Issue of tourism development in Chandauli raised in Rajya Sabha; demand made to include Rajdari-Devdari in Swadesh Darshan 2.0.
गर्मियों में सीमा पार पर्यटन लोकप्रिय
बीजिंग, 10 अगस्त . अब गर्मियों में घूमने का पीक सीजन है. सीमा पार पर्यटन और पारिवारिक यात्रा लोकप्रिय बनी हुई है. 8 और 9 अगस्त को चीन के क्वांगतोंग प्रांत के चूहाई शहर और मकाओ विशेष प्रशासनिक क्षेत्र के बीच स्थित कोंगपेई पोर्ट पर गर्मियों की छुट्टियों के बाद से लोगों की भारी भीड़ ... Read more
राजस्थान : 306 करोड़ रुपए से विकसित होंगे जनजातीय और महाराणा प्रताप पर्यटन सर्किट
jaipur, 10 अगस्त . Rajasthan Government जनजातीय क्षेत्रों को वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर नई पहचान दिलाने के लिए बड़े स्तर पर पर्यटन विकास कार्य कर रही है. इसके तहत प्राकृतिक और सांस्कृतिक धरोहरों के संरक्षण, पारंपरिक हस्तशिल्प और लोक संस्कृति को बढ़ावा देने के साथ-साथ जनजातीय क्षेत्रों में 306 करोड़ रुपए से अधिक की पर्यटन ... Read more
संस्कार कांवड़ यात्रा में शामिल हुए मुख्यमंत्री: बोले- ‘नर्मदा के हर कण में शंकर’, धार्मिक पर्यटन और श्रद्धालुओं की सुविधाओं पर सरकार का फोकस
रोहतक में गोवा जाने के लिए हवाई जहाज की टिकट बुक करने व होटल बुक करने के नाम पर 3 लाख 70 हजार रुपए की ठगी करने के मामले में पुलिस ने गिरोह के एक आरोपी को काबू किया। पुलिस ने आरोपी से पूछताछ करते हुए कोर्ट में पेश किया, जहां से उसे जेल भेजा गया। जनता कॉलोनी निवासी मनीष ने साइबर क्राइम थाने में शिकायत देते हुए बताया था कि वह पशुओं की फुड स्पलीमेंट बेचने का काम करता है। इसके लिए करीब 20 कर्मचारी काम करते है, जिन्हें गोवा घुमाने के लिए अमन से संपर्क किया गया। अमन का रोवर बडिज टूर एंड ट्रैवल्स का ऑफिस है। अमन ने साथी का मनीष को दिया नंबर था मनीष ने शिकायत में बताया कि आरोपी अमन ने उसे अपने दोस्त कैलाश का नंबर दिया, जो लोटस ऑफ ट्रैवल्स कंपनी चलाता है। मनीष ने कैलाश से संपर्क किया और 19 टिकट हवाई जहाज की आने-जाने व होटल बुक करवाया। कैलाश ने टिकट व होटल का फर्जी बिल मनीष को भेज दिया, जिसके बदले मनीष ने 3 लाख 70 हजार व 400 रुपए उसके खाते में भेज दिए। होटल के वाउचर मांगने पर की आनाकानी पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि मनीष ने जब आरोपी कैलाश से वाउचर मांगे तो आरोपी कैलाश ने टाल मटोल कर दिया। इससे मनीष को ठगी का आभास हुआ, जिसके बाद ऑनलाइन टिकट को चेक किया गया। मनीष को सिर्फ एक व्यक्ति की टिकट मिली, जबकि 18 लोगों की टिकट बुक नहीं थी। इसके बाद साइबर थाना पुलिस में शिकायत दर्ज करवाई गई। गिरफ्तार आरोपी के पास से सामान बरामद पुलिस प्रवक्ता मनीष ने बताया कि पुलिस ने मामले में गिरोह में शामिल एक आरोपी को काबू किया है, जिसकी पहचान कैलाश पुत्र राजकुमार निवासी दिल्ली के रूप में हुई। आरोपी के कब्जे से 6 मोबाइल फोन, 2 लैपटाप, 19 चैक बुक, 8 एटीएम कार्ड, 6 पास बुक व 8 सिम कार्ड बरामद किए गए।
राजस्थान में आदिवासी पर्यटन को नई उड़ान, 306 करोड़ की परियोजनाओं से बदलेगा अंचल
राजस्थान में ट्राइबल टूरिज्म को नई पहचान देने के लिए 306 करोड़ से अधिक की परियोजनाएं, ट्राइबल और महाराणा प्रताप टूरिस्ट सर्किट होंगे विकसित।
भारत की ब्रिक्स अध्यक्षता 2026 के अंतर्गत राजधानी जयपुर में 19 से 22 अगस्त 2026 तक आयोजित होने वाली अंतरराष्ट्रीय 'ब्रिक्स पर्यटन बैठकों' की तैयारियों को लेकर सोमवार को शासन सचिवालय में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता प्रमुख शासन सचिव, सामान्य प्रशासन विभाग नवीन जैन ने की।
पन्ना में ‘क्वीन इन मेकिंग’, नई बाघिन के राज की तैयारी; पर्यटन सीजन में बढ़ेगा आकर्षण
आगामी पर्यटन सीजन में पर्यटकों और वन्यजीव प्रेमियों की नजर इस युवा बाघिन पर विशेष रूप से रहेगी। अब देखना होगा कि ‘डायमंड पन्ना’ की धरती पर यह नई पीढ़ी की बाघिन कब अपने स्वतंत्र साम्राज्य की स्थापना करती है और भविष्य में पन्ना की अगली ‘क्वीन’ के रूप में उभरती है।
एक्ट्रेस कृतिका कामरा और गौरव कपूर ने 11 मार्च को शादी की थी। दोनों हाल ही में ग्रीस ट्रिप पर गए थे, जिसकी खूबसूरत झलकियां एक्ट्रेस ने अपने इंस्टाग्राम पर शेयर की हैं। जानिए पोस्ट में क्या कुछ है खास।
पूर्वी लद्दाख के चांगथांग नोमेडिक मेले में उपराज्यपाल ने 1,200 से अधिक पश्मीना पालकों को 1.10 करोड़ रुपये की प्रोत्साहन राशि वितरित की।
पहलगाम हमले के बाद पर्यटन स्थलों की सुरक्षा पर जोर: जम्मू-कश्मीर में क्या बदलेगा; संसदीय समिति ने दिए ये सुझाव
CCTV, हाईटेक निगरानी... जम्मू कश्मीर पर्यटन स्थलों पर बढ़ेगी सुरक्षा
एक संसदीय समिति ने जम्मू कश्मीर के पर्यटन स्थलों की सुरक्षा को लेकर रिपोर्ट सौंपी है. इसमें CCTV कवरेज बढ़ाने, हाईटेक निगरानी और नियमित ऑडिट करने की बात कही गई है.
