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Panchkula News: कौशल्या डैम को विश्वस्तरीय पर्यटन केंद्र बनाने की मांग

Demand to develop Kaushalya Dam into a world-class tourism hub.

अमर उजाला 17 Sep 2026 1:36 am

पोलो के मैदान से पर्यटन कारोबार तक पहुंचेगा आरडीटीएम 2026

राजस्थान में पर्यटन कारोबार के बदलते स्वरूप को समझने और नए व्यावसायिक अवसर...

खास खबर 16 Sep 2026 10:46 pm

पांचाल घाट के पर्यटन विकास पर खर्च होंगे 4.92 करोड़:सदर विधायक सुनील दत्त द्विवेदी ने किया शुभारंभ, श्रद्धालुओं को मिलेंगी नई सुविधाएं

फर्रुखाबाद में पांचाल घाट को पर्यटन विकास की सौगात मिली है। करीब 4 करोड़ 92 लाख रुपए की लागत से होने वाले पर्यटन विकास कार्यों का बुधवार शाम 6 बजे सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने भूमि पूजन किया। इसके साथ ही परियोजना के तहत होने वाले विकास कार्यों की शुरुआत हो गई। पांचाल घाट के पर्यटन विकास के लिए 491.55 लाख रुपए की परियोजना को मंजूरी मिली है। इस परियोजना को उत्तर प्रदेश राज्य पर्यटन विकास निगम की ओर से लागू किया जाएगा। इसके तहत गंगा किनारे श्रद्धालुओं और पर्यटकों के लिए कई नई सुविधाएं विकसित की जाएंगी। परियोजना के तहत गेटवे और मल्टीपर्पज हॉल के साथ टॉयलेट ब्लॉक, चेंजिंग रूम, मदर फीडिंग रूम, सुवेनियर और पोर्टेबल शॉप्स, सोलर लाइट, टूरिस्ट बेंच, पेयजल और पार्किंग की व्यवस्था की जाएगी। इसके अलावा इंटरलॉकिंग, पाव्ड एरिया, हॉर्टिकल्चर, पेड़ और स्टैच्यू पेडेस्टल, चेन फेंसिंग, इंटरप्रिटेशन वॉल और वॉल म्यूरल समेत अन्य विकास कार्य भी कराए जाएंगे। श्रद्धालुओं और पर्यटकों को मिलेंगी बेहतर सुविधाएं परियोजना पूरी होने के बाद पांचाल घाट आने वाले श्रद्धालुओं और पर्यटकों को बेहतर सुविधाएं मिलेंगी। इससे क्षेत्र में धार्मिक और पर्यटन गतिविधियों को बढ़ावा मिलने की संभावना है। भूमि पूजन के दौरान परियोजना प्रबंधक सीके चतुर्वेदी ने प्रस्तावित विकास कार्यों की जानकारी दी। सदर विधायक मेजर सुनील दत्त द्विवेदी ने परियोजना के लिए मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और पर्यटन एवं संस्कृति मंत्री जयवीर सिंह का आभार जताया। वहीं, 17 सितंबर को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के जन्मदिन के अवसर पर सदर विधायक ने लोगों से अपने घरों में आशीर्वाद का दीप जलाने का आग्रह किया।

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 9:23 pm

Saudi Arabia के लिए US की Level 3 Travel Advisory, ड्रोन हमलों के खतरे के बीच चेतावनी

अमेरिका ने सऊदी अरब के लिए लेवल 3 की यात्रा पर पुनर्विचार करें (Reconsider travel) वाली एडवाइज़री जारी की है और यमन सीमा के लिए लेवल 4 की यात्रा न करें (Do Not Travel) वाली चेतावनी दी है। इसके पीछे ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों का खतरा, सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, देश छोड़ने पर रोक और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े स्थानीय कानूनों जैसे कारण बताए गए हैं। यह घटनाक्रम तब हुआ है जब सऊदी एयर डिफेंस ने पवित्र शहर मक्का अल-मुकर्रमा (जिसे आम तौर पर मक्का कहा जाता है) के दक्षिण में यमन के हूतियों द्वारा छोड़े गए एक ड्रोन को रोककर नष्ट कर दिया। अमेरिकी विदेश विभाग ने मंगलवार (स्थानीय समय) को जारी अपनी यात्रा एडवाइज़री में कहा, अमेरिकी हितों को निशाना बनाने वाले ईरानी ड्रोन और मिसाइल हमलों के खतरे, सशस्त्र संघर्ष, आतंकवाद, देश छोड़ने पर रोक और सोशल मीडिया गतिविधियों से जुड़े स्थानीय कानूनों के कारण सऊदी अरब की यात्रा पर पुनर्विचार करें। विभाग ने यह भी कहा कि इस क्षेत्र के कुछ इलाकों में खतरा ज़्यादा है। इसे भी पढ़ें: क्या मक्का पर ड्रोन अटैक हुआ था? सऊदी अरब के दावों पर हूती ने क्या खुलासा कर दिया एडवाइज़री में कहा गया है कि सऊदी अरब से कमर्शियल उड़ानें चालू हैं, हालांकि कभी-कभी उनमें काफी रुकावटें आई हैं। आतंकवाद के मुद्दे पर, अमेरिका ने कहा कि हमले बिना किसी चेतावनी या बहुत कम चेतावनी के हो सकते हैं, खासकर छुट्टियों के दौरान। इसमें कहा गया है कि संभावित टारगेट में राजनीतिक, सांस्कृतिक या धार्मिक जगहें, अमेरिकी नागरिकों और दूसरे विदेशियों के आने-जाने की जगहें, टूरिस्ट स्पॉट, बड़ी भीड़-भाड़ वाली जगहें, होटल, ट्रांसपोर्ट हब, बाज़ार, शॉपिंग मॉल, मनोरंजन की जगहें और सरकारी इमारतें शामिल हो सकती हैं। एडवाइज़री में अमेरिकी नागरिकों को देश छोड़ने पर लगी रोक (एक्जिट बैन) के बारे में भी चेतावनी दी गई। इसमें बताया गया कि लंबित आपराधिक और दीवानी (सिविल) जांच और मामलों के कारण अमेरिकियों को सऊदी अरब छोड़ने से रोका गया है। इन मामलों में वीज़ा की समय-सीमा खत्म होने के बाद भी रुकने पर न चुकाई गई फीस, घरेलू पारिवारिक विवाद और पैसे या काम से जुड़े झगड़े शामिल हैं।

प्रभासाक्षी 16 Sep 2026 6:39 pm

बांग्लादेश: भारत के उच्चायुक्त ने पर्यटन मंत्री मिल्लत से की मुलाकात, हवाई सेवा बेहतर करने पर हुई चर्चा

ढाका, 16 सितंबर . बांग्लादेश में India के उच्चायुक्त दिनेश त्रिवेदी ने Wednesday को देश के पर्यटन मंत्री रशीदुज्जमान मिल्लत से मुलाकात की. दोनों के बीच हवाई सेवाओं को और बेहतर करने पर गंभीर चर्चा हुई. उच्चायोग ने social media प्लेटफॉर्म पर एक पोस्ट के जरिए इसकी जानकारी दी. बताया कि India के उच्चायुक्त दिनेश ... Read more

डेली किरण 16 Sep 2026 5:58 pm

पंचकूला रिसॉर्ट से कांग्रेस के 'अपहरण' की कहानी का सच:मिली BJP की बाड़ेबंदी; लक्ष्मणगढ़-राजगढ़ के 60 लोगों की ट्रैवल एजेंट के जरिए बुकिंग

राजस्थान के अलवर जिले की रामगढ़ नगरपालिका से जुड़ा एक हाई-प्रोफाइल ड्रामा हरियाणा के पंचकूला स्थित रिसॉर्ट में सामने आया है। रामगढ़ के वार्ड नंबर 10 से निर्दलीय चुनाव जीते पार्षद योगेश शर्मा के परिजनों ने कांग्रेस पर उनके परिवार के किडनैपिंग का आरोप लगाया था। हालांकि, जब सूचना मिलते ही पंचकूला पुलिस ने रिसॉर्ट में छापा मारा, तो कहानी पूरी तरह उलट गई। वहां कांग्रेस नहीं, बल्कि भारतीय जनता पार्टी (BJP) के पार्षदों की बाड़ेबंदी पाई गई। शिकायतकर्ता राकेश मिश्रा ने आरोप लगाया कि निकाय चुनाव जीतने के बाद उनके भाई योगेश शर्मा, उनकी पत्नी और दो बच्चों को कांग्रेस पार्टी द्वारा अगवा कर लिया गया था। पिछले 5 दिनों से योगेश का मोबाइल बंद आ रहा था और परिवार को गुमराह करके पंचकूला के एक रिसॉर्ट में रखा गया था। परिजनों की इस शिकायत पर पंचकूला की रामगढ़ पुलिस चौकी टीम तुरंत एक्शन में आई और रिसॉर्ट पहुंची। पुलिस रेड में मिला सरप्राइजरामगढ़ चौकी पुलिस जब शिकायतकर्ता के साथ मौके पर जांच-पड़ताल करने पहुंची, तो वहां का नजारा देखकर सब हैरान रह गए। रिसॉर्ट में कांग्रेस का कोई पार्षद मौजूद नहीं था। वहां लक्ष्मणगढ़ और राजगढ़ से आए बीजेपी समर्थित पार्षदों को ठहराया गया था। करीब 60 लोगों के रुकने की बुकिंग 'नितिन' नाम के ट्रैवल एजेंट के जरिए कराई गई थी। रेड के दौरान मौके पर मौजूद एक व्यक्ति ने खुद को केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव का सहायक बताया। नहीं मिला पीड़ित का भाई : चौकी इंचार्जमामले की जानकारी देते हुए रामगढ़ चौकी के जांच अधिकारी कृपाल ने बताया कि पुलिस को लिखित शिकायत मिली थी, जिसके आधार पर तुरंत जांच शुरू की गई। हालांकि, रिसॉर्ट में वे पीड़ित के साथ गए थे, वहां पर उसका भाई नहीं मिला।

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 5:33 pm

राजस्थान के पत्रकारों ने ओडिशा के पर्यटन स्थलों का किया दौरा

DCID योजना के तहत पत्रकार प्रतिनिधिमंडल ने कोणार्क, रघुराजपुर और पुरी जगन्नाथ मंदिर का भ्रमण कर सांस्कृतिक विरासत का जायजा लिया।

प्रातःकाल 16 Sep 2026 1:36 pm

नागालैंड सरकार नौकरी और पर्यटन को बढ़ावा देने के लिए लाइव एंटरटेनमेंट इकोनॉमी का ढांचा तैयार कर रही

कोहिमा, 16 सितंबर (आईएएनएस)। नागालैंड सरकार 'लाइव एंटरटेनमेंट इकोनॉमी' (लाइव मनोरंजन अर्थव्यवस्था) के लिए एक रूपरेखा तैयार कर रही है। इसका मकसद इस सेक्टर को राज्य में आर्थिक विकास, रोजगार पैदा करने और पर्यटन को बढ़ावा देने का एक अहम जरिया बनाना है।

समाचार नामा 16 Sep 2026 9:00 am

थाईलैंड और वियतनाम छोड़िए! 50 हजार के बजट में घूम आइए बादलों और झरनों का यह स्वर्ग; भारतीयों के लिए आसान वीजा, लक्जरी रिसॉर्ट्स और कुदरती नजारों से भरपूर इस खूबसूरत देश की पूरी ट्रैवल गाइड

छुट्टियों में विदेश घूमने की बात आते ही अधिकांश भारतीय पर्यटकों के जेहन में सबसे पहले थाईलैंड, वियतनाम या बाली का नाम कौंधता है। पिछले कुछ वर्षों में इन देशों में भारतीय सैलानियों की भारी आमद के कारण फुकेत, पटाया, हनोई और दा नांग जैसे लोकप्रिय शहरों में भारी भीड़भाड़ (Over-tourism), महंगे होटल और व्यावसायिकता बहुत बढ़ चुकी है। यदि आप अपनी अगली अंतरराष्ट्रीय यात्रा में नीले-हरे पानी के जादुई झरने, घने उष्णकटिबंधीय वर्षावन, यूनेस्को विश्व धरोहर शहर, सदियों पुरानी बौद्ध मठ संस्कृति और सुकून भरी शांति चाहते हैं, तो दक्षिण-पूर्व एशिया का छुपा हुआ रत्न 'लाओस' (Laos) आपके लिए सबसे मुफीद विकल्प है। थाईलैंड और वियतनाम के ठीक बीच बसा यह लैंडलॉक्ड (चारों तरफ जमीन से घिरा) देश अब वैश्विक यात्रियों के बीच सबसे ट्रेंडी और बजट-फ्रेंडली डेस्टिनेशन बनकर उभर रहा है। यहां की धीमी और शांत जीवनशैली, मेकॉन्ग नदी की गोद में बसे गांव और फ्रेंच औपनिवेशिक वास्तुकला हर किसी का मन मोह लेती है।भारतीय रुपये की जबर्दस्त ताकत: यहां ₹10,000 में बन जाएंगे लाखों के मालिकलाओस की यात्रा का सबसे आकर्षक पहलू इसका अविश्वसनीय रूप से सस्ता होना है। लाओस की आधिकारिक मुद्रा 'लाओ किप' (Lao Kip - LAK) है। अंतरराष्ट्रीय मुद्रा बाजार में भारतीय रुपये की कीमत लाओ किप के मुकाबले इतनी मजबूत है कि 1 भारतीय रुपया लगभग 250 से 260 लाओ किप के बराबर बैठता है। इसका सीधा मतलब यह है कि यदि आप भारत से मात्र ₹10,000 की नकदी एक्सचेंज कराते हैं, तो आपको वहां 25 लाख से अधिक लाओ किप मिलते हैं। मुद्रा के इस बड़े अंतर के चलते लाओस में एक लक्जरी या बुटीक होटल का कमरा भारतीय मुद्रा में ₹1,500 से ₹2,500 प्रति रात में आसानी से मिल जाता है। सड़क किनारे मिलने वाले स्वादिष्ट स्थानीय नूडल्स या सूप की कीमत ₹100 से ₹150 के आसपास होती है, जबकि ₹500 से ₹800 में दो लोग किसी शानदार रिवरफ्रंट कैफे में पेट भरकर लजीज भोजन कर सकते हैं। बजट बैकपैकर्स से लेकर कपल्स और फैमिली ट्रिप तक, लाओस में प्रति व्यक्ति 5 से 7 दिनों का पूरा खर्च मात्र ₹45,000 से ₹60,000 (उड़ान टिकटों सहित) के भीतर सिमट जाता है।भारतीयों के लिए वीजा प्रक्रिया: ई-वीजा और वीजा ऑन अराइवल दोनों की सुविधाभारतीय पासपोर्ट धारकों के लिए लाओस की यात्रा बेहद सरल और परेशानी-मुक्त है। लाओस सरकार भारतीय नागरिकों को पर्यटन के लिए दोनों तरह की सुविधाएं प्रदान करती है:ई-वीजा (eVisa): आप यात्रा से पहले लाओस के आधिकारिक पोर्टल (laoevisa.gov.in) पर जाकर ऑनलाइन ई-वीजा के लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके लिए 6 महीने वैध पासपोर्ट, रिटर्न फ्लाइट टिकट और पासपोर्ट साइज फोटो की आवश्यकता होती है। आवेदन के 3 कार्यदिवसों के भीतर इलेक्ट्रॉनिक वीजा अप्रूवल लेटर ईमेल पर आ जाता है।वीजा ऑन अराइवल (Visa on Arrival): यदि आपने पहले से वीजा नहीं लिया है, तो लाओस के अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डों—जैसे विएंतियाने (Vientiane) के वत्ताय इंटरनेशनल एयरपोर्ट और लुआंग प्रबांग (Luang Prabang) एयरपोर्ट—पर उतरते ही आपको 30 दिनों का वैध 'वीजा ऑन अराइवल' मिल जाता है। इसके लिए लगभग 40 अमेरिकी डॉलर की वीजा फीस और 2 हालिया तस्वीरें देनी होती हैं।लाओस की 4 सबसे जादुई जगहें: जहां हर कोना किसी वॉलपेपर जैसा लगता हैलाओस की यात्रा केवल एक शहर तक सीमित नहीं है, बल्कि देश के अलग-अलग हिस्से प्रकृति और इतिहास के विविध रंगों से सजे हैं:1. लुआंग प्रबांग (Luang Prabang): यूनेस्को की विश्व धरोहर सूची में शामिल यह शहर लाओस का सांस्कृतिक दिल है। यहां सुबह 5 बजे होने वाली बौद्ध भिक्षुओं की 'भिक्षाटन रस्म' (Tak Bat Ceremony), प्राचीन स्वर्ण मंदिर (Wat Xieng Thong) और नाम खान व मेकॉन्ग नदी के संगम पर बने फ्रेंच कैफे अद्भुत सुकून देते हैं।2. कुआंग सी वॉटरफॉल (Kuang Si Falls): लुआंग प्रबांग से करीब 30 किलोमीटर दूर स्थित यह झरना दुनिया के सबसे खूबसूरत प्राकृतिक चमत्कारों में गिना जाता है। सीढ़ीदार चूना पत्थर की चट्टानों से गिरता दूधिया और फिरोजी (Turquoise) नीला पानी इतना साफ होता है कि आप इसमें तैरते हुए अपनी थकान पूरी तरह भूल जाएंगे।3. वांग विएंग (Vang Vieng): प्रकृति और रोमांच प्रेमियों के लिए वांग विएंग स्वर्ग समान है। चारों तरफ ऊंची-ऊंची हरी-भरी कार्स्ट (चूना पत्थर) पहाड़ियों के बीच हॉट एयर बैलून की सवारी, नाम सोंग नदी में कयाकिंग, ट्यूबिंग और 'ब्लू लैगून' में डाइविंग का अनुभव किसी हॉलीवुड फिल्म के दृश्य जैसा लगता है।4. विएंतियाने (Vientiane - राजधानी): लाओस की राजधानी विएंतियाने दुनिया की सबसे शांत राजधानियों में से एक है। यहां पेरिस के आर्क डी ट्रायम्फ की तर्ज पर बना 'पातुक्साई' (Patuxai) स्मारक, स्वर्ण पगोडा 'फा थात लुआंग' और सैकड़ों विशाल बौद्ध व हिंदू देवी-देवताओं की प्रतिमाओं से सजा 'बुद्ध पार्क' (Xieng Khuan) देखने लायक मुख्य आकर्षण हैं।थाईलैंड, वियतनाम और लाओस: त्वरित तुलनात्मक विश्लेषणअपनी यात्रा का सही फैसला लेने के लिए तीनों लोकप्रिय दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों की सीधी तुलना इस प्रकार समझी जा सकती है:पैमाना / फीचरलाओस (Laos)थाईलैंड (Thailand)वियतनाम (Vietnam)पर्यटकों की भीड़बेहद कम, शांत और प्रदूषण-मुक्तअत्यधिक भीड़ (फुकेत/पटाया में जाम)प्रमुख शहरों में मध्यम से तेज भीड़प्राकृतिक छटासीढ़ीदार झरने, नदियां और कार्स्ट पहाड़ियांद्वीप, रेतीले समुद्र तट और नाइटलाइफखाड़ियां (हा लोंग बे) और तटीय शहरकरेंसी वैल्यू (INR तुलना)₹1 = ~255 LAK (अत्यधिक किफायती)₹1 = ~0.40 THB (मध्यम महंगा)₹1 = ~300 VND (किफायती)आंतरिक परिवहनविश्वस्तरीय हाई-स्पीड बुलेट ट्रेनडोमेस्टिक फ्लाइट्स और मिनीबसट्रेन, बस और घरेलू उड़ानेंमुख्य वाइबआध्यात्मिक, एडवेंचर, शांति और नेचरपार्टी, शॉपिंग, नाइटलाइफ और बीचेजइतिहास, स्ट्रीट फूड और हाइकिंगचीन-लाओस हाई-स्पीड रेलवे: पूरे देश का सफर अब कुछ ही घंटों में आसानलाओस की यात्रा अब पहले जैसी थकाऊ और दुर्गम नहीं रही। अत्याधुनिक 'लाओस-चीन हाई-स्पीड रेलवे' (LCR) के शुरू होने से देश के भीतर एक शहर से दूसरे शहर जाना बेहद तेज और आरामदायक हो गया है। पहले जहां राजधानी विएंतियाने से वांग विएंग और लुआंग प्रबांग जाने में टेढ़ी-मेढ़ी पहाड़ी सड़कों पर 8 से 10 घंटे की कठिन बस यात्रा करनी पड़ती थी, वहीं अब आधुनिक वातानुकूलित बुलेट ट्रेन से यह दूरी मात्र 1 से 2 घंटे में तय हो जाती है। ट्रेन के शीशे वाली बड़ी खिड़कियों से बाहर दिखने वाले हरे-भरे पहाड़ों, सुरंगों और नदियों के दृश्य इस सफर को किसी यूरोपीय रेल यात्रा जैसा अनुभव बना देते हैं।खान-पान, शाकाहारी भोजन और स्थानीय कल्चर: क्या खाएं और क्या पिएं?लाओस का पारंपरिक भोजन ताजगी और जड़ी-बूटियों पर आधारित होता है। यहां का राष्ट्रीय व्यंजन 'लाब' (Laap - मिंस्ड मीट/टोफू सलाद) और स्टिकी राइस (चिपचिपे चावल) बेहद लोकप्रिय हैं। यदि आप विशुद्ध शाकाहारी हैं, तो भी घबराने की कोई बात नहीं है। बौद्ध बहुल देश होने के कारण यहां हर स्थानीय रेस्टोरेंट में टोफू, ताजी हरी सब्जियां, मशरूम नूडल्स और वेज स्प्रिंग रोल्स आसानी से मिल जाते हैं। इसके अतिरिक्त, विएंतियाने और लुआंग प्रबांग जैसे शहरों में कई प्रामाणिक भारतीय रेस्टोरेंट संचालित हैं, जहां दाल-रोटी, पनीर और दक्षिण भारतीय डोसा-सांभर आराम से उपलब्ध है। शाम के समय मेकॉन्ग नदी के किनारे बैठकर लाओस की मशहूर हर्बल टी या ताजा फ्रूट स्मूदी का आनंद लेना अपने आप में अनूठा अनुभव है।लाओस घूमने का सबसे बेहतरीन मौसम और भारत से कैसे पहुंचे?लाओस की यात्रा की योजना बनाते समय मौसम का ध्यान रखना बेहद जरूरी है:घूमने का सर्वश्रेष्ठ समय: अक्टूबर से मार्च के महीने लाओस घूमने के लिए सबसे मुफीद होते हैं। इस दौरान मौसम सुहावना, शुष्क और ठंडा रहता है। दिन में हल्की गुनगुनी धूप और रात में हल्की ठंडक के चलते झरनों और ट्रेकिंग का आनंद दोगुना हो जाता है।फ्लाइट्स और कनेक्टिविटी: भारत (नई दिल्ली, मुंबई, कोलकाता या चेन्नई) से लाओस के लिए बैंकॉक (थाईलैंड), कुआलालंपुर (मलेशिया) या हनोई (वियतनाम) होकर सुविधाजनक कनेक्टिंग उड़ानें उपलब्ध हैं। दिल्ली से बैंकॉक होते हुए विएंतियाने या लुआंग प्रबांग का कुल हवाई सफर लगभग 6 से 7 घंटे का होता है।यदि आप सोशल मीडिया की घिसी-पिटी रील लोकेशनों से ऊब चुके हैं और अपनी छुट्टियों में असली प्रकृति, सुकून और बजट-फ्रेंडली लग्जरी का संगम चाहते हैं, तो अपना बैग पैक कीजिए और थाईलैंड व वियतनाम के इस जादुई पड़ोसी देश 'लाओस' की अविस्मरणीय सैर पर निकल पड़िए।

