नई बाइक खरीदने का प्लान है?: 2027 में लॉन्च हो सकते हैं क्रूजर और एडवेंचर सेगमेंट के कई नए मॉडल, देखें लिस्ट
नैनीताल में पर्यटकों को बड़ी राहत: मरम्मत के बाद आम जनता के लिए खुली लोअर मालरोड, पर्यटन कारोबार को मिलेगी रफ्तार
Lucknow News: ट्रैवल एजेंसी के मैनेजर और कर्मी को पीटा
ट्रैवल एजेंसी के मैनेजर और कर्मी को पीटा
बिहार: करमचट डैम पर शुरू हुई राज्य की पहली लग्जरी हाउसबोट सेवा, पर्यटन और रोजगार को मिलेगा बढ़ावा
बिहार सरकार रोहतास के कर्मचत बांध में राज्य का पहला लग्जरी हाउसबोट क्रूज पेश कर रही है, जिससे जल पर्यटन को बढ़ावा मि
एडवेंचर बाइक पसंद करने वालों के लिए रॉयल एनफील्ड ने अपनी नई मोटरसाइकिल Himalayan 750 से पर्दा उठा दिया है। कंपनी ने इसे इटली में पेश किया है। यह बाइक हिमालयन सीरीज को मिडिलवेट सेगमेंट में ले जाएगी। इसमें नया 750cc-क्लास पैरेलल-ट्विन इंजन, क्रूज ...
Travel Food Recipe: सफर में 8-10 दिन तक खराब नहीं होंगे मूंग दाल के पराठे! अप्पे पैन में बनाएं स्वादिष्ट बैंगन का चोखा
Travel Tips: घूमने के लिए बड़ी ही शानदार है ये जगह, आप भी जा सकते है परिवार के साथ
इंटरनेट डेस्क। आप भी कही बाहर घूमने जाने का प्लॉन बना रहे है और आपको भी घूमने गए हुए कॉफी समय हो गया है तो फिर अभी मौसम भी सर्दियों का हैं और आपको घूमने के लिए जाना चाहिए। इस बार आप अपने परिवार के साथ या फिर अपने पार्टनर के साथ घूमने के लिए जा सकते है। ऐसे मंे आज हम आपको बताएंगे कुछ ऐसी ही जगहों के बारे में जहां आप जा सकते है। मुन्नार इस बार आप केरल घूमने के लिए जा सकते है। नेचुरल ब्यूटी से घिरा केरल का मुन्नार आपको बड़ा ही पसंद आएगा। वैसे अब वहां सर्दी की शुरूआत हो चुकी है तो आपको घूमने का मजा आ जाएगा। यहां आप चाय के बागान देख सकते है। हाउसबोट में घूम सकते है। धनौल्टी इसके साथ ही आप चाहे तो उत्तराखंड के धनौल्टी भी जा सकते है। यह घूमने के लिए शानदार जगह है। शांत औऱ प्रकृति के बिलकुल बीचों बीच बसी ये जगह आपको सकून देने वाली है। यहां पहाड़ों के बीच वुडन कॉटेज में आप अपने पार्टनर के साथ शानदार समय निकाल सकते है। pc- amar ujala
Travel Tips: Jaisalmer के रेगिस्तान और Varanasi की देव दीपावली से नवंबर की Vacation बनाएं यादगार
साल के आखिरी महीनों में कई लोग घूमने का प्लान करते हैं। ऐसे में अगर आप भी नवंबर में कुछ दिन सुकून के बिताना चाहती हैं। तो बता दें कि भारत में इस दौरान कई जगहों पर मौसम बेहद सुहावना रहता है। जिससे नई जगहों पर जाना और भी मजेदार और यादगार हो सकता है। अगर आपको ऐतिहासिक किले देखने का शौक है, पहाड़ों की वादियों और प्रकृति के बीच वक्त बिताना पसंद है, तो भारत में ट्रैवल लवर्स के लिए कई शानदार ऑप्शन मौजूद हैं। ऐसे में इस महीने अलग-अलग जगहें आपकी छुट्टियों को अधिक खास बना सकती हैं। कहीं पहाड़ों की ठंडी हवाएं और खूबसूरत वादियां आपके मन को मोह लेंगी। वहीं कहीं समुद्र किनारे सुकून भरे पल बिताने का समय मिलेगा। आध्यात्मिक और ऐतिहासिक स्थलों की सैर भी कर सकती हैं। ऐसे में अगर नवंबर महीने में अगर आप भी कुछ नया एक्सप्लोर करना चाहती हैं, तो हम आपको कुछ ऐसी जगहों के बारे में बताने जा रहे हैं, जहां पर घूमने का एक्सपीरियंस काफी शानदार रहेगा। इसे भी पढ़ें: Uttarakhand के Munsiyari में ₹3000 के Budget में दिखेगी पंचचूली, ऐसे करें Trip प्लान अमृतसर नवंबर के महीने में आप पंजाब के अमृतसर को एक्सप्लोर कर सकते हैं। यहां पर आपको इतिहास, धार्मिक आस्था और देशभक्ति का अनोखा अनुभव दे सकता है। यहां पर स्थित गोल्डन टेंपल की खूबसूरती और शांत वातावरण पर्यटकों के बीच फेमस है। इसके अलावा आप जलियांवाला बाग का इतिहास देख सकती हैं और वाघा-अटारी बॉर्डर पर होने वाली बीटिंग रिट्रीट सेरेमनी का अनुभव ले सकती हैं। हम्पी, कर्नाटक अगर आपको भी मंदिरों, पुराने किलों और ऐतिहासिक इमारतों को करीब से देखने का शौक है। तो आप नवंबर के महीने में कर्नाटक की हम्पी को एक्सप्लोर कर सकती हैं। यहां की प्राचीन वास्तुकला और विजयनगर साम्राज्य के अवशेष अतीत के गौरवशाली इतिहास को बयां करते हैं। यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल के रूप में प्रसिद्ध हम्पी में पत्थरों से बने रथ, ऐतिहासिक खंडहर और भव्य मंदिर को देखने के लिए जा सकती हैं। नवंबर में यहां का मौसम सुहावना रहता है। कुर्ग, कर्नाटक अगर आप भी प्रकृति के बीच रहकर सुकून भरे पल बिताना चाहती हैं, तो नवंबर में आप कर्नाटक के कुर्ग घूमने के लिए जा सकती हैं। यह अपने कॉफी के बागानों, हरियाली और खूबसूरत पहाड़ियों के लिए फेमस है। आप यहां पर एबी फॉल्स के खूबसूरत नजारे देख सकती हैं। कॉफी बागानों में घूम सकती हैं और रोमांच पसंद लोग ट्रेकिंग कर सकते हैं। नवंबर के महीने में इस जगह की खूबसूरती को करीब से देख पाएंगी। एलेप्पी, केरल केरल का अलप्पुझा को एलेप्पी के नाम से भी जाना जाता है। इसको लैगून, सुंदर झीलों और नहरों की वजह से 'पूर्व का वेनिस' भी कहा जाता है। यह अपने खूबसूरत हाउसबोट और बैकवॉटर के लिए पर्यटकों के बीच फेमस है। यहां पर ऊंचे-ऊंचे नारियल के पेड़ों और हरियाली से घिरे जलमार्गों में हाउसबोट की सैर करना एक यादगार एक्सपीरियंस हो सकता है। पानी के किनारे बसे गांव, स्थानीय लाइफस्टाइल और पारंपरिक घरों को करीब से जानने समझने का मौका मिलेगा। नवंबर में यहां जाना अच्छा ऑप्शन हो सकता है। जैसलमेर, राजस्थान नवंबर में आप राजस्थान के जैसलमेर को एक्सप्लोर कर सकती हैं। सुनहरे रेत के टीलों, ऐतिहासिक किलों और तारों से सजे आसमान के बीच समय बिताने का एक्सपीरियंस काफी अलग होगा। आप सोनार किला और पुरानी हवेलियां घूम सकती हैं और ऊंट सफारी का आनंद ले सकती हैं। हालांकि अगर आप कुछ अलग एक्सपीरियंस करना चाहती हैं, तो रेगिस्तान में कैंपिंग भी कर सकती हैं। लेकिन रात के समय यहां का तापमान कम हो सकता है, इसलिए अपने साथ गर्म कपड़े जरूर रखें। शिलॉन्ग नवंबर के महीने में घूमने के लिहाज से शिलॉन्ग के शानदार ऑप्शन हो सकता है। मेघालय की खूबसूरत पहाड़ों की नगरी में आपको सुहावना वातावरण, हरे-भरे नजारे और स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने का मौका मिलता है। मानसून के बाद यहां की प्राकृतिक सुंदरता देखने लायक होती है। वहीं नवंबर में यहां पर आयोजित होने वाला चेरी ब्लॉसम फेस्टिवल भी शिलॉन्ग की रौनक को कई गुना बढ़ा देता है। वाराणसी अगर आप भी नवंबर में धार्मिक और सांस्कृतिक अनुभवों के साथ घूमने का प्लान कर रही हैं। तो आपको वाराणसी जाना चाहिए। गंगा किनारे बसा यह शहर बेहद खूबसूरत है। सुबह के समय में नाव की सैर, मंदिरों के दर्शन और शाम को भव्य गंगा आरती देख सकती हैं। वहीं नवंबर में यहां पर देव दीपावली मनाई जाती है, जिसको देख सकती हैं। इस दौरान घाट हजारों दीपों से जगमगा उठते हैं। कच्छ का रण नवंबर में स्थानीय संस्कृति को करीब से जानने के लिए आप गुजरात के कच्छ जा सकती हैं। यहां पर दूर-दूर तक फैली सफेद नमक की जमीन और रेगिस्तान जैसा नजारा आपका मन मोह लेगा। कच्छ का रण उत्सव इसकी खूबसूरती को अधिक बढ़ा देता है। यहां पर आप पारंपरिक नृत्य, हस्तशिल्प, लोक संगीत और गुजराती परंपराओं का आनंद ले सकती हैं। हालांकि ट्रिप प्लान करने के पहले रण उत्सव की डेट और कार्यक्रमों का शेड्यूल जरूर चेक कर लें।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा है कि मध्यप्रदेश उद्योग, रोजगार, कृषि, दुग्ध उत्पादन, पर्यटन और विरासत के संरक्षण में सभी प्रदेशों से आगे हैं। आने वाले समय में इन उपलब्धियों का विस्तार होगा। मुख्यमंत्री डॉ. यादव मध्यप्रदेश स्थापना दिवस के तीन ...
₹1.73 लाख महीने का खर्च, 75 हजार ट्रैवल पर, ऐसे मैनेज करते हैं सैलरी
जहां एक तरफ IT सेक्टर में नौकरी करने वाले लोगों छंटनी या वॉलंट्री एग्जिट जैसे ऑफर मिल रहे हैं. वहीं, दूसरी तरफ बेंगलुरु के रहने वाले एक कपल ने वीडियो शेयर करते हुए बताया है कि वह केवल ट्रैवलिंग के लिए हर महीने 75,000 रुपये खर्च करते हैं.