Kangra News: वीकेंड भी नहीं दे पाया पर्यटन कारोबार को सहारा
बरसात के मौसम में पर्यटन कारोबार को इस बार वीकेंड से भी अपेक्षित सहारा नहीं मिल पा रहा है।
थाईलैंड चीनी यात्रियों के पर्यटन अनुभव पर देता है ध्यान
थाईलैंड चीनी यात्रियों के पर्यटन अनुभव पर देता है ध्यान
पुरानी दिल्ली के चांदनी चौक में 63 साल बाद ट्रैकलेस ट्राम सेवा शुरू करने की योजना पर सरकार विचार कर रही है। यह संकरी सड़कों पर परिवहन सुविधा बढ़ाने और ऐतिहासिक क्षेत्रों में पर्यटन को बढ़ावा देने में मदद करेगी।
अयोध्या ने राम मंदिर के जरिए धार्मिक पर्यटन का नया अध्याय लिखा, काशी ने कारिडोर के जरिए विश्वस्तरीय पहचान बनाई और अब उज्जैन देश की ‘स्पिरिचुअल इकोनॉमी’ का नया मॉडल बनने की ओर बढ़ रहा है। यहां सिंहस्थ-2028 सिर्फ 30 दिन का मेला नहीं, बल्कि अगले कई दशकों की अर्थव्यवस्था की बुनियाद बन रहा है।
सीतामढ़ी में बन रहा माता जानकी का मंदिर विश्वस्तरीय होगा। मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने ऐलान किया है कि यह मंदिर 31 दिसंबर 2028 तक बनकर तैयार हो जाएगा। पुनौराधाम के विकास से श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं उपलब्ध होंगी। इसके साथ ही धार्मिक एवं आध्यात्मिक पर्यटन को नई गति मिलेगी।
लखनऊ के धार्मिक पर्यटन को मिलेगी नई पहचान, रक्षा मंत्री ने 16 तीर्थ स्थलों के विकास का भेजा प्रस्ताव
रक्षामंत्री राजनाथ सिंह ने लखनऊ में 16 धार्मिक स्थलों के विकास का प्रस्ताव पर्यटन विभाग को भेजा है। इनमें श्री संकट मोचन हनुमान जी मंदिर, खाटू श्याम मंदिर और कई अन्य प्राचीन मंदिर व गुरुद्वारा शामिल हैं, जिनके जीर्णोद्धार और सुविधाओं में सुधार का कार्य होगा।
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के दामाद माइकल बोलस शनिवार को केरल की निजी यात्रा के तहत अलाप्पुझा में हैं। ट्रंप की बेटी टिफनी ट्रंप के पति बोलस दिन में पहले कोच्चि पहुंचे। आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक, उनके साथ भारत में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर भी थे। पुलिस सूत्रों ने बताया कि अपनी यात्रा के दौरान बोलस कोच्चि और पास के अलाप्पुझा में पर्यटन स्थलों पर जा सकते हैं। हालांकि, अधिकारियों ने उनके यात्रा कार्यक्रम की जानकारी की पुष्टि नहीं की है। इसे भी पढ़ें: US Senate में Todd Blanche की अग्निपरीक्षा, महज एक वोट से मिली Attorney General पद की मंजूरी इससे पहले शनिवार को केरल के मुख्यमंत्री वीडी सतीसन ने कोच्चि में अमेरिकी राजदूत सर्जियो गोर से मुलाकात की। कुछ मीडिया रिपोर्ट्स में दावा किया गया कि सतीसन ने बाउलोस से भी बातचीत की, लेकिन मुख्यमंत्री कार्यालय (CMO) ने इन खबरों का खंडन किया। सरकारी सूत्रों ने पुष्टि की कि सथीसन की बैठक अमेरिकी राजदूत के साथ हुई थी। उन्होंने कहा, यह एक आधिकारिक बैठक थी। इस बारे में कोई भी अन्य रिपोर्ट गलत थी। अमेरिकी दूतावास के प्रवक्ता ने बताया कि बाउलोस और राजदूत गोर लगभग एक दशक से दोस्त हैं। प्रवक्ता ने कहा कि बाउलोस इस साल दूसरी बार अपने दोस्त से मिलने भारत आए हैं और वे यहां निजी हैसियत से आए हैं, न कि किसी आधिकारिक दौरे पर।
मलाइका के वेकेशन की तस्वीरें नेट पर धूम मचा रहीं हैं
मलाइका अरोड़ा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल पर वेकेशन से अपनी कई किलर तस्वीरें शेयर की हैं. किसी तस्वीर में वो बिकिनी पहनेचिल करती हुई दिखाई दे रही हैं, तो किसी फोटो में उनका बोल्ड अवतार देखने को मिला.
इंटरनेट डेस्क। बारिश का मौसम चल रहा हैं और उसके साथ ही सावन का महीना भी। ऐसे में इस महीने में तीज त्योहार भी आने वाले है। आपकी भी नई नई शादी हुई हैं और अगर आप भी परिवार के साथ में तीज से पहले सिंजारे को परिवार के साथ एंजोय करना चाहते हैं तो फिर हम आपको ऐसी जगह के बारे में बता रहे हैं जहां आप मौज मस्ती कर सकते हैं। जी हां आप त्रिशला फार्महाउस को चुन सकते है। यहां आपको कई तरह की सुविधाएं मिलेगी साथ ही आपके खाने पीने से लेकर रहने तक हर चीज का ख्याल रखा जाएगा। इसके साथ ही स्वीमिंग पूल का भी आनंद ले सकते है। जा सकते हैं आप बता दें की जयपुर के गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में बना ये फार्महाउस ऐसे इवेंट के लिए बहुत ही अच्छी जगह है। इसके साथ ही शहर की भीड़ से दूर है और यहां आपको एक बढ़िया सुविधा भी मिलती है। तो ऐसे में आप लोग त्रिशला फार्महाउस जा सकते है और यहां आराम से एंजोय कर कर सकते है। कम बजट में मिल जाएगा आपको त्रिशला फार्महाउस कम ही बजट में उपलब्ध हो जाएगा। यहां आपको कई एक्टिविटीज भी करने का मौका मिलेगा। आप स्वीमिंग पूल का आनंद भी ले सकेंगे,स्पोटर्स का आनंद ले सकते है। ऐसे में आप टैरिफ से जुडी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज कर के पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कैसे पहुंचे आप राजस्थान के बाहर किसी शहर से हैं और एयरपोर्ट से यहाँ आ रहे हैं तो जानकारी के लिए बता दें कि जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्म हाउस 22 किलोमीटर है। आप टैक्सी से आसानी से यहाँ पहुंच सकते हैं। ट्रेन से जयपुर आ रहे हैं तो रेलवे स्टेशन से त्रिशला फार्म हाउस की दूरी लगभग 28 किलोमीटर है। टेक्सी से आप यहां पहुंच सकते है और इसके साथ ही यह जगह अक्षयपात्र जगतपुरा से 15 किलोमीटर है।
जम्मू-कश्मीर के पर्यटन स्थलों पर अब एक नया और अभेद्य सुरक्षा घेरा बनेगा। संसद की गृह मामलों की स्थायी समिति की सिफारिशों के बादयह कदम उठाया जा रहा है।