न्यूज़ इंडिया लाइव 16 Sep 2026 8:43 am

जालंधर में विदेश भेजने के नाम पर लाखों की ठगी,:पीड़ितों ने ट्रैवल एजेंसी के दफ्तर के बाहर जमकर किया हंगामा

जालंधर में बस स्टैंड के पास स्थित एक ट्रैवल एजेंसी द्वारा विदेश भेजने के नाम पर लाखों रुपये की ठगी का मामला सामने आया है। पीड़ितों ने एजेंटों के दफ्तर के बाहर जमकर हंगामा किया और अपनी फंसी हुई राशि वापस पाने के लिए विरोध प्रदर्शन किया। इस मामले में पुलिस प्रशासन की ढिलाई और एजेंटों की मिलीभगत को लेकर लोगों में भारी आक्रोश है। ठगी का पूरा मामला जालंधर के सेंटर मार्केट में 'रंजीत ट्रैवल्स' नाम की एजेंसी बिना वैध लाइसेंस के चलाई जा रही थी। पीड़ितों का आरोप है कि रंजीत कौर और उसके साथियों ने विदेश में पक्के वर्क परमिट और वीजा दिलाने का झांसा देकर उनसे लाखों रुपये ऐंठ लिए। पैसे लेने के बाद जब वीजा नहीं मिला, तो ट्रैवल एजेंट दफ्तर बंद करके फरार हो गए। पीड़ितों का कहना है कि वे गरीब परिवारों से हैं और अपनी जमा-पूंजी गंवा चुके हैं। दफ्तर पर किया हंगामा जब पीड़ित अपने पैसों का हिसाब मांगने पहुंचे, तो वहां विवाद बढ़ गया। पीड़ितों ने आरोप लगाया कि 112 नंबर पर शिकायत करने और पीसीआर टीम के मौके पर पहुंचने के बावजूद घंटों तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई। उल्टे कुछ प्रभावशाली लोग और एजेंटों के समर्थक पीड़ितों पर दबाव बनाने और मामले को रफा-दफा करने की कोशिश करते दिखे। पीड़ितों की मांग पीड़ितों ने एंटी करप्शन फाउंडेशन ऑफ इंडिया के प्रतिनिधियों की मदद से अपना पक्ष रखा। उनका कहना है कि अगर उनके पैसे वापस नहीं मिले, तो वे बाबा बकाला साहब और अन्य उच्च प्रशासनिक अधिकारियों के पास जाकर मामला दर्ज कराएंगे। पीड़ितों ने मांग की है कि पंजाब में अवैध रूप से चल रहीं ऐसी तमाम ट्रैवल एजेंसियों पर सख्त कानूनी शिकंजा कसा जाए, ताकि निर्दोष लोगों की गाढ़ी कमाई लूटने से बचाई जा सके।

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 7:15 am

ट्रेनिंग के नाम पर पर्यटन:प्राकृतिक खेती की ट्रेनिंग लेने उन अफसरों को बेंगलुरू भेजा जो 12 से 90 दिन में रिटायर हो रहे

कृषि विभाग प्राकृतिक खेती की तीन दिवसीय आवासीय ट्रेनिंग के लिए 75 अधिकारियों को बैंगलुरू भेज रहा है। इनमें ऐसे अफसर भी हैं, जिनके लौटने के 12 से 90 दिन तक में रिटायरमेंट है। इसे लेकर ट्रेनिंग पर सवाल उठ रहे हैं। अपर संचालक से स्टेट कोआर्डिनेटर तक के अधिकारियों के 15-15 के पांच बैच बनाए गए हैं। ट्रेनिंग 16 सितंबर से नवंबर के पहले पखवाड़े तक चलेगी। सूत्रों के मुताबिक प्राकृतिक खेती के साथ योग और ध्यान की ट्रेनिंग भी होगी। श्रीश्री इंस्टीट्यूट ऑफ एग्रीकल्चर साइंसेस एंड टेक्नोलॉजी, बैंगलुरू ने 30 जुलाई को प्रस्ताव दिया था। इसमें सिंगल एसी रूम सहित खर्च 30 हजार, डबल का 25 हजार और थ्री-शेयरिंग का 15 हजार रुपए प्रतिदिन बताया गया। एक बैच पर 4 से 4.5 लाख रुपए खर्च प्रस्तावित है। टीए-डीए अलग होगा। सचिव स्तर की सहमति के बाद अधिकारियों को भेजने का निर्णय हुआ। सूची में शामिल इन अफसरों पर उठे सवाल पहले भी कई बार ट्रेनिंग विभागीय अधिकारियों को देश और देश के बाहर भी प्रशिक्षणों में भेजे जाने की अनूठी परंपरा है। इससे पहले जोधपुर, अंडमान, ऊटी और जापान आदि भी भेजा जाता रहा है। आरोप है कि जो अफसर इस बार बेंगलुरू जा रहे हैं, उनका जैविक/प्राकृतिक खेती से दूर-दूर का नाता नहीं है। कुल 58 अधिकारी ट्रेनिंग पर जा रहे हैं। सूत्रों का कहना है कि इनमें कई अधिकारी ऐसे हैं जो हर बार ट्रेनिंग की सूची में जरूर रहते हैं। हमने सिर्फ विभाग के अधिकारी नहीं, ​जिलों से भी लोग लिए हैं। मुझे जहां तक जानकारी है, सभी अफसरों के रिटायरमेंट में एक साल बचा है। -उमाशंकर भार्गव, संचालक, कृषि

दैनिक भास्कर 16 Sep 2026 5:30 am

Kangra News: पर्यटन सीजन शुरू होते ही रफ्तार पकड़ेगा कारोबार

बरसात का दौर थमने और मौसम में आए सुखद बदलाव के साथ ही जिले में शरदकालीन पर्यटन सीजन ने दस्तक दे दी है।

अमर उजाला 16 Sep 2026 2:06 am

निलंबित सीएसपी को पकड़ने कटनी कोर्ट में आवेदन:वकील ने कहा- अगर आरोपी विदेश भाग गए तो ट्रैवल की जानकारी पेश हो

कटनी जिले के चर्चित सौदेबाजी मामले में फरार चल रही निलंबित सीएसपी नेहा समेत तीनों नामजद आरोपियों की मुश्किलें बढ़ गई हैं। मंगलवार दोपहर वकील अवनीश तिवारी ने जिला कोर्ट में आवेदन देकर फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और सख्त कानूनी कार्रवाई की मांग की है। वकील अवनीश तिवारी ने कोर्ट से अपील की है कि कानून-व्यवस्था और न्याय बनाए रखने के लिए कड़े कदम उठाए जाएं। उन्होंने कुठला थाना प्रभारी, कटनी एसपी, एसआईटी, आईजी और डीजीपी को बीएनएसएस की धाराओं के तहत मिली शक्तियों का पूरा इस्तेमाल करने की बात कही है। संभावित ठिकानों और नेताओं की संपत्ति जांच की मांग आवेदन में कहा गया है कि फरार आरोपी मारूफ का पता लगाने के लिए कटनी, जबलपुर और भोपाल के अलग-अलग संभावित ठिकानों पर तलाशी अभियान चलाया जाए। इसके साथ ही निष्पक्ष जांच के लिए जरूरत पड़ने पर मामले से जुड़े नेताओं की संपत्तियों की भी जांच की मांग की गई है। लोकेशन साफ करने और हाई कोर्ट जाने की तैयारी वकील ने कोर्ट से गुहार लगाई है कि तीनों मुख्य आरोपियों-नेहा, क्षितिज और मारूफ की मौजूदा लोकेशन का पता लगाया जाए। अगर वे विदेश भाग गए हैं, तो उनकी फ्लाइट और ट्रैवल की पूरी जानकारी पेश की जाए। इसके अलावा कोर्ट से जांच अधिकारी को व्यक्तिगत रूप से पेश होने और स्टेटस रिपोर्ट देने का निर्देश देने की मांग की गई है। वकील अवनीश तिवारी ने साफ किया है कि वे इस मामले को लेकर जल्द ही हाई कोर्ट का दरवाजा खटखटाएंगे।

दैनिक भास्कर 15 Sep 2026 9:38 pm

चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे को कैबिनेट की हरी झंडी, 1008 करोड़ होंगे खर्च, पर्यटन और व्यापार को बढ़ावा

कैबिनेट ने चित्रकूट लिंक एक्सप्रेसवे के संशोधित प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। यह 15.17 किमी लंबा छह लेन का एक्सप्रेसवे 1008.67 करोड़ रुपये की लागत से बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे को चित्रकूट धाम से जोड़ेगा।

जागरण 15 Sep 2026 8:28 pm

फ्लाइट रद्द कर बुजुर्ग को अधूरा रिफंड देना पड़ा भारी:पंचकूला उपभोक्ता आयोग ने ट्रैवल एजेंट-बीमा कंपनी पर लगाया जुर्माना; अब 33,494 रुपए होंगे

यात्रा से महज 3 दिन पहले चंडीगढ़ से हैदराबाद जाने वाली कंफर्म फ्लाइट रद्द करना और उसके बाद बुजुर्ग यात्री को पूरा रिफंड न देना ट्रैवल एजेंट और बीमा कंपनी को भारी पड़ गया है। जिला उपभोक्ता विवाद निवारण आयोग (पंचकूला) ने सेक्टर-15 निवासी 70 वर्षीय कश्मीरी लाल सिंगला की शिकायत पर सुनवाई करते हुए ट्रैवल पोर्टल 'ट्रिप ओ डील' और 'एको जनरल इंश्योरेंस लिमिटेड' को सेवा में कोताही और अनुचित व्यापार व्यवहार का दोषी ठहराया है। आयोग ने ट्रैवल एजेंट को रोकी गई राशि ब्याज सहित लौटाने और दोनों कंपनियों को मानसिक उत्पीड़न व कानूनी खर्च के रूप में हर्जाना देने का आदेश दिया है। अब बुजुर्ग को कुल 33,494 रुपए देने होंगे। अब जानिए, क्या है पूरा मामला… बीमा कंपनी की चालाकी पर आयोग की सख्त टिप्पणी कश्मीरी लाल सिंगला ने टिकट बुकिंग के समय ही यात्रा बीमा भी लिया था। जब उन्होंने फ्लाइट कैंसिल होने पर 40 हजार रुपए का क्लेम किया, तो बीमा कंपनी एको ने यह कहते हुए क्लेम खारिज कर दिया कि परिचालन कारणों से फ्लाइट रद्द होना पॉलिसी में कवर नहीं है। शिकायतकर्ता को बुकिंग के समय बीमा पॉलिसी की शर्तें उपलब्ध ही नहीं कराई गई थीं। जब ग्राहक को नियम व शर्तें पहले से बताई ही नहीं गईं, तो बाद में उन्हीं शर्तों का हवाला देकर क्लेम खारिज करना पूरी तरह से गैर-कानूनी और अनुचित व्यापार व्यवहार है

दैनिक भास्कर 15 Sep 2026 3:19 pm

लद्दाख पर्यटन विभाग में बड़ा फेरबदल, लेह से जंस्कार तक बदली अधिकारियों की जिम्मेदारी; जानें अब किसकी कहां चलेगी?

लद्दाख में पांच नए जिले बनने के बाद पर्यटन विभाग ने कामकाज में बदलाव किया है। अब फील्ड अधिकारियों की जिम्मेदारियां नए प्रशासनिक जिलों के हिसाब से तय की गई, जिसमें लेह, कारगिल और ज़ंस्कार के अधिकारियों के अधिकार क्षेत्र स्पष्ट किए गए हैं।

जागरण 15 Sep 2026 3:09 pm

फ्लाइट रद होने से पंचकूला निवासी दंपती का छूटा पारिवारिक कार्यक्रम, ट्रैवल एजेंट-बीमा कंपनी देगी हर्जाना

पंचकूला के एक दंपती को फ्लाइट रद होने के कारण पारिवारिक कार्यक्रम में शामिल न हो पाने और पूरा रिफंड न मिलने पर उपभोक्ता आयोग ने राहत दी है। आयोग ने ट्रैवल एजेंट और बीमा कंपनी हर्जाना देने का आदेश दिया।

जागरण 15 Sep 2026 3:02 pm

पितृपक्ष मेला 2026 के लिए खास तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए जारी हुए पिंडदान पर्यटन पैकेज

पितृपक्ष मेला 2026 के लिए खास तैयारी, श्रद्धालुओं के लिए जारी हुए पिंडदान पर्यटन पैकेज

समाचार नामा 15 Sep 2026 12:20 pm

अकेले नहीं घूम सकती महिला? अफगानिस्‍तान गई थी ट्रैवल ब्‍लॉगर, मुजाहिदीन ने पकड़ लिया! फिर ऐसे बच निकली

महिला व्लॉगर ने अपनी पिछली पोस्ट में भारतीय दूतावास से संपर्क करने में मदद करने की अपील करते हुए कहा था, 'मैं अफगानिस्तान में मुसीबत में हूं, मैं बामियान में हूं.'

