वैश्विक स्तर पर इबोला वायरस को लेकर बढ़ती चिंता के बीच छत्तीसगढ़ में भी स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर आ गया है। राजधानी रायपुर के स्वामी विवेकानंद एयरपोर्ट पर यात्रियों की स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। एयरपोर्ट पर जांच काउंटर बनाए गए हैं, जहां बाहरी राज्यों और अंतरराष्ट्रीय यात्रियों की स्वास्थ्य जांच के साथ उनकी ट्रैवल हिस्ट्री की भी जांच की जा रही है। स्वास्थ्य विभाग ने एयरपोर्ट पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश जारी किए हैं। यात्रियों की थर्मल स्कैनिंग और स्वास्थ्य जांच अनिवार्य कर दी गई है। इसके अलावा संदिग्ध लक्षण मिलने पर तत्काल आइसोलेशन और उपचार की व्यवस्था भी की गई है। इसके लिए एक नोडल अधिकारी की नियुक्ति की गई है। WHO ने जताई चिंता अफ्रीकी देशों, खासकर कांगो और युगांडा में इबोला संक्रमण के बढ़ते मामलों के बाद विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) ने वैश्विक स्तर पर चिंता जताई है। इसके बाद भारत समेत कई देशों ने निगरानी बढ़ा दी है। फिलहाल भारत में इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एहतियात के तौर पर केंद्र और राज्य सरकारें सतर्क हैं। केंद्र सरकार ने बढ़ाई निगरानी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्री जेपी नड्डा ने हाल ही में कहा था कि देश में फिलहाल इबोला का कोई मामला सामने नहीं आया है, लेकिन एयरपोर्ट, बंदरगाहों और सीमावर्ती क्षेत्रों में स्क्रीनिंग और निगरानी बढ़ा दी गई है। साथ ही ICMR और अन्य एजेंसियों को सर्विलांस और टेस्टिंग के लिए तैयार रहने के निर्देश दिए गए हैं।
गयाजी में आज बेरोजगार युवाओं के लिए एक दिवसीय रोजगार शिविर का आयोजन किया जा रहा है। यह शिविर अवर प्रादेशिक नियोजनालय केंदुई में लगेगी। इसमें निजी क्षेत्र की प्रतिष्ठित संस्था फ्रीडम एम्प्लॉयबिलिटी एकेडमी की ओर से शिक्षक पदों के लिए योग्य अभ्यर्थियों का चयन किया जाएगा। इस भर्ती प्रक्रिया के तहत कुल 22 रिक्त पदों पर नियुक्ति की जाएगी। शिक्षक पद के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों की न्यूनतम शैक्षणिक योग्यता स्नातक निर्धारित की गई है। आयु सीमा 18 साल से 45 साल तक तय की गई है। 14 हजार हर महीने मिलेगी सैलरी चयनित उम्मीदवारों को प्रतिमाह ₹14,500 वेतन दिया जाएगा। इसके अलावा, ट्रैवल और आवास भत्ता, पेड लीव और मेडिकल इंश्योरेंस जैसी सुविधाएं भी उपलब्ध कराई जाएंगी। रोजगार शिविर का आयोजन सुबह 10:30 बजे से शाम 4:00 बजे तक होगा। इच्छुक अभ्यर्थियों से अपील की गई है कि वे अपने बायोडाटा, शैक्षणिक प्रमाण पत्र और अन्य आवश्यक दस्तावेजों के साथ निर्धारित समय पर शिविर में पहुंचें। नियोजनालय प्रशासन ने बताया कि अधिक से अधिक युवाओं को रोजगार उपलब्ध कराने के उद्देश्य से ऐसे शिविर आयोजित किए जा रहे हैं, ताकि स्थानीय स्तर पर नौकरी के अवसर मिल सकें। जिला जनसंपर्क पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि रोजगार शिविर की पूरी प्रक्रिया पूरी तरह से निशुल्क होगी और किसी भी अभ्यर्थी से कोई शुल्क नहीं लिया जाएगा। युवाओं को दलालों या फर्जी एजेंसियों से सावधान रहने की सलाह दी गई है।
नक्सलवाद के खात्मे के बाद अब छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ाने का जिम्मा टाटा को
नक्सलवाद खत्म होने के बाद राज्य के पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में टाटा समूह की एंट्री होने जा रही है। टाटा समूह की होटल कंपनी इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड (आईएचसीएल) ने राज्य में 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की रुचि दिखाई है। मुख्यमंत्री विष्णुदेव की मौजूदगी में आयोजित उच्चस्तरीय बैठक में कंपनी के प्रतिनिधियों ने पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में बड़े निवेश की योजना साझा की। मुख्यमंत्री साय ने कहा कि छत्तीसगढ़ प्राकृतिक सुंदरता, जलप्रपातों, जंगलों और समृद्ध आदिवासी संस्कृति से भरपूर राज्य है। सरकार का लक्ष्य राज्य की वास्तविक पहचान और सांस्कृतिक विरासत को राष्ट्रीय और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर स्थापित करना है। पर्यटन को उद्योग का दर्जा दिए जाने के बाद प्रदेश में होटल और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में निवेश की संभावनाएं तेजी से बढ़ी हैं। पर्यटकों के लिए बेहतर ठहराव, परिवहन तथा आधुनिक सुविधाओं के विकास के माध्यम से छत्तीसगढ़ को आकर्षक पर्यटन गंतव्य बनाया जा सकता है। बैठक में इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड के प्रतिनिधियों ने बताया कि कंपनी छत्तीसगढ़ में हॉस्पिटैलिटी सेक्टर में लगभग 500 करोड़ रुपये से अधिक निवेश की योजना पर कार्य कर रही है। इसे शीघ्र आगे बढ़ाया जाएगा। इससे प्रदेश में पर्यटन अधोसंरचना मजबूत होगी। रोजगार के नए अवसरों का सृजन होगा। बैठक में छत्तीसगढ़ पर्यटन मंडल के अध्यक्ष नीलू शर्मा, मुख्य सचिव विकास शील, प्रमुख सचिव सुबोध कुमार सिंह, वित्त सचिव डॉ. रोहित यादव, निवेश आयुक्त ऋतु सेन, मुख्यमंत्री के सचिव राहुल भगत, उद्योग सचिव रजत कुमार, पर्यटन विभाग सचिव डॉ. एस. भारतीदासन सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारीगण उपस्थित थे। बस्तर और सरगुजा पर फोकस: छत्तीसगढ़ में पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए इंडियन होटल्स कंपनी लिमिटेड की एक हाई-लेवल एक्सपर्ट टीम जल्द ही बस्तर, सरगुजा, वन क्षेत्रों और पांचों शक्तिपीठों का ग्राउंड सर्वे करेगी। इस सर्वे के जरिए पर्यटकों की आवाजाही और स्थानीय सुविधाओं का आकलन किया जाएगा, जिसके आधार पर इन क्षेत्रों में लक्जरी होटल, विला और मोटल शुरू करने की अंतिम रूपरेखा तैयार होगी। बस्तर और सरगुजा पर फोकस होने के 4 मुख्य कारण हैं: - नियमों में बड़ी छूट: नीति के अनुसार रायपुर, बिलासुपर व दुर्ग में न्यूनतम 150 कमरों के 5-स्टार होटल की शर्त है, जबकि बस्तर-सरगुजा के सुदूर क्षेत्रों में पर्यावरण को नुकसान पहुंचाए बिना मात्र 50 कमरों के 3-स्टार लक्जरी रिसॉर्ट्स बनाने की विशेष छूट है। - ज्यादा सरकारी मदद : नई औद्योगिक नीति में बस्तर और सरगुजा संभागों में निवेश करने पर सामान्य क्षेत्रों से अधिक वित्तीय सब्सिडी और टैक्स छूट का प्रावधान है, जिससे लागत कम होती है। - तैयार सरकारी संपत्तियां: छत्तीसगढ़ टूरिज्म बोर्ड के सबसे बड़े और आलीशान रिसॉर्ट्स (जैसे चित्रकोट का दंडामी और मैनपाट का कर्मा रिसॉर्ट) यहीं हैं, जिन्हें टाटा सीधे टेकओवर कर सकता है। - इको और रिलिजियस टूरिज्म: बस्तर के वॉटरफॉल्स (चित्रकोट), मैनपाट की वादियां और दंतेवाड़ा व सूरजपुर जैसी प्रमुख शक्तिपीठें यहां हैं, जो पर्यटकों के लिहाज से अच्छा है। निवेश के लिए अनुकूल वातावरण: ओपीवित्त मंत्री ओपी चौधरी ने कहा कि राज्य सरकार ने निवेश के लिए अनुकूल वातावरण तैयार किया है। सभी आवश्यक अनुमतियों की प्रक्रिया को सरल, पारदर्शी और समयबद्ध बनाया गया है। 