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महासमाधि दिवस पर यूपी पर्यटन की बड़ी पहल, नीब करोरी बाबा के नाम से बना नया आध्यात्मिक सर्किट

महासमाधि दिवस पर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग ने नीब करोरी बाबा की आध्यात्मिक विरासत को देश-दुनिया तक पहुंचाने के लिए नया ‘नीब करोरी बाबा सर्किट’ विकसित करने की पहल की है। साथ ही श्रद्धालुओं के लिए पांच विशेष टूर पैकेज भी शुरू किए गए हैं। The post महासमाधि दिवस पर यूपी पर्यटन की बड़ी पहल, नीब करोरी बाबा के नाम से बना नया आध्यात्मिक सर्किट appeared first on Rashtriya Ujala .

राष्ट्रीय उजाला 10 Sep 2026 6:07 pm

MP Astro Village Tourism Project: अब गांवों में दिखेगी आकाशगंगा; प्रदेश के 6 गांव बन रहे हैं 'एस्ट्रो विलेज'

चयनित ग्रामों में पर्यटकों को तारों, ग्रहों एवं अन्य खगोलीय पिंडों के सुरक्षित, स्पष्ट एवं उत्कृष्ट अवलोकन का अनुभव कराने के लिए आधुनिक आधारभूत सुविधाएं विकसित की जा रही हैं।

दैनिक जागरण 10 Sep 2026 5:30 pm

धामी सरकार का ऐतिहासिक कदम: श्यामलाताल लेक फ्रंट डेवलपमेंट से चंपावत बनेगा प्रमुख पर्यटन केंद्र

चंपावत: उत्तराखंड के समग्र विकास एवं पर्यटन को नई पहचान देने की दिशा में धामी सरकार के निरंतर ऐतिहासिक कार्य किए जा रहे हैं। इसी कड़ी में चंपावत विधानसभा क्षेत्र के सुप्रसिद्ध पर्यटन स्थल श्यामलाताल में ₹490.94 लाख (4.90 करोड़ रुपये) की लागत से लेक फ्रंट डेवलपमेंट (Lake Front Development) का कार्य सफलतापूर्वक पूर्ण कर […]

पांचजन्य 10 Sep 2026 1:20 pm

दूरदर्शन का 37 साल पुराना यह शो था मिलेनियल्स का फेवरेट, 'टाइम ट्रैवल' शो में साइकिल से बना कंप्यूटर, संडे को टीवी के आगे टकटकी लगाए रहते थे दर्शक

दूरदर्शन (Doordarshan) पर 80 और 90 के दशक में एक से एक शो पेश किए, जो बच्चों, जवानों से लेकर बुजुर्गों तक को पसंद आए. ये शोज ज्ञान और मनोरंजन से भरपूर थे. 37 साल पहले ऐसा ही एक शो आया था, जो उस समय के टीनेज बच्चों को काफी पसंद आया था.

NDTV इंडिया 10 Sep 2026 1:19 pm

एयरपोर्ट पर फ्लाइट बदलते समय काम आएंगे ये 5 आसान ट्रैवल टिप्स! कनेक्टिंग फ्लाइट के लिए

कनेक्टिंग फ्लाइट में एक फ्लाइट से उतरने के बाद दूसरी फ्लाइट के गेट तक पहुंचना, एयरपोर्ट पर सही रास्ता ढूंढना और सामान या सिक्योरिटी चेक जैसी चीजों को संभालना कई बार जल्दबाजी वाला एक्सपीरियंस बन जाता है। यदि लेओवर का समय कम हो, तो छोटी सी देरी भी परेशानी बढ़ा सकती है। यही वजह है कि कनेक्टिंग फ्लाइट में सफर करते समय थोड़ी समझदारी और पहले से की गई तैयारी काफी काम आती है।जर्नी को आसान बनाने के लिए आपको हर छोटी बात को लेकर परेशान होने की जरूरत नहीं है। फ्लाइट में बदलाव या देरी होने की सिचुएशन के लिए भी थोड़ा तैयार रहें। इन छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखेंगे, तो कनेक्टिंग फ्लाइट का सफर ज्यादा आराम से और बिना स्ट्रेस के पूरा किया जा सकता है, जैसे-1. इमिग्रेशन और सिक्योरिटी की इनफार्मेशन लेंकुछ इंटरनेशनल कनेक्टिंग फ्लाइट्स में दोबारा इमिग्रेशन या सिक्योरिटी चेक से गुजरना पड़ सकता है। यह पहले से पता हो तो आप उसी हिसाब से समय रख सकते हैं। ट्रैवल से पहले यह जान लें कि जिस एयरपोर्ट पर आपकी कनेक्टिंग फ्लाइट है, वहां ट्रांजिट में कौन-कौन सा प्रोसीजर पूरा करना होगा। इससे आखिरी समय में होने वाली जल्दबाजी और स्ट्रेस काफी कम हो सकता है।2. डॉक्यूमेंट्री चेक करेंकनेक्टिंग फ्लाइट में कई बार इमिग्रेशन, सिक्योरिटी चेक या सामान की दोबारा जांच हो सकती है। इसलिए पासपोर्ट, बोर्डिंग पास और दूसरे जरूरी कागज आसानी से मिलने वाली जगह पर रखें। इन्हें चेक-इन बैग में रखने के बजाय अपने केबिन बैग में रखना बेहतर है, ताकि जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाल सकें।3. हमेशा टर्मिनल और गेट की डिटेल रखेंबड़े एयरपोर्ट पर एक टर्मिनल से दूसरे टर्मिनल तक पहुंचने में समय लग सकता है। कुछ जगहों पर शटल बस या ट्रेन से भी जाना पड़ता है। इसलिए एयरपोर्ट पहुंचते ही अपनी अगली फ्लाइट का टर्मिनल और गेट नंबर चेक कर लें। इससे आखिरी समय में रास्ता ढूंढने की परेशानी और भागदौड़ से बच सकते हैं।4. एयरलाइन का ऐप या डीजीयात्रा डाउनलोड करेंअपनी एयरलाइन का ऐप फोन में डाउनलोड करके रखें। इसमें फ्लाइट के समय, गेट में बदलाव, देरी और बोर्डिंग की इन्फॉर्मेशन मिलती रहती है। एयरपोर्ट पर हर अनाउंसमेंट सुन पाना हमेशा आसान नहीं होता, इसलिए फोन पर मिलने वाले अपडेट काफी काम आते हैं।5. जरूरी सामान केबिन बैग में रखेंकभी फ्लाइट लेट हो सकती है या चेक-इन सामान समय पर नहीं पहुंच पाता। ऐसी सिचुएशन में परेशानी कम करने के लिए कुछ जरूरी चीजें अपने केबिन बैग में रखें। इसमें मोबाइल चार्जर, जरूरी दवाइयां, पानी की बोतल, हल्के स्नैक्स और जरूरत के हिसाब से एक जोड़ी कपड़े रख सकते हैं।6. लेओवर का समय पहले देखेंदो फ्लाइट्स के बीच कितना समय है, यह टिकट बुक करते समय ही चेक कर लें। बहुत कम समय होने पर पहली फ्लाइट में थोड़ी भी देरी हुई, तो दूसरी फ्लाइट छूट सकती है। वहीं बहुत ज्यादा लंबा गैप होने पर आपको एयरपोर्ट पर काफी देर इंतजार करना पड़ सकता है। इसलिए दोनों फ्लाइट्स के बीच ऐसा समय रखें जिसमें आप आराम से अगले गेट तक पहुंच सकें।कनेक्टिंग फ्लाइट का सफर सही तैयारी के साथ काफी आसान हो सकता है। ट्रैवल में यदि फ्लाइट के समय या गेट में कोई चेंज हो, तो घबराने के बजाय आराम से इनफार्मेशन चेक करें और उसी के हिसाब से आगे प्लान बनाएं। इस तरह आप बिना ज्यादा भागदौड़ के अपनी ट्रिप पूरी कर सकते हैं।

ज़ी न्यूज़ 10 Sep 2026 7:32 am

Kullu News: पर्यटन नगरी मनाली में वीकेंड में उमड़ रहे पर्यटक

Tourists flocking to the tourist town of Manali over the weekend.

अमर उजाला 10 Sep 2026 4:25 am

तीन रेल परियोजनाओं को कैबिनेट की मंजूरी, पीएम मोदी बोले- कनेक्टिविटी के साथ पर्यटन को भी मिलेगा बढ़ावा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति ने रेलवे की तीन महत्वपूर्ण मल्टीट्रैकिंग परियोजनाओं को मंजूरी दे दी है...

खास खबर 9 Sep 2026 10:27 pm

Railway Travel: ट्रेन में बिना टिकट सफर करने वालों पर सवाल, सुविधाओं के लिए टिकट लेना जरूरी

Railway Travel: ट्रेन में बिना टिकट सफर करने वालों पर सवाल, सुविधाओं के लिए टिकट लेना जरूरी

समाचार नामा 9 Sep 2026 8:20 pm

युवाओं को विरासत और पर्यटन से जोड़ेगा ‘कल्चर टैलेंट हंट’, गांधी जयंती से शुरू होगा अभियान: जयवीर सिंह

Lucknow, 9 सितंबर . उत्तर प्रदेश Government युवाओं को सांस्कृतिक विरासत और पर्यटन से जोड़ने के लिए गांधी जयंती से ‘कल्चर टैलेंट हंट’ अभियान शुरू करेगी. पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह ने Wednesday को अधिकारियों को निर्देश दिया कि 2 अक्टूबर से 25 दिसंबर तक स्कूल-कॉलेज के विद्यार्थियों को नवाचार, ऐतिहासिक धरोहरों और उनसे ... Read more

डेली किरण 9 Sep 2026 6:49 pm

Meta Muse AI Agent: अब AI सिर्फ जवाब नहीं देगा, वीडियो में जाने आपके लिए काम भी करेगा; ईमेल से लेकर ट्रैवल बुकिंग तक संभालेगा

Meta Muse AI Agent: अब AI सिर्फ जवाब नहीं देगा, वीडियो में जाने आपके लिए काम भी करेगा; ईमेल से लेकर ट्रैवल बुकिंग तक संभालेगा

समाचार नामा 9 Sep 2026 6:10 pm

Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal

इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 2:50 pm

कैंची धाम के पास छुपे हुए 5 ट्रैवल स्पॉट्स! 50 किलोमीटर के दायरे में उठाएं प्राकृतिक सुंदरता का आनंद

कैंची धाम के पास छुपे हुए 5 ट्रैवल स्पॉट्स! 50 किलोमीटर के दायरे में उठाएं प्राकृतिक सुंदरता का आनंद

समाचार नामा 9 Sep 2026 2:45 pm

September Travel: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, मानसून में दिखेगा प्रकृति का खूबसूरत रंग

September Travel: सितंबर में घूमने के लिए बेस्ट हैं ये 7 जगहें, मानसून में दिखेगा प्रकृति का खूबसूरत रंग

समाचार नामा 9 Sep 2026 12:15 pm

धमतरी में बदलेगी पर्यटन की सूरत: कलेक्टर ने होटल ऑपरेटर्स संग बनाई योजना, बढ़ेंगे रोजगार के मौके

धमतरी अब सिर्फ प्राकृतिक पर्यटन के लिए नहीं, बल्कि धार्मिक और ऐतिहासिक पर्यटन के नए केंद्र के रूप में विकसित होगा। प्रशासन ने होटल और टूर ऑपरेटर्स के साथ बैठक कर कैंपिंग, ट्रैकिंग, होमस्टे और डिजिटल प्रमोशन की रणनीति तैयार की है।

अमर उजाला 9 Sep 2026 11:48 am

September Travel Destinations: सितंबर के महीने में घूमने के लिए 7 सबसे खूबसूरत जगहें, देखें लिस्ट

September Travel Destinations: सितंबर के महीने में घूमने के लिए 7 सबसे खूबसूरत जगहें, देखें लिस्ट

समाचार नामा 8 Sep 2026 5:30 pm

सफर से पहले याद रखें ये 15 ट्रैवल हैक्स, ट्रिप को हमेशा बना देंगे कम्फर्टेबल

किसी भी ट्रिप को आरामदायक बनाने के लिए उसे सही तरह से प्लान करना बहुत जरूरी है। ऐसे में यहां हम 15 ट्रैवल हैक्स शेयर कर रहे हैं, जो आपके लिए ट्रिप को कम्फर्टेबल बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। देखिए, क्या हैं वह हैक्स।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 4:18 pm

UGC NET री-एग्जाम से पहले दिल्ली के अभ्यर्थियों के लिए NTA ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी, जानें जरूरी बातें

UGC NET Re Exam 2026: दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को ट्रैफिक डायवर्जन के चलते NTA ने UGC NET री-एग्जाम के अभ्यर्थियों के लिए एडवाइजरी जारी कर समय से 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र की ओर निकलने की सलाह दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 3:16 pm

Travel Tips: जा रहे अगर आप भी कैंची धाम तो फिर इन जगहों को भी करले अपनी यात्रा में शामिल

इंटरनेट डेस्क। उत्तराखंड का कैंची धाम बाबा नीम करोली के कारण हमेशा ही एक महत्वपूर्ण आस्था का केंद्र रहा है। इस समय नीम करोली बाबा से जुड़ी फिल्म को लेकर भी यह जगह चर्चाओं में है। फिल्म हनुमान अंश की सफलता के बाद बाबा और उनसे जुड़े कैंची धाम को लेकर लोगों की दिलचस्पी बढ़ी है। कैंची धाम नैनीताल के पास पहाड़ों के बीच स्थित एक प्रसिद्ध धार्मिक जगह है, जहां अगर आप भी यहां जाने का प्लान बना रहे हैं तो सिर्फ कैंची धाम घूमकर वापस आने की जरूरत नहीं है। इसके आसपास कई ऐसी जगहें हैं जहां घूम सकते है। भीमताल कैंची धाम की यात्रा में भीमताल की यात्रा को जरूर शामिल करें। यहां की बड़ी झील और उसके आसपास का पहाड़ी माहौल लोगों को काफी पसंद आता है। झील के पास बैठकर शांत वातावरण का आनंद लेने के अलावा यहां बोटिंग भी की जा सकती है। सातताल अगर आपको भीड़ से दूर शांत और हरियाली वाली जगहें पसंद हैं तो सातताल जरूर जाएं। यहां कई खूबसूरत झीलें पहाड़ों और जंगलों के बीच देखने को मिलती हैं। सुबह या शाम के समय यहां का मौसम और आसपास का नजारा काफी अच्छा लगता है। pc- stayvista.com

राजस्थान खबरे 8 Sep 2026 2:44 pm

Long Weekend Trip: दिल्ली-NCR वालों के लिए बेस्ट ट्रैवल ऑप्शंस, ऐसे प्लान करें अपनी ट्रिप

Long Weekend Trip: दिल्ली-NCR वालों के लिए बेस्ट ट्रैवल ऑप्शंस, ऐसे प्लान करें अपनी ट्रिप

समाचार नामा 8 Sep 2026 2:30 pm

बिहार : गयाजी में पितृपक्ष मेला की तैयारी में जुटा पर्यटन विभाग, श्रद्धालुओं के लिए होंगे खास इंतजाम, ई-पिंडदान की भी सुविधा

बिहार : गयाजी में पितृपक्ष मेला की तैयारी में जुटा पर्यटन विभाग, श्रद्धालुओं के लिए होंगे खास इंतजाम, ई-पिंडदान की भी सुविधा

समाचार नामा 8 Sep 2026 1:27 pm

दिनेश शर्मा बोले- लखनऊ से रिश्ता हमेशा रहेगा:चुनौती को अवसर में बदलना मेरा स्टाइल, अंडमान-निकोबार को पर्यटन का बड़ा केंद्र बनाऊंगा

