिकारी जिला पर्यटन अधिकारी डॉ. मोहम्मद मकबूल को बनाया गया था। जिन्होंने बताया कि मंत्री असीम अरुण 6:30 बजे आएंगे और डीएम 6 बजे आएंगे। जिसके आधार पर वह खुद 5:30 बजे कार्यक्रम स्थल पर पहुंच गईं थीं, लेकिन तब तक मन्त्री असीम अरुण आ चुके थे। उधर पर्यटन अधिकारी मोहम्मद मकबूल का कहना है कि उन्होंने मंत्री असीम अरुण के प्रतिनिधि विवेक पाठक को समय की सूचना दे दी थी, लेकिन उन्होंने मंत्री जी को कार्यक्रम लेट होने की जानकारी नहीं दी। अब इस मामले में विवेक पाठक ने डीएम आशुतोष मोहन के नाम पत्र लिखा और साथ मे मोबाइल की कॉल डिटेल का स्क्रीन शॉट भी शेयर किया। जिसमें उन्होंने लिखा कि पर्यटन अधिकारी की ओर से कोई काल नहीं की गई, बल्कि मैंने खुद उन्हें कॉल कर मंत्री जी के कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने की जानकारी दी थी। उन्होंने लिखा कि पर्यटन अधिकारी द्वारा इस ब्लेम गेम में मुझे शामिल किया गया, जोकि गलत है। इस मामले की जांच कर सत्यता का पता लगाया जाए।
आगरा के प्रभारी मंत्री व यूपी के पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह 30 मार्च को आ रहे हैं। वे जैन मंदिर के पर्यटन विकास एवं सौंदर्यीकरण कार्यों के शिलान्यास के साथ ही जिले की कानून व्यवस्था व विकास कार्यों की समीक्षा करेंगे। वे लगभग 6 घंटे तक आगरा में रहेंगे। ये रहेगा प्रभारी मंत्री का कार्यक्रमकार्यक्रम के मुताबिक, प्रभारी मंत्री सुबह 11 बजे एत्मादपुर पहुंचेंगे। यहां वे जैन मंदिर के विकास कार्यों एवं सौंदर्यीकरण कार्यों का शिलान्यास तथा भूमि पूजन करेंगे। इसके बाद दोपहर लगभग 12 बजे सर्किट हाउस पहुंचेंगे। यहां आरएसएस के पदाधिकारियों के साथ बैठक करेंगे। दोपहर 12.30 बजे से जनप्रतिनिधियों, भाजपा व सहयोगी दलों के पदाधिकारियों के साथ मुलाकात करेंगे। दोपहर 1 बजे से जिले की कोर कमेटी के साथ बैठक करेंगे। दोपहर 1.30 बजे से दोपहर 2 बजे तक का समय आरक्षित रखा गया है। 2 बजे से शाम 4.30 बजे तक जिले के विकास कार्यों एवं कानून व्यवस्था की समीक्षा करेंगे। इसके बाद वे शाम को 5 बजे लखनऊ के रवाना हो जाएंगे। इससे पहले प्रभारी मंत्री 27 फरवरी को आगरा आए थे। तब उन्होंने ताजनगरी स्थित गीता गोविंद वाटिका का शुभारंभ किया था। प्रभारी मंत्री ने आगरा के ताजगंज फेस-2, जोनल पार्क में 12.41 करोड़ रुपये की लागत से तैयार इस गीता-गोविंद वाटिका का लोकार्पण किया। गीता-गोविंद वाटिका में ब्रज की संस्कृति की छटा बिखेर रही है। यहां न सिर्फ श्रीकृष्ण की लीलाओं पर आधारित फाउंटेशन शो हो रहा है बल्कि गीता के उपदेशों को भी शिलालेख पर उकेरा गया है। महाभारत के कुरुक्षेत्र के दृश्य को भी विभिन्न मूर्तियों और आकृतियों से सजीव करने का प्रयास किया गया है। यहां हर शाम को लाइट एंड साउंड के साथ फाउंटेशन के दो शो होंगे।
गंगापुर सिटी: कुशाल लेक के लिए 1.60 करोड़ स्वीकृत, बनेगा पर्यटन केंद्र