500 करोड़ से अधिक निवेश करने वाले उद्योगों को बी-स्पोक पॉलिसी के तहत विशेष प्रोत्साहन और अतिरिक्त लाभ दिए जाएंगे। होटल के लिए 6 प्राइम लोकेशन पर जमीन देने का विकल्प सरकार टाटा को नए सिरे से होटल बनाने के लिए 6 प्राइम लोकेशंस पर जमीन का विकल्प दे रही है, जिसमें मैनपाट के टाइगर पॉइंट के पास 7 एकड़, अमृतधारा जलप्रपात के पास 13 एकड़, और सिरपुर पुरातत्व स्थल के पास 9 एकड़, रतनपुर-खुटाघाट डैम बिलासपुर के गिधौरी में 10 एकड़, शिवनाथ नदी तट बलौदाबाजार-सिमगा के चंडिया पत्थर में 6.4 एकड़ जमीन, कोदार जलाशय महासमुंद के कोकडी में 20.6 एकड़ जमीन। वे रिसॉर्ट्स जिन्हें टाटा सीधे ले सकती है चित्रकोट दंडामी रिसॉर्ट (बस्तर): 20.37 एकड़ में फैला हुआ (26 कमरे)। {धंकुल एथनिक रिसॉर्ट (कोंडागांव, बस्तर): 2.5 एकड़, जो ‘शिल्प शहर’ (ढोकरा आर्ट) के लिए मशहूर है। {सैला टूरिस्ट रिसॉर्ट और कर्मा एथनिक रिसॉर्ट (मैनपाट, सरगुजा): क्रमशः 14.7 एकड़ और 20 एकड़ में फैले आलीशान रिसॉर्ट्स, जो तिब्बती संस्कृति और वेडिंग डेस्टिनेशन के लिए मशहूर हैं। हिल मैना हाईवे ट्रीट (कांकेर): नेशनल हाईवे-30 पर स्थित। पुराने कड़े नियमों के कारण पहले 5 बार इसके टेंडर फ्लॉप हो चुके हैं। अब नए नियमों के तहत टाटा जैसी बड़ी कंपनियों को सीधे नॉमिनेशन पर यह संपत्तियां दी जा सकती हैं।
अशोकनगर जिले की ग्राम पंचायतों में प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण और सुरक्षा के लिए अब संग्रहालय बनाए जाएंगे। यह पहल कलेक्टर साकेत मालवीय के निर्देश और जिला पंचायत सीईओ राजेश जैन के मार्गदर्शन में शुरू की गई है। कई ग्राम पंचायतों में प्राचीन मूर्तियां लंबे समय से अव्यवस्थित स्थिति में रखी हुई हैं। उचित रखरखाव के अभाव में इन ऐतिहासिक धरोहरों का क्षरण हो रहा था। इसी को ध्यान में रखते हुए प्रशासन ने इन्हें सुरक्षित और व्यवस्थित तरीके से संरक्षित करने का निर्णय लिया है। इन संग्रहालयों का मुख्य उद्देश्य प्राचीन मूर्तियों को सुरक्षित रखना है। साथ ही, इनके माध्यम से पर्यटक भी इन मूर्तियों का अवलोकन कर जिले की ऐतिहासिक एवं सांस्कृतिक विरासत से परिचित हो सकेंगे। इस दिशा में ग्राम पंचायत तूमैंन में एक संग्रहालय का निर्माण कार्य पूरा हो चुका है। इसके अतिरिक्त, ग्राम पंचायत मल्हारगढ़, थूबोन और कदवाया में भी प्राचीन मूर्तियों के संरक्षण के लिए संग्रहालय स्थापित करने के निर्देश जारी किए गए हैं।
नेशनल हाईवे-62 (नागौर-बीकानेर) पर टेम्पो ट्रैवलर और ट्रक की आमने-सामने की टक्कर हो गई। हादसे में टेम्पो ट्रैवलर में सवार 3 लोगों की मौत हो गई। 13 लोग घायल हो गए। एक्सीडेंट बीकानेर के नोखा थाना क्षेत्र में चरकड़ा बाइपास पर बुधवार देर रात करीब 3:30 बजे हुआ। टेम्पो ट्रैवलर में सवार सभी लोग नाथद्वारा (राजसमंद) में श्रीनाथ मंदिर से दर्शन कर बीकानेर लौट रहे थे। थानाधिकारी अरविंद भारद्वाज ने बताया- टेम्पो ट्रैवलर नाथद्वारा से बीकानेर की ओर जा रहा था। बीकानेर से नागौर की तरफ जा रहे तेज रफ्तार ट्रक से चरकड़ा बाइपास के पास उसकी टक्कर हो गई। ट्रक इतनी तेज रफ्तार में था कि सड़क किनारे घर के बाहर खाट पर सो रहे 5-6 लोगों से करीब 60 फीट की दूरी पर जाकर रुका। ट्रक ड्राइवर मौके से फरार हो गया। टेम्पो ट्रैवलर बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया। देखें, हादसे से जुड़ी PHOTOS… पुलिस ने टेम्पो ट्रैवलर में फंसे लोगों को बाहर निकाला हादसे की सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची। राहत और बचाव कार्य शुरू किया गया। पुलिस ने स्थानीय लोगों की मदद से टेम्पो ट्रैवलर में फंसे यात्रियों को बाहर निकाला और सीएचसी नोखा पहुंचाया। वहां डॉक्टर्स ने टेंपो ट्रैवलर ड्राइवर मोहम्मद आरिफ (45) निवासी सरदारशहर (चूरू), बीकानेर निवासी जयश्री (30) पत्नी आशीष और सरदारशहर निवासी विष्णु (26) को मृत घोषित कर दिया। आशीष पुत्र मोहनलाल राकांवत, सोनी पत्नी बंशीलाल, कनुश्री, हिमांशी, भारती, बजरंगलाल, मितांशु, रितिका, जीविका, मयंक, संतोष, मीनाक्षी और निधि घायल हुए। सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद पीबीएम अस्पताल बीकानेर रेफर किया गया। प्रत्यक्षदर्शी बोला- ट्रक थोड़ा और आगे आता तो बड़ा हादसा हो जाता टक्कर के बाद ट्रक सड़क से उतरकर करीब 30 फीट अंदर तक चला गया था। जिस घर के पास ट्रक रुका, वहां से करीब 30 फीट दूर किसान के पशु बंधे हुए थे। वहीं परिवार के 5-6 लोग ट्रक से लगभग 60 फीट की दूरी पर सो रहे थे। प्रत्यक्षदर्शी कन्हैयालाल ने बताया- रात में हम बाहर ही सो रहे थे। हमारे पशु भी बाहर बंधे हुए थे। अचानक ट्रक आकर रुका तो हमारी नींद खुली। ट्रक ने घर के चारों ओर लगी तारबंदी भी तोड़ दी। अगर ट्रक थोड़ा भी आगे बढ़ जाता तो बड़ा हादसा हो सकता था। बाद में हमने ही शीशा तोड़कर टेम्पो ट्रैवल में फंसे लोगों को बाहर निकलवाया। जीजा-साली की मौत तीन बहनें भारती, सोनू और जयश्री अपने पति और बच्चों के साथ 23 मई को घूमने निकली थीं। परिवार माउंट आबू, हल्दीघाटी, सांवरिया सेठ और श्रीनाथजी के दर्शन कर बीकानेर लौट रहा था। जयश्री, विष्णु की साली थी। दोनों की हादसे में मौत हो गई। जयश्री का पति आशीष, विष्णु की पत्नी भारती (27), सोनू (33) पत्नी बजरंग, कनुश्री (9) पुत्री आशीष और कृतिका (11) पुत्री बजरंग गंभीर घायल हैं। उनका बीकानेर के पीएमबी हॉस्पिटल में इलाज चल रहा है। बाकी सभी घायलों को प्राथमिक इलाज के बाद छुट्टी दे दी गई है। वहीं गंभीर घायल मयंक पुत्र बजरंग को कोठारी हाॅस्पिटल में भर्ती करवाया गया है। आशीष बीकानेर के धरणीधर एरिया का निवासी है और प्राइवेट हाॅस्पिटल में कंपाउंडर है। विष्णु सरदारशहर में मेडिकल शाॅप चलाता था। … एक्सीडेंट की यह खबर भी पढ़ें… पुष्कर में डेजर्ट सफारी के दौरान अवैध कैंपर पलटी:उदयपुर से आए टूरिस्ट परिवार के 18 लोग घायल; जेएलएन अस्पताल में चल रहा इलाज पुष्कर में डेजर्ट सफारी के दौरान कैंपर पलट गई। हादसे में उदयपुर से पुष्कर घूमने आए 18 लोग गंभीर रूप से घायल हो गए। स्थानीय लोगों ने घायलों को जेएलएन अस्पताल पहुंचाया। जहां उनका इलाज जारी है। (पूरी खबर पढ़ें)