लखनऊ के मेयर से उत्तर प्रदेश के उपमुख्यमंत्री बनने और राज्यसभा तक पहुंचने वाले डॉ. दिनेश शर्मा को नई जिम्मेदारी मिली है। उन्हें राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने अंडमान-निकोबार द्वीपसमूह का उपराज्यपाल बनाया है। वह नई सूचना के बाद लखनऊ के लोगों, प्रशासनिक हस्तियों से मिलकर सोमवार को लखनऊ से नई दिल्ली के लिए रवाना हो गए। इस दौरान दैनिक भास्कर रिपोर्टर ने उनसे खास बातचीत की। राजनीति में सौम्य कहे जाने वाले डॉ. दिनेश शर्मा ने भाजपा संगठन से लेकर प्रोफेसर, मेयर और अब उपराज्यपाल बनने के सफर को बताते हुए थोड़ा भावुक भी हुए। उन्होंने कहा- संगठन की वजह से युवा मोर्चा का 3 बार राष्ट्रीय अध्यक्ष बना। मेयर, डिप्टी सीएम, नेता सदन बना। अब संगठन यह कहने में कष्ट हो रहा है कि संगठन से इस्तीफा देना पड़ेगा। अभ पढ़िए बातचीत के प्रमुख अंश… सवाल: नई जिम्मेदारी को किस तरह देखते हैं? जवाब: हर जिम्मेदारी अपने साथ एक नई चुनौती लेकर आती है। मेरा प्रयास हमेशा रहा है कि चुनौती में अवसर तलाशा जाए। मैंने शिक्षक, शैक्षणिक, संगठन और कार्यपालिका से जुड़ी अलग-अलग भूमिकाओं में काम किया है। अब संवैधानिक जिम्मेदारी मिली है तो इसे पूरी निष्ठा और संविधान के अनुरूप निभाना मेरी प्राथमिकता होगी। सवाल: आपके लंबे अनुभव का नई भूमिका में कितना फायदा मिलेगा? जवाब: संगठन में काम करने से लोगों के साथ सीधे जुड़ने और उनकी अपेक्षाओं को समझने का अवसर मिलता है। लखनऊ नगर निगम में करीब 11 साल काम किया। शिक्षक रहा, फिर राजनीति में आया और कार्यपालिका की जिम्मेदारियां निभाईं। इन सभी अनुभवों ने मुझे अलग-अलग परिस्थितियों में काम करना सिखाया है। सवाल: जाति और संप्रदाय के आधार पर राजनीति को लेकर आपकी क्या सोच है? जवाब: मेरा मानना है कि देश को जाति और संप्रदाय की सीमाओं से ऊपर उठकर देखना चाहिए। प्रधानमंत्री का विजन समग्र भारत का है, जिसमें राष्ट्र सर्वोपरि है। आर्थिक रूप से कमजोर वर्गों के लिए ईडब्ल्यूएस जैसी व्यवस्था इसी दिशा में एक उदाहरण है। समाज को बांटने के बजाय सबको साथ लेकर आगे बढ़ना जरूरी है। सवाल: जेन-जी को लेकर लगातार चर्चा हो रही है। आप इसे कैसे देखते हैं? जवाब: मैं लंबे समय तक विद्यार्थियों के बीच रहा हूं, इसलिए युवाओं की आकांक्षाओं को करीब से समझता हूं। आज की पीढ़ी के सवाल और अपेक्षाएं अलग हैं। शिक्षा, अवसर और भविष्य को लेकर युवाओं की चिंता को गंभीरता से समझना होगा। प्रधानमंत्री भी हर पीढ़ी और हर वर्ग के भविष्य को लेकर काम कर रहे हैं। मैं इसे राजनीतिक बहस के बजाय युवाओं की आकांक्षाओं के नजरिए से देखता हूं। सवाल: अयोध्या में राम मंदिर के चंदे को लेकर उठ रहे सवालों पर क्या कहेंगे? जवाब: जो मामले न्यायालय के सामने हैं, उन पर कानूनी प्रक्रिया चल रही है। जांच और कार्रवाई भी हुई है। ऐसे मामलों में अंतिम निष्कर्ष संबंधित जांच और न्यायिक प्रक्रिया से ही सामने आना चाहिए। श्रीराम को लेकर राजनीति करने वालों को जनता अपने स्तर पर जवाब देती है। सवाल: राज्यसभा से इस्तीफे और नई जिम्मेदारी संभालने की प्रक्रिया कब तक पूरी होगी? जवाब: मैं दिल्ली जाकर वरिष्ठ नेताओं से मुलाकात करूंगा। पार्टी और नेतृत्व की ओर से जो निर्देश मिलेगा, उसी के अनुसार आगे की प्रक्रिया होगी। राज्यसभा और संगठन से जुड़े दायित्वों के संबंध में भी नेतृत्व जो उचित समझेगा, उसके अनुसार निर्णय लिया जाएगा। लखनऊ से अंडमान तक के सफर सवाल-जवाब… सवाल: मेयर से उपमुख्यमंत्री और अब उपराज्यपाल तक के सफर में लखनऊ आपके लिए कितना महत्वपूर्ण रहा? जवाब: लखनऊ मेरे सार्वजनिक जीवन का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा रहा है। यहां के लोगों ने मुझे अलग-अलग जिम्मेदारियों में काम करने का अवसर दिया। मेयर से लेकर उपमुख्यमंत्री तक के सफर में लखनऊ के लोगों और कार्यकर्ताओं का बहुत बड़ा योगदान रहा है। यह रिश्ता पद से नहीं, भावनाओं से जुड़ा है। सवाल: दो बार मेयर रहे। उस दौर की कौन-सी उपलब्धि आज भी सबसे ज्यादा संतोष देती है? जवाब: मेयर रहते मेरा जोर शहर की बुनियादी सुविधाओं को बेहतर करने और लखनऊ को आधुनिक सुविधाओं से जोड़ने पर रहा। कई विकास कार्य उस समय शुरू हुए। मेरे लिए सबसे संतोष की बात यही है कि उन प्रयासों से शहर के विकास को एक दिशा मिली। सवाल: शिक्षक से राजनीति और फिर संवैधानिक पद तक पहुंचने में लखनऊ ने आपको क्या सिखाया? जवाब: लखनऊ विश्वविद्यालय में शिक्षक के रूप में विद्यार्थियों के बीच रहने का अनुभव मिला। राजनीति में आने के बाद समाज के अलग-अलग वर्गों से संवाद हुआ। इस शहर ने मुझे विविधता के साथ काम करना और अलग-अलग विचारों को सुनना सिखाया। यही अनुभव आज भी मेरे लिए उपयोगी है। सवाल: अब अंडमान-निकोबार की जिम्मेदारी है। लखनऊ से आपका जुड़ाव कैसे बना रहेगा? जवाब: जिम्मेदारी का स्थान बदल सकता है, रिश्ते नहीं। लखनऊ मेरे जीवन का हिस्सा है। यहां के लोगों, कार्यकर्ताओं और मित्रों से वर्षों का जुड़ाव है। नई जिम्मेदारी के बावजूद यह संबंध कायम रहेगा। सवाल: आज के लखनऊ में विकास के साथ किन मुद्दों पर सबसे ज्यादा ध्यान देने की जरूरत है? जवाब: लखनऊ तेजी से बढ़ रहा है। ऐसे में ट्रैफिक, पर्यावरण, स्वच्छता, जल निकासी और सार्वजनिक सुविधाओं पर लगातार काम करना जरूरी है। शहर के विस्तार को देखते हुए भविष्य की जरूरतों को ध्यान में रखकर इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करना होगा। सवाल: लखनऊ की तहजीब, साहित्य और खान-पान की कौन-सी चीजें अंडमान तक साथ जाएंगी? जवाब: लखनऊ की तहजीब उसकी सबसे बड़ी पहचान है। यहां की भाषा, अदब, साहित्य, खान-पान और लोगों का अपनापन लंबे समय तक साथ रहता है। अंडमान-निकोबार की नई जिम्मेदारी के साथ लखनऊ की ये यादें भी मेरे साथ रहेंगी। सवाल: लखनऊ की जनता और पुराने साथियों के लिए आपका संदेश क्या है? जवाब: यह मेरे सार्वजनिक जीवन में एक नई भूमिका है। अलग-अलग जिम्मेदारियों में काम करने के बाद अब संवैधानिक पद पर सेवा का अवसर मिला है। इसे मैं सम्मान के साथ-साथ बड़ी जिम्मेदारी के रूप में देखता हूं। लखनऊ ने मुझे जो प्यार और विश्वास दिया, उसे मैं हमेशा याद रखूंगा। मेयर से लेकर उपमुख्यमंत्री और अब उपराज्यपाल की जिम्मेदारी तक यहां के लोगों का सहयोग मेरे साथ रहा है। मैं सभी का आभार व्यक्त करता हूं। मेरी जिम्मेदारी भले ही दूसरे स्थान पर हो, लेकिन लखनऊ से मेरा रिश्ता हमेशा बना रहेगा। ------------------- इसे भी पढ़िए… यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम बने अंडमान निकोबार के उपराज्यपाल : डॉ. दिनेश शर्मा भाजपा से राज्यसभा सांसद हैं, डीके जोशी की जगह लेंगे यूपी के पूर्व डिप्टी सीएम और वर्तमान में राज्यसभा सांसद डॉ. दिनेश शर्मा को अंडमान निकोबार का उपराज्यपाल बनाया गया है। उनका राज्यसभा का कार्यकाल अभी 2 महीने (नवंबर, 2026 तक) बाकी है। वह एडमिरल डीके जोशी (सेवानिवृत्त) की जगह लेंगे। डॉ. शर्मा ने उपराज्यपाल बनाए जाने पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृहमंत्री अमित शाह का आभार जताया है। (पूरी खबर पढ़िए)

दैनिक भास्कर 8 Sep 2026 8:45 am

Smart Foreign Travel Hacks: विदेश यात्रा पर नहीं होगी जेब ढीली! बजट में पूरा होगा विदेश घूमने का सपना; इन 5 स्मार्ट टिप्स से बचाएं 30 से 40% तक पैसे

विदेश घूमने का सपना हर किसी का होता है, लेकिन वीजा फीस, अंतरराष्ट्रीय हवाई टिकटों के दाम, करेंसी कन्वर्जन और महंगे होटलों का खर्च देखकर अक्सर लोग अपना प्लान टाल देते हैं। कई बार जानकारी के अभाव में यात्री उन चीजों पर हजारों रुपये अतिरिक्त लुटा देते हैं, जिन्हें बेहद कम खर्च में मैनेज किया जा सकता था।ट्रैवल इंडस्ट्री के जानकारों के अनुसार, किसी भी इंटरनेशनल ट्रिप के कुल बजट का 30 से 40 प्रतिशत हिस्सा केवल सही रणनीतियों और डिजिटल टूल्स के इस्तेमाल से बचाया जा सकता है। यदि आप भी किसी फॉरेन ट्रिप की तैयारी कर रहे हैं, तो ये 5 स्मार्ट और आजमाए हुए ट्रैवल हैक्स आपकी जेब पर पड़ने वाले भारी बोझ को काफी हद तक हल्का कर देंगे।इन 5 स्मार्ट टिप्स से बचाएं अपनी फॉरेन ट्रिप पर पैसेविदेश में मौज-मस्ती से समझौता किए बिना अपना बजट नियंत्रित रखने के लिए इन पांच बुनियादी बातों का ध्यान रखें:1. 'जीरो फॉरेक्स मार्कअप' कार्ड का इस्तेमाल करें (Zero Forex Markup Card): सामान्य भारतीय डेबिट या क्रेडिट कार्ड को विदेश में स्वाइप करने पर बैंक 3.5% से 5% तक का फॉरेक्स मार्कअप शुल्क और उस पर 18% जीएसटी वसूलते हैं। इसके बजाय, यात्रा से पहले किसी भी फिनटेक या बैंक का Zero Forex Markup क्रेडिट/फॉरेक्स कार्ड (जैसे Niyo, Scapia, Fi आदि) बनवाएं। इससे स्वाइप करने पर सीधे इंटरबैंक एक्सचेंज रेट मिलता है और हजारों रुपये की सीधी बचत होती है। साथ ही, एयरपोर्ट पर कभी भी करेंसी एक्सचेंज काउंटर से कैश न बदलें, वहां सबसे खराब एक्सचेंज रेट मिलता है।2. 'इनकॉग्निटो मोड' और 6 से 8 हफ्ते पहले फ्लाइट बुकिंग: एयरलाइंस के अल्गोरिदम सर्च हिस्ट्री और कुकीज के आधार पर टिकटों के दाम बढ़ाते रहते हैं। हमेशा ब्राउज़र के Incognito (Private) Window में टिकट सर्च करें। Google Flights या Skyscanner पर 'Cheapest Month' और 'Price Alert' सेट करें। मंगलवार या बुधवार की उड़ानों के टिकट वीकेंड (शुक्रवार-रविवार) की तुलना में 15 से 20 प्रतिशत तक सस्ते मिलते हैं।3. शोल्डर सीजन (Shoulder Season) में करें यात्रा: पीक टूरिस्ट सीजन (जैसे क्रिसमस, न्यू ईयर या गर्मियों की छुट्टियां) में होटल और फ्लाइट्स 2 से 3 गुना महंगे होते हैं। इसके विपरीत, पीक सीजन से ठीक पहले या ठीक बाद के समय को 'Shoulder Season' कहा जाता है (उदाहरण के लिए यूरोप के लिए अप्रैल-मई या सितंबर-अक्टूबर)। इस दौरान मौसम भी सुहावना रहता है, भीड़ कम होती है और होटल 40% तक भारी डिस्काउंट पर मिल जाते हैं।4. महंगे प्राइवेट कैब के बजाय 'लोकल पब्लिक ट्रांसपोर्ट और सिटी पास': किसी भी विदेशी शहर में उतरते ही एयरपोर्ट से टैक्सी पकड़ना सबसे महंगा फैसला होता है। इसके बजाय मेट्रो, सबवे या लोकल बस नेटवर्क का उपयोग करें। अधिकांश यूरोपीय और एशियाई शहर (जैसे लंदन, पेरिस, सिंगापुर, टोक्यो) 1-Day, 3-Day या Weekly Tourist Transit Pass ऑफर करते हैं, जिससे असीमित सफर बहुत कम दामों में हो जाता है। साथ ही कई 'City Sightseeing Pass' में प्रमुख संग्रहालयों और पर्यटन स्थलों की एंट्री टिकट मुफ्त या भारी छूट पर शामिल होती है।5. लग्जरी होटलों के बजाय हॉस्टल या हॉलिडे अपार्टमेंट्स (Airbnb): पूरे दिन शहर घूमने के बाद होटल का कमरा सिर्फ रात में सोने के काम आता है। महंगे 4-स्टार या 5-स्टार होटलों के भारी बिल से बचने के लिए सेंट्रल लोकेशन के पास स्थित Hostels (Private Rooms), Airbnb या Serviced Apartments चुनें। इनमें किचन की सुविधा भी मिलती है, जिससे आप सुबह का नाश्ता या हल्का भोजन खुद बनाकर बाहर के महंगे रेस्तरां के खाने का खर्च आधा कर सकते हैं।विदेश में सिम कार्ड और कनेक्टिविटी पर ऐसे करें बचतअक्सर लोग एयरपोर्ट पर उतरते ही महंगे इंटरनेशनल रोमिंग पैक या स्थानीय टूरिस्ट सिम खरीद लेते हैं।इसके स्थान पर यात्रा से पहले ही e-SIM (जैसे Airalo, Nomad या Maya Mobile) ऑनलाइन खरीदकर फोन में एक्टिवेट कर लें।यह लोकल सिम से भी सस्ता पड़ता है और लैंड होते ही आपका इंटरनेट काम करना शुरू कर देता है, जिससे कैब या नेविगेशन के लिए भटकना नहीं पड़ता।खर्च का क्षेत्रसामान्य तरीका (महंगा)स्मार्ट तरीका (किफायती)संभावित बचतकरेंसी व कार्डएयरपोर्ट एक्सचेंज / रेगुलर क्रेडिट कार्डजीरो फॉरेक्स मार्कअप कार्ड (Zero Forex Card)4% से 6% कुल खर्च परहवाई टिकटवीकेंड बुकिंग / पीक सीजनइनकॉग्निटो मोड, मिड-वीक, शोल्डर सीजन20% से 30% टिकट परशहर में आवाजाहीप्राइवेट टैक्सी / एयरपोर्ट कैबमेट्रो, सबवे व अनलिमिटेड टूरिस्ट ट्रांजिट पास60% से 70% लोकल ट्रैवल परठहरना (Stay)ब्रांडेड लग्जरी होटलAirbnb / सेंट्रली लोकेटेड बुटीक हॉस्टल35% से 50% रूम रेंट परइंटरनेट कनेक्टिविटीमहंगा इंटरनेशनल रोमिंग पैकडिजिटल ई-सिम (eSIM) या लोकल डेटा प्लान₹1,500 से ₹3,000 प्रति ट्रिप

न्यूज़ इंडिया लाइव 8 Sep 2026 8:39 am

Mandi News: चालक ने ट्रैवलर दीवार से टकराकर बचाईं 10 जिंदगियां

Driver saves 10 lives by crashing the Traveller into a wall.

अमर उजाला 8 Sep 2026 4:55 am

Lucknow News: बीबीए-एलएलबी और बीबीए पर्यटन का सीट आवंटन जारी

बीबीए-एलएलबी और बीबीए पर्यटन का सीट आवंटन जारी

अमर उजाला 8 Sep 2026 1:13 am

जीएसटी विभाग ने निर्दलीय प्रत्याशी पर की कार्रवाई:कर चोरी के आरोप में दुकान सीज की; ट्रैवल्स एंड कार्गो, तेल कारोबारी पर भी एक्शन

राज्य में कर अपवंचना और अपात्र इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) के मामलों पर कॉमर्शियल टैक्स डिपार्टमेंट ने कार्रवाई की है। विभाग ने सोमवार को जयपुर में एक निर्दलीय प्रत्याशी और कारोबारी पर कार्रवाई की। इसके अलावा विभाग की प्रवर्तन टीमों ने पिछले दिनों जयपुर, अलवर, सवाई माधोपुर और डीडवाना-कुचामन में विभिन्न कारोबारियों के प्रतिष्ठानों का निरीक्षण किया। इस दौरान संदिग्ध लेन-देन, अपात्र ITC, बिना वास्तविक आपूर्ति के बिलिंग और रिटर्न में विसंगतियों से जुड़े मामलों की जांच की। टीमों ने ट्रैवल्स एंड कार्गो, तेल कारोबारी, स्टोन क्रशर, टिम्बर्स आदि प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की। हाल ही हुई कार्रवाई में करीब 1.93 करोड़ रुपए की संभावित टैक्स लायबिलिटी सामने आई है। संबंधित मामलों में करदाताओं की ओर से 1.74 करोड़ रुपए से अधिक की राशि स्वैच्छिक रूप से जमा या रिवर्स की गई है। कई मामलों में दस्तावेज और रिकॉर्ड जब्त कर जांच शुरू की गई। जयपुर में निर्दलीय प्रत्याशी पर यहां की कार्रवाई, दुकान सीज जीएसटी विभाग ने सोमवार को जयपुर में निर्दलीय प्रत्याशी और कारोबारी बनवारी लाल सैनी पर कार्रवाई की। सैनी ने बताया- जीएसटी विभाग ने आज शाम 5 बजे मेरी झोटवाड़ा थाने के पास स्थित एशियन पेंट की दुकान को सीज किया। मेरे पास एशियन पेंट की डीलरशीप थी। नगर निगम चुनाव में मैं वार्ड 12 से चुनाव लड़ रहा हूं। निर्दलीय उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहा हूं। जीत के समीकरण मेरे पक्ष में है, इसलिए सरकार बौखलाई हुई है। मुझ पर प्रेशर बनाने के लिए इस हथकंडे अपनाए जा रहे हैं। उन्होंने कहा- जीएसटी को यदि कोई कार्रवाई करनी थी तो पहले मुझे नोटिस दिया जाता। मुझे कहा गया कि आपकी शिकायत आई है, लेकिन जब मैंने शिकायत करने वाले के बारे में पूछा तो कहा गया आप चुनाव लड़ रहे हो आपको तो पता होगा। बनवारी लाल ने कहा- सरकार एजेंसियों का दुरुपयोग कर रही है। चुनाव के बाद मामले की मैं जांच करवाऊंगा और आवश्यकता पड़ी तो कोर्ट भी जाऊंगा। पद्मावती ट्रैवल्स एंड कार्गो से 1.39 करोड़ की ITC रिवर्सल जयपुर स्थित M/s Padmawati Travels and Cargo पर 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में 1,38,88,072 रुपए की IGST ITC का नियमानुसार रिवर्सल नहीं किया जाना सामने आया। विभाग द्वारा प्रावधानों से अवगत कराने के बाद करदाता ने पूरी राशि 1,38,88,072 रुपए जमा कर दी। संबंधित अवधि के रिटर्न और अभिलेखों की जांच जारी है। अलवर में तेल कारोबारी के यहां जांच अलवर स्थित Alwar Solvex के यहां 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में करीब 30 लाख रुपए की संभावित कर देयता सामने आई। मामला 15 अगस्त को प्रतिष्ठान में हुई आग की घटना के दौरान स्टॉक और उससे संबंधित ITC के नुकसान से जुड़ा है। जांच में सामने आया कि प्रतिष्ठान पर M/s AWL Agri Business Limited के लिए सरसों तेल की पैकिंग का जॉबवर्क किया जाता है। आग के समय परिसर में मौजूद स्टॉक उक्त फर्म का था। मौके पर गवाहों की मौजूदगी में पंचनामा तैयार किया गया। दस्तावेज और लेखा पुस्तकों की जांच के लिए करदाता को 11 सितंबर को उपस्थित होने के लिए समन जारी किया है। खेरलीवाला प्रोडक्ट्स ने जमा किए 10 लाख अलवर स्थित Kherliwala Products Pvt. Ltd. के यहां 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। जांच में ब्लॉक ITC का दावा किए जाने की संभावना सामने आई और करीब 12 लाख रुपए की संभावित राशि निर्धारित की गई। करदाता ने जांच के दौरान 10 लाख रुपए जमा किए। गायत्री स्टोन क्रशर में सर्कुलर ट्रेडिंग की आशंका सुजानगढ़ क्षेत्र स्थित Gayatri Stone Crusher के यहां 1 सितंबर को निरीक्षण किया गया। विभागीय डेटा विश्लेषण में सर्कुलर ट्रेडिंग, बिना वास्तविक माल या सेवा की आपूर्ति के इनवॉइस जारी करने, RCM में अंतर और टर्नओवर छिपाने जैसी विसंगतियों की आशंका सामने आई। प्रकरण में करीब 10.15 लाख रुपए की संभावित राशि का आकलन किया गया है। जांच के दौरान दस्तावेज जब्त किए गए। शिव ऑयल इंडस्ट्रीज में 28.98 लाख की ITC जांच सवाई माधोपुर के खंडार स्थित M/s Shiv Oil Industries के यहां 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। प्रारंभिक जांच में वर्ष 2022-23 में 16 लाख 61 हजार 504 रुपए और वर्ष 2023-24 में 12,37,080 रुपए यानी कुल 28,98,584 रुपए की ITC के उपयोग का मामला सामने आया। राधे कृष्णा टिम्बर्स में दस्तावेज जब्त, 10 लाख जमा विभाग ITC की पात्रता की जांच कर रहा है। मौके पर पंचनामा और बयान स्वतंत्र गवाहों की मौजूदगी में तैयार किए गए। मामले में 15 लाख रुपए की स्वैच्छिक जमा राशि भी प्राप्त हुई। डीडवाना-कुचामन जिले के मकराना स्थित M/s Radhe Krishna Timbers के यहां 2 सितंबर को निरीक्षण किया गया। विभाग को बिना उचित बिलिंग के खरीद-बिक्री तथा ITC के माध्यम से कर देयता कम किए जाने की आशंका मिली। प्रकरण में करीब 12 लाख रुपए की संभावित राशि का आकलन किया गया है। करदाता ने कैश लेजर से 10 लाख रुपए जमा किए। खरीद-बिक्री के बिल, लेखा पुस्तकें और अन्य अभिलेखों की विस्तृत जांच की जा रही है।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 10:10 pm