पर्यटन विभाग ने झील के सौंदर्यीकरण हेतु पहली किस्त के रूप में 80 लाख रुपये जारी किए, पूर्व विधायक मानसिंह गुर्जर के प्रयासों से मिली सफलता।
छत्तीसगढ़ के बिलासपुर जिले के पर्यटन मंडल के रिसार्ट में हिरण का शिकार किया गया। वन विभाग की टीम ने रिसार्ट में छापेमारी कर हिरण के पके मीट बरामद किए है। मैनेजर समेत 4 कर्मचारियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। मामला कोटा क्षेत्र के बेलगहना स्थित कुरदर के एथनिक रिसार्ट का है। दरअसल, वन विभाग को शुक्रवार को सूचना मिली थी कि, बेलगहना वन परिक्षेत्र के कुरदर स्थित प्राइवेट रिसार्ट में हिरण का शिकार कर उसके मांस को पकाया जा रहा है। अफसरों ने रिसार्ट में दबिश देकर तलाशी ली, तो किचन में कड़ाही पर मांस पकाया जा रहा था। पर्यटन मंडल का है रिसार्ट जांच में पता चला कि, एथनिक रिसार्ट पर्यटन मंडल संचालित करता है। जहां 8 से 10 कर्मचारी कार्यरत हैं। मैनेजर और कर्मचारियों के लिए हिरण का मीट बनाया जा रहा था। टीम ने कुक रामकुमार टोप्पो समेत रिसॉर्ट के मैनेजर रजनीश सिंह सहित रमेश यादव, संजय वर्मा को पकड़ा है। उनके खिलाफ वन्यजीव संरक्षण कानून के उल्लंघन का केस दर्ज किया गया है। मैनेजर समेत कर्मचारियों ने कुक को बताया दोषी वन विभाग के अफसरों ने मैनेजर रजनीश सिंह के साथ कर्मचारियों से पूछताछ की, तब उन्होंने खुद का बचाव करते हुए कहा कि, उन्हें नहीं पता मांस किसका है। उन्होंने पूरा दोष कुक रामकुमार टोप्पो पर मढ़ दिया। जबकि, कुक रामकुमार ने कहा कि उसे इस बारे में कुछ जानकारी नहीं है। उसे गांव के जनक बैगा ने पत्ते में मांस लाकर दिया था। जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा मीट वन विभाग की टीम ने गिरफ्तार आरोपियों का बयान दर्ज कर उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। अफसरों ने बताया कि, जब्त मांस को जांच के लिए जबलपुर लैब भेजा जाएगा, ताकि पुष्टि हो सके कि यह हिरण का ही मांस है या नहीं। हालांकि, वन विभाग की जांच में हिरण के बाकी अवशेषों का कुछ पता नहीं चल सका है। जंगल में बेधड़क हो रहा वन्य जीवों का शिकार कोटा-बेलगहना क्षेत्र में इससे पहले भी वन्य जीवों के शिकार हो चुके हैं। जंगल में करंट लगाकर बाघ-तेंदुआ के साथ ही जंगली सुअरों का भी शिकार किया जा रहा है। बताया जा रहा है कि इस क्षेत्र में कई प्राइवेट रिसार्ट भी हैं, जहां इसी तरह हिरण का शिकार कर मीट बनाया जाता है। लेकिन, वन विभाग के अफसरों ने अब तक प्राइवेट रिसार्ट में छापेमारी नहीं की है।