आगरा के चौपाटी में जिप लाइन से गिरकर फिरोजाबाद के 16 साल के लड़के की मौत हो गई। बेटे की लाश को गोद में रखकर माता-पिता रोते-बिलखते रहे। मौके पर न फर्स्ट एड मिला, न ही एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन संभाल रही ईओडी कंपनी का कोई कर्मचारी मदद को आगे आया। असहाय माता-पिता बेटे की जिंदगी बचाने के लिए चीखते-चिल्लाते रहे। आखिर में बेटे ने उनकी गोद में ही दम तोड़ दिया। माता-पिता की शिकायत पर पुलिस ने एडवेंचर कंपनी 'एवरी अदर डे एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड' के मालिक, मैनेजर और सेफ्टी इंचार्ज के खिलाफ मुकदमा दर्ज कर लिया गया है। मैनेजर और सेफ्टी इंचार्ज को जेल भेज दिया गया है। इस कंपनी के दो मालिक हैं, लेकिन उन पर अभी कार्रवाई नहीं हुई है। न ही आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) के किसी अधिकारी की जिम्मेदारी तय की गई है। जानिए कुनाल की मौत के 5 जिम्मेदार कौन हैं, जिनकी वजह से भयानक हादसा हुआ। ईओडी कंपनी के सेफ्टी इंचार्ज की जिम्मेदारी क्या थी? पहली- जिप लाइन राइड से पहले कुनाल को सुरक्षा संबंधी जरूरी जानकारी देनी चाहिए थी। दूसरी- राइड के दौरान क्या करना है और क्या नहीं, इस बारे में बताना चाहिए था। तीसरी- बेल्ट का हुक ठीक से न लगाने में क्या दिक्कत हो सकती है, यह बताना चाहिए था। ये जरूरी चीजें कुनाल को देनी चाहिए थी, लेकिन नहीं दी गईं ईओडी कंपनी की तरफ से मैनेजर की क्या जिम्मेदारी थी? पहली- चौपाटी के संचालन, रख-रखाव, सुरक्षा मानकों और सरकारी गाइडलाइन का पालन सुनिश्चित कराना। दूसरी- एडवेंजर स्पोर्ट्स की मशीनों और सभी राइड की नियमित जांच और रख-रखाव कराना। तीसरी- राइड से पहले बेल्ट और अन्य सुरक्षा उपकरणों की सही तरीके से जांच कराना। कंपनी के डायरेक्टर की क्या जिम्मेदारियां थी? पहली- कंपनी की सभी एडवेंचर गतिविधियों और संचालन की निगरानी करना। दूसरी- सुरक्षा नीति और सेफ्टी स्टैंडर्ड तय कर उनका पालन सुनिश्चित करना। तीसरी- राइड्स, उपकरणों और इंफ्रास्ट्रक्चर के नियमित निरीक्षण और रख-रखाव की व्यवस्था करना। चौथी- सरकारी नियमों, लाइसेंस और सुरक्षा गाइडलाइन का पालन कराना। ईओडी कंपनी का पूरा नाम एवरी अदर डे एडवेंचर प्राइवेट लिमिटेड कंपनी है। ये आगरा के अलावा गाजियाबाद और दिल्ली में भी है। कंपनी ने आगरा की इस चौपटी को लीज पर ले रखा है। ऐसे में चौपटी में व्यवस्थाओं और उनके संचालन की पूरी जिम्मेदारी इन्हीं की है। एडवेंचर के लिए ए-वन गुणवत्ता वाली सेफ्टी किट उपलब्ध कराने, ट्रेंड स्टाफ की भर्ती करने, समय-समय पर स्टाफ को गाइड करने में इनसे लापरवाही हुई। दूसरी डायरेक्टर के तौर पर इनकी क्या जिम्मेदारी थी? पहली- प्रशिक्षित और योग्य स्टाफ की नियुक्ति सुनिश्चित करना। दूसरी- जोखिम प्रबंधन, इमरजेंसी प्लान और बीमा जैसी व्यवस्थाएं सुनिश्चित करना। तीसरी- कंपनी के संचालन में लापरवाही या सुरक्षा चूक रोकने के लिए निगरानी बनाए रखना। चौपाटी में इंतजाम सुनिश्चित कराने की जिम्मेदारी इनकी थी। जिप लाइन से गिरने के बाद कुनाल को चौपाटी पर प्राथमिक उपचार तक नहीं मिल पाया। ऐसे में डायरेक्टर के तौर पर इनकी जिम्मेदारी थी कि एडवेंचर एक्टिविटी के दौरान प्राथमिक उपचार की व्यवस्था है या नहीं, यह सुनिश्चित करना। लेकिन, इसमें लापरवाही बरती गई। आगरा डेवलेपमेंट अथॉरिटी की क्या जिम्मेदारी थी? पहली- व्यावसायिक गतिविधियों, पार्क, मनोरंजन स्थल और निर्माण को तय नियमों के तहत अनुमति देना। दूसरी- सुरक्षा मानकों और लाइसेंस की शर्तों का पालन हो रहा है या नहीं, इसकी जांच करना। तीसरी- सार्वजनिक स्थानों पर लोगों की सुरक्षा से जुड़े इंतजाम सुनिश्चित कराना। ईओडी कंपनी एक करार के तहत ठेके पर चौपाटी और यहां एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन कर रही थी। लेकिन, यह प्रॉपर्टी आगरा डेवलपमेंट अथॉरिटी (ADA) की ही है। ऐसे में मनोरंजन स्थल चौपटी का निरीक्षण करना, सेफ्टी नियमों की निगरानी करना इनकी जिम्मेदारी थी। प्रॉपर्टी पर किसी लापरवाही की वजह से कहीं मौत का खेल तो नहीं खेला जा रहा, ये एडीए को सुनिश्वित करना था। एडीए की निगरानी में चूक हुई। ADA उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली का कहना है कि चौपाटी हादसे की जांच के लिए 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। प्राधिकरण के सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में कमेटी जांच कर रही है। एक-दो दिन में रिपोर्ट आ जाएगी। 9 साल के लिए हुआ है एग्रीमेंट इस ईओडी कंपनी ने अक्टूबर, 2025 में आगरा में चौपाटी के संचालन और एडवेंचर एक्टिविटीज शुरू की थीं। एम. अरुन्मोली आगरा विकास प्राधिकरण (ADA) की उपाध्यक्ष हैं। इन्हीं के कार्यकाल में कंपनी को संचालन का ठेका दिया गया था। इस कंपनी का ADA से 9 साल के लिए एग्रीमेंट हुआ है। 9 साल बाद समीक्षा होने के बाद एक बार फिर से 6 साल के लिए इस कंपनी को ठेका देने का भी प्रावधान है। इस तरह से कंपनी, चौपाटी का 15 साल तक संचालन कर सकती है। 1.8 करोड़ सालाना में हुआ एग्रीमेंट ईओडी एडवेंचर कंपनी आगरा के अलावा दिल्ली और गाजियाबाद में भी एम्यूजमेंट पार्क चलाती है। ADA से लगभग 1.8 करोड़ हर साल में करार हुआ है। अब चौपाटी के बारे में जानते हैं… ताजमहल के पूर्वी गेट से लगभग 3 किलोमीटर दूर ताज नगरी फेज-2 स्थित जोनल पार्क में चौपाटी विकसित की गई है। इसके एक कोने में कई भोजनालय हैं। जहां आगरा के स्थानीय और देश के अन्य हिस्सों के स्वादिष्ट व्यंजन मिलते हैं। परिवार के साथ सुबह की सैर और शाम बिताने के लिए शानदार जगह के रूप में इसे विकसित किया गया है। इसका शुभारंभ नवंबर- 2023 में हुआ था। यहां लगभग 800 से 1000 लोग रोज आते हैं। जिनमें से रोज 400 से 600 युवा एडवेंचर राइड करते हैं। ईओडी एडवेंचर कंपनी के चौपाटी में जिप लाइनिंग, जिप साइकिलिंग, गो कार्टिंग, बुलराइड जैसे एडवेंचर स्पोर्ट्स हैं। ये कंपनी जिप लाइन एक्टिविटी की प्रति व्यक्ति 400 रुपए टिकट देती है। चौपाटी में एंट्री बंद हादसे के बाद से ही चौपाटी को बंद कर दिया गया है। 