सावन का विशेष महीना भगवान शिव को समर्पित है। इस दौरान भक्तजन भगवान शिव के मंदिरों के दर्शन करने जाते हैं। हर साल लाखों श्रद्धालु 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक महाकालेश्वर उज्जैन के दर्शन के लिए मध्य प्रदेश जरुर आते हैं। दरअसल, उज्जैन की यात्रा न केवल महाकाल मंदिर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि इस शहर के कोने-कोने में अध्यात्म, पौराणिक कथाएं और अद्भुत वास्तुकला की झलक देखने को मिलती है। अगर आप भी उज्जैन में बाबा महाकाल के दर्शन का प्लान बना रहे हैं, तो महाकाल दर्शन के अलावा बाद आप इन 5 प्रमुख स्थलों का भी भ्रमण करती है। महांकाल मंदिर के आसपास घूमने की 5 जगह मंगलनाथ मंदिर यदि आप उज्जैन महाकाल मंदिर जा रहे हैं, तो शिप्रा नदी के किनारे पहाड़ी पर स्थित मंगलनाथ मंदिर भी जा सकते हैं। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, इस पवित्र स्थान को मंगल ग्रह (मंगल देव) का जन्मस्थान माना जाता है। जिन लोगों की कुंडली में मंगल दोष या मांगलिक दोष होता है, वे यहां जरुर आएं और विशेष भात पूजा व शांति अनुष्ठान पूजा करवाएं। यदि आप महाकाल मंदिर से ऑटो या कैब बुक कर इस मंदिर तक जा सकते हैं। प्राचीन चिंतामन गणेश मंदिर उज्जैन शहर से थोड़ी दूरी पर स्थित चिंतामन गणेश मंदिर सबसे लोकप्रिय और प्राचीन है। माना जाता है कि यहां श्रद्धापूर्वक दर्शन करने से भक्तों की सभी चिंताएं दूर हो जाती है और मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है। अगर आप नए काम की शुरुआत या गाड़ी खरीदने पर लोग सबसे पहले यहां आशीर्वाद लेने जरुर आएं। इस मंदिर तक पहुंचने के लिए आपको सबसे पहले महाकाल मंदिर से लोकल ई-रिक्शा मिल जाएगा। ऐतिहासिक गोमती कुंड अगर आप उज्जैन जा रहे हैं, तो महर्षि सांदीपनि आश्रम परिसर स्थित गोमती कुंड एक प्राचीन जलकुंड है। पौराणिक मान्यताओं के मुताबिक, अपने गुरु की सेवा और उनकी इच्छा पूरी करने के लिए भगवान श्री कृष्ण ने सभी पवित्र नदियों के जल को यहां एकत्रित किया था। वैसे आज भी इस कुंड का पानी पवित्र माना जाता है। यहां पर जाने के लिए आप रिक्शा लेकर जा सकते हैं। इस्कॉन मंदिर उज्जैन का इस्कॉन मंदिर घूमने के लिए एकदम परफेक्ट है। ऐसे में आप महाकाल दर्शन के बाद यहां जरुर जा सकती हैं। संगमरमर के पत्थरों से बने इस मंदिर में भगवान श्री कृष्ण और राधा रानी विराजमान हैं। यहां का शांत वातावरण, हरी-भरी वाटिका और शाम की आरती में होने वाला कीर्तन भक्ति में डूबो देता है। आप महाकाल मंदिर से सीधा कैब करके यहां पहुंच सकते हैं। भव्य चार धाम मंदिर उज्जैन के महाकाल मंदिर मार्ग के नजदीक स्थित चार धाम मंदिर एक अनोखा और सुंदर धार्मिक स्थल है। इस मंदिर की स्थापना इसलिए की गई थी कि जो लोग देश के चार मुख्य धामों की यात्रा नहीं कर पाए, वे एक ही स्थान पर चारों धाम के दर्शन कर सकें। आपको इस मंदिर में बद्रीनाख, द्वारका, जगन्नाथ पुरी और रामेश्वरम की मूर्तियां स्थापित की गई हैं। यहां पर वैष्णो देवी के जैसी गुफा भी स्थित है। कैसे पहुंचे उज्जैन? उज्जैन जाने के लिए आप किसी भी रेलवे स्टेशन से उज्जैन जंक्शन तक की टिकट बुक कर सकते हैं। इसके अलावा, आप हवाई जहाज से भी जा सकते हैं, तो उज्जैन के लिए सबसे नजदीकी एयरपोर्ट इंदौर का देवी अहिल्याबाई होलकर अंतर्राष्टीय हवाई अड्डा है। जब आप इंदौर-उज्जैन पहुंच जाएंगे, तो वहां से बस या कैब को बुक कर सकते हैं।
HP Police: महिला ट्रैवलर को 112 इंडिया एप से मिलेगा सुरक्षा कवच, आपातकाल में तुरंत पहुंचेगी मदद
हिमाचल पुलिस ने इसके लिए 112 इंडिया एप के इस्तेमाल को बढ़ावा दिया है। यह आधुनिक तकनीक आधारित एप महिलाओं, छात्राओं और अकेले यात्रा करने वाले पर्यटकों के लिए डिजिटल सुरक्षा कवच है।
डिंडौरी में पर्यटन क्विज-2026 का जिला स्तरीय आयोजन, उत्कृष्ट विद्यालय की टीम ने मारी बाजी
डिंडौरी में पर्यटन क्विज-2026 का जिला स्तरीय आयोजन, उत्कृष्ट विद्यालय की टीम ने मारी बाजी
उत्तराखंड की बदलेगी तस्वीर: 350 करोड़ की केंद्रीय योजनाओं से संवर रहा पर्यटन का ढांचा
केंद्र सरकार विभिन्न योजनाओं के माध्यम से उत्तराखंड में करीब 350 करोड़ रुपये के निवेश से पर्यटन अवसंरचना को मजबूत कर रही है। इसका उद्देश्य पर्यटकों का अनुभव बेहतर बनाना, सतत पर्यटन को बढ़ावा देना और स्थानीय लोगों के लिए रोजगार के अवसर बढ़ाना है।
उदयपुर में ट्रैवल मेला कल, टूर पैकेजों पर मिलेगी छूट
उदयपुर | घूमने-फिरने के शौकीनों के लिए 9 अगस्त को मेक माय ट्रिप उदयपुर स्टोर अशोक नगर स्थित कार्यालय में ट्रैवल मेला आयोजित करेगा। सुबह से शाम तक चलने वाले मेले में ट्रैवल कार्निवल फ्रीडम सेल के तहत ग्रुप टूर पैकेजों पर विशेष छूट और हर बुकिंग पर गारंटेड गिफ्ट दिए जाएंगे। स्टोर संचालक मेहुल नागोरी ने बताया कि पैकेजों में गारंटेड डिपार्चर, होटल, वीजा असिस्टेंस और अनुभवी टूर मैनेजर जैसी सुविधाएं शामिल होंगी। जैन समाज और शुद्ध शाकाहारी यात्रियों के लिए विशेष जैन फूड व प्योर वेज टूर भी उपलब्ध रहेंगे। मेले में वियतनाम, जापान, बाली, यूरोप, अमेरिका, सिंगापुर-मलेशिया, स्विस-पेरिस, साउथ अफ्रीका और श्रीलंका समेत कई अंतरराष्ट्रीय पैकेज पेश किए जाएंगे।
निवाड़ी में पर्यटन क्विज प्रतियोगिता:रामराजा टीम प्रथम, अछरु माता और तारामाई टीमें भी विजेता
निवाड़ी में शुक्रवार को जिला स्तरीय पर्यटन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इसका आयोजन मध्यप्रदेश टूरिज्म बोर्ड, डीएटीसीसी और शिक्षा विभाग ने संयुक्त रूप से किया था। प्रतियोगिता का पहला चरण शासकीय उच्चतर माध्यमिक विद्यालय क्रमांक-2 निवाड़ी में लिखित परीक्षा के रूप में संपन्न हुआ। लिखित प्रश्न पत्र के आधार पर जिले की छह टीमों को द्वितीय चरण के लिए चुना गया। इसके बाद नगर परिषद ऑडिटोरियम में ऑडियो-विजुअल राउंड आयोजित किया गया। प्रतियोगिता में रामराजा टीम ने पहला स्थान हासिल किया। अछरु माता टीम दूसरे और तारामाई टीम तीसरे स्थान पर रहीं। उपविजेता टीमों में शक्ति भैरों टीम ने प्रथम, हरदौल टीम ने द्वितीय और मां गिद्ध वाहिनी टीम ने तृतीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम की मुख्य अतिथि डिप्टी कलेक्टर स्वाति सिंह थीं। उन्होंने कहा कि पर्यटन क्विज विद्यार्थियों के ज्ञान को बढ़ाने के साथ उन्हें अपने जिले और प्रदेश की ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और प्राकृतिक विरासत से जोड़ता है। निवाड़ी जिले को ऐतिहासिक और धार्मिक पर्यटन की दृष्टि से समृद्ध बताया। उन्होंने विद्यार्थियों को इसकी विरासत के बारे में जानने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने सभी प्रतिभागी विद्यार्थियों को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा कि प्रतियोगिता में भाग लेना भी अपने आप में एक उपलब्धि है। उन्होंने बताया कि क्विज प्रतियोगिता से विद्यार्थियों में सामान्य ज्ञान, आत्मविश्वास, टीम भावना और प्रतिस्पर्धात्मक भावना का विकास होता है। उन्होंने विजेता टीमों सहित सभी प्रतिभागियों को निरंतर अध्ययन और नई जानकारी प्राप्त करने के लिए प्रोत्साहित किया। प्रतियोगिता में विजेता टीमों और प्रतिभागियों को ट्रॉफी, मेडल और प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया।