अयोध्या की बीकापुर विधानसभा सीट से पहली बार विधायक चुने गए डॉ. अमित कुमार सिंह चौहान ने अपने चार वर्षों के कार्यकाल को विकास के लिहाज से ऐतिहासिक बताया है। उनका कहना है कि क्षेत्र में सड़कों, स्वास्थ्य, शिक्षा और पर्यटन के क्षेत्र में व्यापक काम हुए हैं, जिससे आम जनता को सीधा लाभ मिला है। बीकापुर, मसौधा, सोहावल और हैरिंग्टनगंज के गांवों को जोड़ने के लिए 100 से अधिक सड़कों का निर्माण कराया। इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से जरूरतमंद मरीजों के इलाज के लिए चार वर्षों में 3.50 करोड़ रुपए की आर्थिक सहायता दिलाई गई। उन्होंने कहा कि हैरिंग्टनगंज में डिग्री कॉलेज का निर्माण, बीकापुर में ड्रग वेयर हाउस की स्थापना और एक मानसिक मंदित प्रशिक्षण केंद्र की स्थापना उनके प्रमुख कार्यों में शामिल है। विधायक का दावा है कि उनके कार्यकाल में बिकापुर विधानसभा क्षेत्र में जितना विकास काम हुआ है, उतना पिछले कई वर्षों में कभी नहीं हुआ था। उन्होंने कहा कि जनता ने उनके कामकाज पर भरोसा जताते हुए उन्हें विजयी बनाया था। उन्होंने यह भी कहा कि कई ऐतिहासिक काम पूरे हो चुके हैं, जबकि कुछ योजनाओं के लिए शासन को प्रस्ताव भेजे गए हैं। पढ़िए सवाल-जवाब में डॉ. अमित सिंह चौहान का इंटरव्यू… सवाल: अपने चार साल के कार्यकाल को आप 10 में से कितने अंक देंगे?जवाब: 2017 से पहले और उसके बाद के समय में बड़ा अंतर आया है। पहले जनप्रतिनिधि और जनता के बीच दूरी रहती थी, जिसे हमने खत्म करने का काम किया। पिछले नौ वर्षों (माता शोभा सिंह चौहान के कार्यकाल सहित) में हमने लगातार जनता के बीच रहकर काम किया है। हम खुद को अंक नहीं दे सकते, यह जनता तय करेगी। हैरिंग्टनगंज में डिग्री कॉलेज बनकर तैयार है। बीकापुर में ड्रग वेयर हाउस बन गया है, जहां पूरे जिले की दवाएं स्टोर हो रही हैं। इसके अलावा मानसिक मंदित प्रशिक्षण केंद्र भी स्थापित किया गया है, जहां दिव्यांग बच्चों के रहने की सुविधा है। स्वास्थ्य के क्षेत्र में भी हमने महत्वपूर्ण कार्य किया है। मेरी कोशिश रही कि कोई भी गरीब परिवार इलाज से वंचित न रहे। जिनके पास आर्थिक संसाधन नहीं थे, उन्हें मुख्यमंत्री राहत कोष से सहायता दिलाई गई। चार वर्षों में 3.50 करोड़ रुपए की मदद जरूरतमंदों को दिलाई गई। सवाल: आपके क्षेत्र में सबसे बड़ा काम कौन सा रहा?जवाब: पहले क्षेत्र में अधिकांश सड़कें कच्ची थीं और गांवों के बीच संपर्क का अभाव था। हमारी प्राथमिकता कनेक्टिविटी बढ़ाना थी। ढेमवा पुल से सोहावल तक सड़क निर्माण कराया गया। सुचित्तागंज बाजार की सड़क का चौड़ीकरण किया गया। बड़ा गांव-ढेवड़ी होते हुए मिल्कीपुर मार्ग का विस्तार हुआ। सोहावल-ढेवड़ी-रौनाही मार्ग का निर्माण हुआ। इसके अलावा सुचित्तागंज से मसौधा चीनी मिल तक सड़क का चौड़ीकरण और उच्चीकरण किया गया। बीकापुर में जलालपुर-चनहा और जलालपुर-शाहगंज मार्ग का निर्माण कराया गया।कुल मिलाकर 100 से अधिक सड़कों का निर्माण हुआ, जिससे आम जनता और व्यापारियों को बड़ी राहत मिली। सवाल: ऐसा कौन सा काम है जो अभी पूरा नहीं हो सका?