प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात और महाराष्ट्र के एक दिवसीय दौरे पर पश्चिमी भारत के लॉजिस्टिक्स, बुनियादी ढांचे और वित्तीय प्रौद्योगिकी (Fintech) पारिस्थितिकी तंत्र को नई गति प्रदान की है। पीएम मोदी ने गुजरात के वडोदरा में आयोजित भव्य समारोह में ₹35,000 करोड़ से अधिक की लागत वाली महत्वपूर्ण अवसंरचना परियोजनाओं का उद्घाटन, लोकार्पण और शिलान्यास किया।इस दौरे का दूसरा बड़ा पड़ाव देश की वित्तीय राजधानी मुंबई है, जहां शाम को प्रधानमंत्री विश्व के सबसे प्रतिष्ठित वित्तीय सम्मेलनों में शुमार ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 2026 के सातवें संस्करण का औपचारिक उद्घाटन करेंगे। यह दोहरा दौरा जहां एक तरफ देश की माल ढुलाई क्षमता और बुनियादी ढांचे को वैश्विक स्तर पर ले जाएगा, वहीं दूसरी तरफ भारत की डिजिटल पेमेंट और फिनटेक शक्ति को दुनिया के सामने प्रदर्शित करेगा।₹20,700 करोड़ का वेस्टर्न फ्रेट कॉरिडोर: नेटवर्क हुआ 100% पूरावडोदरा में कार्यक्रम का सबसे प्रमुख आकर्षण वेस्टर्न डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर (WDFC) के तीन महत्वपूर्ण सेक्शंस का लोकार्पण रहा:326 किलोमीटर का नया ट्रैक: ₹20,700 करोड़ से अधिक की लागत से तैयार न्यू साणंद (उत्तर)-न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव-न्यू सफाले और न्यू सफाले-न्यू जेएनपीटी (JNPT) खंड का उद्घाटन हुआ।सीधे JNPT पोर्ट से जुड़ाव: इन सेक्शंस के शुरू होने के साथ ही देश का विशाल फ्रेट कॉरिडोर नेटवर्क सीधे मुंबई के जवाहरलाल नेहरू पोर्ट अथॉरिटी (JNPA) से जुड़ गया है। इससे एक्सपोर्ट-इंपोर्ट (EXIM) कार्गो की ढुलाई में लगने वाला समय आधा रह जाएगा और लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी।मुंबई लोकल पर घटेगा दबाव: इस नए फ्रेट कॉरिडोर के पूरी तरह सक्रिय होने से मुंबई की यात्री रेल लाइनों से मालगाड़ियों का बोझ हटेगा, जिससे लोकल ट्रेनों की गति और समयबद्धता में सुधार होगा।मालगाड़ियों और नई पैसेंजर ट्रेन को हरी झंडी: प्रधानमंत्री ने न्यू साणंद, न्यू मकरपुरा, न्यू उंबरगांव और न्यू जेएनपीटी से नई मालगाड़ियों को रवाना किया। साथ ही, वडोदरा (प्रतापनगर) से टांडा रोड के बीच एक नई यात्री ट्रेन को भी हरी झंडी दिखाई गई, जिससे आदिवासी बाहुल्य अलीराजपुर क्षेत्र मुख्य रेल नेटवर्क से जुड़ गया है।रेलवे और हाईवे को मिले ₹11,480 करोड़ से ज्यादा के नए प्रोजेक्ट्सप्रधानमंत्री ने कनेक्टिविटी को रफ्तार देने के लिए कई बड़े प्रोजेक्ट्स की नींव रखी:रेलवे प्रोजेक्ट्स (₹9,700 करोड़+): 329 किलोमीटर में फैले तीन प्रमुख रेल प्रोजेक्ट्स का शिलान्यास हुआ, जिनमें वडोदरा-रतलाम तीसरी और चौथी रेल लाइन, मियागाम करजन-चोरंडा-मालसर गेज परिवर्तन और विश्वामित्री-डभोई दोहरीकरण परियोजना शामिल हैं। ये परियोजनाएं गुजरात और मध्य प्रदेश के बीच कनेक्टिविटी को सुगम बनाएंगी।हाईवे प्रोजेक्ट्स (₹1,780 करोड़): एनएच-48 के कामरेज-चलथान सेक्शन के सिक्स-लेनिंग, वडोदरा-सूरत सेक्शन पर तापी और नर्मदा नदियों पर अतिरिक्त पुलों का निर्माण तथा एनएच-53 के प्रमुख जंक्शनों पर ग्रेड-सेपरेटेड स्ट्रक्चर्स का शिलान्यास किया गया। इसके साथ ही कंदारी चोकड़ी और लुवारा पाटिया में दो नए सिक्स-लेन फ्लाईओवर जनता को समर्पित किए गए।राज्य सरकार के प्रोजेक्ट्स (₹2,600 करोड़): कडाना बांध पर 110 मेगावाट की फ्लोटिंग सोलर परियोजना, वडोदरा अर्बन डेवलपमेंट अथॉरिटी रिंग रोड (फेज-2) का शिलान्यास और प्रधानमंत्री आवास योजना के अंतर्गत नए आवासों का लोकार्पण शामिल रहा।मुंबई में 'ग्लोबल फिनटेक फेस्ट 2026' का भव्य शुभारंभगुजरात के कार्यक्रमों के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शाम 5:45 बजे मुंबई के बांद्रा-कुर्ला कॉम्प्लेक्स (BKC) स्थित जियो वर्ल्ड सेंटर पहुंचे, जहां उन्होंने Global Fintech Fest (GFF) 2026 का उद्घाटन किया।चार दिवसीय महाकुंभ (8 से 11 सितंबर): यह सम्मेलन दुनिया के सबसे बड़े फिनटेक आयोजनों में से एक है, जिसमें 100 से अधिक देशों के नीति-निर्माता, केंद्रीय बैंकों के गवर्नर, रेगुलेटर्स, फिनटेक फाउंडर्स और वैश्विक निवेशक हिस्सा ले रहे हैं।GFF 2026 की थीम: इस वर्ष के सम्मेलन का मुख्य विषय है—“Potential to Impact: Agentic AI, Tokenisation, Quantum – Trusted, Connected, Global Systems for Inclusive Finance”।किन तकनीकों पर रहेगा फोकस? सम्मेलन में विशेष रूप से एजेंटिक एआई (Agentic AI) के जरिए वित्तीय धोखाधड़ी की रोकथाम, वित्तीय संपत्तियों के टोकेनाइजेशन (Tokenisation) और क्वांटम सेफ क्रिप्टोग्राफी (Quantum Technologies) पर वैश्विक चर्चा होगी। भारत अपने यूपीआई (UPI) और ओपन बैंकिंग की सफलता को वैश्विक स्तर पर इंटरकनेक्ट करने की रूपरेखा भी साझा करेगा।आर्थिक विकास और लॉजिस्टिक्स क्रांति का नया युगप्रधानमंत्री के इस दौरे से गुजरात और महाराष्ट्र दोनों आर्थिक इंजनों के बीच बुनियादी और वित्तीय तालमेल को नई मजबूती मिली है। वडोदरा से लेकर जेएनपीटी तक डेडिकेटेड फ्रेट कॉरिडोर का पूरा होना देश को 5 ट्रिलियन डॉलर की अर्थव्यवस्था बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर माना जा रहा है। वहीं, मुंबई से फिनटेक जगत को दिया जाने वाला संदेश भारत को वैश्विक डिजिटल फाइनेंस के केंद्र के रूप में और सुदृढ़ करेगा।