बालाघाट मुख्यालय के उत्कृष्ट विद्यालय सभागार में शुक्रवार को पर्यटन क्विज प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। इस प्रतियोगिता में ग्रामीण क्षेत्रों के स्कूली बच्चों की टीमों ने उत्कृष्ट प्रदर्शन किया। मुख्य रूप से पर्यटन पर आधारित यह क्विज दो चरणों में आयोजित की गई, जिसमें बड़ी संख्या में स्कूली विद्यार्थियों और शिक्षकों ने भाग लिया। प्रतियोगिता दोपहर 2 बजे से शाम 5 बजे तक चली। मध्यप्रदेश पर्यटन विभाग प्रतिवर्ष स्कूली विद्यार्थियों को राज्य के इतिहास, संस्कृति, पर्यटन स्थलों और प्राकृतिक धरोहर से परिचित कराने के उद्देश्य से इस क्विज प्रतियोगिता का आयोजन करता है। शुक्रवार को आयोजित इस प्रतियोगिता में जिले के सभी 10 विकासखंडों के शासकीय और अशासकीय विद्यालयों की कुल 207 टीमों ने हिस्सा लिया। प्रतियोगिता का पहला चरण लिखित परीक्षा के रूप में आयोजित किया गया। इसमें से चयनित शीर्ष छह टीमों ने मल्टीमीडिया राउंड में अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन किया। इस राउंड में शासकीय स्कूल बिरसा की टीम ने प्रथम स्थान प्राप्त किया, जबकि शासकीय स्कूल परसवाड़ा की टीम द्वितीय और शासकीय स्कूल वारासिवनी नेवरगांव की टीम तृतीय स्थान पर रही। प्रतियोगिता के नोडल अधिकारी विकास कुमार रघुवंशी ने बताया कि विजेता और उपविजेता टीमों को मध्यप्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से पर्यटन भ्रमण कूपन और मेडल प्रदान किए जाएंगे। जिला स्तर पर प्रथम स्थान प्राप्त करने वाली टीम को राज्य स्तरीय प्रतियोगिता में बालाघाट जिले का प्रतिनिधित्व करने का अवसर मिलेगा। उन्होंने यह भी बताया कि इस आयोजन को पर्यटन और स्कूल शिक्षा विभाग संयुक्त रूप से करते हैं।
VIDEO: विकास कार्यों में तेजी लाने के निर्देश, पर्यटन मंत्री ने की मंडलीय समीक्षा, निर्माण कार्यों की समीक्षा की
पाली शहर में आरयूआईडीपी के पंचम चरण के तहत 73.17 करोड़ रुपए के विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इन कार्यों को लेकर जिला कलक्ट्रेट सभागार में ‘आरयूआईडीपी संवाद’ कार्यक्रम हुआ। इसमें जनप्रतिनिधियों, पूर्व पार्षदों, विभिन्न विभागों के अधिकारियों और अन्य स्टेक होल्डर्स ने हिस्सा लेकर प्रस्तावित कार्यों पर सुझाव और फीडबैक दिए। इस दौरान जनप्रतिनिधियों ने शहर की सीवरेज व्यवस्था का मुद्दा उठाते हुए कहा कि पहले सीवरेज व्यवस्था ठीक की जाए, इसके बाद नए निर्माण कार्य करवाए जाएं। सीवरेज व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों ने जताई नाराजगी कार्यक्रम के दौरान शहर की बदहाल सीवरेज व्यवस्था को लेकर जनप्रतिनिधियों ने अधिकारियों के सामने समस्या रखी। उन्होंने कहा कि शहर का ऐसा कोई वार्ड नहीं है, जहां लोग सीवरेज की समस्या से परेशान न हों। पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, पूर्व पार्षद हकीम भाई, शिवजीराम जाट, पूर्व उपसभापति मूलसिंह भाटी, ललित प्रितमानी सहित कई जनप्रतिनिधियों ने कहा कि शहर की सीवरेज व्यवस्था को पहले ठीक किया जाना चाहिए। इसके बाद नए निर्माण कार्य करवाए जाएं। 73.17 करोड़ रुपए से प्रस्तावित हैं अलग-अलग काम कार्यक्रम में बताया गया कि आरयूआईडीपी के पंचम चरण के तहत पाली शहर में करीब 73.17 करोड़ रुपए की लागत से अलग-अलग विकास कार्य प्रस्तावित हैं। इनमें एशियन डेवलपमेंट बैंक (एडीबी) के वित्तपोषण से 44.89 करोड़ रुपए की लागत से अपशिष्ट जल प्रबंधन और शोधित अपशिष्ट जल के दोबारा उपयोग से जुड़े काम किए जाएंगे। इसके अलावा 11.78 करोड़ रुपए से बाढ़ प्रबंधन और ड्रेनेज के काम प्रस्तावित हैं। वहीं 16.50 करोड़ रुपए की लागत से कमांड एंड कंट्रोल सेंटर (सीसीसी), विरासत संरक्षण और पर्यटन से जुड़े काम किए जाएंगे। अपशिष्ट जल और ड्रेनेज के साथ ट्रैफिक पर भी काम अधिकारियों ने बताया कि आरयूआईडीपी के पंचम चरण में शहरों और उनके आसपास के सैटेलाइट नगरों का सुनियोजित और सतत विकास किया जाएगा। इसके तहत अपशिष्ट जल प्रबंधन, ठोस कचरा प्रबंधन, शहरी यातायात सुधार, बाढ़ प्रबंधन, विरासत संरक्षण, पर्यटन विकास और कमांड एंड कंट्रोल सेंटर से जुड़े काम किए जाएंगे। जरूरत के अनुसार कॉमन एफ्लुएंट ट्रीटमेंट प्लांट (सीईटीपी) से जुड़े काम भी किए जाएंगे। 84 शहरों में 9500 करोड़ रुपए के काम बताया गया कि राज्य सरकार की बजट घोषणा 2025-26 के अनुसार आरयूआईडीपी का पंचम चरण प्रक्रियाधीन है। इसके तहत प्रदेश के 84 शहरों में करीब 9500 करोड़ रुपए की लागत से स्मार्ट और टिकाऊ शहरी विकास के काम किए जाएंगे। इन कार्यों को एशियन डेवलपमेंट बैंक से वित्तपोषित राजस्थान अर्बन लिवेबिलिटी इम्प्रूवमेंट प्रोजेक्ट (RULIP) और विश्व बैंक से वित्तपोषित सस्टेनेबल अर्बन ट्रांसफॉर्मेशन ऑफ राजस्थान एक्सेलरेटेड (SUTRA) परियोजनाओं के माध्यम से कराया जाएगा। सुझावों को परियोजना में शामिल करने का आश्वासन कार्यक्रम में जनप्रतिनिधियों और अन्य स्टेक होल्डर्स ने प्रस्तावित कार्यों को लेकर अपने सुझाव दिए। अधिकारियों ने कहा कि सभी सुझावों की जांच की जाएगी और जरूरी सुझावों को परियोजना के प्रभावी क्रियान्वयन में शामिल किया जाएगा। परियोजना के जरिए शहरों में सुरक्षित, सुव्यवस्थित, पर्यावरण-अनुकूल और टिकाऊ शहरी सुविधाएं विकसित करने का लक्ष्य रखा गया है। इसका उद्देश्य विकसित भारत-2047 और विकसित राजस्थान-2047 के लक्ष्यों में योगदान देना है। ये रहे मौजूद कार्यक्रम में पाली विधायक भीमराज भाटी, पूर्व सभापति महेंद्र बोहरा, पूर्व उपसभापति मूलसिंह भाटी, पूर्व उपसभापति ललित प्रितमानी, रामकिशोर साबू, त्रिलोक चौधरी, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. बजरंग सिंह, उपखंड अधिकारी विमलेन्द्र राणावत सहित जिला स्तरीय अधिकारी मौजूद रहे।