जवाब: विकास कार्यों की कोई सीमा नहीं होती। पिलखांवा से ढेवड़ी जाने वाले मार्ग और भरतकुंड से जुड़ने वाली सड़क का निर्माण अभी बाकी है। रूसिया माफी पुल भी एक महत्वपूर्ण परियोजना है, जिससे मसौधा से भदरसा होते हुए बीकापुर की दूरी 10 से 14 किलोमीटर कम हो जाएगी। इसके अलावा लखनऊ-अयोध्या रोड से देवराकोट, सारंगापुर, रामकोट ग्रंट, सीबार से हनुमान मंदिर तक और बड़ा गांव बाजार की सड़क पर जल्द काम शुरू होगा। इसके अलावा कुछ और कार्य शासन को भेजे गए है। सवाल: क्या 2027 में पार्टी आपको फिर से उम्मीदवार बनाएगी?जवाब: मैं भारतीय जनता पार्टी का एक कार्यकर्ता हूं। 2022 में पार्टी ने मुझे मौका दिया और जनता ने आशीर्वाद दिया। 2027 में पार्टी जो भी जिम्मेदारी देगी, उसे पूरी पिष्ठा और ईमानदारी से निभाऊंगा। सवाल: क्षेत्र के पौराणिक और आध्यात्मिक स्थलों का कितना विकास हुआ?जवाब: हमारी विधानसभा में कई महत्वपूर्ण धार्मिक स्थल हैं, जहां देशभर से श्रद्धालु आते हैं। भरतकुंड के विकास के लिए 2 करोड़ रुपए स्वीकृत कराए गए हैं। सीता कुंड का विकास कार्य जारी है। मां ज्वाला देवी मंदिर और महादेवपुर मंदिर का भी विकास कराया गया है। महादेवपुर में गेस्ट हाउस की सुविधा भी विकसित की गई है। इसके अलावा कई अन्य मंदिरों और पौराणिक स्थलों का भी विकास हुआ है। सवाल: रसोई गैस की किल्लत को लेकर लोग परेशान हैं?जवाब: इस समस्या को लेकर अधिकारियों के साथ बैठक हुई है। मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने भी आवश्यक दिशा-निर्देश दिए हैं। जल्द ही समस्या का समाधान होने की उम्मीद है। सवाल: UGC को लेकर सामान्य वर्ग में विरोध की स्थिति दिख रही है?जवाब: भाजपा सरकार सर्व समाज के हित में काम करती है। किसी को परेशान होने की जरूरत नहीं है। सरकार इस मुद्दे पर बातचीत कर रही है और सभी वर्गों का ध्यान रखा जाएगा। डॉ. अमित सिंह चौहान का दावा है कि बीकापुर विधानसभा क्षेत्र में बुनियादी ढांचे, स्वास्थ्य सेवाओं और धार्मिक पर्यटन के क्षेत्र में अभूतपूर्व कार्य हुए हैं। वहीं, अधूरे कार्यों को जल्द पूरा करने का भरोसा भी उन्होंने जताया है।
बरगी थाना के फडिंगो क्लब में आज शाम उस समय अफरा-तफरी मच गई, जब वहां पर अचानक ही भीषण आग लग गई। जानकारी लगते ही क्लब में मौजूद कर्मचारी वहां से बाहर निकल आए। कुछ ही देर बाद बरगी थाना पुलिस के साथ फायर बिग्रेड की टीम मौके पर पहुंची और मुश्किल से क्लब में लगी आग को बुझाया। बताया जा रहा है कि क्लब वासु गुप्ता नाम के व्यक्ति का है, जिसका घटना के बाद से ही मोबाइल बंद है। जानकारी के मुताबिक क्लब में काम करने वाला एक कर्मचारी गायब है, माना जा रहा है कि संभवता उसकी जलने से मौत हो गई हो, हालांकि अभी तक यह पता नहीं चल पाया है कि लापता कर्मचारी कौन है और उसका नाम क्या है। मौके पर मौजूद लोगों ने बताया कि शार्ट सर्किट के चलते आग लग गई थी, जिसके बाद पूरा क्लब जल गया। फायर बिग्रेड में पदस्थ सहायक अधीक्षक राजेंद्र पटेल ने बताया कि शाम करीब 6 बजे सूचना मिली थी कि बरगी के पास स्थित फडिंगो एडवेंचर एरीना में आग लग गई है। फौरन मौके पर 4 दमकल की बड़ी गाड़ियां भेजी और करीब दो घंटे तक लगातार आग को बुझाने का प्रयास किया, और सफलतापूर्वक आग को बुझा दिया गया है। कुछ लोग बता रहे थे कि एक कर्मचारी मिल नहीं रहा है, जिसे जले हुए क्लब के अदंर तलाश भी किया गया पर वह नहीं मिला।