क्षेत्र / राज्यपरियोजना का प्रकारलागत / विवरणगुजरात (WDFC)न्यू साणंद से न्यू जेएनपीटी फ्रेट कॉरिडोर₹20,700 करोड़+ (326 किमी ट्रैक राष्ट्र को समर्पित)गुजरात (रेलवे)वडोदरा-रतलाम 3rd/4th लाइन व अन्य विस्तार₹9,700 करोड़+ (329 किमी रेल नेटवर्क का शिलान्यास)गुजरात (हाईवे)NH-48 व NH-53 सिक्स-लेनिंग व फ्लाईओवर₹1,780 करोड़ के सड़क अवसंरचना कार्यगुजरात (स्थानीय विकास)फ्लोटिंग सोलर (कडाना बांध), रिंग रोड फेज-2₹2,600 करोड़ (राज्य सरकार की विभिन्न योजनाएं)महाराष्ट्र (मुंबई)ग्लोबल फिनटेक फेस्ट (GFF) 20268-11 सितंबर, जियो वर्ल्ड सेंटर (एजेंटिक AI व क्वांटम फाइनेंस)
महाराष्ट्र : नितेश राणे की शरद पवार से मुलाकात, मत्स्य उद्योग और बंदरगाह विकास पर हुई चर्चा
Mumbai , 7 सितंबर . Maharashtra के मत्स्य एवं बंदरगाह विकास मंत्री नितेश राणे ने Monday को वरिष्ठ नेता शरद पवार से उनके Mumbai स्थित आवास ‘सिल्वर ओक’ में शिष्टाचार मुलाकात की. इस दौरान राज्य के मत्स्य उद्योग, मछुआरों के कल्याण और बंदरगाहों के विकास से जुड़े कई अहम मुद्दों पर विस्तार से चर्चा हुई. ... Read more
Maharashtra में Maratha Caste Certificate के लिए 10 सितंबर से लगेंगे शिविर
मुंबई, सात सितंबर महाराष्ट्र के मंत्री राधाकृष्ण विखे पाटिल ने सोमवार को कहा कि सेवानिवृत्त न्यायाधीश शिंदे की अध्यक्ष में गठित समिति द्वारा तलाश किये गए 58 लाख रिकॉर्ड ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित किये जाएंगे और मराठा समुदाय के लोगों को जाति प्रमाण पत्र के लिए आवश्यक दस्तावेज जुटाने में मदद के लिए 10 से 17 सितंबर तक शिविर लगाए जाएंगे। राज्य सरकार द्वारा मराठा आरक्षण को लेकर गठित उप-समिति के अध्यक्ष विपाटिल ने संभागीय आयुक्तों और जिलाधिकारियों को निर्देश दिया कि वे उचित समन्वय सुनिश्चित करें और आरक्षण से जुड़े मुद्दों को गंभीरता से लें। मंत्री मराठवाड़ा के धाराशिव, बीड, छत्रपति संभाजीनगर, परभणी, हिंगोली, लातूर और जालना जिलों के जिलाधिकारियों और अप संभागीय अधिकारियों के साथ ऑनलाइन बैठक में मराठा आरक्षण के मुद्दे पर किए गए फैसलों के क्रियान्वयन की समीक्षा की। उन्होंने जाति सत्यापन प्रमाण-पत्र जारी करने, कुनबी रिकॉर्ड का पता लगाने और प्राप्त आवेदनों से जुड़े जिलेवार आंकड़ों की समीक्षा की। जिलाधिकारियों ने अब तक की गई कार्रवाई और लागू किए गए उपायों का विवरण मंत्री के समक्ष रखा। विखे पाटिल ने कहा कि परभणी जिला कलेक्ट्रेट ने मिले सभी दस्तावेज प्रकाशित कर दिए हैं और दूसरे जिलों को भी ऐसा ही करने और अपनी वेबसाइट पर विवरण प्रकाशित करने का निर्देश दिया। विखे पाटिल ने कहा कि न्यायमूर्ति (सेवानिवृत्त)शिंदे समिति द्वारा तलाशे गए 58 लाख रिकॉर्ड ग्राम पंचायतों में प्रदर्शित किये जाएंगे। साथ ही, उन्होंने प्रशासन को निर्देश दिया कि 10 से 17 सितंबर तक शिविर लगाने के लिए उचित इंतज़ाम किए जाएं, ताकि मराठा समुदाय के लोग प्रमाण पत्र के लिए जरूरी कागज़ी कार्रवाई पूरी कर सकें। उन्होंने बैठक के बाद संवाददाताओं से कहा कि राज्य सरकार प्रमाण पत्र जारी करते समय कानून का पालन करेगी। उन्होंने कहा कि मराठवाड़ा में लगभग 3.5 लाख कुनबी प्रमाण-पत्र वितरित किये गए हैं और पात्र लाभार्थियों को प्रमाण-पत्र जारी करते समय नियमों का सख्ती से पालन किया जाएगा। विखे पाटिल ने कार्यकर्ता मनोज जरांगे द्वारा सरकार पर मराठा आरक्षण को लेकर केवल आश्वासन देने के आरोप का जवाब देते हुए कहा कि पिछले आंदोलन के दौरान सामने रखे गए अधिकतर मांगों पर कार्रवाई की जा चुकी है और बाकी मांगों पर आगे का रास्ता निकालने की कोशिशें जारी हैं। उन्होंने आगे कहा कि सरकार मराठा आरक्षण कार्यकर्ता मनोज जारांगे के साथ बातचीत करेगी, जो जालना में अनशन कर रहे हैं।
Maharashtra Governor के फर्जी लेटरहेड से Railway टिकट रैकेट चलाने वाले भाइयों की जमानत खारिज
मुंबई, सात सितंबर मुंबई की एक अदालत ने महाराष्ट्र के राज्यपाल कार्यालय के लेटरहेड, मुहर और हस्ताक्षर का फर्जी इस्तेमाल करके रेलवे आरक्षण का रैकेट चलाने के आरोपी दो भाइयों की जमानत याचिका खारिज कर दी है। अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश एस.बी. डिगे ने तीन सितंबर को दिए अपने आदेश में कहा कि यह एक ‘‘गंभीर अपराध’’ है और इस चरण में जमानत देने से निष्पक्ष एवं विस्तृत जांच प्रभावित हो सकती है। अभियोजन पक्ष के अनुसार, इस रैकेट का पता तब चला जब रेलवे विभाग ने राज्यपाल कार्यालय (लोक भवन) की ओर से भेजे गए वीआईपी (अति विशिष्ट व्यक्ति) श्रेणी के तहत आरक्षण के अनुरोधों के सत्यापन की मांग की। लोक भवन के एक सहायक ने पाया कि आरक्षण पर्ची में इस्तेमाल किए गए हस्ताक्षर, लेटरहेड और सरकारी मुहरें फर्जी थीं। इसके बाद मालाबार हिल थाने में मामला दर्ज किया गया। बाद में पुलिस ने धोखाधड़ी, फर्जीवाड़ा और सबूत मिटाने जैसे अपराधों के लिए भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) के तहत घाटकोपर के रहने वाले दो भाइयों -अमरीश