जबलपुर में पर्यटन क्विज आज, 303 स्कूलों के 909 छात्र दिखाएंगे ज्ञान का दम
प्रतियोगिता में शासकीय एवं अशासकीय विद्यालयों की कक्षा 9वीं से 12वीं तक के विद्यार्थी शामिल होंगे। प्रत्येक विद्यालय से तीन प्रतिभाशाली विद्यार्थियों की टीम बनाई गई है।
Donald Trump ने US में Birth Tourism रोकने के लिए दो नए आदेशों पर हस्ताक्षर किए
सागर कुलकर्णीवाशिंगटन, सात अगस्त अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने अमेरिका में बच्चे को जन्म देकर उसे यहां की नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से विदेशियों के ‘बर्थ टूरिज्म’ (जन्म पर्यटन) के मामलों पर सख्ती करने और जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता पाने के पात्र लोगों की संख्या सीमित करने के लिए दो कार्यकारी आदेशों पर हस्ताक्षर किए हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है, जब कुछ सप्ताह पहले उच्चतम न्यायालय ने इस संबंध में ट्रंप के पहले जारी आदेश को खारिज कर दिया था। बृहस्पतिवार को हस्ताक्षरित आदेशों में से एक उन लोगों को निशाना बनाता है जो व्यावसायिक रूप से ‘बर्थ टूरिज्म’ को चुनते हैं और बच्चे को अमेरिकी नागरिकता दिलाने के उद्देश्य से अमेरिका आते हैं। इस आदेश का उद्देश्य ऐसे लोगों की अमेरिका में प्रवेश की सुविधा सीमित करना है। दूसरा आदेश उन लोगों की परिका विस्तार करता है जिन्हें जन्म के आधार पर अमेरिकी नागरिकता के लिए अयोग्य माना जाएगा। इसमें विदेशी सरकारों की ओर से ‘लॉबिंग’ (पैरवी) करने वाले विदेशी नागरिकों के बच्चों को भी शामिल किया गया है। अमेरिकी उच्चतम न्यायालय ने 30 जून को ट्रंप के उस कार्यकारी आदेश को खारिज कर दिया था जिसमें जन्म के आधार पर नागरिकता समाप्त करने की कोशिश की गई थी। अदालत ने 100 वर्ष से अधिक समय से चली आ रही संवैधानिक व्यवस्था को बरकरार रखते हुए कहा था कि अमेरिका में जन्म लेने वाले लगभग सभी लोग अमेरिकी नागरिक होते हैं। ट्रंप ने अमेरिका के राष्ट्रपति के आधिकारिक आवास एवं कार्यालय ‘व्हाइट हाउस’ के ‘ओवल ऑफिस’ में इन आदेशों पर हस्ताक्षर करने के बाद पत्रकारों से बातचीत में उच्चतम न्यायालय के 30 जून के फैसले की आलोचना की और कहा कि नया कदम ‘‘कुछ आवश्यक बदलाव करने’’ के लिए उठाया गया है। उन्होंने कहा, ‘‘जन्म के आधार पर नागरिकता के मामले में उच्चतम न्यायालय का फैसला बेहद दुर्भाग्यपूर्ण था इसलिए हम इसमें बदलाव कर रहे हैं।’’इस दौरान ट्रंप के साथ ‘व्हाइट हाउस’ के डिप्टी चीफ ऑफ स्टाफ अधिकारी स्टीफन मिलर, वाणिज्य मंत्री हॉवर्ड लटनिक, अमेरिकी व्यापार प्रतिनिधि जैमीसन ग्रीयर और व्हाइट हाउस स्टाफ सचिव विल शार्फ मौजूद थे। नौ जुलाई 1868 को अनुमोदित अमेरिकी संविधान के 14वें संशोधन ने अमेरिका में जन्मे या कानूनी रूप से नागरिकता प्राप्त करने वाले सभी व्यक्तियों को अमेरिकी नागरिकता प्रदान की थी जिनमें पहले दास रह चुके लोग भी शामिल थे। ट्रंप ने कहा, ‘‘यह प्रावधान गृहयुद्ध के तुरंत बाद बनाया गया था। इसका उद्देश्य दासों के बच्चों को नागरिकता देना था लेकिन अब क्या हो रहा है? लोग इसके आधार पर पूरा कारोबार खड़ा कर रहे हैं।’’ट्रंप की आप्रवासन विरोधी नीतियों के प्रमुख रणनीतिकार माने जाने वाले स्टीफन मिलर ने कहा कि लोग पर्यटक बनकर अमेरिका आते हैं लेकिन उनका वास्तविक उद्देश्य यहां बच्चा पैदा करना होता है ताकि वह बच्चा स्वतः अमेरिकी नागरिक बन जाए। मिलर ने कहा, ‘‘इस त्रुटिपूर्ण व्यवस्था के कारण ऐसे लोगों को सरकारी कल्याण योजनाओं, भविष्य में मतदान के अधिकार और वे सभी अधिकार एवं विशेषाधिकार मिल जाते हैं जो केवल अमेरिकी नागरिकों के लिए होने चाहिए।’’इन आदेशों में कई ऐसी श्रेणियां सूचीबद्ध की गई हैं जिनके बच्चों को अमेरिकी नागरिकता से संबंधित दस्तावेज जारी नहीं किए जाने चाहिए। इनमें वे बच्चे शामिल हैं जिनके माता-पिता ने ऐसा व्यावसायिक लेन-देन किया हो, जिसका उद्देश्य गर्भवती महिला को अमेरिका या उसके किसी क्षेत्र में प्रसव कराने के लिए लाना हो। इसके अलावा, आतंकी संगठनों से जुड़े लोगों के बच्चे, विदेशी सरकारों के कर्मचारियों के बच्चे और अमेरिकी क्षेत्रों में जन्मे ऐसे बच्चे जिन्हें संघीय कानून के तहत नागरिकता नहीं मिलती, उन्हें भी इस सूची में शामिल किया गया है। आप्रवासन विशेषज्ञों ने ट्रंप के इन नए कार्यकारी आदेशों की तीखी आलोचना करते हुए उन्हें असंवैधानिक बताया है। न्यूयॉर्क स्थित आव्रजन मामलों के वकील साइरस मेहता ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर एक पोस्ट किया, ‘‘ट्रंप का जन्म के आधार पर नागरिकता से संबंधित नया कार्यकारी आदेश स्पष्ट रूप से असंवैधानिक है। यदि किसी व्यक्ति के माता-पिता ने अमेरिका में बच्चे के जन्म को सुनिश्चित करने के लिए व्यावसायिक लेन-देन किया है, तो उसके आधार पर नागरिकता से इनकार करना 14वें संशोधन का उल्लंघन है।’’‘माइग्रेशन पॉलिसी इंस्टीट्यूट’ के अनुसार, सबसे व्यापक जनगणना आधारित अनुमान के मुताबिक हर वर्ष अमेरिका में 22,000 से 26,000 बच्चों का जन्म ‘बर्थ टूरिज्म’ के कारण होता है। हालांकि सरकारी आंकड़ों के अनुसार 2024 में विदेशी पते वाली माताओं से केवल 9,600 बच्चों का जन्म अमेरिका में हुआ। ‘अमेरिकन सिविल लिबर्टीज यूनियन’ ने एक बयान में कहा, ‘‘उच्चतम न्यायालय इस मुद्दे पर पहले ही फैसला दे चुका है कि जन्म के आधार पर नागरिकता अमेरिकी संविधान द्वारा सुनिश्चित की गई है। ऐसा कोई भी कार्यकारी आदेश, जो इस अधिकार पर हमला करने की कोशिश करेगा, उसका भी वही हश्र होगा जो राष्ट्रपति ट्रंप के पिछले आदेश का हुआ था।