पांच नवंबर को खुलेगा शहीद स्मारक, कैंट बनेगा पर्यटन केंद्र
भास्कर न्यूज | अम्बाला कैंट की पहचान अब सैन्य इतिहास और व्यापार के साथ पर्यटन केंद्र के रूप में भी बनेगी। 1857 की क्रांति को समर्पित शहीद स्मारक का 5 नवंबर को केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह उद्घाटन करेंगे। करीब 800 करोड़ रुपए की लागत से तैयार इस स्मारक में 22 गैलरियां बनाई गई हैं। इन्हें देखने में करीब 6 घंटे लगेंगे। 63 मीटर ऊंचे मेमोरियल टावर पर स्काई कैफे, हाई स्पीड लिफ्ट और दूरबीन से शहर देखने की सुविधा भी होगी। ऊर्जा, परिवहन एवं श्रम मंत्री अनिल विज ने रविवार को बीपीएस प्लेनेटोरियम में भाजपा कार्यकर्ताओं की बैठक में यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि अम्बाला की धरती से आजादी की पहली लड़ाई का बिगुल बजा था और इस इतिहास पर हर नागरिक को गर्व होना चाहिए। विज ने कहा कि हरियाणा के स्कूल और कॉलेजों के विद्यार्थियों को स्मारक निशुल्क दिखाने की योजना है, ताकि नई पीढ़ी आजादी के संघर्ष और गुमनाम शहीदों के योगदान को समझ सके। उन्होंने भाजपा कार्यकर्ताओं से 5 नवंबर को गांधी ग्राउंड में होने वाले उद्घाटन कार्यक्रम में अधिक से अधिक संख्या में पहुंचने का आह्वान किया। विज के अनुसार, उन्होंने हाल ही में केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मुलाकात कर स्मारक की जानकारी दी थी। शाह ने इसके निर्माण की सराहना की। 22 गैलरियों में दिखेगी 1857 की क्रांति की कहानी स्मारक में 1857 की क्रांति और देश के अलग-अलग हिस्सों में हुए संघर्षों को प्रदर्शित किया जाएगा। शहीदों को श्रद्धांजलि देने के लिए अलग गैलरी बनाई गई है, जहां श्रद्धांजलि देने वालों का डिजिटल रिकॉर्ड भी रखा जाएगा। परिसर में 2500 दर्शकों की क्षमता वाला ओपन एयर थिएटर, फूड कोर्ट और वॉटर बॉडीज बनाई गई हैं। लाइट, लेजर और साउंड शो के माध्यम से भी इतिहास को दिखाया जाएगा। मेमोरियल टावर में दो हाई स्पीड लिफ्ट और सबसे ऊपरी मंजिल पर स्काई कैफे बनाया गया है। पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने से कारोबार को मिलेगा लाभ विज ने कहा कि स्मारक शुरू होने से छावनी में पर्यटकों की आवाजाही बढ़ेगी। इससे होटल, खानपान, परिवहन और बाजार से जुड़े कारोबार को लाभ मिलने की उम्मीद है। उन्होंने चंडीगढ़ की तर्ज पर अम्बाला में टूरिस्ट बस चलाने का विचार भी रखा। इसके प्रस्तावित रूट में शहीद स्मारक, साइंस सेंटर, बैंक स्क्वेयर और सुभाष पार्क को शामिल करने की योजना है। पर्यटकों को सदर बाजार में खरीदारी का अवसर भी मिलेगा।
Bahraich News: कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र शुरू, पांच तक बुकिंग फुल
कतर्नियाघाट में पर्यटन सत्र शुरू, पांच तक बुकिंग फुल
Bijnor News: पांच माह बाद फिर अमानगढ़ टाइगर रिजर्व में शुरू हुआ पर्यटन
Tourism resumes in Amangarh Tiger Reserve after five months
केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर एसआईआर को लेकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया SIR,gajendrasinghshekhawatकेंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर एसआईआर को लेकर अराजकता फैलाने का आरोप लगाया केंद्रीय संस्कृति और पर्यटन मंत्री गजेंद्र सिंह शेखावत ने कांग्रेस पर मतदाता सूचियों के विशेष गहन पुनरीक्षण- […]
8 शहरों वाली लंबी फ्लाइट भी तुम्हारे साथ एडवेंचर है, सबा को ऋतिक ने किया बर्थडे विश
मुंबई, 1 नवंबर (आईएएनएस)। अभिनेता ऋतिक रोशन ने रविवार को अपनी गर्लफ्रेंड और अभिनेत्री सबा आजाद को जन्मदिन की बधाई दी। अभिनेता का कहना है कि जब वह सबा के साथ होते हैं, तो सबसे लंबा सफर भी एक खास एडवेंचर बन जाता है।
फिरोजाबाद के विद्युत विभाग में वर्षों से मीटर रीडिंग और बिलिंग का काम कर रहे कर्मचारियों ने आउटसोर्सिंग कंपनियों के कथित शोषण से मुक्ति दिलाने और उन्हें आउटसोर्सिंग सेवा निगम में शामिल करने की मांग उठाई है। रविवार को मीटर रीडरों ने सिरसागंज स्थित पर्यटन मंत्री ठा. जयवीर सिंह के आवास पर पहुंचकर उन्हें ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में मांग की गई कि विद्युत विभाग में लंबे समय से सेवाएं दे रहे मीटर रीडरों का डाटा शासन को उपलब्ध कराया जाए। साथ ही उन्हें आउटसोर्सिंग सेवा निगम में शामिल करने के लिए जरूरी कार्रवाई की जाए। मीटर रीडरों का कहना है कि वे कई साल से घर-घर जाकर मीटर रीडिंग और बिजली बिल बनाने का काम कर रहे हैं। कोरोना महामारी के दौरान भी उन्होंने अपनी जान जोखिम में डालकर सेवाएं जारी रखीं। इसके बावजूद उन्हें अलग-अलग आउटसोर्सिंग कंपनियों के अधीन काम करना पड़ रहा है। स्मार्ट मीटर लगने से रोजगार पर संकट मीटर रीडरों ने आरोप लगाया कि आउटसोर्सिंग कंपनियां उनके वेतन में कटौती करती हैं और समय से भुगतान भी नहीं किया जाता। वहीं, स्मार्ट मीटर लगाए जाने के बाद मीटर रीडिंग का काम प्रभावित हुआ है। इससे उनके सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है और परिवार के भरण-पोषण में परेशानी हो रही है। मीटर रीडरों ने कहा कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आउटसोर्सिंग कर्मचारियों के हितों और भविष्य को सुरक्षित करने के लिए आउटसोर्सिंग सेवा निगम की व्यवस्था कर रहे हैं। ऐसे में बिजली विभाग की महत्वपूर्ण सेवाओं से जुड़े मीटर रीडरों को भी इस व्यवस्था में शामिल किया जाना चाहिए।
भारतीय रेलवे में रोजाना करोड़ों यात्री सफर करते हैं, लेकिन जब बात गर्भवती महिलाओं की आती है तो यात्रा को सुरक्षित, सुगम और आरामदायक बनाना रेलवे प्रशासन की सर्वोच्च प्राथमिकताओं में शामिल होता है। गर्भावस्था के दौरान ट्रेन की ऊपरी (Upper) या मध्यम (Middle) बर्थ पर चढ़ना शारीरिक रूप से अत्यंत जोखिम भरा हो सकता है। इसी संवेदनशीलता को ध्यान में रखते हुए रेलवे बोर्ड ने टिकट बुकिंग काउंटर से लेकर चलती ट्रेन के अंदर तक गर्भवती महिला यात्रियों के लिए कई विशेष नियम, रियायतें और आपातकालीन प्रोटोकॉल तय किए हैं। यदि आप या आपके परिवार में कोई महिला गर्भावस्था के दौरान ट्रेन से यात्रा करने की योजना बना रही है, तो इन आधिकारिक प्रावधानों और बुकिंग नियमों की पूरी जानकारी होना बेहद जरूरी है।ट्रेन में लोअर बर्थ कोटा: गर्भवती महिलाओं के लिए क्या है रेलवे का नियम?रेलवे बोर्ड के मौजूदा दिशा-निर्देशों के अनुसार मेल और एक्सप्रेस ट्रेनों के विभिन्न श्रेणियों के कोचों में वरिष्ठ नागरिकों, 45 वर्ष या उससे अधिक आयु की अकेली महिला यात्रियों और गर्भवती महिलाओं के लिए लोअर बर्थ (निचली सीट) का एक निश्चित कोटा आरक्षित रहता है। स्लीपर क्लास के प्रति कोच में लगभग 6 से 7 निचली बर्थ, वातानुकूलित 3-टियर (3AC) में 4 से 5 लोअर बर्थ और 2-टियर (2AC) कोच में 3 से 4 लोअर बर्थ इस विशेष श्रेणी के अंतर्गत निर्धारित की जाती हैं। इस कोटे का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना होता है कि शारीरिक रूप से संवेदनशील यात्रियों को बिना सीढ़ियां चढ़े जमीन के स्तर वाली आरामदायक सीट मिल सके।टिकट बुकिंग के दौरान लोअर बर्थ कैसे सुरक्षित करें?अक्सर यात्रियों के मन में यह सवाल उठता है कि क्या आईआरसीटीसी (IRCTC) की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर गर्भवती महिलाओं के लिए अलग से कोई ऑनलाइन चेकबॉक्स होता है। वर्तमान में डिजिटल प्रणाली में मेडिकल दस्तावेजों के रियल-टाइम सत्यापन की सीमा के कारण ऑनलाइन बुकिंग में गर्भवती महिलाओं के लिए सीधा अलग कोटा विकल्प सीमित रहता है। ऐसे में लोअर बर्थ सुनिश्चित करने के लिए रेलवे के अधिकृत पैसेंजर रिजर्वेशन सिस्टम (PRS) काउंटर पर जाकर टिकट बुक कराना सबसे प्रभावी तरीका माना जाता है:पीआरएस (PRS) काउंटर बुकिंग: रेलवे स्टेशन के आरक्षण काउंटर पर फॉर्म भरते समय सबसे ऊपर स्पष्ट रूप से 'गर्भवती यात्री / निचली बर्थ अनुरोध' का उल्लेख करें।मेडिकल दस्तावेज: फॉर्म के साथ किसी पंजीकृत चिकित्सक (RMO/MBBS/MD) द्वारा जारी मेडिकल फिटनेस सर्टिफिकेट और गर्भावस्था प्रमाण पत्र की प्रति संलग्न करें। मुख्य आरक्षण पर्यवेक्षक (CRS) के पास उपलब्ध विशेष कोटा पूल से सीधे लोअर बर्थ जारी करने का अधिकार होता है।इमरजेंसी कोटा (EQ) आवेदन: यदि सामान्य बुकिंग में लोअर बर्थ नहीं मिल पाई है और टिकट वेटिंग या अपर बर्थ में है, तो चार्ट बनने से पहले संबंधित मंडल रेल प्रबंधक (DRM) कार्यालय या स्टेशन डायरेक्टर के पास मेडिकल आधार पर इमरजेंसी कोटे के लिए आवेदन पत्र जमा किया जा सकता है।अगर सफर में अपर या मिडिल बर्थ मिल जाए, तो TTE कैसे करेगा मदद?यदि किसी कारणवश चार्ट तैयार होने के बाद भी गर्भवती महिला को बीच या ऊपर की बर्थ आवंटित हो जाती है, तो उन्हें घबराने की बिल्कुल आवश्यकता नहीं है। रेलवे वाणिज्यिक नियमावली के तहत चलती ट्रेन में ऑन-ड्यूटी टिकट चेकिंग स्टाफ (TTE) को विशेष अधिकार दिए गए हैं:हैंडहेल्ड टर्मिनल (HHT) से सीट आवंटन: ट्रेन छूटने के बाद यदि किसी यात्री के न आने (नो-शो) या टिकट रद्द होने के कारण कोच में कोई भी लोअर बर्थ खाली होती है, तो टीटीई अपने डिजिटल टैबलेट (HHT) के जरिए उस सीट को सबसे पहले गर्भवती महिला, बीमार यात्री या बुजुर्ग को आवंटित करने के लिए बाध्य होता है।टीटीई से संपर्क करने का तरीका: ट्रेन में चढ़ते ही अपने कोच के टीटीई को मेडिकल पर्चा और टिकट दिखाकर विनम्रतापूर्वक लोअर बर्थ री-एलोकेशन का अनुरोध दर्ज कराएं।सहयात्री समन्वय: रेलवे नियमों के तहत टीटीई मानवीय आधार पर उसी कूपे या बे में यात्रा कर रहे अन्य स्वस्थ व युवा सहयात्रियों से सीट बदलने का औपचारिक आग्रह भी कर सकता है।सफर के दौरान मेडिकल इमरजेंसी: हेल्पलाइन 139 और रेल मदद की सुविधाचलती ट्रेन में यदि किसी गर्भवती महिला की तबीयत अचानक बिगड़ती है, प्रसव पीड़ा शुरू होती है या किसी चिकित्सीय परामर्श की आवश्यकता पड़ती है, तो रेलवे का त्वरित रिस्पांस सिस्टम सक्रिय हो जाता है:हेल्पलाइन नंबर 139: यात्री या उनके परिजन तुरंत अपने फोन से 139 डायल करके मेडिकल इमरजेंसी का विकल्प चुन सकते हैं। कॉल सेंटर सीधे ट्रेन कंट्रोल रूम और ऑन-बोर्ड स्टाफ को अलर्ट भेजता है।रेल मदद (RailMadad) ऐप व पोर्टल: रेल मदद ऐप पर PNR दर्ज कर 'Medical Assistance' श्रेणी में तुरंत शिकायत दर्ज की जा सकती है।अगले स्टेशन पर डॉक्टर की मौजूदगी: सूचना मिलते ही कंट्रोल रूम ट्रेन के अगले बड़े स्टॉपेज पर रेलवे अस्पताल के डॉक्टरों और पैरामेडिकल टीम को दवाइयों व स्ट्रेचर के साथ प्लेटफॉर्म पर तैनात कर देता है। आकस्मिक स्थिति में रेलवे स्टेशन पर प्राथमिक उपचार मुहैया कराया जाता है और जरूरत पड़ने पर नजदीकी सिविल अस्पताल में सुरक्षित शिफ्टिंग की व्यवस्था की जाती है।