ईश्वरलाल ठक्कर (41) और सागर ईश्वरलाल ठक्कर (32)- को गिरफ्तार किया। अतिरिक्त लोक अभियोजक वीणा शेलार ने अदालत को बताया कि अमरीश ठक्कर ने राज्यपाल के निजी सहायक (पीए) के आधिकारिक लेटरहेड की डिजिटल प्रतियां हासिल कीं और सह-आरोपियों की मदद से नकली रबर स्टांप तैयार करवाए। पुलिस ने आरोपियों के पास से 10 नकली लेटरहेड, कंप्यूटर हार्ड डिस्क और कई नकली रबर स्टांप बरामद किए। याचिकाकर्ताओं की ओर से पेश वकील अंजलि पाटिल ने दलील दी कि आरोपियों को झूठे मामले में फंसाया गया है। पाटिल ने दलील दी कि शुरुआती प्राथमिकी में उनके नाम नहीं थे और पुलिस ने सभी जरूरी चीजें पहले ही जब्त कर ली थीं, जिनमें दस्तावेज और हस्ताक्षर के नमूने शामिल हैं। दोनों पक्षों की बात सुनने के बाद अदालत ने कहा कि आरोपों की गंभीरता को देखते हुए इस संभावना से इनकार नहीं किया जा सकता कि आरोपी सबूतों के साथ छेड़छाड़ कर सकते हैं, गवाहों को प्रभावित कर सकते हैं या फरार हो सकते हैं।
‘विकसित महाराष्ट्र 2047’ के लिए एनबीएफसी बनाने की दिशा में बड़ा कदम, सरकार ने बनाई टेंडर समिति
Mumbai , 7 सितंबर . Maharashtra Government ने अपने दीर्घकालिक विकास लक्ष्यों को गति देने के लिए Monday को एक विशेष टेंडर समिति का गठन किया है. यह समिति राज्य के लिए एक समर्पित वित्तीय संस्था के गठन और उसके संचालन की प्रक्रिया की निगरानी करेगी. यह संस्था भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) में गैर-बैंकिंग वित्तीय ... Read more
महाराष्ट्र: चीनी मिलों को वित्तीय सहायता देने की प्रक्रिया में बदलाव, एनसीडीसी ऋण मंजूरी होगी तेज
Mumbai , 7 सितंबर . Maharashtra Government ने वित्तीय संकट से जूझ रही सहकारी चीनी मिलों को जल्द सहायता उपलब्ध कराने के उद्देश्य से राष्ट्रीय सहकारी विकास निगम से मिलने वाले मार्जिन मनी ऋण की मंजूरी प्रक्रिया में बड़ा बदलाव किया है. Government ने बहुस्तरीय मंत्रिस्तरीय व्यवस्था को समाप्त कर एक विशेषज्ञ समिति को पूरी ... Read more
Mumbai , 7 सितंबर . Maharashtra खाद्य एवं औषध प्रशासन (एफडीए) ने राज्य में दवा निर्माण और बिक्री से जुड़े प्रतिष्ठानों पर निगरानी तेज करते हुए जून से अगस्त 2026 के बीच बड़े पैमाने पर निरीक्षण और नियामक कार्रवाई की है. इस दौरान कुल 2,902 निरीक्षण किए गए, जबकि नियमों के उल्लंघन पर 880 लाइसेंसधारकों ... Read more
New Delhi, 7 सितंबर . Bollywood Actress जैकलीन फर्नांडिस की मुश्किलें एक बार फिर बढ़ती नजर आ रही हैं. सुकेश चंद्रशेखर से जुड़े 200 करोड़ रुपए की कथित वसूली और मनी लॉन्ड्रिंग मामले में अब उन्हें मकोका (Maharashtra संगठित अपराध नियंत्रण कानून) के तहत आरोपी बनाने की मांग उठी है. इस मांग को लेकर दिल्ली ... Read more
मराठा आंदोलन के बीच महाराष्ट्र सरकार का फैसला, शिक्षा-रोजगार के लिए जारी किए 4 अहम आदेश
Mumbai /जालना, 7 सितंबर . Maharashtra Government ने जालना के अंतरवाली सराटी में मराठा कार्यकर्ता मनोज जरांगे पाटिल की भूख हड़ताल के Monday को लगातार 10वें दिन में प्रवेश करने के साथ ही मराठा, कुनबी और सामाजिक और शैक्षिक रूप से पिछड़े वर्गों (एसईबीसी) के लिए शिक्षा, वित्त और रोजगार से जुड़े बड़े लाभ देने ... Read more
एमपीएससी: पुणे में कथित परीक्षा धांधली को लेकर विरोध प्रदर्शन, छात्रों ने की सुधारों की मांग
पुणे, 7 सितंबर . Maharashtra लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) की परीक्षाओं की तैयारी कर रहे हजारों उम्मीदवार Monday को पुणे की सड़कों पर उतरे. उन्होंने परीक्षा में कथित गड़बड़ियों, बार-बार पेपर लीक होने और राज्य की भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार के विरोध में एक बड़ा ‘आक्रोश मोर्चा’ निकाला. ओमकारेश्वर मंदिर से शुरू होकर जिला कलेक्ट्रेट ... Read more
महाराष्ट्र के गोंदिया में दही हांडी उत्सव के दौरान हादसा, सीढ़ियों का स्लैब गिरने से 21 लोग घायल
गोंदिया/Mumbai , 7 सितंबर . Maharashtra के गोंदिया जिले के आमगांव से बड़ी खबर सामने आई है, जहां दही हांडी उत्सव के दौरान एक बड़ा हादसा हो गया है. अष्टविनायक दही हांडी उत्सव देखने के लिए भारी भीड़ उमड़ी थी, तभी अचानक सीढ़ियों का स्लैब भरभराकर गिर गया. इस हादसे में स्लैब पर खड़े 21 ... Read more
एमपीएससी छात्रों के आंदोलन को आदित्य ठाकरे का समर्थन, पेपर लीक पर सरकार को घेरा
पिंपरी-चिंचवड़, 6 सितंबर . शिवसेना (यूबीटी) नेता और Maharashtra के पूर्व मंत्री आदित्य ठाकरे ने Maharashtra लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) के छात्रों के आंदोलन का समर्थन करते हुए पेपर लीक मामले को लेकर Government को घेरा है. इसके साथ ही उन्होंने हिंजेवड़ी के खराब बुनियादी ढांचे, सड़कों की बदहाल स्थिति, कचरे और पानी की समस्या ... Read more
नवरात्रि आस्था का पर्व, धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना स्वीकार नहीं: वीएचपी प्रवक्ता श्रीराज नायर