25 मई (सोमवार) की सुबह से ही चौपाटी के मुख्य गेट पर अंदर से ताला लगा दिया गया। टिकट विंडो बंद कर दी गई है। हादसे के बाद चौपाटी के अंदर और बाहर सन्नाटा पसरा हुआ है। इक्का-दुक्का कर्मचारी ही अंदर नजर आ रहे हैं। ये टीम कर रही जांच हादसे के बाद एडीए उपाध्यक्ष एम. अरुन्मोली ने एडीए सचिव संजय कुमार के नेतृत्व में 5 सदस्यीय कमेटी बनाई है। इसमें एडीए सचिव के अलावा चीफ इंजीनियर, टाउन प्लानर, एक्सईएन, प्रवर्तन अधिकारी शामिल हैं। ये टीम चौपाटी और यहां एडवेंचर एक्टिविटी का संचालन कर रही ईओडी कंपनी, कंपनी के साथ हुई करार की शर्तों के अनुपालन और हादसे के कारण की जांच कर रही है। अब घटना के बारे में जानिए…आगरा में फिरोजाबाद के चूड़ी कारोबारी पंकज अग्रवाल के 16 साल के बेटे कुनाल की 24 मई (रविवार) को जिप लाइन झूले से गिरकर मौत हो गई थी। वह मां-बाप और भाई के सामने ही 45 फीट ऊंचे झूले से सिर के बल नीचे गिरा। लड़का जैसे ही जिप लाइन में एक छोर से दूसरे छोर की तरफ बढ़ा, उसकी सेफ्टी बेल्ट का हुक टूट गया था। रेलिंग से टकराता हुआ नीचे गिर गया था। मौके पर ही तड़प-तड़पकर मौत हो गई थी। बेटा जब जिप लाइन झूले पर था, तो नीचे मां और भाई वीडियो बना रहे थे। पूरा हादसा उनके फोन में रिकॉर्ड हो गया। कुनाल का परिवार फिरोजाबाद से आगरा घूमने आया था। माता-पिता बेटे की लाश से लिपटकर रोते-रोते बेसुध हो गए थे। पिता ने रोते हुए कहा था कि जिप लाइन संचालक की लापरवाही की वजह से मेरा बेटा चला गया। मैं तो उसे घुमाने लाया था, अब उसकी लाश कैसे घर लेकर जाऊं? ------------------------- ये खबर भी पढ़िए- मां-बाप के साथ बेटे की आखिरी सेल्फी, पिता बोले- वो मंजर कभी नहीं भूल सकता तस्वीर में दिख रही ये खुशियां इतने चंद लम्हों की होंगी, इसका अंदाजा कुनाल को भी नहीं था। बाबा खाटू श्याम के दर से लौटकर जब वो 45 फीट ऊंचे जिप लाइन झूले पर बैठा, तो किसी ने नहीं सोचा था कि वह मौत का बुलावा साबित होगा। मोबाइल के फ्रेम में कैद उसकी ये आखिरी मुस्कान ताउम्र उसकी मां और पिता के सूनेपन में गूंजती रहेगी। पढ़ें पूरी खबर…
वाराणसी के लाल बहादुर शास्त्री अंतरराष्ट्रीय एयरपोर्ट पर इबोला वायरस को लेकर सतर्कता बढ़ा दी गई है। अंतरराष्ट्रीय स्तर पर संक्रमण फैलने की खबरों के बीच एयरपोर्ट प्रशासन और स्वास्थ्य विभाग अलर्ट मोड पर नजर आ रहे हैं। विदेशों से आने वाले सभी यात्रियों की एयरपोर्ट हेल्थ ऑर्गेनाइजेशन (APHO) की टीम द्वारा स्क्रीनिंग शुरू कर दी गई है। इसके साथ ही यात्रियों की ट्रैवल हिस्ट्री और स्वास्थ्य संबंधी जानकारी पर भी विशेष ध्यान दिया जा रहा है। एयरपोर्ट प्रशासन के अनुसार, किसी भी संभावित खतरे से निपटने के लिए स्वास्थ्य सुरक्षा से जुड़े सभी आवश्यक इंतजाम किए गए हैं। स्क्रीनिंग के दौरान यदि किसी यात्री में बुखार, कमजोरी या अन्य संदिग्ध लक्षण दिखाई देते हैं तो तत्काल स्वास्थ्य प्रोटोकॉल के तहत कार्रवाई की जाएगी। यात्रियों की जांच के लिए स्वास्थ्य विभाग की टीम तैनात है और अंतरराष्ट्रीय उड़ानों पर विशेष निगरानी रखी जा रही है। एयरपोर्ट निदेशक पुनीत गुप्ता ने बताया कि यात्रियों की सुरक्षा एयरपोर्ट प्रशासन की प्राथमिकता है। उन्होंने कहा कि विदेशों से आने वाले सभी यात्रियों की जांच की जा रही है और स्वास्थ्य विभाग के दिशा-निर्देशों का पूरी तरह पालन किया जा रहा है। वहीं बड़ागांव स्वास्थ्य प्रभारी डॉ. शेर मोहम्मद ने बताया कि फिलहाल इबोला वायरस को लेकर कोई नई गाइडलाइन जारी नहीं हुई है, लेकिन एपीएचओ टीम लगातार निगरानी और स्क्रीनिंग का कार्य कर रही है।
राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए बुधवार से ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई। वहीं पोर्टल पर आवेदन करते समय तकनीकी खामियां आ रही हैं। आवेदन कर रहे कई वरिष्ठ नागरिकों और उनके परिजनों को वेबसाइट पर रजिस्ट्रेशन के दौरान परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। इसमें नए आवेदकों को भी सिस्टम पहले से आवेदन किया हुआ बता रहा है। लोगों ने कहा- पोर्टल पर जनआधार नंबर दर्ज कर दूसरी जानकारी भरते हैं। इसके बाद फॉर्म सबमिट करने की कोशिश करते हैं तो स्क्रीन पर मैसेज दिखाई देता है- “यह सदस्य पहले ही आवेदन कर चुका है। नियमानुसार एक सदस्य जीवन में केवल एक ही बार आवेदन कर सकता है।” जबकि कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने पहले कभी इस योजना में आवेदन नहीं किया। पोर्टल पर आवेदन अटकने से बढ़ी परेशानी तकनीकी दिक्कत के कारण कई वरिष्ठ नागरिक आवेदन पूरा नहीं कर पा रहे हैं। बड़ी संख्या में लोग ई-मित्र केंद्रों पर पहुंच रहे हैं, लेकिन वहां भी आवेदन सबमिट नहीं हो पा रहे। इससे बुजुर्गों और उनके परिजनों को बार-बार चक्कर लगाने पड़ रहे हैं। कई आवेदकों ने बताया- पोर्टल पर जनआधार नंबर डालने के बाद डेटा खुल रहा है, लेकिन अंतिम चरण में सिस्टम आवेदन रिजेक्ट कर रहा है। ऐसे में लोग समझ नहीं पा रहे कि उनका आवेदन स्वीकार हुआ है या नहीं। 10 जून तक चलेगी आवेदन प्रक्रिया देवस्थान विभाग की ओर से वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया 10 जून तक चलेगी। योजना के तहत इस बार 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन से देश के अलग-अलग धार्मिक स्थलों की यात्रा करवाई जाएगी। वहीं 6 हजार यात्रियों को हवाई जहाज के जरिए नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन करवाए जाएंगे। केवल ऑनलाइन हो रहे आवेदन विभाग ने आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन रखी है। देवस्थान विभाग के पोर्टल और ई-मित्र केंद्रों के जरिए आवेदन किए जा रहे हैं। आवेदन के लिए जनआधार कार्ड अनिवार्य किया गया है। पहले लाभ लेने वाले नहीं हैं पात्र योजना के नियमों के अनुसार जो व्यक्ति पहले इस योजना का लाभ ले चुका है, वह दोबारा आवेदन नहीं कर सकता। इसी आधार पर पोर्टल में आवेदन करते समय सिस्टम पुराने रिकॉर्ड की जांच कर रहा है। हालांकि अब ऐसे मामले सामने आ रहे हैं, जिनमें पहली बार आवेदन करने वाले लोगों को भी पहले से लाभ ले चुका बताया जा रहा है। विभाग के अधिकारी बोले- जल्द कराएंगे समाधान देवस्थान विभाग के असिस्टेंट कमिश्नर-प्रथम जयपुर रतन लाल ने बताया- यदि आवेदन के दौरान इस तरह की तकनीकी समस्या सामने आ रही है तो विभाग की ओर से टेक्निकल टीम से संपर्क कर उसका समाधान करवाया जाएगा। उन्होंने कहा- जिन लोगों का पहले कभी चयन हुआ था और विभाग की ओर से कॉल जाने के बावजूद उन्होंने यात्रा नहीं की, उनके पास इस तरह का मैसेज आ सकता है। हालांकि यदि पहली बार आवेदन करने वाले लोगों को भी यह समस्या आ रही है तो मामले की जांच कर उसे ठीक करवाया जाएगा।