रेलवे स्टेशनों पर बैटरी कार, व्हीलचेयर और कुलियों की सहायतासफर शुरू होने से पहले स्टेशन पर लंबे प्लेटफॉर्म और सीढ़ियां चढ़ना गर्भवती महिलाओं के लिए थकाऊ हो सकता है। इसके लिए देश के सभी प्रमुख 'ए-1' और 'ए' श्रेणी के स्टेशनों पर विशेष सुविधाएं संचालित हैं:फ्री व्हीलचेयर सुविधा: स्टेशन के मुख्य प्रवेश द्वार और उप-स्टेशन अधीक्षक (स्वास्थ्य/वाणिज्य) कार्यालय से व्हीलचेयर की सुविधा बिना किसी अतिरिक्त शुल्क के प्राप्त की जा सकती है।बैटरी चालित वाहन (BOV / Golf Carts): वरिष्ठ नागरिकों, दिव्यांगों और गर्भवती महिलाओं के लिए प्रमुख टर्मिनलों पर बैटरी कार सेवा उपलब्ध रहती है, जिसके माध्यम से महिला यात्री को सीधे उनके कोच के गेट तक पहुंचाया जा सकता है।एस्केलेटर और लिफ्ट: लगभग सभी पुनर्विकसित और जंक्शन स्टेशनों पर फुट ओवर ब्रिज (FOB) पर लिफ्ट और स्वचालित सीढ़ियों की व्यवस्था अनिवार्य रूप से लागू की गई है।गर्भवती महिलाओं को ट्रेन यात्रा से पहले इन 4 बातों का रखना चाहिए ध्यानचिकित्सकों और रेलवे सुरक्षा मानकों के अनुसार सुरक्षित यात्रा के लिए कुछ सावधानियां बेहद आवश्यक हैं:डॉक्टर की फिटनेस एनओसी (NOC): गर्भावस्था के अंतिम हफ्तों (32वें से 36वें सप्ताह) में यात्रा करने से पहले अपनी स्त्री रोग विशेषज्ञ (Gynecologist) से 'Fit to Travel' सर्टिफिकेट अवश्य बनवाएं और उसकी मूल प्रति साथ रखें।वेटलिस्टेड टिकट पर यात्रा से बचें: कभी भी वेटिंग ई-टिकट (Waiting List e-Ticket) लेकर ट्रेन के आरक्षित डिब्बे में सवार न हों, क्योंकि नियमानुसार ऐसा टिकट चार्टिंग के बाद स्वतः निरस्त हो जाता है और सीट न मिलने पर भारी असुविधा हो सकती है।आहार और पेयजल: सफर के दौरान स्टेशन या वेंडरों के खुले खाद्य पदार्थों से बचें। पेंट्री कार से केवल ताजा पैक खाना या आईआरसीटीसी ई-कैटरिंग के जरिए सीधे अपनी सीट पर ब्रांडेड व स्वच्छ भोजन ऑर्डर करें।आरामदायक कपड़े और दवा किट: यात्रा के दौरान ढीले सूती कपड़े पहनें, पैरों को लंबे समय तक नीचे लटकाकर रखने के बजाय बीच-बीच में हल्का स्ट्रेच करें और डॉक्टर द्वारा सुझाई गई सभी जरूरी इमरजेंसी दवाइयां हैंडबैग में रखें।
पहाड़ों में शूटिंग के साथ वेकेशन एन्जॉय कर रही हैं भाग्यश्री, कहा- हिमाचल भर देता है नई ऊर्जा
पहाड़ों में शूटिंग के साथ वेकेशन एन्जॉय कर रही हैं भाग्यश्री, कहा- हिमाचल भर देता है नई ऊर्जा
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू आज एक नवंबर को हरियाणा के दौरे पर रहेंगी। पहले उनका दौरा 30 अक्टूबर को होना था, जो अचानक कैंसिल कर दिया गया था। राष्ट्रपति बनने के बाद उनका हरियाणा में यह छठा दौरा है। वे प्रदेश की स्थापना के 60 साल पूरे होने पर कुरुक्षेत्र में तीन कार्यक्रमों में शामिल होंगी। उनका कार्यक्रम सुबह 9:25 बजे शक्तिपीठ देवी कूप भद्रकाली मंदिर से शुरू होगा। यहां पूजा-अर्चना करने के बाद वे कुरुक्षेत्र यूनिवर्सिटी (KU) पहुंचेंगी, जहां हरियाणा की 60 साल की विकास यात्रा पर आधारित प्रदर्शनी देखेंगी। फिर प्रदेश स्तरीय हीरक जयंती समारोह में शामिल होंगी। इसके बाद राष्ट्रपति गुरुकुल कुरुक्षेत्र में स्वामी श्रद्धानंद के 100वें बलिदान दिवस पर आयोजित कार्यक्रम में पहुंचेंगी। 3 घंटे 25 मिनट कुरुक्षेत्र में रहने के बाद वे अंबाला से हवाई जहाज से वापसी करेंगी। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के साथ हरियाणा के राज्यपाल प्रोफेसर असीम कुमार घोष, गुजरात के राज्यपाल आचार्य देवव्रत, सीएम नायब सैनी शामिल रहेंगे। उनके आगमन को लेकर जिला प्रशासन ने सुरक्षा के कड़े इंतजाम किए हैं। कुरुक्षेत्र को 1 नवंबर के लिए ड्रोन 'नो-फ्लाइंग' और ‘रेड जोन’ घोषित किया गया है, जिसकी निगरानी के लिए 9 IPS, 30 DSP की अगुवाई में पुलिस की 20 कंपनियां तैनात की गई हैं। ग्राफिक्स में जानिए राष्ट्रपति का मिनट-दर-मिनट कार्यक्रम और पुलिस की से जारी ट्रैफिक एडवाइजरी पुलिस की ओर से ऐसे किए गए सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम DC विश्राम कुमार मीणा ने बताया कि राष्ट्रपति के दौरे के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था को मजबूत बनाने के लिए 31 अक्टूबर और 1 नवंबर 2026 को पूरे कुरुक्षेत्र जिले को ड्रोन उड़ाने के लिए नो फ्लाइंग जोन घोषित किया गया है। भारतीय नागरिक सुरक्षा संहिता 2023 की धारा 163 तथा ड्रोन नियम 2021 के नियम 24 के तहत जारी आदेशों के अनुसार जिले को रेड जोन भी घोषित किया गया है। हालांकि, ड्यूटी पर तैनात पुलिस एवं सरकारी कर्मचारियों के साथ हरियाणा पुलिस, भारतीय सेना और वायुसेना की ओर से संचालित मानव रहित विमान प्रणालियों को इन आदेशों से छूट प्रदान की गई है। इसके अलावा पुलिस की 20 कंपनियां, 9 IPS और 30 DSP को नियुक्त किया गया है। राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के दौरे की तैयारियों के PHOTO… राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू का हरियाणा में यह छठा दौरा…
जम्मू-कश्मीर पर्यटन को दो अवॉर्ड, बेस्ट एडवेंचर व बेस्ट एक्सपीरिएंशल टूरिज्म डेस्टिनेशन का खिताब
जमुई के अलीगंज प्रखंड स्थित कैलाश डैम को पर्यटन स्थल के रूप में विकसित करने की तैयारी शुरू हो गई है। शनिवार को जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक ने डैम का निरीक्षण कर इसके प्राकृतिक परिवेश और विकास की संभावनाओं का जायजा लिया। प्रशासन की योजना है कि डैम की मौजूदा उपयोगिता बरकरार रखते हुए इसे पर्यटन के लिहाज से भी विकसित किया जाए। पहाड़ियों और जलराशि की सुंदरता का लिया जायजा निरीक्षण के दौरान अधिकारियों ने डैम के आसपास की पहाड़ियों, जलराशि और प्राकृतिक सुंदरता को देखा। उन्होंने आकलन किया कि इन संसाधनों का इस्तेमाल कर इस जगह को पर्यटकों के आकर्षण का केंद्र कैसे बनाया जा सकता है। पर्यटकों की जरूरत के अनुसार विकसित होंगी सुविधाएं प्रशासन की ओर से डैम के आसपास बुनियादी ढांचा और पर्यटकों के लिए जरूरी सुविधाएं विकसित करने की संभावनाएं तलाशी जा रही हैं। योजना है कि डैम की मौजूदा उपयोगिता प्रभावित किए बिना इसे पर्यटन स्थल के रूप में विकसित किया जाए। आसपास के गांवों में रोजगार के अवसर बढ़ने की उम्मीद प्रशासन का मानना है कि कैलाश डैम के पर्यटन स्थल के रूप में विकसित होने से आसपास के गांवों में आर्थिक गतिविधियां बढ़ सकती हैं। इससे स्थानीय लोगों को रोजगार और स्वरोजगार के अवसर मिल सकते हैं। ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन से जोड़ने की पहल जिला प्रशासन जमुई की प्राकृतिक, सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत को पर्यटन के नक्शे पर लाने की दिशा में काम कर रहा है। इसके तहत जिले के प्राकृतिक और दर्शनीय स्थलों की पहचान कर उनकी पर्यटन क्षमता का आकलन किया जा रहा है। नक्सल प्रभाव कम होने के बाद पर्यटन पर जोर नक्सलवाद का असर कम होने के बाद प्रशासन जिले में पर्यटन आधारित आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने पर जोर दे रहा है। इसका उद्देश्य स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर पैदा करना और जिले की अर्थव्यवस्था को मजबूत करना है। निरीक्षण के दौरान अलीगंज के अंचल अधिकारी, जिला खेल पदाधिकारी, जिला जनसंपर्क पदाधिकारी, प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारी समेत अन्य अधिकारी मौजूद रहे।
GOPALGANJ NEWS: थावे रोड में ट्रैवल एजेंसी मालिक व दो कर्मियों को पीटा, अस्पताल में भर्ती
31 अक्टूबर, शनिवार: गोपालगंज के थावे रोड पर ट्रैवल एजेंसी मालिक और दो कर्मियों की पिटाई, अस्पताल में इलाज जारी।
Travel Tips: मैरिज एनिवर्सरी पार्टी के लिए शानदार हैं ये जगह, आ जाए आप भी Trishla Farmhouse
इंटरनेट डेस्क। आप की शादी भी नंवबर दिसंबर में हुई हैं तो फिर आपकी भी मैरिज एनिवर्सरी आने वाली है। ऐसे में आप भी पार्टी की सोच रहे हैं, जैसे 10 साल या 25 साल की तो आपको आज एक ऐसी जगह के बारे में बताएंगे जो आपको पसंद आ जाएगी। इस पार्टी के लिए आप जयपुर में त्रिशला फार्महाउस को चुन सकते है। यहां आपको खाने पीने से लेकर स्वीमिंग पूल तक का मजा मिलेगा। चुन सकते है मैरिज एनिवर्सरी पार्टी के लिए बता दें की जयपुर के गोनेर रिंग रोड के पास खिजूरिया ब्राहम्णान में बना ये फार्महाउस नेचर के बहुत करीब है। इसके साथ ही शहर की भीड़ से दूर है और यहां आपको एक बढ़िया सुविधा भी मिलती है। तो ऐसे में आप मैरिज एनिवर्सरी पार्टी के लिए त्रिशला फार्महाउस को चुन सकते है। कम बजट में मिल जाएगा आपको त्रिशला फार्महाउस कम ही बजट में उपलब्ध हो जाएगा। यहां आपको कई एक्टिविटीज भी करने का मौका मिलेगा। आप स्वीमिंग पूल का आनंद भी ले सकेंगे,स्पोटर्स का आनंद ले सकते है। ऐसे में आप टैरिफ से जुडी पूरी जानकारी के लिए व्हाट्सएप नंबर 9784461221 पर मैसेज कर के पूरी जानकारी प्राप्त कर सकते हैं। कैसे पहुंचे आप राजस्थान के बाहर किसी शहर से हैं और एयरपोर्ट से यहाँ आ रहे हैं तो जानकारी के लिए बता दें कि जयपुर एयरपोर्ट से त्रिशला फार्म हाउस 22 किलोमीटर है। आप टैक्सी से आसानी से यहाँ पहुंच सकते हैं। ट्रेन से जयपुर आ रहे हैं तो रेलवे स्टेशन से त्रिशला फार्महाउस की दूरी लगभग 28 किलोमीटर है। टेक्सी से आप यहां पहुंच सकते है और इसके साथ ही यह जगह अक्षयपात्र जगतपुरा से 15 किलोमीटर है।
हिमाचल प्रदेश में पर्यटन के अनियंत्रित विस्तार और अंधाधुंध निर्माण ने राज्य की पारिस्थितिकी पर गंभीर संकट खड़ा कर दिया है। बीते एक दशक में होटलों में 90.8% और होमस्टे में 669.7% की वृद्धि दर्ज की गई है।
Saif-Kareena Vacation: इटली की वादियों में परिवार संग छुट्टियां मना रहे सैफ अली खान, तैमूर और करीना के साथ शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
Bhiwani News: जैसलमेर एडवेंचर एवं नेचर स्टडी कैंप के लिए 140 विद्यार्थियों का दल रवाना
एडजैसलमेरवेंचर एवं नेचर स्टडी कैंप के लिए 140 विद्यार्थियों का दल रवाना
Udhampur News: कटड़ा में अवैध ट्रैवल एजेंसियों और बाहरी टैक्सियों पर होगी कार्रवाई
कटड़ा में अवैध ट्रैवल एजेंसियों और बाहरी टैक्सियों पर होगी कार्रवाई
मुंबई में जम्मू-कश्मीर पर्यटन विभाग की प्रभावी प्रस्तुति, पर्यटन स्थलों को मिली सराहना
बिहार का जलवा ब्रिटेन में, अपनी विरासत और पर्यटन की ताकत से दुनिया को किया आकर्षित
बिहार के पर्यटन मंत्री केदार प्रसाद गुप्ता ने यूनाइटेड किंगडम में पर्यटन रोड शो में भाग लिया। इसका उद्देश्य बिहार को अंतरराष्ट्रीय पर्यटन मानचित्र पर लाना, विदेशी पर्यटकों और निवेश को आकर्षित करना है।
तवांग में अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मार्ट का शुभारंभ
तवांग। पर्यटन मंत्रालय ने अरुणाचल प्रदेश सरकार एवं और कई पूर्वोत्तर राज्यों के सहयोग से अंतर्राष्ट्रीय पर्यटन मा
रॉयल एनफील्ड हिमालयन 750: EICMA 2026 से पहले फिर दिखी नई एडवेंचर बाइक, जानें क्या होगा खास और कब होगी लॉन्च?