NDTV इंडिया 15 Sep 2026 9:50 am

महर्षि भृगु मंदिर कॉरिडोर का भूमिपूजन:50 करोड़ की लागत से बनेगा भृगु मंदिर कॉरिडोर,धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा

बलिया में लंबे इंतजार के बाद महर्षि भृगु मंदिर कॉरिडोर के निर्माण की दिशा में रविवार को बड़ा कदम उठाया गया। संत-महात्माओं की मौजूदगी और वैदिक मंत्रोच्चार के बीच भूमिपूजन संपन्न हुआ। कार्यक्रम को लेकर परिसर में धार्मिक उत्साह का माहौल रहा। पूर्व सांसद वीरेंद्र सिंह मस्त ने परिवहन मंत्री दयाशंकर सिंह को कॉरिडोर के भूमिपूजन पर शुभकामनाएं दीं। उन्होंने परियोजना को बलिया की धार्मिक और सांस्कृतिक पहचान से जोड़ने वाला महत्वपूर्ण कदम बताया। 50 करोड़ की लागत से बनेगा कॉरिडोर उत्तर प्रदेश पर्यटन विभाग की ओर से करीब 50 करोड़ रुपए की लागत से महर्षि भृगु मंदिर कॉरिडोर का निर्माण कराया जाएगा। परियोजना का उद्देश्य महर्षि भृगु की तपोभूमि को भव्य धार्मिक पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करना है। भूमिपूजन के बाद श्रद्धालुओं में निर्माण कार्य जल्द आगे बढ़ने की उम्मीद जगी है। संतों और जनप्रतिनिधियों की रही मौजूदगी कार्यक्रम में स्वामी हरिहरानंद जी महाराज सहित संत समाज के संत-महात्मा, पूर्व सांसद भरत सिंह, पूर्व मंत्री राजधारी सिंह, पूर्व मंत्री छट्ठू राम, साहित्यकार जनार्दन राय समेत विभिन्न दलों के नेता, पर्यटन विभाग और जिला प्रशासन के अधिकारी मौजूद रहे। कार्यक्रम की अध्यक्षता शिवकुमार मिश्रा ने की, जबकि संचालन भाई सुरजीत सिंह ने किया।

दैनिक भास्कर 15 Sep 2026 8:48 am

Afghanistan में अकेले सफर करने पर केरल की महिला Travel Vlogger को मिली हिरासत की धमकी

अफगानिस्तान में ‘‘मुजाहिदीन’’ द्वारा गिरफ्तार किए जाने का दावा करने वाली केरलम की एक लोकप्रिय महिला ‘ट्रेवल व्लॉगर’ ने अब कहा है कि बामियान में स्थानीय अधिकारियों ने उन्हें देश के उस कानून का हवाला देते हुए गिरफ्तार करने की धमकी दी, जिसके तहत महिलाओं के किसी पुरुष साथी या ‘गाइड’ के बिना यात्रा करने पर पाबंदी है। ‘बैकपैकर अरुणिमा’ नाम से ‘फेसबुक पेज’ संचालित करने वाली व्लॉगर ने सोशल मीडिया पर अपनी हालिया पोस्ट में कहा, ‘‘इस देश के कानून के मुताबिक, एक महिला अकेले यात्रा नहीं कर सकती।’’उन्होंने कहा कि अकेले होने के कारण उन्हें पहले जलालाबाद में भी यात्रा की अनुमति देने से इनकार कर दिया गया था। व्लॉगर के अनुसार, बामियान में अधिकारियों ने उनसे कहा कि उन्होंने कानून का उल्लंघन किया है और उन्हें गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि वह शाम करीब सात बजे बामियान पहुंचीं, जहां अधिकारियों ने उनके पासपोर्ट, वीजा और यात्रा अनुमति पत्र के बारे में सवाल-जवाब किए। व्लॉगर ने कहा कि जब उन्हें बताया गया कि उन्होंने कानून का उल्लंघन किया है तो वह काफी डर गईं। महिला ने कहा कि इसके बाद उन्होंने बामियान पहुंचने में उनकी मदद करने वाले व्यक्ति से संपर्क किया और उसने उनकी ओर से अधिकारियों से बात की। उनके फेसबुक पेज पर दी गई जानकारी के अनुसार, अधिकारियों ने इस बात पर जोर दिया कि वह आवश्यक अनुमति लें और एक ‘गाइड’ के साथ यात्रा करें। बातचीत के बाद आखिरकार उन्हें अगले गंतव्य की ओर जाने की अनुमति दे दी गई। व्लॉगर ने कहा, ‘‘मुझे यह सब सिर्फ इसलिए झेलना पड़ा क्योंकि मैं एक महिला हूं।’’उन्होंने कहा कि उनकी योजना उज्बेकिस्तान की सीमा की ओर करीब 500 किलोमीटर की यात्रा करने की थी और उन्हें अंदेशा था कि रास्ते में उन्हें कई जांच चौकियों से गुजरना पड़ेगा। व्लॉगर ने कहा कि वह बेहद डरी हुई थीं और उन्हें आशंका थी कि कहीं उनके साथ कुछ अनहोनी न हो जाए इसलिए उन्होंने इंस्टाग्राम पर एक ‘स्टोरी’ साझा की, ताकि कोई उनकी मदद के लिए आगे आ सके। उन्होंने अपनी पिछली पोस्ट में भारतीय दूतावास से संपर्क करने में मदद करने का आग्रह करते हुए कहा था, ‘‘मैं अफगानिस्तान में मुसीबत में हूं। मैं बामियान में हूं।’’उन्होंने अपनी पोस्ट में स्थानीय अधिकारियों की ओर से मिले कथित आधिकारिक संदेश का अनुवाद भी साझा किया था, जिसमें कहा गया था कि अफगानिस्तान में ‘‘मुजाहिदीन’’ ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया है। ‘पीटीआई-भाषा’ इस पोस्ट की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका।

प्रभासाक्षी 15 Sep 2026 8:23 am

दिल्ली में 26-27 सितंबर को सजेगा पर्यटन का रंग, बांसेरा में छह थीम जोन; देशभर की कला-खानपान से होगा दीदार

विश्व पर्यटन दिवस पर दिल्ली विकास प्राधिकरण (डीडीए) 26 और 27 सितंबर को बांसेरा में दो दिवसीय उत्सव आयोजित करेगा। यह उत्सव दिल्लीवासियों को देश की कला, संस्कृति, खानपान और पारंपरिक मनोरंजन से रूबरू कराएगा, जिसमें छह थीम जोन होंगे।

जागरण 15 Sep 2026 5:25 am

Basti News: ट्रैवलर की टक्कर से बाइक सवार युवक की मौत

Motorcyclist dies after collision with a Traveller vehicle.

अमर उजाला 15 Sep 2026 1:43 am

मुझे मुजाहिदीन ने गिरफ्तार कर लिया है, केरलम की ट्रैवल व्लॉगर अफगानिस्तान में लगा रही गुहार

केरलम की एक लोकप्रिय महिला ‘ट्रैवल व्लॉगर’ ने सोमवार को दावा किया कि अफगानिस्तान के बामियान शहर में मुजाहिदीन ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। यह महिला व्लॉगर कुछ समय पहले अफगानिस्तान की यात्रा पर गई थी।

लाइव हिन्दुस्तान 15 Sep 2026 12:51 am

Afghanistan में Mujahideen ने पकड़ा, Kerala की महिला Travel Vlogger Backpacker Arunima का दावा

केरलम की एक लोकप्रिय महिला ‘ट्रैवल व्लॉगर’ ने सोमवार को दावा किया कि अफगानिस्तान के बामियान शहर में “मुजाहिदीन” ने उसे “गिरफ्तार” कर लिया है। यह महिला व्लॉगर कुछ समय पहले अफगानिस्तान की यात्रा पर गई थी और वहां से अपने सोशल मीडिया पेज पर कई वीडियो भी पोस्ट किए थे। उसने भारतीय दूतावास से संपर्क करने के लिए मदद मांगी है। ‘बैकपैकर अरुणिमा’ ने अपने फेसबुक पेज पर एक पोस्ट में स्थानीय अधिकारियों की ओर से मिले कथित आधिकारिक संदेश का अनुवाद साझा किया, जिसके मुताबिक अफगानिस्तान में मुजाहिदीन ने उसे गिरफ्तार कर लिया है। उसने भारतीय दूतावास से संपर्क करने के लिए मदद की गुहार भी लगाई। उसने लिखा, “मैं अफगानिस्तान में मुसीबत में हूं। मैं बामियान में हूं।”‘पीटीआई’ इस पोस्ट की सत्यता की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं कर सका। विदेश मंत्रालय की ओर से भी इस घटनाक्रम पर तत्काल कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है। पोस्ट में महिला व्लॉगर की कथित गिरफ्तारी की परिस्थितियों के बारे में कोई और जानकारी नहीं दी गई है और न ही यह बताया गया है कि उसे किसने हिरासत में लिया है।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 11:43 pm

100 किलो का इंसान, पानी पर तैरता पत्ता, हावड़ा में कुदरत का एडवेंचर, Video

हावड़ा के आचार्य जगदीशचंद्र बोस भारतीय वनस्पति उद्यान में जायंट वॉटर लिली यानी विक्टोरिया अमेजोनिका के विशाल पत्ते पर 80 से 100 किलो या उससे अधिक वजन वाले वयस्कों को बैठाकर पानी में तैराने का प्रयोग शुरू हुआ है. उद्यान प्रबंधन के मुताबिक, भारत में पहली बार ऐसा प्रयोग किया जा रहा है. अगले साल इसे आम दर्शकों के लिए शुरू करने की योजना है.

आज तक 14 Sep 2026 10:42 pm

नानचिंग संस्कृति और पर्यटन महोत्सव का उद्घाटन हुआ

बीजिंग, 14 सितंबर . 2026 नानचिंग संस्कृति और पर्यटन महोत्सव का उद्घाटन समारोह और नानचिंग शहर की छवि विषय आमंत्रण गतिविधि के परिणामों की घोषणा का कार्यक्रम, चीन के नानचिंग नगर की स्थानीय Government, चाइना मीडिया ग्रुप के च्यांग्सू स्टेशन और चाइना मीडिया ग्रुप के समाचार और न्यू मीडिया सेंटर द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित ... Read more

डेली किरण 14 Sep 2026 9:28 pm

Travel Tips: Karnataka के Hampi में घूमें ऐतिहासिक मंदिर और Stone Chariot, ऐसे बनाएं टूर प्लान

अगर आप भी किसी ऐतिहासिक जगह पर घूमना चाहती हैं, जहां पर आप पुराने खंडहर, मंदिर, इतिहास और खूबसूरत पहाड़ देखना चाहती हैं। तो आपको कर्नाटक के हम्पी जाना चाहिए। कर्नाटक में तुंगभद्रा नदी के किनारे बसा हम्पी कभी विजयनगर साम्राज्य की राजधानी हुआ करता था। आज भी आपको यहां पर बाजार, राजमहल, पुराने मंदिर और पत्थरों से बनी कई शानदार इमारतों के अवशेष दिखेंगे। हम्पी की खासियत यह है कि यहां पर सिर्फ इतिहास नहीं बल्कि बड़े-बड़े ग्रेनाइट पत्थरों से बने बेहद खूबसूरत नजारे देखने को मिलेंगे। देश-विदेश से लोग यहां घूमने के लिए आते हैं। ऐसे में ज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको यहां जाने से लेकर घूमने तक की पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें हम्पी की खास‍ियत हम्पी को देखकर ऐसा महसूस होगा, जैसे आप किसी पुराने शहर के बीच आ चुकी हैं। कभी हम्पी विजयनगर साम्राज्य की बड़ी और अमीर राजधानी थी। 14वीं से 16वीं सदी के दौरान यहां पर अच्छी खासी रौनक देखने को मिलती थी। यहां पर आज भी पुराने बाजार, मंदिर, राजघराने से जुड़ी इमारतें और दूसरी ऐतिहासिक जगहों के अवशेष देखने को मिलेंगे। हम्पी में जरूर देखें ये जगहें विरुपाक्ष मंदिर यह मंदिर भगवान शिव को समर्पित है। यह यहां के खास मंदिरों में से एक है और आज भी यहां पर पूजा-अर्चना की जाती है। मंदिर का ऊंचा गोपुरम आपको दूर से ही नजर आएगा। यह मंदिर हम्पी बाजार के पास है। विजय विट्ठल मंदिर और स्टोन चैरियट इस मंदिर की गिनती हम्पी के सबसे शानदार ऐतिहासिक जगहों में की जाती है। मंदिर में खूबसूरत नक्काशी वाले कई खंबे देखने को मिलेंगे। इस जगह की सबसे बड़ी खूबसूरती स्टोन चैरियट यानी पत्थर का रथ है। इसको ग्रेनाइट से बनाया गया है, जोकि भगवान विष्णु के वाहन गरुण को समर्पित है। फिर इसके आगे आपको हाथियों की मूर्तियां भी बनी हैं। यह भारत के 50 रुपए के नोट पर भी दिखता है। लोटस महल आप यहां आने के दौरान लोटस महल जा सकते हैं। यह महल रॉयल सेंटर में हैं और इसका डिजाइन खिले हुए कमल की तरह है। इस कारण इसको लोटस महल कहा जाता है। इसकी बालकनी, मेहराब और पूरी डिजाइन ही इसको अन्य इमारतों से एकदम अलग बनाता है। हाथी अस्तबल आप हाथी अस्तबल भी जा सकते हैं। विजयनगर साम्राज्य के दौरान हाथियों को रखने के लिए इस जगह का इस्तेमाल होता था। इसमें लंबी इमारत में 11 बड़े गुंबददार कमरे बने हैं। क्वीन बाथ यह उस दौरान शाही परिवार के लिए एक पर्सनल क्वीन बाथ बनाया गया था। भले ही यह इमारत बाहर से सिंपल लगे, लेकिन अंदर जाने पर बड़ा सा चौकोर पूल, मेहराब और बालकनी देखने को मिलेगी। मातंगा हिल अगर आपको पूरा हम्पी देखना है, तो मातंगा हिल जाने का प्लान कर सकती हैं। यह हम्पी की सबसे ऊंची जगह है। यहां पर आपको तुंगभद्रा नदी, चट्टानों और खंडहर का बेहद शानदार नजारा दिखता है। यहां पर आपको सनराइज या सनसेट के समय पर जाना चाहिए। उग्र नरसिंह प्रतिमा हम्पी में एक ही ग्रेनाइट पत्थर से उग्र नरसिंह की बड़ी सी प्रतिमा बनाई गई है, जिसकी ऊंचाई करीब 6.7 मीटर है। इस प्रतिमा की खासियत यह है कि यह हम्पी की सबसे बड़े एक पत्थर से बनी मूर्ती में से एक है। हेमकूट हिल आप यहां पर हेमकूट हिल भी जा सकती है। यहां पर आपको कई छोटे मंदिर मिलेंगे। यहां से हम्पी के खंडहर और आसपास का इलाका देख सकते हैं। सुबह और शाम के समय यहां जाना बेस्ट है। हम्पी बाजार व‍िजयनगर साम्राज्‍य के समय हम्पी बाजार एक बड़ा व्यापारिक इलाका था। यहां की बाजार वाली सड़क पर आपको आज भी पत्थर के पुराने मंडप देखने को मिलेंगी। उस दौरान हम्पी बाजार में हीरे, मोती, घोड़ों औऱ मसाले आदि का व्यापार होता है। चट्टानों वाला इलाका हम्पी में आपको सिर्फ पुराने मंदिर ही नहीं बल्कि जगह-जगह पर बड़े-बड़े ग्रेनाइट के पत्थर दिखेंगे। हम्पी में क्या-क्या करें आप यहां पर तुंगभद्रा नदी में कोरकल राइड का मजा ले सकते हैं। आप साइकिल लेकर यहां की अलग-अलग ऐतिहासिक जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। चट्टानों के कारण यहां पर आप बोल्डरिंग और रॉक क्लाइंबिंग भी की जाती है। आप मातंगा हिल से सनराइज या फिर सनसेट का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर विरुपापुर गड्डे हैं, इसको हिप्पी आइलैंड भी कहा जाता है। ऐसे पहुंचे हम्पी अगर आप फ्लाइट से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के लिए सबसे नजदीक जिंदल विजयनगर एयरपोर्ट है, जोकि करीब 40 किमी दूर है। वहीं बेंगलुरु का केम्पेगौड़ा इंटरनेशनल एयरपोर्ट अच्छा ऑप्शन हो सकता है। अगर आप ट्रेन से जाना चाहती हैं, तो हम्पी के पास रेलवे स्टेशन होसपेट जंक्शन नजदीक है। यह करीब 13 किमी दूर है। यहां से आगे जाने के लिए टैक्सी, बस और दूसरी सवारी से हम्पी पहुंच सकते हैं। वहीं सड़क से हम्पी की दूरी करीब 340 किमी है। आपको बस या कार से पहुंचने में करीब 6-7 घंटे का समय लग सकता है। अगर आप बेंगलुरु या आसपास से हम्पी जा रही हैं, रोड ट्रिप भी अच्छा रहेगा। आसपास घूमने की जगहें हम्पी से तुंगभद्रा डैम करीब 15 किमी दूर है। तुंगभद्रा नदी के दूसरी ओर अनेगुंडी एक ऐतिहासिक गांव है। जोकि हम्पी से भी पुराना है और इस गांव का संबंध रामायण की कथाओं से है। हम्‍पी से करीब 25 किलोमीटर की दूरी पर दारोजी स्लॉथ बियर सेंचुरी स्थित है, ऐसे में आप यहां भी जा सकती है। सनापुर लेक का नजारा देखने के अलावा आप कोरकल राइड और सनराइज भी देख सकती हैं।

प्रभासाक्षी 14 Sep 2026 2:10 pm

Auraiya News: बीहड़ में विकास की बयार, पर्यटन विभाग के जर्जर होटल को मिलेगी संजीवनी

बीहड़ में विकास की बयार, पर्यटन विभाग के जर्जर होटल को मिलेगी संजीवनी

अमर उजाला 14 Sep 2026 1:42 am

कार में बंद होकर ट्रैवल एजेंट ने काटी दोनों हाथों की नसें, चौकी इंचार्ज बने देवदूत, शीशा तोड़कर बचाई जान

आगरा में कर्ज से परेशान होकर एक युवक ने खुद को कार में बंद कर लिया और फिर अपने दोनों हाथों की नसों को काट लिया। उधर से गश्त पर निकले चौकी इंचार्ज की नजर जब कार पर पड़ी तो उन्होंने पास जाकर शीशा तोड़ा और लहूलुहान युवक को अस्पताल पहुंचाया, जिससे उसकी जान बची।

लाइव हिन्दुस्तान 13 Sep 2026 10:08 pm

तरनतारन में तीर्थ यात्रा बस को किया रवाना:मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना के तहत श्रद्धालु सालासर और खाटू श्याम जी के दर्शन को गए

पंजाब सरकार की ‘मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना’ के तहत रविवार को पट्टी शहर से श्रद्धालुओं का एक जत्था श्री सालासर बालाजी और खाटू श्याम जी के दर्शनों के लिए रवाना हुआ। आम आदमी पार्टी के हलका इंचार्ज जस्सा पट्टी ने बड़ी मंडी पट्टी और रेलवे स्टेशन परिसर से श्रद्धालुओं से भरी वोल्वो एसी बस को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। इस अवसर पर जस्सा पट्टी ने कहा कि मुख्यमंत्री तीर्थ यात्रा योजना का मुख्य उद्देश्य राज्य के नागरिकों को देश के प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों के निःशुल्क दर्शन कराना है। उन्होंने बताया कि श्रद्धालुओं की यात्रा को आरामदायक और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार की ओर से विशेष वोल्वो एसी बस का प्रबंध किया गया है। यात्रा के दौरान श्रद्धालुओं के लिए भोजन (लंगर) और अन्य आवश्यक सुविधाओं का पूरा ध्यान रखा जा रहा है। उन्होंने विश्वास जताया कि सभी श्रद्धालु दर्शन कर सुरक्षित पट्टी लौटेंगे। रवानगी के समय श्रद्धालुओं में भारी उत्साह देखने को मिला। स्थानीय लोगों ने पंजाब सरकार की इस जनकल्याणकारी पहल की सराहना करते हुए कहा कि निःशुल्क परिवहन और अन्य सुविधाओं से आम लोगों को धार्मिक यात्राएं करने में बड़ी राहत मिल रही है। इस मौके पर आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं सहित कई गणमान्य व्यक्ति और बड़ी संख्या में श्रद्धालु उपस्थित थे।

दैनिक भास्कर 13 Sep 2026 5:43 pm

बरेली: स्वाइन फ्लू के दो नए मरीज मिले, जिले में अब तक 22 केस, संक्रमित लोगों की नहीं मिली ट्रैवल हिस्ट्री