Mumbai /पश्चिम मेदिनीपुर, 6 सितंबर . विश्व हिंदू परिषद के राष्ट्रीय प्रवक्ता श्रीराज नायर ने फिल्मों के जरिए धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाने पर कड़ा ऐतराज जताया है. साथ ही उन्होंने Maharashtra में नवरात्रि के दौरान होने वाले गरबा और डांडिया कार्यक्रमों के लिए जारी सुरक्षा दिशानिर्देशों का समर्थन किया है. Mumbai में से बात ... Read more
Mumbai , 6 सितंबर . Maharashtra में एमपीएससी (Maharashtra लोक सेवा आयोग) परीक्षा प्रक्रिया को लेकर प्रतियोगी परीक्षा के शिक्षकों और छात्रों के एक प्रतिनिधिमंडल ने Sunday सुबह Mumbai में Chief Minister देवेंद्र फडणवीस से मुलाकात की. इस दौरान उन्होंने अपनी मांगें रखीं. मुलाकात के दौरान Chief Minister देवेंद्र फडणवीस ने कहा कि Government बेहद ... Read more
आठ नए चीफ जस्टिस नियुक्त: जम्मू-कश्मीर से महाराष्ट्र तक बदलाव, किस हाईकोर्ट में कौन से न्यायाधीश संभालेंगे पद? Eight High Courts get new Chief Justices changes span from Jammu and Kashmir to Maharashtra
एमपीएससी के चीफ इस्तीफा दें, नहीं तो पुणे में विरोध प्रदर्शन करेंगे: रोहित पवार
पुणे, 5 सितंबर . राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (एसपी) के विधायक रोहित पवार ने Maharashtra लोक सेवा आयोग (एमपीएससी) पेपर लीक पर सवाल उठाए. उन्होंने Saturday को समाचार एजेंसी से बातचीत करते हुए कहा कि एमपीएससी पेपर लीक से प्रभावित छात्र उस खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) पेपर के बारे में बात कर रहे हैं, जो ... Read more
महाराष्ट्र: वसई-विरार के 5 लाख बिजली ग्राहकों को 11.37 करोड़ की बचत, महावितरण ने गिनाए फायदे
पुणे, 5 सितंबर . Maharashtra के वसई में बिजली बिल की शिकायतों और बिजली खपत पर नियंत्रण की चुनौती के बीच स्मार्ट मीटर वसई-विरार के लाखों बिजली ग्राहकों के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है. महावितरण की ओर से जारी जानकारी के मुताबिक, वसई मंडल के करीब 5 लाख बिजली ग्राहकों ने पिछले डेढ़ वर्ष ... Read more
पुणे, 5 सितंबर . Maharashtra Government ने भर्ती परीक्षाओं को लेकर बड़ा फैसला लिया है. Government ने भर्ती परीक्षा में होने वाली गड़बड़ी को रोकने के लिए एक हाई-लेवल कमेटी का गठन किया है, जो पेपर से लेकर रिजल्ट तक की पूरी व्यवस्था की समीक्षा करेगी. Government ने भर्ती परीक्षा प्रणाली को ज्यादा पारदर्शी, सुरक्षित, ... Read more
नागपुर में खाना बनाने और डांस क्लास को लेकर विवाद के बाद पति ने की पत्नी की हत्या, गिरफ्तार
नागपुर, 5 सितंबर . Maharashtra के नागपुर में खाना बनाने और डांस क्लास में जाने को लेकर हुए विवाद के बाद एक व्यक्ति ने अपनी पत्नी की कथित तौर पर हत्या कर दी. Police ने आरोपी पति को गिरफ्तार कर लिया है. यह घटना उस समय सामने आई जब घरेलू हिंसा के बाद महिला की ... Read more
शिमला-मनाली नहीं! सितंबर में घूमें महाराष्ट्र का ये खूबसूरत हिल स्टेशन
Panchgani Hill Station Maharashtra: सितंबर में घूमने का प्लान बना रहे हैं और शिमला-मनाली से कुछ अलग एक्सप्लोर करना चाहते हैं तो महाराष्ट्र का पंचगनी आपके लिए बढ़िया ऑप्शन हो सकता है. यहां की हरियाली, खूबसूरत व्यू पॉइंट और सुकून भरा माहौल आपकी ट्रिप को यादगार बना सकते हैं.
जीत का अर्थ: स्पर्धा में जीतना साहस की मिसाल, लेकिन एक मां को ऐसा करने की जरूरत क्यों पड़ी?
जीत का अर्थ: स्पर्धा में जीतना साहस की मिसाल, लेकिन एक मां को ऐसा करने की जरूरत क्यों पड़ी? ramabai-ranveer-runs-and-won-marathon-for-daughters-education-Ambajogai-Maharashtra
Maharashtra NEET UG Counselling 2026: 10,509 छात्रों को मिली MBBS-BDS सीट, 4 सितंबर तक करना होगा कॉलेज रिपोर्ट
Pune Chhatro Ki Goonj के बाद Nagpur में RSS के गढ़ में हुंकार भरेंगे Rahul Gandhi! | Maharashtra
पुणे के बाद अब राहुल गांधी के ‘छात्रों की गूंज’ कार्यक्रम को नागपुर ले जाने की तैयारी है। महाराष्ट्र कांग्रेस ने राहुल गांधी से नागपुर में छात्र संवाद कार्यक्रम आयोजित करने की मांग की है। हालांकि, अभी तारीख तय नहीं हुई है। नागपुर RSS का मुख्यालय और बीजेपी का मजबूत गढ़ माना जाता है
भारतीय राजनीति के युगपुरुष, श्रेष्ठ राजनीतिज्ञ, कोमल हृदय एवं संवेदनशील व्यक्तित्व, वज्रबाहु राष्ट्रप्रहरी, भारतमाता के सच्चे सपूत तथा भारतीय राजनीति में भगवान श्रीराम के हनुमान कहे जाने वाले हिंदू हृदय सम्राट कल्याण सिंह जी उन विरल नेताओं में थे, जिन्होंने भारतीय राजनीति में अनेक ऐतिहासिक मिसालें प्रस्तुत कीं। उनका राजनीतिक एवं व्यक्तिगत जीवन सदैव निष्कलंक, सिद्धांतनिष्ठ और प्रेरणास्पद रहा। कुशल प्रशासन, दृढ़ निर्णय क्षमता और जनहित के प्रति उनकी अटूट प्रतिबद्धता की मिसालें तब तक दी जाती रहेंगी, जब तक यह संसार रहेगा। कल्याण सिंह जी ने राजनीति को सत्ता नहीं, बल्कि सेवा का माध्यम माना और जमीन से जुड़कर ‘जनता के नेता’ के रूप में जन-जन के हृदय में अपनी अमिट छवि स्थापित की। वे बच्चों, युवाओं, महिलाओं, बुजुर्गों और सभी वर्गों में समान रूप से लोकप्रिय थे। देश का प्रत्येक हिंदू युवा और बालक उन्हें अपना आदर्श मानता था। उनका व्यक्तित्व हिमालय के समान विराट, अडिग और तेजस्वी था। भारतीय राजनीति में वे स्नेह और सम्मान के साथ ‘बाबूजी’ के नाम से विख्यात