चीन सांस्कृतिक पर्यटन उद्योग एक्सपो संपन्न, 11.5 अरब युआन के समझौते

बीजिंग, 7 सितंबर . चार दिवसीय 2026 चीन सांस्कृतिक पर्यटन उद्योग एक्सपो उत्तरी चीन के थ्येनचिन केंद्रशासित शहर में संपन्न हुआ. ‘संस्कृति और पर्यटन का गहरा एकीकरण, बुद्धिमत्ता के जरिए बेहतर जीवन का निर्माण’ विषय पर आयोजित इस एक्सपो में सांस्कृतिक और पर्यटन एकीकरण, नए डिजिटल कारोबारी मॉडल, सांस्कृतिक और पर्यटन उपकरण, अंतरराष्ट्रीय सहयोग, थ्येनचिन ... Read more

डेली किरण 7 Sep 2026 8:38 pm

Nepal Tourism: बाढ़ के बीच विदेशी पर्यटकों के लिए 'Nepal Calling' अभियान शुरू

काठमांडू, सात सितंबर नेपाल में विनाशकारी बाढ़ के कारण पर्यटन पर पड़ने वाले असर को रोकने के लिए विदेशी पर्यटकों को भरोसा दिलाने के प्रयास तेज कर दिए हैं। सरकार का कहना है कि देश अब भी पर्यटकों के लिए खुला है और हिमालयी ट्रैकिंग मार्ग आगंतुकों के स्वागत के लिए तैयार हैं। नेपाल के पर्यटन मंत्री खड़ग राज पौडेल ने सोशल मीडिया पर ‘नेपाल कॉलिंग’ अभियान शुरू किया है। इसके जरिए उन्होंने विदेशी पर्यटकों से नेपाल आने की अपील करते हुए कहा है कि प्राकृतिक आपदा के बावजूद देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर स्थित सामान्य है। पौडेल ने सोशल मीडिया पर जारी वीडियो संदेश में कहा, ‘‘नेपाल अब भी खुला है... हमारे हिमालयी ट्रैकिंग मार्ग आपका इंतजार कर रहे हैं।’’उन्होंने कहा, ‘‘इस समय छुट्टियां बिताने के लिए आपके नेपाल आने से देश की मदद होगी जो विनाशकारी बाढ़ से जूझ रहा है।’’सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नेपाल के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) में पर्यटन क्षेत्र का प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष योगदान करीब 6.7 प्रतिशत है और इससे 10 लाख से अधिक लोगों को रोजगार मिलता है। पर्यटन क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए विदेशी पर्यटकों की संख्या में गिरावट का असर होटल, ट्रैकिंग एजेंसियों, गाइड, पोर्टर, विमानन कंपनियों, रेस्तरां और परिवहन सेवाओं पर पड़ सकता है। समाचार पोर्टल ‘एकांतिपुर डॉट कॉम’ की खबर के अनुसार 26 अगस्त को अचानक आई विनाशकारी बाढ़ से, सितंबर से नवंबर के बीच शुरू होने वाले पर्यटन के सबसे व्यस्त सीजन पर असर पड़ने की आशंका है। खबर के मुताबिक नेपाल में पूरे साल में जितने पर्यटक आते हैं, उनमें से करीब 40 प्रतिशत सितंबर से नवंबर के बीच आते हैं। नेपाल में अगस्त महीने में 85,444 विदेशी पर्यटक पहुंचे, जो पिछले साल इसी महीने की तुलना में 3.65 प्रतिशत कम थे। बाढ़ के बाद अगस्त के अंतिम सप्ताह में पर्यटन कारोबारियों ने खासी संख्या में बुकिंग रद्द होने की जानकारी दी है। नेपाल-तिब्बत सीमा के पास बर्फ और चट्टानों के खिसकने से आई इस बाढ़ ने उत्तर और मध्य नेपाल के कई कस्बों और गांवों को प्रभावित किया। हिमालयी सीमा क्षेत्र से दक्षिण की ओर बहने वाली भोटेकोशी नदी में आए सैलाब ने घरों, वाहनों, सड़कों और पुलों को बहा दिया तथा जलविद्युत परियोजनाओं को भी नुकसान पहुंचाया। पर्यटन संकट को रोकने के लिए नेपाल सरकार ने अपने राजनयिक मिशनों और अंतरराष्ट्रीय साझेदारों से यह संदेश पहुंचाने को कहा है कि आपदा केवल कुछ क्षेत्रों तक सीमित है और देश के प्रमुख पर्यटन स्थलों तथा हवाई अड्डों पर स्थिति सामान्य है। विदेश मंत्री शिशिर खनाल ने पिछले सप्ताह काठमांडू में राजनयिक मिशनों और विकास साझेदारों के प्रतिनिधियों को बताया कि काठमांडू घाटी, पोखरा, चितवन, लुंबिनी, जनकपुर, अन्नपूर्णा, सगरमाथा और बर्दिया पर्यटकों के लिए खुले हैं। यह कदम ऐसे समय उठाया गया है जब बाढ़ के कारण पर्यटन बुकिंग प्रभावित होने की खबरें सामने आ रही हैं। नेपाल का पर्यटन उद्योग कोविड-19 महामारी के बाद अभी पूरी तरह उबर नहीं पाया है। इसके अलावा सितंबर 2025 में राजनीतिक अस्थिरता और पश्चिम एशिया में संघर्ष से जुड़ी चिंताओं ने भी क्षेत्र को प्रभावित किया है। काठमांडू के थमेल पर्यटन क्षेत्र स्थित डोम हिमालय होटल के प्रबंध निदेशक मंदीप गिरि ने कहा कि आपदा के एक सप्ताह के अंदर सितंबर-नवंबर पर्यटन सीजन के लिए करीब 20 प्रतिशत बुकिंग रद्द हो चुकी हैं। इनमें ऑनलाइन बुकिंग की हिस्सेदारी काफी अधिक रही। उन्होंने कहा, ‘‘बुकिंग हर दिन रद्द हो रही है।’’पर्यटन उद्योग को चिंता है कि बाढ़ से जुड़ी तस्वीरें, जिनमें जलमग्न सड़कें, टूटे पुल, फंसे लोग और नदियों से बरामद शव दिखाई दे रहे हैं, संभावित पर्यटकों के बीच यह गलत धारणा बना सकती हैं कि पूरा नेपाल प्राकृतिक आपदा से प्रभावित है। नेपाल होटल संघ के अध्यक्ष विनायक शाह ने संसद की एक समिति की बैठक में कहा, ‘‘विदेश में स्थित नेपाली दूतावासों और मिशनों के माध्यम से यह संदेश प्रभावी रूप से पहुंचाया जाना चाहिए कि नेपाल सुरक्षित है।’’संसद की अंतरराष्ट्रीय संबंध एवं पर्यटन समिति ने सरकार से नेपाल के पर्यटन बाजार में विश्वास बहाल करने के लिए तत्काल रणनीति तैयार करने को कहा है। समिति की अध्यक्ष सुमनिमा उदास ने कहा कि आपदा के बाद पर्यटन क्षेत्र को लेकर ‘‘सकारात्मक और विश्वसनीय’’ संदेश देना जरूरी है। सरकार विदेशी पर्यटकों को आकर्षित करने के लिए मुफ्त वीजा, होटल में छूट और यात्रा को आसान बनाने जैसे प्रोत्साहनों पर विचार कर रही है। नेपाल पर्यटन बोर्ड के कार्यवाहक प्रमुख हिमकत सिंह ऐर ने कहा कि राहत पैकेज में जरूरत पड़ने पर हवाई किराये और होटल में छूट भी शामिल की जा सकती है। बोर्ड पर्यटन मंत्रालय के साथ मिलकर ‘नेपाल कॉलिंग’ अभियान को और मजबूत करने की तैयारी कर रहा है। पौडेल ने लंबे समय में रसुवा क्षेत्र को ‘‘जलवायु विरासत क्षेत्र’’ के रूप में विकसित करने का प्रस्ताव भी रखा है, ताकि इस आपदा को नेपाल के व्यापक जलवायु न्याय अभियान से जोड़ा जा सके।

प्रभासाक्षी 7 Sep 2026 4:23 pm

Travel Tips: अगस्त-सितंबर में फूलों की घाटी की करें सैर, जानें Cost और Itinerary

उत्तराखंड में घूमने के लिहाज से एक से बढ़कर एक कई बेहतरीन जगहे हैं। वहीं उत्तराखंड के गढ़वाल की गोद में बसी खूबसूरत घाटी को 'Valley of Flowers' कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी से थक चुके हैं और पहाड़ों पर जाकर सुकून की तलाश में हैं। तो IRCTC का यह टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। IRCTC आपके लिए 6 दिनों का टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस टूर पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं। वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक अगस्त-सिंतबर में होने वाली इस वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक की अवधि 6 दिन है। इस दौरान करीब 37 किमी की ट्रेकिंग करना होता है। वहीं ट्रेक का मैक्सिमम एल्टीट्यूड लेवल करीब 14,100 फीट है। इसकी डिफिकल्टी लेवल को ईजी टू मॉडरेट बताया गया है। इस ट्रिप की खासियत है कि प्रति व्यक्ति किराया 12,450 रखी गई है। इसे भी पढ़ें: Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules ट्रिप की जानकारी यह ट्रिप सुबह 06:00 बजे से ऋषिकेश के तपोवन स्थित बैक स्टेज होटल से शुरू होगी। वहीं पहले दिन करीब 9-10 घंटे की रोड ट्रिप तय करने के बाद आप 1,340 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पीपलकोटी पहुंचेंगे। यहां एक्स्ट्रा सामान को छोड़ने के लिए यहां पर क्लॉकरूम भी मौजूद है। इसके अगले दिन गोविंदघाट और पुलना तक गाड़ी से जाने के बाद आपका पैदल ट्रैक शुरू होगा। 9 किमी की ट्रैकिंग करने के बाद आप घांघरिया पहुंचेंगे। फिर अगले कुछ दिनों तक आपका यहीं पर स्टे होगा। फिर ट्रिप के तीसरे दिन आपको फूलों की घाटी के नजारे से रूबरू कराया जाएगा। यहां ब्लू पॉपी, हिमालयन रोज, रिवर एनेमोन और डॉग फ्लावर जैसे अद्भुत फूल आपका स्वागत करेंगे। वहीं ट्रिप के चौथे दिन पवित्र हेमकुंड साहिब की ट्रेकिंग करेंगे। ट्रिप के 5वें दिन घांघरिया से वापसी होगी। वहीं अच्छी बात यह है कि रास्ते में बिना किसी एक्स्ट्रा फेयर के आपको बद्रीनाथ धाम के दर्शन का भी मौका मिलेगा। वहीं ट्रिप के छठे दिन शाम को 06:30 से 07:30 बजे तक यात्रियों को वापस ऋषिकेश छोड़ दिया जाएगा। पहाड़ों पर मौसम कभी भी बिगड़ सकता है। इसलिए अपने टूर में 1 बफर डे जरूर रखें। वापसी की ट्रेन या फ्लाइट को छठे दिन की रात में 08:00 बजे के बाद ही बुक करें। फिटनेस है जरूरी अगर आपकी उम्र 9 साल या इससे ज्यादा है, वहीं आप पहली बार ट्रेकिंग कर रहे हैं, तो भी आप इस ट्रिप का हिस्सा बन सकते हैं। आप 45 मिनट में 5 किमी की जॉगिंग या 30 मिनट में 10 किमी साइकिल चलाने का दम रखते हों। अपना 10 से 12 किलो का बैग खुद उठाने की क्षमता होनी चाहिए। इसके अलावा आपका पल्स, बीपी और ब्रीदिंग रेट एकदम नॉर्मल होना चाहिए। दिल की बीमारी, अस्थमा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह ट्रेक नहीं है। वहीं असामान्य BMI या साइनस वाले लोग ट्रिप की बुकिंग से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर ले लें। पैकेज में मिलने वाली सुविधाएं बता दें कि पीपलकोटी के हेस्ट हाउस और घांघरिया में सेफ टेंट में रहने की व्यवस्था है। पहले दिन के डिनर से लेकर 5वें दिन तक बेहतरीन वेज खाने के साथ चाय-स्नैक्स की व्यवस्था मिलेगी। सेफ्टी के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट-एड किट और तजुर्बेकार ट्रेक लीडर व शेफ रहेंगे। मुख्य सामान को उठाने के लिए खच्चर और ट्रेक पूरा करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा। जानिए बुकिंग कैंसल करने के नियम अगर आप ट्रिप से 25 दिन पहले अपनी बुकिंग कैंसिल करते हैं, तो 5% कटौती होगी। वहीं 15 से 24 दिन के अंदर ट्रिप की बुकिंग कैंसिल करने पर 30% की कटौती होगी। 10 से 14 दिन पर बुकिंग कैंसिल करने पर 50% का नुकसान उठाना होगा। वहीं अगर आप ट्रिप शुरू होने से 9 दिन या इससे कम दिनों के अंदर अपनी बुकिंग को कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसलिए प्लान हमेशा सोच-समझकर बनाएं। यहां तक कैसे आएं बता दें कि देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट या ऋषिकेश रेलवे स्टेशन यहां आने के बेस्ट ऑप्शन है। इसके अलावा आप दिल्ली से सरकारी या प्राइवेट बस से भी ऋषिकेश पहुंच सकते हैं।

प्रभासाक्षी 7 Sep 2026 3:28 pm

Travel Tips: कर रहे हैं आप भी मथुरा वृंदावन की यात्रा तो सबसे पहले इन जगहों के करें दर्शन

इंटरनेट डेस्क। आप भी अगर मथुरा वृंदावन में हैं या फिर जाने की तैयारी कर रहे हैं तो आज हम आपको यह बताएंगे की आप यहा घूमने के लिए कहा जा सकते है। कई लोग साल में दो से तीन बार भी वृंदावन में भगवान कृष्ण के दर्शन के लिए जाते हैं। पर क्या आप जानते हैं यहां पहुंचते ही सबसे पहले किस मंदिर के दर्शन करना सबसे ज्यादा जरूरी होता है? सबसे पहले जाएं निधिवन यहां आप सुबह 5.30 बजे मंगला आरती में पहुंच जाएं। यहां ऐसा कुछ देखने को मिलेगा, जिसके बाद आपको अपनी आंखों पर यकीन नहीं होगा। इस दौरान देखेंगे लड्डू, पान, दातुन, ठाकुर जी के लिए जो रखे गए हैं, वो आधे इस्तेमाल हो रखे हैं। ऐसे में आपको यहा जरूर जाना चाहिए। यमुना जी के दर्शन इसके बाद आपको यमुना जी के दर्शन के लिए जाना चाहिए। यमुना जी के किनारे बैठकर कुछ देर राधा रानी का कीर्तन करें। यमुना का जल जरूर लेकर आए। pc- amar ujala

राजस्थान खबरे 7 Sep 2026 3:04 pm

Festival Tourism: अगर गणेश चतुर्थी पर मुंबई-पुणे में हैं, तो इन 5 आइकोनिक पंडालों के दर्शन करना न भूलें

Festival Tourism: अगर गणेश चतुर्थी पर मुंबई-पुणे में हैं, तो इन 5 आइकोनिक पंडालों के दर्शन करना न भूलें

समाचार नामा 7 Sep 2026 2:45 pm

बालीचौकी में टला बड़ा हादसा: ट्रैवलर की ब्रेक फेल, 10 यात्रियों की जान बचाने को दीवार से भिड़ाई गाड़ी