मुज़फ़्फ़रनगर। कांवड़ यात्रा अपने अंतिम और सबसे संवेदनशील चरण में पहुंच चुकी है। लाखों-करोड़ों शिवभक्तों की सुरक्षित और सुचारु यात्रा सुनिश्चित करने के लिए शासन और प्रशासन पूरी तरह अलर्ट मोड में नजर आ रहा है। गुरुवार देर रात करीब 12 बजे मेरठ जोन के एडीजी भानु भास्कर ने सहारनपुर रेंज के डीआईजी अभिषेक सिंह, जिलाधिकारी उमेश कुमार मिश्रा और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजय कुमार वर्मा के साथ कांवड़ मार्ग का स्थलीय निरीक्षण किया। अधिकारियों ने विभिन्न सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया, अधीनस्थ अधिकारियों को आवश्यक दिशा-निर्देश दिए और रास्ते में शिवभक्तों से बातचीत कर उनकी यात्रा का हाल भी जाना। इस बार की कांवड़ यात्रा में सुरक्षा व्यवस्था का सबसे अलग और महत्वपूर्ण पहलू शहर की हृदयस्थली शिव चौक पर पहली बार बनाया गया पुलिस मोर्चा रहा। आबकारी पुलिस चौकी के ठीक बाहर विशेष रूप से यह मोर्चा तैयार किया गया है, जहां जमीन से लगभग चार से पांच फुट ऊंचा रैंप बनाकर उस पर मिट्टी से भरे बोरे लगाए गए हैं। इस अस्थायी सुरक्षा संरचना पर हथियारों से लैस पुलिसकर्मी लगातार तैनात रहकर पूरे क्षेत्र पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। पुलिस के अनुसार शिव चौक कांवड़ यात्रा का सबसे व्यस्त और संवेदनशील स्थानों में शामिल है, जहां चौबीसों घंटे लाखों श्रद्धालुओं की आवाजाही बनी रहती है। इसी को देखते हुए इस बार पारंपरिक सुरक्षा व्यवस्था से आगे बढ़कर अतिरिक्त रणनीतिक इंतजाम किए गए हैं, ताकि किसी भी आपात स्थिति में तत्काल प्रभावी कार्रवाई की जा सके। स्थानीय लोगों का कहना है कि उन्होंने पहली बार कांवड़ यात्रा के दौरान इस तरह की बॉर्डर जैसी सुरक्षा व्यवस्था देखी है। इससे पहले कभी शिव चौक पर इस प्रकार का पुलिस मोर्चा नहीं बनाया गया था। कांवड़ यात्रा के दौरान जनपद पुलिस, प्रशासन, पीएसी, एटीएस, डॉग स्क्वॉड और अन्य सुरक्षा एजेंसियां लगातार निगरानी बनाए हुए हैं। देर रात हुए निरीक्षण के दौरान वरिष्ठ अधिकारियों ने सुरक्षा व्यवस्था का सूक्ष्म परीक्षण करते हुए संबंधित अधिकारियों को सतर्कता के साथ ड्यूटी निभाने के निर्देश भी दिए।
Maharajganj News: पर्यटन हब बनेगा जिला, दर्जिनिया ताल से टेलफाल तक विकसित होंगी आधुनिक सुविधाएं
जिले को पर्यटन के क्षेत्र में नई पहचान दिलाने की दिशा में प्रशासन ने क
Ghaziabad News: पर्यटन का केंद्र बनेगी धार्मिक विरासत, इतिहास से रूबरू होंगे लोग
गाजियाबाद। औद्योगिक शहर के रूप में पहचाने जाने वाले गाजियाबाद की पहचान अब धार्मिक विरासत से भी होगी।
Jammu News: 11 करोड़ के वंडरलैंड का लोकार्पण आज, पर्यटन को मिलेगी रफ्तार
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Azamgarh News: विधान परिषद में गूंजा बड़ैला ताल का मुद्दा, पर्यटन हब बनाने की उठी मांग
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नोएडा पुलिस ने लिया जायजा – कांवड़ यात्रा सुरक्षा पर खास ध्यान
कांवड़ यात्रा को शांतिपूर्ण, सुरक्षित और व्यवस्थित ढंग से संपन्न कराने के लिए पुलिस प्रशासन ने तैयारियों को अंतिम रूप देना शुरू कर दिया है
अनुच्छेद-370 हटने के सात साल : जम्मू-कश्मीर में बुनियादी ढांचे, निवेश, पर्यटन के क्षेत्र में जबरदस्त बदलाव
Travel Tips: अगस्त में लद्दाख की हसीन वादियों का उठाएं लुत्फ, जानें Booking Details और Full Cost
क्या आप भी रोजमर्रा की भागदौड़ से थक गए हैं और किसी ऐसी जगह जाना चाहते हैं। जहां पर आसमान सीधे जमीन से मिलता है। ऐसा सुकून मिले, जो आपकी सारी थकान को मिटा दे। नीली झीलें, सुकून भरी ठंडी हवाएं और ऊंचे-ऊंचे पहाड़। दरअसल, हम लद्दाख की बात कर रहे हैं, जो हर घुमक्कड़ की बकेट लिस्ट का अल्टीमेट सपना है। अगर आप भी इस दुनिया को अपनी आंखों से देखने का मन बना रहे हैं, तो आपके लिए एक शानदार खबर है। बता दें कि IRCTC ने आपकी इस ख्वाहिश को पूरा करने के लिए बेहद खास टूर पैकेज पेश किया है, जिसका नाम 'लेह विद तुरतक' है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस ट्रिप की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: किन्नौर कैलाश यात्रा का हुआ आगाज: Registration से लेकर Trekking तक, Delhi से जाने वाले श्रद्धालुओं के लिए पूरी Travel Guide टूर पैकेज की डिटेल्स यह टूर पैकेज 6 रात और 7 दिन का है जोकि 'कम्फर्ट' क्लास का फिक्स्ड डिपार्चर फ्लाइट पैकेज है। इसकी शुरूआत हैदराबाद से होगी। यह ट्रिप 13 अगस्त 2026 को शुरू होगा। इस सफर में पर्यटक लद्दाख की सबसे खूबसूरत और फेमस जगहों को एक्सप्लोर कर सकेंगे। कहां-कहां घूमेंगे यात्री पहले दिन लेह पहुंचकर यात्री आराम करेंगे। जिससे कि वहां के मौसम में ढल सकें। शाम को लोकल मार्केट को एक्सप्लोर करेंगे और अगले दिन लेह पैलेस, शांति स्तूप और भारतीय सेना को समर्पित 'हॉल ऑफ फेम' दिखाया जाएगा। शाम वैली यहां पर यात्रियों को गुरुद्वारा पत्थर साहिब के दर्शन होंगे और आप 'मैग्नेटिक हिल' के उस रहस्यमयी खिंचाव को स्वयं महसूस कर सकेंगे। नुब्रा वैली यात्रा के तीसरे दिन आपको दीक्षित और हुंडर गांव ले जाया जाएगा। यहां आप अपने खर्च पर ऊंट की सवारी का लुत्फ ले सकते हैं। तुरतुक वहीं यात्रा के चौथे दिन भारत के सबसे उत्तरी कोने में बसे तुरतुक गांव को एक्सप्लोर करेंगे। यहां की लाइफस्टाइल और संस्कृति बेहद अनोखी है। पैंगोंग झील वहीं यात्रा के 5वें दिन 120 किमी लंबी, खारे पानी की उस अद्भुत पैंगोंग झील को देखेंगे। यह झील फिल्म '3 इडियट्स' के बाद से टूरिस्ट्स की पहली पसंद बन गई है। यह झील भारत और चीन दोनों देशों में फैली है। वापसी का सफर पैंगोंग से लेग वापस आते समय रास्ते में थिकसे मॉनेस्ट्री, चांगला पास और शे पैलेस के नजारे भी देखने को मिलेंगे। पैकेज में क्या-क्या मिलेगा हैदराबाद से लेह तक आने-जाने की फ्लाइट की टिकट है। स्टे का पूरा इंतजाम है, लेह में 3 रातें, 2 रातें नुब्रा और 1 रात पैंगोंग में स्टे होगा। इस पूरे ट्रिप में 6 बार सुबह का नाश्ता, 