कोटा-चौमहला मेमू ट्रेन अब उज्जैन तक चलेगी:महाकाल दर्शन आसान, पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा
झालावाड़ जिले के रेल यात्रियों के लिए अच्छी खबर है। रेलवे बोर्ड ने कोटा-चौमहला मेमू ट्रेन का विस्तार उज्जैन तक करने का आदेश जारी किया है। सांसद दुष्यंत सिंह के प्रयासों के बाद यह निर्णय लिया गया है। क्षेत्रीय रेल सलाहकार समिति के सदस्य धीरज गुप्ता ने बताया कि 25 मार्च को सांसद दुष्यंत सिंह ने रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव से मुलाकात की थी। इस दौरान उन्होंने 17 सूत्रीय मांग पत्र सौंपा था, जिसमें कोटा-चौमहला मेमू को उज्जैन तक विस्तारित करने की मांग प्रमुख थी। रेलवे बोर्ड ने अब इस मांग को मंजूरी दे दी है। इस विस्तार से क्षेत्र के श्रद्धालुओं को महाकालेश्वर ज्योतिर्लिंग, उज्जैन तक पहुंचने में सुविधा होगी। साथ ही इससे धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। कोटा-नागदा मेमू ट्रेन अब नागदा के बजाय चौमहला तक ही संचालित की जाएगी। इस निर्णय पर भाजपा कार्यकर्ताओं और क्षेत्रवासियों ने सांसद दुष्यंत सिंह, रेल सलाहकार समिति सदस्य धीरज गुप्ता और रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव का आभार व्यक्त किया है।
देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना में नियम बदला गया है। अब आवेदक ने अगर फ्री यात्रा के लिए गलत जानकारी दी तो उससे पूरा खर्चा वसूला जाएगा। इसके लिए आवेदक को एक घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) भरना होगा। सरकार की ओर से 56 हजार यात्रियों को तीर्थयात्रा कराई जाएगी। इनमें 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को ट्रेन से देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन कराए जाएंगे। वहीं 6 हजार यात्रियों को हवाई यात्रा के माध्यम से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर ले जाया जाएगा। इसके लिए आज (27 मई) से आवेदन शुरू हो गए हैं। ऑनलाइन आवेदन के समय वरिष्ठ नागरिकों को एक घोषणा पत्र (डिक्लेरेशन फॉर्म) भरना होगा। इसमें उन्हें यह बताना होगा कि वे इनकम टैक्स नहीं देते हैं और उन्होंने पहले कभी इस योजना के तहत फ्री तीर्थ यात्रा का लाभ नहीं लिया है। साथ ही आवेदक या पति-पत्नी में से कोई भी केंद्र/राज्य सरकार, सरकारी उपक्रम या स्थानीय निकाय से रिटायर्ड गजेटेड ऑफिसर( राजपत्रित अधिकारी) हैं, तो वे इस योजना के पात्र नहीं होंगे। गलत जानकारी देकर यात्रा करता पाया गया, तो सरकार उससे यात्रा पर हुआ पूरा खर्च वसूल करेगी। पहले क्या होता था पहले आवेदन के दौरान केवल यह विकल्प होता था कि आवेदक टिक लगाकर बताए कि वह आयकरदाता है या नहीं और उसने पहले यात्रा की है या नहीं। कई बार गलत जानकारी मिलने पर लोग यह कहकर बच जाते थे कि उनसे गलती से गलत विकल्प चुन लिया गया था। इसी को देखते हुए सरकार ने इस बार आवेदन के साथ डिक्लेरेशन देना अनिवार्य कर दिया है, ताकि योजना का लाभ केवल पात्र लोगों को ही मिल सके। 10 जून तक आवेदन कर सकते हैं देवस्थान आयुक्त एल.एन. मंत्री ने बताया कि वरिष्ठ नागरिक तीर्थयात्रा योजना के लिए आवेदन प्रक्रिया शुरू हो गई है। इच्छुक लोग 10 जून तक आवेदन कर सकते हैं। सभी आवेदन ऑनलाइन किए जाएंगे। आवेदक अपने मोबाइल फोन, कंप्यूटर या ई-मित्र केंद्र के माध्यम से आवेदन कर सकते हैं। आवेदन करने के लिए देवस्थान विभाग की वेबसाइट का उपयोग करना होगा। आवेदन की अंतिम तारीख के बाद पात्र यात्रियों का चयन कंप्यूटराइज्ड लॉटरी (ड्रॉ) के जरिए जिलेवार किया जाएगा। जानिए आवेदन के लिए जरूरी नियम रेल यात्रा से जुड़ी विशेष शर्तें यदि पति-पत्नी दोनों साथ यात्रा कर रहे हैं, तो सामान्यतः सहायक को साथ ले जाने की अनुमति नहीं होगी।लेकिन यदि पति-पत्नी दोनों की आयु 75 वर्ष से अधिक है और आवेदन में सहायक का नाम दर्ज किया गया है, तो सहायक साथ जा सकेगा।रेल यात्रा में सहायक की आयु 21 वर्ष से 50 वर्ष के बीच होनी चाहिए। आवेदन देवस्थान के इस पोर्टल से होंगे आप देवस्थान विभाग की वेबसाइट पर जाकर आवेदन कर सकते है। आवेदन के लिए यहां पर क्लिक करें…
पाली में ट्रेलर से टकराई ट्रैवल्स बस:40 यात्री सवार थे, कंडेक्टर घायल; ओवरटेक के चक्कर में हुआ हादसा
पाली जिले के जाडन के पास फोरलेन पर मंगलवार रात करीब 9 बजे सड़क हादसा हो गया। अहमदाबाद से पिलानी जा रही एक ट्रैवल्स बस ओवरटेक करने के प्रयास में ट्रेलर से टकरा गई। हादसे में बस का अगला हिस्सा बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गया, हालांकि बस में सवार सभी करीब 40 यात्री सुरक्षित रहे। बस का गेट क्षतिग्रस्त, खलासी घायल हादसे में बस के गेट के पास खड़ा कंडेक्टर नागेश गंभीर रूप से घायल हो गया, हालांकि उसकी हालत खतरे से बाहर बताई जा रही है। टक्कर के बाद बस में अफरा-तफरी मच गई और कई यात्री चोटिल भी हो गए, जबकि कुछ यात्रियों को हल्की चोटें आईं। इमरजेंसी गेट से निकाले गए यात्री, ट्रेलर ड्राइवर मौके से फरार हादसे के बाद यात्रियों को बस के इमरजेंसी गेट से एक-एक कर सुरक्षित बाहर निकाला गया। वहीं, टक्कर के बाद ट्रेलर ड्राइवर मौके से फरार हो गया। यात्रियों ने आरोप लगाया कि बस ड्राइवर तेज रफ्तार में चला रहा था, जिसके कारण यह दुर्घटना हुई। फोरलेन पर लगा जाम, पुलिस ने संभाली व्यवस्था जाडन गांव के बीच हुए इस हादसे के चलते फोरलेन पर लंबा जाम लग गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने क्रेन की मदद से क्षतिग्रस्त बस को सड़क किनारे हटवाया और यातायात को सुचारू किया। बाद में यात्रियों को दूसरी बस की व्यवस्था कर उनके गंतव्य के लिए रवाना किया गया।
सरेंडर महिला नक्सली चला रहीं इको पर्यटन केंद्र