बालीचौकी में टला बड़ा हादसा: ट्रैवलर की ब्रेक फेल, 10 यात्रियों की जान बचाने को दीवार से भिड़ाई गाड़ी

अमर उजाला 7 Sep 2026 10:50 am

मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू का निधन झारखंड के पर्यटन क्षेत्र के लिए अपूरणीय क्षति : कौशल मित्तल

जिला ट्रैवल एजेंट एसोसिएशन के अध्यक्ष सह डायरेक्टर न्यू मित्तल ट्रेवल्स कौशल मित्तल, अंकित मित्तल ने कहा कि झारखंड सरकार के मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू के आकस्मिक निधन का समाचार अत्यंत दुःखद एवं हृदयविदारक है। उनके असामयिक निधन से झारखंड ने एक कर्मठ, ऊर्जावान, संवेदनशील एवं दूरदर्शी जनप्रतिनिधि को खो दिया है। विशेष रूप से झारखंड के पर्यटन क्षेत्र के लिए उनका निधन अपूरणीय क्षति है। उनके कार्यकाल में झारखंड के पर्यटन को नई दिशा और नई गति देने के प्रयास किए जा रहे थे। राज्य के प्राकृतिक सौंदर्य, धार्मिक स्थलों, ऐतिहासिक धरोहरों, वन्य एवं सांस्कृतिक विरासत को देश-दुनिया के पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने की दिशा में उनका विशेष ध्यान था। उन्होंने कहा कि पर्यटन स्थलों के विकास, प्रचार-प्रसार और राज्य की समृद्ध कला-संस्कृति को देश के सामने प्रभावी ढंग से प्रस्तुत करने की दिशा में जिस गति से कार्य आगे बढ़ रहा था उनके निधन से पर्यटन जगत को गहरा आघात पहुंचा है।

दैनिक भास्कर 7 Sep 2026 5:30 am

प्रशासक के दिमाग में आया ऐसा आइडिया, जो बनेगा चंडीगढ़ में पर्यटन का बड़ा आधार, सुखना जंगल को लेकर कही ये बात

पंजाब के राज्यपाल और चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने कहा कि सुखना लेक के पीछे का वन क्षेत्र वन्यजीवों और जैव विविधता के लिए महत्वपूर्ण है, जिसे चंडीगढ़ और पंजाब के लिए पर्यटन का बड़ा आधार बनाया जा सकता है।

जागरण 6 Sep 2026 1:47 pm

धार के आदिवासी अंचल तक पहुंची रेल:8 सितंबर से टांडा रोड-प्रतापनगर ट्रेन दौड़ेगी; व्यापार, रोजगार और पर्यटन को मिलेगी रफ्तार

धार जिले के आदिवासी अंचल में अब रेल सुविधा पहुंचने जा रही है। छोटा उदयपुर-धार रेल परियोजना के तहत टांडा रोड रेलवे स्टेशन तक नई रेल लाइन का काम पूरा हो चुका है। 8 सितंबर को टांडा रोड स्टेशन से बड़ोदरा के प्रतापनगर स्टेशन के बीच नई ट्रेन सेवा शुरू की जाएगी। रेल मंत्री ने सांसद को कार्यक्रम में बुलाया नई रेल सेवा के शुभारंभ कार्यक्रम के लिए केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने धार सांसद सावित्री ठाकुर को आमंत्रित किया है। इसी दौरान बड़ोदरा में डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का उद्घाटन भी किया जाएगा। कॉरिडोर पर चार मालगाड़ियों को भी रवाना किया जाएगा। 2014 से रेल कनेक्टिविटी के लिए प्रयास सांसद सावित्री ठाकुर 2014 में पहली बार सांसद चुने जाने के बाद से ही धार लोकसभा क्षेत्र को रेल सुविधा से जोड़ने के प्रयास करती रही हैं। उन्होंने क्षेत्र की रेल जरूरतों को लगातार रेल मंत्रालय और केंद्र सरकार के सामने रखा। अब टांडा रोड तक रेल लाइन का काम पूरा होने के बाद आदिवासी क्षेत्र के लोगों को रेल सुविधा मिलने का रास्ता साफ हो गया है। इससे क्षेत्र के लोगों को आवागमन में सुविधा मिलने की उम्मीद है। व्यापार, रोजगार और पर्यटन को मिलेगा फायदा टांडा रोड तक रेल पहुंचने से क्षेत्र में आवागमन आसान होने के साथ ही व्यापार, रोजगार, शिक्षा, स्वास्थ्य और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। रेल कनेक्टिविटी से आदिवासी अंचल के लोगों को बड़े शहरों तक पहुंचने में भी सुविधा होगी। धार तक रेल पहुंचने की उम्मीद सांसद सावित्री ठाकुर ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव और मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव का आभार जताया है। उन्होंने कहा कि धार लोकसभा क्षेत्र के लोगों का वर्षों पुराना रेल का सपना अब पूरा हो रहा है। जल्द ही टांडा रोड से धार नगर तक रेल संपर्क का काम भी पूरा होने की उम्मीद है।

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 1:09 pm

Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules

आजकल सोलो ट्रिप का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। लोगो घूमने के लिए कहीं न कहीं पहुंच ही जाते हैं। अकेले घूमते हुए आप बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। जब आप अकेले घूमते हैं, तो बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। वहीं, सोलो ट्रिप पर जाने से आपकी फैसले लेने की क्षमता और चुनौतियों का सामना करने की सूझ-बूझ भी बढ़ती है, लेकिन इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है। वैसे तो सोलो ट्रिप मजेदार होती है, लेकिन इस दौरान कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पहले से सावधानी और जानकारी बेहद जरुरी है। आइए आपको आपको बताते हैं सोलो ट्रिप पर जाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें। सही डेस्टिनेशन और रिसर्च यदि आप पहली बार सोलो ट्रिप पर जा रहे हैं, तो ऐसी जगह का चयन करें, जो सेफ हो और वहां आना-जाना काफी आसान हो। ट्रिप शुरु करने से पहले उस जगह का मौसम, संस्कृति, खान-पान, भाषा और परिवहन के साधनों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी इकट्ठा कर लें। इसके साथ ही यह जान लें कि किन जगहों पर जाना एकदम सुरक्षित नहीं है और किन जगहों पर जाने से बचें। घर वालों के साथ ट्रैवल आइटिनररी शेयर अकेले ट्रैवल करना काफी मजेदार माना जाता है। हालांकि, इसके लिए काफी ध्यान रखना पड़ता है। आप कहां रुक रहे हैं, आपकी फ्लाइट या ट्रेन का समय, आप कहां-कहां जा रहे हैं, ये सभी जरुरी जानकारियां अपने किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्यों के साथ जरुर शेयर करें। रोजाना अपनी लोकेशन को घर वाले से जरुर शेयर करें। जरूरी डॉक्यूमेंट और इमरजेंसी कैश सोलो ट्रिप पर जाने के लिए अपना आई-डी प्रूफ, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, होटल बुकिंग आदि की हार्ड कॉपी के साथ-साथ डिजिटल कॉपी भी ईमेल पर जरुर सेव करें। पैसों के मामले में पूरी तरह ऑनलाइन पेमेंट पर निर्भर न रहें और अपने साथ कुछ इमरजेंसी कैश जरुर रखें। इस बात का ध्यान रखें कि सारा कैश एक जगह पर बिल्कुल न रखें। कुछ अपनी जेब में, तो कुछ बैग में छिपाकर रखें। जिससे नेटवर्क न रहने की स्थिति में आपको परेशान न हो। लाइट पैकिंग करें असल में सोलो ट्रिप पर जाने के लिए आपको सारा सामान खुद ही उठाना पड़ता है। इसलिए सिर्फ जरुरत का सामान अपने साथ रखें। रुकने के लिए महंगे होटलों की जगह हॉस्टल्स या डोर्मेट्री ऑप्शन दिया गया है। इनसे आपके पैसे भी बचेंगे और आपको दूसरे सोलो ट्रैवलर्स से भी मिलने का मौका मिलेगा। गट फीलिंग पर भरोसा रखें अक्सर ट्रिप पर आपको कई सारे लोग देखने को मिलेंगे। कुछ लोग आपकी मदद करेंगे, तो कुछ से आपको नेगेटिव वाइब्स भी आ सकती है। यदि आपको किसी इंसान या जगह पर अनकम्फर्टेबल महसूस हो सकता है, तो तुरंत वहां से दूर हो जाएं। फिर अपनी गट फीलिंग्स को ओवर थिंकिंग समझकर नजरअंदाज न करें।

प्रभासाक्षी 6 Sep 2026 10:59 am

हिमाचल प्रदेश: सोलन की बेटी बलजीत कौर को मिलेगा तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड, पर्वतारोहण में रचा इतिहास

हिमाचल की पर्वतारोही बलजीत कौर को तेनजिंग नोर्गे नेशनल एडवेंचर अवॉर्ड मिलेगा। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू उन्हें सम्मानित करेंगी। जानें उनकी ऐतिहासिक उपलब्धियां।

अमर उजाला 6 Sep 2026 10:20 am

गोवा-अमृतसर के बीच सीधी हवाई सेवा दोबारा शुरू होने की उम्मीद, अनछुए पर्यटन स्थलों को देश-विदेश में प्रमोट करने पर जोर

गोवा-अमृतसर के बीच सीधी हवाई सेवा दोबारा शुरू होने की उम्मीद, अनछुए पर्यटन स्थलों को देश-विदेश में प्रमोट करने पर जोर

अमर उजाला 6 Sep 2026 9:57 am

नर्मदेश्वर महादेव मंदिर के विकास कार्य का भूमि पूजन हुआ:भदोही में 92 लाख रुपए से होगा पर्यटन विकास, विधायक विपुल दुबे पहुंचे

भदोही के ज्ञानपुर विधानसभा के सिखापुर गांव स्थित नर्मदेश्वर महादेव मंदिर परिसर में शनिवार को पर्यटन विकास कार्य का भूमि पूजन हुआ। करीब 92 लाख रुपए की लागत से होने वाले इस विकास कार्य को उत्तर प्रदेश राजकीय निर्माण निगम लिमिटेड की सोनभद्र इकाई कराएगी। भूमि पूजन कार्यक्रम में ज्ञानपुर विधायक विपुल दुबे मुख्य अतिथि के रूप में शामिल हुए। पर्यटन विकास कार्य के तहत मंदिर परिसर में श्रद्धालुओं की सुविधा के लिए यात्री हाल, मुख्य गेट, हाईमास्ट लाइट, बैठने के लिए बेंच, डस्टबिन और वाटर कूलर समेत कई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। कार्य पूरा होने के बाद मंदिर में आने वाले श्रद्धालुओं को बेहतर सुविधाएं मिलने की उम्मीद है। मंदिर परिसर के विकास से क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को भी बढ़ावा मिलने की संभावना है। इससे स्थानीय स्तर पर रोजगार के नए अवसर पैदा होने की उम्मीद जताई गई। कार्यक्रम के दौरान विधायक विपुल दुबे ने कहा कि श्रद्धा, संस्कृति और विकास के संगम को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। मंदिर परिसर में बढ़ेंगी श्रद्धालुओं की सुविधाएं विकास कार्य के तहत मंदिर परिसर में यात्री हाल बनाया जाएगा। इसके अलावा मुख्य गेट, हाईमास्ट लाइट, बैठने के लिए बेंच, डस्टबिन और वाटर कूलर लगाए जाएंगे। इससे मंदिर आने वाले श्रद्धालुओं को रुकने, बैठने, पेयजल और प्रकाश जैसी सुविधाएं मिल सकेंगी। धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा मंदिर परिसर के सौंदर्यीकरण और सुविधाओं के विस्तार से नर्मदेश्वर महादेव मंदिर में श्रद्धालुओं की आवाजाही बढ़ने की उम्मीद है। इससे ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। स्थानीय स्तर पर लोगों को रोजगार के अवसर मिलने की संभावना भी जताई गई। विधायक ने कहा- विकास कार्यों को आगे बढ़ाने का प्रयास भूमि पूजन के दौरान विधायक विपुल दुबे ने कहा कि श्रद्धा, संस्कृति और विकास के इस संगम को मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं। उन्होंने मंदिर और धार्मिक स्थलों के विकास के साथ क्षेत्र के समग्र विकास पर भी जोर दिया। ग्रामीणों ने विकास कार्यों की सराहना की ग्रामीणों ने मंदिर के पर्यटन विकास कार्य के लिए विधायक के प्रयासों की सराहना की। उन्होंने कहा कि ज्ञानपुर विधानसभा क्षेत्र में धार्मिक स्थलों के विकास के साथ सड़क, बिजली और अन्य क्षेत्रों में भी लगातार काम होना चाहिए। ग्रामीणों ने क्षेत्र को चौमुखी विकास की दिशा में आगे ले जाने वाले जनप्रतिनिधि की जरूरत भी बताई। कार्यक्रम में विनोद पाण्डेय, निजी सचिव राकेश पाठक, पूर्व प्रधान आनंद नारायण मिश्रा, समाजसेवी बाबा मिश्रा, दादू पाण्डेय, देवेश पाण्डेय, कमलेश पाण्डेय, मुन्ने पाण्डेय, बिवस मिश्र, शिवम पाण्डेय, आदर्श पाण्डेय, अमित पाण्डेय, दीपक तिवारी समेत बड़ी संख्या में ग्रामीण और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।

दैनिक भास्कर 6 Sep 2026 9:02 am

Gorakhpur News: साइनेज बताएगा कहां है पर्यटन स्थल

Signage will indicate the location of the tourist spot.

अमर उजाला 6 Sep 2026 2:25 am

Mau News: दोहरीघाट के लक्ष्मण मंदिर के दिन बहुरेंगे, 87.59 लाख से पर्यटन विकास होगा

Fortunes to turn around for Dohrighat's Lakshman Temple; tourism development to take place with an investment of 87.59 lakh.

अमर उजाला 6 Sep 2026 1:44 am

Srinagar News: अनियंत्रित पर्यटन और जलवायु परिवर्तन बना लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बड़ा संकट

अनियंत्रित पर्यटन और जलवायु परिवर्तन बना लद्दाख के नाजुक पारिस्थितिकी तंत्र के लिए बड़ा संकट

अमर उजाला 6 Sep 2026 1:10 am

मुजफ्फरपुर: बाबा गणिनाथ गोविंद जी के जन्मोत्सव पर पलवैया मेला शुरू, पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने किया शुभारंभ

5 सितंबर, शनिवार: मुजफ्फरपुर में बाबा गणिनाथ गोविंद जी महाराज के जन्मोत्सव पर ध्वजारोहण कर बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने पलवैया मेला का शुभारंभ किया। भव्य उद्घाटन हुआ, पूजा के लिए महिला श्रद्धालुओं की लंबी कतार लगी।

लाइव हिन्दुस्तान 5 Sep 2026 3:58 pm

चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं

टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।

आज तक 5 Sep 2026 2:38 pm

Kangra News: दलाई लामा के लौटने से पर्यटन कारोबारियों के खिले चेहरे

तिब्बती धर्मगुरु दलाई लामा के धर्मशाला लौटने से स्थानीय पर्यटन कारोबारियों के चेहरे खिल उठे हैं।

अमर उजाला 5 Sep 2026 8:35 am

इंदौर से थाईलैंड के लिए फ्लाइट की मांग:TAT की डिप्टी डायरेक्टर ने ट्रैवल एजेंट्स से की चर्चा, बोलीं- बैंकॉक-पटाया ही नहीं, ये डेस्टिनेशन भी खास

इंदौर से थाईलैंड के पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए टूरिज्म अथॉरिटी ऑफ थाईलैंड (TAT) की डिप्टी डायरेक्टर विपदा नोइपनिच ने शहर के ट्रैवल एजेंट्स के साथ चर्चा की। उन्होंने बैंकॉक, पटाया और फुकेत के अलावा थाईलैंड के कई ऐसे डेस्टिनेशन्स की जानकारी दी, जो भारतीय पर्यटकों के बीच अभी उतने चर्चित नहीं हैं। चियांग माई, चियांग राय, क्राबी, कोह समुई, खाओ लक और चोनबुरी जैसे पर्यटन स्थलों को लेकर भी चर्चा हुई। कार्यक्रम में ट्रैवल एजेंट्स एसोसिएशन ऑफ इंडिया (TAAI) के MP CG चैप्टर के चेयरमैन हेमेन्द्र सिंह जादौन ने इंदौर और मध्य प्रदेश से थाईलैंड के लिए बेहतर हवाई कनेक्टिविटी की जरूरत बताई। उन्होंने थाईलैंड के लिए इंदौर से फ्लाइट शुरू करने का अनुरोध किया। उनका कहना था कि बेहतर एयर कनेक्टिविटी होने से मध्य प्रदेश के यात्रियों के लिए थाईलैंड पहुंचना आसान होगा और दोनों क्षेत्रों के बीच पर्यटन को बढ़ावा मिलेगा। 'थाईलैंड में सिर्फ बैंकॉक-पटाया नहीं, ये जगहें भी देखने लायक हैं'TAT की डिप्टी डायरेक्टर ने बताया कि थाईलैंड को अक्सर भारतीय पर्यटक बैंकॉक, पटाया और फुकेत तक सीमित मानते हैं, जबकि देश में इससे कहीं ज्यादा पर्यटन विकल्प हैं। थाईलैंड को केवल हनीमून कपल्स या युवाओं के डेस्टिनेशन के तौर पर नहीं देखा जाना चाहिए। यहां परिवारों, कपल्स, वरिष्ठ नागरिकों और एडवेंचर पसंद करने वाले यात्रियों के लिए अलग-अलग तरह के अनुभव मौजूद हैं। थाईलैंड में समुद्र तटों के साथ प्रकृति, संस्कृति, एडवेंचर, वेलनेस और मनोरंजन से जुड़े कई विकल्प हैं। इसी वजह से अलग-अलग उम्र और रुचि के पर्यटकों के लिए यहां घूमने के कई विकल्प मिलते हैं। इंदौर से फ्लाइट शुरू होने पर बढ़ेगा पर्यटनहेमेन्द्र सिंह जादौन ने कहा कि मध्य प्रदेश से थाईलैंड जाने वाले यात्रियों के लिए बेहतर हवाई कनेक्टिविटी जरूरी है। इंदौर से थाईलैंड के लिए फ्लाइट शुरू होने पर यात्रियों को कनेक्टिंग फ्लाइट पर निर्भर नहीं रहना पड़ेगा। उन्होंने TAT की डिप्टी डायरेक्टर से मध्य प्रदेश, खासकर इंदौर से थाईलैंड के पर्यटन को बढ़ावा देने और एयर कनेक्टिविटी बेहतर करने की दिशा में काम करने का अनुरोध किया।