रहे। उनका संपूर्ण जीवन सादगी, राष्ट्रभक्ति और मूल्यों की राजनीति का अनुपम उदाहरण है। उन्होंने कभी भी अपने सिद्धांतों से समझौता नहीं किया और हर परिस्थिति में राष्ट्रहित को सर्वोपरि रखा। भारतीय राजनीति और समाज के लिए उनका योगदान युगों-युगों तक प्रेरणास्रोत बना रहेगा। हिंदू हृदय सम्राट कल्याण सिंह जी का नाम इतिहास के स्वर्णिम पृष्ठों पर सदैव अमर रहेगा। उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री कल्याण सिंह का जन्म 5 जनवरी सन् 1932 को उत्तर प्रदेश के अलीगढ जनपद की अतरौली तहसील के मढ़ौली ग्राम के एक सामान्य किसान परिवार में हुआ। कल्याण सिंह के पिता का नाम तेजपाल सिंह लोधी और माता का नाम सीता देवी था। कल्याण सिंह में बचपन से ही नेतृत्व करने की क्षमता थी। कल्याण सिंह बचपन में ही राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़ गए थे और राष्ट्रीय स्वंय सेवक संघ की शाखाओं में भाग लेने लगे थे। कल्याण सिंह ने विपरीत परिस्थितियों में कड़ी मेहनत कर अपनी उच्च शिक्षा प्राप्त की। इसके बाद कल्याण सिंह ने अध्यापक की नौकरी की। और साथ-साथ राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ से जुड़ कर राजनीति के गुण भी सीखते रहे। कल्याण सिंह राष्ट्रीय स्वंयसेवक संघ में रहकर गांव-गांव जाकर लोगों में जागरुकता पैदा करते रहे। कल्याण सिंह का विवाह रामवती देवी से हुआ। कल्याण सिंह के दो संतान है। एक पुत्र और एक पुत्री, पुत्र का नाम राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया है और पुत्री का नाम प्रभा वर्मा है। कल्याण सिंह के पुत्र राजवीर सिंह उर्फ राजू भैया वर्तमान में उत्तर प्रदेश की एटा लोकसभा सीट से संसद सदस्य हैं। कल्याण सिंह ने अपना पहला विधानसभा चुनाव अतरौली से जीतकर 1967 में उत्तर प्रदेश विधानसभा पहुंचे। कल्याण सिंह 1967 से लगातार 1980 तक उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। इस बीच देश में आपातकाल के समय कल्याण सिंह 1975-76 में 21 महीने जेल में रहे। इस बीच कल्याण सिंह को अलीगढ़ और बनारस की जेलों में रखा गया। आपातकाल समाप्त होने के बाद 1977 में रामनरेश यादव को उत्तर प्रदेश का मुख्यमंत्री बनाया गया। जिसमें कल्याण सिंह को स्वास्थ्य मंत्री बनाया गया। सन् 1980 के उत्तर प्रदेश के चुनावों में कल्याण सिंह विधानसभा का चुनाव हार गये। भाजपा के गठन के बाद कल्याण सिंह को उत्तर प्रदेश का संगठन महामंत्री बनाया गया। इस बीच कल्याण सिंह ने गाँव-गाँव, घर-घर जाकर भाजपा को उत्तर प्रदेश में पहचान दिलाने में अहम भूमिका निभाई। इसे भी पढ़ें: Vilasrao Deshmukh Death Anniversary: जमीनी राजनीति से Maharashtra CM की कुर्सी तक का अद्भुत Journey कल्याण सिंह 1985 से लेकर 2004 तक लगातार उत्तर प्रदेश विधानसभा के सदस्य रहे। इस बीच कल्याण सिंह दो बार भाजपा के उत्तर प्रदेश से प्रदेश अध्यक्ष रहे। इस बीच राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ और भारतीय जनता पार्टी की अगुवाई में उत्तर प्रदेश में राम मंदिर आंदोलन चलाया गया। इस आंदोलन में कल्याण सिंह ने भी अहम भूमिका निभाई। राम मंदिर आंदोलन की वजह से उत्तर प्रदेश सहित पूरे देश में भाजपा का उभार हुआ। और जून 1991 में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में पूर्ण बहुमत से सरकार बनायी। जिसमे कल्याण सिंह की अहम भूमिका रही। और कल्याण सिंह को मुख्यमंत्री बनाया गया। कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री रहते कारसेवकों द्वारा अयोध्या में विवादित बाबरी मस्जिद विध्वंस के बाद वहाँ श्री राम का एक अस्थायी मन्दिर निर्मित कर दिया गया। कल्याण सिंह ने बाबरी मस्जिद विध्वंस की नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए 6 दिसम्बर 1992 को मुख्यमंत्री पद से त्यागपत्र दे दिया। यहीं से भाजपा को कल्याण सिंह के रूप में हिंदुत्ववादी चेहरा मिल गया। इसके बाद उत्तर प्रदेश में भाजपा ने कल्याण सिंह के नेतृत्व में अनेक आयाम छुए। 1993 के उत्तर प्रदेश विधान सभा चुनाव में कल्याण सिंह अलीगढ के अतरौली और एटा के कासगंज से विधायक निर्वाचित हुये। इन चुनावों में भाजपा कल्याण सिंह के नेतृत्व में सबसे बड़ी पार्टी के रूप में उभरी। लेकिन सपा-बसपा ने मुलायम सिंह यादव के नेतृत्व में गठबन्धन सरकार बनायी। और उत्तर प्रदेश विधान सभा में कल्याण सिंह विपक्ष के नेता बने। इसके बाद कल्याण सिंह 1997 से 1999 तक पुनः दूसरी बार उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री बने। कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री काल में कानून व्यवस्था एकदम मजबूत थी। इसलिए आज तक उत्तर प्रदेश में लोग कल्याण सिंह के मुख्यमंत्री काल की मिसाल देते हैं। 1998 के लोकसभा चुनावों में भाजपा ने उत्तर प्रदेश में कल्याण सिंह के नेतृत्व में 58 सीटें जीती। 1999 में भाजपा से मतभेद के कारण कल्याण सिंह ने भाजपा छोड़ दी। कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय क्रांति पार्टी का गठन किया। 