भास्कर न्यूज | सुकमा जो महिलाएं कभी कंधों पर एके-47 और पीठ पर ग्रेनेड से भरे बैग लेकर जंगलों में घूमती थीं और भय का पर्याय मानी जाती थीं, आज वही महिलाएं पर्यटकों का स्वागत कर रही हैं। दूसरी ओर, वे महिलाएं भी इस बदलाव का हिस्सा बनी हैं, जिन्होंने वर्षों तक नक्सली हिंसा का दर्द सहा। अब दोनों पक्ष की महिलाएं पुरानी कड़वाहट भुलाकर साथ मिलकर जिले के तुंगल डैम में शुरू किए गए इको-पर्यटन केंद्र का संचालन कर रही हैं। 31 दिसंबर 2025 को शुरू हुए तुंगल इको-पर्यटन केंद्र ने कुछ ही महीनों में नई पहचान बना ली है। कभी नक्सल प्रभाव और उपेक्षा का प्रतीक रहा तुंगल डैम आज उम्मीद, पुनर्वास और आत्मनिर्भरता की मिसाल बनकर उभर रहा है। जिला मुख्यालय से करीब एक किलोमीटर दूर स्थित यह स्थल पहले जर्जर अवस्था में अपनी पहचान खो चुका था, लेकिन जिला प्रशासन और वन विभाग की संयुक्त पहल ने इसकी तस्वीर बदल दी। प्राकृतिक सौंदर्य से भरपूर इस इको-पर्यटन केंद्र में अब स्थानीय लोगों के साथ-साथ पड़ोसी राज्य ओडिशा के मलकानगिरी से भी बड़ी संख्या में पर्यटक पहुंच रहे हैं। यहां शुरू की गई कयाकिंग, पैडल बोटिंग और बैंबू राफ्टिंग जैसी रोमांचक गतिविधियां लोगों को आकर्षित कर रही हैं। इन गतिविधियों से स्थानीय युवाओं को रोजगार के अवसर भी मिलने लगे हैं। हालांकि, तुंगल की सबसे बड़ी उपलब्धि केवल पर्यटन विकास नहीं, बल्कि महिला सशक्तिकरण और पुनर्वास की वह कहानी है, जिसने कई जिंदगियों को नई दिशा दी है। तुंगल नेचर कैफे आज इस बदलाव का सबसे बड़ा उदाहरण बन चुका है। कभी जिनके हाथों में हथियार हुआ करते थे, आत्मसमर्पण के बाद उनका जीवन पूरी तरह बदल गया। कुहराम रामे, मुचाकी सोमे, मड़कम पोज्जे, माड़वी बुदरी और कलमु पायके जैसी महिलाएं कभी भय का पर्याय मानी जाती थीं। आज वही महिलाएं मुस्कुराकर पर्यटकों की मेजबानी कर रही हैं। वहीं मड़कम रामे, पोडियम सरोज, अनीता मुचाकी, ललिता यादव और पूनेम भरत जैसी महिलाओं ने वर्षों तक नक्सली हिंसा का दर्द सहा। अब ये महिलाएं अपने परिवार और समाज के लिए नई उम्मीद और आत्मनिर्भरता की मिसाल बन गई हैं।ॉ तुंगल डैम में पर्यटन गतिविधियों को लेकर लोगों में लगातार उत्साह बढ़ रहा है। हिंसा छोड़ विकास का रास्ता चुना, बदला जीवन इस पर्यटन केंद्र का संचालन 10 महिलाएं मिलकर कर रही हैं। इनमें पांच पूर्व नक्सली महिलाएं हैं, जबकि पांच महिलाएं ऐसी हैं, जो नक्सली हिंसा की पीड़ित रही हैं। कभी एक-दूसरे के विरोध में खड़ी रहने वाली ये महिलाएं आज साथ मिलकर कैफे चला रही हैं। वे पर्यटकों का स्वागत करती हैं और चाय, कॉफी के साथ बस्तरिया पारंपरिक व्यंजनों से लोगों को परिचित करा रही हैं।
मुख्यमंत्री योगी की पाती, दिया इको फ्रेंडली पर्यटन का मंत्र
CM Yogi Letter to Children and Parents: उत्तर प्रदेश के स्कूलों में गर्मी की छुट्टियां शुरू हो चुकी हैं। इस पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेश के बच्चों और अभिभावकों के नाम पाती (पत्र) लिखी है। इसमें उन्होंने बच्चों को न सिर्फ छुट्टियों का ...
राजस्थान सरकार के देवस्थान विभाग की वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना-2026 के लिए ऑनलाइन आवेदन प्रक्रिया 27 मई से शुरू होगी। योजना के तहत राज्य के 60 साल से अधिक आयु के वरिष्ठ नागरिकों को देश के 15 प्रमुख तीर्थ स्थलों की फ्री रेल यात्रा करवाई जाएगी। वहीं चयनित यात्रियों को हवाई जहाज के जरिए नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर के दर्शन भी करवाए जाएंगे। आवेदन की अंतिम तिथि 10 जून है। देवस्थान विभाग के अनुसार- आवेदन ऑनलाइन माध्यम से स्वीकार किए जाएंगे। इच्छुक वरिष्ठ नागरिक विभाग के पोर्टल और वेबसाइट से आवेदन कर सकेंगे। आवेदन में अंतिम तिथि तक संशोधन की सुविधा भी दी जाएगी। वहीं विभाग ने सलाह दी है कि आवेदन से पहले जनआधार अपडेट जरूर करवा लें ताकि दस्तावेज अपलोड करने में परेशानी न हो। पूरी यात्रा का खर्च राज्य सरकार उठाएगी। यहां करें आवेदन ऑनलाइन आवेदन के लिए पोर्टल: edevasthan2.rajasthan.gov.in देवस्थान विभाग की वेबसाइट: devasthan.rajasthan.gov.in इसके अलावा राज्य के सभी ई-मित्र केंद्रों पर भी आवेदन की सुविधा उपलब्ध रहेगी। कौन होंगे पात्र आवेदन के लिए कौन-कौन से डॉक्यूमेंट जरूरी 50 हजार को ट्रेन और 6 हजार करेंगे हवाई यात्रा योजना के तहत इस बार 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को एसी ट्रेन से तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। वहीं 6 हजार यात्रियों को हवाई यात्रा के जरिए नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर भेजा जाएगा। यात्रा के दौरान यात्रियों के लिए भोजन, चिकित्सा और सुरक्षा की विशेष व्यवस्था रहेगी। ट्रेन में मेडिकल टीम, नर्सिंग स्टाफ और एस्कॉर्ट मौजूद रहेंगे ताकि बुजुर्ग यात्रियों को किसी तरह की परेशानी नहीं हो। चयन कैसे होगा यात्रियों का चयन जिला स्तर पर कंप्यूटरीकृत लॉटरी के जरिए किया जाएगा। चयनित यात्रियों की सूची जिला कलेक्टर कार्यालय, देवस्थान विभाग कार्यालय और विभागीय वेबसाइट पर जारी की जाएगी। आवेदन से पहले ये जरूर जान लें आवेदन केवल ऑनलाइन ही मान्य होंगे। अंतिम तिथि के बाद किसी तरह का आवेदन स्वीकार नहीं किया जाएगा। आवेदन में गलत जानकारी देने पर आवेदन निरस्त किया जा सकता है। विभाग ने वरिष्ठ नागरिकों से समय रहते जरूरी दस्तावेज तैयार रखने की अपील की है।
गर्मी की छुट्टियां शुरू होते ही देशभर में ट्रेनों में यात्रियों की भारी भीड़ उमड़ पड़ी है। अधिकांश स्कूलों में समर वेकेशन की शुरुआत के साथ ही लोग परिवार के साथ यात्रा की योजना बना रहे हैं, जिसके चलते ट्रेनों में सीटों की भारी किल्लत हो गई है। हालात यह हैं कि अधिकांश ट्रेनों में लंबी वेटिंग लिस्ट चल रही है और कई में ‘नो-रूम’ की स्थिति बन गई है। जिन यात्रियों ने पहले से टिकट बुक करा लिया था, उन्हें तो राहत है, लेकिन अचानक यात्रा की योजना बनाने वाले लोगों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। खासकर बड़े शहरों और हिल स्टेशनों की ओर जाने वाली ट्रेनों में टिकट मिलना बेहद मुश्किल हो गया है। हरिद्वार-ऋषिकेश रूट पर सबसे ज्यादा दबाव इस बार छुट्टियों में उत्तर भारत की ओर जाने वाले यात्रियों की संख्या ज्यादा देखी जा रही है। हरिद्वार और ऋषिकेश जाने वाली ट्रेनों में सबसे अधिक भीड़ है। कोडरमा स्टेशन से गुजरने वाली 13009 हावड़ा-देहरादून दून एक्सप्रेस के थर्ड एसी कोच में 10 जून तक ‘नो-रूम’ की स्थिति है, जबकि सेकेंड एसी में 6 जून तक सभी सीटें बुक हो चुकी हैं। इसके बाद भी लंबी वेटिंग जारी है। यात्रियों की भीड़ को देखते हुए रेलवे ने 04311 योग नगरी ऋषिकेश-कोलकाता स्पेशल ट्रेन भी चलाई है, लेकिन उसमें भी 4 जून तक वेटिंग लिस्ट चल रही है। दिल्ली, जम्मू और अन्य उत्तर भारतीय शहरों की ट्रेनों में भी इसी तरह की स्थिति बनी हुई है। राजधानी-दुरंतो में भी वेटिंग, यात्रियों ने बदला प्लान कोलकाता-जम्मूतवी एक्सप्रेस के स्लीपर क्लास में ‘नो-रूम’ है। एसी कोच में जून तक लंबी वेटिंग चल रही है। 