बरेली में स्वाइन फ्लू के मरीजों की संख्या लगातार बढ़ती जा रही है। जिले में अब तक 22 मरीज मिल चुके हैं।

अमर उजाला 13 Sep 2026 10:19 am

कालसी-चकराता में 11 गांवों से खुलेगा पर्यटन गलियारा, बदलेगी ग्रामीण अर्थव्यवस्था

ग्राम्य विकास विभाग कालसी-चकराता क्षेत्र में 11 ग्राम पंचायतों को चिह्नित कर पर्यटन गलियारा विकसित कर रहा है। इसका उद्देश्य प्राचीन मंदिरों, झरनों और नदियों के आसपास सुविधाएं बढ़ाकर स्थानीय रोजगार व कारोबार को बढ़ावा देना है।

जागरण 12 Sep 2026 7:17 pm

Foreign Travel Mistakes: पहली विदेश यात्रा को आसान बनाने के लिए इन जरुरी नियमों को पहले ही जान लें

हर किसी का सपना होता है कि एक दिन विदेश घूमने जा रहे हैं। नई संस्कृति, अलग खानपान और खूबसूरत जगहों को देखने का उत्साह अलग ही होता है। कई बार लोग पहली बार फॉरेन ट्रिप पर जाते समय कई सारी गलतियां कर देते हैं। इन्हीं गलतियों के कारण विदेशी यात्रा का मजा थोड़ा खराब हो जाता है। आइए आपको बताते हैं आप इन गलतियों से कैसे बचाव करें। जरूर डॉक्यूमेंट्स साथ रखें अगर आप पहली बार विदेश यात्रा पर जा रहे हैं, तो पासपोर्ट, वीजा, ट्रैवल इंश्योरेंस और इंपोर्टेंट डॉक्यूमेंट्स की पूरी जांच करनी चाहिए। अक्सर लोग सिर्फ पासपोर्ट लेकर ही यात्रा पर निकल जाते हैं, बल्कि कुछ देशों में एक्स्ट्रा डॉक्यूमेंट भी जरुरी होते हैं। विदेश यात्रा से पहले पासपोर्ट की वैधता, वीजा के नियम और दूसरों जरुरी दस्तावेजों की जांच कर लें। इसके साथ ही उनकी डिजिटल और प्रिंट कॉपी भी अपने पास रख लें। बजट की सही प्लानिंग गौरतलब है कि विदेश में खर्च अक्सर उम्मीद से ज्यादा होता है। कई बार लोग होटल, लोकल ट्रांसपोर्ट, फूड और शॉपिंग के खर्च का सही अनुमान नहीं लगाते हैं। डेस्टिनेशन पर जाने से पहले खर्चों के बारे में रिसर्च कर लें। इसके लिए एक अनुमानित बजट बनाकर चलें और एक्स्ट्रा खर्च के लिए पैसे अलग रख लें। लोकल कल्चर की जानकारी न होना हर एक देश की अपनी संस्कृति, नियम और सामाजिक व्यवहार का तरीका होता है। पर्यटक अक्सर अनजाने में गलती कर देते है कि जो वहां असभ्य मानी जाती है। इसलिए किसी भी देश में जाने से पहले वहां की संस्कृति, पहनावे, पब्लिक बिहेवियर और स्थानीय नियमों के बारे में जान लें। जरूरत से ज्यादा सामान पैक करना जब पहली बार विदेश के लिए जाते हैं, तो जरुरत से ज्यादा कपड़े और सामान पैक कर लिए जाते हैं। इससे आपका बैग भारी हो जाता है और एयरलाइन के बैगेज नियमों की वजह से एक्स्ट्रा फीस देनी पड़ती है। खासतौर पर मौसम और ट्रिप के अनुसार ही जरुरी सामान ही पैक करें। लाइटवेट और स्मार्ट तरीके से पैकिंग करें, जिससे यात्रा आरामदायक बन जाएगी। लोकल ट्रांसपोर्ट की जानकारी न होना अक्सर लोग यही सोचते हैं कि विदेश जाकर वहां का सब समझ आ जाएगा। लेकिन लोकल ट्रांसपोर्ट, मैप्स और इंटरनेट कनेक्टिविटी की जानकारी न होने से परेशानी हो सकती है। इसलिए पहले से लोकल ट्रांसपोर्ट, मेट्रो कार्ड, ट्रैक्सी ऐप्स और इंटरनेट सिम या इंटरनेशनल रोमिंग के बारे में जानकारी अपने पास रखें।

प्रभासाक्षी 12 Sep 2026 4:56 pm

Travel Tips: Trishla Farmhouse

इंटरनेट डेस्क। देशभर में 14 सितंबर 2026 को गणेश चतुर्थी का त्योहार मनाया जाएगा। इसके लिए लोगों ने अभी से तैयारियां शुरू कर दी हैं। आज हम आपको एक शानदार जगह के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं, जहां पर आप परिवार के साथ शानदार तरीके से गणेश उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। आज हम आपको त्रिशला फार्महाउस के बारे में जानकारी देने जा रहे हैं। गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में स्थित इस फार्महाउस पर आप शानदार तरीके से इस उत्सव का आयोजन कर सकते हैं। यहां पर आप शानदार इनडोर और आउटडोर गेम एरिया, मजेदार पूल पार्टीज, स्वादिष्ट खाने और ताजी हवा के साथ लग्ज़री का अनुभव कर सकेंगे। आपको आज ही इसके लिए ये फार्महाउस को बुक करवा लेना चाहिए। आपको कम बजट पर कई सुविधाएं यहां पर मिलेंगी। व्हाट्सएप नंबर से हासिल करें ऑफर की जानकारी आप त्रिशला फार्महाउस में इस दौरान आप कम बजट में कई एक्टिविटीज का मजा ले सकते हैं। ऑफर से जुड़ी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज करके हासिल की जा सकती है। इस प्रकार से पहुंचे आप जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्महाउस आसानी से पहुंच सकते हैं। यहां से इसकी दूरी केवल 22 किमी दूर ही है। जयपुर एयरपोर्ट से टैक्सी के माध्यम से आप आसानी से पहुंच सकते हैं। जयपुर रेलवे स्टेशन और बस स्टेंड से भी आप यहां पर आसानी से पहुंच सकते हैं। इन स्थानों से भी टैक्सी के माध्यम से पहुंच सकते हैं। अक्षयपात्र जगतपुरा से तो त्रिशला फार्महाउस की दूरी केवल 15 किलोमीटर ही है। यहां से भी आसानी से यहां पर पहुंच सकते हैं। PC:livehindustan,trishla अपडेट खबरों के लिए हमारा वॉट्सएप चैनल फोलो करें View this post on Instagram A post shared by Trishla Farmhouse (@trishlafarmhouse)

समाचार जगत 12 Sep 2026 3:40 pm

दिल्ली में BRICS Summit का ग्लोबल इफेक्ट, होटल हुए फुल; पर्यटन और हॉस्पिटैलिटी सेक्टर को मिला बूस्ट

दिल्ली में हो रहे ब्रिक्स शिखर सम्मेलन ने देश की वैश्विक ब्रांडिंग को नई ऊँचाई दी है, जिससे पर्यटन और आतिथ्य क्षेत्र में उछाल आया है और होटलों में बढ़िया बुकिंग दर्ज की गई है। यह आयोजन टैक्सी सेवाओं, स्थानीय हस्तशिल्प और खान-पान जैसे उद्योगों को भी सीधा लाभ पहुँचा रहा है, जिससे आगामी पर्यटन सीजन में विदेशी पर्यटकों की संख्या बढ़ने की उम्मीद है।

जागरण 11 Sep 2026 9:02 pm

Travel Tips: मुन्नार से लेकर Coorg तक, बारिश में स्वर्ग जैसी दिखती हैं ये जगहें

मानसून आते ही घूमने का मजा दोगुना हो जाता है। क्योंकि इस दौरान चारों ओर हरियाली, रिमझिम ठंडी फुहारें, बादलों से ढके पहाड़ और ठंडी-ठंडी हवाएं लोगों को खूब भाती हैं। ऐसे में अगर आप भी इस मानसून घूमने का प्लान कर रही हैं, तो आप साउथ इंडिया की कुछ खास जगहों को अपने ट्रैवल लिस्ट में शामिल कर सकती हैं। बारिश के मौसम में प्रकृति की खूबसूरत इस कदर बढ़ जाती हैं, जिसको देखकर ऐसा लगता है, मानों स्वर्ग धरती पर ही उतर आया है। साउथ इंड‍िया अपने खूबसूरत हिल स्टेशनों, झरनों, घने जंगलों और चाय के बागानों के लिए जाना जाता है। वहीं यहां की वादियां भी बारिश में खूब हरी-भरी हो जाती हैं। वहीं कई-कई जगहों पर बादल इतने नीचे आ जाते हैं, मानों आप बादलों के बीच खड़े हों। तो आइए जानते हैं साउथ इंडिया के कुछ खूबसूरत हिस स्टेशनों के बारे में... इसे भी पढ़ें: Vagamon से लेकर Araku Valley तक, Monsoon Season में दक्षिण भारत की ये 3 वादियां हैं परफेक्ट Destination मुन्नार, केरल बारिश के मौसम में केरल के मुन्नार को कैसे भुलाया जा सकता है। मुन्नार के चाय के बागान, ठंडी हवाएं और धुंध से ढके पहाड़ आपका दिन बना देंगे। मानसून में यहां की हरियाली और भी निखर जाती हैं। ऐसे में अगर आप भी नेचर लवर हैं और आपको भी फोटोग्राफी का शौक है, तो यह जगह आपके लिए परफेक्ट है। कूर्ग, कर्नाटक प्राकृतिक सुंदरता के मामले में कर्नाटक का कुर्ग किसी से कम नहीं है। इसको भारत का स्कॉटलैंड भी कहा जाता है। बारिश के मौसम में यहां पर पहाड़, कॉफी के बागानों और झरनों की खूबसूरती कई गुना बढ़ जाती है। वहीं कुर्ग खूबसूरत होने के साथ-साथ शांत है, ऐसे में आप यहां पर प्रकृति के बीच सुकून के पल बिता सकती हैं। चिकमगलूर, कर्नाटक बता दें कि पिछले कुछ सालों में कर्नाटक का चिकमगलूर घुमक्कड़ों की पसंदीदा जगह बन चुका है। मानसून में यहां पर हरी भरी घाटियां और बादलों से ढके पहाड़ देखने लायक होते हैं। वहीं अगर आप भी शहर की भागदौड़ से दूर सुकून के दो पल बिताना चाहते हैं, तो आपको चिकमगलूर जरूर जाना चाहिए। कोडाइकनाल, तमिलनाडु यह तमिलनाडु का एक फेमस हिल स्टेशन है, जोकि मानसून में बेहद सुंदर लगता है। कोडाइकनाल की घाटियां, झीलें और व्यू पॉइंट बारिश के मौसम में बेहद शानदार लगते हैं। यहां पर पर्यटकों की भारी भीड़ मिलती है। जिनको प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद है, उसके लिए यह जगह परफेक्ट है। वायनाड, केरल केरल की खूबसूरती के बारे में तो आपने सुन ही रखा होगा। इसको God's Own Country भी कहा जाता है। केरल का वायनाड मानसून में बेहद खूबसरत लगता है। यहां के लेक, घने जंगल, गुफाएं और खूबसूरत झरने देखने लायक होते हैं। आप यहां पर नेचर वॉक और ट्रेकिंग आदि भी कर सकती हैं। ऊटी, तमिलनाडु सिर्फ कोडाइकनाल ही नहीं बल्कि ऊटी भी एक बेहद खूबसूरत हिल स्टेशन है। मानसून में यहां के बगीचे, चाय के बागान और पहाड़ आदि की रौनक देखने लौयक होती है। वहीं अगर आप भी ऊटी घूमने का प्लान कर रही हैं, तो पायकारा फाल्स जाना न भूलें। इन बातों का रखें ध्यान मानसून में घूमने जाने से पहले मौसम की जानकारी जरूर लें और उसी के हिसाब से ट्रिप प्लान करें। छाता, रेनकोट और अच्छी ग्रिप वाले शूज अपने साथ रखना न भूलें। लोकल गाइडलाइंस को जरूर फॉलो करना चाहिए।

प्रभासाक्षी 11 Sep 2026 2:06 pm

नीब करोरी बाबा के नाम से बना नया आध्यात्मिक सर्किट, यूपी पर्यटन के पांच खास टूर पैकेज

यूपी में नीब करोरी बाबा के नाम से नया आध्यात्मिक सर्किट बनाया गया है। महासमाधि दिवस पर यूपी पर्यटन ने इसके लिए खास टूर पैकेज का भी ऐलान किया है।

लाइव हिन्दुस्तान 11 Sep 2026 12:37 pm

पशुपतिनाथ-वैद्यनाथ धाम हाई स्पीड कॉरिडोर से जुड़ेगा कुशेश्वरस्थान:सांसद बोले- नेपाल, मिथिला और झारखंड के बीच धार्मिक पर्यटन, व्यापार, सड़क संपर्क को मिलेगी रफ्तार

मिथिला के लिए एक महत्वपूर्ण सड़क परियोजना की पहल हुई है। नेपाल के पशुपतिनाथ धाम से झारखंड के वैद्यनाथ धाम तक प्रस्तावित हाई स्पीड कॉरिडोर को दरभंगा के कुशेश्वरस्थान-खगड़िया होकर बनाने की दिशा में केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी ने मंत्रालय को शीघ्र कार्रवाई के निर्देश दिए हैं। सांसद सह लोकसभा में भाजपा सचेतक डॉ. गोपालजी ठाकुर ने केंद्रीय मंत्री के पत्र के हवाले से यह जानकारी दी। सांसद ने बताया कि नए राष्ट्रीय राजमार्ग घोषित करने की नीति के तहत यातायात घनत्व, माल ढुलाई, यात्री आवागमन, सामाजिक-आर्थिक महत्व और पर्यटन की संभावनाओं को ध्यान में रखते हुए परियोजनाओं को प्राथमिकता दी जाती है। इसी क्रम में पशुपतिनाथ-वैद्यनाथधाम हाई स्पीड कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान और खगड़िया होकर ले जाने की पहल की गई है। 3 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री से की थी मांग डॉ. गोपालजी ठाकुर ने बताया कि उन्होंने इस मुद्दे को लेकर 3 अप्रैल को केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी से मुलाकात कर पत्र सौंपा था और कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान होकर बनाने की दिशा में शीघ्र पहल करने का आग्रह किया था। इसके बाद मंत्रालय स्तर पर परियोजना से जुड़ी औपचारिकताओं, आंकड़ों और संभावनाओं का अध्ययन किया गया। सांसद के अनुसार, 7 सितंबर को केंद्रीय मंत्री ने इस कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान होकर बनाने के लिए मंत्रालय को निर्देश जारी किया है। कुशेश्वरस्थान के धार्मिक पर्यटन को मिलेगा बढ़ावा सांसद ने कहा कि प्रस्तावित कॉरिडोर धार्मिक पर्यटन, भारत-नेपाल सीमा संपर्क और क्षेत्रीय आर्थिक विकास की दृष्टि से महत्वपूर्ण साबित होगा। कुशेश्वरस्थान उत्तर बिहार का प्रमुख धार्मिक स्थल है। इसे हाई स्पीड कॉरिडोर से जोड़ने पर देश के विभिन्न हिस्सों से आने वाले श्रद्धालुओं के लिए आवागमन आसान होगा और धार्मिक पर्यटन को नई दिशा मिलेगी। उन्होंने कहा कि इस सड़क संपर्क का लाभ केवल दरभंगा तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आसपास के कई जिलों को बेहतर कनेक्टिविटी मिलेगी। इससे क्षेत्र में व्यापार, रोजगार और आधारभूत संरचना के विकास को गति मिलने की संभावना है। नेपाल से झारखंड तक मजबूत होगा सड़क संपर्क डॉ. ठाकुर ने कहा कि नेपाल के पशुपतिनाथ मंदिर से झारखंड के वैद्यनाथधाम तक बनने वाला हाई स्पीड कॉरिडोर दरभंगा के कुशेश्वरनाथ से जुड़ता है तो मिथिला का सीधा सड़क संपर्क नेपाल और झारखंड से हो जाएगा। इससे भारत-नेपाल के बीच व्यापार और पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा। उन्होंने कहा कि इस कॉरिडोर के माध्यम से मिथिला की सांस्कृतिक और धार्मिक विरासत का विस्तार नेपाल और झारखंड तक होगा। आने वाले समय में यह क्षेत्र धार्मिक पर्यटन के बड़े केंद्र के रूप में विकसित हो सकता है। निर्माणाधीन कोसी तटबंध सड़क से जोड़ने का सुझाव सांसद ने बताया कि कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान से जोड़ने में मौजूदा एवं निर्माणाधीन सड़क आधारभूत संरचना का भी उपयोग किया जा सकता है। उन्होंने कहा कि करीब 301 करोड़ रुपये की लागत से 25 किलोमीटर लंबाई में निर्माणाधीन पश्चिमी कोसी तटबंध की सड़क के माध्यम से हाई स्पीड कॉरिडोर को कुशेश्वरस्थान से जोड़ा जा सकता है। इससे 25 किलोमीटर हिस्से में नए हाई स्पीड कॉरिडोर के निर्माण की लागत कम रखने में मदद मिल सकती है। उत्तर बिहार के विकास को मिलेगी नई गति सांसद ने कहा कि यह परियोजना उत्तर बिहार के उन क्षेत्रों के लिए महत्वपूर्ण है, जिन्हें लंबे समय से बेहतर सड़क संपर्क की आवश्यकता रही है। हाई स्पीड कॉरिडोर बनने से यात्री और माल परिवहन सुगम होगा तथा क्षेत्रीय बाजारों को बड़े व्यापारिक केंद्रों से जोड़ने में मदद मिलेगी। उन्होंने मिथिला को इस उपलब्धि के लिए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह, केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी तथा बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के प्रति आभार जताया। सांसद ने कहा कि आने वाले समय में पशुपतिनाथ-वैद्यनाथधाम हाई स्पीड कॉरिडोर उत्तर बिहार के आर्थिक, धार्मिक और पर्यटन विकास के लिए महत्वपूर्ण साबित होगा।

दैनिक भास्कर 11 Sep 2026 9:55 am

Travel Tips: मणिपुर की सांस्कृतिक सुंदरता का प्रतीक है Kangla Fort, जानें कैसे पहुंचे Imphal