2002 का उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव अपने दम पर राष्ट्रीय क्रांति पार्टी से लड़ा और राष्ट्रीय क्रांति पार्टी के चार विधायक चुने गए और कल्याण सिंह ने बड़े स्तर पर पूरे प्रदेश में भाजपा को नुकसान पहुँचाया। इसके बाद उत्तर प्रदेश की जमीन पर भाजपा कई वर्षो तक कल्याण सिंह की उथल पुथल का और भाजपा के नकारा नेताओं की साजिश का शिकार बनी रही। लेकिन इसका फायदा न कल्याण सिंह को मिल पाया न भगवा पार्टी को। भाजपा और कल्याण सिंह दोनों उत्तर प्रदेश की राजनीति में हाशिये पर चले गए। 2004 में कल्याण सिंह ने पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न अटल बिहारी वाजपेयी के आमंत्रण पर भाजपा में वापसी तो कर ली लेकिन, उनको वो पॉवर नहीं मिली जो मंदिर आन्दोलन के समय उनके पास थी। 2004 के आम चुनावों में उन्होंने बुलन्दशहर से भाजपा के उम्मीदवार के रूप में पहली बार लोकसभा चुनाव लड़ा। और कल्याण सिंह पहली बार बुलंदशहर लोकसभा सीट से संसद पहुंचे। 2007 का उत्तर प्रदेश का विधानसभा चुनाव भाजपा ने कल्याण सिंह के नेतृत्व में लड़ा। कहने को भाजपा ने 2007 में कल्याण सिंह को भाजपा की तरफ से मुख्यमंत्री पद का उम्मीदवार तो बना दिया लेकिन नाम का, जिसके पास ना तो उम्मीदवार तय करने की पावर थी और ना ही उनके अंडर में उत्तर प्रदेश का चुनाव प्रबंधन था। इसलिए वो चुनाव में कुछ अच्छा नहीं कर सके। इसके बाद 2009 में पुनः अपनी उपेक्षा का आरोप लगाते हुए मतभेदों के कारण भाजपा का दामन छोड़कर सपा प्रमुख मुलायम सिंह यादव से नजदीकियां बढ़ा लीं। 2009 के लोकसभा चुनावों में एटा लोकसभा निर्वाचन क्षेत्र से निर्दलीय सांसद चुने गये। फिर 2009 लोकसभा चुनाव खत्म होते ही मुलायम ने कल्याण से नाता तोड़ लिया। क्योंकि कल्याण सिंह की बजह से मुस्लिम समुदाय के लोग उनसे नाता तोड़ चुके थे। इसके बाद कल्याण सिंह ने राष्ट्रीय जनक्रान्ति पार्टी का गठन किया जो कि 2012 के विधानसभा चुनाव में कुछ विशेष नहीं कर सकी। लेकिन मुलायम के परम्परागत वोट उनके पास वापस आ गए। इसके बाद 2013 में कल्याण सिंह की भाजपा में पुनः वापसी हुई और कल्याण सिंह का परंपरागत लोधी-राजपूत वोट भी भाजपा से जुड़ गया। और 2014 के लोकसभा चुनावों में नरेंद्र मोदी के कहने पर कल्याण सिंह ने उत्तर प्रदेश में भाजपा का खूब प्रचार किया। भाजपा ने अकेले अपने दम पर 80 लोकसभा सीटों से 71 लोकसभा सीटें जीतीं। और नरेंद्र मोदी देश के यशस्वी प्रधानमंत्री बनें। इसके बाद किसी समय देश के भावी प्रधानमंत्री कहे जाने वाले कल्याण सिंह को राष्ट्रपति ने केंद्र सरकार की सिफारिश पर सितंबर 2014 में राजस्थान का राज्यपाल बनाया। इसके बाद कल्याण सिंह को जनवरी 2015 से अगस्त 2015 तक हिमाचल प्रदेश के राज्यपाल का अतिरिक्त कार्यभार सौंपा गया। लेकिन राजस्थान का राज्यपाल रहते हुए भी कल्याण सिंह का दखल उत्तर प्रदेश की राजनीति में रहा। कल्याण सिंह ने राजस्थान के राज्यपाल के रूप में अपना 05 साल का कार्यकाल पूरा किया और 08 सितम्बर 2019 तक कल्याण सिंह राजस्थान के राज्यपाल रहे। इसके बाद कल्याण सिंह ने 09 सितम्बर 2019 को लखनऊ में भाजपा की पुनः सदस्यता ली और फिर से भाजपाई हो गए। उत्तर प्रदेश में 2017 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनावों में भी कल्याण सिंह जी का अप्रत्यक्ष रूप से प्रभावी दखल रहा। 2017 के विधानसभा और 2019 के लोकसभा चुनावों में पार्टी के अधिकांश प्रत्याशी कल्याण सिंह जी का आशीर्वाद लेने जयपुर राजभवन जाते रहे। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि कल्याण सिंह जी जनमानस में कितने लोकप्रिय थे। आज भी लोग कल्याण सिंह सरकार के कार्यकाल की मिसाल देते हैं, क्योंकि जब कल्याण सिंह जी उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री थे, तब प्रदेश में सुशासन, विकास और व्यवस्था में उल्लेखनीय सुधार देखने को मिले थे। यही कारण है कि उनकी लोकप्रियता समाज के विभिन्न वर्गों में व्यापक रही। स्वयं प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी अपने अनेक भाषणों में कल्याण सिंह सरकार के कुशल प्रशासन और सुशासन की मिसाल देते रहे हैं। कल्याण सिंह जी अपने समय में उत्तर प्रदेश के सर्वमान्य हिंदुत्ववादी नेताओं में गिने जाते थे। अपनी सशक्त राजनीतिक शैली, कुशल प्रशासन और हिंदुत्ववादी छवि के लिए प्रसिद्ध भगवान श्रीराम के अनन्य भक्त कल्याण सिंह जी ने 21 अगस्त 2021 को 89 वर्ष की आयु में अपनी अंतिम सांस ली। उनके निधन से भारतीय राजनीति में एक युग का अवसान हुआ, लेकिन उनके विचार, आदर्श, सुशासन और राष्ट्रभक्ति की विरासत सदैव प्रेरणा देती रहेगी। श्रीराम जन्मभूमि आंदोलन के अग्रणी योद्धा, धर्म और राष्ट्र के लिए सत्ता का त्याग करने वाले उत्तर प्रदेश के पूर्व मुख्यमंत्री तथा राजस्थान एवं हिमाचल प्रदेश के पूर्व राज्यपाल, श्रद्धेय श्री कल्याण सिंह जी की आज 5वीं पुण्यतिथि है। उनका जीवन भारतीय राजनीति में त्याग, साहस और सिद्धांत निष्ठा का अनुपम उदाहरण है। जब-जब धर्म, आस्था और कर्तव्य के लिए किए गए त्याग की चर्चा होगी, तब-तब श्री कल्याण सिंह जी का नाम विशेष सम्मान और गौरव के साथ स्मरण किया जाएगा। अयोध्या में आज भव्य और दिव्य रामलला के मंदिर की जो ऐतिहासिक परिकल्पना साकार हुई है, उसमें स्वर्गीय श्री कल्याण सिंह जी का योगदान सदैव अविस्मरणीय रहेगा। उन्होंने अपने पद, सत्ता और राजनीतिक भविष्य की परवाह किए बिना धर्म और जनभावनाओं की रक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता दी। उनका दृढ़ संकल्प, अडिग नेतृत्व और राष्ट्रहित के प्रति निष्ठा आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणास्रोत बना रहेगा। श्रद्धेय बाबूजी का जीवन और कृतित्व भारतीय इतिहास के स्वर्णिम अध्यायों में सदैव अंकित रहेगा। - डॉ. ब्रह्मानंद राजपूत