22317 हमसफर एक्सप्रेस में 29 जून तक सीटें फुल हैं और थर्ड एसी में 50 से अधिक की वेटिंग है। कोडरमा से नई दिल्ली जाने वाली 22711 तेजस राजधानी और 22259 बीकानेर दुरंतो जैसी ट्रेनों में भी 10 जून तक सीटें उपलब्ध नहीं हैं। 13051 नेताजी एक्सप्रेस समेत कई ट्रेनों में भी यही हाल है। यात्रियों ने बताया कि तत्काल टिकट में भी कन्फर्म सीट मिलना मुश्किल हो गया है। झुमरीतिलैया के कन्हाई पासवान ने कहा कि बच्चों के साथ दिल्ली जाने की योजना फिलहाल अधर में है, जबकि मंजीत यादव ने हरिद्वार-ऋषिकेश का प्लान ही बदल दिया। हालांकि रेलवे ने एक दर्जन से अधिक समर स्पेशल ट्रेनें चलाई हैं, लेकिन बढ़ती भीड़ और शादी के सीजन के कारण वेटिंग लिस्ट लगातार लंबी होती जा रही है।
राज्य सरकार ने वरिष्ठ नागरिक तीर्थ यात्रा योजना 2026-27 को बड़े बदलावों और नई तकनीकी व्यवस्था के साथ लागू करने की तैयारी पूरी कर ली है। योजना के तहत ऑनलाइन आवेदन की प्रक्रिया आगामी 27 मई से शुरू होगी। इस वर्ष योजना के लिए राज्य सरकार ने 150 करोड़ रुपए का बजट स्वीकृत किया है। इस खर्च से 56 हजार वरिष्ठ नागरिकों को मुफ्त तीर्थ यात्रा करवाई जाएगी। देवस्थान मंत्री जोराराम कुमावत की अध्यक्षता में हुई समीक्षा बैठक में आवेदन प्रक्रिया को सरल बनाने और यात्रियों की सुविधाएं बढ़ाने पर विशेष जोर दिया गया। इस बार सबसे बड़ा बदलाव आवेदन प्रक्रिया को लेकर किया गया है। अब तक जनाधार कार्ड और परिवार के सदस्यों की जानकारी में तकनीकी त्रुटियों या डेटा मिसमैच के कारण बड़ी संख्या में आवेदन निरस्त हो जाते थे और पात्र बुजुर्ग यात्रा से वंचित रह जाते थे। इस समस्या के समाधान के लिए अब सदस्य क्रमांक (मेंबर आईडी) के आधार पर भी अलग-अलग आवेदन करने की सुविधा दी गई है। आवेदन प्रक्रिया पूरी तरह ऑनलाइन होगी। अभ्यर्थी खुद या ई-मित्र केंद्र के जरिए आवेदन कर सकेंगे। बता दें, इस योजना में 50 हजार वरिष्ठ नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक स्थलों के दर्शन के लिए ट्रेन से ले जाया जाएगा, जबकि 6 हजार नागरिकों को हवाई मार्ग से नेपाल स्थित पशुपतिनाथ मंदिर ले जाएंगे। आवेदकों का अंतिम चयन लॉटरी प्रणाली (कम्प्यूटराइज्ड ड्रॉ) से होगा। काम की बात : राजस्थान से बाहर के या 60 साल से कम के हैं तो पात्र नहीं देवस्थान विभाग के अनुसार योजना का लाभ केवल राजस्थान के मूल निवासियों को ही मिलेगा। इसके लिए शर्तें तय की गई हैं। आवेदक की आयु 1 अप्रैल, 2026 को न्यूनतम 60 वर्ष होनी अनिवार्य है। हवाई यात्रा के लिए 80 वर्ष से अधिक आयु के बुजुर्गों को शामिल नहीं किया जाएगा। आवेदक शारीरिक और मानसिक रूप से स्वस्थ होना चाहिए। इसके लिए आवेदन के साथ मेडिकल सर्टिफिकेट (स्वास्थ्य प्रमाण पत्र) जमा करना अनिवार्य होगा। आयकरदाता, सेवानिवृत्त राजपत्रित अधिकारी और वे लोग, जिन्होंने पहले कभी इस योजना का लाभ लिया है या पहले कभी चयन होने के बावजूद यात्रा पर नहीं गए, वे इस बार अपात्र माने जाएंगे। ट्रेन से इन प्रमुख तीर्थस्थलोंके दर्शन करवाएंगे {हरिद्वार-ऋषिकेश-अयोध्या-वाराणसी-सारनाथ। { सम्मेद शिखर-पावापुरी-वाराणसी-सारनाथ। { मथुरा-वृंदावन-बरसाना-आगरा-अयोध्या। { द्वारकापुरी-नागेश्वर-सोमनाथ। { तिरुपति-पद्मावती तीर्थ। { कामाख्या-गुवाहाटी। { गंगासागर-कोलकाता। { जगन्नाथपुरी-कोणार्क। { रामेश्वरम-मदुरै। { वैष्णो देवी-अमृतसर-वाघा बॉर्डर। { महाकालेश्वर (उज्जैन)-ओंकारेश्वर-त्र्यंबकेश्वर-घृष्णेश्वर-एलोरा। { गोवा के मंदिर, चर्च एवं अन्य दर्शनीय स्थल। { बिहार शरीफ। { पटना साहिब, पटना (बिहार)। { श्री हजूर साहिब, नांदेड़ (महाराष्ट्र)।
धार स्थित भोजशाला मामले में हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को पत्र लिखकर हाई कोर्ट के आदेश के बाद विभिन्न मांगों को पूरा करने का निवेदन किया है। संगठन ने भोजशाला को धार्मिक और सांस्कृतिक दृष्टि से विकसित करने के लिए कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे हैं। मुख्य याचिकाकर्ता आशीष गोयल ने कहा कि मुख्यमंत्री के कार्यकाल में न्यायालय द्वारा भोजशाला को मां सरस्वती मंदिर के रूप में मान्यता मिली है। उन्होंने कहा कि अब वहां वर्षभर पूजा शुरू हो चुकी है और शुक्रवार को नमाज भी नहीं हुई, जिसे हिंदू पक्ष बड़ी उपलब्धि मान रहा है। उन्होंने बताया कि हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस की राष्ट्रीय अध्यक्ष रंजना अग्निहोत्री के मार्गदर्शन में वरिष्ठ एडवोकेट हरिशंकर जैन, विष्णु शंकर जैन और अविनय जोशी के माध्यम से भोजशाला मामले में जनहित याचिका दायर की गई थी। इसी प्रकरण में 15 मई 2026 को हाई कोर्ट ने विस्तृत आदेश पारित किया। संगठन ने मुख्यमंत्री से मांग की है कि ब्रिटिश संग्रहालय, लंदन में रखी मां वाग्देवी की प्रतिमा को भारत वापस लाने के प्रयास तेज किए जाएं और उसे पुनः भोजशाला में स्थापित किया जाए। पत्र में भोजशाला परिसर में ‘मां सरस्वती लोक’ विकसित करने की मांग भी की गई है, ताकि इसे धार्मिक और सांस्कृतिक केंद्र के रूप में विकसित किया जा सके। धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर बनाने की मांग हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने उज्जैन, ओंकारेश्वर, महेश्वर, मांडू, धार, अमझेरा और इंदौर को जोड़ते हुए एक धार्मिक पर्यटन कॉरिडोर विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा है। संगठन का कहना है कि इससे धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा और प्रदेश की सांस्कृतिक पहचान मजबूत होगी। संगठन ने भोजशाला परिसर में वैदिक संस्कृत विश्वविद्यालय की शीघ्र स्थापना की मांग भी उठाई है। उनका कहना है कि इससे भारतीय संस्कृति, वेद और संस्कृत अध्ययन को नया केंद्र मिलेगा। दर्शन व्यवस्था को लेकर भी उठाई मांग हिंदू फ्रंट फॉर जस्टिस ने यह भी मांग की है कि हाई कोर्ट के आदेश के पालन में भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण के साथ समन्वय बनाकर स्पष्ट दिशा-निर्देश जारी किए जाएं, ताकि श्रद्धालुओं और दर्शनार्थियों को किसी प्रकार की परेशानी का सामना न करना पड़े।