बिहार के उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने बक्सर में घोषणा की है कि पटना से बक्सर तक मरीन ड्राइव का विस्तार किया जाएगा। उन्होंने समृद्धि यात्रा के तहत आयोजित एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए क्षेत्र में तेजी से हो रहे बुनियादी ढांचे के विकास को रेखांकित किया। उपमुख्यमंत्री ने बताया कि पटना से कोईलवर तक मरीन ड्राइव का निर्माण कार्य पहले ही शुरू हो चुका है। अब इसे आगे बढ़ाकर बक्सर तक विस्तारित करने की योजना है। उनका कहना था कि इससे न केवल आवागमन सुगम होगा, बल्कि पर्यटन और स्थानीय अर्थव्यवस्था को भी बढ़ावा मिलेगा। दो घंटे में पहुंचे पटना से बक्सर सड़कों की स्थिति में सुधार का उल्लेख करते हुए चौधरी ने कहा कि पहले पटना से बक्सर की यात्रा में लगभग 5 घंटे लगते थे और लोग ट्रेनों पर निर्भर रहते थे। अब डबल इंजन सरकार के प्रयासों से यह दूरी महज डेढ़ से दो घंटे में पूरी हो रही है। उन्होंने बक्सर-चौसा सड़क को फोरलेन बनाने की दिशा में चल रहे कार्यों की भी जानकारी दी, जिसके लिए भूमि अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। पुल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को मजबूत करेगा इसके अतिरिक्त, उन्होंने वर्ष 2024 के केंद्रीय बजट का जिक्र करते हुए बताया कि मुख्यमंत्री नीतीश कुमार के आग्रह पर बक्सर में गंगा नदी पर एक फोरलेन पुल का निर्माण कराया जा रहा है। यह पुल क्षेत्र की कनेक्टिविटी को और मजबूत करेगा। बक्सर और डुमरांव बेवरेज इंडस्ट्री के बड़े हब रोजगार और औद्योगिक विकास पर जोर देते हुए उपमुख्यमंत्री ने कहा कि बक्सर अब उद्योग के क्षेत्र में भी तेजी से आगे बढ़ रहा है। हाल ही में यहां सीमेंट फैक्ट्री का शिलान्यास और उद्घाटन किया गया है, जिससे स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर मिलेंगे। उन्होंने यह भी बताया कि बक्सर और डुमरांव बेवरेज इंडस्ट्री के बड़े हब के रूप में उभरेंगे, जहां पेप्सिको और कोका-कोला जैसी कंपनियों के प्लांट स्थापित किए गए है। चौधरी ने विश्वास जताया कि इन योजनाओं के पूरा होने से बक्सर जिले का समग्र विकास सुनिश्चित होगा और यह क्षेत्र राज्य के प्रमुख औद्योगिक और आर्थिक केंद्रों में शामिल होगा। उन्होंने कहा कि अब बक्सर के युवा मेड इन यूएसए नहीं, बल्कि मेड इन बक्सर कोल्ड ड्रिंक का स्वाद लेंगे।
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टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
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