इंफाल एयरपोर्ट पर उतरते ही खुला आसमान और हवा की ताजगी आपका मोह लेगी। मणिपुर शैली की हरी छतों वाला यह छोटा लेकिन बेहद खूबसूरत हवाई अड्डा इतना सहज है कि विमान से उतरने के बाद पैदल भवन में एंटर किया जा सकता है। महानगरों की भागदौड़ से दूर बसा इंफाल शहर अपनी प्राकृतिक और सांस्कृतिक छटा के लिए जाना जाता है। जहां एक तरफ युवा आधुनिक लिबास में नजर आते हैं। वहीं अधिकतर महिलाएं ब्लाउज, फनेक और महीन दुपट्टे जैसे पारंपरिक आउटफिट में दिखाई देती हैं। नाक से माथे तक लगा चंदन का लंबा टीका उन महिलाओं की सुंदरता में चार चांद लगा देता है। इमा मार्केट यह समाज में स्त्रियों की भागीदारी का प्रतीक है। शहर के बीचो-बीच इमा मार्केट स्थित है। इमा यानी मां। माताओं द्वारा चलाए जाने वाला मार्केट। इस मार्केट में सिर्फ स्त्रियों द्वारा चलाई जाने वाली दुकानें हैं। इसे भी पढ़ें: IRCTC Kashi Tirtha Yatra Package: 17 हजार में वाराणसी और Ayodhya घूमने का बजट फ्रेंडली अवसर पारंपरिक परिधानों की दुकानें जैसे ब्लाउज, फनेक, दुपट्टे, शॉल, चादर, गमछे और अन्य कई तरह की चीजें शामिल हैं। वहीं एक हिस्से सिर्फ पूजा का सामान है। कांगला किला की सैर इसके अलावा इंफाल में आपको दो जगहें और देखनी चाहिए। जिनमें पहला कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक है। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे है। मेतेई भाषा में कांगला का अर्थ होता है जमीन का मुख्य भाग। मेतेई वर्तमान मणिपुर का मूल नाम है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 ऑफिशियल भाषाओं की लिस्ट में से एक है। कांगला फोर्ट यहां के राजवंश के शासकों की राजधानी हुआ करता था। आज भी मणिपुर के निवासियों के िए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं। जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद थी। लेकिन हमने पैदल घूमने का फैसला किया। इसके अंदर कई संग्रहालय हैं। कांगला संग्रहालय यहां प्राचीन शासकों से संबंधित वस्तुएं और इसका इतिहास देख सकते हैं। बोट म्यूजियम यहां पर प्राचीन शासकों की नावें और उनसे संबंधित जानकारी देखने को मिलेगी। पुरातत्व संग्रहालय पुरातत्व संग्रहालय को देखने से हमें मणिपुर के इतिहास के बारे में गहराई से जानकारी मिलती है। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर सबसे सुंदर सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर लगे। सानामाही मेतेई वास्तुकला का उदाहरण है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी हुई है। जिसको मेतेई लोग शुभ और पवित्र मानते हैं। यहां पर कई और दर्शनीय स्थल है। जैसे - महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति और राजा बोधचंद्र की समाधि है। राजाओं का महल और पोलो ग्राउंड भी इस फोर्ट में है। महाराजा नरसिंह द्वारा श्री गोविंद जी मंदिर का निर्माण कराया गया है। यह इंफाल के प्रमुख दर्शनीय स्थलों में से एक है। जरूरी बातें ट्रेन से इंफाल पहुंचने के लिए आपको दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से आप इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी यहां पर आप सीधे पहुंच सकते हैं। यहां पर जाने के लिए सिंतबर से अप्रैल का समय सबसे अच्छा है। क्योंकि इस दौरान मौसम काफी सुहावना होता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। हालांकि यह सुविधा अब ऑनलाइन भी है। मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा दिल्ली, कोलकाता और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी इसको प्राप्त किया जा सकता है। यह सुविधा इंफाल एयरपोर्ट पर भी मौजूद है। इसके लिए पासपोर्ट या आधार कार्ड की प्रति जरूरी है। इसका शुल्क 100 रुपए है। विदेशी नागरिकों के लिए प्रोटेक्टेड एरिया परमिट की जरूरत होती है।

प्रभासाक्षी 9 Sep 2026 2:50 pm

सफर से पहले याद रखें ये 15 ट्रैवल हैक्स, ट्रिप को हमेशा बना देंगे कम्फर्टेबल

किसी भी ट्रिप को आरामदायक बनाने के लिए उसे सही तरह से प्लान करना बहुत जरूरी है। ऐसे में यहां हम 15 ट्रैवल हैक्स शेयर कर रहे हैं, जो आपके लिए ट्रिप को कम्फर्टेबल बनाने में मददगार साबित हो सकते हैं। देखिए, क्या हैं वह हैक्स।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 4:18 pm

UGC NET री-एग्जाम से पहले दिल्ली के अभ्यर्थियों के लिए NTA ने जारी की ट्रैवल एडवाइजरी, जानें जरूरी बातें

UGC NET Re Exam 2026: दिल्ली में 9 और 10 सितंबर को ट्रैफिक डायवर्जन के चलते NTA ने UGC NET री-एग्जाम के अभ्यर्थियों के लिए एडवाइजरी जारी कर समय से 2 घंटे पहले परीक्षा केंद्र की ओर निकलने की सलाह दी है।

लाइव हिन्दुस्तान 8 Sep 2026 3:16 pm

Travel Tips: अगस्त-सितंबर में फूलों की घाटी की करें सैर, जानें Cost और Itinerary

उत्तराखंड में घूमने के लिहाज से एक से बढ़कर एक कई बेहतरीन जगहे हैं। वहीं उत्तराखंड के गढ़वाल की गोद में बसी खूबसूरत घाटी को 'Valley of Flowers' कहा जाता है। ऐसे में अगर आप भी रोजाना की भागदौड़ भरी जिंदगी से थक चुके हैं और पहाड़ों पर जाकर सुकून की तलाश में हैं। तो IRCTC का यह टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। IRCTC आपके लिए 6 दिनों का टूर पैकेज आपके लिए बेस्ट है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस टूर पैकेज के बारे में विस्तार से जानकारी देने जा रहे हैं। वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक अगस्त-सिंतबर में होने वाली इस वैली ऑफ फ्लावर्स ट्रेक की अवधि 6 दिन है। इस दौरान करीब 37 किमी की ट्रेकिंग करना होता है। वहीं ट्रेक का मैक्सिमम एल्टीट्यूड लेवल करीब 14,100 फीट है। इसकी डिफिकल्टी लेवल को ईजी टू मॉडरेट बताया गया है। इस ट्रिप की खासियत है कि प्रति व्यक्ति किराया 12,450 रखी गई है। इसे भी पढ़ें: Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules ट्रिप की जानकारी यह ट्रिप सुबह 06:00 बजे से ऋषिकेश के तपोवन स्थित बैक स्टेज होटल से शुरू होगी। वहीं पहले दिन करीब 9-10 घंटे की रोड ट्रिप तय करने के बाद आप 1,340 मीटर की ऊंचाई पर स्थित पीपलकोटी पहुंचेंगे। यहां एक्स्ट्रा सामान को छोड़ने के लिए यहां पर क्लॉकरूम भी मौजूद है। इसके अगले दिन गोविंदघाट और पुलना तक गाड़ी से जाने के बाद आपका पैदल ट्रैक शुरू होगा। 9 किमी की ट्रैकिंग करने के बाद आप घांघरिया पहुंचेंगे। फिर अगले कुछ दिनों तक आपका यहीं पर स्टे होगा। फिर ट्रिप के तीसरे दिन आपको फूलों की घाटी के नजारे से रूबरू कराया जाएगा। यहां ब्लू पॉपी, हिमालयन रोज, रिवर एनेमोन और डॉग फ्लावर जैसे अद्भुत फूल आपका स्वागत करेंगे। वहीं ट्रिप के चौथे दिन पवित्र हेमकुंड साहिब की ट्रेकिंग करेंगे। ट्रिप के 5वें दिन घांघरिया से वापसी होगी। वहीं अच्छी बात यह है कि रास्ते में बिना किसी एक्स्ट्रा फेयर के आपको बद्रीनाथ धाम के दर्शन का भी मौका मिलेगा। वहीं ट्रिप के छठे दिन शाम को 06:30 से 07:30 बजे तक यात्रियों को वापस ऋषिकेश छोड़ दिया जाएगा। पहाड़ों पर मौसम कभी भी बिगड़ सकता है। इसलिए अपने टूर में 1 बफर डे जरूर रखें। वापसी की ट्रेन या फ्लाइट को छठे दिन की रात में 08:00 बजे के बाद ही बुक करें। फिटनेस है जरूरी अगर आपकी उम्र 9 साल या इससे ज्यादा है, वहीं आप पहली बार ट्रेकिंग कर रहे हैं, तो भी आप इस ट्रिप का हिस्सा बन सकते हैं। आप 45 मिनट में 5 किमी की जॉगिंग या 30 मिनट में 10 किमी साइकिल चलाने का दम रखते हों। अपना 10 से 12 किलो का बैग खुद उठाने की क्षमता होनी चाहिए। इसके अलावा आपका पल्स, बीपी और ब्रीदिंग रेट एकदम नॉर्मल होना चाहिए। दिल की बीमारी, अस्थमा, डायबिटीज और ब्लड प्रेशर के मरीजों के लिए यह ट्रेक नहीं है। वहीं असामान्य BMI या साइनस वाले लोग ट्रिप की बुकिंग से पहले एक्सपर्ट से सलाह जरूर ले लें। पैकेज में मिलने वाली सुविधाएं बता दें कि पीपलकोटी के हेस्ट हाउस और घांघरिया में सेफ टेंट में रहने की व्यवस्था है। पहले दिन के डिनर से लेकर 5वें दिन तक बेहतरीन वेज खाने के साथ चाय-स्नैक्स की व्यवस्था मिलेगी। सेफ्टी के लिए ऑक्सीजन सिलेंडर, फर्स्ट-एड किट और तजुर्बेकार ट्रेक लीडर व शेफ रहेंगे। मुख्य सामान को उठाने के लिए खच्चर और ट्रेक पूरा करने पर एक सर्टिफिकेट मिलेगा। जानिए बुकिंग कैंसल करने के नियम अगर आप ट्रिप से 25 दिन पहले अपनी बुकिंग कैंसिल करते हैं, तो 5% कटौती होगी। वहीं 15 से 24 दिन के अंदर ट्रिप की बुकिंग कैंसिल करने पर 30% की कटौती होगी। 10 से 14 दिन पर बुकिंग कैंसिल करने पर 50% का नुकसान उठाना होगा। वहीं अगर आप ट्रिप शुरू होने से 9 दिन या इससे कम दिनों के अंदर अपनी बुकिंग को कैंसिल करते हैं, तो आपको कोई रिफंड नहीं मिलेगा। इसलिए प्लान हमेशा सोच-समझकर बनाएं। यहां तक कैसे आएं बता दें कि देहरादून का जॉली ग्रांट एयरपोर्ट या ऋषिकेश रेलवे स्टेशन यहां आने के बेस्ट ऑप्शन है। इसके अलावा आप दिल्ली से सरकारी या प्राइवेट बस से भी ऋषिकेश पहुंच सकते हैं।

प्रभासाक्षी 7 Sep 2026 3:28 pm

Solo Traveler Safety Guide: अकेले घूमने से पहले जान लें ये 5 Essential Rules

आजकल सोलो ट्रिप का ट्रेंड बढ़ता जा रहा है। लोगो घूमने के लिए कहीं न कहीं पहुंच ही जाते हैं। अकेले घूमते हुए आप बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। जब आप अकेले घूमते हैं, तो बिना किसी दबाव या जल्दबाजी के आराम से घूम सकते हैं। वहीं, सोलो ट्रिप पर जाने से आपकी फैसले लेने की क्षमता और चुनौतियों का सामना करने की सूझ-बूझ भी बढ़ती है, लेकिन इस दौरान कुछ बातों का ध्यान रखना जरुरी है। वैसे तो सोलो ट्रिप मजेदार होती है, लेकिन इस दौरान कुछ चुनौतियों का सामना करना पड़ सकता है। इसलिए पहले से सावधानी और जानकारी बेहद जरुरी है। आइए आपको आपको बताते हैं सोलो ट्रिप पर जाने के लिए किन बातों का ध्यान रखें। सही डेस्टिनेशन और रिसर्च यदि आप पहली बार सोलो ट्रिप पर जा रहे हैं, तो ऐसी जगह का चयन करें, जो सेफ हो और वहां आना-जाना काफी आसान हो। ट्रिप शुरु करने से पहले उस जगह का मौसम, संस्कृति, खान-पान, भाषा और परिवहन के साधनों के बारे में अच्छी तरह से जानकारी इकट्ठा कर लें। इसके साथ ही यह जान लें कि किन जगहों पर जाना एकदम सुरक्षित नहीं है और किन जगहों पर जाने से बचें। घर वालों के साथ ट्रैवल आइटिनररी शेयर अकेले ट्रैवल करना काफी मजेदार माना जाता है। हालांकि, इसके लिए काफी ध्यान रखना पड़ता है। आप कहां रुक रहे हैं, आपकी फ्लाइट या ट्रेन का समय, आप कहां-कहां जा रहे हैं, ये सभी जरुरी जानकारियां अपने किसी भरोसेमंद दोस्त या परिवार के सदस्यों के साथ जरुर शेयर करें। रोजाना अपनी लोकेशन को घर वाले से जरुर शेयर करें। जरूरी डॉक्यूमेंट और इमरजेंसी कैश सोलो ट्रिप पर जाने के लिए अपना आई-डी प्रूफ, पासपोर्ट, ड्राइविंग लाइसेंस, होटल बुकिंग आदि की हार्ड कॉपी के साथ-साथ डिजिटल कॉपी भी ईमेल पर जरुर सेव करें। पैसों के मामले में पूरी तरह ऑनलाइन पेमेंट पर निर्भर न रहें और अपने साथ कुछ इमरजेंसी कैश जरुर रखें। इस बात का ध्यान रखें कि सारा कैश एक जगह पर बिल्कुल न रखें। कुछ अपनी जेब में, तो कुछ बैग में छिपाकर रखें। जिससे नेटवर्क न रहने की स्थिति में आपको परेशान न हो। लाइट पैकिंग करें असल में सोलो ट्रिप पर जाने के लिए आपको सारा सामान खुद ही उठाना पड़ता है। इसलिए सिर्फ जरुरत का सामान अपने साथ रखें। रुकने के लिए महंगे होटलों की जगह हॉस्टल्स या डोर्मेट्री ऑप्शन दिया गया है। इनसे आपके पैसे भी बचेंगे और आपको दूसरे सोलो ट्रैवलर्स से भी मिलने का मौका मिलेगा। गट फीलिंग पर भरोसा रखें अक्सर ट्रिप पर आपको कई सारे लोग देखने को मिलेंगे। कुछ लोग आपकी मदद करेंगे, तो कुछ से आपको नेगेटिव वाइब्स भी आ सकती है। यदि आपको किसी इंसान या जगह पर अनकम्फर्टेबल महसूस हो सकता है, तो तुरंत वहां से दूर हो जाएं। फिर अपनी गट फीलिंग्स को ओवर थिंकिंग समझकर नजरअंदाज न करें।

प्रभासाक्षी 6 Sep 2026 10:59 am

चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं

टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।

आज तक 5 Sep 2026 2:38 pm

September Travel Plan: राजस्थान की Shekhawati Haveli में देखें कला और रॉयल्टी का बेजोड़ संगम

सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से बेहद खास होता है क्योंकि इस महीने में न ज्यादा गर्मी होती है और न ज्यादा बारिश होती है। ऊपर से मौसम भी सुहावना होता है। इस दौरान लोग घूमने के लिए कहीं न कहीं जरुर जाते हैं। अगर आप भी घूमने का प्लान बना रही हैं और समझ नहीं आ रहा है, कहां जाएं, तो यह लेख आपके लिए है। इस बार सितंबर में इतिहास, कला और राजशाही ठाट-बाट से भरपूर इन हवेलियों का दीदार जरुर करें। शेखावाटी की प्रसिद्ध हवेलियां सितंबर के महीने में घूमने के लिए शेखावाटी की ये भव्य हवेलियां सबसे बेस्ट हैं। यहां पर आपको सैकड़ों साल पुराने राजसी दौर की झलक देखने को मिलेगी। आइए आपको बताते हैं शेखावाटी की इन चुनिंदा हवेलियों और अनोखी वास्तुकला के बारे में बताते हैं- मंडावा की कलात्मक हवेलियां शेखावाटी के मंडावा शहर की हर गली में आपको शानदार कलाकृति और अद्भुत नजारे देखने को मिलते हैं। यहां आप मंडावा किला, हवेली, मुरमुरिया हवेली और चौखानी हवेली जैसी कई शानदार हवेलियों को देख सकते हैं। इन हवेलियों की बाहरी दीवारों पर बनीं सुंदर पेंटिंग्स देखने लायक है। नवलगढ़ की ऐतिहासिक हवेलियां यदि आपको फोटग्राफी का सबसे ज्यादा क्रेज और शौक है, तो आप नवलगढ़ की पोद्दार हवेली और आनंदीलाल पोद्दार हवेली देखने जरुर जाएं। यहां पर आपको दीवारों पर बेहतरीन रंगों और सोने-चांदी की नक्काशी से बनी पेंटिंग फोटोग्राफी देखने को मिलेगी। वहीं, आपको यहां पर राजस्थानी की लोक संस्कृति और वास्तुकला की भी पूरी जानकारी मिलेगी। फतेहपुर शेखावाटी की नादिन ले प्रिंस हवेली अगर आप फ्रांसीसी कला का शानदार अनुभव प्राप्त करना चाहते हैं, तो आप फतेहपुर कीनादिन ले प्रिंस हवेली' जरुर विजिट करें, यहां पर आपको राजस्थानी रॉयल्टी देखने को मिलेंगे। इसके अलावा, आप यहां द्वारकाधीश हवेली और सिंघानिया हवेली के दर्शन करने जरुर जा सकते हैं। शेखावाटी की हवेलियों तक कैसे पहुंचे? - यहां जाने के लिए आप सबसे नजदीकी एयरपोर्ट 'जयपुर इंटरनेशनल एयरपोर्ट' जाएं। यहां से फिर मंडावा और नवलगढ़ से करीब 150 से 170 किलोमीटर दूर है। एयरपोर्ट से बाहर आते ही आपको कैब या टैक्सी मिल जाएगी, जो आपको इस लोकेशन पर पहुंचा देगी। - इसके अलावा, आप नवलगढ़, मुकुंदगढ़ या झुंझुनू रेलवे स्टेशन के लिए ट्रेन टिकट बुक कर सकते हैं। ये तीनों रेलवे स्टेशन शेखावाटी के काफी नजदीक है। स्टेशन से बाहर आते ही आपको आसानी से लोकल बस या टैक्सी यहां पर जाने के लिए मिल जाएंगी।

प्रभासाक्षी 4 Sep 2026 5:48 pm

International Tourism Trends: बजट और वाइब्स के मामले में क्यों छा रहे हैं ये 4 Honeymoon Destinations