आज ही के दिन यानी की 20 अगस्त को देश के पूर्व पीएम रहे राजीव गांधी का जन्म हुआ था। वह भारत के सबसे युवा प्रधानमंत्री थे। राजीव गांधी भारत को 21वीं सदी में ले जाने का सपना देखते थे। हालांकि उनको राजनीति में दिलचस्पी नहीं थी। लेकिन जिस तेजी के साथ राजीव गांधी का राजनीतिक जीवन शुरू हुआ था, उतना ही दर्दनाक और भयावह स्थिति में उसका अंत भी हुआ। तो आइए जानते हैं उनकी बर्थ एनिवर्सरी के मौके पर पूर्व पीएम राजीव गांधी के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार मुंबई में 20 अगस्त 1944 को राजीव गांधी का जन्म हुआ था। वह एक ऐसे परिवार में पले-बढ़े थे, जहां पर राजनीति और सत्ता देश के इतिहास का हिस्सा थी। उनकी मां देश की पहली महिला पीएम इंदिरा गांधी थीं। वहीं उनके पिता का नाम फिरोज गांधी थी। राजीव गांधी के नाना पंडित जवाहरलाल नेहरू आजाद भारत के पहले प्रधानमंत्री थे। राजीव गांधी का बचपन दिल्ली स्थित तीन मूर्ति भवन में बीता। इसे भी पढ़ें: Vilasrao Deshmukh Death Anniversary: जमीनी राजनीति से Maharashtra CM की कुर्सी तक का अद्भुत Journey पायलट बनना चाहते थे राजीव राजीव की शुरूआती जिंदगी राजनीति से अलग थी। उन्होंने देहरादूर के दून स्कूल से पढ़ाई की और फिर ब्रिटेन चले गए। वहां पर ट्रिनिटी कॉलेज, कैम्ब्रिज में पढ़ाई शुरू की। इसके बाद राजीव गांधी ने लंदन के इंपीरियल कॉलेज में मैकेनिकल इंजीनियरिंग की पढ़ाई की। राजीव की दिलचस्पी तकनीक और विज्ञान में थी। वह पायलट बनना चाहते थे। इसके लिए राजीव गांधी ने दिल्ली फ्लाइंग क्लब की परीक्षा पास की। उन्होंने कमर्शियल पायलट का लाइसेंस प्राप्त किया। फिर वह इंडियन एयरलाइंस के पायलट बने। वह राजनीति से दूर अपना जीवन जी रहे थे। तभी साल 1980 के विमान दुर्घटना में राजीव के छोटे भाई संजय गांधी की मौत हो गई। ऐसे में राजीव को मजबूरन सियासत में आना पड़ा। राजनीति में एंट्री राजीव गांधी ने अमेठी से लोकसभा उपचुनाव लड़ा और जीत हासिल की। धीरे-धीरे राजीव कांग्रेस की राजनीति में सक्रिय होत गए। वहीं 31 अक्तूबर 1984 को इंदिरा गांधी की हत्या कर दी गई और कांग्रेस नेतृत्व के सामने बड़ा संकट खड़ा हो गया। जिसके बाद राजीव गांधी ने प्रधानमंत्री पद संभाला। इसके बाद उन्होंने आम चुनाव का ऐलान कर दिया। इस चुनाव में कांग्रेस को ऐतिहासिक जीत मिली और पार्टी ने 508 में से 401 लोकसभा सीटें प्राप्त कीं। आधुनिक भारत की नींव राजीव गांधी के सामने देश को संभालने की चुनौती थी, तो वह आधुनिक भारत की नींव मजबूत करने की महत्वाकांक्षी थे। वह तकनीक के क्षेत्र में भारत को आगे लेकर जाना चाहते थे। वह 21वीं सदी के भारत का सपना देखते थे। राजीव गांधी के कार्यकाल में भारत में सूचना प्रौद्योगिकी और दूरसंचार के विस्तार की दिशा आगे बढ़ी। वही बाद के वर्षों में राजीव गांधी को कंप्यूटर और तकनीक क्रांति को बढ़ावा देने वाले नेता के रूप में जाना गया। आखिरी सफर जिस तरह से राजीव गांधी के जीवन के रूख अचानक से राजनीति की ओर मुड़ा था। उस तरह एक बेहद भयावह घटना ने उसको हमेशा के लिए रोक दिया। 21 मई 1991 को तमिलनाडु के श्रीपेरुम्बुदूर में चुनाव प्रचार के दौरान राजीव गांधी की हत्याकर दी गई थी।
Maharashtra HSC 2027: महाराष्ट्र बोर्ड ने 12वीं की फरवरी-मार्च 2027 परीक्षा के लिए आवेदन शुरू कर दिए हैं। नियमित और अन्य पात्र छात्र 31 अक्तूबर तक SARAL पोर्टल से फॉर्म भर सकते हैं। इसके बाद लेट फीस के साथ दो मौके मिलेंगे।
Vilasrao Deshmukh Death Anniversary: जमीनी राजनीति से Maharashtra CM की कुर्सी तक का अद्भुत Journey
आज ही के दिन यानी की 14 अगस्त को विलासराव देशमुख का निधन हो गया था। वह महाराष्ट्र के दो बार मुख्यमंत्री बने थे। वह राजनीति के मंझे हुए राजनेता थे। उन्होंने अपने राजनीतिक जीवन की शुरूआत पंचायत चुनाव से की थी। तो आइए जानते हैं उनकी डेथ एनिवर्सरी के मौके पर विलासराव देशमुख के जीवन से जुड़ी कुछ रोचक बातों के बारे में... जन्म और परिवार महाराष्ट्र के लातूर जिले के बाभालगांव में 26 मई 1945 विलासराव देशमुख का जन्म हुआ था। उन्होंने पुणे विश्वविद्यालय से विज्ञान और ऑर्ट्स दोनों में ग्रेजुएशन किया था। उन्होंने पुणे के इंडियन लॉ सोसाइटी लॉ कॉलेज से कानूनी शिक्षा ली। उन्होंने अपने सियासी सफर की शुरूआत पंचायत चुनावों से की थी। इसे भी पढ़ें: Bhikaji Cama Death Anniversary: वो वीरांगना जिसने Germany में लहराया भारत का तिरंगा और British Rule को ललकारा राजनीतिक सफर उन्होंने अपने सियासी सफर की शुरूआत साल 1974 से अपने पैतृक गांव से की थी। वह साल 1974 से लेकर 1979 तक सरपंच की भूमिका निभाई। फिर साल 1980 में वह पहली बार महाराष्ट्र की विधानसभा की सीढ़ियां चढ़ें। विधायक