दीपावली पर लेकसिटी में पर्यटन बूम रहने वाला है। गुजरात समेत देशभर से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। होटल और रिसॉर्ट में ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार, अब तक करीब 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की बुकिंग हो चुकी है, जबकि पर्यटकों की ओर से लगातार पूछताछ भी की जा रही है। दीपावली पर होटल के ब्रांड और कमरों की श्रेणी के आधार पर किराया 12 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गया है। दीपावली पर गुजरात से सबसे ज्यादा पर्यटक उदयपुर आते हैं। गुजरात में दीपावली पर पूजन के बाद कई पर्यटक नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में उदयपुर के साथ नाथद्वारा और कुंभलगढ़ में भी पर्यटकों की आवाजाही रहती है। पर्यटक दो से तीन दिन तक इन पर्यटन स्थलों पर घूमने का कार्यक्रम बनाते हैं। होटल-रिसॉर्ट दे रहे विशेष पैकेज, कमरों की संख्या सीमित होटल संस्थान दक्षिण राजस्थान के सचिव राकेश चौधरी ने बताया कि अभी तक 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की बुकिंग हो चुकी है। होटल और रिसॉर्ट में पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज दिए जा रहे हैं। इनमें ठहरने के साथ खाना-पीना जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पांच सितारा होटल और कई रिसॉर्ट में ऑनलाइन उपलब्ध कमरों की संख्या सीमित बताई जा रही है। किराया होटल के ब्रांड और कमरे की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है। सहेलियों की बाड़ी से सिटी पैलेस तक जाम के हालात: पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। सहेलियों की बाड़ी, सज्जनगढ़ किला, फतहसागर, सिटी पैलेस और दूध तलाई मार्ग पर जाम के हालात बनते हैं। दीपावली के दौरान इन प्रमुख स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की आशंका है। ट्रेनों में बुकिंग, बसों का किराया बढ़ा: दीपावली पर उदयपुर के साथ संभाग के उन लोगों की आवाजाही भी बढ़ती है, जो रोजगार, नौकरी-शिक्षा के लिए गुजरात व महाराष्ट्र में रहते हैं। त्योहार पर ये लोग घर लौटते हैं। इसके चलते ट्रेनों में अधिकांश बुकिंग हो चुकी हैं, बसों का किराया भी बढ़ गया है। बसों में 20 नवंबर तक आवाजाही अधिक रहेगी।
दिवाली पर लेकसिटी में पर्यटन का बूम, होटल-रिसॉर्ट में 50 प्रतिशत बुकिंग; किराया 1.50 लाख रु. तक
होटल संस्थान दक्षिण राजस्थान के सचिव राकेश चौधरी ने बताया कि अभी तक 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की बुकिंग हो चुकी है। होटल और रिसॉर्ट में पर्यटकों के लिए विशेष पैकेज दिए जा रहे हैं। इनमें ठहरने के साथ खाना-पीना जैसी सुविधाएं शामिल हैं। पांच सितारा होटल और कई रिसॉर्ट में ऑनलाइन उपलब्ध कमरों की संख्या सीमित बताई जा रही है। किराया होटल के ब्रांड और कमरे की श्रेणी के अनुसार अलग-अलग है। ट्रेनों में बुकिंग, बसों का किराया बढ़ा: दीपावली पर उदयपुर के साथ संभाग के उन लोगों की आवाजाही भी बढ़ती है, जो रोजगार, नौकरी-शिक्षा के लिए गुजरात व महाराष्ट्र में रहते हैं। त्योहार पर ये लोग घर लौटते हैं। इसके चलते ट्रेनों में अधिकांश बुकिंग हो चुकी हैं, बसों का किराया भी बढ़ गया है। बसों में 20 नवंबर तक आवाजाही अधिक रहेगी। सहेलियों की बाड़ी से सिटी पैलेस तक जाम के हालात: पर्यटकों की संख्या बढ़ने के साथ शहर के प्रमुख पर्यटन स्थलों पर यातायात का दबाव भी बढ़ जाता है। सहेलियों की बाड़ी, सज्जनगढ़ किला, फतहसागर, सिटी पैलेस और दूध तलाई मार्ग पर जाम के हालात बनते हैं। दीपावली के दौरान इन प्रमुख स्थलों पर पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने की आशंका है। उदयपुर| दीपावली पर लेकसिटी में पर्यटन बूम रहने वाला है। गुजरात समेत देशभर से पर्यटकों की आवाजाही बढ़ने लगी है। होटल और रिसॉर्ट में ऑनलाइन बुकिंग शुरू हो चुकी है। होटल इंडस्ट्री से जुड़े लोगों के अनुसार, अब तक करीब 50 प्रतिशत ऑक्यूपेंसी की बुकिंग हो चुकी है, जबकि पर्यटकों की ओर से लगातार पूछताछ भी की जा रही है। दीपावली पर होटल के ब्रांड और कमरों की श्रेणी के आधार पर किराया 12 हजार से लेकर डेढ़ लाख रुपए तक पहुंच गया है। दीपावली पर गुजरात से सबसे ज्यादा पर्यटक उदयपुर आते हैं। गुजरात में दीपावली पर पूजन के बाद कई पर्यटक नाथद्वारा में श्रीनाथजी के दर्शन करने पहुंचते हैं। ऐसे में उदयपुर के साथ नाथद्वारा और कुंभलगढ़ में भी पर्यटकों की आवाजाही रहती है। पर्यटक दो से तीन दिन तक इन पर्यटन स्थलों पर घूमने का कार्यक्रम बनाते हैं।
पर्यटक बसों पर रोक से उपजा संकट टला: पर्यटन संगठनों की एकजुटता, सांसद की पहल से राहत
उदयपुर | शहर में पर्यटक बसों के आवागमन पर लगी रोक से आगामी पर्यटन सीजन प्रभावित होने का संकट खड़ा हो गया था। पर्यटन कारोबार ठप होने की आशंका से चिंतित विभिन्न पर्यटन संगठनों ने उग्र कदम उठाते हुए व्यवसाय बंद करने तक की चेतावनी दे दी थी। हालात बिगड़ने पर संगठनों की एकजुटता, पूर्व आईपीएस राजेंद्र भट्ट के मार्गदर्शन और सांसद मन्नालाल रावत के हस्तक्षेप से समाधान की दिशा में सकारात्मक प्रयास हुए। बसों के निर्बाध संचालन की मांग पूरी होने से हजारों लोगों की आजीविका सुरक्षित हुई है। इस राहत पर संगठनों ने जिला प्रशासन और पर्यटन उपनिदेशक शिखा सक्सेना का आभार जताया।
जम्मू-कश्मीर: रियासी के धनौड़ में टेंपो ट्रैवलर खाई में गिरा, महिला की मौत; 3 घायल
रियासी जिले के धनौड़ में बुधवार रात एक टेंपो ट्रैवलर खाई में गिर गया, जिससे एक महिला की मौके पर ही मौत हो गई और तीन अन्य घायल हो गए।
Kullu News: दशहरा उत्सव में भी मनाली का पर्यटन कारोबार फीका
दशहरा उत्सव के दौरान भी मनाली का पर्यटन कारोबार रफ्तार नहीं पकड़ पाया है। पर्यटकों की आमद में कमी के चलते पर्यटन स्थलों पर रौनक घट गई है।
Pithoragarh News: गौड़ी में तीन करोड़ की लागत से बनेगा एडवेंचर पार्क
गौड़ीमें तीनकरोड़की लागत से बनेगा एडवेंचर पार्क
Nainital News: पर्यटन स्वरोजगार और होमस्टे योजनाओं के 31 आवेदन मंजूर
पर्यटन स्वरोजगार औरहोमस्टेयोजनाओं के 31 आवेदन मंजूर
माइक्रो-केशन से मिरर ट्रिपिंग तक, Gen Z के ये 5 ट्रैवल ट्रेंड्स हैं सबसे हटके
घूमना हर किसी को पसंद होता है लेकिन Gen Z ने नए ट्रैवल ट्रेंड्स खोज निकाले हैं। अब तक लोग सिर्फ घूमने जाते हैं लेकिन नई पीढ़ी घूमने के साथ सुकून, आराम के लिए भी ट्रिप प्लान करती हैं। चलिए इन ट्रेंड्स के बारे में विस्तार से बताते हैं।
Winter Travel Calendar: पुष्कर मेले से Kite Festival तक, सर्दियों के 4 प्रमुख उत्सव
सर्दियों के मौसम में घूमने का एक अलग ही मजा होता है। इस दौरान लोग कहीं न कहीं ट्रिप का प्लान करते हैं। भारत में नवंबर से फरवरी के बीच हर तरफ अलग ही रौनक देखने को मिलती है। विंटर सीजन के समय कहीं रेगिस्तान में ऊंटों का मेला लगता है, तो कहीं आसमान रंग-बिरंगी पतंगों से भर जाता है। यदि आप इस बार सर्दी की छुट्टियों में सिर्फ पुरानी इमारतें देखने के जगह कुछ अलग और खास एक्सपीरियंस कर सकते हैं। आइए आपको ट्रैवल का प्लान बताते हैं। भारत के 4 शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस इस लेख में हम आपको बताएंगे कि 4 ऐसे शानदार फेस्टिवल डेस्टिनेशंस के बारे में, जहां आपको कम से कम एक बार जरुर जाना चाहिए। आइए आपको बताते है- पुष्कर कैमल फेयर, राजस्थान (नवंबर) हर साल अक्टूबर-नवंबर में राजस्थान के पुष्कार में 5 दिनों का पुष्कर मेला लगता है। यह दुनिया का सबसे बड़ा मवेशी मेलों में से एक हैं। यहां आपको रंग-बिरंगे बाजार, लोक संगीत और राजस्थानी कल्चर का खूबसूरत रुप देखने को मिलता है। असल में यहां पर केवल जानवर खरीदे और बेचे नहीं जाते बल्कि मटका फोड़ने, सबसे लंबी मूंछें दिखाने और दुल्हन की तरह सजने जैसे कई मजेदार कॉम्पिटिशन भी होते हैं। यहां तक कि लोकल पुष्कर क्लब और बाहर से आए विदेशी पर्यटकों के बीच फुटबॉल मैच भी खेला जाता है। यहां पर आप पुष्कर झील और भगवान ब्रह्मा के मशहूर मंदिर देखने जरुर जाएं। कब जाएं- मेला 17 से 24 नवंबर 2026 के बीच आयोजित होगा। ट्रैवल टिप- मेले के आसपास की जगहों पर रुके और सुबह-सुबह घूमने निकलें। इस दौरान फोटो अच्छी आएगी और मेला में रौनक देखने को मिलेगी। कोणार्क