दैनिक भास्कर 4 Sep 2026 8:20 pm

2017 के बाद धार्मिक पर्यटन में ऐतिहासिक उछाल, 6 करोड़ के पार पहुंची श्रद्धालुओं की संख्या

उत्तराखंड में 2017 के बाद धार्मिक पर्यटन में ऐतिहासिक उछाल आया है, जिसमें श्रद्धालुओं की संख्या 6 करोड़ के पार पहुंच गई है। चारधाम यात्रा, मानसखंड मिशन और बेहतर इंफ्रास्ट्रक्चर ने राज्य की अर्थव्यवस्था और स्थानीय रोजगार को नई ऊंचाइयां दी हैं।

जागरण 4 Sep 2026 6:06 pm

'बंगाल के पर्यटन का खोया गौरव फिर से लौटेगा', सीएम शुभेंदु अधिकारी ने जारी किया विभाग का नया लोगो और ब्रांड

मुख्यमंत्री शुभेंदु अधिकारी ने बंगाल पर्यटन का नया लोगो और ब्रांड पहचान जारी किया, जिससे राज्य के पर्यटन के खोए गौरव को लौटाने का संकल्प लिया गया है।

जागरण 4 Sep 2026 4:30 pm

यूपी: आगरा में वैवाहिक पर्यटन को मिले अलग दर्जा, सिंगल विंडो सिस्टम की मांग; जानें क्या होगा इससे फायदा

वेडिंग इंडस्ट्रीज एसोसिएशन की समिट में उठी पर्यटन नीति में वैवाहिक पर्यटन को शामिल करने की मांग, डेस्टिनेशन वेडिंग से चमकेगा पर्यटन, आठ लाख करोड़ की इंडस्ट्रीज में बढ़ेगी पर्यटन नगरी की हिस्सेदारी।

अमर उजाला 4 Sep 2026 10:13 am

कैमूर: प्रमुख पर्यटन स्थल करमचट डैम में दिखा मगरमच्छ, मोटरबोट की सुविधा वाले जलाशय में बढ़ा खतरा

3 सितंबर, गुरुवार: कैमूर के करमचट डैम में मगरमच्छ तैरता दिखाई दिया। डैम में मोटरबोट की सुविधा होने से पर्यटकों की सुरक्षा को लेकर चिंता बढ़ गई है।

लाइव हिन्दुस्तान 3 Sep 2026 10:11 am

International Tourism Trends: बजट और वाइब्स के मामले में क्यों छा रहे हैं ये 4 Honeymoon Destinations

शादी के बाद न्यूली वेड का सबसे पहला ड्रीम यही होता है कि वह हनीमून पर जाएं। अगर आपकी भी जल्द शादी होने वाली है, तो एक बार सबसे बेहतरीन हनीमून डेस्टिनेशन को जरुर देख लें। इस लेख में हम आपको भारत के बाहर उन देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हनीमून के लिए आजकल काफी ट्रेंड में जगहें है। कपल्स की पहली पसंद बन रही हैं, ये जगहें। तो चलिए आपको बताते हैं हनीमून के लिए दुनिया के सबसे बेस्ट देशों के बारे में, यहां धीरे-धीरे टूरिज्म भी बढ़ रहा है। ग्रीस दक्षिण यूरोप में बसा ग्रीस एक खूबसूरत देश है। यह अपने एतिहासिक मॉन्यूमेंट्स, खूबसूरत बीचेस, बेस्ट सनराइज और टेस्टी फूड के लिए जाना जाता है। वैसे हनीमून के लिए यह डेस्टिनेशन सबसे खूबसूरत है। यहां पर आप एथेंस का एक्रोपोलिस, अपोलो टेंपल, मेटियोरा और कार्फू का पुराना शहर जैसी जगहें काफी फेमस है। यहां की सबसे मस्त नाइटलाइफ है। आइसलैंड अगर आप हनीमून के लिए किसी जन्नत जैसी जगहों की तलाश में हैं, तो आप आइसलैंड जरुर जाएं। यहां की कैफे नाइटलाइफ और सुंदर बीच आपका मन मोह लेंगी। कपल्स के लिए यहां पर हेल्दी एनवायरमेंट हैं। यह जगह नॉर्दन लाइट देखने के लिए काफी फेमस है। इसे देखने के लिए हर एक टूरिस्ट बेचैन रहता है। इसको औरोरा बोरेलिस (Aurora Borealis) कहा जाता है, जो कि आमतौर पर एक प्राकृतिक घटना है। यहां पर आसमान का रंग हरे, गुलाबी और बैंगनी रंग में बदल जाता है। हवाई आइलैंड हनीमून को स्पेशल बनाने के लिए आप हवाई आईलैंड भी जा सकते हैं। यहां की सुंदरता, शांति और रोमांटिक वाइब कपल्स को काफी पसंद आएगी। जिन लोगों की नई-नई शादी हुई, वे लोग इस जगह पर जरुर जाएं। यहां आपको रोमांटिक बीचेस और सुंदर जंगलों के नजारे देखने को मिलेंगे, जो कि दुनियाभर में फेमस है। यहां पर आप एक्टिव ज्वालामुखी देख सकते हैं। बहामास अगर आपके पास हनीमून का मोटा बजट है, तो आप कैरेबियन देश बहामास हनीमून के लिए घूमने जा सकते हैं। यह डेस्टिनेशन अन्य देशों से थोड़ी महंगी है। लेकिन यहां आकर आप अपने हनीमून को खास बना सकते हैं। सनबाथ के लिए यहां की बीचेस काफी फेमस है। यहां पर आप अपने पार्टनर के साथ हार्बर आइलैंड, पिग बीच, और पैराडाइज आइलैंड घूम सकते हैं। हनीमून के लिए यह जगह बेहद ही शानदार है।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 6:24 pm

दिल थोड़ा डेयरिंग है? भारत में ये 5 एडवेंचर एक्टिविटी जरूर ट्राई करें

अगर आपको घूमने के साथ थोड़ा रोमांच भी पसंद है, तो भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां आप स्कीइंग से लेकर स्काइडाइविंग तक का मजा ले सकते हैं। ये 5 एडवेंचर जिंदगी में एक बार जरूर ट्राई करें।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 4:40 pm

Travel Tips: जन्माष्टमी पर द्वारकाधीश दर्शन के लिए जानें Train और Flight रूट

जन्माष्टमी के पर्व को लोग तरह-तरह की प्लानिंग करते हैं। कोई घरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी को बनाता है, तो कुछ मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी इस जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के दर्शन के प्लान बना रही हैं, तो आप गुजरात से लेकर द्वारका तक भगवान श्रीकृष्ण के कुछ फेमस मंदिरों के दर्शन के साथ एक यादगार ट्रिप प्लान कर सकती हैं। द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है, यहां पर जन्माष्टमी के मौके पर खास रौनक देखने को मिलती है। द्वारका में कहां-कहां घूमें द्वारका सिर्फ मंदिर घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यहां पुराने मंदिर, समुद्र, बीच और आसपास के कई धार्मिक स्थल हैं, जिनको आप एक्सप्लोर कर सकती हैं। अगर आप दिल्ली से सिर्फ 2 से 3 दिन के लिए ट्रिप प्लान करती हैं, तो दर्शन के साथ-साथ यहां घूमने-फिरने का भी मजा ले सकती हैं। यहां द्वारकाधीश मंदिर के अलावा नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, बेट द्वारका, रुक्मिणी देवी मंदिर और शिवराजपुर बीच फेमस है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस पूरे ट्रिप के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Janmashtami 2026 | इस बार बनाएं खास प्लान, भारत के इन 5 प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में लें दिव्य दर्शन का आनंद | Best Krishna Temples India द्वारकाधीश मंदिर में करें दर्शन जब आप द्वारका पहुंच जाएं, तो होटल में चेकइन करें। फिर फ्रेश होकर सबसे पहले द्वारकाधीश मंदिर जाएं। इसको जगत मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान श्रीकृ्ष्ण के पोते वज्रनाभ ने कराया था। यह मंदिर एक ऊंचाई पर बना है, यहां तक पहुंचने के लिए 50 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। मंदिर के दर्शन का समय सुबह 07 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम को 05:00 बजे से 09:00 बजे तक है। वहीं जन्माष्टमी के मौके पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए समय में बदलाव हो सकता है। मंदिर में क्या खास देखें मंदिर में दर्शन करने के अलावा बहुत कुछ देख सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के द्वारकाधीश रूप के दर्शन करें। मंदिर की खूबसूरत नक्काशी और ऊंचा शिखर देख सकते हैं। मंदिर के आसपास बने छोटे मंदिर देख सकते हैं। अरब सागर के पास का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। गोमती क्रीक के पास सुदामा सेतु देख सकते हैं। दिल्ली से ऐसे पहुंचे द्वारका दिल्ली से द्वारका काफी दूर है। इसलिए आपको ट्रिप की सही प्लानिंग करनी होगी। आप ट्रेन से द्वारका पहुंचने के लिए दिल्ली से ट्रेन ले सकती हैं। यह बजट फ्रेंडली ऑप्शन है। दिल्ली से द्वारका की दूरी करीब 1325 से 1335 किमी है। ऐसे में आपको द्वारका पहुंचने के लिए 23 से 24 घंटे का समय लग सकता है। इसके अलावा आप फ्लाइट से भी द्वारका जा सकती हैं। द्वारका का सबसे नजदीकी एयर कनेक्शन जामनगर और पोरबंदर है। द्वारका से पोरबंदर एयरपोर्ट की दूरी करीब 136 किमी है। वहीं जामनगर एयरपोर्ट की दूरी 105 किमी है। यहां पहुंचकर आप बस या कैब से द्वारका जा सकती हैं। वहीं अगर आप फ्लाइट या ट्रेन से नहीं जाना चाहती हैं, तो रोड ट्रिप प्लान कर सकती हैं। हालांकि रोड ट्रिप थोड़ा थकान भरी रह सकती है। क्योंकि इसकी दूरी करीब 1450 से 1460 किमी है। इन जगहों को भी करें एक्‍स्‍प्‍लोर अब आप द्वारकाधीश मंद‍िर में दर्शन करने के बाद यहां और भी जगहों को एक्‍सप्‍लोर कर सकती हैं। बेट द्वारका मंदिर में दर्शन करने के बाद आप बेट द्वारका भी जा सकती हैं। यह समुद्र के पास बसा एक आइलैंड है और यहां पर मंदिर भी है। माना जाता है कि यह श्रीकृष्ण का निवास स्थान है। यहां पर विष्णु, शिव, लक्ष्मी-नारायण और हनुमान आदि के मंदिर है। ध्यान रकें कि शाम के समय यहां घूमने के लिए न जाएं। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारका में आप भगवान शि‍व के 12 ज्‍योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्‍योतिर्लिंग के दर्शन भी कर सकती हैं। मंदिर के पास गोपी तालाब तीर्थ भी है। यह जगह भगवान कृष्ण और गोपियों से जुड़ी है। अगर आप धार्मिक जगहों में दिलचस्पी रखती हैं, तो द्वारका ट्रिप में इसे जरूर शामिल करें। रुक्मिणी देवी मंदिर द्वारका जाने पर आप रुक्मिणी देवी मंदिर के दर्शन भी करें। मंदिर की बाहरी दीवारों पर आपके देवी-देवताओं और अलग-अलग आकृतियों की नक्काशी देखने को मिलेगी। माना जाता है कि यह मंदिर 12वीं सदी से है। शिवराजपुर बीच आप मंदिर और धार्मिक जगहों को एक्सप्लोर करने के बाद शिवराजपुर बीच भी जा सकती हैं। यह द्वारका से करीब 12 किमी की दूरी पर है। अगर आप भी एडवेंचर के शौकीन हैं, तो यहां पर स्नॉर्कलिंग, बनाना राइड, स्कूबा डाइविंग जैसी एक्टिविटी कर सकती हैं। यहां पर जाने का समय सुबह 8 बजे से शाम के 7 बजे तक हैं। वहीं एंट्री के लिए आपको 30 रुपए का टिकट लेना होगा। जानिए द्वारका में कहां रुकें द्वारका में रुकने के लिए आपको आप होटल और टूरिस्ट स्टे मिल जाएंगे। लेकिन जन्माष्टमी के मौके पर भीड़ अधिक रहती है। इसलिए होटल आदि पहले से बुक कर लें। ध्यान रहे कि होटल मंदिर से ज्यादा दूर न हो। ऐसी जगह पर स्टे लें, जहां से मंदिर और अन्य जगहों तक आसानी से पहुंच सकें। खाने में क्या ट्राई करना चाहिए द्वारका में आप गुजरात का लोकल खाने का स्वाद ले सकती हैं। गुजराती थाली, खमण, जलेबी-फाफड़ा और दूसरी गुजराती चीजों को ट्राई करें। इससे आपकी ट्रिप अधिक मजेदार हो जाएगी। वहीं अगर आप जन्माष्टमी के मौके पर व्रत रखती हैं, तो बता दें कि आपको होटल या आसपास के भोजनालय में फलाहार खाना भी मिल जाएगा। इन बातों का रखें ध्यान जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में अधिक भीड़ हो सकती है, इसलिए समय से पहुंचें। ट्रेन, होटल या फ्लाइट आदि की बुकिंग पहले से कर लें। बेट द्वारका जाने के दौरान वापसी की टैक्सी भी पहले बुक कर लें। समुद्र के किनारे जाने के दौरान नियमों का पालन करें। गर्मी और उसम को देखते हुए पानी भी अपने साथ रखें।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 3:46 pm

Tripura Tourism Plan: जानिए क्यों खास हैं उनाकोटी की रहस्यमयी मूर्तियां और Ujjayanta Palace

भारत में विविधता का देश है और यहां पर घूमने के लिए कई सारी जगहें मौजूद है। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप त्रिपुरा जरुर जाएं। यहां पर आपकों संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के नजारे देखने को मिलेंगे। त्रिपुरा में एकदम शांत वातावरण देखने को मिलता है। हरी-भरी पहाड़ियों का एक अलग ही अनुभव देता है। आइए आपको त्रिपुरा के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं। त्रिपुरा की खूबसूरत जगहें त्रिपुरा के इतिहास और विरासत जानने के लिए आपको यहां उज्जयंत पैलेस देखने को मिलेगा। रुद्रसागर झील के बीचों-बीच स्थित नीरमहल एक बेहद सुंदर वॉटर पैलेस है और भारत का सबसे बड़ा जल महल है। उनाकोटी त्रिपुरा का प्राचीन रॉक-कट तीर्थ स्थल है। यहां भगवान शिव की विशाल मूर्तियां हैं, जो घने जंगलों के बीच पत्थरों पर उकेरी गई हैं। यह जगह बेहद ही खूबसूरत है। त्रिपुरा की कला और हस्तशिल्प त्रिपुरा की कला की बात करें, तो यहां मुख्य रुप से बांस और बेत के काम पर आधारित कला है। यहां के लोकल कारीगर बांस के फर्नीचर, बास्केट, डेकोरेशन पीस और बर्तन बनाते हैं, इसके अलावा, त्रिपुरा में रेशा नाम का एक पारंपरिक बुना हुआ कपड़ा काफी मशहूर है। इसको महिलाएं ऊपरी वस्त्र के तौर पर पहनती हैं। वहीं यहां का खान-पान काफी सदा होता है। त्रिपुरा की पारंपरिक डिश मुई बोरोक बेहद ही स्वादिष्ट होती है। इसे फर्मेंट की गई मछली के पेस्ट से बनाया जाता है। बांगुई राइस भी यहां के खान-पान का मुख्य हिस्सा है।

प्रभासाक्षी 31 Aug 2026 5:58 pm

Vacation Sex Tips: ट्रिप के दौरान कैसे करें रोमांस, होटल रूम से लेकर टाइमिंग तक रखें इन बातों का ध्यान