बनने से पहले विलासराव देशमुख लातूर तालुका पंचायत समिति का सभापति, उस्मानाबाद जिला परिषद सदस्य, उस्मानाबाद युवक कांग्रेस अध्यक्ष और उस्मानाबाद जिला कांग्रेस अध्यक्ष के रूप में अपनी अच्छी-खासी पहचान बना चुके थे। फिर साल 1985 से लेकर 1990 में वह राज्यमंत्री के रूप में उभरे। लेकिन साल 1995 के विधानसभा चुनाव में उनको हार का सामना करना पड़ा। वहीं साल 1999 में भाजपा और शिवसेना गठबंधन की सरकार में थी। वहीं भाजपा और शिवसेना को रोकने के लिए एनसीपी और कांग्रेस ने मिलकर लड़ाई लड़ी। इसमें विलासराव को उम्मीद दिखी। उन्होंने साल 1999 में कांग्रेस की ओर से चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। महाराष्ट्र के सीएम इसके बाद 18 अक्तूबर 1999 को विलासराव देशमुख महाराष्ट्र के सीएम बने। फिर साल 2004 में एक बार फिर वापसी करते हुए वह महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री बने। लेकिन दूसरी पारी ज्यादा दिनों तक नहीं चल पाई। दरअसल, 26 नवंबर 2008 को आतंकवादी हमला हुआ। जिसके बाद देशमुख को मंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा। देशमुख साल 2009 में लोकसभा चुनाव लड़ना चाहते थे। लेकिन कुछ कारणों से वह लोकसभा चुनाव नहीं लड़ सके। वहीं बाद में कांग्रेस ने विलासराव देशमुख को राज्यसभा सदस्य बनाया और 28 मई 2009 को केंद्र सरकार में उद्योग मंत्री बने। फिर जनवरी 2011 से जुलाई 2011 तक केंद्रीय ग्रामीण विकास मंत्री रहे। फिर जुलाई 2011 में उनको विज्ञान और प्रौद्योगिकी मंत्री बनाया गया। मृत्यु वहीं 14 अगस्त 2012 को लिवर और किडनी की बीमारी के कारण विलासराव देशमुख का निधन हो गया था।
Maharashtra State Film Awards Winners List: महाराष्ट्र राज्य फिल्म पुरस्कार 21 अगस्त की शाम को वर्ली के डोम एसवीपी स्टेडियम में आयोजित किया गया। इस अवसर पर सांस्कृतिक कार्य विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव विकास खड़गे, महाराष्ट्र फिल्म, थिएटर और ...
Maharashtra SSC Result 2024: क्या 2 जून को जारी होंगे कक्षा 10वीं के नतीजे?
Maharashtra SSC Result 2024: महाराष्ट्र एसएससी कक्षा 10वीं के परीक्षा नतीजे अब किसी भी समय घोषित होने की उम्मीद है। MSBSHSE आधिकारिक नोटिस के माध्यम से एसएससी रिजल्ट की तारीख और समय की जानकारी शेयर कर
शाहरुख खान ने गौरी और सुहाना के साथ डाला वोट, अबराम और आर्यन खान भी नजर आए.
लोकसभा चुनाव 2024 के पांचवें चरण में छह राज्यों और दो केंद्र शासित प्रदेशों के 49 निर्वाचन क्षेत्रों में मतदान जारी है। मुंबई में मतदान से पहले, कई बॉलीवुड हस्तियों ने मतदाताओं से बाहर आने और नागरिक के रूप में अपने कर्तव्य का पालन करने का आग्रह किया। बॉलीवुड के बादशाह शाहरुख खान को उनके परिवार के साथ मुंबई के एक पोलिंग बूथ पर देखा गया। इसे भी पढ़ें: सफेद लिबास में लाल सिंदूर लगाकर वोट डालने निकली खूबसूरत एक्ट्रेस रेखा, माथे के सिंदूर ने खींचा ध्यान क्लिप में, शाहरुख खान ने काली टी-शर्ट और पैंट पहनी थी, उनकी बेटी सुहाना खान ने नीला सूट पहना था और उनकी पत्नी गौरी ने वाइफ टॉप और नीली जींस पहनी थी। अबराम और आर्यन खान भी नजर आए। उन्होंने रुककर मतदान केंद्र पर खड़े अधिकारियों को इस भीषण गर्मी में अपना कर्तव्य निभाने के लिए धन्यवाद दिया। इससे पहले, शाहरुख खान ने भारत के नेटिज़न्स से वोट देने के अपने अधिकार का प्रयोग करने का आग्रह किया था। उन्होंने एक्स (जिसे पहले ट्विटर कहा जाता था) पर लिखा, जिम्मेदार भारतीय नागरिक के रूप में हमें इस सोमवार को महाराष्ट्र में मतदान करने के अपने अधिकार का प्रयोग करना चाहिए। आइए भारतीय के रूप में अपना कर्तव्य निभाएं और अपने देश के सर्वोत्तम हितों को ध्यान में रखते हुए मतदान करें। आगे बढ़ें, प्रचार करें, वोट देना हमारा अधिकार है। इसे भी पढ़ें: American Accent में इंटरव्यू में बोली Kiara Advani, सोशल मीडिया पर वायरल हुआ वी़डियो, लोगों ने उन्हें नकली Kim Kardashian कहा बता दें, पांचवें चरण में मुंबई की 6 लोकसभा सीटों पर चुनाव होने हैं। सीटें हैं मुंबई उत्तर, मुंबई उत्तर पश्चिम, मुंबई उत्तर पूर्व, मुंबई उत्तर मध्य, मुंबई दक्षिण और मुंबई दक्षिण मध्य। महाराष्ट्र में 48 लोकसभा सीटें हैं, जो उत्तर प्रदेश के बाद दूसरी सबसे बड़ी सीट है। पहले चार चरणों का मतदान संपन्न हो चुका है और लोकसभा चुनाव के पांचवें चरण का मतदान आज है। मतगणना और नतीजे 4 जून को घोषित किए जाएंगे। इससे पहले दिन में अक्षय कुमार, देओल बंधु सनी और बॉबी, जान्हवी कपूर, रणबीर कपूर, फिल्म निर्माता सुभाष घई और उनकी पत्नी, कियारा आडवाणी, वरुण धवन और पिता डेविड धवन, दीपिका पादुकोण, रणवीर सिंह और कई अन्य बॉलीवुड हस्तियों ने वोट डाले। As responsible Indian citizens we must exercise our right to vote this Monday in Maharashtra. Let’s carry out our duty as Indians and vote keeping our country’s best interests in mind. Go forth Promote, our right to Vote. — Shah Rukh Khan (@iamsrk) May 18, 2024 Shahrukh khan arrives at polling booth to vote for INDIA. pic.twitter.com/jPXWtEswo6 — Shantanu (@shaandelhite) May 20, 2024