डांस फेस्टिवल, ओडिशा (दिसंबर) असल में इस डांस फेस्टिवल की शुरुआत गुरु गंगाधर प्रदान ने कोर्णाक ने 1986 में की थी, जो आज भारत के सबसे बड़े क्लवासिकल डांस फेस्टिवल में से एक है। ओडिशा टूरिज्म की तरफ से होने वाले इस 5 दिनों के इवेंट में देशभर से बेस्ट डांसर्स हिस्सा लेने आते हैं। यहां पर कोर्णाक सूर्य मंदिर के समाने स्टेज पर ओडिसी, भरतनाट्यम, कत्थक, कुचिपुड़ी, मोहिनीअट्टम और मणिपुरी जैसे शानदार डांस शो देखने को मिलते हैं। कब जाएं- यह फेस्टिवल 1 से 5 दिसंबर 2026 तक चलेगा। ट्रैवल टिप- कोर्णाक के सबसे नियर भुवनेश्वर एयरपोर्ट है, जो यहां से करीब 65 किलोमीटर दूर है। आप कोर्णाक के साथ ही पुरी और भुवनेश्वर का घूमने का प्लान बना सकती है। जयपुर लिटरेचर फेस्टिवल, राजस्थान (जनवरी) यदि आपको किताबें पढ़ने और नई-नई बातें जानने का बेहद शौक है, तो जयपुर का लिटरेचर फेस्टिवल जरुर जाएं। यहां पर दुनिया भर के लेखकों, कवियों, इतिहासकारों और पत्रकारों का ठिकाना बना रहता है। यहां पर किताबों, राजनीति, इतिहास, साइंस और समाज से संबंधित टॉपिक्स पर बातचीत होती है। वहीं, आप किताबों की दुकानों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। बाद में आप जयपुर के बाजारों में घूम सकते हैं। कब जाएं- साल 2027 में यह फेस्टिवल 14 से 18 जनवरी के बीच जयपुर में होगा। ट्रैवल टिप- जाने से पहले पूरा प्रोग्राम देख लें और अपना रजिस्ट्रेशन जरुर कराएं। अंतर्राष्ट्रीय पतंग महोत्सव और मकर संक्रांति, गुजरात (जनवरी) हर सार गुजरात में मकर संक्रांति को उत्तरायण कहते हैं। इस अवधि में पूरा गुजरात अपनी-अपनी छतों पर होता है और पतंगबाजी की घूम मची रहती है। वहीं, अहमदाबाद के साबरमती रिवरफ्रंट पर इंटरनेशनल काइट फेस्टिवल मनाया जाता है। यहां आसमान में उड़ती रंग-बिरंगी पतंगों के साथ ही खाना भी एकदम जबरदस्त मिलता है। कब जाएं- 10 से 14 जनवरी 2027 के बीच साबरमती रिवरफ्रंट पर यह फेस्टिवल चलेगा। ट्रैवल ट्रिप- अहमदाबाद रुकने के लिए होटल की बुकिंग पहले से ही कर लें। धूप से बचने के लिए टोपी पहनें और पक्के या कांच वाले मांझे से थोड़ा दूर रहे, जिससे चोट न लगे।
फ्रांस में करीना-सैफ का फैमिली वेकेशन, तैमूर-जेह संग देखें खूबसूरत तस्वीरें
करीना कपूर और सैफ अली खान इन दिनों फ्रांस में छुट्टियां मना रहे हैं। सैफ ने वेकेशन की कुछ तस्वीरें शेयर की हैं, जिनमें परिवार का मस्ती भरा अंदाज और कैजुअल लुक देखने को मिल रहा है।
Nainital से Bhimtal तक, Lucknow के पास Summer Vacation के लिए बेहतरीन हैं ये 4 जगहें
उत्तर प्रदेश की राजधानी और नवाबों का शहर लखनऊ जितना अपनी ऐतिहासिक इमारतों के लिए जाना जाता है, उतना की अपनी संस्कृति के लिए भी जाना जाता है। ऐतिहासिक इमारतों से भरपूर लखनऊ शहर प्राचीन काल से ही तहजीब और अदब का नमूना पेश करता आया है। लखनऊ में आपको जितनी खूबसूरती इमारतें मिलेंगी, यहां की संस्कृति और खाना भी वैसा ही है। वैसे तो यह शहर अपने आप में बेहद खूबसूरत है, लेकिन गर्मियों में यह शहर काफी गर्म हो जाता है। ऐसे में अगर आप भी किसी ऐसी जगह की तलाश में हैं, जहां पर सुकून के साथ-साथ छुट्टियों का भी पूरा मजा उठाया जा सके। तो हम आपको आज इस आर्टिकल के जरिए लखनऊ से करीब 400 किमी से कम दूरी पर स्थिति कुछ ऐसे हिल स्टेशन के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि बेहद खूबसूरत हैं और आप यहां अपने परिवार के साथ जा सकते हैं। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: Manipur घूमने का प्लान है तो Imphal में Kangla Fort और Loktak Lake जरूर देखें नैनीताल लखनऊ से करीब 381 किमी दूर स्थित नैनीताल हिल स्टेशन बेहद खास और खूबसूरत है। यहां पर आप नैनी झील, नैना देवी मंदिर, टिफिन टॉप और स्नो व्यू पॉइंट जैसी जगहों को एक्सप्लोर कर सकते हैं। उत्तराखंड में कुमाऊं पहाड़ियों की तलहटी में बसा नैनीताल लखनऊ के पास सबसे ज़्यादा घूमे जाने वाले हिल स्टेशनों में से एक है। यहां पर पूरे साल मौसम सुहावना रहता है। वहीं यह जगह फैमिली ट्रिप के लिए बेस्ट है। भीमताल उत्तराखंड का भीमताल भी एक बेहद शांत और खूबसूरत हिल स्टेशन है। इस जगह की खासियत यहां का अनोखा और शांत माहौल है। यहां पर आप भीमताल झील, पैडल बोटिंग, बर्ड वाचिंग और प्रकृति के बीच सैर करने का मजा ले सकते हैं। लखनऊ से भीमताल की दूरी करीब 367 किमी है। यह जगह अपने आप में खूबसूरती को समेटे हुए है। भीमताल चीड़, ओक और झाड़ियों के घने जंगलों से घिरा है। इसके अलावा आप यहां पर कुछ फेमस मंदिरों के भी दर्शन कर सकते हैं। चंपावत उत्तराखंड में बसा चंपावत सबसे कम आबादी वाले जिलों में शामिल है। यह उत्तराखंड राज्य के पूर्वी हिस्से है और बेहद खूबसूरत जिला है। यहां पर आपको प्रकृति, पौराणिक कथाएं, इतिहास और आध्यात्मिकता का अनोखा संगम देखने को मिलता है। कुमाऊं क्षेत्र में हिमालय की शानदार पहाड़ियों से घिरे चंपावत के बारे में बहुत कम लोग जानते हैं। आप भी अगर किसी नई जगह की तलाश में हैं, तो यह जगह आपके लिए है। लखनऊ से यह जगह करीब 367 किमी दूर है। नौकुचियाताल उत्तराखंड का नौकुचियाताल झील के किनारे बसा एक खूबसूरत और छोटा गांव है। यह जगह उन लोगों के लिए बेस्ट है, जोकि प्रकृति के करीब रहना चाहते हैं और सुकून की तलाश में हैं। यह मुख्य रूप में यह जगह नौ कोनों वाली झील के लिए प्रसिद्ध है, जोकि करीब 1 किमी लंबी और 40 मीटर गहरी है। ऐसे में अगर आप लखनऊ में रहते हैं, तो इस बार की छुट्टियों में फैमिली के साथ यहां पर जा सकते हैं। लखनऊ से यहां की दूरी करीब 368 किमी है।
Rajasthan news: बगरू में NH-48 पर भीषण हादसा, टेंपो ट्रैवलर की ट्रेलर से टक्कर में 3 की मौत
24 अक्टूबर, शनिवार: राजस्थान के बगरू में NH-48 पर देर रात टेंपो ट्रैवलर और ट्रेलर की टक्कर में 3 लोगों की मौत हो गई और दो दर्जन से अधिक घायल हो गए, घायलों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
Travel Tips: Manipur घूमने का प्लान है तो Imphal में Kangla Fort और Loktak Lake जरूर देखें
इंफाल एयरपोर्ट बेहद खूबसूरत है। यहां की ताजी हवा और खुला आकाश आपका मन मोह लेगा। मणिपुरी शैली की हरी छतों वाला यह छोटा और बेहद खूबसूरत एयरपोर्ट इतना सहज है कि आप फ्लाइट से उतरकर पैदल ही भवन में जा सकते हैं। महानगरों की भागदौड़ से दूर इस शहर की अपनी खासियत है। ऐसे में अगर आप भी मणिपुर जाने का प्लान कर रही हैं। तो यह आर्टिकल आपके लिए है। क्योंकि हम आपको बताने जा रहे हैं कि आप मणिपुर के इंफाल में कौन-कौन सी जगहों को एक्सप्लोर कर सकती हैं। इमा मार्केट शहर के बीचों-बीच इमा मार्केट है। यह महिलाओं यानी की माताओं द्वारा चलाया जाने वाला बाजार है। यह मार्केट सिर्फ महिलाओं द्वारा चलाई जाती है। आप यहां से फनेक, ब्लाउज, शॉल, दुपट्टे, चादर, गमछे और भी कई तरह की चीजें ले सकती हैं। इसे भी पढ़ें: Bird Watching के शौकीनों के लिए बेस्ट हैं ये 5 जगहें, सर्दियों में दिखेंगे रंग-बिरंगे पक्षी कांगला किला की सैर आपको इंफाल में दो जगहें जरूर देखनी चाहिए। पहली कांगला किला और दूसरा लोकताल लेक। कांगला फोर्ट शहर के बीच इंफाल नदी के किनारे स्थित है। मेतेई भाषा में इसका अर्थ है जमीन का मुख्य भाग। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की लिस्ट में से एक है। यहां के राजवंश के शासकों की कांगला फोर्ट राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के लोगों के लिए गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इस फोर्ट के मुख्य द्वार पर सिंह की आकृति की दो मूर्तियां लगी हैं, जिनको देवताओं का देव कहा जाता है। यहां पर घूमने के लिए गोल्फ कार्ट की सुविधा मौजूद है। मणिपुरी भाषा भी भारत की 22 आधिकारिक भाषाओं की सूची में से एक है। कांगला फोर्ट राजधानी हुआ करता था और आज भी मणिपुर के निवासियों के लिए एक गौरवपूर्ण ऐतिहासिक स्थल है। इसके अलावा आप यहां पर कांगला संग्रहालय, बोट म्यूजियम और पुरातत्व संग्रहालय देख सकते हैं। सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर आप सानामाही मंदिर और पखंबा मंदिर को देख सकते हैं। सानामाही मेतेई वास्तुकला का बेजोड़ नमूना है। इस मंदिर के ऊपर सींगों की आकृति बनी है, जिसको मेतेई लोग पवित्र और शुभ मानते हैं। यहां पर कई दर्शनीय स्थल है, जैसे राजा बोधचंद्र की समाधि और महाराजा नरसिंह की घोड़े पर सवार मूर्ति आदि। इसके अलावा यहां महाराजा नरसिंह द्वारा बनवाया गया श्री गोविंद जी मंदिर भी देख सकते हैं। लोकताक लेक आप इस दौरान लोकताल लेक भी जा सकते हैं। यह पूरे नॉर्थ ईस्ट की सबसे बड़ी और फ्रेश वाटर लेक है। इसकी खासियत है कि झील के ऊपर तैरते हुए भूखंड हैं, जिनको स्थानीय भाषा में 'फुम्डी' भी कहा जाता है। फुम्डी वनस्पति और अन्य जैविक तत्वों से बना एक बायोमास होता है, जो जमीन की शक्ल ले लेता है, लेकिन पानी के ऊपर तैरता रहता है। मोइरांग के पास लोकताक झील स्थित है, जहां आईएनए का संग्रहालय भी है। इस संग्रहालय में नेताजी सुभाष चंद्र बोस और उनकी सेना से संबंधित वस्तुएं देख सकते हैं। वहीं आप इंडियन पीस मेमोरियल देख सकते हैं। यह स्मारक उन भारतीय शहीदों की याद में बनाया गया है, जोकि सेकेंड वर्ल्ड वॉर में आजाद हिंद फौज के तहत जापानी सेना के साथ मिलकर लड़े थे। इस रेड हिल के पास उन्होंने ब्रिटिश सेना को हराया था। इन बातों का रखें खास ध्यान ट्रेन से इंफाल जाने के लिए आपको सबसे पहले दीमापुर या गुवाहाटी जाना होगा। यहां से इंफाल के लिए बस ले सकते हैं। इसके अलावा देश के सभी प्रमुख शहरों से फ्लाइट द्वारा भी आप यहां पर जा सकते हैं। आप सितंबर से लेकर अप्रैल के लिए बीच का समय इंफाल जाने के लिए सबसे बेहतर होता है। क्योंकि इस दौरान यहां का मौसम सुहावना रहता है। मणिपुर राज्य में यात्रा करने के लिए भारतीय नागरिकों को राज्य सरकार से आपको इनर लाइन परमिट लेना जरूरी है। अब यह सुविधा ऑनलाइन मौजूद है। आप मणिपुर सरकार के ऑफिशियल पोर्टल पर जाकर इसके लिए आवेदन कर सकते हैं। इसके अलावा आप इसको कोलकाता, दिल्ली और गुवाहाटी स्थित मणिपुर भवन से भी प्राप्त कर सकते हैं। साथ ही आपको इंफाल एयरपोर्ट पर भी यह उपलब्ध है।
Travel Tips: Dussehra पर रावण दहन नहीं, Bisrakh और Baijnath जैसे गांवों में होती है पूजा
भारत देश में आपको कई ऐसे अनोखे गांव मिल जाएंगे, जिनकी रहस्यमयी कहानियां सुनकर लोग हैरान रह जाते हैं। भारत अपनी अनोखी परंपराओं और प्राचीन मान्यताओं के लिए विदेशों में भी फेमस है। यहां पर आपको कदम-कदम पर इतिहास के अलग-अलग रंग देखने को मिल जाएंगे। वहीं दशहरे के मौके पर रावण, कुंभकरण और मेघनाद जैसे दानवों के पुतले जलाए जाते हैं। लेकिन क्या आप जानते हैं कि भारत में कुछ ऐसे गांव भी हैं, जहां पर रावण दहन नहीं बल्कि उनकी पूजा-अर्चना की जाती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इन अनोखे गांव के बारे में बताने जा रहे हैं। बैजनाथ, कांगड़ा हिमाचल प्रदेश के कांगड़ा जिले में स्थित बैजनाथ में रावण ने घोर तपस्या करके भगवान शिव को प्रसन्न किया था। यहीं पर रावण ने महादेव को अपने 10 सिर अर्पित किए थे। वहीं दशानन की अटूट भक्ति की वजह से यहां के स्थानीय लोग रावण को महादेव का परम भक्त मानते हैं। यहां पर दशहरे के मौके पर रावण दहन की बजाय लोग दीपक जलाकर पूजा करते हैं। इसे भी पढ़ें: भारत-तिब्बत सीमा पर 3,450 मीटर ऊंचाई पर बसा है Chitkul, Kinnaur के इस गांव का रास्ता बिसरख गांव उत्तर प्रदेश के बिसरख गांव का नाम लंकापति रावण के पिता महर्षि विश्रवा के नाम पर पड़ा था। इसलिए इस गांव के लोग दशानन को अपना बेटा मानते हैं। यही वजह है कि यहां पर कभी रामलीला का आयोजन नहीं होता है और न ही दशहरा के मौके पर रावण दहन किया जाता है। इस गांव में दशहरा के दिन शोक का माहौल रहता है। वहीं रावण की आत्मा की शांति के लिए विशेष पूजा भी की जाती है। मंदसौर मध्य प्रदेश के मंदसौर के स्थानीय लोग दशानन रावण को अपने क्षेत्र का दामाद मानते हैं। इस जगह का प्राचीन नाम 'दशपुर' था। जिसको रावण की पत्नी मंदोदरी का मायका माना जाता है। मंदसौर के खानपुरा में दशहरे के दिन रावण दहन नहीं किया जाता है। वहीं महिलाएं जब रावण की प्रतिमा के सामने से गुजरती है, तो दामाद होने के नाते उसके सम्मान में घूंघट निकालती हैं। बस्तर और दक्षिण भारत मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ के बस्तर क्षेत्र में गोंड और बैगा आदिवासी समुदाय के लोग ताड़का को अपनी रक्षक और कुलदेवी के रूप में मानते हैं। वहीं कर्नाटक के कोलार और मांड्या जिले में भी ऐसे गांव हैं, जहां पर ताड़का की शक्तियों और रावण के ज्ञान का आदर किया जाता है। यहां के निवासी दीपक जलाकर उनकी पूजा करते हैं। कैसे पहुंचे इन अनोखे गांवों तक बता दें कि इस सभी जगहों पर आप ट्रेन या फ्लाइट के जरिए पहुंच सकती हैं। नजदीकी रेलवे स्टेशन या एयरपोर्ट पर पहुंचते ही आप कई लोकल टैक्सी या कैब आसानी से मिल जाएंगी। जिससे आप इन गांवों तक पहुंच सकती हैं।
Travel Tips: राजस्थान के Bera में लें बजट Night Safari और Jawai Dam का अद्भुत आनंद
राजस्थान अपने रेतीले टीले और ऐतिहासिक महलों के लिए जाना जाता है। अक्सर लोग छुट्टियां मिलने पर राजस्थान की फेमस जगहों पर घूमने के लिए निकल जाते हैं। लेकिन कुछ ज्यादा फेमस जगहों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में अगर आप सुकून के पल बिताने के साथ नाइट जंगल सफारी का मजा लेना चाहती हैं। तो आपको राजस्थान के पाली जिले में बसा छोटा सा कस्बा 'बेरा' जाना चाहिए। यह जगह आपके लिए बेस्ट डेस्टिनेशन साबित हो सकता है। राजस्थान की खास जगह यह इलाका जवाई बांध और अरावली की ग्रेनाइट पहाड़ियों के आसपास फैला हुआ है। जोकि पूरे देश में तेंदुओं की आबादी के लिए जाना जाता है। जैसलमेर या जोधपुर के महंगे टूर पैकेजों की जगह आप बजट में बेहतरीन नाइट जंगल सफारी का एक्सपीरियंस लेने के लिए राजस्थान की इस फेमस जगह बेरा जा सकती हैं। इसे भी पढ़ें: लुधियाना में है मां महागौरी का यह सिद्ध शक्तिपीठ मंदिर, महाअष्टमी पर करें दर्शन; जानें कैसे पहुंचे और क्या है खास? नाइट जंगल सफारी अक्सर लोग महंगे नेशनल पार्कों और कोर टाइगर रिजर्व्स में जाते हैं। लेकिन इसकी जगह बेरा में सफारी का एक अगल ही मजा है। यहां पर बाकी जगहों की तुलना में काफी कम खर्च होगा और आपकी ट्रिप यादगार बन सकती है। जैसलमेर या रणथंभौर की महंगी सफारी के चक्कर में पड़ने की जगह बेरा में स्थानीय गाइडों के साथ खुली जीप में आसानी से नाइट सफारी प्लान कर सकती हैं। यहां पर सरकारी सफारी की एडवांस बुकिंग को लेकर परेशान नहीं होना होगा। होमस्टे और कैंपिंग जब आप जोधपुर या जैसलमेर जैसी जगहों पर जाती हैं, तो यहां पर आप महंगे हेरिटेज होटल की बजाय बेरा और उसके आसपास के गांवों में होमस्टे में रुक सकते हैं। यब आपको आसानी से बजट में मिल जाएंगे। होमस्टे में आपको 800 से 1,500 रुपए तक में रहने के लिए अच्छे कमरे मिल जाएंगे। यहां आप रात में कैंपफायर का मजा लेने के साथ-साथ पारंपरिक राजस्थानी भोजन का स्वाद ले सकते हैं। देखें जवाई बांध और प्राकृतिक नजारे रात के समय सफारी के दौरान आपको तेंदुए के अलावा जंगल कैट, लोमड़ी, सियार और लकड़बग्घा जैसे जानवर देखने को मिल सकते हैं। जानवरों के अलावा आप बेरा के बेहद खूबसूरत प्राकृतिक नजारों का भी लुत्फ उठा सकती हैं। इस इलाके में फेमस जलाशय 'जवाई बांध' भी है। यहां पर आपको सैकड़ों मगरमच्छ पानी के किनारे धूप सेंकते दिख जाएंगे। ऐसे पहुंचे राजस्थान के बेरा गांव यहां पहुंचने का सबसे नजदीकी हवाई अड्डा उदयपुर महाराणा प्रताप एयरपोर्ट है। जोकि करीब 150 किमी दूर है। वहीं जोधपुर एयरपोर्ट करीब 170 किमी दूर है। इसके अलावा यहां का नजदीकी रेलवे स्टेशन 'जवाई बांध' और 'फालना' है। यहां से आपको सीधी टैक्सी या बसें मिल जाएंगी।
Backpackers और Solo Travelers के लिए Dharamshala के करीब Naddi Village बना नया ठिकाना