अगर आपकी सेक्स लाइफ थोड़ी बोरिंग या एक जैसी हो गई है, तो पार्टनर के साथ कहीं घूमने जाना अच्छा आइडिया हो सकता है। रोज की भागदौड़ से दूर छुट्टियों का माहौल आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका देता है। नए माहौल में रोमांस और नजदीकियां रिश्ते में एक नई ताजगी ला सकती हैं। लेकिन छुट्टियों में इंटीमेसी को बेहतर बनाने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 आसान टिप्स, जो आपके कपल टाइम को और खास बना सकते हैं। अपनी पसंद की चीजें साथ लेकर जाएं अगर आपके लिए कोई खास चीज रोमांटिक माहौल बनाने में मदद करती है, तो उसे ट्रिप पर साथ ले जा सकते हैं। यह आपकी पसंद की कोई रोमांटिक एक्सेसरी, परफ्यूम, आरामदायक नाइटवियर या दूसरी पसंदीदा चीज हो सकती है। ध्यान रखें कि जो भी चीज आप इस्तेमाल करें, उसमें दोनों पार्टनर की सहमति और सहजता सबसे जरूरी है। सिर्फ बेड तक सीमित न रहें होटल का कमरा सिर्फ सोने के लिए नहीं होता। छुट्टियों में आप कमरे के माहौल को थोड़ा अलग और रोमांटिक बना सकते हैं। कमरे की लाइटिंग, खुशबू और म्यूजिक जैसी छोटी चीजें भी मूड को बेहतर कर सकती हैं। हालांकि, किसी भी तरह की एक्टिविटी में होटल की संपत्ति और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: Long Distance Relationship में बढ़ रही हैं दूरियां? नजदीकियां बढ़ाने में मदद कर सकता है Phone Sex दोपहर का समय भी आजमाएं रोजमर्रा की जिंदगी में कपल्स अक्सर अपनी व्यस्त दिनचर्या के हिसाब से ही इंटीमेट होते हैं। छुट्टियों में आपके पास समय की थोड़ी ज्यादा आजादी होती है। इसलिए अगर आमतौर पर आपके पास सिर्फ रात या सुबह का समय होता है, तो छुट्टी के दौरान दिन में भी एक-दूसरे के साथ रोमांटिक समय बिताया जा सकता है। जल्दबाजी न करें काम, घर और रोज की जिम्मेदारियों के बीच कपल्स के पास अक्सर एक-दूसरे के लिए पर्याप्त समय नहीं होता। छुट्टियां इस रफ्तार को थोड़ा धीमा करने का अच्छा मौका देती हैं। एक-दूसरे के साथ आराम से समय बिताएं, बातचीत करें और बिना किसी जल्दबाजी के पल को एंजॉय करें। यहां मकसद किसी तरह का दबाव बनाना नहीं, बल्कि साथ में अच्छा समय बिताना है। छुट्टियों में काम को थोड़ा दूर रखें अगर आप छुट्टियों पर भी लगातार ईमेल, ऑफिस चैट या काम के मैसेज चेक करते रहेंगे, तो आपका दिमाग पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाएगा। इसलिए जहां संभव हो, काम से ब्रेक लें। लैपटॉप और ऑफिस नोटिफिकेशन को कुछ समय के लिए दूर रखना आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे पर ध्यान देने में मदद कर सकता है। अपने शरीर और भावनाओं पर ध्यान दें छुट्टियां खुद को रिलैक्स करने और अपने पार्टनर के साथ जुड़ने का अच्छा समय होती हैं। अपने आसपास के माहौल को महसूस करें और पार्टनर के साथ बिताए जा रहे समय पर ध्यान दें। नए माहौल, नई जगह और पार्टनर की मौजूदगी को महसूस करने से रोमांटिक कनेक्शन और बेहतर हो सकता है। ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं इंटीमेसी के दौरान ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल आराम और सुविधा बढ़ाने में मदद कर सकता है। खासतौर पर अगर ड्रायनेस या असहजता महसूस हो रही हो, तो सही ल्यूब्रिकेंट उपयोगी हो सकता है। ट्रिप पर जाने से पहले इसे साथ रखना भी एक अच्छा विकल्प है। अगर किसी प्रोडक्ट से जलन या परेशानी हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें। खुद को पूरी तरह रिलैक्स रखें कई बार इंटीमेसी के दौरान लोग काम, तनाव या दूसरी बातों के बारे में सोचते रहते हैं। इससे वे उस पल को पूरी तरह एंजॉय नहीं कर पाते। छुट्टियों में खुद को थोड़ा रिलैक्स करने की कोशिश करें। किसी तरह की परफॉर्मेंस या उम्मीद का दबाव न बनाएं और अपने पार्टनर के साथ सहज तरीके से समय बिताएं। इसे भी पढ़ें: Couples Special: बोरिंग Sex Life को रोमांचक बनाने के लिए ट्राई करें ये 4 नई Sex Positions यह न गिनें कि कितनी बार इंटीमेट हुए छुट्टियों में ज्यादा रोमांस होना अच्छी बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको हर दिन या बार-बार इंटीमेट होना ही चाहिए। हर कपल की पसंद और कम्फर्ट अलग होता है। इसलिए खुद पर या पार्टनर पर कोई दबाव न डालें। अगर छुट्टी के माहौल में ढलने में थोड़ा समय लग रहा है, तो यह बिल्कुल सामान्य है। कुछ नया आजमाने की कोशिश करें छुट्टियां रिश्ते में कुछ नया करने का अच्छा मौका हो सकती हैं। आप कोई नया रोमांटिक आइडिया, नई एक्टिविटी या ऐसी चीज आजमा सकते हैं जिसे दोनों पार्टनर पहले से करने की इच्छा रखते हों। लेकिन यहां भी दोनों की सहमति और सहजता सबसे जरूरी है। अगर किसी एक पार्टनर को कोई चीज पसंद नहीं है, तो उसे करने का दबाव नहीं होना चाहिए। छुट्टियों में रोमांस का असली मतलब वेकेशन सेक्स या छुट्टियों में इंटीमेसी का मतलब सिर्फ सेक्स नहीं है। असल में यह अपने पार्टनर के साथ बिना रोजमर्रा के तनाव के क्वालिटी टाइम बिताने और रिश्ते में नजदीकी बढ़ाने का मौका है। इसलिए छुट्टी के दौरान खुद पर किसी तरह का दबाव न डालें। साथ में घूमना, बातें करना, एक-दूसरे को समय देना और छोटे-छोटे रोमांटिक पल भी रिश्ते को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रभासाक्षी 31 Aug 2026 5:54 pm

Travel Tips: शिमला-मनाली के बजाय Jibhi के Offbeat Locations बन रहे पर्यटकों की पहली पसंद

हिमाचल प्रदेश का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले शिमला और मनाली का नाम आता है। इसके अलावा लोग और दूसरी जगहों के बारे में बहुत कम जानते हैं। ऐसे में अगर आप भी हिमाचल प्रदेश घूमने का मन बना रही हैं, तो आप हिमाचल की ऑफबीट लोकेशन को एक्सप्लोर कर सकती हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हिमाचल प्रदेश की छिपे खजाने जिभी के बारे में बताने जा रह हैं। ऑफबीट लोकेशन जिभी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की बंजार घाटी स्थिति जिभी आपको सुकून का एहसास दिलाएगा। क्योंकि 5000 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह जगह अन्य टूरिस्ट स्पॉट की तरह भीड़भाड़ वाली नहीं है। वहीं दूरी की बात की जाए, तो यह जगह मनाली से करीब 100 किमी दूर और मंदिर से करीब 50 किमी दूर है। इसे भी पढ़ें: Travel Plan Breakdown: दिल्ली से ₹5000 के बजट में घूमें ये 3 शहर, जानें ट्रांसपोर्ट और होटल का पूरा खर्च जिभी कैबाइन्स नामक ट्री हाउस, लकड़ी और घने देवदार के जंगलों के लिए जानी जाती है। आप आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करते हैं, तो जिभी के सुंदर झरने और प्राकृतिक नजारे आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। जिभी में इन जगहों को करें एक्सप्लोर दुनिया की भीड़भाड़ से दूर हिमाचल प्रदेश की यह ऑफबीट लोकेशन कई मायनों में बेहद खास है। तो आइए जानते हैं कि आप जिभी में क्या-क्या एक्सप्लोर कर सकते हैं। रघुपुर किला रघुपुर किला वैसे तो अब खंडहरों में गिना जाता है। लेकिन 11,155 फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस किले से कुल्लू और मंडी के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाया जा सकता है। जालोरी पास जिभी से करीब 12-14 किमी दूर और करीब 10 हजार फीट स्थित जालोरी पास एक माउंटेन है। यहां पर बर्फ से ढकी पहाड़ियां हसीन वादियों से कम नहीं लगती हैं। श्रृंग ऋषि मंदिर जिभी से थोड़ी ही दूर पर बग्गी गांव में स्थित श्रृंग ऋषि मंदिर है। जो यहां के स्थानीय देवता श्रृंग ऋषि को समर्पित है। श्रृंग ऋषि को कुल्लू के 18 देवताओं में से एक माना जाता है। जिनका संबंध रामायण काल से है। यही कारण है कि इस मंदिर में दर्शन के लिए हर साल हजारों की संख्या में लोग भीड़ उमड़ती है। सेरोलसर झील जालोरी से करीब 5 किमी दूर सेरोलसर झील है। जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि इस झील के पानी में औषधीय गुण हैं। झील के किनारे बैठकर बहुत सुकून मिलता है। ऐसे में प्रकृति प्रेमियों को यहां आकर निराशा नहीं होगी।

प्रभासाक्षी 28 Aug 2026 5:00 pm

Travel Plan Breakdown: दिल्ली से ₹5000 के बजट में घूमें ये 3 शहर, जानें ट्रांसपोर्ट और होटल का पूरा खर्च

घुमक्कड़ लोग हमेशा घूमने के लिए तैयार रहते हैं। यह लोग हमेशा कही न कहीं का प्लान बनाते रहते हैं। सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से खास माना जाता है। इस दौरान कई जगहों पर बारिश होती है, इसलिए मौसम सुहाना होता है। बरसात के बाद से हर जगह खूबसूरती चरम पर पहुंच जाती है और आसपास का नजारा काफी फ्रेश नजर आता है। परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ कुछ दिनों की छुट्टी पर जाना अच्छा हो सकता है। आइए आपको बताते हैं करीब 5000 रुपये में बजट में आप कहां घूम सकते हैं। पुष्कर, राजस्थान यदि आप पहाड़ों की जगह पर किसी झील और मंदिर वाली जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो आप राजस्थान के पुष्कर जा सकते हैं। यहां की झीलें घूमना, ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करना और बाजारों में घूमना आपको मजेदार लगेगा। इस मौसम में यहां गर्मी कम होती है। - दिल्ली से दूरी-करीब 430 किमी है। - समय- लगभग 7-9 घंटे का समय लग जाता है। - घूमने के लिए पुष्कर झील, ब्रह्मा मंदिर, घाट और लोकल बाजार घूमने जा सकते हैं। बजट फ्रेंडली होटल लें, लोकल स्ट्रीट से खाना खाएं। होटल को बुकिंग ऑनलाइन ही करें। ऋषिकेश, उत्तराखंड योग नगरी ऋषिकेश धार्मिक दृष्टि से तो खास है, लेकिन यह जगह एडवेंचर के लिए भी काफी लोकप्रिय है। सुबह की आरती से लेकर मंदिरों के दर्शन तक, यहां पर आप सब कुछ देख सकते है। रिवर राफ्टिंग कर सकते हैं और भी कई एक्टिविटीज कर सकते हैं। - दिल्ली से दूरी करीब 240 किमी। - समय- लगभग 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। - होटल के लिए कम से कम 1200 से 1500 रुपये में रुम मिल जाएगा। - 5000 हजार में ट्रिप को करने के लिए पैदल या शेयरिगं ऑटो से घूमें और महंगे कैफे से बचें। अमृतसर, पंजाब बजट फ्रेंडली ट्रिप के लिए आप पंजाब घूमने जा सकते हैं। अमृतसर में धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों तरह की जगहें देखने को मिल जाएगी। सबसे फेमस यहां पर स्वर्ण मंदिर है, जिसकी खूबसूरती काफी देखने के लायक है और माहौल भी शांत देखने को मिलेगा। वहीं, आप अटारी-वाघा बॉर्डर भी घूमने जा सकते हैं। -दिल्ली से दूरी- लगभग 450 किमी -समय- लगभग 7 से 8 घंटे लग सकते हैं। इस ट्रिप के दौरान आप खाने पर खर्च बचा सकते हैं, गुरुद्वारे में खाना खा सकते हैं। वहीं, आप लोकल स्ट्रीट पर फूड खा सकते हैं। महंगे होटल पर खाना खाने से बचें।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 6:27 pm

Sikar Travel Guide: Raksha Bandhan पर करें Jeen Mata के दर्शन, Rajasthan का यह मंदिर है भाई-बहन के प्रेम का प्रतीक

भारत में कई अद्भुत चमत्कार और रहस्यमय मंदिरों का खजाना है। यहां पर आपको कई प्राचीन मंदिर देखने को मिलेंगे। हर मंदिर की एक अलग विशेषता है। राजस्थान के सीकर जिले में एक ऐसा मंदिर स्थित है, जो भाई-बहन के पवित्र रिश्ते को दर्शता है। इस मंदिर का नाम है जीणा माता। यह मंदिर मां जीण भवानी को समर्पित है। रक्षाबंधन पर अपने भाई के साथ यहां दर्शन के लिए आप जरुर जा सकते हैं। यह मंदिर अरावली की पहाड़ियों के बीच स्थित है और यहां मां जीण माता के साथ उनके भाई हर्ष की भी पूजा की जाती है। आइए आपको इस मंदिर से जुड़ी महत्वपूर्ण जानकारी बताते हैं। राजस्थान में कहां स्थित है भाई-बहन को समर्पित जीण माता का मंदिर? राजस्थान के सीकर जिले में जीणमाता गांव में यह मंदिर स्थित है। यहां पर मुख्य रुप से मां जीण की पूजा होती है। राखी के समय यहां लोग दर्शन के लिए जरुर जाते हैं। इस दौरान यहां पर काफी भीड़ देखने को मिलती है। यह मंदिर खाटू श्याम से 25-30 किमी की दूरी पर स्थित है। कैसे पहुंचे? - अगर आप सीकर शहर से यहां जाएंगे, तो आपको 29 किमी की दूरी तय करनी पड़ेगी। यदि आप जयपुर से जा रहे हैं, तो आपको 110 किमी का सफर तय करना होगा। जयपुर से पहुंचने के लिए करीब 3 घंटे का समय लगेगा। - जो भाई-बहन दूसरे शहरों से आने का प्लान कर रहे हैं, वह ट्रेन से जा सकते हैं। इसके लिए आपको रींगस जंक्शन तक ट्रेन टिकट बुक करानी पड़ेगी। - सबसे नजदीकी हवाई अड्डा जयपुर एयरपोर्ट है, यहां से आप मंदिर के दर्शन के लिए जा सकते हैं। जीण माता मंदिर तक पहुंचने के लिए बस की क्या सुविधा है? - राजस्थान से आपको सीकर जिले से मंदिर के लिए बस मिल जाएगी। आसपास के शहरों से भी सीकर जिले के लिए बस जाती है। - जयपुर से आप सीकर के लिए पहले बस लें। इसके बाद सीकर पहुंचकर जीण माता मंदिर के लिए शेयरिंग टैक्सी या ऑटो बुक कर सकते हैं। जीण माता मंदिर यह मंदिर भाई-बहन के रिश्ते से जुड़ा है, इसलिए रक्षाबंधन के समय भीड़ थोड़ी देखने को मिल सकती है। किसी भी साधन से जा रहे हैं, तो समय का जरुर ध्यान रखें। जीण माता मंदिर पहाड़ी पर स्थित है, इसलिए जीण माता मंदिर तक पहुंचने के लिए करीब 200 से 300 मीटर पैदल चलना पड़ता है। रास्ते में करीब 200 सीढ़िया मिलेगी। इन्हें चढ़ने में आधे घंटे का समय लग जाएगा। View this post on Instagram A post shared by Aryan Parashar (@aryanpujari_jeenmata)

प्रभासाक्षी 25 Aug 2026 5:46 pm

जन्माष्टमी पर दिल्ली से द्वारका कैसे जाएं और कितना होगा खर्चा? जानिए पूरा बजट और ट्रैवल प्लान

जन्माष्टमी के दिन द्वारकाधीश के दर्शन करने का प्लान कर रहे हैं, तो दिल्ली से द्वारका तक जाने का पूरा ट्रैवल प्लान जान लीजिए। हम आपको आने-जाने और ठहरने का खर्चा बताने जा रहे हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 12:55 pm

Travel Tips: बादलों के ऊपर बसा Zuluk गांव, Thambi View Point से दिखती है Kanchenjunga की दिव्य चोटियां

क्या आप कभी भारत के ऐसे इलाके में घूमने गए हैं, जहां की सड़कें एकदम जिगजैग हों। ऐसा सफर देखकर या सोचकर ही रोमांचक लगता है। कुछ ऐसा ही है सिक्किम का ऑफ बीट लोकेशन है। जिसका नाम जुलूक है। अगर आप भी हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड जाकर ऊब चुके हैं, तो इस बार आपको सिक्कम जाने का प्लान करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको सिक्किम के छोटे से गांव जुलूक के बारे में बताने जा रहे हैं। सिक्किम का जन्नत भारत के सिक्किम राज्य के पूर्वी जिले में स्थित एक बेहद छोटा और खूबसूरत गांव जुलूक है। जुलूक आपको जन्नत की सैर इसी धरती पर करा सकता है। बादलों के ऊपर बसा यह गांव समुद्र तल से करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसको आप हनीमून डेस्टिनेशन या फैमिली ट्रिप बना सकती हैं। आपको यहां आकर निराशा नहीं होगी। इसे भी पढ़ें: IRCTC Northeast Package: अब किस्तों में चुकाएं पैसे, मुंबई से Gangtok-Darjeeling ट्रिप में Flight और Guide भी शामिल सिल्क रूट का हिस्सा शायद आपको पता न हो जुलूक कभी सिल्क रूट का हिस्सा था। इसके व्यापार मार्ग की बात करें, तो यह मार्ग जेलेपा मुख्य पहाड़ी दर्रे को तिब्बत के ल्हासा तक जोड़ता था। जुलूक में क्या करें एक्सप्लोर अगर आप भी जुलूक घूमने का मन बना रहे हैं, तो आपको इन खास जगहों को जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए। थंबी व्यू पॉइंट थंबी व्यू पॉइंट से आपको कंचनजंघा की चोटियां साफ देखने को मिल सकती हैं। क्योंकि थंबी व्यू पॉइंट से कंचनजंघा सिर्फ 10 से 12 किमी की दूरी पर है। नाथंग वैली नाथंग वैली पर जाकर आप एक गाना तो जरूर गुनगुनाएंगे, 'बादल पर पांव हैं', क्योंकि वाकई में आपके पैर बादलों के बीच होंगे। एलीफेंट लेक ओल्ड सिल्क रूट पर आपको सिर्फ बादल ही नहीं बल्कि एलिफेंट लेक भी देखने को मिलेगी। इसको कुपूप झील या बिटांग छो भी कहते हैं। इस झील का आकार कुछ-कुछ हाथी जैसा दिखता है। जिग-जैग रास्ते यहां जाकर अगर आप रोड ट्रिप पर नहीं गए हैं तो मतलब आपने जुलूक को सही से नहीं एक्सप्लोर किया। यहां के जिग-जैग मोड़ ही इसकी सबसे बड़ी पहचान है। जानें कब और कैसे जाएं यहां पर जाने के लिए मार्च से लेकर मई और सितंबर से नवंबर तक का समय बेस्ट है। अगर आप ट्रेन से जा रहे हैं, तो न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन और हवाई मार्ग के लिए बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद गंगटोक और रोंगली होते हुए सड़क यात्रा करनी होगी।

प्रभासाक्षी 24 Aug 2026 3:19 pm

Travel Tips: तुर्कमेनिस्तान का वह नरक द्वार जहाँ 1971 से नहीं बुझी आग, जानिए Karakum Desert का सच