6 बार दोपहर का खाना और 6 बार रात का डिनर होगा। घूमने-फिरने के लिए शेयरिंग वाली नॉन-एसी गाड़ी की सुविधा मिलेगी। जरूरी इनर लाइन परमिट, ट्रैवल इंश्योरेंस और स्मारकों की टिकट उपलब्ध होंगे। दूसरे दिन से लेकर छठे दिन तक टूर गाइड और एक खास कल्चरल शो देखने को मिलेगा। हर व्यक्ति को हर दिन एक लीटर पानी की बोतल मिलेगी। इमरजेंसी के लिए गाड़ी में ऑक्सीजन सिलेंडर और सफर में सहायता के लिए IRCTC टूर मैनेजर होंगे। कितना आएगा खर्च अगर आप अकेले सफर पर जाने हैं, तो आपको 55,640 रुपए देने होंगे। वहीं दोनों लोगों के यात्रा करने पर प्रति व्यक्ति किराया 54,380 रुपए देने होंगे। वहीं तीन लोगों संग यात्रा करने पर 48,730 रुपए देने होंगे। अगर आपके साथ 5 से 11 साल का बच्चा है, तो बेड के साथ 36,970 रुपए देने होंगे। लेकिन बच्चों के साथ बिना बेड के 35,780 रुपए देने होंगे। वहीं ट्रिप पर 2 से 4 साल के बच्चे का किराया 35,720 रुपए है। इन बातों का रखें ध्यान ज्यादा ऊंचाई और कम ऑक्सीजन के कारण 'एक्यूट माउंटेन सिकनेस' की समस्या हो सकती है। इसलिए लेह पहुंचने का पहला दिन पूरी तरह से आराम के लिए रखा जाता है। यात्रा से निकलने से पहले आप डॉक्टर से पूछकर कुछ दवाओं को अपने साथ रखें। शरीर को हाइड्रेटेड रखें, इसके लिए समय-समय पर इलेक्ट्रोलाइट्स, ग्लूकोज और पानी आदि पीते रहें। वहीं इस दौरान ज्यादा खाना, शराब और एंटी डिप्रेसेंट दवाओं को लेने से बचना चाहिए। नुब्रा और पैंगोंग के टेंट/कैंप्स लाइट सिर्फ कुछ घंटों के लिए आती है। सुबह नहाने के लिए सोलर या बाल्टी में गर्म पानी मिलता है। पैंगोंग में वाई-फाई, एटीएम, मोबाइल नेटवर्क, बैंक या पेट्रोल पंप की सुविधा नहीं है। इसलिए अपने साथ जरूरी दवाएं और कैश लेकर आएं। अगर आप ट्रिपल शेयरिंग का रूम लेते हैं, तो तीसरे व्यक्ति के लिए सिर्फ एक एक्स्ट्रा गद्दा दिया जाएगा।
सावन का महीना शुरु हो चुका है। ऐसे में शिव भक्त अलग-अलग तीर्थस्थल पर जाने का प्लान करते हैं। इन्हीं में से एक है किन्नौर कैलाश यात्रा। यहां पर जाने का हर किसी का सपना होता है। हिमाचल प्रदेश की प्रसिद्ध किन्नौर कैलाश यात्रा है, जहां हजारों श्रद्धालु पहुंचते हैं। वैसे यहां पर पहुंचने के लिए कठिन ट्रेक से गुजरना पड़ता है। यदि आप इस बार किन्नौर कैलाश जाने का प्लान बना रहे हैं, तो पहले इस बारे में सभी जानकारी जान लें। बता दें कि, इस साल 30 जुलाई से किन्नौर कैलाश यात्रा शुरु हो चुकी है, जो कि 10 अगस्त तक चलने वाली है। बिना रजिस्ट्रेशन के किसी भी श्रद्धालु को यात्रा की अनमुति नहीं दी जाएगी। यद आप दिल्ली से यहा पर जाने का प्लान बना रहे हैं, तो एक बार यह ट्रैवल गाइड को जरुर देंख लें। किन्नौर कैलाश यात्रा क्यों है खास? आपको बताते चलें कि, हिमाचल प्रदेस के किन्नौर जिले में स्थित किन्नौर कैलाश भगवान शिव का पवित्र धाम है। यहां पर मौजूद प्राकृतिक शिवलिंग जैसी विशाल चट्टान श्रद्धालुओं के लिए आस्था केंद्र हैं। हर साल सावन में हजारों यहां पर हजारों भक्तजन आते हैं। आपको बता दें कि, यह ट्रेक आसान नहीं है, इसलिए बेहद जरुरी है फिजिकली फिट होना। दिल्ली से कैसे जाएं? पहला स्टेज- दिल्ली से शिमला बता दें कि, दिल्ली से शिमला की दूरी करीब 340-360 किलोमीटर है। इधर से आप बस से भी जा सकते हैं। दूसरा स्टेज- शिमला से रिकांग पियो जब आप शिमला पहुंच जाएंगे, तो रिकांग पियो जाना होगा। जिसकी दूरी करबी 220 किलोमीटर है। यहां से आपको हिमाचल रोडवेज और प्राइवेट बसें दोनों ही मिल जाएंगी। चाहे आप टैक्सी से भी जा सकते हैं। तीसरा स्टेज- रिकांग पियो से टांगलिंग गांव टांगलिंग गांव ही यात्रा का बेस कैंप माना जाता है। बता दें कि, यहीं से किन्नौर कैलाश ट्रेक शुरु होता है। कितना कठिन ट्रैक है? दरअसल, किन्नौर कैलाश ट्रेक की गिनती सबसे कठिन ट्रेक में से एक है। ट्रेकिंग की शुरुआत टांगलिंग गांव से होती है। रास्ते में मिलिंग खाटा और पार्वती कुंड जैसे कहई पड़ाव आते हैं। फिर यहां पर भक्तजन पहुंचते हैं। बता दें कि, यहां की ऊंचाई बहुत ज्यादा है, जिस कारण से सांस फूलना और थकान महसूस होना आम बात है। इसलिए जल्दबाजी करने की बजाय धीरे-धीरे चढ़ाई करें। सबसे जरुरी रजिस्ट्रेशन कराना - आप बिना रजिस्ट्रेशन के यात्रा नहीं कर सकते हैं। - मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट मैंडेटरी है। - प्रत्येक दिन 375 श्रद्धालुओं को ही जाने की अनुमति मिलेगी। - आप ऑनलाइन या ऑफलाइन दोनों तरह से आप रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं। यात्रा में क्या-क्या साथ रखें? - अपने साथ रेनकोट या पोंचो रखें - मौसम बदलता रहता है इसलिए वुलेन जैकेट रखें। - अच्छी ग्रिप वाले ट्रेकिंग शूज पहनें। - टॉर्च अपने साथ रखें। - पानी की बॉटल, जरुरी दवाइयां। - ट्रेकिंग स्टिक - इसके साथ ही खाने के लिए स्नैक्स अपने साथ रखें। यात्रा के समय किन बातों का ध्यान रखें - भूलकर भी शॉर्टकट रास्ते पर न जाए। - अकेले ट्रेक करने से बचें। - प्लास्टिक और कचरा को रास्ते में न फेंके। - यदि मौसम खराब है, तो आगे बढ़ने की कोशिश न करें। - प्रशासन और लोकल गाइड के निर्देशों का पालन करें। - अगर आपको ट्रेकिंग के दौरान कोई परेशानी महसूस हो तो तुरंत आराम करें। कितने दिन का प्लान बनाएं? -पहला दिन: दिल्ली से शिमला - दूसरा दिन: शिमला से रिकांग पियो - तीसरा दिन- टांगलिंग पहुंचकर ट्रेक की शुरुआत होगी - चौथा दिन- किन्नौर कैलाश दर्शन और वापसी - पांचवां दिन: रिकांग पियो से दिल्ली की वापसी
कालका-शिमला हेरिटेज रेलवे की तीन अप और तीन डाउन ट्रेनें 10 अगस्त तक रद्द कर दी गई हैं। रेलवे बोर्ड ने खराब मौसम और कम ऑक्यूपेंसी को वजह बताया है।