शादी के बाद न्यूली वेड का सबसे पहला ड्रीम यही होता है कि वह हनीमून पर जाएं। अगर आपकी भी जल्द शादी होने वाली है, तो एक बार सबसे बेहतरीन हनीमून डेस्टिनेशन को जरुर देख लें। इस लेख में हम आपको भारत के बाहर उन देशों के बारे में बताने जा रहे हैं, जो हनीमून के लिए आजकल काफी ट्रेंड में जगहें है। कपल्स की पहली पसंद बन रही हैं, ये जगहें। तो चलिए आपको बताते हैं हनीमून के लिए दुनिया के सबसे बेस्ट देशों के बारे में, यहां धीरे-धीरे टूरिज्म भी बढ़ रहा है। ग्रीस दक्षिण यूरोप में बसा ग्रीस एक खूबसूरत देश है। यह अपने एतिहासिक मॉन्यूमेंट्स, खूबसूरत बीचेस, बेस्ट सनराइज और टेस्टी फूड के लिए जाना जाता है। वैसे हनीमून के लिए यह डेस्टिनेशन सबसे खूबसूरत है। यहां पर आप एथेंस का एक्रोपोलिस, अपोलो टेंपल, मेटियोरा और कार्फू का पुराना शहर जैसी जगहें काफी फेमस है। यहां की सबसे मस्त नाइटलाइफ है। आइसलैंड अगर आप हनीमून के लिए किसी जन्नत जैसी जगहों की तलाश में हैं, तो आप आइसलैंड जरुर जाएं। यहां की कैफे नाइटलाइफ और सुंदर बीच आपका मन मोह लेंगी। कपल्स के लिए यहां पर हेल्दी एनवायरमेंट हैं। यह जगह नॉर्दन लाइट देखने के लिए काफी फेमस है। इसे देखने के लिए हर एक टूरिस्ट बेचैन रहता है। इसको औरोरा बोरेलिस (Aurora Borealis) कहा जाता है, जो कि आमतौर पर एक प्राकृतिक घटना है। यहां पर आसमान का रंग हरे, गुलाबी और बैंगनी रंग में बदल जाता है। हवाई आइलैंड हनीमून को स्पेशल बनाने के लिए आप हवाई आईलैंड भी जा सकते हैं। यहां की सुंदरता, शांति और रोमांटिक वाइब कपल्स को काफी पसंद आएगी। जिन लोगों की नई-नई शादी हुई, वे लोग इस जगह पर जरुर जाएं। यहां आपको रोमांटिक बीचेस और सुंदर जंगलों के नजारे देखने को मिलेंगे, जो कि दुनियाभर में फेमस है। यहां पर आप एक्टिव ज्वालामुखी देख सकते हैं। बहामास अगर आपके पास हनीमून का मोटा बजट है, तो आप कैरेबियन देश बहामास हनीमून के लिए घूमने जा सकते हैं। यह डेस्टिनेशन अन्य देशों से थोड़ी महंगी है। लेकिन यहां आकर आप अपने हनीमून को खास बना सकते हैं। सनबाथ के लिए यहां की बीचेस काफी फेमस है। यहां पर आप अपने पार्टनर के साथ हार्बर आइलैंड, पिग बीच, और पैराडाइज आइलैंड घूम सकते हैं। हनीमून के लिए यह जगह बेहद ही शानदार है।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 6:24 pm

दिल थोड़ा डेयरिंग है? भारत में ये 5 एडवेंचर एक्टिविटी जरूर ट्राई करें

अगर आपको घूमने के साथ थोड़ा रोमांच भी पसंद है, तो भारत में कई ऐसी जगहें हैं जहां आप स्कीइंग से लेकर स्काइडाइविंग तक का मजा ले सकते हैं। ये 5 एडवेंचर जिंदगी में एक बार जरूर ट्राई करें।

लाइव हिन्दुस्तान 2 Sep 2026 4:40 pm

Travel Tips: जन्माष्टमी पर द्वारकाधीश दर्शन के लिए जानें Train और Flight रूट

जन्माष्टमी के पर्व को लोग तरह-तरह की प्लानिंग करते हैं। कोई घरों में भगवान श्रीकृष्ण की झांकी को बनाता है, तो कुछ मथुरा-वृंदावन में जन्माष्टमी का पर्व मनाने के लिए जाते हैं। ऐसे में अगर आप भी इस जन्माष्टमी श्रीकृष्ण के दर्शन के प्लान बना रही हैं, तो आप गुजरात से लेकर द्वारका तक भगवान श्रीकृष्ण के कुछ फेमस मंदिरों के दर्शन के साथ एक यादगार ट्रिप प्लान कर सकती हैं। द्वारकाधीश मंदिर भगवान कृष्ण को समर्पित है, यहां पर जन्माष्टमी के मौके पर खास रौनक देखने को मिलती है। द्वारका में कहां-कहां घूमें द्वारका सिर्फ मंदिर घूमने की जगह नहीं है, बल्कि यहां पुराने मंदिर, समुद्र, बीच और आसपास के कई धार्मिक स्थल हैं, जिनको आप एक्सप्लोर कर सकती हैं। अगर आप दिल्ली से सिर्फ 2 से 3 दिन के लिए ट्रिप प्लान करती हैं, तो दर्शन के साथ-साथ यहां घूमने-फिरने का भी मजा ले सकती हैं। यहां द्वारकाधीश मंदिर के अलावा नागेश्वर ज्योतिर्लिंग, बेट द्वारका, रुक्मिणी देवी मंदिर और शिवराजपुर बीच फेमस है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस पूरे ट्रिप के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Janmashtami 2026 | इस बार बनाएं खास प्लान, भारत के इन 5 प्रसिद्ध कृष्ण मंदिरों में लें दिव्य दर्शन का आनंद | Best Krishna Temples India द्वारकाधीश मंदिर में करें दर्शन जब आप द्वारका पहुंच जाएं, तो होटल में चेकइन करें। फिर फ्रेश होकर सबसे पहले द्वारकाधीश मंदिर जाएं। इसको जगत मंदिर भी कहा जाता है। मंदिर को लेकर धार्मिक मान्यता है कि इसकी स्थापना भगवान श्रीकृ्ष्ण के पोते वज्रनाभ ने कराया था। यह मंदिर एक ऊंचाई पर बना है, यहां तक पहुंचने के लिए 50 से अधिक सीढ़ियां चढ़नी होती हैं। मंदिर के दर्शन का समय सुबह 07 बजे से दोपहर 12:30 बजे तक और शाम को 05:00 बजे से 09:00 बजे तक है। वहीं जन्माष्टमी के मौके पर आम दिनों से ज्यादा भीड़ होती है, इसलिए समय में बदलाव हो सकता है। मंदिर में क्या खास देखें मंदिर में दर्शन करने के अलावा बहुत कुछ देख सकते हैं। भगवान श्रीकृष्ण के द्वारकाधीश रूप के दर्शन करें। मंदिर की खूबसूरत नक्काशी और ऊंचा शिखर देख सकते हैं। मंदिर के आसपास बने छोटे मंदिर देख सकते हैं। अरब सागर के पास का खूबसूरत नजारा देख सकते हैं। गोमती क्रीक के पास सुदामा सेतु देख सकते हैं। दिल्ली से ऐसे पहुंचे द्वारका दिल्ली से द्वारका काफी दूर है। इसलिए आपको ट्रिप की सही प्लानिंग करनी होगी। आप ट्रेन से द्वारका पहुंचने के लिए दिल्ली से ट्रेन ले सकती हैं। यह बजट फ्रेंडली ऑप्शन है। दिल्ली से द्वारका की दूरी करीब 1325 से 1335 किमी है। ऐसे में आपको द्वारका पहुंचने के लिए 23 से 24 घंटे का समय लग सकता है। इसके अलावा आप फ्लाइट से भी द्वारका जा सकती हैं। द्वारका का सबसे नजदीकी एयर कनेक्शन जामनगर और पोरबंदर है। द्वारका से पोरबंदर एयरपोर्ट की दूरी करीब 136 किमी है। वहीं जामनगर एयरपोर्ट की दूरी 105 किमी है। यहां पहुंचकर आप बस या कैब से द्वारका जा सकती हैं। वहीं अगर आप फ्लाइट या ट्रेन से नहीं जाना चाहती हैं, तो रोड ट्रिप प्लान कर सकती हैं। हालांकि रोड ट्रिप थोड़ा थकान भरी रह सकती है। क्योंकि इसकी दूरी करीब 1450 से 1460 किमी है। इन जगहों को भी करें एक्‍स्‍प्‍लोर अब आप द्वारकाधीश मंद‍िर में दर्शन करने के बाद यहां और भी जगहों को एक्‍सप्‍लोर कर सकती हैं। बेट द्वारका मंदिर में दर्शन करने के बाद आप बेट द्वारका भी जा सकती हैं। यह समुद्र के पास बसा एक आइलैंड है और यहां पर मंदिर भी है। माना जाता है कि यह श्रीकृष्ण का निवास स्थान है। यहां पर विष्णु, शिव, लक्ष्मी-नारायण और हनुमान आदि के मंदिर है। ध्यान रकें कि शाम के समय यहां घूमने के लिए न जाएं। नागेश्वर ज्योतिर्लिंग द्वारका में आप भगवान शि‍व के 12 ज्‍योतिर्लिंगों में से एक नागेश्वर ज्‍योतिर्लिंग के दर्शन भी कर सकती हैं। मंदिर के पास गोपी तालाब तीर्थ भी है। यह जगह भगवान कृष्ण और गोपियों से जुड़ी है। अगर आप धार्मिक जगहों में दिलचस्पी रखती हैं, तो द्वारका ट्रिप में इसे जरूर शामिल करें। रुक्मिणी देवी मंदिर द्वारका जाने पर आप रुक्मिणी देवी मंदिर के दर्शन भी करें। मंदिर की बाहरी दीवारों पर आपके देवी-देवताओं और अलग-अलग आकृतियों की नक्काशी देखने को मिलेगी। माना जाता है कि यह मंदिर 12वीं सदी से है। शिवराजपुर बीच आप मंदिर और धार्मिक जगहों को एक्सप्लोर करने के बाद शिवराजपुर बीच भी जा सकती हैं। यह द्वारका से करीब 12 किमी की दूरी पर है। अगर आप भी एडवेंचर के शौकीन हैं, तो यहां पर स्नॉर्कलिंग, बनाना राइड, स्कूबा डाइविंग जैसी एक्टिविटी कर सकती हैं। यहां पर जाने का समय सुबह 8 बजे से शाम के 7 बजे तक हैं। वहीं एंट्री के लिए आपको 30 रुपए का टिकट लेना होगा। जानिए द्वारका में कहां रुकें द्वारका में रुकने के लिए आपको आप होटल और टूरिस्ट स्टे मिल जाएंगे। लेकिन जन्माष्टमी के मौके पर भीड़ अधिक रहती है। इसलिए होटल आदि पहले से बुक कर लें। ध्यान रहे कि होटल मंदिर से ज्यादा दूर न हो। ऐसी जगह पर स्टे लें, जहां से मंदिर और अन्य जगहों तक आसानी से पहुंच सकें। खाने में क्या ट्राई करना चाहिए द्वारका में आप गुजरात का लोकल खाने का स्वाद ले सकती हैं। गुजराती थाली, खमण, जलेबी-फाफड़ा और दूसरी गुजराती चीजों को ट्राई करें। इससे आपकी ट्रिप अधिक मजेदार हो जाएगी। वहीं अगर आप जन्माष्टमी के मौके पर व्रत रखती हैं, तो बता दें कि आपको होटल या आसपास के भोजनालय में फलाहार खाना भी मिल जाएगा। इन बातों का रखें ध्यान जन्माष्टमी के मौके पर मंदिर में अधिक भीड़ हो सकती है, इसलिए समय से पहुंचें। ट्रेन, होटल या फ्लाइट आदि की बुकिंग पहले से कर लें। बेट द्वारका जाने के दौरान वापसी की टैक्सी भी पहले बुक कर लें। समुद्र के किनारे जाने के दौरान नियमों का पालन करें। गर्मी और उसम को देखते हुए पानी भी अपने साथ रखें।

प्रभासाक्षी 2 Sep 2026 3:46 pm

Tripura Tourism Plan: जानिए क्यों खास हैं उनाकोटी की रहस्यमयी मूर्तियां और Ujjayanta Palace

भारत में विविधता का देश है और यहां पर घूमने के लिए कई सारी जगहें मौजूद है। अगर आप नॉर्थ-ईस्ट जाने का प्लान बना रहे हैं, तो आप त्रिपुरा जरुर जाएं। यहां पर आपकों संस्कृति और प्राकृतिक सुंदरता के नजारे देखने को मिलेंगे। त्रिपुरा में एकदम शांत वातावरण देखने को मिलता है। हरी-भरी पहाड़ियों का एक अलग ही अनुभव देता है। आइए आपको त्रिपुरा के बारे में कुछ खास बातें बताते हैं। त्रिपुरा की खूबसूरत जगहें त्रिपुरा के इतिहास और विरासत जानने के लिए आपको यहां उज्जयंत पैलेस देखने को मिलेगा। रुद्रसागर झील के बीचों-बीच स्थित नीरमहल एक बेहद सुंदर वॉटर पैलेस है और भारत का सबसे बड़ा जल महल है। उनाकोटी त्रिपुरा का प्राचीन रॉक-कट तीर्थ स्थल है। यहां भगवान शिव की विशाल मूर्तियां हैं, जो घने जंगलों के बीच पत्थरों पर उकेरी गई हैं। यह जगह बेहद ही खूबसूरत है। त्रिपुरा की कला और हस्तशिल्प त्रिपुरा की कला की बात करें, तो यहां मुख्य रुप से बांस और बेत के काम पर आधारित कला है। यहां के लोकल कारीगर बांस के फर्नीचर, बास्केट, डेकोरेशन पीस और बर्तन बनाते हैं, इसके अलावा, त्रिपुरा में रेशा नाम का एक पारंपरिक बुना हुआ कपड़ा काफी मशहूर है। इसको महिलाएं ऊपरी वस्त्र के तौर पर पहनती हैं। वहीं यहां का खान-पान काफी सदा होता है। त्रिपुरा की पारंपरिक डिश मुई बोरोक बेहद ही स्वादिष्ट होती है। इसे फर्मेंट की गई मछली के पेस्ट से बनाया जाता है। बांगुई राइस भी यहां के खान-पान का मुख्य हिस्सा है।

प्रभासाक्षी 31 Aug 2026 5:58 pm

Vacation Sex Tips: ट्रिप के दौरान कैसे करें रोमांस, होटल रूम से लेकर टाइमिंग तक रखें इन बातों का ध्यान

अगर आपकी सेक्स लाइफ थोड़ी बोरिंग या एक जैसी हो गई है, तो पार्टनर के साथ कहीं घूमने जाना अच्छा आइडिया हो सकता है। रोज की भागदौड़ से दूर छुट्टियों का माहौल आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे के साथ क्वालिटी टाइम बिताने का मौका देता है। नए माहौल में रोमांस और नजदीकियां रिश्ते में एक नई ताजगी ला सकती हैं। लेकिन छुट्टियों में इंटीमेसी को बेहतर बनाने के लिए कुछ छोटी-छोटी बातों का ध्यान रखना जरूरी है। आइए जानते हैं ऐसे ही 10 आसान टिप्स, जो आपके कपल टाइम को और खास बना सकते हैं। अपनी पसंद की चीजें साथ लेकर जाएं अगर आपके लिए कोई खास चीज रोमांटिक माहौल बनाने में मदद करती है, तो उसे ट्रिप पर साथ ले जा सकते हैं। यह आपकी पसंद की कोई रोमांटिक एक्सेसरी, परफ्यूम, आरामदायक नाइटवियर या दूसरी पसंदीदा चीज हो सकती है। ध्यान रखें कि जो भी चीज आप इस्तेमाल करें, उसमें दोनों पार्टनर की सहमति और सहजता सबसे जरूरी है। सिर्फ बेड तक सीमित न रहें होटल का कमरा सिर्फ सोने के लिए नहीं होता। छुट्टियों में आप कमरे के माहौल को थोड़ा अलग और रोमांटिक बना सकते हैं। कमरे की लाइटिंग, खुशबू और म्यूजिक जैसी छोटी चीजें भी मूड को बेहतर कर सकती हैं। हालांकि, किसी भी तरह की एक्टिविटी में होटल की संपत्ति और सुरक्षा का ध्यान रखना जरूरी है। इसे भी पढ़ें: Long Distance Relationship में बढ़ रही हैं दूरियां? नजदीकियां बढ़ाने में मदद कर सकता है Phone Sex दोपहर का समय भी आजमाएं रोजमर्रा की जिंदगी में कपल्स अक्सर अपनी व्यस्त दिनचर्या के हिसाब से ही इंटीमेट होते हैं। छुट्टियों में आपके पास समय की थोड़ी ज्यादा आजादी होती है। इसलिए अगर आमतौर पर आपके पास सिर्फ रात या सुबह का समय होता है, तो छुट्टी के दौरान दिन में भी एक-दूसरे के साथ रोमांटिक समय बिताया जा सकता है। जल्दबाजी न करें काम, घर और रोज की जिम्मेदारियों के बीच कपल्स के पास अक्सर एक-दूसरे के लिए पर्याप्त समय नहीं होता। छुट्टियां इस रफ्तार को थोड़ा धीमा करने का अच्छा मौका देती हैं। एक-दूसरे के साथ आराम से समय बिताएं, बातचीत करें और बिना किसी जल्दबाजी के पल को एंजॉय करें। यहां मकसद किसी तरह का दबाव बनाना नहीं, बल्कि साथ में अच्छा समय बिताना है। छुट्टियों में काम को थोड़ा दूर रखें अगर आप छुट्टियों पर भी लगातार ईमेल, ऑफिस चैट या काम के मैसेज चेक करते रहेंगे, तो आपका दिमाग पूरी तरह रिलैक्स नहीं हो पाएगा। इसलिए जहां संभव हो, काम से ब्रेक लें। लैपटॉप और ऑफिस नोटिफिकेशन को कुछ समय के लिए दूर रखना आपको और आपके पार्टनर को एक-दूसरे पर ध्यान देने में मदद कर सकता है। अपने शरीर और भावनाओं पर ध्यान दें छुट्टियां खुद को रिलैक्स करने और अपने पार्टनर के साथ जुड़ने का अच्छा समय होती हैं। अपने आसपास के माहौल को महसूस करें और पार्टनर के साथ बिताए जा रहे समय पर ध्यान दें। नए माहौल, नई जगह और पार्टनर की मौजूदगी को महसूस करने से रोमांटिक कनेक्शन और बेहतर हो सकता है। ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल कर सकते हैं इंटीमेसी के दौरान ल्यूब्रिकेंट का इस्तेमाल आराम और सुविधा बढ़ाने में मदद कर सकता है। खासतौर पर अगर ड्रायनेस या असहजता महसूस हो रही हो, तो सही ल्यूब्रिकेंट उपयोगी हो सकता है। ट्रिप पर जाने से पहले इसे साथ रखना भी एक अच्छा विकल्प है। अगर किसी प्रोडक्ट से जलन या परेशानी हो, तो उसका इस्तेमाल बंद कर दें। खुद को पूरी तरह रिलैक्स रखें कई बार इंटीमेसी के दौरान लोग काम, तनाव या दूसरी बातों के बारे में सोचते रहते हैं। इससे वे उस पल को पूरी तरह एंजॉय नहीं कर पाते। छुट्टियों में खुद को थोड़ा रिलैक्स करने की कोशिश करें। किसी तरह की परफॉर्मेंस या उम्मीद का दबाव न बनाएं और अपने पार्टनर के साथ सहज तरीके से समय बिताएं। इसे भी पढ़ें: Couples Special: बोरिंग Sex Life को रोमांचक बनाने के लिए ट्राई करें ये 4 नई Sex Positions यह न गिनें कि कितनी बार इंटीमेट हुए छुट्टियों में ज्यादा रोमांस होना अच्छी बात है, लेकिन इसका मतलब यह नहीं कि आपको हर दिन या बार-बार इंटीमेट होना ही चाहिए। हर कपल की पसंद और कम्फर्ट अलग होता है। इसलिए खुद पर या पार्टनर पर कोई दबाव न डालें। अगर छुट्टी के माहौल में ढलने में थोड़ा समय लग रहा है, तो यह बिल्कुल सामान्य है। कुछ नया आजमाने की कोशिश करें छुट्टियां रिश्ते में कुछ नया करने का अच्छा मौका हो सकती हैं। आप कोई नया रोमांटिक आइडिया, नई एक्टिविटी या ऐसी चीज आजमा सकते हैं जिसे दोनों पार्टनर पहले से करने की इच्छा रखते हों। लेकिन यहां भी दोनों की सहमति और सहजता सबसे जरूरी है। अगर किसी एक पार्टनर को कोई चीज पसंद नहीं है, तो उसे करने का दबाव नहीं होना चाहिए। छुट्टियों में रोमांस का असली मतलब वेकेशन सेक्स या छुट्टियों में इंटीमेसी का मतलब सिर्फ सेक्स नहीं है। असल में यह अपने पार्टनर के साथ बिना रोजमर्रा के तनाव के क्वालिटी टाइम बिताने और रिश्ते में नजदीकी बढ़ाने का मौका है। इसलिए छुट्टी के दौरान खुद पर किसी तरह का दबाव न डालें। साथ में घूमना, बातें करना, एक-दूसरे को समय देना और छोटे-छोटे रोमांटिक पल भी रिश्ते को बेहतर बनाने में अहम भूमिका निभाते हैं।