दुनिया में आपको कई ऐसी अनोखी जगहें मिलेंगी, जिनके बार में जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा। ऐसी ही एक जगह मध्य एशियाई के देश तुर्कमेनिस्तान में है। यहां पर काराकुम रेगिस्तान को नरक का दरवाजा भी कहा जाता है। क्योंकि यहां पर कोई पैर नहीं रख सकता है। काराकुम रेगिस्तान में डेवरेज गांव के पास में यह रेगिस्तान में है। जिसको 'शाइनिंग काराकुम' के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि रेगिस्तान का एक हिस्सा हमेशा आग की तरह चमकता रहता है। ऐसे में अगर आप भी यह सोच रहे है कि इसको नरक का दरवाजा क्यों कहा जाता है, तो आज इस आर्टिकल में हम आपको इस जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2026: भारतीय रेलवे का बड़ा तोहफा, इन Routes पर चलेंगी Raksha Bandhan Special Trains क्यों कहते हैं नरक का दरवाजा साल 1971 में मध्य एशिया के काराकुम रेगिस्तान में एक ऐसी घटना हुई। जिस कारण रेगिस्तान में आग लगाना पड़ा। साल 1971 में तेल भंडार की खोज में सोवियत संघ के भूवैज्ञानिक का एक ग्रुप काराकुम रेगिस्तान आया था। यहां पर उनको एक ऐसी जगह मिल भी गई। जहां पर वैज्ञानिकों को लगा कि तेल भंडार होगा। उन्होंने प्राकृतिक गैस के एक बड़े भंडार के ऊपर खुदाई करना शुरू किया। लेकिन उनको इसके नतीजे के बारे में नहीं पता था। जब खुदाई के लिए उन्होंने उस हिस्से पर भारी मशीनें लगाईं। तो जमीन मशीनों का जोर न सह पाए और जमीन अंदर की ओर धंसने लगी। जिस कारण कई जगहों पर गड्ढा बनता चला गया। एक गड्ढे से निकलने लगी गैस बता दें कि रेगिस्तान में जगह-जगह गड्ढे बन रहे थे। लेकिन एक गड्ढा सबसे बड़ा था। यह गड्ढा करीब 230 फीट चौड़ा और 65 फीट गहरा था। जिसके बाद वैज्ञानिकों को चिंता सताने लगी। क्योंकि इस गड्ढे से लगातार प्राकृतिक गैस बाहर निकल रही थी। हालांकि यह गैस जहरीली नहीं थी, लेकिन फिर भी यह ऑक्सीजन को बदल देती थी। जिस कारण सांस ले पाना मुश्किल हो जाता है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी रेगिस्तान में रहने वाले जानवरों को होती थी। क्योंकि गड्ढे में गिरने से जानवर की फौरन मौत हो जाती। ऐसे में वैज्ञानिकों ने सोचा कि अगर यहां ब्लास्ट करना हो तो सिर्फ 5% मीथेन की मात्रा काफी होगी। इसलिए उन्होंने सोचा कि इसमें आग लगा दी जाए। अभी तक जल रही आग आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आग अभी तक जल रही है। तुर्कमेनिस्तान के वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि जब गड्ढे में मौजूद प्राकृतिक गैस खत्म हो जाएगी, तो यह आग अपने आप बुझ जाएगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है और यह आग जल रही है। साल 2010 में तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति कुरबानगुली बर्डीमुखामेदोव भी इस गड्ढे का दौरा करने के लिए यहां पहुंचे थे। रेगस्तान में भभकने वाली इस आग को देखकर उन्होंने भी चिंता जताई थी। इससे आसपास के गैस क्षेत्रों को भी खतरा हो सकता है।

प्रभासाक्षी 21 Aug 2026 1:30 pm

Travel Tips: Ha Long Bay से Da Nang तक, वियतनाम की खूबसूरती और सस्ती Currency ने जीता भारतीयों का दिल

वियतनाम भारतीय पर्यटकों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगहों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां पर्यटकों को मिलने वाली हर तरह की सुविधा है। जिन यात्रियों को समुद्र के किनारे समय बिताना अच्छा लगता है, उनके लिए यहां पर कई खूबसूरत बीच हैं। एडवेंचर और ऐतिहासिक जगहों पर घूमने के लिए कई जगहें हैं। वियतनाम की संस्कृति भी पर्यटकों का काफी आकर्षित करती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको वियतनाम की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं। जिस कारण हर साल लाखों की संख्या में भारतीय पर्यटक यहां पर घूमने के लिए आते हैं। इसे भी पढ़ें: Delhi to Agra Travel Guide: मानसून की फुहारों के बीच ताजमहल और Baby Taj का दीदार, एक दिन की छुट्टी के लिए परफेक्ट One-Day Trip आसान वीजा प्रोसेस वियतनाम जाने के लिए भारतीयों को वीजा प्रोसेस के लिए ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ती है। ई-वीजा के जरिए आवेदन करने पर 90 दिनों के अंदर आप वियतनाम यात्रा पर जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के कारण भारतीयों को वीजा के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान भारतीयों को पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख, एक्सपायरी डेट, पासपोर्ट साइज फोटो, पासपोर्ट के बायोडाटा की फोटो और पर्सनल जानकारी जैसी जानकारी देनी होती है। वहीं यात्रा से 2 सप्ताह पहले आवेदन करना सही होता है। घूमना है आसान वियतनाम की मुद्रा को डोंग कहते हैं, जोकि भारत के रुपए के मुकाबले सस्ती है। भारतीय रुपए की तुलना में वियतनाम के डोंग की वैल्यू काफी कम है। भारतीय 1 रुपया करीब 275 वियतनामी डोंग के बराबर है। अगर आप 100 रुपए खर्चा करती हैं, तो यह 27,500 वियतनामी डोंग के बराबर होगा। इसलिए यहां पर भारतीयों को घूमना सस्ता पड़ता है। वहीं यहां पर रहना, खाना, घूमना आदि भारतीय पर्यटकों को सस्ता लगता है। कई बेहद खूबसूरत जगहें वियतनाम जाने का एक कारण यह भी है कि यहां पर खूबसूरत जगहों की भरमार है। यहां समुद्र तट, नदियां, पहाड़, गुफाएं और ऐतिहासिक स्थल आदि सभी चीजें आपको एक ही जगह पर मिल जाती है। इस तरह से आपका विदेश ट्रिप पूरा लगता है। यहां का हा लॉन्ग बे जगह नीले पानी और चूना पत्थर की के लिए काफी फेमस माना जाता है। वहीं दा नांग एक बेहद खूबसूरत बीच है। आप हो ची मिन्ह सिटी में शॉपिंग कर सकती हैं। तो हनोई में वियतनाम की संस्कृति को बेहद करीब से देखने और समझने का मौका मिलता है।

प्रभासाक्षी 19 Aug 2026 3:58 pm

Delhi to Agra Travel Guide: मानसून की फुहारों के बीच ताजमहल और Baby Taj का दीदार, एक दिन की छुट्टी के लिए परफेक्ट One-Day Trip

क्या आप भी दिल्ली की भागदौड़ में परेशान हो गए हैं। बस आपको एक दिन ब्रेक लेना है, तो यह लेख आपके लिए है। वीकेंड पर घूमने के लिए आप दिल्ली से बेहद नजदीक इस जगह पर जरुर जा सकते हैं। यहां पर आपको इतिहास, खूबसूरती और अच्छा खाना तीनों एक साथ मिल जाएंगे। इस ट्रिप के लिए आपको ज्यादा दिन की छुट्टी लेनी की भी जरुरत नहीं है। आगरा में कई मशहूर जगहें जहां आप जरुर जाएं। मानसून के समय आगरा का मौसम बेहद प्यारा और खूबसूरत रहता है, तो चलिए बिना देर किए आपको बताते हैं एक दिन की छोटी ट्रिप के बारे में- आगरा में देखें ताजमहल आगरा जाएं और आप ताजमहल न देखें, ऐसा कुछ हो नहीं सकता। सफेद संगमरमर से बना हुआ यह मकबरा मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। आपको बताते चलें कि यह यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल है। मानसून के दौरान जब काले बादल छाए रहते हैं, तो ताजमहल का नजारा और भी खूबसूरत दिखता है। फोटो क्लिक करने के लिए शानदार व्यू बन जाता है। आगरा फोर्ट घूमें दिल्ली से आगरा की दूरी करीब 230 से 240 किलोमीटर है। ताजमहल घूमने के बाद आप आगरा फोर्ट देखने जरुर जाएं। लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ यह किला यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल हैं। एक समय में यह मुगल बादशाहों के लिए सत्ता और रहने की जगह थी। वैसे यह ताजमहल से ज्यादा दूर नहीं है। किले के अंदर बड़े आंगन, महल और मुगर दौर की चीजें देखने को मिलती है। मेहताब बाग में मिलेगा ताज का अलग नजारा भीड़ से हटकर घूमना चाहती हैं, तो मेहताब बाग जा सकती हैं। यहां से दूर बैठकर ताजमहल के दीदर किए जा सकते हैं। खासतौर पर यह यमुना नदी के दूसरी तरफ बना मुगल गार्डन है और यहां से ताजमहल सबसे सुंदर नजर आता है। बेबी ताज भी देख सकती हैं आप यदि आप ट्रिप का समय का मैनेज कर लें, तो आप इत्माद-उद-दौला का मकबरा देखने भी जा सकते हैं। इसको बेबी ताज कहा जाता है। सफेद मार्बल, डिजाइन और काम इसको और भी सुंदर बना दिया है। जिन लोगों को भीड़ दूर रहना पसंद उनके लिए यह जगह बेहद खास है। मानसून में ट्रिप प्लान करते समय रखें ये बातें सबसे बढ़िया समय है मानसून के दौरान ट्रिप प्लान करने का। इस बात का ध्यान रखें कि पूरे दिन का शेड्यूल न रखें। आप भी एक दिन के लिए ऐसे ट्रिप का प्लान कर सकती हैं। - सुबह दिल्ली से आगरा के लिए निकलें। - सबसे पहले आप ताजमहल देखने जाएं। - दोपहर के समय खाना और थोड़ा आराम करें। - शाम के समय आप मेहताब बाग घूम सकते हैं। - अगर समय बचे तो बेबी ताज देख सकते हैं। - रात के समय दिल्ली के लिए वापस निकलें।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 5:22 pm

Travel Tips: चंदेरी में मौजूद है अमर प्रेम का यह ऐतिहासिक प्रतीक, जानिए चंदेरी की Best Places To Visit

चंदेरी को भगवान श्रीकृष्ण की बुआ श्रुति के बेटे शिशुपाल की राजधानी माना जाता है। उस दौरान इसका उल्लेख चेदी राज्य के रूप में मिलता है। चंदेरी की रणनीतिक स्थिति में इसके समृद्धि की बड़ी वजह रही। कभी चंद्रगिरि कहा जाने वाला चंदेरी, बुंदेलखंड और मालवा की सीमा पर बसा है। जिसका उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। यहां पर मालवा के सुल्तानों और बुंदेल के राजपूतों द्वारा बनवाई गई तमाम इमारतें देखी जा सकती हैं। नदी किनारे गुफाओं में बने शैलचित्र सांस्कृतिक वैभव और कलात्मक सौंदर्य का परिचय देते हैं। यहां के शैलचित्रों को देखकर कहा जा सकता है कि चंदेरी प्रागैतिहासिक काल से एक जीवंत शहर है। चंदेरी साड़ियों से तो सभी वाकिफ हैं, चंदेरी साड़ियां अपने शिल्प और नफासत के लिए फेमस हैं। इसे भी पढ़ें: Monsoon Tourism 2026: भीड़भाड़ से दूर शांति देंगे ये 4 Budget Friendly Destinations, आज ही करें अपने ट्रिप का Plan जानें चंदेरी में कहां घूमें कोशक महल वहीं खिलजी वंश के शासनकाल में यह महल इस्लामी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। चतुर्भुज आकार में निर्मित इस त्रि-स्तरीय महल के विशाल द्वार, झरोखे, खुले गलियारे इसकी स्थायपत्य कला को अनुपम बनाते हैं। इस महल के छत से दिखने वाले प्राकृतिक दृश्य इसकी शोभा को दोगुना कर देती है। कोशल इमारत के हर कक्ष के छत की डिजाइन बेहद अनोखा है। शुरूआत में 7 मंजिला इमारत के रूप में यह ढांचा सिर्फ 3 मंजिलों तक पूरा हो सका। चंदेरी किला चंदेरी किला शहर से 71 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह किला अभी भी शान से खड़ा है। यह किला कभी अभेद्य दुर्ग की तरह रहा होगा। यह किला 5 किमी लंबी दीवार से घिरा है। किले तक पहुंचने के तीन रास्ते हैं: पहला पक्का रास्ता है, जिससे आप गाड़ी से किले तक जा सकते हैं। दूसरा रास्ता खूनी दरवाजा है, जहां से पैदल पहुंचा जा सकता है। खूनी दरवाजा लकड़ी का बड़ा द्वार है। इस पर मालवा के सुल्तान कैदियों के शवों को लटका देते थे। बताया जाता है कि जब बाबर ने किले की घेराबंदी की थी। तो यह सच में खून से नहा गया था। इसको आखिरी किला कहा जाता था, यानी जब शासक को पता होता था कि उसकी हार होना निश्चित है। वह यहीं से युद्ध करते थे, जिससे तहखाने से निकलकर सुरक्षित जा सकें। बत्तीसी बावड़ी चौकोर, गोल और समकोण बावड़ियों से भरा यह अफगान वास्तुकला की निशानी है। इसकी सुंदर सीढ़ियों के ऊपर बने बीच में स्वागत द्वारों ने इसको अधिक भव्य बनाया है। 60-60 फीट लंबी-चौड़ी बावड़ी आज भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां पर आपको एक फारसी में लिखा शिलालेख भी मिलेगा। जिसका अर्थ है, जो स्वर्ग की झलक देखना चाहता है, वह यहां पर थोड़ा विश्राम करें, क्योंकि स्वर्ग इसी की तरह है। कटी घाटी इसको विशाल चट्टान को तराश कर बनाया गया है। चंदेरी के दक्षिणी किनारे पर स्थित यह मार्ग बुंदेलखंड और मालवा के बीच एक कड़ी का काम करता था। मालवा के सुल्तान ग्यासुद्दीन खिलजी के स्वागत के लिए इसको रातों-रात बनाया गया था। लेकिन इस दरवाजे में कुंडे या टिकाव के लिए राजमिस्त्री ने जगह नहीं छोड़ी थी। इस कमी को देखते हुए जिमन खान ने मिस्त्री को मेहनताना देने से इंकार दिया। इससे दुखी होकर मिस्त्री ने आत्महत्या कर ली। तब से यह कटी घाटी गेट बिना दरवाजे के खड़ा है। शहजादी का रोजा चंदेरी के गवर्नर की बेटी मेहरुनिस्सा और एक सेनापति के अमर प्रेम का प्रतीक यह मकबरा है। इसको 15वीं शताब्दी में गवर्नर ने बनवाया था। गवर्नर ने दोनों को अलग करने के लिए सेनापति को युद्ध में भेजा और सैनिकों को निर्देश दिए कि वह जीवित वापस न आ पाए। यह जानकारी मिलने पर शहजादी ने रोजे रखे थे। घायल होने के बाद भी सेनापति बच गया और वापस चंदेरी आ गया। जब मेहरुन्निसा उससे मिली, तो वह सेनापति अंतिम सांसे ले रहा था। उसी दौरान शहजादी ने भी प्राण त्याग दिए। रोजा रखने के कारण इस मकबरे का नाम 'शहजादी का रोजा' पड़ा। बाद में दोनों प्रेमियों को गवर्नर ने इस मकबरे में साथ दफनाया। यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ललितुर है। वहीं भोपाल एयरपोर्ट से कैब लेकर भी यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। बुंदेली खानों का स्वाद लें, जैसे मक्के की रोटी, दाल बाफला, रसखीर और सूजी के लड्डू। चंदेरी घूमने का सबसे सही समय अक्तूबर से लेकर मार्च के बीच का है। दो लोगों के एक दिन रहने और खाने का अनुमानित खर्च 2.5 से 3 हजार रुपए तक है। यहां का मौसम अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15 से 20 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

प्रभासाक्षी 17 Aug 2026 12:54 pm

Monsoon Tourism 2026: भीड़भाड़ से दूर शांति देंगे ये 4 Budget Friendly Destinations, आज ही करें अपने ट्रिप का Plan