जम्मू-कश्मीर सरकार ने भीषण गर्मी के चलते जम्मू में समर वेकेशन की घोषणा की
जम्मू-कश्मीर सरकार ने शनिवार को क्षेत्र में चल रही भीषण गर्मी के मद्देनजर जम्मू मंडल के स्कूलों में ग्रीष्मकालीन अवकाश (समर वेकेशन) की घोषणा की।
नेशनल हाईवे पर अचानक गाय आने से यात्रियों से भरी ट्रेवलर मिनी बस पलट गई। इस हादसे में घायल सभी एक ही परिवार के लोग थे, जो सांवारिया सेठ के दर्शन के लिए जा रहे थे। हादसा मांडला थाना क्षेत्र के जयपुर-उदयपुर हाईवे पर हुआ। एक्सीडेंट के बाद करीब 2 किलोमीटर लंबा जाम लग गया। गाय सामने आने से टकराया टेंपो ट्रैवलर नेशनल हाईवे 48 पर अचानक गाय सामने गए आने से एक टेंपो ट्रैवलर इससे टकरा गई। हादसे में टेंपो ट्रैवलर पलट गया और गाय की मौत हो गई। हादसे की सूचना मिलने के बाद मौके पर बड़ी संख्या में लोगों की भीड़ इकट्ठा हो गई, सूचना पर 108 एंबुलेंस पहुंची और घायलों को मांडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। बताया जा रहा है कि सीकर का पोद्दार परिवार सीकर से रात को करीब 10 बजे के आसपास खाटू श्याम दर्शन के लिए रवाना हुआ था। सुबह 4 बजे मांडल थाने के नेशनल हाईवे पर खड़ेश्वरी मंदिर के पास अचानक एक गाय सामने आई और उनकी टेंपो ट्रैवलर से टकरा गई। हादसे में ट्रैवलर पलटने से संतोष पोद्दार (48) किशन पोद्दार (45 ) दुर्गा पोद्दार (44 ) मनीषा पोद्दार ( 42 ) सीमा पोद्दार (36 ) और विनय पोद्दार (23 ) घायल हो गए जिन्हें इलाज के लिए मांडल अस्पताल में भर्ती कराया गया। पुलिस ने खुलवाया जाम सूचना मिलने के बाद मांडल थाना पुलिस मौके पर पहुंची हाईवे से मृत पशु को हटवाया और दुर्घटनाग्रस्त वाहन को साइड में करवा ट्रैफिक क्लियर करवाया।फिलहाल पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू की है।
राजस्थान हाईकोर्ट प्रशासन ने साल 2026 में गर्मी की छुट्टियों की अधिसूचना जारी कर दी है। रजिस्ट्रार (प्रशासन) शिवानी सिंह द्वारा जारी इस आदेश के तहत जोधपुर मुख्यपीठ और जयपुर पीठ में 1 से 28 जून तक ग्रीष्मावकाश रहेगा। इस दौरान नियमित अदालती कामकाज बंद रहेगा और अदालतें सोमवार, 29 जून को दुबारा खुलेंगी। छुट्टियों के दौरान जरूरी मामलों की सुनवाई के लिए मुख्यपीठ और जयपुर बेंच में वेकेशन जजों (अवकाशकालीन न्यायाधीशों) को नामित किया गया है। जोधपुर मुख्यपीठ: एकल व खंडपीठ की व्यवस्था जोधपुर मुख्यपीठ में ग्रीष्मावकाश के दौरान अलग-अलग अवधि के लिए जजों को नामित किया गया है। एकल पीठ में 1 से 5 जून तक जस्टिस संजीत पुरोहित, 8 से 12 जून तक जस्टिस संदीप शाह, 15-16 व 18-19 जून को जस्टिस मुकेश राजपुरोहित तथा 22 से 25 जून तक जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू सुनवाई करेंगे। वहीं, खंडपीठ में 1 से 5 जून तक जस्टिस डॉ. पुष्पेंद्र सिंह भाटी व जस्टिस रेखा बोराणा, 8 से 12 जून तक जस्टिस फरजंद अली व जस्टिस सुनील बेनीवाल, 15-16 व 18-19 जून को जस्टिस डॉ. नूपुर भाटी व जस्टिस बलजिंदर सिंह संधू तथा 22 से 25 जून तक जस्टिस कुलदीप माथुर व जस्टिस चंद्र शेखर शर्मा की पीठ बैठेगी। रोस्टर में 17 जून और अंतिम सप्ताह में 26 से 28 जून के लिए किसी वेकेशन पीठ का उल्लेख नहीं है। जयपुर पीठ: दो एकल पीठ और खंडपीठ का रोस्टर जयपुर पीठ के लिए भी विस्तृत रोस्टर जारी किया गया है, जहां एक साथ दो एकल पीठ (SB-I और SB-II) बैठेंगी। एकल पीठों में 1 से 5 जून तक जस्टिस आशुतोष कुमार व जस्टिस श्रीमती संगीता शर्मा, 8 से 12 जून तक जस्टिस बिपिन गुप्ता व जस्टिस चंद्र प्रकाश श्रीमाली, 15-16 व 18-19 जून को जस्टिस बिपिन गुप्ता व जस्टिस रवि चिरानिया तथा 22 से 25 जून तक जस्टिस रवि चिरानिया व जस्टिस अनुरूप सिंघी सुनवाई करेंगे। जयपुर की खंडपीठ में 1 से 5 जून तक जस्टिस मनीष शर्मा व जस्टिस आनंद शर्मा, 8 से 12 जून तक जस्टिस उमा शंकर व्यास व जस्टिस अशोक कुमार जैन, 15-16 व 18-19 जून को जस्टिस गणेश राम मीणा व जस्टिस प्रमिल कुमार माथुर तथा 22 से 25 जून तक जस्टिस श्रीमती शुभा मेहता व जस्टिस संदीप तनेजा मामलों की सुनवाई करेंगे। स्टाम्प रिपोर्टर को निर्देश और सर्कुलेशन अधिसूचना में न्यायिक रजिस्ट्रार की ओर से स्टाम्प रिपोर्टर्स को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि वे दीवानी (सिविल) मामलों की फाइल तभी स्वीकार करें, जब उसके साथ 'अर्जेंसी' (अति आवश्यक होने) का प्रार्थना पत्र संलग्न हो। ऐसे मामलों को वेकेशन जज की संतुष्टि के बाद ही सुना जाएगा। जानें...हाईकोर्ट में क्या होता है 'स्टाम्प रिपोर्टर' का काम? हाईकोर्ट की प्रशासनिक व्यवस्था (रजिस्ट्री) में स्टाम्प रिपोर्टर एक बेहद महत्वपूर्ण अधिकारी होता है। जब भी अदालत में कोई नया केस या याचिका दायर की जाती है, तो फाइल सीधे जज के पास जाने के बजाय सबसे पहले इन्हीं के पास जांच के लिए आती है। इनका मुख्य काम यह जाँचना होता है कि याचिका पर नियमानुसार सही कोर्ट फीस (स्टाम्प) लगाई गई है या नहीं और सभी कानूनी दस्तावेज पूरे हैं या नहीं। तकनीकी रूप से फाइल पूरी तरह सही पाए जाने पर ही उसे जज के सामने सुनवाई के लिए सूचीबद्ध किया जाता है।
उपमुख्यमंत्री के साथ वीसी बैठक में पर्यटन को लेकर अहम सुझाव
उदयपुर | राजस्थान में पर्यटन विकास को लेकर जयपुर से आयोजित वीडियो कॉन्फ्रेंस बैठक में होटल फेडरेशन ऑफ राजस्थान ने उपमुख्यमंत्री के सामने नीतिगत और व्यावहारिक सुझाव रखे। उदयपुर डिवीजन अध्यक्ष राकेश चौधरी के अनुसार बैठक में पर्यटन व आतिथ्य क्षेत्र के स्टेक होल्डर्स ऑनलाइन जुड़े और ई-विजिटर पोर्टल को होटल उद्योग पर अनिवार्य करने के बजाय उसे सरल, उपयोगी व पर्यटक हितैषी बनाने की मांग की गई। फेडरेशन ने ट्रैवल मार्ट में जिलों की स्थानीय संस्थाओं को अवसर देने, कम प्रसिद्ध स्थलों के डिजिटल प्रचार, गर्मियों में नाइट टूरिज्म के लिए स्मारकों व म्यूजियम के समय बढ़ाने और सोशल मीडिया व डिजिटल प्लेटफॉर्म पर व्यापक मार्केटिंग अभियान चलाने पर जोर दिया। एटीएफ पर वैट घटाकर एयर कनेक्टिविटी सुधारने, हीट वेव के बीच सकारात्मक समर टूरिज्म अभियान, एयरलाइन व ट्रैवल प्लेटफॉर्म के साथ संयुक्त प्रमोशन, प्रभावी ब्रांड एंबेसडर और पर्यटन बोर्ड गठन का प्रस्ताव भी रखा गया।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