प्रभासाक्षी 31 Aug 2026 5:54 pm

Budget Friendly Travel: कम बजट में घूमें ये 8 शानदार जगहें, सितंबर के महीने में न मिलेगी भीड़ और न गर्मी

Budget Friendly Travel: कम बजट में घूमें ये 8 शानदार जगहें, सितंबर के महीने में न मिलेगी भीड़ और न गर्मी

समाचार नामा 29 Aug 2026 4:30 pm

Travel Tips: शिमला-मनाली के बजाय Jibhi के Offbeat Locations बन रहे पर्यटकों की पहली पसंद

हिमाचल प्रदेश का नाम सुनते ही लोगों के दिमाग में सबसे पहले शिमला और मनाली का नाम आता है। इसके अलावा लोग और दूसरी जगहों के बारे में बहुत कम जानते हैं। ऐसे में अगर आप भी हिमाचल प्रदेश घूमने का मन बना रही हैं, तो आप हिमाचल की ऑफबीट लोकेशन को एक्सप्लोर कर सकती हैं। आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको हिमाचल प्रदेश की छिपे खजाने जिभी के बारे में बताने जा रह हैं। ऑफबीट लोकेशन जिभी हिमाचल प्रदेश के कुल्लू जिले की बंजार घाटी स्थिति जिभी आपको सुकून का एहसास दिलाएगा। क्योंकि 5000 मीटर की ऊंचाई पर मौजूद यह जगह अन्य टूरिस्ट स्पॉट की तरह भीड़भाड़ वाली नहीं है। वहीं दूरी की बात की जाए, तो यह जगह मनाली से करीब 100 किमी दूर और मंदिर से करीब 50 किमी दूर है। इसे भी पढ़ें: Travel Plan Breakdown: दिल्ली से ₹5000 के बजट में घूमें ये 3 शहर, जानें ट्रांसपोर्ट और होटल का पूरा खर्च जिभी कैबाइन्स नामक ट्री हाउस, लकड़ी और घने देवदार के जंगलों के लिए जानी जाती है। आप आप भी प्रकृति के बीच समय बिताना पसंद करते हैं, तो जिभी के सुंदर झरने और प्राकृतिक नजारे आपको मंत्रमुग्ध कर देंगे। जिभी में इन जगहों को करें एक्सप्लोर दुनिया की भीड़भाड़ से दूर हिमाचल प्रदेश की यह ऑफबीट लोकेशन कई मायनों में बेहद खास है। तो आइए जानते हैं कि आप जिभी में क्या-क्या एक्सप्लोर कर सकते हैं। रघुपुर किला रघुपुर किला वैसे तो अब खंडहरों में गिना जाता है। लेकिन 11,155 फीट की ऊंचाई पर मौजूद इस किले से कुल्लू और मंडी के खूबसूरत नजारों का लुत्फ उठाया जा सकता है। जालोरी पास जिभी से करीब 12-14 किमी दूर और करीब 10 हजार फीट स्थित जालोरी पास एक माउंटेन है। यहां पर बर्फ से ढकी पहाड़ियां हसीन वादियों से कम नहीं लगती हैं। श्रृंग ऋषि मंदिर जिभी से थोड़ी ही दूर पर बग्गी गांव में स्थित श्रृंग ऋषि मंदिर है। जो यहां के स्थानीय देवता श्रृंग ऋषि को समर्पित है। श्रृंग ऋषि को कुल्लू के 18 देवताओं में से एक माना जाता है। जिनका संबंध रामायण काल से है। यही कारण है कि इस मंदिर में दर्शन के लिए हर साल हजारों की संख्या में लोग भीड़ उमड़ती है। सेरोलसर झील जालोरी से करीब 5 किमी दूर सेरोलसर झील है। जिसके बारे में स्थानीय लोगों का मानना है कि इस झील के पानी में औषधीय गुण हैं। झील के किनारे बैठकर बहुत सुकून मिलता है। ऐसे में प्रकृति प्रेमियों को यहां आकर निराशा नहीं होगी।

प्रभासाक्षी 28 Aug 2026 5:00 pm

Travel Plan Breakdown: दिल्ली से ₹5000 के बजट में घूमें ये 3 शहर, जानें ट्रांसपोर्ट और होटल का पूरा खर्च

घुमक्कड़ लोग हमेशा घूमने के लिए तैयार रहते हैं। यह लोग हमेशा कही न कहीं का प्लान बनाते रहते हैं। सितंबर का महीना घूमने के लिहाज से खास माना जाता है। इस दौरान कई जगहों पर बारिश होती है, इसलिए मौसम सुहाना होता है। बरसात के बाद से हर जगह खूबसूरती चरम पर पहुंच जाती है और आसपास का नजारा काफी फ्रेश नजर आता है। परिवार, दोस्तों या पार्टनर के साथ कुछ दिनों की छुट्टी पर जाना अच्छा हो सकता है। आइए आपको बताते हैं करीब 5000 रुपये में बजट में आप कहां घूम सकते हैं। पुष्कर, राजस्थान यदि आप पहाड़ों की जगह पर किसी झील और मंदिर वाली जगहों को एक्सप्लोर करना चाहते हैं, तो आप राजस्थान के पुष्कर जा सकते हैं। यहां की झीलें घूमना, ब्रह्मा मंदिर के दर्शन करना और बाजारों में घूमना आपको मजेदार लगेगा। इस मौसम में यहां गर्मी कम होती है। - दिल्ली से दूरी-करीब 430 किमी है। - समय- लगभग 7-9 घंटे का समय लग जाता है। - घूमने के लिए पुष्कर झील, ब्रह्मा मंदिर, घाट और लोकल बाजार घूमने जा सकते हैं। बजट फ्रेंडली होटल लें, लोकल स्ट्रीट से खाना खाएं। होटल को बुकिंग ऑनलाइन ही करें। ऋषिकेश, उत्तराखंड योग नगरी ऋषिकेश धार्मिक दृष्टि से तो खास है, लेकिन यह जगह एडवेंचर के लिए भी काफी लोकप्रिय है। सुबह की आरती से लेकर मंदिरों के दर्शन तक, यहां पर आप सब कुछ देख सकते है। रिवर राफ्टिंग कर सकते हैं और भी कई एक्टिविटीज कर सकते हैं। - दिल्ली से दूरी करीब 240 किमी। - समय- लगभग 5 से 6 घंटे का समय लग जाता है। - होटल के लिए कम से कम 1200 से 1500 रुपये में रुम मिल जाएगा। - 5000 हजार में ट्रिप को करने के लिए पैदल या शेयरिगं ऑटो से घूमें और महंगे कैफे से बचें। अमृतसर, पंजाब बजट फ्रेंडली ट्रिप के लिए आप पंजाब घूमने जा सकते हैं। अमृतसर में धार्मिक और ऐतिहासिक दोनों तरह की जगहें देखने को मिल जाएगी। सबसे फेमस यहां पर स्वर्ण मंदिर है, जिसकी खूबसूरती काफी देखने के लायक है और माहौल भी शांत देखने को मिलेगा। वहीं, आप अटारी-वाघा बॉर्डर भी घूमने जा सकते हैं। -दिल्ली से दूरी- लगभग 450 किमी -समय- लगभग 7 से 8 घंटे लग सकते हैं। इस ट्रिप के दौरान आप खाने पर खर्च बचा सकते हैं, गुरुद्वारे में खाना खा सकते हैं। वहीं, आप लोकल स्ट्रीट पर फूड खा सकते हैं। महंगे होटल पर खाना खाने से बचें।

प्रभासाक्षी 27 Aug 2026 6:27 pm

जन्माष्टमी पर दिल्ली से द्वारका कैसे जाएं और कितना होगा खर्चा? जानिए पूरा बजट और ट्रैवल प्लान

जन्माष्टमी के दिन द्वारकाधीश के दर्शन करने का प्लान कर रहे हैं, तो दिल्ली से द्वारका तक जाने का पूरा ट्रैवल प्लान जान लीजिए। हम आपको आने-जाने और ठहरने का खर्चा बताने जा रहे हैं।

लाइव हिन्दुस्तान 25 Aug 2026 12:55 pm

Travel Tips: बादलों के ऊपर बसा Zuluk गांव, Thambi View Point से दिखती है Kanchenjunga की दिव्य चोटियां

क्या आप कभी भारत के ऐसे इलाके में घूमने गए हैं, जहां की सड़कें एकदम जिगजैग हों। ऐसा सफर देखकर या सोचकर ही रोमांचक लगता है। कुछ ऐसा ही है सिक्किम का ऑफ बीट लोकेशन है। जिसका नाम जुलूक है। अगर आप भी हिमाचल प्रदेश या उत्तराखंड जाकर ऊब चुके हैं, तो इस बार आपको सिक्कम जाने का प्लान करना चाहिए। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको सिक्किम के छोटे से गांव जुलूक के बारे में बताने जा रहे हैं। सिक्किम का जन्नत भारत के सिक्किम राज्य के पूर्वी जिले में स्थित एक बेहद छोटा और खूबसूरत गांव जुलूक है। जुलूक आपको जन्नत की सैर इसी धरती पर करा सकता है। बादलों के ऊपर बसा यह गांव समुद्र तल से करीब 10,000 फीट की ऊंचाई पर स्थित है। इसको आप हनीमून डेस्टिनेशन या फैमिली ट्रिप बना सकती हैं। आपको यहां आकर निराशा नहीं होगी। इसे भी पढ़ें: IRCTC Northeast Package: अब किस्तों में चुकाएं पैसे, मुंबई से Gangtok-Darjeeling ट्रिप में Flight और Guide भी शामिल सिल्क रूट का हिस्सा शायद आपको पता न हो जुलूक कभी सिल्क रूट का हिस्सा था। इसके व्यापार मार्ग की बात करें, तो यह मार्ग जेलेपा मुख्य पहाड़ी दर्रे को तिब्बत के ल्हासा तक जोड़ता था। जुलूक में क्या करें एक्सप्लोर अगर आप भी जुलूक घूमने का मन बना रहे हैं, तो आपको इन खास जगहों को जरूर एक्सप्लोर करना चाहिए। थंबी व्यू पॉइंट थंबी व्यू पॉइंट से आपको कंचनजंघा की चोटियां साफ देखने को मिल सकती हैं। क्योंकि थंबी व्यू पॉइंट से कंचनजंघा सिर्फ 10 से 12 किमी की दूरी पर है। नाथंग वैली नाथंग वैली पर जाकर आप एक गाना तो जरूर गुनगुनाएंगे, 'बादल पर पांव हैं', क्योंकि वाकई में आपके पैर बादलों के बीच होंगे। एलीफेंट लेक ओल्ड सिल्क रूट पर आपको सिर्फ बादल ही नहीं बल्कि एलिफेंट लेक भी देखने को मिलेगी। इसको कुपूप झील या बिटांग छो भी कहते हैं। इस झील का आकार कुछ-कुछ हाथी जैसा दिखता है। जिग-जैग रास्ते यहां जाकर अगर आप रोड ट्रिप पर नहीं गए हैं तो मतलब आपने जुलूक को सही से नहीं एक्सप्लोर किया। यहां के जिग-जैग मोड़ ही इसकी सबसे बड़ी पहचान है। जानें कब और कैसे जाएं यहां पर जाने के लिए मार्च से लेकर मई और सितंबर से नवंबर तक का समय बेस्ट है। अगर आप ट्रेन से जा रहे हैं, तो न्यू जलपाईगुड़ी रेलवे स्टेशन और हवाई मार्ग के लिए बागडोगरा एयरपोर्ट पहुंचे। इसके बाद गंगटोक और रोंगली होते हुए सड़क यात्रा करनी होगी।

प्रभासाक्षी 24 Aug 2026 3:19 pm

Travel Tips: तुर्कमेनिस्तान का वह नरक द्वार जहाँ 1971 से नहीं बुझी आग, जानिए Karakum Desert का सच

दुनिया में आपको कई ऐसी अनोखी जगहें मिलेंगी, जिनके बार में जानकर हर कोई हैरान रह जाएगा। ऐसी ही एक जगह मध्य एशियाई के देश तुर्कमेनिस्तान में है। यहां पर काराकुम रेगिस्तान को नरक का दरवाजा भी कहा जाता है। क्योंकि यहां पर कोई पैर नहीं रख सकता है। काराकुम रेगिस्तान में डेवरेज गांव के पास में यह रेगिस्तान में है। जिसको 'शाइनिंग काराकुम' के नाम से भी जाना जाता है। ऐसा इसलिए भी क्योंकि रेगिस्तान का एक हिस्सा हमेशा आग की तरह चमकता रहता है। ऐसे में अगर आप भी यह सोच रहे है कि इसको नरक का दरवाजा क्यों कहा जाता है, तो आज इस आर्टिकल में हम आपको इस जगह के बारे में बताने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Raksha Bandhan 2026: भारतीय रेलवे का बड़ा तोहफा, इन Routes पर चलेंगी Raksha Bandhan Special Trains क्यों कहते हैं नरक का दरवाजा साल 1971 में मध्य एशिया के काराकुम रेगिस्तान में एक ऐसी घटना हुई। जिस कारण रेगिस्तान में आग लगाना पड़ा। साल 1971 में तेल भंडार की खोज में सोवियत संघ के भूवैज्ञानिक का एक ग्रुप काराकुम रेगिस्तान आया था। यहां पर उनको एक ऐसी जगह मिल भी गई। जहां पर वैज्ञानिकों को लगा कि तेल भंडार होगा। उन्होंने प्राकृतिक गैस के एक बड़े भंडार के ऊपर खुदाई करना शुरू किया। लेकिन उनको इसके नतीजे के बारे में नहीं पता था। जब खुदाई के लिए उन्होंने उस हिस्से पर भारी मशीनें लगाईं। तो जमीन मशीनों का जोर न सह पाए और जमीन अंदर की ओर धंसने लगी। जिस कारण कई जगहों पर गड्ढा बनता चला गया। एक गड्ढे से निकलने लगी गैस बता दें कि रेगिस्तान में जगह-जगह गड्ढे बन रहे थे। लेकिन एक गड्ढा सबसे बड़ा था। यह गड्ढा करीब 230 फीट चौड़ा और 65 फीट गहरा था। जिसके बाद वैज्ञानिकों को चिंता सताने लगी। क्योंकि इस गड्ढे से लगातार प्राकृतिक गैस बाहर निकल रही थी। हालांकि यह गैस जहरीली नहीं थी, लेकिन फिर भी यह ऑक्सीजन को बदल देती थी। जिस कारण सांस ले पाना मुश्किल हो जाता है। इससे सबसे ज्यादा परेशानी रेगिस्तान में रहने वाले जानवरों को होती थी। क्योंकि गड्ढे में गिरने से जानवर की फौरन मौत हो जाती। ऐसे में वैज्ञानिकों ने सोचा कि अगर यहां ब्लास्ट करना हो तो सिर्फ 5% मीथेन की मात्रा काफी होगी। इसलिए उन्होंने सोचा कि इसमें आग लगा दी जाए। अभी तक जल रही आग आपको जानकर हैरानी होगी कि यह आग अभी तक जल रही है। तुर्कमेनिस्तान के वैज्ञानिकों को उम्मीद है कि जब गड्ढे में मौजूद प्राकृतिक गैस खत्म हो जाएगी, तो यह आग अपने आप बुझ जाएगी। लेकिन अभी तक ऐसा नहीं हुआ है और यह आग जल रही है। साल 2010 में तुर्कमेनिस्तान के राष्ट्रपति कुरबानगुली बर्डीमुखामेदोव भी इस गड्ढे का दौरा करने के लिए यहां पहुंचे थे। रेगस्तान में भभकने वाली इस आग को देखकर उन्होंने भी चिंता जताई थी। इससे आसपास के गैस क्षेत्रों को भी खतरा हो सकता है।

प्रभासाक्षी 21 Aug 2026 1:30 pm

Travel Tips: Ha Long Bay से Da Nang तक, वियतनाम की खूबसूरती और सस्ती Currency ने जीता भारतीयों का दिल

वियतनाम भारतीय पर्यटकों द्वारा सबसे ज्यादा पसंद की जाने वाली जगहों में से एक है। इसकी सबसे बड़ी वजह यहां पर्यटकों को मिलने वाली हर तरह की सुविधा है। जिन यात्रियों को समुद्र के किनारे समय बिताना अच्छा लगता है, उनके लिए यहां पर कई खूबसूरत बीच हैं। एडवेंचर और ऐतिहासिक जगहों पर घूमने के लिए कई जगहें हैं। वियतनाम की संस्कृति भी पर्यटकों का काफी आकर्षित करती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको वियतनाम की खासियत के बारे में बताने जा रहे हैं। जिस कारण हर साल लाखों की संख्या में भारतीय पर्यटक यहां पर घूमने के लिए आते हैं। इसे भी पढ़ें: Delhi to Agra Travel Guide: मानसून की फुहारों के बीच ताजमहल और Baby Taj का दीदार, एक दिन की छुट्टी के लिए परफेक्ट One-Day Trip आसान वीजा प्रोसेस वियतनाम जाने के लिए भारतीयों को वीजा प्रोसेस के लिए ज्यादा भागदौड़ नहीं करनी पड़ती है। ई-वीजा के जरिए आवेदन करने पर 90 दिनों के अंदर आप वियतनाम यात्रा पर जा सकते हैं। ऑनलाइन आवेदन के कारण भारतीयों को वीजा के लिए बार-बार चक्कर नहीं लगाने पड़ते हैं। ऑनलाइन आवेदन करने के दौरान भारतीयों को पासपोर्ट नंबर, जारी होने की तारीख, एक्सपायरी डेट, पासपोर्ट साइज फोटो, पासपोर्ट के बायोडाटा की फोटो और पर्सनल जानकारी जैसी जानकारी देनी होती है। वहीं यात्रा से 2 सप्ताह पहले आवेदन करना सही होता है। घूमना है आसान वियतनाम की मुद्रा को डोंग कहते हैं, जोकि भारत के रुपए के मुकाबले सस्ती है। भारतीय रुपए की तुलना में वियतनाम के डोंग की वैल्यू काफी कम है। भारतीय 1 रुपया करीब 275 वियतनामी डोंग के बराबर है। अगर आप 100 रुपए खर्चा करती हैं, तो यह 27,500 वियतनामी डोंग के बराबर होगा। इसलिए यहां पर भारतीयों को घूमना सस्ता पड़ता है। वहीं यहां पर रहना, खाना, घूमना आदि भारतीय पर्यटकों को सस्ता लगता है। कई बेहद खूबसूरत जगहें वियतनाम जाने का एक कारण यह भी है कि यहां पर खूबसूरत जगहों की भरमार है। यहां समुद्र तट, नदियां, पहाड़, गुफाएं और ऐतिहासिक स्थल आदि सभी चीजें आपको एक ही जगह पर मिल जाती है। इस तरह से आपका विदेश ट्रिप पूरा लगता है। यहां का हा लॉन्ग बे जगह नीले पानी और चूना पत्थर की के लिए काफी फेमस माना जाता है। वहीं दा नांग एक बेहद खूबसूरत बीच है। आप हो ची मिन्ह सिटी में शॉपिंग कर सकती हैं। तो हनोई में वियतनाम की संस्कृति को बेहद करीब से देखने और समझने का मौका मिलता है।