क्या आप भी अगस्त में घूमने का बना रहे हैं प्लान और आपका बजट भी लिमिटेड है, तो यह लेख आपके लिए है। वैसे इस महीने के घूमने का एक अलग ही अनुभव होता है, हर तरफ हरियाली और सुकून वाला मौसम होता है। इस बार आप कम बजट में भी कम भीड़ वाली जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। आइए आपको इस लेख में बताते हैं कि किसी शांत और खूबसूरत जगहों पर जाने का प्लान। अगस्त में घूमने के लिए 4 बजट-फ्रेंडली डेस्टिनेशंस वैसे तो भारत में घूमने के लिए कई छिपी हुई जगहें, जहां पर काफी शांति देखने को मिलती है। आइए आपको इन जगहों के बारे में बताते हैं- जंजैहली घाटी (हिमाचल प्रदेश) शिमला और मनाली के शोर-शराबे से दूर आप हिमाचल प्रदेश के की इस खूबसूरत जगह पर जा सकते हैं। मंडी जिले में स्थित जंजैहली घाटी, जहां मानसून के समय सेब के बागान और हरे-भरे मखमली मैदान देखने के लायक होते है। यह जगह ट्रेकिंग और नेचर वॉक के लिए शौकीनों के लिए बेस्ट है। कैसे पहुंचे? - दिल्ली से जंजैहली घाटी पहुंचने के लिए सबसे पहले ISBT कश्मीरी गेट से मंडी/ओट के लिए सीधी HRTC या प्राइवेट वोल्वो बस पकड़ लें। - मंडी से जंजैहली की दूरी करीब 85 किमी है, आपको यहां से स्थानीय बस या प्राइवेट टैक्सी मिल जाएगी। - आप चाहे, तो दिल्ली से चंडीगढ़ या ऊना हिमाचल तक ट्रेन लें। इसके बाद बस या टैक्सी से करीब 5-6 घंटे में यहां पहुंच जाए। ओरछा और गढ़कुंडार (मध्य प्रदेश) मध्य प्रदेश या आसपास के क्षेत्रों में रहने वाले लोग, यहां पर जरुर जाएं। यहां आपको बेतवा नदी के तट पर बसा ऐतिहासिक कस्बा ओरछा और पास ही स्थित गढ़कुंडार का किला देखने का गजब का अनुभव प्राप्त होगा। मानसून के समय जंगलों के बीच बने प्राचीन महल, छतरियां और नदियां आपके ट्रिप को यादगार बना देगी। जिन लोगों को फोटोग्राफी और इतिहास जानने का शौक है, वो लोग इस जगह को जरुर एक्सप्लोर करें। ऐसे पहुंचें - - ओरछा और गढ़कुंडार जाने के लिए आप झांसी वीरांगना लक्ष्मीबाई, झांसी रेलवे स्टेशन पहुंचना होगा। - स्टेशन के बाहर से ऑटो या टैक्सी आसानी से मिल जाएंगे। आप लोकल बस से भी यहां तक पहुंच सकते हैं। - यहां पहुंचने के लिए नजदीकी एयरपोर्ट ग्वालियर है। वहीं, एयरपोर्ट से ओरछा की दूरी करीब 130 किमी है। भंडारदरा और घाटघर (महाराष्ट्र) यदि आपको झरने देखने का काफी शौक है, तो आप अगस्त के महीने में आप इस जगह को जरुर एक्सप्लोर करें। मुंबई और पुणे के पास बसा भंडारदरा का घाटघर क्षेत्र घूमने के लिए सबसे बेस्ट है। मानसून के दौरान पूरी तरह धुंध और सैकड़ों मौसमी झरने देखने को मिलते हैं। यहां पर रंधा फॉल्स और आर्थर लेक अगस्त की बारिश में अपने पूरे शबाब पर होते हैं। कैसे पहुंचे? - इस जगह पर पहुंचने के लिए आपको नजदीकी बड़े शहर मुंबई, पुणे या नाशिक हैं। - आपको यहां आने के लिए मुंबई (BOM) पुणे (PNQ) या नाशिक (ISK) की डायरेक्ट फ्लाइट ले सकते हैं। - मुंबई से भंडारदरा करीब 165 किमी और नाशिक से लगभग 70 किमी दूर है। कसार देवी (उत्तराखंड) अगस्त के महीने में घूमने के लिए अल्मोड़ा के पास बसा कसार देवी भी एक बेहतरीन ऑप्शन हो सकता है। यहां मानसून के समय बादल पहाड़ियों को छूकर गुजरते हैं, जिससे नजारा काफी अद्भुत लगता है। कसार देवी अपनी चुंबकीय ऊर्जा और शांत वातावरण के लिए जाना जाता है। यहां पर आप दोस्तों और फैमिली के साथ घूमने जा सकते हैं। ऐसे पहुंचे - कसार देवी जाने के लिए आप काठगोदाम या हल्द्वानी स्टेशन तक जा सकते हैं। - स्टेशन पहुंचते ही आपको बहार अल्मोड़ा या कसार देवी के लिए शेयरिंग टैक्सी और बसें मिल जाएगी। - यहां का सबसे नजदीकी एयरपोर्ट पंतनगर (PGH) है, जो कि कसार देवी से करीब 125 किमी दूर है।

प्रभासाक्षी 15 Aug 2026 4:41 pm

Travel Tips: बारिश के मौसम में जन्नत लगती हैं ये वादियां, Monsoon में एक्सप्लोर करें Hill Stations

बारिश के मौसम में घूमने का मजा ही अलग होता है। क्योंकि इस मौसम में चारों ओर हरियाली, बादलों से ढके पहाड़, ठंडी-ठंडी हवाएं और रिमझिम फुहारें लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मॉनसून कहीं घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया के कुछ फेमस हिल स्टेशन को एक्सप्लोर कर सकती हैं। यहां बारिश में नेचर की खूबसूरती इस कदर बढ़ जाती है, जिसको देखकर लगता है मानो स्वर्ग में आ गए हों। साउथ इंडिया के हिल स्टेशन अपने चाय के बागानों, झरनों, हिल स्टेशनों और घने जंगलों के लिए जाना जाता है। यहां की वादियां खूबसूरत और हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं कि ऐसा लगता है कि हम बादलों के बीच खड़े हैं। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया की इन खूबसूरत जगहों के बारे में। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Switzerland on a Budget? ये 4 Indian Destinations देंगे आपको यूरोप जैसी हसीन वादियों का अनुभव मुन्नार मॉनसून में केरल के मुन्नार की खूबसूरती भी गई गुना बढ़ जाती है। यहां चाय के खूबसूरत बागान, ठंडी-ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ लोगों की ट्रिप को यादगार बना देते हैं। बारिश के बाद यहां की हरियाली निखर जाती है। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं, या फोटोग्राफी के शौकीन हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। कूर्ग कर्नाटक का कूर्ग भी मॉनसून में देखने लायक होता है। इसकी खूबसूरती के कारण कूर्ग को भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। मॉनसून में यहां पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती बढ़ जाती है। कूर्ग खूबसूरत होने के साथ शांत भी है। चिकमगलूर कर्नाटक का चिकमगलूर पिछले कुछ सालों से लोगों की पसंदीदा जगह बन चुकी है। मॉनसून में यहां हरी-भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने को मिलेंगे। यहां आप शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के कुछ पल बिता सकते हैं। यह एक शानदार डेस्टिनेशन है। कोडाइकनाल तमिलनाडु का कोडाइकनाल हिल स्टेशन मानसून में बेहद खूबसूरत लगने लगता है। यहां की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बहुत ज्‍यादार सुंदर नजर आते हैं। अगर आपको भी प्रकृति से प्यार है और नेचर के बीच समय बिताना अच्छा लगता है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। वायनाड केरल की खूबसूरती के बारे में तो आप सभी ने सुना होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। वहीं केरल का वायनाड भी मॉनसून में बेहद खूबसूरत लगता है। यहां लेक, गुफाएं, घने जंगल और कई बेहद शानदार झरने देखने लायक होते हैं। अगर आपको ट्रेकिंग और नेचर वॉक पसंद है, तो यह जगह आपके लिए बेस्ट है। ऊटी तमिलनाडु का ऊटी हिल स्टेशन भी बेहद खूबसूरत है। मॉनसून में यहां के चाय के बागान, पहाड़ और बगीचे खिल उठते हैं। अगर आप भी ऊटी आती हैं, तो पायकारा फॉल्स जाना न भूलें। इन बातों का ध्यान बारिश में मौसम की जानकारी लेने के बाद ही ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज साथ रखें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करें।

प्रभासाक्षी 14 Aug 2026 2:26 pm

Famous Shiv Temple: हिमाचल के इन Famous Shiva Temples के दर्शन से मिलेगी अपार शांति, देखें पूरी Travel Guide

सावन का महीना भगवान शिव की पूजा-अर्चना के लिए सबसे पहले खास होता है। इस दौरान शिवभक्तों की मंदिरों में भारी भीड़ देखने को मिलती है। अगर आप भी इस महीने कहीं घूमने के साथ-साथ भोलेनाथ के दर्शन करना चाहती हैं। तो हिमाचल प्रदेश एक अच्छा ऑप्शन हो सकता है। यहां कई ऐसे मंदिर हैं, जो ऊंचाई पर बने हुए हैं। इस शिव मंदिरों तक पहुंचने का सफर उतना ही खूबसूरत होता है, जितने सुंदर यहां के नजारे होते हैं। बिजली महादेव मंदिर कुल्लू में ऊंचे पहाड़ों पर स्थित बिजली महादेव मंदिर हिमाचल प्रदेश का सबसे फेमस शिव मंदिर है। यह मंदिर करीब 2,460 मीटर की ऊंचाई पर है। यहां से कुल्लू और पार्वती वैली का खूबसूरत नजारा बेहद साफ दिखता है। मंदिर की मान्यता है कि समय-समय पर शिवलिंग पर बिजली गिरती है। फिर पारंपरिक तरीके से पुजारी शिवलिंग को जोड़ते हैं। यही कारण है कि इस मंदिर का नाम बिजली महादेव रखा गया है। इसे भी पढ़ें: Amarnath Yatra Rituals: कैसे करें बाबा बर्फानी की पूजा और क्या है प्रसाद वितरण का सही तरीका बैजनाथ शिव मंदिर हिमाचल के कांगड़ा जिले में बैजनाथ मंदिर भी है। जो भोलेनाथ को समर्पित है। यह धौलाधार पर्वत की तलहटी में बना हुआ है। भगवान शिव का यह मंदिर अपनी खूबसूरत पत्थर की नक्काशी और अपने पुराने इतिहास के लिए जाना जाता है। माना जाता है कि रावण भोलेनाथ को प्रसन्न करने के लिए यहीं पर तपस्या की थी। सावन के महीने में यहां पर बड़ी संख्या में लोग दर्शन के लिए आते हैं। मणिमहेश चंबा जिले में स्थित मणिमहेश भगवान भोलनाथ का सबसे पवित्र स्थल है। यहां मणिमहेश लेक और इसके पीछे दिखने वाली मणिमहेश पीक बेहद खूबसूरत लगती है। सावन और जन्माष्टमी के आसपास यहां पर मणिमहेश यात्रा भी निकलती है। समुद्र तल से मणिमहेश कैलाश चोटी की ऊंचाई करीब 5,653 मीटर बताई जाती है। अर्द्धनारीश्वर मंदिर हिमाचल प्रदेश के मंडी शहर को छोटी काशी भी कहा जाता है। क्योंकि यहां पर कई प्राचीन मंदिर हैं। इनमें से एक अर्द्धनारीश्वर मंदिर है। जोकि भगवान शिव और मां पार्वती की शक्ति का प्रतीक है। पहाड़ों के बीच बसे इस शहर का धार्मिक माहौल सावन के महीने में अधिक खास हो जाता है। इन बातों का रखें ध्यान अगर आप भी सावन के महीने में हिमाचल के ऊंचाई वाले शिव मंदिरों में जाने का प्लान बना रहे हैं। तो मौसम की जानकारी पहले ले लें। क्योंकि बारिश की वजह से कई जगह सड़कें फिसलने वाली हो सकती है। इसलिए अच्छी ग्रिप वाले जूते पहनें। साथ में छाता या रेनकोट रख लें। ट्रैकिंग वाले मंदिरों में तब जाएं, जब आप फिजिकली फिट हों।

प्रभासाक्षी 13 Aug 2026 4:25 pm

Travel Tips: Switzerland on a Budget? ये 4 Indian Destinations देंगे आपको यूरोप जैसी हसीन वादियों का अनुभव

हर किसी को घूमने-फिरने का शौक होता है और विदेश तो हर कोई जाना चाहता है। खासकर स्विट्जरलैंड जैसी खूबसूरत जगह, जहां बर्फ से ढके पहाड़, खूबसूरत नजारे, हरे-भरे मैदान देखने को मिलते हैं। लेकिन यहां जाना हर किसी के बस की बात नहीं होती है। होटल, फ्लाइट, खाना-पीना, घूमने आदि का खर्च लाखों में पहुंच जाता है। इस कारण कई लोगों का यह सपना अधूरा रह जाता है। लेकिन अच्छी बात यह है कि भारत में ऐसी कुछ जगहें हैं, जिनको देखकर आपको यूरोप वाली फीलिंग आएगी। इन जगहों पर आपको खूबसूरत लेक्स, बर्फीले पहाड़, हसीन वादियां और कलरफुल फ्लावर्स देखने को मिलेंगी। ऐसे में अगर आपका बजट कम है और ऐसी जगहों को एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो आपको ऐसा महसूस होगा कि आप स्विट्जरलैंड पहुंच गई हैं। इसे भी पढ़ें: Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ खज्जियार ज्यादातर लोग खज्जियार को भारत का 'मिनी स्विट्जरलैंड' कहते हैं। हिमाचल के चंबा में स्थित यह जगह हरी-भरी घास, देवदार के घने जंगलों और खूबसूरत मैदानों के लिए जानी जाती है। यहां का खज्जियार लेक वालर एरिया देखने में किसी यूरोपियन पोस्टकार्ड जैसा लगता है। मॉनसून और गर्मियों में यहां की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। अगर आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करती हैं, तो आपको खज्जियार आना चाहिए। युमथांग वैली सिक्किम की युमथांग वैली को वैली ऑफ फ्लावर्स भी कहा जाता है। यह जगह स्विट्जरलैंड जैसी लगती है। यहां पर दूर-दूर तक फैले फूलों के मैदान, सुंदर नदियां, बर्फ से ढके पहाड़ किसी यूरोपियन देश वाला फील देती हैं। गर्मियों में यहां रंग-बिरंगे फूल खिलते हैं। जिससे पूरी वैली बेहद खूबसूरत दिखाई देती है। ऐसे में अगर आपको फोटोग्राफी का शौक है, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए। गुलमर्ग माना जाता है कि अगर धरती पर कहीं स्वर्ग है, तो वह कश्मीर है। यहां के गुलमर्ग की गिनती भारत के सबसे खूबसूरत टूरिस्ट प्लेस में होती है। गुलमर्ग के बेहद खूबसूरत पहाड़, हरे-भरे घास के मैदान और ठंडी वादियां यहां आने वाले पर्यटकों को स्विट्जरलैंड की याद दिलाती हैं। गर्मियों में यहां की हरियाली और फूलों से भरे मैदान देखने लायक होते हैं। मुनस्यारी अगर आप किसी शांत जगह पर स्विट्जरलैंड वाला फील लेना चाहती हैं। तो आप मुनस्यारी जा सकती हैं। यह जगह अपने शांत वातावरण के लिए जानी जाती है। अगर आपको भी प्रकृति के बीच सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो आपको यहां जरूर आना चाहिए।

प्रभासाक्षी 12 Aug 2026 6:15 pm

चार नए सर्किट बदलेंगे दिल्ली की पर्यटन तस्वीर: सीएम ने किया शुभारंभ, धार्मिक और सांस्कृतिक विरासत बनेगी पहचान

राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।

अमर उजाला 12 Aug 2026 3:32 am

Long Weekend Travel Plan: अगस्त की छुट्टियों में Udaipur और Coorg की हरियाली और Monsoon नजारों का उठाएं लुत्फ

घुमक्कड़ लोगों को घूमने का सिर्फ मौका ही चाहिए। अगर आप भी अगस्त में घूमने का प्लान बना रहे हैं, तो आपको बता दें कि, इस महीने में लंबी छुट्टी मिलने वाली है। दरअसल, 15 अगस्त को शनिवार है और इसके अगले दिन रविवार है। वहीं, आप 14 अगस्त यानी के शुक्रवार की एक छुट्टी ले लें तो आपके पास करीब तीन दिनों का समय हो जाएगा। इन तीन दिनों में आप किसी भी अच्छी जगह पर घूमने जा सकते हैं। इस लेख में हम आपको बताएंगे कि अगस्त के महीने में किन जगहों पर घूमने जा सकते हैं। आइए आपको बताते हैं Independenc Day Weekend पर 3 दिन की छोटी-सी ट्रिप का प्लान बना सकती हैं। मसूरी उत्तराखंड यदि आप शहर की भीड़ और शोर से दूर, कहीं सुकून भरी जगह पर घूमने जा रहे हैं, तो आप मसूरी जा रही है। अगस्त में यहां पर बारिश होती है। जिससे पहाड़िया हरी-भरी नजर आती हैं। बादलों से घिरे पहाड़ और ठंडा मौसम आपको शांति का एहसास कराएगा। तीन दिन में आप माल रोड पर बिंदास होकर घूम सकते हैं, आसपास के नजारे देख सकते हैं। ध्यान रखें कि मौसम को देखकर ही ट्रिप का प्लान बनाएं। क्योंकि इस दौरान यहां बारिश भी हो सकती है। मुन्नार, केरल बरसात के मौसम में केरल के मुन्नार का नजारा भी काफी खूबसूरत देखने को मिलता है। मुन्नार अपने चाय के बागानों और पहाड़ी नजारों के लिए काफी लोकप्रिय है। ऐसे में आप आपको हरियाली पसंद है, तो आप 3 दिन के लिए यहां जा सकती हैं। बारिश में मुन्नार जाते समय छाता और रेनकोट साथ जरुर रख लें। कूर्ग, कर्नाटक मानसून के समय कूर्ग का घूमने का एक अलग ही मजा होता है। कर्नाटक टूरिज्म के अनुसार, बरसात के समय यहां का मौसम कॉफी के बागान हरे-भरे हो जाते हैं और धुंध से पहाड़ियों का नजारा और भी सुंदर दिखता है। सुंदर से हरे-भरे कॉफी के बगान, पहाड़ और झरने देख सकती हैं। Abbey Falls कूर्ग की सबसे खूबसूरत जगह है। आप यहां जरुर जाएं। जब आप यहां जाने का प्लान बनाएं, तो एक बार मौसम की जानकारी जरुर लें। उदयपुर, राजस्थान मानसून के समय आप झील, महल और सुंदर शहर देखना चाहते हैं, तो आप इस बार स्वतंत्रता दिवस की लॉन्ग छुट्टियों पर राजस्थान के उदयपुर जा सकती हैं। अगस्त में यहां की खूबसूरती देखने के लायक होती है। तीन की ट्रिप के अंदर आप सिटी पैलेस, पिछोला लेक और पुराने शहर के आसपास घूम सकते हैं। ट्रिप पर जाने से पहले इन चीजों पर ध्यान दें - अगस्त के समय पहाड़ों पर भारी बारिश होती है, इसलिए जाने से पहले मौसम का हाल और रास्ते जरुर चेक करें। - ट्रेन और फ्लाइट की टिकट पहले ही बुक कर लें। इसके साथ ही होटल रुम पहले से बुक कर लें। - बरसात से बचने के लिए आप वॉटरप्रूफ बैग, छाता, रेनकॉट और क्विक-ड्राय कपड़े अपने साथ ले जाएं। - बरसात के समय रास्तों में फिसलन अधिक देखने को मिलती है, इसलिए अच्छी ग्रिप वाले स्पोर्ट्स या ट्रैकिंग शूज ही पहनें।

प्रभासाक्षी 11 Aug 2026 4:29 pm

शर्मिंदगी का पर्यटन

बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।

देशबन्धु 2 Jun 2026 3:00 am

कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक

टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...

वेब दुनिया 7 Jan 2026 5:01 pm

स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें

भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...

वेब दुनिया 9 Apr 2025 5:46 pm

गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...

वेब दुनिया 7 Apr 2025 4:18 pm

कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...

वेब दुनिया 24 Oct 2024 2:10 pm

Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग, रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज

Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज

समाचार नामा 27 Jun 2024 6:00 pm

पत्नी Natasa Stankovic से तलाक की अफवाहों के बीच Hardik Pandya विदेश में मना रहे हैं वेकेशन, तस्वीरें आयी सामने

सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

प्रभासाक्षी 27 May 2024 6:08 pm

शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकले Rakul Preet Singh और Jackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें

शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें

समाचार नामा 21 May 2024 11:00 pm