बारिश और ठंड के बीच का मौसम बेहद सुहावना होता है। ज्यादातर लोग इस मौसम में काम से छुट्टी लेकर फैमिली या फिर दोस्तों के साथ घूमने के लिए जाते हैं। इस मौसम में हिमाचल प्रदेश की हसीन वादियों में बसा धर्मशाला एक्सप्लोर करने लायक होता है। हालांकि अधिकतर लोग छु्ट्टियों में धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान करते हैं। लेकिन इन जगहों पर पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलती है। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको एक ऐसी खूबसूरत जगह के बारे में बताने जा रहे हैं, जोकि धर्मशाला से करीब 15 किमी की दूरी पर है। बैकपैकर्स, ब्लॉगर्स और सोलो ट्रैवलर्स के लिए यह ऑफबीट डेस्टिनेशन जन्नत साबित हो सकती है। इसे भी पढ़ें: Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska नड्डी गांव अक्सर लोग छुट्टियों पर भीड़भाड़ वाली जगह पर जाने से कतराते हैं। ऐसे में अगर आपका भी धर्मशाला या मैक्लोडगंज जाने का प्लान भारी भीड़, ट्रैफिक जाम और महंगे होटलों की वजह से कैंसिल हो रहा है। तो आपको धर्मशाला से कुछ ही दूरी पर मौजूद एक बेहद खूबसूरत जगह पर जाना चाहिए। धर्मशाला और मैक्लोडगंज में हमेशा आपको पर्यटकों की भारी भीड़ देखने को मिलेगी। इस वजह से यहां के होटल भी काफी महंगे होते हैं। लेकिन आप धर्मशाला से कुछ किमी दूर स्थित नड्डी गांव जा सकती हैं। यह गांव कल-कल बहती पहाड़ी नदियों, खूबसूरत झरनों के दृश्यों और देवदार के लंबे पेड़ों के लिए जाना जात है। आप यहां पर सिर्फ 300 से 500 रुपए में होमस्टे या बेड बुक कर सकती हैं। यहां पर आप पहाड़ों की विशाल चोटियों के खूबसूरत नजारों को निहार सकती हैं। ट्रैकिंग और लोकल फूड नड्डी गांव में कई बेहद खूबसूरत ट्रैकिंग और हाइकिंग रूट्स बने हुए हैं। जोकि खासकर ट्रैकिंग पसंद करने वाले लोगों के लिए बेस्ट हैं। वहीं इन रास्तों पर आपको छिपे हुए पहाड़ी नाले, झरने और हरे-भरे जंगल देखने को मिलेंगे। आप यहां पर पारंपरिक खाने का स्वाद ले सकती हैं। यहां पर आपको मोमोज और सिड्डू जैसी कई स्वादिष्ट पहाड़ी डिशेज खाने को मिल जाएंगी। ऐसे जाएं नड्डी गांव बता दें कि यहां का नजदीकी एयरपोर्ट कांगड़ा एयरपोर्ट है, जोकि धर्मशाला से करीब 13 किमी दूर है। वहीं सबसे नजदीक पठानकोट रेलवे स्टेशन है। आप दिल्ली या चंडीगढ़ से सीधे स्लीपर बस से धर्मशाला पहुंच सकती हैं। फिर आप कैब या शेयरिंग ऑटो बुक करके इस खूबसूरत गांव पहुंच सकती हैं।
Travel Tips: कम बजट में 2 दिन का सुकून देंगे Delhi NCR के पास स्थित Morni Hills और Sariska
वीकेंड आते ही दिल्ली की भागदौड़ से दूर किसी शांत और सुकून वाली जगह पर जाने का मन करता है। लेकिन इसमें बजट और समय दोनों ही बाधा बनते हैं। अगर आपके पास सिर्फ दो दिन का समय है और करीब 5000 रुपए का ही बजट है, तो आप दिल्ली-एनसीआर से कई बेहद खूबसूरत और शांत जगहों पर जाने का प्लान कर सकती हैं। वहीं इन ट्रिप के लिए लंबी छुट्टी और ज्यादा खर्च की भी जरूरत नहीं होगी। दिल्ली के आसपास कई ऐसी जगहें हैं, जहां पर आपको एक ही ट्रिप में झील, जंगल, पहाड़ और हरियाली देखने को मिल सकती है। ऋषिकेश गंगा, पहाड़ और एडवेंचर का अनुभव एक साथ लेने के लिए ऋषिकेश एक बेहतरीन जगह है। अगर आपकी लिस्ट में पहाड़ों के अलावा रोमांच और नदी भी शामिल है, तो आपके लिए ऋषिकेश परफेक्ट जगह है। दिल्ली से बस के जरिए यहां पहुंचना आसान है। इसे भी पढ़ें: Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide मोरनी हिल्स मोरनी हिल्स पर आपको पहाड़ और झील दोनों का अनुभव मिल सकता है। दिल्ली से वीकेंड ट्रिप के लिए यह एक परफेक्ट ऑप्शन है। पंचकूला जिले में स्थित हरियाणा का यह प्रमुख हिल स्टेशन है। यहां आप पहाड़ियों के अलावा टिक्कर ताल की खूबसूरती को निहार सकेंगे। झील के आसपास का पहाड़ी वातावरण और हरियाली आपको सुकून देने का काम करती है। दो दिन की ट्रिप में यहां घूमना और आसपास के इलाकों को देखना संभव है। बजट कम रखना हो, तो आपको परिवहन और होमस्टे का ऑप्शन चुना जा सकता है। लैंसडाउन जंगल और शांत पहाड़ के बीच सुकून की छुट्टियां बिताने के लिए लैंसडाउन बेहद खूबसूरत जगह हैं। उत्तराखंड के लैंसडाउन उन लोगों के लिए खास आकर्षण है, जो कि भीड़भाड़ से दूर शांत पहाड़ी माहौल में समय बिताना चाहते हैं। देवदार के पेड़, आसपास के जंगल और पहाड़ी रास्ते इस जगह को खास बनाते हैं। यहां पर आप वीकेंड में जा सकते हैं। वहीं बजट में यात्रा के लिए होमस्टे और यात्रा पर खर्च को कंट्रोल करने में मदद मिल सकती है। नैनीताल अगर आप भी थोड़ा लंबा सफर करने के लिए तैयार हैं, तो आपको नैनीताल में झील और पहाड़ दोनों मिल जाएंगे। आप नैनी झील के आसपास घूम सकते हैं, पहाड़ी नजारे देख सकते हैं और माल रोड पर वॉक करते हुए अपने समय को खास बना सकते हैं। हालांकि पीक सीजन में यहां के होटल और परिवहन आदि महंगे हो सकते हैं। इसलिए 5 हजार के बजट में आने-जाने के लिए ऑफ-पीक डेट, बस यात्रा और बजट स्टे चुनना ज्यादा सही रहेगा। सरिस्का दिल्ली के आसपास जंगल सफारी के साथ-साथ वीकेंड ट्रिप का मजा लेने के लिए आप सरिस्का जा सकते हैं। अगर आपको भी पहाड़ों से ज्यादा जंगल पसंद हैं, तो राजस्थान के सरिस्का जाना चाहिए। सरिस्का टाइगर रिजर्व में आप जंगल सफारी का मजा ले सकते हैं। आप आसपास के ऐतिहासिक स्थलों और अरावली के प्राकृतिक वातावरण को भी देख सकेंगे। हालांकि जंगल सफारी की फीस और उपलब्धता अलग हो सकती है, इसलिए पहले ऑफिशियल जानकारी देखना सही होगा।
Navratri पर Kanpur के Ghatampur स्थित मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन करने की Travel Guide
शारदीय नवरात्रि में हर जगह भक्तिमय माहौल देखने को मिल रहा है। भक्तजन देवी दुर्गा की पूजा-अर्चना कर रहे हैं और व्रत भी रख रहे हैं। शारदीय नवरात्र में हर दिन मां दुर्गा के अलग-अलग स्वरुपों की पूजा की जाती है। कल यानी 14 अक्तूबर को नवरात्रि का चौथा दिन है और इस दिन मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कूष्मांडा ने अपनी मुस्कान से पूरे ब्रह्मांड की रचना की थी। यदि आप इस दिन मां के दर्शन करने के लिए किसी खास मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो यह लेख आपके लिए है। असल में उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले के घाटमपुर में मां कूष्मांडा देवी का चमत्कारी मंदिर है। खासकर इस मंदिर में जमीन पर लेटी हुई दिखने वाली मां की पिंडी है, जिससे पूरे साल पानी रिसता रहता है। आइए आपको यहां पर जाने के लिए पूरी ट्रैवल गाइड बताते हैं। कानपुर में मां कूष्मांडा का मंदिर कहां है? अगर आप इस मंदिर के दर्शन करना चाहते हैं, तो आप कानपुर के घाटमपुर तहसील में मां कूष्मांडा का मंदिर है। यह मंदिर अनोखी पिंडी के लिए जाना जाता है। इस मंदिर में मां की पिंडी जमीन पर लेटी हुई और इसका आकार भी आम मूर्तियों से काफी अलग है। पिंडी के दो मुख होने के कारण इसका आखिरी सिरा अभी तक किसी को समझ नहीं आया है। कानपुर के कूष्मांडा मंदिर जाने का सही समय क्या है? मंदिर सुबह 6 बजे से लेकर रात 9 बजे तक दर्शन के लिए खुला रहता है। हालांकि, त्योहारों या सर्दियों के मौसम में समय में बदलाव भी होता है। नवरात्रि के दिन जाने से पहले मंदिर का समय एक बार जरुर पता करें। मंदिर के आसपास कहां रुक सकती हैं? यदि आप किसी दूसरे शहर से मां के दर्शन करने जा रहे हैं, तो आप एक दिन से ज्यादा रुकना चाहते है, तो आप घाटमपुर में होटल या गेस्ट हाउस आपको मिल जाएंगे। वहीं, आपको कानपुर के बर्रा इलाके में भी स्टे देखने को मिलेगा। बस रुम बुक करने से पहले मंदिर से उसकी दूरी, आने-जाने की सुविध और किराया जरुर पता कर लें। कानपुर के मां कूष्मांडा मंदिर कैसे पहुंचें? ट्रेन से: कानपुर सेंट्रल रेलवे स्टेशन से आपको घाटमपुर जाने के लिए टैक्सी, ऑटो या बस का ऑप्शन मिल जाएगा। सड़क: असल में कानपुर शहर सड़क के रास्ते उत्तर प्रदेश के कई शहरों से कनेक्टेड है। जब आप कानपुर पहुंचे जाए, तो यहां से घाटमपुर जाने के लिए बस, टैक्सी आपको मिल जाएगी। हवाई जहाज से: कानपुर एयरपोर्ट पहुंचने के बाद टैक्सी या कैब से घाटमपुर पहुंच सकते हैं। मां कूष्मांडा मंदिर के दर्शन के लिए कितने समय का प्लान बनाएं? आप यहां पर दो दिन का प्लान बना सकती हैं। पहले दिन पहुंचकर फ्रेश होकर मंदिर के दर्शन करें। जिसके बाद कुछ नाश्ता या खाना खाकर दूसरी जगहों को एक्सप्लोर करें। आप कानपुर के और भी खूबसूरत मंदिरों के दर्शन कर सकते हैं- -बिठूर -गंगा बैराज -कानपुर जू -मोती झील -जेके मंदिर -इस्कॉन मंदिर -जैन ग्लास मंदिर -कानपुर मेमोरियल चर्च
बॉलीवुड के सबसे चहेते और पावर कपल्स में शुमार कियारा आडवाणी और सिद्धार्थ मल्होत्रा इन दिनों अपनी जिंदगी के बेहद खूबसूरत फेज का आनंद ले रहे हैं। पहली बार माता-पिता बनने के लगभग एक साल बाद यह कपल अब अपने दूसरे बच्चे का स्वागत करने के लिए पूरी तरह ...