आजकल युवाओं में घूमने-फिरने का चलन काफी बढ़ गया है। लोग भीड़-भाड़ वाली जगहों से दूर किसी शांत प्लेस को एक्सप्लोर करना पसंद करते हैं। मानसून के समय हर कोई हरियाली से भरपूर, बादल, झरने और सुकून हो वाली जगहों पर घूमने का प्लान बनाते हैं। इस बार आप बरसात के समय भारत के कुछ खूबसूरत गांव को एक्सप्लोर कर सकते हैं। इस मौसम में यहां पर पहाड़ हरे रंग को हे जाते हैं, बादल घरों के बीच से गुजरने नजर आते हैं और हर तरफ आपको ताजगी का माहौल देखने को मिलता है। इस बार आप भी इन जगहों का आनंद जरुर लें। चलिए आपको इस लेख में बताते हैं मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग, नागालैंड का खोनोमा और अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली आपके लिए सबसे बेहतरीन रहने वाली है। आइए आपको बताते हैं इन तीन गांवों में ऐसा क्या खास है,जो आपको मानसून के समय जरुर विजिट करना चाहिए। मावल्यान्नॉन्ग (मेघालय) आपको बताते चलें कि मेघालय का मावल्यान्नॉन्ग गांव अपनी साफ-सफाई के लिए दुनियाभर में काफी फेमस है। इसकी गिनती एशिया के सबसे साफ गांव में मानी जाती है। यहां पर रहने वाले सभी लोग इस गांव को हमेशा साफ रखते हैं। बरसात के मौसम में चारों तरफ हरियाली छा जाती है। पेड़-पौधे, फूल और बारिश से धुले रास्ते गांव की खूबसूरती को और बढ़ा देते हैं। यहां आप इन जगहों पर विजिट कर सकते हैं- - लिविंग रुट ब्रिज - बांस से बना स्काई व्यू पॉइंट - छोटे-छोटे झरने - खासी गांव की लाइफस्टाइल खोनोमा (नागालैंड) अगर आप नेचर लवर हैं, नागालैंड के खोनोमा गांव में जरुर विजिट करें। यहां की नेचुरल ब्यूटी और पर्यावरण संरक्षण बेहद लोकप्रिय है। बता दें कि, इसे भारत के पहले ग्रीन विलेज में गिना जाता है। बरसात के समय यहां पर सीढ़ीदार वाली खेती, पहाड़ और जंगल के काफी खूबसूरत नजर आते हैं। बादलों से घिरे पहाड़ भी इस गांव की खूबसूरती को बढ़ा देते हैं। यहां पर इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। - गांव में पैदल वॉक करना - सीढ़ीदार खेत देखना - लोकर नागा कल्चर को करीब से देख सकते हैं - नेचर वॉक और बर्ड वॉचिंग जीरो (अरुणाचल प्रदेश) मानसून के समय अरुणाचल प्रदेश की जीरो वैली में घूमने का प्लान जरुर बनाएं। यह जगह अपनी नेचुरल ब्यूटी और अपतानी जनजाति की अनोखी कल्चर के लिए जानी जाती है। इधर मानसून के समय काफी खूबसरत लगता है। बरसात के समय धान के खेत, पहाड़ और हल्का कोहरा मिलकर ऐसा नजारा बनाते हैं, जिसे देखकर मन एकदम खुश ही हो जाती है। यहां आप क्या-क्या कर सकती हैं- - हरे-भरे धान के खेतों को देख सकती हैं - अपतानी जनजाति के पारंपरिक गांव को एक्सप्लोर कर सकती है - खूबसूरती पहाड़ी रास्ते - यहां लोकल बाजार और खाने का जायका लेना मानसून के समय इन गांव में यात्रा करने से पहले जानें जरुरी बातें - बरसात से बचने के लिए रेनकोट और बढ़िया क्वालिटी की छतरी साथ रखें। - इस दौरान फिसलन ज्यादा हो सकती है, इसलिए मजबूत ग्रिप वाले शूज ही पहनें। - मौसम का अपडेट देखकर ही ट्रिप प्लान करें। - वहां के नियमों का पालन जरुर करें। - दरअसल, पहाड़ी इलाकों में शाम जल्दी हो जाती है, इसलिए समय का भी ध्यान जरुर रखें। - प्लास्टिक या कचरा कहीं भी ने फेंकें, ताकि इन गांवों के सुंदरता बनीं रहे।
दिल्ली से केदारनाथ कैसे जाएं और कितना होगा खर्चा? जानिए पूरा बजट और ट्रैवल प्लान
Kedarnath Yatra Travel Plan: सावन के महीने में लोग 12 ज्योतिर्लिंगों में से एक पवित्र धाम केदारनाथ के दर्शन के लिए जाते हैं। अगर आप भी भगवान शिव के दर्शन करने का मन बना रहे हैं, तो यहां पूरा बजट प्लान और रूट जान लीजिए।
क्या आप पार्टी के लिए दमदार बेस वाला और ट्रैवलिंग में आसानी से साथ ले जाने वाला ब्लूटूथ स्पीकर ढूंढ रहे हैं? Amazon पर बजट प्राइस में मिलने वाले इन बेहतरीन पोर्टेबल स्पीकर्स की लिस्ट देखें, जो आपकी हर ट्रिप और पार्टी को धमाकेदार बना देंगे।
देश के ज्यादातर राज्यों में मानसून ने दस्तक दे दी है। कई जगहों पर बारिश से मौसम बेहद सुहावना हो गया है। तो कहीं बादल आफत बनकर बरसते हैं, तो कई पहाड़ी इलाकों पर लैंडस्लाइड, सड़कें बंद होने की समस्याएं देखने को मिल रही है। ऐसे में अगर आप भी इन जगहों पर घूमने की प्लानिंग कर रहे थे, तो इस यात्रा को टालना बेहतर होगा। लेकिन अच्छी बात यह है कि आपको अपनी छुट्टियां पूरी तरह से कैंसिल करने की जरूरत नहीं है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको 4 ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं कि मानसून के दौरान आप इन जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। वहीं यह जगहें सेफ भी हैं और आपकी ट्रिप भी यादगार बनेगी। शिमला मॉनसून में घूमने के लिए शिमला अच्छी जगह है। पहाड़ों की रानी कहलाने वाला शिमला मॉनसून के दौरान बेहद खूबसूरत नजर आता है। यहां पर आप जाखू मंदिर के दर्शन कर सकते हैं। चाय के साथ पहाड़ों पर तैरते बादलों और मनमोहक नजारों का आनंद ले सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: मानसून सीजन में बना लें तमिलनाडु के इन 5 हिल स्टेशंस का प्लान, हमेशा कि लिए यादगार बन जाएगी ट्रिप कूनूर मॉनसून में आप तमिलनाडु में स्थित कुनूर भी घूमने के लिए जा सकते हैं। यह एक बेहद खूबसूरत और शांत हिल स्टेशन है। यहां पर हरे-भरे चाय के बागान और भी अधिक खूबसूरत दिखते हैं। यहां पर सिम्स पार्क एक्सप्लोर कर सकते हैं। इसके अलावा आप लैम्ब्स रॉक और डॉल्फिन्स नोज जैसे शानदार नजारों का आनंद ले सकते हैं। वहीं आप फेमस नीलगिरि रेलवे की सवारी का मजा ले सकती हैं। अगर आप भी फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। माउंट आबू बारिश के मौसम में आप माउंट आबू भी घूमने जा सकते हैं। यह राजस्थान का ऐसा हिल स्टेशन है, जो बारिश के मौसम में हरियाली से खिल उठता है और इसकी खूबसूरती भी देखने लायक होती है। ऐसे में अगर आप भी किसी ऐसी जगह घूमने जाना चाहते हैं, जहां पर लैंडस्लाइड न हो। तो यह एक परफेक्ट जगह है। सापुतारा मॉनसून में शांति का अनुभव करने के लिए आप गुजरात के सापुतारा हिल स्टेशन को एक्सप्लोर कर सकते हैं। बारिश के मौसम में इस हिल स्टेशन की खूबसूरती दोगुनी हो जाती है। वहीं यहां की हरियाली और झरनों की खूबसूरती आपका दिल जीत लेगी। सातपुरी झील में आप बोटिंग भी कर सकते हैं। वहीं रोपवे की सवारी कर शानदार दृश्य देख सकते हैं।
बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