प्रभासाक्षी 19 Aug 2026 3:58 pm

Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय

एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।

प्रभासाक्षी 19 Aug 2026 3:43 pm

Delhi to Agra Travel Guide: मानसून की फुहारों के बीच ताजमहल और Baby Taj का दीदार, एक दिन की छुट्टी के लिए परफेक्ट One-Day Trip

क्या आप भी दिल्ली की भागदौड़ में परेशान हो गए हैं। बस आपको एक दिन ब्रेक लेना है, तो यह लेख आपके लिए है। वीकेंड पर घूमने के लिए आप दिल्ली से बेहद नजदीक इस जगह पर जरुर जा सकते हैं। यहां पर आपको इतिहास, खूबसूरती और अच्छा खाना तीनों एक साथ मिल जाएंगे। इस ट्रिप के लिए आपको ज्यादा दिन की छुट्टी लेनी की भी जरुरत नहीं है। आगरा में कई मशहूर जगहें जहां आप जरुर जाएं। मानसून के समय आगरा का मौसम बेहद प्यारा और खूबसूरत रहता है, तो चलिए बिना देर किए आपको बताते हैं एक दिन की छोटी ट्रिप के बारे में- आगरा में देखें ताजमहल आगरा जाएं और आप ताजमहल न देखें, ऐसा कुछ हो नहीं सकता। सफेद संगमरमर से बना हुआ यह मकबरा मुगल बादशाह शाहजहां ने अपनी पत्नी मुमताज महल की याद में बनवाया था। आपको बताते चलें कि यह यूनेस्को की वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल है। मानसून के दौरान जब काले बादल छाए रहते हैं, तो ताजमहल का नजारा और भी खूबसूरत दिखता है। फोटो क्लिक करने के लिए शानदार व्यू बन जाता है। आगरा फोर्ट घूमें दिल्ली से आगरा की दूरी करीब 230 से 240 किलोमीटर है। ताजमहल घूमने के बाद आप आगरा फोर्ट देखने जरुर जाएं। लाल बलुआ पत्थर से बना हुआ यह किला यूनेस्को वर्ल्ड हेरिटेज साइट की लिस्ट में शामिल हैं। एक समय में यह मुगल बादशाहों के लिए सत्ता और रहने की जगह थी। वैसे यह ताजमहल से ज्यादा दूर नहीं है। किले के अंदर बड़े आंगन, महल और मुगर दौर की चीजें देखने को मिलती है। मेहताब बाग में मिलेगा ताज का अलग नजारा भीड़ से हटकर घूमना चाहती हैं, तो मेहताब बाग जा सकती हैं। यहां से दूर बैठकर ताजमहल के दीदर किए जा सकते हैं। खासतौर पर यह यमुना नदी के दूसरी तरफ बना मुगल गार्डन है और यहां से ताजमहल सबसे सुंदर नजर आता है। बेबी ताज भी देख सकती हैं आप यदि आप ट्रिप का समय का मैनेज कर लें, तो आप इत्माद-उद-दौला का मकबरा देखने भी जा सकते हैं। इसको बेबी ताज कहा जाता है। सफेद मार्बल, डिजाइन और काम इसको और भी सुंदर बना दिया है। जिन लोगों को भीड़ दूर रहना पसंद उनके लिए यह जगह बेहद खास है। मानसून में ट्रिप प्लान करते समय रखें ये बातें सबसे बढ़िया समय है मानसून के दौरान ट्रिप प्लान करने का। इस बात का ध्यान रखें कि पूरे दिन का शेड्यूल न रखें। आप भी एक दिन के लिए ऐसे ट्रिप का प्लान कर सकती हैं। - सुबह दिल्ली से आगरा के लिए निकलें। - सबसे पहले आप ताजमहल देखने जाएं। - दोपहर के समय खाना और थोड़ा आराम करें। - शाम के समय आप मेहताब बाग घूम सकते हैं। - अगर समय बचे तो बेबी ताज देख सकते हैं। - रात के समय दिल्ली के लिए वापस निकलें।

प्रभासाक्षी 18 Aug 2026 5:22 pm

Travel Tips: चंदेरी में मौजूद है अमर प्रेम का यह ऐतिहासिक प्रतीक, जानिए चंदेरी की Best Places To Visit

चंदेरी को भगवान श्रीकृष्ण की बुआ श्रुति के बेटे शिशुपाल की राजधानी माना जाता है। उस दौरान इसका उल्लेख चेदी राज्य के रूप में मिलता है। चंदेरी की रणनीतिक स्थिति में इसके समृद्धि की बड़ी वजह रही। कभी चंद्रगिरि कहा जाने वाला चंदेरी, बुंदेलखंड और मालवा की सीमा पर बसा है। जिसका उल्लेख महाभारत में भी मिलता है। यहां पर मालवा के सुल्तानों और बुंदेल के राजपूतों द्वारा बनवाई गई तमाम इमारतें देखी जा सकती हैं। नदी किनारे गुफाओं में बने शैलचित्र सांस्कृतिक वैभव और कलात्मक सौंदर्य का परिचय देते हैं। यहां के शैलचित्रों को देखकर कहा जा सकता है कि चंदेरी प्रागैतिहासिक काल से एक जीवंत शहर है। चंदेरी साड़ियों से तो सभी वाकिफ हैं, चंदेरी साड़ियां अपने शिल्प और नफासत के लिए फेमस हैं। इसे भी पढ़ें: Monsoon Tourism 2026: भीड़भाड़ से दूर शांति देंगे ये 4 Budget Friendly Destinations, आज ही करें अपने ट्रिप का Plan जानें चंदेरी में कहां घूमें कोशक महल वहीं खिलजी वंश के शासनकाल में यह महल इस्लामी वास्तुकला का एक उत्कृष्ट उदाहरण है। चतुर्भुज आकार में निर्मित इस त्रि-स्तरीय महल के विशाल द्वार, झरोखे, खुले गलियारे इसकी स्थायपत्य कला को अनुपम बनाते हैं। इस महल के छत से दिखने वाले प्राकृतिक दृश्य इसकी शोभा को दोगुना कर देती है। कोशल इमारत के हर कक्ष के छत की डिजाइन बेहद अनोखा है। शुरूआत में 7 मंजिला इमारत के रूप में यह ढांचा सिर्फ 3 मंजिलों तक पूरा हो सका। चंदेरी किला चंदेरी किला शहर से 71 मीटर ऊंची पहाड़ी पर स्थित यह किला अभी भी शान से खड़ा है। यह किला कभी अभेद्य दुर्ग की तरह रहा होगा। यह किला 5 किमी लंबी दीवार से घिरा है। किले तक पहुंचने के तीन रास्ते हैं: पहला पक्का रास्ता है, जिससे आप गाड़ी से किले तक जा सकते हैं। दूसरा रास्ता खूनी दरवाजा है, जहां से पैदल पहुंचा जा सकता है। खूनी दरवाजा लकड़ी का बड़ा द्वार है। इस पर मालवा के सुल्तान कैदियों के शवों को लटका देते थे। बताया जाता है कि जब बाबर ने किले की घेराबंदी की थी। तो यह सच में खून से नहा गया था। इसको आखिरी किला कहा जाता था, यानी जब शासक को पता होता था कि उसकी हार होना निश्चित है। वह यहीं से युद्ध करते थे, जिससे तहखाने से निकलकर सुरक्षित जा सकें। बत्तीसी बावड़ी चौकोर, गोल और समकोण बावड़ियों से भरा यह अफगान वास्तुकला की निशानी है। इसकी सुंदर सीढ़ियों के ऊपर बने बीच में स्वागत द्वारों ने इसको अधिक भव्य बनाया है। 60-60 फीट लंबी-चौड़ी बावड़ी आज भी पर्यटकों को अपनी ओर आकर्षित करती है। यहां पर आपको एक फारसी में लिखा शिलालेख भी मिलेगा। जिसका अर्थ है, जो स्वर्ग की झलक देखना चाहता है, वह यहां पर थोड़ा विश्राम करें, क्योंकि स्वर्ग इसी की तरह है। कटी घाटी इसको विशाल चट्टान को तराश कर बनाया गया है। चंदेरी के दक्षिणी किनारे पर स्थित यह मार्ग बुंदेलखंड और मालवा के बीच एक कड़ी का काम करता था। मालवा के सुल्तान ग्यासुद्दीन खिलजी के स्वागत के लिए इसको रातों-रात बनाया गया था। लेकिन इस दरवाजे में कुंडे या टिकाव के लिए राजमिस्त्री ने जगह नहीं छोड़ी थी। इस कमी को देखते हुए जिमन खान ने मिस्त्री को मेहनताना देने से इंकार दिया। इससे दुखी होकर मिस्त्री ने आत्महत्या कर ली। तब से यह कटी घाटी गेट बिना दरवाजे के खड़ा है। शहजादी का रोजा चंदेरी के गवर्नर की बेटी मेहरुनिस्सा और एक सेनापति के अमर प्रेम का प्रतीक यह मकबरा है। इसको 15वीं शताब्दी में गवर्नर ने बनवाया था। गवर्नर ने दोनों को अलग करने के लिए सेनापति को युद्ध में भेजा और सैनिकों को निर्देश दिए कि वह जीवित वापस न आ पाए। यह जानकारी मिलने पर शहजादी ने रोजे रखे थे। घायल होने के बाद भी सेनापति बच गया और वापस चंदेरी आ गया। जब मेहरुन्निसा उससे मिली, तो वह सेनापति अंतिम सांसे ले रहा था। उसी दौरान शहजादी ने भी प्राण त्याग दिए। रोजा रखने के कारण इस मकबरे का नाम 'शहजादी का रोजा' पड़ा। बाद में दोनों प्रेमियों को गवर्नर ने इस मकबरे में साथ दफनाया। यात्रा से जुड़ी जरूरी जानकारी यहां का सबसे नजदीकी रेलवे स्टेशन ललितुर है। वहीं भोपाल एयरपोर्ट से कैब लेकर भी यहां तक आसानी से पहुंचा जा सकता है। बुंदेली खानों का स्वाद लें, जैसे मक्के की रोटी, दाल बाफला, रसखीर और सूजी के लड्डू। चंदेरी घूमने का सबसे सही समय अक्तूबर से लेकर मार्च के बीच का है। दो लोगों के एक दिन रहने और खाने का अनुमानित खर्च 2.5 से 3 हजार रुपए तक है। यहां का मौसम अधिकतम 40 डिग्री सेल्सियस और न्यूनतम 15 से 20 डिग्री सेल्सियस तक रहता है।

प्रभासाक्षी 17 Aug 2026 12:54 pm

शर्मिंदगी का पर्यटन

बीते दिनों कुछ ऐसी खबरें देखने और सुनने मिली हैं, जिनसे पर्यटन पर नयी बहस शुरु होने की गुंजाइश बनी है। पर्यटन की भारत में प्राचीन परंपरा रही है।

देशबन्धु 2 Jun 2026 3:00 am

कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक

टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...

वेब दुनिया 7 Jan 2026 5:01 pm

स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें

भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...

वेब दुनिया 9 Apr 2025 5:46 pm

गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...

वेब दुनिया 7 Apr 2025 4:18 pm

कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें

टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...

वेब दुनिया 24 Oct 2024 2:10 pm

Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग, रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज

Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज

समाचार नामा 27 Jun 2024 6:00 pm

पत्नी Natasa Stankovic से तलाक की अफवाहों के बीच Hardik Pandya विदेश में मना रहे हैं वेकेशन, तस्वीरें आयी सामने

सोशल मीडिया पर भारतीय क्रिकेट टीम के हरफनमौला खिलाड़ी हार्दिक पंड्या और उनकी पत्नी नतासा स्टेनकोविक के अलग होने की अफवाहें जोरों पर हैं। यह सब तब शुरू हुआ जब नतासा ने अपने इंस्टाग्राम हैंडल से 'पांड्या' उपनाम हटा दिया। प्रशंसकों ने यह भी देखा कि वह आईपीएल मैचों के दौरान स्टैंड्स से गायब थीं। हालांकि, तमाम अटकलों के बावजूद इस जोड़े ने इस मामले पर चुप्पी साध रखी है। दूसरी ओर, एक ताजा रिपोर्ट से पता चलता है कि हार्दिक विदेश में किसी अज्ञात स्थान पर छुट्टियां मना रहे हैं। विस्तार से जानने के लिए आगे पढ़ें। इसे भी पढ़ें: Shabana Azmi ने Shashi Kapoor के साथ इंटीमेट सीन करने से किया था इंकार, सुपरस्टार ने कह दिया था एक्ट्रेस को 'बेवकूफ लड़की' | Read All About नताशा स्टेनकोविक से अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक पंड्या विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं हार्दिक पंड्या की पत्नी नतासा स्टेनकोविक के साथ निजी जिंदगी हाल ही में चर्चा का विषय बनी हुई है। क्रिकबज द्वारा रविवार को प्रकाशित एक रिपोर्ट में दावा किया गया कि अलगाव की अफवाहों के बीच क्रिकेटर विदेश में छुट्टियां मना रहे हैं। अभी लोकेशन का नाम सामने नहीं आया है। इसे भी पढ़ें: Anant Ambani और Radhika Merchant Pre-Wedding Party! तारों भरी रात से लेकर टोगा पार्टी तक, जानें इस बार क्या-क्या होगा खास यह बताया गया है कि इंडियन प्रीमियर लीग से अपनी टीम के बाहर होने के बाद क्रिकेटर ने देश छोड़ दिया। कठिन अवधि के बाद तरोताजा होने के लिए, उन्होंने विदेश में एक सप्ताह की छुट्टी का विकल्प चुना। हार्दिक के शीघ्र ही न्यूयॉर्क में टी20 विश्व कप 2024 के अभ्यास सत्र के लिए भारतीय टीम में फिर से शामिल होने की उम्मीद है। विशेष रूप से, आईपीएल 2024 में मुंबई इंडियंस के लिए रोहित शर्मा की जगह हार्दिक के नेतृत्व की काफी आलोचना हुई। पूरे सीज़न में भारतीय क्रिकेटर को काफी आलोचनाओं का सामना करना पड़ा। इस बीच, वह पेशेवर असफलताओं से जूझ रहे थे। उनकी निजी जिंदगी सुर्खियों में आ गई। कुछ दिन पहले हार्दिक ने अपने सोशल मीडिया पर ढेर सारी तस्वीरें और वीडियो शेयर किए थे। वीडियो में उन्हें पूल में तैरते हुए अच्छा समय बिताते हुए दिखाया गया, जबकि फोटो में वह एक खूबसूरत बैकग्राउंड के साथ पोज दे रहे थे। इसे छोटा और सरल रखते हुए, उन्होंने पोस्ट को कैप्शन दिया था, रिचार्जिंग। पोस्ट के जवाब में, कई प्रशंसकों ने उनके टिप्पणी अनुभाग में बाढ़ ला दी, अपना अटूट समर्थन दिखाया और आगामी विश्व कप के लिए उनकी जय-जयकार की। एक यूजर ने लिखा, “हार्दिक पंड्या जल्द ही टी20 वर्ल्ड कप में वापस आ रहे हैं,” एक अन्य फैन ने लिखा, “हार्दिक टी20 में अपने पुराने मॉडल के साथ आएं और अपने नफरत करने वालों को चुप करा दें। जबकि एक तीसरे फैन ने लिखा, “मजबूत वापसी भाई।” इसके अतिरिक्त, एक प्रशंसक ने लिखा, अपना भाई शेर था और रहेगा तू टेंशन माउंट लेना रे। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, कोई बात नहीं हम सब आपके साथ हार्दिक हमारे हीरो हैं। एक अन्य प्रशंसक ने कहा, हार्दिक भाई विश्व कप में वापसी करेगा। हार्दिका पंड्या की पत्नी नतासा ने अलगाव की अफवाहों पर प्रतिक्रिया दी दूसरी ओर, अलगाव की अफवाहों के बीच हार्दिक की पत्नी को शनिवार को पहली बार शहर में देखा गया। अपनी नवीनतम आउटिंग में, उन्हें एक कैफे से बाहर निकलते समय एक करीबी दोस्त के साथ देखा गया था। जाने से पहले एक्ट्रेस ने शटरबग्स के लिए पोज दिए। दरअसल, एक पिता ने उनसे तलाक के बारे में पूछा। हालांकि, इसके जवाब में एक्ट्रेस ने सवाल को नजरअंदाज करने का फैसला किया और सम्मानजनक चुप्पी बनाए रखी. जाने से पहले, उसने बस इतना कहा, बहुत-बहुत धन्यवाद और अपनी प्रतीक्षारत कार की ओर बढ़ गई। अपनी नवीनतम आउटिंग के दौरान, जब वह अपने दोस्त के साथ एक कैफे से बाहर निकली, तो उसे गुलाबी शर्ट के साथ सफेद टॉप और शॉर्ट्स पहने देखा गया। दो महीने पहले एक नौका पर बॉलीवुड अभिनेत्री को प्रस्ताव देने के बाद, हार्दिक और नतासा ने लगभग चार साल पहले 31 मई, 2020 को शादी कर ली थी। उनके पहले बच्चे, अगस्त्य का जन्म 30 जुलाई, 2020 को हुआ था। अपनी तीसरी शादी की सालगिरह मनाते हुए, हार्दिक और नतासा ने उदयपुर में एक भव्य समारोह के साथ अपनी प्रतिज्ञाओं को भी नवीनीकृत किया था। View this post on Instagram A post shared by Hardik Himanshu Pandya (@hardikpandya93) View this post on Instagram A post shared by Viral Bhayani (@viralbhayani)

प्रभासाक्षी 27 May 2024 6:08 pm

शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकले Rakul Preet Singh और Jackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें

शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें

समाचार नामा 21 May 2024 11:00 pm