Travel Tips: Vrindavan के Chhatikara में स्थित Char Dham Mandir में करें चार धामों के दर्शन
वृंदावन का नाम आते ही लोगों के मन में सबसे पहले राधा-कृष्ण और मंदिरों के बारे में ख्याल आता है। यहां पर देश-विदेश से बड़ी संख्या में श्रद्धालु के दर्शन के लिए आते हैं। लेकिन वृंदावन के छटीकरा इलाके में एक ऐसा मंदिर भी हैं, जहां पर आपको एक ही स्थान पर अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन हो सकते हैं। इसको चारधाम मंदिर के नाम से भी जाना जाता है। यहां पर आपको राधा-कृष्ण धाम, शिव धाम, शनि धाम और वैष्णो माता धाम देखने को मिलेंगे। चार धाम मंदिर बड़ा होने के साथ-साथ काफी ज्यादा बड़ा भी है। ऐसे में अगर आप भी वृंदावन जाने का प्लान कर रही हैं, तो आप चार धाम को भी अपनी ट्रिप में शामिल कर सकती हैं। ऐसे में आज इस आर्टिकल के जरिए हम आपको इस बारे में पूरी जानकारी देने जा रहे हैं। इसे भी पढ़ें: Lepchajagat में WBFDC लॉज और Homestay से निहारें Kanchenjunga, प्रकृति प्रेमियों के लिए बेस्ट वृंदावन में चार धाम मंदिर वृंदावन के छटीकरा इलाके में चार धाम मंदिर है। मथुरा और आगरा की ओर जाते समय NH-2 से इस जगह की बड़ी मूर्तियां दूर से ही नजर आने लगती हैं। यहां पर भगवान शिव और मां वैष्णो देवी की बड़ी मूर्तियां शामिल हैं। जो इस मंदिर की खास पहचान है। यहां पर एक बड़ा धार्मिक परिसर है, जिसको अलग-अलग देवी-देवताओं के दर्शन के लिए बनाया गया है। एक जगह कर सकेंगे चार धामों के दर्शन इस मंदिर की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यहां पर आपको चार अलग-अलग धामों के दर्शन एक साथ हो जाएंगे। इसमें राधा-कृष्ण धाम, शनि धाम, शिव धाम और वैष्णो देवी धाम शामिल हैं। शनि धाम चार धाम मंदिर के शनि धाम में आप शनिदेव के भी दर्शन कर सकते हैं। यहां पर शनिवार को बड़ी संख्या में भक्त आते हैं और शनिदेव पर तेल अर्पित कर पूजा करते हैं। तो वहीं कई लोग परिवार की सुख-समृद्धि और जीवन में स्थिरता की कामना लेकर मंदिर में आते हैं। यहां की खासियत है कि आपको यहां भरपूर शांति मिलेगी। राधा-कृष्ण धाम राधा-कृष्ण धाम भी इस मंदिर का बेहद खूबसूरत हिस्सा है। यहां पर भगवान कृष्ण और राधारानी की सुंदर प्रतिमाएं हैं। यह तो सभी लोग जानते हैं कि वृंदावन का संबंध भगवान श्रीकृष्ण की लीलाओं से जुड़ा है। इसलिए यहां पर बने इस राधा-कृष्ण धाम को लोग देखने क लिए आते हैं। यहां पर भजन-कीर्तन और आरती होती है, वहीं राधाष्टमी और जन्माष्टमी के मौके पर इस मंदिर को विशेष रूप से सजाया जाता है। शिव धाम यहां पर शिव धाम में शिवलिंग और महादेव की खूब बड़ी प्रतिमा है। भगवान भोलेनाथ की मूर्ति की ऊंचाई करीब 175 फीट है। ऐसे में जो भी वृंदावन आता है, वह यहां पर आकर भगवान शिव के दर्शन जरूर करता है और कई लोग तो फोटो भी क्लिक कराते हैं। वैष्णो माता धाम चार धाम मंदिर में वैष्णो देवी का धाम भी है। यहां पर आप माता के अलग-अलग स्वरूपों के दर्शन कर सकते हैं। नवरात्रि के दौरान यहां पर खास आयोजन होते हैं। इस दौरान लोग बड़ी संख्या में मंदिर पहुंचते हैं। वहीं यहां पर आपको महादेव के साथ माता की 141 फीट ऊंची मूर्ती देखने को मिलेगी। ऐसी है मंदिर की बनावट चार धाम मंदिर में आपको पुरानी पारंपरिक मंदिर शैली के साथ-साथ मॉडर्न डिजाइन का बेहतरीन कॉम्बिनेशन देखने को मिलेगा। यहां एक बड़ा सा मेन गेट, सुंदर सा परिसर और अलग-अलग देवी-देवताओं की मूर्तियां लगी हैं। मंदिर में अच्छी खासी लाइटिंग की भी व्यवस्था है। साथ ही देवी-देवताओं की सुंदर मूर्तियां और सजावट के कारण यहां की खूबसूरती देखने लायक होती है। चार धाम मंदिर जाने का समय और अन्य जानकारी अगर आप भी वृंदावन के चार धाम मंदिर जाने का प्लान कर रही हैं, तो उससे पहले ये जरूरी बातें नोट कर लें। स्थान - छटीकरा, वृंदावन दर्शन का समय - सुबह 7 बजे से दोपहर 1 बजे तक शाम का समय - शाम को 4 बजे से रात 8:30 बजे तक यहां पर कोई एंट्री फीस नहीं है।
घूमने से ज्यादा होटल में ठहरना पसंद कर रही Gen Z, जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड
छुट्टियां बिताने के लिए आप किसी जगह पर जाएं और घूमने फिरने की जगह सिर्फ होटल के रूम में समय बिताएं ये सुनना अजीब लग सकता है लेकिन आजकल के Gen Z ऐसा करना ही पसंद कर रहे हैं। ऐस में जानिए क्या है ट्रैवल का नया ट्रेंड ‘रूम रॉटिंग’।
विश्व पर्यटन दिवस के अवसर पर रविवार को दिल्ली के प्रमुख ऐतिहासिक स्मारकों में पर्यटकों को निशुल्क प्रवेश मिलेगा।
चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें इंटरनेट पर छाईं
टीवी एक्ट्रेस चाहत खन्ना की मालदीव वेकेशन की तस्वीरें सोशल मीडिया पर चर्चा में हैं। उन्होंने बीच और पूल से अपनी छुट्टियों की कई तस्वीरें साझा कीं, जिनमें वह वेकेशन एन्जॉय करती नजर आईं।
प्रेग्नेंट दीपिका और बेटी दुआ को लेकर वेकेशन पर निकले रणवीर सिंह! बेबी बंप फोटोज देख चहक उठे फैंस
Ranveer Singh Deepika Padukone Photos Fact Check:
Gaurav Khanna माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर निकले, बारिश में फंसे तो ऐसे किया एन्जॉय
एक्टर गौरव खन्ना सोशल मीडिया पर काफी एक्टिव हैं। एक्टर लगातार अपने फैंस के साथ अपनी जिंदगी से जुड़े अपडेट शेयर कर रहे हैं। हाल ही में गौरव ने एक नया वीडियो शेयर कर बताया कि वह अपने माता-पिता के साथ मसूरी वेकेशन पर गए हैं। गौरव ने वीडियो में उस कार की झलक भी दिखाई, जिसमें वह अपनी मां और पिता के साथ सफर कर रहे हैं। पहाड़ों की ओर जाते हुए गौरव काफी खुश नजर आए। वीडियो में उन्होंने कहा, बादलों के बीच में जाते हुए। इस वीडियो के साथ उन्होंने मसूरी का नाम भी लिखा। बारिश में फंसे गौरव खन्ना मसूरी पहुंचने के बाद गौरव ने एक और वीडियो शेयर किया, जिसमें वह बारिश का मजा लेते नजर आए। उन्होंने बताया कि वहां बारिश काफी तेज हो रही थी। गौरव ने कहा कि उन्होंने छतरी भी ली थी, लेकिन तेज बारिश की वजह से उनके हाल खराब हो गए। इसके बाद गौरव एक रेस्टोरेंट में चाय पीते नजर आए। उन्होंने कहा कि ट्रिप पर इतनी बारिश में आएंगे तो ऐसा होना ही है, लेकिन यही तो ट्रिप का मजा है। वीडियो के आखिर में गौरव ने मजाकिया अंदाज में कहा, मजा भी है। इसे भी पढ़ें: Tumbbad 2 की रेकी के दौरान हुआ बड़ा खुलासा: उसी खौफनाक हवेली में टीम को मिला 8 साल पुराना रहस्यमयी खजाना! फैंस ने गौरव के वेकेशन को बताया जरूरी गौरव खन्ना के ये वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे हैं। फैंस को उनका अपने माता-पिता के साथ समय बिताना काफी पसंद आ रहा है। कई फैंस का मानना है कि गौरव को इस तरह के ब्रेक और वेकेशन की जरूरत थी। कुछ फैंस ने गौरव और उनकी पत्नी आकांक्षा चमोला के रिश्ते को लेकर भी कमेंट किए। फैंस का कहना है कि आकांक्षा से अलग रहने के बाद गौरव के लिए परिवार के साथ समय बिताना और घूमना अच्छा है। इसे भी पढ़ें: Pune में घर खरीदने के बाद अब शादी की जिम्मेदारियों पर क्या बोले Parth Samthaan गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला का अभी तक नहीं हुआ तलाक गौरव खन्ना और आकांक्षा चमोला की शादी और तलाक को लेकर लंबे समय से चर्चा होती रही है। लॉकअप 2 में गौरव, आकांक्षा को सपोर्ट करने पहुंचे थे। उस दौरान एक्टर ने बताया था कि दोनों अभी भी कानूनी तौर पर शादीशुदा हैं और उनका तलाक नहीं हुआ है। वहीं, लॉकअप 2 के बाद आकांक्षा चमोला ने भी बताया था कि अभी तक तलाक के पेपर साइन नहीं हुए हैं। फिलहाल दोनों अपने-अपने प्रोजेक्ट्स में बिजी हैं। इस बीच गौरव अपने माता-पिता के साथ मसूरी ट्रिप का आनंद लेते नजर आ रहे हैं।
राजधानी दिल्ली को सिर्फ ट्रांजिट सिटी के बजाय देश-दुनिया के पर्यटकों के लिए पूर्ण पर्यटन गंतव्य बनाने के लिए दिल्ली सरकार ने मंगलवार को चार नए आध्यात्मिक एवं विरासत पर्यटन सर्किट शुरू किए।
कड़कड़ाती सर्दी में बिकिनी पहन पूल में उतरीं रुबीना दिलैक, जापान वेकेशन की दिखाई झलक
टीवी की संस्कारी बहू रुबीना दिलैक रियल लाइफ में काफी ग्लैमरस हैं। वह अक्सर फैंस के साथ अपनी हॉट एंड सिजलिंग तस्वीरें शेयर करती रहती हैं। रुबीना वह छोटे पर्दे की हाई पेड एक्ट्रेसेस में शुमार है। हाल ही में रुबीना ने अपनी जापान ट्रिप की तस्वीरें फैंस ...
स्विमिंग पूल किनारे मोनालिसा का सिजलिंग अंदाज, वेकेशन से शेयर की बोल्ड तस्वीरें
भोजपुरी एक्ट्रेस मोनालिसा हिंदी टीवी इंडस्ट्री में भी अपनी अलग पहचान बना चुकी हैं। इसके अलावा सोशल मीडिया पर भी मोनालिसा की जबरदस्त फैन फॉलोइंग है। वह अपनी ग्लैमरस तस्वीरों से तहलका मचाती रहती हैं। मोनालिसा इन दिनों थाइलैंड में वेकेशन एंजॉय कर रही ...
गोवा में वेकेशन एंजॉय कर रहीं कृष्णा श्रॉफ, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
कृष्णा श्रॉफ निश्चित रूप से जानती हैं कि लोगों का ध्यान कैसे आकर्षित करना है- चाहे वह उनकी MMA चॉप्स हों या उनकी वेकेशन की तस्वीरें। कृष्णा इस दिनों गोवा की धूप और बीच पर छुट्टियां मना रही हैं। इसी बीच कृष्णा श्रॉफ ने सोशल मीडिया पर अपनी ट्रॉपिकल ...
कैंसर के ट्रीटमेंट जंग के बीच वेकेशन मनाने मालदीव पहुंचीं हिना खान, शेयर की खूबसूरत तस्वीरें
टीवी एक्ट्रेस हिना खान भले ही कैंसर से जंग लड़ रही हैं, लेकिन वह अपनी लाइफ को खुलकर जी रही हैं। इस गंभीर बीमारी से जंग लड़ते हुए वह लाइफ का हर पल एंजॉय कर रही हैं। हिना खान इन दिनों मालदीव में वेकेशन एंजॉय कर रही हैं। मालदीव में वेकेशन मनाते हुए ...
Tejasswi Praksh-Karan Kundrra नहीं हुए अलग,रोमांटिक वेकेशन एन्जॉय कर रहा है कपल करीबी दोस्त ने खोला राज
शादी के तीन महीने बाद हनीमून पर निकलेRakul Preet Singh औरJackky Bhagnani, वेकेशन से वायरल हुई एक्ट्रेस की तस्वीरें
एक बार फिर सिनेमा घरो में दस्तक देने जा रही है क्रिस्टोफ़र नोलन की स्पेस एडवेंचर फिल्मInterstellar,10वीं सालगिरह पर होगी री-रिलीज़

